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Untold Story of Major Mohit Sharma | Nitish Rajput — Transcript

by Nitish Rajput · 7,339 words · 904 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:05एक पैरा एसएफ कमांडो दो आतंकवादियों के
  2. 0:07लिए चाय बना रहा है।
  3. 0:10इंडियन आर्मी ने मेरे भाई को मारा है।
  4. 0:12मुझे बदला लेना है।
  5. 0:16अबू तुरारा ने AK-47 लोड की और दूसरे रूम
  6. 0:19से मेजर मोहित शर्मा तीन कप कावा बना के
  7. 0:22अंदर घुसे।
  8. 0:26शॉल के पीछे से मोहित शर्मा ने 9 एमm की
  9. 0:28पिस्तौल निकाली और दोनों को
  10. 0:34दोनों को जान से मार के मेजर मोहित शर्मा
  11. 0:37आराम से बैठ के कावा पीने लगे।
  12. 0:41मेजर मोहित शर्मा को 2 1/2 इंच बर्फ के
  13. 0:43अंदर जब फुटप्रिंट्स दिखाई दिए तो
  14. 0:45उन्होंने
  15. 0:48गोली लगे हुए हाथ से मल्टीग्रेनेड लांचर
  16. 0:50उठाया और बैक टू बैक छह ग्रेनेड मारे।
  17. 0:59मार्च 2004 कश्मीर की सोफियान [संगीत]
  18. 1:01डिस्ट्रिक्ट में एक अननोन लोकेशन थी और
  19. 1:03वहां एक बंद कमरे में एक 6 फीट 2 इंच का
  20. 1:07लड़का उसके लंबे बाल घनी दाढ़ी एकदम
  21. 1:09कश्मीरी लहजा और यह लड़का हिजबुल मुजाहदीन
  22. 1:12[संगीत] के दो खतरनाक आतंकवादियों के एकदम
  23. 1:14सामने बैठ के कहता है कि मेरा नाम इफ्तकार
  24. 1:16भट्ट है। इंडियन आर्मी ने मेरे भाई को
  25. 1:19मारा है और मुझे इसका बदला लेना है। अब ये
  26. 1:21सुनके ये दोनों आतंकवादी इफ्तकार की बात
  27. 1:23पर भरोसा कर लेते हैं और ग्रेनेड का एक
  28. 1:25पूरा कंसाइनमेंट रेडी करवाते हैं और बाकी
  29. 1:28जो आतंकवादी थे उनको भी बुला के नेक्स्ट
  30. 1:30डे इंडियन आर्मी की पोस्ट पे हमला करने का
  31. 1:32प्लान रेडी कर लेते हैं। अब इफ्तकार की
  32. 1:34बात मान के जब ये आतंकवादी आर्मी के खिलाफ
  33. 1:37एक प्लान [संगीत] बना रहे थे तो इनको
  34. 1:38बिल्कुल आईडिया नहीं था कि यह इफ्तकार
  35. 1:40भट्ट कोई कश्मीरी लड़का नहीं बल्कि इंडियन
  36. 1:43आर्मी के ऑफिसर मेजर मोहित शर्मा है। एक
  37. 1:46ऐसा ऑफिसर जिसके नाम पर आज की डेट में
  38. 1:48दिल्ली मेट्रो का एक पूरा स्टेशन बनाया
  39. 1:50गया है। जिसके नाम पे इंडिया में सड़क रखी
  40. 1:53गई है। जिसके सीक्रेट ऑपरेशन इतने खतरनाक
  41. 1:56थे कि देश ने अपना सबसे बड़ा पीस टाइम
  42. 1:58गैलेंट्री अवार्ड अशोक चक्र दिया।
  43. 1:59[गला साफ़ करने की आवाज़] आज 17 साल हो गए
  44. 2:01हैं लेकिन आज भी जब धुरंधर जैसी मूवी आती
  45. 2:03हैं तो मेजर मोहित शर्मा का नाम ट्रेंड
  46. 2:05करने लगता है। फैमिली को कोर्ट जाना पड़ता
  47. 2:07है। इतने टाइम बाद भी लोग मेजर मोहित
  48. 2:10शर्मा को भूले नहीं है। और ऐसा क्यों है?
  49. 2:12उन्होंने क्या ऐसा किया? इन सारी चीजों की
  50. 2:15शुरुआत होती है गाजियाबाद के अंदर।
  51. 2:16गाजियाबाद के साहिबाद में पंजाब नेशनल
  52. 2:18बैंक के एक सीनियर ऑफिशियल राजेंद्र
  53. 2:21प्रसाद शर्मा और उनकी वाइफ अपने दो बेटे
  54. 2:24मधुर और मोहित शर्मा के साथ रह रहे थे।
  55. 2:26पूरी फैमिली का फौज से दूर-दूर तक कोई
  56. 2:28रिलेशन नहीं था। लेकिन इस फैमिली में
  57. 2:30मोहित शर्मा जो थे बचपन से उनका बस एक ही
  58. 2:32सपना था कि कैसे भी करके उनको फौज में
  59. 2:35जाना है और आर्मी की यूनिफार्म पहननी है।
  60. 2:37अब मार्च 1995 में मोहित शर्मा डीपीएस
  61. 2:39गाजियाबाद के 12th के एग्जाम देके एनडीए
  62. 2:42का फॉर्म भरते हैं और एनडीए के लिए ये
  63. 2:44इतने ज्यादा एक्साइटेड थे कि एडमिट कार्ड
  64. 2:46तक डिले हो गया था। तो इनके इस अटेम्प्ट
  65. 2:47पे कोई रिस्क ना आ जाए इसके लिए डायरेक्ट
  66. 2:49दिल्ली के ऑफिस में जाके वहां से अपना
  67. 2:51एडमिट कार्ड लेकर आते हैं। अब मोहित शर्मा
  68. 2:53ने एग्जाम तो दे दिया और इसका रिजल्ट जो
  69. 2:55था वो जुलाई और अगस्त में आना था और ये जो
  70. 2:57बीच का टाइम बचा था इसमें घर वालों ने
  71. 2:59प्रेशर डाल के मोहित शर्मा का एडमिशन
  72. 3:01महाराष्ट्र के श्री संत गजानन महाराज
  73. 3:04कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में बीटेक की इसी
  74. 3:07ब्रांच में एडमिशन करवा दिया। घर वाले
  75. 3:08बिल्कुल नहीं चाहते थे कि मोहित आर्मी के
  76. 3:10अंदर जाएं। अब इधर घर वालों ने
  77. 3:12इंजीनियरिंग के अंदर मोहित शर्मा का
  78. 3:14एडमिशन तो करा दिया लेकिन मोहित शर्मा
  79. 3:16डेली बस एनडीए के रिजल्ट का वेट करते थे।
  80. 3:18अब इसके कुछ दिन बाद जुलाई अगस्त के बीच
  81. 3:20में पोस्ट के थ्रू मोहित शर्मा का रिजल्ट
  82. 3:22घर पे आता है और मोहित शर्मा ने एग्जाम
  83. 3:25क्लियर भी कर लिया था लेकिन घर वालों ने
  84. 3:27मोहित शर्मा का रिजल्ट छुपा दिया। अब इधर
  85. 3:29मोहित शर्मा डेली अपने रिजल्ट का वेट कर
  86. 3:31रहे थे और जब बहुत टाइम हो गया तो मोहित
  87. 3:33शर्मा श्योर थे कि उनका एग्जाम जरूर
  88. 3:34क्लियर होगा। अब इधर जब बहुत दिन हो गए और
  89. 3:36मोहित शर्मा को अपने एनडीए के रिजल्ट के
  90. 3:38बारे में नहीं पता चला तो इन्होंने खुद से
  91. 3:40दो-तीन जगह अपने लिंक से फोन घुमाया और
  92. 3:42पता करने की कोशिश की उनका एनडीए का रिटन
  93. 3:45एग्जाम क्लियर हो गया है और एसएसबी
  94. 3:46इंटरव्यू के लिए उनको भोपाल जाना है। अब
  95. 3:49जब मोहित शर्मा को ये चीज पता चली तो
  96. 3:50ऑलरेडी बहुत लेट हो चुका था। तो मोहित
  97. 3:52शर्मा को जैसे ही पता चला उन्होंने अपना
  98. 3:54हॉस्टल कॉलेज सब छोड़ के सेम डे भोपाल की
  99. 3:57टिकट कराई और एसएसबी इंटरव्यू देने के लिए
  100. 3:59निकल जाते हैं और स्टेशन से ही घर वालों
  101. 4:01को फोन करके इन्फॉर्म कर दिया कि 5 दिन के
  102. 4:02लिए वो भोपाल जा रहे हैं एसएसबी इंटरव्यू
  103. 4:04देने के लिए। अब इसके बाद मोहित शर्मा
  104. 4:06एसएसबी देते हैं निकाल भी लेते हैं। लेकिन
  105. 4:08सेम टाइम पे एक दिक्कत होती है। मोहित
  106. 4:10शर्मा को ज्डिस हो जाता है और 6 केजी वेट
  107. 4:12कम होने की वजह से उनको टेंपरेरी रिजेक्ट
  108. 4:14कर दिया जाता है और 1 महीने का टाइम दिया
  109. 4:16जाता है फिटनेस पूरी करके दिल्ली
  110. 4:18कंटोनमेंट आर्मी हॉस्पिटल में री
  111. 4:20एग्जामिनेशन के लिए। अब यह जो अगला 1
  112. 4:22महीना बचा था, जॉन्डिस होने के बाद भी,
  113. 4:25बीमार होने के बाद भी मोहित शर्मा ने
  114. 4:26दौड़ना, भागना, साइकिलिंग सब कंटिन्यू
  115. 4:29करके फिटनेस मेंटेन की और 8 kg वेट बढ़ा
  116. 4:32के मेडिकल क्लियर कर लिया और ईयर 1995 में
  117. 4:3517 साल की ऐज में मोहित शर्मा का एनडीए
  118. 4:37में सिलेक्शन हो जाता है। अब सिलेक्शन
  119. 4:39होने के बाद नेशनल डिफेंस एकेडमी पुणे के
  120. 4:41अंदर मोहित शर्मा की ट्रेनिंग स्टार्ट
  121. 4:42होती है और इस ट्रेनिंग के अंदर बॉक्सिंग,
  122. 4:45स्विमिंग, हॉर्स राइडिंग इन सब में इनको
  123. 4:48ट्रॉफी ऑफ एक्सीलेंस मिला। और फिर इसके
  124. 4:50बाद आईएमए की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद
  125. 4:52मोहित लेफ्टिनेंट बन के मद्रास रेजीमेंट
  126. 4:55के फिफ्थ बटालियन में कमीशन हो जाते हैं।
  127. 4:58देखिए आर्मी में आने के बाद भी डे वन से
  128. 5:01मोहित शर्मा का सिर्फ एक ही सपना था कैसे
  129. 5:03भी करके उन्हें चैलेंजिंग कॉम्बैट रोल्स
  130. 5:05जो होते हैं जिसमें डायरेक्ट आतंकवादियों
  131. 5:07से कांटेक्ट हो वो मिले। लेकिन हैदराबाद
  132. 5:09एक पीस पोस्टिंग थी। तो यहां पे जो उनको
  133. 5:11चाहिए था वो नहीं मिल पा रहा था। लेकिन
  134. 5:13ईयर 2002 में जो वो चाहते थे वो हुआ। उनको
  135. 5:16अपनी पेनेंट यूनिट फाइव मद्रास से 38
  136. 5:19राष्ट्रीय राइफल कश्मीर में शिफ्ट कर दिया
  137. 5:21जाता है। अब ये जब चीज होती है तो मोहित
  138. 5:23शर्मा बहुत ज्यादा खुश हो जाते हैं। और
  139. 5:25देखिए कई बार जिंदगी में सही रास्ता आसान
  140. 5:27नहीं होता। लेकिन उस तरफ पहला स्टेप लेना
  141. 5:29जरूरी होता है और अगर आप गुटका या टोबैको
  142. 5:31छोड़ना चाहते हो तो उसका पहला स्टेप साइंस
  143. 5:34बैक तरीके से लिया [संगीत] जा सकता है।
  144. 5:36साइंस कहता है कि निकोटीन एडिक्शन को
  145. 5:38निकोटीन से ही ब्रेक किया जा सकता है।
  146. 5:39मतलब WHO और आईसीएमआर अप्रूव्ड निकोटीन
  147. 5:43रिप्लेसमेंट थेरेपी। अगर आप कंट्रोलोल्ड
  148. 5:45अमाउंट में निकोटीन गम लेते हैं तो आपकी
  149. 5:47गुटके की आदत छूट सकती है। और इसी
  150. 5:49फार्मूले पे बेस्ड है राइज निकोटीन गम।
  151. 5:52जिससे 10 लाख से ज्यादा इंडियंस टोबैको
  152. 5:54फ्री लाइफ शुरू कर चुके हैं। जब भी
  153. 5:56क्रेविंग उठे बस इसे च्यू कीजिए। यह बिना
  154. 5:58किसी डेडली टॉक्सिंस के कंट्रोलोल्ड
  155. 6:00निकोटीन देकर क्रेविंग को काम करता है।
  156. 6:03शुगर फ्री है और यह वही फ्लेवर देता है
  157. 6:05जिससे टोबैको [संगीत] छोड़ना आसान बनता
  158. 6:06है। जैसे पान मसाला सौंफ जैसे अलग-अलग
  159. 6:09फ्लेवर्स ये Amazon, ब्लिंकड, [संगीत]
  160. 6:10Flipkart, Meesho और Zeptो सब जगह मिलता
  161. 6:13है। सही स्टेप उठाइए। लिंक डिस्क्रिप्शन
  162. 6:15और पिंट कमेंट में है। तो टॉपिक पे वापस
  163. 6:17आते हैं। देखिए मेजर मोहित शर्मा के लिए
  164. 6:19कश्मीर जाने का यह डिसीजन उनके मिलिट्री
  165. 6:21करियर को एक बिल्कुल नया डायरेक्शन देने
  166. 6:23वाला था। क्योंकि यहां उनको वो करने को
  167. 6:24मिलता जो वो चाहते थे इतने दिन से क्योंकि
  168. 6:26राष्ट्रीय राइफल फोर्स को सिर्फ कश्मीर की
  169. 6:28काउंटर इंसर्जेंसी कश्मीर के अंदर आतंकवाद
  170. 6:31से लड़ने के लिए ही बनाया गया है। इसमें
  171. 6:32ऑफिसर्स अपनी रेजीमेंट से डेपुटेशन पर
  172. 6:34भेजे जाते हैं। तो 38 राष्ट्रीय राइफल
  173. 6:37कश्मीर में पहुंचने के बाद मोहित शर्मा को
  174. 6:39वो मिला जिसका वो हमेशा से इंतजार कर रहे
  175. 6:41थे। अब मोहित शर्मा जब कश्मीर में पहुंचे
  176. 6:43तो कश्मीर के अंदर आतंकवाद एकदम पीक पे
  177. 6:46था। 2001 में पार्लियामेंट पे हमला हो
  178. 6:48चुका था और एलओसी पार से पाकिस्तान लगातार
  179. 6:50नए लड़के घुसा रहा था। इसके अगेंस्ट में
  180. 6:53कश्मीर के अंदर एक ऑपरेशन रक्षक चल रहा
  181. 6:55था। तो 38 राष्ट्रीय राइफल में मोहित
  182. 6:57शर्मा जब आए तो वो भी ऑपरेशन रक्षक का
  183. 7:00पार्ट बने।
  184. 7:02और इसके अंडर आने के बाद उन्होंने पहली
  185. 7:05बार रियल एनकाउंटर्स, रियल ऑपरेशंस, रियल
  186. 7:08सर्च ऑपरेशंस इन सबका एक्सपीरियंस मिला।
  187. 7:10और न्यू कमर होने के बाद भी मोहित शर्मा
  188. 7:12ने यहां पे ऐसे परफॉर्म किया कि बहुत ही
  189. 7:15कम टाइम में उनका नाम उनके सीनियरों के
  190. 7:17बीच में बहुत ज्यादा हाईलाइट हो गया। कुछ
  191. 7:19ऑपरेशन के अंदर उन्होंने ऐसी चीजें कर दी
  192. 7:21थी कि उसके लिए उनको चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ
  193. 7:23कॉमेंडेशन कार्ड मिला। अब राष्ट्रीय राइफल
  194. 7:25में रह के मोहित शर्मा जब कश्मीर में
  195. 7:27ऑपरेशन कर रहे थे तो उन्होंने जो पैरा
  196. 7:29स्पेशल फोर्स थी उनके साथ मिलके कई ऑपरेशन
  197. 7:32में साथ में काम किया और पैरा स्पेशल
  198. 7:34फोर्सेस जो थी वो जिस तरीके से खतरनाक
  199. 7:36टास्क कर रही थी उनको देख के मोहित शर्मा
  200. 7:39बहुत ज्यादा इंप्रेस हुए। तो ऐसे ही एक
  201. 7:40ऑपरेशन खत्म होने के बाद मोहित शर्मा और
  202. 7:43बाकी ऑफिसर्स ड्रिंक पे बैठ के बात करने
  203. 7:45लगे कि आरआर यानी कि राष्ट्रीय राइफल के
  204. 7:47बाद क्या प्लान है? नॉर्मली लोग कहते हैं
  205. 7:48घर के पास कोई अच्छी पीस पोस्टिंग मिल जाए
  206. 7:51थोड़ा आराम करेंगे। लेकिन मोहित शर्मा
  207. 7:52कहते हैं कि इसके बाद मुझे एक ऐसी जगह
  208. 7:55जाना है जहां आतंकवादियों की और ज्यादा
  209. 7:57हंटिंग कर सकूं मैं। तो उनके सामने जो
  210. 7:58दूसरे ऑफिसर थे वो कहते हैं कि फिर तो
  211. 8:00तुम्हें पैरा स्पेशल फोर्स में जाना
  212. 8:02चाहिए। और जैसे ही वो कहते हैं मोहित
  213. 8:04शर्मा ग्लास उठा के चेयर्स करते हैं और
  214. 8:06कहते हैं दैट्स द प्लान यहीं जाना है।
  215. 8:08देखिए पैरा स्पेशल फोर्स जो है वो आर्मी
  216. 8:10की वो यूनिट है जिनको सबसे खतरनाक मिशन
  217. 8:12दिए जाते हैं। ये जो सर्जिकल स्ट्राइक
  218. 8:14जैसी चीजें हैं सब इन्हीं के हाथों से
  219. 8:16होती हैं। और इसका जो टेस्ट होता है वो
  220. 8:17इतना ज्यादा डिफिकल्ट होता है कि जो एक
  221. 8:19ट्रेंड आर्मी का ऑफिसर होता है वो तक
  222. 8:21रिजेक्ट [संगीत] हो जाता है। इस टेस्ट के
  223. 8:22अंदर सोल्जर्स को महीनों भूखा रखते हैं।
  224. 8:25सोने नहीं देते हैं। यह इतना डिफिकल्ट
  225. 8:27होता है कि मोस्टली लोग तो बीच में ही
  226. 8:29ट्रेनिंग छोड़ देते हैं। और पैरा स्पेशल
  227. 8:30फोर्स में किसी को बुलाया नहीं जाता है।
  228. 8:32खुद से वॉलंटियर करना होता है और टेस्ट
  229. 8:34करने के बाद जो बचते हैं उनको मेहरून टोपी
  230. 8:36मिलती है। तो अब इसके बाद मोहित शर्मा
  231. 8:38पैरा स्पेशल फोर्स को ज्वाइन करने के लिए
  232. 8:40दिन रात प्रिपरेशन करके जून 2003 में वन
  233. 8:43पैरा स्पेशल फोर्स में कमांडो बन जाते
  234. 8:45हैं। मतलब 7 साल पहले जिसका वेट की वजह से
  235. 8:48मेडिकल क्लियर नहीं हो पा रहा था उसने ऐसी
  236. 8:50प्रिपरेशन [संगीत] की कि वो अब एलट फोर्स
  237. 8:52वन पैरा एसएफ का कमांडो बन गया था। अब
  238. 8:54यहां से वन पैरा में आने के बाद वो सबसे
  239. 8:56अलग निकल रहे बेलगाम के कमांडो कोर्स में
  240. 8:59उन्हें डैगर दिया गया जो बेस्ट परफॉर्मर
  241. 9:01को दिया जाता है और दिसंबर 2003 में मोहित
  242. 9:03शर्मा लेफ्टिनेंट से कैप्टन बन जाते हैं
  243. 9:06और उनकी पोस्टिंग वन पैरा के थ्रू कश्मीर
  244. 9:08में दोबारा से आती है। अब पैरा कमांडो
  245. 9:10बनने के बाद मोहित शर्मा जब कश्मीर में आए
  246. 9:12[संगीत] तो उनके दोस्त मेजर सुशांत सिंह
  247. 9:14ने बताया कि वो नॉर्मल कमांडो रूटीन फॉलो
  248. 9:16करने की बजाय सिग्नल रूम में जाके घंटों
  249. 9:19हेडफोन लगा के मिलिटेंट्स की जो ओपन
  250. 9:21फ्रीक्वेंसी पे बात चलती थी उसको सुनते थे
  251. 9:24और डेली नोट्स बनाते थे ताकि उनको पता चल
  252. 9:27सके कि मिलिटेंट्स सोचते कैसे हैं? उनका
  253. 9:29लहजा कैसा है? गांव के अंदर कैसे
  254. 9:31कोआर्डिनेशन होता है? और ये सारी चीजें वो
  255. 9:33ऐसे सीख रहे थे जैसे किसी बहुत बड़े
  256. 9:35एग्जाम की तैयारी कर रहे हो। शाम को जब
  257. 9:36कमांडो अपने कैंप्स में आराम करने आते थे
  258. 9:39तो उस टाइम मोहित शर्मा कैंप से बाहर
  259. 9:41कश्मीर के आम लोगों के बीच में जाकर
  260. 9:42रिलेशन बनाते थे। उनके साथ जाकर उठते
  261. 9:44बैठते थे। उनके घर में खाना खाते थे। उनकी
  262. 9:47जो प्रॉब्लम्स होती थी उसको सुनते थे।
  263. 9:48NDTV के एक इंटरव्यू में उनके पेरेंट्स ने
  264. 9:50बताया कि वो घर से पैसा मंगवा के गांव
  265. 9:52वालों की मदद करते थे। तो ये जो सारी
  266. 9:54चीजें मोहित शर्मा कर रहे थे इससे कश्मीर
  267. 9:56के अंदर मोहित शर्मा का लोकल नेटवर्क
  268. 9:59बाकियों के कंपैरेटिवली बहुत ज्यादा
  269. 10:01स्ट्रांग हो गया था। और उनको कहीं से भी
  270. 10:03छोटा सा भी इंटल मिलता था कि इस गांव में
  271. 10:05मिलिटेंट रह रहा है तो वो खुद टीम लेकर
  272. 10:06ऑपरेशन करने चले जाते थे। अब एक तरफ घंटों
  273. 10:09मिलिटेंट्स की बातें सुनके उनका काम करने
  274. 10:11का तरीका सीखना। दूसरी तरफ गांव में डे
  275. 10:14बाय डे मोहित शर्मा का लोकल नेटवर्क
  276. 10:16स्ट्रांग होना। इन दोनों चीजों ने मिलके
  277. 10:18इंडियन आर्मी के सबसे खतरनाक अंडर कवर
  278. 10:20ऑपरेशन की नींव रख दी।
  279. 10:24होता क्या है कि ईयर 2004 में इंडियन
  280. 10:26आर्मी के सामने एक ऐसी प्रॉब्लम आती है
  281. 10:28जिसको गोली से सॉल्व नहीं किया जा सकता
  282. 10:30था। कश्मीर के अंदर हो यह रहा था कि
  283. 10:32हिजबुल मुजाहिद्दीन के मिलिटेंट्स सोफियान
  284. 10:35और आसपास के इलाकों में जो लोकल कश्मीरी
  285. 10:37लड़के थे उनको ब्रेन वाश करके मिलिटेंसी
  286. 10:39की तरफ ले जा रहे थे और यह मिलिटेंट जो थे
  287. 10:41वो गांव के अंदर बड़े आराम से घुल मिल
  288. 10:43जाते थे। अब इसमें दिक्कत यह हो रही थी कि
  289. 10:44आर्मी अगर गांव के बीच में जाके उनके
  290. 10:47खिलाफ कोई एक्शन करती तो उसमें सिविलियंस
  291. 10:49की जान जाने का रिस्क था। और हिजबुल्ला का
  292. 10:51इतना खौफ था कि उनके खिलाफ कोई इंटेल
  293. 10:53आर्मी तक पहुंचाता था तो उसको मार देते
  294. 10:56मुजाहिदीन वाज़ मेंटेनिंग अ स्ट्रांग
  295. 10:58प्रेजेंस अक्रॉस कश्मीर व्हाइल इट्स
  296. 11:00मिलिटेंट्स वेर कैरिंग आउटसी स्प्रेडिंग
  297. 11:02फियर अमंग लोकल कम्युनिटीज़। सिक्योरिटी
  298. 11:04फोर्सेस कंटिन्यू ऑपरेशंस टू काउंटर देयर
  299. 11:07मिलिटेंट एक्टिविटी। तो इनका जो नेटवर्क
  300. 11:09था उसको क्रैक करना बहुत मुश्किल हो रहा
  301. 11:11था। तो यहां से इंडियन आर्मी ने एक प्लान
  302. 11:13बनाया कि सिर्फ हिजबुल्ला के मिलिटेंट्स
  303. 11:15को मारने से प्रॉब्लम सॉल्व नहीं होगी। जब
  304. 11:17तक हिजबुल्ला के अंदर घुस के इनके हाइड
  305. 11:20आउट लॉजिस्टिक्स पूरा जो स्ट्रक्चर है वो
  306. 11:22नहीं पता चलेगा तब तक इनको जड़ से खत्म
  307. 11:25करना मुश्किल होगा और इसके लिए अपने ही
  308. 11:26किसी ऑफिसर को हिजबुल्ला में स्पाई बना के
  309. 11:29प्लांट करना पड़ेगा। तभी जाके कश्मीर के
  310. 11:31अंदर जो इनका स्ट्रक्चर है वो पता चल
  311. 11:33पाएगा और तभी इन पे काबू पाया जा सकता है।
  312. 11:34अब सुनने में तो बहुत इजी लग रहा है कि
  313. 11:36ऑफिसर भेज के सब पता कर लो। लेकिन यह एक
  314. 11:39बहुत ही खतरनाक और जानलेवा मिशन था। इस
  315. 11:42मिशन में ऑफिसर के लिए कोई रीटेक नहीं
  316. 11:44होता। बस एक गलती और सारा खेल खत्म हो
  317. 11:47जाता। इसलिए इस मिशन के लिए एक बहुत ही
  318. 11:49स्मार्ट ऑफिसर चाहिए था। और जब यह डिसाइड
  319. 11:51हो रहा था कि किसको भेजा जाए तो मोहित
  320. 11:53शर्मा सामने आके खुद से इस मिशन पे जाने
  321. 11:55के लिए वॉलंटियर कर देते हैं। मोहित शर्मा
  322. 11:57इस ऑपरेशन के लिए एकदम फिट थे। उनको
  323. 11:59उर्दू, डोगरी सब आती थी। लोकल एरिया की
  324. 12:02समझ और उनका नेटवर्क बहुत अच्छा था और
  325. 12:03इन्हीं सब चीजों को देख के उनको सेलेक्ट
  326. 12:05करके उनकी ट्रेनिंग स्टार्ट कर दी जाती
  327. 12:07है। ट्रेनिंग स्टार्ट होते ही मोहित शर्मा
  328. 12:09ने अपनी यूनिफार्म पहननी छोड़ दी। कश्मीरी
  329. 12:11लुक बनाने के लिए बाल और दाढ़ी काटने बंद
  330. 12:14कर दिए। मोहित इतने कमिटेड थे इस ऑपरेशन
  331. 12:16के लिए कि वो कस्टम शॉप पर जाकर इंटरनेशनल
  332. 12:18बियर्ड शैंपू लेकर आते थे ताकि जिस तरीके
  333. 12:20की दाढ़ी वो चाहते थे वो वैसी आ सके।
  334. 12:23उन्होंने फिर पहनना स्टार्ट कर दिया।
  335. 12:24कुरान की वर्सेस पढ़ना सीखा। नमाज अदा
  336. 12:27करना सीखा और सिर्फ कश्मीरी लैंग्वेज ही
  337. 12:28नहीं सीखी। ट्रक ड्राइवर्स और लोकल्स के
  338. 12:30साथ बैठ के लोकल एक्सेंट भी सीखा। ये
  339. 12:32ऑपरेशन एकदम सीक्रेट था। जेसी के टाइम पे
  340. 12:34ऑफिसर्स को दाढ़ी और बाल बड़े करना अलाउड
  341. 12:36नहीं था। लेकिन मोहित शर्मा के लिए बिना
  342. 12:38किसी को कुछ बताए कमांड हेडक्वार्टर से
  343. 12:41स्पेशल परमिशन ली गई थी कि वो बाल और
  344. 12:43दाढ़ी बड़े करके जेसी में आ सके और इस
  345. 12:45तरीके का एक्सेप्शन पहली बार मोहित शर्मा
  346. 12:47के लिए ही किया गया था और ये सारी
  347. 12:48प्रिपरेशन जो मोहित कर रहे थे उसको टेस्ट
  348. 12:50करने के लिए मोहित शर्मा ने अपने ही घर पर
  349. 12:53अनजान बनके कॉल की और कश्मीरी लहजे में
  350. 12:55बात करने लगे और सामने उनके मां-बाप थे वो
  351. 12:58लोग जो इस आवाज को पैदा होने से पहचानते
  352. 13:00थे लेकिन वो भी नहीं पकड़ पाए कि लाइन के
  353. 13:02दूसरी तरफ उनका बेटा चिंटू है। मोहित
  354. 13:04शर्मा के घर वाले उनको चिंटू बुलाते अब एक
  355. 13:07तरफ मोहित शर्मा पूरी जान लगा के
  356. 13:08प्रिपरेशन कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ उनके
  357. 13:11लिए एक कोवर्ड आइडेंटिटी रेडी की जा रही
  358. 13:13थी। उनके लिए सारे नए कश्मीरी आईडी कार्ड
  359. 13:16इशू किए गए जिससे उनको कोई एक्चुअल में
  360. 13:17पहचान ना पाए। मोहित शर्मा का नाम इफ्तार
  361. 13:20भट्ट करके एक स्टोरी बनाई गई कि मोहित
  362. 13:23शर्मा यानी कि इफ्तिकार भट्ट के भाई को 3
  363. 13:25साल पहले 2001 में स्टोन पल्टिंग के टाइम
  364. 13:28पर आर्मी ने जान से मार दिया था और अब
  365. 13:30इफ्तकार भट्ट यानी कि मोहित शर्मा को अपने
  366. 13:32भाई का बदला लेना है।
  367. 13:35तो ये सारी स्टोरी रेडी करके मोहित शर्मा
  368. 13:38को अब एक लोकेशन पे ले जाके प्लांट करना
  369. 13:40था और इसके लिए काफी दिन तक इंतजार किया
  370. 13:43गया कि कहां पे प्लांट करना है। और फिर
  371. 13:4516th ऑफ मार्च 2004 को मोहित शर्मा के
  372. 13:48अपने सोर्स से एक इंटर आता है कि कश्मीर
  373. 13:50के सोफियान एरिया के जंगल में कुछ
  374. 13:52मिलिटेंट्स छुपे हुए हैं। और यह जैसे ही
  375. 13:54पता चलता है तो मोहित शर्मा किसी का वेट
  376. 13:56करने की बजाय खुद से एक ऑपरेशन ल्च करके
  377. 13:58पूरे एरिया को चारों तरफ से घेर के ये चीज
  378. 14:01कंफर्म करते हैं तो पता चलता है कि सही
  379. 14:03में इस एरिया में हिजबुल्ला के दो सीनियर
  380. 14:05मिलिटेंट हैं। अब देखिए पैरा एसएफ के लिए
  381. 14:07हिजबुल्ला के इन दो मिलिटेंट्स को मार
  382. 14:09देना। यह ऑब्जेक्टिव नहीं था। वो तो उसी
  383. 14:11टाइम मार देते। असली चैलेंज था कश्मीर के
  384. 14:13अंदर इनका फैला हुआ पूरा नेटवर्क समझना
  385. 14:15ताकि जड़ से इसको खत्म किया जा सके और उसी
  386. 14:18ऑब्जेक्टिव के लिए मोहित शर्मा की इतने
  387. 14:20दिनों से ट्रेनिंग हो रही थी। अब जब इन
  388. 14:21मिलिटेंट्स के बारे में पता चल जाता है,
  389. 14:23लोकेशन आइडेंटिफाई हो जाती है तो इसके
  390. 14:25अगले दिन मोहित शर्मा इफ्तार भट्ट बनके
  391. 14:28निकलते हैं। निकलते टाइम जब ब्रीफिंग हो
  392. 14:30रही थी उस टाइम भी एक सीनियर ऑफिसर ने
  393. 14:32मोहित का नाम लिया था और मोहित इतने
  394. 14:34कैरेक्टर में थे कि उन्होंने उनको वहीं पे
  395. 14:36रोका कि मोहित नहीं सर इफ्तिकार भट्ट।
  396. 14:38इसके बाद सोफियान के पास के एक गांव में
  397. 14:41मोहित शर्मा इफ्तकार बनके रहने लगते हैं।
  398. 14:43डेली मस्जिद जाते हैं। लोकल लोगों से
  399. 14:45बातचीत करके अपनी जो नकली भाई की बदला
  400. 14:47लेने वाली स्टोरी थी उसको बताना स्टार्ट
  401. 14:50करते हैं ताकि आसपास सबको इसके बारे में
  402. 14:51पता चल जाए। और जब ये सारी चीजें चल रही
  403. 14:53थी तो बहुत ही कम टाइम के अंदर एक लोकल
  404. 14:55इनफॉर्मर से पता चलता है कि दो अनजान लोग
  405. 14:58एक ही घर में बार-बार आते जाते हैं और
  406. 15:00बहुत शांत रहते हैं और बहुत अच्छी
  407. 15:02पॉसिबिलिटी है कि ये वही दोनों मिलिटेंट
  408. 15:05होंगे। और मोहित शर्मा ने इसके बाद और
  409. 15:07रेकी की तो पता चला कि इनके हाथों जैकपॉट
  410. 15:09लग चुका है। क्योंकि ये कोई छोटे-मोटे
  411. 15:11मिलिटेंट नहीं थे बल्कि हिजबुल्ला के
  412. 15:13सीनियर ऑपरेटिव अबू तुरारा और अबू सबजार
  413. 15:16थे। मोहित शर्मा ने बहुत ही कम टाइम में
  414. 15:18इनसे जान पहचान बनाई और खुद से ही अपने
  415. 15:21बारे में बताना शुरू कर दिया। उन्होंने
  416. 15:22बताया कि मेरा नाम इत्तार भट्ट है। मेरा
  417. 15:24गांव कहां है? घर कहां पे है? और फिर सीधे
  418. 15:27उनसे काम मांगा कि उनको कुछ काम करने के
  419. 15:29लिए दे दिया। और अबू तुरारा और अबू सबजार
  420. 15:32ये दोनों काम पर रखने के लिए रेडी हो जाते
  421. 15:34हैं। इन दोनों ने शुरू में मोहित शर्मा
  422. 15:35यानी कि इफ्तार भट्ट [संगीत] को शुरू में
  423. 15:37झाड़ू लगाना, चाय के बर्तन धोना, लकड़ियां
  424. 15:40लाना ये सब काम दिए। मोहित शर्मा ने बहुत
  425. 15:43ही पेशेंस के साथ काम लिया और [संगीत]
  426. 15:45ट्राई किया कि कम बोले ताकि गलती कम हो।
  427. 15:47अब आप एक टाइम पे मोहित शर्मा के मन में
  428. 15:50उस समय क्या चल रहा होगा और ये चीज अपने
  429. 15:52आप में बहुत बड़ी थी। एक पैरा एसएफ कमांडो
  430. 15:55दो आतंकवादियों के लिए चाय बना रहा है। एक
  431. 15:57गलत एक्सप्रेशन, [संगीत] एक गलत रिएक्शन
  432. 15:59और जिंदगी खत्म। तो काफी दिन काम करने के
  433. 16:02बाद भी अबू तुरारा और अबू सबजार यह मोहित
  434. 16:05के सामने कुछ भी डिस्कस नहीं कर रहे थे और
  435. 16:06ना ही मोहित शर्मा यानी कि इफ्तार भट्ट के
  436. 16:09ऊपर भरोसा कर रहे थे। तो भरोसा जीतने के
  437. 16:11लिए मोहित शर्मा ने कश्मीरी लहजे में
  438. 16:14इंडियन आर्मी को डेली गाली देना शुरू
  439. 16:16किया। और जैसे-जैसे टाइम मिला, अपने फेक
  440. 16:19भाई की जो डेथ वाली कहानी थी, वह बार-बार
  441. 16:21सुनाना स्टार्ट कर दी कि कैसे इंडियन
  442. 16:23आर्मी ने उनके भाई को मार दिया। और अब
  443. 16:25उनको कैसे भी करके उनसे बदला लेना है और
  444. 16:27अबू तुरारा और अबू सबज़ार को बार-बार यही
  445. 16:29कहते थे कि आपसे मुझे बस सीखना है। लेकिन
  446. 16:31ये दोनों भी एकदम ट्रेंड थे। यह मोहित
  447. 16:33शर्मा के सामने कुछ भी नहीं डिस्कस कर रहे
  448. 16:35थे। उल्टा मोहित शर्मा से बहुत ही सारे
  449. 16:37क्वेश्चन करने लगे थे। मोहित कश्मीरी लहजे
  450. 16:39में बहुत ही कॉन्फिडेंस के साथ उनके हर
  451. 16:41क्वेश्चन का जवाब दे रहे अब जब इसके बाद
  452. 16:43भी कोई चीज काम नहीं करती है तो मोहित
  453. 16:45शर्मा एक नया प्लान बनाते हैं। वो इन
  454. 16:47दोनों आतंकवादियों को एक हैंड ड्रॉन मैप
  455. 16:49दिखाते हैं। उस मैप में एक हिली रास्ता
  456. 16:51मार्क्ड था। साथ में आर्मी पेट्रोल के
  457. 16:54मूवमेंट मार्क थे और आर्मी ट्रूप्स कहां
  458. 16:56डिप्लॉयड होंगे ये सब था। यह मैप दिखा के
  459. 16:59मोइश शर्मा ने अबू तुरारा और सबज़ार को कहा
  460. 17:02कि देखो मुझे अपने भाई का बदला लेना है।
  461. 17:04मैं काफी दिन से इसकी प्लानिंग कर रहा था।
  462. 17:06ये जो डिटेल्स हैं ये किसी के पास नहीं
  463. 17:08है। मैंने बहुत टाइम इंतजार करके इन
  464. 17:11डिटेल्स से ये नक्शा बनाया है। बस मुझे
  465. 17:13आपकी हेल्प चाहिए ताकि मैं अपने भाई का
  466. 17:15बदला ले सकूं। अब ये जो मैप की डिटेल्स
  467. 17:17[संगीत] थी, इनको देख के अबू तुरारा और
  468. 17:19सबज़ार बहुत ज्यादा इंप्रेस हो जाते हैं और
  469. 17:21मोहित शर्मा के ऊपर भरोसा करने लगते हैं।
  470. 17:23उनको एक-एक डिटेल वहां की समझाते हैं।
  471. 17:26[संगीत] कैसे बदला लिया जा सकता है उसके
  472. 17:28बारे में समझाते हैं। इनफैक्ट डब्ल्यूआई
  473. 17:30एक्स की रिपोर्ट के हिसाब से अबू तोरारा
  474. 17:32और सब ने मोहित शर्मा यानी कि इफ्तार भट्ट
  475. 17:35को बदला लेने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग कराई
  476. 17:37और वो ट्रेनिंग कराने के लिए उन्होंने
  477. 17:39मोहित शर्मा को पाकिस्तान में हिजबुल्ला
  478. 17:42के कैंप में भी भेजा। डब्ल्यू आईएक्स की
  479. 17:43रिपोर्ट में ये जो पाकिस्तान भेजने वाली
  480. 17:45जो रिपोर्ट है एक बार के लिए इसको आप सोच
  481. 17:47के देखिए। एक पैरा एसएफ का कमांडो जो
  482. 17:49ऑलरेडी इंडिया की सबसे टफ ट्रेनिंग पास कर
  483. 17:51चुका है। अब वो एलओसी के उस पार जाके
  484. 17:54हिजबुल के कैंप में ट्रेनिंग करेगा। अब
  485. 17:56यहां से ट्रेनिंग में कब गए? कैसी
  486. 17:58ट्रेनिंग हुई? ट्रेनिंग के अंदर क्या
  487. 17:59डिटेल्स थी? यह चीज अभी पब्लिक नहीं है।
  488. 18:02लेकिन डब्ल्यूएक्स की रिपोर्ट के हिसाब से
  489. 18:04वो बहुत ही कम टाइम में ट्रेनिंग करके
  490. 18:06वहां से सारा स्ट्रक्चर वहां का भी समझ के
  491. 18:08आ गए कि उस जगह पे भी क्या-क्या ट्रेनिंग
  492. 18:10चल रही है और किस तरीके से ये लोग काम
  493. 18:11करते हैं। और ये सारी डिटेल्स मोहित शर्मा
  494. 18:14अपनी टीम को सीक्रेटली भेज रहे थे जो बहुत
  495. 18:16ही ज्यादा हेल्पफुल थी। अब इसके बाद अबू
  496. 18:18तुरारा और सब्ज़ार मोहित शर्मा यानी कि
  497. 18:19इफ्तकार का जो इंडियन आर्मी पे फेक हमला
  498. 18:22करने का प्लान था उस पे भरोसा करके हमला
  499. 18:25करने के लिए रेडी हो जाते हैं। और इस
  500. 18:26प्लान को इस तरीके से बनाया गया था कि
  501. 18:28इसमें लॉजिस्टिक्स और और ज्यादा
  502. 18:29आतंकवादियों की जरूरत पड़ती है। तो इस
  503. 18:31प्लान के लिए अबू तुरारा और सबज़ार ने
  504. 18:33मोहित शर्मा से कहा तुम कुछ टाइम के लिए
  505. 18:35अंडरग्राउंड हो जाओ। हम सारी चीजें अरेंज
  506. 18:37करके वापस यहीं पर मिलेंगे। लेकिन मोहित
  507. 18:39शर्मा किसी भी कीमत पे उनका साथ नहीं
  508. 18:42छोड़ना चाहते थे। क्योंकि अगर वह उनके साथ
  509. 18:43नहीं जाते तो उनके हाई आउट्स, लॉजिस्टिक
  510. 18:46सप्लाई एक-एक डिटेल पता नहीं चल पाती।
  511. 18:48मोहित शर्मा ने बहुत ज्यादा जोर डालना
  512. 18:50चालू किया और कहा कि मैं अपना मिशन पूरा
  513. 18:52किए बिना वापस अपने गांव नहीं जाऊंगा।
  514. 18:54चाहे तुम लोग साथ आओ या ना आओ मैं अकेले
  515. 18:56ही मिशन कर लूंगा। तो ये सारी चीजें सुनके
  516. 18:58ये दोनों आतंकवादी मोहित शर्मा को श्रीनगर
  517. 19:01से 50 कि.मी. साउथ की तरफ सोफियान से
  518. 19:04थोड़ा दूर एक लकड़ी का घर था। वहीं पे
  519. 19:06हाइड आउट था। वहां पे इनको लेके जाते हैं।
  520. 19:09यहां पे पहुंचने के बाद हथियार मिलते हैं
  521. 19:11इनको। ये तीनों के पास AK-47 आ जाती हैं।
  522. 19:13जितने हाइड आउट्स थे, प्लान, लॉजिस्टिक
  523. 19:16इनकी डिटेल्स मोहित शर्मा को पता चलती
  524. 19:17हैं। मोहित शर्मा के पास कोई पेन और पेपर
  525. 19:20[संगीत] नहीं था। एक-एक हाइड आउट, वेपन और
  526. 19:22मूवमेंट की डिटेल्स जो उस समय डिस्कस हो
  527. 19:24रही थी, मोहित शर्मा सारी चीजें अपनी
  528. 19:26मेमोरी में फिट कर रहे थे और आगे चलके वो
  529. 19:28भूलते भी नहीं है। जो खाली टाइम में
  530. 19:30उन्होंने घंटों बैठ के रेडियो पे बातें
  531. 19:33सुनी थी, जियोग्राफी समझी थी वो सब काम
  532. 19:35आई। इसके बाद फाइनल प्लान यह था रात में
  533. 19:38अलग-अलग लोकेशन से ग्रेनेड के कंसाइनमेंट
  534. 19:40आएंगे और पास के एक गांव से तीन हिजबुल्ला
  535. 19:42मिलिटेंट्स और आएंगे और इफ्तकार यानी कि
  536. 19:45मोहित शर्मा के साथ मिलके अगले दिन शाम को
  537. 19:47मार्क्ड एरिया की ट्रेल के एक छोटे से
  538. 19:50नीचे वाले हिस्से से जब इंडियन सोल्जर्स
  539. 19:52पास होंगे तब ये सब मिलके उन पे हमला
  540. 19:54करेंगे। अब इसके बाद अगले दिन हमला करना
  541. 19:57फिक्स था और बाकी के जो तीन हिजबुल्ला
  542. 19:58आतंकवादी थे वो आने वाले उनका वेट हो रहा
  543. 20:00था और इसी टाइम पे मोहित शर्मा एक रूम की
  544. 20:03किचन में जाकर तीनों के लिए कावा बना रहे
  545. 20:05थे और दूसरे रूम में अबू सबजार चारपाई पे
  546. 20:07बैठ के सिगरेट पी रहा था और अबू तुरारा
  547. 20:10नीचे जमीन पे बैठा था। अब इस पर्टिकुलर
  548. 20:12पॉइंट पे अबू तुरारा एकदम से अबू सबजार से
  549. 20:15कहता है कि पता नहीं क्यों मुझे कुछ
  550. 20:17गड़बड़ लग रही है। हम इफ्तकार यानी कि
  551. 20:19मोहित शर्मा पे बहुत ज्यादा भरोसा कर रहे
  552. 20:21हैं। उसने जो भी अपने गांव की बातें बताई।
  553. 20:24अपने बारे में जो बताया हमने भरोसा कर
  554. 20:26लिया। हमें एक्चुअल में पता नहीं है कि सच
  555. 20:28में वो वहां का है कि नहीं। हमें सिर्फ
  556. 20:30उसकी कहानियों के अलावा कुछ भी नहीं पता
  557. 20:32और हम एक ऐसे आदमी के साथ इतने लोगों के
  558. 20:34साथ इतना बड़ा मिशन प्लान कर रहे हैं। अब
  559. 20:36इस छोटे से शक के बेसिस पे दोनों अबू
  560. 20:39तुरारा और अबू सबजार अपनी AK-47 जो बगल
  561. 20:42में रखी थी उसको लोड कर लेते हैं और दूसरे
  562. 20:45रूम के किचन से मोहित शर्मा तीन कप में
  563. 20:47कावा बना के एक स्टील की प्लेट में कमरे
  564. 20:49में लेके एंट्री करते हैं और उसी रूम में
  565. 20:51तीनों बैठ के कावा पीने लगते हैं। 1 मिनट
  566. 20:53तक एकदम सन्नाटा रहता और फिर अबू तुरारा
  567. 20:55ने अपना एक हाथ मोहित शर्मा के घुटने पर
  568. 20:58रखकर बोला कि देख मैं तुझसे एक ही बार
  569. 21:00पूछूंगा और सही जवाब देना यह बताओ कि तुम
  570. 21:03हो कौन? अब यह सुनते ही मोहित शर्मा को
  571. 21:06समझ में आ गया है कि यहां से अब सिचुएशन
  572. 21:08रिस्की हो सकती है। उन्होंने तुरंत डिसाइड
  573. 21:10कर लिया था कि अब आगे करना क्या है?
  574. 21:12उन्होंने तुरंत गले से AK-47 जो थी वो
  575. 21:14निकाली। उसे निकालकर जमीन पर फेंक दिया और
  576. 21:17इन दोनों के सामने एकदम निहत्ते खड़े हो
  577. 21:19जाते हैं और बोलते हैं कि मैंने आप लोगों
  578. 21:20को इतनी मेहनत से जो आर्मी के खिलाफ प्लान
  579. 21:23बनाया वो सब बता दिया है। अगर इसके बाद भी
  580. 21:25आप लोगों को मुझ पर भरोसा नहीं है तो मुझे
  581. 21:27शूट करके मैटर खत्म कर दो। अब यह सुनते ही
  582. 21:29तुरारा बस थोड़ी सी देर के लिए सब की तरफ
  583. 21:32मुड़ा। तभी अचानक से मोहित शर्मा ने जो
  584. 21:34शॉल ओढ़ा था वो हटाया। अपनी कमर में से एक
  585. 21:37छुपी हुई 9 एमएम की पिस्तौल निकाल के
  586. 21:39पॉइंट ब्लैंक पर दोनों को एक साथ शूट कर
  587. 21:42दिया।
  588. 21:45एक सेकंड का भी मौका नहीं मिला दोनों को
  589. 21:47कि कुछ भी समझ पाएं। जबकि वो दो AK-47 के
  590. 21:49साथ दो ट्रेंड आतंकवादी थे। तो रारा जो था
  591. 21:51वो तो सीधे दीवार पर जाकर लगा और उसके
  592. 21:54ब्लड से पूरी सफेद दीवार जो थी वो लाल हो
  593. 21:56गई। और इसके बाद मोहित शर्मा ने श्योर
  594. 21:58होने के लिए दो राउंड और चला गया। और यह
  595. 22:00सब होने के बाद मोहित शर्मा वहीं पे शांति
  596. 22:03से बैठ के अपना बचा हुआ कावा पीने लगे। अब
  597. 22:06यहां पे देखिए दो वर्जन है। एक तो ये है
  598. 22:08कि इन दोनों को मारने के बाद मोहित शर्मा
  599. 22:11कावा पी के रात में ही निकल गए। लेकिन
  600. 22:13मोहित शर्मा के भाई ने इंटरव्यू में बताया
  601. 22:14था कि उनके पास कोई पर्सनल वेपन नहीं था।
  602. 22:17उन्होंने रखा ही नहीं था क्योंकि उनका
  603. 22:18पकड़े जाने का रिस्क बढ़ जाता। तो यह जो 9
  604. 22:20एमएम पिस्तौल थी यह पास के एक टेबल पर रखी
  605. 22:23थी। उन्होंने शॉल में से नहीं निकाली थी।
  606. 22:25और जब तुरारा मुड़ा उन्होंने वो पिस्तल
  607. 22:27उठाई और उन्हें शूट कर दिया। और इन दोनों
  608. 22:29टेररिस्ट को मारने के बाद उन्होंने अपनी
  609. 22:31कंपनी को कॉल करके बुलाया। और इस टाइम पे
  610. 22:33एक आर्मी की टीम आसपास के जंगलों में ही
  611. 22:35थी। तो करीब 5 से 10 मिनट के बाद वह लोग
  612. 22:38अंदर आए और मोहित बैठ के वहां पे आराम से
  613. 22:40कावा पी रहे थे। और घुसने के बाद उनके एक
  614. 22:42ऑफिसर ने यह भी कहा था कि तू पागल है
  615. 22:43क्या? अब देखिए इन दोनों को तो मोहित
  616. 22:45शर्मा ने मार दिया लेकिन कहानी अभी यहां
  617. 22:46भी खत्म नहीं हुई। मोहित शर्मा ने देश के
  618. 22:49लिए जो सबसे बड़ी चीज की जिसके लिए उनको
  619. 22:51अशोक चक्र भी मिला वो होना अभी बाकी था।
  620. 22:53होता क्या है कि मार्च 2009 में मेजर
  621. 22:56मोहित शर्मा अब वो कैप्टन से मेजर बन गए
  622. 22:58थे। तो मेजर मोहित शर्मा होली की लीव के
  623. 23:00लिए अप्लाई करते हैं और लीव अप्रूव भी हो
  624. 23:02जाती है। लेकिन सेम टाइम पे इनके जूनियर
  625. 23:04के कजिन की डेथ हो जाती है। तो सिचुएशन
  626. 23:06ऐसी थी कि एक साथ दो लोगों को लीव नहीं
  627. 23:09मिल सकती थी। तो मोहित शर्मा ने अपनी लीव
  628. 23:10पोस्टपोन करवा के वो लीव जूनियर को दे दी।
  629. 23:13तो वो जूनियर चला गया और मेजर मोहित शर्मा
  630. 23:15वहीं रुक जाते हैं। अब ये जो डिटेल मैं
  631. 23:17बता रहा हूं ये इंपॉर्टेंट है। क्योंकि एक
  632. 23:19इंटरव्यू में खुद मेजर मोहित शर्मा के
  633. 23:21फादर ने कहा था कि अगर यह छुट्टी मोहित की
  634. 23:24ट्रांसफर नहीं हुई होती तो हमारे साथ
  635. 23:26होता। और ऐसा मैं क्यों कह रहा हूं वो भी
  636. 23:28बताता हूं। तो 11 मार्च 2009 को होली थी
  637. 23:30जिसमें मेजर मोहित शर्मा जा नहीं पाए और
  638. 23:32फिर 20 मार्च 2009 को क्या होता है कि
  639. 23:34करीब 20 से 25 लश्कर तबा के आतंकवादी
  640. 23:38एलओसी क्रॉस करके कश्मीर की तरफ घुसते
  641. 23:40हैं। जब ये घुस रहे थे तो इसका इंटल
  642. 23:42इंडियन आर्मी के पास पहले से ही था। लेकिन
  643. 23:44इंडियन आर्मी ने प्लान बनाया था कि एलओसी
  644. 23:46के बहुत पास इनके साथ एंगेज नहीं करेंगे
  645. 23:48क्योंकि वापस पाकिस्तान के साइड भागने का
  646. 23:50रिस्क रहता है। तो इनको और अंदर बुला के
  647. 23:53फिर इनको मारेंगे। लेकिन इस पूरी चीज में
  648. 23:55Intel तो था इंडियन आर्मी के पास लेकिन
  649. 23:57दिक्कत यह थी कि आर्मी के पास Intel था कि
  650. 24:00करीब 5 से छह आतंकवादी आ रहे हैं। लेकिन
  651. 24:02एक्चुअल में 20 से 25 आतंकवादी थे। इनसे
  652. 24:04निपटने के लिए सिक्स राष्ट्रीय राइफल की
  653. 24:06एक टीम भेजी जाती है। तो सबसे पहले तो ये
  654. 24:09लोग एक आतंकवादी को रागनी पोस्ट पे मार
  655. 24:11देते हैं। इसके बाद कश्मीर के दरंगयारी
  656. 24:13में फाइट होती है। वहां भी दो से तीन
  657. 24:14आतंकवादी मार दिए जाते हैं। अब ये जब फाइट
  658. 24:17होती है तो यहां से आतंकवादी हाफूदा और
  659. 24:19शमसाबेरी फॉरेस्ट की बेल्ट थी। वहां की
  660. 24:22तरफ भाग जाते हैं। हाफूदा और शमसाबेरी का
  661. 24:25जो इलाका था यह एकदम बर्फ से ढकी
  662. 24:27पहाड़ियां थी। एकदम नैरो अप्रोचेस एंड
  663. 24:29कंसील्ड फायरिंग पोजीशंस थी। कहने का मतलब
  664. 24:32है कि बहुत ही मुश्किल इलाका था।
  665. 24:34आतंकवादियों को ढूंढ के मारना बहुत
  666. 24:35मुश्किल था। तो इससे निपटने के लिए सेक्टर
  667. 24:37कमांडर ने अपने बेस्ट ऑफिसर वन पैरा मोहित
  668. 24:40शर्मा को फोन मिलाया। दिन का टाइम था इस
  669. 24:43टाइम पे मोहित शर्मा बैगस वैली में एक
  670. 24:44एंटी टेरर ऑपरेशन प्लान कर रहे थे और उसी
  671. 24:47के रिगार्डिंग अपनी टीम को ब्रीफिंग दे
  672. 24:49रहे थे। अब इसी टाइम पर जब फोन आता है तो
  673. 24:51मेजर मोहित शर्मा बीच ब्रीफिंग में वो फोन
  674. 24:53उठाते हैं और जैसे ही उनको सारी डिटेल्स
  675. 24:55पता चलती हैं राइट अवे मोहित शर्मा अपने
  676. 24:58बैंगल्स वैली वाला जो ऑपरेशन था वहीं
  677. 25:00कैंसिल करके टीम को हफरूदा के जंगल के
  678. 25:02ऑपरेशन के लिए रेडी होने का आर्डर दे देते
  679. 25:04हैं। अब इसके बाद मेजर मोहित शर्मा करीब
  680. 25:063:00 बजे अपने साथ 25 कमांडर लेके विलगाम
  681. 25:10में जो सिक्स राष्ट्रीय राइफल का हेड
  682. 25:12क्वार्टर है। पहले वहां जाते हैं। वहां
  683. 25:14सारी डिटेल लेते हैं। वहीं सिक्स आरआर की
  684. 25:16विलगाम हेड क्वार्टर वाली लोकेशन पे अपना
  685. 25:18एक कमांडर छोड़ देते हैं ताकि कोई
  686. 25:20इमरजेंसी सिचुएशन होगी तो कोआर्डिनेशन हो
  687. 25:22सके और फिर यहां से 24 लोगों की टीम लेके
  688. 25:24मोहित शर्मा उसी रात यानी कि 21 मार्च
  689. 25:262009 की मॉर्निंग में 2:30 बजे जिस लोकेशन
  690. 25:28पे एक दिन पहले सिक्स आरआर की टीम का
  691. 25:30आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई थी उस
  692. 25:32लोकेशन की तरफ बढ़ने लगते हैं। अब जब
  693. 25:34मोहित शर्मा अपनी टीम के साथ लोकेशन से
  694. 25:36700 मीटर दूर थे तो मेजर मोहित शर्मा को
  695. 25:392.5 फीट बर्फ के अंदर फुटप्रिंट्स दिखाई
  696. 25:41देते हैं। अब मोहित शर्मा नीचे बैठ के जब
  697. 25:43उसको एनालाइज करते हैं तो फुटप्रिंट एक
  698. 25:45आदमी का था लेकिन गहराई एक आदमी के पैर की
  699. 25:48नहीं थी वो ज्यादा थी। ये देखते ही मेजर
  700. 25:50मोहित शर्मा ने अंदाजा लगा लिया कि ये एक
  701. 25:52आतंकवादी आगे चल रहा है और बाकी सब ठीक
  702. 25:55उसके पैरों के निशान पे पैर रख के चल रहे
  703. 25:58हैं ताकि पीछे से कोई आए तो उसको लगे कि
  704. 26:00एक आदमी गया है। लेकिन असल में आगे इतने
  705. 26:02ज्यादा आतंकवादी बैठ के इंतजार कर रहे थे
  706. 26:04उसके बारे में किसी को आईडिया नहीं था। और
  707. 26:06इससे मोहित शर्मा ये भी समझ गए थे कि आगे
  708. 26:08जो आतंकवादी हैं वो बहुत ही ट्रेंड है। अब
  709. 26:10ये देखने के बाद मेजर मोहित शर्मा ने टीम
  710. 26:13को तीन ग्रुप में बांट दिया। हर ग्रुप में
  711. 26:15आठ कमांडो एक टीम को मेजर मोहित शर्मा खुद
  712. 26:18लीड कर रहे थे। दूसरी टीम को नायब सूबेदार
  713. 26:20उत्तम चंद ये लीड कर रहे थे और तीसरी टीम
  714. 26:23को हवलदार राकेश ने लीड किया। अब एक दिन
  715. 26:25पहले किस लोकेशन पे आतंकवादियों के साथ
  716. 26:27कांटेक्ट हुआ था। किस तरफ से फायरिंग आई
  717. 26:30थी? टेररिस्ट किस डायरेक्शन में भागे थे?
  718. 26:32यह सारी डिटेल मेजर मोहित शर्मा ने पहले
  719. 26:34ही सिक्स आरआर के हेड क्वार्टर से ले रखी
  720. 26:36थी। तो वह कोई गेस गेम नहीं खेल रहे थे।
  721. 26:38वह अपने दिमाग में एक प्रॉपर प्लान बनाके
  722. 26:40आगे बढ़ रहे थे। अब इसके बाद मेजर मोहित
  723. 26:42शर्मा ने तीनों टीमों को एक-एक डायरेक्शन
  724. 26:44से मूव कराना चालू किया। नायब सूबेदार
  725. 26:47उत्तमचंद की जो टीम थी उसको एक अलग काम
  726. 26:49दिया। उनको कहा कि वो एक ऊंचे टीले पे
  727. 26:51जाएं। जहां से आतंकवादियों वाला स्पॉट जो
  728. 26:53है वो सीधा नीचे दिखता है ताकि क्लियर
  729. 26:55विजिबिलिटी के साथ वो आतंकवादी वाला जो
  730. 26:57स्पॉट है उस पे डोमिनेटिंग फायर डाल सकें।
  731. 27:00और जरूरत पड़ने पे नीचे जो उनकी दो टीम थी
  732. 27:02उसको भी वार्निंग या कवर दे सकें। अब इसके
  733. 27:05बाद एस पर प्लान ये लोग फुटमार्क्स की
  734. 27:07डायरेक्शन में आगे बढ़ते हैं और आगे करीब
  735. 27:1018 से 20 आतंकवादी एक बहुत बड़े हाफ सर्कल
  736. 27:13में इनका वेट कर रहे थे ताकि ये हाफ सर्कल
  737. 27:16के बीच में जाके जब बीच वाले आतंकवादियों
  738. 27:18से लड़ना शुरू करें तो साइड से भी इनके
  739. 27:20ऊपर हमला किया जा सके। अब टीम में सबसे
  740. 27:22आगे स्काउट पैरा ट्रू पर नेत्रा सिंह चल
  741. 27:25रहे थे। चलते-चलते अचानक से इन्होंने
  742. 27:27रेडियो पे एक मैसेज भेजा कि उन्होंने दो
  743. 27:29आतंकवादियों को देखा है और उन दो
  744. 27:31आतंकवादियों ने उनको भी देख लिया है। जबकि
  745. 27:33आतंकवादी आगे बहुत सारे थे लेकिन उनको दो
  746. 27:35ही दिखे और इससे पहले के ही वो पूरा मैसेज
  747. 27:37बता पाते एक गोली सीधे उनके सर में लगती
  748. 27:40है और वो शहीद हो जाते हैं। आतंकवादियों
  749. 27:41के पास हाई ज़ूम स्नाइपर भी थी तो वो
  750. 27:43क्लेरिटी के साथ बहुत दूर से ही एक-एक
  751. 27:45कमांडो को देख पा रहे थे। और फिर इसके
  752. 27:47तुरंत बाद पूरी टीम पे गोली चलना स्टार्ट
  753. 27:49हो जाती है। जिसको जो चीज मिली वो वहीं पर
  754. 27:52जाकर कवर लेने लगा। कोई पेड़ के पीछे, कोई
  755. 27:54पत्थर के नीचे जिसको जहां पे कवर मिला
  756. 27:56उसने वहां पर कवर ले लिया। लेकिन इस
  757. 27:58सरप्राइज अटैक में चार कमांडो बुरी तरीके
  758. 28:00से घायल हो गए। और जब ये चार कमांडो घायल
  759. 28:02हुए तो मेजर मोहित शर्मा गोलियों के बीच
  760. 28:05में नीचे से रेंगते हुए अपने चार कमांडो
  761. 28:07के पास जाके उनको एक सेफ लोकेशन पे शिफ्ट
  762. 28:09करते हैं। अब इस पॉइंट पे आते-आते सुबह के
  763. 28:1111:00 बज चुके थे। एक कमांडो शहीद हो चुका
  764. 28:14था और चार घायल थे और सामने से कंटीन्यूअस
  765. 28:16फायरिंग आ रही थी और सेम टाइम पे हवेलदार
  766. 28:18राकेश जो थे उनकी भी थाई पे गोली लग जाती
  767. 28:20है और जैसे-जैसे टाइम हो रहा था कमांडो
  768. 28:22जख्मी होते जा रहे थे तो इस टाइम पे सबसे
  769. 28:24इंपॉर्टेंट था कि एक ऐसी सेफ पोजीशन पर
  770. 28:27पहुंचा जाए जहां वो खुद को कवर भी कर लें
  771. 28:29घायलों को भी संभाल लें और मिलिटेंट की जो
  772. 28:31फायरिंग है उसका भी जवाब दे सकें तो यह
  773. 28:33करने के लिए मेजर मोहित शर्मा खुद आगे
  774. 28:36खड़े होके आतंकवादियों पे बहुत तेजी से
  775. 28:38फायरिंग स्टार्ट करते हैं और बाकी कमांडो
  776. 28:41पीछे लेकर कवर लेना शुरू करते होते हैं।
  777. 28:42हवलदार राजीव जो थे उन्होंने मेजर मोहित
  778. 28:44शर्मा को भी कवर लेने को कहा लेकिन
  779. 28:46उन्होंने कहा कि मैं सबसे लास्ट में
  780. 28:47आऊंगा। अब जब मेजर मोहित शर्मा ने कवर के
  781. 28:50लिए ऐसे खड़े होकर गोलियां चलाना स्टार्ट
  782. 28:51की तो उनके हाथ में एक गोली लग जाती है और
  783. 28:54उनका खून बहने लगता है। लेकिन गोली लगने
  784. 28:56के बाद वो टीम का मोराल ना कम हो जाए इसके
  785. 28:58लिए किसी को पता नहीं लगने देते हैं और
  786. 28:59अपना जो कॉम्बैट पटका होता है उसको हाथ
  787. 29:02में बांध लेते हैं ताकि खून रुक जाए।
  788. 29:03हवलदार राजीव जो थे उनको समझ में आ जाता
  789. 29:05है। वह फर्स्ट एड लेके पीछे बुलाते हैं और
  790. 29:07मेजर मोहित शर्मा की तरफ बढ़ने की कोशिश
  791. 29:09करते हैं। लेकिन मोहित शर्मा मना कर देते
  792. 29:11हैं कि चिंता की कोई बात नहीं है। तुम
  793. 29:12अपनी पोजीशन होल्ड करके बैक टू बैक
  794. 29:14आतंकवादियों के ऊपर कंटीन्यूअसली फायरिंग
  795. 29:16करते रहो। अब काफी देर तक फायरिंग ऐसी
  796. 29:18चलती रहती है। तो अब यहां से इस फायरिंग
  797. 29:20को रोकने के लिए मेजर मोहित शर्मा लांस
  798. 29:23नायक सुभाष सिंह को मल्टी ग्रेनेड लांचर
  799. 29:26यह यूज़ करने का ऑर्डर देते हैं ताकि
  800. 29:27आतंकवादियों की फायरिंग स्लो हो। लेकिन
  801. 29:29जैसे ही वो पोजीशन लेते हैं उनको भी गोली
  802. 29:31लग जाती है और जब कोई ऑप्शन नहीं बचता है
  803. 29:34तो मोहित शर्मा जिनके एक हाथ में खुद गोली
  804. 29:36लग चुकी थी वो बैक टू बैक जहां से फायरिंग
  805. 29:38आ रही थी वहां पे छह ग्रेनेड फायर करते
  806. 29:40हैं जिसमें दो आतंकवादी वहीं पे मर जाते
  807. 29:42हैं और फायरिंग स्लो हो जाती है। अब
  808. 29:44फायरिंग हल्की होने के बाद मोहित शर्मा एक
  809. 29:46स्पॉट आइडेंटिफाई करते हैं कि अगर उस
  810. 29:48पॉइंट पे पहुंच के क्लोज रेंज में फायर
  811. 29:50किया जाए तो आतंकवादियों को मारना आसान
  812. 29:52होगा तभी फायरिंग रुकेगी। लेकिन उसके लिए
  813. 29:54अपना कवर छोड़ना पड़ता। बहुत ही हाई रिस्क
  814. 29:56था। ऐसे बिना कवर के उस लोकेशन पे पहुंचना
  815. 29:58बहुत डेंजरस था। लेकिन अगर यह चीज कोई कर
  816. 30:01देता तो पूरी टीम को एडवांटेज था। तो
  817. 30:03क्वेश्चन यही था कि यहां पे यह चीज करता
  818. 30:05कौन? तो इसके लिए मोहित शर्मा खुद कवर से
  819. 30:07बाहर निकल के क्लोज रेंज में जाकर दो
  820. 30:09आतंकवादी वहीं पे मार देते हैं। लेकिन
  821. 30:11जैसे ही वो ये चीज करते हैं एक गोली मोहित
  822. 30:13शर्मा के बुलेट प्रूफ जैकेट के साइड से
  823. 30:16होते हुए उनकी चेस्ट की लेफ्ट साइड में लग
  824. 30:18जाती है। अब यहां से मोहित शर्मा के दो
  825. 30:20गोलियां लग चुकी थी। वो सिर्फ एक पेड़ का
  826. 30:22सहारा लेके क्लोज रेंज में आतंकवादियों पे
  827. 30:25बैक टू बैक फायर कर रहे थे। खून इतना
  828. 30:27ज्यादा निकल गया था कि पूरी बॉडी सफेद
  829. 30:29होती जा रही थी। हवलदार राजीव जो थे वो
  830. 30:30पास आने की कोशिश करते हैं। मोहित शर्मा
  831. 30:32उनको भी मना कर रहे थे कि अपनी पोजीशन मत
  832. 30:34छोड़ना। कोई भी बच के वापस नहीं जाना
  833. 30:36चाहिए। उनकी सांसे बहुत ज्यादा तेज फूलने
  834. 30:39लगी थी। उसके बाद भी वो कंटीन्यूअसली फायर
  835. 30:41कर रहे थे और अपनी टीम का मोराल बढ़ा रहे
  836. 30:43थे। क्योंकि रेडियो पे ये सारी चीजें
  837. 30:44सुनाई दे रही थी। टीम और हेड क्वार्टर को
  838. 30:47तेज सांसों के बीच जो गोली चल रही थी और
  839. 30:49सांस फूल रही थी वो सब सुनाई आ रहा था।
  840. 30:51सांस फूलते हुए भी वो अपनी टीम मेंबर को
  841. 30:53बीच-बीच में बोलते थे कि इन आतंकवादियों
  842. 30:54को भागने मत देना। याद करो आज इसी दिन के
  843. 30:57लिए हम सब स्पेशल फोर्स में आए थे। इसी
  844. 30:59दिन के लिए हमने इतनी ट्रेनिंग करी थी
  845. 31:01भागने मत देना। ये सब रेडियो पे सुनाई आ
  846. 31:03रहा था और फिर इसके बाद धीरे-धीरे उनकी
  847. 31:05फायरिंग स्लो होने लगती है। रेडियो पे
  848. 31:07मैसेज आना बंद हो जाता है। एकदम शांत हो
  849. 31:09जाते हैं। वो अकेले आतंकवादियों के इतने
  850. 31:11क्लोज रेंज में पहुंच चुके थे कि कमांडो
  851. 31:13चाह के भी उनके पास नहीं पहुंच पा रहे थे।
  852. 31:15फिर करीब 4:00 बजे जैसे तैसे रेन के
  853. 31:17हवलदार राजीव उनके पास पहुंचते हैं। उनकी
  854. 31:19सांस चेक करते हैं तो उनकी सांस रुक चुकी
  855. 31:21थी। उनकी राइफल की सारी मैगज़ीन खाली हो
  856. 31:23चुकी थी। हाथ में राइफल की ग्रिप एकदम
  857. 31:26टाइट थी जो छूटने से भी नहीं छूट रही थी
  858. 31:28और अपने अगल-बगल आतंकवादी मार के लेटा रखे
  859. 31:30थे। हवलदार राजीव ने उनको कंधे पर उठा के
  860. 31:331 कि.मी. से ज्यादा दूर ले गए। और इस टाइम
  861. 31:35पे एक सिचुएशन ये थी कि शायद अगर मोहित
  862. 31:38शर्मा ने अपनी छुट्टी अपने जूनियर के लिए
  863. 31:40पोस्टपोन नहीं की होती तो इस पर्टिकुलर
  864. 31:42टाइम पे शायद वो अपने घर वालों के बीच में
  865. 31:44बैठे होते। लेकिन अब वह हवलदार राजीव के
  866. 31:46कंधों पे थे। इसके बाद मेजर मोहित शर्मा
  867. 31:48को हेलीकॉप्टर से श्रीनगर 92 बेस हॉस्पिटल
  868. 31:51[संगीत] पहुंचाया गया। लेकिन मेजर मोहित
  869. 31:53शर्मा शहीद हो गए थे।
  870. 31:5625 मार्च तक यह ऑपरेशन चला। 12 आतंकवादी
  871. 31:59और आठ जवान शहीद हुए और 26 ऑफ जनवरी 2010
  872. 32:03को मेजर मोहित शर्मा को अशोक चक्र दिया
  873. 32:05गया। मैंने जब मेजर मोहित शर्मा के बारे
  874. 32:07में पढ़ा इंटरव्यूज पुराने अखबार एक जगह
  875. 32:10आके सबसे ज्यादा शॉक्ड हुआ जब मोहित शर्मा
  876. 32:12ने होली की छुट्टी पोस्टपोन करवाई थी
  877. 32:14[संगीत] उस टाइम उन्होंने नोएडा में एक
  878. 32:16नया घर लिया था और उस छुट्टी में उन्हें
  879. 32:18उसकी चाबी लेनी थी पजेशन लेना था यानी वो
  880. 32:21छुट्टी [संगीत] सिर्फ होली नहीं थी वो
  881. 32:22छुट्टी उनके अपने घर का पहला दिन भी होता
  882. 32:25लेकिन वो दिन उन्होंने देश को दे दिया
  883. 32:27देखिए हम हीरोज़ बनाते हैं नेताओं को
  884. 32:29एक्टर्स को उनके पोस्टर लगाते हैं उनके
  885. 32:31नाम पे हैशटग चलाते हैं लेकिन मेजर मोहित
  886. 32:34शर्मा जैसा इतना इतना बड़ा नाम हम भूल
  887. 32:36जाते हैं। आज भी कई लोग हैं जिन्होंने
  888. 32:37इनका नाम पहली बार सुना होगा। देखिए यहां
  889. 32:39पे जो मैं कहना चाह रहा हूं क्वेश्चन और
  890. 32:41डिस्कशन ये नहीं है कि हमारे देश के
  891. 32:43सोल्जर्स को हीरो होना चाहिए नहीं होना
  892. 32:45चाहिए। क्वेश्चन ये है कि हम उनको हीरो
  893. 32:47बनाते क्यों नहीं है? इवन आज की डेट में
  894. 32:48भी आप देखोगे ऐसा देखने को मिल जाता है।
  895. 32:50सोल्जर बस में ट्रेन में दिखते हैं, वर्दी
  896. 32:53में है, बैक कंधे पे है, छुट्टी पर घर जा
  897. 32:56रहे हैं और लोग उनके लिए सीट तक नहीं
  898. 32:57छोड़ते हैं। मेजर मोहित शर्मा की जो कहानी
  899. 32:59है, वह हमको बताती है कि एक सोल्जर हमारे
  900. 33:02देश के लिए क्या-क्या करता है।
  901. 33:06लास्ट में एक बार फिर से आपको बता दूं अगर
  902. 33:08आप टोबैको एडिक्शन से परेशान हैं तो राइस
  903. 33:11निकोटीन गम जरूर ट्राई करिए। थैंक यू।
  904. 33:16[संगीत]

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This page contains the full transcript of Untold Story of Major Mohit Sharma | Nitish Rajput by Nitish Rajput, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 7,339 words across 904 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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