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UMRAH ka Complete TAREEQAH in 20-Steps & Masjid-ul-HARAM ka Ta'aruf (By Engineer Muhammad Ali Mirza) — Transcript

by Engineer Muhammad Ali Mirza - Official Channel · 6,471 words · 800 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00खाना काबा शरीफ का तारुफ थोड़ा सा करवा
  2. 0:02दूं उसके बगैर आपको तवाफ और सही का पता
  3. 0:05नहीं चलेगा एक दफा दरूद शरीफ पढ़ लीजिए
  4. 0:08अल्लाहु सल्ली अला मुहम्मद वा मुहम्मद कमा
  5. 0:11सता इब्राहीम इही मजीद अल्लाहु बार अला
  6. 0:16मुहम्मद वा मुहम्मद कमा बकता
  7. 0:20इब्राहीम इब्राहीम इ हम
  8. 0:25मजी भाइयों अब हरम का जरा तारुफ हो जाए
  9. 0:28खाना काबा जो हम अपनी वीडियोस में इंटरनेट
  10. 0:32के जरिए या सऊदी अरब के चैनल के
  11. 0:36जरिए एक घर देखते हैं जिस पर काला गिलाफ
  12. 0:39चढ़ा हुआ होता है उसे हम कहते हैं खाना
  13. 0:42कामा अपनी लैंग्वेज के अंदर और वह पूरी
  14. 0:45मस्जिद जो है मस्जिदुल हराम है यानी हुरमत
  15. 0:48वाली जगह है वहां पर हराम काम करना बहुत
  16. 0:50बड़ा गुनाह
  17. 0:51है उसका
  18. 0:54तारुफ सुन लेते
  19. 0:58हैं ना काबा शरीफ भाइयों बेसिकली
  20. 1:02रेक्टेंगल शेप में है मुस्तकिल है और अगर
  21. 1:06हतीम को बीच में शामिल किया जाए तो
  22. 1:08परफेक्ट मुस्ती बन जाए लेकिन इस वक्त भी
  23. 1:11अगरचे हतीम बाहर है लेकिन फिर भी यह
  24. 1:14रेक्टेंगल शेप में है खाना काबा
  25. 1:18शरीफ अगर इंडिया पाकिस्तान और बांग्लादेश
  26. 1:21की तरफ से खाना काबा को देखा
  27. 1:24जाए तो सबसे इंपोर्टेंट हिस्सा खाना काबा
  28. 1:27शरीफ का वो इन इलाकों की तरफ मशरिक की तरफ
  29. 1:31और उसके तमाम अहम जगह इधर से नजर आ रही
  30. 1:34होती
  31. 1:36है यह रेक्टर शेप में खाना काबा शरीफ इसका
  32. 1:40जो यह वाला कॉर्नर
  33. 1:41है इस कॉर्नर पे है हजर
  34. 1:45अवद जो जन्नती पत्थर है उसका तारो भी मैं
  35. 1:48बाद में करवा
  36. 1:50दूंगा इसके साथ ही थोड़े से फासले पर खाने
  37. 1:53काबे का दरवाजा
  38. 1:56है और यह कोना तो हो गया हज अवद वाला ये
  39. 2:01जो दूसरा कोना है रेक्टेंगल का इसको कहते
  40. 2:03हैं रुकने इराकी यानी यह जो कोना है इराक
  41. 2:07की तरफ
  42. 2:09है इसी तरीके से इसके बिल्कुल डायगोनल
  43. 2:13अपोजिट जो
  44. 2:15है वो है रुकने यमा यह कॉर्नर यमन की तरफ
  45. 2:20है इसलिए इसे रुकने यमा कहते हैं और हजरे
  46. 2:24अवद के डायगोनल अपोजिट जो रुकन है उसको
  47. 2:26रुकने शामी कहते हैं ये कॉर्नर शाम की तरफ
  48. 2:30याद रखना जरूरी नहीं है लेकिन मैं सिर्फ
  49. 2:32समझाने के लिए बात कर रहा हूं इसी तरीके
  50. 2:35से रुकने इराकी से लेकर रुकने शामी तक एक
  51. 2:39छोटी सी दीवार साइड में सेमी सर्कुलर नजर
  52. 2:42आएगी इसको हम कहते हैं हतीम और यह खाना
  53. 2:45काबे का हिस्सा है सही बुखारी में मौजूद
  54. 2:48है के मुशरिकीन अरब जो है वो अपने पाकीजा
  55. 2:52माल के जरिए बैतुल्लाह शरीफ की तामीर करने
  56. 2:54लगे तो उनका बाल खत्म हो गया तो उन्होंने
  57. 2:56खाना काबा शरीफ को थोड़ा सा बनाया यह जो
  58. 3:00कमरा सा बनाया और बाकी हिस्से में छोटी सी
  59. 3:02दीवार बनाकर उसको छोड़ दिया अगरचे वो खाना
  60. 3:04काबा शरीफ का हिस्सा है और बुखारी और
  61. 3:06मुस्लिम की हदीस है आयशा अगर मुझे तेरी
  62. 3:09कौम का ख्याल ना होता कि यह नए नए जालियन
  63. 3:11से फिरे हैं तो मैं हतीम को भी खाने काबे
  64. 3:14में दाखिल कर देता लेकिन फिने के डर से
  65. 3:16नहीं करता और वो अल्लाह की तरफ से हमारे
  66. 3:18लिए रहमत हुई आज तक हतीम खाना काबे से
  67. 3:20बाहर है लेकिन इसके अंदर नमाज पढ़ना गोया
  68. 3:23खाना काबा के अंदर नमाज पढ़ना है और इसी
  69. 3:27के अंदर ऊपर आप देखेंगे परनाला बहुत बड़ा
  70. 3:29सा नजर आएगा उसे मिजा रहमत कहते हैं यानी
  71. 3:32खाने काबे की छत का पानी हतीम के ऊपर
  72. 3:34गिरता है तो हतीम में खड़े होकर नमाज पढ़ी
  73. 3:37गोया कि आपने खाना काबा के अंदर पड़ी और
  74. 3:39आसानी से बंदा पहुंच जाता है इसी तरीके से
  75. 3:43यह जो दीवार है जिसके एक कोने पर हजरे अवद
  76. 3:46और दूसरे पर रुकने इराकी है इसी में रुकने
  77. 3:49इराकी के पास ही थोड़ा सा पीछे हटकर मुकाम
  78. 3:52इब्राहीम है यलो कलर की
  79. 3:55जाली और उसके अंदर वो पत्थर जिस पर
  80. 3:57इब्राहीम अ सलाम के पाव मुबारक के निशान
  81. 3:59अब भी मौजूद है अल्लाह ताला की तरफ से
  82. 4:01मोजना तौर पर जिस पर खड़े होकर उन्होंने
  83. 4:03खाना काबा की तामीर की थी जिसका जिक्र
  84. 4:06कुरान में आया मका इब्राहीम मुसल्ला नबी
  85. 4:09सला सलम इब्राहीम अ सलाम के खड़े होने की
  86. 4:12जगह को अपना मुसल्ला बना
  87. 4:16लो इसी तरीके से यह हजरे अवद और रुकने य
  88. 4:21मानी इसके दरमियान जो दीवार है इसे कहते
  89. 4:23हैं मुस्तजाब दुआओं की कबूलियत की
  90. 4:27जगह 70 अंबिया का मुसल्ला रहा है इस दीवार
  91. 4:31के सामने अगर नमाज पढ़ी जाए तो आपका रुख
  92. 4:34बैतुल मकद और खाना काबा दोनों की तरफ हो
  93. 4:36जाता है इसीलिए आप सला वसल्लम मदीना शरीफ
  94. 4:39हिजरत से पहले यहीं पर खड़े होकर नमाज
  95. 4:41पढ़ते थे ताकि दोनों कबले की तरफ मुह हो
  96. 4:43जाए लेकिन फिर बाद में हुकम नाजिल हुआ कि
  97. 4:46आप बैतुल मकस की बजाय खाना काबा शरीफ की
  98. 4:49तरफ जब ऑर्डर हुआ है तो मका इब्राहीम
  99. 4:52मुसल्ला वहां पर खड़े हो ताकि यह बात
  100. 4:54कंफर्म हो जाए कि अब कयामत तक के लिए
  101. 4:56मुसलमानों का किबला खाना काबा शरीफ है
  102. 4:59हजरे अवद और उसके खाना काबा का जो दरवाजा
  103. 5:03है इसके दरमियान की थोड़ी सी जगह है इसे
  104. 5:05कहते हैं मुलजिम
  105. 5:07तो यह सारे के सारा खाने काबा के तबार से
  106. 5:10तारुफ हो गया और यह खाना काबा की जो
  107. 5:13बिल्डिंग है तकरीबन 55 फुट ऊंची है बहुत
  108. 5:16ऊंची है 55
  109. 5:17फुट और अगर आप बाहर से देखे तो बाहर की जो
  110. 5:21सड़क है वो इससे भी ऊंची है क्योंकि खाना
  111. 5:23काबा बेसिकली एक वादी है इसकी सारी तरफ
  112. 5:26चियल पहाड़ है पत्थरों के य को मैदानी
  113. 5:29इलाका नहीं
  114. 5:3012 के करीब टनल्स तो खाना काबा शरीफ के
  115. 5:32इर्दगिर्द मक्के के अंदर कितनी टनल्स है
  116. 5:34जिसके अंदर वो रास्ते बनाए गए हैं तो यह
  117. 5:36पूरी एक वादी थी इसीलिए आप अगर पुरानी
  118. 5:38तसवीर
  119. 5:39देखें तो उसमें मिलता है कि जब भी बारिश
  120. 5:42होती थी तो यहां पर पानी खड़ा हो जाता था
  121. 5:43अब बलक एडवांस दौर है वहां पर मोटर्स
  122. 5:46वगैरह लगा के पानी को रिमूव कर लिया जाता
  123. 5:48है वहां पर आप जमा नहीं
  124. 5:52होते इसी तरीके से
  125. 5:55भाइयों आप जब हजरे अवद वाले कॉर्नर से
  126. 5:58थोड़ा सा पीछे हटते हैं
  127. 6:00तो वहां पर सफा आ जाता है और सफा से
  128. 6:02तकरीबन फ किलोमीटर दूसरी तरफ मरवा है तो
  129. 6:05यह अगर पाकिस्तान की तरफ से देखा जाए
  130. 6:08एरियल व्यू तो यह पी बनती है
  131. 6:11पी इंग्लिश का वर्ड जो है पी जिसमें यह
  132. 6:14बैतुल हराम की मस्जिद और यह
  133. 6:16साथ फ किलोमीटर सफा और मरवा इसी तरीके से
  134. 6:20मुकाम इब्राहीम से जब थोड़ा पीछे आए तो
  135. 6:22वहां पर जमजम के कूलर लगे हुए हैं यहां पर
  136. 6:25जो वहां से जमजम पीना वहां पर खड़े होकर
  137. 6:29सुनना पहले यहां पर सीढ़िया भी थी जब मैं
  138. 6:31गया था 2002 में उस वक्त तो सीढ़िया मौजूद
  139. 6:33थी नीचे तक कुए तक जाते थे अब उन्होंने वो
  140. 6:36कवर कर दी है वो मताफ को उन्होने बड़ा
  141. 6:39करने के लिए तो यह जो पूरा एरिया जिसमें
  142. 6:41हम तवाफ करते हैं इसको हम कहते हैं मताफ
  143. 6:43तवाफ करने की
  144. 6:46जगह इसी खाने काबा के गिर्द आपने एंटी
  145. 6:49क्लॉक वाइज तवाफ करना होता है अपना बाया
  146. 6:52कंधा खाने काबा शरीफ की तरफ करके और हजरे
  147. 6:55असव से शुरू करना होता है वो आप डिटेल में
  148. 6:58आपको 20 स्टेप्स में उमरे का तरीका स्टेप
  149. 7:02वाइज बता देता हूं फिर हमारा यह आज का
  150. 7:03लेक्चर मुकम्मल हो जाएगा इंशाल्लाह बाकी
  151. 7:05गुफ्तगू हम इंशाल्लाह तीसरा हिस्सा अगली
  152. 7:08दफा डिस्कस
  153. 7:10करेंगे स्टेप नंबर
  154. 7:13वन सबसे पहले वजू करें वजू तवाफ के लिए
  155. 7:17शर्त है जैसा के नमाज के लिए सफा मरवा की
  156. 7:21सही के लिए वजू शर्त नहीं है लेकिन तवाफ
  157. 7:23के लिए शर्त है इसका भी प्रोटोकॉल है
  158. 7:26अगरचे तवाफ का प्रोटोकॉल नमाज वाला नहीं
  159. 7:28इसके दौरान तवाफ के दौरान आप आपस में
  160. 7:30गुफ्तगू भी कर सकते हैं लेकिन को फजूल
  161. 7:33गुफ्तगू नहीं जरूरी गुफ्तगू नमाज में तो
  162. 7:35नहीं कर सकते पहले इजाजत थी बाद में मनसुख
  163. 7:38हो गई थी नमाज के सिलसिले में तो जो पहला
  164. 7:42तवाफ खाना काबा शरीफ में जाके किया जाता
  165. 7:44है हज या उमरे के लिए जाते हुए उसे कहते
  166. 7:47हैं तवाफे कुद यानी कदम रखते ही वहां पर
  167. 7:49तवाफ करना तवाफे
  168. 7:54कदू तो यह पहला स्टेप है कि वजू किया और
  169. 7:57आप हरम शरीफ के अंदर आए और तलबिया आपकी
  170. 8:00जुबान पर जारी हो लबैक अल्लाहु लबैक लैक
  171. 8:03ला शरील लैक
  172. 8:06इ मुल्क ला
  173. 8:09शरीक यह तलबिया पढ़ते हुए आप हजरे अवद
  174. 8:13वाले कॉर्नर की सीध में पहुंच जाए और जैसे
  175. 8:16ही हजरे अवद की सीध में पहुंचे तो तलबिया
  176. 8:19पढ़ना बंद
  177. 8:21कर हजरे
  178. 8:23अवद बिल्कुल अपोजिट सामने बिल्डिंग के ऊपर
  179. 8:27सबज रंग की ट्यूब लाइट लगी होगी और जमीन
  180. 8:29के ऊपर भी पहले काले कलर की उन्होंने व
  181. 8:32टेप लगाई हुई थी पता चल जाता था य हजरे
  182. 8:34अवद की सीध में लाइन है यहां से आपने तवाफ
  183. 8:36शुरू
  184. 8:37करना वहां पर पहुंचते ही तलबिया बंद कर
  185. 8:40देना सुन्नत है स्टेप नंबर थ्री तवाफ करने
  186. 8:44से पहले मर्द अपना दाया कंधा नंगा कर
  187. 8:47लेंगे यानी ऊपर वाली जो चादर है उसको दाए
  188. 8:50कंधे के नीचे से गुजार कर यूं कर लेंगे तो
  189. 8:53यह कंधा हो जाएगा
  190. 8:55नंगा इसको अरबी में कहते हैं
  191. 8:58इबा
  192. 9:00बा अलिफ इबा करना या उर्दू में इबा
  193. 9:05करना य मर्दों ने करना है और यह सिर्फ
  194. 9:10उमरे के तवाफ के लिए और किसी तवाफ के लिए
  195. 9:12नहीं सिर्फ उमरे के तवाफ के लिए नमाज भी
  196. 9:16जब पढ़ेंगे बाद में तो यह कंधा ढापना
  197. 9:18बुखारी और मुस्लिम में हदीस है कोई श इस
  198. 9:21हाल में नमाज नाना पढ़े कि उसके कंधे पर
  199. 9:22कपड़ा ना हो नमाज नहीं होगी और लोग वहा पर
  200. 9:25इसी तरीके से इ की हालत में नमाज भी पढ़
  201. 9:28रहे होते हैं और सही भी इसी तरीके से कर
  202. 9:30रहे होते
  203. 9:33हैं तो यह करना है
  204. 9:36इबा स्टेप नंबर फोर हजरे अवद को बोसा दे
  205. 9:41जो तकरीबन इंपॉसिबल
  206. 9:43है इसका एक्सेप्शन भी मौजूद है कि हजरे
  207. 9:46अवद को हाथ लगाकर प्रैक्टिकली हाथ को चूम
  208. 9:48लेना बुखारी और मुस्लिम में मौजूद है आपने
  209. 9:51छड़ी लगाकर भी छड़ी को चूमा लेकिन वो टच
  210. 9:54करने की सूरत में है और तीसरा तरीका जो
  211. 9:56आसान है कि सिर्फ दाए हाथ से यूं को इशारा
  212. 9:59करना है दूर से हजरे
  213. 10:01अस ऐसे फिर नहीं करना ऐसे इशारा करके
  214. 10:04चूमना तो तब है जब आप हाथ लगा ले जब आपने
  215. 10:08सिर्फ इशारा करना है तो फिर ऐसे इशारा
  216. 10:10करना है हजरे अवद को यह उसका इक्विवेलेंट
  217. 10:12हो जाएगा और इस अमल को कहते हैं इस्लाम
  218. 10:14करना हजरे असमत को चूमना या हाथ लगाकर हाथ
  219. 10:18को चूमना या दूर से इशारा करना य तीनों
  220. 10:20सूरत इस्लाम कहलाती
  221. 10:24है स्टेप नंबर फाइव हर इस्लाम के साथ असद
  222. 10:29की तरफ हाथ उठाकर अल्लाह अकबर या
  223. 10:32बिस्मिल्ला अल्लाह अकबर कहना अल्लाह अकबर
  224. 10:36ऐसे स्टेप नंबर सिक्स काबा को अपनी बाई
  225. 10:40जानिब कर
  226. 10:41ले और एंटी क्लॉक वाइज चक्कर लगाना शुरू
  227. 10:45कर दे और यह तवाफ के चक्कर जो सात है सात
  228. 10:48के सात चक्कर हतीम के बाहर बाहर लगाने
  229. 10:52क्यक हतीम भी खाना काबा का हिसा है और
  230. 10:53जाहिर है कि वहां पर वो वैसे भी उन्होंने
  231. 10:56शरते खड़े किए होते हैं हतीम में को घुस
  232. 10:57नहीं सकता इस तरीके से थोड़ा सा ही रास्ता
  233. 11:00होता है बाहर से ही तवाफ हो रहा होता
  234. 11:02है एंटी क्लॉक वाइज चक्कर लगाना शुरू कर
  235. 11:05दे स्टेप नंबर सेन पहले तीन चक्रों में
  236. 11:09मर्द हजरात जो
  237. 11:11है वह अकड़ कर चलेंगे छोटे छोटे कदम उठाते
  238. 11:15हुए थोड़ा तेज इस अमल को कहते हैं रमल
  239. 11:19करना और बुखारी और मुस्लिम में मौजूद है
  240. 11:21सदना उमर कहते है कि यह रमल मुशरिकीन अरब
  241. 11:24पर रोब डालने के लिए किया गया था वो यह
  242. 11:27समझते थे कि मुसलमान मदीने से आए और मदीना
  243. 11:30बीमारियों की जगह है लिहाज कमजोर हुए
  244. 11:31होंगे तो नबी स ने हमें हुकम दिया कि
  245. 11:34तुमने इस तरीके से यह रमल करना है ताकि
  246. 11:35पता चले कि मुसलमान ताकतवर है तो सदना उमर
  247. 11:38ने कहा इसकी अब जरूरत नहीं क्योंकि अल्लाह
  248. 11:40ताला ने मुसलमानों को गलबा दे दिया है
  249. 11:43लेकिन साथ ही कहा कि मैं सुन्नत को छोड़ना
  250. 11:45पसंद नहीं करता क्योंकि मेरे महबूब ने की
  251. 11:48थी तो मैं वह काम करूंगा अदला
  252. 11:53सला तो पहले तीन चक्कर सात चक्कर में से
  253. 11:57रमल करना है स्टेप नंबर आठ जैसे ही रुकने
  254. 12:01य मानी पर पहुंचे तो हाथ से उसे छुए जो
  255. 12:04हजरे अवद के साथ एडजेसेंट था रुकने राकी
  256. 12:08के डायगोनल
  257. 12:10सामने उसको आपने हाथ लगाना सुन्नत है उसका
  258. 12:13इस्लाम नहीं करना ना बोसा देना है और अगर
  259. 12:16वहां पर आसानी से हाथ लग जाता है वहा मसला
  260. 12:19नहीं होता लेकिन बाज लोग वहां भी दूर से
  261. 12:21गुजरते हुए उसको भी य इशारा कर रहे होते
  262. 12:22हैं तो यह भी ऐसी चीज है जो कि साबित नहीं
  263. 12:25है इशारा सिर्फ हजरे अवद को करना है हाथ
  264. 12:27लग जाए तो ठीक स्टेप नंबर नाइन रुकने य
  265. 12:31मानी से हजरे अवद के दौरान वो जो ट्रैक
  266. 12:33आपका आएगा छोटा सा मुस्तजाब दीवार के
  267. 12:35सामने से जो 70 अंबिया अल सलाम का मुसल्ला
  268. 12:39रहा है वहां पर आपने दुआ पढ़नी है रबना
  269. 12:41आतिना दुनिया
  270. 12:45हसना और हज के कांटेक्ट में सूरतुल बकरा
  271. 12:48में यह दुआ कुरान में भी आई है हज के
  272. 12:51कांटेक्ट में और सुन दाऊद में इंटरनेशनल
  273. 12:53अमरी के मुताबिक 182 नंबर हदीस है कि आप
  274. 12:56सलाम यह दुआ पढ़ते थे बा लोगों ने इस भी ड
  275. 12:59कर
  276. 13:00लिया या या गार य कहीं मौजूद नहीं है यह
  277. 13:04उसी तरीके से है बाकी कबरी वा अपनी तरफ से
  278. 13:08चीज ड की हुई है तो यह बस इतनी दुआ है जो
  279. 13:12कुरान में
  280. 13:13आई किसी चक्कर की भाइयों कोई दुआ अलग से
  281. 13:16साबित नहीं है बगैर प्रोटोकॉल के आपका जो
  282. 13:20दिल चाहे जिक्र करें यह जो चक्रों की दुआए
  283. 13:23लिखी हुई है य उलमा ने अपनी तरफ से बना
  284. 13:25बना के लिखी है वो मानते हैं सुन्नत नहीं
  285. 13:27है तो हम उसके पाबंद तो नहीं
  286. 13:29और अगर चक्कर के दौरान शक पड़ जाए कि तीन
  287. 13:32कि या चार तो कम की तरफ रुझान करें कि यार
  288. 13:35तीन कि ज्यादा हो जाएंगे तो मसला नहीं
  289. 13:38होगा कम होंगे तो तवाफ मुकम्मल नहीं होगा
  290. 13:39सात चक्कर मुकम्मल नहीं हुए
  291. 13:41तो और अगर इस दौरान वजू टूट जाए तो जिस
  292. 13:44चक्कर में वजू टूटा है वजू करके आके उस
  293. 13:47चक्कर को छोड़ दे बाकी उससे पहले जितने
  294. 13:50हुए थे उनको शुमार कर ले और उस चक्कर को
  295. 13:53दोबारा से हजरे अवद प आकर इस्लाम करके
  296. 13:55बिस्मिल्लाह अल्ला अकबर पढ़ के वहां से
  297. 13:57शुरू करें पुराने दो न हो चुके उनको शुमार
  298. 13:59कर लिया जाएगा और जो बाकी रह ग उनको पूरा
  299. 14:03करें सुन्नत अकार कर सकते हैं लेकिन वहां
  300. 14:06पर क्या होता है लोग मोबाइल फोन सुन रहे
  301. 14:08होते इतने मोबाइल बजते
  302. 14:11हैं तवाफ करते कि बंदा परेशान हो जाता है
  303. 14:14कि लोग इतनी दूर से यह काम करने के लिए आ
  304. 14:16कौन सी इतनी जरूरी बात है जो करनी भी
  305. 14:18जरूरी है मोबाइल उस दौरान भी बंद नहीं
  306. 14:22कर अब चक्रों की तादाद को आसानी से याद
  307. 14:25रखने के लिए सुन्नत अकार अपने ऊपर खुद कोई
  308. 14:28आप ले जो सुन्नत से साबित है जैसे मैं
  309. 14:31क्या करता था वो मैं आपको बता देता हूं
  310. 14:32कोई तस्बीह काउंटर रखने की जरूरत ही नहीं
  311. 14:34आप भूल ही नहीं सकते सुन्नत अकार अगर एक
  312. 14:37तरतीब से याद रखें तो वो सात के सात
  313. 14:40सुन्नत अकार आएंगे तो हर चक्कर में एक
  314. 14:42जिक्र करते जाए आपको खुद बखुदा याद रहेगा
  315. 14:45कि ये पहला चक्कर है य दूसरा है और वो कौन
  316. 14:47सा जो बुखारी और मुस्लिम में अकार मौजूद
  317. 14:51है तस्बीह फातिमा पहले चक्कर में आप सिर्फ
  318. 14:55पढ़े सुभान अल्लाह सुभान अल्लाह सुभान
  319. 14:56अल्लाह सुभान अल्लाह बहुत बड़ी नेकी जब वो
  320. 15:00चक्कर हज असव पर पूरा हो फिर आप शुरू कर
  321. 15:03दे अल्हम्दुलिल्लाह अल्हम्दुलिल्लाह
  322. 15:04अल्हम्दुलिल्लाह दो हो गए तीसरे में
  323. 15:06अल्लाह अकबर चौथे में ला इलाह इल्लल्लाह
  324. 15:10सुभानल्ला ला इला इल्ला अल्ला अकबर तो उसम
  325. 15:13ला इला इल्लल्लाह उस ला ह लाता इला बिल्ला
  326. 15:16भी आता है य सही बुखारी में है आप सला सलम
  327. 15:19का तहज्जुद के वक्त ये जिक्र होता था
  328. 15:21सुभान अल्ला ला ला इला इल्ला अल्ला अकबर
  329. 15:25ला इला
  330. 15:27बला मुस्लिम में मौजूद है कि अल्लाह ताला
  331. 15:30को चार कमात बहुत पसंद है सुभान अल्लाह
  332. 15:32हमदुलिल्ला ला इला इलल्ला अल्ला अकबर चौथे
  333. 15:36में ला इला इल्लल्लाह पढ़ लिया ठीक इसी
  334. 15:40तरीके से पांचवे चक्कर में ला हौला ला
  335. 15:42कुवता इल्ला बिल्लाह छठे में
  336. 15:45अस्तगफिरुल्लाह पढ़ ले अस्तगफिरुल्लाह
  337. 15:50सातव चक्कर में दरूद शरीफ पढ़ ले अल्ला
  338. 15:52सला मुहम्मद मुहम्मद या दरूद इब्राहिमी
  339. 15:55पढ़ ले तो इस तरह आपको याद रहेगा कि चक्कर
  340. 15:57कौन सा चल रहा है
  341. 15:59कभी भी नहीं भूलेंगे अल्हम्दुलिल्लाह
  342. 16:00दर्जनों तवाफ किए यह तो कभी इशू ही नहीं
  343. 16:03आया कि चक्कर कौन सा है और लोगों ने व
  344. 16:05शुमार रखे होते हैं बारबार फेंक रहे होते
  345. 16:06हैं आपस में किने
  346. 16:08चारक हालाकि अपने ऊपर लाजिम करे तो तवज्जो
  347. 16:12के साथ करें तो कोई मसला नहीं होता यह
  348. 16:14सजेशन
  349. 16:15है स्टेप नंबर 10 हर चक्कर के एंड पर हजरे
  350. 16:19असद का इस्लाम
  351. 16:20करना तवाफ का स्टार्ट भी हज अवत के इस्लाम
  352. 16:23से हुआ और हर चक्कर के एंड पर भी इस्लाम
  353. 16:26करना है स्टेप नंबर 11
  354. 16:29कुल सात चक्कर लगाने हैं तीन में मर्दों
  355. 16:31ने रमल करना
  356. 16:33है और बाकी चार नॉर्मल करने हैं लेकिन
  357. 16:36औरतों ने रमल नहीं करना वह मुसन इमाम शाफ
  358. 16:40में सही सनद के साथ इंटरनेशनल नमरी के
  359. 16:43मुताबिक 573 नंबर असर है अब्दुल्ला इने
  360. 16:46उमर र अल्ला ताला का वो फरमाते हैं कि
  361. 16:48औरतों ने ना तो रमल करना है तवाफ के दौरान
  362. 16:53दौड़ना है और ना ही सही करते हुए दौड़ना
  363. 16:57है जहां पर वो एक थोड़ा सा पो आता जहा
  364. 16:59मर्दों ने दौड़ना होता है यह हस से साबित
  365. 17:01है य बात तो दौड़ना नहीं सिर्फ मर्दों ने
  366. 17:04दौड़ना
  367. 17:07है उसके बाद स्टेप
  368. 17:10नंबर 12 तो सात चक्कर होंगे और आठ इस्लाम
  369. 17:14बनेंगे क्योंकि पहले चक्कर के शुरू में भी
  370. 17:16आपने इलाम किया था हर चक्कर के बाद भी
  371. 17:18किया सात चक्र के बाद किए तो सात हो गए और
  372. 17:21पहले चकर के शुरू में भी किया था आठ
  373. 17:22इस्लाम हो
  374. 17:24गए स्टेप नंबर 12 है कि आप फिर मुकाम के
  375. 17:28पास आए हजर असव के साथ थोड़ा सा इस तरफ
  376. 17:32उसी दीवार के आगे मुकाम इब्राहीम उसकी सी
  377. 17:34में आगे खड़े हो जाए और वहां पर आयत
  378. 17:38पढ़ेला और इब्राहीम के खड़े होने की जगह
  379. 17:41को अपनी नमाज का मुकाम बना लो य सुन्नत है
  380. 17:43पढ़ना व पर आपने उसकी सी में दो नफिल पढ़
  381. 17:46या नहीं उसको सतरा बनाकर पीछे तक कहीं भी
  382. 17:49नमाज पढ़ी जा सकती है और इसमें सही
  383. 17:52मुस्लिम में मौजूद है कि आप सला सलम ने
  384. 17:54पहली रकत में कार और दूसरी में
  385. 17:59य दो सरत पढ़ी यह मकरूह वक्त के इलावा
  386. 18:03किसी भी वक्त दो नफिल पढ़े जा सकते हैं और
  387. 18:05वो मेनली तीन मकरू वक्त है जो मसल नंबर 30
  388. 18:08के अंदर मैंने डिटेल से बताए
  389. 18:11हैं एक तो सूरज निकलते वक्त तकरीबन 10
  390. 18:14मिनट का वक्त और सूरज जब दरमियान में
  391. 18:17पहुंच जाए उस वक्त 10 से 20 मिनट का वक्त
  392. 18:19और गुरूब से 10 20 मिनट पहले यह तीन औकात
  393. 18:23है इनके अलावा जितने भी औकात है उनमें
  394. 18:25तवाफ के नफिल पढ़े जा सकते हैं
  395. 18:29यह तवाफ के आपने नफिल पढ़े तो अब आपका
  396. 18:31तवाफ मुकम्मल हो गया इसके बाद जितने तवाफ
  397. 18:34आपने आम कपड़ों में भी करने हैं उनका
  398. 18:35तरीका यही होगा लेकिन इसमें तो हराम वाला
  399. 18:38है अभी इसका बाकी हिस्सा वो आगे बाकी
  400. 18:42है तो सादा कपड़ों में जो तवाफ करेंगे
  401. 18:46उसमें मर्द रमल नहीं करेंगे वो आम हालत
  402. 18:48में ही तवाफ होगा रमल सिर्फ एहराम की हालत
  403. 18:50में है एक बात मुझसे स्किप हो गई मैं यहां
  404. 18:53पर बता देता हूं कि बाज लोग यह समझते हैं
  405. 18:56कि हज और उमरे के दौरान मस् मस्जिदे
  406. 19:00हराम के अंदर जो लोग नमाज पढ़ रहे हैं उस
  407. 19:02नमाजी के आगे से गुजर सकते हैं और खुसूस
  408. 19:05यह तमाशा लगता
  409. 19:07है मुकाम इब्राहीम प जहां प इतने लोग
  410. 19:10नवाफिल पढ़ रहे होते हैं तो लोग उनके आगे
  411. 19:12से बेधड़क गुजर जाते हैं कि कोई गुनाह
  412. 19:14नहीं है
  413. 19:15भाइयों वहां भी इसी तरीके से बल्कि उससे
  414. 19:18बड़ा गुनाह है नमाजी के आगे से गुजरना सही
  415. 19:20बुखारी में हदीस है अगर लोग इस गुनाह को
  416. 19:23जान लेते तो 40 तक इंतजार करते रावी कहते
  417. 19:25हैं मुझे याद नहीं कि आप स वसल्लम ने 40
  418. 19:29दिन फरमाया या 40 साल फरमाया 40 महीने 40
  419. 19:32दिन भी हो तो बहुत ज्यादा है अगर गुनाह
  420. 19:35जान लेते 40 दिन भी इंतजार करते लेकिन
  421. 19:37नमाजी के आगे से ना गुजरते इसका बड़ा आसान
  422. 19:40हल जो मैं आपको तजवीज करता हूं जुबानी तो
  423. 19:43सारे बातें करते हैं इसका सिंपल सलूशन यह
  424. 19:46है के जाहिर है अकेला तो कोई हज उमरे के
  425. 19:49लिए नहीं जाता या बीवी साथ होती है या
  426. 19:51दोस्त वगैरह साथ होते हैं तो हम तो इस तरह
  427. 19:54भाई करते थे के पहले जो है वो मैं खुद
  428. 19:58सतरा बंद के सामने बैठ जाता
  429. 20:01था और बीवी को कहता था मेरे पीछे खड़े
  430. 20:04होकर नफिल पढ़ लो अब सुत है कोई आगे से
  431. 20:07गुजरता भी रहे तो खैर है सतरा होगा तो
  432. 20:10सतरा कम से कम जो है वो डेढ़ फुट होना
  433. 20:12चाहिए एक हाथ के
  434. 20:14बराबर उसके बाद जब वो नफिल पढ़ लेती थी वो
  435. 20:17मेरे सामने आकर बैठ जाती थी तो मैं उसके
  436. 20:20पीछे दो नफिल पढ़ लेता था इस तरीके से हम
  437. 20:23खुद अपना सतरा बना लेते थे अगर इस तरीके
  438. 20:26से एहतमाम किया जाए और यह मेरा मशवरा सऊदी
  439. 20:28हुकूमत तक भी पहुंचे वहां पर लिख के लगा
  440. 20:30दें क्योंकि जितनी वहां ये इतना बड़ा
  441. 20:34गुनाह है कि कोई इसको गुनाह समझता ही नहीं
  442. 20:36एक तो मैंने ये बताया ना कि बेहयाई के
  443. 20:38मामले में और मोबाइल फोन के तबार से और ये
  444. 20:41इतना बड़ा गुनाह सब लोग करते हैं कोई किसी
  445. 20:43को नहीं समझाता लोग फक्र नमाजियों के आगे
  446. 20:46से गुजरते हैं और समझते हैं कि यहां तो
  447. 20:47कोई गुनाह नहीं है तो मजबूरी है ऐसा नहीं
  448. 20:50एक सूरत में नमाजी के आगे से गुजर सकते
  449. 20:52हैं जब जमात के साथ नमाज हो रही हो उसमें
  450. 20:55सिर्फ इमाम के आगे सतरा हो तो वो काफी है
  451. 20:58आम नमाजी के आगे से गुजर जाए गुनाहगार
  452. 21:00नहीं होता लेकिन जब कोई जमात के साथ नमाज
  453. 21:02नहीं पढ़ रहा तो अब हर बंदे के आगे अपना
  454. 21:05सतरा अलग से होना जरूरी है तो यह मैंने
  455. 21:07सतरे वाला मसला भी इस हवाले से क्लियर कर
  456. 21:09दिया स्टेप नंबर
  457. 21:1413 दो नवाफिल के बाद मुकाम इब्राहीम की
  458. 21:17सीध में बिल्कुल पीछे चले जाए वहां पर
  459. 21:19जमजम के कूलर लगे हैं उनसे आपने जमजम
  460. 21:21किबला रुख खड़े होकर पीना है यह सुन्नत
  461. 21:24है स्टेप नंबर 14 फिर दोबारा आप हजरे अवत
  462. 21:28पे आएंगे और फिर इस्तम
  463. 21:31करेंगे यह नौवा इस्तम होगा इसके बाद आपने
  464. 21:35सफा की तरफ जाना है लेकिन इसमें एक स्टेप
  465. 21:38बाज लोग करते हैं वो है
  466. 21:42मुल्तवी के दरमियान जो थोड़ा सा टुकड़ा है
  467. 21:45उस परे
  468. 21:57चमटोली
  469. 21:58और सुनन इने माजा में 2962 है लेकिन इसमें
  470. 22:02एक तबा ताबी है रावी मुसन्ना इबन सब्बा अल
  471. 22:07मुत 149 हिजरी यह जफ बल्कि मतर रावी थे
  472. 22:11ऐसे रावी के जिनसे हदीस लेना मुहसीन ने
  473. 22:13छोड़ दी थी और ये आखरी वक्त में तलात का
  474. 22:16शिकार भी हो गए थे इनका हाफिजा भी बिगड़
  475. 22:18गया था लि शेख अल्बानी ने इस हदीस को जो
  476. 22:21हसन कहा वो उन्होंने फार्मूला लगाया जफ
  477. 22:23जमा जफ बराबर है हसन इसीलिए शेख जुबैर अली
  478. 22:26जई साहब ने इसे जफ लिखा है और अनवार सही
  479. 22:28फा में डाला है कि ये जफ रिवायत
  480. 22:34है और वैसे भी भाइयों सही बुखारी और सही
  481. 22:37मुस्लिम का उलू ही बताता है कि एक जगह ऐसी
  482. 22:39है कि जहां पर आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम ने
  483. 22:41प्रोटोकॉल के साथ ऐसा काम किया है और वोह
  484. 22:43है हजरे अवद उसको आप स सलम ने बोसा दिया
  485. 22:47है बुखारी और मुस्लिम की मुत हदीस है
  486. 22:50सही बुखारी में इंटरनेशनल री के मुताबिक
  487. 22:521597 और सही मुस्लिम में 3070 कि सैयदना
  488. 22:56उमर रज अल्लाह ताला अ हजरे अवद के पास आए
  489. 22:59उसको बोसा देते हुए इरशाद फरमाया ऐ हजरे
  490. 23:02अस्वद तू एक पत्थर ही तो है ना किसी को
  491. 23:04नफा दे सकता है ना नुकसान अगर मैं अपने
  492. 23:08महबूब सल्लल्लाहु अ वसल्लम को ना देखता कि
  493. 23:10वो तुझे चूम रहे थे तो मैं तुझे चूमता भी
  494. 23:12ना तो हजरे अवद का अगर ये स्टेटस है तो
  495. 23:15मुंतज म और रुकने जमानी वो कहां पर किस
  496. 23:17लेवल पे आएंगे तो हजरे अवद जो है इसके साथ
  497. 23:21बाज लोगों ने जोड़ दिया कि सैयदना अली ने
  498. 23:24सैयदना उमर से कहा कि नहीं ये नफा भी देता
  499. 23:26है नुकसान भी देता है यह रिवायत कहीं पर
  500. 23:29नहीं लिखी हुई बुखारी और मुस्लिम का मैंने
  501. 23:30नंबर बता दिया खुद खोल के देख ले रिवायत
  502. 23:32इतनी है लेकिन यह बात दुरुस्त है जाम तिरम
  503. 23:35और सुन्न दाऊद में सु इने माजा में तिर्म
  504. 23:38में 961 नंबर इब्ने माजा में
  505. 23:402944 कि नबी सल्लल्लाहु अ वसल्लम ने
  506. 23:43फरमाया अल्लाह ताला कयामत वाले दिन हजरे
  507. 23:45अवद को दो आंखें और एक जुबान देगा जिससे
  508. 23:48वह बोलेगा और उन लोगों के हक में गवाही
  509. 23:51देगा जिसने उन उसको चूमा होगा वो तो हर
  510. 23:55नमाज पढ़ने वाली जगह भी गवाही देगी हम
  511. 23:57यहां पर दरस कुरान सुन रहे यह जगह भी
  512. 23:59गवाही देगी बोसा जरूर दे हजरे अवद को
  513. 24:04इसमें कोई शक नहीं है कि बहुत अहम तरीन
  514. 24:06पत्थर है लेकिन लेकिन लेकिन अब यह कड़वी
  515. 24:13बात है बहुत
  516. 24:14कड़वी के जो बेहयाई का तूफान
  517. 24:19बदतमीजी हजर अवद के पास होता है यकीन करें
  518. 24:23लिया बिल्ला ताला मर्दों और औरतों का तलात
  519. 24:26वहा देखने में मिल
  520. 24:29औरतों पर मर्द चढ़े हुए होते हैं मर्दों
  521. 24:31पर औरत चढ़ी हुई होती इतना रश हजारों लोग
  522. 24:33जब एक पत्थर को चूमने के लिए आएंगे तो
  523. 24:36क्या हालत होगी मेरा तो जाके सारे के सारी
  524. 24:38वहां पर रूहानियत जो है मैंने कहा यार
  525. 24:40खाना काबा के अंदर इतनी बेहयाई मचाई हुई
  526. 24:42है एक मुस्ताहब काम को पूरा करने के लिए
  527. 24:46जबक व इस्लाम दूर से भी हो सकता
  528. 24:49है पांच चीजें ऐसी है जो मुझे बड़ी अजीब
  529. 24:51लगी एक तो जिनसे मेरा दिल खटा हुआ एक तो
  530. 24:55यह वाली चीज दूसरा तवाफ के दौरान लोग भी
  531. 24:57मांग रहे होते हैं आप तवाफ कर रहे हैं
  532. 24:59नीचे लोगों ने हाथ और अक्सर पाकिस्तानी
  533. 25:01होते
  534. 25:02हैं य सिंध के रहने वाले
  535. 25:04लोग तीसरा मोबाइल बजते हैं चौथा नजरों की
  536. 25:09हिफाजत वहां पर बड़ा मुश्किल हो जाता है
  537. 25:11क्योंकि औरतों के चेहरे खुले हुए हैं
  538. 25:13जाहिर है कि मैंने बता दिया वो तो हुकम
  539. 25:14यही आजमाइश थी तो जिसको यहां पर बद नजरी
  540. 25:18की आदत है वो वहां जाकर भी कोई उसका कोई
  541. 25:20स्विच ऑन नहीं हो जाएगा कि वो बड़ा नेक और
  542. 25:22परहेज गार हो जाएगा जड़ थे पड़े और लाहौर
  543. 25:24भी पड़े जो इधर बुरे वो लाहौर जाके भी
  544. 25:27बुरे होंगे खा काबे में बुरे होंगे और
  545. 25:29पांचवी चीज हर मौके पर सब्र का
  546. 25:32दामन थामना यह बड़ा मुश्किल काम है भाइयों
  547. 25:36जामिया तिर्म जीी में 877 नंबर हदीस है और
  548. 25:39मुसन इमाम अहमद में भी सही सनद के साथ
  549. 25:412796 कि आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम ने फरमाया
  550. 25:44कि जन्नत का याकूत यह काला पत्थर हजरे अवद
  551. 25:48अल्लाह ताला ने उतारा था यह दूध की तरह
  552. 25:51सफेद था लेकिन लोगों के गुनाहों की नहुसत
  553. 25:53की वजह से इसका रंग काला पड़ गया इसलिए अब
  554. 25:56इसे हजरे अवद कहते हैं अवद अरबी में कहते
  555. 25:59हैं काले
  556. 26:01रंग अब यब कहते हैं सफेद कलर तो यह स्याह
  557. 26:07हुआ लोगों के गुनाहों के असरात की वजह से
  558. 26:10पत्थर स्याह हो गया पत्थर का असर लोगों प
  559. 26:12नहीं पड़ा ये पॉइंट जरा नोट करना
  560. 26:15है अब इससे अंदाज लगाए कि अगर जन्नत का वो
  561. 26:18याकूत उसका असर लोगों पर नहीं पड़ रहा
  562. 26:20उल्टा लोगों से वो असर ले रहा है तो ये जो
  563. 26:22याकूत मरजान और ज मुर्द लोग ये अंगूठियां
  564. 26:25पहनते हैं और ये यकीन रखते हैं कि इसकी
  565. 26:26वजह से कोई हमें नफा पहुंच जाएगा तो वो आप
  566. 26:28खुद सोच ले जन्नत का पत्थर किसी को नफा
  567. 26:30नुकसान नहीं दे सकता और सैयदना उमर ने
  568. 26:33कैसा अकीदा उम्मत को दिया कि तू पत्थर ही
  569. 26:35है ना नफा दे सकता है ना नुकसान अब सदना
  570. 26:38उमर के सामने अगर कोई ये अंगूठियों
  571. 26:40अंगूठियां पहन के आ जाए और कहे कि जी
  572. 26:42मैंने इसलिए पहनी हुई है तो फिर हजरत उमर
  573. 26:44के जलाल का सामना फिर उसको करना पड़ेगा कि
  574. 26:46वो तो हजरे अवत के ऊपर इतना बड़ा फतवा लगा
  575. 26:48रहे हैं तो ये पत्थर किस वो जन्नत का या
  576. 26:51कूद और यह तो दुनिया का ही
  577. 26:55अकूत स्टेप नंबर 15 और वो है सई का आगाज
  578. 26:59यानी नौवा इस्लाम करके आप सफा की तरफ आए
  579. 27:02या हजरे अवद वाले कोने में पीछे चले जाए
  580. 27:04वहां पर पहाड़ी सफा की और उससे प फ
  581. 27:07किलोमीटर दूर बिल्कुल ससी सीध में ट्रिपल
  582. 27:10स्टोरी बिल्डिंग एयर कंडीशन बेहतरीन कोई
  583. 27:12प्रॉब्लम ही नहीं जनाब सही करने में पहले
  584. 27:14करनी तो बड़ी मुसीबत होती थी तो सफा से
  585. 27:16मरवा तक आपने सही करनी है सफा पर पहुंचे
  586. 27:18और वहां पर जाकर य आयत पढ़ना सुन्नत है
  587. 27:22सला बेशक सफा और मरवा अल्लाह की निशानियां
  588. 27:25में से है और बुखारी और मुस्लिम की मुत
  589. 27:28हदीस है मुशरिकीन अरब सफा मरवा की सही
  590. 27:31करते थे जब मुसलमान हो गए वो तो वो इसको
  591. 27:35मुशरिकीन की रस्म समझते थे तो अल्लाह ताला
  592. 27:38ने फिर य आयत नाजिल की कि मुशरिकीन की
  593. 27:40सारी बातें गलत नहीं है यही मैं कहता हूं
  594. 27:43भाइयों बरेल हों की दे बंदियों की अहले
  595. 27:45दसों की शियों की सबकी सारी बातें गलत
  596. 27:47नहीं है कुछ ठीक हुई है तो मुशरिकीन की भी
  597. 27:50सारी बातें गलत नहीं थी अल्लाह ला फरमाया
  598. 27:51नहीं सफा और मरवा अल्लाह की निशानियां में
  599. 27:54से है यह नहीं कि वो कर रहे हैं तो तुमने
  600. 27:55नहीं करना सिख दाढ़ मुसलमान हमने दाढ़ी
  601. 27:58नहीं रखनी इस तर की नहीं तो यह फर आया
  602. 28:01नाजिल हुई फिर आप सने व खड़े होकर कहा अब
  603. 28:06मा
  604. 28:07बला मैं भी वहीं से इदा करता हूं अपनी सही
  605. 28:10की जहां से अल्लाह ने शुरू की या इ पहले
  606. 28:14सफा ल बरवा और बरवा तो मैं सफा से सही का
  607. 28:18आगाज करता हूं स्टेप नंबर 16 सफा पहाड़ी
  608. 28:22पर अभी तक वो पहाड़ी चियल पहाड़ की छोटी
  609. 28:26सी उन्होने हिस्सा रखा हुआ है उस पर
  610. 28:27उन्होंने पॉक्सी वगैरह लगाकर उसको ऐसा कर
  611. 28:30दिया कि उसके ऊपर से कोई पत्थर वगैरह ना
  612. 28:32तोड़े क्योंकि यहां से लोग जो जाते हैं वो
  613. 28:34तो छोटी छोटी कचियां भी जेब में रखी होती
  614. 28:36है गिलाफ काबा काट रहे होते हैं जेब में
  615. 28:38डालने के लिए उसके अजीबो गरीब हरकतें करते
  616. 28:40हैं तो उन्होंने पत्थरों के ऊपर मोटी कलर
  617. 28:42की पॉक्सी ट्रांसपेरेंट चढ़ा दिया समझ आप
  618. 28:45एल्फी की कोई फर्म है उसके ऊपर से कोई
  619. 28:48पत्थर उखाड़ नहीं
  620. 28:50सकता तो वो अभी उसके निशानाथ बाकी है वहां
  621. 28:54पर खड़े होकर किबला रुख हो जाए वहां से
  622. 28:56किबला रुख आपको खुद बुद पता चलेगा सफा
  623. 28:59मरवा में भी कबले के तबार से लाइने मार्बल
  624. 29:01के अंदर डली हुई है आप कहीं भी खड़े हो
  625. 29:03हरम शरीफ की पूरी मस्जिद में आपको किबला
  626. 29:06नजर ना भी आए त भी उसकी डायरेक्शन पता चल
  627. 29:08जाएगी तो हाथ
  628. 29:11उठाकर दुआ की तरह हाथ उठाकर किबला रुख
  629. 29:14कमात पढ़े अल्लाह अकबर अल्लाह अकबर अल्लाह
  630. 29:17अकबर य तीन दफा फिर ला इला इलल्ला ला शरीक
  631. 29:23ल मशहूर है इसके अलावा भी है चीज जरूरी
  632. 29:27लेकि यह जिक्र जरूर करें इसके अलावा मिलता
  633. 29:29है ला इला
  634. 29:32इलल्लाह अदा यानी वो अल्लाह जिसने अपना
  635. 29:36वादा पूरा किया नस और उसने अपने बंदे
  636. 29:39मोहम्मद सला सलम की मदद फरमाई
  637. 29:43ल और अकेला सब के सब काफिर के ग्रह को
  638. 29:46शिकस्त दे अल्ला
  639. 29:48अकेले फिर दुआए मांगे नबी ने लंबी दुआए
  640. 29:52मांगी और फिर यह तीन दफा यह काम करना
  641. 29:55है फिर व अल्ला अकबर अल्ला अकबर तीन दफा
  642. 29:58ये सफा पर करना है इसके बाद आपने मरवा की
  643. 30:01तरफ चलना शुरू कर देना
  644. 30:03है स्टेप नंबर 17 सफा से चलते हुए मरवा तक
  645. 30:07आए 75 किलोमीटर 5 किलोमीटर तकरीबन बनता है
  646. 30:11आधा किलोमीटर तो मरवा की पहाड़ी पर भी
  647. 30:14जाकर यही काम आपने करने है जो सफा पर किए
  648. 30:17थे अलबत्ता इस दौरान एक दुआ आती है मुसन
  649. 30:21इने शबा में सदना इने उमर और इने मसूद र
  650. 30:24अल्ला ताला अमा से कि वो ये दुआ पढ़ा करते
  651. 30:26थे मर की सही के दौरान रब फिर
  652. 30:30वहम त अकरम अल्लाह मगफिरत फरमा और हम पर
  653. 30:35रहम फरमा बेशक तू इज्जत वाला और कर्म वाला
  654. 30:38है स्टेप नंबर
  655. 30:4018 सफा के करीब जब मरवा की तरफ जाएंगे तो
  656. 30:45सफा मरवा का अगर सेंटर कर ले उसका भी आगे
  657. 30:47सेंटर करें तो सफा के जो करीब वाला हिस्सा
  658. 30:49बनता है वहां पर दो सबज सुत और लाइने बनी
  659. 30:52हुई होंगी वहां पर पहले लवान होती थी वहां
  660. 30:55से अम्मा हाजिर रज अल्लाह ताला अन मैंने
  661. 30:58बताया हाजरा लफ्ज नहीं हाजर लफ्ज है वहां
  662. 31:01से दौड़कर गुजरी थी तो वहां से दौड़कर
  663. 31:03गुजरना नबी सल्ला वसल्लम की भी सुन्नत है
  664. 31:06लेकिन सिर्फ मर्दों ने गुजरना है वो मुसद
  665. 31:07इमाम शाफी में सही सनद के साथ 573 नंबर
  666. 31:11असर है कि इब्ने उमर र अल्ला ताला अनमा
  667. 31:13कहते हैं कि चाहे रमल करना हो तवाफ के
  668. 31:16दौरान दौड़ना हो या सही के दौरान दौड़ना
  669. 31:18हो यह सिर्फ मर्दों के लिए खास है औरतें
  670. 31:20ऐसा काम नहीं
  671. 31:23करेंगी तो वहां से दौड़कर गुजरना है औरतें
  672. 31:26नॉर्मल चलेंगी स्टेप नंबर 19 सेकंड लास्ट
  673. 31:29स्टेप मरवा पहुंचकर वही दुआएं करें जो कि
  674. 31:33आपने सफा पर की थी तो यहां भी सात चक्कर
  675. 31:37काटने हैं लेकिन यह सात चक्कर आधे है 3.5
  676. 31:41बनेगा यानी सफा से मरवा गए तो एक चक्कर
  677. 31:44मरवा से वापस सफा आए तो दो हो गए फिर इसी
  678. 31:47तरीके से सफा से मरवा तीन फिर मरवा से सफा
  679. 31:50चार और इसी तरीके से या वन साइड को एक
  680. 31:53पूरा चक्कर शुमार किया जाएगा तो वो अगर आप
  681. 31:55दायरे में देखें तो 5 यानी उससे आधे बनते
  682. 31:58हैं तो सात ट्रैक
  683. 32:00बनेंगे आखिरी 20 नंबर स्टेप ये है कि मरवा
  684. 32:04पर पहुंचकर
  685. 32:06सातव ट्रैक के एंड में मर्द हजरात जो है
  686. 32:11वो या हलक करवाएं बुखारी और मुस्लिम में
  687. 32:13हदीस है आप सल्लल्लाहु वसल्लम ने तीन दफा
  688. 32:15दुआ कर की उन लोगों के लिए जो के हज और
  689. 32:18उमरे में हलक करवाते हैं यानी टिंट करवाना
  690. 32:21जिसे हम कहते हैं सर से मुकम्मल बाल उस
  691. 32:24तरह से रिमूव कर देना और एक दफा दुआ फरमाई
  692. 32:27है बाल छोटे करने वालों के लिए उसको हम
  693. 32:28कहते हैं
  694. 32:30कसर उसको कहते हैं हलक इसे कसर तो कसर भी
  695. 32:33करवा सकते हैं मोटी मशीन भी फरवा सकते हैं
  696. 32:36अफजल यही है कि हलक
  697. 32:38करवाए बाज वहां पर मर्द अपने वो टशन के
  698. 32:42चक्कर में जो है वो थोड़े से बाल साइड से
  699. 32:44काटते हैं तो वो एराम की पाबंदियों से
  700. 32:46आजाद नहीं होते और उन पर दम वाजिब हो
  701. 32:49जाएगा तो वो बाल रिमूव करने हैं चाहे छोटे
  702. 32:53करवाए पूरे सर के बाल छोटे करवाने ये नहीं
  703. 32:56कि थोड़े हिस्से के करवा कज करना कहते
  704. 32:58आपसे मना फरमाया पूरे के पूरे सर के बाल
  705. 33:01रिमूव करवाने है चाहे छोटे करवाए चाहे उस
  706. 33:03तर करवाए औरतो के लिए इसमें हुकम है कि एक
  707. 33:06पोर के बराबर या दो पोर के बराबर चुटिया
  708. 33:08अपनी उसके गि लपेट के उसके व कैची से बाल
  709. 33:12काट दि बाकी काटने की जरूरत नहीं इतने
  710. 33:14काफी है आप जैसे ही मरवा पर पहुंचेंगे
  711. 33:16बाहर जाम खड़े हुए होंगे बर बहुत सारी
  712. 33:19दुकाने पा रियाल वो रहते हैं अर दरा से एक
  713. 33:22ही रेट
  714. 33:23है उसको हलक करवाने के
  715. 33:28अल्हम्दुलिल्लाह अब आप एहराम की पाबंदियों
  716. 33:32से आजाद हो जाएंगे जैसे ही बाल कटवाएंगे
  717. 33:34या उस तरफ भरवा देंगे अच्छा बाल कटवाएंगे
  718. 33:37तो 10 रियाल लेते हैं और अगर उस तरह भरवाए
  719. 33:39तो पा रियाल लेते हैं क्योंकि वो आसान काम
  720. 33:41है तो और अफजल भी वही
  721. 33:44है अब यह आपका मुकम्मल हो गया उमरा अब
  722. 33:48सुकून से कमरे में जाकर चादर खोले गुसल
  723. 33:51करें और नर्मल कपड़े पहन ले तो आपका ये
  724. 33:54मुकम्मल उमरा अल्हम्दुलिल्लाह अदा हो गया
  725. 33:56यहां पर दो तीन बातें मैं एंड में बता दूं
  726. 33:58बाज लोगों में ये अकीदा है कि जो उमरा कर
  727. 34:01ले उस परे हज करना फर्ज हो जाता है ये 100
  728. 34:04फीसद झूठ
  729. 34:05है फर्ज तो है ही हज उमरा तो है ही नहीं
  730. 34:09और हज उस पर फर्ज है जिसकी इस्तता है अब
  731. 34:12जिसकी हज की इस्तता नहीं वो अगर सिर्फ
  732. 34:15उमरा कर लेता है तो उमरा करे नफली सवाब है
  733. 34:17लेकिन यह नहीं कि उमरा कर लिया तो फस गया
  734. 34:19हज करेगा नहीं भाई उमरे का रेट इस वक्त
  735. 34:22पाकिस्तानी रमजान के अलावा 70 8 हज है और
  736. 34:25हज का रेट 3 लाख से शुरू होता है अब जिसके
  737. 34:28पास 70 800 हज है वो कैसे आज उस पर फर्ज
  738. 34:30होगा जब तक उसके पास इतनी रकम ना जुड़ दे
  739. 34:32तो यह बात गलत है दूसरा एक सफर में एक ही
  740. 34:36उमरा हो सकता
  741. 34:37है अगर दूसरा उमरा करना है तो वापस मि कात
  742. 34:41तक जाना पड़ेगा वहां से 92 किलोमीटर दूर
  743. 34:44बाज लोग मस्जिद आयशा पर जिसे तनम जगह है
  744. 34:47वहां पर जाकर राम बांध के बारबार वहां पर
  745. 34:50कर रहे होते हैं और अपनी वो टेंट भी छिल
  746. 34:53लेते हैं इतनी दफा उस तरह मरवाते हैं और
  747. 34:55बड़े खुश होते हैं और ये जो काम कर रहे
  748. 34:57हैं ये किसी के नजदीक भी जायज नहीं अहले
  749. 35:00सुन्नत कह लवाने वाले तीनों ग्रह बरेलवी
  750. 35:01देबंदी और सलफी यानी अहले हदीस ना अहले
  751. 35:03तशु कोई इस बात को सही नहीं समझता ये सैदा
  752. 35:07आयशा के साथ मामला यह हुआ था बुखारी और
  753. 35:09मुस्लिम में डिटेल है कि वो भी हुजूर के
  754. 35:10साथ हज के लिए निकली और सललाला वसल्लम हजे
  755. 35:13किरान या हजे ततो करने के लिए तो दोनों
  756. 35:15में उमरा साथ होता है सैदा आयशा को हैज आ
  757. 35:18गया था जो औरतों के साथ प्रॉब्लम है तो
  758. 35:20नबी सल्ला ने उनको कहा कि बस अब तुम तो
  759. 35:22उमरा तो नहीं कर सकती बाकी काम करो यम अरफ
  760. 35:25वाले दिन वो पाक हुई
  761. 35:27तो नबी सलाम ने बाद में उनसे उमरा करवाया
  762. 35:30हालांकि हजज में तो उमरा पहले होता है
  763. 35:32इनका उमरा बाद में उस उमरे का इक्विवेलेंट
  764. 35:34कराया और उनको वहां से राम बांधने के लिए
  765. 35:36साथ भेजा अगर यह चीज होती तो सहाबा कराम
  766. 35:39भी बारबार उमरे कर रहे होते को जफ रिवायत
  767. 35:41भी मिल जाए इसके ऊपर कोई नहीं मिलती ये
  768. 35:42बहुत बड़ी गलती बल्कि इसको अगर बिदात भी
  769. 35:45कहा जाए तो कोई सख्त अल्फाज नहीं
  770. 35:48होंगे आफाक जो है उसको मिका तक जाना जरूरी
  771. 35:53है हां जो मक्का शरीफ का परमानेंट रिहायशी
  772. 35:55है तो वो तो उसको भी तनम या मस्जिद आयशा
  773. 35:58जाने की जरूरत नहीं वो अपने घर से भी
  774. 36:00जितनी दफा चाहे उमरे का एराम बांध सकता है
  775. 36:03अल्हम्दुलिल्लाह इस बात के ऊपर इजमा
  776. 36:07है आखरी बात भाइयों आजकल आसानी हो गई है
  777. 36:11औरत ऐसी गोलियां इस्तेमाल कर सकती है
  778. 36:14जिनसे उनका हैज रुक जाता है मेडिकली अलाउ
  779. 36:17है सब इस पर मुत फिक है कोई ऐसा मसला नहीं
  780. 36:21कुछ अरसे के लिए औरतों के पीरियड रुक जाते
  781. 36:24हैं अगर वो माने गोलिया इस्तेमाल कर ले
  782. 36:28मार्कीट से मिल जाती है सस्ते
  783. 36:30दामों इसका बड़ा फायदा है हज और उमरे की
  784. 36:33रूहानियत डिस्टर्ब नहीं होती वरना जाहिर
  785. 36:35है कि मिया बीवी हज पर गए हुए हैं और वहां
  786. 36:38पर इस तरह की प्रॉब्लम बन जाए तो अब बीवी
  787. 36:41जो है व होटल में बैठी हुई है और मर्द
  788. 36:43वहां पर वो एक्टिविटीज परफॉर्म कर र है
  789. 36:45अजीब बद मगजी हो जाती है लिहाजा यह थोड़े
  790. 36:48से दिन है अगर कोई औरत य इस्तेमाल कर लेती
  791. 36:51है तो इसमें कुछ गुनाह का काम नहीं बाकी
  792. 36:53गुफ्तगू हम इंशाल्लाह तीसरा हिस्सा अगली
  793. 36:56दफ डिकस करेंगे अल्लाह ताला से दुआ है जो
  794. 36:58हक बात मैंने कही अल्लाह ताला हमारे दिलो
  795. 37:00में रास फरमाए अगर जिज बात में मेरे मुह
  796. 37:03से कोई गलत बात निकल गई तो अल्लाह ताला
  797. 37:05हमारे दिलों से माफ कर दे
  798. 37:07सुभानल्ला अला
  799. 37:12इलाला बला
  800. 37:19मुबीन

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