Untold Story of Major Mohit Sharma | Nitish Rajput — Transcript
Full transcript
- 0:05एक पैरा एसएफ कमांडो दो आतंकवादियों के
- 0:07लिए चाय बना रहा है।
- 0:10इंडियन आर्मी ने मेरे भाई को मारा है।
- 0:12मुझे बदला लेना है।
- 0:16अबू तुरारा ने AK-47 लोड की और दूसरे रूम
- 0:19से मेजर मोहित शर्मा तीन कप कावा बना के
- 0:22अंदर घुसे।
- 0:26शॉल के पीछे से मोहित शर्मा ने 9 एमm की
- 0:28पिस्तौल निकाली और दोनों को
- 0:34दोनों को जान से मार के मेजर मोहित शर्मा
- 0:37आराम से बैठ के कावा पीने लगे।
- 0:41मेजर मोहित शर्मा को 2 1/2 इंच बर्फ के
- 0:43अंदर जब फुटप्रिंट्स दिखाई दिए तो
- 0:45उन्होंने
- 0:48गोली लगे हुए हाथ से मल्टीग्रेनेड लांचर
- 0:50उठाया और बैक टू बैक छह ग्रेनेड मारे।
- 0:59मार्च 2004 कश्मीर की सोफियान [संगीत]
- 1:01डिस्ट्रिक्ट में एक अननोन लोकेशन थी और
- 1:03वहां एक बंद कमरे में एक 6 फीट 2 इंच का
- 1:07लड़का उसके लंबे बाल घनी दाढ़ी एकदम
- 1:09कश्मीरी लहजा और यह लड़का हिजबुल मुजाहदीन
- 1:12[संगीत] के दो खतरनाक आतंकवादियों के एकदम
- 1:14सामने बैठ के कहता है कि मेरा नाम इफ्तकार
- 1:16भट्ट है। इंडियन आर्मी ने मेरे भाई को
- 1:19मारा है और मुझे इसका बदला लेना है। अब ये
- 1:21सुनके ये दोनों आतंकवादी इफ्तकार की बात
- 1:23पर भरोसा कर लेते हैं और ग्रेनेड का एक
- 1:25पूरा कंसाइनमेंट रेडी करवाते हैं और बाकी
- 1:28जो आतंकवादी थे उनको भी बुला के नेक्स्ट
- 1:30डे इंडियन आर्मी की पोस्ट पे हमला करने का
- 1:32प्लान रेडी कर लेते हैं। अब इफ्तकार की
- 1:34बात मान के जब ये आतंकवादी आर्मी के खिलाफ
- 1:37एक प्लान [संगीत] बना रहे थे तो इनको
- 1:38बिल्कुल आईडिया नहीं था कि यह इफ्तकार
- 1:40भट्ट कोई कश्मीरी लड़का नहीं बल्कि इंडियन
- 1:43आर्मी के ऑफिसर मेजर मोहित शर्मा है। एक
- 1:46ऐसा ऑफिसर जिसके नाम पर आज की डेट में
- 1:48दिल्ली मेट्रो का एक पूरा स्टेशन बनाया
- 1:50गया है। जिसके नाम पे इंडिया में सड़क रखी
- 1:53गई है। जिसके सीक्रेट ऑपरेशन इतने खतरनाक
- 1:56थे कि देश ने अपना सबसे बड़ा पीस टाइम
- 1:58गैलेंट्री अवार्ड अशोक चक्र दिया।
- 1:59[गला साफ़ करने की आवाज़] आज 17 साल हो गए
- 2:01हैं लेकिन आज भी जब धुरंधर जैसी मूवी आती
- 2:03हैं तो मेजर मोहित शर्मा का नाम ट्रेंड
- 2:05करने लगता है। फैमिली को कोर्ट जाना पड़ता
- 2:07है। इतने टाइम बाद भी लोग मेजर मोहित
- 2:10शर्मा को भूले नहीं है। और ऐसा क्यों है?
- 2:12उन्होंने क्या ऐसा किया? इन सारी चीजों की
- 2:15शुरुआत होती है गाजियाबाद के अंदर।
- 2:16गाजियाबाद के साहिबाद में पंजाब नेशनल
- 2:18बैंक के एक सीनियर ऑफिशियल राजेंद्र
- 2:21प्रसाद शर्मा और उनकी वाइफ अपने दो बेटे
- 2:24मधुर और मोहित शर्मा के साथ रह रहे थे।
- 2:26पूरी फैमिली का फौज से दूर-दूर तक कोई
- 2:28रिलेशन नहीं था। लेकिन इस फैमिली में
- 2:30मोहित शर्मा जो थे बचपन से उनका बस एक ही
- 2:32सपना था कि कैसे भी करके उनको फौज में
- 2:35जाना है और आर्मी की यूनिफार्म पहननी है।
- 2:37अब मार्च 1995 में मोहित शर्मा डीपीएस
- 2:39गाजियाबाद के 12th के एग्जाम देके एनडीए
- 2:42का फॉर्म भरते हैं और एनडीए के लिए ये
- 2:44इतने ज्यादा एक्साइटेड थे कि एडमिट कार्ड
- 2:46तक डिले हो गया था। तो इनके इस अटेम्प्ट
- 2:47पे कोई रिस्क ना आ जाए इसके लिए डायरेक्ट
- 2:49दिल्ली के ऑफिस में जाके वहां से अपना
- 2:51एडमिट कार्ड लेकर आते हैं। अब मोहित शर्मा
- 2:53ने एग्जाम तो दे दिया और इसका रिजल्ट जो
- 2:55था वो जुलाई और अगस्त में आना था और ये जो
- 2:57बीच का टाइम बचा था इसमें घर वालों ने
- 2:59प्रेशर डाल के मोहित शर्मा का एडमिशन
- 3:01महाराष्ट्र के श्री संत गजानन महाराज
- 3:04कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में बीटेक की इसी
- 3:07ब्रांच में एडमिशन करवा दिया। घर वाले
- 3:08बिल्कुल नहीं चाहते थे कि मोहित आर्मी के
- 3:10अंदर जाएं। अब इधर घर वालों ने
- 3:12इंजीनियरिंग के अंदर मोहित शर्मा का
- 3:14एडमिशन तो करा दिया लेकिन मोहित शर्मा
- 3:16डेली बस एनडीए के रिजल्ट का वेट करते थे।
- 3:18अब इसके कुछ दिन बाद जुलाई अगस्त के बीच
- 3:20में पोस्ट के थ्रू मोहित शर्मा का रिजल्ट
- 3:22घर पे आता है और मोहित शर्मा ने एग्जाम
- 3:25क्लियर भी कर लिया था लेकिन घर वालों ने
- 3:27मोहित शर्मा का रिजल्ट छुपा दिया। अब इधर
- 3:29मोहित शर्मा डेली अपने रिजल्ट का वेट कर
- 3:31रहे थे और जब बहुत टाइम हो गया तो मोहित
- 3:33शर्मा श्योर थे कि उनका एग्जाम जरूर
- 3:34क्लियर होगा। अब इधर जब बहुत दिन हो गए और
- 3:36मोहित शर्मा को अपने एनडीए के रिजल्ट के
- 3:38बारे में नहीं पता चला तो इन्होंने खुद से
- 3:40दो-तीन जगह अपने लिंक से फोन घुमाया और
- 3:42पता करने की कोशिश की उनका एनडीए का रिटन
- 3:45एग्जाम क्लियर हो गया है और एसएसबी
- 3:46इंटरव्यू के लिए उनको भोपाल जाना है। अब
- 3:49जब मोहित शर्मा को ये चीज पता चली तो
- 3:50ऑलरेडी बहुत लेट हो चुका था। तो मोहित
- 3:52शर्मा को जैसे ही पता चला उन्होंने अपना
- 3:54हॉस्टल कॉलेज सब छोड़ के सेम डे भोपाल की
- 3:57टिकट कराई और एसएसबी इंटरव्यू देने के लिए
- 3:59निकल जाते हैं और स्टेशन से ही घर वालों
- 4:01को फोन करके इन्फॉर्म कर दिया कि 5 दिन के
- 4:02लिए वो भोपाल जा रहे हैं एसएसबी इंटरव्यू
- 4:04देने के लिए। अब इसके बाद मोहित शर्मा
- 4:06एसएसबी देते हैं निकाल भी लेते हैं। लेकिन
- 4:08सेम टाइम पे एक दिक्कत होती है। मोहित
- 4:10शर्मा को ज्डिस हो जाता है और 6 केजी वेट
- 4:12कम होने की वजह से उनको टेंपरेरी रिजेक्ट
- 4:14कर दिया जाता है और 1 महीने का टाइम दिया
- 4:16जाता है फिटनेस पूरी करके दिल्ली
- 4:18कंटोनमेंट आर्मी हॉस्पिटल में री
- 4:20एग्जामिनेशन के लिए। अब यह जो अगला 1
- 4:22महीना बचा था, जॉन्डिस होने के बाद भी,
- 4:25बीमार होने के बाद भी मोहित शर्मा ने
- 4:26दौड़ना, भागना, साइकिलिंग सब कंटिन्यू
- 4:29करके फिटनेस मेंटेन की और 8 kg वेट बढ़ा
- 4:32के मेडिकल क्लियर कर लिया और ईयर 1995 में
- 4:3517 साल की ऐज में मोहित शर्मा का एनडीए
- 4:37में सिलेक्शन हो जाता है। अब सिलेक्शन
- 4:39होने के बाद नेशनल डिफेंस एकेडमी पुणे के
- 4:41अंदर मोहित शर्मा की ट्रेनिंग स्टार्ट
- 4:42होती है और इस ट्रेनिंग के अंदर बॉक्सिंग,
- 4:45स्विमिंग, हॉर्स राइडिंग इन सब में इनको
- 4:48ट्रॉफी ऑफ एक्सीलेंस मिला। और फिर इसके
- 4:50बाद आईएमए की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद
- 4:52मोहित लेफ्टिनेंट बन के मद्रास रेजीमेंट
- 4:55के फिफ्थ बटालियन में कमीशन हो जाते हैं।
- 4:58देखिए आर्मी में आने के बाद भी डे वन से
- 5:01मोहित शर्मा का सिर्फ एक ही सपना था कैसे
- 5:03भी करके उन्हें चैलेंजिंग कॉम्बैट रोल्स
- 5:05जो होते हैं जिसमें डायरेक्ट आतंकवादियों
- 5:07से कांटेक्ट हो वो मिले। लेकिन हैदराबाद
- 5:09एक पीस पोस्टिंग थी। तो यहां पे जो उनको
- 5:11चाहिए था वो नहीं मिल पा रहा था। लेकिन
- 5:13ईयर 2002 में जो वो चाहते थे वो हुआ। उनको
- 5:16अपनी पेनेंट यूनिट फाइव मद्रास से 38
- 5:19राष्ट्रीय राइफल कश्मीर में शिफ्ट कर दिया
- 5:21जाता है। अब ये जब चीज होती है तो मोहित
- 5:23शर्मा बहुत ज्यादा खुश हो जाते हैं। और
- 5:25देखिए कई बार जिंदगी में सही रास्ता आसान
- 5:27नहीं होता। लेकिन उस तरफ पहला स्टेप लेना
- 5:29जरूरी होता है और अगर आप गुटका या टोबैको
- 5:31छोड़ना चाहते हो तो उसका पहला स्टेप साइंस
- 5:34बैक तरीके से लिया [संगीत] जा सकता है।
- 5:36साइंस कहता है कि निकोटीन एडिक्शन को
- 5:38निकोटीन से ही ब्रेक किया जा सकता है।
- 5:39मतलब WHO और आईसीएमआर अप्रूव्ड निकोटीन
- 5:43रिप्लेसमेंट थेरेपी। अगर आप कंट्रोलोल्ड
- 5:45अमाउंट में निकोटीन गम लेते हैं तो आपकी
- 5:47गुटके की आदत छूट सकती है। और इसी
- 5:49फार्मूले पे बेस्ड है राइज निकोटीन गम।
- 5:52जिससे 10 लाख से ज्यादा इंडियंस टोबैको
- 5:54फ्री लाइफ शुरू कर चुके हैं। जब भी
- 5:56क्रेविंग उठे बस इसे च्यू कीजिए। यह बिना
- 5:58किसी डेडली टॉक्सिंस के कंट्रोलोल्ड
- 6:00निकोटीन देकर क्रेविंग को काम करता है।
- 6:03शुगर फ्री है और यह वही फ्लेवर देता है
- 6:05जिससे टोबैको [संगीत] छोड़ना आसान बनता
- 6:06है। जैसे पान मसाला सौंफ जैसे अलग-अलग
- 6:09फ्लेवर्स ये Amazon, ब्लिंकड, [संगीत]
- 6:10Flipkart, Meesho और Zeptो सब जगह मिलता
- 6:13है। सही स्टेप उठाइए। लिंक डिस्क्रिप्शन
- 6:15और पिंट कमेंट में है। तो टॉपिक पे वापस
- 6:17आते हैं। देखिए मेजर मोहित शर्मा के लिए
- 6:19कश्मीर जाने का यह डिसीजन उनके मिलिट्री
- 6:21करियर को एक बिल्कुल नया डायरेक्शन देने
- 6:23वाला था। क्योंकि यहां उनको वो करने को
- 6:24मिलता जो वो चाहते थे इतने दिन से क्योंकि
- 6:26राष्ट्रीय राइफल फोर्स को सिर्फ कश्मीर की
- 6:28काउंटर इंसर्जेंसी कश्मीर के अंदर आतंकवाद
- 6:31से लड़ने के लिए ही बनाया गया है। इसमें
- 6:32ऑफिसर्स अपनी रेजीमेंट से डेपुटेशन पर
- 6:34भेजे जाते हैं। तो 38 राष्ट्रीय राइफल
- 6:37कश्मीर में पहुंचने के बाद मोहित शर्मा को
- 6:39वो मिला जिसका वो हमेशा से इंतजार कर रहे
- 6:41थे। अब मोहित शर्मा जब कश्मीर में पहुंचे
- 6:43तो कश्मीर के अंदर आतंकवाद एकदम पीक पे
- 6:46था। 2001 में पार्लियामेंट पे हमला हो
- 6:48चुका था और एलओसी पार से पाकिस्तान लगातार
- 6:50नए लड़के घुसा रहा था। इसके अगेंस्ट में
- 6:53कश्मीर के अंदर एक ऑपरेशन रक्षक चल रहा
- 6:55था। तो 38 राष्ट्रीय राइफल में मोहित
- 6:57शर्मा जब आए तो वो भी ऑपरेशन रक्षक का
- 7:00पार्ट बने।
- 7:02और इसके अंडर आने के बाद उन्होंने पहली
- 7:05बार रियल एनकाउंटर्स, रियल ऑपरेशंस, रियल
- 7:08सर्च ऑपरेशंस इन सबका एक्सपीरियंस मिला।
- 7:10और न्यू कमर होने के बाद भी मोहित शर्मा
- 7:12ने यहां पे ऐसे परफॉर्म किया कि बहुत ही
- 7:15कम टाइम में उनका नाम उनके सीनियरों के
- 7:17बीच में बहुत ज्यादा हाईलाइट हो गया। कुछ
- 7:19ऑपरेशन के अंदर उन्होंने ऐसी चीजें कर दी
- 7:21थी कि उसके लिए उनको चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ
- 7:23कॉमेंडेशन कार्ड मिला। अब राष्ट्रीय राइफल
- 7:25में रह के मोहित शर्मा जब कश्मीर में
- 7:27ऑपरेशन कर रहे थे तो उन्होंने जो पैरा
- 7:29स्पेशल फोर्स थी उनके साथ मिलके कई ऑपरेशन
- 7:32में साथ में काम किया और पैरा स्पेशल
- 7:34फोर्सेस जो थी वो जिस तरीके से खतरनाक
- 7:36टास्क कर रही थी उनको देख के मोहित शर्मा
- 7:39बहुत ज्यादा इंप्रेस हुए। तो ऐसे ही एक
- 7:40ऑपरेशन खत्म होने के बाद मोहित शर्मा और
- 7:43बाकी ऑफिसर्स ड्रिंक पे बैठ के बात करने
- 7:45लगे कि आरआर यानी कि राष्ट्रीय राइफल के
- 7:47बाद क्या प्लान है? नॉर्मली लोग कहते हैं
- 7:48घर के पास कोई अच्छी पीस पोस्टिंग मिल जाए
- 7:51थोड़ा आराम करेंगे। लेकिन मोहित शर्मा
- 7:52कहते हैं कि इसके बाद मुझे एक ऐसी जगह
- 7:55जाना है जहां आतंकवादियों की और ज्यादा
- 7:57हंटिंग कर सकूं मैं। तो उनके सामने जो
- 7:58दूसरे ऑफिसर थे वो कहते हैं कि फिर तो
- 8:00तुम्हें पैरा स्पेशल फोर्स में जाना
- 8:02चाहिए। और जैसे ही वो कहते हैं मोहित
- 8:04शर्मा ग्लास उठा के चेयर्स करते हैं और
- 8:06कहते हैं दैट्स द प्लान यहीं जाना है।
- 8:08देखिए पैरा स्पेशल फोर्स जो है वो आर्मी
- 8:10की वो यूनिट है जिनको सबसे खतरनाक मिशन
- 8:12दिए जाते हैं। ये जो सर्जिकल स्ट्राइक
- 8:14जैसी चीजें हैं सब इन्हीं के हाथों से
- 8:16होती हैं। और इसका जो टेस्ट होता है वो
- 8:17इतना ज्यादा डिफिकल्ट होता है कि जो एक
- 8:19ट्रेंड आर्मी का ऑफिसर होता है वो तक
- 8:21रिजेक्ट [संगीत] हो जाता है। इस टेस्ट के
- 8:22अंदर सोल्जर्स को महीनों भूखा रखते हैं।
- 8:25सोने नहीं देते हैं। यह इतना डिफिकल्ट
- 8:27होता है कि मोस्टली लोग तो बीच में ही
- 8:29ट्रेनिंग छोड़ देते हैं। और पैरा स्पेशल
- 8:30फोर्स में किसी को बुलाया नहीं जाता है।
- 8:32खुद से वॉलंटियर करना होता है और टेस्ट
- 8:34करने के बाद जो बचते हैं उनको मेहरून टोपी
- 8:36मिलती है। तो अब इसके बाद मोहित शर्मा
- 8:38पैरा स्पेशल फोर्स को ज्वाइन करने के लिए
- 8:40दिन रात प्रिपरेशन करके जून 2003 में वन
- 8:43पैरा स्पेशल फोर्स में कमांडो बन जाते
- 8:45हैं। मतलब 7 साल पहले जिसका वेट की वजह से
- 8:48मेडिकल क्लियर नहीं हो पा रहा था उसने ऐसी
- 8:50प्रिपरेशन [संगीत] की कि वो अब एलट फोर्स
- 8:52वन पैरा एसएफ का कमांडो बन गया था। अब
- 8:54यहां से वन पैरा में आने के बाद वो सबसे
- 8:56अलग निकल रहे बेलगाम के कमांडो कोर्स में
- 8:59उन्हें डैगर दिया गया जो बेस्ट परफॉर्मर
- 9:01को दिया जाता है और दिसंबर 2003 में मोहित
- 9:03शर्मा लेफ्टिनेंट से कैप्टन बन जाते हैं
- 9:06और उनकी पोस्टिंग वन पैरा के थ्रू कश्मीर
- 9:08में दोबारा से आती है। अब पैरा कमांडो
- 9:10बनने के बाद मोहित शर्मा जब कश्मीर में आए
- 9:12[संगीत] तो उनके दोस्त मेजर सुशांत सिंह
- 9:14ने बताया कि वो नॉर्मल कमांडो रूटीन फॉलो
- 9:16करने की बजाय सिग्नल रूम में जाके घंटों
- 9:19हेडफोन लगा के मिलिटेंट्स की जो ओपन
- 9:21फ्रीक्वेंसी पे बात चलती थी उसको सुनते थे
- 9:24और डेली नोट्स बनाते थे ताकि उनको पता चल
- 9:27सके कि मिलिटेंट्स सोचते कैसे हैं? उनका
- 9:29लहजा कैसा है? गांव के अंदर कैसे
- 9:31कोआर्डिनेशन होता है? और ये सारी चीजें वो
- 9:33ऐसे सीख रहे थे जैसे किसी बहुत बड़े
- 9:35एग्जाम की तैयारी कर रहे हो। शाम को जब
- 9:36कमांडो अपने कैंप्स में आराम करने आते थे
- 9:39तो उस टाइम मोहित शर्मा कैंप से बाहर
- 9:41कश्मीर के आम लोगों के बीच में जाकर
- 9:42रिलेशन बनाते थे। उनके साथ जाकर उठते
- 9:44बैठते थे। उनके घर में खाना खाते थे। उनकी
- 9:47जो प्रॉब्लम्स होती थी उसको सुनते थे।
- 9:48NDTV के एक इंटरव्यू में उनके पेरेंट्स ने
- 9:50बताया कि वो घर से पैसा मंगवा के गांव
- 9:52वालों की मदद करते थे। तो ये जो सारी
- 9:54चीजें मोहित शर्मा कर रहे थे इससे कश्मीर
- 9:56के अंदर मोहित शर्मा का लोकल नेटवर्क
- 9:59बाकियों के कंपैरेटिवली बहुत ज्यादा
- 10:01स्ट्रांग हो गया था। और उनको कहीं से भी
- 10:03छोटा सा भी इंटल मिलता था कि इस गांव में
- 10:05मिलिटेंट रह रहा है तो वो खुद टीम लेकर
- 10:06ऑपरेशन करने चले जाते थे। अब एक तरफ घंटों
- 10:09मिलिटेंट्स की बातें सुनके उनका काम करने
- 10:11का तरीका सीखना। दूसरी तरफ गांव में डे
- 10:14बाय डे मोहित शर्मा का लोकल नेटवर्क
- 10:16स्ट्रांग होना। इन दोनों चीजों ने मिलके
- 10:18इंडियन आर्मी के सबसे खतरनाक अंडर कवर
- 10:20ऑपरेशन की नींव रख दी।
- 10:24होता क्या है कि ईयर 2004 में इंडियन
- 10:26आर्मी के सामने एक ऐसी प्रॉब्लम आती है
- 10:28जिसको गोली से सॉल्व नहीं किया जा सकता
- 10:30था। कश्मीर के अंदर हो यह रहा था कि
- 10:32हिजबुल मुजाहिद्दीन के मिलिटेंट्स सोफियान
- 10:35और आसपास के इलाकों में जो लोकल कश्मीरी
- 10:37लड़के थे उनको ब्रेन वाश करके मिलिटेंसी
- 10:39की तरफ ले जा रहे थे और यह मिलिटेंट जो थे
- 10:41वो गांव के अंदर बड़े आराम से घुल मिल
- 10:43जाते थे। अब इसमें दिक्कत यह हो रही थी कि
- 10:44आर्मी अगर गांव के बीच में जाके उनके
- 10:47खिलाफ कोई एक्शन करती तो उसमें सिविलियंस
- 10:49की जान जाने का रिस्क था। और हिजबुल्ला का
- 10:51इतना खौफ था कि उनके खिलाफ कोई इंटेल
- 10:53आर्मी तक पहुंचाता था तो उसको मार देते
- 10:56मुजाहिदीन वाज़ मेंटेनिंग अ स्ट्रांग
- 10:58प्रेजेंस अक्रॉस कश्मीर व्हाइल इट्स
- 11:00मिलिटेंट्स वेर कैरिंग आउटसी स्प्रेडिंग
- 11:02फियर अमंग लोकल कम्युनिटीज़। सिक्योरिटी
- 11:04फोर्सेस कंटिन्यू ऑपरेशंस टू काउंटर देयर
- 11:07मिलिटेंट एक्टिविटी। तो इनका जो नेटवर्क
- 11:09था उसको क्रैक करना बहुत मुश्किल हो रहा
- 11:11था। तो यहां से इंडियन आर्मी ने एक प्लान
- 11:13बनाया कि सिर्फ हिजबुल्ला के मिलिटेंट्स
- 11:15को मारने से प्रॉब्लम सॉल्व नहीं होगी। जब
- 11:17तक हिजबुल्ला के अंदर घुस के इनके हाइड
- 11:20आउट लॉजिस्टिक्स पूरा जो स्ट्रक्चर है वो
- 11:22नहीं पता चलेगा तब तक इनको जड़ से खत्म
- 11:25करना मुश्किल होगा और इसके लिए अपने ही
- 11:26किसी ऑफिसर को हिजबुल्ला में स्पाई बना के
- 11:29प्लांट करना पड़ेगा। तभी जाके कश्मीर के
- 11:31अंदर जो इनका स्ट्रक्चर है वो पता चल
- 11:33पाएगा और तभी इन पे काबू पाया जा सकता है।
- 11:34अब सुनने में तो बहुत इजी लग रहा है कि
- 11:36ऑफिसर भेज के सब पता कर लो। लेकिन यह एक
- 11:39बहुत ही खतरनाक और जानलेवा मिशन था। इस
- 11:42मिशन में ऑफिसर के लिए कोई रीटेक नहीं
- 11:44होता। बस एक गलती और सारा खेल खत्म हो
- 11:47जाता। इसलिए इस मिशन के लिए एक बहुत ही
- 11:49स्मार्ट ऑफिसर चाहिए था। और जब यह डिसाइड
- 11:51हो रहा था कि किसको भेजा जाए तो मोहित
- 11:53शर्मा सामने आके खुद से इस मिशन पे जाने
- 11:55के लिए वॉलंटियर कर देते हैं। मोहित शर्मा
- 11:57इस ऑपरेशन के लिए एकदम फिट थे। उनको
- 11:59उर्दू, डोगरी सब आती थी। लोकल एरिया की
- 12:02समझ और उनका नेटवर्क बहुत अच्छा था और
- 12:03इन्हीं सब चीजों को देख के उनको सेलेक्ट
- 12:05करके उनकी ट्रेनिंग स्टार्ट कर दी जाती
- 12:07है। ट्रेनिंग स्टार्ट होते ही मोहित शर्मा
- 12:09ने अपनी यूनिफार्म पहननी छोड़ दी। कश्मीरी
- 12:11लुक बनाने के लिए बाल और दाढ़ी काटने बंद
- 12:14कर दिए। मोहित इतने कमिटेड थे इस ऑपरेशन
- 12:16के लिए कि वो कस्टम शॉप पर जाकर इंटरनेशनल
- 12:18बियर्ड शैंपू लेकर आते थे ताकि जिस तरीके
- 12:20की दाढ़ी वो चाहते थे वो वैसी आ सके।
- 12:23उन्होंने फिर पहनना स्टार्ट कर दिया।
- 12:24कुरान की वर्सेस पढ़ना सीखा। नमाज अदा
- 12:27करना सीखा और सिर्फ कश्मीरी लैंग्वेज ही
- 12:28नहीं सीखी। ट्रक ड्राइवर्स और लोकल्स के
- 12:30साथ बैठ के लोकल एक्सेंट भी सीखा। ये
- 12:32ऑपरेशन एकदम सीक्रेट था। जेसी के टाइम पे
- 12:34ऑफिसर्स को दाढ़ी और बाल बड़े करना अलाउड
- 12:36नहीं था। लेकिन मोहित शर्मा के लिए बिना
- 12:38किसी को कुछ बताए कमांड हेडक्वार्टर से
- 12:41स्पेशल परमिशन ली गई थी कि वो बाल और
- 12:43दाढ़ी बड़े करके जेसी में आ सके और इस
- 12:45तरीके का एक्सेप्शन पहली बार मोहित शर्मा
- 12:47के लिए ही किया गया था और ये सारी
- 12:48प्रिपरेशन जो मोहित कर रहे थे उसको टेस्ट
- 12:50करने के लिए मोहित शर्मा ने अपने ही घर पर
- 12:53अनजान बनके कॉल की और कश्मीरी लहजे में
- 12:55बात करने लगे और सामने उनके मां-बाप थे वो
- 12:58लोग जो इस आवाज को पैदा होने से पहचानते
- 13:00थे लेकिन वो भी नहीं पकड़ पाए कि लाइन के
- 13:02दूसरी तरफ उनका बेटा चिंटू है। मोहित
- 13:04शर्मा के घर वाले उनको चिंटू बुलाते अब एक
- 13:07तरफ मोहित शर्मा पूरी जान लगा के
- 13:08प्रिपरेशन कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ उनके
- 13:11लिए एक कोवर्ड आइडेंटिटी रेडी की जा रही
- 13:13थी। उनके लिए सारे नए कश्मीरी आईडी कार्ड
- 13:16इशू किए गए जिससे उनको कोई एक्चुअल में
- 13:17पहचान ना पाए। मोहित शर्मा का नाम इफ्तार
- 13:20भट्ट करके एक स्टोरी बनाई गई कि मोहित
- 13:23शर्मा यानी कि इफ्तिकार भट्ट के भाई को 3
- 13:25साल पहले 2001 में स्टोन पल्टिंग के टाइम
- 13:28पर आर्मी ने जान से मार दिया था और अब
- 13:30इफ्तकार भट्ट यानी कि मोहित शर्मा को अपने
- 13:32भाई का बदला लेना है।
- 13:35तो ये सारी स्टोरी रेडी करके मोहित शर्मा
- 13:38को अब एक लोकेशन पे ले जाके प्लांट करना
- 13:40था और इसके लिए काफी दिन तक इंतजार किया
- 13:43गया कि कहां पे प्लांट करना है। और फिर
- 13:4516th ऑफ मार्च 2004 को मोहित शर्मा के
- 13:48अपने सोर्स से एक इंटर आता है कि कश्मीर
- 13:50के सोफियान एरिया के जंगल में कुछ
- 13:52मिलिटेंट्स छुपे हुए हैं। और यह जैसे ही
- 13:54पता चलता है तो मोहित शर्मा किसी का वेट
- 13:56करने की बजाय खुद से एक ऑपरेशन ल्च करके
- 13:58पूरे एरिया को चारों तरफ से घेर के ये चीज
- 14:01कंफर्म करते हैं तो पता चलता है कि सही
- 14:03में इस एरिया में हिजबुल्ला के दो सीनियर
- 14:05मिलिटेंट हैं। अब देखिए पैरा एसएफ के लिए
- 14:07हिजबुल्ला के इन दो मिलिटेंट्स को मार
- 14:09देना। यह ऑब्जेक्टिव नहीं था। वो तो उसी
- 14:11टाइम मार देते। असली चैलेंज था कश्मीर के
- 14:13अंदर इनका फैला हुआ पूरा नेटवर्क समझना
- 14:15ताकि जड़ से इसको खत्म किया जा सके और उसी
- 14:18ऑब्जेक्टिव के लिए मोहित शर्मा की इतने
- 14:20दिनों से ट्रेनिंग हो रही थी। अब जब इन
- 14:21मिलिटेंट्स के बारे में पता चल जाता है,
- 14:23लोकेशन आइडेंटिफाई हो जाती है तो इसके
- 14:25अगले दिन मोहित शर्मा इफ्तार भट्ट बनके
- 14:28निकलते हैं। निकलते टाइम जब ब्रीफिंग हो
- 14:30रही थी उस टाइम भी एक सीनियर ऑफिसर ने
- 14:32मोहित का नाम लिया था और मोहित इतने
- 14:34कैरेक्टर में थे कि उन्होंने उनको वहीं पे
- 14:36रोका कि मोहित नहीं सर इफ्तिकार भट्ट।
- 14:38इसके बाद सोफियान के पास के एक गांव में
- 14:41मोहित शर्मा इफ्तकार बनके रहने लगते हैं।
- 14:43डेली मस्जिद जाते हैं। लोकल लोगों से
- 14:45बातचीत करके अपनी जो नकली भाई की बदला
- 14:47लेने वाली स्टोरी थी उसको बताना स्टार्ट
- 14:50करते हैं ताकि आसपास सबको इसके बारे में
- 14:51पता चल जाए। और जब ये सारी चीजें चल रही
- 14:53थी तो बहुत ही कम टाइम के अंदर एक लोकल
- 14:55इनफॉर्मर से पता चलता है कि दो अनजान लोग
- 14:58एक ही घर में बार-बार आते जाते हैं और
- 15:00बहुत शांत रहते हैं और बहुत अच्छी
- 15:02पॉसिबिलिटी है कि ये वही दोनों मिलिटेंट
- 15:05होंगे। और मोहित शर्मा ने इसके बाद और
- 15:07रेकी की तो पता चला कि इनके हाथों जैकपॉट
- 15:09लग चुका है। क्योंकि ये कोई छोटे-मोटे
- 15:11मिलिटेंट नहीं थे बल्कि हिजबुल्ला के
- 15:13सीनियर ऑपरेटिव अबू तुरारा और अबू सबजार
- 15:16थे। मोहित शर्मा ने बहुत ही कम टाइम में
- 15:18इनसे जान पहचान बनाई और खुद से ही अपने
- 15:21बारे में बताना शुरू कर दिया। उन्होंने
- 15:22बताया कि मेरा नाम इत्तार भट्ट है। मेरा
- 15:24गांव कहां है? घर कहां पे है? और फिर सीधे
- 15:27उनसे काम मांगा कि उनको कुछ काम करने के
- 15:29लिए दे दिया। और अबू तुरारा और अबू सबजार
- 15:32ये दोनों काम पर रखने के लिए रेडी हो जाते
- 15:34हैं। इन दोनों ने शुरू में मोहित शर्मा
- 15:35यानी कि इफ्तार भट्ट [संगीत] को शुरू में
- 15:37झाड़ू लगाना, चाय के बर्तन धोना, लकड़ियां
- 15:40लाना ये सब काम दिए। मोहित शर्मा ने बहुत
- 15:43ही पेशेंस के साथ काम लिया और [संगीत]
- 15:45ट्राई किया कि कम बोले ताकि गलती कम हो।
- 15:47अब आप एक टाइम पे मोहित शर्मा के मन में
- 15:50उस समय क्या चल रहा होगा और ये चीज अपने
- 15:52आप में बहुत बड़ी थी। एक पैरा एसएफ कमांडो
- 15:55दो आतंकवादियों के लिए चाय बना रहा है। एक
- 15:57गलत एक्सप्रेशन, [संगीत] एक गलत रिएक्शन
- 15:59और जिंदगी खत्म। तो काफी दिन काम करने के
- 16:02बाद भी अबू तुरारा और अबू सबजार यह मोहित
- 16:05के सामने कुछ भी डिस्कस नहीं कर रहे थे और
- 16:06ना ही मोहित शर्मा यानी कि इफ्तार भट्ट के
- 16:09ऊपर भरोसा कर रहे थे। तो भरोसा जीतने के
- 16:11लिए मोहित शर्मा ने कश्मीरी लहजे में
- 16:14इंडियन आर्मी को डेली गाली देना शुरू
- 16:16किया। और जैसे-जैसे टाइम मिला, अपने फेक
- 16:19भाई की जो डेथ वाली कहानी थी, वह बार-बार
- 16:21सुनाना स्टार्ट कर दी कि कैसे इंडियन
- 16:23आर्मी ने उनके भाई को मार दिया। और अब
- 16:25उनको कैसे भी करके उनसे बदला लेना है और
- 16:27अबू तुरारा और अबू सबज़ार को बार-बार यही
- 16:29कहते थे कि आपसे मुझे बस सीखना है। लेकिन
- 16:31ये दोनों भी एकदम ट्रेंड थे। यह मोहित
- 16:33शर्मा के सामने कुछ भी नहीं डिस्कस कर रहे
- 16:35थे। उल्टा मोहित शर्मा से बहुत ही सारे
- 16:37क्वेश्चन करने लगे थे। मोहित कश्मीरी लहजे
- 16:39में बहुत ही कॉन्फिडेंस के साथ उनके हर
- 16:41क्वेश्चन का जवाब दे रहे अब जब इसके बाद
- 16:43भी कोई चीज काम नहीं करती है तो मोहित
- 16:45शर्मा एक नया प्लान बनाते हैं। वो इन
- 16:47दोनों आतंकवादियों को एक हैंड ड्रॉन मैप
- 16:49दिखाते हैं। उस मैप में एक हिली रास्ता
- 16:51मार्क्ड था। साथ में आर्मी पेट्रोल के
- 16:54मूवमेंट मार्क थे और आर्मी ट्रूप्स कहां
- 16:56डिप्लॉयड होंगे ये सब था। यह मैप दिखा के
- 16:59मोइश शर्मा ने अबू तुरारा और सबज़ार को कहा
- 17:02कि देखो मुझे अपने भाई का बदला लेना है।
- 17:04मैं काफी दिन से इसकी प्लानिंग कर रहा था।
- 17:06ये जो डिटेल्स हैं ये किसी के पास नहीं
- 17:08है। मैंने बहुत टाइम इंतजार करके इन
- 17:11डिटेल्स से ये नक्शा बनाया है। बस मुझे
- 17:13आपकी हेल्प चाहिए ताकि मैं अपने भाई का
- 17:15बदला ले सकूं। अब ये जो मैप की डिटेल्स
- 17:17[संगीत] थी, इनको देख के अबू तुरारा और
- 17:19सबज़ार बहुत ज्यादा इंप्रेस हो जाते हैं और
- 17:21मोहित शर्मा के ऊपर भरोसा करने लगते हैं।
- 17:23उनको एक-एक डिटेल वहां की समझाते हैं।
- 17:26[संगीत] कैसे बदला लिया जा सकता है उसके
- 17:28बारे में समझाते हैं। इनफैक्ट डब्ल्यूआई
- 17:30एक्स की रिपोर्ट के हिसाब से अबू तोरारा
- 17:32और सब ने मोहित शर्मा यानी कि इफ्तार भट्ट
- 17:35को बदला लेने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग कराई
- 17:37और वो ट्रेनिंग कराने के लिए उन्होंने
- 17:39मोहित शर्मा को पाकिस्तान में हिजबुल्ला
- 17:42के कैंप में भी भेजा। डब्ल्यू आईएक्स की
- 17:43रिपोर्ट में ये जो पाकिस्तान भेजने वाली
- 17:45जो रिपोर्ट है एक बार के लिए इसको आप सोच
- 17:47के देखिए। एक पैरा एसएफ का कमांडो जो
- 17:49ऑलरेडी इंडिया की सबसे टफ ट्रेनिंग पास कर
- 17:51चुका है। अब वो एलओसी के उस पार जाके
- 17:54हिजबुल के कैंप में ट्रेनिंग करेगा। अब
- 17:56यहां से ट्रेनिंग में कब गए? कैसी
- 17:58ट्रेनिंग हुई? ट्रेनिंग के अंदर क्या
- 17:59डिटेल्स थी? यह चीज अभी पब्लिक नहीं है।
- 18:02लेकिन डब्ल्यूएक्स की रिपोर्ट के हिसाब से
- 18:04वो बहुत ही कम टाइम में ट्रेनिंग करके
- 18:06वहां से सारा स्ट्रक्चर वहां का भी समझ के
- 18:08आ गए कि उस जगह पे भी क्या-क्या ट्रेनिंग
- 18:10चल रही है और किस तरीके से ये लोग काम
- 18:11करते हैं। और ये सारी डिटेल्स मोहित शर्मा
- 18:14अपनी टीम को सीक्रेटली भेज रहे थे जो बहुत
- 18:16ही ज्यादा हेल्पफुल थी। अब इसके बाद अबू
- 18:18तुरारा और सब्ज़ार मोहित शर्मा यानी कि
- 18:19इफ्तकार का जो इंडियन आर्मी पे फेक हमला
- 18:22करने का प्लान था उस पे भरोसा करके हमला
- 18:25करने के लिए रेडी हो जाते हैं। और इस
- 18:26प्लान को इस तरीके से बनाया गया था कि
- 18:28इसमें लॉजिस्टिक्स और और ज्यादा
- 18:29आतंकवादियों की जरूरत पड़ती है। तो इस
- 18:31प्लान के लिए अबू तुरारा और सबज़ार ने
- 18:33मोहित शर्मा से कहा तुम कुछ टाइम के लिए
- 18:35अंडरग्राउंड हो जाओ। हम सारी चीजें अरेंज
- 18:37करके वापस यहीं पर मिलेंगे। लेकिन मोहित
- 18:39शर्मा किसी भी कीमत पे उनका साथ नहीं
- 18:42छोड़ना चाहते थे। क्योंकि अगर वह उनके साथ
- 18:43नहीं जाते तो उनके हाई आउट्स, लॉजिस्टिक
- 18:46सप्लाई एक-एक डिटेल पता नहीं चल पाती।
- 18:48मोहित शर्मा ने बहुत ज्यादा जोर डालना
- 18:50चालू किया और कहा कि मैं अपना मिशन पूरा
- 18:52किए बिना वापस अपने गांव नहीं जाऊंगा।
- 18:54चाहे तुम लोग साथ आओ या ना आओ मैं अकेले
- 18:56ही मिशन कर लूंगा। तो ये सारी चीजें सुनके
- 18:58ये दोनों आतंकवादी मोहित शर्मा को श्रीनगर
- 19:01से 50 कि.मी. साउथ की तरफ सोफियान से
- 19:04थोड़ा दूर एक लकड़ी का घर था। वहीं पे
- 19:06हाइड आउट था। वहां पे इनको लेके जाते हैं।
- 19:09यहां पे पहुंचने के बाद हथियार मिलते हैं
- 19:11इनको। ये तीनों के पास AK-47 आ जाती हैं।
- 19:13जितने हाइड आउट्स थे, प्लान, लॉजिस्टिक
- 19:16इनकी डिटेल्स मोहित शर्मा को पता चलती
- 19:17हैं। मोहित शर्मा के पास कोई पेन और पेपर
- 19:20[संगीत] नहीं था। एक-एक हाइड आउट, वेपन और
- 19:22मूवमेंट की डिटेल्स जो उस समय डिस्कस हो
- 19:24रही थी, मोहित शर्मा सारी चीजें अपनी
- 19:26मेमोरी में फिट कर रहे थे और आगे चलके वो
- 19:28भूलते भी नहीं है। जो खाली टाइम में
- 19:30उन्होंने घंटों बैठ के रेडियो पे बातें
- 19:33सुनी थी, जियोग्राफी समझी थी वो सब काम
- 19:35आई। इसके बाद फाइनल प्लान यह था रात में
- 19:38अलग-अलग लोकेशन से ग्रेनेड के कंसाइनमेंट
- 19:40आएंगे और पास के एक गांव से तीन हिजबुल्ला
- 19:42मिलिटेंट्स और आएंगे और इफ्तकार यानी कि
- 19:45मोहित शर्मा के साथ मिलके अगले दिन शाम को
- 19:47मार्क्ड एरिया की ट्रेल के एक छोटे से
- 19:50नीचे वाले हिस्से से जब इंडियन सोल्जर्स
- 19:52पास होंगे तब ये सब मिलके उन पे हमला
- 19:54करेंगे। अब इसके बाद अगले दिन हमला करना
- 19:57फिक्स था और बाकी के जो तीन हिजबुल्ला
- 19:58आतंकवादी थे वो आने वाले उनका वेट हो रहा
- 20:00था और इसी टाइम पे मोहित शर्मा एक रूम की
- 20:03किचन में जाकर तीनों के लिए कावा बना रहे
- 20:05थे और दूसरे रूम में अबू सबजार चारपाई पे
- 20:07बैठ के सिगरेट पी रहा था और अबू तुरारा
- 20:10नीचे जमीन पे बैठा था। अब इस पर्टिकुलर
- 20:12पॉइंट पे अबू तुरारा एकदम से अबू सबजार से
- 20:15कहता है कि पता नहीं क्यों मुझे कुछ
- 20:17गड़बड़ लग रही है। हम इफ्तकार यानी कि
- 20:19मोहित शर्मा पे बहुत ज्यादा भरोसा कर रहे
- 20:21हैं। उसने जो भी अपने गांव की बातें बताई।
- 20:24अपने बारे में जो बताया हमने भरोसा कर
- 20:26लिया। हमें एक्चुअल में पता नहीं है कि सच
- 20:28में वो वहां का है कि नहीं। हमें सिर्फ
- 20:30उसकी कहानियों के अलावा कुछ भी नहीं पता
- 20:32और हम एक ऐसे आदमी के साथ इतने लोगों के
- 20:34साथ इतना बड़ा मिशन प्लान कर रहे हैं। अब
- 20:36इस छोटे से शक के बेसिस पे दोनों अबू
- 20:39तुरारा और अबू सबजार अपनी AK-47 जो बगल
- 20:42में रखी थी उसको लोड कर लेते हैं और दूसरे
- 20:45रूम के किचन से मोहित शर्मा तीन कप में
- 20:47कावा बना के एक स्टील की प्लेट में कमरे
- 20:49में लेके एंट्री करते हैं और उसी रूम में
- 20:51तीनों बैठ के कावा पीने लगते हैं। 1 मिनट
- 20:53तक एकदम सन्नाटा रहता और फिर अबू तुरारा
- 20:55ने अपना एक हाथ मोहित शर्मा के घुटने पर
- 20:58रखकर बोला कि देख मैं तुझसे एक ही बार
- 21:00पूछूंगा और सही जवाब देना यह बताओ कि तुम
- 21:03हो कौन? अब यह सुनते ही मोहित शर्मा को
- 21:06समझ में आ गया है कि यहां से अब सिचुएशन
- 21:08रिस्की हो सकती है। उन्होंने तुरंत डिसाइड
- 21:10कर लिया था कि अब आगे करना क्या है?
- 21:12उन्होंने तुरंत गले से AK-47 जो थी वो
- 21:14निकाली। उसे निकालकर जमीन पर फेंक दिया और
- 21:17इन दोनों के सामने एकदम निहत्ते खड़े हो
- 21:19जाते हैं और बोलते हैं कि मैंने आप लोगों
- 21:20को इतनी मेहनत से जो आर्मी के खिलाफ प्लान
- 21:23बनाया वो सब बता दिया है। अगर इसके बाद भी
- 21:25आप लोगों को मुझ पर भरोसा नहीं है तो मुझे
- 21:27शूट करके मैटर खत्म कर दो। अब यह सुनते ही
- 21:29तुरारा बस थोड़ी सी देर के लिए सब की तरफ
- 21:32मुड़ा। तभी अचानक से मोहित शर्मा ने जो
- 21:34शॉल ओढ़ा था वो हटाया। अपनी कमर में से एक
- 21:37छुपी हुई 9 एमएम की पिस्तौल निकाल के
- 21:39पॉइंट ब्लैंक पर दोनों को एक साथ शूट कर
- 21:42दिया।
- 21:45एक सेकंड का भी मौका नहीं मिला दोनों को
- 21:47कि कुछ भी समझ पाएं। जबकि वो दो AK-47 के
- 21:49साथ दो ट्रेंड आतंकवादी थे। तो रारा जो था
- 21:51वो तो सीधे दीवार पर जाकर लगा और उसके
- 21:54ब्लड से पूरी सफेद दीवार जो थी वो लाल हो
- 21:56गई। और इसके बाद मोहित शर्मा ने श्योर
- 21:58होने के लिए दो राउंड और चला गया। और यह
- 22:00सब होने के बाद मोहित शर्मा वहीं पे शांति
- 22:03से बैठ के अपना बचा हुआ कावा पीने लगे। अब
- 22:06यहां पे देखिए दो वर्जन है। एक तो ये है
- 22:08कि इन दोनों को मारने के बाद मोहित शर्मा
- 22:11कावा पी के रात में ही निकल गए। लेकिन
- 22:13मोहित शर्मा के भाई ने इंटरव्यू में बताया
- 22:14था कि उनके पास कोई पर्सनल वेपन नहीं था।
- 22:17उन्होंने रखा ही नहीं था क्योंकि उनका
- 22:18पकड़े जाने का रिस्क बढ़ जाता। तो यह जो 9
- 22:20एमएम पिस्तौल थी यह पास के एक टेबल पर रखी
- 22:23थी। उन्होंने शॉल में से नहीं निकाली थी।
- 22:25और जब तुरारा मुड़ा उन्होंने वो पिस्तल
- 22:27उठाई और उन्हें शूट कर दिया। और इन दोनों
- 22:29टेररिस्ट को मारने के बाद उन्होंने अपनी
- 22:31कंपनी को कॉल करके बुलाया। और इस टाइम पे
- 22:33एक आर्मी की टीम आसपास के जंगलों में ही
- 22:35थी। तो करीब 5 से 10 मिनट के बाद वह लोग
- 22:38अंदर आए और मोहित बैठ के वहां पे आराम से
- 22:40कावा पी रहे थे। और घुसने के बाद उनके एक
- 22:42ऑफिसर ने यह भी कहा था कि तू पागल है
- 22:43क्या? अब देखिए इन दोनों को तो मोहित
- 22:45शर्मा ने मार दिया लेकिन कहानी अभी यहां
- 22:46भी खत्म नहीं हुई। मोहित शर्मा ने देश के
- 22:49लिए जो सबसे बड़ी चीज की जिसके लिए उनको
- 22:51अशोक चक्र भी मिला वो होना अभी बाकी था।
- 22:53होता क्या है कि मार्च 2009 में मेजर
- 22:56मोहित शर्मा अब वो कैप्टन से मेजर बन गए
- 22:58थे। तो मेजर मोहित शर्मा होली की लीव के
- 23:00लिए अप्लाई करते हैं और लीव अप्रूव भी हो
- 23:02जाती है। लेकिन सेम टाइम पे इनके जूनियर
- 23:04के कजिन की डेथ हो जाती है। तो सिचुएशन
- 23:06ऐसी थी कि एक साथ दो लोगों को लीव नहीं
- 23:09मिल सकती थी। तो मोहित शर्मा ने अपनी लीव
- 23:10पोस्टपोन करवा के वो लीव जूनियर को दे दी।
- 23:13तो वो जूनियर चला गया और मेजर मोहित शर्मा
- 23:15वहीं रुक जाते हैं। अब ये जो डिटेल मैं
- 23:17बता रहा हूं ये इंपॉर्टेंट है। क्योंकि एक
- 23:19इंटरव्यू में खुद मेजर मोहित शर्मा के
- 23:21फादर ने कहा था कि अगर यह छुट्टी मोहित की
- 23:24ट्रांसफर नहीं हुई होती तो हमारे साथ
- 23:26होता। और ऐसा मैं क्यों कह रहा हूं वो भी
- 23:28बताता हूं। तो 11 मार्च 2009 को होली थी
- 23:30जिसमें मेजर मोहित शर्मा जा नहीं पाए और
- 23:32फिर 20 मार्च 2009 को क्या होता है कि
- 23:34करीब 20 से 25 लश्कर तबा के आतंकवादी
- 23:38एलओसी क्रॉस करके कश्मीर की तरफ घुसते
- 23:40हैं। जब ये घुस रहे थे तो इसका इंटल
- 23:42इंडियन आर्मी के पास पहले से ही था। लेकिन
- 23:44इंडियन आर्मी ने प्लान बनाया था कि एलओसी
- 23:46के बहुत पास इनके साथ एंगेज नहीं करेंगे
- 23:48क्योंकि वापस पाकिस्तान के साइड भागने का
- 23:50रिस्क रहता है। तो इनको और अंदर बुला के
- 23:53फिर इनको मारेंगे। लेकिन इस पूरी चीज में
- 23:55Intel तो था इंडियन आर्मी के पास लेकिन
- 23:57दिक्कत यह थी कि आर्मी के पास Intel था कि
- 24:00करीब 5 से छह आतंकवादी आ रहे हैं। लेकिन
- 24:02एक्चुअल में 20 से 25 आतंकवादी थे। इनसे
- 24:04निपटने के लिए सिक्स राष्ट्रीय राइफल की
- 24:06एक टीम भेजी जाती है। तो सबसे पहले तो ये
- 24:09लोग एक आतंकवादी को रागनी पोस्ट पे मार
- 24:11देते हैं। इसके बाद कश्मीर के दरंगयारी
- 24:13में फाइट होती है। वहां भी दो से तीन
- 24:14आतंकवादी मार दिए जाते हैं। अब ये जब फाइट
- 24:17होती है तो यहां से आतंकवादी हाफूदा और
- 24:19शमसाबेरी फॉरेस्ट की बेल्ट थी। वहां की
- 24:22तरफ भाग जाते हैं। हाफूदा और शमसाबेरी का
- 24:25जो इलाका था यह एकदम बर्फ से ढकी
- 24:27पहाड़ियां थी। एकदम नैरो अप्रोचेस एंड
- 24:29कंसील्ड फायरिंग पोजीशंस थी। कहने का मतलब
- 24:32है कि बहुत ही मुश्किल इलाका था।
- 24:34आतंकवादियों को ढूंढ के मारना बहुत
- 24:35मुश्किल था। तो इससे निपटने के लिए सेक्टर
- 24:37कमांडर ने अपने बेस्ट ऑफिसर वन पैरा मोहित
- 24:40शर्मा को फोन मिलाया। दिन का टाइम था इस
- 24:43टाइम पे मोहित शर्मा बैगस वैली में एक
- 24:44एंटी टेरर ऑपरेशन प्लान कर रहे थे और उसी
- 24:47के रिगार्डिंग अपनी टीम को ब्रीफिंग दे
- 24:49रहे थे। अब इसी टाइम पर जब फोन आता है तो
- 24:51मेजर मोहित शर्मा बीच ब्रीफिंग में वो फोन
- 24:53उठाते हैं और जैसे ही उनको सारी डिटेल्स
- 24:55पता चलती हैं राइट अवे मोहित शर्मा अपने
- 24:58बैंगल्स वैली वाला जो ऑपरेशन था वहीं
- 25:00कैंसिल करके टीम को हफरूदा के जंगल के
- 25:02ऑपरेशन के लिए रेडी होने का आर्डर दे देते
- 25:04हैं। अब इसके बाद मेजर मोहित शर्मा करीब
- 25:063:00 बजे अपने साथ 25 कमांडर लेके विलगाम
- 25:10में जो सिक्स राष्ट्रीय राइफल का हेड
- 25:12क्वार्टर है। पहले वहां जाते हैं। वहां
- 25:14सारी डिटेल लेते हैं। वहीं सिक्स आरआर की
- 25:16विलगाम हेड क्वार्टर वाली लोकेशन पे अपना
- 25:18एक कमांडर छोड़ देते हैं ताकि कोई
- 25:20इमरजेंसी सिचुएशन होगी तो कोआर्डिनेशन हो
- 25:22सके और फिर यहां से 24 लोगों की टीम लेके
- 25:24मोहित शर्मा उसी रात यानी कि 21 मार्च
- 25:262009 की मॉर्निंग में 2:30 बजे जिस लोकेशन
- 25:28पे एक दिन पहले सिक्स आरआर की टीम का
- 25:30आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई थी उस
- 25:32लोकेशन की तरफ बढ़ने लगते हैं। अब जब
- 25:34मोहित शर्मा अपनी टीम के साथ लोकेशन से
- 25:36700 मीटर दूर थे तो मेजर मोहित शर्मा को
- 25:392.5 फीट बर्फ के अंदर फुटप्रिंट्स दिखाई
- 25:41देते हैं। अब मोहित शर्मा नीचे बैठ के जब
- 25:43उसको एनालाइज करते हैं तो फुटप्रिंट एक
- 25:45आदमी का था लेकिन गहराई एक आदमी के पैर की
- 25:48नहीं थी वो ज्यादा थी। ये देखते ही मेजर
- 25:50मोहित शर्मा ने अंदाजा लगा लिया कि ये एक
- 25:52आतंकवादी आगे चल रहा है और बाकी सब ठीक
- 25:55उसके पैरों के निशान पे पैर रख के चल रहे
- 25:58हैं ताकि पीछे से कोई आए तो उसको लगे कि
- 26:00एक आदमी गया है। लेकिन असल में आगे इतने
- 26:02ज्यादा आतंकवादी बैठ के इंतजार कर रहे थे
- 26:04उसके बारे में किसी को आईडिया नहीं था। और
- 26:06इससे मोहित शर्मा ये भी समझ गए थे कि आगे
- 26:08जो आतंकवादी हैं वो बहुत ही ट्रेंड है। अब
- 26:10ये देखने के बाद मेजर मोहित शर्मा ने टीम
- 26:13को तीन ग्रुप में बांट दिया। हर ग्रुप में
- 26:15आठ कमांडो एक टीम को मेजर मोहित शर्मा खुद
- 26:18लीड कर रहे थे। दूसरी टीम को नायब सूबेदार
- 26:20उत्तम चंद ये लीड कर रहे थे और तीसरी टीम
- 26:23को हवलदार राकेश ने लीड किया। अब एक दिन
- 26:25पहले किस लोकेशन पे आतंकवादियों के साथ
- 26:27कांटेक्ट हुआ था। किस तरफ से फायरिंग आई
- 26:30थी? टेररिस्ट किस डायरेक्शन में भागे थे?
- 26:32यह सारी डिटेल मेजर मोहित शर्मा ने पहले
- 26:34ही सिक्स आरआर के हेड क्वार्टर से ले रखी
- 26:36थी। तो वह कोई गेस गेम नहीं खेल रहे थे।
- 26:38वह अपने दिमाग में एक प्रॉपर प्लान बनाके
- 26:40आगे बढ़ रहे थे। अब इसके बाद मेजर मोहित
- 26:42शर्मा ने तीनों टीमों को एक-एक डायरेक्शन
- 26:44से मूव कराना चालू किया। नायब सूबेदार
- 26:47उत्तमचंद की जो टीम थी उसको एक अलग काम
- 26:49दिया। उनको कहा कि वो एक ऊंचे टीले पे
- 26:51जाएं। जहां से आतंकवादियों वाला स्पॉट जो
- 26:53है वो सीधा नीचे दिखता है ताकि क्लियर
- 26:55विजिबिलिटी के साथ वो आतंकवादी वाला जो
- 26:57स्पॉट है उस पे डोमिनेटिंग फायर डाल सकें।
- 27:00और जरूरत पड़ने पे नीचे जो उनकी दो टीम थी
- 27:02उसको भी वार्निंग या कवर दे सकें। अब इसके
- 27:05बाद एस पर प्लान ये लोग फुटमार्क्स की
- 27:07डायरेक्शन में आगे बढ़ते हैं और आगे करीब
- 27:1018 से 20 आतंकवादी एक बहुत बड़े हाफ सर्कल
- 27:13में इनका वेट कर रहे थे ताकि ये हाफ सर्कल
- 27:16के बीच में जाके जब बीच वाले आतंकवादियों
- 27:18से लड़ना शुरू करें तो साइड से भी इनके
- 27:20ऊपर हमला किया जा सके। अब टीम में सबसे
- 27:22आगे स्काउट पैरा ट्रू पर नेत्रा सिंह चल
- 27:25रहे थे। चलते-चलते अचानक से इन्होंने
- 27:27रेडियो पे एक मैसेज भेजा कि उन्होंने दो
- 27:29आतंकवादियों को देखा है और उन दो
- 27:31आतंकवादियों ने उनको भी देख लिया है। जबकि
- 27:33आतंकवादी आगे बहुत सारे थे लेकिन उनको दो
- 27:35ही दिखे और इससे पहले के ही वो पूरा मैसेज
- 27:37बता पाते एक गोली सीधे उनके सर में लगती
- 27:40है और वो शहीद हो जाते हैं। आतंकवादियों
- 27:41के पास हाई ज़ूम स्नाइपर भी थी तो वो
- 27:43क्लेरिटी के साथ बहुत दूर से ही एक-एक
- 27:45कमांडो को देख पा रहे थे। और फिर इसके
- 27:47तुरंत बाद पूरी टीम पे गोली चलना स्टार्ट
- 27:49हो जाती है। जिसको जो चीज मिली वो वहीं पर
- 27:52जाकर कवर लेने लगा। कोई पेड़ के पीछे, कोई
- 27:54पत्थर के नीचे जिसको जहां पे कवर मिला
- 27:56उसने वहां पर कवर ले लिया। लेकिन इस
- 27:58सरप्राइज अटैक में चार कमांडो बुरी तरीके
- 28:00से घायल हो गए। और जब ये चार कमांडो घायल
- 28:02हुए तो मेजर मोहित शर्मा गोलियों के बीच
- 28:05में नीचे से रेंगते हुए अपने चार कमांडो
- 28:07के पास जाके उनको एक सेफ लोकेशन पे शिफ्ट
- 28:09करते हैं। अब इस पॉइंट पे आते-आते सुबह के
- 28:1111:00 बज चुके थे। एक कमांडो शहीद हो चुका
- 28:14था और चार घायल थे और सामने से कंटीन्यूअस
- 28:16फायरिंग आ रही थी और सेम टाइम पे हवेलदार
- 28:18राकेश जो थे उनकी भी थाई पे गोली लग जाती
- 28:20है और जैसे-जैसे टाइम हो रहा था कमांडो
- 28:22जख्मी होते जा रहे थे तो इस टाइम पे सबसे
- 28:24इंपॉर्टेंट था कि एक ऐसी सेफ पोजीशन पर
- 28:27पहुंचा जाए जहां वो खुद को कवर भी कर लें
- 28:29घायलों को भी संभाल लें और मिलिटेंट की जो
- 28:31फायरिंग है उसका भी जवाब दे सकें तो यह
- 28:33करने के लिए मेजर मोहित शर्मा खुद आगे
- 28:36खड़े होके आतंकवादियों पे बहुत तेजी से
- 28:38फायरिंग स्टार्ट करते हैं और बाकी कमांडो
- 28:41पीछे लेकर कवर लेना शुरू करते होते हैं।
- 28:42हवलदार राजीव जो थे उन्होंने मेजर मोहित
- 28:44शर्मा को भी कवर लेने को कहा लेकिन
- 28:46उन्होंने कहा कि मैं सबसे लास्ट में
- 28:47आऊंगा। अब जब मेजर मोहित शर्मा ने कवर के
- 28:50लिए ऐसे खड़े होकर गोलियां चलाना स्टार्ट
- 28:51की तो उनके हाथ में एक गोली लग जाती है और
- 28:54उनका खून बहने लगता है। लेकिन गोली लगने
- 28:56के बाद वो टीम का मोराल ना कम हो जाए इसके
- 28:58लिए किसी को पता नहीं लगने देते हैं और
- 28:59अपना जो कॉम्बैट पटका होता है उसको हाथ
- 29:02में बांध लेते हैं ताकि खून रुक जाए।
- 29:03हवलदार राजीव जो थे उनको समझ में आ जाता
- 29:05है। वह फर्स्ट एड लेके पीछे बुलाते हैं और
- 29:07मेजर मोहित शर्मा की तरफ बढ़ने की कोशिश
- 29:09करते हैं। लेकिन मोहित शर्मा मना कर देते
- 29:11हैं कि चिंता की कोई बात नहीं है। तुम
- 29:12अपनी पोजीशन होल्ड करके बैक टू बैक
- 29:14आतंकवादियों के ऊपर कंटीन्यूअसली फायरिंग
- 29:16करते रहो। अब काफी देर तक फायरिंग ऐसी
- 29:18चलती रहती है। तो अब यहां से इस फायरिंग
- 29:20को रोकने के लिए मेजर मोहित शर्मा लांस
- 29:23नायक सुभाष सिंह को मल्टी ग्रेनेड लांचर
- 29:26यह यूज़ करने का ऑर्डर देते हैं ताकि
- 29:27आतंकवादियों की फायरिंग स्लो हो। लेकिन
- 29:29जैसे ही वो पोजीशन लेते हैं उनको भी गोली
- 29:31लग जाती है और जब कोई ऑप्शन नहीं बचता है
- 29:34तो मोहित शर्मा जिनके एक हाथ में खुद गोली
- 29:36लग चुकी थी वो बैक टू बैक जहां से फायरिंग
- 29:38आ रही थी वहां पे छह ग्रेनेड फायर करते
- 29:40हैं जिसमें दो आतंकवादी वहीं पे मर जाते
- 29:42हैं और फायरिंग स्लो हो जाती है। अब
- 29:44फायरिंग हल्की होने के बाद मोहित शर्मा एक
- 29:46स्पॉट आइडेंटिफाई करते हैं कि अगर उस
- 29:48पॉइंट पे पहुंच के क्लोज रेंज में फायर
- 29:50किया जाए तो आतंकवादियों को मारना आसान
- 29:52होगा तभी फायरिंग रुकेगी। लेकिन उसके लिए
- 29:54अपना कवर छोड़ना पड़ता। बहुत ही हाई रिस्क
- 29:56था। ऐसे बिना कवर के उस लोकेशन पे पहुंचना
- 29:58बहुत डेंजरस था। लेकिन अगर यह चीज कोई कर
- 30:01देता तो पूरी टीम को एडवांटेज था। तो
- 30:03क्वेश्चन यही था कि यहां पे यह चीज करता
- 30:05कौन? तो इसके लिए मोहित शर्मा खुद कवर से
- 30:07बाहर निकल के क्लोज रेंज में जाकर दो
- 30:09आतंकवादी वहीं पे मार देते हैं। लेकिन
- 30:11जैसे ही वो ये चीज करते हैं एक गोली मोहित
- 30:13शर्मा के बुलेट प्रूफ जैकेट के साइड से
- 30:16होते हुए उनकी चेस्ट की लेफ्ट साइड में लग
- 30:18जाती है। अब यहां से मोहित शर्मा के दो
- 30:20गोलियां लग चुकी थी। वो सिर्फ एक पेड़ का
- 30:22सहारा लेके क्लोज रेंज में आतंकवादियों पे
- 30:25बैक टू बैक फायर कर रहे थे। खून इतना
- 30:27ज्यादा निकल गया था कि पूरी बॉडी सफेद
- 30:29होती जा रही थी। हवलदार राजीव जो थे वो
- 30:30पास आने की कोशिश करते हैं। मोहित शर्मा
- 30:32उनको भी मना कर रहे थे कि अपनी पोजीशन मत
- 30:34छोड़ना। कोई भी बच के वापस नहीं जाना
- 30:36चाहिए। उनकी सांसे बहुत ज्यादा तेज फूलने
- 30:39लगी थी। उसके बाद भी वो कंटीन्यूअसली फायर
- 30:41कर रहे थे और अपनी टीम का मोराल बढ़ा रहे
- 30:43थे। क्योंकि रेडियो पे ये सारी चीजें
- 30:44सुनाई दे रही थी। टीम और हेड क्वार्टर को
- 30:47तेज सांसों के बीच जो गोली चल रही थी और
- 30:49सांस फूल रही थी वो सब सुनाई आ रहा था।
- 30:51सांस फूलते हुए भी वो अपनी टीम मेंबर को
- 30:53बीच-बीच में बोलते थे कि इन आतंकवादियों
- 30:54को भागने मत देना। याद करो आज इसी दिन के
- 30:57लिए हम सब स्पेशल फोर्स में आए थे। इसी
- 30:59दिन के लिए हमने इतनी ट्रेनिंग करी थी
- 31:01भागने मत देना। ये सब रेडियो पे सुनाई आ
- 31:03रहा था और फिर इसके बाद धीरे-धीरे उनकी
- 31:05फायरिंग स्लो होने लगती है। रेडियो पे
- 31:07मैसेज आना बंद हो जाता है। एकदम शांत हो
- 31:09जाते हैं। वो अकेले आतंकवादियों के इतने
- 31:11क्लोज रेंज में पहुंच चुके थे कि कमांडो
- 31:13चाह के भी उनके पास नहीं पहुंच पा रहे थे।
- 31:15फिर करीब 4:00 बजे जैसे तैसे रेन के
- 31:17हवलदार राजीव उनके पास पहुंचते हैं। उनकी
- 31:19सांस चेक करते हैं तो उनकी सांस रुक चुकी
- 31:21थी। उनकी राइफल की सारी मैगज़ीन खाली हो
- 31:23चुकी थी। हाथ में राइफल की ग्रिप एकदम
- 31:26टाइट थी जो छूटने से भी नहीं छूट रही थी
- 31:28और अपने अगल-बगल आतंकवादी मार के लेटा रखे
- 31:30थे। हवलदार राजीव ने उनको कंधे पर उठा के
- 31:331 कि.मी. से ज्यादा दूर ले गए। और इस टाइम
- 31:35पे एक सिचुएशन ये थी कि शायद अगर मोहित
- 31:38शर्मा ने अपनी छुट्टी अपने जूनियर के लिए
- 31:40पोस्टपोन नहीं की होती तो इस पर्टिकुलर
- 31:42टाइम पे शायद वो अपने घर वालों के बीच में
- 31:44बैठे होते। लेकिन अब वह हवलदार राजीव के
- 31:46कंधों पे थे। इसके बाद मेजर मोहित शर्मा
- 31:48को हेलीकॉप्टर से श्रीनगर 92 बेस हॉस्पिटल
- 31:51[संगीत] पहुंचाया गया। लेकिन मेजर मोहित
- 31:53शर्मा शहीद हो गए थे।
- 31:5625 मार्च तक यह ऑपरेशन चला। 12 आतंकवादी
- 31:59और आठ जवान शहीद हुए और 26 ऑफ जनवरी 2010
- 32:03को मेजर मोहित शर्मा को अशोक चक्र दिया
- 32:05गया। मैंने जब मेजर मोहित शर्मा के बारे
- 32:07में पढ़ा इंटरव्यूज पुराने अखबार एक जगह
- 32:10आके सबसे ज्यादा शॉक्ड हुआ जब मोहित शर्मा
- 32:12ने होली की छुट्टी पोस्टपोन करवाई थी
- 32:14[संगीत] उस टाइम उन्होंने नोएडा में एक
- 32:16नया घर लिया था और उस छुट्टी में उन्हें
- 32:18उसकी चाबी लेनी थी पजेशन लेना था यानी वो
- 32:21छुट्टी [संगीत] सिर्फ होली नहीं थी वो
- 32:22छुट्टी उनके अपने घर का पहला दिन भी होता
- 32:25लेकिन वो दिन उन्होंने देश को दे दिया
- 32:27देखिए हम हीरोज़ बनाते हैं नेताओं को
- 32:29एक्टर्स को उनके पोस्टर लगाते हैं उनके
- 32:31नाम पे हैशटग चलाते हैं लेकिन मेजर मोहित
- 32:34शर्मा जैसा इतना इतना बड़ा नाम हम भूल
- 32:36जाते हैं। आज भी कई लोग हैं जिन्होंने
- 32:37इनका नाम पहली बार सुना होगा। देखिए यहां
- 32:39पे जो मैं कहना चाह रहा हूं क्वेश्चन और
- 32:41डिस्कशन ये नहीं है कि हमारे देश के
- 32:43सोल्जर्स को हीरो होना चाहिए नहीं होना
- 32:45चाहिए। क्वेश्चन ये है कि हम उनको हीरो
- 32:47बनाते क्यों नहीं है? इवन आज की डेट में
- 32:48भी आप देखोगे ऐसा देखने को मिल जाता है।
- 32:50सोल्जर बस में ट्रेन में दिखते हैं, वर्दी
- 32:53में है, बैक कंधे पे है, छुट्टी पर घर जा
- 32:56रहे हैं और लोग उनके लिए सीट तक नहीं
- 32:57छोड़ते हैं। मेजर मोहित शर्मा की जो कहानी
- 32:59है, वह हमको बताती है कि एक सोल्जर हमारे
- 33:02देश के लिए क्या-क्या करता है।
- 33:06लास्ट में एक बार फिर से आपको बता दूं अगर
- 33:08आप टोबैको एडिक्शन से परेशान हैं तो राइस
- 33:11निकोटीन गम जरूर ट्राई करिए। थैंक यू।
- 33:16[संगीत]
About this transcript
This page contains the full transcript of Untold Story of Major Mohit Sharma | Nitish Rajput by Nitish Rajput, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 7,339 words across 904 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
What you can do with it
Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.
Free YouTube transcript tool
YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.