Yug Aur Mahayug ke Proofs | 9 Unsolved Ancient Mysteries 300-600 Million Saal Purani Technology?! | — Transcript
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- 0:00हे एवरीवन वेलकम बैक। अच्छा मेरा यह वाला
- 0:02वीडियो बाकी वीडियो से काफी अलग होने वाला
- 0:04है। बिकॉज़ यह वीडियो देखने के बाद आई एम
- 0:06वेरी श्योर आप यह जरूर सोचोगे कि हम इंसान
- 0:09एक्चुअली में जानते कितना है अपनी एक्चुअल
- 0:12हिस्ट्री के बारे में। हमें यह पढ़ाया गया
- 0:15है कि आज से कुछ हजार साल पहले तक ही जो
- 0:18जो इंटेलिजेंट मैन है वो एक्सिस्ट करते
- 0:20थे। उससे पहले हम केव मैन थे। उससे पहले
- 0:22फिर हम एब्स थे। और ये एक पूरा हजारों साल
- 0:26का प्रोसेस है। जिसके बाद आज हम इस मुकाम
- 0:27पर पहुंचे। लेकिन 5 7 हजार साल पहले हम
- 0:30इंटेलिजेंट इतने नहीं थे कि हम ढेर सारे
- 0:34मेटल्स को यूज़ करके औजार बना पाए और अपनी
- 0:36लाइफ थोड़ी कंफर्टेबली जी पाए। लेकिन क्या
- 0:39हो अगर मैं आपसे कहूं कि ऐसे ऐसे प्रूफ्स
- 0:43मिले हैं हमारे प्लनेट के अलग-अलग हिस्सों
- 0:45में जो इस ओर इशारा करते हैं कि भाई
- 0:49ह्यूमन लाइफ इंटेलिजेंट ह्यूमन लाइफ सिर्फ
- 0:525 7 हजार 10 हजार साल पहले या 500 साल
- 0:55पहले या 1 लाख साल पहले नहीं आज से
- 0:58मिलियंस एंड मिलियंस इयर्स एगो भी हमारे
- 1:01प्लनेट पे एक्सिस्ट करती थी अप टू 500
- 1:04मिलियन साल पहले तक और यह मैं हवा में
- 1:07बातें नहीं कर रहा हूं। टाइम एंड अगेन इन
- 1:11चीजों के प्रूफ्स मिलते गए हैं। जिसको आज
- 1:14तक भी हमारी मॉडर्न साइंस 100% डीबंक नहीं
- 1:17कर पाई है। कई ऐसी डिस्कवरीज हुई है, कई
- 1:19ऐसी चीजें मिली है और ऐसे सरकमस्टेंस में
- 1:22मिली है जो आज भी साइंटिस्ट उसका क्लियर
- 1:25कट आंसर नहीं दे पाए कि यह हुआ कैसे। इस
- 1:28वीडियो में आपके साथ नौ उन चीजों को बताने
- 1:31वाला हूं। नौ ऐसी चीजें शेयर करने वाला
- 1:33हूं जो सुनके आप बहुत सरप्राइज और शॉक्ड
- 1:35हो जाओगे और आप जरूर अपने आप से सवाल
- 1:38करोगे कि क्या जितना हमें पढ़ाया गया है
- 1:40आज तक वो वाकई में ही सही है या अभी तक सच
- 1:43में कोई जानता ही नहीं है कि सच क्या है
- 1:45इस वीडियो को आगे बढ़ाने से पहले आपसे एक
- 1:47रिक्वेस्ट है इसको आप लाइक कर देना शेयर
- 1:49कर देना सब्सक्राइब कर देना मुझे
- 1:50Instagram और Facebook पे भी फॉलो कर देना
- 1:52और अगर पसंद आए तो इस वीडियो को हाइप जरूर
- 1:54करना जब आप हाइप करते हो तो YouTube इसे
- 1:56और नए-नए लोगों तक लेके जाता है। तो चलो
- 1:58शुरू से शुरू करते हैं। 1912 में ओकोहामा
- 2:02जो जगह है यूएस में वहां पे एक
- 2:04इलेक्ट्रिकल प्लांट है। अब उस प्लांट में
- 2:06इलेक्ट्रिसिटी प्रोड्यूस होती थी। कोयले
- 2:08के थ्रू कोयले को जलाया जाता था और उस
- 2:10एनर्जी को कन्वर्ट कर दिया जाता था
- 2:12इलेक्ट्रिकल एनर्जी में। अब वहां पर कोयले
- 2:14डालने से पहले अक्सर उन्हें तोड़ा जाता था
- 2:16और उनके छोटे पीसेस करके डाला जाता था। एक
- 2:19स्पेसिफिक डे पे जब वो एक कोयले को तोड़ते
- 2:22हैं तो वो हैरान रह जाते हैं। कोयले के
- 2:24अंदर से निकलता है एक छोटा सा पॉट। यह जो
- 2:28आप अपनी स्क्रीन पर देख रहे हो यह वही पॉट
- 2:30है और यह मैटेलिक पॉट है जो कोयले के अंदर
- 2:34उनको मिला। यह देख के लोग बहुत हैरान हो
- 2:37गए क्योंकि आप क्लियरली देख सकते हो पॉट
- 2:38तो है ही है लेकिन उस कोयले के अंदर की जो
- 2:41शेप है वो एकजेक्टली उस पॉट के जैसी है।
- 2:43मानो वो इसके अंदर सदियों से बैठा हुआ हो।
- 2:46अब जब ये बात वहां फैलने लगी तो जो उधर
- 2:48सीनियर्स थे उन्होंने ये पता लगाने की
- 2:50कोशिश की कि ये जो कोल है स्पेसिफिक कोल
- 2:52जिसके अंदर से वो पॉट निकला वो आया कहां
- 2:53से था। उन्हें पता चला वो कोल आया था
- 2:56विलबर्टन कोल माइं से और आपको पता है यह
- 2:59कोल माइंस कितने साल पुरानी है ये है 300
- 3:04मिलियन साल पुरानी 300 मिलियन ईयर ओल्ड ये
- 3:08कोल माइन थी जिसके अंदर जिसके कोयले के
- 3:11अंदर यह पॉट मिला मटेलिक पॉट भाई ये
- 3:15डिस्कवरी तो हर उस चीज को गलत साबित करती
- 3:17थी जो हमें पढ़ाई गई है हमारी हिस्ट्री के
- 3:19बारे में ह्यूमन एवोल्यूशन के बारे में
- 3:21300 मिलियन साल पहले तो सवाल ही नहीं होता
- 3:24कि ह्यूमंस एक्सिस्ट करते हैं। वो भी ऐसे
- 3:26ह्यूमंस जो एक पॉट बना पाते एक मेटल का तो
- 3:30यह उसके अंदर आया कैसे? इसके बाद चलते हैं
- 3:331944 ब्यूकानन वेस्ट फर्जनिया में। अपने
- 3:36घर पर रिचर्ड एंडरसन अपने लड़के न्यूटन
- 3:39एंडरसन के साथ बैठे होते हैं और कोयले को
- 3:42छाट रहे होते हैं। उसी दौरान उनके लड़के
- 3:44के हाथ से एक बड़े कोयले का पीस नीचे गिर
- 3:47जाता है और जब वो टूटता है वो हक्के बक्के
- 3:50रह जाते हैं। इस कोयले के अंदर निकलती है
- 3:54एक बेल। एक मंदिर की घंटी जो आप इस वक्त
- 3:59अपने स्क्रीन पर देख रहे हो। तो यह वही
- 4:01बेल है जो उस कोयले के अंदर से निकली थी
- 4:041944 में। भाई कितना शॉकिंग और
- 4:08सरप्राइजिंग है ये जानने में कि कोल के
- 4:11अंदर यह बेल निकली जो कि बनी थी प्रास से
- 4:14लेकिन इसमें कई और ऐसे एलॉयस मेटल एलॉयस
- 4:17यूज़ किए थे जो उस टाइम पे भी जो साइंटिस्ट
- 4:20थे एक्सपर्ट्स थे वो पता नहीं लगा पाए।
- 4:22उन्होंने बोला बहुत ही कॉम्प्लेक्स और
- 4:23स्ट्रेंज एलॉयस यूज़ हुए हैं इसमें ब्रास
- 4:25के साथ। अगर आप बहुत ध्यान से इस बेल की
- 4:27तरफ देखो तो क्लियरली दिख रहा है ये
- 4:29एक्सजेक्टली वही है। अगर आप सनातन धर्म को
- 4:31मानते हो तो आपको मालूम है हमारे मंदिरों
- 4:32में यही घंटी होती है। ऊपर जो एक बर्ड का
- 4:35फिगर है वो बेसिकली गरुड़ का फिगर है। और
- 4:37ऐसा माना जाता है कि हमारी जो प्रेयर्स है
- 4:40वो गरुड़ जो है वो विष्णु जी तक लेके जाते
- 4:42हैं। ये सिंबॉलिक है और यही सेम घंटी मिली
- 4:46उस कोल के अंदर। अच्छा यह बात भी उस टाइम
- 4:49पे आग की तरह फैल गई थी और लोग बहुत
- 4:51सरप्राइज हो गए थे। इतना सरप्राइज थे कि
- 4:54यूनिवर्सिटी ऑफ ओकोहामा में जो प्रोफेसर्स
- 4:57थे, जो साइंटिस्ट थे उन लोगों ने उस बेल
- 4:58को स्टडी किया और कंफर्म किया यह बहुत
- 5:01यूनिक है। ये इसमें कुछ ऐसे एलॉयस हैं जो
- 5:05अननोन है और जब इंक्वायरी की गई कि वो कोल
- 5:08आया कहां से तो पता चला वो उन कोल माइन से
- 5:10आया है जो 300 मिलियन साल पुरानी थी। भाई
- 5:14कोल बनने में बहुत ज्यादा समय लगता है।
- 5:17मिलियंस एंड मिलियंस ऑफ इयर्स निकल जाते
- 5:19हैं। तो इसका मतलब ये बेल जो उस स्पॉट पे
- 5:22गिरी थी जहां इनको मिली वो 300 मिलियन साल
- 5:24पहले गिरी थी। इसलिए उसके ऊपर ये कोल
- 5:27फॉर्मेशन हो गया। मैं हैरान होता हूं ये
- 5:29सोच के कि भाई अगर ह्यूमन हिस्ट्री सिर्फ
- 5:315 7 हजार साल पुरानी है तो ये 300 मिलियन
- 5:34साल पहले ये चीजें कैसे मिल रही हैं? इसका
- 5:37जवाब शायद आपको मिलेगा हमारे वेदों में,
- 5:39हमारे ग्रंथों में जहां लिखा गया है कि जो
- 5:41अर्थ की हिस्ट्री है वो डिवाइडेड है युगों
- 5:43में जैसे सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग
- 5:46और कलयुग। और इन चारों युगों को बना के
- 5:49बनता है एक महायुग। और अगर आप 300 मिलियन
- 5:52साल की बात करो तो 60 महायुग बीत चुके
- 5:55हैं। उस एक 300 मिलियन इयर्स को कवर करने
- 5:59के लिए अर्थ टाइम फ्रेम पे। और उसमें
- 6:00क्लियरली मेंशंड है हमारे ग्रंथों में कि
- 6:02यह होता रहता है। यह युग पर युग आते रहते
- 6:05हैं, जाते रहते हैं और पृथ्वी पर यह
- 6:07प्रोसेस चलता रहता है। तो अगर आपको इस बात
- 6:10का आंसर ढूंढना है तो आई एम वेरी श्योर ये
- 6:11शायद साइंटिफिकली आपको ना मिल पाए बट
- 6:14वेदों में इसका जिक्र जरूर है। आई एम जस्ट
- 6:15शेयरिंग बिकॉज़ मुझे पता है कि कई वेदों
- 6:17में हमारे कई ग्रंथों में ये मेंशंड है कि
- 6:20युग और महायुग जो है ये आते रहते हैं,
- 6:22चलते रहते हैं। ये एक नेवर एंडिंग प्रोसेस
- 6:25है। नेक्स्ट जो मैं आपके साथ इसका भी शेयर
- 6:27करने वाला हूं। आई एम श्योर आप बहुत चौंक
- 6:29जाओगे, सरप्राइज हो जाओगे और खुश भी होगे
- 6:31कि भाई यह क्या मिल गया उस बंदी को। यह
- 6:34बात है 1891 की। मॉरिसन विल इलनॉय जो कि
- 6:38यूएस में है वहां पे एक लेडी अपने घर में
- 6:41थी और वो कोल दौड़ रही थी। मैं आपको बताऊं
- 6:42ये सारी चीजें कोल में क्यों मिल रही है?
- 6:45बिकॉज़ कोल जो है वो एक टाइम पे बहुत
- 6:47ज्यादा यूज़ होता था। घरों में भी जहां पे
- 6:48ठंडी के इलाके हैं वहां लोग अक्सर अपने घर
- 6:50को गरम रखने के लिए कोल को जलाते थे जिमनी
- 6:52में। उसके अलावा गैस में भी कोल का यूज़
- 6:56होता था। चूल्हे में खानावाना बनाने के
- 6:58लिए एंड इलेक्ट्रिसिटी प्रोड्यूस करने के
- 7:00लिए भी कोल यूज़ होता था। तो इसलिए कोल आज
- 7:02से नहीं कई सदियों से यूज हो रहा है अर्थ
- 7:05पे। हम ह्यूमंस उसे यूज़ कर रहे हैं हीट
- 7:07करने के लिए अपने एनवायरमेंट को और उसे
- 7:09यूज़ कर रहे हैं इलेक्ट्रिसिटी प्रोड्यूस
- 7:11करने के लिए और साथ ही साथ गैस और कुकिंग
- 7:13में भी। इसलिए यह जो चीजों की डिस्कवरी है
- 7:14यह ज्यादातर कोल के अंदर हुई है। अब एक
- 7:17लेडी मिसेज कल्प अपने घर पर होती हैं और
- 7:20वह कोल तोड़ रही होती है। बड़ा पीस था उसे
- 7:22छोटा कर रही होती है और वो शॉक रह जाती है
- 7:24देख के कि जैसे ही उन्होंने कोल का पीस
- 7:26तोड़ा उसके अंदर से एक चेन नीचे गिरती है
- 7:29और जब वो चैन उठाती है तो वो देखती है वो
- 7:3210 इंच लंबी एक गोल्ड चेन थी। इमेजिन
- 7:36कीजिए कोल के अंदर निकलती है एक गोल्ड
- 7:40चेन। अब जब वो उस चैन को टेस्ट करवाती है
- 7:43वहां के लोकल जो गोल्ड स्मिथ होते हैं
- 7:44उनसे तो उन्हें पता चलता है यह 8 कैरेट
- 7:46गोल्ड से बनी है। लेकिन वो एक और चीज
- 7:49बताते हैं कि इसका जो डिजाइन है यह बहुत
- 7:51ही अनयूजुअल है। इस तरह की चेन और इस तरह
- 7:53का डिजाइन उन्होंने कहा कभी भी उस एरिया
- 7:56में बना नहीं ना ही उन लोगों ने देखा। अब
- 7:59जब पता लगाया गया कि यह कोल जिसमें
- 8:02उन्होंने तोड़ा जिसके अंदर चैन निकली वो
- 8:03कितना पुराना था तो भाई वह कोल जो था वह
- 8:06माना जाता है 350
- 8:09मिलियन इयर्स पुराना एक और चीज जो इस तरफ
- 8:12इशारा कर रही है कि भाई ह्यूमन हिस्ट्री
- 8:15जो है या ह्यूमंस थे या कोई भी स्पीशीज थी
- 8:18जो इतनी इंटेलिजेंट थी जो बेल्स बना रही
- 8:20थी जो पड्स बना रही थी जो ये गोल्ड चेस
- 8:23बना रही थी वो एक्सिस्ट करती थी आज से 350
- 8:26मिलियन साल पहले भी अब 1891 के बाद सीधा
- 8:30चलते हैं 1934 में। 1934 में टेक्सेस में
- 8:35एक कपल जो था वो वॉक कर रहा था एक वॉटरफॉल
- 8:39के किनारे। आराम से इवनिंग में वो वॉक कर
- 8:41रहे थे। अचानक से उनकी नजर एक पत्थर पे
- 8:43पड़ती है। अब यह बहुत अनयूजुअल उन्हें
- 8:45लगता है क्योंकि वो देखते हैं कि एक पत्थर
- 8:47है बड़ा पत्थर है जिसके अंदर से एक लकड़ी
- 8:51की स्टिक बाहर निकली हुई है। वो यह देख के
- 8:54हैरान हो जाते हैं। बिकॉज़ नॉर्मली पत्थरों
- 8:57के अंदर से लकड़ी नहीं निकली होती। आपने
- 8:59लकड़ी के बॉक्स में पत्थर देखे होंगे।
- 9:01लेकिन ये ऐसा लग रहा था कि पूरा पत्थर है
- 9:03जिसके अंदर से एक कोने से पूरी एक स्टिक
- 9:06बाहर निकली है जो कि वुडन स्टिक है। वो
- 9:08बहुत सरप्राइज हो जाते हैं। वो उस पत्थर
- 9:09को उठाते हैं अपने घर ले जाते हैं। फिर जब
- 9:12उस पत्थर को तोड़ते हैं बीच में से वो हाफ
- 9:15खुलता है वो देख के हैरान रह जाते हैं कि
- 9:18भाई उस पत्थर के अंदर निकलता है एक हैमर।
- 9:22यह जो आप अपनी स्क्रीन पर देख रहे हैं, यह
- 9:23वही पत्थर है और आज तक यह हैमर जो है वह
- 9:26उसी के अंदर है। आप देख सकते हैं लकड़ी
- 9:28अभी भी उसके अंदर से निकली है और एक पत्थर
- 9:30जुड़ा हुआ है उसके ऊपर से। यह जो पूरा
- 9:32स्टोन है, यह जो पूरी हैमर है, यह आज के
- 9:34डेट में फेमस है लंदन हैमर के नाम से।
- 9:38क्योंकि यह आज तक एक्सिस्ट करता है और यह
- 9:40इसी फॉर्म और शेप में है आज भी। अब जब उस
- 9:43पत्थर के बारे में इंक्वायरी निकाली गई तो
- 9:45पता चला कि भाई यह 150 मिलियन साल पुराना
- 9:48पत्थर है। तो इसका मतलब है भाई आज से 150
- 9:51मिलियन साल पहले कोई एक ऐसी रेस थी जो
- 9:55टूल्स बना रही थी और क्लियरली यह एक हैमर
- 9:59है जो अपने आप नहीं बन सकती। मतलब कोई एक
- 10:02रेस थी जो ये चीजें बना रही थी। एंड सम
- 10:05हाउ वो इस पत्थर के अंदर फंस गई। और आज
- 10:08लोगों को यह 150 मिलियन साल बाद मिला है।
- 10:11कितना क्रेजीली शॉकिंग है यह। अब यूएसए
- 10:13सीधा चलते हैं साउथ अफ्रीका अर्थ के एक
- 10:15दूसरे कोने में। एक जगह है जिसका नाम है
- 10:18क्लर्क स्टॉक। अब क्लर्क स्टॉक में एक
- 10:20खुदाई के दौरान इन्हें अंदर से कुछ मेटल
- 10:23के पीसेस मिलते हैं। और यह देख के हैरान
- 10:26हो जाते हैं कि यह स्पेयर्स हैं। यह गोल
- 10:29स्पेयर्स हैं जो कि मैटेलिक है, रिच इन
- 10:32आयरन है और इन्हें नाम दिया जाता है क्लग
- 10:35स्ट्रॉप स्पेयर्स। अब अगर आप ध्यान से
- 10:37देखो तो ये गोल से मैटेलिक स्पेयर्स हैं
- 10:40जिनके ऊपर कुछ डिजाइन बना हुआ है और ये
- 10:42अलग-अलग शेप्स एंड साइज के हैं। ऐसे
- 10:44इन्हें ढेर सारे वहां मिलते हैं। अब जब
- 10:46थोड़ी और इंक्वायरी होती है और रिसर्च
- 10:48होती है तो पता चलता है भाई ये जो
- 10:50स्पेयर्स हैं ये एटलीस्ट 3 बिलियन इयर्स
- 10:55पुराने हैं। मिलियन नहीं 3 बिलियन हमारा
- 10:58प्लनेट ही 4.5 बिलियन ईयर पुराना माना
- 11:01जाता है। तो 3 बिलियन ईयर साल पहले तो
- 11:04हमारा प्लनेट भी एक यू नो फुल उस तरह से
- 11:06बना भी नहीं था। माना जाता है कि उस टाइम
- 11:08पर तो शायद एनिमल्स भी नहीं थे जो सर्वाइव
- 11:09कर पाते। उसके बावजूद ये स्पेस मिले। अब
- 11:13अलग-अलग थ्यररी अलग-अलग चीजें कहती हैं।
- 11:16कोई कहते हैं ये अपने आप फॉर्म हुए। लेकिन
- 11:18बहुत लोगों का ये बिलीफ है और उस टाइम पे
- 11:20भी यही बात बोली गई कि ये नेचुरल फॉर्मेशन
- 11:22नहीं है। ये जो मैटेलिक ऑब्स है ये जो
- 11:25मैटेलिक स्पेयर्स हैं यह लगता है मानो
- 11:28किसी ने बनाए हो। अब शॉकिंग बात यह है कि
- 11:31अगर यह किसी ने बनाए तो 3 बिलियन इयर्स
- 11:33पहले इन्हें कौन बना रहा था? जिस टाइम पर
- 11:36शायद अर्थ सर्वाइवेबल भी नहीं था। उस टाइम
- 11:39पे कैसे ये चीजें बनी और यह इस जगह पर दफन
- 11:43हो गई। साउथ अफ्रीका में एक थ्योरी ये
- 11:46कहती है कि ये उस टाइम पे कोई इंटेलिजेंट
- 11:49एलियन रेस अर्थ पे आई और ये उनके कुछ
- 11:53चीजें हैं जो उन्होंने यहां ड्रॉप कर दी।
- 11:55उनसे रह गई या उन्होंने जानबूझ के छोड़ी।
- 11:57गॉड नोस व्हाट द रियलिटी इज। पर माना यही
- 11:59जाता है कि यह एक्स्ट्रा टेरेस्टियल चीजें
- 12:01हैं, सब्सटेंसेस है जो उस टाइम पर रह गए
- 12:04होंगे और आज उनकी डिस्कवरी हो रही है 3
- 12:07बिलियन इयर्स के बाद है ना शॉकिंग एंड
- 12:11फैसनेटिंग एट द सेम टाइम। नेक्स्ट वाला जो
- 12:13केस है इसमें एक ऑब्जेक्ट नहीं मिला लेकिन
- 12:15एक ऐसा फुटप्रिंट मिला जिसने सबको चौंका
- 12:18दिया। 1968 में उटा नाम की एक जगह है।
- 12:23जहां पर एक स्टोन फॉर्मेशन है जिसे कहा
- 12:26जाता है कैंब्रियन व्हीलर फॉर्मेशन। अब एक
- 12:29बंदा था विलियम माइसर नाम का। वो उस जगह
- 12:32पर था और उसे एक स्टोन का स्लैब मिलता है
- 12:36जिसके ऊपर उसे क्लियरली दिखता है कि एक
- 12:39फुटप्रिंट है एक शूज का, एक ह्यूमन शूज
- 12:43का। वह बहुत ज्यादा सरप्राइज हो जाता है।
- 12:45वह उस पत्थर को उठाता है और अपने साथ घर
- 12:47ले जाता है। फिर जब उस पत्थर के बारे में
- 12:49वह दूसरों को बताता है तो यह बात आग की
- 12:51तरह फैलती है कि भाई एक पत्थर मिला है
- 12:53जिसके ऊपर एक ह्यूमन प्रिंट है। मैं आपको
- 12:55बता दूं मिट्टी में तो प्रिंट बन जाते
- 12:56हैं। पत्थरों में आपके जूते के प्रिंट
- 12:58नहीं बनते। तो अगर इस पत्थर पे जूते के
- 13:01प्रिंट है मतलब वो होगा उस टाइम का जब वो
- 13:04पत्थर बना। और जब यह पता लगाया गया,
- 13:07रिसर्च की गई कि वो कितने साल पुराना है
- 13:09वो स्टोन। वो फॉर्मेशन जो है तो पता चला
- 13:12वो है 500 मिलियन ईयर ओल्ड फॉर्मेशन। इस
- 13:16पूरे डिस्कवरी को कहा जाता है मस्टर
- 13:19प्रिंट। यह जो आप अपनी स्क्रीन पे फोटो
- 13:20देख रहे हो, यह वही स्टोर है जिस पे एक
- 13:22जूते का प्रिंट माना जा रहा है जो कि आया
- 13:25था 500 मिलियन साल पहले। तो भाई 500
- 13:28मिलियन साल पहले कैसे एक जूते का प्रिंट
- 13:32अर्थ के एक एक स्पेसिफिक कोने में आ गया
- 13:34जब ह्यूमंस एक्सिस्ट ही नहीं करते थे। वो
- 13:36भी ऐसे ह्यूमंस जिनके पास जूते थे। दिस इज
- 13:39वेरी शॉकिंग। अब क्यूरीज अलग-अलग है। क्या
- 13:42ये वही बात है जिसका जिक्र किया गया है
- 13:44वेदों में कि युग के बाद युग आते हैं।
- 13:46महायुग के बाद महायुग आते हैं? या ये टाइम
- 13:49ट्रेवल का कोई फंडा है कि फ्यूचर से कोई
- 13:51बंदा पास्ट में गया होगा कभी उसका
- 13:53फुटप्रिंट रह गया बाद में उसी पर पत्थर बन
- 13:55गया और आज लोगों को वो मिल रहा है क्योंकि
- 13:58माना जा रहा है 500 मिलियन साल पुराना है।
- 14:01नेक्स्ट वाली जो डिस्कवरी है यह बहुत
- 14:02ज्यादा इंटरेस्टिंग है एंड बहुत ज्यादा
- 14:04पुरानी है। आप सुन के हैरान रह जाओगे, दंग
- 14:07रह जाओगे। आपको बहुत मजा आने वाला है। अब
- 14:09यूएस में एक जगह है जिसका नाम है मिसचिस।
- 14:12वहां पे एक पहाड़ है, एक हिल है जिसे कहा
- 14:15जाता है मीटिंग हाउस हिल। ये बात है 1891
- 14:18की। उस टाइम पे उस हिल में एक्सप्लोजन
- 14:20करके पत्थर निकाले जा रहे थे। बिकॉज़ पत्थर
- 14:23कंस्ट्रक्शन में और अलग-अलग चीजों में यूज़
- 14:25होते हैं। तो अक्सर पहाड़ों को तोड़ के ही
- 14:27पत्थर निकाले जाते हैं। तो जब उन्होंने एक
- 14:29स्पेसिफिक जगह पे एक्सप्लोजन किया पहाड़
- 14:31के अंदर तो कई पीसेस उड़े। जब उन पत्थरों
- 14:35को इकट्ठा कर रहे थे वो शॉक हो गए। एक
- 14:37स्पेसिफिक मैटेलिक वास को देखकर उन्हें एक
- 14:41मैटेलिक पॉट मिला जो कि एक वास की शेप में
- 14:44था और उसके दो हिस्से थे। ऐसा लग रहा था
- 14:46मानो वो उस एक्सप्लोजन में फट गया हो और
- 14:49उसके दो पीसेस हो गए हो। शॉकिंग बात यह है
- 14:52कि वो जो पत्थर जहां वो एक्सप्लोजन हुआ वो
- 14:55जो पहाड़ है उसकी फॉर्मेशन मानी जा रही है
- 14:57600 मिलियन साल पुरानी। तो भाई यह जो आप
- 15:00स्क्रीन पर पॉट देख रहे हो यह 600 मिलियन
- 15:04साल पहले किसी ने बनाया था और किसी रीजन
- 15:07से ये उस स्पेसिफिक लोकेशन में था जिसके
- 15:09ऊपर ये पूरी पत्थरों की फॉर्मेशन बन गई और
- 15:12एक एक्सप्लोजन किया जाता है जिसमें यह
- 15:15टूटता है और उड़ के उसके दो पीस बाहर आते
- 15:19हैं। इस पॉट को फेमसली कहा जाता है
- 15:21डोचेस्टर पॉट। यह आज भी बड़े-बड़े जो
- 15:25साइंटिस्ट हैं उनके लिए एक बहुत बड़ी
- 15:27मिस्ट्री बना हुआ है कि यह उस पहाड़ के
- 15:30अंदर उस पत्थरों के अंदर कैसे आया और उस
- 15:33एक्सप्लोजन में जिसके दो हिस्से हुए बस
- 15:35अगर आप ध्यान से देखोगे इसकी बहुत ही
- 15:36यूनिक सी फॉर्मेशन है और अगर 600 मिलियन
- 15:39साल पहले किसी ने इसे बनाना तो मतलब एक
- 15:43फुल फ्लेजिड एक हैप्पी एक मॉडर्न एक
- 15:47एडवांस सिविलाइजेशन उस टाइम पर वहां रहती
- 15:49थी। इसलिए वो इस तरह के टूल्स बना पा रही
- 15:52थी। तो इसका मतलब जितना भी हम पढ़े हैं आज
- 15:55तक जितना भी हमें पता है वो शायद सिर्फ
- 15:57गेस वर्क है लोगों का कि हो सकता है इतना
- 15:59पुराना हो और अब जब ये सब डिस्कवरीज हो
- 16:02रही हैं उसका कोई स्पेसिफिक कोई पिन पॉइंट
- 16:05आंसर किसी के पास नहीं है। यूएस और साउथ
- 16:08अफ्रीका के बाद अब सीधा चलते हैं चाइना
- 16:10में। चाइना में एक पहाड़ है जिसे कहा जाता
- 16:13है माउंट बगोंग। अब आज से कुछ साल पहले
- 16:16माउंट बैगों में कुछ ऐसी चीजें मिली
- 16:21जिन्होंने सबको चौंका दिया कि भाई यह है
- 16:24क्या? ये जो आप अपनी स्क्रीन पर देख रहे
- 16:26हो ये पाइप लाइक स्ट्रक्चर्स मिले हैं उन
- 16:29केव्स के अंदर। अब जब इन्हें टेस्ट किया
- 16:31गया तो पता चला भाई ये आयरन रिच मेटल है।
- 16:34प्लस ये रस्टेड थे। जैसे लोहे में रस्ट लग
- 16:36जाती है उसे अगर आप बाहर रोको उसमें अगर
- 16:39मॉइस्चर लग जाए तो ये भी उसी तरह से
- 16:41रस्टेड थे और ये स्पेसिफिकली अलग-अलग
- 16:43साइजज़ के थे। कुछ इतने छोटे थे मानो एक
- 16:46छोटी सी सुई हो और कुछ इतनी बड़ी ओपनिंग्स
- 16:49थी पाइप्स की जो कि 40 सेंटीमीटर तक मेजर
- 16:52हो जा रही थी। इस डिस्कवरी ने वाकई में ही
- 16:55पूरी दुनिया को हिला दिया था। बिकॉज़ माना
- 16:57ये जा रहा था कि ये जो चीजें हैं ये लगभग
- 17:01डेढ़ लाख साल पुरानी है। डेढ़ लाख साल
- 17:05पहले कोई ऐसे क्रिएचर्स थे। कोई ऐसी
- 17:07इंटेलिजेंस सिविलाइजेशन थी जो इस तरह की
- 17:09फॉर्मेशन जो इस तरह की पाइप्स बना रही थी।
- 17:11उसका एक्सैक्ट यूज़ क्या यह तो अभी तक कोई
- 17:13पता नहीं लगा पाया है। बट यह चीज मिली
- 17:16टोसन लेक के बाजू में माउंट बैगन पे। अगर
- 17:19आप इन पाइप्स को ध्यान से देखो तो ऐसा
- 17:21लगता है ये बहुत ही सिस्टमैटिक
- 17:23ज्योमेट्रिक पैटर्न में है। थ्योरीज तो यह
- 17:26भी कहती है कि ये ह्यूमन मेड है ही नहीं।
- 17:28ये किसी एंशिएंट एलियन टेक्नोलॉजी के
- 17:32रिमेंस है कि कई आज से डेढ़ लाख साल पहले
- 17:35कोई एलियंस यहां पे आए थे। कुछ स्पेसिफिक
- 17:37टेक्नोलॉजी अपने साथ लाए और ये उसी को
- 17:39यहां छोड़ गए। अब छोड़ के गए या ऑनसेट रह
- 17:41गई। इसका तो कोई आंसर नहीं है। बट माना ये
- 17:43जा रहा है कि ये जो रिबेंस है ये जो चीजें
- 17:46हैं ये ह्यूमन मेड है ही नहीं। इनका
- 17:48रिलेशन ईटीज के साथ है। अब ये भाई किसी
- 17:52सिविलाइजेशन ने बनाया जो डेढ़ लाख साल
- 17:54पहले एक्सिस्ट करती थी उस एरिया में या ये
- 17:56एटीज के हैं। इसका जवाब देना बहुत मुश्किल
- 17:58है। लेकिन एक बात तो क्लियर है कि हम
- 18:00ह्यूमंस अभी तक कुछ जानते नहीं है रियलिटी
- 18:03के बारे में। हमारी रियल हिस्ट्री के बारे
- 18:06में। हमें जो घोट के पिला दिया गया हम
- 18:08पीते जा रहे हैं। लेकिन जैसेजैसे वक्त बीत
- 18:10रहा है पता चल रहा है ऐसी कई चीजें हैं जो
- 18:12अनएक्सप्लेंड है जिनका वजूद में होना ही
- 18:16एक बहुत बड़ा क्वेश्चन मार्क है। लेकिन
- 18:17क्योंकि वो एक्सिस्ट करती है इसका मतलब वो
- 18:20हर उस थ्योरी पे क्वेश्चन मार्क डाल देती
- 18:22है जो हमें पढ़ाया गया आज तक। अब जो लास्ट
- 18:24डिस्कवरी मैं आपके साथ शेयर करने वाला हूं
- 18:26वो कोई ऑब्जेक्ट नहीं मिला है। लेकिन वो
- 18:27कुछ कार्विंग्स मिली है पत्थरों के ऊपर
- 18:30पेरू में। इन्हें कहा जाता है इका स्टोंस
- 18:33आईसीए स्टोंस। डॉक्टर हावियर नाम का एक
- 18:36बंदा है जिसने सबसे पहले इन स्टोंस को
- 18:38ढूंढा और वो हैरान हो गया देख के कि इन
- 18:40स्टोंस के ऊपर उसे कार्विंग्स दिखी
- 18:43ह्यूमंस की एलियंस की डायनासोर और ह्यूमन
- 18:47की कम्युनिकेशन की यूएफओस की और एलियन
- 18:51टेक्नोलॉजी की ये सब कार्विंग उसे उन
- 18:54पत्थरों पे दिखी जो कि मिलियंस एंड
- 18:56मिलियंस ईयर पुराने हैं। मिलियंस एंड
- 18:58मिलियन पुराने होने से यह साबित नहीं होता
- 19:00कि कार्विंग भी तभी हुई हो। लेकिन यह कहा
- 19:03गया कि यह जो कार्बिस है यह एटलीस्ट ढाई
- 19:05से 3000 साल पुरानी है। तो ढाई तीन हजार
- 19:09साल पहले जो सिविलाइजेशन वहां पर रहती थी
- 19:13उन्हें यूएफओस के बारे में मालूम था।
- 19:15उन्हें एलियंस के बारे में मालूम था।
- 19:16उन्हें डायनास के बारे में मालूम था। सबसे
- 19:19ज्यादा शॉकिंग बात ये है कि उन पत्थरों पे
- 19:21जो डायग्राम्स बने हैं वो एडवांस जो
- 19:23सर्जरीज आज की डेट में हो रही है ह्यूमन
- 19:25बॉडी की, ह्यूमन एनाटॉमी की वो उन सर्जरीज
- 19:27के डायग्राम्स पे बने हुए थे। तो क्या
- 19:293000 साल पहले भी सर चीज हो रही थी जिसका
- 19:31हमको मालूम नहीं है? बहुत से लोगों ने इस
- 19:33स्पेसिफिक इंसिडेंट को डीबंग करने की
- 19:34कोशिश की। कहा गया कि कार्विंग्स अभी-अभी
- 19:36बनाई गई और उन्हें ऐसा लुक दिया गया कि वो
- 19:38पुराने दिखे। बट ये 15,000 से ज्यादा
- 19:42स्टोंस मिले हैं इन कार्विंग वाले। तो
- 19:44सवाल यह है कि क्या किसी ने सच में 15,000
- 19:46स्टोंस पे कार्विंग की होगी? सिर्फ एक फेक
- 19:49नरेटिव सेट करने के लिए या वाकई में ही यह
- 19:52किसी एंशिएंट सिविलाइजेशन ने उन पत्थरों
- 19:55पर बनाया कार्विंग्स की जो आज मिल रही है
- 19:58और इस तरफ इशारा करती है कि 3000 साल पहले
- 20:01भी हम इतने इंटेलिजेंट थे कि हम सर्जरीज
- 20:05कर रहे थे एडवांस सर्जरीज हम एलियन से
- 20:08कांटेक्ट कर रहे थे और हमें डायनासोर्स तक
- 20:10के बारे में मालूम था। तो भाई यह था मेरा
- 20:13वीडियो जो कि बना है उन चीजों पर जो
- 20:16एक्चुअली में एक्सिस्ट नहीं करनी चाहिए
- 20:18थी। इन्हें इंग्लिश में कहा जाता है आउट
- 20:20ऑफ प्लेस आर्टिफेक्ट्स। यह वीडियो आपको
- 20:23कैसा लगा मुझे कमेंट्स में जरूर बताना।
- 20:24मैं कोशिश करूंगा मैं इसी तरह के यूनिक
- 20:26वीडियोस बनाता रहूं और आपके साथ शेयर करता
- 20:27रहूं। एंड आई विल बी बैक वेरी सून। थैंक
- 20:30यू सो मच।
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This page contains the full transcript of Yug Aur Mahayug ke Proofs | 9 Unsolved Ancient Mysteries 300-600 Million Saal Purani Technology?! | by Ant Aur Anant (Vaibhavv Malhotraa), generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 4,046 words across 473 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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