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Unwanted Bride of Devil Boss || episodes 1-20 || Dark Romance Novel — Transcript

by Story with Soumya · 11,256 words · 1,321 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:02हेलो माय लिसनर्स कैसे हो तुम सब उम्मीद
  2. 0:04करती हूं अच्छे होंगे अच्छे ही रहना चाहिए
  3. 0:06और आप लोग के लिए आ चुकी है न्यू स्टोरी
  4. 0:08जिसका नाम है अनवांटेड राइड ऑफ माय डेविल
  5. 0:13बॉस तो चलिए इसे शुरू करते हैं बिना किसी
  6. 0:17देरी के और उसके साथ ही मैं आप लोगों को
  7. 0:19बोल दूं कि देखो यार तुम लोग चुपचाप से
  8. 0:21हाइप वाइप कर देना ठीक है हाइप कर देना
  9. 0:23चाहिए अच्छी बात होती है हाइप करना ठीक है
  10. 0:25तो चलिए शुरू करते हैं और कहानी लाने में
  11. 0:27थोड़ा सा लेट कर दिया आपके नैरेटर ने बट
  12. 0:29अब कोई बात नहीं अब तो आ ही चुकी है। तो
  13. 0:31चलिए शुरू करते हैं।
  14. 0:345 फुट 2 इंच की एक प्यारी सी नाजुक सी
  15. 0:38दिखने वाली लड़की जिसकी प्यारी-प्यारी
  16. 0:40बड़ी-बड़ी आंखें थी। आंखों का रंग भूरा था
  17. 0:44और साथ ही उसके बालों का भी रंग उसकी
  18. 0:46आंखों से हल्काफुल्का मिलताजुलता था। बाल
  19. 0:49अभी उसने पूरी तरह से बंद कर रखे थे और
  20. 0:52साथ ही आगे आ रहे कुछ बाल जो कि उसे
  21. 0:54बार-बार परेशान कर रहे थे। एक हाथ से ही
  22. 0:56वह अपने बालों को इधर-उधर हटा पा रही थी
  23. 0:59क्योंकि दूसरा हाथ किसी के हाथों में पूरी
  24. 1:01तरह से कब्जे में जा चुका था। कोई उसके
  25. 1:04हाथ को पकड़ करके उसे खींचे जो जा रहा था
  26. 1:07उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यह शख्स
  27. 1:09उसे लेकर कहां पर जा रहे हैं। वो बार-बार
  28. 1:11बस एक ही नाम बोल रही थी। सर
  29. 1:14सर अब हम कहां जा रहे हैं? लेकिन इस वक्त
  30. 1:18उसके कानों में कोई आवाज नहीं जा रही थी।
  31. 1:20जो शख्स अभी उसको खींचते हुए ले जा रहे
  32. 1:23थे, वह बिल्कुल शांत थे और फाइनली उसे ले
  33. 1:25आ के खड़ा कर चुके थे। [संगीत] यह मॉल का
  34. 1:28फिफ्थ फ्लोर था जहां पर ज्यादातर सन्नाटा
  35. 1:32ही था। वो अभी भी बहुत सारे सवाल किए जा
  36. 1:34रहे थे। सर हम मॉल में क्यों आए हैं? यहां
  37. 1:37पर क्या कोई कोई पकड़ा गया है? हमें किसी
  38. 1:40को मारना है। आपने कुछ बताया नहीं मुझे इस
  39. 1:42मिशन के बारे में। सर सर लेकिन अभी वो एक
  40. 1:46और बार सर बोल पाती उससे पहले उसके होठों
  41. 1:48पर इस वक्त किसी की उंगली थी और साथ ही
  42. 1:51किसी की निगाह है जो कि घूर रही थी उसकी
  43. 1:53आंखों में और बहुत ही गुस्से भरी टो में
  44. 1:55बस इतनी आवाज उसे सुनाई दी थी मुझे
  45. 1:58तुम्हारे मुंह से एक और शब्द नहीं सुनना
  46. 2:00है। चुपचाप से खड़ी रहो यहां पर जब तक मैं
  47. 2:03कह रहा हूं। उसने पहले तो अपनी पलकें
  48. 2:05दो-तीन बार छपकाई थी क्योंकि पहली बार उस
  49. 2:08शख्स ने इतने प्यार से हां माना कि थोड़े
  50. 2:10गुस्से में सही लेकिन देखा तो था। हमारी
  51. 2:13प्यारी सी फीमेल लीड को जिसका नाम वैसे तो
  52. 2:16रुद्राणी था लेकिन मजाल थी जो उनके बॉस थे
  53. 2:20उनका नाम कभी भी ठीक से ले पाए। पीछे से
  54. 2:24तीनचार स्टाफ आए थे अपने हाथ को बांधे हुए
  55. 2:26अपने सर को नीचे झुकाए हुए। तभी उसमें से
  56. 2:29एक स्टाफ धीरे से आगे बढ़ते हुए कहती है
  57. 2:31सर आपने जो ड्रेस कोड किया था तैयार वो हम
  58. 2:34लोगों ने रेडी कर लिया है। आपने सेलेक्ट
  59. 2:37किया था वो। और साथ ही हमने मेकअप के लिए
  60. 2:40भी सबको बुला लिया है। अगर आप कहे तो ले
  61. 2:43जाओ इसे। सिर्फ 10 मिनट है। जल्द से जल्द
  62. 2:46तैयार करो। वैसे भी सुंदर तो दिखती है।
  63. 2:48हल्का-फुल्का ही तैयार करना है। क्या?
  64. 2:52आपने मुझे क्या कहा? कुछ नहीं कहा। जाओ
  65. 2:55यहां से। आपने मुझे सुंदर नहीं कहा। मैं
  66. 2:59तुम्हें मार दूंगा। चारू जाओ यहां से। जा
  67. 3:03रही हूं। वो चार पांच स्टाफ जो कि आई थी।
  68. 3:06रुद्राणी की तरफ देख के हल्का सा हंसी थी
  69. 3:08और फिर उसको अंदर की तरफ ले जाने लगी थी।
  70. 3:11क्या बात है मैम? आपको कौन से नंबर की
  71. 3:14वाइफ बनाया जा रहा है? हां। क्या मतलब?
  72. 3:17[संगीत]
  73. 3:18रुद्राणी बेचारी कंफ्यूज हो के उन स्टाफ
  74. 3:21की तरफ देखी थी। कम से कम 10 बार स्टाफ थी
  75. 3:24वहां पर। सब के सब उसको देख के हंसे जा
  76. 3:26रही थी और आपस में कुछ तो गसिप कर रही थी
  77. 3:28जो कि रुद्राणी के समझ में बिल्कुल नहीं आ
  78. 3:30रहा था। ऐसा नहीं था कि वो शार्प नहीं थी
  79. 3:32या फिर उसे चीजें समझ में नहीं आती थी।
  80. 3:34मगर कुछ मामलों में बेचारी थोड़ी कच्ची
  81. 3:36थी। दूसरी तरफ वो शख्स जो कि अभी भी इस
  82. 3:40वक्त काफी गुस्से में खड़े थे जैसे कि वो
  83. 3:42बहुत ही ज्यादा टेंशन में हो। नाम
  84. 3:45अग्निवराज कश्यप।
  85. 3:47हाथों में अपने फोन पकड़े हुए उसे कान पर
  86. 3:50लगाते हुए किसी से काफी गुस्से में बात कर
  87. 3:52रहे थे और जैसे-जैसे दूसरी तरफ से आवाज आ
  88. 3:54रही थी, वैसे-वैसे उनकी भाभी और ज्यादा
  89. 3:56सिकुड़ती जा रही थी। तो पूरी की [संगीत]
  90. 3:59पूरी तैयारी कर रखी है इन लोगों ने।
  91. 4:01हिम्मत कैसे हुई इनकी?
  92. 4:03छवि के नाम पर कुछ ज्यादा ही मुझे टॉर्चर
  93. 4:06कर रहे हैं और इनको जरा भी अंदाजा नहीं कि
  94. 4:09अगर मुझे गुस्सा है तो इनके साथ क्या
  95. 4:11होगा। कोई बात नहीं तो मुझे अपडेट देते
  96. 4:14रहना। सर वो लड़की आ गई। कौन सी लड़की?
  97. 4:19सर वो जिससे आपकी शादी होने वाली है।
  98. 4:22एक्सक्यूज मी वो 22 साल की लड़की है। उससे
  99. 4:25मैं शादी करूंगा। दिमाग खराब है तुम्हारा
  100. 4:26मानव।
  101. 4:27सॉरी सॉरी सॉरी सर। बस मैं वो बता रहा था
  102. 4:30कि [संगीत] राजवंश परिवार की बेटी है। हम
  103. 4:34जो भी हो उसकी जिंदगी बर्बाद नहीं करूंगा
  104. 4:37मैं। लेकर आ रहा हूं मैं किसी को। तब तक
  105. 4:40वहां पर चीजें हैंडल करते रहना और मुझे
  106. 4:42अपडेट्स देते रहना। इन लोग की तो अकल आज
  107. 4:44मैं ठिकाने लगाता हूं। अंदर बेचारी
  108. 4:47रुद्राणी जो कि एक पल भी शांत बैठने वाली
  109. 4:49लड़की नहीं थी। उसे समझ ही नहीं आ रहा था
  110. 4:50कि ये सब हो क्या रहा है। ये क्या लगाए जा
  111. 4:52रही है आप लोग मेरे मुंह पर। ये लहंगा
  112. 4:55किसके लिए है? आपके लिए मैडम मेरे लिए
  113. 4:59इतना सुंदर लहंगा किसने खरीदा वो जो बाहर
  114. 5:03खड़े हैं ना उन्होंने खरीदा मैडम आपके लिए
  115. 5:05एक स्टाफ ने उससे बहुत ही धीरे और सॉफ्ट
  116. 5:08टोन में ये बात बोली थी यह सुनते ही वो तो
  117. 5:10उस स्टाफ का हाथ ही पकड़ ली थी और अपनी
  118. 5:12आंखें जो कि ऑलरेडी इतनी प्यारी और
  119. 5:14बड़ी-बड़ी थी उसे और ज्यादा बड़ा-बड़ा
  120. 5:15करते हुए कहती है उन्होंने मेरे लिए खरीदा
  121. 5:18तुम सच बोल रही हो तुम्हें पता है ये बात
  122. 5:20वो किसी के लिए कुछ नहीं खरीदते वो बहुत
  123. 5:22सडू इंसान है हां मैम पर अब आपके लिए तो
  124. 5:26खरीदेंगे ना। मेरे लिए क्यों खरीदेंगे?
  125. 5:29मुझे तो मारते ही रहते हैं दिन भर। आपको
  126. 5:32मारते हैं ना? अरे नहीं नहीं वो पनिशमेंट
  127. 5:35देते रहता है। तभी एक स्टाफ जो कि थोड़ी
  128. 5:38सी एज्ड अप थी। नियर अबाउट 30 के लगभग
  129. 5:41उसकी ऐज रही होगी। वो हल्का सा अपने चेहरे
  130. 5:44पर तिरछा स्माइल लाते हुए कहती है ओ तो
  131. 5:47आपको पनिशमेंट देते हैं। हम बाकी के स्टाफ
  132. 5:52इस बात पर हल्का-हल्का खुसुरफुसुर करके
  133. 5:53हंसने लगी लेकिन रुद्राणी को कुछ समझ नहीं
  134. 5:56आया था और वो पीछे मुड़ते हुए कहती है 1
  135. 5:58मिनट इसमें हंसने वाली क्या बात है
  136. 6:00पनिशमेंट देते हैं मुझे तुम लोग को मुझ पर
  137. 6:02तरस आनी चाहिए बहुत दर्द होता है उसमें
  138. 6:05हां हां मैम हम समझ रहे हैं एक प्यारे से
  139. 6:08स्टार फिर से उसके सामने आ गई थी और उसके
  140. 6:10चेहरे को अपनी तरफ घुमाते हुए कहती है और
  141. 6:11आप प्लीज अपना चेहरा ज्यादा इधर-उधर मत
  142. 6:13ढुलाइए ना आपका मेकअप खराब हो जाएगा। अरे
  143. 6:16इस लीपा पोती की क्या जरूरत है? मैं तो
  144. 6:18वैसे ही सुंदर हूं। बस यह लहंगा मुझे पहना
  145. 6:21दो। मुझे लहंगा बहुत सुंदर लग रहा है।
  146. 6:24वहां की सबसे मेन [संगीत] जो कि उन सारे
  147. 6:27स्टाफ को लीड करती थी। वो आकर के कंधे पर
  148. 6:29रुद्राणी के हाथ रखे थे और शीशे की तरफ
  149. 6:31देखते हुए कहती है लग तो परफेक्ट रही हैं
  150. 6:33आप। [संगीत] लहंगा भी पहना ही दिया जाएगा।
  151. 6:36आप ही गायब हो। वैसे ब्लाउज की फिटिंग
  152. 6:39काफी सही है। मुझे लगता है कि सर आपको
  153. 6:42काफी अच्छे से जानते हैं। हां हम फिटिंग
  154. 6:45उन्होंने ही करवाई थी ना। जैसे उस मेन
  155. 6:48स्टाफ ने बोला था। रुद्राणी ने फिर से
  156. 6:50अपना चेहरा मोड़ लिया था। इस बार तो और
  157. 6:51ज्यादा पीछे और एकदम से प्रेम मुंडी
  158. 6:54घुमाते हुए कहती है उन्होंने मेरा मेरे
  159. 6:56ब्लाउज़ का नाप दिया आपको। यह भी उनको पता
  160. 7:00है। नहीं तो अब अग्निश सर की बात अलग है।
  161. 7:05जो वो एक बार पसंद कर ले उसके बारे में हर
  162. 7:08एक चीज जान कर ही रहते हैं। रुद्राणी को
  163. 7:12यह सारी बातें कुछ भी समझ नहीं आ रही थी।
  164. 7:14जैसे उसके पल्ले ही ना पड़ रही हो। क्या
  165. 7:16बकवास किए जा रहे हैं। [संगीत] लेकिन उसे
  166. 7:18तो सबसे बड़ा कंफ्यूजन यह था कि उसे लहंगा
  167. 7:20पहनाकर कहां लेकर जाने वाले हैं। इस बारे
  168. 7:22में तो कुछ बताया भी नहीं है। लगता है कोई
  169. 7:25नया मिशन आया है। [संगीत]
  170. 7:27यह वाला टास्क थोड़ा रोमांटिक रहने वाला
  171. 7:29है क्या? हम इस बार क्या बनने वाली हूं
  172. 7:33मैं? लगता है किसी की शादी में लेकर
  173. 7:36जाएंगे और वहां पर पिटाईयां शुरू होंगी।
  174. 7:40ठीक है देखते हैं। खुद से खुसुर-पुसर वादे
  175. 7:43किए जा रही थी वो। थोड़ी देर में अब उसका
  176. 7:45पूरा मेकअप रेडी हो चुका था और साथ ही
  177. 7:46उसके बाल भी उसके बालों पर अभी गजरा लग ही
  178. 7:49रहा था कि तभी वो एकदम से खुश होते हुए
  179. 7:51कहती है कि ये भी मेरे मेरे लिए है। आप
  180. 7:54लोग मुझे दुल्हन की तरह सजा रही हैं। हां
  181. 7:57तो आप दुल्हन ही बनने वाले हैं तो दुल्हन
  182. 7:59की तरह ही सजेंगी ना आप। यह बात सुनकर ये
  183. 8:02तो रुद्राणी का दिमाग और ज्यादा घूमने लगा
  184. 8:04था। कितनी खिचड़ी पक गई थी उसके दिमाग
  185. 8:06में। मैं दुल्हन बन रही हूं। अच्छा
  186. 8:11यह बात तो मुझे पता ही नहीं थी। अग्नी सर
  187. 8:14कब क्या कर रहे हैं किसी को नहीं पता
  188. 8:16होता। हमने सुना है काफी कॉम्प्लिकेटेड
  189. 8:19इंसान है वो। बाकी [संगीत] आपको तो पता ही
  190. 8:21होगा उनके बारे में। हम कोशिश तो कर रही
  191. 8:24हूं। 8 साल से हूं उनके साथ लेकिन मजा ले
  192. 8:27उनके बारे में कुछ पता चल जाए। सही कहा
  193. 8:30तुमने बहुत ही कॉम्प्लिकेटेड है। अब देखो
  194. 8:32मुझे दुल्हन बना रहे हैं। वो भी पता नहीं
  195. 8:34किसकी दुल्हन और मुझे पता भी नहीं है।
  196. 8:37लेकिन मैं किसी की दुल्हन वुलन नहीं
  197. 8:38बनूंगी। कि कहीं मेरी जबरदस्ती किसी से
  198. 8:41शादी तो नहीं करा रहे।
  199. 8:44मैं तो पागल ही हो जाऊंगी।
  200. 8:46उसकी पटरपटर एक मिनट के लिए भी बंद नहीं
  201. 8:49हुई थी। बेचारी कैसे-कैसे वहां की मेकअप
  202. 8:51आर्टिस्ट ने उनका मेकअप किया था। सिर्फ
  203. 8:53वही लोग समझ पा रहे थे। फाइनली अब रुदानी
  204. 8:56को खड़ा किया गया था और उसे प्रॉपरली
  205. 8:57लहंगा पहना करके उसे पूरी तरह से रेडी कर
  206. 9:00दिया गया था। उसके ऊपर चुन्नी जो कि अभी
  207. 9:02सर पर लगाने ही जाए। लेकिन जैसे अभी वो
  208. 9:05देखी थी खुद को शीशे में वो एकदम से
  209. 9:07दुपट्टे को अपने हाथ में लेते हुए कहती है
  210. 9:10ये ये तो मैं बिल्कुल दुल्हन लग रही हूं।
  211. 9:14मैं तो बड़ी सुंदर लग रही हूं ना। मैंने
  212. 9:16तो खुद को कभी ऐसे इमेजिन ही नहीं किया
  213. 9:18था। ये दुपट्टा ऐसे ही रहने दो। मुझे इसे
  214. 9:22पिन अप नहीं करना। [संगीत] मैम पर ये गिर
  215. 9:25जाएगा ना तभी तो मजा आएगा। तुम लोग नहीं
  216. 9:28समझोगे। मैं बाहर जाऊं? एक मिनट मैम हम सर
  217. 9:32से एक बार परमिशन ले लें उसके बाद आप
  218. 9:34जाइएगा।
  219. 9:35ओ हो तुम लोग भी उनकी बहुत बात मानते हो
  220. 9:37मेरी तरह। ठीक है जाओ ले लो परमिशन।
  221. 9:40[गहरी सांस लेने की आवाज़] ओ वही खड़े
  222. 9:42अग्नी जी जो कि बेसब्री से इंतजार कर रहे
  223. 9:45थे कि कब ये लड़की आए और कब उसे वो अपने
  224. 9:47साथ लेकर जाए। जैसे अभी दो स्टाफ आई थी
  225. 9:49पूछने के लिए। सर हमने मैम को रेडी कर
  226. 9:52दिया है। हमने किस मुहूर्त का इंतजार कर
  227. 9:55रही हो? तुरंत लेकर आओ उसे। 10 मिनट बोला
  228. 9:58था 10 मिनट्स 45 सेकंड्स ऑलरेडी ओवर हो
  229. 10:00चुके हैं। जस्ट गो
  230. 10:02ओके ओके सर वो दोनों स्टंप भागे थे अंदर
  231. 10:05की तरफ और जल्दी-जल्दी के लहंगे वगैरह को
  232. 10:08संभालते हुए उसे बाहर की तरफ लेकर आ रही
  233. 10:10थी। सबके चेहरे इस वक्त नीचे की तरफ थे।
  234. 10:13सिर्फ एक ही लड़की थी जो कि उनकी आंखों
  235. 10:15में पूरी तरह से अच्छी तरह से देख पा रही
  236. 10:17थी और अपनी आंखों को हल्का सा उठा के अपनी
  237. 10:20एक आइब्रो को चढ़ाते हुए कहती है कैसी लग
  238. 10:23रही हो सर? [संगीत] बिल्कुल दुल्हन
  239. 10:25मटेरियल ना।
  240. 10:27लेकिन यह बात सुनकर के सारे स्टांज के उसी
  241. 10:30के चेहरे की तरफ देखने लगे थे। हो ये
  242. 10:33कितनी बोल्ड है। इसे पता भी है किसके
  243. 10:35सामने इस तरह बात कर रही है। खैर हमें
  244. 10:38क्या उन्हीं की है तो उन्हीं के जैसे जैसे
  245. 10:41मन चाहे वैसे [संगीत] बात करें। तुम लोग
  246. 10:42चुप रहो यार। हम दुल्हन मटेरियल ही लग रही
  247. 10:45हो। क्योंकि वही बनाने के लिए मैंने इतने
  248. 10:47पैसे खर्च किए हैं। चलो अब। सारे स्टाफ तो
  249. 10:50उसका लहंगा छोड़ चुके थे। लेकिन जैसे अभी
  250. 10:52उसका लहंगा छूटा था बेचारे से वो हैंडल ही
  251. 10:54नहीं हो पा रही थी। खुद को संभालने में
  252. 10:56उसे बड़ी दिक्कत हो रही थी। तभी वो अग्नी
  253. 10:58जी को रोकते हुए कहती है सर सर सर सर मैं
  254. 11:00गिर जाऊंगी। हाथ तो पकड़ लीजिए मेरा। फ़ को
  255. 11:04जबरदस्ती अग्निव जी पॉकेट में डाले थे और
  256. 11:06उसकी तरफ घूरते हुए कहती है बहुत नौटंकी
  257. 11:09करती है चलो। उसका हाथ अभी वो पकड़े ही थे
  258. 11:12लेकिन तभी उसका दुपट्टा सरकने लगा था। वो
  259. 11:14फिर से अग्निव जी को रोकते हुए कहती है सर
  260. 11:16मेरा दुपट्टा तो संभालिए।
  261. 11:19तुमने अपना दुपट्टा पिन अप ही नहीं
  262. 11:21करवाया। वो वो पिन लगा था वो निकल गया। आप
  263. 11:26संभाल लीजिए ना प्लीज। तुम्हारी तो
  264. 11:29दुपट्टा इधर दो। और वो खुद ही उसके सर पर
  265. 11:32हल्का सा दुपट्टा लगाए थे। और फिर उसके
  266. 11:35पिन को हल्का सा निकाल के जैसे अभी उसके
  267. 11:37बालों में पिन अप कर ही रहे थे। कुछ लोग
  268. 11:39झांक झांक करके अग्निव जी को ही देखे जा
  269. 11:42रहे थे। अग्नी जी रुद्राणी के ठीक सामने
  270. 11:44खड़े थे और उसके बालों में प्रॉपर्ली
  271. 11:48दुपट्टे को पिन करते हुए कहते हैं हो गया
  272. 11:50बस इतना ही तो काम था स्टाफ ने ठीक से कोई
  273. 11:52काम भी नहीं किया इन लोगों को तो एक का भी
  274. 11:55पेमेंट नहीं दूंगा मैं रुद्राणी के चक्कर
  275. 11:58में बेचारे स्टाफ की वाट लगने वाली थी अब
  276. 12:00फाइनली वो आकर के गाड़ी में बैठ चुकी थी
  277. 12:02लेकिन गाड़ी में बैठने में भी उसे बड़ी
  278. 12:04दिक्कत हुई थी सर लहंगा नहीं उठ रहा बहुत
  279. 12:06भारी है तो मैं क्या करूं तुम्हें गोद में
  280. 12:09उठा के गाड़ी में बैठाऊं बेस्ट आईडिया सर
  281. 12:12सर एक काम करिए उठा लीजिए गोद में वरना
  282. 12:14मैं तो नहीं घुस पाऊंगी गाड़ी के अंदर।
  283. 12:17तुम बहुत परेशान करती हो मुझे। लेकिन वो
  284. 12:20रुद्राणी थी। अब जितना उसने कहा था अगर
  285. 12:23अग्नी जी नहीं करते तो वो वहीं वहीं रोड
  286. 12:26पर ही खड़ी रहती। लेकिन मजा था जो गाड़ी
  287. 12:28के अंदर चली जाए। फिर वो चाहे कुछ भी कर
  288. 12:30ले लेकिन यह लड़की अंदर नहीं जाती।
  289. 12:32जबरदस्ती आकर के उन्हें अपने गोद में ही
  290. 12:34रुद्राणी को उठाना पड़ा था और अंदर की तरफ
  291. 12:36ले जा करके बैठ चुके थे।
  292. 12:38एक बार भी अग्निव जी ने रुद्राणी की तरफ
  293. 12:40ठीक से देखा भी नहीं था। वो कैसी लग रही,
  294. 12:42कैसी नहीं? उन्हें इस बात से कोई फर्क
  295. 12:45नहीं पड़ता। उन्हें तो बस अपने काम से
  296. 12:47मतलब था। फिलहाल वो फिर से किसी से फोन पर
  297. 12:49लग चुके थे। कभी वो स्क्रीन की तरफ देखते
  298. 12:51तो कभी फोन पर लग जाते और ऐसे ही पूरा
  299. 12:53रास्ता कट गया था। लेकिन रुद्राणी की नजर
  300. 12:56हर पल हर वक्त सिर्फ और सिर्फ अग्नि पर ही
  301. 12:59ठहरी रहती थी। फाइनली अब बाहर निकलने का
  302. 13:02टाइम था। रुद्राणी जो फिर से अपना हाथ आगे
  303. 13:04बढ़ाते हुए कहती है सर। लेकिन उसने अभी
  304. 13:07इतना ही बोला था कि तभी वो खुद ही उसे
  305. 13:09अपनी गोद में उठा ले लेते हैं और इस
  306. 13:10[संगीत] बार तो कुछ ज्यादा ही इंटेंस वे
  307. 13:12में अंदर की तरफ लाते हुए जैसे ही अभी
  308. 13:15वहां का माहौल रुद्राणी ने देखा था हर जगह
  309. 13:18चहल-पहल थी जैसे कि कोई कोई फंक्शन है
  310. 13:22क्या यहां पर हम शादी है ओ मुझे तो लगा ही
  311. 13:28था आप मुझे किसी मिशन पर लेकिन सर आप भूल
  312. 13:31गए मैं चल लूंगी अपने पैरों तले आपको इतना
  313. 13:36मेहनत करने की जरूरत? चुपचाप से गोद में
  314. 13:39पड़ी रहो। [संगीत] वैसे तो बहुत लाइन
  315. 13:41मारती हो मुझे। अब अगर आज मैं गोद में
  316. 13:43उठाया तो दिक्कत हो रही है तुम्हें। ऐसे
  317. 13:45ही रहना और मेरी हर बात पर हां बोल देना
  318. 13:47बस।
  319. 13:49ओ ओ ओके सर। वो बेचारी समझ तो नहीं पाई थी
  320. 13:53लेकिन अपने हाथों को अब पूरी तरह से उनकी
  321. 13:56गर्दन के पास टिका चुकी थी और लगातार
  322. 13:58अग्निश जी को ही देखे जा रही थी। देखते भी
  323. 14:00क्यों ना इतनी अच्छी पर्सनालिटी जो थी
  324. 14:02[संगीत] नजर ही नहीं हटती थी किसी लड़की
  325. 14:05की अगर वो अग्नी जी को एक बार देखना शुरू
  326. 14:07कर दे तो जैसे अग्नी जी के चेहरे की तरफ
  327. 14:11एक औरत का ध्यान गया था वो तुरंत ही उसी
  328. 14:13तरफ आते हुए कहती है आ गए देवर जी तो ये
  329. 14:17लेकिन जैसे उनकी नजर पड़ी थी रुद्राणी पर
  330. 14:19जो कि उनकी गोद में थी
  331. 14:22ये लड़की कौन वो तुरंत ही उसे अपनी गोद से
  332. 14:27नीचे की तरफ उतारे थे और तभी वो वो तो
  333. 14:29सबको रोकते हुए कहते हैं एवरीवन स्टे हियर
  334. 14:33और अगर कोई और भी है फैमिली मेंबर में तो
  335. 14:35उसे यहां पर लेकर आइए। दामिनी जी के तो
  336. 14:38होश ही उड़ गए थे कि आखिर अब क्या होने
  337. 14:40वाला है। वैसे भी अग्नीव नाम के ये शख्स
  338. 14:43जिसको समझना इतना मुश्किल था उनके घर वाले
  339. 14:46भी उनसे परेशान ही रहते थे। कब वो क्या कर
  340. 14:48जाए किसी को समझ ही नहीं आता था। और जितने
  341. 14:51प्लांस उनके फैमिली मेंबर्स बनाते थे
  342. 14:53अग्नी जी को फंसाने के लिए और यूज़ करने
  343. 14:55के लिए हर बार वो प्लान फेल ही हो जाता
  344. 14:58था। फिलहाल सब लोग आने लगे थे रघु मलिक जो
  345. 15:01कि अग्नी जी के बड़े भाई थे। वो सिर्फ
  346. 15:04दिखने में बड़े भाई तो थे लेकिन थे सौतेरे
  347. 15:06जिसकी वजह से वो पूरा कसर निकालते थे कि
  348. 15:10अग्निवीर जी को कैसे-कैसे परेशान किया जा
  349. 15:12सकता है। फाइनली वो भी आकर के खड़े हो
  350. 15:14चुके थे अग्नी जी के सामने और तभी हैरानी
  351. 15:17से कहते हैं यह लड़की कौन है? है कोई बाद
  352. 15:21में बताऊंगा। [संगीत]
  353. 15:22पहले आप बताइए कि मुझे अभी थोड़ी देर पहले
  354. 15:25आपने फोन करके बोला कि आप मेरी शादी कराना
  355. 15:27चाहते हैं?
  356. 15:29राघव जी जाके अपने चेहरे को हां मिलाते
  357. 15:30हुए कहते हैं हां हां हमने बोला था हम तो
  358. 15:36आपने जरूरी नहीं समझा कि मुझे उस लड़की से
  359. 15:38एक बार मिलना चाहिए। रघु मलिक इस बात पर
  360. 15:41अपने चेहरे को ना मिलाते हुए कहते हैं हम
  361. 15:43बड़े भाई हैं आपके आपके लिए सही फैसला
  362. 15:46[संगीत] लेंगे। एक और बार यह फैसला आप ले
  363. 15:49चुके हैं। और अच्छे से याद होगा कि 5 साल
  364. 15:52पहले क्या हुआ था मेरे साथ। उसके बाद भी
  365. 15:55आप यह फैसला लेने का हक रखते हैं और खुद
  366. 15:57को इतना महान समझ लिया आपने कि आप अग्नि
  367. 16:00की दोबारा शादी कराएंगे।
  368. 16:03जैसे [संगीत] अग्निवीर की टोन अब इंटेंस
  369. 16:05होती जा रही थी वैसे-वैसे रघुमलिक के कदम
  370. 16:08पीछे होते जा रहे थे और साथ ही पसीने जो
  371. 16:10कि उनके माथे से गिर करके उनकी गर्दन के
  372. 16:13पास आने लगा था। वो अपनी थूक अटक करके अभी
  373. 16:15कुछ बोल नहीं पाते कि दामिनी जी उनको
  374. 16:17रोकते हुए कहती है नहीं नहीं अभी सुन
  375. 16:20लीजिए वरना कत्ल ही कर देगा यह। वो एकदम
  376. 16:23से शांति से अभी अग्निव जी की तरफ ही देख
  377. 16:26रही थी कि तभी अग्निवल जो कि मलिक की तरफ
  378. 16:28देखते हुए कहते हैं मिलवाइए उस लड़की से
  379. 16:30मुझे। कौन है वो? मैंने सुना है कि 22 साल
  380. 16:34की है। आपको जरा भी अकल है। मैं [संगीत]
  381. 16:3732 साल का इंसान 22 साल की लड़की से शादी
  382. 16:39करूंगा।
  383. 16:41किसी बच्ची जैसी मासूम लड़की की जिंदगी
  384. 16:43बर्बाद कर दूं। मैं आप यह चाहते हैं?
  385. 16:47मैं मैंने वो आप एक बार मिल तो लीजिए उस
  386. 16:51लड़की से। बहुत बहुत सुंदर है वो। अच्छा
  387. 16:55मिलवाइए। [संगीत] लेकिन उससे पहले मैं आप
  388. 16:58लोगों को किसी से मिलवाना चाहता हूं। और
  389. 17:00ये बोलकर के वो रुद्राणी की तरफ देखे थे
  390. 17:02और अपना हाथ आगे बढ़ाए थे। लेकिन रुद्राणी
  391. 17:04तो इस वक्त यहां के आसपास के महल जैसे घर
  392. 17:08को देखने में बिजी थी।
  393. 17:09यहां एक परिवार रहता है। नक्कू बाबा इधर
  394. 17:13तो 22-23 फैमिली रह लेगी। इतना बड़ा घर
  395. 17:17है। ये कहीं मुझे रिसोर्ट में तो नहीं
  396. 17:19लेकर आए। मुझे तो ऐसा लगा तब जाकर के उसी
  397. 17:23नजर पड़ी थी जो कि अभी घूर-घूर करके उसी
  398. 17:25को देखे जा रहे थे। और फिर से इशारा करते
  399. 17:26हुए कहते हैं आप इधर आएंगी मैडम जी या फिर
  400. 17:29मैं अपनी गोद में उठाकर आपको इधर लेकर
  401. 17:31आऊं।
  402. 17:33आ रही हूं सर। जैसे अभी उसने सर बोला था
  403. 17:36अचानक ही काफी जोर से अग्निव ने उसके हाथ
  404. 17:39को पकड़ा था और उसकी कलाई को अपने हाथों
  405. 17:41में जकड़ते हुए उसके कमर पर अपने हाथ को
  406. 17:44रखते हुए धीरे से कहते हैं अब सर बोलना
  407. 17:46बंद भी करो अब्नी जी बुला सकती हो तुम
  408. 17:49मुझे हां
  409. 17:52मैं
  410. 17:53नहीं बुला सकती हो बोल रहा हूं ना और फिर
  411. 17:57वो सबको दिखाते हुए कहते हैं बीवी है ये
  412. 18:00मेरी और इंडिया में एक रूल है जब तक आपकी
  413. 18:04तलाक ना हो जाए तब तक आप दूसरी शादी नहीं
  414. 18:07कर सकते और मेरी अभी इससे कोई तलाक ना हुई
  415. 18:09है ना मेरा ऐसा कुछ करने का इरादा है तो
  416. 18:12अगर आप चाहते हैं कि मैं किसी और लड़की से
  417. 18:14शादी करूं तो यह इंपॉसिबल है क्योंकि मैं
  418. 18:17पहले से शादीशुदा हूं। दामिनी जी जो कि
  419. 18:20अपने मुंह को खोलते हुए कहती है हां हां
  420. 18:24पर ऐसा कैसे? क्या हुआ? शॉक लग गया।
  421. 18:28राजवंश से कितने पैसे लिए थे उनकी बेटी को
  422. 18:31लेने के लिए?
  423. 18:34[गला साफ़ करने की आवाज़]
  424. 18:34हमने पैसे तो कौन सा डील फाइनल करवाया था
  425. 18:38जो भी किया था अब उसे कैंसिल ही कर दीजिए
  426. 18:42क्योंकि आपका यह प्लान तो खराब हो गया
  427. 18:46और अभी वो आगे कुछ बोल पाती रुद्राणी की
  428. 18:48तरफ देखकर ही लेकिन रुद्राणी तो पागलों की
  429. 18:51तरह इस वक्त अग्नी जी को देखे जा रही थी
  430. 18:52जैसे कि वो पूरी तरह से हक्का बक्का हो
  431. 18:54चुकी हो क्या बोले जा रहे हैं ये मैं इनकी
  432. 18:58वाइफ कब बनी शादी कब हुई हमारी और ये मुझे
  433. 19:02बीवी जी बुला अरे ये मुझसे इतना प्यार से
  434. 19:04कब से बात करने लगे और इनके हाथ मेरे कमर
  435. 19:07पर पहली बार पकड़ा है इन्होंने ऐसे।
  436. 19:10बेचारे एकदम से कंफ्यूज ही थी। अग्निव जो
  437. 19:12कि उसके एक्सप्रेशन को ही देख के एक सेकंड
  438. 19:14के लिए गायब हो गए थे कि वो वो कुछ बोलने
  439. 19:17वाले थे और उनके दिमाग से बात ही निकल गई
  440. 19:19थी। तभी दामिनी जी जो कि कुछ नोटिस करते
  441. 19:21हुए कहती है पर यह आपकी बीवी कैसे हुई? ना
  442. 19:25तो इसके दिमाग में सिंदूर है ना तो गले
  443. 19:28में आपके नाम का मंगलसूत्र है। हम कैसे
  444. 19:30मान ले कि आपकी शादी हुई है? हो सकता हो
  445. 19:33आप झूठ बोल रहे हो। हॉल एरिया में खड़े थे
  446. 19:36वो लोग। बाकी के स्टाफ ही सारी बातें सुन
  447. 19:39रहे थे। [संगीत] एक लड़की थी प्यारी सी 17
  448. 19:42साल की जिसका नाम था छवि जो कि अडॉप्टेड
  449. 19:45ट्रायल थी अग्निवीर [संगीत] जी की।
  450. 19:48एक अग्नि जी की बहन थी जो कि चुपचाप अपनी
  451. 19:51बेटी के साथ दूर से अग्नी जी को देखे जा
  452. 19:53रही थी। क्योंकि सामने जाने की तो उनकी भी
  453. 19:55हिम्मत नहीं थी बाबा। लेकिन तभी अग्नी जो
  454. 19:58कि अपने ठीक राइट साइड में देखे थे।
  455. 20:00[संगीत]
  456. 20:00लक्ष्मी गणेश की मूर्ति रखी हुई थी। वह
  457. 20:03पूजा का स्थान था और वहीं पर थाल भी
  458. 20:05जिसमें मंगलसूत्र पहले से ही सजा हुआ था।
  459. 20:09वो अपने हाथ से पहले तो मंगलसूत्र उठाए
  460. 20:12थे। उसे [संगीत]
  461. 20:13रुद्राणी के गले में बांधे थे और फिर
  462. 20:15सिंदूर लगाते हुए सबके सामने प्रूफ कर दिए
  463. 20:18थे कि हां है यह लड़की उनकी वाइफ। लेकिन
  464. 20:21सिंदूर लगाते वक्त वो शायद भूल गए थे। वो
  465. 20:25यहां साक्षात भगवान के सामने इस वक्त
  466. 20:28रुद्राणी के मांग में सिंदूर भर रहे हैं।
  467. 20:31उनके लिए यह सब कुछ सिर्फ और सिर्फ
  468. 20:33एक्टिंग था और उस 22 साल की बच्ची की
  469. 20:36जिंदगी को बचाना था लेकिन रुद्राणी के लिए
  470. 20:38बहुत ही सीरियस हो गया था। वो तो एकदम से
  471. 20:42एक्साइटेड ही होने वाली थी और अभी कुछ बोल
  472. 20:44पाती लेकिन उसके मुंह पर अभी ताला लग चुका
  473. 20:47था क्योंकि अग्नि जी फिर से उसे खू रहे थे
  474. 20:49कि वो शांत ही रहे। अभी कुछ ना बोले। एनी
  475. 20:52फदर क्वेश्चन भाभी जी दामिनी का तो मुंह
  476. 20:56एकदम से शांत पड़ गया था और वहीं छवि जो
  477. 20:58कि एक्साइटेड हो के एकदम से आ के अपने
  478. 21:00पापा को गले लगा लेती है और एक्साइटेड
  479. 21:03होते हुए कहती है पॉप्स आपने शादी कर ली
  480. 21:07मम्मा बहुत सुंदर लेकिन उससे पहले ही
  481. 21:10दामिनी उसका हाथ जोर से अपनी तरफ खींचते
  482. 21:12हुए कहती है नहीं ये तुम्हारे पापा या तो
  483. 21:14तुम्हें चाचा बुलाया करो या तो बड़े पापा
  484. 21:17समझी तुम पता नहीं कौन सा गंदा खून है हटो
  485. 21:21जैसे ही छवि को उन्होंने दूर फेंका था कि
  486. 21:23तभी अग्नि जो कि दामिनी की तरफ घूरे थे।
  487. 21:26दामिनी अपनी औकात में फिर से वापस आ गई थी
  488. 21:28और फिर से अपने चेहरे को नीचे करते हुए
  489. 21:30कहती है ठीक है अगर आपकी शादी हो ही चुकी
  490. 21:33है तो हम मीरा को वापस भेज दीजिए उसके
  491. 21:37परिवार में और है कहां वो लड़की
  492. 21:41वो तभी छवि दीदी से कहती है वो मेरे कमरे
  493. 21:46में है पा लेकिन अभी वो पा बोल पाती है
  494. 21:48उसे पहले ही दामिनी ने उसे फिर से घूरा था
  495. 21:50कि उसके मुंह से निकल गया था चाचा
  496. 21:54चलो मिलता हूं मैं उससे लेकिन अभी तभी वो
  497. 21:56उससे मिल जैसे ही रुद्राणी की याद आई थी
  498. 21:57वो पहले पीछे मुड़े थे और पीछे खड़ी इस
  499. 22:00लड़की की तरफ देख रहे थे जो कि हजारों
  500. 22:02अजीब-अजीब से एक्सप्रेशन बनाए जा रहे थे
  501. 22:04एक ही साथ कभी वो कंफ्यूज हो जाती कभी वो
  502. 22:07फ्रस्टेट हो जाती कभी वो यहां के आसपास के
  503. 22:09माहौल को देख के हक्का बक्का हो जाती कभी
  504. 22:12शॉक हो जाती कि आखिर उसके साथ ये सब हो
  505. 22:14क्या रहा है और कभी एकदम से खुश हो के
  506. 22:17ब्लश करने लगती उसको तो ऐसा लग रहा था
  507. 22:19जैसे कि एक ही साथ उसके साथ क्या क्या हो
  508. 22:22गया है सब कुछ एक ही झटके में इतना कैसे
  509. 22:25बदल
  510. 22:26अभी वो बहुत सारे सवाल एक ही साथ करने
  511. 22:28वाली थी कि तभी अचानक फिर से उसे गोद में
  512. 22:31उठा लिया गया था अग्नी जी ने और साथ ही
  513. 22:34उसकी तरफ देखते हुए कहते हैं चुपचाप रहना
  514. 22:37अपना मुंह नहीं खोलोगी
  515. 22:39[संगीत]
  516. 22:39यही तुम्हारे होठों के लिए बेहतर होगा।
  517. 22:42जैसे उन्होंने इतना बोला था यहां के सारे
  518. 22:44स्टाफ जो कि चुपचाप अपने चेहरे को नीचे
  519. 22:46झुका ले थे और साथ ही दामिनी जी जो कि
  520. 22:48एकदम से हैरान ही हो गई थी कि इतने इतनी
  521. 22:51रोमांटिक वो एकदम से अभी यहां कुछ बोल
  522. 22:53पाती है लेकिन उस वक्त उनकी भी ज्यादा
  523. 22:56हिम्मत नहीं हो पाई थी। बस अपने मन में ही
  524. 22:58कसमसा करके रह गई थी कि आखिर वो क्यों
  525. 23:01नहीं करवा पाई यह शादी। राजवंश परिवार से
  526. 23:03अगर अग्निव जी के रिश्ता जुड़ जाता तो
  527. 23:06उनको बहुत प्रॉफिट होने वाला था। रघु मलिक
  528. 23:09भी शांत पड़ गए थे। अब ऊपर की तरफ अग्निव
  529. 23:11जी उन्हें लेकर जा रहे थे और साथ ही
  530. 23:13दरवाजे को धीरे से खोल के उसे ऑलमोस्ट बेड
  531. 23:15पर फेंकते हुए कहते हैं गेटअप चेंज कर लो
  532. 23:18जल्द से जल्द। और अब कोई अगर बात करे तो
  533. 23:21चुपचाप मेरी बीवी बनकर बात करना। थोड़ी
  534. 23:24देर में मिलता हूं मैं तुमसे।
  535. 23:27ओके हस्बैंड जी उसने जानबूझ के थोड़े ओवर
  536. 23:30रिएक्ट के साथ बोला था क्योंकि उसको यह
  537. 23:32बोलना था कब से वो यह हक मांग रही थी
  538. 23:35लेकिन उसे मिल ही नहीं रहा था। तभी अग्नी
  539. 23:37पीछे मुड़ के उसे घूरे थे और अपने चेहरे
  540. 23:39को ना मिलाते हुए कहते हैं सिर्फ कुछ दिन
  541. 23:41के लिए। और यह बोलकर वो जोर से दरवाजा बंद
  542. 23:44किए थे और छवि के साथ उसके कमरे में गए थे
  543. 23:46मीरा से मिलने के लिए जो कि पहले से इतना
  544. 23:49ज्यादा डरी हुई थी। उसके हाथों में एक
  545. 23:50प्यारी सी बांसुरी बनी हुई थी और वो
  546. 23:53कान्हा के कुछ ज्यादा ही भक्त थी। भक्त कह
  547. 23:55लें या फिर कान्हा की पूरी तरह से दीवानी।
  548. 23:58जैसे ही अग्नी जो उसके सामने गई थी वो
  549. 24:00एकदम से कांपते हुए खड़ी हो गई थी और अपने
  550. 24:02चेहरे को झुकाते हुए रोते हुए कहती है
  551. 24:04नहीं मुझे शादी नहीं करनी। प्लीज
  552. 24:09मुझसे मुझसे शादी मत करिए। मैं अच्छी
  553. 24:11लड़के नहीं हूं। मैं मैं तो सुंदर भी
  554. 24:14नहीं। लेकिन तभी छवि को अग्नी जी ने बाहर
  555. 24:17भेज दिया था और दरवाजा धीरे से बंद करते
  556. 24:19हुए मीरा को प्यार से बैठाते हुए कहते हैं
  557. 24:21बच्चे [संगीत]
  558. 24:22आपसे शादी नहीं कर रहा हूं मैं और
  559. 24:26मैं आपके लिए [संगीत] ऐसी कोई मुसीबत नहीं
  560. 24:30खड़ा करना चाहता। राजवंश परिवार में तुम
  561. 24:33दोबारा से वापस लौटोगे तो तुम्हारे पापा
  562. 24:35तुम्हें परेशान करेंगे ना। यह सुनते ही
  563. 24:38उसने धीरे से अपनी नजरों को उठा करके देखा
  564. 24:40था जो कि पूरी तरह से भीगी हुई थी और
  565. 24:42अग्नी जी की तरफ देखते हुए कहती है नहीं
  566. 24:45मेरे पापा बहुत अच्छे हैं। वो मुझे नहीं
  567. 24:48मारते मुझे कुछ नहीं करेंगे। मुझे पता है।
  568. 24:52वो क्या करेंगे मुझे अच्छे से पता है। वो
  569. 24:55सिर्फ तुम्हें किसी ना किसी डील के लिए
  570. 24:56यूज़ करना चाहते हैं। अगर मैं नहीं तो फिर
  571. 24:59किसी और के साथ शादी कराएंगे।
  572. 25:03मम्मा को मारेंगे। मुझे मारे तो चलेगा।
  573. 25:07मम्मा को ना मारे प्लीज।
  574. 25:09मैं बात कर लूंगा राजवंश से। कुछ नहीं
  575. 25:13करेंगे वो तुम्हें और ना तुम्हारी मम्मा
  576. 25:15को। ठीक है। [संगीत] और ये बोल के वो बड़े
  577. 25:18प्यार से मीरा के सर पर हाथ रखे थे जिससे
  578. 25:20उसके आंसू ही उसके गाल पर गिर गए थे। इतना
  579. 25:22प्यार से तो उससे कोई बात नहीं करता था।
  580. 25:25और जैसे ही वो यहां से खड़े हुए थे। अग्नी
  581. 25:27जी की तरफ वो धीरे से देखते हुए कहती है
  582. 25:29थैंक यू सर। मुझे लगा था कि आपसे आपसे
  583. 25:33मेरी शादी करा देंगे यह लोग और मैं नहीं
  584. 25:38ऐसा कुछ नहीं होगा। मुझे पता है छोटी
  585. 25:42लड़की से शादी करके उसकी जिंदगी बर्बाद
  586. 25:44करना कितना गलत होता है। तुम घर वापस लौटो
  587. 25:50तब तक मैं तुम्हारे बाप को संभाल लूंगा।
  588. 25:52अरे बोल करके कि वो कमरे में वापस लौट गए
  589. 25:54थे। जहां पर एक लड़की जो कि पूरा कमरा ही
  590. 25:56नापे जा रही थी अपने कदमों से।
  591. 25:59यहां पर बुक शेलफ भी है। यहां पर तो
  592. 26:02क्लॉज़ेट भी है। बाथरूम कितना बड़ा है यहां
  593. 26:05पर। ओह माय गॉड। यहां पर तो मैं आराम से
  594. 26:09डांस कर कर के नहा सकती हूं। हेड क्वार्टर
  595. 26:11का रूम का तो बाथरूम है तो बहुत छोटा है।
  596. 26:14ये घर है। होटल जैसा लग रहा है। हम जैसे
  597. 26:19ये बोल के अभी वो पीछे की तरफ मुड़ी थी। आ
  598. 26:23आप कब आए? मुझे आवाज नहीं आई।
  599. 26:27अपने ही कमरे में अनाउंसमेंट करके आऊं मैं
  600. 26:30या फिर तुमसे परमिशन लेकर गए? नहीं सर मैं
  601. 26:33कहां बोल रही हूं कि आप मुझसे परमिशन
  602. 26:36लीजिए।
  603. 26:38हंस क्या रही हो? नहीं मैं तो बस थोड़ी
  604. 26:41एक्साइटेड हूं। आपने मुझे बेबी जी बोला ना
  605. 26:44सबके सामने तो मैं बहुत खुश हूं। बेबी जी
  606. 26:47बोला है लेकिन तुम हो नहीं मेरी बीवी।
  607. 26:50मिस्टर्स की तरह हो तो मेरे मिस्ट्रेस की
  608. 26:52तरह। मिस्ट्रेस क्या होता है?
  609. 26:55गधी हो तुम। और यह बोलकर के वो फ्रस्ट्रेट
  610. 26:58होते हुए अब अपने कपड़े उतारने लगे थे।
  611. 27:01जैसे ही वो यह देखी थी वो एकदम से अपने
  612. 27:02चेहरे को दूसरी तरफ मोड़ते हुए कहती है
  613. 27:05हां [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]
  614. 27:06अभी तो शादी हुई है। रात तो होने दीजिए।
  615. 27:09क्या मतलब? वो कंफ्यूज हो के देखे थे
  616. 27:12रुद्राणी की तरफ जो कि अपने चेहरे को
  617. 27:14छुपाए हुए खड़ी थी। जैसे कि कितना शर्मा
  618. 27:16रही हो। अरे मतलब अभी तो शादी हुई है।
  619. 27:21सुहागरात अभी
  620. 27:23व्हाट द दिमाग खराब हो गया तुम्हारा। ये
  621. 27:27कैसे बोली तुम? ये वर्ड भी यूज़ मत करना
  622. 27:29मेरे सामने। क्यों? और रुद्राणी अब फिर से
  623. 27:33पीछे की तरफ मुड़ी थी। अग्नि की तरफ देखते
  624. 27:35हुए अपने हाथों को अपने कमर पर रखते हुए
  625. 27:37कहती है, क्यों ना बात करूं इसके बारे
  626. 27:39में? शादी के बाद तो सब सुहागरात करते
  627. 27:42हैं। तनिष्का मैम भी बता रही थी। उन्होंने
  628. 27:44भी की है। क्यों ना बात करूं मैं इस बारे
  629. 27:47में? आपको डर लगता है क्या? तुम्हारा
  630. 27:51दिमाग खराब रहता है। ठीक है। ये तो
  631. 27:53तुम्हें कुछ पता नहीं है ऊपर से। इस तरह
  632. 27:55की बातें नहीं करोगी तुम। और मेरे सामने
  633. 27:57तो बिल्कुल नहीं।
  634. 27:59ठीक है। [संगीत] चिल्ला क्या रहे हो? नहीं
  635. 28:01करूंगी। पर आप कपड़े उतार रहे थे तो मुझे
  636. 28:04लगा शावर लेने जा रहा हूं मैं। मेरी मां
  637. 28:08ओ सॉरी सर वो चुपचाप जाकर के अब एक काउच
  638. 28:12पर बैठ चुकी थी लेकिन सिर्फ दिखाने के लिए
  639. 28:14अग्नी जी को कि वो कितनी शरीफ है जैसे ही
  640. 28:17वो शावर लेने के लिए बाथरूम के अंदर गए थे
  641. 28:19वो फिर से अब इधर-उधर घूमना शुरू कर देती
  642. 28:22कभी अपने दुपट्टे को लेकर के शीशे के
  643. 28:24सामने खुद को देखने लगती कभी अपने मां के
  644. 28:26सिंदूर को देख के खुद ही खुश होने लगती
  645. 28:29कभी थोड़ा नाचते-नाचते गाना गाने लगती आज
  646. 28:31मेरी शादी हो गई यार आज मेरी शादी हो गई
  647. 28:35वो भी उनसे जो कि मेरे क्रश थे। उनको पता
  648. 28:38भी है यह बात। उनको पता भी यह है बात कि
  649. 28:40मैं आज कितनी खुश हूं। हां उनको तो दिख ही
  650. 28:41रहा होगा मेरे चेहरे पर। वो तो मेरे सारे
  651. 28:43एक्सप्रेशन को बहुत ही ध्यान से नोटिस
  652. 28:45करते हैं। लेकिन उन्होंने आज मुझे पीबीजी
  653. 28:47बोला। थोड़ी देर के लिए शांत रहोगे तुम
  654. 28:49चारों? चारू नाम नहीं है सर मेरा।
  655. 28:52रुद्राणी नाम है। आप भूल गए ना फिर से?
  656. 28:55मुझे तुम्हारा नाम याद करने का कोई शौक
  657. 28:57नहीं है। शांत हो जाओ। मुझे एक मिनट के
  658. 29:00लिए भी चैन से नहीं जीने देती ये लड़की।
  659. 29:08शांत हो जाती हूं सर अगर आपका इतना ही दिल
  660. 29:11कर कर रहा है तो तो मैं क्या करूं
  661. 29:16हम और वो इधर-उधर अब घूमने लगी थी। कभी
  662. 29:20कोई ड्रर चेक करती तो कभी अलमीरा खोल
  663. 29:22देती। कभी क्लोजेट के अंदर घुस जाती तो
  664. 29:24कभी उनके शर्ट वगैरह को देखने लगती। अगर
  665. 29:28मैं इनके शर्ट चुरा लूं तो दो-तीन तो पहले
  666. 29:31से चुरा कर रखती हूं। एक और चुरा [संगीत]
  667. 29:34लेती हूं। और जैसे अभी वह क्लॉज़ेट में से
  668. 29:37उनके शर्ट को निकाल ही रही थी पीछे से
  669. 29:39[संगीत] किसी ने उसके हाथ को जोर से पकड़
  670. 29:40लिया था। और हैंगर को अपने हाथ में छीनते
  671. 29:42हुए कहते हैं क्या कर रही थी? जिस तरह से
  672. 29:45कोई पीछे [संगीत] से उसके इतने करीब आया
  673. 29:47था रुद्राणी के लिए फर्स्ट टाइम था। इतना
  674. 29:50क्लोजनेस कभी नहीं बनी थी अग्नीव और
  675. 29:53रुद्राणी में। लेकिन ठीक है। वो जैसे भी
  676. 29:56पीछे की तरफ मुड़ी थी। [संगीत] उसके तो
  677. 29:58थोड़े होश ही इधर-उधर जाने लगे थे।
  678. 30:00क्योंकि उसकी नजर जो इधर-उधर फिसलने लगी
  679. 30:03थी। वो एकदम से उनके चेस्ट की तरफ देखी थी
  680. 30:05और फिर से अपने चेहरे को थोड़ा हल्का ऊपर
  681. 30:08की तरफ उठाते हुए अपनी नजरों को हल्का बंद
  682. 30:10करते हुए कहती है
  683. 30:14मैं क्या कह रही थी? अगर आप ये शर्ट पहन
  684. 30:16लेते तो बेहतर होता वरना पता चले कि मेरी
  685. 30:19नजर फसल जाए आपको देखकर और मुझे आपको
  686. 30:22किस्से करने का मन कर जाए। सर तुम मेरी
  687. 30:25असिस्टेंट हो। शर्म नहीं आती तुम्हें
  688. 30:26शेमलेस। और कोई इतना कैरेक्टरलेस कैसे हो
  689. 30:29सकता है? खुद मुझे किस करने की बात करती
  690. 30:32हो? तो इसमें कैरेक्टरिस्ट वाली क्या बात
  691. 30:35है? और अगर किस करना कैरेक्टरिस्ट वाली
  692. 30:37बात है तो ठीक है। फिर मैं हूं। अब आप ऐसे
  693. 30:40नंगे पुंगे होकर आएंगे तो नियत तो बनेगी
  694. 30:43ना इधर-उधर। मतलब जाएगी ना थोड़ी इधर-उधर।
  695. 30:47थोड़ी गंदी भी हो सकती है। आपके लिए खतरा
  696. 30:49भी हो सकता है। बस घर जाओ। जा के चुपचाप
  697. 30:53बेड पर बैठो वरना अभी पुश अप्स मरवाने
  698. 30:55लगूंगा।
  699. 30:56अब फिर से पनिशमेंट और नहीं तो क्या
  700. 30:58तुम्हें क्या लगता है बीवी बनाया तो
  701. 31:00पनिशमेंट नहीं दूंगा ऐसी-ऐसी पनिशमेंट
  702. 31:02दूंगा ना मुझे पता है मुझे पता है आपके
  703. 31:06पनिशमेंट्स के बारे में रहमखा खाना तो आता
  704. 31:09ही नहीं है इनको वो चुपचाप यही बोलते
  705. 31:11बोलते अब जागर के बेड पर बैठ चुकी थी तभी
  706. 31:15अचानक से उसके दिमाग में कोई बात आई थी सर
  707. 31:18मुझे आपसे एक बात पूछनी थी आपने सबके
  708. 31:20सामने ये क्यों बोला कि आपके मुझे और कोई
  709. 31:23क्वेश्चन नहीं सुनना है तुम्हारे मुंह है।
  710. 31:25थोड़ा देर शांत नहीं रह सकती हो तुम। एक
  711. 31:28तो तुम दो दिन से कुछ खा ही नहीं हो। उसके
  712. 31:30बावजूद भी इतनी एनर्जी कहां से आती है
  713. 31:31तुम्हारे अंदर?
  714. 31:33आपको ये भी याद है कि मैं दो दिन से कुछ
  715. 31:35नहीं खाए। आप मेरा कितना ध्यान रखते हैं
  716. 31:38सर। मैंने ही मना किया तुम्हें खाने से।
  717. 31:40वेट देख रही हो तुम अपना।
  718. 31:43सॉरी। पर फिर भी मुझे अच्छा लगा। और आपको
  719. 31:47देख के ना मुझे आ जाती है एनर्जी।
  720. 31:50तुम्हारे सामने जाना दुश्वार हो जाता है
  721. 31:52मेरे लिए। कपड़े पहन करके वह जल्द से जल्द
  722. 31:55उस कमरे से बाहर निकल गए थे और निकलते हुए
  723. 31:57क्यों नहीं उनको थोड़ी ना रहना था यहां पर
  724. 32:00जैसे ही वह कमरे से बाहर निकले थे नीचे की
  725. 32:03तरफ जाने के लिए वैसे [संगीत] ही एक
  726. 32:05प्यारी सी लड़की जो कि अपने पैर को दबाते
  727. 32:08हुए धीरे से दरवाजा खोल रही थी और भाग कर
  728. 32:10आई थी रुद्राणी की तरफ और धीरे से नीचे की
  729. 32:12तरफ बैठते हुए कहती है आपको क्या बुलाऊं
  730. 32:15मैं
  731. 32:17चाची मां बुलाऊं
  732. 32:20क्यों तुम मुझे चाची मां क्यों बुलाओगी
  733. 32:23मैं तुम्हें इतनी इतनी बड़ी लगती हूं
  734. 32:25क्या? चाची लोग तो बुड्ढ होती हैं। तुम
  735. 32:27मुझे हार्ट दी तो बुला सकती हो या फिर
  736. 32:30सेक्सीी दी तो बुला सकती हो या फिर और
  737. 32:34क्या बुला सकती हो मुझे? नहीं नहीं मैं
  738. 32:36आपको चाची मां ही बुलाऊंगी। [संगीत] वो
  739. 32:38मेरे चाचू जैसे पॉप्स नहीं पा जैसे चाचू।
  740. 32:42मतलब उनको वैसे मैं पा बुलाती हूं तो यहां
  741. 32:45पर सब मुझे मारते हैं। तो इस [संगीत] वजह
  742. 32:47से क्या? तुम्हारे जैसे प्यारे लड़की को
  743. 32:51यहां पर कोई मारता है? उसकी तो मैं नहीं
  744. 32:55ऐसे नहीं मारते। मतलब बस डांट लगाते
  745. 32:57थोड़ा-थोड़ा। वहां के होते हुए मसाले किसी
  746. 33:00की जो मुझे मार सके। नहीं ऐसा कुछ नहीं
  747. 33:04है। वैसे आप बहुत प्रीिटी हो। आपका नाम
  748. 33:08क्या है?
  749. 33:10रुद्राणी नाम है मेरा। अभी तक तो मैं
  750. 33:13रुद्राणी राजन थी। पर अब पता है मैं क्या
  751. 33:15बन गई हूं? क्या? अब मैं बन गई हूं मिसेस
  752. 33:20रुद्राणी अग्निव कश्यप।
  753. 33:24बाप रे बहुत बड़ा नाम है आपका। अच्छा
  754. 33:27तुम्हें भी बड़ा लग रहा है। इसी वजह से वो
  755. 33:30जो तुम्हारे पा है ना वो मुझे कभी चारू
  756. 33:33कभी आरु कभी रेनू कभी रानू कभी आरु पता
  757. 33:37नहीं क्या-क्या बुलाते रहते हैं। शरी भी
  758. 33:39बुला दिए थे। अभी कल ही तो मुझे शरी बुलाए
  759. 33:41थे। न्यू नेम छवि जो कि चुपचाप रुद्राणी
  760. 33:44की पकड़-पकड़ सुने जा रही थी। 15 मिनट हो
  761. 33:47गए थे। छवि तो अपने ही सवाल लेकर के आई
  762. 33:49थी। बहुत सारे क्वेश्चंस थे उसके मन में
  763. 33:51जो उसे पूछना था। लेकिन यहां पर तो
  764. 33:53रुद्राणी के अपने रेडियो नहीं बंद हो रहे
  765. 33:55थे। छवि जो कि बस उसे सुने जा रही थी और
  766. 33:58कितना अच्छा महसूस कर रही थी। तभी अचानक
  767. 34:00ही वो जाकर के रुद्राणी को हग करते हुए
  768. 34:02कहती है आई लव यू। आप बहुत प्यारी हो।
  769. 34:05[संगीत] प्रॉमिस करो कि आप मेरे चाचा को
  770. 34:07कभी नहीं छोड़ोगे। छवि ने तो कितना इमोशनल
  771. 34:10हो के यह बात कही थी। लेकिन तभी अचानक ही
  772. 34:14थोड़ी तेज आवाज में रुद्राणी जो कि अपने
  773. 34:16ही टोन को इस्तेमाल करते हुए कहती है ऐसे
  774. 34:19कैसे उनको छोड़ दूंगी मैं इतने माल जैसे
  775. 34:23दिखने वाले शख्स को भला कौन छोड़ता है और
  776. 34:26अभी तो उनका घर देखकर पता चल रहा है कि वो
  777. 34:28काफी मालदार पार्टी भी हैं। अब तो नहीं
  778. 34:30छोड़ने वाली। हां थोड़े अकड़ू हैं, सडू हैं।
  779. 34:34बहुत डरावने से हैं। बहुत ज्यादा पनिशमेंट
  780. 34:37देते [संगीत] हैं। लेकिन फिर भी जो भी है
  781. 34:40मेरे हैं। हाय बड़े मैं नहीं छोड़ने वाली
  782. 34:43उनको किसी भी कीमत पर। तभी छवि जो कि एकदम
  783. 34:47से खड़े होते हुए कहती है आपको पनिशमेंट
  784. 34:50देते मतलब कैसी पनिशमेंट? आपको मारते हैं
  785. 34:54क्या? तभी वो अपने चेहरे को ना मिलाते हुए
  786. 34:56कहती है नहीं नहीं मारना तो हमारी
  787. 34:59ट्रेनिंग में होता है। मतलब तुम नहीं
  788. 35:01समझोगी अभी तुम बच्ची हो ना। तभी पीछे से
  789. 35:04कुछ छन छन करके आवाज आ रही थी जैसे कि
  790. 35:07तीनचार औरतें उसी के कमरे की तरफ आ रही
  791. 35:10हो। छवि एकदम से अब खड़ी हो [संगीत] चुकी
  792. 35:12थी और थोड़ा डरते हुए कहती है ओके चाची
  793. 35:15मैं मैं चलती हूं। बाद में मिलते हैं
  794. 35:17आपसे। और ये बोलकर [संगीत] वो एकदम से
  795. 35:19यहां से ऐसे भागी थी जैसे कि कौन नहीं आ
  796. 35:21रहा हो। लेकिन रुद्राणी को इन सब से कोई
  797. 35:23फर्क नहीं पड़ने वाला था। वो किसी से नहीं
  798. 35:25डरती थी। उसे तो अगर डर लगे तो सिर्फ एक
  799. 35:28बात से कि कहीं गलती से भी अग्निश सर उससे
  800. 35:31नाराज ना हो जाए। उससे खफा ना हो जाए और
  801. 35:33अग्निश सर को कोई भी बात हर्ट ना कर जाए।
  802. 35:36उनके खुशी के लिए तो रुद्राणी कुछ भी करने
  803. 35:38को रेडी रहती थी। अभी वो इधर-उधर देख ही
  804. 35:40रही थी कि तभी अचानक से दामिनी जी जो कि
  805. 35:43कुछ औरतों के साथ अंदर की तरफ ही आ रही थी
  806. 35:45और अपने हाथ को फोल्ड करते हुए कहती है
  807. 35:48सुनो
  808. 35:50वो अपने हाथ को फोल्ड करते हुए वहीं बगल
  809. 35:52में खड़े एक स्टाफ से कहती है सुनो दे दो
  810. 35:56उसको यह साड़ी और तुम लड़की क्या नाम था
  811. 35:59तुम्हारा तभी रुद्रानी जो कि बड़ी अदाओं
  812. 36:02के साथ खड़े होते हुए उनके सामने जाकर
  813. 36:04धीरे से कहती है आप अपनी देवरानी बुला
  814. 36:07सकती हैं मुझे भाभी जी हम पता करके आई हो
  815. 36:11इस घर के बारे में। अग्नी के ऊपर नजर है
  816. 36:14या फिर उसके पैसों पर नजर है तुम्हारी।
  817. 36:17लेकिन तभी वो अपने चेहरे को नाम मिलाते
  818. 36:19हुए कहती है नहीं उन पर तो मेरी नजर कब से
  819. 36:22है। अब तो आप अपने पैसों का सोचिए अपनी
  820. 36:26प्रॉपर्टी का। क्योंकि पता चले मेरी नजर
  821. 36:29अगर उस पर भी आ गई तो वो भी लूट ले जाऊंगी
  822. 36:32मैं। बड़ी बेशर्म हो। लूट नहीं आई हूं
  823. 36:35यहां पर। मुझे तो पहले से ही शक था तुम
  824. 36:37पर। यह सुनते ही रुद्राणी जो कि धीरे से
  825. 36:39कहती है, अब आपके देवर जी हैं ही इतने
  826. 36:42हॉट। भला उनको लूटने का मन किसको नहीं
  827. 36:45करेगा? क्या क्या बोला तुमने अभी? जो भी
  828. 36:49बोला आपसे मतलब और वैसे भी क्या काम है
  829. 36:52आपको जेठानी जी मुझसे? दामिनी जो कि उसके
  830. 36:55हाथों को जोर से पकड़ते हुए कहती है, सौदा
  831. 36:57ना मुझे जेठानी करने की कोशिश मत करो। दो
  832. 37:00दिन की मेहमान हो तुम यहां पर। उसके बाद
  833. 37:02गायब हो जाओगी। किसी को पता भी नहीं
  834. 37:04चलेगा। समझी तुम? यह पकड़ो साड़ी और चलो
  835. 37:08जाकर के किचन में काम करो। सबके लिए चाय
  836. 37:10भी बनाना है और थोड़ी देर में सब
  837. 37:12रिलेटिव्स भी आ रहे हैं तुमसे ही मिलने के
  838. 37:14लिए। यह सुनते ही रुद्राणी जो कि पहले तो
  839. 37:16उस साड़ी की तरफ देखी थी और फिर एकदम से
  840. 37:18उसे एक साइड में फेंकते हुए कहती है ए मैं
  841. 37:21ही पहनूंगी साड़ी। मुझे तो साड़ी पहनना
  842. 37:23आता भी नहीं है। और दूसरी बात आपके
  843. 37:26रिलेटिव्स वाले मुझे क्यों देखने आ रहे
  844. 37:28हैं? मैं क्या कोई ताजमहल हूं? क्या
  845. 37:32दामिनी का तो बस ऐसा एक्सप्रेशन बना था।
  846. 37:34तभी रुद्राणी जो कि अपने चेहरे को हां
  847. 37:35मिलाते हुए कहती है हां ना आपको लगता क्या
  848. 37:38है मैं मैं क्या कोई दिखाने वाली चीज हूं
  849. 37:40और मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं कि मुझे
  850. 37:43मेरे सर के अलावा कोई और देखे तो मैं किसी
  851. 37:45को अपना चेहरावरा नहीं दिखाने वाली और
  852. 37:47जाइए यहां से और चाय क्यों बनाऊं मैं बहुत
  853. 37:50जुबान चलती है तेरी लड़की काट के फेंक
  854. 37:53दूंगी तुझे पता नहीं चलेगा किसी को क्यों
  855. 37:56डरते हैं क्या कि अगर मेरे पति को पता चल
  856. 37:58गया तो आपका क्या हाल होगा अरे तारा जुबान
  857. 38:03तो देखो इसकी की तारा जी जो कि अग्निव जी
  858. 38:06की ही बहन थी। वही तो देख रहे हैं भाभी।
  859. 38:10लगता नहीं है कि ये ज्यादा दिन तक जिंदा
  860. 38:12रहने वाली है। अगर बड़े भाई का दिमाग सटक
  861. 38:16गया ना तो काट पीट करके फेंक दी जाओगी
  862. 38:20तुम। [संगीत] इसलिए अपनी जुबान को संभाल
  863. 38:22कर रखो बेटा। चलिए हम लोग यहां से चलते
  864. 38:25हैं। इसको समझ में आना होगा तो आ ही
  865. 38:27जाएगा। वरना अकल ठिकाने लगाने के लिए हम
  866. 38:29लोग तो हैं ही। और यह बोलकर के अब वो बाकी
  867. 38:32के स्टाफ के साथ दामिनी के साथ यहां से
  868. 38:34बाहर जा चुकी थी। तभी रुद्राणी जो कि उन
  869. 38:36लोगों को देखते हुए कहती है चार फुटियां
  870. 38:39लोग आकर के मुझे तो देंगे।
  871. 38:42मेरे एक थप्पड़ के नहीं है ये लोग। हाय
  872. 38:44बड़े और ये सॉरी इससे तो मैं किसी भी हालत
  873. 38:48में है। अभी उसने जैसे ये बोल के पीछे की
  874. 38:51तरफ उस साड़ी को फेंका ही था और आगे कुछ
  875. 38:53बोल नहीं पाती। पता नहीं कहां से ऐसे
  876. 38:54घटिया सा। लेकिन तब जाकर के समझ में आया
  877. 38:57था उसे कि वो किसी के मुंह पर इस साड़ी को
  878. 38:59फेंकी है।
  879. 39:01सो सॉरी सॉरी सर गलती से आपके मुंह पर चला
  880. 39:05गया। वो मेरा कुछ ऐसा इंटेंशन नहीं था
  881. 39:07सच्ची में। ये क्या तरीका था? सॉरी सॉरी
  882. 39:11सर। अरु मैं तुम्हें बता रहा हूं। तुम ना
  883. 39:14बहुत ज्यादा कर रही हो अब। और क्या बोला
  884. 39:17तुमने दामिनी को? आपके भाभी को हां मैंने
  885. 39:22कहा कि मैं नहीं पहनूंगी ऐसी साड़ी। क्यों
  886. 39:25नहीं पहनोगी? क्योंकि मुझे नहीं पहनना
  887. 39:27साड़ी।
  888. 39:29यू नो [संगीत] व्हाट? रुद्राणी जी उनकी
  889. 39:31बात बहुत ध्यान से सुन रही थी और अपने
  890. 39:33चेहरे को हां मिलाते हुए कहती है, हां सर
  891. 39:36तुम्हें ये साड़ी पहननी पड़ेगी। यहां के
  892. 39:38सारे रूल्स मानने पड़ेंगे। पर क्यों? मुझे
  893. 39:43नहीं पहनना। तुम इस घर में बहू के तौर पर
  894. 39:45आए हो। वो बात अलग है कि मैं तुम्हें अपनी
  895. 39:47बीवी नहीं मानता और ना कभी मानने वाला
  896. 39:49हूं। लेकिन जब तक यहां पर हूं यहां के
  897. 39:51रूल्स फॉलो करने पड़ेंगे। अरे पर मुझे
  898. 39:56मैंने जितना कहा है उतना कर लो। एंड यू नो
  899. 39:59दैट आई हेट आर्गुमेंट्स। अरे पर मेरी बात
  900. 40:02तो मुझे कुछ नहीं सुनना है। जा रहा हूं
  901. 40:04मैं यहां से। 5 मिनट में नीचे मिला तुम।
  902. 40:08अरे सर मेरी बात तो अरे मुझे साड़ी पहनना
  903. 40:12आता ही नहीं है। कहां से पहनूं मैं? 5
  904. 40:15मिनट बोला था। 10 मिनट हो गए थे। 10 मिनट
  905. 40:18से 20 मिनट हो गए थे। अग्नी जी तो मानव के
  906. 40:22साथ कुछ काम में लगे हुए थे अपने ऑफिस
  907. 40:25जैसे बने कमरे में लेकिन बाकी के लोग तो
  908. 40:27इंतजार कर रहे थे ना अब तो रिलेटिव्स भी आ
  909. 40:30चुके थे तभी तारा जी जो कि धीरे से दरवाजा
  910. 40:32नॉक करते हुए थोड़ा डरते हुए आवाज में
  911. 40:34कहती हैं वो वो
  912. 40:38अग्नि भाई वो आई नहीं आपकी बीवी वो सब लोग
  913. 40:43वेट कर रहे थे ना सारे गेस्ट भी आ चुके
  914. 40:45हैं उनसे मिलने के लिए कब तक आ जाएंगी वो
  915. 40:50तारा जी ने जैसे हिम्मत करके बोला था मानव
  916. 40:53बस अपनी नजर को हल्का सा ही उठाया दे कि
  917. 40:56तभी तारा जो कि एकदम से अपने चेहरे को
  918. 40:58नीचे ही झुका ले थी। अभी तो अग्नी जी के
  919. 41:00चेहरे की तरवन की नजर तक नहीं गई थी और
  920. 41:03अगर गलती से वो अपनी निगाहें तारा जी पर
  921. 41:05डाल दे तो बेचारे की तो हार्ट बीट ही पड़
  922. 41:07जाती थी। तभी अग्नी जी की आवाज जो कि बहुत
  923. 41:10ही कड़क टोन में उनके कानों में पहुंची
  924. 41:12थी। जाकर चेक करता हूं मैं उसे और सारे
  925. 41:16गेस्ट को कहिए कि वेट करें। मेरी बीवी है।
  926. 41:18थोड़ा तो टशन दिखाएगी। जी मैं मैं बोल
  927. 41:23देती हूं। तारा जी जो कि अब जाकर के सबके
  928. 41:26साथ बैठ चुकी थी। [संगीत] दामिनी के साथ
  929. 41:28अभी बहुत सारी औरतें आ चुकी थी। जो कि कोई
  930. 41:31एमएलए की वाइफ तो कोई यहां के बड़े-बड़े
  931. 41:35ऑफिसर्स की वाइफ।
  932. 41:36सर आपका है तो मैं जाकर चेक कर लूं मैम
  933. 41:40को।
  934. 41:41क्यों? तुम्हें क्या जरूरत है चेक करने
  935. 41:43की? मैं हूं ना उसका हस्बैंड। मैं जाकर के
  936. 41:46देखता हूं उसे। सर वो आप उनसे बहुत हेट
  937. 41:49करते थे। इस वजह से मुझे लगा कि आप उनको
  938. 41:51देखकर फ्रस्ट्रेट हो जाएंगे। मानव ने अपनी
  939. 41:54आवाज को बहुत ही स्लो रख के बोला था और
  940. 41:56अपने चेहरे को नीचे झुका कर भी। तभी अग्नी
  941. 41:58जो कि फ्रस्ट्रेशन में कहते हैं वो मेरे
  942. 42:00अलावा किसी की सुनती भी है। और शो ऑफ करने
  943. 42:03के लिए तो मैं ही उसका हस्बैंड बना हूं
  944. 42:04ना। एंड यू आर राइट। वो वाकई मुझे बहुत
  945. 42:07फ्रस्टेट कर देती है। दो-तीन थप्पड़ जब तक
  946. 42:10नहीं पड़ेंगे तब तक मानती कहां है मेरी
  947. 42:11बात? और वह अब ऊपर की तरफ जा रहे थे। जैसे
  948. 42:15अभी वो हॉल एरिया से गुजरे थे। सारे लोग
  949. 42:17एक खुसुरफुसर जो कि अभी तक तो बहुत ही
  950. 42:19अच्छे से कंटिन्यू थे लेकिन सब एकदम से
  951. 42:20शांत पड़ गए थे। हॉल में अब सब लोग शांत
  952. 42:23बैठ चुके थे और अग्निश जी की तरफ ही देख
  953. 42:25रहे थे जो कि काफी तेज रफ्तार से अभी
  954. 42:27स्टेयर पर चढ़ रहे थे और अपने शर्ट के
  955. 42:30स्लीव्स को ऊपर जो कि ऑलरेडी ऊपर ही था
  956. 42:32लेकिन उसे और ऊपर चढ़ाते हुए गुस्से में
  957. 42:34जाकर के दरवाजा खुले थे और थोड़े तेज आवाज
  958. 42:36में चिल्लाते हुए कहते हैं नूरानी मैडम अब
  959. 42:39तक रेडी नहीं हो पाए आप जैसे ही आवाज
  960. 42:42क्लोजेट के अंदर पहुंची थी झटके से दरवाजा
  961. 42:44खुला था और वो अपनी साड़ी जो कि इधर-उधर
  962. 42:47पूरी तरह से बिखरी पड़ी थी उसे लेकर के
  963. 42:48बाहर की तरफ भागते हुए आकर कहती है कि
  964. 42:51क्या हुआ सर? कोई कोई प्रॉब्लम हो गई
  965. 42:54क्या? उसकी आधी साड़ी हाथ में थी और बाकी
  966. 42:57के नीचे शरीर पर क्या ही लगा था उसके।
  967. 43:00कितने मुश्किल से खोजने की कोशिश तो कर
  968. 43:01रही थी लेकिन मजा थी जो उससे साड़ी ड्रैप
  969. 43:04हो जाए। ये क्या हाल बना रखा है तुमने?
  970. 43:07अग्नी जो कि एक बार तो उसकी तरफ देखे थे
  971. 43:09और फिर खुद ही अपने चेहरे को दूसरी तरफ
  972. 43:10मोड़ लिए थे। और उनको समझ ही नहीं आ रहा
  973. 43:12था कि वो इस लड़की को इस तरह से कैसे देख
  974. 43:14सकते हैं। क्या यह पागल है? और वो उसको
  975. 43:17दूसरी तरफ देखते हुए वर्न करते हुए कहते
  976. 43:19हैं अगर तुमने पूरी साड़ी पहनी ही नहीं थी
  977. 43:21तो बाहर आने की क्या जरूरत थी अंदर जाओ पर
  978. 43:25सर वो मैं क्या करती आप ही ने तो चिल्लाया
  979. 43:28मैं जा रही हूं तुम अब तक साड़ी क्यों
  980. 43:30नहीं पहन पाई वो पीछे से जाते हुए कहती है
  981. 43:33आपने बात ही नहीं सुनी ना मेरी मुझे साड़ी
  982. 43:37पहनना नहीं आता
  983. 43:40ओह गॉड [संगीत] तुमसे यही उम्मीद थी मुझे
  984. 43:43आता भी है तुमको कुछ हां सर आता है है ना?
  985. 43:46आप कहे तो दो-तीन आदमी को काट कर दिखाओ या
  986. 43:49फिर गन शॉट करना हो तो बताइए। और वो जो
  987. 43:52आपकी भाभी है ना बहुत चिल्ला रही मेरे
  988. 43:54ऊपर। कहे तो उनकी जुबान भी हटा दो या
  989. 43:57उन्हीं को मरवा दूं। अगर मैं एक थप्पड़
  990. 43:59मारी ना तो वैसे ही वो कोमा में जाने वाली
  991. 44:01है। बस कर जाओ तुम। और जैसे ये बोल के अभी
  992. 44:05वो पीछे की तरफ मोड़ ही रहे थे। लेकिन फिर
  993. 44:06वो एकदम से अपने चेहरे को दूसरी तरफ
  994. 44:08मोड़ते हुए कहते हैं तो मैं क्या करूं?
  995. 44:11अभी तुम्हें साड़ी तो पहननी पड़ेगी ना।
  996. 44:13पहनो जैसे तैसे करके। पर मुझे नहीं आती है
  997. 44:16सर। और अब वो धीरे-धीरे करके अपनी साड़ी
  998. 44:19को जैसे तैसे उठा उठा करके संभालते हुए
  999. 44:21क्लॉजेट के अंदर फिर से पहुंच चुकी थी।
  1000. 44:23क्या करूं मैं इस लड़की का?
  1001. 44:26आपको आती है तो आप पहना दीजिए ना। क्लोजेट
  1002. 44:29का दरवाजा हल्का सा भी खुला हुआ था जिसके
  1003. 44:31तरफ से वो जाकर यह बात बोली थी। तुम्हें
  1004. 44:34जरा भी अंदाजा तुम क्या बोल रही हो। अपने
  1005. 44:36बॉस से कह रही हूं कि मैं तुम्हें साड़ी
  1006. 44:38पहनाऊं। शर्म नहीं आती तुम्हें?
  1007. 44:41नहीं। नहीं इसमें कोई खास शर्म वाली बात
  1008. 44:42तो नहीं है लेकिन ठीक है नहीं पहनाना तो
  1009. 44:45मत पहनाइए दो-ती घंटे और लगेंगे मुझे और
  1010. 44:47गारंटी नहीं कि मैं बाहर आ पाऊं
  1011. 44:50ओ [गहरी सांस लेने की आवाज़] गॉड
  1012. 44:52मैं छवि से बोलता हूं और यह बोलकर के वो
  1013. 44:55छवि के कमरे में गए थे और समझाए थे कि
  1014. 44:57जाकर के पहनाए उस लड़की को साड़ी अमीर डी
  1015. 45:01जो कि किसी से फोन पर इस वक्त बात करते
  1016. 45:03हुए नीचे की तरफ आ रहे थे और उनकी आवाज
  1017. 45:05में फ्रस्ट्रेशन साफ तरीके से झलक आ रही
  1018. 45:07थी क्या यूं कह लें कि उनके बात करने का
  1019. 45:10टोन नहीं ऐसे होता था। हर बात पर सबको
  1020. 45:12सुना देते थे। हर बात पर डांट नहीं होता
  1021. 45:14था उनको। प्यार से बात करना क्या होता है?
  1022. 45:17यह तो बहुत रेयरली हो पाता था उनसे। या तो
  1023. 45:20फिर सामने कोई लड़की हो जो कि काफी ज्यादा
  1024. 45:22मजबूर हो या फिर कोई छोटा सा बच्चा।
  1025. 45:25गुस्से में उन्होंने फोन को ऑलमोस्ट
  1026. 45:27काउंटर पर पटका ही था कि मानव एकदम से
  1027. 45:29खड़ा ही हो गया था। कोई न्यू प्रॉब्लम है
  1028. 45:31क्या सर? प्रॉब्लम्स की कमी होती है मेरी
  1029. 45:34लाइफ में। एक खत्म नहीं होती। दूसरी आ
  1030. 45:36जाती है। पता नहीं क्या इन लोगों को प्यार
  1031. 45:39ही हो गया मुझसे। किसको सर? प्रॉब्लम्स
  1032. 45:42को। और बैठो तुम। जो डॉक्यूमेंट्स तुम्हें
  1033. 45:45भेजे थे सारे चेक हो गए। हां हां सर। सर
  1034. 45:49वो जो आपके लैपटॉप में मैं वो फाइल देख
  1035. 45:51रहा था सर एक फाइल मिस्टेक के नाम से सेव
  1036. 45:55थी सर। हम तो सर वो गलती से मैंने खोल
  1037. 46:01दिया। तो तो मैं क्या करूं?
  1038. 46:07वेट। कौन सी फाइल थी? सर मिस्टेक के नाम
  1039. 46:11से तुमने वो फाइल खोली। सर गलती से खुल
  1040. 46:14गई। मेरा इंटेंशन नहीं था सर खोलने का।
  1041. 46:17तुमने मुझसे बिना पूछे मेरी फाइल कैसे टच
  1042. 46:20की? सॉरी सॉरी सर। मेरा कुछ ऐसा इंटेंशन
  1043. 46:23नहीं था सर। वो गलती से खुल गया। तो तुमने
  1044. 46:27उसमें कुछ देख लिया।
  1045. 46:30500 से ज्यादा इमेजेस हैं सर उसमें।
  1046. 46:33वीडियोस भी थे कुछ। बट मैंने खोला नहीं था
  1047. 46:35सर एक भी इमेज। मतलब मैंने देखा नहीं।
  1048. 46:37[संगीत]
  1049. 46:38बट मैंने सोचा कि आपको इन्फॉर्म कर दो। इस
  1050. 46:41बारे में किसी को भी अगर तुमने बताया ना
  1051. 46:43मानव मैंने अपने बंदूक की सारी गोलियां
  1052. 46:46तुम्हारे भेजे में डाल देनी है। और उस
  1053. 46:48पागल लड़की को तो तुम कभी यह बात नहीं
  1054. 46:49बताओगी। समझे? नहीं सर उनसे मैं बात ही
  1055. 46:52नहीं कर पाता हूं। वो अजीब है। मुझसे बात
  1056. 46:55ही नहीं करती है। वो [संगीत] सिर्फ गुस्सा
  1057. 46:58करती रहती हैं। वो एक्चुअली बात ऐसी है कि
  1058. 47:00उसका फोन रिसेट हो रहा था। तो बस मैंने
  1059. 47:03अपने पास इमेज रख ली। उसके पास मेमोरी
  1060. 47:05नहीं थी और कुछ सोचने की जरूरत नहीं इस
  1061. 47:08बारे में। आई हेट दैट गर्ल। ओके। मानव जो
  1062. 47:11कि अपने सर को हमें लाते हुए कहता है आई
  1063. 47:13नो सर। आई नो आपके पूरे टीम में बदनाम है
  1064. 47:16वो लड़की। बहुत कैरेक्टरलेस है शायद। वही
  1065. 47:19तो हर लड़के को फ्लर्ट करती रहती है। और
  1066. 47:22एक बार तो वेटर को ही प्रपोज करती थी।
  1067. 47:24इतनी बार रिजेक्ट कर चुका हूं मैं उसे।
  1068. 47:26लेकिन हद है पागलों की तरह मेरे ही पीछे
  1069. 47:28पड़ी हुई है। ऑब्सेस्ड कहीं [संगीत]
  1070. 47:31रुद्राणी राजंत आखिर कौन थी जिसके बारे
  1071. 47:34में अभी मानव और साथ ही अग्नी जी इतनी
  1072. 47:37बातें कर रहे थे। प्यारी सी एक नाजुक सी
  1073. 47:40लड़की जिसको दुनियादारी के बारे में कुछ
  1074. 47:43नहीं पता था। बहुत ही भोली थी और बचपन से
  1075. 47:46अपनी नानी और नानू के साथ रही थी। बड़े
  1076. 47:49लाड प्यार से नहीं रखा था उन्होंने भी।
  1077. 47:51बहुत सारी तकलीफें ही दी थी। और देते भी
  1078. 47:54क्यों ना अजीब ख्नस थी रुद्राणी के मॉम से
  1079. 47:58उनके नानी नानों को रुद्राणी के मॉम का
  1080. 48:00नाम था रानी और उनके डैड का नाम रुद्र और
  1081. 48:03उसी से उनका नाम रुद्राणी पड़ा था। मां ने
  1082. 48:06अपनी मनपसंद की शादी की थी [संगीत] भागकर
  1083. 48:09रुद्र जी से और तभी से उनके नानू को नफरत
  1084. 48:13सी हो गई थी अपनी बेटी से। अब अपनी बेटी
  1085. 48:15के ऊपर तो वह गुस्सा निकाल नहीं पाते थे
  1086. 48:17क्योंकि रानी जी तो अक्सर अपने हस्बैंड के
  1087. 48:19साथ ही रहती थी। लेकिन कुछ वजहों की वजह
  1088. 48:22से उन्होंने रुद्राणी को अपने मां-बा के
  1089. 48:25पास ही भेज दिया था और उसी की वजह से अब
  1090. 48:28उनके नानी नानू का सारा गुस्सा जो कि पहले
  1091. 48:32तो रानी जी पर था अब वो रुद्राणी पर
  1092. 48:34निकलता था अलग-अलग तरीके से। कभी उसे
  1093. 48:37पढ़ाई के लिए मारते तो कभी उसे काम के लिए
  1094. 48:40मारते। ऐसा नहीं था कि वहां पर काम करने
  1095. 48:42के लिए मेड्स नहीं थी। अच्छे परिवार से
  1096. 48:44बिलोंग करते थे उनके नानू नानी भी। लेकिन
  1097. 48:47उसके बावजूद भी नफरत जो दिखानी थी
  1098. 48:49रुद्राणी से उसके खुद के पापा को वो एक
  1099. 48:53गलती लगती थी कि आखिर कहां से पैदा हो गई
  1100. 48:56है। अभी उन दोनों को कोई बच्चा नहीं चाहिए
  1101. 48:58था लेकिन मजबूरी थी। अब पैदा हो गई है तो
  1102. 49:01कैसे तो कैसे करके पालना ही पड़ेगा ना।
  1103. 49:05बहुत सारी दिक्कतों का सामना करके वह पड़ी
  1104. 49:07हुई थी और अब उसकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़
  1105. 49:10आया था जहां उसे अग्नीव मिले थे। पहले
  1106. 49:13पहली बार कोई ऐसा शख्स मिला था जो कि उससे
  1107. 49:16नफरत तो बेहिन था करता था मगर उसके साथ ही
  1108. 49:19थोड़ी बहुत फिक्र भी दिखा दिया करता था और
  1109. 49:21उसी वजह से रुद्राणी को अग्निव जी के
  1110. 49:24अलावा और कोई नजर ही नहीं आता था। फाइनली
  1111. 49:26छवि जो कि रुद्राणी को अच्छे से तैयार कर
  1112. 49:29चुकी थी और अपने साथ ही उसे नीचे की तरफ
  1113. 49:31लेकर आ रही थी। रूही नाम की लड़की जो कि
  1114. 49:34तारा जी की ही बेटी थी मगर बहुत ही ज्यादा
  1115. 49:37चिलपड़ी और साथ ही छवि के साथ उसकी बहुत
  1116. 49:39अच्छी बनती थी। एक साइड में छवि थी तो
  1117. 49:42दूसरे साइड में रूही भी आ के रुद्राणी को
  1118. 49:44संभालने लगी थी क्योंकि साड़ी पहली बार
  1119. 49:46पहना था ना मैडम जी ने संभल ही नहीं रही
  1120. 49:48थी उनसे ये सब क्या हो जाए मेरे साथ अब
  1121. 49:52मुझे ऐसे नीचे जाना पड़ेगा मैं गिरवि लगी
  1122. 49:55तो क्या करूंगी अगर किसी ने मुझे गिरते
  1123. 49:57हुए दिख लिया तो सब हसेंगे ना मेरे ऊपर
  1124. 49:59छवि जो कि उसकी बातों को सुनकर के पहले
  1125. 50:01हंसते हुए कहती है आपकी हरकतों से ज्यादा
  1126. 50:04आपकी बातों पर हंसेंगे और सच कहूं तो आप
  1127. 50:07जब अपना अजीब अजीब तरीके से मुंह बनाती है
  1128. 50:09ना प्लीज मत मत बनाइएगा। [संगीत] और वहीं
  1129. 50:12रूही भी इस बात पर सरह हां हिलाते कहती है
  1130. 50:14एकक्टली आप मेरी क्या लगेंगी? वैसे मामी
  1131. 50:19लगेंगी ना? हां तो मामी जी प्लीज अपने जो
  1132. 50:22नाक सिकोड़ करके आप बातें करती हैं ना मत
  1133. 50:24किया करिए। मुझे बहुत हंसी आती है आप पर।
  1134. 50:27अरे अभी 2 घंटे पहले ही तो मुझे देखी हो।
  1135. 50:30अभी से इतनी हंसी आने लगी। अगर मेरे उल्टे
  1136. 50:33थप्पड़ पड़ेगा ना तो रो भी दोगी तुम।
  1137. 50:35जानती ही हो मैं कितनी खूनखार हूं। रुई जो
  1138. 50:37कि एकदम से साइलेंट हो गई थी। यह सुनते ही
  1139. 50:41बेचारी रुई तो एकदम से डर ही गई थी कि
  1140. 50:43आखिर यह ऐसे क्यों बात कर रही हैं? तभी
  1141. 50:45रुद्रानी जो कि उसकी गालों को हल्का सा
  1142. 50:46नोचते हुए कहती है मजाक कर रही थी पागल
  1143. 50:49तुम्हें लगता है मेरे छोटे-छोटे हाथ किसी
  1144. 50:50को मारने के लिए बने। मैं तो सबको डराती
  1145. 50:52फिरती हूं ताकि सब मुझसे डरे। मुझे नहीं
  1146. 50:55आता किसी को मारना वारना। [संगीत] फाइनली
  1147. 50:58आखिरी स्टेयर को पार करते हुए वो अब हॉल
  1148. 51:01एरिया में पहुंच चुकी थी। जहां पर पहले से
  1149. 51:03सब लोग उसका इंतजार कर रहे थे। सब लोग तो
  1150. 51:06उसे ऐसे देख रहे थे जैसे कि वो क्या ही
  1151. 51:08हो। आपस में एक दूसरे के साथ अजीब अजीब
  1152. 51:12एक्सप्रेशन बना के बातें भी कर रहे थे। की
  1153. 51:15दूसरी बीवी है। बाप रे लगती [संगीत] तो
  1154. 51:18बड़ी डीप टॉप है। तभी एक औरत जो कि थोड़ा
  1155. 51:22खड़े हो के उसकी तरफ आगे बढ़ते हुए कहती
  1156. 51:24है आओ बेटा बैठो ना बीच में। शर्मा क्या
  1157. 51:27रही हो? और छवि और रुई को छोड़ दो। आ जाओ
  1158. 51:30बैठो। वो बीच में अब बिठा चुकी थी। एक
  1159. 51:34राउंड काउच रखा हुआ था उसी पर और सब लोग
  1160. 51:36उसी की तरफ देखते हुए अपने-अपने मन में
  1161. 51:39बहुत सारी बातें सोच रहे थे। बेचारी बहुत
  1162. 51:42ज्यादा नर्वस हो रही थी। अभी समझ ही नहीं
  1163. 51:44आ रहा था क्या बोले और क्या कहे तो बताओ
  1164. 51:47कब हुई तुम्हारी शादी अग्निशव से।
  1165. 51:50अ मेरी शादी उनसे अ
  1166. 51:57वही मतलब छवि को समझ में आ गया था कि कुछ
  1167. 52:00तो गड़बड़ है। वो तुरंत ही अब गई थी ऑफिस
  1168. 52:03वाले रूम में जहां पर उसके डैड जो कि इस
  1169. 52:05वक्त किसी से बात कर रहे थे और साथ ही
  1170. 52:07मानव भी वहीं पर काम कर रहे थे। वो धीरे
  1171. 52:09से कहती है
  1172. 52:11चाचू चाचू सुनो क्या है? वो धीरे से अपने
  1173. 52:16फोन को साइड में करके बोले थे। तभी छवि
  1174. 52:18कहती है चाची वहां पर फंस रही है। शायद
  1175. 52:21कुछ गड़बड़ हो रही है। उनको पता नहीं कि
  1176. 52:23आप दोनों की शादी कब हुई थी। व्हाट? ये सब
  1177. 52:27क्यों पूछ रहे हैं अंश? ओ गॉड। वो तुरंत
  1178. 52:30ही फ़ को कान पर लगाए थे और इस वक्त किसी
  1179. 52:33को डांट ही लगा रहे थे। और तभी कहते हैं फ़
  1180. 52:35रखो। मैं बाद में तुम्हें देखता हूं। और
  1181. 52:37अगर यह काम 20 मिनट में नहीं हुआ ना तो
  1182. 52:39तुम्हारी अर्थें उठवा दूंगा मैं। फ़ को रख
  1183. 52:42के वो बाहर की तरफ निकले थे। और जैसे अभी
  1184. 52:45चार कुछ बोल पाती उनके वो तुरंत उसके कंधे
  1185. 52:47पर हाथ रखते हुए कहते हैं क्या हुआ बेबी
  1186. 52:50विजय भूल गई जैसे वो आए थे सब लोग
  1187. 52:53अपनी-अपनी जगह से थोड़ा-थोड़ा खिसकने लगे
  1188. 52:55थे ताकि रुद्राणी के बगल में अग्निव जी को
  1189. 52:57बैठने की जगह मिल जाए अब वो जाकर के काउच
  1190. 53:01पर ही बैठ चुके थे और रुद्राणी के कंधे पर
  1191. 53:04धीरे से हाथ टैप करते हुए कहते हैं क्या
  1192. 53:05हुआ बताओ ना हमारी शादी कब हुई थी अब वो
  1193. 53:10मैं बता दूं
  1194. 53:12तो कब हुई थी मतलब वो अरे दो महीने दो दिन
  1195. 53:19दोनों के मुंह से अलग-अलग
  1196. 53:22[गला साफ़ करने की आवाज़] मैं मेरा मतलब
  1197. 53:23था 2 महीने 2 महीने पहले ही तो है शादी
  1198. 53:26हुई है हमारी हां 2 महीने पहले मैं ये
  1199. 53:30कहने जा रहा था कि हम 2 महीने पहले मिले
  1200. 53:32हैं। शादी तो 2 दिन पहले ही हुई थी ना
  1201. 53:35[संगीत] टफर उसके कान के पास आते हुए बोल
  1202. 53:38रहे थे लेकिन अब सबको तो यह दिख नहीं रहा
  1203. 53:40था कि वो कुछ बातें कर रहे हैं। सबको लगा
  1204. 53:42कि 1520 लोगों के सामने इस तरह से कान के
  1205. 53:46पास क्या कर रहे हैं वो? किस्से विस्सी ले
  1206. 53:48रहे हैं क्या सबके सामने? तभी एक औरत जो
  1207. 53:51कि धीरे से कहती है तो बढ़िया है। मतलब 2
  1208. 53:55महीने पहले शादी हुई है तो 9 महीने बाद
  1209. 54:02बच्चा भी आ ही जाएगा ना।
  1210. 54:05बच्चा रुद्राणी एकदम से चौंक कर बोली थी।
  1211. 54:08और तभी वो अग्निवीर जी की तरफ देखते हुए
  1212. 54:10कहती है हमारा बच्चा आएगा 9 महीने बाद
  1213. 54:14इनको कैसे पता ये बात बच्चा तो हम लोग के
  1214. 54:17सोने के हिसाब से तय होगा ना इनको टाइमिंग
  1215. 54:20भी पता है
  1216. 54:22बायो की मारी लड़की वो [संगीत] समझ रही है
  1217. 54:26इस बात को कि 9 महीने बाद ही बच्चा होता
  1218. 54:28है 9 महीने बाद होता है बच्चा शादी के बाद
  1219. 54:31सबका बच्चा 9 महीने बाद होता है क्या
  1220. 54:34कितने क्वेश्चन करती हो तुम चुप हो जाओ
  1221. 54:36अभी वरना सबके सामने मैं होठ काट लूंगा
  1222. 54:39तुम्हारे। ऐसे कैसे सबके सामने किस करेंगे
  1223. 54:42मुझे? शर्म नहीं आती आपको। यह बात उसने
  1224. 54:45थोड़ी तेज ही बोल दी थी। सब लोग जो कि फिर
  1225. 54:48से एक दूसरे की तरफ देखने लगे थे। तभी
  1226. 54:49दामिनी जी कहती है और बनाने क्या आता है
  1227. 54:53तुम्हें? देवरानी जी रुद्राणी जो कि
  1228. 54:56दामिनी जी की तरफ ही देखते हुए अपनी नजरों
  1229. 54:58को हल्का सा तीखा किए थी। और उनकी तरफ
  1230. 55:01घूरते हुए कहती है मुंह बना लेती हूं।
  1231. 55:03लोगों का कीमा बना लेती हूं। ज्यादा से
  1232. 55:06ज्यादा अपने सर के लिए कॉफी बना लेती हूं
  1233. 55:08और कभी-कभी अगर सर का मन करे तो उनके लिए
  1234. 55:10सैंडविच भी बना लेती हूं। इससे ज्यादा
  1235. 55:12मुझे और कुछ बनाने की जरूरत नहीं है। और
  1236. 55:14हां फिगर तो मैंने पहले से बना कर रखी हुई
  1237. 55:16है। और कुछ जानना है आपको कि मैं क्या बना
  1238. 55:18लेती हूं। जेठानी जी
  1239. 55:21दामिनी जी के मुंह से निकल ही जाता है।
  1240. 55:23पहले वाली बीवी बड़ी अच्छी थी। कम से कम
  1241. 55:26इसकी तरह नागिनों की तरह जुबान तो नहीं
  1242. 55:28चलती थी। ये पहले बीवी का राज तो नहीं पता
  1243. 55:32था रुद्रानी को। फगनीर जी की तरह देखी थी
  1244. 55:35और एकदम से अपनी मम्मी को सिकोरते हुए
  1245. 55:36कहती है यह किसकी बात कर रही है? कौन सी
  1246. 55:39चुड़ैल है? मेरे से पहले भी कोई आपके गले
  1247. 55:43में लटकी थी क्या? अब वो और ज्यादा
  1248. 55:46फ्रस्ट्रेट हो रहे थे और अब इससे ज्यादा
  1249. 55:48बर्दाश्त नहीं कर सकते थे। वो एकदम से
  1250. 55:49खड़े हुए थे और रुद्राणी को भी उठाते हुए
  1251. 55:52कहते हैं चलो बहुत हो गया क्वेश्चन आंसर।
  1252. 55:54अब हम कमरे में जा रहे हैं। लेकिन तभी रघु
  1253. 55:57मलिक जी जो कि उनको रोकते हुए कहते हैं,
  1254. 55:59अरे अभी तो सबको मिलना है। घर की बहू है
  1255. 56:02वो। बैठकर बातें तो करने दीजिए। और वैसे
  1256. 56:06भी आप जाइए ना हम बहू रानी से बात कर रहे
  1257. 56:08हैं। यह सुनते ही अग्नी जो कि रघु मलिक की
  1258. 56:11तरफ देखे थे और फिर सबके सामने रुद्राणी
  1259. 56:13को बहुत क्लोज लाते हुए कहते हैं यह मेरी
  1260. 56:15बीवी है। मेरी परमिशन के बिना इसे किसी को
  1261. 56:18देखना भी अलाउड नहीं है। बात करना तो बहुत
  1262. 56:21दूर की बात है। और अब मेरा मन कर रहा है
  1263. 56:24कि मैं अपनी बीवी के साथ टाइम स्पेंड
  1264. 56:26करूं। तो अरे बोलते हुए रुद्राणी की तरह
  1265. 56:28देखते हुए कहते हैं हम कमरे में चलें।
  1266. 56:32हां चलिए बेचारी डर रही थी। कभी इस तरह से
  1267. 56:37अग्नि ने उससे बात ही नहीं की थी। पता
  1268. 56:39नहीं क्यों कुछ तो अजीब हो रहा था जब वो
  1269. 56:42इस तरह से रुद्राणी को देख रहे थे तो
  1270. 56:45लेकिन इससे पहले तो कभी ऐसा फील नहीं हुआ
  1271. 56:48उसे। अब सबके सामने वो उसे बड़े रोमांटिक
  1272. 56:51तरीके से तो ले जा रहे थे लेकिन जैसे कमरे
  1273. 56:53के अंदर आए थे। वो उसे हल्का धक्का देते
  1274. 56:55हुए कहते हैं क्या अजीब अजीब सी बातें
  1275. 56:56करते हो तुम। और तुम्हें नहीं पता कि 9
  1276. 56:58महीने बाद बच्चा होता है। नहीं पता। क्या
  1277. 57:02मतलब इसका? ओ हां, मैं तो भूल ही गया था।
  1278. 57:05बायो से तो तुम्हारा दूर-दूर तक कोई
  1279. 57:06कनेक्शन ही नहीं है। हम बायो से क्या?
  1280. 57:09मेरी तो पढ़ाई से दूर-दूर तक कोई लेना
  1281. 57:11देना ही नहीं है। मुझे पसंद ही नहीं है
  1282. 57:13पढ़ना। इसीलिए तुम एक नंबर की डफर हो। और
  1283. 57:16किसी के सामने इस तरह की कोई बकवास नहीं
  1284. 57:17करोगी तुम। यह बात तुम्हें नहीं पता है।
  1285. 57:20इस बारे में किसी को नहीं पता चले तो ही
  1286. 57:22अच्छा है।
  1287. 57:23ठीक है। मैं कुछ नहीं बोलूंगी।
  1288. 57:26वैसे आपसे एक बात बोलूं कुछ मत बोलो तुम।
  1289. 57:30चुप रहो और सो जाओ। दिमाग खुद सही कर दिया
  1290. 57:33है। दरवाजे को बंद करते हुए अब वो जाकर के
  1291. 57:36रेलिंग पर खड़े हुए थे थोड़ा देर और तभी
  1292. 57:39वो अपने एक स्टाफ को इशारा किए थे। बस
  1293. 57:41आंखों का इशारा काफी था कि सब लोग को अब
  1294. 57:44यहां से बाहर की तरफ भेजा जा रहा था
  1295. 57:45क्योंकि अग्नी जी का अब मूड नहीं था कि
  1296. 57:47उनके घर पर कोई भी रहे। बनकर रह पाएगी यह
  1297. 57:50मेरी बीवी। दो दिन में पोल ना खोल दे।
  1298. 57:53पागल कहेंगी।
  1299. 57:56चिंता तो हो रही थी उन्हें क्योंकि जिस
  1300. 57:58लड़की को वह लेकर आए थे अपनी मर्जी से तो
  1301. 58:01लेकर आए थे लेकिन इतना तो पता था कि वो
  1302. 58:03बहुत भोली है। आजकल के लोगों की तरह नहीं
  1303. 58:06है जो डबल मीनिंग बातें समझ ले, इधर-उधर
  1304. 58:10की चालाकी समझ ले और लोगों की बातों से तो
  1305. 58:12वो कुछ भी नहीं समझ पाती थी। इतनी भोली और
  1306. 58:15मासूम थी। उसकी दुनिया तो अग्नी जी से
  1307. 58:18शुरू होती थी और उन्हीं पर खत्म और कुछ
  1308. 58:20पता ही नहीं था उसे।
  1309. 58:22लेकिन फिर भी ठीक है संभाल तो लेंगे
  1310. 58:25अग्निव जी उसे। आइए जानते हैं अब क्या
  1311. 58:28होने वाला है। क्या होगा रुद्राणी जी के
  1312. 58:30साथ यहां पर और कब तक बनाकर रखने वाले हैं
  1313. 58:34अग्निव जी उसे अपनी बीवी या फिर उनके
  1314. 58:38लैंग्वेज में कहें तो उनकी मिस ड्रेस। आइए
  1315. 58:41जाते हैं इसे अगले एपिसोड में। और हां,
  1316. 58:43अगर वीडियो पूरी सुन ली है तो चुपचाप से
  1317. 58:46हाइप कर देना। ऐसे मत भाग जाया करो। और
  1318. 58:48प्यारे-प्यारे कमेंट्स तो जरूर ही कर
  1319. 58:50देना। मिलती हूं तुम लोगों से नेक्स्ट
  1320. 58:52वीडियो में। तब तक के लिए ब-बाय। टेक
  1321. 58:54केयर।

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