Ye Raja Aapne Aap Ko Bagwan Samajhta Hai | Exodus Gods And Kings | Movie Explained in Hindi — Transcript
Full transcript
- 0:00यह कहानी है एक ऐसे बेरहम और अहंकारी राजा
- 0:03फिरौन की जो [संगीत] खुद को भगवान से कम
- 0:05नहीं समझता था। वह सिर्फ अपने आप को भगवान
- 0:08नहीं मानता था बल्कि अपनी ही प्रजा से खुद
- 0:10की पूजा भी करवाता था। उसके अहंकार की हद
- 0:13तो तब पार हो गई जब उसने खुद ईश्वर को
- 0:16खुली चुनौती [संगीत] दे दी। कहा जाता है
- 0:17कि इस घटना का जिक्र कुरान और बाइबल दोनों
- 0:20में किया गया है। फिर ईश्वर ने फिरौन को
- 0:22सबक सिखाने [संगीत] के लिए किस तरह उसके
- 0:24इस अहंकार पर बने हुए साम्राज्य को तबाह
- 0:27और बर्बाद करके मिट्टी में मिला दिया।
- 0:29चलिए जानते हैं। तो कहानी की शुरुआत में
- 0:31हमें आज से [संगीत] 1300 साल पहले का
- 0:34जमाना दिखाया जाता है। इस वक्त इब्रानी
- 0:36लोग मिस्र में 400 सालों से फिरौन की
- 0:39गुलामी कर रहे थे। [संगीत] यह लोग दिन रात
- 0:41मेहनत और मजदूरी करके फिरौन के लिए
- 0:43बड़े-बड़े महल, इमारतें [संगीत] और
- 0:45मूर्तियां बनाया करते थे। ताकि यह लोग
- 0:47फिरौन के शहर को सबसे खूबसूरत बना सकें।
- 0:50पर फिर भी फिरौन इब्रानियों पर बहुत
- 0:52ज्यादा जुल्म किया करता था। जरा सी गलती
- 0:55पर इन्हें बहुत कड़ी सजा दी जाती थी।
- 0:57लेकिन 400 [संगीत] साल बीत जाने के बाद भी
- 0:59इब्रानी अपने वतन को कभी नहीं भूले और ना
- 1:02ही अपने ईश्वर को और [संगीत] ईश्वर भी
- 1:04अपने लोगों को नहीं भूले। इसके बाद हमें
- 1:07फिरौन का महल दिखाया जाता है जिसका नाम
- 1:09मेमफिस [संगीत] है और यहां पर मीटिंग चल
- 1:11रही होती है जिसमें फिरौन को यह बताया जा
- 1:13रहा है कि हमारी सरहद पर एक पूरी [संगीत]
- 1:16सेना खड़ी हुई है क्योंकि उन्हें ऐसा लगता
- 1:18है कि हम उनके कबीलों पर हमला करने वाले
- 1:21हैं जो कि हम [संगीत] नहीं करने वाले हैं
- 1:23तो इस पर फिरौन कहता है कि मैं नहीं चाहता
- 1:25कि वह लोग पहले हम पर हमला करें [संगीत]
- 1:27इसलिए यह सभी फैसला करते हैं कि हम आज ही
- 1:30उन पर हमला करेंगे लेकिन इससे पहले फिरौन
- 1:33अपने विद्वानों से भविष्यवाणी करने को
- 1:35कहता है तो यह लड़की बतख की अंतड़ियां
- 1:37देखकर भविष्यवाणी [संगीत]
- 1:38करती है कि इस जंग में हमारे एक सेनापति
- 1:41की जान को खतरा होगा और जो कोई भी उसकी
- 1:43[संगीत] जान बचाएगा वह आने वाले समय में
- 1:45इस साम्राज्य पर राज करेगा। अब यह सुनकर
- 1:48फिरौन का बेटा रमसेस [संगीत] थोड़ा परेशान
- 1:50हो जाता है क्योंकि यहां पर दो लोग ऐसे
- 1:52हैं जो फिरौन के बहुत [संगीत] खास हैं।
- 1:54पहले तो फिरौन का बेटा रमसेस और दूसरा
- 1:57मूसा जो कि फिरौन की बहन का बेटा [संगीत]
- 1:59है और फिरौन अपने बेटे से ज्यादा मूसा को
- 2:02काबिल समझता था। यह बात रमसेस को भी अच्छे
- 2:04[संगीत] से पता थी। इसलिए वह जंग में जाने
- 2:06से पहले मूसा से कहता है कि मूसा अगर तुम
- 2:09देखो कि मेरी जान [संगीत] को खतरा है तो
- 2:11तुम वहां से दूर चले जाना। इसके बाद यह
- 2:13दोनों अपनी सेना के साथ युद्ध करने के लिए
- 2:16निकल जाते हैं। दूसरी तरफ सरहद के पास
- 2:18दुश्मन कबीले के सिपाहियों [संगीत] को
- 2:20बिल्कुल भी यह खबर नहीं थी कि फिरौन ने
- 2:22अपनी सेना भेज दी है इन्हें खत्म करने के
- 2:25लिए। फिर रमसेस [संगीत] और मूसा अचानक से
- 2:27इन लोगों पर हमला कर देते हैं। जिससे कुछ
- 2:29पलों में ही बहुत सारे कबीले [संगीत] के
- 2:31सिपाही मारे जाते हैं। लेकिन इसी बीच
- 2:34रमसेस का रथ एक दूसरे रथ [संगीत] से टकरा
- 2:36जाता है जिससे वह जमीन पर गिर जाता है और
- 2:39वह अपने सामने देखता है कि कुछ घोड़े बहुत
- 2:42तेजी से उसे कुचलने के लिए उसकी तरफ आ रहे
- 2:44होते हैं। लेकिन [संगीत] मूसा रमसेस को
- 2:47खतरे में देखकर तुरंत भाला फेंक कर रमसेस
- 2:49की जान बचा लेता है और भविष्यवाणी सच हो
- 2:52जाती है। जो भविष्यवाणी उस औरत ने की थी
- 2:54[संगीत] कि जो कोई भी इस जंग में सेनापति
- 2:57की जान बचाएगा वह आने वाले वक्त में इस
- 2:59[संगीत] शहर पर राज करेगा। जिस बात से
- 3:01रमसेस को एक गहरा सदमा लगता है। फिर जंग
- 3:04जीतने के बाद जब यह लोग वापस महल में आते
- 3:06हैं तो फिरौन मूसा को अपने पास बुलाता
- 3:08[संगीत] है। उसे भी यह बात पता चल गई थी
- 3:10कि मूसा ने जंग में रमसेस की जान बचाई है।
- 3:13फिरौन मूसा से कहता है कि मैं जानता हूं
- 3:16कि तुम भविष्यवाणियों पर यकीन नहीं करते
- 3:18पर मैं करता हूं। लेकिन तुम मेरा खून नहीं
- 3:21हो और [संगीत] तुम्हें मैं अपना वारिस
- 3:23नहीं बना सकता क्योंकि मेरे पास ऐसा कोई
- 3:25भी तरीका नहीं है। तो इस पर मूसा कहता है
- 3:28कि हां मैं आपका वारिस नहीं बन सकता।
- 3:30दरअसल फिरौन मूसा से बहुत [संगीत] प्यार
- 3:32करता है और मूसा भी फिरौन की उतनी ही
- 3:34इज्जत करता है। इसके बाद हमें राज्यसभा का
- 3:37सीन दिखाया जाता है। जहां पर फिरौन को खबर
- 3:40दी जाती है कि पिथोम जो कि हमारा ही शहर
- 3:42है वहां के गुलाम हमें बहुत परेशान कर रहे
- 3:45हैं। यह सुनकर फिरौन अपने बेटे रमसेस को
- 3:48पिथोम जाकर वहां के वजीर आलम से बात करके
- 3:51[संगीत] हालात का जायजा लेने को कहता है।
- 3:53फिर रात के समय मूसा रमसेस के पास जाकर
- 3:55उसे कहता है कि [संगीत] देखो जंग में जो
- 3:57हुआ उस बात को भूल जाओ। तो इस पर रमसेस
- 4:00कहता है मैं तुमसे नाराज नहीं हूं। अगर
- 4:02मैं तुम्हारी जगह पर होता तो मैं [संगीत]
- 4:04भी तुम्हारी जान बचाता। लेकिन असल में बात
- 4:06तो यह है कि जो भविष्यवाणी सच हुई है उससे
- 4:09रमसेस के दिल [संगीत] में कहीं ना कहीं एक
- 4:12शक पैदा हो जाता है। लेकिन उसका शक अभी
- 4:14इतना पक्का नहीं है। फिर मूसा रमसेस से
- 4:17कहता [संगीत] है कि तुम पिथोम मत जाओ।
- 4:19वहां जाना तुम्हारी शान के खिलाफ होगा।
- 4:21मैं जाकर वहां के हालात देखकर [संगीत] आता
- 4:23हूं। इस बात पर रमसेस मान जाता है। फिर
- 4:26अगले दिन मूसा पिथोम में आता है। जहां पर
- 4:28वह [संगीत] देखता है कि गुलामों की हालत
- 4:30बहुत ज्यादा खराब है और उन पर जुल्म हो
- 4:32रहे हैं। इसीलिए मूसा यहां के वजीर
- 4:35[संगीत] से बात करने के लिए आता है। तो यह
- 4:37वजीर मूसा को बताता है कि इन गुलामों की
- 4:39तादाद बहुत तेजी से बढ़ रही है [संगीत] और
- 4:42मुझे डर है कि यह लोग कहीं बगावत ना कर
- 4:44दें। इसीलिए मैं चाहता हूं कि आप मुझे या
- 4:46तो और सिपाही दे दें या फिर मैं इनकी
- 4:49तादाद कम कर दूं। इस पर मूसा [संगीत] कहता
- 4:51है पहले तो तुम यहां पर बादशाहों की तरह
- 4:53रहना बंद करो जो कि तुम हो नहीं और रही
- 4:56बात [संगीत] गुलामों के बगावत करने की तो
- 4:58मैं जाकर उनसे बात कर लेता हूं कि वह क्या
- 5:00चाहते हैं। फिर अगले दिन मूसा इब्रानियों
- 5:03की मीटिंग बैठाता है जहां पर वह सिर्फ
- 5:05बड़े बुजुर्गों [संगीत] को ही बात करने के
- 5:07लिए बुलाता है और वह उनसे पूछता है कि तुम
- 5:09लोग क्या चाहते हो? तो एक बूढ़ा आदमी कहता
- 5:12है कि [संगीत] हमें बस अपने देश कनान जाना
- 5:14है। तो इस पर मूसा कहता है कि मैं कनान जा
- 5:17चुका हूं और वह जगह तुम लोगों के लिए अब
- 5:19नहीं है। इन 400 सालों में वहां पर मिस्र
- 5:22से भी [संगीत] बड़े और खतरनाक कबीले रहने
- 5:23लगे हैं। अगर तुम लोग वहां गए तो वापस कभी
- 5:26नहीं आ पाओगे। फिर [संगीत] मूसा इस बूढ़े
- 5:28आदमी से उसका नाम पूछता है। तो यह बूढ़ा
- 5:30आदमी पहले मूसा को अपना नाम बताने को कहता
- 5:33है। तो इस पर मूसा कहता है, [संगीत] ठीक
- 5:35है, मेरा नाम है मूसा और मैं बिथिया का
- 5:37बेटा हूं। मूसा का नाम सुनकर इस बूढ़े
- 5:40आदमी के साथ [संगीत] बाकी सभी बुजुर्ग खुश
- 5:42हो जाते हैं और जाने से पहले यह बूढ़ा
- 5:44आदमी मूसा को बताता है कि मेरा नाम नून
- 5:47है। इसके बाद [संगीत] रात में मूसा को खबर
- 5:48दी जाती है कि नून आपसे अकेले में बात
- 5:51करना चाहता है और वह प्रार्थना घर में
- 5:53आपका इंतजार कर रहा है। फिर मूसा नून से
- 5:55मिलने के लिए प्रार्थना घर में आता है।
- 5:57जहां पर नून मूसा से कहता है कि देखो
- 6:00[संगीत] जो बातें मैं तुम्हें बताने वाला
- 6:01हूं उस पर यकीन करना तुम्हारे लिए मुश्किल
- 6:03होगा। पर सच्चाई [संगीत] यही है। तुम्हें
- 6:05हमेशा से यही बताया गया है कि तुम एक
- 6:07सेनापति के बेटे हो। लेकिन यह सच नहीं है।
- 6:10तुम्हें तो अपने [संगीत] पिता का नाम भी
- 6:11नहीं पता। असल में बात यह है कि तुम भी हम
- 6:14लोगों की ही तरह एक गुलाम पैदा हुए थे।
- 6:16लेकिन जिस साल तुम पैदा हुए थे उस साल एक
- 6:19भविष्यवाणी की गई थी जिसमें यह बताया गया
- 6:21था कि हम लोगों का मसीहा पैदा हो चुका है।
- 6:24जो कि आने वाले समय में हमें इस गुलामी की
- 6:26जिंदगी से आजाद करवाएगा। लेकिन [संगीत]
- 6:28जैसे ही यह बात फिरौन को पता चली तो उसने
- 6:31उस साल हर एक इब्रानी बच्चे को मरवा दिया।
- 6:33पर तुम्हारे मां-बाप तुम्हें किसी भी हाल
- 6:36में खोना नहीं चाहते [संगीत] थे। इसलिए
- 6:37उन्होंने तुम्हें तुम्हारी बड़ी बहन मरियम
- 6:39को दे दिया और तुम्हारी बहन ने तुम्हें
- 6:41टोकरी में डालकर नदी में बहा दिया।
- 6:42[संगीत] वह भी उसी समय जब फिरौन की बेटी
- 6:44पितिया नदी में नहाने के लिए आई थी तो
- 6:46उसने तुम्हें देखा और वह तुम्हें अपने साथ
- 6:49महल ले गई। फिर [संगीत] तुम्हारी बहन ने
- 6:50अपनी मां को तुम्हारी दाई बनाकर महल ले
- 6:53आई। फिर तुम्हारी मां ने ही फिरौन के महल
- 6:55में तुम्हें पालपस [संगीत] कर बड़ा किया
- 6:57और यह बात किसी को पता नहीं चलने दी कि
- 6:59तुम एक इब्रानी हो। यह सुनकर मूसा कहता
- 7:01है, कहानी अच्छी थी, लेकिन मुझे तुम्हारी
- 7:03[संगीत] बातों पर यकीन नहीं है। यह कहकर
- 7:06मूसा वहां से चला जाता है। लेकिन जब यह
- 7:08बूढ़ा आदमी मूसा को उसके बारे में बता रहा
- 7:10होता है, तो यह सारी बातें वजीर-ए-आलम के
- 7:13दो जासूस भी छिप कर सुन लेते हैं और इनाम
- 7:15पाने के लालच में यह दोनों वजीर एआलम को
- 7:18आकर सब बता देते हैं। वहीं दूसरे सीन में
- 7:20हम देखते हैं कि [संगीत] फिरौन की तबीयत
- 7:22अब बहुत खराब हो गई थी। जिसकी वजह से उसकी
- 7:25मौत हो जाती है। फिर उसकी मौत के बाद
- 7:27रमसेस को मिस्र का नया फिरौन बना दिया
- 7:29जाता है। मतलब कि रमसेस अब नया राजा बन
- 7:32चुका है और वह अपने और भी बड़े-बड़े महल
- 7:34बनवाना शुरू कर देता है। फिर वजीर-ए-आलम
- 7:36महल आकर रमसेस [संगीत] को मूसा के बारे
- 7:39में सब कुछ बता देता है कि वह किसी
- 7:41सेनापति का बेटा नहीं [संगीत] बल्कि वो एक
- 7:43इब्रानी है। यह सुनकर रमसेस के दिल में
- 7:46मूसा के लिए जो शक पहले से था वो अब यकीन
- 7:48में बदल जाता है। इसीलिए वो सच्चाई का पता
- 7:51लगाने के लिए मरियम को अपने पास बुलाता है
- 7:53जिसने उसे और मूसा को पालपस [संगीत] कर
- 7:55बड़ा किया था। इसके बाद रमसेस मरियम से
- 7:58पूछता है कि क्या मूसा तुम्हारा भाई है?
- 8:00तो इस पर मरियम [संगीत] झूठ बोल देती है
- 8:02कि नहीं मूसा मेरा भाई नहीं है। यह सुनकर
- 8:05रमसेस को बहुत गुस्सा आता है। फिर वह
- 8:07मरियम से कहता है मैं तुमसे आखिरी बार
- 8:09पूछूंगा कि क्या मूसा तुम्हारा भाई है? और
- 8:11अगर तुमने सच नहीं बोला तो मैं तुम्हारा
- 8:14हाथ काट दूंगा। लेकिन [संगीत] मरियम इस
- 8:16बार भी यही बोलती है कि मूसा मेरा भाई
- 8:18नहीं है। तो रमसेस मरियम का हाथ काटने
- 8:20वाला होता है। लेकिन तभी अचानक मूसा अपनी
- 8:22तलवार से रमसेस का वार रोक लेता है और वह
- 8:25कहता [संगीत] है कि हां मरियम मेरी बहन
- 8:27है। यह सुनकर रमसेस हैरान हो जाता है।
- 8:30लेकिन उसे अब भी इस बात पर यकीन नहीं
- 8:32होता। उसे यह सब [संगीत] एक कहानी लगती
- 8:33है। इसलिए वह मूसा के साथ-साथ उसकी दाई
- 8:36बििया और मरियम दोनों को ही अपने राज्य से
- 8:39निकाल [संगीत] देता है। पर इस फैसले से
- 8:40रमसेस की मां बिल्कुल भी खुश नहीं थी। वह
- 8:43तो चाहती थी कि मूसा को मार दिया जाए।
- 8:46वहीं दूसरी तरफ हम मूसा को देखते हैं जो
- 8:48कि जाने से पहले एक आखिरी बार अपनी बहन
- 8:51मरियम और बिथिया से मिलता [संगीत] है जो
- 8:53उसे अब सारी सच्चाई बता देती हैं कि मैं
- 8:55तुम्हारी असली मां नहीं हूं। तुम मुझे नदी
- 8:58के किनारे मिले थे और मैंने यह बात किसी
- 9:00को भी नहीं बताई। फिर मरियम मूसा को अपनी
- 9:02मां की एक आखिरी निशानी देती [संगीत] है।
- 9:04लेकिन मूसा को अभी ही इनकी बातों पर यकीन
- 9:07नहीं था। वो कहता है ऐसा नहीं हो सकता। इस
- 9:09पर बिथिया कहती है सच तो यही है मूसा।
- 9:12इसके बाद मूसा अपने सफर में आगे निकल जाता
- 9:14है क्योंकि रैंसेस ने मूसा को अपने राज्य
- 9:17से दूर जाने का आदेश दिया था। [संगीत] फिर
- 9:19कई दिनों के सफर के बाद मूसा एक ऐसे बेहद
- 9:22बड़े रेगिस्तान में पहुंच जाता है जहां पर
- 9:24दूर-दूर तक कोई भी इंसान का नामोनिशान
- 9:26नहीं था। साथ ही उसका घोड़ा भी बहुत कमजोर
- 9:29हो चुका था। जिसकी वजह [संगीत] से वह अपना
- 9:31दम तोड़ देता है और अब मूसा के पास ना तो
- 9:34खाने के लिए खाना था और ना आगे जाने के
- 9:36लिए सवारी। खैर, फिर अगली [संगीत] सुबह दो
- 9:38लुटेरे यहां पर आ जाते हैं और वह मूसा को
- 9:41लूटने की कोशिश करते हैं। लेकिन मूसा इन
- 9:43दोनों को ही जान से मार देता [संगीत] है
- 9:45और उनके घोड़े से वह अपना सफर जारी रखता
- 9:47है। साथ ही रास्ते में भूख लगने पर वह
- 9:50जंगली खरगोशों का शिकार भी करता है और
- 9:52[संगीत] अब ऐसे ही कुछ और दिनों के सफर के
- 9:54बाद मूसा एक कबीले के पास पहुंच जाता है
- 9:57जहां पर एक कुआं होता है [संगीत] और यहां
- 9:59पर कुछ लड़कियां कुएं में से पानी निकाल
- 10:01रही थी। तभी यहां पर कुछ आदमी अपनी
- 10:03[संगीत] बकरियों को लेकर आ जाते हैं और वह
- 10:05जबरदस्ती कुएं से अपनी बकरियों को पानी
- 10:07पिलाने [संगीत] लगते हैं। तो मूसा भी यहां
- 10:09पर आकर पानी पीने लगता है। इस पर यह आदमी
- 10:11मूसा से कहता है कि तुम हमारी बकरियों के
- 10:14बाद [संगीत] पानी पीना। तो मूसा अपनी
- 10:16तलवार सामने रख देता है जिससे यह लोग डर
- 10:18के मारे पीछे हट जाते हैं। इसके बाद जो
- 10:20यहां पर लड़कियां वो होती हैं उनमें से एक
- 10:22लड़की इस कबीले के सरदार की बेटी होती है
- 10:25और वह मूसा को उनकी [संगीत] मदद करने के
- 10:26बदले अपने घर खाने के लिए इनवाइट करती है
- 10:29क्योंकि मूसा ने उन आदमियों को [संगीत]
- 10:30यहां से भगाया था जो लोग अपनी भेड़
- 10:32बकरियों को जबरदस्ती कुएं से पानी पिला
- 10:35रहे थे और इस बीच चिपोरा जो कि कबीले के
- 10:37सरदार [संगीत] की बेटी है उसे और मूसा
- 10:39दोनों को ही एक दूसरे से प्यार हो जाता
- 10:41है। इसलिए मूसा यहां पर रुकने का फैसला
- 10:44करता है और फिर कुछ वक्त बाद मूसा जिपोरा
- 10:46से शादी भी कर लेता है। इसके बाद हमें 9
- 10:48साल बाद का सीन दिखाया जाता है। जहां पर
- 10:51हम [संगीत] देखते हैं कि मूसा का एक बेटा
- 10:53भी पैदा हो चुका है और यह दोनों साथ मिलकर
- 10:55अपने बच्चे को अच्छी से अच्छी परवरिश देने
- 10:58की कोशिश [संगीत] करते हैं। लेकिन मूसा का
- 10:59ईश्वर पर बिल्कुल भी यकीन नहीं था। पर
- 11:02उसकी वाइफ ईश्वर [संगीत] पर बहुत आस्था
- 11:04रखती है। खैर, अब मूसा की जिंदगी
- 11:06धीरे-धीरे आगे बढ़ रही होती है। [संगीत]
- 11:08तभी एक दिन बहुत तेज बारिश होने लगती है।
- 11:10जिसकी वजह से मूसा की बकरियां एक पहाड़ के
- 11:13ऊपर चढ़ जाती [संगीत] हैं और उस पहाड़ को
- 11:15कबीले के लोग ईश्वर का पहाड़ के नाम से
- 11:17जानते हैं। अब मूसा भी अपनी बकरियों के
- 11:19पीछे पहाड़ के ऊपर चढ़ जाता है। तभी यहां
- 11:22पर बहुत सारे पत्थर और मिट्टी नीचे गिरते
- 11:24हैं जिसके नीचे मूसा दब जाता है और फिर जब
- 11:27उसे वापस होश आता है तो मूसा को किसी की
- 11:29आवाज सुनाई देती [संगीत] है और वह अपने
- 11:31सामने एक चलते हुए पेड़ को देखता है। तभी
- 11:34उसके सामने एक छोटा बच्चा आता है तो वह
- 11:36[संगीत] उससे कहता है कि मेरी मदद करो।
- 11:38मैं यहां पर फंस चुका हूं। फिर यह बच्चा
- 11:40मूसा से कहता है कि शायद तुम अपने लोगों
- 11:43को भूल गए हो।
- 11:44[संगीत]
- 11:44लेकिन वह तुम्हें अभी भी नहीं भूले हैं।
- 11:46वह तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं। तुम्हें
- 11:48वापस मिस्र जाकर देखना चाहिए कि तुम्हारे
- 11:50लोग किस हाल [संगीत] में हैं। तो मूसा इस
- 11:52बच्चे से पूछता है कि तुम हो कौन? इस पर
- 11:54यह बच्चा जवाब देता है कि मैं ईश्वर हूं।
- 11:57यह बोलकर [संगीत] वह बच्चा वहां से गायब
- 11:59हो जाता है। दरअसल ईश्वर बच्चे के रूप में
- 12:01मूसा से बात करने के लिए आए थे। फिर मूसा
- 12:04बेहोश हो जाता है और जब उसे वापस होश आता
- 12:06है तो वह अपनी [संगीत] वाइफ के साथ घर में
- 12:08होता है। इसके बाद मूसा अपनी वाइफ को सब
- 12:11कुछ बता देता है [संगीत] जो कुछ भी पहाड़
- 12:13पर उसके साथ हुआ था। तो इस पर मूसा की
- 12:15वाइफ कहती है कि एक बच्चा ईश्वर कैसे हो
- 12:18सकता है? तो इस पर मूसा कहता है क्या
- 12:20तुमने ईश्वर को देखा है? तो बताओ मुझे
- 12:22ईश्वर कैसे दिखते हैं? मुझे जानना है।
- 12:24बताओ मुझे। [संगीत] यह कहकर मूसा बहुत
- 12:27बेचैन हो जाता है। तो उसकी वाइफ को लगता
- 12:29है कि यह मूसा का कोई वहम होगा। फिर वह
- 12:31उसे सुला [संगीत] देती है। लेकिन अब मूसा
- 12:33को हर जगह उस बच्चे का चेहरा दिखाई देने
- 12:36लगता है [संगीत] जिसे उसने पहाड़ी पर देखा
- 12:38था। इसलिए वह ईश्वर की बात मानकर वापस
- 12:40मिस्र जाने [संगीत] का फैसला करता है। जिस
- 12:42बात से मूसा की वाइफ उससे नाराज हो जाती
- 12:44है क्योंकि उसे ऐसा लगता है कि अगर
- 12:46[संगीत] मूसा वापस मिस्र गया तो कभी जिंदा
- 12:48लौट कर नहीं आएगा। लेकिन फिर भी मूसा किसी
- 12:50की नहीं सुनता और वह वापस मिस्र अपने
- 12:53लोगों के [संगीत] यानी इब्रानियों के पास
- 12:55जाने लगता है। वहीं दूसरी तरफ हम रमसेस को
- 12:57देखते हैं जो कि फिरौन बनने के बाद
- 12:59इब्रानियों पर और भी ज्यादा जुल्म करने
- 13:02लगता है। वो [संगीत] उनसे दिन रात अपना
- 13:03महल बनवाने में मजदूरी कराता है। इतने
- 13:06टाइम में मूसा भी कई दिनों के सफर के बाद
- 13:08मिस्र पहुंच जाता है। जहां आते ही वह सबसे
- 13:11पहले [संगीत] उस बूढ़े आदमी नून से मिलने
- 13:13उसके घर जाता है। दूसरी तरफ रमसेस को भी
- 13:15आने वाले खतरे का एहसास हो जाता है। इसलिए
- 13:17[संगीत] वो उठकर पहले अपने बच्चे को देखने
- 13:19जाता है। इसके बाद वो टहलते-टहलते घोड़े
- 13:22के अस्तबल में आ जाता है। तभी अचानक मूसा
- 13:24रमसेस की गर्दन पर तलवार रख देता है। तो
- 13:27रमसेस मूसा से [संगीत] कहता है कि तुम
- 13:29जिंदा हो मूसा। मुझे तुम्हें देखकर बहुत
- 13:31खुशी हुई। इस पर मूसा कहता है झूठ मत बोलो
- 13:34रमसेस तुमने तो मुझे मारने के लिए दो आदमी
- 13:36भेजे थे। रमसेस [संगीत] कहता है कि नहीं
- 13:38उन्हें मैंने नहीं भेजा था। वो मेरी मां
- 13:40ने भेजे थे। मेरा यकीन करो। तो मूसा कहता
- 13:43है उन्हें दोष मत दो। और वैसे भी मैं
- 13:45[संगीत]
- 13:46यहां पर इस बारे में बात करने नहीं आया
- 13:47हूं। इसके बाद मूसा रमसेस से कहता है मैं
- 13:50अपनी आंखों से देखकर आ रहा हूं। गुलामों
- 13:52की [संगीत] हालत बहुत ज्यादा खराब है। इस
- 13:54पर रमसेस कहता है कि नहीं यहां के हालात
- 13:56तो पहले से बहुत [संगीत] बेहतर हैं। ऐसा
- 13:58कुछ भी नहीं है। तो इस पर मूसा कहता है कि
- 14:01ठीक है मैं तुम्हारी बात पर यकीन कर लेता
- 14:03हूं। [संगीत] लेकिन तुम गुलामों को उनकी
- 14:05मजदूरी के बदले पैसे भी नहीं देते हो और
- 14:07अगर तुम उन्हें पैसे नहीं दे सकते [संगीत]
- 14:09तो उन्हें आजाद कर दो। तो इस पर रमसेस
- 14:12कहता है इब्रानी जंगली जानवरों की तरह हैं
- 14:14और हम उन्हें आजाद भी कर देंगे तो वह आगे
- 14:16कुछ नहीं करेंगे। उन्हें जिंदगी जीने
- 14:18[संगीत] का तरीका ही नहीं मालूम और
- 14:20तुम्हें भी उनकी बातें नहीं सुननी चाहिए।
- 14:22तो मूसा कहता है मैं उन लोगों की बातें
- 14:24नहीं सुन रहा हूं। मैं तो ईश्वर की बात
- 14:26सुन रहा हूं। यह कहकर मूसा वहां से चला
- 14:29जाता है। फिर अगली सुबह रम सेस महल में
- 14:31मीटिंग बुलाता है और सभी से कहता है कि
- 14:33[संगीत] मूसा का दिमाग खराब हो गया है।
- 14:36उसने मेरे गले पर तलवार रखी और मुझे धमकी
- 14:38दी कि मैं गुलामों को आजाद कर दूं। यही
- 14:40उसका ईश्वर चाहता है। इसीलिए मूसा को अब
- 14:43जिंदा रहने का कोई भी हक नहीं है। तुम लोग
- 14:45[संगीत] जाओ और मूसा के साथ उसके पूरे
- 14:47परिवार को जान से मार दो। इसके बाद रमसेस
- 14:50के सिपाही हर एक गुलाम के घर में जाते हैं
- 14:52और उनसे मूसा का पता पूछते हैं और जो कोई
- 14:55भी मूसा का पता बताने से इंकार करता है तो
- 14:57उसके पूरे परिवार को रमसेस सबके [संगीत]
- 15:00सामने फांसी दे देता है ताकि लोग अपनी जान
- 15:02बचाने के लिए मूसा का पता बता दें। लेकिन
- 15:05कोई भी मूसा का पता बताने को तैयार नहीं
- 15:08होता। वहीं दूसरी तरफ मूसा गुलामों के साथ
- 15:10मिलकर अपनी एक सेना तैयार कर रहा होता है।
- 15:13वह उन्हें हथियार बनाने के साथ-साथ
- 15:15[संगीत] उन्हें चलाना भी सिखाता है। और अब
- 15:17ऐसे ही धीरे-धीरे मूसा अपनी एक सेना तैयार
- 15:20कर लेता है। और अब क्योंकि रमसेस ने मूसा
- 15:22की चेतावनी के बाद भी गुलामों को आजाद
- 15:25नहीं किया था। इसीलिए मूसा मिस्र के लोगों
- 15:27पर दबाव बनाने का फैसला करता है। मूसा और
- 15:30उसके साथी सबसे [संगीत] पहले मिस्र के
- 15:31अनाज के गोदामों में आग लगा देते हैं।
- 15:33इसके बाद वह खेतों को भी जला देते हैं
- 15:35ताकि मिस्र में अनाज की कमी [संगीत] होने
- 15:37लगे। लेकिन मूसा यहीं नहीं रुकता। वो
- 15:39रमसेस की उन नावों को भी आग लगा देता है
- 15:42जिनमें [संगीत] भर-भर कर अनाज मिस्र में
- 15:44लाया जाता था। मूसा यह सब इसलिए कर रहा था
- 15:46ताकि मिस्र के लोग परेशान हो जाएं और वह
- 15:49खुद रमसेस को गुलामों को आजाद करने पर
- 15:51मजबूर कर दें। अब एक रात मूसा के सामने
- 15:53फिर से वही बच्चा आता है [संगीत] जिसे
- 15:55मूसा ईश्वर मानता है। मूसा उससे पूछता है
- 15:58कि तुम अब तक कहां थे? तो यह बच्चा मूसा
- 16:00[संगीत] से कहता है मैं तुम्हें हारते हुए
- 16:02देख रहा था और जिस तरह से तुम लड़ रहे हो
- 16:04ऐसे तुम्हें [संगीत] सालों लग जाएंगे या
- 16:06शायद एक पीढ़ी और मेरे पास इतना टाइम नहीं
- 16:08है। इस पर मूसा जवाब देता है कि इस तरह की
- 16:10जंग में [संगीत] थोड़ा वक्त तो लगता है।
- 16:12फिर बच्चा मूसा से कहता है कि तुम अब कुछ
- 16:14मत करो। और अब बस तुम देखते जाओ मैं क्या
- 16:17करता हूं। [संगीत] खैर, यहां पर एक और
- 16:19आदमी होता है जो दूर से छिप कर मूसा को
- 16:21किसी से बातें करते हुए देख रहा होता है।
- 16:24लेकिन उसे मूसा के अलावा वहां और कोई नहीं
- 16:26दिखाई देता। जिसका मतलब था कि [संगीत]
- 16:27बच्चा सच में ईश्वर होता है। फिर अगली
- 16:29सुबह ईश्वर मिस्र के लोगों पर अज़ाब लाना
- 16:32शुरू कर देते हैं। नदी [संगीत] में जब कुछ
- 16:33मछुआरे मछली पकड़ने की कोशिश कर रहे थे
- 16:35तभी अचानक यहां पर बहुत सारे मगरमच्छ आ
- 16:38जाते हैं और वह इन सभी लोगों को खा जाते
- 16:40[संगीत] हैं। इसके बाद हमें दिखाया जाता
- 16:41है कि अब पूरी नदी में पानी की जगह खून बह
- 16:44रहा होता है और पानी के अंदर सारी मछलियां
- 16:46मर जाती [संगीत] हैं। और इतना ही नहीं
- 16:48पानी ना मिलने की वजह से सारी फसलें भी
- 16:50बर्बाद हो जाती हैं। लेकिन मूसा यह देखकर
- 16:53हैरान हो जाता है कि जो खून की नदी रमसेस
- 16:55[संगीत] के शहर से गुजरते हुए बाहर निकल
- 16:57रही थी उसका पानी अपने आप से बिल्कुल साफ
- 17:00हो जाता था और अब इसके बाद नदी में से
- 17:03बहुत सारे मेंढक बाहर निकल कर आते हैं और
- 17:05पूरे मिस्र मेंढकों का आतंक फैल जाता है।
- 17:08फिर जब कुछ दिनों में यह मेंढक मर जाते
- 17:10हैं तो उनका शरीर सड़ने लगता है। जिनमें
- 17:12[संगीत] से कीड़े और बहुत सारी मक्खियां
- 17:14शहर में आ जाती हैं। जिसकी वजह से आम
- 17:17लोगों के साथ-साथ महल में मौजूद लोगों को
- 17:19भी बहुत तकलीफ [संगीत] होने लगती है और इस
- 17:21वजह से कोई यहां पर खाना भी नहीं खा पाता।
- 17:23फिर जब कुछ दिनों में मक्खियों का अज़ाब भी
- 17:25खत्म हो जाता है तो फिर शहर में एक ऐसी
- 17:28घिनौनी महामारी फैल जाती है जिसे किसी ने
- 17:30अपने सपने में भी नहीं सोचा होगा जिसकी
- 17:33वजह से लोगों के शरीर पर बहुत बड़े-बड़े
- 17:35और गंदे फोड़े निकल आते हैं और रमसेस कुछ
- 17:37कर भी नहीं पा रहा था क्योंकि [संगीत]
- 17:39इसका कोई इलाज ही नहीं था। वह इन सभी
- 17:41आफतों की वजह से बहुत परेशान हो चुका था।
- 17:44अब फिर अगले दिन मूसा महल में एक घोड़ा
- 17:46भेजता [संगीत] है जिसकी पीठ पर लिखा था कि
- 17:48यह सभी आफतें ईश्वर की तरफ से आ रही हैं
- 17:50और [संगीत] यह आफतें वक्त के साथ और भी
- 17:52ज्यादा भयानक होती जाएंगी। अगर तुमने
- 17:55हमारी बात नहीं मानी हमें समझौता करना
- 17:57होगा। लेकिन [संगीत] रमसेस समझौता करने के
- 17:59बजाय गुलामों का काम दुगना कर देता है। अब
- 18:02वह उनसे रात में भी मजदूरी कराने लगता है।
- 18:04वह भी बिना आराम दिए और वह अपने सभी
- 18:06विद्वानों को सूली पर चढ़ा देता है
- 18:08क्योंकि वह इन सभी आफतों से निपटने में
- 18:10कोई भी मदद नहीं कर पा रहे थे। और जब
- 18:12ईश्वर देखते हैं कि रमसेस ने अभी भी
- 18:14गुलामों को आजाद नहीं किया था तो वहां के
- 18:16सभी पालतू जानवर, घोड़े, बकरियां, बैल सब
- 18:20मरने लगते हैं और पूरे मिस्र में हाहाकार
- 18:23मच जाता [संगीत] है। सभी बहुत परेशान हो
- 18:25जाते हैं। लेकिन ईश्वर का गुस्सा अभी भी
- 18:27कम नहीं हुआ होता। अब यहां आसमान से
- 18:30पत्थरों की बारिश [संगीत] होने लगती है।
- 18:31फिर सुबह यहां कुछ ऐसा होता है जिससे
- 18:34मिस्र के लोग अनाज को तरस जाते हैं। शहर
- 18:36में अचानक से लाखों करोड़ों टिड्डियां आ
- 18:38जाती [संगीत] हैं जो कि बचे हुए हर एक
- 18:40खाने-पीने की चीजों को तबाह और बर्बाद कर
- 18:42देती हैं। लोग अनाज के लिए रमसेस [संगीत]
- 18:44से दरख्वास्त करते हैं। लेकिन रमसेस
- 18:46उन्हें अनाज देने से मना कर देता है। तो
- 18:48भूख के मारे लोग अनाज घर [संगीत] में घुस
- 18:50जाते हैं। लेकिन रमसेस अपने ही लोगों को
- 18:53मरवा देता है। अब यहां के हालात पहले से
- 18:55बद से बदतर होने लगते हैं। इसलिए [संगीत]
- 18:57रमसेस अपने ईश्वर से प्रार्थना करता है।
- 18:59तभी उसे महसूस होता है कि मूसा उसके आसपास
- 19:02है। [संगीत] तो वह पूछता है कि मूसा क्या
- 19:04तुम यहां पर हो? लेकिन यह रमसेस का वहम
- 19:06होता है। मूसा यहां पर नहीं था। [संगीत]
- 19:08फिर रमसेस मूसा को धमकी देने लगता है कि
- 19:10अब अगर एक और चीज भी हुई तो मैं हर एक
- 19:12इब्रानी बच्चे को जान से मार [संगीत]
- 19:14दूंगा जो कि अभी चल भी नहीं सकते। जैसे
- 19:16तुम्हें मार देना चाहिए था। और तुम कहते
- 19:18हो कि यह सब तुम्हारे ईश्वर ने किया है।
- 19:20तो अब मैं ईश्वर हूं। और अब मैं तुम्हें
- 19:22दिखाता हूं कि मारने में कौन तेज है। मैं
- 19:24या तुम्हारा ईश्वर। इस तरफ मूसा वापस
- 19:27ईश्वर [संगीत] के पास आता है क्योंकि
- 19:29रमसेस ने अभी भी गुलामों को आजाद नहीं
- 19:31किया था। ईश्वर बोलते हैं कि हां मुझे यह
- 19:34बात पता है कि उसने अभी भी गुलामों को
- 19:36आजाद नहीं किया है और मैंने उसकी आखिरी
- 19:38धमकी सुनी है। इसलिए मैं अब इससे भी बुरा
- 19:40करने वाला हूं। [संगीत] जाओ जाकर रमसेस से
- 19:42कह दो कि अगर उसने आज ही गुलामों को आजाद
- 19:44नहीं किया तो उसके शहर में एक भी बच्चा
- 19:46[संगीत] कल सुबह तक जिंदा नहीं रहेगा। मैं
- 19:48अब और ज्यादा इंतजार नहीं कर सकता। यह
- 19:50कहकर ईश्वर रात को दिन में बदल देते हैं।
- 19:53ऐसा होते देख मूसा थोड़ा परेशान हो जाता
- 19:55है क्योंकि वह नहीं चाहता कि अब [संगीत]
- 19:57इससे भी ज्यादा बुरा मिस्र में कुछ और हो।
- 19:59इसलिए मूसा तुरंत रमसेस के पास जाता है और
- 20:02उससे कहता है कि देखो रमसेस अगर तुमने
- 20:05मेरी बात नहीं मानी तो यहां पर कुछ और
- 20:07बहुत बुरा होने वाला है जो कि मेरे बस में
- 20:09नहीं है। तुम्हें आज शाम अंधेरा होने से
- 20:11पहले गुलामों को आजाद करने का ऐलान करना
- 20:13होगा। वरना मिस्र में एक भी बच्चा [संगीत]
- 20:15जिंदा नहीं रहेगा। और खासतौर पर तुम आज
- 20:18रात अपने बच्चे का ध्यान रखना। यह बोलकर
- 20:20मूसा वहां से जाने लगता है। रमसेस कहता है
- 20:23मूसा रुको। क्या तुम मुझे धमकी दे रहे हो
- 20:25मूसा? फिर हमें दिखाया जाता है अब रात हो
- 20:28चुकी है और रमसेस अपने पूरे महल में
- 20:31सिक्योरिटी बढ़ा देता है। फिर वह तलवार
- 20:33लेकर अपने बच्चे के पास आकर बैठ जाता है
- 20:35ताकि वह अपने बच्चे की किसी भी आने वाले
- 20:37खतरे से सुरक्षा कर सके। [संगीत] फिर रात
- 20:39के अंधेरे में एक बहुत बड़ी सी काली छाया
- 20:42पूरे मिस्र को अपने अंदर ढक लेती है और
- 20:44[संगीत] यह छाया जिस भी घर के ऊपर से
- 20:46गुजरती है, उन घरों के बच्चों की मौत हो
- 20:48जाती है। अब रात के अंधेरे में चारों तरफ
- 20:51लोगों के घरों में से चीखने चिल्लाने की
- 20:52आवाज आने लगती है। सभी के घर में मातम छा
- 20:55जाता है। इधर [संगीत] रमसेस का बेटा भी मर
- 20:57जाता है जिससे उसे बहुत दुख होता है और वह
- 21:00बहुत रोता है। फिर अगली सुबह रमसेस अपने
- 21:02मरे हुए बच्चे [संगीत] की लाश को गोद में
- 21:04उठाए हुए मूसा के पास जाता है और वह उससे
- 21:07कहता है यह तुम्हारा कैसा ईश्वर है जो
- 21:09मासूम बच्चों की जान लेता है बताओ मुझे इस
- 21:11पर मूसा रमसेस से कहता है कल रात एक भी
- 21:14इब्रानी [संगीत] बच्चे की मौत नहीं हुई यह
- 21:16सुनकर रमसेस हैरान हो जाता है फिर वह कहता
- 21:18है कि जाओ [संगीत] निकल जाओ मेरे शहर से
- 21:20तुम सब भी यहां से चले जाओ जाओ अपने सपने
- 21:22के देश लेकिन फिर कभी दोबारा मेरे शहर में
- 21:25मत आना [संगीत] इसके बाद हमें दिखाया जाता
- 21:27है मूसा अपने साथ सभी इब्रानियों को उनके
- 21:29अपने देश कनान ले जा रहा होता है और सभी
- 21:32बहुत खुश [संगीत] होते हैं। यह सभी 400
- 21:34सालों की गुलामी से अब आजाद हो चुके थे।
- 21:37लेकिन वहीं महल में रमसेस अपने बच्चे
- 21:38[संगीत] की मौत से बहुत दुखी होता है। वह
- 21:40पूरे दिन तक इस बारे में सोचता है और वह
- 21:43बदला लेने का फैसला करता है। इसलिए वह
- 21:45अपना फैसला बदल देता है। फिर वह अपने
- 21:47[संगीत] 4000 सिपाहियों के साथ मूसा और
- 21:49इब्रानियों को मारने के लिए उनके पीछे
- 21:51निकल जाता है। इधर मूसा को भी इसकी खबर
- 21:53मिल जाती है कि रमसेस [संगीत] उन्हें
- 21:55मारने के लिए उनके पीछे आ रहा है। लेकिन
- 21:57वह अभी उनसे पूरे 4 दिन की दूरी पर होता
- 21:59है। लेकिन अगर वह अपने घोड़ों को आराम ना
- 22:01दे तो इससे [संगीत] भी कम वक्त में वह हम
- 22:03तक पहुंच जाएगा। इसलिए मूसा भी अपने लोगों
- 22:06की रफ्तार तेज [संगीत] कर देता है। और अब
- 22:08यह लोग एक ऐसे मोड़ पर आकर रुकते हैं जहां
- 22:11पर इनके सामने दो रास्ते होते हैं। पहला
- 22:13जो [संगीत] कि आसान है पर लंबा है और
- 22:15दूसरा रास्ता जो छोटा है पर यह पहाड़ी
- 22:18रास्ता है और [संगीत] मूसा इसी पहाड़ी
- 22:20रास्ते से जाने का फैसला करता है क्योंकि
- 22:22मूसा को यह बात पता थी कि रमसेस [संगीत]
- 22:24के साथ बहुत सारे घोड़े और रथ हैं जिस पर
- 22:27पहाड़ी का सफर करना बहुत मुश्किल होगा और
- 22:29इस वजह से [संगीत] हमें आगे निकल जाने का
- 22:31मौका मिल जाएगा। वहीं हम रमसेस को देखते
- 22:33हैं जो कि रात को भी ना तो अपने घोड़ों को
- 22:35और ना सिपाहियों में से [संगीत] किसी को
- 22:37भी आराम देता है। वह लगातार मूसा का पीछा
- 22:40कर रहा था। लेकिन जैसा मूसा ने अंदाजा
- 22:42लगाया था बिल्कुल वैसा ही होता है। रमसेस
- 22:45को इस पहाड़ी वाले रास्ते से आगे बढ़ने
- 22:46में बहुत परेशानी होती है और उसके बहुत से
- 22:49सिपाही रथों के साथ पहाड़ी से सीधा खाई
- 22:51में गिर जाते हैं। जिससे रमसेस का बहुत
- 22:53नुकसान होता है। लेकिन वह बदले की आग में
- 22:55इतना जल चुका था कि आगे बढ़ता रहता है। वह
- 22:58किसी के [संगीत] लिए नहीं रुकता। वहीं
- 22:59दूसरी तरफ हम मूसा को देखते हैं जो कि
- 23:02कनान अपने देश से बस कुछ ही दूरी पर था।
- 23:04लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए [संगीत] उसे
- 23:06यह विशाल महासागर पार करना था। पर मूसा को
- 23:09कुछ समझ नहीं आता कि वह इस महासागर को
- 23:11कैसे पार करेगा और वह यही सोचते-सचते सो
- 23:14जाता है। फिर अगली सुबह लोगों के शोर की
- 23:16वजह से उसकी आंखें खुलती हैं। तो मूसा
- 23:18देखता है कि पानी का [संगीत] लेवल अब बहुत
- 23:20कम हो चुका है जिससे कि आसानी से चलकर पार
- 23:23किया जा सकता है। इसके बाद मूसा अपने सभी
- 23:25लोगों को आगे बढ़ने का इशारा देता है। फिर
- 23:28यह सभी इब्रानी लोग समंदर के बीच से होते
- 23:30हुए आगे बढ़ने लगते हैं। लेकिन कुछ ही देर
- 23:32में रमसेस भी [संगीत] अपने बचे खुचे
- 23:34सिपाहियों के साथ पहाड़ी पार करके यहां
- 23:36पहुंच जाता है और जब वह समंदर को दो
- 23:38हिस्सों में बटा हुआ देखता है तो उसके होश
- 23:40उड़ जाते हैं लेकिन उसका गुरूर अब भी कम
- 23:43नहीं हुआ होता| वो अपने सिपाहियों के साथ
- 23:45उन्हें मारने के लिए बहुत [संगीत] तेजी से
- 23:47आगे बढ़ने लगता है। लेकिन फिर जैसे ही सभी
- 23:49इब्रानी लोग समंदर पार कर लेते हैं तो
- 23:52समंदर का पानी बहुत तेजी से [संगीत] वापस
- 23:54आने लगता है। यह देखकर रमसेस के सिपाही
- 23:56उल्टे मुंह वापस पीछे भागने लगते हैं।
- 23:58लेकिन अब [संगीत] बहुत देर हो चुकी थी।
- 24:00रमसेस के साथ-साथ उसके सभी सिपाही पानी
- 24:03में डूब जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है।
- 24:05दूसरी तरफ मूसा सही सलामत अपने लोगों को
- 24:08लेकर समंदर [संगीत] पार कर चुका था। फिर
- 24:10यही आदमी मूसा के पास आता है जिसने मूसा
- 24:12को पहाड़ी पर ईश्वर से बातें करते हुए
- 24:14देखा था। वो मूसा से पूछता [संगीत] है कि
- 24:16क्या हुआ? तुम उदास क्यों हो? अब तो हम
- 24:18सुरक्षित हैं। चिंता की कोई बात ही
- 24:20[संगीत] नहीं है। तो इस पर मूसा जवाब देता
- 24:22है कि यहां से बस कुछ ही दूरी पर मेरा
- 24:24कबीला [संगीत] है। जहां पर मेरी बीवी और
- 24:26मेरा बेटा मेरा कब से इंतजार कर रहे
- 24:28होंगे। मैं सोच रहा हूं उन्हें भी अपने
- 24:30साथ कनान ले चलूं। फिर हमें दिखाया जाता
- 24:32है मूसा अपने कबीले वापस आता है जहां पर
- 24:35वह अपनी बीवी बच्चे से मिलता है जो कि उसे
- 24:37[संगीत] देखकर बहुत खुश होते हैं। मूसा की
- 24:39वाइफ उससे पूछती है कि यह सब कौन लोग हैं?
- 24:42[संगीत] इस पर मूसा जवाब देता है कि यह सब
- 24:44मेरे लोग हैं और यह सभी अब से हमारे साथ
- 24:47रहेंगे। इसके बाद मूसा दोबारा पहाड़ी पर
- 24:49जाता है ईश्वर से [संगीत] मिलने जो कि उसे
- 24:51इस बार कुछ नियमों और कानून के बारे में
- 24:54बताते हैं और मूसा चुपचाप वैसा [संगीत] ही
- 24:56करता जाता है जैसा ईश्वर मूसा से करने को
- 24:58कहते हैं। फिर लास्ट सीन में हम देखते हैं
- 25:01मूसा इब्रानियों के साथ अपने कबीले के
- 25:03[संगीत] लोगों को भी साथ लेकर कनान देश के
- 25:05सफर में निकल जाता है और इस सफर में ईश्वर
- 25:07भी उसके साथ चल रहे होते हैं। जो कि भीड़
- 25:10में अचानक से रुक कर गायब हो जाते हैं। और
- 25:12इसी के साथ इस फिल्म की [संगीत] कहानी
- 25:14खत्म हो जाती है और मैं सभी लोगों से पहले
- 25:16ही माफी मांगना चाहूंगा अगर मैंने कोई भी
- 25:18जानकारी आप लोगों को गलत दी हो [संगीत]
- 25:20क्योंकि मैं यह बात जानता हूं कि यह एक
- 25:22धार्मिक और सच्ची घटना पर आधारित मूवी है
- 25:24तो जो मूवी में सीन हमें दिखाए गए हैं
- 25:27मैंने उसे [संगीत] आप लोगों के लिए सिंपल
- 25:28लैंग्वेज में एक्सप्लेन कर दिया है। खैर
- 25:30अगर आप लोगों को मूवी की एक्सप्लेनेशन
- 25:32पसंद आई तो वीडियो को कर दें। लाइक और
- 25:34चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें। मैं
- 25:36मिलता हूं आपसे अगली वीडियो
About this transcript
This page contains the full transcript of Ye Raja Aapne Aap Ko Bagwan Samajhta Hai | Exodus Gods And Kings | Movie Explained in Hindi by Filmy Metro, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 5,814 words across 682 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
What you can do with it
Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.
Free YouTube transcript tool
YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.