YouTube2Text

This Hadith Changed Why I Want More Money (And What I’d Do With It) — Transcript

by Zeeshan Ahmad · 6,856 words · 802 segments · language hi · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00हम में से बहुत लोगों ने जो पैसे की
  2. 0:01अराउंड डेफिनेशन है वह दुनिया से उठा के
  3. 0:03अपनी जिंदगियों पर अप्लाई कर दी है और कभी
  4. 0:04भी यह सवाल नहीं किया कि आखिर इस्लाम पैसे
  5. 0:07के बारे में क्या कहता है? जब भी हम किसी
  6. 0:09ऐसे आदमी को देखते हैं जिसके पास ज्यादा
  7. 0:10पैसा है तो हम यही कहते हैं कि यार इसका
  8. 0:12पैसा या तो हराम का होगा या कोई दो नंबर
  9. 0:14काम करता होगा और हम हमेशा सुस्पिशियस
  10. 0:17होते हैं उसके बारे में कि यार कोई ना कोई
  11. 0:18तो दो नंबर चल रही है। लेकिन अगर हम एक
  12. 0:20ऐसे आदमी को देखते हैं जिसके पास पैसा
  13. 0:22नहीं [संगीत] है या कम है तो ऑटोमेटिकली
  14. 0:24जो थॉट ट्रिगर होती है वो यह है कि यार यह
  15. 0:26बड़ा फेयर है जस्ट बंदा है और अल्लाह के
  16. 0:28बड़े करीब होगा। लेकिन इस्लाम ने हमें ऐसी
  17. 0:30कोई डेफिनेशन [संगीत] नहीं दी। ये जो पैसे
  18. 0:32के साथ एसोसिएशन हम ले चलते आ रहे हैं कि
  19. 0:34ज्यादा पैसे कमाने वाला हराम है और कम
  20. 0:36कमाने वाला अच्छा है। शायद इस्लाम ने हमें
  21. 0:38कभी ऐसी कोई चीज नहीं बताई। यानी ज्यादा
  22. 0:40पैसे कमाने वाला शायद अच्छा हो सकता है।
  23. 0:42कम कमाने वाला बुरा हो सकता है। तो आखिर
  24. 0:45में इनमें डिफरेंशिएशन कहां पे आएगी?
  25. 0:46इस्लाम के मुताबिक ये चीजें कैसे
  26. 0:48डिफरेंशिएट होंगी? और वहां पे मेरे सामने
  27. 0:50ये हदीस आई जिसने मेरा नजरिया पैसे को
  28. 0:53लेकर कंप्लीट चेंज कर दिया। इस हदीस में
  29. 0:55चार लोगों का जिक्र किया गया जिसको आगे
  30. 0:56जाके मैं डिटेल में एक्सप्लेन करूंगा।
  31. 0:58लेकिन इसमें दो इंटरेस्टिंगली ऐसे आदमी
  32. 1:00हैं जिनके पास पैसा नहीं है और वो दोनों
  33. 1:02बिल्कुल सेम बात कर रहे हैं कि मेरे पास
  34. 1:04जब पैसा आएगा तो मैं ये ये चीजें करूंगा।
  35. 1:07इनमें से एक आदमी के बारे में हुजूर ने ये
  36. 1:09फरमाया है कि ये दुनिया का जो बेस्ट रैंक
  37. 1:11आदमी है ये उसके सवाब को शेयर करेगा। और
  38. 1:13दूसरे आदमी के बारे में ये बोला गया है कि
  39. 1:15ये दुनिया का जो मोस्ट सिनर है ये उसके
  40. 1:17गुनाह को शेयर करेगा। अब दोनों के पास
  41. 1:19पैसे नहीं है। दोनों सेम बात कर रहे हैं।
  42. 1:21तो [संगीत] दोनों में जो डिफरेंस है वो
  43. 1:22कहां पे आ रहा है? इस हदीस ने मेरा पैसे
  44. 1:24को लेके पूरा पर्सपेक्टिव चेंज कर दिया और
  45. 1:27आज मैं कोशिश करूंगा कि अपनी लर्निंग से
  46. 1:29आपका पर्सपेक्टिव भी चेंज कर दूं क्योंकि
  47. 1:30हम जिस तरह चीजों को देखते हैं वैसे चीजें
  48. 1:33शायद होती [संगीत] नहीं है। इस्लाम सिर्फ
  49. 1:34हमारा मोरल गाइड नहीं है बल्कि हमारा
  50. 1:36फाइनेंसियल गाइड भी है जिसको हमने कभी
  51. 1:38[संगीत] उस तरीके से समझने की कोशिश ही
  52. 1:40नहीं की। तो मैं YouTube के ऊपर एक सीरीज
  53. 1:42बनाना चाह रहा हूं जिसमें ये सेकंड वीडियो
  54. 1:44होगी व्हिच इज़ अराउंड मनी माइंड एंड
  55. 1:47इस्लाम। जहां पे मैं इस्लाम को एज योर
  56. 1:49फाइनेंसियल गाइड [संगीत] समझाने की कोशिश
  57. 1:50करूंगा ताकि इस्लाम के प्रिंसिपल्स को हम
  58. 1:53अपनी जिंदगी में अप्लाई करके अपनी आज की
  59. 1:55जिंदगी और हमारी यहां से जाने के बाद
  60. 1:57जिंदगी दोनों को बेहतर कर सकें। एंड बिफोर
  61. 2:00आई स्टार्ट दिस वीडियो मैं डिस्क्लेमर
  62. 2:01देना चाहता हूं कि मैं कोई मुफ्ती नहीं
  63. 2:03हूं। मैं जो चीजें इस वीडियो में बताऊंगा
  64. 2:04वो मेरी लर्निंग्स हैं। इस हदीस को समझ के
  65. 2:07जो मेरे ज़हन में थॉट ट्रिगरर्स हुई है मैं
  66. 2:09उनको एक हमली शक्ल लेके आप लोगों को
  67. 2:11समझाने की कोशिश करूंगा। क्योंकि जिस तरह
  68. 2:13ये चीजें मेरे अंदर असर की है और मेरा जो
  69. 2:16पर्सपेक्टिव है वो चेंज हुआ उस तरह शायद
  70. 2:18आपका भी हो जाए। तो जो चीजें मैं इसमें
  71. 2:20एक्सप्लेन करूंगा वो मेरी अपनी लर्निंग्स
  72. 2:22हैं हदीस को लेके ताकि मैं आपको बेहतर
  73. 2:24तरीके से समझा सकूं। नाउ बैक टू द वीडियो।
  74. 2:27इस हदीस के दो पार्ट्स हैं और जो पहले
  75. 2:28पार्ट को समझना इसलिए जरूरी है कि जो आगे
  76. 2:31चार लोगों का जिक्र किया गया आपको वो
  77. 2:32कंप्लीटली तरीके से कंप्लीट सेंस बनाए। तो
  78. 2:35इस पहले पार्ट के अंदर हज़ूर पाक सल्लम ने
  79. 2:38तीन प्रिंसिपल्स का जिक्र किया हुआ है।
  80. 2:39जिसके मुताबिक हमें अपनी जिंदगी गुजारनी
  81. 2:41चाहिए। उसमें जो पहला प्रिंसिपल है वो ये
  82. 2:43है कि आप अपने माल में से चैरिटी करें।
  83. 2:45लोगों की हेल्प करें। इससे अल्लाह पाक
  84. 2:47आपका कभी भी माल को कम नहीं करेंगे। द
  85. 2:50सेकंड प्रिंसिपल इज़ कि अगर आप पे कोई
  86. 2:52इनजस्टिस हो रही है, आप पे कोई बेेजज़ती कर
  87. 2:54रहा है, तो अगर आप पेशेंस से काम लेते
  88. 2:56हैं, तो अल्लाह आपकी इज्जत को बढ़ा देगा।
  89. 2:58और तीसरी चीज यह है कि अगर आप किसी जरूरत
  90. 3:01के बगैर किसी लोगों से पैसे को मांगते हैं
  91. 3:03ताकि आप अपनी जरूरत को पूरी कर सकें तो
  92. 3:05अल्लाह आप पे पॉवर्टी यानी गरीबी के
  93. 3:07रास्ते खोल देता है। इसका जो पहला
  94. 3:08प्रिंसिपल है उसके बारे में मैंने डिटेल
  95. 3:10में अपनी पहली वीडियो में बात कर चुका हूं
  96. 3:11कि कैसे आप चैरिटी करने से आपका पैसा माल
  97. 3:14ज्यादा हो सकता है। अब इसका मतलब यह नहीं
  98. 3:16है कि अगर आपके पास ₹1 लाख है उसमें से आप
  99. 3:18₹10,000 चैरिटी कर दें तो जो आपके बैंक
  100. 3:21अकाउंट से अमाउंट निकली है वो कभी निकली
  101. 3:23नहीं है। इस्लाम यह नहीं कहता कि वो आप
  102. 3:25उसको बिल्कुल अंधा हो जाए। उसको कहें कि
  103. 3:27वो अमाउंट नहीं निकली। वो अमाउंट निकली
  104. 3:28है। लेकिन जो अमाउंट रह गई है आपका भरोसा
  105. 3:31उस चीज के ऊपर है कि ये जो मेरी अमाउंट रह
  106. 3:32गई है इसमें इतनी बरकत आ चुकी है कि शायद
  107. 3:35अल्लाह मुझे किसी अनसीन एक्सपेंस से बचा
  108. 3:37ले या कोई ऐसी अपॉर्चुनिटी मेरे सामने आ
  109. 3:39जाए उस ₹90,000 को लेके क्योंकि मेरा फर्म
  110. 3:41बिलीव ये है कि मेरा अल्लाह की प्रोविजन
  111. 3:43के ऊपर पूरा यकीन है। यानी अल्लाह मुझे
  112. 3:45ज्यादा पैसे दे देंगे तो मुझे ज्यादा पैसे
  113. 3:47देने से कोई मुझे दुख नहीं हो रहा। मुझे
  114. 3:49ये नहीं लग रहा कि यार ये पैसे मैं दे रहा
  115. 3:50हूं तो मेरे पैसे कम हो रहे हैं। बिकॉज़
  116. 3:52मुझे मेरी जो सीलिंग है ना वो सेट नहीं
  117. 3:54है। मेरी सीलिंग ऊपर जाती जा रही है
  118. 3:56क्योंकि मुझे अल्लाह की प्रोविज़न पे यकीन
  119. 3:57है। ऑन दी अदर हैंड देयर इज़ अ पर्सन जिसको
  120. 4:00अपनी सीलिंग पे यकीन है। वो ये कह रहा है
  121. 4:02कि ये जो 1 लाख है ये मेरी सीलिंग है।
  122. 4:03इससे ज्यादा से मैं पैसे कमा ही नहीं
  123. 4:04सकता। वो अपने माइंड को ऐसे ट्रेन कर लेता
  124. 4:06है। अपने बिहेवियर अराउंड मनी ऐसे कर लेता
  125. 4:08है। कि वो उस पैसे को प्रोटेक्ट करता रह
  126. 4:10जाएगा। और कभी भी उस ओपोरर्चुनिटी या कुछ
  127. 4:12ऐसे एक्सपेंसेस नहीं बच सकता जो कि अल्लाह
  128. 4:14ने शायद उसको अपनी हिकमत के थ्रू देने थे।
  129. 4:17तो चैरिटी करने का मतलब ये नहीं होता कि
  130. 4:18अगर आप आज 10,000 दे रहे हैं तो कल आपके
  131. 4:20अकाउंट में 20,000 आ जाएंगे। बल्कि ये
  132. 4:21बड़ा सिस्टमेटिक प्रोसेस होता है जिसके
  133. 4:23बारे में मोस्टली लोग नहीं समझते। अगर आप
  134. 4:25इसको डिटेल में समझना चाहते हैं तो मेरी
  135. 4:26ऑफ वीडियो जाके वो देख लें। एंड दैट कम्स
  136. 4:28टू द थर्ड पार्ट थर्ड जो प्रिंसिपल है कि
  137. 4:31अगर आपको कोई जरूरत नहीं है पैसे की और आप
  138. 4:34किसी से अगर पैसे को मांग रहे हैं अपनी
  139. 4:36ज़ुरियात पूरी करने के लिए तो अल्लाह आपके
  140. 4:38ऊपर गरीबी के रास्ते खोल देगा। और ऐसे
  141. 4:40आपने आसपास लोग देखे होंगे जो ये चीज करते
  142. 4:42हैं। मैं अगर आपको अपनी एग्जांपल दूं तो
  143. 4:44मेरे पिछले ऑफिस के अंदर एक ऐसा आदमी था
  144. 4:46जिसकी सैलरी हम सब जितनी थी एक जितनी सबकी
  145. 4:49सैलरीज थी लेकिन जैसे उसकी सैलरी आती थी
  146. 4:51वो हमसे पैसे लेके कोशिश करता था कि अपने
  147. 4:53एक्सपेंसेस को पूरा कर सके। क्योंकि शायद
  148. 4:55उसके दिमाग में ये चल रहा होता था कि यार
  149. 4:57मेरे पैसे तो बच गए। मैं किसी से पैसे
  150. 4:58लेके अपने एक्सपेंसेस को पूरा कर लूंगा।
  151. 5:00अब इसको मैं जब मर्जी दूं यह 2 महीने बाद
  152. 5:02दूं, 3 महीने बाद दूं लेकिन मेरे अपने
  153. 5:03पैसे सेफ हैं। लेकिन वो टेक्निकली सेफ
  154. 5:05नहीं होते। क्योंकि मैंने हमेशा उसको पैसे
  155. 5:07के लिए परेशान देखा है। हर 3 महीने के बाद
  156. 5:09वो किसी के पैसे वापस कर रहा होता था। कोई
  157. 5:11उससे पैसे वापस मांग रहा है। तो हमेशा वो
  158. 5:13पैसे के बारे में परेशान है। हमसे पैसे के
  159. 5:15बारे में बात करता था कि यार मैं कहीं और
  160. 5:17नौकरी ले लूं। मुझे मेरे पास पैसे नहीं
  161. 5:19है। ये एंड वो बिकॉज़ कि उसके पास पैसे थे।
  162. 5:23वो अपनी जरूरत के मुताबिक पैसे नहीं मांग
  163. 5:26रहा था। बल्कि अपनी आदत के मुताबिक पैसे
  164. 5:27मांग रहा था। यह सिर्फ उन लोगों पे अप्लाई
  165. 5:29होती है जो कि अपनी आदत से मजबूर हैं। और
  166. 5:31लोगों से पैसे मांगते हैं और अल्लाह उन पे
  167. 5:33गरीबी के रास्ते खोलेगा। बिकॉज़ वो दूसरों
  168. 5:34को देके हमेशा एक्सपेक्ट करते रहेंगे कि
  169. 5:37कोई ना कोई मुझे पैसे देगा। उस पे डिपेंड
  170. 5:38हो जाएंगे। और जो उनके पूरा मनी बिहेवियर
  171. 5:41अराउंड मनी है ना वही चेंज हो जाएगा। अब
  172. 5:43ये तीनों चीज़ एक्सप्लेन करने का मेन मकसद
  173. 5:45भी ये था कि आप देख सकें कि जिस तरह
  174. 5:47इस्लाम दुनिया को देख रहा है हम शायद इस
  175. 5:49तरह नहीं देखते। फॉर एग्जांपल दुनियावी
  176. 5:51चीजें क्या हैं और इस्लाम क्या कहता है
  177. 5:52इसको समझना बड़ा जरूरी है कि अगर आप किसी
  178. 5:55को चैरिटी देते हैं तो दुनियावी चीज़ों के
  179. 5:57मुताबिक आपके अकाउंट से 10,000 चले गए
  180. 5:59हैं। लेकिन इस्लाम क्या कहता है कि अगर आप
  181. 6:01चैरिटी देते हैं तो आपका माल कम नहीं
  182. 6:03होगा। बल्कि बढ़ेगा। बिल्कुल ऑबियस चीज़।
  183. 6:05अगर आप पे कोई अनज है, कोई आप पे जुल्म कर
  184. 6:08रहा है और अगर आप पेशेंस से जवाब देते
  185. 6:10हैं, तो आपकी इज्जत कम नहीं होगी। लेकिन
  186. 6:12दुनिया क्या कहती है कि आप अगर किसी को
  187. 6:14जवाब नहीं देंगे, किसी का मुंह नहीं
  188. 6:16तोड़ेंगे, तो आपकी इज्जत कम हो जाएगी।
  189. 6:18बिल्कुल ऑब्वियसली चीज़। तीसरी चीज़ कि अगर
  190. 6:20आपकी कोई जरूरत नहीं है, और आप किसी से
  191. 6:21पैसे मांग रहे हैं, तो दुनियावी चीज़ में
  192. 6:23तो यही है कि भई आपको पैसे मिल गए। लेकिन
  193. 6:25इस्लाम क्या कह रहा है कि आपकी के ऊपर
  194. 6:28गरीबी के रास्ते खोल दिए जाएंगे अगर आप
  195. 6:30बगैर किसी रीज़न के किसी से पैसे मांगते
  196. 6:31हैं। यानी दुनिया के अंदर और इस्लाम के
  197. 6:34मुताबिक चीजें बिल्कुल डिफरेंट है। अब इन
  198. 6:36तीनों केसेस के अंदर जो चीजें हमें नजर आ
  199. 6:38रही है रियलिटी वैसे नहीं होती। और जो
  200. 6:39अगला पार्ट है इस हदीस का उसके अंदर भी उन
  201. 6:41चार लोगों का जिक्र किया गया है जिनको
  202. 6:43विज़िबली हम देखेंगे जिनके पास पैसा होगा।
  203. 6:46उनको उन कुछ लोगों के पास पैसा नहीं होगा।
  204. 6:47लेकिन हम उनको सिर्फ पैसे की बेस पे जज
  205. 6:50नहीं करेंगे। बल्कि उनकी जो मोरल पोजीशन
  206. 6:52है वो कभी भी पैसे के बेस पे हम उसको
  207. 6:54जस्टिफाई या डिफाइन नहीं कर सकते। तो जिस
  208. 6:56तरह पैसा आपके हाथ से चला जाए वो कंप्लीट
  209. 6:58लॉस नहीं है और पैसा आपके हाथ में आ जाए
  210. 7:00वो कंप्लीट गेन नहीं है। इसी तरह ज्यादा
  211. 7:02पैसा या कम पैसा होने से आपकी एक्चुअल
  212. 7:05वर्ल्ड या किसी भी इंसान की एक्चुअल
  213. 7:06रियलिटी हम नहीं जज कर सकते। हम किसी को
  214. 7:09यह नहीं कह सकते कि किसी के पास अगर
  215. 7:11ज्यादा पैसा है तो वो हराम है। किसी के
  216. 7:13पास अगर कम पैसा है तो वो हलाल है वो और
  217. 7:14बड़ा अच्छा आदमी है। और वो चीज आगे जाके
  218. 7:17एक्सप्लेन होती है इस हदीस के पार्ट टू के
  219. 7:19अंदर। अब इससे पहले हम इस हदीस को आगे
  220. 7:21जाके समझे। पहले यह समझने की जरूरत है कि
  221. 7:23इस हदीस के अंदर काफी जगह नॉलेज का जिक्र
  222. 7:25किया गया है। नॉलेज नॉलेज नॉलेज। अब नॉलेज
  223. 7:27को समझना जरूरी है। इससे पहले मैं आपको
  224. 7:29बाकी चीजें समझाऊं। बिकॉज़ अगर आपने ये समझ
  225. 7:31लिया तो आगे चीजें समझना काफी आसान हो
  226. 7:33जाएंगी। इसमें जो नॉलेज का जिक्र किया गया
  227. 7:34है वो फाइनेंसियल नॉलेज या स्टॉक मार्केट
  228. 7:36की नॉलेज या मनी की नॉलेज का जिक्र नहीं
  229. 7:38किया गया। बल्कि उसको रिलीजियस नॉलेज का
  230. 7:40जिक्र किया गया है। यानी अगर आपने माल
  231. 7:41कमाना है तो आपको पता होना चाहिए क्या चीज़
  232. 7:43हराम है, क्या चीज़ हलाल है। क्या चीज़ है
  233. 7:45जो कि अल्लाह के कायदों के मुताबिक है और
  234. 7:47क्या चीज़ है जो कि अल्लाह को नाराज़ करती
  235. 7:49है। और आपके पास जो माल आ रहा है उसके ऊपर
  236. 7:52कोई राइट्स हैं। कुछ लोगों के हक है। आपने
  237. 7:54वो हक़ों को अदा करना है। यानी आपको पता है
  238. 7:57कि अगर आपके पास माल आ रहा है तो इसमें से
  239. 7:58मैंने जकात करनी है, चैरिटी करनी है। अपने
  240. 8:00खानदान के लोगों का ख्याल रखना है। और वो
  241. 8:02चीज़ें करनी है जिससे अल्लाह पाक राजी होते
  242. 8:04हैं। और मैंने वो चीजें बिल्कुल भी नहीं
  243. 8:06करनी जो कि हराम है या किसी ना किसी तरीके
  244. 8:08से अल्लाह की नाराजगी का बायस बनती हैं।
  245. 8:10अब जब मुझे यह रिलीजियस नॉलेज आ गई है तो
  246. 8:12यह मेरी फाइनेंसियल दुनिया और मेरी आखिरी
  247. 8:14दुनिया दोनों को संवार सकती है। बिकॉज़
  248. 8:16हमने हमेशा कुरान को या इस्लाम को सिर्फ
  249. 8:18मोरल गाइड समझा है। फाइनेंसियल गाइड नहीं
  250. 8:20समझा। बल्कि अगर हम इसको डिटेल में समझे
  251. 8:21तो ये हमारा कंप्लीटली फाइनेंसियल गाइड भी
  252. 8:24है। अब जब हमें ये चीज़ समझ आ गई तो हम
  253. 8:26अगला पार्ट समझते हैं कि हज़ूर पाक सल
  254. 8:28वसल्लम ने चार लोगों का जिक्र किया है।
  255. 8:30इनमें से जो पहला आदमी है वो वो है जिसके
  256. 8:32पास माल भी है जिसके पास नॉलेज भी है।
  257. 8:34यानी वो आदमी जिसको अल्लाह पाक ने माल
  258. 8:36दिया हुआ है और वो इस चीज को एक्सेप्ट
  259. 8:37करता है। यानी उस बंदे ने माल कमाया है,
  260. 8:40हलाल कमाया है और उसको पता है ये अल्लाह
  261. 8:42की प्रोविजन है। अल्लाह की तरफ से आई हुई
  262. 8:43है। और उसके ऊपर जो राइट्स हैं वो उनको भी
  263. 8:46अदा कर रहा है। वो चैरिटी भी करता है। वह
  264. 8:48ज़कात भी देता है, अपने खानदान के लोगों का
  265. 8:50ख्याल भी रखता है और वह सब नेक काम करने
  266. 8:52की कोशिश करता है थ्रू हिस माल ताकि वो
  267. 8:54अपनी ज़िंदगी को बेहतर कर सके और अपने
  268. 8:56आसपास लोगों की ज़िंदगी को बेहतर कर सके
  269. 8:58क्योंकि उसके माल सिर्फ उसका माल नहीं है
  270. 9:00उसके ऊपर राइट्स हैं डिफरेंट लोगों के। और
  271. 9:02वो इस चीज को फर्म बिलीफ्स लेके चलता है
  272. 9:04और मान के अपनी ज़िंदगी गुजारता है। अब जो
  273. 9:06सेकंड आदमी का जिक्र किया गया है वो वो
  274. 9:08आदमी है जिसके पास माल तो नहीं है लेकिन
  275. 9:10उसके पास नॉलेज है। यानी उसको यह पता है
  276. 9:12कि मैंने हलाल कमाना है। मैंने हराम नहीं
  277. 9:14कमाना। मुझे जो राइट्स मेरे पैसे के साथ
  278. 9:17एसोसिएटेड है मैंने उनको पूरा करना है।
  279. 9:18मैंने अपने खानदान वो लोगों का ख्याल रखना
  280. 9:20है। मैंने वो चीजें करनी है जिससे अल्लाह
  281. 9:22पाक राजी होते हैं। अब उस बंदे की
  282. 9:24इंटेंशंस मैटर करती हैं कि बंदा ये कहता
  283. 9:27है कि जब मेरे पास माल आएगा तो जो पर्सन
  284. 9:29वन है मैं उस तरह का माल खर्चूंगा।
  285. 9:31क्योंकि मैं जब उस पर्सन को देखता हूं तो
  286. 9:33वो देखता हूं कि यार वो बंदा लोगों की
  287. 9:35हेल्प भी करता है। वो लोगों को जाके
  288. 9:38चैरिटी भी करता है। लोगों को पैसा भी देता
  289. 9:40है। लोगों की जिंदगियां बेहतर करता है और
  290. 9:41अपनी जिंदगी भी बेहतर कर रहा है। तो मैं
  291. 9:42जब उसके बारे में सोचूंगा तो मैं कहूंगा
  292. 9:44यार जब मेरे पास माल आ गया ना तो मैं अपनी
  293. 9:46फैमिली को भी अच्छा करूंगा। उनको भी अच्छी
  294. 9:49चीजें लेके दूंगा ताकि उनकी जिंदगी बेहतर
  295. 9:51हो जाए। लेकिन मैं आसपास लोगों की जिंदगी
  296. 9:52को बेहतर करूंगा। मैं चैरिटी दूंगा जिस
  297. 9:54तरह ये चैरिटी कर रहा है। तो उसकी
  298. 9:56इंटेंशंस के मुताबिक उसको सवाब भी मिल रहा
  299. 9:58है और उसका जो अजर है वो भी अल्लाह पाक ने
  300. 10:02लिख दिया गया है। जो मैंने आपको ऊपर
  301. 10:03एक्सप्लेन किया था कि एक ऐसा आदमी है
  302. 10:05जिसके पास माल तो नहीं है लेकिन वो दुनिया
  303. 10:07का जो बेस्ट आदमी है उसके साथ वो रैंक कर
  304. 10:09रहा है। जो नंबर वन आदमी है जो नंबर वन
  305. 10:11पर्सन की मैंने बात की थी उसके पास माल भी
  306. 10:13है उसके पास नॉलेज भी है। तो अल्लाह ने
  307. 10:15उसको बेस्ट रैंक में दिया है। जो सेकंड
  308. 10:16पर्सन है उसके पास माल तो नहीं है लेकिन
  309. 10:19नॉलेज है। लेकिन उसकी नॉलेज एंड इंटेंशंस
  310. 10:21के मुताबिक उसको रिवॉर्ड उस बेस्ट बंदे का
  311. 10:23मिल रहा है। इसके साथ आता है तीसरा आदमी
  312. 10:26जिसके पास माल तो है लेकिन नॉलेज नहीं है।
  313. 10:28अब ये वो आदमी है जो कि अल्लाह से नहीं
  314. 10:30डरता। अपने माल को बड़े रेकलेस तरीके से
  315. 10:32उड़ाता है। और जो राइट्स उसके पैसे उसके
  316. 10:35माल के एसोसिएटेड है वो उनका ख्याल नहीं
  317. 10:37करता। यानी चैरिटी नहीं देता। अपने खानदान
  318. 10:39में लोगों का ख्याल नहीं करता। और अपने
  319. 10:40पैसे माल को अपनी फेम के लिए अपनी पावर के
  320. 10:43लिए और डिफरेंट बुरी चीजों के लिए जिसको
  321. 10:45अल्लाह पाक ने मना किया गया है जिसको
  322. 10:47नापसंदीदा अमल करार दिया गया है वो उन
  323. 10:50चीजों पे उड़ाने की कोशिश करता है और ऐसे
  324. 10:51आदमी को वर्स रैंक कैटेगराइज किया गया है
  325. 10:53और यहां पे ऐसा चौथा आदमी जिसके पास ना
  326. 10:55माल है ना नॉलेज है लेकिन उसकी जो
  327. 10:57इंटेंशंस हैं वो ये है कि जैसे ही मेरे
  328. 10:59पास कोई माल आएगा तो जो तीसरा आदमी है ना
  329. 11:02मैं उस तरह बनूंगा फॉर एग्जांपल कि अगर एक
  330. 11:04तीसरा आदमी जिसके पास फेम है जिसके पास
  331. 11:07माल ढेर सारा है और वो बुरी चीजें कर रहा
  332. 11:09है वो लोगों को मारता है धमकाता है आके
  333. 11:12फिजूल चीजें करता है कोई शराब वगैरह पीता
  334. 11:14है या कुछ भी करता है जो चौथा बंदा होगा
  335. 11:16वो कहेगा यार जब जिस दिन मेरे पास माल आ
  336. 11:18गया ना या जिससे मेरे पास पैसे आ गए थोड़े
  337. 11:20बहुत मैं इसी तरह करूंगा जैसे थर्ड पर्सन
  338. 11:22कर रहा है अब जो उसका बॉटल लेग है जो वो
  339. 11:24चीजें नहीं कर पा रहा वो सिर्फ और सिर्फ
  340. 11:26पैसा है उसकी इंटेंशंस उतनी ही बुरी हैं।
  341. 11:29अगर आप अब डिफर डिफरेंस देखें के सेकंड
  342. 11:31पर्सन और फोर्थ पर्सन बिल्कुल एक्सैक्टली
  343. 11:34सेम बात कर रहे हैं। वो बात क्या कर रहे
  344. 11:35हैं कि अगर मेरे पास पैसा आता तो मैं ये
  345. 11:37ये चीजें करता। लेकिन सेकंड पर्सन क्या कह
  346. 11:39रहा है कि मैं अच्छी चीजें करता। उसकी
  347. 11:40इंटेंशंस ये थी मैं ज्यादा माल देता। मैं
  348. 11:43हलाल कमाने की कोशिश करता और अपनी जिंदगी
  349. 11:45अच्छी करता। अपने खानदान में जिंदगी अच्छी
  350. 11:47करता और आसपास लोगों को अपने माल में से
  351. 11:50अपने उनके हक देता। लेकिन चौथा बंदा क्या
  352. 11:52कह रहा है? जैसे ही मेरे पास माल आएगा तो
  353. 11:53मैं वही चीजें करूंगा। तीसरा बंदा करता
  354. 11:55है। यानी मैं अपने माल को उड़ाऊंगा। मैं
  355. 11:58लोगों को मारू पीटूंगा। मैं बुरी चीजें
  356. 12:00करूंगा। तो उसका जो गुनाह है वो
  357. 12:02एक्सजेक्टली उस तीसरे बंदे जैसा होगा।
  358. 12:04यानी वो जो वर्ड्स रैंक में कैटेगराइज हुआ
  359. 12:06था। चौथे बंदे को एक्सजेक्टली वैसा ही
  360. 12:08गुनाह मिल रहा है। तो अब आपको थोड़ा सा
  361. 12:10समझ आया कि ये जो हदीस है इसमें चार लोगों
  362. 12:13का जिक्र किया गया है। और अगर आपको मैं
  363. 12:14इसको कंप्लीट तरीके से समझाने की कोशिश
  364. 12:16करूं तो इसमें चार लोगों को जिक्र तो किया
  365. 12:19गया है लेकिन मेरे मेरी नॉलेज या मैंने
  366. 12:21जिस तरह इस चीज को समझा है उसके मुताबिक
  367. 12:23दो टेस्ट है। आपको देके भी आजमाया जा रहा
  368. 12:25है और आपके पास जब नहीं है तो आपको तब भी
  369. 12:27आजमाया जा रहा है। तो जो पहला टेस्ट है
  370. 12:29इट्स अ टेस्ट ऑफ़ पोज़ेशन। यानी अगर आपको
  371. 12:32माल दिया गया है तो आपको ये पता होना
  372. 12:34चाहिए कि मैंने ये हलाल तरीके से कमाना
  373. 12:36है। हलाल तरीके से रखना है और मेरे जो
  374. 12:38राइट्स एसोसिएटेड है इस मनी के साथ इस
  375. 12:40पैसे के साथ मैंने उनको अदा करना है। जब
  376. 12:42तक आप इसको अदा नहीं करेंगे तो आप वर्स्ट
  377. 12:45कैटेगरी में भी जा सकते हैं। तो जो पहले
  378. 12:47बंदे और तीसरे बंदे में जो मेन डिफरेंस था
  379. 12:49वो इन इसी चीज का था कि उनके पास पैसा है
  380. 12:52लेकिन उन एक के पास डायरेक्शन है कि
  381. 12:54डायरेक्शन अल्लाह की तरफ है। दूसरे की
  382. 12:56डायरेक्शन बिल्कुल ऑोजिट डायरेक्शन के
  383. 12:57अंदर है। वो अल्लाह से नहीं डरा रहा। और
  384. 12:59वो जो जो चीजें उसको मना की गई है वो वही
  385. 13:01चीजें कर रहा है। एंड द सेकंड टेस्ट इज़ इज़
  386. 13:04द टेस्ट ऑफ़ एस्पिरेशन। यानी मैं
  387. 13:06इंस्पायर्ड किस चीजों से हूं कि सेकंड
  388. 13:08बंदा जो पर्सन टू था वो इंस्पायर्ड था
  389. 13:10फ्रॉम पर्सन वन। तो उसका जो रैंक था वो भी
  390. 13:12पर्सन वन की तरह ही था। लेकिन जो फोर्थ
  391. 13:15पर्सन था वो इंस्पायर्ड था फ्रॉम पर्सन
  392. 13:17थ्री। तो उसका जो गुनाह था वो पर्सन थ्री
  393. 13:19की ही तरह था। इसको मैं हमेशा इस तरह
  394. 13:21समझता हूं और शायद आपने अभी आसपास ये चीज
  395. 13:22नोट की हो और देखी होगी कि TikTok पे अगर
  396. 13:25फॉर एग्जांपल कोई TikTटटॉकर है जो कि बड़ा
  397. 13:27मशहूर है और उसके पास ढेर सारा पैसा है और
  398. 13:30उसके पास माल तो है लेकिन उसके पास नॉलेज
  399. 13:32नहीं है और ये आप जब इस वीडियो के बाद जब
  400. 13:34भी किसी को देखेंगे ना तो आप ऑटोमेटिकली
  401. 13:36ना बंदों को चार कैटेगरी में खुद ही
  402. 13:38डिफाइन कर देंगे। तो उस बंदे के पास माल
  403. 13:40तो है लेकिन नॉलेज नहीं है जिसकी वजह से
  404. 13:42अपना कंटेंट ऐसा बना रहा है जो कि अल्लाह
  405. 13:44को पसंद नहीं है। वो चीजें ऐसे कर रहा है
  406. 13:45जिसकी वजह से जो बड़ी नापसंदीदा चीजें हैं
  407. 13:48तो और लोगों को जाके अपना रोब दिखाता है।
  408. 13:51अपनी फेम यूज़ करके लोगों का फायदा उठाता
  409. 13:53है। तो उसको उसके मुताबिक उसका गुनाह
  410. 13:55मिलेगा। लेकिन जो चौथा पर्सन है वो इन्हीं
  411. 13:57टिकटटॉकर्स को देख के कहता है कि यार
  412. 13:59कितना कूल बंदा है। ये जब निकलता है ना
  413. 14:01सारे मुड़ के उसको देखते हैं। ये जब कहीं
  414. 14:03पे जाके अपनी गाड़ी को रोकता है ना तो
  415. 14:04सारे डर के पीछे हो जाते हैं। ये किसी को
  416. 14:06मारता है ना तो कोई उसके आसपास नहीं आता।
  417. 14:09ये जब शराब पीता है ना तो नशे में ऐसी-ऐसी
  418. 14:11चीजें करता है। तो उसकी इस एस्पिरेशन यानी
  419. 14:14उसकी इंस्पिरेशन वो बंदा है थर्ड पर्सन।
  420. 14:16अब वो चीजें सब कुछ वो क्यों नहीं कर पा
  421. 14:19रहा? क्योंकि उसके पास पैसा नहीं है, उसके
  422. 14:21पास फेम नहीं है, उसके पास फॉलोविंग नहीं
  423. 14:22है। जैसे ही उनमें से कोई चीज भी उसके
  424. 14:24चौथे बंदे के पास आ गई, तो वो सारी चीजें
  425. 14:27वही करेगा जो कि थर्ड पर्सन ऑलरेडी कर रहा
  426. 14:29है। तो जो थर्ड पर्सन का गुनाह है वो चौथे
  427. 14:31बंदे को भी ऑटोमेटिकली मिल जाएगा। बिकॉज़
  428. 14:33उसकी जो रुकावट है वो सिर्फ और सिर्फ पैसा
  429. 14:35है। एंड बिफोर आई मूव फॉरवर्ड यहां पे मैं
  430. 14:38एक चीज़ क्लियर करना चाहता हूं कि इस इस
  431. 14:39हदीस में ये चीज़ एक्सप्लेन नहीं की गई कि
  432. 14:42जो पर्सन टू है उसकी अगर इंटेंशंस अच्छी
  433. 14:45हैं तो ऑटोमेटिकली उसके पास वेल्थ आ जाएगी
  434. 14:47और वो पर्सन वन बन जाएगा। और जो पर्सन फोर
  435. 14:49है उसकी इंटेंशंस बुरी हैं तो उसके पास
  436. 14:51पैसा आ जाएगा तो पर्सन थ्री बन जाएगा।
  437. 14:53पैसा आना या ना आना इज़ अ कंप्लीट डिफरेंट
  438. 14:55डिस्कशन। कंप्लीट डिफरेंट डिबेट। यहां पे
  439. 14:57जिस टेस्ट जिस चीज के ऊपर बात की जा रही
  440. 14:59है वो दो टेस्ट हैं। यानी अगर आपके पास
  441. 15:02पैसा है तो भी आपके ऊपर टेस्ट है कि अपनी
  442. 15:04पोज़ेशन के साथ आप क्या कर रहे हैं? उसको
  443. 15:06किस डायरेक्शन में लेके जा रहे हैं। और
  444. 15:07अगर आपके पास पैसा नहीं है तो आप किन
  445. 15:09लोगों से इंस्पायर्ड हैं। आप किस तरह
  446. 15:11चीजें करना चाहते हैं? वो चीज मैटर करती
  447. 15:13है। बिकॉज़ अगर आप घर में बैठ के ऐसा
  448. 15:15कंटेंट देखते हैं, ऐसे यूटर्स को देखते
  449. 15:17हैं, ऐसे वॉगर्स को देखते हैं जो कि बुरी
  450. 15:19चीजें कर रहे हैं और आप चाहते हैं कि यार
  451. 15:20मैं भी ऐसा बनूंगा और आपको ये लगता है कि
  452. 15:22इस चीज का मुझे कोई गुनाह नहीं होगा तो आप
  453. 15:24इस चीज में बहुत गलत हैं। और इस हदीस ने
  454. 15:26ये चीज प्रूफ कर दी है। हमें ये लगता है
  455. 15:28कि जिसके पास ज्यादा पैसा है वो हराम का
  456. 15:29पैसा होगा। बुरा पैसा होगा, बुरा आदमी
  457. 15:31होगा। इस हदीस ने उस चीज को बिल्कुल गलत
  458. 15:33साबित कर दिया है। और हमें यह लगता है कि
  459. 15:35एक आदमी के पास पैसा नहीं है। वो अच्छा
  460. 15:37आदमी है। अल्लाह के करीब है। और इस हदीस
  461. 15:39ने उस कांसेप्ट को भी कंप्लीटली किल कर
  462. 15:41दिया है। तो यहां से मुझे हमेशा एक चीज
  463. 15:43ट्रिगर होती थी कि अगर इस्लाम ने हमें मना
  464. 15:45नहीं किया पैसे को लेके तो हम क्यों
  465. 15:47ज्यादा पैसे कमाने वाले को हराम कहते हैं
  466. 15:49और एक्चुअल में हमारे माइंड में चीजें हो
  467. 15:51कैसे रही होती है और ये हमारे लिए कितनी
  468. 15:53ज्यादा डेंजरस हैं। क्योंकि इस्लाम में
  469. 15:54अगर आपके पास पैसा है और आप उस पैसे का हक
  470. 15:57अदा कर रहे हैं। तो आप डिफरेंट काफी लोगों
  471. 16:00का भला कर रहे हैं। से सोसाइटी के अंदर
  472. 16:02एनवायरमेंट के अंदर एक एक पॉजिटिव इंपैक्ट
  473. 16:04आ रहा है। तो अगर जब आप पैसे को ज्यादा
  474. 16:06कमा ही नहीं रहे और आप हमेशा आपके ज़हन के
  475. 16:08अंदर चीज़ बैठ गई है कि ज्यादा पैसा कमाने
  476. 16:10वाला हराम कमाता है तो आप ज्यादा पैसा
  477. 16:12कमाएंगे नहीं तो वो पॉजिटिव इंपैक्ट आप
  478. 16:14लेके नहीं आ रहे। फॉर एग्जांपल मैं आपको
  479. 16:16एक एग्जांपल से समझाने की कोशिश करता हूं
  480. 16:17के पाकिस्तान के अंदर ये जो मनी
  481. 16:19कांसेप्ट्स है कितने खराब हो चुके हैं।
  482. 16:21मैं राम सफा जो कि एक क्रिएटर हैं। मैं
  483. 16:23उनकी वीडियो देख रहा था जिसके अंदर
  484. 16:24उन्होंने एक पेड कोलैबोरेशन की विद अ
  485. 16:26रेस्टोरेंट जो कि कराची के अंदर था जो कि
  486. 16:28स्टेक्स बेचता था। अब उनकी जो स्टेक्स थी
  487. 16:30वो वैग्यू बीफ और वो सारी चीजें थी जो कि
  488. 16:32काफी महंगी चीजें होती हैं। अब जो एक
  489. 16:35स्टेक थी वो 500 से लेके 1.5 लाख की एक
  490. 16:37स्टेक थी। मतलब एक बंदे का मील 50 से 1.5
  491. 16:40लाख के बीच में था। अब अगर वो बंदा पैसे
  492. 16:43कमा रहा है। अगर उसके पैसा हलाल का पैसा
  493. 16:46है। अगर वो अपने पैसे के राइट्स को पूरा
  494. 16:47कर रहा है और 50 लाख जाके स्टेक खा रहा है
  495. 16:49तो देयर इज़ नथिंग रोंग विद। इस्लाम इस चीज
  496. 16:51को बिल्कुल गलत नहीं कहता। अगर वो सारी
  497. 16:53चीजें बिल्कुल कंप्लीट पूरी कर रहा है।
  498. 16:55लेकिन उस वीडियो के नीचे जो कमेंट्स थे ना
  499. 16:57वो पढ़ के यार मैं डिप्रेस हो गया था।
  500. 17:00कमेंट्स ये थे कि भाई तेरा तो हराम का
  501. 17:02पैसा है। तू एक दिन हराम दोज की आग में
  502. 17:04जलेगा। तेरे जैसे लोग पूरी पूरे
  503. 17:07मुशरे को खराब करते हैं। दिस एंड दैट। और
  504. 17:10मैं वो जब कमेंट्स पढ़ रहा था तो मेरे ज़हन
  505. 17:12में एक ट्रिगर हो रही थी कि यार ये लोग
  506. 17:13ऐसा क्यों सोच रहे हैं? उन्होंने ये
  507. 17:15इन्वेस्ट इन्वेस्टिगेट नहीं किया कि ये जो
  508. 17:17राम सफा है इनका सोर्स ऑफ इनकम क्या है?
  509. 17:19ये इसका पैसा आ कहां से रहा है? ये अपने
  510. 17:21राइट्स को पूरा कर रहा है या नहीं कर रहा।
  511. 17:23बल्कि वो जजमेंट पे पहुंच गए हैं कि भाई
  512. 17:24तेरा तो हराम का पैसा है तो तू तो बिल्कुल
  513. 17:26दुनिया से भी फारग है और दुनिया के बाद भी
  514. 17:29फारग है। तो मैं जब ये चीजें देखी तो मुझे
  515. 17:32ये चीज ट्रिगर हुई कि यार ऐसी चीजें देख
  516. 17:35के अगर फॉर एग्जांपल के मेरे जैसा कोई
  517. 17:37बंदा है जो कि मेरी ऐज का बंदा है और वो
  518. 17:40मुझसे ज्यादा सक्सेसफुल है। मेरे से
  519. 17:42ज्यादा उसके पास पैसा है तो उसको देख के
  520. 17:44मेरे अंदर दो किस्म की थॉट्स ट्रिगर हो
  521. 17:46सकती हैं। एक पहली थॉट तो ये होगी कि यार
  522. 17:48ये बंदा कितना फिट है। कितना इससे ज्यादा
  523. 17:50पैसा कमा लिया है। तो पहले मैं यह चीज़
  524. 17:52इन्वेस्टिगेट करूंगा यार यह वाकई पैसा
  525. 17:53हलाल का है या नहीं। जो इसका सोर्स ऑफ़
  526. 17:55इनकम है क्या यह वाकई हलाल की है या नहीं।
  527. 17:57तो अगर ये सब चीजें टिक हो जाती हैं तो तब
  528. 17:59मैं कोशिश करूंगा उससे कुछ ना कुछ सीख
  529. 18:01सकूं। या तो उसको देख के सीख सकूं या उससे
  530. 18:03कुछ पूछ के सीख सकूं ताकि मैं अपनी जिंदगी
  531. 18:04को बेहतर कर सकूं। अपने लिए ज्यादा पैसे
  532. 18:06कमा सकूं ताकि मैं अपनी फैमिली की जिंदगी
  533. 18:08बेहतर कर सकूं और मैं आसपास लोगों के जो
  534. 18:11राइट्स हैं वो भी मैंने दे सकूं कि मैं
  535. 18:12अगर मेरे पास ज्यादा पैसा आ रहा है। जो
  536. 18:14सेकंड थॉट मेरे ज़हन में आएगी वो ये आएगी
  537. 18:16कि यार इस बंदे से तो मैंने बेहतर होना
  538. 18:18है। अब मैं किस तरह बेहतर हो सकता हूं। अब
  539. 18:20पैसा तो मैं ज़्यादा नहीं कमा सकता क्योंकि
  540. 18:22ऑटोमेटिकली मैंने यह तस्लीम कर लिया कि यह
  541. 18:24बंदा मुझसे बेहतर है। यह मुझसे ज़्यादा
  542. 18:25पैसा कमा रहा है। अब इससे ज़्यादा पैसे तो
  543. 18:27मैं नहीं कमा सकता। मैंने ऑटोमेटिकली
  544. 18:29डिफिट अपने ज़हन के अंदर अपनी हार मान ली
  545. 18:31है। अब मुझे इसको फिर भी हराना है। अब मैं
  546. 18:34कैसे हरा सकता हूं? मैं एक डिफरेंट गेम
  547. 18:36खेलूंगा। अब मैं मोरली उसको हराने की
  548. 18:38कोशिश करूंगा। अब मैं इसको ये बोलूंगा कि
  549. 18:39यार इसके पास पैसा ज्यादा है लेकिन
  550. 18:41एटलीस्ट मेरा पैसा तो हलाल का है ना। ये
  551. 18:43तो हराम का कमा रहा है। अगर इसके पास बड़ा
  552. 18:45घर है ना तो कहेगा यार इसके पास बेशक बड़ा
  553. 18:46घर हो। मेरा घर छोटा है लेकिन एटलीस्ट
  554. 18:48मेरे पास सुकून तो है। अब मैंने उसको
  555. 18:50बिल्कुल डिफरेंट गेम में बीट करना स्टार्ट
  556. 18:52कर दिया है। अब मेरे रूल्स हैं। मैं उसको
  557. 18:53मोरली गेम के अंदर बीट करने की कोशिश कर
  558. 18:55रहा हूं। क्योंकि अब मैं उससे बेहतर हो
  559. 18:57गया हूं। अब हो क्या रहा है आपके दिमाग के
  560. 19:00साथ कि अगर आप किसी से बेहतर हो चुके हैं
  561. 19:02तो आपका दिमाग आपको फोर्स नहीं करेगा कि
  562. 19:04अपने आप को बेहतर करने के लिए। फॉर
  563. 19:06एग्जांपल अगर एक बंदा मुझसे बेहतर है।
  564. 19:07मैंने मान लिया कि वो पैसे ज्यादा कमा रहा
  565. 19:09है। लेकिन मैंने उसको अपनी गेम के अंदर
  566. 19:11हरा के उसको अपने आप से नीचे कर दिया। ये
  567. 19:13कह है कि ये बंदा हराम कमाता है या ये
  568. 19:15बंदे के पास सुकून नहीं है। अब मैं उससे
  569. 19:17बेहतर हो गया हूं। अब मैं वो चीजें करूंगा
  570. 19:18ही नहीं जो वो बंदा कर रहा है। फॉर
  571. 19:20एग्जांपल अगर वो ज्यादा पैसे कमा रहा है।
  572. 19:21उसके पास कोई ऐसा स्किल है। वो स्किल मैं
  573. 19:23सीखूंगा ही नहीं। बिकॉज़ मेरे नजदीक तो
  574. 19:25उसके लिए ही हराम है। वो स्किल बेशक हराम
  575. 19:26ना हो। मैंने अपनी डेफिनेशन बना ली है उस
  576. 19:28पैसे की कि या तो ये स्किल ही हराम है।
  577. 19:30मैं क्यों सीखूं? जिसकी वजह से हो क्या
  578. 19:31रहा है कि मैं वहीं पे स्टक रहूंगा अपनी
  579. 19:33जिंदगी के अंदर। और मैं 10-15 साल के बाद
  580. 19:35यह सोचूंगा यार बाकी लोग भी मेहनत करते
  581. 19:36हैं मैं भी मेहनत करता हूं। मैं पीछे
  582. 19:37क्यों रह गया हूं। वह आप पीछे इसलिए रह गए
  583. 19:39हैं कि आपका जो थॉट प्रोसेस था मनी को
  584. 19:41लेके वही गलत था। इस्लाम ने आपको ऐसी कोई
  585. 19:44चीज नहीं सिखाई। बल्कि उल्टा अगर आप यह
  586. 19:46सोच रहे हैं कि इस्लाम अपनी लिमिटेशंस को
  587. 19:48इस्लाम के ऊपर डाल रहे हैं और आप यह कह
  588. 19:50रहे हैं इस्लाम ने मुझे रोका था चीजें
  589. 19:52करने के लिए जो बिलकुल गलत है। और यह
  590. 19:53उल्टा आपको इस चीज का गुनाह मिल रहा है।
  591. 19:55तो हमारी डेफिनेशंस फ्लॉड है। और इन चीजों
  592. 19:58को देखना समझना बहुत जरूरी है। अभी तक तो
  593. 20:00आपको ये समझ कंप्लीटली आ चुकी होगी कि अगर
  594. 20:02किसी के पास पैसा है ना तो इस्लाम उसको
  595. 20:05उसकी विज़िबल चीज के ऊपर जज नहीं कर रहा।
  596. 20:07बल्कि वो ये जज कर रहा है कि अपने पैसे की
  597. 20:09डायरेक्शन, उसकी इंटेंशंस और अपने उस पैसे
  598. 20:11का राइट्स वो दे रहा है या नहीं दे रहा।
  599. 20:13अगर तो वो दे रहा है तो वो बेस्ट रैंक में
  600. 20:15आता है। ये हदीस के वर्ड्स हैं कि बेस्ट
  601. 20:17रैंक में आता है। और एक ऐसा आदमी जिसके
  602. 20:19पास बेशक पैसा नहीं है लेकिन उसकी
  603. 20:21इंटेंशंस एक बुरे आदमी की तरह हैं कि मैं
  604. 20:24जबगाऊंगा मेरे पास पैसा आएगा। मैं ये ये
  605. 20:26चीज़ करूंगा और अपने आपको वो रोक रहा है तो
  606. 20:28वर्ड्स रैंक के मुताबिक उसको जज किया जा
  607. 20:30रहा है। तो ये वो जो नॉर्मल नैरेटिव है ना
  608. 20:32मार्केट के अंदर जो हर कोई बोल रहा होता
  609. 20:34है ये उसको कंप्लीटली नेगेट करता है।
  610. 20:36जिससे मुझे एक चीज़ ट्रिगर होती है कि भाई
  611. 20:38इस्लाम को हमने सिर्फ मोरली देखा है कि
  612. 20:40हमने ये ये चीजें करनी है तो हमें आखिरत
  613. 20:42हमारी अच्छी हो जाएगी जो कि हो जाएगी
  614. 20:43जिसके मुताबिक हम जिंदगी नहीं गुजार सकते।
  615. 20:46लेकिन इस्लाम ने हमें जिंदगी गुजारने का
  616. 20:47सही तरीके में एक डेफिनेशन दी है। एक
  617. 20:49फ्रेमवर्क दिया है। जिसको हमने कभी नहीं
  618. 20:51समझा। इसलिए मेरी ये पूरी सीरीज बनाने का
  619. 20:54मकसद ये है कि मैं आपको इस्लाम की लर्निंग
  620. 20:56सिखा सकूं जिससे आपकी जिंदगी बेहतर हो
  621. 20:58सकती है। आप जिंदगी में अपनी जिंदगी बेहतर
  622. 21:00गुजार सकते हैं और आप अपनी आखिरत को भी
  623. 21:02बेहतर गुजार सकते हैं। और इसीलिए मैंने
  624. 21:04अपनी जो दुआ मांगने का जो मेरा पूरा एक
  625. 21:07चीज थी ना मैंने वही चेंज कर दी और जब भी
  626. 21:09मैं दुआ मांगता हूं तो मैं अल्लाह से
  627. 21:10ज्यादा पैसे की डिमांड करता हूं कि अल्लाह
  628. 21:12पाक मुझे ज्यादा आप पैसा दें ताकि मैं
  629. 21:15आपके पैसे को यूज़ करके उसके राइट्स को
  630. 21:17देके मैं किसी और का जरिया बन सकूं। इसलिए
  631. 21:20नहीं कि मैं कोई बहुत बड़ी चीज हूं। मैं
  632. 21:21किसी का जरिया बन लूं। मेरे अंदर वो थॉट
  633. 21:23प्रोसेस है ही नहीं कि अगर मुझे पैसा मिल
  634. 21:25रहा है तो वो पैसा मेरा है। अल्लाह ने वो
  635. 21:27मुझे पैसा दिया है उन राइट्स के साथ दिया।
  636. 21:29अगर मैं वो राइट्स को पूरा करूंगा तो
  637. 21:31अल्लाह पाक मुझे और देंगे। ये मेरा बड़ा
  638. 21:33फर्म बिलीफ है। तो मैं अल्लाह पाक से
  639. 21:34हमेशा यही दुआ करता हूं कि अल्लाह पाक अगर
  640. 21:36मुझे आप पैसा दे रहे हैं तो मुझे आप
  641. 21:38ज्यादा पैसा दें ताकि मैं ज्यादा से
  642. 21:40ज्यादा लोगों की हेल्प कर सकूं। मैं
  643. 21:41ज्यादा से ज्यादा लोगों को इनेबल कर सकूं।
  644. 21:43मैं ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपना नॉलेज
  645. 21:45दे सकूं। अगर मैं किसी का जरिया बनता हूं
  646. 21:47तो मेरे रिज़्क का जरिया भी कोई बन रहा है।
  647. 21:49तो ये जो पूरा निजाम अल्लाह पाक चला रहे
  648. 21:51हैं वो किसी ना किसी एक दूसरे का जरिया
  649. 21:53बना के ही चला रहे हैं। तो व्हाई नॉट एस
  650. 21:55मोर मनी फ्रॉम अल्लाह ताकि आप उस पैसे का
  651. 21:58हक़ अदा करके सब लोगों के आसपास जिंदगी को
  652. 22:01बेहतर कर सकें और इस फर्म बिलीव से कर
  653. 22:03सके। ये जो पैसा मुझे मिला है इसमें मेरा
  654. 22:04कोई बहुत बड़ा कमाल नहीं है। अल्लाह ने
  655. 22:06मुझे वो स्किल जो सीखा था वो भी अल्लाह ने
  656. 22:08सिखाया। जहां में मैं काम बिनेस सब कुछ कर
  657. 22:10रहा हूं वो भी अल्लाह का दिया हुआ है और
  658. 22:12जो मुझे माल आ रहा है वो भी अल्लाह का
  659. 22:13दिया हुआ है जिसमें से मैंने उन राइट्स को
  660. 22:15देना है। जब हम यह समझ लेंगे, मान लेंगे,
  661. 22:18उसको अपने जिस्म के अंदर, अपनी रूह के
  662. 22:20अंदर, अपने दिमाग के अंदर कंप्लीट तरीके
  663. 22:21से जजब कर लेंगे, तो हमारी फाइनेंसियल
  664. 22:23लाइफ भी बेहतर होना स्टार्ट हो जाएगी। नॉट
  665. 22:26मैजिकली, बड़ा-बड़ा सिस्टमैटिक तरीके से। और
  666. 22:28यहां पे जो मैंने इंटेंशंस का बार-बार
  667. 22:30जिक्र किया हुआ है ना, आपने ये चीज़ भी
  668. 22:32देखनी है कि अगर आपकी जिंदगी में पैसे
  669. 22:34नहीं है, तो आज आप उस इंटेंशन को लेके
  670. 22:38क्या कर रहे हैं? फॉर एग्जांपल अगर मैं एक
  671. 22:40बहुत बड़ी कंपनी चलाना चाहता हूं जिसमें
  672. 22:42ढेर सारे एंप्लॉयज़ रखना चाहता हूं तो क्या
  673. 22:44जो मेरे पास अभी एक दो तीन एंप्लॉयज़ हैं
  674. 22:46मैं उनको टाइम पे पैसे दे रहा हूं। उनके
  675. 22:48हक को अदा कर रहा हूं। मैं अपनी फैमिली के
  676. 22:50हक को अदा कर रहा हूं। मैं मेरे पास जितने
  677. 22:51पैसे हैं उनमें से थोड़ी बहुत जो चैरिटी
  678. 22:53मेरे ऊपर लागू होती है मैं क्या वो दे रहा
  679. 22:55हूं। तो अगर मेरे पास माल कम है ना तो
  680. 22:57मुझे आज से मेरा टेस्ट स्टार्ट है। मैं
  681. 22:59कितना आज उस प्रूफ दे रहा हूं कि मैं मेरी
  682. 23:01जब मेरे पास माल ज्यादा हो जाएगा तो मैं
  683. 23:04वो चीजें ज्यादा कर दूंगा। अगर आप यह
  684. 23:06सोचते रहेंगे कि भाई मेरे पास जब माल
  685. 23:07ज्यादा होगा मैं तभी सब कुछ करूंगा मैं तब
  686. 23:09भी ज्यादा माल दूंगा तो आपकी इंटेंशंस
  687. 23:11मैटर करती हैं तो आपकी इंटेंशन आज से
  688. 23:14अच्छी होनी चाहिए और वो बड़ी छोटी चीज हो
  689. 23:15सकती है फॉर एग्जांपल अगर आपके पास माल
  690. 23:17नहीं है लेकिन आपके पास एक ऐसी चीज है एक
  691. 23:19ऐसी नॉलेज है जो आप किसी और को दे सकते
  692. 23:21हैं बेशक उस बंदे के पास ज्यादा नॉलेज है
  693. 23:23लेकिन आप अपनी पूरी इंटेंशनंस प्योर
  694. 23:24इंटेंशंस उसको सब कुछ बता देंगे जो आपको
  695. 23:27पता है। उस इंटेंशंस का बदला अल्लाह पाक
  696. 23:30आपको लाजमी देंगे बिकॉज़ इंटेंशंस मैटर्स।
  697. 23:32और आज हमने यह चीज बड़े डिटेल में सीख ली
  698. 23:35है। सो, इस हदीस के ऊपर रिफ्लेक्ट करने के
  699. 23:37बाद मैंने एक फ्रेमवर्क बनाया है जो कि
  700. 23:39मैं अपनी जिंदगी पे अप्लाई करने की कोशिश
  701. 23:40करता हूं। जो मैंने चीज़ें सीखी हैं उसको
  702. 23:42अप्लाई करने की कोशिश करता हूं। और इस
  703. 23:44फ्रेमवर्क का मैंने नाम दिया है मनी मिरर।
  704. 23:46कि जब भी मैं किसी और के पैसे को देखूंगा
  705. 23:48और जो रिएक्शन मेरे अंदर डेवलप होगा तो
  706. 23:50मैं सबसे पहले एक तीन सवाल करूंगा अपने आप
  707. 23:52से। सबसे पहला सवाल ये होगा कि मेरे पास
  708. 23:54एविडेंस क्या है इस चीज का? यानी ये बंदा
  709. 23:56जो पैसा कमा रहा है या जो पैसा मेरे सामने
  710. 23:59नजर आ रहा है क्या ये हलाल का पैसा है?
  711. 24:01क्या मेरे पास एविडेंस है इतना इनफ कि मैं
  712. 24:04उसको कुछ किसी कैटेगरी में डाल सकूं हलाल
  713. 24:06कैटेगरी में हराम कैटेगरी के अंदर या ये
  714. 24:09चीज मैं करना चाहूं जब तक मेरे पास इनफ
  715. 24:10एविडेंस नहीं होगा तो मैं उसका एविडेंस
  716. 24:13लेने की कोशिश करूंगा। अगर मेरे पास टाइम
  717. 24:15या मैं एविडेंस नहीं लेना चाह रहा या
  718. 24:16एविडेंस अवेलेबल नहीं है तो मैं जजमेंट
  719. 24:18उसके ऊपर नहीं दूंगा जब तक मेरे पास वो
  720. 24:20इनफ एविडेंस नहीं आ जाता। इससे क्या होगा
  721. 24:22कि अगर कोई बंदा 50,000 की स्टेक खा रहा
  722. 24:24है तो मैं उसको देख के ये नहीं कहूंगा कि
  723. 24:26यह हराम का पैसा है। बिकॉज़ अगर एविडेंस
  724. 24:28नहीं एक्सज़िस्ट करता तो मैं उसका मामला
  725. 24:30अल्लाह के साथ छोड़ दूंगा। मैं खुद जजमेंट
  726. 24:32बनके उसको कोई जज बनके उसको कोई जजमेंट
  727. 24:35नहीं दूंगा। सेकंड क्वेश्चन इज़ कि जब मेरे
  728. 24:37पास माल आ जाएगा तो मैं उसका क्या करूंगा?
  729. 24:39आपने क्लोजली देखना है कि आप अपने
  730. 24:41एल्गोरिदम जो आपका सोशल एल्गोरिदम है,
  731. 24:43आपके मीडिया का एल्गोरिदम है, उसमें आप
  732. 24:45किन चीजों को फॉलो कर रहे हैं? किन लोगों
  733. 24:46को फॉलो कर रहे हैं और वो चीजें आपको क्या
  734. 24:48सिखा रहे हैं। बिकॉज़ ये बड़ा चीज़ मैटर करती
  735. 24:50है। अगर आप एक ऐसे टिकटटॉकर को फॉलो करते
  736. 24:52हैं जो कि इनडायरेक्टली आपके माइंड को
  737. 24:54ट्रीट कर रहा है कि जब आपके पास पैसा आएगा
  738. 24:56ना तो बेशक किसी को गाड़ी में मार दो, किसी
  739. 24:58को चपेड़े मार दो तो कोई फायदा फर्क नहीं
  740. 25:00पड़ेगा। तो आपका माइंड उस चीज़ से ट्रेन हो
  741. 25:02रहा है। तो आपने सीट बैक करना है। देखना
  742. 25:05है कि आप किन लोगों को फॉलो करते हैं। अगर
  743. 25:07आपके पास कल को पैसा आ जाए, आपके पास फेम
  744. 25:09आ जाए, आपके पास फॉलोइंग आ जाए। जो जो
  745. 25:11चीजें हैं आप आज डिमांड करते हैं कि यार
  746. 25:13काश मेरे पास होती वो आपके पास आ गई हैं
  747. 25:16तो अब आप उनका क्या करोगे? आप उनको राइट
  748. 25:18तरीके से यूज़ करोगे या फिर उन लोगों की
  749. 25:21तरह फायदा उठाने की कोशिश करोगे। इसका
  750. 25:22जवाब सिर्फ आप दे सकते हैं और इंटरनली
  751. 25:24आपको इसका जवाब पता होगा। एंड द थर्ड चीज
  752. 25:27कि मैं आज क्या प्रूफ दे रहा हूं? यानी
  753. 25:29अगर मेरे पास आज पैसा नहीं है तो क्या
  754. 25:31मेरी जिंदगी में इनफ प्रूफ है कि जब मेरे
  755. 25:33पास पैसा आ जाएगा तो मैं वो चीजें करूंगा
  756. 25:35जो मैं आज सोच रहा हूं। यानी मैं सोच रहा
  757. 25:37हूं मैं कल किसी को बहुत ज्यादा डोनेशन
  758. 25:39करूंगा। मैं इन लोगों की हेल्प करूंगा।
  759. 25:40मैं उन लोगों की हेल्प करूंगा। लेकिन क्या
  760. 25:42आज मैं अपने छोटे लिमिटेशंस के साथ किसी
  761. 25:44की हेल्प करने की कोशिश कर रहा हूं। माल
  762. 25:46के साथ, नॉलेज के साथ, कोई मशवरा देके
  763. 25:48किसी ना किसी तरीके से आज कोई प्रूफ
  764. 25:50एक्सिस्ट करता है। अगर वो प्रूफ एक्सिस्ट
  765. 25:52नहीं करता तो आप आज से इसके ऊपर काम शुरू
  766. 25:55करें। बिकॉज़ इंटेंशंस मैटर्स आपकी एक-एक
  767. 25:58इंटेंशन मैटर करती है। प्योर इंटेंशन से
  768. 26:00आप कोई काम करेंगे। जरूरी नहीं है कि आप
  769. 26:02चैरिटी करें। आपके पास शायद चैरिटी आपके
  770. 26:04ऊपर लागू भी ना होती हो अगर आप इतना नहीं
  771. 26:05कमा रहे। लेकिन आपकी इंटेंशंस मैटर करती
  772. 26:08हैं। आपका दिल मैटर करता है। आप किसी की
  773. 26:09सच्चे दिल से मदद करना, किसी को सच्चे दिल
  774. 26:12से मशवरा देना ये चीजें मैटर करती हैं। और
  775. 26:14ये चीजें हमें अपनी जिंदगी में अप्लाई
  776. 26:16करनी है। तो ये थी आज की वीडियो। एंड होप
  777. 26:18आपको समझ आ गई होगी ये कैसे इस्लाम कैन बी
  778. 26:21योर फाइनेंसियल गाइड। इस्लाम हमारा मोरल
  779. 26:23गाइड तो है। इस चीज को हम मान के चलते
  780. 26:25हैं। लेकिन हमने कभी भी उसको उस नज़रिए से
  781. 26:27समझने की कोशिश नहीं की कि इस्लाम कैन बी
  782. 26:29योर फाइनेंसियल गाइड। क्योंकि हमें आखिर
  783. 26:31जिंदगी बेहतर इस्लाम करने का अगर बता रहा
  784. 26:33है तो इस्लाम हमें करंट जिंदगी को बेहतर
  785. 26:35करने का भी बता रहा है कि कैसे आप अपना
  786. 26:37बेस्ट वर्जन की तरह जी सकते हैं। अपनी मनी
  787. 26:39लाइफ को बेहतर कर सकते हैं। क्योंकि ऐसी
  788. 26:41काफी चीजें हैं जिसमें इंसान इस्लाम को और
  789. 26:44पैसे को भी कोई डिफरेंट कर देता है। लेकिन
  790. 26:46ये एक ही चीज है। इसलिए जो करंट सीरीज मैं
  791. 26:48बना रहा हूं इसलिए मेरा मकसद यही है कि
  792. 26:50कैसे मनी माइंड एंड इस्लाम मिलके आपके जो
  793. 26:53पूरी चीजों उस जो पूरा फ्रेमवर्क है जो
  794. 26:55अपनी पूरी जिंदगी है उसको वो क्लियर कर
  795. 26:57देते हैं। कैसे इस्लामिक साइकोलॉजी कैन
  796. 26:59प्ले अ पार्ट इन योर बिहेवियर्स बिहेवियर
  797. 27:02अराउंड मनी वो इन सब चीजों को कैसे कनेक्ट
  798. 27:04करके हम एक बेहतर जिंदगी गुजार सकते हैं
  799. 27:06और अपने आसपास लोगों की जिंदगी को बेहतर
  800. 27:08कर सकते हैं। तो इस हाई नोट पे मैं खत्म
  801. 27:10करना चाहूंगा। मिलते हैं अगली वीडियो में।
  802. 27:12तब तक दुआ में याद रखिएगा।

About this transcript

This page contains the full transcript of This Hadith Changed Why I Want More Money (And What I’d Do With It) by Zeeshan Ahmad, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 6,856 words across 802 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

What you can do with it

Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.

Free YouTube transcript tool

YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.