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Truth of Manusmriti | Why Some People Hate Manusmriti — Transcript

by Indix Online · 3,861 words · 575 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:03मैं तुम्हें वो योग बताने जा रहा हूं जो
  2. 0:05बहुत समय से लुप्त है। परंतु सृष्टि के
  3. 0:08आरंभ में इसे मैंने ही सूर्य को दिया था
  4. 0:11और सूर्य से यह मनु को मिला और मनु से एक
  5. 0:13श्वाकु तक पहुंचा।
  6. 0:16गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं सृष्टि के
  7. 0:19आरंभ में गीता का यह ज्ञान मैंने सूर्य को
  8. 0:22दिया। सूर्य ने मनु को और मनु ने इ्वाकु
  9. 0:26को दिया।
  10. 0:30अर्थात मनुस्मृति श्रीमद् भगवत गीता का ही
  11. 0:34पूर्ववर्ती रूप है। गीता में जो बातें
  12. 0:38श्री कृष्ण और अर्जुन संवाद के रूप में
  13. 0:40हैं। लगभग वही बातें उनसे पहले मनु महाराज
  14. 0:44ने अपनी शासन संहिता में कही है।
  15. 0:50फिर वो कौन सी मनुस्मृति है जिसकी बहुत
  16. 0:53चर्चा होती रहती है।
  17. 0:57दावा किया जाता है कि उस मनुस्मृति ने
  18. 0:59मनुष्यों को जातियों में बांट दिया। उस
  19. 1:03मनुस्मृति में शूद्रों या कथित दलितों और
  20. 1:06महिलाओं के बारे में बहुत बुरी बातें लिखी
  21. 1:08हैं।
  22. 1:12जब बहुत सारे लोग एक ही बात कहते हैं तो
  23. 1:15अन्य बहुत सारे लोग बिना पढ़े ही मान लेते
  24. 1:18हैं कि अवश्य ऐसा ही कुछ लिखा गया होगा।
  25. 1:22इतने सारे लोग कह रहे हैं तो गलत थोड़े ही
  26. 1:25कहेंगे।
  27. 1:33धार्मिक परंपरा के अनुसार स्मृति ग्रंथ
  28. 1:36श्रुति अर्थात वेदों से निचले स्तर के
  29. 1:39होते हैं। स्मृति अर्थात जिन्हें स्मरण
  30. 1:42करके पीढ़ी दर पीढ़ी संजोया जा रहा हो। यह
  31. 1:47पुस्तक के रूप में नहीं होती थी।
  32. 1:50इस्लामी आक्रमण के कालखंड में स्मृतियों
  33. 1:53की परंपरा को संजोने वाले नहीं रहे।
  34. 1:56अधिकांश स्मृतियां धीरे-धीरे लुप्त होती
  35. 2:00गई। उनका केवल वही हिस्सा बचा जो कहीं
  36. 2:04उद्रित किया गया था। यह संयोग से किसी के
  37. 2:08पास पांडुलिपि के रूप में पड़ा था।
  38. 2:14दो दर्जन से अधिक स्मृतियों की चर्चा
  39. 2:17अलग-अलग स्थानों पर मिलती है। उदाहरण के
  40. 2:21लिए याज्ञवल्क्य स्मृति, अत्री स्मृति,
  41. 2:25कात्यायन स्मृति, पाराशर स्मृति और गौतम
  42. 2:29स्मृति।
  43. 2:30मनुस्मृति इनमें सबसे प्राचीन और प्रमुख
  44. 2:34है।
  45. 2:38हिंदू और जैन ग्रंथों के अनुसार स्वयंभू
  46. 2:41मनु के बाद कुल 14 मनु हुए हैं।
  47. 2:46हर मनवंतर में एक प्रथम पुरुष होता है
  48. 2:49जिसे मनु कहते हैं।
  49. 2:52वर्तमान में व्यवस्वत मनवंतर चल रहा है और
  50. 2:56व्यवस्वत मनु इसके प्रथम पुरुष हैं।
  51. 3:02अंग्रेजों द्वारा दावा किया जाता है कि
  52. 3:05मनुस्मृति ईसा से एक या दो शताब्दी पहले
  53. 3:08लिखी गई है। वास्तव में यह अनुमान ही गलत
  54. 3:12है। अंग्रेज इस बात को बचा नहीं पाते थे
  55. 3:15कि सनातन धर्म ईसाई मजहब से बहुत पुराना
  56. 3:19है। इसलिए उन्होंने हर भारतीय ग्रंथ को
  57. 3:23ईसा के आसपास का ही बताने का प्रयास किया
  58. 3:26है। पश्चिमी लेखनों को आधार बनाकर वामपंथी
  59. 3:30इतिहासकारों ने दावा करना आरंभ कर दिया कि
  60. 3:33ब्राह्मणों ने मनुस्मृति लिखी ताकि वे
  61. 3:37बौद्ध धर्म के बढ़ते प्रभाव को रोक सकें।
  62. 3:41यदि ऐसा होता तो क्या मनुस्मृति में बौद्ध
  63. 3:44मान्यताओं का कोई खंडन या संदर्भ नहीं
  64. 3:47मिलता?
  65. 3:48मनुस्मृति में बुद्ध का नाम तक नहीं है।
  66. 3:54मनुस्मृति बौद्ध ही नहीं रामायण और
  67. 3:57महाभारत से भी पहले का ग्रंथ है।
  68. 4:01लगभग 5000 वर्ष पहले लिखी गई महाभारत में
  69. 4:05कई स्थानों पर महाराजा मनु और उनकी संहिता
  70. 4:09की चर्चा है। इसी प्रकार वाल्मीकि रामायण
  71. 4:13में भी मनु का नाम आता है।
  72. 4:17बौद्ध ग्रंथों में भी मनुस्मृति से
  73. 4:20प्रेरणा ली गई है।
  74. 4:22इनमें सबसे उल्लेखनीय है वगारू द्वारा
  75. 4:25लिखित ग्रंथ मनु धर्म सत्तम।
  76. 4:29बर्मा के बौद्ध राजा वगारू ने इसे 13वीं
  77. 4:32शताब्दी में लिखा था। इसमें मनुस्मृति के
  78. 4:36सभी अध्यायों को तत्कालीन समाज के अनुरूप
  79. 4:40ढालकर लिखा गया है।
  80. 4:49वर्ष 1757 में प्लासी युद्ध के बाद
  81. 4:52अंग्रेजों ने भारत के बड़े हिस्से को
  82. 4:54नियंत्रण में ले लिया। लगभग 30-40 वर्ष
  83. 4:58उन्हें अपनी शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने
  84. 5:02में लगे।
  85. 5:04यही वह समय था जब अंग्रेजों ने भारतीय
  86. 5:06समाज को समझने का प्रयास आरंभ किया।
  87. 5:10भारतीयों पर शासन करने के लिए यह आवश्यक
  88. 5:13भी था।
  89. 5:15मुसलमान और ईसाई तो अपनीपनी किताब और
  90. 5:18मजहबी कानून से चलते हैं। लेकिन हिंदुओं
  91. 5:21की कोई एक पुस्तक, कोई एक पूजा पद्धति या
  92. 5:25कोई एक पोप नहीं। अब्राहमिक मजहबों के लिए
  93. 5:30यह व्यवस्था समझ से परे थी। जहां उत्तर
  94. 5:34में अलग परंपराएं हैं। दक्षिण में अलग।
  95. 5:37एक ही गांव या कई बार एक ही परिवार में
  96. 5:41लोग अलग-अलग देवी देवताओं की पूजा करते
  97. 5:44हैं। फिर भी सारे स्वयं को हिंदू कहते
  98. 5:47हैं। सूर्य, धरती, नदियां, पर्वत सभी के
  99. 5:52लिए पूज्य हैं। लेकिन पूजा का सबका अपना
  100. 5:56तरीका है। कुछ हिंदुओं के लिए विवाह जन्म
  101. 6:00जन्मांतर का संबंध है। तो कुछ समुदाय ऐसे
  102. 6:03भी हैं जहां जब इच्छा हो विवाह समाप्त
  103. 6:06करने की सुविधा थी। विवाह के लिए हर
  104. 6:09क्षेत्र की अपनी परंपरा थी। लेकिन सभी
  105. 6:12समुदायों में अलग-अलग नामों से सप्तपदी की
  106. 6:16परंपरा थी। समाज कानूनी और गैरकानूनी से
  107. 6:20अधिक नैतिकता और अनैतिकता के पैमाने पर
  108. 6:24चलता था।
  109. 6:27भारतीय समाज की यह विविधता अंग्रेजों के
  110. 6:31लिए एक ऐसी पहेली थी जिसे सुलझाना आवश्यक
  111. 6:34था ताकि एक लीगल कोर्ट बन सके जिसके आधार
  112. 6:40पर उनकी कोर्ट कचहरी काम कर सके।
  113. 6:43अंग्रेजों के आगे समस्या थी कि हिंदू समाज
  114. 6:46में वेद, उपनिषद, रामायण और महाभारत जैसी
  115. 6:50जो पुस्तकें पवित्र मानी जाती हैं उनमें
  116. 6:54व्यक्ति की आत्म उन्नति से जुड़ी बातें
  117. 6:56हैं। ना कि कुछ ऐसा जिसे कानून बताकर लागू
  118. 7:00कराया जा सके।
  119. 7:04अंग्रेज जानते थे कि यदि वे कोई एक
  120. 7:07प्रणाली लागू भी कर देंगे तो सभी लोग उसे
  121. 7:10स्वीकार नहीं करेंगे।
  122. 7:13ऐसे रिकॉर्ड मिलते हैं कि अंग्रेजों ने तब
  123. 7:15कई बड़े विद्वानों से संपर्क करके सहायता
  124. 7:18मांगी। इसी क्रम में उन्हें मनुस्मृति के
  125. 7:21बारे में पता चला।
  126. 7:25अंग्रेजों को बताया गया कि प्राचीन भारत
  127. 7:27में राजा मनु ने अपनी शासन व्यवस्था की
  128. 7:30संहिता बनाई थी। जिसे मनुस्मृति कहते हैं।
  129. 7:36इसमें परिवार व्यवस्था, [संगीत] समाज के
  130. 7:38वर्गीकरण, जन्म से मृत्यु तक, व्यक्ति के
  131. 7:42सभी संस्कार, महायज्ञ, भोजन के नियम, राजा
  132. 7:46के कर्तव्य, शासन व्यवस्था, पाप की
  133. 7:50श्रेणियां, तीर्थ यात्रा से लेकर अंतिम
  134. 7:53संस्कार तक के बारे में एक व्यवस्था दी गई
  135. 7:56है।
  136. 8:00अंग्रेज समझ गए कि मनुस्मृति को भारत के
  137. 8:03अधिकांश क्षेत्रों पर लागू करना आसान होगा
  138. 8:07क्योंकि किसी के पास इसका कोई प्रमाणिक
  139. 8:10ग्रंथ नहीं। इसलिए मनचाहा बदलाव आसान
  140. 8:14होगा। मनुस्मृति सबसे प्राचीन है और सभी
  141. 8:18हिंदू मानते हैं कि मानव सभ्यता का आरंभ
  142. 8:21मनु से हुआ था। इसलिए इसे सब पर थोपना सरल
  143. 8:26होगा।
  144. 8:29मनुस्मृति के संकलन और अनुवाद का कार्य
  145. 8:32विलियम जों्स नाम के अंग्रेज अफसर को
  146. 8:34सौंपा गया।
  147. 8:37विलियम जों्स ईसवी सन 1746 में पैदा हुआ
  148. 8:41था। 1783 में वह भारत आया।
  149. 8:46बंगाल के नादिया जिले में रहने वाले पंडित
  150. 8:48रामलोचन से उसने संस्कृत सीखी।
  151. 8:53वर्ष 1784 में विलियम जों्स ने मनुस्मृति
  152. 8:57का अनुवाद शुरू कर दिया।
  153. 9:01यानी 1 साल से भी कम समय में संस्कृत सीख
  154. 9:04ली और 38 वर्ष की आयु में अनुवाद आरंभ कर
  155. 9:07दिया।
  156. 9:09विलियम जों्स की पुस्तक 1794 में छपी और
  157. 9:13उसी साल 47 वर्ष की आयु में उसकी मृत्यु
  158. 9:17भी हो गई।
  159. 9:20आप समझ सकते हैं कि कुछ महीनों में
  160. 9:22संस्कृत सीखकर उसके सबसे जटिल ग्रंथ को
  161. 9:26कोई कैसे अनुवाद कर सकता है। वो भी एक
  162. 9:29विदेशी जो पुस्तक के धार्मिक और सामाजिक
  163. 9:32संदर्भों से पूरी तरह से अनजान है। जो
  164. 9:35तथाकथित मनुस्मृति छपी उसका नाम था
  165. 9:39इंस्टट्यूट्स ऑफ हिंदू लॉ और द ऑर्डिनेंस
  166. 9:43ऑफ मनु।
  167. 9:48विलियम जों्स इस पुस्तक में दावा करता है
  168. 9:50कि उसे कोलकाता में मनुस्मृति की
  169. 9:52पांडुलिपि मिली। वास्तव में यह भी मूल पाठ
  170. 9:56नहीं बल्कि कुल्लुक भट्ट नाम के एक
  171. 9:59विद्वान की टिप्पणियां थी। विलियम जों्स
  172. 10:03ने उन्हीं का अनुवाद किया। यह पुस्तक
  173. 10:06कानून की किसी किताब की शैली में लिखी गई
  174. 10:09है। इसमें कहीं भी संस्कृत के मूल श्लोक
  175. 10:12नहीं दिए गए हैं। जिससे पता चल सके कि
  176. 10:15अनुवाद की गुणवत्ता क्या है?
  177. 10:20विलियम जों्स की नियत क्या थी? इसका सबूत
  178. 10:23वर्ष 1784 में ईस्ट इंडिया कंपनी के
  179. 10:27गवर्नर वारेन हेस्टिंग्स को लिखा उसका
  180. 10:30पत्र है। इसमें वह कहता है हिंदुस्तान में
  181. 10:34ईसाई मत के प्रसार में कई दुखद बाधाएं
  182. 10:36हैं। रोमन चर्च या किसी अन्य चर्च का कोई
  183. 10:40मिशन हिंदुओं का धर्मांतरण कभी नहीं करा
  184. 10:43सकेगा।
  185. 10:45इतनी बड़ी क्रांति करने का एकमात्र उपाय
  186. 10:48यही है कि संस्कृत ग्रंथों का अनुवाद किया
  187. 10:51जाए। एक दिव्य आत्मा अर्थात पैगंबर के रूप
  188. 10:55में जीसस के आगमन को उनके भविष्यवाणियों
  189. 10:58के ग्रंथ में जोड़ा जाए और इसे चुपचाप उन
  190. 11:03लोगों के बीच फैलाया जाए जो पढ़े लिखे हो।
  191. 11:08एशियाटिक रिसर्च वॉल्यूम वन के पृष्ठ
  192. 11:11संख्या 234 पर यह पत्र छपा हुआ है। यह
  193. 11:15वर्ष 1788 में प्रकाशित हुआ था।
  194. 11:20बाद में भविष्य पुराण ग्रंथ में कुछ ऐसे
  195. 11:22श्लोक डलवाए गए जिनमें ईसा मसीह के आगमन
  196. 11:26की चर्चा की गई है।
  197. 11:28विलियम जों्स की मनुस्मृति और उसके इस
  198. 11:31पत्र के पीडीएफ का लिंक हमने YouTube के
  199. 11:34डिस्क्रिप्शन में दे दिया है।
  200. 11:38मनुस्मृति में असली मिलावट का श्रेय ईस्ट
  201. 11:41इंडिया कंपनी के अफसर जॉन जॉर्ज बुलर को
  202. 11:44दिया जाना चाहिए। उसी की देखरेख में ईस्वी
  203. 11:47वर्ष 1813 में पहली बार मनुस्मृति एक
  204. 11:51ग्रंथ के रूप में कोलकाता के एक प्रिंटिंग
  205. 11:54प्रेस में छपी। इसमें कुल 12 अध्याय और
  206. 11:582694 श्लोक थे। साथ में कुल्लुक भट्ट की
  207. 12:03टिप्पणियां भी थी।
  208. 12:05मनुस्मृति में शूद्रों और स्त्रियों को
  209. 12:07लेकर जो आपत्तिजनक श्लोक उत किए जाते हैं,
  210. 12:11उन सब का मूल स्रोत यही पुस्तक बन गई।
  211. 12:17कई भारतीय विद्वानों ने इस तथाकथित
  212. 12:20मनुस्मृति पर आपत्ति जताई। इनमें सबसे
  213. 12:23प्रमुख थे महर्षि दयानंद सरस्वती।
  214. 12:27उन्होंने लिखा है कि मैं मनुस्मृति केवल
  215. 12:30उन भागों में विश्वास करता हूं जो बाद में
  216. 12:33जोड़े नहीं गए हैं तथा जो वेदों की मूल
  217. 12:36भावना के अनुरूप हैं।
  218. 12:42अंग्रेजों द्वारा लिखवाई गई मनुस्मृति ही
  219. 12:44देश विदेश के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई
  220. 12:46जाने लगी।
  221. 12:49हजार साल की गुलामी के कारण [संगीत]
  222. 12:51भारतीय समाज का ताना-बाना पहले ही बिखर
  223. 12:53चुका था।
  224. 12:55जातिवाद और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयां
  225. 12:59हर ओर फैली थी। सब ने मान लिया कि इन सारी
  226. 13:03समस्या की जड़ मनुस्मृति है।
  227. 13:08यही कारण था कि 25 दिसंबर 1927 को जब डॉ.
  228. 13:12अंबेडकर ने मनुस्मृति दहन कार्यक्रम
  229. 13:14आयोजित किया तो उन्हें भारी जनसमर्थन
  230. 13:17मिला।
  231. 13:18धीरे-धीरे समाज इसे लेकर दो हिस्सों में
  232. 13:22बढ़ता चला गया। दुर्भाग्य से दोनों ही
  233. 13:25खेमों को नहीं पता था कि वे किस
  234. 13:28विभाजनकारी षड्यंत्र का शिकार बन चुके
  235. 13:30हैं।
  236. 13:33डॉक्टर अंबेडकर भी संभवत इस बात को समझ
  237. 13:36रहे थे। 24 फरवरी वर्ष 1949 को संविधान
  238. 13:41सभा में अपने भाषण में उन्होंने कहा 137
  239. 13:45स्मृति ग्रंथों में से याज्ञ वल्क्य और
  240. 13:49मनुस्मृति सबसे उच्च स्तर के हैं। मनु ने
  241. 13:53कहा है कि बेटियों को परिवार की विरासत
  242. 13:55में एक चौथाई भाग पाने का अधिकार है। हम
  243. 13:59केवल इस हिस्से को बढ़ा रहे हैं। ऐसा करके
  244. 14:02हम कुछ नया नहीं कर रहे।
  245. 14:08डॉक्टर अंबेडकर का यह कथन बाबा साहेब
  246. 14:11राइटिंग्स एंड स्पीचेस वॉल्यूम 14 में
  247. 14:14देखा जा सकता है। इसी के पेज संख्या 255
  248. 14:18पर उन्होंने कहा है कि महिलाओं [संगीत] के
  249. 14:21उत्तराधिकार के अधिकार पर यदि प्रवी
  250. 14:24काउंसिल ने प्रचलित रीति रिवाजों के बजाय
  251. 14:27मनुस्मृति का पालन किया होता तो हम अपनी
  252. 14:30बेटियों को बहुत पहले ही सशक्त बना चुके
  253. 14:33होते।
  254. 14:37मनुस्मृति के नौवें अध्याय का 117वां
  255. 14:40श्लोक कहता है कि भाइयों को अपने हिस्से
  256. 14:43का एक चौथाई बहनों को देना चाहिए। ऐसा
  257. 14:47नहीं करने वाले भाई पतित हैं।
  258. 14:52वर्ष 2005 में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस में
  259. 14:56संस्कृति और भारतीय धर्मों के प्रोफेसर
  260. 14:59पैट्रिक ओलिवेल ने मनुस्मृति पर अब तक का
  261. 15:02सबसे व्यापक अध्ययन प्रकाशित किया।
  262. 15:06जिसका नाम था मनुस कोड ऑफ लॉ अ क्रिटिकल
  263. 15:09एडिशन एंड ट्रांसलेशन ऑफ द मानव
  264. 15:12धर्मशास्त्र।
  265. 15:16पैट्रिक ओलिवेल ने मनुस्मृति की लगभग सभी
  266. 15:20पांडुलिपियों का अध्ययन किया। उन्होंने
  267. 15:23बताया कि भारत में हमें कुल लगभग 50 आंशिक
  268. 15:26प्राचीन पांडुलिपियां मिली। इनमें से कोई
  269. 15:30भी पूरी तरह एक दूसरे से मेल नहीं खाती
  270. 15:33थी।
  271. 15:37हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी
  272. 15:38विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। डॉ.
  273. 15:41सुरेंद्र कुमार ने बहुत वैज्ञानिक तरीके
  274. 15:43से मनुस्मृति के श्लोकों का संकलन किया
  275. 15:46है। उनके अनुसार मनुस्मृति के 2685
  276. 15:51श्लोकों में से 10,214 ही मौलिक लगते हैं।
  277. 15:56बाकी 10,471
  278. 15:58बाद में जोड़े गए हैं। इनमें कई श्लोक
  279. 16:02मनुस्मृति की मूल मान्यता के विरुद्ध हैं।
  280. 16:05कई श्लोकों में क्रमबद्धता नहीं दिखती और
  281. 16:08उनमें आपस में ही विरोधाभास है।
  282. 16:15वर्तमान में मनुस्मृति पर शोध करने वाले
  283. 16:17भारतीय और विदेशी सभी विद्वानों ने माना
  284. 16:20है कि बाहर से श्लोक जोड़ने का अधिकांश
  285. 16:23काम 18वीं शताब्दी में हुआ। जब विलियम
  286. 16:26जों्स मनुस्मृति की पांडुलिपियों की खोज
  287. 16:30कर रहा था।
  288. 16:33अंग्रेजों द्वारा लिखवाई मनुस्मृति के
  289. 16:35आधार पर कुछ दावे किए जाते हैं। जैसे कि
  290. 16:38शूद्रों को संपत्ति का अधिकार नहीं।
  291. 16:42राजा को चाहिए कि वह उनकी संपत्ति छीनकर
  292. 16:45उन्हें निष्कासित कर दे।
  293. 16:49ब्राह्मणों की सेवा करना ही शूद्रों का
  294. 16:51मुख्य काम है।
  295. 16:54शूद्रों को राजा बनने का अधिकार नहीं।
  296. 16:58जिस देश का राजा शूद्र हो वहां ब्राह्मण
  297. 17:00निवास ना करें।
  298. 17:03कोई शूद्र यदि ब्राह्मण का तिरस्कार करें
  299. 17:06तो 10 अंगुल लंबी लोहे की छड़ उसके मुख
  300. 17:10में ठोक दें।
  301. 17:12कोई शूद्र ब्राह्मण पर हाथ उठाए तो उसका
  302. 17:15हाथ कटवा दें। लात मारे तो पैर कटवा दें।
  303. 17:21शूद्र ब्राह्मणों को धर्मोपदेश दें तो
  304. 17:23उनके मुंह और कान में गर्म तेल डलवा दें।
  305. 17:28वेद सुन ले तो कानों में पिघलता शीशा डलवा
  306. 17:32दें।
  307. 17:35आप स्वयं सोचिए कि क्या भारतीय समाज में
  308. 17:38कभी भी मनुष्य को ऐसे दंड देने का प्रचलन
  309. 17:42रहा है?
  310. 17:43भारतीय समाज ने अपना इतिहास केवल पुस्तकों
  311. 17:46में नहीं बल्कि पत्थर की मूर्तियों के रूप
  312. 17:49में भी संरक्षित किया है। यदि ऐसा ही होता
  313. 17:52तो क्या कहीं किसी के कान में शीशा डालने
  314. 17:55की मूर्ति नहीं मिलती?
  315. 17:5912वीं शताब्दी तक भारत आए किसी भी विदेशी
  316. 18:02यात्री ने अपने वृतांत में ऐसे किसी
  317. 18:05भेदभाव या दंड की चर्चा नहीं की है जैसी
  318. 18:09मनुस्मृति में बताई गई है।
  319. 18:12मेगस्थनीज ने तो अपनी पुस्तक इंडिका में
  320. 18:15आश्चर्य व्यक्त किया है कि भारत में कोई
  321. 18:18गुलाम नहीं होता। मनुष्यों के बीच कोई
  322. 18:21भेदभाव नहीं। स्त्रियां पुरुषों की तरह
  323. 18:24युद्ध कला सीखती हैं।
  324. 18:29प्राचीन भारत के सबसे शक्तिशाली राज्य मगध
  325. 18:32पर नंद वंश का शासन था जो कि शूद्र थे।
  326. 18:38पुराणों तथा विशाख दत्त के ग्रंथ मुद्रा
  327. 18:41राक्षस में नंद वंश का महिमागान भरा पड़ा
  328. 18:44है?
  329. 18:46नंद वंश के राजाओं को महापद्म उग्रसेन और
  330. 18:51सर्वक्षत्रांतक
  331. 18:52जैसे उपाधियों से किसने विभूषित किया है?
  332. 18:58एक ब्राह्मण चाणक्य ने नंद वंश का सर्वनाश
  333. 19:02किया था। लेकिन उनसे पहले वहीं के
  334. 19:05महामंत्री शक्तार ने विद्रोह आरंभ किया
  335. 19:08था।
  336. 19:09शकार जाति से शूद्र थे और चाणक्य के पिता
  337. 19:13चाणक्य के बचपन के मित्र थे। दोनों ने
  338. 19:16साथ-साथ में शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा
  339. 19:19ली थी। चाणक्य की हत्या के बाद शकतार ने
  340. 19:23ही बालक चाणक्य को प्रेरित किया था कि वह
  341. 19:26अपने पिता का प्रतिशोध पूरा करें और
  342. 19:29चाणक्य ने विद्रोह के बाद किसी ब्राह्मण
  343. 19:32या क्षत्रिय को नहीं बल्कि योग्यता के
  344. 19:35आधार पर चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया।
  345. 19:39क्या चाणक्य को मनुस्मृति के श्लोकों के
  346. 19:42बारे में नहीं पता था?
  347. 19:45प्राचीन भारत में निषाद नंद मौर्य गुप्त
  348. 19:50अहीर जाट पाल गुर्जर पासी महिष्य चोल
  349. 19:56कुर्मी कहार राजभर चंद्रवंशी
  350. 20:00हायवंशी
  351. 20:02मराठा पांड्य जैसे ढेरों गौरवशाली राजवंश
  352. 20:05रहे हैं। इन सभी में महापुरुषों ने जन्म
  353. 20:08लिया जो पूरे हिंदू समाज में सम्मान की
  354. 20:12दृष्टि से देखे जाते हैं।
  355. 20:1614वीं शताब्दी में दक्षिण भारत में
  356. 20:18विजयनगरम साम्राज्य की स्थापना करने वाले
  357. 20:21हरिहर और बुक्का राय अहीर थे। उनके गुरु
  358. 20:26संत विद्यारण्य ब्राह्मण थे। उन्होंने
  359. 20:29मिलकर मध्य युग में एक ऐसा राज्य स्थापित
  360. 20:32किया जिसका वैभव आज भी आश्चर्यचकित करता
  361. 20:36है। क्या संत विद्या को मनुस्मृति के बारे
  362. 20:40में नहीं पता था?
  363. 20:43इसी प्रकार मैसूर का वाडियार राजवंश भी
  364. 20:46यादव हैं। पूरे भारत में ऐसे अनगिनत
  365. 20:50उदाहरण हैं।
  366. 20:54यदि किसी समाज के एक वर्ग के साथ भेदभाव
  367. 20:57हो रहे हो तो वह कभी ना कभी विद्रोह अवश्य
  368. 21:00करता है।
  369. 21:02भारत के हजारों वर्ष के इतिहास में
  370. 21:05जातियों के बीच युद्ध का एक भी उदाहरण
  371. 21:08नहीं मिलता है।
  372. 21:12स्वतंत्रता के समय जिन 565 रियासतों का
  373. 21:15विलय भारत में हुआ उनमें आधे से अधिक
  374. 21:18संख्या में उन जातियों के राजा थे जो आज
  375. 21:21स्वयं को शोषित साबित करने की होड़ में
  376. 21:24है।
  377. 21:26इस चक्कर में वे भूल गए कि वे कभी शासक
  378. 21:29थे। और जो ब्राह्मण सबका शोषण कर रहे थे
  379. 21:33उनके द्वारा शासित केवल 151 16 रियासतें
  380. 21:36थी वे भी छोटी-मोटी।
  381. 21:41आज जो हम प्राचीन मूर्ति कला, मंदिर और
  382. 21:44भवन निर्माण कला देखते हैं, वह सब कुछ
  383. 21:47प्रमुख रूप से उन्हीं समुदायों द्वारा
  384. 21:49सृजित है जो स्वयं को शूद्र बताते हैं।
  385. 21:54प्राचीन भारत में धातु और रसायन विज्ञान
  386. 21:57बहुत विकसित था। यह काम भी पारंपरिक रूप
  387. 22:01से लोहार जैसी जातियां करती थी।
  388. 22:05अधिकांश जातियां ऐसी जो किसी एक व्यापार
  389. 22:09कौशल को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाती थी।
  390. 22:14वे एक प्रकार से भारतीय अर्थव्यवस्था के
  391. 22:17इंजीनियर थे। उन्हीं के दम पर भारत सोने
  392. 22:21की चिड़िया कहलाया।
  393. 22:24क्या जिन जातियों के लोग राजा हो उन्होंने
  394. 22:27सर्वोत्कृष्ट मंदिर, महल और कलाकृतियां
  395. 22:30बनाई हो, उन पर ऐसे अमानवीय अत्याचार हो
  396. 22:34रहे थे? वो भी एक पुस्तक के आदेश पर। कौन
  397. 22:39समझदार व्यक्ति इस बात पर विश्वास करेगा?
  398. 22:44मनुस्मृति के अनुसार पशुपालन और कृषि करने
  399. 22:47वाले, सभी समुदाय वैश्य माने जाने चाहिए।
  400. 22:51उपनिषद भी ऐसा ही मानते हैं। लेकिन आज
  401. 22:55पशुपालन और खेती करने वाली जातियां ही
  402. 22:58स्वयं को शूद्र साबित करने की सबसे अधिक
  403. 23:00होड़ में है।
  404. 23:04जिस मनुस्मृति पर मनुष्यों को जातियों में
  405. 23:07बांटने का आरोप लगाया जाता है। उसी का एक
  406. 23:10श्लोक है जन्मना जायते शूद्र कर्मणा द्विज
  407. 23:14उच्चते।
  408. 23:15अर्थात जन्म से सभी शूद्र होते हैं। कर्म
  409. 23:19से ही वे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और
  410. 23:22शूद्र बनते हैं। हर व्यक्ति को अपने जीवन
  411. 23:26में ब्राह्मण बनने का प्रयास करना चाहिए।
  412. 23:32मनुस्मृति ही एक ही अपराध के लिए
  413. 23:35ब्राह्मणों को शूद्रों से 64 गुना अधिक
  414. 23:38दंड देने का प्रावधान करती है। तो क्या इस
  415. 23:41आधार पर मनुस्मृति को ब्राह्मण विरोधी कहा
  416. 23:45जाना चाहिए?
  417. 23:48दावा किया जाता है कि मनुस्मृति में
  418. 23:50महिलाओं को लेकर बहुत खराब बातें लिखी गई
  419. 23:53हैं। इसके अनुसार स्त्रियों को वेदों का
  420. 23:56अध्ययन नहीं करना चाहिए।
  421. 23:58सच यह है कि अकेले ऋग्वेद में लगभग 25
  422. 24:02विदुषियों द्वारा उच्चारित रचाएं हैं।
  423. 24:06महाभारत में द्रोपदी को हर जगह वेदों की
  424. 24:08ज्ञाता के रूप में बताया गया है। एक भी
  425. 24:11ऐसा उदाहरण नहीं मिलता कि किसी स्त्री को
  426. 24:14वेद अध्ययन से रोका गया हो।
  427. 24:19अंग्रेजों की मनुस्मृति के पांचव अध्याय
  428. 24:21के 148 वें श्लोक में कहा गया है कि
  429. 24:25स्त्री को विवाह से पहले अपने पिता और
  430. 24:28विवाह के पश्चात अपने पति के संरक्षण में
  431. 24:31रहना चाहिए। पति की मृत्यु के बाद उसका
  432. 24:34संरक्षक उसका बेटा होगा।
  433. 24:37आश्चर्य की बात है कि वही मनु महाराज
  434. 24:40दूसरे अध्याय के 145 वें श्लोक में मां के
  435. 24:44रूप में स्त्री को सर्वोच्च शिक्षक कहते
  436. 24:47हैं।
  437. 24:50मनुस्मृति में ही विवाह में स्त्री धन की
  438. 24:52परंपरा डाली। जो कि आज भी हिंदू विवाह का
  439. 24:56हिस्सा है।
  440. 24:58मनुस्मृति में ही महिलाओं को पिता की
  441. 25:00संपत्ति में हिस्सा देने की बात है।
  442. 25:04आधुनिक विश्व ने यह दोनों विचार मनुस्मृति
  443. 25:07से ही सीखे हैं। अब्राहमिक मजहबों में
  444. 25:10महिलाओं को कोई भी आर्थिक अधिकार नहीं है।
  445. 25:16मनुस्मृति कहती है कि परिवार के पुरुषों
  446. 25:18को अपनी कन्या, बहन, पत्नी, भाभी आदि से
  447. 25:23सदा मधुर वचन बोलने चाहिए। उन्हें अच्छे
  448. 25:27भोजन, वस्त्र, आभूषण आदि से प्रसन्न रखना
  449. 25:31चाहिए।
  450. 25:32जिस परिवार में स्त्री दुखी होती है, उसका
  451. 25:35नाश हो जाता है। और जिस परिवार में स्त्री
  452. 25:38प्रसन्न होती है, वह कुल सदा सर्वदा फलता
  453. 25:42फूलता है।
  454. 25:45मनु महाराज ने ही सबसे पहले कन्याओं के
  455. 25:48लिए घर की लक्ष्मी की उपमा दी।
  456. 25:51विवाह में दहेज की लेनदेन को मनुस्मृति
  457. 25:54में आसुरी विवाह कहा गया है। किसी स्त्री
  458. 25:58का अपहरण करने वाले के लिए मनुस्मृति
  459. 26:01मृत्युदंड का प्रावधान करती है।
  460. 26:06दावा किया जाता है कि मनुस्मृति में
  461. 26:08रजस्वला स्त्री अर्थात जिसके पीरियड्स चल
  462. 26:11रहे हो उसे देखना भी पुरुष के लिए वर्जित
  463. 26:14किया गया है। हो सकता है कि कहने का तरीका
  464. 26:18उस समय के समाज के अनुरूप हो। किंतु क्या
  465. 26:22रजस्वला स्त्री को कामकाज से आराम देना
  466. 26:24अच्छी बात नहीं है?
  467. 26:27आज कॉर्पोरेट सेक्टर में पीरियड्स हॉलिडे
  468. 26:30देने की मांग होती है। क्यों ना उसे भी
  469. 26:33महिलाओं का अपमान माना जाए।
  470. 26:37मनुस्मृति के तीसरे अध्याय का 56वा श्लोक
  471. 26:40है। यत्र नार्यस्त पूज्यंते रमंते तत्र
  472. 26:44देवता।
  473. 26:45मनु महाराज यदि महिलाओं के प्रति इतने
  474. 26:48पूर्वाग्रहित थे तो उन्हें देवताओं का
  475. 26:50स्थान क्यों दे दिया?
  476. 26:54भारत में भले ही मनुस्मृति को लेकर भ्रम
  477. 26:57फैलाए गए लेकिन कई विदेशी विद्वान
  478. 26:59मनुस्मृति को मानव सभ्यता की सबसे
  479. 27:02महत्वपूर्ण पुस्तकों में से एक मानते हैं।
  480. 27:06इनमें सबसे प्रमुख है जर्मन दार्शनिक
  481. 27:09फ्रेडरिक नीतशे जो लिखते हैं बाइबल को बंद
  482. 27:13करो और मनुस्मृति को खोलो। इसमें जीवन की
  483. 27:17पुष्टि है। जीवन में एक विजय सुखद अनुभूति
  484. 27:21है।
  485. 27:23मनुस्मृति हर मनुष्य को श्रेष्ठ बनने,
  486. 27:26पूर्णता प्राप्त करने और जीवन जीने की
  487. 27:29उच्चतम कला के लिए
  488. 27:32होना सिखाती है।
  489. 27:36यहां पर बताना आवश्यक है कि फ्रेडरिक नीचे
  490. 27:39ने विलियम जों्स या जॉर्ज बोहलर की
  491. 27:42मनुस्मृति नहीं बल्कि लुई जैकोट नामक
  492. 27:46फ्रांसीसी विद्वान द्वारा अनुवादित पुस्तक
  493. 27:48पढ़ी थी।
  494. 27:52प्रोफेसर पैट्रिक ओलवेल ने लिखा है कि
  495. 27:55मनुसहिता किसी भी प्राचीन मानव सभ्यता के
  496. 27:58सबसे महत्वपूर्ण जीवित ग्रंथों में से एक
  497. 28:01है। यह प्राचीन भारतीय जीवन का आश्चर्यजनक
  498. 28:05चित्र प्रस्तुत करता है।
  499. 28:08इसमें राजा से लेकर एक सामान्य व्यक्ति के
  500. 28:11अधिकारों और कर्तव्यों की चर्चा है। इनमें
  501. 28:15कई नियम है जिनकी आधुनिक विश्व में अभी
  502. 28:18कल्पना ही की जाती है।
  503. 28:23यहां एक और बात मन में आती है कि यदि
  504. 28:26मनुस्मृति इतनी खराब थी तो इतने सारे
  505. 28:29यूरोपीय विद्वान अलग-अलग भाषाओं में उसका
  506. 28:33अनुवाद करने में क्यों जुटे थे?
  507. 28:37मनुस्मृति के आधार पर एक गाली गढ़ी गई।
  508. 28:40मनुवादी
  509. 28:42हम स्वयं को मनुष्य कहते हैं क्योंकि हम
  510. 28:45सभी मनु की ही संताने हैं। इस प्रकार से
  511. 28:49भारतीयों के एक बहुत बड़े वर्ग ने अपने ही
  512. 28:52पूर्वज से पल्ला झाड़ लिया और उन्हें
  513. 28:54गालियां देनी आरंभ कर दी।
  514. 28:59मनुस्मृति हो या भारतीय परंपरा का कोई
  515. 29:02अन्य ग्रंथ। हम कभी भी अब्राहमिक मजहबों
  516. 29:05की तरह किताबी नहीं रहे। वेदों, उपनिषदों,
  517. 29:09पुराणों और महाकाव्यों को ही जोड़ दें तो
  518. 29:12सनातन धर्म की पुस्तकों की संख्या सैकड़ों
  519. 29:15में पहुंच जाती है। यह सभी हजारों वर्ष
  520. 29:18पहले लिखी गई। लेकिन इनमें से एक भी ऐसी
  521. 29:21पुस्तक नहीं है जो धरती को चपटा या सूरज
  522. 29:25को धरती का चक्कर काटने वाला बताती हो।
  523. 29:3110,000 वर्ष पहले लिखी मनुस्मृति में
  524. 29:34सृष्टि की उत्पत्ति और जीव जगत के बारे
  525. 29:36में जो बातें लिखी हैं, वह आधुनिक विज्ञान
  526. 29:39को अब जाकर पता चली है। जो लोग कहते हैं
  527. 29:44कि हमारे जीवन में मनुस्मृति कहां है? वे
  528. 29:47भूल जाते हैं [गला साफ़ करने की आवाज़] कि
  529. 29:49यह जो अपनी बहन हमें बहन दिखती है। दूसरों
  530. 29:52का धन दूसरे का धन दिखता है। वह मनुस्मृति
  531. 29:56का ही प्रभाव है। हम मननशील हैं ना कि
  532. 30:00पशु। यह मनुस्मृति का ही प्रभाव है।
  533. 30:04मनुस्मृति ही हमें अब्रमिक मजहबों से अलग
  534. 30:07बनाती है।
  535. 30:10एक प्रश्न पूछा जाता है कि हम कौन सी
  536. 30:13मनुस्मृति पढ़ें? इसका उत्तर बहुत कठिन
  537. 30:16है। सामान्य रूप से गीता प्रस की पुस्तकें
  538. 30:20प्रामाणिक मानी जाती हैं। लेकिन गीता प्रस
  539. 30:23की जो मनुस्मृति उपलब्ध है, उसमें उसका
  540. 30:25केवल दूसरा अध्याय ही है। इसमें आर्यावर्त
  541. 30:29की सीमाओं, [संगीत]
  542. 30:3116 संस्कारों और विद्या अध्ययन के नियमों
  543. 30:33की चर्चा है।
  544. 30:37गीता प्रेस के अतिरिक्त बहुत सारे
  545. 30:39प्रकाशनों ने मनुस्मृति और उस पर
  546. 30:41विद्वानों की टिप्पणियां छापी हैं।
  547. 30:45लेकिन इन सभी में लगभग वही श्लोक हैं जो
  548. 30:48अंग्रेजों ने छपवाए थे। ऐसा लगता है कि
  549. 30:51सबकी रुचि विवाद का लाभ उठाकर पुस्तक
  550. 30:54बेचने और पैसा बनाने में है। किसी को
  551. 30:58चिंता नहीं कि मनुस्मृति के नाम पर वो जो
  552. 31:00कूड़ा कचरा छाप रहे हैं उससे समाज में
  553. 31:03कैसा विष घुल रहा है। हालांकि कुछ
  554. 31:07प्रकाशकों ने उन श्लोकों को हटाया है जो
  555. 31:10वैदिक मान्यताओं के विपरीत है।
  556. 31:13YouTube पर इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में
  557. 31:15हमने गीता प्रेस की मनुस्मृति के पीडीएफ
  558. 31:17का लिंक दिया है। इसके अतिरिक्त डॉ.
  559. 31:20सुरेंद्र कुमार की विशुद्ध मनुस्मृति के
  560. 31:23पीडीएफ का लिंक भी दिया है।
  561. 31:27मनुस्मृति में मिलावट को हिंदू सभ्यता की
  562. 31:30सबसे बड़ी त्रासदी में से एक माना [संगीत]
  563. 31:32जाए तो गलत नहीं होगा।
  564. 31:35संभवतः सिंध में राजा दाहिर की हत्या।
  565. 31:39तराइन के दूसरे युद्ध में पृथ्वीराज चौहान
  566. 31:42की हार
  567. 31:44और अंग्रेज अफसर एओ ह्यूम द्वारा कांग्रेस
  568. 31:47पार्टी की स्थापना से भी बड़ी त्रासदी।
  569. 31:51हिंदू समाज पर एक ऐसे अपराध का बोध थोप
  570. 31:54दिया गया जो उसने कभी किया ही नहीं।
  571. 31:57[संगीत]
  572. 31:58इसी का परिणाम है कि आज हम आपस में ही
  573. 32:01संघर्षत हैं। जिनके पूर्वजों के बुद्धि,
  574. 32:05बल और कौशल से भारत कभी सोने की चिड़िया
  575. 32:09कहलाता था।

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