Unit-4 Fiber Optics I One Shot I Physics by Gushan Sir I Gateway Classes I AKTU — Transcript
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- 0:00हेलो डियर स्टूडेंट्स वेलकम टू द गेटवे
- 0:02क्लासेस माय नेम इज गुलचंद कुमार और मैं
- 0:04आपको पढ़ा रहा हूं इंजीनियरिंग फिजिक्स
- 0:06इंजीनियरिंग फिजिक्स में आज हम फाइबर
- 0:08ऑप्टिक्स का वन शॉर्ट रिवीजन करेंगे वन
- 0:11शॉर्ट रिवीजन के पीडीएफ नोट्स पी वाई
- 0:13क्यूज एंड डीबीबी फ्री ऑफ कॉस्ट गेटवे
- 0:16क्लासेस एप्लीकेशन पर अवेलेबल है ऐप का
- 0:18लिंक आपको इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में
- 0:21गिवन है रिवीजन को स्टार्ट करने से पहले
- 0:24मैं आपको
- 0:30आपको बीटेक का क्वालिटी कंटेंट मिलता है
- 0:32और बीटेक के मैक्सिमम स्टूडेंट हमारे चैनल
- 0:35से पढ़ते हैं ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं
- 0:38क्योंकि हमारे चैनल के अगर आप व्यूज
- 0:40देखेंगे तो यहां पर 2 करोड़ 26 लाख से
- 0:42ज्यादा व्यूज है और अगर वॉच टाइम की बात
- 0:45करूं तो वच टाइम आवर्स में गिवन है और वॉच
- 0:48टाइम हमारा 25 96000 यानी कि लगभग 26 लाख
- 0:52आवर्स का वॉच टाइम है अब दो कैटेगरी के
- 0:55स्टूडेंट्स हैं एक वो स्टूडेंट जिन्होंने
- 0:57चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है और एक वो
- 0:59स्टूडेंट जिन्होंने चैनल को सब्सक्राइब
- 1:01किया है अगर आप यहां पर ध्यान दें जिन
- 1:03स्टूडेंट ने चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया
- 1:05है उनके व्यूज 57.3 पर है और जिन्होंने
- 1:09चैनल को सब्सक्राइब किया उनके व्यूज केवल
- 1:1242.7 पर है सेम डाटा आपको यहां पर भी
- 1:15देखने को मिलेगा वॉच टाइम में अगर आप वॉच
- 1:17टाइम में भी देखें तो वॉच टाइम 56.8 पर उन
- 1:21स्टूडेंट का है जिन्होंने चैनल को
- 1:22सब्सक्राइब नहीं किया है और जिन्होंने
- 1:24सब्सक्राइब किया है उनका 43.2 है तो आप
- 1:28लोगों से मेरी रिक्वेस्ट है कि कि आप
- 1:30लोगों को अगर हमारा चैनल का क्वालिटी
- 1:32कंटेंट अच्छा लगता है यानी कि आपको अगर
- 1:34हमारे चैनल का कंटेंट अच्छा लगता है अगर
- 1:36आप हमारे चैनल से पढ़ते हैं तो आप हमारे
- 1:39चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें अब हम अपने
- 1:42टॉपिक पर चलते हैं और यहां पर आज हमें
- 1:45रिवीजन करना है यूनिट नंबर फोर में फाइबर
- 1:48ऑप्टिक्स का देखिए यूनिट नंबर फोर के अंदर
- 1:50दो टॉपिक है फाइबर ऑप्टिक्स एंड लेजर और
- 1:54आज हम फाइबर ऑप्टिक्स का वन शॉट रिवीजन
- 1:56करेंगे नेक्स्ट वीडियो में हम लेजर का वन
- 1:58शॉट रिवीजन करेंगे
- 2:00तो फाइबर ऑप्टिक्स का कंप्लीट सिलेबस आज
- 2:03आपको मैं यहां पर कवर कराऊंगा यह हमारा
- 2:06फाइबर ऑप्टिक्स का कंप्लीट सिलेबस है
- 2:08जिसको हमें कवर करना है तो चलिए स्टार्ट
- 2:11करते हैं सबसे पहले तो मैं यहां पर आपको
- 2:13बता देता हूं कि फाइबर ऑप्टिक्स के अंदर
- 2:15हमें फाइबर ऑप्टिक्स की थ्योरी भी पढ़नी
- 2:17है यहां पर हम डेरिवेशन भी करेंगे और
- 2:20न्यूमेरिकल्स भी सॉल्व करेंगे लेकिन इस
- 2:22टॉपिक के अंदर सब कुछ बहुत आसान है और
- 2:25बहुत ही आसानी के साथ आपको समझ में भी आ
- 2:28जाएगा तो चलिए स्टार्ट करते हैं और सबसे
- 2:30पहले बात करेंगे कि फाइबर ऑप्टिक्स क्या
- 2:32है देखिए फाइबर ऑप्टिक्स एक मॉडर्न
- 2:35टेक्नोलॉजी है जिसका हम यूज करते हैं फॉर
- 2:38डेटा कम्युनिकेशन और डेटा
- 2:40ट्रांसफर फाइबर ऑप्टिक्स से पहले की जो
- 2:43टेक्नोलॉजीज थी उनमें जनरली हम कॉपर वायर
- 2:46का यूज करते थे जनरली किसका यूज करते थे
- 2:49कॉपर वायर का लेकिन फाइबर ऑप्टिक्स के
- 2:51अंदर हम यूज करते हैं ऑप्टिकल फाइबर का तो
- 2:54देखिए सेकंड पॉइंट क्या लिखा है ऑप्टिकल
- 2:56फाइबर सर्व द सेम पर्पस एज द कॉपर वायर
- 3:00बाय मूविंग इंफॉर्मेशन फ्रॉम वन प्लेस टू
- 3:03अनदर प्लेस यानी कि पहले की जो टेक्नोलॉजी
- 3:06थी उनमें जनरली कॉपर वायर का यूज होता था
- 3:08लेकिन फाइबर ऑप्टिक्स की जो टेक्नोलॉजी है
- 3:10इसमें ऑप्टिकल फाइबर का यूज होता है जिसको
- 3:13हम ऑप्टिकल केबल भी कहते हैं क्या कहते
- 3:16हैं ऑप्टिकल केबल अब जरा ध्यान देना आगे
- 3:19नेक्स्ट पॉइंट क्या है इन फाइबर ऑप्टिक्स
- 3:22द ट्रांसमिशन मीडियम इज लाइट देखो फाइबर
- 3:25ऑप्टिक्स के अंदर जो ट्रांसमिशन मीडियम
- 3:27होता है ना वो लाइट है ट्रा मीडियम क्या
- 3:30है लाइट है तो इस बात को थोड़ा सा समझ
- 3:32लेते हैं न सबसे पहले तो आपको यह पता होना
- 3:35चाहिए कि ऑप्टिकल फाइबर कैसा होता है यानी
- 3:38कि देखने में कैसा होता है तो सबसे पहले
- 3:40हम ऑप्टिकल फाइबर को देख लेते हैं जिसको
- 3:42हम ऑप्टिकल केबल भी कहते हैं तो यहां पर
- 3:45मैंने ऑप्टिकल फाइबर की कुछ पिक्चर्स लगाई
- 3:47हुई है जो आप लोगों ने पहले भी देखी होंगी
- 3:50अपने आसपास देखी होंगी और हो सकता है कि
- 3:52आपने अगर इंटरनेट का कनेक्शन अपने घर में
- 3:54ले रखा हो तो वहां पर भी आपको ऑप्टिकल
- 3:56फाइबर देखने को मिलेगा जिसको हम ऑप्टिकल
- 3:59केबल कहते
- 4:00तो यहां पर अगर आप ध्यान दें इस तरह के
- 4:02केबल आपने बहुत जगह पर लगे हुए देखे होंगे
- 4:04है ना यहां पर देखिए ऑप्टिकल केबल की
- 4:06इंडिविजुअल पिक्चर है इसको आप देख सकते
- 4:08हैं यहां पर आप देख सकते हैं ये सब
- 4:10ऑप्टिकल केबल्स है तो हम थोड़ा सा समझने
- 4:13की कोशिश करते हैं इस वाले डायग्राम से तो
- 4:15ये हमारा क्या ऑप्टिकल फाइबर है या जिसको
- 4:17हम ऑप्टिकल केबल कह सकते हैं ऑप्टिकल
- 4:19फाइबर के अंदर तीन इंपॉर्टेंट पार्ट्स
- 4:21होते हैं ध्यान दीजिएगा तीन इंपॉर्टेंट
- 4:23पार्ट्स कौन-कौन से हैं देखिए इस केबल के
- 4:25अंदर जो सबसे अंदर वाला पार्ट होता है
- 4:27उसको हम कहते हैं कोर सी ओ आर ई कोर ये
- 4:31अंदर वाला पार्ट है फिर इस अंदर वाले
- 4:33पार्ट के बाहर यानी कि कोर के चारों तरफ
- 4:36एक और लेयर होती है जो जिसको हम कहते हैं
- 4:42क्लैडिस्टिक है इसके बाहर जो वाइट कलर
- 4:44वाली लेयर है ये
- 4:52क्लैडिस्टिक कोटिंग या फिर जैकेट भी कहते
- 4:55हैं या बफर कोटिंग इसको कहा जाता है या
- 4:57इसका एक और नाम होता है सीत तो बात है ही
- 5:00है कोई भी नाम से आप बोलिए सबका मतलब सेम
- 5:03ही है तो यह हमारा ऑप्टिकल फाइबर की
- 5:05पिक्चर है जो आपको समझ में आ रहा होगा कि
- 5:07इसके अंदर तीन इंपॉर्टेंट पार्ट होते हैं
- 5:09अब अभी-अभी हमने देखा कि ऑप्टिकल फाइबर के
- 5:12अंदर जो ट्रांसमिशन मीडियम है वो लाइट है
- 5:15यानी कि इस केबल के अंदर हमारी जो
- 5:17इंफॉर्मेशन एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट पर
- 5:20जाती है उस इंफॉर्मेशन को कौन कैरी करके
- 5:22लेके जाता है लाइट यानी कि लाइट यहां पर
- 5:25एक तरह का क्या है ट्रांसमिशन मीडियम है
- 5:27और जरा यहां पर ध्यान दीजिएगा ये जो अंदर
- 5:30वाला पार्ट है कोर इस कोर के अंदर लाइट
- 5:32ट्रेवल करती है आप देख सकते हैं यहां से
- 5:34ये देखिए लाइट एंटर हुई और ये इस कोर के
- 5:36अंदर ट्रेवल कर रही है बात समझ में आ रही
- 5:39इसके अंदर क्या कर रही है ट्रेवल कर रही
- 5:41है अब इस जब ये लाइट कोर के अंदर ट्रेवल
- 5:43करती है तो यहां पर एक बहुत ही इंपोर्टेंट
- 5:46फिनोमिना होता है जिसकी वजह से ये लाइट
- 5:48ट्रेवल कर पाती है और उस फिनोमिना का नाम
- 5:51है टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन हां जी ये
- 5:55फिनोमिना आप लोगों ने क्लास 10थ में भी
- 5:57पढ़ा होगा क्लास 12थ में भी पढ़ा होगा याद
- 5:59कर कर आप लोगों ने टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन
- 6:01जब पढ़ा होगा तो वहां पर आपने इसकी बहुत
- 6:03इंपॉर्टेंट एप्लीकेशन पढ़ी होगी कि जो
- 6:05डायमंड होता है वो चमकता क्यों है तो आपने
- 6:07वहां पर पढ़ा था कि डायमंड चमकता है टोटल
- 6:10इंटरनल रिफ्लेक्शन की वजह से और ऑप्टिकल
- 6:13फाइबर के अंदर ऑप्टिकल फाइबर के अंदर जो
- 6:15लाइट ट्रेवल करती है ये लाइट भी ट्रेवल
- 6:18करती है टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन की वजह से
- 6:22तो आज हम टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन को भी
- 6:24समझेंगे वो बात अलग है कि सभी स्टूडेंट को
- 6:26पहले से आता होगा लेकिन फिर भी मैं यहां
- 6:29पर एक बार फिर से आपको टोटल इंटरनल
- 6:31रिफ्लेक्शन के बारे में पढ़ाऊंगा तो मुझे
- 6:33लगता है आपको अब सेकंड पॉइंट ये थर्ड
- 6:35पॉइंट समझ में आ रहा होगा कि फाइबर
- 6:37ऑप्टिक्स के अंदर या ऑप्टिकल फाइबर के
- 6:39अंदर जो ट्रांसमिशन मीडियम है वो लाइट है
- 6:42क्या है लाइट है तो ध्यान दीजिएगा हमें
- 6:45यहां पर कॉपर वायर नहीं पढ़ना हमें यहां
- 6:46पर ऑप्टिकल फाइबर पढ़ना है है ना इस पूरे
- 6:49चैप्टर के अंदर फाइबर ऑप्टिक्स के अंदर हम
- 6:52ऑप्टिकल फाइबर की ही बात करेंगे और
- 6:54ऑप्टिकल फाइबर से रिलेटेड ही हम सब कुछ
- 6:57पढ़ेंगे तो इतना समझ में आ गया कि
- 7:00ट्रांसमिशन मीडियम ट्रांसमिशन मीडियम क्या
- 7:02है लाइट है एंड दैट लाइट इज कैरिड अब ये
- 7:04जो लाइट है ये लाइट किसके अंदर कैरी कर
- 7:06रही है यानी कि लाइट किसके अंदर ट्रेवल कर
- 7:08रही है तो ये लाइट ट्रेवल कर रही है कोर
- 7:10के अंदर इन अ विद इन अ हेयर थिन ऑप्टिकल
- 7:13फाइबर देखो हेयर थिन ऑप्टिकल फाइबर का
- 7:16मतलब क्या है यानी कि ये जो ऑप्टिकल फाइबर
- 7:18है जिसके अंदर लाइट ट्रेवल कर रही है उसकी
- 7:21थिकनेस हेयर की थिकनेस के लगभग बराबर होती
- 7:24है अब जरा ध्यान देना यहां पर ऑप्टिकल
- 7:28फाइबर लिखिए तो ऑप्टिक ऐसा नहीं कि
- 7:30ऑप्टिकल फाइबर की जो थिकनेस है वो हेयर की
- 7:32थिकनेस के बराबर होती है एक्चुअल में
- 7:34ऑप्टिकल फाइबर के जो अंदर वाला पार्ट होता
- 7:36है जिसको हम कोर कहते हैं इस कोर की
- 7:39थिकनेस हेयर की थिकनेस के बराबर होती है
- 7:42तो आप सोचिए कि जो ह्यूमन हेयर है उसकी
- 7:44थिकनेस कितनी कम है और उतनी ही कम थिकनेस
- 7:47होती है इस कोर की और इस कोर के अंदर लाइट
- 7:50ट्रेवल करती है और ये लाइट ही हमारी
- 7:52इंफॉर्मेशन को कैरी करके लेके जाती है बात
- 7:55समझ में आ रही है तो इसकी थिकनेस बहुत कम
- 7:57है तो यहां पर जो ये तीन पार्ट है र
- 7:59क्लैडिस्टिक कोटिंग इन तीनों के बारे में
- 8:02हम डिटेल में पढ़ेंगे तीनों का क्या काम
- 8:04है सब कुछ हम इस चैप्टर के अंदर कंप्लीट
- 8:07करेंगे चलिए अब थोड़ा सा आगे चलते हैं और
- 8:10यहां पर बात करते हैं कि ये जो लाइट इसके
- 8:14अंदर ट्रेवल कर रही है ये तो आपको समझ में
- 8:15आ गया किसकी वजह से कर रही है वाया द
- 8:17प्रोसेस ऑफ टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन तो अब
- 8:19ये पॉइंट आपको क्लियर हो गया होगा कि इन
- 8:21फाइबर ऑप्टिक ट्रांसमिशन मीडियम क्या है
- 8:23लाइट है और ये लाइट किसके अंदर ट्रेवल
- 8:25करती है ऑप्टिकल फाइबर के अंदर और ऑप्टिकल
- 8:27फाइबर के अंदर भी सबसे अंदर वा पार्ट के
- 8:29अंदर कोर के अंदर ट्रेवल करती है वाया द
- 8:32प्रोसेस ऑफ टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन अब
- 8:35यहां पर क्वेश्चन ये आता है कि जब हमारे
- 8:37पास फाइबर ऑप्टिक्स से पहले और
- 8:39टेक्नोलॉजीज थी तो हम फाइबर ऑप्टिक्स
- 8:42टेक्नोलॉजी को क्यों अडॉप्ट करते हैं या
- 8:43फाइबर ऑप्टिक्स टेक्नोलॉजी का यूज क्यों
- 8:45करते हैं अ सीधी सी बात है ये मॉडर्न
- 8:47टेक्नोलॉजी है इसका मतलब इसके कुछ
- 8:49एडवांटेज होंगे इसीलिए हम इस टेक्नोलॉजी
- 8:52का यूज करते हैं तो यहां पर मैंने फाइबर
- 8:54ऑप्टिक्स के एडवांटेजेस लिखे हुए हैं ये
- 8:56एडवांटेज भी एग्जाम में पूछ लिए जाते हैं
- 8:58तो आपको मालूम होने चाहिए ध्यान दीजिएगा
- 9:01क्या एडवांटेजेस है इसके देखिए फर्स्ट
- 9:03एडवांटेज हाई डाटा ट्रांसमिशन रेट मतलब
- 9:06यहां पर जो डाटा का ट्रांसमिशन रेट है वो
- 9:09बहुत हाई है और देखो ये तो आप प्रैक्टिकली
- 9:11समझ भी सकते हैं आप सभी स्टूडेंट को मालूम
- 9:13भी होगा कि आज के समय में डाटा को
- 9:16ट्रांसफर करना कितना आसान है और कितनी हाई
- 9:18स्पीड से हमारा डाटा ट्रांसफर हो जाता है
- 9:20जबकि पहले ऐसा नहीं होता था तो ये किसकी
- 9:23वजह से पॉसिबल हुआ फाइबर ऑप्टिक्स की वजह
- 9:25से तो हाई डेट हाई डाटा ट्रांसमिशन रेट
- 9:29सेकंड पॉइंट क्या हायर बैंड विड्थ देखिए
- 9:31हायर बैंड विड्थ का मतलब क्या है कि हम
- 9:33यहां पर बहुत ज्यादा डाटा को ट्रांसफर कम
- 9:36कर सकते हैं बहुत ही कम समय में यानी कि
- 9:38अगर बैंड विड्थ ज्यादा होगी तो हमारा
- 9:41ज्यादा डाटा ट्रांसफर हो जाएगा नेक्स्ट
- 9:43पॉइंट देखिए लो ट्रांसमिशन
- 9:46लॉस देखिए जब हमारी इंफॉर्मेशन एक पॉइंट
- 9:50से दूसरे पॉइंट की तरफ फ्लो करती है तो
- 9:52उसमें बीच में बहुत सारे लॉसेस भी होते
- 9:54हैं है ना तो जो फाइबर ऑप्टिक्स है इस
- 9:57टेक्नोलॉजी के अंदर लॉसेस क्या है मिनिमम
- 9:59हो ऐसा नहीं कि लॉसेस नहीं होते लॉस तो
- 10:01यहां पर भी होंगे लेकिन कंपैरेटिव कम लॉस
- 10:04होंगे पहले ज्यादा लॉस होते थे नेक्स्ट
- 10:07पॉइंट देखिए क्या है स्मॉल साइज केबल एंड
- 10:09वेट यहां पर जो केबल होगा उसका साइज क्या
- 10:12होगा स्मॉल होगा आप देख ही सकते हैं जो
- 10:14फाइबर ऑप्टिकल फाइबर का जो अंदर वाला
- 10:16पार्ट है कोर जिसके अंदर लाइट ट्रेवल करती
- 10:18है और जिसके अंदर हमारी इंफॉर्मेशन फ्लो
- 10:21करती है उसकी थिकनेस ह्यूमन हेयर की
- 10:24थिकनेस के बराबर होती है तो सीधी सी बात
- 10:26है केबल जो होगा वो उसका साइज कम हो होगा
- 10:29मतलब उसकी थिकनेस कम होगी और वेट भी कम
- 10:32होगा नेक्स्ट पॉइंट है कि क्या है सेफ्टी
- 10:35ड्यू टू एब्सेंट ऑफ इलेक्ट्रिक स्पार्क अब
- 10:37इस पॉइंट को समझिए इस पॉइंट का मतलब क्या
- 10:39है देखिए इससे पहले क्या यूज होता था कॉपर
- 10:42वायर और कॉपर आप जानते हैं कॉपर क्या है
- 10:45कॉपर एक कंडक्टर है गुड कंडक्टर ऑफ
- 10:47इलेक्ट्रिसिटी तो सीधी सी बात है उसमें
- 10:49इलेक्ट्रिक स्पार्क जनरेट होने के क्या
- 10:51रहते थे चांसेस रहते थे लेकिन ऑप्टिकल
- 10:54फाइबर के अंदर क्या यूज होता है कोर कोर
- 10:58और उसके ऊपर क्या है लडिंग है और कोर और
- 11:02क्लैडिस्टिक फाइबर के ये बने होते हैं
- 11:05ग्लास से या फिर प्लास्टिक से प्लास्टिक
- 11:08मतलब हाई क्वालिटी का प्लास्टिक होता है
- 11:10एक तरह से कह सकते हैं कि ट्रांसपेरेंट
- 11:12पॉलीमर होता है तो यहां पर ग्लास या
- 11:15प्लास्टिक का यूज होगा कोर को बनाने के
- 11:17लिए और
- 11:20क्लैडिस्टिक का यूज हो रहा है तो यहां पर
- 11:23ग्लास और प्लास्टिक दोनों ही क्या है बैड
- 11:25कंडक्टर ऑफ इलेक्ट्रिसिटी है यानी कि
- 11:27ऑप्टिकल केबल के अंदर इलेक्ट्रिक स्पार्क
- 11:30जनरेट होने का कोई स्कोप ही नहीं है कोई
- 11:33चांस ही नहीं है तो इसका मतलब यहां पर
- 11:35हमारा सेफ्टी रहेगी इलेक्ट्रिक स्पार्क से
- 11:39नेक्स्ट क्या है डाटा सिक्योरिटी यहां पर
- 11:41कंपैरेटिव डाटा की जो सिक्योरिटी है व
- 11:43ज्यादा है और लास्ट पॉइंट एेंट रॉ मटेरियल
- 11:46देखिए ऑप्टिकल फाइबर को बनाने के लिए हमें
- 11:48क्या चाहिए ग्लास चाहिए प्लास्टिक चाहिए
- 11:50और नेचर में ग्लास और प्लास्टिक के लिए जो
- 11:53रॉ मटेरियल है वो बहुत ही लार्ज क्वांटिटी
- 11:56में है तो आप आपको यह सारे एडवांटेजेस
- 11:59अच्छे से समझ में आ गए होंगे अब आगे बढ़ते
- 12:02हैं और बात करते हैं कि ऑप्टिकल फाइबर है
- 12:05क्या व्हाट इज ऑप्टिकल फाइबर क्योंकि
- 12:07एग्जाम में बहुत बार पूछा जाता है कि
- 12:09व्हाट डू यू अंडरस्टैंड बाय ऑप्टिकल फाइबर
- 12:11तो आपको ऑप्टिकल फाइबर को डिफाइन करना
- 12:13होगा तो ध्यान दीजिए बहुत सिंपल सी
- 12:15डेफिनेशन है एन ऑप्टिकल फाइबर इज अ हेयर
- 12:19थिन हेयर थिन इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि
- 12:21उसकी जो थिकनेस होती है वो हेयर की थिकनेस
- 12:23के लगभग बराबर होती है है ना हेयर थिन
- 12:26लॉन्ग स्टैंड ऑफ ग्लास लॉन्ग स्ट्रैंड ऑफ
- 12:30ग्लास सराउंडेड बाय अब ध्यान देना यहां पर
- 12:33बात हो रही है कोर की ये इस कोर की बात हो
- 12:36रही है और इस कोर के चारों तरफ क्या है
- 12:38लेडि है तो वही चीज यहां पर लिखी है
- 12:41द ध्यान दीजिए एन ऑप्टिकल फाइबर इज अ हेयर
- 12:44थिन लॉन्ग स्टैंड ऑफ ग्लास सराउंडेड बाय अ
- 12:47ग्लास कोटिंग ऑफ स्लाइटली लोअर
- 12:49रिफ्रैक्टिव इंडेक्स तो यहां पर
- 12:51इंपॉर्टेंट पॉइंट ये है इंपोर्टेंट पॉइंट
- 12:53ये है कि कोर भी ग्लास जो कोर है इसका
- 12:56मटेरियल क्या है ग्लास है लडिंग का
- 12:58मटेरियल भी ग्लास है यानी कि ये दोनों सेम
- 13:00मटेरियल के हो सकते हैं दोनों किसके होंगे
- 13:02ग्लास के अंतर क्या होगा दोनों में ये
- 13:05समझना बहुत जरूरी है तो इन दोनों में
- 13:07डिफरेंस ये है कि जो कोर है उसका
- 13:10रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ज्यादा होता है और जो
- 13:13क्लैडिस्टिक्स कम होता है इस पॉइंट को नोट
- 13:16कर लीजिए ये इंपॉर्टेंट है और आपको हमेशा
- 13:19याद रखना है क्या याद रखना है कि कोर का
- 13:22रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ज्यादा होगा
- 13:24क्लैडिस्टिक्स कम होगा हां वो बात अलग है
- 13:27कि इन दोनों में जो डिफरेंस होता है
- 13:29रिफ्रैक्टिव इंडेक्स का वो बहुत स्मॉल
- 13:31होता है लेकिन फिर भी दोनों का
- 13:33रिफ्रैक्टिव इंडेक्स अलग-अलग है कोर का
- 13:35ज्यादा है
- 13:39क्लैडिस्टिक्स ज्यादा होगा क्लैडिस्टिक्स
- 13:42कम होगा तब ही हमारा उस उसी सिचुएशन में
- 13:45उसी कंडीशन में टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन हो
- 13:48पाएगा तो टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन के लिए
- 13:51हम कोर का रिफ्लेक्टिव इंडेक्स ज्यादा
- 13:53रखते हैं और क्लैडिस्टिक्स कम रखते हैं
- 13:56अभी आपको समझ में आ जाएगा जब हम टोटल
- 13:57इंटरनल रिफ्लेक्शन को पढ़ेंगे बोलो बात
- 14:00समझ में आ रही है तो यही यहां पर डेफिनेशन
- 14:02में भी लिखा है है ना तो देखो यहां पर कोर
- 14:05भी और उसके बाहर जो
- 14:12क्लैडिस्टिक्स होती है उसका रिफ्रैक्टिव
- 14:14इंडेक्स कम होता है और कोर का रिफ्रैक्टिव
- 14:16इंडेक्स ज्यादा होता है क्लियर हो गई बात
- 14:19नाउ नेक्स्ट पॉइंट देखिए क्या है इट इज
- 14:21यूज्ड एज अ गाइडेड मीडियम फॉर
- 14:23ट्रांसमिटिंग ऑप्टिकल सिग्नल फ्रॉम वन
- 14:26प्लेस टू अनदर प्लेस ये जो हमारा केबल
- 14:28होता है
- 14:30ये जो हमारा केबल होता है ये एक तरह से
- 14:31गाइडेड मीडियम का काम करता है है ना और
- 14:34इसके अंदर हमारी इंफॉर्मेशन फ्लो करती है
- 14:36इन द फॉर्म ऑफ ऑप्टिकल सिग्नल भा ये
- 14:39ऑप्टिकल सिग्नल की फॉर्म में क्यों फ्लो
- 14:40करेगी क्योंकि इसके अंदर लाइट ट्रेवल कर
- 14:42रही है और जहां पर लाइट है वहां पर हमारा
- 14:44सिग्नल कैसा होगा ऑप्टिकल सिग्नल होगा तो
- 14:46यहां पर जो हमारी इंफॉर्मेशन फ्लो कर रही
- 14:48है वो ऑप्टिकल सिग्नल की फॉर्म में फ्लो
- 14:50कर रही है तो मुझे लगता है अब आपको
- 14:52ऑप्टिकल फाइबर की जो डेफिनेशन है वो
- 14:54क्लियर समझ में आ गई होगी बहुत ही सिंपल
- 14:56सी डेफिनेशन है नाउ बात करेंगे
- 14:59कंस्ट्रक्शन ऑफ ऑप्टिकल फाइबर कंस्ट्रक्शन
- 15:01ऑफ ऑप्टिकल फाइबर अगेन इंपॉर्टेंट है बहुत
- 15:04बार यूनिवर्सिटी एग्जाम में पूछा गया है
- 15:06कि व्हाट आर द मेन कंपोनेंट्स ऑफ ऑप्टिकल
- 15:08फाइबर ऑप्टिकल फाइबर के मेन कंपोनेंट्स
- 15:11कौन-कौन से हैं तो ऑप्टिकल फाइबर के मेन
- 15:13कंपोनेंट्स तो तीन ही है कोर
- 15:16क्लैडिस्टिक कोटिंग अब मैं यहां पर एक चीज
- 15:18आपको क्लियर कर दूं जब आपको इसके मेन
- 15:21कंपोनेंट पूछे जाएंगे तो आपको इनमें से
- 15:24कोई डायग्राम नहीं बनाना यहां पर जो ये
- 15:26तीनों डायग्राम आपको दिखाई दे रहे हैं ये
- 15:28तीनों डायग्राम आपको एग्जाम में नहीं
- 15:29बनाने हैं यह तो मैं केवल आपको समझाने के
- 15:32लिए डायग्राम को यहां पर लिया है एग्जाम
- 15:34में आपको कौन सा डायग्राम बनाना है एग्जाम
- 15:36में आपको बनाना ये अगर आपसे अगर आपसे
- 15:39ऑप्टिकल फाइबर के कंपोनेंट्स पूछे जाते
- 15:41हैं तो आप यह डायग्राम बनाएंगे अब इस
- 15:43डायग्राम को जरा ध्यान से देखिए तीन पार्ट
- 15:46है इसके अंदर देखो यह सबसे अंदर वाला
- 15:48पार्ट है तो सबसे अंदर वाले पार्ट को हम
- 15:49क्या कहते हैं कोर तो यह हमारा है कोर और
- 15:53कोर का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स हम हमेशा मान
- 15:57के चलेंगे मव अब इसको ध्यान रखिए कोर का
- 16:00रिफ्रैक्टिव इंडेक्स कितना होता है
- 16:02u1 क्लियर है उसके बाद ये वाला जो पार्ट
- 16:05है कोर के चारों तरफ क्या होता है क्लेडी
- 16:07तो यह हमारे पास
- 16:13क्लैडिस्टिक्स इंडेक्स को हम हमेशा यूज
- 16:16करेंगे या हमेशा मान के चलेंगे u2 तो अब
- 16:19आपको एक बात ध्यान रखनी है कि कोर का
- 16:21रिफ्रैक्टिव इंडेक्स u1 होता है
- 16:23क्लैडिस्टिक्स ट होता है क्लियर है और
- 16:26इसके बाहर
- 16:28जो पार्ट है जो बाहर वाला पार्ट है इसको
- 16:31हम कहते हैं प्लास्टिक कोटिंग या बफर
- 16:34कोटिंग या आप इसको जैकेट कह सकते हैं या
- 16:36इसका एक आ एक और भी नाम होता है एस एच ई
- 16:41एटी एच सेथ यह भी आप इसको बोल सकते हैं आप
- 16:44प्लास्टिक कोटिंग भी लिख सकते हैं जो भी
- 16:46आपको ठीक लगे लिख सकते हैं तो ये तीन
- 16:48इंपॉर्टेंट कंपोनेंट्स है ऑप्टिकल फाइबर
- 16:52के और यहां पर इंपॉर्टेंट क्या है
- 16:54इंपॉर्टेंट यह है कि जो कोर है उसका
- 16:57रिफ्रैक्टिव इंडेक्स हमेशा
- 17:00लडिंग के रिफ्रैक्टिव इंडेक्स से ज्यादा
- 17:02होगा बात समझ में आ रही है चलिए तो यह
- 17:05पॉइंट आपको समझ में आया होगा तो इसके तीन
- 17:07इंपॉर्टेंट पार्ट हो गए कोर
- 17:20क्लैडिस्टिक्स क्या है सीत क्या है लेकिन
- 17:22फिर भी एक बार इनको डिफाइन कर लेते हैं
- 17:25कोर द सिलेंडर कल पार्ट द सिलेंडर कल कोर
- 17:28इज मेड ऑफ हाई क्वालिटी ग्लास जो कोर होता
- 17:31है जो अंदर वाला पार्ट होता है जिसके अंदर
- 17:33लाइट ट्रेवल करती है वो किसका बना होता है
- 17:35हाई क्वालिटी ग्लास का बना होता है हाई
- 17:38क्वालिटी ग्लास या फिर सिलिका सिलिका भी
- 17:41आप जानते हैं कि एक तरह से ग्लास की एक
- 17:43फॉर्म है है ना सिलिका या
- 17:46प्लास्टिक जिसका रिफ्रैक्टिव इंडेक्स क्या
- 17:48होता है मव तो कोर का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 17:50मव है यह बात मैं आपको बहुत बार बता चुका
- 17:52हूं है ना नाउ और ये जो कोर है जो अंदर
- 17:55वाला पार्ट है इसका जो डायमीटर होता है है
- 17:58ना डायमीटर ऑफ द कोर इज 10 टू 100
- 18:00माइक्रोमीटर देखिए ये जो डाटा है यह
- 18:03एक्चुअल में अलग-अलग किताबों में थोड़ा सा
- 18:05अलग-अलग दिया होता है वेरी करता है बुक
- 18:07वाइज तो ये ऐसा नहीं कि आप इसको याद ही
- 18:09रखना है आपको याद रह जाए तो ठीक है नहीं
- 18:11भी याद रहता तो कोई दिक्कत नहीं है पहला
- 18:13पॉइंट आपके लिए इंपॉर्टेंट अगर आप एक
- 18:15पॉइंट लिख देंगे तो सफिशिएंट है हां
- 18:17डायमीटर कोर का 10 से लेकर 100
- 18:19माइक्रोमीटर तक क्या करता है वेरी करता है
- 18:22नाउ क्ले क्लेडी इसके बाहर वाला पार्ट है
- 18:25द कोर इज सराउंडेड बाय अ ग्लास और
- 18:27प्लास्टिक जैकेट ऑफ रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ट
- 18:30तो कोर के बाहर वाला जो पार्ट है उसको
- 18:32उसको हम कहते हैं
- 18:35क्लैडिस्टिक जैकेट ऑफ रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 18:37mu2 और उसी को कहा जाता है
- 18:42क्लैडिस्टिक्स है वो क्या है ट है और ट
- 18:45हमेशा mu1 से कम होगा यह मैं आपको बता ही
- 18:47चुका हूं और इसका जो डायमीटर होता है वो
- 18:50जनरली 100 से लेकर के 250 माइक्रोमीटर तक
- 18:52वरी करता है मैं फिर से आपको बता देता हूं
- 18:55यह
- 18:56डाटा आपको अलग-अलग जगह पर अलग-अलग दिखाई
- 19:00देगा है ना तो थोड़ा बहुत वैरी करता है
- 19:01उससे कोई फर्क नहीं पड़ता नाउ नेक्स्ट
- 19:04पार्ट है सीत या जिसको हम कहते हैं बफर
- 19:06कोटिंग या जिसको हम कह सकते हैं प्लास्टिक
- 19:08जैकेट अब ये क्या है देखिए ये दोनों तो
- 19:11ठीक है ये कोर हो गया
- 19:24क्लैडिस्टिक्स टी के लिए यूज करते हैं भाई
- 19:27हमारे घरों में जो इलेक्ट्रिसिटी के लिए
- 19:29जो वायर यूज होते हैं उसमें आपने देखा
- 19:31होगा कि वायर के ऊपर प्लास्टिक की कोटिंग
- 19:33होती है तो वायर के ऊपर प्लास्टिक की
- 19:36कोटिंग क्यों होती है भाई वायर के ऊपर
- 19:37प्लास्टिक की कोटिंग इसलिए होती है
- 19:39क्योंकि वो हमारी मतलब एक तरह से कह सकते
- 19:41हैं हमारी सेफ्टी के लिए भाई अगर उसके ऊपर
- 19:43प्लास्टिक की कोटिंग नहीं होगी तो करंट
- 19:45लगने का क्या है वहां पर खतरा रहेगा दूसरा
- 19:48अगर कोटिंग नहीं होगी तो दो वायर आपस में
- 19:50कनेक्ट हो सकते हैं जहां पर शॉर्ट सर्किट
- 19:52हो जाएगा तो इसलिए सेफ्टी के लिए उस
- 19:54प्लास्टिक कोटिंग को लगाया जाता है तो आप
- 19:56कह सकते हैं कि हमारी सेफ्टी के लिए
- 19:58प्लास्टिक कोटिंग का यूज होता है अब
- 20:00ऑप्टिकल फाइबर में प्लास्टिक कोटिंग का
- 20:03यूज क्यों करते हैं यहां पर तो कोई करंट
- 20:05का खतरा नहीं है तो यहां पर प्लास्टिक
- 20:07कोटिंग का यूज क्यों हो रहा है इस बात को
- 20:08थोड़ा सा समझिए एक्चुअल में अगर आप ध्यान
- 20:11दें यहां पर जो कोर और
- 20:14क्लैडिस्टिक क्या है बहुत ही कम है तो अगर
- 20:17थिकनेस कम है और ग्लास से बना है तो आप
- 20:19सोचिए कि इसकी जो स्ट्रेंथ होगी वो बहुत
- 20:21कम होगी मतलब स्ट्रेंथ कम होगी तो हम इसको
- 20:25जहां पर भी यूज करेंगे तो ब्रेक हो जाएंगे
- 20:27टूट जाएंगे तो एक्चुअल में कोर और
- 20:29क्लैडिस्टिक प्रोवाइड करने के लिए सेफ्टी
- 20:32प्रोवाइड करने के लिए हम इस जैकेट का यूज
- 20:35करते हैं इस प्लास्टिक कोटिंग का यूज करते
- 20:37हैं तो यही यहां पर लिखा है फॉर प्रोवाइड
- 20:40सेफ्टी एंड स्ट्रेंथ द कोर क्लैडिस्टिक
- 20:43फाइबर इज एंक्लोज्ड इन अ प्लास्टिक जैकेट
- 20:46तो मुझे लगता है आप इसका मतलब भी आपको समझ
- 20:49में आ गया होगा तो आपको ऑप्टिकल फाइबर के
- 20:52तीनों कंपोनेंट समझ में आ गए होंगे तीनों
- 20:54कंपोनेंट्स का फंक्शन क्या है है ना यह
- 20:58कुछ तो आप आपको समझ में आ गया होगा कुछ हम
- 20:59जैसे-जैसे आगे बढ़ते जाएंगे और आपको इनके
- 21:02फंक्शन अच्छे से समझ में आने लगेंगे नाउ
- 21:05प्रिंसिपल ऑफ ऑप्टिकल फाइबर भाई ऑप्टिकल
- 21:07फाइबर का प्रिंसिपल क्या है तो इसका
- 21:09प्रिंसिपल है टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन
- 21:11क्योंकि टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन की वजह से
- 21:14ही जो कोर है उसके अंदर लाइट ट्रेवल कर
- 21:17पाती है यानी कि ऑप्टिकल फाइबर के अंदर
- 21:19लाइट ट्रेवल कर पाती है किसकी वजह से टोटल
- 21:22इंटरनल रिफ्लेक्शन की वजह से तो ऑप्टिकल
- 21:24फाइबर का प्रिंसिपल क्या हो गया टोटल
- 21:26इंटरनल रिफ्लेक्शन तो अब हम यहां पर टोटल
- 21:29इंटरनल रिफ्लेक्शन को समझ लेते हैं है ना
- 21:32ध्यान दीजिएगा मैक्सिमम स्टूडेंट को पहले
- 21:34से ही अच्छे से आता होगा लेकिन फिर भी एक
- 21:36बार आप ध्यान देंगे तो आपका भी रिवीजन हो
- 21:38जाएगा मतलब जिनको आता है उनका रिवीजन हो
- 21:40जाएगा और जो भूल चुके हैं उनको समझ में आ
- 21:42जाएगा तो यहां पर ध्यान दें सबसे पहले हम
- 21:46यह देख लेते हैं कि टोटल इंटरनल
- 21:48रिफ्लेक्शन कब होता है यानी कि कंडीशन
- 21:50क्या है टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन की तो
- 21:51देखो दो इंपॉर्टेंट कंडीशन होती है पहली
- 21:53कंडीशन को देखो जरा लाइट मस्ट ट्रेवल
- 21:56फ्रॉम ऑप्टिकली डेंसर मीडियम टू एन
- 21:59ऑप्टिकली रेयर मीडियम भाई पहली कंडीशन तो
- 22:01यह है कि जो लाइट है वो डेंसर मीडियम से
- 22:05ऑप्टिकल मीडियम डेंसर मीडियम से रेयर
- 22:07मीडियम की तरफ ट्रेवल करनी चाहिए ध्यान
- 22:10दीजिएगा डेंसर से रेयर में वही लिखा है
- 22:13लाइट मस्ट ट्रेवल फ्रॉम ऑप्टिकली डेंसर
- 22:15मीडियम टू ऑप्टिकली रेयरर मीडियम तो देखो
- 22:17मैंने यहां पर तीन डायग्राम बनाए है ना
- 22:21पहले वाले डायग्राम को अगर आप देखेंगे जो
- 22:22ये हॉरिजॉन्टल लाइन है इसके नीचे मैंने
- 22:24डेंसर मीडियम लिया है और इसके ऊपर मैंने
- 22:26रेयरर मीडियम में लिया है इसमें भी मैंने
- 22:29नीचे वाला डेंसर है ऊपर वाला रेयरर है
- 22:31नीचे वाला डेंसर है ऊपर वाला रेयरर है अब
- 22:34यहां पर देखो लाइट हमारी जो लाइट है वो
- 22:36डेंसर मीडियम से रेयरर मीडियम की तरफ
- 22:39ट्रेवल कर रही है डेंसर मीडियम से रेयरर
- 22:41मीडियम की तरफ क्या कर रही है ट्रेवल कर
- 22:42रही है इसका मतलब हमारी पहली वाली कंडीशन
- 22:45यहां पर सेटिस्फाई हो रही है भा टोटल
- 22:48इंटरनल रिफ्लेक्शन की पहली कंडीशन क्या है
- 22:50कि लाइट जो है वो डेंसर मीडियम से रेयरर
- 22:52मीडियम की तरफ जानी चाहिए तो वो तो जा रही
- 22:54है तीनों डायग्राम में जा रही
- 22:56है कंडीशन नंबर टू तो कंडीशन नंबर टू की
- 22:59बात बाद में करेंगे पहले हम इन डायग्राम
- 23:02से समझ लेते हैं कि एक्चुअल में टोटल
- 23:04इंटरनल रिफ्लेक्शन का मतलब क्या है देखिए
- 23:06पहले डायग्राम को ध्यान से
- 23:08देखिए इस लाइन से नीचे का रीजन क्या है
- 23:10डेंसर है ऊपर का रीजन क्या है रेयरर है
- 23:13लाइट हमारी डेंसर से रेयरर मीडियम में जा
- 23:15रही है हम यूनिट नंबर थ्री में भी पढ़
- 23:18चुके हैं पढ़ चुके हैं कि जब लाइट एक
- 23:20मीडियम से दूसरे मीडियम में ट्रेवल करती
- 23:22है भाई सीधी सी बात है अगर ये डेंसर
- 23:24मीडियम है या रेयरर मीडियम है तो दोनों
- 23:26अलग-अलग मीडियम है तो जब लाइट एक मीडियम
- 23:28से दूसरे मीडियम में ट्रेवल करती है है ना
- 23:31तो अब लाइट जो है वो नॉर्मल के पास भी जा
- 23:33सकती है नॉर्मल से दूर भी जा सकती है
- 23:36डिपेंड करेगा कि लाइट कहां से कहां जा रही
- 23:38है तो हमने पढ़ा था कि जब लाइट डेंसर
- 23:40मीडियम से रेयरर मीडियम में जाती है तो
- 23:43लाइट जो है वो रिफ्रैक्ट हो जाती है और
- 23:45एंगल ऑफ रिफलेक्शन एंगल ऑफ इंसीडेंस से
- 23:47ज्यादा होता है यानी कि यहां पर ध्यान दो
- 23:50ये हमारी इंसिडेंट रे है इस सरफेस देखो ये
- 23:53हमारा रेयरर मीडियम ये डेंसर मीडियम ये
- 23:55इनके बीच का सरफेस तो लाइट जब इस सरफेस पे
- 23:58स्ट्राइक करेगी तो क्या होगा यहां पर
- 24:01रिफ्लेक्शन भी होगा और रिफ्रैक्ट भी होगा
- 24:03क्योंकि हमने यूनिट नंबर थ्री में पढ़ा है
- 24:05कि लाइट जब किसी सरफेस पर स्ट्राइक करती
- 24:07है तो वहां पर
- 24:09रिफ्रैक्ट्स भी होता है तो यहां पर दोनों
- 24:13काम होंगे रिफ्लेक्शन भी होगा और
- 24:15रिफ्रैक्ट भी होगा यानी कि लाइट इधर भी
- 24:17जाएगी और उधर भी जाएगी ये रिफलेक्शन हो
- 24:20गया और यह रिफ्लेक्शन हो गया लेकिन मैं
- 24:22यहां पर रिफ्लेक्शन को शो नहीं कर रहा हूं
- 24:24अभी है ना मैं केवल रिफ्रैक्ट को शो कर
- 24:27रहा हूं अब लाइट डेंसर मीडियम से रेयरर
- 24:29मीडियम में जा रही है तो लाइट क्या होगी
- 24:31अवे फ्रॉम द नॉर्मल जाएगी अवे फ्रॉम द
- 24:33नॉर्मल इसका मतलब एंगल ऑफ इंसीडेंस यहां
- 24:36पर छोटा होगा एंगल ऑफ
- 24:39रिफ्रैक्ट यहां पर
- 24:40समझिए अगर मैं इस एंगल ऑफ इंसीडेंस को
- 24:43बढ़ाते जाऊंगा तो एंगल ऑफ रिफ्रैक्ट भी
- 24:45बढ़ते जाएगा आप ऐसा मानिए कि अगर हमारा
- 24:48एंगल ऑफ इंसिडेंट मान लेते हैं हमारा 50
- 24:50डिग्री है कितना है 50 डिग्री है ना और
- 24:53एंगल ऑफ रिफलेक्शन अगर 50 डिग्री है सॉरी
- 24:55एंगल ऑफ इंसीडेंस अगर 50 डिग्री है और
- 24:57एंगल ऑफ रेक्शन अगर 70° है तो दोनों में
- 25:00कितना अंतर है 20° का तो सीधी सी बात है
- 25:02जब यहां पर ये एंगल 60° का होगा ये 80° हो
- 25:05जाएगा जब ये 70 का होगा तो ये 90 हो जाएगा
- 25:09और उसके बाद जब ये 70 से ऊपर जाएगा तो ये
- 25:1290 से ज्यादा जाएगा बोलो बात समझ में आ
- 25:14रही है चलिए अब यहां पर देखो इस कंडीशन
- 25:16में देखो क्या हुआ यहां पर क्या हो रहा है
- 25:19कि हमारा एंगल ऑफ रिफ्रैक्ट हो गया 90°
- 25:21इसका मतलब अगर मैं एंगल ऑफ इंसीडेंस को
- 25:24बढ़ाते जाऊंगा तो एक समय ऐसा भी आएगा जब
- 25:26मेरा एंगल ऑफ रिफ्रेश 90° हो जाएगा कितना
- 25:29हो जाएगा 90 डिग्री क्यों क्योंकि एंगल ऑफ
- 25:32रिफ्रेश एंगल ऑफ इंसीडेंस से क्या होगा
- 25:34हमेशा बड़ा एंगल होगा बोलो बात समझ में आ
- 25:36रही है अब यहां पर इस सिचुएशन में जब
- 25:39हमारा एंगल ऑफ रिफलेक्शन 90 डिग्री हो
- 25:42जाता है तो उस समय जो एंगल ऑफ इंसीडेंस
- 25:44होता है इस एंगल ऑफ इंसीडेंस को हम कहते
- 25:47हैं क्रिटिकल एंगल क्या कहते हैं क्रिटिकल
- 25:50एंगल मेरी बात को समझिए जब लाइट डेंसर
- 25:54मीडियम से रेयरर मीडियम में जाती है जब
- 25:56लाइट डेंसर से रर मीडियम में जाती है और
- 25:59एंगल ऑफ रिफलेक्शन 90 डिग्री हो जाता है
- 26:02तो उस पर्टिकुलर सिचुएशन में हमारा जो
- 26:05एंगल ऑफ इंसीडेंस होता है उसको हम कहते
- 26:07हैं क्रिटिकल एंगल यहां पर मैंने क्रिटिकल
- 26:09एंगल को थीटा सी मान लिया है तो यहां पर
- 26:12थीटा सी क्या है थ सी इज नोन एस क्रिटिकल
- 26:16एंगल क्रिटिकल एंगल बोलो बात समझ में आ
- 26:20रही है थ सी यहां पर क्या है क्रिटिकल
- 26:21एंगल है चलिए अब थोड़ा सा आगे बात करते
- 26:25हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि जब एंगल ऑफ
- 26:28फ्रेक्शन 990 डिग्री होगा उस समय एंगल ऑफ
- 26:30इंसीडेंस होगा क्रिटिकल एंगल अब जरा सेकंड
- 26:33कंडीशन पर वापस आते हैं देखिए टोटल इंटरनल
- 26:36रिफ्लेक्शन की सेकंड कंडीशन क्या है द
- 26:38एंगल ऑफ इंसीडेंस इन द डेंसर मीडियम है ना
- 26:41जो डेंसर मीडियम में हमारा एंगल ऑफ
- 26:43इंसीडेंस है मस्ट बी ग्रेटर देन क्रिटिकल
- 26:45एंगल ये एंगल जब क्रिटिकल एंगल से ज्यादा
- 26:47होगा तभी हमारा टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन
- 26:50होगा अब इस बात को आप यहां प इस समझ सकते
- 26:52हैं देखो अगर अब जरा ध्यान दो देखो यहां
- 26:55पर क्या हुआ यहां पर लाइट रिफ्लेक्ट भी
- 26:58हुई और रिफ्रैक्ट भी हुई यानी कि यहां पर
- 27:00दोनों फिनोमिना हो रहे हैं रिफ्रैक्ट भी
- 27:01हो रहा है रिफ्लेक्शन भी हो रहा है लेकिन
- 27:03हमें क्या पढ़ना है टोटल इंटरनल
- 27:05रिफ्लेक्शन भाई टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन का
- 27:07मतलब क्या है कि हमारी 100% लाइट क्या हो
- 27:09जाए रिफ्लेक्ट हो जाए लेकिन यहां पर क्या
- 27:12हो रहा है कुछ लाइट रिफ्लेक्ट हो रही है
- 27:14कुछ रिफ्रैक्ट हो रही है तो हमारी कंडीशन
- 27:17फुलफिल नहीं हुई अब आगे
- 27:20देखो फिर हम यहां पर पहुंचे तो यहां पर
- 27:23क्या हुआ हमारा एंगल ऑफ इंसीडेंस को जब
- 27:25हमने बढ़ाया तो एक ऐसा पॉइंट भी आया जब
- 27:27हमारा एंगल ऑफ रिफलेक्शन हो गया 90 डिग्री
- 27:29तो इस केस में अगर आप देखेंगे तो इस केस
- 27:31में क्या हो रहागा यह लाइट हमारी एकदम
- 27:33सरफेस पर ट्रेवल करेगी और कुछ पार्ट अंदर
- 27:35जाएगा रिफ्लेक्ट हो ग जो पहले जा रहा था
- 27:37इस तरीके से बोलो बात समझ में आई अब अगर
- 27:40इस एंगल ऑफ इंसीडेंस को हमने क्रिटिकल
- 27:43एंगल से ज्यादा कर दिया यानी कि अगर आप
- 27:45एंगल ऑफ इंसीडेंस यहां पर एंगल ऑफ
- 27:48इंसीडेंस को अगर आप क्रिटिकल एंगल से
- 27:51हल्का सा ज्यादा करेंगे तो क्या होगा यह
- 27:54जो लाइट है जो कि सरफेस पर ट्रेवल कर रही
- 27:57थी लाइट अंदर वापस सेम मीडियम में चली
- 27:59जाएगी यानी के जो लाइट पहले रिफ्लेक्ट कर
- 28:02रही थी वो लाइट भी रिफ्लेक्ट करेगी तो
- 28:05देखो यहां बहुत सिंपल सा फिनोमिना है
- 28:07स्टार्टिंग में क्या हो रहा था कुछ पार्ट
- 28:09रिफ्लेक्ट हो रहा था कुछ रिफ्रैक्ट हो रहा
- 28:10था लेकिन जब हमने एंगल ऑफ इंसीडेंस को
- 28:13क्रिटिकल एंगल से ज्यादा कर दिया तो क्या
- 28:15हुआ भाई जो पार्ट रि रिफ्लेक्ट हो रहा था
- 28:17वो तो अभी भी रिफ्लेक्ट हो रहा है लेकिन
- 28:19जो पार्ट रिफ्लेक्ट हो रहा था वो पार्ट भी
- 28:22रिफ्लेक्ट हो गया तो इसका क्या मतलब है
- 28:25इसका मतलब यह हुआ कि हमारी जो टोटल लाइट
- 28:28थी वो अब रिफ्लेक्ट हो चुकी है बात समझ
- 28:31में आ रही टोटल लाइट क्या हो चुकी है
- 28:33रिफ्लेक्ट हो चुकी है तो अब हम ये कह सकते
- 28:35हैं कि यहां पर क्या हो रहा है टोटल
- 28:37इंटरनल रिफ्लेक्शन हो रहा है यानी कि अब
- 28:40कोई भी लाइट यहां पर रिफ्लेक्ट नहीं हो
- 28:41रही है 100% यहां पर क्या हो रहा है
- 28:44रिफ्लेक्शन हो रहा है और इसी फिनोमिना को
- 28:46हम कहते हैं टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन तो
- 28:48टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन कब होगा टोटल
- 28:51इंटरनल रिफ्लेक्शन तब होगा जब हमारा एंगल
- 28:53ऑफ इंसीडेंस क्रिटिकल एंगल से बड़ा होगा
- 28:56तो यहां पर आप देख सकते हैं देखो यहां पर
- 28:58टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन नहीं हो रहा क्यों
- 29:00क्योंकि एंगल ऑफ इंसीडेंस क्रिटिकल एंगल
- 29:03से छोटा है यहां पर यह एक तरह से लिमिटिंग
- 29:06कंडीशन है जहां पर एंगल ऑफ़ इंसीडेंट
- 29:08क्रिटिकल एंगल के बराबर है तो हमारी लाइट
- 29:11एकदम सरफेस पे जा रही है और यहां पर एंगल
- 29:14ऑफ इंसीडेंस क्रिटिकल एंगल से ज्यादा हो
- 29:16चुका है तो आप देख सकते हैं यहां पर कोई
- 29:18भी लाइट रिफ्लेक्ट नहीं कर रही है 100%
- 29:21रिफ्लेक्शन हो रहा है तो अब आपको समझ में
- 29:23आ गया होगा व्हाट इज़ टोटल इंटरनल
- 29:25रिफ्लेक्शन और टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन आप
- 29:28से यूनिवर्सिटी एग्जाम में भी पूछा जा
- 29:29सकता है इसलिए आपको टोटल इंटरनल
- 29:32रिफ्लेक्शन की डेफिनेशन आनी चाहिए तो
- 29:34देखिए क्या डेफिनेशन है देखिए अगर मैं
- 29:36सिंपल वर्ड्स में कहूं तो जहां पर लाइट
- 29:39100% रिफ्लेक्ट हो जाती है सेम मीडियम के
- 29:42अंदर उस फिनोमिना को हम टोटल इंटरनल
- 29:44रिफ्लेक्शन कहते हैं तो यहां पर देखो
- 29:46प्रॉपर डेफिनेशन मैंने लिखी हुई है द
- 29:48फिनोमिना इन व्हिच अ रे ऑफ लाइट ट्रेवलिंग
- 29:51फ्रॉम डेंसर मीडियम टू रेयरर मीडियम फ्रॉम
- 29:53डेंसर मीडियम टू रेयरर मीडियम एट एन एंगल
- 29:56ऑफ इंसीडेंस ग्रेटर क्रिटिकल एंगल मतलब जब
- 29:59हमारा हमारी लाइट डेंसर मीडियम से रेयरर
- 30:02मीडियम में जाएगी और एंगल ऑफ इंसीडेंस
- 30:04क्रिटिकल एंगल से ज्यादा
- 30:06होगा ज्यादा होगा है ना देन क्रिटिकल एंगल
- 30:10इज टोटली रिफ्लेक्टेड बैक इन टू द डेंसर
- 30:12मीडियम तो हमारी जो लाइट है वो टोटली
- 30:14रिफ्लेक्ट बैक हो जाएगी डेंसर मीडियम में
- 30:16मतलब सेम मीडियम में और इसी फिनोमिना को
- 30:18हम कहते हैं टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन अब इस
- 30:21टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन का हमें यूज करना
- 30:23है कहां पर कोर के अंदर तो अब जरा ध्यान
- 30:26देना देखो जो हमारा ऑप्टिकल फाइबर था जो
- 30:30हमारा ऑप्टिकल फाइबर था इसमें अंदर वाला
- 30:32पार्ट है कोर इसका रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 30:34ज्यादा है इसके बाहर वाला पार्ट है क्लेट
- 30:37क्लेटन का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स कम है तो
- 30:39आप ऐसा समझिए कि जो डेंसर मीडियम है देखो
- 30:42मैंने यहां पर लिख भी रखा है डेंसर मीडियम
- 30:44तो डेंसर मीडियम मतलब कोर और रेयरर मीडियम
- 30:46मतलब क्लेट आप ऐसा सोचिए कि अगर इस
- 30:50हॉरिजॉन्टल लाइन से नीचे वाला जो रीजन है
- 30:53ये डेंसर है इसका मतलब ये कोर का काम कर
- 30:54रहा है ऊपर वाला रीजन रेयरर है इसका मतलब
- 30:57ये क्
- 30:58तो आप ऐसा समझ सकते हैं कि नीचे वाला
- 31:00पार्ट कोर है ऊपर वाला पार्ट क्लेडी है यह
- 31:02कोर है यह क्ले है यह कोर है यह
- 31:09क्लैडिस्टिक्स होता है वह ज्यादा होता है
- 31:17क्लैडिस्टिक्स ट होगा एंड मव इज ग्रेटर दन
- 31:20ट मव इज ग्रेटर देन
- 31:24ट
- 31:26मव यह हमारा मव
- 31:28है और यह हमारा ट है एंड मव इज ऑलवेज
- 31:33ग्रेटर दन
- 31:34ट तो यहां पर अब अगर आप इसी फिनोमिना को
- 31:38जरा ध्यान दीजिएगा अब अगर आप वापस इस
- 31:40डायग्राम में आए तो यहां पर देखो यह लाइट
- 31:43जब इस कोर के अंदर पहुंची तो इस पॉइंट पर
- 31:46क्योंकि बाहर वाला जो मीडियम है क्लंग
- 31:48इसका रिफ्रैक्टिव इंडेक्स कम है और इसका
- 31:51ज्यादा है तो अगर यह लाइट अगर यह लाइट
- 31:54यहां पर क्रिटिकल एंगल से बड़ा एंगल बनाती
- 31:57है तो ये लाइट कभी भी इस कोर से बाहर नहीं
- 31:59निकलेगी और ये लाइट इसी के अंदर क्या होती
- 32:02रहेगी रिफ्लेक्ट होती रहेगी क्योंकि यहां
- 32:04पर टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन हो रहा है तो
- 32:06ये लाइट इसी के अंदर आगे बढ़ती रहेगी और
- 32:09टोटली रिफ्लेक्ट बैक सेम मीडियम में होती
- 32:11रहेगी बात समझ में आ रही है तो कोर के
- 32:14अंदर टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन होता है
- 32:17क्योंकि कोर के बाहर वाला जो मीडियम है
- 32:19क्लैडिस्टिक्स कम है तो हमारी लाइट कहां
- 32:22से कहां ट्रेवल कर रही है हमारी लाइट
- 32:24डेंसर मीडियम से रेयरर मीडियम की तरफ
- 32:26ट्रेवल कर रही है यानी कि कोर्स से
- 32:31क्लैडिस्टिक्स हो
- 32:34जाएगा तो मुझे लगता है अब आपको ये पॉइंट
- 32:36समझ में आ गए होंगे टोटल इंटरनल
- 32:38रिफ्लेक्शन अब आपको समझ में आ गया होगा
- 32:39बहुत सिंपल सा ये फिनोमिना है अब थोड़ा सा
- 32:41आगे बढ़ते हैं नाउ इंपॉर्टेंट टर्मिनोलॉजी
- 32:44ऑफ ऑप्टिकल फाइबर अब हम यहां पर बात
- 32:46करेंगे ऑप्टिकल फाइबर की कुछ इंपॉर्टेंट
- 32:49टर्म्स की जो कि एग्जाम के लिए बहुत
- 32:51इंपॉर्टेंट है आगे के टॉपिक भी समझने के
- 32:53लिए इंपॉर्टेंट है और एग्जाम के लिए भी
- 32:55इंपॉर्टेंट है तो यहां पर देखो अब ध्यान
- 32:57दे देना यहां पर यहां पर मैंने ये
- 32:59डायग्राम जो बनाया ये ऑप्टिकल फाइबर का
- 33:01डायग्राम बनाया है है ना तो यहां पर देखो
- 33:04ये जो अंदर वाला पार्ट है ये मेरा ऑप्टिकल
- 33:06फाइबर का कोर है और इसके बाहर वाला पार्ट
- 33:08जो है वो
- 33:13क्लैडिस्टिक्स का काम केवल सेफ्टी का है
- 33:16बाकी उसका कुछ और काम नहीं है ऑप्टिकल
- 33:18फाइबर के दो इंपॉर्टेंट पार्ट होते हैं
- 33:20कोर और
- 33:24क्लैडिस्टिक्स नहीं हो पाएगा तो इसलिए कोर
- 33:27और क्लेनिंग दोनों इंपोर्टेंट पार्ट है तो
- 33:29मैंने यहां पर कोर और क्लेटन को बनाया तो
- 33:31ये हमारा डी डायग्राम है ऑप्टिकल फाइबर का
- 33:34सिंपल डायग्राम है ये वाला जो पार्ट है ये
- 33:36कोर है जिसकी थिकनेस हेयर के बराबर होती
- 33:39है और ये बाहर वाला पार्ट जो है इसके ये
- 33:42क्लेडी है बोलो बात समझ में आ रही है ये
- 33:45हमारे कोर की सेंट्रल एक्सिस है क्या है
- 33:47कोर की सेंट्रल एक्सिस अब हमें क्या करना
- 33:50है इस कोर के अंदर लाइट को एंटर कराना है
- 33:53वही लाइट जो कि हमारे ऑप्टिकल सिग्नल को
- 33:56एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट पर ट्रांसफर
- 33:58करेगी तो अब जरा ध्यान दो तो ये हमारा
- 34:01क्या कोर वाला पार्ट है ये हमारी फाइबर की
- 34:03एक्सस है हमने क्या किया इस कोर के अंदर
- 34:07क्योंकि हमें लाइट को क्या कराना एंटर
- 34:09कराना है तो इस पॉइंट से यह हमारा क्या हो
- 34:11गया एंगल
- 34:13ऑफ अब जरा यहां पर ध्यान देना देखिए यहां
- 34:17पर बाहर क्या है बाहर जो है आपके पास वो
- 34:19है एयर यहां पर क्या है एयर है जिसका
- 34:23रिफ्रैक्टिव इंडेक्स हम मान के चलेंगे न
- 34:26ये हमारे पास
- 34:27का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स है आपके पास
- 34:31ट ट और ये कोर है जिसका रिफ्रैक्टिव
- 34:34इंडेक्स है मव अब जरा ध्यान दो देखो हम
- 34:38लाइट को कोर के अंदर एंटर कराएंगे तो ये
- 34:40हमारी फाइबर की एक्सेस है तो जब हम लाइट
- 34:42को कोर के अंदर एंटर कराएंगे तो यह लाइट
- 34:44रे कुछ ना कुछ एंगल बनाएगी कोर के एक्सिस
- 34:47के साथ में इस एंगल को हमने मान लिया कि
- 34:50यह हमारा एंगल है आ मतलब एंगल ऑफ इंसीडेंस
- 34:53बोलो बात समझ में आ रही एंगल ऑफ इंसीडेंस
- 34:56अब देखो एयर है ये हमारा कोर है और कोर
- 34:59किससे बना है ग्लास से तो हमारी जब लाइट
- 35:02एयर से ग्लास के अंदर जाएगी एयर से कहां
- 35:04जाएगी ग्लास के अंदर ये एक तरह से कह सकते
- 35:07हैं हमारा लॉन्चिंग पॉइंट है जहां से हम
- 35:09लाइट को ग्लास के अंदर क्या करा रहे हैं
- 35:11एंटर करा रहे हैं तो इस पॉइंट पर क्या
- 35:14होगा सीधी सी बात है इस पॉइंट पर
- 35:15रिफ्रैक्ट होगा ये एंगल ऑफ इंसीडेंस है तो
- 35:18ये एंगल ऑफ रिफ्रैक्ट बनेगा और यहां पर ये
- 35:21जो फाइबर एक्सिस है ये नॉर्मल का काम कर
- 35:23रही है आप ऐसा समझ सकते हैं ये ग्लास का
- 35:25सरफेस है ये इसके ऊपर नॉर्मल है ये एंगल
- 35:28ऑफ इंसीडेंस हो गया ये एंगल ऑफ
- 35:31रिफ्रैक्टर है अब ये लाइट यहां से
- 35:33रिफ्रैक्ट होके इस पॉइंट पर स्ट्राइक
- 35:35करेगी अब लाइट हमारी ग्लास के अंदर पहुंच
- 35:37चुकी है है ना ग्लास के अंदर पहुंच चुकी
- 35:39है इस पॉइंट पर स्ट्राइक करेगी तो सीधी सी
- 35:42बात है इस पॉइंट पर अगर स्ट्राइक करेगी तो
- 35:43इस पॉइंट पर कुछ ना कुछ एंगल ऑफ इंसीडेंस
- 35:45बनेगा तो मैंने यहां पर ये नॉर्मल ड्रॉ कर
- 35:47दिया और ये हमारा एंगल ऑफ इंसीडेंस होगा
- 35:50लेकिन यहां पर इस एंगल ऑफ इंसीडेंस को मैं
- 35:52नाम दे रहा हूं थीटा का यहां पर एंगल ऑफ
- 35:55इंसीडेंस को हमने i कह दिया था यहां पर हम
- 35:57इसको कह देते थीटा अब जरा ध्यान दो सीधी
- 36:00सी बात है जब यह लाइट इस सरफेस पर
- 36:02स्ट्राइक करेगी है ना तो यह लाइट
- 36:04रिफ्रैक्ट भी कर सकती है और रिफ्लेक्ट भी
- 36:06कर सकती है मतलब नॉर्मल कंडीशन में तो
- 36:13रिफ्रैक्ट थीटा अगर यह थीटा क्रिटिकल एंगल
- 36:17से ज्यादा हुआ कहने का मतलब यह है कि अगर
- 36:19यहां पर जोय थीटा है जोय थीटा है अगर यह
- 36:26थीटा ग्रेटर हुआ थीटा सी से मतलब क्रिटिकल
- 36:29एंगल से तो टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन होगा
- 36:31ध्यान देना जरा अगर ये थीटा क्रिटिकल एंगल
- 36:35से बड़ा हुआ तो टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन
- 36:37होगा और हर पॉइंट पर होगा बोलो बात समझ
- 36:39में आ रही है देखिए ध्यान देना ये जो एंगल
- 36:42i बन रहा है ये क इसकी बात नहीं कर रहा
- 36:45हूं मैं ये एंगल आ तो बाहर बन रहा है एयर
- 36:47में हम ग्लास के अंदर की बात कर रहे हैं
- 36:49ग्लास के अंदर जो पहला एंगल ऑफ इंसीडेंस
- 36:51है वो ये है थीटा और अगर ये थीटा क्रिटिकल
- 36:54एंगल से बड़ा हुआ तो हमारी लाइट रिफ्लेक्ट
- 36:56बैक हो जाएगी कोर के अंदर और ये कोर के
- 36:58अंदर ऐसे ही ट्रेवल करती रहेगी और ये जो
- 37:01हमारे पास केबल है इस केबल के एक एंड पर
- 37:04हमने लाइट को एंटर कराया है और ये लाइट
- 37:06दूसरे एंड तक पहुंच जाएगी चाहे ये वायर
- 37:09कितना भी बड़ा हो इसके अंदर ये लाइट
- 37:11ट्रेवल करती रहेगी और इसके अंदर कौन सा
- 37:13फिनोमिना हो रहा है टोटल इंटरनल
- 37:15रिफ्लेक्शन तो यहां पर हम बात कर रहे हैं
- 37:18इंपॉर्टेंट टर्मिनोलॉजी ऑफ ऑप्टिकल फाइबर
- 37:20की तो यहां पर पहली इंपोर्टेंट
- 37:21टर्मिनोलॉजी है हमारी क्रिटिकल एंगल तो ये
- 37:24क्रिटिकल एंगल क्या है इसको समझ लेते हैं
- 37:26वैसे तो हमें समझ में आई चुका है क्रिटिकल
- 37:29एंगल एक्चुअल में एंगल ऑफ इंसीडेंस होता
- 37:31है है ना एंगल ऑफ इंसीडेंस होता है और ये
- 37:34एंगल ऑफ इंसीडेंस उस समय का है जब हमारा
- 37:37एंगल ऑफ
- 37:39रिफ्रैक्ट तो उसी डेफिनेशन को यहां पर उसी
- 37:41बात को यहां पर लिखा देखो द एंगल ऑफ
- 37:43इंसीडेंस इन द डेंसर मीडियम द एंगल ऑफ
- 37:46इंसीडेंस इन द डेंसर मीडियम अच्छा एक चीज
- 37:48और समझिए मैंने डेंसर मीडियम के आगे
- 37:50ब्रैकेट में हर जगह कोर लिखा है क्योंकि
- 37:53यहां पर डेंसर मीडियम हमारा कौन है कोर और
- 37:56रेयरर मीडियम कौन है लडिंग तो जहां पर
- 37:59रेयरर मीडियम है वहां पर मैंने
- 38:18क्लैडिस्टिक्स इन द रेयरर मीडियम इज 90
- 38:20डिग्री यानी के ऐसा एंगल ऑफ रिफ ऐसा एंगल
- 38:24ऑफ इंसीडेंस जिसके लिए एंगल ऑफ रिफ जो है
- 38:27वो 90 डिग्री हो जाए उस एंगल को हम क्या
- 38:30कहते हैं क्रिटिकल एंगल कहते हैं तो बहुत
- 38:32ही सिंपल सी डेफिनेशन है जब एंगल ऑफ
- 38:34रिफ्रैक्ट डिग्री होगा तो उस समय एंगल ऑफ
- 38:36इंसीडेंस को हम क्रिटिकल एंगल कहेंगे तो
- 38:39पहली टर्म आपको समझ में आ गई होगी
- 38:41इंपॉर्टेंट है और देखिए ये यहां से
- 38:43क्वेश्चन यूनिवर्सिटी एग्जाम में आता है
- 38:45यह डेफिनेशन जो मैं यहां पर आपको बता रहा
- 38:47हूं यह सारी डेफिनेशन एग्जाम में पूछी
- 38:49जाती है बहुत
- 38:51बार नेक्स्ट देखिए नेक्स्ट बहुत
- 38:53इंपॉर्टेंट है एक्सेप्टेंस एंगल है ना
- 38:55क्रिटिकल एंगल तो आप पहले से भी जानते थे
- 38:57लेकिन यहां पर बात आती है एक्सेप्टेंस
- 38:59एंगल क्या है देखो इसको समझ लेते हैं
- 39:01एक्सेप्टेंस एंगल देखो एक्चुअल में क्या
- 39:04है देखो यहां पर इस डायग्राम को ध्यान से
- 39:06देखो ये एंगल ऑफ इंसीडेंस है एयर के अंदर
- 39:09सीधी सी बात है जैसे-जैसे ये एंगल ऑफ
- 39:11इंसीडेंस बढ़ेगा वैसे-वैसे ये एंगल ऑफ
- 39:14रिफ्रैक्ट भी बढ़ेगा देखो यहां पर एंगल ऑफ
- 39:17इंसीडेंस बड़ा है एंगल ऑफ रिफ्रैक्ट छोटा
- 39:20है
- 39:22क्यों क्योंकि हमारी जो लाइट है वोह रेयरर
- 39:25मीडियम से डेंसर मीडियम में जा रही है इस
- 39:26पॉइंट पर मैं इस पॉइंट का नाम रख लेता हूं
- 39:29इस पॉइंट का नाम रख लेते हैं हम चलिए अभी
- 39:31इस पॉइंट को हम कह देते हैं a यह पॉइंट
- 39:34हमारा मान लेते हैं हम बी और इस पॉइंट को
- 39:36हम मान लेते हैं p हमारी जो लाइट है वो
- 39:39रेयरर मीडियम से डेंसर मीडियम में जा रही
- 39:40है इस पॉइंट पर तो सीधी सी बात है जो
- 39:42नॉर्मल है जो हमारी लाइट रे है वो नॉर्मल
- 39:45की तरफ बेंड हो जाएगी मतलब इस लाइट रे को
- 39:47ऐसे जाना चाहिए था लेकिन यह नॉर्मल की तरफ
- 39:50क्या हो गई बेंड हो गई तो एंगल ऑफ
- 39:52रिफलेक्शन एंगल ऑफ इंसीडेंस से क्या होगा
- 39:54छोटा होगा एक और इंपॉर्टेंट बात अगर एंगल
- 39:57ऑफ इंसीडेंस बढ़ेगा तो एंगल ऑफ रिफलेक्शन
- 40:00कम होगा तो एक बात बताओ थीटा क्या
- 40:03होगा सीधी सी बात है अगर आ बढ़ेगा तो r भी
- 40:06बढ़ेगा और अगर r बढ़ेगा तो थीटा कम होगा
- 40:10देखो कम क्यों होगा मेरी बात को समझिए
- 40:12क्योंकि ये एंगल तो हमेशा 90 डिग्री रहेगा
- 40:14इसका मतलब यहां पर r और थीटा का जो सम है
- 40:17वो हमेशा 90 डिग्री रहेगा तो मुझे एक बात
- 40:20बताओ जब r कम होगा तो थीटा बढ़ेगा तभी तो
- 40:23इन दोनों का सम 90 डिग्री रह पाएगा सीधी
- 40:26सी बात है यहां पर आप ऐसा समझिए कि r प्लस
- 40:29थीटा का जो सम है वो 90 डिग्री है क्योंकि
- 40:32ये वाला एंगल 90 है तो यहां पर अगर एंगल
- 40:35ऑफ
- 40:42रिफ्रैक्टाइल ऑफ इंसीडेंस इस आ को अगर मैं
- 40:45बढ़ाऊ तो सीधी सी बात है आ को बढ़ाने पर
- 40:48थीटा कम होगा थीटा क्या होगा कम होगा तो
- 40:53एक सिचुएशन अब जरा ध्यान देना यहां पर
- 40:55टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन कब होगा जब ये
- 40:57थीटा क्रिटिकल एंगल के बराबर हो जाएगा या
- 40:59क्रिटिकल एंगल से जस्ट थोड़ा सा ज्यादा हो
- 41:02जाएगा तो इसका मतलब यहां पर ये है कि ये
- 41:05जो एंगल ऑफ इंसीडेंस यहां पर आपको i दिखाई
- 41:07दे रहा है ऐसा नहीं है कि आप इसको कुछ भी
- 41:09रख सकते हैं है ना ऐसा नहीं है कि आप इसको
- 41:12कुछ भी रख सकते हैं इसकी मैक्सिमम वैल्यू
- 41:14कब होगी जब यहां पर थीटा की वैल्यू
- 41:16क्रिटिकल एंगल के बराबर हो जाएगी जब यहां
- 41:18पर थीटा की वैल्यू क्या होगी क्रिटिकल
- 41:20एंगल के बराबर होगी अब मेरी बात को समझिए
- 41:22एक्सेप्टेंस एंगल क्या है देखो
- 41:24एक्सेप्टेंस एंगल हम इसी एंगल ऑफ इंसीडेंस
- 41:27को एप्टेंस एंगल कहते हैं कब जब ये हमारा
- 41:29एंगल जो थीटा है अगर थीटा अगर थीटा थीटा
- 41:33सी के बराबर हो जाएगा तो ये आई
- 41:35एक्सेप्टेंस एंगल कहलाएगा और देखो वही चीज
- 41:38यहां पर लिखा है द मैक्सिमम एंगल एट व्हिच
- 41:40लाइट एंटर द कोर मैक्सिमम एंगल एट व्हिच
- 41:44लाइट एंटर द कोर यानी कि बड़े से बड़ा
- 41:46एंगल जिस एंगल पर हमारी लाइट है वो कोर के
- 41:49अंदर क्या कर रही है एंटर कर रही है फॉर
- 41:52व्हिच टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन जस्ट अकर एट
- 41:56द कोर लडिंग इंट इंटरफेस मतलब यहां बहुत
- 41:58सिंपल सा
- 41:59ये बात बोली गई है क्या बोला गया है जरा
- 42:02ध्यान दीजिए जब यहां पर टोटल इंटरनल
- 42:04रिफ्लेक्शन होगा तो उस समय यह थीटा एंगल
- 42:08क्रिटिकल एंगल के बराबर होगा या जस्ट
- 42:11क्रिटिकल एंगल से ज्यादा होगा तो उस
- 42:13पर्टिकुलर टाइम पर उस पर्टिकुलर इंस्टेंट
- 42:16पर जो हमारा एंगल ऑफ इंसीडेंस है वो एंगल
- 42:19ऑफ इंसीडेंस कहलाएगा एप्टेंस एंगल क्यों
- 42:22क्योंकि उसी एंगल पर यह लाइट एक्सेप्ट की
- 42:26जाएगी नहीं तो एक्सेप्ट नहीं की जाएगी
- 42:28बोलो बात समझ में आ रही है तो ये हमारा
- 42:30क्या हो गया एंगल ऑफ इंसीडेंस एक्सेप्टेंस
- 42:32एंगल हो गया यानी कि आप ऐसा भी कह सकते
- 42:34हैं कि जब ये एंगल ऑफ इंसीडेंस मैक्सिमम
- 42:36होगा तो हम इसको एक्सेप्टेंस एंगल
- 42:39कहेंगे क्या कहेंगे एक्सेप्टेंस एंगल
- 42:42नेक्स्ट डेफिनेशन देखिए क्या है
- 42:43एक्सेप्टेंस कोण एक्सेप्टेंस कोण का मतलब
- 42:47क्या है जरा यहां पर देखो यहां बहुत सिंपल
- 42:49है जरा ध्यान से समझिए देखो मान लेते हैं
- 42:52कि ये हमारा मैक्सिमम एंगल है एंगल ऑफ
- 42:54इंसीडेंस जो कि एप्टेंस एंगल कहलाएगा
- 42:56क्लियर है अगर मैं इस एंगल को और बढ़ा
- 42:58दूंगा तो यहां पर टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन
- 43:01नहीं होगा क्लियर है अब मुझे एक बात बताओ
- 43:03केवल ऐसा थोड़ा कि यही एक एंगल है और भी
- 43:05बहुत सारे एंगल है भाई हम यहां पर भी ड्र
- 43:07कर सकते हैं यहां भी ड्र कर सकते हैं और
- 43:09इसी तरीके से इधर की साइड भी तो एक लाइन
- 43:11होगी मान लेते हैं यह लीजिए है
- 43:16ना भाई इधर भी तो हो सकता है अगर ऐसा
- 43:19थोड़ा ना कि आप लाइट केवल इधर से एंटर
- 43:22कराएंगे तभी टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन होगा
- 43:24आप लाइट को यहां से भी एंटर करा सकते और
- 43:27यहां से जब आप एंटर कराएंगे तो यहां से भी
- 43:30हमारा क्या होगा टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन
- 43:33होगा और यह कुछ इस तरीके से
- 43:35चलेगा कसे देखो फिर से टोटल इंटरनल
- 43:38रिफ्लेक्शन हो रहा है बोलो बात समझ में आ
- 43:40रही है यहां पर भी तो टोटल इंटरनल
- 43:42रिफ्लेक्शन होगा तो ऐसा नहीं है कि केवल
- 43:43एक ही रे है जिससे टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन
- 43:45होगा एक्चुअल में अगर हमारा एंगल ऑफ
- 43:48इंसीडेंस एक्सेप्टेंस एंगल से कम होगा या
- 43:51बराबर होगा तो उस सिचुएशन में हमारा टोटल
- 43:54इंटरनल रिफ्लेक्शन होगा बो बात समझ में आ
- 43:57रही अब जरा यहां पर ध्यान से देखो अगर
- 44:00देखो नीचे की साइड में ये एंगल ऑफ
- 44:03एक्सेप्टेंस हो गया हमारा और इधर ऊपर की
- 44:05साइड में ये भी हमारा एंगल ऑफ एक्सेप्टेंस
- 44:07है क्या है एंगल ऑफ एक्सेप्टेंस ये लीजिए
- 44:11अब अगर आप यहां पर ध्यान से देखें तो क्या
- 44:14ये आपको कोण बनता हुआ नजर आ रहा है देखो
- 44:16ये कोण भाई सीधी सी बात है आप इस ऑप्टिकल
- 44:18फाइबर को समझिए ये सर्कुलर है क्या है
- 44:21सर्कुलर है लाइट ऐसे भी आएंगी लाइट ऐसे भी
- 44:24आएगी लाइट ऐसे भी आएगी तो यहां पर आपको एक
- 44:26कोण बनता हुआ दिखाई देगा क्या बनेगा एक
- 44:29कोण बनेगा और इस कोण के अंदर जितनी भी
- 44:31लाइट रेज आएंगी वो सब टोटल इंटरनल
- 44:33रिफ्लेक्शन का फिनोमिना को जनरेट करेंगी
- 44:37बात समझ में आ रही है तो यहां पर जो ये
- 44:39लाइट का एक कोण बन जाता है क्या बन जाता
- 44:41है कोण और इसी को हम कहते हैं एप्टेंस कोन
- 44:44तो देखो डेफिनेशन क्या लिखी है कि ऑल द
- 44:46लाइट रेज कंटेन इन द कोन इस कोन के अंदर
- 44:49जितनी भी लाइट रेज होंगी इस कोन के अंदर
- 44:52जितनी भी लाइट रेज होंगी वो सब एक्सेप्टेड
- 44:55होंगी और सबकी वजह से टोट टोटल इंटरनल
- 44:57रिफ्लेक्शन होगा द ऑल द लाइट रेज कंटेन इन
- 45:01द कोन हैविंग वर्टेक्स एंगल अब देखो ये जो
- 45:03कोण होगा इस कोण का वर्टेक्स एंगल क्या
- 45:06होगा जरा ध्यान दीजिएगा इस कोण का
- 45:08वर्टेक्स एंगल क्या
- 45:11होगा देखो इस कोण का जो वर्टेक्स एंगल
- 45:14होगा मैं उसकी बात कर रहा हूं जैसे हमारा
- 45:16जो कोण होता है मान लीजिए ये कोण है तो इस
- 45:18कोण में यहां जो एंगल बनता है इसको हम
- 45:21कहते हैं वर्टेक्स एंगल क्या कहते हैं
- 45:23वर्टेक्स एंगल यहां पर जरा ध्यान दो कितना
- 45:25वर्टेक्स एंगल होगा देखो
- 45:27यह नीचे की तरफ एंगल बन रहा है य आई और
- 45:30इसको मैं आई मैक्स कर देता हूं क्योंकि य
- 45:32एंगल ऑफ इडेंस जब मैक्सिमम होगा तो हम इस
- 45:35एप्टेंस एंगल कहेंगे यह भी हमारा मैक्सिमम
- 45:39है और वर्टेक्स एंगल कहां पर बनता है यहां
- 45:42पर तो वर्टेक्स एंगल कितना हो गया टू
- 45:44टाइम्स ऑफ आई मैक्स तो यहां पर वही लिखा
- 45:47है ू टाइम
- 45:48ऑफ आई मैक्स क्लियर है ल द लाइट रे कंटेन
- 45:53इन द कोन हैविंग वर्टेक्स एंगल आई मैक्स
- 45:55आर एप्टेड एंड ट्रांसमिटेड अलोंग द फाइबर
- 45:59है ना एंड दिस कोन इज कॉल्ड एप्टेंस कोन
- 46:01और इसी कोन को हम क्या कहते हैं
- 46:03एक्सेप्टेंस कोन कहते हैं यानी कि यहां पर
- 46:05जो ये कोण बनेगा यह एप्टेंस कोण कहलाएगा
- 46:08आगे बढ़ते हैं नेक्स्ट है हमारे पास
- 46:10न्यूमेरिकल अपर्ट एक्चुअल में न्यूमेरिकल
- 46:13अपच का जो यूज है या न्यूमेरिकल अपटर जो
- 46:15यहां पर है ये लाइट की इंटेंसिटी को मेजर
- 46:18करता है या एबिलिटी इससे हम मेजर करते हैं
- 46:21एबिलिटी ऑफ ए कोर टू एक्सेप्ट लाइट वही
- 46:24चीज यहां पर लिखा है द न्यूमेरिकल अर्चर
- 46:26इज द मेजर ऑफ द अमाउंट ऑफ लाइट एक्सेप्टेड
- 46:29बाय द फाइबर यानी कि जो फाइबर है वो कितनी
- 46:32लाइट को एक्सेप्ट कर रहा है उसी को हम
- 46:33कहते हैं न्यूमेरिकल अपर और जो न्यूमेरिकल
- 46:36अपर है न्यूमेरिकल अर्चर इज आल्सो डिफाइंड
- 46:39एज द साइन ऑफ एक्सेप्टेंस एंगल जो आपका
- 46:41एक्सेप्टेंस एंगल है आई मैक्स अगर आप उसका
- 46:44साइन ले लेंगे तो इसी को हम कहते हैं
- 46:46न्यूमेरिकल अर्चर तो न्यूमेरिकल अर्चर
- 46:49इक्वल टू साइन आ यानी कि सा आई मैक्स तो
- 46:53यहां पर जो ये आई मैक्स है ये एप्टेंस
- 46:55एंगल है यानी कि मैक्सिमम इंसीडेंस एंगल
- 46:59जिसकी वजह से टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन होता
- 47:01है और लास्ट वाला यहां पर एक और
- 47:03इंपॉर्टेंट टर्म है फ्रेक्शनल रिफ्रैक्टिव
- 47:06इंडेक्स या हम इसको रिलेटिव रिफ्रैक्टिव
- 47:09इंडेक्स भी कह सकते हैं फ्रेक्शनल
- 47:11रिफ्रैक्टिव इंडेक्स चेंज या रिलेटिव
- 47:13रिफ्रैक्टिव इंडेक्स भी इसको कहा जाता है
- 47:15तो अब ये क्या है जरा ध्यान से समझिए इट
- 47:17इज डिफाइंड एज द रेशो ऑफ डिफरेंस बिटवीन
- 47:19रिफ्रैक्टिव इंसेस ऑफ कोर एंड
- 47:26के रिफ्रैक्टिव इंडेक्स का क्या ले ले
- 47:28डिफरेंस ले ले और उसको डिवाइड कर दे कोर
- 47:31के रिफ्रैक्टिव इंडेक्स से तो यहां पर जो
- 47:33आपको एक नई टर्म मिलेगी इस टर्म को हम
- 47:36रिप्रेजेंट करते हैं डेल से और इसको कहा
- 47:38जाता है फ्रेक्शनल रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 47:41चेंज तो आपको यह बहुत इंपॉर्टेंट फार्मूला
- 47:43है यह आपको याद रखना है क्या है फ्रेक्शनल
- 47:47रिफ्रैक्टिव इंडेक्स चेंज जिसको
- 47:48रिप्रेजेंट करते हैं डेल्टा से एंड इट इज
- 47:51डिफाइंड एज द रेशियो ऑफ डिफरेंस ऑफ
- 47:54रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ऑफ कोर एंड
- 47:56रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ऑफ क्लंग तो बहुत ही
- 47:59सिंपल सी ये डेफिनेशन है इसको आप याद कर
- 48:01लेंगे एग्जाम में के लिए इंपॉर्टेंट है और
- 48:03यह फार्मूला भी इंपॉर्टेंट है इस फॉर्मूले
- 48:06का यूज करेंगे हम न्यूमेरिकल्स
- 48:07में बात समझ में आ रही इसका भी यूज करेंगे
- 48:11इसका भी यूज करेंगे जो हमारा न्यूमेरिकल
- 48:14अपर्ट होता है व साइन आई मैक्स के बराबर
- 48:17होता है यहां पर आई मैक्स जो है यह
- 48:19एप्टेंस एंगल
- 48:21है ना अब हम चलते हैं डेरिवेशन की तरफ
- 48:24देखिए जो हमारा एप्टेंस एंगल है और
- 48:25न्यूमेरिकल अप है हमें एक्सेप्टेंस एंगल
- 48:28और न्यूमेरिकल अपर्ट के लिए यहां पर क्या
- 48:30करना है डेरिवेशन करना है यानी कि
- 48:32एक्सेप्टेंस एंगल का फार्मूला ड्राइव
- 48:34करेंगे न्यूमेरिकल अपच का भी फार्मूला
- 48:36ड्राइव करेंगे तो यहां पर हम ए को फाइंड
- 48:39करेंगे और आई मैक्स को फाइंड करेंगे तो
- 48:41कैसे फाइंड करना है जरा ध्यान दीजिए अगेन
- 48:44फिर से हमें इसी डायग्राम को बनाना है जो
- 48:47डायग्राम हमने यहां पर बनाया था इसी
- 48:48डायग्राम को फिर से बनाना है इसमें अंदर
- 48:51वाला पार्ट कोर है बाहर वाला पार्ट
- 48:56देखिए फाइबर ऑप्टिक्स के अंदर केवल एक ही
- 48:59डेरिवेशन है जो हम यहां पर यह डेरिवेशन
- 49:01स्टार्ट करने जा रहे हैं और बहुत
- 49:02इंपॉर्टेंट डेरिवेशन है बहुत बार इस
- 49:05डेरिवेशन को यूनिवर्सिटी एग्जाम में पूछा
- 49:06जाता है और बहुत ही सिंपल सा और छोटा सा
- 49:09डेरिवेशन है बत ध्यान दीजिएगा आसानी से
- 49:12समझ में आ जाएगा लेट न मव ट आर द
- 49:15रिफ्रैक्टिव इंसेस ऑफ एयर कोर एंड
- 49:18कलडियम इंडेक्स म न है लडिंग का
- 49:21रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ट है और कोर का
- 49:24रिफ्रैक्टिव इंडेक्स mu1 है
- 49:27बोलो बात समझ में आ रही ये कोर है बाहर
- 49:29वाला पार्ट
- 49:50क्लैडिस्टिक्स होगा और जब
- 49:54रिफ्रैक्ट के हमारे दो लॉ होते थे लॉज ऑफ
- 49:57रिफ्रैक्ट जिसमें एक लॉ होता था स्नेल्स
- 50:00लॉ तो हम क्या करेंगे इस पॉइंट पर स्नेल्स
- 50:03लॉ का यूज करेंगे तो यूजिंग स्नेल्स लॉ एट
- 50:06ए इस ए पॉइंट पर मैं स्नेल्स लॉ का यूज
- 50:09करूंगा ए पॉइंट कौन सा पॉइंट है ये पॉइंट
- 50:11आपका एयर कोर इंटरफेस का है यानी कि यहां
- 50:15पर इस पॉइंट पर इधर जो मीडियम है वो एयर
- 50:17है और इधर वाला जो मीडियम है वो क्या है
- 50:20कोर का मीडियम है यानी कि ग्लास है तो मैं
- 50:23ए पॉइंट पर जब स्नेल्स लॉ को लगाऊंगा तो
- 50:25स्नेल्स लॉ सबको या होगा तो देखो अगर इस
- 50:27पॉइंट पर हम स्नेल्स लॉ लगाएंगे तो
- 50:29स्नेल्स लॉ क्या होता है रेशो ऑफ सा i /
- 50:31सा r है ना भाई ये क्या है अगर आप एंगल ऑफ
- 50:35इंसीडेंस का साइन ले लेंगे और एंगल ऑफ
- 50:37रिफ्रैक्ट का साइन ले लेंगे और दोनों का
- 50:38रेशियो ले लेते हैं तो यह
- 50:41हमारा रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के इक्वल होता
- 50:43है तो अगर आप a पॉइंट पर स्नेल्स लॉ को
- 50:46लगाएंगे तो
- 50:53sin15 इंट के ऊपर स्नेल्स लॉ को अप्लाई कर
- 50:56दिया
- 50:58sin15 a पॉइंट पर लगा दिया अब आगे देखिए
- 51:02यहां से मैं
- 51:26अगर आप इस ट्रायंगल को ध्यान से देखें तो
- 51:28ये एंगल r है और ये एंगल थीटा है और हमें
- 51:31मालूम है r और थीटा का जो सम है वो 90
- 51:33डिग्री होता है r और थीटा का सम कितना
- 51:36होता है 90 डिग्री है ना भाई यहां पर r और
- 51:39थीटा का सम क्या है 90 डिग्री है तो सीधी
- 51:41सी बात है r क्या हो जाएगा r हो जाएगा 90
- 51:44माइन
- 51:45थीटा तो अगर आप यहां पर इस इक्वेशन में r
- 51:48की जगह पर 90 माइन थीटा पुट कर देंगे तो
- 51:50ये आ जाएगा सा आ इ मव अप
- 51:53मन सा 90 माइन थीटा और आप अच्छे से जानते
- 51:56sin90 - थीटा होता है क थीटा तो यहां पर
- 51:59आप क थीटा पुट कर सकते हैं तो ये आ गया
- 52:03हमारे पास क थीटा अब इस क थीटा को अब देखो
- 52:06क थीटा की जगह पर हम अंडर √1 - सा स् थीटा
- 52:09लिख सकते हैं क्योंकि ये आइडेंटिटी सबको
- 52:11मालूम है कि क थीटा क्या होता है अंड √ 1
- 52:13- सा स् थीटा के इक्वल होता है तो अब मैं
- 52:16यहां पर क्या करूंगा क थीटा की जगह मैंने
- 52:18पुट कर दिया u1 / 0 1 - सा स् थीटा अब जरा
- 52:23वापस आते हैं देखो एप्टेंस एंगल इ इ
- 52:28मैक्सिमम सीधी सी बात है यहां पर टोटल
- 52:31इंटरनल रिफ्लेक्शन हो रहा है तो ये जो
- 52:32हमारा एक्सेप्टेंस एंगल होगा ये मैक्सिमम
- 52:34कितना होगा है ना मैक्सिमम एक्सेप्टेंस
- 52:38एंगल तो जब हमारा ये एंगल ऑफ इंसीडेंस
- 52:41मैक्सिमम होगा तो हम इसे एक्सेप्टेंस एंगल
- 52:43कहेंगे क्या कहेंगे एक्सेप्टेंस एंगल और
- 52:45जब ये मैक्सिमम होगा तो ये थीटा किसके
- 52:47बराबर होगा ये थीटा थीटा सी के बराबर होगा
- 52:50एक्चुअल में थीटा थीटा सी से जस्ट ज्यादा
- 52:54होगा लेकिन हम बराबर लेके चलेंगे हम
- 52:56लिमिटिंग कंडीशन ले रहे हैं तो यहां पर
- 52:59जरा ध्यान
- 53:00दीजिएगा देखो एक्सेप्टेंस एंगल इज
- 53:03मैक्सिमम वन थीटा इ थीटा स ये जो हमारा
- 53:06एप्टेंस एंगल है ये मैक्सिमम कब होगा जब
- 53:09थीटा थीटा सी के बराबर होगा जब थीटा क्या
- 53:12होगा थीटा सी के बराबर होगा अगर ये थीटा
- 53:15क्रिटिकल एंगल के बराबर हो जाएगा तो ये
- 53:17एक्सेप्टेंस एंगल मैक्सिमम हो जाएगा और
- 53:19उसी चीज को मैंने यहां पर लिखा है उसी चीज
- 53:22को लिखा है कि एप्टेंस एंगल इज मैक्सिमम
- 53:24व्हेन थीटा इ थ स तो अब आपको करना क्या है
- 53:27आपको कुछ नहीं करना i की जगह तो आ मैक्स
- 53:29कर दो और थीटा की जगह थीटा सी कर दो तो
- 53:32हमारा ये फार्मूला इस फॉर्म में कन्वर्ट
- 53:34हो जाएगा इसको मैंने कह दिया इक्वेशन नंबर
- 53:36टू नाउ अब ये थीटा सी सा थीटा स की वैल्यू
- 53:40निकालनी है कैसे निकलेगी वापस आते हैं
- 53:43डायग्राम में अब देखो इस पॉइंट को जरा
- 53:45ध्यान से देखो इस पॉइंट के बाहर देखो ये
- 53:50पॉइंट यहां पर क्या बाउंड्री पर है इसके
- 53:52नीचे क्या ग्लास है इसके ऊपर क्या क्लेट
- 53:54है तो इसका मतलब इस इस पॉइंट पर मैं
- 53:56स्नेल्स लॉ को अप्लाई कर सकता हूं इस
- 53:59पॉइंट पर मैं स्नेल्स लॉ को क्या कर सकता
- 54:01हूं अप्लाई कर सकता हूं और यहां पर ये
- 54:03थीटा किसके बराबर है थीटा सी के बराबर है
- 54:06तो मुझे एक बात बताओ अगर मैं बी पॉइंट पर
- 54:10स्नेल्स लॉ को लगाता हूं अगर मैं इस बी
- 54:12पॉइंट पर स्नेल्स लॉ को लगाता हूं
- 54:14क्रिटिकल कंडीशन में तो क्रिटिकल कंडीशन
- 54:16में क्या होगा जो हमारा ध्यान दीजिएगा जब
- 54:19हम यहां पर स्नेल्स लॉ को लगाएंगे तो सा
- 54:21थीटा सी अप सा 90 आएगा कैसे आया एक्चुअल
- 54:25में स्लेस लॉ क्या होता है
- 54:27सा i अप सा आ होता है लेकिन जब हमारा
- 54:31क्रिटिकल एंगल बनेगा जब हमारा एंगल ऑफ
- 54:34रिफ्रैक्ट डिग्री होगा ध्यान देना जब
- 54:36हमारा एंगल ऑफ रिफ्रैक्ट होगा तो उस
- 54:39पर्टिकुलर सिचुएशन में एंगल ऑफ इंसीडेंस
- 54:42क्रिटिकल एंगल के बराबर हो जाएगा और
- 54:44क्रिटिकल एंगल को हम थीटा सी कह रहे हैं
- 54:46और एंगल ऑफ रिफलेक्शन 90 डिग्री हो जाएगा
- 54:49तो वही चीज मैंने यहां पर लिखी है सा थ स
- 54:51अप सा 90 = u2 / u1 तो ये हमने स्नेल लगा
- 54:56या बी पॉइंट पर कहां पर बी पॉइंट पर अब सा
- 55:0090 तो वन होता है आप जानते हैं तो सा थीटा
- 55:02स इ मट अप मव हो गया तो यहां से थीटा सी
- 55:05क्या है क्रिटिकल एंगल तो अगर मुझे
- 55:07क्रिटिकल एंगल को कैलकुलेट करना हो तो सान
- 55:09इवर्स ट अप मव आ जाएगा और यह जो फार्मूला
- 55:13है सस इज वेरी वेरी इंपॉर्टेंट फॉर
- 55:16न्यूमेरिकल्स न्यूमेरिकल्स में आपको इस
- 55:18फार्मूले का यूज करना होगा ध्यान
- 55:21दीजिएगा यह फार्मूला आपको न्यूमेरिकल में
- 55:24यूज करना होगा तो इसको याद कर ली थ स इ
- 55:27साइन इवर्स ट अपन मव अच्छा इससे पहले भी
- 55:31मैंने आपको एक फार्मूला और बताया था जो कि
- 55:33न्यूमेरिकल्स में यूज
- 55:35होगा यह तो इसको भी न्यूमेरिकल में यूज
- 55:40करेंगे हम जहां पर भी मैं वेरी इंपॉर्टेंट
- 55:42लिख रहा हूं तो मान के चलिए फार्मूला
- 55:43न्यूमेरिकल के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है
- 55:45न्यूमेरिकल में इसको यूज करेंगे है ना
- 55:48इसको भी यूज
- 55:50करेंगे यह सारे फार्मूले आपको याद होने
- 55:53चाहिए आगे बढ़ते
- 55:57नाउ अब सा थीटा स देखो सा थीटा स आपके पास
- 56:00आ चुका है इस सा थीटा c को उठा कर के
- 56:02इक्वेशन नंबर टू में पुट कर दो तो यहां पर
- 56:04ये आ जाएगा 1 - mu2 स् / mu1 स् सिंपलीफाई
- 56:08करेंगे तो सिंपलीफाई करने पर मव से मव
- 56:10क्या हो जाएगा कट जाएगा अच्छा यहां पर एक
- 56:13और इंपॉर्टेंट चीज देखो जब आप सिंपलीफाई
- 56:15करेंगे तो ये न स् -2 स् आएगा नीचे न स्
- 56:19आएगा अब न स् को जब आप रूट से बाहर निकले
- 56:21निकालेंगे तो u1 आ जाएगा मव से मव कट
- 56:24जाएगा और ये जो न है न क्या है भाई न तो
- 56:28एयर का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स है और आप
- 56:30अच्छे से जानते हैं एयर का रिफ्रैक्टिव
- 56:31इंडेक्स एप्रोक्सीमेटली वन के बराबर होता
- 56:34है यानी कि हम एयर के रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 56:36को हमेशा वन मानते हैं तो अगर आप न की जगह
- 56:39वन पुट कर देंगे तो सा आ मैक्स की वैल्यू
- 56:41क्या हो जाएगी सा आ मैक्स की वैल्यू हो
- 56:43जाएगी अंडर रूट में u1 स् - ट स् अब जरा
- 56:47मेरी बात को ध्यान से सुनिए न्यूमेरिकल
- 56:49अर्चर भाई न्यूमेरिकल अपर्ट तो सा आ मैक्स
- 56:52के बराबर ही होता है अभी थोड़ी देर पहले
- 56:54आपको बताया मैंने ये लीजिए
- 56:57न्यूमेरिकल अपच किसके बराबर सा के बराबर
- 56:59है इसका मतलब न्यूमेरिकल
- 57:02अपरचुरा पास आ चुका है तो यह जो साइन आ
- 57:06मैक्स है ये एक्चुअल में न्यूमेरिकल अर्चर
- 57:08है तो मैं इसकी जगह पर क्या लिख सकता हूं
- 57:09न्यूमेरिकल अपर तो न्यूमेरिकल अर्चर इक्वल
- 57:12टू सान आ मैक्स इसका मतलब यह हुआ अगर यह
- 57:16साइन आ मैक्स न्यूमेरिकल अपच के बराबर है
- 57:18तो हमारा न्यूमेरिकल अपच कितना हो जाएगा
- 57:20अंडर रूट में मव स्क माइन मट स्क्वा एंड
- 57:23अगेन वेरी वेरी इंपॉर्टेंट
- 57:26न्यूमेरिकल को सॉल्व करने के लिए इस
- 57:29फॉर्मूले का हम यूज करेंगे देखिए फाइबर
- 57:31ऑप्टिक्स के जो न्यूमेरिकल है ना वो बहुत
- 57:34ही ज्यादा आसान है बस फार्मूला लगाना है
- 57:36डायरेक्ट और डायरेक्ट आपको आंसर मिल जाएगा
- 57:39तो यह फार्मूला इंपॉर्टेंट है न्यूमेरिकल
- 57:41अर्चर नाउ एप्टेंस एंगल भाई एप्टेंस एंगल
- 57:44तो आई मैक्स है तो सीधी सी बात है आपको आई
- 57:46मैक्स निकालना है तो साइन को उधर ले जाओ
- 57:48तो क्या हो जाए आ इक्वल सा इवर्स इनटू
- 57:51न्यूमेरिकल अपच अगेन इंपॉर्टेंट फार्मूला
- 57:54है न्यूमेरिकल्स में यूज़ करेंगे क्लियर
- 57:58है तो मेरे ख्याल से आपको यह डेरिवेशन समझ
- 58:00में आ गया होगा डेरिवेशन हमारा हो गया
- 58:02कंप्लीट तो इस डेरिवेशन के अंदर दो चीज़
- 58:04हमें ड्राइव करनी थी एक तो न्यूमेरिकल
- 58:06अपर्ट का फॉर्मूला हमने ड्राइव कर लिया और
- 58:08एक एप्टेंस एंगल का फॉर्मूला इसको भी हमने
- 58:10ड्राइव कर लिया बोल बात समझ में आ रही है
- 58:12अब हम आगे बढ़ते हैं नाउ एक और इंपॉर्टेंट
- 58:15रिलेशन यहां पर और वह रिलेशन क्या है
- 58:18रिलेशन बिटवीन न्यूमेरिकल अपर्ट एंड फ्रक
- 58:20फ्रेक्शनल रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के बीच में
- 58:23न्यूमेरिकल अपर्ट और फ्रेक्शनल
- 58:25रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के बीच की रिलेशन
- 58:27अगेन इंपॉर्टेंट है कई बार यूनिवर्सिटी
- 58:29एग्जाम में ये रिलेशन पूछी जा चुकी है है
- 58:31ना तो समझ लेते हैं छोटा सा रिलेशन है
- 58:34बहुत ही आसान तरीके से हम इसको ड्राइव कर
- 58:36लेंगे तो हमें किस-किस के बीच में चाहिए
- 58:39रिलेशन न्यूमेरिकल अपर्ट और फ्रेक्शनल
- 58:41रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के बीच में तो वी नो
- 58:43दैट हमें मालूम है न्यूमेरिकल अर्चर का
- 58:45फार्मूला हमने अभी-अभी ड्राइव किया
- 58:47फ्रेक्शनल इंडेक्स चेंज हमारा कितना होता
- 58:48है mu1 माइ mu2 अप u1 इसको मैंने इक्वेशन
- 58:52नंबर वन मान लिया इसको मैंने इक्वेशन नंबर
- 58:54टू मान लिया अब इस रिलेशन को ड्राइव करने
- 58:57के हमारे पास दो तरीके हैं हम इक्वेशन
- 58:59नंबर वन से भी स्टार्ट कर सकते हैं हम
- 59:01इक्वेशन नंबर टू से भी स्टार्ट कर सकते
- 59:03हैं दोनों तरीके से ये डेरिवेशन हो जाएगा
- 59:05लेकिन है ना तो चलिए मैं इक्वेशन नंबर वन
- 59:08से स्टार्ट कर लेता हूं आप टू से भी
- 59:09स्टार्ट कर सकते हैं तो हमने यहां पर यूज
- 59:11किया इक्वेशन नंबर वन का तो ये हमारी
- 59:13इक्वेशन नंबर वन है इसको थोड़ा सिंपलीफाई
- 59:15करते हैं देखो यहां पर u1 स् - ट स् लिखा
- 59:18है तो आप यहां पर a स् - b स् का फार्मूला
- 59:21लगा सकते हैं तो क्या हो जाएगा a - b और a
- 59:23+ b तो यहां पर a और b की जगह मव और है
- 59:26क्लियर है तो यहां तक तो कोई दिक्कत नहीं
- 59:29है बस इसके बाद आपको यह स्टेप थोड़ा सा
- 59:31याद रखना है क्या याद रखना है कि आपको
- 59:34यहां पर यहां पर रूट के अंदर ही 2 मव से
- 59:38मल्टीप्लाई करना है और 2 मव से डिवाइड
- 59:42करना है ये स्टेप आपको याद रखना है कि
- 59:44आपको 2 मव से मल्टीप्लाई करना है और 2 मव
- 59:47से ही डिवाइड करना है इससे फायदा क्या
- 59:49होगा इससे फायदा ये होगा कि हमारा
- 59:52रिफ्रैक्टिव देखो हमने इससे स्टार्ट किया
- 59:54है और हम इसको बनाएंगे भाई सीधी सी बात है
- 59:56इसमें और इसमें रिलेशन चाहिए और आप यहां
- 59:58से स्टार्ट कर रहे हैं तो आपको कुछ ऐसा
- 1:00:01करना होगा कि आपको ये मिल जाए तो इसको
- 1:00:05बनाने के लिए हमने यहां पर 2 u1 और 2 mu1
- 1:00:08से मल्टीप्लाई और डिवाइड कर दिया अब देखो
- 1:00:10क्या करेंगे म 1 - u2 के अपॉन में देखो
- 1:00:14यहां पर ट u1 है हम इस u1 को इसके साथ में
- 1:00:16ले आएंगे तो देखो ये बन गया हमारे पास u1
- 1:00:19- mu2 / mu1 बचा 2 टू को हम इसके नीचे ले
- 1:00:22जाएंगे तो + mu2 / 2 और ये 2 ऐसा ही रहा
- 1:00:27अब जरा ध्यान से देखो u1 - mu2 अप u1
- 1:00:30किसके बराबर है यह तो हमारा फ्रेक्शनल
- 1:00:33इंडेक्स चेंज है इसका मतलब यह क्या है
- 1:00:35फ्रेक्शनल इंडेक्स चेंज तो देखो हमारे पास
- 1:00:37न्यूमेरिकल अपर्ट भी आ गया और फ्रेक्शनल
- 1:00:40रिफ्रैक्टिव इंडेक्स चेंज भी आ गया अब
- 1:00:42इसको थोड़ा सिंपलीफाई करते हैं रिलेशन तो
- 1:00:43आ चुकी लेकिन इसको थोड़ा सिंपलीफाई करते
- 1:00:45हैं यहां पर u1 + mu2 / 2 है अच्छा मव
- 1:00:49क्या है कोर का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ट
- 1:00:51क्या है क्लंग का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स और
- 1:00:53यहां पर दोनों का एवरेज है तो यहां मैं
- 1:00:56आपको एक चीज बता दूं जो u1 और ट होता है
- 1:00:59इन दोनों के बीच का जो डिफरेंस होता है ना
- 1:01:01वो बहुत कम होता है वेरी वेरी स्मॉल ये
- 1:01:04दोनों रिफ्रैक्टिव इंडेक्स अलग-अलग है
- 1:01:06लेकिन दोनों के बीच का डिफरेंस क्या है
- 1:01:08वेरी वेरी स्मल यानी कि म 1 और ट की जो
- 1:01:11वैल्यू है वो एप्रोक्सीमेटली आसपास ही
- 1:01:13होती
- 1:01:14है तो अब हमें यहां पर क्या करना होगा
- 1:01:17यहां पर हमें एक एप्रोक्सीमेशन लेंगे हम
- 1:01:19क्या एप्रोक्सीमेशन लेंगे कि u1 + u2 / 2
- 1:01:23की जो वैल्यू होगी वो u1 के बराबर होगी ई
- 1:01:25सीधी सी बात बात है u1 और ट का जो एवरेज
- 1:01:28है वो u1 और ट के बीच में आएगा कहां पर
- 1:01:31आएगा बीच में आएगा तो जब दोनों के बीच में
- 1:01:34आएगा तो हम इसको u1 के बराबर भी मान सकते
- 1:01:36हैं और u2 के बराबर भी लगभग मान सकते हैं
- 1:01:39तो हमने इसको एप्रोक्सीमेशन यहां पर क्या
- 1:01:41लिया कि u1 + mu2 / 2 की जो वैल्यू है वो
- 1:01:43u के बराबर है तो अगर आप इसकी जगह पर इसकी
- 1:01:47जगह पर अगर आप u1 पुट कर देंगे तो ये 21
- 1:01:50का स्क्वायर हो जाएगा अब यहां पर एक गलती
- 1:01:52नहीं करनी आपको कुछ हो सकता है कुछ लोग u1
- 1:01:55से u1 को काट दें एक बार लेकिन कैंसिल आउट
- 1:01:57नहीं करना है भाई हमने तो मल्टीप्लाई
- 1:01:59डिवाइड ही किया था इसको बनाने के लिए तो
- 1:02:01यहां पर u से u को कैंसिल नहीं करना है तो
- 1:02:04क्या करेंगे देखो ये u स् है तो इसमें से
- 1:02:06/ स् में से एक u1 बाहर आ जाएगा अंदर क्या
- 1:02:09बचेगा 2 u1 - u2 / mu1 और यही हमारे पास
- 1:02:13जो फार्मूला आया है अगेन इट इज इंपॉर्टेंट
- 1:02:17ये इंपॉर्टेंट फार्मूला है इसका भी हम
- 1:02:20यूज़ करेंगे न्यूमेरिकल्स के अंदर अच्छा
- 1:02:23अब ये जो अंदर वाला पार्ट है रूट के अंदर
- 1:02:24वाला पार्ट तो यहां पर - mu2 / u1 की जगह
- 1:02:27आप डेल्टा भी रख सकते हैं डेल्टा भी पुट
- 1:02:30कर सकते हैं है ना अब मेरी बात को समझिए
- 1:02:33कि इस फॉर्मूले का य देखो रिलेशन हमारी आ
- 1:02:35चुकी न्यूमेरिकल अर्चर हो गया फ्रैक्शन
- 1:02:36इंडेक्स चेंज हो गया यही हमारे पास फाइनल
- 1:02:39रिलेशन है अब यहां पर ये जो फॉर्मूला है
- 1:02:42ये न्यूमेरिकल अपर्ट का फार्मूला है और
- 1:02:44न्यूमेरिकल अपर्ट का फार्मूला हमारे पास
- 1:02:45ऑलरेडी पहले से ही आ चुका था ये वाला तो
- 1:02:49अब यहां पर प्रॉब्लम क्या आती है
- 1:02:50न्यूमेरिकल मान लीजिए आपको न्यूमेरिकल
- 1:02:52सॉल्व करना है और आपको न्यूमेरिकल अपर्ट
- 1:02:54को कैलकुलेट करना है तो आप इस फार्मूले को
- 1:02:56लगाएं या इसको लगाएं दोनों में से किसी को
- 1:03:00भी लगा सकते हैं हां दोनों के आंसर
- 1:03:02अलग-अलग आएंगे ध्यान दीजिएगा अगर आप इस
- 1:03:05फॉर्मूले को लगाते हैं तो यहां से जो आंसर
- 1:03:08आएगा और यहां से जो आंसर आएगा वो दोनों
- 1:03:10आंसर अलग-अलग होंगे ब दोनों में जो अंतर
- 1:03:12होगा वो बहुत ही कम होगा यानी कि माइनर
- 1:03:16डिफरेंस आएगा पॉइंट के बाद डिफरेंस आएगा
- 1:03:18बात समझ में आ रही तो आप न्यूमेरिकल में
- 1:03:21इसको भी यूज कर सकते हैं इसको भी यूज कर
- 1:03:23सकते हैं ये मैं इसलिए बता रहा हूं
- 1:03:25क्योंकि जब आप इनके न्यूमेरिकल देखेंगे
- 1:03:28न्यूमेरिकल अपर्ट के तो अलग-अलग क्वेश्चन
- 1:03:30में आपको कहीं पर ये फार्मूला लगा देंगे
- 1:03:32कहीं पर ये लगा देंगे तो वहां पर स्टूडेंट
- 1:03:34को कंफ्यूजन हो जाता है तो मैं आपको बता स
- 1:03:36बता रहा हूं यहां पर कि आप इसको भी लगा
- 1:03:38सकते हैं इसको भी लगा सकते हैं आंसर में
- 1:03:40हल्का सा वेरिएशन आएगा लेकिन दोनों ही
- 1:03:42आंसर करेक्ट होंगे बात समझ में आ रही है
- 1:03:44आगे बढ़ते हैं तो रिलेशन आपको समझ में आ
- 1:03:47गई अब यहां पर हम जो हमने अभी ये फॉर्मूले
- 1:03:50आपको बताए मैंने आपको इंपॉर्टेंट इन
- 1:03:51फॉर्मूले के ऊपर बेस्ड इंपॉर्टेंट
- 1:03:53न्यूमेरिकल सॉल्व कर लेते हैं और ये न
- 1:03:56इंपोर्टेंट है और यहां पर जितने भी
- 1:03:57न्यूमेरिकल मैं आपको करा रहा हूं यह सभी
- 1:03:59न्यूमेरिकल यूनिवर्सिटी में आ चुके हैं तो
- 1:04:01पहला न्यूमेरिकल देखिए बहुत ही सिंपल
- 1:04:03न्यूमेरिकल है ए सिलिका ग्लास ए सिलिका
- 1:04:06ग्लास ऑप्टिकल फाइबर हैज कोर रिफ्रैक्टिव
- 1:04:09इंडेक्स मतलब हमारे पास एक सिलिका का
- 1:04:11ग्लास है जिसके कोर का रिफ्रैक्टिव
- 1:04:13इंडेक्स है 1.50 इसका मतलब हमें मव गिवन
- 1:04:16है देखो मैंने यहां पर गिवन डाटा लिखा हुआ
- 1:04:19है ए सिलिका ग्लास ऑप्टिकल फाइबर हैज ए
- 1:04:22कोर रिफ्रैक्टिव इंडेक्स 1.50 इसका मतलब
- 1:04:25मतलब mu1 की वैल्यू 1.50 है एंड क्लेट
- 1:04:28रिफ्रैक्टिव इंडेक्स 1.45 इसका मतलब क्लेट
- 1:04:32का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स 1.45 है कैलकुलेट
- 1:04:35द न्यूमेरिकल अपर ऑफ द ऑप्टिकल फाइबर हमें
- 1:04:37ऑप्टिकल फाइबर के न्यूमेरिकल अपर को
- 1:04:40कैलकुलेट करना है तो सीधी सी बात है
- 1:04:42न्यूमेरिकल अपर फाइंड करना है मव आपको
- 1:04:45गिवन है ट आपको गिवन है आपको न्यूमेरिकल
- 1:04:47अपर निकालना है तो न्यूमेरिकल अर्चर का
- 1:04:50फार्मूला लगा दीजिए क्या होता है अंडर रूट
- 1:04:52में u1 स् -2 स् है ना उसके बाद यहां पर
- 1:04:57मव की और ट की वैल्यू को आप पुट कर देंगे
- 1:05:00और पुट करने के बाद आपके पास कैलकुलेटर है
- 1:05:03कैलकुलेटर में सीधे-सीधे आप 1.50 का
- 1:05:06स्क्वायर करिए इसमें से 1.45 के स्क्वायर
- 1:05:09को माइनस कर दीजिए जो भी आएगा उसका रूट ले
- 1:05:12लीजिए तो रूट लेने के बाद आपके पास ये
- 1:05:14आंसर आएगा 0.38 4 और आपका न्यूमेरिकल हो
- 1:05:18चुका है कंप्लीट और ये न्यूमेरिकल
- 1:05:21यूनिवर्सिटी एग्जाम में आ चुका है अब
- 1:05:22बताइए कुछ करना है इसमें mu1 गिवन है ट
- 1:05:25गिवन है न्यूमेरिकल अपच का फार्मूला लगाइए
- 1:05:27आंसर आ गया ये न्यूमेरिकल यूनिवर्सिटी
- 1:05:29एग्जाम में आ चुका है बात समझ में आ रही
- 1:05:32है तो आप देख सकते हैं कितना आसान
- 1:05:34न्यूमेरिकल है अच्छा अभी-अभी मैंने आपको
- 1:05:36एक बात बताई थी कि न्यूमेरिकल अपर्ट के
- 1:05:38हमारे पास दो फॉर्मूले हैं आप दोनों में
- 1:05:40से किसी को भी अप्लाई कर सकते हैं दोनों
- 1:05:41के आंसर अलग-अलग आएंगे लेकिन दोनों करेक्ट
- 1:05:44होंगे तो मैं आपको इस पर्टिकुलर क्वेश्चन
- 1:05:47में दूसरा फार्मूला भी लगा देखिए सेकंड
- 1:05:49मेथड सेकंड मेथड कुछ नहीं है यहां पर
- 1:05:51मैंने न्यूमेरिकल अपच का दूसरा वाला
- 1:05:52फार्मूला लगाया है जो हमने अभी-अभी ड्राइव
- 1:05:54किया था ये पहले मैंने इसको लगाया अब मैं
- 1:05:57इसको लगा रहा हूं देखो तो जब मैंने इस
- 1:06:00फॉर्मूले को लगाया और यहां पर सारी
- 1:06:02वैल्यूज को मैंने पुट किया तो मेरा आंसर
- 1:06:04क्या आ रहा है 0.38 7 यहां पर आ रहा था
- 1:06:060.38 4 आंसर दोनों अलग-अलग है लेकिन दोनों
- 1:06:11आंसर में ज्यादा अंतर नहीं है दोनों ही
- 1:06:13करेक्ट है इसको भी आप कर सकते हैं इसको भी
- 1:06:15दोनों नहीं करके आने या तो यह करना है या
- 1:06:18यह करना है ऐसा नहीं कि आप दोनों ही कर
- 1:06:19रहे हैं कोई फायदा नहीं है आपको वहां पर
- 1:06:21कोई ज्यादा नंबर नहीं मिलेंगे आपको एक ही
- 1:06:23करना है या तो आप पहला वाला फार्मूला
- 1:06:25लगाइए या आप दूसरा वाला लगाइए मुझे मालूम
- 1:06:28है ज्यादातर स्टूडेंट इसी को लगाएंगे
- 1:06:29क्योंकि ये आसान है जल्दी आंसर आ जाता है
- 1:06:32चलिए तो पहला न्यूमेरिकल आपको समझ में आ
- 1:06:34गया होगा अच्छा इसी न्यूमेरिकल के अंदर
- 1:06:36मैंने के इस न्यूमेरिकल के अंदर क्या पूछा
- 1:06:37न्यूमेरिकल अपर्ट इसी के अंदर न्यूमेरिकल
- 1:06:40अपर्ट के साथ-साथ आपको एप्टेंस एंगल पूछ
- 1:06:42सकते हैं आपसे क्रिटिकल एंगल पूछ सकते हैं
- 1:06:44और सारे न्यूमेरिकल इसी टाइप के हैं यहां
- 1:06:47पर और सब एक जैसे हैं देखो अगला
- 1:06:49न्यूमेरिकल बिल्कुल सेम इसी के जैसा है और
- 1:06:51यूनिवर्सिटी में देखो दो बार आ चुका है
- 1:06:531617 में भी आ चुका है 18 19 में भी आ
- 1:06:55चुका इसका मैंने ईयर लिखा नहीं है ये
- 1:06:58न्यूमेरिकल भी कई बार आ चुका है चलिए
- 1:07:01ध्यान दीजिएगा यहां पर क्या है कैलकुलेट द
- 1:07:02न्यूमेरिकल अर्चर आपको न्यूमेरिकल अपर्ट
- 1:07:04निकालना है एक्सेप्टेंस एंगल निकालना है
- 1:07:06क्रिटिकल एंगल निकालना है फ्रॉम द फॉलोइंग
- 1:07:09डाटा आपको यहां पर कोर का रिफ्रैक्टिव
- 1:07:11इंडेक्स दिया है क्लंग का अ बिल्कुल सेम
- 1:07:13न्यूमेरिकल है बस यहां पर तीन चीज पूछी है
- 1:07:15तो देखो ये कोर का है कोर का मव होता है
- 1:07:17क्लंग का ट होता है तो mu1 ट आपको गिवन है
- 1:07:20न्यूमेरिकल अपर्ट फार्मूला लगाया वैल्यू
- 1:07:23पुट करी आंसर आ गया तो हमारे पास
- 1:07:26न्यूमेरिकल अपर्ट आ गया फिर क्या पूछा
- 1:07:28एक्सेप्टेंस एंगल एक्सेप्टेंस एंगल क्या
- 1:07:30होता है भाई सीधे-सीधे फार्मूला लगाइए तो
- 1:07:32एक्सेप्टेंस एंगल होता है हमारा आई मैक्स
- 1:07:35और कितना होता है सा इवर्स सा इवर्स इनटू
- 1:07:38न्यूमेरिकल अर्चर देखो आ मैक्स का
- 1:07:39फार्मूला क्या था वापस आते हैं एक बार मैं
- 1:07:42आपको दिखा देता हूं आई मैक्स का फार्मूला
- 1:07:45ये रहा आई मैक्स का फार्मूला सा इवर्स और
- 1:07:48यहां पर न्यूमेरिकल अपर्ट भाई ये
- 1:07:50न्यूमेरिकल अपर्ट ही तो है है ना
- 1:07:51न्यूमेरिकल अपर्ट तो यहां पर न्यूमेरिकल
- 1:07:54अपर्ट हम कैलकुलेट कर चुके हैं ऑलरेडी
- 1:07:56दोबारा कैलकुलेट करने की जरूरत नहीं है
- 1:07:58न्यूमेरिकल अपर्ट को हम कैलकुलेट कर चुके
- 1:08:00हैं सीधा-सीधा यहां पर वैल्यू पुट करिए और
- 1:08:02आंसर आ जाएगा बात समझ में आ रही यानी कि
- 1:08:05आई मैक्स को कैलकुलेट करने के लिए आपको
- 1:08:07एक्सेप्टेंस एंगल को कैलकुलेट करने के लिए
- 1:08:10आपको पहले न्यूमेरिकल एपर्चर कैलकुलेट
- 1:08:12करना होगा उसके बाद यहां पर पुट कर दो
- 1:08:14आंसर आ जाएगा आगे देखो थर्ड पार्ट क्या
- 1:08:17पूछा क्रिटिकल एंगल भाई क्रिटिकल एंगल का
- 1:08:19फार्मूला आपको याद है sin-1 u2 / u1 सा
- 1:08:23इवर u2 / u1 ये फार्मूला भी मैं आपको बता
- 1:08:26चुका हूं देखिए ये रहा उसके ऊपर मैंने
- 1:08:28लिखा भी होगा वेरी इंपॉर्टेंट सा इवर्स /
- 1:08:31mu1 फार्मूला लगा दीजिए वैल्यू पुट करिए
- 1:08:32आंसर आ जाएगा अब बताइए यह क्वेश्चन सेवन
- 1:08:36मार्क्स में दो बार आ चुका है 1617 में भी
- 1:08:39और 18 19 में भी बब सात नंबर मुश्किल से
- 1:08:42दो से तीन मिनट लगेंगे क्वेश्चन को करने
- 1:08:44में 5 मिनट लग जाएंगे हार्डली और आपके
- 1:08:46यहां पर सेवन मार्क्स आ जाएंगे भा ये
- 1:08:49कैलकुलेशन आपको कैलकुलेटर से करनी
- 1:08:51है नेक्स्ट न्यूमेरिकल अगेन बिल्कुल सेम
- 1:08:54न्यूमेरिकल है बस लैंग्वेज अलग है डटा अलग
- 1:08:56है देखो इसी तरह का न्यूमेरिकल यहां से
- 1:08:58आता है यूनिवर्सिटी एग्जाम में ब वो डाटा
- 1:09:00चेंज कर देते हैं देखो यहां पर डाटा चेंज
- 1:09:02है बाकी कुछ भी नहीं है अ सिलिकन ऑप्टिकल
- 1:09:04फाइबर विद डायमीटर लार्ज इनफ हैज अ कोर
- 1:09:07रिफ्रैक्टिव इंडेक्स आपके लिए इंपॉर्टेंट
- 1:09:09बात ये है कि कोर का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 1:09:111.50 है और क्लेटन का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 1:09:141.47 है यानी कि u1 1.50 है ट 1.47 है
- 1:09:18देखिए अगर आपको कभी-कभी ये ना समझ में आए
- 1:09:20कि कोर का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स कौन सा है
- 1:09:23और
- 1:09:25याद रहेगी और हमेशा आपको याद रखनी है कि
- 1:09:28हमेशा कोर का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 1:09:30क्लैडिस्टिक्स से ज्यादा होता है तो अगर
- 1:09:32यहां पर कोर
- 1:09:37क्लैडिस्टिक्स होता और जो वैल्यू छोटी है
- 1:09:39वो
- 1:09:53क्लैडिस्टिक्स का फार्मूला लगाइए आंसर आ
- 1:09:55जाएगा और उसके बाद थर्ड पार्ट एक्सेप्टेंस
- 1:09:57एंगल एक्सेप्टेंस एंगल का फार्मूला लगाइए
- 1:09:59आंसर आ जाएगा ये न्यूमेरिकल मैंने पहले से
- 1:10:01ही देखो यहां पर मैंने सब कुछ पहले से
- 1:10:03इसलिए सॉल्व कर लिया है क्योंकि सब कुछ
- 1:10:05बहुत आसान है तो मैं नहीं चाहता कि यहां
- 1:10:07पर ज्यादा समय लगे आपको समझाने में है ना
- 1:10:10चलिए तो ये न्यूमेरिकल भी हमारा कंप्लीट
- 1:10:12हुआ नेक्स्ट न्यूमेरिकल अच्छा दो यहां पर
- 1:10:16ये हमारा न्यूमेरिकल नंबर थ्री ठीक है तो
- 1:10:18मेरे ख्याल से तीन न्यूमेरिकल सफिशिएंट है
- 1:10:20क्योंकि यहां पर सब न्यूमेरिकल ऐसे ही है
- 1:10:23कुछ भी अलग नहीं है बस आपको क्रिटिकल एंगल
- 1:10:25निकालना हैप्टेंस एंगल निकालना है
- 1:10:27न्यूमेरिकल अर्चर निकालना तीनों के
- 1:10:29फॉर्मूले लगाइए आपका आसानी से आंसर आ
- 1:10:31जाएगा नेक्स्ट टॉपिक है हमारा ी नंबर तो
- 1:10:35अब हम ी नंबर को समझ लेते हैं कि ी नंबर
- 1:10:37क्या होता
- 1:10:50है चलिए तो ी नंबर की अब हम बात करेंगे है
- 1:10:54ना यहां पर v नंबर भी बोल सकते हैं हम
- 1:10:56इसको नॉर्मलाइज फ्रीक्वेंसी भी हम इसको
- 1:10:58कहते हैं और कट ऑफ पैरामीटर इन ऑप्टिकल
- 1:11:01फाइबर एक ही बात है v नंबर कहे नॉर्मलाइज
- 1:11:05फ्रीक्वेंसी कहे या कट ऑफ पैरामीटर कहे है
- 1:11:07ना अब ये जो v नंबर है ये क्या है एक्चुअल
- 1:11:11में v नंबर एक इंपॉर्टेंट पैरामीटर है
- 1:11:13जिससे हम ऑप्टिकल फाइबर के अंदर नंबर ऑफ
- 1:11:16मोड्स को कैलकुलेट करते हैं अब ये नंबर ऑफ
- 1:11:19मोड्स क्या है देखिए एक्चुअल में नंबर ऑफ
- 1:11:21मोड्स का यहां पर मतलब है कि किसी भी
- 1:11:23ऑप्टिकल फाइबर के अंदर कितनी लाइट रे
- 1:11:26ट्रेवल कर रही है अगर एक ही लाइट रे
- 1:11:29ट्रेवल कर रही है तो इसका मतलब वोह फाइबर
- 1:11:31कैसा है सिंगल मोड फाइबर है और अगर एक से
- 1:11:34ज्यादा लाइट रे एक साथ ट्रबल कर रही है तो
- 1:11:37उसको हम कहते हैं मल्टी मोड फाइबर अभी
- 1:11:40इसके बाद हमारा नेक्स्ट टॉपिक होगा
- 1:11:42क्लासिफिकेशन या टाइप्स ऑफ ऑप्टिकल फाइबर
- 1:11:44तो वहां पर हम पढ़ेंगे डिटेल में कि सिंगल
- 1:11:47मोड फाइबर क्या होता है और मल्टी मोड
- 1:11:48फाइबर क्या होता है ठीक है ना तो अभी
- 1:11:51फिलहाल हमें इतना समझ लेना है कि v नंबर
- 1:11:54का मतलब है कि अगर हमें ऑप्टिकल फाइबर के
- 1:11:55अंदर नंबर ऑफ मोड्स को कैलकुलेट करने हो
- 1:11:58तो v नंबर जो पैरामीटर है इस पैरामीटर का
- 1:12:01हम यूज करेंगे और नंबर ऑफ मोड्स को
- 1:12:03कैलकुलेट कर लेंगे तो वही चीज यहां पर
- 1:12:05लिखी है कि ी नंबर इन ऑप्टिकल फाइबर इज अ
- 1:12:08डायमेंशन लेस पैरामीटर इसकी कोई डायमेंशन
- 1:12:10नहीं है जैसे रिफ्रैक्टिव इंडेक्स की कोई
- 1:12:12डायमेंशन नहीं होती है डायमेंशन लेस
- 1:12:15पैरामीटर च् इज यूज टू डिटरमाइंड द
- 1:12:18मैक्सिमम पॉसिबल नंबर ऑफ मोड्स इन अ फाइबर
- 1:12:22और v नंबर का हमारे पास क्या है एक
- 1:12:25फार्मूला है जिसको यहां पर देखो नीचे लिखा
- 1:12:27भी है है ना तो इस फार्मूले के अंदर जो r
- 1:12:30है वो रेडियस है किसका कोर का लैडा यहां
- 1:12:34पर लाइट की वेवलेंथ है और u1 और ट यहां पर
- 1:12:38आपका कोर और क्लैडिस्टिक्स है तो उसी चीज
- 1:12:42को देखो यहां पर लिखा है कि v नंबर गिव द
- 1:12:44रिलेशन बिटवीन रेडियस ऑफ द कोर देखो यहां
- 1:12:46पर r आ रहा है रिफ्रैक्टिव इंडेक्स mu1
- 1:12:49mu2 भी इसके अंदर आ रहा है ऑफ द मटेरियल
- 1:12:51ऑफ द कोर एंड
- 1:12:55की वेवलेंथ भी आ रही है प्रोपेगेटिंग थ्रू
- 1:12:57द ऑप्टिकल फाइबर एंड इज गिवन एज तो यह जो
- 1:13:00v नंबर का फार्मूला है यह फार्मूला अगेन
- 1:13:04वेरी वेरी इंपॉर्टेंट और आपको यह फार्मूला
- 1:13:06याद रखना है क्योंकि v नंबर का जो ये
- 1:13:09फार्मूला है इस फार्मूले के ऊपर बेस्ड
- 1:13:11न्यूमेरिकल बहुत ही सिंपल है और बहुत ही
- 1:13:14इंपॉर्टेंट है तो हमें एक्चुअल में v नंबर
- 1:13:16के ऊपर बेज न्यूमेरिकल ही सॉल्व करने हैं
- 1:13:19यहां से यूनिवर्सिटी एग्जाम में है ना
- 1:13:21कभी-कभी तो ये दो नंबर में पूछ लेते हैं
- 1:13:23कि व्हाट ड यू अंडरस्टैंड बाय v नंबर या
- 1:13:25नॉर्मलाइज फ्रीक्वेंसी या कट ऑफ पैरामीटर
- 1:13:27है ना इससे आप क्या समझते हैं तो आपको
- 1:13:29यहां पर ये सब लिख देना है फॉर्मूला इसका
- 1:13:31लिख देना है और उसके बाद इसके ऊपर बेस्ड
- 1:13:33पूछे जाते हैं न्यूमेरिकल्स बात समझ में आ
- 1:13:35रही अच्छा यहां पर इसको आप थोड़ा
- 1:13:37सिंपलीफाई भी कर सकते हैं आप जानते हैं जो
- 1:13:39अंडर रूट में लिखा है u - mu2 का होल
- 1:13:41स्क्वायर ये एक्चुअल में क्या होता है ये
- 1:13:43न्यूमेरिकल अपर्ट होता है अब देखो नीचे
- 1:13:46वाला फार्मूला और इसमें और इसमें कोई अंतर
- 1:13:47नहीं है यहां पर देखो ये 2pir है तो 2 * r
- 1:13:51अगर मैं 2r क्या होता है डायमीटर मैं ये
- 1:13:53क्या रेडियस है कोर का और 2r क्या हो
- 1:13:55जाएगा डायमीटर हो जाएगा कोर का तो अगर आप
- 1:13:57इसको डायमीटर की फॉर्म में लिखना चाहते
- 1:13:59हैं तो डायमीटर की फॉर्म में लिख सकते हैं
- 1:14:00और यहां पर जो ये आगे वाला पार्ट है ये
- 1:14:03एक्चुअल में न्यूमेरिकल अपर्ट है वी नो
- 1:14:05दैट तो ये वाला पार्ट क्या होता है
- 1:14:06न्यूमेरिकल अपर्ट होता है न्यूमेरिकल
- 1:14:08अपर्ट का एक और फार्मूला है ंड √2 अंडर
- 1:14:12रूट में 2 डेल्टा है ना तो अगर मैं इन
- 1:14:16दोनों को कंपेयर करूं तो यहां से मुझे
- 1:14:18क्या पता चल रहा है कि इसकी वैल्यू इसके
- 1:14:19बराबर है यानी कि ये दोनों इक्वल है तो आप
- 1:14:21इस फॉर्मूले में इस वाले पार्ट की जगह पर
- 1:14:25ये भी लिख सकते हैं u1 √2 डेल है ना तो ये
- 1:14:28फार्मूला कुछ इस तरीके से बन जाएगा और
- 1:14:30इसकी जगह पर आप ए लिख सकते हैं मतलब
- 1:14:32न्यूमेरिकल अपच लेकिन हम न्यूमेरिकल के
- 1:14:34लिए आप सीधे बस ये फार्मूला याद रखिए बाकी
- 1:14:37सब छोड़ दीजिए आप इसको याद रखना है आपको
- 1:14:39और इसके ऊपर बेस्ड आपको न्यूमेरिकल सॉल्व
- 1:14:41करने अब न्यूमेरिकल में हमसे नंबर ऑफ
- 1:14:43मोड्स भी पूछे जाएंगे तो अब ये नंबर ऑफ
- 1:14:45मोड्स कैसे निकालेंगे ध्यान दीजिएगा नंबर
- 1:14:47ऑफ मोड्स इन मल्टी मोड फाइबर नंबर ऑफ
- 1:14:51मोड्स इन मल्टी मोड फाइबर भाई अगर सिंगल
- 1:14:53मोड फाइबर होगा तो उसमें तो एक ही मोड
- 1:14:55होगा मल्टी मोड फाइबर में एक से ज्यादा
- 1:14:57मोड होंगे तो कैसे कैलकुलेट करेंगे कि
- 1:14:59नंबर ऑफ मोड्स कितने हैं तो ध्यान दीजिएगा
- 1:15:02इफ n रिप्रेजेंट द नंबर ऑफ मोड्स इन मल्टी
- 1:15:05मोड फाइबर अगर हमारे पास मान लेते हैं कि
- 1:15:08मल्टी मोड फाइबर के अंदर जो कैपिटल n है
- 1:15:11वो नंबर ऑफ मोड्स है तो फिर n की वैल्यू
- 1:15:13कैसे निकाली जाएगी तो एक्चुअल में हमारे
- 1:15:15पास यहां पर जो मल्टी मोड फाइबर होते हैं
- 1:15:18वो दो तरह के होते हैं एक होता है स्टेप
- 1:15:20इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर और एक होता है
- 1:15:22ग्रेडेड इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर नेक्स्ट
- 1:15:24टॉपिक जो हम क्लासिफिकेशन पढ़ेंगे ना वहां
- 1:15:26पर इन सबको हमें डिटेल में पढ़ना है तो
- 1:15:28फिलहाल अभी आपको याद रखना है कि स्टेप
- 1:15:30इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर के लिए फार्मूला
- 1:15:32होता है v स् / 2 v क्या है यहां पर v
- 1:15:34नंबर है और ग्रेडेड इंडेक्स मल्टी मोड
- 1:15:37फाइबर के लिए v स् / 4 हो जाता है तो ये
- 1:15:40फार्मूला बस आपको याद रखना है नीचे नोट
- 1:15:42करके एक पॉइंट लिखा है कि जो v नंबर है वो
- 1:15:45इंक्रीज करेगा न्यूमेरिकल अपर्ट और
- 1:15:46डायमीटर के साथ में तो वो तो आप यहां पर
- 1:15:48देख भी सकते हैं देखो अगर डायमीटर इंक्रीज
- 1:15:51करेगा तो v नंबर भी इंक्रीज करेगा ये वाला
- 1:15:53पार्ट न्यूमेरिकल अपर्ट है न्यूमेरिकल
- 1:15:55अपर्ट पर इंक्रीज करेगा तब भी वी नंबर
- 1:15:57इंक्रीज करेगा तो अब हम न्यूमेरिकल करते
- 1:16:00हैं वी नंबर के ऊपर बेस्ड तो पहला
- 1:16:02न्यूमेरिकल बहुत ही सिंपल न्यूमेरिकल है
- 1:16:04फार्मूला लगाना है डायरेक्ट आंसर आएगा कोई
- 1:16:06प्रॉब्लम आपको यहां पर नहीं होगी देखो और
- 1:16:09ये सब न्यूमेरिकल वही है जो यूनिवर्सिटी
- 1:16:11एग्जाम में आ चुके हैं जैसे ये न्यूमेरिकल
- 1:16:132021 और 22 में आया था देखिए क्या है यहां
- 1:16:17पर और स्टेप इंडेक्स फाइबर एक स्टेप
- 1:16:20इंडेक्स फाइबर है स्टेप इंडेक्स फाइबर है
- 1:16:23इससे आपको क्या बात समझ में आ रही है कि
- 1:16:25अगर स्टेप इंडेक्स फाइबर होगा तो नंबर ऑफ
- 1:16:27मोड्स का फार्मूला हम यह वाला लगाएंगे और
- 1:16:29अगर ग्रेडेड इंडेक्स होगा तो ये फार्मूला
- 1:16:31लगाएंगे है ना तो देखिए जनरली जब तक आपको
- 1:16:34कहा ना जाए कि ग्रेडेड इंडेक्स मल्टी मोड
- 1:16:36फाइबर है तब तक आप बाय डिफॉल्ट इसी को मान
- 1:16:39के
- 1:16:40चलेंगे आगे बढ़ते हैं तो हमारे पास यहां
- 1:16:43पर गिवन क्या-क्या देखो मव गिवन है ट गिवन
- 1:16:45है तो मव ट हमें गिवन है आर द रिफ्रैक्टिव
- 1:16:49इंसेस ऑफ कोर एंड क्लैडिस्टिक्स
- 1:16:55आपको रे की ऑपरेटिंग वेवलेंथ यानी कि लडा
- 1:16:57की वैल्यू गिवन है आपको 85 माइक्रोमीटर अब
- 1:17:01यहां पर एक चीज आप याद रखना माइक्रोमीटर
- 1:17:03क्या होता है तो यहां पर वैसे इसका यूज
- 1:17:05नहीं है इस न्यूमेरिकल में लेकिन मैं आपको
- 1:17:07बता देता हूं 1 माइक्रोमीटर इट 10 की पावर
- 1:17:11-6 मीटर के बराबर होता है आगे के
- 1:17:15न्यूमेरिकल में यूज होगा इसमें तो हमें
- 1:17:16जरूरत नहीं पड़ेगी तो आपको याद रखना है कि
- 1:17:181 माइक्रोमीटर 10 की पावर -6 मीटर के
- 1:17:21बराबर होता है चलिए रेडियस अच्छा हमें
- 1:17:25यहां पर इसका डायमीटर दिया है 50
- 1:17:27माइक्रोमीटर तो हमने रेडियस निकाल दिया
- 1:17:29रेडियस आ जाएगा 25 माइक्रोमीटर नाउ कट ऑफ
- 1:17:32पैरामीटर हमसे पूछा है कट ऑफ पैरामीटर
- 1:17:34कितना होगा कट ऑफ पैरामीटर मतलब v नंबर तो
- 1:17:36यहां पर मैंने v नंबर का देखो फार्मूला
- 1:17:38लगा दिया सब कुछ आपको गिवन है बस आपको
- 1:17:41वैल्यू पुट करनी है अच्छा मैं यहां पर एक
- 1:17:43चीज आपको बता दूं कि मैंने यहां पर लडा और
- 1:17:46r दोनों माइक्रोमीटर में है मैं इनको
- 1:17:49माइक्रोमीटर में से मीटर में कन्वर्ट
- 1:17:51क्यों नहीं कर रहा हूं क्योंकि आप ध्यान
- 1:17:53से देखो r ऊपर आ रहा है लडा नीचे आ रहा है
- 1:17:56तो अगर आप इसको मीटर में कन्वर्ट कर भी
- 1:17:58देंगे तो ऊपर भी 10 की पावर -6 आएगा नीचे
- 1:18:00भी 10 की पावर -6 आएगा वो कैंसिल आउट हो
- 1:18:02जाएगा तो आप कन्वर्ट करें या ना करें कोई
- 1:18:05फर्क नहीं पड़ता है तो यहां पर मैंने सारी
- 1:18:08वैल्यूज पुट कर दी और मेरे पास v नंबर आ
- 1:18:10गया अब बताइए इससे आसान और क्या हो सकता
- 1:18:12है फार्मूला अप्लाई करो वैल्यू को पुट करो
- 1:18:15आंसर आ जाएगा सारी वैल्यूज आपको क्वेश्चन
- 1:18:17में गिवन होती है आगे हमसे क्या पूछा है
- 1:18:20एंड नंबर ऑफ मोड्स अच्छा आपको नंबर ऑफ
- 1:18:22मोड्स भी पूछे हैं तो नंबर ऑफ मोड्स
- 1:18:24क्योंकि ये स्टेप इंडेक्स फाइबर है तो
- 1:18:26नंबर ऑफ मोड्स यहां पर फार्मूला क्या हो
- 1:18:28जाएगा v स् / 2 v हम कैलकुलेट कर चुके हैं
- 1:18:30वैल्यू यहां पर पुट करो आंसर आ जाएगा अब
- 1:18:32यहां पर एक इंपॉर्टेंट चीज मैं आपको बता
- 1:18:34देता हूं देखिए एक्चुअल में क्या होता है
- 1:18:37यहां पर जब आप कैलकुलेशन करेंगे तो यहां
- 1:18:39पर क्योंकि हमारी वैल्यूज पॉइंट में बहुत
- 1:18:41ज्यादा जाती हैं तो जब आप इस कैलकुलेशन को
- 1:18:44करोगे इस कैलकुलेशन को करोगे अगर आप ये
- 1:18:47सारा डाटा डायरेक्ट कैलकुलेटर में फीड
- 1:18:49करते हैं और सारा आप कैलकुलेटर से करते
- 1:18:50हैं यानी कि कोई आप अपने आप एप्रोक्सीमेट
- 1:18:53वैल्यू नहीं लिखते हैं तो आपका जो आंसर है
- 1:18:55वो ये आएगा 2 2.48 58 ये आपका आंसर आएगा
- 1:19:00इसको आप यहां पर पुट करेंगे तो ये वैल्यू
- 1:19:02आपकी लगभग लगभग
- 1:19:05299 प समथिंग आएगी अब क्योंकि नंबर ऑफ
- 1:19:07मोड्स है तो नंबर ऑफ मोड पॉइंट्स में तो
- 1:19:09होंगे नहीं तो अगर देखिए इस चीज का आपको
- 1:19:11ध्यान रखना है जब आप नंबर ऑफ मोड्स
- 1:19:13कैलकुलेट करेंगे तो अगर आपका आंसर मान
- 1:19:16लीजिए आपका आंसर 25.9 भी आ रहा है तो नंबर
- 1:19:20ऑफ मोड्स आप 25 लेंगे अब इसको 26 नहीं
- 1:19:23लेंगे क्योंकि भाई सीधी सी बात है नंबर ऑफ
- 1:19:25मोड्स की वैल्यू 25.9 आ रही है इसका मतलब
- 1:19:2826 मोड उसमें नहीं आ सकते तो आप इसको
- 1:19:31लेंगे
- 1:19:3225 क्लियर है दूसरी इंपॉर्टेंट बात यहां
- 1:19:35पर यह है क्योंकि यहां पर जब आप कैलकुलेशन
- 1:19:38करेंगे तो यह कैलकुलेशन पर्सन टू पर्सन
- 1:19:40थोड़ी सी वैरी करेगी देखो वैरी क्यों
- 1:19:42करेगी मान लीजिए कोई स्टूडेंट कैलकुलेशन
- 1:19:44कर रहा है वो पहले इस पार्ट को कैलकुलेट
- 1:19:46करता है और इस पार्ट की जो भी वैल्यू आती
- 1:19:49है इस पार्ट की जो भी वैल्यू आती है उसको
- 1:19:52वो राउंड ऑफ करके लिख देता है और उसके बाद
- 1:19:54फिर बाकी ठीक कैलकुलेशन करता है तो उसका
- 1:19:56आंसर हो सकता है कि 24.4 58 नहीं आएगा
- 1:20:00इससे थोड़ा बहुत कम या ज्यादा आएगा पॉइंट
- 1:20:03में कम और ज्यादा आएगा मतलब इधर नहीं फर्क
- 1:20:05पड़ेगा यहां पॉइंट में फर्क पड़ सकता है
- 1:20:08तो जब ये पॉइंट में यहां पर फर्क पड़ेगा
- 1:20:09और जब आप इसका स्क्वायर करेंगे तो यहां पर
- 1:20:12ज्यादा फर्क पड़ेगा स्क्वायर करने पे फर्क
- 1:20:15ज्यादा पड़ेगा तो कहने का मतलब ये है मेरा
- 1:20:18आंसर यहां पर 299 आ रहा है लेकिन अगर आप
- 1:20:21यहां पर कैलकुलेशन मेरे से अलग तरीके से
- 1:20:24करते हैं
- 1:20:25मैंने तो सीधा कैलकुलेटर में सारी वैल्यू
- 1:20:27को पुट कर दिया और मेरा डायरेक्ट ये आंसर
- 1:20:29आया लेकिन अगर आप अलग-अलग कैलकुलेशन करते
- 1:20:31हैं और राउंड ऑफ करके वैल्यू लिखते हैं तो
- 1:20:34आपका आंसर मेरे से थोड़ा सा अलग आएगा
- 1:20:37पॉइंट में वेरिएशन आएगा और जब आप इसका
- 1:20:39स्क्वायर करेंगे तो ये वेरिएशन थोड़ा सा
- 1:20:41बड़ा हो जाएगा जिसकी वजह से आपका आंसर
- 1:20:45299 नहीं आएगा बात समझ में आ रही है तो
- 1:20:49मैं आपको यहां पर वही चीज बताना चाह रहा
- 1:20:50हूं कि मेरा आंसर 299 आ रहा है लेकिन अगर
- 1:20:53आप कैलकुलेशन कुछ अलग तरीके से करते हैं
- 1:20:56तो ऐसा नहीं कि आपका गलत हो जाएगा लेकिन
- 1:20:58आपका आंसर 299 नहीं आएगा हो सकता है 299
- 1:21:01की जगह आपका आंसर 300 आए हो सकता है 301
- 1:21:04आए मतलब कुछ भी आगे पीछे आ सकता है आएगा
- 1:21:07इसके आसपास ही तो इस चीज का आपको ध्यान
- 1:21:09रखना है तो पहला क्वेश्चन हमारा कंप्लीट
- 1:21:11हुआ दूसरा क्वेश्चन भी इसी सब क्वेश्चन एक
- 1:21:13ही जैसे हैं देखिए इसमें क्या है हमें v
- 1:21:15नंबर निकालना है कैलकुलेट द व नंबर फॉर ए
- 1:21:17फाइबर ऑफ कोर डायमीटर तो यहां पर कोर का
- 1:21:20डायमीटर हमें दिया 40 माइक्रोमीटर तो
- 1:21:22रेडियस हो जाएगा 20 माइक्रोमीटर
- 1:21:24रिफ्रैक्टिव इंडेक्स हमें दिए हुए हैं ये
- 1:21:26न हो गया ये ट हो गया भाई जो वैल्यू बड़ी
- 1:21:28है वो न और जो छोटी है वो ट तो हमें न और
- 1:21:31ट भी हमें गिवन है कोर और
- 1:21:38क्लैडिस्टिक्स करना पड़ेगा क्यों करना
- 1:21:41पड़ेगा क्योंकि ये माइक्रोमीटर है और ये
- 1:21:43नैनोमीटर है तो इस बार तो करना पड़ेगा ना
- 1:21:46दोनों अलग-अलग है तो अब आप यहां पर आपके
- 1:21:48पास दो ऑप्शन है दो ऑप्शन ये है या तो आप
- 1:21:51इस नैनोमीटर को माइक्रोमीटर में कन्वर्ट
- 1:21:53कर लो आसानी से से कर सकते हैं इसको 1000
- 1:21:55से डिवाइड कर दो ये माइक्रोमीटर बन जाएगा
- 1:21:57या दूसरा तरीका ये है कि दोनों को मीटर
- 1:21:59में कन्वर्ट कर लो भाई यहां पर 20 * 10 की
- 1:22:02पावर -6 आ जाएगा और यहां पर 1400 * 10 की
- 1:22:05पावर - 9 आ जाएगा क्योंकि न 1 नैनोमीटर
- 1:22:09इक्वल टू 10 की पावर - 9 मीटर तो यहां पर
- 1:22:13कन्वर्जन करना पड़ेगा तो हमें v नंबर
- 1:22:15निकालना है v नंबर का फार्मूला लिख दिया
- 1:22:17हमने और यहां पर वैल्यू पुट करेंगे r
- 1:22:19कितना है r हमारा 20 है और माइक्रोमीटर है
- 1:22:22मीटर में कन्वर्ट कर दिया 10 की पावर -6 म
- 1:22:24मल्टीप्लाई में आ गया लडा हमारा 1400 है
- 1:22:27इसको 10 की पावर - 9 से मल्टीप्लाई कर
- 1:22:29दिया तो ये भी हमारा मीटर में आ गया अब
- 1:22:31कोई प्रॉब्लम नहीं है सारी वैल्यूज को
- 1:22:33यहां पुट करो कैलकुलेटर से कैलकुलेशन करो
- 1:22:35तो मेरा आंसर ये आएगा आपका आंसर मेरे से
- 1:22:38अलग आ सकता है है ना अगर आप यहां पर इसको
- 1:22:41अलग से कैलकुलेट करते हैं और राउंड ऑफ
- 1:22:43करके लिखते हैं तो यहां पर आंसर आपका 35.0
- 1:22:46की जगह 35.0 3 आएगा और जब आप उसका
- 1:22:51स्क्वायर करेंगे तो यहां पर मेरा तो आ रहा
- 1:22:53614 लेकिन आपका आएगा 613 जब आप उसको राउंड
- 1:22:58ऑफ करके लिखेंगे मतलब मिनिमम वैल्यू
- 1:23:00लिखेंगे तो ये आंसर फिर से आपका वेरी कर
- 1:23:02सकता है थोड़ा सा लेकिन कोई प्रॉब्लम नहीं
- 1:23:04है डिपेंड करेगा कैलकुलेशन के ऊपर लेकिन
- 1:23:07आएगा 614 के आसपास ही इसलिए मैंने यहां पर
- 1:23:09एप्रोक्सीमेट लिखा है क्लियर है आगे बढ़ते
- 1:23:13हैं अब हमारे पास नेक्स्ट क्वेश्चन क्या
- 1:23:15है नेक्स्ट क्वेश्चन अ स्टेप इंडेक्स
- 1:23:18फाइबर हैज कोर रिफ्रैक्टिव इंडेक्स कोर का
- 1:23:21हमें रिफ्रैक्टिव इंडेक्स दिया mu1 हो गया
- 1:23:23ये ये
- 1:23:24ट हो गया कंप्यूट द मैक्सिमम रेडियस इस
- 1:23:27बार हमें आ निकालना है रेडियस निकालना है
- 1:23:29फाइबर का इफ इट सपोर्ट ओनली वन मोड ऑफ
- 1:23:32वेवलेंथ अच्छा यहां पर नंबर ऑफ मोड वन
- 1:23:34दिया है यानी कि एक ही मोड है अच्छा इसमें
- 1:23:37एक चीज और मैं आपको बताना भूल गया यहां
- 1:23:44पर यहां पर लिखा नहीं है मैंने एक चीज
- 1:23:47यहां पर छूट गई है चलिए मैं यहां पर लिख
- 1:23:49देता
- 1:23:51हूं देखिए एक डाटा आपको यहां पर याद रखना
- 1:23:55क्या याद रखना है वह मैं आपको कहां पर
- 1:23:59लिखूं चलिए इधर लिख देता हूं ध्यान
- 1:24:01दीजिएगा क्या याद रखना आपको कि अगर आपके
- 1:24:04जो आपके पास ी नंबर है ध्यान देना जो आपके
- 1:24:07पास ी नंबर है फर सिंगल मोड
- 1:24:11फाइबर फर सिंगल स्पेस कम रह जाएगा चलिए
- 1:24:14यहां पर लिखता हूं देखो यही लिखना पड़े
- 1:24:21फर सिंगल
- 1:24:24मोड
- 1:24:25फाइबर फर सिंगल मोड फाइबर सिंगल मोड फाइबर
- 1:24:29के लिए जो व होता है नावी यह लेसन इक्वल
- 1:24:33टू
- 1:24:352.45 यह वैल्यू आपको याद रखनी है सिंगल
- 1:24:38मोड फाइबर के लिए ी नंबर की वैल्यू
- 1:24:432405 के या तो इक्वल होगी या इससे थोड़ा
- 1:24:46सा कम होगी बात समझ में आ रही
- 1:24:49नंबर अ यहां हमारे पास काफी स्पेस है इधर
- 1:24:52लिख देता हूं
- 1:24:54इधर आ जाते हैं यहां पर लिख देते हैं यहां
- 1:24:57पर स्पेस है तो यहां पर मैं लिख देता हूं
- 1:25:00ध्यान दो जरा आपको क्या याद रखना है यहां
- 1:25:05पर
- 1:25:07नोट देखो पहला
- 1:25:10पॉइंट
- 1:25:12फर
- 1:25:14सिंगल मोड
- 1:25:17फाइबर फॉर सिंगल मोड फाइबर
- 1:25:24मोड फाइबर के लिए ी की वैल्यू लेसन इक्वल
- 1:25:28टू
- 1:25:292.45 होती
- 1:25:31है या आप लिमिटिंग कंडीशन में इसको 2.45
- 1:25:36लेंगे ी नंबर और फॉर मल्टी मोड
- 1:25:41फाइबर
- 1:25:43फर मल्टी मोड
- 1:25:46फाइबर मल्टी मोड
- 1:25:51फाइबर जो ी नंबर की वैल्यू होती है व ग्र
- 1:25:562.45 यह यहां पर इंपॉर्टेंट पॉइंट जो छूट
- 1:25:59गया था मैंने लिख दिया है अब हम
- 1:26:01न्यूमेरिकल प
- 1:26:03चल तो यहां पर आल्सो कैलकुलेट द नंबर ऑफ
- 1:26:06मोड यह हमारा हो चुका है यह हम क्वेश्चन
- 1:26:09कर रहे थे रेडियस हमें निकालना है इफ इट
- 1:26:12सपोर्ट ओनली वन मोड ऑफ वेवलेंथ केवल एक ही
- 1:26:14मोड को सपोर्ट करता है और यहां पर वेवलेंथ
- 1:26:17कितनी है 1300 ननो मीटर है चलिए तो यह
- 1:26:19डाटा हमें गिवन है वेवलेंथ हमें पता है सब
- 1:26:22कुछ हमें मालूम है च अब देखो यहां पर हमें
- 1:26:25सबसे पहले हम क्या करेंगे v नंबर का यहां
- 1:26:28पर फॉर्मूला देखो सिंगल मोड फाइबर है तो v
- 1:26:30की वैल्यू कितनी हो जाएगी 2.40 5 लिमिटिंग
- 1:26:33कंडीशन में तो हमें यहां पर v नंबर का
- 1:26:35फार्मूला लगा देना है और इस फॉर्मूले में
- 1:26:37अब इस बार v नंबर की वैल्यू हमें पता है
- 1:26:392.40 भले ही क्वेश्चन में गिवन नहीं है
- 1:26:41लेकिन आपको याद रखना है कि सिंगल मोड
- 1:26:43फाइबर के लिए आपको v की वैल्यू 2.40 5
- 1:26:46लेनी है तो यहां पर 2.45 आप लिखेंगे यहां
- 1:26:50पर 2pir / लडा r हमें निकालना है लडा
- 1:26:54हमारे पास 13300 नैनोमीटर है अब यहां पर
- 1:26:56मैंने 1300 नैनोमीटर को मीटर में कन्वर्ट
- 1:26:59नहीं किया है आप करना चाहे कर सकते हैं
- 1:27:01नहीं करना चाहते तो कोई प्रॉब्लम नहीं है
- 1:27:03क्योंकि अगर आप इसको नैनोमीटर में रखोगे
- 1:27:06तो आपका आ भी नैनोमीटर में आएगा क्योंकि
- 1:27:08एक ही बस पैरामीटर है जो कि नैनोमीटर में
- 1:27:11बाकी सबकी तो यूनिट ही नहीं है तो इसलिए r
- 1:27:13आपका किसम आएगा नैनोमीटर में आएगा और अगर
- 1:27:15आप यहां पर इसको मीटर में कन्वर्ट कर
- 1:27:17देंगे तो आपका r भी मीटर में आएगा बस इतना
- 1:27:20आपको ध्यान रखना है तो यहां पर देखो सारी
- 1:27:21वैल्यूज पुट कर दी यहां से r निकाला तो ये
- 1:27:253375 2.91 नैनोमीटर आया ये नैनोमीटर में
- 1:27:29वैल्यू आएगी अगर आप इसको मीटर में कन्वर्ट
- 1:27:32करना चाहते हैं तो 10 की पावर माइ 9 से
- 1:27:34मल्टीप्लाई कर दो ये मीटर में आ जाएगा और
- 1:27:35अगर आप इसको माइक्रोमीटर में कन्वर्ट करना
- 1:27:37चाहते हैं तो नैनोमीटर को माइक्रोमीटर में
- 1:27:40कन्वर्ट करने के लिए 10 की पावर -3 से
- 1:27:43मल्टीप्लाई करना होता है या आप ऐसा कह
- 1:27:45सकते हैं कि 1000 से डिवाइड करना होता तो
- 1:27:47ये 3.75 आ जाएगा माइक्रोमीटर और ये
- 1:27:50क्वेश्चन हमारा हो गया
- 1:27:52कंप्लीट मुझे लगता है य क् भी आपको समझ
- 1:27:54में आ गया होगा ी नंबर का एक और लास्ट
- 1:27:56क्वेश्चन कर लेते हैं उसके बाद हम पढ़ेंगे
- 1:27:59क्लासिफिकेशन ऑफ ऑप्टिकल फाइबर्स इफ द
- 1:28:02फ्रेक्शनल डिफरेंस देखिए क्या गिवन है
- 1:28:04इसमें इफ द फ्रेक्शनल डिफरेंस बिटवीन कोर
- 1:28:06एंड
- 1:28:11क्लैडिस्टिक्स डिफरेंस होता है उसको हम
- 1:28:14रिप्रेजेंट करते हैं डेल्टा से इसका मतलब
- 1:28:16आपको डेल्टा की वैल्यू गिवन है
- 1:28:180135 एंड न्यूमेरिकल अपर्ट और आपको
- 1:28:21न्यूमेरिकल अपर्ट भी गिवन है इस बार आपको
- 1:28:24गिवन है और न्यूमेरिकल अपर्ट आपको गिवन है
- 1:28:26हमसे ये पूछा है कि कैलकुलेट द
- 1:28:28रिफ्रैक्टिव इंसेस ऑफ कोर एंड
- 1:28:31क्लैडिस्टिक्स इंडेक्स बताना है तो ये तो
- 1:28:33बहुत ही सिंपल हो गया जो दोनों चीज आपको
- 1:28:36गिवन है इन्हीं दोनों चीज के फॉर्मूले लगा
- 1:28:38दो आपको mu1 mu2 मिल जाएगा तो सबसे पहले
- 1:28:41वी नो दैट हमने यहां पर डेल का फार्मूला
- 1:28:43लगाया - mu2 / mu1 और यहां पर डेल की
- 1:28:46वैल्यू को पुट कर दिया अब मैंने इसको इधर
- 1:28:48और इसको इधर लिख दिया तो ये मेरे पास आ
- 1:28:49गया इसको मैंने मान लिया इक्वेशन नंबर वन
- 1:28:51अब मैं दूसरा फार्मूला लगाऊंगा किसका
- 1:28:54न्यूमेरिकल अपर्ट का अब न्यूमेरिकल अपर्ट
- 1:28:56का फार्मूला हमें यहां पर लगाना है म 1 *
- 1:28:58अंडर रट में 2 डेल्टा देखिए डेल्टा की
- 1:29:00वैल्यू पुट मत करना यहां पर अभी हमें ये
- 1:29:02फार्मूला लगाएंगे यहां से हमें u1 मिल
- 1:29:04जाएगा क्यों क्योंकि हमें न्यूमेरिकल
- 1:29:06अपर्ट भी गिवन है डेल्टा भी गिवन है तो
- 1:29:08यहां से हमारे पास देखो u1 आ गया सॉल्व
- 1:29:10करके इस u1 को उठा के इक्वेशन नंबर वन में
- 1:29:13पुट कर दो तो जब आप यहां पर u1 को पुट
- 1:29:15करोगे तो ट आ जाएगा कितना आसानी से ये
- 1:29:17क्वेश्चन हमारा सॉल्व हो जाएगा बस
- 1:29:19कैलकुलेशन आपको करनी है और उसके लिए आपके
- 1:29:21पास कैलकुलेटर है अब नेक्स्ट टॉपिक हमारा
- 1:29:24हमारे पास है टाइप्स ऑफ ऑप्टिकल फाइबर तो
- 1:29:27यहां पर हम ऑप्टिकल फाइबर के टाइप्स को
- 1:29:30स्टडी
- 1:29:32करेंगे तो ऑप्टिकल फाइबर्स को हम तीन
- 1:29:36तरीके से क्लासिफाई कर सकते हैं जिसमें से
- 1:29:38सबसे जो पहला मेथड है वो है बेस्ड ऑन
- 1:29:41मटेरियल यानी कि मटेरियल के बेसिस पर हम
- 1:29:44ऑप्टिकल फाइबर को क्लासिफाई कर सकते हैं
- 1:29:46तो ये तो बहुत ही सिंपल सा क्लासिफिकेशन
- 1:29:48है कि अगर ऑप्टिकल फाइबर ग्लास से बना है
- 1:29:51तो ग्लास फाइबर उसका नाम हो जाएगा और अगर
- 1:29:53प्लास्ट प्लास्टिक से बना है तो प्लास्टिक
- 1:29:55फाइबर हो जाएगा तो ये तो सिंपल सा
- 1:29:57क्लासिफिकेशन था मटेरियल के ऊपर बेस्ड और
- 1:29:59यह ज्यादा इंपॉर्टेंट नहीं है यहां से
- 1:30:01शुरू होता है इंपॉर्टेंट दूसरा
- 1:30:03क्लासिफिकेशन है बेस्ड ऑन द नंबर ऑफ मोड्स
- 1:30:06यानी कि ऑप्टिकल फाइबर के कितने मोड के
- 1:30:08लिए बना है यानी कि नंबर ऑफ मोड के बेसिस
- 1:30:11पर हम ऑप्टिकल फाइबर को क्लासिफाई कर सकते
- 1:30:13हैं मोड का मतलब मैं आपको थोड़ा सा बता भी
- 1:30:15चुका हूं कि मोड का यहां पर मतलब है कि
- 1:30:18किसी भी फाइबर किसी भी कोर के अंदर नंबर
- 1:30:20ऑफ रे कितनी ट्रबल कर सकती हैं वो उसका
- 1:30:23नंबर मोड कहलाएगा ठीक है ना तो यहां पर
- 1:30:26अगर अगर एक ही मोड है तो सिंगल मोड फाइबर
- 1:30:29और अगर एक से ज्यादा मोड है तो मल्टी मोड
- 1:30:32फाइबर तो सिंगल मोड फाइबर का मतलब है ऐसा
- 1:30:34ऑप्टिकल फाइबर जिसमें केवल एक ही रेट
- 1:30:37ट्रेवल कर सकती है और मल्टी मोड फाइबर का
- 1:30:40मतलब है जिसमें एक से ज्यादा रे ट्रबल कर
- 1:30:43सकती हैं एक साथ तो यह बात आपको समझ में आ
- 1:30:45गई होगी सिंगल मोड फाइबर क्या है और मल्टी
- 1:30:48मोड फाइबर क्या है अब ये बहुत इंपॉर्टेंट
- 1:30:50है आपसे यूनिवर्सिटी एग्जाम में यहां से
- 1:30:53क्वेश्चन पूछा जा स सकता है और जनरली यहां
- 1:30:55से जो क्वेश्चन पूछा जाता है वो क्वेश्चन
- 1:30:56ये है कि डिफरेंशिएबल सिंगल मोड फाइबर एंड
- 1:31:00मल्टी मोड फाइबर यानी कि आपको सिंगल मोड
- 1:31:03और मल्टी मोड फाइबर का डिफरेंसेस आपको
- 1:31:05बताने हैं केवल एक डिफरेंस नहीं इनके अंदर
- 1:31:07बहुत सारे डिफरेंसेस हैं तो वो आपको बताना
- 1:31:10है तो अगर ये क्वेश्चन मान लीजिए आपका
- 1:31:12सेवन मार्क्स में आता है लॉन्ग क्वेश्चन
- 1:31:13आता है तो आपको वहां पर कम से कम आठ से 10
- 1:31:16पॉइंट लिखने होंगे जो इन दोनों में
- 1:31:18डिफरेंस है बात समझ में आ रही है तो इनके
- 1:31:20डिफरेंस मैं आपको अभी बताऊंगा दोनों के
- 1:31:22क्या होते हैं हम डिटेल में पढ़ेंगे दोनों
- 1:31:24के डिफरेंस उसके बाद थर्ड क्लासिफिकेशन है
- 1:31:27रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के ऊपर बेस्ड किसके
- 1:31:30ऊपर बेस्ड है रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के ऊपर
- 1:31:32बेस्ड तो रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के ऊपर
- 1:31:34बेस्ड दो टाइप के ऑप्टिकल फाइबर होते हैं
- 1:31:36एक स्टेप इंडेक्स फाइबर और दूसरा ग्रेडेड
- 1:31:39इंडेक्स फाइबर अब इन दोनों में क्या अंतर
- 1:31:41है ध्यान दीजिएगा देखिए जो स्टेप इंडेक्स
- 1:31:44फाइबर है इस ऑप्टिकल फाइबर के अंदर कोर का
- 1:31:48भी और
- 1:31:49क्लैडिस्टिक्स होता है वो यूनिफॉर्म होता
- 1:31:52है देखिए यूनिफॉर्म का मतलब है कि हर एक
- 1:31:55पॉइंट पर सेम होगा जैसे मैं अगर डायग्राम
- 1:31:57से इसको आपको
- 1:32:00समझाऊं मान लीजिए ये हमारे पास एक ऑप्टिकल
- 1:32:02फाइबर है ये
- 1:32:05क्लैडिस्टिक इंडेक्स का मतलब यह है कि जो
- 1:32:08कोर है कोर के हर एक पॉइंट पर जो
- 1:32:10रिफ्रैक्टिव इंडेक्स है वो सेम रहेगा यानी
- 1:32:13कि अगर मैं यहां पर पूछूं रिफ्रैक्टिव
- 1:32:14इंडेक्स कितना है चाहे मैं किसी भी पॉइंट
- 1:32:16पर पूछूं कोर के हर एक पॉइंट पर कोर के
- 1:32:19रिफ्रैक्टिव इंडेक्स क्या रहेगा सेम रहेगा
- 1:32:21इसका मतलब कोर का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 1:32:23कैसा होना चाहिए यूनिफॉर्म दूसरा क्लेडी
- 1:32:26का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स भी यूनिफॉर्म होना
- 1:32:28चाहिए तो अगर क्लेडी का और कोर का दोनों
- 1:32:31का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स क्या है यूनिफॉर्म
- 1:32:33है तो हम उस फाइबर को कहते हैं स्टेप
- 1:32:37इंडेक्स फाइबर तो आपको यह ध्यान रखना है
- 1:32:40कि स्टेप इंडेक्स फाइबर के अंदर जो
- 1:32:42रिफ्रैक्टिव इंडेक्स होता है कोर का भी और
- 1:32:52क्लैडिस्टिक्स है वो यूनिफॉर्म नहीं होगा
- 1:32:55किसमें कोर में यानी कि अगर मैं कोर की
- 1:32:58बात करूं तो ग्रेडेड इंडेक्स फाइबर के
- 1:33:00अंदर इसकी जो कोर होगी कोर में
- 1:33:03रिफ्रैक्टिव इंडेक्स हर एक पॉइंट पर सेम
- 1:33:05नहीं होगा यानी कि यूनिफॉर्म रिफ्रैक्टिव
- 1:33:08इंडेक्स नहीं होगा बात समझ में आ रही है
- 1:33:10यहां पर रिफ्रैक्टिव इंडेक्स यूनिफॉर्म
- 1:33:12नहीं होगा तो मुझे लगता है इन दोनों में
- 1:33:13आपको अंतर समझ में आया होगा अब ये जो
- 1:33:15स्टेप इंडेक्स फाइबर है ये अगेन हम
- 1:33:18क्लासिफाई कर सकते हैं दो पार्ट में
- 1:33:20कौन-कौन से दो पार्ट है एक स्टेप इंडेक्स
- 1:33:22सिंगल मोड फाइबर और स्टेप इंडेक्स मल्टी
- 1:33:24मोड फाइबर मतलब क्या है देखो यहां पर ये
- 1:33:27स्टेप इंडेक्स का मतलब क्या है कि जो
- 1:33:29रिफ्रैक्टिव इंडेक्स है वो यूनिफॉर्म है
- 1:33:31कोर में भी और
- 1:33:34क्लैडिस्टिक इंडेक्स फाइबर है ये सिंगल
- 1:33:37मोड टाइप का भी हो सकता है और मल्टी मोड
- 1:33:40टाइप का भी हो सकता है अगेन ये सिंगल
- 1:33:43स्टेप सिंगल इंडेक्स सॉरी स्टेप इंडेक्स
- 1:33:46सिंगल मोड फाइबर स्टेप इंडेक्स मल्टी मोड
- 1:33:49फाइबर और ग्रेडेड इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर
- 1:33:52ये जहां-जहां पर मैंने बॉक्स लगाया है ना
- 1:33:54ये पांचों के पांचों बहुत ज्यादा
- 1:33:56इंपॉर्टेंट है और यूनिवर्सिटी एग्जाम में
- 1:33:58जनरली यहां से एक क्वेश्चन बन जाता है या
- 1:34:01तो इन दोनों का डिफरेंस पूछेंगे या फिर इन
- 1:34:03तीनों को पूछ लेंगे तो इसलिए ये आपको आना
- 1:34:06चाहिए और कभी-कभी पूरा क्लासिफिकेशन पूछ
- 1:34:09लेते हैं तो यह बहुत सिंपल है अब जरा मेरी
- 1:34:11बात ध्यान से सुनिए देखो सिंगल मोड फाइबर
- 1:34:14और स्टेप इंडेक्स सिंगल मोड फाइबर में
- 1:34:16क्या अंतर होगा आप सोच के देखिए कुछ भी
- 1:34:17अंतर नहीं है क्यों क्योंकि देखो सिंगल
- 1:34:20मोड फाइबर में हम जितने भी पॉइंट्स
- 1:34:21लिखेंगे वो सारे के सारे पॉइंट स्टेप
- 1:34:24इंडेक्स सिंगल मोड फाइबर के अंदर भी आएंगे
- 1:34:26यानी कि जितना कंटेंट आप इसमें लिखोगे वही
- 1:34:29पूरा का पूरा कंटेंट यहां पर भी आएगा बस
- 1:34:31आपको इसमें एक पॉइंट एक्स्ट्रा लिखना है
- 1:34:34जो हमने यहां नहीं लिखेंगे वो पॉइंट क्या
- 1:34:37होगा वो पॉइंट ये होगा कि स्टेप इंडेक्स
- 1:34:39सिंगल मोड फाइबर में कोर का और
- 1:34:42क्लैडिस्टिक्स क्या होता है यूनिफॉर्म
- 1:34:45होता है देखिए यूनिफॉर्म तो यहां पर भी
- 1:34:47होता है बस यहां पर हम उसको बता नहीं रहे
- 1:34:49यहां पर हम उसको बता रहे हैं क्योंकि
- 1:34:51क्लासिफिकेशन रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के ऊपर
- 1:34:53बेस्ड है बोलो बात समझ में आ गई इसका मतलब
- 1:34:55यह हुआ कि अगर आपने इसको तैयार कर लिया तो
- 1:34:58आपका यह तैयार हो जाएगा क्योंकि सारे
- 1:35:00पॉइंट सेम है केवल एक पॉइंट चेंज आएगा बस
- 1:35:03उसके बाद अगर आप लोगों ने मल्टी मोड फाइबर
- 1:35:05को तैयार कर लिया इसकी थ्योरी अगर आपने
- 1:35:07पढ़ ली इसके सारे पॉइंट्स आपको समझ में आ
- 1:35:09गए तो जो इसमें लिखना है वही पूरा का पूरा
- 1:35:12स्टेप इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर में लिखना
- 1:35:14है बस यहां पर भी एक ही स्टेप चेंज होगा
- 1:35:16और वो स्टेप क्या होगा कि कोर और
- 1:35:18क्लैडिस्टिक्स क्या है यूनिफॉर्म है बाकी
- 1:35:21सब कुछ सेम रहेगा कुछ भी अंतर नहीं आ आएगा
- 1:35:25बात समझ में आ रही हां अब क्योंकि यहां पर
- 1:35:27आप डिफरेंस लिख रहे हैं और यहां पर आप
- 1:35:29इनको एक्सप्लेन कर रहे हैं तो डायग्राम भी
- 1:35:31इनके सेम रहेंगे डायग्राम भी इनके क्या
- 1:35:33रहेंगे सेम रहेंगे सब कुछ एज इट इज रहेगा
- 1:35:35बोलो बात समझ में आ रही अब बात आती है
- 1:35:37इसकी ग्रेटेड इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर की
- 1:35:40क्या इसके सारे पॉइंट इसके जैसे होंगे तो
- 1:35:42देखिए यहां पर ऐसा नहीं होगा क्योंकि यहां
- 1:35:44पर रिफ्रैक्टिव इंडेक्स क्या हो रहा है
- 1:35:46चेंज हो रहा है और रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के
- 1:35:48चेंज होने की वजह से इस मल्टी मोड फाइबर
- 1:35:51की बहुत सारी प्रॉपर्टी चेंज हो जाती है
- 1:35:53है ना यहां पर इसके एडवांटेज और डि
- 1:35:55डिसएडवांटेज क्या हो जाते हैं चेंज हो
- 1:35:57जाते हैं तो ये थोड़ा सा डिफरेंट है बस तो
- 1:36:00आप ऐसा मान के चलिए कि अगर आपका ये और ये
- 1:36:02तैयार हो गया तो ये चारों आपके तैयार हो
- 1:36:04गए और इसमें थोड़ा सा डिफरेंस आएगा बाकी
- 1:36:07कुछ भी नहीं है बहुत ही सिंपल ये
- 1:36:08क्लासिफिकेशन है तो चलिए वन बाय वन हम
- 1:36:10स्टार्ट करते हैं यहां से स्टार्ट करेंगे
- 1:36:12जितने भी ये बॉक्स वाले हैं इन सबको हमें
- 1:36:14पढ़ना है सबसे पहले बात करेंगे सिंगल मोड
- 1:36:17फाइबर की सिंगल मोड फाइबर को समझ लेते हैं
- 1:36:19है ना ध्यान दीजिएगा अब यहां पर मैंने इस
- 1:36:21क्वेश्चन को डिफरेंस की फॉर्म में नहीं
- 1:36:23लिखा यहां पर मैंने सिंगल मोड फाइबर देखो
- 1:36:26सिंगल मोड फाइबर को यहां पर एक्सप्लेन कर
- 1:36:28दिया इसके एडवांटेज भी लिख दिए इसके
- 1:36:29डिसएडवांटेज भी लिख दिए तो इसमें कितने
- 1:36:31पॉइंट हो गए देखो चार पॉइंट यहां पर लिखे
- 1:36:33चार पॉइंट यहां पर लिखे तीन पॉइंट यानी कि
- 1:36:3511 पॉइंट्स यहां पर लिखे हुए हैं 11
- 1:36:37पॉइंट्स ही मैंने मल्टी मोड फाइबर में
- 1:36:39लिखे हैं तो अगर आपको डिफरेंस पूछा जाएगा
- 1:36:41तो आप क्या करेंगे एक साइड में सिंगल मोड
- 1:36:43फाइबर लिखेंगे वहां पर ये सारे पॉइंट आ
- 1:36:45जाएंगे और एक साइड में आप मल्टी मोड फाइबर
- 1:36:48लिखेंगे और वहां पर ये सारे पॉइंट आ
- 1:36:50जाएंगे बोलो बात समझ में आ रही अब देखो
- 1:36:52यहां पर जरा ध्यान दीजिएगा क्या होता है
- 1:36:55सिंगल मोड फाइबर तो ये तो मैं आपको पहले
- 1:36:56ही बता चुका हूं कि जो सिंगल मोड फाइबर
- 1:36:59होता है ये केवल एक ही मोड को क्या कर
- 1:37:01सकता है सपोर्ट करता है यानी कि एक ही रे
- 1:37:04को सपोर्ट कर सकता है आप इसके आगे ये भी
- 1:37:06लिख सकते हैं ओनली वन रे कैन ट्रेवल थ्रू
- 1:37:09द सिंगल मोड फाइबर सिंगल मोड फाइबर से
- 1:37:12केवल एक ही रे क्या कर सकती है ट्रेवल कर
- 1:37:14सकती है तो पहला पॉइंट तो आपको समझ में आ
- 1:37:16गया नाउ पॉइंट नंबर टू देखो जो सिंगल मोड
- 1:37:19फाइबर है क्योंकि उसमें से केवल एक ही रेट
- 1:37:20ट्रबल कर सकती है इसका मतलब सिंगल मोड
- 1:37:23फाइबर का जो डायमीटर होगा वह बहुत कम होगा
- 1:37:26इट इज वेरी वेरी स्मॉल और यहां पर आप देख
- 1:37:28भी सकते हैं इसका डायमीटर केवल 5 टू 10
- 1:37:31माइक्रोमीटर तक होता है बस बहुत ही कम है
- 1:37:34वाइल दैट ऑफ क्लेट क्लेटन का यहां पर 50
- 1:37:36से 120 माइक्रोमीटर तक वेरी
- 1:37:39करेगा तो यह दूसरा पॉइंट भी आपको समझ में
- 1:37:41आ गया सिंगल मोड फाइबर का जो डायमीटर होता
- 1:37:44है वोह बहुत कम होता है कोर का नाउ थर्ड
- 1:37:46पॉइंट कंडीशन फॉर सिंगल मोड प्रोपेगेशन ये
- 1:37:49मैं आपको वी नंबर में बता चुका हूं कि
- 1:37:51सिंगल मोड फाइबर के लिए नंबर की वैल्यू v
- 1:37:54क्या है यहां पर v नंबर यानी कि नॉर्मलाइज
- 1:37:56फ्रीक्वेंसी इसकी वैल्यू लेस दन इक्वल टू
- 1:37:58होनी चाहिए
- 1:37:592.40 5 की देखो ये बहुत इंपॉर्टेंट
- 1:38:02पॉइंट्स है जो यहां पर लिखे हैं फोर्थ
- 1:38:05पॉइंट द डिफरेंस इन रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 1:38:07ऑफ कोर एंड
- 1:38:10क्लैडिस्टिक्स इंडेक्स होता है वो उसकी
- 1:38:13वैल्यू ऑलमोस्ट आसपास होती है तो उनका अगर
- 1:38:16आप डिफरेंस निकालेंगे तो वो डिफरेंस बहुत
- 1:38:18स्मॉल होता है और वही चीज यहां पर लिखी है
- 1:38:20कि द डिफरेंस इन रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ऑफ
- 1:38:22कोर एंड क्लेडी इज वेरी स्मल तो सिंगल मोड
- 1:38:24फाइबर में कोर और क्लेन के बीच का जो
- 1:38:27रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के बीच का जो डिफरेंस
- 1:38:29होता है वह बहुत स्मॉल होता है तो यह
- 1:38:32चारों पॉइंट्स आपको समझ में आ गए होंगे
- 1:38:33नाउ अब बात करेंगे एडवांटेजेस की सिंगल
- 1:38:36मोड फाइबर का एडवांटेज क्या है है ना
- 1:38:39सिंगल मोड फाइबर का एडवांटेज देखिए
- 1:38:41एडवांटेज बहुत इंपोर्टेंट है ध्यान
- 1:38:42दीजिएगा पहला एडवांटेज एनेशन इज लॉ अब
- 1:38:45देखो यहां पर ऑप्टिकल जो फाइबर होते हैं
- 1:38:48उनका एनेशन लो होता है लेकिन यहां पर
- 1:38:50कंपेरटिवली हम बात कर रहे हैं ये यहां पर
- 1:38:52जो एडवा वांटेज है ये इन कंपेयर टू मल्टी
- 1:38:55मोड फाइबर है चलिए पहले मैं आपको यहां पर
- 1:38:58सिंगल मोड फाइबर के चारों पॉइंट समझ में आ
- 1:39:00गए अब इन चारों पॉइंट को मल्टी मोड फाइबर
- 1:39:02में देख लेते हैं पहले साथ-साथ समझ लेते
- 1:39:03हैं दोनों को देखो यहां पर पहला पॉइंट बदल
- 1:39:05गया क्या हो गया द मल्टी मोड फाइबर कैन
- 1:39:07सपोर्ट लार्ज नंबर ऑफ मोड ऑफ प्रोपेगेशन
- 1:39:10यानी कि मल्टी मोड फाइबर से नंबर ऑफ
- 1:39:14मल्टीपल नंबर ऑफ रे क्या कर सकती हैं
- 1:39:16ट्रेवल कर सकती हैं बात समझ में आ रही
- 1:39:17सेकंड पॉइंट देखो इट हैज लार्जर डायमीटर
- 1:39:20देखो इसका डायमीटर ज्यादा है जबकि इसका
- 1:39:22डायमीटर क्या था स्मॉल था
- 1:39:24मैंने सारे पॉइंट करेस्पॉन्डिंग्ली हैं
- 1:39:26जिससे कि आपको डिफरेंस को लिखने में कोई
- 1:39:28भी समस्या नहीं आए थर्ड पॉइंट देखो क्या
- 1:39:30है कंडीशन फॉर मल्टी मोड प्रोपेगेशन तो
- 1:39:32यहां पर v नंबर की वैल्यू 2.40 5 से
- 1:39:35ज्यादा होनी चाहिए अब देखो इसी के
- 1:39:36करेस्पॉन्डिंग्ली
- 1:39:41इससे लेस दन इक्वल टू होनी चाहिए तो मैंने
- 1:39:44सारे पॉइंट करेस्पॉन्डिंग्ली हैं जब आप
- 1:39:46डिफरेंस लिखेंगे ना तो आपको लिखने में कोई
- 1:39:48समस्या नहीं आएगी
- 1:39:49फोर्थ पॉइंट देखिए क्या है मल्टी मोड
- 1:39:52फाइबर में फोर पॉइंट द डिफरेंस इन द
- 1:39:54रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ऑफ कोर एंड
- 1:40:00क्लैडिस्टिक्स के रिफ्रैक्टिव इंडेक्स का
- 1:40:03वो लार्जर है मतलब ज्यादा है एज कंपेयर टू
- 1:40:06सिंगल मोड फाइबर देखो ज्यादा तो यहां पे
- 1:40:08नहीं होता लेकिन यहां पर हम कंपैरेटिव
- 1:40:10स्टडी कर रहे हैं तो सिंगल मोड फाइबर के
- 1:40:12कंपैरिजन में मल्टी मोड फाइबर में जो
- 1:40:15रिफ्रैक्टिव इंडेक्स का डिफरेंस होता है
- 1:40:17वो ज्यादा होता है तो देखो चारों के चारों
- 1:40:19पॉइंट करेस्पॉन्डिंग्ली
- 1:40:231 2 3 ऐसे करके लिखना फिर उसी के दूसरी
- 1:40:25साइड में 1 2 3 4 ये आ जाएंगे अब देखो ये
- 1:40:28एडवांटेज है जब आप डिफरेंस लिखेंगे तो इन
- 1:40:30सभी एडवांटेज को आप पॉइंट की फॉर्म में
- 1:40:32लिखेंगे जैसे आपका ये पॉइंट नंबर वन हो
- 1:40:34गया टू हो गया थ्री हो गया फोर हो गया 5 6
- 1:40:367 8 9 10 11 12 ऐसे ही लिखते चले जाएंगे
- 1:40:39तो अब जरा यहां पर ध्यान दो इसका एडवांटेज
- 1:40:41देखो क्या है एटो निशन क्या है यहां पर लो
- 1:40:43है और इसका एटो निशन क्या है हाई है मतलब
- 1:40:46सिंगल मोड फाइबर में एनेशन क्या लो इसका
- 1:40:49मतलब ये हुआ कि जो सिंगल मोड फाइबर होते
- 1:40:51हैं उसमें लॉसेस कम होते हैं एज कंप टू
- 1:40:53मल्टी मोड फाइबर अब यहां पर देखिए
- 1:40:55कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए आपको जब हमने
- 1:40:57स्टार्टिंग में टॉपिक को स्टार्ट किया था
- 1:40:59तो वहां पर हमने लिखा था कि ऑप्टिकल फाइबर
- 1:41:01में जो एटन होता है या लॉस होता है वो कम
- 1:41:04होता है अब यहां पर हम कह रहे हैं कि
- 1:41:06एनेशन हाई है तो एक्चुअल में मल्टी मोड
- 1:41:09फाइबर का एनेशन हाई है एज कंपेयर टू सिंगल
- 1:41:12मोड फाइबर तो यहां पर दोनों की कंपैरेटिव
- 1:41:14स्टडी हो रही है इस बात को आप ध्यान
- 1:41:17दीजिएगा चलिए सिंगल मोड फाइबर में दूसरा
- 1:41:20डिस्पर्शन इज लॉ देखिए डिस्पर्शन भी क्या
- 1:41:22है एक्चुअल में एक टाइप का लॉस है यहां पर
- 1:41:25मैं आपको बता दूं एटिने वर्ड अभी आप लोगों
- 1:41:27ने पढ़ा नहीं है ये आगे आएगा इसके बाद
- 1:41:30हमारा नेक्स्ट टॉपिक होगा लॉसेस इन
- 1:41:31ऑप्टिकल फाइबर तो लॉसेस में हम एटन भी
- 1:41:34पढ़ेंगे डिस्पर्शन भी पढ़ेंगे तो ये एक
- 1:41:36तरह के क्या है लॉस है क्या है लॉस है तो
- 1:41:39इसमें एटन लो लो होगा डिस्पर्शन भी क्या
- 1:41:42होगा लो होगा सिंगल मोड में जबकि मल्टी
- 1:41:44मोड में ये दोनों हाई होंगे तो कहने का
- 1:41:46मतलब ये मल्टी मोड फाइबर में लॉस क्या
- 1:41:49होंगे हाई होंगे ये दोनों के दोनों लॉस को
- 1:41:52रिप्रेजेंट कर रहे हैं इतना भी आप ध्यान
- 1:41:54रखिए बाकी हम इनका आगे चलके इनका मीनिंग
- 1:41:56भी समझ लेंगे थर्ड पॉइंट क्या है इसके
- 1:41:58बैंड विड्थ ज्यादा है सिंगल मोड फाइबर की
- 1:42:00बैंड विड्थ ज्यादा है जबकि मल्टी मोड
- 1:42:03फाइबर की जो बैंड विड्थ है वो कम है यानी
- 1:42:05कि यहां पर बैंड विड्थ कम होने का मतलब
- 1:42:07क्या है डाटा से रिलेटेड है उसके बाद
- 1:42:09फोर्थ पॉइंट देखिए सूटेबल फॉर लॉन्ग
- 1:42:11डिस्टेंस कम्युनिकेशन भाई सीधी सी बात है
- 1:42:13सिंगल मोड फाइबर में लॉस कम है तो हम इसको
- 1:42:15लॉन्ग डिस्टेंस के लिए क्या कर सकते हैं
- 1:42:18यूज कर सकते हैं जबकि मल्टी मोड फाइबर जो
- 1:42:20है वो शॉर्ट डिस्टेंस के लिए यूज होता है
- 1:42:22उसके बाद बात करते हैं डिसएडवांटेजेस की
- 1:42:24देखो सिंगल मोड फाइबर का डिसएडवांटेज क्या
- 1:42:26है फैब्रिकेशन इज डिफिकल्ट एंड कॉस्टली
- 1:42:29सीधी सी बात है इसका जो फैब्रिकेशन होगा
- 1:42:31यानी कि इसको बनाना क्या है डिफिकल्ट है
- 1:42:34और ये कॉस्टली भी है क्यों क्योंकि यहां
- 1:42:36पर इसको बनाने के लिए बहुत ही
- 1:42:37सोफिस्टिकेटेड टेक्निक चाहिए क्योंकि यहां
- 1:42:40पर जो केबल है उसकी थिकनेस क्या है बहुत
- 1:42:43ही कम है क्लियर है ट्रांसमिशन इक्विपमेंट
- 1:42:47इज एक्सपेंसिव अब देखो यहां पर इसका मतलब
- 1:42:49क्या सिंगल मोड फाइबर में लाइट को ट्रेवल
- 1:42:51कराना भी बहुत एक्सपेंसिव है क्योंकि यहां
- 1:42:54पर सिंगल मोड फाइबर के अंदर लाइट को एंटर
- 1:42:56कराने के लिए हमें लेजर की लेजर डायोड की
- 1:42:59रिक्वायरमेंट होगी जो कि बहुत कॉस्टली
- 1:43:01होता है तो यानी कि यहां पर ट्रांसमिशन
- 1:43:03इक्विपमेंट भी क्या है एक्सपेंसिव है जबकि
- 1:43:06अगर आप मल्टी मोड फाइबर में देखेंगे तो
- 1:43:08यहां पर फैब्रिकेशन क्या है इजी है
- 1:43:11कॉस्टली भी कम है ट्रांसमिशन भी यहां पर
- 1:43:13सिंपल है और लो कॉस्ट है क्योंकि यहां पर
- 1:43:15एलईडी का यूज होता है और लास्ट वाला पॉइंट
- 1:43:18है हैंडलिंग इज डिफिकल्ट भाई सीधी सी बात
- 1:43:20है सिंगल मोड फाइबर में क्योंकि कोर का
- 1:43:23डायमीटर बहुत कम है तो इसको हैंडल करना या
- 1:43:25इसको मैन्युफैक्चर करना क्या है बहुत ही
- 1:43:28मुश्किल है जबकि इसको आसान है तो मुझे
- 1:43:31लगता है आपको सिंगल मोड फाइबर और मल्टी
- 1:43:34मोड फाइबर के ये जो 11 के 11 डिफरेंसेस
- 1:43:36हैं ये अब आपको समझ में आ गए होंगे है ना
- 1:43:39तो यहां पर अगर आपसे डिफरेंस के फॉर्म में
- 1:43:41पूछा जाता है तो आप डिफरेंस लिख देंगे और
- 1:43:43अगर आपको जनरली ऐसे ही पूछा जाता है अगर
- 1:43:45मान ली जाता राइट शॉर्ट नोट और सिंगल मोड
- 1:43:47एंड मल्टी मोड फाइबर तो जैसे मैंने लिखा
- 1:43:49है आप उस तरीके से लिख देंगे
- 1:43:53अब आगे बढ़ते हैं नाउ तो सिंगल मोड मल्टी
- 1:43:55मोड फाइबर तो हमारा हो गया सिंगल मोड
- 1:43:58मल्टी मोड फाइबर हमने कंप्लीट कर लिया अब
- 1:44:01हम चलते हैं रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के ऊपर
- 1:44:03बेस्ड दो टाइप के होते हैं स्टेप इंडेक्स
- 1:44:05फाइबर और ग्रेडेड इंडेक्स फाइबर तो दोनों
- 1:44:07का डिफरेंस मैं आपको बता चुका हूं चलिए एक
- 1:44:09बार और देख लेते हैं ध्यान दीजिएगा यहां
- 1:44:12पर नाउ स्टेप इंडेक्स फाइबर और ग्रेडेड
- 1:44:14इंडेक्स फाइबर देखो क्या होगा इन स्टेप
- 1:44:17इंडेक्स फाइबर द रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ऑफ द
- 1:44:20कोर इज यूनिफॉर्म कोर का जो रिफ्रैक्टिव
- 1:44:22इंडेक्स होता है वो यूनिफॉर्म होता है
- 1:44:23थ्रू आउट एंड अंडरगोज एन
- 1:44:27अब्रप्टली ंग इंटरफेस देखो इसका मतलब क्या
- 1:44:30है जो हमारे पास फाइबर होता है उसमें कोर
- 1:44:33का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स क्या है यूनिफॉर्म
- 1:44:35है
- 1:44:40क्लैडिस्टिक्स इंडेक्स चेंज होगा ना
- 1:44:42क्योंकि इंटरफेस के नीचे क्या कोर है और
- 1:44:44उसके ऊपर क्या है क्लेट है दोनों का
- 1:44:46रिफ्रैक्टिव इंडेक्स क्या अलग-अलग है तो
- 1:44:48कहने का मतलब ये है कोर
- 1:44:51क्लैडिस्टिक अचानक से रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 1:44:54क्या हो जाएगा चेंज हो जाएगा इसको आप ऐसा
- 1:44:56समझ सकते हैं देखो ये कोर है इसका
- 1:44:58रिफ्रैक्टिव इंडेक्स यूनिफॉर्म क्लंग का
- 1:45:00भी यूनिफॉर्म लेकिन अब कोर का रिफ मान ली
- 1:45:031.50 है और इसका 1.48 है तो देखो यहां पर
- 1:45:07इस पॉइंट पर अचानक से रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 1:45:09क्या हो गया चेंज हो गया तो वही चीज वहां
- 1:45:11पर लिखी
- 1:45:13है अब ध्यान दो देखो वही चीज लिखा है कि
- 1:45:17यूनिफॉर्म रहेगा थ्रू आउट एंड अंडरगोज एन
- 1:45:20एप्ट चेंज एट कोर लडिंग फेस कोर क् लडिंग
- 1:45:23इंटरफेस पे रिफ्रैक्टिव इंडेक्स अचानक से
- 1:45:25क्या होगा चेंज होगा पॉइंट नंबर टू बोथ
- 1:45:29सिंगल मोड एंड मल्टी मोड स्टेप इंडेक्स
- 1:45:31फाइबर कैन बी मेड भाई जो स्टेप इंडेक्स
- 1:45:33फाइबर होते हैं वो दो टाइप के होते हैं
- 1:45:35सिंगल मोड और मल्टी मोड दोनों है मैंने
- 1:45:36आपको डिफरेंस में बता ही चुका हूं मैं है
- 1:45:38ना थर्ड पॉइंट देखिए इंटरमॉडल डिस्पर्शन
- 1:45:42इज मोर इन स्टेप इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर
- 1:45:45अब ये आपको थोड़ा सा अ भी समझ में नहीं
- 1:45:46आएगा इंटरमॉडल डिस्पर्शन हम आगे चलके
- 1:45:49डिस्पर्शन पढ़ेंगे जो कि एक टाइप का लॉस
- 1:45:51होता है तो ये इंटरमॉडल डिस्पर्शन भी क्या
- 1:45:53है एक लॉस है तो यह लॉस स्टेप इंडेक्स
- 1:45:56मल्टी मोड फाइबर में ज्यादा होता है क्या
- 1:45:59होता है ये थोड़ा सा ज्यादा होता है अब
- 1:46:01यहां पर देखो ग्रेडेड इंडेक्स फाइबर में
- 1:46:03ग्रेडेड इंडेक्स फाइबर में रिफ्रैक्टिव
- 1:46:05इंडेक्स क्या होता है यूनिफॉर्म नहीं होता
- 1:46:07नॉन यूनिफॉर्म होता है कोर के अंदर देखो
- 1:46:09वही चीज यहां पर लिखी है इन ग्रेडेड
- 1:46:11इंडेक्स फाइबर द रिफ्रैक्टिव इंडेक्स इन द
- 1:46:14कोर ऑफ द ऑप्टिकल फाइबर इज नॉट यूनिफॉर्म
- 1:46:16एंड इट डिक्रीजस
- 1:46:22एट द कोर लडिंग इंटरफेस इसका मतलब ये है
- 1:46:25कि यहां पर रिफ्रैक्टिव इंडेक्स जो होगा
- 1:46:27कोर का वो यूनिफॉर्म नहीं होगा और ये
- 1:46:31ग्रेजुएट इंडेक्स मैक्सिमम कहां पर होगा
- 1:46:34मैक्सिमम होगा देखो ये इसकी एक्सिस है तो
- 1:46:36कोर पे मैक्सिमम होगा और जैसे कोर की
- 1:46:38एक्सिस पे और जैसे-जैसे हम एक्सिस से दूर
- 1:46:41जाएंगे ये रिफ्रैक्टिव इंडेक्स डिक्रीज
- 1:46:43होता जाएगा क्या होता जाएगा डिक्रीज और इस
- 1:46:45पॉइंट पर आके मिनिमम हो जाएगा तो यानी कि
- 1:46:47कोर का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स मिनिमम कहां
- 1:46:49पर होगा कोरक लडिंग इंटरफेस पे और
- 1:46:51मैक्सिमम कहां पर होगा फाइबर की एक्सेस पे
- 1:46:54क्लियर है उसी चीज को यहां पर लिखा गया है
- 1:46:56बस कुछ और नहीं
- 1:46:58है है ना टू मिनिमम वैल्यू एट द कोर लेडि
- 1:47:01सरफेस नाउ ग्रेडेड इंडेक्स फाइबर कैन बी
- 1:47:04मल्टी मोड ओनली अब ये बड़ा इंपॉर्टेंट
- 1:47:05पॉइंट है कि जो स्टेप इंडेक्स फाइबर होते
- 1:47:07हैं वो दो टाइप के होते हैं सिंगल मोड और
- 1:47:09मल्टी मोड जबकि ग्रेडेड इंडेक्स फाइबर जो
- 1:47:11होता है वो केवल और केवल मल्टी मोड होता
- 1:47:13है और वही चीज देखो यहां पर मैंने इसमें
- 1:47:16भी शो की हुई है देखो ग्रेडेड इंडेक्स
- 1:47:17फाइबर जो होता है वो केवल एक ही टाइप का
- 1:47:19है ग्रेडेड इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर जबकि
- 1:47:22ये दो टाइप के थे
- 1:47:25आगे चलते हैं
- 1:47:26अब बात करेंगे
- 1:47:29हम नाउ तो ये अब आपको पॉइंट समझ में आ गए
- 1:47:33होंगे नाउ इंटरमॉडल डिस्पर्शन इज लेस इन
- 1:47:35ग्रेडेड इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर देखो अगर
- 1:47:38हम इससे इसको कंपेयर करें तो जो इंटरमॉडल
- 1:47:41डिस्पर्शन है वो इसमें कम होता है ग्रेडेड
- 1:47:44इंडेक्स फाइबर में और इसमें क्या होता है
- 1:47:45ज्यादा होता है इसमें ज्यादा होता है
- 1:47:47इसमें क्या होता है कम होता है देखो मैंने
- 1:47:49आपको बताया था कि ग्रेडेड इंडेक्स फाइबर
- 1:47:51में जहां पर रिफ्रैक्टिव इंडेक्स चेंज
- 1:47:52होगा वहां पर उसकी काफी सारी प्रॉपर्टी
- 1:47:54क्या हो जाएंगे चेंज हो जाएंगी तो यह अब
- 1:47:57आपको समझ में आ गया तो हमारा स्टेप
- 1:47:58इंडेक्स फाइबर दो टाइप का है जिसमें से
- 1:48:00पहला टाइप है स्टेप इंडेक्स सिंगल मोड
- 1:48:03फाइबर स्टेप्स इंडेक्स सिंगल मोड फाइबर और
- 1:48:06इसमें सारे वही पॉइंट आएंगे जो पॉइंट्स
- 1:48:09हमारे सिंगल मोड फाइबर के अंदर थे केवल एक
- 1:48:12पॉइंट बदलेगा और वह सबसे पहले लिख दिया
- 1:48:14मैंने जो पॉइंट चेंज होगा बाकी सारे पॉइंट
- 1:48:16देखो वही लिखे यहां पर दूसरा यहां पर आपको
- 1:48:19डायग्राम बना कर के आना है वहां पर
- 1:48:21डायग्राम मैंने इसलिए नहीं बनाया था
- 1:48:23क्योंकि वहां पर आपसे डिफरेंस पूछा जाएगा
- 1:48:26क्या पूछा जाएगा डिफरेंस तो डिफरेंस के
- 1:48:28लिए आपको डायग्राम बनाने की जरूरत नहीं
- 1:48:30लेकिन अगर आपको मान लीजिए आपसे डिफरेंस
- 1:48:33नहीं पूछा जाता और आपसे पूछा जाता है कि
- 1:48:34एक्सप्लेन सिंगल मोड फाइबर इन डिटेल तो आप
- 1:48:37वो सारे पॉइंट्स लिख देंगे और उन पॉइंट्स
- 1:48:40के साथ-साथ ये डायग्राम बना देंगे ये आपका
- 1:48:42सिंगल मोड फाइबर का ही डायग्राम है है ना
- 1:48:45भई ये स्टेप इंड स्टेप इंडेक्स सिंगल मोड
- 1:48:48फाइबर का डायग्राम भी यही है और सिंगल मोड
- 1:48:50फाइबर का डायग्राम भी यही होगा ये
- 1:48:52डायग्राम मैंने वहां पर इसलिए नहीं बनाया
- 1:48:54क्योंकि डायग्राम को बनाने में समय भी
- 1:48:56लगता तो यहां भी बनाना था मुझे वहां भी
- 1:48:58बनाता तो दो जगह बन जाता है ना तो इसलिए
- 1:49:01मैंने इसको दोनों जगह नहीं बनाया एक ही
- 1:49:02जगह बनाया लेकिन इस डायग्राम को आप सिंगल
- 1:49:04मोड फाइबर में भी बना सकते हैं अगर आपको
- 1:49:07वो डिटेल में पूछा जाता है तो अब जरा
- 1:49:09ध्यान
- 1:49:10दीजिएगा स्टेप इंडेक्स सिंगल मोड फाइबर
- 1:49:13केवल पहला पॉइंट बदलेगा इन स्टेप इन स्टेप
- 1:49:17स्टेप इंडेक्स सिंगल मोड फाइबर द
- 1:49:19रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ऑफ द कोर इज
- 1:49:20यूनिफॉर्म बता ही चुका हूं कि यूनिफॉर्म
- 1:49:22होगा एंड अंडरगोज एन
- 1:49:26अब्रप्टली ंग इंटरफेस देखो कोर लेडि
- 1:49:29इंटरफेस पे जो हमारा रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 1:49:31है ना वो अचानक से चेंज हो जाता है एक ही
- 1:49:34स्टेप में इसीलिए इसको कहा जाता है स्टेप
- 1:49:36इंडेक्स सिंगल मोड फाइबर क्योंकि एक ही
- 1:49:38स्टेप में रिफ्रैक्टिव इंडेक्स क्या हो
- 1:49:40रहा है चेंज हो रहा है वैसे तो यूनिफॉर्म
- 1:49:42है लेकिन कोरक लडिंग पे जाके क्या हो रहा
- 1:49:44है अचानक से चेंज हो रहा है बाकी सारे
- 1:49:46पॉइंट वही है देखो स्टेप इंडेक्स सिंगल
- 1:49:49मोड फाइबर कैन सपोर्ट ओनली वन मोड ऑफ
- 1:49:51प्रोपेगेशन एक ही मोड करता है बिल्कुल सेम
- 1:49:54वही पॉइंट यहां पर मैंने कॉपी कर दिया है
- 1:49:56डायमीटर इसका क्या होगा कम होगा प्रोप
- 1:49:59कंडीशन फॉर सिंगल मोड प्रोपेगेशन क्या है
- 1:50:01v की वैल्यू 2.40 से कम होनी चाहिए
- 1:50:04डिफरेंस ऑफ रिफ्रैक्टिव इंडेक्स कोर और
- 1:50:05क्ले के बीच का जो रिफ्रैक्टिव इंडेक्स
- 1:50:07होगा वो क्या होगा वेरी स्मॉल होगा अब इस
- 1:50:09डायग्राम को जरा ध्यान से देखो ये
- 1:50:11डायग्राम एक्चुअल में कुछ नहीं है ये आपका
- 1:50:13सिंगल मोड फाइबर है जिसमें बीच में कोर है
- 1:50:16उसके बाहर क्लेट है कोर करेक्ट इंडेक्स मव
- 1:50:18इसका रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ट अब इसके अंदर
- 1:50:23जब लाइट एंटर करेगी मान ली सिंगल मोड
- 1:50:25फाइबर है एक ही लाइट यहां पर ट्रेवल करेगी
- 1:50:26एक लाइट रे ट्रेवल करेगी तो हमारी ये लाइट
- 1:50:29रे देखो इसमें एंटर कर रही है एंटर करने
- 1:50:31के बाद यहां पर रिफ्रैक्ट हुआ ये सब मैं
- 1:50:32आपको पहले ही समझा चुका हूं जब हमने
- 1:50:34डेरिवेशन किया था तो यहां पर ये लाइट
- 1:50:37इसमें क्या करेगी यहां पर टोटल इंटरनल
- 1:50:39रिफ्लेक्शन होगा और ये आगे फ्लो होती चली
- 1:50:41जाएगी तो ये डायग्राम तो आपको कोई दिक्कत
- 1:50:43नहीं होगी समझने में आप सोच रहे होंगे ये
- 1:50:45और ये क्या बना दिया तो देखो कुछ नहीं है
- 1:50:47ये जो ऑप्टिकल फाइबर है अगर आप इसको साइड
- 1:50:49से देखेंगे तो इसका साइड व्यू बनाया यहां
- 1:50:51पर क्या बनाया साइड व्यू देखो यह वाला
- 1:50:54पार्ट जो है कोर है और यह वाला बाहर वाला
- 1:50:56पार्ट क्या है क्लेट है जैसे अगर आप वायर
- 1:50:58को देखते हैं वायर को अगर आप साइड से
- 1:51:00देखेंगे तो बीच में आपको उसमें कॉपर वायर
- 1:51:02दिखाई देगा बाहर उसमें आपको प्लास्टिक
- 1:51:03दिखाई देगा तो सेम वैसा ही है ये बीच में
- 1:51:06कोर है और ये क्या है क्लंग है कोर का रिफ
- 1:51:08इंडस मव क्लंग का
- 1:51:11ट क्लियर है अब देखो यहां पर जो हमारे पास
- 1:51:14अब यह एक्चुअल में ये जो डायग्राम है ये
- 1:51:17यहां पर रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के को
- 1:51:20रिप्रेजेंट करने के लिए बनाया गया है कि
- 1:51:22रिफ्रैक्टिव इंडेक्स का जो प्रोफाइल होगा
- 1:51:24वो कैसा होगा रिफ्रैक्टिव इंडेक्स का
- 1:51:26प्रोफाइल कैसा होगा तो जरा ध्यान दो जो
- 1:51:28कोर का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स है ना वो देखो
- 1:51:30ज्यादा है और क्लंग का क्या है कम है और
- 1:51:34यहां पर अगर आप ध्यान से देखें देखो इस
- 1:51:37पॉइंट पर इस पॉइंट पर जो रिफ्रैक्टिव
- 1:51:40इंडेक्स है इस पॉइंट पर ये कोर क्ले का
- 1:51:42इंटरफेस है तो जहां पर कोर और क्ले का
- 1:51:44इंटरफेस है वहां पर रिफ्रैक्टिव
- 1:51:48इंडेक्स एक ही स्टेप में क्या हो गया चेंज
- 1:51:50हो गया देखो पहले मव थाय एकदम से mu1 से
- 1:51:53कहां चला गया ट पर चला गया कम हो गया मतलब
- 1:51:56ऐसा मत समझिए ऊपर जा रहा तो बढ़ गया कम हो
- 1:51:58गया तो एक ही स्टेप में चेंज हो गया है ना
- 1:52:01तो ये यहां पर ये जो डायग्राम आपको दिखाई
- 1:52:02दे रहा है ये एक्चुअल में रिफ्रैक्टिव
- 1:52:04इंडेक्स का प्रोफाइल है कि रिफ्रैक्टिव
- 1:52:06इंडेक्स किस तरीके से चेंज हो रहा है तो
- 1:52:08आप देख सकते हैं एक ही स्टेप में सीधे ऊपर
- 1:52:09चला गया है ना यानी कि एक ही स्टेप में
- 1:52:12सीधे क्या हो गया कम हो गया तो ये तीनों
- 1:52:14ये तीनों नहीं है ये एक ही डायग्राम है आप
- 1:52:16इसको ऐसे ही बनाएंगे पहले ये फिर ये और
- 1:52:18उसके बाद ये तो ये हमारा किसका डायग्राम
- 1:52:21हो गया सिंगल मोड फाइबर का या स्टेप
- 1:52:24इंडेक्स सिंगल मोड फाइबर का क्लियर है
- 1:52:27बाकी इसके बाद इसके एडवांटेज एडवांटेज
- 1:52:29सारे वही है जो पहले थे बस एज इट मैंने
- 1:52:31कॉपी कर दिया भा यहां पर यह टेक्स्ट इसको
- 1:52:33कॉपी करना था तो मैंने कॉपी कर दिया
- 1:52:35डायग्राम मैंने एक ही जगह बनाया क्योंकि
- 1:52:37डायग्राम दो जगह बनाता तो डबल मेहनत लगती
- 1:52:40है ना जो यह कंटेंट है इसको तो कॉपी करना
- 1:52:44था तो मैंने यहां पर भी कॉपी कर दिया सेम
- 1:52:45वही एडवांटेज वही डिसएडवांटेज कुछ भी अंतर
- 1:52:48नहीं है आगे बढ़ते हैं ना स्टेप इंडेक्स म
- 1:52:52मोड फाइबर इसमें भी पहला स्टेप चेंज होगा
- 1:52:54बस और पहला स्टेप क्या वही है जो अभी लिखा
- 1:52:56था इन स्टेप इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर बस
- 1:52:58यहां पर नाम चेंज हो जाएगा द रिफ्रैक्टिव
- 1:53:00इंडेक्स ऑफ द कोर इज यूनिफॉर्म थ्रू आउट
- 1:53:03रिफ्रैक्टिव इंडेक्स जो होगा कोर का वो
- 1:53:04यूनिफॉर्म रहेगा एंड अंडरगोज एन एप्ट
- 1:53:07स्टेप चेंज और एक ही स्टेप में चेंज हो
- 1:53:09जाएगा कहां पर कोर लेडि इंटरफेस पे है ना
- 1:53:12यहां तक मव है और उसके
- 1:53:15बाद यह मैंने उल्टा लिख दिया है तो
- 1:53:18रिफ्रैक्टिव इंडेक्स ये mu1 और ये ट इसको
- 1:53:21आप कर कर लेना है ना अचानक से क्या हो
- 1:53:25जाएगा चेंज हो जाएगा अब क्योंकि ये मल्टी
- 1:53:27मोड फाइबर है देखो सारे पॉइंट वही हैं तो
- 1:53:30मल्टी मोड फाइबर है तो इसका मतलब यहां पर
- 1:53:31नंबर ऑफ रे एक से ज्यादा ट्रेवल कर सकती
- 1:53:33हैं है ना एक से ज्यादा रे यहां पर ट्रेवल
- 1:53:36कर सकती है मल्टी मोड फाइबर कैन सपोर्ट
- 1:53:38लार्ज नंबर ऑफ़ मोड ऑफ़ प्रोपेगेशन तो
- 1:53:40यहां पर इसीलिए देखो इस डायग्राम के अंदर
- 1:53:42मैंने दो रे को दिखाया है बाकी सारे पॉइंट
- 1:53:44तो सेम है तो यहां पर ये हमारा मल्टी मोड
- 1:53:46फाइबर है ये इसका कोर है और आप जानते हैं
- 1:53:48मल्टी मोड फाइबर में कोर का डायमीटर
- 1:53:50ज्यादा होता है तो यहां पर देखो अब मल्टी
- 1:53:53मोड फाइबर है यहां पर कितनी भी रे हो सकती
- 1:53:54है 1000 भी हो सकती है 2000 भी हो सकती है
- 1:53:57लेकिन मैंने यहां पर केवल दो को
- 1:53:58रिप्रेजेंट किया देखो एक रे है और एक रे
- 1:54:01है दोनों एक साथ इसमें ट्रेवल कर रही हैं
- 1:54:03तो ये कैसा हो गया मल्टी मोड फाइबर हो गया
- 1:54:05जबकि इससे पहले में केवल एक ही रे ट्रेवल
- 1:54:08कर रही थी तो यह सिंगल मोड फाइबर
- 1:54:12था और बाकी ये इसका साइड व हो गया और ये
- 1:54:15रिफ्रैक्टिव इंडेक्स का क्या हो गया
- 1:54:17प्रोफाइल हो गया क्लियर है तो ये भी मुझे
- 1:54:19लगता है आपको समझ में आ गया होगा सारे
- 1:54:20पॉइंट कॉमन है जो मल्टी मोड फाइबर में थे
- 1:54:23एडवांटेज डिसएडवांटेज भी वही है तो यहां
- 1:54:26पर हमने सिंगल मोड फाइबर पढ़ लिया मल्टी
- 1:54:28मोड फाइबर पढ़ लिया स्टेप इंडेक्स सिंगल
- 1:54:31मोड फाइबर पढ़ लिया स्टेप इंडेक्स मल्टी
- 1:54:33मोड फाइबर पढ़ लिया और अब एक लास्ट बचा है
- 1:54:36हमारा दैट इज ग्रेडेड इंडेक्स मल्टी मोड
- 1:54:38फाइबर देखो ये मल्टी मोड फाइबर तो ये है
- 1:54:41यानी कि यहां पर एक से ज्यादा नंबर ऑफ रे
- 1:54:43क्या होंगी एक से ज्यादा रे क्या होंगी
- 1:54:45ट्रेवल करेंगी तो आप यहां पर देख सकते हैं
- 1:54:48एक से ज्यादा रे ट्रेवल करेंगे अब जरा
- 1:54:50ध्यान दो यहां पर पॉइंट बदलेगा इन ग्रेडेड
- 1:54:53इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर द रिफ्रैक्टिव
- 1:54:55इंडेक्स ऑफ द कोर ऑफ ऑप्टिकल फाइबर इज नॉट
- 1:54:58यूनिफॉर्म यानी कि यहां पर कोर का जो
- 1:55:00रिफ्रैक्टिव इंडेक्स है वो यूनिफॉर्म नहीं
- 1:55:02है बात समझ में आ गई एंड इट डिक्रीजस
- 1:55:10ग्रेजुएट द एक्सिस ऑफ द कोर कोर की एक्सिस
- 1:55:14पर जो होगी वो वैल्यू मैक्सिमम होगी एंड
- 1:55:16मैक्सिमम वैल्यू एट द एक्सिस ऑफ द कोर टू
- 1:55:18मिनिमम वैल्यू एट द कोर लडिंग इंटरफेस
- 1:55:21यानी कि
- 1:55:22कोर की जो रिफ्रैक्टिव इंडेक्स है उसकी
- 1:55:24मैक्सिमम वैल्यू कहां पर होगी यहां पर
- 1:55:26होगी उसके बाद ये डिक्रीज होती जाएगी उसके
- 1:55:29बाद डिक्रीज होती जाएगी है ना तो यहां पर
- 1:55:31रिफ्रैक्टिव इंडेक्स क्या है कांस्टेंट
- 1:55:33नहीं है अब यह इसका साइड व है यह आपका कोर
- 1:55:37हो गया यह क्लंग हो गया है ना और यहां पर
- 1:55:39भी देखिए अब यहां पर थोड़ा सा डायग्राम
- 1:55:41आपको चेंज देखने को क्या मिल रहा है कि
- 1:55:43यहां पर जो रे है जब यह रे अंदर गई तो ये
- 1:55:47आप देख सकते हैं यहां पर कर्व बन रहा है
- 1:55:49क्या बन रहा है कर्व यानी कि पहले की तरह
- 1:55:51नहीं चल रहा हो तो रहा है यहां टोटल
- 1:55:53इंटरनल रिफलेक्शन अब लेकिन क्योंकि अंदर
- 1:55:56रिफ्रैक्टिव इंडेक्स चेंज हो रहा है तो जब
- 1:55:58रिफ्रैक्टिव इंडेक्स चेंज होगा तो हर एक
- 1:56:00पॉइंट पर रिफलेक्शन होगा इसके अंदर हर एक
- 1:56:04पॉइंट पर रिफलेक्शन होगा तो हमारी जो रे
- 1:56:06है वो स्ट्रेट लाइन में ट्रेवल ना करके
- 1:56:09कर्व की फॉर्म में ट्रेवल करती है इस तरह
- 1:56:11से ये यहां पर बहुत बड़ा चेंज है हो तो
- 1:56:15यहां टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन रहा है लेकिन
- 1:56:17रे अब आप इसके अंदर स्ट्रेट नहीं बना सकते
- 1:56:19कर्व बनानी पड़ेगी क्योंकि यहां पर
- 1:56:21रिफ्रैक्टिव इंडेक्स चेंज हो है और जब
- 1:56:22रिफ्रैक्टिव इंडेक्स चेंज होगा तो इस कोर
- 1:56:25की हर एक लेयर हर एक लेयर पर रिफ्रैक्ट
- 1:56:30होगा जिसकी वजह से रे हमारी स्ट्रेट नहीं
- 1:56:33जा पाएगी बात समझ में आ रही है तो इस तरह
- 1:56:35का डायग्राम आपको यहां पर बनाना है दूसरा
- 1:56:38यहां पर जो रिफ्रैक्टिव इंडेक्स है वो
- 1:56:40अब्रप्टली चेंज नहीं हो रहा एक स्टेप में
- 1:56:42चेंज नहीं हो रहा वो धीरे-धीरे डिक्रीज
- 1:56:44होते जा रहा है तो देखो उसी चीज को यहां
- 1:56:46पर रिप्रेजेंट किया है कि जो रिफ्रैक्टिव
- 1:56:48इंडेक्स है वो अचानक से डिक्रीज नहीं हुआ
- 1:56:51ग्रैजुअली डिक्रीज हो रहा है है तो इसीलिए
- 1:56:53यहां पर कर्व शो किया गया है बस यह यहां
- 1:56:55पर एक क्या है डिफरेंस है जो आपको समझ में
- 1:56:58आना चाहिए ग्रेटर इंडेक्स फाइबर कैन बी
- 1:57:01मल्टी मोड ओनली ये केवल मल्टी मोड ही होता
- 1:57:04है ये मैं आपको बता चुका जबकि स्टेप
- 1:57:05इंडेक्स वाला सिंगल मोड भी हो सकता है
- 1:57:07मल्टी मोड भी हो सकता है अच्छा इसके अलावा
- 1:57:10अगर आप लिखना चाहे दो चार पॉइंट और आप लिख
- 1:57:12सकते हैं जैसे कि जो पॉइंट हमारे मल्टी
- 1:57:15मोड फाइबर में थे ना कि v नंबर की वैल्यू
- 1:57:17ग्रेटर देन होनी चाहिए है ना वो सारे
- 1:57:19पॉइंट आप यहां पर लिख सकते हैं यानी कि
- 1:57:21मल्टी मोड फाइबर के जितने भी पॉइंट हैं वो
- 1:57:24उन पॉइंट को आप यहां पर इंक्लूड कर देंगे
- 1:57:26वहां पर चार पॉइंट थे तो चार में से हां
- 1:57:29उन चारों पॉइंट को आप यहां पर लिख सकते
- 1:57:31हैं मैंने नहीं लिखा क्योंकि मेरा
- 1:57:32डायग्राम बनाने का स्पेस नहीं बचता तो आप
- 1:57:34उन चारों पॉइंट को यहां पर लिख सकते हैं
- 1:57:37लेकिन इसके जो एडवांटेज और डिसएडवांटेज
- 1:57:39हैं वो अलग है क्योंकि यहां पर
- 1:57:42रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के चेंज होने से
- 1:57:44प्रॉपर्टी चेंज हो गई है तो एडवांटेज और
- 1:57:46डिसएडवांटेज क्या होंगे बदल जाएंगे देखिए
- 1:57:49एडवांटेज इंटरमॉडल डिस्पर्शन इज ले
- 1:57:52इन ग्रेडेड इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर अब
- 1:57:55मैं आपको यहां पर बता दूं यह कंपैरिजन
- 1:57:57किसके साथ है यह कंपैरिजन है मल्टी मोड
- 1:57:59फाइबर के साथ में कि जो ग्रेडेड इंडेक्स
- 1:58:02मल्टी मोड फाइबर होता है उसके अंदर
- 1:58:05इंटरमॉडल डिस्पर्शन जो है वह कम होता है
- 1:58:07ये एक तरह का लॉस है यह कम होता है और इज
- 1:58:11लेस इन ग्रेडेड इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर
- 1:58:13मतलब इंटरमॉडल डिस्पर्शन मल्टी मोड फाइबर
- 1:58:17में ज्यादा होता है ग्रेडेड इंडेक्स मल्टी
- 1:58:19मोड फाइबर में कम होता है बात समझ में आ
- 1:58:21गई सेकंड पॉइंट बैंड विड्थ इज ग्रेटर देन
- 1:58:24स्टेप इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर इसकी बैंड
- 1:58:26विड्थ ज्यादा होती है मल्टी मोड फाइबर से
- 1:58:30मल्टी मोड फाइबर से ज्यादा होती है क्लियर
- 1:58:33है मतलब स्टेप इंडेक्स मल्टी मोड फाइबर से
- 1:58:35इसकी बैंडविथ ज्यादा होती है तो ज्यादा
- 1:58:37डाटा यहां पर ट्रांसफर हो पाएगा इजी टू
- 1:58:40कपल विद ऑप्टिकल सोर्स इसको हम आसानी के
- 1:58:43साथ में किसी भी ऑप्टिकल सोर्स के साथ कपल
- 1:58:45कर सकते हैं मतलब जो हम जिससे हम लाइट को
- 1:58:47एंटर करा रहे हैं उसके साथ ये इजली कनेक्ट
- 1:58:49हो जाता है डिवा क्या है वेरी डिफिकल्ट टू
- 1:58:53मैन्युफैक्चर इसको बनाना बहुत डिफिकल्ट है
- 1:58:55देखो और ये सिंपल सी बात है बनाना
- 1:58:57डिफिकल्ट होगा क्यों क्योंकि हमें लेयर
- 1:58:59बाय लेयर रिफ्रैक्टिव इंडेक्स को चेंज
- 1:59:01करना है तो इट इज डिफिकल्ट टू
- 1:59:04मैन्युफैक्चर और जब इसको बनाना मुश्किल है
- 1:59:07तो सीधी सी बात है ये एक्सपेंसिव ऑटोमेटिक
- 1:59:09हो जाएगा तो इट इज वेरी एक्सपेंसिव तो यह
- 1:59:12हमारे पास क्लासिफिकेशन था या कह सकते हैं
- 1:59:15टाइप्स थे किसके ऑप्टिकल फाइबर के तो
- 1:59:18टाइप्स ऑफ ऑप्टिकल फाइबर में से एक
- 1:59:21क्वेश्चन जनरली बन जाता है और बहुत ही
- 1:59:23आसान सा टॉपिक है मैं आपको डिटेल में समझा
- 1:59:26चुका हूं कि आपको केवल टोटल सिंगल मोड
- 1:59:29मल्टी मोड स्टेप इंडेक्स सिंगल मोड स्टेप
- 1:59:31इंडेक्स मल्टी मोड और ग्रेडेड इंडेक्स
- 1:59:33मल्टी मोड ये पांच फाइबर है और इन पांच
- 1:59:35में भी अगर आप देखेंगे तो केवल तीन ही मान
- 1:59:37के चलिए क्योंकि दो-दो तो एक ही जैसे हैं
- 1:59:40क्लियर है अब हम आगे बढ़ते हैं नाउ लॉसेस
- 1:59:43इन ऑप्टिकल फाइबर अब बात करेंगे लॉस की ये
- 1:59:45हमारा देखिए लॉसेस के बाद हमें एप्लीकेशन
- 1:59:48पढ़ना है और हमारा फाइबर ऑप्टिक्स कंप्लीट
- 1:59:50हो जाएगा यानी कि यहां पर दो टॉपिक हमारे
- 1:59:52और बचते हैं लॉसेस और
- 1:59:54एप्लीकेशन अभी हम बात करेंगे लॉसेस इन
- 1:59:57ऑप्टिकल फाइबर तो देखो यहां पर जो लॉसेस
- 1:59:59दो टाइप के एक्चुअल में लॉसेस होते हैं एक
- 2:00:01को हम कहते हैं एटन ये वर्ड पहले आया था
- 2:00:04एडनेट एटन का मतलब होता है लॉस ऑफ ऑप्टिकल
- 2:00:08पावर और इंटेंसिटी यानी कि जब लाइट हमारी
- 2:00:11लाइट रे ऑप्टिकल फाइबर से ट्रेवल करती है
- 2:00:14तो वहां पर उस लाइट रे की जो पावर होती है
- 2:00:16या इंटेंसिटी होती है वो कुछ ना कुछ लॉस
- 2:00:19हो जाती है भाई ऐसा तो हो ही नहीं सकता कि
- 2:00:21लॉस ना
- 2:00:22यहां पर लॉस कम होता है लेकिन फिर भी लॉस
- 2:00:24होता है तो जब हमारी लाइट की इंटेंसिटी या
- 2:00:28पावर लॉस होता है तो उसको हम कहते हैं एटन
- 2:00:31तो एटन क्या है ऑप्टिकल पावर लॉस या फिर
- 2:00:34इंटेंसिटी लॉस ड्यूरिंग द ट्रबल ऑफ लाइट
- 2:00:37रे इन ऑप्टिकल फाइबर और दूसरा जो यहां पर
- 2:00:40डिस्पर्शन एक्चुअल में डिस्पर्शन जो होता
- 2:00:42है वो स्प्रेडिंग ऑफ लाइट और ब्रॉड निंग
- 2:00:44ऑफ लाइट है यानी कि लाइट यहां पर क्या हो
- 2:00:46जाती है स्प्रेड हो जाती है ऑप्टिकल फाइबर
- 2:00:47के अंदर तो आप सोच रहे होंगे सर ये लॉस
- 2:00:49कहां हुआ हां एक्चुअल में ये लॉस नहीं है
- 2:00:52लेकिन जब हमारी लाइट स्प्रेड हो जाएगी तो
- 2:00:54हमें प्रॉपर वे में सिग्नल नहीं मिल
- 2:00:55पाएंगे प्रॉपर वे में इंफॉर्मेशन कंप्लीट
- 2:00:58इंफॉर्मेशन नहीं मिल पाएगी तो ये भी एक
- 2:01:00तरह का क्या हो गया लॉस हो गया तो इसीलिए
- 2:01:02इसको लॉस की कैटेगरी में रखा जाता है
- 2:01:04लेकिन डिस्पर्शन का मतलब होता है
- 2:01:05स्प्रेडिंग ऑफ लाइट और ब्रॉड निंग ऑफ लाइट
- 2:01:07इन ऑप्टिकल फाइबर अब यहां पर हम वन बाय वन
- 2:01:11दोनों को पढ़ेंगे पहले हम एटिने पढ़ेंगे
- 2:01:13और उसके बाद हम डिस्पर्शन पढ़ेंगे एटिने
- 2:01:16है ना तो यहां पर देखो मैंने डायग्राम से
- 2:01:19समझाया कि एटिने क्या होता है कभी-कभी
- 2:01:21एनेशन दो नं नंबर में पूछ लेते हैं तो दो
- 2:01:22नंबर में अगर आपसे पूछा जाएगा तो आप क्या
- 2:01:25कर सकते हैं इसको डिफाइन कर सकते हैं और
- 2:01:27इसका फार्मूला आप लिखकर आ जाएंगे है ना और
- 2:01:30अगर ज्यादा नंबर में पूछा जाता है तो आप
- 2:01:31डायग्राम बनाएंगे थ्योरी लिखेंगे और
- 2:01:34फार्मूला भी लिखेंगे क्लियर है चलिए नाउ
- 2:01:36एटिने देखिए ये हमारा ऑप्टिकल फाइबर है ये
- 2:01:39तो अब आप इससे फैमिलियर हो चुके होंगे है
- 2:01:41ना
- 2:01:42क्लैडिस्टिक्स सब आप जानते हैं देखो यहां
- 2:01:46से इधर से लाइट क्या होगी एंटर होगी तो जब
- 2:01:48लाइट एंटर हुई थी उस समय इस लाइट की पावर
- 2:01:51ज्यादा होगी इस ज्यादा इंटेंसिटी होगी आप
- 2:01:53देख सकते हैं यहां पर इसका एंप्लीट्यूड भी
- 2:01:55ज्यादा है इसकी इंटेंसिटी भी ज्यादा है और
- 2:01:57ये लाइट जब इस ऑप्टिकल फाइबर से बाहर
- 2:01:59निकलेगी तो इसका एंप्लीट्यूड क्या हो
- 2:02:01जाएगा कम हो जाएगा मतलब इसकी पावर डिक्रीज
- 2:02:03हो जाएगी इसकी इंटेंसिटी भी क्या हो जाएगी
- 2:02:05कम हो जाएगी तो ऐसा क्यों हो रहा है इसका
- 2:02:07मतलब ये हुआ कि हमने जो लाइट रे इसके अंदर
- 2:02:11सेंड किया था जो लाइट रे को हमने इसके
- 2:02:12अंदर सेंड किया इसके अंदर भेजा उसका
- 2:02:14एंप्लीट्यूड उसकी इंटेंसिटी क्या हो गई कम
- 2:02:16हो गई इसका मतलब हमारी पावर क्या हुई बीच
- 2:02:19में लॉस हो गई है और उसी को हम क्या कहते
- 2:02:22हैं टशन कहते हैं देखो उसी चीज को नीचे
- 2:02:24लिखा है द रिडक्शन इन एंप्लीट्यूड एंड
- 2:02:27इंटेंसिटी तो ये जो लाइट रे का जो
- 2:02:29एंप्लीट्यूड है देखो इसको एंप्लीट्यूड
- 2:02:30कहते हैं
- 2:02:31हम है ना ये एंप्लीट्यूड
- 2:02:34है तो द रिडक्शन इन एंप्लीट्यूड एंड द
- 2:02:37रिडक्शन इन एंप्लीट्यूड एंड इंटेंसिटी ऑफ
- 2:02:39लाइट सिग्नल एज इट इज गाइडेड थ्रू द
- 2:02:41ऑप्टिकल फाइबर इज कॉल्ड एटन तो मुझे लगता
- 2:02:45है एटन की डेफिनेशन आपको समझ में आ गई
- 2:02:47होगी नाउ टशन इज द लॉस ऑफ ऑप्टिकल पावर और
- 2:02:50इंटेंसिटी एज इट प्रोपेट अलोंग ए फाइबर आप
- 2:02:53मतलब यह तो मैं आपको बता ही चुका हूं कि
- 2:02:55जो एक्चुअल में एटन है उसमें क्या होता है
- 2:02:57हमारी पावर लॉस हो जाती है पावर लॉस हो
- 2:03:00जाती है आगे देखिए अब हमें यहां पर एटन का
- 2:03:03फार्मूला भी लिखना है एटन के फॉर्मूले का
- 2:03:06कोई डेरिवेशन आपको नहीं करना है सिर्फ
- 2:03:08आपको एनेशन का फार्मूला याद होना चाहिए
- 2:03:10क्योंकि एनेशन के फॉर्मूले के ऊपर बेस्ड
- 2:03:12न्यूमेरिकल एग्जाम में पूछे जाते हैं
- 2:03:14देखिए इस यूनिट में वैसे तो पूरे
- 2:03:16इंजीनियरिंग फिजिक्स के अंदर सबसे आसान
- 2:03:18न्यूमेरिकल होते हैं आप कोई भी यूनिट ले
- 2:03:20लो यूनिट वन के न्यूमेरिकल आसान थे यूनिट
- 2:03:22टू के तो बहुत ही आसान थे और यूनिट थ्री
- 2:03:24के भी आसान थे यूनिट थ्री में नंबर ऑफ
- 2:03:26न्यूमेरिकल्स ज्यादा है लेकिन आसान थे और
- 2:03:28अगर मुझसे कोई पूछे कि सबसे आसान
- 2:03:31न्यूमेरिकल किसके हैं तो देखो सबसे आसान
- 2:03:34न्यूमेरिकल ये जो हमारी लास्ट की दो यूनिट
- 2:03:36है ना इन्हीं के हैं खास कर के यहां पर
- 2:03:38फाइबर ऑप्टिक्स के न्यूमेरिकल बहुत ही
- 2:03:40ज्यादा आसान है अभी तक मैं आपको सात
- 2:03:41न्यूमेरिकल करा चुका हूं तीन और कराऊंगा
- 2:03:43और आप देख लेना बाकी के तीन भी उतने ही
- 2:03:46आसान है जैसे स्टार्टिंग के सेवन थे नाउ
- 2:03:50इफ प एंड पन आर द पावर ऑफ ऑप्टिकल सिग्नल
- 2:03:53एट इनपुट एंड आउटपुट एंड ऑफ द फाइबर केबल
- 2:03:55हैविंग लेंथ एल देखिए इसका मतलब क्या है
- 2:03:58मान लीजिए ये हमारे पास एक फाइबर का केबल
- 2:04:01है जिसकी लेंथ है एल कितनी लेंथ है एल
- 2:04:05इसके अंदर जब हमने लाइट को सेंड किया तो
- 2:04:08इस पॉइंट पर यानी कि स्टार्टिंग में जो
- 2:04:10हमारी लाइट थी उस लाइट की जो पावर थी
- 2:04:12इंटेंसिटी ऑफ पावर यानी कि स्टार्टिंग में
- 2:04:16कितनी पावर थी p हमने मान लिया कि प आई और
- 2:04:19जब ये लाइट इस ऑप्टिकल फाइबर से बाहर
- 2:04:21निकली तो इसकी पावर थी p
- 2:04:24न सीधी सी बात है प की वैल्यू ज्यादा होगी
- 2:04:26p न की वैल्यू कम होगी है ना क्योंकि बीच
- 2:04:29में पावर का क्या हुआ होगा लॉस हुआ होगा
- 2:04:32तो वही यहां पर लिखा है कि इफ प एंड p न
- 2:04:34आर द पावर ऑफ द ऑप्टिकल सिग्नल एट इनपुट
- 2:04:36एंड आउटपुट एंड ऑफ द फाइबर केबल हैविंग
- 2:04:39लेंथ l देन एडनेट लॉस पर यूनिट लेंथ इज
- 2:04:43गिवन बाय अब यहां पर ध्यान देना एटिन लॉस
- 2:04:46पर यूनिट लेंथ तो यहां पर जो हम एटिन
- 2:04:49कैलकुलेट करते हैं वो पर यूनिट लेंथ
- 2:04:51कैलकुलेट करते हैं ध्यान दीजिएगा एशन लॉस
- 2:04:54पर यूनिट लेंथ जिसको हम रिप्रेजेंट करते
- 2:04:56हैं अल्फा से और इसका यह फार्मूला नीचे
- 2:04:59लिखा है जो आपको याद रखना है क्योंकि इसी
- 2:05:01फार्मूले के ऊपर बेस्ड हमारे आगे के सारे
- 2:05:04न्यूमेरिकल है क्या है यह फार्मूला देखो
- 2:05:06अल्फा क्या है एनेशन लॉस पर यूनिट लेंथ
- 2:05:10माइनस 10 अप एलग 10 अब यहां पर ध्यान देना
- 2:05:14यह नेचुरल लग नहीं है देखो लग दो तरीके के
- 2:05:17होते हैं एक होता है नेचुरल
- 2:05:19लॉग एक होता है नेचुरल लॉग जिसके बेस में
- 2:05:23होता है e और एक होता है कॉमन लॉग जिसके
- 2:05:26बेस में हम लिखते हैं t यानी कि लॉग 10
- 2:05:28एक्चुअल में ये ये कॉमन लग की कैटेगरी में
- 2:05:31आता है तो एक होता है ये नेचुरल लॉग है और
- 2:05:33ये आपका कॉमन लॉग की कैटेगरी में आता है
- 2:05:35लॉग टू द बेस 10 और इसका लॉग टू द बेस
- 2:05:38क्या है e है तो यहां पर ध्यान रखना यहां
- 2:05:40पर लॉग टू द बेस 10 है और आप कैलकुलेटर
- 2:05:43में जब आप कैलकुलेटर में देखेंगे तो आपको
- 2:05:46एक बटन के ऊपर लिखा होगा लॉग तो एक्चुअल
- 2:05:48में वो लॉग टू द बेस 10 है और नेचुरल लॉग
- 2:05:52जहां पर होगा वहां पर एन लिखा होगा बात
- 2:05:54समझ में आ रही है तो इस चीज का भी आपको
- 2:05:56ध्यान रखना है स्टूडेंट न्यूमेरिकल में
- 2:05:57जल्दबाजी में गलती कर देते हैं तो ये लॉग
- 2:06:00टू द बेस 10 है p न अप प अब यहां पर माइनस
- 2:06:03साइन क्यों आ रहा है माइनस साइन इसलिए आ
- 2:06:05रहा है क्योंकि ये लॉस है तो लॉस होगा तो
- 2:06:07नेगेटिव होगा इसलिए यहां पर माइनस साइन
- 2:06:09लगा हुआ है है ना अब हमें क्या करना है इस
- 2:06:13अल्फा की वैल्यू को अब इच्छा देखो यहां पर
- 2:06:16माइनस साइन जरूर लगा है लेकिन अल्फा की
- 2:06:17वैल्यू पॉजिटिव आएगी क्यों क्योंकि जब आप
- 2:06:19ये लॉग कैलकुलेट करोगे ना तो इसकी वैल्यू
- 2:06:22भी नेगेटिव आएगी नेगेटिव नेगेटिव क्या बन
- 2:06:24जाएगा पॉजिटिव बन जाएगा और इस माइनस साइन
- 2:06:27को आप हटा भी सकते हैं माइनस को हटाएंगे
- 2:06:29तो प ऊपर चला जाएगा प न नीचे चला जाएगा
- 2:06:31क्योंकि लॉग की प्रॉपर्टी है आप जानते हैं
- 2:06:33लेकिन हमें तो इसी फॉर्मूले का यूज करना
- 2:06:35है नीचे वाले का नहीं करेंगे इसी का
- 2:06:36करेंगे कर सकते हैं इसका भी आप चाहे दो
- 2:06:38नाउ यूनिट ऑफ एनेशन ये बहुत इंपॉर्टेंट है
- 2:06:41एनेशन की यूनिट क्या है तो इट इज मेजर्ड
- 2:06:43इन डेसीबल पर किलोमीटर ये डेसीबल पर
- 2:06:47किलोमीटर की टर्म्स में मेजर करते हैं तो
- 2:06:49एनेशन को आप हमेशा डेसीबल पर किलोमीटर की
- 2:06:54यूनिट में ही क्या करेंगे कैलकुलेट करेंगे
- 2:06:56अब ये तो हो गया हमारे पास कि भाई व्हाट
- 2:06:59इज एटन लेकिन यहां पर अभी हमें एटन के
- 2:07:03कॉसेस भी पढ़ने हैं यानी कि अभी एटिन
- 2:07:06कंप्लीट नहीं हुआ हमें एटिने के कॉसेस भी
- 2:07:08पढ़ने हैं और उसके बाद हमें डिस्पर्शन भी
- 2:07:10पढ़ना है लेकिन एडमनेशन के कॉज पढ़ने से
- 2:07:13पहले और डिस्पर्शन को पढ़ने से पहले हम इस
- 2:07:16फार्मूले के ऊपर बेस्ड न्यूमेरिकल्स कर
- 2:07:19लेते हैं बहुत ही सिंपल न्यूमेरिकल है तो
- 2:07:20जल्दी से मैं मैं यहां पर आपको दो तीन
- 2:07:22न्यूमेरिकल बता देता हूं कैसे करने बहुत
- 2:07:24ही आसान है देखो कैलकुलेट द फाइबर लॉस
- 2:07:27आपको फाइबर लॉस निकालना है मतलब फाइबर लॉस
- 2:07:29निकालने का मतलब है आपको अल्फा निकालना है
- 2:07:31एनेशन लॉस क्लियर है थ्रू द ऑप्टिकल फाइबर
- 2:07:35व्हेन द मीन ऑप्टिकल पावर लच इनटू ए 5
- 2:07:39किलोमीटर फाइबर देखो इसका मतलब क्या है
- 2:07:41थ्रू व्हेन द मीन ऑप्टिकल पावर लंच लंच
- 2:07:44मतलब जिस पॉइंट पर लाइट को एंटर कराया गया
- 2:07:47है इनटू ए 5 किलोमीटर लेंथ ऑफ फाइबर फाइबर
- 2:07:51की लेंथ कितनी है 5 किलोमीटर है फाइबर की
- 2:07:53लेंथ कितनी है 5 किलोमीटर है भाई एक शहर
- 2:07:56से दूसरे शहर में जा रहा होगा या शहर से
- 2:07:57गांव में जा रहा होगा है ना 5 किलोमीटर है
- 2:08:01इज 120 * 10 रे की पावर माइन 6 वाट इसका
- 2:08:04मतलब ये क्या गिवन है आपको ये आपको इनपुट
- 2:08:06पावर गिवन है देखो आपको फाइबर की लेंथ
- 2:08:08गिवन है कैपिटल एल ध्यान देना यहां पर जो
- 2:08:11कैपिटल एल है वो फाइबर की लेंथ है अल्फा
- 2:08:14लॉस है यह इनपुट पावर है य सॉ ये इनपुट
- 2:08:17पावर है और वो आउटपुट पावर है तो यह हमारा
- 2:08:20हो गया इनपुट पावर ये हमारी हो गई आउटपुट
- 2:08:23पावर दोनों हमें दिया है एल भी हमें दिया
- 2:08:24है सीधा-सीधा आपको क्या निकालना है फाइबर
- 2:08:27लॉस निकालना है यानी कि टोने निकालना है
- 2:08:29किसमें डेसीबल पर किलोमीटर में तो कुछ
- 2:08:32नहीं करना सीधे यहां पर देखो मैंने
- 2:08:33फार्मूला लिख दिया अब यहां पर वैल्यू पुट
- 2:08:35करो एल कितना है एल है फाइव अच्छा यहां पर
- 2:08:37ए की वैल्यू किलोमीटर में ही रखनी है
- 2:08:38ध्यान रखना क्यों क्योंकि हमारी जो एटिने
- 2:08:41की यूनिट है वो किलो डेसीबल पर किलोमीटर
- 2:08:44है तो आप यहां पर लेंथ को किलोमीटर में
- 2:08:47रखेंगे अगर नहीं भी गिवन किलोमीटर में तो
- 2:08:49पहले किलोमीटर में कन्वर्ट करेंगे नाउ लॉग
- 2:08:52टू द बेस 10 यहां पर दोनों की वैल्यू
- 2:08:54मैंने पुट कर दी अब यहां पर आप देख सकते
- 2:08:56हैं 10 की पावर 6 से 10 की पावर 6 कैंसिल
- 2:08:58हो जाएगा 4 से ये 30 टाइम कैंसिल हो जाएगा
- 2:09:01तो ये 1 अप 30 आ गया अब आपको कुछ नहीं
- 2:09:03करना अपने कैलकुलेटर को उठाना है और यहां
- 2:09:06से लॉग टू द बेस 10 1 अप 30 को फाइंड आउट
- 2:09:09कर लेना है कैलकुलेटर में लग टू द बेस 10
- 2:09:12को निकालने के लिए आपके पास ऑप्शन होता है
- 2:09:15तो सीधे कैलकुलेटर में ये वैल्यू एंटर
- 2:09:17करेंगे और आपको आंसर मिल जाएगा अल्फा और
- 2:09:19यह हमारा फाइनल आंसर है
- 2:09:22तो कुछ नहीं करना अगर आपको फार्मूला याद
- 2:09:24है तो उसमें वैल्यू पुट करनी है और
- 2:09:25कैलकुलेटर से आंसर निकाल देना है नाउ
- 2:09:27क्वेश्चन नंबर टू ए कम्युनिकेशन सिस्टम
- 2:09:30यूस ए 10 किमी फाइबर अब यहां पर फाइबर की
- 2:09:32लेंथ 10 किमी है यानी कि एल हमारे पास 10
- 2:09:35किमी है हैविंग ए लॉस अब आपको यहां पर लॉस
- 2:09:38दे रखा है यानी कि एटन आपको गिवन है अल्फा
- 2:09:40की वैल्यू आपको गिवन है 2.5 डेसीबल पर
- 2:09:44किलोमीटर कंप्यूट द आउटपुट पावर आपको
- 2:09:46आउटपुट पावर निकालनी है और इनपुट पावर
- 2:09:48आपको गिवन है इनपुट पावर गिवन है 500
- 2:09:51माइक्रो वट अब इसको वट में कन्वर्ट करने
- 2:09:54की जरूरत आपको नहीं है क्योंकि आपको
- 2:09:55आउटपुट पावर निकालनी है तो अगर आपकी इनपुट
- 2:09:58पावर माइक्रो वट में है तो आउटपुट पावर भी
- 2:10:00माइक्रो वट में ही आएगी तो इसलिए यूनिट
- 2:10:02कन्वर्ज यहां नहीं करना पड़ेगा आपको अब
- 2:10:04यहां पर सीधे-सीधे हमने फार्मूला लगाया
- 2:10:06वैल्यू पुट की इस बार अल्फा गिवन है एल
- 2:10:08हमें गिवन है और इनपुट पावर गिवन है तो
- 2:10:11इसको सिंपलीफाई करो 10 से 10 कट गया माइनस
- 2:10:13इधर आ जाएगा तो ये मैंने इधर लिख दिया और
- 2:10:16ये इधर लिख दिया -2.5 अब यहां पर देखो अब
- 2:10:19यहां पर आपके पास दो ऑप्शन है यहां से आगे
- 2:10:22आप दो तरीके से कर सकते हैं क्या दो तरीके
- 2:10:23हैं एक तरीका तो यह है कि आप यहां पर देखो
- 2:10:26इस लॉग को जब आप इधर लेकर जाएंगे अगर आप
- 2:10:29इस लॉग को उधर ले जाते हैं तो ये लॉग का
- 2:10:32एंटीलॉग बन जाएगा तो अगर आप -2.5 का आप
- 2:10:35एंटीलॉग निकाल लीजिए एंटीलॉग का भी आपके
- 2:10:38कैलकुलेटर में एंटीलॉग निकालने के लिए
- 2:10:40ऑप्शन रहता है देखो आप एक जगह देखना एक
- 2:10:43बटन पे नीचे लिखा गा 10 की पावर x तो वो
- 2:10:46एक्चुअल में एंटीलॉग है तो अगर आप 10 की
- 2:10:49पावर x वाला जो बटन अगर आप उसको प्रेस
- 2:10:52करेंगे और उसके बाद आप -2.5 एंटर कर देंगे
- 2:10:55तो आपको सीधे-सीधे
- 2:10:57सीधे-सीधे क्या मिल जाएगा एंटीलॉग - 2.5
- 2:11:01की वैल्यू मिल जाएगी एक तरीका तो ये है
- 2:11:03दूसरा तरीका ये है कि यहां से आप इस लॉग
- 2:11:06टू द बेस 10 को हटा दो और ये जो बेस इसका
- 2:11:0910 है बेस की पावर 2.5 कर दो ये एक्चुअल
- 2:11:12में लॉग का फार्मूला होता है देखिए लॉग का
- 2:11:13आपने ये फार्मूले पढ़े होंगे नोट कर लीजिए
- 2:11:16अगर नहीं पढ़े लॉग टू द बेस e इक्वल टू
- 2:11:18अगर a लिखा है तो आप इसको x इक्ट e टू द
- 2:11:23पावर a लिख सकते हैं ये हमारा फार्मूला
- 2:11:25होता है लॉग का इसी को मैंने यहां पर यूज
- 2:11:26कर दिया मैंने क्या किया यहां पर इसको लॉग
- 2:11:30को उटा दिया और 10 की पावर में - 2.5 लिख
- 2:11:32दिया अब इधर इतना बचा बात समझ में आ रही
- 2:11:35है और बाकी दूसरा ऑप्शन अगर आपको फार्मूला
- 2:11:37याद नहीं है तो कोई दिक्कत नहीं है बिना
- 2:11:39फार्मूले के काम हो जाएगा आपके कैलकुलेटर
- 2:11:42में डायरेक्ट आप इसको उठा कर के इधर ले
- 2:11:44जाओ जब ये इधर से इधर जाएगा तो एंटीलॉग बन
- 2:11:47जाएगा और एंटीलॉग आप डायरेक्ट कैलकुलेटर
- 2:11:49से निकाल सकते हैं
- 2:11:51तो आपके पास p अप 500 की वैल्यू ये आ
- 2:11:53जाएगी उसके बाद ये 500 उधर जाके
- 2:11:55मल्टीप्लाई हो जाएगा कैलकुलेटर से इसको
- 2:11:57डायरेक्ट निकाल दीजिए आंसर आपके पास आ
- 2:11:58जाएगा अच्छा यहां पर आप सोचेंगे सर हमारा
- 2:12:01तो लॉग 10 है आपने e लिखा अगर मैं यहां पर
- 2:12:04इसमें 10 लिख दूं तो ये 10 की पावर ए हो
- 2:12:06जाएगा इतना अंतर आएगा
- 2:12:09बस चलिए तो यह न्यूमेरिकल भी हमारा
- 2:12:12कंप्लीट हुआ एक और न्यूमेरिकल कर लेते हैं
- 2:12:14लास्ट न्यूमेरिकल एन ऑप्टिकल फाइबर लूजस
- 2:12:1715 पर ऑफ इट्स पावर आफ्टर ट्रेवलिंग 0.5
- 2:12:20किमी थ्रू द फाइबर मतलब इसमें ये कहा जा
- 2:12:22रहा है कि एक ऑप्टिकल फाइबर है जो कि अपनी
- 2:12:2515 पर पावर को लॉस कर देता है 0.5 किमी के
- 2:12:30डिस्टेंस पर ही इसका मतलब ए हमें 0.5 दिया
- 2:12:32है है ना और अब यहां पर ध्यान दो 50 पर
- 2:12:36पावर क्या हो जाती
- 2:12:38है एन ऑप्टिकल फाइबर लूजस 15 पर ऑफ इट्स
- 2:12:42पावर देखो सीधी सी बात है अगर कोई फाइबर
- 2:12:44अपनी 15 पर पावर को लूज कर देता है तो
- 2:12:47उसके पास कितनी परसेंट पावर बचेगी 85 पर
- 2:12:49बचेगी बात समझ में हमारे कितनी बचेगी 85
- 2:12:52पर इसका मतलब अगर इनपुट पावर p थी तो
- 2:12:56आउटपुट पावर 85 बचेगी भाई 15 पर लॉस हो गई
- 2:13:0085 पर बची तो 85 का मतलब क्या है 85 * p
- 2:13:05तो ये हमारी इनपुट पावर होगी आउटपुट पावर
- 2:13:07हो गई उसके बाद फार्मूला लगा दीजिए और
- 2:13:09वैल्यू को पुट कर दीजिए तो यहां पर देखो p
- 2:13:11से p क्या हो जाएगा कैंसिल आउट हो जाएगा
- 2:13:13तो बचेगा क्या इससे इसको डिवाइड करेंगे तो
- 2:13:15ये -20 आ जाएगा और यहां पर ये 85 आ गया
- 2:13:18लॉग में सीधे कैलकुलेटर से इसको कैलकुलेट
- 2:13:20करिए और अल्फा आपके पास आ जाएगा तो इतने
- 2:13:23सिंपल क्वेश्चन है फाइबर ऑप्टिक्स के तो
- 2:13:26मैंने आपको यहां पर टोटल 10 न्यूमेरिकल
- 2:13:28मैं करा चुका हूं फाइबर ऑप्टिक्स में और
- 2:13:30ये 10 बहुत है है ना यहां पर अगर आप इन 10
- 2:13:34न्यूमेरिकल को कर लेते हैं तो कुछ और कोई
- 2:13:36और न्यूमेरिकल आपको करने की जरूरत नहीं
- 2:13:38पड़ेगी ज्यादा से ज्यादा अगर न्यूमेरिकल
- 2:13:41अलग भी आएगा तो केवल डाटा चेंज होगा बाकी
- 2:13:43न्यूमेरिकल ऐसे ही होंगे और हो सकता है कि
- 2:13:45जो 10 न्यूमेरिकल मैंने कराए हैं इन्हीं
- 2:13:47में से कोई न्यूमेरिकल आ जाए तो फाइबर
- 2:13:50ऑप्टस के अंदर जो न्यू मेरिकल थे वो मैं
- 2:13:51करा चुका हं अब आगे कोई न्यूमेरिकल नहीं
- 2:13:53है सिर्फ थोड़ी सी थ्योरी बची है उसको भी
- 2:13:55हम यहां पर आगे समझ लेते हैं तो अब हम
- 2:13:58स्टार्ट करेंगे कॉसेस ऑफ
- 2:14:04एटन देयर आर थ्री मेन कॉसेस फॉर एडनेट
- 2:14:08ध्यान दीजिएगा यहां पर देयर आर थ्री मेन
- 2:14:10कॉसेस व्हिच आर रिस्पांसिबल फॉर एडनेट तीन
- 2:14:14है कौन-कौन से हैं एब्जॉर्ब लॉस स्कैटरिंग
- 2:14:16लॉस बेंडिंग लॉस देखो यहां पर बहुत सिंपल
- 2:14:18तरीके से आपको समझ में भी आ रहा होगा एटन
- 2:14:20का मतलब क्या क्या है पावर लॉस तो पावर
- 2:14:22लॉस कब होगी या क्या रीजन है पावर लॉस के
- 2:14:25तो पहला रीजन क्या है अब्जॉर्प्शन लॉस
- 2:14:27यानी कि जो ऑप्टिकल फाइबर है वो ऑप्टिकल
- 2:14:30फाइबर कुछ लाइट को क्या कर सकता है
- 2:14:32एब्जॉर्ब कर सकता है तो एब्जॉर्ब लाइट के
- 2:14:34एब्जॉर्ब होने की वजह से यहां पर लॉस हो
- 2:14:37सकता है बात समझ में आ रही देखो यहां पर
- 2:14:40अंदर टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन होता है
- 2:14:42लेकिन अब्जॉर्प्शन तो हो सकता है ना तो
- 2:14:45अगर एब्जॉर्ब होगा तो यहां पर हमारा एटिने
- 2:14:48लॉस होगा यानी कि यहां पर एटिने होगा अब
- 2:14:51यहां पर देखो जो अब्जॉर्प्शन है ना वो
- 2:14:53बहुत कम होता है ऑप्टिकल फाइबर में लेकिन
- 2:14:55फिर भी जीरो तो कोई भी चीज नहीं हो सकती
- 2:14:57ना कुछ ना कुछ तो होगा भले ही वो कितना भी
- 2:14:59कम हो थोड़ा बहुत अब्जॉर्प्शन होगा जिसकी
- 2:15:02वजह से यहां पर लॉस होगा दूसरा स्कैटरिंग
- 2:15:04लॉस मतलब हमारी जो लाइट है वो ऑप्टिकल
- 2:15:07फाइबर के अंदर स्कैटर्ड हो सकती है अब
- 2:15:09स्कैटर्ड होने के बहुत सारे रीजन है जिसको
- 2:15:11हम अभी आगे चलके पढ़ेंगे और थर्ड यहां पर
- 2:15:14रीजन है बेंडिंग लॉस अगर आप ऑप्टिकल फाइबर
- 2:15:16को बहुत ज्यादा बेंड करेंगे तो उससे भी
- 2:15:18वहां पर लॉसेस क्या हो जाएंगे बढ़ जाएंगे
- 2:15:21तो यह तीन तरह के लॉस हैं इन तीनों को
- 2:15:23हमें डिटेल में पढ़ना है तो पहला लॉस की
- 2:15:25बात करते हैं अब्जॉर्प्शन लॉस तो देखो
- 2:15:27अब्जॉर्प्शन लॉस इस पॉइंट को ध्यान से
- 2:15:29देखिए द अब्जॉर्प्शन लॉस इन ऑप्टिकल फाइबर
- 2:15:31इज ड्यू टू द फॉलोइंग रीजन तीन रीजन होते
- 2:15:33हैं अब्जॉर्प्शन लॉस के पहला इंट्रिसिक
- 2:15:36अब्जॉर्प्शन दूसरा एक्ट्रिस अब्जॉर्प्शन
- 2:15:38और थर्ड इंपरफेक्शन इन द एटॉमिक स्ट्रक्चर
- 2:15:41ऑफ द फाइबर मटेरियल इनका मतलब क्या वो मैं
- 2:15:43आपको समझा देता हूं देखिए इंट्रिसिक
- 2:15:45अब्जॉर्प्शन का मतलब है कि जो जिस मटेरियल
- 2:15:48से ग्लास बना है यानी कि जो हमारा कोर है
- 2:15:51मेन पार्ट क्या हमारा कोर है तो कोर का जो
- 2:15:54मटेरियल है ग्लास कोर का जो बेस मटेरियल
- 2:15:57है वो जो कोर का बेस मटेरियल है अगर वो
- 2:15:59लाइट को एब्जॉर्ब करता है तो उसको हम कहते
- 2:16:02हैं इंट्रिसिक अब्जॉर्प्शन यानी के कोर का
- 2:16:05या फाइबर का जो बेस मटेरियल है जिससे कोर
- 2:16:08बना है वो लाइट को जो उसको वो अगर लाइट को
- 2:16:11एजॉर्ब करता है तो उसको कहते हैं
- 2:16:13इंट्रिसिक
- 2:16:14अब्जॉर्प्शन अच्छा अब जिस मटेरियल से कोर
- 2:16:17बना है उस मटेरियल के अंदर कुछ ना कुछ
- 2:16:20इंप्योरिटी भी भी होंगी ऐसा हो ही नहीं
- 2:16:22सकता कि इंप्योरिटी ना हो तो इसका मतलब जो
- 2:16:25हमारा कोर है उसका जो मटेरियल है ग्लास
- 2:16:28उसके अंदर कुछ इंप्योरिटी भी होंगी तो वो
- 2:16:30इंप्योरिटी भी लाइट को क्या कर सकती है
- 2:16:32एब्जॉर्ब कर सकती है तो अगर इंप्योरिटी
- 2:16:34लाइट को एब्जॉर्ब करती है तो उसको कहते
- 2:16:36हैं एक्सटिन सिक अब्जॉर्प्शन और थर्ड
- 2:16:39इंपोर्टेंट पॉइंट यहां पर जो हमारा कोर है
- 2:16:42उसका जो मटेरियल है उसके अंदर कुछ डिफेक्ट
- 2:16:45भी हो सकते हैं भाई मटेरियल के अंदर
- 2:16:47डिफेक्ट भी होते हैं कोई भी आप चीज ऐसी
- 2:16:49नहीं बना सकते जिसके अंदर कोई भी डिफेक्ट
- 2:16:51ना हो तो अंदर एटॉमिक डिफेक्ट होते हैं तो
- 2:16:54जहां पर एटॉमिक डिफेक्ट का मतलब है कि कुछ
- 2:16:56प्लेसेस ऐसे होंगे जहां पर मॉलिक्यूल क्या
- 2:16:58होंगे मिसिंग होंगे यानी कि वहां पर स्पेस
- 2:17:01क्या होगा वेकेंट होगा खाली होगा तो वो
- 2:17:03स्पेस भी लाइट को एब्जॉर्ब कर सकता है तो
- 2:17:06यहां पर आपने देखा कि तीन तरह के
- 2:17:07अब्जॉर्प्शन होते हैं इंट्रिसिक एक्ट्रिस
- 2:17:10और एटॉमिक ये ये जो अब्जॉर्प्शन है ये
- 2:17:13अब्जॉर्प्शन है ड्यू टू एटॉमिक डिफेक्ट या
- 2:17:15फिर इंपरफेक्शन इन द एटॉमिक स्ट्रक्चर
- 2:17:18बोलो बात समझ में आ रही है तो देखो उसी
- 2:17:20चीज को यहां पर लिखा है कि द अब्जॉर्प्शन
- 2:17:22ऑफ लाइट बाय द कोर मटेरियल एंड
- 2:17:24इंप्योरिटीज प्रेजेंट इन द कोर मटेरियल ऑफ
- 2:17:26ए फाइबर ड्यूरिंग द वेव प्रोपेगेशन इज द
- 2:17:29मेन सोर्स ऑफ एटिने यानी कि ये जो
- 2:17:31एब्जॉर्ब है ना इसकी वजह से एटिने होता है
- 2:17:34यह मेन सोर्स है एटिने का द अब्जॉर्प्शन
- 2:17:37अब ये मैंने आप दिस टाइप ऑफ ऑप्टिकल एनेशन
- 2:17:40अराइज ड्यू टू द कन्वर्जन ऑफ ऑप्टिकल पावर
- 2:17:42इनटू हीट अब देखो सीधी सी बात है अगर
- 2:17:45ग्लास का जो हमारा जो कोर है उसका जो
- 2:17:47मटेरियल है ग्लास या उसमें जो इंप्योरिटी
- 2:17:49है या उसमें जो जो डिफेक्ट है अगर वहां पर
- 2:17:52लाइट एब्जॉर्ब होगी तो सीधी सी बात है
- 2:17:54लाइट एब्जॉर्ब होगी तो उसका टेंपरेचर
- 2:17:56बढ़ेगा टेंपरेचर बढ़ेगा तो क्या होगा वहां
- 2:17:58से हीट लॉस होगा तो यहां पर यह जो
- 2:18:01अब्जॉर्प्शन लॉस है ये एक्चुअल में हीट
- 2:18:03लॉस की वजह से होता है क्लियर है मतलब
- 2:18:05यहां पर इसमें हीट लॉस होता है अब यहां पर
- 2:18:08ये इंट्रिसिक एक्स्ट्रिसिक और इंपरफेक्शन
- 2:18:10को तीनों को मैंने यहां पर एक्सप्लेन किया
- 2:18:12जो मैंने आपको बताया देखो पहला क्या है
- 2:18:14इंट्रिसिक अब्जॉर्प्शन तो इसमें क्या होता
- 2:18:16है इसमें इफ एन ऑप्टिकल फाइबर वर
- 2:18:19अब्सोल्युटली प्योर अग कोई ऑप्टिकल फाइबर
- 2:18:21है यानी कि जो कोर की हम बात कर रहे हैं
- 2:18:23अगर वो एकदम प्योर है मतलब उसमें कोई
- 2:18:25इंप्योरिटी नहीं है कोई इंपरफेक्शन नहीं
- 2:18:27है केवल कोर है तो सीधी सी बात है यहां पर
- 2:18:30जो लाइट का अब्जॉर्प्शन होगा वो कोर के
- 2:18:33मटेरियल से ही होगा तो ये कैसा
- 2:18:35अब्जॉर्प्शन हो गया इंट्रिसिक तो
- 2:18:37इंट्रिसिक अब्जॉर्प्शन तब होता है जब
- 2:18:39फाइबर का जो मटेरियल होता है वो लाइट को
- 2:18:42अब्जॉर्ब कर ले उसके बाद है एक्ट्रिस
- 2:18:44ऑब्जर्वेशन ये कब होगा जब उसको जो हमारा
- 2:18:48फाइबर जिस मटेरियल से फाइबर बना है उसके
- 2:18:50अंदर कुछ इंप्योरिटी आ जाए और वो
- 2:18:52इंप्योरिटी लाइट को अब्जॉर्ब कर ले तो
- 2:18:54उसको हम कहते हैं एक्सटेंस अब्जॉर्प्शन
- 2:18:56देखो वही लिखा है द अब्जॉर्प्शन ऑफ लाइट
- 2:18:58बाय द इंप्योरिटीज प्रेजेंट इन द फाइबर
- 2:19:00मटेरियल और ये इंप्योरिटीज दो टाइप की हो
- 2:19:03सकती है एक होती है ट्रांजिशन मेटल
- 2:19:05इंप्योरिटीज आप जानते हैं ट्रांजिशन मेटल
- 2:19:07कौन से होते हैं जो पीरियोडिक टेबल में जो
- 2:19:09एकदम सेंटर में जो एलिमेंट होते हैं उनको
- 2:19:10हम ट्रांजीशन एलिमेंट कहते हैं पीरियोडिक
- 2:19:12टेबल शायद आप लोगों को याद होगी आप लोग
- 2:19:14पढ़े होंगे केमिस्ट्री में तो दो तरह के
- 2:19:16यहां पर हमारे पास होती है इंप्योरिटी एक
- 2:19:18होती है ट्रांजिशन मेटल इंप्योरिटी लाइक
- 2:19:20कोबाल्ट मैगनीज क्रोमियम यह सब आ जाते हैं
- 2:19:22तो ये इंप्योरिटी है ये लाइट को क्या कर
- 2:19:24लेते हैं अब्जॉर्ब कर लेते हैं दूसरा
- 2:19:27हाइड्रोक्साइड रेडिकल आयन हाइड्रोक्सी
- 2:19:30रेडिकल आयन मतलब ओ नेगेटिव आयन ये भी एक
- 2:19:32इंप्योरिटी है जो कि फाइबर के अंदर आ जाती
- 2:19:34है और ये जो इंप्योरिटी हाइड्रोक्सी आयन
- 2:19:37की ये मेन रीजन है अब्जॉर्प्शन लॉस का द
- 2:19:40लार्जेस्ट अब्जॉर्प्शन लॉस इज कॉज्ड बाय ओ
- 2:19:43नेगेटिव आयन तो सबसे ज्यादा अब्जॉर्प्शन
- 2:19:45लॉस इसी की वजह से होता है ओ नेगेटिव आयन
- 2:19:48लाइट को बहुत तेजी से एब्जॉर्ब करता है
- 2:19:49बात समझ में गई तो मेरे ख्याल से ये आपको
- 2:19:52क्लियर हो गया होगा नाउ इंपरफेक्शन यानी
- 2:19:54कि लॉस ड्यू टू एटॉमिक डिफेक्ट तो
- 2:19:57अब्जॉर्प्शन लॉसेस आर आल्सो अकर ड्यू टू द
- 2:19:59एटॉमिक डिफेक्ट इन द ग्लास कंपोजीशन लाइक
- 2:20:02मिसिंग मॉलिक्यूल तो अगर आपके ग्लास में
- 2:20:05जो हमारा ग्लास है या हमारा जो ऑप्टिकल
- 2:20:06फाइबर है अगर उसके अंदर कोई डिफेक्ट है
- 2:20:09जैसे कि कोई मॉलिक्यूल अगर मिसिंग है तो
- 2:20:11वहां पर लाइट क्या हो जाती है अब्जॉर्ब हो
- 2:20:12जाती है तो मेरे ख्याल से यह बहुत ही
- 2:20:14सिंपल लैंग्वेज में मैंने लिखा है आपको
- 2:20:16समझ में आ गया होगा एक बार पढ़ेंगे तो और
- 2:20:18अच्छे से क्लियर हो जाएगा नाउ स् कैटरिंग
- 2:20:20लॉस अब देखो स्कैटरिंग लॉस कैसे होगा जो
- 2:20:23हमारा ग्लास जो हमारा फाइबर है है ना
- 2:20:26ऑप्टिकल फाइबर है तो उसके मैन्युफैक्चरिंग
- 2:20:28के समय जब उसके कोर को और
- 2:20:36कलडियम जो है वो क्रिएट हो जाते हैं यानी
- 2:20:38कि मटेरियल में कहीं पर किसी पॉइंट पर
- 2:20:40डेंसिटी थोड़ा सा ज्यादा हो जाती है कहीं
- 2:20:42पर डेंसिटी थोड़ा कम रह जाती है कुछ
- 2:20:43पर्टिकुलर पॉइंट पर ऐसा हो जाता है यानी
- 2:20:46कि हाई डेंसिटी और लो डेंसिटी के कुछ
- 2:20:48पॉइंट क्रिएट हो जाते हैं और ये जो हाई और
- 2:20:50लो डेंसिटी के जो पॉइंट्स है या कुछ
- 2:20:52इंप्योरिटी अंदर ट्रैप होती है
- 2:20:54इंप्योरिटीज भी अंदर रहती हैं तो ये जो
- 2:20:57आपके लो डेंसिटी हाई डेंसिटी के पॉइंट्स
- 2:20:59हैं या कुछ इंप्योरिटी है तो वहां पर
- 2:21:01एक्चुअल में क्या होता है कई बार लाइट
- 2:21:03स्कैटर्ड हो जाती है क्या हो जाती है लाइट
- 2:21:06स्कैटर्ड हो जाती है और स्कैटरिंग की वजह
- 2:21:08से वहां पर होता है स्कैटरिंग लॉस तो देखो
- 2:21:10वही चीज यहां पर लिखी है दिस इज द सेकंड
- 2:21:12मेन रीजन ऑफ सिग्नल एनेशन इन फाइबर
- 2:21:15ड्यूरिंग द मैन्युफैक्चरिंग ऑफ फाइबर है
- 2:21:17ना ड्यूरिंग द मैन्युफैक्चरिंग ऑफ फाइबर
- 2:21:19रीजन ऑफ हायर लोअर मॉलिक्यूलर डेंसिटीज आर
- 2:21:23क्रिएटेडटेड फ्रोजन इन द ग्लास भाई एक तो
- 2:21:26लोअर हाई डेंसिटी के पॉइंट क्रिएट हो जाते
- 2:21:28हैं कुछ इंप्योरिटी अंदर जम जाती हैं और
- 2:21:31जिसकी वजह से दिस बिकम ए सोर्स ऑफ
- 2:21:33स्कैटरिंग ऑफ लाइट पासिंग थ्रू द ग्लास और
- 2:21:36इन्हीं पॉइंट पर क्या होती है लाइट हमारी
- 2:21:38स्कैटर्ड हो जाती है और जब लाइट स्कैटर्ड
- 2:21:40होगी तो हमारी जो इंफॉर्मेशन है वो प्रॉपर
- 2:21:43वे में कन्वे नहीं हो पाएगी यानी कि हमारी
- 2:21:45इंफॉर्मेशन लॉस
- 2:21:46होगी तो दिस रिजल्ट इन लॉस ऑफ ऑप्टिकल
- 2:21:49पावर इसका मतलब हमारी यहां पर ऑप्टिकल
- 2:21:51पावर क्या हो रही है लॉस हो रही है अब ये
- 2:21:54ये जो स्कैटरिंग लॉस है ये भी अगर तीन-चार
- 2:21:56टाइप के लॉस होते हैं लेकिन यहां पर सबको
- 2:21:58मैं डिटेल में एक्सप्लेन नहीं कर रहा हूं
- 2:21:59जरूरत भी नहीं है उतना ज्यादा बस आपको
- 2:22:02यहां पर एक टाइप का लॉस मैंने लिखा है
- 2:22:03जिसको हम कहते हैं इट हैज बीन ऑब्जर्व दैट
- 2:22:06रिले स्कैटरिंग लॉस इसी तरह से चार तरह के
- 2:22:08लॉस होते हैं पर यहां पर एक ही बहुत है
- 2:22:10रिले स्कैटरिंग लॉस इज इन्वर्सली
- 2:22:12प्रोपोर्शनल टू द फोर्थ पावर ऑफ द वेवलेंथ
- 2:22:15ऑफ इंसिडेंट लाइट देखिए यहां पर रेल
- 2:22:17स्कैटरिंग लॉज मतलब ये जो साइंटिस्ट थे
- 2:22:18इन्होंने एक लॉ दिया और इन्होंने बताया कि
- 2:22:21स्कैटरिंग लॉस जो होता है वो वेवलेंथ के
- 2:22:24ऊपर डिपेंड करता है और वेवलेंथ के ऊपर किस
- 2:22:26तरीके से डिपेंड करता है ध्यान दीजिएगा ये
- 2:22:28जो स्कैटरिंग लॉस है इन्वर्सली
- 2:22:30प्रोपोर्शनल होता है वेवलेंथ की पावर फोर
- 2:22:32के यानी कि लडा की पावर फोर अब देखो यहां
- 2:22:35से क्या समझ में आ रहा है अगर वेवलेंथ
- 2:22:37ज्यादा होगी तो स्कैटरिंग लॉस कम होगा और
- 2:22:41वेवलेंथ कम होगी तो स्कैटरिंग लॉस ज्यादा
- 2:22:43होगा क्योंकि इन्वर्सली प्रोपोर्शनल है तो
- 2:22:47इसीलिए जो हम कम्युनिकेशन के लिए जो हम
- 2:22:50लाइट का यूज करते हैं वो हाईयर वेवलेंथ की
- 2:22:52लाइट को यूज किया जाता है लोअर वेवलेंथ की
- 2:22:55लाइट को यूज नहीं किया जाता कम्युनिकेशन
- 2:22:56के लिए देखो लास्ट में वही लिखा है हेंस
- 2:22:59कम्युनिकेशन इज ऑलवेज
- 2:23:00अवॉइडेबल रीजन सच एज अल्ट्रा वायलेट और
- 2:23:03विजिबल रेंज तो इस रीजन में हम लाइट का
- 2:23:07यूज नहीं करते हैं तो मेरे ख्याल से
- 2:23:09स्कैटरिंग लॉस भी अब आपको समझ में आ गया
- 2:23:10होगा और थर्ड यहां पर है बेंडिंग लॉस ये
- 2:23:14दो टाइप के हैं अगेन माइक्रो बेंडिंग और
- 2:23:16मैक्रो बेंडिंग माइक्रो बेंडिंग मतलब जहां
- 2:23:18पर स्मॉल बेंडिंग होगी और मैक्रो बेंडिंग
- 2:23:20मतलब जहां पर ज्यादा बेंडिंग होगी देखो ये
- 2:23:22क्या माइक्रो बेंडिंग है स्मॉल बेंडिंग और
- 2:23:24यह क्या मैक्रो बेंडिंग है यहां पर बेंड
- 2:23:26ज्यादा हो रहा है तो फाइबर को बेंड करने
- 2:23:29से भी हमारी ऑप्टिकल पावर क्या होती है
- 2:23:31लॉस होती है तो यहां पर अब जरा ध्यान
- 2:23:34देंगे दिस लॉसेस अकर ड्यू टू इंपरफेक्शन
- 2:23:37एंड डिफॉर्मेशन प्रेजेंट इन द फाइबर
- 2:23:39स्ट्रक्चर फाइबर स्ट्रक्चर के अंदर
- 2:23:40डिफॉर्मेशन मतलब बेंडिंग ही है अगर आप
- 2:23:42फाइबर को डिफॉर्म कर देंगे ज्यादा तो वहां
- 2:23:44पर भी क्या होगा कुछ लॉसेस हो सकते हैं
- 2:23:47देखो पहला है माइक्रो बेंडिंग इट इज अ लॉस
- 2:23:50ू स्मल यह बाइंडिंग नहीं है बेंडिंग
- 2:23:55है इट लॉस ड्यू टू स्मॉल बेंडिंग स्मॉल
- 2:24:00बेंडिंग ऑफ
- 2:24:01फाइबर स्मॉल बेंडिंग ऑफ
- 2:24:05फाइबर है ना तो यहां पर जो बेंडिंग है वो
- 2:24:08क्या है स्मॉल है स्मॉल बेंडिंग ऑफ फाइबर
- 2:24:13यह पॉइंट आपको समझ में आ गया होगा आगे
- 2:24:14देखिए ना इन माइक्रो बेंडिंग आदर द कोर और
- 2:24:18क्लंग अंडरगो स्लाइट बैंड एट सफे देखो
- 2:24:20माइक्रो बेंडिंग में क्या होता है जो
- 2:24:22हमारा कोर का सरफेस होता है या क्लेडी का
- 2:24:24जो सरफेस होता है वहां पर हल्का सा बैंड आ
- 2:24:26जाता है और यह बैंड कब आया होगा ये बैंड
- 2:24:29जब फाइबर को बनाया जाता है तो उसी समय ये
- 2:24:31स्मॉल बैंडिंग यानी कि उसी समय छोटे-मोटे
- 2:24:34बैंड वहां पर आ जाते हैं जिसकी वजह से
- 2:24:36हमारा लॉस होता है है ना तो इन माइक्रो
- 2:24:39बेंडिंग दिस टाइप ऑफ बैंड अकर ड्यूरिंग द
- 2:24:41मैन्युफैक्चरिंग ऑफ द फाइबर इट इज आल्सो
- 2:24:44अकर ड्यू टू द मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट
- 2:24:45मतलब ये बैंड मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट की
- 2:24:47वजह से भी आ जाते हैं अगर फाइबर में
- 2:24:49डिफेक्ट है तो वहां पर भी सा क्या होगा
- 2:24:50बेंड होगा तो दिस इज द माइक्रो बेंडिंग
- 2:24:52एक्चुअल में इससे लॉस क्यों होता है इससे
- 2:24:54लॉस इसलिए होता है क्योंकि लाइट का कुछ
- 2:24:56पार्ट कभी-कभी क्या होता है फाइबर के बाहर
- 2:24:58निकल जाता है यानी कि
- 2:25:03क्लैडिस्टिक ये रे कहां आ गई है बाहर हो
- 2:25:06गई रे जो है वो कोर से आउट हो गई है बात
- 2:25:10समझ में आ रही है यहां पर रे बाहर आ चुकी
- 2:25:12है इसकी वजह से लॉस होगा नाउ मैक्रो
- 2:25:15बेंडिंग मतलब आपने फ ये मैक्रो बेंडिंग जो
- 2:25:17लॉस है ये पहले से नहीं है ये
- 2:25:19मैन्युफैक्चरिंग के समय का नहीं है अगर आप
- 2:25:21ऑप्टिकल फाइबर को ज्यादा बैंड कर देंगे तो
- 2:25:24वहां पर भी लाइट के सि लाइट सिग्नल लॉस हो
- 2:25:27जाएंगे इट इज अ लॉस ड्यू टू एक्सेसिव
- 2:25:29बेंडिंग ऑफ द फाइबर मैक्रो बेंडिंग लॉस
- 2:25:31अकर व्हेन रेडियस ऑफ कर्वेचर ऑफ बैंड इज
- 2:25:34ग्रेटर देन द फाइबर डायमीटर भाई फाइबर का
- 2:25:36जो डायमीटर होता है अगर उस फाइबर के
- 2:25:38डायमीटर से ज्यादा आपने ऑप्टिकल फाइबर को
- 2:25:42बेंड कर दिया है ना यानी कि कहने का मतलब
- 2:25:44ये है जो ऑप्टिकल फाइबर होता है उसका जो
- 2:25:46रेडियस होता है अगर आपने फाइबर को बेंड
- 2:25:49करके बैंड इतना ज्यादा बेंड कर दिया कि
- 2:25:52उसका रेडियस ऑप्टिकल फाइबर के रेडियस से
- 2:25:54ज्यादा हो जाएगा तो उस समय मैक्रो बेंडिंग
- 2:25:56होगी यानी कि यहां पर बैंड ज्यादा है
- 2:25:58क्लियर
- 2:25:59है तो मैक्रो बेंडिंग कब होगी समझ में आ
- 2:26:02गया जब आपकी जो रेडियस ऑफ कर्वेचर है वो
- 2:26:05फाइबर के डायमीटर से क्या हो जाएगा ज्यादा
- 2:26:07हो जाएगा तो उस समय क्या होगी मैक्रो
- 2:26:09बेंडिंग होगी और इस केस में भी हमारी लाइट
- 2:26:11रेज जो है वो कोर से बाहर निकल जाती है और
- 2:26:13क्लंग वाले सरफेस पे चली जाती है जिसकी
- 2:26:15वजह से हमारा लाइट सिग्नल का क्या होता है
- 2:26:18लॉस होता है तो यह तो थे हमारे
- 2:26:20एटन के रीजन कॉसेस ऑफ एटन अब दूसरे टाइप
- 2:26:24का जो लॉस है हमारा वो है डिस्पर्शन जहां
- 2:26:26पर लाइट क्या हो जाती है स्प्रेड हो जाती
- 2:26:27है है ना डिस्पर्शन तो व्हाट इज डिस्पर्स
- 2:26:30डिस्पर्शन इज डिफाइंड एज द सिग्नल ब्रॉड
- 2:26:32निंग और स्प्रेडिंग वाइल इट प्रोपागेट
- 2:26:35इनसाइड द फाइबर तो जब लाइट फाइबर के अंदर
- 2:26:37प्रोपेगेटर है तो फाइबर के अंदर लाइट क्या
- 2:26:40हो जाती है स्प्रेड हो जाती है या ब्रॉड
- 2:26:41निंग हो जाती है है ना अब यह होती क्यों
- 2:26:43है इसका रीजन क्या है लाइट के स्प्रेड
- 2:26:46होने का क्या रीजन है लाइट के फैलने का
- 2:26:48क्या रीजन है तो देखो रीजन लिखा है पॉइंट
- 2:26:50नंबर टू में डिस्पर्शन अकर बिकॉज़ ऑफ द
- 2:26:53फैक्ट दैट डिफरेंट रेज एक्साइटेड एट द
- 2:26:57इनपुट एंड एट वन टाइम मतलब क्या है कि
- 2:27:00हमारा जो ऑप्टिकल फाइबर है उसका जो इनपुट
- 2:27:03एंड है इनपुट एंड पर जो हमारी रेज हैं वो
- 2:27:06एंटर करती हैं तो बहुत सारी रेज सेम टाइम
- 2:27:09पर एंटर करती हैं सेम टाइम पर क्या करती
- 2:27:11हैं एंटर करती हैं तो डिस्पर्शन अकर
- 2:27:14बिकॉज़ ऑफ द फैक्ट दैट डिफरेंट रेज
- 2:27:16एक्साइटेड एट द इनपुट एंड एट वन टाइम
- 2:27:20आफ्टर ट्रैवर्सिंग थ्रू द फाइबर एग्जिट द
- 2:27:23फाइबर एट डिफरेंट टाइम इसका मतलब ये है कि
- 2:27:25हमारा जो ऑप्टिकल फाइबर है मान लीजिए
- 2:27:26हमारे पास टोटल नंबर ऑफ रे है फाइव ये
- 2:27:29फाइव रे सेम टाइम पर एंटर हुई लेकिन जब
- 2:27:33उससे फाइबर से बाहर निकली तो अलग-अलग टाइम
- 2:27:35पे निकली तो अगर ऐसा होता है तो इससे क्या
- 2:27:39होता है आउटपुट पर जाकर के हमारी लाइट
- 2:27:41क्या हो जाती है स्प्रेड हो जाती है
- 2:27:42क्योंकि उसको स्प्रेड होने के लिए स्पेस
- 2:27:44मिल जाता है सभी रेज अलग-अलग टाइम पर बाहर
- 2:27:46निकल एंटर सेम टाइम पे हुई लेकिन बाहर
- 2:27:49अलग-अलग टाइम प निकल रही है जिसकी वजह से
- 2:27:51लाइट क्या होती है स्प्रेड होती है बात
- 2:27:52समझ में आ रही और लाइट अगर स्प्रेड होगी
- 2:27:55तो हमारा कुछ ना कुछ लॉस होगा तो जहां पर
- 2:27:58भी देखिए जहां पर भी ऐसा होगा कि लाइट रे
- 2:28:01सेम टाइम पर एंटर कर रही है लेकिन अलग
- 2:28:03टाइम पर बाहर निकल रही है तो वहां पर होता
- 2:28:05है आपका स्प्रेडिंग लॉस यानी के डिस्पर्स
- 2:28:09बात समझ में आ रही है क्या होगा डिस्पर्स
- 2:28:11होगा एक्चुअल में यहां पर लॉस नहीं होता
- 2:28:13लाइट के स्प्रेड होने से हमारी इफॉर्म
- 2:28:16हमारा जो सिग्नल है हमारी जो इंफॉर्मेशन
- 2:28:17है उसमें कुछ ना कुछ कम रह जाता है यानी
- 2:28:20कि हमारी प्रॉपर वे में इंफॉर्मेशन नहीं
- 2:28:22पहुंच सकती पहुंचती तो हम कह सकते हैं कि
- 2:28:24वहां पर भी क्या हो रहा है कुछ लॉस हो रहा
- 2:28:26है द स्प्रेडिंग ऑफ द ऑप्टिकल पल्स लिमिट
- 2:28:29द इंफॉर्मेशन कैरिंग कैपेसिटी ऑफ द फाइबर
- 2:28:32तो अगर लाइट स्प्रेड होती है तो उसकी जो
- 2:28:35इंफॉर्मेशन को कैरी करने की कैपेसिटी है
- 2:28:37या डाटा को ट्रांसफर करने की कैपेसिटी है
- 2:28:39वो क्या हो जाती है कम हो जाती है देयर आर
- 2:28:41टू काइंड ऑफ डिस्पर्शन डिस्पर्शन दो काइंड
- 2:28:44दो तरह के हैं कौन-कौन से हैं एक है
- 2:28:46इंटरमॉडल डिस्पर्शन या जिसको हम मॉडल
- 2:28:49डिस्पर्शन कहते हैं और दूसरा है इंट्रा
- 2:28:51मॉडल इंट्रा मॉडल डिस्पर्शन इंट्रा मॉडल
- 2:28:54डिस्पर्शन अगेन दो टाइप का है मटेरियल
- 2:28:56डिस्पर्शन और वेव गाइड डिस्प डिस्पर्शन है
- 2:29:00ना
- 2:29:01चलिए तो देखो यहां पर क्या होगा ना
- 2:29:04एक्चुअल में कोई भी डिस्पर्शन हो सभी में
- 2:29:07कुछ ऐसा हो रहा होगा कि लाइट सेम टाइम पर
- 2:29:09एंटर होंगी लेकिन एग्जिट सेम टाइम पर नहीं
- 2:29:12होंगी तो चलिए वन बाय वन शॉर्ट में डिस्कस
- 2:29:15कर लेते हैं वैसे बहुत सिंपल है थ्योरी है
- 2:29:17आपको अपने आप भी समझ में आ जाएगी पहला
- 2:29:19देखिए इंटरमॉडल डिस्पर्शन और मॉडल
- 2:29:24डिस्पर्शन इंटरमॉडल डिस्पर्शन अकर ओनली इन
- 2:29:26मल्टीट्यूड मल्टी मोड फाइबर यह केवल मल्टी
- 2:29:29मोड फाइबर में ही होगा यानी कि सिंगल मोड
- 2:29:32फाइबर में यह वाला डिस्पर्शन नहीं होगा
- 2:29:35कौन सा इंटरमॉडल डिस्पर्शन तो पहला पॉइंट
- 2:29:37इंपॉर्टेंट है यह केवल मल्टी मोड फाइबर
- 2:29:40में ही होता है अभी आपको यह भी समझ में आ
- 2:29:43जाएगा कि मल्टी मोड में ही क्यों होता है
- 2:29:45देखो दूसरा पॉइंट देखो वन मोर देन वन मोड
- 2:29:47इ ट्रांसमिटिंग थ्रू द फाइबर जब किसी
- 2:29:50फाइबर से एक से ज्यादा मोड ट्रांसफर होते
- 2:29:51हैं मतलब एक से ज्यादा लाइट रे क्या होती
- 2:29:53है ट्रांसफर होती है तो दे विल हैव
- 2:29:55डिफरेंट वेवलेंथ एंड विल टेक डिफरेंट टाइम
- 2:29:59टू प्रोपागेट थ्रू द फाइबर तो उसमें क्या
- 2:30:01होगा कि ये सभी लाइट रे अलग-अलग वेवलेंथ
- 2:30:04की हो सकती है और अगर ये अलग-अलग वेवलेंथ
- 2:30:06की होंगी तो इन्हें बाहर निकलने में भी
- 2:30:08इनका जो एग्जिट टाइम होगा वो अलग-अलग होगा
- 2:30:11क्यों क्योंकि स्पीड वेवलेंथ के ऊपर
- 2:30:12डिपेंड करेगी वेवलेंथ अगर डिफरेंट है तो
- 2:30:14स्पीड अलग-अलग होगी तो लाइट रेज जो है वो
- 2:30:17बाहर अलग-अलग टाइम पर निकलेंगी जिसकी वजह
- 2:30:20लाइट स्प्रेड होगी और अगर लाइट स्प्रेड
- 2:30:22होगी तो हमारा कौन सा डिस्पर्स होगा यहां
- 2:30:24पर इंटरमॉडल डिस्पर्स
- 2:30:27होगा तो रेज मेकिंग अब जरा ध्यान दीजिएगा
- 2:30:30हेंस दे रीच अब देखो यहां पर वही चीज लिखी
- 2:30:32है हेंस दे रीच द एंड ऑफ द फाइबर एट
- 2:30:34डिफरेंट टाइम ये लाइट फाइबर के एंड पर
- 2:30:36अलग-अलग समय पर पहुंचेंगी दिस रिजल्ट इन
- 2:30:39पल्स ब्रॉड निंग और स्प्रेडिंग जिसकी वजह
- 2:30:42से यहां पर स्प्रेडिंग होगी लाइट की और
- 2:30:44इसको हम कहेंगे इंटरमॉडल
- 2:30:46डिस्पर्स रेज मेकिंग लार्जर एंगल विद द
- 2:30:49एक्सिस ऑफ द फाइबर देखो यहां पर क्या
- 2:30:51बताया जा रहा है कि जो रे फाइबर एक्सिस के
- 2:30:54साथ में ज्यादा एंगल बनाएंगी जैसे आप देख
- 2:30:56सकते हैं जो नीचे वाली रे है जो नीचे वाली
- 2:30:58रे है ये बड़ा एंगल बना रही है फाइबर
- 2:31:01एक्सिस के साथ में है ना देखो इसका एंगल
- 2:31:04क्या है बड़ा है और इसका एंगल छोटा है तो
- 2:31:07जो रेज ज्यादा बड़ा एंगल बनाएगी फाइबर
- 2:31:09एक्सिस के साथ में उसको ज्यादा समय निकले
- 2:31:12लगेगा बाहर निकलने में रीजन क्या है देखो
- 2:31:14ये रे ऐसे जाएगी तो ये रे इस तरह से जा
- 2:31:16रही है तो इसमें एक्चुअल में टोटल इंटरनल
- 2:31:19रिफ्लेक्शन ज्यादा बार होगा जबकि जिसका
- 2:31:21एंगल कम होगा उसमें टोटल इंटरनल
- 2:31:23रिफ्लेक्शन कम बार होगा क्योंकि वो आप देख
- 2:31:26सकते हैं पहले यहां पर हुआ फिर यहां हुआ
- 2:31:28फिर यहां हुआ तो इनका गैप ज्यादा बड़ा है
- 2:31:30इनका गैप कम होगा तो कहने का मतलब यह है
- 2:31:33जो रे ज्यादा एंगल बनाएगी
- 2:31:35उसको समय ज्यादा लगेगा जो एंगल कम बनाएगी
- 2:31:38जो रेख कम एंगल बनाएगी उसको समय कम लगेगा
- 2:31:41बाहर निकलने में यानी कि समय दोनों का
- 2:31:43बाहर निकलने का अलग-अलग हो जाएगा जिसकी
- 2:31:45वजह से स्प्रेडिंग
- 2:31:47होगी आगे बढ़ते हैं अब हम बात करते इंट्रा
- 2:31:50मॉडल इसमें दो तरह के हैं मटेरियल
- 2:31:51डिस्पर्शन और वेव गाइड डिस्पर्शन देखो
- 2:31:53यहां पर शर्ट मटेरियल डिस्पर्शन का मतलब
- 2:31:55क्या है यानी कि यहां पर जो हमारा फाइबर
- 2:31:57का मटेरियल है ये डिस्पर्शन उसकी वजह से
- 2:32:00होगा अब उसकी वजह से कैसे होगा ध्यान से
- 2:32:01समझिए देखिए मटेरियल की वजह से इसलिए होगा
- 2:32:04अगर मान लीजिए हमारे पास फाइबर का कोई
- 2:32:06मटेरियल है और उसमें हम अलग-अलग वेवलेंथ
- 2:32:09की लाइट को क्या कर रहे हैं एंटर करा रहे
- 2:32:10हैं तो आपने एक प्रॉपर्टी पढ़ी होगी कि जो
- 2:32:13मटेरियल का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स होता है
- 2:32:14वो वेवलेंथ के ऊपर डिपेंड करता है यानी कि
- 2:32:16अलग-अलग वेवलेंथ के लिए मटेरियल का
- 2:32:18रिफ्रैक्टिव इंडेक्स अलग-अलग
- 2:32:20होगा अगर रिफ्रैक्टिव इंडेक्स अलग-अलग
- 2:32:23होगा अलग-अलग वेवलेंथ के लिए तो रेज को
- 2:32:25बाहर निकलने में अलग-अलग समय लगेगा जिसकी
- 2:32:28वजह से क्या होगी स्प्रेडिंग होगी देखो
- 2:32:29वही चीज लिखी है मटेरियल डिस्पर्शन टेक
- 2:32:32प्लेस ड्यू टू द वेरिएशन ऑफ रिफ्रैक्टिव
- 2:32:33इंडेक्स ऑफ द कोर मैटेरियल एज अ फंक्शन ऑफ
- 2:32:36वेवलेंथ तो वेवलेंथ की वजह से क्योंकि
- 2:32:38रिफ्रैक्टिव इंडेक्स वेरी करता है जिसकी
- 2:32:41वजह से समय जो होगा टाइम जो होगा वेव को
- 2:32:43वो अलग-अलग लगेगा लाइट रे को अलग-अलग समय
- 2:32:46लगेगा देखो इसका मतलब क्या है कि इट मींस
- 2:32:49इट मीन मीस दैट इट
- 2:32:52मींस इट मींस सेम फाइबर ठीक है इट मींस
- 2:32:55सेम फाइबर मटेरियल ऑफ अ डिफरेंट
- 2:32:58रिफ्रैक्टिव इंडेक्स टू लाइट वेव ऑफ
- 2:32:59डिफरेंट वेवलेंथ यानी कि एक ही मटेरियल
- 2:33:02अलग-अलग वेवलेंथ के लिए अलग-अलग
- 2:33:05रिफ्रैक्टिव इंडेक्स को क्या करेगा
- 2:33:07रिप्रेजेंट करेगा जिसकी वजह से यहां पर
- 2:33:09लाइट की स्प्रेडिंग होगी और यहां पर जो
- 2:33:11लॉस होगा उसको कहेंगे मटेरियल
- 2:33:13डिस्पर्शन है ना क्या कहेंगे उसको मटेरियल
- 2:33:16डिस्पर्शन मटेरियल डिस्पर्शन को हम
- 2:33:18रिड्यूस कर सकते हैं बाय रिड्यूजिंग द
- 2:33:20स्पेक्टल विड्थ स्पेक्टल विड्थ को रिड्यूस
- 2:33:22करके या फिर लोंगर वेवलेंथ की लाइट को यूज
- 2:33:25करके और उसके बाद लास्ट होता है वेव गाइड
- 2:33:28डिस्पर्शन है ना तो वेव गाइड डिस्पर्शन इज
- 2:33:31कॉज्ड बाय द डिफरेंस इन द रिफ्रैक्टिव
- 2:33:32इंडेक्स बिटवीन कोर एंड
- 2:33:36क्लैडिस्टिक्स इंडेक्स अलग होता है क्लेटन
- 2:33:38का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स अलग होता है तो
- 2:33:40दोनों के रिफ्रैक्टिव इंडेक्स के डिफरेंट
- 2:33:42होने की वजह से वहां पर जो लाइट वेव्स है
- 2:33:46या लाइट रे है जब यह क्लैडिस्टिक
- 2:33:49करेगी
- 2:33:51क्लैडिस्टिक करेगी तो स्ट्राइक करने समय
- 2:33:55कोर का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स अलग होता है
- 2:33:57क्लैडिस्टिक्स अलग होता है जिसकी वजह से
- 2:34:00जिसकी वजह से क्या होगा जो डिफरेंट रेज
- 2:34:02होंगी उनको ट्रबल करने में जो समय लगेगा
- 2:34:05वो फिर से अलग-अलग हो जाएगा और जिसकी वजह
- 2:34:07से लाइट रे सेम टाइम पर बाहर नहीं
- 2:34:09निकलेंगी और वहां पर जो लाइट होगी वो
- 2:34:11स्प्रेड हो जाएगी और जिसको हम कहेंगे वेव
- 2:34:14गाइड डिस्पर्शन मतलब अगर कोर
- 2:34:18क्लैडिस्टिक स्ट्राइक करने से अगर
- 2:34:22डिस्पर्जंस पर्जन क्योंकि वहां पर एक्चुअल
- 2:34:25में भाई हमारा जो ऑप्टिकल फाइबर है जो कोर
- 2:34:28है वो क्या है एक तरह से गाइडेड मीडियम है
- 2:34:30तो अगर गाइडेड मीडियम सही डायरेक्शन में
- 2:34:32सही तरीके से गाइड नहीं करेगा तो हमारी
- 2:34:34लाइट क्या होगी स्प्रेड होगी जिसको हम
- 2:34:36कहते हैं वेव गाइडेड
- 2:34:38डिस्पर्शन तो ये हमारे डिस्पर्शन भी
- 2:34:41कंप्लीट हो गया लॉसेस भी हमारा कंप्लीट हो
- 2:34:43गया अब हमारा इस टॉपिक का फाइबर ऑप्टिक्स
- 2:34:46का लास्ट टॉपिक है दैट इज एप्लीकेशन ऑफ
- 2:34:49ऑप्टिकल फाइबर भाई हमने पूरा ऑप्टिकल
- 2:34:52फाइबर पढ़ लिया है ना डेरिवेशन भी कर लिए
- 2:34:54न्यूमेरिकल भी कर लिए थ्योरी भी हमारी
- 2:34:56कंप्लीट हो गई अब बात आती है इसकी
- 2:34:58एप्लीकेशन की तो एप्लीकेशन की बात तो मैं
- 2:35:00आपको बहुत बार बीच में बता चुका हूं कि
- 2:35:02ऑप्टिकल फाइबर कहां यूज होता है
- 2:35:03स्टार्टिंग में आपको मैंने बताया था इमेज
- 2:35:05भी लगा के दिखाई दी कि ऑप्टिकल फाइबर को
- 2:35:07हम कहां-कहां पर यूज करते हैं इंटरनेट
- 2:35:09देखिए नेट के जो हमारे कनेक्शन होते हैं
- 2:35:11इंटरनेट के लिए भी हम ऑप्टिकल फाइबर का
- 2:35:13क्या करते हैं यूज करते हैं तो वही चीज
- 2:35:15यहां पर सब कुछ लिखा है एक बार आप इसको
- 2:35:17पढ़ लेना तो यहां पर मैं आपको शॉर्ट में
- 2:35:19बता देता हूं कि ऑप्टिकल फाइबर का हम यूज
- 2:35:21करते हैं कम्युनिकेशन के लिए है ना
- 2:35:23कम्युनिकेशन डेटा ट्रांसफर इन सब जगह पर
- 2:35:26क्या होता है ऑप्टिकल फाइबर का यूज होता
- 2:35:28है देखो लिखा भी है द ऑप्टिकल फाइबर कैन
- 2:35:30बी यूज्ड एज अ मीडियम फॉर टेलीकम्युनिकेशन
- 2:35:32एंड नेटवर्किंग बिकॉज इट इज फ्लेक्सिबल
- 2:35:34एंड कैन बी बंडल एज केबल इसका मतलब कैन बी
- 2:35:37बंडल एज केबल का क्या मतलब है आपने
- 2:35:39स्टार्टिंग में मैंने जो पिक्चर लगाई थी
- 2:35:41उसमें अगर आप देखेंगे तो आप उसमें देखेंगे
- 2:35:43कि एक ही केबल के अंदर बहुत सारे ऑप्टिकल
- 2:35:45फाइबर होते हैं एक ही के अंदर क्या होते
- 2:35:48हैं ऑप्टिकल फाइबर होते हैं तो हम इन
- 2:35:50ऑप्टिकल फाइबर का एक पूरा बंडल बना सकते
- 2:35:52हैं क्लियर है तो इसी तरीके से इनको पढ़
- 2:35:55लेना एक बार क्या एप्लीकेशन है इंपॉर्टेंट
- 2:35:57मैं आपको बता दूं एक बार यह क्वेश्चन
- 2:35:58यूनिवर्सिटी एग्जाम में सेवन मार्क्स में
- 2:36:00आ चुका है कि राइट डाउन द थ्री एप्लीकेशन
- 2:36:04ऑफ ऑप्टिकल फाइबर और अभी शायद ये एक या दो
- 2:36:07साल पहले ही आया था तो यहां पर तीन
- 2:36:08एप्लीकेशन कौन-कौन सी लिखनी कम्युनिकेशन
- 2:36:10में किस तरह से यूज करते हैं ऑप्टिकल
- 2:36:12सेंसर जो हमारे सेंसर्स होते हैं उसमें भी
- 2:36:14ऑप्टिक केबल केब ऑप्टिकल केबल का यूज होता
- 2:36:17है तो ऑप्टिकल केबल कैन बी यूज एज अ सेंसर
- 2:36:20टू मेजर स्ट्रेन सेंसर में स्ट्रेन मेजर
- 2:36:22करने के लिए टेंपरेचर प्रेशर इन सब
- 2:36:24पैरामीटर्स को मेजर करने के लिए भी हम
- 2:36:26सेंसर के अंदर ऑप्टिकल सेंस ऑप्टिकल फाइबर
- 2:36:29का यूज करते हैं और लास्ट होगा इन
- 2:36:32लुमिनेशन एप्लीकेशन मतलब क्या है कि आप
- 2:36:35किसी भी बॉडी के अंदर देख सकते हैं
- 2:36:36ऑप्टिकल फाइबर का यूज़ करके क्योंकि
- 2:36:38ऑप्टिकल फाइबर से क्या होती है लाइट कैन
- 2:36:40बी ट्रबल उससे लाइट क्या हो सकती है ट्रबल
- 2:36:43हो सकती है तो ये इसकी एप्लीकेशंस है
- 2:36:45जिनको आपको तीन एप्लीकेशन है और तीनों के
- 2:36:48अंदर जो लिखा हुआ कंटेंट है उसको एक बार
- 2:36:50पढ़ लेना है ना क्योंकि अगर आपको यह
- 2:36:52क्वेश्चन सेवन मार्क्स में आता है तो आपको
- 2:36:54थोड़ा डिटेल में लिखना पड़ेगा और अगर टू
- 2:36:56मार्क्स में आता है है ना तो फिर आप केवल
- 2:36:58तीन नाम लिख देंगे कि कहां-कहां पर
- 2:37:00ऑप्टिकल फाइबर का यूज होता है तीन से चार
- 2:37:02नाम तो केवल उतना कर देंगे आप नाउ डीपीपी
- 2:37:06इस डीपीपी के अंदर मैंने आपको 11
- 2:37:08क्वेश्चंस दिए हैं ये जो 11 क्वेश्चन है
- 2:37:10ना ये क्वेश्चन मैंने लास्ट के जो आपके
- 2:37:12प्रीवियस 10 इयर्स के जो क्वेश्चन पेपर थे
- 2:37:1510 इयर्स का मतलब है एक साल में फिजिक्स
- 2:37:16के दो पेपर होते हैं है ना तो लगभग लगभग
- 2:37:1820 पेपर हो जाते हैं तो लास्ट के 20 पेपर
- 2:37:22जो आपके इंजीनियरिंग फिजिक्स के थे ये
- 2:37:24क्वेश्चन मैंने उन पेपर से लिए जो
- 2:37:26क्वेश्चन रिपीट हो रहे थे उनको मैंने छोड़
- 2:37:27दिए बात समझ में आ रही है यानी कि आप ये
- 2:37:30कह सकते हैं कि लास्ट 10 इयर्स में
- 2:37:32इंजीनियरिंग फिजिक्स में जो क्वेश्चंस आए
- 2:37:33हैं थ्योरी के थ्योरी की बात कर रहा हू
- 2:37:35मैं वो यही सारे क्वेश्चन है है ना थ्योरी
- 2:37:38और डेरिवेशन देखो इसमें डेरिवेशन भी होगा
- 2:37:41और थ्योरी भी होगी देखो ये है ना व्हाट डू
- 2:37:42यू मीन बाय क्रिटिकल एंगल एक्सेप्टेंस
- 2:37:44एंगल एक्सेप्टेंस कोन एंड न्यूमेरिकल
- 2:37:46अपर्ट एंड ड्राइव द एक्सप्रेशन फॉर देम तो
- 2:37:48ये आप को डिफाइन भी करना है तो ये मैंने
- 2:37:51आपको कराया था याद होगा टर्मिनोलॉजी ऑफ
- 2:37:52ऑप्टिकल फाइबर में मैंने सारी डेफिनेशन
- 2:37:54आपको लिखवा रखी हैं और डेरिवेशन भी आपको
- 2:37:57करा रखा है तो यहां पर ये जो 11 के 11
- 2:37:59क्वेश्चन है ना इन 11 के 11 क्वेश्चन का
- 2:38:01आंसर आपको इसी लेक्चर के अंदर मिल जाएगा
- 2:38:04प्रॉपर नोट्स वहां पर बने हुए हैं आपने
- 2:38:06देखे ही है तो बस आपको कुछ नहीं करना
- 2:38:09क्वेश्चन को पढ़ना है आंसर आपको सब पीछे
- 2:38:11मिल जाएगा तो मैं यहां पर अब आपको बता
- 2:38:12नहीं रहा हूं अपना आप पढ़ लेना ये लास्ट
- 2:38:1410 इयर्स के ही क्वेश्चन है और जो
- 2:38:16न्यूमेरिकल्स इंपॉर्टेंट है वो भी मैं सब
- 2:38:17आपको करा चुका हूं तो फाइबर ऑप्टिक्स के
- 2:38:19अंदर इससे ज्यादा आपको नहीं पढ़ना है पूरा
- 2:38:22सिलेबस मैं आपको यहां पर पढ़ा चुका हूं
- 2:38:24क्लियर है तो अब आपका काम क्या है अब आपका
- 2:38:27काम यह है कि यहां पर जो हमने डेरिवेशन और
- 2:38:28न्यूमेरिकल किए उनको एक बार प्रैक्टिस कर
- 2:38:30ले और नोट्स को रिवाइज कर ले तो आपका ये
- 2:38:33टॉपिक अच्छे से तैयार हो जाएगा इसके बाद
- 2:38:36लेक्चर नंबर टू में हम लेजर को पढ़ेंगे
- 2:38:39ओके थैंक यू वेरी मच
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