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Why Does Cheap Sell More? | The Demand Secret — Transcript

by Anish Academy 11th & 12th · 2,384 words · 293 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:08एक सेकंड के लिए इमेजिन करो अभी iPhone 17
  2. 0:11Pro Max का प्राइस कितना है? 1.5 लाख 1.5
  3. 0:15लाख। मान लो कि Apple रातोंरात एक ऑफर
  4. 0:20निकाल देता है कि कल सुबह से वही सेम मॉडल
  5. 0:23का प्राइस 500 हो जाता है। हमें पता है वो
  6. 0:26ऐसा नहीं करेंगे। एक बारी के लिए इमेजिन
  7. 0:28करो। अगर वो ऐसा करते हैं तो बताओ कमेंट
  8. 0:31करके कितने लोग खरीदने को तैयार हो जाओगे?
  9. 0:33बहुत सारे। ठीक है? अगर iPhone ने अपना
  10. 0:37प्राइस एकदम से अपना ₹1.5 लाख का जो
  11. 0:39आर्टिकल है वो 500 करा तो बहुत सारे लोग
  12. 0:42खरीदने को तैयार हो जाएंगे। नंबर वन बात।
  13. 0:44नंबर टू जो लोग पहले हल्का सा बजट अपना कम
  14. 0:48होने के कारण अदर अल्टरनेटिव्स लेने वाले
  15. 0:51थे कि भाई फॉर एग्जांपल Samsung की सीरीज
  16. 0:55देख रहे थे। प्रॉपर iPhone 17 Pro Max पर
  17. 0:57ही नहीं जा रहे थे। वो लोग भी कि अबे परे
  18. 1:00चल Samsung वो भी iPhone ही खरीदने आ
  19. 1:02जाएंगे। है ना? क्या हुआ ये? प्राइस हल्का
  20. 1:05सा कम हुआ और डिमांड एकदम से बढ़ गई। बेटा
  21. 1:08यही लॉ ऑफ़ डिमांड भी होता है। इसी को लॉ
  22. 1:11ऑफ़ डिमांड कहते हैं कि जब किसी चीज का
  23. 1:13प्राइस ज्यादा होता है ना, तो उसकी डिमांड
  24. 1:15थोड़ी कम होती है। लेकिन जैसे ही प्राइस कम
  25. 1:18होता है, उसकी डिमांड क्या हो जाती है?
  26. 1:20बढ़ जाती है। इस उल्टे रिलेशन को ही
  27. 1:22इनवर्स रिलेशनशिप कहते हैं। और इसी कारण
  28. 1:25की वजह से बेटा ये जो डिमांड का कर्व है
  29. 1:28ना ये जो डिमांड का ग्राफ है ये ऐसे नीचे
  30. 1:30की तरफ स्लोप करता है। डाउनवर्ड स्लोपिंग
  31. 1:32बनता है। ऐसे नीचे की तरफ। क्वेश्चन क्या
  32. 1:35है हमारा कि क्यों किसी गुड को ज्यादा
  33. 1:38खरीदा जाता है? जब उसका प्राइस गिर जाता
  34. 1:40है। व्हाई मोर ऑफ अ गुड इज बोट व्हेन इट्स
  35. 1:44प्राइस फॉल्स। क्यों किसी गुड को ज्यादा
  36. 1:46खरीदते हो? जब उसका प्राइस गिर जाता है या
  37. 1:49फिर ये डिमांड का कर्व ऐसा नेगेटिव क्यों
  38. 1:52बनता है? क्योंकि भाई प्राइस और डिमांड
  39. 1:54में एक इनवर्स रिलेशनशिप होता है। और यही
  40. 1:57रिलेशन लॉ ऑफ़ डिमांड भी समझाता है। जो
  41. 1:59अभी-अभी आपने जस्ट जो एग्जांपल इमेजिन करा
  42. 2:02था कि भाई अगर iPhone ने अपना प्राइस
  43. 2:04गिराया तो बहुत सारे लोग उसको खरीदने आ
  44. 2:06जाएंगे। अब बेटा इसके रीज़ंस क्या है? आज
  45. 2:09की वीडियो में हम ये कवर करेंगे। और इस
  46. 2:11वीडियो के अंदर हम सारे लाइव रियल लाइफ
  47. 2:13एग्जांपल्स डिस्कस करेंगे। और इस वीडियो
  48. 2:15के एंड तक ये टॉपिक आपका पक्का होगा। ठीक
  49. 2:18है? अब ऐसा होने के बेटा पांच मेजर कारण्स
  50. 2:21होते हैं। पांच मेजर कारण। नंबर वन इज़ लॉ
  51. 2:25ऑफ डिमिनिशिंग मार्जिनल यूटिलिटी। लॉ ऑफ
  52. 2:28डिमिनिशिंग मार्जिनल यूटिलिटी। बेटा ये
  53. 2:31क्या कहता है कि जैसे-जैसे आप कंजमशन
  54. 2:33बढ़ाते हो ना किसी चीज की उससे मिलने वाली
  55. 2:36सेटिस्फेक्शन हो जाती है कम। इसलिए
  56. 2:38कंज्यूमर ज्यादा पैसे खर्चने को इच्छा
  57. 2:41नहीं रखता। एग्जांपल से समझो। आप भाई सारा
  58. 2:44दिन से भूखे हो। आपने कुछ नहीं खा रखा।
  59. 2:46शाम को आपको भाई लेट इट बी का ही एक बर्गर
  60. 2:50मिला। आपने जैसे ही वो फर्स्ट बर्गर खाया।
  61. 2:53उसकी फर्स्ट बाइट खाई। आपको सबसे ज्यादा
  62. 2:55संतुष्टि, सेटिस्फेक्शन, यूटिलिटी वहां से
  63. 2:58मिली। आपने पैसे खर्चे, जितने मर्जी भी
  64. 3:00खर्चे हो भाई, सारा दिन से आप भूखे थे।
  65. 3:02आपने वो बर्गर खाया। आपको सेटिस्फेक्शन
  66. 3:04मिली। सारा दिन के भूखे थे। आपने एक पूरा
  67. 3:06बर्गर खा लिया। अब थोड़ी आपकी जो
  68. 3:10सेटिस्फेक्शन थी वो फुलफिल होगी। आपकी
  69. 3:12थोड़ी जो इतने टाइम की हंगर थी वो फुलफिल
  70. 3:15होगी। अब दूसरा बर्गर क्या बेटा बताओ उतनी
  71. 3:18सेटिस्फेक्शन देगा या उससे कम
  72. 3:19सेटिस्फेक्शन देगा? कम ही देगा ना। पहले
  73. 3:22बर्गर ने आपको बहुत सेटिस्फेक्शन दी
  74. 3:24क्योंकि आप सुबह से भूखे थे यार। अब जो
  75. 3:26दूसरा बर्गर है वो आपको थोड़ी सी कम
  76. 3:28सेटिस्फेक्शन देगा। उसके लिए ना आप वो
  77. 3:31प्राइस पे करने को राजी नहीं हो रहेगे जो
  78. 3:34आपने पहले बर्गर के लिए शायद कर दिया होगा
  79. 3:36क्योंकि आप सुबह से भूखे क्योंकि अब तो
  80. 3:38आपका पेट थोड़ा सा भर गया ना और तीसरे
  81. 3:40बर्गर के लिए तो उससे भी कम पैसे देने को
  82. 3:42राजी होगे। यही चीज को लॉ ऑफ़ डिमिनिशन
  83. 3:45मार्जिनल यूटिलिटी कहते हैं कि जैसे-जैसे
  84. 3:47कंसमशन बढ़ती है ना जो यूटिलिटी होती है
  85. 3:50यानी सेटिस्फेक्शन वो गिरने लग जाती है।
  86. 3:53ठीक है? ऑब्वियस सी बात है बेटा पहला
  87. 3:54गिलास पानी ज्यादा सेटिस्फेक्शन देता है
  88. 3:56एज़ कंपेयर टू थर्ड ग्लास। ठीक है? पहला
  89. 3:59बर्गर बच्चे को ज्यादा सेटिस्फेक्शन दे
  90. 4:00रहा होगा एज कंपेयर टू थर्ड या सेकंड
  91. 4:02बर्गर। तो जो कंज्यूमर है ना फिर वो चाह
  92. 4:06रहा होता है कि वो कम प्राइस पे करे
  93. 4:08प्रोडक्ट के लिए। ठीक है? तो एक तो रीज़ हो
  94. 4:10गया ये। नंबर टू रीज़न है बेटा इनकम
  95. 4:13इफेक्ट। जब किसी चीज के प्राइसेस गिरते
  96. 4:16हैं ना तो एक तरीके से एक कंज्यूमर की
  97. 4:19रियल इनकम बढ़ जाती है। एग्जांपल से समझो।
  98. 4:21मान लो पहले आप ₹10 की चॉकलेट खरीदते थे
  99. 4:26और आपके पास बजट था ₹100। आपका बजट कितना
  100. 4:29था भाई? ₹100 का आपका बजट था। अब इस ₹100
  101. 4:32के बजट में आप क्या करते थे? जी 10
  102. 4:34चॉकलेट्स खरीद लेते थे। अब बेटा अगर यही
  103. 4:37100% सेम साइज की सेम क्वालिटी की सेम
  104. 4:40ब्रांड की चॉकलेट
  105. 4:42जो ₹10 की आती थी 10 ईच ये 10 से हटकर ₹5
  106. 4:48की हो जाए। अगर यही चॉकलेट ₹5 की होगी
  107. 4:51बेटा तो अब शायद आप कितनी खरीद पाओगे ₹100
  108. 4:54में? अब आपके पास है तो ₹100 पहले आप 10
  109. 4:58खरीद पाते थे ₹10 की एक थी। अब आप कितनी
  110. 5:00खरीद पाओगे? 20 एक तरीके से क्या हुआ?
  111. 5:04प्राइस कम होने की वजह से ना कंज्यूमर को
  112. 5:06ऐसा लगता है कि उसकी थोड़ी सी इनकम बढ़
  113. 5:08गई। ठीक है? तो वो ज्यादा खरीदता है।
  114. 5:10दूसरा कारण ये है कि जब प्राइसेस गिरते
  115. 5:12हैं ना इससे कंज्यूमर की रियल इनकम जो है
  116. 5:14वो थोड़ी सी बढ़ जाती है। इसलिए वो ज्यादा
  117. 5:17खरीदने लग जाता है। ठीक है? दूसरा
  118. 5:19एग्जांपल ऐसे समझ सकते हो कि कोई फैमिली
  119. 5:21है मान लो भाई उनका मंथली इनकम है 25000
  120. 5:25और 10,000 का उनके घर में राशन आता है। अब
  121. 5:27अगर वही राशन 8,000 में आने लग जाए
  122. 5:30बिल्कुल सेम क्वालिटी कोई कॉम्प्रोमाइज
  123. 5:31नहीं कर रहे तो बेटा उसके पास वो 20,000
  124. 5:34एक्स्ट्रा ही बचेगा ना। वो उसकी एक
  125. 5:35एक्स्ट्रा इनकम होगी जिससे वो और खर्चा
  126. 5:38करेगा। इसके बाद बेटा आता है सब्सीट्यूशन
  127. 5:40इफ़ेक्ट। सब्सीट्यूशन इफ़ेक्ट के लिए आपको
  128. 5:43सबसे पहले समझना जरूरी है सब्स्टट्यूट
  129. 5:45गुड्स कौन सी होती है? जो एक दूसरे के
  130. 5:47बिल्कुल कॉम्पिटिट है। कोका कोला और
  131. 5:49पेप्सी ऐसे एग्जांपल वाले गुड्स। ठीक है?
  132. 5:52अब अगर प्राइस गिरता है ना आपके प्रोडक्ट
  133. 5:54का तो आपका गुड जो है वो सस्ता पड़ता है
  134. 5:57अपने सब्सीट्यूट्स के मुताबिक तो लोग आपके
  135. 6:00प्रोडक्ट की तरफ शिफ्ट हो जाते हैं।
  136. 6:02एग्जांपल से समझो भाई अभी कोका कोला और
  137. 6:04पेप्सी दोनों ₹20 की है। मान लेते हैं 2
  138. 6:07मिनट के लिए कि अभी कोका कोला और पेप्सी
  139. 6:11दोनों ही 250 ml ऑफर कर रहे हैं ₹20 में।
  140. 6:15कोक भी और पेप्सी भी। अब अगर
  141. 6:19कोका कोला यही 250 ml
  142. 6:22₹15 में ऑफर करनी स्टार्ट कर दे तो बेटा
  143. 6:26पहले तो ना डिमांड बटी हुई थी। बहुत लोग
  144. 6:28कोका कोला पीते थे। बहुत लोग पेप्सी भी
  145. 6:30पीते थे। ठीक है? अब बहुत सारे पेप्सी
  146. 6:33पीने वाले लोग भी कोका कोला की तरफ आ
  147. 6:36जाएंगे कि यार ये तो सस्ती पड़ रही है।
  148. 6:38ऑलमोस्ट ऑलमोस्ट बराबर सी है। ठीक है?
  149. 6:40दोनों ब्लैक कलर की फजी ड्रिंक्स हैं। ठीक
  150. 6:43है? ऑलमोस्ट ऑलमोस्ट टेस्ट सिमिलर भी है।
  151. 6:46तो बहुत सारे लोग जो पहले पेप्सी पीते थे
  152. 6:48वो कोका कोला पीने आ जाएंगे बेटा क्योंकि
  153. 6:51उनको अपनी जो वो पेप्सी पेप्सी करते रहते
  154. 6:53थे उससे सस्ती आपकी कोका कोला मिल गई। तो
  155. 6:56ये होता है सब्सीट्यूशन इफेक्ट कि जब
  156. 6:57प्राइस गिरता है ना तो जो हमारा गुड है वो
  157. 7:01अपने सब्स्टट्यूट्स के मुताबिक थोड़ा
  158. 7:02सस्ता बढ़ता है तो उसकी डिमांड बढ़ जाती
  159. 7:05है। तीन पॉइंट हो गए बेटा ये। इसके बाद
  160. 7:08फोर्थ पॉइंट है साइज ऑफ कंज्यूमर गुड।
  161. 7:10बेटा बहुत सारे ऐसे कंज्यूमर्स होते हैं
  162. 7:13जो पहले शायद हमारा प्रोडक्ट इसलिए नहीं
  163. 7:15खरीद पा रहे थे क्योंकि वो उनके बजट में
  164. 7:17नहीं आ रहा था। मान लो फॉर एग्जांपल एक
  165. 7:19कोई ऑनलाइन कोर्स है एजुकेशनल कोर्स है और
  166. 7:22उसका प्राइस है ₹10,000। अब कुछ नंबर ऑफ
  167. 7:26पर्सनंस उसको खरीदते भी हैं। अगर वही
  168. 7:28कोर्स बेटा ₹500 का हो गया तो कितने सारे
  169. 7:31कंज्यूमर्स के बजट में वो आ जाएगा। वो
  170. 7:33फटाफट से भाग के आएंगे वो हमारा वाला
  171. 7:35कोर्स खरीदने। तो वो कंज्यूमर ग्रुप के
  172. 7:38साइज की वजह से डिमांड जो है वो बढ़
  173. 7:40जाएगी। जब प्राइस गिरता है ना बहुत सारे
  174. 7:44न्यू बयरर्स अट्रैक्ट होते हैं जो पहले
  175. 7:46अपनी किसी मजबूरी के कारण हु वर नॉट एबल
  176. 7:49टू बाय एट द प्रीवियस प्राइसेस तो डिमांड
  177. 7:52बढ़ जाती है। जैसे मैंने अभी आपको बताया
  178. 7:54कि भाई अगर एक कोई कोर्स है एजुकेशनल
  179. 7:56कोर्स वो 10,000 का बिकता है। अगर वही सेम
  180. 7:59कोर्स ₹500 का हो जाए एक लिमिटेड टाइम ऑफर
  181. 8:02तो बहुत सारे लोग उसको खरीदने आ जाएंगे
  182. 8:05जिनके वो बजट में लाई कर रहा है कि भाई वो
  183. 8:07लिमिटेड टाइम ऑफर है। उसकी वजह से भी
  184. 8:09हमारे प्रोडक्ट की जो डिमांड होगी वो बढ़
  185. 8:11जाएगी। इसके बाद बेटा आखिरी पॉइंट आता है
  186. 8:14डिफरेंट यूज वाले गुड्स। कई गुड्स ऐसे
  187. 8:16होते हैं बेटा जिसके एक से ज्यादा यूजज़
  188. 8:18होते हैं। जैसे दूध दूध से बेटा कर्ड हो
  189. 8:21गया, पनीर हो गया, घी हो गया, मलाई हो गई।
  190. 8:24ठीक है? बहुत कुछ बनता है। इलेक्ट्रिसिटी।
  191. 8:26इलेक्ट्रिसिटी के कितने सारे यूज हैं। अब
  192. 8:29जब चीज महंगी होती है ना तो वो सिर्फ अपने
  193. 8:32प्राइम यूज के लिए ही प्रयोग की जाती है।
  194. 8:35जैसे अगर बिजली बहुत महंगी होगी ना तो
  195. 8:37उसका जो मेन प्राइम यूज़ है कि फॉर
  196. 8:39एग्जांपल लाइटिंग और फैन बेसिक में आ गया
  197. 8:42वो उसके लिए यूज़ होगी। लेकिन अगर बेटा ये
  198. 8:44बिजली सस्ती होगी तो उसके अलग-अलग यूजज़ बन
  199. 8:47जाएंगे। बहुत सारे चीजों पर जहां लोग
  200. 8:49अलग-अलग ऑप्शंस यूज़ करते थे ना लोग शिफ्ट
  201. 8:52हो जाएंगे भाई बिजली की तरफ। फॉर एग्जांपल
  202. 8:54कि भाई पेट्रोल डीजल महंगे पड़ रहे हैं।
  203. 8:55चलो इलेक्ट्रिक ले लो बिजली सस्ती है। फॉर
  204. 8:57एग्जांपल घर पे गैस स्टो महंगा पड़ रहा
  205. 8:59है। कोई बात नहीं जी हम इंडक्शन लगा
  206. 9:01लेंगे। माइक्रोवेव लगा लेंगे। एक्सट्रा
  207. 9:03एक्सट्रा यही ये पॉइंट है कि कुछ गुड्स
  208. 9:05होते हैं जैसे बिजली हो गया, दूध हो गया
  209. 9:07जिनके मल्टीपल यूजज़ होते हैं। जब प्राइस
  210. 9:10गिरता है ना तो ये गुड का बहुत सारे
  211. 9:14पर्पससेस के लिए प्रयोग होना स्टार्ट हो
  212. 9:15जाता है। सिंपल सी बात है ना यार? अगर भाई
  213. 9:18मान लो आपके एरिया में बिजली आती है ₹8 पर
  214. 9:20यूनिट। अगर यही बिजली सरकार ने ₹1 पर
  215. 9:23यूनिट कर दी। आपको तो बिल्कुल ही यू फील
  216. 9:25है कि यार ये तो मिट्टी भाव पड़ रहा है।
  217. 9:27कितना सस्ता सामान है। आप क्या करोगे भाई?
  218. 9:29आप भाई एसी भी खरीदोगे। वाशिंग मशीन भी
  219. 9:32आपकी फुल्ली ऑटोमेटिक चलेगी। ठीक है भाई।
  220. 9:34सर्दियों में हीटर भी चल रहा है। गर्मियों
  221. 9:36में एसी भी पूरा पूरा दिन चल रहे है। कोई
  222. 9:38परवाह नहीं। ठीक है। दिवाली आ रही है तो
  223. 9:3910-10 दिन तुम लड़िया ही लगा के रख रहे
  224. 9:41हो। कोई परवाह नहीं। जी सस्ती बिजली है।
  225. 9:43ये क्या करा आपने? लाइट का मेन यूज़ तो
  226. 9:45रोशनी देना था। जब वो चीज सस्ती होती है
  227. 9:48ना उसके कई अन्य यूज़ स्टार्ट हो जाते हैं
  228. 9:50तो उसकी डिमांड मार्केट में बेटा बनी रहती
  229. 9:52है। यही हमारा टॉपिक था। एक बार दोबारा
  230. 9:55फटाफट से जरा क्विक रिककैप करते हैं। पांच
  231. 9:57कारण है जिसकी वजह से डिमांड कर्व
  232. 10:00डाउनवर्ड स्लोप करता है या फिर किसी चीज
  233. 10:02को ज्यादा खरीदा जाता है जब उसका प्राइस
  234. 10:04गिर जाता है। पहला कारण लॉ ऑफ़ डिमिनिशिंग
  235. 10:07मार्जिनल यूटिलिटी कि जब कंज्यूमर ज्यादा
  236. 10:10कंज्यूम करता है तो सेटिस्फेक्शन कम हो
  237. 10:12जाती है। इसलिए वो ज्यादा प्राइस पे करने
  238. 10:15को तैयार नहीं हो रहा होता। ये इनवर्स
  239. 10:16रिलेशन समझाया है यहां पर। दूसरा पॉइंट
  240. 10:19आपका इनकम इफेक्ट। जब चीजों के प्राइस कम
  241. 10:22होते हैं ना तो एक तरीके से वो कंज्यूमर
  242. 10:24के लिए एक विनविन सिचुएशन होती है। उसको
  243. 10:26लगता है यार कि अ मेरी इनकम बढ़ गई एक
  244. 10:29तरीके से कि पहले भाई मेरे पास ₹100 का
  245. 10:31बजट था। ₹10 की एक चॉकलेट थी। 10 चॉकलेट
  246. 10:33सी खरीद पाता था। अब वही सेम चॉकलेट ₹5 की
  247. 10:36होगी। तो अब वो ज्यादा खरीद पाएगा। शायद
  248. 10:39अब वो 20 खरीद ले। ठीक है? वो चीज। तीसरा
  249. 10:41होता है सब्स्टट्यूशन इफेक्ट। बहुत सारे
  250. 10:44ऐसे लोग होते हैं बेटा जो मान लो अगर मैं
  251. 10:46बिजनेस के पॉइंट ऑफ व्यू से बात करूं तो
  252. 10:48हमारे कॉम्पिटिट से सामान खरीद रहे होते
  253. 10:50हैं कि जैसे कोका कोला का कॉम्पिटिट हो
  254. 10:51गया। कोका कोला का सब्स्टट्यूट हो गया
  255. 10:53पेप्सी। दोनों 2020 की 250 ml बेचते हैं।
  256. 10:56अब अगर कोका कोलाa वालों ने अपना 250 ml
  257. 11:00का प्राइस 20 से काट के 15 कर दिया तो
  258. 11:02बहुत सारे लोग जो पहले पेप्सी खरीदते थे
  259. 11:04ना वो दो मिनट नहीं लगाएंगे गद्दारी करने
  260. 11:07में। बेटा वो सीधा हमारे प्रोडक्ट की तरफ
  261. 11:09शिफ्ट हो जाएंगे। वो लोग भी कोका कोला
  262. 11:11पीने आ जाएंगे कि यार ₹5 बच रहे हैं। चार
  263. 11:14के पीछे एक बोतल फ्री होगी तो उससे डिमांड
  264. 11:17बनी रहेगी। उसके बाद आता है बेटा साइज ऑफ़
  265. 11:19कंज्यूमर गुड कि जो भी आपको एग्जांपल
  266. 11:21बताया कि पहले कोई गुड था वो ₹10,000 का
  267. 11:24था। अगर वही गुड, वही सर्विस, वही कोर्स
  268. 11:26₹500 का हो गया। तो भाई वो तो बहुत सारे
  269. 11:28लोगों के बजट में आ जाएगा ना। जो लोग पहले
  270. 11:30खरीद नहीं पा रहे थे किसी कारणवश, अपनी
  271. 11:32मजबूरी वश वो उनके बजट में आएगा। वो फटाफट
  272. 11:35से आएंगे खरीदने। डिमांड बनी रहेगी। और
  273. 11:37पांचवा है पॉइंट डिफरेंट यूज। बहुत सारे
  274. 11:40गुड्स के डिफरेंट यूज होते हैं। जैसे
  275. 11:42इलेक्ट्रिसिटी जब प्राइस गिरता है ना बेटा
  276. 11:44तो उसके कई यूज स्टार्ट हो जाते हैं। अब
  277. 11:46जैसे मान लो कोई फैमिली है जो फॉर
  278. 11:49एग्जांपल दूध नहीं भी पीती। अगर दूध का
  279. 11:52प्राइस बेटा बहुत सस्ता हो गया ना। मान लो
  280. 11:54फैमिली लैक्टोस इनटोलरेंट है उनको दूध
  281. 11:56डाइजेस्ट नहीं होता। अगर दूध का प्राइस
  282. 11:59बहुत कम हो गया ना तो बेटा अगर वो दूध पिए
  283. 12:02ना पिए उसके मल्टीपल यूज शायद स्टार्ट हो
  284. 12:04जाएंगे। जरूरी तो नहीं है ना कि दूध नहीं
  285. 12:06डाइजेस्ट हो रहा है तो दूध के सारे
  286. 12:07प्रोडक्ट्स ही ना हो। क्या पता भाई फिर वो
  287. 12:09उस दूध से घी भी बनाएंगे, पनीर भी
  288. 12:11बनाएंगे। ठीक है? कर्ड भी जमाएंगे और अन्य
  289. 12:14कई चीजें सारी। ठीक है? तो ये होता है
  290. 12:16भाई। दैट्स ऑल। यही पांच पॉइंट्स हैं
  291. 12:18जिनकी वजह से डिमांड कर्व हमेशा डाउनवर्ड
  292. 12:21स्लोप करता है नॉर्मल सिचुएशंस में। ठीक
  293. 12:23है? थैंक यू।

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