Why India Is Becoming Unliveable: Heat, Climate Change & AC Trap | Arunabha Ghosh |FO580 Raj Shamani — Transcript
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- 0:00वर्ल्ड में जो टॉप 100 हॉट सिटीज हैं
- 0:02उनमें से 98 इंडिया में है।
- 0:05आज के दिन में जो टेंपरेचर बढ़ चुका है
- 0:09पिछले 20 लाख सालों में इतना हाई कभी नहीं
- 0:12था। आज के दिन आठ में से 10 भारतीय ऐसे
- 0:15जगहों में रह रहे हैं जहां एक्सट्रीम
- 0:17डिजास्टर होने का संभावना बहुत बढ़ चुका
- 0:19है। फ्लड्स ले लें, साइक्लोन ले लें,
- 0:21क्राउट ले लें।
- 0:24बाय 2030 इंडिया को हीट स्ट्रेस की वजह से
- 0:28इकॉनमी पे लगभग 180 बिलियन डॉलर का लॉस हो
- 0:31सकता है। अरुणवा घोष अ लीडिंग वॉइस ऑन
- 0:34क्लाइमेट चेंज एनर्जी [संगीत] एंड इंडियास
- 0:36ट्रांजिशन टू अ लो कार्बन फ्यूचर। इन दिस
- 0:39एपिसोड, ही ब्रेक्स डाउन, द बिगेस्ट
- 0:41चैलेंजस फेसिंग इंडियास एनर्जी फ्यूचर, द
- 0:43[संगीत] इकोनॉमिक्स ऑफ़ क्लाइमेट चेंज एंड
- 0:45व्हाट द वर्ल्ड नीड्स टू गेट राइट एज़ द
- 0:48ट्रांज़िशन टू क्लीन एनर्जी [संगीत]
- 0:50एक्सीलरेट्स। इन अ ग्रोइंग इकॉनमी जहां
- 0:53कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज हो रहे हैं,
- 0:55इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है, ट्रेन लाइंस
- 0:57लग रहे हैं। कितना एंप्लॉयमेंट आपका
- 1:00आउटडोर से वो हीट स्ट्रेस कैलकुलेट किया
- 1:02गया है कि अबाउट 30 40 मिलियन मैंडेज लूज
- 1:07हो सकते हैं भारत को। सो एक चेन इफेक्ट हो
- 1:09जाता है। दूसरी बात खेती में जो [संगीत]
- 1:11क्रॉपिंग सीजन होता है वो बड़ा सेंसिटिव
- 1:14होता है क्लाइमेट पे। तो अगर वो ज्यादा
- 1:16हीट स्ट्रेस आ गया तो आपका क्रॉप लॉस
- 1:18होएगा। ऐसा कौन सा स्टैट है? बहुत शॉकिंग
- 1:22चीज जो आपको पता चली जो पढ़ के सुन के कोई
- 1:24भी ग्लोबल इन्वेस्टर अगर इंडिया में
- 1:26इन्वेस्ट करना चाह रहा है तो वो नहीं
- 1:27करेगा। चाइना में कैलकुलेट किया गया है कि
- 1:30हर एक% एकक्यूआई जब बढ़ता है 4% एफडीआई
- 1:34[संगीत] फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट घटता
- 1:36है। एविडेंस है आपका प्रोडक्टिविटी, मेंटल
- 1:39[संगीत] ग्रोथ, मेंटल फैकल्टीज सब घट जाते
- 1:42हैं। हार्ट अटैक, हार्ट डिजीजसेस बढ़ जाते
- 1:44हैं। तो ऑल ऑफ़ दिस इस गोइंग टू इंपैक्ट
- 1:46दें।
- 1:48कौन सी चीजें जो हम डे टू डे लाइफ में
- 1:51प्रोबेब्ली [संगीत] यूज करते हैं जिसकी
- 1:53वजह से कंट्रीब्यूशन ज्यादा है।
- 1:55स्टील, सीमेंट, एलुमिनियम,
- 1:57पेट्रोकेमिकल्स, फर्टिलाइजर ये सब मिलके
- 2:00कोई 75% इंडस्ट्रियल एमिशंस हैं उनको
- 2:04कंट्रीब्यूट करना।
- 2:06किसी को अपना घर आज जो बहुत हीट होता है
- 2:09इंडिया में, उसको कूल रखना हो। व्हाट आर
- 2:11लाइक थ्री फोर वेज़ जिससे घर बिना एसी के
- 2:14भी कूल बना सकते हैं। वेंटिलेशन देयर वाज
- 2:17एन एक्सपेरिमेंट डन सेम बिल्डिंग में ऑन
- 2:20थिंग ऑन दी 11थ फ्लोर वन ऑन द 10थ फ्लोर
- 2:22एक में जो विंडो का छज्जा था वो थोड़ा
- 2:25बढ़ाया गया। कुछ तीन-चार डिग्री टेंपरेचर
- 2:27डिफरेंस।
- 2:29वाइट सरफेसेस रिफ्लेक्ट मोर। सो घरों के
- 2:32छत पे आप वाइट पेंट लगा दें तो रिफ्लेक्ट
- 2:35हो जाता है।
- 2:35ठंडा होता है घर ज्यादा? रिलेटिव टर्म में
- 2:37ठंडा हो जाएगा। सबसे ज्यादा हीट
- 2:39प्रोड्यूसिंग कंट्रीज कौन सी है? जिनकी
- 2:40वजह से गर्मी बढ़ते जा रही है। कोई अगर
- 2:42यंग एंटरप्रेन्योर है वो उसे देख रहा है।
- 2:44व्हाट आर दी ओपोरर्चुनिटीज इन द वर्ल्ड ऑफ
- 2:47एनर्जी ट्रांजिशन क्लाइमेट टेक।
- 2:54आई हैव अ स्माल फेवर टू आस्क यू। आई नीड
- 2:56यू टू सब्सक्राइब टू आवर चैनल। द मोर
- 2:59सब्सक्राइबर्स वी हैव द बेटर एंड बिगर गेस
- 3:02वी कैन ब्रिंग एंड प्रोवाइड यू मोर वैल्यू
- 3:04थ्रू दिस कन्वर्सेशन। एंड द फुल ऑडियो
- 3:07एक्सपीरियंस ऑफ दिस शो इज आल्सो अवेलेबल
- 3:09ऑन स्पॉटिफाई वेयर यू कैन फॉलो अस एंड
- 3:12लिसेन टू द न्यू एपिसोड्स एज वेल। दिस
- 3:14एपिसोड इज अ पार्ट ऑफ़ द मोबियस फाउंडेशन
- 3:16सस्टेनेबिलिटी डायलॉग सीरीज। टू नो मोर
- 3:19अबाउट मोबियस फाउंडेशन एंड इट्स
- 3:20इनिशिएटिव्स चेक द लिंक इन द डिस्क्रिप्शन
- 3:23बिलो।
- 3:28लेट्स अस्यूम एंड व्हिच इज आल्सो अ
- 3:30रियलिटी एट दिस पॉइंट दैट आई अलोंग वि
- 3:34मेजोरिटी ऑफ़ माय ऑडियंस वी हैव नो क्लू
- 3:37व्हाट दिस इज। लाइक वी हैव नो क्लू व्हाट
- 3:40क्लाइमेट टेक और क्लाइमेट क्राइसिस और
- 3:43एनर्जी ट्रांजिशन। वी हैव नो आईडिया। वी
- 3:46जस्ट नो दैट द वर्ल्ड इज़ चेंजिंग। वी आर
- 3:47गेट थिंग्स आर गेटिंग हॉटर। वर्ल्ड में
- 3:50हीट बढ़ती जा रही है। एंड जस्ट लाइक बिट्स
- 3:52एंड पीसेस ऑफ़ न्यूज़ एवरीवेयर। वी डोंट नो
- 3:55व्हाट्स गोइंग ऑन। ओके? सो वी विल ट्राई
- 3:56टू अंडरस्टैंड फ्रॉम योर लेंस एंड ट्राई
- 3:59टू मेक इट लाइक अ मास्टर क्लास टू गो
- 4:03फ्रॉम ज़ीरो टू 100 टुडे इन व्हाटएवर टाइम
- 4:06पीरियड। [हंसी]
- 4:07या लेट्स लेट्स यू ऑन द कंप्रेस्ड चैट या
- 4:12ओके लेट्स लेट्स ट्राई टू अंडरस्टैंड। बट
- 4:14बिफोर वी डू दैट अगर कोई आपको पहली बार
- 4:17देख रहा है और पता ही नहीं है आप कौन हो।
- 4:20तो आप कैसे उसको समझाओगे कि आप क्या करते
- 4:23हो? आप कौन हो एंड क्यों आपका वर्क बहुत
- 4:26इंपॉर्टेंट है? एंड उसे सुनना ही क्यों
- 4:28चाहिए? ये कोई इंसान आपको क्यों सुनेगा इस
- 4:30पॉडकास्ट पे आज?
- 4:32वो तो आप बताइए क्यों सुना? [हंसी]
- 4:36लेकिन मतलब मैं आपके पॉडकास्ट में आया
- 4:38हूं। मैं तो बहुत ही खुश हूं। लेकिन जो
- 4:42आपके दर्शक हैं वो
- 4:45उनको क्या बताऊं? मेरा नाम अरुणाब घोष है।
- 4:49तो हम क्या करते हैं? मैं बेसिकली रिसर्च
- 4:52करता हूं। अ वो रिसर्च केवल एनर्जी
- 4:58एनवायरमेंट वाटर पे नहीं पूरे अ जो
- 5:02अर्थव्यवस्था है
- 5:04उसको कैसे वो ज्यादा सस्टेनेबल वे में
- 5:10उसका ग्रोथ हो।
- 5:13देश की आमदनी बढ़े, जीडीपी जो कहते हैं
- 5:16हम
- 5:17लोगों का आमदनी बढ़े
- 5:18हम
- 5:20और और नौकरियां बने भारत में और दुनिया
- 5:25में भी। लेकिन यह सब और कितने सस्टेनेबल
- 5:29वे में हो सकता है।
- 5:30ओके?
- 5:31सस्टेने सस्टेनेबल मतलब क्या है?
- 5:32सस्टेनेबल मतलब कि हम जो ये एक प्लनेट पे
- 5:37हम रहते हैं। इसके रिसोर्सेज हैं। नेचुरल
- 5:41रिसोर्सेज आप पानी ले लीजिए। ऊर्जा के
- 5:44रिसोर्सेज
- 5:46जो फॉसिल एनर्जी कहते हैं उसमें कोयला आता
- 5:49है, तेल आता है, पेट्रोलियम, ऑयल, गैस,
- 5:52गैस आता है। लेकिन फिर
- 5:56अ जो रिन्यूएबल एनर्जी होता है, सौर
- 6:01ऊर्जा, वायु ऊर्जा, जियोथर्मल
- 6:06टाइडल
- 6:07ये इनको रिन्यूएबल क्यों कहते हैं?
- 6:09क्योंकि यह केवल एक्सट्रैक्टिव नहीं होता
- 6:13है कि आपने जमीन से कोयला हटा लिया और वो
- 6:18अब कोयला खत्म हो रहा है तो आपका एनर्जी
- 6:21रिसोर्स खत्म हो गया। सौर ऊर्जा हर हर रोज
- 6:26जो जितना सौर ऊर्जा पूरे दुनिया के सरफेस
- 6:30पे पहुंच रहा है उसका बहुत छोटा सा
- 6:33फ्रैक्शन हमारे पूरे पूरे एनर्जी सिस्टम
- 6:36को सपोर्ट कर सकता है।
- 6:38ओके। अ वायु ऊर्जा है। तो ये रिन्यूएबल
- 6:42एनर्जी जितना हम यूज कर सकें उतना आपका जो
- 6:47प्रदूषण आता है फॉसिल एनर्जी से वो घट
- 6:50जाएगा। और ये प्रदूषण
- 6:53जो ग्रीन हाउस गैसेस जिनको कहते हैं उससे
- 6:56हो रहा है जलवायु परिवर्तन। हम
- 7:00ये जलवायु परिवर्तन
- 7:02एक
- 7:07हमारे पूरे
- 7:08अर्थव्यवस्था को तहसनहस कर सकता है।
- 7:13क्यों? क्योंकि आज के दिन में जो टेंपरेचर
- 7:18बढ़ चुका है ऑलरेडी
- 7:20अ पिछले 250 सालों में जब इंडस्ट्रियल
- 7:26रेवोल्यूशन चला है पूरे दुनिया में। वो
- 7:29टेंपरेचर लेवल्स पिछले 20 लाख सालों में
- 7:33इतना हाई कभी नहीं था।
- 7:38क्योंकि जो कार्बन डाइऑक्साइड के जो
- 7:39कंसंट्रेशनंस हैं
- 7:42वह इतना बढ़ चुके हैं। अब यह क्यों बढ़
- 7:45रहे हैं? क्योंकि हम ये फॉसिल एनर्जी यूज़
- 7:47कर रहे हैं।
- 7:47हम
- 7:47तो ये और हमारे जो ये गैसेस निकलते हैं वो
- 7:52एक
- 7:53एनवेलप सा बना देते हैं एटमॉस्फेयर में।
- 7:57तो वो क्या होता है? जब सौर ऊर्जा का जो
- 8:00एनर्जी आता है वो आ रहा है अल्ट्रावायलेट
- 8:03रे। यूवी रेज जैसे हम पहनते हैं सनग्लासेस
- 8:07और वापस जो जाता है एनर्जी उसको कहते हैं
- 8:09इंफ्रारेड।
- 8:10हम
- 8:12वो इंफ्रारेड रेज वो पकड़ लेता है। वो हीट
- 8:15एस्केप नहीं करता है। तो एक ग्रीन हाउस
- 8:19जैसा क्रिएट हो जाता है ताकि जो सरफेस
- 8:22टेंपरेचर है वह बढ़ता जाता है।
- 8:26सो
- 8:27दिस ग्रीन हाउस इफेक्ट
- 8:32केवल टेंपरेचर राइज पे रुकता रुकता नहीं
- 8:36है। उस पे फिर इंपैक्ट होता है। रेनफॉल,
- 8:40हीट स्ट्रेस,
- 8:42फ्लड्स, साइक्लोन, स्टर्म्स, हरिकेंस,
- 8:46ड्राउट
- 8:48ये सब नेचुरल कॉन्सिक्वेंससेस हो जाते
- 8:51हैं। जो एक्सट्रीम वेदर जिसे कहते हैं। आज
- 8:55के दिन मेरे मेरे जो संस्थान है हमने
- 8:58कैलकुलेट किया है कि
- 9:00आठ में से 10 भारतीय ऐसे जगहों में रह रहे
- 9:03हैं जहां
- 9:06एक्सट्रीम हाइड्रो हाइड्रोमेटेरोलॉजिकल
- 9:10डिजास्टर होने का संभावना बहुत बढ़ चुका
- 9:12है।
- 9:12क्या होता है हाइड्रोमेटेरोलॉजिकल
- 9:14डिजास्टर?
- 9:14मतलब कि आप फ्लड्स ले लें, साइक्लोन ले
- 9:17लें,
- 9:19अ ड्राउट ले लें। कुछ-कछ जगहों में सब कुछ
- 9:24हो रहा है। किसी महीने में ड्राउड हो रहा
- 9:26है, कहीं पे फ्लड हो रहा है।
- 9:28तो आठ में से 10 इंडियंस में
- 9:3080% इंडियंस
- 9:32और 75% हमारे जो जिले हैं भारत में कुछ
- 9:38700 से ज्यादा जिले हैं।
- 9:40734 734
- 9:4375% ये जिले अब हॉटस्पॉट्स बन गए हैं। यह
- 9:48एक्सट्रीम वेदर के लिए।
- 9:51तो इसमें हम हम इसके बारे में हमें क्यों
- 9:55चिंता होना चाहिए? मैं यह समझता हूं कि ये
- 9:58केवल
- 10:00एनवायरमेंटलिस्ट का बात नहीं है और ये एक
- 10:03एनवायरमेंटलिज्म का बात नहीं है। इसका
- 10:06इंपैक्ट हमारे फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पे
- 10:08पड़ेगा। आज हम मुंबई में बात कर रहे हैं।
- 10:12तो जब यह सी लेवल राइज होता है क्लाइमेट
- 10:15चेंज के लिए उससे क्या होएगा?
- 10:19हमारा जो बिल्ट इंफ्रास्ट्रक्चर है वही
- 10:22डिस्ट्रॉय हो जाता है। उल्टी तरफ आप
- 10:25ईस्टर्न इंडिया में देख लीजिए अगर उड़ीसा
- 10:28में साइक्लोन आए या आंध्र प्रदेश में
- 10:31साइक्लोन आए या तमिलनाडु में अ
- 10:37ड्राउट हो जाए।
- 10:40ये यहां का जो इकोनमी है वो फ्री इंपैक्ट
- 10:43हो जाता है।
- 10:44हम
- 10:44तो ओवरऑल दिस ये केवल एक एनवायरमेंटल
- 10:48कॉन्सिक्वेंस नहीं है। इकोनमिक
- 10:50कॉन्सक्वेंस है।
- 10:51ओके?
- 10:52और भारत जो दुनिया में जिसे कहते हैं
- 10:57फास्टेस्ट ग्रोइंग मेजर इकॉनमी है। हम हम
- 11:01अपने इकोनॉमिक ग्रोथ को कैसे और बढ़ावा
- 11:05देते रहें। लेकिन वो इंपैक्ट ना हो इस
- 11:08क्लाइमेट चेंज से। यह है हमारे लिए। दिस
- 11:12इज इट्स ऑलमोस्ट लाइक अ जगलिंग एक्ट।
- 11:14हम
- 11:15कि हम इकोनमिकली ग्रो भी तेजी से
- 11:17ग्रो भी करें
- 11:18और एनवायरमेंट भी खराब ना करें।
- 11:20एनवायरमेंट को एटलीस्ट स्टेबलाइज करें।
- 11:22इनफैक्ट
- 11:23सस्टेनेबल वे में ग्रो।
- 11:24इनफैक्ट
- 11:26क्लाइमेट चेंज को हिंदी में क्या कहते
- 11:29हैं? जलवायु परिवर्तन।
- 11:30हम
- 11:31लेकिन जलवायु परिवर्तन को इंग्लिश में
- 11:33क्या कहेंगे?
- 11:36वाटर विंड चेंज उसका क्या मतलब हुआ?
- 11:40तो एक्चुअली हमें सोचना चाहिए
- 11:44कि क्लाइमेट चेंज वातावरण असंतुलन
- 11:48[नाक से की जाने वाली आवाज़] हम कि हमारे
- 11:50एंबिएंट एनवायरमेंट में एक इनस्टेबिलिटी
- 11:52हो गया है।
- 11:55बिकॉज़ चेंज इज समथिंग जो यू नो अगर आप
- 11:59प्रेडिक्ट कर सकें तो ठीक है। आज ऐसा था
- 12:03कल ऐसा रहेगा। मैं प्रिपेयर कर लूंगा।
- 12:06अच्छा
- 12:06समर में गर्मी पड़ती है। विंटर में मैं
- 12:10दिल्ली में रहता हूं तो विंटर में सर्दी
- 12:11पड़ती है। ठीक है। विंटर आएगा मैं गर्म
- 12:13कपड़े पहन लूंगा। विंटर में अगर सडनली
- 12:17समर आ जाए
- 12:17समर आ जाए। जो मैंने 75% डिस्ट्रिक्ट्स
- 12:21कहा उनमें से 40% डिस्ट्रिक्ट्स स्वपिंग
- 12:26ट्रेंड्स दिखा रहे हैं। मतलब कि जहां पहले
- 12:30बाढ़ आता था वहां पे ड्राउट पड़ रहा है।
- 12:33जहां पहले ड्राउट प्रोन था वहां फ्लड
- 12:35प्रोन हो रहा है। तो आप लोकल
- 12:38एडमिनिस्ट्रेशन का ले लिया। जिला प्रदेश
- 12:40परिषद का सोच लीजिए कि अगर आप राजस्थान
- 12:44में कोई डिस्ट्रिक्ट हो
- 12:45तो अच्छा हां यहां पे तो गर्मी पड़ती है
- 12:48और ड्राउट आता है वो
- 12:49तो उनका पूरा एडमिनिस्ट्रेटिव कैपेसिटी
- 12:52क्या होएगा ड्राउट संभालने का
- 12:54हां
- 12:54सडनली वहां पे अगर फ्लड आ जाए जैसे आपको
- 12:58याद होगा शायद 2 साल पहले दुबई में व्हिच
- 13:02इज़ इन अ डेजर्ट सडनली
- 13:05बाढ़ आ गई
- 13:05बाढ़ आ गई क्योंकि पूरे साल में जितना
- 13:09बारिश होता था वो कुछ घंटों में आ गया।
- 13:13हां।
- 13:14तो जो सिटी बना है डेजर्ट में उसको सडनली
- 13:19एक वातावरण असंतुलन से जूझना पड़ा।
- 13:24अगर मैंने एक ब्रिज बना दिया नया वो भी
- 13:28चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए। और ब्रिज
- 13:31है कि अच्छा यहां पे इतने लेवल का बाढ़
- 13:36नॉर्मल है तो इतना इससे ऊपर होएगा। ठीक
- 13:39है?
- 13:40अगर वो बाढ़ का लेवल बढ़ जाए
- 13:42ब्रिज
- 13:42तो ब्रिज का क्या होएगा?
- 13:45सो ये असंतुलन इज व्हाट इज डिसररप्टिव।
- 13:50इंटरेस्टिंग। सो आप इस चैलेंज को सॉल्व
- 13:53करने की कोशिश करते हो बाय स्टडिंग अबाउट
- 13:55इट एंड स्यूशन निकालते हो।
- 13:57जी। [गला साफ़ करने की आवाज़] राइट? सो
- 13:58लेट्स टॉक अबाउट द करंट चैलेंज जो सबसे
- 14:00बड़ा अभी है व्हिच ऑलमोस्ट आई थिंक लास्ट
- 14:04दो हफ्ते से हर कोई सर्च कर रहा है और उसी
- 14:06बारे में न्यूज़ आते जाती है। दैट इज एज
- 14:09वी स्पीक अभी
- 14:10रिकॉर्ड के अकॉर्डिंग
- 14:12वर्ल्ड में जो टॉप 100 हॉट सिटीज हैं
- 14:16[नाक से की जाने वाली आवाज़] उनमें से 98
- 14:17इंडिया में है।
- 14:18हम
- 14:1998 वर्ल्ड की हॉटेस्ट सिटीज इंडिया में
- 14:22व्हिच ऑब्वियसली मेक्स अस कि हम हॉटेस्ट
- 14:25कंट्री इन द वर्ल्ड हैं। राइट? इज दिस द
- 14:28न्यू नॉर्मल ऐसा ही रहेगा कि ये सिर्फ
- 14:30वार्म अप और बेकार होगा इससे
- 14:32और बेकार हो रहेगा शॉर्ट आंसर्स और बेकार
- 14:34रहेगा।
- 14:35क्यों?
- 14:37इससे ज्यादा और ज्यादा गर्मी देखते जाएंगे
- 14:39हम। ये मतलब ये बेसलाइन वेदर हो गया हमारे
- 14:42लिए। मैं हमेशा कहता हूं कि द पास्ट इज नो
- 14:45लगर अ प्रेडिक्टर ऑफ़ द फ्यूचर।
- 14:48ओके? एक्सप्लेन।
- 14:49एक्सप्लेन मतलब कि जो नॉर्मल आपने वर्ड
- 14:52यूज़ किया नॉर्मल। नॉर्मल क्या होता है?
- 14:56जो मेटरोलॉजिस्ट जो होते हैं वो क्या
- 14:59स्टडी करते हैं कि ईयर आफ्टर ईयर दशक
- 15:02आफ्टर दशक कि
- 15:05कभी थोड़ा ऊपर होगा तो थोड़ा नीचे होएगा
- 15:07उसका एवरेज क्या बनता है
- 15:1030 40 सालों में ये अगर एवरेज है ये
- 15:13नॉर्मल है
- 15:16अब ये जो हीट स्ट्रेस बढ़ रहा है अ ये
- 15:19केवल
- 15:21वो अच्छा इस साल ज्यादा गर्मी पड़ गया ये
- 15:24बात नहीं है ये वो तो नॉर्मल का जो एवरेज
- 15:28है वही चेंज हो रहा है।
- 15:29हम [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 15:30और जितना हमारा ये ग्रीन हाउस गैसेस का
- 15:32कंसंट्रेशन एटमॉस्फियर में रहेगा
- 15:36और बढ़ता रहेगा उतना ये सरफेस टेंपरेचर
- 15:40बढ़ेगा।
- 15:40हम अच्छा एक और चीज सुन लीजिए कि अह
- 15:49मोस्ट ऑफ द हीट इज अब्सॉर्ब्ड बाय ओशंस।
- 15:53ठीक है?
- 15:55लेकिन ओशंस का भी 90% से ज्यादा हीट ओशंस
- 15:59अब्सॉर्ब कर रहा है। जो एक्सेस हीट हो रहा
- 16:00है वो ओशंस का भी एक प्रॉब्लम हो रहा है।
- 16:02दैट्स व्हाई ओशंस भी उनका भी लेवल्स राइज
- 16:07हो रहे हैं। तो जितना वो बढ़ेगा उतना फिर
- 16:12इंपैक्ट
- 16:14सरफेससेस पे सरफेस टेंपरेचर पे भी आएगा।
- 16:16लैंड सरफेस टेंपरेचर पे भी आएगा। एनीवे
- 16:20तो साउथ एशिया ले लीजिए।
- 16:24यहां पर हीट स्ट्रेस बढ़ता रहेगा बिकॉज़ ऑफ
- 16:28क्लाइमेट चेंज।
- 16:30लेकिन इसमें
- 16:32दो-तीन चीजें हमें ठीक से समझना चाहिए। एक
- 16:37हीट स्ट्रेस क्या होता है?
- 16:41हम सोचते हैं दिन में बाहर गए बहुत गर्मी
- 16:44हो रही है। जो हमने कैलकुलेट किया है
- 16:48कि नाइट टेंपरेचर
- 16:51और डे टेंपरेचर में जो गैप है वो घट रहा
- 16:55है।
- 16:57ह्यूमन बॉडी जो होता है हम रात को क्यों
- 16:59सोते हैं? ताकि हमारे सारे सिस्टम्स थोड़ा
- 17:02डाउन हो जाए। कंप्यूटर की तरह यू नीड टू
- 17:05कूल इट डाउन। या
- 17:07अगर नाइट टेंपरेचर और डे टेंपरेचर में गैप
- 17:11कम हो जाए मतलब कि जो वार्म नाइट्स ज्यादा
- 17:14हो जाए तो ह्यूमन फिजियोलॉजी जो हमारा
- 17:19ह्यूमन हेल्थ है वो अडैप अप्ट नहीं कर
- 17:21सकता उतना
- 17:22हम सो जो हेल्थ पे जो एक प्रभाव पड़ेगा वो
- 17:26और भी बेकार होएगा। केवल दिन में गर्मी है
- 17:30तो घर पर बैठ जाते हैं। वह नहीं रात में
- 17:32जो सिस्टम कूलिंग डाउन है वह उसमें भी
- 17:35प्रॉब्लम है। दूसरी बात जैसे हमें बुखार
- 17:38चढ़ता है। पेड़ पौधों पे भी को भी बुखार
- 17:43चढ़ता है। इसीलिए हम देखते हैं कि जो खेती
- 17:47में जो क्रॉपिंग सीजन होता है वो बड़ा
- 17:50सेंसिटिव होता है क्लाइमेट में।
- 17:53तो अगर वो ज्यादा हीट स्ट्रेस आ गया तो
- 17:57आपका क्रॉस क्रॉप लॉस होएगा और ईयर आफ्टर
- 18:01ईयर आपका फिर और क्रॉप लॉस होएगा। तीसरी
- 18:04बात
- 18:06ही स्ट्रेस कौन ज्यादा फील करेगा? हम यहां
- 18:08एक स्टूडियो में बैठे हुए हैं। एयर
- 18:10कंडीशनिंग चल रहा है। हम दोनों वी आर लकी।
- 18:14हम
- 18:16इनफैक्ट लीक न्यू जो फॉर्मर सिंगापुर के
- 18:21लेट सिंगापुर के प्राइम मिनिस्टर थे।
- 18:24उन्होंने कहा था द एयर कंडीशनर इज द
- 18:26मोस्टेंट इन्वेंशन ऑफ़ द 20थ सेंचुरी।
- 18:29क्योंकि ट्रॉपिकल कंट्रीज में विदाउट दैट
- 18:33यू नो मॉडर्न इकॉनमी वेरी हार्ड। नहीं
- 18:36फंक्शन
- 18:38लेकिन इन अ ग्रोइंग इकॉनमी जहां
- 18:43कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज हो रहे हैं,
- 18:46इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है, इमारतें खड़ी
- 18:49हो रही हैं, ट्रेन लाइंस लग रहे हैं,
- 18:52ब्रिजेस बन रहे हैं, रोड्स बन रहे हैं।
- 18:56कितना एंप्लॉयमेंट आपका आउटडोरर्स है।
- 19:01वो हीट स्ट्रेस
- 19:03कैलकुलेट किया गया है कि
- 19:07अबाउट 30 40 मिलियन मैंडेज लॉस्ट लूज हो
- 19:12सकते हैं भारत को सिर्फ उससे मतलब कि आप
- 19:16सोच लीजिए जब 12:00 बजे से 4:00 बजे तक
- 19:18कंस्ट्रक्शन लेबर बाहर काम ही नहीं कर
- 19:20पाया उसका घाटा किसको होएगा लेबर को तो
- 19:23होएगा ही
- 19:24हम
- 19:25कंस्ट्रक्शन कंपनी को भी होएगा आपने अगर
- 19:28वो फ्लैट बुक किया हुआ है आपको भी होएगा
- 19:30क्योंकि आपका डिलीवरी लेट हो जाएगा
- 19:32राइट सो एक चेन इफेक्ट हो जाता है एक और
- 19:36इंपैक्ट है जिसको कहते हैं अर्बन हीट
- 19:39आइलैंड इफेक्ट। क्या होता है?
- 19:41यही जो हम एयर कंडीशनर चला रहे हैं सिटीज
- 19:44ज्यादा डेंस होते हैं रूरल एरियाज से।
- 19:48तो अगर सब एयर कंडीशनर्स चलाएं अंदर ठंड
- 19:52बाहर गर्मी हो जाती है। हम
- 19:54तो एक जैसे अर्बन एरियाज में एक हीट
- 19:57आइलैंड बन गया और भी मतलब कि द प्रॉब्लम
- 19:59वी आर ट्राइंग टू सॉल्व उससे और
- 20:02व्हिच इज कंपाउंडिंग द प्रॉब्लम दैट वी आर
- 20:04ट्राइंग टू सॉल्व व्हिच मींस हमें और भी
- 20:07कूलिंग चाहिए होगा। पूरे दुनिया में अब
- 20:10मैक्सिमम कूलिंग डिमांड इंडिया में आएगा।
- 20:14एस्टीमेट है कि 2020 से 2040 तक
- 20:20कुछ आठ गुना कूलिंग डिमांड बढ़ेगा इंडिया
- 20:25का इंडिया का रेजिडेंशियल कूलिंग मतलब कि
- 20:28घरों में जो कूलिंग है उसका डिमांड 11
- 20:31गुना बढ़ेगा।
- 20:33तो इंडिया ने एक 2018 में कूलिंग एक्शन
- 20:36प्लान भी निकाला था।
- 20:39सो यह जो एक आपने बात छेड़ी कि ये 100 में
- 20:45से 98 सिटीज इंडिया में अब इसका रिस्पांस
- 20:49क्या हो? इसका रिस्पांस एटलीस्ट हम मेरे
- 20:53संस्था में सीडब्ल्यू में हम जो देखते हैं
- 20:55कि हमें हाइपर लोकल वे में इसको संभालना
- 20:58चाहिए।
- 20:58हम कैसे संभालें? हमने एक
- 21:03अ एक सिस्टम बनाया है कि शहरों में और
- 21:08शहरों के अंदर
- 21:11अलग-अलग एरियाज में किस टाइप का हीट
- 21:15स्ट्रेस हो उसको हमने मैप किया है। ऑलरेडी
- 21:19हमने 140 शहरों के लिए ऐसे किया है। हमारा
- 21:22ऐ है 2027 तक 300 शहरों का करें।
- 21:27पहला वाला हमें 18 पहला हीट एक्शन प्लान
- 21:31हमने जो बनाया था 18 महीने लगे थे
- 21:35डिटेल हमने अब हमने एक एआई टूल बनाया है
- 21:39उसके लिए तो लोकल इंफॉर्मेशन
- 21:43कलेक्ट करके हम अगर वो एआई टूल में डालते
- 21:46हैं
- 21:47हम एक हीट एक्शन प्लान कुछ दिनों में बना
- 21:50सकते हैं। नाइस।
- 21:52यह हाइपर लोकल इनेशन
- 21:55फिर जो लोकल एडमिनिस्ट्रेशन है
- 22:00वो यूज़ कर सकते हैं कि कहां पे एक कूलिंग
- 22:02शेल्टर बनाएं। जैसे कंस्ट्रक्शन लेबर के
- 22:05लिए एक कूलिंग शेल्टर बन गया। इसको लेके
- 22:09एक इंश्योरेंस स्कीम बना सकते हैं हम
- 22:11कि अगर आप आउटडोर लेबरर हैं अगर एक हीट
- 22:16टेंपरेचर एक थ्रेशहोल्ड के ऊपर चला जाए तो
- 22:19आपको एक इंश्योरेंस पेमेंट मिल जाएगा ताकि
- 22:22आपका पूरा आमदनी ना खराब हो जाए। इससे
- 22:25फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर रोड्स का
- 22:28इंटेग्रिटी वो अगर खराब हो जाए तो दिस
- 22:30हाइपरलोकल इंफॉर्मेशन इससे आप बहुत एक
- 22:36टेक्नोलॉजी हम [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 22:38ओरिएंटेड अप्रोच एंड पीपल सेंट्रिक अप्रोच
- 22:42लेकर आप इसको रिसोंड कर सकते हैं। सो आई
- 22:46वास रीडिंग वंस दैट ऑन दिस कि बाय 2030
- 22:52इंडिया को हीट स्ट्रेस की वजह से इकॉनमी
- 22:55पे लगभग 180 बिलियन का लॉस हो सकता है।
- 22:58राइट? व्हिच इज लाइक कि इन सिंपल मैथ अगर
- 23:01समझाऊं इंडिया का टोटल आईटी इंडस्ट्री
- 23:04सारी बड़ी-बड़ी मिला दूं तो 200 बिलियन
- 23:06डॉलर के आसपास है।
- 23:07जितना हम उनसे कमाते नहीं है उससे ज्यादा
- 23:10सिर्फ हम गर्मी के दो-ती डिग्री ऊपर बढ़ने
- 23:12की वजह से लॉस कर रहे हैं।
- 23:14वी आर लूजिंग दैट
- 23:16यस
- 23:16योर ऑन योर
- 23:17ऐसा है जैसे हम कहते हैं यू नो
- 23:22ठीक से खाना खा लो नहीं तो हार्ट अटैक हो
- 23:25जाएगा। हम क्यों कहते हैं ना दैट डजंट मीन
- 23:27कि हम सब हेल्दी खाना खा रहे हैं। लेकिन
- 23:30हम क्यों कहते हैं? बिकॉज़ प्रिवेंशन इज़
- 23:31बेटर देन क्योर।
- 23:34लेकिन क्योंकि अगर आपने हेल्दी लाइफस्टाइल
- 23:37लीड किया फिर भी हो सकता है आपको हार्ट
- 23:39अटैक लेकिन रिस्क कम है।
- 23:41ट्रू
- 23:42हमें पूरे इकॉनमी का रिस्क कम करना है तो
- 23:46हमें लड़ना पड़ेगा इससे। सो
- 23:51टेल मी अगर बिकॉज़ यू हैव डन रिसर्च ऑन 734
- 23:55डिस्ट्रिक्ट्स। उनमें से आप बोलते हो हर
- 23:58हर चार में से तीन इंडियंस की लाइफ हीट की
- 24:00वजह से एक रिस्क पर है। राइट? गिव मी
- 24:04इकोनॉमिक स्टैट। ऐसा कौन सा स्टैट है?
- 24:07बहुत शॉकिंग चीज जो आपको पता चली इस
- 24:09रिसर्च की वजह से जो पढ़ के या सुन के कोई
- 24:12भी ग्लोबल इन्वेस्टर अगर इंडिया में
- 24:14इन्वेस्ट करना चाह रहा है तो वो नहीं
- 24:15करेगा और शॉक हो जाएगा।
- 24:17बिकॉज़ दैट्स आल्सो अ रिस्क। राइट? जिस
- 24:19कंट्री में अगर हीट प्रोफाइल बहुत ज्यादा
- 24:21है। वहां पे यह डर है कि हीट डेप्थ बढ़ेगी,
- 24:24इकॉनमी का आउटपुट कम होगा। 180 बिलियन
- 24:27डॉलर का इंपैक्ट होगा इकॉनमी पे। तो ऐसी
- 24:29कंट्री में मैं इन्वेस्ट क्यों करूं?
- 24:32एक जो डाटा पॉइंट है वो मैंने पहले ही कहा
- 24:36था। ये जो 40% जिले हैं जहां स्वपिंग
- 24:41ट्रेंड्स दिख रहे हैं।
- 24:42हम
- 24:43फ्लड से ड्राउ, ड्राउट से फ्लड 40%
- 24:46तो अगर आज आप आप फॉरेन इन्वेस्टर तो भूल
- 24:50जाइए। आप खुद अपना पैसा
- 24:54कहां पर डालेंगे? अगर आपको लगा कि अच्छा
- 24:57चलो ठीक है यहां पर फ्लड होता है तो ठीक
- 25:00है हम एक एंबगमेंट बनाकर अपना टैकल कर
- 25:02लूंगा फैक्ट्री बना लेंगे अगर वहां पे
- 25:07अ ड्राउट आ गया
- 25:09हर एक फैक्ट्री में कूलिंग प्लांट चाहिए
- 25:12होता है तो आपका वो पानी कहां से आएगा तो
- 25:15ये जो अनप्रिडिक्टेबिलिटी है और इसीलिए
- 25:19हमने ये
- 25:21एनालिसिस किया हुआ है कि ये
- 25:23अनप्रिडिक्टेबिलिटी को समझना चाहिए ठीक
- 25:25ठीक से
- 25:26हम
- 25:27अ एक और जो डेटा पॉइंट दूंगा ये एयर
- 25:32पोल्यूशन के लिए
- 25:34एयर पोल्यूशन
- 25:36से केवल
- 25:39अ फिर से ह्यूमन हेल्थ पे असर नहीं है। वो
- 25:43तो है ही।
- 25:44इट्स द बिगेस्ट किलर इन इंडिया।
- 25:48अर्थव्यवस्था पर भी असर है। चाइना में
- 25:53कैलकुलेट किया गया है कि हर एक%
- 25:57एकक्यूआई जब बढ़ता है
- 26:004% एफडीआई फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट
- 26:04घटता है।
- 26:07तो आप एक हर एक लेवल बढ़ने पे
- 26:114%
- 26:12पैसा कम
- 26:13एफडीआई इन्वेस्टमेंट इनवर्ड इन्वेस्टमेंट
- 26:16घाटता है। फॉरेन पैसा कम हो जाएगा।
- 26:17इसीलिए
- 26:19चाइना ने पिछले 10 सालों में एयर पोल्यूशन
- 26:23को एयर पोलशन से जूझने का
- 26:26टारगेट बना लिया।
- 26:27टारगेट बना लिया। क्योंकि केवल ये नहीं कि
- 26:31अच्छा यू नो
- 26:33यहां यू नो अच्छा नहीं लग रहा। यहां रह
- 26:36नहीं सकते। ये वो बट टैलेंट लॉस होएगा।
- 26:41एफडीआई लॉस होएगा। हम
- 26:44अह एविडेंस है आपका प्रोडक्टिविटी मेंटल
- 26:48ग्रोथ मेंटल फैकल्टीज़ सब घट जाते हैं।
- 26:52हार्ट अटैक हार्ट डिजीजेस बढ़ जाते हैं।
- 26:55केवल लंग डिजीजेस नहीं।
- 26:57[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 26:57तो ऑल ऑफ़ दिस इज़ गोइंग टू इंपैक्ट द
- 26:59इकॉनमी। लेट्स अंडरस्टैंड हीट प्रॉब्लम
- 27:02फर्स्ट। ओके? फर्स्ट इज़ आई रेड सुपर
- 27:07एलनियो हम क्या होता है ये?
- 27:11बेसिकली आपका जो पेसिफिक ओशन पे जो हीट
- 27:16आता है उससे जो आपका ये क्या कहते हैं
- 27:20[नाक से की जाने वाली आवाज़] वाटर वेपर से
- 27:21जो क्लाउड्स बनते हैं उसका एक फिनोमिनन
- 27:25है। इट्स ओके इट्स अ कॉम्बिनेशन ऑफ
- 27:27टेंपरेचर वाटर
- 27:30अ प्रेसिपिटेशन एटसेट्रा
- 27:34इट्स पार्ट ऑफ ओवरऑल
- 27:37यू नो क्लाइमेटिक साइकिल्स।
- 27:39ठीक है?
- 27:40लेकिन जितना आपका ओवरऑल सरफेस टेंपरेचर
- 27:44बढ़ेगा
- 27:45उतना आपका एलनियो जो जो जिन सालों में
- 27:50एलनियो होता है उसका इंपैक्ट ज्यादा हो
- 27:53जाता है। तो साउथ एशिया रीजन में आपका
- 27:57इंपैक्ट जो जिस उन सालों में नॉर्मल से
- 28:02थोड़ा कम रेनफॉल आ जाता है। लेकिन सुपर
- 28:05एलनियो में और भी कम होएगा। तो
- 28:10हमें फिर से यह सोचना चाहिए कि आपने पहले
- 28:14कहा था कि यह
- 28:16नॉर्मल क्या है? तो मैं इसको एक डिफरेंट
- 28:19वे में समझाता हूं।
- 28:22हमने यह कैलकुलेट किया है कि
- 28:261980
- 28:28से 19 2010 तक जो एक नॉर्मल था और 2010 से
- 28:35कैसे
- 28:36हम
- 28:37भारत में जो जैसे साउथवेस्ट मॉनसून जो मेन
- 28:41हमारा मॉनसून है उस पे क्या डिफरेंस आ रहा
- 28:44है हमने ये कैलकुलेट किया
- 28:49केवल जिला लेवल पर नहीं अ तहसील लेवल पे
- 28:53तहसील जो है सब डिस्ट्रिक्ट
- 28:55हम
- 28:56भारत में 4500 से ज्यादा सब डिस्ट्रिक्ट
- 28:59हैं। साउथवेस्ट मसून हमारे लिए सबसे
- 29:02महत्वपूर्ण है।
- 29:07कुछ 55%
- 29:10तहसीलों में
- 29:1310% से ज्यादा
- 29:16एक डिफरेंस आया है नॉर्मल से या पिछले दशक
- 29:20में।
- 29:22तो लोग सोचेंगे यह तो अच्छी बात है। यू नो
- 29:25भारत में अगर 55% तहसील में ज्यादा बारिश
- 29:30हो रही है। लेकिन केवल ज्यादा बारिश से
- 29:33नहीं होता है। ये कब आया? कैसे आया?
- 29:37ज्यादा बारिश अगर वही 24 घंटे में आ गया,
- 29:40वही एक हफ्ते में आ गया तो
- 29:42फ्लड्स हो जाएगा।
- 29:45दूसरी बात 11%
- 29:48तहसीलों में हमने देखा है कि घटा है साउथ
- 29:53वेस्ट मानसून।
- 29:55अब वो कब घट रहा है? हम देख रहे हैं कि
- 29:58ठीक जब हम जो समर का जो फसल जो क्रॉप होता
- 30:04है उसको कहते हैं खरीफ। हम
- 30:07वो ठीक जब खरीफ क्रॉप का जो इरीगेशन टाइम
- 30:11होता है उसी टाइम पर वो कम हो रहा है।
- 30:17सो जो किसान अपने बाप मां परदादा सबसे
- 30:24सीखा है कि इन दो हफ्तों में
- 30:28प्लांटिंग हो अब बारिश आएगा। अगर उसी टाइम
- 30:33पे नहीं आया।
- 30:35सो पास्ट इज नो लगर प्रेडिक्टर ऑफ द
- 30:37फ्यूचर।
- 30:39सो यह केवल एलनियो और लालनिया या सुपर
- 30:43एलनियो की बात नहीं है। हम देख रहे हैं
- 30:45लॉन्ग टर्म एक शिफ्ट हो रहा है।
- 30:49बट ये सुपर एलनियो की वजह से हीट वेव बढ़
- 30:52जाती है। राइट?
- 30:54इंडिया में इसीलिए इस साल और ज्यादा होगी
- 30:57और कम बारिश होगी।
- 30:58करेक्ट।
- 31:00एंड इसकी अगर कम बारिश होगी तो फसल कम
- 31:02होगी। गर्मी ज्यादा होगी तो लोग काम कम कर
- 31:05पाएंगे और प्रॉब्लम ज्यादा आएगी तो
- 31:07और ओवरऑल एक अर्थव्यवस्था पे असर तो
- 31:10पड़ेगा ही। ओवरऑल आपका प्रोडक्टिविटी कम
- 31:12होएगा। ओवरऑल आपका इनकम कम होएगा।
- 31:16बट कमिंग बैक टू यू सेड कि जो ग्लोबल
- 31:18डिस्ट्रप्शन होते हैं कहीं-कहीं पे
- 31:20जी।
- 31:20उससे बहुत सारी प्रॉब्लम्स होती है। एंड
- 31:23यू यू सेड समवेयर कि मिडिल ईस्ट में जो
- 31:26वॉर हो रहा है उससे भी क्लाइमेट प्रॉब्लम
- 31:29हो रही है।
- 31:30इज दैट? नहीं। मैं वो मैं जो अभी मैं
- 31:35कहूंगा वेस्ट एशिया मिडिल ईस्ट नहीं लेकिन
- 31:37भारत के लिए वेस्ट एशिया है।
- 31:38ठीक है।
- 31:39अह कुछ लोग तो मिडिल ईस्ट फ्रेज़ को एक
- 31:42कॉलोनियल फ्रेज़ समझते हैं।
- 31:44ओके।
- 31:44हमारे लिए वेस्ट
- 31:45वेस्ट एशिया।
- 31:46वेस्ट एशिया। अ नहीं मैं नहीं कह रहा उससे
- 31:50क्लाइमेट मैं कह रहा हूं कि जो आज का जो
- 31:53एनर्जी सिस्टम में जो इंपैक्ट आ रहा है
- 31:56दैट इज ऑब्वियसली क्योंकि वहां पे एक जंग
- 31:59जारी है स्टेट्स ऑफ हॉर्मोस से भारत 90%
- 32:06तेल इंपोर्ट करता है और लगभग 50% गैस
- 32:11इंपोर्ट करता है। उस उस गैस और तेल में
- 32:15मेजॉरिटी स्टेट्स ऑफ हॉर्मोनस से आ रहा
- 32:18है।
- 32:18हम
- 32:20बाकी हम रशिया से खरीदते हैं, साउथ
- 32:22अमेरिका से खरीदते हैं, अमेरिका से खरीदते
- 32:24हैं। लेकिन मेजॉरिटी हमारा वहीं से आ रहा
- 32:26है।
- 32:28बाकी देशों में भी जो इंपोर्ट कर रहे हैं
- 32:30वहां से आ रहा है। सो वहां पे अगर टैंकर्स
- 32:34फंसे हुए हैं तो एक ग्लोबल एनर्जी
- 32:36क्राइसिस तो हो गया। हमारा जो अभी बजट
- 32:39निकला था
- 32:42फर्स्ट ऑफ फ में बजट का कैलकुलेशन किस
- 32:46बेसिस पे हुआ था कि ऑयल का प्राइस कुछ $65
- 32:51पर बैरल हो
- 32:54ये जंग के मैक्स में तो ऑयल का प्राइस कुछ
- 32:57$15 $120 हो गया था। मतलब कि अगर आप अपना
- 33:01हाउसहोल्ड बजट बना रहे हैं या हाउस होल्ड
- 33:04को छोड़ दीजिए। आप अपना कंपनी चला रहे हैं
- 33:06कोई और आपने सोच लिया अपना आपका एक कैपिटल
- 33:10एक्सपेंस होएगा और आपका वर्किंग कैपिटल
- 33:12होएगा। आपने बिगिनिंग ऑफ़ फाइनेंसियल ईयर
- 33:14आपने एक बजट बनाया। आपने बनाया ऑन द बेसिस
- 33:17तो इनपुट कॉस्ट क्या होएगा? अगर आपका मेन
- 33:20इनपुट कॉस्ट ही डबल दुगना हो गया।
- 33:23हम
- 33:24तो आपका बजट तो गया ना।
- 33:27सो वो एक माइक्रोइकोनॉमिक क्राइसिस भी है,
- 33:30मैकोनमिक क्राइसिस भी है।
- 33:32हम
- 33:33सो
- 33:35लेकिन इससे क्लाइमेट चेंज का क्या कनेक्शन
- 33:38है?
- 33:40कनेक्शन यह है कि यह क्राइसिस भी एक
- 33:43ओपोरर्चुनिटी बन सकता है
- 33:46कि
- 33:48जो एनर्जी ट्रांजिशन कहते हैं वो फॉसिल
- 33:51एनर्जी जो मैं पहले कह रहा था वहां से जो
- 33:53हम क्लीन एनर्जी
- 33:56जो इंफ्रास्ट्रक्चर हम बना रहे हैं वो और
- 33:58भी अगर जल्दी बनाएं
- 34:02तो हम ये ऐसे शौक से ज्यादा अ दूर रह सकते
- 34:08हम देखिए
- 34:111970 में दो ऑयल शॉक हुए थे।
- 34:15ओके
- 34:17एक 1973 में एक 1979 में दोनों वेस्ट
- 34:22एशिया में अ कॉन्फ्लिक्ट्स के लिए
- 34:26कॉन्फ्लिक्ट और फिर ईरान रेवोल्यूशन में
- 34:29उससे पूरे ग्लोबल इकॉनमी में असर पड़ा था।
- 34:35अ तब एक बन गया इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी।
- 34:40वो
- 34:41डेवलप्ड कंट्रीज का एक ग्रुपिंग बना जो
- 34:44ऑयल इंपोर्ट करते थे उस रीजन से। नहीं
- 34:47नहीं अब हम अपने ऑयल रिजर्व्स बनाएंगे। हम
- 34:51एफिशिएंट बनेंगे। ये वो
- 34:5450 साल बाद
- 34:57अ ग्लोबल इकॉनमी डेवलप्ड कंट्रीज से नहीं
- 35:01चल रहा है। इमर्जिंग मार्केट से चल रहा
- 35:03है।
- 35:03हम
- 35:04चाइना से, इंडिया से, इंडोनेशिया से,
- 35:08वियतनाम से।
- 35:11अब इन इमर्जिंग मार्केट्स में एनर्जी
- 35:15सिक्योरिटी
- 35:16एक बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है।
- 35:18ट्रू।
- 35:20सो ऑयल शौक तब भी था अब भी है। लेकिन जो
- 35:25सिस्टम्स बने गए बनाए गए हैं पिछले 50
- 35:28सालों में उससे हमारा को कोई फायदा नहीं
- 35:31हो रहा है। सो हम जैसे देशों को अपना एक
- 35:35एनर्जी सिक्योरिटी को रीथिंक करना पड़ेगा।
- 35:39सो दिस इज द ओपोरर्चुनिटी
- 35:41कि ऑयल शॉक जो अभी है एक कॉन्फ्लिक्ट के
- 35:46लिए प्लस जो क्लाइमेट चेंज का शौक ओवरऑल
- 35:49चल नहीं रहा है एक्यूट शॉक हुआ एक क्रॉनिक
- 35:52शॉक है उससे हम कैसे और बचें
- 35:58दैट मींस हमें यह एनर्जी ट्रांजिशन की तरफ
- 36:02और तेजी से बढ़ना पड़ेगा।
- 36:05आई विल कम टू एनर्जी ट्रांजिशन। जी।
- 36:08क्योंकि बहुत लोगों को लगता है क्लाइमेट
- 36:09चेंज एनर्जी ट्रांजिशन इज़ ऑलमोस्ट द सेम
- 36:11थिंग। सो वी विल गो टू द दी द एग्जैक्ट
- 36:14डिफरेंस। ओके? बट
- 36:16[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 36:17बिफोर वी गो देयर इन सिंपल वर्ड्स इफ यू
- 36:19हैव टू एक्सप्लेन कि गर्मी बढ़ क्यों रही
- 36:21है तो क्या होगा? सो सिंपल वे आपने कोयला
- 36:25या ऑयल या गैस जलाया।
- 36:28वो उससे ग्रीन हाउस गैसेस गए। CO2 इज द
- 36:32मोस्ट कॉमन। लेकिन और भी गैसेस हैं। मिथेन
- 36:35है एटसेट्रा।
- 36:37वो गैसेस एक एनवेलप बना देते हैं। उस
- 36:41एनवेलप के लिए आपका जो सरफेस हीट है वो
- 36:44एस्केप नहीं करता बैक टू आउटर स्पेस। तो
- 36:48सरफेस टेंपरेचर बढ़ जाता है। ओवरऑल जब
- 36:50सरफेस टेंपरेचर बढ़ता है उस पे ह्यूमन
- 36:53हेल्थ पे असर पड़ता है। एनिमल हेल्थ पे असर
- 36:56पड़ता है। प्लांट हेल्थ पे असर पड़ता है।
- 36:58मतलब फिर प्रेसिपिटेशन पैटर्न रेनफॉल
- 37:01पैटर्न्स चेंज हो जाते हैं। एक्सट्रीम
- 37:03वेदर
- 37:05बाढ़ आ गया, ड्राउट पड़ गया। उसका इंटेंसिटी
- 37:08बढ़ जाता है। उसका फ्रीक्वेंसी बढ़ जाता
- 37:10है। आपके अर्थव्यवस्था पे असर पड़ता है।
- 37:13सो ये एक चैन रिएक्शन है।
- 37:16एंड गर्मी इसीलिए बढ़ रही है क्योंकि ये
- 37:19ओवरऑल इमिशंस बढ़ते जा रहे हैं।
- 37:21ओवरऑल एमिशंस बढ़ रहे हैं और उन एमिशंस का
- 37:24एक एनवेलप बढ़ रहा बन रहा है।
- 37:26हमारे एक इनविज़िबल लेयर सॉर्ट ऑफ बन गई
- 37:29है।
- 37:29बन गई है।
- 37:30जो इसकी गर्मी को
- 37:31जो गर्मी को बाहर एस्केप नहीं करने दे
- 37:33रहा।
- 37:34हम्म। इट्स लाइक इस ग्रीन हाउस
- 37:37दैट इज व्हाई इट्स कॉल्ड अ ग्रीन हाउस
- 37:40अ हॉट हाउस नाउ इट्स नो
- 37:42हॉट हाउस प्लनेट चलिए [हंसी]
- 37:44इट्स नो मोर
- 37:45ग्रीन प्लनेट अब हॉट हाउस प्लनेट आप आप
- 37:48आपका फिजियोलॉजी बता [हंसी]
- 37:50सो कौन सा सबसे बड़ा कंट्रीब्यूटर होगा
- 37:54इसमें दो चीजों की बात करते हैं एक कौन
- 37:57कंट्रीब्यूटर कंट्री वाइज सबसे ज्यादा है
- 37:59हम
- 38:00दैट्स द सेकंड पार्ट द फर्स्ट पार्ट इज
- 38:02कौन सी चीजें जो जो हम डे टू डे लाइफ में
- 38:05प्रोबेब्ली यूज करते हैं। जिसकी वजह से
- 38:08कंट्रीब्यूशन सबसे ज्यादा है। इज इट कोई
- 38:10पर्टिकुलर इंडस्ट्री है? इज इट व्हीकल्स
- 38:13जो होते हैं उसकी वजह से होता है कि ये
- 38:16पोल्यूशन जो है हम एसी चलाते हैं। उसे आई
- 38:17डोंट नो व्हाट इज द हाईएस्ट
- 38:18कॉनंट्रीब्यूटर?
- 38:20अगर आप कंट्रीज का देखें पहले तो
- 38:23कैन वी कम टू कंट्री सेकंड फर्स्ट
- 38:25इंडस्ट्री। सो सबसे बड़ा कंट्रीब्यूटर आपका
- 38:29एनर्जी सेक्टर है जो पावर सेक्टर
- 38:32बिजली दे रहा है।
- 38:33बिजली दे रहा है।
- 38:34ये सबसे ज्यादा
- 38:35सबसे ज्यादा कंट्रीब्यूटर है।
- 38:37हीट बढ़ाने में यही है। जितनी ज्यादा बिजली
- 38:39आप और मैं कंज्यूम करेंगे। क्योंकि हां
- 38:42क्योंकि
- 38:44वो जो फॉसिल फ्यूल जलाए जा रहे हैं कोयला
- 38:47हो हमारे देश में कोयला हो किसी और देश
- 38:50में गैस हो किसी और देश में ऑयल हो
- 38:51एसेट्रा जो जलाकर फिर हम बिजली का टरबाइन
- 38:55पावर प्लांट्स में टरबाइन चला रहे हैं तो
- 38:59अ उसका कंट्रीब्यूशन मैक्सिमम है। हां ओके
- 39:02हाईएस्ट फिर है इंडस्ट्रियल
- 39:05हम
- 39:06मतलब कि यह तो डायरेक्टली आप बिजली
- 39:08उत्पादन हो रहा है फिर उद्योगिक
- 39:12प्रोसेससेस इंडस्ट्रियल प्रोसेससेस में भी
- 39:16आपको एनर्जी चाहिए
- 39:16हाईएस्ट कौन सा होता है इंडस्ट्री में भी
- 39:18व्हिच इंडस्ट्रीज आर
- 39:19तो हैवी जिनको हैवी इंडस्ट्रीज कहते हैं
- 39:22आयरन एंड स्टील
- 39:24अ सीमेंट
- 39:26एलुमिनियम
- 39:28पेट्रोकेमिकल्स
- 39:30जो हैवी हैवी इंडस्ट्रीज है
- 39:32इंडिया में तो यही सारे
- 39:34यही इंडिया में इंडिया में ये स्टील
- 39:38सीमेंट एलुमिनियम पेट्रोकेमिकल्स
- 39:41फर्टिलाइजर
- 39:43ये सब मिलके कुछ 75% जो इंडस्ट्रियल
- 39:48एमिशंस हैं
- 39:49उनको कंट्रीब्यूट उन
- 39:50उनको कंट्रीब्यूट करना
- 39:51सो टॉप 10 बिलियर्स आर दीज़ [हंसी]
- 39:54द हाईएस्ट मनी मेकर्स इन द कंट्रीज
- 39:57आपने बिलेयर का बात छोड़ा कुछ साल पहले अगर
- 40:00मैं हम
- 40:01ये 30 सेकंड्स का एक डिटोर ले लूं। कुछ
- 40:03साल पहले मैंने कहा था कि मेरा जब 2022 वी
- 40:08वर जस्ट स्टार्ट ऑफ द पेंडेमिक।
- 40:11मैंने कहा और 25 साल रहते हैं 2027 47 के
- 40:17लिए जब भारत
- 40:19अ 100 साल सेलिब्रेट करेगा अपने
- 40:22इंडिपेंडेंस का। मैंने कहा था मेरा एक
- 40:25सपना है कि आज के दिन में जो कोल माइनर के
- 40:33कोई बेटी पैदा हुई है वह जब 25 साल की
- 40:37होएगी
- 40:39वो एक क्लीन टेक बिलेनियर होएगी
- 40:43तब हम सोच तब हम ट्रूली यू नो तब हम मुझे
- 40:46फिर से अपने पडकास्ट पे बुलाइएगा या वो
- 40:49पडकास्ट होगा कि हम आउटर स्पेस पे बात
- 40:51करेंगे ओवर दैट वी विल लीव दैट टू अनदर
- 40:53फेंटसी
- 40:53तब लेकिन या मेंटली कन्वर्स कन्वर्स करें
- 40:58लेकिन वी कैन फिर फिर भी आस्क आवरसेल्व्स
- 41:00कि हमने ट्रूली ट्रांसफॉर्म किया है कि
- 41:02नहीं भारत को
- 41:03हम
- 41:04क्योंकि वो विकसित होगा
- 41:05वो विकसित होगा और वो एक टाइप ऑफ
- 41:08इंक्लूसिव ग्रोथ होएगा कि जो
- 41:12कोल माइनर की बेटी
- 41:14क्लीन टेक बिलियनर बन सकती है कि नहीं
- 41:17फेयर फेयर कमिंग बैक सो यू वर सेइंग सबसे
- 41:21ज्यादा जो पोलशन या इमिशंस जो हीट एमिशंस
- 41:25होते हैं
- 41:26सो आपका जो ग्रीन हाउस ग्लास एमिशंस हुए
- 41:28तो इलेक्ट्रिसिटी सिटी इलेक्ट्रिसिटी
- 41:30प्रोडक्शन
- 41:31फिर हैवी इंडस्ट्रीज फिर
- 41:32[गला साफ़ करने की आवाज़] ट्रांसपोर्ट
- 41:34ओके
- 41:34सो ट्रांसपोर्ट इज कंपेरेटिवली लेस
- 41:36ट्रांसपोर्ट में
- 41:37कुछ-कुछ इंडस्ट्री कुछ देशों में
- 41:39एिएशन की ग्राउंड सपोर्ट की सी व्हिच इज द
- 41:42हाईएस्ट इज देयर इन
- 41:43ग्राउंड ग्राउंड इज़ व्हीकल ट्रांसपोर्ट इज़
- 41:45स्टिल द हाईएस्ट
- 41:47हाई हायर देन द एयरलाइंस
- 41:48हां
- 41:49एयरलाइन एमिशंस का ग्रोथ रेट फास्टर है
- 41:53लेकिन ओवरऑल एमिशंस आपका कार्स बाइक्स
- 41:57ट्रक्स
- 41:58एंड दिस इज पब्लिक और इंडस्ट्रियल और
- 42:00इंडिविजुअल कमर्शियल की रेजिडेंशियल
- 42:03भारत में मैक्सिमम आपके प्राइवेट व्हीकल
- 42:06से आ रहे हैं।
- 42:07प्राइवेट व्हीकल्स नॉट द कमर्शियल वंस
- 42:08कमर्शियल से भी आ रहे हैं लेकिन मैक्सिमम
- 42:1067% हमारा तेल टू व्हीलर्स थ्री व्हीलर्स
- 42:15में होता है। लेकिन अब टू व्हीलर्स थ्री
- 42:17व्हीलर्स इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स थ्री
- 42:19व्हीलर्स अब कंपेटिटिव हो गए हैं। सो
- 42:23देखिए एक चीज मैं कहना चाहूंगा कि ये एक
- 42:27है ना सब सब हर चीज में एक्सपर्ट नहीं
- 42:30होते हैं। लेकिन एक सोसाइटी में एक वो यू
- 42:34नो एक
- 42:36एटीट्यूड बन जाता है। मुझे क्यों कह रहे
- 42:39हो उसको देखो।
- 42:41आई एम नॉट सेइंग कि आप ऐसे कह रहे हो।
- 42:43लेकिन इट वास सॉर्ट ऑफ हिडन इन दैट
- 42:46इंप्लसिट इन दैट क्वेश्चन। बिकॉज़ मैंने यह
- 42:50देखा है अगर हम कार्स का प्रोड्यूशन कम
- 42:53करना चाहे। कार वाले बोलेंगे ट्रक वालों
- 42:55को देखो। ट्रक वाले बोलेंगे आप टू व्हीलर
- 42:57वाले को देगा। भैया ऐसा है कि ग्रीन हाउस
- 43:02गैसेस का इंपैक्ट और जो लोकल पोलशन है
- 43:05इंपैक्ट वो किसी को नहीं
- 43:08यू नो छोड़ रहा। हम इसमें हम सभी इससे
- 43:13जूझेंगे। सब बराबर के हिस्सेदारी हैं।
- 43:15सो सो वी हैव टू डील विद इट इन अ
- 43:17साइंटिफिक वे। याह। सो यू आर सेइंग कि हीट
- 43:21प्रोड्यूसिंग इंडस्ट्रीज में टॉप में आता
- 43:23है एनर्जी बिजली बनाने वाली। राइट? सो,
- 43:26एनर्जी ट्रांजिशन वहां पे बहुत इंपॉर्टेंट
- 43:28होता है। कमिंग टू कंट्रीज फॉर नाउ
- 43:30सबसे ज्यादा हीट प्रोड्यूसिंग कंट्रीज कौन
- 43:32सी है जिनकी वजह से गर्मी बढ़ते जा रही है?
- 43:36यू मीन एमिशंस एमिशन
- 43:38आई एम मेकिंग इट इज़ हां हां कहां से एमिशन
- 43:42इज़ कहां से ज्यादा प्रदूषण हो रहा है?
- 43:44एमिशन इज़ लेट से 50 थिंग्स आउट ऑफ़ दैट वन
- 43:46कंट्रीब्यूशन आपका
- 43:49ये
- 43:51ग्लोबली आई मीन हिस्टोरिकली देखिए
- 43:56बिफोर सेइंग आई विल जस्ट से क्योंकि जो
- 43:58क्लाइमेट चेंज होता है वो इट इज नॉट बिकॉज़
- 44:01जस्ट आज कितना एमिशंस हुए ये जाके
- 44:06एटमॉस्फियर में फंस जाता है। तो
- 44:08क्यूमुलेटिव कंसंट्रेशन जो बनता है दैट इज़
- 44:11[गला साफ़ करने की आवाज़] व्हाट शुड बी
- 44:12काउंटेड
- 44:13तो वो क्यूम्युलेटिव बेसिस पे यूनाइटेड
- 44:15स्टेट्स इज़ द बिगेस्ट पोलटर दे द बिगेस्ट
- 44:18हीट प्रोड्यूसेस एंड पोलटर्स एंड एमिशन
- 44:20जनरेटर ओवर द लास्ट टू सेंचुरीज सो यूएस
- 44:25टॉप पे सेकंड
- 44:27[गहरी सांस लेने की आवाज़] सेकंड मेनी
- 44:29यूरोपियन नेशंस
- 44:30नॉट चाइना
- 44:32चाइना उसके बाद आएगा
- 44:35सो हिस्टोरिकली आज के दिन में चाइना इज द
- 44:38लीडिंग
- 44:38आज कौन आएगा चाइना है
- 44:42फिर यूएस भी है फिर
- 44:46इंडिया आ रहा है
- 44:47तो इंडिया अभी भी टॉप थ्री में नहीं है
- 44:49इंडिया का टोटल कंसंट्रेशन 5% से ज्यादा
- 44:53कम है
- 44:55टोटल जो एस इफ टुडे
- 44:58नाउ इट इज थर्ड सो इट इज सो
- 45:02सो टेल मी आउट ऑफ टोटल यू सेड कि टोटल तो
- 45:05हम 5% से भी कम है तो टोटल में यूएस वन ऑफ
- 45:08द टॉप है। चाइना वन ऑफ़ द टॉप है। आज भी
- 45:11अगर देखो तो टॉप थ्री में यूएस एंड चाइना
- 45:13वन एंड टू है। राइट? इवन आफ्टर बीइंग द
- 45:16बिगेस्ट कंट्रीब्यूटर्स। वो हीट सबसे
- 45:19ज्यादा प्रोड्यूस करते हैं। एमिशन सबसे
- 45:21ज्यादा हैं। वो लोग अपना जो एनुअल एमिशंस
- 45:25है वो रिपोर्ट नहीं करते यूएन को।
- 45:28नहीं
- 45:29दे आर द ओनली टू हु डोंट रिपोर्ट। दे दीज़
- 45:31आर द ओनली टू कंट्रीज हु डोंट रिपोर्ट बाय
- 45:32द वे एंड मेजर इकॉनमीज़।
- 45:34सो ये है कि ये जो यूएन एक यूएन फ्रेमवर्क
- 45:38कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज बोल के एक चीज
- 45:40है। जो अ 1992 में नेगोशिएट हुआ था। उसके
- 45:47बेसिस पे
- 45:49अ उसके बाद आया क्योटोो प्रोटोकॉल। उसके
- 45:53बाद आया वायरस एग्रीमेंट ये सब लेकिन उस
- 45:55टेक्निकिटी में नहीं जाते हैं।
- 45:56बटो प्रोटोकॉल के अकॉर्डिंग ये लोग कहां
- 45:58सबमिट करते हैं?
- 45:58तो ये इनको सबमिट करना चाहिए। कभी करते
- 46:02हैं कभी नहीं करते हैं। लेकिन ये
- 46:05एस्टिमेशंस भी लगा सकते हैं क्योंकि देखिए
- 46:08आप
- 46:08क्यों सबमिट क्यों नहीं करते? सो दिस इज द
- 46:11थिंग दैट
- 46:13यह एक नेगोशिएशन की बात हो गई है। यह अगर
- 46:18आप आपने कमिट किया कि मैं इतना घटाऊंगा
- 46:21एमिशंस आपने नहीं घटाया तो और लोग बोलेंगे
- 46:24आपने नहीं घटाया तो ये तू तू मैं की बात
- 46:27हो जाती है। नेगोशिएशन में ये बात हो जाती
- 46:29है। दूसरे कंट्री कहेंगे कि अरे भैया हमें
- 46:32क्यों कह रहे हो कम करने के लिए? आप नहीं
- 46:34कम कर रहे हो। वो कहेंगे अच्छा हमने
- 46:36हिस्टोरिकली किया था। आज तो आप सबसे
- 46:39ज्यादा कर रहे हो। अब आप कर रहे हो। दिस
- 46:41इज द प्रॉब्लम।
- 46:44अ आई मीन आई एक्चुअली दीज़ आर द प्रॉब्लम्स
- 46:49[हंसी] बिकॉज़ एक ये एक मोरल प्रॉब्लम है।
- 46:53हम
- 46:55एक एक वैल्यू सिस्टम्स का प्रॉब्लम है।
- 46:58आई एम कमिंग इंटू दैट।
- 47:00एक वैल्यू सिस्टम्स का प्रॉब्लम है कि
- 47:03आपको अपना रिस्पांसिबिलिटी लेना ही
- 47:05पड़ेगा। हम
- 47:06राइट? अगर
- 47:08आप मेरे घर के पास पटाखा जलाएं और वह
- 47:13पटाखे जलाते हुए मेरा घर जल जाए
- 47:17और मैं कहीं और दूर जाकर पटाखे जला रहा
- 47:20हूं। आप कह सकते हो कि नहीं आप भी पटाखे
- 47:22जला रहे हो। नहीं आपने मेरे घर के पास
- 47:25पटाखे जलाए। मेरा घर जल गया
- 47:28तो आपको तो रिस्पांसिबिलिटी लेना पड़ेगा।
- 47:32और अगर आप नहीं लेते हो आई एम कमिंग टू
- 47:34पावर इन अ सेकंड। एट अ मोरल लेवल दैट इज अ
- 47:37प्रॉब्लम
- 47:38ट्रू
- 47:39एंड इसीलिए
- 47:41इवन विद 5% क्यूमुलेटिव
- 47:46एज वी ग्रो हमें भी अपना वो एक मोरल
- 47:48रिस्पांसिबिलिटी लेना चाहिए फिर आता है
- 47:51पावर दैट इज़ व्हाई आई सेड दीज़ आर द
- 47:53प्रॉब्लम
- 47:56व्हाई इज इट अ पार प्रॉब्लम बिकॉज़
- 48:00कंट्रीज हैव रियलाइज्ड
- 48:03क्लाइमेट इज द इकॉनमी
- 48:05हम मीनिंग
- 48:08मीनिंग दैट
- 48:11एक तरफ जो एनर्जी सिस्टम्स हैं
- 48:15जो पुराने एनर्जी सिस्टम्स हैं ऑयल, गैस,
- 48:18कोल इन सबका
- 48:21उनसे तो इकोनमिक डेवलपमेंट हो ही रहा है।
- 48:24तो उससे शिफ्ट होना उनको लगता है कि मेरा
- 48:29इकॉनमी स्लो डाउन हो जाएगा
- 48:32और किसी और का बढ़ जाएगा कि मैं जितना
- 48:35स्लो करूंगा अगर वो उन्होंने नहीं किया तो
- 48:38रिलेटिव टर्म्स में वो आगे बढ़ते रहेंगे।
- 48:40मैं अपना क्यों स्लो करूं? वो भी वही बात
- 48:43सोच रहा है। हम
- 48:46सो क्लाइमेट चेंज का जो नेगोशिएशन है वो
- 48:49एक्चुअली इकॉनमी का नेगोशिएशन है।
- 48:52लेकिन
- 48:55जो इनोवेशंस भी हो रहे हैं, इन्वेस्टमेंट
- 48:59भी हो रहे हैं, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट जो
- 49:01हो रहा है, बिजनेस मॉडल्स जो आ रहे हैं,
- 49:04उसमें यह भी दिख रहा है कि कुछ-कुछ देशों
- 49:08ने देख ये समझ लिया है कि क्लाइमेट एक्शन
- 49:12कैन आल्सो ड्राइव द इकॉनमी।
- 49:15एंड वो उन इंडस्ट्रीज की तरफ
- 49:19उन फ्यूल्स की तरह मैं उसको कहता हूं
- 49:21फ्यूल्स ऑफ द फ्यूचर सोलर पैनल
- 49:23विंड टरबाइन
- 49:25लिथियम बैटरी सोडियम आयन बैटरी
- 49:28इलेक्ट्रोलाइजर
- 49:30अ रेयर अर्थ्स क्रिटिकल मिनरल्स ये सब हो
- 49:33गए फ्यूल्स ऑफ द फ्यूचर ये हमारा
- 49:36अर्थव्यवस्था तो बढ़ता ही रहेगा लेकिन
- 49:38उसको फ्यूल क्या करेगा
- 49:40सो जो जो देश यह देख रहे हैं कि इसमें मैं
- 49:45बेट कर सकता हूं।
- 49:48उसमें भी एक पावर गेम आ गया। अब
- 49:51ट्रू कि मैं कैन आई हाउ मच ऑफ़ दिस मार्केट
- 49:54कैन आई कंट्रोल?
- 49:56सो वेयर आर देयर आर कंट्रीज लाइक यूएस एंड
- 49:59चाइना जो सब बेंड नहीं करते मिशंस। उसमें
- 50:03यूएस तो डिस्कार्ड ही कर देता है। ये सब
- 50:04हम मान नहीं रहे हैं। एट दिस पॉइंट। चाइना
- 50:07इसमें खेल रहा है। वी विल कम टू चाइना एंड
- 50:09इकॉनमी। यूएस के पास में एक और कंट्री है
- 50:11मेक्सिको। व्हाट दे डीड वास वेरी
- 50:14इंटरेस्टिंग दैट वन एक्सपेरिमेंट इफ यू
- 50:16रिमेंबर मेक सनसेट एक्सपेरिमेंट यू नो
- 50:19व्हाट इट [हंसी]
- 50:21आई मीन मेक्सिको डिड नॉट डू इट इज़ अ कंपनी
- 50:24दैट
- 50:24ओके व्हाट वास दैट क्या है मेक सनसेट
- 50:28एक्सपेरिमेंट
- 50:28नहीं देख ऐसा इट्स अ कंपनी देखिए ये है
- 50:32इसको कहते हैं Jio इंजीनियरिंग हम
- 50:36इसको सिंपल बात मैं ऐसे समझाऊं
- 50:39हम
- 50:42ज्वालामुखी वोल्केनो
- 50:44ओके
- 50:45वोल्केनो जब फटता है
- 50:48तो ऑफन सल्फ्यूरिक एसिड आ जाता है
- 50:52हम
- 50:53सल्फर पार्टिकल्स नॉन सल्फर सल्फर
- 50:55पार्टिकल्स आ जाते हैं
- 50:57हम
- 50:57वो सल्फर पार्टिकल्स
- 51:00सनलाइट को ज्यादा रिफ्लेक्ट करते हैं। सो
- 51:03जब बहुत बड़ा एक ज्वालामुखी फटता है
- 51:08जैसे 1992 में 1991 या 92 में याद ठीक
- 51:12नहीं आ रहा एक माउंट पीना टुबू बोल के एक
- 51:17वोल्केनिक इरप्शन हुआ था
- 51:20इतना ज्यादा सल्फर आ गया एटमॉस्फियर में
- 51:23कि हल्का सा ग्लोबल टेंपरेचर घट गए
- 51:29इसी नेचुरल फिनोमिनन को
- 51:33अगर आप मिमिक करें उसका कॉपी करें हम
- 51:38तो एक अ
- 51:41कुछ साइंटिस्ट [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 51:42सोचते हैं कि एक्सट्रीम जब हीट हो जाएगा
- 51:47क्लाइमेट चेंज हो जाएगा उसको अगर हमें
- 51:50जल्दी से जल्दी स्टॉप करना पड़े और एमिशंस
- 51:54नहीं घट रहे हैं उतने जल्दी तो क्या करें
- 51:57सो उसमें एक
- 52:01ये
- 52:04बंच ऑफ टेक्नोलॉजीस पे रिसर्च हो रहा है।
- 52:06जियो इंजीनियरिंग इसे कहते हैं या सोलर
- 52:08जियो इंजीनियरिंग कहते हैं कि कैसे हम
- 52:12सनलाइट सन सोलर रेडिएशन को
- 52:17ज्यादा रिफ्लेक्ट किया जाए। हम सो उसमें
- 52:21अलग-अलग टेक्नोलॉजी हैं।
- 52:25एक है कि आप अ मरीन क्लाउड्स मतलब कि ओशंस
- 52:30के ऊपर जो क्लाउड्स हैं उसका
- 52:33रिफ्लेक्टिविटी
- 52:35ज्यादा बढ़ा दें। तो उसमें
- 52:37बेसिकली कभी-कभी वाटर वेपर इंजेक्ट करके
- 52:42उसका सरफेस एरिया बढ़ा के क्लाउड से
- 52:46क्योंकि क्लाउड्स वाइट होते हैं। नॉर्मली
- 52:48हम बहुत जब गर्मी होती है अगेन फॉर
- 52:50सिंपलीसिटी वाइट सरफेससेस रिफ्लेक्ट मोर।
- 52:53या
- 52:54सो क्लाउड्स को अगर ब्राइटन कर दें तो
- 52:57ज्यादा रिफ्लेक्ट हो जाएगा।
- 53:01आप रूफ्स को भी ब्राइटन कर सकते हैं। आप
- 53:03अगर घरों के छत पर आप वाइट पेंट लगा दें
- 53:06तो रिफ्लेक्ट हो जाता है। ठंडा होता है घर
- 53:09ज्यादा हम
- 53:10रिलेटिव टर्म्स में ठंडा हो जाएगा।
- 53:12हम
- 53:13आप गाड़ी को देख लीजिए ना। अब काली गाड़ी
- 53:17होएगी तो जब हम बैठेंगे ज्यादा गर्मी
- 53:20होएगी। या
- 53:21हम सो बट द मोस्ट कंट्रोवर्शियल
- 53:24टेक्नोलॉजी जो है वो है
- 53:29सॉरी टू यूज़ अ लिटिल टेक्निकल टर्म
- 53:32स्ट्रेटोस्फेरिक एरोजोल इंजेक्शन क्या
- 53:35होता है ये सो एटमॉस्फेयर के ऊपर
- 53:37स्ट्रेटोस्फीयर है
- 53:39देखिए हायर लेवल्स पे
- 53:41वहां पे यही सल्फर पार्टिकल्स सल्फर
- 53:45एरोजॉल्स या कोई मैनमेड एयरॉल्स वहां पे
- 53:48अगर हम भेज सकें
- 53:51तो वो उस लेवल पे ही सनलाइट को और
- 53:53रिफ्लेक्ट कर देगा।
- 53:55ओके?
- 53:55ओके? ये है थ्योरी।
- 53:57ओके?
- 53:58ये प्रूवन नहीं है।
- 53:59ओके।
- 54:00ये अभी कंप्यूटर मॉडल्स पे इसके मॉडलिंग
- 54:03हो रही है।
- 54:03इसको जिओ इंजीनियरिंग बोलते हैं।
- 54:05इसको कहते हैं सोलर जिओ इंजीनियरिंग।
- 54:06ओके?
- 54:07कि हम लेवल पे वाइट
- 54:10रिफ्लेक्टिविटी अर्थ का रिफ्लेक्टिविटी
- 54:12कैसे बढ़ा दें?
- 54:13ताकि कम बिकॉज़ ग्रीन हाउस गैसेस क्या आ
- 54:16रहा था? जो सनलाइट आ रहा था जो हीट आ रही
- 54:19थी वो एस्केप नहीं कर पा रहा था। तो
- 54:21थ्योरी इज़ कांसेप्ट इज़ कि वो आए ही नहीं।
- 54:25कमी कर दे।
- 54:26कमी उसी को कम कर दे। मतलब कि डिमिंग
- 54:28हम
- 54:28जैसे डिम डिमिंग लाइट होता है ना अब डिमर
- 54:32आई मीन आई एम ट्राइंग टू आई गेट आई गेट
- 54:34इट। आई गेट इट्स अमेजिंग दैट यू आर
- 54:35ट्राइंग। आई लाइक बिकॉज़ आई कैन नॉट थिंक
- 54:37अबाउट इट।
- 54:38सो एक एट अ ग्लोबल लेवल आप डिमर चला रहे
- 54:41हो।
- 54:42लेट्स लेट्स टॉक अबाउट इकोनमी इन अ वाइल
- 54:46बिकॉज़ दिस जो नई इकॉनमी बन रही है।
- 54:50उस पे देयर आर लॉट ऑफ थिंग्स वेयर लॉट ऑफ
- 54:54यंग पीपल कैन सी अपोरर्चुनिटीज एंड मेक
- 54:57इकोनमी बेटर देमसेल्व्स बेटर दे कैन मेक
- 55:00टर्न्स ऑफ़ मनी एज वेल राइट दैट इज़ वन
- 55:03सेकंड इज़ एनर्जी ट्रांजिशन पे ऑलरेडी
- 55:05दुनिया पैसे बना रही है एंड नाउ दे आर डीप
- 55:08इंटू इट बट बिफोर वी गो टू बोथ ऑफ़ दीज़
- 55:11पॉइंट्स
- 55:12फर्स्ट इज़ कोई ऐसी कंट्री है जिसने ये
- 55:14प्रॉब्लम सॉल्व करी है
- 55:18क्लाइमेट ओवरशूटिंग की या क्लाइमेट
- 55:20इमंबैलेंस की, एनवायरमेंट इमंबैलेंस की या
- 55:23हीट की क्लाइमेट चेंज
- 55:28पॉलिटिकल बॉर्डर्स पे नहीं रुक जाता।
- 55:32तो अगर आप सॉल्व करेंगे आप मैक्सिमम यही
- 55:35कर सकते हो कि मैंने अपना लघु व्यवस्था,
- 55:39अर्थव्यवस्था सबको ऐसे
- 55:43सेटअप किया है कि मैं जितना रेजिलियंट बन
- 55:46सकूं। इन शौक से मैं बन चुका हूं और जितना
- 55:49मैं पैसा कमा सकता हूं नए इकॉनमी में वह
- 55:52मैं कमाऊं लेकिन कितना वो शौक आएगा
- 55:58वो थोड़ा डिपेंडेंट है कि दूसरा कंट्री भी
- 56:01क्या कर रहा है इसीलिए हम पहले बात कर रहे
- 56:03थे मैं क्यों कर रहा हूं तुम करो तुम
- 56:06क्यों करो वो करेगा बट किसी ने तो कहीं पे
- 56:08कुछ मेजर्स किए होंगे जिसकी वजह से मे बी
- 56:11उनका जो वेदर होगा या उधर एक दो एक दो
- 56:16डिग्री शायद हीट कम हुई होगी या जिसका
- 56:19पोलशन लेवल्स कम हुए होंगे। देयर मस्ट बी
- 56:21कंट्रीज
- 56:21कोलंबिया में एक शहर है मेजियन बोल के
- 56:24वहां पे अर्बन टेंपरेचर कम हुए क्योंकि
- 56:27उन्होंने ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट कर
- 56:29दिया। ग्रीन एरियाज बना दिए एसेट्रा
- 56:32सिंगापुर में जो एक ट्रॉपिकल देश है हम
- 56:37हमेशा सोचते हैं कि यू नो डेवलप्ड कंट्री
- 56:40है लेकिन है छोटा सा आइलैंड और वहां पे भी
- 56:46यू नो हीट है ह्यूमिडिटी है सिंगापुर में
- 56:50अब नया रूल बन चुका है कि जितना अब जो नए
- 56:53इमारतें बनेंगे उसका लीफ कवर सीमेंट से
- 56:56ज्यादा होना चाहिए दैट्स व्हाई वी सी कि
- 56:58यू नो ग्रीन
- 57:00ग्रीन ग्रीन कवर है। अ
- 57:04सो अलग-अलग जगहों पे किस किसी जगह पे आप
- 57:08देखेंगे कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट पेरिस में
- 57:12अ
- 57:15इतने जगहों पे ऐसा एक ओवर द लास्ट डेकेड
- 57:18ऐसे सिस्टम्स बनाए हैं कि शिफ्टिंग मोर
- 57:22टुवर्ड्स पब्लिक ट्रांसपोर्ट, शिफ्टिंग
- 57:23टुवर्ड्स मोर टुवर्ड्स वॉकिंग, बाइकिंग
- 57:26एटसेटरा। सो ओवरऑल एयर पोल्यूशन घट गया
- 57:30है। लंदन में एयर पोल्यूशन घटा है। अ
- 57:35बेचिंग में जो अभी भी इट्स अब एडवांस्ड
- 57:39इकॉनमी हो गया। लेकिन फिर भी एवरेज पर
- 57:41कैपिटा इनकम्स यूएस की तरह नहीं हो गए
- 57:43हैं। तो वो कहेंगे कि हम अभी भी डेवलपिंग
- 57:45इकॉनमी है। लेकिन पिछले 10 सालों में
- 57:49उनका एयर पोल्यूशन 100 एक्यूआई था 10 साल
- 57:52पहले अब 40 45 हो गया है।
- 57:57तो कहीं पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट हो रहा है,
- 58:00कहीं पर इंडस्ट्रीज को क्लीन अप कर रहे
- 58:02हैं। कहीं पर एग्रीकल्चर बेहतर हो रहा है।
- 58:04कहीं पे अर्बन एरियाज में हीट कम हो रहा
- 58:06है। कहीं पे अ यू नो ग्रीनरी बढ़ रही है।
- 58:10सो
- 58:11हमें हर जगह से सीखना पड़ेगा ऐसे। और
- 58:13हमारे भी भारत में भी जो कुछ हो रहा है वो
- 58:16भी हमें दूसरों को दिखाना पड़ेगा।
- 58:18बट वन ऑफ़ द बेस्ट एग्जांपल्स इज़ बीजिंग।
- 58:20राइट?
- 58:20ऑन एयर पोलशन।
- 58:22एयर पोल्यूशन एयर पोल्यूशन रिडक्शन। यस।
- 58:24तो कैसे किया उन्होंने? उनके
- 58:27वन ऑफ़ द मोस्ट पोल्यूटेड सिटीज इन द
- 58:29वर्ल्ड
- 58:29हां 10 साल पहले
- 58:30टॉप 10 में भी
- 58:3110 साल पहले उनका जो एयर पोलशन लेवल था वो
- 58:34आज एवरेज जो एक्यूआई लेवल था वो दिल्ली का
- 58:38जो एवरेज एक्यूआई लेवल है सेम था
- 58:41एक्जेक्टली द सेम अबाउट 1002
- 58:44वो दिल्ली जितना पोल पोल्यूटेड था
- 58:46इंटरेस्टिंग व्हाट आर दी ओपोरर्चुनिटीज
- 58:49फॉर यंग पीपल राइट नाउ गिव मी थ्री बहुत
- 58:55स्पेसिफिक सिर्फ एक तीन ऐसी ओपोरर्चुनिटीज
- 58:57बताओ जहां पे कोई अगर यंग एंटरप्रेन्योर
- 58:59है वो उसे देख रहा है तो वह पैसे बना सकता
- 59:02है इन द वर्ल्ड ऑफ़ एनर्जी ट्रांजिशन
- 59:05क्लाइमेट टेक ये सब जो दुनिया में हो रहा
- 59:07है क्योंकि इतना चेंज आ रहा है तो
- 59:09डेफिनेटली एक डिमांड क्रिएट होगी
- 59:15इन एडिशन टू जो मैंने अभी बताया क्योंकि
- 59:17वो यंग एंटरप्रेन्योर
- 59:19रूफ टॉप सोलर का भी कंपनी बना सकता है।
- 59:22कुछ रूफटॉप सोलर कंपनीज़ अब लिस्टेड हो गए
- 59:24हैं। सो यू हैव ऑलरेडी बिकम अ मल्टी
- 59:27मिलियर इफ नॉट अ बिलियनियर
- 59:29कुछ लोग यू नो एथर एनर्जी अपना प्लांट्स
- 59:33बना रहा है सो यू नो दे आर आल्सो लेटिव द
- 59:36यंग कंपनी बट लेट मी ऐड अ फ्यू मोर आप
- 59:39बैटरी रिसाइक्लिंग इज अ बिग ओपोरर्चुनिटी
- 59:42बिग ओपोरर्चुनिटी आप लोहम टेक्नोलॉजीस का
- 59:45देख लीजिए इट्स वन ऑफ़ द लार्जेस्ट
- 59:47रिसाइक्लर्स ऑफ
- 59:49बैटरी रिसाइक्लिंग जो
- 59:51[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 59:51उसमें से आप मिनरल्स जो निकालेंगे सो
- 59:55क्योंकि यह मिनरल्स दो जगह से आ सकता है।
- 59:59एक आप खोदिए माइन दैट इज वेरी कैपेक्स
- 1:00:02हैवी एनवायरमेंटल कॉस्ट होता है। माइन
- 1:00:05खड़ा करने में टाइम लग जाता है। फिर उसको
- 1:00:07प्रोसेसिंग करने में टाइम लगता है। मतलब
- 1:00:09कि एंड्स ऑफ इयर्स लग सकते हैं।
- 1:00:12रिसाइक्लिंग से आप रिकवर कर सकते हैं।
- 1:00:15केवल बैटरी रिसाइक्लिंग नहीं सोलर सोलर
- 1:00:19मॉड्यूल का भी एक लाइफ है। लेकिन जब वह घट
- 1:00:22जाता है उसका एफिशिएंसी फिर भी उसमें
- 1:00:24मिनरल्स हैं। हमने कैलकुलेट किया है कि अम
- 1:00:28कुछ 600 किलो टन का सोलर वेस्ट कैन बी
- 1:00:32रिसाइकल्ड विद इन द नेक्स्ट 10-15 इयर्स
- 1:00:35दैट कैन सपोर्ट मे बी अबाउट 38% ऑफ़ द न्यू
- 1:00:38मिनरल्स दैट विल बी नीडेड। तो ये
- 1:00:41रिसाइक्लिंग इज़ गोइंग टू बी ए आई मीन आई
- 1:00:44थिंक इंडिया कैन बिकम द रिसाइक्लिंग
- 1:00:48कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड। सो बैटरी रिसाइकलिंग
- 1:00:52बैटरी हाउ मच मनी डू यू नीड इन ऑर्डर टू
- 1:00:54इन्वेस्ट लाइक व्हाट इज अ कैपेक्स और
- 1:00:56इन्वेस्टमेंट रिक्वायरमेंट अराउंड दिस
- 1:00:59कितने में हो सकता है बिकॉज़ आई वुड अस्यूम
- 1:01:01एक इन्वेस्टमेंट हैवी बिज़नेस होगा
- 1:01:05इट इज़ टू बी ऑनेस्ट आई विल नॉट बी एबल टू
- 1:01:08आंसर दैट एग्जैक्ट नंबर बट अ आवर
- 1:01:12अंडरस्टैंडिंग इज़ दैट
- 1:01:17मोर दन इट्स अ इट्स अ लेसर कैपेक्स हैवी
- 1:01:22बिनेस देन गोइंग इंटू वर्जिन माइनिंग
- 1:01:25[हंसी] अ लेसर कैपेक्स हैवी बिज़नेस देन
- 1:01:27सेटिंग अप अ पावर प्लांट
- 1:01:30बट मोर देन दैट द मेन
- 1:01:34मेन कंपेटिटिव एडवांटेज इज़ नॉट कमिंग
- 1:01:37फ्रॉम कि आप कितना कैपेक्स डाल रहे हो।
- 1:01:40कंपेरेटिव एडवांटेज रिसाइक्लिंग में आएगा
- 1:01:43हु इज एबल टू ऑप्टिमाइज फॉर एग्रीगेटिंग
- 1:01:47कि कहां-कहां से आपका मटेरियल आ रहा है।
- 1:01:50हम
- 1:01:50जो उस सिस्टम को
- 1:01:53उस प्रोसेस को उसने परफेक्ट कर लिया या हु
- 1:01:56हैज़ अ मोर कंपेटिटिव प्रोसेस इन दैट दे
- 1:01:59विल हैव एन एडवांटेज।
- 1:02:01गॉट इट।
- 1:02:02सो दैट इज वन। सेकंड ओपोरर्चुनिटी।
- 1:02:05सेकंड ओपोरर्चुनिटी
- 1:02:07आई विल से इज़ अ
- 1:02:11इन
- 1:02:14जो मैंने कहा था जैसे
- 1:02:17इन द बायोइकॉनमी
- 1:02:20मैंने सीवीट कल्टीिवेशन कहा था पहले बमबू
- 1:02:23इंडस्ट्रियल बमबू मैं अगर चाइना में
- 1:02:25इंडस्ट्रियल बंबू का मार्केट इज़ 56 बिलियन
- 1:02:28डॉलर्स
- 1:02:30$56 बिलियन डॉलर्स
- 1:02:31इंडस्ट्रियल बमबू क्या होता है
- 1:02:32मतलब की बमबू दैट यू कैन यूज़ फॉर जस्ट
- 1:02:35बांसुरी बनाने के लिए नहीं दैट यू कैन
- 1:02:37एक्चुअली यूज़ फॉर और आप बोर टी2 टर्मिनल
- 1:02:42सोच लीजिए वो जो सारा जो अगर आप गए हो
- 1:02:46इट्स ब्यूटीफुल टर्मिनल बिल्डिंग हां
- 1:02:48अंदर सब कुछ बमबू है
- 1:02:51ऑल दैट इज हैज़ बीन इंपोर्टेंड फ्रॉम चाइना
- 1:02:55सीडी तो बहुत टाइम लगता है भारत भारत
- 1:02:59ग्रोस मोर बमबू दैन चाइना
- 1:03:01ओके
- 1:03:01कहां जाता है फिर
- 1:03:02आई मीन इट इज नॉट आपको वैल्यू ऐड करना
- 1:03:05पड़ेगा ना रास्ते के साइड समथिंग कन्वर्ट
- 1:03:09इट इंटू अ प्रोडक्ट यू हैव टू कन्वर्ट इट
- 1:03:11इंटू समथिंग यूज सेलेबल एट्रा बट सीवीड
- 1:03:16कल्टीिवेशन फॉर से न्यूट्रासटिकल्स मतलब
- 1:03:20कि ऑर्गेनिक मटेरियल से जो फार्मासटिकल्स
- 1:03:23बनते हैं उसमें एक मार्केट बन सकता है ना
- 1:03:27बन रहा है। अच्छा देन अ जस्ट रेगुलर सोलर
- 1:03:33मैन्युफैक्चरिंग
- 1:03:35एक और चीज है कि वी हैव टू थिंक अबाउट
- 1:03:38इनोवेशन नाउ आपने सोचा किस पे इन्वेस्ट
- 1:03:41करूं
- 1:03:43काफी वेंचर कैपिटलिस्ट आ रहे हैं अब
- 1:03:45एनर्जी ट्रांजैक्शन के लिए अ ये
- 1:03:49बायोइकॉनमी के लिए सर्कुलर इकॉनमी के लिए
- 1:03:52अब इट इज़ अप टू द एंटरप्रेन्योर अप टू द
- 1:03:56इनोवेटर कि वो मैच्योर टेक्नोलॉजी के लिए
- 1:03:59पैसा मांग रहा है या अर्ली स्टेज
- 1:04:03टेक्नोलॉजी के लिए पैसा मांग रहा है। आज
- 1:04:05के दिन का जो मॉड्यूल है वो 10 साल बाद वो
- 1:04:08वैसा मॉड्यूल्स नहीं आएगा। तो ऑफ कोर्स
- 1:04:11देयर इज़ ऑलवेज अ रिस्क। हम डिसरप्शन की
- 1:04:13बात कर रहे थे ना। सो यू वांट टू प्ले सेफ
- 1:04:15और यू वांट टू प्ले रिस्की। लेकिन इफ यू
- 1:04:17प्ले रिस्की एंड यू विन। फिर आपने नेक्स्ट
- 1:04:20जनरेशन सोलर पैनल इन्वेंट किया। आपने
- 1:04:23लिथियम आयन बैटरी का सिर्फ फैक्ट्री नहीं
- 1:04:26खड़ा किया। आपने सोडियम आयन बैटरी खड़ा कर
- 1:04:28दिया। आपने लिथियम एयर बैटरीज बनाए। आपने
- 1:04:32अ
- 1:04:34बैटरीज को छोड़ के पंप हाइड्रो पे
- 1:04:36इन्वेस्ट कर दिया। राइट? ऑफकोर्स इन मेनी
- 1:04:40ऑफ़ दीज़ एरियाज कैपेक्स हैवी होता है।
- 1:04:42हम
- 1:04:43आप जो कह रहे थे। लेकिन नॉट ऑल ऑफ़ दिस इज़
- 1:04:46अ हार्डवेयर स्टोरी। इट इज़ अ प्रोसेस
- 1:04:49स्टोरी।
- 1:04:49हम
- 1:04:50और आप प्रोसेस ऑप्टिमाइज करेंगे तो और भी
- 1:04:53बेहतर होगा। फिर आपका एक और रेवेन्यू
- 1:04:55स्ट्रीम आता है कार्बन मार्केट से। बट दैट
- 1:04:57शुड नॉट बी माय एडवाइस वुड बी आप उसको
- 1:05:00प्राइमरी रेवेन्यू सोर्स ना सोें। वो एक
- 1:05:04चेरी ऑन द केक हो गया।
- 1:05:05हां आप आप
- 1:05:08फिर होता है ऑफटेक। मैं आपको समझाता हूं।
- 1:05:11माय बेस्ट एग्जांपल इज़ दिस।
- 1:05:15मैंने पहले ग्रीन हाइड्रोजन का बात किया
- 1:05:16था। ग्रीन हाइड्रोजन
- 1:05:20इज एक्सपेंसिव।
- 1:05:21हम
- 1:05:22अगर आप प्योर
- 1:05:24रिन्यूएबल्स यूज़ करें तो 4.5
- 1:05:28पर किलोग्राम बन सकता है। अ
- 1:05:34नाउ
- 1:05:35बेसिकली दैट इज
- 1:05:39मे बी थ्री टाइम्स द कॉस्ट ऑफ हाइड्रोजन
- 1:05:41मेड फ्रॉम फॉसिल फ्यूल्स। ओके? तो ये तो
- 1:05:46कंपेरेटिव कभी होएगा नहीं। अच्छा लेकिन वो
- 1:05:50ग्रीन हाइड्रोजन हम हाइड्रोजन से थोड़ी ना
- 1:05:52खेल रहे हैं। वो ग्रीन हाइड्रोजन बनेगा
- 1:05:54उससे बनेगा ग्रीन स्टील। वो ग्रीन स्टील
- 1:05:58जो बना वो ग्रे स्टील से
- 1:06:02महंगा
- 1:06:03कुछ डेढ़ गुना तीन गुना नहीं डेढ़ गुना
- 1:06:06ज्यादा एक्सपेंसिव रहेगा।
- 1:06:09अच्छा वो ग्रीन स्टील से भी हम ग्रीन
- 1:06:12स्टील लेके नहीं घूमते हैं। वो ग्रीन
- 1:06:14स्टील स्टील भी किसी चीज में इस्तेमाल
- 1:06:16होएगा।
- 1:06:17यूरोप में एडलीस्ट कैलकुलेशन हुए हैं। अगर
- 1:06:20किसी गाड़ी में वह जो स्टील होएगा वो ग्रीन
- 1:06:23से ग्रे ग्रे से ग्रीन स्टील यूज़ हुआ तो
- 1:06:26गाड़ी का जो इंक्रीमेंटल कॉस्ट बढ़ेगा वो
- 1:06:28कुछ एक दो 3% ज्यादा बढ़ेगा।
- 1:06:32तो व्हाट आई एम ट्राइंग टू से इज़ कि
- 1:06:36जो आप इनोवेट कर रहे हैं टेक्नोलॉजी उसका
- 1:06:39आप बयर ढूंढिए।
- 1:06:41बिकॉज़ सिर्फ सप्लायर से नहीं बनेगा।
- 1:06:43सप्लायर का एक डिमांड होना चाहिए। जहां पे
- 1:06:45आपने डिमांड लॉक इन किया तो आपको
- 1:06:48इमीडिएटली कैपिटल भी मिल जाता है।
- 1:06:50ट्रू
- 1:06:51सो दिस दैट इज व्हाई ये एक इकोसिस्टम प्ले
- 1:06:55है। हम
- 1:06:56ट्रू
- 1:06:57तो एनी इनोवेटर इन द एनर्जी ट्रांजिशन
- 1:07:00मस्ट सी कि खरीदने वाला कौन है? हम
- 1:07:04वो सोलर पैनल हो या बैटरी हो या
- 1:07:10इलेक्ट्रिक व्हीकल हो खरीदने वाला कौन है?
- 1:07:13इसीलिए हम बार-बार यह इवन सोलर में हमने
- 1:07:16देखा कि इनिशियली मार्केट जब एक्सपेंसिव
- 1:07:18था वो एग्रीगेट करके उसका
- 1:07:21वैल्यू कम हुआ।
- 1:07:23पहले हो रहा था एक सोलर यूनिट और चार कोल
- 1:07:27बेस पावर का यूनिट को बंडल करके बेचा जा
- 1:07:30रहा था। ताकि एवरेज प्राइस
- 1:07:33हम
- 1:07:34कम हो जाए उस बंडल का।
- 1:07:36अह
- 1:07:38फिर कंपटीशन होते-होते अब सोलर का इतना कम
- 1:07:41हो गया है। तो ऑफटेक इज़ वेरीेंट सेल्स
- 1:07:45एग्रीमेंट इज़ वेरीेंट ट्रू।
- 1:07:47हां। सो [गला साफ़ करने की आवाज़] दैट इज़
- 1:07:48एंड देन यू हैव दोज़ एडिशनल रेवेन्यू
- 1:07:50स्ट्रीम्स कार्बन मार्केट से आप लोग
- 1:07:52एटसेट्रा।
- 1:07:53हम [गला साफ़ करने की आवाज़] ओके। दिस इज़
- 1:07:55माय लास्ट क्वेश्चन व्हिच इज़ व्हिच इज़
- 1:07:58प्रॉबब्ली अ लिटिल डेविएटेड क्वेश्चन
- 1:08:00फ्रॉम द एंटायर कन्वर्सेशन बट यू सेड
- 1:08:02समथिंग नाइस। आई वांट अंडरस्टैंड इट। बीच
- 1:08:05में हमने बोला था कि
- 1:08:06[नाक से की जाने वाली आवाज़] घर के ऊपर
- 1:08:07वाइट पेंट लगा दो। [हंसी]
- 1:08:09इट हेल्प्स घर को कूल रखने में। उसको
- 1:08:12पैसिव कूलिंग
- 1:08:13की बात कर रहे थे।
- 1:08:14तो अगर किसी को अपना घर आज जो बहुत हीट
- 1:08:17होता है इंडिया में
- 1:08:18उसको कूल रखना हो। व्हाट आर लाइक थ्री फोर
- 1:08:21वेज़ जो आपने देखे हैं अपनी रिसर्च में या
- 1:08:24बेस्ड ऑन एक्सपीरियंस यू अंडरस्टैंड जिससे
- 1:08:27घर बिना एसी के भी एवरेज घर से ज्यादा कूल
- 1:08:33बना सकते हैं। व्हाट इज द वे टू डू पैसिव
- 1:08:36कूलिंग?
- 1:08:37वेंटिलेशन।
- 1:08:41आई डोंट नो आई मीन आप इंदौर में पड़े हुए
- 1:08:44हैं। आई डोंट नो व्हाट काइंड ऑफ़ हाउस यू
- 1:08:45ग्रो अप इन। लेकिन जिस फ्लैट में मैं बड़ा
- 1:08:48हुआ था।
- 1:08:50हम यू नो दरवाजे के ऊपर वेंटिलेटर होता
- 1:08:55था।
- 1:08:56हम
- 1:08:57जस्ट टू बी फ्लैट्स।
- 1:08:59एयर फ्लो होता था।
- 1:09:01अ
- 1:09:03वेंटिलेशन इज एक्सट्रीमलीेंट।
- 1:09:05अब उसी एस्पेशली
- 1:09:09हॉट ह्यूमिड एरियाज में हम उसी एरिया में
- 1:09:13अगर हम ग्लास एंड क्रोम के इमारतें खड़ी
- 1:09:17करें तो वो तो ट्रैप करेगा हीट को। वो हीट
- 1:09:21को आप कूल करने के लिए आप एसी लगाएंगे।
- 1:09:24हम नाउ
- 1:09:27देयर वाज़ एन एक्सपेरिमेंट डन। आई एम
- 1:09:30फॉरगेटिंग एक्सैक्टली वेयर सेम बिल्डिंग
- 1:09:32में
- 1:09:34अ
- 1:09:36वन ऑन थिंग ऑन द 11th फ्लोर वन ऑन द 10थ
- 1:09:39फ्लोर या नाइंथ फ्लोर एक में जो विंडो का
- 1:09:44छज्जा था वो थोड़ा बढ़ाया गया
- 1:09:47हम
- 1:09:49कुछ तीन-4 डिग्री टेंपरेचर डिफरेंस हो गया
- 1:09:52वाओ
- 1:09:52सेम बिल्डिंग सेम सिटी सेम लोकेशन सेम हीट
- 1:09:54स्ट्रेस एसेट्रा सो अच्छा फिर देखा गया
- 1:09:59मैं जैसे आप अ
- 1:10:04इमारत जैसे आपका तीन चार लेवल का हो गया
- 1:10:08हम
- 1:10:09लेकिन जिसे कहते हैं विंड टावर
- 1:10:11हम
- 1:10:12आप एक फनल जैसे बना लीजिए
- 1:10:14हम
- 1:10:16द विंड दैट इज ब्लोइंग एट से 100 फीट 200
- 1:10:20फीट
- 1:10:22वो आप उस विंड टावर से आप चैनल करके यू
- 1:10:26कैन फ्लो इट इनू द बिल्डिंग
- 1:10:29सो एक
- 1:10:31सो नॉट एट एन इंडिविजुअल रूम लेवल
- 1:10:33वेंटिलेशन डिफरेंट वे। सो दीज़ आर फॉर्म्स
- 1:10:36ऑफ़ पैसिव कूलिंग। दिस इज़ नॉट टू से कि एसी
- 1:10:39कभी नहीं चाहिए कि एसी का लोड कितना चाहिए
- 1:10:42होएगा वो कम हो सकता है। अगर आप तीन चार 5
- 1:10:46डिग्री का डिफरेंस कर सकते हैं। जस्ट बाय
- 1:10:49चेंजिंग ऑफ द डिज़ ऑफ द बिल्डिंग। चेंजिंग
- 1:10:53ऑफ द मटेरियल कि ग्लास एंड क्रोम के जगह
- 1:10:55आप नेचुरल मटेरियल्स जो हम
- 1:10:58उस इलाके का जो अ
- 1:11:02आर्किटेक्चरल डिजाइन है आप भारत में कहीं
- 1:11:05भी जाइए अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग
- 1:11:08हाउसिंग स्ट्रक्चर्स हैं, बिल्डिंग
- 1:11:09स्ट्रक्चर्स जो ट्रेडिशनल केवल ट्रेडिशनल
- 1:11:12मटेरियल मैं नहीं कह रहा कि आप जाके यू नो
- 1:11:15झुग्गी बना लीजिए। बट क्यों
- 1:11:19[गला साफ़ करने की आवाज़] कुछ-कुछ इलाकों
- 1:11:20में ज्यादा शेडिंग था। कुछ-कुछ इलाकों में
- 1:11:24ज्यादा सनलाइट आने के बाद ठंड है।
- 1:11:26कहीं-कहीं
- 1:11:28बारिश को रोकने के लिए जगह है। कहीं-कहीं
- 1:11:30बारिश को कलेक्ट करने के लिए डिज़ बनाया
- 1:11:32गया है। फर्श का क्या मटेरियल यूज़ होगा?
- 1:11:36हर जगह सेम टाइप का कहीं-कहीं वो नेचुरल
- 1:11:39मटेरियल्स जो ठंडा फर्श ही ठंडा हो जाता
- 1:11:42है। आपको वो जो लेथ जिसे कहते हैं सब जगह
- 1:11:47आपको मार्बल नहीं यूज़ करना पड़ेगा। सो
- 1:11:52ये सब हम ये कुछ दिस इज़ नॉट अ ट्री हगिंग
- 1:11:57थिंग।
- 1:11:59दिस इज कि हाउ डू वी ब्रिंग बैक एट स्केल
- 1:12:05नॉट एट एज अ
- 1:12:07पायलट प्रोजेक्ट या किसी एक्सिबिशन के लिए
- 1:12:10आपने बना लिया एट स्केल न्यू बिल्डिंग डिज़
- 1:12:14हम
- 1:12:14का
- 1:12:16लेट्स डू अ चैलेंज प्राइस
- 1:12:21अल्टीमेटली वी आर स्मार्ट पीपल
- 1:12:23अगर हम दुनिया के लार्जेस्ट टेक कंपनीज़
- 1:12:25चला सकते हैं
- 1:12:26लेट्स थ्रो अस एस अ चैलेंज कि हाउ डू वी
- 1:12:29कूल अ हॉट कंट्री
- 1:12:33और इट विल बी [गला साफ़ करने की आवाज़] अ
- 1:12:35कॉम्बिनेशन टू बी ऑनेस्ट ऑफ ट्रेडिशनल
- 1:12:38टेक्नोलॉजी और ट्रेडिशनल मटेरियल्स विद
- 1:12:41मॉडर्न टेक्नोलॉजी
- 1:12:42या
- 1:12:43राइट अ आप कैसे यू नो हीट पंप जो होता है
- 1:12:50अब बेसिकली यू आर
- 1:12:54हीट पंप इज द रिवर्स ऑफ़ एन एन एन एन एन एन
- 1:12:55एन एन एन एन एयर कंडीशनर
- 1:12:56हम
- 1:12:56तो कूल एरियाज में हीट
- 1:12:59जियोथर्मल एनर्जी
- 1:13:02बिलो द अर्थ सरफेस बिलो अ सर्टन लेवल
- 1:13:05एनर्जी इज़ काइंड ऑफ़ कॉन्सेंट। दैट
- 1:13:07टेंपरेचर डिफरेंशियल से आप
- 1:13:10यू कैन जनरेट एनर्जी। सो यू वी हैव टू कीप
- 1:13:14थिंकिंग अबाउट एंड डेवलपिंग सॉलशंस दैट
- 1:13:17मेक सेंस फॉर आवर ज्योग्राफिकल,
- 1:13:21क्लाइमेटिक, एटमॉस्फेरिक एनवायरमेंटल
- 1:13:23कंडीशंस। एंड दैट डज नॉट मीन कि यू गो बैक
- 1:13:28टू
- 1:13:30यू नो सिंपल लिविंग। आई थिंक परफेक्ट।
- 1:13:33थैंक यू सो मच सर। थैंक यू फॉर स्पेंडिंग
- 1:13:35टाइम विद अस एंड गाइडिंग अस विद सो मेनी
- 1:13:38थिंग्स। लवली टू हैव यू एंड थैंक यू हिंदी
- 1:13:41में बात करने के लिए। [हंसी]
- 1:13:43और आपके दर्शकों से माफी मांगना चाहता
- 1:13:46हूं। अगर मेरे हिंदी में थोड़ा थोड़ा नहीं
- 1:13:50बहुत कुछ गलती हो गए तो यू नो माफ़।
- 1:13:53यू डट ग्रेट। [हंसी] ग्रेट विद नेचुरल मदर
- 1:13:56टंग नहीं है लेकिन कोशिश करता हूं
- 1:13:59थैंक यू सो मच
- 1:14:00थैंक यू थैंक यू टू यू एंड टू एवरीवन हु
- 1:14:04इज वाचिंग हु इू इज विलिंग टू टेक अ बेट
- 1:14:08ऑन द फ्यूचर मैं अपने कोलीग्स को हमेशा
- 1:14:11बोलता हूं द ओनली वे टू प्रेडिक्ट द
- 1:14:14फ्यूचर इज टू शेप इट तो आप शेप करिए थैंक
- 1:14:18यू
- 1:14:19थैंक यू
- 1:14:20थैंक यू फॉर वाचिंग दिस एपिसोड टिल दी एंड
- 1:14:22वी वुड लव टू नो व्हाट यू लाइक्ड और
- 1:14:24डिसलाइक अबाउट दिस एपिसोड? एंड व्हिच गेस
- 1:14:27यू वुड लाइक टू सी ऑन द शो। लेट अस नो इन
- 1:14:29द कमेंट्स। योर फीडबैक हेल्प अस इंप्रूव
- 1:14:32एंड मेक एव्री एपिसोड अ लिटिल बेटर। आई
- 1:14:35विल सी यू नेक्स्ट टाइम। अंटिल देन कीप
- 1:14:37फिगिंग अप।
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This page contains the full transcript of Why India Is Becoming Unliveable: Heat, Climate Change & AC Trap | Arunabha Ghosh |FO580 Raj Shamani by Raj Shamani, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 10,056 words across 1,607 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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