Vikas Divyakirti on Relationships, Money, Fame, Cheating & Social Norms | FO435 Raj Shamani — Transcript
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- 0:00जो इस वर्ल्ड में टॉप पे पहुंचा है। उन
- 0:02सबकी रिलेशनशिप्स लगभग खराब ही है
- 0:06या वो सिंगल ही है।
- 0:10कहते हैं कि बहुत बड़ी सफलताओं के बाद और
- 0:13सफलता मिलने से पहले रिश्ते टूटते हैं।
- 0:21बीच के लेवल पर ये रिश्ते बने रहते हैं।
- 0:24तो आपको बहुत ही कुछ लाइफ में बड़ा करना
- 0:26है। तो देन फैमिली स्ट्रक्चर आपको स्लो
- 0:28डाउन करते हैं। अगर नरेंद्र मोदी या योगी
- 0:30आदित्यनाथ एपीजे अब्दुल कलाम ने शादी की
- 0:32होती तो मेरे ख्याल से वो उतना अचीव नहीं
- 0:34कर पाते जितना उन्होंने किया है। क्योंकि
- 0:36शादी करने के बाद आपकी जिम्मेदारियां बढ़
- 0:38जाती है। किसी एक मिशन के साथ हैं तो
- 0:41बेहतर है कि अकेले ही रास्ते पे चलना
- 0:43चाहिए।
- 0:46टेल मी स्टेप्स जिससे लोग आइडियल मैन बनने
- 0:49की तरफ जा सकते हैं।
- 0:50आइडियल बनने के चक्कर में जिंदगी खराब हो
- 0:52जाती है। आप एक सहज इंसान बन जाए वो
- 0:54ज्यादा बेहतर है। आइडियल आमतौर पर दूसरों
- 0:56की निगाह में खुद को देख रहे होते हैं।
- 0:59वर्थ बेटर लव मैरिज अरेंज मैरिज
- 1:00फ्यूचर मैरिज का बहुत सेफ नहीं है। ज्स ही
- 1:03है। उसमें टेंडेंसी ये बढ़ी है कि लोग
- 1:05शादी ना करें। क्योंकि शादी से जो
- 1:07बेनिफिट्स मिलते थे वो बिना शादी के ही
- 1:09मिल रहे हैं। चीटिंग इतनी ज्यादा होती
- 1:11होगी जितनी हमारा डाटा बता नहीं पाएगा।
- 1:16व्हाई डू यू थिंक टुडे पीपल चीट?
- 1:24चीटिंग इसलिए करते हैं कि जैसे हम
- 1:26इवोल्यूशन से बने हैं और जैसे हमारे सोशल
- 1:29स्ट्रक्चर से बने हैं उसके बीच में
- 1:30कंट्राडिक्शन है कि मेरे जींस मुझे
- 1:33बार-बार परेशान करते हैं कि नएपन की खोज
- 1:35करो और मेरे सोशल स्ट्रक्चर्स मुझे धमकी
- 1:37देते हैं कि अगर की तो छोड़ेंगे नहीं। अब
- 1:39एक ही रास्ता बचा चीटिंग। ऐसी कहावतें हैं
- 1:42मदर्स बेबी, फादर्स मे बी। मदर इज अ
- 1:44फैक्ट, फादर इज अ फेथ।
- 1:47मैन को कहीं ना कहीं एक इमोशन का टैक्स
- 1:49देना पड़ता है।
- 1:50यह दिक्कत महिलाओं के साथ ज्यादा है। अगर
- 1:52वो किसी से हल्का सा मुस्कुरा के बात कर
- 1:54ले जज कर लेते हैं कि या तो चाहती है मुझे
- 1:57या कररेक्टर ठीक नहीं है।
- 1:58लोनलीनेस बहुत बढ़ रही है ना पूरे वर्ल्ड
- 2:00में।
- 2:00मेल लोनलीनेस ज्यादा बड़ी एपिडेमिक मानी
- 2:02जाती है।
- 2:02क्यों? मेल्स एक्सप्रेसिव नहीं होते
- 2:04ज्यादा। क्योंकि एक्सप्रेसिव नहीं है तो
- 2:06धीरे-धीरे सर्कल उनका सिमटता जाता है।
- 2:08महिलाओं की अच्छी बात है कि वह बहुत
- 2:09एक्सप्रेसिव है।
- 2:11[संगीत]
- 2:14मैं आपको एक साल से पोर्टर और उनकी
- 2:17व्हीकल्स के बारे में बता रहा हूं। आप में
- 2:19से बहुत लोगों ने शायद पोर्टर ऑलरेडी यूज
- 2:22किया होगा। और जो भूल गए हैं यह एक शॉर्ट
- 2:25रिककैप है। 20 किलो तक के सामान पोर्टर के
- 2:28टू व्हीलर्स से ईजीली पहुंच जाते हैं। और
- 2:31जब आपको बड़ा शिपमेंट बेचना हो लाइक बल्क
- 2:34ऑर्डर्स अप टू 4500 केजीस उनके ट्रक्स
- 2:38आपका काम एफर्टलेसली हैंडल करते हैं बिना
- 2:41टेंशन के। चाहे आप अपना बिजनेस चला रहे
- 2:44हो। सपोर्टर का काम हर चीज को सेफ
- 2:46पहुंचाना है ताकि आपको बस अपने काम पर
- 2:49फोकस करना हो और अननेसेसरी स्ट्रेस ना हो।
- 2:52दिस एपिसोड इज ब्रॉट यू बाय आवर टाइटल
- 2:55स्पॉन्सर पोर्टल। क्लिक द लिंक इन द
- 2:57डिस्क्रिप्शन टू नो मोर। और आज के हमारे
- 2:59गेस्ट हैं डॉ. विकास दिव्य कीर्ति।
- 3:02एजुकेटर एंड ऑथर। हम उनसे जानेंगे कैसे
- 3:06एववोल्यूशनरी साइकोलॉजी इंसान के बिहेवियर
- 3:09को समझने में हेल्प करती है। एआई ने सोच
- 3:12को कैसे बदला है? शादी के सिस्टम्स की
- 3:15हिस्ट्री क्या है? और इमोशनल इंटेलिजेंस
- 3:18का मतलब क्या है? यह एपिसोड एंड तक जरूर
- 3:20देखिए और मुझे कमेंट्स में बताइए आपने इस
- 3:23एपिसोड से क्या सीखा।
- 3:30डू यू थिंक कि परसेप्शन बड़ा बनाना
- 3:34बेनिफिटेड होता है। बेनिफिट मिलता है
- 3:36तुम्हें उससे
- 3:37मतलब फिर वही बात है बेनिफिट किस सेंस में
- 3:39और नुकसान के
- 3:40सेंस में क्या आपको लाइफ में ज्यादा
- 3:41सक्सेसफुल होने के चांसेस आपके सक्सेसफुल
- 3:43होने के चांसेस बढ़ जाते हैं
- 3:44एकदम बढ़ जाते हैं
- 3:45कि आपका परसेप्शन बढ़ा है अंदर से आप कुछ
- 3:47भी हो तो आप परसेप्शन मैनेज करके कर सकते
- 3:49हो
- 3:50परसेप्शन का ही खेल है
- 3:53जो बड़े फिल्म स्टार्स हैं
- 3:58उनके बारे में परसेप्शन बहुत बड़ा है। हम
- 4:01सच क्या है कि जो डायलॉग्स वो बोलते हैं
- 4:04वह भी वो खुद नहीं लिखते हैं। कोई लिख के
- 4:07देता है
- 4:07हम
- 4:08उनमें से भी कई लोग टेलीप्टर यूज़ करते
- 4:11हैं बोलने के लिए।
- 4:13जो लोग चार सेंटेंस याद करके नहीं बोल पा
- 4:16रहे। खुद तो नहीं सोच पा रहे। वह भारत में
- 4:18सबसे महान माने जाते हैं।
- 4:21बहुत सारे सोशल मीडिया स्टार्स टेलीप्टर
- 4:25सामने रख के सारा बोलते रहते हैं। किसी को
- 4:27नहीं पता लगता और लोग सोचते कितना ज्ञान
- 4:30है भाई जबरदस्त है। परसेप्शन का तो खेल
- 4:33है। अब मान लीजिए हम तो रैंडम बात कर रहे
- 4:36हैं। अगर मान लीजिए हम पहले स्क्रिप्टेड
- 4:38कर लेते कि आप क्वेश्चन बताते मैं आंसर
- 4:39याद करके आता।
- 4:40किसे पता लगेगा?
- 4:42परसेप्शन नहीं जाएगा कि वाह क्या बात है।
- 4:45कितने गहरे सवाल? कितने गहरे जवाब ऐसा
- 4:49होता ही होगा कहीं ना कहीं
- 4:50ट्रू
- 4:51अगर आपने ऐसा परसेप्शन बना लिया
- 4:53हम
- 4:5350 जगह बन गया अब 51वीं बार आपको किसी
- 4:57बड़े आदमी ने बुलाया कि भाई आप बहुत अच्छा
- 4:58सवाल पूछते हैं मैं आपसे बात करना चाहता
- 5:01हूं
- 5:01हम
- 5:02और आप पर्सनली बोल दें कि सर ऐसा है हम तो
- 5:05पहले नोट कर लेते हैं इतना दिमाग नहीं है
- 5:07मेरे पास ऐसे ही करना पड़ेगा
- 5:09हम
- 5:09एक को ही तो पता लगा
- 5:11हम
- 5:11परसेप्शन और बड़ा हो गया उसके बाद
- 5:14तो अगर आपका परसेप्शन फेक है तो बहुत छोटे
- 5:17सर्कल में लोगों को पता है कि परसेप्शन
- 5:19है।
- 5:19दुनिया को क्या पता
- 5:21हम
- 5:21और दुनिया आपको वैसे ट्रीट कर रही है।
- 5:23एंड इसका बेनिफिट मिलता है।
- 5:25बेनिफिट तो भाई जैसे कोई स्टार बहुत
- 5:28क्रेडिबल माना जाता है जबकि वो टीपी से
- 5:30पढ़ रहा है सारा।
- 5:32तो विज्ञापन तो उसी को मिलेगा ना।
- 5:34ट्रू।
- 5:34और विज्ञापन देखने वाले को क्या पता कि
- 5:36उसने विज्ञापन भी पढ़ के बोला है।
- 5:38हां।
- 5:39उन्हें क्या मतलब इस बात से?
- 5:41खैर।
- 5:42तो
- 5:43लगभग सारा खेल तो परसेप्शन से ही खत्म हो
- 5:45जाता है।
- 5:48नाइस।
- 5:49व्हाट डू यू थिंक आपके बारे में सबसे बड़ी
- 5:51मिसअंडरस्टैंडिंग क्या होगी लोग?
- 5:54मतलब शायद ये कि मैं बहुत सीरियस टाइप का
- 5:56आदमी हूं।
- 5:58नहीं मुझे लगा सीरियस ही हूं।
- 6:01मैं
- 6:04मतलब वो एक डकॉटमी है। मैं पर्सनल लाइफ
- 6:07में थोड़ा इंट्रोवर्ट हूं। हम
- 6:09लेकिन जब मैं क्लासरूम में होता हूं तुम
- 6:11बहुत जोली नेचर में रहता हूं। मैं बहुत
- 6:13ज्यादा हंसता हूं। बहुत ज्यादा हंसाता
- 6:15हूं। हम
- 6:16तो यह एक कंट्राडिक्शन जैसी आप कह सकते
- 6:19हैं हम
- 6:19और मैं अपनी कॉलेज लाइफ में पॉलिटिकली
- 6:22बहुत एक्टिव रहा हूं।
- 6:23तो वो सारी हरकतें जो पॉलिटिक्स में की
- 6:25जाती है मैंने वो की भी हैं
- 6:27एंजॉय भी की हैं।
- 6:29और कोई पछतावा भी नहीं मुझे उन सब चीजों
- 6:31का। हम
- 6:32तो लेकिन अब धीरे-धीरे जब पढ़ना पढ़ाना
- 6:35शुरू किया तो परसेप्शन ऐसा बन गया कि मैं
- 6:37बहुत सीरियस आदमी हूं।
- 6:38नहीं है।
- 6:39नहीं।
- 6:41डू यू थिंक कि इससे फर्क पड़ता है आपको कि
- 6:44लोग क्या सोचते हैं? लोगों को ऐसे देखना
- 6:46चाहिए कि यार ठीक है मेरा फुल पर्सनालिटी
- 6:48देखो। क्यों एक साइड की पर्सनालिटी देख के
- 6:50ही तुम मुझे बड़ा बना रहे हो। मतलब मुझे
- 6:53काफी हद तक फर्क पड़ना बंद हो गया है।
- 6:55हम
- 6:56पहले तो फर्क पड़ता था। अब ज्यादा फर्क
- 6:58नहीं पड़ता। ये जरूर है कि अगर मैं कहीं
- 7:01जा रहा हूं और लोग पहचान लें तो मैं थोड़ा
- 7:03सा अनकंफर्टेबल फील करता हूं।
- 7:05तो मास्क वास्क लगा के काम चलाता हूं।
- 7:08लेकिन हां इससे बहुत फर्क नहीं पड़ता यह
- 7:10लोग मेरे बारे में क्या सोच रहे हैं। मैं
- 7:12कोशिश करता हूं कि जैसा हूं वैसा रहूं। पर
- 7:15यह है कि मेरा परसेप्शन मेरे बारे में जो
- 7:17परसेप्शन है वो काफी अलग है। जैसा मैं हूं
- 7:20उससे।
- 7:21हम
- 7:21इतना परसेप्शन ठीक है कि मुझे पढ़ना लिखना
- 7:24बहुत पसंद है।
- 7:24हम
- 7:25मैं हर विषय पे चाहता हूं कि खूब पढूं।
- 7:27वहां तक ठीक है।
- 7:28हम
- 7:29मैं पढ़ाता हूं। पढ़ना, लिखना, पढ़ाना
- 7:33मेरा स्वधर्म है। यह ठीक है। यहां तक कोई
- 7:36दिक्कत नहीं है। हम
- 7:37पर मैं खेलता बहुत ज्यादा हूं। यह लोगों
- 7:39को नहीं पता है। मैं तीन चार खेलों में
- 7:41ठीक-ठाक खेल लेता हूं।
- 7:43मैं स्टेट लेवल तक जिम्नास्टिक्स खेल चुका
- 7:45हूं स्कूल में। ये कई लोगों को पता है। वो
- 7:47सोच भी नहीं सकते कि ऐसा कुछ होगा।
- 7:49मैं पूल, टेबल, टेनिस, क्रिकेट
- 7:53सब ठीक खेल लेता हूं।
- 7:55तो वो मेरे परसेप्शन का पार्ट आमतौर पे
- 7:57दुनिया में है। नहीं। नहीं है। लगता नहीं
- 7:59है कि ऐसे इतना ज्यादा खेलोगे बट नेशनल तक
- 8:02खेल लेते हैं ना जिम्नास्टिक
- 8:03जिम्नास्टिक स्टेट में खेला हूं।
- 8:04हां बट मन था शायद नेशनल तक खेलने का खेल
- 8:07हां लेकिन मैं नहीं खेला। फिर उस समय एक
- 8:09चोट लगी तो उसके बाद छूट ही गया। स्कूल
- 8:11लाइफ की बात है। मैं रिसर्च कर रहा था आज
- 8:14तो मुझे पता चला तो मेरे लिए भी वो था कि
- 8:16जिम जिम्नास्टिक्स तो काफी
- 8:20डिफरेंट है। बट यू नो जब मैं आज रिसर्च
- 8:24करने के चक्कर में बहुत कमेंट्स भी पढ़ता
- 8:27हूं लोगों के कहीं ना कहीं से कुछ ना कुछ
- 8:29वी ट्राई टू कलेक्ट नॉट कि मुझे सवाल बताओ
- 8:33कि वो आपके बारे में सोचते कैसा है क्या
- 8:35है। राइट? एंड एक बहुत अच्छी बात बोलते
- 8:37हैं लोग जो कमेंट्स में भी होता है व्हिच
- 8:40इज अ पॉजिटिव साइड हम नेगेटिव पे भी आएंगे
- 8:42इज
- 8:44बहुत लोग बोलते हैं कि आइडियल मैन हो तो
- 8:46वो विकास सर जैसा हो
- 8:48नहीं नहीं मैं झूठ बोलता हूं जेनुइनली
- 8:50पीपल टॉक अबाउट क्योंकि शायद लोग थॉट
- 8:54प्रोसेस टीचिंग बिजनेस एक्यूमेन और अगर आप
- 8:58बोल रहे हो स्पोर्ट्स या और फिर आप बोल
- 9:00रहे हो जोलीनेस जो उनको दिखता है वो सब
- 9:03मिक्स करके ही लोग बोलते हैं कि यार सब है
- 9:05इंसान में नहीं तो यूजुअली लोग जो बहुत
- 9:07पड़ाकू किस्म के हैं वो इतना स्पोर्ट्स में
- 9:10शायद ही होंगे
- 9:11क्या वो इतने ही अच्छे बिजनेसमैन होंगे
- 9:13यूजुअली टीचिंग बिनेसेस नॉट वेरी हैंड इन
- 9:17हैंड नहीं जाता आजकल इंडिया में बहुत फेमस
- 9:19है बट कुछ छोड़ के इंसिडेंट
- 9:21राइट सो व्हाट डू यू थिंक इज एन आइडियल
- 9:24मैन आपकी क्या डेफिनेशन है
- 9:28मतलब मैं दो बातें कह सकता हूं एक तो
- 9:30जिसमें डायवर्सिटी हो
- 9:31हम
- 9:32दूसरा जिसका इवोल्यूशन ठीक से हुआ
- 9:36मतलब उसने बचपन को बचपन की तरह जिया हो।
- 9:40जवानी को जवानी की तरह ही जिया हो।
- 9:42हम
- 9:43वो सब चीजें की हो जो उस उम्र में
- 9:45स्वाभाविक है।
- 9:46जैसे क्या
- 9:48बचपन में लड़ाई झगड़े मारपिटाई
- 9:50हम
- 9:50नॉन सीरियसनेस
- 9:52हम
- 9:52पढ़ाई उतना नहीं कर पाए। होमवर्क नहीं
- 9:54किया। डांट पड़ गई। पिट गए वो सब किया हो।
- 9:57बहुत पढ़ाकू किस्म के बच्चे मुझे पसंद
- 9:59नहीं है।
- 10:00हम
- 10:01कोकरिकुलर एक्टिविटीज में खूब पार्टिसिपेट
- 10:03किया हो। चाहे वो डांस हो, डिबेटिंग हो,
- 10:05स्पोर्ट्स हो, हर चीज हो। एक वेल ग्रूम्ड
- 10:08पर्सन, भाषा पे अच्छी कमांड हो, समाज को
- 10:13समझने की एक बेसिक क्षमता हो।
- 10:15हम
- 10:15किसी भी अनइवन सिचुएशन को हैंडल करने की
- 10:19क्षमता किसी के अंदर आ जाए। तो मैं मानता
- 10:20हूं उसकी परवरिश ठीक हो गई है।
- 10:22हम
- 10:23फिर कॉलेज लाइफ में तो थोड़ी मौज मस्ती,
- 10:26थोड़ा पॉलिटिक्स कर ली, बदमाशी कर ली,
- 10:27प्यार मोहब्बत कर लिया, ब्रेकअप हो गया।
- 10:29ये सब चीजें भी हो जानी चाहिए। ठीक है।
- 10:33फिर जब वो करियर में आए तो एक भूख कि मुझे
- 10:37अच्छा परफॉर्म करना है।
- 10:39हम
- 10:40और जिस भी क्षेत्र में काम करे उस क्षेत्र
- 10:42में शानदार काम करें
- 10:44हम
- 10:45तो मुझे लगता है कि वो एक मुकम्मल इंसान
- 10:47है।
- 10:48हम
- 10:48और काम के पीछे इतना पागल नहीं होना कि
- 10:50अपनी हॉबीज को मार दे। कुछ हॉबीज बना के
- 10:53चले। कोई भी हो जैसे मेरी हॉबी पढ़ना है,
- 10:56कविताएं पढ़ना, शेरो शायरी पढ़ना, याद
- 10:59करना तो मैं आज भी यह काम करता रहता हूं।
- 11:01जब मौका मिलता है करता रहता हूं। फिल्में
- 11:03देखना है तो दो चार या कम से कम एक दो
- 11:06हॉबीज बनी रहे और उनमें भी उसकी एक अच्छी
- 11:10कमांड हो। ऐसे ही नहीं कि बस हां शौक है
- 11:13तो है। कमांड हो उसमें।
- 11:16तो जो भी काम हो रहा है उसमें एक ईमानदारी
- 11:18दिखनी चाहिए। हम
- 11:20और अगर उसके रिश्ते भी मुकम्मल हैं
- 11:22दोस्तों के साथ, परिवार के साथ तो उससे
- 11:25बेहतर क्या हो सकता है?
- 11:27तो ये तो आपने बता दिया कि ये सब किया हो।
- 11:30हां।
- 11:30जिसने मान लो किसी कारणवश सरकमस्ट्ससेस की
- 11:34वजह से, अपनी सिचुएशन की वजह से, परिवार
- 11:36की वजह से छूट गई गाड़ी। आज वो ये पहली
- 11:39बार देख रहा है। वो हो सकता है इंसान आज
- 11:4125 साल का हो जो चाह रहा है कि मैं घूम
- 11:43रहा हूं और मेरी जिंदगी में अब मुझे
- 11:45पकड़नी। हो सकता है 40 ईयर का हो, 50 ईयर
- 11:48का हो। वो बोल रहा है कि मेरी गाड़ी पैशन
- 11:50वाली छूट गई है। आज शायद मुझे बेटर बनना
- 11:53है। या हो सकता है वो इंसान हो जिसके पास
- 11:54सब है। लेकिन वो व्यक्तिगत लेवल पे गुस्सा
- 11:58हो, मारता पीटता हो, बेगार हो। कोई राइट?
- 12:01समबडी इस वाचिंग इट फॉर द फर्स्ट टाइम।
- 12:03टेल मी वन टू थ्री या फोर स्टेप्स जिससे
- 12:06लोग कहीं कैसे भी हो उससे एक आइडियल मैन
- 12:09बनने की तरफ जा सकते हैं।
- 12:11मतलब मैं तो कहूंगा कि आइडियल बनने के
- 12:12चक्कर में ना ही बने तो अच्छा है।
- 12:14हम बेटर मैन। आइडियल बनने के चक्कर में
- 12:17जिंदगी खराब हो जाती है।
- 12:18हम
- 12:19आप एक सहज इंसान बन जाए वो ज्यादा बेहतर
- 12:21है। आइडियल आमतौर पर दूसरों की निगाह में
- 12:26खुद को देख रहे होते हैं और हमेशा दूसरों
- 12:28की निगाह से खुद को देखना अपने आप में एक
- 12:30बहुत परेशानी की बात है।
- 12:32हम
- 12:33कंफर्टेबल ह्यूमन बीइंग होना ज्यादा बेहतर
- 12:35है। तो जो जो मिस हुआ आपकी जिंदगी में
- 12:38आजकल तो हम कहते हैं कि एज इज़ जस्ट अ
- 12:40नंबर। या
- 12:41तो जो मिस हुआ है सोशल मीडिया के दौर में
- 12:45लगभग वो सब चीजें फिर से करने की एक चॉइस
- 12:48आपके पास है। मसलन
- 12:51खेलने का शौक था बचपन में क्रिकेट नहीं
- 12:53खेल पाए अब नौकरी करते हैं। मैं ऐसे लोगों
- 12:57को जानता हूं जो पांच दिन नौकरी करते हैं।
- 12:59बढ़िया नौकरी करते हैं और दो दिन खूब
- 13:00खेलते हैं। ऐसी एप्स आजकल हैं कॉर्पोरेट्स
- 13:04के लोग उन्हीं एप्स पे उनका स्कोर भी आता
- 13:05है। सब कुछ रिकॉर्ड्स बनते रहते हैं।
- 13:08स्टेडियम बुक कर लेते हैं। मैदान बुक कर
- 13:11देते हैं। हर सैटरडे खेलने जाते हैं। तब
- 13:14नहीं खेल पाए। आप खेल लीजिए।
- 13:15हम
- 13:16हमारे कुछ दोस्त बैडमिंटन दिल्ली में आजकल
- 13:18कुछ स्क वगैरह बुक करते हैं। रोज खेलते
- 13:20हैं। तो आजकल बड़ी सुविधा ये है कि जो आप
- 13:23नहीं कर पाए वो सब करने के ऑप्शंस हैं।
- 13:26आपके डांस करने का मन था बचपन में नहीं कर
- 13:28पाए। आप सीख लीजिए। इतनी डांस एकेडमीज़ हैं
- 13:30और उसमें कुछ बैचेस स्पेशली उन लोगों के
- 13:33लिए जिनकी उम्र ज्यादा है। चले जाइए। एक
- 13:36बार अपनी हिज से बाहर तो निकलना पड़ेगा
- 13:38ना। कंफर्ट जोन तोड़ना पड़ेगा।
- 13:40तो अच्छी बात है कि ये जो नया टेक कल्चर
- 13:43है उसमें लगभग हर चीज के ऑप्शंस बन गए
- 13:46हैं।
- 13:46हम
- 13:47जो मैं कहने से बच रहा हूं वही है कि अगर
- 13:49उस उम्र में प्यार मोहब्बत नहीं किया था
- 13:51अकेले घूम रहे हैं तो आप डेटिंग कर लीजिए।
- 13:54डेटिंग साइट्स भी हैं।
- 13:55हम
- 13:55सीनियर लोगों के लिए भी है। उसमें कहां
- 13:57कोई दिक्कत है?
- 13:58हम
- 13:59कुछ छूटा आपकी लाइफ में?
- 14:03ऐसा कुछ छूटा नहीं है। लगभग सब चीजें
- 14:05मुकम्मल तरीके से हुई हैं। मतलब मेरी लाइफ
- 14:07में डायवर्सिटी बहुत ज्यादा रही है और
- 14:09मुझे लगता है कि मैं
- 14:12बढ़िया
- 14:12बहुत कंटेंट हूं।
- 14:14कोई डराते हैं आपसे? डू यू हैव एनी फियर?
- 14:19मतलब फियर क्या हो सकता है? एक हो सकता है
- 14:21कि जो प्रसिद्धि है खत्म हो जाएगी। मुझे
- 14:23बहुत फियर उस चीज का नहीं होता। नहीं है
- 14:26ना एक फियर यह हो सकता है कि जो सफलताएं
- 14:29हासिल की है वह खत्म होंगी। मुझे उसका
- 14:31फियर भी नहीं होता है।
- 14:33मतलब मैं इतना कंफर्टेबल हूं कि बुरी से
- 14:36बुरी स्थिति में ही मैं जिंदगी गुजार
- 14:38लूंगा ठीक तरीके से। पर कुछ लोग होते हैं
- 14:41ना जो यूजुअली देयर इज़ अ रिसर्च कि जो 16
- 14:4617 या 16 17 से लेके 25 से 28 मैं डेट बोल
- 14:50एज ब्रैकेट बोल रहा हूं। बस उस एज ब्रैकेट
- 14:53में जिन लोगों ने गरीबी देखी होती है या
- 14:55फाइनेंसियल टर्मोइल देखा होता है,
- 14:56इनस्टेबिलिटी देखी होती है, उन्हें बहुत
- 14:58एक तरीके का फाइनेंसियल ट्रॉमा हो जाता
- 15:00है। वो जिंदगी भर कितना भी सक्सेसफुल बन
- 15:02जाए, कितने ही पैसे कमा ले उनको एक कहीं
- 15:05ना कहीं डर रहता है कि ये पैसा चल ही नहीं
- 15:08जाए। मेरा वापस इनसिक्योरिटी नहीं हो। ये
- 15:11रिसर्च पढ़नी पड़ेगी मुझे क्योंकि मैं
- 15:14लगभग 17 की उम्र से लगभग 25 की उम्र तक ही
- 15:18फाइनेंसियल टर्म्स खूब देखे हैं मैं। हां
- 15:20एक्सक्टली
- 15:21बहुत ज्यादा देखा है हम
- 15:23और सच बात है मुझे लगता है कि उसी की वजह
- 15:25से मुझे डर नहीं लगता है।
- 15:27क्यों उल्टा होना चाहिए ना अब तो पैसे आ
- 15:29गए।
- 15:29नहीं क्योंकि मैंने इतना बुरा देखा हुआ है
- 15:32कि मैं हर बुरी स्थिति को आराम से झेल
- 15:34सकता हूं।
- 15:35हम
- 15:36जब उसको झेल लिया था तो किसी को भी झेल
- 15:38लेंगे। ये कॉन्फिडेंस मेरे अंदर रहता है।
- 15:40तो मुझे नहीं पता रिसर्च किसने की है।
- 15:42लेकिन मुझ पर वो अप्लाई नहीं होती है।
- 15:44इसको बोलते हैं पावर्टी स्कार हाइपोथेसिस।
- 15:46अच्छा।
- 15:47ये इट शोज़ दैट पीपल हु एक्सपीरियंस
- 15:51इकोनॉमिक
- 15:53टर्मोइल बिटवीन एजेस ऑफ 18 टू 25 डेवलप
- 15:57व्हाट दे कॉल अ स्केरसिटी माइंडसेट
- 16:00हम
- 16:01एंड इट नेवर फुल्ली हील्स
- 16:03हम
- 16:04इवन आफ्टर बिकमिंग वेल्थी 91% ऑफ़
- 16:07रिस्पॉন্स रिपोर्टेड एंजायटी अबाउट मनी
- 16:10हम
- 16:10इनेबिलिटी टू एंजॉय वेल्थ
- 16:12हम
- 16:13हाइपरविजिलेंस अबाउट स्पेंडिंग
- 16:15हम
- 16:15तो एक तरीके का का एक ट्रॉमा रिस्पांस हो
- 16:17जाता है कि भाई मैं ये
- 16:20हो सकता है मैं थोड़ा विजिलेंट
- 16:22इनस्पेंडिंग तो हूं। हाइपर तो नहीं
- 16:24हम
- 16:24विजिलेंट इन स्पेंडिंग हूं। की उतना
- 16:27आंख बंद करके खर्चा नहीं करते हो
- 16:28नहीं मैं आंख बंद करके नहीं मैं आज भी
- 16:31मतलब जैसे
- 16:33अच्छी स्थिति में हूं
- 16:35हम
- 16:35मेरी कंपनी मुझे कंपनी हमारी ही है
- 16:38हम
- 16:38मेरा ट्रेवल वो देख लेती है अच्छी जगह
- 16:40रहने को मिल जाता है वो सब है पर आज भी
- 16:44अगर मैं होटल में भी रह रहा हूं और एक
- 16:47लाइट एक्स्ट्रा जल रही है तो मैं उसको बंद
- 16:48करता हूं
- 16:49हम
- 16:50इसलिए नहीं कि मुझे बिल पे करना है इसलिए
- 16:53कि उसके एनवायरमेंटल इंपैक्ट्स होने वाले
- 16:55हम
- 16:57एक एग्जांपल आपको देता हूं। मुंबई में मैं
- 17:00जहां रुका हुआ हूं
- 17:01हम
- 17:02ठीक-ठाक महंगा कमरा है।
- 17:03हम
- 17:04अब मुझे कल कपड़े प्रेस करवाने थे।
- 17:07हम
- 17:08तो मैंने पहले पता किया कि वो मेरे पैकेज
- 17:10में है या नहीं।
- 17:12तो पता लगा पैकेज में नहीं तो मैंने खुद
- 17:14प्रेस किए। जबकि वो कितना
- 17:17₹100 से ₹200 होते हैं मैक्सिमम।
- 17:19हम
- 17:19तो अगर मुझे लगता है कि भाई मैं फ्री हूं।
- 17:22हम
- 17:2210 मिनट लगेंगे। बचपन से कभी प्रेस करता आ
- 17:24ही रहा हूं। मैं क्यों बिना बात के स्वर
- 17:27हूं? हां। लेकिन अगर वहीं मेरा बच्चा होगा
- 17:32वो कहीं फंसा होगा तो मैं उसे कहूंगा बेटा
- 17:34प्रेस करवा लो।
- 17:35हम
- 17:36क्योंकि वो शायद बहुत कंफर्टेबल नहीं है।
- 17:38हो सकता है कपड़ा जला दे क्या करे। पता
- 17:40नहीं।
- 17:40हम
- 17:40और अगर मुझे लगता है कि वो कंफर्टेबल नहीं
- 17:42है प्रेस करने में तो मुझे चिंता नहीं
- 17:44होगी।
- 17:44मैं उसके लिए बोल दूंगा तुम करवा लो।
- 17:46मैं नहीं करवा पाऊंगा।
- 17:48ये जनरेशनल मामला ज्यादा होता है मेरे
- 17:50ख्याल से। आपके पेरेंट्स भी कुछ
- 17:52मेरे बाबा भी ऐसे हैं। मैं
- 17:53वो कुछ ऐसे खर्चे कर ही नहीं पाएंगे जो आप
- 17:55चाहते हैं कि वो करें।
- 17:56हम
- 17:56और आपकी नेक्स्ट जनरेशन आपसे दुखी रहेगी
- 17:58इस मामले में। ऐसे मेरी मां को मैंने
- 18:00कितनी बार कोशिश की कि घर में डोमेस्टिक
- 18:02हेल्प लगा दूं।
- 18:04हम
- 18:04पर वो जिस माइंडसेट में रही है। बचपन से
- 18:06इतनी स्ट्रगल्स देखी। उनको हमेशा लगता था
- 18:08कि इतने पैसे मैं कैसे खर्च करूं। हम
- 18:11और मैं उनको नहीं समझा पाया कि आपके
- 18:14बच्चों के पास इतनी समृद्धि है कि वो आराम
- 18:17से मैनेज कर सकते हैं।
- 18:18हम
- 18:18उन्हें पता था कि मैनेज कर सकते हैं। पर
- 18:21तब भी एक दुविधा
- 18:22हम
- 18:23और अगर लगवा भी दिया तो भी लगातार दुविधा
- 18:25की मेरे ऊपर खर्च हो रहा है पैसा।
- 18:28अब आप इसको पैसा देके खत्म नहीं कर सकते।
- 18:30जो बचपन से न्यूरल पाथ बन जाता है दिमाग
- 18:32के अंदर उसको मिटाना बड़ा मुश्किल है।
- 18:35तो 18 से 25 साल का एक्सपीरियंस का परिणाम
- 18:38यह जरूर हुआ।
- 18:40कि मैं एक्स्ट्रा स्पेंडिंग से या पैसा
- 18:42वेस्ट करने से बचता हूं। लेकिन मैं एज एन
- 18:45एंप्लयर, एज ए बॉस, बहुत लिबरल और ठीक
- 18:50माना जाता हूं। अगर आपने ये रिसर्च की तो
- 18:52मेरे ख्याल से वो बात आपके सामने आई होगी।
- 18:53हम
- 18:54दृष्टि एज अ कंपनी इज सपोज टू बी द बेस्ट
- 18:57पे मास्टर इन द इंडस्ट्री। एंड आई एम
- 19:00प्राउड ऑफ इट।
- 19:02ऐसे और कौन सी चीजें हैं जो आप खर्चा नहीं
- 19:05कर सकते? जैसे आई विल गिव यू एन एग्जांपल।
- 19:06आपने आपकी मॉम का एग्जांपल दिया। मेरे
- 19:08फादर का भी एग्जांपल कि वो ड्राइवर नहीं
- 19:11रख सकते। उन्हें मैं बोलता हूं कि अब आपकी
- 19:15ऐज हो गई है। रख लो आप आराम से ईज़ इधर-उधर
- 19:19जाना आप को बहुत बार काम भी होता है। फोन
- 19:21पे भी बात करनी होती है। तो क्यों आप बीच
- 19:25वो क्या करते हैं? गाड़ी साइड में रोक के
- 19:26फिर 15 मिनट और बात कर
- 19:29लो। बोले मैं चला सकता हूं। मैं बोला हां
- 19:31मुझे पता है आप चला सकते हो। कभी कुछ
- 19:34इधर-उधर आप रख लो। क्या दिक्कत होगी?
- 19:36पार्किंग करने की दिक्कत नहीं है। कुछ भी
- 19:38वो बोलते हैं सुबह से रात तक खड़ा रहेगा
- 19:40वो क्या करेगा?
- 19:41हम यही यही प्रॉब्लम है। ऐसे ही
- 19:43चुभता रहता है कि ऐसे लग रहे हैं और काम
- 19:46होने
- 19:46कि वो खड़ा रहेगा क्या करेगा? मैं क्यों
- 19:48किसी को खड़ा रखूं? मैं क्यों खड़ा ठीक है
- 19:51ना? हम कर सकते नहीं करना मतलब नहीं करना
- 19:54और वो कुछ भी हो जाए। अच्छा हमें नहीं हम
- 19:57कुछ भी कर लें। कोई दिक्कत नहीं है। हम
- 19:59हमारे पैसों से करें उनके पैसों से करें।
- 20:02पड़ोस से लेके करें। उन्हें कोई दिक्कत
- 20:03नहीं है। खुद पे बहुत दिक्कत है।
- 20:05हां। ठीक बात है।
- 20:06और वो ना खुद खर्चा करेंगे उस पे ना मुझे
- 20:09करने देंगे ना मेरे भाई को करने देंगे।
- 20:11वाला हां उनके
- 20:12हां उनके ऊपर
- 20:13उनके ऊपर
- 20:14हां ये होता है।
- 20:15तो आपके कैसे ऐसे पैटर्न्स है जो आप जिन
- 20:17पे आप फिजूल खर्चा
- 20:18मेरे घर में
- 20:21कुछ ऐसे लोग हैं जो बहुत उदार हैं खर्च
- 20:24करने में।
- 20:25बहुत लिबरल हैं।
- 20:26हम
- 20:29तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। कितना भी
- 20:32खर्च हो। हम
- 20:32उन्हें पता है कि हमारी जो कंडीशन है ठीक
- 20:35है
- 20:35हम
- 20:36और क्यों कमाए हैं पैसे
- 20:37हम
- 20:38खर्च नहीं कर सकते तो
- 20:40मैं ही थोड़ा सा कंजूस टाइप का आदमी हूं
- 20:42उस मामले में और उसकी वजह मेरे ख्याल से
- 20:45वो ट्रॉमा ना हो के बचपन से संस्कार जो
- 20:47हमने
- 20:48सीखे वो ज्यादा हैं
- 20:49हम
- 20:51जैसे
- 20:53पिछले साल मैं अमेरिका जा रहा था तो मेरे
- 20:55परिवार के लोगों ने जिद करके मुझे एक
- 20:57फ्लाइट फर्स्ट क्लास की दिलवा दी
- 20:59हम
- 21:00मुझे ये भी नहीं पता था कि फर्स्ट क्लास
- 21:01बिज़नेस ला अलग-अलग होता है तो उतना ही पता
- 21:03लगा
- 21:05दिलवाई
- 21:06और पूरे खेत के बराबर जगह प्लेन के अंदर
- 21:10मिल गई और एक वो स्पेसिफिक व्यक्ति है जो
- 21:12बार-बार आइसक्रीम पूछ रहा है कुछ खाने को
- 21:14पूछ रहा है मैं उस 8 घंटे के फ्लाइट में
- 21:16इतना परेशान हो गया तो मैंने अपने फैमिली
- 21:19में कह दिया कि जिंदगी में इसके बाद
- 21:21फर्स्ट क्लास में नहीं जाऊंगा क्यों मुझे
- 21:23कंफर्टेबल नहीं लगता अकेले क्या बैठना है
- 21:27हां मैं इकॉनमी में आजकल थोड़ा बसता हूं
- 21:29क्योंकि वहां बहुत लोग पहचान वाले मिल
- 21:30जाते हैं तो
- 21:32प्राइवेसी का इशू हो जाता है।
- 21:34बिनेस में ये है कि प्राइवेसी का इशू नहीं
- 21:36होता और बहुत महंगा भी नहीं होता है। मतलब
- 21:38एस कंपेयर टू फर्स्ट क्लास और लोग दिखते
- 21:40रहते हैं आसपास में तो लगता है कि आप
- 21:42लोगों के बीच में है।
- 21:42हां फर्स्ट में तो बंद है कैबिन
- 21:45तो मैंने कहा ना भाई ना ये थोड़ा ज्यादा
- 21:47हो रहा है। और फिर जब पता लगा कि इतने
- 21:50पैसे लग गए तो मुझे बड़ा छुपा कि और
- 21:53ज्यादा चाहिए तो बहुत ज्यादा बट इसी रीज़न
- 21:56से लोग फर्स्ट चूज़ करते हैं। मोस्टली
- 21:59फर्स्ट और बिज़नेस में अधिकतर फ्लाइट में
- 22:01सिर्फ यही डिफरेंस होता है कि फर्स्ट में
- 22:04आप गुमनामी से आओगे। गुमनामी से चले
- 22:06जाओगे। प्राइवेसी होगी। लोगों को पता नहीं
- 22:08चलेगा।
- 22:08इतनी की जरूरत नहीं है मुझे।
- 22:11बस ये है कि कोई ज्यादा परेशान ना हो।
- 22:14इतना ही होता है।
- 22:15तो एक ये हो गया। और ऐसे कहां पे फिजूल जो
- 22:18लगते हैं आपको खर्चे?
- 22:20कुछ ऐसी चीजें मैं बोलूंगा तो फिर घर में
- 22:22डिस्प्यूट हो जाएगा। हमारे
- 22:25जैसे
- 22:27एक बार मेरे बेटे ने कहा कि पापा मुझे ये
- 22:30वाली कार चाहिए
- 22:31हम
- 22:31छोटा था
- 22:32हम
- 22:35मैंने कहा बेटा जब बड़े हो जाओगे खरीद
- 22:37लेना और हमें घुमा देना उसमें
- 22:39हम
- 22:41पापा आपके पास इतने पैसे तो नहीं है कि आप
- 22:42खरीद सकते हो
- 22:43हम
- 22:45तो मैंने कहा मैं खरीद सकता हूं का मतलब
- 22:47ये थोड़ी ना खरीद लूं
- 22:48हम
- 22:49खरीद सकता हूं सच में खरीद सकता हूं पर
- 22:51क्यों खरीदूं हम
- 22:53क्यों पैसा वेस्ट करूं?
- 22:56इसके बाद भी ये सच है कि हमारे पास एक आध
- 22:59बड़ी गाड़ी है।
- 23:00हम
- 23:00महंगी गाड़ी है। मैं पर्सनली बहुत
- 23:03कंफर्टेबल नहीं हूं उन चीजों के साथ। पर
- 23:07फैमिली तो सब लोगों से बनती है ना भाई। तो
- 23:09सब सबका मिला के जो बहुमत बनता है,
- 23:12मेजॉरिटी बनती है, उससे फैसले होते हैं।
- 23:15तो अगर मुझे अकेले कहीं जाना हो तो मैं
- 23:17भूल के भी ऐसी गाड़ी से ट्रेवल नहीं करता
- 23:19हूं। हम्।
- 23:20हां, जहां सेफ़्टी का इशू हो, हाईवे पे
- 23:23जाना है, खतरा है, वहां कभी-कभी कर लेते
- 23:25हैं।
- 23:27तो, मुझे ऐसा लगता है कि
- 23:30फिजूल खर्चा?
- 23:31हां। हम
- 23:32पर्सनल लेवल पे ऐसा लगता है।
- 23:33आप एग्जैक्ट ऐसे मेरे पापा जैसी बातें कर
- 23:35रहे हैं।
- 23:38हां। जैसे कोई मुझसे यह कहे कि एक घड़ी है
- 23:41₹40 लाख की वो पहन लो।
- 23:42हम
- 23:43हम गिफ्ट कर देंगे तो मैं गिफ्ट भी नहीं
- 23:45लूंगा। हम
- 23:47कोई मुझसे यह कहे कि भाई यह वाला चश्मा ले
- 23:49लो यह ₹ लाख का मैं कभी सोच भी नहीं सकता
- 23:53हूं।
- 23:53ऐसा क्यों है? मैं क्योंकि मैं भी ऐसा
- 23:55हूं। मैं गिफ्ट नहीं लेता लोगों से बाहर
- 23:58के किसी से भी अगर वो कोई जिसको जान पहचान
- 24:01वाला भी अच्छा भी ज्यादा महंगा गिफ्ट मुझे
- 24:03बहुत अनकंफर्टेबल हो जाता हूं। मैं नहीं
- 24:04लेता।
- 24:05वो इसीलिए कि आपको अंदर ही अंदर ये समझ
- 24:06में आता है कि इसकी कोई ना कोई कीमत
- 24:08चुकानी पड़ेगी।
- 24:09हम और होता है ऐसा।
- 24:11होता है।
- 24:12कोई भी चीज फ्री में कोई नहीं देता।
- 24:14दोस्ती आ रही
- 24:15यह हो सकता है कि फाइनेंसियल कॉस्ट ना हो
- 24:16पर इमोशनल कॉस्ट तो है ना उसके
- 24:18हां
- 24:19साइकोलॉजिकल है सोशल कॉस्ट है
- 24:21और वो एक्सपेक्ट करेगा ही करेगा
- 24:23जैसे कोई आपको गिफ्ट दे महंगा सा उसके
- 24:24बदले के कहे कि एक बार मेरे घर आ जाइए बस
- 24:27हम
- 24:28और आप इंट्रोवर्ट है आपको वही चीज ज्यादा
- 24:31महंगी लग रही है
- 24:32हां
- 24:32तो उससे अच्छे गिफ्ट मत लीजिए क्यों लेना
- 24:34है गिफ्ट एहसान लेने से बचना चाहिए जितना
- 24:37बचा जा सके
- 24:38बस
- 24:39अब आप रीच आउट कर सकते हो लोगों को कुछ
- 24:42काम होता है कुछ आपको किसी से मांगने में
- 24:44शर्म आती है?
- 24:45हम बहुत ज्यादा।
- 24:46बहुत ही ज्यादा।
- 24:48क्यों?
- 24:50सेल्फ रिस्पेक्ट कह लें, सेल्फ एस्टीम कह
- 24:52लें और एक अनकॉन्शियस फियर
- 24:55हम
- 24:55कि मैं कुछ मांगूंगा तो उसके बदले कुछ
- 24:58देना।
- 24:59चुकाना भी तो पड़ेगा। और वो क्या चुकाना
- 25:02पड़ जाएगा पता नहीं। एंड आई एम वन ऑफ द
- 25:05पीपल हु कांट से नो कंफर्टेबली। हम्
- 25:10सो इफ यू आर सच पर्सन इफ यू डोंट हैव
- 25:13कमांड ओवर सेइंग नो यू शुड अवॉयड सच
- 25:16सिचुएशंस
- 25:18मैं खुद क्यों क्रिएट करूं
- 25:20हम
- 25:21लेकिन हां कभी-कभी कहता हूं अगर कोई बहुत
- 25:23जेन्युइन रिक्वायरमेंट है
- 25:24हम
- 25:25अपनी तो मेरी कमी होती है लेकिन मान लीजिए
- 25:28कोई बच्चा है कोई ऐसी सिचुएशन में फंस गया
- 25:32जहां उसको बचाना ही है
- 25:34हम
- 25:34किसी को कहना पड़ा किसी आईएएस को आईपीएस
- 25:36को किसी सीनियर ऑफिशियल को तो कहता हूं और
- 25:40करते भी हैं लोग पर अपना काम हो तो बहुत
- 25:44कोशिश करता हूं कि ना ही कहूं
- 25:46हम
- 25:46कभी शर्म आई है किसी बात पे डू यू फील शेम
- 25:50वो तो पार्ट है मतलब बात
- 25:52नेसेसरी पार्ट ही
- 25:53जब आपने फर्स्ट टाइम कैलकुलेटर बेचा था
- 25:56हां हां
- 25:56जब वहां बेचते थे और आप एक पढ़ी लिखी
- 25:58फैमिली से हो आपने अच्छा टाइम देखा था फिर
- 25:59बुरा टाइम देखा तब शर्म आती
- 26:01नहीं उसमें शर्म नहीं आती उसमें क्या शर्म
- 26:03अरे भाई घर की स्थितियां खराब हुई कमाना
- 26:06है तो मैंने मैंने ₹1100 की नौकरी की थी।
- 26:08उस समय ये
- 26:09उस टाइम पे शर्म आती थी कि दूसरे दोस्त तो
- 26:11मेरे कुछ ये कर रहे हैं। नहीं
- 26:14मैं उससे बड़ा क्लियर था कि भाई अगर
- 26:16परिवार में दिक्कत आई है और मेरी
- 26:17जिम्मेदारी है कि मैं पैसा कमाऊं तो उसमें
- 26:19शर्म की क्या बात है?
- 26:20हम
- 26:20और उस समय मेरी उम्र थी 17 के आसपास तो
- 26:23मुझे क्या नौकरी मिलती है उस समय।
- 26:24हम
- 26:25वही नौकरी मिल सकती थी। तो वही नौकरी की
- 26:27मैंने।
- 26:27हम
- 26:28ये जरूर है कि किसी को बेचने के लिए जा
- 26:30रहे हैं। वो खराब से बोलेगा तो खराब तो
- 26:32लगता था।
- 26:33हम
- 26:34और सेलिंग में थोड़ी शर्म वैसे भी आती ही
- 26:37है।
- 26:37क्यों आती है? अपने इधर ज्यादा आती है।
- 26:39एंड अपने इधर सेल्समैन को देखते भी गलत
- 26:41नजरों से।
- 26:41हां तो उसी सेंस में मैं कह रहा हूं। मुझे
- 26:43दोस्तों के बीच में शर्म नहीं आती थी कि
- 26:45मैं ये काम कर रहा हूं। मैं फैमिली को
- 26:47लेके लगता था।
- 26:48हम
- 26:48सिर्फ ये कि किसी का स्पेस है। मैं जाके
- 26:51कह रहा हूं कि ये खरीद लो। उसको नहीं
- 26:53अच्छा लग रहा। बात नहीं करना चाह रहा। पर
- 26:55मैं कोशिश कर रहा हूं।
- 26:57हम
- 26:57तो किसी की प्राइवेसी इंक्लूड करने के
- 26:59सेंस में थोड़ा सा संकोच होता था। अदरवाइज
- 27:02तो काम है तो फिर बाकी कोई प्रॉब्लम नहीं
- 27:05थी। सो देन तो इट्स फाइन। हां इट्स फाइन।
- 27:08एंड यू सेड कि बुरा लग जाता था। लोग कुछ
- 27:10बोल देते थे। ऐसा अभी होता है कभी किसी
- 27:13बात पे व्हेन वाज़ द लास्ट टाइम यू फ्ट
- 27:15ह्यूमिलिएटेड।
- 27:17ह्यूमिलिएटेड
- 27:20मतलब अगर मैं कहूं तो जैसे एक साल पहले हम
- 27:24एक इंसिडेंट हुआ कि हमारे थोड़ा दूर एक
- 27:28इंस्टट्यूट की बेसमेंट में पानी भरने से
- 27:30तीन बच्चों की मृत्यु हुई।
- 27:33हम उसमें दूर-दूर तक कहीं नहीं थे। ना
- 27:35हमारा इंस्टट्यूट था ना हमारा कुछ था।
- 27:38सोशल मीडिया का चमत्कार ये हुआ कि उसके
- 27:40बाद पूरा देश मेरे पीछे पड़ गया।
- 27:43और आज तक मुझे कई ऐसे लोग मिलते हैं जो यह
- 27:46मान के चलते हैं कि वह इंसिडेंट हमारे
- 27:47इंसिडेंट में हुआ था। अब ऐसा कोई व्यक्ति
- 27:51मिल जाए और कहे कि ऐसा कैसे हुआ तो बुरा
- 27:55लगता है।
- 27:55बुरा लगता है। अब कितने लोगों को समझाएं?
- 27:58गांव-गांव तक अगर गलतफहमी फैल गई है तो
- 28:00कहां-कहां तक जाके समझाएं?
- 28:02बट ये तो गलतफहमी है। इसमें किसी ने
- 28:04आउटराइट आपको नीचा नहीं दिखाया।
- 28:07मीडिया ने और ठीक-ठाक। कई चैनल्स ने बहुत
- 28:10खराब वीडियो बनाए। मेरा नाम लेके मेरी
- 28:13फोटो डाल के वीडियो बनाए क्योंकि उससे
- 28:14व्यूज ज्यादा मिल जाते हैं।
- 28:17मैं उनकी मजबूरी भी समझता हूं।
- 28:19मुझे उनसे नफरत नहीं होती। मुझे मजबूरी
- 28:20समझ में आती है कि उनका भाई काम है उनको
- 28:23व्यूज चाहिए। उसी पे उनकी कमाई होनी है।
- 28:26अगर व्यूज के लिए मैं ही उनको मिल रहा हूं
- 28:28बाय चांस उस दिन।
- 28:29हम
- 28:30उनको रोज एक शिकार चाहिए। बेसिकली साल में
- 28:32दो दिन का भोजन मैं हूं। तो एक दिन तब आया
- 28:36था। उस दिन में भोजन था तो सबने शिकार
- 28:39किया। तो उसमें क्या कर सकते हैं? लेकिन
- 28:42ये लगता है कि भाई अगर हमारे यहां होता तो
- 28:44ठीक है। हम उसमें इन्वॉल्व अगर है ही नहीं
- 28:46तो फिर क्यों पीछे पड़े? बट गुस्सा गुस्सा
- 28:49नहीं आता कि इतनी मेहनत से मैंने इतनी
- 28:51क्रेडिबिलिटी बनाई है। इतना अच्छा काम
- 28:53करके तुम दो दिन के भोजन के चक्कर में सब
- 28:55बिगाड़। अगर आप थोड़ी सी फिलॉसफी समझते हो
- 28:58और जीते हो तो गुस्सा आना बंद हो जाता है।
- 29:00जैसे इस मामले में सच बात ये है कि मुझसे
- 29:03ज्यादा पढ़े लिखे, मुझसे ज्यादा समझदार,
- 29:06मुझसे बेहतर लाखों लोग देश में हैं।
- 29:09हम
- 29:10पर इतनी पॉपुलैरिटी उनको नहीं मिली।
- 29:12हम
- 29:14ये भी तो बाय चांस ही हुआ।
- 29:16होता क्या है कि जब कुछ अच्छा होता है
- 29:18उसको हम मानते हैं कि हमारी मेहनत से हुआ
- 29:20है। हमारी योग्यता से हुआ है। जबकि हमसे
- 29:22बड़े-बड़े तीस मार खां बैठे-बैठे सड़ गए
- 29:24हैं। उन्हें मौका नहीं मिला।
- 29:26हम
- 29:27तो जो जो अच्छा हुआ उसको मैंने मान लिया
- 29:29मेरा हक है।
- 29:30हम
- 29:30अब अच्छा हुआ मैं पॉपुलर हो गया। तो
- 29:33पॉपुलर होने में ही निहित है कि शिकार भी
- 29:36होना पड़ेगा कभी ना कभी। तो ये शिकार होना
- 29:39उस पूरे पैकेज का पार्ट है। जो आपको से
- 29:42मिल गया है।
- 29:43हां।
- 29:44तो जब आप उसमें खुश होते हो तो इसको साथ
- 29:46में लेके चलो। तो ये एक्सेप्ट कर लिया।
- 29:49यस यस यस ये शुरू से ही एक्सेप्टेड था या
- 29:51अभी-अभी करा एक्सेप्ट?
- 29:53मतलब एक दो साल से ये मुझे समझ में आना
- 29:55शुरू हो गया था। अब इसका एक रीसेंट बहुत
- 29:57रीसेंट एग्जांपल जो मैं बात नहीं करना चाह
- 29:59रहा पर एक एग्जांपल आपको देता हूं। अभी दो
- 30:02महीने पहले एक खबर खूब चली कि सीसीपीए ने
- 30:05हम पे एक फाइन लगाया।
- 30:06हम
- 30:06खूब
- 30:07बदनामी हुई। हम
- 30:10इंटरेस्टिंग बात है कि 3 साल पहले का वह
- 30:12मामला है और जितने इंस्टट्यूट्स आईएस में
- 30:14हैं उन सब पे फाइन लगा है।
- 30:17सब पे फाइन लगा है।
- 30:18हम
- 30:19सबकी न्यूज़ भी आई।
- 30:21किसी की भी न्यूज़ को सोशल मीडिया ने
- 30:23उठाया ही नहीं।
- 30:23हम
- 30:24पर जैसे ही हमारा नाम आया। फिर एक दिन का
- 30:27भोजन
- 30:29फिर एक दिन भोजन बना है। अब पूरे देश में
- 30:31सबको पता है इन पे फाइन लग गया है।
- 30:33हां। लगा सब पे है
- 30:34हम
- 30:35तो आप कभी-कभी सिलेक्टिवली शिकार बनेंगे।
- 30:39ये आपकी नियति है क्योंकि आप ज्यादा
- 30:40पॉपुलर हैं।
- 30:41हम
- 30:42तो ये मान के चलना चाहिए। अगर सलमान खान
- 30:46बहुत पॉपुलर है तो ये मान के चलना चाहिए
- 30:48कि बाकी कोई एक्सीडेंट करेगा तो बच
- 30:50जाएंगे। आप नहीं बचेंगे।
- 30:51हम
- 30:53क्योंकि आपको समाज ने वहां पहुंचाया भी तो
- 30:56है ना।
- 30:56हम
- 30:57तो आपकी गलती माफ़ नहीं होगी।
- 30:59पार्ट ऑफ द पैकेज।
- 31:01पैकेज
- 31:04ये टर्म आपको अच्छी लगी।
- 31:05पार्ट ऑफ़ द पैकेज।
- 31:08बट आप इमोशन सप्रेस करते हो ऐसे जब जबब
- 31:10रिएशंस होता है कि नहीं
- 31:12मैं मतलब मैं हैबचुअली ऐसा करता हूं।
- 31:15हैबचुअली इमोशंस को मारते हो। आप तो ओपनली
- 31:17बात करते हो इमोशंस के बारे में।
- 31:19नहीं नहीं मैं ये कहता हूं कि इमोशनली
- 31:21एक्सप्रेसिव होना अच्छी बात है। लेकिन मैं
- 31:24यही मानता हूं कि मेल्स में जनरली
- 31:26इनएक्सप्रेसिव हो जाना उनके नेचर का
- 31:28हिस्सा बन जाता है। एंड आई एम वन ऑफ देम।
- 31:30हम्।
- 31:31और जब से यह थोपी हुई महानता सोशल मीडिया
- 31:34ने लाद दी मेरे ऊपर तब से मैं थोड़ा और कम
- 31:36एक्सप्रेसिव हूं। क्योंकि देखिए क्या होता
- 31:38है मेरे साथ जो दो-तीन संयोग हुए एक तो
- 31:41मैं टीचर हूं।
- 31:42हम
- 31:43टीचर होने का मतलब भारत में स्पेशली ये है
- 31:45कि विद्यार्थियों की निगाह में आपको एक
- 31:48अलग लेवल पे जिंदगी जीनी है।
- 31:50हां।
- 31:51मसलन
- 31:53अगर आपका मन कर जाए कि आप सिगरेट पी लें
- 31:56अपने स्टाफ के सामने कोई दिक्कत नहीं है।
- 31:58कोई आपको जज नहीं करेगा।
- 32:00मैं नहीं पीता हूं सिगरेट। लेकिन मान
- 32:01लीजिए मेरा पीने का मन कर जाए और मैं
- 32:04स्टूडेंट सामने सिगरेट पी लूं कभी तो लोग
- 32:06जज करेंगे। क्योंकि टीचर के लिए माना गया
- 32:09कि उसकी अलग नैतिक जिंदगी होनी चाहिए।
- 32:14तो अगर आप टीचर हैं और पॉपुलर हैं तो आपको
- 32:17हम
- 32:17बहुत सारी ऐसी सहजताओं से दूर रहना पड़ेगा
- 32:20जो किसी के लिए नॉर्मल बातें हैं।
- 32:22खैर
- 32:23फिर मैं एक कंपनी रन करता हूं। जिस कंपनी
- 32:25में करीब 2000 लोग काम करते हैं। मैं उस
- 32:27कंपनी में एमडी भी हूं। हम
- 32:29फाउंडर हूं उसका। अब जितने लोग वहां काम
- 32:32करते हैं, चाहे वह टीचर्स हो, चाहे एडमिन
- 32:34स्टाफ के लोग हो,
- 32:35हम
- 32:36उनके साथ भी मैं दोस्त नहीं हो सकता।
- 32:39अगर मैं दोस्त हुआ, दोस्ती बढ़ गई तो फिर
- 32:42प्रोफेशनल बात ठीक से नहीं कर पाऊंगा।
- 32:45प्रोफेशनल बात करनी है तो दोस्ती नहीं
- 32:47बढ़ानी है। तो ना मैं क्लासरूम में दोस्त
- 32:50हो सकता हूं, ना टीचर से हो सकता हूं, ना
- 32:52स्टाफ से हो सकता हूं, ना टॉप मैनेजमेंट
- 32:54से हो सकता हूं।
- 32:57मैं जिस पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकला
- 32:59हूं, मेरे जो दोस्त स्कूल कॉलेज के थे,
- 33:02मैं पढ़ने में साधारण सा तो मेरे दोस्त भी
- 33:05वैसे ही थे।
- 33:06हम
- 33:07जनरली उनमें से बहुत कम लोग हैं जो काफी
- 33:11सफल हुए।
- 33:14वो बहुत मॉडेस्ट लेवल पर जिंदगी जीते हैं।
- 33:20वहां भी मुझे लगातार यह कोशिश करनी होती
- 33:23है कि कभी किसी को यह ना लग जाए कि बड़ा
- 33:26जो बन गया है।
- 33:30तो
- 33:32ये आपको भी करना ही पड़ता होगा। जब आप
- 33:34इंदौर जाते होंगे करना ही पड़ता होगा।
- 33:38दो लोगों के संबंध में अगर एक व्यक्ति बाय
- 33:40चांस आगे निकल गया तो उसकी जिम्मेदारी बढ़
- 33:42जाती है कि दूसरे को लगातार यह फील करवाए
- 33:44कि मैं वैसा ही हूं।
- 33:48तो मुझे हर लेवल पर ये फील करवाना होता है
- 33:50कि मैं वैसा हूं।
- 33:51हम
- 33:52बेशक मैं वैसा नहीं हूं।
- 33:55इसलिए प्रिटेंड करना मेरे जीवन का सामान्य
- 33:58हिस्सा है। इसलिए एक्टिंग करनी पड़ती है।
- 34:00इसलिए इमेज के साथ चलना पड़ता है। अच्छी
- 34:03बात नहीं है।
- 34:04हम
- 34:04और इसलिए जब मैं मुंबई में आया तो मैं
- 34:06थोड़ा सा रिलीव्ड फील कर रहा था क्योंकि
- 34:08यहां मुझ पर दबाव कम रहता है। थोड़ा
- 34:10ज्यादा एक्सप्रेसिव हो सकता है। दिल्ली
- 34:11में ज्यादा होता है दबाव। बट डू यू फील कि
- 34:14सारे मेन को फॉरगेट आपकी लाइफ, किसी
- 34:18पब्लिक फिगर की लाइफ नॉर्मल डे टू डे
- 34:20जिंदगी में भी
- 34:23अगर आप इफ यू आर अ मैन
- 34:27आपको ज्यादा एक्सप्रेसिव होने पे पनिश
- 34:30किया जाता है। इन सम सॉर्ट अगर आप आपको बस
- 34:34यह एक्सपेक्ट किया जाता है कि आप एक
- 34:36प्रोटेक्टर हो। आप बाहर जाओ। दुनिया से
- 34:38जीत के आओ और घर आके वापस प्रोटेक्ट करो।
- 34:41क्योंकि आप अगर दिखाओगे कि आप रोते हो तो
- 34:44आप वीक हो। हम
- 34:45अगर आप दिखाते हो आप गुस्सा करते हो तो आप
- 34:46टॉक्सिक हो। अगर आप दिखाते हो
- 34:51राइट अगर आप आप दुनिया से अफेक्टेड बोदर्ड
- 34:56चिड़चिड़े दिखाते हो तो आपको ऐसा लगता है
- 34:57कि क्या कैसा है ये? तो आप कोई भी इमोशन
- 35:01जो बहुत नेचुरल है एज अ मैन अगर आप वो
- 35:05दिखाते हो तो आप आपको ज्यादा अच्छी वैल्यू
- 35:08नहीं दी जाती।
- 35:10थोड़ा सा इसको अगर एवोल्यूशन की कहानी से
- 35:13जोड़ के देखें
- 35:14हम
- 35:15देखिए हमारी पूरी ह्यूमन हिस्ट्री के
- 35:18होमोसेपियंस की हिस्ट्री के 3 लाख साल में
- 35:23मुश्किल से 5000 साल से हमने धर्म
- 35:27परंपराएं ये सब चीजें शुरू की हैं। हम्।
- 35:31लेकिन उस 3 लाख साल में और अगर उसके पीछे
- 35:33मैं होमोसेपियंस बनने से पीछे का भी जोड़
- 35:35लूं
- 35:36हम
- 35:36तो कई लाख साल ऐसे हैं जिसमें हम जंगलों
- 35:40में और उन सब स्थितियों में रहे हैं।
- 35:43हम
- 35:44तो होता क्या है कि जो मैमल्स में ऐसे
- 35:48बहुत सारे स्पीशीज हैं जहां पर बाईपेरेंटल
- 35:52मतलब ये जो नर्चरिंग होती है बच्चे की
- 35:55बहुत जरूरी होती है।
- 35:56हम
- 35:56एक पेरेंट के बस की बात नहीं होती है।
- 35:59ह्यूमंस भी उनमें से एक हैं। और जिसज
- 36:02स्पीशीज में आमतौर पर चार से 5% मैमल्स
- 36:06में फैमिली स्ट्रक्चर दिखता है।
- 36:07हम
- 36:09जिस-जिस मैमल में ऐसा दिखता है वहां
- 36:13बाय डिफॉल्ट एक डिवीजन रहता है कि दोनों
- 36:16पेरेंट्स में से एक बच्चों को बचाएगा।
- 36:18हम
- 36:19एक बाहर जाके चीजों को इकट्ठा करेगा। हम्।
- 36:2399% ऑफ़ द ह्यूमन सोसाइटीज़ में यह डिवीज़न
- 36:27बड़ा सिंपल रहा है कि मेल बाहर से इकट्ठा
- 36:29करके लाएगा।
- 36:29हम
- 36:30फीमेल घर के अंदर बच्चों को संभालेगी और
- 36:32बचाएगी।
- 36:33हम
- 36:3399% मैं कह रहा हूं क्योंकि ये एक
- 36:35एक्सेप्शन है इसका।
- 36:37तो हमने अपनी हिस्ट्री के 99%
- 36:42ऑफ द टाइम में शिकार किया है। चीजें
- 36:46इकट्ठी की हैं। जब शिकार करने जाते हैं तो
- 36:49शिकार होने का खतरा भी है। क्योंकि टाइगर
- 36:52भी तो निकला हुआ है बाहर। उसको भी शिकार
- 36:55करना है। हमें भी शिकार करना है। हम हिरन
- 36:57को ढूंढ रहे हैं। टाइगर हमें ढूंढ रहा है।
- 36:58हम
- 37:00और उस समय आपके पास रोने का ऑप्शन नहीं
- 37:02होता। तो उस समय तो आपका फ्रंटल कॉर्टेक्स
- 37:04काम करता है।
- 37:05प्लेनिंग काम करती है। टेस्टोस्टरॉन काम
- 37:08करता है जो बहुत उत्तेजना पैदा करता है।
- 37:10आक्रामकता पैदा करता है। विनम्र हो ही
- 37:12नहीं सकते वहां पर। विनम्र होने का मतलब
- 37:15है मरना।
- 37:16हम
- 37:17सेकंड थॉट का मतलब है मरना।
- 37:19और बैलेंस होने की शर्त है कि सेकंड थॉट
- 37:22आपके दिमाग में है तो आप बैलेंस उस
- 37:23सिचुएशन में हो ही नहीं सकते।
- 37:25वहां तो एक ही बात है कि बस मरना है किसी
- 37:28भी तरह से। आप हथियार बना रहे हैं, योजना
- 37:30बना रहे हैं। सारे मेल्स मिलके हिंसा कर
- 37:33रहे हैं। शिकार किया, लेके आए।
- 37:36उसे इमोशनल लाइफ से बहुत मतलब है नहीं।
- 37:39उसे घर की चिकचिक बहुत पसंद नहीं आती है।
- 37:43उसके लिए परिवार का मतलब सिर्फ इतना है कि
- 37:45उसकी सेक्सफुल नीड्स पूरी हो रही है। छोटा
- 37:48बच्चा है बच्चे को उसने प्यार कर लिया।
- 37:51क्योंकि बहुत पीछे जाए तो मेल फैमिली का
- 37:55नॉर्मल पार्ट है भी नहीं।
- 37:58आप देखेंगे अधिकांश स्पीशीज में बच्चा
- 38:01होने के बाद केवल बच्चा और मां रहते हैं।
- 38:03बाप नहीं होता। आप डॉग्स में देखिए बाप
- 38:06कभी नहीं देखेगा। मंकीज में देखिए बाप नजर
- 38:09नहीं आएगा। कबूतरों में कुछ समय तक नजर
- 38:11आते हैं। बहुत कम स्पीशीज में।
- 38:15बाप फैमिली का हिस्सा है। यह हिस्टोरिकल
- 38:17फिनोमिना है। ये नेचुरल नहीं है।
- 38:20फैमिली का हिस्सा नहीं है।
- 38:22नेचुरली हिस्सा नहीं है फैमिली का।
- 38:25कल्चरली सोशली वो हिस्सा बनता गया। बनता
- 38:29गया। कब बना? जब थोड़ी सेफ्टी आ गई।
- 38:33हम
- 38:34सेटलमेंट्स होने लगी। खेती शुरू हो गई। अब
- 38:38उतना खतरा नहीं है। शिकार नहीं करना है।
- 38:41अब टाइम है उसके पास। अब उतनी हिंसा नहीं
- 38:44करनी है। उतनी हिंसा नहीं करनी है तो
- 38:46टेस्टोस्टरॉन का लेवल भी वैसा नहीं चाहिए।
- 38:48हम
- 38:48थोड़ा विनम्र हो सकते हैं। अब समय है तो
- 38:51परिवार में गुजरता है।
- 38:52हम
- 38:53घर में है तो बच्चों से ज्यादा बात करता
- 38:55है।
- 38:55हम
- 38:55पत्नी से ज्यादा बात करता है। वहां से फिर
- 38:58स्ट्रक्चर बनने शुरू होते हैं कि मोनोगमी
- 39:01होनी चाहिए। वुमेन राइट्स भी होने चाहिए।
- 39:04जेंडर इक्वलिटी होनी चाहिए। बच्चों के
- 39:06राइट्स होने चाहिए।
- 39:08तो आदमी इन 99% ऑफ द सिविलाइजेशंस और
- 39:11कल्चर
- 39:13पिछले कुछ 100 सालों में हजारों सालों में
- 39:16इस प्रोसेस से एडप्ट कर रहा है।
- 39:18हम
- 39:19अब वो धीरे-धीरे इमोशनल भी होने लगा है।
- 39:22कई घरों में आप देखेंगे जो मेल्स हैं बड़े
- 39:24इमोशनल हैं। बच्चों को लेके रोते भी हैं।
- 39:27हम
- 39:27कई घरों में आप देखेंगे फादर मदर बच्चे
- 39:30मिलके गाना गा रहे हैं।
- 39:31हम
- 39:32पर अगर आप किसी फ्यूुडल सोसाइटी में तो
- 39:34बाप ऐसा करता हुआ नजर नहीं आएगा आपको।
- 39:36जहां सिमिट्रिकल फैमिली ज्यादा बन गई है
- 39:39वहां ऐसा दिखेगा आपको।
- 39:42तो बच्चा मतलब बाप अपनी बेटी से बहुत
- 39:44प्यार करे और दिखाए भी।
- 39:46हम
- 39:46बेटे से बहुत स्नेह करे, दिखाए भी। ये नया
- 39:49फिनोमिना है जो नए समाजों में आ रहा है।
- 39:53इसलिए अगर कोई फादर बहुत एक्सप्रेसिव नहीं
- 39:55है तो लाखों सालों की तो वही हिस्ट्री है।
- 39:57एवोल्यूशन
- 39:58धीरे-धीरे सीख रहे हैं।
- 40:00हम
- 40:00और आज से कुछ हजार साल बाद शायद ये कॉमन
- 40:03हो जाएगा।
- 40:03बहुत कॉमन हो जाएगा।
- 40:04आज नहीं है।
- 40:06मुश्किल है। जैसे अगर आप हरियाणा से हैं,
- 40:10पंजाब से हैं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से
- 40:13हैं तो बहुत मुश्किल है। हम
- 40:17एंड मुंबई में है तो शायद दिख जाएगा,
- 40:20बेंगलुरु में दिख जाएगा, पुणे में दिख
- 40:22जाएगा।
- 40:23पर ना मल्टीपल रिसर्चेस भी की गई है ऑन
- 40:26डेवलप्ड सोसाइटी आल्सो। हम
- 40:28यहां पे डेवलप्ड है दो इंडिविजुअल्स साथ
- 40:31में रहते हैं इतनी ज्यादा और ऑलमोस्ट
- 40:34सिमिलर रोल्स हैं। दोनों काम करने जाते
- 40:36हैं घर आते हैं। राइट? उन सोसाइटीज में भी
- 40:39बहुत सारी लड़कियों से पूछा गया मल्टीपल
- 40:42बार अलग-अलग अलग-अलग थिंकर्स ने,
- 40:45रिसर्चरर्स ने, यूनिवर्सिटीज ने रिसर्च
- 40:47करी। वो बोलती हैं कि उन्हें वनरेबल मैन
- 40:51अच्छे लगते हैं। हम
- 40:52राइट? जो वनरेबिलिटी दिखाते हैं,
- 40:54जो अपने इमोशंस दिखाते हैं। दैट्स ग्रेट।
- 40:58पर सबने जब पार्टनर चूज़ करने की बात आई तो
- 41:01वो नहीं चूज़ करती।
- 41:02हम हम
- 41:04वुमेन डोंट चूज़ वलनेरेबल पार्टनर्स
- 41:07बिकॉज़ दे फील सम हाउ कि ये वीक है। ये बचा
- 41:09नहीं पाएगा।
- 41:10इवोल्यूशन की भाषा में अगर इसको देखें तो
- 41:12मेल और फीमेल सिलेलेक्ट कैसे करते हैं
- 41:14पार्टनर अपना।
- 41:16तो बहुत सिंपल कांसेप्ट है। एक जोकर
- 41:19क्वर्क नाम के राइटर हैं। उनकी किताब है।
- 41:21इट्स नॉट यू। इट्स बायोलॉजी। बहुत फेमस
- 41:23किताब है। इवोल्यूशनरी साइकोलॉजी पे बेस्ड
- 41:26है।
- 41:28आप कितना भी एक्टिंग कर लीजिए कि मैं अपना
- 41:31जीवन साथी इन इन पैराटर्स पे चुनूंगा। ये
- 41:33सब कहने की बातें हैं। जब डिसीजन होता है
- 41:36तो आपका दिमाग उस समय काम नहीं कर रहा
- 41:38होता। हम
- 41:38तभी तो न्यूरो साइंस ये साबित कर रही है
- 41:40कि हम जब सोचते हैं उसके पहले फैसला हो
- 41:43चुका होता है हमारे न्यूरॉन्स के लेवल पे।
- 41:46कैसे हम डिसाइड करते हैं? तो हमारा
- 41:49सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस काम करता है और वो
- 41:51इवोल्यूशन के प्रिंसिपल पे करता है। हम
- 41:54आदमी को वो औरत समझ में आती है
- 41:58अनकॉन्शियसली जो उसके स्वस्थ बच्चे को
- 42:01पैदा कर पाएगी और उसका पालन पोषण कर
- 42:04पाएगी।
- 42:06पूरी एस्थेटिक्स इसी पर टिकी हुई है। मेल
- 42:10नजर को फीमेल की वही फिगर समझ में आती है
- 42:15जिसमें बॉडी के वही पार्ट्स डेवलप्ड हैं
- 42:18जो बच्चे को जन्म देने और बच्चे को पोषण
- 42:20देने के लिए काम करेंगे।
- 42:23ये अनकॉन्शियसली यही है।
- 42:25ये सब अनकॉन्शियस लेवल पे है। आप कितना भी
- 42:27एक्टिंग कर लें। हां इस ब्यूटी के
- 42:29कांसेप्ट में जो कलर वाली बात है यह
- 42:32डेवलपमेंट के साथ कल्चर का पार्ट है
- 42:34क्योंकि नेचुरली ब्लैक ब्यूटीफुल नहीं है
- 42:37और वाइट ब्यूटीफुल है ये बेकार की बात है
- 42:38हम
- 42:39ये रेसिज्म डेवलप हुआ सदियों के साथ लेकिन
- 42:43जिसको हम लोग एस्थेटिक्स में फिगर कहते
- 42:45हैं स्वस्थ शरीर कहते हैं उसका कांसेप्ट
- 42:49बेसिकली अनकॉन्शियस माइंड में वही है।
- 42:51ओके
- 42:52तो जब कोई कहे कि वो मुझे अच्छी लगती है।
- 42:55उसका अनकॉन्शियस माइंड यह बता रहा है कि
- 42:57यह स्वस्थ बच्चे को जन्म दे पाएगी और पाल
- 43:00पाएगी उसको।
- 43:02फीमेल के लिए क्या है? इवोल्यूशन में
- 43:04देखिए
- 43:06शिकार करना है, बहुत खतरा है। औरत को बाकी
- 43:10मर्दों से भी खतरा है।
- 43:11हम
- 43:12वहां ना तो विवाह संस्था बनी है, ना
- 43:14सोसाइटी डेवलप हुई है, ना कानून है, ना
- 43:17जुडिशरी है, ना पुलिस है, कुछ नहीं है। वो
- 43:20कैसे बचाए बाकी मर्दों से अपने आप को?
- 43:24उसे एक ऐसा मर्द चाहिए, एक ऐसा आदमी चाहिए
- 43:27जो उसे बाकी मर्दों से बचा ले। एक तो
- 43:30दूसरा
- 43:32उसे मां बना दे और तीसरा जब वो गर्भावस्था
- 43:36में होगी या बच्चा हो जाएगा। बच्चे
- 43:38बार-बार होंगे ना। एक बच्चा हो गया है,
- 43:41दूसरा पेट में है।
- 43:42हम
- 43:4210 बच्चे होने हैं, 15 बच्चे होने हैं उस
- 43:44समय। तो
- 43:45हम
- 43:46तो उस पूरे 15 20 साल के प्रोसेस में जब
- 43:48बच्चे छोटे हैं या पेट में हैं तब मेरे
- 43:51लिए बाहर से खाना ले आएगा। इतना स्वस्थ
- 43:55होना चाहिए कि यह ना हो कि मैनेज नहीं कर
- 43:58पा रहा। तो बाकी मर्दों से कौन बचाएगा जो
- 44:01ताकतवर होगा। खाना कौन ला पाएगा जो ताकतवर
- 44:04होगा? क्योंकि वही शिकार कर पाएगा। इसलिए
- 44:07सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस में महिला को चाहिए
- 44:09सुरक्षा। हम
- 44:11बाकी मर्दों से हम
- 44:13और इनसिक्योरिटी ऑफ फूड एटसेट्रा छोटे
- 44:17बच्चों की परवरिश के लिए
- 44:19तो हम कितनी भी कोशिश कर लें जब जबजब हम
- 44:22सिलेक्शन कर रहे होते हैं आदमी लोगों से
- 44:25आप कितना ही पूछ लीजिए
- 44:2610 पैरामीटर्स रहेंगे लेकिन सिलेक्शन के
- 44:28टाइम पे सुंदरता नंबर एक पे आ जाती है और
- 44:31सुंदरता भी ध्यान रखना है सुंदरता दिमाग
- 44:34के अंदर वही है
- 44:37जैसे महिलाओं का है वनरेबल अच्छा लगता
- 44:40डेमोक्रेटिक लगता है, सिमेट्रिकल फैमिली
- 44:42लगता है कि हां तुम रोते हो मुझे अच्छा
- 44:45लगता है। लेकिन जिंदगी गुजारने के लिए
- 44:48दिमाग में आता है वो जो मुझे संभाल सके।
- 44:51अगर आप इवोल्यूशनरी साइकोलॉजी को पूरा ठीक
- 44:54मानते हैं तो ये व्याख्या पूरी ठीक है।
- 44:55हम
- 44:56लेकिन इवोल्यूशन का प्रोसेस भी ऐसा नहीं
- 44:58है कि वो रुक गए कहीं। हम अब मान लीजिए कि
- 45:02कोई बच्चा बॉम्बे में पैदा हुआ और उसके
- 45:05पेरेंट्स काफी हद तक सिमिट्रिकल है। दोनों
- 45:07नौकरी करते हैं। दोनों घर आते हैं। प्यार
- 45:09से बात करते हैं। उनके अंदर वो
- 45:12टेस्टोस्टरॉन वाला ऐसा नहीं था कि पापा
- 45:14हमेशा गुस्सा करेंगे, लड़ाई करेंगे। ऐसा
- 45:16नहीं है।
- 45:16बहुत सॉफ्ट पापा हैं। मम्मी भी सॉफ्ट हैं।
- 45:19हम
- 45:19अच्छी परवरि रही बच्चों की। दोनों ने खूब
- 45:22पढ़ाई की, सोशियोलॉजी पढ़ा, साइकोलॉजी
- 45:24पढ़ा।
- 45:25ये बच्चे जब अपना जीवन साथी ढूंढेंगे तो
- 45:28केवल वो काम नहीं करेगा। जो इनके घर में
- 45:31लर्निंग्स हैं वो भी तो काम करेंगे।
- 45:33इसलिए ऐसे लोग भी आपको मिल जाएंगे जो ऐसी
- 45:38लड़कियां हैं जो अपने जीवन साथी को रोते
- 45:40हुए देखना चाहेंगी।
- 45:42हम
- 45:42और एक कंट्राडिक्शन यह भी हो सकती है कि
- 45:44वो चाहें कि अकेले में कभी-कभी मेरे सामने
- 45:47रोए और दुनिया के सामने शेर बन के खड़ा
- 45:50हो।
- 45:52ऐसे ही आदमी के साथ होगा। हम्
- 45:54कि मुझे बहुत सुंदर मुझे बहुत फिट किस्म
- 45:57की पत्नी चाहिए। लेकिन अकेले में अगर वह
- 46:00परेशान है, वीक है, बायोलॉजिकली अपसेट भी
- 46:02है, तो प्रेम तो है ना अभी उसको भाई। एक
- 46:05लंबे समय में प्रेम तो डेवलप हो ही जाता
- 46:06है।
- 46:08तो इवोल्यूशन एक बड़ा फैक्टर है साइकोलॉजी
- 46:10को समझने के लिए।
- 46:11इट इज़ नॉट द ओनली फैक्टर बट इट इज़ वन ऑफ़ द
- 46:14मेजर फैक्टर्स।
- 46:15व्हाट डू यू फील? व्हाट्स बेटर? लव मैरिज,
- 46:17अरेंज मैरिज?
- 46:19[संगीत]
- 46:20मेरा पहला सवाल है कि मैरिज या नो मैरिज?
- 46:22एक तो पहला सवाल
- 46:23मैरिज या नो मैरिज
- 46:26ठीक है तो
- 46:27मैरिज या नो मैरिज
- 46:28मुझे ऐसा लगता है कि फ्यूचर मैरिज का बहुत
- 46:32सेफ नहीं है।
- 46:33क्यों?
- 46:33फिर एक बात है
- 46:36इवोल्यूशन का माइंडसेट कहें या वैसे
- 46:38माइंडसेट कहें। हम
- 46:40हर इंसान के दिमाग में इंसान ही नहीं
- 46:43हर स्पीशीज के दिमाग में हर प्राणी के
- 46:45दिमाग में तराजू रखा हुआ है।
- 46:47हां
- 46:48उसके एक तरफ कॉस्ट एक तरफ बेनिफिट है।
- 46:50हम
- 46:52आप कहें ना कहें आपके दिमाग में 24 घंटे
- 46:54वो तराजू एक्टिव रहता है।
- 46:56हर चीज में कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस। हर
- 46:58ह्यूमन रिलेशन अल्टीमेटली यहां तक कि
- 47:00फैमिली के अंदर भी इसी सिस्टम पे काम करते
- 47:03हैं।
- 47:04मां और बच्चे का रिलेशन स्पेशली जब बच्चा
- 47:06बहुत छोटा हो तो थोड़ा सा इससे अलग उसको
- 47:08अनकंडीशनल लव कह देते हैं। अदरवाइज हर
- 47:10ह्यूमन रिलेशन इसी बेटे का हुआ है।
- 47:12ठीक है?
- 47:14शादी छोड़ के बाकी सारे रिश्ते ऑलमोस्ट
- 47:17सारे रिश्ते फैमिली वाले गिवन है।
- 47:20हम
- 47:21मैं अपने पिताजी को नहीं चुन सकता, मां को
- 47:23नहीं चुन सकता, भाई-बहन नहीं चुन सकता। हम
- 47:25वो तो गिवन है।
- 47:26हां
- 47:27जहां गिवन है वहां दिमाग उतना चलता नहीं
- 47:30कि फायदा है कि नुकसान है।
- 47:31ट्रू और यह है ही नहीं। है तो है क्या?
- 47:34कभी-कभी आप दुखी हो सकते हैं कि अच्छा बाप
- 47:36मिल जाता है। अच्छा भाई मिल जाता है,
- 47:38अच्छी बहन मिल जाती। कभी-कभी खुश हो सकते
- 47:40हैं। अच्छा वो वो नहीं मिला
- 47:42कि मेरे वाले ज्यादा अच्छे हैं।
- 47:43हम
- 47:44पर चॉइस नहीं है वहां पर आपके पास।
- 47:46हमारी पूरी जिंदगी में एक रिश्ता जहां
- 47:48चॉइस है।
- 47:49हां।
- 47:50फैमिली रिलेशंस की बात करूं। दोस्तों को
- 47:51छोड़ के बात कर रहा हूं।
- 47:53वो स्पाउस है।
- 47:55और यह भी तय है कि स्पाउस का इंपैक्ट
- 47:58हमारे जीवन पर सबसे ज्यादा है। हम
- 48:00इनिशियल पार्ट ऑफ लाइफ छोड़ दें। मोटे तौर
- 48:04मान लीजिए 25 की उम्र में शादी हुई तो 25
- 48:06से लेके 75 80 90 जो भी है।
- 48:08हम
- 48:09लगभग 3/4 ऑफ़ द लाइफ उसी का इंपैक्ट रहने
- 48:12वाला है। और 24 घंटे का इंपैक्ट है। ना
- 48:15मां के साथ 24 घंटे, ना बाप के साथ, ना
- 48:17भाई के साथ, ना बहन के साथ। हम्
- 48:18वहां 24 घंटे का है।
- 48:21जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला है शादी।
- 48:25तो कॉस्ट बेनिफिट का तराजू सबसे ज्यादा
- 48:28एक्टिव रहता है।
- 48:29हम
- 48:30ये अलग बात है कि शादी कम उम्र में हो गई।
- 48:32जब तक प्री फ्रंटल कॉर्टेक्स आपका डेवलप
- 48:35ही नहीं हुआ था तो अफसोस से नहीं इमोशन से
- 48:36बह के शादी कर लेते हैं।
- 48:3818 20 22 साल के बच्चे हैं। प्यार हुआ भाग
- 48:40के शादी कर ली। वो एक अलग बात है।
- 48:42हां।
- 48:42पर अगर आप 25 क्रॉस कर गए
- 48:45और ये हिस्सा डेवलप हो गया। हम
- 48:47तराजू ठीक से डेवलप हो गया।
- 48:49आप देखेंगे जो 25 तक शादी नहीं करते फिर
- 48:51अक्सर वो लेट हो जाते हैं। फिर वो 30 हो
- 48:54गया, 35 हो गया। तराजू बहुत एक्टिव हो गया
- 48:56है।
- 48:56अब उनको हर मामले में लगता है कि यार
- 48:58बेनिफिट ज्यादा है कि कॉस्ट ज्यादा है। वो
- 49:00नोट्स बनाते हैं। लिस्ट बनाते हैं।
- 49:02लॉस क्या है? क्स क्या है?
- 49:05और हमेशा लगता है कि ये पैकेज ठीक नहीं
- 49:09है। हम
- 49:10इसमें लॉस ज्यादा है। इन टोटिटी
- 49:14मुझे ऐसा लगता है कि नियर फ्यूचर में
- 49:18मैरिज सिस्टम अपने आप में जितने बेनिफिट
- 49:21देगा उससे ज्यादा प्रॉब्लम्स देगा। तो जो
- 49:25जनजी है आप भी जजी वाले शायद होंगे।
- 49:27हां जी।
- 49:28और जो जैन अल्फा है उसमें टेंडेंसी ये
- 49:31बढ़ी कि लोग शादी ना करें। हम
- 49:34और जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा ये टेंडेंसी
- 49:37और बढ़ेगी कि शादी ना करें। यह मेरा
- 49:39अनुमान है।
- 49:40बीइंग अ स्टूडेंट ऑफ सोशियोलॉजी एंड
- 49:41साइकोलॉजी मुझे लगता है कि ऐसा होगा।
- 49:44क्यों? क्योंकि शादी से जो बेनिफिट्स
- 49:47मिलते थे वो बिना शादी के ही मिल रहे हैं।
- 49:51भाई पुराने जमाने में लोग शादी क्यों करते
- 49:53थे? क्योंकि उनको सेक्सुअल नीड्स फुलफिल
- 49:56करने का एक ही रास्ता था शादी। हम
- 49:59या तो रेड लाइट एरिया में आप जाएंगे मेल्स
- 50:02को यह ऑप्शन मिल जाएगा। पर यह कोई ऐसा
- 50:03ऑप्शन तो है नहीं कि आप इसके भरोसे जिंदगी
- 50:05गुजारेंगे।
- 50:07नहीं तो एक ही तरीका है। समाज ने एक ही
- 50:09रास्ता छोड़ रखा है शादी।
- 50:11सेक्सुअल नीड्स एक उम्र के बाद परेशान
- 50:13करती हैं। वो आपको पूरी करनी ही है। तो
- 50:17शादी कर लो। इसलिए कल्चर क्या थी?
- 50:20लड़कियों के पेरेंट्स बहुत जोर लगाते थे
- 50:22कि बेटा शादी से पहले मिलना नहीं है। हम
- 50:26बहुत बाद में हुआ तो मुंह दिखाई कर लो।
- 50:28मिलने के टाइम पे दो मिनट बात कर लो अकेले
- 50:30में लेकिन मिलना नहीं। क्योंकि लोगों को
- 50:35आईडिया है कि वो खुमार 4 दिन, 10 दिन, 20
- 50:38दिन में खत्म हो जाएगा।
- 50:41और फिर हो सकता है स्पेशली लड़के के मामले
- 50:44में हो सकता है कि उसको लगे कि नहीं हम
- 50:48उस खमार को उतरने से पहले शादी करवा देनी
- 50:50है। जिंदगी भर का इंश्योरेंस लेना है।
- 50:53क्योंकि लड़कियों के पास उस समय नौकरी
- 50:55नहीं है। पढ़ाई लिखाई है नहीं।
- 50:56हम
- 50:57समाज ने भेजा ही नहीं पढ़ने लिखने के लिए।
- 51:00नौकरी केवल बेटा करेगा। खेती केवल बेटा
- 51:02करेगा। बाहर का सारा काम बेटा करेगा। कमा
- 51:04के बेटा लाएगा।
- 51:06बेटे की जरूरतें पूरी करने के लिए एक
- 51:08दुल्हन आएगी।
- 51:10दुल्हन के पास यूएसपी क्या है? कि वह उसकी
- 51:12एक नीड को पूरा कर सकती है। दुल्हन से कोई
- 51:14पूछेगा ही नहीं कि तुम्हें लड़का पसंद है
- 51:16कि नहीं है। कोई नहीं पूछता था
- 51:18हम
- 51:19और सबको पता है लड़की के बाप को भी, लड़के
- 51:22के बाप को भी सबको पता है क्योंकि वो भी
- 51:24उस दौर से गुजरे हुए हैं।
- 51:25हम
- 51:26कि सेक्सफुल नीड्स कुछ समय के बाद जब कम
- 51:28होती हैं या मन भरने लगता है तो विवाह
- 51:31नहीं टिकता उसके बाद।
- 51:33हम
- 51:33तो दो सिस्टम्स आप देखेंगे पुराने समाजों
- 51:36में एक तो शादी से पहले मेल मिलाप नहीं
- 51:38होगा। हम
- 51:40दूसरा शादी के बाद तलक नहीं होगा।
- 51:41हम
- 51:43चाहे आप कैथोलिक्स में देखें, यहूदियों
- 51:45में देखें, हिंदुओं में, सिखों में, जैनों
- 51:47में, बौद्धों में देखें मुस्लिम्स के
- 51:49अपवाद हैं थोड़े से। डिवोर्स नहीं होगा।
- 51:52क्योंकि डिवोर्स का दरवाजा खोल दिया तो
- 51:54लाइन लग जाएगी।
- 51:55हम
- 51:56तो मौका देना ही नहीं है। बांध लेना है।
- 52:00अब आज के समाज में क्या है? लड़कियां खूब
- 52:02पढ़ती हैं। कॉलेज जाती हैं। उनकी नौकरी
- 52:05है, करियर है। मैं स्पेशली बॉम्बे दिल्ली
- 52:06की बात कर रहा हूं। गांव में भी वही चल
- 52:09रहा है।
- 52:11अब यहां डेटिंग साइट्स हैं। नौकरी में लोग
- 52:15मिलते हैं। स्कूल कॉलेज में लोग मिलते
- 52:17हैं। हजारों इंटरेक्शंस हैं। अगर प्रेम हो
- 52:20गया कानून आपके फेवर में है। अगर आप 18
- 52:23प्लस के हैं। ये दोनों बच्चे 18 से कम के
- 52:26हैं।
- 52:26हम
- 52:26ये दोनों 18 से ऊपर हैं। कानून परेशान
- 52:29नहीं करता आपको।
- 52:30कोई रोक ही नहीं सकता।
- 52:31हम
- 52:32कोई पुलिस, कोई समाज आपको मना कर ही नहीं
- 52:35सकता प्रेम करने से लीगली। तो आप कर रहे
- 52:38हैं। सोशल मीडिया आप देख रहे हैं। रील
- 52:40लगातार देख रहे हैं। टीवी देखते हैं,
- 52:43फिल्में देखते हैं। हर जगह वैसा माहौल है।
- 52:45डेटिंग साइट्स पे लाइन लगी हुई है। आपको
- 52:47इतने ऑप्शंस मिल जाते हैं। हालांकि उसमें
- 52:49खतरे भी होते हैं। बहुत इंसिडेंट्स हैं
- 52:51लेकिन ऑप्शंस तो हैं।
- 52:52हम
- 52:53पहले खतरा क्या था कि अगर फिजिकली इंटिमेट
- 52:58हो गए वो लड़की प्रेग्नेंट हो गई तो
- 53:00जिंदगी खत्म। हम
- 53:02यह सबसे बड़ा खतरा रहा है। हम
- 53:04हमने लिटरेचर में देखा है हजार साल के
- 53:07लिटरेचर में लगभग हर सदी में कुछ ऐसी
- 53:09रचनाएं हैं जहां महिला प्रेग्नेंट हो गई
- 53:12और जिंदगी खत्म हो गई। ये सबसे बड़ा खतरा
- 53:14रहा है ह्यूमैनिटी के लिए। एनिमल्स में
- 53:17खतरा नहीं है क्योंकि हमारी शादी का
- 53:18सिस्टम नहीं है।
- 53:19हम
- 53:19ह्यूमंस में है।
- 53:21क्यों खत्म हो गई? क्या?
- 53:221961 में पहला कंट्रासेप्टिव यूके में
- 53:25आया।
- 53:26हम
- 53:26जिसमें यह हुआ कि आप मतलब महिलाओं के लिए
- 53:29था। एक पिल थी। हम
- 53:31उसको लोगों ने मैजिक पिल बोलना शुरू किया
- 53:33वहां पर हम
- 53:34वो प्रेगनेंसी को रोक सकती थी
- 53:36हम
- 53:381961 के बाद कंट्रासेप्ट्स बहुत सारे आ गए
- 53:41हम
- 53:42पहली बार दुनिया उस स्थिति में है जहां
- 53:45फिजिकल इंटिमेसी के बाद भी आप माना बनना
- 53:49चाहे तो ना बने
- 53:50हम
- 53:50जबरदस्ती नहीं
- 53:51हम
- 53:53जब ये हो जाएगा ओपननेस है ही लोग मिल रहे
- 53:57हैं बाहर
- 53:59उनमें से बहुत लोगों को शादी करने की
- 54:01जरूरत क्यों लगेगी? एक बहुत बड़ी संख्या
- 54:03में लोग हैं जिनके लिए शादी का इतना ही
- 54:05मतलब था।
- 54:07उन्हें वो सब मतलब नहीं था कि दो लोग
- 54:08रहेंगे आत्मा तन मन विचार मिलेंगे और हम
- 54:12लोग कंपैनियनशिप वो सब तो शहरी किस्म की
- 54:14बातें हैं।
- 54:16एक आम जो बच्चा है जो पढ़ा लिखा नहीं है।
- 54:20मजदूरी करता है। वैसे उसके दोस्त हैं।
- 54:24उनकी भाषा में जब बात होती है तो शादी किस
- 54:26लिए की जाती है? हम
- 54:28एक लड़की चाहिए ज़रूरतें पूरी करने के लिए
- 54:31तो बच्चे चाहिए
- 54:32और वह लड़की घर में आएगी घर का माहौल ऐसा
- 54:34है कि वह उसमें ढलना ही होगा उसको
- 54:37हम
- 54:37क्योंकि कल्चर यह भी है कि डोली यहां से
- 54:40गई अर्थी वहां से उठेगी वापस नहीं आना है।
- 54:43हम
- 54:43अलग नहीं होना है। डिवोर्स का कानून हमारे
- 54:46समाज में 1955 में आया है। 1955 से पहले
- 54:50कोई हिंदू सिख, जैन या बौद्ध तलाक ले ही
- 54:54नहीं सकता था।
- 54:571955 अभी सिर्फ 70 साल हुए हैं।
- 55:00तलाक का ऑप्शन नहीं है। संस्कार है कि
- 55:03लड़की वापस नहीं आएगी अपने मायके में।
- 55:04लड़की वापस नहीं आई तो कहां जाएगी? ससुराल
- 55:07में ही रहना है और वहां पति की जरूरतें
- 55:10पूरी करनी है। ये एक सेटअप था जो दुनिया
- 55:13के अधिकांश समाजों में था।
- 55:14हम
- 55:16अब ऐसे बहुत सारे ऑप्शंस हैं। अगर किसी को
- 55:19शादी केवल इसलिए करनी थी कि मेरी नीड्स
- 55:22पूरी हो। हम
- 55:23हजारों ऑप्शंस हैं।
- 55:26ऐसे बहुत लोग हैं उनको पेरेंट बनना ही
- 55:27नहीं है। मेरे कई दोस्त हैं जिनकी उम्र 40
- 55:30के आसपास है। पतिप्नी है। पेरेंट नहीं है
- 55:32ना उनको बनना है।
- 55:34हम
- 55:34नहीं बनना। डंक बोलते हैं वो लोग उनको डबल
- 55:37इनकम नो किट्स या सिंक हो गया। सिंगल इनकम
- 55:39नो किट्स हैं।
- 55:41चाहिए नहीं बच्चे।
- 55:43हम पूछते हैं कि बच्चा क्यों नहीं चाहिए?
- 55:46बोलते हमने पूछा कि आपको क्यों चाहिए?
- 55:49आपकी चॉइस आपको चाहिए। हमारी चॉइस हमें
- 55:51नहीं चाहिए।
- 55:53तो जिसको बच्चा चाहिए ही नहीं उसके लिए
- 55:54शादी का क्या मतलब था? नीड्स पूरी हो जाए।
- 55:58एक दोस्त मिल जाए जिंदगी भर के लिए
- 56:00दोस्त वैसे ही मिल सकते हैं। को लिविंग
- 56:02में मिल जाते हैं।
- 56:02हम
- 56:04को लिविंग में ये ऑप्शन भी है कि आप एक
- 56:06समय के बाद नहीं कंपेटिव बोले अलग हो
- 56:08जाइए। क्यों साथ रहना है? दोनों पढ़े लिखे
- 56:11हैं। दोनों समझदार हैं। कॉन्फिडेंट हैं,
- 56:14सिक्योर हैं। कोई इनसिक्योरिटी है नहीं तो
- 56:16क्या परेशानी है उनको?
- 56:19इसलिए जिस गति से लोग पढ़ लिख रहे हैं,
- 56:22बड़े शहरों में रह रहे हैं, कमा रहे हैं।
- 56:25ओपननेस जो उनके थॉट्स में आ गई है। क्रॉस
- 56:28जेंडर जो इंटरेक्शंस
- 56:31की क्वांटिटी और क्वालिटी बढ़ गई है।
- 56:33ग्लोबल कल्चर का जो इंपैक्ट है अमेरिका
- 56:36में, फ्रांस में क्या हो रहा है वो हम
- 56:37यहां पर देख रहे हैं।
- 56:40ठीक-ठाक चांसेस हैं कि शादी का इंपैक्ट कम
- 56:42होता जाएगा। अभी भी हिस्ट्री में हाईएस्ट
- 56:47नंबर ऑफ सिंगल लोग आज हैं।
- 56:48हां पर जेन्युइन मुझे फैक्ट नहीं पता पर
- 56:51व्हिच इज द अंडरस्टैंडेबल है।
- 56:53हाईएस्ट नंबर ऑफ़ सिंगल पीपल टुडे इन द
- 56:55वर्ल्ड।
- 56:56मैंने नंबर ऑफ़ पीपल हु आर चूजिंग नॉट टू
- 56:58बी मैरिड।
- 57:00टू नॉट टू बी मैरिड। नॉट टू आल्सो बी इन अ
- 57:03रिलेशनशिप ऑफ़ एनी फॉर्म ऑफ़ कमिटमेंट। दे
- 57:07आर लाइक नॉन कमिटेड रिलेशनशिप्स में हम रह
- 57:09लेंगे। कमिटेड रिलेशनशिप्स में हम किसी
- 57:10में भी नहीं रहेंगे। हाईएस्ट नंबर ऑफ़
- 57:11एनसीएम उसको बोलते हैं क्या है नहीं
- 57:15कमिटेड क्या है नॉन मोनोगैमी वाला एक शब्द
- 57:20चलता है आजकल जिसका मतलब ये है कि हम
- 57:22ट्रांसपेरेंट है
- 57:22हम
- 57:23पर नॉन मोनोगमस है
- 57:24हम
- 57:25और हमारे अंदर है फिर या पॉलीमरोस
- 57:27रिलेशनशिप आप सुनते होंगे ना पॉलीमरोस
- 57:29रिलेशन
- 57:31डू यू फील लोग पॉलीगैमस ही होते हैं
- 57:33पॉलीगमस अलग है पॉलीमरोस अलग है एकदम
- 57:35अलग-अलग बातें हैं
- 57:36नहीं बाय बाय बर्थ डू यू फील ह्यूमंस
- 57:39यस यस यस वेरी मच नॉट इवन ह्यूमंस इवन द
- 57:44एनिमल्स तो आर देयर मोस्ट ऑफ़ द एनिमल्स आर
- 57:46एनिमल्स की बात नहीं बर्ड्स की बात कर रहा
- 57:48हूं बर्ड्स के बारे में ये गलतफहमी रही है
- 57:50लंबे समय तक कि वो मोनोगमस होते हैं
- 57:53लेकिन जब डीएनए फिंगरप्रिंटिंग से रिसर्च
- 57:56हुई तो पाया गया सर दरअसल मोनोगैमी के चार
- 58:00टाइप्स होते हैं एक होता है मेंटल
- 58:02मोनोगैमी
- 58:02हम
- 58:03कि मेरे दिमाग में भी किसी और का विचार
- 58:05नहीं आएगा
- 58:06हम
- 58:08एक होती है सेक्सुअल मोनोगैमी कि दिमाग
- 58:10में बेशक आता है पर रिलेशनशिप एक से ही
- 58:13रहेगी। हम
- 58:14एक होती है जेनेटिक मोनोगैमी कि रिलेशंस
- 58:18किसी से बनते रहे पर मां-बाप बनेंगे तो हम
- 58:21दोनों ही बनेंगे। किसी और के साथ नहीं
- 58:22बनेंगे।
- 58:23ओके?
- 58:23एक होती है सोशल मोनोगैमी कि मां-बाप किसी
- 58:26और के साथ बन भी गए ना। तो समाज को देखेगा
- 58:30यही कि हम दोनों पतिप हैं और यह हमारा
- 58:32बच्चा है।
- 58:33ऐसे बहुत बच्चे हैं जो उन पेरेंट्स के साथ
- 58:36नहीं है जो दरअसल जिसके हैं
- 58:37हम
- 58:38ऐसी कहावतें हैं हम
- 58:40मदर्स बेबी फादर्स मेबी एक ऐसी कहावत बहुत
- 58:42प्रसिद्ध है अफ्रीकन कहावत है ये एक
- 58:46ब्रिटिश कहावत है मदर इज अ फैक्ट फादर इज
- 58:49अ फेथ
- 58:51भाई डीएनए फिंगरप्रिंटिंग से पहले कोई
- 58:53कैसे क्लेम कर सकता था कि ये मेरा बाप है
- 58:55कि नहीं है
- 58:57ये तो भरोसा है अब डीएनए फिंगरप्रिंटिंग
- 59:00से पता लग जाता है
- 59:01हम
- 59:01और ये तो मुश्किल से पिछले 50 साल की बात
- 59:03है। 30 साल की बात है।
- 59:04हम
- 59:05तो 30 साल पहले तक दुनिया में केवल भरोसा
- 59:07चल रहा था।
- 59:08हम
- 59:09अभी ब्रिटेन में शाही परिवार के एक बच्चे
- 59:12का जब जेनेटिक स्ट्रक्चर देखा गया तो उसके
- 59:14जींस में इंडियन जींस भी देखे गए हैं।
- 59:18आप किसी का भी निकाल लेंगे पूरी कुंडली तो
- 59:21विश्वास उठ जाएगा।
- 59:22हां।
- 59:23पीछे की किसी ना किसी पीढ़ी में कभी ना
- 59:25कभी ऐसा हुआ होगा।
- 59:26हम
- 59:27तो भरोसे पे दुनिया चल रही है। ये भरोसाई
- 59:30पे और क्या है?
- 59:32भाई हां आप बता रहे हो
- 59:34तो सोशल मोनोगैमी
- 59:35हम
- 59:35हम लोग सोशल मोनोगैमी में आम तौर पर रहते
- 59:37हैं।
- 59:37हम
- 59:38तो मेरा मानना यह है पक्षियों के बारे में
- 59:41भी यह माना गया फाइनली उनमें सोशल
- 59:43मोनोगैमी है।
- 59:46उनमें जेनेटिक या सेक्सुअल मोनोगैमी नहीं
- 59:48है। कबूतर कबूतरी एक बच्चा पाल रहे हैं
- 59:50मिलके
- 59:51पर हो सकता है उस कबूतर का ना हो।
- 59:55पर वो एक हम
- 59:57कपल की तरह से पालेंगे क्योंकि उनकी
- 59:59स्पीशीज को बाईपेरेंटल केयरिंग चाहिए।
- 1:00:01हम
- 1:00:03जहां तक ह्यूमंस की बात है, ह्यूमंस के
- 1:00:05बारे में सामान्य धारणा यही है कि वह
- 1:00:07मेंटल मोनोगमी तो इंपॉसिबल ही मान के
- 1:00:10चलिए। सेक्सुअली मोनोगमस मेरे ख्याल से
- 1:00:13ठीक-ठाक संख्या में लोग होते हैं। जिसमें
- 1:00:15एक बड़ी वजह है कि उनके पास ऐसी
- 1:00:16अपॉर्चुनिटीज भी नहीं होती हैं।
- 1:00:20एक ट्राइबल माहौल में आपकी शादी हुई, वहां
- 1:00:23इतनी बंदिशें हैं
- 1:00:26कि कोई संभावना ही नहीं है। और अगर आपने
- 1:00:28गलती की तो सीधे मर्डर हो जाएगा आपका। हम
- 1:00:30तो कई लोग रहेंगे जिंदगी भर जिंदगी भर
- 1:00:33रिलेशनशिप में ही नहीं रहेंगे और रहेंगे
- 1:00:36तो एक से रहेंगे ऐसे लोग बहुत सारे हैं।
- 1:00:38हम
- 1:00:41लेकिन मेरे ख्याल से ह्यूमन सोसाइटी अगर
- 1:00:44नेचर की बात करें ह्यूमन बीइंग्स की
- 1:00:46स्पेशली इफ यू आर टॉकिंग अबाउट मेल्स
- 1:00:50तो मोनोगैमी एक कल्चरल कंस्ट्रक्ट है। वो
- 1:00:54नेचुरल फिनोमिना नहीं है।
- 1:00:55व्हाई यू सेड मेल्स? वुमेन में नहीं होता
- 1:00:58ये। वुमेन के मामले में उतना नहीं मानते
- 1:01:01हैं। उसकी वजह यह है कि जब दोनों में
- 1:01:03इंटरेक्शन होता है दो वजहों से ऐसा कहा
- 1:01:06जाता है। मैं ये नहीं कह रहा कि फीमेल्स
- 1:01:08में नहीं होता है। मैं कह रहा हूं स्पेशली
- 1:01:10इन मेल्स
- 1:01:11टू टू एट एक्सटेंट फीमेल्स में भी ऐसा हो
- 1:01:14सकता है। लेकिन दो रीज़ंस इसको थोड़ा सा अलग
- 1:01:17करते हैं।
- 1:01:19पहला रीजन यह है कि
- 1:01:21जो इमोशनल लव है हम
- 1:01:24जनरल परसेप्शन यह है कि आदमी का इमोशनल लव
- 1:01:28बहुत तेजी से उठता है उतना ही तेजी से
- 1:01:31डाउन चला जाता है।
- 1:01:33शुरुआती प्रेम में आप देखेंगे लड़के
- 1:01:35ज्यादा उत्सुक रहते हैं। हर चीज में
- 1:01:37डिमांड वही करते हैं। हर नया प्रस्ताव वही
- 1:01:39देते हैं।
- 1:01:40हम
- 1:01:41उनके हार्मोंस टेस्टोस्टरॉन को बहुत
- 1:01:43परेशान करता है।
- 1:01:45पर वो तब तक है जब तक फिजिकल इंटिमेसी
- 1:01:48नहीं बनी है। हम
- 1:01:49फिजिकल इंटिमेसी बनने के बाद या दो चार 10
- 1:01:5220 बार बनने के बाद बहुत तेजी से उनका
- 1:01:55ग्राफ नीचे आना शुरू होता है। इसलिए
- 1:01:57महिलाओं को अक्सर शिकायत रहती है कि तुम
- 1:02:00जैसे पहले थे वैसे अब नहीं है।
- 1:02:02और वो बेचारा जानबूझ के ऐसा नहीं कर रहा।
- 1:02:04उसकी नेचर वैसी है।
- 1:02:05ओके। इवोल्यूशन में उसको बनाया ऐसा गया
- 1:02:07है।
- 1:02:10फीमेल्स का जो लव का फिनोमिना है वो समय
- 1:02:15के साथ मैच्योर होता है।
- 1:02:17एक झटके में नहीं होता। वो धीरे-धीरे उस
- 1:02:20स्थिति में आती हैं।
- 1:02:21हम
- 1:02:21चाहे वो फिजिकल लव हो, चाहे नॉन फिजिकल लव
- 1:02:23हो। फिजिकल लव में भी उन्हें वक्त लगता है
- 1:02:27इंटिमेट होने में और इंटिमेसी के उस बिंदु
- 1:02:30पर पहुंचने में जो मेल्स को नहीं लगता है।
- 1:02:32हम
- 1:02:33और जब रहने लगती हैं धीरे-धीरे उनका प्रेम
- 1:02:36गहरा होने लगता है। दिस इज नॉट अबाउट ऑल द
- 1:02:38वमेन
- 1:02:38इन जनरल
- 1:02:40और उनके प्रेम में इमोशनल एलिमेंट ज्यादा
- 1:02:44हो।
- 1:02:45ये संभावना ज्यादा रहती है।
- 1:02:47दिस इज वन थिंग।
- 1:02:49दूसरा
- 1:02:51मेल्स की सेक्सुअल लाइफ की ड्यूरेशन बहुत
- 1:02:54ज्यादा है। हम
- 1:02:56141 साल की उम्र से 55 60 आजकल तो शायद 65
- 1:03:0070 की उम्र तक भी वो एक्टिव रह लेते हैं।
- 1:03:03एंड दे हैव द कैपेसिटी ऑफ़ प्रोड्यूसिंग
- 1:03:05चिल्ड्रन इवन इन द एज ऑफ़ 50 55 60 65 70।
- 1:03:09तो फीमेल्स को यह भी पता है कि हमारा
- 1:03:12अट्रैक्टिव होना, मदर हो पाना बहुत दूर तक
- 1:03:15चलेगा नहीं। हम
- 1:03:16तो सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस में इवोलशनरी
- 1:03:19साइकोलॉजी में बात कही जाती है।
- 1:03:22तो उनमें डेविएशन का स्कोप थोड़ा सा कम इस
- 1:03:25अनकॉन्शियस एलिमेंट से भी होता है कि एक
- 1:03:27को चुने वो बात तक हमें सुरक्षा दे तो
- 1:03:30जरूरी है कि एक ठीक से चुन लें। दूसरे साथ
- 1:03:32हम रहें।
- 1:03:33तो दूसरा पैरामीटर क्या हुआ? इमोशंस।
- 1:03:36तीसरा उनकी जो बायोलॉजी है उसका अंतर भी
- 1:03:40उनको थोड़ा सा परेशान करता है।
- 1:03:42इसलिए वुमेन में ये टेंडेंसी थोड़ी सी कम
- 1:03:46दिखेगी कि वो मल्टीपल पार्टनर्स के साथ
- 1:03:50में हो। सोशल कंट्रोल भी इसमें एक फैक्ट
- 1:03:52है। ऐसा नहीं कि वो नहीं है। सोशल कंट्रोल
- 1:03:55कम भी हो तो भी अगर आप देखेंगे तो मेरे
- 1:03:58ख्याल से रिलेटिवली मेल्स में टेंडेंसी
- 1:04:01आपको ज्यादा नजर आएगी। क्योंकि अगर आप
- 1:04:03पूरा डिजाइन देखें बच्चा पैदा करने में
- 1:04:06उनकी भूमिका केवल कुछ मिनट की है और मां
- 1:04:09की पूरी 9 महीने की है।
- 1:04:12उन कुछ मिनटों के बाद वो फिर भूखा है।
- 1:04:15हम
- 1:04:16उसको फिर जरूरतें हैं एक दिन दो दिन के
- 1:04:18बाद। फिर उसके अंदर ये टेंडेंसी भी है कि
- 1:04:22कुछ नयापन हो। ये भी इवोल्यूशन से आ रहा
- 1:04:25है। उसका इवोल्यूशनरी डिज़ केवल एक ही है
- 1:04:29कि उसको अपनी संतान पैदा करनी है
- 1:04:32सुरक्षित। हम
- 1:04:34और संतान जहां से भी पैदा हो सकती है करनी
- 1:04:36है।
- 1:04:38इसलिए जो जो सुंदर स्वस्थ फीमेल्स उसको
- 1:04:41देखेंगे उसके मन में अट्रैक्शन आएगा और
- 1:04:43अट्रैक्शन का इतना ही मतलब है कि उसका
- 1:04:46जेनेटिक मेकअप उसको परेशान कर रहा है कि
- 1:04:48इस महिला के थ्रू भी संतान पैदा कर लो
- 1:04:50ताकि तुम्हारे बेस्ट जीन सुरक्षित रहे।
- 1:04:53इतना ही मतलब है इसका। इस प्रकृति को ना
- 1:04:57विवाह से मतलब है, ना तलाक से मतलब है।
- 1:04:59प्रकृति को मतलब केवल एक चीज से है कि आप
- 1:05:01मरने से पहले अपना बच्चा पैदा कर दें। हम
- 1:05:03सर्वाइवल बना रहे।
- 1:05:04हम
- 1:05:06क्योंकि महिला को 9 महीने लगने हैं और
- 1:05:08उसके बाद दूध भी उसको पिलाना है। पालना भी
- 1:05:10उसको है।
- 1:05:12उसके लिए प्रैक्टिकल भी नहीं है कि वो
- 1:05:13बहुत सारे मेल्स ढूंढे। हम
- 1:05:16मेल का काम कुछ मिनट का ही है। इसलिए वह
- 1:05:19बार-बार अपने जींस छोड़ सकता है। अपने जो
- 1:05:23स्पर्म था छोड़ सकता है। यहां भी वहां भी
- 1:05:24वहां भी ताकि उसकी जनरेशंस आगे बढ़े
- 1:05:27कंटिन्यू हो। इसलिए जो लोग इवोल्यूशनरी
- 1:05:30पर्सपेक्टिव से साइकोलॉजी को समझते हैं,
- 1:05:33सोशियोलॉजी को समझते हैं, उनका मानना है
- 1:05:34कि मेल्स में मोनोगमस या मोनी या क्या
- 1:05:40कहेंगे? मोनो एमरोस ना होना बहुत ही कॉमन
- 1:05:42बात है।
- 1:05:43बिकॉज़ ऑफ़ इवोल्यूशन
- 1:05:45इवोल्यूशन। तो पॉलीगमी का मतलब है एक शादी
- 1:05:48का सिस्टम।
- 1:05:49हम
- 1:05:49पॉली एमरोस का मतलब है कि दो मेल दो फीमेल
- 1:05:54एक साथ रहते हैं। दोनों को दोनों से प्यार
- 1:05:56है। दोनों को दोनों से प्यार है। वो
- 1:05:58ट्रांसपेरेंसी है। धोखा नहीं दे रहे। ओपन
- 1:06:01है। तो आज क्यों करते हैं लोग? अब क्योंकि
- 1:06:04अब तो यह सारे फैक्टर्स हट गए। अब
- 1:06:07जेनेटिकली लोगों को कोई
- 1:06:10अपना ऑफस्प्रिंग भी नहीं बनाना। राइट?
- 1:06:12इट्स नॉट इवन जगह देना नहीं है।
- 1:06:15इवोल्यूशनरी राइट। तो आज तो आज क्यों लोग
- 1:06:20मल्टीपल पार्टनर साथ में बहुत लोग चीटिंग
- 1:06:22भी करते हैं। बहुत क्यों चीटिंग करते हैं?
- 1:06:24चीटिंग ग्राफ वर्ल्ड में भी वो भी बहुत
- 1:06:25हाई पे है।
- 1:06:26व्हाई डू यू थिंक टुडे पीपल चीट?
- 1:06:28अब इसमें दो बातें हैं। एक तो अब तो बच्चे
- 1:06:31बहुत सारे नहीं चाहिए तो ऐसा क्यों करते
- 1:06:32हैं? इसका जवाब ये है कि सबकॉन्शियस या
- 1:06:35अनकॉन्शियस को बनने में ना हजारों साल
- 1:06:37लगते हैं।
- 1:06:38हम
- 1:06:38उसको चेंज होने में भी हजारों साल लगेंगे।
- 1:06:41हम
- 1:06:42तो हम आज की स्थितियों को कितना भी समझे
- 1:06:45हमारा अनकॉन्शियस पहले के हिसाब से चल रहा
- 1:06:47है।
- 1:06:47हम
- 1:06:49उसको चेंज होने में कई हजार साल लगेंगे।
- 1:06:51हजार साल तक या कई हजार साल तक ये
- 1:06:53कंट्राडिक्शन बना रहेगा कि आज कंडीशन चेंज
- 1:06:56हो गई पर हमारा दिमाग वैसे ही काम करता
- 1:06:58है। एक तो ये है
- 1:07:01दूसरा आपने कहा कि लोग चीटिंग क्यों करते
- 1:07:03हैं? चीटिंग इसलिए करते हैं
- 1:07:07कि जैसे हम अनकॉन्शियस में हैं, इवोल्यूशन
- 1:07:11से बने हैं और जैसे हमारे सोशल स्ट्रक्चर
- 1:07:14बने हैं उसके बीच में कंट्राडिक्शन है।
- 1:07:18सोशल स्ट्रक्चर आपसे कहता है कि आप मनोवमस
- 1:07:21रहें।
- 1:07:21हम
- 1:07:22ये मूल्य है, संस्कार है।
- 1:07:24कानून भी ये है। जिंदगी भर
- 1:07:26कानून भी ये है।
- 1:07:27हालांकि कानून अब क्राइम तो नहीं माना
- 1:07:29जाता है। पहले भी क्राइम बहुत स्पेसिफिक
- 1:07:32केस में था। ऐसे क्राइम नहीं माना जाता।
- 1:07:33अगर दो कंसेंटिक लोग हैं, एडल्ट्स हैं तो
- 1:07:35कोई दिक्कत नहीं है। अभी पर हमें भारत की
- 1:07:38बात कर रहा हूं। कई देशों में दिक्कत है।
- 1:07:40हम
- 1:07:40जैसे ईरान में अगर कोई महिला ऐसा करेगी तो
- 1:07:42उसको पत्थरों से मारा जाएगा। ये आज भी
- 1:07:45नियम है। पाकिस्तान में भी ऐसा नियम है।
- 1:07:49तो
- 1:07:53कंट्राडिक्शन ये है कि मेरे जींस मुझे
- 1:07:57बार-बार परेशान करते हैं कि नएपन की खोज
- 1:08:00करो।
- 1:08:02और मेरे सोशल स्ट्रक्चर्स मुझे धमकी देते
- 1:08:04हैं कि अगर की तो छोड़ेंगे नहीं। हम
- 1:08:08अब इस कंट्राडिक्शन में तीन चीजें हो सकती
- 1:08:10हैं।
- 1:08:12एक तो ये कि मैं समाज को छोड़ के भाग जाऊं
- 1:08:15और इवोल्यूशनरी साइकोलॉजी के लेवल पे जीू।
- 1:08:18हम
- 1:08:18पागल हो गया कोई आदमी। मान लीजिए सड़क पे
- 1:08:21घूमता रहता है आवारा हो के।
- 1:08:22लोग उस पे ध्यान देना बंद कर दे। कुछ भी
- 1:08:24करता रहे।
- 1:08:24हां।
- 1:08:25तो उसने समाज को छोड़ दिया
- 1:08:26और इवोल्यूशन के लेवल पे जी रहा है।
- 1:08:28बट उसकी मीटिंग वैल्यू भी तो कम हो जाएगी
- 1:08:30फिर।
- 1:08:30हां। या किसी और कंट्री में चला गया।
- 1:08:32मीटिंग वैल्यू कम हो जाएगी। लेकिन ऐसे लोग
- 1:08:35कुछ ना कुछ तो मिल ही जाएंगे कि कम से कम
- 1:08:37उसको जरूरतें पूरी हो जाए। इंपॉसिबल नहीं।
- 1:08:42दूसरा तरीका क्या है? उसने अपने सोशल
- 1:08:45स्ट्रक्चर्स को संभालने के लिए अपनी
- 1:08:48जेनेटिक, इवोल्यूशनरी और बायोलॉजिकल नीड्स
- 1:08:51को पूरी तरह से सप्रेस कर दिया। हम
- 1:08:55जो बहुत लोग करते ही हैं और दुनिया को
- 1:08:58बोलते हैं कि हम तो ट्रूली मोनोगमस हैं।
- 1:09:00अंदर तो स्ट्रगल चलता ही है। क्फ्लिक्ट
- 1:09:02चलता ही है उनके अंदर भी। उस क्फ्लिक्ट
- 1:09:04में वो अपने नेचुरल आस्पेक्ट को मार देते
- 1:09:06हैं अपने सोसाइटल एस्पेक्ट को ठीक रखने के
- 1:09:09लिए।
- 1:09:11अधिकांश लोग ना ये कर पाते हैं ना वो कर
- 1:09:13पाते हैं।
- 1:09:15तब एक ही रास्ता है या दो रास्ते हैं।
- 1:09:18वो अपने स्पाउस से बहुत ट्रांसपेरेंट
- 1:09:21ऑनेस्ट बातचीत करें कि देखो भाई मेरा
- 1:09:23जेनेटिक मेकअप मुझे बड़ा परेशान करता है।
- 1:09:26सोशल नॉर्म यह है कि हम लोग मोनोगमस रहे
- 1:09:30हैं।
- 1:09:32मैं रह नहीं पा रहा हूं।
- 1:09:35तो मैं क्या करूं?
- 1:09:37अब ऐसे में मेल ये चाहेगा कि उसकी पत्नी
- 1:09:39ये कहे कि अच्छा तुम जो ठीक समझो कर लो।
- 1:09:42मुझे दिक्कत नहीं है। पर चिंता ये भी अगर
- 1:09:45उसने ये कह दिया कि ठीक है तुम भी और मैं
- 1:09:47भी वो झेल नहीं पाएगा।
- 1:09:52क्योंकि दोनों में पज़ेसिवनेस भी ठीक-ठाक
- 1:09:54है और वह भी उस इनसिक्योरिटी से कनेक्टेड
- 1:09:57है।
- 1:09:57हम
- 1:09:57शुरुआती इनसिक्योरिटी से।
- 1:10:01इतना ट्रांसपेरेंट होने की परमिशन हमारे
- 1:10:03स्ट्रक्चर देते भी नहीं आमतौर पे।
- 1:10:05ये बात कितने पतिपत्नी आपस में कर सकते
- 1:10:07हैं।
- 1:10:09शायद ही
- 1:10:111% कोई होंगे तो होंगे।
- 1:10:13हम
- 1:10:13अब एक ही रास्ता बचा।
- 1:10:16चीटिंग
- 1:10:16हम
- 1:10:18इसलिए चीटिंग का कोई डाटा तो हमारे पास है
- 1:10:21नहीं। पर मेरा ख्याल है कि चीटिंग इतनी
- 1:10:24ज्यादा होती होगी जितनी हमारा डाटा बता
- 1:10:27नहीं पाएगा।
- 1:10:28आप जिस डाटा की बात कर रहे हैं वो तो बहुत
- 1:10:30क्योंकि इन चीजों का ग्राफ सर्वे कैसे हो
- 1:10:33सकता है? और सोशली लोगों का साउंड भी
- 1:10:35करेक्ट भी तो साउंड करना है। प्लस देयर आर
- 1:10:38एप्स नाउ आई नो
- 1:10:41ओनली फॉर चीट एंड
- 1:10:42ओनली फॉर चीटिंग
- 1:10:43ओनली फॉर चीटिंग एंड देन एक्स्ट्रा मैरिटल
- 1:10:45अफेयर्स। मैंने पहले रिसर्च की थी एक ऐप
- 1:10:48के बारे में पढ़ा था कि इंडिया में या
- 1:10:49शायद ग्लोबली काम करती है जो केवल चीटिंग
- 1:10:52के लिए करती है।
- 1:10:52एक्स्ट्रा मैरिटल एक्स्ट्रा मैरिटल ग्रीडन
- 1:10:54शायद नाम उसका है ना
- 1:10:55इट्स बीन डाउनलोडेड लेफ्ट राइट सेंटर लाइक
- 1:10:58इट्स उसका डाउनलोड डेट भी बहुत है इंडिया
- 1:11:01में तो इट्स इट्स इनसेन
- 1:11:03नहीं वो तो है ही और मैंने सुना है कि
- 1:11:05शायद साउथ इंडिया के किसी शहर में शायद
- 1:11:08कोची का नाम बीच में ऐसा है कि वहां सबसे
- 1:11:11ज्यादा डाउनलोड्स हैं उस ऐप के
- 1:11:13दैट आई डोंट नो
- 1:11:14एक्सक्टली पर
- 1:11:17यू नो यह जो आपने बातें करी यह तो बहुत
- 1:11:19सुनने के बाद प्रीफंटल कॉर्टेक्स काम
- 1:11:21करेगा तो समझ में आएगी। नहीं तो लिंबिक
- 1:11:23सिस्टम तो यह बोलता है कि भाई कैसी बातें
- 1:11:25कर रहे हो
- 1:11:28इन सिंपल वर्ड्स कि इमोशनली जिस सोसाइटी
- 1:11:34में मैं पला बड़ा हूं। आप भले बड़े हो
- 1:11:38उसमें यह बातें भी रॉन्ग है कि आप सोच
- 1:11:41कैसे सकते हो इस बारे में कि
- 1:11:42नहीं नहीं लेकिन
- 1:11:43चीटिंग को किसी भी तरह से डिफाइन करके
- 1:11:46नॉर्मलाइज कैसे कर
- 1:11:47नहीं नॉर्मलाइज कर भी नहीं रहे लेकिन मैं
- 1:11:49एक बात इसमें बहुत इंटरेस्टिंग बात यह भी
- 1:11:51है इसी सोसाइटी में कुछ बड़े नेताओं ने यह
- 1:11:54बात कही है कि लड़के हैं गलती हो जाती है
- 1:11:58इसी सोसाइटी की बात है ना
- 1:12:01सोसाइटी का काम करने का अलग तरीका है क्या
- 1:12:06जो पेरेंट्स हैं या फोर पेरेंट्स हैं हम
- 1:12:09वह भी कभी इस उम्र में थे ही
- 1:12:13मेंटल मोनोगमी तो वो भी नहीं कर पाए होंगे
- 1:12:15हम
- 1:12:17हो सकता है कि चीटिंग्स उन्होंने भी की हो
- 1:12:19हम
- 1:12:20पर चीटिंग का तो सौंदर्य इसी में है कि
- 1:12:23किसी को ना पता लगे
- 1:12:24हम
- 1:12:25उन दोनों के अलावा किसी को ना पता हो
- 1:12:28तो लगभग सब लोगों को दोनों बातें पता है
- 1:12:31हम
- 1:12:32एक तो ये कि चीटिंग हर जनरेशन के लोगों ने
- 1:12:35किसी ना किसी मात्रा में की है।
- 1:12:37हम
- 1:12:38और यह भी कि अगली जनरेशन को सिखाना है कि
- 1:12:41मत करो। कल्चरल नॉर्म्स में मैं अकेले में
- 1:12:43डेविएट हो गया तो मैं पब्लिकली थोड़ी ना
- 1:12:46कहूंगा कि नॉर्म गलत है।
- 1:12:48हम
- 1:12:48कभी-कभी ऐसा होता है कि 100 लोग हैं समाज
- 1:12:50में 100 के 100 चीटिंग कर रहे हैं पर
- 1:12:53नॉर्म ये है कि नहीं करनी है। और जब जब
- 1:12:55100 इकट्ठे बैठ रहे हैं नारा लगा रहे हैं
- 1:12:56कि नहीं करनी है। तो ट्रेडिशनल सोसाइटीज
- 1:12:59में ऐसा होता है। हम
- 1:13:01और इसीलिए
- 1:13:03आप कहीं भी डाटा पढ़ेंगे तो जो रेप होते
- 1:13:05हैं उन रेप में 95% से ऊपर वही लोग करते
- 1:13:08हैं जो परिवार के हैं या परिवार में आते
- 1:13:10जाते हैं। यह 98 के आसपास शायद है परसेंट
- 1:13:1695% मोर देन 95% ऑफ द रेप्स आर कमिटेड बाय
- 1:13:20द पीपल हु आर द फैमिली मेंबर्स और लाइक
- 1:13:22फैमिली मेंबर्स।
- 1:13:27असली रेप वह थोड़ी ना जिसमें बहुत
- 1:13:29शोरशराबा हुआ, हंगामा हुआ, पुलिस केस हुआ।
- 1:13:32तो फैमिली के अंदर हुआ पता भी नहीं चला।
- 1:13:36पेरेंट्स ने बोल दिया बच्चे को चुप रहना
- 1:13:38भाई।
- 1:13:40अधिकांश आप डाटा देखिए।
- 1:13:43मैं जहां तक याद करूं 98% के आसपास डाटा
- 1:13:46है।
- 1:13:48ऐसा क्यों होता एक ऐसा समाज
- 1:13:50जिसमें कुंठाएं हैं, कहने की हिम्मत नहीं
- 1:13:53है। नॉर्म्स फिक्स हैं। नॉर्म्स चेंज नहीं
- 1:13:56हो पाती हैं। लोग अंदर ही अंदर डेविएट
- 1:13:59होते हैं। चीटिंग करते हैं। चेहरा ऐसा
- 1:14:02सबका होता है कि हम चीटिंग नहीं कर रहे
- 1:14:04हैं। लेकिन करते हैं।
- 1:14:08और जिनको लगता है कि ये ज्यादा बुरा है
- 1:14:11फिर वो डिवोर्स से रहते हैं। अलग होते
- 1:14:12हैं। पर 1955 से पहले तो डिवोर्स भी नहीं
- 1:14:15ले सकते थे।
- 1:14:16तब क्या करते होंगे?
- 1:14:19या क्या होता था उस समय कई लोग दो-तीन
- 1:14:21शादियां करते थे हिंदुओं में भी करते थे
- 1:14:24क्योंकि एक ही शादी करनी यह भी 1955 में
- 1:14:26आया है हिंदू मैरिज एक्ट उसके पहले
- 1:14:29उसी में डिवोर्स का ऑप्शन भी है और उसी
- 1:14:31में मोनोगैमी का एक कंपलसरी लॉ है उसके
- 1:14:34बारे नियम नहीं था
- 1:14:35हम
- 1:14:36आप केवल तीन जनरेशन पीछे अपने घर में जाकर
- 1:14:38देख लीजिए
- 1:14:40अपने दादा जी से पूछिएगा कि उनके दादाजी
- 1:14:42और उनके आसपास के जो लोग थे उनमें से
- 1:14:44कितने लोगों ने दो शादियां की थी आप आएंगे
- 1:14:46बहुत लोगों ने की होंगी
- 1:14:49एंड व्हाई डू यू थिंक कि ऐसा होता है
- 1:14:53जब मैन इवन इन टुडे सोसाइटी लड़का अगर कुछ
- 1:14:57ऐसा करता है और वो जाके चीटिंग करता है
- 1:15:00बाहर पकड़ा जाता है तो मोस्टली फैमिली
- 1:15:03मेंबर्स ऐसे बोलते हैं लड़का है हो जाता
- 1:15:04है हां एंड लड़की को इतनी इजीली नहीं
- 1:15:07छोड़ते व्हाई डू वी पनिश
- 1:15:10वुमेन मोर देन मैन फॉर द सेम मिस्टेक
- 1:15:13इसके पीछे भी इवोल्यूशन साइकिल पे जाना
- 1:15:15पड़ेगा
- 1:15:17के क्वेश्चंस बाय चांस सारे वही आ रहे हैं
- 1:15:18जो इवोल्यूशनरी
- 1:15:20साइकोलॉजी में जिसके आंसर ज्यादा
- 1:15:22इवोल्यूशन और सोशियोलॉजी की क्लास है ये
- 1:15:25है
- 1:15:27आदमी के बारे में क्यों लोग ऐसा कहते हैं
- 1:15:30इसके पीछे
- 1:15:32एक कांसेप्ट है अनडिस्प्यूटेड पैटर्निटी
- 1:15:35का
- 1:15:35हम
- 1:15:36आपने एक आदमी का नाम सुना होगा कार्ल
- 1:15:38मार्क्स का हम
- 1:15:39कार्ल मार्क्स के एक दोस्त थे फ्रेडरिक
- 1:15:40एंजेल्स हम
- 1:15:42उन्होंने इस मतलब ये कांसेप्ट बहुत पुराना
- 1:15:43है पर उन्होंने इस पे लिखा है
- 1:15:45हम
- 1:15:48अगर आप देखें कि लोगों की फैमिली से बेसिक
- 1:15:51नीड क्या है? हम
- 1:15:53प्रॉपर्टी
- 1:15:54लगभग 90% से ऊपर आज भी मेल्स के हाथों में
- 1:15:58है।
- 1:15:58हम
- 1:16:00पर्सनल प्रॉपर्टी छोड़ के मैं बोल रहा हूं
- 1:16:02जो प्राइवेट प्रॉपर्टी है। पर्सनल का मतलब
- 1:16:03मेरा रुमाल, मेरा चश्मा, मेरे कपड़े है ना
- 1:16:06प्राइवेट मतलब मेरा घर, संपत्ति, बैंक
- 1:16:08बैलेंस वगैरह
- 1:16:10क्योंकि मेल्स बाहर काम करते रहे हमेशा।
- 1:16:12प्रॉपर्टीज उनके नाम पे होती रही।
- 1:16:14फिर लगभग सभी समाजों के सिस्टम्स में भी
- 1:16:16प्रॉपर्टी बाप से बेटे को मिलती है।
- 1:16:19हिंदुओं में भी ऐसा होता है।
- 1:16:20चाहे मताक्षर मान ले चाहे दाएं भाग मान ले
- 1:16:23दो सिस्टम्स हमारे समाज में काम करते हैं।
- 1:16:24संपत्ति बेटे को मिलती है।
- 1:16:271955 में हिंदू सक्सेशन एक्ट आया तो उसके
- 1:16:30बाद से प्रॉपर्टी में बेटी का हिस्सा होने
- 1:16:33लगा। और वह कागज़ ही ज़्यादा है। व्यावहारिक
- 1:16:35रूप से आज मिलता नहीं है।
- 1:16:37यह लगभग हर समाज में है।
- 1:16:38सिर्फ़ हिंदू समाज की बात नहीं है।
- 1:16:42जिंदगी भर आपने मेहनत से प्रॉपर्टी कमाई
- 1:16:45और आप चाहते हैं कि मरने से पहले अपने
- 1:16:47बेटे को प्रॉपर्टी देके मरूं।
- 1:16:49हम अब यहां एक पेज है।
- 1:16:53ये गारंटी कैसी है कि जिसको मैं अपना बेटा
- 1:16:55मान रहा हूं मेरा ही बेटा है।
- 1:16:58क्या गारंटी है इस बात की? हम्म।
- 1:17:02अनडिस्प्यूटेड पैटर्निटी मैं कैसे
- 1:17:04एस्टेब्लिश करूं?
- 1:17:05हम
- 1:17:07आज तो हो सकता है डीएनए फिंगरप्रिंट ढंग
- 1:17:09से लेकिन आज से 50 साल पहले पूरी ह्यूमन
- 1:17:12हिस्ट्री में कैसे हो सकता था? इसका एक ही
- 1:17:16तरीका था
- 1:17:18कि एक औरत ऐसी हो जिसका फिजिकल रिलेशन
- 1:17:22केवल इस आदमी से हो
- 1:17:25और इसको इतना एक्सपोज़र ही ना हो कि किसी
- 1:17:27और के साथ रिलेशनशिप में जा सके।
- 1:17:32आदमी चार जगह चला गया तो इसकी प्रॉपर्टी
- 1:17:35पर खतरा नहीं आ रहा।
- 1:17:38औरत कहीं चली गई कहीं और प्रेग्नेंट हो गई
- 1:17:42तो जिंदगी भर की मेहनत किसी और के बच्चे
- 1:17:44को देके जाएगा।
- 1:17:47इसलिए प्रॉपर्टी अगली पीढ़ी को सेफ तरीके
- 1:17:50से मिलती रहे। जरूरी था कि महिलाओं की जो
- 1:17:55फिजिकल इंटिमेसीज सर्कल है
- 1:17:58वह इतना कंट्रोल हो कि उसमें इंट्यूजन हो
- 1:18:01ही ना सके।
- 1:18:03एंड एस पर द मार्क्सिस्ट सोशलिस्ट थिंकर्स
- 1:18:07लाइक फ्रेडरिक एंजेल्स
- 1:18:09दिस इज द बेसिक रीज़न बिहाइंड मोनोगैमी।
- 1:18:12अभी जैसे आप उत्तराखंड में जाएंगे तो वहां
- 1:18:14देहरादून के पास एक जगह है खस जोसर बाबर
- 1:18:16पर बोलते हैं देहरादून के पास खस ट्राइब
- 1:18:19रहती है। हिमाचल में जाइए हट्टी ट्राइब
- 1:18:22अभी एक न्यू कुछ दिन पहले आई थी वहां की
- 1:18:23बहुत पॉपुलर
- 1:18:25जितने भाई होते हैं उनकी एक ही वाइफ होती
- 1:18:27है। आज भी यह है। मैं भारत की बात कर रहा
- 1:18:30हूं। तीन ट्राइब्स का नाम बता रहा हूं। खस
- 1:18:33उत्तराखंड में हटी हिमाचल में टोडा
- 1:18:36नीलगिरी हिल्स में। आज भी यह सिस्टम चल
- 1:18:39रहा है और यह केवल उन समाजों में जहां
- 1:18:42प्रॉपर्टी बहुत कम है।
- 1:18:45तीन भाई हैं। तीन शादियां करेंगे बट जाएगी
- 1:18:47प्रॉपर्टी। प्रॉपर्टी बांट नहीं सकते हैं।
- 1:18:50और तीनों भाई की एक ही पत्नी है।
- 1:18:52अब जितने बच्चे होंगे सबके हैं।
- 1:18:56अगली पीढ़ी में सब भाई एक ही पत्नी आएगी।
- 1:18:59प्रॉपर्टी वैसी की वैसी रहेगी। बटेगी
- 1:19:01नहीं।
- 1:19:03प्रॉपर्टी के सिस्टम्स ने मैरिज के
- 1:19:05सिस्टम्स को ठीक-ठाक डिफाइन किया है। और
- 1:19:08यह अनडिस्प्यूटेड पैटर्निटी एक ऐसी
- 1:19:11प्रॉब्लम रही है ह्यूमन हिस्ट्री में और
- 1:19:13इसलिए हमारी कल्चर क्या बन गई कि लड़का
- 1:19:16कहीं चला गया तो उतना खतरा नहीं है।
- 1:19:20पर उसी पैरामीटर से अगर लड़की जाती है तो
- 1:19:24उस पूरे सिस्टम को चैलेंज हो जाएगा जिस पे
- 1:19:27हमारी प्रॉपर्टी के ट्रांसफर टिके हुए
- 1:19:29हैं।
- 1:19:31और इसीलिए आप देखेंगे घर में बेटियों पर
- 1:19:34जितने बंधन लगते हैं नैतिकता के उतने
- 1:19:36बेटों पर नहीं लगते हैं। हम
- 1:19:3812वीं क्लास के बाद बेटा बाहर पढ़ने चला
- 1:19:40जाए जितना आसान है वो बेटी के मामले में
- 1:19:44नहीं है। ट्रू
- 1:19:46दिमाग भी वही है ना इवोल्यूशन के साइकिल
- 1:19:48के वो जो सबकॉन्शियस अनकॉन्शियस एलिमेंट्स
- 1:19:50बैठ गए हैं दिमाग के अंदर वो वैसे ही काम
- 1:19:52जस्टिफिकेशन डिफरेंट है पर
- 1:19:55कोई कहेगा थोड़ी ना उनको भी समझ में नहीं
- 1:19:56आ रहा कि हम ऐसा क्यों कर रहे हैं
- 1:19:58हम
- 1:19:59उनके दिमाग में अनकॉन्शियस में ये बैठा है
- 1:20:01उनको भी नहीं पता अनकॉन्शियस का तो मतलब
- 1:20:02ही है जो पता ही नहीं क्या बैठा हुआ है
- 1:20:05ट्रू
- 1:20:05पर वो बैठा तो है
- 1:20:06नेगेटिव वाली बात तो कर ली ठीक है बट आज
- 1:20:09भी लोग शादी करते
- 1:20:10देखिए शादी का पूरा पैकेज है
- 1:20:12वो एक पैकेज है
- 1:20:13हम अगर वह पैकेज पूरा कॉस्ट बेनिफिट में
- 1:20:17बेनिफिट ज्यादा दे रहा है तो लोग कर रहे
- 1:20:18हैं। क्योंकि ज्यादा नहीं कर रहे हैं
- 1:20:21क्योंकि इससे सेक्सुअल नीड्स नहीं है ना
- 1:20:23कंपैनियन
- 1:20:23नहीं शादी के चार या पांच नीड्स मानी जाती
- 1:20:26है। हां शादी में चार पांच बातें मानी
- 1:20:27जाती है।
- 1:20:28सबसे पहले सेक्सुअल नीड्स को सेटिस्फाई
- 1:20:30करना
- 1:20:31आजकल लोग ये बात कम इसलिए कह रहे हैं कि
- 1:20:33उनके पास और बहुत सारे ऑप्शंस होते हैं।
- 1:20:34इसलिए उसको उतना फोकस नहीं करते हैं।
- 1:20:37लेकिन आज से 100 साल पहले, 50 साल पहले
- 1:20:39दैट वाज़ ओनली ऑप्शन। इसलिए वो केंद्र में
- 1:20:41रहता था।
- 1:20:41आज क्या है? दूसरा होता था पेरेंटहुड हम
- 1:20:46कि मुझे भाई बच्चे का बाप बनना है तो कोई
- 1:20:49चाहिए मुझे सास में उसकी मदर भी चाहिए
- 1:20:51पेरेंट हुड हो गया
- 1:20:53तीसरा
- 1:20:54कि मैं पेरेंट हूं तो ये भी तो चाहिए कि
- 1:20:57बच्चे का इनिशियल सोशलाइजेशन करना है
- 1:21:00कॉलेज 18 साल की उम्र से पहले वाली उसकी
- 1:21:03पूरी परवरिश ताकि वो अच्छा इंसान बन जाए
- 1:21:05जैसा मैं चाहता हूं तो शादी चाहिए उसके
- 1:21:07लिए भी
- 1:21:08एक व्यक्ति चाहिए जो रात दिन उस बच्चे का
- 1:21:10ध्यान रखे और उसको अच्छा इंसान बनाए
- 1:21:13कौन करेगा? स्पाउस करेगा आपका। अब मैं मिल
- 1:21:16के एंगल से बात कह रहा हूं। भैया ना चौथा
- 1:21:19जब बच्चे बड़े हो जाएंगे मैं काम करने के
- 1:21:22लायक नहीं रहूंगा। मैं बूढ़ा हो जाऊंगा।
- 1:21:25मुझसे कौन बात करेगा? कोई तो चाहिए। तो
- 1:21:29मेरे दुख-सुख शेयर करने के लिए अभी से
- 1:21:32लेकर ही और स्पेशली इन द एज व्हेन आई विल
- 1:21:35नॉट बी फिजिकली वेरी फिट। कोई तो हो साथ
- 1:21:38में इमोशंस शेयर करने के लिए, हार्ट टू
- 1:21:41हार्ट बात करने के लिए, कंपैनियनशिप के
- 1:21:44लिए कोई तो हो वो कौन होगा? वही एक
- 1:21:47व्यक्ति जिसने आपके साथ 25 30 साल गुजारे
- 1:21:49हैं। रोज साथ रहा है
- 1:21:51तो आप कंपैनियन बन गए हैं। ये तीन चार
- 1:21:54फैक्टर्स काम करते हैं। एक पांचवा होता है
- 1:21:56कि फाइनेंशियल स्टेबिलिटी। अगर दोनों काम
- 1:22:00कर रहे हैं तो दोनों मिलके घर बना लेंगे।
- 1:22:02एक काम कर रहा है तो दूसरा उस पे
- 1:22:03डिपेंडेंट रहेगा। और कभी कल को क्राइसिस
- 1:22:06हो जाए मैं ना काम कर पाऊं तो कम से कम
- 1:22:08कोई संभाल ले फैमिली को एक थोड़ा सा
- 1:22:10अश्योरेंस रहता है जो जॉइंट फैमिली के
- 1:22:12पीछे भी एक बड़ा कारण है कि अगर एक भाई
- 1:22:14काम ना भी कर पाए तो कम से कम बाकी लोग
- 1:22:15मिलके संभाल लेंगे एक इंश्योरेंस जैसा
- 1:22:18सिस्टम
- 1:22:18जॉइंट फैमिली बन जाता है
- 1:22:21ये चार पांच चीजें हैं
- 1:22:22बस
- 1:22:23अब जिसको फिजिकल नीड्स के लिए कोई व्यक्ति
- 1:22:26नहीं चाहिए या उसकी एक से कमिटमेंट है ही
- 1:22:28नहीं हो नहीं सकती है या उसकी नीड्स ही
- 1:22:31नहीं है आजकल एक एक शब्द चलता है
- 1:22:33एसेक्सुअल जो एलजीबीटी कए है ना कुछ लोग
- 1:22:36हैं जो सेक्सफुल है नहीं उनकी नीड्स नहीं
- 1:22:38है
- 1:22:39उनकी इच्छा ही नहीं होती किसी से भी उस
- 1:22:41तरह की इंटिमेसी करने की उनके पास पहला
- 1:22:43कारण नहीं है
- 1:22:45जिनको पता है कि वो पोली एमरोज़ हैं वो
- 1:22:47किसी एक के साथ टिक ही नहीं सकते हैं
- 1:22:49जिंदगी भर झूठ बोलना पड़ेगा झूठ क्यों
- 1:22:52बोलना छोड़ो नहीं करते
- 1:22:53पहला रीज़ नहीं है जिसको बाप या मां बनना
- 1:22:56ही नहीं है एकदम क्लियर है कि नहीं बनना
- 1:22:58है उसके पास सेकंड रीज़न नहीं है
- 1:23:00हम
- 1:23:02जिसको लगता है कि मैं एक व्यक्ति से
- 1:23:03दोस्ती करके नहीं चल पाऊंगा। मुझे 100
- 1:23:05दोस्त चाहिए भाई। झुंड चाहिए पूरा मुझे तो
- 1:23:08उसके लिए कंपैनियनशिप बेकार नहीं है।
- 1:23:10हम
- 1:23:11जो लोग किसी एक के साथ रह के 10 दिन में
- 1:23:14बोर हो जाते हैं। झेल ही नहीं पाते उसके
- 1:23:15बाद
- 1:23:16हम
- 1:23:16उनको कंपैनियनशिप काम नहीं करती है कि मैं
- 1:23:18तो बोर ही हो जाऊंगा 10 दिन में।
- 1:23:2040 साल कौन साथ में रहेगा?
- 1:23:21हम
- 1:23:22जो बहुत ज्यादा एक्स्ट्रोवर्ट हैं। दिन भर
- 1:23:25बाहर घूमते हैं। जिनको घर में आने का मन
- 1:23:26ही नहीं करता है। वो क्यों बंधना चाहेंगे
- 1:23:29कि कोई बार-बार फोन करके बोले कि कब आओगे?
- 1:23:31कब आओगे? घर में रहते नहीं कभी।
- 1:23:34तो जो आजाद ख्याल लोग हैं जिनको पॉलिटिक्स
- 1:23:37में जाना है, कोई बड़ा सोशल काम करना है,
- 1:23:40स्टार्टअप करना है, साइंस में रिसर्च करनी
- 1:23:42है और उनको रिसर्च में इतना मजा आता है कि
- 1:23:44वही उनकी पहली मोहब्बत है।
- 1:23:46हम
- 1:23:47स्पिरिचुअल लाइफ जीने का मन करता है।
- 1:23:50जिनको फैमिली की चिकचिक नहीं चाहिए। जिनको
- 1:23:52बच्चे पालने का एकदम मन नहीं करता है।
- 1:23:54पेरेंट बनने का एकदम मन नहीं करता है। उन
- 1:23:57सबका धीरे-धीरे रुझान यह होगा कि शादी ना
- 1:23:59करें और जो कर रहे हैं।
- 1:24:01कुछ इसलिए कर रहे हैं कि वो फैमिली मैन
- 1:24:04टाइप के लोग हैं। उनका मन करता है
- 1:24:06या तो इतना सोचते ही नहीं
- 1:24:07या सोचते नहीं या फैमिली के प्रेशर में
- 1:24:10झुक जाते हैं।
- 1:24:11हम
- 1:24:11क्योंकि आपके मन में आ रहा है कि मैं शादी
- 1:24:13क्यों करूं? पेरेंट्स को आपस में दबाव है।
- 1:24:16हम
- 1:24:17फूफा मौसा सब कह रहे हैं फादर को कि भाई
- 1:24:20बच्चा बड़ा हो गया शादी कर दो हाथ से निकल
- 1:24:22जाएगा। हम्।
- 1:24:23वह आप पे दबाव बना रहे हैं। किसी इमोशनल
- 1:24:26मोमेंट पे उन्होंने कहा कि बेटा हार्ट
- 1:24:28अटैक आ गया है। बस तुम्हें तुम्हारी पत्नी
- 1:24:31सब देख के मरना चाहता हूं। अब ऐसे में
- 1:24:33क्या करेंगे?
- 1:24:35तो बहुत सारे बच्चे अपने पेरेंट्स की खुशी
- 1:24:38के लिए अपनी जिंदगी तबाह करते हैं।
- 1:24:39हम
- 1:24:40और ये जनरेशनल तरीके से चलता है। तो बहुत
- 1:24:43सारी शादियां ऐसी भी है जहां बच्चे नहीं
- 1:24:46चाहते शादी करना। मतलब उस इंडिविजुअल के
- 1:24:48साथ नहीं वो चाहते ही नहीं। हम्म।
- 1:24:50सिर्फ इसलिए कि भाई अब पेरेंट्स ने ऐसी
- 1:24:53बात बोल दी है, ऐसा इमोशनली ब्लैकमेल किया
- 1:24:55है कि अब क्या करें?
- 1:24:56हम आपने क्यों करी शादी?
- 1:24:58नहीं मैं तो मैं तो सामान्य सा व्यक्ति
- 1:25:00हूं।
- 1:25:01ठीक लगा तो कर ली।
- 1:25:03फैमिली मैन
- 1:25:04ऐसा कोई सुपर फैमिली मैन भी मैं नहीं हूं।
- 1:25:06लेकिन ठीक है। मतलब
- 1:25:08फैमिली वाला भी रहता है और मैं
- 1:25:10एक्स्ट्रोवर्ट भी उस मामलों में रहता हूं।
- 1:25:12आपने एक बात बोली कि अगर आपको कुछ बहुत ही
- 1:25:16बड़ा काम करना है तो फिर आप सोचते हो कि
- 1:25:20नहीं करूं शादी? डू यू फील कि अगर आप बहुत
- 1:25:23एंबिशियस है और आपको बहुत ही कुछ लाइफ में
- 1:25:26बड़ा करना है तो देन फैमिली स्ट्रक्चर
- 1:25:28आपको स्लो डाउन करते हैं। इसके भी दो जवाब
- 1:25:32हैं।
- 1:25:34जैसे
- 1:25:36अगर नरेंद्र मोदी या योगी आदित्यनाथ ने
- 1:25:38शादी की होती, ममता बनर्जी ने शादी की
- 1:25:40होती, वाजपेयी जी ने शादी की होती, एपीजे
- 1:25:43अब्दुल कलाम ने शादी की होती तो मेरे
- 1:25:45ख्याल से वह उतना अचीव नहीं कर पाते जितना
- 1:25:47उन्होंने किया है। हम
- 1:25:49क्योंकि शादी करने के बाद आपकी
- 1:25:50जिम्मेदारियां
- 1:25:51बढ़ जाती है। एक पूरे परिवार की
- 1:25:53जिम्मेदारी है। बच्चे भी होंगे उनकी
- 1:25:55जिम्मेदारियां भी होंगी। कम से कम आप 24
- 1:25:57घंटे नहीं दे पाएंगे अपने उस मिशन में जो
- 1:26:00आपने सोचा हुआ है मन में। इसलिए जनरली ऐसा
- 1:26:03माना जाता है कि अगर आप किसी एक मिशन के
- 1:26:05साथ हैं वो मिशन किसी को अच्छा लगे, बुरा
- 1:26:08लगे पर आपके मन में मिशन है।
- 1:26:10हम
- 1:26:11तो बेहतर है कि अकेले ही रास्ते पे चलना
- 1:26:14चाहिए।
- 1:26:14हम
- 1:26:15ठीक। नंबर टू
- 1:26:18स्टार्टअप करना है, एलन मस्क बनना है तो
- 1:26:21भी शादी ना कर दो कोई दिक्कत नहीं है। 24
- 1:26:23घंटे काम करो कोई दिक्कत नहीं है। कर
- 1:26:25लीजिए। पर ये आज संभव हुआ है ये स्टार्टअप
- 1:26:28कल्चर जो है जिसमें कॉर्पोरेट कैपिटलिज्म
- 1:26:31है कि आपने कहीं से पूंजी उठाई। थोड़े
- 1:26:33शेयर्स दिए काम किया। फिर वैल्यू्यूएशन
- 1:26:35करवाए। शेयर्स और बेचे आईपीओ लेके आ गए।
- 1:26:37शेयर्स निकाले। सारे पैसे इकट्ठा किया।
- 1:26:40अगर परिवार है तो अगली पीढ़ी को दिया।
- 1:26:42वरना सोसाइटी को दिया और मर गए। हम्म।
- 1:26:45ये कॉर्पोरेट कैपिटलिज्म मुश्किल से पिछले
- 1:26:47100 साल की चीज है।
- 1:26:48हम
- 1:26:49उसके पहले बिजनेस स्ट्रक्चर्स क्या थे? एक
- 1:26:53ही परिवार होगा। वही बिजनेस चलाएगा। अगली
- 1:26:55पीढ़ियों को मिलेगा।
- 1:26:57हम
- 1:26:58इसलिए आप देखेंगे कि स्टार्टअप कल्चर से
- 1:27:00पहले बिजनेस उन्हीं फैमिलीज में ज्यादा
- 1:27:03चला जहां फैमिली सिस्टम बहुत रिजिड है।
- 1:27:06हम
- 1:27:07और फैमिली सिस्टम रिजिड ना हो तो इंटर
- 1:27:11जनरेशनल बिजनेस नहीं चल सकता।
- 1:27:13कहां बिजनेस चलेगा? तीन भाई हैं हम।
- 1:27:18और तीनों में से एक प्रोडक्शन देखता है,
- 1:27:20एक मार्केटिंग देखता है, एक सेल्स देखता
- 1:27:23है। जॉइंट फैमिली है, पेरेंट्स हैं। अलग
- 1:27:26होने का ख्वाब भी किसी को नहीं है। तीनों
- 1:27:29की शादी बहुत सोच समझ के ऐसी महिलाओं से
- 1:27:32की जाएगी जो ऐसे ही परिवार से आ रही है
- 1:27:34जिनको पता है बिज़नेस ऐसे चलता है। जो
- 1:27:37प्रॉपर्टी मांगने के लिए चू भी नहीं
- 1:27:38करेंगे कभी जिंदगी भर।
- 1:27:40जो अपने पति की किसी बात का विरोध बिल्कुल
- 1:27:42नहीं करेंगे।
- 1:27:44अब इन तीनों भाइयों में और इनकी पत्नियों
- 1:27:47में ऐसी संगति है कि बिजनेस ठीक से चल पा
- 1:27:50रहा है। अब इनके बच्चों के दो-दो मान
- 1:27:53लीजिए छह बच्चे हो गए। ये छह बच्चे भी
- 1:27:57परिवार से अलग नहीं होंगे क्योंकि इनको
- 1:27:58पता है बिज़नेस डूब जाएगा। इनकी शादियां भी
- 1:28:01ये कितने भी स्मार्ट हो जाए कितना बॉम्बे
- 1:28:03में रह लें। हम्।
- 1:28:04जब शादी होगी तो इनकी फैमिली इनको मजबूर
- 1:28:07कर देगी कि शादी अपने ही कल्चर की लड़की
- 1:28:10से करनी है। उसी लड़की से करनी है जो
- 1:28:12जॉइंट फैमिली को संभाल सकती है।
- 1:28:15जब तक ये चलते रहेंगे ऐसे स्ट्रक्चर बिनेस
- 1:28:17का चलता रहेगा। ठीक?
- 1:28:18हम
- 1:28:20जहां लव मैरिजेस और वो सब होना शुरू हुआ।
- 1:28:22इंटरकास्ट, इंटर रिलीजियस पढ़े लिखे
- 1:28:25स्पाउसेस बनने शुरू हुए जो अपना हक
- 1:28:27मांगेंगे जो कानून की बात करेंगे बिखर
- 1:28:29जाएगा।
- 1:28:31तो ट्रेडिशनल बिजनेसेस के चलने के लिए खास
- 1:28:34रिजिड फैमिली स्ट्रक्चर बहुत जरूरी है।
- 1:28:37स्टार्टअप की दुनिया में कॉर्पोरेट
- 1:28:39कैपिटलिज्म की दुनिया में जहां शेयर
- 1:28:41होल्डिंग्स आप बेच सकते हैं, खरीद सकते
- 1:28:42हैं, वहां रिलेटिवली फैमिली स्ट्रक्चर इजी
- 1:28:45भी हो। इंडिविजुअल भी आप हैं, सिंगल भी
- 1:28:47हैं तो भी काम चल जाएगा।
- 1:28:49हम
- 1:28:50पहले नहीं चल सकता था।
- 1:28:51इसलिए टाटा हो, बिरला हो, जो भी हो जो बड़े
- 1:28:54फैमिलीज़ हैं
- 1:28:55हम
- 1:28:56आप उनके फैमिली स्ट्रक्चर को स्टडी कर
- 1:28:57लीजिए। हम्।
- 1:28:59पारसी लोग भारत में इतना आगे निकले, यहूदी
- 1:29:01लोग इतना आगे निकले बिज़नेसेस में। पारसी
- 1:29:05लोगों में इंटर रिलीजियस मैरिज लगभग
- 1:29:07नामुमकिन है।
- 1:29:10स्मृति ईरानी स्मृति मल्होत्रा से स्मृति
- 1:29:12ईरानी बनी है। पारसी फैमिली में गई हैं।
- 1:29:14ये बहुत अपवाद है बहुत बड़ा।
- 1:29:17परर्शियन फैमिलीज में भारत में और जो
- 1:29:21यहूदी फैमिलीज हैं ऑलमोस्ट इंपॉसिबल है
- 1:29:26क्योंकि उनको पता है कि जो स्ट्रक्चर्स
- 1:29:27बनाए हैं वो सब बिखर जाएंगे
- 1:29:29हम बट लड़की तो जा सकती है ना लड़का नहीं
- 1:29:31निकल कर सकता
- 1:29:32अवॉयड करते हैं वहां भी
- 1:29:33हम
- 1:29:33लेकिन हां रिलेटिवली थोड़ा आसान है कि
- 1:29:35लड़की बाहर से आ जाए
- 1:29:37अवॉयड वहां भी करते हैं क्योंकि कल्चरल
- 1:29:38डिफरेंसेस कई बार उनको परेशान करते हैं
- 1:29:40क्योंकि हम स्टार्टअप की बात कर रहे हैं
- 1:29:41कॉर्पोरेट कैपिटलिज्म की बात कर रहे हैं
- 1:29:44हैव यू सीन एनी पैटर्न कि जो इस वर्ल्ड
- 1:29:47में टॉप पर पहुंचा है। उन सबकी
- 1:29:49रिलेशनशिप्स लगभग खराब ही है या वह सिंगल
- 1:29:51ही है।
- 1:29:53मतलब आप जो तीन चार एग्जांपल सोच के कह
- 1:29:55रहे हैं वो अधिकतर एग्जांपल्स हैं। जो
- 1:29:58फर्स्ट जीरो से टॉप पे पहुंचे एक ही
- 1:30:02जनरेशन में फ्रॉम लेकिन
- 1:30:05पॉलिटिक्स लाइक फ्रॉम आवर फ्रॉम आवर
- 1:30:07प्राइम मिनिस्टर टू समवन लाइक लेट्स से
- 1:30:09ईलॉन मस्क टू स्टीव जॉब्स टू
- 1:30:11नहीं नहीं रिलेशनशिप खराब है। ऐसे ये
- 1:30:14थोड़ा मामला अलग है। हम
- 1:30:15जैसे हमारे यहां पॉलिटिक्स में एक परंपरा
- 1:30:18है कि अगर आपको पॉलिटिक्स में जाना है तो
- 1:30:20आप विवाह ना करें
- 1:30:21या सास ना रहें।
- 1:30:23शुरू से ही इसको मैं रिलेशन खराब होना
- 1:30:26नहीं कहूंगा।
- 1:30:28उनको क्लेरिटी है कि मैं दो नाव में पैर
- 1:30:30नहीं रख पाऊंगा। है ना?
- 1:30:32या तो परिवार संभालूंगा या अपनी
- 1:30:34तो मुझे अपनी देश की पार्टी की या ज्ञान
- 1:30:38विज्ञान की जिम्मेदारी संभालनी है तो मैं
- 1:30:40यहां आऊंगा ही नहीं। इसको रिश्ता खराब
- 1:30:42होना नहीं कहेंगे। हम
- 1:30:44रिश्ता खराब होने के सेंस में आप जो
- 1:30:46एग्जांपल शायद आपके दिमाग में आ रहे हैं
- 1:30:48मस्क का हो सकता है। आप बिल गेट्स की बात
- 1:30:51कर सकते हैं।
- 1:30:52स्टीव
- 1:30:52आप स्टीव जॉब्स की बात कर सकते हैं। आप
- 1:30:54जेफ बेजोस की बात कर सकते हैं। ये है
- 1:30:57लेकिन फाउंडर तो Facebook का भी है।
- 1:30:59हम
- 1:30:59वहां तो ऐसा नहीं देखा हमने।
- 1:31:01उसकी ब्यूटीफुल रिलेशनशिप है।
- 1:31:02है ना?
- 1:31:03तो ये जरूरी तो नहीं है कि रिश्ता खराब
- 1:31:05करके या बहुत बड़े उद्यमी बनेंगे। जरूरी
- 1:31:07तो नहीं है।
- 1:31:08मेरे ख्याल से क्या होता है इसमें? मान
- 1:31:10लीजिए दो लोग रिश्ते में हैं।
- 1:31:13रिश्ता उनका ठीक है। बहुत अच्छा नहीं है।
- 1:31:16ग्रेट नहीं है।
- 1:31:19अगर रिश्ता ग्रेट नहीं है, सामान्य है और
- 1:31:21जिंदगी भी सामान्य है तो चलता रहेगा।
- 1:31:25अगर अचानक वो लोग बहुत सफल हो गए।
- 1:31:28इतना पैसा आ गया, अच्छा पैसा आ गया। तो
- 1:31:32अगर रिश्ता सामान्य है तो वो झेल नहीं
- 1:31:34पाएगा इस चीज को। इस चेंज को नहीं झेल
- 1:31:37पाएगा। मतलब मान लीजिए पति के पास बहुत
- 1:31:40पैसा आ गया। अरबों खरबों रुपए आ गए
- 1:31:44और वह अपने घर में फील कर रहा है कि
- 1:31:46रिश्ता बहुत अच्छा नहीं चल रहा है।
- 1:31:49अब उसका मन करेगा जब सारी दुनिया मेरे
- 1:31:51कदमों में सब चीजें ठीक है तो मैं क्यों
- 1:31:54नहीं अलग हो सकता
- 1:31:57कीमत चुका दूंगा
- 1:31:59तलाक के लिए मैं इतना पैसा दे दूंगा कि
- 1:32:01भाई तुम भी दुनिया की सबसे अमीर औरत बन गई
- 1:32:03करो खर्च जहां करना है ना तुम मेरे साथ
- 1:32:06खुश हो ना मैं तुम्हारे साथ खुश हूं तो
- 1:32:07क्यों बंध के रहना है केवल सोशल प्रेशर
- 1:32:10में
- 1:32:11कहते हैं कि बहुत बड़ी सफलताओं के बाद और
- 1:32:14सफलता मिलने से पहले
- 1:32:17रिश्ते टूटते हैं। बीच के लेवल पर ये
- 1:32:21रिश्ते बने रहते हैं। क्यों? बीच के लेवल
- 1:32:25पर आप अफोर्ड नहीं कर पाते अलव होना।
- 1:32:27हम
- 1:32:27आपको लगता है कि पहले बहुत चैलेंजेस चल
- 1:32:29रहे हैं। एक चैलेंज और पाल लूंगा बिना बात
- 1:32:31के। तो लोग मैनेज कर लेते हैं, काम चला
- 1:32:34लेते हैं। इसलिए हां अगर किसी की लाइफ
- 1:32:37टाइम में सक्सेस बहुत ज्यादा आ जाए हम
- 1:32:39तो संभावना बनती है कि उसके बहुत सारे
- 1:32:40रिश्ते खराब होंगे। दोस्तों से भी होंगे।
- 1:32:43फूफा, मामा, ताऊ, चाचा सबसे होंगे क्योंकि
- 1:32:46सब में अकेला एक आदमी सफल हो गया। सबकी
- 1:32:49अपेक्षाएं बहुत ज्यादा है। किस-किस को
- 1:32:52बेचारा वो संभालेगा?
- 1:32:53हम
- 1:32:54तो रिश्ते खराब होते हैं। अब एक फैमिली
- 1:32:56में सारे अमीर ही हैं।
- 1:32:57हम
- 1:32:57सबके स्टार्टअप बढ़िया चल रहे हैं। एक का
- 1:32:59और चल गया। कोई दिक्कत ही नहीं।
- 1:33:00कोई प्रेशर ही नहीं है।
- 1:33:02पूरी फैमिली में कोई दिक्कत नहीं। किसी को
- 1:33:03भी
- 1:33:04कोई डिमांड ही नहीं करेगा। सब पहले उस
- 1:33:05स्टेटस में है।
- 1:33:07तो आप अचानक बहुत सफल हो जाएंगे तो इस बात
- 1:33:10का खतरा बढ़ता है कि आपके रिश्ते
- 1:33:12बिगड़ेंगे।
- 1:33:13हम डू यू फील
- 1:33:16लोनलीनेस बहुत बढ़ रही है ना पूरे वर्ल्ड
- 1:33:18में?
- 1:33:19तो डू यू थिंक एज इंडिविजुअलिटी जैसे ग्रो
- 1:33:22होती है। इंडिविजुअल एंबिशन और पैसा ग्रो
- 1:33:24होता है। लोनलीनेस बढ़ती जाएगी।
- 1:33:27लोनलीनेस बढ़ने के बहुत सारे फैक्टर्स में
- 1:33:29से एक फैक्टर ये है और ऐसा कहते हैं कि
- 1:33:32लोनलीनेस और मीनिंगलेसनेस ये दो नेक्स्ट
- 1:33:36पेंडेमिक्स हैं।
- 1:33:37हम
- 1:33:37एपिडेमिक्स कह लीजिए बेशक।
- 1:33:39लोनलीनेस एपिडेमिक तो आज ही बोलते हैं कि
- 1:33:41खाना स्टार्ट हो गया है।
- 1:33:42बड़े शहरों में
- 1:33:44आज भी है।
- 1:33:44हम
- 1:33:46लोनलीनेस के बहुत सारे फैक्टर्स हैं। मेल
- 1:33:48लोनलीनेस ज्यादा बड़ी एपिडेमिक मानी जाती
- 1:33:50है।
- 1:33:50क्यों?
- 1:33:51मेल्स एक्सप्रेसिव नहीं होते ज्यादा
- 1:33:54क्योंकि एक्सप्रेसिव नहीं है तो धीरे-धीरे
- 1:33:57सर्कल उनका सिमटता जाता है। स्कूल कॉलेज
- 1:33:59के दोस्त उनके आखिरी दोस्त होते हैं। वर्क
- 1:34:02प्लेस पे कुछ लोग दोस्त जैसे बनते हैं पर
- 1:34:04उतने गहरे दोस्त क्योंकि कंपटीशन ज्यादा
- 1:34:06रहता है वहां कम होते हैं। महिलाओं की
- 1:34:09अच्छी बात है कि बहुत एक्सप्रेसिव है।
- 1:34:11अपने इमोशंस को लेके वो अपोलजेटिक नहीं
- 1:34:13रहती है।
- 1:34:13हम
- 1:34:14इमोशन है तो है। आंसू आता है तो आता है।
- 1:34:17इसमें क्या दिक्कत है?
- 1:34:20ना ही समाज उनको कहता है कि तुम्हें
- 1:34:22अपोलॉजी करनी चाहिए इसके लिए। हम
- 1:34:24समाज अच्छा फील करता है कि महिला रोती है
- 1:34:26तो कितनी इमोशनल है। कितनी अच्छी है। आदमी
- 1:34:29रोए तो लोग बुरा मान जाते हैं। ये इसमें
- 1:34:31ना एक बड़ी अच्छी स्टडी है। अगर आप पढ़ना
- 1:34:33चाहे तो एक नसी कोडोरो नाम की महिला थी।
- 1:34:35हम
- 1:34:36सिगमन फ्रॉइड की परंपरा में थी।
- 1:34:39सिगमन फ्रॉयड साइकोलॉजी का सबसे
- 1:34:41विवादास्पद आदमी है। हम
- 1:34:43गहरा भी है, विवादास्पद ज्यादा है। हम
- 1:34:47उसने यह साबित करने की कोशिश की कि
- 1:34:49महिलाएं पुरुषों से कमतर हैं।
- 1:34:52कम हैं। और कैस्टेशन कॉम्प्लेक्स नाम का
- 1:34:56एक जैसे उसने एडिपस कॉम्प्लेक्स की बात
- 1:34:58की, इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स की बात की, कई
- 1:35:00कॉम्प्लेक्सेस की बात की। बेटी का पहला
- 1:35:03प्यार उसका बाप है। इसको इलेक्ट्रा
- 1:35:04कॉम्प्लेक्स कहते हैं।
- 1:35:06बेटे का पहला प्यार उसकी मां है। इसको
- 1:35:07इडिपस कॉम्प्लेक्स कहते हैं।
- 1:35:11हर महिला अपने अंदर इनफीरियरिटी फील करती
- 1:35:14है। इसको कैस्टेशन कॉम्प्लेक्स कहते हैं
- 1:35:16उसकी भाषा में। हम्म।
- 1:35:17तो उसका मानना था कि क्योंकि महिलाओं का
- 1:35:22जो जेाइटल पार्ट है वो इंट्रोवर्ट है।
- 1:35:25मेल्स का एक्सट्रोवर्टिव है। तो बच्चियों
- 1:35:28को बचपन से ये फील होने लगता है कि उनके
- 1:35:30अंदर कोई कमी है।
- 1:35:32हम
- 1:35:32और इसी कॉम्प्लेक्स का नाम कैस्टेशन दिया।
- 1:35:35तो महिलाएं इनफीरियरिटी से भरी हुई हैं।
- 1:35:37उनको शुरू से ऐसा लगता है।
- 1:35:40अजीब सी बात थी। पर उसने ये बात कही।
- 1:35:44उसी की परंपरा में आगे चलकर एक महिला आई
- 1:35:47नसीडोरफ हम
- 1:35:49और उसने अपने ही गुरु गुरु मतलब सीधे गुरु
- 1:35:52नहीं थे उस ट्रेडिशन
- 1:35:54ट्रेडिशन में
- 1:35:55उनको खारिज करके एक कांसेप्ट दिया और उस
- 1:35:59थीसिस का नाम है द मेल इन एक्सप्रेसिवनेस
- 1:36:01ये नाम है उसका
- 1:36:02द मेल इन एक्सप्रेसिवनेस
- 1:36:03हम
- 1:36:05तो उन्होंने बताया कि मेल्स क्यों इन
- 1:36:07एक्सप्रेसिव है उसकी और भी व्याख्या है पर
- 1:36:09इनकी व्याख्या बड़ी इंटरेस्टिंग मानी जाती
- 1:36:11है
- 1:36:13क्या कि जब बच्चा पैदा होता है
- 1:36:16फड क्या कह रहा था कि बेटे को मां से
- 1:36:18प्रेम है बेटी को बाप से प्रेम है और ऐसा
- 1:36:20जनरली देखेंगे
- 1:36:21कि लड़के लोग आम तौर पर अपनी मां को
- 1:36:22ज्यादा प्रेफर करते हैं स्पेशली बड़े होने
- 1:36:25के बाद और बेटियों के लिए पापा की परी
- 1:36:27वाला जो चलता रहता है मजाक वो रहता है
- 1:36:31नसी कोडोर ने कहा कि नहीं बेटी हो या बेटा
- 1:36:35हो दोनों का पहला प्यार मां है
- 1:36:38क्योंकि उनकी सारी जरूरतें मां ही पूरी कर
- 1:36:41रही है। छोटे बच्चे की क्या जरूरत है?
- 1:36:44खाना मिल जाए यानी कि दूध मिल जाए।
- 1:36:46और जब वह गीला हो तो कोई पछ दे उसको। इतनी
- 1:36:50जरूरत है। और आमतौर पे पहला काम तो मां ही
- 1:36:52करती है। दूसरा काम भी जनरली मां ही करती
- 1:36:54है।
- 1:36:54हम
- 1:36:55तो बच्चे की पहली सेंस ये है कि ये जो औरत
- 1:36:59है ये मेरा सारा संसार है।
- 1:37:00हम
- 1:37:01मेरी हर प्रॉब्लम यही सॉल्व करती है।
- 1:37:05अब कह रहे हैं कि जब बच्चा बड़ा होता है
- 1:37:08मान लो कि जुड़वा है, एक बेटी एक बेटा है।
- 1:37:10हम
- 1:37:12अब 7 आठ साल की उम्र में छ साल की उम्र
- 1:37:14में
- 1:37:16जरूरी हो जाता है कि बेटे को मां अपने से
- 1:37:18दूर करने लगती है। हम
- 1:37:20ये बहुत इंटरेस्टिंग है। बायोलॉजिकली बेटे
- 1:37:23के अंदर सेक्सुअल ड्राइव बहुत कम उम्र से
- 1:37:25ही शुरू हो जाती है।
- 1:37:26हम
- 1:37:26उसे समझ नहीं आ रहा। उसे कुछ नहीं पता ये
- 1:37:28क्या है।
- 1:37:29लेकिन अगर आप उसको फिजिकल लेवल पर देखेंगे
- 1:37:32तो ये साफ-साफ दिखता है कि बहुत कम उम्र
- 1:37:33से ही सेक्सुअल ड्राइव्स उसके अंदर
- 1:37:36मैनिफेस्ट होती हैं। ये मां को भी दिख रहा
- 1:37:39है, बाप को भी दिख रहा है।
- 1:37:41तो उनको एक सेंस होती है कि लड़का बड़ा हो
- 1:37:44तो उसको मां से थोड़ा सा डिस्टेंस पे करें
- 1:37:46हम
- 1:37:47ताकि वो मतलब गलती से भी उसके मन में ऐसे
- 1:37:51इमोशंस ना आने लगे क्योंकि बच्चा छोटा है
- 1:37:53उसको नहीं समझ अभी है
- 1:37:56तो दुनिया की हर कल्चर में छ सात आठ 9 साल
- 1:38:00की उम्र में बेटे को मां से अलग करते हैं
- 1:38:03अलग सुलाते हैं
- 1:38:04हम
- 1:38:05बेटे के मामले में ऐसा नहीं होता है
- 1:38:07हम
- 1:38:07बेटी सास ना सो सकती है
- 1:38:09हम
- 1:38:10नसी कोडोरों ने कहा कि जब बेटा मां से
- 1:38:13बहुत प्यार करता है और उसको यह सब नहीं
- 1:38:16पता कि उसको पेरेंट्स क्या फील कर रहे
- 1:38:18हैं। उसको क्या पता बेचारे को और पेरेंट्स
- 1:38:21को लग रहा है कि ये सोशली ठीक नहीं है कि
- 1:38:25बेटा मां के साथ सोए। हम
- 1:38:27तो उसको अलग सुलाते हैं। वो विद्रोह करता
- 1:38:29है। हम
- 1:38:30जब विद्रोह करता है तो मां बड़ी इमोशनल
- 1:38:33होती है। तो फिर बाप बीच में आता है।
- 1:38:36समझाने से ना मारे तो फिर बाप आके हिंसा
- 1:38:38करता है। मारपिटाई करता है। धमकाता है
- 1:38:40उसको।
- 1:38:42इस प्रोसेस में लड़का अपने अंदर नफरत पाल
- 1:38:46लेता है।
- 1:38:47हम
- 1:38:48स्पेशली बाप से और मां से भी।
- 1:38:53और वो धीरे-धीरे उस नफरत में फील करता है
- 1:38:55कि मुझे इस दुनिया का पार्ट बनना ही नहीं
- 1:38:58है। और वहां से उसको लगता है कि मुझे बाहर
- 1:39:01की दुनिया में खुद को साबित करना है।
- 1:39:04इसलिए लड़कों के पैर घर के अंदर नहीं
- 1:39:06पड़ते। आमतौर पे वो हमारे गर्दी में
- 1:39:08ज्यादा उनको मजा आता है। हमेशा बाहर घूमते
- 1:39:09रहेंगे।
- 1:39:10उनको घर के अंदर की दुनिया बेचैन करती है
- 1:39:14और वहीं से वह इनप्रेसिव हो जाते हैं कि
- 1:39:17इनके सामने अपना इमोशन एक्सप्रेस नहीं
- 1:39:19करना है। एक बार करके देख लिया ये नहीं
- 1:39:23समझते हैं। तो अपने इमोशंस को डाइजेस्ट
- 1:39:26करना पी जाना वो करना शुरू करता है। और
- 1:39:30बाहर की दुनिया में इमोशंस है ही नहीं
- 1:39:32उसके। वहां तो वो जीतने गया है।
- 1:39:33हम
- 1:39:34और बहुत कुछ हासिल करके पावर हासिल कर
- 1:39:38लूंगा। प्रॉपर्टी हासिल कर लूंगा, सम्मान
- 1:39:40हासिल कर लूंगा और अनकॉन्शियसली वो दिखा
- 1:39:42देना चाहता है अपने पेरेंट्स को कि देखो
- 1:39:45मैं क्या हूं।
- 1:39:46ये नसीकोडोर की व्याख्या है।
- 1:39:48हम
- 1:39:49कोई भी एक व्याख्या फाइनल नहीं होती है।
- 1:39:51बहुत सारी व्याख्याएं होती है। पर हां
- 1:39:53मेल इन एक्सप्रेसिवनेस की एक व्याख्या ये
- 1:39:55है।
- 1:39:57दूसरा इवोल्यूशनरी व्याख्या देखें तो वो
- 1:39:59बेचारा हमेशा से टेस्टोस्टर लेके घूम रहा
- 1:40:01था। वो तो
- 1:40:02हम
- 1:40:02टेस्टोस्टरॉन के क्या रिजल्ट्स होते हैं?
- 1:40:04मुंह से गाड़ी आती है, गुस्सा आता है,
- 1:40:05अग्रेशन आता है, सेक्सुअल ड्राइव होती है।
- 1:40:08उसको इसके बियों्ड ज्यादा समझ में नहीं
- 1:40:10आता है।
- 1:40:11दिमाग तेज चलता है क्योंकि शिकार करना है
- 1:40:13तो दिमाग बहुत अप्लाई करना है। वरना शिकार
- 1:40:14हो जाऊंगा। तो बहुत तेज दिमाग चलाना है।
- 1:40:17तो उसका प्रीफ्रंटल कॉलेक्स बहुत डेवलप्ड
- 1:40:20है। सेक्सुअल ड्राई की वजह से
- 1:40:22टेस्टोस्टरॉन डेवलप्ड है। उसी
- 1:40:24टेस्टोस्टरॉन से उसमें गुस्सा बहुत ज्यादा
- 1:40:26आता है। आक्रामकता है उसके अंदर। यह उसकी
- 1:40:30बेसिक पर्सनालिटी है इवोल्यूशन में। उसमें
- 1:40:33वो इमोशंस है ही नहीं उतने
- 1:40:35करुणा दया ममता ये सब इमोशंस है ही नहीं
- 1:40:39वात्सल्य वो है ही नहीं उतना इमोशन
- 1:40:41आईडिया ही नहीं है
- 1:40:42ये तो हमें जीसस क्राइस्ट इधर बुद्ध इधर
- 1:40:45महावीर इधर उपनिषद इनके बाद ये बातें होनी
- 1:40:48शुरू हुई हैं और ये सारी बातें कितने साल
- 1:40:51की हैं ले दे के पिछले 5000 साल की हैं।
- 1:40:55होमोसेपियंस 3 लाख साल से हैं। हम
- 1:40:58और सारा इवोल्यूशन मिले मिलाके देखें 350
- 1:41:01करोड़ साल का है। 350 करोड़ साल की
- 1:41:05हिस्ट्री में 5000 साल की हिस्ट्री कितना
- 1:41:07चेंज करेगी हमारे बिहेवियर को
- 1:41:09ट्रू।
- 1:41:10तो इसलिए अगर अगर मेल्स इन एक्सप्रेसिव है
- 1:41:14तो यह बहुत लंबी इवोल्यूशनरी परंपरा का एक
- 1:41:19पार्ट है।
- 1:41:20बड़ी इवोल्यूशन पॉइंट ऑफ व्यू से है। अगर
- 1:41:22आप सिर्फ एनेकडोटल इंसिडेंस भी देखो
- 1:41:26सोसाइटी के पॉइंट ऑफ व्यू से सो
- 1:41:30उसमें
- 1:41:32मैन को कहीं ना कहीं एक इमोशन का टैक्स
- 1:41:35देना पड़ता है।
- 1:41:36हां अगर वो रोएंगे तो लोग बुरा मानेंगे।
- 1:41:38हां इफ यू आर इमोशनल देन यू हैव टू पे अ
- 1:41:40टैक्स।
- 1:41:40ये इसलिए ऐसा लग रहा है आपको क्योंकि इस
- 1:41:43साइड को आपने बहुत देखा सुना होगा। ये
- 1:41:46दिक्कत महिलाओं के साथ ज्यादा है। अगर वो
- 1:41:50किसी से हल्का सा मुस्कुरा के बात कर ले
- 1:41:52तो लोग जज कर लेते हैं। कि या तो चाहती है
- 1:41:56मुझे या ठीक नहीं है। कैरेक्टर ठीक नहीं
- 1:42:00है। आदमी कितना ही मुस्कुरा के बात कर ले।
- 1:42:03कोई जज नहीं करता। करते हैं करते हैं। अब
- 1:42:05करते हैं।
- 1:42:06मुस्कुराने पे जज कर लेते हैं।
- 1:42:08आपको जिस तरीके से जो आजकल तो सब
- 1:42:13अगर आप बहुत ज्यादा
- 1:42:15हंसीज़ाक करके बात करते हो तो लोग जज करते
- 1:42:18हैं आपको। पता नहीं मतलब मेरे ख्याल से तो
- 1:42:20मूर्ख ही अगर ऐसा कर रहे हैं तो क्योंकि
- 1:42:23लड़कों के किसी लड़की से हंस के बात करने
- 1:42:26में उतना जजमेंट हमने नहीं देखा जितना
- 1:42:28किसी लड़की के हंस के बात करने में तुरंत
- 1:42:30होता है।
- 1:42:31तो मेरा ख्याल है कि जजमेंटल समाज का
- 1:42:35शिकार होना यह पुरुषों से ज्यादा महिलाओं
- 1:42:37को झेलना पड़ता है। दैट आई आल्सो अग्री
- 1:42:40कि उन्हें ज्यादा प्रॉब्लम्स फेस करनी
- 1:42:43पड़ती है। बट एक्सप्रेसिव एक्सप्रेसिव
- 1:42:47होने पे उनको नहीं
- 1:42:48हां एक्सप्रेसिव होने पे नहीं वो तो उनका
- 1:42:50इवोल्यूशन लड़कों को एक्सप्रेसिव होने पे
- 1:42:53पनिशमेंट मिलती है।
- 1:42:54लड़की अगर ना रोए तो पेरेंट्स तनाव में
- 1:42:56रहते हैं। स्पेशली डोली के समय विदाई के
- 1:42:59समय
- 1:43:01कई घरों में ऐसा होता है। लड़की का रोने
- 1:43:03का मन नहीं कर रहा। उसको मजा आ रहा है।
- 1:43:05भाई जिससे प्यार करती है उससे शादी हो रही
- 1:43:06है। उसका मन कर रहा है। अच्छा घर से बोर
- 1:43:08भी हो चुकी है। जाने का मन कर रहा है
- 1:43:10उसका। पर वहां उसको रोना जरूर है तो बेशक
- 1:43:13ग्लिसरीन लगाए कुछ करें लेकिन बहुत जरूरी
- 1:43:16ये वीडियो में आना चाहिए कि बेटी रो रही
- 1:43:18थी हम
- 1:43:19अच्छा कभी-कभी क्या होता है लड़का रोने लग
- 1:43:21जाता है
- 1:43:21दूल्हा हम
- 1:43:22कि वाइफ आ रही है वो नहीं रो रही है
- 1:43:25दूल्हा रो रहा है बेचारा उसको लग रहा है
- 1:43:27कि इसे घर छुड़वा दिया फिर उसका वीडियो
- 1:43:29बनता है देखो कितना प्यारा दूल्हा
- 1:43:32लेकिन लड़का रोए तो पेरेंट्स को परेशानी
- 1:43:34है। नो तो परेशानी है क्योंकि वो टाइप्स
- 1:43:39बन गए हैं ना
- 1:43:40सोशल चल ही रहे है सोशल नॉर्म टाइप्स हैं
- 1:43:42नॉर्म्स हैं कि
- 1:43:44एंड हम लोग लोनलीनेस की बात कर रहे थे
- 1:43:45आपको लगता है कभी लोनली अभी
- 1:43:47बहुत ज्यादा
- 1:43:48क्यों उसका कारण मतलब मैं तो ऐसी सिचुएशन
- 1:43:51में हूं कि मुझे लगेगा ही लगेगा
- 1:43:54मैं अपने पूरे संगठन में सबसे सीनियर हूं
- 1:43:57हम
- 1:43:58करीब डेढ़ 2000 लोग काम करते हैं। मैं
- 1:44:00किसी से मजाक नहीं कर सकता ज्यादा।
- 1:44:02हां।
- 1:44:02दोस्ती नहीं कर सकता। 150 टीचर्स हमारे
- 1:44:05साथ काम करते हैं। मैं ज्यादा मजाक नहीं
- 1:44:07कर सकता क्योंकि मैं प्रोफेशनली उनका हेड
- 1:44:09भी हूं।
- 1:44:09हम
- 1:44:10स्टूडेंट्स के साथ एक लिमिट से ज्यादा
- 1:44:13दोस्ती नहीं कर। वो मुझसे कुछ भी शेयर कर
- 1:44:14सकते हैं। मैं नहीं कर सकता।
- 1:44:16हम
- 1:44:17तो मैं उन्हें अक्सर बोलता हूं कि आई कैन
- 1:44:18बी फ्रेंडली विद यू बट नॉट द फ्रेंड।
- 1:44:20हम
- 1:44:21यू कैन बी फ्रेंड वि मी। आपके मन में जो
- 1:44:24अगड़मगड़म है आप आगे मुझे बोल दो।
- 1:44:26हम
- 1:44:26मैं बिना जजमेंटल हुए सुन लूंगा। सलाह भेज
- 1:44:28दूंगा। पर मैं तो नहीं कर सकता हूं ना हम
- 1:44:32मेरे जो स्कूल कॉलेज के दोस्त थे लगभग वो
- 1:44:34सब अलग-अलग जगह व्यस्त हैं और बहुत फ्री
- 1:44:37कम्युनिकेशन अब नहीं रहा क्योंकि
- 1:44:39डिफरेंसेस ठीक-ठाक आ ही जाते हैं। हालांकि
- 1:44:41तीन चार पांच दोस्त अच्छे दोस्त आज भी
- 1:44:43हैं।
- 1:44:45परिवार में भी क्या होता है कि आप टीचर
- 1:44:48हो, एक संगठन के मुखिया हो तो घर के अंदर
- 1:44:51का माहौल भी थोड़ा-थोड़ा वैसा होने लग
- 1:44:53जाता है।
- 1:44:55तो यह बात सही है कि लोनलीनेस
- 1:44:59मेरे जैसे लोगों की तो नियति है। डेस्टिनी
- 1:45:01है। झेलना पड़ता है। और मैं जहां जाता हूं
- 1:45:05मुझसे पहले मेरी इमेज पहुंचती है।
- 1:45:07हम
- 1:45:08अब इमेज टीचर वाली होती है तो क्या होता
- 1:45:10है? लोग भी उसी तरीके से बात करते हैं। तो
- 1:45:13बहुत कंफर्टेबली कोई बात नहीं करता है। एक
- 1:45:15औपचारिकता, एक फॉर्मेलिटी रहती है।
- 1:45:17खुल के कहीं बात नहीं करना।
- 1:45:19तो जो खुल के कहीं बात नहीं कर पाएगा वो
- 1:45:21तो फिर
- 1:45:21लोनली होगा ही।
- 1:45:22बड़े अधिकतर मैन के साथ नहीं होता।
- 1:45:24अलग-अलग क्वांटिटी में है। मतलब जितना
- 1:45:27मेरे साथ है उतना शायद नहीं होता होगा। हम
- 1:45:29पर एक लेवल के बाद तो होना ही है क्योंकि
- 1:45:31आप एक्सप्रेसिव हो नहीं सकते ज्यादा।
- 1:45:33आप रोए हो कभी?
- 1:45:34हां हां हां लेकिन मैं
- 1:45:36लास्ट टाइम यू क्राइड
- 1:45:39मतलब जो मुझे ध्यान आ रहा है पिछले 20-2
- 1:45:41साल में शायद मैं एक ही बार रोया हूं जब
- 1:45:43मेरी मां की मृत्यु हुई थी।
- 1:45:46भाई जिस दिन मृत्यु हुई थी उस दिन से लेकर
- 1:45:48उसके कुछ दिनों तक कई बार ऐसा हुआ।
- 1:45:52क्या थॉट था? एग्जैक्ट दिमाग में क्या है?
- 1:45:55मतलब मुझे लगता था कि मुझे बहुत फर्क नहीं
- 1:45:57पड़ेगा क्योंकि जनरली मैं बहुत डिटच्ड
- 1:46:00रहता हूं और मैं कुछ भी झेलने की ताकत
- 1:46:04रखता हूं तो मुझे बहुत फर्क पड़ता नहीं है
- 1:46:06उठापटक से जिंदगी में तो जब वो बीमार थी
- 1:46:10आखिरी तीन-चार साल कई बार हॉस्पिटल गई
- 1:46:13दो-तीन बार ऐसा लगा कि नहीं बचेंग लेकिन
- 1:46:16हर बार हम संभाल पाए
- 1:46:19आखिरी बार जब उनका ऑपरेशन हुआ हार्ट का
- 1:46:21ऑपरेशन हुआ था लंग्स और हार्ट दो ऑपरेशंस
- 1:46:24एक साथ हुए थे।
- 1:46:27डॉक्टर बहुत अच्छे थे और उम्मीद थी कि वो
- 1:46:29सेफ होंगे। 12 नवंबर को उनकी मृत्यु हुई
- 1:46:32थी। ये 2018 की बात है सात साल पहले की।
- 1:46:369 नवंबर को सर्जरी हुई थी। तो 9 और 10 को
- 1:46:39हम बहुत होपफुल थे कि सब ठीक है। अब बस वो
- 1:46:41ठीक हो जाएंगे और उसके बाद कहीं कोई
- 1:46:42दिक्कत नहीं आएगी। 10 की रात और 11 को
- 1:46:45तबीयत बिगड़नी शुरू हुई और 12 को उनकी डेथ
- 1:46:47हो गई। और वो ऑपरेशन थिएटर में जाने से
- 1:46:50पहले एकदम खुश बहुत कॉन्फिडेंस से एक नवेल
- 1:46:54पढ़ रही थी पढ़ते-पढ़ते बंद करके गए थे कि
- 1:46:55यह नवेल पूरा हो गया। अगला नवेल मुझे दे
- 1:46:57देना इसके बाद जो पढ़ना है गुनाहों का
- 1:46:59देवता फिर नवेल वो पढ़ रही थी उस समय और
- 1:47:02जब वो जा रही थी थिएटर के अंदर मेरी बात
- 1:47:04भी नवेल के बारे में हुई। मैंने कहा क्या
- 1:47:05हुआ उसमें? चंद्र सुधा क्या हुआ? तो पूरी
- 1:47:07कहानी सुना के फिर वो अच्छे से गई एकदम
- 1:47:09खुश। वो 100% कॉन्फिडेंट थी कि बस मैं ठीक
- 1:47:12हो के आ जाऊंगी। पर वो नहीं सक्सेसफुल हुआ
- 1:47:15ऑपरेशन।
- 1:47:17तो जब वह चली गई तो जो एम्प्टीनेस फील हुई
- 1:47:20फिर रोना भी आया।
- 1:47:23तीन-चार दिन बाद हमारी परंपरा में एक चौथा
- 1:47:25होता है। श्रद्धांजलि सभा होती है। करीब
- 1:47:28हजार लोग उसमें आए थे। तो मेरे पिताजी ने
- 1:47:31कहा कि मैं ही उसमें मंच संभालूं और उसमें
- 1:47:34कई लोगों को इनवाइट करना होता है बोलने के
- 1:47:36लिए।
- 1:47:38तो मैंने कहा ठीक है। जब मैं वहां बैठा
- 1:47:42अब दिक्कत है कि मैं बोल नहीं पा रहा हूं।
- 1:47:45जैसे ही बोलने लगता हूं रोना छूट जाता है।
- 1:47:50तीन चार पांच मिनट तक मैं बोल ही नहीं
- 1:47:52पाया और हजारों लोग सामने बैठे हूं। मेरी
- 1:47:54सारी स्ट्रगल थी कि मैं एक शब्द बोल तो
- 1:47:56पाऊं बोल ही नहीं पा रहा था। फिर वो किसी
- 1:48:00तरह से मैनेज करके बोला तब भी दिक्कत रही।
- 1:48:05आधे पौने घंटे के बाद कम से कम बोलने के
- 1:48:07लायक हुआ। डेढ़ दो घंटे का प्रोग्राम था।
- 1:48:11तो मुझे बड़ी राहत लगी उस चीज से कि मैं
- 1:48:13अभी पूरा पत्थर नहीं हुआ हूं।
- 1:48:17और अच्छी बात ये है कि अब तो 7 साल हो गए
- 1:48:20लेकिन आज भी जब मैं उन चीजों को याद करता
- 1:48:22हूं तो मुझे अभी भी कुछ-कुछ वैसा फील हो
- 1:48:23जाता है। अदरवाइज पिछले 25 साल में मुझे
- 1:48:26ध्यान नहीं है कि मैं एक बार भी रोया हूं।
- 1:48:28आप जैसे बहुत सोचते हो तो इस बारे में
- 1:48:32सोचा कि किस बारे में किस किस वजह से रोना
- 1:48:35आ रहा था। इज इट एम्प्टीनेस? इज इट कि कोई
- 1:48:38होगा नहीं साथ में। इज इट कि टाइम कम
- 1:48:40स्पेंड किया। इज इट रिग्रेट? क्या किस
- 1:48:42सारी चीजें? गिल्ट तो होता ही है। व्हाट
- 1:48:45इज द बिगेस्ट?
- 1:48:47एक गिल्ट मुझे कभी-कभी यह होता है कि उस
- 1:48:51समय एक नई टेक्नोलॉजी आने वाली थी उस
- 1:48:52ऑपरेशन के लिए। पर वो टेक्नोलॉजी एक महीने
- 1:48:55बाद आने वाली थी।
- 1:48:58डॉक्टर ने हमें कहा था कि आप चाहे तो उस
- 1:49:00पर काम कर सकते हैं। हम घर में सब बैठे।
- 1:49:03हम सब ने डिसेबल मां नहीं बाकी सब लोग
- 1:49:05बैठे।
- 1:49:07हम सबके मन में यह भय बहुत गहरा था कि एक
- 1:49:10महीना है ही नहीं हमारे पास।
- 1:49:13मतलब वह टेक्नोलॉजी ज्यादा सेफ है पर वो
- 1:49:15एक महीने बाद पहली बार इंडिया में आने
- 1:49:16वाली थी।
- 1:49:17हम
- 1:49:19एक महीना है ही नहीं। और जो डॉक्टर ऑपरेशन
- 1:49:21करने वाले थे वो इतने नामी थे कि हमें यह
- 1:49:23भरोसा था कि ये संभाल लेंगे। तो सब ने
- 1:49:26मिलके सर्वसम्मति से फैसला किया कि करना
- 1:49:30चाहिए ऑपरेशन।
- 1:49:32अब क्योंकि सफल नहीं हुआ तो कभी-कभी लगता
- 1:49:34है कि एक महीना रुक जाते हैं। वो गिल्ट तो
- 1:49:37है। पर यह भी है कि अगर एक महीना रुक जाते
- 1:49:40और उसे एक महीने में नहीं संभाल पाते तो
- 1:49:41ज्यादा गहरा गिल्ट होता कि करवाया क्यों
- 1:49:44नहीं?
- 1:49:44हम
- 1:49:47तो बाकी टाइम कम गुजार पाया। एम्प्टीनेस
- 1:49:50ज्यादा कि वो नहीं है।
- 1:49:53व्हाट वाज़ योर फेवरेट
- 1:49:55उनकी कोई फेवरेट आदत जो आपको बहुत पसंद
- 1:49:58थी। कोई ऐसी चीज जो शायद आपके साथ ही करती
- 1:50:00थी। मेरे साथ हंसीज़ाक खूब करते थे। मतलब
- 1:50:03दो तीन मेमोरीज तो ऐसी हैं। एक तो यह कि
- 1:50:05जब वो स्कूल जाती थी। वो उसी स्कूल में
- 1:50:07टीचर थे जहां मैं पढ़ता था।
- 1:50:08हम तीन भाई हैं। तीनों वहीं पढ़ते थे। वो
- 1:50:10वहां पढ़ाते थे।
- 1:50:10हम
- 1:50:13तो एक हमारा फेवरेट काम ये था कि वो रोज
- 1:50:15कौन सी साड़ी पहनेंगे मैं डिसाइड करता था।
- 1:50:18तो लोग मुझे बुलाते थे कौन सी साड़ी पहनू?
- 1:50:20फिर मैं मुझे दो तीन साड़ी बड़ी पसंद थी
- 1:50:22उनकी। मैं अक्सर वही उनको पहनने के लिए
- 1:50:24बोलता था। तो वो सिलेक्शन ऑफ साड़ी एक मेरी
- 1:50:28मेमोरी हमेशा है। उसमें भी एक
- 1:50:31कोका कोला शेड की साड़ी मतलब चॉकलेट शेड
- 1:50:34की साड़ी थी चॉकलेट एंड वाइट वो मेरी बड़ी
- 1:50:36फेवरेट थी तो वो अक्सर पहनती थी मेरे कहने
- 1:50:38पे
- 1:50:40दूसरा मुझे बचपन में आलू खाना बहुत पसंद
- 1:50:43था आलू की सब्जी मेरी इतनी फेवरेट सब्जी
- 1:50:45थी तो उन्होंने मेरा नाम रख दिया था आलू
- 1:50:47प्रिय
- 1:50:49तो मैं मुझे इसी नाम से बोलती थी कई बार
- 1:50:51जबजब वो सब्जी बनती थी
- 1:50:54एक उनका फेवरेट डिश थी सूजी का हलवा येलो
- 1:50:57कलर का बनाती थी वो हमारे पूरे खानदान में
- 1:50:59बड़ा पॉपुलर था उनके हाथ का बना हुआ तो वो
- 1:51:02अभी भी जब हम जैसे मेरी वाइफ बनाती है ओवर
- 1:51:05हाल हुआ तो वो जिस दिन बनता है तो हम उसी
- 1:51:07मेमोरी में सब लोग खाते हैं कि ये मां
- 1:51:10जैसा टेस्ट है बाकी वो क्योंकि टीचर थी
- 1:51:14नौकरी भी करती थी घर के काम भी बहुत
- 1:51:15परेशान भी होती थी हम तीन बच्चे बहुत
- 1:51:17परेशान करते थे तो कभी-कभी गुस्से में
- 1:51:21बहुत परेशान हो जाती थी तो मुझे
- 1:51:24एक बार झाड़ू से मारा घर से निकाल दिया
- 1:51:26गुस्से में तो वो सब मेमोरीज मेरे दिमाग
- 1:51:28में है तो मुझे बड़ा अच्छा लगता
- 1:51:30फिर से निकाल दिया फिर वापस आ गया।
- 1:51:32आज वो आपको सब दिखती आपके बारे में और अगर
- 1:51:35वो आपको अभी डांटती होती किस चीज पे डांट
- 1:51:37रही होती? उनकी आखिरी इच्छाओं में एक जो
- 1:51:41थी वो मुझे अक्सर कहती थी कि बेटा
- 1:51:44धार्मिक हो जाओ
- 1:51:46पूजा पाठ करो। भगवान में आस्था रखो। मेरे
- 1:51:51अंदर अनास्था नहीं है पर आस्था भी नहीं
- 1:51:52है। मैं एग्नोस्टिक हूं।
- 1:51:56तो उनको यह लगता था कि किसी तरीके से इसे
- 1:51:59रास्ते पर ले आऊं हम
- 1:52:01और मैं उनको कभी ठीक से समझा नहीं पाया कि
- 1:52:05मेरा थॉट प्रोसेस क्या है
- 1:52:06हम
- 1:52:07और मेरे इस थॉट प्रोसेस में ऐसा बिल्कुल
- 1:52:10नहीं है कि धर्म का या भगवान का अपमान
- 1:52:15करने का भाव है। भाव सिर्फ इतना है कि
- 1:52:17मेरी जिज्ञासा
- 1:52:19अभी उस बिंदु पर पहुंची नहीं है कि मैं
- 1:52:21निश्चिंत होके
- 1:52:24मतलब धार्मिक कृत्य कर सकूं। मेरे पिताजी
- 1:52:27अब समझते हैं वो रोज हवन करने वाले
- 1:52:30व्यक्ति है। मेरी पत्नी रोज पूजा करती है।
- 1:52:32घर में मंदिर भी है, घर में यज्ञशाला भी
- 1:52:34है। पर वो सब इस बात का सम्मान करते हैं
- 1:52:37कि मैं इग्नोस्टिक हूं। तो जब घर में कोई
- 1:52:40पूजा का प्रोग्राम होता है तो मैं उसमें
- 1:52:41जाके बैठता हूं साथ में। उनका सम्मान करता
- 1:52:44हूं सबका।
- 1:52:45लेकिन कोई मेरे ऊपर थोपता नहीं है ना मैं
- 1:52:48किसी पर थोपता हूं। तो हम हमारे घर में सब
- 1:52:50लोगों की अपनी-अपनी धार्मिक आस्थाएं हैं।
- 1:52:52सबकी राजनीतिक पार्टियां इनकी पसंद भी
- 1:52:54अलग-अलग है। तो सब लोग अपना-अपने तरीके से
- 1:52:56चलते हैं।
- 1:52:57इफ वी मूव अहेड एंड टॉक अबाउट जो लोग आपको
- 1:53:02टीचर जैसे देखते हैं बहुत अधिकतर। ठीक है?
- 1:53:05और टीचर से अधिक मोस्टली एक उम्मीद होती
- 1:53:09है कि यह हमें जितवाएगा लाइफ में। कोई तो
- 1:53:12तरीका है जहां पर यह हमें आगे बढ़ाएगा।
- 1:53:15राइट? एंबिशन के हिसाब से देखते हैं।
- 1:53:16सक्सेसफुल बनने की कोशिश। आपके अटेमप्ट्स
- 1:53:19फेल हुए थे बहुत सारे। कभी आपको ऐसा लगता
- 1:53:22है कि यार मैं लोगों को सिखा रहा हूं
- 1:53:25क्योंकि मेरी जो कमी रह गई थी मैं वो करना
- 1:53:27सिखा रहा हूं या कभी-कभी ऐसे अंदर से ऐसा
- 1:53:29लगता है कि प्रोबब्ली
- 1:53:31मैं नहीं बन पाया। मैं इसीलिए मैं इनको
- 1:53:34क्या सिखा रहा हूं। कभी कॉन्वर्सेशन होती
- 1:53:36है ऐसी? कन्वर्सेशन तो नहीं लेकिन खुद तो
- 1:53:39सोचते ही हैं। मतलब पहली बात तो यह मेरा
- 1:53:42सिलेक्शन हुआ था यूपीएससी में पहले
- 1:53:44अटेमप्ट में ही हुआ था जो कि अपने आप में
- 1:53:46एक बहुत रेयर बात है।
- 1:53:48मेरे ख्याल से यूपीएससी में जो पहले
- 1:53:50अटेम्प्ट में सिलेक्ट होते होंगे हर साल
- 1:53:52अगर 1000 लोग होते हैं कुल।
- 1:53:55मुझे नहीं लगता कि 100 200 से ज़्यादा होते
- 1:53:58होंगे एक साल में जो फर्स्ट अटेम्प्ट में
- 1:54:01सिलेक्ट हुए हैं। तो मैं उनमें से एक हूं
- 1:54:03तो मुझे इस बात गर्व भी ठीक-ठाक है। हां,
- 1:54:06मुझे प्रॉपर आईएएस नहीं मिल पाया। यह बात
- 1:54:08सही है।
- 1:54:10तो हमारी फील्ड में डोमेन में जितने भी
- 1:54:13कोचिंग इंस्टट्यूट्स हैं अगर मान लें कि
- 1:54:16100 या 200 टीचर्स हैं तो उनमें से दो या
- 1:54:20तीन ही ऐसे हैं जो सिलेक्ट हुए थे
- 1:54:22हम
- 1:54:22और पढ़ाते हैं
- 1:54:24डिजाइन करके। उनमें से एक मैं हूं। तो
- 1:54:27यह तो फीलिंग मुझे नहीं आती है। दूसरा
- 1:54:30मुझे इस बात की क्लेरिटी भी साफ-साफ है कि
- 1:54:32एक अच्छा प्लेयर होना और एक अच्छा कोच
- 1:54:34होना दो अलग बातें हैं।
- 1:54:35हम
- 1:54:36आचरेकर साहब कितना भी अच्छा
- 1:54:39हैं वो तेंदुलकर नहीं बन सकते थे। और
- 1:54:43तेंदुलकर हो सकता है कि आचरेकर ना बन पाए।
- 1:54:47तो एक अच्छा खिलाड़ी होना अलग क्षमता है।
- 1:54:49एक कोच होना अलग क्षमता है। तो क्योंकि
- 1:54:52मुझे पढ़ने का, पढ़ाने का, टीचिंग का,
- 1:54:54डिबेटिंग का शुरू से अभ्यास रहा।
- 1:54:57तो ये क्लेरिटी भी थी कि मैं खुद सफल ना
- 1:55:00भी हो पाऊं तो भी करवा तो सकता हूं। मुझे
- 1:55:03पता है कैसे होना है। लेकिन शायद मैं
- 1:55:05एग्जीक्यूट ना कर पाऊं। जैसे मेरी
- 1:55:06हैंडराइटिंग लास्ट अटेम्प्ट तक आते-आते
- 1:55:09बहुत खराब हो गई थी।
- 1:55:10हम
- 1:55:10अब मैं कॉन्शियसली जानता हूं कि अच्छी
- 1:55:12हैंडराइटिंग बहुत जरूरी है अच्छा रैंक
- 1:55:14लाने के लिए। और मेरी जनरेटिंग खराब है।
- 1:55:16कितनी भी कोशिश कर लूं ठीक नहीं कर पा रहा
- 1:55:18हूं उसको।
- 1:55:20तो मुझे पहले से ये पता है कि शायद मैं
- 1:55:22बहुत अच्छा रैंक नहीं ला पाऊंगा।
- 1:55:24हम
- 1:55:25पर जिसकी हैंडराइटिंग अच्छी है अगर मैं
- 1:55:27उसे ठीक से सिखा दूंगा तो वो ले आएगा।
- 1:55:29हम
- 1:55:30तो मुझे कभी ऐसा लगा नहीं कि एक अच्छा कोच
- 1:55:33होने के लिए आपको खुद एक अच्छा प्लेयर
- 1:55:34होना बहुत जरूरी है।
- 1:55:36हां एक्सपीरियंस होना जरूरी है कि आपने
- 1:55:37गेम खेली हुई है।
- 1:55:38हां
- 1:55:39और मैंने कोई गेम खेली है तो मुझे वो
- 1:55:40कॉन्फिडेंस हमेशा रहा। मैं यह नहीं बोल
- 1:55:42रहा अबाउट कोच और प्लेयर। मैं यह पूछ रहा
- 1:55:45हूं कि बहुत सारे टीचर्स होते हैं वर्ल्ड
- 1:55:47वाइड। आप देखो जो हाई अचीविंग मेंटोर्स
- 1:55:49होते हैं स्पेसिफिकली उन्हें अंदर कहीं ना
- 1:55:52कहीं एक कॉग्निटिव डिसोनेंस होता है। एक
- 1:55:54तरीके का गुरु का बर्डन बोल दो कि वो बहुत
- 1:55:57हाई अचीविंग है। उन्हें लगता है कि यार
- 1:56:00पब्लिकली तो मैं जिता रहा हूं। और जितने
- 1:56:03लोगों को जिताते जा रहा हूं अंदर मुझे कभी
- 1:56:05ना कभी मैं सवाल पूछता हूं खुद से कि क्या
- 1:56:08सही है? नहीं है। क्या मैं बन पाता नहीं
- 1:56:11बन पाता? ये या तो मैं अंदर से
- 1:56:18मैं फ्रॉड तो नहीं हूं एक तरीके से। लाइक
- 1:56:21दिमाग में आप बस थॉट आई एम जस्ट आस्किंग
- 1:56:24सो मेनी थिंग्स दैट यू थिंक अबाउट।
- 1:56:25इसमें दो तीन बातें हैं। जैसे पहली बात
- 1:56:27किसी बच्चे का सिलेक्शन हो तो मैं इस
- 1:56:29गलतफहमी में बिल्कुल नहीं रहता कि मैंने
- 1:56:30इसको सिलेक्ट करवा दिया है।
- 1:56:32हम
- 1:56:32ये भाव मैं दूर-दूर तक अपने पास नहीं आने
- 1:56:35देता। मैं ये मान के चलता हूं कि सिविल
- 1:56:37सर्विज जैसे एग्जाम में कोई बच्चा बहुत
- 1:56:40कैपेबल है
- 1:56:42तो ही वो सफल होगा और टीचर की एक भूमिका
- 1:56:45होती है लेकिन ज्यादा भूमिका बच्चे की ही
- 1:56:48होती है।
- 1:56:49तो इस धौस में रहना ही नहीं है कि मैंने
- 1:56:51सिलेक्ट करवा दिया है।
- 1:56:52बच्चा ही सिलेक्ट हुआ है। हां बच्चा किसी
- 1:56:55किसी मामले में कुछ समझने में दिक्कत थी।
- 1:56:57मैंने समझा दिया था। कहीं कंफ्यूजन था।
- 1:56:59मैंने ठीक रास्ता बता दिया। आंसर राइटिंग
- 1:57:02स्किल्स में उसको डाउट था। मैंने कुछ आंसर
- 1:57:04चेक करके बता दिया कैसे लिखना है। उसने
- 1:57:06मेहनत की वो सफल हो गया। नंबर वन मैं किसी
- 1:57:10भी बच्चे को गारंटी दे नहीं सकता कि सफल
- 1:57:12करवा ही दूंगा। ये लिमिटेशन मैं जानता
- 1:57:14हूं।
- 1:57:14हम
- 1:57:15स्पेशली सिविल सर्विस एग्जाम में कोई भी
- 1:57:18ये क्लेम ना करे कि वो किसी बच्चे को
- 1:57:19आईएएस बना सकता है।
- 1:57:20हम
- 1:57:21नहीं करना चाहिए। मैं तो नहीं करता हूं।
- 1:57:23कम से कम। मैं डे वन पे बच्चों से बोलता
- 1:57:26हूं जिस क्लास में मैं जाता हूं कि कोई
- 1:57:29गारंटी नहीं है कि आप सफल होंगे। अगर आपकी
- 1:57:31एसोसियाई गारंटी है तो वापस चले जाइए।
- 1:57:35मिलकर कोशिश करेंगे। आप भी कीजिए। हम भी
- 1:57:37करते हैं। चांसेस है कि आईएएस नहीं तो
- 1:57:39पीसीएस कोई ना कोई अच्छा एग्जाम क्वालीफाई
- 1:57:41कर लेंगे। और अगर दो-ती साल आपने ठीक से
- 1:57:44मेहनत की, खूब आंसर्स लिखे, टेस्ट लिखे तो
- 1:57:48कोई रीज़न नहीं है कि कहीं ना कहीं
- 1:57:49सिलेक्शन ना हो जाए।
- 1:57:51हम्म।
- 1:57:51तो जब इतना ट्रांसपेरेंसी से आप बात करें
- 1:57:53तो कोई बहुत गिल्ट वाला मामला नहीं बचता
- 1:57:56है। फ्रॉड क्या है? फ्रॉड तब है जब आपको
- 1:57:57कोई झूठ बोले।
- 1:57:58नहीं पर्सनली अंदर से लगता है क्या कभी?
- 1:58:00नहीं मुझे
- 1:58:00गिल्ट लगता है कभी ऐसा
- 1:58:02एक तो मेरा सिलेक्शन हुआ था और दूसरा
- 1:58:04मैंने ऐसे बहुत टीचर्स देखे हैं जिनका
- 1:58:06सिलेक्शन नहीं हुआ पर बहुत अच्छे टीचर्स
- 1:58:08हैं
- 1:58:09इनक्रेडिबल टीचर्स
- 1:58:10और ये भी होता है ना कि कई पेपर्स हैं
- 1:58:12आपको सब में अच्छा स्कोर कर रहे हैं तो आप
- 1:58:14आईएएस बनेंगे
- 1:58:15हम
- 1:58:15मान लीजिए नौ पेपर्स में से किसी का तीन
- 1:58:18में शानदार स्कोर था बाकी छह में शानदार
- 1:58:20नहीं तो आईएएस नहीं बना और वो वही तीन
- 1:58:22पेपर पढ़ा रहा है जिनमें शानदार था तो
- 1:58:25कहां कोई दिक्कत है फिर है ना आपने इतने
- 1:58:29लोग सक्सेसफुल बन ते हुए देखा आईएस में भी
- 1:58:30बाहर भी लाइफ में भी एंड ऑब्जर्व करते हो
- 1:58:33आप व्हाट डू यू थिंक फॉर एक
- 1:58:36वन बिगेस्ट हैबिट या मैट्रिक किसी इंसान
- 1:58:40में जो होता है जो उसे सक्सेसफुल बनाती है
- 1:58:43डिसिप्लिन लेट्स से
- 1:58:46उस डिसिप्लिन के नाम बहुत सारे हैं। उसका
- 1:58:48सबसे सुंदर नाम है परज़रेंस
- 1:58:50हम
- 1:58:50उसी के दूसरा नाम है हार्ड वर्क उसे
- 1:58:53पेशेंस कह लीजिए जो कहना हो लेकिन परज़रेंस
- 1:58:57सबसे अच्छा शब्द है सब शामिल हो जाता है
- 1:58:59पर कोई हैबिट है ऐसी डिसिप्लिन छोड़ो
- 1:59:02डिपेंड करता है कि इंसान की ट्रेट ही हो
- 1:59:04गया
- 1:59:05परवरेंस भी ट्रेट है परवेंस का मतलब है
- 1:59:08अपने टारगेट को दिमाग में रख के लंबे समय
- 1:59:12तक ठंडी आंच पर धीमी आंच पर उसके लिए
- 1:59:15मेहनत करते रहना
- 1:59:17जिसमें ये है वो देर सवेेर किसी भी फील्ड
- 1:59:20में जाए सफल हो जाएगा
- 1:59:21उसे कोई हैबिट का लेना देना नहीं है सुबह
- 1:59:23वो कभी भी उठे
- 1:59:24हैबिट्स तो उसके अंदर रिचुअल्स हैं
- 1:59:26हां
- 1:59:26कोई ऐसा रिचुअल देखा है जो सक्सेसफुल
- 1:59:29मैंने ऐसे बच्चे देखे हैं जो सुबह 4:00
- 1:59:31बजे उठते हैं आईएएस बनते हुए ऐसे भी देखे
- 1:59:33जो 4:00 बजे सोते हैं वो भी आईएएस बनते
- 1:59:35हैं।
- 1:59:37उससे बहुत फर्क नहीं पड़ता।
- 1:59:38कैसे टाइप के लोग सक्सेसफुल बनते हैं या
- 1:59:40कैसे टाइप के सक्सेसफुल नहीं बनते?
- 1:59:41नहीं देखिए डिपेंड करता है आप किस फील्ड
- 1:59:43में है। अगर आप फिल्म इंडस्ट्री में हैं
- 1:59:44तो आप तुक्के से भी सफल हो सकते हैं।
- 1:59:46हम
- 1:59:46यूपीएससी में तुक्के से नहीं हो सकते।
- 1:59:48हम
- 1:59:48है ना?
- 1:59:51अब आप किसी ऐसे बड़े घर में पैदा हो गए कि
- 1:59:53आपको हीरो बनने के चांस बार-बार मिलते
- 1:59:55रहेंगे। एक आद फिल्म हिट हो गई। रोल ऐसा
- 1:59:58है कि बहुत गहरी एक्टिंग की जरूरत है।
- 2:00:00ठीक-ठाक एक्टिंग की जरूरत थी। उतना आपने
- 2:00:01कर लिया। हम
- 2:00:02आप बन गए सुपरस्टार।
- 2:00:05तो उसमें सबसे बड़ी भूमिका उस तुक्के की
- 2:00:07है कि आप उस जरूर पैदा हुए थे।
- 2:00:08हां।
- 2:00:09बाकी चीजें उतना मैटर नहीं कर रही हैं।
- 2:00:12कुछ चीजों में अभ्यास की बहुत बड़ी भूमिका
- 2:00:14है। जैसे आप क्लासिकल सिंगिंग करना चाहते
- 2:00:18हैं। चाहे क्लासिकल सिंगर के घर पैदा हुए
- 2:00:21या कहीं पैदा हुए। आपको 10 20 साल तक
- 2:00:24अभ्यास करना पड़ेगा। हम
- 2:00:26तब जाके वह लेवल आएगा जिस पे लोग कहेंगे
- 2:00:29कि कमाल कर दिया आपने।
- 2:00:32तो ऐसी फील्ड जहां पर बहुत ज्यादा योग्यता
- 2:00:35नहीं चाहिए अपॉर्चुनिटी मिलना मुश्किल है
- 2:00:37वहां तुक्का
- 2:00:39पॉलिटिक्स फिल्म इंडस्ट्री में
- 2:00:42हीरो वाली दुनिया में मेनली ये काम करता
- 2:00:44है। मेनली का मतलब काफी हद तक ये काम करता
- 2:00:46है। फिर एक चीज और है कि आप जिस भी फील्ड
- 2:00:48में जाना चाह रहे हो उसका जो बेसिक
- 2:00:50एपटीट्यूड है वो तो एक नेचर गिवन चीज है।
- 2:00:57जिस व्यक्ति का आईक्यू कम है और मोटर
- 2:01:00स्किल्स खराब हैं वो क्रिकेटर बन नहीं
- 2:01:02सकता सफर। अच्छा बैट्समैन नहीं बन सकता।
- 2:01:06अच्छा बैट्समैन होने के लिए बहुत अच्छा
- 2:01:07आईक्यू बहुत जरूरी है। बहुत तेज
- 2:01:11प्रोसेसिंग ऑफ थॉट्स बहुत जरूरी है। 150
- 2:01:15की स्पीड में बॉल आ रही है आपके सामने।
- 2:01:17उसी एक सेकंड में आपको बॉल को भी देखना
- 2:01:21है, एंगल को भी देखना है। सारे फील्डर्स
- 2:01:23को दिमाग में रखना है। बैट को किस मोमेंट
- 2:01:27पे, किस एंगल पर, किस स्पीड से टच करना है
- 2:01:29कि बॉल वहां जाए जहां आप चाहते हैं। इतनी
- 2:01:33फास्ट प्रोसेसिंग, इतनी फास्ट मोटर
- 2:01:36स्किल्स जिसकी होंगी और जो 20 साल रगड़ेगा
- 2:01:39खुद को वो विराट कोहली बनेगा। हम
- 2:01:42यह मजाक नहीं है।
- 2:01:45तो फील्ड चुनने से पहले अपना एपटीट्यूड
- 2:01:47देख लेना चाहिए। बट बहुत लोग जो मान लो
- 2:01:51टॉप 10 या टॉप 15 प्लेयर्स हैं वो टॉप टू
- 2:01:56टॉप थ्री नहीं बन पाते।
- 2:01:57हम
- 2:01:57जबकि वो अभ्यास सेम टाइप का करते हैं।
- 2:01:59आईक्यू लेवल पे ज्यादा डिफरेंस नहीं होगा।
- 2:02:02होगा।
- 2:02:03एपटीट्यूड का अंतर जरूर होगा। क्षमताओं का
- 2:02:06अंतर होगा।
- 2:02:08जरूर होगा।
- 2:02:11और अगर सारे अंतर नहीं है तो फिर यह
- 2:02:13तुक्का है। संयोग है। जांच की बात है।
- 2:02:16साइकोलॉजिकल स्टेट का भी तो फर्क पड़ता
- 2:02:18है।
- 2:02:18ये हो सकता है कि आप फॉर्म में है या
- 2:02:20नहीं। और फॉर्म का बेसिक मतलब जो मैं
- 2:02:22समझता हूं आप बहुत उस दिन कंफर्टेबल है या
- 2:02:24नहीं। आपका पूरा माइंड बॉडी आपस में
- 2:02:27कनेक्टेड है या नहीं।
- 2:02:28इन जनरल बिलीफ का फर्क नहीं होता। इसमें
- 2:02:30कॉन्फिडेंस का भी हो सकता है। हां। अगर
- 2:02:32सेल्फ कॉन्फिडेंस आपका अच्छा है तो फॉर्म
- 2:02:34आपकी बेहतर हो जानी चाहिए।
- 2:02:36हम
- 2:02:36होगा फॉर्म में। एक बहुत अच्छा प्लेयर
- 2:02:38लगातार आठ मैच में आउट होता जा रहा है।
- 2:02:40कोई नहीं समझ पा रहा क्यों हो रहा है। वही
- 2:02:41आईक्यू है, वही ऐपटीट्यूड है।
- 2:02:43एक्सक्ट्ली वही टाइप की स्किल्स है। वही
- 2:02:4525 साल मेहनत करके आया है।
- 2:02:46और फिर फॉर्म में है तो लगातार सेंचुरीज
- 2:02:48मार रहा है। ये फॉर्म क्या चीज है? बहुत
- 2:02:50ही एब्स्ट्रैक्ट है। बहुत सब्जेक्टिव है।
- 2:02:52इसकी कोई व्याख्या है नहीं। हम्।
- 2:02:54इसमें कॉन्फिडेंस भी काम करता है। इसमें
- 2:02:56गलतफहमियां भी काम करती हैं। इसमें
- 2:02:57सुपरस्टिशंस भी काम करते हैं। कुल मिलाके
- 2:03:00जिस दिन आपका पूरा माइंड बॉडी अगर सोल है
- 2:03:03तो वो भी अगर सिनर्जी में है। आप बहुत
- 2:03:07कंफर्टेबल है अपने साथ। कोई दबाव आपके ऊपर
- 2:03:10नहीं है। आप आप बन के खेल रहे हैं तो
- 2:03:12चांसेस है कि आप कमाल कर देंगे।
- 2:03:15उस दिन क्रिकेट की बॉल फुटबॉल दिखती है।
- 2:03:19और ना हो तो टेबल टेनिस की बॉल बन जाती
- 2:03:21है।
- 2:03:23मैंने क्योंकि खेला क्रिकेट लंबे समय तक
- 2:03:25वगैरह में तो मुझे आईडिया है कि क्या होता
- 2:03:27है।
- 2:03:28ट्रू ये आप
- 2:03:31आपके फॉर्म में हो ये लाइफ में हर चीज में
- 2:03:34जरूरत है। कैसे आ सकता है कोई फॉर्म में?
- 2:03:36जैसे टीचिंग की बात अगर मैं करूं तो
- 2:03:39टीचिंग में क्या होता है कि
- 2:03:41जितने समय तक आप पढ़ाते जाएंगे अगर आप ओपन
- 2:03:44माइंड से पढ़ा पढ़ा रहे हैं तो जो चीजें
- 2:03:46पहले अलग-अलग होती हैं एक समय के बाद
- 2:03:48कनेक्ट होने लगती है दिमाग के अंदर अपने
- 2:03:50आप कनेक्ट होती है फिर आप जो तैयारी करके
- 2:03:53जाते हैं और जो पढ़ा के जाते हैं उससे
- 2:03:54बहुत गैप हो जाता है
- 2:03:55हम
- 2:03:56और हर बार बेटर होता है
- 2:03:57हम
- 2:03:58और मेरी जिंदगी में दो तीन बार ऐसा हुआ कि
- 2:04:00मैं क्लास लेने गया और बाय चांस पढ़ के
- 2:04:02नहीं जा पाया वरना मैं क्लास से पहले
- 2:04:04पढ़ता हूं ताकि इनजस्टिस ना हो। आज भी
- 2:04:07पढ़ता हूं। दो तीन बार ऐसा हुआ कि कहीं
- 2:04:10ट्रैवल कर रहा हूं। क्लास का टाइम है।
- 2:04:12ट्रैफिक जाम हो गया। आधा घंटा पहले पहुंच
- 2:04:15के पढ़ना था। पहुंच ही नहीं पाया। सीधे
- 2:04:17क्लास के टाइम में पहुंचा। घुस गया क्लास
- 2:04:19के अंदर। और मैंने पाया कि उन दिनों में
- 2:04:22सबसे अच्छी क्लास हुई
- 2:04:25कि जब वो एकदम तैयार नहीं है तो आपके जो
- 2:04:27रैंडमनेस है
- 2:04:28हम
- 2:04:29उसमें क्या होता है कि बहुत सारे डॉट्स
- 2:04:31हैं जो पहले कभी कनेक्ट नहीं हुए हम
- 2:04:33लैटिस वर्क स्टंग होके बाहर निकलता है।
- 2:04:35फिर
- 2:04:35अब वो कनेक्ट हो गए हैं।
- 2:04:36हम
- 2:04:37साइकोलॉजी में बोलते हैं कि न्यूरल पाथवे
- 2:04:39फेस अगर फिक्स हैं तो क्रिएटिविटी नहीं
- 2:04:41आएगी।
- 2:04:42क्रिएटिविटी का मतलब है कुछ ऐसे डॉट्स
- 2:04:44कनेक्ट हुए जो नॉर्मली नहीं होते हैं। उस
- 2:04:46दिन वो हो रहे हैं क्योंकि याद ही नहीं आ
- 2:04:48रहा आपको तो नए-नए कनेक्ट हो रहे हैं। तो
- 2:04:52जैसे-जैसे आप सज जाते हैं आप नए-नए पढ़ते
- 2:04:54रहते हैं। एक लेवल के बाद दिमाग में वो
- 2:04:56कन्वर्जेंस होने लगता है। कनेक्शन होने
- 2:04:59लगते हैं। फिर आप जो पढ़ाते हैं वो किसी
- 2:05:01किताब में नहीं लिखा होता।
- 2:05:02हम
- 2:05:03वो कोई किताब में ढूंढ-ढूंढ के थक जाएगा।
- 2:05:05मिलेगा ही नहीं किसी के साथ।
- 2:05:07क्योंकि इसमें कई किताबें, कई जिंदगी के
- 2:05:10अनुभव हम
- 2:05:11और क्रिएटिविटी सब मर्ज हो के एक हलवा जो
- 2:05:14बना है ना वो वो ना आटे में है ना चीनी
- 2:05:16में है ना दूध में है
- 2:05:18हम
- 2:05:18वो अलग ही तरीके से बना है ये हर फील्ड
- 2:05:21में क्रिकेट में भी क्या होता होगा कि आप
- 2:05:2420,000 बॉल्स खेल चुके 2 लाख बॉल खेल चुके
- 2:05:28और एक दिन एक बॉल आई जो उन सबसे अलग है।
- 2:05:32अचानक आपके दिमाग ने कहा कि इस पे एक नया
- 2:05:34शॉट ट्राई करते हैं। आपने अलग तरीके से
- 2:05:36बैट घुमाया जो आज तक हुआ ही नहीं इतिहास
- 2:05:38में
- 2:05:38और चला गया और लोगों ने कहा कि भाई
- 2:05:42ये हेलीकॉप्टर शॉट है धोनी का शॉट है। बन
- 2:05:45गया नया शॉट
- 2:05:46उसे एक खास मोमेंट में आपका सारा संचित
- 2:05:49अनुभव
- 2:05:50हम
- 2:05:51कह रहा है कि नहीं इस पर एक नया कुछ
- 2:05:54लगेगा। उसी फ्रैक्शन ऑफ मोमेंट में एक
- 2:05:59सेकंड के 100वें हिस्से में आपके दिमाग ने
- 2:06:01एक नया शॉट भेजा। आपने एग्जीक्यूट किया और
- 2:06:04इतिहास में नाम हो गया आपका। हम
- 2:06:06तो लंबे अभ्यास के बाद आपकी मोटर स्किल्स
- 2:06:09आपका आई एक्यू बेहतर हो। कुछ क्रिएटिव
- 2:06:11थॉट्स का स्कोप छोड़ रखा हो
- 2:06:13तो कुछ इनोवेशंस होते हैं। जैसे एग्जांपल
- 2:06:16अगर दें
- 2:06:18अब जैसे एआई आना शुरू हुआ तो कुछ लोगों ने
- 2:06:20एआई फिल्म्स बना दी हैं। अभी दो तीन
- 2:06:22फिल्में
- 2:06:23भारत में बन गई हैं जो एआई बेस्ड है पूरी
- 2:06:25तरह से।
- 2:06:27कल मैं एक फिल्म इंस्टट्यूट में गया हुआ
- 2:06:29था एक लेक्चर देने के लिए। तो वहां मैंने
- 2:06:31बताया कि जो नया कांसेप्ट अभी दुनिया में
- 2:06:33चल रहा है वह न्यूरो फिल्म्स का है। आज से
- 2:06:3610 साल बाद सिनेमा हॉल में लोग हेलमेट पहन
- 2:06:38के बैठेंगे। हेलमेट के अंदर सारे
- 2:06:39इलेक्ट्रोड फिक्स होंगे।
- 2:06:43फिल्म फिक्स नहीं है। वह 2ाई घंटे की
- 2:06:45फिल्म 3 घंटे की भी हो सकती है।
- 2:06:48सबका कनेक्शन एक सॉफ्टवेयर के साथ है और
- 2:06:52बाहर उसका डिस्प्ले चल रहा है।
- 2:06:56एक गाना आया सैड सॉन्ग है। उस गाने का
- 2:06:58पर्पस है कि सबको रोना है उसमें। और आपकी
- 2:07:02आंखों के आंसू से मतलब नहीं है। वो उनको
- 2:07:04सिग्नल से पता लग रहा है कि आप उस स्टेज
- 2:07:06में पहुंचे कि नहीं पहुंचे।
- 2:07:081000 लोग बैठे हैं थिएटर में
- 2:07:10और डैशबोर्ड बता रहा है कि अभी 880 लोग
- 2:07:12रोए हैं। हम
- 2:07:135 मिनट हो गए हैं।
- 2:07:15तो वो फिल्म इतनी स्मार्ट है कि गाना अपने
- 2:07:17आप 1 मिनट एक्सटेंड हो जाएगा।
- 2:07:21और 1 मिनट के बाद देखा कि अब 999 लोग रो
- 2:07:23चुके हैं।
- 2:07:24हम
- 2:07:24अब गाना खत्म होगा।
- 2:07:26हम
- 2:07:27एक सीन आया फास्ट वाला सस्पेंस वाला।
- 2:07:30डराना है। डर के सिग्नल्स कैच कर रही है
- 2:07:33मशीन।
- 2:07:33हम
- 2:07:34और देखा कि सीन 3 मिनट का था। लेकिन दो ही
- 2:07:36मिनट में लोग डर गए
- 2:07:37हम
- 2:07:37तो सीन छोटा हो जाएगा
- 2:07:39हम
- 2:07:39और ऐसे फिल्म इस लेवल पे इंटैक्ट करेगी
- 2:07:42ऑडियंस के साथ कि ऑडियंस के इमोशंस को जज
- 2:07:45करते हुए फिल्म की लंबाई चौड़ाई अब चौड़ाई
- 2:07:47कम होती जाएगी बढ़ती जाएगी अब ये जो आदमी
- 2:07:51इस लेवल पर पहली न्यूरो फिल्म बनाएगा उस
- 2:07:54इंडस्ट्री का बादशाह हो जाएगा
- 2:07:55हम
- 2:07:57दुनिया में खतरे हैं। पर ये किसी ने नहीं
- 2:08:00सोचा कि हम मार्स पे सभ्यता बना सकते हैं।
- 2:08:03हम
- 2:08:03और मुझे यहां से लोगों को मार्स पे ले
- 2:08:05जाना है तो ये मस्त करेगा।
- 2:08:08हम
- 2:08:09दुनिया पेट्रोल डीजल की कारों में उलझी
- 2:08:11हुई है और वो कह रहे कि इंजन बनाना ही
- 2:08:13नहीं है। बैटरी से कार चलेगी। इंजन चाहिए
- 2:08:17क्यों?
- 2:08:17हम
- 2:08:17अच्छा इंजन के डेवलपमेंट को लेके सारी
- 2:08:20कंपनियां भिड़ी हुई है आपस में। वो कह रहे
- 2:08:21हैं इंजन ही क्यों चाहिए?
- 2:08:23बैटरी बस।
- 2:08:26उसने गेम ही चेंज कर दी टेस्ला बना के।
- 2:08:29ड्राइवर क्यों चाहिए? अपने आप चली गई कार।
- 2:08:32सेंसर्स लगाओ ह्यूमन बीइंग से बेहतर कार्य
- 2:08:34चलेगी। हम
- 2:08:36अब वो कह रहा है कि बातचीत करने के लिए
- 2:08:38बात करनी क्यों है? यहां चिप लगाएंगे
- 2:08:41दिमाग में। आपके दिमाग में चिप है। मेरे
- 2:08:42दिमाग में चिप है। बात ही नहीं करनी पड़
- 2:08:44रही।
- 2:08:44हम
- 2:08:45ऐसी कनेक्शन हो रहा है टेलीपैथी से।
- 2:08:48जो इतना नया सोचेगा और एग्जीक्यूट भी कर
- 2:08:51देगा।
- 2:08:53बादशाह तो वही होगा।
- 2:08:54हम
- 2:08:54इसलिए उसकी कंपनी उसको 1 ट्रिलियन का डॉलर
- 2:08:57वेतन देगी एक साल में। डी नयापन है उसमें।
- 2:09:01डू यू थिंक टेक्नोलॉजी जिस तरीके से आगे
- 2:09:04जा रही है इट विल डिस्ट्रॉय ह्यूमैनिटी
- 2:09:07है नास मतलब ईमानदारी से कहें तो एआई
- 2:09:12अभी तक की हर टेक्नोलॉजी से अलग है।
- 2:09:14हम ये कह के काम नहीं चला सकते कि पहले
- 2:09:16ऐसे कई बार हुआ है।
- 2:09:17हम
- 2:09:18ये अलग है।
- 2:09:19अभी तक टेक्नोलॉजीस ने क्या किया था कि
- 2:09:21हमारी मोटर स्किल्स को कंट्रोल किया था।
- 2:09:27जैसे हम रिक्शा चलाते थे। कार बन गई तो
- 2:09:31कितना आसान हो गया। ट्रेन बन गई तो और
- 2:09:33कितना आसान हो गया। हजारों लोग मिलकर
- 2:09:35ढोएंगे उस उतना ट्रेन के इंजन ने ढो दिया।
- 2:09:38हवाई जज बन गया। वो सब ठीक है। लेकिन
- 2:09:40ह्यूमन बीइंग की ग्रेटनेस और सुपीरियरिटी
- 2:09:43बनी हुई थी।
- 2:09:45क्योंकि
- 2:09:47एरिस्टोटलल ने भी कहा, कई लोगों ने कहा,
- 2:09:49भारत में भी कुछ लोग कहते हैं और सच भी यह
- 2:09:51है कि एनिमल्स से हम बेहतर इसलिए हैं कि
- 2:09:54हमारा आईक्यू बेहतर है।
- 2:09:56हम
- 2:09:57और हमारा आईक्यू हमें सबसे ऊपर रखता है
- 2:09:59पूरे इस इकोसिस्टम में इस पूरी दुनिया
- 2:10:01में।
- 2:10:03जब कैलकुलेटर बना तो पहली बार ऐसा हुआ कि
- 2:10:06एक मामले में हमारी इंटेलिजेंस को चैलेंज
- 2:10:09मशीन ने किया।
- 2:10:10हम्म।
- 2:10:10कैलकुलेटर्स हमसे फास्ट हमसे बेहतर
- 2:10:13कैलकुलेशंस कर लेते हैं।
- 2:10:14यस।
- 2:10:16पर क्योंकि मैथमेटिक्स में उस लेवल तक
- 2:10:18जाना बहुत कम लोगों के मामले का था। तो
- 2:10:20उसे चैलेंज पर्सव नहीं किया गया कि ठीक
- 2:10:22है। कितने लोग इतने गुणा भाग करते हैं।
- 2:10:25चिंता नहीं हुई।
- 2:10:28हमें यह भरोसा था कि लैंग्वेज इतनी
- 2:10:31सब्जेक्टिव चीज है कि लैंग्वेज में मशीन
- 2:10:33काम नहीं कर पाएगी।
- 2:10:34हम
- 2:10:34ये भरोसा मुझे भी था।
- 2:10:37मतलब वो वहां कर लेगी जहां ऑब्जेक्टिव
- 2:10:39रिजल्ट्स हैं। मैथमेटिक्स में कर लेगी,
- 2:10:40लॉजिक में कर लेगी। वहां तक तो ठीक है।
- 2:10:44इसलिए जहां-जहां सिंपल लॉजिक है एल्गोरिदम
- 2:10:46बनेगा। यस नो फिर यस के आगे दो बनेंगे।
- 2:10:49उसके नीचे बनेंगे। तो वो एल्गोरिथमिक
- 2:10:51थिंकिंग में जो कुछ भी हो सकता है वहां
- 2:10:53मशीन अपने अरथमैटिक लॉजिकल यूनिट के थ्रू
- 2:10:57हमें
- 2:10:58बाईपास कर लेगी। वो अंडरस्टैंड। इसलिए जब
- 2:11:01आज से 20-25 साल पहले चेस में एक कंप्यूटर
- 2:11:05ने इंसान को हरा दिया। डीप ब्लू कंप्यूटर
- 2:11:07का नाम था। गैरी कास्पररो को हराया उसने
- 2:11:10चेस में। बहुत बड़ा इवेंट था। हम यूपीएससी
- 2:11:12का एग्जाम दे रहे थे तो हमारे जीएस में एक
- 2:11:14करंट अफेयर्स में एक इवेंट्स था। हमें लगा
- 2:11:17कि ये तो बर्बाद कर दिया।
- 2:11:19हम्म। लेकिन अब जब मैं समझता हूं हैंड
- 2:11:21साइड में देखता हूं तो वो उतनी बड़ी बात
- 2:11:22नहीं है क्योंकि चेस्ट लॉजिक का गेम है और
- 2:11:25कैलकुलेटर जिस लॉजिक से हमसे जीत गया था
- 2:11:27मैथमेटिक्स में उसी लॉजिक से चेस्ट में
- 2:11:29जीत सकती है मशीन में
- 2:11:32लैंग्वेज में एल्गोरििदम काम नहीं करता उस
- 2:11:34तरह से क्योंकि लैंग्वेज बहुत सब्जेक्टिव
- 2:11:35है
- 2:11:35हम
- 2:11:36किस वर्ड का क्या मीनिंग किसी भाषा में
- 2:11:38होगा एकदम आर्बिट्रेरी है रैंडम है
- 2:11:42साइलेंस के अपने मतलब निकलते हैं एक ही
- 2:11:45वर्ड दो अलग-अलग स्टाइल से कहा जाए मीनिंग
- 2:11:47चेंज हो जाता है
- 2:11:48हम
- 2:11:49जैसे मैं आपसे कहूं कहां गए थे फिर बोलूं
- 2:11:52अरे कहां गए थे मीनिंग चेंज हो गया हम
- 2:11:55मशीन इस लेवल पर कैसे समझ पाएगी हमें तो
- 2:11:58ये लगता था पर हमने 20 साल पहले पढ़ना
- 2:12:01शुरू कर दिया था टेक्नोलॉजी में कि एआई
- 2:12:04नाम से एक प्रोजेक्ट चल रहा है और उनका
- 2:12:06टारगेट है एआईएम अल्ट्रा इंटेलिजेंट मशीन
- 2:12:09बनाना
- 2:12:10हम
- 2:12:10जो ट्यूरिंग टेस्ट को पास कर लेगी।
- 2:12:12ट्यूरिंग टेस्ट का मतलब ये है कि आप पता
- 2:12:14ना लगा सके कि आपके सामने मशीन है या
- 2:12:16इंसान है।
- 2:12:17हम पुराना टेस्ट है करीब 100 साल पहले का
- 2:12:22पिछले तीन साल से अच्छा छ सात साल से
- 2:12:24अंदेशा होना शुरू हो गया था
- 2:12:26कि आ रहा है कुछ
- 2:12:27क्योंकि ट्रांसलेशन जब करती थी मशीन आज से
- 2:12:2910 साल पहले ट्रांसलेटर्स बड़े कॉन्फिडेंस
- 2:12:31में रहते थे
- 2:12:32कि अरे मशीन कुछ भी कर ले नहीं कर पाएगी
- 2:12:34और कर भी नहीं पाती थी
- 2:12:36हम
- 2:12:36बड़ा खराब खराब ट्रांसलेशन होता था
- 2:12:38यूपीएससी में पूरा मूवमेंट 2014 में हुआ
- 2:12:40था मैं भी उसमें काफी एक्टिव था क्योंकि
- 2:12:42ट्रांसलेशन की प्रॉब्लम पे मूवमेंट हुआ था
- 2:12:45और आरोप यही था कि Google ट्रांसलेट हो
- 2:12:46रहा है और Google कुछ भी ट्रांसलेशन कर
- 2:12:48देता है। पर Google ने इवॉल्व करते-करते
- 2:12:51और भी बहुत सारे सॉफ्टवेयर्स ने आज हालत
- 2:12:54यह है चारप साल पहले दिखना शुरू हो गया
- 2:12:57था। आज हालत ये है कि अगर ह्यूमन
- 2:12:59ट्रांसलेशन को बेंचमार्क मान लें 100
- 2:13:02तो नॉर्मल लैंग्वेज में टेक्निकल लैंग्वेज
- 2:13:05में Google का लेवल 105 110 है। 100 से कम
- 2:13:10नहीं है।
- 2:13:10हम
- 2:13:12केवल लिटरेरी और क्रिएटिव में थोड़ा सा
- 2:13:14कहीं-कहीं मार खाता है। पर अब वो क्या कर
- 2:13:16जितने मुहावरे हैं, लोकोक्तियां हैं,
- 2:13:18प्रोवर्ब्स हैं, इड्स हैं, उनको भी अपना
- 2:13:21डाटा में ले रहे हैं। कॉन्टक्सुअलाइजेशन
- 2:13:23कर रहे हैं। मेरे ख्याल से आज से तीन-चार
- 2:13:26साल बाद वो उसमें भी हमसे भारी पड़ेंगे।
- 2:13:30तो छ सात साल से हमें लग रहा था कि
- 2:13:32लैंग्वेज के मामले में कैसे मशीन यहां तक
- 2:13:34पहुंच गई। फिर पता लगा लार्ज लैंग्वेज
- 2:13:36मॉडल्स बन गए हैं।
- 2:13:38स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स भी हैं जो हम लोग
- 2:13:40यूज़ करते हैं आजकल। लेकिन एलएलएम्स तो हैं
- 2:13:42ही।
- 2:13:43हम्म।
- 2:13:44और पिछले एक दो साल में तो मैंने देखा है
- 2:13:46कि कोई बाउंड्री बची नहीं है। लैंग्वेज के
- 2:13:48मामले में तो कविताएं भी लिख रहा है
- 2:13:50कंप्यूटर।
- 2:13:52रिसर्च में तो कोई बात ही नहीं है।
- 2:13:55अब जो अगले खतरे हैं ये सारा इस बात पे कि
- 2:13:59प्रोसेसिंग की स्पीड और एक्यूरेसी कितनी
- 2:14:02है।
- 2:14:03प्रोसेसिंग की स्पीड और एक्यूरेसी अभी
- 2:14:05जीपीयूस कम प्रोड्यूस हो पा रही हैं। तो
- 2:14:07बहुत कंपटीशन चल रहा है दुनिया में। चाइना
- 2:14:10थोड़ा सा पीछे है तो इसलिए कि जीपीयूस
- 2:14:12उसको मिल नहीं रही है क्योंकि जीपीयूस
- 2:14:14बनाने वाली एक ही बड़ी कंपनी है वो ताइवान
- 2:14:17का तो
- 2:14:18चाइना को ना देना चाह रहा है ना अमेरिका
- 2:14:19देना चाह रहा है
- 2:14:21पर दो चार पांच साल की बातें हैं कोई ना
- 2:14:24कोई तोड़ निकाल लेगा चाइना इसका भी
- 2:14:27फिर जो कंपटीशन होगा और मैं कल उसी स्पीच
- 2:14:30में एग्जांपल दे रहा था कि जो विलो चिप
- 2:14:33Google की आई है
- 2:14:36क्वांटम में जो रैंडमनेस है उसको भी उसने
- 2:14:39उसने कंट्रोल कर लिया है
- 2:14:40हम
- 2:14:41ऑलमोस्ट एक्यूरेट है और वो कितनी
- 2:14:44कैलकुलेशन कर रही है अगर उसकी स्पीड
- 2:14:46समझेंगे टेक्निकल लैंग्वेज में
- 2:14:49दुनिया का सबसे बड़ा सुपर कंप्यूटर
- 2:14:52जितनी कैलकुलेशन में वन सेप्टेलियन इयर्स
- 2:14:55लगाता है वन सेप्टेलियन का मतलब है एक के
- 2:14:59आगे 24 जीरो
- 2:15:02हम
- 2:15:03तीन जीरो पे थाउजेंड छ पे मिलियन नौ पे
- 2:15:06बिलियन 12 पे ट्रिलियन बढ़ाते जाइए सेप्ट
- 2:15:0924 जीरो पे आता है।
- 2:15:11एक के आगे 24 जीरो लगाइए। उतने साल में
- 2:15:16दुनिया का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर जितनी
- 2:15:18प्रोसेसिंग करता है उतनी प्रोसेसिंग
- 2:15:21विलोचिप 5 मिनट में करती है।
- 2:15:27ये मैं नहीं कह रहा। आप नेट पे सर्च कर
- 2:15:29लीजिए।
- 2:15:29हम
- 2:15:31और विलोचिप तो शुरुआत है।
- 2:15:33हम
- 2:15:34यहां से तो पता नहीं कहां जाएंगे। अभी तो
- 2:15:36जैसे क्यूबिट्स के लेवल पे सफल हो गए अब
- 2:15:38तो कमाल कर देंगे।
- 2:15:40इसका फायदा बहुत है। मेडिकल साइंस में जो
- 2:15:42रिसर्च होने में लगते हैं हजारों साल वो
- 2:15:44शायद 2 साल में हो जाएगी।
- 2:15:45हम
- 2:15:45बीमारियां शायद सारी खत्म हो जाएंगी।
- 2:15:47कैंसरवैंसर का इलाज जितना आराम से होने
- 2:15:49लगेगा अगले 20 10 20 25 साल में। मेडिसिंस
- 2:15:53के मामले में कस्टमाइज मेडिसिंस आपको
- 2:15:56वायरल हुआ मुझे हुआ। दवाई एक जैसी नहीं
- 2:15:58होगी। आपके जीनोम के हिसाब से आपकी होगी।
- 2:15:59मेरे जीनोम के हिसाब से मेरी होगी। यहां
- 2:16:01तक होगा।
- 2:16:01हम
- 2:16:02एजुकेशन में कमाल हो जाएगा। एआरवीआर बेस्ड
- 2:16:06एजुकेशन टूल्स आ जाएंगे। मजा आ जाएगा
- 2:16:08बच्चों को पढ़ने में। हर बच्चे के लिए
- 2:16:10कस्टमाइज टीचर हो जाएगा जो ह्यूमनाइट
- 2:16:13रोबोट से बन सकता है। कैसे बन सकता है? ये
- 2:16:16सब कमाल होने वाला है।
- 2:16:18लेकिन क्या इंसान किसी भी मामले में मशीन
- 2:16:22से सुपीरियर रहेगा?
- 2:16:24ये बहुत डाउटफुल है। और जिस दिन एजीआई आ
- 2:16:28गई जो कि कुछ लोग कह रहे हैं कि अगले साल
- 2:16:29आई। कुछ कह रहे हैं 10 20 साल बाद आएगी।
- 2:16:32और एएसआई जिस दिन आ गई हम
- 2:16:35जिसको हम आर्टिफेयर सुपर इंटेलिजेंस कहते
- 2:16:37हैं
- 2:16:37हम
- 2:16:38मतलब कुछ दिनों में ऐसी मशीन बन जाएगी जो
- 2:16:40एक साथ दुनिया के सारे ह्यूमंस के
- 2:16:42कलेक्टिव ब्रेन से ज्यादा ताकतवर होगी और
- 2:16:44मेरा ख्याल है कि फ्यूचर में अगर इंसान
- 2:16:46मशीनों से बेहतर रहेंगे तो केवल एक मामले
- 2:16:48में
- 2:16:49कि इमोशंस की प्रोसेसिंग इमोशंस की
- 2:16:51अंडरस्टैंडिंग और इमोशंस में स्पिरिचुअल
- 2:16:54एक्सपीरियंस को मैं लूंगा क्योंकि वो भी
- 2:16:55एक बहुत हाई इमोटिव एक्सपीरियंस होता है।
- 2:16:59वो मशीनों के बस की बात शायद नहीं होगी।
- 2:17:01ये कितनी भी ताकत लगा रही है मेरे ख्याल
- 2:17:02से वहां नहीं पहुंच पाएगी। हालांकि
- 2:17:05कॉन्शियसनेस की लेटेस्ट कुछ थ्यरीज क्लेम
- 2:17:07कर रही है कि वो भी शायद कर देगा।
- 2:17:10एक एडवाइस दो या टेल मी समथिंग दैट
- 2:17:14आपने इतने सारे पडकास्ट करें, इंटरव्यूज
- 2:17:17करें, लोगों से मिलते हो आप। हाउ कैन आई
- 2:17:19मेक दिस बेटर? क्या मैं बेहतर तरीके से कर
- 2:17:22सकूं?
- 2:17:22मुझे पडकास्ट दुनिया में एक जनरल शिकायत
- 2:17:24ये रहती है कि इट्स नॉट अबाउट
- 2:17:28कि लोग बहुत गहराई में पढ़ के समझ के फिर
- 2:17:33बात करें तो उसकी बात अलग होती है।
- 2:17:37इंडिया में जो पडकास्टिंग की दुनिया में
- 2:17:39उनमें से अधिकांश लोग बहुत ही शैलो लेवल
- 2:17:43पर बात करते हैं। आप उन सब से बहुत बेहतर
- 2:17:46हैं। लेकिन इसमें कोई लिमिट नहीं होती इस
- 2:17:48चीज। वेयर तो पढ़ते रहिए बस।
- 2:17:54[संगीत]
- 2:18:03Twitter पे सब नफरत और बाहर सब प्यार कर
- 2:18:06रहे हैं।
- 2:18:07तो ये सोशल मीडिया की हेट जो है इसमें एक
- 2:18:09तो एनोनिमिटी का बहुत बड़ा पक्ष है।
- 2:18:12जब सामने वाले को पता हो कि मैं गाली
- 2:18:13दूंगा पता नहीं चलेगा कि मैंने दी है तो
- 2:18:15आप भी गाली खूब जम के देता है।
- 2:18:17क्यों?
- 2:18:18इसको मॉब बिहेवियर कहते हैं।
- 2:18:20जैसे ही इंसान को यह समझ में आता है कि
- 2:18:23पता नहीं चलेगा कि मैं था।
- 2:18:24हम
- 2:18:26वो अपनी ईड पे आ जाता है। ईड, ईगो, सुपर
- 2:18:29ईगो तीन शब्द चलते हैं। ईड मतलब वो अपनी
- 2:18:31एनिमल इंस्टिंक्ट पे आ जाता है।
- 2:18:33और जब उसको पता है कि लोग ऑब्जर्व कर रहे
- 2:18:35हैं अपने सुपर ईगो के लेवल पे चला जाता
- 2:18:37है।
- 2:18:37हम
- 2:18:38एकदम बहुत नैतिक बहुत अच्छा।
- 2:18:41तो मॉब बिहेवियर का मतलब है जिस क्षण ये
- 2:18:44खतरा खत्म हुआ कि लोग मुझे पहचान पाएंगे।
- 2:18:47यानी एनोनिमिटी आ गई। आपका बिहेवियर चेंज
- 2:18:50हो जाता है एकदम।
- 2:18:51थैंक यू सो मच ये एपिसोड एंड तक देखने के
- 2:18:53लिए। अब आपको पता है आपको तीन चीजें करनी
- 2:18:56है। सबसे पहले इस चैनल को सब्सक्राइब कर
- 2:18:58लो ताकि इसी तरह हम और भी वैलुएबल गेस्ट
- 2:19:00लाते रहें। नंबर टू मुझे कमेंट्स में बताओ
- 2:19:03कि इस एपिसोड में आपको क्या अच्छा लगा और
- 2:19:06और कौन से ऐसे गेस्ट हैं जो आप देखना
- 2:19:08चाहते हो हम इस एपिसोड में इस पॉडकास्ट
- 2:19:10में लेके आए। एंड यह एपिसोड किसी एक इंसान
- 2:19:13के साथ जरूर शेयर करना जिसको अपनी लाइफ
- 2:19:16में इससे कुछ बेटर चेंज करने का मौका
- 2:19:18मिलेगा। क्योंकि एक कन्वर्सेशन कैन चेंज
- 2:19:20समवनस लाइफ। आई विल सी यू नेक्स्ट टाइम।
- 2:19:22अंटिल देन कीप फिगरिंग आउट।
- 2:19:28[संगीत]
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This page contains the full transcript of Vikas Divyakirti on Relationships, Money, Fame, Cheating & Social Norms | FO435 Raj Shamani by Raj Shamani, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 24,327 words across 3,762 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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