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Unit-1। Modern Pharmaceutical Analytical Techniques M Pharm unit 1 Important Questions। 1st sem — Transcript

by Pharmacy wala · 19,701 words · 2,547 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00तो आज की जो वीडियो है ना इस वीडियो में
  2. 0:01हम देखने वाले हैं जो आपका सब्जेक्ट है
  3. 0:03यहां पर मॉडर्न फार्मासटिकल एनालिटिकल
  4. 0:05टेक्निक्स एमफाम फर्स्ट सेमेस्टर में
  5. 0:07उसकेेंट क्वेश्चन तो यहां पे जो सब्जेक्ट
  6. 0:09है आप सभी के लिए कॉमन होने वाला है। चाहे
  7. 0:11आप फार्मासिक से एमफॉर्म कर रहे हो चाहे
  8. 0:13फार्माकोलॉजी से चाहे फार्मासटिकल
  9. 0:15केमिस्ट्री से। तो यहां पे देखिए जो हमारे
  10. 0:17क्वेश्चंस रहेंगे वो एग्जाम ओरिएंटेड
  11. 0:19रहेंगे। देखिए अगर आपने कुछ भी नहीं पढ़ा
  12. 0:21है तब भी सारी चीजें आपको क्लियर होंगी और
  13. 0:23यहां पे इन सभी क्वेश्चंस को पढ़कर के आप
  14. 0:25यहां पे गारंटेड पास हो सकते हैं। तो यहां
  15. 0:28पे देखिए वीडियो को स्टार्ट करने से पहले
  16. 0:29जो पॉइंट्स हैं जो यहां पे मैंने लिख रखे
  17. 0:31हैं इनको ध्यान से सुन लीजिए। तो यहां पे
  18. 0:33देखिए सबसे पहला पॉइंट है कि जो क्वेश्चंस
  19. 0:35है वो इस तरीके से लिखे हैं ताकि जो आपका
  20. 0:37लेंथी सिलेबस है वो कम टाइम में कवर हो
  21. 0:38जाए। यहां पर शॉर्ट एंड लॉन्ग दोनों टाइप
  22. 0:40के क्वेश्चंस हैं। शॉर्ट टू मार्क्स और
  23. 0:42सेवन और 10 मार्क्स सभी जैसे आपके एग्जाम
  24. 0:44में पूछे जाते हैं। एंड यहां पर जो मोस्ट
  25. 0:47ऑफ द जो क्वेश्चंस है वो आपके प्रीवियस
  26. 0:48ईयर क्वेश्चंस बेसिस पे सेलेक्ट किए गए
  27. 0:50हैं। टोटल यहां पे 38 क्वेश्चंस हैं आपके
  28. 0:52सभी यूनिट से। यहां पे देखिए आपको मैं
  29. 0:55पहले सिलेबस दिखा देता हूं। इस सिलेबस में
  30. 0:58अगर आप देखोगे इस सब्जेक्ट के अंदर तो
  31. 1:01यहां पे आपको छह यूनिट्स मिलेंगी। जैसे कि
  32. 1:03यूनिट फर्स्ट जिसमें यूवी विजिबल
  33. 1:05स्पेक्ट्रोस्कोपी, आईआर स्पेक्ट्रोस्कोपी,
  34. 1:07स्पेक्ट्रोफ्लोरीमेट्री और ये सब दिया हुआ
  35. 1:09है। आगे आपको एनएमआर मिलेगा दूसरी यूनिट
  36. 1:11में। तीसरी यूनिट में मास
  37. 1:13स्पेक्ट्रोस्कोपी। चौथी यूनिट में यहां पे
  38. 1:14क्रोमेटोग्राफी देखने को मिलेगी। एंड आगे
  39. 1:17जो चैप्टर है या बोलेंगे यूनिट पांचवी
  40. 1:19यहां पे है इलेक्ट्रोफोरेसिस। एंड लास्ट
  41. 1:22में यहां पे पोटेंशियोमेट्री, थर्मल
  42. 1:24टेक्निक और इम्यूनोलॉजिकल एसिए। तो इस
  43. 1:26सब्जेक्ट में आपकी छह यूनिट होने वाली है।
  44. 1:28तो यहां पे जो हमेंट क्वेश्चंस कवर करेंगे
  45. 1:30वो यूनिट वाइज कवर करेंगे। मतलब छह यूनिट
  46. 1:33यानी कि छह वीडियो और इनके जो नोट्स वगैरह
  47. 1:36हैं या जो आगे की जो सभी पार्ट हैं या
  48. 1:38वीडियोस वगैरह हैं वो आपको फार्मेसी वाले
  49. 1:40ऐप पर मिलेंगी। आपने क्या करना है? सिंपली
  50. 1:41Play Store पे जाना है। सर्च करना है
  51. 1:43फार्मेसी वाला। ऐप को आपने इंस्टॉल कर
  52. 1:45लेना है। एंड लॉग इन रजिस्टर करने के बाद
  53. 1:47आपको वहां पे एमf का सेक्शन नजर आएगा। उस
  54. 1:49पर आपने क्लिक करना है। उसमें आपने अपनी
  55. 1:51स्ट्रीम पे सेलेक्ट करना है। फार्माकोलॉजी
  56. 1:53फार्माstिक्स। तो उस पर क्लिक करने के बाद
  57. 1:56आपका जो भी सेमेस्टर है उस पर जाएंगे
  58. 1:58फर्स्ट सेमेस्टर पर एंड उसमें सबसे ऊपर एक
  59. 2:00बैच मिलेगा एमफाम फर्स्ट सेमेस्टर कॉम्बो
  60. 2:02तो आप वहां पे जाकर के जॉइ कर सकते हैं।
  61. 2:04सारा कंटेंट मतलब नोट्स वगैरह वीडियोस
  62. 2:06वगैरह आगे के सभी वहां पे आपको मिल
  63. 2:08जाएंगे। तो आज की जो वीडियो है ना इसमें
  64. 2:10हम यूनिट फर्स्ट को कवर करने वाले हैं। तो
  65. 2:12ये देखिए पहले क्वेश्चंस हमने इस तरीके से
  66. 2:14सभी यूनिट्स के लिख लिए हैं। जैसे कि हम
  67. 2:15बी फॉर्म में लिखते थे सेम उसी तरीके से।
  68. 2:18तो यहां पे जो भी यूनिट फर्स्ट के
  69. 2:20क्वेश्चंस हैं अब हम सभी को कवर करेंगे।
  70. 2:22तो स्टार्टिंग करते हैं यूनिट फर्स्ट की।
  71. 2:24लेकिन उससे पहले गाइज़ मेरा नाम है सहद्दीन
  72. 2:25खान और आप देख रहे हैं अपना YouTube चैनल
  73. 2:27फार्मेसी वाला। तो यहां पर देखिए हम बात
  74. 2:30करते हैं यूनिट फर्स्ट की और यहां पे जो
  75. 2:31पहला क्वेश्चन आपका बनता है वो यही बनता
  76. 2:33है कि आखिर ये सब्जेक्ट क्या है? जैसे कि
  77. 2:36आपका जो सब्जेक्ट है यहां पे मॉडर्न
  78. 2:38फार्मासटिकल एनालिटिकल टेक्निक्स इसका
  79. 2:40क्या मतलब है और इसके अंदर जो टेक्निक्स
  80. 2:43हैं उनके बारे में आपने बताना है और
  81. 2:45उनकीेंस कि आपको यहां पे ये सब्जेक्ट
  82. 2:47क्यों ऐड किया गया एज ए एमफार्म स्टूडेंट
  83. 2:50चाहे फार्माकोलॉजी में चाहे फार्मासटिक्स
  84. 2:52में चाहे फार्मासटिकल केमिस्ट्री में आप
  85. 2:54इसको क्यों यहां पे पढ़ रहे हैं इस सवाल
  86. 2:56के जवाब आपको इस क्वेश्चंस के अंदर मिलेगा
  87. 2:59तो यहां पे है डिफाइन मॉडर्न फार्मासटिकल
  88. 3:01एनालिटिकल टेक्निक्स विद एग्जांपल एंड गिव
  89. 3:04देयरेंस शॉर्ट में टू मार्क्स में आपने
  90. 3:06कवर करना है। तो यहां पे देखिए हम
  91. 3:08स्टार्टिंग करते हैं सिंपली इसी टर्म से
  92. 3:10जो कि आपके सब्जेक्ट का नेम भी है। मॉडर्न
  93. 3:12फार्मासटिकल एनालिटिकल टेक्निक। देखिए
  94. 3:15हमारे समझाने का सिंपल तरीका है। जो भी
  95. 3:17टर्म है आप उसको एकदम सिंपल छोटे-छोटे
  96. 3:20वर्ड में तोड़िए। उनका मतलब निकालिए। बस
  97. 3:22उसी से सारी चीजें आपको क्लियर हो जाएंगी।
  98. 3:25जैसे मॉडर्न इसको हमने तोड़ा मॉडर्न प्लस
  99. 3:28फार्मेसिकल प्लस एनालिटिकल टेक्निक।
  100. 3:30मॉडर्न कहने का मतलब यानी कि आधुनिक। आप
  101. 3:32बोल सकते हैं इंग्लिश में लेटेस्ट और
  102. 3:34एडवांस्ड मेथड। ठीक है? फार्माटिकल कहने
  103. 3:37का मतलब होता है दवाइयों से रिलेटेड। बोले
  104. 3:40तो रिलेटेड टू मेडिसिन और ड्रग। जहां पे
  105. 3:42फार्मासटिकल टर्म आ जाती है मतलब कि
  106. 3:44दवाइयों से संबंधित बातें चल रही हैं।
  107. 3:46एनालिटिकल टेक्निक मतलब दोज़ टेक्निक्स
  108. 3:49व्हिच यूज्ड इन एनालिसिस। वो तकनीकी वो
  109. 3:53चीजें जो जांच करने के लिए एनालिसिस करने
  110. 3:56के लिए यूज की जाती हैं वो हमारी
  111. 3:57एनालिटिकल टेक्निक्स कही जाती हैं। अगर हम
  112. 4:00इन तीनों टर्म को अब मिला दें तो इसकी
  113. 4:03डेफिनेशन क्या निकल के आती है कि मॉडर्न
  114. 4:05फार्मासटिकल एनालिटिकल टेक्निक्स आर दोज़
  115. 4:08लेटेस्ट और एडवांस मेथड ऑफ एनालिसिस व्हिच
  116. 4:11आर यूज्ड टू एनालाइज द क्वालिटी द सेफ्टी
  117. 4:15एंड एफिकसी ऑफ़ मेडिसिन। मैंने इसकी
  118. 4:17डेफिनेशन नहीं पढ़ी। जस्ट वर्ड का जो मतलब
  119. 4:20निकला था उनको जोड़ दिया और आप अपने
  120. 4:22वर्डों में इसकी डेफिनेशन बना सकते हैं।
  121. 4:23यह बहुत ही सिंपल तरीका है। यह आपको थीसिस
  122. 4:25लिखने में भी मदद करेगा। ठीक है? तो
  123. 4:28सिंपली आपने कैसे डिफाइन करना है यहां पे?
  124. 4:30आपको यहां पे पूरी डेफिनेशन मिल जाएगी कि
  125. 4:32मॉडर्न फार्मासटिकल एनालिटिकल टेक्निक्स
  126. 4:35आर एडवांस्ड मेथड दैट आर यूज्ड इन द
  127. 4:38डिटेल्ड एग्जामिनेशन ऑफ ड्रग्स और
  128. 4:40मेडिसिंस टू इंश्योर देयर क्वालिटी,
  129. 4:43क्वांटिटी, एफिकसी एंड सेफ्टी। जो बात
  130. 4:45मैंने आपको बना करके बोली थी वही ऑलमोस्ट
  131. 4:48उसका निचोड़ इसमें लिखा हुआ है। तो ये है
  132. 4:50आपका सब्जेक्ट। आपका सब्जेक्ट है क्या कि
  133. 4:52आप इसमें ना जो आज के टाइम पे आधुनिक
  134. 4:55लेटेस्ट जो मेथड यूज़ किए जा रहे हैं
  135. 4:58दवाइयों की जांच करने के लिए। जैसे
  136. 5:01फार्माकोलॉजी की अगर हम बात करें तो हमको
  137. 5:03जो है मेनली जो फोकस करना होता है एडीएमई
  138. 5:06पे। यानी कि जो क्लीनिकल ट्रायल वगैरह
  139. 5:08चलते हैं, ड्रग अब्सॉर्ब होती है, ब्लड
  140. 5:10में पहुंचती है, उसका वहां पे एक तरीके से
  141. 5:13उसको डिस्ट्रीब्यूट किया जाता है,
  142. 5:14मेटाबोलाइज होती है, एक्सक्रिएट होती है।
  143. 5:16तो वहां पे हम देखते हैं कि ड्रग हमारे
  144. 5:19ब्लड में कितने अमाउंट में पहुंची। तो
  145. 5:21ब्लड का सैंपल ले हम उनकी क्वांटिटी वगैरह
  146. 5:23एनालाइज कर सकते हैं। वह कितने रेट से
  147. 5:26एलिमिनेट हो रही है? तो यूरिन के सैंपल से
  148. 5:28हम वो पता कर सकते हैं। उसके मेटाबॉलिज्म
  149. 5:30को हम पता कर सकते हैं। या फिर अगर
  150. 5:32फार्मास्टिक्स के पॉइंट ऑफ व्यू से देखें
  151. 5:34तो आप कोई भी डोसेज फॉर्म बना रहे हैं तो
  152. 5:36उसके लिए रॉ ड रॉ मटेरियल चाहिए होते हैं।
  153. 5:39ड्रग या आपके जो भी एक्सपेंट वगैरह है तो
  154. 5:42उनकी क्वालिटी चेक करने के लिए क्या वो
  155. 5:44सेफ है या नहीं? यह चेक करने के लिए। तो
  156. 5:46इन सभी के पॉइंट ऑफ व्यू से ये जो टॉपिक
  157. 5:49है या ये जो आपका सब्जेक्ट है वो काफी
  158. 5:51इंपॉर्टेंट हो जाता है। अभी चाहे आप
  159. 5:54फार्मेसिकल केमिस्ट्री के पॉइंट ऑफ व्यू
  160. 5:55से देख लें कि कोई भी अननोन सैंपल है उसकी
  161. 5:59स्ट्रक्चर आप कैसे पता करोगे? आपके पास
  162. 6:01कोई भी केमिकल दे दिया हमने कि भाई ये
  163. 6:03क्या केमिकल है? आप उसकी स्ट्रक्चर कैसे
  164. 6:05पता करोगे? आप उसकी क्वांटिटी कैसे पता
  165. 6:07करोगे? आप किसी भी केमिकल के अंदर
  166. 6:10प्यूरिटी या इंप्युरिटी कैसे पता करोगे?
  167. 6:12तो वो सारी जो चीजें हैं वो इस सब्जेक्ट
  168. 6:15से आप पता कर सकते हैं। उसी का नॉलेज या
  169. 6:17ज्ञान ये आपको देने वाला है। तो इसीलिए जो
  170. 6:20सब्जेक्ट है वो हर एक स्ट्रीम के लिए कॉमन
  171. 6:22है। समझ आया? अब यहां पे देखिए आगे जो
  172. 6:26चीजें हैं आपको सिंपली इन मॉडर्न
  173. 6:28फार्मासटिकल जो एनालिटिकल टेक्निक है उनके
  174. 6:30एग्जांपल आपने बताने हैं औरेंस भी बतानी
  175. 6:33है कि भाई आप इनको क्यों पढ़ रहे हैं। ठीक
  176. 6:36है? तो एग्जांपल में अगर मैं चाहता तो
  177. 6:38यहां पे बस दो चार एग्जांपल लिख देता। पर
  178. 6:40मैंने यहां पे पूरे सिलेबस का यहां पे
  179. 6:42शॉर्ट में यह बता दिया है कि आप यहां पे
  180. 6:44पढ़ने क्या जा रहे हैं। जैसे अगर मैं आपको
  181. 6:47यहां पे थोड़ा सिलेबस दिखाऊं यहां पे
  182. 6:49सिलेबस की स्टार्टिंग यूनिट फर्स्ट से
  183. 6:51होगी। यूनिट फर्स्ट में आप जो आपने बीफ के
  184. 6:53सेवंथ सेमेस्टर में आपने पढ़ी थी
  185. 6:55स्पेक्ट्रोस्कोपी वगैरह बस वहीं से
  186. 6:57स्टार्टिंग है। जैसे यूवी विजिबल
  187. 6:59स्पेक्ट्रोस्कोपी आईआर स्पेक्ट्रोस्कोपी
  188. 7:02स्पेक्ट्रोफ्लोरीमेट्री
  189. 7:04फ्लेम एमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी एटॉमिक
  190. 7:06अब्सॉर्प्शन स्पेक्ट्रोस्कोपी। आगे जो ऐड
  191. 7:09की गई है एमफाम लेवल पे वो है एनएमआर
  192. 7:11स्पेक्ट्रोस्कोपी और मास
  193. 7:13स्पेक्ट्रोस्कोपी।
  194. 7:14यह दो चैप्टर आपके लिए एकदम न्यू होने
  195. 7:16वाले हैं। तो ये जो है सारी क्या है?
  196. 7:18हमारी स्पेक्ट्रोस्कोपी टेक्निक है जो कि
  197. 7:21इनको ही हम क्या बोलते हैं? मॉडर्न मेथड
  198. 7:24ऑफ एनालिसिस। मतलब जांच करने के नए
  199. 7:27तकनीकें या नए तरीके। बस कौन-कौन से? ये
  200. 7:30एग्जांपल आपको याद हो जाने चाहिए। यूवी
  201. 7:32विज़िबल स्पेक्ट्रोस्कोपी, आईआर
  202. 7:34स्पेक्ट्रोस्कोपी,
  203. 7:35स्पेक्ट्रोफ्लोरीमेट्री, फ्लेम एमिशन
  204. 7:37स्पेक्ट्रोस्कोपी या एनएमआर हुआ या मास
  205. 7:39स्पेक्ट्रोस्कोपी हुई। समझ आया? अब यहां
  206. 7:42पे एग्जांपल देखो यही है कि हमारी जो
  207. 7:45मॉडर्न मेथड ऑफ एनालिसिस है ना टेक्निक्स
  208. 7:47हैं उनके एग्जांपल कुछ इस तरीके से हैं कि
  209. 7:49हमारे सिलेबस में कुछ स्पेक्ट्रोस्कोपी दी
  210. 7:51है तो स्पेक्ट्रोस्कोपी में भी ये वाली जो
  211. 7:53स्पेक्ट्रोस्कोपी है जैसे कि यूबी आईआर
  212. 7:55फ्लोरमेट्री फ्लेम एटॉमिक एनएमआर मास ये
  213. 7:58सारी की सारी हमारी स्पेक्ट्रोस्कोपी के
  214. 8:00एग्जांपल है। ऐसे ही आगे आप यूनिट्स में
  215. 8:02बढ़ोगे आपकी क्रोमेटोग्राफी यहां पे
  216. 8:04स्टार्ट हो जाती है। क्रोमेटोग्राफी आपकी
  217. 8:06यहां पे थर्ड यूनिट अह फोर्थ यूनिट से
  218. 8:08स्टार्ट होगी। ये नंबरिंग थोड़ी गलत है। तो
  219. 8:11आप इसको फोर्थ यूनिट मानिए। फोर्थ यूनिट
  220. 8:13में यहां पे क्रोमेटोग्राफी आपको मिलेगी।
  221. 8:15इसमें आपको टीएलसी, एचपीटीएलसी, आयरन
  222. 8:18एक्सचेंज, कॉलम क्रोमेटोग्राफी, गैस
  223. 8:20क्रोमेटोग्राफी ऐसे ही यहां पे आपको
  224. 8:23एचपीएलसी मिलेगी यहां पे और अल्ट्रा
  225. 8:25एचपीएलसी मिलेगी, एफिनिटी क्रोमेटोग्राफी
  226. 8:27मिलेगी, जेल क्रोमेटोग्राफी मिलेगी। ठीक
  227. 8:30है? सभी वही एग्जांपल आपको यहां पे मैंने
  228. 8:33ऐड कर दिए हैं ताकि आपको यह अंदाजा लग सके
  229. 8:36कि यहां पे जो सारी चीजें हैं वो किस
  230. 8:37तरीके से यहां पे आपने पढ़नी है। अब उसके
  231. 8:40बाद आप अगले चैप्टर पे या अगली यूनिट पे
  232. 8:42जाओगे तो वो वो आ जाएगी यहां पे आपकी
  233. 8:44इलेक्ट्रोफोरेसिस यानी कि
  234. 8:46इलेक्ट्रोफोरेसिस भी आपकी एक एनालिटिकल
  235. 8:48टेक्निक है। तो उसके भी कई टाइप आप ऑलरेडी
  236. 8:51बीफम सेवंथ सेमेस्टर में पढ़ चुके हैं।
  237. 8:52जैसे कि पेपर या जेल वगैरह वो आप पढ़ चुके
  238. 8:55थे। यहां पे और भी ऐड किए गए हैं जैसे कि
  239. 8:57कैपिलरी इलेक्ट्रोफोरेसिस, ज़ोन
  240. 8:58इलेक्ट्रोफोरेसिस, मूविंग बाउंड्री
  241. 9:00इलेक्ट्रोफोरेसिस, आइसोइलेक्टिक फोकसिंग
  242. 9:03और एक और इसमें न्यू टेक्नोलॉजी ऐड की गई
  243. 9:05है वो है एक्सरे क्रिस्टलोग्राफी।
  244. 9:08मतलब किसी भी क्रिस्टल पर आप एक्सरेज़
  245. 9:11डालेंगे और उसकी आप मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर
  246. 9:14यहां पे पता कर सकते हैं। तो ये सारे
  247. 9:16इलेक्ट्रोफोरेसिस के एग्जांपल हुए। आगे
  248. 9:18आपकी एक्स एक्सरे क्रिस्टोग्राफी होगी।
  249. 9:20फिर आगे आपकी पोटेंशियोमेट्री फिर थर्मल
  250. 9:23टेक्निक जैसे एक्सरे क्रिस्टोग्राफी फिर
  251. 9:26पोटेंशियोमेट्री फिर थर्मल टेक्निक जिनसे
  252. 9:28भी आप जो भी आपके जो कंपाउंड होंगे
  253. 9:31सैंपल्स होंगे उनकी फिजिकल प्रॉपर्टीज पता
  254. 9:33लगा पाएंगे एंड लास्ट में आपके
  255. 9:34इम्यूनोलॉजिकल ऐसे जो बायोकेमिकल टेस्ट
  256. 9:38होते हैं जहां पे एंटीजन और एंटीबॉडी में
  257. 9:40रिएक्शन होती है उसकी मदद से आप वहां पे
  258. 9:42उनकी क्वांटिटी वगैरह पता लगा पाएंगे जैसे
  259. 9:44किसी भी हॉर्मोन की या किसी एंजाइम की या
  260. 9:47प्रोटीन की वो आप इम्यूनोलॉजिकल ऐसे में
  261. 9:49पता लगा पाएंगे पाएंगे। कहने का मतलब
  262. 9:52ओवरऑल इसका निचोड़ यह निकलता है कि यहां पे
  263. 9:54जो भी आपकी टेक्निक दी गई है, जो सारे
  264. 9:57आपके एग्जांपल हैं, यह आपके नए तरीके हैं।
  265. 10:00एडवांस्ड मेथड हैं जो आप इनको पढ़ने जा
  266. 10:02रहे हैं। आप इनकी मदद से चाहे आप दवाओं का
  267. 10:05क्लीनिकल ट्रायल वगैरह करा रहे हो, चाहे
  268. 10:08आप न्यू मेडिसिन डोसेज फॉर्म बना रहे हो
  269. 10:10या किसी भी अननाउन सैंपल की कंसंट्रेशन या
  270. 10:13उसके स्ट्रक्चर वगैरह पता लगा रहे हो,
  271. 10:15उसकी मिक्सचर से अलग कर रहे हो या उसकी
  272. 10:18मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर पता लगा रहे हो। हर
  273. 10:20जगह आपको इनकी जरूरत पड़ेगी। चाहे आप
  274. 10:22फार्माकोलॉजी से हो, फार्मासिक से हो,
  275. 10:24फार्मासिकल केमिस्ट्री से हो,
  276. 10:26फार्माकोग्नोसी से हो, हर एक में ये
  277. 10:28इंपॉर्टेंट होने वाला है। समझ आया? तो ये
  278. 10:31जो है जस्ट ये क्वेश्चन नहीं है। ये पूरे
  279. 10:33सिलेबस का यहां पे आपको मैप है कि यहां पे
  280. 10:35आप क्या पढ़ने जा रहे हैं। ठीक है? अब आगे
  281. 10:38यहां पे इसकीेंस लिखी हुई है। अगर एक और
  282. 10:41चीज मैं यहां पे बीच में ऐड करना चाहूं कि
  283. 10:43हमने ना इनेंट क्वेश्चंस को ऐड मतलब कि
  284. 10:45स्टार्ट करने से पहले हर एक सब्जेक्ट की
  285. 10:47ना सिलेबस ओवरव्यू वीडियो बनाई है अब की
  286. 10:49बार एमफ के लिए कि यहां पे मतलब कि आपको
  287. 10:53सिलेबस पढ़ने से पहले ही ये पता चल जाएगा
  288. 10:56कि इस सिलेबस का मतलब क्या है? आप इसमें
  289. 10:59क्या-क्या पढ़ने वाले हैं? आप इनको क्यों
  290. 11:01पढ़ने वाले हैं? और इनका करियर में क्या
  291. 11:03रोल होने वाला है? तो आपने इस सब्जेक्ट की
  292. 11:05जो सिलेबस ओवरव्यू वीडियो है आप उसको जरूर
  293. 11:08से देख लेना। आप सिंपली सर्च करना YouTube
  294. 11:10पर कि मॉडर्न फार्मेसिकल एनालिटिकल
  295. 11:13टेक्निक सिलेबस ओवरव्यू वीडियो फार्मेसी
  296. 11:15वाला। आपको वो वीडियो मिल जाएगी जहां पे
  297. 11:17आपको ये अंदाजा लग जाएगा कि भाई इस
  298. 11:19सब्जेक्ट की क्या वैल्यू होने वाली है। आप
  299. 11:21इसमें क्या पढ़ेंगे, क्यों पढ़ेंगे, करियर
  300. 11:23में रोल क्या है। ठीक है? हर एक सब्जेक्ट
  301. 11:25की आप पहले ये ये वीडियो देख लोगे तो एकदम
  302. 11:28आपको मैप बन जाएगा दिमाग में कि अच्छा
  303. 11:30मेरे चार सब्जेक्ट हैं। चार सब्जेक्ट में
  304. 11:32ये सब्जेक्ट ये बताएगा, दूसरा ये बताएगा,
  305. 11:34तीसरा ये बताएगा, चौथा वो बताएगा। ठीक है?
  306. 11:37तो ये आप जरूर से यहां पे कर लेना। अब आगे
  307. 11:39जो यहां पे हम देख रहे हैं तो इंपॉर्टेंट
  308. 11:42ये जो टेक्निक्स अभी आप अभी आपको मैंने
  309. 11:44एग्जांपल बताई इतनी सारी जो आपके सिलेबस
  310. 11:46में है उसकी इंपोर्टेंस क्या है? शॉर्ट
  311. 11:48में यहां पे लिखिए। तो यहां पे देखिए आपका
  312. 11:50वही लिखा है कि मॉडर्न फार्मेसिकल
  313. 11:52एनालिटिकल टेक्निक्स प्लेज़ेंट रोल इन यहां
  314. 11:55पे पॉइंट दिए हुए हैं। तो इनका रोल
  315. 11:57कहां-कहां पर है? लिखा है पहला इन
  316. 11:59क्वालिटी कंट्रोल। क्वालिटी को कंट्रोल
  317. 12:01करने के लिए जैसे कि लिखा है टू इंश्योर द
  318. 12:03प्योरिटी, सेफ्टी एंड एफिकसी ऑफ़ ड्रग। अभी
  319. 12:06हमने इन सभी के एग्जांपल देखे। जैसे कि
  320. 12:08स्पेक्ट्रोस्कोपी, क्रोमेटोग्राफी,
  321. 12:10इलेक्ट्रोफोरेसिस, एक्सक्रिस्टोग्राफी।
  322. 12:12इनका यूज़ कहां पे हो रहा है? इनका यूज़ हो
  323. 12:14रहा है हमारी जो दवाइयां हैं उनकी
  324. 12:16प्यूरिटी और सेफ्टी और एफिकसी को यह
  325. 12:19इंश्योर करना कि यह स्टैंडर्ड लेवल के
  326. 12:21अकॉर्डिंग है। ठीक है? इनसे किसी को
  327. 12:24नुकसान नहीं होगा। यह एकदम सेफ रहेंगे और
  328. 12:26इफेक्टिव भी रहेंगे। तो यह इंश्योर करना
  329. 12:28इनका मेन इंपॉर्टेंट काम है। दूसरा इन
  330. 12:31ड्रग डेवलपमेंट किसी भी दवाई को डोसेज
  331. 12:36फॉर्म को बनाने के लिए लिखा है कि इन
  332. 12:37आइडेंटिफिकेशन एक तो अननोन सैंपल को
  333. 12:39आइडेंटिफाई करने में। दूसरा क्वांटिफिकेशन
  334. 12:42ऑफ रॉ मटेरियल जो भी रॉ मटेरियल चाहिए
  335. 12:44होते हैं उनको क्वांटिफाई करने के लिए साथ
  336. 12:47के साथ जैसे डोसेस हम बनाते हैं
  337. 12:49फार्मासिस्टिक्स के अंदर तो एपीआई या जो
  338. 12:51भी एक्सपेंट वगैरह होते हैं उनको एनालाइज
  339. 12:54करना उनके डोज़ वगैरह या उनको क्वांटिटी
  340. 12:56वगैरह को पता लगाना फॉर्मुलेशन तैयार करना
  341. 12:59उसमें ये काफी इंपॉर्टेंट रोल निभाते हैं।
  342. 13:01आगे है रेगुलेटरी कंप्लायंस टू मीट
  343. 13:04इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स जैसे कि एफडीए,
  344. 13:06सीडीएससी और WHO यानी कि हमारी कंपनी में
  345. 13:10जो भी दवाइयां बन रही हैं वो स्टैंडर्ड
  346. 13:13लेवल से मीट करें। जैसे एफडीए की जो
  347. 13:15रेगुलेशंस हैं या आपके इंडिया के अंदर
  348. 13:18हमारे इंडिया के अंदर सीडीएसओ है तो उसके
  349. 13:20जो भी रेगुलेशंस हैं जो भी उसके
  350. 13:22स्टैंडर्ड्स हैं उनको मीट करें तो वो आप
  351. 13:25सारा डाटा इन्हीं के अकॉर्डिंग पता लगा
  352. 13:27पाएंगे और भेज भी पाएंगे उनके लिए। ठीक
  353. 13:29है? आगे है प्रोवाइड डाटा फॉर ड्रग
  354. 13:31अप्रूवल। ड्रग अप्रूवल के भी लिए भी डेटा
  355. 13:33प्रोवाइड करती हैं सारी टेक्निक्स। लास्ट
  356. 13:36में यहां पे एक और पॉइंट है वो है स्किल
  357. 13:37डेवलपमेंट। जैसे कि टू हेल्प स्टूडेंट इन
  358. 13:40ऑपरेटिंग एडवांस इंस्ट्रूमेंट एंड
  359. 13:41इंटरप्रेटिंग एनालिटिकल डेटा एक्यूरेटली।
  360. 13:44आप जो स्टूडेंट हैं जो इस सिलेबस में जो
  361. 13:46भी इंस्ट्रूमेंट पढ़ रहे हैं कोई भी जो
  362. 13:49टेक्निक पढ़ रहे हैं आप यहां पे उनकी
  363. 13:51चीजें समझ रहे हैं कि आखिर वो किस
  364. 13:52प्रिंसिपल पे काम करती है कैसे काम करती
  365. 13:54है उनकी वर्किंग वगैरह है ना उनका डेटा
  366. 13:57कैसे इंटरप्रिटेट करते हैं वो सब चीजें आप
  367. 14:00यहां पे जान रहे हैं। तो कहने का मतलब
  368. 14:01यहां पे स्किल विद डेवलपमेंट स्किल का
  369. 14:03डेवलपमेंट हो रहा है। आप आगे चलके किसी भी
  370. 14:05फार्मा इंडस्ट्री में या लैब के अंदर
  371. 14:07इन्हीं इंस्ट्रूमेंट का यूज़ करोगे। तो यह
  372. 14:10जो सब्जेक्ट है आपका मॉडर्न फार्मासटिकल
  373. 14:12एनालिटिकल टेक्निक आपको समझ आया होगा कि
  374. 14:14ये क्या है। इसके जो टेक्निक्स के
  375. 14:17एग्जांपल जो कि बिल्कुल भी याद करने की
  376. 14:19आपको जरूरत नहीं पड़ेगी। जो सिलेबस में है
  377. 14:20वही आपके एग्जांपल हैं और उनकीेंस अभी
  378. 14:23हमने जानी है। तो यह एक तरीके से पूरे
  379. 14:26सब्जेक्ट का हमने इंट्रो देख लिया है। अभी
  380. 14:29हमारी यूनिट फर्स्ट यहां पे हम जो देख रहे
  381. 14:31हैं तो इसमें जो देखेंगे तो बात करें सबसे
  382. 14:33पहले यूबी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी आएगी
  383. 14:36जो आप ऑलरेडी बीफम के सेवंथ सेमेस्टर में
  384. 14:38जो सब्जेक्ट है इंस्ट्रूमेंटल मेथड ऑफ
  385. 14:40एनालिसिस उसमें पढ़ करके आ रहे हैं। आगे
  386. 14:43आईआर स्पेक्ट्रोस्कोपी वो भी पढ़ रखी है।
  387. 14:45स्पेक्ट्रोफ्लोरीमेट्री जिसको नॉर्मली
  388. 14:47फ्लोरीमेट्री बोलते थे। तो वो भी आप पढ़
  389. 14:49करके आ रहे हैं। आगे फ्लेम एमिशन
  390. 14:52स्पेक्ट्रोस्कोपी एंड एटॉमिक अब्सॉर्प्शन
  391. 14:54स्पेक्ट्रोस्कोपी आप इनको भी यहां पे पढ़
  392. 14:56करके आ रहे हैं। कहने का मतलब है यहां पे
  393. 14:58कोई भी चीज नई है जो यूनिट फर्स्ट में
  394. 15:00आपको नया ऐड किया गया हो। जो पुरानी जो
  395. 15:02चीजें हैं वो आपने बस यहां पे रिकॉल करनी
  396. 15:05है या रिवाइज करनी है। बस हम यहां पे
  397. 15:07एमफाम के लेवल्स उनको देखने वाले हैं। तो
  398. 15:09मैं मान के चलूंगा कि आपको यहां पे
  399. 15:11स्पेक्टोस्कोपी का बेसिक्स यहां पे तो आते
  400. 15:13होंगे। अगर नहीं भी आते हैं तो डोंट वरी
  401. 15:16मैं एकदम जीरो से ही स्टार्ट करने जा रहा
  402. 15:18हूं। ठीक है? तो अभी हम यहां पे
  403. 15:20स्पेक्ट्रोस्कोपियों को समझने से पहले जो
  404. 15:23टेक्निक्स यहां पे दे रखी हैं उनके बेसिक
  405. 15:25से जान लेते हैं कि आखिर जनरली
  406. 15:27स्पेक्ट्रोस्कोपी क्या होती है? वो कैसे
  407. 15:29काम करती हैं? तो यहां पे देखिए हम बात
  408. 15:32करते हैं स्पेक्ट्रोस्कोपी की। तो सिंपली
  409. 15:34यहां पे जो हेडिंग है उसको हम यहां पे
  410. 15:35ब्रेक कर दिया है। स्पेक्ट्रो प्लस
  411. 15:37स्कोपी। स्पेक्ट्रो का मतलब होता है
  412. 15:39स्पेक्ट्रम ऑफ लाइट। ठीक है? और इसी को हम
  413. 15:42बोलते हैं इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन। तो
  414. 15:45सिंपली स्पेक्ट्रो का मतलब है कि लाइट या
  415. 15:47बोले तो ईएमआर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक
  416. 15:50रेडिएशन। लाइट को ही हम यहां पे
  417. 15:52इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन भी बोलते हैं।
  418. 15:54एंड स्कोपी का मतलब यहां पे टू डिटरमाइन
  419. 15:56और एग्जाम मतलब पता लगाना या जांचना। कहने
  420. 16:00का मतलब है कोई भी अननोन सैंपल है उसकी
  421. 16:02कंसंट्रेशन उसकी क्वालिटी उसकी सेफ्टी
  422. 16:06एफिकसी या उसकी केमिकल स्ट्रक्चर इन सभी
  423. 16:09चीजों को एक लाइट की मदद से या
  424. 16:12इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन की मदद से पता
  425. 16:14लगाना बस वही कहा जाता है
  426. 16:16स्पेक्ट्रोस्कोपी
  427. 16:18समझ आया अभी आपको बेसिक तो चीजें पुरानी
  428. 16:20याद आ रही होंगी बी फार्मा में कि आपने
  429. 16:22क्या-क्या पढ़ा था स्पेक्ट्रोस्कोपी में
  430. 16:24बस वही यहां पे डेफिनेशन आपने दोबारा से
  431. 16:26पढ़नी है कि स्पेक्ट्रोस्कोपी इज द मॉडर्न
  432. 16:29मेथड ऑफ़ एनालिसिस इन व्हिच बी एनालाइज द
  433. 16:32स्ट्रक्चर, कंपोज़शन, कंसंट्रेशन और अदर
  434. 16:34प्रॉपर्टीज ऑफ़ अननोन सैंपल ऑफ ड्रग बाय
  435. 16:37यूजिंग लाइट और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक
  436. 16:39रेडिएशन। कि स्पेक्ट्रोस्कोपी हमारे
  437. 16:41मॉडर्न मेथड है क्योंकि मॉडर्न मेथड ऑफ
  438. 16:43एनालिसिस इसी टेक्निक्स में इस सब्जेक्ट
  439. 16:45में हम पढ़ रहे हैं। तो जिसकी मदद से हम
  440. 16:48किसी भी अननोन सैंपल जो ड्रग का सैंपल हो
  441. 16:51रॉ मटेरियल किसी का भी सैंपल हो उसके
  442. 16:53स्ट्रक्चर उसका कंपोजीशन उसकी कंसंट्रेशन
  443. 16:56और प्रॉपर्टीज को हम यहां पे पता लगा सकते
  444. 16:58हैं। किसकी मदद से? लाइट की मदद से। या
  445. 17:01उसी को हम इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन भी
  446. 17:03बोलते हैं। समझ आ गया क्या है यहां पे
  447. 17:05स्पेक्ट्रोस्कोपी? आगे यहां पर लिखा है कि
  448. 17:07इट बेस्ड ऑन अबजॉर्प्शन एंड एमिशन ऑफ लाइट
  449. 17:10और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन। जो
  450. 17:12स्पेक्ट्रोस्कोपी जो टेक्निक्स होती है या
  451. 17:14तो वह लाइट के अब्सॉर्प्शन पर बेस्ड होती
  452. 17:16है या फिर लाइट के एमिशन पर। आपने बीफा
  453. 17:18में पढ़ा होगा कुछ टेक्निक्स लाइट को
  454. 17:19एब्सॉर्ब करके क्वांटिटी या फिर उनकी
  455. 17:22कंसंट्रेशन वगैरह पता लगाती थी। कुछ एमिशन
  456. 17:24से पता लगाती थी। ठीक है? अभी हम इनके
  457. 17:27इनके बारे में डिटेल में देखेंगे। आगे
  458. 17:29यहां पे देखिए हमने ईएमआर को बता रखा है।
  459. 17:31ईएमआर यानी कि लाइट। लाइट हमारा एक टाइप
  460. 17:34का रेडिएशन ही है जिसको हम यहां पे
  461. 17:35इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन बोलते हैं।
  462. 17:38इसका नेम ही ऐसे बना है इलेक्ट्रो प्लस
  463. 17:41मैग्नेटिक कि ईएमआर या कहें तो लाइट एक
  464. 17:44टाइप का रेडिएशन है जिसमें इलेक्ट्रिक और
  465. 17:46मैग्नेटिक फील्ड दोनों साथ-साथ चलते हैं।
  466. 17:48और ये वेव की फॉर्म में होता है। वेव यानी
  467. 17:51कि तरंग की फॉर्म में। तो यहां पे लिखा है
  468. 17:53कि ईएमआर इज ए फॉर्म ऑफ एनर्जी दैट ट्रेवल
  469. 17:56थ्रू स्पेस इन फॉर्म ऑफ वेव। इलेक्ट्रिक
  470. 17:59फील्ड और मैग्नेटिक फील्ड दोनों यहां पे
  471. 18:01होते हैं। तो लाइट या कहें तो ईएमआर क्या
  472. 18:04है? एक टाइप की एनर्जी है जिसमें फोटों्स
  473. 18:06होते हैं। एनर्जी बंडल ऑफ एनर्जी। ठीक है?
  474. 18:09तो लाइट जस्ट हम बोल रहे हैं इसका मतलब
  475. 18:11जस्ट ये नहीं कि रोशनी ही आपको मिल रही है
  476. 18:13बल्कि वो एक टाइप की एनर्जी है जो कि वेव
  477. 18:16की फॉर्म में चल रही है। अब उसी एनर्जी को
  478. 18:19जब हम किसी सैंपल पर डालेंगे तो वो सैंपल
  479. 18:21उसको या तो एब्सॉर्ब करके हायर स्टेट में
  480. 18:23जाएगा और फिर वापस जब लोअर स्टेट में आएगा
  481. 18:26तो वो एमिशन भी वहां पे करेगा। तो ये
  482. 18:28बेसिक चीजें आपने पढ़ रखी हैं। वही जो
  483. 18:30चीजें मैंने यहां पे अच्छे से दिखा रखी
  484. 18:32है। आप इस बेसिक डायग्राम से समझ लीजिए कि
  485. 18:35जैसे ये जो स्पेक्ट्रोस्कोपी कैसे काम
  486. 18:37करेगी यहां पे लाइट ये सोर्स है जहां पे
  487. 18:40ईएमआर या रेडिएशन वगैरह निकलेगा। ये निकल
  488. 18:43कर के तरंगे जो ये वेव की फॉर्म में चलता
  489. 18:46है ईएमआर या लाइट वो किसी भी सैंपल जिसकी
  490. 18:49आपने जांच करनी है एनालिसिस करनी है उसके
  491. 18:51आर-पार वो निकाला जाएगा। अब ये जो सैंपल
  492. 18:54है उन्हीं लाइट को या उन्हीं तरंगों को जो
  493. 18:57क्या है एक टाइप की एनर्जी है उनको
  494. 18:59एब्जॉर्ब कर गया। एब्जॉर्ब करके उसके जो
  495. 19:02इलेक्ट्रॉन्स है वो लोअर या ग्राउंड स्टेट
  496. 19:04से हायर स्टेट में चले जाएंगे। ठीक है? तो
  497. 19:07कितना यहां पे लाइट या कितनी एनर्जी
  498. 19:09एब्जॉर्ब हुई। अब जितने ज्यादा यहां पे
  499. 19:11मॉलिक्यूल या पार्टिकल्स होंगे उतनी
  500. 19:13ज्यादा एनर्जी एब्सॉर्ब होगी। तो आप ये
  501. 19:14पता लगा पाएंगे कि यहां पे उनकी कितनी
  502. 19:16क्वांटिटी है। सैंपल के अंदर कितनी मात्रा
  503. 19:18में वो मौजूद है। ठीक वैसे ही एमिशन पे
  504. 19:22काम करते हैं कि जो मॉलिक्यूल जिस लाइट को
  505. 19:23या एनर्जी को अब्सॉर्ब करे हैं वो हायर
  506. 19:26स्टेट से वापस ग्राउंड स्टेट पर भी आते
  507. 19:28हैं। वो हमेशा तो वहां पे नहीं बैठे
  508. 19:30रहेंगे हायर स्टेट पे। वो वापस जब ग्राउंड
  509. 19:32स्टेट पे आते हैं तो वो लाइट को एमिट करते
  510. 19:34हैं। बाहर तरंगों को निकालते हैं। तो
  511. 19:36कितना एमिशन वहां पे हो रहा है। उसकी मदद
  512. 19:39से भी यहां पे पता लगा पाएंगे कि कौन सा
  513. 19:41यहां पे कंपाउंड है और इसकी क्या
  514. 19:42क्वांटिटी है। यह जस्ट मैं बेसिक बता रहा
  515. 19:45हूं क्योंकि आपने बीफ में चीजें पढ़ रखी
  516. 19:47हैं। ठीक है? तो आगे यहां पर यही लिख रखा
  517. 19:50है कि जो स्पेक्ट्रोस्कोपी है वो ब्रॉडली
  518. 19:52दो टाइप में क्लासिफाई की गई है।
  519. 19:55एब्जॉर्प्शन स्पेक्ट्रोस्कोपी मतलब जो
  520. 19:57एब्जॉर्प्शन पर बेस्ड होती है लाइट के
  521. 19:59एब्सॉर्प्शन पर। दूसरी एमिशन
  522. 20:00स्पेक्ट्रोस्कोपी जो एमिशन पर बेस्ड होती
  523. 20:03है। अब इनके एग्जांपल्स आपने जरूर से
  524. 20:05ध्यान रखने हैं कि कौन सी कैटेगरी में कौन
  525. 20:07सा आता है। जैसे लिखा है कि एब्जॉर्प्शन
  526. 20:09स्पेक्ट्रोस्कोपी में इट इज़ बेस्ड ऑन द
  527. 20:11मेज़मेंट ऑफ एब्जॉर्प्शन ऑफ़
  528. 20:13इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन और लाइट। कि
  529. 20:16अब्सॉर्प्शन स्पेक्ट्रोस्कोपी ईएमआर या
  530. 20:18लाइट के एब्जॉर्प्शन के मेज़मेंट पर बेस्ड
  531. 20:21होती है कि कितना एब्जॉर्प्शन हुआ। उसको
  532. 20:23मेजर करके आप पता लगाओगे। दूसरा आपका यहां
  533. 20:25पे है जिसके एग्जांपल की बात करें जैसे कि
  534. 20:28यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी वो
  535. 20:30अब्सॉर्प्शन ऑफ लाइट इसी पर बेस्ड है।
  536. 20:32आईआर भी अब्सॉर्प्शन पर बेस्ड है। एटॉमिक
  537. 20:34अबजॉर्प्शन स्पेक्ट्रोस्कोपी अब्जॉर्प्शन
  538. 20:36पर ही बेस्ड है। इसके तो नेम में भी आ रहा
  539. 20:38है अबजॉर्प्शन। एंड यहां पे है न्यू आपका
  540. 20:40जो है यहां पे न्यूक्लियर मैग्नेटिक
  541. 20:42रेजोनेंस। शॉर्ट में एनएमआर
  542. 20:44स्पेक्ट्रोस्कोपी बोलते हैं। तो ये भी
  543. 20:45एब्जॉर्प्शन पर बेस्ड है। ठीक है? तो यहां
  544. 20:49पे सिलेबस मैं आपको साथ के साथ बताऊं। ये
  545. 20:51चीज बहुत इंपॉर्टेंट है याद करने वाली कि
  546. 20:53यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी अब्सॉर्प्शन
  547. 20:55पर बेस्ड है। ये भी अबजॉर्प्शन पर बेस्ड
  548. 20:57है। यहां पे आस अबजॉर्प्शन पर बेस्ड है।
  549. 21:00एनएमआर आपका एब्सॉर्प्शन पर बेस्ड है।
  550. 21:02दूसरा है यहां पे एमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी
  551. 21:05मतलब कि वो स्पेक्ट्रोस्कोपी जहां पे जो
  552. 21:08आप जो लाइट के एमिशन पर बेस्ड होती है।
  553. 21:10लिखा है कि इट बेस्ड ऑन द मेज़रमेंट ऑफ
  554. 21:12एमिशन ऑफ़ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन और
  555. 21:14लाइट। इसमें सिर्फ दो आती हैं।
  556. 21:17फ्लोरमेट्री या इसको
  557. 21:19स्पेक्ट्रोफ्लोरीमेट्री बोलते हैं। दूसरा
  558. 21:21है फ्लेम एमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी। इसके
  559. 21:23नेम में आ रहा है एमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी।
  560. 21:26तो यहां पे आपको सिलेबस में दिखा दें। ये
  561. 21:29आपका स्पेक्ट्रोफ्लोरीमेट्री।
  562. 21:31दूसरा फ्लेम एमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी। ये
  563. 21:34एमिशन पर बेस्ड है। अब आपका एक और
  564. 21:36स्पेक्ट्रोस्कोपी यहां पे बचा है वो है
  565. 21:38मास स्पेक्ट्रोस्कोपी। ये एक्चुअली में
  566. 21:40इसका नेम यहां पे जोड़ दिया है
  567. 21:42स्पेक्ट्रोस्कोपी। पर ये एक्चुअली में
  568. 21:44स्पेक्ट्रोस्कोपी नहीं है। क्योंकि अभी
  569. 21:47मैं आपको आगे चल के बताऊंगा। थोड़ा यहां
  570. 21:49भी बता देता हूं। देखिए ये जो मास
  571. 21:52स्पेक्ट्रोस्कोपी है ये स्पेक्ट्रोस्कोपी
  572. 21:54नहीं है बल्कि मास स्पेक्ट्रोमेट्री है।
  573. 21:57यहां पे अभी हमने एक कांसेप्ट समझा कि
  574. 21:59स्पेक्ट्रोस्कोपी हम किसको बोलते हैं? कि
  575. 22:02जहां पे लाइट या स्पेक्ट्रम की मदद से
  576. 22:04किसी भी सैंपल की कंसंट्रेशन, क्वांटिटी
  577. 22:06या सैंपल की जांच करते हैं। किसकी मदद से?
  578. 22:08लाइट या ईएमआर की मदद से। पर मास
  579. 22:11स्पेक्ट्रोमेट्री में यहां पर ईएमआर या
  580. 22:14लाइट का यूज होता ही नहीं है। जब यूज़ होता
  581. 22:16ही नहीं है तो मतलब ये स्पेक्ट्रोस्कोपी
  582. 22:18की कैटेगरी में नहीं आती है। यहां पे ये
  583. 22:20पीसीआई ने नाम जरूर दे दिया है मास
  584. 22:22स्पेक्ट्रोस्कोपी पर ये स्पेक्ट्रोमेट्री
  585. 22:25है मास स्पेक्ट्रोमेट्री। ठीक है? तो यहां
  586. 22:28पे बस ये ध्यान रखना है कि इसमें दो ही
  587. 22:30एग्जांपल है। तीसरा एग्जांपल मास
  588. 22:32स्पेक्ट्रोस्कोपी इन दोनों में नहीं आता
  589. 22:34है। ठीक है? अब यहां पे हम थोड़ा अच्छे से
  590. 22:37बात कर लेते हैं कि लाइट क्या है? लाइट जो
  591. 22:40अभी हमने जाना इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन
  592. 22:42है तो लिखा है इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन
  593. 22:45इज अ फॉर्म ऑफ एनर्जी दैट ट्रेवल्स थ्रू
  594. 22:48स्पेस इन फॉर्म ऑफ वेव जो रोशनी आपके घरों
  595. 22:52तक आती है आपकी आंखों तक आती है या अभी जो
  596. 22:54आप अपने फोन में देख रहे हैं तो ये क्या
  597. 22:56है एक टाइप की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन
  598. 22:59है जो कि एक फॉर्म है एनर्जी की जो कि
  599. 23:02किसी भी स्पेस में किसी भी मीडियम में वो
  600. 23:04ट्रैवल करती है वेव की फॉर्म में तरंगों
  601. 23:06की फॉर्म में जैसे यहां पे मैंने दिखा रखा
  602. 23:09है।
  603. 23:10जैसे आप देखोगे यह जो लाइट है या ईएमआर है
  604. 23:14यह इस तरीके से इलेक्ट्रिक फील्ड और
  605. 23:16मैग्नेटिक फील्ड ये दोनों कंसिस्ट करते
  606. 23:18हैं। ये ऑस्केलेट या बोल तो कंपन करते
  607. 23:20रहते हैं दोनों फील्ड। जैसे ये आप रेड कलर
  608. 23:23में देखोगे कुछ इस तरीके से। यह आपका
  609. 23:26इलेक्ट्रिक फील्ड है। और इसके अगर आप यहां
  610. 23:29पर परपेंडिकुलर देखोगे यह कुछ इस तरीके से
  611. 23:32यह आपका यहां पर मैग्नेटिक फील्ड है। ये
  612. 23:34दोनों इस तरीके से ऑस्लेट करते हैं किसी
  613. 23:37भी मीडियम में और ये वेव की फॉर्म में
  614. 23:40चलते हैं। समझ आया आपको? यहां पे मैं इन
  615. 23:43दोनों को आपको अलग-अलग करके भी यहां पे
  616. 23:45दिखा देता हूं ताकि आपको एकदम और अच्छे से
  617. 23:47समझ आ जाए। जैसे
  618. 23:50यहां पे आप इस फोन में देखिए अगर आपको
  619. 23:52चीजें नजर आए। इलेक्ट्रिक फील्ड जैसे कि
  620. 23:55आपको यहां पर नजर आ रहा है। इलेक्ट्रिक
  621. 23:57फील्ड कुछ इस तरीके से आपका होता है। ठीक
  622. 24:00है? और मैग्नेटिक फील्ड जो है इसके
  623. 24:02परपेंडिकुलर कुछ इस तरीके से ये होता है।
  624. 24:05ठीक है? दिख रहा है आपको यहां पे? तो ये
  625. 24:07आपकी जो लाइट है कुछ इसी तरीके से दोनों
  626. 24:10जो फील्ड है वो एक साथ चलते हैं एक वेव की
  627. 24:12फॉर्म में। और यह आपका लाइट या
  628. 24:14इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन कहा जाता है।
  629. 24:16तो इसी को हम किसी भी सैंपल पर डालते हैं
  630. 24:19और उसकी एनालिसिस करते हैं। अब यहां पे
  631. 24:22दो-तीन पॉइंट और लिखे हैं जो आप देख रहे
  632. 24:24हैं वही चीजें हैं कि जो ईएमआर है लिखा है
  633. 24:27कि इट कंसिस्ट इट कंसिस्ट ऑफ ऑस्किलेटिंग
  634. 24:30इलेक्ट्रिक एंड मैग्नेटिक फील्ड्स दैट
  635. 24:32स्प्रेड थ्रू ए वैक्यूम और मीडियम। कि
  636. 24:35ईएमआर में क्या होता है? कंपन करते हुए
  637. 24:37इलेक्ट्रिक और मैग्नेटिक फील्ड होते हैं
  638. 24:38जो कि किसी भी वैक्यूम या मीडियम में
  639. 24:40फैलते हैं एक वेव की फॉर्म में।
  640. 24:42इट आल्सो कंटेन फोटों्स। इसमें फोटन होते
  641. 24:46हैं बंडल ऑफ एनर्जी जो किसी भी सैंपल पर
  642. 24:49डलते हैं वो वहां पे सैंपल उनको अब्सॉर्ब
  643. 24:52करता है। ठीक है? अगर हम बात करें यहां पे
  644. 24:55ईएमआर की लाइट की या वेव की वो अलग-अलग
  645. 24:58हैं। जैसे कि गामा रेज, एक्स रेज,
  646. 25:01अल्ट्रावायलेट रेज, विज़िबल लाइट,
  647. 25:04इंफ्रारेड लाइट या रडार वेव, माइक्रोवेव,
  648. 25:07टेलीविज़ वेव, रेडियो वेव। ये सभी के सभी
  649. 25:10जो है क्या आपके इलेक्ट्रोमैग्नेटिक
  650. 25:12रेडिएशन है। अभी जस्ट हम जो लाइट की बात
  651. 25:15करते हैं जस्ट आपको लगता है जो हम चीजों
  652. 25:17को देख रहे हैं सिर्फ हम उनकी बात कर रहे
  653. 25:19हैं। उसको हम यहां पे जस्ट विजिबल लाइट
  654. 25:22बोलते हैं। विजिबल लाइट के अलावा भी बहुत
  655. 25:24सारे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन हैं।
  656. 25:26जैसे गामा रेज, अल्ट्रावायलेट रेज,
  657. 25:28इंफ्रारेड लाइट, रडार वेव, माइक्रोवेव। यह
  658. 25:31भी क्या है? एक टाइप के
  659. 25:32इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन है। सेम ऐसे
  660. 25:34ही जैसे जिस लाइट की मदद से आप देखते हैं
  661. 25:37विज़िबल लाइट की तरह।
  662. 25:39ठीक है? जब भी हम बात करें ईएमआर जस्ट
  663. 25:41विजिबल लाइट की ही बात नहीं हो रही है। इन
  664. 25:43सभी की बात यहां पर हो रही है। ठीक है?
  665. 25:46आगे जो बेसिक चीजें हैं जो आपने जाननी है
  666. 25:48कि वेवलेंथ क्या है? फ्रीक्वेंसी क्या है?
  667. 25:51फोटन एनर्जी क्या है? ये चीजें आपने जाननी
  668. 25:54है। वेवलेंथ। वेव यानी कि तरंग। लेंथ बोले
  669. 25:58तो लंबाई। किसी भी तरंग की लंबाई। किसी भी
  670. 26:01वेव की लंबाई को हम यहां पे वेवलेंथ बोलते
  671. 26:03हैं। जैसे यहां पे जो वेव है जैसे आप
  672. 26:06देखोगे ये आपका मैग्नेटिक फील्ड है। इसका
  673. 26:08मैग्नेटिक फील्ड में जो वेव है इसका पीक
  674. 26:10एक यहां है। यहां से यह वेव चली ऐसे करती
  675. 26:13करती और यहीं पर यह पहुंच गई एकदम उसी के
  676. 26:16बराबर ऊंचाई पर। तो इसी एक साइकिल को पूरा
  677. 26:20करने के लिए या एक वेव पूरी जो कंप्लीट
  678. 26:23होती है जहां ये टू नियरेस्ट पीक के बीच
  679. 26:26की जो दूरी है उसी को हम वेवलेंथ बोलते
  680. 26:29हैं। वेव की लंबाई बोलते हैं। सपोज़ करो
  681. 26:32अगर ये टेढ़ी नहीं होती। आप इसके दोनों
  682. 26:34छोरों को पकड़ते अगर इनको ऐसे खींचोगे तो
  683. 26:36जो खींचने के बाद जो लंबाई बनेगी उसको माप
  684. 26:39दो मीटर में नैनोमीटर में किलोमीटर में बस
  685. 26:42वही क्या है वेव की लेंथ है समझने के लिए
  686. 26:45एकदम सिंपल है यहां पे दूसरा यहां पे
  687. 26:48फ्रीक्वेंसी
  688. 26:49डेफिनेशन देखिए यहां पे लिखी हुई है इट इज
  689. 26:51द डिस्टेंस बिटवीन टू नियरेस्ट पीक ऑफ वेव
  690. 26:54वेव की दो नियरेस्ट पीक के बीच की दूरी
  691. 26:57जैसे ये दो नियरेस्ट पीक है उनके बीच की
  692. 27:00दूरी वेवलेंथ कही जाती है। ठीक है? इसको
  693. 27:04जैसे कि ये लंबाई है। इसको आप किस में
  694. 27:05मेजर करोगे? मीटर में, नैनोमीटर में या
  695. 27:08सेंटीमीटर में या किलोमीटर में? ठीक है?
  696. 27:10इसको हम लैम्ब्डा से रिप्रेजेंट करते हैं।
  697. 27:12ये ध्यान रखना। आगे यहां पे फ्रीक्वेंसी।
  698. 27:15फ्रीक्वेंसी को हम हिंदी में बोलते हैं
  699. 27:18यहां पे बारंबारता। कोई भी चीज जब बार-बार
  700. 27:21बार-बार आती है उसको हम फ्रीक्वेंसी या
  701. 27:23आवृत्ति भी उसको हम हिंदी में बोलते हैं।
  702. 27:25इसको हम न्यू से रिप्रेजेंट करते हैं। इट
  703. 27:27इज डिफाइंड एज एज नंबर ऑफ वेव साइकिल
  704. 27:31कंप्लीट्स इन 1 सेकंड या पर यूनिट टाइम।
  705. 27:34जैसे हमारी हमने सपोज़ करो एक टाइम फिक्स
  706. 27:37कर दिया एक यूनिट या 1 सेकंड। तो 1 सेकंड
  707. 27:40के अंदर कितनी वेव साइकिल कंप्लीट होती
  708. 27:42हैं। जैसे सपोज़ करो कुछ इस तरीके से। अब
  709. 27:48हम बात कर रहे हैं सपोज करो 1 मिनट या फिर
  710. 27:501 सेकंड कि 1 सेकंड में हमारी वेव यहां से
  711. 27:53चल रही है। ऐसे चलते-चलते चलते और यहां पे
  712. 27:57आके 1 सेकंड हो गई। अब 1 सेकंड में कितनी
  713. 27:59वेबसाइकिल कंप्लीट हुई? यहां से यहां से
  714. 28:02यहां एक वेब साइकिल यहां से यहां दो तीन।
  715. 28:04तो तीन वेब साइकिल ये 1 सेकंड में कंप्लीट
  716. 28:07करी तो इसकी फ्रीक्वेंसी यहां पे कितनी
  717. 28:09होगी? तीन होगी। समझ आया? तो फ्रीक्वेंसी
  718. 28:12कहने का मतलब है कि यहां पे जो लाइट है या
  719. 28:15जो वेव है वो कितनी तेजी से चल रही है आप
  720. 28:18वो पता लगा सकते हैं। इट इज डिफाइंड एज द
  721. 28:21नंबर ऑफ वेव साइकिल कंप्लीट इन वन यूनिट
  722. 28:23टाइम या 1 मिनट में कितनी वेव साइकिल
  723. 28:25कंप्लीट हो रही है या 1 सेकंड में कितनी
  724. 28:27वेव साइकिल कंप्लीट हो रही हैं। तो इसको
  725. 28:29हम यहां पे इसकी यूनिट है हर्ट्ज जिसको हम
  726. 28:32बोलते हैं वन साइकिल पर सेकंड।
  727. 28:35ठीक है? हर्ट्ज। तो ये आपने समझा कि
  728. 28:38वेवलेंथ क्या है? फ्रीक्वेंसी क्या है? अब
  729. 28:41एक चीज यहां पर बहुत इंपॉर्टेंट जो समझने
  730. 28:43वाली है। जैसे सपोज करो कि यह मैंने इस
  731. 28:47तरीके से यहां पर बनाई है। इस तरीके से
  732. 28:49लाइट चल रही है। दूसरी तरफ हमारी ये इस
  733. 28:54तरीके से।
  734. 28:56अब यहां पे आपको दो चीज देखने को मिलेंग
  735. 28:58या शायद आपको और अच्छे से मैं दूसरे पेज
  736. 29:01पे समझा देता हूं।
  737. 29:05ठीक है? इस तरीके से यह हमारी वेव है। एक
  738. 29:09इधर
  739. 29:15ये इस तरीके से ये हमने दो वेव यहां पे
  740. 29:18ड्रॉ कर दी। अब आप ऊपर वाली वेव को देखोगे
  741. 29:21तो उसकी जो वेवलेंथ है यहां से यहां ये
  742. 29:24लैम्ब्डा है।
  743. 29:26इसकी जो वेवलेंथ है वो काफी ज्यादा नहीं
  744. 29:28दिख रही आपको। ये ज्यादा है। और एक चीज
  745. 29:31आपको ये भी दिख रही है कि जब वेवलेंथ
  746. 29:33ज्यादा हो रही है ना तो इसकी फ्रीक्वेंसी
  747. 29:35कम हो जा रही है। जैसे यहां पे इसकी
  748. 29:37वेवलेंथ बहुत छोटी है। जस्ट यहां से यहां
  749. 29:40तक है। तो इसको देखेंगे जब वेवलेंथ यहां
  750. 29:42पे कम हो जा रही है तो फ्रीक्वेंसी यहां
  751. 29:44पे बहुत तेजी-तेजी से हो रही है।
  752. 29:45फ्रीक्वेंसी यहां पे बढ़ जा रही है। तो आप
  753. 29:47बोल सकते हैं कि लैम्ब्डा यानी कि वेवलेंथ
  754. 29:50एंड फ्रीक्वेंसी यानी कि न्यू एक दूसरे के
  755. 29:52अपोजिट है। यानी कि अगर वेवलेंथ बढ़ती है
  756. 29:55तो फ्रीक्वेंसी कम होती है। फ्रीक्वेंसी
  757. 29:57बढ़ती है तो यहां पे वेवलेंथ कम होती है।
  758. 29:59समझ गए? यह चीज आपने ध्यान रखनी है। आपको
  759. 30:02यह समझ आ गया? इसके बाद देखिए जो टर्म है
  760. 30:05यहां पे वो है फोटन एनर्जी। फोटन यानी कि
  761. 30:07एनर्जी के जो बंडल होते हैं जो कि वेव के
  762. 30:10फॉर्म में चलते हैं। तो फोटन एनर्जी कहने
  763. 30:13का मतलब है कि एक फोटन की कितनी एनर्जी है
  764. 30:16वही फोटन एनर्जी कही जाएगी। और ये फोटन
  765. 30:18एनर्जी जो होती है ना वो डिपेंड करती है
  766. 30:20कि उस फोटन की या वेव की फ्रीक्वेंसी
  767. 30:24कितनी है या वेवलेंथ कितनी है। अभी इन
  768. 30:26दोनों में रिलेशनशिप तीनों में रिलेशनशिप
  769. 30:28भी आपने जाननी है और वो काफी इंपॉर्टेंट
  770. 30:30है आपकी इस सारी यूबीएस विज़िबल
  771. 30:32स्पेक्ट्रोस्कोपी या आने वाली
  772. 30:33स्पेक्ट्रोस्कोपी में। तो यहां पे लिखा है
  773. 30:35कि फोटोन एनर्जी क्या है? इट इज द अमाउंट
  774. 30:37ऑफ एनर्जी व्हिच कैरीड बाय अ सिंगल फोटन।
  775. 30:40एक सिंगल फोटोन के द्वारा कितनी एनर्जी
  776. 30:42कैरी की जाती है? कितनी एनर्जी उसमें होती
  777. 30:44है? वही कही जाएगी फोटन एनर्जी। इसको हमने
  778. 30:48E से रिप्रेजेंट करते हैं। और यही जो
  779. 30:50एनर्जी होती है यानी कि E ये फोटन की जो
  780. 30:53एनर्जी होती है वो डिपेंड करती है कि उस
  781. 30:55फोटन की वेवलेंथ या फ्रीक्वेंसी कितनी है।
  782. 30:58जैसे यहां पे इन दो इनके बीच में एक
  783. 31:00फार्मूला भी है। जैसे अगर मैं बात करूं ये
  784. 31:05E बोले तो फोटोन एनर्जी इसको हम प्लैंक
  785. 31:07इक्वेशन भी बोलते हैं। तो प्लैंक इक्वेशन
  786. 31:09क्या है? कि E इज़ डायरेक्टली प्रपोशनल टू
  787. 31:12न्यू। ये जो V जैसा देख रहे हो ना ये न्यू
  788. 31:15है। न्यू यानी कि फ्रीक्वेंसी। आप बोल
  789. 31:18सकते हैं कि अगर हम बात करें अगर किसी भी
  790. 31:20वेव की अगर फ्रीक्वेंसी बढ़ती है तो उसकी
  791. 31:22एनर्जी भी बढ़ती है। एनर्जी बढ़ने से उसकी
  792. 31:25फ्रीक्वेंसी बढ़ती है। आप ये भी बोल सकते
  793. 31:27हैं। इज़ इज़ इक्वल्स टू लिखा है यहां पे।
  794. 31:31ये H जो है प्लैंक कांस्टेंट है। C यानी
  795. 31:33कि यहां पे स्पीड ऑफ लाइट एंड लैम्ब्डा
  796. 31:36बोले तो वही वेवलेंथ। तो एक फार्मूला रहता
  797. 31:39है कि स्पीड ऑफ लाइट यानी कि c = लैम्ब्डा
  798. 31:42* μ न्यू फ्रीक्वेंसी लैम्ब्डा वेवलेंथ और
  799. 31:45ये c स्पीड ऑफ लाइट। तो यहां पे देखिए अगर
  800. 31:48हम μ की जगह अगर यहां पे μ को इधर ले जाए
  801. 31:52तो c/ लैम्ब्डा आ जाएगा। तो μ की जगह जब
  802. 31:55हमने यहां पे c/ लैम्ब्डा रखा h यहां पे
  803. 31:57है ही है तो e = हो जाएगा यहां पे प्लैंक
  804. 32:02कांस्टेंट * c/ लैम्ब्डा यानी कि एनर्जी
  805. 32:05जो होती है किसी भी फोटन की वो लाइट की
  806. 32:07स्पीड के डायरेक्टली प्रपोर्शनल होती है।
  807. 32:09लेकिन यहां पे जो लैम्ब्डा है उसके
  808. 32:12इन्वर्सली प्रपोर्शनल होती है। यानी कि
  809. 32:15अगर वेवलेंथ बढ़ती है तो एनर्जी कम होगी
  810. 32:18किसी भी तरंग की और अगर एनर्जी बढ़ती है
  811. 32:20तो वेवलेंथ उसकी जरूर कम ही होगी। समझ आया
  812. 32:23आपको? यानी कि दोनों चीजें ये एक दूसरे के
  813. 32:26अपोजिट है। एनर्जी और वेवलेंथ भी। जैसे
  814. 32:29यहां पे E फॉर फोटन एनर्जी, H प्लैंक
  815. 32:31कांस्टेंट है। C स्पीड ऑफ लाइट है।
  816. 32:33लैम्ब्डा यहां पे फोटन की वेवलेंथ और न्यू
  817. 32:35जो है फोटन की फ्रीक्वेंसी।
  818. 32:37ठीक है? अब सिंपली इन्हीं में यही
  819. 32:39रिलेशनशिप यहां पे दे रखी है। जैसे कि
  820. 32:41लिखा है रिलेशनशिप बिटवीन वेवलेंथ,
  821. 32:43फ्रीक्वेंसी एंड फोटन एनर्जी। अभी हमने
  822. 32:46देखा कि फ्रीक्वेंसी जो है अगर बढ़ती है
  823. 32:48तो वेवलेंथ कम होती है। वेवलेंथ बढ़ती है
  824. 32:51तो फ्रीक्वेंसी कम होती है। यानी कि एक
  825. 32:53दूसरे के इन्वर्सली प्रोपोर्शनल है। तो
  826. 32:55यहां पे लिखा है कि फ्रीक्वेंसी इज
  827. 32:56इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू वेवलेंथ। जैसे
  828. 32:59फ्रीक्वेंसी बढ़ी तो वेवलेंथ कम हुई।
  829. 33:01वेवलेंथ बढ़ी तो फ्रीक्वेंसी कम हुई। ठीक
  830. 33:04है? आगे अभी हमने ये भी देखा जब फोटन
  831. 33:06एनर्जी का फार्मूला देखा कि फ्रीक्वेंसी
  832. 33:08डायरेक्टली प्रपोर्शनल होती है एनर्जी के।
  833. 33:11यहां पे e इज इक्व टू अ प्लैंक कांस्टेंट
  834. 33:14* न्यू यानी कि डायरेक्टली प्रपोर्शनल थी।
  835. 33:16तो अगर किसी भी वेव की एनर्जी बढ़ रही है
  836. 33:19मतलब कि उसकी फ्रीक्वेंसी भी बढ़ रही है।
  837. 33:21है ना? ये अगर कोई आदमी बहुत तेजी से भाग
  838. 33:24रहा है इसका मतलब उसमें एनर्जी ज्यादा है।
  839. 33:26बस इस चीज से ध्यान फ्रीक्वेंसी बोले तो
  840. 33:28तेज भागना, तेज दौड़ना। ठीक है? जो तेज
  841. 33:31आदमी दौड़ रहा है मतलब उसकी एनर्जी भी
  842. 33:33ज्यादा है। दूसरी तरफ वेवलेंथ इन्वर्सली
  843. 33:36प्रपोर्शनल होती है एनर्जी के। भाई किसी
  844. 33:39आदमी में अगर एनर्जी कम है तो वह तो स्लो
  845. 33:42स्लो चलेगा। यानी कि उसकी जो वेवलेंथ जैसे
  846. 33:45हमने यहां पर देखी जैसे कोई आदमी में
  847. 33:48एनर्जी कम है तो वो यहां पे स्लो स्लो
  848. 33:49चलेगा। किसी आदमी में बहुत ज्यादा एनर्जी
  849. 33:51वो तेज-तेज़ तेज़-तेज़ यहां पे भागेगा। तो
  850. 33:53एनर्जी अगर आप बढ़ाओगे तो यानी कि न्यू
  851. 33:58यानी कि फ्रीक्वेंसी भी यहां पे बढ़ती है।
  852. 34:01अगर एनर्जी यहां पे बढ़ेगी यानी कि यहां पे
  853. 34:05वेवलेंथ जरूर यहां पे कम ही होगी। क्योंकि
  854. 34:08वेवलेंथ इज़ इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू
  855. 34:10फ्रीक्वेंसी। ये इन तीनों में यहां पे
  856. 34:12रिलेशनशिप दे रखी है कि वेवलेंथ बढ़ी तो
  857. 34:15फ्रीक्वेंसी कम हुई और एनर्जी भी कम हुई।
  858. 34:17अगर वेवलेंथ यहां पे घटी तो फ्रीक्वेंसी
  859. 34:19भी बढ़ी और एनर्जी भी बढ़ी। ये चीज आपने
  860. 34:21दिमाग में बस बैठा लो कि वेवलेंथ बढ़ने से
  861. 34:24फ्रीक्वेंसी घटती है और एनर्जी भी घटती
  862. 34:26है। वेवलेंथ घटने से फ्रीक्वेंसी बढ़ती है
  863. 34:28और एनर्जी भी बढ़ती है। अभी इनके हम
  864. 34:30एग्जांपल से भी आपको चीजें समझाएंगे। ठीक
  865. 34:33है? अब यहां पे हमारा क्वेश्चन स्टार्ट
  866. 34:35होने वाला है कि एक्सप्लेन थ्योरी
  867. 34:37प्रिंसिपल इंस्ट्रूमेंटेशन एप्लीकेशन ऑफ
  868. 34:40यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी एंड
  869. 34:42एक्सप्लेन चॉइस ऑफ़ सॉल्वेंट और सॉल्वेंट
  870. 34:44का इफेक्ट ऑन यूवी विजिबल
  871. 34:45स्पेक्ट्रोस्कोपी। 10 मार्क्स में
  872. 34:46क्वेश्चन आते हैं। काफ़ी इंपॉर्टेंट है। पर
  873. 34:48उससे पहले और भी जो बेसिक चीज़ें हैं, वह
  874. 34:50आपने यहां पे समझ लेनी है।
  875. 34:53जैसे यहां पे ये इमेज शो कर रहा है। थोड़ा
  876. 34:58इसको यहां पे इतना रखते हैं। तो, यह
  877. 35:00इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम दिखा रखा
  878. 35:02है। देखिए, अभी हमने देखा
  879. 35:05इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन। उसमें कई
  880. 35:07सारे एग्जांपल हमने देखे थे। गामा रेज,
  881. 35:09एक्स रेज, अल्ट्रावायलेट रेज, विज़िबल
  882. 35:12लाइट, इंफ्रारेड, माइक्रोवेव, रेडियो वेव।
  883. 35:15अब इनकी हर एक की जो वेवलेंथ है, वेवलेंथ
  884. 35:18मैंने बताया था ना मतलब वेव की लंबाई और
  885. 35:20हर एक की जो फ्रीक्वेंसी है वो अलग-अलग
  886. 35:23है। जैसे यहां पे आपको ये तरंगद जैसी दिख
  887. 35:27रही होगी। इस तरीके से यह धीरे धीरे धीरे
  888. 35:30धीरे बड़ी भी होती जा रही है। आपको अगर
  889. 35:33थोड़ा भी समझ आया होगा तो आपको आईडिया लग
  890. 35:34रहा होगा कि यहां पे जो फ्रीक्वेंसी है वो
  891. 35:36बहुत ज्यादा है। वेवलेंथ कम है। धीरे
  892. 35:39धीरे-धीरे आगे हम जैसे बढ़ रहे हैं इसकी
  893. 35:41वेवलेंथ बढ़ती जा रही है। जैसा कि हम
  894. 35:43जानते हैं वेवलेंथ बढ़ती है तो
  895. 35:44फ्रीक्वेंसी यहां पे कम होती जा रही होगी।
  896. 35:46यानी कि यह रेडियो वेव की एनर्जी सबसे कम
  897. 35:49होगी क्योंकि यहां पे वेवलेंथ ज़्यादा है।
  898. 35:51गामा रेज़ की एनर्जी सबसे ज़्यादा होगी
  899. 35:53क्योंकि यहां पे उनकी फ्रीक्वेंसी ज्यादा
  900. 35:56है। बस वही चीज मैंने रेड कलर में यहां पे
  901. 35:58लिख दी है। आपको बाद में याद रहे इसलिए कि
  902. 36:01देखो यहां पे गामा रेज की यहां पे लो
  903. 36:03वेवलेंथ है। यहां की अगर आप दूरी नापोगे
  904. 36:06दो पीक के नियरेस्ट पीक के बीच की दूरी
  905. 36:08बहुत ही कम है। यहां पे देखोगे आगे चलके
  906. 36:10ये बढ़ती जा रही है। तो लो वेवलेंथ होने की
  907. 36:13वजह से एनर्जी यहां पे ज्यादा है। यानी कि
  908. 36:16फ्रीक्वेंसी यहां पे ज्यादा है। समझ गए?
  909. 36:18दूसरी तरफ यहां पे जो वेवलेंथ है बढ़ती जा
  910. 36:20रही है। इन दो नियरेस्ट पीक की दूरी बढ़
  911. 36:22गई है। यानी कि फ्रीक्वेंसी यहां पे कम
  912. 36:24होगी। फ्रीक्वेंसी कम होगी मतलब एनर्जी भी
  913. 36:27यहां पे कम होगी। ठीक है? अब यहां पे जो
  914. 36:30ईएमआर है इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन है
  915. 36:32उसमें कई टाइप की यहां पे वेव है। जैसे
  916. 36:35गामा रेज। गामा रेज की अगर हम बात करें तो
  917. 36:38उनकी जो वेवलेंथ है वह बहुत ही कम है।
  918. 36:420.0001
  919. 36:44नैन मीटर से 0.01 नैन मीटर ये बहुत ही कम
  920. 36:48इसकी वेवलेंथ है। हमने जान लिया कि
  921. 36:50वेवलेंथ कम है। मतलब कि भाई इनमें एनर्जी
  922. 36:53बहुत ज्यादा है। है ना? ये गामा रेज काफी
  923. 36:55ज्यादा एनर्जेटिक होती है। उसके बाद आती
  924. 36:57है एक्स रेज। एक्स रेज की अगर हम बात करें
  925. 37:00तो उनकी जो रेंज है वो 0.01 नैन मीटर से
  926. 37:0310 नैन मीटर के बीच में है। मतलब इनकी
  927. 37:06वेवलेंथ काफी कम है। एक तरीके से देखा जाए
  928. 37:08तो इनमें भी काफी ज्यादा एनर्जी होती है।
  929. 37:11फिर उसके बाद यहां पे आता है
  930. 37:13अल्ट्रावायलेट।
  931. 37:15अल्ट्रावायलेट। अल्ट्रावायलेट जो ये वेव
  932. 37:18होती हैं अगर हम उनकी बात करें तो ये आपको
  933. 37:21सनलाइट से मिल। देखो यहां पे इमेज ये भी
  934. 37:23दिखा रहा है कि ये चीजें आपको मिलती कहां
  935. 37:25से है। देखिए गामा रेज जो रेडियोएक्टिव जो
  936. 37:27सोर्सेज होते हैं जहां पे रेडिएशन होता है
  937. 37:29जैसे नॉर्मली बोलते हैं जो आपका जहां पे
  938. 37:33ये एटॉमिक बम्ब वगैरह बनते हैं या और भी
  939. 37:36चीजें बनती हैं तो वहां पे ये वाला गामा
  940. 37:38रेज ही निकलती है। उनमें काफी ज्यादा
  941. 37:40एनर्जी होती है। इसी वजह से बहुत ज्यादा
  942. 37:42घातक भी हमारे लिए होती हैं। एक्सरे जो हम
  943. 37:45यूज़ करते हैं मेडिकल एक्सरे जिसकी मदद से
  944. 37:47आप किसी भी आपके बॉडी के इंटरनल पार्ट की
  945. 37:49जांच करते हैं वो इन एक्सरेज़ की मदद से
  946. 37:51करते हैं। ठीक है? आगे बात करोगे
  947. 37:54अल्ट्रावायलेट जो रेज हैं वो आपको सनलाइट
  948. 37:57सूरज की लाइट से मिलती है। है ना? ऐसे आगे
  949. 37:59ही जो विज़िबल लाइट है वह आपको सनलाइट या
  950. 38:02बोले तो जो ट्यूबलाइट या और भी जो बल्ब है
  951. 38:04उनसे आपको मिलती है। आगे इंफ्रारेड जो
  952. 38:07इमेजिंग वगैरह हम जनरेट करते हैं। आगे
  953. 38:09माइक्रोवेव जो हम यूज़ करते हैं घरों में
  954. 38:11माइक्रोवेव खाना पकाने के लिए आगे आती है
  955. 38:14आपकी रेडियो वेव या एफएम वेव या टेलीविज़
  956. 38:18वेव वो सब आगे आएंगी। उनकी वेवलेंथ यहां
  957. 38:20पे बहुत ज्यादा होती है। अब समझने वाली
  958. 38:23बात यहां पे ये है कि देखो इनकी वेवलेंथ
  959. 38:25बहुत कम। इनकी वेवलेंथ थोड़ी बड़ी। इनकी
  960. 38:27वेवलेंथ और ज्यादा बढ़ी। तो यहां पे
  961. 38:29अल्ट्रावायलेट जो रीजन है अगर हम उसकी
  962. 38:31वेवलेंथ की बात करें तो वो नॉर्मली 200 से
  963. 38:34400 नैनोमीटर बोला जाता है। अगर आपने यूवी
  964. 38:36विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी पढ़ा हो तो यूवी
  965. 38:39जो रेंज है वो 200 से 400 होती है और
  966. 38:41विजिबल भी अगर उसमें जोड़ दे तो 200 से
  967. 38:43800 हम बोल देते हैं। ये मोटा-मोटा ऊपर से
  968. 38:46बोल देते हैं। पर अगर और अगर हम डिटेल में
  969. 38:49जाएं अगर हम एम्फ्रम लेवल से अगर इसको
  970. 38:50देखें तो यहां पे देखिए ये यूवी जो रीजन
  971. 38:54है उसके भी कई रीजन है। इसको भी कई सब
  972. 38:57रीजन में डिवाइड किया जाता है। एक है
  973. 38:58वैक्यूम रीजन जिसकी जो वेवलेंथ है वो 10
  974. 39:01नैनोमीटर जो एक्सरे जहां पे खत्म होती है
  975. 39:04वहीं से जस्ट स्टार्ट होती है 10 नैनोमीटर
  976. 39:06से 200 नैन मीटर। यह वैक्यूम हम इसलिए
  977. 39:09बोलते हैं कि अगर आपने इस वाली लाइट का
  978. 39:12अगर एक्सपेरिमेंट करना है या कुछ भी
  979. 39:15परफॉर्म करना है तो वैक्यूम में ही करता
  980. 39:17होगा। जहां पे कोई भी बाहर की गैस वगैरह
  981. 39:19मौजूद ना हो। यहां पे कुछ भी मौजूद ना हो
  982. 39:22उसको हम वैक्यूम बोलते हैं। क्योंकि ये जो
  983. 39:25अगर यूवी लाइट को बाहर इतनी रेंज वाली
  984. 39:28यानी कि 10 नैनोमीटर से 200 नैन मीटर की
  985. 39:30जो वेवलेंथ वाली जो आपकी यूवी लाइट है अगर
  986. 39:32उसको आप बाहर किसी भी एक्सपेरिमेंट में
  987. 39:34यूज़ करोगे तो बहुत ज्यादा एनर्जेटिक हो
  988. 39:36गई। एनर्जेटिक होने की वजह से क्योंकि
  989. 39:39इसकी वेवलेंथ यहां बहुत ही कम है। 10 से
  990. 39:40200 के बीच में बहुत ही कम मानी जाती है।
  991. 39:42काफी ज्यादा एनर्जी इसमें होगी। इसकी वजह
  992. 39:45से जो आसपास के जो एनवायरमेंट में जो भी
  993. 39:47चीजें हैं वो इसको इंटरफेयर करेंगी। तो
  994. 39:49इसको हम इसमें यूज़ ही नहीं करते हैं। तो
  995. 39:51हमको मोटा-मोटा जो बी फार्मा में बताया था
  996. 39:54वो ये बताया था कि यूवी विजिबल जो है वो
  997. 39:56200 से स्टार्ट होती है। वो 400 तक खत्म
  998. 39:59या 380 कहीं-कहीं बुक में 380 कहीं-कहीं
  999. 40:02400 तो वहां पे ये खत्म होती है। अब उसके
  1000. 40:04भी तीन रीजन होते हैं। सी बी ए सी बोले तो
  1001. 40:08यानी कि इसका ये थर्ड पार्ट है जिसमें 200
  1002. 40:11से 280 तक दूसरा दूसरा इसका जो रेंज है
  1003. 40:14मिड रेंज जिसको हम बोलते हैं। यह लोएस्ट
  1004. 40:15रेंज है। मिड रेंज जो है वो 280 से 315
  1005. 40:19एंड जो आपका नियरेस्ट रेंज है वो 315 से
  1006. 40:22380 इस रेंज में होता है। तो अभी जो हम
  1007. 40:26पढ़ेंगे यूबी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी तो
  1008. 40:29उसमें जो हम स्टार्ट करेंगे वो इस सी रीजन
  1009. 40:32वाली जो यहां पे 200 नैनोमीटर है यहां से
  1010. 40:34स्टार्ट करेंगे और ये आपका कहां तक जाएगा?
  1011. 40:38780 या 800 इसको कई बार हम बोलते हैं बुक
  1012. 40:41में जहां पे आपके विज़िबल लाइट की मतलब कि
  1013. 40:43रेंज खत्म होती है। ठीक है? आगे आप देखोगे
  1014. 40:46विजिबल लाइट जिनकी मदद से हम देख पाते हैं
  1015. 40:49या जिसकी जिस रोशनी की मदद से हम देखते
  1016. 40:51हैं चीजों को उसमें यहां पे सात रंग होते
  1017. 40:53हैं। आपको पता है स्पेक्ट्रम इसी को बोलते
  1018. 40:55हैं रेनबो जो बनता है ये सात कलर के
  1019. 40:59अलग-अलग यहां पे वेवलेंथ होती है। हम इतना
  1020. 41:02ऊपर से मोटा-मोटा ध्यान रखते हैं कि 400
  1021. 41:03नैनोमीटर से स्टार्ट होती है। 800
  1022. 41:05नैनोमीटर पे खत्म होती है। आगे और अगर
  1023. 41:08वेवलेंथ अगर आप बढ़ाते हैं। देखो ऊपर आप
  1024. 41:10देख रहे हो लगातार वेवलेंथ बढ़ती जा रही
  1025. 41:12है। आप ऊपर वेवलेंथ बढ़ाते हैं तो यहां पे
  1026. 41:14इंफ़्रारेड रीज़न आता है। इंफ़्रारेड इंफ़्रा
  1027. 41:18का मतलब होता है नीचे। रेड बोले तो रेड
  1028. 41:22कलर के नीचे। एक्चुअली में क्या है कि ये
  1029. 41:24चीज़ ऊपर हैं। ये चीज़ नीचे होती जा रही
  1030. 41:27हैं। तो इंफ्रारेड बोले तो यहां पे रेड
  1031. 41:29कलर है विज़िबल लाइट में। तो उसको हम यहां
  1032. 41:31पे बोलते हैं कि भाई रेड कलर के नीचे का
  1033. 41:33जो रीजन है वह इंफ्रारेड रीजन है। उसकी जो
  1034. 41:35वेवलेंथ है वह 800 नैनोमीटर से स्टार्ट
  1035. 41:37होती है और यहां पे 10 लाख नैन मीटर तक
  1036. 41:41जाती है। या इसी को 10 लाख नैनोमीटर को आप
  1037. 41:44यहां पे 1 मि.मी. भी बोल सकते हैं। फिर
  1038. 41:47आपका 1 मि.मी. से आगे आपकी माइक्रोवेव
  1039. 41:49वाला यह रीजन है। वह स्टार्ट होता है।
  1040. 41:53ठीक है? जो यहां पे सेंटीमीटर से मि.मी.
  1041. 41:56के बीच एक 1 सें.मी. से 1 मि.मी. के बीच
  1042. 41:58में जाता है। ठीक है? ठीक है? यहां पे
  1043. 42:00आपको दिख रहा है 1 मि.मी. से स्टार्ट
  1044. 42:01होगा। ये आगे तक जाएगा। फिर रेडियो वेव की
  1045. 42:03और भी वेवलेंथ जाती है। किलोमीटर तक भी
  1046. 42:05जाती है। तो इस तरीके से है। तो अब यहां
  1047. 42:08पे चीजें समझने वाली बात ये है कि यहां पे
  1048. 42:11हर एक स्पेक्ट्रोस्कोपी में एक अलग टाइप
  1049. 42:13की रेंज या अलग अलग वेवलेंथ या
  1050. 42:16फ्रीक्वेंसी की जो ईएमआर है, लाइट है वो
  1051. 42:18यूज़ की जाएगी। जैसे पहली जो हमारी
  1052. 42:21स्टार्टिंग होगी यूवी विज़िबल
  1053. 42:23स्पेक्ट्रोस्कोपी से। जैसे कि मैं सिलेबस
  1054. 42:25में आपको समझा देता हूं।
  1055. 42:28पहली जो हमारी स्टार्टिंग होगी यूवी
  1056. 42:30विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी से उसकी जो
  1057. 42:32वेवलेंथ जिसकी यूवी यानी कि अल्ट्रावायलेट
  1058. 42:35प्लस विजिबल तो 200 नैनमीटर से 800
  1059. 42:38नैनोमीटर की जो वेवलेंथ वाली लाइट है वो
  1060. 42:41यहां पे यूज़ की जाएगी किसी भी सैंपल की
  1061. 42:42एनालिसिस करने के लिए। ठीक है? अब दूसरी
  1062. 42:45जो आपकी यहां पे होगी वो है आईआर
  1063. 42:47स्पेक्ट्रोस्कोपी यानी कि इंफ्रारेड
  1064. 42:49स्पेक्ट्रोस्कोपी। इसके अंदर जो लाइट यूज
  1065. 42:51की जाएगी जिसका जो ईएमआर जो होगा वो सॉरी
  1066. 42:53जिसका जो वेवलेंथ जो होगी वो 800 नैनमीटर
  1067. 42:56से 1 मि.मी. के बीच में होगी। आगे जो है
  1068. 42:59आपका यहां पे स्पेक्ट्रोफ्लोरीमेट्री।
  1069. 43:01स्पेक्ट्रोफ्लोरीमेट्री में भी जो यहां पे
  1070. 43:03वेवलेंथ जो यूज़ की जाती है वो यूवी विज़िबल
  1071. 43:06लाइट वाली ही यूज़ की जाती है। यानी कि 200
  1072. 43:07नैनोमीटर से 800 नैनोमीटर के बीच में। ठीक
  1073. 43:10है? इसके बाद यहां पे फ्लेम एमिशन
  1074. 43:13स्पेक्ट्रोस्कोपी और एटॉमिक अबजॉर्प्शन
  1075. 43:15स्पेक्ट्रोस्कोपी ये अलग कांसेप्ट पे काम
  1076. 43:17करते हैं। ये एक स्पेसिफिक वेवलेंथ की
  1077. 43:20लाइट निकालते हैं। जिस भी मेटल्स की आपने
  1078. 43:22जांच करनी है। ठीक है? ये इस तरीके से
  1079. 43:25यहां पे है। बाकी जो आपका एनएमआर
  1080. 43:27स्पेक्ट्रोस्कोपी जो होगी, एनएमआर
  1081. 43:28स्पेक्ट्रोस्कोपी में हम यहां पे रेडियो
  1082. 43:30वेव का यूज़ करते हैं। ध्यान रखना जैसे अभी
  1083. 43:33हम यूवी विज़िबल का यूज़ कर रहे थे।
  1084. 43:35इंफ्रारेड का यूज़ कर रहे ऐसे ही जो आपका
  1085. 43:37एनएमआर जो होगा उसमें हम रेडियो वेव का
  1086. 43:40यूज़ करेंगे। उसकी मदद से किसी भी सैंपल की
  1087. 43:42एग्जैक्ट आप स्ट्रक्चर पता कर पाएंगे। ठीक
  1088. 43:45है? लास्ट में है मास स्पेक्ट्रोस्कोपी।
  1089. 43:48मैंने आपको बताया था कि मास
  1090. 43:49स्पेक्ट्रोस्कोपी बस यहां पे
  1091. 43:51स्पेक्ट्रोस्कोपी जोड़ दिया। पर एक्चुअली
  1092. 43:53में यहां पे यह इस लाइट का यूज़ ही नहीं
  1093. 43:55करता है। तो यूज़ नहीं करता है। मतलब कि
  1094. 43:57स्पेक्ट्रोस्कोपी नहीं इसको
  1095. 43:58स्पेक्ट्रोमेट्री बोलते हैं। यह किसी भी
  1096. 44:01सैंपल में जो भी कंपाउंड है उसके ना मास
  1097. 44:04को मॉलिक्यूलर मास को आप इसकी मदद से पता
  1098. 44:06कर पाएंगे। पर ये अलग कांसेप्ट पे काम
  1099. 44:08करता है। लाइट की मदद से नहीं पता कर
  1100. 44:11पाएंगे। समझ आ गया? ये जो स्पेक्ट्रम है
  1101. 44:14इसको समझना बहुत जरूरी है। ये जो बेसिक
  1102. 44:16चीजें हैं इनको याद करना बहुत जरूरी है।
  1103. 44:18ठीक है? बाकी यहां पे एक और चीज मैं भूल
  1104. 44:20गया कि जो इनफ्रारेड जो रीजन है ना उसके
  1105. 44:22भी ये तीन रीजन होते हैं। नियर मिड फार
  1106. 44:25उनकी वैल्यू यहां पे रेंज लिखी हुई है।
  1107. 44:28ठीक है? अब आगे देखिए एक और चीज मैंने
  1108. 44:30बहुत अच्छे से यहां पर लगा रखी है अगर
  1109. 44:32आपको समझ आ जाए तो देखो इंफ्रारेड रीजन यह
  1110. 44:36इस तरफ को अल्ट्रावायलेट रीजन जो हमारी
  1111. 44:38विज़िबल लाइट के आसपास रहते हैं तो हमारी
  1112. 44:41जो आंखों को देखते हैं वो इतनी ही वेवलेंथ
  1113. 44:43वाली लाइट या बोल सकते हैं
  1114. 44:45इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन जिसकी वेवलेंथ
  1115. 44:47लाइट 400 से 700 कहीं-कहीं 700 लेके पर
  1116. 44:50एक्चुअली में ये आप इसको 800 मानिए 400 से
  1117. 44:53800 की वेवलेंथ की लाइट को यहां पे ये
  1118. 44:55हमारी आंखें मतलब कि देख पाती हैं यह हमको
  1119. 44:59चीजें इसी इसी की मदद से दिखाई देती हैं।
  1120. 45:02समझ आया? ये चीजें बहुत जरूरी है बेसिक
  1121. 45:04समझने के लिए। आई होप ये आपको अभी तक यहां
  1122. 45:06पे समझ आ गया होगा। अब इसके बाद देखिए
  1123. 45:10फाइनली हमारे ये क्वेश्चन यहां पे स्टार्ट
  1124. 45:11होता है। जो मेन क्वेश्चन है वो है
  1125. 45:13क्वेश्चन नंबर टू। एक्सप्लेन थ्योरी या
  1126. 45:16प्रिंसिपल कॉमा इंस्ट्रूमेंटेशन एंड
  1127. 45:18एप्लीकेशनेशंस ऑफ यूवी विजिबल
  1128. 45:20स्पेक्ट्रोस्कोपी एंड एक्सप्लेन चॉइस ऑफ
  1129. 45:23सॉल्वेंट एंड सॉल्वेंट इफेक्ट ऑन यूवी
  1130. 45:25विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी जो कि लॉन्ग में
  1131. 45:2710 मार्क्स में क्वेश्चन बनता है। अब ये
  1132. 45:29जो क्वेश्चन है ना ये क्वेश्चन नहीं है
  1133. 45:30बल्कि समझ लो तीन क्वेश्चंस एक साथ ही कवर
  1134. 45:33होंगे आपके। तो ये क्वेश्चन तीन तरीके से
  1135. 45:35कैसे आएगा? जैसे एक क्वेश्चन बनता है कि
  1136. 45:37एक्सप्लेन थ्योरी इंस्ट्रूमेंटेशन एंड
  1137. 45:39एप्लीकेशन ऑफ यूवी विजिबल
  1138. 45:40स्पेक्ट्रोस्कोपी। दूसरा क्वेश्चन बनता है
  1139. 45:43कि एक्सप्लेन प्रिंसिपल इंस्ट्रूमेंटेशन
  1140. 45:45एंड एप्लीकेशन ऑफ यूवी विजिबल
  1141. 45:46स्पेक्ट्रोस्कोपी एंड एक्सप्लेन चॉइस ऑफ
  1142. 45:48सॉल्वेंट एंड सॉल्वेंट इफेक्ट ऑन यूवी
  1143. 45:50विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी दो तरीके से
  1144. 45:53तीसरा क्वेश्चन ये अलग से भी आ जाता है कि
  1145. 45:55एक्सप्लेन द चॉइस ऑफ़ सॉल्वेंट इन यूवी
  1146. 45:57विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी एंड सॉल्वेंट
  1147. 45:59इफेक्ट ऑन यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी।
  1148. 46:02तो एक क्वेश्चन में आपके तीन क्वेश्चंस
  1149. 46:03यहां पे कवर होने वाले हैं। तो ये
  1150. 46:04क्वेश्चन थोड़ा लें्थी भी होने वाला है।
  1151. 46:06ठीक है? समझते हैं ये चीज यूवीज़िबल
  1152. 46:08स्पेक्ट्रोस्कोपी ऑलरेडी पढ़ रखे हैं। तो
  1153. 46:10ज्यादा इसमें समझाने की जरूरत मेरे को
  1154. 46:12नहीं पड़ेगी। सिंपली हम वर्ड को ब्रेक
  1155. 46:14करते हैं। यूबी प्लस विज़िबल
  1156. 46:16स्पेक्ट्रोस्कोपी। यूबी विज़िबल प्लस
  1157. 46:19स्पेक्ट्रोस्कोपी वर्ड को ब्रेक कर दिया।
  1158. 46:21यूबी यानी कि अल्ट्रावायलेट एंड विज़िबल
  1159. 46:24बोले तो विज़िबल लाइट। तो यहां पे मैंने
  1160. 46:26उनकी वेवलेंथ लिख दी है ये स्पेसिफाई करने
  1161. 46:28के लिए कि यहां पे जो लाइट या ईएमआर जो
  1162. 46:31यूज़ किया जाएगा वो 200 नैन मीटर से 800
  1163. 46:34नैनोमीटर की जो वेवलेंथ की लाइट है वो यूज़
  1164. 46:36की जाएगी। यूवी विज़िबल तभी यह बन रहा है।
  1165. 46:39समझ आ रहा है ना आपको? यहां पे 200 से
  1166. 46:42सीधा 800 इतनी वेवलेंथ की ये लाइट यूज़ की
  1167. 46:44जाएगी। ओके? स्पेक्ट्रोस्कोपी आप जानते ही
  1168. 46:47हैं कि किसी भी लाइट या ईएमआर की मदद से
  1169. 46:49किसी भी अननोन सिंबल की एनालिसिस करना वो
  1170. 46:52स्पेक्ट्रोस्कोपी है। अब सिंपली आप डिफाइन
  1171. 46:54कर सकते हैं कि अल्ट्रावायलेट विज़िबल
  1172. 46:56स्पेक्ट्रोस्कोपी इज़ अ मेथड ऑफ़
  1173. 46:58क्वांटिटेटिव और क्वालिटेटिव एनालिसिस इन
  1174. 47:01व्हिच क्वांटिटी ऑफ़ एनी सैंपल डिटरमाइंड
  1175. 47:04बाय यूजिंग अल्ट्रावायलेट एंड विज़िबल
  1176. 47:06लाइन। कि जो यूबी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी
  1177. 47:08है एक क्वालिटेटिव या क्वांटिटेटिव
  1178. 47:10एनालिसिस है। इसमें आप किसी सैंपल की
  1179. 47:12क्वालिटी को भी पता करेंगे। जैसे कि उसमें
  1180. 47:15क्रोमोफोर कौन-कौन से हैं या क्रोमोफोर है
  1181. 47:18कि नहीं? उसमें सिंगल बॉन्ड है या डबल
  1182. 47:20बॉन्ड है वो भी आप पता कर पाएंगे। दूसरा
  1183. 47:22कि जो भी अननोन सैंपल है उसकी कंसंट्रेशन
  1184. 47:25कितनी है? क्वांटिटी कितनी है? वो भी पता
  1185. 47:27कर पाएंगे। किसकी मदद से? एक लाइट की मदद
  1186. 47:30से। जिसकी जो वेवलेंथ है वो 200 नैनोमीटर
  1187. 47:33से 800 नैन मीटर के बीच में होगी। जिसको
  1188. 47:35हम यूवी विज़िबल लाइट बोलेंगे। समझ आया? अब
  1189. 47:38यहां पे हम इसकी रियल इमेज मैं आपको दिखा
  1190. 47:41देता हूं कि कैसी होती है आपकी यूवी
  1191. 47:43विज़िबल स्पेक्ट्रोस्कोपी।
  1192. 47:46यह यूवी विज़िबल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर बोला
  1193. 47:48जाता है। कुछ इस तरीके से यह पूरे इसकी
  1194. 47:51रियल इमेज है। यहां से इसको हम इस तरीके
  1195. 47:54से खोल देते हैं। खोलने के बाद यहां पे एक
  1196. 47:56सैंपल रखने की जगह बनी होती है। सैंपल जो
  1197. 47:58क्यूबेट में रखा जाता है वो। बाकी उसका
  1198. 48:01सेटअप कुछ इस तरीके से है। जैसे यहां पे
  1199. 48:05सबसे पहले लाइट का सोर्स है। मतलब लाइट
  1200. 48:07जहां से आगी आएगी। जैसे लाइट आपको कौन सी
  1201. 48:10चाहिएगी? वो लाइट जहां पे जो लाइट की जो
  1202. 48:13वेवलेंथ निकल रही हो एटलीस्ट 200 नैनोमीटर
  1203. 48:15से 800 नैनोमीटर के बीच में। तो सोर्स
  1204. 48:17लाइट यहां से निकलेगी। फिर आपको यहां पे
  1205. 48:19फिल्टर वगैरह होंगे। यानी कि मोनोक्रोमेटर
  1206. 48:21में जो आता है आपने इतना पढ़ा होगा। मैं
  1207. 48:23बीफम के लेवल से आपको इतनी चीजें बता रहा
  1208. 48:26हूं। तो मोनोक्रोमीटर में वो लाइट आएगी।
  1209. 48:28मोनक्रोमीटर कोई स्पेसिफिक वेवलेंथ की
  1210. 48:30लाइट को आगे पास करेगा जो सैंपल तक
  1211. 48:33पहुंचेगी सैंपल कंपार्टमेंट में सैंपल से
  1212. 48:35वो आर-पार होगी और वो जाएगी डिटक्टर के
  1213. 48:38पास उसके बाद में सारी चीजों को एनालाइज
  1214. 48:40किया जाएगा। ठीक है? अभी यहां पे ये इसके
  1215. 48:44प्रिंसिपल की हम बात करेंगे। सारी चीजें
  1216. 48:46देखेंगे। थोड़ा सा मैं आपको इसकी इमेज
  1217. 48:48यहां पे थोड़ा समझा देता हूं। जैसे अभी हम
  1218. 48:51यहां पे बात कर रहे यह जो यूवी विज़िबल
  1219. 48:53स्पेक्ट्रोस्कोपी है कुछ इस तरीके से यहां
  1220. 48:55से ओपन होती है। यह क्यूबेट में सैंपल भर
  1221. 48:57के यहां पे रख दिया जाता है। और यह इस
  1222. 49:00तरीके से पूरा सेटअप है इसके अंदर कि
  1223. 49:02सैंपल है सैंपल जहां पे लाइट को पहुंचाना
  1224. 49:05है। तो सबसे पहले यहां पे लाइट सोर्स है।
  1225. 49:07लाइट सोर्स से लाइट निकलेगी। लाइट कुछ इस
  1226. 49:09तरीके से निकली। निकलने के बाद प्रिज़्म जो
  1227. 49:12होता है जैसे कि ये लाइट सोर्स है। लाइट
  1228. 49:14यहां से निकली। प्रिज़्म जो है प्रिज़्म कई
  1229. 49:17कलर्स में सेवन कलर्स में उसको यहां से
  1230. 49:20डिवाइड कर देगा। फिर आगे चल के स्लिट लगी
  1231. 49:23होती है या वेवलेंथ सेक्टर जिसको हम बोलते
  1232. 49:25हैं वो एक पर्टिकुलर वेवलेंथ की लाइट को
  1233. 49:27आगे जाने देगा। जैसे कि केवल रेड कलर यहां
  1234. 49:29से जा रहा है। यानी कि जो वेवलेंथ है वो
  1235. 49:31700 से 800 के बीच की वाली आगे को पास की
  1236. 49:34जा रही है। तो यहां से वेवलेंथ सेक्टर यह
  1237. 49:36सैंपल पे जाकर के गिरेगी। जो एक सिलेक्टेड
  1238. 49:39लाइट है सैंपल से आरपार होगी। आरपार होने
  1239. 49:42के बाद में वह जो है डिटक्टर के पास
  1240. 49:43जाएगी। डिटक्टर यहां पर है और डिटक्टर यह
  1241. 49:46सारी चीजें डिटेक्ट करके सारी इनेशन आपको
  1242. 49:48स्क्रीन पे दिखाएगा। समझ आया? अब यह जो
  1243. 49:52चीज है, मैं आपको एक एनिमेटेड वीडियो में
  1244. 49:54यहां पर दिखाना चाह रहा हूं। यह मैं एक
  1245. 49:56फोन में दिखाऊंगा अपने दूसरे में। और यह
  1246. 49:58जो है किसी दूसरे चैनल की एनिमेटेड वीडियो
  1247. 50:00है। शायद यह फॉरेन का कोई चैनल है। लेकिन
  1248. 50:03मेरा समझाने का पर्पस यहां पे बस यह है कि
  1249. 50:05आपको एकदम प्रैक्टिकली चीजें यहां पे समझ
  1250. 50:08आ जाए। जैसे कि यहां पे कुछ इस तरीके से
  1251. 50:11है। सॉरी इधर थोड़ा लाइट इस तरीके से पड़
  1252. 50:14रहा है। अब शायद आपको दिख रहा होगा। ठीक
  1253. 50:15है? मैं यहां पे इसको चालू करता हूं। जैसे
  1254. 50:18यहां पे ये सोर्स ऑफ लाइट है। लाइट यहां
  1255. 50:21से निकली। कुछ इस तरीके से आई। ठीक है?
  1256. 50:24यहां पे प्रिज्म लगा होगा। प्रिज़्म जिससे
  1257. 50:26टकराएगी वह यह कई सारे कलर्स में लाइट को
  1258. 50:29ये बांट देगा। आगे चलके ये वही
  1259. 50:31मोनोक्रोमेटर की जो स्लिट है जो या बोल
  1260. 50:34सकते हैं एक लाइट को सेलेक्ट करती है। उस
  1261. 50:36लाइट उस लाइट को वो जाने देगी। एक
  1262. 50:39पर्टिकुलर जैसे कि ये ग्रीन कलर की लाइट
  1263. 50:41गई है कुछ इस तरीके से और ये दो जगह जाके
  1264. 50:43डिवाइड हो गई है। आपने यूवी विजिबल में
  1265. 50:46पढ़ा होगा कि दो बीम वाली भी यूवी विजिबल
  1266. 50:48स्पेक्ट्रोस्कोपी होती है। दो बीम वाली तो
  1267. 50:52यहां पे वही है टू बीम यूवी विजिबल
  1268. 50:54स्पेक्ट्रोस्कोपी एक तरफ सैंपल लिखा रखा
  1269. 50:56होता है और एक तरफ यहां पे आपका स्टैंडर्ड
  1270. 51:00रखा होता है या कोई ब्लैंक भी रखा होता है
  1271. 51:03जिसमें जस्ट वाटर वगैरह भी रहता है। तो
  1272. 51:06यहां पे एक जो ये वीम जो आया है एक सैंपल
  1273. 51:08से हो के जाएगा। एक किससे हो के जाएगा?
  1274. 51:10आपके स्टैंडर्ड से। आगे जाके ये जब सैंपल
  1275. 51:14यहां पे रखे होते हैं तो उनसे आरपार हो के
  1276. 51:16डिटक्टर के पास पहुंचेगा।
  1277. 51:18जैसे कुछ इस तरीके से आपको दिखेगा। आगे
  1278. 51:21जाके यह जो है दोनों जो है डिटक्टर के पास
  1279. 51:25पहुंचेंगे। डिटक्टर जो है उन दोनों को
  1280. 51:26एनालाइज करेगा और सारी चीजें जो है आपको
  1281. 51:29यहां पे वो स्क्रीन पे दिखाएगा। अब यही जो
  1282. 51:32प्रोसेस है एकदम सामने से इस वीडियो में
  1283. 51:34दिखाई गई है कि सारी चीजें कैसे होती हैं।
  1284. 51:37अभी जैसे यहां पे आपको सैंपलिंग करते हुए
  1285. 51:39दिखाया जा रहा है। जैसे कि ये मशीन है।
  1286. 51:40यहां पे उन्होंने अभी स्टैंडर्ड को रख
  1287. 51:42दिया। जैसे कि यहां पे फिल कर दिया
  1288. 51:44क्यूबेट में। एक जगह यहां पे और भी खाली
  1289. 51:46है। यहां पे जिसकी एनालिसिस करनी है
  1290. 51:48कंपेयर करके स्टैंडर्ड से। जैसे कि ये
  1291. 51:50दूसरे क्यूबेट में भर रहे हैं। अभी
  1292. 51:52उन्होंने यहां पे फिल करके दूसरी जगह इसको
  1293. 51:55रख दिया। अब इसके बाद इसको बंद किया जाता
  1294. 51:58है। सिंपली जो कंप्यूटर है उसमें यह
  1295. 51:59कनेक्टेड रहती है। यहां पे अब आपने रेंज
  1296. 52:01रखनी है कि कितनी वेवलेंथ की लाइट यहां से
  1297. 52:04निकालनी है और कितनी देर तक यानी कि उसकी
  1298. 52:07फ्रीक्वेंसी वगैरह सारी यहां पे सेट करनी
  1299. 52:09है। उसके बाद में वहां से लाइट निकलेगी और
  1300. 52:11इस तरीके से आपकी कंप्यूटर की स्क्रीन पर
  1301. 52:14यह जो है एक स्पेक्ट्रम नजर आएगा। अब
  1302. 52:16ध्यान रखना यह वेवलेंथ और अब्सॉर्बेंस के
  1303. 52:19बीच में स्पेक्ट्रम है। जहां पर पिक सबसे
  1304. 52:21ऊपर नजर आए। मतलब कि इस वेवलेंथ की लाइट
  1305. 52:23यहां पे अब्सॉर्ब की जा रही है।
  1306. 52:26ठीक है? अब इसी वेवलेंथ की लाइट से आप
  1307. 52:28उसकी एनर्जी पता कर पाएंगे या फ्रीक्वेंसी
  1308. 52:30जैसे यहां पर सबसे ज्यादा हुई है तो इस
  1309. 52:32वेवलेंथ की लाइट यह पर्टिकुलर ये कलर के
  1310. 52:34हिसाब से भी समझ आई तो ये दिखाने का मतलब
  1311. 52:37ये था कि आपको एक्चुअली में ये समझ आई कि
  1312. 52:39यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी कैसे चलाई
  1313. 52:41जाती है या कैसे वो काम करती है। ये लिखी
  1314. 52:44हुई चीजें कम दिमाग में घुसती है। सामने
  1315. 52:46से वो चीज़ आपको जल्दी अच्छे से समझ आई
  1316. 52:48होगी। अब यहां पर हम वही चीजें आपको यहां
  1317. 52:51पर दिखाने जा रहे थे कि कुछ इस तरीके से
  1318. 52:53यह होता है यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी।
  1319. 52:56यहां पर यह इस तरीके से स्पेक्ट्रम बन
  1320. 52:57करके आता है। अंदर का सेटअप कुछ इस तरीके
  1321. 53:00से होता है। अब यहां पे प्रिंसिपल की बात
  1322. 53:02कर लेते हैं। प्रिंसिपल वही है जो बी
  1323. 53:03फॉर्म में आपने पढ़ा था। बियर एंड
  1324. 53:05लैम्बर्ट्स लॉ। इस पे ही ये बेस्ड होती
  1325. 53:07है। लिखा है यूपी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी
  1326. 53:10इज़ बेस्ड ऑन द बियर लैबर्ट्स लॉ। व्हिच
  1327. 53:13स्टेट जो क्या कहता है? एज अब्जॉर्बेंस इज
  1328. 53:16डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू द कंसंट्रेशन
  1329. 53:18ऑफ द सैंपल एंड द पाथ लेंथ ऑफ द क्युबेड।
  1330. 53:21कि जो भी लाइट आप दे रहे हैं यानी कि यूवी
  1331. 53:24वििजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी में यूवी विजिबल
  1332. 53:26रीजन की जो लाइट आप जो दे रहे हैं वो लाइट
  1333. 53:29का कितना अमाउंट एब्जॉर्ब किया जा रहा है
  1334. 53:31यानी कि एब्जॉर्बेंस जो होता है वो
  1335. 53:33डायरेक्टली किसके प्रोपोर्शनल होता है कि
  1336. 53:35सैंपल की कंसंट्रेशन कितनी है और जो
  1337. 53:38क्यूबेट की जो लेंथ है जैसे कि ये जो आपकी
  1338. 53:41क्यूबेट होती है ये जो क्यूबेट होती है
  1339. 53:44उसकी जो लेंथ है वो 1 सें.मी. होती है। तो
  1340. 53:46उसको 1 सें.मी. दूरी ट्रैवल करना पड़ता
  1341. 53:49है। पाथ लेंथ 1 सें.मी. है तो उसके
  1342. 53:53प्रपोर्शनल होती है दो चीज़ों के। तो, यहां
  1343. 53:54पे लिखा है कि यह फ़ूला एब्जॉर्बेंस A
  1344. 53:57इक्वल्स टू होता है एप्सॉन * C * Lon यहां
  1345. 54:00पे मोलर एब्जॉर्बिटिविटी है जो कि एक
  1346. 54:03फिक्स्ड वैल्यू होती है। C बोले तो
  1347. 54:05कंसंट्रेशन ऑफ द सैंपल या ड्रग या जो भी
  1348. 54:07एनालाइट एंड L बोले तो पाथ लेंथ कि लाइट
  1349. 54:10आपका कितनी लेंथ को ट्रैवल कर रही है। तो
  1350. 54:13एब्जॉर्बेंस मतलब कि जितनी ज्यादा
  1351. 54:15कंसंट्रेशन होगी एब्सॉर्बेंस उतना ही
  1352. 54:17ज्यादा होगा। उतनी ही ज्यादा लाइट
  1353. 54:19एब्जॉर्ब होगी। पाथ लेंथ जितनी ज्यादा
  1354. 54:21होगी एब्सॉर्बेंस उतना ही ज्यादा होगा। तो
  1355. 54:23ये सिंपल फार्मूला आपको याद रखना है। ठीक
  1356. 54:26है? ये है वियर एंड लंब्स लॉ। अब यहां पे
  1357. 54:29देखिए आगे आपने जैसे कि कई बार प्रिंसिपल
  1358. 54:31नहीं आता है तो थ्योरी आती है कि आखिर किस
  1359. 54:34थ्योरी पे ये काम करती है यूवी विजिबल
  1360. 54:36स्पेक्ट्रोस्कोपी। तो यहां पे लिखा है
  1361. 54:38यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी इज बेस्ड ऑन
  1362. 54:41इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन। कि यह
  1363. 54:43इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन पर काम करती है कि
  1364. 54:46व्हेन ए मॉलिक्यूल अब्सॉर्ब्स यूवी और
  1365. 54:48विज़िबल लाइट द इलेक्ट्रॉन्स इन द
  1366. 54:50मॉलिक्यूल गेट एक्साइटेड फ्रॉम ए लोअर
  1367. 54:52एनर्जी लेवल टू ए हायर एनर्जी लेवल। कि ये
  1368. 54:55किस प्रिंस किस थ्योरी पे काम करती है।
  1369. 54:58उसको समझने के लिए मैं आपको ये बताता हूं।
  1370. 55:01जैसे सपोज करो यह इस तरीके से यह ग्राउंड
  1371. 55:06स्टेट है। यह आपकी हायर एनर्जी स्टेट है।
  1372. 55:09सपोज़ करो कि यहां पे कोई सैंपल है। इस
  1373. 55:12तरीके से इस क्यूबेट में यहां पे भरा हुआ
  1374. 55:14है। आपने यहां पे एनर्जी दी। एनर्जी यानी
  1375. 55:18कि लाइट। लाइट को ही हम एनर्जी बोल रहे
  1376. 55:20हैं ना। क्योंकि हमने पढ़ा था उसमें फोटन
  1377. 55:21होते हैं। उसमें एक पर्टिकुलर वेवलेंथ या
  1378. 55:24पर्टिकुलर फ्रीक्वेंसी से उसकी एनर्जी
  1379. 55:25डिसाइड होती है। तो आपने यहां पे uv और
  1380. 55:28विज़िबल जो लाइट है वो यहां पे आपने आरपार
  1381. 55:31कराई। अब ये इस थ्योरी पर बेस्ड है कि
  1382. 55:34जैसे ही आप लाइट देते हैं, एनर्जी देते
  1383. 55:36हैं तो ये जो एटम्स होते हैं या जो
  1384. 55:38पार्टिकल्स यहां पे हैं तो अगर हम एक
  1385. 55:40पर्टिकुलर एटम को देखें तो उनमें इस तरीके
  1386. 55:43से ये सेटअप होता है कि उसका एक
  1387. 55:45न्यूक्लियस होता है जिसमें न्यूट्रॉन और
  1388. 55:47प्रोटॉन होते हैं। साइड में यहां पे इन
  1389. 55:50ऑर्बिटल्स में इलेक्ट्रॉन ट्रैवल करते
  1390. 55:52रहते हैं। ठीक है? 2 4 6 8 ठीक है? इस
  1391. 55:57तरीके से एक सपोज़ करो कि एक बाहर हम दिखा
  1392. 56:00देते हैं ये ऑर्बिट बाहर वाले ऑर्बिट में।
  1393. 56:02तो सपोज़ करो कि आपने एनर्जी दी इस
  1394. 56:04पर्टिकुलर मॉलिक्यूल को तो जैसे ही एनर्जी
  1395. 56:07या लाइट उसके पास पहुंचेगी तो उसका जो
  1396. 56:09ऑर्बिट जो बाहर वाला ऑर्बिट है उसमें जो
  1397. 56:11इलेक्ट्रॉन है वो उस एनर्जी को पकड़ेगा या
  1398. 56:14गेन करेगा अब्सॉर्ब करेगा वो ग्राउंड
  1399. 56:17स्टेट से हायर स्टेट में चला जाएगा। सपोज़
  1400. 56:19करो कि कोई एक आदमी है उसको अचानक से यहां
  1401. 56:22पे 45 करोड़ मिल गए। भाई वो चार-प करोड़
  1402. 56:25मिलते ही एक दिन में ही उसकी औकात बदल
  1403. 56:28जाएगी। वो जमीन से एकदम ऊपर आसमान पे
  1404. 56:31पहुंच जाएगा। है ना? उसके नए-नए खर्चे
  1405. 56:33होंगे। वो अलग तरीके से उसको एक्सपेंड
  1406. 56:34करेगा। नई लाइफ होगी। तो सेम यही है कि वो
  1407. 56:37अभी तक तो शांत बैठे थे जो भी सारे
  1408. 56:39पार्टिकल थे। अब जैसे ही उनको आपने एनर्जी
  1409. 56:42दी, वो अपनी आपको उसको अचानक से रुपए
  1410. 56:45मिले, एनर्जी मिली। वो अपनी लोअर स्टेट से
  1411. 56:47एकदम हायर स्टेट में चला गया। बस इसी को
  1412. 56:50हम बोलते हैं इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन। कि
  1413. 56:53इलेक्ट्रॉन का ट्रांजिशन होना एक लोअर
  1414. 56:56स्टेट से हायर स्टेट में चले जाना। तो यही
  1415. 56:59अबजॉर्प्शन हो रहा है यहां पे लाइट को
  1416. 57:01एब्जॉर्ब करके या कहें तो एनर्जी को
  1417. 57:03एब्जॉर्ब करके ही ये सारी चीजें हो रही
  1418. 57:06हैं। बस इसी थ्योरी पे ये बेस्ड है कौन?
  1419. 57:08UV विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी। जैसे यहां पे
  1420. 57:11वही चीज है कि जब एक मॉलिक्यूल UV या
  1421. 57:13विज़िबल लाइट को अब्जॉर्ब करता है ना तो
  1422. 57:15उसके जो इलेक्ट्रॉन हैं जो मॉलिक्यूल के
  1423. 57:17इलेक्ट्रॉन है वो एक्साइटेड हो जाते हैं।
  1424. 57:20वो लो एनर्जी लेवल से हायर एनर्जी लेवल
  1425. 57:22में चले जाते हैं। तो ये यहां पे थ्योरी
  1426. 57:24ऑफ UV विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी यहां पे
  1427. 57:26बोली जाएगी। अब आगे की जो चीज है ना यहां
  1428. 57:29पे ये ऑर्बिटल्स वगैरह को अगर आपने समझना
  1429. 57:31है या फिर इस वाले ग्राफ को आपने समझना
  1430. 57:33है। ये चीज आप पढ़ करके आ रहे हैं। वैसे
  1431. 57:35बी फॉर्म में अगर आपने देखा हो ये
  1432. 57:37इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन को यहां पे समझा
  1433. 57:38गया है कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन अलग-अलग
  1434. 57:40कंपाउंड में कितने टाइप का होता है। वो
  1435. 57:42बॉन्ड के हिसाब से इलेक्ट्रॉन के हिसाब से
  1436. 57:44होता है। तो उसको समझने से पहले मैं यहां
  1437. 57:46पे एक चीज ऐड कर रहा हूं जो बी फार्म की
  1438. 57:49ही है। पर वो जरूरी है बेस समझना कि
  1439. 57:52इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन क्या है? वो कितने
  1440. 57:55टाइप से होता है और कितनी एनर्जी जरूरत
  1441. 57:58होती है एक पर्टिकुलर कंपाउंड के लिए। वो
  1442. 58:00चीज आप समझ लीजिए। आपको आगे की चीजें बहुत
  1443. 58:02ही इजी यहां पे समझ आ जाएंगी।
  1444. 58:06बाकी आपने इसको ना वर्ड को ब्रेक करके भी
  1445. 58:08समझ सकते हैं। जैसे कि मैंने यहां पे लिख
  1446. 58:09रखा है इलेक्ट्रॉनिक प्लस ट्रांजिशन।
  1447. 58:12सिंपली वर्ड को ब्रेक करना है। आपको चीजें
  1448. 58:13क्लियर हो जाएंगी। इलेक्ट्रॉनिक का मतलब
  1449. 58:15होता है इलेक्ट्रॉन। एंड ट्रांजिशन का
  1450. 58:17क्या मतलब है? मूवमेंट फ्रॉम वन स्टेट टू
  1451. 58:20अनदर स्टेट। मतलब एक जगह से या एक
  1452. 58:22परिस्थिति से दूसरी परिस्थिति में जाना को
  1453. 58:25ट्रांजिशन कहा जाता है। सिंपली कैसे
  1454. 58:27डिफाइन करना है कि व्हेन ए मॉलिक्यूल
  1455. 58:29अब्जॉर्ब्स लाइट कि जब भी कोई मॉलिक्यूल
  1456. 58:32एब्जॉर्ब करता है लाइट को या कहें तो
  1457. 58:34इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन को। सो देयर
  1458. 58:36इलेक्ट्रॉन प्रमोटेड टू हायर एनर्जी स्टेट
  1459. 58:39एंड दिस प्रोसेस कॉल्ड इलेक्ट्रॉनिक
  1460. 58:41ट्रांजिशन। तो उसकी वजह से क्या होता है?
  1461. 58:43के जो इलेक्ट्रॉन्स हैं वो हायर एनर्जी
  1462. 58:46स्टेट में चले जाते हैं, प्रमोट हो जाते
  1463. 58:48हैं। बस उनका यही मूव कर जाना क्या कहा
  1464. 58:50जाएगा? इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन क्योंकि
  1465. 58:52इलेक्ट्रॉन वहां पे मूव कर रहे हैं। ठीक
  1466. 58:55है? मैं आपको इसको ना एग्जांपल से समझाता
  1467. 58:57हूं। जैसे कि मैंने एग्जांपल लिया यहां पे
  1468. 58:58सोडियम का। सोडियम एक एटम है। उसके पास
  1469. 59:02इलेक्ट्रॉन्स हैं। ठीक है? अब वो
  1470. 59:04इलेक्ट्रॉन्स को जब हम एनर्जी देंगे ना
  1471. 59:05लाइट देंगे तो वो एक्साइटेड हो करके एक
  1472. 59:08अपर लेवल के अपर एनर्जी लेवल की वो ना
  1473. 59:10क्लास में चले जाएंगे या स्टेट में चले
  1474. 59:12जाएंगे। वही वहां पे इलेक्ट्रॉनिक
  1475. 59:13ट्रांजिशन कहा जाएगा। जैसे मैंने यहां पे
  1476. 59:15जो दिखा रखा है ये थोड़ी सी केमिस्ट्री है
  1477. 59:18जो आपने पुराने टाइम पे पढ़ी होगी 10थ 12th
  1478. 59:20में। थोड़ा सा मैं आपको रिवाइज करा देता
  1479. 59:22हूं। कि देखिए जो आपका जो सोडियम जो होता
  1480. 59:25है उसका जो एटॉमिक नंबर है यानी कि जो
  1481. 59:27परमाणु क्रमांक है वो कितना होता है? 11।
  1482. 59:30तो अगर हम इसका इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन
  1483. 59:32करें। तो देखिए पहली जो सेल है उसमें जो
  1484. 59:35है आपका दो इलेक्ट्रॉन आते हैं। दूसरे में
  1485. 59:37आठ। यानी कि दो और आठ 10 और बचा एक। तीसरे
  1486. 59:41में आपका एक रहेगा। इस तरीके से
  1487. 59:43इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन है जो कि मैंने
  1488. 59:45इस तरीके से यहां पे दिखा रखा है कि
  1489. 59:47सोडियम का न्यूक्लियस है जो नाभिक होता है
  1490. 59:50जिसमें आपके प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते
  1491. 59:52हैं। इलेक्ट्रॉन बाहर चक्कर लगा रहे होते
  1492. 59:54हैं। तो ये वही ऑर्बिट सेल दिखा रखी है कि
  1493. 59:57पहला जो है उसमें दो इलेक्ट्रॉन है एक और
  1494. 59:59एक दो।
  1495. 1:00:01दूसरे में आठ हैं। छह जो है इस पी सेल में
  1496. 1:00:04है। आपने पढ़ा होगा कि यह हमारा एस यह
  1497. 1:00:07हमारा जो है 1s यानी कि पहला s सबशेल होती
  1498. 1:00:11हैं। आपने पढ़े होंगे ये s
  1499. 1:00:14p और ये भी हमारा s तो यहां पे देखिए जो
  1500. 1:00:17पहला जो s है उसमें दो इलेक्ट्रॉन दूसरे
  1501. 1:00:19में यहां पे टोटल आठ होंगे आठ कैसे होंगे?
  1502. 1:00:22छह पी सेल में होंगे सबशेल में और दो s
  1503. 1:00:25में होंगे। है ना? फिर बाकी का बचेगा आपका
  1504. 1:00:28एक जो कि आपका s में आएगा। ठीक है? थोड़ी
  1505. 1:00:31सी पुरानी चीजें हैं। बस आपको ये रिकॉल
  1506. 1:00:33करनी है या कहें तो आपको थोड़ा सा बस
  1507. 1:00:34समझना है एडजस्ट करना है अगर क्लियर नहीं
  1508. 1:00:37हो रहा है। कि पहले में दो इलेक्ट्रॉन
  1509. 1:00:39इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन दूसरे में आठ और
  1510. 1:00:41तीसरे में एक। अब देखिए जो बाहर के जो
  1511. 1:00:44इलेक्ट्रॉन है अगर हम इसको एनर्जी दें
  1512. 1:00:47कहें तो लाइट दें तो यह जो है अपनी इस s
  1513. 1:00:51सबशेल को छोड़ करके ये जो है ना पी सेल
  1514. 1:00:54में यहां पे चला जाता है। पी जो सबशेल है
  1515. 1:00:56उसमें एक्साइटेड हो जाता है। कब? जब हम
  1516. 1:00:58उसको एनर्जी दे रहे हैं। और ये वहां पे तब
  1517. 1:01:01तक ठहरता है जब तक इसको एनर्जी मिल रही
  1518. 1:01:03है। जब एनर्जी खत्म। तो ये वापस रेडिएशन
  1519. 1:01:06को एमिट करता हुआ लाइट को निकालता हुआ
  1520. 1:01:08वापस उसी स्टेट में आ जाएगा। तो ये क्या
  1521. 1:01:11कहा जाएगा? इलेक्ट्रॉन का एक स्टेट से जो
  1522. 1:01:14बाहरी जो इलेक्ट्रॉन है उसका एक स्टेट से
  1523. 1:01:16दूसरे स्टेट में चला जाना जो कि हायर
  1524. 1:01:18एनर्जी के है। बस यही है इलेक्ट्रॉनिक
  1525. 1:01:20ट्रांजिशन। ठीक है? उसका मैंने यहां पे
  1526. 1:01:23दिखा रखा है ये इलेक्ट्रॉनिक आपका
  1527. 1:01:25कॉन्फ़िगरेशन कि पहले में 1s2 पहले s में
  1528. 1:01:28दो इलेक्ट्रॉन दूसरे में दो इलेक्ट्रॉन
  1529. 1:01:30तीसरे में यहां पे 2p6 एंड 3s1 इस तरीके
  1530. 1:01:34से। बाकी यहां पे दिखाया हुआ है कि
  1531. 1:01:36ग्राउंड स्टेट से वो एक्साइटेड स्टेट में
  1532. 1:01:38जा रहा है। यानी कि यहां से इस वाले सेल
  1533. 1:01:40में जा रहा है। वही इलेक्ट्रॉनिक
  1534. 1:01:41ट्रांजिशन है। क्लियर समझ आया? अभी जो
  1535. 1:01:44इलेक्ट्रॉनिक जो ट्रांजिशन है ये कितने
  1536. 1:01:46टाइप का होता है वो आपने समझना है पर उससे
  1537. 1:01:48भी पहले आपने ये समझना है कि ये जो
  1538. 1:01:50इलेक्ट्रॉन्स है जो ये ट्रांजिस्ट कर रहे
  1539. 1:01:53हैं मूव कर रहे हैं ये कितने टाइप के होते
  1540. 1:01:55हैं। तो उनको हम समझेंगे बॉन्ड के बेसिस
  1541. 1:01:57पे। तो लिखा है कि ऑन द बेसिस ऑफ बॉन्ड या
  1542. 1:02:00ऑर्बिटल देयर आर थ्री टाइप्स ऑफ
  1543. 1:02:02इलेक्ट्रॉन। इलेक्ट्रॉन तीन टाइप के यहां
  1544. 1:02:04पर होते हैं। पहला है सिग्मा इलेक्ट्रॉन।
  1545. 1:02:07ये सिग्मा का साइन है। ये पाई इलेक्ट्रॉन
  1546. 1:02:10दूसरे होते हैं।
  1547. 1:02:12और तीसरा यहां पे ये होता है वो है n
  1548. 1:02:14इलेक्ट्रॉन यानि की नॉन बॉन्डिंग। ऐसे
  1549. 1:02:16इलेक्ट्रॉन जिन्होंने बॉन्डिंग में कोई भी
  1550. 1:02:19पार्टिसिपेशन नहीं किया है वो एकदम फ्री
  1551. 1:02:21है। वो हमारे n इलेक्ट्रॉन कह जाएंगे। तो
  1552. 1:02:24इनको समझना है। देखिए सबसे पहले आपका
  1553. 1:02:25सिग्मा इलेक्ट्रॉन।
  1554. 1:02:27ठीक है? सिग्मा इलेक्ट्रॉन यानी कि वो
  1555. 1:02:30इलेक्ट्रॉन जो कि सिंगल या कहें तो
  1556. 1:02:31सैचुरेटेड बॉन्ड में पाए जाते हैं। यानी
  1557. 1:02:34कि जैसे आपका साइक्लोहेक्सेन है या फिर
  1558. 1:02:37आपका यहां पे प्रोपेन है जिसमें केवल एक
  1559. 1:02:39ही एक यहां पे बॉन्ड है। तो सिंगल बॉन्ड
  1560. 1:02:41को हम क्या कहते हैं? सिग्मा बॉन्ड। तो हर
  1561. 1:02:43एक बॉन्ड में यहां पे आपके दो इलेक्ट्रॉन
  1562. 1:02:45हैं। तो सिग्मा इलेक्ट्रॉन प्रेजेंट इन
  1563. 1:02:47सिंगल या कहें तो सैचुरेटेड बॉन्ड। जो
  1564. 1:02:50सिंगल जो बॉन्ड होते हैं उनमें जो आपके
  1565. 1:02:52इलेक्ट्रॉन प्रेजेंट होते हैं उनको हम
  1566. 1:02:53बोलते हैं सिग्मा इलेक्ट्रॉन।
  1567. 1:02:56ठीक? अब सेकंड जो है वो है आपके पाई
  1568. 1:02:58इलेक्ट्रॉन। पाई इलेक्ट्रॉन लिखा है दिस
  1569. 1:03:00इलेक्ट्रॉन प्रेजेंट इन डबल और ट्रिपल
  1570. 1:03:02बॉन्ड। कि जो डबल और ट्रिपल जो बॉन्ड होते
  1571. 1:03:05हैं जैसे कि यहां पे इथीन है यहां पे डबल
  1572. 1:03:06बॉन्ड है। यहां पे बेंजीन में डबल बॉन्ड
  1573. 1:03:08है और यहां पे मैंने एग्जांपल दिया नहीं
  1574. 1:03:10है लेकिन थर्ड ट्रिपल बॉन्ड भी होता है।
  1575. 1:03:13ठीक है? तो यहां पे आपका जो इथीन है अगर
  1576. 1:03:15आप देखोगे तो उसमें एक यहां पे सिग्मा
  1577. 1:03:17बॉन्ड है, एक यहां पे पाई बांड है। तो
  1578. 1:03:20यहां पे जो इलेक्ट्रॉन सिग्मा इलेक्ट्रॉन
  1579. 1:03:21कहे जाएंगे यहां के पाई इलेक्ट्रॉन कहे
  1580. 1:03:23जाएंगे। ठीक? ऐसे जो ट्रिपल बॉन्ड होता है
  1581. 1:03:25उसमें दो पाई होते हैं एक सिग्मा होता है।
  1582. 1:03:28तो कहने का मतलब है कि कौन सा इलेक्ट्रॉन
  1583. 1:03:30कहां पाया जाता है? अपनी ये चीज पहले
  1584. 1:03:31समझनी है। तो सिग्मा इलेक्ट्रॉन कहां पाया
  1585. 1:03:34जाता है? ओवरऑल कहें तो वो सिंगल बॉन्ड
  1586. 1:03:36में यहां भी होता है और यहां भी होता है।
  1587. 1:03:38पाई बॉन्ड केवल यहां पे डबल बॉन्ड में
  1588. 1:03:40होता है। ठीक है? और ट्रिपल बॉन्ड में
  1589. 1:03:42होता है। नेक्स्ट है आपका यहां पे नॉन
  1590. 1:03:44बॉन्डिंग इलेक्ट्रॉन। यानी कि जो लोन पेयर
  1591. 1:03:47जो मतलब की बॉन्डिंग में पार्टिसिपेट ही
  1592. 1:03:50नहीं कर रहे। तो दीज़ आर लोन पेयर मीन नॉन
  1593. 1:03:52बॉन्डिंग इलेक्ट्रॉन। जैसे कि यहां पे
  1594. 1:03:53आपके ये हेट्रो एटम के पास रहते हैं
  1595. 1:03:56ऑक्सीजन के पास, नाइट्रोजन के पास जो की
  1596. 1:03:58पार्टिसिपेट नहीं कर रहे बांड बनाने में
  1597. 1:03:59उनको हम बोलेंगे नॉन बॉन्डिंग इलेक्ट्रॉन।
  1598. 1:04:02और यहां पे देखिए आगे हम बात करते इनके
  1599. 1:04:03एनर्जी लेवल के बारे में। तो देखिए जो
  1600. 1:04:05सबसे पहले अगर हम बात करें जो आपका सिग्मा
  1601. 1:04:07जो इलेक्ट्रॉन है उसके पास है ना सबसे कम
  1602. 1:04:10एनर्जी रहती है। आपने ये याद रखना है कि
  1603. 1:04:11सिग्मा इलेक्ट्रॉन के पास सबसे कम एनर्जी
  1604. 1:04:13है और सबसे कम एनर्जी होने की वजह से वो
  1605. 1:04:16सबसे ज्यादा स्टेबल रहता है। जैसे नॉर्मली
  1606. 1:04:19अगर आपके पास रुपए नहीं है तो भाई आप
  1607. 1:04:20फालतू का नहीं सोचेंगे घूमने फिरने का या
  1608. 1:04:23रुपए खर्च करने का क्योंकि आप एकदम स्टेबल
  1609. 1:04:26रहेंगे। ठीक है? तो उनके पास कम एनर्जी है
  1610. 1:04:29तो वो सबसे ज्यादा स्टेबल है। दूसरे पे
  1611. 1:04:31आते हैं आपके पाई इलेक्ट्रॉन। ऐसे
  1612. 1:04:32इलेक्ट्रॉन जिनके पास जो है सिग्मा
  1613. 1:04:34इलेक्ट्रॉन से ज्यादा एनर्जी है और उनके
  1614. 1:04:36कंपेर में ये लेस स्टेबल है। लास्ट में
  1615. 1:04:39आता है आपके नॉन बॉन्डिंग इलेक्ट्रॉन। वो
  1616. 1:04:42इलेक्ट्रॉन जिनके पास काफी ज्यादा एनर्जी
  1617. 1:04:44है क्योंकि उन्होंने बॉन्ड वगैरह बना ही
  1618. 1:04:45नहीं रखा है और वो जहां मन चाहे घूम फिर
  1619. 1:04:48सकते हैं। कहने का मतलब है वो अनस्टेबल
  1620. 1:04:50है। अब आपने इन्हीं एनर्जी लेवल से या
  1621. 1:04:53कहें तो आपने जो इलेक्ट्रॉन के टाइप देखे
  1622. 1:04:55हैं उन्हीं के बेसिस पे आपने ये समझना है
  1623. 1:04:57कि जो आपके इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन है वो
  1624. 1:04:59कितने टाइप के होते हैं। ठीक है? तो सिंपल
  1625. 1:05:01सी आपने यहां पे हेडिंग लगानी है कि
  1626. 1:05:04टाइप्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन।
  1627. 1:05:07तो यहां पे जो इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन है
  1628. 1:05:09इलेक्ट्रॉन के ही बेसिस पर कई सारे टाइप
  1629. 1:05:11के हैं जो यहां पे लिखे हुए हैं। मैं एकदम
  1630. 1:05:13आपको इनको नहीं बताऊंगा कि भाई ये क्या है
  1631. 1:05:15क्या नहीं है। सिंपल अभी मैं एक बार पढ़
  1632. 1:05:18के बोल दूं कि सिग्मा टू सिग्मा स्टार
  1633. 1:05:20ट्रांजिशन सिग्मा टू पाई स्टार
  1634. 1:05:22ट्रांजैक्शन पाई टू सिग्मा स्टार ये स्टार
  1635. 1:05:24लगा हुआ है ना तो इस तरीके से बोलते हैं।
  1636. 1:05:26पाई टू पाई स्टार ट्रांजैक्शन। और अभी दो
  1637. 1:05:29और है आपके यहां पे नॉन बॉन्डिंग टू
  1638. 1:05:31सिग्मा स्टार एंड नॉन बॉन्डिंग टू पाई
  1639. 1:05:33स्टार। ये अभी आपने जस्ट नहीं समझने है।
  1640. 1:05:36अब मैं आपको एक एग्जांपल से सिंपल तरीके
  1641. 1:05:38से समझाता हूं कि हमारे पास एक पैमाना है।
  1642. 1:05:42जैसे ये सपोज़ करो ये इस तरीके से हमने एक
  1643. 1:05:44एरो यहां पे काट दिया। ठीक है? इस पर हमने
  1644. 1:05:47लिख दिया एनर्जी लेवल।
  1645. 1:05:51एनर्जी कि अगर आप यहां से ऊपर को जाओगे ना
  1646. 1:05:55तो एनर्जी का लेवल बढ़ेगा। तो अभी जो आपने
  1647. 1:05:58समझा कि जो सिग्मा जो बांड होते हैं जो
  1648. 1:06:00सिग्मा जो इलेक्ट्रॉन होते हैं उनके पास
  1649. 1:06:02सबसे कम एनर्जी है तो वो सबसे नीचे होंगे।
  1650. 1:06:06ठीक है? उसके ऊपर जो आएंगे वो यहां पे पाई
  1651. 1:06:09आपके जो है पाई आएंगे। पाई इलेक्ट्रॉन फिर
  1652. 1:06:12उसके ऊपर जो आएंगे यहां पे वो आपके नॉन
  1653. 1:06:15बॉन्डिंग। यही तो चीज अभी मैंने आपको बताई
  1654. 1:06:17थी। बस वही इस पैमाने से कि भाई देखो यहां
  1655. 1:06:20पर है कम। इससे ऊपर जाओगे तो बढ़ता जा रहा
  1656. 1:06:22है। ठीक है? इसको हम बोलते हैं सिग्मा
  1657. 1:06:25बॉन्डिंग।
  1658. 1:06:28यहां पे हम बोलते हैं इसको पाई बॉन्डिंग।
  1659. 1:06:31ठीक है? इसको हम बोलते हैं नॉन बॉन्डिंग।
  1660. 1:06:34ठीक है? क्योंकि ये जो है सबसे नीचे है।
  1661. 1:06:37इनकी एनर्जी सबसे कम है। लगातार जैसे इसकी
  1662. 1:06:39तो सबसे ही कम है। तो सबसे ज्यादा स्टेबल
  1663. 1:06:41है। ये उससे कम स्टेबल है। ये और भी कम
  1664. 1:06:43स्टेबल है। और ये जो है नॉर्मली ग्राउंड
  1665. 1:06:46स्टेट इनको हम बोलते हैं। क्योंकि
  1666. 1:06:48इलेक्ट्रॉन इन तीनों स्टेट में आपको
  1667. 1:06:50नॉर्मली मिल जाएंगे। और इसको हम एक टर्म
  1668. 1:06:52यूज़ करते हैं। होमो होमो का मतलब है। यानी
  1669. 1:06:56कि हाईली ऑक्यूपाइड मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल
  1670. 1:06:59यानी कि वो ऑर्बिट या वो ऑर्बिटल जो हली
  1671. 1:07:02ऑक्यूपाइड है ज्यादातर वो घिरे हुए हैं तो
  1672. 1:07:05उनको हम बोलते हैं होमो। ठीक है? इनकी फुल
  1673. 1:07:08फॉर्म आपको मैं बताऊं। होमो का मतलब है कि
  1674. 1:07:10हाइली ऑक्यूपाइड मॉलिक्यूल। अब ये हमारे
  1675. 1:07:13जो इलेक्ट्रॉन है ना वो एकदम ग्राउंड
  1676. 1:07:16स्टेट पर हैं। अब अगर हम इनको एनर्जी
  1677. 1:07:19देंगे तो ये कहां जाएंगे? हायर स्टेट,
  1678. 1:07:21एक्साइटेड स्टेट। तो यहां पे एनर्जी लेवल
  1679. 1:07:24और बढ़ेगा। यानी कि यहां पे हमने दो और
  1680. 1:07:26क्लास बनाई। एक यहां पे होगी हमारी सबसे
  1681. 1:07:30नीचे जो है पाई
  1682. 1:07:32एंटी बॉन्डिंग।
  1683. 1:07:36इस पे इस तरीके से स्टार लगा होता है।
  1684. 1:07:37इसको हम पाई स्टार भी बोलते हैं। एक है
  1685. 1:07:40हमारी सिग्मा स्टार या सिग्मा एंटी
  1686. 1:07:44बॉन्डिंग।
  1687. 1:07:47ठीक है? आपको पता है कि जो सिग्मा
  1688. 1:07:49बॉन्डिंग है वहां पे सिग्मा ही इलेक्ट्रॉन
  1689. 1:07:50होंगे। जो पाई बॉन्डिंग है वहां पे पाई ही
  1690. 1:07:52इलेक्ट्रॉन होंगे। जहां पे नॉन बॉन्डिंग
  1691. 1:07:54है वहां पे नॉन बॉन्डिंग इलेक्ट्रॉन
  1692. 1:07:56रहेंगे। अब आपने ये चीज़ समझनी है कि ये जो
  1693. 1:07:59अभी ग्राउंड स्टेट पर है तीनों इलेक्ट्रॉन
  1694. 1:08:02ये कौन-कौन सी क्लासेस में जा सकते है
  1695. 1:08:04एनर्जी मिलने पर? देखो सबसे पहले हम समझते
  1696. 1:08:06हैं सिग्मा। क्योंकि वो सबसे नीचे है। वो
  1697. 1:08:10बहुत ज्यादा स्टेबल है। ठीक है? और ये
  1698. 1:08:12हाइली ऑक्यूपाइड है। अगर मैं बात करूं तो
  1699. 1:08:15सिग्मा जो अगर इलेक्ट्रॉन है अगर आपके पास
  1700. 1:08:17सपोज वो सिग्मा इलेक्ट्रॉन है तो केबल और
  1701. 1:08:20केबल वो एक्साइटेड होकर के सिग्मा एंटी
  1702. 1:08:22बॉन्डिंग क्लास में ही जा सकता है। ठीक
  1703. 1:08:25है? इन दोनों क्लासों को ना हम यहां पे
  1704. 1:08:27ल्यूमो वॉइड बोलते हैं। जैसे कि नीचे
  1705. 1:08:28वालों को होमो बोलते हैं ना। तो, इनको हम
  1706. 1:08:31ल्यूमो बोलते हैं। लीस्ट अनऑक्युपाइड या
  1707. 1:08:35कहें तो लो अनऑक्युपाइड मॉलिक्यूलर
  1708. 1:08:37ऑर्बिटल कि यह ज़्यादातर ऑक्युपाई नहीं
  1709. 1:08:39रहते हैं। बहुत ही कम घिरे रहते हैं। तभी
  1710. 1:08:41थोड़े टाइम के लिए घिरते हैं जब एनर्जी का
  1711. 1:08:43लेवल बढ़ता है। तो देखिए अगर यहां पे
  1712. 1:08:46ट्रांजिशन अगर सिग्मा इलेक्ट्रॉन का हो।
  1713. 1:08:47अगर सिग्मा इलेक्ट्रॉन को एनर्जी अगर हम
  1714. 1:08:49दें तो वो जो है ना सिर्फ और सिर्फ सिग्मा
  1715. 1:08:52एंटी बॉन्डिंग में देंगे। कहने का मतलब है
  1716. 1:08:54यहां से अपनी रेस स्टार्ट करेंगे और सीधा
  1717. 1:08:57यहां पे पहुंचेंगे।
  1718. 1:08:59ठीक? अब आपको दिख रहा है कि भाई एकदम कोई
  1719. 1:09:01बंदा जीरो लेवल से स्टार्ट कर रहा है और
  1720. 1:09:03सबसे ऊपर की गद्दी पर जाकर बैठ रहा है।
  1721. 1:09:05कितनी मेहनत लगेगी। मतलब सबसे ज्यादा
  1722. 1:09:07एनर्जी जो है ना सबसे ज्यादा लाइट अपने
  1723. 1:09:10इन्हीं को देनी पड़ेगी इन इलेक्ट्रॉन्स को
  1724. 1:09:13तभी वो जो है एक्साइटेड होंगे। ठीक है? और
  1725. 1:09:16इनका इस ग्राउंड स्टेट से इस वाली ग्राउंड
  1726. 1:09:19हायर स्टेट में जाने को मूव करने को आप
  1727. 1:09:22क्या बोलोगे? सिग्मा से उठा सिग्मा स्टार
  1728. 1:09:25पे जाके बैठ गया। तो सिग्मा टू सिग्मा
  1729. 1:09:27स्टार ट्रांजिशन। क्लियर हो गया? अब दूसरी
  1730. 1:09:30तरफ देखोगे आप कहता है पाई। अगर आपके पाई
  1731. 1:09:33बॉन्ड यानी कि डबल बांड या ट्रिपल बॉन्ड
  1732. 1:09:35है तो वहां पे पाई इलेक्ट्रॉन रहेंगे। तो
  1733. 1:09:37अगर आप पाई इलेक्ट्रॉन को एनर्जी देते हैं
  1734. 1:09:39तो वो इलेक्ट्रॉन अपने पाई यहां से
  1735. 1:09:41स्टार्ट हुआ इस क्लास से स्टार्ट हुआ
  1736. 1:09:43सिर्फ और सिर्फ पाई एंटी बॉन्डिंग में ही
  1737. 1:09:45जा सकता है। वो इससे ऊपर नहीं जा सकता।
  1738. 1:09:48ठीक है? एकदम ये रूल है। आपने ध्यान रखना
  1739. 1:09:50है। एज़ कंपेयर टू दिस। आप समझ सकते हैं कि
  1740. 1:09:52भाई यहां पे एनर्जी इतनी खास नहीं देनी
  1741. 1:09:55होगी। कोई यहां पे मिडिल क्लास का बंदा है
  1742. 1:09:57या अपर मिडिल क्लास का है। वो और ज्यादा
  1743. 1:09:59कमाई करके यहां पे हायर लेवल में पहुंच
  1744. 1:10:01गया है। तो इतनी मेहनत नहीं लगी होगी। एज
  1745. 1:10:04कंपेयर टू कि वो बहुत ही गरीब उठ करके
  1746. 1:10:06यहां गद्दी पे जाके बैठा है। क्लियर हुआ?
  1747. 1:10:08तो यहां पे अगर हम इस ट्रांजिशन को नाम
  1748. 1:10:10देना चाहें तो भाई पाई से उठा पाई स्टार
  1749. 1:10:13पे जा के बैठा। तो ये पाई टू पाई स्टार
  1750. 1:10:16ट्रांजिशन। ठीक? अब आपका बचा यहां पे नॉन
  1751. 1:10:20बॉन्डिंग वाला। नॉन बॉन्डिंग दोनों तरफ आ
  1752. 1:10:22गया। मतलब वो किधर भी जा सकता है। अगर आप
  1753. 1:10:24उसको कम एनर्जी देंगे तो वो यहां चला
  1754. 1:10:26जाएगा। अगर आप इसको और भी ज्यादा एनर्जी
  1755. 1:10:28दे देंगे तो वो यहां चला जाएगा। वो तो भाई
  1756. 1:10:30फ्री बैठा है। उसको कुछ नहीं लेना देना
  1757. 1:10:32कौन सी क्लास में जाना है। ठीक है? वो
  1758. 1:10:34डिपेंड करता है कि आपके पास कितने रुपए
  1759. 1:10:36मिल रहे हैं आप उसके बेसिस पे यहां पे
  1760. 1:10:38ग्रो कर रहे हैं। तो यहां पे नॉन बॉन्डिंग
  1761. 1:10:40को अगर मैं यहां पे अगर इस ट्रांजैक्शन का
  1762. 1:10:41नाम दूं कि n जो है यहां पे था। कहां पे
  1763. 1:10:45जाके बैठ गया? सिग्मा सॉरी पाई स्टार पे
  1764. 1:10:47जाके बैठ गया। एक और दूसरा कि भाई n यहां
  1765. 1:10:51पर था। कहां पर जाकर बैठ गया? यहां पर
  1766. 1:10:53सिग्मा स्टार पे जाकर बैठ गया। ठीक है? इस
  1767. 1:10:56तरीके से। तो अभी आप इन एरो से ये समझ
  1768. 1:10:59सकते हैं कि भाई किस में कितनी ज्यादा
  1769. 1:11:01एनर्जी देनी है अगर आपने इलेक्ट्रॉन का
  1770. 1:11:03ट्रांजिशन कराना हो। ठीक है? और आपको एक
  1771. 1:11:06और बहुत अच्छी चीज यहां पे क्लियर होगी।
  1772. 1:11:08पहले मैं आपको यही चीज समझा दूं। अब आप
  1773. 1:11:10इनको पढ़कर बताइए मेरे को क्लियर हुआ कि
  1774. 1:11:13नहीं हुआ। सिग्मा σ2 अगर सिग्मा स्टार वो
  1775. 1:11:16जा रहा है। आपको समझ आ गया होगा कि अच्छा
  1776. 1:11:18ये बहुत ही कम एनर्जी वाला था और इतनी
  1777. 1:11:21यहां पर जाकर के बैठा हायर पे जा के।
  1778. 1:11:23दूसरा जो मैंने यहां पे लिख रखा है ना कि
  1779. 1:11:25σ2 पाई स्टार पाई टू सिग्मा स्टार ये
  1780. 1:11:27प्रैक्टिकली पॉसिबल ही नहीं है। तो मैंने
  1781. 1:11:30इनको बताया ही नहीं है आपको। सिर्फ पहला
  1782. 1:11:32बताया यहां पे चौथा बताया जो कि आपने यही
  1783. 1:11:34पढ़ने हैं यही होते हैं एक्चुअल में। और
  1784. 1:11:37दो और बताए नॉन बॉन्डिंग वाले। और उनको
  1785. 1:11:39मैंने यहां पे वही अच्छे से दिखा रखा है।
  1786. 1:11:42अब आपको ये समझने में ज्यादा दिक्कत नहीं
  1787. 1:11:44होगी। हां, आपको क्लियर हो रहा होगा कि
  1788. 1:11:46अच्छा ये होमो था हायर ऑक्युपाइड
  1789. 1:11:47मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल। ये लोअर अनऑक्युपाइड
  1790. 1:11:50मॉलिक्यूलर ऑर्बिटल यानी कि कम ऑक्युपाई
  1791. 1:11:52होते हैं ये ज्यादा ऑक्यूपाई रहते हैं
  1792. 1:11:53स्टार्टिंग में। अब हम अगर सिग्मा
  1793. 1:11:55इलेक्ट्रॉन को अगर एनर्जी दे रहे हैं तो
  1794. 1:11:56वो सीधा का सीधा यहां पे जा के बैठेगा
  1795. 1:11:58मतलब सबसे ज्यादा एनर्जी यहां पे लगेगी।
  1796. 1:12:00पाई वाला पाई एंटी बॉन्डिंग में जाएगा और
  1797. 1:12:02नॉन बॉन्डिंग वाला दोनों में जा सकता है।
  1798. 1:12:04वो डिपेंड करेगा कि आप कितनी एनर्जी दे
  1799. 1:12:06रहे हैं। ठीक है? ठीक है? तो इसके बेसिस
  1800. 1:12:08पर आपको समझ आया कि आपने इलेक्ट्रॉन के
  1801. 1:12:10बेसिस पर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन के टाइप
  1802. 1:12:12पता कर लिए। जो कि आपके कितने टाइप के है?
  1803. 1:12:14चार टाइप के हैं। अब यहां पे वही टाइप की
  1804. 1:12:17थोड़ी थोड़ी समरी लिखी हुई है और इनसे आपको
  1805. 1:12:19एक बहुत ही अच्छी चीज़ समझ आएगी। आप यकीन
  1806. 1:12:22करोगे की भाई यार ऐसा है। अच्छा ये सारा
  1807. 1:12:24फंडा ऐसे चलता है। जैसे पहला है आपका।
  1808. 1:12:27सिग्मा टू सिग्मा स्टार ट्रांजिशन किस में
  1809. 1:12:30होगा? तो लिखा है दोस कंपाउंड व्हिच कंटेन
  1810. 1:12:32ओनली सिंगल बॉन्ड अंडरगो सिग्मा टू सिग्मा
  1811. 1:12:35स्टार ट्रांजिशन। भैया सिग्मा बॉन्ड कहां
  1812. 1:12:37पे पाए जाते हैं? सिंगल बॉन्ड में। यहां
  1813. 1:12:40पे सिंगल बॉन्ड में। तो ये सिग्मा टू
  1814. 1:12:43सिग्मा स्टार ट्रांजिशन होगा कहां?
  1815. 1:12:45ज्यादातर तो सैचुरेटेड में ही होगा सिंगल
  1816. 1:12:48बॉन्ड में। तो लिखना है कि ये जो है ऐसे
  1817. 1:12:50कंपाउंड्स में होते हैं जिनमें केवल और
  1818. 1:12:52केवल सिंगल बॉन्ड या कहें तो केवल
  1819. 1:12:54सैचुरेटेड रहते हैं वो। ठीक है? और लिखा
  1820. 1:12:57है फॉर दिस ट्रांजिशन हाई एनर्जी
  1821. 1:12:59रिक्वायर्ड मीन ओनली लो वेवलेंथ ईएमआर कैन
  1822. 1:13:02एक्साइट देम। बहुत इंपॉर्टेंट बात मैंने
  1823. 1:13:04यहां पे लिखी है कि अगर आप इस लेवल से
  1824. 1:13:07जीरो लेवल से एकदम गद्दी पे जाके बैठना
  1825. 1:13:09चाहते हैं भाई बहुत ज्यादा एनर्जी लगेगी।
  1826. 1:13:11बहुत ज्यादा एनर्जी लगेगी मतलब आपको कम
  1827. 1:13:14वेवलेंथ की लाइट की जरूरत पड़ेगी। अब
  1828. 1:13:16देखिए उन फंडामेंटल्स पे आते हैं जो मैंने
  1829. 1:13:18अभी आपको बताए थे। कि देखिए आपको बहुत
  1830. 1:13:22ज्यादा एनर्जी की रिक्वायरमेंट है। ठीक
  1831. 1:13:24है? तो आपने ऐसी लाइट को सेलेक्ट करना
  1832. 1:13:27होगा जिसकी वेवलेंथ बहुत कम है। क्योंकि
  1833. 1:13:30वेवलेंथ अगर कम होगी है ना? तो इसका मतलब
  1834. 1:13:33है कि वहां पर एनर्जी उसके पास ज्यादा
  1835. 1:13:35होगी। उसकी फ्रीक्वेंसी ऊपर चढ़ने की
  1836. 1:13:37ज्यादा हो जाएगी। तेजी से वो वहां पर चढ़
  1837. 1:13:39पाएगा। क्लियर हुआ? तो मैं अगर आपको बताऊं
  1838. 1:13:43तो यहां पे मैंने लिख रखा है तो आपने जो
  1839. 1:13:45है कम वेवलेंथ यानी कि 200 नैन मीटर से कम
  1840. 1:13:49की वेवलेंथ को आपने यहां पे देना होगा।
  1841. 1:13:51तभी जो है वो यहां पे मूव कर पाएंगे ये
  1842. 1:13:54वाले इलेक्ट्रॉन। समझ आया? जैसे हमने यहां
  1843. 1:13:57पे सेलेक्ट किया था कि भाई हमारी जो यूपी
  1844. 1:13:59जो विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी है वो तो 200
  1845. 1:14:02से ही स्टार्ट होती है और 800 पे खत्म
  1846. 1:14:04होती है। कहने का मतलब है कि इन कंपाउंड
  1847. 1:14:06की आप एनालिसिस कर ही नहीं सकते यूपी
  1848. 1:14:08विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी से। क्योंकि इससे
  1849. 1:14:11नीचे वाली जो है वो दूसरे के अंदर आ जाता
  1850. 1:14:14है। समझ गए? तो कहने का मतलब है कि यहां
  1851. 1:14:17पे जो कंपाउंड्स हैं जिनके ऊपर केवल सिंगल
  1852. 1:14:20बॉन्ड यहां पे पाए जाते हैं उनको ज्यादा
  1853. 1:14:22एनर्जी देनी है। इट मींस कि उनको लो
  1854. 1:14:24वेवलेंथ की लाइट देनी है 200 नैनोमीटर से
  1855. 1:14:27कम। तो यहां पे हम यूवी से यूवी विज़िबल से
  1856. 1:14:29कर ही नहीं सकते। कितनी इंटरेस्टिंग चीज
  1857. 1:14:31आपको यहां पे समझ आई कि भाई ऐसे यहां पे
  1858. 1:14:33पूरा फंडा चल रहा है। इसमें एग्जांपल जैसे
  1859. 1:14:36कि साइक्लोहेक्सेन सिंगल सिंगल बॉन्ड
  1860. 1:14:38मिथेन में सारे सिंगल बॉन्ड, प्रोपेन में
  1861. 1:14:40सारे सिंगल बॉन्ड मतलब इसमें ये वाला
  1862. 1:14:42ट्रांजिशन होगा। ठीक? दूसरा है पाई टू पाई
  1863. 1:14:45स्टार ट्रांजिशन। ऐसे कंपाउंड जिसमें डबल
  1864. 1:14:47और ट्रिपल बॉन्ड है उन्हीं में तो पाए
  1865. 1:14:49जाते हैं पाई इलेक्ट्रॉन।
  1866. 1:14:51हमने दिखाए थे इथेन, बेंजी, इथीन, बेंजीन
  1867. 1:14:54यहीं पे तो पाए जा रहे हैं। तो ये
  1868. 1:14:56ट्रांजिशन उन्हीं कंपाउंड्स में होगा। तो
  1869. 1:14:58दोज़ कंपाउंड व्हिच व्हिच हैव डबल या
  1870. 1:15:00ट्रिपल बॉन्ड उनके अंदर ही पाई टू पाई
  1871. 1:15:03स्टार ट्रांजिशन होता है। एग्जांपल एल्कीन
  1872. 1:15:06है, डबल बॉन्ड वाले, एल्काइन है, ट्रिपल
  1873. 1:15:07बॉन्ड वाले कार्बोनिल कंपाउंड है,
  1874. 1:15:09नाइट्राइल इनमें ट्रिपल डबल सारे जो बॉन्ड
  1875. 1:15:11हैं उनमें ये होता है। और हमने देखा था कि
  1876. 1:15:14एज़ कंपेयर टू सिग्मा टू सिग्मा स्टार
  1877. 1:15:16ट्रांजिशन इनके लिए तो भाई बहुत कम एनर्जी
  1878. 1:15:18चाहिए। देखो पाई टू पाई स्टार में अगर
  1879. 1:15:20जाना है तो यहां से स्टार्ट करके यहां
  1880. 1:15:22पहुंचना है। तो इनको कम एनर्जी चाहिए।
  1881. 1:15:24इट्स मींस कि ज्यादा वेवलेंथ की लाइट इनको
  1882. 1:15:27चाहिए होगी। क्योंकि वेवलेंथ और एनर्जी
  1883. 1:15:29दूसरे के अपोजिट है। ठीक है? फंडामेंटल्स
  1884. 1:15:31में यही मैंने क्लियर करा था।
  1885. 1:15:34तो यहां पर लिखा है कि इट रिक्वायर लेस
  1886. 1:15:36एनर्जी एस कंपेयर टू सिग्मा टू सिग्मा
  1887. 1:15:39स्टार ट्रांजिशन। मींस उनको अगर आपने लाइट
  1888. 1:15:41देनी है तो वह 200 नैनोमीटर नैनोमीटर से
  1889. 1:15:44ज्यादा की देनी होगी। मतलब आप इन कंपाउंड
  1890. 1:15:46की एनालिसिस यूवी विज़िबल स्पेक्ट्रोस्कोपी
  1891. 1:15:49से कर सकते हैं। क्लियर हुआ कि नहीं? तो
  1892. 1:15:52ये है आपका पाई टू पाई स्टार ट्रांजिशन।
  1893. 1:15:58नेक्स्ट आपका वो है नॉन बॉन्डिंग टू
  1894. 1:16:01सिग्मा स्टार ट्रांजिशन। नॉन बॉन्डिंग
  1895. 1:16:03मतलब उनके पास इलेक्ट्रॉन पेयर होगा नॉन
  1896. 1:16:06बॉन्डिंग। ठीक है? और सिग्मा स्टार यानी
  1897. 1:16:08कि इसमें सिंगल बॉन्ड रहेंगे। सिग्मा
  1898. 1:16:11बॉन्ड कहां रहता है? सिंगल बॉन्ड में ना?
  1899. 1:16:12तो लिखना है सैचुरेटेड कंपाउंड यानी कि
  1900. 1:16:14सिंगल बॉन्ड कंपाउंड बट दे कंटेन लोन पेयर
  1901. 1:16:17ऑफ इलेक्ट्रॉन लाइक आपके जो हेट्रो एटम है
  1902. 1:16:21ऑक्सीजन नाइट्रोजन सल्फर ये रहते हैं और
  1903. 1:16:23उनके पास एक नॉन बॉन्डिंग इलेक्ट्रॉन या
  1904. 1:16:25दो नॉन बॉन्डिंग नॉन बॉन्डिंग इलेक्ट्रॉन
  1905. 1:16:27रहते ही रहते हैं। जैसे आप एग्जांपल समझो
  1906. 1:16:29इथेनॉल है। है इसमें सारे सिंगल बांड और
  1907. 1:16:33इसके पास ऑक्सीजन के पास यहां पे क्या है?
  1908. 1:16:35आपके लोन पेयर यानी कि नॉन बॉन्डिंग
  1909. 1:16:37इलेक्ट्रॉन भी हैं। इथेन अमीन है। यहां पे
  1910. 1:16:40सारे सिंगल बॉन्ड हैं और यहां पे क्या है
  1911. 1:16:42आपका? लोन पेयर भी है। कहने का मतलब है कि
  1912. 1:16:46ऐसे कंपाउंड में जो सिंगल बॉन्ड के हों और
  1913. 1:16:48लोन पेयर भी हो तो उनमें जो ट्रांजिशन
  1914. 1:16:50होगा नॉन बॉन्डिंग टू सिग्मा स्टार
  1915. 1:16:52ट्रांजिशन होगा। अब इनकी कितनी एनर्जी है?
  1916. 1:16:55आप ये भी देख सकते हैं। भाई इसके कंपेयर
  1917. 1:16:57में अगर हम देखें तो इसमें ज्यादा एनर्जी
  1918. 1:16:58की जरूरत है क्योंकि इसको और ऊपर तक चढ़ना
  1919. 1:17:01है। ठीक है? तो यहां पर लिखा हुआ है कि
  1920. 1:17:03सैचुरेटेड कंपाउंड या कहें तो सिंगल बॉन्ड
  1921. 1:17:06कंपाउंड जो होते हैं इनको हाई एनर्जी की
  1922. 1:17:09रिक्वायरमेंट होती है एज कंपेयर टू ये जो
  1923. 1:17:12आपने पीछे देखा था पाई टू पाई स्टार वाला
  1924. 1:17:14तो उनको आपने जो है 200 नैनोमीटर से कम की
  1925. 1:17:17ही वेवलेंथ वाली लाइट को देना होगा। तो
  1926. 1:17:19इसका मतलब है कि इनकी भी एनालिसिस आप युग
  1927. 1:17:22विज़िबल से नहीं कर सकते। अब इसके बाद
  1928. 1:17:24देखिए लास्ट में है देखिए वह है नॉन
  1929. 1:17:26बॉन्डिंग टू पाई स्टार ट्रांजिशन कि ऐसे
  1930. 1:17:29कंपाउंड जिसमें नॉन बॉन्डिंग इलेक्ट्रॉन
  1931. 1:17:32हो और वहां पे पाई इलेक्ट्रॉन भी हो यानी
  1932. 1:17:34कि डबल बॉन्ड हो और नॉन बॉन्डिंग हो तो
  1933. 1:17:36उनमें ये होगा तो कंपाउंड व्हिच हैव डबल
  1934. 1:17:38या ट्रिपल बॉन्ड एंड कंटेन लोन पेयर एटम
  1935. 1:17:40सच एज नाइट्रोजन ऑक्सीजन सल्फर वही इस
  1936. 1:17:43ट्रांजिशन को करते हैं। जैसे कि यहां पे
  1937. 1:17:46लिखा हुआ है एग्जांपल में कि एसिट्डिहाइड
  1938. 1:17:48है कि देखो यहां पे डबल बॉन्ड भी है और
  1939. 1:17:50यहां पे लोन पेयर भी है। यहां पे आपका
  1940. 1:17:52एसिटिक एसिड है। यहां पे डबल बॉन्ड भी है
  1941. 1:17:54और आपका लोन पेयर भी है। तो ऐसे कंपाउंड
  1942. 1:17:57अगर आप देखोगे उनके एनर्जी अगर आपको पता
  1943. 1:17:59चले कि कितनी चाहिए तो उनको तो सबसे कम
  1944. 1:18:01एनर्जी की जरूरत है। भाई उनको सिर्फ यहां
  1945. 1:18:04से यहां पे पहुंचना है तो बहुत कम एनर्जी
  1946. 1:18:06चाहिए। इट मींस कि उनको ज्यादा वेवलेंथ की
  1947. 1:18:09लाइट को देना होगा। तो लिखा है इट
  1948. 1:18:12ट्रांजिशन रिक्वायर मिनिमम या कहें तो
  1949. 1:18:14लोएस्ट एनर्जी मीन हाई एनर्जी की वेवलेंथ
  1950. 1:18:16यहां पे चाहिए होगी। यानी कि 200 नैनोमीटर
  1951. 1:18:19से ज्यादा की वेवलेंथ। क्लियर हो गया? तो
  1952. 1:18:22आपने जो है इस इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन से
  1953. 1:18:24क्या चीज समझी? आपने ये समझा कि हम यूवी
  1954. 1:18:27विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी से किस-किस की
  1955. 1:18:29एनालिसिस कर सकते हैं। किसको कितनी एनर्जी
  1956. 1:18:32की जरूरत होगी। कंपाउंड को हमने अलग-अलग
  1957. 1:18:34कर दिया। ठीक है? तो ये है आपका
  1958. 1:18:37इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिशन। अब इसको थोड़ा
  1959. 1:18:39मैं आपको ऑर्डर और समझा देता हूं। जो आपने
  1960. 1:18:42चीजें समझी उसका मैंने यहां पे ऑर्डर लिख
  1961. 1:18:44रखा है कि एनर्जी का ऑर्डर कितना है कैसा
  1962. 1:18:46है और वेवलेंथ का कैसा है कि अगर हम बात
  1963. 1:18:49करें सिग्मा टू सिग्मा स्टार ट्रांजिशन
  1964. 1:18:51यानी कि जो सबसे पहला आता है सिग्मा टू
  1965. 1:18:53सिग्मा स्टार ट्रांजिशन इसमें सबसे ज्यादा
  1966. 1:18:55एनर्जी की जरूरत पड़ता है तो यहां पे लिखा
  1967. 1:18:57है हाई इधर लो तो नीचे को जाओगे तो लो
  1968. 1:19:00होता जाएगा तो इनको सबसे ज्यादा एनर्जी
  1969. 1:19:02चाहिए इट मींस कि लो वेवलेंथ चाहिए 200
  1970. 1:19:05नैनोमीटर से कम की वेवलेंथ फिर है आपका
  1971. 1:19:08नॉन बॉन्डिंग टू सिग्मा स्टार इनको जो है
  1972. 1:19:12एज कंपेयर टू इनके कि उनको ज्यादा ही
  1973. 1:19:14एनर्जी चाहिए। तो इट मींस कि उनको लो
  1974. 1:19:16वेवलेंथ की लाइट यहां पे चाहिए होगी। फिर
  1975. 1:19:18नीचे दो और आते हैं पाई टू पाई स्टार
  1976. 1:19:21जिनकी एनर्जी कम चाहिए होती है। यानी कि
  1977. 1:19:23ज्यादा वेवलेंथ की लाइट 200 नैनोमीटर से
  1978. 1:19:25ज्यादा क्योंकि वेवलेंथ और एनर्जी एक
  1979. 1:19:27दूसरे के अपोजिट है। फिर है सबसे नीचे वो
  1980. 1:19:30है नॉन बॉन्डिंग टू पाई स्टार। जिसमें
  1981. 1:19:32बहुत ही कम एनर्जी की जरूरत होती है। इट
  1982. 1:19:34मींस यहां पे ज्यादा वेवलेंथ की लाइट की
  1983. 1:19:36जरूरत पड़ेगी। इवन कि आपको आई आर की भी
  1984. 1:19:39जरूरत यहां पे पड़ सकती है।
  1985. 1:19:40तो यहां पे देखिए वही जो चीजें है वो लिखी
  1986. 1:19:42हुई है कि यहां पे पांच ऑर्बिटल होते हैं।
  1987. 1:19:44जैसे कि सिग्मा बॉन्डिंग ऑर्बिटल, पाई
  1988. 1:19:46बॉन्डिंग ऑर्बिटल, नॉन बॉन्डिंग ऑर्बिटल,
  1989. 1:19:48सिग्मा स्टार, पाई स्टार। तो ये देखिए वही
  1990. 1:19:51चीजें जो अभी आप पढ़ के आ रहे हैं ना वही
  1991. 1:19:52आपने शॉर्ट में लिखना है। देखिए आपको जब
  1992. 1:19:54क्वेश्चन का आंसर करना है तो ये सिंपल
  1993. 1:19:56यहां से स्टार्ट करना है कि ये यूपिजिबल
  1994. 1:19:59स्पेक्ट्रोस्कोपी इलेक्ट्रॉन ट्रांजिशन पर
  1995. 1:20:00बेस्ड होती है। ये इलेक्ट्रॉन ट्रांजिशन
  1996. 1:20:02क्या है? इसमें इतने ऑर्बिटल होते हैं और
  1997. 1:20:04ये वाला ग्राफ जो है ये जरूर से बनाना है।
  1998. 1:20:07मैंने वहां पे वैसे आपको अच्छे से समझा
  1999. 1:20:08दिया होगा कि यहां पे पाई टू पाई स्टार
  2000. 1:20:10ट्रांजिशन में सबसे ज्यादा एनर्जी चाहिए
  2001. 1:20:12क्योंकि भाई वो सबसे नीचे से उठ के सबसे
  2002. 1:20:14ऊपर जा रहा है। है ना? कहने का मतलब है
  2003. 1:20:17यहां पे वेवलेंथ कम चाहिए होगी। जैसे अभी
  2004. 1:20:19हमने जो फंडा समझा था अगर मैं आपको अच्छे
  2005. 1:20:21से बताऊं। जब हमने स्पेक्ट्रोस्कोपी का
  2006. 1:20:24बेसिक समझा था। हमने जाना था कि जो एनर्जी
  2007. 1:20:28जो है अगर एनर्जी ज्यादा चाहिए यानी कि
  2008. 1:20:30वेवलेंथ वहां पे कम हो जाती है। वेवलेंथ
  2009. 1:20:33वहां पे कम हो जाती है। ठीक है? अब ये है
  2010. 1:20:36जैसे सिग्मा बॉन्डिंग बोले तो यानी कि जो
  2011. 1:20:39सिंगल बॉन्ड में ये देखा जाता है सिंगल
  2012. 1:20:41बॉन्ड जैसे कि इथेन है, मिथेन है इन सभी
  2013. 1:20:43में अगर उनको हायर स्टेट में पहुंचाना है
  2014. 1:20:46उनकी एनालिसिस आपने करनी है एक्साइट करके
  2015. 1:20:48तो आपको वो वेवलेंथ की लाइट देनी पड़ेगी
  2016. 1:20:51जिसमें ज्यादा एनर्जी हो। ज्यादा एनर्जी
  2017. 1:20:54हो मतलब कि कम वेवलेंथ की लाइट देनी होगी।
  2018. 1:20:56कम कहने का मतलब है 200 नैन मीटर से कम की
  2019. 1:21:00रेंज में जाना होगा। जैसे यहां पर पूरा
  2020. 1:21:02स्पेक्ट्रम है। जैसे अल्ट्रावायलेट 200
  2021. 1:21:06उसके भी सब टाइप होते हैं। यहां से 200 से
  2022. 1:21:09नीचे यानी कि 10 नैन मीटर से 200 नैन मीटर
  2023. 1:21:12इसकी वेवलेंथ की रेंज यानी कि वैक्यूम
  2024. 1:21:14यूवी वाली जो रेंज है उस पर आपने जाना
  2025. 1:21:16होगा। तभी आप एनालिसिस कर पाएंगे किसकी?
  2026. 1:21:19उन कंपाउंड की जिसमें सिंगल बॉन्ड होता है
  2027. 1:21:21ये जो बोले तो सिग्मा टू सिग्मा स्टार
  2028. 1:21:23ट्रांजिशन शो करते हैं। समझ आया? यानी कि
  2029. 1:21:26आपको एक अलग ही कांसेप्ट बन गया कि अगर
  2030. 1:21:29मैं मेरे को सिंगल बॉन्ड वाले कंपाउंड की
  2031. 1:21:31एनालिसिस करनी है तो वो यूवी विजिबल
  2032. 1:21:33स्पेक्ट्रोस्कोपी से तो नहीं हो सकती।
  2033. 1:21:35ठीक? अब यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी से
  2034. 1:21:37किनकी हो सकती है? तो वो है यहां पे पाई
  2035. 1:21:40टू पाई स्टार ट्रांजिशन वाले। पाई टू पाई
  2036. 1:21:42स्टार यानी कि पाई बोले तो पाई बॉन्ड यानी
  2037. 1:21:45कि जिनमें डबल या ट्रिपल बॉन्ड होता है
  2038. 1:21:47उनको कम एनर्जी चाहिए। कम एनर्जी चाहिए।
  2039. 1:21:49यानी कि वेवलेंथ बढ़ेगी। वेवलेंथ जाएगी 200
  2040. 1:21:52से ऊपर। 200, 300, 400, 500, 600, 700,
  2041. 1:21:55800 होते हैं। तो उनकी एनालिसिस आप यहां
  2042. 1:21:57पे अच्छे से कर पाएंगे। ठीक है? ऐसे ही
  2043. 1:22:01अगर हम इस वाले को देखें नॉन बॉन्डिंग से
  2044. 1:22:04सिग्मा स्टार। सिग्मा स्टार काफी हाई
  2045. 1:22:06एनर्जी का लेवल होता है। तो इस ट्रांजिशन
  2046. 1:22:09के लिए भी इससे ज्यादा एनर्जी इसको चाहिए
  2047. 1:22:11होती है। क्योंकि इसको तो जस्ट पाई वाले
  2048. 1:22:13में पहुंचना है। पर इसको जो है ना सिग्मा
  2049. 1:22:15स्टार वाले पहुंचना है। इसमें सबसे ज्यादा
  2050. 1:22:18लगेगी एनर्जी पर इसमें दूसरे नंबर पे सबसे
  2051. 1:22:21ज्यादा लगेगी। तो इसको भी जो है लो
  2052. 1:22:23वेवलेंथ की ही लाइट चाहिए होगी। मतलब कि
  2053. 1:22:25200 नैन मीटर से नीचे ही आना होगा। जो कि
  2054. 1:22:28यूवी विजिबल में ऐसा हम कर ही नहीं पाते
  2055. 1:22:30हैं। अब आपका सवाल एक यहां पे ये उठ रहा
  2056. 1:22:32होगा कि भाई वैसे तो यूवी विजिबल की रेंज
  2057. 1:22:35जो है यहां से 10 नैन मीटर से 200 नैनो
  2058. 1:22:38मतलब कि 10 नैन मीटर से स्टार्ट होती है
  2059. 1:22:40और 400 तक जाती है। तो आपको मैं बता दूं
  2060. 1:22:43कि 10 नैनोमीटर की लाइट से 200 नैनोमीटर
  2061. 1:22:45की लाइट अगर हम बात करें तो उसकी जो
  2062. 1:22:47वेवलेंथ है वो बहुत कम है। वेवलेंथ कम
  2063. 1:22:49होने की वजह से उसकी एनर्जी ज्यादा है।
  2064. 1:22:51एनर्जी ज्यादा होने की वजह से उसको जब हम
  2065. 1:22:54परफॉर्म करते हैं तो एक वैक्यूम में करते
  2066. 1:22:55हैं। वैक्यूम मतलब एकदम एनवायरमेंट
  2067. 1:22:57क्लोज्ड रहता है। अगर बाहर हम करेंगे तो
  2068. 1:23:00वहां पे जो बाहर की चीजें हैं, आपकी लाइट
  2069. 1:23:02वगैरह या जो आपकी एनवायरमेंटल कंडीशन है,
  2070. 1:23:04वही उसको अफेक्ट कर देगी। तो हम नॉर्मली
  2071. 1:23:06अपवर्ड से समझे तो यूवी को हम स्टार्ट
  2072. 1:23:09करते हैं यहां से 200 नैनोमीटर से 200 से
  2073. 1:23:12400। उससे नीचे भी यूवी रीजन ही होता है।
  2074. 1:23:15पर वो हम यूज़ में नहीं लेते हैं। उसको एक
  2075. 1:23:17स्पेसिफिक कंडीशन में ही यूज किया जाता
  2076. 1:23:19है। कौन सी कंडीशन? यहां पे वही जो अभी
  2077. 1:23:22मैं आपको समझा रहा हूं। यहां पे जब ज्यादा
  2078. 1:23:24लाइट की ज्यादा एनर्जी की जरूरत पड़े तो आप
  2079. 1:23:26इसकी एनालिसिस कर सकते हैं यूवी विज़िबल
  2080. 1:23:29स्पेक्ट्रोस्कोपी से इसकी आप स्प UV
  2081. 1:23:32विज़िबल स्पेक्ट्रोस्कोपी से नहीं कर सकते
  2082. 1:23:33इन दोनों की और आप इसकी भी कर सकते हैं
  2083. 1:23:36भाई इसकी तो वेव यहां से यहां पहुंचाना है
  2084. 1:23:38मतलब कि ज्यादा एनर्जी नहीं चाहिए मतलब कि
  2085. 1:23:40कम एनर्जी चाहिए तो ज्यादा वेवलेंथ दे दो
  2086. 1:23:42सिंपल सा कॉन्सेप्ट रखो तो आपके दिमाग में
  2087. 1:23:45अब एक सवाल एकदम क्लियर हो गया होगा कि जो
  2088. 1:23:47यूबी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी की जो
  2089. 1:23:49थ्योरी है वो ये कहती है कि इलेक्ट्रॉन को
  2090. 1:23:52ट्रांजिशन करो करो उनको एनर्जी दो। वो
  2091. 1:23:54हायर स्टेट में जाएंगे। एब्सॉर्ब करके
  2092. 1:23:56लाइट को कितनी लाइट वो एब्सॉर्ब करे बस
  2093. 1:23:58उसी से उनकी क्वांटिटी पता लगा दो। अब
  2094. 1:24:00यहां पे जो है ये चीज में ध्यान देना है।
  2095. 1:24:03पाई टू पाई स्टार ट्रांजिशन उन्हीं
  2096. 1:24:04कंपाउंड में होता है जिसमें डबल या ट्रिपल
  2097. 1:24:07बॉन्ड होता है। दूसरा नॉन बॉन्डिंग नॉन
  2098. 1:24:10बॉन्डिंग टू सिग्मा स्टार ट्रांजिशन उनमें
  2099. 1:24:12होता है जिसमें डबल या ट्रिपल बॉन्ड तो
  2100. 1:24:15होता ही होता है। साथ के साथ नॉन बॉन्डिंग
  2101. 1:24:17इलेक्ट्रॉन भी होते हैं। जो एक्स्ट्रा
  2102. 1:24:18इलेक्ट्रॉन जिन्होंने बॉन्ड नहीं बना रखा।
  2103. 1:24:20समझ गए? ये सारा फंडा है। तो आपके दिमाग
  2104. 1:24:23में अब ये क्वेश्चन एकदम क्लियर हो गया
  2105. 1:24:25होगा। एक यूज़ समझ आया होगा यूवी विजिबल
  2106. 1:24:27स्पेक्ट्रोस्कोपी का कि आप ये पता कर सकते
  2107. 1:24:29हैं कि किस कंपाउंड में डबल या ट्रिपल
  2108. 1:24:31बॉन्ड है और किस में सिंगल बॉन्ड है। यानी
  2109. 1:24:34कि कंजुगेशन और नॉन कंजुगेशन ये आप पता
  2110. 1:24:36लगा सकते हैं। ठीक है? ये है आपका इसकी
  2111. 1:24:39थ्योरी। आई होप आपने इस तरीके से समझ आया।
  2112. 1:24:41आपको ऐसे ही इसको लिखना है। ठीक है? अब
  2113. 1:24:44इंस्ट्रूमेंटेशन की बात करते हैं।
  2114. 1:24:45वैसे-जैसे मैंने आपको वीडियो में दिखाया।
  2115. 1:24:47आपको एकदम वो प्रैक्टिकली समझ आया होगा कि
  2116. 1:24:49कैसे यह मशीन काम करेगी। तो जो
  2117. 1:24:52इंस्ट्रूमेंट यूवी विजिबल
  2118. 1:24:53स्पेक्ट्रोस्कोपी में यूज़ किया जाता है ना
  2119. 1:24:55उसको हम यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर
  2120. 1:24:57बोलते हैं। अब इसके कई सारे पार्ट हैं जो
  2121. 1:24:59कि बीफा में पढ़ के आ रहे हैं। जैसे लाइट
  2122. 1:25:02सोर्स और एक पूरा वेवलेंथ सेक्टर। इसको हम
  2123. 1:25:05बोलते हैं मोनोक्रोमेटर भी बोल देते हैं।
  2124. 1:25:08फिर आता है सेल क्यूबेट सेल या क्यूबेट
  2125. 1:25:11जिसमें सैंपल भरा जाता है। फिर डिटक्टर
  2126. 1:25:13आता है। फिर रिकॉर्डर आता है। बस पांच
  2127. 1:25:15चीजें हैं। इनके बारे में लिखना है। सोर्स
  2128. 1:25:17ऑफ लाइट लाइन की जिससे आपको रेडिएशन
  2129. 1:25:20मिलेगा। वेवलेंथ को जो सेलेक्ट करेगा
  2130. 1:25:22सैंपल जिसमें भरा जाएगा जो डिटेक्ट करेगा
  2131. 1:25:24और जो आपको रिकॉर्ड करके डिस्प्ले पे
  2132. 1:25:26दिखाएगा। ये चीजें मैंने आपको बता ही दी
  2133. 1:25:28हैं कि ये इस तरीके के सैंपल भरते हैं
  2134. 1:25:30इसमें और ये पूरा फिनोमिना ऐसे होता है।
  2135. 1:25:32ब्रडो भी मैंने आपको दिखा ही दिया है। अब
  2136. 1:25:34पहले हम बात कर लेते हैं सोर्स ऑफ
  2137. 1:25:36रेडिएशन। तो एक ऐसा सोर्स हो रेडिएशन का
  2138. 1:25:39जो हमको इस वेवलेंथ की लाइट दे यानी कि
  2139. 1:25:42200 नैनोमीटर से 800 नैनोमीटर की। तो उसके
  2140. 1:25:45दो-तीन एग्जांपल आपने ध्यान रखने हैं। यही
  2141. 1:25:47जो लाइट है हमारे उन्हीं जो इलेक्ट्रॉन जो
  2142. 1:25:49बाहरी इलेक्ट्रॉन होते हैं बाहरी कक्षा
  2143. 1:25:51में बाहरी ऑर्बिटल में उनको एक्साइट करती
  2144. 1:25:53है वो हायर स्टेट में जाते हैं और हमारी
  2145. 1:25:55सारी प्रोसेस स्टार्ट होती है। तो उसके
  2146. 1:25:57लिए आपके आपके सामने अगर आपको स्पेशली
  2147. 1:26:00यूवी रीजन की रेडिएशन चाहिए तो आपको
  2148. 1:26:03ड्यूटेरियम लैंप का यूज़ करना होगा उसी
  2149. 1:26:05मशीन के अंदर जिसकी जो रेंज है वो 200 से
  2150. 1:26:09400 नैनोमीटर होती है। यह आपको इमेज भी
  2151. 1:26:11नजर आ रही है। अगर आपको अ विज़िबल रीजन के
  2152. 1:26:15अंदर के लिए जाना है, 400 नैनोमीटर से ऊपर
  2153. 1:26:17की अगर आपको वेवलेंथ की लाइट चाहिए तो
  2154. 1:26:18आपने टंगस्टन लैंप लगानी होगी उसी मशीन के
  2155. 1:26:20अंदर। दिस लैंप इज़ यूज्ड फॉर विज़िबल रीज़न।
  2156. 1:26:23अभी जो लेटेस्ट जो मशीनें आ रही है उनमें
  2157. 1:26:25आप फिक्स्ड कर सकते हैं। मतलब कि जैसे
  2158. 1:26:27कंप्यूटर पे आपने डेटा में डाला कि भाई
  2159. 1:26:29मुझे इतने नैनोमीटर से इतने नैनोमीटर
  2160. 1:26:31चाहिए। वो अपने आप ही वहां पे सेट कर देता
  2161. 1:26:33है। तो वही लिखा है कि सम इंस्ट्रूमेंट
  2162. 1:26:35यूज़ बोथ लैंप टुगेदर। वह दोनों लैंप को
  2163. 1:26:37साथ में यूज़ करते हैं जो कि फुल वीयूबी
  2164. 1:26:39विज़िबल रेंस को कवर करते हैं। यह दोनों एक
  2165. 1:26:42साथ बस आपने वहां पे डाटा फ़ करना होता है
  2166. 1:26:44कि भाई कंप्यूटर को एक आप एक डेट मतलब कि
  2167. 1:26:46बोलते हैं एक कमांड देते हैं कि इतने
  2168. 1:26:49नैनोमीटर से इतने नैनोमीटर की रेंज की
  2169. 1:26:51लाइट मेरे को चाहिए। वो आपके सामने वहां
  2170. 1:26:53पे होती है। ठीक है? आगे है आपका वेवलेंथ
  2171. 1:26:56सेक्टर जो कि एक पर्टिकुलर वेवलेंथ को
  2172. 1:26:58सेलेक्ट करता है। ये भी हमने देखा था एकदम
  2173. 1:27:00फिनोमिना में कि जैसे यहां पे लाइट सोर्स
  2174. 1:27:02निकला। यह अभी देखो येलो कलर की लाइट जा
  2175. 1:27:05रही है। आगे चल के प्रिज्म पे पड़ेगी। ये
  2176. 1:27:07सात कलर में डिवाइड होगी। उसमें से एक
  2177. 1:27:09पर्टिकुलर एक कलर जैसे कि रेड या यहां पे
  2178. 1:27:12ये ऑरेंज कलर आगे जा रहा है। तो इसी को
  2179. 1:27:14बोलते हैं मोनोक्रोमेटर। तो यहां पे इस
  2180. 1:27:17तरीके से आप देखोगे ये मोनोक्रोमेटर भी दो
  2181. 1:27:20टाइप के होते हैं। प्रिज़्म वाला और
  2182. 1:27:22ग्राफ्टिंग वाला। तो लिखा है कि इट
  2183. 1:27:24सेलेक्ट सिंगल वेवलेंथ फ्रॉम द फुल
  2184. 1:27:27स्पेक्ट्रम ऑफ़ लाइट। फुल स्पेक्ट्रम ऑफ
  2185. 1:27:29लाइट से जो पूरा सात कलरों का जो
  2186. 1:27:31स्पेक्ट्रम बन रहा है उससे एक पर्टिकुलर
  2187. 1:27:33वेवलेंथ जैसे कि ब्लू कलर का या यहां पे
  2188. 1:27:35येलो कलर का ग्रीन कलर का उसको ये सेलेक्ट
  2189. 1:27:37करते हैं। मोनोक्रोमेटर मेड अप ऑफ मेड
  2190. 1:27:40यूजिंग प्रिज्म और डिफ्रेक्शन ग्राफ्टिंग
  2191. 1:27:43या तो वो ग्राफ्टिंग से बने होते हैं या
  2192. 1:27:45प्रिज्म से। इट अलाउस ओनली द रिक्वायर्ड
  2193. 1:27:48वेवलेंथ टू पास टुवर्ड द सैंपल। जो ज़रूरी
  2194. 1:27:50वेवलेंथ होती है, यह केवल उसी को आगे जाने
  2195. 1:27:53देते हैं। बाक़ी को रोक लेते हैं ताकि
  2196. 1:27:55एब्सॉर्बेंस की जो मेज़रमेंट हो रही है
  2197. 1:27:57एक्यूरेटली वो हो सके एक पर्टिकुलर
  2198. 1:27:59वेवलेंथ पर। ठीक है? ये है आपका वेवलेंथ
  2199. 1:28:01सेक्टर। आगे है आपका सैंपल होल्डर जिसको
  2200. 1:28:05हम क्यूबवेट बोलते हैं। ये जो क्यूबवेट है
  2201. 1:28:08अगर बात करें तो यही है जिसमें सैंपल हम
  2202. 1:28:11भरते हैं। और लिखा है सिंपली इट होल्ड्स द
  2203. 1:28:15लिक्विड सैंपल थ्रू विद अ सिलेक्टेड लाइट
  2204. 1:28:18पाससेस। और अह यह यूवी रीजन के लिए
  2205. 1:28:21क्वार्ड्स की बनी होती है। अगर आपने
  2206. 1:28:23विज़िबल रीजन के लिए चाहिए तो वह ग्लास की
  2207. 1:28:25बनी होती है। देखो अगर आपने जो वेवलेंथ है
  2208. 1:28:28लाइट की अगर वो 400 से 800 नैन मीटर की
  2209. 1:28:31अगर डालनी है ट्रांसपेरेंट आर-पार करानी
  2210. 1:28:33है तो वो ग्लास वाला क्यूबइड लेना होगा।
  2211. 1:28:36अगर 200 से 400 के बीच की बस पास करानी है
  2212. 1:28:38तो आपने क्वार्ट्स का क्यूब जो बना है वो
  2213. 1:28:40लेना होगा। ठीक है? अगर स्टैंडर्ड पाथ
  2214. 1:28:43लेंथ की बात करें तो इसकी यूजली 1 सें.मी.
  2215. 1:28:46होती है। देखो ये वाला जो हिस्सा है और
  2216. 1:28:48इसके पीछे वाला हिस्सा है ना या ये वाला
  2217. 1:28:51या इसके पीछे वाला ये ट्रांसपेरेंट रहता
  2218. 1:28:53है एकदम और यहां से यहां तक की जो दूरी है
  2219. 1:28:56इसी को बोलते हैं पाथ लेंथ वो 1 सें.मी.
  2220. 1:28:59होती है। यही लंब्स वेयर लंब्स लॉ वाले जो
  2221. 1:29:02फ़ूले में रखी जाती है। ठीक है? वो सब काम
  2222. 1:29:05हमने अपने हाथ और दिमाग से नहीं करना। वो
  2223. 1:29:06सब कंप्यूटर करता है। जस्ट यह आपने
  2224. 1:29:08प्रिंसिपल समझने के लिए चीजों को याद रखना
  2225. 1:29:10है।
  2226. 1:29:12ठीक है? आगे आता है डिटक्टर। डिटक्टर जो
  2227. 1:29:14है मतलब कि जो लाइट है कितनी अब्सॉर्ब हुई
  2228. 1:29:18है। है ना? वह डिटेक्ट करता है और उस
  2229. 1:29:21डिटेक्टेड लाइट से ही हम पता लगाते हैं कि
  2230. 1:29:23भाई यहां पे कितनी क्वांटिटी है सैंपल की।
  2231. 1:29:26इट कन्वर्ट्स द रिमेनिंग लाइट इंटू
  2232. 1:29:28इलेक्ट्रिकल सिग्नल। कॉमन डिटक्टर जो यूज़
  2233. 1:29:30होते हैं फोटो डायोड, फोटो मल्टीप्लाई
  2234. 1:29:32ट्यूब यहां पे ये यूज़ किए जाते हैं।
  2235. 1:29:33पीएमटी सबसे कॉमन है। हाईली सेंसिटिव यह
  2236. 1:29:36होता है। देखिए सिंपल सा कांसेप्ट है। आप
  2237. 1:29:38समझिए।
  2238. 1:29:41जैसे हमने यहां पर लाइट दी। एक पर्टिकुलर
  2239. 1:29:44यहां से हमारी लाइट आई सैंपल से। यहां पर
  2240. 1:29:46इंसिडेंट लाइट है I नॉट। एक पर्टिकुलर
  2241. 1:29:49इंटेंसिटी के साथ लाइट आई और वो एक
  2242. 1:29:52पर्टिकुलर इंटेंसिटी के साथ बाहर निकली।
  2243. 1:29:54है ना? तो कुछ अमाउंट ऑफ लाइट यहां पे
  2244. 1:29:57एब्जॉर्ब हो गई है। अब डिटक्टर का काम
  2245. 1:29:59सिर्फ ये है कि भाई हमने दी तो लाइट इतनी
  2246. 1:30:02थी और हमारे पास इतनी पहुंची। तो बीच में
  2247. 1:30:05जो गायब हुई यानी कि जो एब्जॉर्ब हुई वो
  2248. 1:30:07कितनी एब्जॉर्ब हुई। अब जितना ज्यादा
  2249. 1:30:09एब्जॉर्बेंस उतनी ही ज्यादा कंसंट्रेशन
  2250. 1:30:11है। हमारा फार्मूला भी तो यही था।
  2251. 1:30:12एब्सॉर्बेंस इज डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू
  2252. 1:30:14कंसंट्रेशन एंड द पाथ लेंथ ऑफ द सैंपल। तो
  2253. 1:30:18ये इसका फार्मूला है। ठीक है? तो इसी
  2254. 1:30:21फार्मूले पे ये जो है डिटक्टर काम करता
  2255. 1:30:23है।
  2256. 1:30:25तो ये पीएमटी काफी सेंसिटिव होता है। जैसे
  2257. 1:30:28कि पीएमटी ये मैंने दिखा रखा है। ये फोटो
  2258. 1:30:30मल्टीप्लायर ट्यूब। जैसे इसमें एक फोटन या
  2259. 1:30:33मिनिमम एक दो इलेक्ट्रॉन से भी आप पूरा
  2260. 1:30:36डेटा यहां पे जनरेट कर सकते हैं। जैसे कि
  2261. 1:30:38इनकमिंग फोटोन एक है। इसमें कई सारे
  2262. 1:30:40डायनोड होते हैं। तो एक से दो, दो से चार,
  2263. 1:30:42चार से 10, 10 से 15 बहुत सारे मल्टीपल बन
  2264. 1:30:44जाते हैं। एक बहुत ही अच्छा आउटपुट यहां
  2265. 1:30:47पे हमको मिलता है। ठीक? ये रियली में कुछ
  2266. 1:30:50इस तरीके से दिखता है। ये सब कुछ फिट होता
  2267. 1:30:52है उसी स्पेक्ट्रोफोटोमीटर छोटी सी मशीन
  2268. 1:30:55के अंदर ही जो आपको हमने स्टार्टिंग में
  2269. 1:30:58ही यहां पे दिखा दी थी। इस मशीन के अंदर
  2270. 1:31:00ये सारा सेटअप होता है। ये सब चीजें अलग
  2271. 1:31:02से नहीं खरीदनी होती है। ठीक? अब आगे यहां
  2272. 1:31:05पे आपको मिलेगा रिकॉर्डर एंड डिस्प्ले। इट
  2273. 1:31:07शोज़ द रिजल्ट एज ए वैल्यू और ए ग्राफ। कि
  2274. 1:31:11एक ग्राफ के रूप में या वैल्यू के रूप में
  2275. 1:31:13यह जो है आपको डेटा दिखाती है। आउटपुट इज़
  2276. 1:31:16शोन एज एजॉर्बेंस और ट्रांसमिटेंस। जो
  2277. 1:31:19वैल्यू होती है या आउटपुट जो होता है या
  2278. 1:31:21तो अब्सॉर्बेंस दिखाया जाता है कि कितनी
  2279. 1:31:22लाइट अब्सॉर्ब हुई है या यह दिखाया जाता
  2280. 1:31:25है कि भाई कितनी लाइट अब्सॉर्ब नहीं हुई
  2281. 1:31:27है। मतलब हमने यहां पे इतनी लाइट दी पर
  2282. 1:31:30हमारे पास यहां पे इतनी लाइट पहुंच गई
  2283. 1:31:32मतलब जो लाइट एब्जॉर्ब नहीं हुई है वो
  2284. 1:31:34मेजर कर ली जाती है। तो हमें ये पता लग
  2285. 1:31:35जाता है कि एब्जॉर्ब आखिर हुई कितनी है।
  2286. 1:31:38ठीक है? तो ये दो तरीके हैं। सम
  2287. 1:31:39इंस्ट्रूमेंट गिव अ ग्राफिकल स्पेक्ट्रम।
  2288. 1:31:42कुछ इंस्ट्रूमेंट ग्राफ में देते हैं। कुछ
  2289. 1:31:44जो मॉडर्न जो इंस्ट्रूमेंट है वह
  2290. 1:31:46डायरेक्टली आपका डाटा ही देते हैं डिजिटल
  2291. 1:31:48स्क्रीन पर। ठीक है? तो यह है आपका पूरा
  2292. 1:31:50इंस्ट्रूमेंटेशन यूवी विजिबल
  2293. 1:31:52स्पेक्ट्रोस्कोपी का। अब इसके हम
  2294. 1:31:54एप्लीकेशन की बात कर लेते हैं कि आखिर
  2295. 1:31:57इसका क्या काम है? कहां पे ये यूज़ होगी?
  2296. 1:31:59तो पहला काम है क्वालिटेटिव एनालिसिस।
  2297. 1:32:02क्वालिटी, क्वालिटेटिव से आप क्या समझते
  2298. 1:32:04हैं? किसी भी कंपाउंड की क्वालिटी को पता
  2299. 1:32:06करना। तो यूवी वििजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी
  2300. 1:32:08से आप किसी भी कंपाउंड के अंदर क्रोमोफोर
  2301. 1:32:11को पता लगा सकते हैं। क्रोमोफोर आप जानते
  2302. 1:32:14हैं मतलब कि वो केमिकल या वो पर्टिकुलर
  2303. 1:32:16ग्रुप ऑफ एटम जो कलर शो करता है किसी भी
  2304. 1:32:20कंपाउंड में। कलर शो करने का मतलब है यही
  2305. 1:32:22एक्चुअली में लाइट को एब्सॉर्ब करते हैं
  2306. 1:32:24और वो हायर स्टेट में जाते हैं। इनहीं में
  2307. 1:32:26वाइब्रेशन वगैरह भी होता है जो आप आईआर
  2308. 1:32:28स्पेक्ट्रोस्कोपी में देखोगे। ठीक है? और
  2309. 1:32:31आप कंजुगेटेड और नॉन कंजुगेटेड कंपाउंड को
  2310. 1:32:34पता कर पाएंगे। आपको याद है जब अभी मैं
  2311. 1:32:36आपको ये वाला ग्राफ समझा रहा था। आपको
  2312. 1:32:38मैंने यहां पे एकदम टिक करके बताया था कि
  2313. 1:32:41यहां पे आप सिंगल कम सिंगल बॉन्ड वाले
  2314. 1:32:44नहीं कर पाएंगे। डबल बॉन्ड वाले कर पाएंगे
  2315. 1:32:45और डबल बॉन्ड वाले विद नॉन बॉन्डिंग
  2316. 1:32:47इलेक्ट्रॉन वाले भी कर पाएंगे। तो आपको
  2317. 1:32:50अंतर समझ आया होगा कि कंजुगेटेड और नॉन
  2318. 1:32:52कंजुगेटेड कंपाउंड भी इससे आइडेंटिफाई किए
  2319. 1:32:55जा सकते हैं। किसकी मदद से? यूवी विजिबल
  2320. 1:32:57स्पेक्ट्रोस्कोपी की मदद से। यह इसका
  2321. 1:33:00क्वालिटेटिव एनालिसिस में रोल है।
  2322. 1:33:02क्वांटिटेटिव मतलब क्वांटिटी पता करने में
  2323. 1:33:04आप किसी भी ड्रग या फार्मुलेशन की
  2324. 1:33:06कंसंट्रेशन को पता कर सकते हैं। है ना?
  2325. 1:33:08उसमें जो इंप्युरिटी है उसको पता कर सकते
  2326. 1:33:11हैं। आगे वही है प्यूरिटी टेस्टिंग कि इट
  2327. 1:33:15इज यूज्ड टू डिटेक्ट इंप्युरिटीज और
  2328. 1:33:17डिग्रेडेड प्रोडक्ट इन अ सैंपल। कि किसी
  2329. 1:33:20भी सैंपल में डिग्रेडेड या बोले तो जो
  2330. 1:33:22इंप्युरिटी है उन चीजों का पता कर सकते
  2331. 1:33:25हैं। आगे है फार्मकोकाइनेटिक स्टडीज। अगर
  2332. 1:33:28हम फार्माकोलॉजी के हिसाब से देखें तो
  2333. 1:33:30फार्माकोइनेटिक स्टडी जैसे कि अबजॉर्प्शन,
  2334. 1:33:33डिस्ट्रीब्यूशन और एलिमेशन इन सभी की
  2335. 1:33:36स्टडी आप यूबी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी से
  2336. 1:33:38कर सकते हैं। अब सवाल आएगा कि ये कैसे
  2337. 1:33:40करेंगे? जैसे सपोज़ करो किसी पर्टिकुलर
  2338. 1:33:43पेशेंट को क्लीनिकल ट्रायल के दौरान आपने
  2339. 1:33:45दवाई दी। वो दवाई अब्सॉर्ब हो के उसके
  2340. 1:33:47ब्लड में जाएगी। अब आप उसके ब्लड का सैंपल
  2341. 1:33:50लेंगे। उस ब्लड के सैंपल से पर्टिकुलरली
  2342. 1:33:52अब आप यह देखेंगे कि इस ब्लड के सैंपल में
  2343. 1:33:55कितना अमाउंट है ड्रग का। ड्रग की
  2344. 1:33:57क्वांटिटी पता करेंगे किस में? ब्लड में।
  2345. 1:33:59किसकी मदद से? यूवी विजिबल
  2346. 1:34:01स्पेक्ट्रोस्कोपी की मदद से। ऐसे ही
  2347. 1:34:03डिस्ट्रीब्यूशन कि भाई इस पर्टिकुलर ऑर्गन
  2348. 1:34:06में कितनी ड्रग डिस्ट्रीब्यूट हुई है जैसे
  2349. 1:34:08लीवर में या फिर किडनी में या फिर और भी
  2350. 1:34:11जगह तो आप उसका भी डिस्ट्रीब्यूशन भी पता
  2351. 1:34:14कर पाएंगे। एलिमिनेशन कितना हुआ है? यूरिन
  2352. 1:34:16के सैंपल से आप पता कर पाएंगे। ठीक है?
  2353. 1:34:19आगे है क्लोरीमेट्रिक ऐसे। इट इज़ यूज्ड टू
  2354. 1:34:21एस्टिमेट प्रोटीन, डीएनए और एंजाइम इन
  2355. 1:34:24बायोलॉजिकल सैंपल। जो भी और सैंपल होते
  2356. 1:34:25हैं बायोलॉजिकल सैंपल जैसे कि आपका ब्लड
  2357. 1:34:28या यूरिन या और भी चीजें उनमें आप प्रोटीन
  2358. 1:34:32या डीएनए या एंजाइम वगैरह उनको भी फाइंड
  2359. 1:34:34आउट कर पाएंगे इसकी मदद से। समझ आया? ये
  2360. 1:34:37है आपका यूबी विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी कि
  2361. 1:34:39वो कैसे काम करता है। उसकी मशीन हमने
  2362. 1:34:41डिटेल में देखी। उसका पूरा प्रिंसिपल और
  2363. 1:34:43सारे फंडामेंटल। अब यहां पे हमने ये भी
  2364. 1:34:46बोला था कि एक क्वेश्चन अलग से ये भी आ
  2365. 1:34:48जाता है कि चॉइस ऑफ सॉल्वेंट कि आखिर कौन
  2366. 1:34:52सा सॉल्वेंट यूज किया जाएगा इस यूबी
  2367. 1:34:55विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी में सैंपल को
  2368. 1:34:57डिॉल्व करने के लिए। देखो सैंपल आपका हो
  2369. 1:35:00सकता है सॉलिड फॉर्म में हो या लिक्विड
  2370. 1:35:02फॉर्म में ही क्यों ना हो पर उसको अच्छे
  2371. 1:35:03से डिॉल्व करना बहुत जरूरी है। सॉल्यूशन
  2372. 1:35:06बनाना उसका जरूरी है। तो सॉल्यूशन जो है
  2373. 1:35:08एक सॉल्वेंट में जब डिॉल्व करेगा सॉल्यूट
  2374. 1:35:10को तभी बन पाएगा। तो चॉइस ऑफ सॉल्वेंट
  2375. 1:35:12आखिर कौन सा सॉल्वेंट यूज करना है यूवी
  2376. 1:35:14विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी में और उस
  2377. 1:35:17सॉल्वेंट का क्या इफेक्ट पड़ता है यूवी
  2378. 1:35:19विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी पे वो भी बताना
  2379. 1:35:21है। ठीक है? अब ये जो क्वेश्चन है ये अगर
  2380. 1:35:26बात करें तो हमने यहां से लिख रखा है
  2381. 1:35:28चीजों को चॉइस ऑफ सॉल्वेंट। आपके दिमाग
  2382. 1:35:31में एक सवाल ये क्लियर होना चाहिए कि हमको
  2383. 1:35:34ऐसा सॉल्वेंट चाहिए जो खुद यूवी वििबल
  2384. 1:35:37लाइट को एब्सॉर्ब ना करे। मतलब जैसे हमने
  2385. 1:35:40अभी माना कि भाई जो ऊपर से अगर हम समझे तो
  2386. 1:35:44200 नैन मीटर से 800 नैन मीटर के बीच में
  2387. 1:35:48हमारी यहां पे यूवी विजिबल रीजन स्टार्ट
  2388. 1:35:51होता है 200 से 800 ठीक अब ये पर्टिकुलर
  2389. 1:35:55कोई हमारा क्यूबेट है। क्यूबेट में हमने
  2390. 1:35:58सैंपल भर दिए सैंपल यानी कि एक सॉल्यूशन
  2391. 1:36:01बना के इसमें आपका मेन सॉल्यूट जिसकी
  2392. 1:36:04एनालिसिस करनी है वो भी है और सॉल्वेंट भी
  2393. 1:36:07है। सपोज़ करो वाटर में आपने कोई पर्टिकुलर
  2394. 1:36:10ड्रग को मिला करके रख दिया।
  2395. 1:36:12ठीक? अब आपने यहां से यह लाइट सोर्स है।
  2396. 1:36:16यहां से लाइट निकलेगी और लाइट इसके आर पर
  2397. 1:36:18जानी है। अब आप तो ये चाहेंगे ना कि जो भी
  2398. 1:36:22लाइट आप भेज रहे हैं वो आपके सॉल्यूट के
  2399. 1:36:24द्वारा ही एब्जॉर्ब की जाए। अगर हो कि भाई
  2400. 1:36:27आपका जो सॉल्वेंट है अगर वो भी लाइट को
  2401. 1:36:28एब्सॉर्ब करने लग गया तो भाई आपका डाटा तो
  2402. 1:36:31गलत हो जाएगा। मतलब आपके पास जो सॉल्वेंट
  2403. 1:36:33आप जो सेलेक्ट करोगे ना ऐसा सॉल्वेंट
  2404. 1:36:35सेलेक्ट करना है जो 200 नैन मीटर से 800
  2405. 1:36:38नैनोमीटर की वेवलेंथ को अब्सॉर्ब खुद ना
  2406. 1:36:41करे। अगर खुद कर दिया मतलब कि वो डेटा को
  2407. 1:36:44खराब कर रहा है। तो हमें कौन सा सेलेक्ट
  2408. 1:36:46करना चाहिए? 200 नैन मीटर से कम का। 200
  2409. 1:36:49नैन मीटर से वेवलेंथ जिसकी कम वो अब्सॉर्ब
  2410. 1:36:52करता है उसको हम सेलेक्ट करेंगे या 800
  2411. 1:36:55नैनोमीटर से ज्यादा जो अब्जॉर्ब करता है
  2412. 1:36:57उसको हम सेलेक्ट करेंगे। ठीक? कुछ हद तक
  2413. 1:37:00चल जाता है। 210 भी यहां पे चल जाता है।
  2414. 1:37:02210 नैनोमीटर क्योंकि एक दो हम यूज़ करते
  2415. 1:37:05हैं जो 210 तक भी अब्सॉर्ब करते हैं। पर
  2416. 1:37:0710 से थोड़ा फर्क नहीं पड़ता है। तो आपको
  2417. 1:37:10मोटा-मोटा ये समझना है कि 200 नैनोमीटर से
  2418. 1:37:13कम वेवलेंथ जो भी सॉल्वेंट अब्सॉर्ब करेगा
  2419. 1:37:16हम उसको यूवी विज़िबल स्पेक्ट्रोस्कोपी में
  2420. 1:37:19यूज़ करेंगे। क्यों यूज़ करेंगे? क्योंकि वो
  2421. 1:37:21हमारे डेटा में इंटरफेयर नहीं करेगा। या
  2422. 1:37:23फिर 800 नैनोमीटर से ऊपर वाला। सिंपल समझ
  2423. 1:37:25आ गया। और दो चीज एक और चीज ये ध्यान रखनी
  2424. 1:37:28है कि ऐसा सॉल्वेंट आपने यूज करना है जो
  2425. 1:37:31इस सॉल्यूट को ना कंप्लीटली डिॉल्व करे
  2426. 1:37:35कंप्लीटली डिॉल्व करे और इसकी इसके साथ
  2427. 1:37:38रिएक्शन वगैरह ना करे इसको स्टेबल बना के
  2428. 1:37:41रखे ऐसा वो होना चाहिए। ठीक है? तो चॉइस
  2429. 1:37:43ऑफ सॉल्वेंट आपको थोड़ा-थोड़ा अंदाजा लग
  2430. 1:37:45रहा हो कि कैसा सॉल्वेंट चाहिए। तो लिखा
  2431. 1:37:47है कि चॉइस ऑफ़ सॉल्वेंट में एक गुड
  2432. 1:37:49सॉल्वेंट मस्ट। एक अच्छा सॉल्वेंट कौन सा
  2433. 1:37:51होगा? दैट नॉट एब्जॉर्ब इन द सेम रेंज ऐज़
  2434. 1:37:55द सैंपल। वह उस रेंज की लाइट या ईएमआर को
  2435. 1:37:58एब्सॉर्ब नहीं करेगा जिस जो सैंपल
  2436. 1:38:01अब्सॉर्ब कर रहा है। ठीक? ओके? दूसरा है
  2437. 1:38:04वी केमिकली इनर्ट। वो हमारे सैंपल के साथ
  2438. 1:38:06रिएक्शन भी ना करता हो। वो केमिकली इनर्ट
  2439. 1:38:09हो। तीसरा वो ट्रांसपेरेंट हो आपके यूवी
  2440. 1:38:12विज़िबल रीजन के लिए या रेंज के लिए। सिंपल
  2441. 1:38:15समझ आ गया। अब कॉमन सॉल्वेंट जो यूवी
  2442. 1:38:18विजिबल स्पेक्ट्रोस्कोपी में यूज किए जाते
  2443. 1:38:20हैं वो है वाटर। वाटर जो है अगर मैं बात
  2444. 1:38:22करूं तो यह शायद 190 नैन मीटर या 200
  2445. 1:38:25नैनोमीटर से कम की ही वेवलेंथ को ये
  2446. 1:38:28अब्सॉर्ब करता है। तो ये हमारे लिए मतलब
  2447. 1:38:30कि ये मतलब कि एक तरीके से आप इसको यूज़ कर
  2448. 1:38:34सकते हैं। हमारे लिए एलिजिबल है ये। दूसरा
  2449. 1:38:36इथेनॉल और मिथेनॉल। इथेनॉल जो यूज़ ये करता
  2450. 1:38:39है ये 210 नैनोमीटर की लाइट को अब्सॉर्ब
  2451. 1:38:42करता है और ये 205 के करीब की नैनोमीटर की
  2452. 1:38:45लाइट को अब्सॉर्ब करता है। तो यानी कि ये
  2453. 1:38:47भी हमारे लिए एलिजिबल है। 10 पांच से कोई
  2454. 1:38:49फर्क नहीं पड़ता। इतना ये यूज़ किए जाते
  2455. 1:38:51हैं और ज्यादातर यही यूज़ किए जाते हैं।
  2456. 1:38:53ठीक है? नेक्स्ट है हमारा साइक्लो हेक्सेन
  2457. 1:38:55एंड हेक्सेन जो हमारे नॉन पोलर सॉल्वेंट
  2458. 1:38:58है। ये भी 200 नैनोमीटर से कम की ही
  2459. 1:39:01वेवलेंथ की लाइट को ये अब्सॉर्ब करते हैं।
  2460. 1:39:03ठीक है? बाकी और भी जैसे आपकी कंपोनेंट
  2461. 1:39:06में जैसे केमिकल हो जैसे कि बेंजीन हुआ या
  2462. 1:39:09फिर आपका कोई एसीटोन वगैरह हुआ या और कोई
  2463. 1:39:12हुए तो वो जो है ना एज अ सॉल्वेंट यूज़
  2464. 1:39:15नहीं की जा सकते क्योंकि वो तो खुद ही
  2465. 1:39:17उसकी वेवलेंथ की लाइट को अब्सॉर्ब करते
  2466. 1:39:19हैं। तो हमारे दिमाग में ये ध्यान रहना
  2467. 1:39:21चाहिए कि हमको ऐसा सॉल्वेंट यूज़ करना है
  2468. 1:39:23जो कि यूवी विज़िबल रेंज की लाइट को
  2469. 1:39:25अब्सॉर्ब ना करें। अब ये जो आपने सॉल्वेंट
  2470. 1:39:28यूज़ करे ना इनका भी इफेक्ट पड़ता है किस
  2471. 1:39:30पर? आपकी यूवी विज़िबल स्पेक्ट्रोस्कोपी
  2472. 1:39:32पर। कैसे? तो देखिए एक कांसेप्ट ध्यान
  2473. 1:39:35रखना है कि लाइक डिॉल्व लाइक कि आपने जो
  2474. 1:39:38है पोलर कंपाउंड के लिए पोलर सॉल्वेंट
  2475. 1:39:40सेलेक्ट करना होता है। नॉन पोलर के लिए
  2476. 1:39:41नॉन पोलर सॉल्वेंट सेलेक्ट करना होता है।
  2477. 1:39:43ठीक है? फिर भी यहां पे उनका कुछ इफेक्ट
  2478. 1:39:45पड़ता है। जैसे कि सॉल्वेंट कैन अफेक्ट
  2479. 1:39:47पोजीशन एंड इंटेंसिटी ऑफ़ एब्जॉर्प्शन पीक।
  2480. 1:39:50कि सॉल्वेंट की वजह से कई बारी जो पोजीशन
  2481. 1:39:54होती है अबजॉर्प्शन की या जो इंटेंसिटी
  2482. 1:39:56होती है अबजॉर्प्शन की वो यहां पे कम या
  2483. 1:39:58फिर ज्यादा हो जाती है। एग्जांपल जैसे कि
  2484. 1:40:00पोलर सॉल्वेंट मे कॉज बैथोक्रोमिक शिफ्ट।
  2485. 1:40:04जो पोलर सॉल्वेंट होते हैं। ठीक है? जो
  2486. 1:40:07पोलर नेचर के होते हैं वो बैथोक्रोमिक
  2487. 1:40:09शिफ्ट कॉज करते हैं। मतलब कोई भी कंपाउंड
  2488. 1:40:12वो ज्यादा वेवलेंथ की लाइट को यहां पे
  2489. 1:40:14एब्सॉर्ब करेगा। लगर जैसे कि आपने ये बी
  2490. 1:40:17फॉर्म में पढ़ा होगा। जैसे कि मैं आपको
  2491. 1:40:18दिखा दूं। कुछ इस तरीके से चीजें आपने
  2492. 1:40:21पढ़ी होंगी। एक तरफ अब्सॉर्बेंस दूसरे
  2493. 1:40:23यहां पर लैम्ड मैक्स वेवलेंथ। तो एक ब्लू
  2494. 1:40:26शिफ्ट होती है, एक रेड शिफ्ट होती है, एक
  2495. 1:40:28हाइपोक्रोमिक शिफ्ट होती है, एक हाइपो
  2496. 1:40:30क्रोमिक शिफ्ट होती है। कि अगर जो है जैसे
  2497. 1:40:33कि रेड यानी कि वेवलेंथ बढ़ रही है कि से
  2498. 1:40:37सॉल्वेंट की वजह से कई बारी क्या होता है
  2499. 1:40:39पोलर सॉल्वेंट की वजह से कि जो यह
  2500. 1:40:41बैथोक्रोमिक शिफ्ट कॉज करते हैं कि
  2501. 1:40:43कंपाउंड जो कम वेवलेंथ ही एब्सॉर्ब करता
  2502. 1:40:46है वो ज्यादा वेवलेंथ की लाइट को एब्सॉर्ब
  2503. 1:40:48करता है। देखो पैथोक्रोमिक शिफ्ट बोले तो
  2504. 1:40:51टुवर्ड्स लगर वेवलेंथ इधर को वेवलेंथ बढ़
  2505. 1:40:54रही है तो रेड शिफ्ट यानी कि लैम्ब्डा
  2506. 1:40:56मैक्स यहां पे इनक्रीस हो जाता है। पोलर
  2507. 1:40:59सॉल्वेंट ये कॉज कर देते हैं। ये इनका
  2508. 1:41:01इफेक्ट है। दूसरा जो नॉन पोलर जो सॉल्वेंट
  2509. 1:41:04है वो ब्लू शिफ्ट कॉज कर देते हैं।
  2510. 1:41:05लैम्ब्डा मैक्स को कम कर देते हैं। इसको
  2511. 1:41:07हम हिप्सोक्रोमिक शिफ्ट बोलते हैं। ब्लू
  2512. 1:41:10शिफ्ट जिसको हम हिप्सोक्रोमिक शिफ्ट बोलते
  2513. 1:41:12हैं। ये यानी कि शॉर्टर वेवलेंथ को ही
  2514. 1:41:14हमारे कंपाउंड अब्सॉर्ब करते हैं। ये
  2515. 1:41:17थोड़ा बहुत इफेक्ट पड़ता है किसका? पोलर
  2516. 1:41:19और नॉन पोलर सॉल्वेंट का। ठीक है?
  2517. 1:41:22एग्जांपल जैसे कि नॉन बॉन्डिंग टू पाई
  2518. 1:41:25स्टार ट्रांजिशंस शिफ्ट टू लगर वेवलेंथ इन
  2519. 1:41:28पोलर सॉल्वेंट ड्यू टू हाइड्रोजन बॉन्डिंग
  2520. 1:41:31और डपोल इंटरेक्शन। कि हाइड्रोजन बॉन्डिंग
  2521. 1:41:34या डपोल इंटरेक्शन की वजह से जो पोलर जो
  2522. 1:41:36सॉल्वेंट होते हैं वो नॉन बॉन्डिंग टू पाई
  2523. 1:41:39स्टार ट्रांजिशन को थोड़ा लॉन्ग वेवलेंथ
  2524. 1:41:42में शिफ्ट कर देते हैं जिसको हम यहां पे
  2525. 1:41:44बैथोक्रोमिक शिफ्ट इफेक्ट बोलते हैं या
  2526. 1:41:46बीफ में पढ़ रखे हैं। बस थोड़ा सा आपने ये
  2527. 1:41:48चीज़ ध्यान रखनी है। ठीक है? ये क्वेश्चन
  2528. 1:41:51इस तरीके से हमने कवर करा है। आई होप ये
  2529. 1:41:53लॉन्ग क्वेश्चन एक तरीके से सिर्फ एक ही
  2530. 1:41:55क्वेश्चन नहीं था। ये तीन क्वेश्चंस थे जो
  2531. 1:41:57हमने यहां पे ऑलमोस्ट कवर कर लिए हैं।
  2532. 1:42:00ठीक है? तो ये था यूवी वििजिबल
  2533. 1:42:02स्पेक्ट्रोस्कोपी पूरा उसका
  2534. 1:42:04इंस्ट्रूमेंटेशन एप्लीकेशन पूरा डिटेल में
  2535. 1:42:06हमने अच्छी तरीके से जाना है। इसके अलावा
  2536. 1:42:08देखिए आगे के जो भी क्वेश्चंस हैं जैसे कि
  2537. 1:42:10यहां पे जो क्वेश्चंस हैं ये जो सारा इनका
  2538. 1:42:13जो सॉल्यूशन वीडियोस वगैरह नोट्स वगैरह ये
  2539. 1:42:15सब आपको फार्मेसी वाला ऐप पर मिल जाएगा।
  2540. 1:42:17ठीक है? आपने वहां पे जाकर के जॉइ कर लेना
  2541. 1:42:19है। सारा कंटेंट आपको वहां पे मिल जाएगा।
  2542. 1:42:21तो ये पूरे यूनिट को आप वहां पे जाकर के
  2543. 1:42:24कवर कर सकते हैं। तो ये था यूनिट फर्स्ट।
  2544. 1:42:26आई होप ये अच्छे से आपको समझ आया होगा। तो
  2545. 1:42:29यही था आज के इस वीडियो में। बाकी फिर
  2546. 1:42:30मिलते हैं किसी नेक्स्ट वीडियो में। तब तक
  2547. 1:42:32के लिए बाय-बाय। थैंक यू।

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