Training for Teachers & Parents for Advanced Manual Training, Joining NIDER JSM, Join Shishyakulam — Transcript
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- 0:00एक ऐसा मास्टर पीस बनकर तैयार हुई है
- 0:03एजुकेशन की यह ट्रेनिंग कि आप जितनी बार
- 0:06सुनेंगे उतनी बार आपको एक अलग चीज सीखने
- 0:10को मिलेगी
- 0:12[संगीत]
- 0:17और इसीलिए इसका रिकॉर्ड आपके पास रहना
- 0:19[संगीत] बहुत जरूरी है। तभी मैं आपको
- 0:21नोट्स बनाने की बात कहता हूं। फिर आपने
- 0:24चीजों को कैसे समझा और कैसे लिखा पहली बार
- 0:27यह आपके पास रहेगा और आने वाले वक्त में
- 0:30आप जब [संगीत] सीखते जाएंगे तो उसमें ऐड
- 0:32ऑन होता जाएगा। वो डायरी आपके लिए एक
- 0:34खजाने का काम करेगी। तो उस डायरी या
- 0:37रजिस्टर में आपको जो नोट करना है उसका
- 0:40तरीका मैं आपको बता देता हूं। तीन पेनों
- 0:42की जरूरत पड़ेगी आपको। तीन कलम [संगीत]
- 0:44की। एक नीली, एक काली और एक लाल। जो ब्लू
- 0:48कलर है नीला उस कलम से आपको वो लिखना है
- 0:51जो मैं [संगीत] बोल रहा हूं अक्षर से।
- 0:53क्योंकि कई जगह शायद लेकिन या कोम या
- 0:56ठहराव, कोमा या ठहराव ये सब चीजें आपको
- 0:59पता लगेंगी। तो उसको आप जैसा मैंने बोला
- 1:02है वैसा ही लिखिए। वो रिकॉर्ड आपके पास हो
- 1:04गया। लिखते लिखते अचानक [संगीत] आपको एक
- 1:06ध्यान आया कि हां मेरे जीवन में भी ऐसा
- 1:09हुआ था जो आप अपने वीडियो में बोल रहे हो।
- 1:12तो साथ के साथ काले पेन से अपनी वो घटना
- 1:15भी लिख दीजिए कि इस घटना से मिलती जुलती
- 1:17ये घटना है और मैं यहां पर सहमत हूं। फिर
- 1:20कई बार आप असहमत होते हैं। कंट्राडिक्शन
- 1:22होता है या सवाल उठते हैं दिमाग में
- 1:24तरह-तरह के। उसी वक्त लाल पेन से अपना
- 1:27सवाल लिख लीजिए ताकि सवाल बहुत अलग से
- 1:29लिखे हो और जब हम मैनुअल ट्रेनिंग के लिए
- 1:32आए, तो उस वक्त आप अपने सवाल लेकर के आए।
- 1:34[संगीत] अब यह काम आपको बहुत ही सफाई से
- 1:38करना है ताकि आप अपने [संगीत] उस रिकॉर्ड
- 1:41को अच्छे से रख सकें। हर पेज के ऊपर कुछ
- 1:43चीजें लिखनी है। आप लिखिएगा नेम ऑफ द
- 1:46ट्रेनर तो मेरा नाम लिख दीजिएगा। [संगीत]
- 1:48देवेंद्र बलहारा नेम ऑफ द ट्रेनी वहां
- 1:50अपना नाम लिख दीजिएगा। पेज नंबर हर पेज पर
- 1:53लिखिएगा। अपना मोबाइल नंबर हर पेज पर
- 1:56लिखिएगा और लिख करके उनके साफ से फोटो
- 1:59खींच के उसकी एक पीडीएफ बना करके मुझे
- 2:02आपने भेज देनी है यश बलारा.com
- 2:07जो आपको स्क्रीन पर दिखाई दे रहा है। यह
- 2:09ईमेल आईडी आप नोट कर लीजिए। साथ ही साथ
- 2:11951700
- 2:14पर WhatsApp करके भी बता दीजिए कि आपने
- 2:16ईमेल कर दिया है और उस ईमेल में अपना फोन
- 2:19नंबर मेंशन कर दीजिए। कहां से हैं वह
- 2:21एड्रेस उस ईमेल में मेंशन कर दीजिए और
- 2:24मेरे पास भेज दीजिए। आप मैनुअल ट्रेनिंग
- 2:26के लिए एलिजिबल हो जाएंगे। किसी ने भी
- 2:28अपने शिष्य कुल में अपना बच्चा दाखिल
- 2:31कराना है। अगर निडर जेएसएम की एजुकेशन
- 2:33विंग की टीम से जुड़ना है। अगर वुमेन विंग
- 2:37की जो हुनर वाली टीम है उससे [संगीत]
- 2:39जुड़ना है तो आपको यह नोट्स लिखने ही
- 2:42पड़ेंगे। अगर आप अनपढ़ हैं [संगीत] नहीं
- 2:44लिख सकते हैं तो अपने किसी बच्चे से
- 2:46लिखवाइएगा और लेकिन अपने पास आपके पास वो
- 2:49नोट्स होने चाहिए ताकि कल को जब पढ़वाना
- 2:51हो तो उससे [संगीत] पढ़वा सके। यह एक
- 2:53इंपॉर्टेंट पहलू इसलिए है क्योंकि जब आप
- 2:56इस ट्रेनिंग को कंप्लीट कर रहे होंगे सबसे
- 2:59पहली बात आपको अपना आप समझ में आएगा। फिर
- 3:01आपको अपने सारे रिश्तेदार दोस्त सब समझ
- 3:04में आ जाएंगे और तीसरे नंबर पर जो बदलाव
- 3:07हम चाहते हैं वह कैसे होगा उसकी [संगीत]
- 3:10एक तस्वीर दिमाग में बननी शुरू होगी।
- 3:12इसलिए ट्रेनिंग कंप्लीट कर लीजिएगा
- 3:14[संगीत]
- 3:15ताकि मैनुअल ट्रेनिंग में आपको इनवाइट जा
- 3:17सके। बहुत-बहुत धन्यवाद। जय हिंद जय भारत
- 3:20जय जोहार। ट्रेनिंग आगे है। आप इस
- 3:21ट्रेनिंग को कंप्लीट करिएगा। यह ट्रेनिंग
- 3:24[संगीत] से पहले हमने वीडियो बनाई।
- 3:38[संगीत]
- 3:40आई वुड आल्सो लाइक टू एक्सटेंड माय वेलकम
- 3:43मिस्टर देवेंद्र बल्हारा। गिव अ बिग हैंड
- 3:45फॉर हिम। सो ही इज अ पीएचडी इन फिजिक्स अ
- 3:49रिनाउंड करियर काउंसलर द बेस्ट
- 3:51एजुकेशनिस्ट एंड फादर ऑफ द वंडर किड नेम
- 3:56यशस्वी बल्हारा। सो सर योर प्रेशियस
- 3:59वर्ड्स एंड सॉलशंस विल एनहांस आवर नॉलेज
- 4:04एंड वुड श्योरली हेल्प अस। नाउ आई एम
- 4:07हैंडिंग ओवर द माइक टू यू सर। थैंक यू।
- 4:11सबसे पहले तो
- 4:14मैं आपको बताऊं आपके बिहाफ पर मुझे कुछ
- 4:16प्रॉब्लम्स मिली थी कि जो आप फेस करते हैं
- 4:19डेली रूटीन में क्लासरूम में कुछ पेरेंट्स
- 4:22की प्रॉब्लम्स थी और वो प्रॉब्लम्स मेरे
- 4:25ख्याल से एज अ पेरेंट आप भी फेस करते
- 4:27होंगे। हम इन प्रॉब्लम्स को फाइनल जो सेशन
- 4:30होगा हमारा लास्ट सेशन। आई एम श्योर जब तक
- 4:33हम लोग फाइनल सेशन में पहुंचेंगे तो आपके
- 4:36दिमाग में और आपके जेहन में बहुत सारी और
- 4:39प्रॉब्लम्स भी आ जाएंगी। मतलब मैं अह
- 4:44टाइम-टाइम पर आपके अंदर बहुत सारे
- 4:46क्वेश्चंस रेज करता जाऊंगा। क्योंकि जो हम
- 4:50आज करने जा रहे हैं, जिस मुद्दे पर हम
- 4:52बातचीत करने जा रहे हैं, उसमें जैसे ही
- 4:56मैं कोई बात कहूंगा, तो आपके दिमाग में झट
- 4:58से एक सवाल पैदा होगा। तो वह सवाल सबसे
- 5:01इंपॉर्टेंट है बेसिकली और अगर वह सवाल
- 5:04मेरे उस थॉट प्रोसेस को या फिर मेरे कहने
- 5:08को या मेरे स्टेटमेंट को चैलेंज करता है
- 5:12तो मुझे और अच्छा लगेगा। मतलब एक तरह से
- 5:14आप यह समझ के चलिए कि यू हैव टू डिनाई मी
- 5:18कि नहीं आप सही नहीं कह रहे हो। इसी तरह
- 5:21से या फिर आप उसका कुछ लूप होल निकालने की
- 5:24कोशिश कीजिए। वी विल फाइंड द राइट स्यूशन
- 5:26देन। दूसरा इसके बाद
- 5:30जब हम इस सेशन को कंप्लीट कर चुके होंगे।
- 5:33आज का सेशन नहीं जो फाइनल सेशन होगा। जब
- 5:36मैं आपको बताऊंगा कि अब हमारी ट्रेनिंग
- 5:38कंप्लीशन के वर्ज पे है और अब हम क्वेश्चन
- 5:42आंसर्स सेशन शुरू करेंगे। तो आपकी जो
- 5:45प्रॉब्लम्स होंगी वो भी हम आखिरी के सेशन
- 5:47में करेंगे।
- 5:48रीजन बीइंग कि हम यह फाइंड आउट करने की
- 5:51कोशिश करेंगे कि जिनको हम प्रॉब्लम कह रहे
- 5:54हैं या टीचर्स और पेरेंट्स या सिस्टम या
- 5:57स्कूल जिसको प्रॉब्लम कह रहा है क्या वो
- 5:59वाकई प्रॉब्लम भी है कि नहीं वो हम तब समझ
- 6:02पाएंगे जब हमें पूरा कांसेप्ट क्लियर
- 6:04होगा। पूरा कांसेप्ट क्या है आज जो यह
- 6:09सेशन है इसका मकसद क्या है? इसको आपको
- 6:12समझना बहुत जरूरी है। हमारी सोसाइटी के
- 6:15अंदर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता है समझाने
- 6:19के ऊपर। मतलब चाहे हस्बैंड वाइफ हो,
- 6:23पेरेंट्स हो, टीचर्स हो, आपकी मैनेजमेंट
- 6:27हो, हर कोई समझाने पर लगा रहता है और वो
- 6:30यह चाहता है कि आप उनके हिसाब से सोचो।
- 6:34जैसे वो समझा रहा है, जैसे वो कह रहा है।
- 6:38इवन हम अपनी फ्रेंडशिप में भी और बाकी
- 6:40सारे रिलेशनशिप में हम ये कोशिश करते हैं
- 6:43कि सामने वाला हमारे हिसाब से समझे जैसे
- 6:48हम चाहते हैं। और हमारे यहां ट्रेंड नहीं
- 6:50है। समझने का ट्रेंड नहीं है मतलब अगर मैं
- 6:53कहूं तो। तो एक दूसरे को समझना बहुत लेट
- 6:56शुरू होते हैं। मुझे नहीं लगता कि हमें
- 6:58लिखने की कोई जरूरत पड़ेगी। आप अपने नोट्स
- 7:00रख दीजिए। यह रिकॉर्ड हो रहा है सब कुछ तो
- 7:06जो लिखने की जरूरत पड़ेगी बहुत छोटी सी
- 7:08बात होगी। मैं कुछ भी टेक्निकल बात नहीं
- 7:11करने जा रहा हूं। कुछ जगह पे कुछ टेक्निकल
- 7:14वर्ड्स यूज होंगे सिर्फ और वो सिर्फ
- 7:16शब्दों तक ही हैं। मतलब जैसे मेरा नाम
- 7:20देवेंद्र है और किसी का नाम जैसे डॉक्टर
- 7:22साहब का नाम डॉक्टर इंद्र है तो सिर्फ वो
- 7:24हम दोनों में डिफरेंशिएट करने के लिए वो
- 7:26नाम अलग हैं। इसको नाम पे ही लेना है।
- 7:29इसको बहुत ज्यादा डिस्क्रिप्शन पे नहीं
- 7:31लेना है। सो कुछ टेक्निकल वर्ड्स होंगे वो
- 7:33सिर्फ टेक्निकल वर्ड्स हैं। आपको उस बात
- 7:36का मतलब समझना है बस। और वो मैं कुछ भी
- 7:39ऐसा नहीं कहूंगा कि आपको याद करना पड़े।
- 7:41जब हम इस ट्रेनिंग के एंड तक पहुंचेंगे,
- 7:44आपको अपने आसपास बैठे हुए और रहने वाले हर
- 7:49इंसान के बारे में बहुत सारी चीजें पता
- 7:53लगनी शुरू हो जाएंगी। मतलब कि जब मैं बता
- 7:56रहा हूंगा तो आपके मतलब बुआ का बेटा, मामा
- 8:01का बेटा, अपना खुद का बेटा, भतीजा, अपने
- 8:04हस्बैंड मतलब अपना वाइफ और वो सब दिखने
- 8:08शुरू हो जाएंगे कि यह वाला तो यह बात ये
- 8:10बंदा है। इसका मतलब यह होता है। क्योंकि
- 8:15हम कुछ एक्टिविटीज को जैसे हमने उस दिन आई
- 8:18थिंक डिस्कस किया था। एक छोटा सा
- 8:20एक्टिविटी डिस्कस किया था वो पेन मूव करने
- 8:22वाला। रिमेंबर है ना? तो उस एक्टिविटी को
- 8:26हम सिर्फ एक्टिविटी के तौर पर देखते हैं।
- 8:28हम उस एक्टिविटी का मतलब क्या है? यह नहीं
- 8:30समझ पाते हैं। सो टेक्निकल उस पे ना जाकर
- 8:34के हम लोग एक्चुअल जो ग्राउंड लेवल पर
- 8:36रियलिटी है, हम उसको समझने की कोशिश
- 8:38करेंगे। और आई एम श्योर क्योंकि मेरा अभी
- 8:43तक का रिकॉर्ड यही रहा है कि जिन लोगों ने
- 8:45यह ट्रेनिंग कंप्लीट की है, आफ्टर दी
- 8:48ट्रेनिंग, यू विल बी अ कंप्लीटली डिफरेंट
- 8:50पर्सन। मतलब कंप्लीटली
- 8:53ट्रांसफॉर्म्ड पर्सन होंगे। हां, मेरी
- 8:56बातों को एज इट इज मत मानिएगा। जहां आपके
- 8:59पास कोई रीजन ही नहीं है नहीं मानने का।
- 9:03फिर तो मान लीजिएगा। बट इफ यू हैव सम
- 9:05स्पेस फॉर क्वेश्चन देन रेज योर क्वेश्चन।
- 9:08सो स्कूल
- 9:10क्या करता है? टीचर क्या करता है?
- 9:13स्टूडेंट क्या करता है? क्यों करता है? इन
- 9:16सारे सवालों के जवाब आपके पास होंगे। अब
- 9:18अगर आपके पास एंड ऑफ दी सेशन या एंड ऑफ दी
- 9:22टॉक आपके पास यह क्लेरिटी हो कि भाई यह
- 9:27बच्चे में इस बात की खासियत है। यह कमी
- 9:31है। यह दूर नहीं हो सकती। यह दूर हो सकती
- 9:35है। अगर आपको क्लियरली पता हो। अदरवाइज हम
- 9:38क्या करते हैं? मतलब 10 साल की शादी के
- 9:41बाद हम यह मानना शुरू करते हैं कि जा तेरे
- 9:43को नहीं समझ आएगा। अदरवाइज 10 साल तक
- 9:45समझाते रहते हैं। समझाते रहते हैं कि तेरे
- 9:47को समझ नहीं आता। तेरे को समझ नहीं आता
- 9:49काइंड ऑफ। तो एंड ऑफ दी मतलब बहुत लंबा
- 9:53टाइम गुजारने के बाद हमें यह पता लगता है
- 9:56कि नहीं समझ आएगा इसको। सो जब आपको यह
- 9:59मालूम पड़ जाए कि कुछ चीजें ऐसी हैं जो
- 10:03कभी भी नहीं बदलेंगी। ना आपके स्पाउस में
- 10:06बदलेंगी, ना आपकी क्लास में पढ़ने वाले
- 10:09बच्चे में और ना आप में। तो उनको जोर
- 10:12लगाने की जरूरत क्या है बदलने की? मेरे
- 10:13ख्याल से बहुत सिंपल है कि उनके हिसाब से
- 10:16आपको एनवायरमेंट बदलना पड़ेगा। इफ यू विश
- 10:18जो डिजायर चेंज चाहते हो वो नहीं बदलेगा।
- 10:22हां जो चीजें चेंज की जा सकती हैं, डेवलप
- 10:24की जा सकती हैं वो भी मैं एंड ऑफ द सेशन
- 10:27बता दूंगा। मतलब वो आपको पता चलता जाएगा
- 10:29वैसे भी साथ के साथ और फिर हम उनको कैसे
- 10:32बदलना है, कैसे डेवलप करना है, हम एक-एक
- 10:35चीज के ऊपर लास्ट तक डिस्कस करेंगे। दूसरा
- 10:39मतलब नेक्स्ट पॉइंट ये है कि अ हमें ये
- 10:44चीज कहां मदद करेगी? ये एक बड़ा सवाल है।
- 10:47कहां मदद करेगी का मतलब कि जो ट्रेनिंग
- 10:50आपकी खत्म होगी यानी जिस ट्रेनिंग को हम
- 10:53एंड करेंगे वो ट्रेनिंग आपकी जिंदगी में
- 10:56आने वाले हर शख्स के लिए जरूरी होगी। मतलब
- 11:00उसको हेल्पफुल होगी। कहने का मतलब कैसी
- 11:02हेल्पफुल होगी? कि जिसके बच्चे अभी तक
- 11:06पैदा भी नहीं हुए हैं उनको आप पैरेंटिंग
- 11:10में हेल्प कर पाओगे कि तुम्हारे घर में एक
- 11:12बच्चा जन्म लेने वाला है और बच्चे को हम
- 11:16एक अलग कांसेप्ट से देखते हैं आज तक और अब
- 11:19एक नया कांसेप्ट
- 11:21कांसेप्ट नया नहीं है। जस्ट वही कांसेप्ट
- 11:24है। तरफ हमने उसको थोड़ा सा बड़ी
- 11:27ऑब्जरवेशन के साथ और एक ब्रॉड व्यू में
- 11:29देखने की कोशिश की तो हमें उसका एक दूसरा
- 11:32पहलू नजर आया व्हिच इज बेटर देन द
- 11:35एकिस्टिंग वन। तो आप उनको मदद कर पाएंगे।
- 11:39लेटर ऑन जो बच्चे अभी स्कूल में नए-नए
- 11:41एंटर किए हैं तो उनके पेरेंट्स को आप यह
- 11:44समझा पाएंगे कि अगर आपका बच्चा इस तरह
- 11:47बिहेव करता है तो उसका यह मतलब है। उसके
- 11:50बाद क्लासरूम कंडीशंस में आपका कोई बच्चा
- 11:54समझ ही नहीं रहा है। समझने को ही तैयार
- 11:57नहीं है। तो उसका क्या रीजन है? उसको वो
- 12:01सीख नहीं पा रहा। उसका क्या रीजन है? उनके
- 12:05हर सवाल का जवाब आपको एंड तक मिल जाएगा।
- 12:08उसके बाद जब बच्चे ने करियर सिलेक्शन करना
- 12:11होगा तो आप उसको किस बेसिस पर सजेस्ट
- 12:14करेंगे क्योंकि आज आप किस बेसिस पर सजेस्ट
- 12:17करते हैं कि जहां आपको अच्छा लगता है या
- 12:20तो या आपको जहां स्कोप नजर आते हैं आप वही
- 12:25तो सजेस्ट करते हो। इसके बाद ट्रेनिंग के
- 12:28बाद आपका क्राइटेरिया बदल जाएगा सजेस्ट
- 12:31करने का भी। तब आप सजेशन देंगे उनको उनके
- 12:35हिसाब। उसके बाद यह आपको ट्रेनिंग मदद
- 12:38करेगी उन आदमियों को हेल्प करने में व्हिच
- 12:40आर गोइंग टू बी मैरिड। कल को उनकी शादी
- 12:43होने वाली है तो उनका स्पाउस किस-किस तरह
- 12:47का हो सकता है यह अगर आपको पहले ही मालूम
- 12:50हो यानी प्रीमैरिटल काउंसलिंग में आप मदद
- 12:53करेंगे उनकी। शादी के बाद इश्यूज आ रहे
- 12:56हैं। उन इशूज़ को अच्छे से समझने में यह
- 12:59चीज आपकी मदद करेगा। मतलब उसके बाद कोई एक
- 13:03बंदा है जो रिटायरमेंट के नजदीक बैठा है।
- 13:06एंड ही सेस कि जैसे मेरे पास बहुत से लोग
- 13:09आते हैं। वो कहते हैं कि डॉक्टर साहब 50
- 13:12साल हमने जिंदगी के गुजार दिए और
- 13:15पता नहीं मतलब पैसा भी है और दौलत, ताकत
- 13:19सब कुछ है बट कुछ मिसिंग है। नॉट फीलिंग
- 13:23दैट वे मतलब हैप्पी नहीं हूं मतलब अपनी
- 13:25जिंदगी से। तो वेयर इज दैट अल्टीमेट
- 13:28हैप्पीनेस हिडन ओवर देयर? बेसिकली एट द
- 13:30एंड ऑफ द ट्रेनिंग यू ऑल विल बी एबल टू
- 13:35रिकॉग्नाइज
- 13:37एग्जैक्ट अल्टीमेट हैप्पीनेस किसी पर्सन
- 13:39की क्या है? क्लियर? बस इसमें एक चीज होगी
- 13:41कि आप अपनी नहीं बता पाएंगे। स्ट्रेनिंग
- 13:43के बाद ना आप खुद की नहीं ढूंढ पाएंगे।
- 13:46रीजन बीइंग कि हम अपने आप को कभी भी रैशन
- 13:49एनालिसिस नहीं करते हैं। हमारे यहां पर
- 13:51बहुत क्लियरली साफ-साफ बताने का और खुद से
- 13:55भी पूछकर खुद से भी जवाब देने का ट्रेंड
- 13:57नहीं है। तो दैट्स व्हाई हो सकता है कि आप
- 14:00खुद के बारे में जजमेंट थोड़ा गलत कर लें।
- 14:03सो जब भी आप बात करेंगे आप किसी और के
- 14:06रेफरेंस में करेंगे। खुद को ध्यान में रख
- 14:08के नहीं बात करेंगे। समझ रहे हैं आप? कई
- 14:10बार ऐसा होता है कि मैं कुछ कहने जा रहा
- 14:12हूं। आप उसको खुद के ऊपर इंप्लीमेंट करने
- 14:15लगेंगे और कहेंगे कि सर नहीं ऐसा नहीं
- 14:17होता है। आप खुद के लिए करने के लिए आपको
- 14:19कम से कम 50 लोगों को काउंसिल करना
- 14:21पड़ेगा। देन आपको समझ आएगा कि मैं वो
- 14:24क्यों करता हूं या मेरा बिहेवियर वो क्यों
- 14:26है या मैंने उसको किस एंगल से एनालाइज
- 14:28किया। एक्चुअली वो किस एंगल से एनालिसिस
- 14:30होना चाहिए था। जैसे हमें अपना चेहरा
- 14:32देखने के लिए या तो सामने किसी को खड़ा
- 14:35करना पड़ेगा अपने बारे में बताने के लिए
- 14:37या फिर आईना रखना पड़ेगा। इट्स लाइक दैट।
- 14:40आप खुद अपना चेहरा नहीं देख सकते ना। तो
- 14:43इसी तरह से। सो ना ही आपने
- 14:46बहुत सीरियस लेना है इस टॉक को। इट्स बहुत
- 14:50ही एक तरह से कैजुअल टॉक है यह। बिकॉज़
- 14:55कहने को यह टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम है।
- 14:57बट एक्चुअली यह ह्यूमन ट्रेनिंग प्रोग्राम
- 15:00है। आपको इंसान समझना आ गया। इससे बेहतर
- 15:03आप कुछ नहीं। एंड देन आई वुड एक्सपेक्ट कि
- 15:08उसके बाद से जब हम आखिर तक पहुंचेंगे तो
- 15:12आप तक उम्मीद होगी कि मेरा एक्चुअल मकसद
- 15:16समझ में आया आपको कि मैं किस मिशन पर
- 15:19निकला हुआ हूं और आप इस पॉइंट पर
- 15:22जान पाएं कि आपका रोल अब सोसाइटी में क्या
- 15:26होगा। एज ए टीचर तो आप अपना रोल अदा कर ही
- 15:29रहे हैं। टीचर के बियों्ड मतलब जो रियल
- 15:32में टीचर का जो काम है वह आपको आखिर तक
- 15:35शायद समझ में आए और आए तो उसके बाद आई होप
- 15:38कि वी विल मूव फॉरवर्ड। सो एक भी पर्सन
- 15:41ऐसा नहीं होगा सोसाइटी का जिसको आप अफेक्ट
- 15:44नहीं करेंगे इस ट्रेनिंग के बाद। सो इट्स
- 15:47गोइंग टू बी अ रियली अ लाइफ चेंजिंग
- 15:49पार्ट। हम लोग शुरुआत करते हैं इस बात को
- 15:52समझने में कि इंसान सोचता कैसे है? जितने
- 15:56भी एक्जिस्टिंग लोग हैं या जितने भी जब भी
- 16:00कोई आदमी रिसर्च करता है तो वह रिसर्च
- 16:03करता है बहुत से लोगों पर एक सैंपल लेता
- 16:05है वो। मेरा सैंपल अभी तक के रिसर्च किए
- 16:08गए सभी लोगों से सबसे ज्यादा बड़ा सैंपल
- 16:11है। आमतौर पर एक पीएचडी स्कॉलर जो होता है
- 16:14वो मेरे ख्याल से 200 300 का ही सैंपल
- 16:17लेता है। मैक्सिमम 500 का सैंपल लेता है।
- 16:20मेरा सैंपल जब शुरू किया था इट वाज ऑफ
- 16:2310,000 पीपल। मतलब 500 का सैंपल नहीं लिया
- 16:26था। 10,000 के सैंपल से मैंने शुरू किया
- 16:28था। उस सैंपल के बाद हमने एक पैटर्न
- 16:31बनाया। कुछ चीजें ऑलरेडी एकिस्टिंग थी। इट
- 16:35वाज नॉट आई वुड नॉट से कि यह प्योरली मेरी
- 16:38रिसर्च है क्योंकि रिसर्च कभी किसी की
- 16:41प्योर नहीं होती है। रिसर्च का क्या
- 16:44ट्रेंड होता है कि आज अभी तक मैंने जो
- 16:48फाइंड किया मैं उसको डॉक्यूमेंटेड कर
- 16:51दूंगा। अब जो अगला बंदा आएगा वो मुझे
- 16:55पढ़ेगा और वहां से शुरू करेगा। यही रिसर्च
- 16:59का ट्रेंड होता है कि जहां तक मुझे समझ
- 17:01में आया मैंने वह बता दिया। अब उससे आगे
- 17:06आपको समझ में आए तो आप उसके ऊपर काम
- 17:09कीजिए। तो हर रिसर्च का यही ट्रेंड रहता
- 17:11है। तो जहां तक ऑलरेडी रिसर्च हो रखी थी
- 17:14उससे कुछ आगे रिसर्च हमने कर रखी थी। आगे
- 17:18रिसर्च में सबसे मेन बेसिक जो हमारा फंडा
- 17:21था वो था प्रैक्टिकल नॉलेज का। सो
- 17:24प्रैक्टिकली मैंने बहुत काम किया हुआ था।
- 17:27दैट्स व्हाई आई ऑलवेज से कि आई एम द
- 17:30फर्स्ट एंड द ओनली पर्सन जो इस फंडे पर
- 17:33ग्राउंड लेवल पर काम कर चुका है। ग्राउंड
- 17:36लेवल पर कैसे काम कर चुका है यह आपको
- 17:38समझना पड़ेगा कि जैसे मैं हमारे यहां क्या
- 17:43है सोसाइटी के अंदर या हमारे टीचर ट्रेन
- 17:45मतलब टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम में आपको
- 17:47क्या मिलेगा कि जो साइकोलॉजिस्ट है जो
- 17:51आपको साइकोलॉजी समझाने आया है उसने कभी
- 17:55क्लास में पढ़ाया नहीं कि डजंट नो कि
- 17:57क्लासरूम कंडीशन में क्या-क्या प्रॉब्लम्स
- 18:00होती हैं। वो मतलब ऐसे ही कुछ थ्योरिटिकल
- 18:03और टेक्निकल और कुछ आइडियलिस्टिक बातें कह
- 18:06जाएगा और वो हमारे ग्राउंड लेवल पर
- 18:10इंप्लीमेंट आपको लगेगी ही नहीं कि यार ये
- 18:12प्रैक्टिकल नहीं है। बट ठीक है समझने के
- 18:14लिए ठीक है। याद करने के लिए ठीक है। पेपर
- 18:16देने के लिए ठीक है।
- 18:18क्लासरूम कंडीशंस में हम कहीं ना कहीं
- 18:22अपने आप को मैं मतलब
- 18:25मजबूर पाते हैं कि हम उनको इंप्लीमेंट
- 18:27नहीं कर पा रहे। फिर वो जो साइकोलॉजिस्ट
- 18:29है उसकी बहुत बड़ी प्रॉब्लम है। वो
- 18:32प्रॉब्लम क्यों है? क्योंकि मेरे पास
- 18:35बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटीज के हेड ऑफ दी
- 18:37साइकोलॉजी डिपार्टमेंट अपने बच्चों की
- 18:39प्रॉब्लम्स ले आते हैं। दैट्स व्हाई आई नो
- 18:42कि जब वो उस बेसिक से फंडे को नहीं समझ पा
- 18:45रहे तो हाउ वुड दे काउंसिल? फिर मैंने
- 18:48देखा मैंने पूछा भी उनसे और बातचीत की
- 18:50थोड़ी डेप्थ में जाने की कोशिश की कि जैसे
- 18:53कोई आता है। मैं देखता हूं मैं पूछता हूं
- 18:55मैडम आप तो हेड ऑफ दी साइकोलॉजी
- 18:58डिपार्टमेंट हैं। तो आप लोगों को काउंसिल
- 19:01कैसे करते हैं? तो उनका जो फंडा है
- 19:03मैक्सिमम लोगों तक वो क्या होता है कि वो
- 19:07कहते हैं कि सर एक्चुअली ना हर आदमी भरा
- 19:09हुआ पड़ा है। उसको ये फील होता है कि उसकी
- 19:12कोई सुनने वाला ही नहीं है। तो हम तो ना
- 19:14एक पंचिंग बैग की तरह काम करते हैं कि
- 19:16सामने वाला आए और अपना वो उगल जाए। वो
- 19:18इतने में ही शांति फील कर लेता है। वो
- 19:20कहता है कि हां फर्क है। जैसे साइकोलॉजिकल
- 19:22इंपैक्ट दवाई का होता है ना मेरी दादी थी
- 19:24ना उसको पेट उसको दर्द कुछ भी हो जाए कहीं
- 19:26पे दर्द हो जाए वो एक ही टेबलेट लेती थी।
- 19:28वो हरे वाली ला दे। ठीक है? तो वो हरे
- 19:29वाली से आराम हो जाता था उसको। वह काइंड
- 19:32ऑफ़ वह जो साइकोलॉजिस्ट हैं, वह एज अ हरे
- 19:34वाली टेबलेट काम कर रहे हैं बस। क्योंकि
- 19:36वह उस पॉइंट पे जा ही नहीं रहे। अगर जा
- 19:39रहे होते, तो आप सोचिए 20 साल पहले और आज
- 19:43के एजुकेशन में कितना सुधार हो गया होता।
- 19:45मतलब मैं किसी यूनिवर्सिटी में अगर जाता
- 19:47हूं। मैं हेड ऑफ द डिपार्टमेंट से पूछता
- 19:50हूं किसी से भी, मैं उनसे यह पूछता हूं कि
- 19:52सर, यू आर द सीनियर मोस्ट पर्सन ओवर हियर।
- 19:55मुझे सिर्फ यह बताइए एजुकेशन मतलब जो
- 19:57बीएड, एमएड और जेबीटी कराते हैं उनसे कि
- 20:00आप यहां 20 साल से टीचर्स तैयार कर रहे
- 20:03हैं। भाई बीएड अगर आप करवा रहे हो तो यू
- 20:05आर एक तरह से जनरेट कर रहे हो। टीचर्स बना
- 20:08रहे हो। तो हम उनसे पूछते हैं कि आपने
- 20:10अपने करियर में ऐसे कितने टीचर तैयार किए
- 20:15जो सोसाइटी में एजुकेशन के ट्रांसफॉर्मेशन
- 20:17के लिए काम कर रहे हैं या जिन्होंने
- 20:20एजुकेशन के लिए पॉजिटिव वे में काम करना
- 20:23शुरू किया। और अगर मैं उनसे नाम पूछूं, तो
- 20:25यू विल बी सरप्राइज़्ड टू नो कि उनके पास
- 20:28एक नाम नहीं है पूरी की पूरी जिंदगी में।
- 20:30आप अपनी जिंदगी में देख लीजिए। आपके बीएड
- 20:33के जो स्टूडेंट्स थे आपके साथ जो एमए के
- 20:36थे या जो स्कूल में थे। कितने लोग हैं जो
- 20:39एजुकेशन की उस लेवल पर काम कर रहे हैं कि
- 20:41रियल में एजुकेशन कैसी होनी चाहिए? एवरीवन
- 20:45हु इज गोइंग थ्रू दी कोर्सेज। वह सिर्फ
- 20:48नौकरी ले रहा है या तो सैलरी पर्सन बनकर
- 20:52रह गया है और रियल में टीचर वाला काम वह
- 20:55भूल गया क्योंकि मेरा बहुत स्ट्रांग बिलीफ
- 21:00है कि टीचर जो है ना वो सबसे बगावती कौम
- 21:05होनी चाहिए जिसके सेंटर में सिर्फ एक ही
- 21:08शख्स होना चाहिए और वो है बच्चा। जो चीज
- 21:11बच्चे का नुकसान करती है जो चीज बच्चे को
- 21:14खराब करती है यह समझ लीजिए कि आप अपनी
- 21:17औलादों को खराब कर रहे हो क्योंकि अगर
- 21:19आपके स्कूल का एक बच्चा खराब हो रहा है और
- 21:22वह आपका नहीं है तो ध्यान रखिएगा जिस दिन
- 21:26उसके हाथ में बंदूक होगी जिस दिन उसके हाथ
- 21:29में नशे का इंजेक्शन होगा वह दिन दूर नहीं
- 21:31है कि वह बंदूक की गोली आपके बच्चे को
- 21:33लगेगी और वह इंजेक्शन एक दिन आपका बच्चा
- 21:35भी लेना शुरू करेगा यह गारंटी है। इसीलिए
- 21:38सोसाइटी के किसी एक भी बच्चे को आप छोड़
- 21:40नहीं सकते। अनअटेंडेड अनएडस्ड और ऐसे
- 21:45लाइटल नहीं ले सकते। तो आपका यह दायित्व
- 21:48बनता है चाहे वो आपके स्कूल का बच्चा हो,
- 21:50चाहे वो आपके पड़ोस का बच्चा हो। सोसाइटी
- 21:53से बिलोंग यहां आपकी नजदीक की करता हो या
- 21:56दूर की करता हो। उस बच्चे की पॉजिटिविटी
- 22:00के लिए आपको लड़ना बनता है। अगर आप नहीं
- 22:03लड़ेंगे तो आपके बच्चे के लिए कोई नहीं
- 22:06लड़ेगा। यह ध्यान रखिएगा। इसलिए सबसे
- 22:09बगावती कौम टीचर को मैं मानता हूं।
- 22:12क्योंकि सबसे समझदार हमें ही तो मानते हैं
- 22:14लोग। आप पेरेंट्स के पास जाएंगे ना
- 22:16पेरेंट्स जब आपके पास आएंगे वो इतना अंधा
- 22:19विश्वास करते होते थे। पहले करते थे अब
- 22:22नहीं करते हैं। पहले वो इतना विश्वास करते
- 22:24थे कि जी आपको सौंप दिया। अब आप इसका जो
- 22:27मर्जी करो। हमने धीरे-धीरे वो विश्वास भी
- 22:29खोया। और हमने धीरे-धीरे अपने अंदर की उस
- 22:33आत्मसम्मान को भी खो दिया। आई थिंक मतलब
- 22:36मैं महसूस करता हूं इस चीज को कि हमने वो
- 22:38चीजें खोई हैं और इट्स टाइम टू रिगेन ऑल
- 22:42दोज़ थिंग्स और यह सिर्फ और सिर्फ तभी
- 22:45पॉसिबल है जब आप किसी भी बच्चे को ना
- 22:48छोड़ें। जब आप बच्चे के लिए आवाज उठाएं।
- 22:52जहां आपको यह होता नजर आए कि इस बच्चे के
- 22:54लिए गलत हो रहा है। चाहे स्कूल से लड़ना
- 22:57पड़े, चाहे पेरेंट्स से लड़ना पड़े। आपको
- 23:00आगे आकर लड़ना पड़ेगा। अगर नहीं लड़ेंगे
- 23:03तो इट्स फॉर श्योर कि आप अपने ही बच्चे का
- 23:06नुकसान कर रहे हो। क्योंकि आज जो सबसे
- 23:08बड़ी कमी हम सोसाइटी में देखते हैं वो है
- 23:11कनेक्शन की कमी। हम कनेक्टेड नहीं हैं।
- 23:14कहीं भी कनेक्टेड नहीं है। हम अपनी क्लास
- 23:18में बच्चों से बिल्कुल कनेक्टेड नहीं है।
- 23:20हम अपनी क्लास में मतलब हम अपनी सोसाइटी
- 23:23में अपने पड़ोस से कनेक्टेड नहीं है। मतलब
- 23:26मैं देखता हूं शहरों के अंदर कि भैया हमें
- 23:30अह रामचंद्र जी के घर जाना है। कि कौन
- 23:33रामचंद्र? हम तो किसी रामचंद्र को नहीं
- 23:35जानते। वह जो फूड डिपार्टमेंट में काम
- 23:38करते हैं। अच्छा वो शर्मा जी वो 1470 वाले
- 23:42ऐसे करते हैं हम। मतलब वी नो दी पर्संस
- 23:45विद द नंबर वो फर्स्ट फ्लोर वाले सेकंड
- 23:47फ्लोर वाले। तो हम कहीं ना कहीं वो
- 23:49कनेक्शन मिसिंग है बहुत ज्यादा और मुझे
- 23:52लगता है कि इट्स टाइम टू रिकनेक्ट।
- 23:56क्योंकि इतने सालों की इस ट्रांसफॉर्मेशन
- 23:58में इस ट्रांजिशन में मुझे नहीं लगता इससे
- 24:01फायदा हुआ सोसाइटी का। अगर आपको लगता है
- 24:04तो यू कैन कैरी फॉरवर्ड बट मुझे नहीं लगता
- 24:06दैट्स वाई मैंने सोचा कि एक वक्त आ गया है
- 24:09जब हम रुकें इसके पर बातचीत करें और इसका
- 24:13सलूशन फाइंड आउट करने की कोशिश करें और तो
- 24:15कनेक्शन इज वेरी इंपॉर्टेंट और कनेक्शन
- 24:18कैसे होगा? इसीलिए मैंने कहा था कि हम कोई
- 24:20भी टेक्निकल भाषा का इस्तेमाल नहीं
- 24:22करेंगे।
- 24:23आप कनेक्शन कैसे महसूस होगा? आपने जिंदगी
- 24:26में अह किसके साथ कनेक्शन महसूस किया?
- 24:29अच्छा कनेक्शन जिससे बात की और एनीवन एल्स
- 24:33जिनसे शेयर कर सकते हैं जो क्लोज हैं
- 24:37गाइडेंस अच्छी मिलती है व्यूज मैच हो जाते
- 24:39हैं जो पेशेंटली सुनते ट्रस्ट करता है
- 24:42प्यार करता है और नॉन जजमेंटल होता है
- 24:45एग्जैक्टली देखिए बाप ने बहुत क्लियरली
- 24:48इसका सशन दे दिया जो बात करता है ट्रस्ट
- 24:52करता है प्यार से बोलता है नॉन जजमेंटल
- 24:55होता है एवरी लाइन इज अ सॉल्यूशन इसका
- 24:57मतलब क्या है कि कि जो इंसान आपको कुछ कह
- 25:01रहा है आप उसके बारे में जजमेंट पास मत
- 25:04कीजिए। वो आदमी उस आपसे एकदम कनेक्ट हो
- 25:07जाएगा। उसको समझाने की कोशिश मत कीजिए।
- 25:11समझने की कोशिश कीजिए। वो एकदम कनेक्ट हो
- 25:13जाएगा। आप क्लास रूम में जाकर अगर आप यह
- 25:16बोल देंगे कि बच्चों आज जो है आज हम एक नई
- 25:20तरह की क्लास शुरू करेंगे। आप अपनी क्लास
- 25:23में वायद से वायद चीज बोल सकते हो। आप
- 25:25मेरे बारे में मुझे गाली दे सकते हो। आप
- 25:29मुझे कुछ भी कह सकते हो। यू विल सी मतलब
- 25:32मैंने देखा ऐसा
- 25:34मैं जब क्योंकि मेरा मैं जो बात कह रहा था
- 25:38कि साइकोलॉजिस्ट जो है वो एज अ पेरेंट
- 25:41अपनी पूरी ड्यूटी नहीं कर पा रहा तो उसे
- 25:44पैरेंटिंग की प्रॉब्लम्स नहीं पता क्योंकि
- 25:46वो नौकरी कर रहा है। एज अ टीचर वो नहीं है
- 25:49क्लास रूम में बैठा हुआ और टीचर को
- 25:51साइकोलॉजी का इतना नॉलेज नहीं है। तो टीचर
- 25:54जो क्लास में बच्चों को ब्लेम कर रहा है
- 25:56वह अपने घर में अपने बच्चों से वह वही
- 25:58प्रॉब्लम्स फेस कर रहा है। सेम प्रॉब्लम्स
- 26:01सो ही डजंट हैव एनी सॉल्यूशन। टीचर के पास
- 26:05भी सशंस नहीं है क्योंकि वो प्रॉब्लम्स
- 26:06उसको घर में भी आ रही हैं। एंड इट्स
- 26:08हैपनिंग विद मोर देन 95%
- 26:11टीचर्स। सो इसका मतलब है टीचर को भी समझ
- 26:14में नहीं आ रहा कुछ भी। तो टीचर को भी समझ
- 26:17नहीं आ रहा। साइकोलॉजिस्ट को भी नहीं आ
- 26:19रहा। फिर आप पेरेंट्स से कहां उम्मीद करते
- 26:21हो कि उसको कुछ समझ में आता होगा।
- 26:22पेरेंट्स से तो आप उम्मीद करते ही नहीं।
- 26:24और फिर बच्चा वो एक वह ऐसी जगह खड़ा है।
- 26:29आमतौर पे देखो छोटा बच्चा है। वो अपने आप
- 26:33को राजा समझता है। वो अपने पापा की दाढ़ी
- 26:35जब मर्जी पकड़ के खींच सकता है। मां के
- 26:38बाल नोच सकता है। इस तरह से आप देखेंगे कि
- 26:42वो फीलिंग है उसकी कि अपन की चलती है यहां
- 26:45पर। नहीं मैं ये करूंगा। मैं ये नहीं
- 26:47खाऊंगा। मैं ये काइंड ऑफ दिस थिंग। मतलब
- 26:50वह अपनी चलाना चाह रहा है। थोड़ा बड़ा
- 26:52होता है तो वह एडोलेसेंट पीरियड के जो
- 26:54चेंजेस आते हैं फिजिकल उस वक्त वो वैसे
- 26:56राजा वाली फीलिंग में होता है। मतलब कोई
- 26:58कैसे समझा दे उसको उससे समझदार कोई नहीं
- 27:01होता है। तो इस तरह से उससे बड़ा होने के
- 27:04बाद तो फिर वो अपने आप को समझदार ही मानने
- 27:06लग जाता है। सो वो किसी भी स्टेप में आपसे
- 27:09कम समझदार नहीं है वो। चाहे वो 2 साल का
- 27:12भी है। वो आपसे ज्यादा समझदार है। वो आपको
- 27:14मना लेता है अपने अकॉर्डिंगली। तो बच्चे
- 27:17को हम अंडरएस्टिमेट करने की बहुत बड़ी
- 27:19गलती कर जाते हैं। दूसरा हम उसे अपने
- 27:21तरीके से मोल्ड करने की कोशिश करते रहते
- 27:24हैं। लेकिन बच्चा एक बच्चा हो या इंसान हो
- 27:28कोई भी जब भी आप किसी से बात करेंगे तो
- 27:31पहले झटके में आपकी जो पहले दौर की बातचीत
- 27:34होगी। उसमें आप एक दूसरे के बारे में
- 27:37अंदाजा लगाएंगे कि इसका मानसिक स्तर कैसा
- 27:40है? यह मेंटल लेवल में इसकी समझ कैसी है?
- 27:44इसका पॉलिटिकल बैकग्राउंड कैसा है?
- 27:46एजुकेशन में यह मुझसे बेटर है कि मुझसे
- 27:49कमजोर है और इस तरह से हम अपनी लिमिट तय
- 27:52कर लेते हैं। यह बंदा मतलब आप सेम तरह
- 27:55बातचीत हर किसी से नहीं करते हो। क्लास
- 27:56में देखते हो कि एक बच्चा जो अपनी मानता
- 27:58है उसको धमका भी देते हो और जो आंख दिखाता
- 28:00है उसको करके अपना काम। हम उससे बचते हैं।
- 28:03अवॉइड कर लेते हैं। मतलब हम भी और बच्चा
- 28:06भी। इवन छोटा बच्चा भी। वह भी अपनी लिमिट
- 28:09टेस्ट करता है। जब रो रहा होता है तो वह
- 28:12देखता है। कि जब मम्मी के सामने रोता हूं
- 28:16तो मम्मी मेरी यहां तक मान लेती है। बट
- 28:19पापा मेरी नहीं मानते तो पापा के सामने
- 28:21थोड़ा कम रोता है। जब यह देखता है कि दादी
- 28:24पर वाले कमरे में है और वह मेरे रोते ही
- 28:26भागी आती है कि क्यों रुला रहा है तो वो
- 28:28ज्यादा जोर से रोता है। सेम बच्चा अपनी
- 28:31लिमिट टेस्ट कर चुका है आपके साथ और वो
- 28:35कंटीन्यूअस टेस्टिंग में है। सोसाइटी के
- 28:38साथ वो कंटीन्यूअस टेस्टिंग में है। वो
- 28:41देखता है। वह समझने की कोशिश करता है कि
- 28:44मुझे कौन समझ रहा है और जो उसको समझ रहा
- 28:48है आप 100% इस बात पर भरोसा कर सकते हो
- 28:51मेरी कि जिसको आप समझ रहे हैं वही आपको
- 28:55समझेगा क्योंकि बातचीत के अलावा एक इंटरनल
- 29:00मैसेज भी होता है जो दिल से दिल तक जाता
- 29:02है जो दिमाग से दिमाग तक जाता है कि आप जो
- 29:06बोल रहे हैं उसके बैक ऑफ द माइंड आपका
- 29:09दिमाग क्या कहता है यह बहुत इंपॉर्टेंट
- 29:12जो मैं बोल रहा हूं आपको समझ में आ जाएगा
- 29:15कि मेरा पर्पज क्या है। बिना बताए समझ में
- 29:18आ जाएगा कि पर्पज क्या है। वो मैसेज
- 29:20डिलीवर हो जाएगा। आप एक्सप्लेन कर पाओ या
- 29:23ना कर पाओ वो हो जाएगा। समझ गए? तो बच्चा
- 29:26अपनी लिमिट टेस्ट करता है। मैं जब पढ़ाया
- 29:28करता था वो मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि
- 29:31मैंने एज अ पेरेंट अपने आप को प्रूव किया।
- 29:34मेरा बेटा वंडर किड वाली पोजीशन पर पहुंच
- 29:36गया। एज अ टीचर मैंने अपने आप को प्रूव
- 29:39किया। मेरी क्लास के हर बच्चे ने स्कोर
- 29:41किया बहुत हाई वो आपको पता ही है मतलब
- 29:43लाइक पता है आपको उस दिन हमने शायद बातचीत
- 29:47की थी तो एज अ काउंसलर मैंने अपने आप को
- 29:51प्रूव किया अभी तक मैं लगभग 18000 ब्रेन
- 29:54स्टडी कर चुका हूं और 18000 दिमाग मैंने
- 29:57जो स्टडी किए हैं अह यू विल बी सरप्राइज्ड
- 30:00एंड हैप्पी टू नो कि मेरी आज तक किसी भी
- 30:03बच्चे के बारे में या किसी भी इंसान के
- 30:05बारे में कही हुई एक सिंगल लाइन भी गलत
- 30:08नहीं गई। सो यू कैन ट्रस्ट मी। और फिर
- 30:12उसके बाद मैंने आपको ऑप्शन भी दिया है कि
- 30:14नहीं ट्रस्ट करो तो सीधा अटैक करो। कोई
- 30:16टेंशन नहीं है। मैं पहला ऐसा टीचर मैंने
- 30:19देखा अपनी जिंदगी में जो क्लासरूम में
- 30:21घुसते ही अपने बच्चों को यह बोलता होता
- 30:23हूं हमेशा जब मैं पढ़ाता था। मैंने 2015
- 30:26के बाद पढ़ाना बंद कर दिया था। तो मैं
- 30:29बच्चों को हमेशा यह बोलता था कि आज से तुम
- 30:32एक नए टीचर से मिले हो। अब तुम मेरी क्लास
- 30:36में आ गए हो। अब तुम्हें मेरी क्लास में
- 30:39फुल बकवास करने की अथॉरिटी है। अब जब उनको
- 30:42यह पता लगता है कि बकवास करने की अथॉरिटी
- 30:44है और वह कुछ भी वाहियात भी बोल सकते हैं।
- 30:48तुम मुझे ब्लेम भी कर सकते हो। मेरे ऊपर
- 30:50शब्दों से अटैक भी कर सकते हो। फिजिकल मत
- 30:52मारना। तो बच्चे क्या करते हैं? धीरे-धीरे
- 30:57अपनी लिमिट टेस्ट करते हैं। आप तो मानते
- 31:01ही नहीं हो। आप तो कहते ही नहीं हो। आप यह
- 31:04नहीं करते हो। को कई बार मेरे जूतों पे कह
- 31:06दिया कि यार आपके तो तीन दिन हो गए आपने
- 31:09जूते ही पॉलिश नहीं करे। मतलब देख वो
- 31:12ट्राई करते हैं कि देखता है हमारा टीचर
- 31:15कौन सी बात से ऑफेंड होता है। कौन सी बात
- 31:18से परेशान होता है। एंड जब वो देखते हैं
- 31:20कि यह परेशान नहीं हो रहा बंदा। देन दे
- 31:24ट्राई समथिंग एल्स। जैसे मैं आपको बताऊं,
- 31:26मेरे पास आमतौर पे जो आठवीं से बड़ा बच्चा
- 31:30मेरे पास पढ़ने के लिए आएगा वो पूरी क्लास
- 31:33जैसे 20 बच्चों की एक क्लास है मेरी। मैं
- 31:3520 से ऊपर बच्चे नहीं लेता होता था। तो
- 31:41उसमें उनको मैं एक अथॉरिटी देता था उन
- 31:44बच्चों को एक परमिशन देता था कि तुम्हारे
- 31:48को पूरे दिन में 24 घंटे में जब भी कोई
- 31:52प्रॉब्लम आती है तुम मुझे कॉल करोगे। तुम
- 31:54किसी से पूछोगे नहीं। Google पर नहीं
- 31:56जाओगे। किताब को रेफर नहीं करोगे। तुम
- 31:59मुझे कॉल करोगे। चाहे तुम्हें जब भी
- 32:01प्रॉब्लम आए। शाम को 8:00 बजे आए। रात को
- 32:0410:00 बजे आए। रात को 12:00 बजे 1:00 बजे
- 32:073:00 बजे जब तुम्हारे को प्रॉब्लम आए तुम
- 32:09मुझे कॉल करो। तो जो 10वीं वाला बच्चा है
- 32:13जो नौवीं वाला जो अपने आप में तगड़ा राजा
- 32:16है मतलब 11वीं, 12वीं वाला। वो क्या करता
- 32:19है? पूरी क्लास बैठ के प्लान करती है। मैं
- 32:2310:30 कॉल करूंगा। तू 11:00 बजे करियो। तू
- 32:2710:30 करियो तू 12 करियो। आज हमने सोने
- 32:30नहीं देना इसको। मतलब दे टेस्ट द लिमिट।
- 32:34उसके बाद वो मतलब कॉल करेंगे रात को 3:00
- 32:39बजे भी कॉल आ रही है। 3:30 भी आ रही है।
- 32:424:00 भी आ रही है, 4:30 भी आ रही है। एंड
- 32:45फिर अगले दिन वो मुझे बोलते हैं सर आप
- 32:46सोते किस टाइम हो? तो मैं बोलता हूं कि
- 32:49मैं सोता रहता हूं। सर लेकिन फोन उठाओ तो
- 32:52पहली बल में फोन उठता है। मैं उनको फिर
- 32:54बताता हूं कि तो इसका मतलब मैं जागता भी
- 32:57रहता हूं। तो दिन में तो आप यहां हमारे
- 32:58साथ होते हो। रात में आप पूरी रात फोन भी
- 33:01अटेंड कर रहे हो। हाउ इज दिस हैपनिंग?
- 33:04मैंने कहा देखो मैं टीचर हूं तुम्हारा।
- 33:06मैंने तुमको बोला है कि मैं तुम्हारे लिए
- 33:08खड़ा हूं 24 घंटे। तो यू नीड टू एक्सेप्ट
- 33:12नहीं तो तुम ट्राई करके देखते रहो। एंड वह
- 33:15एक ही दिन परेशान करके
- 33:18उसी दिन यह महसूस करते हैं कि इसने जो कहा
- 33:21है वह गलत नहीं कहा है। आपको टेस्ट करेंगे
- 33:24जो आप कह रहे हो। जैसे बच्चा को आप कहते
- 33:27हो ना हम बेटा सब कुछ आपके लिए कर रहे
- 33:30हैं। बट समटाइ्स आप फोन पे लगे लगे उस
- 33:32बच्चे को कह देते हो 2 मिनट रुक। तो आप
- 33:34मैसेज देते हो कि जो कहा था कि हमारे लिए
- 33:37कर रहे हो। फोन पे तो आप छोड़ ही नहीं रहे
- 33:38हो फोन को तो मेरे लिए। वह ऐसे करके आपको
- 33:41छोटी-छोटी बातों पे नोटिस करता है। इतनी
- 33:43छोटी बात पे नोटिस करता है कि मैं आपको
- 33:47अभी-अभी एक सबूत देता हूं। जेंटलमैन का
- 33:51एग्जांपल आप मनीष सिसोदिया से सुनते ही
- 33:53होंगे। सुनते हैं? जब हम इस पे बात करते
- 33:55हैं। जेंटलमैन कौन होता है? मतलब अगर आपको
- 33:58चार तस्वीरें हों और उसमें से बोला जाए कि
- 34:00जेंटलमैन छांटो इसमें से। तो किसको
- 34:02छांटोगे आप? दिमाग में क्या आया जेंटलमैन
- 34:04आते ही? वेल डिसिप्लिंड। वेल ड्रेस्ड
- 34:06पर्सन मतलब कोट टाई और वो पहना हुआ है ना
- 34:11मतलब हमने क्या किया हमने जेंटलमैन को कोट
- 34:15टाई में बांध दिया अब एक बच्चे को हमने
- 34:18पेपर से समझा दिया कि यह जेंटलमैन है यह
- 34:21खेती करने वाला बंदा है। यह सिलाई करने
- 34:24वाला यह कारपेंटर है। इस तरह से हम उस
- 34:26फोटो से उसको बता रहे हैं। अगर उसका पापा
- 34:29वह बच्चा गांव में रहता है। उसका पापा
- 34:32किसान है और धोती कुर्ता पहनता है या वह
- 34:38मैले कपड़े पहनता है, मजदूर है, रे पर काम
- 34:42करता है। क्या वो बच्चा कभी अपने बाप को
- 34:44जेंटलमैन मानेगा? मतलब आप सोच के देखो। आप
- 34:47कभी भी नहीं मानेगा वो। क्योंकि आपने उसको
- 34:50जिंदगी किताब से समझाई। क्योंकि आपने उसको
- 34:54पेपर में वो दिखा दिया कि ऐसा जेंटलमैन
- 34:57होता है। मतलब हाउ कैन वी टीच दिस थिंग?
- 35:00हम कैसा कर भी कैसे सकते हैं कि उसको हम
- 35:03पेपर पे एक स्पेसिफिक उस पैराग्राफ या उस
- 35:07खाने में बताया कि यह जेंटलमैन है। तो जब
- 35:09कभी गांव का गुंडा बदमाश
- 35:13कोर्ट टाई में खड़ा होगा और उसका बाप धोती
- 35:16कुर्ते में होगा और हम कहेंगे कि जेंटलमैन
- 35:18छांटो तो वह पहले जेंटलमैन गुंडे को
- 35:20लगाएगा ना। अपने पापा को नहीं लगाएगा। या
- 35:23किसी और का पापा हो, पड़ोसी हो, चाहे कोई
- 35:26भी उसे नहीं पता हो कि कौन सा इनमें से
- 35:28बदमाश है और कौन सा इनमें से क्या है। यू
- 35:30कैन अंडरस्टैंड व्हाट आई वांट टू से। इसी
- 35:32तरह से बच्चा जब भी आपकी बात को लेता है,
- 35:36जब भी बच्चा आपको
- 35:39आपकी बात सुनता है, ही ऑलवेज
- 35:43टेस्ट
- 35:44योर सेंटेंस इन 360°, एज अ होल लेता है
- 35:49वो। कभी भी उस लाइन को एक लाइन आपने तो कह
- 35:52दिया नहीं बेटा झूठ नहीं बोलते आपने तो कह
- 35:54दिया नहीं बेटा ऐसे नहीं करते बट आपने
- 35:57देखा भी कि उसका इंपैक्ट उसके दिमाग पर
- 35:59कैसे जाता है वी डोंट ट्राई इवन डोंट
- 36:02ट्राई टू अंडरस्टैंड कुदरत की सबसे बड़ी
- 36:05उपहार है बच्चा कुदरत का सबसे बड़ी नेमत
- 36:09है बच्चा सबसे प्योर और सबसे ज्यादा
- 36:13परफेक्ट चीज है बच्चा बट सबसे ज्यादा
- 36:16इग्नर्ड ची बंदा है सबसे इग्नोर कैसे है?
- 36:20मैं आपको कैसे बताऊंगा? इसको कैसे
- 36:22एक्सप्लेन करूंगा?
- 36:23[नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं एक छोटा
- 36:25सा एग्जांपल देता हूं। हम मैं और मेरा
- 36:28बेटा हम गाड़ी पर जा रहे हैं। वो 3 साल की
- 36:31उम्र थी जब उसकी देखिए बहुत बार मैं अपने
- 36:34बेटे को कोट करूंगा यशस्वी को। वो इसलिए
- 36:36क्योंकि ही इज़ द लिविंग एग्जांपल। मैंने
- 36:39उससे कैसे सीखा मैं आपको वो बता रहा हूं
- 36:41बेसिकली। इसलिए उसका एग्जांपल ले रहा हूं।
- 36:43इट्स नॉट लाइक कि किसी तरह भी हम उसको
- 36:46वैसे ले रहे हैं। मैं सिर्फ यह बता रहा
- 36:47हूं कि मैंने उससे सीखा। उसने मुझे कितना
- 36:51सिखाया। मैं यह कह रहा हूं कि वह कुदरत की
- 36:54सबसे अनमोल चीज है। तो वो फिजूल में मेरे
- 36:57घर नहीं आई है। यह समझ लीजिएगा। वो आपको
- 37:00बताने आया है कि आपकी जिंदगी कैसे होनी
- 37:03चाहिए। क्योंकि बच्चा आने के बाद जिंदगी
- 37:05टोटली डिफरेंट हो जाती है। इफ यू एक्सेप्ट
- 37:08दैट तो बहुत ही डिवाइन हो जाती है। एक तरह
- 37:12से मैं यह कहता हूं हमेशा। तो हम यह कह
- 37:15रहे हैं कि वो अपने आप में कंप्लीट है।
- 37:18मुझे ऐसा लगता है व्हिच आई पर्सनली बिलीव
- 37:22कि हम उसे कुछ भी नहीं सिखा सकते। और या
- 37:26फिर आप ऐसा कह सकते हो कि हमें उसे कुछ भी
- 37:28सिखाने की जरूरत नहीं। अगर हम उसकी बातों
- 37:31को सीरियसली लेना शुरू कर दें तो हम
- 37:34सीरियसली नहीं लेते। हम उसकी बातों से
- 37:37सीखते नहीं। जैसे मान लो एक बच्चा हमें कह
- 37:39दे मम्मा आप गंदे हो। मान लो हम क्या करते
- 37:42हैं अगले स्टेप पे? आपको जब जैसे वो
- 37:45डिक्लेयर कर देता है कि पापा आप बहुत गंदे
- 37:47हो। क्या हुआ? है ना? हां। फिर वो आपको
- 37:51बताता है। और फिर आप उसको उसका रीजन
- 37:55समझाते हैं कि मैंने तो यह बात ऐसे इसलिए
- 37:58कही। क्या कभी ऐसा हुआ कि आपने जो बोला,
- 38:00आपकी स्टेटमेंट में कंट्राडिक्शन हो?
- 38:04स्टेटमेंट और बिहेवियर में? अगर बच्चा
- 38:07आपकी स्टेटमेंट और आपके बिहेवियर में
- 38:09कंट्राडिक्शन देखता है, वह उसी दिन से
- 38:13आपको सीरियसली लेना छोड़ देगा। उसी दिन
- 38:16से, आपकी किसी भी बात को सीरियसली नहीं
- 38:18लेगा। फिर वो यह सोचेगा कि झूठ नहीं
- 38:21बोलते। यह बात कहने को बहुत बढ़िया है। बट
- 38:24जब कभी जरूरत पड़े, बोल लेनी चाहिए। बिकॉज़
- 38:27हम कहते हैं कि नहीं बेटा इसको समझाना
- 38:29नहीं था, बताना नहीं था। इफ वी आर्ग्यू या
- 38:32हम उसके बारे में अपना कोई स्टेटमेंट या
- 38:35जजमेंट दे दें कि मैंने तो इसलिए झूठ
- 38:37बोला। उसका कोई रीजन भी दे देंगे। आप उसको
- 38:41जस्टिफाई नहीं कर पाएंगे। कभी भी नहीं कर
- 38:43पाएंगे। बिकॉज़ जब आप झूठ बोलने वाली बात
- 38:46कहते हैं तो यू यूज़ द वर्ड नेवर नेवर टेल
- 38:50लाई। कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए। जब कभी
- 38:53भी झूठ नहीं बोलना चाहिए। और कभी-कभी बोल
- 38:56के जस्टिफाई कर देते हो तो वह उसको पूरा
- 38:58360° लेता है। इट्स नॉट लाइक कि ऐसे ही ले
- 39:02लेता है। इसी तरह से जब वो बच्चा पैदा भी
- 39:06नहीं हुआ है तब भी वह सराउंडिंग्स को बहुत
- 39:10अच्छे से समझता है। बहुत अच्छे से उसको
- 39:12समझ में आता है कि नहीं आता है। यह तो
- 39:15हमने सुना भी है कि भाई अभिमन्यु ने
- 39:18चक्करव्यूह तोड़ना सीख लिया था। तो इसका
- 39:21मतलब उसको सब समझ आ रहा होता है। इसका
- 39:23मतलब उसको जन्म से पहले सब समझ आ रहा होता
- 39:25है। अगर वह सच है तो है ना और उसके बाद
- 39:27उसने बोलना शुरू नहीं किया। उसने बोलना
- 39:30शुरू नहीं किया बेशक। लेकिन उसने सुनना तो
- 39:33पहले ही मोमेंट से शुरू कर दिया जब वह
- 39:35पैदा हुआ। अब वो यह नहीं समझ पा रहा कि जो
- 39:39आसपास चल रहा है टीवी में गाने या बातचीत
- 39:42आपकी कि वह क्या है। शायद वह शब्द जब
- 39:45पकड़ेगा तो समझ में आएगा। लेकिन यह जरूर
- 39:48समझ पा रहा है कि वह बातें किस तरह मान
- 39:51लीजिए एक छोटा बच्चा ये पर्सनली फील करता
- 39:56है कि मेरे घर में सारा दिन झगड़ा होता
- 39:58रहता है। वो पड़ा है। अब आपके सामने एक
- 40:02चाइनीस बंदा हो, दो चाइनीस बंदे हो और वह
- 40:05आपस में कुछ बात कर रहे हो। आपको उनकी
- 40:07बातें समझ में ना आए पर बात का मजमून तो
- 40:10समझ में आ ही जाएगा ना कि लड़ रहे हैं कि
- 40:12प्यार से कर रहे हैं कि आर्गुमेंट कर रहे
- 40:14हैं कि समझा रहा है एक बंदा दूसरे को
- 40:16इसमें ये भी समझ में आ जाएगा बॉस कौन है
- 40:18और काम नौकर कौन है उसका यह भी समझ में आ
- 40:22जाएगा पापा बेटा है या पड़ोसी है ये भी
- 40:25समझ आपको सब समझ में आ जाएगा दैट मीन कि
- 40:29आप बिना भाषा को समझे भी उसके ऑब्जेक्ट को
- 40:33समझ लेते हैं कई बार हम हावभाव से समझ
- 40:35लेते हैं चेहरे चेहरे के भाव से। सो जो
- 40:38बच्चा आपके घर में है, बैठा है, लेटा है,
- 40:41उसको सुनाई नहीं दे, उसको समझ में नहीं आ
- 40:43रहा बट सुनाई दे रहा है। उसके बाद हमने जब
- 40:46मैं अपने रिसर्च दौर में था तो हमने हर
- 40:49उम्र के बच्चों से कुछ सवाल पूछे क्योंकि
- 40:52बच्चे बड़े प्योर होते हैं। उनको कोई फर्क
- 40:54नहीं पड़ता। लोग मेरे बारे में क्या सोचते
- 40:56हैं। तो सीधा बोलते हैं। जैसे मैं कई बार
- 40:59मैं जैसे एक बार क्या हुआ? एक टीवी चैनल
- 41:02पर हम बैठे हुए थे तो मैंने बोला कि मैं
- 41:05कभी अपने बेटे को डांटता नहीं हूं। मेरा
- 41:08बेटा साइड में बैठा था। कहता हां उस दिन
- 41:09डांटा तो था आपने। मतलब उसी टाइम टीवी
- 41:11चैनल पे ही मतलब उसने मेरी बात को साथ के
- 41:14साथ काट दिया। देन आई गॉट माय पॉइंट के
- 41:17भाई गलती कर दी। डांट के उस दिन गलती कर
- 41:19दी। बिकॉज़ ये मेरी उस बात को इतना गहरे से
- 41:22नोटिस कर रखा है इसने। उसने मुझे बोल
- 41:23दिया। उस दिन के बाद मैं संभल गया। मैं
- 41:25सुधर गया। मैंने उसको नहीं कहा कि तेरी
- 41:27गलती थी। मैंने इस बात को नोटिस किया कि
- 41:30मैं यह बात यूज नहीं कर सकता कि मैंने कभी
- 41:32नहीं डांटा और हम यहां गलती कर जाते हैं।
- 41:35हम यहां कहीं ना कहीं बड़ा होने का
- 41:37एडवांटेज लेने की कोशिश करते हैं और बच्चा
- 41:40फिर उसको अपने कॉन्टेक्स्ट में लेता है।
- 41:44फिर वो आपको समझाएगा आगे आने वाले टाइम
- 41:46में। जब आप बूढ़े हो जाओगे और वह जवान फिर
- 41:49वो वापस आएंगी चीजें घूम के आपके पास जो
- 41:52आपने उसके बचपन में किया था उसके साथ।
- 41:54तीन-तीन साल के बच्चों से ना चार-चार साल
- 41:56के बच्चों से हमने सवाल पूछे कि बेटा बड़े
- 42:01होकर शादी करोगे? कह रहा हां करेंगे। क्या
- 42:04करोगे? एक कह रहा है मैं अपने हस्बैंड के
- 42:08साथ घूमने जाया करूंगी। एक कह रहा है मैं
- 42:10अपनी बीवी को पिटा पिटा करूंगा। उसके घर
- 42:13में ऑलरेडी वो हो रहा है। वो देख रहा है
- 42:16कि मेरा पापा मेरी मां के साथ क्या बिहेव
- 42:19करता है। उसे नहीं पता फ्रांस में क्या हो
- 42:21रहा है। उसे नहीं पता इस देश की संस्कृति
- 42:23क्या है। उसे कुछ मतलब नहीं इस बात से
- 42:26पड़ोस में क्या हो रहा है। बिकॉज़ 3 साल तक
- 42:28तो आप अपने बच्चे को अपने घर से बाहर
- 42:30निकालते ही नहीं हो। तो जो 3 साल तक का
- 42:33बिहेवियर है पहले 3 साल आपकी बातचीत करने
- 42:36का भी जो मैटर है इवन आपका लहजा आपने देखा
- 42:40होगा आपके बच्चे के अंदर सेम लहजा डेवलप
- 42:42होता है उसकी तरफ से वो यह सोचता है कि
- 42:46दुनिया यही है जीना ऐसे ही होता है।
- 42:51जिंदगी यही होती है। आप अगर मैक्सिमम यूज़
- 42:54करते हो मैं तो थक गया। मेरा तो दिमाग
- 42:58खराब हो गया। मेरा तो मूड खराब है। मैं तो
- 43:01बोर हो गया। कभी-कभी खिला घूमने भी चला
- 43:05करो। क्या सारा दिन यही करते रहते हो? या
- 43:07मान लो आपके हस्बैंड या आपके मतलब पत्नी
- 43:11कोई भी है। वो आया बाहर से ड्यूटी से आते
- 43:14ही टीवी खोल लिया। एंड इफ हम उनको टोकते
- 43:17हैं कि क्या आते ही टीवी चला लिया। थोड़ी
- 43:19बहुत देर बच्चों से बात भी कर लेते या
- 43:21थोड़ी बहुत देर यह भी कर लेते। एंड उसका
- 43:23डायलॉग यह आता है। क्या यार अभी तो वहां
- 43:25दिमाग खराब करके आया हूं। थोड़ा सा तो
- 43:27टाइम मिला है। थोड़ा सा एंटरटेनमेंट करने
- 43:29दो। टाइम मिला है एंटरटेनमेंट करने दो। इस
- 43:32बात को बच्चा कैसे लेता है? यू विल नेवर
- 43:36अंडरस्टैंड। वो यह समझता है कि जब भी टाइम
- 43:39हो हमें टीवी देखना चाहिए। तो जब वह उसके
- 43:41पास तो एंपल टाइम होता है। उसने उसके
- 43:44हस्बैंड ने तो ऐ चलते-चलते बोल दिया था कि
- 43:46यार 15 मिनट तो मिले हैं। थोड़ा सा
- 43:48एंटरटेनमेंट भी करने दो थोड़ा सा टीवी देख
- 43:50लो तो क्या हो जाएगा। तो उसके लिए तो वो
- 43:52थोड़े से 15 मिनट हैं। लेकिन वो मैसेज क्या
- 43:55दिया कि जब भी आप खाली हैं यू कैन वॉच
- 43:57टेलीविज़ एंड देन वो वो वो टाइम आपका कई
- 44:01बार छुट्टी वाले दिन सुबह से ले शाम तक
- 44:03एक्सटेंड हो जाता है। बिकॉज़ उसका होमवर्क
- 44:05भी पूरा हो चुका है। एंड ही डजंट हैव
- 44:07एनीथिंग टू डू। समझ रहे हैं? वो उसको पूरा
- 44:10360 इसीलिए मैं बता रहा था कि बच्चा आपको
- 44:13समझाएगा। वह बताएगा कि आपने कैसे जीना है।
- 44:17मैंने बहुत बच्चों को ऐसे करते देखा है कि
- 44:20जिनकी मां फोन पर लगे लगे मान लो वो फोन
- 44:24पे लगी है। ऐसे करके ना फोन पे लगे हैं।
- 44:26बच्चा आया अपनी ड्राइंग लेके। मम्मा देखो
- 44:28मैंने यह बनाया। हम बढ़िया एकदम ऐसे कर
- 44:32देंगी वो फोन पे लगी हुई है। ठीक है? वो
- 44:35उसको होल्ड भी नहीं करते हैं और वो ठीक
- 44:38है। मम्मा देखो यह मैंने यह किया। मैंने
- 44:40यह किया या तुम कर लो काम अपना। बेटा तुम
- 44:43अपना काम कर लो या हम कहते हैं कि रुक 2
- 44:45मिनट रुक 2 मिनट एंड देन वी मतलब हम कैरी
- 44:48ऑन करते हैं। आप देखोगे कि वही बच्चा जब
- 44:52टीवी देख रहा है और उसकी मां किचन से आवाज
- 44:55लगाती है कि टिंकू आजा खाना खा ले तो वो
- 44:58ऐसे कर रहा होता है टीवी की तरफ कह रहा
- 44:59होता है रुको दो मिनट आ रहा हूं। मतलब वो
- 45:01सेम जेस्चर आपको देखने को मिलेंगे। आई हैव
- 45:05ऑब्जर्व। उसकी मम्मी देख भी नहीं रही है।
- 45:07लेकिन जेस्चर बिल्कुल वही है उसका।
- 45:09क्योंकि उसे और दुनिया नहीं पता। उसने
- 45:12नहीं देखी। हम एक बात तो कह देते हैं बहुत
- 45:15बार कि बच्चा तो जैसा एनवायरमेंट मिलेगा
- 45:18वैसा ही सीख जाएगा। लेकिन वह एनवायरमेंट
- 45:20कैसा? वो एनवायरमेंट कैसे? उसके आपके
- 45:24डायलॉग्स का असर क्या होना है? यह बात
- 45:27आपको स्पेसिफिकली पता होना चाहिए। क्योंकि
- 45:30जब कोई पेरेंट आपके पास अपनी प्रॉब्लम
- 45:33लेकर आएगा एंड यू आर एक्टिंग एज अ
- 45:35प्रॉब्लम सॉल्व। तो आप उसकी बातों से आपको
- 45:39समझ में आ जाना चाहिए कि प्रॉब्लम उस
- 45:43बच्चे के ओरिजिनल नेचर में है। उसकी मम्मी
- 45:47से आई है, पापा से आई है, टीचर से आई है,
- 45:50पड़ोस से आई है, दोस्त से आई है। कहां
- 45:53टेलीविजन से आई? कहां से आई है? यू नीड टू
- 45:56फाइंड आउट। अगर हम उस एग्जैक्ट पॉइंट तक
- 45:59पहुंच पाए, वी कैन रेक्टिफाई। वी कैन
- 46:02फाइंड द सॉल्यूशन जिसको वो प्रॉब्लम कह
- 46:04रहे हैं। इसीलिए आपको उस बिहेवियर का भी
- 46:07अंदाजा होना चाहिए कि बच्चा उसको कैसे
- 46:10समझता है। वो आपकी बात क्यों माने? देखो
- 46:14इट्स अ बिगेस्ट क्वेश्चन कि वो आपकी बात
- 46:17क्यों माने? आप टीचर हैं। मान लीजिए आप यह
- 46:19कहते हो कि बच्चा हमारी सुनता ही नहीं है।
- 46:22या मां-बाप यह कहते हैं कि वो हमारी सुनता
- 46:24ही नहीं है। नाउ आस्क द क्वेश्चन। क्या वह
- 46:28किसी की नहीं सुनता? नहीं। अपनी टीचर की
- 46:30तो सुन लेता है या फिर नहीं अपने पापा की
- 46:34तो मान लेता है नहीं अपने दोस्तों की मतलब
- 46:37किसी की एनीवन देन फाइंड आउट कनेक्शन क्या
- 46:40है उनके बीच कि जिसकी सुनता है उसके बीच
- 46:43कनेक्शन क्या है क्या कोई लालच का कनेक्शन
- 46:46है क्या कोई डर का कनेक्शन है डर के करता
- 46:49है नंबर लेने हैं मैडम से प्रैक्टिकल के
- 46:51इसलिए मान लेता है व्हाई मैक्सिमम डर चाहे
- 46:54वो नंबरों का हो चाहे वो डांट का हो चाहे
- 46:56थप्पड़ का हो अगर वो डर से मान रहा है
- 47:00किसी से भी इसका मतलब वो टेंपरेरी है। जिस
- 47:03दिन डर निकल जाएगा उस दिन मानना बंद कर
- 47:06देगा। आप तो बड़े हो। आप सबकी मान लेते
- 47:08हो। बताइए हर बड़े आपसे जो उम्र में बड़ा
- 47:11है क्या आप सबकी मान लेते हो? किसकी मानते
- 47:13हैं? पेरेंट्स की नहीं मानते हम। पेरेंट्स
- 47:15की तो अपन मानते ही नहीं। हमारी सोच में
- 47:17ठीक लगता है। देखिए ट्रस्ट एक बड़ा फैक्टर
- 47:20है और एज एल्डर हैं वह बड़े हैं। अगर हमने
- 47:24मान लो पुरानी सभ्यता के अकॉर्डिंगली अपना
- 47:27एक रूल बना रखा है कि हमारे जो बड़े हैं
- 47:30वह हमारे फेवर में ही सोचते हैं। हमारा
- 47:32भला ही चाहते हैं। मेरे ख्याल से मतलब
- 47:35मुझे ऐसा लगता है आई डोंट नो मैं कितना
- 47:38सही हूं या गलत हूं। लेकिन मुझे ऐसा लगता
- 47:40है कि जब हम पेरेंट्स की मान रहे होते हैं
- 47:43ना तो मैक्सिमम टाइम अंदर से दुखी हो रहे
- 47:46होते हैं। अंदर से फील नहीं कर रहे होते
- 47:48हैं। हां वो मानना मतलब जैसे फॉर एग्जांपल
- 47:50करियर का ऑप्शन है। आप लाइफस्टाइल का
- 47:53ऑप्शन मान लाइफस्टाइल का ही ऑप्शन है। मान
- 47:55लो आपका कुछ करने का मन कर रहा है। आपके
- 47:57बड़े कभी नहीं चाहेंगे कि आप वैसा करो।
- 47:59क्योंकि वो क्या कहते हैं? हमने अपना
- 48:01तजुर्बा देखा है। इसका कोई फायदा नहीं जो
- 48:03तुम कर रहे हो। मान लो घूम नहीं जा रहे
- 48:04हो। और म्यूचुअल डिस्कशन का मतलब यह है कि
- 48:07समवन इज ट्राइंग टू कन्विंस यू कि यह ठीक
- 48:09नहीं है। है ना? हम कन्विंसिंग पोजीशन में
- 48:12होते हैं। जो बढ़िया आर्गुमेंट देता है वह
- 48:14हमारे को कन्विंस कर लेता है। या हम
- 48:15बढ़िया देते हैं तो वो हम उसको कन्विंस कर
- 48:17ले। दैट मींस कि या तो हम रिस्पेक्ट के
- 48:21तौर पे या बड़े होने के तौर पे उनकी मान
- 48:23लेते हैं या फिर हमें उनकी बात सही लगती
- 48:25है इसलिए मान लेते हैं या जिन पे हम
- 48:27ट्रस्ट करते हैं उन पे मान लेते हैं। इससे
- 48:29भी बिय्ड एक बड़ा पर्सपेक्टिव मैं यह
- 48:31मानता हूं कि जिसको आप मानले लायक समझते
- 48:34हो उसकी मानते हो। बड़े लेवल पे अगर देखें
- 48:36तो क्यों जी? जैसे आपने गाड़ी लेनी है फॉर
- 48:38एग्जांपल। यू ने विल नेवर आस्क योर
- 48:40पेरेंट्स के गाड़ी कौन सी लें? कभी भी
- 48:42नहीं लोगे। आप अपने पेरेंट्स से तो नहीं
- 48:43पूछोगे ना। आप तो उनसे तो यह पूछोगे कितने
- 48:45पैसे हैं जेब में? यह बताओ बस खाली बजट
- 48:48कितना है? मतलब पेरेंट्स से सिर्फ बजट के
- 48:50बारे में पूछा जाएगा। बट गाड़ी कौन सी
- 48:52होगी? इसके लिए आपको या तो इंटरनेट सर्च
- 48:54करना होगा या फिर आपको अपने दोस्तों से
- 48:57पूछना पड़ेगा जो बहुत सारी गाड़ियों में
- 48:59डील करता है या फिर स्पेशलिस्ट के पास
- 49:01जाकर गाड़ियों की टेस्ट ड्राइव लेके आनी
- 49:03पड़ेगी। यू नीड सम स्पेशलिस्ट फॉर दैट। घर
- 49:07में कलर कौन सा करना है? किसी ने भाई तू
- 49:09अपने कमरे का बता दे तेरे को कौन सा
- 49:11चाहिए। इतना तक तो पूछ सकते हैं। पूरे घर
- 49:13का करने के लिए अपन स्पेशलिस्ट बुलाएंगे।
- 49:15दवाई लेनी है, दर्द है, पेट दर्द है, वी
- 49:18विल ऑलवेज आस्क स्पेशलिस्ट। अपना एक्सरे
- 49:21जो है वह डॉक्टर को दिखाते हैं। ऐसा ही
- 49:23होता है ना? काम वाली बाई से तो कुछ नहीं
- 49:25पूछते ना क्या लेना चाहिए घर में? बिकॉज़
- 49:27वी डोंट फाइंड हर अ स्पेशलिस्ट ना सिंपली।
- 49:30अब आप इसको थोड़ा सा बड़े पर्सपेक्टिव में
- 49:32समझ के देखने की कोशिश कीजिए। एक बच्चा जब
- 49:36वो छोटा है, जब उसकी मां उसको काम करवा
- 49:40रही है। उसका काम करवाने का तरीका क्या
- 49:42है? बिकॉज़ वी नीड टू वॉच एज अ होल ना पूरा
- 49:46कांसेप्ट। अच्छा बोर तो नहीं हो रहे ना?
- 49:47एनीवन लाइक फाइंडिंग कि ये मतलब रेलेवेंट
- 49:51है लग रहा है आपको? तो कई बार ऐसा होता है
- 49:53कि चल तो टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम था। पता
- 49:55नहीं क्या कर दिया।
- 49:58सो क्योंकि हम यहां से आएंगे यहां तक।
- 50:02पहले बच्चे को छोटे से यहां तक तो आ जाए
- 50:04ना हम। स्कूल तक तो आए पहले। अभी तो पैदा
- 50:06ही हुआ है। है ना? हम उसको समझने की कोशिश
- 50:08कर रहे हैं कि जब वो अभी-अभी पैदा ही हुआ
- 50:13है तो वह चीजों को कैसे देख रहा है। वो
- 50:16आसपास की वाइबेशंस कैसे देख रहा है। इवन
- 50:18आपने ऐसा भी देखा होगा कि जो साल डेढ़ साल
- 50:21का बच्चा गोदी में आप लेकर खड़े हैं और
- 50:24पड़ोस का कोई नेगेटिव एनर्जी वाली कोई
- 50:27लेडी या आदमी है वो घर में घुसता है तो
- 50:29जैसे उसको देख के कुत्ता भौंकता है ऐसे ही
- 50:31बच्चा रोना शुरू कर देता है। डू यू फील
- 50:33दैट? कि इसके पास तो जाएगा ही नहीं यह
- 50:35किसी भी हाल में। इसका मतलब क्या होता है?
- 50:37नहीं इट्स ट्रू मतलब कि हम उस बंदे के
- 50:42बारे में अगर अच्छी फीलिंग नहीं रखते हैं
- 50:44जो हमारे घर में एंटर किया है वो बच्चा
- 50:47उसके पास जाकर कभी खुश नहीं होएगा। यह शोर
- 50:50है। उसको आपने बताया नहीं है कि यह खराब
- 50:52आदमी है। लेकिन वो जानता है। आपके बिना
- 50:55बताए। बिकॉज़ वाइबेशंस
- 50:58जो हैं वह कैच करता है। वाइब्स का अपना
- 51:01काम होता है। सो जब एक छोटा बच्चा अपनी
- 51:05मां को स्मेल से पहचान लेता है। जब वो
- 51:08पड़ोसी को उसकी वाइब्स से पहचान लेता है
- 51:10तो आपकी आप उसकी इंटेलिजेंस पे शक करते
- 51:13हो। मतलब ही इज़ दैट मच स्मार्ट। वो उसने
- 51:17पॉटी कैसे करनी है? सुसु करनी है, भूख लगी
- 51:20है। उसके रोने का स्टाइल ही अलग होता है
- 51:21हर बार। जब उसका रोने का स्टाइल अलग होता
- 51:23है, तो आप उसके रोने के स्टाइल से, उसके
- 51:26एक्शन से यह पहचान लेते हो कि वह क्या
- 51:29कहना चाह रहा है। इसका मतलब है ही इज़
- 51:32प्रीटी स्मार्ट। टू टेल यू एवरीथिंग। अब
- 51:35थोड़ा बड़ा हो गया वो। बड़ा होने के बाद
- 51:37उसकी मम्मा को टेंशन है कि अब इसको स्कूल
- 51:39में कराना है। स्कूलों में एडमिशन
- 51:41इंटरव्यू के बेस पर होना है। उसको कितना
- 51:43नॉलेज है। इसके बेसिस पर होना है। हम उसे
- 51:45सिखाना शुरू करते हैं। ए बी सी काउंटिंग्स
- 51:50जितनी एज मेनी मतलब चीजें हमारे पास हैं।
- 51:54हम उसको सिखाना शुरू करते हैं। ऐसा बहुत
- 51:56बार देखा मैंने कि स्कूल में जाने से पहले
- 51:58कुछ मदर्स अपने बच्चों को लिखना तक सिखा
- 52:00देती हैं। आई थिंक आपको भी पता होगा कि उस
- 52:02बच्चे को इतनी सारी चीजें आती हैं पहले से
- 52:04ही। तो जब उसकी मदर उसको सिखा रही है क्या
- 52:08मैसेज जा रहा है एज अ होल यह आपको पता
- 52:12होना बहुत जरूरी है और उसका लेटर ऑन
- 52:15इंपैक्ट क्या पड़ना है यह भी बहुत जरूरी
- 52:17मान लीजिए मैंने आपसे बात शुरू की थी जब
- 52:20और मैंने कहा था आपके एक-एक क्वेश्चन का
- 52:23जवाब दूंगा आपकी एक-एक प्रॉब्लम को सॉल्व
- 52:26करूंगा। मान लो मैं आखिर तक आपकी प्रॉब्लम
- 52:29सॉल्व नहीं कर पाया। तो आखिर में जाते हुए
- 52:32कांटा मार के जाना है आपने पक्का। कि बोल
- 52:35तो कुछ और रहा था। हमें कुछ मिला तो है
- 52:37नहीं। ऐसे ही होता है। आप कोई उम्मीद करते
- 52:40हैं किसी से सामने वाला वह डिलीवर नहीं
- 52:42करे तो सिंपली हम रिजेक्ट कर देते हैं कि
- 52:44अगली बार इससे पूछना ही नहीं क्योंकि ये
- 52:46तो कुछ और ही जवाब देता है। हम पूछते हैं
- 52:47कुछ और है। इसी तरह से जब वो बच्चा मान
- 52:50लीजिए शेलफ के ऊपर कुछ रखा है सामान। उसका
- 52:52खिलौना रखा है। फॉर एग्जांपल उसका हाथ
- 52:55नहीं जा रहा। उसकी मम्मा को वो बुलाएगा।
- 52:58मम्मा जी मेरे को यह दे दो। वो उठा के
- 53:00उसको पकड़ा देती है। एज अ होल क्या मैसेज
- 53:03जाता है पता है आपको? जब भी कोई परेशानी
- 53:04हो तो मम्मा को बोलो। कोई पड़ोस वाला पीट
- 53:07रहा है तो भी मम्मा। कोई डांट रहा है तो
- 53:10भी मम्मा। सामान चाहिए तो भी मम्मा। भूख
- 53:12लगी तो भी मम्मा। पोटी सुसु तो भी मम्मा।
- 53:14एवरीथिंग एव्री मतलब मम्मा हैज़ सलूशन फॉर
- 53:18एव्री प्रॉब्लम। है ना? जब हम ऊंचे से कोई
- 53:20चीज मतलब मेज रख के या कुर्सी रखके ऊपर से
- 53:23उठाके पकड़ाते हैं। ही हैज़ गॉट द फीलिंग कि
- 53:28प्रॉब्लम जितनी मर्ज़ी बड़ी हो। मेरी मम्मा
- 53:30इसका सलूशन ढूंढ ही दे। सेम। ठीक है?
- 53:32नेक्स्ट पापा उसको ले जा रहे हैं बाइक पे।
- 53:36क्या बोल रहा है? पापा इससे आगे निकाल दो।
- 53:38है ना? इस वाली से आगे निकाल दो। उससे आगे
- 53:40निकल गया अपना उसके पापा सुपरफास्ट
- 53:43ड्राइवर हो गए। हीरो बन गए। मतलब ही इज़ द
- 53:46हीरो ऑफ़ दैट चाइल्ड। उसको नहीं पता बाकी
- 53:47कौन ड्राइवर है। उसके पापा सुपरमैन की
- 53:50तरह। मेरे पापा इतनी तेज बाइक चलाते हैं।
- 53:52पता भी है तुम्हारे को। सबसे आगे निकाल
- 53:54देते हैं। उनसे आगे कौन निकल रहा है। वो
- 53:56देख ही नहीं रहा होता असल में। वह सिर्फ
- 53:58उनको देख रहा है जिनसे आगे हम निकल रहे
- 54:00हैं। एंड उसका वो सारा क्रेडिट अपने पापा
- 54:03को दे रहा है। उसके बाद कोई प्रॉब्लम होती
- 54:05है मम्मा से सशन नहीं निकलता तो पापा को
- 54:07हम बोलेंगे कि यह वाला खिलौना वो कहते हैं
- 54:09पापा दिलाएंगे। पापा आएंगे उनसे पूछेंगे।
- 54:12पापा डांटेंगे काइंड ऑफ। तो मम्मा क्या
- 54:15करती है? एज अ होल पापा की अथॉरिटी
- 54:17एस्टैब्लिश करती है। वो खुद करती है कि
- 54:20देख पापा डांटेंगे। मतलब मैं भी डरती हूं
- 54:23पापा से ही। तो पापा इज मतलब उनकी जो
- 54:27अथॉरिटी है उनसे हायर है। एक ये दो चीजें
- 54:29अथॉरिटी हो गई एस्टैब्लिश एज अ होल बच्चा
- 54:32ऐसे ही सोचता है। अब आगे पढ़ाने वाली बारी
- 54:35आई। पढ़ाने वाली बारी आई तो हमने क्या
- 54:38किया कि शुरू में वो डॉटेड लाइनें होती है
- 54:41ना। ऐसे करके डॉट होती है कि हम लिखना
- 54:44सिखाने से पहले वो जब अगर बाजार से बनी
- 54:47बनाई भी बुक लेकर आएंगे तो पहले वो डॉटेड
- 54:49आएंगी। स्ट्रेट लाइन, स्लंटिंग लाइन,
- 54:51हॉरिजॉन्टल वर्टिकल काइंड ऑफ और कर्व्ड
- 54:54लाइन ऐसे करके बच्चा जब पहली सीधी लाइन पर
- 54:56मान लो लाइन खींचना शुरू करता है। ही विल
- 55:00नेवर ड्रॉ स्ट्रेट। ऑब्वियस है। पहली बार
- 55:03जब उसने पकड़ी है। सबसे पहली बात तो उसने
- 55:05पेंसिल पकड़ी। मान लो उसने पेंसिल ऐसे
- 55:07पकड़ ली। अगला रिएक्शन मम्मा का नहीं बेटा
- 55:09इसको ऐसे नहीं ऐसे पकड़ते हैं। हमने उसको
- 55:11ऐसे पकड़ना सिखाया। मैसेज क्या आ गया
- 55:13दिमाग में? मम्मा ने आपको पेंसिल पकड़नी
- 55:16सिखा दी। कोई बुरी बात तो नहीं है? अगला
- 55:19वह लाइन सीधी नहीं गई। मान लो, टेढ़ी हो
- 55:22गई। अगले स्टेप पे क्या करती है? एक-एक
- 55:24करके करते हैं। हां जी। हाथ पकड़ के लिखवा
- 55:26देंगे। पहली बार में जब है ना? मैं आपको
- 55:29बता रहा हूं जो मैं आपको बता रहा हूं। वो
- 55:33है मोर देन 99% केसेस। मोर देन मतलब इसलिए
- 55:38कि 1000 में 10 आता है। इस हिसाब से 10 भी
- 55:41नहीं मिलती हैं। ऐसी मदद होगा क्या? पहले
- 55:45लाइन टेढ़ी चली गई ना गलती से। आप तो टीचर
- 55:48हैं। आप तो सारी टीचर्स हैं। आप में से भी
- 55:52सिर्फ एक मदर ने बोला कि तू पहले पकड़ना
- 55:54तो सीख बना तेरे से जो बनता है। बाकी ने
- 55:58क्या किया? किसी ने कॉपी मोड़ी, किसी ने
- 56:01लाइनें छ डॉट छोटे कर दिए। किसी ने दोबारा
- 56:05से बताया, किसी ने अप्रिशिएट किया। लेकिन
- 56:08मैक्सिमम क्या होगा? टीचर्स कम फर्टनिटी
- 56:10से बाहर चले जाइए। पेरेंट्स पे चले जाइए।
- 56:12पेरेंट्स क्या करेंगे? जिनकी मम्मी 10वीं
- 56:15तक पढ़ी है, 12वीं तक पढ़ी है और मेरे
- 56:18ख्याल से बहुत सारी पॉपुलेशन है ऐसी
- 56:20मेजॉरिटी में ये ऐसी पापुलेशन है।
- 56:22मेजॉरिटी पढ़ी लिखी नहीं है। तो वो क्या
- 56:24करेंगी कि वो डॉटेड लाइन जैसे ही उसने
- 56:27गलती करी वो इरेजर लेके सबसे पहले उसको
- 56:30मिटाती हैं। ऐसे नहीं बेटा सीधी कर फिर वो
- 56:33उसको सीधा करता है। अगली बार पर्ली साइड
- 56:35चली जाएगी लाइन। वो फिर मिटाती है और फिर
- 56:38क्या करते हैं? फिर भी गलती हो जाती है।
- 56:42तो जब यह देखती है मम्मा को अभी किचन में
- 56:44खाना भी बनाना है, गेस्ट भी आने वाले हैं,
- 56:47और काम भी करना है इसकी। ये लाइनों पे ही
- 56:50ले थोड़ी बैठे रहेंगे। तो फिर वो
- 56:51जल्दी-जल्दी उसको क्या करती है कि ले मैं
- 56:54कराती हूं और उसका हाथ पकड़ के वो लाइन
- 56:57सीधी कर देती है। दिस हैप्स मतलब मैक्सिमम
- 57:00टाइम्स दिस हैपन। अब ये होता है इसका एज अ
- 57:04होल इंपैक्ट हम लोग स्टडी करने के लिए
- 57:07यहां पर बैठे हैं। क्योंकि हमें ये
- 57:09मां-बाप को बताना है आने वाले वक्त में।
- 57:12हमें यह समझाना है कि इसका क्या असर होता
- 57:14है। जब मम्मा उसकी हर प्रॉब्लम का
- 57:17सॉल्यूशन कर रही थी तो वह देख रहा था कि
- 57:20मेरी मम्मा सुपर वीमेन की तरह है। मेरे
- 57:22पापा सुपर हीरो हैं। जब वो मिटा रही थी तो
- 57:26आप उसको मैसेज दे रहे थे कि तेरे से कुछ
- 57:28भी सही नहीं होने वाला। ऐसा होल मैसेज
- 57:31जाता है। मैं आपको यह बता रहा था। जैसे
- 57:32जेंटलमैन का मैसेज गया था। वैसे ही मिटाते
- 57:35ही यह मैसेज आएगा। मेरे से ठीक नहीं हो
- 57:37रहा। फिर जब आप उसका हाथ पकड़ के करवाते
- 57:40हो तो मैसेज जाता है कि मैं मेरी मां के
- 57:42बिना तो लिख ही नहीं सकता। और जिन-जिन की
- 57:45मांओं ने मिटा के अपने हाथ से उसको
- 57:48होमवर्क करवाया हुआ है। जिस-जिस ने उसको
- 57:51अपने हाथ से लिखना सिखाया हुआ है। आप में
- 57:54से जो है वो भी देख लेना और वह जो है वो
- 57:56भी देख लेना। उन उन को एक प्रॉब्लम होती
- 57:58है बड़ा होने के बाद पांचवी छठी में जाने
- 58:00के बाद कि जब तक मैं पास बैठी हूं तब तक
- 58:03तो कर लेता है मेरे उठते ही नहीं करता
- 58:06अपने आप नहीं करता क्योंकि आपने अपने आप
- 58:08करने वाली इंस्टिंक्ट तो उसके बचपन में ही
- 58:10मार दी उस पहली बार जब वो काम कर रहा था
- 58:13तभी मार दी और यह बात सिर्फ लिखने तक
- 58:16सीमित नहीं है जब वो साइकिल चला रहा है तब
- 58:19भी जब वो कुछ कलर कर रहा है दीवार पे कुछ
- 58:22कलर मार रहा है ऐसे इधर-उधर पेंसिल तब भी
- 58:25वो जब अपनी पट पट शर्ट के बटन जब शर्ट के
- 58:28बटन बंद कर रहा है तब भी लेसेस बांध रहा
- 58:31है तब भी खाना खा रहा है तब भी बेड पे
- 58:34खिंडा रहा है तब भी दूध पी रहा है तब भी
- 58:37पॉट कर रहा है तब भी नहा रहा है तब भी
- 58:40एवरी टाइम यू ट्राई टू करेक्ट हिम आप उसको
- 58:44सिखाते हो मग पकड़ना आप उसको सिखाते हो
- 58:47बैठना आप उसको सिखाते हो सब कुछ बंद करना
- 58:50खोलना सब कुछ एवरीथिंग देन यू गिव अ मैसेज
- 58:53ये आप नहीं कर सकते अपने आप यू नीड अ
- 58:55हेल्प यू नीड योर मदर, यू नीड योर फादर।
- 58:58एंड उस वक्त फील करो क्या होगा जब मम्मी
- 59:02को सिलेबस समझ में आना बंद हो गया। इमेजिन
- 59:04दैट मोमेंट। जैसे ही बच्चा आके बताता है
- 59:06मम्मा मेरे को समझाओ। वो कहती है बेटा
- 59:09हमने तो हिंदी में पढ़ रखा है। यह तो हमको
- 59:12नहीं समझ में आता है। तो बैक ऑफ द माइंड
- 59:14कहता है फिर पढ़ने के लिए मत कहना आज के
- 59:15बाद। बिकॉज़ यू आर नॉट अ स्पेशलिस्ट नाउ।
- 59:18समझ रहे हैं? वो आपकी बात क्यों माने?
- 59:21बिकॉज़ यू आर स्पेशलिस्ट। डॉक्टर की बात
- 59:23तभी मानता है ना वो स्पेशलिस्ट है। बीमारी
- 59:25के केस में उसी के पास जाते हो। गाड़ी
- 59:26खराब हुई तो डॉक्टर के पास थोड़ी जाते
- 59:27हैं। जो प्रॉब्लम है उसी का सशन है। सो आप
- 59:30क्या करते हैं उसको उसकी बेसिक इंस्टिं्ट
- 59:33आपने खत्म कर दी एंड तब आपने अपने भी हाथ
- 59:36खड़े कर दिए। नाउ ही इज टोटली अलोन। और यह
- 59:41बच्चों ने बताया मुझे। इट्स नॉट लाइक कि
- 59:44कोई मैं देख के बता दिया। बच्चे बताते
- 59:46हैं। पहले तो मम्मा कराती थी। अब कराती
- 59:48मैं क्या करूं? मम्मा को आता ही नहीं।
- 59:51पढ़ने पढ़ने को कहती रहती है। पढ़ ले पढ़
- 59:53ले पढ़ ले पढ़ ले पढ़ ले पीछे पड़ी रहती
- 59:54है। क्या पढूं यह पता नहीं मम्मी को। कैसे
- 59:57पढूं यह मम्मी को पता नहीं। समझाने समझने
- 1:00:00जाऊं तो बोलती है अपनी मैडम से पूछना।
- 1:00:01मैडम तो अगले दिन स्कूल में मिलेगी तो
- 1:00:03ट्यूशन रख दी। ट्यूशन वाली मैडम जो है
- 1:00:05उसको अपनी रसोई के काम से पूछत नहीं। वो
- 1:00:07होमवर्क फटाफट फटाफट करा रही है। वो भी तो
- 1:00:09यही सिखा सिखा तो रही नहीं ना हम। हम क्या
- 1:00:12कर रहे हैं कि जो हमने बताया वही लिखो। जो
- 1:00:16हमने सिखाया वही सीखो। जैसे हमने कहा वैसे
- 1:00:20ही करो और जैसे तुम्हारी कॉपी में लिखा
- 1:00:22वैसे ही पेपर में लिख के आओ। देन यू आर
- 1:00:24गुड बॉय। हां गुड बॉय वाले पे बात याद
- 1:00:26आया। एक पैरामीटर हम बहुत अर्ली स्टेज में
- 1:00:29नहीं बेटा अच्छे बच्चे ऐसा नहीं करते। गुड
- 1:00:32बॉय ऐसा नहीं करते।
- 1:00:34एक ये पैरामीटर्स हम लोग बड़े डिफाइन करते
- 1:00:37हैं। हमारे पेरेंट्स। क्या बैड बॉय का
- 1:00:39कांसेप्ट भी है? दिस इज अ वेरी बिग
- 1:00:41क्वेश्चन। क्या बैड बॉय का कांसेप्ट है?
- 1:00:45इसके बाद हम जब बात कर रहे थे हम वहां थे
- 1:00:49जहां मैं कह रहा था कि मैं ने कैसे सीखा
- 1:00:52हम लोग गाड़ी से जा रहे तीन साल का था
- 1:00:54मेरा बेटा जब तो एक चलते-चलते गाड़ी से
- 1:00:58मेरी साइड में बैठा था आवाज आई जोर-जोर से
- 1:01:01रोने की ऐसे-ऐसे करके वो सुबक रहा। मैंने
- 1:01:05उससे पूछा क्या हुआ बेटा? क्या हो गया?
- 1:01:08भाई एकदम से रोना शुरू कर दिया बिना ही
- 1:01:10कुछ बोले यार ना करे। एंड देन ही सेड आप
- 1:01:13तो कह रहे थे कि रेड लाइट पर रुकना होता
- 1:01:15है। आप तो रुके नहीं। ऐसे होंगे ना आपके
- 1:01:18पास। आप तो ऐसा कह रहे थे और सर क्राइंग
- 1:01:22मैं गाड़ी साइड में लगाई उसके हाथ जोड़े
- 1:01:26बेटा गलती हो गई। सॉरी आज के बाद ऐसा नहीं
- 1:01:30करूंगा। आई नेवर डिफेंडेड मसेल्फ। ही
- 1:01:33टोल्ड मी कि तुम गलत थे भाई। तुम तुम्हें
- 1:01:36समझ में नहीं आता। फिर हमें क्यों पढ़ा
- 1:01:37रहे हो? अगर खुद नहीं फॉलो करना है तो।
- 1:01:39मतलब ये मैं आपको इसलिए बता रहा हूं कि
- 1:01:42मेरा दोस्त गाड़ी चला रहा है। उसका बेटा
- 1:01:45साइड में बैठा है। मैं पीछे बैठा हूं और
- 1:01:48अगले वाले बाइक वाला ना एकदम घुस गया उसके
- 1:01:51बीच में और उसने एकदम जोर की ब्रेक मारी
- 1:01:54तो उसका बेटा अपने पापा की तरफ ऐसे देख
- 1:01:56रहा है। और उसके पापा चल पड़े तो वो बोलता
- 1:01:59है पापा गाली नहीं देनी थी। ही टोल्ड मी
- 1:02:02कि ऐसे टाइम पर मेरे पापा का यह रिएक्शन
- 1:02:04होता है। बच्चा ऑब्जर्व करता है छोटी से
- 1:02:07छोटी चीज। बड़ी से बड़ी। आप बेशक उसको यह
- 1:02:10मानते हो वो बच्चा है। वो बच्चा नहीं है
- 1:02:13एक्चुअली उसका इतना बड़ा दिमाग है जो आपकी
- 1:02:17छोटी से छोटी मूवमेंट आपके चेहरे के भाव
- 1:02:21तक पड़ रहा है। जब आप घर में घुसते हो ना
- 1:02:24तो डिमांड करने से पहले मूड देखता है।
- 1:02:29ये चेहरे पे कैसे भाव हैं? डिमांड अभी
- 1:02:32नहीं करनी। खाना खाते हुए करनी है कि टीवी
- 1:02:34देखते हुए करनी है? जब दोस्त से फोन पर
- 1:02:36बात कर रहा हो तब पूछता है पापा मैंने ये
- 1:02:38लेके आना है तो ताकि फोन पर बात करते करते
- 1:02:40कहते ठीक है ले आएंगे
- 1:02:42जब देखता है कि दोस्त से बात करते हुए
- 1:02:44थोड़ा कम बिजी होता है बट बॉस से बात करते
- 1:02:47हुए ज्यादा बिजी होता है तो जब बॉस का वेट
- 1:02:49करता है कि बॉस का फोन आने दो फिर ठोकूंगा
- 1:02:51ही इज दैट मच स्मार्ट एंड वी अंडरएस्टीमेट
- 1:02:53बिजी हम उसको सिखाने की कोशिश करते हैं
- 1:02:55दिक्कत क्या है मैं बहुत से पेरेंट्स को
- 1:02:58एक बात कहता हूं कि ये पॉसिबल है एंड इट
- 1:03:02इज मतलब प्रैक्टिकली दिस इज राइट राइट कि
- 1:03:06आपका बच्चा आपसे ज्यादा स्मार्ट है। यह सच
- 1:03:08है। आपका बच्चा आपसे ज्यादा स्मार्ट है।
- 1:03:11लेकिन आप उसको अपने जैसा बनाने की कोशिश
- 1:03:13कर रहे हो। आप उसको वैसे सोचने के लिए
- 1:03:14मजबूर कर रहे हो जैसे आप सोचते हो। ही
- 1:03:17थिंक्स स्मार्टर देन यू। लेकिन आप उसे कह
- 1:03:20रहे हो ना ना इतना स्मार्ट नहीं सोचना।
- 1:03:21अपनी तरह सोच। अपन ऐसे जिए थे तू भी ऐसे
- 1:03:25जिएगा। एंड दिस इज रियली हैपनिंग। और मैं
- 1:03:29समझता हूं यह बहुत गलत हो रहा है। हम उन
- 1:03:32बच्चों से सीख नहीं रहे हैं। उनसे अगर
- 1:03:34नहीं सीखेंगे तो डेफिनेटली वी आर गोइंग टू
- 1:03:37डाई। हम उनको नर्क में ले जा रहे हैं।
- 1:03:40कंफर्म है ये। कैसे? मैं आपको बताता हूं।
- 1:03:42मैंने आपको शायद डिस्कस भी किया था उस
- 1:03:45दिन। बट मैं बता रहा हूं कि जब मेरा बेटा
- 1:03:48ने ना नेशनल रिकॉर्ड्स बनाए और वह बड़ा
- 1:03:51हीरो बन गया पूरे नेशनल मीडिया में। तो
- 1:03:54अखबारों में, टीवी में आए उसके सारे मतलब
- 1:03:57चैनल्स में एक दिन घर आकर के रोने लगा वो
- 1:04:00कि मेरी क्लास के बच्चों ने मुझे मारा। वह
- 1:04:02उससे पहले उससे पूछा करते थे ना कि भाई
- 1:04:06तेरा फेवरेट तेरा बेस्ट फ्रेंड कौन है? तो
- 1:04:09वो कहा करता था पूरी क्लास मेरी बेस्ट
- 1:04:10फ्रेंड है। ऐसे बच्चे आपको देखेंगे अपनी
- 1:04:13क्लास में कि सारे ही बेस्ट फ्रेंड है। कि
- 1:04:15नहीं कोई तो होगा बेस्ट। कहता है नहीं
- 1:04:17सारे सबके साथ मेरी ट्यूनिंग बहुत है। तो
- 1:04:19उसकी ट्यूनिंग सभी के साथ बहुत अच्छी थी।
- 1:04:20बट जब वो आकर रोया उस दिन देन आई सेड कि
- 1:04:24क्या हुआ था? कहता मैं स्कूल नहीं जाऊंगा
- 1:04:26कल से। क्या हो गया? बच्चे मेरे को मारते
- 1:04:28हैं। कल भी मारा था। आज भी मारा। क्यों
- 1:04:32मारते हैं? खिलाते नहीं अपने साथ। कहते
- 1:04:34हैं तेरे को नहीं खिलाएंगे। तू गंदा है।
- 1:04:35तुमने ऐसा क्या किया? मैंने कुछ भी नहीं
- 1:04:37किया। फिर क्यों कहते हैं? वो कहते हैं कि
- 1:04:40मेरी तेरी वजह से ना हमारी मम्मी हमको
- 1:04:43पीटती है कि तुम्हारी क्लास में ही तो
- 1:04:44यशस्वी। उसके कौन सा दो सिर है। वह भी तो
- 1:04:46कर लेता है इतना। तू भी कर कि वो इतना याद
- 1:04:48कर लेता है। उसके पास इतनी अचीवमेंट्स
- 1:04:50हैं। वह अखबारों में आ रहा है। वह टीवी
- 1:04:51में उसके इंटरव्यू आ रहे हैं। तो तुम
- 1:04:53क्यों नहीं कर सकते? व्हाई कांट यू लर्न?
- 1:04:56एंड वो मतलब मैं उसको ऐसे देखता हूं कि ओ
- 1:05:00मतलब इसका मतलब कि मेरा बेटा अगर उनसे ऊपर
- 1:05:04है तो यह मेरे बेटे के लिए प्रॉब्लम है।
- 1:05:06बिकॉज़ वो बच्चा उसको अपने साथ एक्सेप्ट
- 1:05:09नहीं कर रहा क्योंकि उसके मां-बाप उसके
- 1:05:10ऊपर इस बात का प्रेशर डाल रहे हैं। 4 दिन
- 1:05:12पहले तो उसकी मम्मी फोटो खिंने आई थी घर
- 1:05:14और 2 दिन के 4 दिन के बाद उसका बच्चा मेरे
- 1:05:17बच्चे को मार रहा है। वो उसको अपने पीियर
- 1:05:18ग्रुप में नहीं रख रहा है। इसका मतलब क्या
- 1:05:21हुआ? कि जो दौड़ है यह मेरे बेटे को पूरी
- 1:05:24सोसाइटी से अलग कर देगी। अलग-थलग पड़े हुए
- 1:05:26अपने बच्चे को मैं लेकर कहां जाऊंगा भाई?
- 1:05:28हम क्या करते हैं? अपने वाले के लिए बहुत
- 1:05:30सारी सुविधाएं नहीं उस गंदे बच्चे के पास
- 1:05:32नहीं जाना। नहीं उसके पास नहीं जाना, नहीं
- 1:05:34उसके पास नहीं जाना। एंड देन व्हाट वी डू?
- 1:05:36हम उसको बताते हैं कि तेरे को अब मेरे को
- 1:05:39मेरे मेरे मेरे चाचा की एक बात बहुत याद
- 1:05:41आती है मुझे। बचपन में ना वो मुझे बोलते
- 1:05:44हैं एक बार पांचवी में था तब मैं। तू
- 1:05:46किसके साथ बैठता है क्लास में? मैं तो
- 1:05:49कहीं भी बैठ जाता हूं। सबसे अगली लाइन में
- 1:05:50तो कोई बैठा है मेरे साइड में। मुझे नहीं
- 1:05:52फर्क पड़ता। तुम्हारी क्लास में कौन है
- 1:05:54सबसे इंटेलिजेंट? अब मैं भी ठीक-ठाक
- 1:05:56इंटेलिजेंट था। तो मैंने कहा बस एक वो है
- 1:05:59एक वो है। दो नाम लिए तो बात सुन। मैंने
- 1:06:01कहा हां। अपने से होशियार बच्चे के साथ
- 1:06:04बैठा। मैंने कहा क्यों? बस अपने से
- 1:06:05होशियार के साथ बैठा कर। मैंने कहा उनके
- 1:06:07पेरेंट्स थोड़ी बैठने देंगे मेरे को फिर।
- 1:06:09मैं उनके बच्चे से कम होशियार हूं। सो
- 1:06:11व्हाई विल ही दे अलाउ? उनके वाले तो मना
- 1:06:13कर देंगे कि अपने से कम होशियार के साथ
- 1:06:15नहीं बैठना। अपने से कम अच्छे के साथ नहीं
- 1:06:17बैठना। तो ऐसे किस-किस के साथ बिठाएंगे
- 1:06:19हम? व्हाई आर वी इग्नोरिंग द 40 चाइल्ड?
- 1:06:24लास्ट बच्चे को क्यों इग्नोर कर रहे हैं
- 1:06:26हम? यह कितनी बड़ी प्रॉब्लम है सोसाइटी
- 1:06:27की। मैं नहीं पढ़ पाया तो इसमें मेरी क्या
- 1:06:29गलती है? ऐसा करके बच्चा मुझसे पूछता है।
- 1:06:32व्हाट शुड आई आंसर हिम? मेरे से नहीं पढ़ा
- 1:06:34जाता तो मैं क्या करूं? मुझे नहीं याद
- 1:06:35आता। मेरे को नहीं। आप एक बता दीजिए। आप
- 1:06:38एक बात बताइए।
- 1:06:40आप में से कौन है जो गालियां खाना चाहता
- 1:06:42है? आप में से कौन है जो अपने मां-बाप की
- 1:06:44डांट सुनना चाहता है? कौन टीचर की नजरों
- 1:06:47में गंदा होना चाहता है? कौन सोसाइटी की
- 1:06:49नजरों में गंदा इज देयर एनीवन? जो जान के
- 1:06:52प्लान करके गंदा बनता है। लेकिन क्या आप
- 1:06:54सबकी नजरों में अच्छे हो? हम सबकी नजरों
- 1:06:56में अच्छे भी नहीं हैं। लेकिन हम गंदा
- 1:06:58बनना चाहते नहीं। फिर भी हम गंदे हैं।
- 1:07:00व्हाई? बिकॉज़ जो सामने वाले ने पैरामीटर्स
- 1:07:03बनाए हुए हैं, हम उन पैरामीटर्स में फिट
- 1:07:06नहीं बैठ रहे। और यही कारण है कि हम उनके
- 1:07:09लिए सही नहीं हैं। करेक्ट नहीं है। तो
- 1:07:11व्हाई डू वी मेक पैरामीटर्स? जब हमने ये
- 1:07:15कहा कि दुनिया में एग्जिस्टिंग जितने
- 1:07:18बच्चे हैं जितने इंसान हैं हर एक यूनिक है
- 1:07:21तो क्या उनको हम किसी पैरामीटर में बांध
- 1:07:24के रख सकते हैं? क्या हम उन्हीं को अच्छा
- 1:07:25कहेंगे जो हमारे बनाए हुए पैरामीटर्स में
- 1:07:27सेट बैठते हैं? वी नीड टू थिंक ऑफ इट।
- 1:07:30इसीलिए दोबारा बैठ के इस बात पर चर्चा
- 1:07:32करनी पड़ेगी कि जैसा आप सोचते हो अगर आप
- 1:07:35उसकी गारंटी लेते हो कि वो 100% सही है तो
- 1:07:38फिर सबको वैसा ही बनाना शुरू कर देते हैं।
- 1:07:40सो वी आर बेसिकली ट्रेनिंग द चाइल्ड वी आर
- 1:07:44नॉट एजुकेटिंग हिम। एजुकेशन क्या मैं
- 1:07:47मानता हूं एजुकेशन मैं यह मानता हूं कि
- 1:07:50व्हेनएवर वी टॉक वी टॉक ऑफ एवरीवन। व्हाई
- 1:07:54टू एक्सक्लूड एनी सिंगल चाइल्ड? आप
- 1:07:57सोसाइटी से किसी को भी अलग कैसे रख सकते
- 1:07:59हो? जब मैं गांव में जाता हूं बिकॉज़ अब
- 1:08:02मैं गांव-गांव जाकर के लोगों को यह समझा
- 1:08:04रहा हूं कि भाई ये एजुकेशन सिस्टम अपने
- 1:08:08बच्चों को मतलब मौत के अलावा कुछ नहीं
- 1:08:10देगा। यह गारंटी है। क्योंकि सिस्टम ने या
- 1:08:13लोगों ने जिंदगी नौकरी को ही मान लिया और
- 1:08:15हमारा सिस्टम टॉपर तीन बच्चों को भी
- 1:08:18एडजस्ट करने की हैसियत नहीं रखता। जितने
- 1:08:21स्कूल आसपास हैं पूरी दिल्ली में टॉप पर
- 1:08:23तीन बच्चों को भी एडजस्ट नहीं कर पाता
- 1:08:25सिस्टम। बाकी तो छोड़ ही दो। तो जो बाकी
- 1:08:28के बच्चे हैं वो कहां जाएंगे? दिस इज अ
- 1:08:30क्वेश्चन। अगर जिंदगी वही है जो नौकरी से
- 1:08:32मिलती है तो बाकी तो मतलब मरने के लिए
- 1:08:34छोड़ दिया हमने। और जो छोड़ दिया मरने के
- 1:08:37लिए वो मेरे को लगता है कि जिसके पास खाने
- 1:08:40के लिए नहीं है, जिसके पास पहनने के लिए
- 1:08:42नहीं है, जो सोसायटी ने जिसके ऊपर लेबल
- 1:08:44लगा रखा है कि यू आर नॉट वर्दी, यू आर नॉट
- 1:08:47गुड एनफ। वो हमारे बच्चों के लिए खतरा
- 1:08:49नहीं बनने वाला क्या? आपको नहीं लगता कि
- 1:08:52वो उनके लिए खतरा बनने वाला है जो रोटी खा
- 1:08:53रहे हैं आराम से? चाहे वो चैन स्नैचिंग हो
- 1:08:57चाहे वो चोरी डकैती इवन जिसको हम अलग-अलग
- 1:09:01चीजों में प्रॉब्लम कहते हैं। मुझे गांव
- 1:09:04में वो कहता है कि यार ये क्यों हो रहा
- 1:09:07है? क्यों बढ़ता जा रहा है? देखो
- 1:09:09प्रॉब्लम्स बढ़ती जा रही है ना यह वाली
- 1:09:11चोरी की भी, डकैती की भी, एक्स्ट्रा
- 1:09:15मेरिटल अफेयर्स की भी।
- 1:09:18स्कूल में भी अफेयर्स की भी है ना स्कूल
- 1:09:21स्कूलिंग लेवल पर और कौन सी क्लास के लेवल
- 1:09:23पर आ चुकी है पता है आपको अरे सिक्स सेवंथ
- 1:09:28आप बात करते हो पहली क्लास वाले को पता है
- 1:09:31नर्सरी वाले को भी पता है सब कुछ उसको
- 1:09:33पढ़ना नहीं आता पर पोर्न साइट पता है उसको
- 1:09:34कौन कहां से होती है दिस इज ट्रक उसको
- 1:09:36मालूम है कहां से उसको क्या देखना है मैं
- 1:09:39अभी सेवंथ में है मेरा बेटा तो सिक्स्थ
- 1:09:41में था तब वो बहुत बिकॉज़ मेरा एक
- 1:09:44पैरेंटिंग की खासियत क्या है कि मैं अपने
- 1:09:46बेटे को कभी करेक्ट नहीं करता। उसको नहीं
- 1:09:49कहता कि तूने यह गलत सोचा। सो ही टेल्स मी
- 1:09:52एवरीथिंग और नेचुरल वे में बताता है। अब
- 1:09:56मैंने उसको छठी में बोला कि मैंने उसे
- 1:09:58पूछा अपने लाइट वे में अपने देसी भाषा में
- 1:10:01देसी मैंने कहा यार किसी के घर कॉपी-कपी
- 1:10:03लेने चलना हो तो बता दियो। दोनों बाइक पे
- 1:10:05चलेंगे आप। तो बोलता है मतलब ऐसे करके।
- 1:10:08मेरे साथ गाड़ी में जा रहे थे हम लोग ना।
- 1:10:10बोला मतलब? मैंने कहा मतलब यह है यार तुम
- 1:10:12छठी में हो गए हो। अभी तक तो तुम्हारे को
- 1:10:15क्लास में कोई लड़की लड़की पसंद आ गई होगी
- 1:10:18तो तुम लोग करने लग गए होंगे अब तो मेरे
- 1:10:20वाली कौन सी तेरे वाली कौन सी वाली टाइप
- 1:10:22ऐसे करके मेरी तरफ देख के कहता है हम तो
- 1:10:24पांचवी में लग गए थे करने
- 1:10:30आप लेट हो गए पूछते हुए इससे पहले मैं ये
- 1:10:33एक्सपेरिमेंट कर चुका था उसके ऊपर मैं ये
- 1:10:36देख चुका था कि बच्चे कि जो ये इस तरह की
- 1:10:40जो चीजें हैं बच्चों में कहां से आ रही
- 1:10:42हैं किस तरह तरह से आ रही हैं और क्या
- 1:10:44क्या टीवी इसके लिए जिम्मेदार है या क्या
- 1:10:48मतलब मोबाइल इसके लिए जिम्मेदार है तो इन
- 1:10:51चीजों को हम देखने की कोशिश कर रहा था तो
- 1:10:53क्या ये सोसाइटी में अभी आई है बच्चों तक
- 1:10:55पहली क्लास के या पहले भी थी तो मैं देख
- 1:10:57रहा हूं ये तो मोबाइल के आने से बहुत पहले
- 1:10:59से ही है। क्या होता था कि पहले अकेलापन
- 1:11:02थोड़ा कम मिलता था बच्चों को तो इसलिए
- 1:11:04उसका एक्सपोज़र कम हो पाता था। आसपास सभी
- 1:11:07लोग जॉइंट फैमिलीज वगैरह होती बड़ी फैमिली
- 1:11:09होती थी तो एक्सपोज़र कम होता था तो दिखता
- 1:11:11ही नहीं था कि इसके दिमाग में यह चल रहा
- 1:11:13है। दिमाग में तो चल रहा होता था। अब मैं
- 1:11:15उसको देखता हूं कैसे? कैसे ट्रांसफॉर्म
- 1:11:17होता है? जब वो फोर्थ में था तो मैंने एक
- 1:11:20एक्सपेरिमेंट किया चौथी क्लास में होते
- 1:11:22हुए मैंने उसकी मदर को बोला पूनम मैं अबकी
- 1:11:26बार ना इस बार इसको पूरा गंध खिलाड़ाने का
- 1:11:29मौका दूंगा। और अब के गर्मी की छुट्टियों
- 1:11:32में ना इसकी कोई क्लास नहीं लगाऊंगा। कोई
- 1:11:34स्विमिंग नहीं, कोई आर्ट क्लास नहीं, कोई
- 1:11:37चेस क्लास कुछ नहीं इसकी। पूरा दिन वेला।
- 1:11:41एंड मैं इसको ऑब्जर्व करूंगा कि क्या करता
- 1:11:43है पूरा दिन वेला हो करके। आमतौर पे मैं
- 1:11:45क्या करता हूं कि क्योंकि वो इकलौता है तो
- 1:11:47मुझे उसके अंदर वो शेयरिंग वाली हैबिट
- 1:11:50डालनी होती थी। तो मैं हर दो महीने में
- 1:11:52अपने भांजे भतीजे जो हैं वो बुलाता लेता
- 1:11:55था। मतलब ऐसे करके तो कोई ना कोई या दोस्त
- 1:11:57का बच्चा आ गया। कोई 4 दिन कोई 10 दिन ऐसे
- 1:12:00करके रह गया। और एवरीवन ट्राई कि यार
- 1:12:02देवेंद्र के साथ तो बच्चे को फायदा ही
- 1:12:04होना है। तो भेज दो। वो खुश हो के भेजते
- 1:12:06थे। तब क्या है कि सारे भांजे भांजियां सब
- 1:12:09आ गई मेरे घर में। चार बच्चे छोटे और एक
- 1:12:11वो पांच हो गए। सुबह ही 5:00 बजे उठ जाते।
- 1:12:14पार्क में दौड़ जाते, खेलते रहते।
- 1:12:17जबरदस्ती दूध पिलाने लाना पड़ता। फिर खेल
- 1:12:20गए। फिर खाना वगैरह सब ऐसे जैसे नॉर्मली
- 1:12:22होता है कि खेलने में ही पूरा दिन लगे हुए
- 1:12:24हैं पागलों की तरह। दोपहर में मुश्किल से
- 1:12:26उनको रोकते कि भाई गर्मी गर्मी जब ज्यादा
- 1:12:29गर्मी होती है तो 10:00 बजे आ जाया करो और
- 1:12:31उसके बाद घर में रह के खेला करो। इस
- 1:12:33प्रोसेस में एक महीना बीत गया। सारे बच्चे
- 1:12:36वापस चले गए। देन स्कूल में जाने वाले दो
- 1:12:40दिन बच गए। मैंने रात को बैठा। मैंने कहा
- 1:12:42विनय चल एक खेल खेलते हैं। एक थोड़ा सा
- 1:12:46बात करते हैं। हां बताओ। कॉपी ले आ।
- 1:12:49रजिस्टर ले आया वो। मैंने रजिस्टर में
- 1:12:52लाइनें ड्रॉ करनी शुरू की। मैं कहा एक
- 1:12:54लाइन यहां पे ड्रॉ कर ले। तो वो स्केल से
- 1:12:56लग गया लाइन ड्रॉ करने।
- 1:12:58मैंने कहा जितने बच्चे पार्क में मिले ना
- 1:13:00इस पूरे 1 महीने में तेरे को कौन-कौन याद
- 1:13:03है वो लिख दे। उन सबके नाम लिख दिए जो जो
- 1:13:06जिसको जानता था वो। फिर मैंने बोला ये
- 1:13:09कहां-कहां रहते हैं अब वो लिख दे। किसी का
- 1:13:11पता था, किसी का नहीं पता था। कौन सी
- 1:13:14क्लास में है वो लिख दे। लिख दिया सब कुछ।
- 1:13:17अब यह लिख इनके साथ कौन सा खेल खेलता था
- 1:13:20तू? किसी के साथ दौड़ रहा है, किसी के साथ
- 1:13:23लुक्का छिप्पी खेल रहा है, किसी के साथ
- 1:13:24क्रिकेट खेल रहा है, किसी फुटबॉल के साथ
- 1:13:26लगता है। ऐसे करके उन्होंने लिख दिया। एंड
- 1:13:28देन अब लिख कि इसकी कौन सी बात तुम्हें
- 1:13:31बहुत अच्छी लगती है? तो उसने वो अच्छी
- 1:13:32बातों में लिख दिया यह हमें खेलने के लिए
- 1:13:35टॉयज दे देता है। यह चौथी में था जो उनके
- 1:13:38लेवल की जो बातें होती हैं। बट द
- 1:13:40अलार्मिंग सिचुएशन क्या थी कि अब यह लिख
- 1:13:44कि तेरे को इसकी कौन सी बातें अच्छी नहीं
- 1:13:45लगती हैं। तब वो बता रहा है यह मुझे यहां
- 1:13:48हाथ लगाता है। यह मुझे जबरदस्ती किस करता
- 1:13:51है। यह मुझे लिप्स पे किस करता है। यह ऐसे
- 1:13:55गोदी में बिठाता है तब अच्छा नहीं लगता।
- 1:13:57और वह एक-एक बात उसने लिखकर मुझे बताई कि
- 1:14:00यह यह वाले लड़के हैं जो मुझे अच्छे नहीं
- 1:14:03लगते। देन मैंने पूछा कि क्या तुम्हें यह
- 1:14:05अपनी जिंदगी में दोबारा चाहिए? तुम्हें
- 1:14:06इनके साथ खेलना है? नहीं खेलना। तो क्रॉस
- 1:14:09मार दे इन पे। उनके नाम के ऊपर मैंने उसके
- 1:14:12हाथ से क्रॉस लगवा दिया। यह कहीं दिख जाए
- 1:14:14तो फिर अब अवॉइड कर जाना। उसको अवॉइड कर
- 1:14:18लिया। बट द कंक्लूजन ऑफ द होल रिसर्च। फिर
- 1:14:21मैंने और बातें भी बहुत सारी पूछी। उनका
- 1:14:24रिजल्ट क्या निकला? मैंने देखा क्योंकि हम
- 1:14:26अपने बच्चे को 1 साल बड़े बच्चे या एक साल
- 1:14:29छोटे बच्चे के साथ खेलने से तो मना नहीं
- 1:14:30करते। तो 12वीं वाला बच्चा जो है वह
- 1:14:32ग्रेजुएशन वाले बच्चे के साथ बात कर रहा
- 1:14:34है खुल के तो 12वीं वाला 10वीं वाले के
- 1:14:36साथ भी कर रहा है और 10वीं वाला आठवीं
- 1:14:39वाले के साथ भी कर रहा है और आठवीं वाला
- 1:14:41इन टर्न कर कर के पहली वाले के पास आया
- 1:14:43पड़ा है तो जो एक एडल्ट हैप्पीली मैरिड
- 1:14:47लाइफ का जो आईडिया है और जो कांसेप्ट है
- 1:14:50और जो ज्ञान है वो सारा ज्ञान पहली क्लास
- 1:14:53के बच्चे के पास पहुंचा हुआ है। फर्क
- 1:14:54सिर्फ इतना है कि अगर मैं अभी आपके कान
- 1:14:57में कुछ बोल दूं और आप आगे बताने लगो वहां
- 1:14:59तक तो यहां तक आते-आते उसका मतलब ही कुछ
- 1:15:01और हो जाएगा। बस फर्क सिर्फ इतना है कि
- 1:15:02एग्जैक्ट बात ट्रांसफर नहीं हो रही है। एज
- 1:15:05इट इज़ जिसने जैसा समझा देखा सोचा जिसका
- 1:15:08जैसा दिमाग वो वैसा कांसेप्ट बनाया और
- 1:15:10अगले को पेल दिया। बस दैट्स व्हाई हमारे
- 1:15:12पास वो सारा नॉलेज ऑलरेडी सबसे छोटे बच्चे
- 1:15:15के पास भी है। इसलिए किसी चीज से भाग नहीं
- 1:15:18सकते। किसी चीज से को अवॉइड नहीं कर सकते।
- 1:15:22आप यह नहीं कह सकते कि इसके साथ नहीं
- 1:15:25भेजेंगे लेकिन इसके साथ भेजेंगे। जिसके
- 1:15:28साथ भेज रहे हो उसके साथ वो सिक्योर है।
- 1:15:30इट्स नॉट ट्रू। ऐसा आप श्योर नहीं हो
- 1:15:33सकते। तो इसलिए आपको हर बच्चे पे काम करना
- 1:15:36पड़ेगा। इसलिए आपको हर मां-बाप पे काम
- 1:15:38करना पड़ेगा। क्योंकि आपके बच्चे को किससे
- 1:15:41नुकसान होगा आपको भी नहीं पता। छोड़ नहीं
- 1:15:43सकते किसी को भी। दैट्स व्हाई मैंने यह
- 1:15:45सोचा कि मैं अपने बच्चे को टॉपर बना
- 1:15:47दूंगा। बट रहना तो इसी सोसाइटी में है।
- 1:15:50सोसाइटी पे काम नहीं किया तो बच्चे पे काम
- 1:15:53नहीं होगा। यह कंफर्म है। जो जैसा भी है
- 1:15:56बुरा है, अच्छा है, अच्छी बातें पता है,
- 1:15:58किसी को बुरी पता है, उसको वैसा का वैसा
- 1:16:00एक्सेप्ट करना पड़ेगा और एक्सेप्ट करके ही
- 1:16:03उसके ऊपर काम करना पड़ेगा। क्योंकि मैं यह
- 1:16:06मानता हूं कि जिसके दिमाग में 24 घंटे
- 1:16:10पोर्न साइट चलती हो बड़े बंदे के बड़ा
- 1:16:12बंदा जो है उसको भी अगर अपनी पसंद का काम
- 1:16:15मिल जाए तो काम का नशा अलग ही होता है
- 1:16:19बशर्त कि आपको उसमें मजा आना चाहिए भूल
- 1:16:21जाता है वो सब नहीं रहता कुछ भी ध्यान
- 1:16:24बशर्ते कि उसको मजा आना अपने काम में
- 1:16:27चाहिए क्योंकि अपने काम से बड़ा नशा कोई
- 1:16:30नहीं होता बिकॉज़ वहां से आपको इज्जत मिलती
- 1:16:33है वहां से आपको एक्सेप्ट ेंस मिलती है।
- 1:16:36वहां से आपको फाइनेंसियल मदद भी मिलती है।
- 1:16:38वहां से आप सोसाइटी में एक बेहतर इंसान के
- 1:16:40तौर पे इमर्ज करते हो। सो इट इज वेरी
- 1:16:44इंपॉर्टेंट कि उस बच्चे को किसी एक चीज या
- 1:16:49दो चीजों की लत बचपन में ही पड़ जाए।
- 1:16:52जिनको करते हुए वो टीवी भी भूल जाए। वो
- 1:16:55मोबाइल भी भूल जाए। जब तक यह इस लेवल पर
- 1:16:58हम नहीं सोचना शुरू करेंगे। जब तक मां-बाप
- 1:17:00को इस लेवल पर ट्रेंड नहीं करेंगे जो
- 1:17:02नर्सरी में आपके पास आ रहा है। जब तक हम
- 1:17:05उसको इस लेवल पर नहीं समझाएंगे तब तक
- 1:17:08उम्मीद मत कीजिएगा कि आप सोसाइटी को
- 1:17:11एजुकेशन को स्कूल को बेहतर बना सकते हो उस
- 1:17:14बच्चे के लिए कभी भी नहीं बना पाएंगे और
- 1:17:16टीचर का काम सिर्फ नौकरी भर नहीं होता है।
- 1:17:19टीचर का काम सिर्फ 8 से दो या 8 से तीन नौ
- 1:17:22से तीन नहीं चलता है। टीचर का काम दिन रात
- 1:17:25चलता है। एक मोमेंट के लिए भी आप अपने
- 1:17:28बच्चों से अलग नहीं हो सकते। अगर आप एक
- 1:17:30मोमेंट के लिए भी उनसे अलग सोचना शुरू कर
- 1:17:32दिया, तो आप टीचर नहीं हो। फिर आप सैलरीड
- 1:17:35पर्सन हो। फिर आप सिर्फ सैलरी ले रहे हो।
- 1:17:38फिर आप अपने आप को टीचर मत कहो। क्योंकि
- 1:17:41दिस इज द मोस्ट चैलेंजिंग जॉब। मोस्ट
- 1:17:44चैलेंजिंग जॉब। हां, हाइली पेड है कि
- 1:17:47नहीं? हमें इज्जत मिलती है कि नहीं? यह एक
- 1:17:50सेकेंडरी पार्ट है। बट यह सबसे चैलेंजिंग
- 1:17:52जॉब है। मैं यह मानता हूं। क्योंकि आपका
- 1:17:54काम है आपकी क्लास में पढ़ने वाले बैठने
- 1:17:57वाले और आपको सुनने वाले हर बच्चे की उस
- 1:18:00प्रॉब्लम की जड़ तक जाना उसका रीजन ढूंढना
- 1:18:04उसके लिए प्रयास करना मेरा यह मानना है
- 1:18:07प्रयास सबसे इंपॉर्टेंट है। मैं यहां आपके
- 1:18:10बीच आया हूं। यह मेरा प्रयास है और इस
- 1:18:13प्रयास को कोशिश कर रहा हूं कि आप इसको
- 1:18:14एक्सेप्ट कर लें। आप अपना प्रयास बना लें।
- 1:18:17हम नहीं कहते हम दुनिया बदल देंगे, स्कूल
- 1:18:20बदल देंगे, सिस्टम बदल देंगे। हम ये कहते
- 1:18:21हैं हम प्रयास तो कर रहे हैं कम से कम हम
- 1:18:23इस दिशा में सोच तो रहे हैं और जैसे ही आप
- 1:18:25सोचना शुरू करोगे जैसे ही उस बच्चे को आप
- 1:18:28मैसेज दोगे कि तुम गलत हो गए कोई बात नहीं
- 1:18:31वी एक्सेप्ट यू एज व्हाट यू आर वो एक बार
- 1:18:34और टेस्ट करेंगे कि खामखाई तो नहीं कह रहे
- 1:18:37सच्ची में एक्सेप्ट करते हैं कि नहीं एक
- 1:18:40बार दो बार और उसकी गलती को वैसे ही
- 1:18:42एक्सेप्ट कर लेना कोई चक्कर नहीं बेटा कोई
- 1:18:43टेंशन नहीं हमने भी की बचपन में ऐसी
- 1:18:45गलतियां उसके बाद वो आपका गुलाम हो जाएगा
- 1:18:48कंफर्म है ऐसे बच्चे देखे होंगे आपने जैसे
- 1:18:50जैसे ही आपने उसको एक्सेप्ट किया वो बच्चा
- 1:18:53आपका हो गया। फिर आप उसे जो कहेंगे वो
- 1:18:55कहेगा इस मैडम की तो सारी मान लेता इसकी
- 1:18:57नहीं मानता। ऐसे बहुत स्मार्ट टीचर्स हैं
- 1:19:00जो एक्सेप्ट करना जानते हैं उस बच्चे को
- 1:19:02विद देयर मिस्टेक्स विद देयर डिफॉल्ट्स
- 1:19:05विद देयर फॉल्ट। इसलिए इट्स वेरी
- 1:19:08इंपॉर्टेंट कि हम उनको एक्सेप्ट करें जैसे
- 1:19:12वो हैं। तो ये कुछ बेसिक्स हैं जिन पर हम
- 1:19:18देखिए इनके ऊपर डिस्कशन इज द मोस्ट
- 1:19:20इंपॉर्टेंट पार्ट जैसे आपको एक पार्ट पर
- 1:19:23समझ आएगा तो अगले पर मूव कर जाएंगे हम और
- 1:19:27अच्छा चाय पानी का किसी को लगा है क्या
- 1:19:29तलब नींद आ गई
- 1:19:31वो घड़ी ना फिक्स है मतलब ना भी देखो तो
- 1:19:34भी यार इस टाइम कुछ हो रहा है वो क्या
- 1:19:37चक्कर है वही ना वो आप 11:00 बजे के हिसाब
- 1:19:40से सेट है अच्छा एक बात बताइए सिंपली मेरे
- 1:19:44ख्याल से यह बिना ब्रेक का लॉन्गेस्ट
- 1:19:47लेक्चर सुना होगा आपने डेढ़ घंटे तक का।
- 1:19:50क्या ऐसा होता है कि हम 1ढ़ घंटा
- 1:19:52कंटीन्यूअस कनेक्टेड रहते हैं? कनेक्शन
- 1:19:54बीच में टूटता ही टूटता है। मेरा मकसद
- 1:19:56सिर्फ इतना सा था कि क्लास में अगर बात
- 1:19:59बच्चे की समझ में आ रही है अगर वह उससे
- 1:20:02रिलेटेड है तो आपके साथ वो जल्दी कनेक्ट
- 1:20:05होता है। दिक्कत क्या हो रही है कि जो
- 1:20:07तूपड़ मेथड है या जो मार्किंग वाला है नंबर
- 1:20:11वही इस क्वेश्चन का आंसर ये है लिखलाई और
- 1:20:13वो वो कनेक्ट ही नहीं होने देता टीचर को
- 1:20:16बच्चे के साथ और ये बिगेस्ट प्रॉब्लम मैं
- 1:20:19महसूस करता हूं कि स्कूल में जो सबसे बड़ी
- 1:20:22प्रॉब्लम है वो कनेक्शन की प्रॉब्लम है कि
- 1:20:25बच्चा कनेक्ट नहीं हो पा रहा कहीं भी नहीं
- 1:20:27कनेक्ट हो पा रहा कहीं भी नहीं का मतलब है
- 1:20:31इसके पीछे एक और बड़ा कारण मैं मानता हूं
- 1:20:34वो यह है कि मक मकसद क्या है? यानी कि
- 1:20:38आपका बच्चा पैदा करने का मकसद क्या है?
- 1:20:40मतलब पेरेंट का, किसी का भी ये बहुत
- 1:20:43इंपॉर्टेंट है। दूसरा आप ये तो एक वो हो
- 1:20:46गया। अगर इसको थोड़ा स्पिरिचुअल लैंग्वेज
- 1:20:48में बात की जाए और ऐसा किसी से अगर सुना
- 1:20:51हो आपने किसी आध्यात्मिक गुरु से कि आप
- 1:20:54सेलेक्ट नहीं करते हो बच्चा कौन आया आपके
- 1:20:56घर में। वो बच्चा सेलेक्ट करता है कि मेरे
- 1:20:58पेरेंट्स कौन होने चाहिए। और वह उस बेसिस
- 1:21:00पे डिपेंड और इस बेसिस पे होता है कि आप
- 1:21:04जब कंसीव करते हो तो आपके दिमाग में क्या
- 1:21:07है और यह ट्रुथ है। इसमें कोई वो नहीं है।
- 1:21:10आपका बच्चा किस दिशा में जा रहा है। वह
- 1:21:13दिशा वही है जो आपने तब डिसाइड की थी जब
- 1:21:16उसके लिए आप प्लान कर रहे थे। कि मेरा
- 1:21:19बेटा बड़ा होकर मेरे लिए मकान बनाएगा,
- 1:21:22पैसा कमाएगा, मेरी सहारा बनेगा बुढ़ापे का
- 1:21:27या बहुत पढ़ लिख के बड़ा अफसर बनेगा। वो
- 1:21:30उस दिशा में जा रहा है ऑलरेडी। एक आधा तो
- 1:21:32ऐसा होता है ना बड़ा हो के अपने को गुंडा
- 1:21:33बनाऊंगा मैं तो अपने वाले को। ऐसा भी होते
- 1:21:35हैं बड़े सारे। ठीक है? तो वो जा रहा है
- 1:21:37उस वक्त। वो उस वक्त गलती से उन्होंने
- 1:21:39कांसेप्ट ले लिया तो वो बनेगा ही मतलब
- 1:21:42डेफिनेटली। इसके थोड़ी अगली कड़ी में अगर
- 1:21:44हम बात करें तो जिस जगह पर आप आज बैठे हैं
- 1:21:49उसका मकसद क्या है? ये समझना भी बहुत
- 1:21:52जरूरी है क्योंकि हमारे यहां टीचर कौन
- 1:21:55बनता है ये आपको भली-भांति पता है। पता है
- 1:21:57जो टीचर बनना चाहता है वो बनता है या मतलब
- 1:22:01अब देखिए एक बच्चा जब 10वीं के मार्क्स
- 1:22:04आते हैं उसके बेसिस पर उसको एडमिशन मिलता
- 1:22:06है अगला भाई स्ट्रीम मिलती है नंबरों के
- 1:22:10बेसिस पर फिर उसको कॉलेज मिलता है फिर
- 1:22:13उसको पढ़ाई मिलती है फिर उसको प्लेसमेंट
- 1:22:16मिलता है जिसको प्लेसमेंट नहीं मिलता है
- 1:22:18वह यूपीएससी की तैयारी करता है
- 1:22:21यूपीएससी की छोड़कर वह स्टेट सिविल्स की
- 1:22:23तैयारी करता है। वह जिसको लगता है कि यार
- 1:22:26अपने बस की यह खेल नहीं है। वह फिर एसएससी
- 1:22:28की तैयारी करता है। सब इंस्पेक्टर के लिए
- 1:22:30या आर्मी में एनडीए के लिए या फिर
- 1:22:33ग्रेजुएशन के बाद कोई कंपनी ज्वाइन कर ली
- 1:22:36या और दूसरी चीजों के लिए तो वो ज्वाइन
- 1:22:38करता रहता है। ऐसे करके ना जो जो बच जाते
- 1:22:41हैं आखिर में ना फिर सोचते हैं कि और कुछ
- 1:22:43नहीं मिल रहा तो चलो जेवटी कर लेते हैं।
- 1:22:45बीएड कर लेते हैं। दिस इज ट्रुथ इन मोर
- 1:22:48देन 95% केसेस। मोर देन 95% केसेस की बात
- 1:22:53कर रहा हूं मैं। हमने अपने बच्चे को टीचर
- 1:22:56बनाने के लिए मुझे नहीं पता कितने लोग
- 1:22:58अपने बच्चे को यह कहते हैं कि तू टीचर
- 1:22:59बनना बड़ा होकर के टीचिंग बहुत अच्छी जॉब
- 1:23:01है। मुझे नहीं लगता कि हम कहते हैं।
- 1:23:04सोसाइटी में कोई भी नहीं कहता है।
- 1:23:05गवर्नमेंट जॉब के लिए चलना हो एक अलग बात
- 1:23:08है। सरकारी नौकरी के लिए एक अलग बात है।
- 1:23:12लेकिन बच्चे के खुद ही इतना पैशनेट है वह
- 1:23:15बच्चा कि वह गुड्डियों को पढ़ाती है बच्ची
- 1:23:17अगर कोई वो अपने खिलौनों को पढ़ाता है
- 1:23:19खड़ा करके। वो इतना पैशनेट है वो अलग बात
- 1:23:23है। वो उसको कितना कैरी कर पाता है। बट
- 1:23:26हमारे यहां टीचर आखिरी कांसेप्ट होता है
- 1:23:30हमारे एजुकेशन सिस्टम। आप देखिए आप पढ़ाते
- 1:23:32कैसे हैं? आपका पढ़ाने का तरीका क्या है?
- 1:23:36वही तरीका है जो मैंने आज से 20 साल पहले
- 1:23:38देखा था। मैं जब स्कूल में था और आज जब
- 1:23:42मैं स्कूल देखता हूं उससे इत क्या आपको
- 1:23:45फर्क महसूस होता है? हां बिल्कुल ठीक है
- 1:23:48बात। उसका फायदा नहीं है। दिस इज एन
- 1:23:50आइडियलिस्टिक सिचुएशन व्हिच यू आर टॉकिंग
- 1:23:53अबाउट। और जैसे मैं आपको बताऊं टीचर्स को
- 1:23:58टीचर्स को ट्रेंड करने की कोशिश की जा रही
- 1:24:00है और यह मुझे लगता है लव लवली स्कूल पहला
- 1:24:05स्कूल है दिल्ली में। अगर आप यह कह रहे हो
- 1:24:08तो मान लो मैं अगर मेरे को कह रहे हो और
- 1:24:10जो दूसरे सेमिनार्स की जहां तक मैं कहता
- 1:24:12हूं जैसे सीबीएसई के सेमिनार्स आपने देखे
- 1:24:14होंगे। सीबीएसई के सेमिनार्स क्या करते
- 1:24:17हैं? आपको एक मॉड्यूल देते हैं। एक
- 1:24:18मॉड्यूल देते हैं। वो बना बनाया मॉड्यूल
- 1:24:21होता है। करिकुलम फ्रेमवर्क है। उसको लेके
- 1:24:24करते हैं। आपको सिखा देते हैं और आप आ
- 1:24:27जाते हैं। ये ये जो बात है ना ये आपने इस
- 1:24:31सेशन में लागू की है। ये आपने ये कहा कि
- 1:24:34हमने तीन दिन अलर्ट रहे और उसके बाद चालू
- 1:24:36हो गया। मतलब इट इज़ स्टिल हैपनिंग।
- 1:24:39इस बार मैं बड़ा सा
- 1:24:41फोर्सली।
- 1:24:41पिछले साल मैंने काफी कब देखा इस चीज को।
- 1:24:44किसी का ऑब्जर्व किया। हां यही उसी बात से
- 1:24:47हर वक्त यही चलता रहता है। पिछले साल तक
- 1:24:49भी इन्होंने ऑब्जर्व किया यही चलता रहता
- 1:24:51है। हां बेसिकली हम क्या कर रहे हैं हम
- 1:24:54वही कर रहे हैं जो आपने कहा और जो आपने
- 1:24:58कहा हम क्या कर रहे हैं कि जैसा हम कह रहे
- 1:25:00हैं वही सही है। जो हम तरीका बता रहे हैं
- 1:25:02वही सही है। जब हम बात करते हैं ग्रोथ की
- 1:25:05ओवरऑल ग्रोथ की तो नहीं आप बहुत सही कह
- 1:25:09रहे हैं। हम इसी एंगल पर बात हां हां
- 1:25:13एजुकेशन सिस्टम की हम बात कर रहे हैं। इसी
- 1:25:15पे हम हमारा पर्पस यह है बात करने का। इन
- 1:25:19मैडम ने कहा कि आज को-करिकुलर एक्टिविटीज़
- 1:25:22बहुत ज्यादा होती हैं। ठीक है? आप आपको इन
- 1:25:27को-करिकुलर एक्टिविटीज़ के पीछे मां-बाप
- 1:25:30क्या सोचते हैं? आपको पता है एज अ पेरेंट।
- 1:25:32एज अ पेरेंट तो सर, मैं भी सुना कि हां
- 1:25:35बच्चा कहीं कोई फील्ड तो उसे समझ में आ
- 1:25:37रही है। तो वो ग्रो कर रहा है।
- 1:25:39मेरा बेटा क्रिकेट में इंटरेस्ट लेता है।
- 1:25:42तो वो उसको आप कितना भी खिला लो। जी
- 1:25:45और खिलाने के बाद भी अगर मैं उसे कहूंगी
- 1:25:47बेटा एक घंटा पढ़ ले तो वो पढ़ लेता है।
- 1:25:49पढ़ लेता है। वो
- 1:25:50क्या ऐसा भी हुआ कि उसके पापा ने उसे कभी
- 1:25:52समझाने की कोशिश की हो कि बेटा क्रिकेट
- 1:25:54में बहुत पॉलिटिक्स चलती है और तू कोई
- 1:25:56सिंगल गेम ले ले और हम कोई सिंगल गेम लेके
- 1:25:59खेलते हैं तो उसमें ज्यादा ग्रोथ होएगी।
- 1:26:01नहीं हमने आज तक कुछ ऐसी कोशिश नहीं की।
- 1:26:05लेकिन ऐसे करते हैं। देखिए जो हम बात कर
- 1:26:07रहे हैं दिस इज मोर देन 95% पीपल।
- 1:26:10एक्सेप्शन वो बात 5% हम छोड़ के चले हुए
- 1:26:13हैं। वो 5% हम इसलिए छोड़ के चले हुए हैं
- 1:26:16क्योंकि उसके दो कारण हैं। और दो की बजाय
- 1:26:19उसका एक ही कारण मैं समझता हूं कि चाहे
- 1:26:23एक्सीडेंटली चाहे डेलीबेटली। आपके
- 1:26:26पेरेंट्स ने आपकी ऐसी पैरेंटिंग कर दी कि
- 1:26:28आप अपने काम से खुश हैं। अगर आप खुश हैं
- 1:26:31तो आप अपने बच्चे को खुश होने का पूरा हक
- 1:26:34देंगे। आप उसको पूरा मौका देंगे। आप उसको
- 1:26:37पूरी फ्रीडम देंगे। सिर्फ और सिर्फ अगर आप
- 1:26:40खुश हैं और इसका सिर्फ एक ही कारण है। यह
- 1:26:42जो 5% है ना वह यही लोग हैं क्योंकि जिस
- 1:26:46वक्त साइना नेहवाल पूरी दुनिया में नंबर
- 1:26:48वन रैंक पे आई तो उसका एक इंटरव्यू आया कि
- 1:26:51मेरे पापा मुझे 4:00 बजे उठा के ले जाते
- 1:26:54थे स्कूटर पे। मैं नींद में उंगती हुई
- 1:26:56जाती थी और मेरे को मेरे पापा मेरे को
- 1:27:00पूरा दिन वहां पर प्रैक्टिस कराते थे और
- 1:27:03मैं इस तरह से बहुत स्ट्रांग हो गई और मैं
- 1:27:06कर गई और मेरे जो कोच हैं मिस्टर प्रकाश
- 1:27:09पादुकोगों वो बहुत बढ़िया मुझे कोचिंग भी
- 1:27:13उन्होंने दी। यह उन्होंने मतलब ऐसा कुछ
- 1:27:15करके बताया। तो क्या साइना नेहवाल के पापा
- 1:27:19की वजह से वह वहां पहुंची या साइना नेहवाल
- 1:27:22वैसी थी या प्रकाश पोदुकोण वैसा कोच था।
- 1:27:25इस पे क्या हुआ कि मैं उस वक्त अपने बेटे
- 1:27:28को टेनिस खिलाने के लिए लेके जाया करता
- 1:27:30था। ही वास जस्ट फाइव ईयर ओल्ड। तो मैंने
- 1:27:34देखा कि उसके इंटरव्यू के बाद इमीडिएटली
- 1:27:37जहां पे जो अह टेनिस की क्लास थी वो
- 1:27:40सर्दियों के दिनों में उसका इंटरव्यू आया
- 1:27:42था। और जहां टेनिस क्लास 6:00 बजे शुरू
- 1:27:45होती थी, उसके बाद वो 5:00 बजे शुरू होनी
- 1:27:48शुरू हो गई। उसके इंटरव्यू के बाद कुछ
- 1:27:50पेरेंट्स ने इंसिस्ट किया कोच को कि हम
- 1:27:52अपने को सुबह-सुबह जल्दी लेकर आया करेंगे।
- 1:27:54और यह कंटीन्यूअस हुआ। इसके थोड़े से अगर
- 1:27:58दूसरे पैराटर्स पे गौर करें तो दीपिका
- 1:28:00पादुकोण वाज़ आल्सो एन इंटरनेशनल
- 1:28:03बैडमिंटन प्लेयर। खुद प्रकाश पादुकोण उसके
- 1:28:06पापा इंडिया के बहुत बेहतरीन कोचेस में
- 1:28:08होते हुए भी अपनी बेटी को बैडमिंटन में
- 1:28:10कंटिन्यू नहीं करा पाए और उसे बैडमिंटन
- 1:28:12छोड़ना पड़ा बीइंग एन इंटरनेशनल प्लेयर वो
- 1:28:15इंटरनेशनल खेल चुकी थी। अगर प्रकाश
- 1:28:17पादुकोण इतने अच्छे कोच होते तो सारे ही
- 1:28:19बच्चे फिर वैसे बनने चाहिए थे। अगर उसके
- 1:28:22पापा की वजह से वह बन पाई तो फिर सारे जो
- 1:28:24जिन-जिन के पापा सुबह उठा के ले जाते हैं
- 1:28:26फिर वो सारे बनने चाहिए थे। अगर साइना
- 1:28:28नेहवाल की वजह से बन पाई तो जो जो इतनी
- 1:28:30स्ट्रगल करते हैं वो सारे बन जाते। बट इट
- 1:28:32नेवर हैपन। हमारे यहां जो जोर लगा रहे
- 1:28:34हैं, अगर गलती से या डेलीबेटली या तो
- 1:28:39मां-बाप इतने अवेयर, इतने इंटेलिजेंट,
- 1:28:43इतने ऑब्जर्वर, तगड़े ऑब्ज़र्वर हैं कि वह
- 1:28:46उस बच्चे की हर एक्टिविटी को ऑब्ज़र्व
- 1:28:49करके, कैलकुलेशन करके, उससे पूछ के,
- 1:28:51कैलकुलेट करके उसको उस दिशा में या तो ले
- 1:28:53जा रहे हैं। या गलती से मां-बाप चाहता था
- 1:28:56और वो उसी चीज के लिए बना था बाय चांस। वो
- 1:28:595% लोग आर हैप्पी इन दिस इंडिया इन दिस
- 1:29:02कंट्री। यह इंडेक्स हैप्पीनेस इंडेक्स
- 1:29:05पूरी रिपोर्ट है और आप अपनी सोसाइटी में
- 1:29:08देख पाते हो कि मोर देन 95% पीपल इन
- 1:29:11इंडिया आर नॉट हैप्पी विद द जॉब दे आर
- 1:29:13डूइंग। एजुकेशन सिस्टम को नहीं ये था
- 1:29:16हैप्पीनेस इंडेक्स का। कंट्री का रैंकिंग
- 1:29:19था। मैं जो बात कह रहा हूं 194 लोग यूएन
- 1:29:22में रजिस्टर्ड अगर हैं मतलब कंट्रीज हैं
- 1:29:24तो उसमें से वह 170 180 के आसपास थे वह।
- 1:29:28है ना? और उन्होंने दिया था। लेकिन मैं तो
- 1:29:30अपनी रिसर्च भी बता रहा हूं और आप अपने
- 1:29:33आसपास में ढूंढ लीजिएगा। मतलब हमारे यहां
- 1:29:35आसपास सोसाइटी में आपको कैसे लोग मिलेंगे
- 1:29:38आप देख लीजिए। मतलब इट्स नॉट एक और बात
- 1:29:40बताऊं मैं आपको। जो मैं आपको बता रहा हूं
- 1:29:42वो मैं अपनी फाइंडिंग्स बता रहा हूं। जो
- 1:29:44मैं आपको बता रहा हूं अपना तजुर्बा शेयर
- 1:29:46कर रहा हूं आपके साथ। नाउ यू नीड टू
- 1:29:48एनालाइज कि हम कहां खड़े हैं। आप ऑलरेडी
- 1:29:51एक पॉइंट आगे खड़े हैं तो फिर क्या जरूरत
- 1:29:53है पीछे आने की आपको। समझ रहे हैं ना आप?
- 1:29:55अगर आप चार पॉइंट पीछे खड़े हैं तो दो
- 1:29:57पॉइंट आगे से लगाइए। एक सिंपल फंडा है।
- 1:29:59हमने यह कहा कि आप अपने आसपास देखेंगे
- 1:30:03मोर देन 95% पीपल इन इंडिया और ये
- 1:30:06परसेंटेज अमेरिका में 80% पे है। मतलब
- 1:30:09वहां जो डेवलप्ड कंट्रीज है वहां भी यह
- 1:30:11हाल है। जिनको हम कहते वहां कम से कम
- 1:30:14इंसान को इंसान के तौर पे इतनी रिस्पेक्ट
- 1:30:16तो मिलती है। हमारे यहां तो इंसान के तौर
- 1:30:18पे हमें क्या रिस्पेक्ट मिलती है? यू नो
- 1:30:20वेरी वेल। एज अ पर्सन हमें कितना क्या
- 1:30:22समझा जाता है? हमारे यहां तो एजुकेशन
- 1:30:24मिनिस्ट्री का नाम भी ह्यूमन रिसोर्स
- 1:30:25मिनिस्ट्री कर दिया गया। हम तो रिसोर्सेज
- 1:30:28हैं बेसिकली अगर देखा जाए तो हम तो
- 1:30:30इस्तेमाल करने की चीज है। तो क्या हुआ कि
- 1:30:34जब 95% लोगों की हम यह बात करते हैं कि दे
- 1:30:38आर नॉट हैप्पी विद द वर्क दे आर डूइंग तो
- 1:30:40हाउ कैन दे बी अ मोटिवेशन टू दी पीपल टू
- 1:30:44बी हैप्पी। अगर हम यह देखें आप अपनी ही
- 1:30:47लाइफ से सोच लीजिएगा कि सुबह से लेकर शाम
- 1:30:50तक जो भी काम आप करते हैं उसमें आपको
- 1:30:53कितना आनंद आता है। मतलब उठकर घर का काम
- 1:30:56करने से लेकर के स्कूल में आने से लेकर के
- 1:30:59जाने के बाद बच्चों के साथ लगने से लेकर
- 1:31:02के और रात तक चाहे उसमें ड्राइविंग भी
- 1:31:04इंक्लूड हो गई। डू यू लव ड्राइविंग? डू यू
- 1:31:07लव दिस थिंग? डू यू लव दिस थिंग? तो यू
- 1:31:09विल फाइंड कि मैक्सिमम चीजें हम वो कर रहे
- 1:31:11हैं जो हमें करनी पड़ रही हैं। पड़ रही
- 1:31:13हैं। और इट्स इज द ट्रुथ। क्योंकि हमें या
- 1:31:16तो अर्न करना है या हमें कहीं एक स्टेटस
- 1:31:19चाहिए या हमें कहीं ना कहीं सोसाइटी में
- 1:31:21अपनी एक पोजीशन चाहिए। क्योंकि हमें यह
- 1:31:23लगता है कि हम इस पोजीशन पर होंगे तो
- 1:31:26सोसाइटी हमें एक्सेप्ट करेगी। रीज़न बीइंग
- 1:31:29कि इंसान हो चाहे जानवर हो चाहे कोई दूसरी
- 1:31:33स्पीशीज हो। एव्री स्पीशीज इज फाइटिंग फॉर
- 1:31:37सर्वाइवल इंस्टिंक्ट। बेसिकली वो अपने आप
- 1:31:40को एक्सेप्ट करवाना चाहती है कि
- 1:31:42एनवायरमेंट उसको एक्सेप्ट कर ले जैसे हम
- 1:31:44हैं। नहीं है तो वो खुद को अपने आप को
- 1:31:46चेंज कर लेते हैं। एडप्टेशन जिसे हम कहते
- 1:31:49हैं। फिर हम एडप्टेशन पे लगे हुए हैं। वी
- 1:31:51आर नॉट अब क्योंकि वो तो चलो एनवायरमेंट
- 1:31:54के साथ किसी स्पीशीज का या किसी जानवर का
- 1:31:57होता है। बट अगर बच्चों पे अगर इस चीज को
- 1:31:59लेके जाए हम तो उनको भी हम वही आदत डाल
- 1:32:03रहे हैं एडप्टेशन की। कि हमने अडॉप्ट
- 1:32:05किया। हमने इन चीजों को अडॉप्ट किया तो
- 1:32:07तुम भी करोगे आने वाले टाइम में। हम इस
- 1:32:10प्रोसेस को रिवर्स में ले जाने की बात
- 1:32:12करते हैं जो हम करते हैं कि यू नीड टू
- 1:32:14अंडरस्टैंड द चाइल्ड एंड यू नीड टू
- 1:32:16रिफ्रेम द एनवायरमेंट। अभी जब हम इस रियल
- 1:32:20कांसेप्ट पे आएंगे कि कैसे अंडरस्टैंड
- 1:32:22करना है, कैसे समझना है? क्या लॉजिक है,
- 1:32:27कैसे सोचते हैं? यह वाली चीजें तो बाद में
- 1:32:29चलती रहेंगी। इंटरवल के बाद कितनी देर का
- 1:32:32इंटरवल है? और फिर हम वी बिगिन विद द
- 1:32:35फर्स्ट टॉपिक दैट इज थॉट प्रोसेस एंड
- 1:32:38पर्सनालिटी।
- 1:32:39थैंक यू वेरी मच।
- 1:32:44[संगीत]
- 1:32:46कुछ चीजें ऐसी होंगी जो आप ऑलरेडी अवेयर
- 1:32:49होंगे। कुछ चीजें बहुत अलग नहीं होंगी जो
- 1:32:53आपने सीखा है। बस हम थोड़ा डेप्थ में
- 1:32:56जाएंगे। हो सकता है क्योंकि आपके पास
- 1:32:58मल्टीपल इंटेलिजेंस और पर्सनालिटी से
- 1:33:00रिलेटेड ऑलरेडी आपकी ट्रेनिंग हुई हुई है।
- 1:33:02एक है और एमआई से रिलेटेड आपकी ट्रेनिंग
- 1:33:04हुई है। हम थोड़ा और थोड़ा डेप्थ में
- 1:33:06जाएंगे। थोड़ा प्रैक्टिकल इंप्लिकेशन की
- 1:33:08तरफ हम मूव करने की कोशिश करेंगे कि हम
- 1:33:11प्रैक्टिकली उनको कैसे समझते हैं। मल्टीपल
- 1:33:13इंटेलिजेंस से पहले हम थोड़ा सा इस बात पे
- 1:33:16फोकस करते हैं कि कोई भी इंसान सोचता कैसे
- 1:33:21है? डिसीजन मेकिंग किस बेसिस पर लेता है?
- 1:33:24ये अ पहला सवाल होगा क्योंकि जब भी आपको
- 1:33:28करियर से रिलेटेड डिसाइड करना है। इवन
- 1:33:31आपको शर्ट भी खरीदनी है, आपको मोटरसाइकिल,
- 1:33:34कार कुछ भी खरीदना है, घर बनाना है, कोई
- 1:33:37भी डिसीजन लेना है लाइफ का। मेजर शादी
- 1:33:39करनी है। तो आपका जो बेसिक थॉट प्रोसेस
- 1:33:42होगा, वह वही रहेगा जैसे आप पैदा हुए हो।
- 1:33:45जैसा आपका दिमाग का ओरिजिनल ब्रेन है। वह
- 1:33:49आप नहीं उस थॉट प्रोसेस को रोक नहीं सकते।
- 1:33:54उसको बदल नहीं सकते। तो इसलिए जब हमें यह
- 1:33:58पता चल जाए कि हमारा बच्चा जो क्लास में
- 1:34:01है, और जो हमारा स्पाउस है, हमारा कोलीग
- 1:34:05जो पार्टनर है, दोस्त है, उसकी ओरिजिनल
- 1:34:08मैन्युफैक्चरिंग यह है। उसकी बेसिक थॉट
- 1:34:11प्रोसेस यह है। तो और आप इसको नहीं बदल
- 1:34:14सकते, तो देन इट इज़ इज़ियर कि आप उसको
- 1:34:18एक्सेप्ट कर लें। जब आपको पहले ही मालूम
- 1:34:20है। मान लीजिए हम अह मेरिटल काउंसलिंग में
- 1:34:24प्रीमेरिटल काउंसलिंग में हम दोनों को
- 1:34:26लड़का और लड़की को हम यह बताते हैं कि
- 1:34:28देखो तुम्हारी होने वाली बीवी का जो सोचने
- 1:34:31का तरीका है वह इस तरह का है। वो चीजों को
- 1:34:33ऐसे लेती है। अब तुम इस और तुम ऐसे लेते
- 1:34:36हो। तो ये सिचुएशंस आएंगी। तो तुम्हें ई
- 1:34:39इस तरह से बिहेव अगर तुम करोगे तो
- 1:34:42डिस्प्यूट नहीं होगा। यहां पे तुम
- 1:34:43कंट्राडिक्टरी आएगा तुम्हारा विचार। और अब
- 1:34:46जब आएगा आपको मालूम है तो फिर कोई इशू
- 1:34:48नहीं है। अगर वो आप मान लो मुझे अब मैं
- 1:34:51अपने पापा से कुछ मांगने गया या मैं उसको
- 1:34:53उनको कुछ कहने गया और जैसे ही उन्होंने
- 1:34:57मुझे कुछ कहा तो मैं अपनी मम्मी को बोला
- 1:34:59मेरे को पता था ये ऐसे ही कहेंगे। अब मेरे
- 1:35:02को पता था वो ऐसे ही कहेंगे तो कोई डिस
- 1:35:04कोई दिक्कत नहीं है। मतलब इफ वी ऑलरेडी
- 1:35:06हैव सम अजंपशंस कि वो ऐसा जैसे छोटा बच्चा
- 1:35:09है ना कि जा अपने पापा को बोल नहीं पापा
- 1:35:12नहीं देंगे। पता है बच्चे को कि मेरे पापा
- 1:35:13मेरी बात नहीं मानेंगे या मानेंगे उनको
- 1:35:16मालूम है तो घर में कौन मान सकता है दादा
- 1:35:18मानेंगे दादी मानेंगे कौन तो वो देखते हैं
- 1:35:20कि किसका तो एक इंसान के तीन बिहेवियर
- 1:35:23होते हैं बेसिकली वो ये आपको समझना पड़ेगा
- 1:35:26एक वो है जो इननेट बिहेवियर है। पैदाइशी
- 1:35:29बिहेवियर जिसकी अभी हम बात करेंगे। पहले
- 1:35:32हम पैदाइशी बिहेवियर को देख लें। दूसरे
- 1:35:35नंबर पे आता है अडॉप्टेड बिहेवियर। यह
- 1:35:38अडॉप्टेड बिहेवियर जो होता है आमतौर पे
- 1:35:40फिर जैसे बच्चा बोला मम्मी ने चपेट लगा दी
- 1:35:44तो समझ जाएगा कि यह वाली बात आगे से
- 1:35:46बोलूंगा तो चपेट पड़ेगी। तो उसने अडॉप्ट
- 1:35:48कर लिया आगे से दिमाग में आ रहा है वही
- 1:35:50बात लेकिन बोलेगा नहीं। ठीक है ना? जैसे
- 1:35:52कई बार आपको ऐसा लगेगा कि नहीं ये तो ऐसे
- 1:35:54नहीं करता। वो नहीं करता इसका यह मतलब
- 1:35:57नहीं है वो नहीं सोचता। वो सोच रहा है
- 1:35:59सिर्फ कर नहीं रहा क्योंकि आपने रूल बना
- 1:36:02रखा है स्कूल में। आपने फोर्सफुली जैसे
- 1:36:05आपने कहा था कि हमने फोर्सफुली उसको ऐसे
- 1:36:07करा तो उनको पता है कि यह रूल है मैडम
- 1:36:09गुस्साएंगी इससे तो वह बिहेवियर नहीं शो
- 1:36:12करेगा लेकिन उसके अंदर से तो आवाज वही
- 1:36:15आएगी ना जो ओरिजिनल है वो नहीं जा सकती और
- 1:36:18तीसरा बिहेवियर है कंटेस्टुअल
- 1:36:21कंटेक्स्चुअल वो बिहेवियर वो होता है जब
- 1:36:24इंसान अपनी एक किसी कुर्सी पर बैठा है। आप
- 1:36:27प्रिंसिपल की जगह पर बैठकर के एक क्रिकेट
- 1:36:30कोच की तरह बिहेव नहीं कर सकते या क्रिकेट
- 1:36:33प्लेयर की तरह बिहेव नहीं कर सकते। आप
- 1:36:35जहां बैठे हो एज अ टीचर यार तुम तो समझदार
- 1:36:39हो यार अब तो तुम टीचर बन गए हो। अब तो
- 1:36:41थोड़ा ढंग से बिहेव करो। ऐसा करके हम
- 1:36:42डायलॉग सुनने को मिलेगा हमें या हम किसी
- 1:36:45को कहेंगे कि अब तुम यह बन गए हो तो
- 1:36:47तुम्हें इसके हिसाब से बिहेव करना चाहिए।
- 1:36:50यह कंटेक्चुअल बिहेवियर है। तो अभी हम बात
- 1:36:54करेंगे इननेट बिहेवियर की। बाकी के दो
- 1:36:56बिहेवियर सीखे जाते हैं और आमतौर पर जिस
- 1:37:00जगह पर हम बैठे हुए हैं सारे के सारे हम
- 1:37:03अपने कंस्ट्रक्चुअल बिहेवियर में हैं। मैं
- 1:37:05मतलब एज अ ट्रेनर खड़ा हूं तो उस तरह से
- 1:37:08हाथ हिला रहा हूं, बोल रहा हूं, कह रहा
- 1:37:09हूं, आई कांटेक्ट बना रहा हूं। आप उस
- 1:37:12हिसाब से क्योंकि एज अ टीचर हैं तो जब आप
- 1:37:14क्लासरूम में होते हो, तब आपका यह वाला
- 1:37:16मोड होता है जो मेरा मोड है। है ना? और
- 1:37:18फिर घर में जाते हैं तो हम एक बाप की तरह
- 1:37:20बिहेव करते हैं। मां की तरह बिहेव करते
- 1:37:22हैं। बहन की तरह मतलब अलग-अलग इंसान से हम
- 1:37:25अलग-अलग कॉन्टेक्स्ट में बात करते हैं। वो
- 1:37:27हमारा कंस्ट्रक्चुअल बिहेवियर है। और
- 1:37:29अडॉप्ट हमने कर ही लिया है। अडॉप्ट हम
- 1:37:31कैसे करेंगे? ओरिजिनल नेचर के हिसाब से
- 1:37:33अडॉप्ट करेंगे। यानी कि जैसे हम यह कह
- 1:37:37देते हैं कि हर बच्चे के ऊपर एनवायरमेंट
- 1:37:40का असर होता है। एक्चुअली किसी को यह नहीं
- 1:37:43पता कि एनवायरमेंट का कितने परसेंट असर
- 1:37:45होता है। कोई कहता है कि यह तो सारा का
- 1:37:48सारा एनवायरमेंट के हिसाब से चलता है
- 1:37:50बच्चा। कोई बच्चे के ऊपर बिल्कुल असर नहीं
- 1:37:52होता एनवायरमेंट का। किसी बच्चे पर आधी
- 1:37:54बातों का होता है। आधी बातों का नहीं होता
- 1:37:56है। ऐसे ही होता है। तो अब हम जब इसको
- 1:38:00खत्म करेंगे तो हमें समझ में आ जाएगा कि
- 1:38:03यह वाला पर्टिकुलर बच्चा एनवायरमेंट से
- 1:38:06इतना लेगा। ऐसे लेगा ये तरीका होगा जब तक
- 1:38:10हम एंड पे पहुंचेंगे। तो पहले हम बेसिक
- 1:38:12नेचर समझ लें। जितने टाइप के पैटर्न्स
- 1:38:15बिहेवियर हैं थॉट प्रोसेस का जो पैटर्न है
- 1:38:18पहले हम वह समझ लें। तो हमें अपने आसपास
- 1:38:20के लोग दिखने शुरू हो जाएंगे। यह वाला काम
- 1:38:23मेरा यह वाला बच्चा करता है। मेरा यह वाला
- 1:38:25काम यह वाला तो वो हमें पता लगना चाहिए कि
- 1:38:26यह ऐसे सोचेगा। जो ऐसे सोचेगा उसकी यह
- 1:38:31प्रॉब्लम्स होंगी। ये प्रॉब्लम्स जेन्युइन
- 1:38:34है। अगर यह ऐसा कर रहा है तो वो ओरिजिनल
- 1:38:36है। अब इसको हमने कैसे मोल्ड करना है आगे
- 1:38:40कैसे ट्रेंड करना है। कैसे पढ़ाना है,
- 1:38:42कैसे सिखाना है यह आसान हो जाएगा फिर आप।
- 1:38:46सो हम सबसे पहले पहला कांसेप्ट ये है
- 1:38:50पर्सनालिटी हम डिस्कस करेंगे। पर्सनालिटी
- 1:38:53में एक इंसान की दो पर्सनालिटी होती हैं।
- 1:38:56एक को हम बोलते हैं इंट्रा पर्सनल
- 1:38:58पर्सनालिटी और दूसरी होती है इंटरपर्सनल
- 1:39:02पर्सनालिटी।
- 1:39:03यह आपने अपने बीएड में भी पढ़ा होगा। और
- 1:39:06जब भी डॉ. हावर्ड गार्डनर की थ्योरी पढ़ी
- 1:39:08होगी आपने बीएड में मल्टीपल इंटेलिजेंस
- 1:39:10थ्योरी और डिफरेंट थ्योरीज़ और पढ़ी होंगी,
- 1:39:13तो वहां पे इंटरपर्सनल और इंट्रा पर्सनल
- 1:39:15का जिक्र आपके सामने आया होगा। इसको
- 1:39:18प्रैक्टिकली हम कैसे लेते हैं? अभी तक जो
- 1:39:21आपने करा वो मतलब हो सकता है वो ऐसे किया
- 1:39:23हो कि हमने एग्जाम देना है जो उसमें लिखा
- 1:39:25हुआ है उस हिसाब से हम सोचते हैं। इसका
- 1:39:27रियल में क्या है? इंट्रा पर्सनल
- 1:39:30पर्सनालिटी का मतलब है इंट्रा का मतलब
- 1:39:33अपने आप से रिलेटेड होता है खुद से। यानी
- 1:39:36मैं खुद में क्या हूं? खुद में क्या हूं?
- 1:39:38ओरिजिनली क्या हूं? और इंटरपर्सनल का होता
- 1:39:40है कि लोग मुझे कैसा देख। इसका मतलब जब
- 1:39:43मैं अपनी अपने अपने स्पाउस के साथ हूं,
- 1:39:48अपने बच्चों के साथ हूं, अपने मां-बाप के
- 1:39:50साथ हूं। या ऐसे किसी शख्सियत के साथ हो
- 1:39:54जो मेरे इतने क्लोज है और इतना ज्यादा
- 1:39:56मेरे साथ रहता है कि मेरी कुछ भी चीज हिडन
- 1:39:59नहीं है। ओरिजिनल नेचर मेरा बाहर दिख रहा
- 1:40:02है सबको कि मैं सोते टाइम कैसे पड़ा होता
- 1:40:04हूं। मैं खाता कितना अच्छे से हूं। हम मैं
- 1:40:09बैठता कैसे हूं मतलब पसर के बैठता हूं कि
- 1:40:11सीधा या मतलब मेरा जो ओरिजिनल है कि कोई
- 1:40:14फर्क नहीं पड़ता कोई देख रहा है कि नहीं
- 1:40:15देख रहा। वो इंट्रा पर्सनल। तो वो
- 1:40:17बिहेवियर होता है उन लोगों के साथ। और
- 1:40:19दूसरा होता है इंटरपर्सनल कि जैसे ही घर
- 1:40:23से बाहर कदम रखें तो लोग मुझे क्या सोें?
- 1:40:26मुझे लोग एक इंटेलिजेंट आदमी के तौर पर
- 1:40:29जाने या मेरे को कोई फर्क नहीं पड़ता या
- 1:40:31मैं ऐसा दिखना चाहिए। और यह चीज आप प्लान
- 1:40:34करके नहीं कर सकते। जैसे आपने बहुत से
- 1:40:36लोगों को समझाया बहुत बार कि यार तुम ना
- 1:40:38ऐसे मत किया करो। यह तो अच्छा नहीं लगता।
- 1:40:40वह बेचारे के बस की बात ही नहीं है। वह
- 1:40:43नहीं कर पाता। आपकी तरह से नहीं सोच पाता।
- 1:40:46तो वो इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस है। वो
- 1:40:48पर्सनालिटी है। दैट मींस कि अच्छा यह
- 1:40:52दोनों चीजें सेम भी हो सकती हैं और
- 1:40:56डिफरेंट भी हो सकती है। ऐसे बच्चे भी आपने
- 1:40:58देखे होंगे जिनकी मम्मी आपको शिकायत
- 1:41:01लगाएगी कि घर में तो यह टिक के ही नहीं
- 1:41:03बैठता। आप कहोगे नहीं नहीं बहुत अच्छा
- 1:41:05बच्चा है। यहां तो कोई दिक्कत नहीं है
- 1:41:06इसको। या आप उसको कहते हो कि आपका बच्चा
- 1:41:10क्लास में इस तरह की शरारतें करता है। वो
- 1:41:12कहोगे नहीं मैडम मेरा बच्चा तो बहुत अच्छा
- 1:41:14है घर में तो। बेसिकली उस बच्चे की
- 1:41:16इंट्रापर्सनल पर्सनल पर्सनालिटी और
- 1:41:19इंटरपर्सनल दोनों अलग-अलग हैं। इसका मतलब
- 1:41:21यह समझ जाइए। कोई हमारा घर का कोई मेंबर
- 1:41:24या कई बार मैंने ऐसा कई लेडीज को शिकायत
- 1:41:28करते सुना अपने हस्बैंड से कि जब तुमको हम
- 1:41:30कुछ काम कह दे तो तुम्हारे को सिर में
- 1:41:32दर्द हो रहा होता है। तुम्हारे दोस्त का
- 1:41:34फोन आ जाए तो तुम मोटरसाइकिल उठा के तभी
- 1:41:36दौड़ जाते हो। इसका मतलब उसका पर्सनालिटीज
- 1:41:40दोनों अलग-अलग हैं। जब वह आप घर वाले बंदे
- 1:41:43से बात कर रहा है तो दूसरी पर्सनालिटी बात
- 1:41:45कर रही होती है और जब बाहर का आदमी उससे
- 1:41:47बात कर रहा है तो दूसरी कर रही हो। तो इस
- 1:41:49तरह से वो दोनों पर्सनालिटीज़ डिफरेंट हैं।
- 1:41:52तो वो डिफरेंट बिहेवियर होगा। बंदे को देख
- 1:41:54के बात करेगा। के यार मेरे साथ ऐसे नहीं
- 1:41:56करता। वो वो कहता है नहीं मेरे साथ तो ऐसे
- 1:41:58ही करता है। क्योंकि इसका मतलब आप उसके
- 1:42:00लिए आपकी जगह अलग है और उसकी जगह अलग है।
- 1:42:03क्लियर हुआ? आपका इंट्रा पर्सनल और इंटर
- 1:42:05पर्सनल दोनों सेम है मान लो फिर आप सबके
- 1:42:08लिए बराबर हो चाहे वह कोई भी बच्चा हो फिर
- 1:42:10वह घर में भी वैसा ही है और बाहर भी वैसा
- 1:42:12ही है आपका कोई सवाल है मैम
- 1:42:15यहां बात ऑब्वियसली इंटरपर्सनल पर ही मैं
- 1:42:19प्रेस उस पर ज्यादा स्ट्रेस दूंगी
- 1:42:21बिल्कुल
- 1:42:21और अगर मेरी बेटी मेरे घर में मेरे
- 1:42:24रिलेटिव्स मेरे मेंबर्स फैमिली मेंबर्स
- 1:42:26मुझसे बात कर रहे हैं उनके साथ मेरा
- 1:42:28इंट्रा पर्सनल ही जाएगा जैसे ही मैं हूं
- 1:42:31या वो भी हैं वैसा ही चलेगा मतलब मतलब
- 1:42:33देयर विल नॉट बी
- 1:42:35मैं रेफरिंग दैट इंटर पर्सन
- 1:42:37मैं वही कह रहा हूं। मैं इसी पॉइंट पे
- 1:42:39दोनों में कंट्राडिक्ट होगा ही होगा।
- 1:42:42नहीं ये हर बार नहीं होता। जब हम इसके एंड
- 1:42:44तक पहुंचेंगे ना पर्सनालिटीज के चारों
- 1:42:47पर्सनालिटीज को जब हम कर चुके होंगे तो
- 1:42:49आपको एकदम क्लेरिटी आ जाएगी कि आप ऐसा
- 1:42:52क्यों करते हैं और वो दूसरा बंदा ऐसा
- 1:42:54क्यों नहीं कर पाता।
- 1:42:55टू जस्ट इनएक्ट ऑन द बेसिस ऑफ़ माय इंटर
- 1:43:00इंटरपर्सनल बिहेवियर।
- 1:43:02हां। इसी इसी चीज को समझाने के लिए मैंने
- 1:43:05तीनों चीजें बोली कि आपके तीन बिहेवियर
- 1:43:07हैं। अडॉप्टेड भी इसमें आता है।
- 1:43:09कंस्ट्रक्चुअल भी आता है। आप अपने बॉस को
- 1:43:12मना नहीं कर सकते लेकिन आपका अपने बॉस का
- 1:43:16बात मानने का मन नहीं कर रहा है। यह भी तो
- 1:43:18हो सकता है ना। एक ऐसा है जो बॉस ने कहा
- 1:43:21ठीक है सर। और एक ऐसा है कि अंदर से आ रहा
- 1:43:24है कि नहीं करने का मन है। लेकिन ठीक है
- 1:43:26सर। कहना तो ठीक है सर ही पड़ रहा है पर
- 1:43:28अंदर क्या चल रहा है हम जिस बात पे गौर कर
- 1:43:32रहे हैं वह वह बात है कि अंदर क्या चल रहा
- 1:43:34है हम इस बात पर गौर नहीं कर रहे हैं कि
- 1:43:37वह कह क्या रहा है कर क्या रहा पॉइंट
- 1:43:39क्लियर हुआ
- 1:43:39करना सर मन पर ही होता है
- 1:43:41मन पर कई बार डिपेंडेंट नहीं होता है कई
- 1:43:45बार हमारा मन कर रहा होता है सामने वाले
- 1:43:47को चपेड़ लगा दें पर मैं रुक गया मुझे
- 1:43:50उसका ख्याल आ गया मुझे अब उसकी इज्जत का
- 1:43:53ख्याल नहीं होता मुझे यह नहीं होता मेरी
- 1:43:56मेरी नौकरी चली जाती, मेरा माहौल खराब हो
- 1:43:59जाता। लोग पता नहीं क्या सोचते। एंड सो
- 1:44:01मेनी थिंग्स आर देयर। जो हमारे बिहेवियर
- 1:44:04को रोक लेती हैं। जो मन में आ रहा है उससे
- 1:44:07अलग कर देती। हम जो बात करेंगे हम वही
- 1:44:10करेंगे जो मन में आ रहा है। हम वो बात
- 1:44:12नहीं कर रहे हैं जो कर रहा है बच्चा। आई
- 1:44:15होप आई गॉट यू। या
- 1:44:17ठीक है बट वही है कि अडप्टेशन तो कंपलसरी
- 1:44:20है सर।
- 1:44:21मैं कंपलसरी है इस यह तो पॉइंट ही नहीं
- 1:44:25है।
- 1:44:25बाद में आएगा।
- 1:44:26वो बात मतलब अप्टेशन कंपलसरी कितनी है?
- 1:44:29कितनी नहीं है? हम उसको किधर मोल्ड कर रहे
- 1:44:32हैं? एनवायरमेंट को कैसा बना रहे हैं? हम
- 1:44:35उसी पे जा रहे हैं आखिर में। कि हमें उस
- 1:44:38बच्चे को अपने हिसाब से मोल्ड कराना है या
- 1:44:41हमने उसके हिसाब से मोल्ड होना है। जैसे
- 1:44:44कि अभी जो यह पर्सनालिटी आएगी इससे
- 1:44:47रिलेटेड अगर सवाल आपका इससे रिलेटेड होगा
- 1:44:50तो मैं साथ के साथ दूंगा। अगर इससे
- 1:44:52रिलेटेड नहीं होगा तो मैं कहूंगा कि जब हम
- 1:44:54एंड कर देंगे तो आपको पता चल जाएगा।
- 1:44:57क्योंकि कोई सवाल हो सकता है उस पर्टिकुलर
- 1:44:59जैसे यह सवाल आपका यहां के लिए परफेक्ट
- 1:45:01था। कि आदमी नहीं बोलता कई बार आपको बॉस
- 1:45:05के हिसाब से चलना पड़ता है। हम बात यह कर
- 1:45:08रहे हैं कि बॉस के हिसाब से चलना पड़ रहा
- 1:45:10है। वह हमारा बिहेवियर है। थॉट प्रोसेस
- 1:45:13नहीं है। थॉट प्रोसेस उससे अलग हो सकती
- 1:45:15है। अब हमारी खुशी जो है हमारी हैप्पीनेस
- 1:45:20हैप्पीनेस अगर रियल में अल्टीमेट
- 1:45:22हैप्पीनेस की बात करें। अगर हमारा थॉट
- 1:45:25प्रोसेस और हमारा बिहेवियर अगर सेम हो जाए
- 1:45:28वी आर मोर दन हैप्पी। उसके बाद जिंदगी में
- 1:45:31आपको कुछ नहीं चाहिए। भाई मेरा जी कर रहा
- 1:45:34है आपसे बात करने का। मैं कर रहा हूं।
- 1:45:36मेरा जी कर रहा है आपसे बात नहीं करने का।
- 1:45:37मैं सटक लिया। कोई फर्क नहीं पड़ा। चाहे
- 1:45:40बुरा मान, भला मान। तो इसका मतलब हम
- 1:45:41हैप्पी हैं। मस्त हैं। ठीक है ना? जी।
- 1:45:44मतलब थॉट प्रोसेस और आपका एक्शन अगर
- 1:45:46एग्जैक्ट उसी तरफ है तो हम किधर लेके जा
- 1:45:49रहे हैं? जी।
- 1:45:50हम हम वो बेसिकली हमारे फेवर में है या
- 1:45:53नहीं? क्योंकि जैसे बॉस है हमारे वो अगर
- 1:45:56कह रहे हैं कुछ भी
- 1:45:58और हम उसको एक्सेप्ट नहीं कर रहे हैं
- 1:46:00इंटरनली।
- 1:46:00जी जी
- 1:46:01और अगर हमारा बिहेवियर भी वैसा ही आ गया
- 1:46:03इंटरनली
- 1:46:04जी जी
- 1:46:04तो नेचुरल बात है हमें सैलरी नहीं मिलेगी।
- 1:46:07हां
- 1:46:07तो हमारी हैप्पीनेस का तो कोई मतलब ही
- 1:46:08नहीं बनता।
- 1:46:09हां हां बिल्कुल। हम इसी पॉइंट पे जाएंगे।
- 1:46:12आखिर में हम ये कह रहे हैं कि अगर आप जो
- 1:46:16सोच रहे हो और वही कर रहे हो तो आप
- 1:46:20अल्टीमेट हैप्पीनेस के लेवल पर जा चुके
- 1:46:22हो। जैसे मैं आपको अपना एग्जांपल बताता
- 1:46:25हूं अपनी लाइफ का। आई वाज़ ऑन अ गवर्नमेंट
- 1:46:26जॉब। ठीक है? तो कॉलेज में असिस्टेंट
- 1:46:31प्रोफेसर से लेके और प्राइमरी मास्टर तक
- 1:46:33मैंने सारी नौकरियां करी। करीब सात नौकरी
- 1:46:35मैंने सरकार की करी। मैं नौकरी पे जाता।
- 1:46:39महीने भर में मुझे फील होता कि यार अच्छा
- 1:46:41नहीं लग रहा। और मैं छोड़कर आ जाता। आ अब
- 1:46:45कॉलेज के ऊपर लेवल से लेकर के और निचले
- 1:46:48लेवल तक मैं आया। आमतौर पे आदमी प्रमोशन
- 1:46:51लेता है। पहले प्राइमरी में ज्वाइन किया
- 1:46:52तो ऊपर तक जाता है या हाई स्कूल में
- 1:46:54ज्वाइन किया तो ऊपर तक जाता है। मैं ऊपर
- 1:46:56से नीचे आया। नीचे आते-आते जब प्राइमरी
- 1:47:00लेवल पर मैं आ गया वो पर्पस था यह फाइंड
- 1:47:03आउट करने का कि एजुकेशन
- 1:47:06मतलब वो जो माहौल है सब कुछ बेहतर होता
- 1:47:10है। जैसे मैम ने बोला आज एक्स्ट्रा
- 1:47:12करिकुलर एक्टिविटीज हैं। आज इतनी सारी
- 1:47:15चीजें हैं करने को। स्टिल वी हैव मिसिंग
- 1:47:18कनेक्शन। पहले कनेक्शन बहुत बढ़िया था
- 1:47:20सोसाइटी का आपस में। आज कनेक्शन फिर भी
- 1:47:23मिसिंग है बहुत सारी। टेक्नोलॉजी हो गई।
- 1:47:25हम बात कर सकते हैं अमेरिका तक। लेकिन कर
- 1:47:28नहीं रहे हैं अपने घर वालों से भी। यह
- 1:47:30फर्क आ गया पहले और अब में यह डिफरेंस
- 1:47:32क्रिएट हो गया कि जितना हम बात पहले जितनी
- 1:47:37हेल्थी बातचीत होती थी उतनी वो नहीं हो पा
- 1:47:39रही। तो इस चीज को फाइंड आउट करने के लिए
- 1:47:42जब मैं सरकारी नौकरी में प्राइमरी लेवल पर
- 1:47:46आया। तो मैंने देखा कि हालात जो हैं वह
- 1:47:50टीचर तो रिस्पांसिबल है ही इसके लिए।
- 1:47:53सिस्टम भी कहीं रिस्पांसिबल है और पेरेंट
- 1:47:57भी कहीं रिस्पांसिबल। इस चक्कर में कई बार
- 1:47:59क्या होता है? मैं क्लास को पढ़ा रहा हूं
- 1:48:01और मेरे बॉस का मेरे बीओ का मैसेज आ गया
- 1:48:06कि यह आरटीआई आई है। अभी-अभी इस आरटीआई का
- 1:48:09जवाब देना है। और मैं उस क्लर्क को बोल
- 1:48:12रहा हूं कि अभी मैं आरटीआई का जवाब नहीं
- 1:48:14दूंगा। वो कह रहा है मैं यहीं खड़ा हूं।
- 1:48:16आपसे जवाब लेकर जाऊंगा। मैं कहा, तू पूरा
- 1:48:18दिन खड़ा रहे। तेरे को नहीं दूंगा। मैंने
- 1:48:20काम करना है अभी। मैं जब काम कर रहा हूं,
- 1:48:23वह वहां से बॉस को फोन कर रहा है। बॉस
- 1:48:26मुझे कह रहा है और मैं बॉस को फोन पे कह
- 1:48:27रहा हूं नहीं करता। जा जो मर्जी कर ले। और
- 1:48:30जब बॉस मेरे को एक्सप्लेनेशन लेटर भेजता
- 1:48:32है। मैं उसकी एक्सप्लेनेशन की चिट्ठियां
- 1:48:34ऐसे धज्जियां उड़ा के फेंक देता हूं। और
- 1:48:36एक्सप्लेनेशन लेटर के बाद मेरे को सस्पेंड
- 1:48:38कर देता है। एंड देन आई एम हैप्पी कि झूठा
- 1:48:40पीछा इस चीज से। यह नहीं करना था। अच्छा
- 1:48:42हुआ। मेरे को अच्छा ही नहीं लग रहा था। आई
- 1:48:44एम नॉट फीलिंग गुड देयर। तो मैं नौकरी
- 1:48:46छोड़ आया। मैं 2011 में नौकरी आठ साल
- 1:48:49नौकरी करके मेरी पेंशन भी थी। मतलब मैं
- 1:48:51छोड़ आया। बिकॉज़ आई वास नॉट फीलिंग
- 1:48:53हैप्पी। देन मेरे को लाइफ अपने आप वहां ले
- 1:48:56गई जहां मेरे को अल्टीमेटली हैप्पी होना
- 1:48:59था। अब मैं जो काम करता हूं सुबह से लेकर
- 1:49:01शाम तक 24 के 24 घंटे वर्किंग में होता
- 1:49:04हूं। बट नाउ आई एम मोर दन हैप्पी। वह
- 1:49:06बेसिकली आपको यह लग रहा है, हैप्पीनेस आप
- 1:49:09अगर नौकरी में ढूंढ रहे हैं। अगर नौकरी
- 1:49:12में हैप्पीनेस होती, तो कोई आईएएस थोड़ी
- 1:49:14ना सुसाइड करता। अगर हैप्पीनेस पैसे में
- 1:49:17होती तो अमीर आदमी को ही खुश होने का हक
- 1:49:19होता। हैप्पीनेस अगर किसी जगह स्टेटस
- 1:49:22सिंबल पे होती, गाड़ियों में होती, तो
- 1:49:24गाड़ियों में बैठ के मतलब बड़ी-बड़ी कारों
- 1:49:27में गलत काम नहीं होते। बड़े-बड़े उनमें।
- 1:49:30बेसिकली हैप्पीनेस इज समथिंग लाइक यू आर
- 1:49:34लविंग व्हाट यू आर डूइंग सिंपली अगर आप
- 1:49:36नहीं कर रहे तो आपका बिहेवियर अगर उस तरफ
- 1:49:40है यू विल फील हैप्पी सिंपली कि यार अच्छा
- 1:49:42हो गया पीछा जुटा इससे सिरदर्दी बना हुआ
- 1:49:44था एक रिश्ता जो फोन करके आपका मान लो
- 1:49:48गर्लफ्रेंड या आपकी बॉयफ्रेंड आपसे फोन
- 1:49:50कहां है फोन क्यों नहीं किया कितनी बार
- 1:49:53बोला मैसेज करा करो लोकेशन भेजो अपनी यार
- 1:49:56जीना ही हराम कर रखा है उससे जितना जल्दी
- 1:49:58पीछा छुड़ा के वो जो हैप्पीनेस [हंसी]
- 1:50:00आएगी इफ यू आर स्टिक टू दैट कि आप नौकरी
- 1:50:03और रिश्ते को कहीं पर भी अगर वो बंधा हुआ
- 1:50:05है यू विल नेवर बी हैप्पी चाहे काम के साथ
- 1:50:08हो चाहे कहीं पर भी हो जब आप वो करते हुए
- 1:50:11फ्री फील करते हो फ्री फॉल की तरह फील
- 1:50:14करते हो कि ले जाए जिंदगी जहां जा रही है
- 1:50:16वो हैप्पीनेस पे बात आ रही है तो मैं जो
- 1:50:19कह रहा था एक्चुअली कि आप अपनी थॉट
- 1:50:21प्रोसेस के साथ अपने एक्शंस को जैसे ही
- 1:50:23मिक्स अप मान लीजिए मैं आपको सच्चाई बताता
- 1:50:26हूं मैं कभी भी किसी किसी को अलव नहीं
- 1:50:29करता कि कोई मुझे कॉल करे। कोई कितना ही
- 1:50:31बड़ा 30 मार खाऊं। मैं हमेशा कहता हूं
- 1:50:33मैसेज करना भाई। कोई गलती से कॉल कर लेता
- 1:50:36है तो पहले फोन पे ही झाड़ देता हूं।
- 1:50:37किसने कहा तुम्हारे को फोन करने को? जब
- 1:50:40नंबर दिया था तो बताया था ना कि मैसेज
- 1:50:41करना है। वो बेचारा बुरा मान जाता है। बट
- 1:50:44लेटर ऑन ही फाइंड्स कि यार अच्छा इस आदमी
- 1:50:48तो अच्छा है। पर वो बात क्यों कही थी? फिर
- 1:50:50मैं उसे समझा देता हूं कि फोन पर हम काम
- 1:50:53की बात बहुत कम करते हैं। लेकिन मैसेज जब
- 1:50:55आप करते हो ना तो काम का करते हो। टाइप
- 1:50:57करने में हमारा बहुत टाइम लगता है। तो
- 1:50:59टाइम वेस्ट नहीं होता और आप सिर्फ काम की
- 1:51:01बात करते हो और सुना के चक्कर में नहीं
- 1:51:03पड़ते हम। और सुनाने वाला टाइम ही नहीं है
- 1:51:05कि और सुना। इससे क्या होता है? अब कोई
- 1:51:08दोस्त मेरे को फोन करता है मैं फोन नहीं
- 1:51:10पिक करता हूं। तो मुझे बोलता है यार फोन
- 1:51:12क्यों नहीं उठाया? तो मैं उसे यह जवाब
- 1:51:13देता हूं यार मन नहीं था बात करने का। अगर
- 1:51:15कभी मेरा मन नहीं हुआ बात करने का तो? तो
- 1:51:17तू मत करियो। दोनों का मन करेगा तभी मजा
- 1:51:20आया बात करने का। नहीं तो मेरा मेरा मन
- 1:51:22करेगा और तेरा नहीं कर रहा होगा तो उसका
- 1:51:24बात करने का मतलब क्या है? इतना सा
- 1:51:26क्लेरिटी अगर आपको आ गया, तो समझ जाएगा कि
- 1:51:29यू आर मूविंग विद योर हार्ट एंड सोल। फिर
- 1:51:32टेंशन नहीं है। और मैं बहुत इसीलिए क्यों
- 1:51:35बता रहा हूं मुझे अपनी पैरेंटिंग में
- 1:51:39मैंने एक चीज जोड़ने की कोशिश की अर्ली
- 1:51:41स्टेजेस में कि मैं अपने बच्चे को ना कभी
- 1:51:43ना नहीं कहूंगा। बट दैट वाज़ अ बिगेस्ट
- 1:51:46चैलेंज कि अगर आगे कुआं है, खाई है, पता
- 1:51:50है कि नुकसान है तो क्या मैं उसे रोकूंगा
- 1:51:53नहीं? यह एक सवाल था। फिर मैंने एक सवाल
- 1:51:56कहा कि मैं अपने बच्चे को कभी पढ़ने के
- 1:51:58लिए नहीं कहूंगा। तो तब मेरे पास एक सवाल
- 1:52:01था बिना पढ़े क्या सोसाइटी में एडजस्ट कर
- 1:52:04जाएगा यह? क्या मैं ऐसा एनवायरमेंट क्रिएट
- 1:52:06कर पाऊंगा कि जब यह बिना कहे पढ़ ले?
- 1:52:09मैंने फिर यह भी सोचा था कि मैं अपने
- 1:52:11बच्चे को दोबारा कभी अपने बच्चे को पापा
- 1:52:13जी नहीं बोलने दूंगा। इसने मुझे बोला पापा
- 1:52:16जी और मैं झट हां बेटा बोलो क्या है? और
- 1:52:19फिर वो बात कहता। इस इंसिडेंट में हुआ
- 1:52:21क्या? मतलब बिकॉज़ द सीरीज ऑफ इंसिडेंट्स
- 1:52:25आपको किसी ना किसी दिशा में ले जाते हैं।
- 1:52:28यह अब आपके ऊपर है कि आप उसको कितना हार्ट
- 1:52:31से एक्सेप्ट करते हो कि रिजेक्ट करते हो।
- 1:52:33अदरवाइज नेचर आपको मैसेजेस भेजती रहती है।
- 1:52:36जब आपको यू आर फीलिंग लाइक यार इस बंदे से
- 1:52:38बात करने का या इस जगह पे जाने का मेरा मन
- 1:52:41नहीं करता काइंड ऑफ। तो क्या हुआ? मैं
- 1:52:44अपने डीडब्ल्यू डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर
- 1:52:46से बात कर रहा हूं। हम एक डिस्ट्रिक्ट का
- 1:52:48कोई इवेंट ऑर्गेनाइज कर रहे थे 26 जनवरी
- 1:52:50मनाने के लिए।
- 1:52:52तो भाई रिपब्लिक डे मना रहे थे। एकदम से
- 1:52:55फोन आया बॉस का उठाया बात कर रहे थे। बेटा
- 1:52:58आ गया पापा जी। और मैंने मैडम से बिना
- 1:53:01पूछे फोन काट दिया। मैं नहीं कहा करता
- 1:53:04किसी को कि थोड़ी देर में करता हूं। फोन
- 1:53:05काट के चुपचाप हां बेटा बोलो। और इसका
- 1:53:08फायदा क्या हुआ? मेरे बच्चे को आज भी यह
- 1:53:13नहीं पता कि दो बार भी बोलना होता है।
- 1:53:15क्योंकि हम दोनों ने रूल बनाया। हम तीन ही
- 1:53:17लोग थे घर में। मान लो। हमने रूल बनाया कि
- 1:53:19यह जब आवाज लगाएगा तो एक झटके से जवाब
- 1:53:21आएगा। हां बेटा बोलो। अब क्या होता है? वो
- 1:53:24कुछ भी काम कर रहा है। मेरे मुंह से निकल
- 1:53:26जाए विनी मतलब मैं बैठे मैं ऐसे कर रहा
- 1:53:28होता हूं। मगर मैं काम करते-करते आवाज आता
- 1:53:30हूं। विनी हां जी बाबा जी आ रहा हूं। अपने
- 1:53:32आप आता है वो। क्योंकि उसको पता ही नहीं
- 1:53:34कि दोबारा भी बोलना होता है। कोई फंडा ही
- 1:53:36नहीं। हमने उसको उसका कांसेप्ट इतना सा है
- 1:53:38कि जब मैंने आवाज लगाई तो जवाब उधर से साथ
- 1:53:41के साथ आ रहा है। उसका फायदा क्या हुआ?
- 1:53:43बॉस का फोन काट दिया तो ऑब्वियस्ली बॉस ने
- 1:53:45गुस्सा होना था। गुस्सा होना था तो
- 1:53:48एक्सप्लेनेशन लेट। अब उसने मुझसे पूछा
- 1:53:51क्यों फोन क्यों काट रहे हो? मैडम बेटा आ
- 1:53:54गया था। तुम्हें पता है कितनी जरूरी बात
- 1:53:56चल रही है? तो मैंने एक ही लाइन बोली मैडम
- 1:53:58बेटे से जरूरी कुछ नहीं। आपको पता है इसका
- 1:53:59एक्सप्लेनेशन देना पड़ेगा। मैंने कहा मैम
- 1:54:01मैं ये इवेंट कर ही नहीं रहा हूं। सॉरी।
- 1:54:03कल से किसी और को बुला लेना। मैंने ऐसे कह
- 1:54:06कि फोन काट दिया। फोन उठाया ही नहीं
- 1:54:08दोबारा। सुबह पहले ही मतलब मेरे स्कूल में
- 1:54:11पहुंचने से पहले ही दफ्तर का बंदा मेरे
- 1:54:13स्कूल में मैडम ने एक्सप्लेनेशन लेटर दिया
- 1:54:16है और जवाब अभी मांगा है क्योंकि इवेंट को
- 1:54:18चार दिन बचे थे और मेरे को सारा पता था कि
- 1:54:20क्या करना है। मैंने कहा मैं सारी लिस्ट
- 1:54:22दे रहा हूं ले जाओ और किसी और से करा लो।
- 1:54:25जहां तक बात मैडम के एक्सप्लेनेशन लेटर का
- 1:54:27है शो कॉज नोटिस कि डिसिप्लिनरी रिएक्शन
- 1:54:29क्यों ना लिया जाए स्पष्ट कीजिए। उसका
- 1:54:31जवाब यह है कि मैंने अपनी वो चिट्ठी फाड़ी
- 1:54:34और उसके हाथ में पकड़ा दी। मैंने कहा मैडम
- 1:54:36को बोल देना कि यह दे दिया है। नहीं देता
- 1:54:37जवाब जा कंप्लीटली इससे क्या होता है?
- 1:54:40आपकी नौकरी चली गई। मेरा मन नहीं है काम
- 1:54:42करने का। मेरी नौकरी चली गई। बट देन मैंने
- 1:54:45क्या सोचा कि यार इस तरह से इस सिस्टम में
- 1:54:48रह के ना सरकारी सिस्टम में मैं कुछ चेंज
- 1:54:52नहीं कर पा रहा। मैं कुछ बदल नहीं पा रहा।
- 1:54:55बच्चों को सिखा तो रहा हूं। जो बच्चे पहले
- 1:54:58पढ़ना नहीं जानते थे, वह पढ़ना तो सीख रहे
- 1:55:00हैं। जिस बच्चे के पहले 30 नंबर आ रहे थे,
- 1:55:03उसके 35 तो आने शुरू हो गए। अब वो पढ़ने
- 1:55:06तो लग गया बट बदल क्या रहा है? कुछ भी
- 1:55:09नहीं। मान लीजिए आप से एग्जांपल ले लेते
- 1:55:12हैं हम। हमारे पास हर साल 20 लाख बच्चा
- 1:55:16प्लस टू करता है। लेकिन कॉलेजेस में जो
- 1:55:19सीट हैं वो 5 लाख। अब आपके आपने पूरा जोर
- 1:55:24लगाया और पूरा जोर लगा के आपने सारे
- 1:55:27बच्चों को उतनी परसेंटेज दिला दी कि वो
- 1:55:30बच्चे साहब को कॉलेज में एडमिशन मिल गया
- 1:55:32नंबर के बेसिस पर। लेकिन इतना तो श्योर है
- 1:55:35ना कि 20 लाख बच्चा पूरे स्टेट में था तो
- 1:55:395 लाख को ही एडमिशन मिलना है। अगर आपके
- 1:55:42वाले को सों को मिल जाएगा तो कोई और रह
- 1:55:44जाएगा बच्चा। 15 लाख को एडमिशन नहीं मिलने
- 1:55:47वाला। यह कंफर्म है। वो कोई से भी हो 15
- 1:55:50लाख। आपके वाले का हो गया तो मेरे वाला रह
- 1:55:52जाएगा। मेरे वाले का हो गया तो आपका रह
- 1:55:54जाएगा। सो इस तरह से मैंने सोचते हुए वहां
- 1:55:57एक बात सोची कि मैं जो काम कर रहा हूं
- 1:56:00इससे कुछ बदल नहीं रहा। हालात ज्यों के
- 1:56:02त्यों हैं। तो लेट्स डू वन थिंग कि मैं
- 1:56:05यहां से निकलता हूं। मुझे नौकरी नहीं करनी
- 1:56:08और मैं अपना सिस्टम बनाता हूं। अपना
- 1:56:10सिस्टम बनाने चला। मेरे को विश्वास था कि
- 1:56:12मैं सही कह रहा हूं। तो मैंने मां-बाप को
- 1:56:15समझाना शुरू किया। देखिए नंबरों के इस
- 1:56:19दौड़ में कुछ नहीं रखा है। हम अपने बच्चों
- 1:56:21को बेहतर जिंदगी जीने के लिए तैयार
- 1:56:24करेंगे। और जैसे मान लीजिए आपने आपने कहा
- 1:56:28था मैम कि कैस्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज
- 1:56:30खूब होती हैं स्कूलों में आज। लेकिन कोई
- 1:56:32भी मां-बाप इस बात के लिए तैयार नहीं होता
- 1:56:34कि उन एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को
- 1:56:35बिजनेस या धंधा या काम या रोजगार बनाया
- 1:56:38जाए। इसके लिए वह फिर भी वह चाहते हैं कोई
- 1:56:40ना कोई जॉब मिल जाए एंड में। वो उसको
- 1:56:43जिंदगी का जरिया नहीं मान सकते। अगर बच्चे
- 1:56:45को शौक है डांस करने का तो बहुत ही कम
- 1:56:48मां-बाप ऐसे होंगे जो ये कहेंगे कि तू
- 1:56:50प्रोफेशन डांस के तौर पर ले ले। बहुत कम।
- 1:56:53बहुत ओपन माइंडेड लोग। किसी बच्चे को शौक
- 1:56:55है पेंटिंग का तो वो पेंटिंग को प्रोफेशन
- 1:56:57वो चाहते हैं पता नहीं उसको जल्दी से
- 1:56:59नौकरी मिले। कुछ ना कुछ कमाने लगे और लग
- 1:57:01जाए बस यह कुछ ना कुछ तो उसको पढ़ाई का
- 1:57:03मकसद वो नौकरी मैं मां-बाप को समझा रहा
- 1:57:06हूं कि आप इस दिशा में सोचिए कि बच्चे को
- 1:57:09एक काम करना पसंद है। हम क्यों ना उसके
- 1:57:12उसी काम को और उसी शौक को उसका प्रोफेशन
- 1:57:14बना दें उसके पैशन को ही। लेकिन मां-बाप
- 1:57:17कहते हैं नहीं सर। एडमिशन तो नंबरों के
- 1:57:20बेसिस पर ही होगा। नौकरी तो नंबरों के
- 1:57:22बेसिस पर ही होगी। मैं कहता हूं मां-बाप
- 1:57:24को कि नंबर तो कोई भी ले लेगा। मेरा बेटा
- 1:57:27देखो मेंटली वीक कहते थे लोग इसको जब छोटा
- 1:57:30था यह देखो यह कहां पहुंच गया अब दुनिया
- 1:57:34वंडर किड बोलती है आपका बच्चा तो सर
- 1:57:36स्पेशल था यह तो गिफ्टेड था मैंने कहा
- 1:57:40देखो मैंने उसके बच्चे उसके बच्चे गिनाए
- 1:57:41कि यह बच्चे भी तो मैंने तैयार करे नहीं
- 1:57:43सर वो भी गिफ्टेड थे अब दे आर नॉट रेडी टू
- 1:57:46एक्सेप्ट दी कांसेप्ट तो मैंने क्या किया
- 1:57:4920 स्कूलों से 20 बच्चे लिए वो जो मैंने
- 1:57:51बताया था आपको शायद हमने 18 के 18 सबसे
- 1:57:55निकम्मे बच्चों को 100 में से 100 नंबर
- 1:57:57दिलवा दिए। एंड देन आस्क द क्वेश्चन टू द
- 1:58:00सोसाइटी कि अब बताइए जो कुछ भी नहीं पढ़
- 1:58:03पा रहे थे यह भी 100 नंबर लेने शुरू कर
- 1:58:05गए। अब आपके पास गारंटी है क्या हैप्पी
- 1:58:08लाइफ? स्टिल वी डोंट हैव। हमारे पास कोई
- 1:58:11पाथ नहीं है। तब इस बात को समझना शुरू
- 1:58:14किया कि इसका मतलब क्या होगा? हमें टीचर
- 1:58:17फ्रेटरनिटी को भी जगाना होगा। टीचर्स को
- 1:58:20फिर आगे पेरेंट्स को जगाना होगा और
- 1:58:22पेरेंट्स फिर इस बात की डिमांड करेंगे कि
- 1:58:25हमें वो सिस्टम चाहिए कि जब हमारे बच्चे
- 1:58:27का पैशन ही प्रोफेशन बने। मेरे ख्याल से
- 1:58:29देन दैट वुड बी अवे टू हैप्पीनेस ऑफ द
- 1:58:32चाइल्ड। क्योंकि आपको यह बात पता नहीं पता
- 1:58:35है कि नहीं पता लेकिन गौर करेंगे तो जिस
- 1:58:39बच्चे के 90% से अबव मार्क्स आते हैं वो
- 1:58:42बच्चा पढ़ने के लिए नहीं बना। और यह
- 1:58:44बिल्कुल कंट्राडिक्ट्री है जो हो रहा है।
- 1:58:46जिस बच्चे के भी 90 से ऊपर परसेंटेज आ रही
- 1:58:48है ना, पेपर होते ही सबसे पहले वही फेंकते
- 1:58:50हैं किताबों को। सबसे पहले फेंकते हैं। और
- 1:58:52जिन बच्चों के 70, 75 और 80 आते हैं, वह
- 1:58:55पेपर होने के बाद डिस्कस करना शुरू करते
- 1:58:58हैं कि सर, इसमें यह लिखा हुआ था, मैं
- 1:58:59इसमें यह लिखाया आप बताओ यह ठीक था कि
- 1:59:01गलत? वो डिस्कस करते हैं उसके बाद। जो
- 1:59:03बच्चा असल में पढ़ने के लिए बना है, उसके
- 1:59:05तो 80% से ऊपर नंबर आना महाभारत है।
- 1:59:09क्योंकि वो आपकी तरह नहीं सोचेगा कभी भी।
- 1:59:11वो अपना दिमाग चला रहा है। हमारे यहां
- 1:59:13नंबर उसी को तो आते हैं ना जो सोचता नहीं
- 1:59:15है। जो एज इट इज कॉपी कर देता है पेपर
- 1:59:17में। उसी के मार्क्स आते हैं मैक्सिमम
- 1:59:19टाइम। तो इसलिए वो बच्चा अपनी मर्जी से
- 1:59:22बोलेगा। अपनी मर्जी से लिखेगा तो उसके
- 1:59:27मार्क्स नहीं आ पाएंगे। और वो ऐसे लोग
- 1:59:30देखे होंगे वो काम कुछ भी करते हो। रोज
- 1:59:32शाम को पढ़ाई करे बिना पढ़े बिना उनको
- 1:59:34नींद नहीं आती। वह थे बच्चे असल पढ़ने
- 1:59:36वाले। जिन्होंने रट्टे मार के मान लो चाहे
- 1:59:39यूपीएससी भी क्लियर कर लिया हो उसके बाद
- 1:59:41पढ़ना बंद कर देते हैं मैक्सिमम लोग नौकरी
- 1:59:44मिलते ही सबसे पहले किताब पढ़ना बंद करते
- 1:59:46हैं वो चाहे उससे पहले सुबह से शाम तक 16
- 1:59:49घंटे पढ़ाई करते हो तो इफ यू लव स्टडी इफ
- 1:59:52यू लव टू स्टडी तो फिर यू लव टू स्टडी फॉर
- 1:59:54एवर फिर आपको काम वो करना चाहिए जो पढ़ाई
- 1:59:57से रिलेटेड हो इसीलिए एजुकेशन पे नई
- 2:00:00रिसर्चेस की बहुत कमी है हमारे देश में
- 2:00:02इसीलिए नोबल प्राइज़ हमारे यहां पर नहीं
- 2:00:04मिलते हैं पूरी दुनिया में 135 करोड़
- 2:00:07दिमाग हैं हमारे पास। बट हमारे पास ऐसे
- 2:00:10दिमाग नहीं है जो नई चीजें बना सकें। आने
- 2:00:12वाली जनरेशन की पीढ़ियों को एक अच्छी
- 2:00:15सोसाइटी दे सके। उनके लिए कुछ नए आविष्कार
- 2:00:17कर सके। वी डोंट हैव दैट काइंड ऑफ
- 2:00:18प्लानिंग्स। तो ये थोड़ी कमी है। इसी चीज
- 2:00:21को समझने और समझाने के लिए फिर मुझे वो
- 2:00:25क्राइटेरिया करना पड़ा। अब कोचिंग
- 2:00:27इंस्टीट्यूट में तो बहुत पैसा है। मेरा तो
- 2:00:28कोचिंग इंस्टीट्यूट था। अगर कोई मास्टर
- 2:00:31100 में से 100 नंबर की गारंटी लेता हूं।
- 2:00:32जितनी मर्जी फीस ले ले मां-बाप से मुंह
- 2:00:35मांगी फीस देने को तैयार हैं पेरेंट्स।
- 2:00:38उसको छोड़ के गांव में जाकर काम करने का
- 2:00:40कांसेप्ट क्या था कि मैंने देखा कि यार
- 2:00:43शहर में रह के उस बंद बिल्डिंग में काम
- 2:00:45करने से ज्यादा मजा मुझे गांव में आ रहा
- 2:00:47है। तो मैं काहे को बंद रहूं वहां? छोड़ा
- 2:00:49उसको एंड देन आई थॉट पेरेंट्स बोलते हैं
- 2:00:51कि यार फिर कमाएगा क्या? मैंने कहा कर
- 2:00:53लूंगा। जो मर्ज़ी देखी जाएगी। क्या करेगा?
- 2:00:56मैंने कहा पता नहीं। बट फिर शुरू हो जाता
- 2:00:58है अपने आप ही। फिर इफ यू लव व्हाट यू डू
- 2:01:03आपको पैसा मिलना शुरू हो ही जाएगा उसका।
- 2:01:06फिर चाहे आपको अब एक ही गली के अंदर चार
- 2:01:09समोसे बनाने वाले हैं। चार गोलगप्पे वाले
- 2:01:12हैं पर उस एक ही गोलगप्पे वाले के पास
- 2:01:14क्यों भीड़ लगती है? क्योंकि वह उसके साथ
- 2:01:15एक्सपेरिमेंट करता रहता है और लोगों के
- 2:01:17जायके को ध्यान में रखता है, तो वह लोग
- 2:01:19उसके पास आना शुरू हो जाते हैं। यह तो
- 2:01:21गोलगप्पे वाला है। चाहे बैंड मास्टर हो,
- 2:01:24चाहे आपके घर में पेंटर हो, चाहे प्लंबर
- 2:01:28हो, आप उसी को बुलाते हो ना जो बेस्ट काम
- 2:01:30करता है। जो खुशी-खुशी हां जी सर, बाऊजी,
- 2:01:32कैसे करते जो ऐसे-ऐसे करके बात करता है।
- 2:01:34चाहे कपड़े प्रेस करने वाला, दूध देने
- 2:01:37वाला। यू विल ऑलवेज सी कि यार यह बंदा यह
- 2:01:40काम करके कितना खुश होता है। उसको देख के
- 2:01:42ही हैप्पीनेस आती है। तो हम उसी को प्रेफर
- 2:01:44करते हैं अपना काम देना चाहे वो कोई भी
- 2:01:46काम हो। सो हम इस कांसेप्ट में हैं कि
- 2:01:49पहले उस बच्चे की ओरिजिनल थॉट प्रोसेस को
- 2:01:52समझने की कोशिश करें। ओरिजिनल थॉट
- 2:01:54प्रोसेस। मैं जो बात कर रहा हूं मैम
- 2:01:57ओरिजिनल थॉट प्रोसेस की कर रहा हूं। हम वो
- 2:01:59बात नहीं कर रहे हैं कि मैं बोल क्या रहा।
- 2:02:01हम बात कर रहे हैं ओरिजिनल थॉट प्रोसेस
- 2:02:03की। तो पहले हम वहां तक आएं। वहां तक
- 2:02:05पहुंचने के बाद फिर बिहेवियर पे आएंगे हम
- 2:02:07कि हम करते पहले हां आप भी पूछ लीजिए फिर
- 2:02:10आप इसको ये आखिरी क्वेश्चन है इसको नोट कर
- 2:02:14लीजिएगा हम इसको आखिर में एड्रेस करेंगे
- 2:02:17आपका
- 2:02:19आपका क्वेश्चन क्या है
- 2:02:21सर मेरा क्वेश्चन ये है कि ये बात बिल्कुल
- 2:02:24सही है कि हैप्पीनेस तभी आती है जब हमें
- 2:02:26कोई काम करने में एक्चुअल में इंटरेस्ट
- 2:02:29आता है। जी
- 2:02:29तो
- 2:02:31एक चीज मुझे ये चीज जानना है कि क्या ये
- 2:02:33पॉसिबल है कि जो हम एक्शन कर रहे हैं
- 2:02:36उसमें हम पैशन डेवलप कर सकें। हां इसको
- 2:02:40देखिए पता क्या है
- 2:02:42वैसे यह सवाल भी सबसे आखिर का है बट इसको
- 2:02:45नोट जरूर रखिएगा हम जब आखिर में पहुंचेंगे
- 2:02:49तो हम आपको
- 2:02:51अपनी भी रियल हैप्पीनेस का पता चल जाएगा
- 2:02:54मतलब ऐसा नहीं होगा कि आप ऐसे ही अंधेरे
- 2:02:58में नहीं रहेंगे एकदम क्रिस्टल क्लियर हो
- 2:03:00जाएगा आपका दिमाग आखिर तक पहुंचते-पहुंचते
- 2:03:02बशर्त है कि आपको नींद ना आए मतलब क्योंकि
- 2:03:06ये जो सवाल है ये सबसे आखिर का सवाल है।
- 2:03:08जी
- 2:03:08सर यहां हम थॉट प्रोसेस की ही बात कर रहे
- 2:03:12हैं एक्चुअली।
- 2:03:13हम
- 2:03:13और थॉट्स जो होते हैं वो हमें इनेबल करते
- 2:03:17हैं कि हम कुछ डिसाइड कर पाएं।
- 2:03:19जी जी
- 2:03:19और उस डिसीजन के बाद हम अपनी सोसाइटी में
- 2:03:22सर्वाइव कर पाएं।
- 2:03:23जी जी। तो जब हम सोसाइटी में सर्वाइव करने
- 2:03:26के लिए एंटर कर चुके हैं तो आई थिंक हमें
- 2:03:29उन सभी सिस्टम्स की अप्टेशन चाहिए और उनको
- 2:03:33फॉलो करते हुए ही हम वहां जा पाते हैं। एज
- 2:03:35यू आर सेइंग
- 2:03:36इस सिस्टम में गैप है।
- 2:03:38जी
- 2:03:38सिस्टम में एजुकेशन सिस्टम जो है वो
- 2:03:40बच्चों की हैप्पीनेस को अवॉइड करके उन्हें
- 2:03:44कंपलसरी एलिममेंट्री और सेकेंडरी एजुकेशन
- 2:03:48दे रहा है।
- 2:03:49कि सो दैट दे शुड बी इनेबल टू एंटर इंटू
- 2:03:51दिस
- 2:03:52हम्म
- 2:03:52कॉम्पिटिटिव वर्ल्ड। हम हम
- 2:03:54और उस कंपटीशन के लिए उन्हें हम तैयार कर
- 2:03:56रहे हैं।
- 2:03:56जी
- 2:03:57और उनकी हैप्पीनेस को हम इग्नोर नहीं कर
- 2:03:59सकते। एंड मेरा भी अपना फेथ यही है कि कोई
- 2:04:02भी इस दुनिया में अपनी खुशी के बिना काम
- 2:04:06नहीं कर सकता अच्छे से। जी
- 2:04:08और जब वो खुशी से करता है तो आई थिंक वो
- 2:04:10लॉन्ग टर्म तक कर सकता है।
- 2:04:12जी जी
- 2:04:12और अब जो सिस्टम है वो हम उसे एक्सेप्ट
- 2:04:16करें हम
- 2:04:17डिनाई करें
- 2:04:18चेंज करें
- 2:04:20तो करने के लिए तो बहुत कुछ है।
- 2:04:22जी
- 2:04:23स्किल्स है, चेंज है, बिहेवियर है, थॉट
- 2:04:26प्रोसेस है।
- 2:04:27तो सीसीई पैटर्न ने तो बहुत एक्सपेरिमेंट
- 2:04:30किया।
- 2:04:30पिछले पांच सालों में हम फेल क्यों हुए?
- 2:04:32जी जी।
- 2:04:34तो अब हम कहां वर्क करें? मैं जैसे आपने
- 2:04:36सीसी का एग्जांपल दिया, सोसाइटी के अंदर
- 2:04:39एडजस्टमेंट का भी क्वेश्चन रेज किया कि हम
- 2:04:42कहां जाएं, क्या करें और अब हमें क्या
- 2:04:45करना है यह भी। सबसे पहली बात तो यह है कि
- 2:04:49आप में से बैठा हुआ हर शख्स उसकी जगह
- 2:04:53अलग-अलग है। मैं यहां खड़ा हूं। आप हर
- 2:04:56किसी का मेरे को देखने का एंगल अलग है।
- 2:04:59डॉक्टर साहब को मैं पीछे से नजर आ रहा
- 2:05:01हूं। मेरी गर्दन दिख रही है। लेकिन आपको
- 2:05:03मैं सामने से दिख रहा हूं। इनको मेरा राइट
- 2:05:05हिस्सा दिख रहा है। इनको मेरा लेफ्ट
- 2:05:06हिस्सा दिख रहा है। यानी जहां जो चीज है
- 2:05:09इस वक्त सोसाइटी में हम सबका उसको देखने
- 2:05:12का एंगल अलग-अलग है। इसीलिए उस चीज को
- 2:05:15वहां तक पहुंचने के लिए जिस जगह की मैं
- 2:05:17बात कर रहा हूं सबका एंगल अलग-अलग है।
- 2:05:20जिसका आज तक का तजुर्बा जैसा है वो उसके
- 2:05:23हिसाब से इसको सोचेगा। अगर वह थक चुका है
- 2:05:26हार कर तो वो यह सोचेगा कि कुछ नहीं हो
- 2:05:28सकता। जैसे चल रहा है चलने दो। जिसके अंदर
- 2:05:31अभी दर्द और आग बची हुई है, वह कहेगा नहीं
- 2:05:34मैं बदललूंगा। जिसको थोड़ी समझ है, वह यह
- 2:05:37कहेगा कि नहीं जितना मेरे से बदला जाए,
- 2:05:39मैं बदलूंगा। जितना तुमसे बदला जाए, तुम
- 2:05:41बदलो और इसका जिक्र करो जितना उनसे बदला
- 2:05:44जाए वो बदले। बिकॉज़ दिस इज नॉट अ प्रोसेस
- 2:05:47कि आपने क्लिक किया और हो गया। यह
- 2:05:49ट्रांजिशन पीरियड है। सोसाइटी में जो
- 2:05:51ट्रांसफॉर्मेशंस होते हैं, वो स्लो
- 2:05:53प्रोसेस होती है। वो बहुत फास्ट नहीं कुछ
- 2:05:56भी होता। पहले थॉट आता है। फिर उस थॉट की
- 2:06:00सच्चाई को हम अपनी जिंदगी में धीरे-धीरे
- 2:06:02ऑब्जर्व करके उसको अडॉप करते हैं कि कितना
- 2:06:05सही है और कितना गलत है। अगर आप अपनी
- 2:06:08सोसाइटी आप अपनी लाइफ को पिछली लाइफ को
- 2:06:11फ्लैशबैक में जाकर देखेंगे तो आपको क्या
- 2:06:14मिलेगा एट टाइम्स जब आपको कुछ ऐसा लगा था
- 2:06:18कि यार उस बंदे के साथ मेरा रिश्ता टूटा
- 2:06:20था या जब उस वक्त मेरी वो नौकरी छूटी थी
- 2:06:23या जब मेरा वो हालात हुए थे तो वो बहुत
- 2:06:25बुरे हालात थे। लेकिन आज 5 साल बाद या 2
- 2:06:29साल बाद उसके फ्लैशबैक में जाकर देखोगे तो
- 2:06:32आप पाओगे यार अच्छा ही हुआ जो हुआ। आप
- 2:06:34उसके पॉजिटिव रिजल्ट्स को देख पाओगे कि
- 2:06:36यार वह ठीक था। उस वक़्त वही हमारे लिए
- 2:06:38सबसे अच्छा था। इसलिए जो इस वक्त आपको सही
- 2:06:43लगता है जो इस वक़्त आपका दिल मानता है, वह
- 2:06:46करना शुरू कीजिए। और इसका ठेका मत लीजिए
- 2:06:51कि पूरी दुनिया को आपने बदलना है। हां,
- 2:06:53अपने प्रयास में कमी मत आने दीजिए। जब हम
- 2:06:57आखिर तक आएंगे तो आपको यह पता लगेगा कि
- 2:06:59हमें करना क्या है। एज अ स्कूल हमारी क्या
- 2:07:02जिम्मेदारी है? एज अ टीचर हमारी क्या
- 2:07:05जिम्मेदारी है? एज अ काउंसलर हमारी क्या
- 2:07:07जिम्मेदारी है? एज अ पेरेंट हमारी क्या
- 2:07:10जिम्मेदारी है? अगर हमें वो पता चल जाए और
- 2:07:12हम उसके ऊपर उसी तरह से एक्शन लेने ले
- 2:07:15जाएं। व्हिच इज नेक्स्ट टू इंपॉसिबल। जो
- 2:07:18मैं कहना चाह रहा हूं वो एग्जैक्ट वैसे ही
- 2:07:21आपके तक आएगा। ऐसा नहीं है लेकिन विद
- 2:07:24टाइम्स आपको समझ में आना शुरू हो जाएगा।
- 2:07:28जैसे आज मैं जो बात बता रहा हूं वो आज आप
- 2:07:31शायद इसलिए लेंगे कि आपकी टीचर ट्रेनिंग
- 2:07:34प्रोग्राम है। लेकिन जब आप उन्हीं चीजों
- 2:07:36को घर में अपने बच्चों में होते हुए
- 2:07:37देखोगे तो आपको समझ में आना शुरू हो
- 2:07:40जाएगा। ओ तेरे की पहले तो मैं ऐसे सोचता
- 2:07:43था। अब तो मेरा अब ऐसे सोचता हूं। तो वह
- 2:07:46आपका जो नजरिया है वो धीरे-धीरे बदलेगा।
- 2:07:49किसी का जल्दी बदल जाएगा। जो मुझे पहले से
- 2:07:52जानता है, जिसने मेरा लाइफ स्टाइल देखा
- 2:07:55है, जिसने मेरे जीने का तरीका देखा है,
- 2:07:57जिसने मेरा काम करने का तरीका देखा है,
- 2:07:59जिसने मुझे मतलब अब मैं 4 महीने तक मोबाइल
- 2:08:03स्विच ऑफ करके बिना किसी से बात करे एक
- 2:08:05जगह पड़ा रहता हूं पहाड़ पर। किसी से बात
- 2:08:08नहीं की मैंने। तो हाउ कैन आई डिस्कनेक्ट
- 2:08:11टू दी सोसाइटी? बिकॉज़ मुझे अपने अंदर
- 2:08:13देखना था कि मैं क्या-क्या सोच रहा हूं।
- 2:08:15मैं इस चीज को कैसे इंप्लीमेंट करूंगा? तो
- 2:08:18मुझे मुझे ब्रेक चाहिए। तो मैं सबसे कट
- 2:08:21गया। फिर मैं सब लोगों के बीच फिर मैं
- 2:08:23हजार दो-2 हजार लोगों से वाकर फिर मैं
- 2:08:26भाषण देने लग गया। फिर सब कुछ छोड़ के फिर
- 2:08:28चला गया। तो कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है।
- 2:08:31किसी को कह रहा हूं कि चल तू आ तेरे लिए
- 2:08:33मैं खुद भी अपनी जेब से इन्वेस्ट कर रहा
- 2:08:34हूं। किसी को कह रहा हूं कि बिना पैसे
- 2:08:36नहीं घुसूंगा तेरे घर में। किसी को मैं
- 2:08:38मिल नहीं रहा हूं। डेढ़ साल की अपॉइंटमेंट
- 2:08:41है मेरी वेटिंग। लेकिन किसी के घर में खुद
- 2:08:43चला जाता हूं कि मेरे को तेरे से मिलना
- 2:08:45था। बिकॉज़ मन कर रहा है या मुझे लग रहा है
- 2:08:47कि यू कैन बी अ सोर्स कि जो मैं सोच रहा
- 2:08:50हूं उसी दिशा में आप सोच रहे हो। लाइक
- 2:08:53माइंडेड पीपल जब साथ आएंगे एक तरह से
- 2:08:56सोचने वाले जब साथ आएंगे चेंज आना शुरू
- 2:08:58होगा। चेंज खत्म नहीं होता कभी भी। जैसे
- 2:09:02ही आप एक पॉइंट तक पहुंचोगे। उससे आगे कुछ
- 2:09:04और चीजें दिखनी शुरू हो जाएंगी आपको। सो
- 2:09:07ऐसा हम किसी फाइनल पॉइंट पर पहुंचने के
- 2:09:10लिए यहां लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं। हम किसी
- 2:09:12जगह पर आपको जैसे आपने कहा आपको क्या करना
- 2:09:14चाहिए? आपका सवाल था कि हमें क्या किस चीज
- 2:09:17पे फोकस करना चाहिए? आई एम नो वन टू
- 2:09:20डिसाइड और गिव एन इंस्ट्रक्शन कि आपको किस
- 2:09:23बात पे फोकस करना चाहिए। मैं आपको अपनी
- 2:09:26जिंदगी का तजुर्बा अपनी लाइफ अपना
- 2:09:29एक्सपीरियंस अपनी जो नॉलेज जितना मैं इस
- 2:09:32वक्त में लिमिटेड टाइम में आपको दे पाऊंगा
- 2:09:35जो पिछले 17 साल मैंने जिया है उसको मैं
- 2:09:38जितना आपके सामने ओपन करूंगा उसमें से जो
- 2:09:41जो आपके काम का है उठाते जाइए जो जो काम
- 2:09:44का नहीं है उसको फेंकते जाइए लेटर ऑन वो
- 2:09:46समझ में आता जाएगा कि किस चीज का जरूरत
- 2:09:49क्या थी जो आपके घर में सामान पड़ा होता
- 2:09:51है सारा का सारा एक ही दिन थोड़ी यूज़
- 2:09:52करते हो जिस दिन चाय बनानी है चाय का
- 2:09:54सामान सामान यूज़ होगा। हलवा बनाना है तो
- 2:09:55फिर दूसरी चीजें यूज़ होएंगी। सिंपल एज
- 2:09:58सिंपल एज दिस। स्टोर में बहुत सारी चीजें
- 2:10:00तो ऐसी भी पड़ी हुई है जो लगता है कि कभी
- 2:10:02काम आएंगी। 10-10 साल काम ही नहीं आती वो।
- 2:10:05सफाई के टाइम पे दिवाली पे ही दिखती है।
- 2:10:07वो तू भी रखा था। ये
- 2:10:10देखिए इतना तो श्योर है। देखिए क्या होता
- 2:10:14है। अगर आप इस बात को फाइनल स्टेटमेंट मान
- 2:10:17लेंगे मेरी कि क्या हम सब कुछ मन पे छोड़
- 2:10:20दें? तो मुझे नहीं लगता कि वो स्टेटमेंट
- 2:10:23का जवाब मैं आपको ठीक से दे पाऊंगा। रीजन
- 2:10:27बीइंग सब कुछ मन पर छोड़ने के लिए आपको
- 2:10:29अंदर से बहुत हाईली कन्विंस्ड होना पड़ता
- 2:10:32है। बहुत कन्विंस्ड होना पड़ता है। आपको
- 2:10:36इस बात से ऊपर उठना पड़ता है कि लोग क्या
- 2:10:39कहेंगे और बेटा क्या खाएगा? बच्चा क्या
- 2:10:41खाएगा। इसको छोड़ दो। लेकिन
- 2:10:44खुद को कन्विंस होने से बेटर मुझे लग रहा
- 2:10:46है दूसरों को कन्विंस करना बहुत मुश्किल
- 2:10:48हो जाएगा। दूसरों को कन्विंस जब आप करने
- 2:10:50चलोगे ना तो फिर आप झल्लाते हुए घर वापस
- 2:10:53आओगे। कन्विंस नहीं करना।
- 2:10:56हम कैसे कह सकते हैं कि मन
- 2:10:59क्योंकि मन
- 2:11:00मैं आपको
- 2:11:01चला जाता है।
- 2:11:02हां मैं आपको एक स्टोरी बताता हूं। स्टोरी
- 2:11:04नहीं है। ये लाइफ की ओरिजिनल बात है। जिस
- 2:11:07वक्त मैं मसूरी में पड़ा हुआ था अकेला
- 2:11:09एकांत में। एक बहुत बड़ा सा फार्म हाउस था
- 2:11:11किसी का आश्रम टाइप से। तो उस वक्त मेरे
- 2:11:14वहां पे सिर्फ मैं था और एक मेरा कुक था।
- 2:11:17वो कुक माली सब कुछ वही था केयरटेकर उसको
- 2:11:19अलाउड नहीं था मेरे से बात करना मैं उसको
- 2:11:21बोलता था तेरे को चाय बोलूंगा तू आकर चाय
- 2:11:24रख के चुपचाप चला जाएगा मेरे से बात नहीं
- 2:11:26करेगा मुझे तेरे से बात नहीं करनी है तो
- 2:11:29मैं कुछ बात नहीं करता था किसी से भी
- 2:11:31बिल्कुल चुप एकदम शांत तो जो भी मुझे कुछ
- 2:11:35बोलना होता तो मैं वो लिख लेता था ऐसे
- 2:11:37करके मेरा कुछ लाइव चल रहा वहां पर एक रोज
- 2:11:40एक बंदा आता है मतलब उसको पता लगा कि मैं
- 2:11:42वहां हूं तो देहरादून से ही हैं वो मुझसे
- 2:11:46मिले
- 2:11:46और एक रात वो वहीं पर रुके। उसके बाद
- 2:11:50उन्होंने मेरा कांसेप्ट देखा तो मुझे
- 2:11:52बोलता है मैं आपको मित्तल साहब से मिलाता
- 2:11:55हूं। मैंने कहा कौन मित्तल के सुनील
- 2:11:58मित्तल के भाई हैं जो ये भारतीय टेलीकॉम
- 2:12:01है ना। तो 6 महीने पहले मुझसे किसी ने कहा
- 2:12:03था कि तुम यार अपने कांसेप्ट को लेके
- 2:12:05मित्तल साहब से मिलो Airtel वाले से। उनकी
- 2:12:08फाउंडेशन है भारती फाउंडेशन। वो एजुकेशन
- 2:12:10पे बहुत काम करती है। तुम्हारी बहुत मदद
- 2:12:12कर सकती है। मैंने उसको बोला नहीं यार
- 2:12:13मेरे को नहीं मिलना किसी से। अपन मस्त हैं
- 2:12:15अपनी जिंदगी में अपने को भाड़ में जाओ
- 2:12:17सारी दुनिया हम जो काम कर रहे हैं गांव
- 2:12:19में जाकर मेरे को उसी में मजा आ रहा है।
- 2:12:20अच्छा तो लेकिन मुझे वहां अमन जो थे जिनकी
- 2:12:23मैं बात कर रहा हूं। उन्होंने मुझे कहा कि
- 2:12:25मैं आपको मित्तल साहब से मिलाता हूं।
- 2:12:27मैंने कहा मेरे को मित्तल काहे को मिलेगा।
- 2:12:29अगर आप उसको कुछ जिक्र भी करोगे कि ऐसा
- 2:12:31ऐसा एक आदमी है जो एजुकेशन पर काम कर रहा
- 2:12:33है। तो वो कहेगा ऐसे ऐसे तो रोज आते हैं
- 2:12:34झोला उठा के हमारे पास सामान बेचने अपना।
- 2:12:37कहता नहीं मैं कहूंगा तो वो मिल लेगा।
- 2:12:39मैंने कहा चलो इफ यू इंसिस्ट तो मिल लेते
- 2:12:42हैं। सेम मतलब वही बात हुई। उन्होंने कहा
- 2:12:45जब उनसे पूछा कि मैं आपको देवेंद्र बलारा
- 2:12:47से मिलवाना चाहता हूं तो वो बोलते हैं कि
- 2:12:51क्या करूंगा मैं मिलके? चलो 10 मिनट का
- 2:12:53टाइम दे देता हूं। एग्जैक्ट 10 मिनट दूंगा
- 2:12:56जो 10 मिनट में अगला एक्सप्लेन करे कर ले।
- 2:12:58ठीक है? हमारा 2:00 बजे का टाइम फिक्स हो
- 2:13:01गया। फिर जब टाइम मिलने का आया तो जिस दिन
- 2:13:04आया हमारा तो हमारा टाइम प्रीपोनर्न हो के
- 2:13:0611:00 बजे हो गया। हमने 11:00 बजे बात
- 2:13:08करनी शुरू करी और 5:00 बज गए। वह बंदा
- 2:13:11मेरे से बात करता ही रहा। आखिर में जागते
- 2:13:14हुए वह मुझे कहने लगा कि सर मैं आपसे बात
- 2:13:17करने एक दिन स्पेशल आऊंगा। आज तो मेरी कोई
- 2:13:20ट्रेन है। मेरी बेटी को प्लेन में और बस
- 2:13:23में ना वोमिटिंग आती है इसलिए ट्रेन से
- 2:13:25आना पड़ता है। तो मेरी ट्रेन है। अभी तो
- 2:13:27मैं निकल रहा हूं। हम फिर मिलेंगे। एक
- 2:13:30सैटरडे वो दिल्ली में ही रहता है वो यहीं
- 2:13:32पे। एक सैटरडे वो दिल्ली से देहरादून आए।
- 2:13:37हम पूरा दिन बात करी पूरी रात बात करी।
- 2:13:41रात के बाद मुझे कहता है डॉक्टर साहब मुझे
- 2:13:43आपके जैसा बनना है। मुझे आप अपने जैसा बना
- 2:13:46लो। मैं कहा मेरे जैसा बनने के लिए तुझे
- 2:13:47सब कुछ छोड़ना पड़ेगा। जिंदगी में कई बार
- 2:13:50बर्बाद होना पड़ेगा क्योंकि मैं कई बार
- 2:13:51बर्बाद हो चुका हूं। आर यू रेडी फॉर दैट?
- 2:13:53हां। फिर क्या करें? कुछ सिखाओ हमको भी।
- 2:13:56कुछ बताओ हमको कि क्या सिखाऊं बताओ? आप
- 2:13:58इतना खुश कैसे रह लेते हो? आप पूरा दिन
- 2:14:01इतनी मस्ती में कैसे जी लेते हो? आप 24
- 2:14:04में आपके साथ मैं यह देखने आया था कि कई
- 2:14:06बार आदमी कहने के लिए ऐसा होता है तो क्या
- 2:14:10वो पूरा टाइम ऐसा मेंटेन रख सकता है अपना
- 2:14:13पेस? तो उसे मैंने कहा कि सिर्फ एक चीज की
- 2:14:16आदत डाल लो कि तुम्हारी कोई सबसे प्यारी
- 2:14:20चीज भी अगर छूटती है तो डोंट वरी छोड़ दो।
- 2:14:23तुमने छोड़ना सीख लिया तो तुमने सब कुछ
- 2:14:25सीख लिया। देन ही सेड कि इसको कैसे
- 2:14:27इंप्लीमेंट करें? इट्स अ वेरी टफ क्वेश्चन
- 2:14:30जो जो आपने पूछा ना इट्स अ
- 2:14:32केस बता रहे हो कि आप चार महीने चले गए इन
- 2:14:35अ फैमिली अगर आप सोचो एक मदर चार महीने
- 2:14:38कहीं चली गई तो हम
- 2:14:41बी हैप्पी ऑन हर फैमिली फैमिली
- 2:14:43देखिए चक्कर क्या है? गलती क्या है? आप
- 2:14:45मेरे छोड़ने को अपनी जिंदगी में
- 2:14:47इंप्लीमेंट करना चाह रहे हो। यह गलती है।
- 2:14:50क्यों सोचें? क्यों सोचें? क्यों सोचें?
- 2:14:54देखिए जहां
- 2:14:56सबसे पहली बात ना ही तो मेरी लाइफ को अपनी
- 2:14:58लाइफ से कनेक्ट कीजिए ना ही फोर्थ क्लास
- 2:15:01से कनेक्ट कीजिए। हम जनरल एग्जांपल तक
- 2:15:04लास्ट में पहुंचेंगे। जिस बात के लिए हमने
- 2:15:06शुरू किया है ना पहले हम कंप्लीट कर लें।
- 2:15:09आप क्या कर रहे हो कि जो मैं आपको बोल रहा
- 2:15:11हूं ना आप उसको जजमेंटल स्टेटमेंट मान रहे
- 2:15:14हो। आखिरी स्टेटमेंट व्हिच इज नॉट। है ना?
- 2:15:17ना ही किसी के सामने परोस के कुछ भी आता
- 2:15:20है। आपके सामने भी सब कुछ परोस के नहीं
- 2:15:23आएगा। आपको अर्न करना पड़ेगा। चाहे आपकी
- 2:15:26आजादी हो, चाहे आपकी डिग्निटी हो, चाहे
- 2:15:29आपका कुछ भी हो एनीथिंग नौकरी हो तो भी वो
- 2:15:33आपको अपनी लड़ाई और अपने हिस्से की जंग
- 2:15:35जीतनी खुद पड़ेगी। मतलब इट्स नॉट लाइक कि
- 2:15:38मैं आपको बताऊंगा कि आप किसको छोड़कर जा
- 2:15:40सकते हो, किसको नहीं। यह तो बहुत कॉमन आप
- 2:15:44बात कर रहे हो ना। फिर दूसरी बात हम जो
- 2:15:47बात कर रहे हैं। हम यह बात कर रहे हैं कि
- 2:15:49जब हमें एक बात समझ में आनी शुरू हो गई।
- 2:15:52जैसे जब हम इस ट्रेनिंग को खत्म करेंगे,
- 2:15:56हम एंड तक पहुंचेंगे। आप देखोगे आप अपने
- 2:16:00ब्रेन को बहुत हद तक फ्री कर चुके हो। आप
- 2:16:04मतलब आपके अंदर एक खास किस्म की फ्रीडम
- 2:16:06ऑटोमेटिकली आ चुकी होगी। जब आपने जैसे अभी
- 2:16:10क्या हुआ कि अभी आपने क्राइटेरियास बनाए
- 2:16:12हुए हैं। और मैं आपको सजेस्ट करूंगा और
- 2:16:15आपसे रिक्वेस्ट भी करूंगा कि जो मैं आपको
- 2:16:18कह रहा हूं ना उसको सिर्फ रेफरेंस के तौर
- 2:16:20पर लीजिए। सिर्फ रेफरेंस। उसको फाइनल अपनी
- 2:16:23लाइफ में उतारने को परमानेंट मतलब मत
- 2:16:26लीजिए। वो एक रेफरेंस है कि जो आदमी जिस
- 2:16:30लेवल पर पहुंचता है, जहां पहुंचता है, जिस
- 2:16:33जगह पे आप बैठे हो ना, इस जगह पे आने के
- 2:16:35लिए भी लोग मर रहे हैं। जिस जगह पे कोई
- 2:16:37दूसरा बंदा है उससे पीछे रहने वाला आदमी
- 2:16:40वहां आने के लिए लड़ाई लड़ रहा है। सो
- 2:16:42इट्स नॉट लाइक कि आप सभी को किसी के जैसे
- 2:16:44बनना है। ना ना बिल्कुल नहीं। किसी को
- 2:16:48किसी के जैसा नहीं बनना। किसी को किसी की
- 2:16:51जगह पर नहीं जाना। सबको अपने जैसा बने
- 2:16:54रहना है। मेरी लड़ाई है कि मैं मैं रहूं
- 2:16:58और आप आप रहो और अपने बच्चों को वो बच्चा
- 2:17:01रहने दें। ना तो बच्चे को अपने जैसा बनाओ,
- 2:17:04ना अपने हस्बैंड को अपने जैसा बनाओ, ना
- 2:17:07अपनी वाइफ को अपने जैसा बनाओ और ना किसी
- 2:17:09के जैसा बनो। जस्ट फाइंड योरसेल्फ एंड बी
- 2:17:12व्हाट यू आर। यह लड़ाई है मेरी। कुछ ऐसा
- 2:17:15बोलना चाहते हैं करना चाहते हैं लेकिन हम
- 2:17:17ऐसे प्लेस पर हम कर नहीं पाते हैं तो वो
- 2:17:19अल्टीमेट हैप्पीनेस आई नहीं हम करते हैं
- 2:17:21तो उसको कुछ रिवर्स इफेक्ट भी आएगा जो उसे
- 2:17:23एोगेंस बोला जाएगा हमारी कि आप एोगेंट हो
- 2:17:26रूट हो
- 2:17:26देखिए ये ये चीजें ना आएंगी एरोगेंस का भी
- 2:17:31लेबल लगेगा इस आदमी में मेरे ऊपर आज भी
- 2:17:33इल्जाम लगते हैं इसमें बहुत एटीट्यूड है
- 2:17:36मैं बच्चों को देख कर के रो पड़ता हूं
- 2:17:40इतना इमोशनल हूं लेकिन लोग बात करते हैं
- 2:17:42तो सोचते हैं बहुत एोगेंट है यार बड़ा
- 2:17:44एटीट्यूड इसमें बंदे में वो एटीट्यूड का
- 2:17:47लेवल आज भी लगता है मेरे ऊपर।
- 2:17:49लगेगा
- 2:17:50तो मैं इसको ऐसे लेता हूं कि मैंने जो
- 2:17:53जन्म लिया है ना वो दुनिया में किसी को
- 2:17:55खुश करने के लिए नहीं लिया हुआ। अब मैं
- 2:17:58खुश रह लूं बड़ी बात है। मैं किसी को
- 2:18:00नुकसान नहीं पहुंचाता। मेरा उसूल है। अपने
- 2:18:04फायदे के लिए किसी का नुकसान नहीं करूंगा।
- 2:18:06पर कोई भी आदमी मेरी लाइफ में और मेरे थॉट
- 2:18:09मेरे दिमाग में घुसने की कोशिश करेगा तो
- 2:18:11लात मार के बाहर करूंगा उसको। मैं नहीं
- 2:18:13घुसने दूंगा उसको। ना अपनी थॉट प्रोसेस
- 2:18:15में ना अपनी खुशी के बीच ना अपनी
- 2:18:17हैप्पीनेस के फिर चाहे वह कोई भी हो आप एक
- 2:18:20बार उस लेवल पर आओगे कोई भी नहीं आएगा
- 2:18:22जैसे मैंने बताया छोटा बच्चा जब आप एक बात
- 2:18:26बताइए एक तो ऐसी मां है जो कहती है मेरे
- 2:18:29बच्चे ने मेरा जीना मुश्किल कर रखा है।
- 2:18:31वही मां यह कहती है इसके पापा आ जाते हैं
- 2:18:33तो रिलैक्स हो जाते हैं। मतलब उस बच्चे ने
- 2:18:36देखा हुआ है कि वो लिमिट उसने खुद सेट करी
- 2:18:38हुई है। यू अलव समवन टू अफेक्ट यू।
- 2:18:42बेसिकली इट इज यू जो किसी और को अलव करते
- 2:18:46हो आपको कुछ भी कहने के लिए कोई और नहीं
- 2:18:48है वो
- 2:18:49लेकिन अगर हम रिपेल करते हैं हम बोलते हैं
- 2:18:51तो वही वो आ जाएगा लेबल रूट और वी आर अ
- 2:18:53सोशल बीइंग हमें एक सोसाइटी में भी रहना
- 2:18:55है और अगर हम सभी से ऐसे अपना एटीट्यूड के
- 2:18:57साथ चलेंगे कि मुझे अच्छा नहीं लग रहा तो
- 2:18:59मुझे नहीं बात करनी मुझे अच्छा लग रहा है
- 2:19:01तो मैं तुमसे बात करूंगी तो वो यही कहेंगे
- 2:19:03ना कि ठीक है तुम्हारी मर्जी थोड़ी ना
- 2:19:04चलेगी आज मुझे भी अच्छा नहीं लग रहा मैं
- 2:19:06भी करती हूं तुमसे बात
- 2:19:07नहीं अभी मैं आपसे बात कर रहा हूं
- 2:19:08हां
- 2:19:09आप भी कर रहे हैं
- 2:19:10हां
- 2:19:10ठीक है जब दोनों एक दूसरे के लिए जब तक एक
- 2:19:13दूसरे के फेवर में बात कर रहे हैं या एक
- 2:19:16दूसरे को समझ रहे हैं, तब तक तो बात करना
- 2:19:18समझ में आता है। जो उत्तम पुरजाई पे हाणे
- 2:19:20जाए, कहानी हमारी गाली गलौज पे आ जाए,
- 2:19:23वहां बात करने का क्या तुका है? अगर आप
- 2:19:25मेरे दिमाग पे चढ़ने की कोशिश करो या मैं
- 2:19:28आपके दिमाग पर चढ़ने की कोशिश करूं। मैं
- 2:19:30आपको अपने जैसा बनाने की कोशिश करूं या आप
- 2:19:33मुझे बनाने फिर बात करने का क्या लॉजिक
- 2:19:35है? किसी का भी सोसाइटी में रहते हैं। हम
- 2:19:38सोशल बीइंग हैं। हमारा काम है एक दूसरे की
- 2:19:42लाइफ को आसान बनाना ना कि मुश्किल बनाना।
- 2:19:45ना तो किसी की लाइफ को मुश्किल बनाने की
- 2:19:47जरूरत और ना किसी को अलऊ करने की जरूरत कि
- 2:19:50वो आपकी लाइफ को मुश्किल बनाए। ये कह रहा
- 2:19:52हूं।
- 2:19:53क्या जो आपका ये एटीट्यूड है, एटीट्यूड
- 2:19:55कहिए या जो आपका ये नेचर है।
- 2:19:57कुछ भी कहिए।
- 2:19:58क्या ये स्टार्टिंग से है? व्हेन यू आर
- 2:20:01नॉट डॉक्टर बलहारा? नहीं मैं यह एटीट्यूड
- 2:20:06इसको आपने ठीक क्वेश्चन पूछा। यह एटीट्यूड
- 2:20:09कभी भी किसी का भी ओरिजिनल नहीं होता या
- 2:20:12कह लीजिए ये सबका ओरिजिनल होता है। छोटा
- 2:20:15बच्चा है वो मैं आपको पहले ही डिस्कस कर
- 2:20:18चुका हूं। वो अपनी राजा वाली फीलिंग में
- 2:20:20होता है। वो यह मानता है कि मैं जो कर रहा
- 2:20:23हूं मेरे मां-बाप भी मेरे हिसाब से खिलौना
- 2:20:25मुझे दिलाएं। मेरे हिसाब से उठे। मेरे
- 2:20:27हिसाब से ही वो कोशिश करता है। यह छोटे से
- 2:20:30शुरू हो जाता है वो। फिर मां-बाप का
- 2:20:33बिहेवियर अलव करता है उनको कि उसको अलव
- 2:20:37करता है कि नहीं करता है। फिर वह उनका
- 2:20:38बिहेवियर डिसाइड करता है। अब कई बार आपको
- 2:20:41यहां पे अ इल्जाम सहने पड़ते हैं। कैसे?
- 2:20:47जैसे टीचर ने कोई सवाल किया मैंने खड़ा हो
- 2:20:50के पूछ लिया। टीचर बोलती है के बाद में
- 2:20:54समझाऊं। मैंने यह बोल दिया मैडम आपने दो
- 2:20:57बार पहले भी कहा था। आपने समझाया नहीं। जब
- 2:20:59मैं समझने आता हूं तो फिर आप कहते हो अभी
- 2:21:01मैं बिजी हूं। मेरे को मेरी मम्मी तो
- 2:21:02अनपढ़ है। वह तो समझा नहीं सकती। फिर
- 2:21:05ट्यूशन रख ले। ट्यूशन का तो नहीं है जी।
- 2:21:08मेरे तो घर में इतना मतलब सिस्टम मैं नहीं
- 2:21:11कुछ कर सकती। तो फिर क्यों कहते हो बाद
- 2:21:13में समझाऊंगी। फिर क्लास में ही समझा दिया
- 2:21:14करो। बदतमीजी मत कर फालतू। मैं खड़ा-खड़ा
- 2:21:17सोच रहा हूं। मैंने बदतमीजी क्या करी है
- 2:21:18भाई? मैंने सवाल पूछा। अगर आप सवाल पूछने
- 2:21:22को बदतमीज़ी कहते हो तो बदतमीज़ी सही। पर
- 2:21:26मैं सवाल पूछना मैंने बंद नहीं किया आज
- 2:21:28तक। इसीलिए मैं क्लास का सबसे बदतमीज
- 2:21:31बच्चा रहा। गेट आउट ऑफ द क्लास मेरा पहला
- 2:21:34नंबर पर रहा। मैं सिस्टम का हिस्सा नहीं
- 2:21:36तो मुझे लगा कि मेरे सवाल पूछने को लोग
- 2:21:38बदतमीजी क्यों कहते हैं? मैं अगर आपसे
- 2:21:40सवाल पूछ रहा हूं और मेरा सवाल जायज है।
- 2:21:44तो बदतमीजी क्यों? इसका मतलब आपने इज्जत
- 2:21:49करने की जो पैरामीटर्स हैं वो गलत बनाए
- 2:21:51हुए हैं। सवाल पूछना बदतमीजी नहीं। तो,
- 2:21:54मैंने सवाल ही पूछना जारी रखा है।
- 2:21:56एटीट्यूड की जहां तक बात है, मैं यह मानता
- 2:21:59हूं कि हम जैसे मुझसे कई बार आदमी पूछते
- 2:22:02हैं कि यार तुम क्या मानते हो? इंसान का
- 2:22:04जन्म क्यों हुआ है? इंसानी जन्म क्यों हुआ
- 2:22:06है? क्या नौकरी करने के लिए हम पैदा हुए
- 2:22:08हैं? क्या सारी उम्र हम यही सब मतलब
- 2:22:12फैमिली, किनशिप और इन्हीं चीजों को डिस्कस
- 2:22:15और ढोने के लिए बने हैं? तो मुझसे पूछते
- 2:22:18हैं कि देवेंद्र एस पर योर ओपिनियन हम
- 2:22:20क्यों पैदा हुए हैं? तो मैं उनको यह कहता
- 2:22:21हूं देखो मेरा यह मानना है कि जो इतिहास
- 2:22:25ने हमको दिया जितना ज्ञान हमको मिला वो
- 2:22:29ज्ञान लो अपनी जिंदगी का अनुभव उसमें ऐड
- 2:22:33करो और आने वाली पीढ़ियों की जिंदगी आसान
- 2:22:36करने के लिए उनको देने के लिए चल देकर के
- 2:22:38चल पड़ो। यह मेरे ओपिनियन है। जो हमें
- 2:22:40पीछे से मिला वो ज्यों का त्यों आगे देना
- 2:22:44मुझे लगता है यह गलत है। वो उस दौर में
- 2:22:46पैदा हुई थी चीजें वो आज रेलेवेंट नहीं हो
- 2:22:49सकती। जो चीजें उस दौर में थी इसलिए जो
- 2:22:53आपका तजुर्बा है और जो आपका ओपिनियन है
- 2:22:55उसमें ऐड करके अगली जनरेशन को देना बनता
- 2:22:59है आपका तो आपकी थॉट प्रोसेस क्योंकि अलग
- 2:23:02है। आप अपनी थॉट प्रोसेस को कम से कम
- 2:23:04बताओगे तो सही। अब आप में से कितने टीचर्स
- 2:23:08ऐसे हैं जो सोचते हैं कि स्कूल में ये ये
- 2:23:11चीजें ऐसे ऐड होनी चाहिए। लेकिन हम उन
- 2:23:13चीजों को लिखते नहीं कभी लिखकर नहीं रखते।
- 2:23:16हम उनको डॉक्यूमेंटेड नहीं करते। हम किसी
- 2:23:19से बात नहीं करते। हम उसके लिए रिसोंड
- 2:23:21नहीं करते। आवाज नहीं उठाते। हम ना
- 2:23:23गवर्नमेंट को रिप्लाई मतलब कोई क्वेश्चन
- 2:23:25पूछते हैं, ना उनको कोई ईमेल करते हैं, ना
- 2:23:27कोई चिट्ठी लिखते हैं। कुछ भी नहीं। हम बस
- 2:23:29जो चल रहा है उसी को मानना और उसी को ओबे
- 2:23:32करने को ही हम बढ़िया सिटीजन की डेफिनेशन
- 2:23:34मानते हैं। मेरे ख्याल से यह बढ़िया
- 2:23:36सिटीजन की डेफिनेशन नहीं है। बढ़िया
- 2:23:38सिटीजन की डेफिनेशन यह है कि वह अपनी और
- 2:23:42अपनी आने वाली पीढ़ियों की उनकी आजादी,
- 2:23:46उनकी बेहतरी और उनके बेटरमेंट के लिए
- 2:23:49लड़ाई लड़े। बेसिकली। कह रहे हैं कि हमने
- 2:23:51एक आइडियलिज्म बना दी है। और सर दूसरा
- 2:23:54मेरा एक क्वेश्चन और है कि हम एजुकेशन
- 2:23:56सिस्टम किस चीज को एजुकेशन सिस्टम को
- 2:23:58बेस्ट कहते हैं और कौन सी ऐसी कंट्री है
- 2:24:00जो उसे फॉलो कर रही है?
- 2:24:02देखिए
- 2:24:02क्योंकि सर हम उन्हीं से सीख सकते हैं ना।
- 2:24:05[हंसी]
- 2:24:05और सर अगर हम उनसे सीख रहे हैं तो मतलब हम
- 2:24:07उन्हें आइडियल मान रहे हैं।
- 2:24:09अगर आपको सीखना है तो एक तो सबसे पहली बात
- 2:24:12तो हम किसी जिससे सीख रहे हैं वो आइडियल
- 2:24:15सिचुएशन कभी कोई नहीं होती। जैसे ही आप उस
- 2:24:18आइडियल सिचुएशन तक पहुंचोगे उससे अगला
- 2:24:20स्टेप एक ऑलरेडी अवेलेबल हो जाएगा आपके
- 2:24:22पास। उससे आगे की चीजें डेवलप हो चुकी
- 2:24:24होंगी तब तक। तो आइडियल तो कुछ हो ही नहीं
- 2:24:27सकता। दूसरी बात किसी कंट्री को कॉपी करने
- 2:24:31लगोगे तो आप कहीं भी नहीं पहुंच पाओगे।
- 2:24:33क्योंकि उस कंट्री की डेमोग्राफी, उस
- 2:24:36कंट्री की जरूरतें उसके हिसाब से उन्होंने
- 2:24:38अपने आप को डेवलप कर लिया। आपकी जरूरतें
- 2:24:41आपका लोकल आदमी आपके रिसोर्सेज अवेलेबल और
- 2:24:45आप कहां जाना चाहते हो यह आप डिसाइड
- 2:24:48करोगे। मैं जिस जिस लड़ाई की मैं बात कर
- 2:24:52रहा हूं वो यह लड़ाई की बात कर रहा हूं कि
- 2:24:55पहले हम समझ तो लें कि चाहिए क्या-क्या।
- 2:24:58सर हम तभी तो वहां तक पहुंचेंगे
- 2:25:00बेंचमार्क। अब मेरा कोई पाथ नहीं है।
- 2:25:02यूनिवर्सिटी जाने वाला पाथ जो है वो एक
- 2:25:04यूनिवर्सिटी जाने वाला पाथ है। वो जिसजिस
- 2:25:07का घर जहां पे अवेलेबल है वहां से
- 2:25:09यूनिवर्सिटी का रास्ता जाता है। लेकिन
- 2:25:11जिंदगी का रास्ता सबका अलग होता है। हमें
- 2:25:14एक ऐसा एनवायरमेंट बनाना है। हमें एक ऐसा
- 2:25:16एजुकेशन डेवलप करना है, सिस्टम डेवलप करना
- 2:25:19है। हम एक ऐसी चीज के लिए बात कर रहे हैं
- 2:25:22कि जो बच्चा ओरिजिनली कुदरत ने पैदा किया
- 2:25:24है। हम उसकी उस ओरिजिनलिटी को जितना हो
- 2:25:27सके मेंटेन कर सकें। जितना हो सके उसकी उस
- 2:25:30ओरिजिनल नेचर को मेंटेन करके रख सके। वो
- 2:25:33फ्रीली सोच सके, वो फ्रीली बोल सके और बोल
- 2:25:37के रिसोंड कर सके और अगली जनरेशन को बेहतर
- 2:25:40बना सके।
- 2:25:41चाइल्ड शुड बी फ्री माइंड यू।
- 2:25:42ये हमारा बेस है एक। ठीक है? वी हैव वी आर
- 2:25:45वर्किंग ऑन दिस क्राइटेरिया ओनली दैट दीज़
- 2:25:48आर द पैरामीटर्स व्हाट यू हैव सेड बिफोर
- 2:25:50दैट वी हैव टू वर्क ऑन दिस ओनली। दैट द
- 2:25:52चाइल्ड शुड बी फ्री टू स्पीक। और व्हाटएवर
- 2:25:55ही वांट टू डू, ही शुड बी लाइक दैट। ही और
- 2:25:57शी शुड बी लाइक दैट। सो देयर आर सर्टेन
- 2:25:59पैरामीटर वी हैव ऑलरेडी वर्किंग ऑन। तो
- 2:26:02कुछ तो दैट्स व्हाट आई एम आस्किंग कि एक
- 2:26:04बेस तो आप मेंटेन करेंगे ना। आप मुझे
- 2:26:07कहेंगे दैट आई हैव टू वर्क ऑन दिस। तो
- 2:26:09डेफिनेटली काम तो आप मुझे बताएंगे ना। मैम
- 2:26:12आपने मुझे ये पेज ला के देना है। दीज़ आर द
- 2:26:14थिंग्स आई एम लुकिंग इंटू।
- 2:26:16एक्साक्ट्ली।
- 2:26:16दैट्स व्हाट। तो सम बेस शुड बी देयर।
- 2:26:19एक्साक्ट्ली। दैट्स व्हाट आई एम आस्किंग
- 2:26:20कि वी आर नॉट बेसलेस है।
- 2:26:22अगर एजुकेशन सिस्टम बना रहे हैं तो मेरा
- 2:26:25क्राइटेरिया है कि बच्चे को किस वे में
- 2:26:28काम करना है। वो तो आप बनाएंगे वो तो आप
- 2:26:30मुझे भी सिखाएंगे तभी मैं बच्चे पे काम कर
- 2:26:32पाऊंगी।
- 2:26:33दैट्स व्हाट द बेस शुड बी क्लियर टू अस।
- 2:26:35दैट इज द बेसिक थिंग वी हैव टू से कि हर
- 2:26:37चीज का एक बेस होना चाहिए कि अगर मैं घर
- 2:26:40से निकल रही हूं तो ऐसा नहीं कि मैंने क
- 2:26:42गाड़ी अगर मेरा घर के पास यूनिवर्सिटी है
- 2:26:44तो मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी मोड़ लूं। जबकि
- 2:26:46मुझे जाना एलपीएस था। नो। जी
- 2:26:48मुझे शुड बी क्लियर इन द माइंड ऑफ़ दैट
- 2:26:50वेयर वी आर सपोज टू डू एंड वेयर वी हैव टू
- 2:26:53वर्क ऑन व्हिच पैरामीटर हैज़ टू
- 2:26:55डीड यू गेट ऑल ऑल ऑफ़ यू गेट द क्वेश्चन
- 2:26:58है ना यानी कि अब हमारे को इस बात की
- 2:27:00क्लेरिटी होनी चाहिए कि अब हमें करना क्या
- 2:27:02है दैट्स व्हाट यू वांट जी और इसके लिए
- 2:27:06पहला स्टेप है कि नाउ वी कम ऑन दिस पॉइंट
- 2:27:10कि अब हमें इस बात पर आना है कि सबसे पहले
- 2:27:13हम अपने सामने खड़े हुए उस शख्स जिसको को
- 2:27:17हम अपना स्टूडेंट कह रहे हैं उसको समझ
- 2:27:19लें। है ना? एक बार वो समझ आ गया आपको
- 2:27:22एकदम क्लेरिटी आ जाएगा। नाउ लेट अस कम ऑन
- 2:27:24दैट पॉइंट। इंट्रापर्सनल इंटेलिजें
- 2:27:26इंट्रापर्सनल पर्सनालिटी क्लियर हो गया कि
- 2:27:28वह पर्सन है। दूसरा क्लियर हो गया
- 2:27:30इंट्रासर्सनल कि उसकी दो पर्सनालिटी दोनों
- 2:27:32अलग-अलग हो सकती हैं। अब वो किस-किस टाइप
- 2:27:35की हैं वो एक अगला कांसेप्ट है। इसमें
- 2:27:38हमने डिपेंडिंग अपॉन द थॉट प्रोसेस और उस
- 2:27:42आदमी की उस बच्चे की सोचने की तरीके को
- 2:27:45ध्यान में रखते हुए चार कैटेगरीज में हमने
- 2:27:48डिवाइड किया बेसिकली।
- 2:27:50ठीक है?
- 2:27:52[संगीत]
- 2:27:55आपको इनसे बाहर कोई नजर आता है तो वो आप
- 2:27:59डिस्क आप नोट करके रखेंगे। हम उसको डिस्कस
- 2:28:01करेंगे। मतलब आपने आप ये देखोगे कि कोई ना
- 2:28:04कोई आदमी इन पैराटर्स में आ जाएगा सिंपली।
- 2:28:07ठीक है? ऐसा भी लगेगा एट टाइम्स कि जो मैं
- 2:28:11बात कर रहा हूं वो सारे के सारे पैरामीटर
- 2:28:14हम सब में नजर आ रहे हैं। तो खुद में आपको
- 2:28:17सारी चीजें नजर आएंगी। ये ध्यान रखिएगा।
- 2:28:20सवाल पूछ रहे हो खुद को ध्यान सेंटर में
- 2:28:24रख के नहीं पूछना आपने सामने वाले किसी
- 2:28:27अपने खुद के बच्चे को ध्यान में रख के पूछ
- 2:28:29सकते हो अपने कोलीग को या सोसाइटी के किसी
- 2:28:32मेंबर को खुद को नहीं के सर हमें तो यह
- 2:28:35लगता है हम में तो सब कुछ है हम में नहीं
- 2:28:36अपने आप को मत सेंटर में रखना तो हमने इस
- 2:28:39कैटेगरी का नाम दिया लाइव यू कैन राइट इट
- 2:28:41डाउन एल आई एफ ई लाइव ठीक है और एक और बात
- 2:28:46ध्यान रखिएगा दिस इज अ नेम ओनली शुरू में
- 2:28:51ही बताया था। जैसे मेरा नाम देवेंद्र है।
- 2:28:53डॉक्टर साहब का नाम डॉक्टर इंद्र है। तो
- 2:28:55आपको सिर्फ यह नाम तक ही कंसंट्रेट करना
- 2:28:58है। ज्यादा दिमाग पे जोर नहीं देना याद
- 2:28:59देने पे। तो हमने इसका नाम दिया एल आई एफ
- 2:29:04ई लाइव लाइफ इंटरप्रेटिव एनालिसिस। और
- 2:29:07दूसरा हमने कहा कि एक बंदे की दो
- 2:29:10पर्सनालिटी होती है। एक इंट्रा और एक
- 2:29:13इंटर। यही बात हुई अभी तक। एल स्टैंड्स
- 2:29:16फॉर लिसनर। यह सुनने वाला लिसनर नहीं है।
- 2:29:20सिर्फ नाम मात्र है। ध्यान रखिएगा। आई
- 2:29:22स्टैंड्स फॉर आइडलिस्ट, एफ स्टैंड्स फॉर
- 2:29:24फ्लैसी, ई स्टैंड्स फॉर एफिशिएंट। किसी
- 2:29:27बंदे की इंट्रा पर्सनल पर्सनालिटी एल हो
- 2:29:30सकती है। इंटर आई हो सकती है। एल एफ हो
- 2:29:35सकता है। एल ई हो सकता है। एल एल हो सकता
- 2:29:38है। इसी तरह से आईएल आई एफ आई ई। 4 * 4 =
- 2:29:4216 पैटर्न बन गए। क्लियर हो गया? यानी कि
- 2:29:45जैसा आप कह रहे थे कि एक इंसान
- 2:29:49मैम कह रहे थे कि वह घर में अलग होता है
- 2:29:52और बाहर अलग होता है। वह तभी तक होता है
- 2:29:55जब तक यह अलग-अलग पैटर्न हैं उसके। जैसे
- 2:29:59ही वह सेम पैटर्न हो जाएंगे, वह बंदा घर
- 2:30:01में भी वैसा ही रहेगा जैसे अपने दोस्त के
- 2:30:04साथ बिहेव कर रहा है, बिजनेस में बिहेव कर
- 2:30:06रहा है, स्कूल में बिहेव कर रहा है या
- 2:30:07कहीं ऑफिस में बिहेव कर रहा है। वह
- 2:30:09बिल्कुल डिट्टो हो जाएगा। तो, इसमें कोई
- 2:30:11फर्क नहीं होगा। अब बहुत एंड तक जाने से
- 2:30:15पहले मैं आपको इन चारों पर्सनालिटीज का
- 2:30:19बेसिक थॉट दे देता हूं। बेसिक थॉट इसलिए
- 2:30:22क्योंकि आपको टाइम के साथ-साथ ऐसा महसूस
- 2:30:25हो सकता है कि यह तो चारों के चारों एक
- 2:30:27इंसान में मौजूद होते हैं। इसीलिए बेसिक
- 2:30:31थॉट का पता होना बहुत जरूरी है। एफिशिएंट
- 2:30:33पर्सनालिटी की जिंदगी का मकसद टारगेट्स
- 2:30:36होते हैं। टारगेट ओरिएंटेड बंदा होता है
- 2:30:38यह। आप यह कहते होगे कि नहीं नहीं किसी ने
- 2:30:41अपनी जिंदगी का टारगेट बना लिया वह तो
- 2:30:43अचीव ही कर सकता है। लेकिन वो सिर्फ यही
- 2:30:46लोग हैं जो अपनी जिंदगी का टारगेट बनाने
- 2:30:48के बाद कभी भी नहीं भटकते। जो कभी उनको
- 2:30:52डाइवर्ट नहीं कर सकता। अगर बंदे ने सोच
- 2:30:55लिया ना के आइसक्रीम खानी है रात को 11:00
- 2:30:58बजे तो आइसक्रीम खानी है। मम्मी कह रही है
- 2:31:01बेटा दुकान बंद हो गई हो गई तो परले चौक
- 2:31:04पर मिल जाएगा। बेटा वहां पर भी नहीं
- 2:31:06मिलेगा। अगले पे मिल जाएगा। ढूंढ के लाओ
- 2:31:09चाहे खिलौना चाहिए तो रात को ही चाहिए।
- 2:31:12पापा ने डांट पीट धमका के रात को सुला
- 2:31:15दिया ना तो सुबह उठते ही पहले दूध के साथ
- 2:31:18होएगा आइसक्रीम खानी है। वही शब्द होगा जो
- 2:31:21रात का आखिरी शब्द होगा। यह वो लोग हैं जो
- 2:31:23अपने टारगेट को कभी नहीं भूलते हैं। इनकी
- 2:31:26जिंदगी चलती ही टारगेट ओरिएंटेड है। तो ये
- 2:31:28बेसिक थॉट है इनका। इस पे हम डिटेल में
- 2:31:31बात करेंगे। आइडियलिस्ट लोग जो हैं, यह
- 2:31:34आमतौर पे रैशन कैलकुलेशंस करते हैं। कहां
- 2:31:37पे ऐसी सिचुएशन आती है कि तुम्हें भी
- 2:31:39नुकसान ना हो, मुझे भी नुकसान ना हो। अगर
- 2:31:41इस बात से सामने वाले को बुरा लगता है, तो
- 2:31:44हम चुप हो जाते हैं। यहां पे मेरा भी
- 2:31:46फायदा है और तुम्हारा भी। यह उस तरफ को
- 2:31:48कोशिश करते हैं। ठीक है? यह उनका बेसिक
- 2:31:51थॉट होता है। उसके बाद यह एफ स्टैंड्स फॉर
- 2:31:54फ्लैशी।
- 2:31:55यह वह लोग होते हैं जो सिर्फ इसलिए काम
- 2:31:59करते हैं कि नाम होना चाहिए चाहे बदनाम
- 2:32:02होकर ही हो क्यों ना हो। दे ऑलवेज ट्राई
- 2:32:06टू बी सेंटर ऑफ अट्रैक्शन। इनकी जिंदगी का
- 2:32:09मकसद सिर्फ यही होता है कि हमने नाम कमाना
- 2:32:12है। इनको पैसे जीत हार से फर्क नहीं
- 2:32:14पड़ता। इनका टारगेट है सेंटर ऑफ अट्रैक्शन
- 2:32:17बनना। चर्चा का विषय बनना कि हमारी बात
- 2:32:20होनी चाहिए। और चौथी टाइप की कैटेगरी आती
- 2:32:23है लिसनर। यह वह लोग होते हैं जो टोटली
- 2:32:26इमोशनल बेसिस पर डिसीजन लेते हैं। इनका
- 2:32:29सेंटर में इमोशन होता है कि मेरे मम्मी को
- 2:32:32बुरा तो नहीं लग गया। मेरे हस्बैंड को तो
- 2:32:34नहीं बुरा लगेगा। मेरे बच्चे तो नहीं
- 2:32:36इसमें फील कर जाएंगे। इनको कैसा महसूस
- 2:32:39होगा? यार मैं उसको नहीं मेरा मन नहीं
- 2:32:41करता उससे बात करने को पर सीधा-सीधा नहीं
- 2:32:43बोल सकता मैं उसको ना। उसको बुरा लग जाएगा
- 2:32:46काइंड ऑफ़। एक ऐसा भी है इसमें जिसको बुरा
- 2:32:48लगे तो बुरा लगे भाड़ में जाए। अपने को यह
- 2:32:51चाहिए तो चाहिए। एक ऐसा भी है जो कहता है
- 2:32:54कि मैं अपनी जिंदगी को खराब कर सकता हूं
- 2:32:55पर अपने पापा की बात नहीं टाल सकता। मैंने
- 2:32:58उनका उनका मन था मैं आईएएस की तैयारी करूं
- 2:33:01तो वो आईएएस की तैयारी करने लग जाता है। 3
- 2:33:03साल दिमाग खराब करके आखिर में पंखे पर टंग
- 2:33:05जाता है। क्योंकि मैं अपने बाप की
- 2:33:07एक्सपेक्टेशंस पे खरा नहीं उतर पाया।
- 2:33:10सिर्फ इसलिए। सो ये बेसिक कांसेप्ट मैंने
- 2:33:12बेसिक थॉट दिया। अब हम इनको एक-एक करके
- 2:33:15डिटेल में समझने की कोशिश करेंगे। इसको
- 2:33:19आएगा अभी आगे आएगा। अभी इसमें टोटली आएगा
- 2:33:22एफिशिएंट पर्सनालिटी करीब करीब 8 से 10%
- 2:33:25पपुलेशन है। ठीक है? सोसाइटी के अंदर 8 से
- 2:33:2810% पपुलेशन है। इसको 7 से 10 भी कह सकते
- 2:33:31हो। ये कोई फिक्स नहीं होती। डिपेंडिंग
- 2:33:33अपॉन कि उस दौर वहां पे आसपास कितने हैं।
- 2:33:36आइडलिस्ट भी करीब-करीब 8 से 10% ही लोग
- 2:33:38होते हैं। फ्लैसी की जो परसेंटेज है वो 1
- 2:33:41से 2% होती है। यह बहुत रेयर बच्चे होते
- 2:33:43हैं। और जो लिसनर्स हैं बाकी कितना बच
- 2:33:47गया? 17 यानी 83, 10 दो 12 और 10 22 यानी
- 2:33:5178। 78 टू 83 यानी 80 टू 85% के करीब
- 2:33:55लिसनर्स होते हैं। तो मैक्सिमम पापुलेशन
- 2:33:58लिसनर की है। ठीक है? जैसे हम मैक्सिमम
- 2:34:01पापुलेशन से शुरू करते हैं। क्योंकि आपको
- 2:34:04क्लास में मैक्सिमम बच्चे इस कैटेगरी में
- 2:34:06मिलेंगे। इसलिए हम सबसे पहले लिसनर से
- 2:34:08शुरू कर लेते हैं। आपको पता लग जाएगा अपनी
- 2:34:11क्लास में कि वो कौन से कौन से बच्चे हैं।
- 2:34:14उनका क्या ओरिजिनल बिहेवियर है और आपको
- 2:34:17उनको किधर लेकर जाना है एंड द टारगेट अब
- 2:34:20किधर है। इंप्लिकेशन मैं अभी आपको बताने
- 2:34:23वाला हूं। ठीक है? तो इनको आप प्रैक्टिकली
- 2:34:26कैसे ऑब्जर्व करोगे? यानी कि उस बच्चे की
- 2:34:29उन एक्टिविटीज को ही देखकर के आपको पता चल
- 2:34:32जाए कि यह इस कैटेगरी का बच्चा है और उस
- 2:34:35कैटेगरी के बच्चे को आपने कैसे हैंडल करना
- 2:34:37है। यह हम फिर एंड ऑफ दिस पर्सनालिटी बात
- 2:34:40करेंगे। जब यह पर्सनालिटी को हम एक बार
- 2:34:41समझ लेंगे। तो इसमें मैंने कुछ चीजें लिखी
- 2:34:44है। पीपल ओरिएंटेड होता है। की पॉइंट लिखे
- 2:34:47हुए हैं मैंने खाली। लॉयल है, फ्रेंडली
- 2:34:51एंड हार्ड वर्किंग है। ग्रेट टीम प्लेयर
- 2:34:54है। अवॉइड करता है चार चीजों को। एक
- 2:34:57चेंजेज को अवॉइड करेगा, कंफ्रंटेशन को
- 2:35:00अवॉइड करेगा, रिस्क टेकिंग अवॉइड करेगा और
- 2:35:03असर्टिवनेस अवॉयड करेगा। क्योंकि लोग इसको
- 2:35:05रिस्क टेकिंग मान लेते हैं। रिस्क टेकिंग
- 2:35:07नहीं होता। रिस्क टेकिंग को अवॉइड करता है
- 2:35:09यह। ठीक है? तो इसको इसका बेसिक फंडा क्या
- 2:35:12होगा वो मैं अभी बताऊंगा कि उसको आप डेली
- 2:35:14लाइफ में कैसे इस्तेमाल करेगा। इसकी कुछ
- 2:35:17स्ट्रेंथ है इस बच्चे की। वह हैं। यह बहुत
- 2:35:21सपोर्टिव है, रिस्पेक्टफुल है, डिपेंडेबल
- 2:35:25है, एग्रीएबल है और विलिंग है। समझ में आ
- 2:35:27जाएगा आपको। मतलब वर्ड्स पे स्टिक होने की
- 2:35:29जरूरत नहीं है आपको। यह तो मैं इसलिए यूज़
- 2:35:31कर रहा हूं कि जब लाइफ के एग्जांपल लूंगा,
- 2:35:34तो मैं एक-एक वर्ड से कनेक्टेड चीजों को
- 2:35:36ले लूंगा, तो आपको समझ थोड़ा ईजीली आ
- 2:35:38जाएगा। सो, डोंट गेट स्टिक टू दी वर्ड। वो
- 2:35:41बात समझनी है हमने। एक्चुअली। कुछ इसकी
- 2:35:44वल्बिलिटीज़ हैं, कुछ कमियां हैं कि एक तो
- 2:35:47असर्टिवनेस अवॉइड करता है। दूसरा
- 2:35:50इन्फ़्लुएंस बहुत जल्दी हो जाता है और
- 2:35:53तीसरा लेड बैक की एक प्रॉब्लम है। तो,
- 2:35:55उनको हम एक-एक करके अभी डिस्कस करते हैं
- 2:35:57कि लेड बैक का मतलब क्या है? और इसको हम
- 2:36:00कैसे समझते हैं। अभी आ जाए।
- 2:36:05यह आपको खुद के ऊपर कुछ भी इस्तेमाल नहीं
- 2:36:08करना है। जितनी भी बातें होंगी, जो भी मैं
- 2:36:10बात कर रहा हूं, अगर आप खुद उस कैटेगरी
- 2:36:13में आते हैं ना, तो आप 1 मिनट से पहले
- 2:36:15डिनाई कर जाएंगे। नहीं मैं ऐसा नहीं हूं।
- 2:36:17इसलिए खुद को नहीं सोचना। आप अपने बच्चे
- 2:36:19को लेकर सोच सकते हो। क्लास में कोई बच्चे
- 2:36:22हैं उनको देख के सोच सकते हो। पड़ोस में
- 2:36:24भतीजा है, भांजा है, भाई है, पापा है,
- 2:36:27मम्मी है। आपको एकदम याद आ जाएगा। ओह, यह
- 2:36:30डायलॉग तो इसका है। यह डायलॉग इसका है। यह
- 2:36:32बात यह करता है। यह बात ये करता सब कुछ
- 2:36:34एकदम क्लियर दिखेगा। तो खुद पे नहीं करना
- 2:36:37इसको इंप्लीमेंट। बस खुद पे हमेशा गलत
- 2:36:39आएगा इसके रिजल्ट। थर्ड पर्सन को ही देखना
- 2:36:42है। उसके लिए अह दूसरी एक और बात होती है।
- 2:36:46एंड ऑफ दी जब ट्रेनिंग कंप्लीट हो जाएगी
- 2:36:49तो आपको एक बात और समझ में आएगी। जैसे अभी
- 2:36:54तक आपको क्या लगता है कि जो आप सोच रहे हो
- 2:36:58वह आप सोच रहे हो। अभी तक यह लग रहा है।
- 2:37:00लेकिन जब ट्रेनिंग खत्म हो जाएगी तो आपको
- 2:37:02पता लगेगा कि जो मैं सोच रहा हूं वो तो
- 2:37:04मैं सोच ही नहीं रहा। मैं तो किसी और की
- 2:37:06ही सोच को अपने ऊपर लाद के फिर रहा हूं।
- 2:37:09बेसिकली हमें जो सिखाया गया ना जो हमें
- 2:37:12संस्कारों के नाम पे या अच्छे बच्चे गुड
- 2:37:15बॉय के नाम पे जो पैराटर्स में बताया गया
- 2:37:18हमने वैसे सोचना शुरू कर दिया बेसिकली। तो
- 2:37:21हम वैसे ना होते हुए भी हमें वैसा बिहेव
- 2:37:24करना पड़ रहा है। तो वो जो सवाल हैं और वो
- 2:37:27जो बातें हैं वो ऐसा हो सकता है कि आपकी
- 2:37:31थॉट प्रोसेस बाहर से ही आई हो कहीं से।
- 2:37:33आपके पड़ोस से आई हो। आपकी कोई चाची हो
- 2:37:36ऐसी आपका कोई आईएएस दोस्त हो। आपका कोई
- 2:37:39बड़ा आदमी हो जो इस तरह की बातें बोलता हो
- 2:37:42तो आपने वहां से भी वो वर्ड्स वो सवाल वो
- 2:37:46थॉट प्रोसेस वो लाइफ स्टाइल वो अडॉप्ट कर
- 2:37:49लिया हो। कौन-कौन अडॉप्ट करेगा, कैसे-कैसे
- 2:37:52अडॉप्ट करेगा, वो एंड ऑफ दी सेशन आपको पता
- 2:37:55चल जाएगा टोटली। मतलब इस सेशन के नहीं जब
- 2:37:58हम आखिरी सेशन तक जाएंगे, तो हमें एकदम
- 2:38:00क्लेरिटी हो जाएगी। एक-एक चीज की कुछ भी
- 2:38:03अनक्लियर नहीं छोडूंगा। यह सबसे बड़ी बात
- 2:38:06होगी अपनी इस ट्रेनिंग। एक ऐसी चीज
- 2:38:08अनक्लियर नहीं होगी। आपको हर प्रॉब्लम का
- 2:38:12स्यूशन एंड तक मिल जाएगा। बशर्ते कि आप उस
- 2:38:15हाल में हो, उस पोजीशन में हो कि आप वह
- 2:38:17स्यूशन कर सकते हैं। लेकिन इतना मैं यहां
- 2:38:21ऑन रिकॉर्ड बोल रहा हूं कैमरे को फेस करके
- 2:38:24कि जो मैं स्यूशन बताऊंगा वो आखिरी स्यूशन
- 2:38:27होगा उसका अभी तक प्रेजेंट अगर आप कर सकते
- 2:38:31हैं तो। उससे आगे सलूशन अभी तक नहीं बने
- 2:38:34हैं। इतना मैं मतलब इतनी श्योरिटी के साथ
- 2:38:38कह सकता हूं मैं। आपको अश्योर कर सकता
- 2:38:40हूं। बिकॉज़ कुछ भी मैं आपको जो भी बता रहा
- 2:38:43हूं ना कुछ भी ऐसा नहीं है जो किताबी हो।
- 2:38:45या तो वह मैंने किया है या मैंने वह जिया
- 2:38:48है या किसी को उस रस्ते लगाया है तो हुआ
- 2:38:51है। तो ऐसा कुछ भी नहीं होगा जो मैं कहीं
- 2:38:54से किताबों से उठाके मटेरियल आपको पेल रहा
- 2:38:56हूं। ऐसा बिल्कुल नहीं आएगा। सब कुछ
- 2:38:59प्रैक्टिकल है। एवरीथिंग एंड ही इज़
- 2:39:00पॉसिबल। सो आ जाएं अभी? आ गए हैं या रहते
- 2:39:03हैं? अभी दो-तीन लोग रहते हैं कोई बात
- 2:39:04नहीं। वो क्योंकि फिर वो सवाल बीच में
- 2:39:06पूछेंगे ना। जब पूरा अटेंड नहीं करते फिर
- 2:39:08सवाल पूछते हैं और वही सवाल पूछते हैं
- 2:39:10जिसका जवाब दे चुका हूं। सवाल पूछते हैं
- 2:39:12जिसका मैं जवाब दे चुका हूं तो आप उनको कह
- 2:39:13देना कि हम बता देंगे। [हंसी]
- 2:39:16ये हमें मिल चुका है इसका जवाब। चलिए
- 2:39:19लेट्स बिगिन विद द लिसनर। क्योंकि
- 2:39:23मेजॉरिटी ऑफ पापुलेशन बल्कि आप यह कह सकते
- 2:39:27हैं कि मोर देन मेजॉरिटी ऑफ पापुलेशन इस
- 2:39:29कैटेगरी में लाई करती है तो आपको ज्यादातर
- 2:39:34लोगों के अंदर यह वाले थॉट प्रोसेस नजर
- 2:39:37आएंगे। सब सबसे ज्यादा यही नजर आएंगे।
- 2:39:40[गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]
- 2:39:40बेसिक कांसेप्ट मैंने बताया था कि इनका जो
- 2:39:43डिसीजन मेकिंग है वो इमोशनल ग्राउंड होता
- 2:39:46है। मतलब कुछ भी डिसीजन लेने से पहले यह
- 2:39:49इस बात पर डिसाइड करते हैं कि इमोशनली
- 2:39:53इससे कौन हर्ट हो जाए। कहीं कोई हर्ट ना
- 2:39:56हो जाए। नोट मत करिए, सुनते रहिए। आपको वो
- 2:39:59बंदा समझ में आना शुरू हो जाएगा। फिर उसकी
- 2:40:01एक्टिविटी समझ लो वो उसी की है। ठीक है?
- 2:40:03जैसे कि मैं कुछ कॉमन डायलॉग बोलता हूं।
- 2:40:07अच्छा कौन सा सब्जेक्ट लेना है बेटा आप
- 2:40:10देख लो। ठीक है? अच्छा ये वाली शर्ट लेनी
- 2:40:13है या ये वाली शर्ट जो आपको ठीक लगे। ठीक
- 2:40:15है? दूसरा ये उस कैटेगरी में लाया करते
- 2:40:20हैं कि जैसे मैं आपको बताता हूं एक पेरेंट
- 2:40:22आया मेरे पास। वो बच्चा मुझे कहता है या
- 2:40:26पेरेंट मुझे कहते हैं कि सर हमने इसको ना
- 2:40:28पूरी फ्रीडम दे रखी है। इसने बायोलॉजी ली।
- 2:40:32अभी परसों का ही वारदात बात है इसीलिए
- 2:40:34बिल्कुल फ्रेश है। इसी कैटेगरी का बच्चा
- 2:40:37था वो। मुझे कहता है इसने बायोलॉजी ली।
- 2:40:40मेरे कोई प्रेशर नहीं घर में किसी के ऊपर
- 2:40:43और खुद से इसने ली। अब यह बहुत प्रेशर में
- 2:40:47है। कंफ्यूज्ड है। सोच रही है बदलूं कि ना
- 2:40:50बदलूं। और मतलब कई बार तो डिप्रेशन में आ
- 2:40:54जाती है। क्या किया जाए? हमने जब उसको
- 2:40:56देखा इस कैटेगरी में आती है। मैंने कहा
- 2:40:58इसने बायोलॉजी खुद से नहीं ली है। इसको
- 2:41:01बायोलॉजी आपने दिलाई है। उसने बोला कैसे?
- 2:41:05मैंने कहा याद करो किसी दिन ऐसा डायलॉग
- 2:41:07बोला हो आपने मियां बीवी ने बैठ के कि घर
- 2:41:10में एक तो डॉक्टर भी होना चाहिए। इलाज तो
- 2:41:13कम से कम फ्री में हो जाए या फिर
- 2:41:14अस्पतालों के चक्कर कम से कम काटने पड़े।
- 2:41:17तो उसके पापा का यह रेगुलर डायलॉग था।
- 2:41:21गाड़ी में जाते बीमारी पर कोई बात हो रही
- 2:41:23है, बीमारी पर जो खर्चे हो रहे हैं,
- 2:41:25अस्पताल में किसी का एडजस्टमेंट नहीं हो
- 2:41:26पा रहा है। तो उसके फादर रेगुलरली एक
- 2:41:29डायलॉग बोल रहे थे कि घर में एक डॉक्टर
- 2:41:31होना चाहिए। तो बच्ची ने वो डिसीजन इसलिए
- 2:41:34ले लिया कि मेरे पापा को अच्छा लगेगा कि
- 2:41:37मैं डॉक्टर बन गई। उसने इस बात को सोचे
- 2:41:39बिना कि मेरे को अच्छा लग रहा है कि नहीं
- 2:41:41लग रहा है। बायोलॉजी समझ में आएगी कि नहीं
- 2:41:44आएगी। मेरा इंटरेस्ट है कि नहीं? वाकई मैं
- 2:41:46इसके लिए बनी हूं कि नहीं बनी हूं।
- 2:41:48क्योंकि बायोलॉजी लेने के लिए हमारे यहां
- 2:41:51बहुत क्लियर है। 10वीं क्लास का बच्चा
- 2:41:53नौवीं क्लास का बच्चा उसको बहुत स्पष्ट
- 2:41:56क्लियर है कि आपकी परसेंटेज हाई होनी
- 2:41:59चाहिए। तो स्कूल आपको बायोलॉजी दे देगा।
- 2:42:0210 सीजीपीए होगा तो कोई दिक्कत नहीं है।
- 2:42:0410 सीजीपीए आना बहुत आसान है हमारे यहां
- 2:42:07पे। इट्स नॉट दैट डिफिकल्ट। कोई लेना ही
- 2:42:10ना चाहे तो बात अलग है। अदरवाइज़ 10
- 2:42:11सीजीपीए आ जाता है। थोड़ा मेहनत करते हैं।
- 2:42:14हम स्कोर कर इतना तो कर ही जाते हैं कि
- 2:42:16बायोलॉजी के लिए हम एलिजिबल हो जाएं। किसी
- 2:42:18स्कूल में इस स्कूल में नहीं तो किसी और
- 2:42:19स्कूल में सही। सो उसने वह बायोलॉजी ले
- 2:42:22ली। मतलब उसका डिसीजन इस तरह से होता है।
- 2:42:25इस बच्चे के अंदर या इस इंसान के अंदर आप
- 2:42:28देख सकते हो अपनी सोसाइटी में से। इसलिए
- 2:42:30जो जो बातें बोल रहा हूं मैं अब यह बंदा
- 2:42:33अगर उसको शर्ट लेनी है या कोई शॉपिंग भी
- 2:42:37करनी है तो वह अपने साथ किसी ना किसी
- 2:42:39दोस्त को लेकर जाएगा। अगर कोई दोस्त उसके
- 2:42:42साथ जाने के लिए तैयार नहीं हुआ, तो वहां
- 2:42:45दुकानदार एक तीन या चार या शर्ट या दो
- 2:42:48शर्ट चूज करके उस चाहे उस सामने वाले
- 2:42:50सेल्समैन से पूछे तू बता इनमें से कौन सी
- 2:42:52बढ़िया रही। वो मतलब बेसिकली बेसिक फंडा
- 2:42:55क्या है? उसने डिसाइड कर लिया है कि मुझे
- 2:42:57यह कार लेनी है। फिर भी वो अपने चार
- 2:43:00दोस्तों को फोन करके पूछ रहा है। उसने
- 2:43:02डिसाइड कर लिया है मैंने वहां प्लॉट लेना
- 2:43:04है। फिर भी वो अपने दोस्त अरे वहां सोचा
- 2:43:06है यार मैंने प्लॉट लेने का क्या इरादा
- 2:43:08है? ठीक रहेगा कि नहीं रहेगा? उसने कुछ भी
- 2:43:10करना है वो और नहीं किसी से तो अपनी मम्मी
- 2:43:12से ही पूछे अपने पापा से ही पूछे उसको पता
- 2:43:16है मेरे पापा किसी चीज से मना नहीं करते
- 2:43:19इसलिए उसने सोच भी रखा है वो जाकर के पापा
- 2:43:21यह प्लान किया है मैंने पापा कहते हां
- 2:43:23बेटा कर ले उसके वो करते ही की हां इसने
- 2:43:25कर दिया अब वो खुश है अंदर से के ना
- 2:43:28बेसिकली वो इतना पीपल ओरिएंटेड है कि वो
- 2:43:32सबके बारे में सोचता है वो यह चाहता है
- 2:43:34मेरी मम्मी भी दुखी ना हो मेरे पापा भी
- 2:43:37दुखी ना हो मेरी बहन भी ना हो मेरा भाई
- 2:43:39भाई भी ना हो और मेरा स्कूल में कलीग को
- 2:43:41भी किसी मैं नहीं चाहती कि मेरी वजह से
- 2:43:43किसी को दुख हो जाए। मैं नहीं चाहता कि
- 2:43:45किसी को बुरा लगे। यह उसकी इनर थॉट
- 2:43:48प्रोसेस रहती है। इस चक्कर में वह कभी-कभी
- 2:43:51अपनी ओरिजिनल बात कह भी नहीं पाता क्योंकि
- 2:43:54सामने वाले को बुरा लग जाएगा। और कई बार
- 2:43:58घुटता रहता है। लॉयल होता है यह बंदा।
- 2:44:00लॉयल इतना होता है कि जिस आदमी के साथ लग
- 2:44:03गया फिर उस आदमी के साथ लग गया। फिर चाहे
- 2:44:07वह राम रहीम हो, चाहे ओसामा बिन लादेन हो,
- 2:44:09चाहे अरविंद केजरीवाल हो, चाहे नरेंद्र
- 2:44:12मोदी हो, चाहे राहुल गांधी। वो कांसेप्ट
- 2:44:14बेस नहीं चलता। वो पीपल ओरिएंटेड चलता है।
- 2:44:17उसने अगर आर्य समाज को फॉलो करना शुरू कर
- 2:44:20दिया तो बाकी दुनिया भाड़ में जाए। आर्य
- 2:44:22समाज को कोई बुरा नहीं कह देगा। ऐसे ही
- 2:44:24किसी का फैन है क्रिकेट का प्लेयर। जैसे
- 2:44:26हमारा एक दोस्त होता था। मैं मुझे याद है
- 2:44:28कॉलेज में अनिल नाम था उसका। वो अपना काम
- 2:44:31कर रहा है। उसको काम करते-करते और हम अनिल
- 2:44:34अनिल बात सुनियो यार अनिल बात सुनियो यार।
- 2:44:37अब वो सचिन तेंदुलकर का बड़ा फैन था। आवाज
- 2:44:39नहीं आ रही है। सुन भी नहीं रहा है। हम
- 2:44:41कहते यार अनिल बात तो सुन नहीं सुन रहा
- 2:44:43है। मगर यार ये सचिन भी हरामजादे को खेल
- 2:44:45ओए सचिन को कुछ नहीं कह देगा।
- 2:44:49बाकी जो मर्जी कर ले। दोस्ती अपनी जगह है।
- 2:44:51सचिन के बारे में नहीं सुनूंगा। लाइक दैट।
- 2:44:54दिस इज़ बेसिकली वो किसी न किसी पर्सन के
- 2:44:57साथ कनेक्ट होता है। नॉट विद द आईडियोलॉजी
- 2:45:00नॉट विद दी थॉट प्रोसेस। उसके उसकी कुछ भी
- 2:45:02पसंद आ जाए उसके साथ हो जाता है। इसीलिए
- 2:45:06दे आर वेरी गुड फॉलोअर्स। एंड इसीलिए यह
- 2:45:09कभी आप यह लीडिंग पोजीशन में आना नहीं
- 2:45:11चाहते। दे आर दी बेस्ट सेकंड इन कमांड। आप
- 2:45:14इनको जो कह दोगे ना एक्साक्ट फॉलो करेंगे
- 2:45:17जो आपने कह दिया। आपने बोला जाओ बेटा एक
- 2:45:19गिलास लेके आओ किचन से। पूछा अच्छा मम्मा
- 2:45:21कांच का लाऊं कि स्टील का लाऊं? एक कॉपी
- 2:45:23देना। अब पता है उसको कि भई फोन नंबर
- 2:45:26लिखना है। एक कॉपी लाइयो, कौन सी वाली
- 2:45:27लाऊं? रफ वाली ले आओ। स्कूल वाली रफ या घर
- 2:45:30वाली रफ। ही विल आस्क। कौन सी वाली रफ?
- 2:45:32आपने उसको कुछ भी कहा है। ही विल ऑलवेज
- 2:45:34आस्क अ क्वेश्चन। मतलब अगर नहीं पूछा तो
- 2:45:37समझो उसको समझ में नहीं आया पक्का। कंफर्म
- 2:45:40है ये। मतलब कैसे? इसको ऐसे समझो कि जा
- 2:45:44भाई वो जो पड़ोस में कोई कालू रामू कुछ है
- 2:45:47उसकी दुकान से ना नमक ले आ टाटा का। वह
- 2:45:50गया वापस आ गया कि टाटा का नमक नहीं मिला
- 2:45:53उसकी दुकान में। अरे अगले वाले से ले आता।
- 2:45:54आपने कहा ही नहीं था। तो आपने कहा ही नहीं
- 2:45:56था। तो मतलब अब मैंने नहीं कहा था तू जा
- 2:45:58अब ले आ। अगले वाले से गया वहां पे आया कि
- 2:46:02नहीं मिला। तो यार अगले से ले आपने कहां
- 2:46:04बोला? अच्छा तू एक काम कर अब ले आ। तीसरे
- 2:46:07वाले पे गया। वहां भी नहीं मिला। कहता
- 2:46:09उससे भी नहीं मिला। अब तीन ही दुकान थी तो
- 2:46:10बोला अरे टाटा का छोट दूसरा ले आता। कोई
- 2:46:12कहता आपने यह भी नहीं कहा था। इसी बच्चे
- 2:46:14को जब आप यह कहोगे क्या सारा दिन टीवी पे
- 2:46:16लगा रहता है। चल जाके कुछ काम कर अब वो
- 2:46:19जाएगा स्टडी टेबल पे जाके बैठ जाएगा। अब
- 2:46:22वो सोचेगा करूं क्या? ही विल नॉट फाइंड।
- 2:46:25आधा घंटे बाद जाओगे तूने जब तक शुरू नहीं
- 2:46:26किया। आपने कहा ही नहीं क्या करना है?
- 2:46:28उसको नहीं मिलेगा वो कुछ काम कर ले। कुछ
- 2:46:30काम का उसको मतलब नहीं समझ में आएगा। आप
- 2:46:32कह दोगे कि चल जा के मैथ कर ले। तो वो
- 2:46:36जाएगा मैथ की किताब खुल जाएगी। पर आगे
- 2:46:39नहीं होएगा कुछ। कि यार तूने कुछ किया
- 2:46:42नहीं। आपने बताया नहीं मैथ में क्या करना
- 2:46:44है? यार, तू मैथ के ना चौथी एक्सरसाइज के
- 2:46:48सवाल कर ले। ठीक है? चौथी फोर्थ चैप्टर के
- 2:46:524.2 के सम्स कर ले। 4.2 के दो या तीन सम
- 2:46:56करके उसके बाद वह रुक जाएगा। तू आगे क्यों
- 2:46:58नहीं कर रहा? अच्छा, कितने करने थे? बताया
- 2:47:00नहीं आप। तू 4.2 के 10 क्वेश्चन कर ले।
- 2:47:04यहां तक भी बता दोगे ना तो भी 10 क्वेश्चन
- 2:47:06पूरे नहीं होएंगे। आपको क्या करना पड़ेगा?
- 2:47:09आपको यह बताना पड़ेगा कि बेटा मैथमेटिक्स
- 2:47:13की भी अगर दो किताबें हैं ना एक एनसीईआरटी
- 2:47:16और एक आर एस अग्रवाल तो बताना पड़ेगा आर
- 2:47:19एस अग्रवाल के चौथे चैप्टर की 4.2 के पहले
- 2:47:24पांच सवाल 20 मिनट में करके ला यू हैव टू
- 2:47:27टेल देम सो स्पेसिफिकली इतनी स्पेसिफिक
- 2:47:30इंफॉर्मेशनेशंस चाहिए अगर आप इतना
- 2:47:33स्पेसिफिकली नहीं बताओगे आपकी इंफॉर्मेशन
- 2:47:36वेग रह गई समझ में नहीं आएगा कभी भी नहीं
- 2:47:40आएगा जितना जितना मर्जी जोर लगा लो। इनके
- 2:47:44मां-बाप यह 12वीं तक भी हो जाते हैं तो भी
- 2:47:47एक डायलॉग कॉमन बोलते हैं। अरे बेटा अब तो
- 2:47:50तू बड़ा हो गया। अब तो अपना दिमाग लगा
- 2:47:52लिया कर
- 2:47:54[हंसी]
- 2:47:54कि इतना बड़ा हो गया। अब भी नहीं सोच सकता
- 2:47:56तू अपना दिमाग। दे दे बिकॉज़ अब आप कैसे
- 2:48:00सोच सकते हैं कि दे कैन डिसाइड देयर ओन
- 2:48:03अपना करियर, अपनी जिंदगी, अपने सोच। दे
- 2:48:07कांट डिसाइड। इसलिए आपका सही डायरेक्शन
- 2:48:09में पता होना बहुत जरूरी है इनके लिए।
- 2:48:12आपका अवेयर होना आपका जानना बहुत जरूरी है
- 2:48:17इन बच्चों के लिए। आपका एक-एक डायलॉग मतलब
- 2:48:20कैसे? आपने गलती से यह बोल दिया ना तेरे
- 2:48:23को तो कुछ समझ ही नहीं आता। यू नो दिमाग
- 2:48:26ब्लॉक हो जाता है उसी टाइम। तू तो बहुत
- 2:48:28निकम्मा है। तू तो झूठ बोलता है। तू काम
- 2:48:31ही नहीं करता। यह तो यार इसको तो समझ में
- 2:48:33पता नहीं क्या इसको तो मन ही नहीं करता
- 2:48:35इसका। आपने कह दिया ना मन नहीं करता, मन
- 2:48:38करना बंद हो जाएगा। नेगेटिव लेबलिंग इज सो
- 2:48:40डेंजरस फॉर देम। हां, पॉजिटिव लेबलिंग है
- 2:48:43वो 5 मिनट काम करती है। [हंसी] पॉजिटिव
- 2:48:46लेबलिंग 5 मिनट से ऊपर नहीं चलेगी लेकिन
- 2:48:48नेगेटिव लेबलिंग परमानेंट हो जाएगी। आपने
- 2:48:50इनको डांट दिया, पीट दिया, समझा दिया।
- 2:48:55मजाल 300 सेकंड से ऊपर चली जाए बात। 5
- 2:48:58मिनट से ज्यादा यह अंदर में वो गुस्सा भी
- 2:49:01नहीं रख सकते, रो भी नहीं सकते। फिर थोड़ी
- 2:49:04देर में रो रहा है बुरी तरह से। अच्छा
- 2:49:06खाना खाना है क्या? हां ले आओ क्या बनाया
- 2:49:09है देख लो। लाइक दैट। हां। ऐसा हो सकता है
- 2:49:11कि एक रेगुलर आदत पड़ी हो इनको कि बेटा
- 2:49:15खाना खाओगे तो नाई कहेगा पक्का कि नहीं
- 2:49:18खाना। सो इसका मतलब क्या है? हर मां-बाप
- 2:49:22को इस बात का समझ में आना बहुत जरूरी है
- 2:49:24कि आप अच्छा एक और बात बताऊं। यह बच्चे
- 2:49:27अपनी जिंदगी में किसी ना किसी को ना
- 2:49:29आइडियल मान लेते हैं। अपने पापा को
- 2:49:32मैक्सिमम मानते हैं। लड़की होती है तो
- 2:49:34अपने मम्मी को मान लेती है। और उसके
- 2:49:37डायलॉग भी कॉपी करने की कोशिश करते हैं।
- 2:49:39इवन बैठते हैं तो भी उसी स्टाइल में बैठते
- 2:49:41हैं। बाइक पे बैठना हो, कार में बैठना हो।
- 2:49:43जैसे पापा बैठते हैं। जैसे जो इनका आइडियल
- 2:49:45बैठता है वैसे ही बैठ। हो सकता है किसी
- 2:49:46फिल्म स्टार को आइडियल मान लें। हो सकता
- 2:49:48है किसी और आदमी को आइडियल मान लें। तो,
- 2:49:50यह उसको कॉपी करने की कोशिश करते हैं।
- 2:49:52इनको हम लोग बेसिकली कॉपी करके मतलब
- 2:49:56रिसाइटिंग पर्संस बोलते हैं कि यह ना
- 2:49:58रिपीट कॉपी ही करते हैं किसी ना किसी को।
- 2:50:01यह खुद का दिमाग इस्तेमाल नहीं करते
- 2:50:03बेसिकली। तो लिसनर्स को हमेशा लगता है कि
- 2:50:06मैं सोच रहा हूं। असलियत में वो नहीं सोच
- 2:50:08रहा होता। उसका आइडियल जो बात कहता है,
- 2:50:11उसका आइडियल जो सोचता है ये वही सोच उतना
- 2:50:13ही सोचता है। क्योंकि जब वो नमक लाने में
- 2:50:16अपना दिमाग नहीं इस्तेमाल कर सकता। देश
- 2:50:17बदलने में कहां से कर लेगा भाई? इतना
- 2:50:19सोचना पड़ेगा। तो ये थॉट प्रोसेस अब आप
- 2:50:21इसको अगर अपनी मर्जी से सोचने दोगे। मान
- 2:50:24लो इसको सवाल पूछते हैं कि आपने आजादी दे
- 2:50:26दी। अच्छा मम्मी ये गिलास ठीक रहता है, ये
- 2:50:29गिलास ठीक रहता है। अच्छा ये ज्यादा
- 2:50:30बढ़िया होता है कि ये ज्यादा बढ़िया होता
- 2:50:31है? इसमें कौन सी कंपनी बनाती है? ये वाली
- 2:50:33कौन सी कंपनी बनाती है? ये तो मेरे को
- 2:50:35लगता है। आप बताओ कौन सा अच्छा लगता है?
- 2:50:37ओह भाई दिमाग मत खाओ ये तू ना। क्योंकि
- 2:50:39इसके सवाल ऐसे लगते हैं जैसे अननेसेसरी के
- 2:50:42सवाल हैं। जैसे कि मैं आपको बताता हूं। वो
- 2:50:45क्या करता है? मतलब। बिकॉज़ मेरा जो बेटा
- 2:50:48है यशस्वी ही इज़ आल्सो अ लिसनर
- 2:50:50पर्सनालिटी। तो गाड़ी में बैठे हुए हैं
- 2:50:52पिछली साइड में बैठे-बैठे एक ट्रक हमारे
- 2:50:56हमने एक ट्रक को ओवरटेक किया और फिर उस
- 2:50:59ट्रक के साइड में जो जगह बची उसको फिर एक
- 2:51:02बाइक वाले ने ओवरटेक कर लिया। पापा अ जीप
- 2:51:06में बैठे थे हम। जीप ज्यादा फास्ट चलती है
- 2:51:08या बाइक ज्यादा फास्ट?
- 2:51:09भाई डिपेंड करता है। किस बात पे डिपेंड
- 2:51:12करता है? भई इंजन किसका बड़ा है? इंजन
- 2:51:16किसका बड़ा होता है? जीप का होता है बाइक
- 2:51:18का होता है? मैं कहा जीप का होता है। ट्रक
- 2:51:21का बड़ा होता है कि जीप का होता है? भाई
- 2:51:23ट्रक का होता है। फिर ट्रक ज्यादा फास्ट
- 2:51:24चलता है। नहीं नहीं ट्रक तो फास्ट नहीं
- 2:51:27चलता कम चलता है। उसमें लोड होता है।
- 2:51:28अच्छा जिसमें लोड होता है वो तेज नहीं
- 2:51:30चलती।
- 2:51:31नहीं। अच्छा फिर बस भी नहीं चलती। मैं कहा
- 2:51:33नहीं बस तो चल पड़ती है ट्रक से। तो बस
- 2:51:35में उससे कम लोड होता है। उससे कम इंजन
- 2:51:37बड़ा होता है। उससे कम साइज होता है। वो
- 2:51:40तेज भगानी होती है। नहीं भगानी होती है।
- 2:51:42और मेरे साथ में मेरे चाचा बैठे पड़ोस को
- 2:51:44बोले ओ भाई दिमाग खराब हो रहा है इसको चुप
- 2:51:46करा मैं कह रहा हूं तू चलता रह पूछता रह
- 2:51:48ये वो बच्चे होते हैं अगर आप क्लासरूम
- 2:51:50कंडीशन की बात करो बीइंग यू यू आर बीइंग अ
- 2:51:53टीचर कि मान लो आप मैथमेटिक्स करा रहे हो
- 2:51:55एसएसटी करा रहे हो सामाजिक करा रहे हो
- 2:51:57कराते तीसरी लाइन में जाकर के बच्चा अटक
- 2:52:01गया आप उसने हाथ खड़ा करा आपने बोला बेटा
- 2:52:05इसके बाद समझाऊंगी या समझाऊंगा और फिर
- 2:52:08इसने हाथ नीचे कर लिया अब आप 45 मिनट अपने
- 2:52:12लगा चुके हो वो बेचारा अभी भी तीसरी लाइन
- 2:52:14पे अटका मिलेगा। दे कैन नॉट गो फॉरवर्ड।
- 2:52:17कभी भी नहीं जा सकते। आप उनके अंदर जितनी
- 2:52:20मर्जी इंटेलिजेंस डेवलप कर लो। उसके दिमाग
- 2:52:23में जहां सवाल अटक गया वो उससे आगे कदम
- 2:52:26बढ़ा ही नहीं सकता। किसी भी कीमत पर नहीं।
- 2:52:29अब मैक्सिमम बच्चों के साथ तो हम यही कर
- 2:52:31रहे हैं। पर जैसे ही इस बच्चे ने सवाल
- 2:52:33पूछना बंद किया। समझ लो सीखना बंद कर
- 2:52:36दिया। जिनके घर में लिसनर्स बच्चे हैं,
- 2:52:38जिनकी क्लास में लिसनर्स बच्चे हैं और अगर
- 2:52:41वह क्लास में सवाल नहीं पूछ रहे तो इट इज
- 2:52:44प्रीटी मच क्लियर कि वो कुछ भी नहीं सीख
- 2:52:47रहे। बिल्कुल क्रिस्टल क्लियर है। कि हम
- 2:52:51उनको कुछ सिखाने में कामयाब नहीं हो सकते
- 2:52:54कभी भी। फिर वो याद कर सकते हैं। याद करके
- 2:52:57आंसर लिख सकते हैं। वो अलग बात है। लेकिन
- 2:52:59वो भी तभी तक याद करेंगे जब तक या तो
- 2:53:03क्लास की टीचर या उस सब्जेक्ट की टीचर
- 2:53:06उनकी फेवरेट टीचर हो या घर में उसके पास
- 2:53:08कोई ऐसा आदमी हो जो उससे काम करवा रहा है,
- 2:53:11चेक कर रहा है, काम करवा रहा है, चेक कर
- 2:53:14रहा है। अगर उसकी मम्मी ने यह कह दिया कि
- 2:53:17चार सवाल जो मैथमेटिक्स के थे अभी-अभी उस
- 2:53:19एक्सरसाइज के करके 20 मिनट में पूरे करके
- 2:53:21ला। अगर वो बच्चा 20 मिनट में पूरा करके
- 2:53:24और मम्मी के पास ले आए और मम्मी उस वक्त
- 2:53:26बिजी है किचन में या कोई गेस्ट आ गया और
- 2:53:29उस टाइम मम्मी कह दे बेटा अगले चार कर ले
- 2:53:32तो यह समझ लो आपने पढ़ाई के लिए उसका सारा
- 2:53:34दिमाग ब्लॉक कर दिया आगे से नहीं होएगा
- 2:53:37काम पूरा बिकॉज़ आपने चेक नहीं अगर उसको
- 2:53:39बहुत सारा काम देकर छोड़ दोगे और अकेला
- 2:53:41छोड़ दोगे कभी काम पूरा नहीं करेगा वो कभी
- 2:53:44भी नहीं करेगा श्योर है यह व्हाट यू नीड
- 2:53:47टू डू इज उसके साथ या तो डिस्कशन करनी
- 2:53:51पड़ेगी
- 2:53:51या छोटे-छोटे इंटरवल में आके उसको धक्का
- 2:53:54स्टार्ट करना पड़ेगा। वेरी गुड। बहुत
- 2:53:56अच्छे। बहुत ये इतना हो गया। यह ठीक है।
- 2:53:58इसे ये ठीक कर ले। फिर 5 मिनट में आके फिर
- 2:54:00ठीक कर दिया। फिर 5 मिनट आगे। यू नीड टू
- 2:54:03चेक अगेन एंड अगेन। और चेक किए बिना आप उस
- 2:54:06बच्चे को कुछ भी नहीं सिखा सकते। डू वी
- 2:54:09फॉलो दिस थिंग? आई डोंट थिंक। किसी किसी
- 2:54:11को समझ में आ जाता है। वो फॉलो कर लेती
- 2:54:13हैं मदर्स। जिसको नहीं आता है फिर उनके
- 2:54:17बच्चे 10वीं के बाद कि 10वीं तक तो ठीक
- 2:54:19चला। आठवीं तक तो ठीक चला। सातवीं तक तो
- 2:54:22ठीक चला। उसके बाद नहीं चला। बिकॉज़ वह
- 2:54:25कंटीन्यूस स्टडी नहीं कर सकते। लंबे
- 2:54:27क्वेश्चंस नहीं याद कर सकते। बिना सवाल
- 2:54:30पूछे नहीं सीख सकते। उनको सवाल पूछना होता
- 2:54:33है और कई बार उनके सवाल बहुत ही बचकाना
- 2:54:37लगते हैं। ऐसा लगता है कि तेरी उम्र में
- 2:54:40यह सवाल नहीं होना चाहिए था। पर फिर भी
- 2:54:42आपको वो सुनने पड़ेंगे। पेशेंसली उनका
- 2:54:45जवाब देना पड़ेगा। एंड इफ यू कांट रिप्लाई
- 2:54:48देम। इसका मतलब हम अपनी ड्यूटी से भाग रहे
- 2:54:51हैं। सो इज द केस विद द टीचर्स एंड सेम इज
- 2:54:53द विद द पेरेंट्स। अगर उन पेरेंट्स को यह
- 2:54:56नहीं मालूम है कि आपके बच्चा इसी कैटेगरी
- 2:54:58में आता है। उनसे काम कितना मर्जी करवा
- 2:55:01लो। बच्चे हीरे के जैसे होते हैं। इंसान
- 2:55:04के तौर पर उनसे बढ़िया बच्चा नहीं मिलेगा।
- 2:55:06लेकिन सामान अपना नहीं रख सकते उठा करके।
- 2:55:08जहां जूता मोजा घेर दिया वहीं पड़ा
- 2:55:10मिलेगा। वो नहीं उठा के रख सकते। उनकी
- 2:55:13मजबूरी है बेचारों की। आप कह दो बेटा उठा
- 2:55:15के रख दो रख देगा। लेकिन आप यह कह दोगे
- 2:55:17तेरे से रखा नहीं जाता। तेरे को कितनी बार
- 2:55:19समझा लिया। यह काम कभी नहीं करेगी यह
- 2:55:21डायलॉग। जिनके घर में है वो बता लो। आज तक
- 2:55:24नहीं समझा पाए आगे भी नहीं समझा पाओगे।
- 2:55:26कभी नहीं समझा पाओगे। उनका तौलिया भी कहीं
- 2:55:28भी पड़ा हो सकता है। उनकी सामान भी किधर
- 2:55:31को मेस पूरा घमरा पड़ा हुआ है। कोई टेंशन
- 2:55:33नहीं है उनको। दे आर कूल। सुबह सोफे पे
- 2:55:35बैठे थे। बिना नहाए शाम तक बैठे रह सकते
- 2:55:37हैं। कोई टेंशन नहीं। खाने वाली टेबल पे
- 2:55:40पौना घंटा इंतजार कर सकते हैं। कोई दिक्कत
- 2:55:42नहीं। बिना कुछ किए। बैठे हैं बस। बैठे तो
- 2:55:44बैठे ठाट से। कोई टेंशन ही नहीं है। दे आर
- 2:55:46कूल। आप अभी टैक्स देना पड़ रहा है।
- 2:55:48₹10,000 ₹000 कमा 10,000 टैक्स में चला
- 2:55:51गया। अगर टैक्स 15,000 कर देगी सरकार तो
- 2:55:54एक बार कहेंगे यार सरकार ने भी जीना
- 2:55:55मुश्किल कर रखा है। चल कोई ना देना तो
- 2:55:57पड़ेगा ही। कूल मतलब लाइक दैट बड़े हो
- 2:55:59जाएंगे तो भी बिकॉज़ दे आर हैप्पी मतलब
- 2:56:01काइंड ऑफ सेटिस्फाइंग से लोग होते हैं।
- 2:56:04मतलब ये अगर किसी की बीवी हो ना ऐसी लिसनर
- 2:56:07और वो आदमी जाके अपनी बीवी को कहे कि आज
- 2:56:09ना एक नया प्लान आया है। मैं सोच रहा हूं
- 2:56:11यह वाला बिज़नेस ओ चुपचाप रहने दो जो चल
- 2:56:13रहा है ठीक चल रहा है। ज्यादा ना वो मत
- 2:56:16करा करो। जिंदगी आराम से चल रही है। फालतू
- 2:56:18दिमाग मत खराब करो। ऐसे मेरी साली मेरे से
- 2:56:20बहुत डर मतलब लड़ती थी इस बात के ऊपर ना।
- 2:56:23मेरी बीवी को बोलती थी क्या इसको दविंदर
- 2:56:25को पढ़ी हुई है अच्छी खासी नौकरी है सारा
- 2:56:27कुछ ठीक चल रहा है तू भी नौकरी पे लगी है
- 2:56:29ये भी नौकरी पे कोचिंग सेंटर चल रहा है
- 2:56:31अच्छा चल रहा है तुम लोग कितना तो कमा रहे
- 2:56:32हो फिर क्या दिमाग खराब है इसका मैं बोलता
- 2:56:35देखो तुमको मजा आता है ना रिलैक्स पड़े
- 2:56:37रहने में मेरे को मजा आता है उड़ने में
- 2:56:40मेरे को उड़ने दो तुम पड़े रहो टेंशन खत्म
- 2:56:42इस बंदे को नहीं बहुत कुछ चाहिए होता इसको
- 2:56:45बहुत इच्छाएं नहीं होती है यह क्या करता
- 2:56:48है अपने पड़ोसी को सुनता है पड़ोसी अगर कह
- 2:56:50रहा है कि भाई ये घर तो अपना होना ही
- 2:56:52चाहिए चाहिए तो लाइन पका लेगी उसकी बीवी
- 2:56:54की। एक घर तो अपना होना ही चाहिए। एक घर
- 2:56:56तो होना ही चाहिए। फिर पीछे पड़ी रहेगी।
- 2:56:58एक घर तो अपना होना ही चाहिए। और अगर उसी
- 2:57:00बीवी ने कांसेप्ट ले लिया कि भाई घरघर का
- 2:57:02क्या करना है तो फिर वो इसमें रिलैक्स हो
- 2:57:03जाएगी कि घरघर का क्या करना है। दे कैच द
- 2:57:05लाइंस एंड फॉलो देम। इनकी अपनी कोई लाइन
- 2:57:09नहीं होती। इनका अपना कोई दिमाग नहीं
- 2:57:11होता। अगर मैं यह कहूं अपने दिमाग से काम
- 2:57:13ही नहीं करते तो कोई अतिशयोक्ति ना होगी।
- 2:57:16यह हमेशा दूसरों के दिमाग, दूसरों के
- 2:57:18डायलॉग, सोसाइटी क्या सोचती है? लोग क्या
- 2:57:20कहते हैं? इसीलिए सोसाइटी के अंदर स्मार्ट
- 2:57:24लोग इन लोगों के दिमाग को खराब और खत्म
- 2:57:26करने के लिए सुरलियां छोड़ते हैं। अबकी
- 2:57:29बार तो किसकी सरकार आएगी इस बात की भी
- 2:57:32सुरली होती है कि यार यह जीत रहा है।
- 2:57:34क्यों खराब आदमी को ऐसे आदमी को क्यों वोट
- 2:57:36करें जो जीत ही नहीं रहा। यह भी एक बात
- 2:57:38छोड़ दिया। सोचते अच्छा चल ये जीत रहा है
- 2:57:40तो आप भी इधर ही। इतने लोग सोच रहे हो तो
- 2:57:41कौन सा गलत सोच रहे होंगे। दे कांट यूज़
- 2:57:44देयर ओन ब्रेन नेवर एवर। बस की बात ही
- 2:57:46नहीं है। कच्चे चोर होते हैं। झूठ भी नहीं
- 2:57:48बोल सकते ढंग से। बोलनी नहीं आती झूठ
- 2:57:50बेचारों को। बोल देंगे तो पकड़े जाएंगे।
- 2:57:52सामने ही बोल देंगे। मतलब वो क्या कहेंगे
- 2:57:53यार तू कहां है यार कि मैं मैं तो मतलब
- 2:57:57ग्राउंड में खेलने के लिए गया हुआ हूं।
- 2:57:59अच्छा और थोड़ी देर में कह लेंगे मैं ना
- 2:58:01अभी घर के बाहर ही हूं। थोड़ी देर में बात
- 2:58:03करते-करते बता देंगे कि मैं घर के बाहर भी
- 2:58:04हूं। और ये अगर झूठ बोलेंगे ना एक झूठ में
- 2:58:07अगर तीन-चार सवाल आप वैसे पूछ लो याराना
- 2:58:10दोस्ती में तो मतलब सेम बात का
- 2:58:12कंट्राडिक्शन खुद ही दे देंगे। फिर कह
- 2:58:14देंगे कि हां हां मैं झूठ ही बोल रहा था।
- 2:58:15नहीं आता इनको बोलना। ना ही इनको
- 2:58:17मैनपुलेशन आती। सीखने की कोशिश करते हैं
- 2:58:20यह दुनिया से। दे कांट नहीं कर सकते।
- 2:58:22बेसिकली यह शांति से जीना चाहते हैं। आराम
- 2:58:25से जीना चाहते हैं। अब लिसनर पर्सनालिटी
- 2:58:29ओरिजिनली जो है मैंने कहा इतनी लॉयल इतनी
- 2:58:31बढ़िया इतना जेंटल बच्चा होता है। हीरे
- 2:58:34जैसा बच्चा मैंने बोला। इस बच्चे को यह
- 2:58:37बच्चा अगर गाली देकर आ रहा है ना। यह
- 2:58:39बच्चा अगर घर आकर के अपनी मां से बदतमीजी
- 2:58:42कर रहा है ना तो इसका सीधा सा मतलब है कि
- 2:58:44जिस दोस्त के घर गया था वह वाला अपनी मां
- 2:58:46के साथ करता था तो वही आकर के पेल रहा है।
- 2:58:49इसका अपना दिमाग कुछ नहीं होता। एकदम
- 2:58:51क्लियरली सोच लीजिए आप। यह नहीं कर सकता
- 2:58:54अपनी। यह अपनी मर्जी से अच्छा काम तो कर
- 2:58:57सकता है। किसी की मदद तो कर सकता है।
- 2:58:59सामान उठा के तो दे सकता है। अपना सारा का
- 2:59:01सारा लुटा तो सकता है। छीन नहीं सकता किसी
- 2:59:03का। अगर छीनने की आदत इसमें पड़ गई है तो
- 2:59:06मतलब कहीं से सीख कर आ रहा है। अगर लूटने
- 2:59:10की आदत पड़ रही है, झूठ बोलने की आदत पड़
- 2:59:12रही है, लड़ने की आदत पड़ रही है तो मतलब
- 2:59:13कहीं से सीख कर आ रहा है। इसकी ओरिजिनल
- 2:59:16नेचर नहीं है। ही इज अ वेरी गुड फॉलोअर।
- 2:59:19यह अपने हिसाब से दुनिया को नहीं चलाना
- 2:59:21चाहता। ये तो ये सोचता है कि मेरा बच्चा
- 2:59:22मेरे हिसाब से चल ले। यह क्या करता है? यह
- 2:59:25पैरामीटर सेट करता है। नहीं। लोग क्या
- 2:59:28कहेंगे? इज अ मेन डायलॉग फॉर देम। अगर
- 2:59:30लेडीज होती हैं या जेंट्स भी बड़े हो जाते
- 2:59:32हैं तो वो यही सोचते हैं कि लोग क्या
- 2:59:33कहेंगे कि इन्होंने अच्छे संस्कार नहीं
- 2:59:35दिए। कि इन्होंने यह नहीं दिया। इन्होंने
- 2:59:37वो नहीं दिया। दे बोदर अबाउट इट। मतलब
- 2:59:39बेसिकली इनको इस बात से फर्क पड़ता है कि
- 2:59:41लोग क्या करें। तो इसलिए इन बच्चों को अगर
- 2:59:44आपने परवरिश करनी है तो आप कैसा
- 2:59:47एनवायरमेंट प्रोवाइड करेंगे। सिर्फ इनके
- 2:59:49लिए बात हो रही है। जब यह बोला ये अपनी
- 2:59:50मर्जी से कुछ नहीं करेंगे तो क्या आप इनको
- 2:59:53कभी भी जिंदगी के लिए मोटिवेटेड रख सकते
- 2:59:55हैं? नेवर एवर। इन बच्चों को मोटिवेटेड
- 2:59:58रखने के लिए आपको क्या करना पड़ेगा? अगर
- 3:00:00आप चाहते हो कि यह बच्चा घर आकर के अपना
- 3:00:03काम करे तो आपको अपने घर में वो
- 3:00:05एनवायरमेंट बनाना पड़ेगा। कैसे बनाएंगे?
- 3:00:08जैसे मैंने बनाया। जैसे मैं आपको इसलिए
- 3:00:11बता रहा हूं क्योंकि मेरा बेटा लिसनर है
- 3:00:12तो मैं लिसनर का एग्जांपल दे रहा हूं। अगर
- 3:00:15दूसरी कैटेगरी का होगा तो फिर वहां उसका
- 3:00:16दूंगा। वो आप कैसे अप्लाई कर सकते हैं? ये
- 3:00:19आपने देखना है। फिर इट्स नॉट मैं वो फाइनल
- 3:00:22वो नहीं कह रहा कि आपको भी ऐसे ही करना
- 3:00:23है। जैसे मुझे शुरू में जैसे अपने बच्चे
- 3:00:26को रीडिंग की हैबिट डालनी थी। तो मुझे
- 3:00:29मालूम है कि यह वाले लोग जो होते हैं
- 3:00:30डायलॉग भी कॉपी करते हैं। जिंदगी का जीना
- 3:00:33भी कॉपी करते हैं। तो मैंने जब इसको
- 3:00:36रीडिंग की हैबिट डालनी थी तो मैंने क्या
- 3:00:38करा किताबें पहले ले आया लाके रख ली सेफ
- 3:00:42और उसके बाद मैंने रोज शाम को एक डायलॉग
- 3:00:45बोलता मैंने कहा यार पता नहीं क्या हो रहा
- 3:00:48है पूनम पढ़े बिना रात को रीडिंग करे बिना
- 3:00:51नींद नहीं आती यार और फिर मैं रीडिंग करने
- 3:00:53लग जाता पढ़ता कुछ नहीं था मेरे को शौक
- 3:00:55शांक नहीं है रीडिंग का है ना तो मैं अपना
- 3:00:58लगा अपना ऐसे ही सो जाता फिर मतलब मैं जब
- 3:01:01तक जागता हर 5 मिनट में 2 मिनट में तीन
- 3:01:04मिनट पता पता नहीं क्या हो रखा है यार।
- 3:01:05बिना पढ़े नींद ही नहीं आती। बिना पढ़े नींद
- 3:01:07ही नहीं आती। आई वास जस्ट वेटिंग। यू नीड
- 3:01:09टू हैव पेशेंस फॉर देम टू अडॉप्ट योर थॉट
- 3:01:12प्रोसेस। तो एक दिन मैंने बोला यार 11:00
- 3:01:14बज गए भी नहीं सो जा। सुबह स्कूल जाना है।
- 3:01:17पापा जी पता नहीं क्या हो रहा है। मुझे
- 3:01:18लगता है बिना रीडिंग करे नींद आएगी नहीं।
- 3:01:21एंड देन आई गॉट द पॉइंट कि ले आज हो गया
- 3:01:24चालू। मैंने कहा फिर पढ़ ले। मेरे को
- 3:01:26पढ़ना नहीं आता। आप पढ़ दो। फिर मैं कहानी
- 3:01:28पढ़ता वो मुझसे कहानी सुनता। अब इन बच्चों
- 3:01:31को ना दिक्कत क्या है? यह बच्चे आपको अपने
- 3:01:34स्कूल की हर चीज बताएंगे आकर के। लेकिन
- 3:01:37जैसे ही आप इनको करेक्ट करोगे आगे से
- 3:01:40बताना बंद कर देंगे। क्योंकि इनको लगता है
- 3:01:42यार मम्मी को ना दुख होता है मेरी बात सुन
- 3:01:44के। तो ये वाली बात मैं नहीं बताऊं। ऐसे
- 3:01:46ही करके क्योंकि इनको दुख की वजह से ये
- 3:01:48लोग अवॉयड करते हैं आपसे बताना। आपको वो
- 3:01:50करना। तो ये वाले जो इस तरह से मैंने
- 3:01:52होमवर्क का एक कांसेप्ट मैं आपको बताता
- 3:01:54हूं। मैंने सोचा था कि मैं इसे होमवर्क
- 3:01:56करने के लिए कभी नहीं कहूंगा। बट आई नीड
- 3:01:58टू डेवलप। अब उसको मैं बताऊं आज भी उसकी
- 3:02:01वो रीडिंग की हैबिट बेटे की मेरी ऐसी है
- 3:02:04कि 1500 से ऊपर किताबें पढ़ चुका रोज मतलब
- 3:02:07बिना पढ़े सो ही नहीं सकता वो नींद ही
- 3:02:10नहीं आती उसको आज भी नींद नहीं आती उसको
- 3:02:13और मतलब मैं कहता हूं सो जा यार कितनी
- 3:02:15रीडिंग तो करी नहीं मतलब आज भी डायलॉग
- 3:02:17होता है उसका उसने वो अडॉप्ट कर लिया इसी
- 3:02:20तरह से अब मैंने पढ़ना छोड़ दिया लेकिन अब
- 3:02:22वो वो एकदम ऑटोमेटेड मोड पे आ गया अब क्या
- 3:02:27हुआ कि मैंने होमवर्क उसको आदत डालनी थी।
- 3:02:31होमवर्क में आमतौर पर पेरेंट्स की गलती
- 3:02:34होती है बहुत बड़ी कि वह करेक्ट करते रहते
- 3:02:36हैं हर मोमेंट। ये जो करेक्शन करना होता
- 3:02:38है ना दिस इज़ रियली डेंजरस ऐसे बच्चों के
- 3:02:41लिए। क्योंकि ये बच्चे ऐसा मानना शुरू कर
- 3:02:44देते हैं कि मेरे से नहीं होगा काम। ठीक?
- 3:02:46मेरे से तो हमेशा गलती ही होती है। ये
- 3:02:49बच्चे हमेशा नया स्टेप उठाने से पहले डरते
- 3:02:51हैं। जैसे आप नौकरी छोड़ने से पहले डोगे।
- 3:02:54मतलब पता नहीं आप लिसनर हो कि नहीं। बट
- 3:02:56मतलब वो नौकरी पता नहीं क्या होगा मतलब
- 3:02:59ठीक है कोई आपको नया प्लान समझाने आ जाए
- 3:03:02तो आप आखिरी प्लान तक जाने की कोशिश
- 3:03:03बिल्कुल सेफ साइड खेलने की कोशिश करोगे यू
- 3:03:06विल नेवर टेक एनी रिस्क मतलब लिसनर जो है
- 3:03:09वो कभी भी रिस्क नहीं लेता एकदम सेफ साइड
- 3:03:12चलता है कि ये भी होना चाहिए ये भी होना
- 3:03:13चाहिए ये अब ठीक है कोई ना थोड़ा बहुत तो
- 3:03:16भुगतना ही पड़ेगा सभी कर रहे हैं तो अपन
- 3:03:17भी क्या दिक्कत है लाइक दैट अब इस बच्चे
- 3:03:21को हमने डालनी है आदत होमवर्क अब होमवर्क
- 3:03:25की आदत डालनी थी। मैंने उसको बोला वो
- 3:03:27मैंने कहा तू दूध पी स्कूल से आया जैसे ही
- 3:03:30मैंने कहा तू दूध पी आराम से और मैं अपना
- 3:03:32होमवर्क कर रहा हूं। आपका कौन सा होमवर्क
- 3:03:34है? हां सॉरी मेरी उससे पहले मैं गलती
- 3:03:37बताऊं। मुझे कैसे पता लगा कि मुझे होमवर्क
- 3:03:39इसको कैसे कराना है? ये दैट वाज़ अ पॉइंट।
- 3:03:42मतलब मैं यह सोचता था कि मैं अपने बेटे को
- 3:03:45होमवर्क करने के लिए कभी नहीं बोलूंगा। बट
- 3:03:47स्टिल मुझे होमवर्क करना सिखाना है।
- 3:03:50क्योंकि सिस्टम में रहना है तो सर्वाइव
- 3:03:52करना पड़ेगा। तो उसको होमवर्क की हैबिट भी
- 3:03:54थोड़ी डालनी पड़ेगी। तो मैं ऐसा क्या करूं
- 3:03:58कि वो अपने आप से करने लग जाए। स्कूल में
- 3:04:02लिखने का काम मिलना शुरू हो गया। मतलब
- 3:04:05लिखने का तो क्या था? शुरू में तो वो
- 3:04:06कलर-कुलर सा करने का ही था। मतलब ड्रॉ
- 3:04:08करने का नहीं था। वो कलरिंग थी मतलब कि
- 3:04:10कलर कर दो पैटर्न मतलब इस टाइप से कुछ
- 3:04:13छोटा-मोटा काम था। तो मुझे सेलेक्ट कर लो
- 3:04:17कौन सा है ऐसे करके। तो
- 3:04:20मैं वेट कर रहा कि यार ये करने लग जाए
- 3:04:23अपने आप आए अपना बैग फेंके और अपना मस्त
- 3:04:26चलो पापा जी खेलते हैं। चल पापा जी खेलते
- 3:04:28हैं। मैं खेलने पे लगा पड़ा। अब मतलब क्या
- 3:04:31होता है कि मैंने बाद में सीखी ये चीजें।
- 3:04:34मैं भी कोई परफेक्ट पेरेंट थोड़ी ना था।
- 3:04:37बट आई वाज़ रेडी टू लर्न फ्रॉम हिम। वो
- 3:04:40मैंने देखा कि मेरी लाइफ बदल रही थी उसकी
- 3:04:42वजह से। मैं अपने आप को टोटली उसके
- 3:04:45अकॉर्डिंगली चेंज कर रहा था। मैंने कुछ भी
- 3:04:47उसके ऊपर फोर्सफुली अप्लाई नहीं किया। वो
- 3:04:49जैसे वो कहता मैं लगता मुझे लगता कि ये
- 3:04:51वाली चीज ये सही कह रहा है। अगर लॉन्ग
- 3:04:54पर्सपेक्टिव में देखूं तो इसका बड़ा
- 3:04:56पर्सपेक्टिव इसका बहुत बढ़िया बनता है। उस
- 3:04:59दिन अब मुझे समझ में आना शुरू हो जाता कि
- 3:05:02ये तब मैंने अच्छा किया। इसकी इसकी बात
- 3:05:04मान ली। मैं यह ढूंढ नहीं पा रहा था कि
- 3:05:07इसको होमवर्क कैसे कराऊं यार। एक दिन
- 3:05:09मैंने दुखी सा हो कर के कह ही दिया कि
- 3:05:11होमवर्क नहीं करना आपने। मेरे को बोलता है
- 3:05:13आपने नहीं करना। मेरे को आईडिया मिल गया।
- 3:05:14मैंने हां, करना है यार। मैं तो कर रहा
- 3:05:16हूं अपना पूरा। मैं उठा और अपनी कॉपी
- 3:05:18उठाके और होमवर्क करना शुरू करी। मतलब ऐ
- 3:05:21कुछ भी लिखना सुरू कर दिया अपना। हां,
- 3:05:22मेरा तो हो गया भाई। अब खेलें? मैं कहा,
- 3:05:25"हेलेह अपना कर ले।" फिर खेलेंगे। चल ठीक
- 3:05:27है। वो भी खेलने लग गया। अगले दिन मुझे
- 3:05:29क्लियर हो गया कि इसको होमवर्क कैसे
- 3:05:31सिखाना है। आते ही स्कूल से मैंने कहा, तू
- 3:05:33काम कर, तू पढ़, तू खेल मतलब, दूध पी और
- 3:05:36खेल ले और मैं अपना होमवर्क कर रहा हूं।
- 3:05:38आप कौन सा होमवर्क कर रहे हो? मेरे को भी
- 3:05:40मिला है भाई। अच्छा आपकी मैम भी देती है।
- 3:05:42हां मेरी मैम भी देती है। नर्सरी में ही
- 3:05:44था वो। कितना मिला है? मैं कहा बहुत सारा
- 3:05:47मिला है आज तो ना। फिर खेलोगे कब? मैं कहा
- 3:05:50होमवर्क खत्म करके खेलूंगा। ऐसे बच्चों की
- 3:05:52ना एक खास बात होती है। जो भी लिसनर हैं
- 3:05:54आपके आसपास जिन-जिनने पकड़ लिए होंगे
- 3:05:56कौन-कौन है। ठीक है? तो उनकी खास बात क्या
- 3:06:00होती है कि वो एक बात के पीछे पड़ने के
- 3:06:01बाद ना मतलब पीछे पड़ ही जाते हैं। मम्मा
- 3:06:05जी कब चलोगे? मम्मा जी कब चलोगे? मम्मा जी
- 3:06:07कब चलोगे? मम्मा जी कब चलोगे? मतलब एव्री
- 3:06:092 मिनट्स एव्री 1 मिनट दे आस्क द क्वेश्चन
- 3:06:11तो पापा जी हो गया होमवर्क अरे नहीं भाई
- 3:06:14अभी तो शुरू किया है कितनी देर में हो
- 3:06:16जाएगा मैंने कहा अभी बहुत टाइम लगेगा पता
- 3:06:18नहीं कितना टाइम लगेगा पापा जी हो गया अरे
- 3:06:21नहीं हुआ भाई तू अपनी फुटबॉल के साथ खेल
- 3:06:23ले फुटबॉल खेल के दो किक मार के फिर पापा
- 3:06:26जी हो गया कह नहीं बेटा अभी नहीं हुआ पापा
- 3:06:28जी हो गया पापा जी यू कैन इमेजिन कि 1:30
- 3:06:32बजे से लेकर 4:30 बजे तक मतलब कितनी बार
- 3:06:35बोला होगा आई होप थाउजेंड्स ऑफ टाइम ही यू
- 3:06:38हैव आस्क मी मतलब पता ही नहीं है हर कह के
- 3:06:41गया हो गया मैं जा रहा है उधर से फिर किचन
- 3:06:43अच्छा हो गया अब हो गया अच्छा अब हो गया
- 3:06:46अब बिकॉज़ वो मेरे साथ खेलता इतना है उससे
- 3:06:48पहले खेलता बहुत था तो उसको यह था कि पापा
- 3:06:50का होमवर्क हो तो मैं खेलूं इतनी बार हो
- 3:06:53गया हो गया उसने पूछा बट मैंने तो अपना
- 3:06:55होमवर्क खत्म ही करा पेशेंस चेक करके 4:30
- 3:06:58बजे मैंने कहा अब हो गया अच्छा हो गया चलो
- 3:07:01खेलते हैं कहा पहले अपना कर अच्छा चलो
- 3:07:03पहले अपना करके फिर खेलते हैं फिर वह अपना
- 3:07:05चला इसमें क्या करूं
- 3:07:07अब उसने लिखा मैंने कहा इसमें लिखा हुआ है
- 3:07:09सी ओ एल ओ आर कलर अच्छा कलर करना है मैंने
- 3:07:12कहा हां कौन सा कलर करूं जो मर्जी रेड कर
- 3:07:16दूं हां कर दे पता है क्या था बनाना कहता
- 3:07:18है रेड कर दूं यहां पे पेरेंट्स करेक्ट कर
- 3:07:20देते हैं जैसे आप कह रहे थे ना कि टोके ना
- 3:07:22क्या इससे आग तो लगी नहीं है मर तो जाएगा
- 3:07:26नहीं कंपटीशन में पीछे तो पिछड़ नहीं
- 3:07:28जाएगा लेट हिम थिंक एट दैट टाइम अगर देखो
- 3:07:31मरने वाला नहीं है तो क्या दिक्कत है बाकी
- 3:07:34के नुकसान की भरपाई हो सकती डोंट वरी लेट
- 3:07:38हिम डू लेट हिम डू एक्सपेरिमेंट्स सीखने
- 3:07:40दो उसको कोई दिक्कत नहीं है दैट टाइम
- 3:07:42बोलता है रेड कर दूं कर दो कर दिया अगले
- 3:07:46दिन बस में से उतरते ही मेरा होमवर्क गलत
- 3:07:48करा दिया आपने मैंने कहा क्या हुआ मैम ने
- 3:07:50क्रॉस कर दिया मैंने कहा क्या बना ना पाए
- 3:07:54तो कैसे पता नहीं क्रॉस कर दिया मैंने कहा
- 3:07:56मैडम ने लाल बनाना देखा नहीं होगा आई वास
- 3:07:59लाइक कि मैं उसको गलत नहीं होने देना मुझे
- 3:08:01मैंने बोला मैडम ने लाल बनाना देखा नहीं
- 3:08:04होगा यार यार रेड बनाना तो मैंने भी नहीं
- 3:08:06देखा। मैंने कहा फिर तूने किया क्यों?
- 3:08:08मैंने ऐसे ही कर दिया था। तो मैं कहा मैडम
- 3:08:10ने भी ऐसे ही मार दिया। क्या फर्क पड़ता
- 3:08:12है? चल चलते हैं। टेंशन ले। वहां खड़ा
- 3:08:14होकर के पूछ रहा था। फिर मैडम ने ऐसे ही
- 3:08:16कर दिया। बुरा सा मुंह फेस करके। तो भाई
- 3:08:20मैडम ने ऐसे ही क्रॉस मार दिया। तूने ऐसे
- 3:08:22ही रंग किया था। मैडम ने ऐसे ही कर दिया।
- 3:08:23चल कुछ नहीं होता। चल चलते हैं आजा। इतनी
- 3:08:26सारी गलतियों से कुछ नहीं होता है। ही ही
- 3:08:28मस्ट हैव अ फेथ इन यू कि आप उसको गलत
- 3:08:31रास्ते नहीं उसको है वो ऑलरेडी आप पर इतना
- 3:08:34ट्रस्ट करता है कि आप जब जो कहते हो वो
- 3:08:36करने को तैयार रहता है। उससे याद नहीं हो
- 3:08:39रहा वो क्या करें भाई उसको छोटे-छोटे
- 3:08:40छोटे-छोटे टुकड़ों में याद होता है वो
- 3:08:42क्या करे। वो नहीं लंबा बैठ सकता। वो नहीं
- 3:08:45कंसंट्रेशन बन सकती। उसका ऐसा काम है वो
- 3:08:47ऐसे बैठा हुआ है। लिख रहा है बड़े ध्यान
- 3:08:50से। लिखते-लिखते बाय चांस नजर पड़ जाए
- 3:08:52कॉपी पे तो क्या पता किसी को लग जाए
- 3:08:54देखने। ही इज़ लाइक दैट। ही कांट होल्ड
- 3:08:56हिमसेल्फ। उसके बस की बात वह है ही नहीं।
- 3:08:59ही इज बाय नेचर। तो जो चीज बाय नेचर वैसी
- 3:09:02है, आप क्यों बदलना चाहते हो? उसकी मस्ती
- 3:09:05का आनंद लो ना। वो आ रहा है ऐसे ही मतलब
- 3:09:08गंदा बंदा सा हो करके कोई टेंशन नहीं है।
- 3:09:10उसको कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है। उसका आनंद
- 3:09:12लो। लेटर ऑन जिंदगी में समझ जाएगा। कुछ
- 3:09:14फर्क नहीं पड़ता। आप समझाओगे जितनी बार
- 3:09:17उसका भी कुछ फर्क नहीं पड़ता। मैं बताऊं
- 3:09:18आपको। सो करेक्ट करने की कोशिश मत करो
- 3:09:20क्योंकि करेक्शन की प्रोसेस हमें आती ही
- 3:09:22नहीं। हमें हम तो सीधा-सीधा अगले की दिमाग
- 3:09:25के ऊपर सीधा अटैक मारते हैं कि तेरे बस का
- 3:09:28कुछ नहीं है। तेरे को आता नहीं है जीना।
- 3:09:30तेरे को रहना नहीं आता है। तू तो गलत ही
- 3:09:32कर सकता है। तेरे से ठीक होना ही। लाइक इस
- 3:09:34तरह से दिस इज नॉट द करेक्ट वे टू करेक्ट
- 3:09:37हिम। उसको ठीक करने के और बहुत सारे
- 3:09:39रास्ते हैं। बहुत सारे तरीके हैं। जिंदगी
- 3:09:42उसको सिखा भी देगी। कोई इतना बड़ा जिंदगी
- 3:09:45इतना बड़ा खेल नहीं है। हां इसके अंदर एक
- 3:09:49और प्रॉब्लम है बहुत बड़ी। उसके अंदर
- 3:09:51कंसिस्टेंसी की बहुत कमी होती है लिसनर
- 3:09:53पर्सनालिटी में ना। मतलब जैसे आज मैंने
- 3:09:56भाषण दिया भाई देश बदलेंगे तो सारे हाथ
- 3:09:58खड़े करेंगे देश बदलेंगे। मैंने चार दिन
- 3:10:00बात नहीं करी तो 4 दिन के बाद में ठीक है
- 3:10:02बदल लेंगे भाई अपने आप ही अपन नहीं बदलते।
- 3:10:04वही बदल लेगा। खिलौना लाएगा अपना मनपसंद
- 3:10:08रात को जप्पी पाकर सोएगा कि आज तो मेरा
- 3:10:11फेवरेट टॉय है। अगले दिन वो टॉय साइड में
- 3:10:13पड़ा होता है। तीसरे दिन डस्टबिन में पड़ा
- 3:10:16होता है। ही डोंट नो कहां पड़ा है कहां
- 3:10:18नहीं। कंसिस्टेंसी नहीं है उसके अंदर। वो
- 3:10:21नहीं कर सकता कंसिस्टेंटली काम इस तरह से।
- 3:10:24आपने जो आज उससे प्रॉमिस कराया है वो कभी
- 3:10:27फुलफिल नहीं करेगा। आप मार लो ट्राई जितनी
- 3:10:30मर्जी। सो नेवर मेक हिम प्रॉमिस एनीथिंग
- 3:10:33जो वो नहीं रख सकता। क्यों खामखाई के?
- 3:10:36अच्छा बेटा आगे से करोगे ना। प्रॉमिस
- 3:10:37पक्का प्रॉमिस। नहीं काम करेगी ये चीज।
- 3:10:40काम क्या करेगा? काम करेगा दिल से कनेक्ट
- 3:10:42होना। और यह दिल से कैसे कनेक्ट होता है?
- 3:10:45पता है आपको? यह बच्चा दिल से कैसे कनेक्ट
- 3:10:48होता है? यह दिल से इतने से कनेक्ट हो
- 3:10:50जाता है। अच्छा पिंकी पेन देना बेटा एक
- 3:10:53बारी। पिंकी से पेन मांग लिया। पिंकी जाके
- 3:10:56बल्लेबले मैडम का काम सबसे पहले करेगी।
- 3:10:58इतने से में कनेक्ट हो जाता है। एक बार एक
- 3:11:00पिंकी से बैग मंगवा लो। एक पिंकी से डस्टर
- 3:11:02से साफ करा दो। एक से यह मंगवा लो। एक से
- 3:11:04कुछ और मंगवा लो। एक से कुछ और। जितने
- 3:11:06लिसनर बैठे हैं क्लास में उन सबका नाम
- 3:11:09लेना है आपको सिर्फ एक बार। इतने से में
- 3:11:11कनेक्ट हो जाएंगे टेंशन फ्री। जो आपकी
- 3:11:13क्लास में लिसनर्स हैं जिनका आप नाम लेते
- 3:11:16हो वो सेट हैं एकदम कुछ नहीं करना फिर
- 3:11:19आपको कुछ भी नहीं करना बाकी काम वो आप पे
- 3:11:21कर देंगे मैडम फेवरेट हो गई अपनी सो वी
- 3:11:24नीड टू वर्क ऑन कनेक्शन बेसिकली आप इन
- 3:11:27बच्चों को अगर यह कहोगे बेटा सुबह जल्दी
- 3:11:31उठना चाहिए। अब इनको यह समझ में नहीं आएगा
- 3:11:33यार 8:00 बजे से जल्दी 7:00 बजे या 7:00
- 3:11:35बजे से जल्दी 6:00 बजे तो कौन सी जल्दी कह
- 3:11:37रहे हैं ये आपको आप यह कह दोगे ना कि
- 3:11:39बच्चों सुबह 6:00 बजे उठना चाहिए तो जो
- 3:11:41लिसनर बैठे हैं ना वो सोचते हैं कि बाकी
- 3:11:43बच्चों को कह रही थी मेरे को तो कहा ही
- 3:11:44नहीं आपको बताना पड़ेगा पिंकी रिंकी सोनू
- 3:11:48डोनू तुम लोगों को 6:00 बजे उठना है और उठ
- 3:11:50के मेरे को फोन करना है उठकर मेरे को फोन
- 3:11:52करना है यू नीड टू रिपोर्ट वो रिपोर्ट
- 3:11:54करेंगे आप कभी भी पीछे नहीं हटेंगे बिकॉज़
- 3:11:57नाउ दे आर कनेक्टेड की आपने नाम ले लिया
- 3:11:59तो आपको बहुत सिंपल सी प्रोसेस इस्तेमाल
- 3:12:01करनी हैं एंड यू विल गेट कनेक्टेड टू द
- 3:12:03किड्स और फिट है। देखो जो बात आपको मैंने
- 3:12:06अब बताई वो नहीं होगी मतलब नहीं होगी। अब
- 3:12:08आप उसको आज ही छोड़ दोगे बच्चा जल्दी
- 3:12:10कनेक्ट हो जाएगा। उसके पीछे पड़े रहोगे
- 3:12:13कभी कनेक्ट नहीं होगा। इट्स अप टू यू कि
- 3:12:15आप अब क्या होगा? देखो एचसीएफ का एग्जांपल
- 3:12:18आया बेटा एचसीएफ के ना दूसरा एग्जांपल भी
- 3:12:20है। एक तरीके से और कर सकते हैं। मम्मा एक
- 3:12:23तरीका आता है ना रहने दो ना इसी से कर
- 3:12:25लूंगा।
- 3:12:27कि बेटा यह तो लंबा है। यह तो लंबा है।
- 3:12:30छोटा मेथड के तो लंबा ही ठीक है। कोई
- 3:12:32चक्कर नहीं। दे अवॉयड चेंजेस। चेंजेस इतनी
- 3:12:35जल्दी एक्सेप्ट नहीं करते वो। चाहे वो
- 3:12:37चेंज कोई भी हो। इनकी क्लास रूम बदल दो
- 3:12:40आप। क्लास टीचर बदल जाए तो इरिटेशन आ
- 3:12:42जाएगी। क्लास सेक्शन चेंज कर दो तो
- 3:12:45प्रॉब्लम हो जाएगी। नाना के घर जाएगी तो
- 3:12:47बीमार हो जाएगा। मतलब जगह बदलते ही बीमार
- 3:12:50हो जाएगा। नींद ही नहीं आएगी दूसरी जगह पे
- 3:12:51उसको लिसनर को। यह बेसिक ट्रेट है उसका कि
- 3:12:56उससे चेंज बर्दाश्त नहीं होता। एक बार
- 3:12:59अडॉप करने में टाइम लगता है। जैसे मैंने
- 3:13:01बताया था कंसिस्टेंसी नहीं है। मान लो
- 3:13:04उसका फेवरेट गेम है। हमें अपनी रिपोर्ट
- 3:13:07करके उसका टेस्ट करके पता चल गया कि यह
- 3:13:10लिसनर पर्सनालिटी है। एंड ही इज मेंट फॉर
- 3:13:13दिस थिंग। मान लो वो आर्ट एंड क्राफ्ट के
- 3:13:15लिए बना हुआ है। हमने आर्ट एंड क्राफ्ट की
- 3:13:17क्लास ज्वाइन करा दी। आर्ट एंड क्राफ्ट को
- 3:13:20बहुत एंजॉय कर रहा है। बिल्कुल फुल फ्लैज
- 3:13:22एंजॉय कर रहा है। फिर अचानक कुछ दिनों की
- 3:13:25ट्रे उसके बाद में मतलब क्लासेस के बाद
- 3:13:28में क्या करता है कि उसकी
- 3:13:32छुट्टी हो जाती है। आप किसी शादी में चले
- 3:13:34जाते हो या कुछ 4 दिन का ब्रेक हो गया।
- 3:13:36वापस जब आओगे बोला तैयार हो लो बेटा
- 3:13:38तुम्हारी क्लास में जाना है। नहीं मम्मा
- 3:13:40आज मूड नहीं है जाने का। दे विल ऑलवेज
- 3:13:43डिनाई। ब्रेक जैसे ही लोगे उसके बाद
- 3:13:45उन्होंने कुछ दिनों के बाद कहना ही कहना
- 3:13:47है कि मैं नहीं जाऊं। तो आपको यह बात पता
- 3:13:50होनी चाहिए कि ये जो ना है ये अंदर से
- 3:13:52आएगा ही आएगा। एक अच्छा मां-बाप क्या करता
- 3:13:54है फिर के ठीक है तेरा मूड नहीं है तू मत
- 3:13:56जा एंड देन हम उसकी यानी कि हमें यह पता
- 3:13:59होना चाहिए कहां उसको छोड़ना है। कहां
- 3:14:02उसको कुछ भी नहीं कहना है और कहां उसको
- 3:14:05नहीं छोड़ना। इस मोमेंट पे आप मत छोड़ो
- 3:14:07उसको। के ना जाना पड़ेगा कह दिया ना
- 3:14:09चुपचाप खड़ी हो चल। यह वाली भाषा उनको
- 3:14:12एक्यूरेट समझ में आती है। अगर आप उनको
- 3:14:14बेटा उठ लिया करो सुबह बहुत बड़े हो गए।
- 3:14:16नहीं आता समझ चलो उठो 6:00 बज गया तो अपना
- 3:14:20ये काम करो एंड ही विल डू नो प्रॉब्लम और
- 3:14:23इससे फर्क भी नहीं पड़ेगा। रिश्ता भी नहीं
- 3:14:24टूटेगा बल्कि बनेगा। जितना क्लियर
- 3:14:27इंस्ट्रक्शन दोगे उतना रिश्ता अच्छा
- 3:14:29रहेगा। जितना मीठा-मीठा बोलने की कोशिश
- 3:14:32करोगे उतना वेग स्टेटमेंट की फॉर्म में
- 3:14:34जाएगा। उसको ये नहीं आएगा कि मेरे को कह
- 3:14:36रही है कि नहीं।
- 3:14:37[हंसी]
- 3:14:37क्योंकि चाहिए कि फॉर्म में उसको समझ में
- 3:14:39नहीं आता। करना है कि फॉर्म समझ में आती
- 3:14:42है और हो सकता है आपको दिन में तीन बार
- 3:14:44कहना पड़े देन डोंट वरी कह लो क्या फर्क
- 3:14:46पड़ता है? इरिटेट हो के मत कहो। एंजॉय
- 3:14:49करके कहोगे पता है कि हमको इसको कहना ही
- 3:14:51पड़ेगा। पता है कि हमको इसका नाम लेना
- 3:14:53पड़ेगा। एक दिन ले दिया उस दिन कनेक्ट
- 3:14:55होगी। अगले दिन नहीं लिया नहीं होएगी।
- 3:14:56अगले दिन फिर लेना पड़ेगा भाई अपने को।
- 3:14:59आज कुछ और कराया था। अगले दिन कुछ और
- 3:15:01कराना पड़ेगा। सो वी नीड टू गेट कनेक्टेड
- 3:15:03विथ देम। इस तरह से आप उन बच्चों को ये
- 3:15:06बता सकते हो। तो ये अगर आप मान लो आपका
- 3:15:09स्पाउस है इस तरह का तो भी आपको समझ में आ
- 3:15:12गया कि इसको नहीं आएगा समझ। बच्चा है तो
- 3:15:14भी क्लास रूम में है बच्चा तो भी। एकदम
- 3:15:17क्लियर कट क्लियर हुआ आपको?
- 3:15:19उनकी एक्टिविटीज भी क्लियर हो गई। और जहां
- 3:15:22मैंने कहा सलूशन है वही सलूशन है। जहां
- 3:15:24मैंने कहा प्रॉब्लम है वो प्रॉब्लम है। वो
- 3:15:26रहेगी जो प्रॉब्लम जो मैंने आपको बताया।
- 3:15:28अगर आप अपना तरीका नहीं बदलेंगे। उस बच्चे
- 3:15:30को आप सुधार तो नहीं पाओगे। बदल तो नहीं
- 3:15:33पाओगे। रिश्ता जरूर तोड़ लोगे अपना उसके
- 3:15:36साथ। कनेक्शन का इन बच्चों के साथ एक ही
- 3:15:37तरीका है। प्रिसाइजली बोलो। सीधा-सीधा
- 3:15:40बोलो। करने को बोलो। कोई टेंशन नहीं है
- 3:15:42इनको। ताना मत दो। लेबलिंग मत करो। थप्पड़
- 3:15:45मार लो उससे बढ़िया। कोई चक्कर नहीं। बुरा
- 3:15:47नहीं मानेंगे कभी भी आप। कहते हैं ना
- 3:15:49फिजिकल पनिशमेंट। कोई दिक्कत नहीं है
- 3:15:51इनको। दे लव यू सो मच। मतलब वो इतना प्यार
- 3:15:54करते हैं हर किसी से। दे आर मेंट फॉर
- 3:15:57लविंग। मतलब सिंपली लविंग चाइल्ड होते
- 3:15:58हैं। कुछ भी नहीं। हां, आप इसका एक और
- 3:16:01तरीका बताऊं मैं आपको।
- 3:16:03[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 3:16:04ये कभी भी अपने आप से रिस्पांसिबल नहीं
- 3:16:06होएंगे। कभी भी मतलब कभी भी नहीं। पुराने
- 3:16:08टाइम में इनका क्या इलाज करते थे। पता है
- 3:16:10बूढ़े क्या करते थे? इसने कहा ब्याह कर
- 3:16:12दो। ब्याह करते ही सेट हो जाता था बंदा।
- 3:16:13क्या मतलब है इसका? इसका मतलब यह है जब तक
- 3:16:17इनकी रिस्पांसिबिलिटी शेयर करने वाला कोई
- 3:16:20है। तब तक यह टोटली नॉन रिस्पांसिबल हैं।
- 3:16:22आप एक बार बीमार हो जाओ। जितनी केयर
- 3:16:25करेंगे टाइम से उठके छोटे भाई को तैयार
- 3:16:27करना। सारे काम सफाई वफाई रोटी सब कर
- 3:16:29देंगे कोई टेंशन नहीं मतलब जब तक यह सेकंड
- 3:16:32पोजीशन में है तब तक रिलैक्स हैं। जब तक
- 3:16:34इनकी रिस्पांसिबिलिटी शेयर करने वाला है।
- 3:16:36यह जिम्मेदारी नहीं लेंगे। जब इन पे
- 3:16:38जिम्मेदारी आ जाएगी दे कैन डू एवरीथिंग।
- 3:16:41जैसे मैंने बोला एक दिन मेरे पास एक मेरी
- 3:16:44यूपी से एक मेरी फ्रेंचाइजी थी। उन्होंने
- 3:16:49क्या किया? अपने पापा का हमसे टेस्ट कराया
- 3:16:52एनालिसिस। तो मैं जब उनको समझा रहा था
- 3:16:55काउंसलिंग जब हम कर रहे थे तो मैं उनको
- 3:16:58बता रहा था मैंने कहा यह तो ना बिल्कुल ही
- 3:16:59पंकुअल नहीं होते बिल्कुल आखिरी मोमेंट पर
- 3:17:02चलते हैं मतलब अगर 8:00 बजे बस आनी है तो
- 3:17:048:00 बजे तो अगले जूते पहन रहे होते हैं
- 3:17:06के बस आ गई तुम्हारी जल्दी चलो दौड़ दौड़
- 3:17:08आखिरी में जाके चढ़ते हैं कहती नहीं सर
- 3:17:11मेरे पापा जितना पंक्चुअल
- 3:17:14रेगुलर और रिस्पांसिबल आदमी मैंने अपनी
- 3:17:17जिंदगी में नहीं देखा इज दैट सो हां जी
- 3:17:20मैंने कहा इसका फिर एकमात्र कारण है सिर्फ
- 3:17:23सिर्फ एकमात्र कारण वो ये या तो तुम्हारे
- 3:17:26दादा तुम्हारे नाना जी आर्मी में होंगे या
- 3:17:29फिर वो बहुत जल्दी मर गए होंगे। बोले हां
- 3:17:32मेरे पापा 13 साल के थे जब मेरे नाना
- 3:17:34गुजरे सारे घर की जिम्मेदारी मेरे पापा पे
- 3:17:36आ गई। एंड नाउ ही इज़ द वेल सेटल्ड एंड वेल
- 3:17:39मैनेज्ड पर्सन बिकॉज़ ही वाज़ ऑन द टॉप ऑफ
- 3:17:42रिस्पांसिबिलिटी
- 3:17:43मतलब जो कहते हैं लेवल। तो
- 3:17:47रिस्पांसिबिलिटी टेबल में सबसे ऊपर बंदा
- 3:17:49है तो ही विल बी द मोस्ट रिस्पांसिबल
- 3:17:51पर्सन। जैसे कि लिसनर पर्सनालिटी अगर हाउस
- 3:17:54वाइफ बन जाएगी सबका ख्याल रखेगी। खुद का
- 3:17:57कभी नहीं रख सकता। दैट विल नेवर थिंक ऑफ
- 3:17:59हिम हरसेल्फ। इसी तरह से यह सबका ख्याल रख
- 3:18:04सकते हैं। खुद का नहीं रखते हैं। सो दे आर
- 3:18:07रिस्पांसिबल ओनली व्हेन दे आर ऑन द टॉप ऑफ
- 3:18:09द रिस्पांसिबिलिटी पॉइंट। तो इनको
- 3:18:12जिम्मेदार बनाना है। आप इनके लिए अह क्लास
- 3:18:15का मॉनिटर के तौर पे चेंज करते रह सकते
- 3:18:17हो। इसीलिए आपकी ऐसी कुछ चीजें काम कर
- 3:18:19जाती हैं इन बच्चों पे। कि जब आप
- 3:18:21जिम्मेदारी वाला वह काम देते हो ना तो यह
- 3:18:23सुधर गया भाई आपको पता नहीं होता
- 3:18:25एक्सीडेंटली हुई है। कुछ में काम कर जाती
- 3:18:27है कुछ में नहीं करती होती है। बट अब आपको
- 3:18:29क्लियर पता है कि इस वाले को देंगे तो ये
- 3:18:32इतना पक्का चेंज होगा ही होगा इसमें कि यह
- 3:18:35वाली कैटेगरी का बच्चा है। ठीक है जी।
- 3:18:38क्लियर हुआ? इन्होंने अगर कोई थॉट प्रोसेस
- 3:18:41अपना रखी है। उस थॉट प्रोसेस को छोड़ के
- 3:18:45बाकी जहां चाहो आप इनको मनवा सकते हो।
- 3:18:48इसीलिए अगर हम इनसे पूछते हैं कि तुम इसी
- 3:18:51तरह का लाइफस्टाइल रहते हो कि हां वहां पर
- 3:18:53हम बिल्कुल इंटरफेयर नहीं करते। बाकी जगह
- 3:18:55समझा-बुझा के उनको मना लेते हैं अपने
- 3:18:57हिसाब से। तो चाहे कोई रिलीजियस पॉइंट हो,
- 3:18:59चाहे कोई एकेडमिक पॉइंट पे आपका
- 3:19:02लाइफस्टाइल हो, वहां हम इंटरफेयर नहीं
- 3:19:04करते। अदरवाइज चीजें समझ में आ जाती। तो
- 3:19:06एज अ टीचर आपको इनको स्पेस देना पड़ेगा कि
- 3:19:10खूब सारे सवाल पूछे। एज अ पेरेंट आपको
- 3:19:13बहुत प्रेसाइज इनको बताना पड़ेगा कि तुमने
- 3:19:16यह करना है यह नहीं करना है। एंड इनको
- 3:19:18जितना ट्रेंड करेंगे उसके लिए आपको वो
- 3:19:22एनवायरमेंट खुद बनाना पड़ेगा। यही कारण है
- 3:19:26कि मेरा बेटा 12 साल का हो गया। 13 साल
- 3:19:29हमारी शादी को हुए हैं और हमने 13 साल में
- 3:19:32मियां बीवी दोनों ने पढ़ाई नहीं छोड़ी है।
- 3:19:34क्योंकि हम हर रोज बात करते हैं। मैं उसको
- 3:19:36कभी नहीं कहता बेटे को कि तुम अपना
- 3:19:38होमवर्क कर लो। मैं पूनम से पूछता पूनम
- 3:19:40तुम्हारा होमवर्क हो गया और वो बैठा साइड
- 3:19:42में सुन रहा होता है वो उठता है और अपना
- 3:19:43होमवर्क शुरू कर देता है। उसको नहीं कहना
- 3:19:45पड़ता आपको कभी भी। अगर इस बच्चे को कभी
- 3:19:47समझाना है। जैसे मैंने आपको बताया थी एक
- 3:19:50बात कि जब उसने कहा हम तो पांचवी में ही
- 3:19:53शुरू कर गए थे। वो जो लड़की वाली बात थी।
- 3:19:56मैंने और पूनम ने उस दिन उसका एक घंटा
- 3:19:58हमने डिस्कशन किया कि यार कुछ बच्चे सेक्स
- 3:20:02को ऐसा समझते हैं, लड़की को ऐसा समझते
- 3:20:04हैं। उनको रिस्पेक्ट करनी चाहिए। मैंने
- 3:20:06बेटे को नहीं समझाया कि बेटा तुम ऐसे
- 3:20:08समझना। उन बच्चों को कभी समझाने की जरूरत
- 3:20:10नहीं पड़ती। आप जो आपस में बात करते हो
- 3:20:13ना, वह उसको लाइफस्टाइल के तौर पे अडॉप्ट
- 3:20:15कर लेते हैं। आपकी कही हुई बात वह कभी
- 3:20:18नहीं समझते। यह ध्यान रखना। अगर उसको यह
- 3:20:20कह के कि आजा तेरे से बात करनी है तेरे को
- 3:20:23समझाते हैं कुछ। दैट विल नेवर एवर वर्क।
- 3:20:27कभी नहीं करेगा वह काम। तो आपको क्या करना
- 3:20:30पड़ेगा? आप किसी और से प्लेंड बात कर सकते
- 3:20:33हो। बच्चा अगर उसमें खेल रहा है, कूद रहा
- 3:20:37है, लगता है कि यहां कांच की टेबल रखी हुई
- 3:20:40है और चोट लग जाएगी। नेवर आस्क हिम टू
- 3:20:43स्टॉप दे डूइंग दैट। फोन आ गया। अच्छा हां
- 3:20:46रीना कैसे? क्या हुआ? अच्छा। क्या? चोट लग
- 3:20:50गई बच्चे को। घर में खेल रहा था। अच्छा
- 3:20:54टेबल लग गई क्या? कितने स्टिचेस आए?
- 3:20:57इंजेक्शन भी लगे। ओ हो हो अब तो
- 3:21:00हॉस्पिटलाइज रहना पड़ेगा। सिर टूट गया
- 3:21:03पूरा। चल ठीक है उसको देखने के लिए आएंगे।
- 3:21:05फोन काट दो। उसको समझ में आ जाएगा। उसको
- 3:21:07मत कहो कि तू भी मत कूद नहीं तो लग जाएगा।
- 3:21:09नेवर एवर। जो चीज बताना चाहते हो किसी और
- 3:21:12का एग्जांपल दे दो। दे दो। कहानी सुना दो
- 3:21:15और छोड़ दो। अगर कहानी सुनाने के बाद बेटा
- 3:21:19तुम भी ध्यान रखना। फिर समझ में आ जाएगा।
- 3:21:21यह सारा ड्रामा मेरे लिए हो रहा था। तब
- 3:21:23काम नहीं करेगा। किसी और की कहानी चलने
- 3:21:25दो। उसको जिंदगी समझ में आ जाए। सो यू
- 3:21:28नेवर नीड टू मोटिवेट हिम डायरेक्टली। यू
- 3:21:31नेवर नीड टू आस्क हिम डायरेक्टली जस्ट
- 3:21:34डिस्कस द लाइफ स्टाइल ऑफ सम अदर पर्सन एंड
- 3:21:36दे विल गेट टू नो कि उनको जिंदगी में क्या
- 3:21:38करना है किन चीजों से अवॉइड करना है और
- 3:21:41क्या करना है तो इसलिए आप मियां बीवी घर
- 3:21:44में किस स्टाइल में बात करते हो आप
- 3:21:46दादादादी के साथ कैसे बात करते हो आप
- 3:21:49सोसाइटी के बारे में कैसी लैंग्वेज
- 3:21:51इस्तेमाल करते हो आप क्या कहते हो इट इज
- 3:21:54वेरी इंपॉर्टेंट वेरी इंपॉर्टेंट मुझे तब
- 3:21:57इतना अच्छा लगा गाया कहता पापा आज तो
- 3:22:01मैं एडवांस का पेपर था मेरा मैथ्स का। मैं
- 3:22:04दो क्वेश्चन छोड़ आया। क्या हो गया था?
- 3:22:06आता नहीं था या टाइम कम था? नहीं पेपर भी
- 3:22:09आता था और टाइम भी पूरा था। आधे घंटे में
- 3:22:12आधे टाइम में पूरा हो गया। फिर क्यों छोड़
- 3:22:13आया? यार मैंने सोचा साइबर, इंग्लिश,
- 3:22:16साइंस तीनों में गोल्ड आना है। सारे गोल्ड
- 3:22:18मैं ही ले लूंगा तो बाकी बच्चे क्या ले?
- 3:22:20मैं उसको जपी पा ली। आंखों में पानी आ गया
- 3:22:22मेरे कि बेटा तू पार हो गया अब। अब नाउ आई
- 3:22:25एम मतलब मेरे को अच्छा लगा कि नाउ यू आर
- 3:22:28थिंकिंग ऑफ़ अदर किड्स आल्सो बिकॉज़ वो मुझे
- 3:22:31रोज सुनता है बात करते हुए फोन पे या कहीं
- 3:22:35पे कोई वीडियो आ जाती है तो वो
- 3:22:38इनडायरेक्टली मैं आपको कह रहा हूं वो उसको
- 3:22:41सुन रहा है एंड ही इज़ गेटिंग द पॉइंट्स।
- 3:22:43जरूरत ही नहीं है उसको समझाने की
- 3:22:44डायरेक्टली। यू विल नेवर नीड एनीवन कि
- 3:22:48उसको सीधे-सीधे बताए। सिर्फ अपने डायलॉग्स
- 3:22:51में, अपने लाइफ स्टाइल में उसको पढ़ने की
- 3:22:53आदत डालनी है ना। पड़ोस के दो बच्चों को
- 3:22:56उसके सामने लाकर बिठा दो पढ़ने के लिए।
- 3:22:58थोड़ी देर में किताब अपने आप उठा के ले
- 3:23:00आएगा। आप अपनी किताब उठा के आदत डालो
- 3:23:02दोनों मियां अभी भी बैठ के पढ़ने की। वो
- 3:23:04जब देखोगे 5 मिनट में ले आएगा। हां जी।
- 3:23:08हां। ये वाला करता है। बाकी तीन नहीं
- 3:23:10करते। वो अभी आएंगे। [हंसी] हां। और एक-ए
- 3:23:14बात एक भी लाइन गलत नहीं है। एवरीथिंग इज
- 3:23:16टोटली हां कुछ चीजें अभी आपने ऑब्जर्व
- 3:23:19नहीं की वो थोड़ी बड़ी होएगी तब कर लेगी।
- 3:23:21हां हां
- 3:23:23हां
- 3:23:25क्या
- 3:23:29लिखनी है
- 3:23:30और थ्री व्हीलर पे लिखनी है। आज मम्मा
- 3:23:32थ्री व्हीलर में लेकर आई तो कितने बंदे
- 3:23:34बैठे थे। स्नोप्सिस लिखनी है।
- 3:23:37तो मैडम बहुत तेज हंसी। उन्होंने कहा
- 3:23:39अच्छा स्नोप्सिस लिखनी है। लिख ली? हां
- 3:23:41बोले नहीं चैप्टर तैयार कर रही हूं अभी
- 3:23:43[हंसी] नहीं लिखूंगी
- 3:23:44सेम डायलॉग दैट विल कॉपी एव्री डायलॉग
- 3:23:48वो पूरे दिन वही चीज सुनती थी
- 3:23:49बिल्कुल
- 3:23:50वो उसी को ही उसने कॉपी किया
- 3:23:52आप कुछ भी सुनाओगे फोन पे जिस लहजे में
- 3:23:54बात कर रहे हो वो लहजा अपनाता जाएगा काम
- 3:23:57करने का आपका क्या स्टाइल है इफ यू आर
- 3:23:59कंप्लेनिंग तो आपको वो कंप्लेनिंग आदत डल
- 3:24:01जाएगी जो भी जिस तरह की चीजें आप जो भी
- 3:24:04लाइफ स्टाइल आप अपना रहे हो दैट द चाइल्ड
- 3:24:06विल फॉलो तो स्कूल के अंदर आपको क्या करना
- 3:24:09है ऐसे बच्चे अगर क्लास में हैं और उनसे
- 3:24:11रिलेटेड कोई चीजें हैं तो अब आप लिख के
- 3:24:13लाएंगे। मैम प्लीज एक मिनट रुकिए। लेट्स
- 3:24:16डू अ क्विक
- 3:24:18रिवीजन व्हाटएवर वी हैव डन। आई होप आपने
- 3:24:22लिसनर पर्सनालिटी आई थिंक अभी तक किया था
- 3:24:25अभी तक एक जिसमें आप कुछ चीजें देख पाए थे
- 3:24:30कि उसकी कुछ कैरेक्टरिस्टिक्स थी उसके
- 3:24:32बिहेवियर की कि उसको देख के ही आप कैसे
- 3:24:35पता लगाएंगे। आपके दिमाग में कुछ सवालात
- 3:24:38उठे होंगे उसके बाद उनका शायद मैंने
- 3:24:40स्यूशन नहीं दिया था कि फिर करें क्या
- 3:24:42उनके साथ में ऐसा कुछ है ना इस तरह से
- 3:24:46सवाल आया होगा इसका जवाब हम आखिर में
- 3:24:48देंगे जब चारों पर्सनालिटीज हो चुकी होंगी
- 3:24:50तो हम क्योंकि पर्पस हमारा किसी भी बच्चे
- 3:24:55को अ अपने तरीके से मोल्ड करना नहीं है।
- 3:25:00हमारा पर्पस है उसको समझ लिया। अब उसको
- 3:25:03अगर कोई चीज समझानी है तो उसका क्या तरीका
- 3:25:06होगा मतलब जब हम क्लास में समझा रहे हैं
- 3:25:10और कौन सा उसके बिहेवियर टेंपरेरी होगा
- 3:25:12कौन सा परमानेंट होगा वो हम लास्ट तक
- 3:25:15पहुंच जाएंगे। हम पहले लाइफ को कंप्लीट कर
- 3:25:17लेते हैं। आई होप जो हमने शुरुआत की थी
- 3:25:21लाइफ जो चार तरह के जो हमारे पास
- 3:25:24पर्सनालिटीज थी सेकंड पर्सनालिटी हमारे
- 3:25:27पास
- 3:25:29लाइफ में पहले लिसनर है। अगला आई है। आई
- 3:25:31नहीं करेंगे हम। ई करेंगे पहले। एफिशिएंट
- 3:25:34पर्सनालिटी पहले करेंगे। उसका स्पेसिफिक
- 3:25:37रीजन है वो मैं आपको अभी बता दूंगा कि
- 3:25:39क्यों करेंगे।
- 3:25:41नोट्स उसकी चिंता मत कीजिए। आपके लिए
- 3:25:43नोट्स अलग होंगे। यह मैं अपने लिए इसलिए
- 3:25:45रखा कि कई बार बात करते-करते चीजें स्किप
- 3:25:48हो जाती हैं। तो उससे कनेक्टेड जो चीजें
- 3:25:50हैं वो मैं डिस्कशन कर दूं आपके साथ।
- 3:25:54सो
- 3:25:57जैसे हम एक पर्सनालिटी को डिस्कस कर रहे
- 3:26:00थे तो आपने नोटिस किया कि वो सब में तो
- 3:26:02ऐसा नहीं होता जो मैं बात कर रहा था। बाकी
- 3:26:05और तरह के बच्चे भी होते हैं। यह एक दूसरी
- 3:26:07तरह की थॉट प्रोसेस
- 3:26:10वाला बच्चा है जिसको हम एफिशिएंट बोलते
- 3:26:13हैं। अगर टर्मिनोलॉजी में जाएं तो
- 3:26:14एफिशिएंट होगा। यह वो बच्चे होते हैं जो
- 3:26:17टारगेट ओरिएंटेड जिंदगी जीते हैं। यानी
- 3:26:20जैसे हम शुरुआत में एक बात कही थी हमने कि
- 3:26:27हम उस एक्टिविटी को ज्यादा फोकस
- 3:26:31नहीं कर रहे हैं। उस एक्टिविटी के पीछे के
- 3:26:33थॉट को हम फोकस कर रहे हैं। बेसिकली अभी
- 3:26:36जो हम देख रहे हैं कि वो क्यों किया? जैसे
- 3:26:39अगर बहुत ज्यादा मेहनत कर रहा है लिसनर
- 3:26:41पर्सनालिटी। जैसे हमने कहा लिसनर वैसे तो
- 3:26:44मेहनती होता नहीं है। अब अगर वह मेहनत कर
- 3:26:47रहा है तो उसके पीछे का क्या फैक्टर है?
- 3:26:49उसके पीछे उसके पीछे एक ही फैक्टर है
- 3:26:51इमोशंस। मतलब समवन इज देयर उसके मम्मी
- 3:26:55पापा या उसके टीचर जिससे वो बहुत प्यार
- 3:26:58करता है और वो चाहता है कि वो खुश रहें।
- 3:27:02वो बेसिकली उनको खुश करने के लिए मेहनत कर
- 3:27:04रहा है। वो उसकी नेचुरल टेंडेंसी उसमें
- 3:27:07नहीं आ रही है। मतलब उसका नेचुरल लॉजिक
- 3:27:09यानी उसको अगर मोटिवेटेड रखना है तो उसके
- 3:27:11पीछे एकमात्र कारण होगा उसके साथ कनेक्ट
- 3:27:15हो जाओ और उसको मोटिवेटेड आप रख सकते हो।
- 3:27:18कनेक्शन काट के आप उसको मोटिवेटेड नहीं रख
- 3:27:20सकते। यह एक ऐसी पर्सनालिटी है एफिशिएंट
- 3:27:25जिसको जिसके साथ आप कनेक्ट ही नहीं हो
- 3:27:27सकते।
- 3:27:29यह अपना टारगेट ओरिएंटेड है। इसने टारगेट
- 3:27:32बांध लिया कि मुझे इतने परसेंट मार्क्स
- 3:27:35स्कोर करने हैं तो उसने उतने परसेंट ही
- 3:27:38स्कोर करने हैं। अब मैं इतने इसलिए बोला
- 3:27:42मैंने कि आप नहीं बता सकते। आप मतलब
- 3:27:46दुनिया का कोई और इंसान इस बच्चे को नहीं
- 3:27:49बता सकता कि आपने कितने मार्क्स लेने हैं।
- 3:27:53मतलब अगर मम्मी पापा यह कहते हैं कि इतने
- 3:27:57मार्क्स लेने हैं तो जरूरी नहीं है कि वो
- 3:27:59उसको मान रहा हो। उसने अगर यह डिसाइड किया
- 3:28:01है कि मुझे जैसे मैं आपको एक एग्जांपल
- 3:28:03बताता हूं कि एक बच्चा
- 3:28:0880 80% स्कोर कर रहा है। अगली बार उसके
- 3:28:1281% आ रहे हैं। फिर उसके 78 और 89 मतलब 82
- 3:28:1783 85 क्रॉस ही नहीं कर रहा वो। उसको सब
- 3:28:21कुछ आता है। उसके पापा केमिस्ट्री के
- 3:28:24लेक्चरार हैं। उसे सारा सिलेबस करवा के
- 3:28:27भेजते हैं। पर अगला बंदा 80 जैसे ही 18%
- 3:28:30का स्कोर होता है, उसी टाइम उससे आगे करना
- 3:28:32ही बंद कर देता है कि इतना ही करना था। अब
- 3:28:36यह इतना ही 40 पे भी रुक सकता है, पासपास
- 3:28:39होने पे भी रुक सकता है, 60 पे भी रुक
- 3:28:42सकता है कि फर्स्ट डिवीजन लेनी है। खाली
- 3:28:44इससे ऊपर लेना ही नहीं। टेंशन ही नहीं है।
- 3:28:4680 पे भी और क्लास स्टॉप करने पे भी। मतलब
- 3:28:49इट्स लाइक दैट। इनको अगर आप मोटिवेटेड रख
- 3:28:53सकते हो तो इनको एक ही चीज मोटिवेट रख
- 3:28:55सकती है। बल्कि मैं कहूं दो चीजें। पहला
- 3:28:58टारगेट और दूसरा चैलेंज।
- 3:29:02मतलब इनको पुरानी अगर हम थोड़ा सा बैक में
- 3:29:05जाएं ना फ्लैशबैक में तो हमारी दादी नानी
- 3:29:08जो है वह कुछ बच्चों को दूध पिलाने के लिए
- 3:29:10ऐसा बोलती होती है। तेरे से नहीं पिया
- 3:29:12जाएगा यह। और वह फिर मतलब कैसे नहीं पिया
- 3:29:16जाएगा? मैं अब तो पी के दिखाऊंगा।
- 3:29:19वह जो टेक्निक है वह इन बच्चों पर एकदम
- 3:29:21काम करती है। अगर यही डायलॉग कि तेरे से
- 3:29:24नहीं पिया जाएगा हम लिसनर को बोलते रहेंगे
- 3:29:27लगातार वो कहेगा ठीक है मैं नहीं पऊंगा और
- 3:29:31इसको बोलेंगे तो यह कहेगा कि अब तो पक्का
- 3:29:33पऊंगा चाहे जगह ना हो पेट में कोई दिक्कत
- 3:29:35नहीं तो मतलब इनके लिए फायदा नफा नुकसान
- 3:29:40कुछ नहीं है। टारगेट सबसे इंपॉर्टेंट है।
- 3:29:44दोनों भाई-बहन खेल रहे हैं। खेलते-खेलते
- 3:29:48मान लो बड़े वाले ने छोटे वाले को मार
- 3:29:51दिया या छोटे ने बड़े को मार दिया और वह
- 3:29:54गलती से लग गया। अब उसने प्लान कर लिया कि
- 3:29:57अब इसको भी मारना है। और यह प्लान कर लिया
- 3:30:00कि इसको भी चपेट मारनी है मुंह पे। अब वो
- 3:30:03उसको दूर खड़ा-खड़ा मतलब इतनी देर में मान
- 3:30:06लो मम्मी आ गई। पापा को कोई और आ गया घर
- 3:30:08का आदमी और उसने भाग के कि मम्मी मेरे को
- 3:30:10मार रहा है। ये पापा मार।
- 3:30:13क्यों मार रहा है? इसलिए मार रहा है कि
- 3:30:15मेरे को इसने मारा है। नहीं मारना उसको
- 3:30:18चपेट लगा। मान लो मम्मी दूसरे वाले की
- 3:30:20जिसने मारा था पहले जितनी मर्जी पिटाई कर
- 3:30:23ले। लेकिन वो दूर खड़ा-खड़ा बोलेगा बदला
- 3:30:25तो लूंगा। कुछ भी हो जाए ऐसे ऐसे करके
- 3:30:28देखता रहेगा।
- 3:30:30बदला तो लूंगा। एंड ही विल वेट। अब छोटे
- 3:30:35वाला अगर स्मार्ट है और वो बच रहा है किसी
- 3:30:37तरह से शाम तक बच जाए और बाय चांस वो
- 3:30:41लास्ट में सोने चले जाएंगे ना। मतलब जिसने
- 3:30:44बदला लेना था ना एफिशिएंट ने नींद नहीं
- 3:30:48आएगी उसको फिर चाहे रात को 12:00 बजे उसके
- 3:30:51पास जाके उसके गाल पर हल्के से लगा के आना
- 3:30:54पड़े लेकिन वो बदला तो लेगा
- 3:31:00ये मैं क्यों बताई मैंने यह बात इतनी लंबी
- 3:31:02उसका रीजन यह है कि नहीं जाएगी दिमाग से
- 3:31:08आप उसको मना भी लोगे ना आप उससे यस करवा
- 3:31:12भी लोगे ना कि सॉरी बोल दिया, माफ करवा
- 3:31:14लिया। लेकिन उसने उससे पहले डिसाइड कर
- 3:31:17लिया कि नहीं मैंने यह करना है। डिसाइड
- 3:31:20करने से पहले तो अगर आप मना लेते हो तब तक
- 3:31:23तो ठीक है। लेकिन इफ ही हैज़ डिसाइडेड
- 3:31:27देन नो वे आउट।
- 3:31:33इस तरह के बच्चों के अंदर बहुत बार ऐसा
- 3:31:35पाया गया। यानी अगर एफिशिएंट बच्चा मेरे
- 3:31:38पास मैं इनको हमेशा कहता हूं कि दे आर
- 3:31:40नेचुरल अचीवर्स।
- 3:31:43इनको आप मतलब इनको आप मोटिवेट कर ही नहीं
- 3:31:47सकते। यह नेचुरल अचीवर्स हैं। इन्होंने
- 3:31:51टारगेट अपने खुद चूज़ करने हैं। अब आपके
- 3:31:53पास चैलेंज है कि आप कैसा एनवायरमेंट इनके
- 3:31:56सामने रखते हैं कि अपना टारगेट सेट कर ले।
- 3:32:02इसमें चैलेंज दो-तीन आते हैं। मान लो बाय
- 3:32:05चांस एक ऐसे परिवार का बच्चा है या एक ऐसे
- 3:32:11फैमिली में रह रहा है जहां पे बातें
- 3:32:14सुनसुन के पापा मम्मी की या फिर आसपास कि
- 3:32:16उसने अपना टारगेट चूज़ कर लिया थोड़ा सा बड़ा
- 3:32:20और उसके लिए वो तो खुद खुद तो किसी भी हद
- 3:32:24तक जा सकता है। लेकिन उसको रोका जा रहा है
- 3:32:28कि नहीं बेटा इतना लिमिट क्रॉस करके नहीं
- 3:32:30मेहनत करते या कुछ भी करते या इतना नहीं
- 3:32:33सोचते होते
- 3:32:35तो
- 3:32:37एक लेवल इतना भी आ जाता है इन लोगों के
- 3:32:40दिमाग का कि यह इतना ज्यादा सोचते हैं कि
- 3:32:44डिप्रेशन लेवल तक बढ़ जाता है माइग्रेन की
- 3:32:47बहुत प्रॉब्लम पाई जाती है ऐसे बच्चों के
- 3:32:49अंदर सिर दर्द बहुत कंटीन्यूअसली होता है
- 3:32:52इनके अंदर क्योंकि यह अपने थॉट्स को रोक
- 3:32:55ही नहीं सकते तो जो जिस चीज के बारे में
- 3:32:57इन्होंने सोचना शुरू कर दिया है ना उनके
- 3:32:59बस की बात ही नहीं है उसको सोच बंद कर
- 3:33:01दें।
- 3:33:05बहुत अर्ली स्टेज में इस चीज को
- 3:33:06रिकॉग्नाइज करने के लिए आपको इतना सा
- 3:33:10नोटिस करना होगा कि जो पहला बच्चा था
- 3:33:14लिसनर वो किसी बात के ऊपर जिद कर रहा है
- 3:33:17तो आप उसको ऐसे ऊपर देखो कोको आ गई कोको आ
- 3:33:20गई। वो इतने में भी बकाई मारा जाएगा आपके।
- 3:33:22वो छोटी सी बात के ऊपर मतलब आपने टॉपिक
- 3:33:24चेंज कर दिया वह उसी में भी आपकी बात मान
- 3:33:26जाएगा। यह नहीं इसके दिमाग से नहीं जाएगा।
- 3:33:29इसने रात को 11:00 बजे आइसक्रीम लेनी है
- 3:33:31ना खानी है ना तो रात को 11:00 बजे खानी
- 3:33:33है। यह बोलेगा मुझे आइसक्रीम चाहिए कि
- 3:33:36दुकान बंद हो गई होगी बेटा। अब तो बहुत
- 3:33:38नहीं चाहिए। चाहिए नहीं लेके आनी है। अब
- 3:33:41दुकान बंद हो गया। नहीं अंकल के घर जाकर
- 3:33:43खुलवाओ। मतलब चाहे जैसे मर्जी आप आइसक्रीम
- 3:33:45उसको दिलाओ। अब पापा को गुस्सा आ गया।
- 3:33:48इतना सारा चीज सुन के चपेड़ लगा दिया। सो
- 3:33:50गया। उठते ही फिर पहला शब्द भी आइसक्रीम
- 3:33:53ही होएगा। आज खिलाओगे ना आइसक्रीम? आज तो
- 3:33:56दोगे ना? मतलब यह नहीं भूल सकते उस चीज
- 3:33:59को। बहुत अर्ली स्टेज इससे भी छोटी उम्र
- 3:34:02में अगर होता है तो आमतौर पे इनकी
- 3:34:05टेंडेंसी होती है कि मतलब जिद करेंगे, नोच
- 3:34:10डालेंगे, धरती में गिर जाएंगे, पढ़ के
- 3:34:12मतलब इधर-उधर ड्रामा मतलब पूरा घिंडाएंगे।
- 3:34:15फिर बच्चा नेचुरली देखते हैं कि अपने
- 3:34:18लिमिट्स चेक करता रहता है। बच्चा यह देखता
- 3:34:21है घर में अगर दादा-दादी भी हैं दूसरे
- 3:34:23कमरे में और अगर उसको एक दो बार दादा
- 3:34:26बचाने आ जाते हैं दादी तो फिर और जोर से
- 3:34:29चिल्लाएगा मतलब ना जितना आमतौर पर रोता है
- 3:34:31उससे ज्यादा चिल्लाएगा कि आओ मेरे को देखो
- 3:34:33मेरे साथ क्या हो रहा है लाइक काइंड ऑफ
- 3:34:35लेकिन इसका पर्पस यही होगा कि जो दिमाग
- 3:34:38में एक बार आ गया था मुझे वो पूरा करना ही
- 3:34:41करना है। इसका मतलब क्या हुआ कि पेरेंट्स
- 3:34:44और टीचर्स के लिए ऐसे बच्चों के लिए सिर्फ
- 3:34:47एक ही काम है कि अर्ली स्टेज में पता लगा
- 3:34:51लो और पता लगा के वो एनवायरमेंट क्रिएट कर
- 3:34:54दो कि अपना टारगेट सेट कर ले। यानी कि अब
- 3:34:58हमारे पास तो जब यह सेशन खत्म हो जाएगा तब
- 3:35:00तो उसकी एक्टिविटीज को देख के आपको यह भी
- 3:35:02मालूम पड़ जाएगा कि उस बच्चे का रियल
- 3:35:05टैलेंट किस तरफ है। तो फिर और अच्छा हो
- 3:35:08जाएगा कि मां-बाप और टीचर्स लग के बस उसको
- 3:35:10उन बातों की तरफ इशारा करते रहें। इशारा
- 3:35:14करते रहें क्योंकि इनकी दिक्कत क्या है?
- 3:35:16इनको आप इशारों में तो बता दो तो ठीक है।
- 3:35:19अगर सीधा कह दिया कि तुमने हमारे हिसाब से
- 3:35:21चलना है तब यह पक्का नहीं चलेंगे। क्योंकि
- 3:35:24मेरे पास जो काउंसलिंग में आते हैं बहुत
- 3:35:26सारे पेरेंट्स उसमें बच्चों के साथ में
- 3:35:29ऐसी दिक्कत बहुत पाई गई। बहुत मतलब
- 3:35:33मोर देन 80% केसेस में ऐसा पाया गया कि
- 3:35:36बच्चा वो काम करने के कैपेबल था करने के
- 3:35:39लिए। उसमें कोई दिक्कत नहीं थी। मतलब बट
- 3:35:42वो काम इसलिए नहीं कर रहा था क्योंकि मेरे
- 3:35:45पापा मुझे रोज टोकते थे कि तू पढ़ता नहीं
- 3:35:48तू करता नहीं। कि अब इसने टोक दिया ना कि
- 3:35:50जाकर पढ़ लेना। बस वो पढ़ नहीं उठने ही
- 3:35:53वाला। कहता मैं उठने ही वाला था पढ़ने के
- 3:35:55लिए। इतने में पापा आ गए। तू तू नंबर
- 3:35:57कितने आए तेरे? पढ़ता फिरता कुछ नहीं है।
- 3:35:59चल जाके पढ़ ले। अब उसने सोचा अब तो
- 3:36:01बिल्कुल नहीं पढूंगा।
- 3:36:04समझ रहे हैं ना आप? मतलब इनको हम ऐसा भी
- 3:36:07कहते हैं कि इनकी गरारी फंस गई ना एक बार
- 3:36:10तो फिर नहीं निकलती। जिस बात पर अटक गए उस
- 3:36:14बात पर यह अटक गए। ऐसे बच्चों को आप ना ही
- 3:36:19तो प्यार से समझा सकते ना ही आप इनको समझा
- 3:36:23सकते। मतलब आप समझा नहीं सकते। कहने का
- 3:36:26मतलब है आप इनके साथ आर्गुमेंट करना शुरू
- 3:36:28कीजिए। आप सुबह से ले रात और रात से ले
- 3:36:30सुबह तक आर्गुममेंट कर सकता है यह बच्चा
- 3:36:33विदाउट एनी कंक्लूजन।
- 3:36:39तो इसका मतलब किसी जगह पर नहीं पहुंच
- 3:36:41पाएंगे आप इससे आर्गुममेंट करके।
- 3:36:49फिर इसका क्या सशन होगा? पहचान लीजिए और
- 3:36:53अपने आप को इतना स्मार्ट अगर आप बना सकते
- 3:36:56हैं कि यह आपको फॉलो करने लायक समझने लग
- 3:37:00जाए देन एंड ओनली देन यू कैन मोटिवेट हिम।
- 3:37:07अदरवाइज यह बच्चे कई बार उस क्लास टीचर की
- 3:37:11बात बिल्कुल नहीं मानते जिसको इन्होंने
- 3:37:14रिजेक्ट कर दिया जो इनसे जबरदस्ती करवाना
- 3:37:17चाहती है जो डांट के करवाना चाहते हैं जो
- 3:37:20इंस्ट्रक्शंस देकर करवाना चाहते हैं। यह
- 3:37:22देखिए कितना क्लियर होता जाएगा। लिसनर
- 3:37:25पर्सनालिटी को आपको क्लियर इंस्ट्रक्शंस
- 3:37:27देनी पड़ेंगी। एफिशिएंट को आप क्लियरली
- 3:37:31नहीं बोल सकते।
- 3:37:34इनको मोटिवेटेड इंस्ट्रक्शंस देनी पड़गी।
- 3:37:37सो मतलब क्या है कि क्लास में
- 3:37:42जितना हो सके अगर डांटना हो तो लिसनर्स का
- 3:37:46नाम ले डांट लो।
- 3:37:49एफिशिएंट का नाम ले डांट दिया तो उल्टी
- 3:37:51पड़ जाएगी।
- 3:37:53उसको अगर डांटना भी है तो बहुत स्मार्टली
- 3:37:56डांटना पड़ेगा। उसे लगना नहीं चाहिए कि
- 3:37:57मुझे डांटा जा रहा है। दिस इज द ओनली वे
- 3:38:00कि आप उसके साथ कनेक्टेड रह सकते हो। और
- 3:38:02यह आपको यह ज्यादा इस तरह का जो बिहेवियर
- 3:38:06है यह आपको क्लास में क्लास नाइंथ के बाद
- 3:38:09ज्यादा दिखना शुरू हो जाता है क्योंकि तब
- 3:38:11वो थोड़े से लंबे भी बड़े भी हो जाते हैं
- 3:38:14और उनको थोड़ा सा लग भी जाता है कि अब
- 3:38:16हमारे अंदर ताकत भी आ गई है। तो यह तब वो
- 3:38:19बिल्कुल आंख में आंख डाल के फिर मतलब पहले
- 3:38:22क्लास में ना जब आप अपना दौर याद करेंगे
- 3:38:25जब हम मैं याद है मुझे जब हम पढ़ते थे ना
- 3:38:27स्कूल में तो कुछ बच्चे ऐसे होते थे कि
- 3:38:30टीचर ने देख लिया कि किस-किस को शरारत
- 3:38:33कौन-कौन कर रहा है और पकड़ लिए अब जो वो
- 3:38:35लिसनर्स हैं उनमें और इनमें क्या फर्क
- 3:38:38होता है? यह टीचर के सामने ऐसे करके रखते
- 3:38:40होते थे। ले मार ले जितने मारने हैं। होते
- 3:38:42थे ना ऐसे बच्चे बस अपन ऐसे हाथ कर लिया।
- 3:38:45दोनों में से जो से जिगर है उस पर मार लो।
- 3:38:48और वो जो लिसनर है वह बैठा-बठा कांप रहा
- 3:38:50होता था। मतलब इसको कुछ नहीं हो रहा है
- 3:38:52लेकिन वह बैठा हुआ कांप रहा है कि इसके
- 3:38:53बाद मेरा नंबर आने वाला है। इस यह सोच
- 3:38:56करके जबकि उसने गलती भी नहीं करी होती
- 3:38:58बेचारे ने।
- 3:39:00यानी अगर उसको डांटना है लिसनर को मैंने
- 3:39:03कहा लिसनर को डांटने से कभी फर्क नहीं
- 3:39:05पड़ेगा। उसको 5 मिनट के बाद वह भूल जाएगा।
- 3:39:08और उसके अंदर सच में अगर उसको आपने कुछ
- 3:39:10रियलाइज कराना है तो किसी दूसरे को बोल
- 3:39:13दो। जैसे मैं आपको एग्जांपल दे रहा था।
- 3:39:15मेरा बेटा यशस्वी ही इज़ आल्सो अ लिसनर
- 3:39:17पर्सनालिटी। तो उसको जब मैंने काम करने के
- 3:39:20लिए बोलना होता था, मोटिवेट करना होता था
- 3:39:22कि तू होमवर्क कर ले। छोटा था तो कई बार
- 3:39:24बोलना होता था तो आई नेवर यूज्ड टू से हिम
- 3:39:27कि तुम काम कर लो। मैं बोलता पूनम तेरा
- 3:39:29होमवर्क हो गया। वो कहती नहीं मेरा रहता
- 3:39:31है बस मैं अभी यह काम करके खत्म करूंगी।
- 3:39:34कहा मेरा तो हो गया। और बेटा अपने आप उठकर
- 3:39:36अपना होमवर्क शुरू कर देता था।
- 3:39:39समझ रहे हैं पॉइंट आप? क्योंकि उसको लगता
- 3:39:41था कि अब अगली अगला जो लॉजिक टॉपिक आएगा
- 3:39:43ना वो मेरा आएगा। मेरे को बोलेंगे और उसको
- 3:39:45जरूरत ही नहीं थी कुछ भी कहने की। वो अपने
- 3:39:47आप कर लेता था। यानी उसके सामने दो आदमी
- 3:39:51काम कर रहे हैं। उसका वो काम करने का मन
- 3:39:53कर जाएगा। फिर वो चाहे दारू पीनी हो चाहे
- 3:39:56सिगरेट पीनी हो चाहे होमवर्क करना हो। इट
- 3:39:59हार् उसके लिए बुरा अच्छा कुछ नहीं है।
- 3:40:01उसके लिए सिंपल इतना फंडा है कि उसको
- 3:40:03इनपुट क्या मिल रही है। तो वह वैसा ही
- 3:40:05करने का मन कर जाएगा। इस वाले के सामने
- 3:40:08कोई कुछ ही करता रहे। इसने खुद करना है तो
- 3:40:11करना है। अपन किसी के कहने से नहीं
- 3:40:14करेंगे।
- 3:40:17क्लियर हुआ ना आपको कि सिर्फ आइडेंटिफाई
- 3:40:20करने से ही बहुत सारी प्रॉब्लम्स सॉल्यूशन
- 3:40:23के तौर पर दिखनी शुरू हो जाती हैं। एकदम
- 3:40:25से
- 3:40:27इनके अंदर मेहनत करने की कोई कमी नहीं
- 3:40:30होती।
- 3:40:31मतलब जितना मर्जी मेहनत करवा लो इनसे।
- 3:40:34आमतौर पर इनका बहुत हाई कैपेसिटी ब्रेन
- 3:40:37होता है। आमतौर पर एफिशिएंट क्या जो अगर
- 3:40:40हम आगे एक वर्ड आएगा जिसको हम बाद में
- 3:40:42डिस्कस करेंगे जिसको हम रिच काउंट बोलते
- 3:40:44हैं जो बेसिकली न्यूरॉन्स के नंबर के साथ
- 3:40:48डायरेक्टली प्रोपोर्शनल होता है। उस वो
- 3:40:51बहुत हाई होता है। जिसका मतलब यह है कि
- 3:40:54इनको मल्टीटास्किंग आराम से करवाई जा सकती
- 3:40:56है। मैक्सिमम टाइम्स ऐसा होता है। कि ये
- 3:40:58तीन-चार काम करके ही खुश होते हैं। ऐसे
- 3:41:00लोग जो इस तरह के गुस्सैल होते हैं या
- 3:41:03जिद्दी जिनको हम कहते हैं। बहुत सारे लोग
- 3:41:04इनको जिद्दी बच्चे के तौर पर जानते हैं कि
- 3:41:06यह इसने यह बहुत जिद्दी है। अब यह नहीं
- 3:41:09मानेगा। लिसनर की ज़िद मैंने बताया उसकी
- 3:41:13अपनी कोई जिद्द नहीं होती। वह दो एफिशिएंट
- 3:41:16के घर चला गया अगर दिन में, तो शाम को घर
- 3:41:18आके उन्हीं की तरह बिहेव करने की कोशिश
- 3:41:20करेगा। उसके बापू ने एक बार आंख दिखा दी,
- 3:41:22तो सेट हो जाएगा उसी टाइम। लेकिन, अगर
- 3:41:25उसको यह कहना शुरू कर दिया कि तू जिद्दी
- 3:41:27हो गया है तो वह और ज्यादा होता चला
- 3:41:29जाएगा। इतना फर्क है। इनको आप रोक नहीं
- 3:41:31सकते। उसके बिहेवियर को आप यू कैन कंट्रोल
- 3:41:34सीधी इंस्ट्रक्शंस दे के। क्लियर?
- 3:41:38यह इतने डायरेक्ट होते हैं। मतलब देखिए
- 3:41:40इन्होंने डिसीजन लेने में ज्यादा टाइम यह
- 3:41:42नहीं लिया करते कि किसी का साथ देना है कि
- 3:41:45नहीं देना है। लेकिन यह फिर इतने डायरेक्ट
- 3:41:48होते हैं कि सीधा अगले वाले के मुंह पे
- 3:41:50बोल देते हैं। और उसको बुरा भी लग सकता
- 3:41:52है। बिकॉज़ दे आर प्रैक्टिकल पर्संस।
- 3:41:54इमोशनल बेसिस पर डिसीजन नहीं लेते।
- 3:41:57प्रैक्टिकल बेसिस पर ही लेते हैं। इसीलिए
- 3:41:59सामने वाले को गुस्सा भी आ सकता है। अगर
- 3:42:01ज्यादा सीधे जो मन में आया वही बोल दिया
- 3:42:04तो और अर्ली स्टेजेस में ऐसा कई बार होता
- 3:42:07है इनके साथ कि ये कर जाते हैं। इनको हम
- 3:42:10नेचुरल अचीवर इसलिए बोलते हैं वो मैं
- 3:42:12ऑलरेडी बता चुका कि जिस चीज को अचीव करने
- 3:42:15का टारगेट एक बार यह सेट कर लेंगे वह फिर
- 3:42:18इनसे ज्यादा दिनों तक दूर नहीं रह पाएगी।
- 3:42:21दिक्कत यह है
- 3:42:25कि इनको
- 3:42:27उसके बाद एक नया टारगेट फिर लेना ही लेना
- 3:42:31होता है। मतलब यह अपनी पूरी जिंदगी टारगेट
- 3:42:33बेस चलते हैं। घर में अगर एफिशिएंट
- 3:42:37हस्बैंड है तो उसको अगर पानी मांग लिया है
- 3:42:41और 2 मिनट में पानी के लिए कारवाई शुरू
- 3:42:43नहीं हुई है तो गुस्सा हो सकता है। साथ के
- 3:42:46साथ बेटे को बोला है पानी लाने के लिए और
- 3:42:49वह नहीं उठा तो चपेट भी लग सकता है। मतलब
- 3:42:52यहां तक हो सकता है कि साथ के साथ उठा
- 3:42:54नहीं। देखो क्या बोला मैंने
- 3:42:57इस तरह का क्योंकि उनको एकदम टारगेट उसके
- 3:43:00बाद अगला है कि पानी पीने के बाद मुझे यह
- 3:43:02करना है तो पानी नहीं होगा तो वो नहीं
- 3:43:04होगा मतलब बेसिकली वो बेसिक फंडा यह है
- 3:43:06उसके पीछे कि उनको अभी चाहिए अभी चाहिए
- 3:43:10मतलब अभी चाहिए क्योंकि उसको वो करके एक
- 3:43:11अगला टारगेट भी अचीव करना है तो यह लाइफ
- 3:43:14को भी ऐसे ही जीते रहते हैं एक टारगेट
- 3:43:16दूसरा टारगेट तीसरा टारगेट जहां वो एक
- 3:43:18पर्सनालिटी ऐसी थी लिसनर वो मस्त जी रही
- 3:43:21है कोई टारगेट नहीं है भाई ठीक चल रहा है
- 3:43:22जो चल रहा है मस्त चेंज होना नहीं चाहिए
- 3:43:24जाइए जो चल रहा है बढ़िया चल रहा है और यह
- 3:43:27है कि इसको एक के बाद अगली सीढ़ी चढ़ते
- 3:43:30जाना है तो इनको बाद में आमतौर पे
- 3:43:36डिप्रेशन से जुड़ी हुई दिमाग की सिर दर्द
- 3:43:38की बीमारियां के चांसेस होते हैं और उसका
- 3:43:41एकमात्र स्यूशन है कि बहुत अर्ली स्टेज
- 3:43:44में ऐसे बच्चों को यह बता दिया जाए कि
- 3:43:47तेरे अंदर यह नेचुरल है जो तुम इस तरह
- 3:43:50करते हो यह लेटर ऑन जो है इसका यह रूप
- 3:43:54होने वाला वाला है और थोड़ा सा अ
- 3:43:58कंसंट्रेटेड
- 3:43:59कंसंट्रेशन लेवल थोड़ा इनका बढ़ाने का
- 3:44:01एकमात्र तरीका है कि इनको रीडिंग की हैबिट
- 3:44:04डाली जाए। बेसिकली जितना ये पढ़ेंगे ना
- 3:44:07रीडिंग मतलब इट्स नॉट जो उनको पसंद है।
- 3:44:10आमतौर पे इनको ना मारधाड़ वाली फिल्में ही
- 3:44:12पसंद होती हैं। मतलब फौजियों की या फिर
- 3:44:18एडवेंचरस थोड़ी सी जेम्स बॉन्ड फेवरेट
- 3:44:21मतलब इनका होता है इस टाइप का। इसी टाइप
- 3:44:23के कैरेक्टर्स मतलब और तो
- 3:44:28इनको पढ़ने की आदत डाल देंगे तो थोड़ा
- 3:44:30विज़डम जब डेवलप होगा या थोड़ा सा अभी उनको
- 3:44:33समझ में आएगा कि लाइफ क्या होती है? मैं
- 3:44:35कैसे सोचता हूं और बहुत सारे लोग हैं ऐसे
- 3:44:38और वो एक्सेप्ट कर लेगा
- 3:44:41क्योंकि अगर दिमाग में यह आ गया ना कि मैं
- 3:44:43ही सही हूं। इनके प्रॉब्लम है कि इनको
- 3:44:46लगता है कि मैं ही सही हूं। मेरे अलावा और
- 3:44:49किसी के पास लॉजिक नहीं है अपनी बात का।
- 3:44:51बिकॉज़ मेरे पास एग्जैक्ट लॉजिक है। और मान
- 3:44:54लो हस्बैंड वाइफ दोनों ही एफिशिएंट हो जाए
- 3:44:56तो मुझे नहीं लगता 6 महीने इसके बाद मतलब
- 3:44:59उनके अंदर कभी भी प्रेम जाग पाएगा।
- 3:45:02[हंसी]
- 3:45:04ये कपल कंपैटिबिलिटी में हम देखते हैं।
- 3:45:07मेरे पास जैसे एक बार एक
- 3:45:10कपल आया था तो देखा उसके दोनों बेटे जो
- 3:45:13हैं वो एफिशिएंट मिले मुझे। तो मैंने कहा
- 3:45:16भाई साहब मुझे यह देखना है आप दोनों में
- 3:45:17से कौन से वाले से क्योंकि जेनेटिक होता
- 3:45:19है तो मैंने आप दोनों का भी टेस्ट करना
- 3:45:21है। तो हमने उनके उसकी मम्मी का और पापा
- 3:45:24का दोनों का टेस्ट करा तो वो भी एफिशिएंट
- 3:45:27थे। चारों एफिशिएंट घर में तो मतलब अब वो
- 3:45:30बच्चा एक इंजीनियरिंग कर रहा है। दूसरा
- 3:45:34किसी कंपनी में जॉब कर रहा है और वो मैंने
- 3:45:37कहा आप लोग चारों एक ही घर में रहते हो।
- 3:45:39दिस वाज़ माय फर्स्ट क्वेश्चन। मतलब जब
- 3:45:42मैंने उनकी रिपोर्ट देखी और चारों
- 3:45:44एफिशिएंट देखे 100% सेल्फ कॉग्निटिव आगे
- 3:45:46एक वर्ड आएगा। मैं जब वो वो कॉम्बिनेशन
- 3:45:49देखा तो मैंने सबसे पहले यह कहा भाई साहब
- 3:45:52भाई साहब इसलिए बोला था क्योंकि वो नोन
- 3:45:54थे। मैंने कहा भाई साहब आई सैल्यूट यू कि
- 3:45:56आप चारों आदमी एक घर में रहते हो। बिकॉज़
- 3:46:00मेरा एक्सपीरियंस यह कहता है कि आप चार
- 3:46:02लोग एक घर में नहीं रह सकते। किसी हालत
- 3:46:04में नहीं रह सकते। आई डोंट नो आप रहते
- 3:46:07कैसे हो।
- 3:46:09एंड देन ही एक्सप्लेंड
- 3:46:13ही एक्सप्लेंड और उनका एक्सप्लेनेशन क्या
- 3:46:16था कि भाई साहब हम चार लोग हैं। हम चारों
- 3:46:19में से कोई भी एक बाकी तीनों की शक्ल भी
- 3:46:22देख के राजी नहीं है सुबह शाम। ऐसा नहीं
- 3:46:24है कि हम खुशी-खुशी रहते हैं। हमारे पास
- 3:46:26अल्टरनेट्स नहीं है। अल्टरनेटिव होते मेरा
- 3:46:29बेटा घर छोड़ के 10वीं के बाद बाहर रह के
- 3:46:31ही पड़ा है। दूसरे वाला भी कोशिश करता है
- 3:46:34बाहर ही रहूं। वाइफ अलग से नौकरी करती है
- 3:46:36तो हम मैक्सिमम टाइम ऐसे टाइम पर आते जाते
- 3:46:38हैं कि सामना सामना ना ही हो तो बेटर है।
- 3:46:42यह उनके वर्ड्स थे जो उन्होंने खुद
- 3:46:44एक्सप्लेन किए कि घर में शांति रखने के
- 3:46:47लिए और कोई ऑप्शन नहीं है। बिकॉज़ वो बहस
- 3:46:49करने से हट ही नहीं सकते। इनको आदत होती
- 3:46:53है बल्कि सामने वाले को प्रवोक करने की।
- 3:46:56ऐसा उल्टा बोलेंगे ना जान के कि सामने
- 3:46:58वाला उल्टा जुबान से बोले। बोले तो फिर ये
- 3:47:01अच्छा तूने ऐसे बोला था। फिर उसको पकड़ के
- 3:47:03बैठे कि यह वाला वर्ड जो था ना तूने बोला
- 3:47:05था काइंड ऑफ
- 3:47:09क्योंकि इनके अंदर मैक्सिमम टाइम ऐसा होता
- 3:47:12है मैं मैं मैक्सिमम टाइम इसलिए बोल रहा
- 3:47:14हूं क्योंकि कुछ एफिशिएंट ऐसे भी होते हैं
- 3:47:17जो ऐसा बिहेवियर नहीं शो करते इसलिए
- 3:47:19मैक्सिमम बोल रहा हूं वो उसका रीजन होता
- 3:47:21है वो मैं एक्सप्लेन लास्ट में करूंगा
- 3:47:22कंप्लीट जब हम इसको पूरे को ओवरऑल देखेंगे
- 3:47:25तो फिर उसको लास्ट में एक्सप्लेन करूंगा
- 3:47:26वो क्यों नहीं होता तो ज्यादातर जो
- 3:47:28एफिशिएंट जो लोग होते हैं उनका मैंने
- 3:47:30बताया रिच काउंट हाई होता एनर्जी लेवल हाई
- 3:47:33होता है। कहने का मतलब अगर वो लोग एक ही
- 3:47:36काम कर रहे हैं सुबह से शाम तक
- 3:47:40गए 9:00 से पांच की कोई जॉब कर रहे हैं तो
- 3:47:43उनके घर में प्रॉब्लम होनी तय है। उसको और
- 3:47:47तीन-चार काम करने पड़ेंगे अगर घर में
- 3:47:49शांति रखनी है तो फिर चाहे प्रॉपर्टी
- 3:47:51डीलिंग करे फिर चाहे घर जाकर के ट्यूशन
- 3:47:53में पढ़ाए फिर घर जाकर चाहे कुछ भी करे
- 3:47:55मतलब ही नीड टू कीप हिमसेल्फ वेरी बिजी
- 3:47:59मतलब उसको टाइम नहीं होना चाहिए। बच्चे का
- 3:48:02भी यही एक ऑप्शन है। मतलब अगर घर में
- 3:48:05एफिशिएंट बच्चा आ जाए तो उसके लिए घर में
- 3:48:08कभी भी इस शब्द का इस्तेमाल नहीं होना
- 3:48:10चाहिए कि तू थक गया होगा तू सो जा।
- 3:48:15इस बच्चे को कभी मत सुलाओ। यह सोएगा ही
- 3:48:18नहीं दोपहर में। यह बैठेगा ही नहीं। यह या
- 3:48:21तो सो रहा है या चल या दौड़ रहा है। मतलब
- 3:48:23एक तरह से आप यह भी कह सकते हो। मतलब इस
- 3:48:25तरह के जो बच्चों में खासियत क्या है कि
- 3:48:27उनके पास एनर्जी लेवल बहुत ज्यादा होता
- 3:48:29है। तो कीप देम मतलब एक्स्ट्रा बिजी मैं
- 3:48:33कहूंगा कि आपके पास जरूरत से ज्यादा काम
- 3:48:36है ना वो भी उनको दो। यह भी कराओ, वो भी
- 3:48:39कराओ, यह भी कराओ, वो भी यह सब कराओ उनसे।
- 3:48:42यह इनको शांत रखने का सिर्फ एक यही तरीका
- 3:48:45है। और कोई तरीका नहीं है। समझा के शांत
- 3:48:48नहीं रख सकते। कह के नहीं बिठा सकते। आप
- 3:48:50समझा ही नहीं सकते। बिकॉज़ दे हैव देर ओन
- 3:48:52लॉजिक्स।
- 3:48:59गॉट गॉट इट पॉइंट क्लियर हुआ ना मैं जिस
- 3:49:03लॉजिक पे जा रहा था
- 3:49:05तो इनसे जुड़े हुए सवाल अगर दिमाग में आ
- 3:49:08रहे हैं तो आप नोट कर लीजिए तब तक मैं
- 3:49:09नेक्स्ट पॉइंट पे आगे चलता हूं। आप नोट
- 3:49:12डाउन कर लीजिए। अगर ऐसा कुछ ऐसा कोई बंदा
- 3:49:14दिख रहा हो ना घर में आसपास
- 3:49:18नजर तो आ ही गया होगा आपको कौन है। इनकी
- 3:49:21परसेंटेज होती है करीब करीब
- 3:49:247 से लेकर 10% मतलब कितने भी हो सकती है 8
- 3:49:276 7 डिपेंडिंग अपॉन द पापुलेशन
- 3:49:33दो चीजें कॉमन है लिसनर में और सॉरी
- 3:49:37आइडलिस्ट में और एफिशिएंट में
- 3:49:40एक चीज मतलब बेसिकली वो यह है कि जो
- 3:49:43एफिशिएंट है उसको आप कुछ बात बता रहे हो
- 3:49:45ना जैसे कुछ बताने लगे फॉर एग्जांपल तो वो
- 3:49:49ऐसे बिहेव करेगा वो इस तरह से बिहेव करेगा
- 3:49:51जैसे ना मतलब ऐसे देख रहा है बिल्कुल एक
- 3:49:53टकी लगा के आपको पता ही नहीं चलेगा इसको
- 3:49:56बात समझ आ रही है कि नहीं आ रही है। यह
- 3:49:58हां कहना चाह रहा है कि ना कहना चाह रहा
- 3:50:00है। हां हां बोलो हां बोल बोल मतलब ऐसे
- 3:50:04भाई बोलता जाओ फिर बाद में डिसीजन देंगे
- 3:50:06फाइनल तो ऐसे डर लगा रहता है यार पता नहीं
- 3:50:08क्या सोचेगा ये बाद में जैसे हम आमतौर पे
- 3:50:11क्या करते हैं कि बात सुन के किसी के हंसी
- 3:50:13आ गई किसी के गुस्सा चेहरे पर दिख जाएगा
- 3:50:16कि समझ आ रही है कि नहीं आ रही इनके नहीं
- 3:50:18दिखेगा इनके लास्ट में ही आएगा फिर जो बम
- 3:50:19फूटेगा ना बाद में फूटेगा
- 3:50:25थर्ड जो पर्सनालिटी हम डिस्कस करेंगे वह
- 3:50:28है आइडलिस्ट।
- 3:50:30नाम से भी वैसे आइडियलिस्ट झलक रहा है
- 3:50:32लेकिन मैंने शुरू में ही कहा था कि नामों
- 3:50:35पर मत जाइएगा नहीं तो फिर आप लिसनर को
- 3:50:37लिसनर समझने लग जाएंगे।
- 3:50:42जो आइडलिस्ट लोग हैं ऐसे लोगों को हम
- 3:50:44बेसिकली परफेक्शन सीकिंग और परफेक्शनिस्ट
- 3:50:48बच्चों के तौर पर जानते हैं। मतलब इनका
- 3:50:50अगर आप अपना कमरा देख लोगे या इनकी आप
- 3:50:53टेबल देख लोगे ना मतलब एक-एक चीज ऐसे
- 3:50:55सलीके से
- 3:50:57घर में चाहे शेलफ में इनके कपड़े हो चाहे
- 3:51:01घर में मतलब पोचे वाली आ जाए तो समझ लो
- 3:51:03उसकी शामत आ गई ऐसे लोगों के घर में ना
- 3:51:07समझ रहे हैं आप इनके घर में कोई कुछ काम
- 3:51:09करने आ जाए तो सब ऐसे कहेगी जैसे इसको काम
- 3:51:12ही नहीं आता करना मतलब दे आर बेसिकली
- 3:51:14आइडलिस्ट
- 3:51:16ओवर मोरलिस्ट होते हैं यह लोग बेसिकली हर
- 3:51:19चीज को परफेक्शन से करना चाहते हैं और
- 3:51:22सामने वाले में भी परफेक्शन ही ढूंढते हैं
- 3:51:26जी क्या
- 3:51:29उसी में सारे क्लशेस होते हैं क्योंकि ना
- 3:51:32इनकी दिक्कत क्या है इनको क्योंकि ये इनका
- 3:51:36जो एनालिसिस है किसी को भी देखने का पहली
- 3:51:39बार जब ये किसी को भी देखते हैं या कुछ भी
- 3:51:41करते हैं तो सबसे पहला एनालिसिस क्रिटिकल
- 3:51:44होता है। इसको आप ऐसे भी कह सकते हो कि
- 3:51:46कमी ढूंढने वाला मतलब इनको हर किसी में
- 3:51:49कमियां ही दिखती है। किसी की बड़ा कर दी
- 3:51:52ना अगर समझ लो तो मतलब वो भगवान के बराबर
- 3:51:56मान लो उस आदमी को जिसकी ये बड़ा कर दें।
- 3:51:59[हंसी]
- 3:52:04यह लोग
- 3:52:07रीजन बीइंग कि इनको अच्छाई दिख तो जाती है
- 3:52:12लेकिन पहले
- 3:52:14पहले बुराई दिखती है यानी कहने का मतलब
- 3:52:16क्या है ऐसे बच्चों के ऐसे टीचर अगर हो
- 3:52:19जाए मान लो मान लो ऐसा टीचर हो जाए और
- 3:52:21उसके सामने मैम फेयर कर लेना यह तो कोई
- 3:52:24चक्कर नहीं जो भी है पता लग ही रहा है
- 3:52:26चेहरों से मुझे कौन-कौन अपने आप को महसूस
- 3:52:28कर रहा है [हंसी]
- 3:52:31ठीक है? तो बेसिकली हम बच्चों की तरफ फोकस
- 3:52:34करना। अपना मैंने शुरू में ही कहा था कि
- 3:52:36अपने आप को मत एनालाइज करने लग जाइएगा। वो
- 3:52:39एनालिसिस गड़बड़ हो सकता है। अब ऐसे
- 3:52:42टीचर्स के सामने लिसनर मान लो लिसनर टीचर
- 3:52:45है। मैं आपको देखो फर्क बता रहा हूं।
- 3:52:46बिकॉज़ यह काम करने का तरीका आपके बच्चे
- 3:52:49में भी यही होगा। आपको सोसाइटी में ऐसे ही
- 3:52:51लोग मिलेंगे। आप कॉपी लेकर गए। लिसनर के
- 3:52:55सामने कॉपी लेकर गए। वह पूरा पड़ेगा।
- 3:52:59एक-एक कमी को छांटेगा।
- 3:53:02ठीक है? आप एफिशिएंट के सामने कॉपी लेकर
- 3:53:05गए। एफिशिएंट ने अगर कह रखा था कि जिद
- 3:53:08चढ़ाकर लानी है और बाय चांस वो कवर करके
- 3:53:10नहीं लाया तो पहले कॉपी को देखते चल जा
- 3:53:12बाद में। मतलब आगे देखेगा ही नहीं। वो उसी
- 3:53:14चीज पे फोकस है कि जो कह रखा है उसको मान
- 3:53:16रहा है कि नहीं मान रहा। यह एफिशिएंट की
- 3:53:18खासियत। आइडियलिस्ट का क्या है?
- 3:53:20आइडियलिस्ट के सामने कॉपी लेके जाओ। जाते
- 3:53:22ही पहला राउंड पहले इसको ठीक कर ला। मतलब
- 3:53:25कुछ नहीं है। उनका पहली नजर सीधी ही उस
- 3:53:29जगह पर जाएगी जहां गड़बड़ है।
- 3:53:32बेसिकली ये क्योंकि जब हम देख रहे हैं
- 3:53:36किसी को तो हमारा दिमाग क्या करता है?
- 3:53:38हमारी आंखें जो जैसे मैंने इधर को देखा है
- 3:53:41तो मेरी आंखें इस चीज को भी देख रही है।
- 3:53:42इसको भी देख सारा पार्ट देख रही है ना एज
- 3:53:44अ होल। वह फोकस ही उस पे करती है जहां पे
- 3:53:48कहीं पे मिसिंग है चीज।
- 3:53:51तो यह किसी टीचर को इसलिए भी रिजेक्ट कर
- 3:53:53सकते हैं कि कोर्ट का बटन टूटा हुआ था।
- 3:53:57इसलिए भी रिजेक्ट कर सकते हैं कि जूते
- 3:53:59पॉलिश नहीं थे। इसलिए भी कर सकते हैं कि
- 3:54:01गंजा है कि चल यार गंजे की क्लास नहीं
- 3:54:04लानी। मतलब इट्स नॉट कि है तो मतलब
- 3:54:06मानिएगा मत। बुरा मत मानिएगा। बट ये मैं
- 3:54:08बच्चों की थॉट बता रहा हूं आपको कि वो
- 3:54:11मतलब इसलिए भी कि बोलता ही नहीं। बोलना तो
- 3:54:13आता नहीं उसको। जोर से बोलता है, कम बोलता
- 3:54:17है, स्पीड से बोलता है। किसी भी तरह से
- 3:54:19मतलब वो हम नहीं बता सकते कि वह किस लॉजिक
- 3:54:22पर आपको रिजेक्ट कर रहा है। एंड बिलीव मी
- 3:54:25अगर आइडलिस्ट बच्चा किसी सब्जेक्ट में
- 3:54:28कमजोर है। सीधा सा मतलब है कि टीचर को
- 3:54:30पसंद नहीं करता।
- 3:54:35जो आप में से आइडलिस्ट हैं, वह देख सकते
- 3:54:37हैं अपने आप का अपना बैकग्राउंड जाकर के
- 3:54:39कि वो उस टीचर की वजह से सब्जेक्ट को नहीं
- 3:54:42पढ़ेगा। उस बच्चे में कोई कमी नहीं है।
- 3:54:46क्योंकि आइडियलिस्ट और एफिशिएंट यह दो
- 3:54:48बच्चे दो पर्सनालिटीज ऐसी हैं जो आमतौर पर
- 3:54:51पूरी की पूरी इंडस्ट्री को पूरी सोसाइटी
- 3:54:54को पूरे सिस्टम को लीड करती हैं। बेसिकली
- 3:54:59पैदाइशी लीडर हैं ये दोनों पर्सनालिटी।
- 3:55:01अचीवर भी हैं, मेहनती भी हैं, सेल्फ
- 3:55:04मोटिवेटेड हैं, कैलकुलेटिव हैं। अपने आप
- 3:55:08में कितना ही करवा लो कोई दिक्कत नहीं है।
- 3:55:10लिमिट्स नहीं है इनकी दोनों पर्सनालिटीज
- 3:55:12की। समझ रहे हैं ना आप? जैसे लिसनर बंदा
- 3:55:15बैठ के पढ़ने लगेगा तो 15 मिनट में उसका
- 3:55:18ध्यान डिस्टर्ब होना ही होना है। उसे
- 3:55:21दूसरा बंदा चाहिए ही चाहिए मोटिवेट रखने
- 3:55:23के लिए। इन दोनों पर्सनालिटीज को नहीं
- 3:55:25चाहिए।
- 3:55:27इन दोनों को बीच में टोकने वाला नहीं
- 3:55:29चाहिए। यह अकेले रह के ज्यादा खुश हैं।
- 3:55:32अकेले पढ़ के ज्यादा खुश हैं। खुद मेहनत
- 3:55:34करके ज्यादा खुश हैं। इनको सिर्फ यह बता
- 3:55:36तो जैसे आप बताने लगोगे ना लिसनर को आप
- 3:55:39बताने लगोगे बिल जमा कराना है। पहले
- 3:55:41पूछेगा बिल कहां रखा है? पैसे किससे लेने
- 3:55:44हैं? कैसे जाऊं? साइकिल से जाऊं? ऑटो से
- 3:55:46जाऊं, बस से जाऊं? मतलब वो इतने सारे सवाल
- 3:55:48पूछेगा। और मम्मी वो खुद ही पूछेगा। आप
- 3:55:52बताने जा रहे हो उसको आपने थोड़ा बताया ना
- 3:55:55तो वो सवाल इतने पूछेगा। फिर मान लो बाय
- 3:55:57चांस एफिशिएंट को बताने लगो। ऐसा करना
- 3:56:00वहां पे ना बिजली का बिल रखा हुआ है और
- 3:56:02पैसे क्या करना है बिल जमा कराना है ना
- 3:56:04मैं करा दूंगा बात खत्म
- 3:56:07दिस दीज़ आर द डायलॉग्स बेसिकली
- 3:56:12जो एफिशिएंट और आइडियलिस्ट हैं इनको सीधा
- 3:56:15एक बात बोल दो यह काम करना है यह अपने आप
- 3:56:18कर लेंगे आपका काम है नहीं इससे आगे का
- 3:56:22इनको मोटिवेटेड करके एक बार एक जगह
- 3:56:24पहुंचने के लिए मोटिवेट कर दो बस कि वहां
- 3:56:26पहुंचना है उसके बाद यह साम दाम दंड भेद
- 3:56:29अपने आप अप्लाई करके कुछ भी कर लेंगे।
- 3:56:31मतलब यह बच्चा ऐसा है नहीं करता ऐसे भी कर
- 3:56:34सकता है। मम्मी प्लीज मम्मी प्लीज ऐसे भी
- 3:56:36कर सकता है। जैसा इनको चाहिए जो मतलब उनको
- 3:56:39चाहिए ना उसको हासिल करने के लिए इनको
- 3:56:42गाली देनी पड़े। इनको मारना पड़े इनको खुद
- 3:56:46को हर्ट करना पड़े। मतलब इस तरह के बच्चे
- 3:56:49आइडलिस्ट और एफिशिएंट। देखिए बिकॉज़ हम डील
- 3:56:53कर रहे हैं एज अ होल सारी प्रॉब्लम्स पर।
- 3:56:55मान लो एक प्रॉब्लम आ गई। सुसाइड की
- 3:56:57प्रॉब्लम आ गई। सुसाइडल प्रॉब्लम आ गई।
- 3:57:00ठीक है? एक आमतौर पर एक बहुत है सोसाइटी
- 3:57:02के अंदर। लिसनर बच्चा कभी नहीं करेगा। वो
- 3:57:07करेगा तो सिर्फ तब करेगा जब आसपास दो-तीन
- 3:57:11हो चुकी होंगी और लोग उसी पे बात कर रहे
- 3:57:16होंगे। तो उसको फील होने लग जाएगा कि मैं
- 3:57:18भी कर लेता हूं। जैसे इसीलिए हम कहते हैं
- 3:57:20आम तौर पे सोसाइटी में कहते जिक्र नहीं
- 3:57:21करना इन बातों का। हम रोकते हैं बिकॉज़ 85%
- 3:57:24पापुलेशन है इसी तरह की।
- 3:57:26आइडलिस्ट और एफिशिएंट कभी नहीं करेगा।
- 3:57:30सामने वाले को मजबूर कर देगा करने के लिए।
- 3:57:33खुद नहीं करेगा ये। समझ सकते हैं? और अगर
- 3:57:36यह खुद मान लो ऐसी हालत आ गई कि बस नहीं
- 3:57:39चल रहा। मान लो भाई घर में ना सबसे कमजोर
- 3:57:42प्राणी है या तो छोटा बच्चा है 10वीं में
- 3:57:44पढ़ता है या 11वीं में क्योंकि उसी टाइम
- 3:57:46पे ये फीलिंग आती है मरने मरने वाली ना
- 3:57:49नंबर नंबर केस में या फिर शादी होने के
- 3:57:52बाद पहले पांच चार साल में आती है ये वाली
- 3:57:54प्रॉब्लम्स कि मरने का जी करे वाला ठीक
- 3:57:58[हंसी]
- 3:58:01तो
- 3:58:03या फिर प्रेम में कोई मतलब पागल हो जाए तब
- 3:58:06आती है।
- 3:58:08ब्रेकअप हो जाता है तब आती है। यह ऐसे ही
- 3:58:10केसेस कुछ होते हैं। तो, यह जो
- 3:58:13पर्सनालिटीज़ हैं, वह जो लिसनर था, वह
- 3:58:16इसलिए करेगा कि उसे लगेगा अब दुनिया में
- 3:58:18कोई नहीं है हु कैन हेल्प मी। बिकॉज़ वह
- 3:58:20दूसरों को ढूंढ रहा है। उसको अगर सिर्फ
- 3:58:23सुनने वाला मिल जाए ना एक पूरी दुनिया
- 3:58:25में, कोई एक सुनने सुनने वाला। मतलब लाइक,
- 3:58:27अब मैं आपसे यह उम्मीद करूंगा कि बच्चा
- 3:58:30आपको एक पंचिंग बैक की तरह समझने लग जाए
- 3:58:33कि आए और अपने अंदर की सारी नेगेटिविटी
- 3:58:36आपको बता जाए। तो समझ लो वो बच्चा कभी
- 3:58:39जिंदगी में कुछ गलत नहीं करेगा अगर वो
- 3:58:41लिसनर है तो और एफिशिएंट और आइडलिस्ट
- 3:58:44दुकान पर जाकर अगर लेकर भी आएंगे तो किसी
- 3:58:47से नेट पर सर्च करेंगे कि कितना खाना
- 3:58:49चाहिए कि सिर्फ झाग आने चाहिए मरना नहीं
- 3:58:51चाहिए
- 3:58:53वो सबक सिखाने के लिए करना शुरू करते हैं
- 3:58:56बाय चांस कई बार डोज गलत लंबे थोड़ी
- 3:58:58ज्यादा हो जाती है तो वो बेचारे को वो मर
- 3:59:00जाता है अदरवाइज ये खुद से डिसीजन कभी
- 3:59:02नहीं लेते ऐसा मतलब जो आइडियलिस्ट है वो
- 3:59:05इतना कैलकुलेटिव होता है कि वह आपकी हर
- 3:59:08बात को कैलकुलेशन पे ही देखता है। उसका
- 3:59:11माइंड सारा कैलकुलेटिव होता है। आपके घर
- 3:59:14में ऐसा बच्चा होगा डेफिनेटली
- 3:59:18किसी के घर में होगा तो उसको पता चल जाएगा
- 3:59:20कि वो गाड़ी में बैठते ही या बाइक पर
- 3:59:23बैठते ही सबसे पहले मीटर की तरफ देखता है।
- 3:59:25कितने किलोमीटर चल चुकी है। गाड़ी कितने
- 3:59:28की स्पीड पर चल रही है। हो सकता है कि
- 3:59:32सारी पर्सनालिटीज देखना शुरू करें
- 3:59:34शुरू-शुर में। लेकिन लिसनर थोड़ी देर के
- 3:59:37बाद इस आदत को छोड़ देगा। एफिशिएंट भी
- 3:59:39छोड़ देगा। उसे याद रहेगा जाना कहां है
- 3:59:41सिर्फ। लेकिन आइडलिस्ट की यह लाइफ लॉन्ग
- 3:59:43पर्सिस्टेंस बड़ा हो गया है। टीचर बन गया
- 3:59:46है तो भी यही रहेगी कि इतने मतलब उससे अगर
- 3:59:49टाइम पूछोगे तो वो कभी नहीं कहेगा 10-15
- 3:59:51मिनट में आ रहा हूं। वो कहेगा 17 मिनट
- 3:59:53लगेंगे पहुंचने में। अगर ऐसा कोई आदमी है
- 3:59:56जो 17 मिनट 21 मिनट 19 मिनट बोल रहा है तो
- 3:59:59दैट मीन ही इज़ एन आइडलिस्ट पर्सनालिटी।
- 4:00:02क्लियर? मतलब वह इतना भी कैलकुलेट करता है
- 4:00:05के यह टाइम है। यहां से यहां जाना है।
- 4:00:08छुट्टी हो चुकी होगी स्कूलों की या कहीं
- 4:00:10की। इतना ट्रैफिक होगा। इस टाइम पर इतने
- 4:00:13मिनट लगेंगे मुझे एग्जैक्टली।
- 4:00:16यह तो आज चलो आपका ईटीए पता चल जाता है
- 4:00:18एटीस्टेड टाइम ऑफ अराइवल उससे Google से।
- 4:00:21अदरवाइज इनको पहले ही पता होता था। ये
- 4:00:24इतनी कैलकुलेशन खुद कर सकते थे। यहां तक
- 4:00:27कि मेरी गाड़ी की सर्विस कितने किलोमीटर
- 4:00:29पे हुई थी? कितने किलोमीटर टायर चल चुके
- 4:00:32हैं? कितने किलोमीटर मेरी गाड़ी का बाकी
- 4:00:34चीजें चल चुकी हैं। सब कुछ नंबर जहां भी
- 4:00:37इनवॉल्वड हैं। कितना हाउ मच? हाउ मेनी?
- 4:00:41दिस इज द मेन क्वेश्चन जिसके सवाल वह
- 4:00:44ढूंढते रहते हैं। बेसिकली यह एनालिसिस
- 4:00:47बहुत अच्छा करते हैं। यानी ये रिस्चर बहुत
- 4:00:50अल्टीमेट होते हैं। कहने का मतलब क्योंकि
- 4:00:52इनके दिमाग में कैलकुलेशंस कंटीन्यूअस
- 4:00:54चलती हैं। तो ये कंपैरिजन भी बहुत बढ़िया
- 4:00:57कर लेते हैं और इतना डेप्थ में एनालिसिस
- 4:01:00कर लेते हैं कि जितना आमतौर पर दूसरे लोग
- 4:01:03नहीं कर पाते। तो यह बेस्ट है फॉर रिसर्च
- 4:01:06और फॉर मैथमेटिकल एनालिसिस। और कंपैरिजन
- 4:01:09कहीं पर भी पड़े तो ये मतलब एज अ
- 4:01:11पर्सनालिटी इंटेलिजेंस के अलावा
- 4:01:15जैसे बताया ना मैंने कोई काम करने के लिए
- 4:01:17इंटेलिजेंसी चाहिए होती हैं। इंटेलिजेंसेस
- 4:01:20के अलावा यह पर्संस
- 4:01:23बेसिकली ये उनके पास एक एडिशनल अह
- 4:01:26क्वालिफिकेशन है उस काम को करने के लिए।
- 4:01:30यानी आपको बैंक में मैनेजर बनाना या कहीं
- 4:01:32सेल्स में मैनेजर बनाना है
- 4:01:36और नीचे सेल्समैन रखने हैं। एफिशिएंट को
- 4:01:39रख लो तो टारगेट हमेशा पूरे होंगे।
- 4:01:43लिसनर को रख लो तो हर रोज धक्के देने
- 4:01:45पड़ेंगे उसको। करना पड़ेगा। कर लो कर लो
- 4:01:46कर लो कर लो। अगर टॉप पोजीशन पर कहीं भी
- 4:01:50किसी सिस्टम को मैनेज करने के लिए बंदा
- 4:01:53आइडलिस्ट है तो उसको किसी का काम पसंद
- 4:01:57आएगा नहीं।
- 4:02:00एफिशिएंट है तो वह लीड उसका सबसे पहला रोल
- 4:02:03है क्योंकि एफिशिएंट की दिक्कत क्या है?
- 4:02:08उसे सब कुछ अपने हिसाब से चाहिए। उसकी आदत
- 4:02:12यह है एफिशिएंट की। वो पिछले अब जिक्र
- 4:02:14करना शुरू करूंगा ना पिछले वाले याद आते
- 4:02:16चले जाएंगे मुझे कि यहां पर मैंने वो नहीं
- 4:02:17बताया था। एफिशिएंट की क्या खासियत है कि
- 4:02:21उसे लगता उसे उसकी पहली प्रायोरिटी यह है
- 4:02:24कि सारे काम उसी के हिसाब से होने चाहिए।
- 4:02:28जैसे वह कह रहा है।
- 4:02:31इसी के लिए वह सारे जोर लगाता है। इसी के
- 4:02:33लिए वह सारी जिद्दोजहद उसी चीज के लिए
- 4:02:35होता है कि अपनी चलनी चाहिए। मतलब इसको आप
- 4:02:38दूसरे तरीके से यह भी कह सकते हो कि यह
- 4:02:40चौदर का भूखा होता है
- 4:02:43लीड करने का हेडिंग का। अगर इसको किसी को
- 4:02:46रिपोर्ट करनी पड़ती है। अगर किसी को
- 4:02:50रिपोर्टिंग देनी पड़ती है तो समझो जिंदगी
- 4:02:52का सबसे बुरे हालात हैं उसके।
- 4:02:55दे कांट रिपोर्ट टू एनीवन। फिर यह क्या
- 4:02:58कहेंगे भाई ऐसा है ₹1 लाख की नौकरी करने
- 4:03:01से बढ़िया ₹00 ले कमा के अपनी दुकान खोल
- 4:03:03लो बढ़िया है अपना काम तो है कम से कम
- 4:03:07[हंसी]
- 4:03:08ठीक है ना और लिसनर को कहेंगे ना तू काम
- 4:03:12कर ले अपना तू ऐसे कैसे होगा ये कैसे होगा
- 4:03:15वहां तक कैसे होगा नौकरी ठीक है फिर चाहे
- 4:03:18वो नौकरी कोई भी हो दे आर हैप्पी इन एव्री
- 4:03:22काइंड ऑफ़ जॉब मतलब
- 4:03:24पर्सनालिटी के हिसाब से उनको रोज दिक्कत
- 4:03:26आएगी ओ सॉरी सॉरी मल्टीपल इंटेलिजेंस के
- 4:03:28हिसाब से लेकिन एज अ पर्सन वो काम को पसंद
- 4:03:31नहीं भी कर रहे हैं ना तो भी सोचेंगे चलता
- 4:03:32ही रहे कोई दिक्कत नहीं है। यह नहीं कर
- 4:03:35सकते ऐसा। यह ज्यादा दिनों तक उस तरह की
- 4:03:38नौकरी में नहीं रह सकते जहां इनको किसी का
- 4:03:40हुक्म सुनना पड़े। इसीलिए ऐसे लोग आमतौर
- 4:03:43पे पांच-चार साल नौकरी करके छोड़ ही देते
- 4:03:46हैं। फिर आखिर में फिर अपना ही काम शुरू
- 4:03:47करते हैं कुछ ना कुछ। लेकिन अगर इन लोगों
- 4:03:49को यह पता हो अर्ली स्टेज से बचपन से कि
- 4:03:52तुम्हारे पास यह टैलेंट्स हैं। इनकी
- 4:03:55ट्रेनिंग हासिल कर लो। इनकी क्लासेस
- 4:03:57ज्वाइन कर लो। मान लो तीसरी क्लास से
- 4:03:59दूसरी क्लास से हम बच्चे को एनालाइज करके
- 4:04:02उसको यह बता दें कि तुम्हारे पास यह
- 4:04:04टैलेंट्स हैं। उसके पेरेंट्स को बता दें
- 4:04:06कि यह वाले टैलेंट्स हैं। तो आने वाले
- 4:04:08टाइम में जो जॉब करनी है या जो बिजनेस
- 4:04:11करना है वो वो कर सकेंगे जिसके लिए वो बने
- 4:04:14थे। ना कि फिर वो यह देखते फिरेंगे कि
- 4:04:17कहां पे कौन सा बिजनेस चलेगा। स्कोप किसका
- 4:04:19ज्यादा है? यहां इसकी मार्केट है। यहां
- 4:04:21इसकी मार्केट है। अदरवाइज इफ यू आर यू हैव
- 4:04:23अ टैलेंट तो जंगल में बैठे हो तो लोगों को
- 4:04:25जाना पड़ेगा। मान लो आपको कोई सामान चाहिए
- 4:04:27और वही चाहिए। तो जहां मिलेगा वहीं जाओगे
- 4:04:29ना आप। आपके पड़ोस में नहीं मिल रहा तो
- 4:04:31फिर आप कहीं और जाओगे कि नहीं यह वाला
- 4:04:33सामान तो उस मार्केट में मिलेगा। देन यू
- 4:04:35विल गो टू देयर। है ना? तो इसका यह फायदा
- 4:04:38होगा कि हम उन बच्चों को बचपन से उनकी
- 4:04:40ट्रेनिंग दे दें ताकि लेटर ऑन जब उनको
- 4:04:43डिसाइड करना हो कि हमें कौन सा बिजनेस
- 4:04:44करना है तो वो अपने पैशन वाला बिजनेस ही
- 4:04:47चूज़ करें ना कि फिर मजबूरी से कुछ करना
- 4:04:50पड़े। इसी तरह से अर्ली स्टेजेस में भी
- 4:04:52अगर बच्चे को टैलेंट बेस्ड उसकी ट्रेनिंग
- 4:04:54हो रखी है छोटी क्लासेस से तो बड़ा हो के
- 4:04:58उसको जॉब ताकि फिर वो अपने ही उस जो बेसिक
- 4:05:02उसकी नेचर है उसी के अकॉर्डिंग वाली जॉब
- 4:05:04में जाएगा तो विल बी मोर हैप्पी वो
- 4:05:07रोज-रोज़ वाली किचकि से पीछा छूट जाएगा।
- 4:05:10ठीक है जी क्लियर
- 4:05:12सर इसको स्टीम से कैसे रिलेट करेंगे जो
- 4:05:13स्ट्रीम जैसे
- 4:05:14स्ट्रीम से अभी आगे आ रहा है अभी
- 4:05:16पर्सनालिटीज स्टीम के साथ कनेक्ट नहीं
- 4:05:18होंगी अभी जब चारों पर्सनालिटीज हो जाएंगी
- 4:05:20देन वी विल स्टार्ट विद मल्टीपल
- 4:05:22इंटेलिजेंसेस वो आपकी एक-एक स्ट्रीम एक-एक
- 4:05:25प्रोफेशन एक-एक जॉब के साथ फिर वो
- 4:05:28कनेक्टेड होंगी वो आपको आज क्लेरिटी हो
- 4:05:30जाएगी आई होप कि आज हम इसको खत्म कर
- 4:05:32देंगे।
- 4:05:33आईक्यू वैसे तो एक अलग कांसेप्ट है।
- 4:05:36आईक्यू का जो कांसेप्ट है वह एक अलग चीज
- 4:05:38है। वह मल्टीपल इंटेलिजेंसीज के ऊपर
- 4:05:40डिपेंड करता है। लेकिन इनमें इतना फर्क है
- 4:05:43जिस चीज को आप समझिए कि
- 4:05:46पहले तो मैं अभी थोड़ी देर में जब मैं
- 4:05:48नीचे आऊंगा तो आपसे पूछूंगा कि आईक्यू को
- 4:05:50आप क्या समझ रहे हैं? आईक्यू किसको कह रहे
- 4:05:52हो आप। दूसरा हां वो सिर्फ वर्ड नहीं मुझे
- 4:05:56उसका मतलब भी जानना है कि आप उसको क्या
- 4:05:57समझते रहे हैं आज तक। मैं क्या समझता हूं।
- 4:06:00मैं यही कह रहा था ना कि आईक्यू का मतलब
- 4:06:02क्या है? वो अभी हम डिस्कस करेंगे। आईक्यू
- 4:06:06एक रिपोर्ट में उस उन्होंने आईक्यू तो बोल
- 4:06:08दिया लेकिन उस आईक्यू को वो क्या समझते
- 4:06:11हैं? हम आईक्यू का कोई कांसेप्ट हमारे
- 4:06:14दिमाग में गलत तो नहीं कहीं। जो जिसको आप
- 4:06:18आईक्यू कह रहे हैं ना बेसिकली वो आपको
- 4:06:21क्लेरिटी होगी। आखिर तक पहुंचेंगे तो आपको
- 4:06:23समझ में आएगा कि हम आईक्यू किसको कह रहे
- 4:06:25हैं और चलिए हम पहले आईक्यू पे ही डिस्कस
- 4:06:30कर लेते हैं। बाकी तो छोड़िए हम पहले
- 4:06:33बिकॉज़ क्वेश्चन आ गया है तो हम इसको अभी
- 4:06:35फ्रेश है। आपको आप में से मुझे कम से कम
- 4:06:38पांच लोगों को यह बताना होगा कि आईक्यू से
- 4:06:40आप क्या समझते हैं। पहले तो आप ही बताएंगे
- 4:06:43सबसे पहले। आईक्यू मुझे लगता है अलग है और
- 4:06:46एपटीट्यूड मुझे लगता है अलग चीज है। मैं
- 4:06:49आईक्यू पे हम पॉइंट फोकस कर रहे हैं कि
- 4:06:52व्हाट डू यू मीन बाय आईक्यू?
- 4:06:54हाउ योर ब्रेन फंक्शनंस?
- 4:06:56हाउ योर ब्रेनंस?
- 4:06:57एंड रिएक्ट्स टू अ पर्टिकुलर स्टिमुलस?
- 4:07:00हाउ फास्ट इट रिएक्ट्स टू अ पर्टिकुलर
- 4:07:02स्टिमुलस?
- 4:07:03आईक्यू अब आप बताइए। नहीं बेस्ड किस
- 4:07:05क्वेश्चन यह नहीं है कि आईक्यू किस पे
- 4:07:07बेस्ड है? क्वेश्चन यह है आईक्यू की
- 4:07:10इंग्लिश भी आईक्यू का मतलब भी नहीं। मतलब
- 4:07:12एब्रविएशन भी नहीं। आईक्यू से आप क्या
- 4:07:14समझते हैं? सर बेसिकली इंटेलिजेंस जो है
- 4:07:17वो एबिलिटी है पर्सन की।
- 4:07:19एंड दैट एबिलिटी इज टू टेक डिसीजंस ऑन द
- 4:07:22डिफरेंट सिचुएशंस। एंड इफ दैट एबिलिटी इज़
- 4:07:27बेटर और फास्टर देन अ पर्सन इज़ वेरी क्विक
- 4:07:31टू टेक डिसीजंस एंड राइट डिसीजंस एबिलिटी
- 4:07:34इज़ मेजर्ड।
- 4:07:36देखिए जहां तक मुझे लगता है अगर हम इसी को
- 4:07:39थोड़ा एक्सप्लेन करें। मतलब आई मे बी रोंग।
- 4:07:41मतलब ऐसा नहीं समझिएगा। ठीक है? लेकिन
- 4:07:44बिकॉज़ डिस्कशन से ही कुछ निकलेगा ना। मैं
- 4:07:46इसलिए बोल रहा हूं कि आपने बोला एबिलिटी
- 4:07:50टू मेक डिसीजंस।
- 4:07:52डिसीजन मेकिंग के पीछे के थॉट अभी-अभी
- 4:07:55डिस्कस कर रहे हैं हम। एक डिसीजन
- 4:07:57कैलकुलेशन बेस है जो अभी आइडलिस्ट का है।
- 4:08:00एक डिसीजन टारगेट बेस है और एक डिसीजन
- 4:08:03इमोशनल बेस है। तो इसका मतलब क्या हुआ कि
- 4:08:06डिसीजन लेने के पीछे के रीज़ंस भी कुछ और
- 4:08:09होते हैं। दूसरा हाउ विल यू टेक मतलब हाउ
- 4:08:13क्विक यू टेक द डिसीजन? यह सिर्फ एफिशिएंट
- 4:08:16में है। वह क्विक डिसीजन ले सकता है।
- 4:08:18आइडियलिस्ट बहुत स्लो डिसीजन मेकर है।
- 4:08:21बहुत स्लो। मतलब आप सोच भी नहीं सकते इतना
- 4:08:23स्लो डिसीजन लेगा। तो
- 4:08:27फिर वो क्यों लेगा? क्योंकि उसको हर चीज
- 4:08:29में कमी नजर आ रही है। पहले उसे दिख रहा
- 4:08:31है नहीं यहां पर यह नुकसान हो सकता है।
- 4:08:33यहां पे ये नुकसान यहां पे यह नुकसान तो
- 4:08:35वो फिर डिसीजन लेने में टाइम लगाएगा।
- 4:08:38तो पर्सनालिटी के बेसिस पर भी आपके डिसीजन
- 4:08:42अफेक्ट होते हैं। तो आईक्यू इसका मतलब
- 4:08:45पर्सनालिटी के साथ कनेक्टेड नहीं हो सकता।
- 4:08:48वो देयर शुड बी समथिंग एल्स।
- 4:08:51डिसीजन मेकिंग के साथ कनेक्ट नहीं हो सकता
- 4:08:53क्योंकि डिसीजन मेकिंग किसी और चीज सेक्ट
- 4:08:55होती है।
- 4:08:56सर ये पोटेंशिएबिलिटी को भी तो चेक करता
- 4:08:58है ना। आप इमोशंस आर ऑब्वियस देयर विद अ
- 4:09:01ह्यूमन बीइंग।
- 4:09:02इमोशंस को तो आप कहीं रोक ही नहीं सकते।
- 4:09:04बट इंटेलिजेंस को अगर हम कैलकुलेट नहीं
- 4:09:06करेंगे तो वो एक साइंटिफिक लेवल है जो
- 4:09:09इंटेलिजेंस को कैलकुलेट करेंगे। देखिए
- 4:09:12आपने बीएड में पढ़ा होगा, गार्डनर को पढ़ा
- 4:09:14होगा। उसने बोला कि आठ इंटेलिजेंस होती
- 4:09:17हैं।
- 4:09:17हम्म। उसमें से कोई सी दो इंटेलिजेंस होती
- 4:09:20हैं जो मिलके आईक्यू बनता है। वो हम आगे
- 4:09:23डिस्कस करेंगे।
- 4:09:24हां वो होती आठ हैं। उसमें से कोई दो
- 4:09:26पर्सनल दो इंटेलिजेंस होती हैं। जो आपने
- 4:09:28बोला ना इंटेलिजेंस हां ये अगर इंटेलिजेंस
- 4:09:31को क्वांटिफाई कर पाए इफ वी आर एबल टू
- 4:09:34क्वांटिफाई दी इंटेलिजेंस देन वी कैन
- 4:09:36क्वांटिफाई दी आईक्यू। एंड क्योंकि
- 4:09:39इंटेलिजेंस कैन बी डेवलप्ड। दैट मींस
- 4:09:43आईक्यू कैन बी डेवलप्ड।
- 4:09:46आप किसी का आईक्यू चेक कराएं और 2 महीने
- 4:09:50बाद फिर चेक कराएं। आपको आईक्यू बड़ा
- 4:09:52मिलेगा। उसका रीजन क्या है? आईक्यू जो है
- 4:09:56आज तक अपने इंडिया के अंदर इंटेलिजेंस
- 4:09:58कोशंट को मेजर करने की या इवैलुएट करने की
- 4:10:01एक ही टेक्निक है। दैट इज साइकोमेट्रिक
- 4:10:03एनालिसिस। साइकोमेट्रिक एनालिसिस में एक
- 4:10:06एज बार होता है कि इस उम्र से इस उम्र के
- 4:10:09बच्चे का अगर उसका लैंग्वेज ठीक है तो
- 4:10:11वर्बल है कि नॉनवर्बल टेस्ट करना है उसके
- 4:10:13बेसिस पर वो टेस्ट लेते हैं। अगर उसका
- 4:10:16वर्बल टेस्ट ले रहे हैं अगर वह पढ़ता है
- 4:10:18स्कूल में तो वर्बल होता है। तो उसका
- 4:10:21टेस्ट लेते हैं तो उस टेस्ट में उसका एक
- 4:10:24नंबर आएगा। उसकी एज के हिसाब से वही टेस्ट
- 4:10:26फिक्स्ड है। वो मेंटल एज अप वो क्रॉनिकल
- 4:10:29एज वगैरह जो फार्मूला है ना वो आखिरी
- 4:10:32स्टेप स्टेप है। पहला स्टेप यह है कि हम
- 4:10:35उसे कुछ क्वेश्चंस देंगे। वो उन क्वेश्चंस
- 4:10:37का स्यूशन देगा। उन आंसर्स को हम लोग एक
- 4:10:41टेबल में रखेंगे। जो टोटल स्कोर आएगा उस
- 4:10:44स्कोर को आप फिर क्रॉनिकल एज बोलेंगे।
- 4:10:48मेंटल एज वो है, क्रॉनिकल एज तो वो है जो
- 4:10:50उसकी ओरिजिनल है और मेंटल एज वो है जो
- 4:10:52हमारा टेस्ट बता रहा है। उसके बेसिस पर वह
- 4:10:55नॉन वर्बल है। जो स्कूल में नहीं पढ़ता
- 4:10:57बच्चा उनके लिए है वो। मान लो कोई कबीले
- 4:11:00से आ गया बच्चा उसका आईक्यू टेस्ट करना है
- 4:11:02तो वो उनको तो वो नॉनवर्बल है। वो उतना ही
- 4:11:04फर्क है। वो सॉलशंस और वो मतलब वो उधर से
- 4:11:06वो क्योंकि पढ़ना आता है तो यह सशन ढूंढ
- 4:11:08लो भाई। तुमको नहीं पढ़ना आता तो तुम इन
- 4:11:10प्रॉब्लम्स के सॉल्यूशन ढूंढ लो। वो इतना
- 4:11:12सा है बात। तो वो स्कोर जो है वो आपको
- 4:11:15बताता है कि इस बच्चे का इतना आईक्यू है।
- 4:11:17एक तो पहला पॉइंट यह है कि खासतौर पर
- 4:11:20इंडिया के अंदर आज तक एक भी ओरिजिनल टेस्ट
- 4:11:22नहीं बना। आईक्यू टेस्ट। साइकोलॉजी
- 4:11:25जिन्होंने पढ़ी है, अगर कोई एमएससी
- 4:11:27साइकोलॉजी यहां बैठे हुए हैं, तो उनको
- 4:11:29वेरी मच पता होगा कि सारे टेस्ट या तो
- 4:11:32कॉपीड हैं या ट्रांसलेटेड हैं। एक भी
- 4:11:36टेस्ट हमारे इंडियन सिस्टम के हिसाब से
- 4:11:38बना हुआ नहीं है। एक भी मतलब नॉट इवन ए
- 4:11:41सिंगल टेस्ट। कोई सिंगल बैटरी नहीं है। इस
- 4:11:44पे हम काम कर रहे हैं कि हम अपना ओरिजिनल
- 4:11:46बनाए यहां के हिसाब से। सो इसका मतलब यह
- 4:11:49और यूनिवर्सल नहीं होता यह। गांव के बच्चे
- 4:11:52के साथ में हमारे बच्चों का आईक्यू टेस्ट
- 4:11:54करने लगोगे। अंग्रेजी मीडियम वालों का
- 4:11:56हिंदी मीडियम से करने लगोगे विल बी
- 4:11:58डिफरेंट। सरकारी स्कूल का और तो अगर आप
- 4:12:00पेपर सेट किसी का आईक्यू टेस्ट चेक कर रहे
- 4:12:02हो। आई होप दैट वुड नेवर बी नेवर एवर बी
- 4:12:05एन एक्यूरेट वन। सो एक तो ये पॉइंट हो
- 4:12:09गया। दूसरा उसी बच्चे को वही टेस्ट अगर आप
- 4:12:1220 दिन बाद दोगे तो ऑब्वियसली कुछ
- 4:12:13क्वेश्चंस तो पहले ही पता है उसको। फिर
- 4:12:15टाइम लिमिट भी होता है कितना जल्दी कर
- 4:12:16देगा। तो वो लिमिट ज्यादा आएगी उसकी। तो
- 4:12:18आईक्यू वैसे वेरिएबल है। इसको हम चेंज कर
- 4:12:22सकते हैं, डेवलप कर सकते हैं। वो कैसे
- 4:12:24करेंगे वो आगे आगे डिस्कस होगा।
- 4:12:27हम
- 4:12:29सर करा था।
- 4:12:30अपपर ब्राह्मणस देन दे दे क्लासिफाइड जो
- 4:12:34हमारा पूरा कास्ट सिस्टम
- 4:12:35कर लीजिए। हां जी।
- 4:12:36हां जी।
- 4:12:37इट्स नॉट वर्किंग।
- 4:12:38हां जी।
- 4:12:39सर उसमें गुप्ताज़ थे, ब्राह्मणस थे। देन
- 4:12:43वी हैव जो मुस्लिम्स का उन्होंने पूरा
- 4:12:46एवरेज निकाल के जो दिया था वो 82 दिया था।
- 4:12:49उसमें भी सर जो था और उस रिपोर्ट के बाद
- 4:12:52यह भी बोला गया कि एवरेज आईक्यू के बाद भी
- 4:12:55इंडियंस ज्यादा सक्सेसफुल हैं देन अदर
- 4:12:57नेशनलिटीज इन टर्म्स ऑफ एंप्लॉयमेंट। और
- 4:13:00उसमें बोला गया हाई आईक्यू उसमें एक और
- 4:13:03रिपोर्ट में बहुत हैरान वाली बात थी कि
- 4:13:05आईआईटीस में जो एवरेज आईक्यू होता है वो
- 4:13:08150 से 170 होता है। हाईएस्ट रेंज पे है
- 4:13:11आईआईटीस में। जितने स्टूडेंट्स हैं
- 4:13:13तो सर उसमें यह भी बोला गया कि स्टिल हम
- 4:13:16अगर देखें हर साल आईआईटी में दो बच्चे तो
- 4:13:19ऐसे होते ही हैं जो सुसाइड अटेम्प्ट कर
- 4:13:21लेते हैं
- 4:13:22इतने हाई आईक्यू लेवल के बाद भी
- 4:13:24नहीं होता उनका हाई आईक्यू मैडम
- 4:13:26सर रिपोर्ट में है 150 टू 170 दे हैव
- 4:13:30मेंशंड
- 4:13:31देखिए एक तो पहली बात तो हमने यही कह दिया
- 4:13:34पहला पॉइंट तो यह है कि इंटरनेशनल लेवल की
- 4:13:37अगर किसी अमेरिकन एजेंसी ने कोई टेस्ट
- 4:13:40बनाया है और वो भी किसी साइकोलॉजिस्ट ने
- 4:13:42उसको हम अपने सिस्टम पे अप्लाई कर रहे
- 4:13:44हैं। अपने यहां पर पहला पॉइंट तो यह है।
- 4:13:46आप किसी से भी पूछ लीजिए हमारा चौथी क्लास
- 4:13:49का बच्चा अमेरिका के सातवीं क्लास के
- 4:13:51बच्चे के साथ कंपटीशन करेगा तो वो उनसे
- 4:13:53बेटर है क्योंकि उसको हमारे वाले को
- 4:13:55ज्यादा आता है फास्ट करना और याद करना।
- 4:13:57स्पेशली मैथमेटिक्स। ठीक है ना? तो इसका
- 4:13:59मतलब यह थोड़ी ना हो गया कि हमारे वाले का
- 4:14:01आईक्यू ज्यादा हो गया। वो आईक्यू तो वही
- 4:14:03है ना? मैंने आपसे सवाल पूछे। देखिए
- 4:14:05आईक्यू का जो इस रिपोर्ट की आप बात कर रहे
- 4:14:07हो उसका एकमात्र सोर्स है आपके दिए हुए
- 4:14:11जवाब। मैंने आपसे एक सवाल पूछा है। आपने
- 4:14:14वो सवाल पहले पढ़ा हुआ है तो आपका आईक्यू
- 4:14:16ज्यादा है। आपने नहीं पढ़ा हुआ या आपको
- 4:14:19नहीं आता तो आपका आईक्यू कम है। ये इतना
- 4:14:21हो जाएगा। दैट इज नॉट अ वैलिड रिपोर्ट।
- 4:14:24बिकॉज़ आप आईक्यू को किसी जाति के साथ नहीं
- 4:14:28कंप्रोमाइज कर सकते। किसी धर्म के साथ
- 4:14:30नहीं किसी देश के साथ नहीं। दिस इज अ
- 4:14:32फैक्टर ऑफ इंडिविजुअल पर्सन। ये
- 4:14:35इंडिविजुअल का होता है। किसी का किसी देश
- 4:14:37का भी नहीं। इंडिया का भी नहीं।
- 4:14:39इंडिया के लोग रट्टा ज्यादा मारते हैं।
- 4:14:42आईआईटीज में सिलेक्शन जिनका होता है उनको
- 4:14:45सोसाइटी में उतार कर देखो। साबुन खरीदना
- 4:14:47तक नहीं आता उनको। घर से निकले नहीं होते।
- 4:14:50बेचारे रट्टे मार। सुबह से आए स्कूल में
- 4:14:52रिया याद करे। घर जाके ट्यूशन। इसके बाद
- 4:14:54बेचारे कभी कुछ नहीं। सोशल लाइफ में कुछ
- 4:14:56नहीं होते। वह कुछ भी नहीं होते। अगर उनका
- 4:14:59दूसरे फैक्टर्स देखने लगेंगे तो वो कहीं
- 4:15:01भी स्टैंड नहीं करेंगे। बेसिकली ना। तो वो
- 4:15:04आईक्यू वो वो वाला बच्चा जो इसलिए कर रहा
- 4:15:06है क्योंकि उसको जो घर में डायलॉग मिलते
- 4:15:08हैं ना अब बाप कॉलेज में प्रोफेसर है। मां
- 4:15:12कॉलेज में प्रोफेसर है। बेटे को आईआईटी की
- 4:15:15तैयारी आई उसकी इन आईएएस की तैयारी करने,
- 4:15:17यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली भेज दिया।
- 4:15:20तीन बार पेपर पास करके चौथी बार इंटरव्यू
- 4:15:22में क्लियर नहीं हुआ। तो तेरे से क्या
- 4:15:24सारा सोर्सेस तेरे ऊपर लगा दिए। तूने क्या
- 4:15:26किया इतने साल तक? उसने सुसाइड कर लिया।
- 4:15:28रात को सुबह उठा ही नहीं। घर जाके ऊपर
- 4:15:30पंखे में जाकर लटक गया। तो आईक्यू कम
- 4:15:32थोड़ी था या आक उस आईक्यू का क्या लिंक है
- 4:15:34इससे? वो डिसीजन मेकिंग एक अलग है। और
- 4:15:38आईक्यू जो हम जिस टॉपिक पर डिस्कस कर रहे
- 4:15:40हैं आईक्यू उसका वन 20थ पार्ट है। इतना
- 4:15:46छोटी चीज है आईक्यू। आईक्यू इज दैट स्मॉल
- 4:15:48थिंग जिसके ऊपर आप डिस्कस कर रहे हो ना जो
- 4:15:51लाइफ को डिस्कस कर रहे हो आप पूरा
- 4:15:52एंप्लॉयमेंट को और पूरे देश को डिस्कस कर
- 4:15:54रहे हो वो इतनी छोटी सी चीज है व्हिच डजंट
- 4:15:57मैटर एट ऑल।
- 4:15:58सर आपको पिज़्ज़ा के टेस्ट के बारे में भी
- 4:16:00पता होगा जब इंडिया ने पार्टिसिपेट किया
- 4:16:02था 2010 में। उसके बाद हमें बॉयकॉट करना
- 4:16:05पड़ा पिज़्ज़ा के टेस्ट से फॉर दी रीजन मैं
- 4:16:07पढ़ रही थी और मैंने उसमें देखा कि सिर्फ
- 4:16:10हमने इसलिए बॉयकॉट किया क्योंकि टोटल मेरे
- 4:16:13ख्याल से 92 कंट्रीज ने पार्टिसिपेट किया
- 4:16:15था और हमारी शायद सेकंड लास्ट रैंक थी उस
- 4:16:18और वो भी हम इंडिया से बेस्ट बच्चे भेज
- 4:16:20रहे थे हिमाचल और आई सपोज एक और था पंजाब
- 4:16:25केरला से था
- 4:16:26हां केरला से 2010 की रिपोर्ट अब शायद हम
- 4:16:29काफी बॉयकॉट के बाद अब हम दो साल बाद
- 4:16:31भेजेंगे 21 में अभी उसमें भी कुछ आ रहा था
- 4:16:35कि उसका भी रीजन यह था कि वहां यह बोला
- 4:16:38गया कि वहां एक रीजन दिया गया था। ऑलदो
- 4:16:41मैं भी उससे एक्सेप्ट नहीं करती कि लो
- 4:16:43आईक्यू ऑफ जो हमारे ऊपर टैग लगाया गया
- 4:16:46व्हिच आई डोंट सी कि हमारा इतना लो आईक्यू
- 4:16:49है जितना हमें टैग कर दिया गया।
- 4:16:51किसी के ऊपर टैग नहीं लगा हुआ और आईक्यू
- 4:16:53कुछ भी नहीं है कि उससे हम टैग हो जाएं।
- 4:16:55कुछ भी नहीं है। मैंने बताया हम बात हम एक
- 4:16:58पर्सन को अगर डिस्कस कर रहे हैं अगर उसको
- 4:17:00स्टडी कर रहे हैं आईक्यू इज 120th पार्ट
- 4:17:02ऑफ दैट तो उसका तो कोई रोल ही नहीं है।
- 4:17:05आईक्यू बहुत छोटी चीज है।
- 4:17:08आप आप आप फील कर रहे हो क्या उस पे?
- 4:17:11[हंसी]
- 4:17:12ये तो
- 4:17:14ये तो
- 4:17:19आपको नहीं पता है कैसे रिप्रेजेंट हो रहे
- 4:17:21हैं। ठीक है ना? इस टॉपिक पे हम नहीं
- 4:17:24डिस्कस कर रहे हैं। बिकॉज़ हम पॉलिटिकल
- 4:17:27इश्यूज पे नहीं हम इस पे डिस्कस कर लेते
- 4:17:29हैं। ये एजुकेशन का नहीं है। दिस इज़ टोटली
- 4:17:32पॉलिटिकल
- 4:17:33जो जैसे अब ट्रेड वॉर हुए ट्रेड वॉर हुए।
- 4:17:37ट्रेड वॉर पता है आपको पॉलिटिक्स का कोई
- 4:17:39है पॉलिटिकल साइंस का कोई पर्सन है अगर
- 4:17:46हां जो ट्रेड वॉर होते हैं दे आर एक्चुअली
- 4:17:48नॉट ट्रेड वॉर्स। दे आर ऑल पॉलिटिक्स। इसी
- 4:17:50तरह की यह सेम इज द केस ऑफ दिस गेम। यह
- 4:17:55दिस इज आल्सो अ गेम। बेसिकली यह गेम है।
- 4:17:59और आप इस गेम को खेलिए सिर्फ फील मत
- 4:18:02कीजिए। [हंसी]
- 4:18:04अरे अरे मैम मैम आपको याद नहीं शायद जब
- 4:18:08मैंने लाइव शुरू किया था। बैठिए मैम
- 4:18:11प्लीज। जब हमने लाइव शुरू किया था। लाइव
- 4:18:13शुरू करते ही मैंने बताया कि एक इंट्रा
- 4:18:15पर्सनल पर्सनालिटी होती है। एक इंटर होती
- 4:18:17है और इतने कॉम्बिनेशन हो सकते हैं। एल एल
- 4:18:20एल आई आई याद आया हां तो व्हाट वास दैट उस
- 4:18:24पे डिस्कस होगा डिटेल में अभी आगे इस पे
- 4:18:27करेंगे हम। इट कैन बी पॉस इट इज पॉसिबल।
- 4:18:30एक इसके अंदर जो एक और बात आ गई जो
- 4:18:32आइडियलिस्ट की एक और बताता हूं मैं आपको।
- 4:18:35हां आइडलिस्ट की एक खासियत और है कि आमतौर
- 4:18:39पर ऐसे लोगों के ना या ऐसे बच्चों के
- 4:18:42दोस्त नहीं होते।
- 4:18:44मतलब क्लास पूरी दोस्त होती है। बात सबसे
- 4:18:47करता है प्यार से। वैसे कोई टेंशन नहीं
- 4:18:50है। पर अपनी बात कभी शेयर नहीं करता किसी
- 4:18:52से। आइडलिस्ट बहुत रेयर शेयर करता है।
- 4:18:56बहुत ही रेयर। मतलब उसे कोई ऐसा आदमी मिल
- 4:18:59जाए जिसके साथ वो अपनी जिंदगी की हर बात
- 4:19:01शेयर कर सके। व्हिच दैट इज वेरी रेयर।
- 4:19:04यानी आइडलिस्ट पर्सनालिटी का पूरी दुनिया
- 4:19:07में हार्डली कोई एक दोस्त होता है। एक ही
- 4:19:11होता है वो।
- 4:19:13मतलब अगर आइडियलिस्ट के दो ऐसे दोस्त हो
- 4:19:15जाए जिनके साथ वो सब कुछ बोल सकता है। तो
- 4:19:18बहुत बड़ी बात है। मतलब यह समझ लीजिए आप।
- 4:19:23यानी के अगर कोई पेरेंट आपसे आके कहता है
- 4:19:26कि इसको कोई दोस्ती पसंद नहीं आता। मतलब
- 4:19:28वो बात बहुत अच्छे से कर रहा है। ऐसा नहीं
- 4:19:30है कि उसकी किसी के साथ बिगड़ती है। वो
- 4:19:33बात सबसे प्यार से करता है। सारी क्लास
- 4:19:35वैसे दोस्त होती है। बट लेकिन आइडलिस्ट को
- 4:19:37जब कोई ऐसा दोस्त मिल जाता है जो उसका
- 4:19:39रियल में जिसको वो अंदर से महसूस करता है
- 4:19:41तो वो खाना भी उसी के साथ खाना चाहेगा। वो
- 4:19:44जाना भी उसी के साथ चाहेगा। सुबह शाम फोन
- 4:19:46करके बेचारे खाना खा लिया? मैं भी खा रहा
- 4:19:48हूं। तू भी खा ले। लाइक काइंड ऑफ ऐसे
- 4:19:51करके। तो ऐसा दोष जब मिलता है आमतौर पर
- 4:19:54फिर थोड़े दिनों के बाद साल छ मतलब साल तो
- 4:19:56बहुत बड़ा बोल दिया मैंने दो चार महीने के
- 4:19:59बाद फिर वो दोस्ती टूट जाती है इनकी
- 4:20:00क्योंकि फिर से कमी नजर आनी शुरू हो जाती
- 4:20:03है इनको इनकी दिक्कत यह है कि इनको कमियां
- 4:20:06दिखती रहती है और यह परफेक्शन ढूंढते रहते
- 4:20:09हैं वो परफेक्शन नहीं मिल पाती बेसिकली
- 4:20:12आइडलिस्ट पर्सनालिटी को
- 4:20:15बेसिकली सेल्फलेस लोग चाहिए होते हैं
- 4:20:20जो सेल्फिश नहीं नहीं होते। तो जहां आदमी
- 4:20:23की बातों में सेल्फिशनेस नजर आई वहीं उस
- 4:20:25आदमी को रिजेक्ट कर देंगे कि चल तू अब
- 4:20:27अपनी वाली उस कैटेगरी में नहीं रहा। अब और
- 4:20:30यह अपने आप को शेयर नहीं करेंगे कभी भी।
- 4:20:33मतलब इन बच्चों से अगर आप पूछेंगे ना तो
- 4:20:35ये इतने कैलकुलेटिव होते हैं। मान लो
- 4:20:38लिसनर को पूछा मम्मी ने नर्स मतलब दूसरी
- 4:20:41तीसरी क्लास में स्कूल कैसा रहा? स्कूल
- 4:20:44बढ़िया रहा। रोहन ऐसे कह रहा था। सोहन ऐसे
- 4:20:46कह रहा था। वो मेरे को मारा था। मैंने
- 4:20:47उसको मार दिया। फिर हम ये हुआ फिर वो हुआ।
- 4:20:49इतना डिटेल में और फिर आइडलिस्ट आ गया।
- 4:20:51उसको पूछा कैसा रहा स्कूल? ठीक था।
- 4:20:55[हंसी]
- 4:20:56ठीक था? लाइक काइंड ऑफ़ दैट्स ऑल।
- 4:21:00वो क्यों? क्योंकि वो महसूस करते हैं कि
- 4:21:04जो पूछना चाह रहे हैं वो बताने लायक है।
- 4:21:07इतना इतना खास है नहीं कि मैं बताऊं उसको
- 4:21:09डिस्कशन करूं।
- 4:21:12फिर इनकी धीरे-धीरे यह आइडलिस्ट जो हैं
- 4:21:14जैसे हालांकि क्या होता है बचपन में सारे
- 4:21:17बच्चे एक जैसे ही दिखते हैं बात करने में
- 4:21:19उनमें फर्क नहीं देख सकते आप लेकिन
- 4:21:22आइडलिस्ट धीरे-धीरे ऐसे हो जाते हैं कि वो
- 4:21:24बहुत कैलकुलेटेड बात करते हैं। सेम बात
- 4:21:27बतानी है। बहन को कुछ और बताएंगे। पापा को
- 4:21:30कुछ और बताएंगे और मम्मी को कुछ और
- 4:21:32बताएंगे। जहां तक उनको ठीक लगता है वहां
- 4:21:35तक। जहां तक उनको ठीक लगता है वहां तक।
- 4:21:37उतना ही बताएंगे जितना उनको चाहिए। यह एक
- 4:21:41अगली कररेक्टरिस्टिक्स है। नाउ हम फोर्थ
- 4:21:44पार्ट पर हम डिस्कस कर लें। दैट इज
- 4:21:47फ्लैशी।
- 4:21:50नाम से ही दिख रहा है जैसे चमक रहा है।
- 4:21:52हां जी। अ
- 4:21:57फ्लैशी फोर्थ लाइफ में एफ बच गया। बस ई हो
- 4:22:01गया। आई हो गया एंड एफ बच गया। नाम से ही
- 4:22:04जैसे फ्लैश
- 4:22:06दिख रहा है मतलब चमकने वाला है ना
- 4:22:09लाइटनिंग
- 4:22:11बेसिकली इनके जो थॉट प्रोसेस है किसी भी
- 4:22:14डिसीजन के पीछे वो वही चमकने वाली होती है
- 4:22:17कि हमारा जिक्र होना चाहिए हमारी बात होनी
- 4:22:21चाहिए आई शुड बी सेंटर ऑफ अट्रैक्शन हर
- 4:22:24किसी की बात का मतलब सेंटर अपन होने चाहिए
- 4:22:27इनका एक खास डायलॉग होता है कि बदनाम हुए
- 4:22:30तो क्या हुआ नाम तो हुआ वह इन्हीं का होता
- 4:22:32है
- 4:22:33[हंसी]
- 4:22:34बाकी तीन पर्सनालिटी बदनाम होती है। उनको
- 4:22:37फर्क पड़ता है कि लोग क्या कहेंगे? हमारी
- 4:22:39इमेज खराब हो रही है। बट दे रियली डोंट
- 4:22:41केयर।
- 4:22:43इनको फर्क नहीं पड़ता है। मतलब आप यह
- 4:22:45समझिए यह लाइन में वैसे मैंने सब कुछ
- 4:22:48एक्सप्लेन कर दिया है। लेकिन अब इसमें जो
- 4:22:51आप डेली लाइफ के जब आप बिहेवियर को
- 4:22:53देखेंगे तो उसमें क्या-क्या दिखाई देगा।
- 4:22:55मतलब सेंटर यही है। बात यही है कि उसको
- 4:22:58सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बनना है। लेकिन उसके
- 4:23:00लिए वो क्या करेगा? पापा उसकी बहन के लिए
- 4:23:03मतलब फ्लैशी की बहन के लिए कुछ ले आए या
- 4:23:06मम्मी ले आई कि मैं तेरे लिए यह ले आया
- 4:23:08हूं तो फ्लैशी एकदम बोलेगा और मैं
- 4:23:12और मैं मतलब मेरे लिए क्या लाए मुझसे तो
- 4:23:16कोई प्यार ही नहीं करता मेरी तो कोई केयर
- 4:23:18ही नहीं करता। दिस इज दी कॉमन डायलॉग जो
- 4:23:20एक फ्लैशी बोल सकता है। ठीक है ना? बहुत
- 4:23:23कॉमन। दूसरा
- 4:23:26यह इस तरह से बिहेव करेगा कि इससे बात
- 4:23:29करते रहो। मतलब भाई अगर कहना है इसको कहो
- 4:23:34सुनाना है इसको सुनाओ इवन डांटना भी है ना
- 4:23:37तो इसको डांटो ऐसे बिहेव करेगा
- 4:23:41यानी के
- 4:23:43आप इसकी तारीफ कर रहे हो यानी हां एक
- 4:23:45तारीफ पे बात आया दे लव कि उसकी उनकी
- 4:23:48तारीफ हो अगर मान लो बाय चांस इनकी तारीफ
- 4:23:51नहीं करी गई ना तो ये पूछ सकते हैं कैसी
- 4:23:55लग रही हूं कैसा लग रहा हूं मतलब ये भी
- 4:23:58पूछ सकते हैं खाना कैसा बना था मतलब मतलब
- 4:24:00अगर किसी ने नहीं बोला कुछ तो इनको कह के
- 4:24:03करवानी होती है तारीफ बेसिकली फ्लैशी को।
- 4:24:06बाकी लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन
- 4:24:09इनको पड़ता है। तो इसका मतलब क्या हुआ? यह
- 4:24:13लोग अगर कुछ भी करते हैं चाहे पढ़ रहे हैं
- 4:24:17चाहे कोई और काम कर रहे हो। जब तक तारीफ
- 4:24:20मिल रही है तब तक पूरे एंथूजियास्टिक हैं।
- 4:24:24तब तक पूरे मोटिवेटेड हैं। और कोई तीसरी
- 4:24:28चीज इनको नहीं चाहिए। क्लियर?
- 4:24:32अब इस चक्कर में यह इतना बोलते हैं। इनको
- 4:24:37लगता है कि और मेरी मम्मी ना किसी और से
- 4:24:39बात ना करे। बस मेरे से ही करती रहे। किसी
- 4:24:42और से करने लगेगी अगर मम्मी तो बीच में
- 4:24:44टोक देगी। गाइए फ्लैशी बीच में इतना
- 4:24:47रोकेगा। मतलब अगर आप इसको ऐसे सोचिए कि
- 4:24:50आपने इसको टेबल पर बिठा दिया। कहा कि बैठ
- 4:24:53के पढ़ ले आराम से और ऐसे बिठाया और बिठा
- 4:25:00के और उसको बोला कि अब तू पढ़ ले।
- 4:25:04जैसे ही मम्मी जाने लगी। मम्मी एक मिनट यह
- 4:25:06बताना क्या लिखा हुआ है? फिर मम्मी ने
- 4:25:08उसको बता दिया। फिर चलने लगी। फिर मम्मा
- 4:25:10ये देखना यह भी ये नहीं समझ आ रहा। फिर यह
- 4:25:12बता दिया। अब तीन-चार बार अगर इस तरह की
- 4:25:14एक्टिविटी फिर मम्मी कहेगी तो एक काम कर
- 4:25:16चुपचाप बैठ के ना पढ़ ले। जब तक यह पूरा
- 4:25:19ना हो ना तब तक आवाज नहीं लगानी। और मान
- 4:25:22लो मम्मी चली गई किचन में खाना बनाने के
- 4:25:24लिए। तो पीछे से आवाज आ रही है। मम्मी
- 4:25:26वाशरूम जाना है। मम्मी भूख लगी है। मम्मी
- 4:25:30हो गया। [हंसी] एंड काइंड ऑफ।
- 4:25:35हां। और अगर मम्मी किचन से बोल रही है तब
- 4:25:38तक तो ठीक है। अगर मम्मी चुप हो गई। बोला
- 4:25:40नहीं कुछ भी पीछे से जवाब नहीं आया तो हो
- 4:25:43सकता है कि पास में पानी वाला गिलास रखा
- 4:25:45हुआ था वो नीचे पड़ा मिले आपको जब आप कांच
- 4:25:48की आवाज आएगी भागेगी मम्मी क्या बदतमीज है
- 4:25:51तेरे को समझ में नहीं आता तेरे को दिखता
- 4:25:52नहीं और फिर वो अंदर ही अंदर क्या फील हो
- 4:25:55रहा था कि अब भी तो आई [हंसी]
- 4:25:59इतनी बार बुलाया व्हाई डिडंट यू कम दैट वे
- 4:26:02[हंसी]
- 4:26:03मतलब उनको आप डांट रहे हो तो भी वही
- 4:26:05फीलिंग आ रही है उनका मतलब सिर्फ इतना है
- 4:26:08कि मेरे को देखते रहो मेरी मेरी तरफ बात
- 4:26:10करके चाहे डांटो चाहे प्यार करो मुझे नहीं
- 4:26:13पता पर देखो मेरी तरफ
- 4:26:16ये लोग टीचर का भी फेवरेट बनने के लिए कुछ
- 4:26:19भी करेंगे मतलब आप देखोगे दे आर बेसिकली
- 4:26:22इनको हम कहते हैं हैप्पीएस्ट चाइल्ड एवर
- 4:26:25इनको हम सेलिब्रेटिंग चाइल्ड बोलते हैं
- 4:26:28सेलिब्रेटिंग चाइल्ड मतलब बर्थडे हो किसी
- 4:26:30का शादी हो किसी की मतलब क्या इनके चेहरे
- 4:26:35की जो रौनक देखने लेके होती है मतलब इनको
- 4:26:38शॉपिंग कराने चले जाओ हो तो मतलब मजाल है
- 4:26:40इनको पूरे दिन से पहले एक इनको कुछ पसंद आ
- 4:26:43जाए। महाभारत होती है इनको शॉपिंग कराना
- 4:26:46मतलब इनके साथ इनका पति एक ही बार जा सकता
- 4:26:49है बस शॉपिंग कराने।
- 4:26:51लेकिन ये इतने शातिर होते हैं कि फिर मना
- 4:26:53लेते हैं। [हंसी]
- 4:26:57जाना नहीं चाहेगा। क्योंकि इनको बेसिकली
- 4:27:00ऐसी चीज चाहिए जो बाकी किसी के भी पास ना
- 4:27:03हो। जैसे लिसनर को ऐसी चाहिए कि जो उसके
- 4:27:06पास थी वैसी ले लेता हूं। लेकिन इसको
- 4:27:08चाहिए कि किसी के पास होनी नहीं चाहिए
- 4:27:10अगले 5 साल तक भी
- 4:27:14समझ रहे हैं कि बेसिक फंडा क्या है
- 4:27:19इनके ऊपर आरोप लगता है बहुत बोलता है तू
- 4:27:22या बोलती है मतलब दे आर बेसिकली एक्यूज़्ड
- 4:27:26ऑफ़ टॉकिंग टू मच और
- 4:27:29दूसरा इनको अगर आप ना कोई काम दे दो फॉर
- 4:27:32एग्जांपल
- 4:27:34एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी है सिंगिंग
- 4:27:37हो, डांस हो, डिजाइनिंग हो, एनीथिंग
- 4:27:42यू विल सी परफेक्ट। इवन अगर आप इनके क्लास
- 4:27:46की परफॉर्मेंस देखो, दे विल स्कोर मोर देन
- 4:27:4999%
- 4:27:51बिकॉज़ इनके पास एक टेंडेंसी होती है कि
- 4:27:55इनकी जो मेमोरी होती है, वह फोटोग्राफिक
- 4:27:58होती है।
- 4:28:00फोटोग्राफिक मतलब इनका क्या होता थोड़ी
- 4:28:02देर देख लें अगर किसी पेज को तो पूरी फोटो
- 4:28:04छप जाती है। वह जब याद करते हैं तो उसे छत
- 4:28:07की तरफ देख के याद करते होते हैं कि यह
- 4:28:09वाली चीज वहां लिखी हुई थी। यह वाली चीज
- 4:28:10वहां पे लिखी हुई थी। काइंड ऑफ ये रट्टा
- 4:28:13बहुत जबरदस्त होता है। इनका एक खास डायलॉग
- 4:28:16होता है। जब यह बड़े हो जाते हैं तो इनका
- 4:28:17एक खास डायलॉग होता है कि हमसे ना पढ़ा लो
- 4:28:20जितना मर्जी। पर पेपर नहीं होने चाहिए।
- 4:28:24[हंसी]
- 4:28:26ठीक है ना? एग्जजेक्टली सेम डायलॉग होता
- 4:28:29है। चाहे कहीं बैठा हो लिस्ट वो कि पढ़ने
- 4:28:32से दिक्कत नहीं है। बट पेपर से दिक्कत है।
- 4:28:34क्योंकि पेपर जब होगा हाय मेरा कल पेपर
- 4:28:37आया। तारी तो हुई नहीं। सबको फोन करके
- 4:28:39बताएगा कि मेरा तो पेपर है। तो तेरे कितना
- 4:28:41हो गया। मेरा तो इतना रह गया। मैं तो ये
- 4:28:43पता नहीं पता नहीं क्या होगा। पता नहीं
- 4:28:45क्या होगा। बट व्हेन दे एंटर दी
- 4:28:46एग्जामिनेशन हॉल दे डू एक्सट्रीमली वेल।
- 4:28:51उससे पहले इनकी जो घर में कोई आना होता है
- 4:28:54मान लो फ्लैशी घर की मालकिन है फॉर
- 4:28:57एग्जांपल और हस्बैंड ने फोन कर दिया कि कल
- 4:29:00डिनर पर मेरे फ्रेंड आएंगे शी विल ट्राई
- 4:29:02कि एवरीथिंग शुड बी परफेक्ट कोई शिकायत का
- 4:29:06पहले नहीं बताते हो पता नहीं पता नहीं
- 4:29:08क्या होगा कब आएंगे किस टाइम आएंगे काइंड
- 4:29:10ऑफ लाइक बट व्हेन दे एंटर सारा डर गायब
- 4:29:14इनकी दूसरी आदत एक होती है शिकायत मतलब हर
- 4:29:19किसी की शिकायत यह ऐसा भी कर सकते हैं।
- 4:29:21कोई शिकायत करने को नहीं मिल रहा है कि
- 4:29:23भाई को थप्पड़ मार के बोले कि मम्मी यह
- 4:29:25मार रहा है। [हंसी] मम्मी बोले कब? मैंने
- 4:29:28कब मारा? कहता है नहीं मारा नहीं अब
- 4:29:29मारेगा तो।
- 4:29:34बेसिकली इनको खेलना उसी से लड़ रहा है।
- 4:29:37मेरी एक दोस्त है।
- 4:29:39और वो ना मेरे बारे में ऐसे बोल रही थी।
- 4:29:42मेरे को बिल्कुल पसंद नहीं है। मेरे को
- 4:29:44शक्ल नहीं देखनी उसकी। मुझे बिल्कुल अच्छी
- 4:29:45नहीं लगती वो। और मान लो वही दोस्त सामने
- 4:29:48से आ जाए उसका नाम। हाय पिंकी कैसी हो?
- 4:29:51बढ़िया एकदम बढ़िया मस्त। दिखा [हंसी]
- 4:29:56यह इनका खास बिहेवियर है कि आप उसी के
- 4:29:59बारे में कंप्लेंट कर रहे हो बट वही पर्सन
- 4:30:01जब सामने आ रहा है तो यू आर मोर देन
- 4:30:03हैप्पी। तो आपको समझ नहीं आएगा कि यह असल
- 4:30:06में मतलब कौन सा बिहेवियर वाला है। इनको
- 4:30:09हम बेसिकली
- 4:30:13नेचुरल एक्टर्स बोलते हैं।
- 4:30:17दे आर नेचुरल एक्टर्स। आमतौर पर इनके साथ
- 4:30:20वाले जो इनके भाई बहन होते हैं, वह इसको
- 4:30:22ड्रामेबाज बोलते हैं कि बहुत ड्रामेबाज
- 4:30:24है। इतना ड्रामा करते हैं। और एक्चुअली दे
- 4:30:27आर मेंट फॉर ड्रामाज़।
- 4:30:31ऐसे बच्चे स्कोर करने में 100% स्कोर करते
- 4:30:34हैं। देखिए कमाल देखिए आप इनका। मैं इसलिए
- 4:30:37कह रहा हूं क्योंकि इन्हीं के अंदर आपकी
- 4:30:40जब आप अपने इन पेरेंट्स को जब आप बताएंगे
- 4:30:43ना मैं आपको जैसे मैंने आपको शुरू में
- 4:30:45बताया कि एफिशिएंट जो पर्सन था उसका
- 4:30:48एनर्जी लेवल हाई होता है। उसकी मां आपको
- 4:30:52शिकायत बताएगी यह टिकता ही नहीं है। तो आप
- 4:30:55उसको सलूशन बताओगे कि आपने टिकना ही नहीं
- 4:30:57देना। समझ रहे हैं आप? उसका जो बिहेवियर
- 4:31:00है वही उसकी समस्या है और वही उसका स्यूशन
- 4:31:03है। एक्चुअली हम लोग क्या करते हैं कि
- 4:31:06प्रॉब्लम को प्रॉब्लम मानना शुरू वो
- 4:31:08एक्चुअली प्रॉब्लम नहीं है। वो उसकी
- 4:31:10खासियत है। अब ये वाला बच्चा जो है जिसकी
- 4:31:12मैं बात कर रहा हूं। एक तो था वो एफिशिएंट
- 4:31:15जिसने टारगेट चूज़ कर लिया और उसके बिना
- 4:31:17उसको नींद नहीं आ रही है। उसके लिए तो वो
- 4:31:20डायलॉग बढ़िया है कि सपने वो होते हैं जो
- 4:31:22हमें सोने नहीं देते। यह उसी के लिए है बस
- 4:31:25खाली एफिशिएंट के लिए। दूसरे वाले तो सपना
- 4:31:28ले वापस कि दूसरा सपना लेने के लिए सो
- 4:31:30जाते हैं। यह जो फ्लैशी है ना यह ऐसा है
- 4:31:35इसने टेबल टेनिस ज्वाइन किया और
- 4:31:37डिस्ट्रिक्ट लेवल पर मेडल आ गया या लॉन
- 4:31:40टेनिस ज्वाइन किया या फिर बैडमिंटन ज्वाइन
- 4:31:41किया और मेडल आ गया। मेडल आने के बाद आप
- 4:31:45घर गए अगले दिन तैयार होना है कि चल चलते
- 4:31:48हैं कि नहीं मम्मी बैडमिंटन नहीं करना। अब
- 4:31:50कुछ और करना है। नाउ समथिंग एल्स। एक मेडल
- 4:31:54में तेरा स्टेट मेडल आ गया बेटा तू नेशनल
- 4:31:56खेल सकती है ये नहीं इसमें खेलेंगे दूसरे
- 4:31:59में खेलने जाओ वहां भी नेशनल लेवल का
- 4:32:01प्लेयर तीसरे में जाओ वहां भी नेशनल आर्ट
- 4:32:04करने जाओ वहां भी नेशनल म्यूजिक भी
- 4:32:05अल्टीमेट डांस भी अल्टीमेट क्लास में
- 4:32:08पढ़ाई में भी अल्टीमेट सब कुछ बहुत बढ़िया
- 4:32:11है इस बच्चे का फ्लैशी पर्सनालिटी क्योंकि
- 4:32:15दिक्कत क्या है जिसको आप आईक्यू कह रहे थे
- 4:32:17ना मैम और जिसको हम लोग आईक्यू मानते हैं
- 4:32:21वो बेसिकली मल्टीपल इंटेलिजेंसेस का टोटल
- 4:32:23होता है और हमारे ब्रेन में आठ हिस्से ऐसे
- 4:32:26हैं मतलब 10 लोब हैं हमारे ब्रेन के अगले
- 4:32:29दो को छोड़ के जो पीछे वाले चार हैं वो आठ
- 4:32:32की आठ इंटेलिजेंसेस को एक्सप्लेन करते हैं
- 4:32:34अपने को मतलब यही इन्हीं में सारा
- 4:32:36एक्सप्लेनेशन है। फ्लैशी की खासियत यह है
- 4:32:40मैक्सिमम टाइम फ्लैशी के अच्छा उनमें जो
- 4:32:42इंटेलिजेंसीज कैसे डिक्लेअर होती है इसका
- 4:32:44सलूशन क्योंकि अब जो नेक्स्ट जो हमारा
- 4:32:46टॉपिक है वो यही है कि मल्टीपल
- 4:32:48इंटेलिजेंसेस और बच्चे की काबिलियत यह
- 4:32:51कैसे पता लगेगी और कैसे बताएंगे हम
- 4:32:53मां-बाप को एंड देन व्हाट विल व्हाट इज
- 4:32:56आवर टास्क। तो इसको थोड़ा सा एक्सप्लेन
- 4:32:59करने के लिए आपको थोड़ा स्ट्रक्चर समझना
- 4:33:01पड़ेगा कि ब्रेन का स्ट्रक्चर कैसे है।
- 4:33:03मैं बिल्कुल देसी भाषा में समझाऊंगा। हम
- 4:33:06कोई मतलब साइंटिफिक लैंग्वेज में नहीं
- 4:33:08जाने वाले। हमारे पास इस तरह के समझ लो ये
- 4:33:11लोब्स हैं ब्रेन के। समझो कमरा है हमारा
- 4:33:13एक कमरा। 10 कमरे हैं अपने पास। 10 लूप
- 4:33:16हैं एक तरह से। वहां पे न्यूरॉन्स हैं।
- 4:33:19न्यूरॉन्स समझो हमारे सिपाही।
- 4:33:24ताकत मतलब दिमाग की ताकत समझ लो ना। उस
- 4:33:27न्यूरॉन का काम है इंफॉर्मेशन स्टोर करना।
- 4:33:31भाई कोई भी बात हमें बताई वह स्टोरेज जैसे
- 4:33:34कंप्यूटर के अंदर हमने कुछ लिखा तो वह सब
- 4:33:36कुछ स्टोर होता रहता है। जब भी जो फाइल
- 4:33:38चाहिए होती है उस पर क्लिक किया और वो
- 4:33:40फाइल बाहर निकल आती है। सेम इज द केस जो
- 4:33:43देख रहे हैं जो सुन रहे हैं जो सूंघ रहे
- 4:33:46हैं जो भी चाट रहे हैं, खा रहे हैं, पी
- 4:33:49रहे हैं, बोल रहे हैं, जैसा भी फील कर रहे
- 4:33:51हैं। एवरीथिंग इज गोइंग इन द ब्रेन इन
- 4:33:55टर्म्स ऑफ डाटा। बिट्स की फॉर्म में वह जा
- 4:33:58रही है। जैसे कंप्यूटर में जाता है।
- 4:34:00कंप्यूटर में फर्क और हमारे में फर्क इतना
- 4:34:02है कि कंप्यूटर में आपके वही स्टोर होगा
- 4:34:06जो आप एंटर करोगे कीबोर्ड से कुछ और नहीं
- 4:34:10जाएगा। हमारे यहां क्या है? आप करो ना करो
- 4:34:13जो देख रहे हो वो जा रहा है। वो जाके
- 4:34:16स्टोर हो रहा है। मतलब आप वो सब कुछ स्टोर
- 4:34:20हो रहा है अंदर। सो एवरीथिंग मतलब जितने
- 4:34:23मैं कदम चल रहा हूं यह कदम की काउंटिंग
- 4:34:26करके भी दिमाग स्टोर करके रख रहा है पीछे।
- 4:34:28इतना चला था वो जैसे अपने पास जितने भी
- 4:34:30बार गैजेट्स हैं ना सब अंदर हैं। समझो वो
- 4:34:33सारी कैलकुलेशंस जो अंदर होती हैं वह काम
- 4:34:36करता है न्यूरॉन्स
- 4:34:38और न्यूरॉन्स हमारे पास हैं 1000 करोड़
- 4:34:41न्यूरॉन्स हैं हमारे पास पूरे ब्रेन में।
- 4:34:46ठीक है? और एक न्यूरॉन की कैपेसिटी 10 लाख
- 4:34:50कंप्यूटर के जितनी है।
- 4:34:53मींस आप अपनी कैपेसिटी का अंदाजा लगा सकते
- 4:34:56हो कि वो अनलिमिटेड है। जिसको अनलिमिटेड
- 4:34:59टीचर्स कह रहे थे अनलिमिटेड कैपेसिटी वो
- 4:35:02यह कैपेसिटी है। यानी के कोई भी दिमाग कोई
- 4:35:06भी बच्चा कोई भी काम कर सकता है। कोई
- 4:35:09दिक्कत नहीं है। यह वो डायलॉग है जो
- 4:35:11मां-बाप बोलते हैं कि उसके भी तो चार उसके
- 4:35:13भी तो दो हाथ हैं। तेरे भी दो हाथ हैं।
- 4:35:15सबका दिमाग बराबर होता है। ये काइंड ऑफ
- 4:35:17दिस कि चाहे किसी का आईक्यू कम हो मैम
- 4:35:21चाहे किसी का आईक्यू ज्यादा हो, चाहे किसी
- 4:35:23की इंटेलिजेंस कम हो, किसी की ज्यादा हो,
- 4:35:26कोई भी काम हर बच्चा कर सकता है। लेकिन अब
- 4:35:30नेक्स्ट पार्ट आता है कि जब वो रेंडम
- 4:35:33डिस्ट्रीब्यूशन है कि 10 हिस्से हैं हमारे
- 4:35:35पास ब्रेन के। 10 हिस्सों में करोड़ों
- 4:35:38न्यूरॉन्स ऐसे करके हमने थ्रो कर दिए।
- 4:35:40रैंडम डिस्ट्रीब्यूशन हो गया। तो कोई से
- 4:35:43चार हिस्से एवरेज से ज्यादा हैं।
- 4:35:47भाई हम 100% को मान लेते हैं। 100 हमने
- 4:35:50हमने यह मान के लेते हैं कि 100 न्यूरॉन्स
- 4:35:52हैं हमारे पास। हमने वो ऐसे करके थ्रो कर
- 4:35:55दिए। सब में चले गए। वो लूप बंद हो गया।
- 4:35:58एनर्जी लेवल बंद हो गया। जो एवरेज आई 12
- 4:36:011/2 अगर 100 को आठ जगह डिवाइड करेंगे तो
- 4:36:0412.5 एवरेज आई। तो यानी जिसके पास 12.5 से
- 4:36:08ज्यादा न्यूरॉन्स हैं उस जगह पर सोल्जर
- 4:36:11ज्यादा हैं। उस जगह पर एनर्जी ज्यादा है।
- 4:36:13यानी उस जगह से मिलताजुलता काम करेंगे तो
- 4:36:15अपने आप ही करने का मन करेगा। और जहां
- 4:36:17ऑलरेडी सोल्जर्स कम है वहां जोर ज्यादा
- 4:36:19लगेगा। यानी स्टेबल को सरकाना है। तो इस
- 4:36:22पे डिपेंड करेगा कि जो सरकार है उसकी ताकत
- 4:36:24कितनी है। बुलडोजर को सरकाना है। चार
- 4:36:27आदमियों को सरकाना है या एक दो साल के
- 4:36:29बच्चे को सरकाना है या एक चींटी को सरकाना
- 4:36:32है। यह समझ लो आप। यानी ताकत कितनी है
- 4:36:34अपने दिमाग में और वह काम कर रहे हैं तो
- 4:36:37जोर ज्यादा लगेगा, मन भी नहीं करेगा करने
- 4:36:40का। लेकिन अगर हमारे पास वहां फुल एनर्जी
- 4:36:42लेवल है, वही काम कर रहे हैं तो जोर भी कम
- 4:36:45लगेगा और आनंद भी खूब आएगा करते हुए। समझ
- 4:36:48रहे हैं ना? अब इसको सरकाने के लिए मुझे
- 4:36:50क्या जोर लगाना पड़ेगा? मेरे हाथ में है
- 4:36:51इतनी ताकत।
- 4:36:54क्लियर ना? अब क्या होगा कि जो यह फ्लैसीज
- 4:36:57बच्चे होते हैं, जिनकी हम बात कर रहे थे
- 4:36:59जो थोड़ी देर पहले कह रहा था। इनकी खासियत
- 4:37:01क्या है कि 10 न्यूरॉन्स में एनर्जी का
- 4:37:04डिस्ट्रीब्यूशन हुआ और वो जो सर्किट बनते
- 4:37:06हैं अंदर जो कंप्यूटर पे वो सर्किट नहीं
- 4:37:09बनते और वो जो जो लोब है वह बंद नहीं होता
- 4:37:13वह खुला रह जाता है। यह फर्क है। समझ रहे
- 4:37:17हैं आप बात को? अब खुला रहने से क्या
- 4:37:19होगा? 10 के 10 लोब या चार लोब या पांच
- 4:37:22लोब ओपन है। ओपन है का मतलब अब कोई भी काम
- 4:37:26करेंगे। जैसे अभी इंटेलिजेंसेस आएंगी तो
- 4:37:28आपको समझ में आएगा कि क्या मतलब है। कोई
- 4:37:30भी काम करेंगे उससे रिलेटेड जो लोब है
- 4:37:33यानी जहां जो एनर्जी चाहिए वो सारी एनर्जी
- 4:37:35वहीं आ जाती है ऑटोमेटिकली तो वो एकदम
- 4:37:38उसकी परफॉर्मेंस बहुत टॉप की होती है। फिर
- 4:37:42इंटरेस्ट दूर इसलिए चला जाता है क्योंकि
- 4:37:44उसे दूसरी चीज में भी इंटरेस्ट आ जाता है।
- 4:37:47फ्लैशी की खासियत यह है कि वह सुबह डॉक्टर
- 4:37:50बनना चाहता है। दोपहर को वह इंजीनियर बनना
- 4:37:53चाहता है और शाम को राष्ट्रपति बनना चाहता
- 4:37:55है। अगले दिन फिर जज बनना चाहता है। फिर
- 4:37:57दोपहर को वह वकील बनना चाहता है। फिर शाम
- 4:38:00को वह कुछ और बनना चाहता है। उसको यह तो
- 4:38:02पता है कि मैंने टीचर नहीं बनना बस। उसको
- 4:38:05यह तो पता है कि मुझे नौकरी नहीं करनी बस।
- 4:38:08उसको यह नहीं पता करना क्या है। लेकिन
- 4:38:10इतना पता कुछ बड़ा सा करना है। टॉर होनी
- 4:38:12चाहिए अपनी जबरदस्त। मतलब टॉर मतलब वही
- 4:38:14सेंटर ऑफ अट्रैक्शन कहने का मतलब कि लोग
- 4:38:16उसको देखें। तो वो जितने काम कर रहा है
- 4:38:19बेसिकली। अब भाई एक उसने बैडमिंटन जॉइन
- 4:38:22किया था। बैडमिंटन ज्वाइन करके उसने नेशनल
- 4:38:24लेवल का एक मेडल ले लिया। अब उससे ऊपर
- 4:38:26मेडल नहीं आता तो अब कहीं और लेते हैं ना।
- 4:38:28यह वाले लोग बार-बार यही तारीफ करते
- 4:38:30रहेंगे। क्या फायदा? आप कहीं और से तारीफ
- 4:38:32लेते हैं। बिकॉज़ ही कैन डू एनीथिंग।
- 4:38:34क्योंकि उसके वो लोब खाली पड़े हैं। उसके
- 4:38:37पास एनर्जी लेवल ओपन है। ही कैन गो
- 4:38:40एनीवेयर। ही कैन डू एनीथिंग। लेकिन इसका
- 4:38:43ड्रॉबैक यह है कि वो एक चीज पर नहीं
- 4:38:45टिकेगा कभी भी।
- 4:38:48यानी इफ यू विश कि तू बेटा एक चीज को फोकस
- 4:38:51कर ले, एक काम कर ले, तू कुछ भी कर ले, एक
- 4:38:54गेम खेल ले और यह कर ले। ही विल नेवर एवर
- 4:38:57डू। नहीं, फोकस्ड है वो अपने काम में।
- 4:39:01फिक्स्ड नहीं है। फिक्स्ड नहीं है। उसको
- 4:39:06हर काम करना है। बेसिकली और अगर मैं यह
- 4:39:09कहूं कि ऐसी जिंदगी सिर्फ एक ही जगह
- 4:39:11पॉसिबल है। एंड दैट इज ड्रामा वर्ल्ड,
- 4:39:15एक्टिंग वर्ल्ड। दे आर नेचुरल एक्टर्स।
- 4:39:18मैंने बताया शुरू में ही यह सिर्फ एक्टिंग
- 4:39:21के लिए बने हैं। एंटरटेनमेंट के लिए बने
- 4:39:23हैं। और किसी चीज के लिए नहीं बने। उस
- 4:39:26चक्कर में आप इनको जितना चीजें सिखा सकते
- 4:39:28हो सिखाते रहिए। यह उनका इस्तेमाल फिर उस
- 4:39:30वर्ल्ड में यूज़ करेंगे। अगर आप इनको नेशनल
- 4:39:32स्कूल ऑफ ड्रामा देते हो, इनको अगर आप
- 4:39:34एक्टिंग क्लासेस देते हो, इनको आप म्यूजिक
- 4:39:36क्लास देते हो, डांस क्लास देते हो, दे
- 4:39:38विल बी मोर दन हैप्पी। सुबह कुछ कर रहे
- 4:39:40हैं, दोपहर को, कुछ शाम को कुछ। पढ़ाई से
- 4:39:43रिलेटेड कोई भी काम पेपर से अगले दिन तक
- 4:39:47भी नहीं रहता। पेपर मतलब 3 घंटे का पेपर
- 4:39:50है। 12:00 बजे तक पेपर है। 9:00 से 12:00
- 4:39:53बजे सब भूल जाते हैं। ये आप घर आकर के
- 4:39:55पूछो हो गया बस। अब नहीं आता कुछ भी।
- 4:39:59अपन ने सिर्फ पेपर के लिए याद किया था।
- 4:40:01जिंदगी के लिए नहीं याद किया था।
- 4:40:04और यही कारण है और यहां दिक्कत यह है
- 4:40:07हमारे यहां आईआईटीस में भी इन्हीं बच्चों
- 4:40:08का सिलेक्शन होता है। हमारे यहां पीएमटी
- 4:40:11में भी इन्हीं बच्चों के सिलेक्शंस होते
- 4:40:13हैं मैक्सिमम। हमारे यहां हर जगह इनहीं के
- 4:40:15सिलेक्शन होते हैं। दे आर नॉट मेंट फॉर
- 4:40:16दीज़। वो इसलिए निकलते हैं क्योंकि दे गिव
- 4:40:19फ्रीडम। अब यहां यहां मां-बाप को जहां आप
- 4:40:22एंप्लॉयमेंट की बात करते हो, इस बच्चे के
- 4:40:25पास अगर अपने हुनर को लेकर के, एक्टिंग को
- 4:40:27लेकर के, म्यूजिक को लेकर के, डांस को
- 4:40:29लेकर के एंड डिफरेंट एक्टिविटीज को ध्यान
- 4:40:31में रखते हुए अगर यहां वाले बच्चों के
- 4:40:33मां-बाप को स्कोप दिखते नजर आ जाएंगे, तो
- 4:40:36वह कभी मना नहीं करेंगे। कोई मां-बाप नहीं
- 4:40:38चाहता अपने बच्चों को किताबों के अंदर
- 4:40:40रगड़ के रखो। स्पेशली इन बच्चों के
- 4:40:42मां-बाप को पता लगने के बाद
- 4:40:45क्योंकि यह बच्चे पढ़ने के लिए बने ही
- 4:40:47नहीं है। यह नवेल तो पढ़ने के लिए बने हैं
- 4:40:50पर नवेल को पढ़ के सुनाने के लिए नहीं
- 4:40:51बने।
- 4:40:55मैं कह रहा हूं नवेल पढ़ने के लिए बने
- 4:40:56हैं। बट यह नवेल सुनाने के लिए नहीं बने।
- 4:40:58यह उसी को रिपीट करने के लिए अपनी नई
- 4:41:00बनाने के लिए बने हैं।
- 4:41:03ये मैं कह रहा हूं यह तो कुछ भी हो सकते
- 4:41:05हैं। यह राइटर भी ज्यादा दिन तक नहीं
- 4:41:07टिकेंगे। यह यह मतलब सारा काम करके इनको
- 4:41:11जहां लोगों के बीच जब तक लोग जिस काम में
- 4:41:15लोग ज्यादा जुड़ते जा रहे हैं तब तक उस
- 4:41:18काम में हैं। जैसे ही स्टेबिलिटी आई वैसे
- 4:41:20ही अब मुझे यह वाली जॉब अच्छी नहीं लगती।
- 4:41:22अब मुझे कुछ और करना है। जाना ही जाना है
- 4:41:25इन्होंने छोड़ के। अगर यह वहीं रह गया
- 4:41:27कंटीन्यूअस एक ही जगह पर मतलब यह तो एक ही
- 4:41:30जगह बैठ भी नहीं सकते। जिनके घर में हो आप
- 4:41:32में से है किसी के घर ऐसा एक और दो। इनके
- 4:41:38घर में अब दो बच्चे हैं तो बहुत आसान हो
- 4:41:41जाएगा। आप वैलिडेट कर सकते हो मेरी बातों
- 4:41:43को। एक भी लाइन गलत नहीं बोली मैंने। ठीक
- 4:41:46है? और कुछ बातें हैं जो स्पेशली आपको ही
- 4:41:48बतानी है। वो पब्लिक में नहीं बतानी इसलिए
- 4:41:50वो रोकी हुई है। [हंसी]
- 4:41:52[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] वो
- 4:41:53पर्सनल काउंसलिंग की बात है। जनरल ये आपके
- 4:41:55लिए जब फाइनल एक फाइनल ट्रेनिंग और होनी
- 4:41:58है। वो उन्हीं की होनी है जो यहां वाली
- 4:41:59पास कर जाएंगे।
- 4:42:02तो अब क्या है कि इन बच्चों की आप एक जगह
- 4:42:06पर टेबल और कुर्सी भी नहीं रख सकते ज्यादा
- 4:42:08दिनों तक। उनको बदलनी ही बदलनी है वहां
- 4:42:11से। मतलब एक चीज कंटीन्यूअस इनकी लाइफ में
- 4:42:15रह ही नहीं सकती। चाहे वो घर हो। घर में
- 4:42:18से भी भागने कोचेंगे। घर बदल लो ना मम्मी।
- 4:42:20कोई जगह दूसरी जगह ले लो ना। दे विल ऑलवेज
- 4:42:23ट्राई। टीचर भी सेम ना रहे। कोशिश करें
- 4:42:26अगले साल नया आना चाहिए। अब बड़ी दिक्कत
- 4:42:29क्या है? लिसनर सोचता है मेरा टीचर ना
- 4:42:31बदला जाए। उसके लिए सेक्शन चेंज होना भी
- 4:42:34प्रॉब्लम है। और यह कह रहा है कि मुझे एक
- 4:42:35जगह नहीं रहना। मुझे टीचर बदलना है। ये तो
- 4:42:39ऐसे होते हैं फीस जमा कराने के बाद बोलते
- 4:42:40हैं इस वाले ट्यूशन का समझ में नहीं आ रहा
- 4:42:42अगले वाले पे जा।
- 4:42:44ये कहते तू पहले क्यों नहीं बताया? पहले
- 4:42:46वो फीलिंग आई नहीं थी ना। [हंसी]
- 4:42:48स्टेबिलिटी आ गई। फीस जमा कराते ही पूरी
- 4:42:51फीस जमा कराते ही स्टेबिलिटी आ गई। और
- 4:42:53स्टेबिलिटी पसंद नहीं कि अब यहां से बदलो
- 4:42:55भाई। यह तो पूरी फीस हो गई जमा।
- 4:42:58लाइक दैट।
- 4:43:00तो इस तरह से यह थी पर्सनालिटीज। मतलब
- 4:43:04जहां अब बीच-बीच में जब हम चलते जाएंगे तो
- 4:43:07जैसे ही कोई बात और मतलब मेरा सर्किट
- 4:43:10भिड़ेगा आपस में तो याद आ जाएगी तो फिर मैं
- 4:43:12फिर जिक्र कर दूंगा। ये अभी तक का यह मतलब
- 4:43:14था कि अभी हमने चारों पर्सनालिटीज़ को
- 4:43:16डिस्कस कर लिया अलग-अलग।
- 4:43:19अब इसमें क्या होगा? नेक्स्ट स्टेप जो है
- 4:43:22जैसे मैम ने पूछा था कि क्या दो
- 4:43:24पर्सनालिटीज़ एक ही पर्सन में हो सकती हैं?
- 4:43:27यस इट इज वेरी मच पॉसिबल क्योंकि अदरवाइज
- 4:43:31चार ही तरह के थोड़ी लोग होंगे दुनिया
- 4:43:32में।
- 4:43:34यह कॉम्बिनेशन तो कुछ भी हो सकता है ना।
- 4:43:36तो अगर मान लीजिए एक पर्सनालिटी जो घर में
- 4:43:40है इंट्रा वाली वो लिसनर है और बाहर वाली
- 4:43:43एफिशिएंट है तो मतलब घर वाले सोचेंगे कि
- 4:43:47इतना बुद्धू है यह। बाहर जाते ही वो मतलब
- 4:43:50अपने आप में हीरो बन जाएगा। या अगर
- 4:43:53एफिशिएंट घर में है और बाहर लिसनर है तू
- 4:43:56घर में तो बड़ा मतलब रहता है किसी की
- 4:43:58मानता ही नहीं बाहर तू मतलब कुछ भी नहीं
- 4:44:00करता बाहर जो लोग कहते हैं वही करता है
- 4:44:04है ना मतलब यह किस पे डिपेंड करेगा कि वो
- 4:44:07कैसे बिहेव करेगा यह उस चीज पर बिहेव
- 4:44:10करेगा कि वह बच्चा है कहां उस वक्त बैठा
- 4:44:13कहां है घर में बैठा है कि घर से बाहर
- 4:44:15बैठा है और दूसरा जिससे बात कर रहा है वह
- 4:44:18कौन है अगर वह उसके साथ रहने वाला ही बंदा
- 4:44:22है तो उसकी इंट्रा वाली पर्सनालिटी उससे
- 4:44:24बात कर रही है और अगर बाहर वाला बंदा है
- 4:44:27तो बाहर वाली कर रही है। इसीलिए कई
- 4:44:29आदमियों के बिहेवियर में आपको चेंज मिलेगा
- 4:44:31कि वो घर में कुछ और होते हैं और बाहर कुछ
- 4:44:33और होते हैं और कुछ नहीं मिलते। कुछ सेम
- 4:44:36होते हैं थ्रूउ द लाइफ। यही डिफरेंस है।
- 4:44:40तो पर्सनालिटीज
- 4:44:42क्लियर
- 4:44:46जब आप बात कर रहे थे
- 4:44:50नहीं एक्चुअली क्या होता है कि उसमें
- 4:44:54जिसमें आपको तीन या चार या ज्यादा नजर आ
- 4:44:57रही है ना वो मोर प्रोबेबबली या तो लिसनर
- 4:44:59है या फिर फ्लैशी है। लिसनर कॉपी कर लेता
- 4:45:02है और फ्लैशी को तो ड्रामे करने होते हैं।
- 4:45:04उसको तो ड्रामे से मतलब है। उसको और कोई
- 4:45:06मतलब नहीं। वह या तो आपको अपना समझता है
- 4:45:09या वह अपना नहीं समझता है। इस बेसिस पर ही
- 4:45:12पर्सनालिटीज हैं। आपसे बात कर रहा है तो
- 4:45:14वह आपको क्या समझता है? वैसे तो जो आपका
- 4:45:16सवाल है उसका सही जवाब तो यह है कि एक
- 4:45:19इंसान में चारों होती हैं। हम सब में
- 4:45:22चारों होती हैं। डोमिनेटिंग जो
- 4:45:24पर्सनालिटीज हैं उनकी बात हो रही है कि
- 4:45:26बिहेवियर के पीछे का डिसीजन मेकिंग जो
- 4:45:28होगा वो उस पर स्ट्रांग इंपैक्ट किस चीज
- 4:45:30का होगा। ऐसे तो एफिशिएंट पर्सनालिटी को
- 4:45:33भी बेचारे को नौकरी करनी पड़ ही रही है
- 4:45:35ना। वह भी कह देगा क्या करें नौकरी कर ही
- 4:45:37रहे हैं कोई चक्कर नहीं उसमें भी खुश होना
- 4:45:39शुरू ढूंढ लेता है उसमें जी पपुलेशन के
- 4:45:42अंदर ना परसेंटेज हां वो परसेंटेज आता है
- 4:45:45आपके पास जब रिपोर्ट आएगी ना बच्चों की
- 4:45:47अभी जब फाइनल जब एक-एक चीज को करेंगे अब
- 4:45:49वो आपके पास आएगी पर्सनालिटीज में कुछ
- 4:45:52डोमिनेशन नहीं है। पर्सनालिटी तो बिहेवियर
- 4:45:55को बेसिकली डिसाइड कर रही है। यहां जो अभी
- 4:45:57तक हमने पढ़ा है ना वो है बिहेवियर और
- 4:46:00बिहेवियर कम या परसेंट ज्यादा कम का तो
- 4:46:02कोई सीन ही नहीं है। भाई वो जिससे बात कर
- 4:46:04रहा है उसके साथ वो एफिशिएंट बात कर रहा
- 4:46:06है। बाहर वाले से कौन सी पर्सनालिटी बात
- 4:46:08कर रही है? तो परसेंटेज का इसमें रोल नहीं
- 4:46:11है। बस यह है कि कौन सी पर्सनालिटी है।
- 4:46:13चारों के लिए अलग-अलग बिहेवियर उनका होगा।
- 4:46:16उनका होगा जो आइडियलिस्ट हैं। सबका नहीं
- 4:46:20होगा।
- 4:46:21जैसे लिसनर्स हैं। उनका बिहेवियर घर में
- 4:46:24चार आदमियों से अलग-अलग नहीं हो सकता। कभी
- 4:46:26भी नहीं हो सकता।
- 4:46:29एफिशिएंट का भी नहीं हो सकता। एफिशिएंट ने
- 4:46:31नहीं माने तो नहीं माननी। अब पापा के
- 4:46:33सामने आके डर के मारे बोल नहीं रहा। इसका
- 4:46:36यह मतलब नहीं है कि पापा से सहमत हो गया।
- 4:46:39एफिशिएंट वो सिर्फ चुप है। वो वो उसकी
- 4:46:42स्मार्टनेस है अपने बिहेवियर को शो करने
- 4:46:44की। दिमाग में उस विरोध को रोक नहीं सकता
- 4:46:48वो। उसका दिमाग में अगर यह आ गया मैंने
- 4:46:50नहीं माननी है। अब भाई ठीक है तू पढ़ ले
- 4:46:52बैठ के। अब उसको उसका पापा जबरदस्ती किताब
- 4:46:55के सामने बिठा सकता है।
- 4:46:58पढ़ा नहीं सकता। लेकिन अगर आप जबरदस्ती
- 4:47:01लिसनर को बिठा दोगे पढ़ाने के लिए वह पढ़
- 4:47:03लेगा। एफिशिएंट को जबरदस्ती नहीं पढ़ा
- 4:47:05सकते आप। तो पापा के मम्मी के सामने
- 4:47:08एफिशिएंट यह बोल सकता है कि मैं नहीं करता
- 4:47:10जाओ। पापा के सामने नहीं बोले क्योंकि हो
- 4:47:12सकता है थप्पड़ आए। तो वो अगले बिहेवियर
- 4:47:14को मॉडिफाई किया है उसने। थॉट नहीं रोक
- 4:47:17सकता वो अंदर कि मैंने नहीं पढ़ना।
- 4:47:18एफिशिएंट वो ऐसे हैं घर में [हंसी]
- 4:47:23स्कूल में भी है। मैं मेरे ख्याल से इसका
- 4:47:25जवाब दे चुका हूं। कैसे करा सकते हैं?
- 4:47:28देखो इसका अगर स्मार्ट अगर थोड़ी स्मार्ट
- 4:47:30वे में जाएंगे दैट वास अ गुड क्वेश्चन अगर
- 4:47:33थोड़ा स्मार्ट वे में जाए कि जैसे
- 4:47:34एफिशिएंट को मोटिवेट करना है। एफिशिएंट के
- 4:47:38किसी एफिशिएंट के 60% मार्क्स आ रहे हैं।
- 4:47:41उसका कंपटीशन 90% वाले के साथ करने लगोगे
- 4:47:44वो कभी मोटिवेट नहीं होगा। 60% वाले का
- 4:47:48कंपटीशन 62 वाले के साथ करवा दो। सिर्फ
- 4:47:52लॉजिक होता है। एफिशिएंट पर्सनालिटी लॉजिक
- 4:47:54से समझ में आता है। बैठ के एक दिन जैसे
- 4:47:57पेरेंट टीचर मीटिंग होती है फॉर एग्जांपल
- 4:47:59उसमें तो खैर ओपन होती है। बट काउंसलर है
- 4:48:02जो आपका स्कूल का वो काउंसलर एक काम कर
- 4:48:04सकता है कि यह 65% इसके मार्क्स आ रहे हैं
- 4:48:08और अभी ये एफिशिएंट है। तो क्लास के अंदर
- 4:48:10दूसरा एफिशिएंट कौन है जिसके 70 आ रहे
- 4:48:13हैं। उन दोनों के कंपेयर कर लो और वहां
- 4:48:16लाओ। वहां पे सिर्फ आपको तीनचार वो
- 4:48:18देखेंगे जब आप थोड़ा सा एनालिसिस करके तो
- 4:48:21आप देखेंगे कि वो मैथ्स में ज्यादा है तो
- 4:48:23फिजिक्स उसमें कम है। इंग्लिश में कम है।
- 4:48:26एक जगह ज्यादा है तो दूसरी जगह कम है। तो
- 4:48:28वो आपने सिर्फ उसको इतना लॉजिक देना है।
- 4:48:30वैसे यार इतनी सी बात है भाई। अगर तेरे इन
- 4:48:33तीन सब्जेक्टों में थोड़े से और आ जाते ना
- 4:48:34तो इससे आगे निकल सकता था। निकल सकता है।
- 4:48:37बस उससे इतना पूछ लो। अगर आप उससे यह
- 4:48:40कहोगे ना कि तेरे को इससे आगे निकलना है।
- 4:48:43ही विल नेवर एक्सेप्ट दैट स्टेटमेंट। आपको
- 4:48:46सिर्फ उससे बना निकल सकता था। वैसे निकल
- 4:48:49सकता है। अगर उसने कह दिया यहां तो समझो
- 4:48:53आपका काम हो गया। अगर वो ये कहेगा देखता
- 4:48:56हूं करता हूं फिर इसका मतलब फिर स्टेटमेंट
- 4:48:58चेंज करो कहीं और से लेके आओ फिर कुछ और।
- 4:49:00नाउ ये अब आपकी स्मार्टनेस है कि आप आपको
- 4:49:03उसको चैलेंज ही देना पड़ेगा। ओनली चैलेंज
- 4:49:07इज द वे ऑफ टू मोटिवेट।
- 4:49:11ओनली चैलेंज। वह इसलिए नहीं देना कि वह
- 4:49:14आपके कहने से 65 से 70 तक थोड़ा तो धक्का
- 4:49:17स्टार्ट हो सकता है। लेकिन घर में उसके
- 4:49:19बाप ने 90 का दे रखा है। वहां गरारी फंसी
- 4:49:2190 तो लेने नहीं लेने नहीं। वी नीड वहां
- 4:49:24पे उसके फादर को भी समझाना जरूरी है उस
- 4:49:27लेवल पे आकर के कि नाउ योर स्टेटमेंट शुड
- 4:49:29बी चेंज्ड। क्योंकि अगर फादर भी एफिशिएंट
- 4:49:33है। एफिश क्योंकि जेनेटिक होता है जो मैं
- 4:49:35बता रहा हूं। अगर एफिशिएंट का फादर भी
- 4:49:37एफिशिएंट है तो ये मैक्सिमम टाइम ये
- 4:49:39कंफर्मेशन आती है कि वो इसलिए नहीं पढ़
- 4:49:41रहा क्योंकि उसका फादर बीच में प्रॉब्लम आ
- 4:49:43रहा है। तो उसको उसको उस कहानी में से
- 4:49:46डिलीट करना पड़ेगा कि तूने टोकना नहीं है
- 4:49:49इसको। सामान सारे दिला दो बस पढ़ने के नाम
- 4:49:51पर तेरे को कुछ नहीं कहना। फादर का रोल
- 4:49:53खत्म करना पड़ेगा पढ़ाई से। कि यह पढ़े ना
- 4:49:56पढ़े। पेपर में नहीं लिखते। बताया तो है
- 4:49:58सलूशन। मैंने बताया तो है। यही तो
- 4:50:00स्मार्टनेस है आपकी। मतलब कॉपी पेस्ट
- 4:50:03थोड़ी दूंगा सब कुछ बना करके आपको। यह तो
- 4:50:06ढूंढना। देखिए क्या होता है आप अगर उसके
- 4:50:08टीचर हैं तो आप उसका एज अ टीचर बिहेवियर
- 4:50:11एनालाइज कर रहे हो। फिर जो उसकी मम्मा है
- 4:50:13वो उसका बचपन से देख रही है। अब जो मेरा
- 4:50:16आज तक मैं आपसे मिला हूं जितना भी मिला
- 4:50:18हूं हमारे बीच में एक रिलेशनशिप बना है।
- 4:50:22वो कोई भी बना है। जब हम और ज्यादा
- 4:50:25मिलेंगे जब हम और ज्यादा बात करेंगे तो वह
- 4:50:27रिलेशन और लंबा होगा। तो मां-बाप का उस
- 4:50:29बच्चे के साथ में रिलेशनशिप लंबा है। तो
- 4:50:32उन्होंने अपनी लिमिट्स एक्सटेंड की हुई
- 4:50:34है, बढ़ाई हुई है, रखी हुई हैं। वो
- 4:50:37क्योंकि एफिशिएंट के घर में अगर उसके
- 4:50:39मम्मी या पापा में से एक एफिशिएंट है तो
- 4:50:42यह कंफर्म है कि उनके घर में महाभारत होती
- 4:50:44है।
- 4:50:48हां। हां हां हां।
- 4:50:52वही तो बता रहा हूं ना। उसको बिल्ड करने
- 4:50:54का एकमात्र तरीका है। ये ये ठीक थी बात कि
- 4:50:57जैसे एफिशिएंट पर्सनालिटी है और बचपन में
- 4:50:59पता लग गया कि यह एफिशिएंट है। तो जब वह
- 4:51:02आपको कुछ भी कहने के लिए कुछ भी कह रहा
- 4:51:06है, कुछ भी कह रहा है। पहले झटके ना मत
- 4:51:09करो।
- 4:51:11ना बर्दाश्त नहीं होती ना? ना बर्दाश्त
- 4:51:14होती नहीं ऐसे लोगों को। वही कह रहा हूं
- 4:51:16ना मैंने। मैंने पहला ही शब्द यही बोला है
- 4:51:18ना? कि पहले झटके उसको ना मत करो। क्योंकि
- 4:51:21उससे वो ना जैसे ही आप ना कहोगे वैसे ही
- 4:51:24वो उल्टा पक्का पड़ेगा। पक्का पक्का
- 4:51:26पड़ेगा। सवाल ही पैदा नहीं होता कि वह
- 4:51:27आपकी बात मान ले। अब वह काम नहीं करेगा जो
- 4:51:30आप करने के लिए कहोगे। कंफर्म है। तब
- 4:51:32धीरे-धीरे आप रिश्ता इतना खराब कर लोगे कि
- 4:51:35फिर आखिर में बहुत सारे मां-बाप को तो यह
- 4:51:37भी कहना पड़ता है ऐसी औलाद से तो औलाद ना
- 4:51:39ही हो तो बढ़िया है। वो रिश्ता हम खराब
- 4:51:42करते हैं बेसिकली। इट्स नॉट द चाइल्ड कि
- 4:51:45वो खराब था। कोई भी नहीं खराब है। वो पैदा
- 4:51:48हुआ है जैसा। वी आर नॉट एबल टू अंडरस्टैंड
- 4:51:51हिम। हमने उसको समझ लिया होता। हमने अपने
- 4:51:53डायलॉग को थोड़ा बहुत कंट्रोल कर लिया
- 4:51:55होता। हमने अपने एनवायरमेंट को थोड़ा
- 4:51:57मॉडिफाई कर लिया होता तो दैट वुड बी इजी।
- 4:52:01अब क्योंकि एक बार रिलेशन खराब होने के
- 4:52:03बाद इट्स वेरी मच डिफिकल्ट। क्योंकि जो
- 4:52:06फ्लैशी पर्सनालिटी है वो एक से 2% है।
- 4:52:09सिर्फ मैक्सिमम 2% है पपुलेशन में। आपको
- 4:52:13मिलेंगे नहीं। इसका मतलब बाकी की 98%
- 4:52:16पॉपुलेशन को फर्क पड़ता है कि रिश्ता खराब
- 4:52:19हो चुका है। इन दो को नहीं फर्क। ये दो
- 4:52:21वाले तो लड़के मार पे फालतू
- 4:52:25इतने मोटे-मोटे आंसू निकालेंगे। क्यों जी?
- 4:52:27फ्लैशी वो गए मैम। उनके इतने मोटे-मोटे
- 4:52:30आंसू होते हैं। आपको लगता है जैसे बहुत
- 4:52:32जुल्म कर दिया बच्चे पे पर 10 मिनट में वो
- 4:52:34फिर से एकदम फ्रेश होते हैं। लेकिन
- 4:52:38एफिशिएंट और आइडलिस्ट नहीं हो सकते। अगर
- 4:52:41इनके दिमाग में अगर एक चीज घर कर गई
- 4:52:43क्योंकि दिक्कत यह है इनकी मेमोरी बहुत
- 4:52:46तेज होती है। यह समस्या है इनकी एफिशिएंट
- 4:52:49की और आइडलिस्ट की कि मेमोरी इतनी
- 4:52:51स्ट्रांग होती है कि इन्होंने कोई चीज सुन
- 4:52:53ली है तो वह भूलते नहीं है और जब भूलते
- 4:52:55नहीं है तो फिर कुछ नहीं भूलते भाई फिर
- 4:52:58आपका कहा हुआ भी नहीं भूलते फिर आपका करा
- 4:53:00हुआ भी नहीं भूलते वो 6 महीने बाद भी याद
- 4:53:02दिला देंगे आपने तो ऐसा कहा था [हंसी]
- 4:53:07ठीक है तो इसका मतलब जो आप आज उसके साथ कर
- 4:53:09रहे हो वो बुढ़ापे तक याद रखेगा कि अच्छा
- 4:53:12ऐसा करा था मेरे साथ मैं बताऊंगा
- 4:53:15क्योंकि वो मेमोरी स्ट्रांग होती है तो
- 4:53:18पर्सनालिटी इज ओवर आपको अब सवाल पूछने हैं
- 4:53:21ढेर सारे। आपकी तरफ से सवाल आए नहीं थे
- 4:53:24मेरे पास। पर मैं मुझे उम्मीद थी कि
- 4:53:27आएंगे। अब सवाल दो तरह के लोगों के नहीं
- 4:53:29आते। या तो जिनको कुछ भी समझ में नहीं आया
- 4:53:32हो या जिनको सब कुछ आ गया हो। सब कुछ तो
- 4:53:34मुझे भी नहीं आया। आज तक 17 साल से लगा
- 4:53:36हुआ हूं। [हंसी]
- 4:53:39तो अब कौन सी कैटेगरी पे है? ये आपको
- 4:53:42देखना और बताना पड़ेगा मुझे कि हमें ये
- 4:53:44ढेर सारे सवाल पूछने हैं। अब थोड़े सवाल
- 4:53:46की कैटेगरी अब बन गई होगी। वो थोड़ा शुरू
- 4:53:49का था। आई कैन अंडरस्टैंड। मैं जानबूझ के
- 4:53:52कह रहा था तो ऑन अ लाइटर मोड। तो अभी आपके
- 4:53:55सवाल बन गए होंगे। अब जो नेक्स्ट सवाल हैं
- 4:53:58वो हम मल्टीपल इंटेलिजेंसेस पे हम करेंगे
- 4:54:00अगले और आठों मल्टीपल इंटेलिजेंसेस को जब
- 4:54:03हम करके निकलेंगे तो आपको बहुत चीजें एकदम
- 4:54:06क्रिस्टल क्लियर होने शुरू हो जाएंगी।
- 4:54:08शुरू होंगी।
- 4:54:12जी हां हां
- 4:54:15जी।
- 4:54:18पर्सनालिटी है
- 4:54:19हां जी
- 4:54:22नहीं नहीं ये रिकॉर्ड हो रहा है
- 4:54:23फ्लशी पर्सनालिटी है जैसे उसकी
- 4:54:25पर हमें उसका 10थ के बोर्ड में भी उसके
- 4:54:27मार्क्स अच्छे होने चाहिए उसको छोड़ नहीं
- 4:54:29सकते हम
- 4:54:30ये भी पता है कि फ्लैशी पर्सनालिटी है टिक
- 4:54:33कर भी नहीं बैठेगा और एमआई क्लब में या
- 4:54:36किसी भी क्लब में हमें यह भी पता चल रहा
- 4:54:37है थिएटर अच्छा कर रहा है पर एक होता है
- 4:54:40ना एजुकेशन भी जरूरी है। हम उसको 10थ में
- 4:54:43नहीं छोड़ सकते ना कि भैया तू थिएटर के
- 4:54:46लिए बना है भैया तू मत कर। हमें उसको उसको
- 4:54:49मोटिवेट उसकी एजुकेशन के लिए भी करना है
- 4:54:52क्योंकि उसके लिए 10थ बोर्ड भी जरूरी है।
- 4:54:54उसके लिए क्या
- 4:54:55मैं आपको दो चीजें इसके दो वर्जन निकलते
- 4:54:58हैं जो आपने बोला है। एक तो यह है आपने
- 4:55:00बोला एजुकेशन के लिए जो आप करा रहे हो ना
- 4:55:03जो बोर्ड है वह एजुकेशन नहीं है। बेसिकली
- 4:55:06वह तो एक सर्टिफिकेट के लिए आप काम कर रहे
- 4:55:08हो। सर्टिफिकेट चाहिए होते हैं नौकरी के
- 4:55:11लिए सिर्फ। और यह बच्चे नौकरी के लिए नहीं
- 4:55:14बने होते। तो पहली बात तो यह है कि अगर यह
- 4:55:16फेल भी होते हैं तो कोई बात नहीं। मतलब
- 4:55:18चाहे अमिताभ बच्चन भी तो 12वीं पास था
- 4:55:21मेरे ख्याल से। 12वीं फेल था।
- 4:55:25अब करी होगी उसने बाद में। पहले करके गया
- 4:55:28था वो।
- 4:55:31कौन सा था फिर हमारा? सचिन था। लता
- 4:55:33मंगेशकर थी। सर सचिन था, लता थी, लता
- 4:55:38मंगेशकर जैसे ठीक है। लता मंगेशकर तो मेरे
- 4:55:42ख्याल आठवीं पास है। आठवीं फेल है कि पास
- 4:55:45है? नहीं मैं मैंने दो वर्जन बोला। अभी
- 4:55:48दूसरा वर्जन आ रहा है। दूसरा वर्जन आपके
- 4:55:50हिसाब से अभी आ रहा है। वो जो लिसनर्स हैं
- 4:55:52ना 85 उनका भी आ रहा है। क्योंकि उनको ये
- 4:55:55चीजें इतनी आसानी से एक्सेप्ट नहीं है।
- 4:55:57एक्सेप्टेबल ही नहीं है कि कोई आदमी आके
- 4:55:59कह रहा है कि ना पड़े तो ना पड़े। एक मतलब
- 4:56:02मेरे जैसा आदमी तो कह रहा है कि ना पड़े
- 4:56:03तो ना पड़े।
- 4:56:05ठीक है? अब रह गई मां-बाप की बात। देखिए
- 4:56:08मैं आपको बताता हूं अगर आप इतने अच्छे से
- 4:56:11कन्विंस कर सकते हैं उन पेरेंट्स को कि
- 4:56:13दिस चाइल्ड इज नॉट मेंट फॉर दी थिंग्स जो
- 4:56:17आप कराना चाहते हो। यह बना ही किसी और चीज
- 4:56:19के लिए है। लेकिन हमारे सिस्टम में थोड़ा
- 4:56:23चेंज आने में अभी वक्त लगेगा और वह अभी
- 4:56:25ऐसा सिस्टम है कि अगर आपको नेशनल स्कूल ऑफ
- 4:56:27ड्रामा में एडमिशन लेना है या रोहतक में
- 4:56:30जैसे सुपवा है स्टेट यूनिवर्सिटी
- 4:56:31परफॉर्मिंग विजुअल आर्ट्स वहां पे एडमिशन
- 4:56:34लेना तो वहां भी परसेंटेज तो वो देखते
- 4:56:35हैं। मतलब ये एक वो प्रॉब्लम है। तो यहां
- 4:56:38पे दो चीजें आएंगी। एक तो आप बच्चे को यह
- 4:56:42बता सकते हो पर्सनल काउंसलिंग में कि बेटा
- 4:56:45तुम्हारी यह पर्सनालिटी है। यह मल्टीपल
- 4:56:48इंटेलिजेंसेस हैं। तुम्हारा जो किसी काम
- 4:56:50में मन नहीं लगता या मन नहीं टिकता ज्यादा
- 4:56:52समय तक इसका यह रीजन है। तो यह जेन्युइन
- 4:56:55प्रॉब्लम है। इसमें हम यह नहीं कह रहे कि
- 4:56:57तुम्हारी कोई गलती है। इसको कर लो। ये
- 4:57:00बिल्कुल सही हम मानते हैं। हम यह चाहते
- 4:57:02हैं कि तुम्हें सबसे अच्छा यह लगता है ना?
- 4:57:05तुम्हें सबसे अच्छा यह वाला लगता है ना?
- 4:57:06तुम्हें यह सब करना चाहोगे? हां, हम करना
- 4:57:09चाहेंगे। अगर वो क्योंकि दिक्कत क्या है
- 4:57:11मैं आपको बताऊं कि फ्लैशी को समझाना भी
- 4:57:15थोड़ा मुश्किल होता है। मुश्किल इसलिए
- 4:57:17होता है कि आप उसको टारगेट बड़ा दे दोगे
- 4:57:20वो बड़ा भी अचीव कर लेगा। छोटा दोगे छोटा
- 4:57:22भी कर लेगा। लेकिन उसमें अगर उसको यह नहीं
- 4:57:24नजर आएगा ना कि लोग तेरे को सुनेंगे,
- 4:57:28देखेंगे, अप्रिशिएट करेंगे तो वो उस चीज
- 4:57:30को नहीं एक्सेप्ट करेगा। तो आपको एक तो
- 4:57:33उसको विजुलाइज कराना पड़ेगा। कैसे मान ले
- 4:57:36तू वहां पे वो काम कर रहा है। हजारों
- 4:57:38आदमियों की भीड़ तेरे लिए तालियां बजा रही
- 4:57:40है। कितना अल्टीमेट उसको अंदर से फिल्म वो
- 4:57:42उस वक्त एकदम कर जाएगा क्योंकि ऐसे बच्चे
- 4:57:44विजुलाइज बहुत जल्दी करते हैं। वो कहानी
- 4:57:46को भी ऐसे कहानी उनके फिल्म में थिएटर की
- 4:57:48तरह चलती है। टीचर जो बोल रहा होता है
- 4:57:50बिल्कुल फिल्म की तरह चलती है। तो वो जो
- 4:57:53बच्चे होते हैं उनको जब आपने पहले
- 4:57:55विजुलाइज कराना पड़ेगा कि तू अगर यहां
- 4:57:57पहुंच गया तो तेरे को तालियों की
- 4:57:59गड़गड़ाहट और वो जो तेरे को हीरोइज्म वाली
- 4:58:01जो फीलिंग है ना वो आ रही है। वो जैसे ही
- 4:58:03वहां पहुंचा फिर उसको कह दो लेकिन यार
- 4:58:05इसके लिए तो यहां एडमिशन लेना पड़ेगा।
- 4:58:08इसके लिए तो यह करना पड़ेगा और इसके लिए
- 4:58:10तो यहां इतना करना पड़ेगा। यह मतलब आप
- 4:58:12उसको वहां से यहां ला सकते हो।
- 4:58:15ठीक है ना? और मां-बाप को यह समझा सकते हो
- 4:58:18कि आपको इसके ऊपर एक तरह से बंदिश ही
- 4:58:23लगानी पड़ेगी। अब क्योंकि जो लिसनर और
- 4:58:27फ्लैशी हैं। अगर आप अपने हिसाब से चलाना
- 4:58:30चाहते हो वो चल पड़ेंगे। कुछ भी याद कराना
- 4:58:32चाहते हो वो कर लेंगे और परमानेंटली उनके
- 4:58:35अंदर कोई मतलब ऑड या इल फीलिंग भी नहीं
- 4:58:38रहेगी। वो आप जबरदस्ती उनसे कर सकते हो।
- 4:58:41कोई दिक्कत नहीं है अगर यहां पे या इतना
- 4:58:43ही अड़ना ही है कि भ यही करना है तो मतलब
- 4:58:45कर सकते हो। लेकिन गलती से भी एडलिस्ट और
- 4:58:48एफिशिएंट के साथ जबरदस्ती मत कर लेना। यह
- 4:58:51बिल्कुल साफ-साफ बोल देना। आपकी चलेगी ही
- 4:58:54नहीं। मतलब जो आप करवाना चाह रहे हो ना जो
- 4:58:57नंबर जितने वो कभी नहीं आएंगे जिंदगी में।
- 4:58:59तो यह पता लगने के बाद उनको बोल देना कि
- 4:59:02भाई अब हाथ जोड़ लो। अब जो हो गया हो गया।
- 4:59:04अब अगला सुधार लो।
- 4:59:07बिल्कुल अगले राज करने के लिए बने हैं।
- 4:59:10अपनी चलाने के लिए बने हैं। ठीक है? दे आर
- 4:59:12आप इनका तो आप इनकी तो एस्ट्रोलॉजी पे
- 4:59:15विश्वास करोगे ना। अगर आप उनकी कुंडली
- 4:59:16दिखाओगे तो राजयोग ही मिलेगा। मतलब
- 4:59:19नेचुरली मिलेगा इनके राजयोग। राजयोग इन द
- 4:59:22सेंस यह चार ये दोस्त भी ऐसे बनाएंगे जो
- 4:59:25इनकी मानते हो। जो नहीं मानेगा तू चल आउट।
- 4:59:27यह तीन अपनी गुलामी कर रहे हैं। अपने
- 4:59:29तीनों के साथ खेलेंगे। अपन और किसी के साथ
- 4:59:31खेलेंगे ही नहीं। बेसिकली इनको गुलाम
- 4:59:33चाहिए। जो अब जैसा कहें वैसा ही काम करते
- 4:59:36रहें। चुपचाप फालतू बिना सवाल किए। यह
- 4:59:38अपनी सत्ता के लिए कहीं भी जा सकते हैं।
- 4:59:40कुछ भी कर सकते हैं। यह मतलब चाहे अगले को
- 4:59:43कुछ कराना हो। ठीक है ना? तो, दीज़ आर
- 4:59:48बेसिकली।
- 4:59:50यह पर्सनालिटीज पार्ट इज ओवर। एंड नेक्स्ट
- 4:59:54पार्ट विल बी मल्टीपल इंटेलिजेंस पार्ट।
- 4:59:56नेक्स्ट बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक है मल्टीपल
- 4:59:59इंटेलिजेंसेस। अगर किसी भी पेरेंट को हमने
- 5:00:04सजेस्ट करना है, उनको गाइड करना है कि
- 5:00:07उसके बच्चे के लिए कैसा एनवायरमेंट होगा
- 5:00:10जिससे कि वह बच्चा वैसा ग्रो हो जो हम
- 5:00:13सपना देख रहे हैं। कैसा सपना? मुझे लगता
- 5:00:16है कि हर मां-बाप सिर्फ एक ही सपना देखता
- 5:00:19है टू ग्रो अ हैप्पी चाइल्ड। वह हैप्पीनेस
- 5:00:22को गलती बार किसी गलत चीज के साथ कनेक्ट
- 5:00:25करके देख लेते हैं। बस वह गड़बड़ कर जाते
- 5:00:26हैं। हैप्पी चाइल्ड
- 5:00:29[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 5:00:29अगर राइज करना है हमें रेज करना है हमें
- 5:00:32तो उसमें उनके डायलॉग्स क्या होंगे? उनकी
- 5:00:36तरफ से क्या चेंजेस आएंगे? वो हम
- 5:00:37पर्सनालिटी में ऑलरेडी देख चुके हैं। अब
- 5:00:41आता है कि उसको सीखना क्या-क्या है?
- 5:00:44कैसे-कैसे सीखना है? क्योंकि आपने क्या
- 5:00:48करना है? कभी भी किसी भी बच्चे को सजेस्ट
- 5:00:52करना है या उसको सलाह देनी है तो उसे कभी
- 5:00:56भी सलाह मत दीजिए कि तुम वकील बनो या तुम
- 5:01:00खिलाड़ी बनो या तुम यह बनो या तुम वो बनो
- 5:01:03क्योंकि जो लिसनर पर्सनालिटी हैं 85% वो
- 5:01:06अपने टीचर्स को बहुत सीरियसली लेते हैं और
- 5:01:10वह गलती से उसी तरफ चल पड़ते हैं जबकि
- 5:01:12रास्ते और भी बहुत होते हैं। कैसे बहुत
- 5:01:15होते हैं वह अभी पता चल जाएगा। सेकंडली
- 5:01:18आपने उनको क्या सजेस्ट करना है वह जैसे
- 5:01:21मैं बात करूंगा तो आपको उसका मतलब समझ आ
- 5:01:23जाएगा कि फिर सजेस्ट क्या करना है। फिर जब
- 5:01:26हमें यह मालूम पड़ गया कि हमारी क्लास में
- 5:01:29पढ़ने वाले इन बच्चों की यह इंटेलिजेंसी
- 5:01:31स्ट्रांग है और इन बच्चों की यह
- 5:01:33इंटेलिजेंसेस वीक हैं। फिर हमें यह पता
- 5:01:35होना चाहिए कि उन पे जो काम कर रहे हैं उन
- 5:01:38इंटेलिजेंसेस पे उसका पर्पज क्या है? जैसे
- 5:01:42फॉर एग्जांपल कि कोई बच्चा बाय बर्थ एक
- 5:01:45स्पोर्ट्स पर्सन है। हमें पता लग गया कि
- 5:01:47वह स्पोर्ट्स पर्सन है। आप कभी भी मत कहिए
- 5:01:51कि तुम स्पोर्ट्स पर्सन बनो। जरूरी नहीं
- 5:01:53है कि वह लाइफ में बड़ा होकर के एक
- 5:01:55स्पोर्ट्स पर्सन बन सके या रह सके। तो कोई
- 5:01:58सरकमस्ट्ससेस उसको कोई ना कोई जॉब भी करने
- 5:02:00को मजबूर कर सकती हैं। देन आपका सजेशन
- 5:02:04क्या होना चाहिए कि तुम्हारे पास यह
- 5:02:06इंटेलिजेंसी स्ट्रांग हैं। यह तुम्हें खुश
- 5:02:10रखेंगी तब जब तुम फिजिकल वर्क करोगे।
- 5:02:13इसीलिए जिंदगी में कभी भी एक घंटा खेले
- 5:02:16बिना नहीं रहना सोना नहीं है। यानी रोज
- 5:02:19सोने से पहले एक घंटा खेलना जरूर है। समझ
- 5:02:21आ गई ना आपको? वो अपने आप बाकी के 23 घंटे
- 5:02:24उस एक घंटे के इंतजार में काट लेगा खुश रह
- 5:02:27के। और इससे अगला पॉइंट यह है कि अगर किसी
- 5:02:30बच्चे को मां-बाप को हमने यह कह दिया कि
- 5:02:33यह बच्चा स्पोर्ट्स पर्सन है और वह कह
- 5:02:35देंगे जी स्पोर्ट्स में तो बहुत पैसे खर्च
- 5:02:36होते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि कम पैसे
- 5:02:41खर्च करके भी बहुत लोग स्पोर्ट्स पर्सन
- 5:02:43बने हुए हैं। बस उनका क्या हुआ कि बचपन
- 5:02:46में बाय चांस उन्होंने ग्राउंड में जाना
- 5:02:48शुरू कर दिया। बाय चांस उनको किसी कोच ने
- 5:02:51देख लिया। बाय चांस कोच ने ही सपोर्ट करनी
- 5:02:54शुरू कर दी और बाय चांस वो इंटरनेशनल लेवल
- 5:02:56पर पहुंच गए। दैट वाज नॉट देयर एफर्ट टू
- 5:02:59बिकम अ स्पोर्ट्स पर्सन। तो हमने क्या
- 5:03:02करना है? हमने सिर्फ उसके पेरेंट्स को
- 5:03:04सजेशन देनी है कि इसको हर रोज 2 घंटे
- 5:03:08पर्टिकुलर स्पोर्ट्स में जरूर भेजो। जब वो
- 5:03:10दो या तीन साल तक लगातार जाता हुआ हो
- 5:03:13जाएगा। उसको कैच करने वाली चीजें अपने आप
- 5:03:16ऑटोमेटिकली आ जाएंगी। और तब तक उस बच्चे
- 5:03:18के अंदर भी एक फीलिंग आ चुकी होगी कि बिना
- 5:03:20खेले मैं नहीं रह सकता। जैसे सचिन एक
- 5:03:23डायलॉग बोलता था क्रिकेट इज माय फर्स्ट
- 5:03:25लव। उसने दूसरा लव करा ही नहीं। दूसरा खेल
- 5:03:27खेला ही नहीं। नहीं तो जो स्पोर्ट्स पर्सन
- 5:03:29है वो कोई भी गेम उतना ही खूबसूरत खेलता
- 5:03:31है। अब नडाल जो खेलता है वो वैसे तो
- 5:03:34फुटबॉल प्लेयर है। टेनिस खेलनी शुरू की।
- 5:03:37वहां पे भी वो मतलब ग्रैंड स्लैम 13 मार
- 5:03:39ली। सो इट इज़ नॉट कि क्योंकि स्पोर्ट्स
- 5:03:42पर्सन तो अब वो स्पोर्ट्स पर्सन का क्या
- 5:03:45होगा? स्पोर्ट्स पर्सन की खासियत यह है कि
- 5:03:47उसके पास फिजिकल एनर्जी खूब होती है। अब
- 5:03:50जिसके पास फिजिकल एनर्जी खूब होती है, वह
- 5:03:52किसी गरीब के घर में पैदा हो गया, तो उसको
- 5:03:54दिहाड़ी करने में भी उतना ही मजा आएगा
- 5:03:56जितना स्पोर्ट्स पर्सन को खेल के आता है।
- 5:03:58यह बताऊं मैं आपको यह बताना है बेसिकली।
- 5:04:01और जिसके पास फिजिकल एनर्जी ज्यादा है,
- 5:04:03उसको रिक्शा चला के भी उतना ही मजा आएगा।
- 5:04:05तो जरूरी नहीं है ना कि वो स्पोर्ट्स
- 5:04:07पर्सन स्पोर्ट्स ही कर रहा हो। उसको यह
- 5:04:09बताना है कि तेरे को फिजिकल वर्क करना है।
- 5:04:11क्योंकि ऐसा बंदा अगर किसी के घर में
- 5:04:13नौकरी कर रहा है और उससे काम नहीं
- 5:04:14करवाओगे, तो वह थोड़े दिनों में नौकरी
- 5:04:16छोड़ जाएगा कि मेरा मन ही नहीं लगता आप
- 5:04:17काम तो कराते नहीं खाली बिठा के रखते हो।
- 5:04:19क्योंकि उसको काम ही करना है। ठीक है जी?
- 5:04:21तो इसीलिए अपने जो डायलॉग्स हैं उनको
- 5:04:24थोड़ा हमने इस तरह से मॉडिफाई करना है कि
- 5:04:26हम किसी का फेट डिसाइड ना कर दें। हम किसी
- 5:04:29की किस्मत का उसी टाइम सिग्नेचर ना मार
- 5:04:32दें कि तुमको यह बनना है। हमने सिर्फ यह
- 5:04:34बताना है कि यह इस तरह के काम करने में
- 5:04:36तुम्हें आनंद आएगा और यह वाले काम करने
- 5:04:39में आनंद नहीं आएगा। अब आनंद का कैसे है?
- 5:04:42वह बता रहा हूं मैं आपको। जैसे कि अब
- 5:04:45मैंने ये आठ इंटेलिजेंसीज मैंने लिखी हैं।
- 5:04:47ठीक है? इनको आप बाद में नोट कर लीजिएगा।
- 5:04:50यहीं लिखी रहेंगी। अपन ने छेड़नी नहीं है।
- 5:04:51अभी मत नोट करने पे मत जाइए। आठ
- 5:04:54इंटेलिजेंसेस को अगर पूरे दिमाग को मैं आठ
- 5:04:57हिस्सों में डिवाइड करता हूं तो मेरे पास
- 5:04:59टोटल एवरेज 12.5 आती है। तो अब जब मैं
- 5:05:02ज्यादा कह रहा हूं ना आगे से ध्यान रखिएगा
- 5:05:05हमेशा। देखो जो लिखने में मस्त है ना फिर
- 5:05:08वो मेरे से सवाल यही पूछेंगे जो मैं बोल
- 5:05:09रहा हूं कि सर जी इसका क्या मतलब है?
- 5:05:12इसलिए लिखना बंद कर दिए। बात सुनिए। जब
- 5:05:14मैं ज्यादा कह रहा हूं तो उसका मतलब है
- 5:05:1712.5 से ज्यादा। मतलब एवरेज से ज्यादा। कम
- 5:05:21कह रहा हूं मतलब उससे कम। अब जितनी ज्यादा
- 5:05:24कम है उतना ही कम का मतलब कम वाले बात
- 5:05:27मेरी उतनी स्ट्रांग हो जाएगी और जितनी
- 5:05:29ज्यादा है उतनी ज्यादा वाली बात मेरी
- 5:05:31स्ट्रांग हो जाएगी। क्लियर ना? और बीच में
- 5:05:34मॉडरेट है बिल्कुल 12.5 है तो इसका मतलब
- 5:05:36जितना काम करेंगे उतनी ग्रोथ और अब जैसे
- 5:05:40मैं आपको पहली इंटेलिजेंस को डिक्लेयर वो
- 5:05:42बताता हूं डिटेल में। इंटरपर्सनल
- 5:05:44इंटेलिजेंस नाम है इसका। इंटरपर्सनल जैसे
- 5:05:47कि नाम से भी है कि इंटर पर्सन पर्सन टू
- 5:05:50पर्सन इसका मतलब है कि लोगों से इंटरेक्ट
- 5:05:54करने की काबिलियत आपकी वो इंटेलिजेंस
- 5:05:58जिसकी बदौलत आप लोगों से बात करते हो कि
- 5:06:01लोगों से बात करके आप कितना खुश रहते हो।
- 5:06:04जिसकी ये ज्यादा है उसको लोगों से बात
- 5:06:07करने में खूब आनंद आएगा। और जिसकी ये कम
- 5:06:10है वो अकेला रहने में ज्यादा खूब आनंद
- 5:06:14आएगा। अब अगर मान लो जिसकी ज्यादा है उसको
- 5:06:17ऐसा काम करना पड़ जाए कि बंद कैबिन में
- 5:06:20बैठकर क्लेरिकल काम करना पड़ जाए। हो गई
- 5:06:21जिंदगी खराब और जिसकी कम है उसको सेल्समैन
- 5:06:24लगा दो टीचर लगा दो डॉक्टर लगा दो या कहीं
- 5:06:29रिसेप्शन पे लगा दो हो गई जिंदगी खराब और
- 5:06:32उसको सुबह से लेकर शाम तक इतनी टेंशन हो
- 5:06:35जाएगी कि घर जाकर के उसको पता ही नहीं
- 5:06:38होएगा कि मैं गलत काम कर रहा हूं इसलिए
- 5:06:40मैं टेंशन में हूं। उसको पता नहीं है।
- 5:06:41उसको कभी नहीं पता चलेगा कि मेरी डिप्रेशन
- 5:06:44का मेरी टेंशन का कारण यह है कि मैं वो
- 5:06:47काम कर रहा हूं जो मेरे पास सबसे कम है
- 5:06:50जिसकी टेंडेंसी करने की। समझे ना आप? अब
- 5:06:53जिसकी इंटेलिजेंस ज्यादा है पहचानोगे कैसे
- 5:06:55इस बात को? यह क्योंकि अब हमारा टॉपिक यह
- 5:06:58है कि क्लास के अंदर आपको अपने बच्चों में
- 5:07:01या अपने खुद के बच्चों में या दूसरे लोगों
- 5:07:03में देखते ही पहचान जाना है कि वे इसकी
- 5:07:06इसका मतलब यह वाली टेंडेंसी ज्यादा है।
- 5:07:08इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस जिस बच्चे की
- 5:07:10ज्यादा होगी या इवन आप में से जिसकी भी
- 5:07:13ज्यादा होगी आपकी बता देता हूं और बच्चों
- 5:07:15में भी सेम चीज है। वो ज्यादा देर तक घर
- 5:07:17में टिक कर नहीं रह सकते। उनको बाहर
- 5:07:20ग्राउंड में दोस्तों के बीच जाना ही जाना
- 5:07:22होता है। ऐसे लोग जब बड़े हो जाते हैं
- 5:07:26छुट्टी वाले दिन घर में पूरा दिन टिक नहीं
- 5:07:28सकते। उनको निकलना ही निकलना है दोस्तों
- 5:07:31से बात करने। और अगर काम करते हुए लगातार
- 5:07:34तीन-चार दिन लगातार काम कर रहा है
- 5:07:37आइसोलेशन में वह बंदा तो उसको चारप दिन के
- 5:07:40अंदर-अंदर से खालीपन सा महसूस होना शुरू
- 5:07:42हो जाएगा कि कुछ कमी है और फिर वो किसी
- 5:07:45दोस्त के पास या किसी के पास जाएगा और
- 5:07:47वहां फिर वो मतलब मिलके ही एकदम सेट हो
- 5:07:49जाएगा। अब जिसकी इंटरपर्सनल स्किल ज्यादा
- 5:07:52है और वह अब जिसकी कम है मान लो हम यह मान
- 5:07:55के चलते हैं कि जिस मैंने ऐसे भी डॉक्टर
- 5:07:56आपने देखे होंगे मान लो ओपीडी का टाइम
- 5:07:582:00 बजे का है। आप चले गए 2:15 पे मतलब
- 5:08:02उनका नाक चढ़ जाएगा वो क्या मतलब बदतमीजी
- 5:08:05टाइम से नहीं आ सकते। ये नहीं आ सकते। शाम
- 5:08:07को चले जाओगे बिना ओपीडी के टाइम के तब
- 5:08:10परेशान हो जाएंगे। इवन प्राइवेट हॉस्पिटल
- 5:08:12है। इमरजेंसी की फीस एक्स्ट्रा है। मतलब
- 5:08:15वैसे 500 ले रहा है और इमरजेंसी में ₹800
- 5:08:17या000 ले रहा है। फिर भी उनके नाक चढ़
- 5:08:19जाते हैं। एक्चुअली वो उस काम के लिए नहीं
- 5:08:22बने। उन्होंने सीख लिया बस एमबीबीएस कर
- 5:08:25ली, डॉक्टर बन गए। बट दे आर नॉट मेंट फॉर
- 5:08:28दैट जॉब जिसमें लोग शामिल हो। अब टीचर है
- 5:08:31बच्चों को देख के जिसका नाक चढ़ता हो वो
- 5:08:33कैसा टीचर? इंटरपर्सनल स्किल उसकी
- 5:08:35स्ट्रांग होनी जरूरी है। लोगों से बच्चों
- 5:08:37से इंटरेक्शन करने में उसको आनंद आना
- 5:08:39चाहिए। तो यह पहली क्वालिटी है ऐसा काम
- 5:08:42करने की जिसमें लोग शामिल हैं। फिर चाहे
- 5:08:44पॉलिटिक्स हो, एडमिनिस्ट्रेशन आईएएस,
- 5:08:47एचसीएस हो, टीचिंग हो, डॉक्टर लाइन हो,
- 5:08:51वकालत हो। अब वकील बनना है तो इंटरपर्नल
- 5:08:55स्किल ज्यादा होनी चाहिए। पर जज बनना है
- 5:08:57तो कम हो जाए। कोई बात नहीं। उसको लोगों
- 5:08:58से मिलना ही नहीं होता जज को। उसकी कम में
- 5:09:00भी चल जाएगी। क्लियर हुई ना? बंद कैबिन
- 5:09:02में काम करना है कि आपको खुले में काम
- 5:09:04करना है। लोगों के लोगों से जुड़ा हुआ काम
- 5:09:06करना है। यह डिसाइड करेगा आपका इंटरप।
- 5:09:09क्लियर हुआ, आपको आमतौर पे नेक्स्ट जो अह
- 5:09:13इंटेलिजेंस है, वह है इंट्रा पर्सनल।
- 5:09:16इंट्रा मतलब अंदर होती है वैसे खुद अपने
- 5:09:18आप से रिलेटेड। इंटर और इंट्रापर्सन दोनों
- 5:09:22इंटेलिजेंस ऐसी होती हैं जो आमतौर पर
- 5:09:24कुदरत सबको देकर भेजती है। जिसको नहीं
- 5:09:27देकर भेजती, उसको बहुत केयरफुली हमें
- 5:09:29नर्चर की जरूरत पड़ती है। वह आने वाले
- 5:09:31टाइम में बताऊंगा कि वो क्या प्रॉब्लम है।
- 5:09:34जब आई क्यू एक क्यू, सी क्यू, ईक्यू
- 5:09:36आएंगे। सारे क्वेश्चंस आएंगे तब बताऊंगा
- 5:09:38वो मैं उसका क्या मतलब है। इंट्रा पर्सनल
- 5:09:41इंटेलिजेंस का मतलब होता है आपको खुद का
- 5:09:43कितना ज्ञान है। आप खुद से कितनी बात करना
- 5:09:46चाहते हो। आप खुद का रियलाइजेशन सेल्फ
- 5:09:49रियलाइजेशन, सेल्फ कॉन्फिडेंस, सेल्फ
- 5:09:52एस्टीम, सेल्फ रिस्पेक्ट काइंड ऑफ दैट।
- 5:09:55जिसका यह कम होगा इंट्रा पर्सनल वो तो
- 5:09:58हमेशा आपको अपने दोस्तों के बीच कहता है।
- 5:10:00हमारे तो बस का ही कुछ नहीं है रे। हमारी
- 5:10:02तो किस्मत ही खराब है। हम तो हम तो कुछ कर
- 5:10:04ही नहीं सकते। पता नहीं क्या होगा हमारा
- 5:10:07जिनका इंट्रा लो होगा जिनका इंट्रा पर्सनल
- 5:10:10इंटेलिजेंस हाई है उनको ऑलरेडी मालूम होता
- 5:10:13है कि हम क्या हैं बहुत आसानी से ऐसे लोग
- 5:10:16आमतौर पे मतलब फिर कुदरत के साथ भी कनेक्ट
- 5:10:19रहते हैं मतलब जिसको आप लोग भगवान कहते हो
- 5:10:21मतलब जिसको हम स्पिरिचुअल इंटेलिजेंस कहते
- 5:10:24हैं वो इसका एक हिस्सा है इंट्रा पर्सन का
- 5:10:26क्लियर हुआ यानी कि दिस इज़ ऑल अबाउट सेल्फ
- 5:10:31कॉन्फिडेंस अब इसका फर्क क्या पड़ता है
- 5:10:34अपनी लाइफ के ऊपर बिहेवियर का बहुत फर्क
- 5:10:37पड़ता है। अगर लिसनर पर्सनालिटी का इंट्रा
- 5:10:41पर्सन कम हो गया बाय चांस अब लिसनर की
- 5:10:43वैसे तो नेचर क्या है? मतलब हैप्पी, सॉफ्ट
- 5:10:47और इमोशनल लेकिन अगर उसका इंट्रा कम हो
- 5:10:50गया तो वो एफिशिएंट की तरह बिहेव करने लग
- 5:10:52जाएगा। जिद्दी हो जाएगा एकदम से बुरी तरह
- 5:10:55से। समझ गए ना? क्योंकि उसे खुद का पता
- 5:10:57नहीं है। वो भूल भुलैया में है। अब वो भूल
- 5:11:00भुलैया में उसका उसको खुद का मालूम नहीं
- 5:11:03है खुद की इंटेलिजेंस का तो उसके बिहेवियर
- 5:11:05को आप कभी भी पहले से जज नहीं कर पाएंगे।
- 5:11:08ऐसे बहुत लोग होते हैं जिनका इंटर और
- 5:11:12इंट्रा दोनों लो होते हैं। दोनों लो होते
- 5:11:15हैं। मोस्ट प्रोबेबबली वो अपनी उम्र के 20
- 5:11:18साल से पहले पहले सुसाइड कर लेते हैं। कर
- 5:11:20ही लेते हैं। मतलब जिनका एक कम होता है
- 5:11:23सिर्फ इंट्रा वो एक बार ट्राई पक्का मारते
- 5:11:26हैं। आगे पूरी जिंदगी उसी की धमकी देते
- 5:11:28रहते हैं। वह टेंडेंसी इसलिए होती है कि
- 5:11:31इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस और इंट्रापर्सनल
- 5:11:34इंटेलिजेंस का जो टोटल होता है वो इमोशनल
- 5:11:38कोशंट होता है। यानी कि आपके इमोशंस को ये
- 5:11:41दोनों चीजें कंट्रोल करती हैं कि हाउ पीपल
- 5:11:44ट्रीट यू एंड हाउ यू ट्रीट योरसेल्फ
- 5:11:46बेसिकली। तो ये आपके इमोशंस की स्ट्रेंथ
- 5:11:48को डिसाइड करती हैं। तो अगर यह स्ट्रांग
- 5:11:51है तो आप इमोशनली इतने स्ट्रांग होंगे और
- 5:11:53अगर यह वीक है तो आप इमोशनली वीक होंगे।
- 5:11:56अब हर आदमी की जिंदगी में एक दिन ऐसा
- 5:11:59पक्का आता है। आप में से जितने बैठे हैं
- 5:12:02सबकी जिंदगी में आया हुआ है। जिस दिन आपको
- 5:12:04लगता है कि हमारे से ऊपर दुनिया में कोई
- 5:12:06खुश नहीं और एक दिन ऐसा आता है जिस दिन
- 5:12:09लगता है कि सब कुछ हमारे ही साथ हो रहा
- 5:12:11है। सारा सत्यानाश हमारी जिंदगी में ही हो
- 5:12:13रहा है। सब हमारे ही पीछे पड़े हुए हैं।
- 5:12:16तो जिनका यह लॉ होता है ना जिस दिन उनको
- 5:12:19यह महसूस होए कि सब कुछ हमारे साथ हो रहा
- 5:12:21है। यह उसी दिन चल पड़ते हैं। समझे? तो
- 5:12:23इसलिए अब इनकी पहचान कैसे होगी? जिनका
- 5:12:26इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस और इंट्रा पर्सनल
- 5:12:29इंटेलिजेंस कम होगा उन बच्चों का बचपन में
- 5:12:32बिहेवियर ऐसा होगा कि उनके इमोशंस पे
- 5:12:35कंट्रोल नहीं होगा। उनको इमोशंस पे
- 5:12:37कंट्रोल नहीं होने का मतलब कैसे है? जैसे
- 5:12:40बड़ा अगर कोई ऐसा बच्चा होगा तो वो आपको
- 5:12:42सड़क पर मिल जाएगा कि आगे जाम लगा हुआ है।
- 5:12:44एक बंदा ऐसा है जाम देख लिया जाम है।
- 5:12:47गाड़ी अपना न्यूट्रल करी हैंड ब्रेक लगाए
- 5:12:50और मुंह भी लग गया देखने। एक तो ऐसा है एक
- 5:12:53ऐसा है गाड़ी रोकी उतर के क्या हो गया
- 5:12:56क्या हो गया आगे तक जाके आया देख के आया
- 5:12:58क्या बदतमीजी है मतलब ऐसे ऐसे करके वह
- 5:13:00सबको ठीक करने पे लगा पड़ा है वो है जिसका
- 5:13:02इमोशनल कोशंट लो है उसको पता है आगे जाम
- 5:13:05लगा एक को पता है कि जाम लगा हुआ है जब
- 5:13:07खुलेगा इनको कौन सा सड़क पे खड़े होने का
- 5:13:09शौक है या आगे वाले जाएंगे तो हम भी चले
- 5:13:11जाएंगे लेकिन एक ऐसा है वो सोच रहा है कि
- 5:13:13सारी प्रॉब्लम मेरे साथ ही आ रखी है ये
- 5:13:16मेरा ही काम खराब हो जाएगा अगर मैं टाइम
- 5:13:18पे नहीं पहुंचा तो दैट काइंड ऑफ़ जो दूसरी
- 5:13:20पहचान कैसे है जब वो छोटा है। छोटी उम्र
- 5:13:23में मान लो आपने कुछ सामान मांगा। मेरे को
- 5:13:26पेंसिल चाहिए। नहीं मिलेगी। पेन चाहिए।
- 5:13:28नहीं मिलेगी। रोना शुरू कर दिया। आपने
- 5:13:31उसको दे दिया। उसके बाद भी रोई जा रहा है
- 5:13:33कि पहले क्यों नहीं दी थी। ठीक है ना?
- 5:13:35होता है ना ऐसा बच्चा एक आधा कि वो उसको
- 5:13:37अपने इमोशंस पे कंट्रोल नहीं है। बेसिकली
- 5:13:40तो जब उसको अपने रोने पे कंट्रोल नहीं है।
- 5:13:42तो जब वो मजाक करने लगेगा तो भी वो जरूरत
- 5:13:44से ज्यादा कर जाएगा। फिर उस लिमिट पे
- 5:13:46पहुंच जाएगा जहां बेइज्जती करने लग जाएगा
- 5:13:48मजाक की फॉर्म में। फिर जब वो प्यार करने
- 5:13:50लगा तो भी वो इतनी ज्यादा कर देगा। मतलब
- 5:13:52इवन ऐसे लोगों के साथ क्या होता है? आई
- 5:13:56डोंट नो पता नहीं मुझे डिस्कस करना चाहिए
- 5:13:57कि नहीं करना चाहिए। कई बार ऐसे केसेस आए
- 5:14:00हमारे पास क्योंकि यू आर ऑल एडल्ट्स तो
- 5:14:02कोई दिक्कत नहीं है। मैं बात कर सकता हूं
- 5:14:05कि जब अ मतलब इंटर इंट्रा पर्सनल जिनका लॉ
- 5:14:11था इंट्रा और इंटर तो जब हस्बैंड वाइफ के
- 5:14:14जो प्राइवेट जो मूवमेंट्स थे उनमें
- 5:14:17उन्होंने एक दूसरे को बहुत जोर से बाइट
- 5:14:19करना शुरू कर देते हैं। वो मतलब वो प्यार
- 5:14:22को इतना बढ़ा देते हैं कि जैसे कहते हैं
- 5:14:23ना कि भैंस ने कट को चाट चाट के मार दिया।
- 5:14:26दैट काइंड ऑफ़ इमोशंस वो इमोशंस पे कंट्रोल
- 5:14:29नहीं है। उनके कोई भी सपोर्ट करेंगे तो
- 5:14:31पागलों की तरह लग जाएंगे। नफरत करेंगे तो
- 5:14:33पागलों की तरह लग जाएंगे। गुस्सा करेंगे
- 5:14:36तो लगे ही रहे हैं गुस्सा करने। मतलब फिर
- 5:14:38गुस्सा ही नहीं शांत हो रहा है। तो इस तरह
- 5:14:40से उनके बचपन से पता लगाया जा सकता है
- 5:14:43इनका कि इमोशनल कोशेंट लो है। अर्ली
- 5:14:46स्टेजेस में इन बच्चों के साथ अगर ट्रीट
- 5:14:48किया जाए ठीक से इनको ट्रीट करने का
- 5:14:51एकमात्र तरीका यह है कि अगर आपको यह पता
- 5:14:54चल जाए कि इंटरपर्नल और इंट्रा पर्सनल इन
- 5:14:56बच्चों की लो है तो यह क्लियर है कि उनका
- 5:14:58इमोशनल कोशेंट भी लो है और अगर इमोशनल
- 5:15:01कोशेंट लो है तो उन बच्चों को बचपन से ना
- 5:15:03कहने की आदत डालो। उनकी कोई भी बात मानो
- 5:15:06ही मत बचपन से बिल्कुल अर्ली स्टेज से
- 5:15:09पहले ना उसके बाद हां फिर वह चाहे कोई सी
- 5:15:12भी पर्सनालिटी हो क्योंकि वह कभी कोई गलत
- 5:15:14स्टेप बचपन से नहीं करेंगे
- 5:15:16हम लोग किसी भी बच्चे के ब्रेन को एनालाइज
- 5:15:182 साल की उम्र में कर सकते हैं तो 2 साल
- 5:15:20में ऐसा कुछ नहीं है दो से 14 क्या होता
- 5:15:24क्या है इसमें उल्टा होता है सोसाइटी के
- 5:15:26साथ कि 2 साल की उम्र में 3 साल की उम्र
- 5:15:28में बच्चा समझ के कि यह बहुत ज्यादा रोता
- 5:15:31है फिर रुकता ही नहीं है फिर मां-बाप उसकी
- 5:15:34हर छोटी बात और ज़िद को मानना शुरू कर देते
- 5:15:36हैं। अब जब तक वह अडोलसेंट पीरियड में आता
- 5:15:39है तब तक तो सारी बात मान रहे हैं। अब उस
- 5:15:41दिन किसी दिन उसके नंबर कम आते हैं। किसी
- 5:15:43दिन उसको गर्लफ्रेंड किसी और के साथ देख
- 5:15:46लेता है या उसकी गर्लफ्रेंड उसको ना कर
- 5:15:48देती है। वह तो उसका तो क्रश था। अगली ने
- 5:15:51मना कर दिया तो क्या पता घर आकर के फांसी
- 5:15:53ले ले। समझ रहे हैं ना कि वह ना की आदत
- 5:15:56उसको डालनी पड़ेगी कि नॉट एवरी टाइम
- 5:16:00तुम्हारे साथ दुनिया चलेगी। ये बहुत कम
- 5:16:02परसेंटेज होती है ऐसी। लेकिन ऐसे बच्चे जब
- 5:16:05ऐसा कोई स्टेप उठा लेते हैं तो जो स्मार्ट
- 5:16:07पर्सनालिटीज हैं वो फिर उसका फायदा उठाते
- 5:16:09हैं। एग्जैक्टली सवाल बड़ा सही है। सर ने
- 5:16:12पूछा कि अगर कोई एफिशिएंट है और अगर उसको
- 5:16:15हम ना कहेंगे तो उससे क्या होगा? जैसे
- 5:16:19मैंने बताया आपको कि जो लिसनर पर्सनालिटी
- 5:16:21है जिसका इंटर इंट्रा लो होगा वो एफिशिएंट
- 5:16:24की तरह बिहेव करेगा। एफिशिएंट होता नहीं
- 5:16:26है। और जो एफिशिएंट पर्सनालिटी है अगर
- 5:16:29उसका लो होगा तो वो लिसनर की तरह बिहेव
- 5:16:31करता है। होता नहीं है। तो उसको आप जो
- 5:16:33कहोगे ना कहोगे मान जाएगा आराम से। कोई
- 5:16:35टेंशन नहीं है। वो एफिशिएंट रहता ही नहीं
- 5:16:37बेसिकली। यानी कि जो वो है वो रहता ही
- 5:16:41नहीं है जिसका कम होता है और बहुत लो होते
- 5:16:43हैं ऐसे लोग। बहुत कम। इसी तरह से
- 5:16:45आइडियलिस्ट पर्सनालिटी है वो बहुत शांत
- 5:16:47रहने वाली और बड़ी क्रिटिकल एनालिसिस करने
- 5:16:50वाली है। वो फ्लैशी की तरह बिहेव करने लग
- 5:16:52जाएगी और फ्लैशी आइडलिस्ट की तरह करने लग
- 5:16:54जाएगा। फ्लैशी का तो खैर लो होता ही नहीं।
- 5:16:56नहीं, कभी नहीं करते। हम अपनी पर्सनालिटीज
- 5:16:59को कभी भी ट्रांसफॉर्म नहीं करते। यह जो
- 5:17:01केस मैंने बोला है, यह सिर्फ और सिर्फ
- 5:17:03उनके लिए है जिनका इंटर और इंट्रा पर्सनल
- 5:17:06लॉ है। एवरेज से जिनका लॉ है, उनको खुद का
- 5:17:10पता ही नहीं है कि वो किस तरह से बिहेव
- 5:17:12करेंगे। वो क्या हैं? उनको क्या करना
- 5:17:15चाहिए। जैसे मैं आपको एक एग्जांपल देता
- 5:17:17हूं। मैं मेरे एक नोन है। मतलब बहुत से
- 5:17:20नोन है। बहुत सारे केसेस हैं। पर जिस केस
- 5:17:22को मैं बता रहा हूं।
- 5:17:25वो अब मेरे एक दोस्त की वाइफ है। वो मुझे
- 5:17:29टेस्ट करके गया। मेरे पास जब उसका
- 5:17:31एनालिसिस आया तो मैंने उसकी रिपोर्ट देखी।
- 5:17:33मुझे बोला कि यार
- 5:17:36इसकी काउंसलिंग कर दो। मैंने कहा कि देखो
- 5:17:38इसकी काउंसलिंग मैं नहीं करूंगा। इसकी
- 5:17:40काउंसलिंग मेरे किसी काउंसलर से करवा लो।
- 5:17:42बोला क्यों? क्योंकि इसके बारे में जो मैं
- 5:17:44बताऊंगा ना तुम्हारे घर में क्लेश हो
- 5:17:47जाएगा। यह कहेगी कि तुमने बताई है अपनी
- 5:17:50बातें। जो तुम्हारे घर की बात थी और फिर
- 5:17:53वह गड़बड़ कर देगी। कहते नहीं फिर मैंने
- 5:17:56थोड़ा बैलेंस रखने के लिए उसको समझाना
- 5:17:58शुरू किया। मैंने उनको कहा कि इस बच्चे को
- 5:18:02मतलब मैं तो बच्चा ही ट्रीट करूंगा ना। वो
- 5:18:04तो भाभी लगती है वैसे तो मेरी। मैंने कहा
- 5:18:06इस बच्चे को इसका लॉजिकल इंटेलिजेंस लो
- 5:18:09है। तो इसको मैथमेटिक्स से दूर रहना
- 5:18:11चाहिए। यह मैथमेटिक्स सबसे कमजोर विषय है
- 5:18:14इसका।
- 5:18:15और यह बात मुझे पता थी जब मैंने कही कि वो
- 5:18:19एक इंजीनियरिंग कॉलेज में मैथ्स की
- 5:18:21लेक्चरर एंड शी वाज पर्सुइंग पीएचडी मुझे
- 5:18:24मालूम था यह बात ऑब्वियसली भाभी थी तो
- 5:18:26मेरी लेकिन मैंने कहा कि इसको मैथ्स नहीं
- 5:18:29मैथ्स से दूर रहना चाहिए अब कैसे मानेगा
- 5:18:32कोई बताइए आप उसे आमतौर पे ऐसा होता है कि
- 5:18:35जिनका इंटरपर्सनल और इंट्रापर्सन लो होता
- 5:18:38है वो ऐसा काम करते हुए मिलेंगे जिसके लिए
- 5:18:41वो नहीं बने हुए जानबूझ के अपनी लोएस्ट
- 5:18:44लेवल पर जाएंगे जैसे सबसे अच्छा अगर लोगों
- 5:18:46से इंटरेक्शन करने का सबसे अच्छा काम क्या
- 5:18:49है? टीचिंग प्लस साइकोलॉजी। आमतौर पे
- 5:18:52जिनका इंटरपर्सनल लॉ होता है वो साइकोलॉजी
- 5:18:54चूज़ करते हैं। सबसे पहले सबसे पहले
- 5:18:57साइकोलॉजी चूज़ करते हैं। हां जर्नलिज्म
- 5:18:59आल्सो। जिनका लॉजिकल लॉ होता है वो मैथ्स
- 5:19:02को सब्जेक्ट लेते हैं कि ना मैंने
- 5:19:03इंजीनियरिंग करनी है। अब मां-बाप तो
- 5:19:05सोचेंगे कि चल बच्चा का मन कर रहा है तो
- 5:19:07इंजीनियरिंग दिला देते हैं और वो कर भी
- 5:19:09जाते हैं और उनकी जिंदगी में वो बहुत
- 5:19:12नेगेटिव इफेक्ट पड़ता है। उनकी जिंदगी
- 5:19:14उनको कभी अच्छी नहीं लगेगी। कभी भी नहीं
- 5:19:16लगेगी। मतलब ऐसे लोग जो इस तरह का
- 5:19:18बिहेवियर शो किया था आपके किसी पड़ोस में
- 5:19:20रिशेदारी में हो तो देखना वो कभी घर में
- 5:19:23शांति रहने ही नहीं देंगे। क्योंकि
- 5:19:26उन्होंने वह चीज चूज करी हुई है जिसके लिए
- 5:19:28वह नहीं बने हुए थे और वह जबरदस्ती चूज
- 5:19:31करेंगे। मानेंगे ही नहीं आपकी किसी की
- 5:19:33बात। वो सबसे लोएस्ट लेवल वाली बात ही चूज़
- 5:19:35करेंगे। तो मतलब वो जानबूझ के प्रॉब्लम्स
- 5:19:38को इनवाइट करते हैं बेसिकली। नहीं कभी भी
- 5:19:41नहीं दे पाते वो। कभी भी नहीं दे पाते वो
- 5:19:44अपने प्रोफेशन के साथ। और ऐसे लोगों को जब
- 5:19:47आप जानोगे तो आपको पता लगेगा कि वह
- 5:19:51बेसिकली अपने काम के साथ कभी जस्टिस कर ही
- 5:19:53नहीं पाते हैं। और इसीलिए उनकी जिंदगी
- 5:19:55बहुत मतलब ऐसी होती है कि खुद की भी नरक
- 5:19:59होती है और सामने वाले की भी बना के रखते
- 5:20:00हैं वो। अपने लाइफ पार्टनर की भी जिंदगी
- 5:20:02नरक बना के रखते हैं ऐसे लोग। क्योंकि
- 5:20:04अर्ली स्टेजेस में काम नहीं किया होता ना
- 5:20:06उसके ऊपर। अगर उन इंटेलिजेंस पे काम किया
- 5:20:08हो तो डेफिनेटली इंप्रूवमेंट आएगी। बट कभी
- 5:20:12होता नहीं। सो नो भाई। दो इंटेलिजेंस इज
- 5:20:15क्लियर नाउ थर्ड तीसरी इंटेलिजेंस है
- 5:20:19विजुअल इंटेलिजेंस विजुअल जैसे नाम से ही
- 5:20:21है विजुअलाइज करने वाली इंटेलिजेंस अब मान
- 5:20:24लो जिसकी विजुअल इंटेलिजेंस स्ट्रांग है
- 5:20:26उसका क्या मतलब है उसका यह मतलब है कि वो
- 5:20:30ऐसे काम करने के लिए बना है या वो ऐसे काम
- 5:20:33करेगा जिसमें आंखों का इस्तेमाल होता हो
- 5:20:36चाहे आंखें खोलकर चाहे आंखें बंद करके
- 5:20:38जैसे आंखें बंद करके इमेजिन करना है
- 5:20:41इमेजिनेशन हो गया आर्ट है फोटोग्राफी है।
- 5:20:45फोटोग्राफिक मेमोरी हो गई। आर्किटेक्चर
- 5:20:47है, डिजाइनिंग है, वेब डिजाइनिंग, कार
- 5:20:51डिजाइनिंग, फैशन डिजाइनिंग, इंटीरियर
- 5:20:53डिजाइनिंग, एनी काइंड ऑफ डिजाइनिंग। मतलब
- 5:20:56जहां आंखों का इस्तेमाल ज्यादा होता है।
- 5:20:59आमतौर पर ऐसे लोग होते हैं जिनका विजुअल
- 5:21:02स्ट्रांग होता है कि वो याद भी विजुलाइज
- 5:21:05करके ही करते हैं। आप में से जो जो लोग
- 5:21:08ऐसे हैं जिनको पेपर में लिखते हुए यह भी
- 5:21:11ध्यान आ जाता है कि यह जो नेशनल वर्ड था
- 5:21:13यह कॉपी के लेफ्ट साइड में था कि राइट
- 5:21:15साइड में था। मैंने नोट्स में देखा था,
- 5:21:17पढ़ा था। समझो उनका विजुअल स्ट्रांग है।
- 5:21:20उनको वो तस्वीर नजर आ रही है वहां से। ऐसे
- 5:21:23जो जो लोग हैं जो बात सुनते सुनते कहीं और
- 5:21:26विजुअलाइज भी कर पा रहे हैं। जब मैंने
- 5:21:29बोला था कि उस बच्चे ने फांसी ले ली थी छत
- 5:21:32पर जाकर के तो बहुत सारे लोग आप में से
- 5:21:34ऐसे हैं जिन्होंने छत पर चढ़ता हुआ भी देख
- 5:21:36लिया वो बच्चा फांसी लेता भी देखा कि कैसे
- 5:21:38ली थी वो जो इमेजिन किया था उसका मतलब
- 5:21:42उनका विजुअल स्ट्रांग है। ठीक है ना जी।
- 5:21:45अब अगर विजुअल स्ट्रांग है तो एक टेंडेंसी
- 5:21:49यह होती है कि जिनका विजुअल स्ट्रांग है
- 5:21:51आप में से जिन्होंने अभी-अभी है कोई
- 5:21:53जिन्होंने अभी विजुलाइज किया था इन चीजों
- 5:21:54को। एक दो तीन चार इतने सारे हैं। अब इनकी
- 5:21:58खासियत दूसरी और बता देता हूं। अब क्योंकि
- 5:22:00फोटोग्राफिक मेमोरी है तो ये तगड़े
- 5:22:02रट्टेबाज हैं। तो इनके नंबर बढ़िया आएंगे
- 5:22:05पढ़ते हुए।
- 5:22:09ठीक है ना?
- 5:22:10सिंपल यह मतलब नेचुरली यह फोटोग्राफी के
- 5:22:14अकॉर्डिंगली चलते हैं। तो, यह बेसिकली हर
- 5:22:17काम को विजुअलाइजेशन के एंगल से ही करते
- 5:22:19हैं। यह अपने घर की कैसे इंटीरियर
- 5:22:21डिजाइनिंग करनी है। अभी-अभी बैठे-बैठे यह
- 5:22:23अपने घर में आप अभी-अभी जब मैं बोल रहा
- 5:22:25हूं तो देखना अभी अपने घर पहुंच चुके हैं।
- 5:22:27यह अपने बेडरूम को अगर रिअरेंज करना हो तो
- 5:22:29ये अरेंज भी कर चुके हैं। मतलब बेड भी इधर
- 5:22:31लगा दूंगा। या इधर लगा दूंगा, या इधर लगा।
- 5:22:33वो अपना विजुअलाइज कर देंगे साथ के साथ।
- 5:22:36सम पीपल दे कांट डू दिस। जब तक वह घर में
- 5:22:39नहीं पहुंच जाएंगे तब तक सारी चीजों को
- 5:22:41देख नहीं लेंगे तब तक नहीं बट यह इनको रखा
- 5:22:43हुआ सामान एक बार दिख जाए कहीं हमेशा याद
- 5:22:46रहेगा वह वहां रखी हुई है चीज पता है मेरे
- 5:22:48को एक चीज को देख के दूसरी चीज याद आ जाती
- 5:22:50है इनको कनेक्ट जब जैसे ही कनेक्शन किया
- 5:22:53होता है ऑफिसर का इससे कोई लिंक नहीं है
- 5:22:56इसका ये लिंक है कि अगर आपका विजुअल अच्छा
- 5:22:59है तो आप इन्वेस्टिगेशन के काम में बहुत
- 5:23:01स्ट्रांग होंगे और अगर आप सीबीआई अफर हैं
- 5:23:03तो जरूरी नहीं है आपका विजुअल अच्छा हो
- 5:23:05आपकी नौकरी लग गई आप कुछ भी बन जाओगे
- 5:23:07नहीं सर देखिए मैंने देखा फोटोग्राफ्स को
- 5:23:09मैच कर रहे होते हैं। क्राइम सी क्योंकि
- 5:23:11मेरी ओके फ्रेंड है एंड आई हैव सीन हर कि
- 5:23:13वो फोटोग्राफ्स को ना वो मैं बात भी कर
- 5:23:15रही होती हूं कई बार एफएसएल में है वो तो
- 5:23:18वो कर रही होती है फोटोग्राफ से एनालाइज
- 5:23:20कर रही होती है मुझे उसका ये आस्पेक्ट है
- 5:23:23आपका आपके पास एक एग्जांपल है मेरे पास
- 5:23:26ऐसे 50ों एग्जांपल है वो सीबीआई अफसर हैं
- 5:23:29लेकिन उनको बेचारों का विजुअल सबसे लो है
- 5:23:31और उनको मैच नहीं करना आता पॉइंट यह था कि
- 5:23:35ए है इसलिए बी ट्रू है या बी है इसलिए ए
- 5:23:38ट्रू है यह देखना है पॉइंट यह है कि जिनका
- 5:23:40विजुअल स्ट्रांग है वो अगर सीबीआई अफसर है
- 5:23:43तो बहुत बढ़िया परफॉर्मेंस दिखाई देगा जो
- 5:23:46इन्वेस्टिगेशन कर रहा है बट जिसका लॉ है
- 5:23:49नौकरी तो वो भी कर सकता है ना वहां पे
- 5:23:51लेकिन वो परफॉर्मेंस नहीं दे पाएगा नौकरी
- 5:23:54करेगा सब कुछ करेगा वो सारे काम करेगा बट
- 5:23:57उससे बेटर नहीं कर पाएगा जितना बेटर वो कर
- 5:23:59पाएगा व्हाई जेम्स बॉन्ड या शेरक होम्स
- 5:24:03उनकी उनकी उनकी सबसे बड़ी खासियत क्या है
- 5:24:05ऑब्जरवेशन
- 5:24:07एमएफ हुसैन
- 5:24:09पिकासो इनकी सबसे बड़ी खासियत क्या है?
- 5:24:13इमेजिनेशन, विजुअलाइजेशन कि वह जो देखा
- 5:24:16था, जो सोचा था उसको कैनवस पर उतारना।
- 5:24:20मतलब वो बेसिकली क्या है कि जिसकी विजुअल
- 5:24:24बढ़िया है, उससे जुड़े हुए जितने काम हैं,
- 5:24:29विजुअल से जुड़े हुए, वो सारे काम करने
- 5:24:32में उनको आनंद आएगा। फिर वह चाहे काम कोई
- 5:24:34भी हो।
- 5:24:37क्रिएटिविटी अलग चीज है। हां जी। तो
- 5:24:42अब अगर मान लो चिल सर ने जिक्र कर दिया तो
- 5:24:44मैं इस बता देता हूं। ब्रेन के हमारे दो
- 5:24:47पार्ट हैं। लेफ्ट हेमिस्फयर और राइट
- 5:24:49हेमिस्फयर। राइट वाला जो पार्ट है वह
- 5:24:52हमारे म्यूजिक को देखता है। हमारे विजुअल
- 5:24:54को देखता है। हमारी नेचुरलिस्टिक
- 5:24:56इंटेलिजेंसेस को देखता है। तो राइट ब्रेन
- 5:24:59को हम बेसिकली क्रिएटिविटी के साथ कनेक्ट
- 5:25:01करते हैं। क्योंकि जिसका विजुअल स्ट्रांग
- 5:25:03है वो चीजों को विजुलाइज कर लेता है। जो
- 5:25:05चीज हुई नहीं है उसको भी विजुलाइज़ कर
- 5:25:07लेगा। मान लो मैंने अभी बोला ए ने बी को
- 5:25:09थप्पड़ मारा। तो वह तो चटाक भी सुन लेगा।
- 5:25:11विजुअल वाला बंदा तो के थप्पड़ मारा तो
- 5:25:13आवाज कितनी ज्यादा आई। आराम से मारा था कि
- 5:25:16जोर से मारा। तो यह जो इसका मतलब उसकी
- 5:25:18इमेजिनेशन स्ट्रांग है तो वो क्रिएटिविटी
- 5:25:20बढ़ जाएगी उसकी। यानी जिसका राइट ब्रेन
- 5:25:23स्ट्रांग है वो बंदा क्रिएटिव है और जिसका
- 5:25:26लेफ्ट ब्रेन स्ट्रांग है वो बंदा लॉजिकल
- 5:25:29है। अब अगर विजुअल इंटेलिजेंस हाई है वो
- 5:25:33बहुत अच्छा फोटोग्राफर बन सकता है। लेकिन
- 5:25:36अगर अगर सॉरी विजुअल इंटेलिजेंस हाई है और
- 5:25:40लॉजिकल ब्रेन है तो बहुत अच्छा फोटोग्राफर
- 5:25:43बन सकता है। बट विजुअल इंटेलिजेंस हाई है
- 5:25:46और क्रिएटिव ब्रेन ज्यादा है उसका तो वो
- 5:25:48बहुत अच्छा आर्टिस्ट बन सकता है। फिर अपनी
- 5:25:50अपनी फोटो बना लेगा।
- 5:25:53ठीक है ना? लॉजिकल ब्रेन उसको जैसे मैम ने
- 5:25:57बताया कि वह कंपेयर करते हैं जब फोटोग्राफ
- 5:25:59और उस क्राइम सीन को तो वो लॉजिकल ब्रेन
- 5:26:02का काम है कि उसके साथ कंपैरिजन करना।
- 5:26:04क्रिएटिव दिमाग वहां पे नई इमेजिनेशन लेकर
- 5:26:07बैठ जाएगा।
- 5:26:07जो होने वाला है वो भी पता लग जाएगा।
- 5:26:09नहीं। जो होने वाला है वो कुछ और चीज होती
- 5:26:12है।
- 5:26:14वो वो अभी आएगा मेरी रिपोर्ट में। आगे
- 5:26:17आएगा। वो [हंसी] जो आपने बोला एक्सैक्ट
- 5:26:19वही आएगा।
- 5:26:22नहीं वो आगे आएगा। आपका पोएट भी आगे बात
- 5:26:26करने जा रहा था वो हम इससे कनेक्ट कर
- 5:26:28या एक्सजेक्टली देखिए अब अब जो स्ट्रीम
- 5:26:31अलॉटमेंट है जैसे ही ये आठ इंटेलिजेंस
- 5:26:34पूरी होंगी आपको सारी स्ट्रीम्स क्लियर हो
- 5:26:36जाएंगी। जी प्लीज
- 5:26:41तो वो तो बोला है मैंने ऑब्जरवेशन में
- 5:26:43आएगा।
- 5:26:45मैं तो विजुअल को ऑब्जरवेशन के साथ कनेक्ट
- 5:26:47किया था कि जो ऑब्जरवेशन उतनी बढ़िया
- 5:26:49एक्यूरेट होगी। मैंने तो यह भी बोला है कि
- 5:26:51वो जो ऑब्जर्व जो देख लेगा वो फोटोग्राफी
- 5:26:54की तरह याद रखेगा इवन ज्यों की त्यों मतलब
- 5:26:56उसे अगर चाहे एक्सप्लेन करना हो किसी को
- 5:26:59चाहे अब जैसे इसमें क्या होता है प्लीज
- 5:27:02सीट इसको क्या है कि अगर मान लो विजुअल
- 5:27:04इंटेलिजेंस चेक करनी है किसी बच्चे की
- 5:27:06आंखें बंद कीजिए आंखें बंद करा करके पूरी
- 5:27:09क्लास को और उसके बाद उनको बोलिए कि अब
- 5:27:14मेरे हाथ में कितनी बुक्स थी आंखें बंद
- 5:27:16करे करे उंगली करके बताओ कितनी बुक्स हैं
- 5:27:18किसी किसी को तो यह भी नहीं बताएगा मैम के
- 5:27:20हाथ में कुछ था। एक आधा आपने हाथ में बुक
- 5:27:23नहीं पकड़ी हुई ना। एक आधा बच्चा फिर भी
- 5:27:25कह देगा तीन बुक हैं।
- 5:27:30ये इमेजिनेशन नहीं है। वो हमने सवाल देखो
- 5:27:34आपसे मैंने आंख बंद करके अगर यह पूछा ना
- 5:27:37कि किताबें इमेजिन करो कितनी हैं? तो आप
- 5:27:39कितनी इमेजिन कर लो। मैंने आपसे पूछा मेरे
- 5:27:42हाथ में कितनी बुक्स हैं? यह ऑब्जरवेशन
- 5:27:44में आता है।
- 5:27:46तो बिना देखे कैसे पूछूंगा मैं आपसे?
- 5:27:50अरे गुरु जी पहले मैं किताबें लेके आया था
- 5:27:53क्लास में
- 5:27:57[हंसी]
- 5:28:02[हंसी]
- 5:28:07एग्जैक्टली ठीक एक्चुअली एक्चुअली क्या था
- 5:28:11वो एक्चुअली क्लास में पढ़ाते नहीं होंगे
- 5:28:15जो पढ़ाते हैं टीचर उनको पता है मैं किस
- 5:28:17कंडीशन में पूछ रहा था जो जो पढ़ा नहीं रहा
- 5:28:20है वो इमेजिन ही कर पा रहा है उस सिचुएशन
- 5:28:22को और हां जी हां भाई समझ गया ना [हंसी]
- 5:28:26समझ समझ गया ना सर मैं मैथ्स पढ़ाने वालों
- 5:28:29की बात कर रहा था इंग्लिश पढ़ाने वालों की
- 5:28:32[हंसी]
- 5:28:33आई गॉट इट। आई गॉट यू। मैं जब आप बोले थे
- 5:28:36तभी समझ गया था। डोंट वरी।
- 5:28:39तो
- 5:28:41विजुअल पॉइंट क्लियर हुआ?
- 5:28:44नेक्स्ट पॉइंट आता है काइनेस्टेटिक
- 5:28:46इंटेलिजेंस।
- 5:28:47हां। देखिए जो विजुअल इंटेलिजेंस है अगर
- 5:28:49किसी की स्ट्रांग है तो और उसने कुछ देख
- 5:28:52लिया है तो वो तो उसको याद रहेगा। अब उसका
- 5:28:56इफेक्ट क्या पड़ेगा? ये उसके घर में उसके
- 5:28:58पेरेंट्स किस तरह की बात करते हैं? अगर वो
- 5:29:01उसको घर में आकर बता देता है उसके बाद
- 5:29:04क्या रिएक्शन आता है यह उस पर डिपेंड
- 5:29:06करेगा जो आप आफ्टर इफेक्ट की बात कर रहे
- 5:29:08हो
- 5:29:12शेयरिंग वो इसलिए बच्चे हमेशा शेयरिंग
- 5:29:16इफेक्ट
- 5:29:16मैं आपको एक बात बताता हूं। यह जनरल
- 5:29:18पैरेंटिंग की बात है। इसको ध्यान रखिएगा।
- 5:29:21जब भी कोई बच्चा घर आकर शेयर कर रहा है,
- 5:29:24कुछ भी शेयर कर रहा है, नेवर एवर करेक्ट
- 5:29:28हिम।
- 5:29:30उसको कभी भी उसको समझाइए मत। जब भी वह कुछ
- 5:29:36भी शेयर कर रहा है आपसे कुछ भी शेयर करे
- 5:29:39चाहे कितनी ही बुरी से बुरी बात शेयर करे
- 5:29:42उसको रोकिए मत कि तू यह मत किया कर। उस
- 5:29:45वक्त मत रोकिए। खासतौर पे जब वह बता रहा
- 5:29:48है। देन क्योंकि आप लोगों का तो मेरे से
- 5:29:51डायरेक्ट कांटेक्ट है। आप तो कुछ मत करिए।
- 5:29:54मेरे को WhatsApp पे वॉइस मैसेज रिकॉर्ड
- 5:29:56करके भेज दीजिए कि आज हमारे बच्चे ने यह
- 5:29:59बात बताई। अब इस पर हमें क्या रिएक्ट करना
- 5:30:01चाहिए। उस टाइम कोई रिएक्शन मत शो करो।
- 5:30:03उसको सुनसुन के हंसते रहो और उसका क्या
- 5:30:07इलाज और कैसे हो यह फिर मैं आपको बता
- 5:30:09दूंगा कि यह तरीका है। क्योंकि जैसे ही आप
- 5:30:12उस बच्चे को वहां करेक्ट करोगे या रोकोगे
- 5:30:15यह कंफर्म है कि वह अगली बार आपसे पूरी
- 5:30:17बात शेयर नहीं करेगा। वह शेयर करना बंद कर
- 5:30:21देगा उसी टाइम से। तो करेक्ट मत कीजिए
- 5:30:24उसको। हमें फिर उसका स्यूशन ढूंढना है
- 5:30:27क्योंकि कारण हम नहीं हैं उसको शुरू करने
- 5:30:30के वो बात जो भी उसने गलत देखी हो या गलत
- 5:30:32किया हो मान लो कारण हम नहीं है उसके कारण
- 5:30:35कुछ और है। वी नीड टू फाइंड आउट दैट रीज़
- 5:30:38और वहीं से करेक्ट होगा वो। हमारे से
- 5:30:40करेक्ट नहीं होगा। हमारी बात सुन के उसने
- 5:30:42शुरू नहीं किया तो हमारी बात सुन के वो
- 5:30:44बंद भी नहीं करेगा। वो हमसे छुपाना शुरू
- 5:30:46कर देगा उसके बाद से। यह पक्का है। लेकिन
- 5:30:51उसके मन में जो उठ रहा है, चल रहा है, वो
- 5:30:53उसने बताना बंद कर दिया तो समस्या है। तो
- 5:30:55एक मतलब मैं चिंताजनक सिचुएशन उसी को
- 5:30:58मानता हूं जहां बच्चा हमारा शेयर करना बंद
- 5:31:00कर दे। शेयर कर रहा हो चाहे गालियां दे
- 5:31:02रहा हो कोई बात नहीं। उसका सलूशन है। कोई
- 5:31:04दिक्कत नहीं। शेयर कर रहा हो, कितना ही
- 5:31:06खराब बोल रहा हो, उसका सलूशन है। शेयर ही
- 5:31:09नहीं करेगा, तो प्रॉब्लम है। फिर अंदर
- 5:31:11जाना बहुत मुश्किल है उसके। फिर सशन भी
- 5:31:13ढूंढना मुश्किल है।
- 5:31:17कैसे
- 5:31:18जो शेयरिंग आपने बंद कर दी उसको ओपन करने
- 5:31:21के लिए आपको उसका ट्रस्ट गेन करना पड़ेगा।
- 5:31:23वापस जो जो काम उसके बुरे लगते थे उसके
- 5:31:25साथ लग के वो काम करने पड़ेंगे। उसका ताश
- 5:31:28खेलना बुरा लगता था तो आप साथ को ताश
- 5:31:30खेलना पड़ेगा। उसका गालियां देना बुरा
- 5:31:32लगता था गालियां आप देनी पड़ेंगी उसके
- 5:31:33साथ। फ्रेंड से भी ज्यादा बेसिकली क्या
- 5:31:37है? आपको किसी को खोलना हो तो अपना
- 5:31:40कमीनापन बाहर लेकर आओ। सामने वाला अपना ले
- 5:31:42आएगा पूरा पक्का। आप अच्छे बने रहोगे तब
- 5:31:45तक सामने वाला अच्छा बना रहेगा। एवरीवन
- 5:31:47हैज़ अ लिमिट और हर किसी की गलती मतलब उसको
- 5:31:50पता है कि मेरी जिंदगी में क्या-क्या गलत
- 5:31:52चीजें हैं। तो जैसे ही आप अपना बैड पार्ट
- 5:31:55उसको दिखाते हो तो सामने वाला अपना बैड
- 5:31:57पार्ट दिखाने से चिंता नहीं करेगा कोई भी।
- 5:31:59वो दिक्कत यह है कि हम लोग अपने
- 5:32:02अच्छे-अच्छे पार्ट को दिखाते हैं उसके
- 5:32:04सामने किसी के सामने ना कि यह होना चाहिए,
- 5:32:06यह नहीं होना चाहिए, यह होना चाहिए। वो
- 5:32:08इतनी लिमिटेशंस लगा रखी हैं। फिर आदमी का
- 5:32:10मन कर रहा हो कहने का करने का वो कह नहीं
- 5:32:13पाता क्योंकि उसे लगता है मेरे मां-बाप को
- 5:32:15मेरे रिश्तेदारों को मेरे दोस्त को अच्छा
- 5:32:17नहीं लगेगा तो मैं रहने देता हूं। बट अगर
- 5:32:20हमने देखिए इसको मैं कैसे देखता हूं जो
- 5:32:22जिनको हम डेवलप्ड कंट्री बोलते हैं ना
- 5:32:24वहां पे मुझे यह चीज बहुत अल्टीमेट लगती
- 5:32:27है कि उन्होंने बुजुर्ग को जिन्होंने अपनी
- 5:32:30पूरी जिंदगी सोसाइटी को दी है और बच्चे को
- 5:32:32जिन्होंने अभी सोसाइटी को देनी है वो कुछ
- 5:32:35भी नहीं कहते उनकी कंप्लीट रिस्पेक्ट करते
- 5:32:38हैं ह्यूमन बीइंग के तौर पे। वो बच्चे
- 5:32:40बदतमीजी करते हैं अपने मां-बाप से। सीधा
- 5:32:42बोल देते हैं कुछ भी। गालियां भी दे देते
- 5:32:44हैं, मार भी देते हैं। मां-बाप को मारना
- 5:32:47अलाउड नहीं है उनको। एंड लेटर ऑन जब वो
- 5:32:50बड़े होते हैं, धीरे-धीरे यू नो वो सब समझ
- 5:32:53जाते हैं कि ये गलत था। और वो धीरे-धीरे
- 5:32:56अपने आप ऑटोमेटिकली एक बहुत सिविलाइज्ड
- 5:32:58पर्सन के तौर पर उभर के आते हैं सोसाइटी
- 5:33:00के लिए। क्योंकि वहां बचपन में हमें एक
- 5:33:02दूसरे के विचारों को दबाना और कुचलाना
- 5:33:05नहीं सिखाया जाता। जैसे कि हम शुरुआत में
- 5:33:07बात कर रहे थे कि बच्चा हमारे समझाने से
- 5:33:10कुछ नहीं समझेगा। हम भी किसी के समझाने से
- 5:33:12कुछ नहीं समझेंगे। जब महसूस करेंगे तो ही
- 5:33:15हम किसी को समझेंगे।
- 5:33:18तो वहां पर वो महसूस करता है जब वो छोटा
- 5:33:20होता है कि मुझे किसी ने दबाया नहीं है तो
- 5:33:22वो अगली संतान को फिर वो नहीं दबाता। इस
- 5:33:25वजह से वो खुल के बोल लेते हैं। हां, वहां
- 5:33:28कुछ ऐसी कुछ वारदातें हुई हैं। अब ऑब्वियस
- 5:33:32सी बात है आगे आएंगे तो सारे फैक्टर आपको
- 5:33:35पता लग जाएगा कि वो गोलियां क्यों चलती
- 5:33:37हैं। वो क्यों AK-47 लेके बच्चा मार देता
- 5:33:41है स्कूल में आके बच्चों को या दूसरे
- 5:33:43लोगों को वो आगे पता चल जाएगा उनका रीज़ंस।
- 5:33:46लेकिन एज अ सोसाइटी एज अ कल्चर आप देखेंगे
- 5:33:49कि जो 18 साल तो नहीं कहूंगा। खैर 20 22
- 5:33:53साल के बाद का हर सिटीजन वहां काफी
- 5:33:56सेंसिटिव और जिम्मेदार होता है। हमारे
- 5:34:00यहां तो 35 साल वाले को भी जो कुछ कर ले
- 5:34:02ऐसे ही खाता रहेगा क्या? इस तरह के
- 5:34:04डायलॉग्स के साथ हम लोग डील करते हैं। और
- 5:34:06इवन हम तो
- 5:34:09पूरी लाइफ आप देखिए। आपकी फैमिली में,
- 5:34:12आपके घर में, आपके रिश्तों में कोई ना कोई
- 5:34:14आपको डोमिनेट करने की कोशिश करता ही
- 5:34:16रहेगा। आपके थॉट्स को एज इट इज स्वीकार
- 5:34:19करने की हिम्मत नहीं है किसी में भी। भाई
- 5:34:21आप जो सोच रहे हो उसको भी 100% वैलिड कर
- 5:34:24दो। जो मैं सोच रहा हूं उसको भी 100% क्या
- 5:34:26दिक्कत है? जरूरी थोड़ी है आपके हिसाब से
- 5:34:27मैं चलूं या मेरे हिसाब से आप चलो।
- 5:34:31मैंने यह देखा मैंने यह बोला मैंने यह
- 5:34:34आपके सामने रख दिया। आपने जो देखा उसमें
- 5:34:36से मेरे जो आपके काम का हो ले जाओ काम का
- 5:34:38नहीं हो छोड़ जाओ। दिस शुड बी द बेसिकली
- 5:34:41मतलब टीचिंग भी यही होनी चाहिए। सोसाइटी
- 5:34:44भी यही होनी चाहिए। बट एनी हाउ
- 5:34:50जी
- 5:34:51और एज अ पेरेंट या एज अ टीचर हम जानते हैं
- 5:34:54कि वो गलत कर रहा है। उस पॉइंट ऑफ टाइम पे
- 5:34:57चुप रहना सही है।
- 5:35:00आई मीन उस पॉइंट ऑफ व्यू पे एज अ पेरेंट
- 5:35:02या एज अ टीचर मैं जानती हूं कि बच्चा कुछ
- 5:35:05गलत कर रहा है या कोई गलत सुन रहा है।
- 5:35:07जी
- 5:35:08उसको रोको ना उसको सप्रेस ना करो। एज अ
- 5:35:11ह्यूमन बीइंग, एज अ टीचर, एज अ पेरेंट वो
- 5:35:13मेरे लिए सही है। मेरा वो एक्ट सही है
- 5:35:15मेरे लिए?
- 5:35:16मैं
- 5:35:17मेरी कॉन्शियस क्या मुझे अलव करेगी कि
- 5:35:19मेरा बच्चा किसी गलत पाथ पे जा रहा है और
- 5:35:20मैं ना रोकूं उसे?
- 5:35:22देखिए पहली बात तो जैसे हमने अभी डिस्कशन
- 5:35:24किया थोड़ी देर पहले या मतलब शुरू से लेके
- 5:35:26अब तक के जो सारी चीजें जो हम गलत सोचते
- 5:35:29थे वो एक्चुअली गलत थी नहीं।
- 5:35:32हम वो चीजें नेचुरल थी वो हमें गलत लगी।
- 5:35:36दूसरा
- 5:35:37मुझे नहीं लगता कि हम इतने पैशनल है अपनी
- 5:35:41सोसाइटी में जहां हम हर गलत चीज को गलत
- 5:35:44कहने की हिम्मत रखते हैं। या तो हमें ऐसा
- 5:35:47बंदा रेज करना चाहिए कि कुछ भी गलत नहीं
- 5:35:49होना चाहिए। फिर तो परफेक्शन के साथ चलिए।
- 5:35:51आईटी की बात नहीं है। बट मैं अगर एक अपनी
- 5:35:53फैमिली की बात
- 5:35:54मैं नेक्स्ट बता रहा हूं। मैं नेक्स्ट बता
- 5:35:55रहा हूं। दूसरी बात एज अ पेरेंट जहां तक
- 5:35:58मैं बात कर रहा हूं। एज अ पेरेंट आपका काम
- 5:36:00उस बच्चे को सुधारना बिल्कुल नहीं है। एज
- 5:36:04अ पेरेंट आपका काम सिर्फ उसकी केयर करना,
- 5:36:07उसकी रिस्पेक्ट करना और उसको एक सेफ्टी का
- 5:36:11एहसास कराना और प्यार करना है। बाकी के
- 5:36:14सारे काम करने के लिए अथॉरिटीज हैं।
- 5:36:17सिखाने के लिए भी हैं, स्कूल भी हैं, लॉ
- 5:36:20मैनेजमेंट के लिए भी हैं, एनफोर्समेंट के
- 5:36:23लिए भी हैं। हर चीज के लिए हैं। तीसरा
- 5:36:28आपको एग्जांपल समेत बताना पड़ेगा। यहां पर
- 5:36:31सबके सामने नहीं बता सकते तो मुझे बताना
- 5:36:33पड़ेगा कि किसको आप गलत कह रहे हो। किस
- 5:36:36चीज को आप गलत कह रहे हो वो एक ऐसा
- 5:36:38क्वेश्चन है। मान लो किसी को गाली दे रहा
- 5:36:40है बच्चा। फॉर एग्जांपल आप लोग इसको गलत
- 5:36:43कहोगे। मैं इसे बिल्कुल गलत नहीं कहूंगा।
- 5:36:46मैं इसे बिल्कुल गलत इसलिए नहीं कहूंगा
- 5:36:48क्योंकि जिस दिन बच्चा पैदा हुआ है उस दिन
- 5:36:50वह गाली अपने शब्द लेकर नहीं आया है। उसने
- 5:36:53सब कुछ आपसे लिया है। यू नीड टू इंप्रूव
- 5:36:56दैट फैक्टर जिसने उसको गाली सिखाई।
- 5:36:59दो बच्चों में फाइट हुई। एक बच्चा आ गया
- 5:37:01कंप्लेंट लेके मैम इसने मुझे अब्यूज किया।
- 5:37:04जी।
- 5:37:04तो मैं उस बच्चे के सामने ये कह दूं कि
- 5:37:06इसने कुछ गलत नहीं किया।
- 5:37:07या मैं उस बच्चे को डांटू नहीं कि बेटा
- 5:37:09आपने कुछ गलत नहीं किया।
- 5:37:10मैंने ऐसा नहीं कहा। मैंने ये बिल्कुल
- 5:37:12नहीं कहा।
- 5:37:13या मैं उसे रोकूं नहीं। देखिए क्या है
- 5:37:15यहां आपके पास दो बच्चे हैं। यहां आपकी
- 5:37:18यहां जिम्मेदारी दूसरी आ गई आपकी। पहले
- 5:37:21वहां सिखाने वाली थी। यहां आपको एक ऐसे
- 5:37:24टीचर के रूप में या ऐसे पर्सन के रूप में
- 5:37:26आपको एस्टैब्लिश करना है जिससे आप न्याय
- 5:37:28भी कर पाओ और यह इल्जाम भी ना लगे कि मैम
- 5:37:31एक जने का पक्ष ले रही थी। यहां आपकी
- 5:37:33एक्टिविटी दूसरी है। यहां प्रॉब्लम है
- 5:37:35जिसका स्यूशन करना है। यहां बिहेवियरल इशू
- 5:37:38नहीं है। यह चीजें यह चीजें अलग हैं। जो
- 5:37:43गाली दे रहा है सबसे बड़ी बात यही है कि
- 5:37:46अब्यूज कर रहा है। इस बात को हम कितना
- 5:37:49बड़ा मान रहे हैं और हम इसका सलूशन क्या
- 5:37:52देते हैं। कई बार ऐसा होता है। मैं आपको
- 5:37:55बता देता हूं और शायद आपको भी पता होगा कि
- 5:37:58एक बच्चे ने दूसरे बच्चे को गाली दी। उसने
- 5:38:01आपको शिकायत लगा दी और उसने उसको आपने
- 5:38:04उसको थप्पड़ मार दिया या आपने उसको धमका
- 5:38:06दिया डांट दिया तो आपको पता है उन दोनों
- 5:38:08के बीच में दुश्मनी भी हो गई अगर वह बदला
- 5:38:10लेने वाला हुआ ना जिसको थप्पड़ लगा है
- 5:38:12बेटे बाहर निकलियो तेरे को देखूंगा
- 5:38:15ऐसे डायलॉग सुनने को मिलेंगे और आपने
- 5:38:17परमानेंट कर दिया उनका वो इलाज यू नीड टू
- 5:38:20बी स्मार्ट देयर कि पहली बात तो वो
- 5:38:22सिचुएशंस ही ना आए आपको अब जो है इसके बाद
- 5:38:26में आपको क्लेरिटी होनी शुरू हो जाएगी
- 5:38:28गाली खाने वाले कौन से कौन से देने वाले
- 5:38:31कौन से कौन से हैं? जो दे रहे हैं उसके
- 5:38:33पीछे क्या लॉजिक है? खाने के बाद चुप कौन
- 5:38:35सा हो सकता है? आपको पता होएगा। अब आपको
- 5:38:37यह पता है कि इसकी इसकी ये गाली अगर दे दी
- 5:38:40और ये शिकायत लेके आया ना तो इसका सशन
- 5:38:41करना ही पड़ेगा। और एक आधा ऐसा बच्चा भी
- 5:38:43होगा जिसका नहीं भी करोगे सलूशन और ऐके
- 5:38:46मतलब क्या होता है? सिंपल बताऊं मैं आपको।
- 5:38:49उस बच्चे के सामने उसको डांट दो और उसके
- 5:38:51बाद थोड़ी देर में बुला के मैं तेरे को
- 5:38:52वैसे ही तू उसको बुरा लगे। चिंता मत कर
- 5:38:55तू। इतना सा ही तो कहना होता है। बेटा
- 5:39:01ना ना मैं आपको क्या कह रहा हूं? मैं आपको
- 5:39:04क्या कह रहा हूं? वहां उसको डांट दिया है।
- 5:39:07ठीक है। डांटने के बाद आपने उसको बुलाया
- 5:39:09है। उस गाली का जिक्र थोड़ी ना करना है।
- 5:39:11उसके साथ कनेक्ट होना है वापस दूसरी बात
- 5:39:13पे किसी पे।
- 5:39:16आप समझ नहीं आए।
- 5:39:19तो ऐसे करते ही
- 5:39:20उस बात पे थोड़ी ना कहना है।
- 5:39:23मैम बात कनेक्ट होने की है कि आपने वहां
- 5:39:26डांट दिया है। एंड इफ यू फील दैट ही इज़ एन
- 5:39:29एफिशिएंट पर्सनालिटी और आइडलिस्ट
- 5:39:30पर्सनालिटी हो गया। हो गया हो गया कि वो
- 5:39:33आइडलिस्ट और एफिशिएंट है। उस वक्त उसको
- 5:39:35बुला करके आपको उसको शांत करना ही पड़ेगा।
- 5:39:40किसी और मैटर पे उसको काम दे दो ना आप। वो
- 5:39:42अभी पता चल जाएगा ना आपको। उसको क्या-क्या
- 5:39:44पसंद है? आपको क्लास के अंदर देखिए मैं
- 5:39:47आपको बताऊंगा जब आप क्लास में पढ़ाएंगे ना
- 5:39:50आपकी क्लास के हर बच्चे का बिहेवियर और
- 5:39:54उसकी पूरी रिपोर्ट आपके हाथ में होगी।
- 5:39:56उसका पूरा प्रोफाइल आपके हाथ में होगा।
- 5:39:58आने वाले महीने डेढ़ महीने के बाद आपके
- 5:40:01पास आपकी क्लास के हर बच्चे का बिहेवियर
- 5:40:03आपके हाथ में होगा। आप जज ही वो एक्टिविटी
- 5:40:06करता है। आपको उसकी पसंद, नापसंद, डायलॉग,
- 5:40:09काम, थॉट, प्रोसेस सब पता होएगी। नाउ यू
- 5:40:11कैन जज कि करना क्या है उसके साथ।
- 5:40:15ठीक है ना? और हर एक के साथ अलग बिहेवियर
- 5:40:18मतलब बुला करके उसको जो कहना है वो डायलॉग
- 5:40:20हर किसी के लिए अलग हैं। सेम डायलॉग सब पर
- 5:40:23काम नहीं करते हैं। सेम बात सेम इलाज काम
- 5:40:26नहीं करेगा। एक बच्चे को आप कह दोगे रुक
- 5:40:30जा। वो उतने से रुक जाएगा। दूसरा बच्चा
- 5:40:33जैसे मैंने आपने पूछा था वो सवाल अधूरा रह
- 5:40:36गया कि ऐसे बच्चा जो करे तो उसको ना नहीं
- 5:40:39कहे तो क्या कहें? फिर आगे पूछा नहीं आपने
- 5:40:41मुझे अब ध्यान आया कि ऐसे बच्चे को ना
- 5:40:44कहें तो मैंने कहा ना नहीं कहना तो क्या
- 5:40:47कहें वो आगे पूछा नहीं आपने
- 5:40:52मेरे को ध्यान था कि वो अब ध्यान आ गया
- 5:40:54एकदम से जैसे एफिशिएंट पर्सनालिटी है
- 5:40:57मैंने शुरू में कहा कि उसको ना नहीं कहना
- 5:40:59सीधे-सीधे एकदम से ना नहीं कहना तो हां कह
- 5:41:02दिया हां कहने के बाद हो सकता है कि वो
- 5:41:05इतना स्मार्ट हो कि वो आपसे उसने उसने
- 5:41:08मांगा आपसे मान लीजिए कि छोटी सी उम्र में
- 5:41:11उसने Apple का मोबाइल मांग लिया आपसे और
- 5:41:15आपको लगता है कि उसको देना नहीं चाहिए
- 5:41:17अपने को और आप ना भी नहीं कह सकते उसको
- 5:41:20नहीं तो फिर वो उस पे अड़ जाएगा कि मुझे तो
- 5:41:21चाहिए ही चाहिए। अब क्या है कि अब इसको
- 5:41:25आपको स्मार्टली क्या करना है कि ला देंगे
- 5:41:28क्या फर्क पड़ता है? अब वो आपसे सवाल पूछा
- 5:41:30है कब लाओगे? नेक्स्ट पक्का सवाल होगा। यह
- 5:41:33एफिशिएंट का पक्का सवाल होता है कि कब
- 5:41:36लाओगे?
- 5:41:37अब इसको आपको उस जगह पर लेकर जाना पड़ेगा
- 5:41:40जहां पर या तो वह चैलेंज स्वीकार कर ले
- 5:41:43कोई या जहां पर वह आप उसको थोड़ा लटका
- 5:41:47सको। इमीडिएट कह दिया कि तनख्वाह मिलेगी
- 5:41:50तब ला देंगे या अगले महीने ला देंगे तो
- 5:41:53अगले महीने समझो कितनी तारीख को फिर वो
- 5:41:56उसी दिन जाके फिर पकड़ेगा। चैलेंज मैं
- 5:41:59इसीलिए तो चैलेंज लंबा बोल रहा हूं ना मैं
- 5:42:01आपको। इसीलिए मैं चैलेंज आपको लंबा बोल
- 5:42:04रहा हूं कि तेरा पहला नेशनल अवार्ड आते ही
- 5:42:07तेरे को मिल जाएगा।
- 5:42:11[हंसी]
- 5:42:12ठीक है? तभी तो तभी तो स्मार्ट वही तो
- 5:42:15मैंने पहली लाइन यही बोली कि आपका
- 5:42:16स्मार्टनेस यहां पे काम करेगी। एग्जैक्टली
- 5:42:19यहीं पे तो आपको समझना है और क्यों समझना
- 5:42:21है। इतने सारे लोग समझने तभी तो जरूरी है।
- 5:42:23जब आप अपनी क्लास के 30 बच्चों को ध्यान
- 5:42:26से समझना शुरू करोगे। उनके डायलॉग्स देखना
- 5:42:28शुरू करोगे तो आपको अपने घर वाले बच्चों
- 5:42:30के इलाज समझ में आने शुरू हो जाएंगे। अगर
- 5:42:33आप इनका नहीं करोगे तो अपने वाले नहीं समझ
- 5:42:35में आएंगे। गारंटी है क्योंकि कम से कम
- 5:42:372030 बच्चों को समझने के बाद तो समझ आना
- 5:42:39शुरू होगा आपको जब प्रैक्टिकल करने लगोगे
- 5:42:42ना आप लेकिन एक बार समझ आना शुरू होगा फिर
- 5:42:44इतना आसान हो जाएगा सब कुछ फिर तो जो पढ़ा
- 5:42:47रहे हो वो भी पहले से ही पता है कि इसके
- 5:42:48जा रहा है इसके नहीं जा रहा है इस इसको
- 5:42:51ऐसे समझाना इसको ये डायलॉग बोल के काम
- 5:42:53देना है इसको ये डायलॉग बोल के काम देना
- 5:42:54है सिर्फ शुरुआत में भी कुछ भी एक्स्ट्रा
- 5:42:57नहीं करना आपने एक्स्ट्रा कुछ नहीं पढ़ाना
- 5:42:59एक्स्ट्रा सिलेबस नहीं पढ़ाना एक्स्ट्रा
- 5:43:01पढ़ना कुछ नहीं उसको याद नहीं हो रहा है
- 5:43:03उसको कुछ समझ नहीं आ रहा है वो कोई
- 5:43:05प्रॉब्लम क्रिएट कर रहा है। सिर्फ उसका एक
- 5:43:06बार प्रोफाइल उठा के देख लो। फिर समझ आ
- 5:43:09जाएगा। यह वाली नेचुरल है। यह वाला चीज़
- 5:43:10है। यह कहीं से पकड़ी हुई है। वो वो
- 5:43:13फैक्टर तो दूर करने हैं बस सिंपल से।
- 5:43:15उन्हीं पे तो टाइम लगाना है। कुछ भी नहीं।
- 5:43:17नेक्स्ट इंटेलिजेंस पे बात करते हैं।
- 5:43:18काइनेथेटिक इंटेलिजेंस। काइनेस्टेटिक जो
- 5:43:20वर्ड है, यह बेसिकली बॉडी मूवमेंट के साथ
- 5:43:23कनेक्टेड है। आपकी बॉडी की मूवमेंट कितनी
- 5:43:26स्मार्ट है। कई बच्चे गिलास उठाते उठाते
- 5:43:2910 बार गिर जाते हैं। सामान उठाना हो
- 5:43:32उल्टा गिरा देते हैं। पानी डालना हो मतलब
- 5:43:35खाना बेड पर बैठकर खाएंगे तो गिराना ही
- 5:43:38गिराना है। यह काम करना है तो तोड़ना ही
- 5:43:41तोड़ना है। कई बच्चे ऐसे हैं कि बॉल फेंक
- 5:43:44के मारेंगे और गिलास में डलेगी जाके। कई
- 5:43:47ऐसे हैं क्रिकेट खेल रहे हैं। जहां मारना
- 5:43:49चाह रहे हैं एग्जैक्ट बिल्कुल बल्ले के
- 5:43:51बीचोंबीच शॉट। यह आता है डायलॉग। और एक
- 5:43:54अजरुद्दीन जैसे हैं। मारते इधर को हैं।
- 5:43:56जाता उधर को है। बस ऐ लग रहे हैं किधर को
- 5:43:58किसी के। ऐसे ही जब हम ग्राउंड पर खेलते
- 5:44:01हैं। एक ऐसा है कि लात मार के फुटबॉल को
- 5:44:04वहीं मारता है जहां मारना चाहता है। और एक
- 5:44:06ऐसा है मारा उधर था, गई बॉल उधर को।
- 5:44:10ठीक है? सुई में धागा डालने को बोलो। एक
- 5:44:13तो ऐसा लगा हुआ है आधा घंटा और एक ऐसा है
- 5:44:16कि पकड़ा और ऐसे करके डाल दिया। दीज़ आर ऑल
- 5:44:19बॉडी मूवमेंट्स बेसिकली कि आपकी कितनी
- 5:44:21एक्यूरेट हैं। दो तरह की होती हैं। जो
- 5:44:24लेफ्ट ब्रेन है वह कंट्रोल करता है फाइन
- 5:44:26मोटर स्किल को और राइट ब्रेन है वो
- 5:44:29कंट्रोल करता है ग्रॉस मोटर स्किल्स को।
- 5:44:32जो फाइन मोटर स्किल है उसमें सिलाई,
- 5:44:35बुलाई, कढ़ाई, सर्जरी, हैंडराइटिंग यह सब
- 5:44:38आता है।
- 5:44:41जिसकी हैंडराइटिंग बढ़िया होएगी, वह बहुत
- 5:44:43अच्छा सर्जन भी होएगा। क्योंकि उससे कैंची
- 5:44:46से लेकर काटने को कहोगे बिल्कुल सीधा
- 5:44:48काटेगा। लाइन ड्र्रा करने को बोलोगे बिना
- 5:44:50स्केल के सीधे ही ड्र्रा कर देगा। कट
- 5:44:53मारने को बोलोगे कट एकदम सीधा मारेगा।
- 5:44:55इसका मतलब फाइन मोटर स्किल अच्छी है उसकी।
- 5:44:59यह बहुत अच्छे सर्जन होते हैं। लेकिन
- 5:45:01हमारे यहां सर्जन बनने के लिए आपका अच्छा
- 5:45:03रट्टेबाज होना जरूरी है। दैट्स व्हाई
- 5:45:06हमारे यहां इलाज कराने के लिए हमारे सभी
- 5:45:09लोगों को बाहर जाना पड़ता है। क्योंकि हम
- 5:45:12रट्टे मारने वाले को सर्जन बना डालते हैं।
- 5:45:17साइट ब्रेन जो है वह ग्रॉस मोटर स्किल को
- 5:45:19देखता है। जो ग्रॉस मोटर स्किल होती हैं
- 5:45:22वह हैवी बॉडी मूवमेंट के लिए होती हैं।
- 5:45:25स्विमिंग, कुश्ती, खेलना कूदना, दौड़ना,
- 5:45:29भागना, मेहनत करना जो फिजिकल काम है। जिम
- 5:45:33हो गया, बॉडी बिल्डिंग हो गई काइंड ऑफ।
- 5:45:36यानी कि बॉडी की मूवमेंट। क्लियर हुआ? अब
- 5:45:40जिसका काइनेस्टेटिक इंटेलिजेंस स्ट्रांग
- 5:45:42है, वो आदमी टिक नहीं सकता। वो बच्चा टिक
- 5:45:46कर बैठ नहीं सकता। आप बिठाओगे तो उसने
- 5:45:49तोड़ना फोड़ना शुरू कर देना है। कुछ ना
- 5:45:51कुछ। इसलिए उसको काम पर लगा के रखना ही
- 5:45:54उसका इलाज है। उसको बांधना उसका दिमाग को
- 5:45:58प्रेशराइज करना है। जैसे कई बार सवाल आता
- 5:46:01है मेरे पास कि क्या इससे बच्चों के ऊपर
- 5:46:03प्रेशर नहीं बनता है? तो मैं उसको बताता
- 5:46:05हूं कि जिसके पास काइनेथेटिक एनर्जी
- 5:46:07ज्यादा है उसको बिाने से प्रेशर बनता है।
- 5:46:10और जिसके पास काइनेस्टेटिक एनर्जी कम है
- 5:46:13उसको दौड़ाने से दिमाग पर प्रेशर बनता है।
- 5:46:16यानी जो आपके पास इंटेलिजेंस ऑलरेडी कम है
- 5:46:18उससे रिलेटेड काम करवाओगे तो प्रेशर
- 5:46:20बनेगा। बट जो आपके पास है उसको रोकोगे तो
- 5:46:24प्रेशर बनेगा। उसको जारी रहने दो। तो उसको
- 5:46:26कंटीन्यूअसली एग्जॉस्ट होने दो। तो
- 5:46:29कनेस्थेटिक इंटेलिजेंस स्ट्रांग होने का
- 5:46:31मतलब हो गया कि आपकी बॉडी मूवमेंट्स
- 5:46:34एक्यूरेट होंगी, एग्जैक्ट होंगी। जहां
- 5:46:37मारना चाहते हो, जहां हिट करना चाहते हो,
- 5:46:39जहां से काटना चाहते हो, वो एक्यूरेट
- 5:46:41होगा। हैंडराइटिंग भी ऐसे बच्चों की अच्छी
- 5:46:43आती है। जिनकी फाइन मोटर स्किल अच्छी
- 5:46:46होंगी।
- 5:46:47अब अगर मैं इन पूरी पिछली चार इंटेलिजेंस
- 5:46:51को अगर मैं कंपेयर करूं, कवर करूं जैसे
- 5:46:56एक स्पोर्ट्समैन है कोई फुटबॉल प्लेयर है
- 5:46:59या फिर कोई टेनिस प्लेयर है या बैडमिंटन
- 5:47:02प्लेयर है उसके लिए आपको कौन सी
- 5:47:04इंटेलिजेंस की जरूरत पड़ेगी फिजिकल
- 5:47:07मूवमेंट की विजुअल इंटेलिजेंस की और सेल्फ
- 5:47:10कॉन्फिडेंस की यानी जिसका इंट्रा पर्सनल
- 5:47:13अच्छा है विजुअल अच्छा है और काइनेस्टेटिक
- 5:47:15जिसकी ये तीन इंटेलिजेंस स्ट्रांग है वो
- 5:47:17पैदाइशी स्पोर्ट्स पर्सन है
- 5:47:21पैदाइशी फिर वो कोई सा स्पोर्ट खेल ले कोई
- 5:47:23से गेम में चला जाए
- 5:47:25वह उसने एकदम गोली होना ही होना है। अब
- 5:47:29ऑब्वियस सी बात है इंटर पर्सनल पहले ही
- 5:47:32स्ट्रांग होता है। तीन और स्ट्रांग हो गई
- 5:47:34तो जिसकी तीन हो गई तो बाकी की चार कम
- 5:47:37आएंगी। अब पढ़ने लिखने वाली इंटेलिजेंस वो
- 5:47:39नीचे लॉजिक और लैंग्वेज तो जो प्लेयर
- 5:47:41होंगे उनके पास फिर वो पढ़ने लिखने वाली
- 5:47:43कम हो जाएगी। अगर दोनों चीजें करवाना
- 5:47:45चाहते हो तो पॉसिबल नहीं है। वह प्लेयर
- 5:47:47नहीं हो। खेल तो सकता है बट वो स्पोर्ट्स
- 5:47:50अदरवाइज जो पैदाइशी स्पोर्ट्स पर्सन है
- 5:47:53उसके पेरेंट्स को आप खुलकर बोल सकते हो कि
- 5:47:56नंबर कम भी आ रहे हो पढ़ाई कम भी करेगा तो
- 5:47:59कोई दिक्कत नहीं है। आप इसके स्पोर्ट्स पर
- 5:48:01दांव खेल सकते हो। फिर वो बात अलग है कि
- 5:48:04हमारे यहां पर ऐसी पॉलिसीज नहीं है कि एक
- 5:48:06बच्चा अगर स्कूल के लिए खेल रहा हो और 16
- 5:48:09साल की उम्र में इंजरी हो जाए टांग पर तो
- 5:48:11भविष्य कैसे कटेगा। पढ़ा तो वैसे नहीं।
- 5:48:14पढ़ाई तो वैसे नहीं करी आगे वह नहीं। इसी
- 5:48:16के लिए अगली लड़ाई लड़नी है आप ने कि जब
- 5:48:19आप इस बात से सहमत हो जाएंगे कि हम उनकी
- 5:48:21जिंदगी आसान बना सकते हैं तो हम ये लड़ाई
- 5:48:23अगली लड़ेंगे प्रशासन के साथ कि भाई इन
- 5:48:25बच्चों का कुछ करना पड़ेगा अपने को। ये
- 5:48:27बच्चे पैदाइशी स्पोर्ट्समैन है। स्कूल
- 5:48:29इनको प्रोवाइड कर रहा है खेलने की सुविधा।
- 5:48:31तो अगर कल को इनको इंजरी हो जाए तो कम से
- 5:48:33कम उनको जिंदगी जीने का हक देना तो हमारा
- 5:48:36फर्ज है पूरी-पूरी सोसाइटी का। इतना सा
- 5:48:39होना है। मान लो किसी मां-बाप को इतना
- 5:48:41यकीन हो जाए कि मेरा बच्चा कहीं पर कुछ हो
- 5:48:44गया तो जिंदगी आराम से काट लेगा। फिर तो
- 5:48:46उसको दिक्कत नहीं है ना स्पोर्ट्स में आंख
- 5:48:48बंद करके चलाने में। फिर दिक्कत नहीं है।
- 5:48:50देन ही विल बी रेडी।
- 5:48:53जब तक नहीं होता तब तक हम इधर भी लड़ेंगे।
- 5:48:55तब तक उधर भी लड़ेंगे। इधर जितना हो सकता
- 5:48:58है इधर करेंगे। जितना आगे हो सकता है वो।
- 5:49:00ये था काइनेस्टेटिक।
- 5:49:03ठीक है जी।
- 5:49:05नेक्स्ट पार्ट आता है म्यूजिकिकल
- 5:49:06इंटेलिजेंस। म्यूजिकल इंटेलिजेंस का मतलब
- 5:49:08है कि जिस बंदे के पास म्यूजिक की जो सेंस
- 5:49:11है वह बाय बर्थ बहुत अच्छी है। यानी आपको
- 5:49:14ऐसे बच्चे भी मिलेंगे जिसकी उम्र तो एक
- 5:49:17साल है एक साल डेढ़ साल लेकिन पड़ोस में
- 5:49:19गाना बज रहा है तो पैर अपने आप बज चलने
- 5:49:21शुरू हो जाएंगे। अपने आप मतलब थोड़ा सा
- 5:49:24हल्का सा म्यूजिक सुनाई नहीं दिया और चल
- 5:49:26पड़ेगा। वो बचपन में ही पता चल जाता है कि
- 5:49:28म्यूजिक की सेंस इसकी अच्छी है। जिसकी
- 5:49:31म्यूजिक की इंटेलिजेंस स्ट्रांग होगी, वह
- 5:49:34आमतौर पर टीवी भी चलाते हैं तो गानों वाले
- 5:49:36म्यूजिक वाले ही चलाते हैं। ऐसे लोग जब
- 5:49:39इंडियन आइडल जैसा कोई प्रोग्राम देख रहे
- 5:49:41होते हैं तो जहां सुर टूटता है एकदम पता
- 5:49:43चल जाता है कि यहां गड़बड़ कर गया यह।
- 5:49:46वह बिना सीखे ही उनको पता होता है। इसका
- 5:49:49मतलब सारे गामा की जो बेसिक समझ है उनके
- 5:49:51अंदर बाय बर्थ फिट होकर आती है। अब जिस
- 5:49:54दिन उसको म्यूजिक का इंस्ट्रूमेंट दोगे या
- 5:49:56म्यूजिक से कनेक्टेड कोई चीज दोगे वो
- 5:49:58बच्चा एकदम सुपर जाएगा। नहीं दोगे तो फिर
- 5:50:03चाहे बन जाए वो मैकेनिक लेकिन हेडफोन कान
- 5:50:06से नहीं उतरेगा फिर उसका। फिर लीड लगा के
- 5:50:09ड्राइविंग करना, लीड लगा के बाइक चलाना,
- 5:50:11लीड लगा के सिलाई करना, लीड लगा के कुछ भी
- 5:50:14करना। गाने पक्का चलते रहेंगे। वो अपने
- 5:50:17गानों से दूर नहीं भाग सकते। वो म्यूजिक
- 5:50:18से दूर नहीं भाग सकता आदमी। उसका म्यूजिक
- 5:50:21मूड चेंजर की तरह काम करता है। अगर
- 5:50:24म्यूजिक नहीं होगा तो उसका म्यूजिक अच्छा
- 5:50:26हो गया तो मूड फ्रेश हो गया। म्यूजिक डाउन
- 5:50:28हो गया तो वो भी डाउन हो गया। दैट हेल्प्स
- 5:50:31हिम।
- 5:50:33क्लियर?
- 5:50:35अब अगर म्यूजिक के साथ में काइनेथेटिक
- 5:50:37इंटेलिजेंस दोनों स्ट्रांग है
- 5:50:40तो ही इज़ अ बाय बर्थ डांसर। और अगर
- 5:50:43म्यूजिक के साथ में काइनेथेटिक अच्छा है
- 5:50:45और क्रिएटिव ब्रेन है तो कोरियोग्राफर।
- 5:50:48अब म्यूजिक स्ट्रांग है और क्रिएटिव दिमाग
- 5:50:50है तो म्यूजिक कंपोजर।
- 5:50:53अगर म्यूजिक स्ट्रांग है तो इंस्ट्रूमेंटल
- 5:50:57म्यूजिक जितना मर्जी बजा ले। कॉम्बिनेशन
- 5:51:00समझ आ रहा है आपको? कि ये इंटेलिजेंस और
- 5:51:02ये इंटेलिजेंस तो उनका दोनों का टोटल अपने
- 5:51:04आप ही ये बन जाएगा ना। अब कई बच्चों को
- 5:51:06आपने सिखाया नहीं होता। पर म्यूजिक बजते
- 5:51:09ही उनका जो बॉडी है वह बीट के हिसाब से
- 5:51:11मूव करती है। धर्मेंद्र से कोई आज तक नाच
- 5:51:14नहीं करवा पाया।
- 5:51:16है ना? धर्मेंद्र, सनी देओल, बॉबी देओल
- 5:51:19इनसे कोई नाचवा नहीं पाया कि तुम नाच के
- 5:51:21दिखा दो। अगले बंदे म्यूजिक की समझ ही
- 5:51:24नहीं है ना उनको। हाथ हिला सकते हैं। बट
- 5:51:26म्यूजिक के हिसाब से बॉडी नहीं हिला सकते।
- 5:51:28और कुछ लोग ऐसे होते हैं कि उधर वो जो
- 5:51:30झन्नाटा हो रहा है वो उनकी बॉडी में भी
- 5:51:32फील होता है उनको। जो म्यूजिक में उधर हो
- 5:51:34रहा है। सो दिस इज ऑल अबाउट इंटेलिजेंसेस।
- 5:51:38नेक्स्ट इंटेलिजेंस इज लॉजिकल इंटेलिजेंस।
- 5:51:41लॉजिकल इंटेलिजेंस डील्स विद मैथ्स,
- 5:51:43साइंस, रीजनिंग एंड ऑल। साइंसेस जो हैं,
- 5:51:46बेसिकली आमतौर पे मतलब आप लोग कितना मानते
- 5:51:50हो यह नहीं कह रहा हूं मैं। लेकिन आमतौर
- 5:51:51पे सोसाइटी में जिन बच्चों का मैथ्स अच्छा
- 5:51:54होता है, हम उन्हीं को पढ़ने में अच्छा
- 5:51:55बोलते हैं। मैं एक बोल दिया मैंने पहले ही
- 5:51:57आपकी बात। ठीक है ना? बट आमतौर पर ऐसा
- 5:52:00होता है क्योंकि क्या है देखिए नॉन मेडिकल
- 5:52:04और मेडिकल लेने वाले बच्चों को ही अच्छा
- 5:52:06की एक संज्ञा दी जाती है हमारे यहां अच्छे
- 5:52:07परसेंटेज आएगी तो नॉन मेडिकल मिलेगा
- 5:52:10उन्हीं को बेसिक क्लासिफिकेशन है ये
- 5:52:12एस्टैब्लिश्ड क्लासिफिकेशन है आप मानते हो
- 5:52:14कि नहीं इसका मैंने पहले बोल दिया लेकिन
- 5:52:16जनरलाइज्ड है ये एकदम से कि साइंसेस पढ़
- 5:52:19रहे हो तो इंटेलिजेंट हो जाए और वहां तो
- 5:52:22वो जाएंगे जो इंटेलिजेंट नहीं है। इवन
- 5:52:25नंबर इतने आ गए हैं तो आप इंटेलिजेंट हो
- 5:52:27तो आपको ये सब सब्जेक्ट्स मिलेंगे,
- 5:52:28साइंसेस मिलेंगी। इसलिए लॉजिकल इंटेलिजेंस
- 5:52:32जिनका लो है ऑब्वियसली उनका मैथ्स, साइंस,
- 5:52:35रीजनिंग लो होगा। और जिनका ज्यादा है वो
- 5:52:39अपने आप पढ़ने में बच्चे। अब जिनका हाई
- 5:52:42होता है ना लॉजिकल इंटेलिजेंस उन बच्चों
- 5:52:44को बिना पढ़े। ऐसे बच्चे आपको खूब मिलेंगे
- 5:52:47जिनके मां-बाप आपको कहेंगे कभी जाके किताब
- 5:52:49नहीं उठाता फिर भी 80% ले जाता है। 75 और
- 5:52:5280% तो उनके बिना पढ़े आ जाते हैं जिनका
- 5:52:55स्ट्रांग होता है। हां पेरेंट भी एजुकेटेड
- 5:52:56नहीं हो तो भी। और जिनका लॉजिकल
- 5:52:58इंटेलिजेंस लो है उनकी चार-चार ट्यूशन
- 5:53:00लगाने के बाद भी 60 नहीं टपती। लगाई जाओ
- 5:53:03जोर लगाई जाओ। ये इट इट्स अ नेचुरल
- 5:53:05प्रोसेस। नेक्स्ट इज़ लिंग्विस्टिक
- 5:53:07इंटेलिजेंस। यह है लैंग्वेज से कनेक्टेड।
- 5:53:09लैंग्वेज इन द सेंस इट इज़ ऑल अबाउट
- 5:53:11कम्युनिकेशन।
- 5:53:12कि जिसकी लिंग्विस्टिक अच्छी है वो बच्चा
- 5:53:15अपनी मां की आंखों से समझ जाएगा कि मेरी
- 5:53:17मां मेरे को डांटने वाली है। कहने वाली
- 5:53:18है, समझाने वाली है, क्या करने वाली है।
- 5:53:20पापा को भी मूड देख के बात करता है अगला।
- 5:53:23मतलब लैंग्वेज कुत्तों की भाषा हो, इशारों
- 5:53:26की भाषा हो, जानवरों की हो, एनवायरमेंट से
- 5:53:29भी वाइबेशंस कैच कर लेते हैं ऐसे बच्चे,
- 5:53:31जिनका लिंग्विस्टिक अच्छा होता है। जरूरी
- 5:53:33नहीं है मैं हिंदी अंग्रेजी की बात कर रहा
- 5:53:35हूं। अब जिनका लिंग्विस्टिक अच्छा है बाय
- 5:53:37बर्थ। वह 5 साल की उम्र तक 10 भाषाएं
- 5:53:40सीखने की काबिलियत होती है उनमें। मतलब
- 5:53:42जितनी मर्जी लैंग्वेज सिखा दो वो कभी
- 5:53:44कंफ्यूज नहीं होंगे। कॉप अप कर जाएंगे
- 5:53:46आराम से। दे आर मिंट फॉर लैंग्वेज
- 5:53:49बेसिकली। अब अगर म्यूजिक अच्छा है और
- 5:53:51लैंग्वेज अच्छा है। ही इज़ अ सिंगर। ठीक है
- 5:53:53जी? म्यूजिक अच्छा है, लैंग्वेज अच्छी है,
- 5:53:56क्रिएटिव दिमाग है तो गाने लिखने शुरू कर
- 5:53:59देगा। पोएम लिखनी शुरू कर देगा। गीतकार बन
- 5:54:01जाएगा। हैं जी? गीत गा भी सकता है और गीत
- 5:54:05लिख भी सकता है। लिंग्विस्टिक अच्छी है तो
- 5:54:09उसको पढ़ने का शौक भी होएगा। नोवेल्स खुद
- 5:54:11ही होएगा अपने आप ही और जिसको पढ़ने का
- 5:54:13शौक अच्छा है उसको लिखने का भी शौक होएगा
- 5:54:16ऑटोमेटिकली। कुछ दिनों के बाद उसने लिखना
- 5:54:18ही लिखना है जिसको पढ़ने का शौक होएगा। तो
- 5:54:21जिसका लिंग्विस्टिक अच्छा है उसको अगर
- 5:54:23किताब लिखनी नहीं आती तो बंदा डायरी जरूर
- 5:54:25लिखेगा। वह मतलब मेरे पास एक ऐसे पर्सन आए
- 5:54:30जिन्होंने मुझे कहा डॉक्टर साहब 50 साल
- 5:54:32उम्र हो गई है। परमात्मा का दिया सब कुछ
- 5:54:35है पर जिंदगी में ना अच्छा सा नहीं लगता
- 5:54:39कुछ तीन-तीन फैक्ट्रियां हैं। खूब मोटी
- 5:54:42टर्नओवर है पर अच्छा सा नहीं लग रहा। इंटर
- 5:54:45और इंट्रा पर्सनल इंटेलिजेंस के बाद में
- 5:54:47अगर उसका लिंग्विस्टिक स्ट्रांग है।
- 5:54:48समथिंग अगर लिंग्विस्टिक अच्छा अब उसके
- 5:54:51पास इंटर और इंट्रा पर्सनल के बाद में
- 5:54:52उनका लिंग्विस्टिक अच्छा था। मैंने उनको
- 5:54:54बोला कि भाई साहब आप ना थोड़ा लिखा करो।
- 5:54:58बोलते हैं लिखता तो मैं सारा दिन रहता
- 5:55:00हूं। मैंने कहा वो जो कागजों में रिकॉर्ड
- 5:55:02बनाते हो वो नहीं कह रहा हूं। जो दिमाग
- 5:55:05में आ रहा है ना कुछ भी उलजूल वो लिखना
- 5:55:07है। डू यू फाइंड योरसेल्फ कि आधा घंटा ऐसा
- 5:55:10मिल जाए आपको। वो तो रात को ही पॉसिबल है
- 5:55:13डॉक्टर साहब। तो मैंने कहा आप एक काम करिए
- 5:55:15एक हफ्ते के लिए ट्रायल बेसिस पे मेरे
- 5:55:18कहने से रोज आधा घंटा जाने के बाद लिखना
- 5:55:20शुरू कीजिए। एंड जस्ट टेल मी आफ्टर वन वीक
- 5:55:24कि कैसा फील होता है। जैसे डॉक्टर देता है
- 5:55:26तीन दिन की ले जा दवाई अगर आराम हो तो
- 5:55:27बताना। [हंसी]
- 5:55:29लाइक दैट आफ्टर वन वीक कहता है यार मैं तो
- 5:55:32एक हफ्ते की छुट्टी पे जा रहा हूं पहाड़ों
- 5:55:34पे लिखने के लिए। ही वास फीलिंग लाइक दैट
- 5:55:36कि यार शाम को लिखने बैठता हूं। सोचा था
- 5:55:38आधा घंटा लिखूंगा। रात-रात बीत जाती है।
- 5:55:41दे लव टू डू दैट सिंपली। दे आर मेंट फॉर द
- 5:55:45थिंग। उसी के लिए बने हैं। वही चीज मिल
- 5:55:47जाए। चाहिए ही नहीं उनको कुछ भी। तभी तो
- 5:55:50यह फकीर होते हैं। पेंटर हुआ, चाहे राइटर
- 5:55:52हुआ, बाद में करोड़पति बने। बात अलग है।
- 5:55:54लेकिन यह जिंदगी ऐसी जीते हैं। उनको पता
- 5:55:56लग जाता है बचपन में कि यह चीज चाहिए।
- 5:55:58मां-बाप को भी आपने यह नहीं बताना है कि
- 5:56:00इसे लेखक बनाना है। ना ना उनको इतना बताना
- 5:56:03है। इसको जो पसंद हो वैसी नवेल्स ला के दे
- 5:56:05दो। पढ़ने का शौक डालना भर है। बस कुछ
- 5:56:08नहीं करना आपने। बाकी काम वो अपने आप कर
- 5:56:10लेगा। स्पोर्ट्समैन पैदा हुआ है तो उसको
- 5:56:12ग्राउंड तक लेकर जाना आपका काम है। बाकी
- 5:56:15वो रास्ते ढूंढ लेगा खुद ही। म्यूजिकल
- 5:56:17इंटेलिजेंस हाई है तो उसको बोलना है
- 5:56:19मां-बाप को कि जी बाकी पढ़ाई के साथ-साथ
- 5:56:21सिर्फ एक घंटा म्यूजिक की क्लास ज्वाइन
- 5:56:23करा दो। फिर वो बच्चा अपने 23 घंटे की
- 5:56:25मेहनत उस म्यूजिक क्लास के लिए काट लेगा।
- 5:56:27और यह गारंटी से कहता हूं एंड इट वर्क्ड
- 5:56:30ऑल द टाइम्स कि उस बच्चे को म्यूजिक क्लास
- 5:56:33डाल दी। मैंने बोला 2 महीने इसको पढ़ने को
- 5:56:35मत बोलो। और म्यूजिक म्यूजिक सिखा दो।
- 5:56:38म्यूजिक म्यूजिक सिखा दिया। अब बोला जी 2
- 5:56:40महीने पूरे हो गए। अब क्या करें? मैंने
- 5:56:41कहा अब ये करो। इसको बोलोगे अगर नंबर कम
- 5:56:43आए तो म्यूजिक क्लास छुड़वा देंगे। वो
- 5:56:45चसका लगा दिया पहले। अब म्यूजिक क्लास के
- 5:56:47बिना बंदा जी नहीं सकता। उसके चक्कर में
- 5:56:49बेचारा पड़ रहा है। वो उस दो घंटे के
- 5:56:52इंतजार में 22 घंटे पढ़ा लो कोई दिक्कत
- 5:56:54नहीं है उसको। लेकिन उसको वो चीज मिलनी
- 5:56:57चाहिए एक बार कि हां इसके बिना मैं नहीं
- 5:56:59रह सकता। और वो एक बार मिलने के बाद ही
- 5:57:02महसूस हो जाएगी ना। महसूस होने के बाद ही
- 5:57:05मोटिवेट होगा। महसूस होने से पहले मोटिवेट
- 5:57:07नहीं होगा। उसके लिए पेशेंस चाहिए होता
- 5:57:09है। उसके लिए मां-बाप को समझाना है और उसी
- 5:57:12के लिए आपको समझना है। एवरी प्रॉब्लम हैज़
- 5:57:15अ सशन
- 5:57:16चैलेंज।
- 5:57:16अगर देखिए बात यह है इट्स नॉट अ चैलेंज
- 5:57:20एक्चुअली। अगर आपकी कन्विंसिंग है। अगर
- 5:57:24आपको आपने उसको बात सही बताई है। एफिशिएंट
- 5:57:27पर्सन को आप सीधा इंस्ट्रक्शन देके नहीं
- 5:57:30समझा सकते। फिर वहां यह टेबलेट काम करेगी
- 5:57:32जो मेरे वाली कि एक हफ्ता ट्राई करके देख
- 5:57:35लो। एक महीना मेरे कहने से करके देख लो।
- 5:57:37आप देखोगे बच्चा जिस काम के लिए पैदा हुआ
- 5:57:40है अगर वो उसे दिन में एक घंटा मिल जाए
- 5:57:43उसके पूरे दिन का बिहेवियर बदल जाता है।
- 5:57:46खुश भी रहना शुरू कर देता है। बात भी
- 5:57:48मानना शुरू कर देता है। पढ़ना भी शुरू कर
- 5:57:50देता है। यू विल फील उसको ऑटोमेटिक चेंज
- 5:57:53होता है। क्योंकि व्हेन यू आर डूइंग व्हाट
- 5:57:56यू आर मेंट टू डू, आप अंदर से अच्छा महसूस
- 5:57:58करने लग जाते हो। इरिटेशन आधे टाइम तो हम
- 5:58:01दूसरे को गाली इसलिए देते हैं कि अंदर से
- 5:58:03दुखी हैं हम खुद। डोंट यू फील दैट? हम
- 5:58:05अंदर से मस्त है भाड़ में जाओ ना दुनिया
- 5:58:07अपन तो मस्त है ही क्यों अपना दिमाग क्यों
- 5:58:10खराब करेगा जिसको खुश रहना आ गया ना वो
- 5:58:13बहाने ढूंढेगा खुश होने का उसको पता लग
- 5:58:17जाएगा कि खुशी की जो अल्टीमेट पीस है वो
- 5:58:19कहां मिलती है जिसको खुश रहना आ गया वो
- 5:58:21जिंदगी में दोबारा दुखी ना होएगा ना करेगा
- 5:58:23किसी को ये पक्का है दूसरे को मारता भी
- 5:58:26वही है जो खुद डरा हुआ है दूसरे को गाली
- 5:58:28भी वो देता है जिसके अंदर गालियां भरी हुई
- 5:58:30है जो अंदर से फ्रस्ट्रेटेड है जो अंदर से
- 5:58:32खुश है ना वो कभी किसी को कुछ नहीं कहता
- 5:58:34देता नेवर एवर दिस इज़ द फैक्ट। नेक्स्ट
- 5:58:37इंटेलिजेंस इज़ नेचुरलिस्टिक इंटेलिजेंस।
- 5:58:39नेचुरलिस्टिक इंटेलिजेंस इज़ ऑल अबाउट
- 5:58:41नेचर। आप नेचर के साथ कितना कनेक्टेड फील
- 5:58:44करते हो। नेचर इन द सेंस नेचुरल जो भी है
- 5:58:48जो भी नेचुरल है मिट्टी, पानी, पहाड़,
- 5:58:51पेड़, कुत्ते, बिल्ली, गिलहरी, चींटी,
- 5:58:54मकोड़ा जो दिखता है नेचर में एवरीथिंग।
- 5:58:58जिसका नेचुरलिस्टिक अच्छा है उसको नेचर की
- 5:59:01हर चीज प्यारी लगेगी। कुत्ते से प्यार
- 5:59:05होगा उतना ही बिल्ली से होगा उतना ही तोते
- 5:59:07से होगा उतना ही भैंस से होएगा उतना ही
- 5:59:10गाय से होएगा हैं जी इंसानों से भी होगा
- 5:59:12नेचुरल इंसानों से इंसान के बिहेवियर पे
- 5:59:14है क्योंकि जो नेचुरलिस्टिक इंटेलिजेंस
- 5:59:16वाले होते हैं ना उनको वो जानवर ज्यादा
- 5:59:18अच्छे लगते हैं। यह वाला जानवर थोड़ा
- 5:59:20खतरनाक है। एक जिसका नेचुरलिस्टिक अच्छा
- 5:59:23होगा उस बच्चे को सुबह 4:00 बजे उठाओगे ना
- 5:59:26तो एकदम मस्त उठेगा। पूरा दिन चहकता
- 5:59:29रहेगा। उस बच्चे को 10:00 बजे उठाओगे ना
- 5:59:32तो रोता हुआ सारा दिन बुरा हाल रहेगा
- 5:59:34उसका। अब यह पहचान कैसे करनी है? जिस टाइम
- 5:59:36पर मौसम चेंज होता है जैसे आजकल का मौसम
- 5:59:39है जब सर्दियों से गर्मियां ट्रांजिशन
- 5:59:42पीरियड है उस वक्त जिनका नेचुरलिस्टिक
- 5:59:44अच्छा होता है वो बच्चे चिड़चिड़े हो जाते
- 5:59:46हैं। उनको वो चिपचिप वाला जो मौसम है वो
- 5:59:48पसंद नहीं होता बेसिकली। इसका मतलब उनका
- 5:59:50नेचुरलिस्टिक अच्छा है। वो पेट भी
- 5:59:52मंगाएंगे आपसे। वो पेट चाहेंगे या घूमना
- 5:59:55भी पसंद होता है उनको जंगलों में। पेड़ों
- 5:59:58के साथ कनेक्शन उनका बड़ा अच्छा रहता है।
- 6:00:00एनवायरमेंटल साइंसेज से जुड़ा हुआ कोई काम
- 6:00:03करना है। वाइल्ड लाइफ से जुड़ा कोई काम
- 6:00:05करना है। नदियों से जुड़ा, खेती से जुड़ा,
- 6:00:07जानवरों से जुड़ा। इतने सारे बिजनेसेस हैं
- 6:00:10उनके लिए। भाई वेटनरी साइंसेज में चले जाओ
- 6:00:13आप। जानवरों के डॉक्टर बन जाओ। आप
- 6:00:15एनवायरमेंटल से जुड़े हुए कोई भी एनजीओ
- 6:00:18हो। हां जी। वेटनरी। हां जी। अब जिनका
- 6:00:20नेचुरलिस्टिक लॉ होता है। वो बच्चे ऐसे
- 6:00:23होते हैं रात को जगा लो सुबह 4:00 बजे तक।
- 6:00:26सुबह ना उठाओ भाई। सुबह 11:00 बजे तक सोना
- 6:00:28है। सुबह 12:00 बजे तक सोना है। दे विल
- 6:00:30ऑलवेज टेल यू कि मम्मा रात को जगा लो।
- 6:00:32आपने ना सुबह नहीं उठाना। नॉट मॉडर्न एट
- 6:00:35ऑल। नॉट मैडर्न एट ऑल। इससे मॉडर्न का और
- 6:00:38उसका कोई फर्क नहीं पड़ता। जिसका
- 6:00:40नेचुरलिस्टिक अच्छा है ना बचपन में सुबह
- 6:00:42उठा के एक बार ले जाओ। एक बार ले के जाओ।
- 6:00:45हफ्ता लेके जाओ। उसके बाद वो रह ही नहीं
- 6:00:47सकता बिना उठे सुबह।
- 6:00:49नेचुरलिस्टिक अच्छा है। एक डॉग दे दो
- 6:00:51इसको। उसको बोलो सुबह तेरे को घुमा के ले
- 6:00:53जाना है। आपके टाइम से पहले उठ जाएगा वो।
- 6:00:56मॉडर्न और पुरानी जनरेशन का कोई लिंक नहीं
- 6:00:59इससे हाथ। उसको नेचुरल चीजों से कनेक्शन
- 6:01:02आपको देना पड़ेगा। अब चसका ही नहीं पड़ा
- 6:01:04उसको नेचर का। उसको पता ही नहीं कि नेचर
- 6:01:06का क्या आनंद है। तो वो हाई होते हुए भी
- 6:01:08जंप पड़ा रहेगा घर में। उसे पता ही नहीं।
- 6:01:10फिर वो जो बातें क्लास में दोस्त करते हैं
- 6:01:12अगर वह नेचुरल अगर वह लिसनर पर्सनालिटी है
- 6:01:14तो उनका असर हो जाएगा बस। कि वह कहते हैं
- 6:01:16कि मम्मा सोने नहीं देती। मैं तो 10:00
- 6:01:18बजे तक सोता हूं। फिर वो इसलिए 10:00 बजे
- 6:01:19तक सोता है कि मेरा दोस्त सो रहा है 10:00
- 6:01:20बजे तक। सो आपको वो चसका देना पड़ेगा।
- 6:01:24दैट्स व्हाट आई सेड ना। मतलब मैंने ये एक
- 6:01:28नेचुरल चीज है कि मैंने बहुत से बच्चों को
- 6:01:30घर में पेट ले आए। हफ्ते बाद घर वालों को
- 6:01:32बोल दिया कि अब इनको बोलो कि होमवर्क करे
- 6:01:36बिना तू पेट के पास चला गया ना तो इसको
- 6:01:38वापस दे आएंगे। तो आते ही सबसे पहले
- 6:01:40होमवर्क करता है क्योंकि पेट के पास जाने
- 6:01:42की जल्दी है उसको।
- 6:01:44सिंपल है। जिसका विजुअल इंटेलिजेंस हाई
- 6:01:47है। उस बच्चे को अगर आर्ट क्लास नहीं
- 6:01:49दोगे। उस बच्चे को अगर म्यूजिक सॉरी आर्ट
- 6:01:52क्लास या फोटोग्राफी क्लास नहीं दोगे तो
- 6:01:55वो बच्चा कार्टून देखेगा। वो बच्चा
- 6:01:57एनिमेशन देखेगा। वो बच्चा उन चीज
- 6:01:59विजुअलाइज क्योंकि उसकी वो भूख शांत हो
- 6:02:01रही है ना आंखों वाली। वीडियो गेम खेलेगा।
- 6:02:04वह बच्चा जिसका विजुअल अच्छा है उसकी
- 6:02:07गारंटी है कि उसको वही सब्जी घर में पसंद
- 6:02:09नहीं आएगी। वही सब्जी वह शादी में खा
- 6:02:11लेगा। उससे तेज मिर्ची की चीज वो बाहर खा
- 6:02:13लेगा होटल पे लेकिन वहां पर नहीं खाएगा घर
- 6:02:16में जिनका विजुअल बढ़िया है। वही बच्चे
- 6:02:18हैं जो कार्टून देख रहे हैं तो वही बच्चे
- 6:02:20हैं जो बाहर खाना खा रहे हैं। घर पे नहीं
- 6:02:22खा रहे हैं। रीज़न बीइंग खाना कितना
- 6:02:25स्वादिष्ट है उनके लिए यह मैटर नहीं करता।
- 6:02:28खाना खाते हुए शक्ल में कैसा है और आसपास
- 6:02:31का माहौल में कितना साफ सुथरा वो वो फर्क
- 6:02:33पड़ता है उनसे। बिकॉज़ उनकी प्रेजेंटेशन
- 6:02:36इंपॉर्टेंट है उनके लिए। क्योंकि उनकी
- 6:02:38आंखें मांगती हैं वो चीज। उनकी बस की बात
- 6:02:41नहीं है। उनका विजुअल स्ट्रांग है
- 6:02:43बेसिकली। तो जिसका जो स्ट्रांग है उसको
- 6:02:46वही काम दें ना हम। अब किसी का विजुअ
- 6:02:49नेचुरलिस्टिक स्ट्रांग है और विजुअल अच्छा
- 6:02:52है। विजुअल से फोटोग्राफी हो गई।
- 6:02:54नेचुरलिस्टिक से नेचर हो गया तो डिस्कवरी
- 6:02:56चैनल वाले ढूंढते हैं ऐसे ऐसे लोगों को
- 6:02:58जिनका नेचुरलिस्टिक और विजुअल अच्छा हो।
- 6:03:00वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी हो। चांसेस कम
- 6:03:03हैं। क्योंकि तीन तो आपने बोल दिए और दो
- 6:03:06ऊपर वाले होते ही हैं स्ट्रांग। इंटर और
- 6:03:08इंट्रा स्ट्रांग ही मिलते हैं तो बाकी छह
- 6:03:10में से दो ही मिलेंगे स्ट्रांग आपको।
- 6:03:14वह तब पॉसिबल है जब ऊपर वाले दो वीक
- 6:03:16होंगे। हां हां हां हां लॉजिक और
- 6:03:19नेचुरलिस्टिक का वैसे तो कोई कॉम्बिनेशन
- 6:03:21नहीं है। लेकिन नेचुरलिस्टिक अपने आप में
- 6:03:23कॉम्बिनेशन है। तो लॉजिक और लॉजिक साइंस
- 6:03:26है और नेचुरलिस्टिक नेचुरल साइंसेस है। तो
- 6:03:28एनवायरमेंटल साइंसेस उसके लिए बनी है,
- 6:03:30वेटनरी साइंसेस उसके लिए बनी है,
- 6:03:32एग्रीकल्चर साइंसेस उसके लिए बनी है। इतनी
- 6:03:34सारी रिसर्सेज अवेलेबल हैं उनके लिए। तो
- 6:03:36बहुत स्कोप है बहुत दुनिया जहान का
- 6:03:38इंजीनियरिंग नहीं है बस
- 6:03:40माइक्रोलॉजिकल एंड दैट नेचुरलिस्टिक
- 6:03:44अब मुझे बताने की जरूरत नहीं है आपको अब
- 6:03:46आप पे कर लेंगे [हंसी]
- 6:03:49ना
- 6:03:51अब अब डू यू फील दैट कि अब अपने को बताने
- 6:03:54की जरूरत नहीं है नाउ यू कैन जज आउट एक
- 6:03:57बार देखा अरे यह तो इस काम के लिए बना है
- 6:03:59इसको यह वाली चीज दिला दो बात खत्म आगे
- 6:04:00रास्ता अपने आप ढूंढ लेगा वह व्हेन यू लव
- 6:04:03योर जॉब न आपको काम करते हुए मजा आता है
- 6:04:05ना? दिन रात का पता नहीं है तो आपकी मतलब
- 6:04:08एक्सीलेंस आना मजबूरी है। एक्सीलेंस आएगा
- 6:04:12ही आएगा और जब एक्सीलेंस आएगा तो लोग आप
- 6:04:14पे उठा ले जाएंगे। आपको जरूरत ही नहीं है।
- 6:04:16अब मान लो जो आपके लिए टाउन प्लानिंग करते
- 6:04:19हैं वो लोगों का विजुअल अच्छा नहीं है तो
- 6:04:22वो कैसे विजुअलाइज कर पाएंगे कि कितनी जगह
- 6:04:24होनी चाहिए कि इतना पार्किंग हो जाए, इतना
- 6:04:26यह हो जाए। गधों को बिठा देते हैं। अब
- 6:04:30एनवायरमेंटल साइंसे जुड़े हुए जो जो
- 6:04:32फॉरेस्ट डिपार्टमेंट वाले हैं वहां आप
- 6:04:34नेचुरलिस्टिक इंटेलिजेंसेस वाले बंदों को
- 6:04:36फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में भर्ती कर लो।
- 6:04:38मजाल है वो एक पेड़ भी कटने दे देंगे। जान
- 6:04:40दे देंगे पेड़ के लिए तो वो जानवरों के
- 6:04:43लिए तो वो मर जाएंगे। जिन जिन बच्चों का
- 6:04:46नेचुरलिस्टिक अच्छा होता है ना मजाल है
- 6:04:48उनके कोई कुत्ते को हाथ लगा दे कुछ भी कह
- 6:04:50दे। मेरे को मार लो। जितना मर्जी उसको
- 6:04:51नहीं कह दोगे। मतलब वो उसकी असल टैलेंट
- 6:04:54है। उसका असल उसका पैशन है। जरूरत ही नहीं
- 6:04:57है आपको फालतू जोर लगा। उसको समझाना थोड़ी
- 6:04:59पड़ेगा आपको कि पेड़ों की रक्षा कैसे करनी
- 6:05:01है। उसको आपसे दुनिया से ज्यादा पता है कि
- 6:05:04मेरे पेड़ कैसे बचेंगे। मेरे जानवर कैसे
- 6:05:06बचेंगे? मेरी सृष्टि कैसे बचेगी। म्यूजिक
- 6:05:08वाले को आप थोड़ी बताओगे म्यूजिक कैसे
- 6:05:09बजाना चाहिए। उसको कुदरत ने दिया हुआ है
- 6:05:11ऑलरेडी। वो तो जब हाथ लगाएगा तो आप पे ही
- 6:05:14नई धुन निकलेगी। कुदरती अपने आप ही वो तो
- 6:05:16यहां ऐसे करता करता वो तो बैठा-बठा बजाता
- 6:05:19रहेगा तबला। नहीं दोगे तो नहीं दोगे तो
- 6:05:22किसी का घर में कुछ चल रहा है ना ठक ठक ठक
- 6:05:24ठक ठक वो वहां से भी ट्यून निकाल देगा उस
- 6:05:26ठक ठक से भी ही हैज़ दैट टैलेंट कुदरत ने
- 6:05:29दिया है एक्सप्लोर करने का आपने देना है
- 6:05:32उसको एनवायरमेंट आपने देना है हथियार आपने
- 6:05:34देना है टैलेंट उसके पास कुदरत ने दिया
- 6:05:36हुआ है आपको यह समझाना है मां-बाप को ये
- 6:05:39नहीं बना हुआ हर चीज के लिए एवरेज लगा के
- 6:05:41देखोगे अगर आप मान लो इतनी सारी
- 6:05:43इंटेलिजेंसी कैलकुलेट करके देखोगे पढ़ने
- 6:05:46के लिए 15% लोग ही हिस्से में आएंगे सिर्फ
- 6:05:4815 से 20% इतने ही बने हैं पढ़ने के लिए
- 6:05:51और जो बच्चा पढ़ने के लिए बना है वह बच्चा
- 6:05:5375% से ऊपर नंबर नहीं ले सकता क्योंकि वह
- 6:05:57आपके हिसाब से कभी नहीं लिखेगा जो आपने
- 6:05:59पढ़ाया है वो डाइट करेगा अपनी मर्जी से
- 6:06:02उसका मतलब निकालेगा और उसको वो लिखेगा एंड
- 6:06:04यू कांट ही कांट स्कोर उसका स्कोर आएगा ही
- 6:06:07नहीं मैक्सिमम 80% स्कोर कर सकता है पढ़ने
- 6:06:09वाला बच्चा लेकिन हमारे यहां रिसर्चेज में
- 6:06:11नंबरों वाले बच्चे जाते हैं इसीलिए सारी
- 6:06:13रिसर्च फेल होती है इसीलिए नोबेल प्राइज
- 6:06:15नहीं है हमारे पास इसीलिए हमारे पास नई
- 6:06:17रिसर्चेज की इतनी कमी हैं। इसीलिए हायर
- 6:06:20एजुकेशन में कोई बच्चा नहीं जाना चाहता
- 6:06:22क्योंकि उससे पहले ही सोचता है नौकरी मिल
- 6:06:24जाए किसी तरह छूटे पीछे इन किताबों से
- 6:06:26क्योंकि हायर क्लासेस में एडमिशन ही उनको
- 6:06:29मिलता है जिनको नंबर मिले हैं जो पढ़ के
- 6:06:31राजी नहीं है जो पढ़ने के लिए नहीं बने
- 6:06:33हुए एक्चुअली तो दैट्स व्हाई वी नीड टू
- 6:06:35अंडरस्टैंड दिस बेसिक नीड ऑफ द सोसाइटी और
- 6:06:38इसके लिए अपने को ऐसे काम नहीं चलेगा कि
- 6:06:42आपको खड़ा होना पड़ेगा सिंपली बोलना भी
- 6:06:44पड़ेगा आवाज भी उठानी पड़ेगी ठीक है जब तक
- 6:06:46नहीं बदलता तब तक हम वैसे ही सिस्टम के
- 6:06:48अंदर जितना चेंज हो सके उतना करो। नहीं हो
- 6:06:51तो कोई बात नहीं। हार्डली मैटर्स। तो ये
- 6:06:53थे नेचुरलिस्टिक इंटेलिजेंस तक का पार्ट।
- 6:06:55ये आठ इंटेलिजेंस हो गए। अब मुझे आप कोई
- 6:06:58भी काम उठा करके देखो। आपने कुछ काम करना
- 6:07:00है। उस काम के लिए कौन सी इंटेलिजेंस
- 6:07:02चाहिए? पता लग गया आपको? बताओ मुझे क्या
- 6:07:05बताना पड़ेगा किसी बच्चे को? नाउ यू कैन
- 6:07:08ईजीली कंबाइन कि किसी को आर्किटेक्चर या
- 6:07:11आर्किटेक्ट बनना है तो भाई आपको सिर्फ
- 6:07:14विजुअल इंटेलिजेंस और क्रिएटिविटी चाहिए
- 6:07:17होती है। इंटीरियर डिजाइनर बनना हो तो भी
- 6:07:19यही चाहिए होता है। डॉक्टर बनना है तो
- 6:07:21आपको इंट्रा इंटरपर्सनल चाहिए लॉजिकल
- 6:07:24चाहिए और काइनेस्टेटिक चाहिए। अगर सर्जन
- 6:07:27बनना है तो वकील बनना है इंटर चाहिए,
- 6:07:29इंट्रा चाहिए और लैंग्वेज चाहिए,
- 6:07:31लिंग्विस्टिक और लॉजिक भी चाहिए। ठीक है
- 6:07:33जी? बताओ क्या बनना है आपको? को बताओ अभी
- 6:07:35बता देते हैं आपके पास क्या-क्या होना
- 6:07:36चाहिए। [हंसी]
- 6:07:39टीचर के लिए जिस सब्जेक्ट का जिस सब्जेक्ट
- 6:07:42का टीचर है उस टीचर जैसे मान लो म्यूजिक
- 6:07:45का है तो म्यूजिक, साइंस का है तो लॉजिक,
- 6:07:47मैथ का है तो लॉजिक, लैंग्वेज का है तो
- 6:07:48लिंग्विस्टिक और इंटर इंट्रा
- 6:07:51जी। [हंसी]
- 6:07:52सर बेसिकली प्रॉब्लम प्रॉब्लम नहीं चैलेंज
- 6:07:55जो है 10थ के बाद 11th में पर्स्यू करते
- 6:07:58टाइम स्ट्रीम्स वाली बात पे ये आ रहा है
- 6:07:59कि और बच्चों का इंटरेस्ट और पेरेंट्स का
- 6:08:02कंपल्शन फॉर मैथ्स। ऐसा होता है कि पढ़ना
- 6:08:06है। क्यों पढ़ना है और क्या बनना है
- 6:08:08उन्हें भी नहीं पता। बच्चे को भी नहीं
- 6:08:09पता।
- 6:08:10ग
- 6:08:10और उस सिचुएशन में हम उसे एडवाइस एडवाइस
- 6:08:14ही आप बोल रहे हैं कि करें आप किसी को भी
- 6:08:16कंपेल नहीं करेंगे और सलाह नहीं दे सकते
- 6:08:19हैं। आप
- 6:08:19आप थोड़ा पॉइंट को दूसरा ले गए। मैं बताता
- 6:08:21हूं। अभी क्लियर करता हूं।
- 6:08:22अभी क्लियर करता हूं। प्लीज
- 6:08:25लीजिए सर।
- 6:08:27सर मेरा क्वेश्चन है एक कि व्हाट इज द
- 6:08:31डिफरेंस बिटवीन विजुअलाइजेशन एंड
- 6:08:33इमेजिनेशन?
- 6:08:34जी शोर
- 6:08:37अ विजुअल और इमेजिनेशन में फर्क है और मैम
- 6:08:39ने पूछा है कि हम उनको सलाह नहीं देंगे।
- 6:08:42देखिए जो मैंने जो लाइन बोली थी ना वो
- 6:08:44शायद आपने उससे पहले की दो-तीन लाइन नहीं
- 6:08:46सुनी। दो-तीन वर्ड नहीं सुने। मैंने वहां
- 6:08:48कहा था कि जब बच्चा दो-ती साल का या दूसरी
- 6:08:51तीसरी क्लास में है तब हम उसको नहीं
- 6:08:54कहेंगे कि तुझे क्या बनना है। तब हम उसे
- 6:08:56सिर्फ क्लास में एडमिशन करा देंगे। पैशन
- 6:08:58उसको अपने आप मिल जाएगा दो-ती साल के अंदर
- 6:09:00कि मुझे यह करना है। अब उसको आपको बताने
- 6:09:02की जरूरत नहीं पड़ेगी। जहां बात क्लास 10
- 6:09:05की बात आती है। जैसे कि मैंने बताया
- 6:09:08ज्यादा नंबर उनके हैं जो बेसिकली ड्रामा
- 6:09:10और थिएटर के लिए बने हैं। आप उनके मां-बाप
- 6:09:13को आज कन्विंस नहीं कर सकते। इस जब मैं इस
- 6:09:16मूवमेंट को जब इस बात को जब मैं मूवमेंट
- 6:09:18बना चुका होऊंगा उस दिल्ली के अंदर इस बात
- 6:09:20के स्टेडियम में जब मैं आपको बुलाऊंगा तो
- 6:09:22आपने भी 100-100 आदमी अपने साथ लाने
- 6:09:24होंगे। मैं एक दिन एक बहुत बड़ा पेरेंट्स
- 6:09:26के लिए एक बहुत मैंने क्या किया हुआ है
- 6:09:28मैं आपको बता देता हूं। अभी मैंने एक
- 6:09:30सिग्नेचर कैंपेन रन किया हुआ है पेरेंट्स
- 6:09:32के लिए जिसमें मैं गांव-गांव जाकर
- 6:09:34पेरेंट्स को इस बात के लिए मना रहा हूं कि
- 6:09:36तुम्हारे बच्चों की असल जिंदगी रट्टे
- 6:09:38मारने में नहीं है। जिंदगी जीने में है और
- 6:09:41उसके लिए मां-बाप मान भी रहे हैं। तो मैं
- 6:09:43उनको यह कह रहा हूं कि हम इस बात का सवाल
- 6:09:45उठाएंगे। सरकार से सवाल पूछेंगे कि हमें
- 6:09:47इस तरह का एजुकेशन सिस्टम चाहिए। उसके लिए
- 6:09:50मुझे तुम्हारी सपोर्ट की जरूरत पड़ेगी।
- 6:09:52तुम्हें वहां होना पड़ेगा। तो नाउ इट्स
- 6:09:54योर ड्यूटी कि मैं आपसे भी उनसे भी कहता
- 6:09:56हूं और आपसे भी कह रहा हूं कि उस दिन मैं
- 6:09:58रामलीला मैदान में या किसी स्टेडियम में
- 6:10:00उन लोगों को बुलाऊंगा तब एक-एक आदमी अपने
- 6:10:02साथ 20 50-50 100-100 आदमी जितने ला सकता
- 6:10:04है वो लेके आए ताकि हम इस लॉजिक पर वहां
- 6:10:07बात करें और वहां से हम किसी किसी आदमी को
- 6:10:10किसी बड़े नेता एजुकेशन मिनिस्टर किसी को
- 6:10:12बुला के वहां हम अपना मांग पत्र रखें कि
- 6:10:14भाई यह चीज हमारे को चाहिए बेसिकली हमें
- 6:10:17इस तरह की एजुकेशन सिस्टम चाहिए। ऐसी
- 6:10:19एजुकेशन पॉलिसी चाहिए जो आप कह रहे थे कि
- 6:10:21यह पॉलिसी बनती है और जो हमारा हाथ नहीं
- 6:10:24होता। बट हमारे लिए ही तो बनती हैं। हमारे
- 6:10:26बच्चों के लिए तो बनती हैं। हम सवाल नहीं
- 6:10:29करेंगे। हम पूछेंगे नहीं तो कौन बनाएगा
- 6:10:31फिर? जिसको मालूम है तो पूछे ना। अब आपको
- 6:10:34पता लग गया। आप तो मांगो ना यह सवाल और
- 6:10:36उनके भरोसे छोड़ दो। उनके इतनी अकल कहां
- 6:10:38है उनमें कि वो हमारी इन बातों को समझ
- 6:10:40पाएंगे। तो हमें इसलिए एजुकेट करने के लिए
- 6:10:42मैं दिन रात लगा हुआ हूं। एंड देन वी नीड
- 6:10:44टू कम ओवर देयर और फिर वहां बैठकर के और
- 6:10:47लंबी चर्चा करेंगे और लंबी बातें करेंगे
- 6:10:49और इस पर देखेंगे कि इसका कितना फर्क
- 6:10:52पड़ता है। जब तक वो नहीं होता है तब तक
- 6:10:54क्लास 10 के जो बच्चे हैं आपके पास उनको
- 6:10:57आप स्ट्रीम इसके हिसाब से बता सकते हैं और
- 6:11:00मैक्सिमम बच्चे उसमें आ जाएंगे सेट। इवन
- 6:11:02जो फ्लैशी बच्चा है और जिसके बहुत अच्छा
- 6:11:04स्कोर कर रहा है जो 10 सीजीपीए ले रहा है
- 6:11:0610वीं क्लास तक आप उसको भी कहोगे जैसे मैं
- 6:11:08आपको बताता हूं। मेरे पास एक बच्चा आया।
- 6:11:11वो आकर कहता है कि मेरे इसके हमेशा 10
- 6:11:13सीसीजी पे आए हैं। मैंने पेरेंट्स के बोला
- 6:11:15इसको पढ़ाई के लिए मत भेजो। देन ही सेड के
- 6:11:19सर मैं तो एमबीबीएस करना चाहता हूं। बेटा
- 6:11:22तुम एमबीबीएस सिर्फ इसलिए करना चाहते हो
- 6:11:24क्योंकि तुम्हारे आसपास के लोगों को लगता
- 6:11:25है कि सबसे इंटेलिजेंट बच्चा डॉक्टरी में
- 6:11:27है। तुम सिर्फ वो नाम गेन करने के लिए कर
- 6:11:29रहे हो। तुम ये मान लो। अब उसका पीएमटी
- 6:11:32में एडमिशन भी हो गया और उसने दाखिला भी
- 6:11:35ले लिया। मेरे पास उसकी रिकॉर्डिंग्स पड़ी
- 6:11:37हुई हैं। मैं क्योंकि किसी को मतलब अलाउ
- 6:11:39नहीं करता फोन करना तो मैं उसको बोलता हूं
- 6:11:41अपना वॉइस मैसेज रिकॉर्ड करके भेज दो।
- 6:11:42उसने मेरे को फोन किया। मैंने उसे बोला
- 6:11:44बेटा वॉइस मैसेज भेज दो। मैं जब खाली आराम
- 6:11:46से बैठाऊंगा तब सुनूंगा और उसके बाद
- 6:11:47बताऊंगा क्योंकि उससे टोन भी पता चल जाती
- 6:11:49है सामने वाले की कि गुस्से में है कि
- 6:11:51कैसे है जब वो आराम से सुनता हूं मैं। वो
- 6:11:54बच्चा रोते हुए मुझे मैसेज कर रहा है। सर
- 6:11:57मैं सुसाइड करना चाहता हूं। मैं नहीं जीना
- 6:12:00चाहता यह वाली जिंदगी। 3 महीने में छिपक
- 6:12:02लिया वह पीएमटी में दाखिला करवा के। उसको
- 6:12:05नहीं करनी पीएमटी। मुझे नहीं करनी
- 6:12:07डॉक्टरी। अब मैं क्या करूं? मैं अपने
- 6:12:09इकलौता मां-बाप का बच्चा है। 10 सीजी पर
- 6:12:12लेता आया है। मां-बाप उम्मीद कर रहे हैं
- 6:12:13कि यहां भी टॉप करेगा यूनिवर्सिटी को।
- 6:12:15व्हाट नेक्स्ट? तब वो बैठ के हमारी चर्चा
- 6:12:17हुई लंबी। नाउ ही सेटल्ड ओवर देयर। मैंने
- 6:12:20उसको कुछ इलाज बताएं कि तू इस बंदे के पास
- 6:12:22जा ले। जाके वहां पे यूनिवर्सिटी में मेरे
- 6:12:24जानकार थे। इधर पीजीआई रोहतक में था वो
- 6:12:26बच्चा। तो ऐसे करके हमारी बातचीत हुई एंड
- 6:12:28देन उसके बाद उसने भेजा थैंक यू सर। अब
- 6:12:31मैं नाउ आई एम डूइंग वेल। अब कोई दिक्कत
- 6:12:33नहीं कर रहा है। वो आएगा वह अंदर से। अब
- 6:12:36ही इज नॉट मेंट फॉर मतलब दैट मेडिकल लाइन।
- 6:12:39डॉक्टर बनने के लिए पैदा हुआ ही नहीं है।
- 6:12:41डॉक्टर बनके भी उसने अपनी अधिवेशंस में
- 6:12:43गाने ही गाने हैं। वहां भी उसने लोगों को
- 6:12:46एंटरटेन ही करना है बेसिकली। वहां भी उसको
- 6:12:49मजा तभी आएगा जब वो राइटिंग पार्ट मेरे
- 6:12:51कितने सारे डॉक्टर दोस्त हैं जो लिखते हैं
- 6:12:53जो कविताएं लिखते हैं। हमारे ग्रुप्स में
- 6:12:55डालते हैं। ये कविता तूने लिखी डॉक्टर अरे
- 6:12:56पागल तू गलत जगह आ गया यार। यू आर नॉट मेट
- 6:13:00फॉर दिस। बन जाएगा। ठीक है। देखो अपना काम
- 6:13:02क्या है? अपना काम है एग्जैक्ट सलाह देना।
- 6:13:05मां-बाप के हिसाब से मां-बाप के हिसाब से
- 6:13:08अपनी स्टेटमेंट नहीं बदलोगे आप। अगर आपको
- 6:13:11मालूम है कि यह बच्चा वहां खुश रहेगा।
- 6:13:13आपको बताना है कि यह बच्चा वहां खुश
- 6:13:15रहेगा। चाहे डालो जहां मर्जी। हमने
- 6:13:17तुम्हारे को इसकी अल्टीमेट हैप्पीनेस के
- 6:13:19रास्ता बता दिया। अब होगा क्या? जिन लोगों
- 6:13:21को मैंने आज से 15 साल पहले उनकी
- 6:13:23हैप्पीनेस के रास्ते बताए थे। मैं तो तब
- 6:13:25बच्चा सा दिखता था। कोई मानता भी नहीं था।
- 6:13:28आज तो चलो मेरा नाम है तो थोड़ा लोग थोड़ा
- 6:13:30फॉलो कर लेते हैं। अब तो 100% करने लग गए।
- 6:13:33पहले तो मतलब मेरे को बेवकूफ बोलते थे।
- 6:13:35एकदम पागल बोलते थे। मेंटल है ये तो उस
- 6:13:38टाइम पे भी मैं नहीं मानता था कि तुम्हारा
- 6:13:40रास्ता यही होगा। तुम देख लेना आखिर में
- 6:13:42तुम वहीं जाओगे। अब जब 10 साल के बाद 12
- 6:13:45साल के बाद जब उनका बच्चा वही लैंग्वेज
- 6:13:46बोल रहा है ना जो मैं उनकी डायरी में लिख
- 6:13:48के आया हुआ हूं ऑलरेडी। उनके पास जो
- 6:13:50रिपोर्ट दी हुई थी उस रिपोर्ट में लिख के
- 6:13:51आया हुआ हूं कि तुम देख लेना तुम यहीं
- 6:13:53आओगे। वो वहीं आए आखिर में। उनको अच्छा
- 6:13:55वहीं आ के लगा। वो जो भी कर रहे थे उनको
- 6:13:57नौकरी छोड़नी ही पड़ी। उनको अच्छा लगा ही
- 6:14:00नहीं जब उस जिंदगी में एंड यू नीड टू डेयर
- 6:14:02दैट। वो फिर उनके जो रिश्तेदार थे लोग थे
- 6:14:05उन्होंने मानना शुरू किया। इट टूक टाइम।
- 6:14:07मुझे 17 साल हो गए ऐसे पागलों की तरह
- 6:14:10घूमते हुए। थोड़ा टाइम नहीं हुआ है। एंड
- 6:14:12अभी तक मैं कहीं भी नहीं पहुंचा हूं अगर
- 6:14:14देखा जाए तो। बट मुझे यह पता है कि यही
- 6:14:16रास्ता सही है। अब आपको भी पता लग गया
- 6:14:18होगा यही रास्ता है। और कोई रास्ता हो तो
- 6:14:20बताओ आपके। नहीं बिल्कुल नहीं। मेरे को तो
- 6:14:22आज तक मेरा पता नहीं चला मैं किस में हूं।
- 6:14:26[हंसी]
- 6:14:27बहुत ही थी।
- 6:14:30नहीं मैं एफिशिएंट बिल्कुल नहीं हूं। जी
- 6:14:35ग्रेजुअली वो एफिशिएंट
- 6:14:37देखिए पर्सनालिटी जिंदगी में कभी भी नहीं
- 6:14:39बदलेगी बच्चे की।
- 6:14:40मतलब हमेशा सिमिलर ही रहेगी।
- 6:14:41पर्सनालिटी नहीं बदलेगी। इंटेलिजेंसी ग्रो
- 6:14:43कर सकती है। जितना हम उनका एक्सपोज़र देंगे
- 6:14:45वो ग्रो कर जाएंगी। वो बढ़ जाएंगी। वो
- 6:14:47डेवलप हो जाएंगी। बट पर्सनालिटीज़ विल नेवर
- 6:14:50चेंज। और दूसरी बात आपको जो दिख रहा है
- 6:14:53जरूरी नहीं है वो हो। उसकी दूसरी
- 6:14:56पर्सनालिटी क्योंकि आप जब उससे बात करते
- 6:14:57हो देखते हो वो एक ही पर्सनालिटी देख पा
- 6:14:59रहे हो।
- 6:14:59अगर हम किसी बच्चे को इमेजिन कर रहे हैं
- 6:15:01अभी चल रहे हैं तो हमें एक कॉम्बिनेशन नजर
- 6:15:04मोर और लाइक 80 और 90% वो वही है।
- 6:15:07कॉम्बिनेशन
- 6:15:07मतलब चांस हां ये देखो ये बात पे डिपेंड
- 6:15:10करेगा कि आपकी ऑब्जरवेशन कितनी एक्यूरेट
- 6:15:12है। आप मेरे कौन से शब्द को क्या ले रहे
- 6:15:15हो। आप उसको वहीं पहुंचने की कोशिश कर रहे
- 6:15:17हो कि नहीं जहां मैं पहुंच रहा हूं।
- 6:15:19क्योंकि जिनका लिंग्विस्टिक इंटेलिजेंस
- 6:15:21स्ट्रांग होता है वो एक इशारे से ही सब
- 6:15:23समझ जाते हैं और जिनका लिंग्विस्टिक
- 6:15:25इंटेलिजेंस कम होता है उनको कहे कुछ और
- 6:15:28रहे होते हैं वो अपना मतलब कुछ और ही ले
- 6:15:30रहे होते हैं वी नीड यू नीड टू बी देयर कि
- 6:15:33आपका वो कितना है कैसा मुझे नहीं मालूम ना
- 6:15:35कि आप उसको क्या समझ रहे हो क्योंकि आपकी
- 6:15:39हां जो आ रहे हैं ना वो सही है एकदम वो
- 6:15:41परफेक्ट है जो पहले झटके में आ रहे हैं वो
- 6:15:43सही है बट डेलीबेटली अगर जानना शुरू करोगे
- 6:15:46तो कंफ्यूजन हो सकती है उसके लिए
- 6:15:48एक्यूरेसी के लिए कि 100% एक्यूरेसी आए।
- 6:15:51हम उन बच्चों का कंप्लीट एनालिसिस आपके
- 6:15:53सामने रखेंगे। तब हम उसको डिस्कस करेंगे।
- 6:15:56तो आपके सामने आएगा आपकी क्लास में आपके
- 6:15:58हर बच्चे की रिपोर्ट आएगी आपके पास। जी
- 6:16:02देखिए सजेस्ट यह बिल्कुल गलत बिना टेस्ट
- 6:16:04करे तो बिना एनालिसिस किए तो बताना
- 6:16:06बिल्कुल ही गलत है। बच्चे का इंटरेस्ट
- 6:16:09नहीं है वह इसलिए भी इंटरेस्ट कम हो सकता
- 6:16:10है कि वह उसका दोस्त कहीं और जा रहा है।
- 6:16:13किसी और यूनिवर्सिटी में दाखिला किसी और
- 6:16:15स्ट्रीम में जा रहा है। और मैथ्स उसके
- 6:16:18मां-बाप शायद स्कोप ढूंढ रहे हैं कि कम से
- 6:16:19कम मैथ तो ले लेगा और कुछ नहीं तो ट्यूशन
- 6:16:21ही पढ़ा लेगा। वो इतना सा दिमाग में होता
- 6:16:23है बस मां-बाप के इससे आगे होता ही नहीं
- 6:16:25है। तो आपको वो लॉजिकल इंटेलिजेंस चेक
- 6:16:28करनी पड़ेगी कि वेदर ही इज मेड फॉर
- 6:16:30मैथमेटिक्स और नॉट के अदरवाइज तो बिना
- 6:16:33मतलब कितने सारे बच्चे जो ज्वाइन करते हैं
- 6:16:35बाद में छोड़ना ही पड़ता है उनको। छोड़ना
- 6:16:37ही पड़ता है। दे डोंट हैव एनी चॉइस। बिकॉज़
- 6:16:40के बाद उनकी जिंदगी खराब सी होनी शुरू हो
- 6:16:42ही जाती है। ऑटोमेटिकली। उनको पता ही नहीं
- 6:16:43चलता किस वजह से हो रही है।
- 6:16:46सो जी
- 6:16:47वन पेेंट कॉल मी ऑन है। ऑन है।
- 6:16:51ठीक है। और वो कह रहे हैं कि मैम मैंने तो
- 6:16:55मैं नहीं चाहती कि वो साइंस ले। आप बताइए
- 6:16:58आपने तो पढ़ाया है उसे वो कर लेगा नहीं कर
- 6:17:01लेगा ये वो उन्होंने बहुत लंबी चौड़ी बात
- 6:17:03की। तो उस केस में मैंने तो एज अ टीचर यही
- 6:17:08सजेस्ट किया कि उसका अगर फर्स्ट विश अगर
- 6:17:11वो हैप्पी है उस सब्जेक्ट को लेके तो आप
- 6:17:14उसे लेने दो।
- 6:17:15क्योंकि एक साइंस ऐसी फील्ड है उसे दो-ती
- 6:17:17महीने में पता चल जाएगा कि वो खुश रहेगा
- 6:17:20या नहीं रहेगा। जी
- 6:17:21और साइंस से वो कॉमर्स में आ सकता है।
- 6:17:23कॉमर्स से आर्ट्स में भी जा सकता है।
- 6:17:25लेकिन अगर कुछ लो ले लिया उसने उससे वो
- 6:17:27हाई में नहीं जा पाएगा। तो वो इस चीज से
- 6:17:32कन्विंस हो गए कि चलो मैम दो-ती महीने अगर
- 6:17:34वो खुद ही मैंने कहा उसको खुद सरेंडर करने
- 6:17:36दो। अगर वो नहीं करेगा तो इसका मतलब ही
- 6:17:39विल डू और अगर कर पा अगर वो नहीं कर पाएगा
- 6:17:43तो अपने आप ही दो महीने बाद आपसे कहेगा कि
- 6:17:45नहीं मम्मी मुझे ये नहीं करना। जी
- 6:17:47कल को आपके ऊपर वो पॉइंट भी बनाएगा।
- 6:17:51देखिए इसमें क्या है? इसमें दो ड्रॉबैक
- 6:17:54हैं हमारे सिस्टम के। पहली बात तो ये कि
- 6:17:56हमारे टीचर्स के पास बहुत कम समय रहता है
- 6:17:59अपनी क्लास के बच्चों के साथ रूबरू होने
- 6:18:01का और ढेर सारी बातें करने का। क्योंकि
- 6:18:04ढेर सारी बातें जब हम करेंगे ना जब हम
- 6:18:06उनके साथ अपनी शरारतें डिस्कस करेंगे कि
- 6:18:08जब मैं स्टूडेंट थी ना तब तो मैं ऐसे किया
- 6:18:11करती थी। जैसे आप वो बात बताओगे ना फिर
- 6:18:14बच्चे खुल के आएंगे। मैडम इन्हने ये किया
- 6:18:15इन्हने ये इन्हने ये किया तब तक अदरवाइज
- 6:18:18वो बिल्कुल डिसिप्लिन रहेंगे जब तक आप कीप
- 6:18:20क्वाइट एंड स्टैंड इस तरह से रहोगे। सो
- 6:18:23इतना खुलकर बात करने का अभी हमारे यहां
- 6:18:25ट्रेंड नहीं है स्कूलों के अंदर। यह एक
- 6:18:28थोड़ा दुर्भाग्य मानता हूं मैं मतलब।
- 6:18:30दूसरा उस बच्चे का मन है साइंस लेने का।
- 6:18:34फिर तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता कि हम
- 6:18:36उसको रोक दें। मतलब फिर तो क्या ही सवाल
- 6:18:39पैदा होता है ना। क्योंकि अगर बच्चा अपने
- 6:18:43आप करके अपने आप नुकसान भुगत के अपने आप
- 6:18:45समझ जाता है उससे अच्छी समझ दुनिया में
- 6:18:48किसी को नहीं है। और इस चक्कर में मां-बाप
- 6:18:51को बहुत साफ मैं आपको एक बहुत बार बोलता
- 6:18:53हूं। मैंने बहुत बच्चों का 11वीं में पेपर
- 6:18:56देने वाले थे। स्ट्रीम चेंज करा के यू विल
- 6:18:59यू वांट मतलब बिलीव कि मैंने आर्ट कैंसिल
- 6:19:02करा के उनको नॉन मेडिकल में दिलाया। नॉन
- 6:19:05मेडिकल कटवा के उनको मेडिकल कराई। नॉन
- 6:19:07मेडिकल कटवा के उनको करा। एवरीवन जस्ट
- 6:19:09आस्क ए क्वेश्चन सर एक साल खराब हो जाएगा
- 6:19:12एंड आई ऑलवेज कन्विंस देम ब सेइंग दैट कि
- 6:19:14जिंदगी से तो अच्छा ही है ना पूरी भरी
- 6:19:17जिंदगी खराब होने से तो बेटर है ना जिस
- 6:19:19रास्ते लेकर जा रहे हो यहां जिंदगी खराब
- 6:19:21है पर यहां सिर्फ एक खराब हो रहा है सो जब
- 6:19:24आप कन्विंस हो जाओगे एक तो आपके पास
- 6:19:26रिपोर्ट्स आ ही जाएंगी दो चार महीने में
- 6:19:28एक महीने भर में तो वो आने के बाद में आप
- 6:19:31तो आपको कन्विंस पता ही होएगा कि ये बच्चा
- 6:19:33वाकई में किस चीज के लिए था। दूसरा जब हम
- 6:19:36अपने तजुर्बों से जब हम फेल हो के सीखते
- 6:19:38हैं ना उस सीखने का जो रिजल्ट होता है वो
- 6:19:41बहुत अल्टीमेट होता है। बिकॉज़ उस मोमेंट
- 6:19:44पे उस बच्चे को बार-बार फेल होने की जिसको
- 6:19:47आदत हो जाए समझ लो वो बच्चा अपनी जिंदगी
- 6:19:49में अपने उस अल्टीमेट मुकाम तक जरूर पहुंच
- 6:19:52जाता है जिसके लिए वो बना है। क्योंकि फिर
- 6:19:53नेचर उसको उधर धकेलना शुरू कर देती है
- 6:19:56जिसके लिए वो वाकई बना था। जिसके लिए उसको
- 6:19:59करना ही था। जब पास होता रहता है ना बच्चा
- 6:20:02तब वह खुद को नहीं छू पा ढूंढ पाता। आप
- 6:20:05देखो आपके पास कितना टाइम होता है। सुबह
- 6:20:08उठते ही भागते हो। आते ही स्कूल का काम
- 6:20:10होता है। जाते ही अपने बच्चों का होता है।
- 6:20:12फिर घर वालों का होता है। फिर आप सोने का
- 6:20:15होता है। फिर अगले दिन की तैयारी होती है।
- 6:20:17छुट्टी वाले दिन आपको रिश्तेदारियां और
- 6:20:19बचे हुए शॉपिंग वगैरह करने होते हैं। डोंट
- 6:20:21हैव एनी टाइम फॉर योरसेल्फ। कभी कोई काम
- 6:20:25बिना सोचे बिना समझे खाली बैठ के कि अकेला
- 6:20:28निकल के पैदल जाना है और तब सोचे कि मैं
- 6:20:30क्या हूं और कैसे कभी सोचा है? नो क्योंकि
- 6:20:34आप पास होते चले गए। पास चले जाओगे। अपने
- 6:20:37आप को कभी ढूंढ ही नहीं पाओगे क्योंकि
- 6:20:39आपको आगे से आगे धक्के लगते चले जाएंगे और
- 6:20:42आप वहां पहुंच जाओगे जहां के लिए आप नहीं
- 6:20:44थे। ऐसे ही घूमते रहोगे की तरह। आखिरी
- 6:20:46टाइम तक भी आप उस मुकाम तक नहीं पहुंच।
- 6:20:48मैं साइंस के मैथ्स
- 6:20:49इंटर इंट्रा लॉजिक और लैंग्वेज अपन तो यही
- 6:20:51देखते हैं। पूछ के सवाल के जवाब हमारे
- 6:20:54यहां सच्चाई से जवाब देने का ट्रेंड नहीं
- 6:20:56है सर। यहां इमेज का बहुत ध्यान रखा जाता
- 6:20:58है कि इमेज खराब हो जाएगी। इसलिए जवाब वो
- 6:21:01देता है लोग बंदे जो सामने वाले सुनना ना
- 6:21:04जाए जो अच्छे होते हैं। अच्छे बुरे की भी
- 6:21:06ट्रेंड बनाया हुआ है। हम हमने ऐसा ट्रेंड
- 6:21:09ही नहीं बनाया कि बच्चा कैसा ही भी हो
- 6:21:11हमने एक्सेप्ट कर लिया। खुले दिल से।
- 6:21:13इसीलिए हम एक्सेप्ट ही उनको करते हैं जो
- 6:21:15हमारी तरह चलते हैं। टाइम से उठे, टाइम से
- 6:21:18बैठे, टाइम से खाएं, टाइम से पढ़े, टाइम
- 6:21:20से इतने नंबर आए, ये करें। इसलिए उनसे
- 6:21:22सवाल पूछना बेमायने है। मां-बाप को वैसे
- 6:21:26नहीं पता। उनको वैसे ही नहीं पता। उन उन
- 6:21:29बच्चों को जो पैदा होने के बाद स्कूल जाना
- 6:21:32जब उन्होंने शुरू किया, उसके बाद से ले 16
- 6:21:35साल की उम्र तक कब उठेंगे, कब सोएंगे, किस
- 6:21:38टीचर के पास पढ़ेंगे, किस स्कूल में
- 6:21:40पढ़ेंगे, कितने ट्यूशन पढ़ेंगे? क्या
- 6:21:42लेना? सब कुछ तो हर कोई ले रहा है डिसीजन।
- 6:21:45जिस बच्चे ने 16 साल की उम्र तक कभी कुछ
- 6:21:48सोचा ही नहीं। आप कैसे बिलीव करोगे? आप
- 6:21:51कैसे ट्रस्ट करोगे कि वो सोच सकता है कि
- 6:21:53मुझे क्या करना है जिंदगी में? ही हैज़
- 6:21:56नथिंग। उसके पास कोई थॉट नहीं है। सोसाइटी
- 6:21:59के लिए उसके पास कोई थॉट नहीं है। पड़ोस
- 6:22:01के लिए उसके पास कोई थॉट नहीं है। परिवार
- 6:22:03के लिए उसके पास कोई नहीं है। स्कूल के
- 6:22:06लिए कोई जिम्मेदारी नहीं है। ही हैज़ नथिंग
- 6:22:08एट ऑल। आप देख लो। आपको इतने
- 6:22:11इररिस्पांसिबल बच्चे नजर आएंगे। क्यों?
- 6:22:13क्योंकि आपने कभी उसको सोचने ही नहीं
- 6:22:15दिया। आपने उसको अपने तरीके से कराया। तो
- 6:22:18उससे पूछ के यू कांट डिसाइड एट ऑल। फिर तो
- 6:22:21आपको अंधेरे में ही रहना पड़ेगा। हम ऐ कुछ
- 6:22:24भी बोल करके मैं बात को खत्म करना नहीं
- 6:22:27चाहता। बट दैट इज दी ट्रुथ। नहीं। देखिए
- 6:22:30आज तो यह है। आज तो यह है। आज तो सिचुएशन
- 6:22:34यही है। आज तो आपकी सोसाइटी के अंदर आपको
- 6:22:36ऐसे लोग मिलेंगे मोर देन 60% जो स्ट्रीम
- 6:22:40ले रहे हैं उस स्ट्रीम को ढो रहे हैं,
- 6:22:43उसको पढ़ रहे हैं। कहीं एडमिशंस के ऑप्शंस
- 6:22:46भी बहुत लिमिटेड हैं और आखिर में जो मिल
- 6:22:48रहा है उसी को एक्सेप्ट करके चल रहे हैं।
- 6:22:50अभी तक तो यही हो रहा है। यह अभी तक अब कर
- 6:22:54रहे हैं। जिस जिस थ्योरी पे जिस रिपोर्ट
- 6:22:56की जिस टेस्ट की हम बात कर रहे हैं वह जो
- 6:22:59आपकी क्लास में आपके पास वो उसकी
- 6:23:02एक्यूरेसी आई गारंटी फॉर 100% एक्यूरेसी
- 6:23:05वहां आपको सिर्फ शुरू अब उसमें कितना टाइम
- 6:23:08लगेगा ये अब ये मेरी गलती नहीं है कि हमने
- 6:23:10अब शुरू किया ये आपकी गलती भी नहीं है। ये
- 6:23:12उस बच्चे की भी नहीं है। 1% आता है तो आप
- 6:23:15कंटिन्यू करोगे। इससे कम आएगा तो हम आपको
- 6:23:18उधर ले जाएंगे।
- 6:23:19अभी फिलहाल तो यही करना पड़ेगा। हां
- 6:23:23एक्सक्टली। एक्सजेक्टली अभी तो यही करना
- 6:23:26पड़ेगा।
- 6:23:28दूसरा सब्जेक्ट दे दोगे तो क्या वह कोप अप
- 6:23:31कर लेगा?
- 6:23:32कुछ फर्क नहीं पड़ता।
- 6:23:33मेडिकल से ह्यूमैनिटी छोड़िए मैम। चाहे
- 6:23:36मेडिकल पढ़ रहा हो चाहे नॉन मेडिकल पढ़
- 6:23:38रहा हो। जिन्होंने आईआईटीस की तैयारी करनी
- 6:23:40है और जिन्होंने जो बड़े ऊंचे लेवल की
- 6:23:42तैयारी कर रहे हैं उनको छोड़ दो आप। सारे
- 6:23:44बच्चे आखिरी के दो ही महीने पढ़ते हैं। ये
- 6:23:46आपको थोड़ी ये तो आपको कह रहा हूं मैं। तो
- 6:23:48मैं स्त्रुत हूं। आपने मास्टर्स किया
- 6:23:51होगा। कैसे किया है?
- 6:23:53क्लासेस में मुझे पता है कि पांच पे पांच
- 6:23:55क्वेश्चन आने हैं। 10 कर लो। पांच पक्के
- 6:23:58आने हैं। फर्स्ट डिवीजन 100% श्योर है
- 6:23:59मास्टर्स में। यह तरीका है पढ़ने का। इवन
- 6:24:02एमफिल में ये तरीका है कि ऑलरेडी किसी की
- 6:24:04थीसिस पढ़ उसी को एक नाम बदलो। जगह बदलो
- 6:24:06और वो करो वो कर दो। इवन रिसर्च में ये हो
- 6:24:10रहा है। बीए, बीएससी हर जगह आखिरी के दो
- 6:24:13महीने पढ़ रहा है बच्चा। इवन इंजीनियरिंग
- 6:24:15में भी इंजीनियरिंग कॉलेज में भी दो महीने
- 6:24:17ही पढ़ रहा है। पीएचडी कैसे पीएचडी तो 5
- 6:24:19साल में भी हो रही है। पीएचडी तो
- 6:24:22हां पीएचडी तो 5 साल में भी हो रही है पर
- 6:24:24काम 5 साल नहीं हुआ है। काम 5 साल नहीं
- 6:24:27होता है।
- 6:24:28नहीं सर टॉपिक अटकता है ना यदि टॉपिक
- 6:24:30अटकता है तो हमें 5 साल लग जाएंगे उसमें।
- 6:24:32मैडम पीएचडी वाले पॉइंट को अगर छोड़ दें
- 6:24:35हम पीएचडी इज अ रिसर्च पार्ट। उसको छोड़
- 6:24:38दें। इसका सारा क्रेडिट यह गाइड पे है कि
- 6:24:40गाइड आपसे कितना करवाना चाहता है, कैसे
- 6:24:42करवाना चाहता है? आप क्या करना चाहते हो
- 6:24:44इस पे बिल्कुल नहीं है।
- 6:24:46गाइड क्या करें जब उस टॉपिक से रिलेटेड
- 6:24:48हमें चीजें ही नहीं मिल रही।
- 6:24:50वो आपको नहीं मिल रही। वो तो बात अलग है।
- 6:24:52मैं बाकी एकेडमिक्स की बात ये एमए तक जाते
- 6:24:55हैं ना। हम आखिरी के दो महीने ही पढ़ रहे
- 6:24:56हैं। बच्चे का पोटेंशियल का तो हमने बता
- 6:24:59दिया। इसका स्टैंडर्ड टेस्ट भी है। है
- 6:25:02ऑलरेडी। बता तो दिया आपके पास। रिपोर्ट
- 6:25:04आएगी। 2 महीने महीने भर में आ जाएगी। बता
- 6:25:06तो रहा हूं तब से। यही तो कह रहा हूं।
- 6:25:09आपके पास आएगी रिपोर्ट। आपके बच्चों का
- 6:25:12हां आप ही करेंगे। आपको आखिर में
- 6:25:14सिखाऊंगा। वह टेस्ट करना भी सिखाऊंगा। वह
- 6:25:17टेस्ट की रिपोर्ट पढ़ना भी सिखाऊंगा।
- 6:25:22[हंसी]
- 6:25:23तो उसी तो इसीलिए मैं सारा कुछ हां
- 6:25:28हां वही तो सिखा रहे हैं। उसी को तो सिखा
- 6:25:31रहा हूं। अब आपके पास वो रिपोर्ट होगी जो
- 6:25:33बता टीचर अब सिर्फ आपको पता हो या किसी
- 6:25:37टीचर्स को नहीं पता हो तो क्लास में वो
- 6:25:39बिहेव कैसे
- 6:25:44अबाउट इट
- 6:25:44तो टीचर्स को तो इसलिए बताया ना ये सारा
- 6:25:46का सारा कि जब उनकी क्लास में उनकी टेबल
- 6:25:48पे उस बच्चे की रिपोर्ट पड़ी होगी तो उसके
- 6:25:50बारे में सारी इंफॉर्मेशन अब उन अब उनको
- 6:25:52एक्सप्लेन नहीं करना पड़ेगा किसी को तो वह
- 6:25:54तो देखिए वह हम ऑलरेडी कर चुके हैं कि
- 6:25:56आपको अगर उन क्योंकि हम बिल्कुल पहला
- 6:26:00स्टेप हमारा यह था कि स्कूल, मैनेजमेंट,
- 6:26:04टीचर्स,
- 6:26:06पेरेंट अगर इन तीनों का मकसद एक नहीं होगा
- 6:26:10तब तक इसकी इस प्रोग्राम की सक्सेस में
- 6:26:13डाउट्स रहेंगे। मैनेजमेंट ने सारी कहानी
- 6:26:17आपके ऊपर छोड़ दी। आप मुझे लगता है कि अब
- 6:26:20आप तैयार हैं। क्यों जी? अब आप मेरी
- 6:26:23फ्रीक्वेंसी पे हैं या अभी बचे हुए हैं
- 6:26:25कोई? क्या कहते हैं? जो कॉन्फिडेंट नहीं
- 6:26:28है ना वह बहुत थोड़े हैं वह इसलिए हैं
- 6:26:31क्योंकि उनके नंबर थोड़े आए हुए हैं। जो
- 6:26:34आप कॉन्फिडेंस को नंबर के साथ कनेक्ट करके
- 6:26:36दे रहे हो सिर्फ। मैं बताता हूं वो थॉट
- 6:26:38कैसे आता है। मैंने बच्चे को बोला कि यह
- 6:26:41तो मेडिकल लेने की कह रही है। मैंने कहा
- 6:26:44बट शी इज नॉट मेंट फॉर मेडिकल लाइन। सर
- 6:26:47लेकिन यह तो बचपन से कह रही है। पिछले 4
- 6:26:50साल से कह रही है मुझे तो डॉक्टर बनना है।
- 6:26:53चार साल से कह रही है लेट मी चेक इट आउट।
- 6:26:55मैं चेक करता हूं। आप में से कौन बोलता है
- 6:26:58घर में कि घर में एक तो डॉक्टर भी होना
- 6:27:00चाहिए। उसकी मम्मी कहती है इसके पापा
- 6:27:02बोलते हैं तो इसने वहां से ले लिया। उसके
- 6:27:05पापा बोलते हैं कि घर में एक डॉक्टर भी
- 6:27:07होना चाहिए। और उस बच्ची ने अपने पापा को
- 6:27:09खुश करने के लिए पिछले 4 साल से वो एक ही
- 6:27:11लाइन रट रही है कि मैंने डॉक्टर बनना है
- 6:27:12बड़ा हो के। बिकॉज़ शी वांट्स हर फादर टू
- 6:27:15बी हैप्पी। वो क्रिस्टल क्लियर इसलिए है।
- 6:27:18वी नीड हमें हमारे को कितना आता है
- 6:27:21क्रिस्टल क्लियर होना आप बता दीजिए। हमारी
- 6:27:23पूरी जिंदगी अंध मतलब पूरी जिंदगी हमारी
- 6:27:26अंधेरे में गुजरती है हमारे बच्चों की
- 6:27:28स्पेशली इसीलिए तो हमें जरूरत है उसकी
- 6:27:30उनके लिए सही बात का पता होना जब हम ऐसा
- 6:27:33एजुकेशन सिस्टम तैयार कर देंगे कि उस छोटे
- 6:27:35बच्चे की दी हुई गाली को भी हम एक चेंज
- 6:27:38होने का अब मुझे मेरा बेटा कह रहा है पापा
- 6:27:40आप झूठ बोलते हो जैसे ही वो बोलता है मेरे
- 6:27:42को स्ट्राइक करता है ओ तेरे की झूठ बोली
- 6:27:44थी यार आगे से नहीं बोलूंगा बेटा सॉरी
- 6:27:46व्हेन मैं उसकी कही हुई बात को जो मेरे
- 6:27:49लिए नेगेटिव बोली है जब मैं उसको अपने
- 6:27:51इंप्रूवमेंट का साधन बनाना शुरू करूंगा तब
- 6:27:54वो ऐसा एजुकेशन सिस्टम डेवलप हो जाएगा जो
- 6:27:56उन बच्चों के हिसाब से होगा। लेकिन फिलहाल
- 6:27:59एट प्रेजेंट हमारे बच्चे को नहीं पता उसको
- 6:28:02क्या करना है। उनके खुद के मां-बाप को
- 6:28:04नहीं पता। हम उनके टीचर्स को भी नहीं पता।
- 6:28:07इतनी गहराई से जितनी गहराई से हमने आज बात
- 6:28:10की है। आपकी तो कितनी उम्र हो गई मैम? डड
- 6:28:14एनीवन टॉक्ड अबाउट दिस? मतलब मुझे नहीं
- 6:28:17लगता कि कोई भी इस लॉजिक पर इस टॉपिक पर
- 6:28:19बात करता है क्योंकि उनको क्या लगता है कि
- 6:28:22दिस इज नॉट ए क्विक स्यूशन जो मुझे पता है
- 6:28:25मुझे इतने साल हो गए मुझे यह भी पता है
- 6:28:27मुझे पता नहीं कितने साल और लगेंगे बट
- 6:28:30स्टिल मुझे यह मालूम है कि इसके अलावा कोई
- 6:28:32रास्ता मैं तो पूछता हूं इदर यू टेल मी कि
- 6:28:35इससे अच्छा रास्ता बताओ ये कहकर कि सिस्टम
- 6:28:38ऐसा है ये कह कर कि हमें यही करना पड़ेगा
- 6:28:41ये कह कर कि ऐसी पॉलिसीज हैं हम इससे पीछा
- 6:28:44नहीं छुड़ा सकते बिकॉज़ चेंज चेंज इज द
- 6:28:46ओनली थिंग व्हिच इज कंसिस्टेंट एंड व्हिच
- 6:28:48इज परमानेंट। तो चेंज होना पड़ेगा हमारे
- 6:28:51को। चेंज करना भी पड़ेगा और अगली जनरेशंस
- 6:28:54के लिए जरूरी है ये। सो दैट्स व्हाई हमारे
- 6:28:56बच्चों को और हमारे टीचर्स को नहीं पता
- 6:28:59अभी तक क्लेरिटी के साथ। कुछ भी नहीं पता।
- 6:29:01मैं ही नहीं डिसाइड कर पाता कई बार। इतना
- 6:29:04सारा इतना 17,000 दिमागों का एक्सपीरियंस
- 6:29:07होने के बाद फिर भी मैं यही कहता हूं। भाई
- 6:29:09मुझे डाउट हो रहा है। मुझे क्लियर करने
- 6:29:11दो। लेट मी बी श्योर। श्योर हुए बिना नहीं
- 6:29:13बताऊंगा। क्योंकि हमारी हमारी जुबान से
- 6:29:16निकला हुआ एक-ए शब्द बच्चों के लिए पत्थर
- 6:29:18की लकीर साबित हो सकता है कई बार और
- 6:29:20मां-बाप को यह नहीं पता कि जब वह कार में
- 6:29:23जा रहे हैं और वो बात कर रहे हैं उनकी कौन
- 6:29:24सी बात को वो बच्चा इतनी सीरियसली ले लेता
- 6:29:26है कि वो उसको अपनी जिंदगी का मकसद मान ले
- 6:29:29तो मां-बाप को यह बताना समझाना बताना
- 6:29:32हमारा फर्ज है बेसिकली जब हमें पता होगा
- 6:29:34तो ही तो बता पाएंगे ना हर एस्पेक्ट पे इस
- 6:29:37टॉपिक पे अभी हम बात और करेंगे बहुत सारी
- 6:29:40लेकिन उसके बाद इससे तीन गुना बात और कर
- 6:29:43सकता हूं मैं हमारे पास बहुत बात हैं करने
- 6:29:46को। आपके पास इतने सारे एग्जांपल्स हैं
- 6:29:48अपनी लाइफ के। अब इतनी सारी बातें हैं,
- 6:29:50प्रॉब्लम्स हैं, वह सशंस भी हैं उनके जो
- 6:29:53हो सकता है आज उनके सशन नजर नहीं आ रहे हो
- 6:29:56पर लेटर ऑन बहुत अच्छे सशन निकल के आएंगे।
- 6:29:582 साल से लेकर के और 50 साल 60 साल जब तक
- 6:30:00मर्जी एनीवन यस वी कैन डू दैट। यस बिल्कुल
- 6:30:04हां इन नेट इवैल्यूएशन की पैदाइशी उसके
- 6:30:07पास ये टैलेंट है। पैदाइशी ये बच्चा ऐसा
- 6:30:09है। अब इसको हमने इधर को लेके जाना। यस वी
- 6:30:12कैन वर्क बिगिनिंग से हम काम कर सकते। हां
- 6:30:14जी बिल्कुल बेस्ट होगा। गॉट इट। सो
- 6:30:18नेक्स्ट टॉपिक हम करते हैं। नेक्स्ट जो
- 6:30:21हमारा टॉपिक है वो है लर्निंग मेथड्स।
- 6:30:24बिकॉज़ दैट इज आल्सोेंट। क्लास में हमें
- 6:30:26लर्न करना है तो उस पे हम चलेंगे। वी टू
- 6:30:28हैव। चलिए छोटी सी बात है। सिर्फ अभी फिर
- 6:30:32हमारे पास टॉपिक थोड़े बचेंगे और सवाल फिर
- 6:30:34हम नेक्स्ट टाइम पे ज्यादा ले पाएंगे खूब
- 6:30:36सारे। इसका ये फायदा होगा और कुछ नहीं।
- 6:30:38मुझे तो इतना ही टाइम लगेगा उसमें आगे भी।
- 6:30:40लर्निंग मेथड्स हैं। क्लास रूम में जब आप
- 6:30:42याद कराते हैं। मान लो अभी जैसे क्लास अभी
- 6:30:44हमारा ट्रेंड है कि हमें चीजें याद करके
- 6:30:46लिखनी होती हैं। तो फिलहाल एट प्रेजेंट तो
- 6:30:49हमारे को उसी सिस्टम के हिसाब से चलना
- 6:30:52पड़ेगा। तो अगर हमें बच्चे का लर्निंग
- 6:30:54मेथड पता हो तो इट वुड बी इजी के अ उसको
- 6:30:58चीजें जल्दी याद हो। अगर हम उसको यह पता
- 6:31:01हो कि उस बच्चे का वो तरीका कौन सा है
- 6:31:03जिससे उसको जल्दी याद होगा। हर इंसान के
- 6:31:06तीन तरीके होते हैं याद करने के। वैसे तो
- 6:31:09और भी सेंसरी ऑर्ग्स हैं। जैसे हमारी नाक
- 6:31:12है वहां से भी याद कर लेते हैं हम के
- 6:31:14अच्छा आज नमकीन चावल बने हैं। ऐसे ही पता
- 6:31:17लग जाएगा ना सूंघ के ही बताना बिना बताए।
- 6:31:20बट स्टिल क्योंकि क्लासरूम कंडीशंस की हम
- 6:31:22बात कर रहे हैं तो हम वहीं पर बात करेंगे।
- 6:31:24उनमें तीन तरीके हैं। वन इज दी
- 6:31:26काइनेस्टेटिक, अदर इज द ऑडिटरी और विजुअल।
- 6:31:29आमतौर पे यह तीनों मेथड्स हर किसी में
- 6:31:33मिलते हैं। लेकिन इनमें से एक मेथड
- 6:31:36डोमिनेटिंग होता है जो सबसे ज्यादा होता
- 6:31:38है। ठीक है ना? जैसे अगर हम 100 को डिवाइड
- 6:31:41करें कि लर्निंग मेथड पूरा 100 मान लें
- 6:31:43उसमें से 33% एवरेज हो गया 33.3 तो जिसका
- 6:31:4735 37 36 हो गया एक मान लो तो समझो वो
- 6:31:50डोमिनेट करता है। इसका मतलब वो सब वो ऐसा
- 6:31:52तरीका है जिससे याद करने में हमें मतलब
- 6:31:56टाइम नहीं लगेगा। क्विक याद हो जाएगा। ठीक
- 6:31:58है ना? अब सिर्फ हमें उस बच्चे का वह
- 6:32:00लर्निंग मेथड पता हो तो हमने उस बच्चे को
- 6:32:02सिर्फ इतना बताना है बच्चे तूने ऐसे याद
- 6:32:04करना है बस नाम ले गए रोहन सोहन पकी शकी
- 6:32:07टकी पिंकी ये छह बच्चे हैं इन्होंने घर
- 6:32:10जाके ऐसे काम करना है क्योंकि ये
- 6:32:12एनस्थेटिक लर्नर हैं और ये ये ये तुमने
- 6:32:15ऐसे करना है क्योंकि तुम जैसे वाले लर्नर
- 6:32:17हो बाकियों को ऐसे याद हो जाएगा ठीक है ना
- 6:32:19जी तो वो तरीका इतना सा पता लग गया क्लास
- 6:32:22में हमें पता है हमारे पास रिपोर्ट पड़ी
- 6:32:24हुई है सबकी हमने उनको बुला के अलग से
- 6:32:26एक-ए मिनट तो लगानी है बेटा तूने ऐसे याद
- 6:32:27करना है बस बात खत्म उसके बाद लाइफ टाइम
- 6:32:29उसकी जो एफिशिएंसी है पहले जो काम वो 2
- 6:32:32घंटे में कर रहा था वही काम आधे घंटे में
- 6:32:34पौने घंटे में करना शुरू कर देगा मतलब उसी
- 6:32:38उसी काम को लर्न करना है तरीका ही तो
- 6:32:40बदलना है सिर्फ हमने फिर हमने अपनी बात को
- 6:32:43कहने का तरीका जो हम क्लास में कह रहे हैं
- 6:32:45वो अगर हमारा सिर्फ लेक्चर मेथड है तो
- 6:32:48हमने सिर्फ इस चीज को भी गौर कर लेना है
- 6:32:50कि हमारी क्लास में कैसे बच्चे हैं। हम
- 6:32:52इसको ऐसे भी कन्वर्ट कर सकते हैं कि एक
- 6:32:54क्लास हम सारी काइनेस्टेटिक लर्नर्स की
- 6:32:56इकट्ठी कर लो। अगर ऐसा हो सकता है तो मान
- 6:33:00लो अगर हमने सेक्शन तो बनाना ही है। एक
- 6:33:02पूरी की पूरी क्लास विजुअल लर्नर्स की है
- 6:33:05तो टेंशन ही खत्म वहां टीचर का काम एक ही
- 6:33:07बार में काम हो जाएगा। बहुत आसान हो जाएगा
- 6:33:09क्योंकि लर्निंग हमने आसान करनी है ना
- 6:33:11बेसिकली उनकी और अपना काम भी आसान हो रहा
- 6:33:13है। तो वो मेथड्स क्या है उन पे डिस्कस कर
- 6:33:15लेते हैं। सबसे पहले हम बात करते हैं
- 6:33:18ऑडिटरी लर्नर की। मैक्सिमम पॉपुलेशन
- 6:33:20ऑडिटरी लर्नर की होगी। जिस बच्चे का
- 6:33:22म्यूजिक अच्छा होगा और जिसका लैंग्वेज
- 6:33:25अच्छी होगी, लिंग्विस्टिक इंटेलिजेंस
- 6:33:27अच्छा होगा, उनके पूरे-पूरे चांसेस हैं कि
- 6:33:29उनका ऑडिटरी लर्नर भी अच्छा होगा। मतलब
- 6:33:32जिस बच्चे को नवेल पढ़ने का शौक है और
- 6:33:34गानों का शौक है, समझ लो उसका ऑडिटरी
- 6:33:36लर्निंग अच्छी है। ठीक है? अब मतलब जरूरी
- 6:33:39नहीं है सबका हो बट मोस्ट ऑफ द का मिलेगा।
- 6:33:42ऑडिटरी लर्नर की पहचान क्या है? ऑडिटरी
- 6:33:45लर्नर की पहचान यह है कि जो बुलेट गई थी
- 6:33:47ना जिसज जिसजिस को इस बुलेट ने परेशान
- 6:33:51किया था अभी-अभी जिसके इरिटेशन आई थी
- 6:33:53थोड़ी-थोड़ी वो वो ऑडिटरी लर्नर है समझ लो
- 6:33:55अपने आप किसी किसी को तो पता भी नहीं चला
- 6:33:58बुलेट चली भी गई लेकिन किसी किसी को ठीक
- 6:34:01है अब ये ऑडिटरी लर्नर वो होते हैं जो सुन
- 6:34:04तो टीचर की रहे होते हैं पर नीचे अपनी
- 6:34:06कॉपी में वो ओ सी भर रहे होते हैं
- 6:34:09काले-काले कर रहे होते हैं यह वो वाले
- 6:34:11होते हैं बेसिकली आपको लगता है यह सुन
- 6:34:13नहीं रहे एक्चुअली इनका सीखने का एकमात्र
- 6:34:16तरीका होता है इनके कान। इनके कान सीखते
- 6:34:19हैं। असल में इनकी जुबान इनकी आंख नहीं
- 6:34:21सीखती। कान सीखते हैं। यह वाले बच्चों को
- 6:34:25पढ़ने के लिए या तो पिनड्रॉप साइलेंस
- 6:34:27चाहिए होता है। या फिर जो बोल रहा है उसको
- 6:34:31सुनना होता है। बेसिकली वही लोग जिनको
- 6:34:34बुलेट ने परेशान किया उन्हीं को यह पंखा
- 6:34:36भी परेशान कर रहा है। यह आवाज टिक टिक। यह
- 6:34:39भी उनको सबसे मेरी बात से ज्यादा उनको यह
- 6:34:41सुनाई दे रही है कि यह चुप होनी चाहिए।
- 6:34:43बाकी काम छोड़ो। वह उनकी कमरे में मम्मी
- 6:34:45एंटर करती है ना मान लो दो बार एंटर कर
- 6:34:47लिया मम्मी प्लीज यार दरवाजा बंद करो वहां
- 6:34:50अंदर मत घुसना बस अब दे आर द काइंड्स वो
- 6:34:53किड्स हैं जो वाकई पढ़ना चाह रहे थे और उस
- 6:34:55वक्त बाहर शोर आ रहा है टी टी पी पी बाकी
- 6:34:58बाहर हॉर्न बजेगा बजते ही बता देगा पड़ोस
- 6:35:00वाले अंकल आए हैं सोन अंकल आए हैं 111
- 6:35:02वाले आए हैं कि पापा आए हैं कि मामा जी आए
- 6:35:04हैं कौन आए हैं सब पता है उनको हॉर्न बजते
- 6:35:07ही गाड़ी की आवाज से ही पता लग जाएगा इनको
- 6:35:09दे आर द किड्स ये वो लोग होते हैं जो
- 6:35:12बोलते हैं तू काम कर लेना बैठ के वो कहेगा
- 6:35:14मम्मी आप समझा दो। मम्मी ने समझाया अब कर
- 6:35:16ले। कहता हो गया सुन लो। है ना? ऐसे बच्चे
- 6:35:20आपसे एक बार सुनना चाहेंगे और सुनते ही
- 6:35:22उनको क्विक याद हो जाएगा। इनको याद नहीं
- 6:35:25हो रहा है तो इसके दो-तीन तरीके हैं। पहला
- 6:35:28इनको बोलो बोल-बोल के करो। क्योंकि
- 6:35:30बोलेंगे तो खुद की आवाज सुनाई देगी। दूसरा
- 6:35:33अपने बोले हुए को रिकॉर्ड कर लो। जो किताब
- 6:35:36में लिखा हुआ है ना हेडफोन लगा के। आजकल
- 6:35:38तो सबके पास स्मार्टफोन है। नहीं है तो
- 6:35:40छोटे-छोटे जैसे मेरे पास रखा हुआ है
- 6:35:41डिक्टो फोन सा छोटा-छोटा ऐसा रखो और जो भी
- 6:35:44बोल रहे हो उसको रिकॉर्ड करके रखो। पॉकेट
- 6:35:46में डाल के बोलते रहो। बोल बोल के करो।
- 6:35:48उसके बाद रात को पढ़े हेडफोन लगा के सुनते
- 6:35:50रहो। अपने आप याद हो जाएगा। नथिंग टू डू
- 6:35:52विद बुक्स। क्लियर ना? ऐसे बच्चे इवन आप
- 6:35:55कुछ एक्टिविटी क्लास में कर रहे हो और
- 6:35:57बच्चे के पास उसका रिकॉर्डेड वर्जन अगर
- 6:35:59पड़ा हुआ है। वो बच्चा जब उसको सुनेगा तो
- 6:36:01आपकी हर एक्टिविटी अपने आप याद आ जाएगी।
- 6:36:03उसको जरूरत ही नहीं है। सो इट्स वेरी ईजी।
- 6:36:06बोल करना है। सिंपल पिन ड्रॉप साइलेंस इज
- 6:36:08नॉट पॉसिबल इन दिल्ली। यहां तो पॉसिबल ही
- 6:36:10नहीं है ना। हर किसी का घर गली के महाने
- 6:36:11पे है। तो पी पी टी टी तो रहेगी। तो उससे
- 6:36:14बचने का तरीका हेडफोन लगा के सुनो। ऐसे
- 6:36:17बच्चे आमतौर पे डिस्ट्रैक्शन से बचने के
- 6:36:19लिए ना टीवी या रेडियो चला लेते हैं। यार
- 6:36:21ये क्या कर रहा है? तू गाने सुन रहा है कि
- 6:36:22ये कर रहा है। उसको नहीं पता कि यह
- 6:36:23कंसंट्रेशन का सबसे आसान तरीका है। उन
- 6:36:26बच्चों के लिए। नेक्स्ट यह बच्चे और अगर
- 6:36:30कंसंट्रेट करना चाहते हैं तो अपने कमरे
- 6:36:32में वह वाला म्यूजिक लगा सकते हैं जो
- 6:36:34इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक रघुपति राघव वाला
- 6:36:36बजती रहती है ट्यून पीछे से ना दूसरे वाली
- 6:36:38ओम ओम साईं राम टाइम पे कुछ भी बजता रहे
- 6:36:41मतलब एनी टाइम एंड द कंसंट्रेशन इज़ ओवर
- 6:36:44मतलब डन एवरीथिंग इज़ फाइन एफिशिएंसी
- 6:36:48ऑटोमेटिकली डबल हो जाएगी जैसे ही यह पता
- 6:36:50लग गया कि ही इज़ दी ऑडिटरी लर्नर ठीक है
- 6:36:53जी फर्स्ट सेकंड टाइप है काइनेस्टेटिक
- 6:36:56लर्नर यह वाले बच्चे होते हैं। इनके जुबान
- 6:36:59और इनके कान नहीं सीखते। इनके हाथ पैर
- 6:37:02सीखते हैं। मतलब यह तब तक नहीं सीखेंगे जब
- 6:37:05तक अपने हाथ से नहीं कर लेंगे। जैसे आमतौर
- 6:37:08पे हम कहते हैं कि लिख-लिख के देखो। इनके
- 6:37:10लिए काम करता है। लिख लिख के देखो। ऑडिटरी
- 6:37:12वालों के लिए नहीं करता। इनके लिए करता
- 6:37:14है। तो इन बच्चों की खासियत क्या है? इन
- 6:37:18बच्चों को जो काइनेस्टेटिक लर्नर हैं,
- 6:37:20इनको कभी भी किसी और के नोट्स से याद नहीं
- 6:37:24होंगे। अगर आप देखते हो अगर आप चाहते हो
- 6:37:27कि यह गाइड से याद कर लें यह किसी के
- 6:37:30नोट्स फोटोकॉपी करके ले आए वहां से याद कर
- 6:37:32लें या किताब में से नोट कर लें इनको कभी
- 6:37:35याद नहीं होगा। इनको अगर याद होगा तो अपने
- 6:37:39लिखे हुए से होगा। यानी अगर 11वीं 12वीं
- 6:37:42में बच्चा पहुंच गया है और काइनेस्टेटिक
- 6:37:44लर्नर है तो उसको बताना पड़ेगा। बेटा तीन
- 6:37:47किताबों में से छांट के जो जो तेरे को
- 6:37:49चाहिए अपनी कॉपी में तेरे को लिखना पड़ेगा
- 6:37:51और कोई रास्ता नहीं है। एक बार लिख ले बस
- 6:37:55अगली बार तो तू उसकी पर्ची बनाएगा। पर्ची
- 6:37:57बनाते बनाते याद हो जाएगा। होगा ना ऐसा
- 6:38:00कोई बंदा जरूर जो बनाने की याद नहीं था।
- 6:38:02पर्ची बनाने लगा और उसको पर्ची बनाते
- 6:38:04बनाते याद हो जाएगा। ही इज़ द काइनेस्टेटिक
- 6:38:06लर्नर समझो। तो यह पक्का है। इनको अगर कुछ
- 6:38:09याद होगा तो सिर्फ अपने लिखे हुए से ही
- 6:38:13होगा। तो इनका मतलब क्या है? क्लासरूम में
- 6:38:16ऑडिटरी लर्नर से सुन लो खड़ा करके या
- 6:38:19बुलवा दो या उनको बोलो तू समझा दे सबको और
- 6:38:21काइनेस्टेटिक लर्नर वालों से लिखवा लो दो
- 6:38:23बारी बस कुछ नहीं करना आपको कुछ भी नहीं
- 6:38:26करना दो बार लिखवा दो काइनेस्टेटिक लर्नर
- 6:38:28से अपने आप याद है समझो पेपर में अपने आप
- 6:38:30हाथ अपने आप चले ये वो बच्चे होते हैं जो
- 6:38:32पेपर करते करते एकदम पीछे पलट के जाएंगे
- 6:38:35तीन पेज पलट के वहां ठीक करके फिर आ
- 6:38:37जाएंगे होता है ना ऐसा बिना सोचे समझे
- 6:38:39अपने आप क्योंकि इनके हाथ ऑटोमेटिकली वहीं
- 6:38:41पहुंचते हैं इनको सोचना नहीं होता कुछ भी
- 6:38:44दिमाग से काम नहीं करते हाथ से ही करते
- 6:38:45हैं
- 6:38:46दे लर्न फ्रॉम देर बॉडी पार्ट। ठीक है जी।
- 6:38:48लर्निंग बाय डूइंग इज द वे जिनको हम कहते
- 6:38:50हैं ना लर्निंग बाय डूइंग। ये वो बच्चे
- 6:38:52होते हैं। तीसरा विजुअल लर्नर होता है। वो
- 6:38:56विजुअलाइज करके सीखता है। मतलब वो फोटो
- 6:38:58खींचता है। पहले तो जो भी याद करने को
- 6:39:00दिया हुआ है। देख लिया लो सुन लो। सुनाने
- 6:39:03लगा। तीसरा नंबर वाला भूल गया। तीसरा
- 6:39:05पॉइंट मम्मा एक बार बस। एक बार बस तीसरा
- 6:39:06एक छोटा सा बता दो बस थोड़ा सा। ये वाले
- 6:39:08वो होते हैं। वो थोड़ा सा बताया फिर पूरी
- 6:39:10रेल बना देंगे। ये वो हैं रट्टेबाज। हाईली
- 6:39:14रट्टेबाज तगड़े इनको वो चीज याद होगी जिसकी
- 6:39:17फिल्म यह दिमाग में चला सकते हैं आंख बंद
- 6:39:19करके वो तो चीज इनकी पहली बार में याद हो
- 6:39:22जाएगी जो इन्होंने फिल्म में देख लिया
- 6:39:25इनको मूवी देखने का भी शौक होता है
- 6:39:26कार्टून देखने का भी होता है वीडियो गेम
- 6:39:28खेलने का भी होता है जो इन्होंने कार्टून
- 6:39:31की शक्ल में देख लिया वो तो यह कभी नहीं
- 6:39:33भूलेंगे बट जो यह किताब में पढ़ रहा है वो
- 6:39:35उनको कभी याद नहीं रहेगा दैट्स व्हाई
- 6:39:38विजुअल मेथड इज द ओनली वे स्मार्ट क्लास
- 6:39:42इज द ओनली वे YouTube लेसंस इज़ द ओनली वे
- 6:39:45करके दिखा दो इनको धरती कैसे घूम रही है।
- 6:39:47इनको जब तक आप नहीं बताओगे ऑडिटरी लर्नर
- 6:39:50को याद हो जाएगा कि धरती सूरज के चारों
- 6:39:52तरफ घूम रही है। काइनेस्टेटिक लर्नर को
- 6:39:54लिखवा दो उसको याद हो जाएगा। बट ऑडिटरी
- 6:39:57लर्नर जब तक देख नहीं लेगा तब तक ये सोचना
- 6:39:59कि घूमती कैसे है? समझ में नहीं आ रही।
- 6:40:01उनको एक बार दिखाना ही पड़ेगा कि धरती
- 6:40:04सूरज के चारों तरफ कैसे घूमती है। एक बार
- 6:40:07दिखा दिया कि अपने एक्सिस पे ऐसे घूमती है
- 6:40:09और सूरज के चारों तरफ ऐसे घूमती है। एक
- 6:40:11बार दिखा दो बस। उसके बाद डन काम खत्म। सो
- 6:40:14आपको उनके लिए वीडियो लेक्चर्स अरेंज करने
- 6:40:16पड़ेंगे। वह चीज जो बता रहे हो वह सामने
- 6:40:19दिखनी चाहिए। एटम मॉलिक्यूल कुछ भी दिखा
- 6:40:21रहे हो वो सामने दिख रहा है तो अगले को
- 6:40:23याद होगा। अगर नहीं दिख रहा है तो नहीं
- 6:40:25याद होगा। इट्स गारंटीड। ठीक है जी? डन।
- 6:40:28इट्स ऑल।
- 6:40:30[हंसी]
- 6:40:32जी। जो ड्राइंग की बात बताता हूं। जिन
- 6:40:35बच्चों की बचपन में ड्राइंग बहुत अच्छी
- 6:40:37होती है। बहुत अच्छी होती है। दे आर नॉट
- 6:40:40मेंट टू बी आर्टिस्ट। जिनकी बहुत वाहियात
- 6:40:41कलरिंग होती है ना बहुत ही खराब दे आर
- 6:40:44जेन्युइन आर्टिस्ट और हमारे यहां उल्टा है
- 6:40:45ना हमारे यहां ट्रेंड ही उल्टा है हम जो
- 6:40:48बच्चों की कलरिंग बचपन में अर्ली स्टेज पे
- 6:40:51जिनकी जितनी खराब हो ये समझ लो वो उतना ही
- 6:40:54गजब का आर्टिस्ट है फिर उसके बाद अपने
- 6:40:56टेस्ट तो अब तो वैलिडेट कर सकता है अब तो
- 6:40:58ये बता ही देगा कि यस वाकई ही है और जो
- 6:41:01नाइंथ क्लास से था फिर उससे बात करनी
- 6:41:03पड़ेगी देखना पड़ेगा कि
- 6:41:05विजुअल कम है देन ही इज़ नॉट एन आर्टिस्ट
- 6:41:07बाकी पता लग जाएगा बहुत अच्छा नहीं करता
- 6:41:09वो बहुत अच्छी कॉपी कॉपी करता है। सिर्फ
- 6:41:11जिसका विजुअल लव है वो सिर्फ कॉपी कर
- 6:41:12सकता। हां देखिए सुन के कनेस्थेटिक और
- 6:41:16ऑडिटरी दो डोमिनेटिंग हो सकते हैं
- 6:41:17बराबर-बराबर। यह भी तो कॉम्बिनेशन पे तो
- 6:41:20डिपेंड करेगा ही ना कि अगर मान लो
- 6:41:22कनेस्थेटिक ऑडिटरी है तो उनसे लिखवाना भी
- 6:41:24पड़ेगा ऑब्वियसली। और एक और बात है मैं
- 6:41:27आपको एक और चीज बताता हूं। कई बार
- 6:41:28पेरेंट्स ये सोच लेते हैं जैसे कनेस्थेटिक
- 6:41:31वाला कनेस्थेटिक वाले को छोड़ के जो
- 6:41:34ऑडिटरी लर्नर है और जो विजुअल लर्नर है अब
- 6:41:38काइनेस्टेटिक जिसका लो है वो बच्चा ऐसा है
- 6:41:41जो लिखना ही नहीं चाहेगा जिसका लिखने में
- 6:41:43कोई इंटरेस्ट ही नहीं है अब अगर लिखने में
- 6:41:47इंटरेस्ट नहीं है ना तो दिक्कत क्या आएगी
- 6:41:49कि ऐसे बच्चों का पेपर नहीं पूरा होता कभी
- 6:41:51भी इनका पेपर अधूरा रह जाएगा तो जिनका
- 6:41:54पेपर अधूरा रह जाएगा उसका तरीका यह है कि
- 6:41:57उनको अपनी डेली रूटीन की एक्टिविटीज में
- 6:42:00उनको हफ्ते में एक दिन ऐसा देना पड़ेगा कि
- 6:42:03तुमको 3 घंटे कंटीन्यूअस लिखना है। कॉपी
- 6:42:06करना है। याद कुछ नहीं करना तुमने। सिर्फ
- 6:42:08लिखने की प्रैक्टिस क्योंकि एग्जाम 3 घंटे
- 6:42:10का है। उन बच्चों के साथ दिक्कत ये होती
- 6:42:12है कि रूटीन लाइफ में वो लिखने की आदत
- 6:42:14नहीं होती। याद वैसे ही हो जाता है। और
- 6:42:16आदत नहीं होती तो पेपर में आधे घंटे बाद
- 6:42:18ही उनका हाथ दुखने लग जाता है। तो उनको
- 6:42:21फिर हमने डेली का 1 घंटा आधा घंटा लिखने
- 6:42:23की प्रैक्टिस देनी है ताकि उनका हाथ ना
- 6:42:25दुखे। याद कराने के लिए नहीं लिखवाना।
- 6:42:28जैसे हम कह रहे हैं कि लिख-लिख के देखो
- 6:42:29याद हो जाएगा। ऐसे नहीं होता उनको याद।
- 6:42:31लिख लिख के नहीं होता उनको। लेकिन लिखना
- 6:42:33क्योंकि जरूरी है 3 घंटे लगातार। तो उसके
- 6:42:35लिए हमें वो एक एनवायरमेंट सा देना पड़ेगा
- 6:42:38कि वह तीन कि उनको बोलो कि तेरे को यह तब
- 6:42:40तक लिखते रहना है जब तक तू 3 घंटे लगातार
- 6:42:42लिखने की तेरे को आदत ना पड़ जाए। तू हमको
- 6:42:45लगातार पांच बार लिख के दिखा दे। उसके बाद
- 6:42:47तू बेशक मत लिखियो। फिर वो उसमें आप
- 6:42:50कंपटीशन कर सकते हो। पांच बच्चों का कि
- 6:42:52तुम बैठो और यह कॉपी करके दो मुझे। देखते
- 6:42:55हैं एक घंटे में कौन ज्यादा लिखता है।
- 6:42:57देखते हैं एक घंटे में कौन ज्यादा वर्ड्स
- 6:42:59लिखता है। देखते हैं एक घंटे में कौन
- 6:43:01सुंदर लिखता है। देखते हैं ऐसे करके
- 6:43:03अलग-अलग कभी सुंदरता का लगा दिया, कभी
- 6:43:05स्पीड का लगा दिया, कभी टाइम का लगा दिया
- 6:43:07कि कौन ज्यादा टाइम तक लिख सकता है। देखते
- 6:43:09हैं कौन सबसे ज्यादा टाइम तक लिख सकता।
- 6:43:11सिर्फ
- 6:43:11जी।
- 6:43:11हां।
- 6:43:12जो जो काइनेस्टेटिक
- 6:43:15जो काइनेस्थेटिक लर्नर है वो लिखने में
- 6:43:19उसको मजा आता है। उसको लिखे बिना वो
- 6:43:22काइनेस्टेटिक लर्नर नहीं है फिर। फिर वो
- 6:43:24एनर्जी लेवल आगे आएगा और भी और भी टॉपिक
- 6:43:26है।
- 6:43:26कैसे लर्न कर लेगा? लेकिन उसको बोलो ना
- 6:43:27लिख के दिखा देना।
- 6:43:28और भी टॉपिक है। और भी टॉपिक है वो
- 6:43:30बताऊंगा मैं। देखिए जो हाथ में एक तो ये
- 6:43:33पता चल देखिए दो चीजें होती हैं। एक हाथ
- 6:43:36में पसीना आ रहा है इट इज अ मेडिकल
- 6:43:38प्रॉब्लम। अगर उसका कनेस्थेटिक
- 6:43:41ही इज अ काइनेस्टेटिक लर्नर और तब आ रहा
- 6:43:44है पसीना। काइनेस्टेटिक लर्नर कभी भी
- 6:43:46लिखने का बहाना नहीं करेगा। कभी भी नहीं
- 6:43:49करेगा क्योंकि काइनेस्टेटिक लर्नर को तो
- 6:43:52मजा ही लिखने में आता है। वो तो ए ही टीचर
- 6:43:55कह रहा है सुन लो। आप में से कितने सारे
- 6:43:56हो गए जिनका जी कर रहा होगा यार कुछ तो
- 6:43:58लिखने को मिल नहीं रहा। लिखता हूं। लिखे
- 6:44:00बिना उनका जी नहीं करेगा। उनको तो वह तो
- 6:44:02फोन पर बात कर रहे होते हैं और नीचे वह
- 6:44:04सारे नोट्स बना रहे होते हैं कि फोन पर
- 6:44:05बात क्या हो रही है। अगर कॉपी पेन हाथ में
- 6:44:07हो तो उस वक्त जो काइनेथेटिक लर्नर की तो
- 6:44:10यह आदत होती है। कनेस्थेटिक लर्नर वुड लव
- 6:44:13टू राइट। अगर वह लिख नहीं रहा है तो दोनों
- 6:44:16फैक्टर में से हमें यह फाइंड करना है कि
- 6:44:18वेदर उसका कनेस्थेटिक लो है। इसीलिए वो
- 6:44:21बचने की कोशिश कर रहा है या उसको मेडिकल
- 6:44:25कोई दिक्कत है। वो अपना जब हम टेस्ट
- 6:44:28करेंगे उसमें पता चल ही जाएगा। और दूसरी
- 6:44:30प्रॉब्लम अगर मेडिकल है तो उसमें मैं कुछ
- 6:44:31नहीं कर सकता। देन उसके पेरेंट्स। आई थिंक
- 6:44:33इट्स ऑल क्लियर फॉर टुडे। हम जो नेक्स्ट
- 6:44:36तीन टॉपिक रह गए हमारे एक सारे क्वेश्चंस
- 6:44:38आईक्यू ए क्यू सी क्यू ईक्यू एक सारे वो
- 6:44:42एक्वायरिंग सेंसिटिविटी कि बच्चा झूठ नहीं
- 6:44:44बोलना वो बात को अपने जीवन में कैसे
- 6:44:47उतारेगा इस टाइप की चीजें वो एक्वायरिंग
- 6:44:49कैसे करेगा चीजों की और तीसरा एनर्जी लेवल
- 6:44:51ऑफ द ब्रेन ये तीन टॉपिक हैं। इसके बाद
- 6:44:54आपके पास आपके सामने एक-एक बच्चा एक-एक
- 6:44:57इंसान की हर चीज क्रिस्टल क्लियर सामने आ
- 6:44:59जाएगी। व्हाट वी हैव टू डू एंड यू लिसन
- 6:45:01वेरी केयरफुली। थैंक यू वेरी मच। थैंक यू
- 6:45:03सर।
- 6:45:03हां। सो गुड मॉर्निंग एवरीवन।
- 6:45:05गुड मॉर्निंग सर।
- 6:45:07सो आई होप जो पीछे का सेशन था उसने काफी
- 6:45:11हेल्प की होगी आपको। और नहीं तो आसपास के
- 6:45:15लोगों को समझने में। अब जब आसपास के लोग
- 6:45:17कुछ डायलॉग बोलते हैं तो समझ आ रहा होगा
- 6:45:19कि यह क्यों बोल रहा है।
- 6:45:22हां जी। जब कोई आसपास एफिशिएंट है तो अब
- 6:45:25पंगा लेना बंद कर दिया होगा आपने। समझाना
- 6:45:27बंद कर दिया होगा। लिसनर्स को स्ट्रेट
- 6:45:30फॉरवर्ड इंस्ट्रक्शंस देनी शुरू कर दी
- 6:45:32होंगी। शुड बी बंद कर दिया होगा
- 6:45:36क्योंकि ना यह बहुत जरूरी है कि किसको हम
- 6:45:38शुड बी की फॉर्म में बात कर रहे हैं और
- 6:45:40किससे हम क्लियर इंस्ट्रक्शंस की फॉर्म
- 6:45:42में बात कर रहे हैं। एफिशिएंट आपका शुड बी
- 6:45:45समझेगा और लिसनर आपका शुड बी बिल्कुल नहीं
- 6:45:47समझेगा। यह बिल्कुल एक तो कभी भी ना जितने
- 6:45:51भी लोग जितने बच्चे आपको मिलते हैं उनको
- 6:45:53कभी लेबल नहीं करना आपने। यह सिर्फ आपके
- 6:45:56दिमाग में समझने के लिए, डिफरेंशिएट करने
- 6:45:58के लिए टर्म्स हैं। किसी के ऊपर इनको
- 6:46:02लादना नहीं है पर्पस।
- 6:46:04समझ रहे हैं आप? और दूसरा जो ट्रेनिंग है
- 6:46:07यह रेलेवेंट क्यों है आपके लिए और यह जो
- 6:46:10बातें हैं जितना भी जिन टॉपिक्स पर हम बात
- 6:46:13कर रहे हैं ये इसलिए जरूरी हैं क्योंकि
- 6:46:15आपके पास दो तरीके हैं किसी भी इंसान को
- 6:46:17जिंदगी बेहतर करने के या उसको उस मुकाम तक
- 6:46:20पहुंचाने के लिए जिसके लिए कुदरत ने उसको
- 6:46:22पैदा किया है। उसका पहला तरीका तो यह है
- 6:46:25कि ढेर सारी चीजें ट्राई कीजिए। बेटा शुरू
- 6:46:28से लेकर के आखिर तक जिंदगी के साथ
- 6:46:30एक्सपेरिमेंट करते रहो। प्यार करो, धोखा
- 6:46:32खाओ और पहचानो कि धोखेबाज कौन है और असली
- 6:46:35में प्यार करने वाला कौन है। आप ट्राई करो
- 6:46:38फिजिक्स पढ़ो, नहीं मजा आ रहा है तो
- 6:46:40हिस्ट्री पढ़ो, नहीं मजा आ रहा है तो
- 6:46:42हिंदी पढ़ो, नहीं मजा आ रहा है तो इंग्लिश
- 6:46:43पढ़ो एंड फाइंड आउट व्हाट यू नीड टू डू।
- 6:46:45एक तो यह तरीका है जिसके लिए जिसमें बहुत
- 6:46:48सारे रिसोर्सेज चाहिए जिसके लिए बहुत सारा
- 6:46:50टाइम चाहिए व्हिच वी इंडियंस रियली डोंट
- 6:46:53हैव। हमें बहुत जल्दी है। बहुत सारे
- 6:46:56सिलेबस कंप्लीट करने हैं। बहुत सारा काम
- 6:46:59है। बहुत जल्दी से कहीं ना कहीं एडजस्ट हो
- 6:47:02करके अपने पेरेंट्स को सपोर्ट करना है।
- 6:47:04बेसिकली ये एजुकेशन का मेन पर्पस हो के रह
- 6:47:08गया है। इस वजह से हमारे पास ज्यादा समय
- 6:47:10की अधिकता नहीं है। और सो वी नीड अ क्विक
- 6:47:14रेमेडी कि किसी तरह से पता चल जाए कि ये
- 6:47:17वाला बच्चे को यह बात समझ में ऐसे आएगी और
- 6:47:19ये वाले को ऐसे आएगी। ये इसके लिए बना है
- 6:47:21और हम उसी रास्ते चल पड़े। ये मेरे ख्याल
- 6:47:23से आज जो सिनेरियो है उसमें सेकंड वाला
- 6:47:27मेथड ज्यादा ईजीली एप्लीकेबल है। जब हम सब
- 6:47:31समझ जाएंगे जब हम सारे पेरेंट्स को समझा
- 6:47:34देंगे और जब हमारे साथ कनेक्टेड लोग इन
- 6:47:37चीजों को समझ करके उनको अपनी लाइफ में
- 6:47:39अडॉप्ट कर लेंगे देन आई होप देयर शुड बी
- 6:47:41सम अभी बहुत जल्दी ही नरेंद्र मोदी सरकार
- 6:47:43जो है नई एजुकेशन पॉलिसी लांच करने जा रही
- 6:47:46है। लेट्स होप फॉर द बेस्ट कि वो एक अच्छी
- 6:47:48एजुकेशन पॉलिसी लाए ना कि वेदों को
- 6:47:50इंक्लूड करें। बेटर है जिंदगी जीना सिखाए।
- 6:47:54एनी हाउ हम लोग एक बार दोबारा से रिवीजन
- 6:47:58कर लेते हैं। कंक्लूजन पे पहुंचते हैं।
- 6:48:00फिर उसके बाद फाइनली हमने थॉट प्रोसेस को
- 6:48:04समझने की कोशिश की थी। सो हाउ मेनी ऑफ यू
- 6:48:07आर एबल टू अंडरस्टैंड दैट थॉट प्रोसेस ऑफ़
- 6:48:09द किड्स एंड ऑल? मतलब अंदाजा लगा पा रहे
- 6:48:12हो आप? जी। आई नीड आंसर यस एंड नो। बराबर।
- 6:48:18ओके। नो भी है कोई कि नहीं कुछ पल्ले नहीं
- 6:48:20पड़ रहा। इज देयर एनीवन? दैट्स फाइन।
- 6:48:24दूसरा लर्निंग मेथड जैसे मैम ने बोला
- 6:48:28बच्चे नहीं कभी भी पता लगा पाएंगे। मैं
- 6:48:31आपको बताऊं जब आप अगली पेरेंट टीचर मीटिंग
- 6:48:33क्योंकि स्कूल की छुट्टियों से पहले एक
- 6:48:35बार पीटीएम होनी है तो पीटीएम के अंदर
- 6:48:38आपको दो-तीन सवाल उन पेरेंट्स से पूछने
- 6:48:41हैं।
- 6:48:41पीटीएम हो गई है।
- 6:48:43अभी हो चुकी है।
- 6:48:45ओके दैट्स फाइन।
- 6:48:48ओके कोई बात नहीं। जिसकी रहती है ठीक है
- 6:48:50नहीं है तो फिर एग्जाम छुट्टियों के बाद
- 6:48:51आने वाले हैं बच्चे कोई बात नहीं तो जब हम
- 6:48:55उन पेरेंट्स से पूछेंगे देखिए मोटे-मोटे
- 6:48:59तौर पे मैं चार चीजें कह चुका हूं आपको
- 6:49:02जैसे अगर लिसनर बच्चा है छोटा सा बच्चा है
- 6:49:06अगर प्राइमरी का बच्चा है तो आप इतना पूछ
- 6:49:09सकते हो बहुत सारे सवाल करता है क्या बहुत
- 6:49:11पूछता है क्या बिना कहे काम ही नहीं करता
- 6:49:13है क्या इस तरह से एक दूसरा बच्चा है
- 6:49:16जिसको आप क्या समझोगे इससे इससे क्या
- 6:49:19समझोगे जो मैंने पहले बोला लिसनर है फिर
- 6:49:22हम किसी से पूछेंगे अगर पेरेंट कह रहा है
- 6:49:24बहुत लिमिटेड सी बात करता है क्या मतलब
- 6:49:27ज्यादा बात नहीं करता है एक बार बताता है
- 6:49:29फिर कुछ बातें पापा को कुछ और बता रहा है
- 6:49:31मम्मी को कुछ और बता रहा है तो क्या है
- 6:49:34आइडियलिस्ट यू गॉट इट पॉइंट ना ठीक मानता
- 6:49:37ही नहीं है मतलब एक बार अट गया तो अट गया
- 6:49:39है एफिशिएंट ठीक है और बात का कुछ भी
- 6:49:44बनाना और एंड ऑल मतलब वह सब अह यू कैन
- 6:49:47अंडरस्टैंड
- 6:49:48फ्लैश। तो जब उनसे बातें करी एक पॉइंट
- 6:49:51क्लियर हो गया कि थॉट प्रोसेस काम करने के
- 6:49:54पीछे का मकसद यह क्लियर हो गया। सेकंड
- 6:49:57पॉइंट लर्निंग मेथड का है। बहुत सारे
- 6:50:01पेरेंट्स को लर्निंग मेथड के बारे में अगर
- 6:50:03आप उनसे पूछोगे तो मतलब कुछ आइडियाज वो दे
- 6:50:06सकते हैं। कुछ आइडियाज आज मल्टीपल
- 6:50:10इंटेलिजेंस सारी हो चुकी है हमारी। आठ की
- 6:50:13आठ। तो यूजुअली क्या है? मान लो जिस बच्चे
- 6:50:16को म्यूजिक सुनने का शौक है प्लस जिसको
- 6:50:19नवेल पढ़ने का शौक है। इसका मतलब क्या हो
- 6:50:22गया? म्यूजिक इंटेलिजेंस हाई है और
- 6:50:24लिंग्विस्टिक इंटेलिजेंस हाई है। अगर ये
- 6:50:26दो इंटेलिजेंसेस हाई है तो इसका मतलब वो
- 6:50:28बच्चा ऑडिटरी लर्नर ही होगा। कंफर्म है।
- 6:50:32वहीं से कंडक्ट होता है सब कुछ।
- 6:50:35क्लियर? सेकंड अगर वह बच्चा
- 6:50:40बिना मतलब के भी कॉपी में पेन चलाता रहता
- 6:50:43है। बिना मतलब के भी टिकता नहीं है। ना घर
- 6:50:46में टिकता है ना मतलब एक जगह बैठता नहीं
- 6:50:48है। तो ये चांसेस हैं कि वो गाइनस्थेटिक
- 6:50:53लर्नर हो।
- 6:50:56और एक ऐसा विजुअल है जिसको रखी हुई चीजें
- 6:50:58याद रहती हैं। रास्ते बहुत याद रहते हैं।
- 6:51:01मूवीज बहुत देख रहा है। कार्टूनस बहुत देख
- 6:51:04रहा है। ऑब्वियसली वो विजुअल लर्नर है।
- 6:51:06विजुअल लर्नर रट्टेबाज होएगा तगड़ा एकदम
- 6:51:09से। मतलब जो रट्टे एज इट इज़ मार लेता है
- 6:51:11ना समझो विजुअल लर्नर है। ठीक है? दूसरे
- 6:51:13वालों के बस की बात है ही नहीं रट्टे
- 6:51:15मारने। वो एज इट इज़ नहीं लिख पाएंगे।
- 6:51:17अदरवाइज लिख पाएंगे। सिर्फ म्यूजिक सुन
- 6:51:19रहा है। देखिए बाकी चीजों के एक्सपोज़र के
- 6:51:21ऊपर बहुत डिपेंड क्योंकि जब भी आप अपने
- 6:51:24बच्च अपनी क्लास के बच्चों को जब भी आप
- 6:51:27किसी कैटेगरी में रखना चाहते हो या उसको
- 6:51:30रखने वाले हो तो उसके लिए ना सारे के सारे
- 6:51:33आस्पेक्ट एक बार आपको देखना बड़ा जरूरी
- 6:51:36होगा।
- 6:51:39बिल्कुल हो रही है। बिल्कुल हो रही है। वो
- 6:51:41दोनों हो सकती हैं। मतलब तीनों के तीनों
- 6:51:43लर्निंग मेथड भी तो हो सकते हैं ना बराबर।
- 6:51:45हां ऑब्वियसली हो सकता है रट्टा तो लगा ही
- 6:51:48नहीं पाएगा ना ऑडिटरी लर्नर मैं आपको बता
- 6:51:49रहा हूं जैसे म्यूजिक सुन रहा है तो
- 6:51:51ऑडिटरी पार्ट तो है ही है कार्टूनस भी देख
- 6:51:54रहा है तो विजुअल पार्ट भी है ऑब्वियसली
- 6:51:56और मैं आपको बताऊं ये जो तीनों लर्निंग
- 6:51:58मेथड्स थे मैंने आपको बताए थे ये तीनों
- 6:52:00होते हैं एक पर्सन में ऐसा नहीं होता कि
- 6:52:03एक ही होता है सिर्फ क्या होता है कि
- 6:52:07डोमिनेटिंग कौन सा पार्ट है कि मान लो कोई
- 6:52:10ऑडिटरी लर्नर है उसको रट्टे मारने को दे
- 6:52:12दिया जाए चुपचाप तो उसको याद हो रहा है
- 6:52:15फॉर एग्जांपल एक काम आधे घंटे में उसी को
- 6:52:18वही काम बोल-बोल के करने को बोल दो तो
- 6:52:21उसके हाफ टाइम में पूरा हो जाएगा उसका वो
- 6:52:24समझ रहे हैं आप फर्क इतना सा है और कुछ
- 6:52:26नहीं मतलब उसी मेहनत में उतने ही टाइम में
- 6:52:29वो ज्यादा स्कोर कर सकता है ज्यादा याद कर
- 6:52:34सकता है जो हमें मतलब एज प्रेजेंट एजुकेशन
- 6:52:37सिस्टम में चाहिए बोलिए
- 6:52:40मतलब काइनेस्टिक को कैसे चैलेंज वो बुक्स
- 6:52:45फेस किया जाए।
- 6:52:46इसके लिए
- 6:52:46उसको लर्निंग के लिए कैसे वो क्या
- 6:52:48इसके लिए वैसे इसके लिए वैसे तो मैंने
- 6:52:51बताया था आपको
- 6:52:52क्योंकि वो चीज नहीं हो पा रही है।
- 6:52:55काइनेस्टेटिक लर्नर है ना
- 6:52:58वो मतलब मेरी तरह होता है। आप देखो बोल
- 6:53:01रहा हूं मैं बात कर रहा हूं पर बिना चले
- 6:53:02काम नहीं चल रहा मेरा। मैं कंटीन्यूअस मूव
- 6:53:05कर रहा हूं। उसको सिर्फ क्या करना है?
- 6:53:07कॉपी उठानी है और अपनी छत पे जा करके बस
- 6:53:09ऐसे चलता रहे और याद करता रहे। इतने से
- 6:53:11याद हो जाएगा उसको। आप में से होगा कोई ना
- 6:53:14कोई ऐसा उसको चलते-चलते मतलब बॉडी काम कर
- 6:53:17रही है अगर बॉडी काम कर रही है इवन उसको
- 6:53:20जब पेपर में भी यह आप में से कौन है बताइए
- 6:53:22मुझे कोई कनेस्थेटिक लर्नर है अब जब आप
- 6:53:24पेपर में कोई चीज रिकॉल कर रहे हो तो आपको
- 6:53:26वो भी याद आ जाएगा कि मैं छत पे कहां थी
- 6:53:28उस वक्त जब ये वाली बात याद करी मैंने
- 6:53:32आंसर्स याद हो जाएगा पेन शेक करो आंसर्स
- 6:53:34याद हो जाएगा दैट्स लाइक दे ये बेसिकली ये
- 6:53:38मतलब कुछ भी नहीं है नॉट अ रॉकेट साइंस
- 6:53:40सिर्फ उन उन लॉजिक्स को सिर्फ उन जो हमारे
- 6:53:44पास अह अवेलेबल जो भी चीजें हैं नॉलेज है
- 6:53:47उसको सिर्फ एक जगह कंसोलिडेट करना है कि
- 6:53:50उस वाले काइनेस्टेटिक लर्नर को ऐसे याद हो
- 6:53:52रहा था। उस वाले को ऐसे हो रहा था। इस
- 6:53:54वाले को ऐसे इस वाले को तो चारों को हो
- 6:53:56रहा है। तो चारों मेथड्स विल वर्क फॉर द
- 6:53:57काइनेस्टिक
- 6:53:58सर कॉपी तो ले लो लेकिन काइनेस्टेटिक
- 6:54:01लर्नर्स अगर हम क्लास में बात करें तो दे
- 6:54:03आर नॉट विलिंग टू इवन राइट।
- 6:54:06नहीं ऐसा कभी नहीं होगा। कनेस्थेटिक लर्नर
- 6:54:09को तो मजा ही लिख के आता है। कंप्लीट ही
- 6:54:12नहीं करती वो कॉपी
- 6:54:13तो देन दे आर नॉट काइनेस्टेटिक लर्नर
- 6:54:15सिंपली
- 6:54:15हां
- 6:54:15क्लियरली दे आर नॉट काइनेस्टेटिक लर्नर
- 6:54:19काइनेस्टेटिक लर्नर की खासियत क्या है कि
- 6:54:22उसको पसंद ही लिखना होता है मतलब जैसे आप
- 6:54:25काइनेस्टेटिक कौन-कौन थे जरा एक बार हैंड
- 6:54:27रेज करिए ये लोग हैं काइनेस्टेटिक तो आपकी
- 6:54:30तरफ मैं आ चुका हूं आप आपने अपना समझा अब
- 6:54:33आप बताइए कभी पर्ची बनाई पेपर से पहले
- 6:54:35नहीं बनाई किसी ने बनाई मैंने बनाई
- 6:54:40पर्ची बनाई पर्ची जी पर्ची मतलब मैं आपको
- 6:54:42बता रहा हूं। पर्ची क्यों कह रहा हूं मैं?
- 6:54:45मेरा पर्पस क्या है? काइनेस्टेटिक लर्नर
- 6:54:47को एक क्वेश्चन नहीं आता और उसे डाउट है
- 6:54:51कि पेपर में वो आने वाला है। और वो जैसे
- 6:54:53ही उसको छोटे-छोटे अक्षरों में लिखना शुरू
- 6:54:55करेगा वो सोचेगा अरे याद तो हो ही गया
- 6:54:56क्या फायदा लेके जाने का?
- 6:55:00[हंसी]
- 6:55:00हैव यू डन दिस?
- 6:55:03यू हैव डन दिस? कि याद लिखते लिखते ही हो
- 6:55:05गया। क्या जरूरत है पड़ेगी?
- 6:55:08हां स्टोरी बना लेता हूं। यू आर विजुअल
- 6:55:10लर्नर।
- 6:55:11[हंसी]
- 6:55:12शी इज़ अ विजुअल लर्नर सिंपली। वो स्टोरी
- 6:55:15खुद बना लेते हैं। अब विजुअल लर्नर को
- 6:55:17आपने क्या समझाना है? सिर्फ विजुअल लर्नर
- 6:55:19को ये समझाना है कुछ भी याद करना है। अब
- 6:55:22मैथ्स तो याद नहीं होगा। इन टर्म्स ऑफ
- 6:55:24स्टोरी मैथमेटिक्स याद नहीं होगा बस। बाकी
- 6:55:26सारी चीजों की आप कुछ ना कुछ कहानी बना
- 6:55:29सकते हो। मान लो कुछ ऐसा बोरिंग है जिसकी
- 6:55:32कहानी नहीं बनती। तो उसको सिंपली इतना
- 6:55:35बोलो कि जो पूरा पैराग्राफ है इसमें से
- 6:55:38पूरी लाइन में से एक इंपॉर्टेंट मतलब वर्ड
- 6:55:41अगली लाइन में से एक इंपॉर्टेंट वर्ड अगली
- 6:55:43में से कोई एक इंपॉर्टेंट वर्ड जिसको याद
- 6:55:45करके तुम्हें पूरी लाइन याद आ जाए वो
- 6:55:48इंपॉर्टेंट वर्ड की आप उनसे मिला के एक
- 6:55:50स्टोरी बना लो।
- 6:55:53मतलब जूता स्पीकर, फैन और लाइट मान लो ये
- 6:55:56चार चीजें हैं। ठीक है? तो आपको क्या करना
- 6:56:01है? जूता, स्पीकर, फैन और लाइट। इसकी
- 6:56:05स्टोरी क्या बनानी है कि खींच के मारा
- 6:56:06जूता टीचर ने। सर पर बजा तो ठंड आवाज आई
- 6:56:10और वो फिर लग के गया फैन पे। फैन घूमने
- 6:56:13लगा और दिमाग की बत्ती जली।
- 6:56:17अब आप भूल के दिखा देना विजुअल लर्नर्स इस
- 6:56:19बात को। ये चारों वर्ड ऑटोमेटिकली याद
- 6:56:22रहेंगे आपको।
- 6:56:25नहीं ना? जो विजुअल लर्नर उन्होंने वो
- 6:56:27जूता भी चलते हुए घूमते हुए देख लिया होगा
- 6:56:29ऑलरेडी। अभी जो भी आप में से हैं बाकियों
- 6:56:33को अभी वो वर्ड्स में ही उलझे पड़े हैं।
- 6:56:35जो ऑडिटरी लर्नर है वो भी शब्दों में ही
- 6:56:37उलझ रहे हैं। और काइनेस्टेटिक फील कर रहा
- 6:56:40है कि मैं ही मारूं क्या?
- 6:56:43उनकी बॉडी कह रही है कि मुझे भी सीखना है
- 6:56:45ऐसा मारना।
- 6:56:47एक ये अंदर से अपने आप आएगी। ये थे
- 6:56:50लर्नर्स का पॉइंट। लर्नर के बारे में मैं
- 6:56:53आपको फिर से बता रहा हूं। ये तीनों
- 6:56:54अवेलेबल होते हैं हर पर्सन में। सिर्फ
- 6:56:57फर्क इतना है हमें पॉइंट आउट करना है कौन
- 6:57:00से वाला डोमिनेटिंग है ताकि मेहनत उस
- 6:57:04हिसाब से कम मेहनत में ही प्रोडक्टिविटी
- 6:57:07ज्यादा आए। पर्पस हमारा यह है। हमारा
- 6:57:10पर्पस उसको रट्टे मरवाना नहीं है। हमारा
- 6:57:12पर्पस देखिए अगर ऑडिटरी लर्नर को लिखने के
- 6:57:15लिए दे दोगे या विजुअल लर्नर को लिखने के
- 6:57:18लिए दे दोगे तो देयर विल बी ऑफ इट्स ऑफ नो
- 6:57:22यूज़ एट ऑल।
- 6:57:27छोटा बच्चा क्लास में एक आधा ऐसा होगा जो
- 6:57:31अपनी मम्मा को बोलेगा याद करने से पहले
- 6:57:33मम्मा एक बार समझा दो ठीक है मम्मा ने
- 6:57:36समझा दिया मम्मा कह रही है अब याद करो
- 6:57:38कहता है याद हो गया सुन लो
- 6:57:40वो समझाने के लिए बोला बेसिकली उसने सुना
- 6:57:43और उसको याद हो गया
- 6:57:46इस बच्चे को अगर आप लिखने के लिए दे रहे
- 6:57:48हो तो उसको लिख लिख के जो याद करने वाली
- 6:57:52जो स्टेटमेंट है वो इसके लिए नहीं है तो
- 6:57:54आप इसको लिखने के लिए दो ही मत।
- 6:57:58इसका तरीका क्या है फिर? क्योंकि एग्जाम
- 6:58:00जो है वो 3 घंटे का होता है। बच्चा छोटा
- 6:58:03है तो 1 घंटे का होता है और थोड़ा बड़ा है
- 6:58:05तो 2 घंटे का होता है। 1 2 3 जितने टाइम
- 6:58:08का एग्जाम है उतने टाइम की आप उसकी लिखने
- 6:58:12की प्रैक्टिस प्रैक्टिस करवा लो। बस याद
- 6:58:15करने के लिए लिखने को मत दो उसको। समझ रहे
- 6:58:19हैं आप?
- 6:58:21भाई हमारा पर्पस क्या होता है? बेसिकली हम
- 6:58:23जो घर से होमवर्क देते हैं उसका असली
- 6:58:25पर्पस क्या है?
- 6:58:28भाई उस बच्चे को वो चीज समझ आ जाए। एक बार
- 6:58:30घर जाके उसको देखे तो उसको समझ आ जाए। यही
- 6:58:32पर्पस है ना असली तो रियल में तो ये पर्पस
- 6:58:35है ना। ये थोड़ी है कि होमवर्क मैडम चेक
- 6:58:37करेगी। अब जैसे कनेक्टिविटी की बात हो रही
- 6:58:39थी। अब आपको क्लास में सिर्फ इतना सा
- 6:58:42देखना है कि कौन से बच्चों कास्थेटिक
- 6:58:45लर्निंग कम है। जिनको लिखना बिल्कुल पसंद
- 6:58:48नहीं है। उनके ना लिखने से
- 6:58:53भी आप उनसे उतना ही प्यार करो। वह आपसे
- 6:58:55कनेक्ट हो जाएंगे। क्योंकि उनको लिखना ही
- 6:58:58सबसे बुरा लगता है।
- 6:59:01वो आपसे कनेक्ट होने का उनका एकमात्र
- 6:59:03तरीका यह है जैसे मैम ने कहा कि जजमेंटल
- 6:59:06मत हो।
- 6:59:08ठीक है? और तो उनसे एकमात्र तरीका यह है
- 6:59:13बस। और अगर काइनेस्टेटिक लर्नर ने नहीं
- 6:59:16लिखा है तो समझ जाइए कि रियली कुछ ना कुछ
- 6:59:20मजबूरी होगी। अदरवाइज वो लिखने से भागना
- 6:59:22नहीं चाहेगा बिल्कुल भी। कोई सवाल ही पैदा
- 6:59:26नहीं होता कि वो अवॉयड करे लिखना।
- 6:59:28सिर्फ आपको इतना पॉइंट करना है कि वह कौन
- 6:59:31से वाला बच्चा है जिसको जिसके ऊपर हमने इस
- 6:59:33चीज के लिए महाभारत खड़ा नहीं करना है।
- 6:59:36जिसके लिए घर पर शिकायत नहीं करनी है।
- 6:59:38जिसके लिए ये अब हमारी ड्यूटी बन जाती है।
- 6:59:41इसमें मैं मानता हूं बीइंग अ टीचर हमारे
- 6:59:44पास बहुत सारे रिस्पांसिबिलिटीज हैं।
- 6:59:46स्कूल के और भी बहुत सारे काम होते हैं और
- 6:59:48भी जिंदगी के भी बहुत सारे काम होते हैं।
- 6:59:51बट अ
- 6:59:54इसमें कोई दो राय नहीं है कि जब आप टीचर
- 6:59:56हो तो मुझे लगता है आप सिर्फ टीचर हो। फिर
- 6:59:59आप अगर कोई और रोल कोई और रोल अदा करने के
- 7:00:02लिए अगर आप चले हुए हो
- 7:00:04देन क्योंकि आप कर ही नहीं सकते कुछ और
- 7:00:07टीचिंग के साथ-साथ
- 7:00:10अगर आप सच में टीचर हो ना तो आप सिर्फ
- 7:00:12टीचिंग ही कर पाओगे। आपके दिमाग में सच
- 7:00:16में आप में से जो जो असल टीचर है आपके
- 7:00:19दिमाग में खाना बनाते हुए भी वह बच्चे
- 7:00:22घूमेंगे कि उनके लिए क्या करना है कल को
- 7:00:26आप सोच ही नहीं सकते कुछ और
- 7:00:29कहीं किसी बच्चे के साथ कनेक्टिविटी कम हो
- 7:00:32गई है उससे हम अच्छा फील नहीं कर रहे हैं
- 7:00:36तो आपके दिमाग से वो बच्चा जाएगा ही नहीं
- 7:00:39अगर आप सच में टीचर हैं तो अगर आप स्कूल
- 7:00:41क्लासरूम बंद कर मतलब क्लासरूम से जाते ही
- 7:00:44अगर आप भूल रहे हो बच्चों को देन आई डोंट
- 7:00:47थिंक कि हम टीचर हैं। जी
- 7:00:49बट पेरेंट्स तो अभी भी मार्क्स के बेसिस
- 7:00:51पे ही बच्चों को जज कर रहे हैं। दे
- 7:00:52तो पेरेंट्स को कैसे कन्विंस करें? देन
- 7:00:54फाइंड आउट सम न्यू थिंग।
- 7:00:56ये जो ये जो वर्कशॉप है ये जो ट्रेनिंग
- 7:00:58सेशन है आपका इसका पर्पस ही ये है कि आपको
- 7:01:02अगर यह सही समझ में आ जाए। अगर आपको लगे
- 7:01:06कि यह आपके बच्चों के काम की चीज है। अगर
- 7:01:11आपको लगे कि यह एजुकेशन सिस्टम में वाकई
- 7:01:14एक रेवोल्यूशनरी स्टेप साबित हो सकता है।
- 7:01:17देन आपका काम है उन पेरेंट्स को उस लेवल
- 7:01:21पर समझाने का क्योंकि मेरे ख्याल से उन
- 7:01:25बच्चों को आपसे ज्यादा कोई भी नहीं समझता।
- 7:01:28और वो पेरेंट्स आपसे ज्यादा किसी की नहीं
- 7:01:31मानते।
- 7:01:32मतलब सिर्फ आप हैं उस जगह पर जो उनको समझा
- 7:01:35सकते हैं। तो हम क्या करेंगे? आप आपको जो
- 7:01:39टाइम दिया गया बीच में जो ये बफरिंग का
- 7:01:41टाइम दिया गया सेटल डाउन होने का ये टाइम
- 7:01:44दिया गया। हम ये ये पूरी की पूरी वर्कशॉप
- 7:01:46जो है हम लगातार भी तो तीन दिन में खत्म
- 7:01:48कर सकते थे। बट हमने इसको पूरा टाइम दिया
- 7:01:53कि वो चीजें जिनका जोश कम होना होगा वो भी
- 7:01:56हो जाएगा। इसमें से जो लिसनर्स बैठे होंगे
- 7:01:59जो और ट्राई करना चाहेंगे ढूंढना चाहेंगे
- 7:02:02Google पे और करना चाहेंगे वह सब ढूंढ
- 7:02:04लेंगे। फिर जब बच्चों की एक्टिविटीज होगी
- 7:02:07उनको जब नोटिस करेंगे तो वहां से भी थोड़ा
- 7:02:09कैलकुलेशंस करेंगे। फिर प्रॉब्लम्स आएंगी
- 7:02:12तो उनको भी नोट डाउन करेंगे कि सर से हम
- 7:02:14बात करेंगे इस बारे में कि क्या किया जा
- 7:02:16सकता है। वो सारी चीजें हो चुकी हैं। तो
- 7:02:20हम कोई एक पर्टिकुलर टाइम रख के आपके
- 7:02:24स्कूल के हर पेरेंट को हम बुलाएंगे। अब
- 7:02:28आपकी ड्यूटी होगी कि हस्बैंड वाइफ दोनों
- 7:02:31को बुलाना है क्योंकि स्टेक होल्डर दोनों
- 7:02:33हैं। एक को समझा दिया तो दूसरे वाला फिर
- 7:02:35उसी रास्ते चलता रहेगा। हम आपका बर्डन
- 7:02:38बहुत कम करने वाले हैं। डॉ. इंद्र की
- 7:02:40कोशिश यह है कि हम उन सारे पेरेंट्स को
- 7:02:43पूरे स्कूल का एक-एक बच्चा हम किसी एक
- 7:02:46पर्टिकुलर हॉल में लेकर जाएंगे और वहां
- 7:02:48सुबह से ले दोपहर शाम तक एक पूरा का पूरा
- 7:02:50पैरेंटिंग सेशन होगा। क्योंकि पेरेंटिंग
- 7:02:53एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम है। आप देखेंगे कि
- 7:02:55बहुत सारी प्रॉब्लम्स तो आप स्यूशन कर
- 7:02:58सकते हो स्कूल में लेकिन कुछ प्रॉब्लम्स
- 7:03:01एज अ पेरेंट वो लोग समझने को तैयार नहीं
- 7:03:03है। अब क्योंकि आपके साथ वो कंटीन्यूअसली
- 7:03:05टच में है तो हो सकता है कि वो आपकी बात
- 7:03:08को इतना सीरियसली ना लें क्योंकि लगातार
- 7:03:10आप वही बात कहते जा रहे हो। तो लेट इट बी
- 7:03:13कि सम अदर थर्ड पर्सन आए जिसका थोड़ा सा
- 7:03:16नाम भी है जिसको थोड़ा सा लोग जानते भी
- 7:03:18हैं और फिर वो उनको कहे जिसने प्रैक्टिकली
- 7:03:22अपने आप को क्लास रूम में एज अ पेरेंट भी
- 7:03:24प्रूव किया हुआ है लाइक दैट तो हम उन
- 7:03:26पेरेंट्स को एक ऐसा मैसेज देंगे कि दिस
- 7:03:28पर्सन इज कमिंग यह फलां फला है बंदा और
- 7:03:32आपको दोनों को आना ही आना है। दोनों को
- 7:03:34आना है। उस दिन सारे काम भी पेंडिंग छोड़
- 7:03:37दो तो छोड़ दो। दिस विल बी अ लाइफ चेंजिंग
- 7:03:39सेमिनार फॉर योर राहुल, फॉर योर पंकज, फॉर
- 7:03:42योर अक्षिता एंड ऑल जो भी है। मतलब उस
- 7:03:45बच्चे का नाम लेकर के क्योंकि आप देखोगे
- 7:03:4785% लिसनर्स हैं। अगर आप उसको यह कहोगे यह
- 7:03:51सेमिनार सभी पेरेंट्स के लिए है। वो
- 7:03:54पेरेंट नहीं आएंगे। अगर आप यह कहोगे ये
- 7:03:56सेमिनार राहुल के लिए है तो वो आ जाएंगे।
- 7:04:00मतलब उसके बेटे का नाम लेके उसके बच्चे का
- 7:04:02नाम लेके अगर आप बोलोगे दे विल डेफिनेटली
- 7:04:04बी देयर। और एक बार वह उस सेमिनार में आ
- 7:04:07गए आपका काम खत्म। फिर
- 7:04:12मतलब फिर आपको सिर्फ पढ़ाना एंजॉय करना
- 7:04:14है। फिर आपका और कोई काम नहीं है। अभी आप
- 7:04:17पढ़ाने को एंजॉय नहीं कर पा रहे बहुत सारे
- 7:04:20लोग। बिकॉज़ ऑफ दैट रेस्ट्रिकशंस। क्योंकि
- 7:04:23हम वो चीजें नहीं दे पा रहे ना जिस चीज के
- 7:04:24बारे में हम यहां बात कर रहे हैं
- 7:04:26आइडियोलॉजिकली। आइडियोलॉजिकली बात करना
- 7:04:28बहुत आसान है। ग्राउंड रियलिटी में जाकर
- 7:04:32के उन पेरेंट्स के अंदर की पूछोगे तो वह
- 7:04:34कुछ और ही चाह रहे हैं उनसे। तो वहां पे
- 7:04:37उस बैरियर को तोड़ना भी हमारा ही काम है
- 7:04:39और उसके लिए वी विल वर्क। सो
- 7:04:43एक हमारे पास हो गया पर्सनालिटी। एक हो
- 7:04:46गया हमारे पास लर्निंग मेथड, ब्रेन
- 7:04:48डोमिनेंस एंड मल्टीपल इंटेलिजेंसेस। ये
- 7:04:52सारी चीजें हो चुकी हैं। नाउ कम्स
- 7:04:56नेक्स्ट टॉपिक वि इज अ इनेट कोशंट्स। ये
- 7:05:01तो नहीं हुए आपके इनेट कोशंट्स।
- 7:05:06क्यू यू ओ टी आई ई एंड टी एस।
- 7:05:12मतलब मैं पर्सनली अपना अगर याद करूं
- 7:05:13सब्जेक्ट्स। आई वास कनेस्थेटिक इन साइंस।
- 7:05:16लेकिन जो बीएड के सब्जेक्ट्स हैं दे वर
- 7:05:17मोस्टली आर्ट सब्जेक्ट ना। तो मुझे उसमें
- 7:05:19अपने आप में विजुअल वाले कररेक्टर्स नजर आ
- 7:05:21रहे हैं।
- 7:05:22एनस्थेटिक नजर नहीं आ रहा।
- 7:05:24ठीक है। आप इसको थोड़ा सा एक्चुअली क्या
- 7:05:27है कि आप इंटरमिंगल कर रहे हैं इन
- 7:05:29कांसेप्ट्स को। थोड़ा मैं आपको ये करेक्ट
- 7:05:31करता हूं। बाकी लोगों को भी समझ आ रहा है।
- 7:05:33हमने आठ इंटेलिजेंस बताई थी टोटल। है ना?
- 7:05:38टोटल आठ इंटेलिजेंस बताई थी। उनमें से दो
- 7:05:41इंटेलिजेंस
- 7:05:42एक इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस इंटरेक्शन विद
- 7:05:46पीपल एंड सेकंड वाज़ इंट्रा पर्सनल
- 7:05:48इंटेलिजेंस। यह लगभग लगभग हर बंदे की
- 7:05:51स्ट्रांग होती है।
- 7:05:54मोस्ट ऑफ दी पीपल हैव स्ट्रांग इंटरपर्सनल
- 7:05:57एज वेल एज इंट्रापर्सनल इंटेलिजेंसेस।
- 7:06:01मोर देन 98% इन यह सब में मतलब बड़ी
- 7:06:05ज्यादा होती है। हाईएस्ट होती है। अब आठ
- 7:06:08में से दो तो निकल गई।
- 7:06:11अगर हम एवरेज ले चलें इसका मतलब चार हाइट
- 7:06:15पे होती हैं और चार लो होती। मतलब अगर
- 7:06:17रैंकिंग दें तो पहली चार जो है आधे से
- 7:06:20पहले खत्म हो जाएंगी और अगली चार आधे के
- 7:06:23बाद जाएंगी। तो फर्स्ट फोर इंटेलिजेंसेस
- 7:06:25का मतलब है कि वह चार इंटेलिजेंस उस बच्चे
- 7:06:28की स्ट्रांग हैं।
- 7:06:31इसका मतलब अब आप उन चारों में से रिलेटेड
- 7:06:34कोई भी काम करेगा वह बच्चा तो ही विल बी
- 7:06:37मोर दन हैप्पी। इसीलिए हम किसी भी बच्चे
- 7:06:40को एक लाइन में नहीं कहेंगे कि तुम्हें
- 7:06:42वकील बनना है। अब किसी का इंटर पर्सनल
- 7:06:45इंटेलिजेंस स्ट्रांग है तो वो टीचर भी बन
- 7:06:47सकता है, लॉयर भी बन सकता है और वो कहीं
- 7:06:51पब्लिक स्पीकिंग भी कर सकता है, लीडर भी
- 7:06:54बन सकता है पॉलिटिकल और कहीं ना कहीं
- 7:06:56मोटिवेशनल स्पीकर भी हो सकता है और डॉक्टर
- 7:07:00भी बन सकता है, रिसेप्शनिस्ट बन सकता है।
- 7:07:02जहां भी पब्लिक डीलिंग आती है, सेल्समैन
- 7:07:05बन सकता है। डिपेंडिंग अपॉन कि वो पोजीशन
- 7:07:07उसकी कहां है सोसाइटी में इकोनॉमिक और
- 7:07:09सोशल जो भी स्टेटस है उसका उसके हिसाब से
- 7:07:12क्लियर हुआ सेकंड जैसे इंट्रा पर्सनल
- 7:07:14इंटेलिजेंस थी इसमें तो सेल्फ इवैल्यूएशन
- 7:07:17होती है तो बेसिकली क्या है कि जिसका बहुत
- 7:07:20ज्यादा होगा इंट्रा पर्सनल वो आध्यात्मिक
- 7:07:22गुरु बन जाएगा आखिर में जाके वो और दूसरा
- 7:07:25कोई लीडर बन जाएगा। अब किसी का फिर दूसरा
- 7:07:28आपने कहा तीसरा विजुअल इंटेलिजेंस था तो
- 7:07:31विजुअल से जुड़े हुए बहुत सारे काम हैं।
- 7:07:34जैसे आप ज्योग्राफी को आप अपना सब्जेक्ट
- 7:07:36ले सकते हैं। फाइन आर्ट्स को आप अपना ले
- 7:07:38सकते हैं। फोटोग्राफी को ले सकते हैं।
- 7:07:40फिल्म डायरेक्शन को ले सकते हैं।
- 7:07:42आर्किटेक्चर को ले सकते हैं। डिजाइनिंग को
- 7:07:45ले सकते हैं। फैशन डिजाइनिंग, ऑटोमोबाइल
- 7:07:47डिजाइनिंग, वेब डिजाइनिंग एंड ढेर सारी
- 7:07:49डिजाइनिंग हैं। उनको ले सकते हैं। फिजिक्स
- 7:07:51को अपना सब्जेक्ट ले सकते हैं। अगर लॉजिकल
- 7:07:53साथ में हाईएस्ट है तो। मतलब उस विजुअल के
- 7:07:56साथ जो भी आपको आंखों से काम करना है बंद
- 7:07:58आंख से या खुली आंख से वो काम आप आसानी से
- 7:08:01कर सकते हैं। उनमें आपको मजा आएगा सिंपली।
- 7:08:04क्लियर हुआ ना आपको? मतलब इट्स नॉट लाइक
- 7:08:06दैट कि वो एक ही चीज पे हम उसको कनंफाइन
- 7:08:09करेंगे। फिर चौथी चीज काइनेथेटिक आपने
- 7:08:12कही। काइनेस्टेटिक में फिर यह होगा कि अगर
- 7:08:14उसका हाई काइनेस्थेटिक है तो हम उसको
- 7:08:16सजेस्ट करेंगे कि तुम लाइफ में ऐसा काम
- 7:08:19चूज़ करना जिसमें तुम चलते फिरते रहो। अगर
- 7:08:22तुम एक कुर्सी पर बैठने वाला काम चूज कर
- 7:08:24लिया तो तुम्हें अपनी लाइफ में हैप्पीनेस
- 7:08:26फील ही नहीं होगी। और अगर उसका
- 7:08:28काइनेस्टेटिक लॉ है तो उसे कह दो भाई तू
- 7:08:30एक जगह कुर्सी वाला आराम से काम ले लियो।
- 7:08:32फालतू ज्यादा टेंशन लेने की जरूरत नहीं
- 7:08:34है। भागना दौड़ने का काम मत लेना। भाई
- 7:08:37ज्यादा ज्यादा भागने वाला काम कौन से सारे
- 7:08:39ढेर सारे काम हो गए? फिजिकल वर्क अगर वो
- 7:08:41गरीब है तो भाई तू रिक्शा चला तू दिहाड़ी
- 7:08:44कर तो भी तू मस्त रहेगा एकदम से। बट अगर
- 7:08:46वही काम लोनस्थेटिक वाले को करने पड़ जाए।
- 7:08:49उसको दौड़ना ही पड़ जाए। जैसे आपकी
- 7:08:52क्लासेस में बहुत सारे बच्चे होंगे ना
- 7:08:54रिसेस हुई है बाकी सारे दौड़ रहे हैं वो
- 7:08:56अपना बैठे आराम से अपने बस्ते पर आप कहोगे
- 7:08:58बाहर खेल लो बेटा नहीं मैम आई एम राइट
- 7:09:01हियर आई एम परफेक्टली फाइन है ना वो नहीं
- 7:09:04जाना चाहेंगे उनको नहीं शौक है उस तरह से
- 7:09:07जाने का तो आप वहां से वो अंदाजे आपको
- 7:09:10लगाने पड़ेंगे कि ये ऐसा काम क्यों नहीं
- 7:09:12कर रहा है पर्पस क्या है कई बार ऐसा होता
- 7:09:14है हमें लगता है कि ये उदास सा बैठा हुआ
- 7:09:16है उदास सा नहीं बैठा वो रिलैक्स बैठा हुआ
- 7:09:18है ऐसा भी हो सकता है तो हमें हमें लग रहा
- 7:09:21है कि बच्चों का तो काम है खेलना कूदना
- 7:09:23ऐसा नहीं है। ही इज़ कंफर्टेबल ओवर देयर मे
- 7:09:26बी मे बी। सो इस तरह से दूसरी जो
- 7:09:30इंटेलिजेंसेस हमने जिक्र किए थे उन
- 7:09:33इंटेलिजेंसेस का पर्पस वही है सिर्फ जैसे
- 7:09:36लिंग्विस्टिक इंटेलिजेंस है। अब किसी की
- 7:09:38लिंग्विस्टिक इंटेलिजेंस है तो उसका क्या
- 7:09:40मतलब है कि उसका कम्युनिकेशन बहुत अच्छा
- 7:09:43होगा। कम्युनिकेशन विद एनिमल्स आल्सो
- 7:09:46कम्युनिकेशन विद पीपल आल्सो साइन लैंग्वेज
- 7:09:48ब्रेल लैंग्वेज हिंदी इंग्लिश फ्रेंच ओ
- 7:09:52ढेर सारी तो वो किसी लैंग्वेज का टीचर बन
- 7:09:55सकता है मल्टीपल लैंग्वेज सीख के
- 7:09:57ट्रांसलेटर बन सकता है वो कोई बहुत अच्छा
- 7:10:00रीडर बन सकता है बहुत अच्छा राइटर बन सकता
- 7:10:02है अगर लिंग्विस्टिक के साथ म्यूजिक भी
- 7:10:05हाई है तो वो सिंगर बहुत अच्छा हो जाएगा
- 7:10:07ऑटोमेटिकली लिंग्विस्टिक के साथ अगर
- 7:10:10म्यूजिक हाई है तो बहुत अच्छा गीतकार भी
- 7:10:12हो जाएगा गीत भी अच्छे लिखेगा। म्यूजिकल
- 7:10:14हाई है और क्रिएटिव है तो म्यूजिक कंपोजर
- 7:10:18हो जाएगा। म्यूजिक के साथ अगर काइनेथेटिक
- 7:10:21है तो डांसर हो गया। म्यूजिक के साथ
- 7:10:25काइनेथेटिक है प्लस क्रिएटिव है तो
- 7:10:27कोरियोग्राफर हो गया।
- 7:10:30मतलब आप कॉम्बिनेशन आपको क्या करना है कि
- 7:10:33कोई भी काम आपको करना है उसके लिए
- 7:10:35क्या-क्या चाहिए? मान लो आपको टीचर ही
- 7:10:37बनना है। तो आपके पास क्या क्वालिटी होनी
- 7:10:39चाहिए? अपने ऊपर भरोसा इंट्रापर्सनल
- 7:10:43लोगों से बात करने में आनंद आना चाहिए
- 7:10:45इंटरपर्सनल
- 7:10:46आपको लैंग्वेज पे कमांड होनी चाहिए कि
- 7:10:49सामने वाले की बात समझ सको और खुद
- 7:10:51लिंग्विस्टिक और चौथी चीज अपना सब्जेक्ट
- 7:10:54जो भी सब्जेक्ट आप पढ़ा रहे हो बस यही तो
- 7:10:58चाहिए ना टीचर बनने के लिए आपका म्यूजिक
- 7:11:01लो रहे क्या फर्क पड़ता है आप नहीं गाना
- 7:11:03सुना सकते मीटिंग में तो नहीं सुनाओ
- 7:11:06जरूरी नहीं है चल जाएगा उसका तो मतलब
- 7:11:09काइनेस्टेटिका तो ये है कि बैठे एक्टिव तो
- 7:11:12वो अपने आप हो जाए। जब आपको सब्जेक्ट आता
- 7:11:14है ना व्हेन यू लव पीपल तो मतलब जब आप उस
- 7:11:17काम को पसंद कर रहे हो एक्टिव आप अपने आप
- 7:11:18रहोगे। मेंटली एक्टिव होना बहुत जरूरी है।
- 7:11:21फिजिकल एक्टिविटी आई थिंक डोंट नीड। हम
- 7:11:23लोग आराम से कर सकते हैं वो। इस तरह से आप
- 7:11:27लाइफ में कोई भी काम जब करना है आपको तो
- 7:11:30आपको सिर्फ इतना सा देखना है कि उस
- 7:11:31पर्टिकुलर काम को करने के लिए आपको कौन
- 7:11:33सी-कौ सी इंटेलिजेंससेस की जरूरत पड़नी
- 7:11:35है। तो आप वो चीजें डेवलप कर लो। यह हमारे
- 7:11:38एजुकेशन सिस्टम का ड्रॉबैक है। बहुत भारी
- 7:11:41ड्रॉबैक है कि हम लोग क्या करते हैं कि
- 7:11:45बच्चे को सिर्फ आर्ट्स, कॉमर्स और साइंसेस
- 7:11:48तीन जगह में डिवाइड कर देते हैं। एंड दिस
- 7:11:50इज़ द बिगेस्ट ड्रॉबैक। ऐसा हो सकता है कि
- 7:11:53कोई बच्चा साइंस पढ़ने के साथ-साथ
- 7:11:55ज्योग्राफी भी पसंद करता हो। ऐसा वेरी मच
- 7:11:58पॉसिबल कि उसको म्यूजिक भी पढ़ना है और
- 7:12:00साथ में साइंस भी पढ़ना है, मैथ्स भी
- 7:12:01पढ़ना है। इट्स वेरी मच पॉसिबल। बट हमारे
- 7:12:04यहां ऐसा कॉम्बिनेशन नहीं है। एंड दिस इज
- 7:12:06व्हाट वी नीड टू डू कि हमें इसी बात के
- 7:12:09लिए रेज करना है अपनी आवाज को कि भाई हम
- 7:12:11यह करेंगे। जैसे आज हमारा एक सेमीफाइनल
- 7:12:14दौर है आज टीचिंग हमारी इस ट्रेनिंग का।
- 7:12:17मतलब एक एक ट्रेनिंग और हम फाइनल करेंगे।
- 7:12:20मान लो इस ट्रेनिंग के बाद में मैं आपसे
- 7:12:23यह कहूं कि आपको अपने प्रधानमंत्री और
- 7:12:25राष्ट्रपति के लिए एक चिट्ठी लिखनी है।
- 7:12:27जिसमें हमें यह मांगना है कि हमारी
- 7:12:29एजुकेशन कैसी होनी चाहिए। तो आई होप यू आर
- 7:12:32मच मोर एबल टू अंडरस्टैंड नाउ कि आपको
- 7:12:35कैसी एजुकेशन चाहिए। तो मैं चाहता हूं कि
- 7:12:37आप वो चिट्ठी लिखें और डॉक्टर इंद्र को
- 7:12:40दें ताकि क्योंकि मैं कलेक्ट कर रहा हूं
- 7:12:42मतलब मुझे 2 लाख 4 लाख चिट्ठियां
- 7:12:44राष्ट्रपति के दरवाजे पे डाल के आनी है कि
- 7:12:46ये मां-बाप मांग रहे हैं आपसे ऐसी
- 7:12:48एजुकेशन। तो आप इस बारे में क्यों नहीं
- 7:12:50सोच रहे हैं?
- 7:12:53ठीक है ना? क्योंकि पीपल अगर अपनी आवाज
- 7:12:55नहीं पहुंचाएंगे तो जो आपका डेमोक्रेसी है
- 7:12:58उसमें आपकी कोई नहीं सुनेगा। ऐसे ऐसे यहां
- 7:13:00बैठकर के जो बात हो रही है इनको कोई नहीं
- 7:13:02सुनने वाला अंटिल एंड अनलेस वो आवाज वहां
- 7:13:04पर ना उठे जहां पॉलिसी मेकिंग होती है। तो
- 7:13:07ये नीड ऑफ द आर है कि हमारा एजुकेशन
- 7:13:09सिस्टम उस टाइप का हो क्योंकि अब आपको यह
- 7:13:13समझ आ गया ना कि किस-किस टाइप के बच्चे
- 7:13:15होते हैं। अब आपको यह समझ आ गया कि आप जो
- 7:13:18उसको पढ़ाना चाह रहे हो वो एक्चुअली उसको
- 7:13:19चाहिए भी नहीं। और अगर आपने उसको दे दिया
- 7:13:22जबरदस्ती तो फिर वही है कि मतलब कुछ भी
- 7:13:25दिए जा रहे हो। को भूख नहीं लगी है फिर भी
- 7:13:27उसके मुंह में ठोरे जा रहे हो कि नहीं खा
- 7:13:28तू खा जिस चीज की भूख है उसे हम वही दें
- 7:13:32तो मेरे ख्याल से वो ज्यादा अच्छा ह्यूमन
- 7:13:33बीइंग बन के निकलेगा सोसाइटी के लिए एक
- 7:13:36मतलब ऐसा पर्सन होगा जो रियली सोसाइटी के
- 7:13:39लिए काम करेगा वरना जो आदमी अपने आप से
- 7:13:41खुश नहीं है वो दुनिया को कैसे मतलब एक एक
- 7:13:43खुश दुनिया का सपना कैसे देख पाएगा पॉसिबल
- 7:13:45ही नहीं है ना पहले अपनी वाली से तो पीछा
- 7:13:48छुड़ाओ यार यह क्या अपनी जिंदगी खराब हुई
- 7:13:50पड़ी है मतलब उसको यह है कि अपने से ही
- 7:13:52फुर्सत नहीं है तो हाउ विल ही थिंक ऑफ दी
- 7:13:54अदर्स
- 7:13:55जब अपनी टेंशन इतनी ज्यादा है। सो हमारा
- 7:13:58जो फोकस है, हमारा जो प्रायोरिटी है,
- 7:14:02हमारी जिस जिस चीज के ऊपर हम चले हैं वो
- 7:14:04यही है कि पहले आपको चीजें समझ आए कि
- 7:14:07एक्चुअली हमें क्या चाहिए और टीचर से
- 7:14:09ज्यादा मतलब इस बात को कोई नहीं समझ सकता
- 7:14:12कि आपके पास वैरायटी ऑफ स्टूडेंट्स हैं।
- 7:14:16आप उन सारे स्टूडेंट्स के हिसाब से आप देख
- 7:14:18सकते हैं। अभी हम आने वाले टाइम में आपको
- 7:14:21आपके बच्चे की एक-एक बच्चे के बारे में
- 7:14:23आपको वैसे भी बताएंगे मतलब सिस्टमेटिकली
- 7:14:26एग्जैक्टली कि किसका क्या-क्या स्ट्रांग
- 7:14:28है और हमें क्या करना है। बट उससे पहले
- 7:14:30आपको यह देखना है कि आपने कितना ग्रास्प
- 7:14:33किया और आप अपनी-अपनी क्लास के उन बच्चों
- 7:14:36में से क्या-क्या निकाल के रखे। इतने सारे
- 7:14:38पैराटर्स आपके पास हैं। सिंपली आप लगा के
- 7:14:41रखो। काइनेस्टेटिक इसका तो लो है। इसका तो
- 7:14:44हाई है। इसका विजुअल हाई है। इसका लो है।
- 7:14:46तो दो तीन चीजें ज्यादा हो सकती हैं मैम।
- 7:14:49समझे ना? नेक्स्ट टॉपिक जो था हमारा जिसके
- 7:14:52ऊपर पॉइंट था वो है इननेट कोशंट्स।
- 7:14:56इननेट कोशेंट्स पर पॉइंट था ना हमारा हम
- 7:14:59चार इननेट कोशेंट्स हम लोग यहां डिस्कस
- 7:15:01करेंगे। पहला कोशेंट है इंटेलिजेंस कोशेंट
- 7:15:05आईक्यू जिसको हम कहते हैं सेकंड इज़
- 7:15:09एडवर्सिटी कोशेंट नहीं सोशल कोशंट इमोशनल
- 7:15:12कोशेंट को कहते हैं। एक्चुअली
- 7:15:15एडवर्सिटी कोशेंट सेकंड हो गया।
- 7:15:18तीसरा हो गया क्रिएटिविटी कोशेंट एंड द
- 7:15:20फोर्थ इज इमोशनल कोशेंट
- 7:15:25हैं अभी अभी हम करते हैं जो सोशल वाला है
- 7:15:28वो इमोशनल के अंदर ही आता है। क्यों आता
- 7:15:30है वो बता देता हूं। जो इंटेलिजेंस कोशेंट
- 7:15:33है बेसिकली दिस इज दी सम टोटल ऑफ लॉजिकल
- 7:15:36प्लस लिंग्विस्टिक इंटेलिजेंस। जो लॉजिकल
- 7:15:38इंटेलिजेंस आपके पास पहले आ चुकी है और
- 7:15:41लिंग्विस्टिक है। अगर किसी का लॉजिकल और
- 7:15:43लिंग्विस्टिक दोनों स्ट्रांग हैं तो आपका
- 7:15:45आईक्यू ऑटोमेटिकली एवरेज से ज्यादा हो
- 7:15:47जाएगा। यही तो चेक करते हैं वो लोग। यही
- 7:15:50करते हैं ना जो आईक्यू चेक करने जाते हैं
- 7:15:52दुकानों पे। सेकंड
- 7:15:55जो जो आईक्यू है इंटेलिजेंस कोशंट वो सम
- 7:15:59टोटल ऑफ लॉजिकल प्लस लिंग्विस्टिक होगा।
- 7:16:02जो दोनों जिसके एवरेज से ज्यादा है उसका
- 7:16:05आईक्यू एवरेज से ज्यादा हो गया।
- 7:16:08वह अपना क्राइटेरिया है उसका। हमारा एवरेज
- 7:16:11कुछ और है। हम अभी बताएंगे आपको फाइनली।
- 7:16:14वह 70 टू 110 लेके चलते हैं वो। 70 से
- 7:16:17स्टार्ट करते हैं। कई बार 90 से कर देता
- 7:16:20है किसी को। ठीक है? अलग-अलग अलग-अलग
- 7:16:23टेस्ट होते हैं। बैटि 90 से भी करते हैं।
- 7:16:26सेकंड
- 7:16:28सेकंड हो गया आपका एडवर्सिटी कोशेंट।
- 7:16:31एडवर्सिटी।
- 7:16:33एडवर्स सिचुएशन में किस तरह से बिहेव करता
- 7:16:35है कोई बच्चा? एडवर्स सिचुएशन कैसी? पहली
- 7:16:39बार कहीं पर प्रेजेंटेशन है। पहली बार
- 7:16:41स्कूल में जा रहा है। बच्चे को 4:00 बजे
- 7:16:45ट्यूशन से लेने जाना था। पापा लेट हो गए।
- 7:16:47नहीं आए। वो भीड़ में अकेला खो गया या
- 7:16:50एकदम से कहीं पार्क में गुम हो गया और कोई
- 7:16:53दिख नहीं रहा है। वो एकदम एडवर्स सिचुएशन
- 7:16:56कि कोई सिचुएशन उससे पहले नहीं आई हो। उस
- 7:16:59सिचुएशन में उसका बिहेवियर कैसा है? उस
- 7:17:01सिचुएशन में वो कितना इंटेलिजेंटली बिहेव
- 7:17:04करता है। उस सिचुएशन को हैंडल कैसे करता
- 7:17:07है? एक्ट कैसे करता है? दैट इज एडवर्सिटी
- 7:17:10कोशंट। जिसका अच्छा होगा वो कूल रहेगा।
- 7:17:13जिसका डाउन होगा वो चिल्ला-चिल्ला मर
- 7:17:16जाएगा। जैसे कईयों को तो मतलब एक को हाथ
- 7:17:19और मम्मी को पैर पकड़ के ले जाना पड़ता है
- 7:17:21ना स्कूल शुरू शुरू में तो। बस में चढ़ाने
- 7:17:23से पहले कि ओ नहीं। नहीं नहीं मैं नहीं
- 7:17:26जाऊंगा। ऐसे करके।
- 7:17:28[हंसी]
- 7:17:29वो [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]
- 7:17:29क्योंकि दो दिन फिर हम कहते हैं ना दो दिन
- 7:17:31जाएगा ठीक हो जाएगा मतलब क्या है कि पहले
- 7:17:33दिन जा रहा है तो बहुत ज्यादा कर रहा है
- 7:17:35सेकंड डे जा रहा है तो थोड़ा कम तीसरा
- 7:17:38चौथा हफ्ते भर में देखो तो वो बाय मम्मा
- 7:17:40आई एम गोइंग वो इतनी देर में हो जाता है
- 7:17:44ये आमतौर पे जो दिखता है किस में दिखेगा
- 7:17:48ये बेसिकली ये दो एडवर्सिटी कोशंट
- 7:17:51नेचुरलिस्टिक इंटेलिजेंस और काइनेस्टेटिक
- 7:17:54का टोटल होता है
- 7:17:56नेचुरलिस्ट मतलब मतलब एनवायरमेंट और
- 7:17:58कनेस्थेटिक मतलब बिहेवियर। एक्शन क्या
- 7:18:01लिया? तो जिसका नेचुरलिस्टिक और
- 7:18:03काइनेथेटिक लो है उसका एडवर्सिटी भी लो
- 7:18:05मिलेगा। यानी एडवर्सिटी कोशंट पे काम करने
- 7:18:08के तरीके क्या हो गए? जैसे आईक्यू पे काम
- 7:18:11करने का तरीका क्या हो गया? लैंग्वेज पे
- 7:18:13काम करो और लॉजिक पे काम करो। काम
- 7:18:15क्या-क्या करना है वो भी बताएंगे आपको।
- 7:18:17ठीक? फिर एडवर्सिटी कोशंट पे काम करना है
- 7:18:20तो कनेस्थेटिक इंप्रूव करो। मतलब उसको
- 7:18:22स्पोर्ट्स भेज दो। सेकंड नेचुरलिस्टिक
- 7:18:24इंप्रूव करो। मतलब उसको सुबह उठाना शुरू
- 7:18:26कर दो। देखो एडवर्सिटी कोशेंट इंप्रूव
- 7:18:30करना है तो उसका सॉल्यूशन कहीं और है।
- 7:18:34उसको समझाने में उसका स्यूशन नहीं है।
- 7:18:36क्योंकि उसका रीज़ ही कुछ और है। भाई
- 7:18:38लॉजिकल इंटेलिजेंस इंप्रूव करने का मतलब
- 7:18:41क्या है? बच्चे की प्रॉब्लम सॉल्विंग
- 7:18:42एटीट्यूड डेवलप करना ना। आईक्यू उसी को तो
- 7:18:45कहेंगे हम लोग। एटीट्यूड डेवलप करना है ना
- 7:18:47कि हमने उसके मैथ्स पे काम करना है।
- 7:18:49एटीट्यूड पे इंटेलिजेंस पे। तीसरा पॉइंट
- 7:18:53एडवर्सिटी कोशेंट हां एक और बच्चे में
- 7:18:55दिखता है जैसे फ्लैशी सर ने बोला था
- 7:18:57फ्लैशी बच्चों में एडवर्सिटी कोशेंट लो
- 7:18:59दिखाई देता है हां मम्मा मेरा कॉल पेपर है
- 7:19:02मेरी तैयारी तो हुई नहीं वो फोन कर करके
- 7:19:04पूछेगा मतलब पूछेगी या पूछेगा यार तेरा
- 7:19:07कितना हो गया मेरा तो यार बिल्कुल ही मेरे
- 7:19:08को तो तैयारी ही नहीं है अगले दिन देखो तो
- 7:19:10सारा ही पेपर आता था वो पेपर में जाने से
- 7:19:13पहले पहला पेपर देने से पहले बहुत अंदर से
- 7:19:16एंग्जायटी सी फील होगी उसको बट जैसे ही वो
- 7:19:19एग्जामिनेशन हॉल में एंटर करेंगे एंड
- 7:19:21एवरीथिंग इज कूल फाइनल एकदम परफेक्टली
- 7:19:23फाइन कोई दिक्कत नहीं। गॉट इट
- 7:19:27दिस इज एडवर्सिटी कोशंट। थर्ड पॉइंट इज़
- 7:19:32क्रिएटिविटी कोशेंट। क्रिएटिविटी कोशेंट
- 7:19:35जो है
- 7:19:37विजुअल इंटेल विजुअल इंटेलिजेंस और
- 7:19:40म्यूजिक इंटेलिजेंस का टोटल है। जो बच्चा
- 7:19:43जितना ज्यादा विजुअलाइज कर पाएगा नई-नई
- 7:19:45चीजें और जितना ज्यादा रेजोनेंस में आएगा
- 7:19:47नेचर के वो उतना ही बढ़िया क्रिएटिव होगा।
- 7:19:51एंड द फोर्थ पॉइंट इज इमोशनल कोशेंट।
- 7:19:55इमोशनल कोशेंट एक इंपॉर्टेंट कोशेंट है जो
- 7:19:59आपके काम का है। सोसाइटी के भी काम का है।
- 7:20:02देखिए आमतौर पर हम लोग कभी भी किसी की
- 7:20:05काउंसलिंग करते हैं तो हम इन शब्दों का
- 7:20:08इस्तेमाल नहीं करते हैं जो मैं आने वाले
- 7:20:10टाइम में करने वाला हूं। तो ये बंद कमरे
- 7:20:14में करने वाली बातें हैं। ऑन ऑन रिकॉर्ड
- 7:20:17मैं बोल रहा हूं। इसके लिए सॉरी। ठीक है?
- 7:20:19समझ रहे? मैं पहले ही माफी मांग रहा हूं।
- 7:20:21जिसका इमोशनल कोशेंट बहुत लो होता है।
- 7:20:24मतलब एवरेज से लो। एवरेज हम इसमें किस में
- 7:20:27लेते हैं? मैं आपको बताता हूं। जैसे हमने
- 7:20:29सिर्फ सारे क्वेश्चनेंट्स को चार
- 7:20:30क्वेश्चंस में डिवाइड कर दिया तो समझो
- 7:20:32सारा इंसान 100 मान लिया तो 25-25 एवरेज
- 7:20:35हो गया हमारे। जब हमने जो कैलकुलेट किया।
- 7:20:38पहले वो आठ थे तो 12 1/2 12.5 कर दिया था।
- 7:20:41अब चार कर दिए तो उनको जोड़ जोड़ के तो हमने
- 7:20:44इसका 25 कर दिया। एवरेज ले लो आप 25 है।
- 7:20:48जिसका इमोशनल कोशेंट 15 की रेंज में आ
- 7:20:51गया।
- 7:20:53उस बच्चे ने अपने एडोलेसेंट पीरियड तक
- 7:20:55पहुंचते-पहुंचते अपनी जवानी तक
- 7:20:57पहुंचते-पहुंचते सुसाइड कर लेना है।
- 7:21:00कंफर्म है।
- 7:21:03करेगा नहीं तो अटेमप्ट जरूर करेगा।
- 7:21:06मतलब यह इतना तक इतना वैलिड है। मैं आपको
- 7:21:09बताऊं। एक आपके ही दिल्ली के एमएलए हैं।
- 7:21:12उनके बहुत क्लोज एक बंदा रहता है।
- 7:21:16मैं उसका टेस्ट कर रहा था। जब हम
- 7:21:18काउंसलिंग कर रहे हैं तो उसकी मर और वो
- 7:21:20था। उसकी मदर काफी एज्ड है और वो भी काफी
- 7:21:23एज्ड है बंदा। सर के जैसा है और
- 7:21:28मैंने उससे पूछा अच्छा एक बात बता यार।
- 7:21:32शर्मा जी थे वो। मैंने उनसे पूछा शर्मा जी
- 7:21:34यह बताओ बुरा मत मानना। पर हफ्ते में
- 7:21:37कितनी बार मरने का दिल करता है? मतलब सीधा
- 7:21:41डायरेक्ट क्वेश्चन था। बिकॉज़ वो मेरा
- 7:21:42पर्सनल लिंक था उसके साथ। हम प्रोफेशनलली
- 7:21:45नहीं बोलते इन शब्दों को। मैं आपको पहले
- 7:21:47बता रहा हूं। ठीक है? तो वो अपनी मदर की
- 7:21:50तरफ देखने लगा। मैंने कहा आप अभी तक बचे
- 7:21:53हुए कैसे हो? मेरे को यह बताओ। बहुत लो था
- 7:21:5618-19 की रेंज में। तो मुझे बोलता है सर
- 7:22:00अगर सही बताऊं ना मेरा रोज एक बार जी कर
- 7:22:02लेता है और मैं ऑलरेडी तीन-चार बार ट्राई
- 7:22:05कर चुका हूं पर बाय चांस देख लेता है मुझे
- 7:22:08कोई ना कोई तो बच जाता है मतलब मुझे अंदर
- 7:22:10से ही फील नहीं होता है रीजन क्या है उसका
- 7:22:13मैं बताऊं आपको इमोशनल क्वेश्चन टोटल होता
- 7:22:17है इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस और इंट्रा
- 7:22:19पर्सनल इंटेलिजेंस का अब इंटरपर्सनल
- 7:22:22इंटेलिजेंस होती है लोगों से बिहेवियर और
- 7:22:25इंट्रापर्सनल होता है खुद से पहचान
- 7:22:28अब उस बंदे को ना तो खुद पर यकीन होता ना
- 7:22:31ही खुद से प्यार होता ना ही वह खुद को
- 7:22:34जानता ना ही खुद पर भरोसा सेल्फ
- 7:22:36कॉन्फिडेंस खत्म है और ना ही क्योंकि
- 7:22:39इंटरपर्सनल भी कम है तो उसको लोग पहचानने
- 7:22:43भी नहीं आते तो किसी से कुछ भी कह देगा
- 7:22:45आपके भी सर्कल में कोई ना कोई अगर ऐसा
- 7:22:47बच्चा है इमोशनल कोशेंट को हम अर्ली स्टेज
- 7:22:50पर पहचान कैसे सकते हैं आपके सर्कल में
- 7:22:53कोई अगर ऐसा बच्चा है जो कहीं पे कुछ भी
- 7:22:56बोल देता है मतलब हमें लगता है यार तूने
- 7:22:59तो बेइज्जती करा दी नहीं बोलता चुप ही
- 7:23:01रहता इससे अच्छा तो कोई ऐसा बच्चा है जो
- 7:23:04दरवाजा खुलने से पहले जैसे दरवाजा खुला
- 7:23:07नॉक बजा या बेल बजी किसी ने नॉक किया उसने
- 7:23:09दरवाजा खोला हां जी पापा हैं बेटा पापा
- 7:23:15और वैसे चल पड़ता है बिना बात किए अगले से
- 7:23:18ना नमस्ते ना बैठो चाय पानी कुछ नहीं है
- 7:23:22अगर ऐसा बच्चा तो वो बच्चा उसकी अगर एक और
- 7:23:25एडिशनल उसके साथ क्वालिटी हो जाए कि उसको
- 7:23:28अपने इमोशंस पे कंट्रोल ही ना रहे। कैसे?
- 7:23:31उसने पेन मांगा, खिलौना मांगा, मम्मा ने
- 7:23:34नहीं दिलाया। उसने रोना शुरू कर दिया और
- 7:23:37रोता रहा। फिर मम्मा ने दिला दिया। फिर
- 7:23:40उसके बाद रोना शुरू किया और जोर से कि
- 7:23:42पहले क्यों नहीं दिलाया था।
- 7:23:46मतलब इसका मतलब क्या है? उसे यही नहीं पता
- 7:23:48है कब रोना है। कितना रोना है। अपनी बात
- 7:23:52मत बाकी बच्चे का क्या होगा। वो अपनी
- 7:23:54लिमिट टेस्ट करता है। रोने के बाद अपने आप
- 7:23:56को रोक लेता है कि चलो चीज मिल गई। अब
- 7:23:58रोना बंद करो। इसी के लिए तो चल रहा था सब
- 7:23:59कुछ। लेकिन इस वाले बच्चे को अपने इमोशंस
- 7:24:02पे कंट्रोल नहीं है। इसमें से एक दूसरी
- 7:24:04पहचान क्या है? रेड लाइट हो गई है या फिर
- 7:24:08जाम लग गया है। एक बंदा है जो जाम लगने के
- 7:24:10बाद अपना हाथ ऐसे करके मूवी चला के मोबाइल
- 7:24:13में और चालू कर देता है। अपना आराम से बैठ
- 7:24:15के फिल्म देखना शुरू कर देता है या गाने
- 7:24:17सुनता है। दूसरा है वो गाड़ी में से गाड़ी
- 7:24:19बंद करके बाहर निकल के लॉक करके देखने
- 7:24:22जाता है। क्या हो गया? क्या हो गया? लगा
- 7:24:23क्या होगा यार तुम लोगों को ऐसे करके वो
- 7:24:25बिल्कुल उसको भी कर रहा है उसको भी देख
- 7:24:27रहा है बड़ा बेचैन है अंदर से लाइक दैट ही
- 7:24:29इज़ मतलब लो इमोशनल कोशेंट है उसका उसको
- 7:24:31कंट्रोल ही नहीं है कि अपने इमोशंस के ऊपर
- 7:24:33कि वो देख ले उसको इतना नहीं समझ है कि ये
- 7:24:36सामने वाले कौन सा यहां बसने आए हैं ये भी
- 7:24:38जाएंगे ही ये अगर रुके हुए हैं तो आगे
- 7:24:41वाला रुका होगा लाइक दैट
- 7:24:48[हंसी]
- 7:24:55कौन कौन से वाले बच्चे का
- 7:25:04[हंसी]
- 7:25:09हां हां
- 7:25:11हां नहीं नहीं प्लीज हां जी बताइए
- 7:25:17[हंसी]
- 7:25:20सर अब तो मैं इतनी एक्सपर्टाइज हो चुकी
- 7:25:22हूं कि रोड क्रॉस करते हुए मैं ना लेफ्ट
- 7:25:24देखती हूं ना राइट देखती हूं। मुझे ऐसे
- 7:25:26लगता है कि सामने से अपने आप ब्रेक मार
- 7:25:28लेगा। मैं तो रोड क्रॉस कर लूं।
- 7:25:30[हंसी]
- 7:25:33देखिए ये देखिए ये तो इस ये आएगा आपकी
- 7:25:36पर्सनालिटी में वो आपकी पर्सनालिटी है
- 7:25:40टारगेट अचीव करना है
- 7:25:42आपको वो रेड मार्क नहीं लगवाना है वो
- 7:25:44उसमें आ जाएगा वो आपको क्लियर हो जाएगा
- 7:25:46लेकिन मैं जो कह रहा हूं इसमें इसमें भी
- 7:25:49मैं आपको बताऊं कि अगर रेड लाइट आ गई है
- 7:25:51और अगर आगे रास्ता जाम है फिर भी आप उतर
- 7:25:54के नहीं भागोगे उनको ठीक करने के लिए अगर
- 7:25:56आपका इमोशनल कोशंट हाई है डेफिनेटली आप
- 7:25:58गाड़ी में ही रह यह सोच सकते हो कि मैं
- 7:26:01स्कूल के लिए लेट हो रही हूं। यह नहीं
- 7:26:03सोचोगे कि सामने वाले को उठा के पटक दूं।
- 7:26:05ऐसे नहीं सोचोगे। वो जिसका लो है वह समझ
- 7:26:07लेगा। ऐसा उसको क्या रहेगा कि उसको मतलब
- 7:26:11बेसिकली उसको यही फील होता रहता है। देखो
- 7:26:13कुछ चीजें ऐसी होती है मैं आपको बताऊं।
- 7:26:15जैसे आइडियलिस्टिक
- 7:26:17और आइडलिस्ट पर्सनालिटी और एफिशिएंट
- 7:26:19पर्सनालिटी। मान लो ये बच्चे कभी जिंदगी
- 7:26:22में जिनका हाई इमोशनल कोशेंट है। वो लाइफ
- 7:26:25में कभी कोई कदम गलत कदम नहीं उठाएंगे।
- 7:26:28चाहे वो घर से भागने का हो, जबरदस्ती मतलब
- 7:26:31चाहे वो मतलब घर से नहीं भागेंगे। घर
- 7:26:33वालों से लड़ के शादी कर लेंगे। वो सामने
- 7:26:37वाले को मरने के लिए मजबूर कर देंगे। खुद
- 7:26:39नहीं मरेंगे। मतलब इनका यह होता है। अगले
- 7:26:42वाले को बेशक चाले सामने वाले को ऐसा कर
- 7:26:44देंगे कि तेरे को जीने ही नहीं देंगे हम।
- 7:26:47ठीक है ना? वह खुद नहीं करेंगे। अगर बाय
- 7:26:50चांस जिसका हाई इमोशनल कोशेंट है, वह बंदा
- 7:26:52इस तरह का काम कर रहा है। तो, यह क्लियर
- 7:26:55कट है कि ही इज नॉट
- 7:26:58टेंपटिंग दैट मतलब पर्टिकुलर एक्टिविटी
- 7:27:02बिकॉज़ वो दुखी है। ऐसा नहीं है। वो प्लान
- 7:27:05करके सामने वाले की तैसी करनी है उसने कि
- 7:27:08वो दुकानदार दुकान पे जाके भी वो ऐसे
- 7:27:10बोलता है भाई इतना देना कि मतलब झाग आने
- 7:27:13चाहिए। [हंसी] मरना नहीं चाहिए मैं। मुझे
- 7:27:16घर वालों को सबक सिखाना है। वो बाय चांस
- 7:27:18टाइम पे अटेम्प्ट ना हो। बाय चांस वो घर
- 7:27:21वाले ना देख पाए और वो मतलब मेडिकल या
- 7:27:23ज्यादा हो जाए डोज़ तो की बात है वो मरते
- 7:27:25हैं। नहीं तो वो लोग बचते ही हैं। वो तो
- 7:27:27फिर अगले वालों को वो घर वालों को वैसे ही
- 7:27:29डरा के रखते होते हैं। बिकॉज़ दे नो कि
- 7:27:32हमारे घर वाले इस वाले पॉइंट पे आके कमजोर
- 7:27:34हो जाते हैं। बाकी टाइम पे नहीं मानते
- 7:27:36हैं। जिसका इमोशनल कोशेंट लो है। उस वाले
- 7:27:40बच्चे के साथ क्या दिक्कत होती है? मैं
- 7:27:41आपको बताऊं अपनी सोसाइटी में कि जब वो
- 7:27:44बच्चा छोटा है जब वो दो साल का है जब वो
- 7:27:47एक साल का है तो भी वो इमोशनली बहुत
- 7:27:50ज्यादा अनकंट्रोल्ड है तो भी वो बहुत
- 7:27:53ज्यादा रो रहा है तो उसकी मां क्या सोचती
- 7:27:56है कि ना यह मानेगा नहीं यह इतना रोएगा कि
- 7:28:00मेरे से कंट्रोल नहीं होगा फिर इसकी दादी
- 7:28:03या पड़ोसी आकर के ही रोकने पड़ेंगे उन्हीं
- 7:28:05को तो इससे बेटर है कि मैं इसको ना इसकी
- 7:28:08चुपचाप मानती रहूं जो भी यह कह रहा है अब
- 7:28:11वो उसको एक उम्र तक तो उसकी हर बात को वह
- 7:28:14मानते रहते हैं। फिर उस बच्चे को जब लेटर
- 7:28:18ऑन कभी रिजेक्शन का सामना करें करना पड़े
- 7:28:21स्कूल में कॉलेज में या कहीं मोहब्बत में
- 7:28:25वो जब उस तरह रिजेक्शन का सामना फिर वो
- 7:28:27नहीं कर पाते। इंटेलिजेंटली उसके साथ वो
- 7:28:29बिहेव नहीं कर पाते। उनको मालूम ही नहीं
- 7:28:32पड़ता। देखो क्यों मैं आपको क्यों कह रहा
- 7:28:34हूं यह सारी बातें क्योंकि आप टीचर्स हैं
- 7:28:36और आपको ढेर सारे बच्चों के साथ इंटरेक्शन
- 7:28:38करने का मौका मिलता है।
- 7:28:41हमारी जिंदगी के अंदर एक दिन ऐसा आता है
- 7:28:44जब हमें लगता है कि हमसे मतलब ऊपर कोई
- 7:28:47नहीं आ जाए मतलब अपनी जिंदगी अपनी मौज
- 7:28:50इससे अच्छी जिंदगी किसी की नहीं हो सकती
- 7:28:53और एक दिन ऐसा आता है जब लगता है कि सब
- 7:28:55कुछ मेरे ही साथ हो रहा है मतलब मेरे साथ
- 7:28:58ही ऐसा क्यों होता है मतलब सारे
- 7:29:00नेगेटिविटी खुद को ही लगते हैं तो जब
- 7:29:03जिसका इमोशनल कोशेंट लो है ना और जब इंसान
- 7:29:06यह सोचता है कि यार इससे अच्छी जिंदगी
- 7:29:08इससे तो अच्छा मर ही जाओ जिसका लो होगा ना
- 7:29:11वह मर ही जाएगा। पेरेंट्स इमोशनल कोशेंट
- 7:29:16किसी का भी कम किया ही नहीं जा सकता।
- 7:29:20वो बाय बर्थ कम होता है। उसको इंप्रूव
- 7:29:22किया जा सकता है। उसको इंप्रूव किया जा
- 7:29:25सकता है। इंप्रूव कैसे किया जा सकता है?
- 7:29:28जैसे मैंने बताया आपको कि इमोशनल कोशंट जो
- 7:29:32है वो सम टोटल ऑफ इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस
- 7:29:34और इंट्रा पर्सनल का टोटल है। तो
- 7:29:37इंटरपर्सनल और इंट्रा पर्सनल पे काम करो
- 7:29:40और आपका इमोशनल कोशेंट हाई हो जाएगा। अब
- 7:29:43इंटरपर्सनल पे कैसे काम करना है?
- 7:29:45इंटरपर्सनल का मतलब क्या है? सोसाइटी के
- 7:29:47साथ इंटरेक्शन, लोगों के साथ इंटरेक्शन।
- 7:29:49तो वो कैसे इंप्रूव करोगे आप? उस बच्चे को
- 7:29:52स्टेज हैंडलिंग दी जाए। उस बच्चे को
- 7:29:54ड्रामा, थिएटर, नाटक, डांस, दूसरी
- 7:29:57एक्टिविटीज जिसमें पब्लिक एक्टिविटी शामिल
- 7:29:59हो यानी ग्रुप एक्टिविटी। आप रावण बनाने
- 7:30:02लग जाओ उसकी ड्यूटी लगा दो स्पेशली कि
- 7:30:04तेरे को ये तीन बच्चे मैनेज करने हैं। वो
- 7:30:06चिड़ा रहेगा मतलब डेफिनेटली वो क्योंकि
- 7:30:09उसको नहीं पता कैसे हैंडल करना है। बट दिस
- 7:30:11इज द ओनली वे। इंटरेक्शन विद पीपल इज़ द
- 7:30:14ओनली वे। रोल प्ले इज़ द ओनली वे कि कभी तू
- 7:30:17तू पापा बन जा। मैं मतलब चल मैं आज तेरा
- 7:30:20बेटा हूं। पापा को ही यह करना चाहिए कि आज
- 7:30:22मैं तेरा बेटा हूं। तू पापा है। चल आज तू
- 7:30:24मेरे को आज इंस्ट्रक्शंस दे। फिर वो मतलब
- 7:30:27आपको बताएगा कि कैसे आपको करना चाहिए। इवन
- 7:30:30आप अपने बच्चों के साथ घर जाकर के अगर एक
- 7:30:32एक प्ले करो कि आज तू मेरी मम्मी मतलब अगर
- 7:30:35लड़की है तो लड़का है तो तू पापा और आज
- 7:30:37मैं चल तुम्हारी बेटी। तो आप मेरे को
- 7:30:39इंस्ट्रक्शंस दे। तो वो देखना आपको आपको
- 7:30:41रियलाइज कराएगा कि आप कहां-कहां कितने गलत
- 7:30:43हो। वो आपको जब कमांड देगा तो आपको पता
- 7:30:46लगेगा कि वो तेरे की ये वाला कैसा कर रहा
- 7:30:48है क्या।
- 7:30:49[हंसी]
- 7:30:49ये मेरा मतलब मैं ऐसा पापा हूं क्या या
- 7:30:51मैं ऐसी मम्मी हूं क्या या वो ऐसी
- 7:30:53मम्मीियों के इंटरेक्शन में है तो वो
- 7:30:55बेसिकली हमें सीखने के लिए देता है और
- 7:30:57इमोशनल कोशेंट आमतौर पे जैसे मैंने आपको
- 7:31:01शुरू में ही बताया क्योंकि 98% लोगों का
- 7:31:04इंटर और इंट्रा ऑलरेडी स्ट्रांग होता है
- 7:31:07तो इमोशनल कोशेंट ऑलरेडी स्ट्रांग होता
- 7:31:09है। मरने वाली फीलिंग जिंदगी में आ भी
- 7:31:11जाती है। हम मरते नहीं है क्योंकि हमारा
- 7:31:13इमोशनल कोशंट ऑलरेडी स्ट्रांग है। ठीक है
- 7:31:16ना? जिनका लॉ है उनके पेरेंट्स को सचेत
- 7:31:19करना जरूरी है कि इसको बचपन से ना सुनने
- 7:31:22की आदत डालो। इसको बचपन से इस बात का
- 7:31:25रियलाइज कराओ कि अगर ये रो रहा है तो रोना
- 7:31:27कोई नुकसानदायक नहीं होता। आधे घंटे की
- 7:31:30जगह अगर डेढ़ घंटा रो रहा है तो रो लेने
- 7:31:32दो। इसके आंसू सूख जाने दो। कोई फर्क नहीं
- 7:31:34पड़ेगा। रोने के डर से मत इसको एक्टिविटी
- 7:31:37में उसमें शामिल करो ना। बेसिकली वो वही
- 7:31:39तरीका है। फिर जैसे हमने बताया आपको कि
- 7:31:43उसको उन एक्टिविटीज में भेजना है जिससे कि
- 7:31:46वो अपने पैशन को ही प्रोफेशन बना ले।
- 7:31:48लेकिन यहां इमोशनल कोशेंट जिसका लो है
- 7:31:51हमें उसके पेरेंट्स को स्ट्रांगली एडवाइस
- 7:31:53करना है कि भाई इसको थिएटर क्लासेस,
- 7:31:56ड्रामा क्लासेस एंड इंट्रा पर्सनल के लिए
- 7:31:58मेडिटेशन से बढ़िया कोई चीज नहीं होती।
- 7:32:01इंट्रा पर्सनल इंप्रूव करना है। अगर सेल्फ
- 7:32:03में अगर जाना है तो मेडिटेशन एक ऑप्शन है।
- 7:32:06दूसरा कुछ मतलब आप इंट्रोस्पेक्शन का
- 7:32:09कार्ड बना लो आप रोज की रोज कि मैंने आज
- 7:32:11इस एक्टिविटी के ऊपर यह रिएक्ट किया। मुझे
- 7:32:13ऐसा करना चाहिए था। क्योंकि होता क्या है
- 7:32:15कि चाहे आपका लो है या हाई है। जब आप शाम
- 7:32:19को अपनी दिन की एक्टिविटीज को अगर आप गौर
- 7:32:21करेंगे तो आपको मालूम होगा कि आपने वो
- 7:32:23एक्टिविटी ठीक करी या गलत करी। आपके अंदर
- 7:32:26से आवाज आ ही जाती है तो वह कार्ड बनाए
- 7:32:28ऐसा बच्चा और जिसका लॉ होगा वह चांसेस कम
- 7:32:32है कि वह खुद बनाए तो उसके पेरेंट्स को या
- 7:32:35उसके टीचर को इस चीज के ऊपर फोकस करना
- 7:32:37पड़ेगा कि हम उसके इमोशनल कोशंट पे काम कर
- 7:32:40सकें।
- 7:32:42आई होप आई एम क्लियर।
- 7:32:45इंपॉर्टेंट टॉपिक था यह क्योंकि यह एक
- 7:32:47प्रॉब्लम है अपने देश के अंदर। हर साल
- 7:32:50करीब मेरे ख्याल 5 लाख के करीब बच्चा
- 7:32:53सुसाइड करता है।
- 7:32:55अपने देश के अंदर बहुत बच्चा सुसाइड करता
- 7:32:58है। एग्जैक्ट नंबर तो मुझे नहीं मालूम
- 7:33:03जब हम साइकोलॉजी साइकोलॉजी
- 7:33:09जी
- 7:33:12स्टडी ऑफ़
- 7:33:14हां जी बोलिए। अब पहले आप बोलिए।
- 7:33:17इसको इसके नहीं इसके साथ बोलिए। आएगी अभी
- 7:33:20इसको ना एक सेकंड के लिए वेट करना पड़ेगा।
- 7:33:22ऐसे कर लीजिए और आप एक सेकंड में आएगी।
- 7:33:25हां बोलिए।
- 7:33:26हां। इन द साइकोलॉजी द सोशल क्वेश्चन इज
- 7:33:28डिफरेंट फ्रॉम द इमोशनल क्वेश्चन।
- 7:33:30हां हां।
- 7:33:31बिकॉज़ आई एम स्टडिंग राइट नाउ इन
- 7:33:33साइकोलॉजी।
- 7:33:34हां हां।
- 7:33:35इन दिस केस यू आर टेकिंग सोशल क्वेश्चन इन
- 7:33:38द इमोशनल।
- 7:33:38सोशल क्वेश्चंट क्या होता है वो बताइए?
- 7:33:41सोशल क्वेश्चन हाउ हाउ पर्सन इंटरेक्ट विद
- 7:33:44द अदर्स?
- 7:33:45ठीक है?
- 7:33:45किस तरीके से सिचुएशन में बिहेव करता है?
- 7:33:47ठीक है? इन द इमोशनल क्वेश्चन वो किस
- 7:33:49तरीके से पर्सनली वो लेता है उस चीज को?
- 7:33:52हमने दोनों को एक में कर दिया ना?
- 7:33:53हां जी।
- 7:33:54हमने इंट्रा पर्सनल और इंटरपर्सनल को हमने
- 7:33:56एक ही में कर दिया। इसलिए बोला कि सोशल
- 7:33:58कोशंट इज़ अ पार्ट ऑफ़ इमोशनल कोशंट।
- 7:34:01जैसे कुछ लोग स्पिरिचुअल कोशेंट आता है तो
- 7:34:04स्पिरिचुअल कोशंट इज अ पार्ट ऑफ इमोशनल
- 7:34:07कोशंट। स्पिरिचुअल इंटेलिजेंस इज़ अ पार्ट
- 7:34:10ऑफ इंट्रा पर्सनल इंटेलिजेंस। क्योंकि वो
- 7:34:12बहुत छोटी है। स्पिरिचुअल कोशंट उसके तो
- 7:34:14इसलिए उसको अलग ब्रांच बनाने की जरूरत
- 7:34:16नहीं है। वो उसी का पार्ट है। उसी की
- 7:34:18बदौलत है। उसमें से निकल गया। अब हाथ कह
- 7:34:20लो इसको या कह लो कि दिस इंडेक्स फिंगर इज
- 7:34:23अ पार्ट ऑफ दिस हैंड। अब इसको इंडेक्स
- 7:34:25फिंगर अलग से भी बोल सकते हो और पार्ट ऑफ
- 7:34:27हैंड भी बोल सकते हो। लाइक दैट जी मैम
- 7:34:30प्लीज
- 7:34:32सॉल्वड हो गया। हां प्लीज
- 7:34:35मेडिटेशन इंट्रा पर्सनल इंटेलिजेंस के लिए
- 7:34:37बहुत जरूरी है। हां जी। सो क्लियर
- 7:34:42दीज़ वर इंटेल फोर इननेट क्वेश्चंस। इनके
- 7:34:47ऊपर जब आप अब आपको क्या हो गया कि और
- 7:34:49थोड़ी क्लेरिटी आई होगी उन बच्चों के
- 7:34:50बिहेवियर को देख के। इवन आपके सर्कल में
- 7:34:53अगर आपके दोस्त का बच्चा कोई ऐसा है तो
- 7:34:55एटलीस्ट उनको आप इतना सजेस्ट तो कर ही
- 7:34:57सकते हो कि कम से कम इतना पता तो लगा लो
- 7:34:59कि ऐसा क्यों करता है कि अगर इसका लो है
- 7:35:02तो अर्ली स्टेज पे पॉसिबिलिटी है कि हम
- 7:35:05उसको ठीक टाइम पे सही जगह ट्रीट कर लें
- 7:35:08अच्छे से।
- 7:35:11सर एक बच्चा है मेरी क्लास में इन द
- 7:35:14बिगिनिंग ऑफ सेशन उसके पेरेंट मुझे
- 7:35:16क्लेरिफाई कर रहे थे कि मेरा बच्चा कैसा
- 7:35:18है कि मैम ये कभी काम नहीं पूरा करता मैं
- 7:35:20डंडा बजा के इसका काम पूरा कराता हूं मतलब
- 7:35:23जब इसके पीछे [गला साफ़ करने की आवाज़] ना
- 7:35:24पड़ो तो ये काम पूरा नहीं करता है तो मुझे
- 7:35:26लगा कि मैं क्या कंप्लेन करूंगी सर ही
- 7:35:28मुझे कर रहे हैं तो आई शुड बी कॉन्फिडेंट
- 7:35:30अबाउट माय चाइल्ड कि वो मेरे साथ उसका
- 7:35:32ट्रस्ट बिल्ड हो जाए तो मैंने कहा सर कोई
- 7:35:34बात नहीं मेरे पास पहली बार बच्चा आया है
- 7:35:36तो ये मेरी होलीज होली रिस्पांसिबिलिटी है
- 7:35:38बाकी मारपीट इज नॉट अ सॉल्यूशन। आप मेरे
- 7:35:41पे छोड़ दीजिए। आपको इसका सारा काम पूरा
- 7:35:43मिलेगा।
- 7:35:43तो मैंने उस बच्चे को पेरेंट के सामने ही
- 7:35:45बोला क्यों रौनक सारा काम पूरा होगा ना?
- 7:35:48मैं रिस्पांसिबिलिटी ले रही हूं आपकी। अब
- 7:35:50आप देख लो पापा के सामने प्रॉमिस करो कि
- 7:35:52कितने दिन में काम पूरा कर लोगे? तो वो 2
- 7:35:54मिनट तो सोच में पड़ गया। फिर कहता है मैम
- 7:35:57परसों तक ना मैं सारा काम दे दूंगा। मैंने
- 7:35:59कहा सारा मतलब सारा मैथ्स का, इंग्लिश का,
- 7:36:02हिंदी का, एसएसटी का कहता है मैम हो
- 7:36:04जाएगा। मैंने कहा सर इसे आप कुछ नहीं
- 7:36:05कहेंगे। मेरे पास छोड़िए रमेड की क्लास
- 7:36:08में मेरे पास ये स्टे बैक करेगा 45 मिनट्स
- 7:36:10और आपको सारा काम मिल जाएगा लेकिन टिल देन
- 7:36:12आप इसे कुछ कहेंगे नहीं घर पे ये होलीसली
- 7:36:14मेरी रिस्पांसिबिलिटी है आफ्टर टू डेज
- 7:36:17उसका काम पूरा हो गया एनी हाउ चेक था
- 7:36:19मैंने बोला सबका काम पूरा यस इतने में
- 7:36:21साइंस मैम की मुझे कंप्लेंट आई कि मैम
- 7:36:23इसका काम पूरा नहीं है आई वास शॉक्ड तो
- 7:36:26मैम ने बोला कि आई वांट टू टॉक टू ह फादर
- 7:36:28ये वो जो भी था मैंने कहा ठीक है मैम इसके
- 7:36:30पापा से मेरी बात हो चुकी है एक बार मैं
- 7:36:31बात कर लूंगी रौनक को मैंने बुलाया मैंने
- 7:36:34कहा बेटा क्या हुआ आप तो कह कह रहे थे
- 7:36:36सारा काम पूरा है। फिर मुझे साइंस की
- 7:36:37कंप्लेंट आ गई। कहता है मैम आपने कहा था
- 7:36:39इंग्लिश का, हिंदी का, साइंस का और मैथ्स
- 7:36:41का काम पूरा करना चाहिए। एसएससी ने बोला
- 7:36:43था। तो उस समय मैं शॉक्ड थी कि जो हम
- 7:36:46बोलते हैं अब ये बच्चा कौन सी कैटेगरी का
- 7:36:48है इमोशनल है उसने मेरा ट्रस्ट नहीं
- 7:36:50तोड़ा। जो मैंने वर्ड्स उसके फादर को दिए
- 7:36:52उसने वो कंप्लीट करे। और विदिन अ कपल ऑफ़
- 7:36:55डेज ही हैज़ कंप्लीटेड ऑल द वर्क। लेकिन
- 7:36:57मैंने एसएसटी नहीं बोला था। ही इज़ दैट मच
- 7:36:59स्मार्ट आल्सो कि एसएसटी छोड़ दो बाकी सॉरी
- 7:37:02साइंस छोड़ दो बाकी कर लेता हूं। ही मे बी
- 7:37:04स्मार्ट ही मे बी देखिए बहुत इंपॉर्टेंट
- 7:37:07आपको ना जब आप ऐसे बच्चों से डील करेंगे
- 7:37:10आप में से बहुत सारी चीजें समझ आ गई ना
- 7:37:12आपको मैम की बात करते ही एकदम से क्लियर
- 7:37:15हो गया ही वाज़ अ लिसनर पर्सनालिटी इनके
- 7:37:17कहने से वो सिर्फ इसलिए कर रहा था बिकॉज़
- 7:37:19इन्होंने उसका नाम ले दिया रौनक मैं
- 7:37:22रिस्पांसिबिलिटी ले रही हूं इतनी सी बात
- 7:37:24में वह इनके साथ कनेक्ट हो गया इतनी सी
- 7:37:27बात में वह इनके कहने से काम कर लाया उसका
- 7:37:29मन बिल्कुल नहीं था बट बिकॉज़ ही वाज़
- 7:37:31कनेक्टेड टू मैम ही वांट्स कि मैम खुश हो
- 7:37:35मेरी बात से मेरा नाम उन्होंने लिया है जो
- 7:37:37कि बहुत कम लोग लेते हैं। ठीक इतनी सी बात
- 7:37:40में वो कर लिया और दूसरा वो उसकी बेसिक
- 7:37:42इंस्टिंक्ट है कि उस वो स्मार्ट नहीं था
- 7:37:44बिल्कुल भी मैं आपको बताऊं स्मार्ट जो
- 7:37:47बच्चा होगा ना वो बिल्कुल चारों में से एक
- 7:37:50का भी नहीं करता
- 7:37:53हां उसने क्लिक नहीं किया उसका दिमाग चलता
- 7:37:56ही भरता है बेचारा वो करता ही उतना बहुत
- 7:37:59क्लियरली मैंने आपको शुरू में ही बोला वो
- 7:38:01बेचारे को सुनता ही उतना है जितना आपके
- 7:38:03मुंह से निकलता है उसे आगे पीछे का नहीं
- 7:38:06नजर आता हमने तो यहां तक भी बताया था कि
- 7:38:09अगर आपने टेबल पर चाबी रखने को बोला है कि
- 7:38:12टेबल पर चाबी रखी है उसे सोफा भी नजर नहीं
- 7:38:15आता अगर वह चाबी सोफे पर रखी हो तो
- 7:38:18मतलब वो ऐसा नहीं है कि वो आपकी बात मानना
- 7:38:21नहीं चाहता। ऐसा नहीं है कि वो कम स्मार्ट
- 7:38:24है। ऐसा नहीं है कि उसको एक्चुअली दिखता
- 7:38:26ही उतना है।
- 7:38:28आप क्या कह रहे थे?
- 7:38:30इसमें टाइम स्टेशन मैं ही हूं।
- 7:38:32[हंसी]
- 7:38:34आफ्टर दैट ही केम टू मी इन द लास्ट इन इन
- 7:38:36अ डायरी पीरियड मैम सारा काम हो गया बिकॉज़
- 7:38:38आई हैड मेड अ कॉल टू हिज पेरेंट्स कि इसका
- 7:38:41फिर से वही कुछ शुरू हो गया सेवंथ क्लास
- 7:38:42वाला ये नहीं कर रहा है काम तो आफ्टर दैट
- 7:38:44ही केम टू मी ओनली वि द क्वेश्चन आंसर
- 7:38:47वर्क सर नोटबुक में ना तो डायग्राम थे ना
- 7:38:49ही नोट्स थे मैम आपने ही तो कहा था
- 7:38:51क्वेश्चन आंसर [हंसी]
- 7:38:53तो ऐसे मौके पे तो आपको हंसना चाहिए ना कि
- 7:38:55रियली मैंने ही कहा था भाई ये तो मैं
- 7:38:58इसमें देखो आप जब आप डील करोगे लिसनर्स को
- 7:39:01तो आपको लगेगा यार सच्ची में मेरी
- 7:39:03स्टेटमेंट अधूरी थी। सच्ची में बच्चे को
- 7:39:05इतना समझ आया। सच्ची में यह करना इतने ऐसा
- 7:39:08नहीं है कि वो बचना चाह रहा है। वो उसको
- 7:39:12रियल में ही उतना ही समझ आ रहा है। सो आप
- 7:39:15भी मैं एक और बात बताऊं आपको। आप भी ध्यान
- 7:39:17रखिए। नेवर टेक अ प्रॉमिस फ्रॉम एनी
- 7:39:20चाइल्ड। बेटा प्रॉमिस ऐसा बिल्कुल मत लो।
- 7:39:24कभी मत लो। जो और मैम ने बोला कि आई
- 7:39:27ट्रस्ट यू वाली बात जो बात कही थी। मतलब
- 7:39:29सच में आपकी आंखों में अगर ट्रस्ट है बेटा
- 7:39:32आई ट्रस्ट यू मतलब वो काम नहीं करके लाया
- 7:39:35आप एक लाइन लास्ट में बोलो आई स्टिल
- 7:39:37ट्रस्ट यू वो फिर से नहीं करके लाया आप
- 7:39:40फिर एक बार बोल आई स्टिल ट्रस्ट यू
- 7:39:41लिसनर्स 85% होते हैं 85% लोग बार-बार
- 7:39:46भरोसा नहीं तोड़ते
- 7:39:48वो एक मोमेंट ऐसा आएगा जब उनको शर्म आने
- 7:39:51लग ही जाएगी हां आइडलिस्ट को कभी नहीं
- 7:39:55आएगी एफिशिएंट को कभी नहीं आएगी उनको कभी
- 7:39:58कभी नहीं आएगी। उन्होंने करना है तो करना
- 7:40:00है। नहीं करना है तो नहीं करना। मैडम
- 7:40:02ट्रस्ट करे आए ना करे। गालियां दे या कुछ
- 7:40:04कहे। डांट पड़े, घर वालों को बताए कुछ
- 7:40:06करे। उन्होंने करना है तो करना है, नहीं
- 7:40:08करना है तो नहीं। बट लिसनर्स दे ऑलवेज
- 7:40:10ट्रस्ट योर वर्ड्स। और वो उतना ही फोकस
- 7:40:13करते हैं जितना आपसे सुनते हैं। सो इतना
- 7:40:16सा आपको करना है कि यू हैव टू हैव कमांड
- 7:40:19ओवर योर वर्ड्स। जो शब्द आपके मुंह से
- 7:40:22निकला उसको बहुत केयरफुली और स्पेशली उस
- 7:40:25बच्चे का नाम उसमें इंक्लूड हो। यह स्पेशल
- 7:40:28बात है। सबसे ज्यादा स्पेशल एक ही बात है
- 7:40:30कि जब इंस्ट्रक्शंस दे रहे हो तो एटलीस्ट
- 7:40:34उस बच्चे का नाम एक बार लेना पड़ेगा।
- 7:40:36जितने लिसनर्स हैं आपको पूरी लेक्चर के
- 7:40:39दौरान उस बच्चे का नाम लेना पड़ेगा। अगर
- 7:40:41आप ये आइडेंटिफाई कर पाए कि मेरी क्लास
- 7:40:43में ये 10 बच्चे हैं। हर 5 मिनट में एक
- 7:40:45दूसरे बच्चे का नाम लेकर के उनका नाम लेना
- 7:40:49है आपने।
- 7:40:50ज्यादा नहीं करो तो छोटा-मोटा काम फिर
- 7:40:53रोहन तुम पेंसिल पकड़ाना बेटा। उन दूसरे
- 7:40:55वाले बच्चे का नाम लेकर के उसको बोलो
- 7:40:57पिंकी तुम रबड़ दे दो नहीं चाहिए तो भी
- 7:41:00मांग लो सिर्फ इतना सा ये 10 बच्चों के
- 7:41:04लिए 10 सेंटेंस आपको अलग से फ्रेम करने
- 7:41:06पड़ेंगे एंड यू विल योर प्रॉब्लम इज
- 7:41:08सॉल्वड कुछ नहीं करना बहुत ज्यादा
- 7:41:12कैन इट बी पॉसिबल अ टीचर एंड ऑन द सेम वे
- 7:41:16अ स्टूडेंट
- 7:41:17प्लीज कैन इट बी पॉसिबल एंड माइट बी जब आप
- 7:41:20कह रहे हैं 85% और पपुलेशन इज़ ऑफ़ लिसनर
- 7:41:23ओनली क्या टीचर टीचर भी लिसनर हो और बच्चा
- 7:41:26भी लिसनर हो तो उस केस में क्या करना
- 7:41:28चाहिए?
- 7:41:2885% टीचर्स भी लिसनर ही होंगे।
- 7:41:30दैट्स व्हाट तो कैसे करना चाहिए?
- 7:41:32टीचर को समझ आ तो गई।
- 7:41:35[हंसी]
- 7:41:39फिर भी सर कई बारी
- 7:41:40तो अब मैं सारे टीचर्स का नाम लूं। पहले
- 7:41:42टेस्ट करना पड़ेगा कौन सा कौन सा लिसनर्स
- 7:41:44हैं।
- 7:41:44सर बिल्कुल [हंसी]
- 7:41:46आर विजुअलाइजिंग आवर टीचिंग।
- 7:41:48कि कई बारी सिचुएशन ऐसी आती है इवन द
- 7:41:50स्टूडेंट एज वेल एज द टीचर्स आर लिसनर
- 7:41:53ओनली। ये बहुत बार होगा। मैक्सिमम टाइम
- 7:41:55ऐसा होगा और
- 7:41:59इसको क्योंकि आप बहुत सारी चीजें देख ही
- 7:42:01चुके हैं ऑलरेडी अपनी इस ट्रेनिंग के
- 7:42:04दौरान कि क्या-क्या आपके पास
- 7:42:07कैरेक्टरिस्टिक्स हैं आपके बिहेवियर की
- 7:42:10जो आपको लिसनर बनाती हैं। तो मेरे ख्याल
- 7:42:14से
- 7:42:17आप में से जो जो मतलब मैं अभी बात कर रहा
- 7:42:19हूं सिर्फ फीमेल टीचर्स की जो जो अपने घर
- 7:42:24में पूरी रिस्पांसिबल हैं अपने बच्चे अपने
- 7:42:27हस्बैंड अपनी पूरी फैमिली के लिए लेकिन
- 7:42:29अपने मायके जाते ही रानी बन जाती है वो
- 7:42:31समझो लिसनर हैं।
- 7:42:33[हंसी]
- 7:42:37नहीं हां जो हैं जो दूसरी है वो जैसी यहां
- 7:42:41पर है वैसी वहां भी हैं। अदर देन लिसनर्स
- 7:42:45वो क्योंकि लिसनर की खासियत क्या है? वह
- 7:42:48बहुत एक्टिव, बहुत रिस्पांसिबल, इन टाइम,
- 7:42:53रेगुलर और पंक्चुअल सिर्फ उस केस में होगा
- 7:42:57जब वो रिस्पांसिबिलिटी स्लैब के सबसे ऊपर
- 7:42:59होगा।
- 7:43:02मम्मी
- 7:43:04नहीं वो तो बता ही रहा हूं।
- 7:43:08तो मैंने अगली लाइन में स्पेसिफाई कर दिया
- 7:43:09ना। जब आप रिस्पांसिबिलिटी स्लैब में सबसे
- 7:43:13ऊपर हैं तब आप
- 7:43:17सबसे ज्यादा एक्टिव रेगुलर पंकुअल हैं।
- 7:43:20रिस्पांसिबिलिटी स्लैब में एक स्टेप नीचे
- 7:43:22आते ही आपके सारे काम लास्ट मोमेंट पे
- 7:43:25होएंगे।
- 7:43:28तो समझ लीजिए कि लेसनर्स वाली कैटेगरी में
- 7:43:30हम आ गए हैं। बाकी वाला बंदा एफिशिएंट
- 7:43:33वाले ने तो काम पहले खत्म करना है। बाद
- 7:43:36में आराम करना है। इस वाले को पहले आराम
- 7:43:38करना है। बाद में काम करना है।
- 7:43:40ठीक है? जो आइडलिस्ट है वो कैलकुलेशन
- 7:43:43करेगा
- 7:43:45वो आइडलिस्ट है या फिर एफिशिएंट है?
- 7:43:48वो हम ऑलरेडी बता चुके हैं। हां जी।
- 7:43:55सारी क्वालिटीज हैं।
- 7:44:00सारी क्वालिटीज कौन सी?
- 7:44:03लाइक बोलिए। पूरा बोलिए। कोई बात नहीं।
- 7:44:08[हंसी]
- 7:44:09दीजिए दीजिए
- 7:44:12होता तो करते तो नहीं करते
- 7:44:14हां जी बोलिए
- 7:44:15मूड होता है तो करते हैं
- 7:44:16कौन
- 7:44:17डिपेंड ऑन द मूड
- 7:44:19नहीं मूड नहीं
- 7:44:20अगर उनको मन करता है तो टाइम पे कर देते
- 7:44:22हैं अगर नहीं मन करता तो फिर पड़े रहने दो
- 7:44:25फिर वो प्रायोरिटाइज भी तो करते हैं ना कि
- 7:44:27प्रायोरिटी किस चीज की है आइडलिस्ट
- 7:44:33मैंने उस बच्चे को अपने पास बैठा के रखा
- 7:44:35है वर्क करने के लिए ही जस्ट केप्ट मेकिंग
- 7:44:37एक्सक्यूसेस फॉर द 40 मिनट्स ही डिडंट
- 7:44:39ट्राइड इवन अ सिंगल वर्ड इन द नोटबुक।
- 7:44:41हां हां हो सकता है पॉसिबिलिटीज आर
- 7:44:44तो ये कैसे इस बच्चे से फिर कैसे डील
- 7:44:46करें?
- 7:44:46देखिए आप एक लाइन में उस बच्चे को डिफाइन
- 7:44:48नहीं कर पा रहे हैं और ना ही कर पाएंगे।
- 7:44:51आपको उसका पिछला बैकग्राउंड भी दिखाना
- 7:44:54पड़ेगा, बताना पड़ेगा। कब यह प्रॉब्लम
- 7:44:56शुरू हुई? यह प्रॉब्लम कहां तक पहुंची?
- 7:44:59आपके पास वह कब आया और आपकी स्टेटमेंट्स
- 7:45:02क्या-क्या थी? यह सारी चीजें मिलाकर उस
- 7:45:04पूरे के पूरे उसको बनाएगा।
- 7:45:07और जैसे हम शुरू में ही डिस्कशन कर रहे
- 7:45:10थे। डॉक्टर इंद्र भी साथ में डिस्कस कर
- 7:45:12रहे थे कि किस कोई भी आपकी बात को मान ले
- 7:45:17उसके लिए वन एंड ओनली वन वे है एंड दैट इज
- 7:45:21कनेक्शन।
- 7:45:23वन एंड ओनली वन।
- 7:45:26आप भी उसी की बात मानते हो जिसके साथ
- 7:45:27कनेक्टेड हो। जिसके साथ कनेक्टेड हो उसके
- 7:45:30लिए तो खुद सारा दिन रात काम करने को
- 7:45:32तैयार हो। जिसके साथ नहीं कनेक्टेड हो
- 7:45:34उसके लिए चाय बनाने में भी तकलीफ होती है।
- 7:45:36बहुत सिंपल सी बात है। इसमें कोई इतना
- 7:45:39बड़ा खेल आपको सोचना ही नहीं है ना। एज अ
- 7:45:42पर्सन आप भी तो पर्सन ही हो। आप भी तो
- 7:45:45इंसान ही हो। तो आपका भी तो सोचने का
- 7:45:48तरीका है कुछ ना कुछ। तो आप उससे सिर्फ
- 7:45:51आपको करना कुछ नहीं है। वो बच्चा कैसा ही
- 7:45:54भी है। लिसनर है, आइडियलिस्ट है, एफिशिएंट
- 7:45:58है या फिर फ्लैशी है या उसकी कोई सी भी
- 7:46:01इंटेलिजेंस लो या हाई है। मुझे नहीं लगता
- 7:46:03इससे कोई फर्क पड़ता है। यह सारी
- 7:46:06ट्रेनिंग, यह सारा इंटरेक्शन जो आपके साथ
- 7:46:09हुआ है, मैं समझता हूं इसका केवल एक मतलब
- 7:46:14मकसद है कि आपने उसको पहचान लिया। आपने यह
- 7:46:18जान लिया कि यह वाली चीज यह क्यों कर रहा
- 7:46:20है। आपको यह पता लग गया कि इसको यह बात
- 7:46:23समझ में आएगी कि नहीं आएगी। आएगी तो कैसे
- 7:46:26आएगी? और अगर आप उस जगह पर नहीं फिट होते,
- 7:46:30अगर आप उसको नहीं समझा सकते, उसके लिए आप
- 7:46:33वो सब नहीं कर सकते, आप कंपैटिबल नहीं हो
- 7:46:36उसको हेल्प करने की, तो सिंपली लीव इट
- 7:46:39देयर।
- 7:46:40आपको इमोशनली उसके लिए पागल होने की जरूरत
- 7:46:43नहीं है। आपका पता होना ही बहुत है। जब भी
- 7:46:47मौका लगे जितना मौका लगे जो राइट चॉइस है
- 7:46:50मदद करने की वो कीजिए। अदरवाइज हम क्या कर
- 7:46:53सकते हैं? जब उसके पेरेंट्स उसको समझने के
- 7:46:55लिए तैयार नहीं है। जब स्कूल का स्टेक
- 7:46:57होल्डर समझने को तैयार नहीं है। भाई मान
- 7:46:59लीजिए आपकी हेड ऑफ द डिपार्टमेंट या आप
- 7:47:01हेड ऑफ द इंस्टीट्यूशन मान लो आपका आपकी
- 7:47:04मैनेजमेंट उसको उस उस तरह से हेल्प करने
- 7:47:06की पोजीशन में नहीं है या पोजीशन या उसको
- 7:47:08नहीं करना देन लीव इट देयर। जो आपके यहां
- 7:47:11ड्यूटी है वो करते रहिए। जो बेस्ट पॉसिबल
- 7:47:14ड्यूटी आपकी एज अ क्लास में एज अ टीचर है
- 7:47:16वो आप करिए।
- 7:47:23सर रिसेंटली आई डिस्ट्रीब्यूटेड साइंस
- 7:47:25शीट्स।
- 7:47:26सो दैट चाइल्ड वाज़ नॉट एबल टू स्कोर गुड।
- 7:47:30द प्रॉब्लम इज दिस ही केम टू मी एंड सेड
- 7:47:33कि मैम माय फादर वुड बीट मी बिकॉज़ हिज़
- 7:47:38सिस्टर वाज़ फ्रॉम दी सेम स्कूल। सो आई हैव
- 7:47:41आईडिया ऑफ़ दैट पेरेंट। व्हाट आई कुड
- 7:47:43रिकॉग्नाइज इज़ देयर पेरेंट्स आर हाइली
- 7:47:46फ्लशी एंड एफिशिएंट। अ कॉम्बिनेशन ऑफ़
- 7:47:48हाइली फ्लैशी एंड एफिशिएंट। बट दी चाइल्ड
- 7:47:51इज़ ऑफ लिसनर कैटेगरी। एंड व्हाट दे आर
- 7:47:53डूइंग इज़ दे आर मेकिंग द चाइल्ड इमोशनली
- 7:47:55अनस्टेबल। दी चाइल्ड सेड ही क्राइड इन
- 7:47:58फ्रंट ऑफ़ मी एंड ही सेड व्हाट शुड आई डू?
- 7:48:02आई सेड, वुड यू लाइक टू टॉक टू योर फादर
- 7:48:05और वुड यू लाइक मी टू इंटरविन इन दिस
- 7:48:07सिचुएशन? ही सेड नो मैम ही इज़ गोइंग टू
- 7:48:10मीट मी।" मैंने कहा ओके आई एक्सेप्ट योर
- 7:48:12पॉइंट व्हाट यू कैन डू ही सेड मैम व्हाट
- 7:48:15यू वुड हैव डन इफ यू हैव स्कोर्ड दिस
- 7:48:17काइंड ऑफ़ मार्क्स मैंने कहा कि भ आई वुड
- 7:48:20हैव रिटन अ लेटर एंड पुट इट बसाइड्स दी
- 7:48:23पिलो ऑफ माय अह फादर सो दैट व्हेनएवर एंड
- 7:48:27दैट आई वुड हैव डन अर्ली इन दी मॉर्निंग
- 7:48:30व्हेन आई वुड बी लिविंग फॉर स्कूल सो दैट
- 7:48:32ही कुड नॉट गेट अह मी इनसाइड दी हाउस वाइल
- 7:48:36रीडिंग दैट लेटर आफ्टर सम टाइम ही सेड कि
- 7:48:40मैम मैम प्लीज मेरे फोर मार्क्स बढ़ा दो।
- 7:48:44मैं एटलीस्ट 20 में आ जाऊं। सो माय फादर
- 7:48:46वुड बीट मी नॉट एट दैट मच लेवल। आई सेड
- 7:48:50फोर मार्क्स बढ़ा दो। देन ही स्टार्टेड
- 7:48:52ब्लेमिंग कि आपने मेरे मार्क्स ज्यादा
- 7:48:54काटे हैं। आई स्टार्टेड लाफिंग। ही सेड
- 7:48:57व्हाई आर यू लाफिंग?" व्हाई आर यू लाफिंग?
- 7:48:59आई एम पुटिंग अ ब्लेम ऑन यू। मैंने कहा
- 7:49:01दिस इज सो चाइल्डिश। व्हाई आई शुड नॉट
- 7:49:04लाफ।" एंड सर आई वाज जस्ट कंसर्नड अबाउट
- 7:49:08दी चाइल्ड। आई हैव गिवेन दिस एडवाइस बट
- 7:49:11दैट चाइल्ड व्हाट आई थॉट इज़ दैट पेरेंट आर
- 7:49:15मेकिंग हिम इमोशनली अनस्टेबल ही टोल्ड मी
- 7:49:18वन थिंग दैट सिंस फोर इयर्स वी हैव नॉट
- 7:49:21स्माइल्ड एट आवर हाउस द डिसिप्लिन इज़ सो
- 7:49:23स्ट्रिक्ट देयर इज़ अ डिफरेंस बिटवीन
- 7:49:25डिसिप्लिन एंड यू नो ओवर ऑथराइज्ड पेरेंट
- 7:49:30दे आर ओवर ऑथराइज्ड दे थिंक इट्स माय
- 7:49:33प्रॉपर्टी माय चाइल्ड इज़ माय प्रॉपर्टी आई
- 7:49:35नो दैट चाइल्ड हैज़ सर दैट चाइल्ड अराइव्ड
- 7:49:38मी फाइव फाइव टू सिक्स टाइम्स टू
- 7:49:40एक्सप्लेन मी व्हाट सिचुएशन ही विल बी
- 7:49:43गोइंग थ्रू। ऑलदो आई हैव एडवाइज्ड बट आई
- 7:49:46हैव एडवाइस्ड कि क्योंकि मुझे लग रहा था
- 7:49:48उस टाइम पे कि कहीं उसकी हो ही ना जाए सच
- 7:49:51में तो मैंने उसे बोला कि आप फिर इस तरीके
- 7:49:54से बताना जब आप हो ही ना शायद उस टाइम पे
- 7:49:57सर उसने मुझे क्लियरली कह दिया चारप सालों
- 7:49:59से सिर्फ डिसिप्लिन के चक्कर में हम हंसे
- 7:50:01भी नहीं है। एंड मी एंड माय सिस्टर आर ओवर
- 7:50:05कंट्रोलोल्ड। मैं अब आपको एक चीज बताऊं के
- 7:50:09जैसे आपने जो यह बात बताई है दिस इज
- 7:50:14हैपनिंग
- 7:50:16इन मोर देन 50% हाउसेस
- 7:50:20क्योंकि ना आप देखिए रिसोर्सेज बहुत कम हो
- 7:50:24गए हैं। मां-बाप को इतना सा लगता है कि
- 7:50:27नौकरी के से ही इसकी जिंदगी बनेगी और
- 7:50:29नौकरियों के चांसेस नंबरों के बेसिस पर
- 7:50:32हैं। तो एव्री पैरेंट इज कंसर्नड अबाउट
- 7:50:35मार्क्स ओनली। उसे इससे ज्यादा उनको इससे
- 7:50:38ज्यादा कुछ पता ही नहीं है कि जिंदगी और
- 7:50:40भी कुछ होती है। वह औलाद को पालते ही
- 7:50:43इसलिए हैं कि यह नौकरी नहीं लगा तो हमारा
- 7:50:45बुढ़ापा खराब हो जाएगा। फिर हमें कौन
- 7:50:47संभालेगा अगर यही काबिल खुद के काबिल नहीं
- 7:50:49हुए तो? तो वो इतना इनसिक्योर हैं। और इस
- 7:50:54वजह से यह जो डिसिप्लिन है। नेक्स्ट हां
- 7:50:57जी। सर आई हैव नॉट टॉट ह सिस्टर बट व्हाट
- 7:51:01ही टोल्ड मी वास शॉकिंग एंड ही वास सेइंग
- 7:51:03अगेंस्ट ह पेरेंट दैट ही वुड स्टार्ट
- 7:51:05ब्लेमिंग यू एंड स्कूल फॉर द सीन
- 7:51:07हां हां मुझे मालूम है ये ये
- 7:51:10पहले भी हो चुका है
- 7:51:12जो
- 7:51:13जैसे मैं आपको बताऊं मैंने आपको अभी थोड़ी
- 7:51:15देर पहले बोला था एफिशिएंट पर्सनालिटी
- 7:51:18आपको सुसाइड करने के लिए भी मतलब उकसा
- 7:51:22देगा इतना ज्यादा प्रोवोक करेगा कि वो
- 7:51:24सामने वाले का नुकसान कितना भी कर सकता
- 7:51:27है। अब जैसे उन्होंने बताया है कि पापा जो
- 7:51:30हैं वो फ्लैशी की वजह से वह अपना टॉर
- 7:51:33दिखाना चाहते हैं। हमारे बच्चे के इतने
- 7:51:35नंबर आए और एफिशिएंट की वजह से वो कंट्रोल
- 7:51:38करना चाहते हैं। जैसा कि मैम ने बताया
- 7:51:40मतलब अगर ये दो हैं तो दोनों एफिशिएंट
- 7:51:42होंगे तो भी चलेगा।
- 7:51:44बोथ अब देखिए क्या होगा मैं आपको बताऊं।
- 7:51:47क्योंकि मैक्सिमम पापुलेशन
- 7:51:50कैसे करती है काम?
- 7:51:53[हंसी]
- 7:51:54आपको थोड़ा सा एग्जांपल बताएंगे हम। आईएएस
- 7:51:58कोई बच्चा सिलेलेक्ट हुआ। कोई बच्चे ने
- 7:52:00पेपर क्रैक किया बहुत बड़ा। आईआईएम का कोई
- 7:52:04एग्जाम कर दिया। कैट में 100 परसेंटाइल आ
- 7:52:06गए। तो आप देखेंगे उनका इंटरव्यू लिखने का
- 7:52:09दौर है। होता है। ठीक है? ऐसा ही होता है।
- 7:52:13अब इंटरव्यू लिखने के दौर होते हैं।
- 7:52:15इंटरव्यू में क्या होता है कि जो
- 7:52:18एस्पिरेंट है जिसने आईएएस क्रैक किया या
- 7:52:20किसी ने यूपीएससी क्रैक करके कोई बड़े
- 7:52:22लेवल पर पहुंचा
- 7:52:26तो
- 7:52:28वो बंदा अपनी जिंदगी के संघर्ष बताएगा।
- 7:52:32जो इंटरव्यू लेने आया उसको कि मैं ऐसे
- 7:52:35मेहनत करता था। इतने इतने घंटे पढ़ता था।
- 7:52:38इतना-इतना मैंने ऐसे काम किया। मैंने इतने
- 7:52:40बजे उठ जाता था, इतने बजे सोता था और
- 7:52:43मैंने बहुत डिसिप्लिन लाइफ जी।
- 7:52:46अब जो मां-बाप है ना जो 85% मां-बाप हैं
- 7:52:51वो उनमें से दो-तीन वर्ड चूज़ कर लेते हैं।
- 7:52:54डिसिप्लिन, पंक्चुअल, 16 घंटे, मेहनत,
- 7:52:58पढ़ाई।
- 7:52:59यह पांच वर्ड ले इनको लेकर सारी उम्र अपने
- 7:53:02बच्चे पर उनका गठरे जो है उनकी उनकी बोरी
- 7:53:05लाद देते हैं।
- 7:53:07क्योंकि आपको जैसे मैंने बताया उनको सिर्फ
- 7:53:09वही वर्ड चाहिए होते हैं ना सिंपली उनको
- 7:53:11यह समझ आ गया इतना समझ आ गया उनको इससे
- 7:53:13आगे का कुछ नहीं पता उनको वो उस जिंदगी को
- 7:53:17एज अ होल नहीं देख सकते उनकी मजबूरी है ये
- 7:53:21और आप बताइए अगर आपको बड़े लेवल पर लोगों
- 7:53:24को समझाना होगा तो उनसे बात किए बिना उनको
- 7:53:28यह पूरी आप बता दीजिए एज ए टीचर आप यहां
- 7:53:31बैठे हो आज 15 घंटे हो गए हमें बात करते
- 7:53:34हुए तब जाकर के आपको समझ में आना लगा कि
- 7:53:38उत्तरेगी यह इसलिए करते हैं।
- 7:53:41अब समझ में आने लगा धीरे-धीरे सोचो उनको
- 7:53:44समझाने के लिए हमें कितना मगजमारी करनी
- 7:53:46पड़ेगी जो समझने के लिए भी तैयार नहीं।
- 7:53:49पहला नंबर तो वो समझने के लिए तैयार नहीं।
- 7:53:52और दूसरा नंबर उनको आधा भी इतना सा भी
- 7:53:54नहीं पता। जिस टॉपिक पे जिस साइकोलॉजी और
- 7:53:56जिस लेवल की साइंस पे हम बात कर रहे हैं।
- 7:53:58जिस लेवल पर बच्चे को समझने की हम बात कर
- 7:54:01रहे हैं उनको उसकी एबी सी भी नहीं पता। तो
- 7:54:04यू कैन अस्यूम कि आपको मतलब आप सोच सकते
- 7:54:09हैं कि उन बच्चों के ऊपर कितना बड़ा बोझ
- 7:54:11है अननेसेसरी का। तो जो मां-बाप इस तरह के
- 7:54:16आते हैं मैं आपकी बात अभी करता हूं। पहले
- 7:54:18ये कंप्लीट कर लूं फिर मैं भूल जाता हूं।
- 7:54:19ट्रैक निकल जाता है। तो जो मां-बाप इस तरह
- 7:54:22के आपकी क्लास में हैं जो प्रॉब्लमैटिक हो
- 7:54:25चुके हैं। पेरेंट्स नॉट किड्स। बिकॉज़ मैं
- 7:54:29आपको एक बात आज पूरे होशो हवास में कहना
- 7:54:33चाहूंगा। बच्चा अब आपको समझ आ गया
- 7:54:35प्रॉब्लम नहीं है। प्रॉब्लम उसके मां-बाप
- 7:54:38है। प्रॉब्लम उसका स्कूल है। प्रॉब्लम
- 7:54:41उसका सिस्टम है। प्रॉब्लम उसकी सोसाइटी है
- 7:54:43कि वो उसको वो नहीं दे रहा जिसके लिए वो
- 7:54:45पैदा हो। बच्चा परमात्मा ने कंप्लीट 100%
- 7:54:48प्योर ऑनेस्ट और 100% कैपेबल पैदा किया
- 7:54:52है। हम उसको अपाहिज बनाते हैं बेसिकली।
- 7:54:55अपने सिस्टम में ढालने की बजाय डालने के
- 7:54:57लिए अपने जैसा बनाने के लिए हो सकता है वह
- 7:55:00हमसे ज्यादा इंटेलिजेंट हो और हम उसको हम
- 7:55:02अपने जैसा बना रहे हो डफर देयर इज अ
- 7:55:05पॉसिबिलिटी मां-बाप यही कर रहे हो तो मैं
- 7:55:09आपको कल का एक किस्सा बताता हूं कल ही की
- 7:55:12बात है परसों की बात है मैं एक स्कूल के
- 7:55:15चेयरमैन के साथ बैठा हुआ और मैं अपने गांव
- 7:55:19के पास पास मैंने कुछ गांव पर मैं काम कर
- 7:55:21रहा हूं
- 7:55:24उसी सिलसिले में प्रैक्टिकली मैं एक ऐसा
- 7:55:26एजुकेशन सिस्टम तैयार कर रहा हूं जिसमें
- 7:55:29100% एंप्लॉयमेंट पॉसिबल हो ताकि लोगों को
- 7:55:33दिखे तो प्रैक्टिकली नजर आए कि हां ऐसा
- 7:55:35पॉसिबल है। जैसे अभी आप कहेंगे तो आपको यह
- 7:55:37लगेगा यार ऐसा पॉसिबल नहीं है जो
- 7:55:38आइडियलिस्टिक बातें सर कर रहे हैं।
- 7:55:40क्योंकि आपके हाथ में कंट्रोल नहीं है।
- 7:55:42मैं फ्री हूं। फ्री ऑफ कंट्रोल हूं तो मैं
- 7:55:44कहीं भी जाके गांव में उस पे काम कर सकता
- 7:55:46हूं। शहर में पॉसिबिलिटीज ज्यादा हैं उस
- 7:55:48चीज को इंप्लीमेंट करने की। लेकिन जो
- 7:55:51चैलेंजेस गांव में हमने फेस करके उनको
- 7:55:53सॉल्व कर दिया। शहर में तो बड़े आराम से
- 7:55:54इंप्लीमेंट हो जाएंगे। शहर की दिक्कत नहीं
- 7:55:56है। तो मैं वहां बैठा चेयरमैन साहब के साथ
- 7:56:00मेरे ही गांव के मेरे चाचा लगते हैं वो।
- 7:56:02वो वहीं पर बैठे हुए थे और जो चेयरमैन थे
- 7:56:06उन्होंने वो आईआईटी दिल्ली मेरा एक
- 7:56:09सेमिनार था। वो उस सेमिनार में मेरे साथ
- 7:56:11थे। मैं वहां मतलब एज अ स्पीकर था गेस्ट
- 7:56:14स्पीकर और वो वहां अटेंड करने के लिए आए
- 7:56:16हुए थे। तो उन्होंने को मालूम था कि मैं
- 7:56:18इसी चीज के ऊपर काम करता हूं बच्चों के
- 7:56:20ऊपर। तो चेयरमैन साहब कहने लगे डॉक्टर
- 7:56:24साहब एक बार इस बच्चे का देखो आप क्या सीन
- 7:56:26है। तो उसके फादर ने एक लाइन बोली अपने
- 7:56:30बच्चे के बारे में।
- 7:56:34अभी आएगा नेक्स्ट वो स्टेप जो अभी आएगा
- 7:56:38अभी चार पार्ट रहते हैं आपको बताने। उसमें
- 7:56:41से एक पार्ट था। मैंने ऐसे बोला ऐसे करता
- 7:56:42है वो। बोला हां हां। ऐसे भी करता है वो।
- 7:56:45हां हां। ऐसे भी करता है वो। हां हां ऐसे
- 7:56:47हां मैं कहा ही इज नॉट मेंट फॉर स्टडीज
- 7:56:50पढ़ने के लिए पैदा ही नहीं हुआ वो लेकिन
- 7:56:52नंबर तो ठीक आते हैं नंबर तो जितने मर्जी
- 7:56:55ले लो नंबर तो है ही नहीं नंबर तो किसी को
- 7:56:57ले लो आप आजकल मैं 78% में डिस्ट्रिक्ट
- 7:57:00करनाल टॉप किया था आज का 99% भी नहीं होता
- 7:57:03टॉपर
- 7:57:05बराबर आ रहे होते हैं दुनिया जहान के नंबर
- 7:57:07क्या है इसका ये मतलब थोड़ी है वो ज्यादा
- 7:57:09स्मार्ट पैदा हो गया है इसका ये मतलब
- 7:57:10थोड़ी है वो ज्यादा इंटेलिजेंट पैदा हो
- 7:57:12गया है दैट्स नॉट ट्रू मार्क्स जो है वो
- 7:57:15क्राइटेरिया नहीं लेकिन मैं अब आपको बता
- 7:57:17दूं उसको क्या-क्या पसंद है। बोला हां हां
- 7:57:20हां और उसका पापा एकदम खिलौटाई आपको कैसे
- 7:57:23मालूम है? मेरे को सब मालूम है उस बच्चे
- 7:57:24का। मुझे यह भी मालूम है तुम उस बच्चे को
- 7:57:26कचरा कर दोगे। मुझे यह भी मालूम है ये
- 7:57:28स्कूल उसको मार देगा। एंड ही वास सो लाइक
- 7:57:32मैंने उसको सिर्फ पांच 10 बातें बताई और
- 7:57:34इतने में ही वो क्या करना चाहिए हमें बताओ
- 7:57:36प्लीज। एंड ही वास रेडी टू रेडी टू लिसन।
- 7:57:40अदरवाइज मेरे को चेयरमैन साहब ने क्या
- 7:57:43बताया? एक बार जींद, एक बार दिल्ली, एक
- 7:57:46बार सोनीपत। तीन काउंसलर्स के पास मैं भेज
- 7:57:48चुका हूं इन पेरेंट्स को। कोई इसको
- 7:57:50जस्टिफाई नहीं कर पाया। एंड नाउ ही सेज़ कि
- 7:57:52बताइए डॉक्टर साहब क्या करें हम? एंड नाउ
- 7:57:54ही इज़ रेडी टू लिसन। तो उसको मैंने आज शाम
- 7:57:58का टाइम दिया है कि मैं रात को गांव आऊंगा
- 7:58:00आते हुए दिल्ली से एंड वी विल मीट। हम
- 7:58:02देखते हैं उसके बारे में बात करते हैं।
- 7:58:05बात क्या है? पेरेंट एक्चुअली चाहते हैं
- 7:58:08अपने बच्चों की मदद करना। हम लोग उनको उस
- 7:58:12लेवल पर कन्विंस नहीं कर पा रहे हैं
- 7:58:14क्योंकि हमें ही नहीं मालूम एक्चुअली अगर
- 7:58:16आप अपने ही बच्चों के बारे में पूछने लग
- 7:58:18जाओ आप अपने ही बच्चों के बारे में बता
- 7:58:19पता करने लग जाओ तो यू विल फील यू विल
- 7:58:22फाइंड कि आप ही अंधेरे में हो
- 7:58:25खुद के ही बच्चों के बारे में जो अपने जिन
- 7:58:27जिनको पैदा किया है तब आप दूसरों को
- 7:58:29सजेशंस कैसे दोगे सिर्फ उस बेसिस पर कि
- 7:58:33स्कोप किस चीज का है इसके कितने मार्क्स
- 7:58:35हैं ये कहां स्टैंड करता है लाइक दैट सो
- 7:58:39इसलिए इसलिए उन पेरेंट्स
- 7:58:42के लिए आपके ऊपर ट्रस्ट होना पहला तो ये
- 7:58:46बहुत जरूरी है कि वो कम से कम इतना भरोसा
- 7:58:48कर सकें कि वो आपकी कही हुई बात को 100%
- 7:58:52मान सके। आपका कॉन्फिडेंस इसमें बहुत
- 7:58:54मायने रखेगा।
- 7:58:56सर दे हैव टैग्ड दी स्कूल। सॉरी टू से दे
- 7:59:00हैव टैग्ड दी स्कूल। एंड सेकंड पॉइंट सर
- 7:59:03व्हाट आई न्यू बिकॉज़ आई वुड बी
- 7:59:05इंटरेक्टिंग विद दी पेरेंट्स फॉर दी वेरी
- 7:59:06फर्स्ट टाइम विद माय क्लियर माइंड कि मैं
- 7:59:08उनके बारे में कुछ जानती ही नहीं हूं। एक
- 7:59:10पहली इंटरेक्शन तो मेरे को ऐसी ही लेनी
- 7:59:12पड़ेगी। बट सर वो बच्चों की बातों से मुझे
- 7:59:15वहां बहुत क्लेरिटी हो गया कि अगर मैंने
- 7:59:17क्वालिटीज भी बताई ना सर बच्चा अपने
- 7:59:19पेरेंट्स को जानता है। अगर मैंने
- 7:59:21क्वालिटीज भी बताई क्योंकि मैं उसकी
- 7:59:23काउंसलिंग
- 7:59:24अगर आप कर सकते तो आप बहुत पहले कर देते।
- 7:59:28सर मेरे पास तो अभी आया ना। हां मैं वही
- 7:59:30कह रहा हूं ना और अब वो आ चुका है क्योंकि
- 7:59:32आप उसके स्कूल के टीचर हो और वो स्कूल के
- 7:59:35लिए एक इमेज बन चुकी है। मान लीजिए आपके
- 7:59:37दिमाग में डे वन मान लो ये इमेज बन जाती
- 7:59:40कि ये बंदे की मैंने सुननी नहीं है। तब आप
- 7:59:44अनमने से तरीके से यहां बैठे रहते। एक
- 7:59:47पॉइंट आता है। जब बात करते-करते किसी
- 7:59:50मोमेंट आपको समझ आया कि यार यह वाली बात
- 7:59:52तो ठीक है इस बंदे की। ये वाली बात पे मैं
- 7:59:54सहमत नहीं हूं। इस वाली बात पे मैं ठीक
- 7:59:56है। तो अब आप उसमें से पॉइंट आउट कर सकते
- 7:59:58हो ना कि कौन सी कौन सी माननी है, कौन सी
- 8:00:00कौन सी नहीं माननी। स्कूल को टैग कर दिया।
- 8:00:04अब आपको करना क्या है? कुछ नहीं करना। जो
- 8:00:06सबसे ज्यादा प्रॉब्लमेटिक बच्चे हैं आपकी
- 8:00:09क्लास में या मैं इसको थोड़ा रिफ्रेम करूं
- 8:00:12अपनी स्टेटमेंट को। सबसे ज्यादा
- 8:00:14प्रॉब्लमेटिक पेरेंट्स हैं उनको स्पेशली
- 8:00:17आप एक इनविटेशन देकर हम इसी हॉल में बुला
- 8:00:20सकते हैं। स्पेश सिर्फ उनको सबसे पहले हम
- 8:00:23उनको ले लेते हैं। जरूरी नहीं है ना कि हम
- 8:00:26बड़े लेवल पे जाएं। तो आप अपनी-अपनी
- 8:00:28क्लासेस में ऐसे बच्चों की लिस्ट तैयार
- 8:00:30कीजिए। हर क्लास से चार बच्चे ले लीजिए,
- 8:00:32दो ले लीजिए या पांच ले लीजिए। और सबसे
- 8:00:35पहले लेट अस इंटरेक्ट विद दोज़ पेरेंट्स।
- 8:00:38उस इंटरेक्शन को आप मत रहिए। मैं रहता हूं
- 8:00:41और सब आप टीचर्स चले जाइए। इसकी
- 8:00:43वीडियोग्राफी होगी ही आप उस वीडियोग्राफी
- 8:00:46को आप देख लेना। फिर बाद में
- 8:00:47इनडायरेक्टली व्हाट दैट चाइल्ड टोल्ड मी
- 8:00:49कि मैम बिकॉज़ ही वाज़ फ्रैंकली विद मी। सो
- 8:00:52ही टोल्ड मी कि मैम अगर आप क्वालिटीज भी
- 8:00:55बताओगे ना तो यह भी हो सकता है कि पापा
- 8:00:57बीच में इंटरप्ट करके आपको यह कहे ब्लैंक
- 8:00:59पेपर पे साइन करके दो कि मेरे बेटे की कल
- 8:01:01जॉब लगेगी।
- 8:01:02ही सेड टू दिस लेवल। तो मैंने मन में आई
- 8:01:05हैव थॉट कि मैं ऐसा अगर होगा तो आई विल बी
- 8:01:07डूइंग।
- 8:01:08मैं दूंगा। मैं साइन कर दूंगी क्योंकि वही
- 8:01:11एक तरीका है नेगोशिएशन का क्योंकि वो मुझे
- 8:01:13इनडायरेक्टली बोल गया कि आपको मेरी सिस्टर
- 8:01:16का नहीं पता यू हैव नॉट टॉट हर बिकॉज़ बट
- 8:01:19आई रेस्पेक्ट यू एंड आई सर उसने बोला आई
- 8:01:22रेस्पेक्ट यू आई एम वार्निंग यू ऐसा होने
- 8:01:24वाला है। मैंने कहा ठीक है
- 8:01:25मैं जो आपको बता रहा हूं ना
- 8:01:26मैंने हंस के ही टैकल करा है वहां
- 8:01:28मैं आपको बता रहा हूं मतलब किसी भी
- 8:01:30सिचुएशन को फाइनल सिचुएशन मत मानिए एंड
- 8:01:32डोंट थिंक कि ये फाइनल सिचुएशन है और यही
- 8:01:35फाइनल स्यूशन है देयर इज ऑलवेज अ बेटर वे
- 8:01:38हम लोग जैसे बता रहे हैं मां-बाप को एक
- 8:01:41चीज तो हमने पहले ही नोटिस कर ली
- 8:01:45मैं आपको क्या कह रहा हूं के एफिशिएंट और
- 8:01:48आइडलिस्ट तो अगले बंदे मानना है तो
- 8:01:51मानेंगे नहीं मानना है तो नहीं मानेंगे वो
- 8:01:54वो किसी से नहीं मानेंगे। तो व्हाट वी नीड
- 8:01:57टू डू इज कि जब आप उनसे पहली बार मिल रहे
- 8:01:59हो तब आपको वो इनप्रिंट डालना पड़ेगा उनके
- 8:02:02दिमाग में कि हां यह बंदा मानने लायक है।
- 8:02:05दिस इज द ओनली वे और कुछ नहीं। और उसका
- 8:02:08तरीका मैं बताऊंगा आपको जब हम उस
- 8:02:09इंटरेक्शन के लिए चलेंगे। मतलब क्या है?
- 8:02:12एक्वायर करना। एक्वायर करने का मतलब यह है
- 8:02:15कि जैसे मैं आपको बताऊं हम बच्चों को
- 8:02:19ज्ञान देते हैं बहुत सारा। मां-बाप भी
- 8:02:22देते हैं। अब कोई भी इंसान अपने बच्चों को
- 8:02:25गलत ज्ञान तो नहीं देगा ना लेकिन वह
- 8:02:28एक्वायर कैसे करता है उस ज्ञान को? वो
- 8:02:31तरीका है। जैसे
- 8:02:36पापा ने बताया
- 8:02:38कि
- 8:02:42बेटा झूठ नहीं बोलना चाहिए। फॉर एग्जांपल
- 8:02:46गाड़ी फास्ट नहीं चलानी चाहिए।
- 8:02:50लाइक ऐसे ही जो आइडियलिस्टिक जो बातें हैं
- 8:02:53वह बताई और किसी दिन वह बेटा अपने पापा को
- 8:02:57झूठ बोलते हुए फोन पर झूठ बोलते हुए देख
- 8:02:59ले सुन ले
- 8:03:02या गाड़ी तेज चलाते हुए देख ले तो और वो
- 8:03:05पूछे कि पापा आपने झूठ क्यों बोला तो वो
- 8:03:09पापा उसको एक्सप्लेन करेगा बेटा मैंने झूठ
- 8:03:11इसलिए बोला क्योंकि बहुत ज्यादा जरूरत थी
- 8:03:16और गाड़ी तेज इसलिए चला रहा हूं क्योंकि
- 8:03:18नहीं तो फिर लेट हो जाएंगे। नहीं तो कुछ
- 8:03:21ऐसी चीज है कि जाना बहुत जरूरी है। तो वो
- 8:03:24बच्चा एक्वायर करेगा अपनी जिंदगी भर के
- 8:03:26लिए कि झूठ नहीं बोलना चाहिए। किताबों में
- 8:03:29लिखने के लिए बहुत सही है। बट जब जरूरत
- 8:03:31पड़े बोल लेनी चाहिए।
- 8:03:34तो इससे फिर उसको जब भी ऐसा लगे सिचुएशन
- 8:03:36जो उसके अकॉर्डिंग नहीं है ही विल ट्राई।
- 8:03:39और वो कंटीन्यूअसली अपनी पूरी लाइफ उसको
- 8:03:42एक्वायर कर लेता है।
- 8:03:45क्लियर जी?
- 8:03:47यही बात हमें मेहनत करनी चाहिए। हमें इतना
- 8:03:50पढ़ना चाहिए। हमें इस तरह से उठना चाहिए।
- 8:03:54हमें ऐसे सोना चाहिए। हमें ब्रश करनी
- 8:03:57चाहिए कि नहीं चाहिए? खाना खाने का क्या
- 8:03:59तरीका होना चाहिए? टेलीविजन कितना देखना
- 8:04:02चाहिए? मोबाइल पर गेम कितने खेलनी चाहिए?
- 8:04:05मोबाइल पर लगा कितनी देर रहना चाहिए?
- 8:04:08एवरीथिंग
- 8:04:10दे एक्वायर।
- 8:04:12उनको कुछ नहीं पता। वह देखते हैं, वह
- 8:04:16सुनते हैं और फिर वह जैसे होते हैं, उस
- 8:04:19हिसाब से वह एक्वायर करते हैं।
- 8:04:23और वो एक्वायरिंग परमानेंट हो जाती है।
- 8:04:27जैसे मैंने आपको बताया लिसनर्स जो हैं वो
- 8:04:31ऐसे लोग होते हैं जिनको मैं क्लियरली यह
- 8:04:33बात बोल सकता हूं कि वह अपने दिमाग से,
- 8:04:36अपनी अक्ल से बहुत ही कम डिसीजन लेते हैं।
- 8:04:40वो यह सोचकर डिसीजन लेते हैं कि पड़ोसी
- 8:04:42क्या कर रहा है। आपने चुनाव के अंदर 95%
- 8:04:47लिसनर्स को यह कहकर वोट डालते हुए देखा
- 8:04:51होगा कि ज्यादा लोग उधर जा रहे हैं। क्यों
- 8:04:54वोट खराब करना? वो इसलिए नहीं दे रहे उसको
- 8:04:56वोट कि उसे अपना मत मानते हैं। वो इसलिए
- 8:04:58सोचते हैं कि यह वाला काम करना है। वो
- 8:05:00इसलिए दे रहे हैं क्योंकि ज्यादा लोग उधर
- 8:05:02हैं। इसका मतलब क्या हुआ कि ज्यादा लोग
- 8:05:06जिधर होंगे वह गलत हो सकता है। नहीं तो
- 8:05:09कोई अरस्तु को फांसी थोड़ी चढ़ा देता।
- 8:05:12नहीं तो कोई यीशु को फांसी थोड़ी चढ़ा
- 8:05:14पाता। नहीं तो भगत सिंह को थोड़ी अंग्रेज
- 8:05:16फांसी चढ़ा पाते। अगर ज्यादा लोग डरपोक
- 8:05:19नहीं होते तो
- 8:05:22बाद में समझ में आता है ना लोगों को उस
- 8:05:24वक्त के दो उस दौर के लोग उस दौर के लोग
- 8:05:28क्योंकि वो आगे का नहीं सोच सकते क्योंकि
- 8:05:30वो उतना ही सुनते हैं ना जितना देख रहे
- 8:05:31हैं। अब आप लोगों में से जो लिसनर्स हैं
- 8:05:33वो सारा दिन टेलीविजन पर अगर एक ही इंसान
- 8:05:36को देखते रहेंगे तो उनके दिमाग पर तो वह
- 8:05:38छा जाएगा। उनको तो सब्जी लाते हुए भी वही
- 8:05:41नजर आएगा। मोटरसाइकिल पर चलते हुए भी वही
- 8:05:43नजर आएगा। वह उससे आगे सोच ही नहीं सकते।
- 8:05:46वह ना यह सोच सकते वो क्या पॉलिसीज बना
- 8:05:49रहा है। वो ना ये सोच सकते किस तरह के लोग
- 8:05:51उसके साथ हैं। वो ना ये सोच सकते उसकी
- 8:05:53भाषा क्या है। ना वो ये सोच सकते हैं कि
- 8:05:55वो देश के लिए कैसा है। वो कुछ नहीं सोच
- 8:05:57सकते। वो सिर्फ एक बात सोचते हैं कि
- 8:05:59ज्यादा लोग इधर हैं। सारा टेलीविजन उनको
- 8:06:02दिखाता है। सारा WhatsApp उनको दिखा रहा
- 8:06:03है। सारा Facebook उनको दिखा रहा है। सो
- 8:06:06व्हाट वी नीड टू डू इज कि लोगों को अब ये
- 8:06:08क्या तरीका होता है? लिसनर्स को अपनी बात
- 8:06:11समझाने का क्या तरीका होता है? सिर्फ एक
- 8:06:13ही तरीका होता है। एक ही बात को 10 बार
- 8:06:15सारी झूठ भी हो। बोल दो। लिसनर्स को लगने
- 8:06:18लग जाएगा। कहीं मैं गलत ना हूं। ये सही
- 8:06:20हो।
- 8:06:22यू नीड टू कीप ऑन रिपीटिंग। एंड दैट्स
- 8:06:24व्हाई यू नीड टू कीप ऑन स्ट्राइकिंग द
- 8:06:26माइंड ऑफ द पीपल सो दैट कि वो उस तरफ
- 8:06:29सोचने लग जाए। और इसीलिए मैंने शुरुआत में
- 8:06:31एक आपसे सजेशन मांगा था जिस पर मैं अब
- 8:06:34पूरा क्योंकि पूरा सदन बैठा है तो मैं
- 8:06:36आपसे राय मांगूंगा कि मैंने जिस आंदोलन की
- 8:06:39बात मैं कर रहा था कि हमने शुरू किया कि
- 8:06:43हम कम से कम इतनी विजिबिलिटी दिखाने लगे
- 8:06:45सोसाइटी को कि भाई हम मांग रहे हैं कुछ
- 8:06:48आपसे ऐसा एजुकेशन सिस्टम। तो मैंने कुछ
- 8:06:50स्टीकर बनवाए हैं जिसमें हमने लिखा है कि
- 8:06:53मैं देवेंद्र बल्हारा के साथ हूं और मैं
- 8:06:56100% एंप्लॉयमेंट बेस एजुकेशन सिस्टम की
- 8:06:58डिमांड करता हूं। तो मैं यह पूछ रहा था आप
- 8:07:01में से कौन-कौन अपनी गाड़ी और बाइक के
- 8:07:03पीछे लगाने को तैयार है। विल यू प्लीज रेज
- 8:07:06योर हैंड जो जो तैयार हैं।
- 8:07:10थैंक यू वेरी मच। आई होप कि आप में से
- 8:07:12सबकी गाड़ी और सबकी बाइक या स्कूटर के
- 8:07:15पीछे वो पीछे आगे स्टीकर लगा होगा। वो अभी
- 8:07:18आ जाएगा आपको मिल जाएगा वो आपने देखो कुछ
- 8:07:20नहीं करना है उससे हम कोई देश नहीं बदल
- 8:07:22रहे हम क्या कर रहे हैं हम एक थॉट दे रहे
- 8:07:24हैं सोसाइटी को कि 100% एंप्लॉयमेंट बेस
- 8:07:27एजुकेशन सिस्टम हु सो एवर इज मेकिंग द
- 8:07:30पॉलिसी जिन तक वो बात जाती है दे विल
- 8:07:33ट्राई टू थिंक कि लोग ऐसा सोचने लग गए हैं
- 8:07:36क्या और अब आपका काम है आपके पेरेंट्स तक
- 8:07:40यह बात पहुंचाना कि यू नीड टू डू दैट
- 8:07:42सर क्या आप उस पॉलिसी का ओवरव्यू प्रोवाइड
- 8:07:45कर सकते हैं क्योंकि अगर हम कुछ भी ऐसे
- 8:07:49देखिए मैं बताता हूं। सबसे पहली बात यह
- 8:07:53काम हमारा नहीं है। उनका है जिनको पॉलिसी
- 8:07:55बनाने के लिए बिठाया है। पहला पॉइंट वो
- 8:07:57अपनेपने फील्ड के एक्सपर्ट्स को बुला
- 8:07:59लेंगे ढूंढ लेंगे। दूसरी बात जो मैं पूरी
- 8:08:03दुनिया में घूम रहा हूं। पूरे भारत में
- 8:08:04घूम रहा हूं। पिछले 10 सालों से घूम-घूम
- 8:08:07के आपके जैसे टीचर्स के साथ मेरा
- 8:08:09इंटरेक्शन लगातार बहुत ज्यादा हो रहा है।
- 8:08:12उन लोगों में से जैसे अब आप में यहां 100
- 8:08:14लोग बैठे हुए हैं। आप में से जिसजिस को
- 8:08:16मेरे वाला दर्द होगा और वो इतना ज्यादा
- 8:08:18दर्द होगा उन लोगों को महीने भर के बाद दो
- 8:08:21महीने भर के बाद हम लोग एक मीटिंग करेंगे
- 8:08:23जिसमें पूरा दिन सुबह से लेकर शाम तक आपके
- 8:08:26सजेशंस आपकी रिकमेंडेशंस मांगी जाएंगी।
- 8:08:29दिन पूरे भारत से जितने टीचर्स हैं
- 8:08:31गवर्नमेंट डिपार्टमेंट के प्रोफेसर्स,
- 8:08:34प्राइमरी टीचर्स, हाई स्कूल टीचर्स सबसे
- 8:08:36और वो सारे जितने भी सजेशंस हैं उन सबको
- 8:08:39कंसोलिडेट किया जाएगा। गांव वाले टीचर्स
- 8:08:42भी, शहर वाले टीचर्स भी, मेट्रो सिटीज के
- 8:08:44भी ताकि वो अपनी-अपनी जगह के ओवरव्यूस दे
- 8:08:47सकें और फिर एक पॉलिसी हम भी तैयार करेंगे
- 8:08:49और वो भी करेंगे। इट्स नॉट लाइक दैट कि
- 8:08:51मैं नहीं बना सकता ना उस पॉलिसी को। जो
- 8:08:53जहां आप खड़े हैं वहां की पॉलिसी आप
- 8:08:55बनाएंगे। जो गांव में बैठा है वहां की
- 8:08:57पॉलिसी गांव वाला बनाएगा। एंड देन हम उसके
- 8:09:00हिसाब से फिर एक इस तरह की पॉलिसी बना
- 8:09:01सकते हैं। इट्स नॉट द डिफिकल्ट टास्क। बट
- 8:09:04वी नीड टू कम फॉरवर्ड कि हम देखते हैं
- 8:09:06पहले शुरुआत तो करें ना थॉट की। क्योंकि
- 8:09:08आज जब हम थॉट की शुरुआत करेंगे तो उस थॉट
- 8:09:11को मैच्योर होने में कितना टाइम लगेगा।
- 8:09:13बिकॉज़ जब मैं अपने नाम के साथ उसको मूव
- 8:09:15कराऊंगा तो मेरे ऊपर एक सोशल
- 8:09:16रिस्पांसिबिलिटी आ जाएगी कि यू स्टार्टेड
- 8:09:19दैट एंड यू कांट बैक फायर।
- 8:09:22मैं अपना स्टेप पीछे नहीं ले सकता। आपको
- 8:09:24हमें आगे ही चलना है। सिंपली बात यही है।
- 8:09:26तो आपका इतना सा ही काम है। दूसरी बात अब
- 8:09:30हम बात करते हैं यहां वाले पॉइंट की
- 8:09:32एक्वायरिंग सेंसिटिविटी की कि यह काम होना
- 8:09:35चाहिए या यह चीज मुझे माननी चाहिए मुझे
- 8:09:38पढ़ना चाहिए कि नहीं पढ़ना चाहिए या
- 8:09:40एनीथिंग लाइक दैट वो दिमाग में बच्चे के
- 8:09:43कैसे चढ़ेगी वो कैसे उसको एक्वायर करेगा
- 8:09:46इसके चार तरीके हैं कि वो कैसे चढ़ता है
- 8:09:50और यह आपके बच्चे को अगर आपको यह मालूम है
- 8:09:53कि वह चीजों को एक्वायर कैसे करेगा तो
- 8:09:55उसके हिसाब से आप उसको मोटिवेट कर सकते
- 8:09:58हैं। एक्वायरिंग का मतलब एक तरह से किसी
- 8:10:00काम को करने के लिए उसके दिमाग और दिल में
- 8:10:02आई हुई मोटिवेशन से भी है कि उस काम को
- 8:10:05करने के लिए मोटिवेटेड होगा कि नहीं होगा?
- 8:10:07लाइक दैट। तो अब सबसे पहला जो मैंने इसका
- 8:10:11नाम दिया है उसको नाम दिया है सेल्फ
- 8:10:13कॉग्निटिव। सेल्फ कॉग्निटिव से आप क्या
- 8:10:15समझते हैं?
- 8:10:21सेल्फ कॉग्निटिव का मतलब है कि किसी काम
- 8:10:24को करने के लिए अगर मोटिवेशन आएगी तो वो
- 8:10:27अपने सेल्फ के एक्सपीरियंस से आएगी। अपने
- 8:10:31तजुर्ब से आएगी। आपने उस बच्चे को बताया
- 8:10:34बेटा बाहर नहीं जाना चोट लग जाएगी। अब वो
- 8:10:38बच्चा बार-बार दरवाजे की तरफ जाएगा। फिर
- 8:10:40अब नो फिर वो वापस आ जाएगा। फिर आप जब
- 8:10:43नहीं होंगे तो चुपके से ऐसे जाके और फिर
- 8:10:45वापस आकर देखेगा। फिर देखा नहीं लगी चोट
- 8:10:48इसका मतलब मम्मी झूठ बोल रही है। आगे से
- 8:10:49इसकी बात माननी नहीं।
- 8:10:52अगर आप बोल रहे हो कि बेटा यह नहीं करना
- 8:10:54क्योंकि इससे यह हो जाएगा तो सेल्फ
- 8:10:56कॉग्निटिव बच्चा उस काम को करके देखेगा कि
- 8:10:59सच्ची में हो जाएगा कि नहीं हो जाएगा। आप
- 8:11:01कह रहे हो ये मोमबत्ती है। इससे आग जलती
- 8:11:03है, गर्म होती है तो गर्म को भी वो लगा के
- 8:11:06देखेगा पक्का कि यह गर्म है कि नहीं। वेदर
- 8:11:08यू आर नॉट टेलिंग ना।
- 8:11:12तो इसका मतलब क्या हुआ कि जो सेल्फ
- 8:11:15कॉग्निटिव बच्चा है वो आपकी किसी बात पर
- 8:11:18कभी भी यकीन नहीं करेगा जब तक कि वो उसको
- 8:11:21खुद एक्सपीरियंस नहीं कर लेगा।
- 8:11:25बिल्कुल क्लियर है। तो अगर यह मालूम पड़
- 8:11:28जाए आपको कि यह सेल्फ कॉग्निटिव है या
- 8:11:31मां-बाप को पता चल जाए कि यह सेल्फ
- 8:11:32कॉग्निटिव बच्चा है तो मेरे ख्याल से उसको
- 8:11:35लेक्चर देना उसी दिन बंद हो जाएगा।
- 8:11:38लेक्चर देना बंद। इस बच्चे को जितना
- 8:11:40लेक्चर दिया जाएगा, जितना समझाया जाएगा,
- 8:11:42सब कुछ वेस्टेज में जाएगा। इसका मतलब
- 8:11:46सिर्फ रिलेशनशिप ही खराब होगा और कुछ नहीं
- 8:11:49इसको लेक्चर देने से। क्लियर? जो भी चीज
- 8:11:53इसको सिखाना चाहते हो वो इसको तजुर्बा
- 8:11:55देना पड़ेगा। मैं आपको एक एग्जांपल देता
- 8:11:58हूं। आज से 10 साल पहले के करीब मैं
- 8:12:00पानीपत के एक स्कूल में सेमिनार कर रहा था
- 8:12:02पेरेंट्स का। तो वहां पर एक पेरेंट्स ने
- 8:12:05मेरे पास आए और मुझे कहने लगे कि सर हमें
- 8:12:08ना हम दुखी हो गए अपने वाले बच्चे से।
- 8:12:11मैंने कहा क्या हो गया? कहते हैं एक तो
- 8:12:14जिद्द करके मोटरसाइकिल ले ली। नौवीं क्लास
- 8:12:17में नाइंथ में। पूरा 18 का नहीं हुआ है।
- 8:12:20उस तक उस वक्त तक तो ये एक्टिवा स्कूटर 16
- 8:12:24साल अब तो 16 साल में हो जाता है ना
- 8:12:25गैरलेस स्कूटर का लाइसेंस। तो उसकी तो और
- 8:12:28भी कम उम्र थी। उस वक्त तो थी भी नहीं है
- 8:12:29स्कूटर्स वगैरह। तो मुझे कहने लगे कि सर
- 8:12:32एक तो स्प्लेंडर के पीछे से वो हटा लिया
- 8:12:35कैरियर वो पीछे से वो बिल्कुल प्लेन कर ली
- 8:12:38पीछे लिखवा लिया जिद्दी गुर्जर और आगे भी
- 8:12:42लिखवा लिया जिद्दी गुर्जर डोंट गो गुर्जर
- 8:12:44अगर सुन रहे हो तो ये मत सोचो कि लिखवा
- 8:12:46लिया था उसने ही वाज़ द चाइल्ड ऑफ़ गुर्जर
- 8:12:47तो क्या दिक्कत है उन्हें जिद्दी गुर्जर
- 8:12:49लिखवा लिया ऊपर से जो उस एरिया के पानीपत
- 8:12:53का एक जो बड़ा बदमाश है उन बदमाशों के साथ
- 8:12:57दोस्ती यारी हो गई अब नाइंथ का मरियल सा
- 8:13:00सुकड़ ऐसा लड़का गली में निकलता है। जिसके
- 8:13:02जी चाहता है ऐसे करके गुद्दी पीछे थप्पड़
- 8:13:04मारता है और फालतू बकवास करता है। तेरे को
- 8:13:06पता नहीं है मेरा दोस्त कौन है। तेरी लेल
- 8:13:09बना दूंगा। तो गली मोहल्ले के बच्चों के
- 8:13:12ऊपर दादागिरी लग गया करने। कभी-कभी तो
- 8:13:14उनके साथ खुली जीप में गांव गली में चक्कर
- 8:13:17भी मार गया। अगला बंदा यह दिखाने के लिए
- 8:13:18कि मेरे दोस्त हैं। मतलब ही वाज़ लाइक दैट
- 8:13:22कि अपन किंग हैं। अपने को कोई टोकेगा
- 8:13:24नहीं। पढ़ने का नाम ले दिया तो अपन बर्बाद
- 8:13:27कर देंगे सब कुछ। लाइक इस तरह से हमने
- 8:13:30टेस्ट किया। अब टेस्ट में रिजल्ट क्या
- 8:13:33निकला मैं आपको बताऊं। क्योंकि जिस चीज के
- 8:13:35साथ रिेंबल कर रही है वही चीजें हैं।
- 8:13:37दोनों पर्सनालिटी एफिशिएंट
- 8:13:42100% सेल्फ कॉग्निटिव। अब ये डिवाइड
- 8:13:46डिवाइड हो सकता है ना किसी बच्चे का कितने
- 8:13:48परसेंट कौन सी चीज है। तो सेल्फ कॉग्निटिव
- 8:13:50100%
- 8:13:53अच्छा जी। अब भाई ये दो ही चीजें बहुत हैं
- 8:13:56इस चीज के लिए। दो। मैंने कहा अब हम लेट
- 8:13:58हो चुके हैं मैडम। अब इसको यह मान चुका है
- 8:14:02कि इस तरह की जिंदगी जीने में अपना टॉर
- 8:14:04है। क्योंकि एफिशिएंट का क्या है?
- 8:14:06एफिशिएंट अपनी चलाने के लिए काम कर रहा
- 8:14:08है। गुंडागर्दी वाले लोगों के साथ-साथ चल
- 8:14:11के उसकी चलनी शुरू हो गई। पहले तो उसको
- 8:14:13बच्चा समझ के कोई भी पीट देता था। अब अगले
- 8:14:15को कोई नहीं पीट पा रहा। एंड ही इज लाइक
- 8:14:18उसने अस्यूम कर लिया कि दिस इज द बेस्ट
- 8:14:20लाइफ। क्योंकि अपना यहां खूब चल रहा है।
- 8:14:22फिर कर लेना मैम।
- 8:14:25बाद में नहीं मिलेगा कुछ भी।
- 8:14:29तो अब हमने कहा कि इसका क्या सॉल्यूशन
- 8:14:32होगा? मैंने कहा मेरे पास इसका कोई सशन
- 8:14:35नहीं है क्योंकि हम लेट हैं। 14 साल तक हम
- 8:14:38किसी बच्चे के ब्रेन को मोल्ड कर सकते
- 8:14:40हैं। उसकी एक्वायरिंग सेंसिटिविटी को चेंज
- 8:14:42कर सकते हैं। उसके थॉट प्रोसेस को थोड़ा
- 8:14:45बहुत उस एंगल में ले आ सकते हैं जैसा हम
- 8:14:47चाहते हैं। 14 के बाद उसकी जो थॉट है वो
- 8:14:50रिजिडिटी आने लग जाती है उनके अंदर थॉट्स
- 8:14:52के अंदर और वो मान लेता है कि मेरे
- 8:14:54मां-बाप ऐसे हैं। मेरे घर वाले ऐसे हैं,
- 8:14:56मेरा स्कूल ऐसा है, मेरे टीचर्स ये हैं।
- 8:14:58मुझे इनके साथ ऐसे बात करना है, इनके साथ
- 8:15:00ऐसे बात करना है। और उसके बाद वो यह बात
- 8:15:02मानना मतलब नई बात को एक्वायर करना बहुत
- 8:15:05मुश्किल हो जाता है। आप देखेंगे नाइन 10थ
- 8:15:07के बच्चे के मतलब नई चीज एक्वायर नहीं
- 8:15:09करता वो जो उसने एक पाथ चूज़ कर लिया उसके
- 8:15:12बाद वो बड़ा मुश्किल हो जाता है।
- 8:15:15कुछ तो सलूशन होगा जी। कुछ तो होगा ऐसा।
- 8:15:19मैं कहा है तो पर आई डोंट थिंक कि बच्चा
- 8:15:22है वो और मुझे नहीं पता वो प्रैक्टिकली
- 8:15:24कितना पॉसिबल है। सलूशन है बट इफ यू कैन
- 8:15:28डू दैट। बहुत सारी सिचुएशंस मैनपुलेट करनी
- 8:15:31पड़ेंगी। अब क्योंकि यह वाली वीडियो अगर
- 8:15:33बाय चांस YouTube पर डलती है और वह वाला
- 8:15:35देख लेगा बच्चा तो समझ जाएगा यह मेरे लिए
- 8:15:37था।
- 8:15:39बट एनी हाउ वो बच्चा मैंने कहा सलूशन है
- 8:15:44पॉसिबली।
- 8:15:45लेकिन
- 8:15:47प्रैक्टिकली पॉसिबिलिटी देखनी होगी आपको।
- 8:15:50बोला कैसे? मैंने कहा इन बच्चों के साथ
- 8:15:52रहने से जो आपको लगता है कि जो लाइफ की
- 8:15:56एंडिंग है कहां होने वाली है। अब ऑब्वियस
- 8:15:58है क्रिमिनल्स के साथ अगर बच्चा 24 घंटे
- 8:16:01है तो उसका एंड कहां होगा? जेल में अगर आप
- 8:16:06उसको यह एहसास और यह एक्सपीरियंस अब दे
- 8:16:09दोगे तो ही कैन बी स्टॉप्ड। अदरवाइज नहीं।
- 8:16:14यह सिचुएशन मैनपुलेट अगर आप कर सकते हो तो
- 8:16:17ठीक है। व्हाट दे डड मतलब जो हमारी
- 8:16:20प्लानिंग बनी फिर पापा के साथ बैठ के पापा
- 8:16:22और उसके मामा उसके मामा वहीं पर पुलिस
- 8:16:25डिपार्टमेंट में थे सब इंस्पेक्टर अब
- 8:16:28उन्होंने प्लान क्या किया कि जब वो घर में
- 8:16:30खाना खा रहा मैं कहा इसमें बेइज्जती भी
- 8:16:32होएगी खूब आपकी। बोला बच्चा बचना चाहिए।
- 8:16:33बेइज्जती बुज्जती तो जायज है भाड़ में।
- 8:16:36ऑलरेडी बेइज्जती बहुत हो रही है। जब बच्चा
- 8:16:39घर में खाना खा रहा था पुलिस की दो जिप्सी
- 8:16:42आई। उसको घर से पकड़ के दो पुलिस वाले एक
- 8:16:46इधर एक इधर पूरी गली में पैदल लेकर जाते
- 8:16:48रहे आगे आगे पुलिस की जिप्सी पीछे पीछे
- 8:16:50पैदल ताकि वह जो आसपास का मोहल्ला है वो
- 8:16:52उसको देखे उसके बाद वापस बाहर जब गली से
- 8:16:57निकल लिए तो जिप्सी में बिठा के सीधे ले
- 8:16:59गए उसको हवालात में हवालात में ले जाकर के
- 8:17:03उसको कर दिया अंदर मैंने कहा अब क्योंकि
- 8:17:06एफिशिएंट पर्सनालिटी है एफिशिएंट की जो
- 8:17:09सबसे बड़ी चीज है वह है अकड़ ईगो
- 8:17:13छोटा बच्चा है ईगो तोड़ी जा सकती है। बड़े
- 8:17:17बच्चे की नहीं तोड़ी जा सकती।
- 8:17:20अब [नाक से की जाने वाली आवाज़] हमें इस
- 8:17:20तोड़ने का इंतजार करना पड़ेगा। उसके लिए
- 8:17:23क्या करना है आपको? अब वहां पुलिस वालों
- 8:17:26की ड्यूटी लगी वहां पर कि आपने कुछ नहीं
- 8:17:28करना। इसके हवालात के आगे से गुजरना है।
- 8:17:32अच्छा ये है क्या उसका दोस्त? जो जो बदमाश
- 8:17:35था जिसका जिक्र कर रहे थे हम कि ये
- 8:17:37[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] है
- 8:17:37क्या उसका दोस्त? चल बेटा तू तो गया 20
- 8:17:39साल के लिए अंदर। अब तो बुढ़ापे में
- 8:17:40निकलेगा। फिर अगला पुलिस वाला आया तू गया
- 8:17:43क्या तू गया भी अंकल मैंने तो कुछ नहीं
- 8:17:45किया उसी वक्त कोई वारदात हुई थी कि उसमें
- 8:17:48उसका हाथ है तो तू भी साथ ही होएगा जो
- 8:17:51इल्जाम था वो यह था यह उसने किया है तो तू
- 8:17:54साथ है तो तूने भी किया है तो तेरे ऊपर भी
- 8:17:56लगा यह इल्जाम अब यह कह रहा है कि मैंने
- 8:17:59कुछ नहीं किया है अब थोड़े दिन तो जििद
- 8:18:03में रहा
- 8:18:05एक दिन पूरा दिन यह चला पूरी रात यह चला
- 8:18:08पूरी दिन पूरा रात उसके दिमाग में तू गया
- 8:18:1120 साल के लिए तो गया 20 साल के लिए
- 8:18:15रात में
- 8:18:18वो बता रहे थे कि सुबह 4:00 बजे तक ये इस
- 8:18:21बात की जिद पाले रहा कि मैंने कुछ नहीं
- 8:18:23किया
- 8:18:25सो गया रोरा के अगले दिन सुबह उठ के अब
- 8:18:29पुलिस वालों को पता लग जाता है कि आज आज
- 8:18:31इसकी अकड़ झिल्ली है अंकल सच्ची कुछ नहीं
- 8:18:34किया फिर आखिर में उसका गिड़गिड़ाना इस
- 8:18:36बात पर आ गया कि एक बार मेरे पापा को बुला
- 8:18:38दो
- 8:18:40अब उसके पापा आते हैं क्योंकि उससे पहले
- 8:18:43उसे जिद्दी गुर्जर को जो टेंशन थी ना वह
- 8:18:45यह थी कि मेरे घर बहुत प्रॉपर्टी है। बड़ी
- 8:18:47जमीनें हैं। भाई
- 8:18:50वो यह कहता है कि पापा एक बार बचा लो। वो
- 8:18:54कहता है कि नहीं बेटा मैं कुछ नहीं कर
- 8:18:55सकता। तेरे मामा ही नहीं बचा सकते मैं
- 8:18:58क्या बचाऊंगा? वो तो इसी थाने में है। जब
- 8:19:01वही नहीं बचा सकते तो मैं क्या बचाऊं?
- 8:19:03पापा एक बार बचा लो। पापा एक बार नहीं भाई
- 8:19:06देख तू तो फिर जाएगा। फिर ये मैं कुछ नहीं
- 8:19:09कर सकता बेटा मैं मजबूर हूं। मैं चाहता
- 8:19:11हूं तेरे को बचाना। बट तेरे को पहले
- 8:19:13समझाया था तू माना ही नहीं।
- 8:19:16अब पूरा दिन वो उसके फादर वहां बैठे रहे।
- 8:19:18पूरा दिन वो एक ही चीज रिपीट करता रहा।
- 8:19:22दो दिन के बाद जब उनको यह लगा कि अब यह
- 8:19:25बिल्कुल टूट चुका है। अब ये बिल्कुल इसकी
- 8:19:28ईगो जो खत्म हो चुकी है। यह मान चुका है
- 8:19:30कि अब मैं अंदर जाऊंगा। क्योंकि ये मानते
- 8:19:33बहुत देर से हैं। इतनी से इतनी आसानी से
- 8:19:35ये एक्वायर नहीं करते हैं। जो मैं
- 8:19:37एक्वायरिंग जो बोल रहा हूं ना कि अब मैं
- 8:19:39अंदर गया ये उसको यह लगता था कि मेरे पापा
- 8:19:42मुझे छुड़ा ही लेंगे एंड तक। भाई बिल्कुल
- 8:19:44जब यह कह कह के जब यह खुद यह मान जाएगा कि
- 8:19:48अब मैं अंदर जा चुका हूं वो तब समझना जब
- 8:19:51उसके पापा का फोन आया कि आज रात को यह कह
- 8:19:54चुका है कि
- 8:19:56अब क्या करें जब हो गया। ऐसे जब हाथ ऐसे
- 8:19:59कर दिए दैट मींस एक्वायर हो गया। अब उसके
- 8:20:03पापा को सिर्फ मैनपुलेट करना है कि मैंने
- 8:20:05कितनी मेहनत करी। कितनी जमीन बेची, कितने
- 8:20:08लाख इनको दिए और तब मुझे
- 8:20:11बाहर निकाला गया।
- 8:20:13उस बच्चे ने आईआईटी दिल्ली से ही
- 8:20:16इंजीनियरिंग करी। जो बच्चा फेल होता था
- 8:20:18नाइंथ क्लास में 10थ क्लास में आर्य स्कूल
- 8:20:20टॉपर किया। टॉप किया था उसने पानीपत का।
- 8:20:23ही वाज़ द चाइल्ड जिसने पढ़ाई के बाद मतलब
- 8:20:26पढ़ाई के अलावा उसने कुछ नहीं किया। उसके
- 8:20:28बाद आउटिंग जाना, बाहर जाना, लोगों से
- 8:20:31मिलना उसने देख लिया और फिर दोस्त रखता
- 8:20:34लिमिटेड से और उसे पता लग गया एंड नाउ ही
- 8:20:37इज़ अ वेल सेटल्ड चाइल्ड।
- 8:20:41पॉइंट यह है कि क्या हम इस लेवल पे
- 8:20:43मैनपुलेशन क्योंकि ये बहुत कम बच्चे होंगे
- 8:20:46ऐसे। रेयर केस है तो रेयर बात। सेल्फ
- 8:20:48कॉग्निटिव वाले पॉइंट पे हम बता रहे थे
- 8:20:50आपको कि सेल्फ कॉग्निटिव बच्चे का अगर एक
- 8:20:53बार ये चीज आ गई दिमाग में कि मुझे यह
- 8:20:56करना है तो आप उसको रोक नहीं सकते।
- 8:21:00क्लियर?
- 8:21:03नेक्स्ट पॉइंट अफेक्टिव।
- 8:21:06एक्वायरिंग सेंसिटिविटी में इफेक्टिव क्या
- 8:21:08है? इफेक्टिव का मतलब है व्हेन द चाइल्ड
- 8:21:12लर्न्स फ्रॉम द एक्सपीरियंसेस ऑफ द अदर्स।
- 8:21:15एक और पॉइंट है इंपॉर्टेंट।
- 8:21:18कि आइडियलिस्ट
- 8:21:20और एफिशिएंट
- 8:21:2280 टू 90% केसेस में सेल्फ कॉग्निटिव ही
- 8:21:25होते हैं।
- 8:21:27बहुत कम ऐसे मतलब चांसेस आएंगे जब बच्चा
- 8:21:32आइडलिस्ट या एफिशिएंट हो और इफेक्टिव या
- 8:21:35कुछ और हो।
- 8:21:38क्लियर?
- 8:21:39तो मैक्सिमम केसेस में ऐसा होगा कुछ केसेस
- 8:21:42में लेकिन मैक्सिमम केसेस में
- 8:21:44[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 8:21:45इफेक्टिव जो है यह दूसरे के एक्सपीरियंस
- 8:21:48से सीखते हैं और मैक्सिमम केसेस में
- 8:21:52लिसनर्स जो हैं वह इफेक्टिव होते हैं। ऐसे
- 8:21:56बच्चे हमेशा यह सोच के डिसीजन लेते हैं कि
- 8:22:00मेरे दोस्त क्या डिसीजन ले रहे हैं? मेरे
- 8:22:02दोस्त क्या कर रहे हैं? यानी अफेक्टिव
- 8:22:05बच्चा अगर जैसे मैंने आपको एक बात बताई थी
- 8:22:10शुरुआत में कि विजुअल इंटेलिजेंस जिसका
- 8:22:12हाई होगा उसको मोबाइल पर गेम खेलने का भी
- 8:22:15शौक होएगा और कार्टून देखने का भी शौक
- 8:22:17होएगा। लेकिन एक इसका दूसरा रीजन हो सकता
- 8:22:20है कि विजुअल लो है लेकिन बच्चा इफेक्टिव
- 8:22:24है और उसका पीियर ग्रुप मोबाइल गेम खेल
- 8:22:26रहा है और कार्टून देख रहा है। तो कई
- 8:22:29बच्चे कार्टून सिर्फ इसलिए देख रहे होते
- 8:22:31हैं कि पीियर ग्रुप में बात करने लायक कोई
- 8:22:33बात ही नहीं होती उनके पास क्योंकि उसके
- 8:22:35चारों दोस्त सिर्फ कार्टूनस की बात करते
- 8:22:37हैं क्योंकि बात करते हैं। मैं नहीं देखता
- 8:22:40तो मेरे को पता नहीं क्या होता है। तो मैं
- 8:22:41उनके साथ बात करने लायक ही नहीं हूं। वो
- 8:22:43इसलिए भी गेम खेलता है कि वो सारे के सारे
- 8:22:45दोस्त बताते हैं मैं इस लेवल पे आ गया।
- 8:22:47मैं इस लेवल पे आ गया। तू कहां पहुंच गया?
- 8:22:48तू कहां पहुंच गया? तो वह भी खेलना शुरू
- 8:22:50कर देता है जाके। उसका इंटरेस्ट नहीं है।
- 8:22:52बट उसे पीियर ग्रुप में एडजस्ट होना है।
- 8:22:55तो अफेक्टिव वाला बच्चा हमेशा यह देखता है
- 8:22:58कि लोग क्या कर रहे हैं? दुनिया क्या कर
- 8:23:00रही है? स्कोप किस चीज का है? ज्यादा लोग
- 8:23:03किसकी बात कर रहे हैं? और डिसीजन किस तरफ
- 8:23:06ले रहे हैं? तो वो भी वैसा ही डिसीजन ले
- 8:23:08लेता है। यानी कि अब इसको हम दो बच्चों को
- 8:23:10देख के हम क्या करेंगे? अगर एक बच्चा घर
- 8:23:13के अंदर टेबल रखी है कांच की और बहुत सारा
- 8:23:15कांच का सामान है। एक सेल्फ कॉग्निटिव
- 8:23:19बच्चा खेल रहा है। उसको आप रोकने की कोशिश
- 8:23:21करोगे। वो बिल्कुल नहीं रुकेगा। अफेक्टिव
- 8:23:24को रोकने की कोशिश करोगे वो भी नहीं
- 8:23:27रुकेगा। अब दोनों मानेंगे कैसे? सेल्फ
- 8:23:29कॉग्निटिव को जब खुद चोट लग जाएगी या कोई
- 8:23:32सामान टूट जाएगा चपेट पड़ जाएगी। तो अगली
- 8:23:36बार नहीं करेगा वो। उसी टाइम मतलब साथ के
- 8:23:40साथ रिफ्लेक्स एक्शन। और अफेक्टिव वाले को
- 8:23:43अफेक्टिव वाला कैसे मानेगा? जब सेल्फ
- 8:23:45कॉग्निटिव वाले को चोट लग जाएगी तो
- 8:23:46इफेक्टिव अपने आप मान जाएगा। अब एक मदर है
- 8:23:49वह कह रही है मानता ही नहीं अंदर खेलता है
- 8:23:51घर में टेबल के ऊपर। मैं कहती हूं बेटा
- 8:23:53बाहर खेल ले। वहां पे बॉल लेके लगा रहता
- 8:23:55है। वहां कांच का सामान है। मेरे को यह डर
- 8:23:58है कि कहीं उसका सिर उस टेबल के कोने पे
- 8:24:00लग गया तो चोट लग जाएगी। मैंने कहा कुछ
- 8:24:02नहीं करना आपने। आपने सिर्फ इतना सा करना
- 8:24:05है। फोन उठाओ जब वो खेल रहा हो। जब वो खेल
- 8:24:08रहा होता है। फोन उठाना है। फोन उठा के
- 8:24:10अपना फोन साइलेंट पर करके और मतलब किसी को
- 8:24:14बोल दो फ्रेंड को अच्छा कौन मीना
- 8:24:18हो कैसे लगा टेबल लग गई घर में खेल रहा था
- 8:24:23कितने इंजेक्शन लगे
- 8:24:26स्टिचेस भी आए
- 8:24:28ओ माय गॉड ये बच्चे ना जो खेलते हैं घर
- 8:24:31में इनको लग नहीं होती है और क्या करें
- 8:24:33फिर चलो ओके मैं आती हूं मैं हॉस्पिटल में
- 8:24:36देखने के लिए और फोन काट दो और उस बच्चे
- 8:24:38से बात मत करो उसकी तरफ देखो भी मत अगर
- 8:24:42आपने उसकी तरफ देख लिया तो वो समझ जाएगा
- 8:24:44यह सारा मैनपुलेशन मेरे लिए था।
- 8:24:47उसकी उसको नहीं टोकना बिल्कुल भी। सिर्फ
- 8:24:51यह बताना है कि ऐसे ही एक बच्चा खेल रहा
- 8:24:54था उसके बच्चे को चोट लग गई। अब उसको
- 8:24:57जिसको अब मान लो उसको इंजेक्शन से डर लगता
- 8:24:59है तो इंजेक्शन बोल दो। स्टिचेस से डर
- 8:25:00लगता है स्टिचेस। जिस भी चीज से डर लगता
- 8:25:02है वो लाइन बोल दो कि उसके वाले बच्चे के
- 8:25:04साथ हुई है मेरे। चक्कर नहीं। तेरे को
- 8:25:07नहीं लगनी तू खेल ले। वो फिर वो नहीं
- 8:25:09खेलेगा वहां पे। या देख ही ले किसी को लगा
- 8:25:11हुआ या सुन ले किसी आपस में दो जने बात
- 8:25:14करो और वह सुन रहा हो बस अगर उस बच्चे को
- 8:25:17मोटिवेट करना है भगत सिंह के जैसा तो भगत
- 8:25:20सिंह की कहानी सुनाओ और छोड़ दो हम
- 8:25:22मां-बाप या टीचर्स गलती क्या करते हैं इस
- 8:25:25कहानी से क्या शिक्षा ली पे शुरू हो जाते
- 8:25:27हैं और तुम्हें भी ऐसा करना चाहिए बोल
- 8:25:30देते हैं जैसे ही आप बोलोगे कि हमको भी
- 8:25:33ऐसे ही करना है सारा साइन सीन खत्म हो
- 8:25:35जाएगा ऐसे बच्चों को कहानी सुना दो जो भी
- 8:25:38कहानी कहना मान चल मैं आजा तेरे को ना एक
- 8:25:41फ्रेंड की कहानी सुनाती हूं। ये करके वो
- 8:25:43उधर खेल रहा था। खेलतेखेलते लगा उसका सिर
- 8:25:46और वो सिर फूट गया। अगली बार गारंटी है वो
- 8:25:49नहीं खेलेगा अंदर घर में। यानी जो वो काम
- 8:25:52कर रहा है उन हालात पे कोई और आदमी की बात
- 8:25:56बता दो और उसको क्या नुकसान हुआ वो बता दो
- 8:25:58और छोड़ दो। मैं छोड़ दो पे बहुत फोकस दे
- 8:26:01रहा हूं। अगर आप उसको साथ में यह बताना
- 8:26:04शुरू कर दो। तू भी खेलता है। देख लेना
- 8:26:06तेरे को भी लग जाएगी। फिर नहीं समझ आएगा
- 8:26:08उसको। आप पूरी लाइन दोबारा से बोलिए।
- 8:26:12मेरा ढाई साल का बेटा है। दिन में वो कोई
- 8:26:14भी गलती करता है जनरली उसे उस वक्त पे ना
- 8:26:17टोक के मैं रात को कहानी सुनाती हूं।
- 8:26:19कहानी में कररेक्टर्स अलग-अलग होते हैं।
- 8:26:22और वो एक सीन जरूर होता है।
- 8:26:24पर सर ढाई साल का बच्चा अब उसको यह समझ आ
- 8:26:27गया है कि जो रात को एक कहानी जो सुनाई
- 8:26:30जाएगी ना उसमें एक दिन वाला वो सीन जरूर
- 8:26:33आएगा। और वो आगे-आगे कहना शुरू कर देता
- 8:26:35है। ओफो बच्चा तो पागल था ना। गाड़ी से तो
- 8:26:38बाहर हाथ ही नहीं निकालते ना मम्मा। फिर
- 8:26:41क्यों निकाला उसने? अब मैं उसको मतलब मेरा
- 8:26:43तो ये खत्म ही हो गया। मैं उसको कहानी भी
- 8:26:46कहां तक सुनाऊं? और जबकि उसमें वो फेक
- 8:26:48करैक्टर होते हैं सारे। दो बच्चे जा रहे
- 8:26:51थे वहां जा रहे थे। गाड़ी से बाहर हाथ
- 8:26:53नहीं निकालना। चोट लग जाती है। कह के बस
- 8:26:56कहानी खत्म करनी है। अब वो आगे-आगे ढाई
- 8:26:58साल का है। वो आगे आगे अब बोलना शुरू कर
- 8:27:00देता है। ओहो। अच्छा वो पानी फेंका हुआ था
- 8:27:03ना वो तो गिर जाता है वो बच्चा।
- 8:27:04मैं बता रहा हूं। मैं आपको करेक्ट करता
- 8:27:05हूं दो-तीन जगह पे। पहली बात इस बात की
- 8:27:09कोई श्योरिटी नहीं है कि वो इफेक्टिव है।
- 8:27:12पहला पॉइंट यह है क्योंकि शायद आपने पहले
- 8:27:15उसका एफिशिएंट
- 8:27:17के बारे में बात करी थी कि वो एफिशिएंट
- 8:27:19है। तो फिर आप उसके लिसनर्स जैसे
- 8:27:21कररेक्टर्स पे कैसे बोल रहे हो? ठीक है
- 8:27:23ना? आपसे पहले मेरी बात हुई थी जब आप यहां
- 8:27:25बैठे थे उस वक्त। तो वह है ही नहीं है
- 8:27:27एफेक्टिव। और आप इफेक्टिव मेथड यूज़ कर रहे
- 8:27:29हो। बेसिकली वह स्मार्ट एफिशिएंट और
- 8:27:31आइडियलिस्ट तो होते ही स्मार्ट हैं खूब
- 8:27:33जरूरत से ज़्यादा। उनको करना ही वो है। वो
- 8:27:35रास्ता ढूंढ ही लेते हैं वैसे भी। तो आप
- 8:27:37दो चीजों को मिक्स अप कर रहे हो। बेसिकली
- 8:27:39वो सेल्फ कॉग्निटिव बच्चे को आप इफेक्टिव
- 8:27:41मेथड से समझाने की कोशिश कर रहे हो। एंड
- 8:27:43ही इज दैट मच स्मार्ट कि वो दो-तीन बार
- 8:27:45में ही समझ जाएगा। दूसरी जो गलती हम कर
- 8:27:48रहे हैं पेरेंट्स कि हम साथ में उस कहानी
- 8:27:50के साथ में उसको समझाए। हमारे को है ही
- 8:27:53दिमाग में है ही नहीं है कि ऐसा ऐसा कोई
- 8:27:55तरीका किसी ने बताया ही नहीं कि बता के
- 8:27:57छोड़ना है। आप साथ में उसको ज़रूर समझाते
- 8:28:01हो कि भाई ते कि यही वाला जैसे तुम निकाल
- 8:28:04रहे थे ना जैसे तुम कर रहे थे ना यह लाइन
- 8:28:07मतलब आएगी ही आएगी जुबान पे क्योंकि हमें
- 8:28:09एग्जैक्टली इतना हम इतनी स्मार्टनेस है
- 8:28:11नहीं ना हमारे में पैरेंटिंग में तो हमें
- 8:28:13ये मालूम नहीं कि भ उसको सिर्फ बता के
- 8:28:17छोड़ना होता है और वो तो है ही नहीं ना उस
- 8:28:19कैटेगरी का उसका तो सीन ही खत्म है उसका
- 8:28:20तो पॉइंट ही खत्म हो गया मैं दूसरे वाले
- 8:28:23इफेक्टिव की बात कर रहा हूं क्लियर अब ऐसे
- 8:28:27बच्चों को मान मान लो आप ये चाहते हो कि
- 8:28:30आपके क्लास में बच्चे हैं लिसनर्स। अब
- 8:28:34लिसनर बच्चे की प्रॉब्लम क्या होती है?
- 8:28:36मैंने शुरू में ही बताया था कि वो बहुत
- 8:28:38ज्यादा देर तक कंसंट्रेट नहीं कर पाता।
- 8:28:42लेकिन यह बात तब तक सही है जब तक
- 8:28:46वो अकेला पढ़ रहा हो। अगर लिसनर के सामने
- 8:28:50बैठ के दो बच्चे पढ़ रहे हों। तो वह तब तक
- 8:28:53पढ़ेगा जब तक सामने वाले पढ़ रहे हैं। अगर
- 8:28:55लिसनर की मम्मी अपनी किताब उठा के बैठ
- 8:28:57जाएगी तो डेफिनेट है दो या तीन दिन के बाद
- 8:29:01वो बच्चा भी अपनी किताब ले बैठना अपने आप
- 8:29:03शुरू कर देगा आपके बिना जोर लगाए
- 8:29:07जरूरत ही नहीं है आपको कुछ भी करने की
- 8:29:11क्योंकि वो इफेक्टिव है। उसके अंदर फीलिंग
- 8:29:14ही वो आती है कि जो लोग कर रहे हैं मैं
- 8:29:16वही करूं जो दूसरे लोग कर रहे हैं। तो घर
- 8:29:19में अगर तीन लोग और हैं वो तीनों एक ही
- 8:29:22काम कर रहे हैं तो वही करेगा। लिसनर को
- 8:29:24अगर आप अकेले को बेड पर बैठे को खाना दे
- 8:29:26रहे हो तो वो नाक चढ़ाएगा। मैंने नहीं
- 8:29:28खाना मेरा मन नहीं है। मेरा मूड नहीं है।
- 8:29:31बट जब आप पूरा बना के सारा सामान ला के
- 8:29:34इकट्ठा रख के पूरी फैमिली खाएगी तो वो दो
- 8:29:36रोटी फालतू खा जाएगा। समझ रहे हैं आप? वो
- 8:29:39जब सामने वाला खाता नजर आए। जब उसके दोस्त
- 8:29:41आ जाए, कजिंस आ जाएंगे तब वो खूब खाएगा।
- 8:29:44बट जब वो अकेला है तब वह नहीं खा रहा है
- 8:29:46तो आपको उसका सशन ऑलरेडी आपके पास है। आप
- 8:29:50उसको उस ऊपर से ईगलाई से नहीं देख पा रहे
- 8:29:52हो। बहुत सारी प्रॉब्लम्स का तो स्यूशन
- 8:29:55वहीं पर है आपकी प्रॉब्लम्स में ही।
- 8:29:57ऑलरेडी वो बच्चा आपको साइन दे रहा है कि
- 8:29:59मैं ऐसे खाता हूं, ऐसे पढ़ता हूं, ऐसे काम
- 8:30:03करता हूं। ये तरीका है और ये मेरे को
- 8:30:05जिसको आप लोग थोड़ी सी ये कहते हो कि ये
- 8:30:07ठीक नहीं है। उसको ठीक करने का तरीका भी
- 8:30:09वो खुद ही बता रहा है। गॉट माय पॉइंट?
- 8:30:13मतलब इसका मतलब क्या हुआ कि जैसे हमने
- 8:30:16अपनेप बच्चों को आइसोलेशन में रख दिया। आप
- 8:30:20देखोगे जब हम छोटे थे तो हमारे कुछ टीचर्स
- 8:30:23ऐसे होते थे जो शाम को बच्चों को घर बुला
- 8:30:26लेते थे अपने होमवर्क करने के लिए नई
- 8:30:28एक्स्ट्रा क्लास लेने के लिए समझाने के
- 8:30:30लिए स्कूल में ही घर होते थे कुछ लोगों के
- 8:30:32तो वहां पे बहुत बढ़िया पढ़ाई होती थी इस
- 8:30:34माहौल में क्योंकि सारे ही पढ़ रहे होते
- 8:30:36थे अपनी-अपनी मस्ती में। तो जब हम अपने
- 8:30:38बच्चों को आइसोलेशन में ले गए तो ही हमारे
- 8:30:40बच्चों के साथ ये प्रॉब्लम आनी शुरू हुई
- 8:30:43क्योंकि ज्यादातर बच्चे अफेक्टिव हैं,
- 8:30:45ज्यादातर लिसनर हैं और हमने उनको
- 8:30:47अकेला-अकेला पढ़ने की आदत डाली कि तू पढ़
- 8:30:49ले मैं अपना काम कर लूं। तो वो जब अकेला
- 8:30:52है तब वो नहीं पढ़ पाएगा। किसी भी हालत
- 8:30:55में किसी और चीज पे भी कंसंट्रेट नहीं कर
- 8:30:58पाएगा। बट व्हेन दे आर वर्किंग टुगेदर एज
- 8:31:01अ टीम उनके अंदर एंथूजियाज्म शुरू से आखिर
- 8:31:04तक खत्म नहीं होगा। इसकी गारंटी है। सो
- 8:31:06गॉट माय पॉइंट सशंस बहुत सारी चीजों के
- 8:31:08आपके हो गए। उम्र से शुरू करी है अब
- 8:31:10कहानी।
- 8:31:113 इयर्स का है।
- 8:31:12तो अभी वो क्या करता है? जैसे जो उसको मना
- 8:31:14करेगा वो करेगा। लेकिन एक सिचुएशन व्हाट
- 8:31:18आई फील कि क्या हुआ? एक बार उसके घर में
- 8:31:20जैसे किसी ने मारा तो कहते हैं पुलिस
- 8:31:23पुलिस बुला ले बुला लेते हैं। तो उसने
- 8:31:25क्या किया? अगली बार जब मैम ने उसको डांटा
- 8:31:27ना हेलो पुलिस ये उसका रिएक्शन था। तो अब
- 8:31:33वो अफेक्टिव भी हो गया और
- 8:31:37सेल्फ कॉग्निटिव भी हो गया।
- 8:31:38आपने एक बिहेवियर देखा। अभी आगे दो रहते
- 8:31:41हैं। अभी आने दीजिए। आने दीजिए। अभी उसको
- 8:31:45हम करते हैं। इस पॉइंट पे कोई डाउट है तो
- 8:31:47बताइए। डाउट बताइए। मतलब अभी बच्चे के लिए
- 8:31:50कंप्लीटली हम बात करेंगे। क्लियर?
- 8:31:53यानी कि आपको कैसे पढ़ने के लिए मोटिवेट
- 8:31:56करना है, क्या काम करने के लिए मोटिवेट
- 8:31:58करना है। इसीलिए मुझे उस स्टीकर की जरूरत
- 8:32:00पड़ी आपको देने के लिए कि उन लोगों को यह
- 8:32:02लगे कि ये लोगों ने लगा रखा है। ये लोग
- 8:32:04चाहते हैं ऐसी एजुकेशन तो हम भी चाहने वो
- 8:32:07भी चाहना ऑटोमेटिक शुरू करें। उनको कुछ
- 8:32:08नहीं पता लॉजिक लॉजिक का मैं आपको जो आप
- 8:32:10कह रहे थे ना उनको कुछ नहीं पता। उनको ये
- 8:32:12पता है बस ये लगा रहे हैं। मैडम है स्कूल
- 8:32:14की ये लगा रही है। मतलब कुछ ना कुछ समझ के
- 8:32:16ही लगा रखी है क्योंकि वो इतने में ही मान
- 8:32:18जाते हैं। [हंसी]
- 8:32:20एंड दिस इज़ विद 85% केसेस। वह तो आप खुद
- 8:32:23के लिए वो तो आप तो आपको समझ भी आ गया।
- 8:32:25इवन अगर आप नहीं भी लिसनर है तो भी समझ आ
- 8:32:27गया। ठीक है ना? सेकंड पॉइंट सॉरी थर्ड
- 8:32:32पॉइंट रिफ्लेक्टिव पार्ट।
- 8:32:34ये रिफ्लेक्टिव एक्वायरिंग कैसे होती है?
- 8:32:37यह आमतौर पे फ्लैशिस में होती है। ये क्या
- 8:32:40होता है कि थप्पड़ मार के समझ आता है कि
- 8:32:43थप्पड़ मार दिया।
- 8:32:45गेट आउट। गेट आउट ऑफ माय क्लास। जैसे इवन
- 8:32:49क्लास में तो खैर टीचर तो बहुत ही कम
- 8:32:51रिफ्लेक्टिव होती हैं क्योंकि उनका
- 8:32:52एक्सपीरियंस हो जाता है। सिबलिंग्स में
- 8:32:54ऐसा होता है। ऐसा मारूंगी चपेट तेरे को
- 8:32:57मतलब ऐ कुछ भी कह दिया मुंह से और फिर
- 8:32:59थोड़ी देर बाद सॉरी यार सॉरी मेरे मुंह से
- 8:33:00निकल गया। लाइक दैट शट अप शट अप मुंह से
- 8:33:05निकलता है ना एकदम झटाक से तो समझो वो
- 8:33:07रिफ्लेक्टिव है। और वो फ्लैशी भी होनी है
- 8:33:09कंफर्म।
- 8:33:12ठीक है ना? शट अप गेट आउट या एकदम से नहीं
- 8:33:16करना। चलो ऐसे करके जो करते हैं लाइक दैट
- 8:33:20वो रिएक्शन जो है वो सिर्फ रिफ्लेक्टिव का
- 8:33:23ही होगा। अगर वह सेल्फ कॉग्निटिव का है तो
- 8:33:26वह प्लंड है। अगर वह सेल्फ कॉग्निटिव का
- 8:33:29है रिएक्शन सेम तो वह प्लंड है और अगर
- 8:33:33फ्लैशी का है तो वो इंस्टेंट है। वो अपने
- 8:33:36आप मतलब स्पॉनटेनियस है। एकदम से निकला और
- 8:33:39फिर बाद में सॉरी फील होना ही होना है शाम
- 8:33:41को सुबह जो भी क्लियर इसमें इसका जैसे
- 8:33:47क्या है कि सेल्फ कॉग्निटिव को खुद
- 8:33:50एक्सपीरियंस ही करना पड़ेगा। मान लो आप यह
- 8:33:53कह रहे हो कि उस बच्चे को पढ़ने के लिए
- 8:33:55मोटिवेट करना है। तो जब वह पढ़ा और उसकी
- 8:33:59इज्जत बनी। जब उसने वो काम किया उसको
- 8:34:03अवार्ड मिला, उसको अप्रिसिएशन मिला,
- 8:34:06एनफोर्समेंट मिली तो वो कंटिन्यू रखेगा।
- 8:34:10एक बार भी अगर उसको नहीं मिला तो वहीं पर
- 8:34:13डाउन जाना शुरू हो जाएगा। सेल्फ
- 8:34:15कॉग्निटिव। अफेक्टिव वाला उस जो पहले वाले
- 8:34:18को मिल रहा है अवार्ड उसी से होता रहेगा।
- 8:34:21एक को थप्पड़ बज रहा है वह पास बैठे कहां
- 8:34:23पर रहेगा? सेल्फ कॉग्निटिव को थप्पड़
- 8:34:26बजाओ। पूरी क्लास जितने इफेक्टिव है सब
- 8:34:28अपने आप मान जाएंगे कि भाई अगला नंबर अपना
- 8:34:30है। होता था ना पहले डंडे एक को पढ़ रहे
- 8:34:33होते थे। बराबर में बैठे इफेक्टिव जो है
- 8:34:35वो कांप रहे होते थे। रिफ्लेक्टिव वाला
- 8:34:38क्या है? वो डिसीजन पहले लेना ही लेना
- 8:34:40उसने। सोचना बाद में यह उसने। ऐसे लोग
- 8:34:43कहते हैं मैं तो बस यही सब्जेक्ट लेना है।
- 8:34:45बाद में तो गलत ले लिया यार। सब्जेक्ट भी
- 8:34:48गलत चूज कर लेंगे उस मोमेंट पे।
- 8:34:51सो व्हाट वी नीड टू डू इज सेल्फ कॉग्निटिव
- 8:34:55को एक्सपीरियंस करने दीजिए। अफेक्टिव के
- 8:34:58लिए आप स्टोरी टेलिंग या किसी और का
- 8:35:00एग्जांपल दे दीजिए। किसी के लिए किसी की
- 8:35:02जीवनी बताइए या उनके एक्सपीरियंसेस शेयर
- 8:35:05कीजिए। रिफ्लेक्टिव को अगर समझाना है तो
- 8:35:09उसका एकमात्र तरीका है कि उस बच्चे के
- 8:35:13अंदर से जवाब आना चाहिए। क्वेश्चन की
- 8:35:17फॉर्म में जैसे क्या?
- 8:35:20पहले दो बच्चों को
- 8:35:22आप समझाएंगे कैसे? पहले वाले को तो आप
- 8:35:25समझा ही नहीं सकते सेल्फ कॉग्निटिव को। तो
- 8:35:28दूसरे वाले को आप दूसरों को एग्जांपल देके
- 8:35:30समझा सकते हो। कोई जरूरत नहीं है। तीसरे
- 8:35:32वाले को ये अच्छा आज कहां थे? ये गया था।
- 8:35:36तो जो किया वो ठीक किया? क्या लगता है?
- 8:35:40ऐसा ही करना चाहिए था। क्या यह तरीका सही
- 8:35:43है? आपको क्या लगता है? मतलब अगर उसने
- 8:35:48अपनी जुबान से उस बात के लिए हां या ना
- 8:35:51नहीं कहा तो समझो उसको समझ नहीं आया।
- 8:35:53तुमने ऐसा नहीं करना यह वाली लाइन
- 8:35:56रिफ्लेक्टिव को समझ नहीं आएगी। अगर तुम
- 8:35:59ऐसा करोगे तो क्या ये अच्छी बात है? ये
- 8:36:02वाली लाइन समझ आएगी। सवाल और जवाब दोनों
- 8:36:04उधर से आए तो ज्यादा बेटर है के मम्मा ऐसा
- 8:36:07कर लूं। तुम बताओ तुम्हें करना चाहिए कि
- 8:36:09नहीं करना चाहिए? ये सिर्फ रिफ्लेक्टिव के
- 8:36:12लिए। बाकी दोनों के लिए नहीं है। सो यू
- 8:36:13नीड टु बी दैट मच कीन ऑब्ज़र्वर कि आप उसको
- 8:36:17इतने बड़े प्रश्न जैसे मैंने आपको बहुत
- 8:36:19सारे पैरामीटर्स दे दिए ना और एक बारी में
- 8:36:22एक बात से एक तरह के बिहेवियर से आप सब
- 8:36:25कुछ जज नहीं कर पाओगे। टाइम लगेगा। पहले
- 8:36:28आप एक बच्चे के एक बिहेवियर को लिखना शुरू
- 8:36:29करो। ये वाला ज्यादा लग रहा है मुझे। फिर
- 8:36:31उसके दूसरे बिहेवियर से लिखना शुरू करो।
- 8:36:33ये वाला ज्यादा लग रहा है। ये वाला कम।
- 8:36:34बाद में वो चीजें कंट्राडिक्ट भी होएंगी।
- 8:36:36फिर एक एवरेज पॉइंट आएगा जहां कि ये मुझे
- 8:36:39ठीक लग रहा है और फिर हम आपको फाइनली
- 8:36:41बताएंगे भी यकीनन पहले आपकी टेस्टिंग हो
- 8:36:44जाएगी आप लोग कितने बढ़िया ऑब्जर्वर हैं
- 8:36:46अपनी-अपनी क्लास के बच्चों के लिए क्योंकि
- 8:36:48ये आप देखोगे आपका काम कितना आसान होता जा
- 8:36:50रहा है धीरे-धीरे मतलब इट्स गोइंग टू बी
- 8:36:52वेरी ईजी फॉर यू टू अंडरस्टैंड अ चाइल्ड
- 8:36:55चौथा पॉइंट है रिवर्स दिस इज दी मोस्ट
- 8:36:59मोस्टेंट फैक्टर ऑफ अ किड इसलिए क्योंकि
- 8:37:04ये बच्चे हैं जो असल पूंजी है इस देश की
- 8:37:08जिनमें रिवर्स होता है। रिवर्स फैक्टर अभी
- 8:37:11तक मेरे पास हाईएस्ट 30% आया है। 17,000
- 8:37:14बच्चों में सिर्फ दो बच्चों का 30% है।
- 8:37:18लगभग 10 से 12 बच्चों का 20% है। और फिर
- 8:37:22बाकी के 50 60 100 बच्चों का करीब-करीब
- 8:37:2510% एंड 10% अगर किसी का रिवर्स फैक्टर है
- 8:37:30तो बाकी सारी चीजों के ऊपर पानी फेर देता
- 8:37:32है। अकेला रिवर्स और इसको फॉर्चूनेट कह
- 8:37:36लीजिए अनफॉर्चूनेट कह लीजिए इस इंडिया में
- 8:37:38इस रिवर्स को फाइंड आउट करने का तरीका और
- 8:37:41किसी के पास नहीं है। एक्सेप्ट मी आपके
- 8:37:44पास अब हो जाएगा। यह अनफ क्योंकि यह एक
- 8:37:47बहुत नई डिस्कवरी थी जब हमने इसको पॉइंट
- 8:37:50आउट किया था। लोगों ने पहले कर रखे थे बट
- 8:37:53उसको कंसोलिडेट नहीं किया था। और यह इतना
- 8:37:55इंपॉर्टेंट है जैसे क्या बताया मैंने
- 8:37:58आपको? हमने शुरू में ही चार पर्सनालिटीज
- 8:38:01को कैटेगराइज किया लाइफ में एल आई एफ ई एक
- 8:38:04कैटेगरी बताई जो 100 में से 810 हैं। एक
- 8:38:07दूसरी कैटेगरी बताई 100 में से 810 हैं।
- 8:38:10एफिशिएंट और आइडलिस्ट फिर बताया मैंने
- 8:38:12फ्लैशी की परसेंटेज एक से 2% है। और फिर
- 8:38:15बताया कि करीब करीब 80 टू 89 जितना भी बचा
- 8:38:18वो सारा का सारा लिसनर्स का है। ऐसा बोला
- 8:38:20यह 100 में से था परसेंटेज थी। जो रिवर्स
- 8:38:23है वो 1000 में एक बच्चे का होता है। तो
- 8:38:25दिस इज दैट मच रेयर। इतना रेयर है इसीलिए
- 8:38:29इसको कोई समझता नहीं है। इतना रेयर है
- 8:38:32इसीलिए इसको कोई समझता नहीं है। इसकी
- 8:38:35कोईेंस नहीं है। इस बंदे को समझने के लिए
- 8:38:39इसको लगभग 1000 और लोगों से मिलना यानी
- 8:38:422000 लोगों से मिलेगा तो कोई एक बंदा
- 8:38:44मिलेगा इसको समझने वाला जो उसी की
- 8:38:46फ्रीक्वेंसी पर बात करेगा। जब ज्यादातर
- 8:38:49पॉपुलेशन क्योंकि 85% है और बाकी के तीन
- 8:38:52जो पर्सनालिटीज हैं वो भी एक ही एंगल से
- 8:38:54सोचते हैं। जैसे कानून सोचता है। जैसे
- 8:38:57सोसाइटी सोचती है जैसे रूल बनाए हैं लाइफ
- 8:39:00के तो वो इस एंगल से सोचते हैं मान लो मान
- 8:39:02लो वो उधर जा रहे हैं तो जो रिवर्स वाला
- 8:39:05बंदा है वो कहेगा ऐसे क्यों ऐसे भी तो जा
- 8:39:08सकते हैं इस बच्चे का एक डायलॉग होता है
- 8:39:10कॉमनली जब आप उसको कोई भी चीज बताने लगोगे
- 8:39:12ये काम ऐसे करना है वो कहेगा ऐसे क्यों
- 8:39:15ऐसे भी तो कर सकते हैं। ही ऑलवेज हैज़ एन
- 8:39:17अल्टरनेट वे ऑफ़ डूइंग थिंग्स। डू यू हैव
- 8:39:20एनीथिंग एनीवन इन योर सर्कल क्लास कोई ऐसा
- 8:39:24बच्चा जो आंख में आंख डाल के बात करता है
- 8:39:26और कंट्राडिक्ट करता है लाइक चैलेंजिंग द
- 8:39:28अथॉरिटी ऑफ द टीचर है ऐसा कोई बच्चा
- 8:39:32जो ऐसा लगता है कि ही इज चैलेंजिंग द
- 8:39:34अथॉरिटी हां जी प्लीज रेज योर हैंड आपकी
- 8:39:36क्लास में कोई ऐसा बच्चा है तो आपके घर
- 8:39:39में रिलेशंस में हो जो ऐसा लगता है कि वो
- 8:39:43अथॉरिटी को ही चैलेंज कर रहा है मतलब आपके
- 8:39:45पढ़ाने के तरीके को ही चैलेंज कर रहा है
- 8:39:48हां हां तरीके को वही मेथड को ही तरीका
- 8:39:50कहते हैं।
- 8:39:51मतलब कन्वेंशनल मेथड से ज्यादा है।
- 8:39:53हां नॉन कन्वेंशनल घुमा फिरा।
- 8:39:56इवन यहां तक कि आप पढ़ा रहे हो गोदावरी
- 8:39:58नदी सवाल पूछेगा गंगा नदी पे। आप पढ़ा कुछ
- 8:40:01और रहे हो और पूछेगा अपने दादा नाना की
- 8:40:03किसी बात पे। वो पढ़ा कुछ और रहे हो एंड
- 8:40:06टीचर क्या मतलब मैं आपको बताता हूं। रियली
- 8:40:08क्या करता है टीचर? ऐसा बच्चा ऐसे करेगा।
- 8:40:11टीचर ऐसे हां यू प्लीज मैम ये सवाल पूछा।
- 8:40:15सवाल पूछते ही टीचर सोचेगा
- 8:40:20मतलब टीचर का यही रिएक्शन आएगा। बिकॉज़
- 8:40:24टीचर को लगेगा कि मैं पढ़ा कुछ और रहा हूं
- 8:40:27और यह कुछ और पूछ रहा है। लेकिन मैं आपको
- 8:40:30बताऊं वह बच्चा आपका ही सवाल पूछ रहा है।
- 8:40:33वो उस चीज के ऊपर ऑलरेडी चारप तरीके के
- 8:40:37थॉट्स ले चुका है। उस पे मतलब कुछ रिएक्शन
- 8:40:41भी शो कर चुका है। डिसीजन भी ले चुका है।
- 8:40:43ही वांट्स क्लेरिफिकेशन और आप देखोगे उसका
- 8:40:46जो सवाल है घूम फिर के आपके सवाल का ही
- 8:40:48अल्टरनेट होता है। बेसिकली
- 8:40:51यह बच्चे
- 8:40:53बहुत बहुत ही नॉन कन्वेंशनल तरीके से
- 8:40:56सोचते हैं। पूरी सोसाइटी इनको लगता है यह
- 8:41:00उल्टे चलते हैं। इनको कहोगे इधर से जाना
- 8:41:03है तो कहीं इधर से तो जाना जाना नहीं। अब
- 8:41:05कहीं और से जाएंगे। ऐसे करना है ऐसे तो
- 8:41:08करना नहीं। कोई ऐसे तो दुनिया कर रही है।
- 8:41:09अपन किसी और तरीके से करेंगे। टीचर ने
- 8:41:12लिखना सिखाया। ऐसे लिखना है। वो कहेगा ऐसे
- 8:41:14नहीं लिखना। दूसरे तरीके से लिखना है। दे
- 8:41:16हैव एक्सेप्शनल कैपेबिलिटीज ऑफ थिंकिंग।
- 8:41:20दे हैव एक्सेप्शनल प्लानिंग्स। दे हैव
- 8:41:23एक्सेप्शनल स्ट्रेटजीस फॉर द कंट्री फॉर
- 8:41:25एवरीथिंग। मतलब दे लर्न दे आर सो
- 8:41:28एक्सेप्शनल दैट द प्रेजेंट सिनेरियो
- 8:41:31प्रेजेंट पीपल कैन नेवर एवर अंडरस्टैंड
- 8:41:35देम। उनकी सोच आप देखोगे कम से कम 10 साल
- 8:41:39आगे की होती है। उनके थॉट्स आप देखोगे कम
- 8:41:43से कम 5 साल बड़े होते हैं। छोटा बच्चा
- 8:41:46तीन साल का है लेकिन दोस्ती आठ साल की
- 8:41:48लड़की से लड़के से ही करेगा। 10 साल का
- 8:41:51बच्चा है तो 15 साल के वाले से दोस्ती
- 8:41:52करेगा। 10वीं 11वीं वालों से यह बच्चा
- 8:41:55अपनी उम्र के बच्चों के साथ भी नहीं
- 8:41:57खेलेगा। खेलेगा तो या तो अड़ंगी अड़ाएगा
- 8:41:59या साइकिल में डंडा फेंकेगा या किसी की
- 8:42:01कार स्क्रैच करेगा या ट्यूबलाइट फोड़ेगा
- 8:42:03या कुछ समथिंग लाइक दैट बंदूक उसका सबसे
- 8:42:07फेवरेट खिलौना होता है।
- 8:42:10बिकॉज़ क्योंकि मैक्सिमम पापुलेशन उसको
- 8:42:13नहीं समझ सकती इसीलिए उसके अंदर एक अजीब
- 8:42:16किस्म की इरिटेशन पनपती रहती है। वो बच्चा
- 8:42:19अगर खुलकर बोलेगा तो सामने वाला इरिटेटेड
- 8:42:22रहेगा। अगर वह खुलकर नहीं बोलेगा तो वह
- 8:42:25इरिटेटेड रहेगा। बिकॉज़ एकदम कंट्राडिक्शन
- 8:42:29में सोचता है वो।
- 8:42:32है कोई आसपास ऐसे?
- 8:42:36है ना सर?
- 8:42:38ये बच्चे आमतौर पे सेवंथ क्लास के बाद इस
- 8:42:41एजुकेशन सिस्टम को रिजेक्ट कर देते हैं।
- 8:42:44अपने एजुकेशन सिस्टम को। आफ्टर सेवंथ
- 8:42:46क्लास दे लॉस्ट लॉस्ट दे हैव लॉस्ट देयर
- 8:42:50ऑल ऑल इंटरेस्ट इन द एजुकेशन बस याद कर
- 8:42:53रहे होते हैं क्योंकि वो अल्टरनेट नजर
- 8:42:55नहीं आता बस पास होना है बस इतना करना है
- 8:43:00मोबाइल के पासवर्ड पड़ोसियों के वाईफाई
- 8:43:03पासवर्ड दे हैव देयर [हंसी]
- 8:43:07यह उनकी सबसे फेवरेट काम है मम्मी ने कोई
- 8:43:09चीज छुपाई है उसको ढूंढना मतलब व्हेनएवर
- 8:43:12जो आप लॉक लगा रखे हैं वो तोड़ना उनका
- 8:43:15प्रायोरिटी होती है। दे आर अल्टीमेट
- 8:43:17हैकर्स। मतलब अगर उनको प्रोग्रामिंग सिखा
- 8:43:19दी जाए दे ऑलवेज प्रेफर कि मैं हैकिंग में
- 8:43:22जाऊंगा और उसके पास बहुत सारी चीजें होती
- 8:43:25हैं। हम इंडियंस स्पेशली हमारा एजुकेशन
- 8:43:28सिस्टम उन बच्चों को इतना खराब कर लेता है
- 8:43:31कि मैक्सिमम लोग या तो सारी उम्र इरिटेशन
- 8:43:34में गुजारते हैं या जेल में।
- 8:43:37हम इनको क्रिमिनल बना देते हैं आखिर में।
- 8:43:40क्योंकि उनकी बचपन की एक्टिविटी अगर आप
- 8:43:42देखेंगे तो समथिंग लाइक इस तरह की नजर
- 8:43:45आएंगी कि यह सोसाइटी में रहने लायक नहीं
- 8:43:47है। असल में यह सोसाइटी में रहने लायक
- 8:43:49नहीं होते। ये सोसाइटी से बहुत ऊपर के
- 8:43:52बंदे होते हैं। जिनके पास ऐसा विज़न होता
- 8:43:54है जो सोसाइटी को असल में रास्ता दिखाता
- 8:43:57है। दुनिया को रास्ता दिखाता है। बट उस
- 8:44:00दौर के लोग इनको कभी नहीं समझ सकते। चाहे
- 8:44:02मुंशी प्रेमचंद हो, चाहे शेक्सपियर हो,
- 8:44:05पैवलो पिकासो हो, अरिस्टोटल हो, अरस्तु
- 8:44:08हो।
- 8:44:10गैलीलियो हो उस दौर के लोगों ने इनको
- 8:44:14फांसी पर ही चढ़ाया है। गोलियों से ही
- 8:44:16मारा है। जहर ही पिलाया है। दे कांट
- 8:44:18अंडरस्टैंड देम। उस दौर में मुंशी
- 8:44:22प्रेमचंद अपनी गरीबी में फकीरी में ही मर
- 8:44:24गए। पजामा एक ही था बेचारे के पास कई-कई
- 8:44:27साल तक। लेकिन उसकी अगली पीढ़ियां आज भी
- 8:44:29उसकी रॉयल्टी रॉयल्टी से करोड़ों रुपए
- 8:44:31कमाती है। शेक्सपियर उस दौर में लोगों ने
- 8:44:34उसकी बातों को समझा भी नहीं और बाद में आज
- 8:44:37के बच्चे उसको पढ़ते हैं।
- 8:44:39इसी तरह से चाहे पिकासो की बात करो, चाहे
- 8:44:42लारो द विंसी की बात करो। उस दौर में जब
- 8:44:44वह बनाया करते थे तो लोगों को समझ में
- 8:44:46नहीं आता था क्या बना रहे हैं। लेकिन जब
- 8:44:48वो बनाकर चले गए तो उनकी एक-एक पेंटिंग,
- 8:44:50एक-एक चीज करोड़ों रुपए की बिकी। बिकॉज़ दे
- 8:44:53हैड विज़ंस। दे हैड एक्सेप्शनल क्वालिटीज।
- 8:44:57जिन लोगों ने ऐसे बच्चे अगर घर से निकल
- 8:45:00जाएं, ऐसे बच्चे आइसोलेटेड हो जाए, ऐसे
- 8:45:02बच्चे अगर इनको घर वाले निकाल घर से बाहर
- 8:45:05निकाल दें तो यह बच जाते हैं और अगर यह घर
- 8:45:07में रहे तो इनका सत्यानाश कंफर्म है।
- 8:45:11क्योंकि इनको समझ ही नहीं पाते इनके
- 8:45:12मां-बाप। कभी नहीं समझ पाएंगे क्योंकि आज
- 8:45:15से 10 साल बाद की बात मैं आज करूंगा। आपको
- 8:45:18समझ में आएगी ही नहीं। कभी नहीं आएगी। दे
- 8:45:21ऑलवेज थिंक इन द नाइट कि मेरे से क्या
- 8:45:23गलती हो गई। मैं बात तो ठीक ही कह रहा था
- 8:45:26ना। बट दे कांट अंडरस्टैंड। वो अपने
- 8:45:28मां-बाप को कभी भी कन्विंस नहीं कर पाएंगे
- 8:45:31और ना उनके मां-बाप उनको कन्विंस कर
- 8:45:33पाएंगे। बिकॉज़ दे ऑलवेज से मुझे पता है
- 8:45:35मुझे क्या करना है। आई नो व्हाट आई हैव टू
- 8:45:39डू। बट मां-बाप जबरदस्ती उनका कचरा कर
- 8:45:42देते हैं। असल में अगर इस सोसाइटी को कोई
- 8:45:44आदमी डायरेक्शन देगा, अगर लॉन्ग लाइफ अगर
- 8:45:47कोई चीज देगा, अगर कुछ भी नई चीज बना के
- 8:45:50देगा तो वो यह बच्चा होगा जिसके पास
- 8:45:52रिवर्स है।
- 8:45:55नेगेटिव नहीं होगी। नेगेटिव होगी सिर्फ तब
- 8:45:58जब इनपुट नेगेटिव मिल रहे हैं।
- 8:46:02टेररिज्म नहीं होता। टेररिज्म कभी भी ऐसे
- 8:46:05बच्चे नहीं करते। ये बच्चे अगर मान लो
- 8:46:08एफिशिएंट पर्सनालिटी में रिवर्स आ गया और
- 8:46:11नेगेटिविटी है तो अपने आप को प्रूव करने
- 8:46:13के लिए चोर बनेगा। अपने आप को प्रूफ करने
- 8:46:15के लिए क्रिमिनल बनेगा कि पकड़ के दिखाओ।
- 8:46:18तुम कह रहे हो ना तुम में दिमाग तेज है।
- 8:46:20पकड़ के दिखाओ। आपको प्रूफ करने के लिए
- 8:46:23झूठ बोलेगा। सिर्फ प्रूफ करने के लिए कि
- 8:46:25आई नो मुझे क्या करना है? आई नो मेरा
- 8:46:27टैलेंट क्या है? सिर्फ प्रूफ करने के लिए।
- 8:46:30बाद में उसी को लाइफ बना ले। नहीं
- 8:46:31एक्सेप्ट करती सोसाइटी तो अलग बात है।
- 8:46:33अदरवाइज इसके अंदर यह कुछ नेगेटिविटी
- 8:46:36थोड़ी है। अलग ही तो है। सोसाइटी से अलग
- 8:46:39ही तो है।
- 8:46:42नेगेटिव थोड़ी है। दे हैव देयर अटेंडेंसी।
- 8:46:45कुदरत ने उनको एक ऐसा मैसेज एक ऐसा दिमाग
- 8:46:48दिया है जो आपसे अलग सोच सकता है। जो आपसे
- 8:46:50डिफरेंट आपसे आगे सोच सकता है। चंडीगढ़
- 8:46:53लियो उसने ली कारबोज़ियर ने चंडीगढ़ को
- 8:46:55प्लान किया। मैं आज 2000 में मैं 2000
- 8:46:581999 में मैं चंडीगढ़ गया जब तो बाइक पे
- 8:47:01गए थे हम लोग हमने देखा थ्री लेन इधर थ्री
- 8:47:05लेन उधर छह लेन गाड़ी एक भी नहीं मैं तो
- 8:47:08पागल था यार 50 साल पहले इतनी चौड़ी
- 8:47:10सड़कें बना गया आज देखता हूं चंडीगढ़ के
- 8:47:13अंदर कितनी भीड़ है आज देखता हूं आज
- 8:47:16चंडीगढ़ ने पिछले साल 2018 के अंदर एक
- 8:47:20ट्रैकिंग वालों के लिए एक पैदल चलने वालों
- 8:47:22के लिए और साइकिल वालों के लिए अलग से
- 8:47:23ट्रैक निकाला है रोड के बराबर में वह
- 8:47:26ट्रैक को देखकर के मैं पूरे चंडीगढ़ का
- 8:47:29चक्कर मार के आया और मैंने देखा पूरे
- 8:47:31चंडीगढ़ में उन्होंने ट्रैक निकाल दिया।
- 8:47:33एक सिंगल पेड़ नहीं काटना पड़ा। पूरे
- 8:47:37चंडीगढ़ में कांटे वाला एक भी पेड़ नहीं
- 8:47:39है। फ्रूट वाला एक भी पेड़ नहीं है रोड के
- 8:47:41ऊपर कि कोई रोड पर बच्चा खड़ा नहीं होएगा।
- 8:47:43कोई और पेड़ ऐसे हैं कि पैदल चलो या
- 8:47:45साइकिल पे मजाल आपको धूप लग जाएगी।
- 8:47:48इतनी प्लानिंग के साथ, इतने डिस्टेंस के
- 8:47:51साथ कि एक पेड़ दूसरे को टेकओवर भी नहीं
- 8:47:53कर रहा। कुछ नहीं, कोई नुकसान नहीं, कोई
- 8:47:55नुकसान नहीं। एट ऑल एवरीथिंग इज सो प्लंड।
- 8:47:59मैं हैरान था। एंड देन आई रिकॉग्नाइज्ड
- 8:48:01क्योंकि मैं तो इसी पे काम कर रहा हूं ना
- 8:48:02कि ये सोच किसी ऐसे बंदे की हो सकती है
- 8:48:04यार। दे रिकॉग्नाइज
- 8:48:07उनके पास रिसोर्स दे रिकॉग्नाइज दिस काइंड
- 8:48:09ऑफ किड्स। और वो उनको अथॉरिटी देते हैं।
- 8:48:11आपके दिल्ली की प्लानिंग देखी है। मतलब
- 8:48:14धूप लग जाए आपको मजाल है।
- 8:48:17[हंसी]
- 8:48:17हवा आ जाए आपको मजाल है। गाड़ी खड़ी करने
- 8:48:20की जगह नहीं, खड़े होने की जगह नहीं, चलने
- 8:48:22की जगह नहीं। सांस लेने की नहीं नो जीरो
- 8:48:25प्लानिंग के साथ शहर बस रहा है। कुछ भी
- 8:48:27नहीं है क्योंकि गधों को बिठा देते हैं
- 8:48:30टॉप पे। असली प्लानर को तो कोई बिठाता
- 8:48:32नहीं। विजनरी लोगों को तो कोई जगह ही नहीं
- 8:48:34देता। टाइम ही नहीं देता क्योंकि उनको पता
- 8:48:36ही नहीं विजनरी होते कैसे हैं। क्योंकि
- 8:48:39पता ही नहीं कि असल प्लानर कौन है।
- 8:48:42अगर आपके काम करने के लिए एनवायरमेंटल
- 8:48:44साइंसेज के अंदर एनवायरमेंटल वाले बच्चे
- 8:48:46जाएं जिनका नेचुरलिस्टिक अच्छा है।
- 8:48:47एनवायरमेंटल साइंसेज में जाएंगे तो मजा है
- 8:48:50कोई पेड़ काट देगा। चिपक के खड़े हो
- 8:48:51जाएंगे। पेड़ नहीं कटने देंगे भाई क्योंकि
- 8:48:53जान बचती है पेड़ों में और जानवरों में
- 8:48:55उनकी ऐसे होंगे आप में से पेड़ कटा देख के
- 8:48:57दिल में दर्द होता होगा जिनको अपने आप में
- 8:48:59देख लो पेड़ कटा दिखता है ऐसा लगता है
- 8:49:01जैसे कोई आदमी मर गया यार पड़ोस का वो
- 8:49:03फीलिंग जिस बंदे को आती है उस बंदे को
- 8:49:06एनवायरमेंटल साइंसेस पे बिठाओ ना आप जिसका
- 8:49:08विजुअल हाई है उधर बिठाओ ना उनको जिसका जो
- 8:49:11अच्छा है उसको उस काम के लिए बिठाओ ना आप
- 8:49:14बट वी डोंट हैव दैट प्रोविजंस वी डोंट हैव
- 8:49:17दिस मच टाइम टू थिंक वी डोंट हैव दैट मच
- 8:49:20एफिश िंसी टू वर्क विद वी डोंट हैव
- 8:49:24रिसोर्सेज एट ऑल बट वी नीड टू डेवलप ना
- 8:49:28खड़े तो नहीं हो सकते बैठ तो नहीं सकते पता
- 8:49:30लग गया अब तो अब तो नहीं चैन पड़ना चाहिए
- 8:49:32कम से कम आपको अब तो दिमाग खराब हो ही
- 8:49:34जाना चाहिए आपका जैसे मेरा हो रखा है हो
- 8:49:36जाना चाहिए ना हर 10 हर तीसरे चौथे दिन
- 8:49:39मेरे पास एक मैसेज आता है सर आई वांट टू
- 8:49:41कमिट सुसाइड कैन आई डू हर कॉलेज में जाता
- 8:49:44हूं बच्चों से मिलता हूं मेरे को मालूम है
- 8:49:46यह बच्चा 10वीं तक जाते-जाते ये काम करेगा
- 8:49:48तो उसके कान में कह के आता हूं बेटा
- 8:49:49जिंदगी में जब ऐसा दिल दिल करे ना करने का
- 8:49:52मेरे को एक बार लास्ट बार फोन कर लियो
- 8:49:54लास्ट डिसीजन लेने से पहले सिर्फ सिर्फ एक
- 8:49:57बार फोन कर लेना एंड जब वो मेरे को कॉल कर
- 8:49:59देते हैं मैं उसी टाइम सारे काम छोड़ के
- 8:50:01उसके घर पहुंच जाता हूं मैं आ रहा हूं 3
- 8:50:04घंटे लगेंगे दो घंटे लगेंगे एंड आई सेव
- 8:50:06दैट चाइल्ड उनके मां-बाप को यही कह के आता
- 8:50:08हूं ये बच्चा मेरे को दे दो भाई
- 8:50:09परमानेंटली ये मुझे मतलब और क्या कर सकते
- 8:50:13हैं बताइए आप ऐसे रूटीन में हमारे पास
- 8:50:16केसेस आते हैं रूटीन में क्योंकि मैं सबको
- 8:50:19नहीं बता सकता सारी सारी चीजें नहीं दिखा
- 8:50:21सकता। नाम नहीं बोलना आपने। ये देखिए
- 8:50:23पढ़िए।
- 8:50:26हाय सर।
- 8:50:29आई डोंट वांट टू कम सुसाइड।
- 8:50:34ये 10थ क्लास की लड़की है। मैंने एक
- 8:50:36एग्जांपल दिया है। दसवीं क्लास की बच्ची
- 8:50:38आठवीं में जब आई मैंने इसके पापा को बोला।
- 8:50:41आपको समझ रिवर्स है इस बच्ची के अंदर।
- 8:50:43मैंने इसे बोला आपकी बच्ची एक्चुअली पढ़ने
- 8:50:46के लिए नहीं बनी है। मैं आपको बताता हूं
- 8:50:48आपने किधर ले जाना है। इसको यह इतना सा
- 8:50:51एनवायरमेंट दे दो बस कुछ नहीं करना और
- 8:50:54आपने और
- 8:50:56एंड 10थ क्लास के एग्जाम से पहले पहले
- 8:50:59इसका मैसेज आ गया कि सर अब मेरे से मेरा
- 8:51:03बाप बर्दाश्त नहीं होता। या तो मैं इसको
- 8:51:05मार दूंगा या मैं खुद मर जाऊंगा।
- 8:51:09क्या करूं बताओ? मैं उसके बाप के साथ जाकर
- 8:51:12हाथ जोड़ के आया भाई यह लड़की मेरी हो गई।
- 8:51:16इसको 22 साल की उम्र तक संभाल लो क्योंकि
- 8:51:19अभी ये एडोलेसेंट पीरियड में है। मैं इसका
- 8:51:20कुछ नहीं कर सकता। अब ये बच्ची है। तुम
- 8:51:22इसको 22 तक इसलिए रख लो कि तुम्हारे पास
- 8:51:24मेरी अमानत है। फिर इसकी उम्र की जो लड़की
- 8:51:27तुम्हारे सर्कल में सबसे ज्यादा कमाती हो
- 8:51:29उससे 10,000 फालतू मेरे से सैलरी ले लेना।
- 8:51:31तुम्हें तनख्वाह की तो दिक्कत है ना। मेरे
- 8:51:34को मालूम है इसके पास कि तब यह कितनी
- 8:51:35विजनरी लड़की है। तुम्हें नहीं समझ में आ
- 8:51:38रही लेकिन मुझे तो मालूम है क्या करना है
- 8:51:40डॉक्टर साहब पढ़ने के लिए ना कहूं इसको
- 8:51:42खाने के लिए भी नहीं कहना तूने मेरी है ये
- 8:51:44तेरी नहीं है तू इसको कुछ नहीं कहेगा जब
- 8:51:46ये कह कर आया उसने पढ़ लिया 85% स्कोर आया
- 8:51:50है 10थ में नहीं तो फेल होती थी हर बार
- 8:51:52इसलिए फेल होती थी क्योंकि मेरा बाप कह
- 8:51:53रहा है मैंने बिल्कुल नहीं पढ़ना शू नीड
- 8:51:55टू अंडरस्टैंड सिंपली
- 8:51:59आपको कुछ नहीं करना है और क्या गलती है उस
- 8:52:02बच्चे की मुझे तो यह समझ में नहीं आता है
- 8:52:04उसको भरा पूरा दिया है हमें समझ नहीं आ तो
- 8:52:07हम गलत हैं भाई। आपका सिस्टम इतना कैपेबल
- 8:52:10नहीं है तो हम गलत सिस्टम गलत है। अगर आप
- 8:52:13मतलब चाहे आप अपने सर्कल में आप यह काम कर
- 8:52:16सकते हैं कि जिन जो अभी शादी भी नहीं हुई
- 8:52:19होती है उनके लिए पेरेंटिंग क्लासेस जिनके
- 8:52:21बच्चे पैदा नहीं उनके लिए पेरेंटिंग
- 8:52:22क्लासेस मैं फ्री ऑफ कॉस्ट देता हूं।
- 8:52:25तुम्हें बच्चे पालने की क्लासेस मैं देता
- 8:52:27हूं तुमको फ्री में। तुम आ जाओ मेरे पास
- 8:52:29यार रजिस्टर करा के। तुम मेरे से एक दिन
- 8:52:31पूरा दिन लगा के देख लेना तुम्हारे पास जो
- 8:52:33बच्चा आएगा वो कितना अनमोल होता है। मैं
- 8:52:36कोई पैसा नहीं लेता उनसे। मैं यह कहता हूं
- 8:52:38कि और फिर आप लोग अगर सीख रहे हैं तो मैं
- 8:52:40आपको सिखा रहा हूं तो आगे आप सोसाइटी को
- 8:52:42बताना अब आपका फर्ज बनता है। आप यह कह के
- 8:52:45हाथ पे हाथ नहीं धरे रह सकते कि हम क्या
- 8:52:47कर सकते हैं। नहीं आपको पता लग गया। आपको
- 8:52:51करना पड़ेगा। करना ही पड़ेगा।
- 8:52:54नहीं तो
- 8:52:57जाते हुए क्या सोचोगे? क्या किया? मैं तो
- 8:52:59हर रोज सोचता हूं चल आज यह दो बच्चे बचा
- 8:53:01लिए आज यह बचा लिए। सो हम लोगों को आगे
- 8:53:06पेरेंट्स तक इस पूरे के पूरे लॉजिक को ले
- 8:53:10जाना पड़ेगा। आपके पास अगर मेरे पास आपके
- 8:53:14पास अगर किसी बच्चे की रिपोर्ट पड़ी हो अब
- 8:53:16आप समझ सकते हैं ना किसका क्या ज्यादा
- 8:53:18क्या हाई। अब आपको पता लग गया कौन बच्चा
- 8:53:20क्या करने के लिए बना है। कैसे समझेगा,
- 8:53:22कैसे सीखेगा। सब कुछ पता लग गया ना।
- 8:53:25आप में से बहुत सारे टीचर्स ने मुझे अभी
- 8:53:27भी WhatsApp नहीं किया है। देखो मतलब हम
- 8:53:31अंदर से कितने जागरूक हैं। मैं आपको यह कह
- 8:53:34रहा हूं आपने सिर्फ मुझे अपना नाम और अपने
- 8:53:36डेजिग्नेशन और स्कूल का नाम भेजना है ताकि
- 8:53:39मैं आपको और साथ में यह भेजना है कि हम
- 8:53:42आपके एजेंट्स ऑफ चेंज बनने के लिए तैयार
- 8:53:44हैं। मैं अपने साथ जो लगने वाले जिनको सेम
- 8:53:46दर्द है, मैं उनको एजेंट्स ऑफ चेंज बोलता
- 8:53:49हूं। एंज्स ऑफ चेंज बोलता हूं। बदलाव के
- 8:53:52फरिश्ते तो आप लोग उसमें शामिल होने के
- 8:53:55लिए जुड़ सकते हैं। आगे आकर सोसाइटी को
- 8:53:58बदलने का काम अपने सिर पर उठा सकते हैं।
- 8:54:01पड़ोस को ही सुधार लो बस कुछ नहीं करना
- 8:54:03आपने। आप अपने बच्चे को तो अच्छा पड़ोस दे
- 8:54:05ही दोगे ना। क्या मैं मतलब आई एम नॉट
- 8:54:07आस्किंग कि मेरे साथ आकर के कुछ काम करना
- 8:54:09है आपने। आपको अपने जहां आप हो वहां के
- 8:54:12लोगों को समझाना है। वेदर आप रात को एक
- 8:54:14घंटा उनके साथ बिताओ। पार्क में उनको बिठा
- 8:54:16लो। पड़ोस के लोगों को बिठा लो। किसी तरह
- 8:54:19से बिठा लो। पर ट्राई टू वर्क फॉर दी
- 8:54:23अदर्स किड्स।
- 8:54:25सिर्फ अपने बच्चे को बचा के आप कहीं भी
- 8:54:27नहीं ले जा सकते। आई अशोर यू आइसोलेटेड
- 8:54:30पोजीशन में। अब जैसे अब आपको सब समझ आ
- 8:54:32गया। आइसोलेशन में आपका बच्चा बर्बाद ही
- 8:54:34होना है। कंफर्म है ये। सो आपको इसके लिए
- 8:54:37उतरना ही पड़ेगा सोसाइटी के अंदर। और अगर
- 8:54:40लोगों का अगर दूसरों के बच्चों का दर्द
- 8:54:42देख के मैं तो अगर जम्मू कश्मीर में दो
- 8:54:45लोग मरते हैं तो मेरा तो तब खून खोल उठता
- 8:54:47है जब सड़क पर कोई जानवर पड़ा कुत्ता पड़ा
- 8:54:50मिल जाता है मेरे को तो तब इतना दर्द आता
- 8:54:51है कि मेरा बेटा मरा पड़ा है जैसे आप लोग
- 8:54:54कैसे जी लेते हैं खबरें किसी की मरी हुई
- 8:54:56की सुनकर के बिना बोले कैसे रह लेते हो आप
- 8:54:58लोग मुझे समझ में नहीं आता अगर किसी और के
- 8:55:01बच्चे के लिए दर्द नहीं है आपके दिल में
- 8:55:02तो आपके बच्चे के लिए कहां से आएगा आप में
- 8:55:04कहां से बनोगे आप मतलब एक अच्छे पेरेंट
- 8:55:06सवाल ही पैदा नहीं होता मान ही नहीं सकता
- 8:55:09कि आपके आपके अंदर होगी इंसानियत किसी भी
- 8:55:11तरीके की। आप कैसे किसी को मोल्ड करने के
- 8:55:13लिए काम कर सकते हो? आप कैसे किसी बच्चे
- 8:55:15को अपने जैसा बना सकते हो? आप कैसे उसको
- 8:55:18मतलब उस दौड़ में शामिल होने के लिए
- 8:55:19सपोर्ट कर सकते हो। आप कैसे कर सकते हो
- 8:55:22ये? और कैसे होने दे सकते हो? मैं तो नहीं
- 8:55:26समझता आपको होने देना चाहिए। लड़ना चाहिए
- 8:55:28आपको। जितना हो सके उतना तो लड़ना चाहिए।
- 8:55:31चलो किसी को थप्पड़ नहीं मारना। किसी को
- 8:55:33डांटना नहीं पर कहना तो चाहिए। बात तो
- 8:55:36करनी चाहिए। रोकना तो चाहिए सामने वाले को
- 8:55:40और अगर नहीं रोक रहे हो तो आपकी अपनी
- 8:55:43जिंदगी मेरी अपनी। मेरा तो इतना ही दर्द
- 8:55:46था। जो लोग आप में से मेरे दर्द में शामिल
- 8:55:48होना चाहते हैं हमारे उस ग्रुप में आपका
- 8:55:51स्वागत है। अपना नंबर मेरे अपना नाम मेरे
- 8:55:54को भेज दीजिए। हम आपको शामिल कर लेंगे।
- 8:55:57लेटर ऑन स्कूल जो अपने लेवल पर करेगा इन
- 8:55:59बच्चों को बचाने के लिए। मैं तो हाजिर हूं
- 8:56:01उसके लिए। आप लोग कितने हाजिर होते हैं?
- 8:56:04यह सवाल आपके साथ है। मुझे इतना ही बताना
- 8:56:07था और आई होप कि आपको समझ आया होगा। आपको
- 8:56:11समझ में भी आया होगा और सवाल भी आपके
- 8:56:13दिमाग में उठे होंगे और इन्हीं सब बातों
- 8:56:16के साथ थैंक यू वेरी मच।
- 8:56:18तो एनी फीडबैक यू वांट टू गिव।
- 8:56:20आई थिंक आप थे?
- 8:56:22या। आई जस्ट वांट टु से दैट दैट्स अ
- 8:56:24रिवोलशनरी थॉट दैट यू पुट इन फ्रंट ऑफ़ आल
- 8:56:26ऑफ़ अस। एंड आई थिंक आई डोंट थिंक सो इफ
- 8:56:29एनीवन इज़ हियर हु डोंट वांट टू बी अ पार्ट
- 8:56:31ऑफ़ दिस। एवरीवन इज गोइंग टू बी अलाइन टू
- 8:56:33दिस थॉट एंड दिस रेवोलशनरी चेंज दैट यू
- 8:56:36वांट टू ब्रिंग इन द सोसाइटी।
- 8:56:37थैंक यू वेरी मच। लेकिन मैं आपको एक और
- 8:56:39बात बताऊं कि कई लोग जैसे लिसनर्स जो बैठे
- 8:56:42होंगे ना उनको अभी से खतरा हो जाएगा। घर
- 8:56:45में कैसे संभालेंगे? ऐसे ये तो पागल हुआ
- 8:56:47पड़ा है। हमें तो पागल बनना पड़ेगा। ऐसा
- 8:56:49कुछ नहीं है। जब इफ यू विश टू बी एजेंट ऑफ
- 8:56:52चेंज तो घर में बैठे-बैठे हो जाइए। नहीं
- 8:56:56घर में आ सकते कोई बात नहीं है। आप उस
- 8:56:58विचार के साथ सहमत हो जाइए और घर में बैठे
- 8:57:00रहिए। सिर्फ सहमत रहिए। जब भी ऐसा कुछ गलत
- 8:57:03होता है सिर्फ यह बोलिए कि ऐसा नहीं होना
- 8:57:05चाहिए। जब भी किसी की जब भी किसी के किसी
- 8:57:08को कत्ल कर दिया जाए तो यह मत बोलिए कि
- 8:57:11आजकल जमाना खराब हो गया है। यह बोलिए कि
- 8:57:13ये नहीं होना चाहिए। यह नहीं बोलना कि
- 8:57:16आजकल माहौल खराब हो गया। यह नहीं बोलना कि
- 8:57:18सरकार कुछ नहीं कर रही। यह नहीं बोलना कि
- 8:57:20कुछ आपको यह बोलना चाहिए कि सरकारों को
- 8:57:23करना चाहिए। आपको यह बोलना चाहिए कि इन
- 8:57:25लोगों को स्टेप उठाना चाहिए। आपको ये
- 8:57:27बोलना चाहिए कि हम यही चीज मांग रहे हैं।
- 8:57:29सिंपल इतना सा करना है आपको और इतने बड़े
- 8:57:32तीर नहीं मारने हैं। बिकॉज़ जो थॉट है उसकी
- 8:57:35ताकत सबसे बड़ी है। लोगों ने भगत सिंह को
- 8:57:37मार दिया अंग्रेजों ने। उसके थॉट को नहीं
- 8:57:39मार पाए वो लोग। वो आज भी उतना ही मजबूत
- 8:57:42है। तो थॉट ये होना चाहिए कि हमने बचाना
- 8:57:45है। थॉट ये होना चाहिए कि हमने इसका विरोध
- 8:57:47करना है। यह गलत है। चाहे सोशल मीडिया पे
- 8:57:50लिखिए, चाहे WhatsApp पे लिखिए। लोग जैसी
- 8:57:52मर्जी वाहयात बातें करते रहिए। लेकिन आप
- 8:57:54आवाज बने रहिए उन बच्चों की। आपको उन
- 8:57:57बच्चों की आवाज बनना है। बेसिकली मेरी
- 8:57:59आवाज नहीं बनना उन बच्चों की जिनके साथ आप
- 8:58:02डील कर रहे हो। अब आपको लगेगा ये कितने
- 8:58:04मासूम है यार। कितने ओरिजिनल है यार। तीन
- 8:58:07साल का था जब कितना प्यारा लगता था। कोई
- 8:58:09गलती नहीं दिखती थी उसके अंदर। स्कूल में
- 8:58:11आया तो कचरा होना शुरू हो गया। तो गलती
- 8:58:14स्कूल की है ना। जैसे-जैसे बड़ा होता जा
- 8:58:16रहा है वैसे-वैसे नंबर कम होने की वजह से
- 8:58:18रिलेशन खराब हो रहे हैं। तो सुधारो स्कूल
- 8:58:20को सुधारो ना। उसको काहे को सुधारने पर
- 8:58:22लगे पड़े? उसमें कोई गलती नहीं है। उसमें
- 8:58:24कुछ भी गलत नहीं है। ही इज 100% परफेक्ट।
- 8:58:28उसका पर्पस है आने का। जैसे मैंने आपको
- 8:58:31बताया जो रिवर्स फैक्टर वाले बच्चे उनका
- 8:58:33पर्पस है सोसाइटी को डायरेक्शन देने का।
- 8:58:36उनको मत आईएएस बनाइए। उनको मत टीचर बनाइए।
- 8:58:40उनको फटे हाहाल रहने दीजिए। वो वहीं रह के
- 8:58:43आपको कुछ देने वाले हैं। क्योंकि दिल
- 8:58:45टूटता है तभी कोई शायर बनता है। तो उनका
- 8:58:48दिल टूटने दीजिए। उनको फटे हाल ही रहने
- 8:58:51में उनको वह देकर जाएंगे दुनिया को। उनको
- 8:58:54कुछ बना दिया तो उनका कचरा कर दोगे आप।
- 8:58:57क्योंकि वह उस एंगल से नहीं सोच पाएंगे जब
- 8:58:59तक वो फ्री नहीं होंगे। आप सुबह से शाम तक
- 8:59:02फ्री होते ही नहीं हो। क्या सोचोगे बताओ
- 8:59:04सोसाइटी के लिए? कभी ऑफ लिया है हर काम से
- 8:59:07कि नहीं किसी से बात करनी? ना कहीं जाना
- 8:59:09ना कुछ करना। बस कर ले पैदल चलना है।
- 8:59:12देखते हैं अब क्या सोचते हैं। कभी ऐसा
- 8:59:13लेकर के देखो ब्रेक अपनी जिंदगी से कि ना
- 8:59:16हमें ना घर वाले चाहिए ना पति चाहिए। ना
- 8:59:18पत्नी चाहिए ना दो कुछ नहीं चाहिए। एक दिन
- 8:59:21दो दिन अपने लिए खुद के साथ बिताना है।
- 8:59:23एंड व्हेन यू विल स्पेंड दैट टाइम यू विल
- 8:59:25फाइंड योरसेल्फ। यू विल फाइंड योर पर्पस।
- 8:59:28यू विल फाइंड योर ऑब्जेक्टिव कि दुनिया
- 8:59:30में कुदरत ने आपको यह सब करने के लिए नहीं
- 8:59:32भेजा है। आपको कोए एक्जिस्टेंस का एक
- 8:59:35फैक्टर बनने के लिए भेजा है। सबको साथ
- 8:59:38रहने के लिए। आप कैसे मतलब किसी जीव-जंतु
- 8:59:41कोई भी हो। मैं बात करता हूं किसानों की
- 8:59:43मैं कहता हूं तुमने पेस्टिसाइड यूज़ करना
- 8:59:45बंद कर दिया। खेत के कीड़े मड़ गए तो कचरा
- 8:59:48खाना पड़ रहा है हमको।
- 8:59:50वो कीड़ा इतना इंपॉर्टेंट है खेत का। उसको
- 8:59:53भी नहीं मार सकते आप।
- 8:59:56लोग कहते हैं देश के लिए कर। देश क्या
- 8:59:58होता है भाई? अगर उस चिड़िया के बारे में
- 9:00:00नहीं सोचा। अगर उस पेड़ के बारे में नहीं
- 9:00:01सोचा तो देश के बारे में नहीं सोच सकते
- 9:00:03आप। दूसरे के बच्चे के बारे में नहीं
- 9:00:05सोचा। उतना ही तो मेरा बच्चा इंपॉर्टेंट
- 9:00:08है। उतना ही आपका। किसी की कीमत कम नहीं
- 9:00:10है। इस कुदरत ने जो हमको दिया है हर चीज
- 9:00:13की बराबर वैल्यू है। जब उस हर चीज की
- 9:00:15वैल्यू करोगे तो देश के लिए कुछ कर पाओगे।
- 9:00:18वरना बाकी सब तो खुद का स्वार्थ है। बाकी
- 9:00:20सब तो अपने लिए अपना पेट भर रहे हो। बाकी
- 9:00:23कुछ नहीं कर रहे हो। दिस व्हाट आई अस्यूम
- 9:00:26कि पर्पस यह नहीं है कि आप वहीं रहो। रह
- 9:00:28के वही करते रहो। एंड मर जाओ एक दिन। सोचो
- 9:00:32आप आज 60 साल के हो या 70 80 साल के हो और
- 9:00:36मरने वाली कगार पे पड़े हो। सोचो इस टाइम
- 9:00:38हॉस्पिटल में हो डॉक्टर कह रहा है
- 9:00:40तुम्हारे पास 10 मिनट हैं एक साल है एक
- 9:00:42महीना है क्या करना चाहोगे उस एक महीने
- 9:00:44में क्या यही जिंदगी जीना चाहोगे कि लेट
- 9:00:47इट कंटिन्यू दिस लाइफ मुझे नहीं लगता आप
- 9:00:50यह जिंदगी एक भी मिनट जीना चाहोगे
- 9:00:52तो लीव दैट लाइफ ना मैं अपने फादर साहब से
- 9:00:56बोला 66 साल उम्र हो गई किसके लिए किया
- 9:01:00मैंने कहा ऐसे कितने दिन जिए जो आप जीना
- 9:01:02चाहते थे बोला एक भी दिन नहीं जिया तो
- 9:01:05काहे को खराब कर दिए फिर
- 9:01:07और जिनके लिए किया क्या उनमें से किसी को
- 9:01:09खुश कर पाए? ना बीवी खुश ना बच्चे खुश ना
- 9:01:13भाई खुश ना सोसाइटी खुश। तो कोई खुश भी
- 9:01:16नहीं हुआ और 66 साल खो भी दिए तो काहे को
- 9:01:20भाई कम से कम खुद ही खुश हो लिए होते।
- 9:01:24बिकॉज़ आपके पास जो है आप वही तो दोगे ना।
- 9:01:27खुशी है तो खुशी दोगे। दया है तो दया
- 9:01:29दोगे। नफरत है तो नफरत दोगे।
- 9:01:33ज्ञान है तो ज्ञान दोगे। बकवास है तो
- 9:01:35बकवास दोगे। जो आपके पास है वह दोगे। इसके
- 9:01:37अलावा कुछ नहीं। बाकी हम
- 9:01:42क्योंकि जो चेंज है सोशल चेंज दैट नॉट अ
- 9:01:45स्पॉनटेनियस प्रोसेस कि कुकर में रखा सिटी
- 9:01:48बजाई तैयार हो गया सोसाइटी। इट्स अ
- 9:01:50ग्रेजुअली इकट्ठा होकर के थॉट का प्रोसेस
- 9:01:53है। आपने आज सोचना शुरू किया है। सोसाइटी
- 9:01:57धीरे-धीरे सोचना शुरू करेगी। क्योंकि यह
- 9:01:59एक ऐसी सोसाइटी हमारे पास ऐसी फिटरनिटी
- 9:02:02बैठी है जिसका सबसे ज्यादा इंपैक्ट है
- 9:02:05सोसाइटी के ऊपर जिसको सबसे ज्यादा स्मार्ट
- 9:02:07समझते हैं लोग। आप सीधे-सीधे अपोज करना
- 9:02:10शुरू कर दो। मत मानने दो पेरेंट्स को। मैं
- 9:02:13नहीं कह रहा मानेंगे वो आपकी बात। मैं ये
- 9:02:15थोड़ी कह रहा हूं आपने मनाना है उनको। मैं
- 9:02:17कह रहा हूं आपने एक सवाल एक दिमाग में
- 9:02:18घुसा देना है। बस नहीं सोचना। वो जब
- 9:02:22मांगेंगे तो स्कूल को वो देना पड़ेगा ना
- 9:02:23जो वो मांगेंगे। वो स्कूल को बोल देंगे कि
- 9:02:26सर आप ₹500 एक्स्ट्रा ले लेना। 2000
- 9:02:28एक्स्ट्रा लेना हमारे बच्चों को यह दे दो
- 9:02:29आप देखो ना स्कूल तो देगा
- 9:02:34भाई स्कूल को इंप्लीमेंट करने के लिए और
- 9:02:38टीचर्स चाहिए स्कूल को इंप्लीमेंट करने के
- 9:02:40लिए कोचेस आर्टिस्ट और वो सब चाहिए तो वो
- 9:02:44कह देंगे पेरेंट्स अपने आप कि आप करिए कोई
- 9:02:47पेरेंट अपने बच्चे की बर्बादी नहीं चाहता
- 9:02:49पर उसको पता तो हो वो बर्बाद कर रहा है
- 9:02:53उसको पता ही नहीं है कि वो सत्यानाश कर
- 9:02:55रहा है अपने बच्चों का
- 9:02:57खुद खुद हमें नहीं मालूम। इसलिए आपको आवाज
- 9:03:01उठाते रहना है, बोलते रहना है और मैं नहीं
- 9:03:05समझता मैं इतने दिन आया हूं। इतने दिन
- 9:03:07आपसे बात की है। इतने घंटे हम बैठे हैं।
- 9:03:10मुझे तो नहीं लगता कि कोई बदलाव नहीं
- 9:03:12होता। होता है। आपका पहले विचार बदलेगा।
- 9:03:17फिर आपको वो विचार समझ में आएगा। फिर आप
- 9:03:19उसको प्रैक्टिकली इंप्लीमेंट करने लगोगे।
- 9:03:21फिर आप उसको फायदा देखोगे और फिर आप
- 9:03:24सोसाइटी में उतर जाओगे। मुझे पता है बट ये
- 9:03:26इतना आसान नहीं है। इतना जल्दी भी नहीं
- 9:03:28होगा। आई एम रेडी टू वेट। आपको भी यही
- 9:03:31करना है। वेट एंड कीप वर्किंग ऑन दिस
- 9:03:34प्रोसेस। ये इस आईडिया पे काम करते रहो।
- 9:03:37बस आप बाकी कामों के साथ सिर्फ आईडिया
- 9:03:39चेंज कर दो। ये कहने की बजाय कि कुछ नहीं
- 9:03:42हो सकता। यह कहना है कि हम ही करेंगे। कोई
- 9:03:45और नहीं करेगा तो हम करेंगे। बस के और
- 9:03:51क्या करें बताइए?
- 9:03:54मैं तो ऐसी सोसाइटी देख रहा हूं कि अपने
- 9:03:56बच्चे को अकेला भेजते हुए लोग डरते हैं।
- 9:03:58मैं तो नहीं डरता। मैं तो उसको हरियाणा
- 9:04:01रोडवेज में भेज देता हूं कि जा और बिना
- 9:04:03पैसे जा।
- 9:04:06मैंने बताया था आपको?
- 9:04:08नहीं बताया। मैंने सेवंथ में था मेरा बेटा
- 9:04:10ना पिछले साल। तो मैं उसको मैसेज देना चाह
- 9:04:13रहा था सोसाइटी में कैसे-कैसे लोग होते
- 9:04:15हैं
- 9:04:17क्योंकि
- 9:04:20मैंने अपनी सिस्टर को बोला कि इसको रोडवेज
- 9:04:23में बिठा दे बिना पैसे दिए। यार अकेला
- 9:04:25कैसे जाएगा? तू जब जाएगा ले जियो नहीं तो
- 9:04:28हम छोड़ने आ जाते हैं गाड़ी से। नहीं नहीं
- 9:04:30इसको रोडवेज में बिठाना है और बिना पैसे
- 9:04:32दिए बिठाना है। क्या बीमारी है? उसको पता
- 9:04:34है मैं पागल हूं इस मामले में। तू भेज
- 9:04:37देना चुपचाप जब तेरे को कह रहा हूं। अनमने
- 9:04:40से ढंग से मेरी सिस्टर ने उसको बिठा दिया।
- 9:04:42होता क्या है कि मैंने फिर एक दोस्त की
- 9:04:44ड्यूटी लगाई कि वहां चला जा। जब बेटा आएगा
- 9:04:47तो तू भी बस में चढ़ जाइयो। उस बेटे के
- 9:04:50पीछे खड़ा रहना है तेरे को। अगर कंडक्टर
- 9:04:53बदतमीजी करे या कोई और बच्चा कोई और आदमी
- 9:04:56बदतमीजी करे तो तेरे को बीच बचाव करना है।
- 9:04:58वरना तेरे को सिर्फ इतना देखना है कि वो
- 9:05:00पैसों का जुगाड़ कैसे करता है। टिकट कैसे
- 9:05:02लेता है? वह देखना है। अब वो चढ़ गया।
- 9:05:05उसने कंडक्टर को बोला अंकल मेरे पापा मुझे
- 9:05:08लेने आएंगे ना तब ले दूंगा आपको पैसे। अभी
- 9:05:10पैसे नहीं है मेरे पास। तो वो कंडक्टर जो
- 9:05:14है मान गया। मैं यह सोच के माना हुआ था कि
- 9:05:17कंडक्टर अगर उसको यह कहता है कि आ जाते
- 9:05:19हैं पता नहीं कहां-कहां से भेज देते हैं
- 9:05:22घर से नंगड़ कुछ नहीं। ये वो इस टाइप की
- 9:05:24अगर गलत भाषा इस्तेमाल करता तो मैंने अपने
- 9:05:26दोस्त की ड्यूटी लगाई थी कि अगर कंडक्टर
- 9:05:28गलत भाषा का इस्तेमाल करे तो तुमने उसके
- 9:05:31पैसे दे देने हैं। उससे उसको दो मैसेज
- 9:05:34जाएंगे कि अगर एक आदमी गंदा है सोसाइटी
- 9:05:36में तो एक अच्छा भी है। हम उस गंदे से
- 9:05:39पूरी सोसाइटी को गंदा नहीं कहेंगे। हम
- 9:05:41उसको यह बताएंगे कि जितने मतलब गंदे हैं
- 9:05:45उससे ज्यादा अच्छे लोग हैं वहां पर
- 9:05:46अवेलेबल सोसाइटी में। आपको यह मैसेज देना
- 9:05:48है। अपने बच्चे को घर में यह करके बंद
- 9:05:50करके नहीं रखना है कि बाहर बहुत गंदे लोग
- 9:05:52हैं। बाहर बहुत कचरा है, बाहर बहुत खराब
- 9:05:55सोसाइटी है। यह कह करके बंद नहीं रखना है।
- 9:05:57बल्कि सोसाइटी में ऐसे लोगों की तादाद
- 9:05:59बढ़ानी है कि हम सोसाइटी को अच्छा कह
- 9:06:01सकें। अपने बच्चे के ऊपर इतना भरोसा कर
- 9:06:03सकें या अपने ऊपर इतना भरोसा कर सकें कि
- 9:06:06हम अपने बच्चे को ऐसी सोसाइटी दे रहे हैं
- 9:06:08जब हम नहीं होंगे तो भी वो बच्चे का केयर
- 9:06:11कर लेंगे। अब इतने लोग आ गए आप में से
- 9:06:13मेरे साथ में। आप बताइए आप में से किसी के
- 9:06:16पास अगर मेरा बच्चा आकर के यह कहे कि आंटी
- 9:06:19या अंकल मैं देवेंद्र बलारा का बेटा हूं
- 9:06:21और मैं भूखा मर रहा हूं। क्या रोटी भी
- 9:06:22नहीं दोगे उसको? आई होप यू विल सपोर्ट हिम
- 9:06:25लाइक दैट। इतना सा ही तो कमाना है आपने और
- 9:06:27क्या कमाना है? लेकिन हम तो पैसा कमा रहे
- 9:06:29हैं। हम तो प्लॉट कमा रहे हैं। हम तो मकान
- 9:06:32कमा रहे हैं। हम तो दुश्मनियां कमा रहे
- 9:06:34हैं। हम ये तो कमा ही नहीं रहे ना जो
- 9:06:36कमाना है। आप इंसान कमाइए ना। एंड फिर
- 9:06:39देखिए आपकी जिंदगी कितनी आसान है। आपका
- 9:06:43मतलब लाइफ कितनी मस्त है। खाली होता हूं
- 9:06:46हर महीने 25 तारीख को। कुछ नहीं होता मेरे
- 9:06:48पल्ले। अगले महीने की भी सेविंग नहीं है।
- 9:06:50बट आई डोंट हैव एनी फियर। मुझे पता है हो
- 9:06:52ही जाएगा। कैसे होगा? इतने लोग कमा रखे
- 9:06:54हैं। उधार मांग लूंगा। दे देंगे।
- 9:06:59एंड हो जाता है। हो जाता है। सब आप सबसे
- 9:07:02₹100 मांगूंगा तब जाके महीना खर्चा चला
- 9:07:04जाएगा। टेंशन ही खत्म। और ₹100 में आपका
- 9:07:06नहीं बिगड़ना। आई हैव दैट फेथ कि मैंने
- 9:07:09इतने लोग कमा रखे हैं। सो यू नीड टू अर्न
- 9:07:12पीपल नॉट मनी। मनी इज नॉट गोइंग टू गिव यू
- 9:07:16एनीथिंग। एनीथिंग जो लाइफ में आकर मर रहे
- 9:07:19हो उस वक्त आपको क्या चाहिए? सिर्फ लोग
- 9:07:21चाहिए। उस वक्त कोई पैसा, कोई जायदाद कुछ
- 9:07:24भी नहीं आना है आपके आगे। और आपका असल
- 9:07:27निकल के ही तब आता है जब आपके पास कुछ
- 9:07:28नहीं होता। तब तक तो अदरवाइज आप नकली ही
- 9:07:32बने घूमते रहते हो। पता नहीं क्या-क्या।
- 9:07:35सो लेट्स हैव लेट्स हैव क्वेश्चन आंसर
- 9:07:37सेशन। ठीक है? आप में से कोई पूछना चाहता
- 9:07:40है। वैसे थोड़ा इमोशनल हो गया तो क्वेश्चन
- 9:07:43आंसर मर गए होंगे। हां जी।
- 9:07:48रोडवेज में बिठा [हंसी] दिया।
- 9:07:54[हंसी]
- 9:07:55वो Volvo से उतार के रोडवेज में बिठा दिया
- 9:07:58मैडम को।
- 9:08:02एक तो आप में से एक भी टीचर नहीं बचना
- 9:08:04चाहिए मेरे को WhatsApp किए बिना। मुझे
- 9:08:06ऐसा मतलब अंदर से लग रहा है कि आप अभी-अभी
- 9:08:08भेजेंगे सारे। और क्वेश्चन आंसर्स का ऐसा
- 9:08:12है। जस्ट गिव योर टाइम गिव योरसेल्फ सम
- 9:08:15टाइम टू रिथिंक ओवर इट। आप कैसे करोगे?
- 9:08:18इवन व्हाट यू आर प्लानिंग। मतलब आपके
- 9:08:21दिमाग में भी कुछ ना कुछ क्राइटेरिया होगा
- 9:08:23कि सोसाइटी और स्कूल को कैसे बदल सकते
- 9:08:24हैं। जस्ट लेट
- 9:08:28लेट्स कम टुगेदर। सोचिए प्लान बनाइए उस
- 9:08:32प्लान को नोट डाउन कीजिए मुझे WhatsApp पर
- 9:08:34भेज दीजिए भाई अपने चेयरमैन साहब को नहीं
- 9:08:37भेज सकते मुझे तो भेज ही सकते हैं मैं
- 9:08:39अपना कह के कि मेरा प्लान है इनको बता
- 9:08:41दूंगा
- 9:08:43सिंपल
- 9:08:44ठीक है ना बच्चों के बेटरमेंट के लिए
- 9:08:47हमारा पर्पस सिर्फ बच्चे यह रहना चाहिए
- 9:08:50बाकी सब कुछ अपने आप हो जाएगा आपका भी
- 9:08:52अपने आप हो जाएगा पेरेंट्स आप कमा लो आप
- 9:08:54एक क्लास में 40 बच्चे आपके क्लास में 40
- 9:08:56लोग कमा लिए आपको कौन हरा सकता है कहीं से
- 9:08:58जी
- 9:09:00सिंपल
- 9:09:01इतना सा आसान है। 40 वो मां-बाप, 40 उनकी
- 9:09:04मां, 40 उनके बाप और 40 बच्चे 120 हो गए
- 9:09:07आपके पास।
- 9:09:11ठीक है? तो अभी आप यह करेंगे सबसे पहले कि
- 9:09:14मुझे आप मैसेज करेंगे। फिर आप धीरे-धीरे
- 9:09:16अपने प्लानिंग्स मुझे भेजते रहेंगे। हो 24
- 9:09:19घंटे तक मेरा इंतजार करना है। मेरे आंसर
- 9:09:21का मैं जवाब जरूर देता हूं। चाहे दूं 24
- 9:09:23घंटे बाद। जैसे आज पूरा दिन लगा हूं तो
- 9:09:25अभी जिसके मैसेज आए होंगे उनको थोड़ी
- 9:09:26रिप्लाई कर पाऊंगा।
- 9:09:29हां ना जिन्होंने किया हुआ है उनको जरूरत
- 9:09:31नहीं है। जिन्होंने नहीं किया हुआ। ठीक है
- 9:09:33ना? दोबारा भी करना है कर दो। क्या फर्क
- 9:09:35पड़ता है?
- 9:09:37मैसेज जब मर्जी कर सकते हो और इस [हंसी]
- 9:09:40सेशन को हम यहीं रोकते हैं। जब भी आपको
- 9:09:43जरूरत पड़ेगी आपने सर को बोलना है। हम
- 9:09:44सेशन ले लेंगे। जी
- 9:09:50सर रिवर्स कैटेगरी के जो बच्चे होते हैं
- 9:09:54टीनएजर्स स्पेशली हम लोगों को उनके संग
- 9:09:58कैसे डील करना चाहिए एज अ पेरेंट
- 9:10:01उन लोगों को आप डील कर ही नहीं सकते वरना
- 9:10:05आप चिड़े ही रहोगे
- 9:10:08ठीक है ना उनको उन बच्चों को उन बच्चों के
- 9:10:11पास एक इतनी नेचुरल कैपेबिलिटी है मैं
- 9:10:14आपको बताऊं जो रिवर्स वाले बच्चे होते हैं
- 9:10:16ना अगर किसी का रिवर्स वाला बच्चा हो और
- 9:10:19जब वो छोटा है दो या ढाई डेढ़ साल का या
- 9:10:22दो साल का आप देखोगे कि उनके पास इतनी
- 9:10:25कैपेबिलिटी है कि मम्मी के बेड पे से कदम
- 9:10:28नीचे रखते ही उसको पता चल जाता है मेरी
- 9:10:30मम्मी बाथरूम जाएगी कि किचन जाएगी। मतलब
- 9:10:33उन कुछ बताने की जरूरत नहीं है आपको। इसका
- 9:10:36मतलब उस बच्चे को डील करने की आपको जरूरत
- 9:10:38नहीं है। ही इज मोर देन स्मार्ट। मोर देन
- 9:10:42मतलब एवरीथिंग आपको सिर्फ इतना भरोसा
- 9:10:45दिलाने की जरूरत है कि वी ट्रस्ट यू। तुम
- 9:10:49जो करना चाहो कर सकते हो। वी आर ऑलवेज विद
- 9:10:51यू।
- 9:10:52बट सर होता है कि एज अ मदर हम कोप अप कर
- 9:10:56लेते हैं। ये इतना बड़ा प्लेटफार्म है।
- 9:10:57अलग-अलग व्यूज सुनते हैं और एक्सेप्ट भी
- 9:11:00करते हैं आपकी बात को। बट समटाइ्स फादर की
- 9:11:03जो पिन होती है वो गवर्नमेंट जॉब पर अटक
- 9:11:07जाती है। तो उस टाइम उस टाइम मेंटली बड़ा
- 9:11:10क्राइसिस होता है कि कैसे डील करें? एक ही
- 9:11:14बच्चा है।
- 9:11:14आज से पहले नहीं था। अब तो मैं हूं आपके
- 9:11:16पास।
- 9:11:17सर था मैंने आपको मैसेज किया था बट आपने
- 9:11:19रिप्लाई नहीं किया था।
- 9:11:21पर्सनल मैसेज था आपका। पर्सनल प्रॉब्लम को
- 9:11:23मैं बाद में डील करता हूं। उसके लिए पैसे
- 9:11:24लेता हूं पर्सनल के लिए। [हंसी]
- 9:11:26जल्दी आपने बताया नहीं था।
- 9:11:27मेरी तो रोजीरोटी थी। पर्सनल प्रॉब्लम
- 9:11:30नहीं नहीं ये आपने बताया नहीं था सर
- 9:11:32हां बताया नहीं था वो बात अलग है लेकिन
- 9:11:34देखिए मैं आपको इसीलिए बता रहा था आपका
- 9:11:36अपना बच्चा हो आपकी क्लास का बच्चा हो
- 9:11:39हमने कहा कि जो सबसे ज्यादा प्रॉब्लमेटिक
- 9:11:41है वो इसी टाइप के बच्चे हैं और मैंने
- 9:11:44सबसे पहले उन्हीं को बुलाने की कही है
- 9:11:46आपको
- 9:11:48या तो एफिशिएंट होएंगे आपकी क्लास में
- 9:11:49सबसे प्रॉब्लमैटिक या फिर यह रिवर्स वाले
- 9:11:52होंगे लिसनर का क्या है चपेट मारो चपेट
- 9:11:54मारो सीधा हो जाता है फिर सेट हो जाता है
- 9:11:56उसका क्या मतलब उनका कोई उनकी कोई
- 9:11:57प्रॉब्लम उनको तो मां मां बाप पता ठीक चल
- 9:11:59रहा है जी ठीक चल रहा है जी क्योंकि वो
- 9:12:02इतने थोड़ा सा रो उस लिसनर के तो सामने
- 9:12:05मां-बाप रो पड़ो बेचारा तीन दिन पढ़ाई से
- 9:12:07ना उठे वो तो ऐसा होता है इमोशनली
- 9:12:10ब्लैकमेल करना आसान होता है तो ये
- 9:12:12प्रॉब्लमेटिक यही तो हैं और यही वो लोग
- 9:12:14हैं जिनको फ्री छोड़ना है देखो एफिशिएंट
- 9:12:17ही वो बच्चा है और आइडियलिस्ट एफिशिएंट
- 9:12:20एंड रिवर्स फैक्टर यह तीन बच्चे ऐसे हैं
- 9:12:23जिनसे सोसाइटी टीचर मां-बाप कभी कुछ नहीं
- 9:12:26करवा पाएंगे
- 9:12:28इनको बुला लो आप पहले अपन कर लेते हैं ना
- 9:12:31बात अब आपको इतना पता लग गया ना मेरे पास
- 9:12:34स्यूशन है अब आपको यह पता लग गया मेरे पास
- 9:12:37जवाब है अभी तक आपके पास ऐसा कोई ट्रेनर
- 9:12:40नहीं आया होगा जो किसी भी बच्चे को इतनी
- 9:12:43डेप्थ में समझता हो या आया है कभी भी आई
- 9:12:46डोंट बिलीव कि किसी ने भी इस पे कुछ भी
- 9:12:48काम किया है क्योंकि मैंने तो अपनी जिंदगी
- 9:12:50इसी चीज पर गड़ाई है कि समझना कैसे है तो
- 9:12:53आप अब मेरे पास हर प्रॉब्लम का सशन है
- 9:12:56बच्चे से जुड़ा हुआ तो आप उन पेरेंट्स को
- 9:12:58ले आइए ऐसे ही गेट टूगेदर में बात करते
- 9:13:01हैं एंड वी विल फाइंड अ सशन डेफिनेटली
- 9:13:05टेंशन क्या है
- 9:13:07सर
- 9:13:09सर जो रिवर्स बच्चे होते हैं जो रिवर्स
- 9:13:12टाइप के बच्चे होते हैं तो उनको यह बोला
- 9:13:14जाए कि जंप ना करो तो जंप करते ही है राइट
- 9:13:19तो सर अगर उनको यह बोला जाए कि आप मत पढ़ो
- 9:13:22तो वो पढ़ेंगे
- 9:13:23नेवर
- 9:13:25तो सर यह तो मना ही किया है फिर क्यों ये
- 9:13:27मैंने नहीं कहा। देखिए क्या है? शी इज
- 9:13:30वेरी स्मार्ट। मैंने कहा कि उस बच्चे को
- 9:13:33प्लीज हैव अ सीट। हमने यह कहा है कि उसकी
- 9:13:37थॉट प्रोसेस जो है वो मैक्सिमम सोसाइटी से
- 9:13:39अपोजिट है। मैक्सिमम सोसाइटी पढ़ाई पे जोर
- 9:13:42देगी तो उसका जोर ना पढ़ने पे होगा। अगर
- 9:13:45उसमें से एक आदमी, दो आदमी, चार आदमी कह
- 9:13:48रहे हैं कि मत पढ़ो। तो ऐसा नहीं है कि
- 9:13:49उसने सारे काम उल्टे करने हैं। उसने वही
- 9:13:51उल्टे काम करने हैं जो आपको उल्टे लगते
- 9:13:53हैं। उसने आपके कहे हुए का उल्टा नहीं
- 9:13:56करना। उसने आपके रूल बनाए हुए उल्टे मतलब
- 9:14:00आपने रूल बनाया है कि किसी की संपत्ति को
- 9:14:02नुकसान नहीं पहुंचाना तो वो कहता है क्यों
- 9:14:04नहीं पहुंचाना? अगर आदमी खराब है तो
- 9:14:06पहुंचाएंगे। अब मान लो आपके जो कानून के
- 9:14:09को तोड़ने वाला जो बच्चा है वो कौन है?
- 9:14:12कानून को तोड़ने वाले को हम क्रिमिनल कहते
- 9:14:14हैं ना। अगर वो उस थॉट प्रोसेस के साथ
- 9:14:17बड़ा हो जाएगा तो बाद में बनेगा। बट अर्ली
- 9:14:20स्टेज में अगर उसके थॉट प्रोसेस को
- 9:14:22एक्सेप्ट कर लिया जाए। रिवर्स वाले बंदे
- 9:14:25के पास ना एक तो प्लानिंग्स, एक
- 9:14:27स्ट्रेटजी, एक उसकी आर्ट और एक उसकी जो
- 9:14:31क्रिएटिविटी और डिस्कवरी जो रिसर्च है वो
- 9:14:33बहुत अल्टीमेट होती है। तो उसकी उस चीज को
- 9:14:36निखरने देना होता है। पढ़ाई तो उसकी
- 9:14:39क्रिएटिविटी की किलिंग है ना। बेसिकली
- 9:14:41हमारी पढ़ाई क्या है? याद करो जो लिखा है
- 9:14:45उसी को आंसर लिखो। अगला बंदा उस एंगल से
- 9:14:48कभी सोचता ही नहीं। तो उसका पढ़ाई के साथ
- 9:14:51कभी भी रेजोनेंस नहीं बन पाता। पढ़ाई के
- 9:14:55तरीके से वो कभी नहीं सोच पाता। सोच ही
- 9:14:57नहीं पाएगा ना। अगला पैदा ही नहीं हुआ
- 9:14:58वैसे सोचने के लिए। हां जी। रिवर्स का
- 9:15:01मतलब यह है कि जरूरत से ज्यादा
- 9:15:04क्रिएटिविटी। जरूरत से ज्यादा सब कुछ।
- 9:15:07मतलब हां कुछ और ही करना है फिर उसने।
- 9:15:11एक्सेप्टेबल तो आप ना हो तो भी करेगा। वो
- 9:15:13तो फिर भी करेगा।
- 9:15:15इसकी दिक्कत क्या है? आप ना करोगे। आप
- 9:15:17उसको रोके तो भी करेगा। फिर प्रूव करने के
- 9:15:21लिए करेगा।
- 9:15:23आपको छोड़ना ही पड़ेगा। और कोई ऑप्शन नहीं
- 9:15:25है। आप बांध के रखोगे तो भी जाएगा वो वहीं
- 9:15:26पे। फिर प्रूव करने के लिए जाएगा।
- 9:15:28ऑब्वियसली आपके पास है ही नहीं ना ऑप्शन
- 9:15:30कुछ भी।
- 9:15:32सर। पर
- 9:15:32अगर आप रोकने की कोशिश करोगे तो पक्का
- 9:15:35जाएगा।
- 9:15:37बोलो।
- 9:15:38साथ
- 9:15:39हां साथ हो जाओ। मतलब क्या होता है? ऐसे
- 9:15:41बच्चों का क्या करना होता है? अब उसका कर
- 9:15:43रहा है। अब सड़क पे जा रहे हैं। मान लो
- 9:15:44देखिए मैं प्लीज अब ऐसे बच्चों का क्या
- 9:15:47है? जैसे आप कह रहे हो ना कि एक्सेप्टेबल
- 9:15:49ना हो। अब क्या करेंगे वो? छोटा सा बच्चा
- 9:15:51है पांच एक साल का छ साल का। मम्मी के साथ
- 9:15:54जा रहा है। पड़ोस में अमरूद लगे हुए हैं
- 9:15:56पड़ोसी के। उसका जी करेगा तोड़ने आया। अब
- 9:15:59मम्मी का इतना सा काम है कि उसके साथ चढ़
- 9:16:01जाए पेड़ पे। भाई मेरे से तो चढ़ा नहीं जा
- 9:16:03रहा। चढ़ने की कोशिश करे। उसको फील हो
- 9:16:05जाएगा मम्मी मेरे साथ है। एक एक अमरूद
- 9:16:07तोड़ा एक बहुत है। चल चलते हैं। इतने में
- 9:16:09फीलिंग आ गई कि मम्मी मेरे साथ कनेक्टेड
- 9:16:11है। फिर अगला काम करेगा उसका ये काम करना
- 9:16:13है। चल मैं भी करती हूं साथ में। मतलब
- 9:16:15उसको साथ में करना पड़ेगा। आपको यह फील
- 9:16:18होना पड़ेगा कि अब उसको यह बता दो। हम
- 9:16:20छोटे थे ना तो यह वाली शरारतें किया करते
- 9:16:22थे। ठीक है? बता दिया। उससे यह लगेगा कि
- 9:16:27मेरे मम्मी पापा आइडलिस्टिक नहीं है। हम
- 9:16:29मुझे बांधने की कोशिश नहीं कर रहे।
- 9:16:30इन्होंने भी सारे उल्टे काम करके देख रखे
- 9:16:32हैं। इतना सा कह दो बस और वो उतने में वो
- 9:16:35कभी नहीं बिगड़ेगा बच्चा।
- 9:16:38बेसिकली उस आप लोग ऐसी सिचुएशन क्रिएट
- 9:16:41करते हो ना बिल्कुल आइडियलिस्टिक ऐसी
- 9:16:43जिंदगी जीनी है। इतने बजे उठना इतने बजे
- 9:16:45करना ये वो करना वो नहीं बस की बात है भाई
- 9:16:47उसके
- 9:16:49भ जैसे मैं आपको एग्जांपल बताता हूं। छोटा
- 9:16:52सा एग्जांपल है। मेरी अपनी लाइफ से है।
- 9:16:54सिक्स्थ में था मेरा बेटा ना। ठीक है? अब
- 9:16:58उस अभी ए्थ में है। मैं उस वक्त उसको बोला
- 9:17:01एक बार गाड़ी में हम लोग जा रहे थे तो मैं
- 9:17:03उसको बोला भाई ना किसी की कॉपी-वप्पी लेने
- 9:17:05चलना हो ना किसी के घर के आगे गड़ीगड़ी
- 9:17:08मारने चलना हो तो बता दियो अप चलें इकट्ठे
- 9:17:09बाइक पे मेरे को ऐसे बोलता क्या मतलब मैम
- 9:17:14मेरा मतलब यह है एक तो सिक्स्थ में हो गया
- 9:17:16और सिक्स्थ में हम लोग तो करने लग गए थे
- 9:17:19मेरे को कौन सी वाली पसंद है मेरी वाली
- 9:17:20कौन सी तेरे वाली कौन सी तो तुम भी लग गए
- 9:17:23होगे क्लास में लड़कियां लड़कियां आपस में
- 9:17:25लगे करने मेरा अब देख के कहता हूं हम तो
- 9:17:28पांचवी में लग गए थे
- 9:17:30[हंसी]
- 9:17:35ठीक है इट्स रियल आप अपनी क्लास में देख
- 9:17:38लीजिए
- 9:17:39क्योंकि 11वीं क्लास के बच्चे को आप 10वीं
- 9:17:42क्लास के बच्चे से बात करने से मना नहीं
- 9:17:44कर सकते 10वीं वाला नौवीं वाले से कर रहा
- 9:17:46है नौवीं वाला आठवीं वाले से आठवीं वाला
- 9:17:48सातवीं वाले से ऐसे करके आपका बच्चा दूसरी
- 9:17:50क्लास में भी है तो भी वह सब कुछ जानता है
- 9:17:52जो ग्रेजुएशन वाला जानता है
- 9:17:55ऐसे करके सब जानता है वह आपको लगता है
- 9:17:57छोटा है
- 9:17:59उसको यह पता है पटाना क्या होता है। उसको
- 9:18:01यह पता है कि गर्लफ्रेंड क्या होती है?
- 9:18:02फ्रेंडशिप क्या होती है? क्रश क्या होता
- 9:18:04है? मेरे को बताता है पापा यार अनन्या पे
- 9:18:06बड़ा क्रश है मेरा है ना? [हंसी] मेरे को
- 9:18:09बड़ी अच्छी लगती है। ठीक है। अच्छा है ना?
- 9:18:11ही इज टेलिंग मी।
- 9:18:14अदरवाइज वो यही बात अगर किसी और को कह रहा
- 9:18:16होता उसका मजाक उड़ाया उसको गलत डायरेक्शन
- 9:18:18में ले जाए। हमने मियां बीवी ने उस दिन
- 9:18:20बैठ के सारे के सारे शरीर के अंग औरत के
- 9:18:23सारे के सारे आदमी के प्रजनन प्रक्रिया से
- 9:18:27लेकर के हर चीज डिस्कशन कर ली। हमने यह भी
- 9:18:29डिस्कशन कर लिया कैसे साइकिक लोग होते हैं
- 9:18:31जो रेप करते हैं। फ्रेंडशिप करने का मतलब
- 9:18:34लड़की का इज्जत करना होता है। उसको हासिल
- 9:18:37करना नहीं होता। हमने यह भी बता दिया।
- 9:18:39हमने यह बता दिया प्यार का मतलब क्या होता
- 9:18:41है। हमने यह भी बता दिया कि लोग कैसा
- 9:18:43सोचते हैं और बच्चे कैसा सोचते हैं। उसको
- 9:18:46कुछ नहीं बताया। हम दोनों मियां बीवी आपस
- 9:18:47में करते रहे। मुझे पता है वो लिसनर और
- 9:18:49एक्टिव है। उसको अपने आप आ गया समझ। मुझे
- 9:18:51जरूरत थोड़ी है उसको लाइफ में। वो मुझसे
- 9:18:53कभी कुछ छुपाएगा ही नहीं। पेड़ पर चढ़ रहा
- 9:18:55था वहां पे खेल रहा था उसमें ग्राउंड में
- 9:18:57ना और उस मेरा एक पड़ोस मतलब मेरा ही
- 9:19:00दोस्त है उसको भी जानता है। वो अपने बेटे
- 9:19:01को लेने गया था। अच्छा कहां टंगा हुआ है
- 9:19:03तू? तेरे पापा को बताऊंगा। बोला अंकल आप
- 9:19:06क्या बताओगे? मैं बता दूंगा। ही नोज़ मेरे
- 9:19:09पापा कुछ नहीं कहेंगे बल्कि मेरे साथ ही
- 9:19:11चढ़ेंगे। चल मैं भी चढ़ के देखता हूं। तो
- 9:19:13वो कभी एक फील करेगा ही नहीं ना कि मेरे
- 9:19:16पापा इतने आइडियलिस्टिक हैं कि मेरे अंदर
- 9:19:18हर चीज परफेक्शन ढूंढते हैं। मुझे पता है
- 9:19:20यार शरारतें करना, इधर-उधर की बातें मारना
- 9:19:23इट्स अ नेचुरल प्रोसेस। तो आप उसको कैसे
- 9:19:26रोक देंगे? दिक्कतें तो वही है ना जब आप
- 9:19:28रोकने की कोशिश कर रहे हो। आप अदर कंट्रीज
- 9:19:32का एग्जांपल देते हो। हम लोग कहते हैं
- 9:19:34पेरेंटिंग में हमारे यहां तो अपने बच्चों
- 9:19:36को चपेट भी मार देते हैं। वहां मार दो तो
- 9:19:38पुलिस वाले आ जाते हैं। अरे आप समझिए वहां
- 9:19:40वो लोग बच्चे पालना सिखाते हैं। ऑलरेडी
- 9:19:43क्लास लगती है उनकी कि आने वाले टाइम में
- 9:19:45तुम्हारे घर में बच्चा पैदा होने वाला है
- 9:19:47तो तुमको क्या-क्या नहीं करना क्या-क्या
- 9:19:48करना है। वो उनको देते हैं वो सब चीज
- 9:19:51सोसाइटी देती है। वो बच्चा छोटी सी उम्र
- 9:19:53में बदतमीजी से बोलता है आई डोंट वांट टू
- 9:19:55टॉक टू ऐसे करके बोलता है। वही बच्चा बाद
- 9:19:57में रिस्पेक्ट करना भी सीखता है। वही
- 9:20:00सोसाइटी बच्चों की और बुजुर्गों की कितनी
- 9:20:03इज्जत करती है। हमारे यहां क्या इज्जत है
- 9:20:05बताओ? डर के मारे हम अपने घर वालों को यह
- 9:20:07तक नहीं बताते कि आज हम बाहर समोसे खा के
- 9:20:09आए हैं। भाई इनको पता लगेगा तो कहेंगे
- 9:20:11खामखा ही खा के आए। घर भी खाना करना
- 9:20:13पड़ेगा आज। इस तरह से करना पड़ता है ना कि
- 9:20:17इनको ना पता चल जाए। तो वो क्या है? वो
- 9:20:19डिसरिस्पेक्ट नहीं है। अगर आप अपने घर
- 9:20:22वालों से झूठ बोल रहे हो। अगर आप उनका
- 9:20:24अंदर ही अंदर से तो कर ही रहे हो ना
- 9:20:25डिसरिस्पेक्ट सामने जबान पे ही तो नहीं
- 9:20:27बोल रहे इतना सा ही तो है बस देख के खुश
- 9:20:30नहीं है पड़ोसी की अपनी जेठानी को अपनी
- 9:20:32सास को देख के राजी नहीं और वैसे कहते हैं
- 9:20:34हां मामा जी पैर दबा दो व्हाट इज दिस कम
- 9:20:36से कम ये नाटक तो ना करो रिस्पेक्ट करनी
- 9:20:39है फुल्ली कर लो नहीं करनी तो ना करो वो
- 9:20:40कम से कम नहीं करते तो नहीं कहते ओपनली
- 9:20:42कहते हैं नहीं करते भाई जा नहीं मानता
- 9:20:44तेरी बात लेकिन लेटर ऑन वो बच्चे जो शुरू
- 9:20:47में बहुत बदतमीजी करते हैं वो बच्चे बड़े
- 9:20:50होकर के इतने अच्छे सिटीजन भी तो बनते हैं
- 9:20:51साथ में हर हर किसी की इज्जत करने वाले।
- 9:20:54तो इसका मतलब समझ में आ जाता है। डोंट
- 9:20:57वरी। जिंदगी जीनी सीख लेता है बच्चा। उसको
- 9:21:00मालूम है कि अगर मुझे सोसाइटी में रहना है
- 9:21:03कि नहीं रहना है। और जो रिवर्स वाली जो
- 9:21:05आपने बात कही वो सोसाइटी के लिए बने ही
- 9:21:06नहीं है। यह सोसाइटी है। अगर वो या तो
- 9:21:09सोसाइटी के यहां के लिए बने हैं। पूरी
- 9:21:11सोसाइटी को गाइड कर रहे हैं। इससे इतनी
- 9:21:13आगे चल रहे हैं। सोसाइटी बाद में पीछे
- 9:21:14पीछे इनके पीछे आ रही है। या फिर वो यहां
- 9:21:17आइसोलेशन में ही रहना है उनको या आगे या
- 9:21:20जेल में।
- 9:21:22वह है ही नहीं सोसाइटी के लिए। उनको
- 9:21:24देखोगे आप। बाकी बच्चे यहां काटते हैं।
- 9:21:27यहां काटते हैं। वो वाले यहां काटते हैं।
- 9:21:29छोटे होते हैं जब यहां काटते हैं। मतलब
- 9:21:31यहां काटते हैं। गाल पे अगर उनको चख मारना
- 9:21:34होता है तो बाकी बच्चे मुक्का मारते हैं
- 9:21:37तो पेट में मारते हैं, छाती में मारते
- 9:21:39हैं, बाजू पे मारते हैं। ये वाले नाक पे
- 9:21:40मारते हैं या टांगों के बीच में मारते हैं
- 9:21:43लात। इनको पता है सबसे ये ये लोग क्या
- 9:21:46हैं? सोच नहीं सकते आप उस सोसाइटी की तरह।
- 9:21:49ये लोगों को अलग ही सोचना होता है। ये
- 9:21:52आइसोलेशन के लिए ही बने हैं। इनको
- 9:21:54आइसोलेटेड रह के कुछ नया बनाने दो। यही
- 9:21:57इनकी नियति है। यही इसी काम के लिए ये
- 9:22:00पैदा हुए हैं। इस बात को समझना पड़ेगा।
- 9:22:02इट्स नॉट योर फॉल्ट ना। भाई आप थोड़ी
- 9:22:04डिसाइड करोगे लड़का होगा, लड़की होगी,
- 9:22:06कैसा होगा? किस टाइप का होगा? ये दिस इज़
- 9:22:09नॉट योर डिसीजन ना। तो होने के बाद के
- 9:22:11डिसीजन आप कैसे आपको कैसे मालूम है? या तो
- 9:22:14पूरी तरह से समझ लो एंड लेट इट बी रियल।
- 9:22:18एंड अकॉर्डिंग टू द नेचर बस।
- 9:22:22नेक्स्ट क्वेश्चन
- 9:22:24सुष्मिता सेन का मैंने कहीं पढ़ा था
- 9:22:26न्यूज़ में आर्टिकल ना व्हेन शी वास 16
- 9:22:28इयर्स ओल्ड उसने स्मोकिंग स्टार्ट कर दी
- 9:22:30थी
- 9:22:30तो उसकी कोई फ्रेंड उसकी मम्मी को घर पे
- 9:22:32बताने आई थी आपको पता है आपकी बेटी स्मोक
- 9:22:34करती है
- 9:22:35तो उसकी मदर ने उसकी फ्रेंड को ही डांट
- 9:22:36लगाई थी हां मुझे पता है आपको स्पेशली आके
- 9:22:38बताने की जरूरत नहीं है। हालांकि उनको
- 9:22:40नहीं पता था।
- 9:22:41तो उन्होंने बाद में डील किया था सुष्मिता
- 9:22:43से।
- 9:22:44पता नहीं कैसे किया होगा। आई डोंट नो
- 9:22:47लेकिन उन्होंने हर वक्त सुष्मिता को
- 9:22:48सपोर्ट किया उसके बाद एंड शी नेवर मैरिड
- 9:22:51शी अडॉप्टेड द किड्स मतलब एक जो नॉर्मल
- 9:22:54रूल्स एक वुमेन पे अप्लाई होते हैं
- 9:22:55वो नहीं करती है
- 9:22:56वो नहीं करती सो शी इज़ अ रिवर्स केस
- 9:22:59देयर इज अ पॉसिबिलिटी बट आई कांट से
- 9:23:01विदाउट वेरिफिकेशन मेरे पास कोई वैलिडेशन
- 9:23:03नहीं है तो मैं नहीं कह पाऊंगा ना
- 9:23:06हां ये जो आपने पॉइंट्स बोले ये उसको
- 9:23:08सपोर्ट करते हैं आपके स्टेटमेंट को
- 9:23:10डेफिनेटली सपोर्ट करते हैं
- 9:23:13मतलब इसमें आप ऐसे कुछ लोगों को काउंट कर
- 9:23:17सकते हो कि जो हां जी देखिए मैं आपको
- 9:23:20बताता हूं
- 9:23:23इन बच्चों का क्या होता है ये लोग
- 9:23:27मेनली
- 9:23:28मेन स्ट्रीम जो
- 9:23:31लोग हैं मेन स्ट्रीम जो पीपल है या मेन
- 9:23:33स्ट्रीम सोसाइटी है उसके अल्टरनेट वे ही
- 9:23:36चलना होता है इनको सिंपली एक सिंपल क्लियर
- 9:23:39कट है कि जो आपने रूल्स रेगुलेशंस बनाए
- 9:23:41हैं यह उसको फॉलो नहीं करेंगे मतलब नहीं
- 9:23:45करेंगे
- 9:23:46अब आप जितना मर्जी जोर लगाओ या ना लगाओ
- 9:23:48इट्स अप टू यू।
- 9:23:50सर व्हाट वी एक्चुअली सी वी हैव मल्टीपल
- 9:23:53इंटेलिजेंस क्लब इन आवर स्कूल
- 9:23:55इन दैट एट कैटेगरीज आर देयर। व्हाट हैपन
- 9:24:00वी हैव अ कॉलम इन आवर एलुमिनक जिसमें
- 9:24:03बच्चों को अपने इंटरेस्ट के अकॉर्डिंग
- 9:24:04पेरेंट्स को फिल अप करके सेंड करना है। बट
- 9:24:09व्हाट क्राइसिस हैपन? बच्चे का इंटरेस्ट
- 9:24:11किसी और में होता है। एंड पेरेंट्स
- 9:24:13फोर्सेस मैंने तो इसको चाइल्डहुड में यही
- 9:24:16देखा है। यही इंटरेस्ट है और इसको यही
- 9:24:17करना है। दे इनफोर्स देयर इंटरेस्ट ऑन द
- 9:24:20चाइल्ड। अब जब मैं बुलाकर बच्चे से बात
- 9:24:23करती हूं तो एट दैट टाइम आई हैव कम टू नो।
- 9:24:24नो मैम आई एम कंफर्टेबल ओनली। मैं थिएटर
- 9:24:27में ही हूं।
- 9:24:28देखो इसका तरीका बहुत आसान है। जो आप उस
- 9:24:31बच्चे को देना चाहते हो ना वही लिस्ट भेजो
- 9:24:34उसके घर पे।
- 9:24:36[हंसी]
- 9:24:37ठीक है? इसको इसमें कर रहे हैं हम लोग।
- 9:24:39बात खत्म। पहला पॉइंट तो यह हो गया कि
- 9:24:41उसको पता ही ना लगने दो बाकी चीजें हम दे
- 9:24:43रहे हैं इसको अगर आपको उस हिसाब से दे रहे
- 9:24:46हो तो दूसरा
- 9:24:50क्या
- 9:24:52यू हैव टू चूज़ अमंग दी
- 9:24:54तो निकलवा दो अगले सेशन से उसको डायरी में
- 9:24:56से उस पेज को निकलवा दो टेंशन दूसरा पॉइंट
- 9:24:59नहीं ये तो ये तो एक पॉइंट है दूसरा पॉइंट
- 9:25:02ये है कि कन्विंसिंग जैसे मैंने बताया कि
- 9:25:06पेरेंट्स को कन्विंस करना वो मैं अगले
- 9:25:07सेशन में बताऊंगा
- 9:25:09आल्सो तीसरा पहले तीसरा इसको जवाब दे
- 9:25:11दूंगा फिर मैं भूल जाऊंगा क्या क्वेश्चन
- 9:25:12था। तीसरा पॉइंट यह है कि बच्चे ने यह
- 9:25:15बताया कि मुझे यह अच्छा लगता है। कई बार
- 9:25:18बच्चे को इसलिए उस जगह जाना अच्छा लगता है
- 9:25:21क्योंकि वर्षा वहां जा रही है।
- 9:25:25ठीक है ना?
- 9:25:25तो इसलिए उस पे तो बच्चे पे यकीन करना। अब
- 9:25:2885% तो लिसनर है। अफेक्टिव है। उन्होंने
- 9:25:31तो इसलिए जाना है क्योंकि वो जा रहा है।
- 9:25:33हम
- 9:25:34ठीक है ना? तो इसलिए उनसे पूछना कितना सही
- 9:25:37है और मां-बाप की मानना कितना सही है। दिस
- 9:25:39दो एस्पेक्ट हैं। आपकी अपनी ऑब्जरवेशन
- 9:25:41क्या कहती है? दिस आल्सो मैटर्स। और फिर
- 9:25:44आपने अब तो अब तो जानना सीख लिया ना। अब
- 9:25:47तो आपको पता लग ही गया। अब थोड़ी ना अब जो
- 9:25:49बहुत बढ़िया रट्टेबाज है वो आर्टिस्टिक
- 9:25:52है। सिंपल है फंडा। उसका विजुअल बहुत हाई
- 9:25:55है। वो आर्ट की तरफ जाएगा, फोटोग्राफी की
- 9:25:58तरफ जाएगा, ज्योग्राफी वाले में जाएगा,
- 9:26:00जियोलॉजी उस टाइप की जगह में जाएगा। सिंपल
- 9:26:02है उसमें। अब आपको ज्यादा जोर नहीं लगाना
- 9:26:04पड़ेगा ना। अब आपकी ऑब्जरवेशन दैट मतलब
- 9:26:08दैट मैटर्स पहले नहीं करती थी। सम
- 9:26:11अब आप सारी चीजें देख सकते हो बड़े व्यू
- 9:26:14में मतलब ईगल आई से अब आप देख सकते हो
- 9:26:16बच्चे को।
- 9:26:19आर्ट बहुत अच्छा है। वैसे
- 9:26:23मेरा आर्ट वैसे ही बहुत अच्छा है। पहले
- 9:26:26मैं आपको बताता हूं। हां ये ठीक है। ये
- 9:26:28वाली बात हो सकता है उसके मां-बाप की तरफ
- 9:26:30से आई हो। मैम ने बोला है कि बच्चा कहता
- 9:26:33है कि मेरी आर्ट तो ऑलरेडी अच्छी है और तो
- 9:26:35मेरे को आर्ट क्लब में क्यों डाला? मुझे
- 9:26:36कोई नई चीज सीखनी है। तो यह बात हो सकता
- 9:26:39है कि पेरेंट्स के तरफ से आई हो। और सेकंड
- 9:26:41बात मैं आपको बताऊं जिस बच्चे की ड्राइंग
- 9:26:44मतलब बिगिनिंग में जिसकी कलरिंग बहुत
- 9:26:47अच्छी होती है वो आर्टिस्ट नहीं होते हैं।
- 9:26:50जिनकी कलरिंग बहुत वाहियात होती है। जैसे
- 9:26:52आपका रिवर्स वाले की कलरिंग बहुत वाहियात
- 9:26:54मिलेगी आपको। दैट इज रियल क्रिएटिव।
- 9:26:58हां जिसका भी है मतलब जिनका भी है जिन
- 9:27:01उनकी कलरिंग बहुत बहुत ही वाहियात मिलेगी
- 9:27:06वो एक्चुअल क्रिएटिव बच्चा है
- 9:27:09क्योंकि वो फॉलो नहीं कर रहा है जैसे आप
- 9:27:11कर रहे हो बेटा लाइनों के लाइन साइड में
- 9:27:13से करो ऐसे करो वो वाले वो नहीं करता भाई
- 9:27:16अपने बस की बात नहीं है
- 9:27:19जी
- 9:27:22उसकी पेंटिंग बिकती उसकी है आप देखो आपको
- 9:27:24समझ में आती है किसने क्या बनाई हुई है जा
- 9:27:26के देखो जो बढ़िया-बढ़िया पेंटिंग समझ में
- 9:27:28नहीं आएंगी आपको। अगले कोई बताएं उसने
- 9:27:30क्या बताया? आप मैं इसलिए कह रहा हूं आपके
- 9:27:33बस की बात ही नहीं है उनको समझना।
- 9:27:36वो
- 9:27:40अभी
- 9:27:41[हंसी] तो वो होता क्या है? मैं आपको
- 9:27:44बताऊं। वो एक ही बात के अंदर छह-छह बात कह
- 9:27:46जाता है बंदा ऐसा। तो उसको आप नहीं बता
- 9:27:49सकते क्या करना है। तो उसको सिर्फ आपने
- 9:27:52क्या करना है? एक अच्छे आर्टिस्ट के पास
- 9:27:54ले जाओगे ना आप। वो आर्टिस्ट उसके ब्रश
- 9:27:56पकड़ने के तरीके को देखते ही कह देगा ये
- 9:27:58है मेरा वाला बच्चा उस वाले बच्चे को ये
- 9:28:01चाहिए मुझे वो उसको सिखाएगा उस भी
- 9:28:04आर्टिस्ट ने असली आर्टिस्ट क्या करता है
- 9:28:06देखो असली कोच क्या करता है असली कोच आपकी
- 9:28:09फिटनेस पे काम करता है आपके एंडोरेंस पे
- 9:28:11काम करता है आपके स्टैमिना पे काम करता है
- 9:28:13वो कभी गेम पे काम नहीं करता गेम पे काम
- 9:28:16अपने आप होता है। इसी तरह से जो असली टीचर
- 9:28:19है वो बच्चे को बेसिक बताता है। फंडामेंटल
- 9:28:22बताता है। सब्जेक्ट पे काम नहीं करा। असली
- 9:28:24टीचर कभी भी। असली टीचर जो पढ़ाते हैं ना
- 9:28:27वह मैं टीचर ही नहीं मानता।
- 9:28:29खाली बैठा होता है। असली टीचर तो असली काम
- 9:28:31तो बच्चे ही कर रहे होते हैं। तीसरे नंबर
- 9:28:34पे जो जितना मेहनती टीचर है, समझो उतना
- 9:28:37निकम्मा टीचर है। जो जितना बच्चों से
- 9:28:40मेहनत करवा सकता है, जितना उनको मोटिवेट
- 9:28:42कर सकता है, वह उतना अल्टीमेट टीचर है।
- 9:28:44सिंपल। जितने ज्यादा मिनट आप खुद बोलने पे
- 9:28:47लगाते हो क्लास में, उतने ही खराब टीचर हो
- 9:28:50आप। जितना उनकी सुनते हो, जितना उनसे लेते
- 9:28:53हो, वह है असल तो टीचिंग। दूसरा जब टीचिंग
- 9:28:57जब कोई आर्टिस्ट सिखाता है आपको ना, आर्ट
- 9:28:59सिखाता है तो तो आर्टिस्ट कभी भी आपको
- 9:29:02ड्रॉ करना नहीं सिखाता क्या बनाना है। वो
- 9:29:04सिखाता है इस लाइन का यह मतलब होता है।
- 9:29:06चेहरे पर खुशी दिखानी तो ऐसी लाइन होती
- 9:29:08है। दुख दिखाना तो ऐसी इतना बता के छोड़
- 9:29:11देता है। फिर वो आप परे बनाता है।
- 9:29:14तो आप नहीं बता सकते। और दूसरा जैसे मैंने
- 9:29:18आपको बताया कि बहुत सारी चीजें हैं जो अभी
- 9:29:20रह गई हैं। मैं आपको बताऊं जो फाइनल सेशन
- 9:29:23आएगा उसमें बताऊंगा। जैसे मैंने आपको शुरू
- 9:29:25में ही बताया था आई हैव अराउंड मटेरियल ऑफ
- 9:29:28अराउंड 40 आवर्स 35 टू 40 आवर्स। तो
- 9:29:31क्योंकि मेरा सारा तजुर्बा है। अगर
- 9:29:33किताबों से लिया होता तो मेरा मटेरियल
- 9:29:35खत्म हो गया होता। तो कहीं किताब ही नहीं
- 9:29:38अवेलेबल जो मेरे पास है उसका। उसका ना कोई
- 9:29:40सिलेबस है, ना कोई किताब, ना कोई
- 9:29:42यूनिवर्सिटी, ना कोई टीचर। एवरीथिंग इज
- 9:29:44हियर ओनली। कहीं डॉक्यूमेंटेड नहीं कहीं
- 9:29:46याद नहीं कुछ नहीं पता मेरे को कहां क्या
- 9:29:48है तो जो जिस टाइम याद आ रहा है वह आ रहा
- 9:29:51है तो जिस वक्त मैं बताऊंगा अभी मेरे
- 9:29:53रिवर्स वाले की एक बात याद आ गई रिवर्स
- 9:29:56वाला जो बच्चा है अगर आपको कंफर्म हो जाए
- 9:29:58कि इसमें रिवर्स फैक्टर है तो आपको एक चीज
- 9:30:01के ऊपर पूरा जोर लगाना है जी जान से कि
- 9:30:05किसी ना किसी तरह से उस बच्चे का
- 9:30:07एक्सप्रेशन बचा रहे। अगर वह बच्चा चुप हो
- 9:30:11गया ना अगर उस बच्चे ने अपनी बात बतानी
- 9:30:13बंद कर दी ना तो समझ लो आपने उसका बिल्कुल
- 9:30:16सत्यानाश कर दिया तो वो चाहे डायरी लिखे
- 9:30:19वो चाहे ड्रॉ करे वो चाहे म्यूजिक सीखे
- 9:30:22किसी तरह से वो अपने दर्द को एक्सप्रेस कर
- 9:30:25दे बस वो एक्सप्रेशन नहीं हुआ तो वो 100%
- 9:30:29कंफर्म है अभी बोल रहा हूं ऑन रिकॉर्ड वह
- 9:30:32बड़ा होकर क्रिमिनल ही बनेगा लेकिन
- 9:30:34एक्सप्रेस कर दिया तो वह सोसाइटी को बहुत
- 9:30:37बड़ी चीज देकर जाएगा
- 9:30:40तो वो अगर वह जबान लड़ाता है ना अगर वह
- 9:30:43मुंह पर बोलता है ना तो उसके मां-बाप अपने
- 9:30:47आप को लकी फील करो कि जबान लड़ा रहा है।
- 9:30:50सिंपल बता रहा हूं मैं आपको। क्लास में
- 9:30:52अगर ऐसा बच्चा वाहियात बोल रहा है। आपकी
- 9:30:55अथॉरिटी को चैलेंज कर रहा है। आंख में आंख
- 9:30:57डाल के बोल रहा है। तो सिंपल इतना समझो वो
- 9:30:59अभी बचा हुआ है। उसको किलिंग उसको मारना
- 9:31:03नहीं है आपने। उसको बंद नहीं करना उसकी
- 9:31:05बोलने को। उसका एक्सप्रेशन ही उसके पास जो
- 9:31:08है जो उसकी पूंजी है जो उसको बचा सकती है
- 9:31:11तो उसका एक्सप्रेशन ही है।
- 9:31:14[संगीत]
- 9:31:17आज हम दो-तीन चीजों पर काम करेंगे। एक तो
- 9:31:20जो हमने चिट्ठी लिखी है। एक फीडबैक से
- 9:31:25थर्ड रिपोर्ट को स्टडी करना।
- 9:31:29मेरे ख्याल से यह सबसे इंपॉर्टेंट पार्ट
- 9:31:31है कि अगर आपके हैंड में एक रिपोर्ट है
- 9:31:34किसी बच्चे की उस रिपोर्ट को आप देख के
- 9:31:37कैसे अंदाजा लगाएंगे कि उस बच्चे को आप
- 9:31:40क्या सजेस्ट करेंगे या उसका कुछ बिहेवियर
- 9:31:44है। उसके मां-बाप आपके पास आए कि ये बच्चा
- 9:31:46हमारा इस तरह का एक्टिविटी शो करता है या
- 9:31:49ऐसा काम करता है। आमतौर पर वो शिकायत के
- 9:31:52लहजे में ही आते हैं आपके पास। जब कुछ
- 9:31:54अच्छा हो रहा होता है तो वह सारा क्रेडिट
- 9:31:56खुद ही ले जाते हैं। मैम को टीचर को तो वह
- 9:31:59सिर्फ तब बताते हैं जब उनको ब्लेम आपके
- 9:32:01ऊपर डालना होता है कि आप कुछ कर नहीं रहे
- 9:32:03हो।
- 9:32:04सो वो कुछ बताएंगे कि ऐसा कर रहा है यह।
- 9:32:08इन दैट केस आपके पास अगर उसकी रिपोर्ट
- 9:32:11होगी तो आप उस एक ही एक्टिविटी के पीछे
- 9:32:15यानी कि अगर मान लो तीन बच्चों की मदद
- 9:32:17आपको एक सिंगल कंप्लेंट कर रही है कि यह
- 9:32:20बहुत जिद्दी है। फॉर एग्जांपल
- 9:32:23देखिए बहुत इंपॉर्टेंट है। मान लो हम
- 9:32:27चारों बच्चों को चारों टाइप की
- 9:32:30पर्सनालिटीज आपको मालूम है। हर सेशन में
- 9:32:33शुरू से ले आखिर तक के हर पर्सन को
- 9:32:35पर्सनालिटीज का सारा पता है। है ना चारों
- 9:32:37का?
- 9:32:39और उसका एक बिहेवियर है कि यह ना जिद बहुत
- 9:32:42कर रहा है।
- 9:32:43मान ही नहीं रहा।
- 9:32:46अब लिसनर भी जिद कर रहा है। आइडलिस्ट भी,
- 9:32:48एफिशिएंट भी और फ्लैशी भी। आपके सामने
- 9:32:52रिपोर्ट है उसकी। तो, आप उससे कैसे पता
- 9:32:55लगाएंगे कि वह जिद क्यों कर रहा है।
- 9:32:58क्योंकि जैसे कि हमने कंप्लीट डिस्कशन जब
- 9:33:01किया उस वक्त एक चीज सामने आई थी कि
- 9:33:04पैदाइशी जिद्दी एक ही है। एंड दैट इज
- 9:33:08एफिशिएंट। बाकी तीनों की जिद के अपने कारण
- 9:33:12हैं। जैसे आप उसके सामने आ गया मान लो
- 9:33:15फ्लैशी है और वह बहुत जिद कर रहा है। उसका
- 9:33:18एकमात्र कारण क्या है? कि उसकी मां उसे
- 9:33:22जरूरत से ज्यादा पैंपर कर रही है। जब वह
- 9:33:24जिद करता है तो मेरा बेटा, मेरा प्यारो,
- 9:33:29ये मेरे अच्छे बच्चे, गुड बॉय, गुड बेबी
- 9:33:33और इतनी बहुत सारी वो कॉम्प्लीमेंट्स उसको
- 9:33:35मिलती हैं वो बात मनवाने के लिए। वही तो
- 9:33:38वह चाहता है या जब उसकी मम्मा उसकी वह बात
- 9:33:42नहीं मान रही होती है तो फिर वह जब रो रहा
- 9:33:44होता है तो फिर उसकी दादी या उसके पापा
- 9:33:46फिर या फिर उसके कोई ना कोई ऐसा पर्सन है
- 9:33:50जो उसको टोक रहा है इन दैट केस वो वहां से
- 9:33:53जो उसको चाहिए फ्लैशी को वो मिल रहा है।
- 9:33:55क्लियर हो रहा है ना आपको? उसका रीज़
- 9:33:58एक्टिविटी सेम है। उसके रीज़ अलग-अलग हैं।
- 9:34:01अगर यही काम कोई लिसनर बच्चा कर रहा है।
- 9:34:04बहुत ज़िद कर रहा है। इन दैट केस आपको क्या
- 9:34:06लगेगा? वहां से। अब आपका अगला सवाल क्या
- 9:34:08होगा उसके बच्चे से? उसकी मदर से सॉरी कि
- 9:34:12आजकल इसके दोस्त कौन-कौन है? सिंपल।
- 9:34:16मतलब बहुत सिंपल। आपको वो ज़िद छुड़वानी है।
- 9:34:20अगर फ्लैशी बच्चे की वो एक्टिविटी छुड़वानी
- 9:34:24है। उसके लिए इग्नोर करना पड़ेगा। मान लो
- 9:34:27वो चीजों को तोड़ रहा है। मान लो वो झूठ
- 9:34:30बोल रहा है। मान लो वो किसी को गाली दे
- 9:34:33रहा है। मान लो वो काम नहीं कर रहा है।
- 9:34:36मान लो वो कुछ भी ऐसी चीज है जो आप नहीं
- 9:34:38चाहते तो आपको उसके बारे में टोकना समझाना
- 9:34:42बात करना जीरो करना पड़ेगा। दिस इज दी
- 9:34:46ओनली एंड द बेस्ट स्यूशन फॉर हिम। अगर
- 9:34:49परमानेंट चेंज ऑफ बिहेवियर चाहते हो
- 9:34:52क्योंकि जब तक उसको उसके ऊपर छेड़ा जाएगा,
- 9:34:55बात करी जाएगी, टोका जाएगा, पॉइंट आउट
- 9:34:59किया जाएगा, डांटा जाएगा,
- 9:35:02प्रेज की जाएगी या उसको बहुत प्यार से
- 9:35:04समझाया जाएगा। कुछ भी करोगे उसको सेंटर
- 9:35:08में रख के वो आदत नहीं छोड़ने वाला किसी
- 9:35:11भी हालत में।
- 9:35:13वो गिलास को नीचे गिरा रहा है। बहुत झूठ
- 9:35:17बोल रहा है। झूठ बोल दी आपने सुन ली। चुप
- 9:35:20हो जाओ। नो रिएक्शन एट ऑल। देखो ही मत
- 9:35:22उसकी तरफ। कुछ भी मत करो। सिर्फ आपको दो
- 9:35:25दिन करना है। पेरेंट को इतना सजेशन देना
- 9:35:28है कि दो दिन क्योंकि बहुत ज्यादा
- 9:35:30ऑब्जरवेशन होनी चाहिए पेरेंट की। तभी वह
- 9:35:32समझ पाएंगे। लेकिन इतनी अच्छी ऑब्जरवेशन
- 9:35:34होती नहीं है। इन दैट केस आपको क्या करना
- 9:35:37है कि पेरेंट को वेटिंग टाइम दो सिर्फ 7
- 9:35:40दिन का कि मेरे कहने से 7 दिन तक इसकी
- 9:35:44किसी भी गलत हरकत पर जो आप चाहते हो कोई
- 9:35:46रिएक्शन ना शो करो। घर का कोई भी मेंबर शो
- 9:35:50ना करो। 7 दिन तक उसकी किसी हरकत पर
- 9:35:53रिएक्शन नहीं आएगा तो 7 दिन में वो हरकत
- 9:35:55छूट जाएगी। उसकी कंफर्म जिस चीज को चाहते
- 9:35:59हो कि वह कंटिन्यू करे वह कंटीन्यूअस
- 9:36:01मांगता है। अप्रेजल मांगता है उस केस में।
- 9:36:04उसमें कोई दिक्कत ही नहीं है। जैसे ही आप
- 9:36:06उसको कुछ भी कहेंगे, टोकेंगे, बताएंगे,
- 9:36:08अप्रेज़ करेंगे
- 9:36:10वो उसको समझ जाएगा। क्लियर ना? यही बच्चा,
- 9:36:14यही एक्टिविटी अगर मान लो किसी एफिशिएंट
- 9:36:17की है तो मां-बाप को क्या सजेस्ट करेंगे
- 9:36:19आप? इसके चुपचाप हाथ जोड़ लो। फालतू इसके
- 9:36:22साथ बहस करने का इसको समझाने का कोई फायदा
- 9:36:26नहीं है। है ही नहीं क्योंकि यह बच्चे
- 9:36:30जैसा कि हम ऑलरेडी आपको एक्सप्लेन कर चुके
- 9:36:33हैं। दे आर नेचुरल अचीवर्स।
- 9:36:36उन्होंने वो अचीव कर ही लेना है जो भी
- 9:36:40उन्होंने अपने टारगेट्स बनाए हैं। तो
- 9:36:42जरूरत ही नहीं है आपको।
- 9:36:45तब इन दैट केस उन मां-बाप को उन टीचर्स को
- 9:36:49उन बच्चों के अंदर इंकल्केट करने हैं।
- 9:36:52सिर्फ अच्छी आदतें बचपन से ना कि
- 9:36:55टारगेट्स। क्योंकि उसको कोई और इंसान
- 9:36:58टारगेट दे ही नहीं सकता। उसे कोई और आदमी
- 9:37:02मोटिवेट शब्दों से तो कर ही नहीं सकता।
- 9:37:04मतलब शब्दों से आप उसको मोटिवेट नहीं कर
- 9:37:07पाएंगे कभी भी। हां, एक्शन से कर सकते
- 9:37:09हैं। उससे आगे निकलने की होड़ अगर उसको
- 9:37:12पता लग जाए कि मेरे से आगे भी कोई निकल
- 9:37:14रहा है। इन दैट केस वो अपना टारगेट आपसे
- 9:37:16बड़ा बनने का, आपसे अच्छा बनने का, आपसे
- 9:37:18बढ़िया बनने का ले सकता है। या आपसे मतलब
- 9:37:21इन द सेंस किसी से भी। तब एक रास्ता है।
- 9:37:23उसके सामने किसी और की प्रज़ करेंगे तो भी
- 9:37:26वह चीजों को ठीक है। करो। अपने को कोई
- 9:37:28फर्क नहीं पड़ता। उसके सामने आप किसी और
- 9:37:31का एग्जांपल दोगे तो भी उसको कोई फर्क
- 9:37:32नहीं पड़ेगा। वह खुद से ले लेगा। आप
- 9:37:35कंपेयर नहीं कर सकते ऐसे बच्चे को कह के
- 9:37:37मोटिवेट नहीं कर सकते ऐसे बच्चे को आप
- 9:37:40समझा नहीं ऐसे बच्चे को सकते क्योंकि
- 9:37:42आर्गुमेंट्स अनलिमिटेड करेगा तो आपके पास
- 9:37:45कोई ऑप्शन नहीं है उसको बिल्कुल फ्री हैंड
- 9:37:48देने के अलावा
- 9:37:50और यह मां-बाप को जिस दिन समझ आ जाएगा उस
- 9:37:53दिन हमें क्लियरली पता चल जाएगा इसका फिर
- 9:37:56तरीका क्या है मान लीजिए एफिशिएंट बच्चा
- 9:37:59यह मान चुका है कि मुझे 40% से ऊपर
- 9:38:02मार्क्स लेने ही नहीं मुझे मुझे पासपास
- 9:38:05होना है या मुझे सिर्फ सेकंड डिवीजन चाहिए
- 9:38:07या मुझे सिर्फ थर्ड डिवीजन चाहिए। इन दैट
- 9:38:10केस हम उसे मोटिवेट करना चाहते हैं कि तू
- 9:38:13वहां तक पहुंचना है जहां हम पहुंचाना
- 9:38:16चाहते हैं। उसका सिर्फ एकमात्र तरीका क्या
- 9:38:19है कि 40% वाले की कंपटीशन उस बच्चे से
- 9:38:23करवा दो जिसको वो अपने से कमजोर समझता है।
- 9:38:26मान लो वो किसी को कहता है इसके तो बस का
- 9:38:28कुछ नहीं है। तो आपने कहना है अगर इसके बस
- 9:38:30का कुछ नहीं है ना तेरे से ज्यादा नंबर
- 9:38:31लेके दिखाएगा ये। कैसे लेके दिखाएगा देख
- 9:38:33लेना अब की बार एग्जाम में उस एग्जाम में
- 9:38:36जिसके 60 आ रहे थे और 50 आ रहे थे 50 वाले
- 9:38:39को मोटिवेट करके 65 पे ले जाओ और उसके
- 9:38:42सामने उसको बोलते हो देखना तेरे से आगे
- 9:38:44जाएगा ये बस मतलब थोड़ा जंप पहला जंप जो
- 9:38:47है छोटा वो 60 टू 70 70 टू 80 उसके दिमाग
- 9:38:51में ये आ गया ना उसके जैसेजैसे बढ़ रहे
- 9:38:53हैं वो ऑटोमेटिकली जाता जाएगा उसकी उस ज़िद
- 9:38:56में और उससे आगे निकलने के चक्कर में
- 9:38:58लेकिन अगर 40 वाले का कंपटीशन 80 वाले से
- 9:39:01करोगे 90 वाले वाले से वह लेगा ही नहीं
- 9:39:03टारगेट आपसे। वो टारगेट ही उसका लेगा
- 9:39:06जिसको पता है। यानी कि अगर मजबूत सा बंदा
- 9:39:08है और उसको आप यह कह दो यह जो हल्का सा है
- 9:39:11ना यह तेरे को ना कुश्ती में हरा देगा। और
- 9:39:13मान लो वो हरा भी दे तो वो कुश्ती सीखने
- 9:39:15के लिए तैयार हो जाएगा अगले दिन से कि
- 9:39:17इसको हराना है यार यह तो मतलब टिड्डी सा
- 9:39:19मेरे को हरा गया। इसको मैं देखूंगा अगली
- 9:39:22बार। लाइक दैट। समझे आप? जो ऑलरेडी उससे
- 9:39:24आगे है वह उससे कंपटीशन नहीं करेगा कभी
- 9:39:26भी। क्योंकि जिससे कंपटीशन उसी से करेगा
- 9:39:28ना सिंपली जो जिसे दिख रहा है कि मैं मतलब
- 9:39:30शोर विन है श्योर क्योंकि ऐसे बंदे को
- 9:39:33एफिशिएंट पर्सनालिटी को हर हाल में अपनी
- 9:39:35जीत चाहिए तो वो कमिटमेंट भी आपसे वही
- 9:39:38करेगा जिसमें हर हाल में उसकी विन हो तो
- 9:39:40जहां उसको जीत दिखाई दे रही है वो आपसे
- 9:39:41कमिटमेंट कर लेगा और जैसे ही वो हारेगा
- 9:39:44उसकी ईगो पे हर्ट उसकी ईगो पे लग जाएगा
- 9:39:46ईगो पे लगा तो या तो वो सिचुएशन को
- 9:39:50बिल्कुल गिव अप कर देगा या फिर वहां से
- 9:39:52बहुत बढ़िया बनने का टारगेट ले लेगा अपने
- 9:39:55आप ये आपकी स्मार्टनेस मां-बाप की
- 9:39:57स्मार्टनेस है। ओवर द टाइम जैसे-जैसे हम
- 9:39:59बातचीत करते जाएंगे आपको वो चीजें पता
- 9:40:01चलती जाएंगी। क्योंकि एज मैंने बोला कि
- 9:40:04हमारे पास कुछ शब्दों की वही शब्द हैं ले
- 9:40:06दे के घूम फिर के फिर वहीं आ जाऊंगा मैं
- 9:40:08तो मेरे पास और कुछ नहीं होगा फिर से कहने
- 9:40:10के लिए। टेक्निकल पॉइंट वही है। बट
- 9:40:12जैसे-जैसे अलग-अलग बच्चों के बारे में हम
- 9:40:15डिस्कशन करेंगे तो हमारे पास फिर अलग-अलग
- 9:40:17कॉम्बिनेशन आएगा। वो कॉम्बिनेशन फिर हमारे
- 9:40:20को सीखने के लिए और चीजें प्रोवाइड
- 9:40:22कराएगा। वर्ड्स वही रहेंगे। बस उस
- 9:40:24कॉम्बिनेशन को समझ के कैसे समझाना है ये
- 9:40:27हमारा अगला टारगेट होगा। ये हमारा अगला
- 9:40:30काम होगा और वो जब हम इस रिपोर्ट को जब
- 9:40:32आपको पढ़ने को देंगे तो और थोड़ी क्लेरिटी
- 9:40:35आ जाएगी। सो मैम कुछ कहना चाह रहे थे। हां
- 9:40:38प्लीज गिव मी ब्रेक फॉर 2 मिनट्स। बड़ा
- 9:40:41श्योर करते हैं बच्चे ना। अब अगर यही
- 9:40:43एक्टिविटी मतलब सेम एक्टिविटी की बात कर
- 9:40:46रहे हैं हम। जैसे ही आपके पास अभी अगले अह
- 9:40:49मुझे लगता है 10 या 15 मिनट में आपके पास
- 9:40:51हर बच्चे की किसी एक बच्चे की रिपोर्ट आ
- 9:40:53जाएगी अभी। तो उस रिपोर्ट को पढ़ना कैसे
- 9:40:56पढ़ना है और उसको देख करके कैसे अंदाजा
- 9:40:58लगाना है उस पे हम लोग डिस्कशन कर रहे हैं
- 9:41:01बेसिकली। अभी फिलहाल हम एक पॉइंट को
- 9:41:03डिस्कस कर रहे हैं। और देयर आर मेनी
- 9:41:05पॉइंट्स। जैसे कि हमने क्या-क्या टोटल
- 9:41:07सेवन पॉइंट्स हैं जो कंसीडर करने हैं किसी
- 9:41:09भी बच्चे को एक्सप्लेन करने के लिए। सेवन
- 9:41:11पॉइंट्स में पहला पॉइंट था उसकी
- 9:41:13पर्सनालिटी। सेकंड पॉइंट था उसका लर्निंग
- 9:41:15मेथड। भाई उसकी ज़िद उसके सीखने की वजह से
- 9:41:18है कि आपको सिखा ही दूसरे तरीके से रहा
- 9:41:20है। कोई आदमी और सीख ही नहीं रहे आप। द
- 9:41:22थर्ड पॉइंट वाज़ ब्रेन डोमिनेंस। द फोर्थ
- 9:41:24वाज़ मल्टीपल इंटेलिजेंसेस। फिफ्थ इननेट
- 9:41:26कोशंस। सिक्स्थ एक्वायरिंग सेंसिटिविटी
- 9:41:29एंड सेवंथ टोटल स्कोर गेन। इसके बारे में
- 9:41:32बात हुई थी। टोटल स्कोर के बारे में बात
- 9:41:34हुई है अपनी? नहीं हुआ? इसको हम बोलते हैं
- 9:41:36टीएसजी। इसको आज हम डिस्कस कर लेते हैं।
- 9:41:39दैट वुड बी बेटर। तब तक रिपोर्ट आती है तब
- 9:41:42तक हम लोग इसको डिस्कशन में ले लेते हैं।
- 9:41:44टीएसजी टोटल स्कोर गेन बेसिकली यह स्कोर
- 9:41:47क्या है? इसको समझना बहुत जरूरी है
- 9:41:49क्योंकि कई बार मिस इंटरप्रिटेशन हो जाती
- 9:41:51है। कई मां-बाप ना पता है क्या करते हैं?
- 9:41:53अगर दो-तीन दो-तीन बच्चे हो ना घर में और
- 9:41:57आमतौर पर मेरे साथ क्या होता है कि पेरेंट
- 9:41:59जब अपने बच्चों की काउंसलिंग के लिए आते
- 9:42:01हैं ना तो काउंसलिंग के बाद में एक मिनट
- 9:42:04से पहले वो सबसे पहले यह भी कहते हैं सर
- 9:42:06प्लीज हमारा भी टेस्ट करके बताओ कि हम भी
- 9:42:08क्योंकि बिकॉज़ दे जब उनको पता लग जाए कि
- 9:42:11इनके बच्चों के बारे में इतनी सारी चीजें
- 9:42:13किसी पर्सन को मालूम है तो उस चीज का
- 9:42:16प्रैक्टिकल इम्प्लिकेशन देखने के बाद वो
- 9:42:18आपसे खुद भी कहेंगे कि हमारा भी टेस्ट
- 9:42:20करो। मान लो वह हम उस मां-बाप को जब करा
- 9:42:23रहे हैं तो दो बच्चे हो गए फॉर एग्जांपल
- 9:42:25मम्मी पापा हो गए चार लोग हो गए तो फिर जब
- 9:42:28वो रिपोर्ट ले के बैठते हैं ना देख मेरा
- 9:42:30124 है तेरा 136 है मेरा इतना मेरा इतना
- 9:42:32हिस्सा है करके वो तो वो सोचते हैं कि ये
- 9:42:34दिमाग है कि मेरा दिमाग इतना है तेरा
- 9:42:36दिमाग इतना है ऐसा मतलब ये उस आम आदमी के
- 9:42:40बारे में बिकॉज़ यू आर टीचर्स यू आर
- 9:42:41काउंसलर्स तो आपको उसका थोड़ा सा रेलेवेंस
- 9:42:44पता होना चाहिए कि उसका मतलब क्या है
- 9:42:46एक्चुअली किसी का स्कोर ज्यादा या कम है
- 9:42:49उसका यह मतलब मतलब नहीं है कि उसका दिमाग
- 9:42:51ज्यादा या कम है। जैसा कि हम लोग ऑलरेडी
- 9:42:54सारे के सारे डिस्कशन का हमारा निचोड़ ही
- 9:42:56यह निकला है कि दिमाग ज्यादा या कम नहीं
- 9:42:59है। उस दिमाग का पर्पस ऑलरेडी डिक्लेयर्ड
- 9:43:02है। उसमें ज्यादा कम का तो सीन ही नहीं
- 9:43:03है। और उसका सबसे बेस्ट यूटिलाइजेशन तभी
- 9:43:07होगा जब उसके एनर्जी फ्लो के अकॉर्डिंगली
- 9:43:10उसको काम दिया जाए। उसको टास्क दिया जाए।
- 9:43:12चाहे वह टास्क कोई भी हो। एनर्जी फ्लो
- 9:43:15डिक्लेअर कर रहा है कि उसका ब्रेन किस
- 9:43:18टाइप का है ना कि कितना है। जो यह टीएसटी
- 9:43:21था टोटल स्कोर गेन इसकी इंटरप्रिटेशन आप
- 9:43:24कैसे करेंगे? इसको मैंने कुछ पार्ट्स में
- 9:43:26डिवाइड किया हुआ है। एक आप नोट कर सकते
- 9:43:29हैं सारे के सारे। 0 टू 60 एक रेंज है। 61
- 9:43:34टू 140 सेकंड रेंज है। 61 टू 140 141 टू
- 9:43:40180 नेक्स्ट रेंज है। और अबव 180 लास्ट
- 9:43:43रेंज। अबव 180 में तो फिर सारे आ गए ना?
- 9:43:46ज़ीरो से लेके और फिर कितना मर्जी सब हो
- 9:43:48गए। चाहे कितना ही स्कोर आए। अब इसका मतलब
- 9:43:51क्या है? ज़ीरो टू 160 हम लोग सबसे लास्ट
- 9:43:53में डिस्कस करेंगे। पहले हम डिस्कस करते
- 9:43:55हैं 60 टू 61 टू 140। एक तो पहली बात इस
- 9:44:00बात को ध्यान में रखिएगा कि जब मैंने 61
- 9:44:03टू 140 बोला है तो 61 टू 140 के ऊपर स्टिक
- 9:44:07बिल्कुल क्लियर ऐसे मत कर जाइएगा इसका तो
- 9:44:1059 था इसका 62 था। यह समझिए कि 50 वाला भी
- 9:44:1565 वाली रेंज में आ सकता है और 67 वाला भी
- 9:44:2060 से बिलो वाली रेंज में आ सकता है। यह
- 9:44:23जब आपके पास रिपोर्ट आएगी तो थोड़ी
- 9:44:25क्लेरिटी और हो जाएगी। इसका क्या मतलब है?
- 9:44:28अ सेकंडली 60 टू 140 वाले में अभी जब
- 9:44:32रिपोर्ट आएगी तो बताएंगे। इसका मतलब क्या
- 9:44:34है? 60 टू 140 समझ लेते हैं पहले एक बार।
- 9:44:36इसका मतलब है कि वो बच्चे के पास जो
- 9:44:39एनर्जी का लेवल है या उसके ब्रेन में
- 9:44:41न्यूरॉन्स हैं वो ऑन एन एवरेज क्वांटिटी
- 9:44:45में हैं। समझ रहे हैं? ऑन एन एवरेज का
- 9:44:47मतलब क्या है? इसका मतलब ज्यादातर लोग उस
- 9:44:49रेंज में हैं। मैक्सिमम लोग मैक्सिमम
- 9:44:52पापुलेशन उस रेंज में है। और इसका मतलब है
- 9:44:54कि वह बंदा फोकस्ड लर्नर है। इसका मतलब है
- 9:44:58कि वो ज्यादा से ज्यादा दो चीजों के ऊपर
- 9:45:01कंसंट्रेट कर सकता है विद कंप्लीट
- 9:45:04रिस्पांसिबिलिटी। मतलब उस बच्चे को अगर आप
- 9:45:08पढ़ाई के साथ स्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स के साथ
- 9:45:10एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज, उसके साथ
- 9:45:13टशंस, उसके साथ खेत का काम, उसके साथ घर
- 9:45:16का काम, मार्केट का काम, दुकान का काम और
- 9:45:18बहुत सारी चीजें अगर आप जिम्मेदारी दे
- 9:45:20देंगे तो वो पजल हो जाएगा। आप में से
- 9:45:23जिसका टीएसजी 60 टू 140 है, जिसका टीएसजी
- 9:45:2760 टू 140 है, और अगर उसके पास घर की
- 9:45:31जिम्मेदारी नहीं है, तो वह मैडम या वह
- 9:45:35टीचर घर जाते ही सबसे पहले पसरेगा भाई आग
- 9:45:38आ गया एक काम खत्म हो गया अब दूसरे काम पे
- 9:45:40हाथ नहीं लगाना अगर जिम्मेदारी देखो आपका
- 9:45:42अपने बच्चे की जिम्मेदारी है घर की
- 9:45:44रिस्पांसिबिलिटी तो करना पड़ता है वो एक
- 9:45:47अलग चीज है बट करके खुश नहीं होएंगे ये
- 9:45:49पक्का है यानी कि वो मल्टीपल टास्क नहीं
- 9:45:52कर सकता वो ज्यादा से ज्यादा दो
- 9:45:54जिम्मेदारियां निभा सकता है कि भैया हमसे
- 9:45:56ना नौकरी करवा लो और बच्चे पलवा लो बच्चे
- 9:45:59पालने के अलावा नौकरी के अलावा तीसरा काम
- 9:46:00आप नहीं करेंगे या तो घर संभालवा लो
- 9:46:03बच्चों को तुम पढ़ा लो या बच्चों को पढ़ा
- 9:46:05ालूंगी तो घर संभालने के लिए मेड रख दो।
- 9:46:07यह मेरे से नहीं होता। दिमाग खराब रहता है
- 9:46:08फिर 24 घंटे वो समझ में आ जाता है कौन से
- 9:46:10वाला है। जिसजिस को होता है पता लग रहा
- 9:46:12है। [हंसी] नहीं अभी अभी आएगा अभी। आगे
- 9:46:15रेंज सारी रेंज आने दो। सबकी जिम्मेदारी
- 9:46:17मत लो। है ना? तो इस तरह के बच्चे को आप
- 9:46:20अगर उनकी एक्टिविटीज देखेंगे। आप अगर उनका
- 9:46:23काम देखेंगे कि कैसे काम कर रहा है वह तो
- 9:46:26आपको समझ में आ जाएगा कि अगर उसकी
- 9:46:28परफॉर्मेंस कहीं पर भी सही नहीं है इन दैट
- 9:46:30केस आपको क्लियरली पता लग जाएगा कि
- 9:46:33क्योंकि ये मल्टीपल टास्क की वजह भी एक
- 9:46:35प्रॉब्लम हो सकती है कि बहुत ज्यादा जगह
- 9:46:37एंगेज कर रखा है उस बच्चे को इसलिए उसकी
- 9:46:40परफॉर्मेंस नहीं आ पा रही क्योंकि वो
- 9:46:41बच्चा फोकस्ड है लर्नर है तो उसको एक काम
- 9:46:44अगर वो बच्चा खेलने में भी बहुत अच्छा मान
- 9:46:46लो उसकी रिपोर्ट कहती है कि ही इज़ अ वेरी
- 9:46:48गुड स्पोर्ट्स पर्सन और वो रिपोर्ट कहती
- 9:46:50है कि स्टडी में भी वो बहुत अच्छा रहेगा
- 9:46:52करेगा। साइंसेस भी बहुत अच्छी करेगा। तो
- 9:46:54जिसका स्कोर 140 को बिल्कुल एग्जैक्ट मत
- 9:46:57मान लो। 135 तक ले लो। यह समझो कि 135 तक
- 9:47:00जिसका स्कोर आता है उसके मां-बाप को बहुत
- 9:47:03क्लियरली बोलिए कि इसके ऊपर एक चीज का
- 9:47:07फोकस रख लो कि तुम्हें स्पोर्ट्स में
- 9:47:10परफॉर्म करना है या पढ़ाई में। और दूसरी
- 9:47:12चीज को टाइम पास के तौर पर फिटनेस के लिए
- 9:47:15या उसके लिए रख लो। बस उसमें दोनों में
- 9:47:18बराबर रिजल्ट की इच्छा मत रखिए और बराबर
- 9:47:22रिजल्ट की इच्छा को थोपिए मत। बस इतना
- 9:47:25ध्यान रखना है। रिजल्ट आएगा वो अगर
- 9:47:27पैदाइशी प्लेयर भी है और वो भी रिजल्ट
- 9:47:29आएगा। बट अगर उसके ऊपर प्रेशर आ जाएगा इन
- 9:47:32दैट केस बहुत प्रॉब्लम हो जाएगी। और ये
- 9:47:34ज्यादा केसेस में क्या होता है? मैक्सिमम
- 9:47:37केसेस में 140 बिलो टीएसजी जो है वो
- 9:47:41लिसनर्स का ही पाया जाता है। दूसरों
- 9:47:44पर्सनालिटीज का भी मिलता है। वैसे इससे
- 9:47:46पर्सनालिटी का कोई लिंक नहीं है। हालांकि
- 9:47:48मैं बता रहा हूं। बट क्योंकि एक डाटा है
- 9:47:50हमारे पास तो उसके हिसाब से हम ज्यादातर
- 9:47:53बच्चों का नाम ले सकते हैं कि मैक्सिमम
- 9:47:55बच्चों के लिसनर्स कई बार लिसनर्स का
- 9:47:57स्कोर 180 प्लस भी चला जाता है। यह कोई
- 9:48:00हार्ड एंड फास्ट कोई रूल नहीं है कि इतना
- 9:48:02है तो इसका यही आएगा। वो किसी का कितना भी
- 9:48:05हो सकता है बट मैक्सिमम केसेस में 60 70
- 9:48:0880% केसेस में 140 बिलो टीएसजी लिसनर्स का
- 9:48:12आ जाता है। तो उस केस में आप यह भी समझ
- 9:48:16सकते हैं कि अगर आपने उसको यह कह दिया कि
- 9:48:19मुझे तीनों की परफॉर्मेंस मुझे दोनों में
- 9:48:22चाहिए परफॉर्मेंस तो वो उसको सीरियसली ले
- 9:48:24भी लेगा बट परफॉर्म नहीं कर पाएगा। क्लियर
- 9:48:26हुआ यह पॉइंट? मतलब उससे ना रिजल्ट की
- 9:48:29उम्मीद मत करिए। अगर करेंगे तो वह बच्चा
- 9:48:31प्रेशर में आ जाएगा और दोनों में से किसी
- 9:48:33भी एक जगह परफॉर्म नहीं कर पाएगा। हां,
- 9:48:35उसको इतना फ्री छोड़ दीजिए कि पुत्र तेरे
- 9:48:37को ना नंबर लेके आने हैं पढ़ाई में तेरे
- 9:48:39को फर्स्ट मतलब उधर को परफॉर्म करना है।
- 9:48:41उधर रिजल्ट रखना है और खेलता जा तू फिटनेस
- 9:48:44के लिए जब तक तेरा दिल करे। तो फिर रिजल्ट
- 9:48:46वहां भी आ जाएगा क्योंकि देन ही इज़ प्रेशर
- 9:48:48फ्री। क्लियर ना? ये उसके लिए इंपॉर्टेंट
- 9:48:50है। अब आता है 140 या कह लो 135 से शुरू
- 9:48:54हो जाती है ये वाली रेंज। जब उसकी मैंने
- 9:48:56135 रोक दी थी तो वह किस बेस पर डिपेंड
- 9:48:59करेगा वह अभी आ जाएगी आपके पास तो मैं वो
- 9:49:01डिसाइड करेंगे बता देंगे तो क्या है कि
- 9:49:04जिसका टीएसजी 140 से लेके 180 के बीच में
- 9:49:07है अब यहां 180 जो है ना वो 175 या 170 पे
- 9:49:11ही शुरू हो जाता है क्योंकि कंप्यूटर है
- 9:49:13अब कुछ ना कुछ तो रेंज देनी है तो वो जब
- 9:49:16180 के 10 पहले 10 बाद वाली परफॉर्मेंस
- 9:49:19लगभग लगभग एक जैसी आती है तो फिर हम समझते
- 9:49:21हैं यार 170 रख लें फिर देखते हैं कि 170
- 9:49:24वालों की फिर परफॉर्मेंस थोड़ा नीचे भी
- 9:49:25आती है तो फिर हम फिर हमने एवरेज लेके 180
- 9:49:28कर दिया। ये तो ये एक कुछ ना कुछ रेफरेंस
- 9:49:30देना होता है। इसको इतना ही समझना है
- 9:49:31आपने। बिल्कुल नंबरों पे नहीं क्लियर हो
- 9:49:34जाना। तो यानी 180 वाला भी वैसा ही है जो
- 9:49:37175 वाला है और जो 184 वाला है। क्योंकि
- 9:49:40इससे ऐसा कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला। ये
- 9:49:42क्या है? यह अभी थोड़ा सा मैं पहले उसको
- 9:49:44एक्सप्लेन कर देता हूं। हमारे ब्रेन में
- 9:49:46शुरू में ही हमने डिस्कस किया था कि 100
- 9:49:48करोड़ के करीब न्यूरॉन्स हमारे ब्रेन में
- 9:49:50डिस्ट्रीब्यूटेड है। रैंडम डिस्ट्रीब्यूशन
- 9:49:52है। वो न्यूरॉन्स ही जिम्मेदार हैं हमारे
- 9:49:55परफॉर्मेंस के लिए। अब जब मैंने करीब-करीब
- 9:49:58100 करोड़ बोला है तो क्या सब में 100
- 9:50:01करोड़ हैं? नहीं तो कम ज्यादा हैं। इसका
- 9:50:03मतलब क्या हुआ? कि अगर 100 करोड़ हैं तो
- 9:50:06किसी के पास 90 करोड़ भी हो सकते हैं।
- 9:50:08किसी के पास 70 करोड़ भी और किसी के पास
- 9:50:10200 करोड़ भी तक भी जा सकती है कहानी।
- 9:50:13लेकिन अगर एक्टिव न्यूरॉन्स की बात की जाए
- 9:50:15यानी कि जैसे मैं देख रहा हूं आपको आपसे
- 9:50:18बात कर रहा हूं और आप सुन रहे हैं तो जो
- 9:50:21डाटा आंख के थ्रू इमेजेस की फॉर्म में कान
- 9:50:24के थ्रू वॉइस मैसेज की फॉर्म में अपने
- 9:50:26दिमाग में जाकर स्टोर हो रहा है वह
- 9:50:28स्टोरेज भरती जा रही है। अगर आप इस डाटा
- 9:50:31का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो ये परमानेंट
- 9:50:34मेमोरी में चली जाएगी जैसे आपके घर में
- 9:50:36स्टोर होता है। और दिवाली पर जब सफाई करते
- 9:50:38हैं तो स्टोर में क्या मिलता है? ओ तेरे
- 9:50:40ये यहां रखा था। यह वाला सामान यहां था।
- 9:50:43पता ही नहीं आपको चार-चार साल पुराना
- 9:50:45सामान वहां रखा हुआ है। आपको जब बचपन में
- 9:50:47कभी चलते हुए साइकिल गिरी थी या ठोकर लगी
- 9:50:49थी। उस जगह से गुजरोगे तो वो सामान पड़ा
- 9:50:52हुआ एकदम आएगा। अरे यहां पे तो मैं छोटी
- 9:50:54थी तब पड़ी थी। यहां पे मुझे याद आया। याद
- 9:50:56आया ठोकर लगना अभी आ गया होगा दिमाग में।
- 9:50:57क्लिक कर गई होगी वो चीज। किसी के दांत
- 9:50:59टूटा था। किसी का गिर गए थे। किसी का क्या
- 9:51:01तो वो सब याद आ जाएगा। अपना नहीं आएगा
- 9:51:03अपने बच्चों का से रिलेटेड। मान लो कोई
- 9:51:05बात आती है तो वो आ जाएगी। यह क्या है कि
- 9:51:07जो अपनी स्टोरेज में पड़ा हुआ सामान है
- 9:51:09उसको एक्सेस नहीं कर रहे हैं तो वह पड़ा
- 9:51:12है। उसका यूज़ नहीं कर रहे हैं हम उस
- 9:51:14इंफॉर्मेशन का तो वो ऐ पड़ी रहेगी तो वो
- 9:51:17न्यूरॉन्स एक्टिव नहीं होंगे। उन पे धूल
- 9:51:19जमती जाएगी। ऐसा तो नहीं है ना कि वो है
- 9:51:22नहीं उधर। वो है पर यूज़ नहीं हो रहा। तो
- 9:51:24इंफॉर्मेशन तो है जैसे कुछ बच्चों को कि
- 9:51:27कुछ बच्चों का ऐसा होता है कुछ लोगों का
- 9:51:29या किसी पर्सन का कि उसको शक्लें बिल्कुल
- 9:51:32हूबहू याद रहती हैं। मतलब अगर मान लो मुझे
- 9:51:35एक्सप्लेन करने लगेंगे तो वो कहेंगे वो ना
- 9:51:37बार-बार ऐसे करता है पकोड़े सी नाक है।
- 9:51:40ऐसा करके एक्सप्लेन करने लगेगा। वो पूरा
- 9:51:42डिटेल में बता देगा किस टाइप का बंदा है
- 9:51:44वो। लेकिन उसी बंदे को तस्वीर भी बनानी
- 9:51:46होगी या किसी पुलिस वाले को बताना होगा कि
- 9:51:48किस टाइप का बंदा था। तो पूरा एक्सप्लेन
- 9:51:50नहीं यहां पे नहीं उसके यहां पे तिल था।
- 9:51:52उसके ये वाली ऐसे नहीं थी नाक थोड़ी सी और
- 9:51:55अंदर की तरफ थी इस टाइप से इतनी डिटेल में
- 9:51:57मेरे जैसे बंदे को कोई कहेगा मेरे को नहीं
- 9:51:59पता भाई देखूंगा तो पहचान सकता हूं वैसे
- 9:52:01नहीं दिमाग में आती कैसा था कैसा नहीं ऐसे
- 9:52:03भी लोग हैं इसका मतलब वो जो देखा उसने भी
- 9:52:06था देखा उसने भी था दोनों ने देखा उसकी
- 9:52:10पिक्चर छपी दिमाग आंख ने उसकी तस्वीर ली
- 9:52:13मैसेज दिमाग को भेज दिया अब हमारा वो
- 9:52:15न्यूरॉन कितने एक्टिव है विजुअल
- 9:52:16इंटेलिजेंस वाले वो बताएंगे कि आप उसको
- 9:52:19एक्सेस कितना कर सकते हो है ना भाई हैंग
- 9:52:22तो नहीं हो रहा सिस्टम सिस्टम मोबाइल में
- 9:52:23पड़ा है सामान करके देखो क्लिक बेचारा
- 9:52:25ऐसे-से करता रहेगा आ तो रहा है दिमाग में
- 9:52:27कुछ नाम पता नहीं क्या है मोबाइल में भी
- 9:52:29ऐसे होता है ना ऐसे ही दिमाग में भी होता
- 9:52:30है सो लाइक दैट सो तो बेसिकली क्या हो रहा
- 9:52:33है कि वो सारी इंफॉर्मेशन ऑलरेडी हमारे
- 9:52:35पास स्टोर है और उस स्टर्ड इंफॉर्मेशन को
- 9:52:38हमने एक्सेस करना है तो वो आपकी उस
- 9:52:40इंटेलिजेंस पे डिपेंड करेगा। अब उस
- 9:52:43इंटेलिजेंस की कैपेसिटी सबकी ज्यादा है।
- 9:52:45मान लो हम यह मान के चलते हैं जैसा कि कहा
- 9:52:48जाता है। देखो मुझे नहीं पता बिकॉज़ मैंने
- 9:52:50इस पर रिसर्च नहीं की है। बट दुनिया यह
- 9:52:53कहती है कि हम दो-तीस दिमाग का इस्तेमाल
- 9:52:55करते हैं। अब किसी के पास 100 करोड़
- 9:52:57न्यूरॉन है और वो 2% इस्तेमाल कर रहा है
- 9:53:00उसका। तो 2 करोड़ न्यूरॉन इस्तेमाल कर रहा
- 9:53:02है और किसी के पास 150 करोड़ है और वो भी
- 9:53:052% कर रहा है तो उसके 3 करोड़ हो गए। इसका
- 9:53:08मतलब उसको याद थोड़ा ज्यादा रहेगा। चीजों
- 9:53:11को याद ज्यादा कर सकता है, एक्सेस ज्यादा
- 9:53:13कर सकता है। जिस प्रकार से आपका अगर
- 9:53:16मोबाइल की रैम छोटी है तो चीजों को एक्सेस
- 9:53:19करने में टाइम लगाता है। रैम बड़ी होगी,
- 9:53:22प्रोसेसर स्पीड से होगा तो फटाफट फटाफट एक
- 9:53:25ही साथ मल्टीपल टास्क कर सकता है। एक ही
- 9:53:27कंप्यूटर पे छह काम कर सकता है। एक
- 9:53:29कंप्यूटर ऐसा है जो क्लिक करने के बाद वो
- 9:53:31घूमता ही रहता है। समझ आ रही है पॉइंट?
- 9:53:33क्लियर? कि यह मल्टीपल टास्क इसका यह मतलब
- 9:53:35नहीं है कि वो कंप्यूटर जो है वो बहुत तेज
- 9:53:37है और वो मतलब वो कंप्यूटर जो है वो बहुत
- 9:53:40अच्छा है और वो खराब है। नहीं नहीं वो
- 9:53:41बहुत तेज है क्योंकि उसका प्रोसेसर ज्यादा
- 9:53:44है। उसकी रैम बड़ी है और काम वो भी उतना
- 9:53:47ही कर सकता है। वो भी उतना ही। उसका
- 9:53:48प्रोसेसर स्लो है। तो 140 से 180 वाले के
- 9:53:51पास न्यूरॉन्स ज्यादा हैं। तो उसका
- 9:53:54परसेंटेज अगर उतना ही इस्तेमाल करता हो आम
- 9:53:56आदमी जितना ही तो वो नंबर ज्यादा होएगा।
- 9:53:59अगर नंबर ज्यादा होगा तो वो मल्टीपल टास्क
- 9:54:01कर सकता है। चीजों को मल्टीपल चीजों को
- 9:54:04एक्सेस कर सकता है। तो वो बच्चा वो बंदा
- 9:54:07कैसा होगा? वो स्कूल में भी पढ़ाएगा। टशंस
- 9:54:10भी पढ़ा लेंगे। आप में से ही होंगी ऐसी
- 9:54:12टीचर्स। आप में से होंगे आप ऐसे लोग जो
- 9:54:15यहां भी पढ़ा रहे हैं। टीचर्स वो घर में
- 9:54:17टशंस भी पढ़ा रहे हैं। यहां तक के
- 9:54:19प्रॉपर्टी डीलिंग भी कर रहे हैं। यहां तक
- 9:54:21के कोई पड़ोस का मोहल्ले का कोई काम है
- 9:54:23कॉलोनी का कि सीवरेज बनाना है। वो उसमें
- 9:54:26भी पार्टिसिपेट कर रहा है। वो मतलब और
- 9:54:28जगराता कराना है उसमें भी पार्टिसिपेट कर
- 9:54:30रहा है। ब्याह शादी है पड़ोस की वो भी काम
- 9:54:32कर रहा है और उसमें सब में मजा आ रहा है
- 9:54:34उसको। ही इज़ लविंग दैट ऑल। ठीक है ना? अब
- 9:54:36जैसे सबने सबकी उंगली इनकी तरफ गई। ठीक?
- 9:54:39अब अगर यह बच्चा पता लग गया कि इसका 140
- 9:54:42प्लस टीएसजी है। अब अगर इसकी जिंदगी खराब
- 9:54:44करनी हो, इसको बैठ के करने वाला काम दे
- 9:54:47दो। [हंसी] बैठ ही नहीं सकता ना बंदा।
- 9:54:50मतलब मैं तो बता रहा हूं जिंदगी खराब करनी
- 9:54:52हो तो इसको बैठा दो बस। और कुछ नहीं करना
- 9:54:54आपने। हां जी। पॉइंट क्लियर हो रहा है ना?
- 9:54:56मतलब ऐसा बंदा क्या कहता है? घर में बैठा
- 9:54:58होएगा ना छोटा बच्चा। मम्मा क्या करूं?
- 9:55:01मम्मा मम्मा क्या करूं? बता दो ना क्या
- 9:55:03करूं? कुछ पढ़ ले। अरे पढ़ना नहीं कुछ और
- 9:55:05बताओ ना। पढ़ना नहीं। बिकॉज़ देखो पढ़ना तब
- 9:55:09चाहेगा व्हेन ही इज लविंग दैट। जब वो कुछ
- 9:55:12सीख रहा है उससे। बट अगर वो सीख नहीं रहा
- 9:55:14है और बस मेयरली याद करना पड़ रहा है। तो
- 9:55:17पढ़ने को छुड़वा के आप उससे जो मर्जी करवा
- 9:55:20लो। क्योंकि पढ़ने में बैठना पड़ता है।
- 9:55:22फिर वही प्रॉब्लम ना। देखो मैंने कहा इस
- 9:55:24बच्चे की जिंदगी खराब करनी है तो इसको
- 9:55:27बिठा दो मतलब इसको पढ़ने को कह दो और इसको
- 9:55:30पढ़ा दो भाई सचिन की मां ने उसको पढ़ा के
- 9:55:34आईएएस भी बना दिया होता ना आईएस को कि
- 9:55:36कुर्सी पे बैठना होता है हो गई जिंदगी
- 9:55:38खराब मतलब सच में जिंदगी खराब उस बच्चे को
- 9:55:40अगर उस बच्चे की उस बच्चे को आनंद ही
- 9:55:43स्ट्रगल में आता है। उसको मजा ही पंगे
- 9:55:46लेने में आता है। वो अगर दो दिन किसी से
- 9:55:49पंगे ना ले बहसा ना करे तो उसको जिंदगी
- 9:55:52ऐसा लगता है पता नहीं कुछ कमी सी है।
- 9:55:54समथिंग इज मिसिंग देयर। तो जान के पंगे
- 9:55:56लेगा। गली में मोहल्ले में स्कूल में पंगे
- 9:55:58नहीं होते तो सड़क पे चल के किसी के ठोक
- 9:56:00के लेगा लेकिन लेगा क्योंकि उसको वहां से
- 9:56:03ही अंदर से फीलिंग आती है कि हां अब मैं
- 9:56:06हूं। नाउ आई एक्सिस्ट। पॉइंट क्लियर हो
- 9:56:09रहा है? इस बच्चे को अगर आप यह कहो ना
- 9:56:11पढ़ने पढ़ाई पे ध्यान दें। बाकी कोई काम
- 9:56:14नहीं करना। तो वो कहेगा अल्लाह मैं पढ़ता
- 9:56:16भी नहीं। फिर वह पड़ोस में जाएगा। अपने
- 9:56:19दोस्तों से बात करेगा। बच्चे बड़े खराब
- 9:56:21हैं इस क्लास। तो फिर वह दोस्तों के पास
- 9:56:23जाएगा।
- 9:56:26ऐसे ही करते हैं ना बच्चे टीचर का मुंह
- 9:56:28फिरते ही। तो वो इंटरप्रिटेशन बता रहा हूं
- 9:56:30मैं आपको क्योंकि अब वही पार्ट है सबसे
- 9:56:32इंपॉर्टेंट। आपके सामने रिपोर्ट पड़ी होगी
- 9:56:34और मम्मी कह रही होगी ऐसे करता है। और आप
- 9:56:37कहोगे ना ना ऐसे कर ही नहीं सकता। मैं कह
- 9:56:39रहा हूं नहीं कर सकता। अगर आप कह रहे हो
- 9:56:42नहीं कर सकता तो गारंटी गारंटी वो नहीं कर
- 9:56:44सकता। फिर कॉपी करके लाया कहीं से। समझ
- 9:56:46रहे हैं आप? मतलब वो ओरिजिनल नेचर नहीं है
- 9:56:48उसकी। आपके पास उस बच्चे की ओरिजिनल नेचर,
- 9:56:51ओरिजिनल कैपेसिटी, ओरिजिनल सब कुछ वहां पे
- 9:56:53सामने पड़ा होगा। तो आप पूरे कॉन्फिडेंस
- 9:56:56के साथ बोल पाएंगे कि ये बच्चा ओरिजिनल
- 9:56:58नहीं है इस वक्त। मान लो मैं आपको एक
- 9:57:00एग्जांपल बता रहा हूं और आमतौर पे मैं
- 9:57:03इसका जिक्र करता हूं। मैं नाम नहीं लूंगा
- 9:57:05बिकॉज़ कॉन्फिडेंशियल होता है। किसी भी
- 9:57:08बच्चे की रिपोर्ट कॉन्फिडेंशियल होती है।
- 9:57:09और मैं आमतौर पर जिक्र करता हूं। हमने
- 9:57:11यहां नहीं जिक्र किया था। या किया था
- 9:57:13मैंने जिसका बहुत लो लॉजिकल इंटेलिजेंस था
- 9:57:16बच्चा 10 सीजीपीए ले रहा था एफिशिएंट
- 9:57:18पर्सनालिटी वाला किया था मैंने नहीं किया
- 9:57:20था सॉरी मैं आपको एक्सप्लेन करता हूं वो
- 9:57:22थोड़ा सा एक बच्चा है मेरे किसी नोन का है
- 9:57:25मेरे फ्रेंड के फ्रेंड का बच्चा है और वो
- 9:57:27मैं उसकी रिपोर्ट करता हूं मैं उसे कहता
- 9:57:29हूं यार अभी तो बोलता है 12th में है मेरे
- 9:57:32को बोलता है डॉक्टर साहब वो 12th में है
- 9:57:33हमारा बच्चा उसका आपको टेस्ट करना पड़ेगा
- 9:57:36और बताइए मुझे जल्दी से उसका मैं क्या
- 9:57:38करूं मैं पीएमटी की तैयारी करा रहा हूं तो
- 9:57:40मैंने कहा जब पीएमटी की तैयारी करा ही रहा
- 9:57:41हूं तो पीएमटी करने दो उसको। देन ही सेज़
- 9:57:43कि नहीं मुझे ना थोड़ा सा क्लेरिटी हो
- 9:57:46जाएगी। आप अगर कह देंगे फिर मैं थोड़ा जी
- 9:57:49जान से लग जाऊंगा। नहीं तो फिर थोड़ा सा
- 9:57:51डाउट रहेगा दिमाग में कि मुझे करना चाहिए
- 9:57:53कि नहीं। मैं कहा चलो देख लेते हैं। तो
- 9:57:55क्या हुआ कि मैंने कहा देखो आपको ना इसकी
- 9:57:58काउंसलिंग के लिए चंडीगढ़ ही आना पड़ेगा।
- 9:57:59मैं यहां पे चंडीगढ़ से बाहर काउंसलिंग
- 9:58:01नहीं करता। अभी मैं इसके प्रिंट ले लेता
- 9:58:03हूं और मैं उसके एक शहर से प्रिंट लेके
- 9:58:05दिल्ली आ गया बीच में से होता हुआ। 15
- 9:58:08मिनट लगे थे मुझे। ठीक है जी। रात को मैं
- 9:58:1011:00 बजे 11:30 बजे मैं उस बच्चे की
- 9:58:12रिपोर्ट तैयार करने लगा। रिपोर्ट तैयार
- 9:58:14करते टाइम मुझे वहां से क्या कंक्लूजन
- 9:58:17निकला कि उसका बहुत लो लॉजिकल इंटेलिजेंस
- 9:58:20था। लोएस्ट और लोएस्ट लिंग्विस्टिक
- 9:58:23इंटेलिजेंस था। जिस बच्चे का लॉजिक और
- 9:58:26लैंग्वेज ये दोनों लोएस्ट हो वो बच्चा
- 9:58:29पढ़ने के लिए नहीं बना। श्योर शॉट वो
- 9:58:31पढ़ने के लिए नहीं बना। एकदम क्लियर कि
- 9:58:34उसका उसको तो मतलब तीसरी क्लास में पढ़ने
- 9:58:37से पीछा छुड़ा दो तो अच्छा है। सर्टिफिकेट
- 9:58:39ही चाहिए तो कहीं से अरेंज कर दो सिंपली।
- 9:58:41उसको उसके लिए पढ़ना समझो नरक है। अब मैं
- 9:58:44उस बच्चे को देख रहा हूं घर आने जब मैं
- 9:58:46वहां पे बैठा हूं दिल्ली में तो मैं टेस्ट
- 9:58:48कर रहा हूं। वो बता रहा है और मुझे उसके
- 9:58:50पापा की वो बात याद आ रही है कि मेरा बेटा
- 9:58:52पीएमटी की तैयारी कर रहा है। पीएमटी की
- 9:58:54तैयारी तो बहुत इंटेलिजेंट सो कॉल्ड
- 9:58:56इंटेलिजेंट बच्चा कर सकता है। जो बच्चा
- 9:58:57पढ़ने के लिए नहीं बना वो तो नहीं कर सकता
- 9:58:59ना पीएमटी की तैयारी। सो मैंने उसी पर
- 9:59:01उसके पापा को रात को ही फोन किया कि भाई
- 9:59:03साहब इसका 10थ का रिजल्ट क्या रहा था? ही
- 9:59:06सेड कि 10 सीजीपीए था। 10 सीजीपीए और
- 9:59:09लोएस्ट लॉजिकल एंड लिंग्विस्टिक कहीं पर
- 9:59:12भी मैच नहीं करता। मैंने कहा ऐसा है कब से
- 9:59:1410 सीजीपीए ले रहा है? कहता है यह तो जब
- 9:59:16से पढ़ता है तब से ही 10 सीजीपीए आया है।
- 9:59:18कभी क्लास में सेकंड आया ही नहीं। कैन यू
- 9:59:19इमेजिन दैट सिचुएशन? एंड इससे बड़ी बात
- 9:59:22इससे भी बड़ी बात बताऊं। ही इज़ एन
- 9:59:23एफिशिएंट पर्सनालिटी। वह बच्चा एफिशिएंट
- 9:59:26पर्सनालिटी है। 10 सीजीपीए है। लॉ लॉजिकल
- 9:59:29और लिंग्विस्टिक है। पढ़ने के लिए बना
- 9:59:31नहीं है। मान किसी की सकता नहीं। एफिशिएंट
- 9:59:34है। ऑब्वियसली मान नहीं सकता किसी की। बट
- 9:59:36फिर भी वो पढ़ने के लिए नहीं बना। और उसका
- 9:59:39इंट्रापर्सन भी हाई है। इंट्रापर्सन मतलब
- 9:59:42खुद को जानता है। अब वो बच्चा खुद को
- 9:59:44जानता है कि मैं पढ़ने के लिए नहीं बना।
- 9:59:46फिर भी वह 10 सीसीजीपी ले रहा है। इसका
- 9:59:48मतलब ऐसा क्या चीज है जो उसको कंपेल कर
- 9:59:51रही है पढ़ने के लिए। मुझे वह जाननी थी।
- 9:59:53मैंने फोन किया भाई साहब कल आ रहा हूं।
- 9:59:55सारी अपॉइंटमेंट कैंसिल। जब से वो पढ़ रहा
- 9:59:58है तीसरी क्लास से ले 10वीं क्लास तक की
- 10:00:00जिंदगी मेरे दिमाग में घूम रही है उस
- 10:00:02बच्चे की कि जो बच्चा किसी की मान नहीं
- 10:00:04सकता सेल्फ कॉग्निटिव बच्चा एफिशिएंट
- 10:00:07पर्सनालिटी और वो यह कह रहा है कि 10
- 10:00:09सीजीपीए है तो उसकी जिंदगी कितनी नरक के
- 10:00:12लेवल पर होगी। मुझे वो जानना था सिंपली।
- 10:00:15मेरा पर्पस यही था कि वो कितना बैड फील
- 10:00:18करता होगा। एंड क्योंकि यह किसी की पर्सनल
- 10:00:22लाइफ का सवाल है। इसलिए मैं चाहूंगा कि इस
- 10:00:24रिकॉर्डिंग को बंद किया जाए। नेक्स्ट जो
- 10:00:26आगे बात होने वाली है इसको बंद करो।
- 10:00:28चलते-चलते
- 10:00:30तो गाड़ी रोक के इमोशनल हो जाता हूं मैं।
- 10:00:32वो बच्चा ऐ याद करके हो जाता हूं। तो इट्स
- 10:00:35नॉट अ बिग डील। बहुत सारी जिंदगियां हैं
- 10:00:36ऐसी जो मेरी लाइफ में है और जब लाइफ उसकी
- 10:00:39अलग तरह से चलती है तो थोड़ा अच्छा लगता
- 10:00:41है कि थोड़ा और मोटिवेट होता है कि कोई
- 10:00:43बात नहीं आधो को समझ आ रहा है लेकिन आधों
- 10:00:45को तो आ रहा है। आधों को नहीं आ रहा है तो
- 10:00:47आधों को आ रहा है। 80% को नहीं समझ आ रहा
- 10:00:49पर 20 को तो आ रहा है। 20 की जिंदगी तो
- 10:00:51बदल रही है। एंड इट्स ऑल। और आई बिलीव एंड
- 10:00:54आई ट्रस्ट ऑन दिस। कि जब आप यहां से इस
- 10:00:58ट्रेनिंग को कंप्लीट करके गए थे। मुझे
- 10:01:00पूरा भरोसा है। आपका लोगों को देखने का
- 10:01:02नजरिया बदला होगा। क्या कहते हो? नहीं
- 10:01:04बदला। हां जी बदला? अब आप चीजों को एक अलग
- 10:01:07एंगल से देखते हो। अब आपको लगता है कि अब
- 10:01:09मैं एक अच्छे इंसान की तरह देख रहा हूं
- 10:01:11इंसान को। अब आप सारा कसूर उसका निकाल रहे
- 10:01:14थे। अब आप कसूर नहीं निकालते हैं। और सबसे
- 10:01:16बड़ी बात है कि नाउ यू आर नॉट जजिंग
- 10:01:18एनीवन। जो हम जजमेंटल हो जाते हैं ना ये
- 10:01:20तो ये नहीं करता। यह तो यह नहीं करता। यह
- 10:01:21तो ऐसे नहीं करता, ऐसे करता है। वो लाइक
- 10:01:23दैट। उससे पीछा छूट गया हमारा। और जब आप
- 10:01:25एक स्टेप पार कर चुके हो। डेफिनेटली हम
- 10:01:28लोग हो सकता है इस लेवल पर भी आ जाए कि
- 10:01:30आपकी जिंदगी में आपके सर्कल में आने वाले
- 10:01:32हर इंसान के ऊपर आपका पॉजिटिव असर पड़ता
- 10:01:35रहे और आप उसको एक अच्छा बेहतर इंसान खुद
- 10:01:38भी अपने अंदर महस क्योंकि मुझे लगता है
- 10:01:40मैं जिस तरह से शुरू किया था पता नहीं
- 10:01:42मैंने इसको बिजनेस मान के शुरू किया था
- 10:01:44पता नहीं मैंने इसको बहुत रेवोल्यूशन मान
- 10:01:46के शुरू किया था पता नहीं मैं ऐसी जिद थी
- 10:01:48कि इसलिए शुरू किया था या पता नहीं मैं
- 10:01:50ढूंढते-ढूंढते यहां तक पहुंचाना मुझे सच
- 10:01:51में नहीं पता मैंने ये क्यों शुरू किया था
- 10:01:53मुझे कुछ भी नहीं पता सच बताऊं तो बिकॉज़
- 10:01:56मैं बस ढूंढ ढूंढ रहा था। मैं भाग रहा था
- 10:01:58चीजों से। मुझे यह नहीं करना। लोग कहते तू
- 10:02:00नौकरी किसी को मिलती नहीं है। तुम नौकरी
- 10:02:02छोड़ रहे हो तू भगोड़ा है। कुछ भी मान यार
- 10:02:05पर अच्छा नहीं लग रहा है। तो क्यों करूं?
- 10:02:06एंड देन पहुंचते-पहुंचते तो आई थिंक चीजों
- 10:02:09को छोड़ना आपको एक अच्छी बेहतर चीज की तरफ
- 10:02:12ले जाता है। पर जब वहां पे भी वो मजा ना
- 10:02:14आए तो उसको छोड़ना आपको और बेहतर चीज की
- 10:02:16तरफ ले जाता है। जब वहां पे भी अच्छा फील
- 10:02:18ना हो रहा हो तो उसको छोड़ के और बेहतर की
- 10:02:21चीज की मैं नहीं कहता आपको अगला स्टेप पे
- 10:02:23आपको एकदम परफेक्शन वाली चीज मिल जाएगी।
- 10:02:25इवन रिश्ते की बात कह रहा हूं। अगर रिश्ते
- 10:02:27में कोई ऐसा आदमी है जो आप जिसको सोच कर
- 10:02:31के ही दिमाग खराब होता है। जितना जल्दी हो
- 10:02:34उस आदमी को निकाल दो जिंदगी से बाहर।
- 10:02:36जितना जल्दी हो अकेलापन उससे बहुत बेहतर
- 10:02:38है। बहुत बेहतर है। कोई जरूरी नहीं है
- 10:02:40कंधा ढूंढना रोने के लिए। कोई जरूरी नहीं
- 10:02:43है किसी का होना जिंदगी के अंदर। वो
- 10:02:45अकेलापन आपको दूसरे किसी आदमी के पास ले
- 10:02:47जाएगा। किसी औरत के किसी आदमी के किसी
- 10:02:49पर्सन के पास। वो मान लो वो भी ऐसा उसको
- 10:02:52भी छोड़ देंगे। ये तो एक मोमेंट आएगा
- 10:02:54व्हेन यू विल फील 100% ओवर देयर और नहीं
- 10:02:57भी आएगा तो जब आप अकेले हैं तो कम से कम
- 10:02:59उससे तो बेटर हैं जहां पे थे। मैं इंसान
- 10:03:02की बात नहीं कर रहा हूं। मैं तो सब्जेक्ट
- 10:03:04की भी बात कर रहा हूं। मैं तो करियर की भी
- 10:03:06बात कर रहा हूं। मैं तो जगह की भी बात कर
- 10:03:08रहा हूं। एक जगह पे रहने में नहीं आ रहा
- 10:03:10तो छोड़ दो। मकान मैं बहुत बनाने में बड़े
- 10:03:1320 साल लगा दिए तो क्या फर्क पड़ता है? 20
- 10:03:15साल लगाने के चक्कर में अगले 40 साल खराब
- 10:03:18करने वाले हो। अगर वहां अच्छा नहीं लग रहा
- 10:03:19है तो। किसी रिश्ते में अगर 2 साल
- 10:03:21इन्वेस्ट किए हैं और आपकी जिंदगी अगर 60
- 10:03:23साल बची है तो 2 साल के बचाने के चक्कर
- 10:03:26में वह 60 साल खराब करने वाले हो। अगले 40
- 10:03:28साल खराब करने वाले हो। उस बच्चे को अगर
- 10:03:30एक नौकरी में अच्छा नहीं लग रहा है। एक
- 10:03:32सब्जेक्ट में अच्छा नहीं लग रहा है। इस
- 10:03:34बार दो बार फेल हो जाने दो उसको। इस बार
- 10:03:37दो बार नहीं जाने दो उसको। क्या फर्क
- 10:03:39पड़ता है? आने वाली पूरी जिंदगी डिपेंड
- 10:03:41करती है उस डिसीजंस के ऊपर। हमारे पास
- 10:03:43इतनी फैसिलिटीज, इतने कॉलेजेस, इतनी
- 10:03:45सुविधाएं नहीं है तो गलती हमारी है। बच्चे
- 10:03:48भुगत रहे हैं। यह समझना पड़ेगा आप लोगों
- 10:03:50को। अगर ये नहीं समझेंगे तो मुझे नहीं
- 10:03:53लगता कि हम कुछ भी चेंज ला पाएंगे। पहले
- 10:03:55अवेलेबल तो करा दो उनको सब कुछ। तभी तो
- 10:03:57जजमेंट तभी तो जज कर पाएंगे ना उन चीजों
- 10:03:59को। तभी तो बता पाएंगे ना। तो ये एक था वो
- 10:04:04मैं हाई टीएसटी वाली बात बता रहा था। उस
- 10:04:06पे आ गया था पॉइंट। पता नहीं कहां से आया
- 10:04:07ये एफिशिएंट पर्सनालिटी पे लाइक काइंड ऑफ़।
- 10:04:09ठीक है? तो इस तरह से मैं यह आपको यह बता
- 10:04:12रहा था कि कैसे एक रिपोर्ट को देख के आप
- 10:04:16उसकी पूरी जिंदगी को इमेजिन कर सकते हैं।
- 10:04:19और आपको एक बात बताऊं उसके पापा फ्लैशी
- 10:04:22थे। पीएमटी में दाखिला इसलिए हो रहा था
- 10:04:24उसका। 100 सीजीपीए इसलिए आ रहा था उसका
- 10:04:26इसीलिए प्रेशर था। फ्लैशी बाप का करा हुआ
- 10:04:29भुगत रहा था एफिशिएंट बच्चा। समझ रहे हैं?
- 10:04:32और आपके भी सामने भी आएंगे। आपके सामने
- 10:04:34जैसे एक बार सवाल किया था किसी ने कि
- 10:04:36मां-बाप ऐसा चाहते हैं और वह ऐसा करते
- 10:04:38हैं। मां-बाप की भी रिपोर्ट यहां पे पड़ी
- 10:04:41होगी और बच्चे की भी पड़ी होगी। मिनट दो
- 10:04:43लगेंगे समझने में कि प्रॉब्लम कहां से आ
- 10:04:44रही है। कुछ भी नहीं प्रॉब्लम है।
- 10:04:46एग्जैक्ट प्रॉब्लम पे पिन पॉइंट कर दिया
- 10:04:49उसको बता दो। देखो सारी जिंदगी सारी
- 10:04:52दुनिया को बदलना हमारी जिम्मेदारी नहीं है
- 10:04:54ना ही हमारे बस की बात है लेकिन जितना पता
- 10:04:57है उतना बताना हमारा काम है उसके बाद उस
- 10:05:00पे क्या रिजल्ट आता है इससे फ्री हो जाओ
- 10:05:03बदलना आपका काम नहीं है बताना आपका काम है
- 10:05:06कि इतना हमें पता था आपको बता दिया जैसे
- 10:05:09इतना मुझे पता था मैंने आपको बता दिया अब
- 10:05:12आपकी जिंदगी में बदलाव लेकर आना मेरा काम
- 10:05:14नहीं है वो आपका काम है वो आप ही ने करना
- 10:05:16है वो मेरे को कोई जबरदस्ती नहीं है|
- 10:05:18जिसने आना है आओ जिसने नहा आना अपने बच्चे
- 10:05:20खिलाओ कोई टेंशन नहीं। इसी तरह से आपको भी
- 10:05:23उन मां-बाप को समझाना है बस और समझा करके
- 10:05:26अपने रिजल्ट के साथ अटैच मत हो जाना। यानी
- 10:05:28अदरवाइज आप में से जो एफिशिएंट टीचर्स
- 10:05:30होंगे ना वो चिपक जाएंगे कि अगर बता दिया
- 10:05:34है तो मां-बाप को समझना ही चाहिए ना।
- 10:05:36क्यों नहीं समझ रहा है? समझ में नहीं आ
- 10:05:37रहा। तो जो एफिशिएंट है वो समझ जाए कि
- 10:05:40चिंता करने की जरूरत नहीं है। वो जो अंदर
- 10:05:42से आ रहा है कि समझना ही चाहिए। वो
- 10:05:44ओरिजिनल है। लेकिन अब आपको समझ जाना चाहिए
- 10:05:46कि वो ओरिजिनल है तो उससे पीछा कैसे
- 10:05:47छुड़ाना है। पता लगने के बाद पीछा छुड़ाना
- 10:05:50आसान है। बहुत आसान है। अगर आपको यही नहीं
- 10:05:52पता हो कि मैं ऐसा क्यों सोच रहा हूं फिर
- 10:05:54मुश्किल है उससे पीछा छुड़ाना। अगर आपको
- 10:05:56यही नहीं पता हो कि मैं क्यों। ठीक है? अब
- 10:05:58मैं आपको बताता हूं। एफिशिएंट लेडी ने पता
- 10:06:01नहीं कैसे वो हस्बैंड उसको रोज मार रहा
- 10:06:04है। वो उससे नफरत करती है। वो उसके साथ
- 10:06:07बिल्कुल रहना नहीं चाहती। हां मैं कह रहा
- 10:06:09हूं उसको छोड़ क्यों नहीं देती? कहते नहीं
- 10:06:11पति तो अपना ही है। क्या प्रॉब्लम है यार
- 10:06:13यह क्योंकि अगली ने डिसाइड कर लिया कि
- 10:06:15रहना इसके साथ ही है। और दिक्कत यह है की
- 10:06:17टारगेट दूसरा ले बैठी। अब उस टारगेट को
- 10:06:19अगर पता लग जाए उसको कि मेरे दिमाग में यह
- 10:06:21अंदर से इसलिए आ रहा है क्योंकि भाई तूने
- 10:06:23डिसाइड कर लिया था वो पुराने डिसीजन को
- 10:06:25लेके अब तक मत बैठाओ। उसको मत ढो। समझ
- 10:06:28जाओ। अब तो समझ जाओ। एंड देन वो उसको समझ
- 10:06:31आ जाता है कि ओ छुड़ाओ। हे भगवान। एंड देन
- 10:06:35द लाइफ इज इज़ियर। तो यह था मैं बता रहा था
- 10:06:38आपको 140 टू 180 टीएसजी जो है यह उन्हीं
- 10:06:42लोगों का जिन लोगों का 140 टू 180 है यह
- 10:06:45उन लोगों का है जो मल्टीपल टास्क करने के
- 10:06:47लिए बने हैं। उन बच्चों के लिए उनके
- 10:06:50मां-बाप के लिए आपको क्या इंस्ट्रक्शंस
- 10:06:52देनी है या उनको क्या सजेशंस देने हैं?
- 10:06:55उनको बोलना है इसको सुबह उठने से लेकर और
- 10:06:59रात तक बैठने ही नहीं देना। जैसे मैं कह
- 10:07:01रहा था पहले वाले मां-बाप को बताना है कि
- 10:07:04इसको बस पढ़ने के लिए ले जाओ। ज्यादा से
- 10:07:06ज्यादा खेलने के लिए ले जाओ। फालतू चक्रों
- 10:07:08में पढ़ने की जरूरत नहीं है। खेलना कैंसिल
- 10:07:10करा के एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में
- 10:07:12ले जाओ। एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी
- 10:07:13कैंसिल करा के स्पोर्ट्स को डांस में ले
- 10:07:16जाओ। डांस कैंसिल करा के आठ क्लास। मान लो
- 10:07:18आप छह क्लास ज्वाइन कराना चाहते हो। 140
- 10:07:20बिलो वाले को एक छुड़वा के दूसरी कराओ। एक
- 10:07:23छुड़वा के दूसरी। 140 प्लस वाले को एक के
- 10:07:27साथ दूसरी, दूसरी के बाद तीसरी, तीसरी के
- 10:07:29बाद चौथी लगे रहो। उसको तो इसको छोड़ना ही
- 10:07:31नहीं फेल रहा क्योंकि जिस दिन वह छुट्टी
- 10:07:32पे घर में होगा वह सबसे ज्यादा
- 10:07:34प्रॉब्लमैटिक है वही बच्चा वो बच्चा सुबह
- 10:07:37उठने से लेकर के जब वो उसकी पहचान क्या है
- 10:07:39कि तीन या चार साल की उम्र में वो दो ही
- 10:07:42काम कर रहा है या तो सो रहा है या दौड़
- 10:07:45रहा है ये पहचान है उसकी होंगे आपके आसपास
- 10:07:47वो चुप बैठे वो बैठा है ऐसे तो पैर हिला
- 10:07:50रहा है ऐसेसे कर रहा है क्या करूं बताओ
- 10:07:51क्या करूं बताओ क्या करूं ऐसे पूछता रहेगा
- 10:07:53वो आपसे एंड यू नीड टू टेल देम कितना
- 10:07:55बताओगे आप उसको तो उसको जितनी मल्टीपल
- 10:07:58एक्टिविटीज में एंगेज कर सकते हो कर लो।
- 10:08:00अब तो आपके पास टेस्ट रिपोर्ट है। टेस्ट
- 10:08:02रिपोर्ट करो और जो जो उसके टॉप क्लास है
- 10:08:04उन क्लासेस में भेजते रहो। एक के बाद
- 10:08:06दूसरी, दूसरे के बाद तीसरी। और जब वो बड़ा
- 10:08:08होगा 10वीं तक वो अपने पैशन से ऑलरेडी मिल
- 10:08:11चुका होगा। वो आपको एकदम बोल रहा है यह
- 10:08:14नहीं करना अपन ने यह करना है। एंड जब वो
- 10:08:16हो गया टेंशन खत्म। जी। आपका तो काम खत्म
- 10:08:19हो गया ना। आपका काम था उसको उसके ओरिजिनल
- 10:08:22चीज से मिलवाना। उसके बाद आपका कोई काम।
- 10:08:24यही तो हम करने चले हैं। अब 180 वाले को
- 10:08:27170 तक भी काउंट कर सकते हो आप कि भाई 170
- 10:08:30वाले को भी क्योंकि अगर 172 है किसी का
- 10:08:33उसको 180 प्लस वाले में काउंट कर सकते हो।
- 10:08:36अब 180 प्लस वाला कौन है? यह वो बच्चा है
- 10:08:39जिसको समझने की औकात मेरी रिपोर्ट में तो
- 10:08:41नहीं है और ना ही यह अभी तक दुनिया के
- 10:08:44किसी सिस्टम में आई है। इसका इतना
- 10:08:46कॉम्प्लेक्स ब्रेन है, इतना कॉम्प्लेक्स
- 10:08:48ब्रेन है। इतनी हाई एनर्जी है कि इसको
- 10:08:52जितना देते हो उतना कम है। जितना टफ काम
- 10:08:55होगा, उतना मजा आएगा इसको। जितना मुश्किल
- 10:08:57काम होगा। पागल होने वाले काम जितने हैं
- 10:09:00मतलब पागलों की तरह लगने वाले, वह दे दो
- 10:09:03इसको। मतलब इससे आपको 24 में से 36 घंटे
- 10:09:05काम कराना पड़ेगा। मतलब इसके भई इधर से भी
- 10:09:08कराते रहो, इधर से भी दोनों हाथों से करा
- 10:09:10के रखो। दिमाग से अलग से करा के रखो। यह
- 10:09:12मतलब जैसे मल्टीपल टास्क मतलब 140 से 180
- 10:09:15वाला था, वह चार पांच काम एक साथ कर सकता
- 10:09:18था। यह 170 प्लस वाला 20 काम एक साथ करा
- 10:09:22लो इससे चाहे। मतलब यह यह
- 10:09:26और पता ही नहीं है क्या? अब इसकी प्रॉब्लम
- 10:09:28क्या है? इसकी प्रॉब्लम यह है कि जब यह
- 10:09:30क्लास में बैठा हुआ है और टीचर पढ़ाने
- 10:09:33लगती है। यह लेसन खोलो। वो सोचता क्या बोर
- 10:09:36करा रही है यार लेसन खोलो यह पेज नंबर दिस
- 10:09:40हां ज्योति यू स्टैंड अप और इसको रीड करो
- 10:09:43मान लो आप ऐसा कर मैं आप रीड कर रहे हो
- 10:09:46आपने रीड किया आपके दो शब्द सुने उसको
- 10:09:48उसका मतलब समझ में आ गया नाउ द ब्रेन इज
- 10:09:51ब्लॉक आपकी बात सुनेगा ही नहीं आपकी बात
- 10:09:53उसको पल्ले पड़ेगी ही नहीं आपने लेक्चर
- 10:09:56देना शुरू किया पहली 5 मिनट में समझ लेगा
- 10:09:58आप क्या कहना चाह रहे हो आखिर में आगे
- 10:10:00आपको सुनेगा ही नहीं उसको पढ़ने को बोलो
- 10:10:03वो कहेगा आता है पढ़ ले आता आता है। आसान
- 10:10:06सा है। याद कर ले पेपर में कर लूंगा। 5
- 10:10:08मिनट का काम है और जब पेपर होता है कुछ
- 10:10:10नहीं आता। क्योंकि अपना जो एग्जामिनेशन
- 10:10:12सिस्टम है वो इस बात पर नहीं डिपेंड करता
- 10:10:15कि उसको समझ कितना आया। उस बात पर डिपेंड
- 10:10:17करता है कि लिखा कितना। उसको समझ सब कुछ आ
- 10:10:20चुका है। क्योंकि टेक्निकल वर्ड्स की कमी
- 10:10:22है। इसलिए एक्सप्लेन नहीं कर पा रहा।
- 10:10:25इसलिए आपको लगता है कि तू वैसे तो बड़ा
- 10:10:28बकवास करता है। आता जाता कुछ नहीं तेरे
- 10:10:30को। एक्चुअली उसका दिमाग बहुत हाई लेवल का
- 10:10:32है। बट वो अपन उसको लो लेवल पर लाना चाह
- 10:10:35रहे हैं और क्योंकि वो मैक्सिमम टाइम
- 10:10:37एफिशिएंट होगा या आइडलिस्ट होगा। ऐसे रेयर
- 10:10:41ही कोई चांस आएगा कि लिसनर या फ्लैशी का
- 10:10:43टीएजी 180 प्लस 170 प्लस आ जाए। तो अब
- 10:10:46एफिशिएंट और आइडलिस्ट है तो आप समझा के भी
- 10:10:48दिखा दो उसको। उसको पता है भाई बकवास।
- 10:10:51मैडम को क्या पता आता कुछ है नहीं। मतलब
- 10:10:53खुद नंबर दो नहीं आ रहे हैं। मैडम को कह
- 10:10:55रहा उसको कुछ आता नहीं। ही इज द चाइल्ड।
- 10:10:57समझ रहे हैं? अब यह मतलब जब बाकी दुनिया
- 10:11:00जब यह कहती है ना कि हमसे नहीं हो रहा
- 10:11:03जहां पर बाकी दुनिया कहती है यार यह
- 10:11:05पॉसिबल ही नहीं है। वो कहता है अच्छा चल
- 10:11:07मैं दिखाता हूं करके वो तब शुरू होता है
- 10:11:09बंदा। वो बंदा शुरू ही तब होता है जब बाकी
- 10:11:11रुक जाते हैं। वो उससे पहले शुरू होगा ही
- 10:11:13नहीं। उससे पहले बैठा-बठा देखता रहेगा
- 10:11:15क्या-क्या कर रहे हैं। अरे पागल है सारे
- 10:11:16सब पागल है। किसी को आता नहीं कुछ भी है।
- 10:11:18किसी को कुछ नहीं होना। बे बकवास है ये
- 10:11:20सब। मतलब वो कुछ भी करता रहेगा। उसको
- 10:11:22कहेगा तू करता कुर्ता कुछ है नहीं। बिकॉज़
- 10:11:24ही इज वेटिंग फॉर दैट मोमेंट कि मुझे ऐसा
- 10:11:26काम तो दिखाओ जो मेरे दिमाग के बराबर हो
- 10:11:29जो मेरी कैपेसिटी के बराबर हो। ए
- 10:11:31आसान-आसान से काम देते रहते हो याद कर ले
- 10:11:34ये थोड़ी ये कोई काम थोड़ी है ये कोई पढ़ाई
- 10:11:36थोड़ी है ही वाज़ ऑलवेज से नजर आ रहा है कोई
- 10:11:38बच्चा ऐसा दिख रहा है ना क्लास में ऐसा
- 10:11:39बच्चा पीटीएम की प्रॉब्लम्स दिख रही होंगी
- 10:11:42ये वो वाले बच्चे हैं। अब सोचो अपने पास
- 10:11:44है ही नहीं ऐसा कोई सिस्टम जो उनको
- 10:11:46कैटेगराइज कर पाए। नोट कर लीजिए जो
- 10:11:48कैटेगराइज कर पाए जो सोच पाए जो उनको उतनी
- 10:11:51सोच दे दे उतना भारी काम दे दे। है इतना
- 10:11:53भारी काम अपने पास स्कूलों में अपने
- 10:11:55इंफ्रास्ट्रक्चर में इतना भारी काम है
- 10:11:57क्या जितने लेवल की मैं बात कर रहा हूं तो
- 10:11:59बताओ क्या करोगे कर दिया बर्बाद हो गया ना
- 10:12:02सो दिस इज द पॉइंट जो आपको समझना है और
- 10:12:05समझने से ज्यादा आपको मां-बाप को समझाना
- 10:12:08है कि भाई यह वो वाला सामान है जिसका
- 10:12:11इस्तेमाल बम बनाने के लिए करना है तू
- 10:12:13क्यों पटाखे बनाने की बात करता है वो
- 10:12:15बारूद है इतना एनर्जी है इतनी हाई एनर्जी
- 10:12:18है वह बंदा दूसरों के लिए लड़ने के लिए
- 10:12:20बना है वह बंदा आंदोलन करने के लिए बना वह
- 10:12:23बंदा मतलब पता नहीं क्या करने के लिए
- 10:12:25दुनिया पलटने के लिए बना है। वह कोशिश भी
- 10:12:28करेगा तो भारी सामान उठाने की करेगा। यह
- 10:12:30नहीं उठती चल कोई भी भारी सामान ये उठा
- 10:12:32कार उठा के दिखाता हूं आगे से। यह दिखाता
- 10:12:35हूं पीछे से। इस टाइप की हरकतें करेगा वो।
- 10:12:37नहीं तो जिम में जाएगा तो देखता हूं कितना
- 10:12:39वजन उठा सकता। मतलब वो दिखेगा वहां। उसके
- 10:12:41उन कामों में आप क्योंकि आपके पास और कोई
- 10:12:44इतना बढ़िया इतना भारी दिखने वाला काम है
- 10:12:46ही नहीं। आपके पास उसकी गलती थोड़ी ना है।
- 10:12:49गलती फिर मारी है। स्कूल की, मां-बाप की,
- 10:12:51सिस्टम की, सोसाइटी की, आसपास की,
- 10:12:53सराउंडिंग्स की और कोई ऑप्शन ही नहीं है।
- 10:12:55नोट कर लीजिए। तो और हमारे पास नहीं है।
- 10:12:57क्लियर हुआ? अब रह गए जीरो टू 60 वाले।
- 10:13:00जीरो टू 60 वाले। 60 से बिलो जिनका टीएसडी
- 10:13:03रह जाता है। ये आमतौर पे वो बच्चे हैं
- 10:13:06आमतौर पे। मैं देखिए 100% नहीं कह रहा
- 10:13:08हूं। समटाइ्स डाटा कैन वैरी। है ना? यह वह
- 10:13:12वाले बच्चे हैं जो बेसिकली जिनमें ओपन
- 10:13:16एरियाज बहुत होंगे। ओपन एरिया का कांसेप्ट
- 10:13:18पता है? हां जी ओपन एरिया का कांसेप्ट। नो
- 10:13:20आईडिया अभी तक नहीं डिस्कशन हुआ। तो नाउ
- 10:13:23कम्स द पॉइंट ऑफ़ ओपन एरिया। ओपन एरिया को
- 10:13:25हम कैसे समझेंगे? देखिए मैं क्योंकि
- 10:13:28टेक्निकल आदमी नहीं हूं ना तो देसी भाषा
- 10:13:30में बता सकता हूं। समझाना है मेरा मकसद तो
- 10:13:32देसी भाषा कहीं टेक्निकल लैंग्वेज कहीं
- 10:13:34ढूंढ लेना कैसे होता है। जब भी हमारे
- 10:13:37ब्रेन में एनर्जी का डिस्ट्रीब्यूशन होता
- 10:13:39है। उसका तरीका क्या है? उसका तरीका यह है
- 10:13:42कि हमारे 10 लोब हैं। यह 100 करोड़
- 10:13:44न्यूरॉन्स नेचर ले बैठी है। बंदा पैदा
- 10:13:46होने वाला है अब वो प्रेगनेंसी के दौरान
- 10:13:49और नेचर ने उसको 100 करोड़ न्यूरॉन्स ऐसे
- 10:13:52मारे फेंक के कि जा जी ले बेटा अपनी
- 10:13:54जिंदगी। और वो 10 जगह पे वो न्यूरॉन्स
- 10:13:58डिस्ट्रीब्यूट होने हैं। तो 100 करोड़ इज
- 10:14:00अ बिग नंबर। इक्वल कभी आएगा नहीं। बराबर
- 10:14:03किसी का भी नहीं आएगा। कभी भी नहीं आएगा।
- 10:14:05दिस इज द रीजन ऑफ इंडिविजुअल डिफरेंस।
- 10:14:08व्यक्तिगत भिन्नता जिसको कहते हैं कि
- 10:14:10इंसान इंसान से कैसे अलग है? वह ऐसे अलग
- 10:14:13है कि इतना बड़ा नंबर डिस्ट्रीब्यूट किया
- 10:14:15है आपको। अब वो जो न्यूरॉन्स आ गए हैं वो
- 10:14:19फिर न्यूरल नेटवर्क तैयार करते हैं। जैसे
- 10:14:22आपके कंप्यूटर के अंदर मोबाइल में चिप में
- 10:14:24वो वो शोल्डर से वो जो कनेक्शन बने होते
- 10:14:28हैं। जैसे घरों के अंदर सर्किट में सर्किट
- 10:14:30के अंदर कनेक्शन बने होते हैं। वो जब आप
- 10:14:32किसी कंप्यूटर की प्लेट देखोगे ना तो आपको
- 10:14:35वो सफेद-सफेद से वो सर्किट दिखेंगे। आपको
- 10:14:38इसका मतलब समझ में नहीं आएगा। वही अंदर
- 10:14:40बनेंगे। वही सर्किट बनेंगे। उन सर्किट में
- 10:14:42सब कुछ है कि चार दबाया तो स्क्रीन पर चार
- 10:14:45आया। चार प्लस पांच दबाया तो स्क्रीन पे
- 10:14:47नौ आया। वो सर्किट है। उधर वो न्यूरल
- 10:14:50नेटवर्क है। कहां पे क्या स्टोर है? किस
- 10:14:52फाइल में कहां क्या है? वो सब कुछ
- 10:14:55कंप्यूटर में जैसे सेव होता है वैसे ही
- 10:14:58सिस्टम जो है हमारा उस ब्रेन का बनता है।
- 10:15:01तो ब्रेन का वो जो न्यूरल नेटवर्क बना वो
- 10:15:04न्यूरल नेटवर्क इज दी बेस। ऑफ इंटरेस्ट
- 10:15:08एंड दिस रिपोर्ट। ये रिपोर्ट उस न्यूरल
- 10:15:10नेटवर्क के हिसाब से बनी कि जिधर जैसा
- 10:15:12न्यूरल नेटवर्क बना वैसा ही अपने हाथों पे
- 10:15:16ये पैटर्न बना। तो वो जो न्यूरल नेटवर्क
- 10:15:19बना वो न्यूरल नेटवर्क बेसिकली उसके बेसिस
- 10:15:23पर वो सर्किट बने। और जैसे सर्किट बने
- 10:15:25दिमाग में 10 जगह पे उनकी कॉपी आई अपनी
- 10:15:29उंगलियों पे। जैसे कोई भी दुकानदार अपने
- 10:15:32फ्रे वह रैक फ़ाइनलाइज़ करता है। जिस प्रकार
- 10:15:36से अब कोई भी अह कैसे कहेंगे इसको? लेखक
- 10:15:40है, कोई राइटर है। अपनी किताब के पहले
- 10:15:42पन्ने पे इंडेक्स बना देता है कि इस पेज
- 10:15:44पे इतने रुपए ये वाली लेसन है। इस पे ये
- 10:15:47वाला टॉपिक है, इस पे ये वाला टॉपिक है।
- 10:15:49ऐसे ही बोल रखता है ना वो इंडेक्स पेज पे।
- 10:15:51वो सब कुछ पता होता है कि ये इंडेक्स में
- 10:15:54ये सामान मिलता है। लाइब्रेरी में जिस
- 10:15:56प्रकार मान लो दिमाग के अंदर भी अह इसको
- 10:15:59स्टोरेज अगर हम मान के चलें तो स्टोरेज एक
- 10:16:02कमरा है हमारे पास कोई और हमने उसको स्टोर
- 10:16:05बना लिया। हमने उसमें कुछ रखना है सामान।
- 10:16:09मान लीजिए किताबें रखनी है। हमने किताबें
- 10:16:11रखनी है। तो आया बंदा किताब फेंक दी।
- 10:16:14दूसरा आया फेंक दी। तीसरा फेंक दी। सारी
- 10:16:16किताबें मैथ वाली, साइंस वाली, केमिस्ट
- 10:16:18सारा पूरा कमरा भर गया किताबों का। एंड
- 10:16:20नाउ अब आपको कह दिया जाए कि जाओ एट्थ
- 10:16:23क्लास की आर एस अग्रवाल निकाल के लाओ।
- 10:16:25चांसेस आर देयर कि ऊपर ही पड़ी हो और
- 10:16:28चांसेस आर देयर कि पूरा कमरा उलट कर दे जो
- 10:16:30सबसे आखिर में मिले। बिकॉज़ कोई ऑर्गेनाइज
- 10:16:32मैनर में नहीं रखा हमने। दिस इज लाइक
- 10:16:35मेमोरी का ये सिस्टम है बच्चे की मेमोरी
- 10:16:38से क्योंकि आप रोज डील करते हो तो मेमोरी
- 10:16:41का ये सिस्टम है कि वो इस तरह से रैंडमली
- 10:16:44मतलब उसके अंदर कुछ भी भरते जा रहे हैं तो
- 10:16:47आप याद नहीं कर पाएंगे। रिकॉल नहीं कर
- 10:16:50पाएंगे। अगर अपने दूसरा एक तरीका दूसरा
- 10:16:53तरीका बता रहा हूं याद करने का कि मान
- 10:16:55लीजिए आप के पास मैथ्स की एक किताब है।
- 10:16:58फिर केमिस्ट्री की एक किताब है। तो मैथ्स
- 10:17:01की किताब को अलग रैक में रख दिया।
- 10:17:02केमिस्ट्री को अलग रख दिया। फिजिक्स को
- 10:17:05अलग। फिर केमिस्ट्री की अगली आई। पहले
- 10:17:07वाली केमिस्ट्री जो थी वो 10थ की थी। अगली
- 10:17:09केमिस्ट्री 11th की है। तो फिर 11th का
- 10:17:11अलग बॉक्स बना दो। केमिस्ट्री का। फिर
- 10:17:1312th केमिस्ट्री का अलग बना दो। ऐसे करके
- 10:17:15आपके पास बन गई। वहां लिख दो। और जो जो भी
- 10:17:18किताब आए उस मैथ्स की किताब मैथ्स वाले
- 10:17:20सेक्शन में फिर वहां पे अलग-अलग सेक्शन
- 10:17:22फर्स्ट सेकंड थर्ड का बराबर 10थ वाले में
- 10:17:24रख दो जा के चुपचाप। अब आपको अगर एट्थ
- 10:17:27क्लास की आर एस अग्रवाल ढूंढनी है पहले
- 10:17:29मैथ सेक्शन में जाओ फिर एथ क्लास में जाओ
- 10:17:32फिर छोटी सी सेक्शन है और निकाल लो। ये
- 10:17:35बच्चे को समझाना कैसे है कि जो आपके जो
- 10:17:38आपका लर्निंग मेथड है जो आपका सीखना है
- 10:17:41मतलब मान लो वो काइनेस्टेटिक लर्नर है या
- 10:17:44कोई सा भी लर्नर है पहले लर्नर को छोड़ो।
- 10:17:46आपने कोई चीज याद करनी है। याद करने के
- 10:17:49लिए एक तरीका यह है कि भरते जाओ, ठूंसते
- 10:17:51जाओ दिमाग में सब कुछ जो आ रहा है। और
- 10:17:53दूसरा तरीका है कि उसको ऑर्गेनाइज्ड मैनर
- 10:17:56में रखो दिमाग में। अब ऑर्गनाइज्ड मैनर का
- 10:17:59क्या तरीका है? कि आपको पता हो वो दिमाग
- 10:18:01में कहां पड़ी है। कैसे? क्या आप अपनी
- 10:18:03जिंदगी में ऐसे किसी इंसान को जानते हो
- 10:18:06जिसके कान ऐसे हो। याद है? थोड़ा सा की
- 10:18:09तरफ निकले हुए हो। आमिर खान आ गया दिमाग
- 10:18:11में। अब अगर मान लो आप किसी आदमी से मिलो।
- 10:18:14उसका नाम हो सोहन और उसके कान आमिर खान के
- 10:18:18जैसे हो और नाम याद करने की दिक्कत हो
- 10:18:20आपको नाम याद ना होते हो तो कान आमिर खान
- 10:18:24और सोहन इन तीनों को कनेक्ट करके स्टोर कर
- 10:18:26दो अभी आप पता लगेगा अभी बताऊंगा मैं आपको
- 10:18:28स्टोर कर लिया यह नाम था सिर्फ एक चारप
- 10:18:31नाम करने हैं 40 नाम करने हैं इसके लिए
- 10:18:34थोड़ी प्रैक्टिस करनी होती है कि पहले आप
- 10:18:36तीन को याद कर सकते हो कि छह को याद कर
- 10:18:37सकते हो कि कितना याद कर सकते हो बट आप
- 10:18:40अगर पहले से एग्जिस्टिंग मेमोरी के साथ नई
- 10:18:44चीज को अटैच करोगे तो आपको याद लंबे टाइम
- 10:18:47तक होगा। ऐसे ही होता है। जब 10थ क्लास
- 10:18:49में कोई टॉपिक सिखाना होता है या ए्थ में
- 10:18:51टॉपिक सिखाना होता है तो सिक्स्थ में उसको
- 10:18:53इंट्रोड्यूस करा देते हैं ताकि जब एथ में
- 10:18:55आए तो इतना तो आप पहले पढ़ चुके हो। अब
- 10:18:58इतना उसके साथ अटैच करते हैं हमेशा जब भी
- 10:19:00बताते हैं। दैट इज द राइट वे टू लर्न मतलब
- 10:19:04टू मेमोराइज स्टोर करता है दिमाग के अंदर।
- 10:19:06अब ये अलग-अलग मेथड्स हैं। मान लो वो है
- 10:19:09विजुअलाइज विजुअल लर्नर। तो आप उसको एक
- 10:19:13कहानी की फॉर्म में समझा सकते हो। जब आप
- 10:19:15उसको कहानी की फॉर्म में समझाओगे ना तो वह
- 10:19:19उस तरह से समझाना पड़ेगा जैसे फिल्म चल
- 10:19:21रही है दिमाग में पिक्चराइजेशन से तरह।
- 10:19:24अगर आपका वो बच्चा है ऑडिटरी लर्नर तो तब
- 10:19:27आपको उसको डिस्कशन से बताना पड़ेगा। ऑडियो
- 10:19:30नहीं सिर्फ काम चलेगा। आपको डिस्कशन से और
- 10:19:33डिस्कशन में भी आपको थोड़ा ड्रामेटिक होना
- 10:19:37पड़ेगा। जो चीज आप उसको थोड़ा स्ट्रेस के
- 10:19:40साथ बताना चाहते हो उसके साथ ऐसे लगा दो
- 10:19:43जोर से एक बार हाथ एकदम वो चीज कभी नहीं
- 10:19:46भूलेगा जो आप में से ऑडिटरी लर्नर होगा ये
- 10:19:48वाली जो हरकत है इस वाली हरकत को वो कि
- 10:19:51कौन से वाली बात बताई थी इस हरकत के साथ
- 10:19:53उसको याद रहेगा ताली के साथ क्या बताया था
- 10:19:56चल मैं बताता हूं ऐसे के साथ एनी
- 10:19:58ड्रामेटिक पार्ट वो उस बात को कभी नहीं
- 10:20:01भूलेगा कि जहां वो साउंड थोड़ी साइज से
- 10:20:03बड़ी थी और आपको वो अनयुअल करनी पड़ेगी
- 10:20:06यूजुअल एक एक ही तरीके की साउंड है। जैसे
- 10:20:08रिकॉर्डिंग की क्या दिक्कत होती है? मान
- 10:20:11लो मैं अपनी रिकॉर्डिंग किसी को देता हूं
- 10:20:12ट्रेनिंग की और रिकॉर्डिंग पर्पस है कि
- 10:20:14मेरे को रिकॉर्ड करना है तो वो रिकॉर्डिंग
- 10:20:16बस एक फ्लो में चलेगी। तो वो बोरिंग हो
- 10:20:19सकती है। सामने है तो थोड़ा बहुत बंदा चल
- 10:20:21भी रहा है। थोड़ा ड्रामा भी कर रहा है।
- 10:20:23थोड़ा ये सब एक्टिविटी भी हो रही है। तो
- 10:20:24उससे थोड़ा सा याद रहता है। वो कनेक्ट हो
- 10:20:27जाती है। इतना डिस्टर्ब करते हो। मानते ही
- 10:20:29नहीं हो। ऐसे करके बोलोगे कौन सी वाली बात
- 10:20:31बता रहे थे तो पता लग जाएगा उस चीज के साथ
- 10:20:33कनेक्ट हो जाएगी। तो बात क्या है कि जब आप
- 10:20:37उसके साथ किसी इंसिडेंट को ऐसी इंसिडेंट
- 10:20:39को कनेक्ट कर दोगे विजुअल लर्नर को आपने
- 10:20:42किसी चीज को बताना थोड़ा अनयूजुअल सा कर
- 10:20:44लो अनयुअल सा कैसे भाई हाथी का साइज मालूम
- 10:20:47है कुत्ते का साइज मालूम है स्टोरी में
- 10:20:49बता रहे हो कुत्ते को कनेक्ट कर दो किसी
- 10:20:52एक चीज के साथ और हाथी को किसी एक चीज के
- 10:20:54साथ और बोलो कुत्ते ने ना हाथी की टांग
- 10:20:56अड़ा के ना हाथी को गिरा दिया विजुलाइस
- 10:20:58करो कितना फनी सा लगता है मत भूल के दिखाओ
- 10:21:00जिंदगी में अब कभी इस लाइन को बिकॉज़ साथ
- 10:21:03के साथ विजुलाइज कर लिया दिया कुत्ता आप
- 10:21:05जानते थे क्या साइज है कितना वजन है कितना
- 10:21:07कुछ है हाथी ऑलरेडी पता है आपको आपने उन
- 10:21:10दोनों को एक अलग स्टोरी में अलग तरह से
- 10:21:12फ्रेम किया नेचुरली क्या होना था कि उसके
- 10:21:14आसपास था तो उसने पैर रख दिया तो मर गया
- 10:21:16बट यहां पे क्या हो रहा है कि उसने उसको
- 10:21:18गिरा दिया फिर दांत तोड़ो टांग तोड़ो
- 10:21:20उल्टा करो वो आपके ऊपर आ गया आगे का
- 10:21:22प्रोसेस क्या करते हो एंड नाउ यू कैन
- 10:21:24इमेजिन कि इसके बाद तो यह कनेक्ट करने का
- 10:21:27एक तरीका है ऑलरेडी एक्ज़िस्टिंग मेमोरीज
- 10:21:30के साथ नई मेमोरी जब आप स्टोर करो यह
- 10:21:33स्टोरेज है तो यह जो मैं आपको बताया था
- 10:21:35न्यूरल नेटवर्क जो बना होता है वो न्यूरल
- 10:21:38नेटवर्क जब बनतेगा तो उस न्यूरल नेटवर्क
- 10:21:41की कॉपी ही हमारे हाथों की इन उंगलियों पे
- 10:21:43है जिसको हम स्टडी कर रहे हैं बेसिकली
- 10:21:46यहां वो कॉ जैसे कैसे होता है कि फॉर
- 10:21:49एग्जांपल आप देखते हो पूरा इंडिया आप भारत
- 10:21:51को यहां बैठे-बैठे नहीं देख सकते बट भारत
- 10:21:53का नक्शा अगर आपके हाथ में है तो वहां
- 10:21:56नीचे स्केल लिखा होता है कि 1 मिलीमीटर का
- 10:21:59मतलब 100 किलोमीटर तो वहां लगाओ अंदाजा 2
- 10:22:01मिलीमी अच्छा 200 किलोमीटर यहां का यहां
- 10:22:03का डिस्टेंस 1 मिनट में पता चल जाता है।
- 10:22:05वो स्केल है। बेसिकली दिस इज द स्केल ऑफ द
- 10:22:08न्यूरल नेटवर्क। यानी उस आदमी के बिहेवियर
- 10:22:11को उसके न्यूरल नेटवर्क को आपका स्केल जो
- 10:22:14यहां कुदरत ने दिया हुआ है ये अपन ने पकड़
- 10:22:16लिया। और इसको पकड़ के अपन ने एक
- 10:22:18कंसोलिडेट करके एक सिस्टम तैयार कर दिया।
- 10:22:20एंड नाउ वी कैन फाइंड आउट कि दिमाग कैसा
- 10:22:23बना हुआ है। न्यूरल नेटवर्क कैसा बना हुआ
- 10:22:25है। अब किसी बच्चे के अंदर वो न्यूरल
- 10:22:27नेटवर्क बनता ही नहीं। कैसे? कि भाई उस
- 10:22:30बंदे का यह आप इसको ऐसे समझ सकते हो कि यह
- 10:22:32गोला है। गोला मतलब यह आपका लोब है। ब्रेन
- 10:22:35लोब भाई देसी भाषा में समझा रहा हूं इसलिए
- 10:22:37कह रहा हूं। ब्रेन लोब है। इसमें ऐसे
- 10:22:39न्यूरल नेटवर्क वो आए न्यूरॉन्स और फिर जो
- 10:22:42जितने आए वो बंद हो गया। दूसरे वाले लोब
- 10:22:45में ऐसे 10 लोब में न्यूरल नेटवर्क आए और
- 10:22:47बंद हो गए। हम अगले सेशन में हो सकता है
- 10:22:51कि मैं आपको प्रोजेक्टर पे दिखाऊं कि
- 10:22:52दिमाग या फिर आप मुझे वो भेज दीजिएगा। अब
- 10:22:56आपके WhatsApp नंबर जिसके नहीं है वो मुझे
- 10:22:58आप WhatsApp कर दीजिएगा। अभी मैं वो शेयर
- 10:23:00कर दूंगा वीडियो जिसमें न्यूरल नेटवर्क
- 10:23:02बनने की पूरी प्रोसेस होती है कि जन्म से
- 10:23:05कंसीव करने से लेकर के और जन्म तक वो
- 10:23:08न्यूरल नेटवर्क किस तरह से बनते हैं वो
- 10:23:10पूरा डिटेल आपको एक-एक चीज मेडिकल उस
- 10:23:12फॉर्म में मिल जाएगी। मेडिकल तरीके से
- 10:23:14साइंटिफिकली जो प्रूव्ड है। तो वो न्यूरल
- 10:23:17नेटवर्क बनके और वो आपका लोब क्लोज हो
- 10:23:19जाता है। ऐसे करके ठीक है? तो आपके बच्चे
- 10:23:23की या किसी भी इंसान की उस लोब में
- 10:23:26प्रेजेंट न्यूरॉन्स उसकी उस जगह की
- 10:23:29कैपेसिटी मेमोरी इंटरेस्ट को डिसाइड करता
- 10:23:33है। अब आपको क्लियर पता लगा ना कैसे होता
- 10:23:35है ये सब कुछ। नॉट अ मतलब इट्स नॉट ए
- 10:23:37रॉकेट साइंस। बेसिकली दिस इज कॉल्ड न्यूरो
- 10:23:40साइंस। दिस इज़ न्यूरो साइंस। ये साइंस है।
- 10:23:42साइंटिफिकली प्रूव्ड है। सिर्फ उनको
- 10:23:45बिहेवियर के साथ और पूरे रिसर्च और
- 10:23:47एक्सपीरियंस के साथ कनेक्ट किया है हमने
- 10:23:49और कुछ नहीं किया। उसको कनेक्ट करने में
- 10:23:52कितने साल और कितने लोग शामिल थे वो अपना
- 10:23:55इशू ही नहीं है। अब अपने पास पूरे सामान
- 10:23:58का जूस पड़ा हुआ है। वो आपको दे रहा हूं
- 10:23:59निकाल कि ये इतना बस बिल्कुल जो आपके काम
- 10:24:02का है। जैसे-जैसे आगे चीजें आएंगी वो काम
- 10:24:04आ जाएंगे। अब क्या होता है कि वो न्यूरल
- 10:24:07नेटवर्क जो बन गया फिक्स हो गई एनर्जी तो
- 10:24:10वो आपका टीएसजी की फॉर्म में दिखता है कि
- 10:24:13इतने न्यूरॉन्स हैं अपने पास। क्लियर? एनी
- 10:24:16डाउट? अब क्या हुआ? जिसका न्यूरल नेटवर्क
- 10:24:20नहीं बना। मान लो तीन लोब में न्यूरल
- 10:24:23नेटवर्क नहीं बना। बना मतलब उसमें
- 10:24:27न्यूरॉन्स तो हैं लेकिन न्यूरॉन्स जाने के
- 10:24:30बाद वो जो लोब है वो क्लोज नहीं हुआ। वो
- 10:24:33अभी ओपन है। अब एक दूसरा लोब है उसमें भी
- 10:24:36ओपन है। तीसरा लोब है उसमें भी ओपन है।
- 10:24:39भाई जैसे घर में छह आदमी घुसा दिए एक कमरे
- 10:24:42में, इस कमरे में आठ आदमी और दरवाजा बाहर
- 10:24:44से बंद कर दिया। एक तो यह तरीका है। दूसरा
- 10:24:46तरीका है कि एक कमरे में छह हैं। एक में
- 10:24:48आठ है। दरवाजे खुले हैं। अब आठ वाले छह
- 10:24:51में जाओ, छह वाले आठ में जाओ। इट्स वेरी
- 10:24:53ईजी। तो वो जो न्यूरल नेटवर्क जिसके
- 10:24:55कनेक्शन नहीं बने थे उसमें उसको मैं कॉल
- 10:24:58कर रहा हूं ओपन एरिया कि उसका कुछ भी
- 10:25:01फिक्स नहीं है पता ही नहीं है। अब जिस जगह
- 10:25:04पे ओपन एरिया है, अगर वह ओपन एरिया नहीं
- 10:25:08होता, तो उस जगह पे उस आदमी की एनर्जी
- 10:25:11डिफाइंड होती कि इतनी है, कम है या ज्यादा
- 10:25:14है। जहां वो क्लोज नहीं हुआ, ओपन रह गया
- 10:25:18वहां हम उसकी एनर्जी को डिफाइन नहीं कर
- 10:25:20सकते। दूसरी जगह भी नहीं कर सकते। तो मान
- 10:25:23लो वो विजुअल इंटेलिजेंस में है ओपन
- 10:25:26एरिया। मान लो किसी भी इंटेलिजेंस में है
- 10:25:28ओपन एरिया। तो ओपन एरिया अगर वो वहां पता
- 10:25:31लग गया तो क्या होगा कि उस जगह एनर्जी का
- 10:25:34नहीं पता तो जैसे ही विजुअल इंटेलिजेंस से
- 10:25:37रिलेटेड कोई काम आएगा उस बच्चे का दूसरे
- 10:25:41लोब से न्यूरॉन्स वहां काम करने पहुंच
- 10:25:44जाएंगे और उस बच्चे की जो कैपेसिटी है
- 10:25:47लर्न करने की वो ड्रास्टिकली इंप्रूव हो
- 10:25:50जाएगी। पहले कुछ समझ नहीं आता था। चाल देख
- 10:25:53के पता भी नहीं चलता था कि यह खेल सकता
- 10:25:56है। खेलने के इसमें गुण है। बट जब खेलना
- 10:25:58शुरू किया तो कोच ने कहा इसने तो हफ्ते भर
- 10:26:00में ही इतना सीख लिया जितने दो महीने में
- 10:26:02सीखता है बंदा। म्यूजिक कभी आता नहीं था।
- 10:26:05कभी सीखा नहीं था। म्यूजिक क्लास में गया
- 10:26:07तो म्यूजिक के टीचर ने बोला कि इसने तो
- 10:26:09चार ही दिन में इतना कर दिया जो एक महीने
- 10:26:11का बच्चा नहीं कर सकता। मतलब एक महीने में
- 10:26:13भी नहीं कर सकता। इसी तरह से आर्ट क्लास
- 10:26:16में गया। टीचर ने कहा तो मैंने तो सिखाया
- 10:26:19कुछ और था। या तो इससे आगे भी कर लेता है।
- 10:26:21मतलब जो भी काम करने गया उसका क्योंकि
- 10:26:25उसके सपोर्ट में दूसरे नेटवर्क दूसरे
- 10:26:27न्यूरॉन्स आ गए तो उसका एनर्जी लेवल एकदम
- 10:26:30अप एकदम जाएगा। यानी वो हर चीज को
- 10:26:33परफेक्शन से करेगा। परफेक्शन इन द सेंस
- 10:26:36बहुत इंटरेस्ट से करेगा। बहुत परफॉर्मेंस
- 10:26:40के साथ करेगा। परफेक्शन की जगह मैंने
- 10:26:42परफेक्शन वर्ड गलत इस्तेमाल किया। इसमें
- 10:26:45क्या बोलना था? परफॉर्मेंस यूज़ करना था।
- 10:26:48मतलब उसकी परफॉर्मेंस जो थी वह बहुत हाई
- 10:26:50होगी वहां पे। ठीक है? अब यह कुछ भी करे
- 10:26:53सभी इतना मस्त करता है। उस बच्चे के आप
- 10:26:56क्लास में नंबर देखो 10 आउट ऑफ 10 सिंगिंग
- 10:26:59कंपटीशन में गाना इतना अच्छा गाता है।
- 10:27:02डांस इतना अच्छा करता है। आर्ट इतनी अच्छी
- 10:27:05है। खेलने में भी बढ़िया है। एकदम मस्त
- 10:27:08सारे ही काम अल्टीमेट करता है। लेकिन
- 10:27:10प्रॉब्लम क्या है? कि जब वो एक काम कर रहा
- 10:27:12होता है तो वह अंदर के न्यूरॉन्स कह रहे
- 10:27:14होते हैं यह भी कर सकता है। तू इससे
- 10:27:15बढ़िया। फिर वो कहता है मैं यह नहीं
- 10:27:16करूंगा। अब मैं यह करूंगा। उसका बस
- 10:27:18इंटरेस्ट नहीं टिक पा रहा एक जगह पे। नंबर
- 10:27:21तो खूब आ रहे हैं। इसलिए वो बच्चा फिर
- 10:27:23क्या कहता है? बस टीचर तो मुझे बनना नहीं।
- 10:27:26बस ये तो मुझे करना नहीं। करना क्या है?
- 10:27:29पता नहीं कुछ बड़ा सा करूंगा। कुछ इतना
- 10:27:31बड़ा करेंगे। मतलब वो उसको अभी भी नहीं
- 10:27:33विजुअलाइज कर पा रहा। क्योंकि उसे लग रहा
- 10:27:35है मैं सब कुछ कर सकता हूं। समझ रहे हैं?
- 10:27:36कौन सा बच्चा है ये? कौन सा? कौन सा बच्चा
- 10:27:39है? अगर पर्सनालिटी की बात करूं तो
- 10:27:40फ्लैशी। आमतौर पे ये फ्लैशी या लिसनर में
- 10:27:43ही पाए जाते हैं ओपन एरियाज। और जो फ्लैशी
- 10:27:46बच्चा होगा उसकी परफॉर्मेंस हर जगह
- 10:27:49अल्टीमेट होगी तो मां-बाप को लगता है कि
- 10:27:51यह पढ़ेगा मस्त। बट पढ़ाई उसका सबसे आखिरी
- 10:27:54एरिया होता है। उसका सबसे फेवरेट डायलॉग
- 10:27:56बताऊं क्या होता है कि पढ़ा लो जितना
- 10:27:58मर्जी बस पेपर नहीं होने चाहिए। होता है
- 10:28:00ना ऐसे? पेपरों से नफरत नहीं करता। लेकिन
- 10:28:02वो पेपर मतलब पेपर उसको पसंद नहीं है।
- 10:28:05पढ़ाने से कोई दिक्कत नहीं है। ठीक है?
- 10:28:07समझ आ रहा है पॉइंट कि अब आपको यह मालूम
- 10:28:10पड़ गया कि उसकी वह परफॉर्मेंस हर जगह
- 10:28:13इतनी टॉप की है और यही बच्चे हैं जो 10
- 10:28:16आउट ऑफ 10 लेते हैं। यही बच्चे हैं जो अबव
- 10:28:1890 स्कोर करते हैं। एंड इसीलिए मैं कहता
- 10:28:21हूं कि 90 अबव स्कोर करने वाला बच्चा
- 10:28:23पढ़ने के लिए नहीं बना। बिकॉज़ उसने इतनी
- 10:28:25ढेर सारी चीजें करने के लिए बना है वो। ही
- 10:28:28इज़ अ नेचुरल एक्टर। बेसिकली वो एक्टिंग के
- 10:28:31लिए हर चीज करने के लिए कि सुबह से
- 10:28:33इंस्पेक्टर शाम को जज अगले दिन खिलाड़ी की
- 10:28:36ड्रेस में सब कुछ बनना है उसे सब कुछ बनने
- 10:28:39के लिए सब कुछ सीखना पड़ता है तो उसको सब
- 10:28:41कुछ सिखाओ और फिर वो सब कुछ सीखने के बाद
- 10:28:44उन सबसे रिलेटेड कोई ना कोई काम अपने आप
- 10:28:46कर लेगा बड़ा हो के लेकिन पढ़ाई से
- 10:28:48रिलेटेड अगर उससे काम करवा दिया तो जिंदगी
- 10:28:51हो गई खराब कंफर्म और हमारे यहां नौकरी भी
- 10:28:53उसी को मिलती है जबकि वह नौकरी के लिए
- 10:28:55नहीं बना जिसके नंबर ज्यादा आते हैं।
- 10:28:57एडमिशंस भी पीएमटी में उसी को होते हैं
- 10:28:59जबकि वो डॉक्टर बनने के लिए नहीं बना। वो
- 10:29:00तो ड्रामे करने के लिए बना है यार। ऑलरेडी
- 10:29:03करता है सुबह से ले शाम तक देखते भी हो
- 10:29:06उसको। काहे को उसकी ओरिजिनल नेचर से उसको
- 10:29:08कहीं और लेके जाते हो। और ऐसे केसेस आएंगे
- 10:29:10मैं आपको दिखाऊंगा। मैं आमतौर पे जो
- 10:29:12पर्सनल वन टू वन जब थोड़ा सोलेस में जाकर
- 10:29:15के हम ट्रेनिंग करते हैं। वहां मैं ऐसे
- 10:29:17रिकॉर्डिंग सुनाता हूं उन बच्चों की जिन
- 10:29:19जो फ्लैशी थे ओपन एरियाज थे। 10 आउट ऑफ 10
- 10:29:23स्कोर करते थे। 10थ के बाद मेरे पास
- 10:29:25काउंसलिंग के लिए आए। मैंने कहा यह बच्चा
- 10:29:27पढ़ने के लिए नहीं बना। मां-बाप को समझ
- 10:29:29में नहीं आया। पीएमटी की तैयारी करवाई।
- 10:29:32पीएमटी में दाखिला हुआ। बीएएमबीबीएस में
- 10:29:34दाखिला कर लिया और दाखिले के बाद उस बच्चे
- 10:29:37ने अपने कॉलेज से मेरे को फोन किया। सर
- 10:29:39मैं आई एम गोइंग टू कमिट सुसाइड। मुझे
- 10:29:41नहीं दम घुटता है यहां पे। नहीं अच्छा
- 10:29:43लगता। मैं कैसे उड़ूं? मेरे पंख में सब
- 10:29:46जाम हो गए हैं। मेरे को नहीं अच्छा लगता
- 10:29:49क्या करूं? मैंने कहा तेरी बीमारी यही है।
- 10:29:50तेरे को जब कहा था तब तो माना नहीं तूने।
- 10:29:53अब भुगत सर मैं कैसे करूं? फिर दो चार
- 10:29:56आईडिया बताया ऐसे करके थोड़े दिन का करके
- 10:29:58साहब मैं हैप्पी हूं यहां पे मतलब लाइक
- 10:30:01दैट समझ रहे हैं आप फिर कुछ और फिर लगता
- 10:30:03है मां-बाप को लगता है ठीक तो चल रहा है
- 10:30:05सब कुछ तो वो उस लेवल पे नहीं समझ पाते तो
- 10:30:07ये जो ओपन एरिया है इसका क्लियर मतलब क्या
- 10:30:10समझ में आया कि उस पर्टिकुलर फील्ड में उस
- 10:30:14बच्चे का पोटेंशियल अनलिमिटेड है
- 10:30:18डिपेंडिंग अपॉन दी एक्सपोज़र एक्सपोज़र नहीं
- 10:30:21होगा उस बच्चे को कभी पता नहीं चलेगा कि
- 10:30:23मेरे में ये टैलेंट है और अगर अगर
- 10:30:25एक्सपोज़र हो जाएगा तो बच्चा कहेगा मेरे से
- 10:30:27बढ़िया इस काम को कोई नहीं कर सकता। सिंपल
- 10:30:29वेरी सिंपल एवरीथिंग डिपेंड्स अपॉन
- 10:30:32एक्सपोज़र उस बच्चे का जिसके पास ओपन
- 10:30:34एरियाज हो और जिसमें ओपन एरिया हो वहां पे
- 10:30:37क्योंकि कोई सिस्टम नहीं है उसके न्यूरल
- 10:30:40नेटवर्क को दिखाने का तो इसीलिए हम उसका
- 10:30:42स्कोर गेन जो है स्कोर रिच काउंट नहीं
- 10:30:44काउंट कर सकते। इसीलिए उसमें फिर जीरो
- 10:30:46देते हैं। इसलिए फिर वो कम रह जाता है
- 10:30:48स्कोर। इसीलिए 60 बिलो रहता है। यानी के
- 10:30:52दो तरह के अलग से गिफ्टेड बच्चे आए। हमने
- 10:30:55कहा हर एक बच्चा यूनिक है और गिफ्टेड है।
- 10:30:57उसमें कोई कमी नहीं है। इस लाइन को हमेशा
- 10:30:59याद रखिएगा। दूसरा थोड़े से और स्पेशल
- 10:31:02गिफ्टेड हैं। पहला जो 60 बिलो है जो हर
- 10:31:06काम के लिए मस्त है। कुछ नहीं कराओगे तो
- 10:31:09भी वेला भी खुश। सब कुछ कराओगे तो 24 घंटे
- 10:31:12काम करके भी खुश। उसको कोई प्रॉब्लम नहीं।
- 10:31:15शिकायतें करने की आदत है। वह सारा दिन लगा
- 10:31:17रहेगा। कभी कोई किसी को ढूंढ लेगा मेरी
- 10:31:20मैडम ऐसे करती है। मेरी कोलीग ऐसे करती
- 10:31:21है। मेरा सर ऐसे करता है। मेरी
- 10:31:23कोऑर्डिनेटर ऐसे करती है। घर जाकर मेरी
- 10:31:25सास ऐसे करती है। वो मतलब वो उसमें ढूंढ
- 10:31:28लेगा। छोटा बच्चा है तो मेरी क्लासमेट ऐसे
- 10:31:30करती है। उसने मेरे को ये नहीं किया।
- 10:31:32मैंने तो उसको इतना दिया था। मैं मेरे को
- 10:31:33इतनी पेंसिल मेरी तो हर बार पेंसिल ले
- 10:31:35लेती है। मेरे को कुछ नहीं देती है। मैं
- 10:31:36जब मांगू तो मेरी जरूरत ऐसे वो लगा रहेगा।
- 10:31:39उसका कोई काम नहीं है। उसे वो चलता रहेगा
- 10:31:43उसका। तो एक पॉइंट तो ये था जहां पर वो
- 10:31:46बेसिकली कि उसका हर काम में पोटेंशियल
- 10:31:49अनलिमिटेड है और वो उसके एक्सपोज़र के ऊपर
- 10:31:53डिपेंड करता है और दूसरा गिफ्टेड वो था जो
- 10:31:56बहुत ज्यादा हाई एनर्जेटिक है उसको आप
- 10:31:59सिर्फ हाईली हाईली कामों में एंगेज करके
- 10:32:02ही खुश रख सकते हो। यह दो अलग तरह के
- 10:32:05बच्चे थे जो टोटल स्कोर के ऊपर आए थे। तो
- 10:32:08शुरू से लेके आखिर तक का बच्चा समझ आ गया।
- 10:32:10अगर आपके पास रिपोर्ट पड़ी हो तो आपको
- 10:32:12मालूम पड़ जाएगा कितना काम कराना है,
- 10:32:14किस-किस तरह का काम कराना है एंड कैसे
- 10:32:17जाना है। ऐसे ही दूसरी चीजें भी आएंगी। अब
- 10:32:19आने वाले टाइम में आपको पूरी रिपोर्ट
- 10:32:21देंगे। थोड़ा सा चाय का ब्रेक ले लेते हैं
- 10:32:23तब तक है ना? और वो रिपोर्ट जब आपके पास
- 10:32:26पहुंच जाएगी एक-एक बच्चे की तो उस रिपोर्ट
- 10:32:29को देखना उसको देखना कि आपको क्या समझ आया
- 10:32:32और तब हम उसको एक्सप्लेन करते हैं और फिर
- 10:32:34आपको थोड़ा बहुत आईडिया आना शुरू होगा कि
- 10:32:36आपकी क्लास में खड़े बच्चे को आप कैसे
- 10:32:38समझोगे और कैसे उसको एक्सप्लेन करोगे एंड
- 10:32:41व्हाट शुड नेक्स्ट टू बी सजेस्टेड टू हिज
- 10:32:44पेरेंट्स। क्लियर? थैंक यू वेरी मच। देखो,
- 10:32:47तरीका बता रहा हूं आपको कि इसको कैसे आप
- 10:32:50इंटरप्रेट करेंगे। अभी यह आपके पास आधी
- 10:32:53रिपोर्ट है। आधी भी नहीं है। मतलब जस्ट यह
- 10:32:56पॉइंट है कि किन-किन चीजों को आपने देखना
- 10:32:58है जब उसकी रिपोर्ट आपके सामने हो। फिर इन
- 10:33:01चीजों के एक्सप्लनेटरी पेजेस भी हैं। वो
- 10:33:04भी आपको रिपोर्ट में मिलेंगे। टोटल 32 पेज
- 10:33:06की रिपोर्ट आएगी एक बच्चे की 32 पेजेस की।
- 10:33:09इस 32 पेजेस की रिपोर्ट में एक-एक चीज
- 10:33:11एक्सप्लेंड होगी। वैसे तो आप किस चीज तक
- 10:33:14पहुंचते हैं? कितना पहुंच पाते हैं? यह
- 10:33:17डिपेंड करेगा आपके प्रीवियस नॉलेज प्लस
- 10:33:20आपका इंटरेस्ट आपने कितना दिखाया था शुरू
- 10:33:23में क्योंकि बिगिनिंग में थोड़ी सी
- 10:33:25कंफ्यूजन और थोड़ा सा नेगेटिविटी आपके
- 10:33:27दिमाग में आने लगी थी कि पता नहीं क्या
- 10:33:28कराएंगे आखिर तक आखिर तक आते-आते वो सारे
- 10:33:31खत्म हो चुका है। लेकिन जो आदमी ने उस जिस
- 10:33:34पर्सन ने जिस टीचर ने उस वक्त इंटरेस्ट
- 10:33:37नहीं शो किया था वो आज अभी वहीं खड़ा है।
- 10:33:40यह देख लीजिए। इसीलिए पहले मैंने तीन-चार
- 10:33:43घंटे शुरुआत के इसी बात पे लगाए थे कि
- 10:33:45डाउट मत करिएगा। यकीन मान के एक बार शुरू
- 10:33:48करिएगा आखिर तक पहुंचते-पहुंचते सब समझ
- 10:33:51आना शुरू हो जाएगा। क्योंकि पहले दिन मैं
- 10:33:53पहले झटके में नहीं बता सकता। मेरे पास
- 10:33:55इतना ही ऐसे ही यही फ्लो हो सकता है मुझे
- 10:33:57लगता है। इससे अच्छा फ्लो कोई बता पाएगा
- 10:33:59तो आने वाले टाइम में मैं सीख लूंगा।
- 10:34:02लेकिन शुरू में क्योंकि चीजें बहुत ज्यादा
- 10:34:04हो जाती हैं तो ऐसा लगता है जैसे कहीं
- 10:34:06हमारी पिछली जिंदगी के साथ कंफ्यूजन तो
- 10:34:09नहीं हो जाएगा जो हमने सीखा हुआ है आज तक
- 10:34:11ऐसा फील होता है शुरू में यह लगता है टीचर
- 10:34:13को स्पेशली कि एक नई चीज और आ गई तो बर्डन
- 10:34:16तो नहीं आ जाएगा काम के ऊपर तो इसलिए वो
- 10:34:18थोड़ा सा मतलब अंदर से यह होता है कि यार
- 10:34:21ना ही करे तो ठीक है। फिर ऊपर से लिसनर
- 10:34:24पर्सनालिटी जितनी होंगी उन सारियों के
- 10:34:26दिमाग में तो इतने सवाल आ गए होंगे सारी
- 10:34:28लिसनर्स के दिमाग में कि वो यह सोचेगा कि
- 10:34:31यार ये एक नया पंगा चेंज को इतना आसानी से
- 10:34:34एक्सेप्टेंस नहीं आएगी और वो इतने सारी जो
- 10:34:38कि पहले जो मेथड चल रहा है यार ऐसे कैसे
- 10:34:40चेंज होएगा यह तो यहां के छोड़ो पॉलिसी
- 10:34:43चेंज कराओ सीधा हमारे वो मतलब स्कूल में
- 10:34:45नहीं कुछ बदलना हमने ऊपर पॉलिसी पे ही चले
- 10:34:48जाएंगे वह तो वह किसी और को कहेंगे कि
- 10:34:51उसको कहो बदलने को आप नहीं बदलते
- 10:34:53अपन ऐसे ही रहते हैं और जो करने को बोलोगे
- 10:34:55वह कर देंगे। सीधी-सीधी बात समझने वाला
- 10:34:57काम अपने बस की बात नहीं। काम बताओ क्या
- 10:34:59करना है? वह सीधा एक लाइनर वन लाइनर
- 10:35:01स्यूशन चाहते हैं। तो वो भी हमने नहीं
- 10:35:03दिया। वो इसलिए नहीं दिया वन लाइनर स्यूशन
- 10:35:06आप दे ही नहीं सकते। जिस मोमेंट में यह
- 10:35:09कहता हूं कि हर बच्चा यूनिक होता है। जिस
- 10:35:12मोमेंट में यह कहता बताता हूं आपको कि
- 10:35:15आपका एक भी बच्चा दूसरे से इक्वल नहीं है।
- 10:35:18बराबर नहीं है तो ऑब्वियसली एक की बात
- 10:35:20दूसरे पर लागू हो ही नहीं सकती। हां सेम
- 10:35:24पैटर्न कहीं नजर आता है तो उसका मतलब और
- 10:35:28फिर उनको एक जगह पर लेकर आना वो हो सकता
- 10:35:31है। तो पहले अलग-अलग चीजों को समझिए। जहां
- 10:35:34जो चीज ज्यादा का मतलब है, जहां जो चीज कम
- 10:35:36का मतलब है, उसका इस्तेमाल कीजिए। एंड
- 10:35:39आपको चीजें फिर धीरे-धीरे उन सारी स्टोरीज
- 10:35:42को जैसे एक पजल वो होती है, एक पजल बॉक्स
- 10:35:46होता है या उसके टुकड़े होते हैं। उसको जब
- 10:35:49हम हां वो कौन से पीसेस कह रही है मैडम?
- 10:35:51वो वाले पीसेस नाम नहीं लेना आता मेरे को
- 10:35:54थोड़ा सा। तो वो वाले पीसेस जो जब हम
- 10:35:56इकट्ठे करते हैं तो वह एक साथ फिर तस्वीर
- 10:35:59थोड़ी क्लियर होनी शुरू होती है। तो मैंने
- 10:36:02वह वाले पीसेस अलग-अलग फेंके हुए थे और
- 10:36:04फिर उनको मैंने एक-एक करके बताया कि इसमें
- 10:36:07क्या-क्या एक्सप्लेन किया हुआ है। अब आपको
- 10:36:09वो तस्वीर इकट्ठी करनी है। बस इस रिपोर्ट
- 10:36:12के माध्यम से। जो चीज ज्यादा है उसको
- 10:36:15ज्यादा के कॉन्टेक्स्ट में समझो। जो चीज
- 10:36:17कम है उसको कम के कॉन्टेक्स्ट में समझो।
- 10:36:19मैंने हर चीज का कम का भी मतलब बताया हुआ
- 10:36:22है और ज्यादा का मतलब भी बताया हुआ है। है
- 10:36:25ना? अब कम किसको कहेंगे, ज्यादा किसको? यह
- 10:36:28पहला सवाल है। है ना? मतलब कम किसको
- 10:36:30कहेंगे और ज्यादा किसको कहेंगे? इसके लिए
- 10:36:33आपको जाना पड़ेगा एवरेज पे। ठीक है? अब
- 10:36:36यहां दो एवरेजेस बनेंगी। पहली एवरेज जो
- 10:36:40नंबर के आधार पर है और दूसरी एवरेज जो दिख
- 10:36:44रहा है उसके आधार पर है। हम सबसे पहले इस
- 10:36:47एवरेज को काउंट करते हैं मल्टीपल
- 10:36:49इंटेलिजेंस में जो बीच में आठ हैं यह नजर
- 10:36:52आ रही है। पहले हम इस पे जाते हैं। अगर हम
- 10:36:54नंबर देखें तो पूरे दिमाग को आठ जगह
- 10:36:57डिवाइड कर दिया। 100 को आठ जगह डिवाइड
- 10:37:00करोगे 12.5 एवरेज आएगा। यानी कि हम यह कह
- 10:37:04सकते हैं कि जो 12 1/2 से ज्यादा है वह
- 10:37:06एवरेज से ज्यादा है। जो 12 1/2 से कम है
- 10:37:09वह कम है। ज्यादा का मतलब समझ आया 12.5 से
- 10:37:13ज्यादा का मतलब ज्यादा और 12.5 से कम का
- 10:37:16मतलब कम। अब अगर किसी का 12.5 हुआ तो किसी
- 10:37:19का 12.4 हुआ तो किसी का 12.6 हुआ तो 564
- 10:37:24आगे पीछे हुआ तो इन दैट केस आपको करना
- 10:37:27पड़ेगा। फिर एज अ होल देखना पड़ेगा कि आठ
- 10:37:30इंटेलिजेंस हैं। टॉप की चार कौन सी हैं और
- 10:37:33नीचे की चार कौन सी हैं। वह एवरेज पता लग
- 10:37:35जाएंगी। क्यों जी? टॉप की चार पता लग गई
- 10:37:38और नीचे की चार पता लग गई। अब बच्चे का
- 10:37:41बिहेवियर जब भी शो होगा वो आपका एक्सट्रीम
- 10:37:45पोजीशन वाला शो होगा। यानी के जो आपकी
- 10:37:48इंटेलिजेंस सबसे ज्यादा है वो वाला
- 10:37:51बिहेवियर नजर आएगा और जो सबसे कम है वो यह
- 10:37:55दो बिहेवियर सबसे ज्यादा विज़िबल होंगे।
- 10:37:57बाकी के बिहेवियर इंटर मिक्सिंग हो सकते
- 10:37:59हैं क्योंकि वह लगभग लगभग बराबर अगर होते
- 10:38:01हैं तो सेम भी लगभग बराबर हो या बराबर हो
- 10:38:04मतलब कितना ही भी हो सकता है ना उस नंबर
- 10:38:06पे तो हम जा ही नहीं रहे अगर बराबर हैं या
- 10:38:08लगभग बराबर है जैसा भी पॉइंट है तो उस केस
- 10:38:11में आपको यह पता होगा कि ये इक्वल का क्या
- 10:38:14मतलब है और ज्यादा का क्या मतलब है और कम
- 10:38:17का क्या मतलब है। उसके लिए आपको फिर से वो
- 10:38:20जो टेप अपनी चली है वो रिकॉर्ड रिकॉर्डेड
- 10:38:23पार्ट है उसको फिर देखना पड़ेगा। सेकंड
- 10:38:25पार्ट। अब इसको अगर आप समझना चाहते हो तो
- 10:38:28जो लोएस्ट है वह वाला पार्ट और जो हाईएस्ट
- 10:38:30है वह वाला पार्ट। इसको देखो आप। देखिए
- 10:38:33हाईएस्ट काइनेस्टेटिक इंटेलिजेंस है और
- 10:38:36लिंग्विस्टिक इंटेलिजेंस है और इंटरपर्सनल
- 10:38:38इंटेलिजेंस है। तीन और चौथे नंबर पे
- 10:38:41इंट्रा है ना? और लोएस्ट पार्ट विजुअल का
- 10:38:43और काइनेस्टेटिक का। अब देखो इनके घर में
- 10:38:46किन-किन बातों के ऊपर झगड़े हो सकते हैं?
- 10:38:48विजुअल और नेचुरलिस्टिक लोएस्ट बोला है।
- 10:38:50बाकी के दोनों इनसे थोड़ा ऊपर है। वह
- 10:38:52लोएस्ट वाले में जो बच गए, ऑब्वियसली वह
- 10:38:54चार ही चार ही बचे हैं ना? चार तो ऊपर
- 10:38:55वाले लिख दिए थे। बोल दिए थे हमने। तो,
- 10:38:58नीचे दो तो जो नोवेस्ट बोले थे ना वह दो।
- 10:39:00उनका मतलब बता रहा हूं अब मैं कि वह उनके
- 10:39:02घर में झगड़ा किन-किन बातों पे हो सकता
- 10:39:04है। अगर वह हस्बैंड वाइफ है तो अगर वह यह
- 10:39:07बच्चा वाइफ का यह वाइफ की रिपोर्ट है तो।
- 10:39:10अगर यह हस्बैंड की है तो। अगर यह बाप की
- 10:39:12है तो और यह बच्चे की है तो लड़की की है
- 10:39:14तो लड़के की है तो। अमीर फैमिली की है तो,
- 10:39:17गरीब की है तो, मिडिल क्लास की है तो,
- 10:39:19सर्विस क्लास की है तो, बिजनेस फैमिली की
- 10:39:21है तो, दुकानदार की है तो सबका अलग-अलग
- 10:39:22होगा ना घरों का माहौल। इसका मतलब आपको
- 10:39:25साथ के साथ यह ओरिजिनल नेचर प्लस उस घर का
- 10:39:28माहौल वो दोनों के दोनों एकदम तस्वीर
- 10:39:31देखना पड़ेगा सामने। है ना? अगर पापा
- 10:39:34पंडित जी हैं सुबह उठकर 5:00 बजे मंदिर
- 10:39:36जाते हैं और सोचते हैं कि सुबह उठकर जो
- 10:39:38काम करते हैं फ्रेश ब्रह्म मुहूर्त में
- 10:39:40मेहनत करेंगे यह होगा और एफिशिएंट
- 10:39:42पर्सनालिटी है और यह औलाद उसके घर में
- 10:39:45पैदा हो जाए लो नेचुरलिस्टिक इंटेलिजेंस
- 10:39:47है अगला 10:00 बजे 12:00 बजे उठने का
- 10:39:50शौकीन है तो घर में हो गया क्लेश उनके घर
- 10:39:52में सबसे बड़ा क्लेश उसका लेट उठना ही है
- 10:39:54बस सुबह ही रोने लग जाता है और इसका भी एक
- 10:39:57पर्सनालिटी एफिशिएंट है यह भी देख लेता है
- 10:40:00कि यार बापू ने रोज परेशान कर दिया इससे
- 10:40:02अच्छा तो तो ये घर से छोड़ के भाग ही
- 10:40:03जाऊं। मतलब उसने रोज बोलना है क्योंकि वो
- 10:40:05रोज ब्रह्म मुहूर्त में उठ रहा है और यह
- 10:40:07रोज 11:00 बजे उठ रहा है और यह मतलब रोज
- 10:40:10ताना दिया जाएगा। रोज बोला जाएगा क्योंकि
- 10:40:13बाप को पता ही नहीं कि वो रोज 12:00 बजे
- 10:40:15क्यों होता है। वो कहेगा ये क्या तरीका है
- 10:40:17कि रात को 3:00 बजे तक नहीं सोते हो और
- 10:40:19सुबह-सुबह उठ के तो 12:00 बजे जितना ये
- 10:40:21कोई टाइम है उठने का। उनको लगता है उनकी
- 10:40:23जिंदगी में बच्चा क्योंकि इसका लॉजिकल भी
- 10:40:26बहुत ज्यादा हाई तो नहीं है लेकिन ठीक है
- 10:40:28लेकिन वह लिसनर पर्सनालिटी की वजह से
- 10:40:30धक्का स्टार्ट बच्चा है एक पर्सनालिटी
- 10:40:32लिसनर भी है इंट्रा वाली खुद वाली तो वो
- 10:40:35बिना पुश के नहीं चल रहा है तो पापा को यह
- 10:40:37लगेगा कि यह सुबह नहीं उठता ना इसलिए
- 10:40:40दिमाग फ्रेश नहीं होता इसलिए नहीं करेगा
- 10:40:42दूसरा विजुअल इंटेलिजेंस लो है विजुअल लो
- 10:40:46है और ऊपर लर्निंग मेथड भी लो है विजुअल
- 10:40:49और हाई काइनेस्टेटिक है जिसका विजुअल लॉ
- 10:40:52है। उस बच्चे को कभी किताबों से याद नहीं
- 10:40:55होएगा। अब अगर किताब से याद नहीं होएगा तो
- 10:40:58अगले को पढ़ने का शौक ही नहीं है। तो अगर
- 10:41:00किसी फोटो स्टेट करा लाएगा किसी के नोट्स
- 10:41:02जिसमें से आप में से जिसका विजुअल लो है
- 10:41:05और 11वीं में किसी के नॉन मेडिकल के नोट्स
- 10:41:07करा के लाए थे वो आज भी रखे होंगे संदूक
- 10:41:10में और कभी पढूंगा। वो कभी आज तक नहीं आई
- 10:41:12होगी। क्योंकि वो उसको नहीं इंटरेस्टेड है
- 10:41:14किसी और के लिखे हुए में। किसी किताब से
- 10:41:17उसको याद नहीं होगा। किसी और के नोट्स से
- 10:41:19याद नहीं होगा। टीचर वो जो पहले कार्बन
- 10:41:22कॉपी दिया करते थे वो किसी काम के नहीं
- 10:41:24क्योंकि काइनेस्टेटिक इंटेलिजेंस हाई है
- 10:41:27और काइनेस्टेटिक लर्निंग मेथड हाईएस्ट है
- 10:41:30इसलिए सिर्फ और सिर्फ अपने किए हुए से ही
- 10:41:33याद होगा। आ रहा है क्लियर चीजें तस्वीर
- 10:41:35है ना? अगर इसके अलग कोई और तरीका अपना
- 10:41:38रहे हैं मां-बाप तो अब आपको समझ में आ
- 10:41:40जाएगा कंफ्लिक्ट कहां से आ रहा है। ना उस
- 10:41:43बच्चे को पता वह क्यों आ रहा है ना उस
- 10:41:45मां-बाप को पता कि वो क्यों आ रहा है। पर
- 10:41:48आपको मालूम है कि वो कहां से आ रहा है।
- 10:41:49दूसरा विजुअल लॉ होने की वजह से अगर
- 10:41:52स्मार्ट क्लास से आप पढ़ा रहे हो उसको
- 10:41:55उसके किसी काम का नहीं। स्मार्ट क्लास
- 10:41:57किसी काम का नहीं। इससे अच्छा स्मार्ट
- 10:41:59क्लास के टाइम पे उसको खेलने को भेज दो।
- 10:42:02वो आपको बहुत प्यार करेगा। कि बढ़िया है।
- 10:42:04वो स्मार्ट क्लास से पीछा छुड़ा के मेरे को
- 10:42:06ग्राउंड में भेज। मैडम बहुत अच्छी है।
- 10:42:07मैडम इतने में अच्छी हो जाएगी बस बिकॉज़ शी
- 10:42:09अंडरस्टैंड्स हिम। और धक्के से बिठाओगे ना
- 10:42:11उसको। काइनेस्टेटिक है। आपकी क्लास में
- 10:42:14दूसरी, तीसरी, पहली, नर्सरी, यूकेजी,
- 10:42:16एलकेजी में ऐसे बच्चे हैं जिनको आप
- 10:42:18स्मार्ट क्लास में बिठाते हो लेकिन वो
- 10:42:20पीछे खेल रहे होते हैं। उनका मतलब ही नहीं
- 10:42:22वो बैठ जाए आगे। वो नहीं इंटरेस्टेड है।
- 10:42:240% इंटरेस्ट इज देयर। तो, उनको जबरदस्ती
- 10:42:28उस कमरे में बंद करना मतलब कैदखाना बनाना।
- 10:42:31वह बच्चा आपसे कभी कनेक्ट हो ही नहीं
- 10:42:33पाएगा। इससे अच्छा तो उस क्लास रूम में
- 10:42:36पिछली साइड में स्लाइडिंग वो लगा दो कि
- 10:42:38तुम्हारे लिए यह है। तुम चढ़ो उतरो चढ़ो
- 10:42:39उतरो। तुम इसी पे लगे रहो। टेंशन खत्म।
- 10:42:41क्योंकि वो वहां से नहीं सीख सकते। आएगा
- 10:42:43ही नहीं समझ उनको। तो टेंशन काहे की? खत्म
- 10:42:45हो गई ना आपकी टेंशन कि इन्होंने नहीं
- 10:42:47बैठना। अगर आप जबरदस्ती व्हाट आर यू डूइंग
- 10:42:50देयर? शीट इट सी प्रॉपर्ली। समझो कि आपने
- 10:42:52अपना कनेक्शन तोड़ दिया। खत्म। वो आपसे
- 10:42:55कभी प्यार नहीं कर सकता। वो आपकी कभी
- 10:42:57इज्जत नहीं कर सकता। बिकॉज़ यू आर नॉट
- 10:42:59पेइंग हिम एनी क्या रिस्पेक्ट या इंटरेस्ट
- 10:43:02रिस्पेक्ट हाउ मतलब कोई मेरे को नहीं लगता
- 10:43:05जब आप बिकॉज़ यू आर अ प्रॉब्लम सॉल्व एज अ
- 10:43:08टीचर यू आर अ प्रॉब्लम सॉल्व इफ यू विल
- 10:43:10स्टिल बी अ पार्ट ऑफ़ प्रॉब्लम देन यू शुड
- 10:43:12क्विट दिस जॉब पता लगने के बाद अगर अभी भी
- 10:43:15प्रॉब्लम है ढूंढिए सशन टीचर को बोलिए
- 10:43:18डॉक्टर साहब को बोलिए चेयरमैन को बोलिए
- 10:43:20कोऑर्डिनेटर को बोलिए कि यह सशन है
- 10:43:21कोऑर्डिनेटर बैठे हुए हैं यहां पे अब तो
- 10:43:23उनको भी समझ आ गया होगा कि क्या मतलब है
- 10:43:25इनका अब तो कोई चक्कर ही नहीं है बात करिए
- 10:43:27नहीं तो कोऑर्डिनेटर को निकलवाइए नहीं तो
- 10:43:29खुद छोड़ दीजिए और टीचर्स को ट्रेन कर
- 10:43:31लेंगे क्या दिक्कत है भाई आपका पर्पस
- 10:43:33बच्चा होना चाहिए ना मैं यह कह रहा हूं
- 10:43:35आपका पर्पस स्कूल नहीं होना चाहिए
- 10:43:37कोऑर्डिनेटर और ऑड नहीं होने चाहिए अब
- 10:43:40आपका पर्पस सिर्फ बच्चा बाकी कुछ भी हो
- 10:43:42जाए आप इसके लिए अड़े रहेंगे क्योंकि इस
- 10:43:44बच्चे का यही इंटरेस्ट है इस बच्चे की यही
- 10:43:47भलाई है याद ही तो कराना है ना दूसरे
- 10:43:49तरीके से करा लो यार काहे को खामखा दिमाग
- 10:43:52खराब कर रहे हो अपना भी और उस बच्चे का भी
- 10:43:53मतलब मजा लेके करो ना अच्छा एंजॉय करके
- 10:43:56पढ़ाओ बच्चे को बच्चा बच्चा आपसे मिले तो
- 10:43:58मतलब अंदर से चियरफुल वे से मिले ना इसलिए
- 10:44:02नहीं कि मैडम बिठा के रखती है 24 घंटे इस
- 10:44:04बच्चे को जो मत जो टीचर बिठा के रखता है
- 10:44:06ना इस बच्चे को उस टीचर के साथ ये कभी
- 10:44:09कनेक्ट नहीं हो पाएगा हां इसको इतना कर दो
- 10:44:11कि आते ही भाग के मेरी गाड़ी से ये सामान
- 10:44:14ढाला भाग के ये लिया भाग के भाग के वर्ड
- 10:44:17यूज़ करो भगाओ जैसे ही थकेगा फिर हां आप
- 10:44:20बताओ मैं माफ करूंगा सब कुछ फिजिकली इसको
- 10:44:22एग्जॉस्ट करना इतना जरूरी है अगर आप चाहते
- 10:44:25हो कि यह कंसंट्रेट करें क्योंकि 145
- 10:44:28टीएचजी है। 140 प्लस टीएचडी का बच्चा 140
- 10:44:31प्लस टीएचडी है। 140 प्लस टीएसजी के बच्चे
- 10:44:35को अगर कंसंट्रेटेड फॉर्म में देखना चाहते
- 10:44:37हो तो फिजिकली एग्जॉस्ट करने पड़ेंगे।
- 10:44:40यानी सुबह आते ही जिनका टीएसजी 135 प्लस
- 10:44:44है सबके 10-10 चक्कर लगवा दो। और जब वो
- 10:44:47क्लास में बैठेंगे टोटल कंसंट्रेशन के साथ
- 10:44:49बैठेंगे। और अगर सुबह उठते ही क्या होता
- 10:44:52है हमारे यहां? उठते ही निकले निकलते ही
- 10:44:54बस में चढ़ गए। आते ही स्कूल में चढ़ गए।
- 10:44:56प्रेयर में खड़े हो गए। प्रेयर खत्म हो
- 10:44:58गई। क्लास में जाके बैठ गए। नो फिजिकल
- 10:45:00एक्टिविटी। नो कंसंट्रेशन एट ऑल। भाई हाई
- 10:45:03काइनेस्टेटिक और हाई टीएसजी का फायदा
- 10:45:04उठाओ। स्पोर्ट्स की क्लास सुबह-सुबह लगाओ
- 10:45:06उनकी। उनको खेलने के लिए दौड़ने के लिए
- 10:45:08छोड़ दो ग्राउंड में। दौड़ो जितना दौड़े
- 10:45:11बैठा नहीं मिलेगा। वो अपने आप ही नहीं
- 10:45:12बैठेंगे वो। वो अपने आप ही नहीं बैठ सकते।
- 10:45:14एक दूसरे के ऊपर एक दूसरे के ढिशुमशुम
- 10:45:16उनका चलता रहेगा। वो मतलब अपना रास्ता
- 10:45:19ढूंढ लेंगे। अपनी एनर्जी को एग्जॉस्ट करने
- 10:45:21का। जैसे ही आप उसको नेचुरल एनवायरमेंट
- 10:45:23देंगे ना वो खिल के निकल आएगा ऑटोमेटिकली
- 10:45:26आपको कुछ नहीं करना है एनवायरमेंट
- 10:45:28एनवायरमेंट देना है बस और जैसे ही आपने
- 10:45:30उनका आधा घंटा ग्राउंड में लगा दिया पास
- 10:45:32हो गए आप उसी टाइम जिनका लो काइनेस्टेटिक
- 10:45:35का जरूरत ही नहीं है उनको भगाने की
- 10:45:36ग्राउंड में तुम बैठो आराम से ऐश करो तुम
- 10:45:38क्लास में बैठो जो जी करे वो करो वो बैठे
- 10:45:40रहेंगे अपना करते रहेंगे उनका भी पता लग
- 10:45:42जाएगा क्या इंटरेस्ट है उनको वहां बैठा के
- 10:45:44वो कर दो उनका ज़ीरो पीरियड में यह काम कर
- 10:45:46दो स्टार्टिंग में ही ज़ीरो पीरियड मतलब
- 10:45:48अपना ऐसी क्लास जो उसको सबसे ज्यादा पसंद
- 10:45:51एक घंटा उस चीज का दे दो। स्कूल से प्यार
- 10:45:53करना शुरू कर देगा बच्चा। सुबह मतलब उस
- 10:45:55बच्चे को घर में नींद ही नहीं आएगी। आपके
- 10:45:57आपके जिस बच्चे के जिस स्कूल में इस तरह
- 10:46:00का एनवायरमेंट हो कि जो उसका मजेदार है वो
- 10:46:02कहते हैं मम्मा छुट्टी नहीं होनी चाहिए।
- 10:46:04बिकॉज़ उसको वो मिल रहा है। उसी स्कूल में
- 10:46:06दूसरा बच्चा कहता है मेरे को अच्छा नहीं
- 10:46:07लगता जाना। सेम स्कूल में सेम क्लास में
- 10:46:09सेम एनवायरमेंट में। बिकॉज़ एक को जो चाहिए
- 10:46:12वो मिल रहा है। दूसरे को जो चाहिए वो नहीं
- 10:46:13मिल रहा है। और मेरे ख्याल से बिल्कुल
- 10:46:16मुश्किल नहीं है। अगर एक बार पूरी तस्वीर
- 10:46:19पता हो तो। जो कॉमन इंटरेस्ट के बच्चे हैं
- 10:46:21उनको एक प्लेटफार्म पर ही तो लाना है। बस
- 10:46:23कुछ भी तो नहीं करना। कोई बड़ा तीर थोड़ी
- 10:46:25मारना है। सारी क्लासों का एक ट्रैक एक
- 10:46:28तरफ और दूसरे तरह के दूसरे अभी भी तो आप
- 10:46:29एमआई क्लासेस क्लब्स वगैरह चला रहे हैं
- 10:46:31ना। अब की बार अपना ओरिजिनल के हिसाब से
- 10:46:33चलते हैं। भाई अब तो बच्चों से पूछ रखा
- 10:46:35है। अब तो उनके मां-बाप को जो अच्छा लगता
- 10:46:37है स्कोप जिसका बढ़िया अब तो वो उसी हिसाब
- 10:46:38से दिलाते हैं कि एक में तो इतने ज्यादा
- 10:46:40है। एक में कोई भी नहीं। अब हम बताएंगे कि
- 10:46:42किसको कहां भेजना है। मां-बाप का टेंशन
- 10:46:44खत्म। और जब मां-बाप को बुलाएंगे आप
- 10:46:46सेमिनार के लिए पेरेंटिंग सेमिनार के लिए
- 10:46:48उस दिन मां-बाप को भी समझ आएगा व्हाट वी
- 10:46:50आर गोइंग टू डू और वह आपके साथ कॉप अप
- 10:46:52करेंगे एकदम 100% गारंटीड है कोई टेंशन
- 10:46:54नहीं अभी तो बहुत सामान आया नहीं है उस
- 10:46:56दिन पेरेंट टीचर मीटिंग में आएगा बहुत
- 10:46:57सारी चीजें उस दिन पता लगेंगी आपको हां जी
- 10:46:59क्लियर ना सो अब आते हैं इसके बिहेवियर के
- 10:47:03ऊपर मैं अभी मोटी मोटी चीजें बताऊंगा बाकी
- 10:47:05चीजें तो आपको ही डिसाइड करनी पड़ेंगी ना
- 10:47:07अभी तो अभी तो ये काम आपका होमवर्क में
- 10:47:09दूंगा इसको मैं समझ में आए ताकि कि मैं एक
- 10:47:12फेल ट्रेनर हूं कि पास करा आपने ने मुझे
- 10:47:14बिकॉज़ इट्स नॉट योर फेलियर। इट्स माय
- 10:47:16फेलियर। आई एक्सेप्ट दिस। अगर आपको नहीं
- 10:47:18समझा पाया तो वेदर यह आपका ओरिजिनल टैलेंट
- 10:47:20है या नहीं। तो मैं नहीं ढूंढ पाया पहले
- 10:47:22तो ये मेरा फेलियर है ना आपका नहीं। इन
- 10:47:24बच्चों को अलग-अलग बिठा दो। जिनका बोले
- 10:47:26बिना काम नहीं चलता ना आपस में। क्योंकि
- 10:47:28इनके बोलने से इनको तो फर्क नहीं पड़ता।
- 10:47:30ये तो समझ लेते हैं। इनके पड़ोस वाले बहुत
- 10:47:31डिस्टर्ब होते हैं। नेक्स्ट अगर इसकी बात
- 10:47:33करी जाए पर्सनालिटी की तो आप देखेंगे इसकी
- 10:47:36दोनों पर्सनालिटी सेम नहीं है। ड्यूल
- 10:47:38पर्सनल का बच्चा है अगर ये। अब इंट्रा
- 10:47:41पर्सन में यह लिसनर है। एफिशिएंट है यह
- 10:47:43इंटर में। अब एक बिहेवियर ऐसा है जो सब
- 10:47:45कुछ मानता है। दूसरा बिहेवियर ऐसा है जो
- 10:47:48कुछ भी नहीं मानता। यानी कि अगर आदमी आपके
- 10:47:51घर का है। आपके साथ रहता है। आपसे प्यार
- 10:47:54का रिश्ता है। उसकी हर बात मानी जाएगी और
- 10:47:57इंस्ट्रक्शन फॉर्म में आएगी तो। लेकिन अगर
- 10:48:00आदमी आपसे रिश्ता अच्छा नहीं है तो फिर
- 10:48:02उसकी कोई बात नहीं मानी जाएगी। यह वाले वो
- 10:48:04वाले बच्चे हैं जिनकी मम्मी कहती है कि
- 10:48:08इसको ना प्यार से समझा लो तो बिल्कुल सारी
- 10:48:10मान लेता है। डांटते ही तो उल्टा पड़ जा
- 10:48:12फिर तो कुछ नहीं करता क्योंकि डांटते ही
- 10:48:14उसकी मां उसकी इंटरपर्सन में चली जाती है।
- 10:48:17तब उसकी दूसरे वाली पर्सनालिटी बात कर रही
- 10:48:19होती है कि अच्छा मेरे को कैसे कह दिया
- 10:48:20तूने अब नहीं मानता कुछ भी। तब यह खुद ही
- 10:48:22कंफ्यूज्ड है बेचारा। इसकी मां भी
- 10:48:24कंफ्यूज्ड है कि कैसे समझाऊं इसको? हर
- 10:48:27वक्त मानता ही नहीं। अब लिसनर पर्सनालिटी
- 10:48:29की वजह से एक बार चला दिया फिर रुक जाएगा।
- 10:48:32डांटोगे तो वो एफिशिएंट निकल आएगा अंदर से
- 10:48:35कि नहीं करता? नहीं डांटोगे तो आपको टाइम
- 10:48:38स्पेंड ज़्यादा करना पड़ेगा। जो लिसनर के
- 10:48:40साथ प्रो जो उसकी पॉसिबिलिटीज़ उसके उसकी
- 10:48:44कैरेक्टरिस्टिक्स थे, उसकी लिमिटेशंस थी,
- 10:48:46उसकी स्ट्रेंथ थी वो भी आपको पता होनी
- 10:48:48चाहिए। वो उसकी लिमिटेशंस भी पता होना
- 10:48:51चाहिए। एफिशिएंट भी पता होना चाहिए। यानी
- 10:48:54जब वो बच्चा अपने टीचर से बात कर रहा है
- 10:48:56तो उसका इंटर पर्सनालिटी इंटर पर्सनल
- 10:48:58पर्सनालिटी बात कर रही है। अपने क्लासमेट
- 10:49:00से बात कर रहा है तो एफिशिएंट बात कर रहा
- 10:49:02है। दुकानदार से बात कर रहा है तो
- 10:49:04एफिशिएंट बात कर रहा है। सड़क के ऊपर
- 10:49:06लड़ाई बज गई है। गाड़ी ठुक गई है तो
- 10:49:08एफिशिएंट बात कर रहा है। वो कहेंगे यार तू
- 10:49:10घर में तो ऐसा नहीं है। तू बाहर जाके तेरे
- 10:49:12को पता नहीं क्या हो जाता है। वहां जा के
- 10:49:13तेरे को पता नहीं क्या हो जाता है। और
- 10:49:15इसका उल्टा भी तो हो सकता है कि घर में
- 10:49:16एफिशिएंट हो बाहर लिसनर हो। जो मैडम को
- 10:49:18बोलेगी मैडम जी घर में तो कुछ नहीं मानता।
- 10:49:21और आप कहोगे नहीं ही इज अ सो नाइस चाइल्ड।
- 10:49:24सब कुछ बहुत बढ़िया से करता है। एकदम
- 10:49:26बढ़िया। क्लास में तो बहुत अच्छा है यह।
- 10:49:28वो घर में बिल्कुल एफिशिएंट है। अपनी मां
- 10:49:30के सामने एफिशिएंट है। स्कूल में लिसनर
- 10:49:32है। इसका उल्टा हो जाता है। है ना? तो
- 10:49:34उसका बिहेवियर एकदम से एग्जैक्ट क्लियरली
- 10:49:36समझ में आ जाएगा। दूसरा अगर वो लाइफ के
- 10:49:39डिसीजंस लेने हैं उसने। शादी कैसे आदमी से
- 10:49:42होने चाहिए? उसका क्लास में उसको सब्जेक्ट
- 10:49:45कौन से चूज़ करने चाहिए? करियर ऑप्शंस क्या
- 10:49:48होने चाहिए? करियर ऑप्शन चूज़ कर लिया।
- 10:49:50उसके बाद नौकरी करते हुए उसका बिहेवियर
- 10:49:52किस टाइप का होना चाहिए। ये सारी चीजें
- 10:49:54डिसाइड होंगा इसके एक्वायरिंग सेंसिटिविटी
- 10:49:56से और वहां पर वो 70% है। इसका मतलब वो
- 10:50:00ज्यादातर इस बात के ऊपर ध्यान देगा कि लोग
- 10:50:02क्या कह रहे हैं। दुनिया बाकी की दुनिया
- 10:50:04कैसे कर रही है। एफिशिएंट होते हुए भी वो
- 10:50:07अपने चैलेंजेस दुनिया को देख के ले लेगा
- 10:50:09अंदर से पहचानने की बजाय क्योंकि
- 10:50:11एक्वायरिंग सेंसिटिविटी इफेक्टिव है।
- 10:50:13तीसरा सॉरी नेक्स्ट पार्ट अगर आप इसका पेज
- 10:50:16नंबर छह देखोगे लास्ट में सबसे लास्ट सॉरी
- 10:50:20इससे पहले वाला पांच पांच नंबर जब आप इसका
- 10:50:22देखते हो तो यहां पे आपको 10 लोब नजर आ
- 10:50:25रहे हैं। है ना? ये 10 लोब बेसिकली क्या
- 10:50:27है? यह एक लोब जिस लोब का एनर्जी का
- 10:50:30डिस्ट्रीब्यूशन की बात हो रही है उस
- 10:50:32पर्टिकुलर लोब का यह काम है कि हर लोब को
- 10:50:35कोई ना कोई काम मिला हुआ है। उस काम उसमें
- 10:50:39एनर्जी जितनी है उस हिसाब से उस उस
- 10:50:41पर्टिकुलर काम के लिए इंटरेस्ट पैदा होगा।
- 10:50:43पहला लोब लेफ्ट में है रैशन थिंकिंग,
- 10:50:46एग्जीक्यूटिंग प्लानिंग, कोऑर्डिनेटिंग,
- 10:50:48कॉम्प्लेक्स थॉट्स, कंट्रोलिंग, सेल्फ
- 10:50:49अचीवमेंट, डिसीजन मेकिंग, प्रॉब्लम
- 10:50:51सॉल्विंग। इसको कहते हैं इंट्रा पर्सनल
- 10:50:53इंटेलिजेंस। यह इंट्रा पर्सनल बिहेवियर
- 10:50:55है। है ना? यानी कि यह वाला लोप बता रहा
- 10:50:58है यह इंट्रा पर्सनल बिहेवियर। सेकंडली
- 10:51:00सामने इसी के सामने लीडरशिप, इंटरपर्सनल
- 10:51:03स्किल, गोल विजुअलाइजेशन, इंट्यूशन, सेल्फ
- 10:51:06एस्टीम, डिटरमिनेशन एंड इंपल्स कंट्रोल।
- 10:51:08यह बता रहा है आपका इंटरपर्सनल बिहेवियर।
- 10:51:13[संगीत]
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This page contains the full transcript of Training for Teachers & Parents for Advanced Manual Training, Joining NIDER JSM, Join Shishyakulam by NIDER INDIA (Devender Balhara), generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 121,774 words across 14,987 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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