The Union Parliament | The Union Legislature | ICSE CIVIC 2026 | @sirtarunrupani — Transcript
Full transcript
- 0:00सिविक्स का चैप्टर यूनियन पार्लियामेंट
- 0:02लॉन्ग क्वेश्चन एक इस चैप्टर से 100%
- 0:05आएगा। ठीक है? और अब यूनियन पार्लियामेंट
- 0:07जब बात करते हैं पार्लियामेंट की तो आपको
- 0:09पार्लियामेंट की बिल्डिंग दिखाई दे रही
- 0:10होगी। शायद जो बिल्डिंग दिखाई दे रही है
- 0:12ये वाली नई है पार्लियामेंट की बिल्डिंग।
- 0:13हां पार्लियामेंट है क्या? क्या लोकसभा को
- 0:16पार्लियामेंट बोलते हैं? राज्यसभा को
- 0:17पार्लियामेंट बोलते हैं। तो मेरा जवाब है
- 0:19नहीं। पार्लियामेंट इज लोकसभा, राज्यसभा
- 0:21एंड दी प्रेसिडेंट। तीनों को मिला दो तो
- 0:24बन जाती है पार्लियामेंट। पर सर
- 0:25पार्लियामेंट है क्या? ये बिल्डिंग है
- 0:27क्या लोकसभा, राज्यसभा? नहीं।
- 0:28पार्लियामेंट इज दी सुप्रीम बॉडी व्हिच
- 0:30मेक्स लॉ फॉर दी नेशन। अब समझ में आया
- 0:32क्या है पार्लियामेंट? भारत का कानून
- 0:34बनाने वाली सबसे बड़ी बॉडी कौन सी है? तो
- 0:38जवाब है पार्लियामेंट। कहां है ये
- 0:40पार्लियामेंट? कहां है ये बिल्डिंग? कहां
- 0:42है लोकसभा? सब कुछ न्यू दिल्ली में। सब
- 0:44कुछ दिल्ली में है। समझ में आया? तो
- 0:46पार्लियामेंट क्या है? तो मैंने कहा
- 0:47प्रेसिडेंट और दोनों हाउस। दो हाउस कौन से
- 0:49बताया? लोकसभा मतलब हाउस ऑफ पीपल। मतलब
- 0:52वहां जहां जनता के प्रतिनिधि करते हैं।
- 0:54जहां आपके और मेरे द्वारा इेड डायरेक्टली
- 0:57इड मेंबर रहते हैं। उसे कहते हैं लोकसभा।
- 0:59और दूसरा क्या बताया? राज्यसभा। तो
- 1:02स्टेट्स हर स्टेट जो भारत में स्टेट्स हैं
- 1:04वो सारे स्टेट्स अपने रिप्रेजेंटेटिव
- 1:06राज्यसभा में भेजते हैं। इसीलिए उसका नाम
- 1:08है हाउस ऑफ हाउस ऑफ स्टेट्स। ठीक है? ठीक
- 1:11है? अब आते हैं पार्लियामेंट की बात समझ
- 1:13में आ गई क्या होती है? अब हमारे देश में
- 1:14जो गवर्नमेंट है वो किस टाइप की गवर्नमेंट
- 1:16है? तो हमारे देश में जो गवर्नमेंट है उसे
- 1:17कहते हैं फेडरल गवर्नमेंट। सर ये फेडरल
- 1:19गवर्नमेंट क्या होती है? तो एक ऐसी
- 1:21गवर्नमेंट जो कॉन्स्टिट्यूशन के बेस पर
- 1:24काम करती है। मतलब जहां पर पावर सेंट्रल
- 1:27मतलब यूनियन गवर्नमेंट और स्टेट गवर्नमेंट
- 1:28के बीच में डिवाइडेड होता है। दोनों ही
- 1:30अपने-अपने एरियाज में सुप्रीम है। मतलब जो
- 1:33काम स्टेट की गवर्नमेंट करेगी अपने स्टेट
- 1:35के लिए करेगी तो वही काम सेंट्रल
- 1:37गवर्नमेंट करती है। पूरे देश के लिए करती
- 1:39है। पर दोनों ही क्या है? अपने-अपने लॉज़
- 1:41को फॉलो करती हैं। जो कॉन्स्टिट्यूशन में
- 1:42उनको गिवन पावर्स हैं उसके अंदर रह के काम
- 1:44करते हैं। बात समझ में आ गई? सो दे बोथ आर
- 1:47सुप्रीम इन देयर ओन स्पियर्स एंड दे फॉलो
- 1:48दी गाइडलाइंस गिवन बाय दी कॉन्स्टिट्यूशन।
- 1:50ये सर कॉन्स्टिट्यूशन क्या है? द सुप्रीम
- 1:53लॉ ऑफ द लैंड। मतलब किसी भी देश को चलाने
- 1:55का नियम कानून। तो भारत में जो
- 1:57कॉन्स्टिट्यूट असेंबली बनाई गई थी 1946
- 1:59में उसने ही लिखा था भारत का संविधान। समझ
- 2:02में आया? हम लोग 26 जनवरी 26 जनवरी को कौन
- 2:05सा दिन मनाते हैं? तो हम लोग 26 जनवरी को
- 2:08हर साल मनाते हैं रिपब्लिक डे। तो
- 2:10कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ दी कंट्री जिसको चाहे
- 2:13सेंट्रल गवर्नमेंट हो चाहे स्टेट
- 2:14गवर्नमेंट हो इसको इसी के अंदर रह के काम
- 2:16करना पड़ता है। दी गवर्नमेंट वर्क्स विद
- 2:19इन दी पावर गिवन बाय दी कॉन्स्टिट्यूशन और
- 2:2226 जनवरी 1950 को हमारा कॉन्स्टिट्यूशन
- 2:25इंप्लीमेंट हुआ था। इसीलिए हम इसको
- 2:27रिपब्लिक डे के रूप में मनाते हैं। इसीलिए
- 2:28मैंने कहा इंपॉर्टेंट है। बात समझ में
- 2:30आया? तो गवर्नमेंट को पावर कहां से मिल
- 2:31रहा है कि हम क्या काम करेंगे? कैसे तय
- 2:33होगा? तो मैंने कहा कॉन्स्टिट्यूशन
- 2:34बताएगा। ठीक है? अब बात करते हैं फेडरल
- 2:36फॉर्म ऑफ़ गवर्नमेंट। क्यों? व्हाट इज़ दें?
- 2:38व्हाट इज द सिग्निफिकेंस ऑफ़ फेडरल फॉर्म
- 2:39ऑफ़ गवर्नमेंट। क्यों भारत में जरूरी है?
- 2:40फेडरल गवर्नमेंट बिना क्या उसके काम नहीं
- 2:42चल सकता है? क्या अभी समझ में आ जाएगा। तो
- 2:43भारत एक अनोखा देश है। भारत एक अनोखा देश
- 2:45है, बड़ा देश है। यहां पर ऐसा ना हो जाए कि
- 2:47अलग-अलग स्टेट्स अलग-अलग क्या करे? कंट्री
- 2:49मांगने लगे। जैसे यूपी कहे कि मुझे अलग
- 2:51रहना है। हमारी हिंदी भाषा है। तो पंजाब
- 2:53कहता है ना ना हमारी पंजाबी भाषा है। सानू
- 2:55अलग कर दो। तो महाराष्ट्र वाले कहते हैं ओ
- 2:57साह जी पंजाबी आड़े है। तो पंजाबी अलग कर
- 2:59दो। ऐसा ना हो कि हर स्टेट अपनी-अपनी क्या
- 3:01करने लगे? नहीं कर पाएगा। नहीं कर पाएगा।
- 3:03क्योंकि देयर इज अ सेंट्रल गवर्नमेंट
- 3:04यूनियन गवर्नमेंट व्हिच हैज़ पावर मोर देन
- 3:06दी स्टेट्स। इनको या पावर कौन दे रहा है?
- 3:08कॉन्स्टिट्यूशन दे रहा है ताकि वो क्या
- 3:10करें? ब्रेक अवे ना कर पाए। फेडरल
- 3:11स्ट्रक्चर क्या कर रहा है? कमिंग टुगेदर
- 3:13की वजह से सारे स्टेट्स कम टुगेदर एंड
- 3:15होल्ड करते हैं ईच अदर। समझ में आया? बात
- 3:17करते हैं। इंडिया लैंड ऑफ़ डायवर्सिटी है।
- 3:19भारत में अलग-अलग कल्चर है। अलग-अलग
- 3:20रिलीजन है। अलग-अलग लैंग्वेज है। देखिए हर
- 3:22स्टेट अलग भाषा बोलता है। बट उसके बावजूद
- 3:24भी सब एक ही कॉन्स्टिट्यूशन को फॉलो करते
- 3:26हैं। बात करते हैं हमारे देश में जो दो
- 3:28गवर्नमेंट काम कर रही है एक साथ। दिल्ली
- 3:30में दिल्ली में जो गवर्नमेंट काम कर रही
- 3:31है उसे यूनियन गवर्नमेंट कहते हैं। और
- 3:32आपके स्टेट में जिस स्टेट में तुम रहते
- 3:34हो। अब मेरे स्टेट के लिए कहोगे तो मेरे
- 3:35स्टेट में तो योगी जी है। हां बुलडोजर
- 3:37वाली गवर्नमेंट है हमारे स्टेट में योगी।
- 3:38तो स्टेट गवर्नमेंट और यूनियन गवर्नमेंट
- 3:40दो गवर्नमेंट्स हैं। पर ये दोनों को पावर
- 3:41कहां से मिल रहा है? मैंने कहा
- 3:42कॉन्स्टिट्यूशन से मिल रहा है।
- 3:43कॉन्स्टिट्यूशन कहां से आया? समझ में आ
- 3:44गया ना? कॉन्स्टिट्यूशन हमारी
- 3:45कॉन्स्टिट्यूट असेंबली ने बनाया था। तो इस
- 3:47तरीके से दोनों को इस पावर के अंदर रह के
- 3:49काम करना है। कोई भी अपनी पावर को वायलेट
- 3:50नहीं कर सकता। मतलब अब सेंट्रल गवर्नमेंट
- 3:52चाहेगी कि हम स्टेट गवर्नमेंट का कानून
- 3:53बना दे। नहीं। और स्टेट गवर्नमेंट चाहेगी
- 3:55कि हम सेंट्रल गवर्नमेंट के कानून को बना
- 3:56दे। जवाब है नहीं। दोनों ऐसा नहीं कर
- 3:57पाएंगे। याद रखिएगा स्टेट्स को राइट है टू
- 3:59पार्टिसिपेट इन द फंक्शनिंग ऑफ द
- 4:01गवर्नमेंट। अब स्टेट्स ज्यादा ज्यादा क्या
- 4:02कर सकती है? अपने रिप्रेजेंटेटिव भेज सकती
- 4:04है राज्यसभा में। हर स्टेट जैसे यूपी की
- 4:06बात करो मुझसे तो यूपी से 31 मेंबर्स इ हो
- 4:09के जाते हैं राज्यसभा में। तो हमारी बात
- 4:11सेंटर में सुनी जाएगी। किसके द्वारा?
- 4:12हमारे चुने गए स्टेट के रिप्रेजेंटेटिव के
- 4:14द्वारा। समझ में आया क्या कह रहा है? और
- 4:15क्या करता है? कॉन्स्टिट्यूशन सेंट्रल और
- 4:16स्टेट गवर्नमेंट दोनों को क्या करता है?
- 4:17फाइनेंससेस भी देता है। अब दोनों के पास
- 4:19क्या है? फंड्स अवेलेबल है अपने काम को
- 4:20चलाने के लिए। अब आप कहोगे सर फंड्स कहां
- 4:22से आ रहे हैं? तो आप और मैं जो जीएसटी दे
- 4:23रहे हैं याद होगा? जीएसटी गुड्स एंड
- 4:25सर्विज टैक्स उसका 50% सीजीएसटी है और 50%
- 4:28क्या है? एसजीएसटी। तो दोनों को क्या मिल
- 4:29रहा है? अपने काम को चलाने के लिए
- 4:31गवर्नमेंट को मेंटेन करने के लिए एडिक्वेट
- 4:32फाइनेंस मिल रहा है। ये सब पहले से ही
- 4:33क्या है? कॉन्स्टिट्यूशन में प्रोवाइड कर
- 4:35दिया गया है। अब बात करते हैं दूसरी टाइप
- 4:36की गवर्नमेंट कौन सी होती है? फेडरल की
- 4:38उल्टी गवर्नमेंट होती है। फेडरल से हट के
- 4:40गवर्नमेंट होती है नॉन फेडरल या यूनिटरी
- 4:41फॉर्म ऑफ़ गवर्नमेंट। ये गवर्नमेंट क्या
- 4:43इंडिया यूनिटरी है कि फेडरल है? हां ये
- 4:44क्वेश्चन तुम्हारा है ना? इसका अभी एक
- 4:46लाइन में जवाब दे दूंगा। पहले इसको समझ लो
- 4:47पहले। तो यूनिटरी गवर्नमेंट कैसी होती है?
- 4:49जिसमें स्ट्रांग सेंटर होता है। आपको पता
- 4:50है हमारे देश में सेंट्रल गवर्नमेंट के
- 4:52पास ज्यादा पावर है। हां, सच में सेंट्रल
- 4:53गवर्नमेंट स्टेट गवर्नमेंट के कानून को
- 4:55रोक सकती है। सेंट्रल गवर्नमेंट स्टेट
- 4:56गवर्नमेंट में इमरजेंसी लागू कर सकती है।
- 4:58पता है कि नहीं आपको? स्टेट इमरजेंसी लागू
- 4:59कर सकती है। कब? अगर स्टेट की
- 5:00कॉन्स्टिट्यूशन मशीनरी ब्रेक डाउन हो जाए
- 5:01तो कोई स्टेट में क्या हो? अराजकता इतनी
- 5:03ज्यादा हो जाए। वहां लूटपाट, लड़ाई झगड़
- 5:05इतनी ज्यादा हो जाए कि स्टेट कंट्रोल की
- 5:06बाहर हो जाए तो सेंट्रल गवर्नमेंट उस
- 5:07स्टेट का हां उस स्टेट का क्या करती है?
- 5:08पूरा कानून अपने आप ले सकती है। सच में ले
- 5:10सकती है। तो सेंट्रल गवर्नमेंट ज्यादा
- 5:11पावरफुल है। हमारे देश में सिंगल
- 5:12कॉन्स्टिट्यूशन है। ऐसा नहीं है कि स्टेट
- 5:13के लिए अलग कानून है। कॉन्स्टिट्यूशन है।
- 5:15सेंट्रल गवर्नमेंट के लिए यूनियन
- 5:16गवर्नमेंट ना एक सिंगल कॉन्स और क्या क्या
- 5:17है काउंसिल चेंज कर सकते हैं। तो ये सारे
- 5:19फीचर ये भी बता रहे हैं कि हमारे देश में
- 5:20यूनिटरी के भी कुछ फीचर है। और क्या खास
- 5:22बात है? हमारे देश में पूरे देश में एक
- 5:23सिंगल सर्जनशिप चलती है। ऐसा नहीं है कि
- 5:24तुम कश्मीर के सिटीजन हो तो अलग सिटीजनशिप
- 5:26मिलेगी और फिर इंडिया की सिटीजनशिप अलग
- 5:27लेनी पड़ेगी। नहीं हां अमेरिका में जाओगे
- 5:29तो तुमको दो सजनशिप लेनी पड़ेगी। तुम
- 5:30टेक्सस में रहोगे। तुम अमेरिका में गए
- 5:32टेक्सास नाम का स्टेट है वहां उतरे। तो
- 5:33तुम्हें पहली जो सिटीजनशिप लेनी पड़ेगी वो
- 5:35टेक्सास की लेनी पड़ेगी। फिर टेक्सास में
- 5:36जब सिटीजनशिप मिल जाएगी छ साल या सात साल
- 5:38पूरा करने के बाद तब तुम्हें ग्रीन कार्ड
- 5:39मिलेगा अमेरिका की सिटीजनशिप। तो वहां पे
- 5:40ड्यूल सिटीजनशिप है। स्टेट का भी सिटीजन
- 5:42बनना पड़ता है और सेंट्रल गवर्नमेंट का
- 5:43सेंट्रल का भी गवर्नमेंट मतलब दो वहां पे
- 5:44सिटीजनशिप नील पड़ती है। हमारे इंडिया में
- 5:45ऐसा कुछ नहीं है। तुम कहीं पर भी हो। तुम
- 5:47यूपी में हो यहां पैदा हुए हो। खत्म। यहां
- 5:49की सिटीजनशिप मिल गई। मतलब तुम्हारे
- 5:50इंडिया की मिल गई। यूपी की सिटीजनशिप लेने
- 5:51की जरूरत नहीं है तुम्हें। और क्या खास
- 5:52बात है? देखो ये सारे फीचर्स क्या बता रहे
- 5:54हैं कि हमारा देश यूनिटरी है। हमारे देश
- 5:57में जो गवर्नमेंट है वो कैसी है? नॉन
- 5:59फेडरल टाइप की गवर्नमेंट। तो सर दोनों
- 6:00फीचर है हमारे पास। हां और भी फीचर है।
- 6:02देखिए हमारे देश में इनकलिटी ऑफ़
- 6:03रिप्रेजेंटेशन है। ऐसा नहीं है कि सबको
- 6:05बराबर है। हर स्टेट को इक्वल
- 6:06रिप्रेजेंटेशन नहीं है। रिप्रेजेंटेशन किस
- 6:07पे डिपेंड करता है? पॉपुलेशन पे। जिस
- 6:09स्टेट में ज्यादा आबादी होगी, जिस स्टेट
- 6:10में ज्यादा लोग रहते हैं, उसके ज्यादा लोग
- 6:12क्या करेंगे? हां, पार्लियामेंट में
- 6:13जाएंगे। सबसे ज्यादा पॉपुलेशन कहां पर है?
- 6:14यूपी में। तो यूपी के सबसे ज्यादा क्या
- 6:16होंगे? पार्लियामेंट मेंबर्स होंगे। समझ
- 6:17में आया? और एकिस्टेंस ऑफ़ यूनियन टेरिटरी।
- 6:20हमारे देश में यूनियन टेरिटरी भी है। अब
- 6:21एक लाइन में पता चलेगा। एक लाइन का
- 6:22स्टेटमेंट ये बता देगा कि क्या हम फेडरल
- 6:24है? क्या हम यूनिटरी है। ध्यान से देखिएगा
- 6:26तो आपको पता चलेगा हम दोनों के गुडनेस को
- 6:28कंबाइन करते हैं। इंडिया ने दोनों की
- 6:29अच्छाइयों को कंबाइन किया। इंडिया इज नॉट
- 6:31मी अयरली फेडरल। तो ना सिर्फ हम अकेले
- 6:33फेडरल है बट यूनिटरी इन स्पिरिट। तो हम
- 6:36फेडरल भी है और यूनिटरी भी है। मतलब दोनों
- 6:39की गुडनेसेस को कंबाइन करते हैं। दोनों के
- 6:41जो बेस्ट पॉइंट्स हैं हमने ले लिए हैं। तो
- 6:43इंडिया में सारी अच्छाइयां है। हमारे
- 6:44स्ट्रक्चर में सारी अच्छाइयां है। अब बात
- 6:45करते हैं लोकसभा की। हां लोकसभा मतलब
- 6:49लोगों की सभा मतलब हाउस ऑफ पीपल। तो हमारे
- 6:52भारत में पार्लियामेंट में लोकसभा में कौन
- 6:55आते हैं? वो मेंबर्स जिनको हम और आप
- 6:57इलेक्ट करते हैं। नहीं तुम तो नहीं करते
- 6:58हो इलेक्ट। हम लोग इलेक्ट करते हैं।
- 6:59क्यों? तुम क्यों नहीं इलेक्ट कर पाओगे?
- 7:01हां। व्हाई यू कैन नोट इलेक्ट। हां मेरे
- 7:04सुपरस्टार्स तुम लोग वोट क्यों नहीं कर
- 7:05सकते अभी बताओ व्हाई कैन यू एस अ
- 7:09सुपरस्टार कैन नॉट वोट मैंने कहा हम कर
- 7:11सकते हैं तुम्हारे पेरेंट्स भी कर सकते
- 7:12हैं पर तुम लोग नहीं कर सकते हो क्यों हां
- 7:14लिखो रीज़न जब मैं बात कर रहा हूं आगे लिखो
- 7:16रीज़न अब लोकसभा इज़ हाउस ऑफ़ पीपल और यहां
- 7:18के मेंबर्स को डायरेक्टली कौन इ करता है
- 7:21पीपल ऑफ द इंडिया एक कीवर्ड है एडल्ट
- 7:23सफरेज क्या वर्ड है एडल्ट सफरेज तो जवाब
- 7:26मिल गया तुम लोगों को कि जो लोग जो लोग 18
- 7:29इयर्स या अबव है उनको ही राइट टू वोट है
- 7:32तो आपके पास तो 18 ऐज है नहीं अभी हां भाई
- 7:3410थ के स्टूडेंट के पास कहां 18 एज होगी
- 7:35सो समझ में आ गया तो 18 इयर्स एंड अबव अब
- 7:37कैसे इ होते हैं तो मैंने कहा लोकसभा का
- 7:39इलेक्शन होता है हर पांच साल में हम इस
- 7:41इलेक्शन को कहते हैं जनरल इलेक्शन कितने
- 7:43साल में होता है पांच साल में इलेक्शन
- 7:44होता है लोकसभा का पांच साल बाद क्या होगा
- 7:47फिर नई सरकार बनेगी जैसे अभी बनी है
- 7:49बीजेपी की गवर्नमेंट हां 2024 में बनी है
- 7:51बीजेपी की गवर्नमेंट समझ में आया अब पांच
- 7:53साल 2029 क्या
- 7:552029 कितना हो गया पांच साल बाद क्या होगा
- 7:58फिर से जनरल इलेक्शन होगा और उसमें वोटिंग
- 8:00होगी अब जिस पार्टी जिस पार्टी की सबसे
- 8:02ज्यादा 10 सीट्स आएंगी। उसका जो हेड होगा,
- 8:04उसका जो लीडर होगा, वह देश का प्राइम
- 8:06मिनिस्टर बनेगा। बात समझ में आ गया? कैसे
- 8:08बनता है प्राइम मिनिस्टर? तो लोकसभा में
- 8:09पांचप साल में इलेक्शन होता है। मेंबर्स
- 8:11पांच साल के इलेक्ट होते हैं। लोकसभा को
- 8:13उससे पहले भी डिसॉल्व पांच साल से पहले भी
- 8:14बंद किया जा सकता है। उसको डिसॉल्व किया
- 8:16जा सकता है। कैसे? अगर प्राइम मिनिस्टर और
- 8:18काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स। क्या करें?
- 8:19प्रेसिडेंट को एडवाइस दे दे तो प्रेसिडेंट
- 8:21क्या कर सकता है? इससे ये पता चलता है कि
- 8:23लोकसभा इज़ अ टेंपरेरी हाउस। क्या? लोकसभा
- 8:26इज़ अ टेंपरेरी हाउस। इट कैन बी डिॉल्व इवन
- 8:28बिफोर दी एक्सपायरी ऑफ़ फाइव इयर्स। 5 साल
- 8:30के एक्सपायरी से पहले ही उसको डिॉल्व किया
- 8:33जा सकता है। प्रेसिडेंट कर सकता है। उसके
- 8:34पास पावर है। फिर लोकसभा का क्या टर्म
- 8:36एक्सटेंड भी हो सकता है? क्या? हां, हो
- 8:38सकता है। देश में इमरजेंसी लग जाए और नए
- 8:40चुनाव कराने का समय ना हो तो लोकसभा का
- 8:42टाइम एक साल तक और एक्सटेंड भी किया जा
- 8:44सकता है। दोनों काम कौन करेगा? प्रेसिडेंट
- 8:46करेगा। अब लोकसभा में कितने मेंबर हैं?
- 8:48550 कहीं याद कर लो। कितना? 550। इससे
- 8:52पहले 552 हुआ करते थे। दो मेंबर्स एंग्लो
- 8:54इंडियन कमेटी के जब उनको अपॉइंट किया जाता
- 8:57था। जब दे वर नॉट एडिक्वेटली रिप्रेजेंटेड
- 8:58पर वो रूल चेंज हो चुका है। अब वो नए
- 9:00अमेंडमेंट आने के बाद क्या हो गया? 550
- 9:02टोटल कितने हैं? 550 मेंबर्स हैं। इनमें
- 9:04से 550 मेंबर्स में से 530 ध्यान से
- 9:06सुनिएगा 530 मेंबर्स कहां से आएंगे? स्टेट
- 9:08से आएंगे। तो हमारे देश में जो 29 स्टेट्स
- 9:10हैं इनसे 530 मेंबर्स चुनाव जीत के आएंगे।
- 9:14तो बाकी बचे 20 मेंबर्स वो कहां से आएंगे?
- 9:16बाकी बचे 20 मेंबर्स वो कहां से आएंगे? तो
- 9:17बाकी बचे 20 मेंबर्स यूनियन टेरिटरी से
- 9:19आएंगे। सर ये यूनियन टेरिटरी क्या होती
- 9:21है? ये क्या भला है यूनियन टेरिटरी? ये
- 9:22पूछ रहा हूं ना? देखिए जब हम बात करते हैं
- 9:24यूनियन टेरिटरी की तो यूनियन टेरिटरी मतलब
- 9:25होता है वो टेरिटरीज व्हिच आर डायरेक्टली
- 9:27गवन बाय द यूनियन गवर्नमेंट। ऐसे बहुत
- 9:29सारे टेरिटरी है टेरिटरी हैं जैसे दादरा,
- 9:31नगर हवेली। ऐसे बहुत सारी टेरिटरीज हैं
- 9:33जिसका अंडमान एंड निकोबार जिसका डायरेक्ट
- 9:35कंट्रोल किसके पास है? यूनियन गवर्नमेंट
- 9:37के पास है। बात समझ में आया ना? उसकी अपनी
- 9:38स्टेट गवर्नमेंट नहीं है। बात समझ में आ
- 9:40गया? हां। तो 20 मेंबर्स आते हैं। 20
- 9:44मेंबर्स आते हैं इन यूनियन टेरिटरी से।
- 9:45बात समझ में आ गई? अब आते हैं लोकसभा की
- 9:48सीट कैसे डिसाइड होगी? कि किस स्टेट से
- 9:49कितने मेंबर आएंगे? तो मैंने बताया लोकसभा
- 9:51की सीट वहां के पापुलेशन से डिसाइड होती
- 9:53है। जितनी स्टेट की पापुलेशन है उस बेसिस
- 9:55पे लोकसभा की सीट वहां डिसाइड होती है। अब
- 9:57सबसे ज्यादा पापुलेशन मैंने कहा यूपी में
- 9:58है तो 80 मेंबर्स कितने? 80 मेंबर्स
- 10:01लोकसभा के यूपी से चुन के जाते हैं।
- 10:03कितने? 80 मेंबर्स जाते हैं। जबकि छोटा
- 10:05स्टेट भी है। जैसे सिक्किम बहुत छोटा
- 10:06स्टेट है। सिक्किम इतना छोटा स्टेट है कि
- 10:08यहां से सिर्फ और सिर्फ एक मेंबर चुन के
- 10:10जाता है। सिक्किम से सिक्किम छोटा स्टेट
- 10:12है। इससे सिर्फ एक मेंबर हां सिक्किम
- 10:14थोड़ा पहाड़ी इलाकों में है ना तो वहां
- 10:16पापुलेशन ज्यादा नहीं है। तो वहां से
- 10:17सिर्फ एक मेंबर लोकसभा में जाता है। उसी
- 10:18से गोवा बात करेंगे। हां गोवा तो नाम सुना
- 10:20है बीच वाला शहर है गोवा ना तो वहां पे
- 10:22वहां से कितने मेंबर जाते हैं? दो मेंबर
- 10:23जाते हैं। तो इसी तरह से स्टेट की
- 10:25पापुलेशन कितनी है? उस पॉपुलेशन से डिसाइड
- 10:27होगा कि कितने रिप्रेजेंटेटिव जाएंगे
- 10:29लोकसभा में। बात समझ में आई? पूरे गोवा से
- 10:30कितने मेंबर जाएंगे? दो मेंबर। पर यूपी से
- 10:32कितने जाएंगे? 80। बात समझ में आ गया?
- 10:34क्या कहना चाहते हैं? अब क्वालिफिकेशंस।
- 10:36हां। क्वालिफिकेशन देखिए डायरेक्ट
- 10:38क्वालिफिकेशन नहीं पूछेगा। बल्कि क्या
- 10:39करेगा? क्वेश्चन दे देगा। कुछ
- 10:40क्वालिफिकेशन लिख देगा और बताएगा। कोई
- 10:42व्यक्ति का नाम बता देगा। कहेगा बताओ क्या
- 10:44यह व्यक्ति क्वालिफाइड है कि नहीं है। तो
- 10:45समझना पड़ेगा। ठीक है? इसको समझ करके
- 10:47बताना पड़ेगा। तो पहला वो सिटीजन ऑफ
- 10:50इंडिया होना चाहिए। अगर आप भारत के नागरिक
- 10:52नहीं है। आपके पास सिटीजनशिप नहीं है तो
- 10:53आप इंडिया में चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।
- 10:54पहली चीज पहली कंपटी दूसरा आपकी ऐज 25 साल
- 10:56से कम नहीं होनी चाहिए। इसका मतलब 25 साल
- 10:58यहां अधिक होनी चाहिए। क्या 25 ईयर यहां
- 11:00अधिक होनी चाहिए। समझ कम नहीं होनी चाहिए।
- 11:02और क्या होनी चाहिए? उसका नाम इलेक्ट्रोरल
- 11:04रोल्स में होना चाहिए। सॉरी इलेक्ट्रोरल
- 11:05रोल्स क्या होता है? इलेक्ट्रोरल रोल्स
- 11:07मतलब एक ऐसी लिस्ट जिसमें
- 11:10इमेव में वोट दे सकते हैं। उसका नाम लिखा
- 11:13हो। मतलब अ लिस्ट व्हिच कंटेन नेम ऑफ द
- 11:15पीपल हु कैन पुट टू वोट। जिनको वोट करने
- 11:18का अधिकार सर यह लिस्ट कौन बनाता है? अरे
- 11:20भाई इलेक्शन कमीशन बनाती है। जो जो लोग
- 11:22पास्ट वोट कर सकते हैं इसकी एक लिस्ट
- 11:24बनाती है। तो आपका नाम कहां होना चाहिए?
- 11:25इस इलेक्ट्रोरल की लिस्ट में होना चाहिए।
- 11:27जिस भी आप शहर में रहते हो अब वो कोई भी
- 11:29स्टेट में हो वहां पर आपका नाम होना
- 11:30चाहिए। तभी आप लोकसभा का चुनाव लड़ सकते
- 11:32हैं। दूसरा इनसॉल्वेंट नहीं होना चाहिए।
- 11:34क्या नहीं होना चाहिए व्यक्ति को?
- 11:36इनसॉल्वेंट। सर ये इनसॉल्वेंट क्या होता
- 11:37है? एक ऐसा व्यक्ति जो अपने डेप्ट्स को पे
- 11:40करने में असमर्थ है। मतलब एक ऐसा व्यक्ति
- 11:41जिसने उधार लिया। उधार लिया और उधार चुका
- 11:43नहीं पा रहा है। वह दिवालिया हो गया है।
- 11:45मतलब वो बर्बाद हो गया पैसो से। ऐसा
- 11:47व्यक्ति ऐसा व्यक्ति लोकसभा का मेंबर नहीं
- 11:49बन सकता क्योंकि उसके पास पैसे नहीं है।
- 11:51उसके पास कर्जा नहीं है चुकाने के लिए तो
- 11:53वह नहीं बन सकता लोकसभा का मेंबर। और क्या
- 11:55नहीं होना चाहिए? ही शुड नॉट होल्ड ही शुड
- 11:57नॉट होल्ड एनी ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट। क्या नहीं
- 11:59होल्ड करना है? किसी भी प्रॉफिट का पोजीशन
- 12:01होल्ड नहीं करना है। मतलब पहले से ही कोई
- 12:03लाभ का पद। जैसे एग्जांपल देता हूं कि अब
- 12:05कोई व्यक्ति पहले से ही क्या है? रेलवे
- 12:07में रेलवे में स्टेशन मास्टर है। ध्यान से
- 12:09सुनिएगा। रेलवे रेलवे तो गवर्नमेंट की है
- 12:11ना। पहले से ही क्या कर रहा है? रेलवे का
- 12:12स्टेशन मास्टर है और वो मेंबर ऑफ़
- 12:14पार्लियामेंट भी है। लोकसभा का भी मेंबर
- 12:15है। नहीं हो सकता। नहीं हो सकता। क्यों?
- 12:17क्यों नहीं हो सकता? पहले से ही उसके पास
- 12:19एक लाभ का पद है। पहले ही से सरकार की
- 12:21उसके पास सैलरी आ रही है। अब अब वो नहीं
- 12:23ले सकता। अब उसे क्या करना चाहिए? पहले
- 12:24रेलवे का पद त्याग देना चाहिए। अगर उसे
- 12:26रेलवे पसंद नहीं है। और अब उसके बाद
- 12:28लोकसभा का जो चुनाव जीता है। अब वो मेंबर
- 12:30ऑफ़ पार्लियामेंट दोनों नहीं रख सकता।
- 12:31दोनों नहीं रख सकता। याद रखिएगा। हां,
- 12:33प्राइवेट काम कर रहा है। ध्यान से
- 12:34सुनिएगा। प्राइवेट काम कर रहा है। आपने
- 12:36नाम सुना है? रवि कििशन शुक्ला जी का?
- 12:38जरूर सुना होगा। जरूर सुना होगा। रवि
- 12:40कििशन शुक्ला एक पॉपुलर एक्टर है। यूपी के
- 12:42एक्टर है। या आपने मनोज तिवारी मृदुल जी
- 12:44का नाम सुना होगा। यह भी एक पॉपुलर
- 12:45बॉलीवुड एक्टर भी है। यूपी और बिहार में
- 12:47इनकी बड़ी अच्छी फैन फॉलोइंग है। नाम सुना
- 12:49होगा इन दोनों का मैंने नाम लिया। ये
- 12:50दोनों ही ये दोनों ही मेंबर ऑफ
- 12:52पार्लियामेंट है। दोनों लोकसभा के मेंबर
- 12:54है। दोनों ने चुनाव जीते हैं अपने-अपने
- 12:55एरिया से। नाम सुना है ना? तो मैं बात
- 12:57इनकी इसलिए कर रहा हूं कि ये दोनों क्या
- 12:58करते हैं? मूवीज भी करते हैं। सॉन्ग्स भी
- 13:00करते हैं। सीरियल्स में भी आते हैं। कई
- 13:02जगहों पे आते हैं। और क्या क्या ये
- 13:04गवर्नमेंट में भी काम कर रहे हैं। हां भाई
- 13:05गवर्नमेंट से भी इनको सैलरी मिल रही है।
- 13:06पर मैंने कहा किसी गवर्नमेंट के पद में
- 13:08नहीं है। बात समझ गए? ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट
- 13:10अंडर एनी गवर्नमेंट। अब वो चाहे सेंट्रल
- 13:11गवर्नमेंट हो, स्टेट गवर्नमेंट में पहले
- 13:12से नहीं होना चाहिए। तो प्राइवेट में काम
- 13:14कर सकते हैं। यस कर सकते हैं। बात समझ में
- 13:16आ गई? अब ही शुड नॉट होल्ड ही शुड नॉट बी
- 13:18अ प्रोक्लेम्ड क्रिमिनल। उसे क्रिमिनल
- 13:20नहीं होना है। उसे घोषित अपराधी क्या
- 13:22घोषित अपराधी नहीं होना है। और क्या होना
- 13:24चाहिए? अनसाउंड माइंड का नहीं होना चाहिए।
- 13:26दिमाग से खिसका हुआ नहीं होना चाहिए। एक
- 13:27पागल को जिसके पास मेंटल ठीक नहीं है। को
- 13:30पार्लियामेंट का मेंबर बनने की अनुमति
- 13:31नहीं है। हां भाई जब वो खुद दिमाग से नहीं
- 13:33ठीक है तो कैसे चलाएगा? कैसे देश के लिए
- 13:34कानून बनाएगा? तो इसीलिए ऐसे लोगों को
- 13:36क्या है? ऐसे लोगों को इलेक्शन करने की
- 13:37परमिशन नहीं है। अब कब कब डिसक्वालीफाई हो
- 13:39जाएगा? कब कब एक मेंबर कब कब एक व्यक्ति
- 13:42पार्लियामेंट की मेंबरशिप से डिसक्वालीफाई
- 13:43हो जाएगा। अगर उसने ऑफिस ऑफ प्रॉफिट होल्ड
- 13:45किया तो अगर उसने सरकारी कोई पद मेंटेन
- 13:48रखा अपने पास का नहीं हम ये भी पद रखेंगे
- 13:50और मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट बनेंगे तब उसकी
- 13:51पोस्ट चली जाएगी। डिसक्वालीफाई हो जाएगा।
- 13:53ठीक है? और क्या करेगा? कोर्ट डिक्लेअ कर
- 13:55देगा। अगर कोर्ट ने आदेश दे दिया कि इसका
- 13:57दिमाग तो खिसका हुआ है। इसका तो नटब्ट
- 13:59गिरा हुआ है। तो तो भी क्या हो जाएगा?
- 14:01व्यक्ति डिसक्वालीफाई हो जाएगा। और या तो
- 14:03वो इनसॉल्वेंट हो जाए मतलब दिवालिया हो
- 14:05जाए, बर्बाद हो जाए या या वह भारत का
- 14:07सिटीजन है ही नहीं। उसने किसी दूसरे देश
- 14:09की सिटीजनशिप हासिल कर ली है। रहता इंडिया
- 14:11में था। ध्यान से सुनिएगा। और गया
- 14:12स्विट्जरलैंड। गया स्विट्जरलैंड और वहां
- 14:14की क्या किया? सिटीजनशिप ले लिया। तो यहां
- 14:15की सिटीजनशिप आपकी ऑटोमेटिक क्या हो
- 14:17जाएगी? कैंसिल हो जाएगी। क्योंकि एक समय
- 14:18में आप दो देश के नागरिक नहीं हो सकते। या
- 14:20भारत रहिए या विदेश रहिए। तो भागिए यहां
- 14:22से। बात समझ में आ गई क्या कहना चाहते
- 14:23हैं? तो अगर कोई मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट
- 14:24ऐसा करता है तो उसका उसको डिसक्वालीफाई कर
- 14:26दिया जाएगा। एंड लास्ट अगर वो
- 14:28डिसक्वालीफाइड हो जाए किसी भी कानून
- 14:29द्वारा। भारत के कानून द्वारा अगर कोई भी
- 14:31कोई भी कानून उसे डिसक्वालीफाई करता है तो
- 14:33भी उसकी पोजीशन उसका पद चला जाएगा। बात
- 14:35समझ में आ गई? वेकेशन मतलब सीट खाली होना।
- 14:37तो लोकसभा की सीट खाली हो सकती है।
- 14:39राज्यसभा के मेंबर की सीट खाली हो सकती
- 14:40है। कब खाली हो सकती है सीट? कब उसकी
- 14:42पोस्ट खाली हो जाएगी? जब वो खुद ही
- 14:43रेिग्नेशन लिख देगा। लिख देगा कि भैया
- 14:45मुझे क्या करना है? मुझे काम नहीं करना
- 14:46है। मैं रिजाइन करना चाहता हूं। मैं अपनी
- 14:48पोस्ट को छोड़ना चाहता हूं। वैसे ये होगा
- 14:49नहीं हमारे भारत में। हमारे भारत में इतने
- 14:51पॉलिटिशियंस इतने सीट के प्रति वो है
- 14:53पक्के हैं कि सीट को छोड़ेंगे नहीं। याद
- 14:55रखिएगा। पर अगर छोड़ देंगे, रिजाइन कर
- 14:56देंगे तो भी चले जाएंगे। और या तो क्या हो
- 14:58जाए? एक मेंबर एब्सेंट रहे। कितने दिन तक?
- 15:0160 दिन तक। अगर वो पार्लियामेंट के सेशंस
- 15:03को एब्सेंट करता है। 60 दिन तक
- 15:04पार्लियामेंट की मीटिंग्स को मिस करता है
- 15:06तो भी उसे क्या कर दिया जाएगा? उसकी
- 15:07पोजीशन को वेकेंट कर दिया जाएगा। एक
- 15:09व्यक्ति जहां पे जिसका इलेक्शन दो जगह हो
- 15:10गया। उसने क्या किया? मेंबर ऑफ़
- 15:12पार्लियामेंट का इलेक्शन भी जीत लिया और
- 15:13स्टेट लेजिसलेटिव असेंबली का भी इलेक्शन
- 15:15जीत लिया। तो बताइए कहां रहेगा? अब उसको
- 15:17एक चुनना पड़ेगा। बात समझ में आई क्या
- 15:18कहते हैं? एक बहुत ही पॉपुलर आदमी है।
- 15:20उसने क्या किया? मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट का
- 15:22इलेक्शन लड़ा वो भी जीत गया। मेंबर ऑफ़
- 15:23स्टेट असेंबली का इलेक्शन लड़ा। जो स्टेट
- 15:25में चुनाव होता है वो भी जीत गया। तो क्या
- 15:26दोद जगह मेंबर बन पाएगा क्या? अच्छा जवाब
- 15:28में नहीं। किसी एक जगह उसको क्या करना
- 15:29पड़ेगा? अपनी मेंबरशिप त्यागनी पड़ेगी। बात
- 15:31समझ में आ गई? दोनों जगह सीट नहीं होल्ड
- 15:33कर सकता। बात करते हैं प्रोसीजर्स इन द
- 15:35पार्लियामेंट। तो हमारी पार्लियामेंट
- 15:36हमारी पार्लियामेंट को चलाने के कुछ
- 15:38फॉर्मेलिटीज होते हैं। कुछ तौर तरीके होते
- 15:40हैं। अब भाई कोर्ट जाओगे तो कोर्ट में कुछ
- 15:42तरीका होगा ना कि कोर्ट में जज के सामने
- 15:44कैसे बात करना है। वकील कैसा कोट पहन के
- 15:45आते हैं? देखा है आपने कि नहीं? जब कोर्ट
- 15:47में लोग जाते हैं तो जज बैठा होता है
- 15:48सामने। वहां पे कटघरा बना होता है। देखा
- 15:50है कुछ? फिल्मों में देखा होगा पक्का देखा
- 15:52होगा। काले चंगे में एक आदमी होता है।
- 15:53बोलता है मे लॉर्ड मेरे मोकल ने फलाना
- 15:55क्या? तो ये क्या है? फॉर्मेलिटीज जिसको
- 15:57हम कहते हैं प्रोसीजर। तो जिस तरह से मैं
- 15:59एग्जांपल कोर्ट के प्रोसीजर की बात कर रहा
- 16:00था। ऐसा ही कुछ प्रोसीजर ऐसा ही कुछ
- 16:02प्रोसीजर पार्लियामेंट में होता है।
- 16:04पार्लियामेंट में सामने सबसे ऊंची स्लिप
- 16:06पर बैठा होता है स्पीकर। कौन? स्पीकर। कौन
- 16:09होता है सर स्पीकर? प्रिसाइडिंग ऑफिसर
- 16:11होता है स्पीकर। सारे लोकसभा को गवर्न
- 16:15करता है। ऑर्डर देता है, इंस्ट्रक्शन देता
- 16:17है और उसके अंडर में सारे लोग क्या करते
- 16:18हैं? जवाब देते है। जिसको परमिशन देगा। तो
- 16:20स्पीकर बैठा है। तो लोगों को परमिशन देना,
- 16:23जीरो आवर चलाना, सेशन चलाना ये सब करना।
- 16:25ये ये फॉर्मेलिटी है। इसको कहते हैं हम
- 16:27लोग क्या? इसको कहते हैं प्रोसीजर्स। अब
- 16:28पहला प्रोसीजर क्या है? सेशन तो
- 16:30पार्लियामेंट में क्या चलता है? कुछ दिनों
- 16:32की पार्लियामेंट चलती है। ऐसा नहीं है कि
- 16:33365 दिन पार्लियामेंट खुली हुई है। लोकसभा
- 16:35राज्यसभा खुली हुई है और मेंबर दिन भर
- 16:36वहीं बैठे हुए हैं। अरे कोई दुकान ढूंढना
- 16:38है भाई। पार्लियामेंट है हमारी भाई।
- 16:39पार्लियामेंट में जो मेंबर्स होते हैं
- 16:41जैसे मैंने कहा मेंबर्स ऑफ़ लोकसभा या
- 16:43मेंबर्स ऑफ़ राज्यसभा इन मेंबरों को सेशन
- 16:45में बुलाया जाता है। सेशन मतलब एक निश्चित
- 16:47दिन जितने दिनों तक पार्लियामेंट की
- 16:48मीटिंग चलेगी उसको कहते हैं सेशन। तो
- 16:50पार्लियामेंट का सेशन चलता है। ठीक है?
- 16:52साल में कितना सेशन कंपलसरी है? साल में
- 16:54कम से कम दो सेशन कंपलसरी है। क्या? दो
- 16:57बार बैठकों का सेशन कंपलसरी है। छ महीने
- 17:00के अंदर कम से कम एक बार क्या होना चाहिए?
- 17:01एक सेशन होना चाहिए। बात समझ में आ रही
- 17:03है? और हमारे देश में पार्लियामेंट कितने
- 17:04सेशन करती है? तीन सेशंस करती है। और तीन
- 17:07सेशन कौन-कौन से करती है? सबसे पहला सेशन
- 17:09करती है। सबसे पहला सेशन करती है बजट
- 17:10सेशन। बजट सेशन पहला सेशन होता है। फर्स्ट
- 17:13सेशन इंडिया का क्या होता है? बजट सेशन
- 17:15होता है। फर्स्ट सेशन बजट सेशन होता है
- 17:17हमारे देश में। इसमें क्या होता है सर? इस
- 17:19बजट सेशन में क्या होता है? हमारे देश में
- 17:211 फरवरी को। कब? फर्स्ट फरवरी को फर्स्ट
- 17:24फरवरी को हर साल फिक्स है। याद कर लो।
- 17:26फर्स्ट फरवरी को हर साल बजट ऑफ इंडिया हां
- 17:29बजट ऑफ इंडिया पास होता है इस साल भी हुआ।
- 17:31अब दूसरा सेशन क्या होता है? दूसरा सेकंड
- 17:32सेशन होता है हमारे यहां मसून सेशन। इसका
- 17:35मतलब बजट सेशन में 10 दिन, 15 दिन, 20 दिन
- 17:37तक पार्लियामेंट चलती है। 10 15 20 दिन के
- 17:39बाद जो भी पार्लियामेंट सेशन चला उसके बाद
- 17:40सेशन एंड हो जाता है। ठीक है? सेशन एंड हो
- 17:43जाता है। और उसके बाद आता है अगला सेशन
- 17:45मॉनसून सेशन। ये कब आता है? ये आता है
- 17:48जून, जुलाई और अगस्त के महीने में। ये इस
- 17:52महीनों में ये सेशन आता है। ठीक है? इसमें
- 17:54पार्लियामेंट की मीटिंग होती है। तीसरा और
- 17:55आखिरी सेशन होता है थर्ड और लास्ट सेशन
- 17:57होता है विंटर सेशन। विंटर सेशन। विंटर
- 18:00सेशन यूजुअली विंटर सेशन यूजुअली नवंबर
- 18:03दिसंबर के मंथ में आता है। तो इस तरह से
- 18:04साल भर में कितने सेशन हो गए? साल भर में
- 18:07तीन पार्लियामेंट के सेशन हो गए। तो कौन
- 18:10लाता है बजट? बजट इज इंट्रोड्यूस्ड बाय दी
- 18:12फाइनेंस मिनिस्टर ऑफ द कंट्री। तो बात
- 18:14करते हैं कोरम की। सर ये कोरम क्या होता
- 18:17है? कोरम मतलब मिनिमम नंबर ऑफ मेंबर्स
- 18:20रिक्वायर्ड इन द हाउस टू ट्रांजैक्ट अ
- 18:24बिजनेस। मतलब कम से कम इतने मेंबर तो होने
- 18:28चाहिए ताकि हाउस की बैठक की जा सके। क्या
- 18:31दो चार 10 लोग आए रात को पार्लियामेंट
- 18:33खोला बैठे और कोई बिल पास किया और देश में
- 18:35लागू कर दिया। क्या कहते हो? क्या वो बिल
- 18:38पास मान लिया जाएगा? जवाब है नहीं नहीं
- 18:40नहीं। नहीं नहीं नहीं। हमारे देश में
- 18:42लोकसभा ध्यान से सुनिएगा। लोकसभा का कोरम
- 18:46वन 10थ है। सर ये कोरम का मतलब क्या होता
- 18:48है? कितने मेंबर चाहिए होते हैं? तो मैं
- 18:50फिर से बोल रहा हूं। कोरम मतलब होता है
- 18:52मिनिमम नंबर ऑफ मेंबर्स रिक्वायर्ड टू बी
- 18:55प्रेजेंट। क्या करें? इतने मेंबर नहीं
- 18:57होंगे तो पार्लियामेंट की मीटिंग एड्जर्न।
- 19:00जाइए भैया कल आइएगा। आज मीटिंग मुल्तवी की
- 19:03जाती है। स्पीकर क्या करेगा? आज की मीटिंग
- 19:04क्या करेगा? एड्जर्न कर देगा। कल करेंगे
- 19:06मीटिंग। तो सर ये मैंने कहा कितना होता
- 19:08है? तो मैंने कहा फिक्स है हमारे देश में।
- 19:10हमारे देश में वन 10थ क्या मैंने लिखा 110
- 19:14ऑफ़ टोटल मेंबरशिप हाउस की जितनी मेंबरशिप
- 19:19है उसका 110 कर दो। ठीक है? तो जब हम बात
- 19:22करते हैं कोरम ऑफ़ लोकसभा की तो जब तक इतने
- 19:24मेंबर नहीं होंगे पार्लियामेंट में इतने
- 19:26मेंबर लोकसभा में नहीं आएंगे हाउस को आज
- 19:28एड्ज कर दिया जाएगा। स्पीकर इनको क्या
- 19:30करेगा? कहेगा कल आइए। इसका मतलब है कि
- 19:32किसी एक दिन किसी एक दिन लोकसभा में 40
- 19:34मेंबर आ गए। ध्यान से सुनिएगा। किसी एक
- 19:36दिन लोकसभा के 40 मेंबर आए और एक कानून
- 19:39बना दिया। एक बैठक की 40 कितने लोकसभा में
- 19:41मेंबर आए थे? 40 तो क्या यह कानून माना
- 19:43जाएगा? जवाब है नहीं। क्योंकि मेंबर मेंबर
- 19:47कोरम से कम है और कोरम है 55। कोरम कितना
- 19:49बताया है? 110 और 550 का 110 करोगे तो 55
- 19:53आएगा। 55 से कम मेंबर होंगे लोकसभा को। तो
- 19:56आज की बैठक खत्म। खल्लास। आज कुछ नहीं हो
- 20:00सकता। जाइए घर। नाश्ता पानी करिए और घर
- 20:02जाइए। समझ में आया? कौन कौन एडजॉइन करता
- 20:04है? कौन एडज्जन करता है? आज की मीटिंग कल
- 20:06के लिए मुल्तवी की जाती है। कल के लिए
- 20:08एडजर्न की जाती है। मीटिंग कल होगी। कौन
- 20:10करता है? हु एडजर्न्स दी लोकसभा। कौन कर
- 20:13सकता है? जब देखेगा कि कोरम ही नहीं है।
- 20:15तो कौन डिसाइड करेगा कि मीटिंग अब कल होगी
- 20:16या आने वाले दिनों में होगी? कौन? कौन? हु
- 20:19डिसाइड्स टू एडज्जर्न दी हाउस। चलिए कोरम
- 20:21बता दिया लोकसभा का। राज्यसभा का कोरम
- 20:23मुझसे पूछेंगे तो मैं कहूंगा 25। क्योंकि
- 20:24राज्यसभा की टोटल मेंबरशिप है 250। और 250
- 20:27का 250 का अगर 110 करेंगे तो आ जाएगा 25।
- 20:30तो स्पीकर ऑफ द हाउस क्या कर सकता है?
- 20:31हाउस को एड्जर्न कर सकता है। बात करते हैं
- 20:33आगे। नेक्स्ट बात करते हैं। क्या है?
- 20:35क्वेश्चन आर सर ये कैसा आवर होता है? हां।
- 20:38नाम में क्या लिखा है? क्वेश्चन पूछने का
- 20:40घंटा। ये 11:00 बजे हर दिन ध्यान से
- 20:43सुनिएगा। पार्लियामेंट के लोकसभा के ठीक
- 20:4611:00 बजे ये घंटा शुरू होता है। एक घंटे
- 20:47का समय होता है। नाम होता है क्वेश्चन
- 20:49आवर। हां। कभी टेलीविज़ में पार्लियामेंट
- 20:51की मीटिंग देखी है? कितना तीखी बहस चलती
- 20:53है। जरूर देखा होगा। पक्का देखा होगा। वो
- 20:55इसी को देखा था तुमने। जो तुमने वो तीखी
- 20:57बहस देखी थी वो क्वेश्चन आवर में देख ली
- 20:59थी। जिसमें क्या होता है? मेंबर्स
- 21:01क्वेश्चन पूछते हैं। कौन पूछ सकता है? अरे
- 21:04कोई भी मेंबर, कोई भी मेंबर पार्लियामेंट
- 21:06के दूसरे मेंबर से, मिनिस्ट्री से, प्राइम
- 21:09मिनिस्टर से ध्यान से सुनिए हमारी बात को।
- 21:11किसी भी मिनिस्टर से, प्राइम मिनिस्टर से
- 21:12क्वेश्चन कोई भी पूछ सकता है मेंबर ऑफ़
- 21:14पार्लियामेंट। आप और मैं तो है नहीं। तो
- 21:15मैं भी पूछ लेता है ना? तो ये लोग क्या
- 21:17करते हैं? क्वेश्चन पूछते हैं। ठीक है? और
- 21:18इसको क्वेश्चन आवर नाम इसलिए दिया गया है
- 21:20क्योंकि इस समय कोई भी पब्लिक इंटरेस्ट का
- 21:22क्वेश्चन पूछा जाएगा। कौन पूछेगा? मैंने
- 21:24कहा मेंबर्स ऑफ दी हाउस पूछेंगे। और किससे
- 21:26पूछेंगे? मैंने कहा जो मिनिस्ट्री में है
- 21:27उनसे पूछेंगे, रेलवे मिनिस्टर से पूछेंगे,
- 21:29फाइनेंस मिनिस्टर से पूछेंगे, होम
- 21:30मिनिस्टर से पूछेंगे, जवाब दीजिए। हां, जो
- 21:32भी पब्लिक इंटरेस्ट का क्वेश्चन होगा उनको
- 21:34वो क्वेश्चन पूछेंगे और जवाब देना पड़ेगा।
- 21:37सर नहीं देंगे जवाब तो आप क्या कर लोगे
- 21:38तुम्हारा हट? नहीं देंगे जवाब। पब्लिक सब
- 21:41देखती है। अगर जवाब नहीं दोगे, तो पब्लिक
- 21:43सब जानती है। पेपर में कल छपेगा कि
- 21:45मिनिस्टर ने जवाब नहीं दिया, तो तेरी वाट
- 21:47लग जाएगी। अगली बार चुनाव हार जाओगे। समझ
- 21:50में आया? क्वेश्चन आवर में बहुत संभल के
- 21:51जवाब देना होता है। तो, क्वेश्चन आवर क्या
- 21:53बताता है? ये बताता है कि मेंबर्स के पास
- 21:54राइट है क्वेश्चन पूछने का और इस राइट को
- 21:56कहते हैं इंटरप्लेशन या राइट ऑफ आस्किंग
- 21:59क्वेश्चन। क्वेश्चन पूछने का अधिकार है।
- 22:01तो क्वेश्चन क्या डायरेक्टली पूछ लेते
- 22:03हैं? हां कभी-कभी डायरेक्टली पूछ लेते
- 22:04हैं। पर ज्यादातर दिन क्या होता है? 10
- 22:06दिन का नोटिस देना पड़ता है। क्योंकि हम
- 22:08सामने वाले को क्या कर रहे हैं? समय दे
- 22:09रहे हैं कि हम ये क्वेश्चन आपसे पूछेंगे।
- 22:11आप मेरा क्वेश्चन तैयार करके आइए। जैसे
- 22:13एग्जांपल है हम है मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट।
- 22:15हम रेलवे मिनिस्टर से पूछेंगे। बताइए कि
- 22:17हमारे भारत में ट्रेनें सारी वंदे भारत
- 22:18जैसी क्यों नहीं है? उतनी साफ सुथरी क्यों
- 22:20नहीं है? और ट्रेनें इतनी खराब क्यों है?
- 22:22उसको टाइमली क्यों नहीं चलाया जा रहा है?
- 22:23तब उनको क्या करना पड़ेगा? रेलवे मिनिस्टर
- 22:25को मेरा जवाब मैं होता अगर मिनिस्टर तो
- 22:26मैं एग्जांपल दे रहा हूं। तो क्या करना
- 22:28पड़ रहा है? उनको क्वेश्चन का जवाब देना
- 22:29पड़ रहा है। अब हम उसको 10 दिन का टाइम
- 22:31देंगे। ठीक है? तो मैंने कहा हर दिन एक
- 22:33घंटा पहला घंटा किसके लिए? क्वेश्चन आवर
- 22:35के लिए। क्वेश्चन तीन टाइप के होते हैं।
- 22:36क्वेश्चन आवर में तीन टाइप के क्वेश्चन
- 22:37है। पहला क्वेश्चन है स्टार। स्टार मतलब
- 22:39हां इस क्वेश्चन में तारे लगे हुए हैं। इस
- 22:42क्वेश्चन में क्या लगे हुए हैं? तारे बने
- 22:43हुए हैं क्या? इस क्वेश्चन में इसका स्टार
- 22:45लगा दिया है। हां। तो स्टार इसलिए कह रहे
- 22:46हैं क्योंकि इसका क्वेश्चन क्या है? ओरल
- 22:48आंसर चाहिए। जो मेंबर्स हैं इसका जवाब
- 22:51पब्लिक के सामने पूरे मेंबर्स के सामने
- 22:53ओरल चाहते हैं। इसीलिए इसको बोला गया
- 22:54क्या? स्टार क्वेश्चंस। मतलब आंसर चाहिए
- 22:56पर ओरल चाहिए। इसका उल्टा कर दो तो बन
- 22:59जाएगा अनस्टड क्वेश्चन। इसमें क्या होगा?
- 23:01इसमें क्वेश्चन का जवाब चाहिए पर लिखित
- 23:03में जवाब चाहिए। तो लिखित जवाब चाहिए।
- 23:06आपको मिनिस्टर से आपको मिनिस्टर से लिखित
- 23:08में जवाब चाहिए। तो अनस्टार्ड क्वेश्चन हो
- 23:10जाएगा। एक और टाइप का क्वेश्चन है शॉर्ट
- 23:11नोटिस क्वेश्चन जो 10 दिन से कम समय के
- 23:13अंदर अगर मुझे क्वेश्चन पूछना होगा तो इस
- 23:15क्वेश्चन का नाम हां मतलब अब क्वेश्चन अगर
- 23:17पूछना है 3 दिन के अंदर ही एक हफ्ते के
- 23:18अंदर ही तो 10 दिन का समय नहीं देंगे
- 23:19मेंबर को हम मेंबर से परमिशन लेंगे कि मैं
- 23:22आपसे क्वेश्चन पूछने वाला हूं 3 दिन के
- 23:24अंदर पूछूंगा पांच दिन 10 दिन का कम समय
- 23:25होना चाहिए तो इसे कहते हैं क्या इसे कहते
- 23:27हैं क्या इसे कहते हैं शॉर्ट नोटिस
- 23:29क्वेश्चन क्योंकि समय क्या है 10 से कम है
- 23:3110 दिन से कम दिन में तो शॉर्ट नोटिस
- 23:32क्वेश्चन हो जाएगा शॉर्ट नोटिस के
- 23:34क्वेश्चन को मेंबर मना कर सकता है हां कह
- 23:36सकता है भैया मेरे पास टाइम नहीं है हम
- 23:37नहीं जवाब देंगे ठीक है शॉर्ट नोटिस
- 23:39क्वेश्चन को मना कर सकता है। चलिए आगे
- 23:40बढ़ते हैं। अब 12:00 बजे ठीक 12:00 बजे घड़ी
- 23:42में पता है कितना बज रहा होता है? 0 बज
- 23:44रहा होता है। अगर आप 12:00 बजे देखेंगे
- 23:45घड़ी में तो जब घड़ी में देखेंगे तो उस
- 23:47समय 0 चल रहा होता है। कुछ इस तरीके से।
- 23:50ठीक है? तो इसका नाम दिया है क्या? ज़ीरो
- 23:52आवर। घड़ी में ज़ीरो ज़ीरो दिखाई दे रहा
- 23:53होता है ना? तो ठीक 12:00 बजे ठीक 12:00
- 23:55बजे क्या होता है? क्वेश्चन आवर खत्म।
- 23:57क्वेश्चन आवर खत्म। और 12:00 बजे से जब तक
- 23:59लंच ब्रेक ना हो जाए जो कि नॉर्मली 1:00
- 24:02बजे चलता है। तो 12:00 से 1 कितना? 12:00
- 24:04से 1, 1 घंटे का ये होता है ज़ीरो आवर। आवर
- 24:06है तो 1 घंटे का टाइम है। ज़ीरो आवर है। 1
- 24:08घंटे का टाइम है। इस ज़ीरो आवर में क्या
- 24:09होता है? कोई भी मेंबर क्वेश्चन रेज़ कर
- 24:11सकता है। इसके लिए कोई प्रायर परमिशन की
- 24:13जरूरत नहीं है। इसका मतलब है ये क्वेश्चन
- 24:14शॉर्ट नोटिस से भी पहले दिए जा सकते हैं।
- 24:16अगर किसी भी मेंबर को तुरंत कोई क्वेश्चन
- 24:18पूछना है वहीं पर देन एंड देयर क्वेरी कर
- 24:20सकते हैं। इसका जवाब देना कोई कंपलसरी
- 24:22नहीं होगा। इसके दबाव के लिए कोई बाउंड
- 24:24यहां कंपलसरी नहीं है। अपोजिशन वाले चाहे
- 24:25तो कभी भी क्वेश्चन पुट कर सकते हैं।
- 24:27नेक्स्ट है मोशन। टाइप ऑफ मोशन। जैसे जैसे
- 24:31स्लो मोशन। नहीं नहीं नहीं। जोक कर रहा
- 24:33हूं। स्लो मोशन कोई मोशन नहीं है ना? आपके
- 24:35मोबाइल में है ना? स्लो मोशन कर देते हैं
- 24:36आप लोग। नहीं नहीं यहां वो मोशन नहीं है।
- 24:38मोशन मतलब है प्रपोजल। देखिए पार्लियामेंट
- 24:40में कोई भी लॉ जब बनता है तो पहले उसके
- 24:42लिए क्या करना पड़ता है? मिनिस्टर को एक
- 24:43प्रपोजल लाना होता है कि वो लॉ किस बारे
- 24:45में है? समझ में आया? उसे कहते हैं क्या?
- 24:47मोशन। तो मोशन क्या है? एक प्रपोजल है।
- 24:49कौन लाता है? एक मेंबर ऑफ दी हाउस लाता
- 24:50है। मोशन क्यों लाता है? क्योंकि उसे कोई
- 24:52इंपॉर्टेंट कोई इंपॉर्टेंट मैटर जिससे
- 24:54पब्लिक से रिलेटेड मैटर है उसके बारे में
- 24:56डिस्कस करना है। अब जैसे एग्जांपल देता
- 24:58हूं। एग्जांपल है कहानी है मेरी कि अब
- 24:59गवर्नमेंट को लगता है कि रोड पर रोड पर जो
- 25:02ट्रैफिक है वो बहुत ज्यादा हो रही है तो
- 25:03सरकार ने रोड ट्रैफिक के लिए कुछ नए नियम
- 25:05लगा दिए ठीक है कि जैसे ट्रैफिक के लिए
- 25:07लेन बना दी एक लेन बना दी यहां पे सिर्फ
- 25:08टू व्हीलर्स चलेंगे इस लेन में कार एंटर
- 25:10नहीं कर पाएगी और कार एंटर करेगी इस टू
- 25:12लेन वाली में टू व्हीलर वाली लेन में तो
- 25:13कार पे फाइन लग जाएगा सरकार ने कानून बना
- 25:15दिया ट्रैफिक को मेंटेन करने के लिए सरकार
- 25:18ने अलग अलग-अलग लेन बना दी तो अब ये लेन
- 25:20सिस्टम चालू कर एग्जांपल मैं समझा रहा हूं
- 25:21तो अब ये प्रपोजल चाहिए होगा पहले इसके
- 25:23लिए कि हम ट्रैफिक को रेगुलेट करना चाहते
- 25:24हैं पब्लिक वेलफेयर की बात करेंगे किस
- 25:26तरीके से लोगों का भला हो सकता है और किस
- 25:28तरह से देश का हित होगा इस पे पहले
- 25:29डिस्कशन होगा डिबेट होगा अगर डिस्कशन
- 25:31डिबेट पास हो जाएगा तो इसको पुट टू वोट
- 25:34करेंगे क्या पुट टू वोट करेंगे और वोट अगर
- 25:35पास हो गया वोट अगर मेजॉरिटी मिल गई तो ये
- 25:37लॉ बन जाएगा बात समझ आई क्या होता है तो
- 25:39प्रपोजल आगे जाके लॉ बन जाते हैं ठीक है
- 25:41बात करेंगे कुछ मोशन की जैसे एड्जर्न करना
- 25:44मतलब अचानक काम को रोक देना एक अर्जेंट
- 25:46मैटर आ गया है कोई बड़ी घटना घट गई है
- 25:48जैसे कोई कम्युनल टेंशन हो गया है कहीं
- 25:49बड़ा रेलवे एक्सीडेंट हो गया है भारत में
- 25:51और कहीं कहीं अर्थक्वेक आ गया था और
- 25:53पार्लियामेंट का सेशन चल रहा था और उस
- 25:54अर्थक्वेक आने पर क्या हुआ बहुत हजारों
- 25:56लोग मर गए हैं तो क्या पार्लियामेंट जो
- 25:57अपना काम करेगी करती रहेगी। नहीं नहीं
- 25:59पार्लियामेंट पहले जो भी उस समय डिस्कशन
- 26:01कर रही थी अचानक उस काम को रोक कर पहले इस
- 26:04बात पर डिस्कस करेगी। इसीलिए इसका नाम रखा
- 26:05गया एड्जर्न। एड्जर्न में क्या होगा? जब
- 26:08एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी क्या तो किसी
- 26:10एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी किसी एक्स्ट्रा
- 26:11ऑर्डिनरी चीजों को कोई ऐसी घटना घट गई है
- 26:14जो देश के हित में होने वाला है उसमें
- 26:15पब्लिक के लिए जो ओपिनियन है अर्जेंट
- 26:17पब्लिक ओपिनियन के लिए लीविंग असाइड द
- 26:19नॉर्मल बिज़नेस। तो जो भी पार्लियामेंट में
- 26:21जो भी लोकसभा में काम चल रहा है उस काम को
- 26:23अचानक रोक दिया जाएगा। और जो घटना घटी है
- 26:26जो अचानक कोई ऐसा एक्स्ट्राऑर्डिनरी कोई
- 26:28काम हुआ है उस पर पहले डिस्कशन होगा।
- 26:30गवर्नमेंट की उस पे क्या राय है?
- 26:31गवर्नमेंट उस पे क्या एक्शन ले रही है? इस
- 26:32पर डिस्कशन होगा। एग्जांपल लेता हूं कि
- 26:34अर्थक्वेक आया कहीं अर्थक्वेक आ गया और
- 26:36पार्लियामेंट का सेशन चल रहा था। मान लेते
- 26:38हैं कि पार्लियामेंट का बजट सेशन चल रहा
- 26:39था। तो सरकार क्या करेगी? एडज्जमेंट मोशन
- 26:42में पहले उस अर्थक्वेक के लिए क्या कर रही
- 26:44है? लोगों का घर टूट रहा होगा। लोग बहुत
- 26:46सारे मर रहे होंगे। तो मदद के लिए सरकार
- 26:47क्या कर रही है? गवर्नमेंट क्या-क्या
- 26:48स्टेप्स जा रही है? ये सब गवर्नमेंट को
- 26:49बताना पड़ता है। इसी को कहते है एडज्जमेंट
- 26:51मोशन। समझ में आ गया? अब बात करते हैं नो
- 26:53कॉन्फिडेंस मोशन। ये कब आता है? ये कब आता
- 26:55है? जब लोकसभा के पास ही पावर है। ये पावर
- 26:57राज्यसभा के पास नहीं है। नो कॉन्फिडेंस
- 26:59मोशन। मतलब मुझे कॉन्फिडेंस नहीं है। ये
- 27:01कौन कह रहा है? लोकसभा के ही मेंबर्स
- 27:03किसके खिलाफ? के खिलाफ क्या कर रहे हैं?
- 27:05नो कॉन्फिडेंस लाना चाहते हैं। एग्जांपल
- 27:06के रूप में एग्जांपल के रूप में अपोजिशन
- 27:08पार्टी में है। मान लेते हैं अपोजिशन
- 27:09पार्टी में राहुल गांधी जी। नाम सुना ही
- 27:11होगा आपने। तो वो चाहते हैं कि हम मोदी जी
- 27:13के खिलाफ क्या करना चाहते हैं? नो
- 27:14कॉन्फिडेंस मोशन लाना चाहते हैं। ठीक है?
- 27:15ला सकते हैं। पर क्या होगा? नो कम मोशन के
- 27:18लिए अगर उनके खिलाफ किसके खिलाफ? अपोजिशन
- 27:20वाले मिनिस्टर के खिलाफ मैंने जाने से कहा
- 27:22मोदी जी के खिलाफ क्या करेंगे यह मोशन पास
- 27:24करवा लेंगे तो ना सिर्फ मोदी जी जाएंगे
- 27:26बल्कि पूरी पार्लियामेंट में जितने भी
- 27:28मिनिस्टर थे सब चले जाएंगे ये कैसे पास
- 27:30होगा जब मेजॉरिटी आपके पास होगी समझ में
- 27:32आया तो नो कॉन्फिडेंस मोशन मतलब हमें आप
- 27:34पर कॉन्फिडेंस नहीं है हमें मिनिस्ट्री पे
- 27:35भरोसा नहीं है अब ऐसा कॉन्फिडेंस मोशन पास
- 27:37होगा अगर होता तो नहीं है अगर पास हो गया
- 27:39तो वो पूरी मिनिस्ट्री रिजाइन कर जाएगी
- 27:41प्राइम मिनिस्टर तक रिजाइन कर जाएंगे
- 27:42इसीलिए सारे मेंबर्स ऑफ़ पार्लियामेंट जो
- 27:44मेजॉरिटी पार्टी को बिलोंग करते हैं किस
- 27:46पार्टी को मेजॉरिटी पार्टी को जो लोग
- 27:47बिलोंग करते हैं वो लोग एकजुट हो जाते हैं
- 27:49और नो कांग्रेस पास नहीं होने देते हैं।
- 27:51वैसे भी मेजॉरिटी उनके पास है। मैं एक
- 27:52एग्जांपल समझाता हूं। एक छोटे से एग्जांपल
- 27:54समझाऊंगा। बहुत छोटे से एग्जांपल से। अब
- 27:56समझना कि जो मेजॉरिटी पार्टी है नाम है
- 27:58उसका एनडीए। एक एग्जांपल समझिएगा। ये
- 28:00एग्जैक्ट नंबर नहीं है। सिर्फ समझाने के
- 28:01लिए कह रहा हूं। मेजॉरिटी पार्टी कौन है?
- 28:02अमेरिका इंडिया में। मैंने कहा एनडीए
- 28:03जिसमें मोदी जी है। ठीक? अब मेजॉरिटी
- 28:05पार्टी के पास 320 350 सीट्स है। एग्जांपल
- 28:07है। एग्जैक्ट नंबर नहीं बता रहा हूं। 350
- 28:09सीट्स हैं। तो बची कितनी सीट्स? 200 सीट।
- 28:11ये किसके पास है? बची हुई सारी पार्टीज
- 28:13जिसमें कांग्रेस भी है, बीएसपी भी है और
- 28:16बहुत सारी पार्टी है। तो अगर ये लोग
- 28:17पार्टीज लोग क्या करना चाहते नो कन्वेंस
- 28:19पास करना चाहते हैं तो इनके पास 350 देखा
- 28:21मतलब मेजॉरिटी वाली सीट्स मेंबर्स होने
- 28:23चाहिए तब जाके पास हो पाएगा। बात समझ में
- 28:25आई? तो ये बड़ा मुश्किल काम है। ठीक है
- 28:27ना? मेजॉरिटी का सपोर्ट मिल गया तो
- 28:29मिनिस्टर्स क्या हो जाएंगे? सारे रिजाइन
- 28:30हो जाएंगे। एक होता है एड्जमेंट ऑफ द हाउस
- 28:32जिसका मतलब होता है आज की मीटिंग को
- 28:34सस्पेंड किया जाए। आज की मीटिंग को कल के
- 28:36लिए टाला जाए। आने वाले दिन के लिए टाल
- 28:37दिया जाए। कौन कर सकता है? मैंने कहा
- 28:38स्पीकर कर सकता है। कब कर सकता है? जब
- 28:40हाउस में कोरम नहीं है। क्या है? हाउस में
- 28:42कोहम नहीं है। लोकसभा में 55 मेंबर नहीं
- 28:43आए हैं और राज्यसभा में सिर्फ 25 मेंबर
- 28:45चाहिए। वो भी नहीं आए हैं। तो आज की
- 28:46मीटिंग कल के लिए मुतवी की जाती है। ठीक
- 28:48है? और कब कर सकता है? स्पीकर कर सकता है।
- 28:50अगर कोई स्पीकर के पास पावर है। अगर कोई
- 28:52सिंग मेंबर या एक्स मेंबर जो मेंबर ऑफ़
- 28:54पार्लियामेंट है उसकी डेथ हो जाए या इससे
- 28:56पहले वो मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट था उसकी
- 28:58डेथ हो जाए तो कंडोलेंस कर देते हैं। क्या
- 28:59चीज कर देते हैं? कंडोलेंस कर देते हैं।
- 29:01आज की मीटिंग में क्या करते हैं? टाल देते
- 29:02हैं। आज एड्ज कर देते हैं। या यहां हाउस
- 29:05में बहुत ज्यादा शोरशराबा मच रहा है।
- 29:06अपोजिशन वाले खूब हंगामा कर रहे हैं।
- 29:07नारेबाजी कर रहे हैं। और हाउस चलने नहीं
- 29:09दे रहे हैं। मतलब एकदम जैसे कहते है ना
- 29:11एकदम अति कर दिया उन्होंने। चिल्ला चिल्ली
- 29:12की आपने देखा होगा आपस में माइक पाइप
- 29:13फेंकने लगते हैं जूते चप्पल लगते हैं देखा
- 29:15है ना तो आप स्पीकर के पास पावर तो है कि
- 29:17उनको वो गेट आउट कर सकता है उनको बाहर पर
- 29:18फिर भी बहुत ज्यादा कन्फ्यूजन जब होते हैं
- 29:20तो वो क्या करता है आज हाउस एडजन कर देता
- 29:22है हां स्पीकर कर सकता है एक वर्ड आता है
- 29:24प्रोगेशन ऑफ द हाउस तो इसका क्या मतलब है
- 29:26प्रोरोगेशन का मतलब होता है कि आज हाउस का
- 29:29आखिरी दिन है और जैसा कि मैंने कहा आज है
- 29:31बजट सेशन तो बजट सेशन आज खत्म हो रहा है
- 29:33अब हम लोग मिलेंगे चार महीने बाद जब आएगा
- 29:36मसून सेशन तो सेशन का एंड होने जा रहा है
- 29:39ठीक है आज के बाद आज के बाद आज आज का सेशन
- 29:41आखिरी दिन है। अब हम मिलेंगे अगले सेशन
- 29:43में। तो इसे कहते हैं प्रोगेशन। कौन
- 29:45डिसाइड करता है? ये प्रेसिडेंट डिसाइड
- 29:46करता है। कौन सा? प्रेसिडेंट डिसाइड करता
- 29:48है प्रोरिगेशन ऑफ दी सेशन। ठीक है? स्पीकर
- 29:50अनाउंस कर देता है पर प्रेसिडेंट इसका
- 29:51इसको अनाउंस करता है। बात करेंगे अब
- 29:53स्पीकर की। अब आप स्क्रीन पे देख पा रहे
- 29:55होंगे हमारे देश के स्पीकर। बताइए स्पीकर
- 29:58ऑफ द लोकसभा कौन है? लिखना है। लिखना है।
- 30:00टाइप करिए। यू हैव टू टाइप हु इज दी करंट
- 30:03स्पीकर। और मैंने उसकी उनकी तस्वीर लगा
- 30:05रखी है। हां। ये दो बार से स्पीकर बन रहे
- 30:07हैं। ठीक है? दूसरी बार है इनका ये
- 30:09स्पीकर। तो स्पीकर है कौन? तो मैंने कहा
- 30:10स्पीकर प्रिसाइडिंग ऑफिसर है। मैंने बताया
- 30:12जब पार्लियामेंट की मीटिंग चल रही होती
- 30:13है, लोकसभा की मीटिंग चल रही होती है,
- 30:14सबसे ऊपर कौन बैठता है? स्पीकर। जैसे
- 30:17मैंने एग्जांपल दिया कि तुम्हारे क्लास
- 30:18में सबसे ऊपर सबसे बीच में क्लास के कौन
- 30:20खड़ा रहता है? और क्लास को माइंड करता है?
- 30:22क्लास को मॉनिटर करता है, क्लास को चलाता
- 30:24है वो परमिशन देता है कि यस यू स्टैंड अप।
- 30:26यस यू स डाउन। यस यू टेल योर आंसर। कौन
- 30:28डिसाइड करता है? तुम कहोगे सर क्लास टीचर।
- 30:30तो क्लास टीचर इज़ प्रिसाइडिंग ऑफिसर ऑफ द
- 30:32क्लास। बात समझ में आया? उसी तरह से
- 30:33स्पीकर इज़ प्रिसाइडिंग ऑफिसर ऑफ दी
- 30:35लोकसभा। तो अगर आपने अभी तक आंसर नहीं
- 30:38लिखा है तो गड़बड़ बात है। स्पीकर ऑफ दी
- 30:41लोकसभा इज ओम बिरला। क्या नाम है इनका? ओम
- 30:44बिरला जी। चलिए तो प्रिसाइडिंग ऑफिसर कौन
- 30:47होता है? मैंने कहा स्पीकर होता है। क्या
- 30:48करता है? कहां से आता है ये? कौन चुनता
- 30:49है? तो मैंने कहा जब चुनाव हो जाता है
- 30:51जनरल इलेक्शन हो जाता है। सबसे पहले इसी
- 30:53को चुना जाता है। ये कहां से चुनते हैं?
- 30:54इड मेंबर्स ऑफ द पार्लियामेंट।
- 30:56पार्लियामेंट के जो नए चुने हुए मेंबर्स
- 30:57हैं यही सबसे पहले क्या करते हैं? इनको
- 30:59चुनते हैं। ठीक है? और इसके इलेक्शन के
- 31:01बाद इसका काम इसका पद कितने साल के लिए
- 31:03होता है? स्पीकर पांच साल के लिए चुना
- 31:04जाता है। याद रखिएगा स्पीकर जब तक किसी
- 31:06पार्टी में होता है तब तक तो उसका वोटिंग
- 31:08होती है पर वोटिंग के बाद वो किसी पार्टी
- 31:09को बिलोंग नहीं करता है। आफ्टर बिकमिंग अ
- 31:10स्पीकर ही इज़ नॉट अ रिप्रेजेंटेटिव ऑफ़ एनी
- 31:12पार्टी। समझ में आया क्या कह रहे? और
- 31:14मैंने बताया पांच साल के लिए स्पीकर
- 31:15अपॉइंट होता है। स्पीकर के नीचे कौन होता
- 31:16है? भाई हो सकता है स्पीकर बीमार हो जाए।
- 31:18हो सकता है स्पीकर की तबीयत खराब हो या
- 31:20स्पीकर रिजाइन ही ना करके चला जाए। तब
- 31:21पार्लियामेंट की मीटिंग कौन कराएगा? तो है
- 31:23ना डिपुटी स्पीकर। कौन? डेपुटी स्पीकर
- 31:25मतलब स्पीकर के नीचे का पोस्ट। ये क्या
- 31:27करता है? पार्लियामेंट के प्रोसीजर को
- 31:28चलाता है और स्पीकर को अगर रिजाइन करना
- 31:29होता है तो स्पीकर अपना रेिग्नेशन डेपुटी
- 31:31स्पीकर को देता है। ध्यान से सुन लीजिए।
- 31:33स्पीकर का रेिग्नेशन कई बार एमसीक्यू आया
- 31:35ये वाला। कई बार ये वाला एमसीक्यू आया और
- 31:37बच्चों ने गलत लिखा। क्या चीज? स्पीकर को
- 31:38अगर रिजाइन करना है तो अपना रेिग्नेशन
- 31:40किसको भेजेगा? अपना रेजिग्नेशन डेपुटी
- 31:43स्पीकर को भेजेगा। ये क्वेश्चन कई बार आया
- 31:44और ज्यादातर लोगों ने इसका आंसर गलत लिखा।
- 31:46बहुतों ने आंसर लिखा इसका आंसर की स्पीकर
- 31:48विल रिजाइन बाय गिविंग रेगिशन टू दी
- 31:50प्राइम मिनिस्टर। गलत है। किसको रेिग्नेशन
- 31:52देता है स्पीकर? डेपुटी स्पीकर को। आइए अब
- 31:54स्पीकर के कुछ फंक्शनंस करें। सबसे पहला
- 31:56फंक्शन है कि बिजनेस ऑफ द हाउस संभालना।
- 31:58तो मैंने पहले ही बताया था स्पीकर क्या
- 32:00है? प्रिसाइडिंग ऑफिसर है। यह अलॉट्स करता
- 32:02है टाइम फॉर डिस्कशन। जब किसी प्रपोजल पर,
- 32:04किसी मोशन पर डिस्कशन होना होता है तो ये
- 32:06टाइम अलॉट करता है। ये बताता है कि हां आप
- 32:09बोलिए आप बोलिए। ये परमिशन देता है और जो
- 32:10ये डिसीजन ले लेगा वो फाइनल होगा। स्पीकर
- 32:13के ऊपर कोई भी कोर्ट ऑफ लॉ में मुकदमा
- 32:14नहीं किया जा सकता। उसके फैसले के खिलाफ
- 32:16आप किसी सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट में नहीं
- 32:18जा सकते है। सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट में
- 32:20जा नहीं सकते। बात समझ में आ रही है?
- 32:21स्पीकर ने फैसला दे दिया कि यह फैसला है
- 32:23मेरा। मेरे हिसाब से यह सही है। तो जो
- 32:24स्पीकर फैसला दे देगा पार्लियामेंट के
- 32:26अंदर वह फाइनल माना जाएगा। बात समझिए
- 32:27कितना बड़ा पावर है उसके पास। ठीक है? और
- 32:29क्या करता है? सारे बिल्स जो लोकसभा में
- 32:31जाने वाले हैं हर बिल पे क्या करने वाला
- 32:32है? स्पीकर साइन करने वाला है। और तो और
- 32:34स्पीकर किसी भी चीज पर वोटिंग का अधिकार
- 32:36रखता है। स्पीकर चाहेगा तभी वोटिंग होगी
- 32:38वरना राइट टू वोट नहीं देंगे। जैसे और
- 32:40मेंबर्स चाहते हैं कि इस बारे में वोटिंग
- 32:41हो तो स्पीकर परमिशन देगा तो ही क्या
- 32:43होगा? कोई प्रपोजल आया प्रपोजल पे डिस्कशन
- 32:45हुआ, डिबेट हुआ, अब पुट टू वोट होगा। तो
- 32:47ये पुट टू वोट कौन डिसाइड करेगा? स्पीकर।
- 32:49बात समझ में आई? स्पीकर ही डिसाइड करेगा
- 32:50कि ये बिल मनी बिल है कि नॉन मनी बिल है।
- 32:53ऑर्डिनरी बिल है। सर ये क्या मतलब हुआ?
- 32:55मतलब एक बिल आया। अब मनी बिल के लिए थोड़े
- 32:57अलग प्रोविज़ंस होते हैं। मनी बिल के लिए
- 32:59थोड़े अलग प्रोविज़ंस होते हैं और नॉन मनी
- 33:00बिल के लिए थोड़े अलग प्रोविज़ंस होते हैं।
- 33:02तो स्पीकर बताएगा कि ये मनी बिल है कि नॉन
- 33:04मनी बिल है। बात समझ में आया? क्योंकि मनी
- 33:06बिल होगा क्योंकि मनी बिल होगा तो लोकसभा
- 33:09में ही ओरिजिनेट करेगा। ये लोकसभा का
- 33:11स्पेशल पावर है। क्या की मनी बिल कैन
- 33:13स्टार्ट कैन ओरिजिनेट फ्रॉम लोकसभा? मनी
- 33:16बिल राज्यसभा से शुरू नहीं होता है। बात
- 33:18समझ में आ गई? अब आते हैं इसके कुछ
- 33:19एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन। याद रखिएगा
- 33:21फंक्शन ऑफ स्पीकर कर रहे हैं। तो स्पीकर
- 33:23सारे पिटीशंस रिसीव करता है। सारे
- 33:24डॉक्यूमेंट रिसीव करता है। इसका मतलब है
- 33:25मेंबर ऑफ पार्लियामेंट्स को अगर कोई
- 33:27रिक्वेस्ट लेटर भेजना है, कोई डॉक्यूमेंट
- 33:29जमा करना है तो क्योंकि मैंने कहा
- 33:30प्रिसाइडिंग ऑफिसर कौन है? स्पीकर है तो
- 33:31सब कुछ रिसीव कौन करेगा स्पीकर? और तो और
- 33:33ये सारे डिसीजंस को कंसर्न अथॉरिटीज को
- 33:35क्या करता है? पास ऑन करता है। जो भी हाउस
- 33:37का फैसला है अगर हाउस में कोई नया लॉ पास
- 33:40हुआ है तो ये डिसीजन क्या करेगा? उस
- 33:41कंसर्न ऑफिसर को अथॉरिटी को लॉ का लॉ की
- 33:44कॉपी भेज देगा। कम्युनिकेशन कर देगा। और
- 33:45तो मैंने कहा ये क्या करता है? ये एक तरह
- 33:47का स्ट्रिक्ट मास्टर भी है। ये पुलिस
- 33:49अधिकारी भी है। हां एक तरह का मेरी भाषा
- 33:51में कि ये डिसिप्लिनरी ऑफिसर भी है। मतलब
- 33:53जैसे क्लास में टीचर अलऊ करती है बच्चों
- 33:54को कि जो बच्चा ज्यादा शोर कर रहा है गेट
- 33:56आउट ऑफ द क्लास। वह किसी बच्चे को अलऊ
- 33:57करती है तो बच्चा बोलता है यस यू स्पीक।
- 33:59रेज़ योर हैंड। यस यू स्पीक। तो ये सारा
- 34:01काम कौन करता है? ये सारा काम कौन स्पीकर
- 34:03करता है। स्पीकर मेंटेन ऑर्डर इन द हाउस
- 34:05करता है। बताया हाउस में अगर शोर शराबा
- 34:06रहा है तो मेंबर्स को डांट सकता है। कहता
- 34:08है आप बैठिए। आप बैठिए। आप बहुत बोल रहे
- 34:09हैं बच्चों। चलिए चुप चुप चलिए। हां। पूरा
- 34:11पावर है स्पीकर के पास भाई। वो सबसे ऊपर
- 34:13बैठा है ना प्रिसाइड कर रहा है। वो सबको
- 34:15क्या करता है? कंट्रोल कर सकता है और क्या
- 34:16कर सकता है? किसी मेंबर को सस्पेंड कर
- 34:17सकता है। चलिए आप जाइए अब 10 दिन तक मत
- 34:19आइएगा पहले भाग भाग भाग यहां से उनका नाम
- 34:21छुड़ा देगा और एक सस्पेंशन लेटर जारी कर
- 34:22देगा। जैसे स्कूल का प्रिंसिपल तुम्हें
- 34:23सस्पेंड कर सकता है। जैसे मैं स्कूल का
- 34:25प्रिंसिपल हूं बताया था तुमको ना सस्पेंड
- 34:27कर सकते हैं। और क्या कर सकते है? सीरियस
- 34:29मैटर होगा तो हाउस को एडजस्ट कर देंगे।
- 34:30ज्यादा शोर शराबा होगा तो आज हाउस की बैठक
- 34:32खत्म। आज हाउस की बैठक को टर्मिनेट कर
- 34:34देंगे। ये भी पावर है। और क्या कर सकता
- 34:36है? अगर किसी ने इंडसेंट शब्दों का
- 34:37इस्तेमाल किया है। जैसे कुछ लोग कभी-कभी
- 34:38गाली का इस्तेमाल कर लेते हैं। कुछ गंदा
- 34:39फाउल लैंग्वेज स्लैंग लैंग्वेज का यूज़
- 34:41करते है। स्पीकर इस लैंग्वेज को इन शब्दों
- 34:42को आज की प्रोसीडिंग से निकाल देगा। याद
- 34:44रखिएगा हर वो चीज जो पार्लियामेंट में हो
- 34:45रही है। हर वो चीज जो पार्लियामेंट में हो
- 34:47रही है उसकी रिकॉर्डिंग होती है। हां उसकी
- 34:49वीडियो रिकॉर्डिंग होती है। उसका माइन्यूट
- 34:50बनता है। उसका मिनट बनता है बेटा कि किसने
- 34:52क्या लाइन बोली वो सब रिकॉर्डेड होता है।
- 34:54तो यहां से गंदे शब्दों को क्या किया जाता
- 34:56है? निकाल दिया जाता है ताकि वो रिकॉर्ड
- 34:57ना हो। और स्पीकर ही डिसाइड करता है कि
- 34:59कोई मेंबर डिसक्वालीिफाइड है एंटी
- 35:01डिफेक्शन में या नहीं। एक एग्जांपल समझाता
- 35:03हूं कि किसी मेंबर ने क्या किया? अपनी
- 35:05पार्टी समझाते हैं। एक एग्जांपल समझाते
- 35:06हैं। कोई एक मेंबर है जिस एक्ट पार्टी को
- 35:08बिलोंग करता है। मान लेते हैं वो मेंबर
- 35:09है। कांग्रेस को बिलोंग करता है। ध्यान से
- 35:10सुनिएगा। एक मेंबर है जो कांग्रेस को
- 35:11बिलोंग करता है। वो कांग्रेस को छोड़ के
- 35:13बीच में ही क्या होता है? बीजेपी में
- 35:14ज्वाइन कर देगा। ध्यान से सुनिएगा। तो यह
- 35:16करना अलाउड नहीं है। पार्लियामेंट के
- 35:18दौरान जब मीटिंग्स चल रही है ऐसे अपनी
- 35:20पार्टी को छोड़ के नहीं आ सकता है। इसे
- 35:21कहते हैं एंटी डिफेक्शन। आएगा तो क्या हो
- 35:23जाएगा? वह अपने आप ही क्या हो जाएगा?
- 35:24डिसक्वालीिफाइड हो जाएगा। तो ये कौन
- 35:25डिसाइड करेगा? कौन डिसाइड करेगा? कि वह
- 35:28एंटी डिफेक्शन लॉ अप्लाई हो रहा है कि
- 35:29नहीं हो रहा है। तो मैंने कहा स्पीकर
- 35:30डिसाइड करेगा। उसकी मेंबरशिप चली जाएगी
- 35:32पार्लियामेंट में। बता दे रहा हूं। हां
- 35:33कोई ऐसा नहीं जा सकता। ठीक है? अब आते हैं
- 35:35पार्लियामेंट में बहुत सारी कमिटीज होती
- 35:36है। पार्लियामेंट में बहुत सारी कम जैसे
- 35:37बजट कमिटी होती है, स्टैंडिंग कमेटी होती
- 35:39है, एडवाइज़री कमेटी होती है। इन सारी
- 35:41कमिटी कमेटी कोई भी बना लो। इन सारी कमेटी
- 35:42का हेड कौन होता है? स्पीकर होता है।
- 35:44कमेटी क्या होता है? ग्रुप ऑफ़ पीपल होते
- 35:45हैं जो किसी काम को करते हैं। ठीक है? तो
- 35:47कमेटी को प्रिसाइड कौन कर रहा है? जैसे
- 35:48मैंने कहा एडवाइज़री कमेटी है। सबका
- 35:49प्रिसाइडिंग ऑफिसर। सबको लीड कौन कर रहा
- 35:51है? स्पीकर। और ओम बिरला जी। और चेयरमैन
- 35:53ऑफ़ द कमेटीज़। ही अपॉइंट द चेयरमैन ऑफ़ द
- 35:55कमिटीज़। इसके ऑर्डर पे सारे लोग काम करते
- 35:57हैं। समझ में आया? अब और मिसलेनियस फंक्शन
- 35:59क्या है? मैंने कहा अगर हो सकता है कि एक
- 36:00नॉन मनी बिल है। एक नॉन मनी बिल है और
- 36:02लोकसभा और राज्यसभा में उस पे झगड़ा चल
- 36:04रहा है। एक डिसए्रीमेंट चल रहा है। दोनों
- 36:05के बीच में डेडलॉक हो गया है। लोकसभा अपनी
- 36:07बात पड़ी हुई है। राज्यसभा अपनी बात में
- 36:08दोनों में क्या हो रहा है? झगड़ा चल रहा
- 36:09है। तो ये झगड़ा कैसे बुलाया जाए? एक
- 36:10जॉइंट सेशन बुलाया जाएगा। और जॉइंट सेशन
- 36:11को प्रिसाइड कौन करेगा? तो जवाब स्पीकर
- 36:13प्रिसाइड करेगा। क्योंकि लोकसभा बढ़ी है
- 36:16राज्यसभा से इस मामले में। न्यूमेरिकल
- 36:18स्ट्रेंथ में न्यूमेरिकल स्ट्रेंथ में
- 36:19लोकसभा बढ़ी है। और क्या होगा? ही
- 36:20प्रसाइड्स अबाउट द कॉन्फ्रेंस ऑफ़ द
- 36:22प्रिसाइडिंग ऑफिसर ऑफ़ द लेजिसलेटिव बॉडीज।
- 36:23जितने भी लेजिसलेटिव बॉडीज है पूरे इंडिया
- 36:25में उन सबके कॉन्फ्रेंसेस के भी लीडर के
- 36:27रूप में यही बैठता है। ठीक है? बात करेंगे
- 36:28राज्यसभा की। मुझे कोई दो राज्यसभा का
- 36:32मेंबर का नाम बता सकते हैं। कोई दो तुमसे
- 36:34पूछ रहा हूं। नेम एनी टू मेंबर ऑफ
- 36:36राज्यसभा मुझसे पूछोगे मैं बताऊंगा अभी
- 36:38बताऊंगा। पर तुमको भी पता है। तुमको पता
- 36:40है कोई दो राज्यसभा के मेंबर का नाम
- 36:43बताइए। हां कोई दो राज्यसभा के मेंबर का
- 36:45नाम बताइए। तो राज्यसभा मैंने कहा राज्यों
- 36:47की सभा ये एक परमानेंट हाउस है। इसको
- 36:49डिॉल्व नहीं किया जा सकता है। इसके
- 36:50मेंबर्स छ साल के लिए इलेक्ट होते हैं।
- 36:51पांच साल के लिए नहीं एक बार राज्यसभा के
- 36:53मेंबर बन जाओगे तो छ साल तक तुम्हारी
- 36:54पोस्ट बनी रहेगी। और क्या खास बात है?
- 36:56इसके 1/3 मेंबर हर हर दो साल में रिटायर
- 37:00करते रहते हैं। इसीलिए यह हाउस कभी भी
- 37:02पूरी तरह से खाली नहीं होता है। पूरी तरह
- 37:04से सस्पेंड नहीं होता है। मतलब कि मतलब
- 37:06समझ आया क्या है? यह हाउस में हर वक्त
- 37:08क्या होंगे? 600 मेंबर सॉरी छ साल के लिए
- 37:10मेंबर होंगे और वन थर्ड मेंबर अगर रिटायर
- 37:12करेंगे तो नए वन थर्ड मेंबर फिर अपॉइंट
- 37:13करेंगे। फिर दो साल बाद क्या होंगे?
- 37:14जिनजिन का छ साल पूरा होता जा रहा है उनको
- 37:16निकालते जाएंगे। बात समझ में आ रही है?
- 37:18हां। बात करते हैं राज्यसभा का दृश्य
- 37:20देखिए। तो ये है राज्यसभा का दृश्य। मैंने
- 37:22आपके लिए एक इमेज रखी है राज्यसभा की। इस
- 37:23इमेज में खास बात ये क्या है? राज्यसभा
- 37:25में यहां रहे राज्यसभा का प्रिसाइडिंग
- 37:26ऑफिसर। बताइए हु इज दी प्रिसाइडिंग ऑफिसर
- 37:29ऑफ राज्यसभा कौन होता है प्रिसाइडिंग
- 37:31ऑफिसर ऑफ द राज्यसभा? यहां बैठा है देखिए
- 37:33टॉप पे यहां पर। आप ज़ूम करके देखिए आपको
- 37:35दिखाई देगा। ठीक है? कौन होता है
- 37:36प्रिसाइडिंग ऑफिसर ऑफ द राज्यसभा? अब आप
- 37:38मुझसे पूछ रहे हैं कि सर कोई राज्यसभा के
- 37:41दो मेंबर का नाम बताइए। तो मैं नाम दे रहा
- 37:42हूं आपको। आपने अमिताभ बच्चन की वाइफ का
- 37:44नाम सुना होगा जया बच्चन। जया बच्चन का
- 37:46नाम सुना है? जरूर सुना होगा। आपने सचिन
- 37:48तेंदुलकर का नाम सुना है? कहेंगे सर हां
- 37:49हां सुना है। तो ये लोग भी राज्यसभा के
- 37:51मेंबर रह चुके हैं। हालांकि वर्तमान में
- 37:53सचिन जी नहीं है मेंबर। तो इसका मतलब है
- 37:56इसका मतलब है कि राज्यसभा में राज्यसभा
- 37:58में जो लोग क्या कर रहे हैं किसी स्पेशल
- 38:00फील्ड को बिलोंग करते हैं साइंस को बिलोंग
- 38:01करते हैं लिटरेचर को बिलोंग करते हैं कोई
- 38:03सोशल वेलफेयर का काम करते हैं प्रेसिडेंट
- 38:05ऐसे 12 10 नहीं ऐसे 10 प्लस दो क्या ऐसे
- 38:0910 प्लस दो ऐसे 12 लोगों को प्रेसिडेंट
- 38:11क्या कर सकता है नॉमिनेट कर सकता है एज अ
- 38:13मेंबर ऑफ द राज्यसभा तो राज्यसभा में टोटल
- 38:15मेंबरशिप कितनी है 250 जिसमें 12 मेंबर्स
- 38:16को प्रेसिडेंट नॉमिनेट करेंगे नॉमिनेट
- 38:18मतलब इनको चुनाव लड़ने की जगह नहीं है
- 38:19इनको चुनाव लड़ने की जरूरत नहीं है ये
- 38:21बहुत पॉपुलर लोग हैं ये बहुत प्रसिद्ध लोग
- 38:22हैं कोई साइंटिस्ट हो सकता है कोई ऑथर हो
- 38:24सकता है, कोई प्ले राइटर हो सकता है। हां,
- 38:26बस 12 लोगों को प्रेसिडेंट अपॉइंट करेगा
- 38:28जो किसी ना किसी फील्ड में अच्छे हैं। कोई
- 38:29एजुकेशन में अच्छा है, कोई स्पोर्ट्स, कोई
- 38:31आर्ट, कोई साइंस, कोई सोशल वेलफेयर में,
- 38:33सोशल वेलफेयर में अच्छा है। किसी भी महान
- 38:34लोगों को प्रेसिडेंट अपॉइंट कर सकता है।
- 38:36बाकी बचे कितने? 238 मेंबर्स। ये 238
- 38:38मेंबर्स कहां से आएंगे? स्टेट लेजिसलेटिव
- 38:40असेंबली लेट करेगी। हर स्टेट के पास अपनी
- 38:42हर स्टेट जब यूपी की बात करोगे तो इसके
- 38:43पास क्या है? लेजिलेटिव असेंबली है। हर
- 38:45स्टेट फॉर एग्जांपल देओ बिहार में भी अपनी
- 38:46असेंबली है। वेस्ट बंगाल में अपनी असेंबली
- 38:48है। तो जितने स्टेट्स हैं सबके पास
- 38:49अपनी-अपनी खुद की लेजिलेटिव असेंबली है।
- 38:51ये लेजिलेट असेंबलीज़ क्या करते हैं? जो इे
- 38:53मेंबर्स होते हैं ये इ करते हैं मेंबर्स
- 38:54ऑफ़ दी राज्यसभा। बात समझ में आ गई?
- 38:55राज्यसभा के मेंबर्स कहां से आते हैं? अब
- 38:57आते हैं स्टेट का एग्जांपल दें। कैसे
- 38:58डिसाइड होता है किस स्टेट के कितने मेंबर
- 39:00आएंगे राज्यसभा में? अगेन डिसेंट किस पे
- 39:02डिपेंड करता है? पॉपुलेशन पे डिपेंड करता
- 39:03है। हमारे स्टेट यूपी की बात करो क्योंकि
- 39:05मैं यूपी से बिलोंग करता हूं। तो यूपी में
- 39:0631 मेंबर राज्यसभा में जाते हैं। सर यूपी
- 39:08में 31 मतलब 250 में से ध्यान से देखिए
- 39:11टोटल कितने हैं? 250। 250 में से 31 मेंबर
- 39:13यूपी से राज्यसभा में जाते हैं। जबकि
- 39:14मिजोरम का स्टेट है। वहां से सिर्फ एक
- 39:16मेंबर जाता है राज्यसभा में। तो क्यों ऐसा
- 39:17होता है मिजोरम में कम क्यों है? तो
- 39:19मिजोरम में पॉपुलेशन कम है। समझ में आया?
- 39:21और यूपी की पॉपुलेशन बहुत ज्यादा है। अब
- 39:22मैंने पूछा था प्रिसाइडिंग ऑफिसर कौन है?
- 39:24हु इज दी प्रिसाइडिंग ऑफिसर ऑफ राज्यसभा?
- 39:28तो जवाब होना चाहिए चेयरमैन। बस वहां
- 39:30स्पीकर शब्द अलाउड नहीं है। काम वही करता
- 39:31है जो स्पीकर कर रहा है। पर पद का नाम
- 39:33क्या है? पोस्ट का नाम क्या है? चेयरमैन।
- 39:35चलिए बात करते हैं। राज्यसभा का अगर मेंबर
- 39:36बनना चाहते हैं तो क्या होना चाहिए? पहला
- 39:38कि उसकी ऐज 30 से कम नहीं होनी चाहिए।
- 39:40इसका मतलब है 30 35 40 50 हां ऊपर हो सकती
- 39:43है। 30 से कम नहीं होनी चाहिए। ठीक है?
- 39:45इसका मतलब है अगर कोई 29 ईयर का है। कोई
- 39:4729 ईयर 9 मंथ का है नहीं लड़ सकता। 30 ही
- 39:50होनी चाहिए। उससे ज्यादा उससे कम नहीं
- 39:51होनी चाहिए। और उसका नाम इलेक्ट्रल रूल्स
- 39:53में होना चाहिए। इनमेंट नहीं होना चाहिए।
- 39:55ऑफिस अपोजिशन प्रॉफिट नहीं होल्ड करना
- 39:56चाहिए। क्रिमिनल नहीं होना चाहिए। अनसाउंड
- 39:58नहीं होना चाहिए। बाकी सारी चीजें
- 39:59एब्सोल्यूट सेम है। सारी चीज़ एब्सोल्यूट
- 40:01सेम है। लोकसभा से मैच करती है। ठीक है?
- 40:02क्या पावर है दोनों के पास? लोकसभा और
- 40:04राज्यसभा के पास। देखिए लोकसभा की बात
- 40:05करते है। तो देखिए लोकसभा और राज्यसभा
- 40:07दोनों मिलकर के क्या करती है। देश में तीन
- 40:08मेन लिस्ट है। क्या? तीन लिस्ट है। सर ये
- 40:11क्या होता है? लिस्ट मतलब जिसमें सब्जेक्ट
- 40:13लिखे हैं। जैसे पहली लिस्ट है यूनियन
- 40:14लिस्ट। तो यूनियन लिस्ट मतलब वो लिस्ट
- 40:16जिसके सब्जेक्ट्स पे यूनियन गवर्नमेंट लॉ
- 40:18बना सकती है। ठीक है? मतलब कि लोकसभा और
- 40:20राज्यसभा किस पे कानून बनाएंगे? यूनियन
- 40:22लिस्ट पे लॉ बनाएंगे। दूसरी लिस्ट होती है
- 40:23कौन सी? स्टेट लिस्ट। इस पे लॉ कौन बना
- 40:25पाएगा? स्टेट गवर्नमेंट। इस पे यूनियन
- 40:27गवर्नमेंट लॉ नहीं बना सकती है ना? यूनियन
- 40:28गवर्नमेंट इस पे कानून नहीं बना सकती है।
- 40:30हर स्टेट के पास जो जो स्टेट लिस्ट है उस
- 40:32पे कानून बनाने का पावर है। याद है ना?
- 40:33पावर डिवाइडेड है, फेडरल गवर्नमेंट है।
- 40:35बताया था ना तुमको? जैसे बताया था कि जो
- 40:37पावर सेंट्रल के पास है, वह पावर स्टेट के
- 40:39पास भी है। स्टेट अपने लिए है, सुप्रीम है
- 40:41और सेंट्रल पूरे देश के लिए काम करती है।
- 40:42याद है ना? तो ये बताया था। तो स्टेट
- 40:44गवर्नमेंट स्टेट लिस्ट से कानून बनाती है।
- 40:45तीसरा एक और लिस्ट है जिसका नाम है
- 40:47कॉनकरेंट लिस्ट। ये लिस्ट दोनों के लिए
- 40:48कॉमन है। ये लिस्ट दोनों के लिए कॉमन है।
- 40:49इस पे स्टेट गवर्नमेंट भी लॉ बना सकती है।
- 40:51सेंट्रल गवर्नमेंट भी लॉ बना सकती है। बट
- 40:53बट अगर दोनों जन ने बना दिया तो। अरे भाई
- 40:55दोनों बना सकते हैं ना। बोला तो एक ऐसी
- 40:56लिस्ट है जिसमें स्टेट गवर्नमेंट और
- 40:58सेंट्रल गवर्नमेंट दोनों जन लॉ बना सकते
- 40:59हैं। अब दोनों ने बना लिया तो क्या होगा?
- 41:01तो होगा
- 41:02बवाल। नहीं बवाल नहीं होगा। दोनों जन ने
- 41:05एक एक लिस्ट एक सब्जेक्ट पे लॉ बना दिया।
- 41:07ठीक है? जैसे अपने मन से कहता हूं। अपने
- 41:09मन से कहता हूं। मान लेते हैं एक कॉन्करे
- 41:11लिस्ट में एक सब्जेक्ट है एजुकेशन। क्या?
- 41:12एजुकेशन अब एजुकेशन पे लॉ बना दिया
- 41:14सेंट्रल गवर्नमेंट ने लॉ बनाया कि 14 साल
- 41:16तक के बच्चों को क्या होगा फ्री एजुकेशन
- 41:17हम देंगे कानून बना दिया स्टेट गवर्नमेंट
- 41:20ने बनाया नहीं हम 12 साल तक के बच्चों को
- 41:22क्या करेंगे फ्री एजुकेशन देंगे तो दो
- 41:24अलग-अलग कानून बना सब्जेक्ट तो एक ही है
- 41:27इसे कहते हैं कॉन्फ्रेंस लिस्ट सब्जेक्ट
- 41:28तो एक था दोनों जन कानून बनाया तो कानून
- 41:30किसका माना जाएगा द लॉ मेड बाय द सेंट्रल
- 41:33गवर्नमेंट लॉ मेड बाय द यूनियन गवर्नमेंट
- 41:34विल बी एक्सेप्टेड एंड द लॉ मेड बाय द
- 41:36स्टेट गवर्नमेंट विल बी सेंड क्यों
- 41:38क्योंकि यूनियन गवर्नमेंट ज्यादा पावरफुल
- 41:40है बताया था ना हमारे देश में यूनिटरी भी
- 41:42फीचर है और यूनिटरी फीचर क्या बोलता है कि
- 41:44सेंट्रल को ज्यादा पावर कर दो स्टेट से
- 41:46ताकि स्टेट अलग ना हो पाए सेंटर से ताकि
- 41:48स्टेट के पास इतना पावर ना आए कि वो अपने
- 41:49आप को देश से अलग कर पाए। ये ये मेरा
- 41:51यूनिटरी पावर है। बात समझ में आ गई?
- 41:53क्लियर हो गया? तो यूनियन लिस्ट। ठीक है?
- 41:56समझ में आ गया? तीनों चीज़ आ गया। एक और
- 41:57लिस्ट होती है जो तीनों में नहीं है। अब
- 41:59मैंने तीन लिस्ट बना दी। पहली बनाई यूनियन
- 42:01लिस्ट जिसमें यूनियन गवर्नमेंट लॉ बना
- 42:02सकती है। यूनियन पार्लियामेंट लॉ बना सकती
- 42:02है। दूसरी लिस्ट बताया मैंने स्टेट लिस्ट
- 42:04जिसमें स्टेट गवर्नमेंट लॉ बना सकती है।
- 42:05तीसरी लिस्ट बताया कॉनकरेंट लिस्ट जिसमें
- 42:06दो जनजन लॉ बना सकते हैं। अब कभी-कभी होता
- 42:08है कुछ ऐसे नियम है जो इन तीनों लिस्ट में
- 42:09नहीं है। क्योंकि जब ये लिखा गया था आजादी
- 42:11के टाइम लिखा गया था। आज से 70 75 साल
- 42:13पहले लिखा गया था तो बहुत सारे कानून उस
- 42:14समय थे ही नहीं। जैसे साइबर लॉस साइबर
- 42:17बुलिंग साइबर से जुड़े कानून उस जमाने थे
- 42:19ही नहीं। किसी ने सोचा था क्या की साइबर
- 42:21की कानून की जरूरत पड़ने वाली है। स्पेस
- 42:22लॉस। उस समय हम लोग की टेक्नोलॉजी इतनी
- 42:24एडवांस थी। ने कभी स्पेस के बारे में सोचा
- 42:25ही नहीं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े
- 42:26हुए लॉस, क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़े हुए
- 42:27लॉस। ये तो आज आया है ना। इसको कंट्रोल
- 42:29करना है कि नहीं करना है? तो अब ये क्रिस
- 42:31लिस्ट में जोड़ा जाएगा ये लॉ। इसके लिए
- 42:33जोड़ा गया है रेसिडरी पावर। रेसिडरी पावर
- 42:35वो पावर है जो तीनों लिस्ट में नहीं है।
- 42:37बाद में ये लिस्ट बनाई गई। बाद में ये
- 42:38पावर जुड़े गए और इसके सारे पावर किसके
- 42:40पास है? सेंट्रल गवर्नमेंट के पास है।
- 42:41मतलब लोकसभा राज्यसभा ही इस पर कानून बना
- 42:43सकती है। स्टेट गवर्नमेंट को इसको कानून
- 42:44बनाने का पावर नहीं है। बात समझ में आ गई?
- 42:47तो हमारे देश का जो साइबर कानून है वो कौन
- 42:48बना रहा है? हु इस फ्रेमिंग दी साइबर लॉ
- 42:51208? नाम सुना है? सेंट्रल गवर्नमेंट बना
- 42:53रही है। समझ में आया? बात करते हैं
- 42:54पार्लियामेंट किसी भी सब्जेक्ट पे लॉ बना
- 42:56सकती है। अब स्टेट लिस्ट पर भी बना सकती
- 42:58है। हां स्टेट लिस्ट तो वो लिस्ट है
- 43:00जिसमें जो सब्जेक्ट्स लिखे हैं उस पे तो
- 43:02स्टेट गवर्नमेंट लॉ बना सकती है। जैसे
- 43:03यूपी की गवर्नमेंट बना सकती है। यूपी के
- 43:04लिए कानून पर कभी-कभी उस स्टेट में
- 43:06इमरजेंसी लागू हो जाती है। और कभी-कभी
- 43:08राज्यसभा कोई ऐसा सब्जेक्ट जो स्टेट लिस्ट
- 43:11में है जो स्टेट लिस्ट में है पर उसको
- 43:13लगता है यह सब्जेक्ट नेशनलेंस का है। तो
- 43:15वह उस लिस्ट से सब्जेक्ट को निकाल करके
- 43:17सेंट्रल गवर्नमेंट को देती है। तब उस पे
- 43:18सेंट्रल गवर्नमेंट लॉ बना सकती है। दोनों
- 43:20केस हो सकता है। पहला पहला मैंने कहा
- 43:22इमरजेंसी आ गई है। इमरजेंसी आ गई है तो
- 43:24क्या होगा? इमरजेंसी में राज्यसभा क्या
- 43:27करेगी? एक रेजोल्यूशन पास करेगी कि स्टेट
- 43:29लिस्ट में जो सब्जेक्ट है, स्टेट लिस्ट
- 43:31में जो सब्जेक्ट है वो नेशनलेंस का है और
- 43:33क्या होगा? और दो या दो से अधिक स्टेट्स
- 43:35दो या दो से अधिक स्टेट्स क्या करेंगे?
- 43:37वांट वो चाहते हैं कि लॉ को क्या कर दिया
- 43:39जाए? स्टेट लिस्ट से हटा दिया जाए। ठीक
- 43:41है? तो क्या हो जाएगा? पार्लियामेंट क्या
- 43:43करेगी? उसको लॉ बनाना शुरू कर देगी। मतलब
- 43:46तब पावर किसके पास चला जाएगा? तब वह
- 43:47सब्जेक्ट स्टेट लिस्ट से हट करके
- 43:48पार्लियामेंट के। पर मैंने कहा यह
- 43:49एक्सक्लूसिव पावर राज्यसभा के पास है। यह
- 43:51लोकसभा के पास पावर नहीं है। राज्यसभा कर
- 43:53सकती है यह काम। याद रखिएगा यह राज्यसभा
- 43:54का एक्सक्लूसिव पावर है। प्रेसिडेंट के
- 43:56पास एक और पावर है। वेरीेंट टॉपिक। तो
- 43:58प्रेसिडेंट के पास एक स्पेशल पावर है
- 44:00जिसका नाम है ऑर्डिनेंस। ये क्या होता है?
- 44:02जब पार्लियामेंट का सेशन नहीं चल रहा होता
- 44:04है और देश में किसी लॉ की जरूरत है, कोई
- 44:05कानून की जरूरत है। तो हम वेट करेंगे जब छ
- 44:07महीने बाद सेशन आएगा ना ना। इतना वेट करने
- 44:10की जरूरत नहीं है। प्रेसिडेंट कैन इशू एन
- 44:13ऑर्डिनेंस। प्रेसिडेंट अध्यादेश जारी कर
- 44:16सकता है। मतलब प्रेसिडेंट एक ऑर्डर जारी
- 44:18कर देगा और यह ऑर्डर देश में इंप्लीमेंट
- 44:20कर दिया जाएगा। ठीक है? इसको कहते हैं
- 44:22क्या? ऑर्डिनेंस। कब करता है? जब
- 44:24पार्लियामेंट का सेशन नहीं होता है। और ये
- 44:26तब तक चलता रहता है जब पार्लियामेंट का
- 44:27नेक्स्ट सेशन होगा। पार्लियामेंट का जैसे
- 44:29ही अगला सेशन होगा, पार्लियामेंट की जैसे
- 44:31ही बैठक बुलाई जाएगी उसके सिक्स वीक के
- 44:33अंदर। कितने? सिक्स वीक के अंदर सिक्स वीक
- 44:36के अंदर पार्लियामेंट की जो मीटिंग बुलाई
- 44:38जाएगी उसमें इस ऑर्डिनेंस को रेटिफाई करना
- 44:40होगा। इस ऑर्डिनेंस को पास कराना होगा।
- 44:42नहीं पास कराया खत्म। तब ये ऑर्डिनेंस
- 44:45क्या हो जाएगा? लेप्स कर जाएगा। नल एंड
- 44:46वॉइड बन जाएगा। इसीलिए ऑडियंस को कई बार
- 44:48बोला गया टरेरी लॉ। क्या बोला गया है? एन
- 44:50ऑर्डिनेंस इज अ टेंपरेरी लॉ व्हिच इज इशूड
- 44:52बाय द प्रेसिडेंट इन दी एब्सेंस ऑफ़ द सेशन
- 44:54ऑफ़ द पार्लियामेंट। पार्लियामेंट का सेशन
- 44:56नहीं है तो ये बनाया जा रहा है। और अगर
- 44:58इसको रेटिफाई करना है। इसको चाहते हैं।
- 44:59रेटिफाई मतलब चाहते हैं कि ये कानून चलता
- 45:01रहे तो सिक्स वीक के अंदर पार्लियामेंट के
- 45:03नेक्स्ट सेशन में इसको पास कराना इसको
- 45:06रेटिफाई करना जरूरी है। वरना ये खत्म हो
- 45:07जाएगा। बात समझ में आ गई? चलिए। व्हेन
- 45:09देयर इज़ अ ब्रेकडाउन ऑफ़ द क्वेश्चन मशीनरी
- 45:10इन द स्टेट? ध्यान दीजिएगा। अगर कोई स्टेट
- 45:12की गवर्नमेंट ठीक से फंक्शनिंग नहीं कर पा
- 45:14रही है, वहां पर नई गवर्नमेंट भी काम नहीं
- 45:15कर पा रही है। काउंसिल मशीनरी काम नहीं कर
- 45:17रही है, तो क्या होगा? उस स्टेट में
- 45:18पार्लियामेंट इमरजेंसी घोषित कर सकती है।
- 45:20पार्लियामेंट वहां के स्टेट लेजिस्लेचर का
- 45:22सारा काम संभाल सकती है। ये पावर है
- 45:23राज्यसभा और लोकसभा दोनों का। बात करेंगे
- 45:25फाइनेंसियल पावर की। तो मैंने बताया मनी
- 45:27बिल कहां से शुरू होता है? लोकसभा में। और
- 45:29राज्यसभा क्या कर सकती है? सिर्फ एडवाइस
- 45:30दे सकती है। 14 दिन तक कितने? नंबर याद कर
- 45:33लीजिए। कितना? कितना? 14 डेज। 14 डेज तक
- 45:35अगर लोकसभा ने मनी बिल पास किया। और 14
- 45:38डेज तक पार्लियामेंट की राज्यसभा के पास
- 45:40पहुंचा ये बिल। अब राज्यसभा उसको पास करे
- 45:42ना पास करे मान लिया जाएगा कि इट इज़
- 45:45पास्ड। इट इज़ अस्यूम्ड। इट इज़ अस्यूम्ड
- 45:47दैट द बिल हैज़ पास्ड फ्रॉम दी राज्यसभा।
- 45:49हां राज्यसभा के पास एक तरह से कहे मनी
- 45:51बिल के नाम पे कोई पावर नहीं है। सर ये
- 45:53मनी बिल क्या होता है? हां भाई एक ऐसा बिल
- 45:55जिसमें कोई ना कोई टैक्स लग रहा होगा। कोई
- 45:57फाइनेंसियल मैटर डिस्कस हो रहा होगा। उस
- 45:59बिल को कहते हैं मनी बिल। और स्पीकर
- 46:00डिसाइड करेगा कि ये बिल मनी बिल है कि
- 46:02नहीं है। हां भाई क्फ्यूजन नहीं होना
- 46:04चाहिए। ये ऑर्डिनरी बिल नहीं है। मनी बिल
- 46:05है। कौन बताएगा? स्पीकर ऑफ द लोकसभा। ठीक
- 46:07है? और मैंने कहा पार्लियामेंट बजट पास
- 46:09करती है। बजट में पूरे साल भर का कमाई और
- 46:11खर्च का रिकॉर्ड होता है। कब पास करती है?
- 46:13मैंने कहा बजट सेशन में 1 फरवरी को पास
- 46:15करती है। और क्या होता है? पार्लियामेंट
- 46:16चाहे तो सप्लीमेंट्री ग्रांट कर सकती है।
- 46:18सर ये क्या होता है? देखिए नाम में छुपा
- 46:19है सप्लीमेंट एडिशनल। कब? अगर
- 46:22पार्लियामेंट को पैसों की और जरूरत है।
- 46:24एडिशनल फंड की जरूरत है। कब? जब लग रहा है
- 46:26कि पैसे कम पड़ रहे हैं। फंड इनसफिशिएंट
- 46:28पड़ रहे हैं तो इसके लिए एक्स्ट्रा पैसा
- 46:29मांगा जा सकता है। किसी प्रोजेक्ट के लिए,
- 46:31देश की भलाई के लिए, सरकार को फंड की कमी
- 46:33पड़ रही है। तो उसका एडिशनल फंड लिया जा
- 46:34सकता है। नाम है सप्लीमेंट्री ग्रांट। ठीक
- 46:36है? अब कभी-कभी ऐसा भी होता है। कभी-कभी
- 46:38ऐसा होता है कि कोई गवर्नमेंट क्या है?
- 46:40अभी चुनाव आने वाला है। ध्यान से सुनिएगा।
- 46:42अभी चुनाव आने वाला है। पार्लियामेंट में
- 46:43बजट पास नहीं हुआ है। पार्लियामेंट में
- 46:45बजट पास नहीं हुआ है। और बजट तो तभी बनेगा
- 46:47जब कोई गवर्नमेंट आएगी। पांच साल खत्म हो
- 46:49चुके हैं। गवर्नमेंट अभी है नहीं। पर देश
- 46:50को तो काम करना है ना। तब तक चलता है वोट
- 46:52ऑन अकाउंट। वोट ऑन अकाउंट कब होता है? जब
- 46:55देश में बजट नहीं चल रहा है। बजट क्यों
- 46:57नहीं चल रहा है? मैंने कहा अभी गवर्नमेंट
- 46:58के पास पावर नहीं है। बजट पास नहीं हुआ
- 47:00है। तो क्या करते हैं? में वोट ऑफ अकाउंट
- 47:01की मदद से पैसा निकाला जा सकता है। सरकार
- 47:03के पास फंड्स हैं जिसका नाम है
- 47:04कंसोलिडेटेड फंड्स ऑफ इंडिया। कंसोलिडेटेड
- 47:06फंड्स ऑफ़ इंडिया। सरकार इससे पैसा निकाल
- 47:08करके काम कर सकती है। ठीक है? सरकार के
- 47:10पास एक अलग से स्पेशल फंड है कंसोलिडेटेड
- 47:12फंड ऑफ इंडिया। ध्यान दीजिएगा। तो इससे
- 47:14पैसा निकाल के काम किया जा सकता है। अच्छा
- 47:16पार्लियामेंट ही डिसाइड करती है मेंबर्स
- 47:17ऑफ़ हां अगर पूछा जाए कि लोकसभा के मेंबर्स
- 47:19को सैलरी कितनी मिलती है? कौन डिसाइड करता
- 47:21है? तो मैंने कहा पार्लियामेंट को डिसाइड
- 47:22करती है। अरे वो खुद ही अपनी सैलरी डिसाइड
- 47:24करते हैं। और तो और कोई भी टैक्स कोई एक
- 47:26सिंगल रुपए का भी टैक्स क्या हो सकता है?
- 47:27देश में तब तक इम्प्लीमेंट नहीं हो सकता
- 47:28जब तक पार्लियामेंट उसको पास ना कर दे।
- 47:30बात समझ में आ रहा है कि नहीं? मोदी जी के
- 47:31कहने पर नहीं होगा। पार्लियामेंट के पास
- 47:32करने के बाद ही वो टैक्स देश में
- 47:34इंप्लीमेंट होगा। बात करेंगे जुडिशियल
- 47:36पावर की। तो पार्लियामेंट चाहे तो
- 47:38प्रेसिडेंट को निकाल सकती है। हां। क्या
- 47:40ऐसे ही निकाल देगी? द्रोपदी मुर्मू
- 47:42प्रेसिडेंट है हमारी। क्या ऐसे ही निकाल
- 47:43देगी? नहीं नहीं। क्या करना पड़ेगा?
- 47:45प्रेसिडेंट को निकालने के लिए इंपीचमेंट
- 47:46नाम का प्रोसीजर फॉलो करना पड़ेगा। कौन सा
- 47:48प्रोसीजर? इंपीचमेंट। जिस प्रोसीजर से
- 47:51प्रेसिडेंट को रिमूव किया जा सकता है
- 47:53पोस्ट से। किस बेसिस पे? ग्रेव मिसकंडक्ट।
- 47:56ग्रेव मिसकंडक्ट वलेशन ऑफ कॉन्स्टिट्यूशन।
- 47:58अगर प्रेसिडेंट ने मिसकंडक्ट किया है,
- 47:59बदतमीजी की है, ग्रेव मिसकंडक्ट किया है,
- 48:02और इंपॉर्टेंट है वलेशन ऑफ द
- 48:03कॉन्सिट्यूशन। हमारे देश के संविधान का
- 48:05कानून का नियम तोड़ा है। समझ में आया? अगर
- 48:07उसके पास चार्ज लगाए गए हैं और टू थर्ड
- 48:09मेजॉरिटी से चार्ज पास हो जाता है, तो
- 48:11प्रेसिडेंट की छुट्टी छुट्टी छुट्टी। बात
- 48:13समझ में आ रही है? और बात करते हैं
- 48:15पार्लियामेंट के पास और क्या पावर है?
- 48:16जुडिशियल पावर है। पार्लियामेंट चाहे तो
- 48:17जजेस ऑफ हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट को भी
- 48:19रिमूव कर सकती है। पर रिमूव करने का
- 48:20प्रोसीजर फिर से वही है। इंपीचमेंट। इतना
- 48:22आसान नहीं है इम्पीचमेंट पास करना। याद
- 48:23रखिएगा। टू थर्ड मेजॉरिटी चाहिए वो भी
- 48:25दोनों हाउसेस की। एक हाउस की नहीं टू थर्ड
- 48:27मतलब समझते हैं कितना होता है ना 100 में
- 48:28से 67% 100 में से 67 लोग अगर यस करेंगे
- 48:31रिमूव करने के लिए तो ही जज रिमूव होगा
- 48:33इतना आसान नहीं है हां इतना आसान नहीं है
- 48:35और पार्लियामेंट चाहे तो किसी पर्सन को
- 48:37पनिश कर सकती है अगर वो कंटेंट ऑफ दी
- 48:39पार्लियामेंट करता है अगर वो पार्लियामेंट
- 48:40को रिडिक्यूल करता है पार्लियामेंट की
- 48:41बेइज्जती करता है अनादर करता है तो
- 48:43पार्लियामेंट उस व्यक्ति को छ महीने की
- 48:44सजा दे सकती है हां ये पावर है कंटेंट ऑफ
- 48:46द पार्लियामेंट पर उसको सजा दी जा सकती है
- 48:48आइए आगे बढ़ते है इलेक्टोरल फंक्शन
- 48:50पार्लियामेंट के पास क्या है पावर है
- 48:52प्रेसिडेंट को इलेक्ट करने का और
- 48:53प्रेसिडेंट के साथ-साथ पार्लियामेंट वाइस
- 48:54प्रेसिडेंस को भी इलेक्ट करती आपको पता ही
- 48:56है मेंबर्स ऑफ स्पीकर ऑफ सॉरी मेंबर्स ऑफ
- 48:58लोकसभा स्पीकर डिप्टी स्पीकर को इलेक्ट
- 49:00करते हैं। याद रखिएगा चेयरमैन का इलेक्शन
- 49:02नहीं होता है। फिर से सुन लीजिए चेयरमैन
- 49:03ऑफ द राज्यसभा का इलेक्शन नहीं होता है।
- 49:06क्या राज्यसभा का जो प्रिसाइडिंग ऑफिसर
- 49:08होता है राज्यसभा का जो प्रिसाइडिंग ऑफिसर
- 49:09जो राज्यसभा को कंट्रोल करता है उसका
- 49:11इलेक्शन नहीं होता है। क्योंकि देश में जो
- 49:12भी वाइस प्रेसिडेंट होगा जो भी देश का
- 49:14वीपी होगा जो भी देश का वाइस प्रेसिडेंट
- 49:16होगा वो देश का ऑटोमेटिकली एक्स ऑफिसियो
- 49:19चेयरमैन ऑफ राज्यसभा बन जाएगा। मतलब
- 49:21वोटिंग नहीं होगी नहीं होगी नहीं होगी। सर
- 49:22क्यों नहीं होगी? क्यों नहीं होगी? स्पीकर
- 49:24के लिए तो वोटिंग हो रही है। पांच साल के
- 49:26बाद चुनाव हो रहा है। अपने ही
- 49:26पार्लियामेंट के मेंबर स्पीकर को चुनते
- 49:28हैं। ये ये चेयरमैन के लिए क्यों नहीं
- 49:29होती है? सर बताइए। तुम बताओ तुम बताओ।
- 49:31व्हाई देयर इज़ नो वोटिंग फॉर दी स्पीकर।
- 49:34मैंने कहा जो भी देश का वाइस प्रेसिडेंट
- 49:36होगा वो बन जाएगा चेयरमैन ऑफ द राज्यसभा
- 49:39और करेंटली चेयरमैन ऑफ़ राज्यसभा कौन है?
- 49:40जगदीश धनकड़ जी। क्या? जगदीश धनकड़। ऑनरेबल
- 49:44जगदीश धनकड़। अर्लियर जगदीश धनकड़ जी वाज़ द
- 49:47गवर्नर। इससे पहले धनकड़ जी गवर्नर ऑफ द
- 49:50वेस्ट बंगाल थे। नाम सुना होगा आपने इनका।
- 49:52हां। ये तो मेरा क्वेश्चन बताइए। क्यों
- 49:54क्यों क्यों हां मुझसे पूछेंगे तो मैं
- 49:56कहूंगा बहुत सिंपल सा लॉजिक है ये बहुत
- 49:57ऑनरी पोस्ट है बहुत ऑनर की पोजीशन है
- 49:59इसीलिए इसीलिए वोटिंग नहीं होती है ताकि
- 50:02आपस में क्या हो फाइट या कॉन्फ्लिक्ट ना
- 50:03हो इसीलिए बात करेंगे अमेंडमेंट ऑफ द
- 50:05कॉन्सिट्यूट कॉन्सिस्टिट्यूट को बदला जा
- 50:06सकता है तो पार्लियामेंट के पास पावर है
- 50:08कि पार्लियामेंट चाहे तो कॉन्सिट्यूट के
- 50:09जो अंदर लिखे रूल्स रेगुलेशंस है उसको
- 50:10चेंज कर सकती है शर्त क्या है टू थर्ड
- 50:12मेजॉरिटी चाहिए दोनों हाउसेस की लोकसभा
- 50:14में भी और राज्यसभा में तभी क्या होगा
- 50:15ज्यादातर प्रोविज़ंस चेंज किए जा सकते है
- 50:17और पावर क्या है पार्लियामेंट चाहे तो
- 50:18बाउंड्रीज ऑफ़ द स्टेट डिसाइड कर सकती है
- 50:19पार्लियामेंट चाहे तो कंपोजिशन एंड पावर
- 50:21ऑफ दी सुप्रीम कोर्ट चेंज कर सकती ये सोच
- 50:23लीजिए सर्वोपरि कौन है इसका मतलब देश में
- 50:25कौन बड़ा है सुप्रीम कोर्ट की
- 50:26पार्लियामेंट तो जवाब है पार्लियामेंट
- 50:28क्योंकि पार्लियामेंट चाहे तो सुप्रीम
- 50:30कोर्ट के जजेस के नंबर चेंज कर सकती है
- 50:31उनको रिमूव कर सकती है उनके पावर को चेंज
- 50:33कर सकती है संख्या को चेंज कर सकती है
- 50:34बड़ी कौन हो गई पार्लियामेंट आइए अब
- 50:37पार्लियामेंट पे कंट्रोल कौन करेगा
- 50:38पार्लियामेंट को चला रहे हैं
- 50:39एग्जीक्यूटिव्स ये कौन होते हैं जो
- 50:41कैबिनेट मिनिस्टरर्स होते हैं जो प्राइम
- 50:42मिनिस्टर है यही तो देश को इम्लीमेंट कर
- 50:44रहे हैं कानून तो इन पे कंट्रोल कौन कर
- 50:45रहा है मैंने कहा पार्लियामेंट कर रही है
- 50:46कैसे बाय आस्किंग क्वेश्चंसिस्टर्स को
- 50:49पब्लिकेंस के क्वेश्चन पे जवाब देना
- 50:51पड़ेगा क्वेश्चन आवर पे जवाब देना पड़ेगा
- 50:52वरना तो पब्लिक सब देखती है। आज नहीं कल
- 50:54तेरा पत्ता साफ हो जाएगा। और क्या होता
- 50:56है? पार्लियामेंट में इनके खिलाफ मोशन ऑफ़
- 50:57नो कॉन्फिडेंस पास हो सकता है। और मैंने
- 50:58कहा था मोशन ऑफ़ नो कॉन्फिडेंस सिर्फ और
- 51:00सिर्फ लोकसभा में पास हो सकता है। ठीक है?
- 51:02अपोजिशन वाले ला सकते हैं। और या तो मैंने
- 51:03कहा एड्जमेंट मोशन ला करके भी
- 51:05पार्लियामेंट क्या कर सकती है?
- 51:06एग्जीक्यूटिव पे कंट्रोल कर सकती है। इसका
- 51:07मतलब अनलिमिटेड पावर नहीं है एग्जीक्यूटिव
- 51:09के पास। उनको भी लिमिट पे रहना है। ठीक
- 51:11है? एक कट मोशन लाया जा सकता है। जैसे अगर
- 51:13फालतू खर्चे कर रही है गवर्नमेंट।
- 51:14गवर्नमेंट सप्लीमेंट्री ग्रांट मांग रही
- 51:16है और पैसों के लिए मांग रही है कि हमें
- 51:17और पैसे चाहिए फला फला कामों के लिए। तो
- 51:18इस पे कट मोशन ला करके इस फालतू खर्चों को
- 51:20रोका जा सकता है। ये कट मोशन कौन लाएगा?
- 51:21अपोजिशन दिलाएंगे। समझ में आया? अब कुछ
- 51:23एक्सक्लूसिव पावर ये वो पावर है जो सिर्फ
- 51:25और सिर्फ राज्यसभा के पास है। नाम क्या
- 51:27है? एक्सक्लूसिव हट के पावर। क्या? हट के
- 51:29पावर ऑफ़ दी राज्यसभा। तो राज्यसभा क्या कर
- 51:31सकती है? राज्यसभा सब्जेक्ट ऑफ दी स्टेट
- 51:33लिस्ट को सेंट्रल गवर्नमेंट पे बना सकती
- 51:34है। राज्यसभा चाहे तो स्टेट लिस्ट पर भी
- 51:36कानून बनवा सकती है। ओनली एंड ओनली तब
- 51:38होगा जब राज्यसभा क्या करेगी? टू थर्ड
- 51:39मेजॉरिटी से क्या करेगी? यह बिल पास कर
- 51:41देगी। राज्यसभा के मेंबर 2/3 से अगर स्टेट
- 51:43सब्जेक्ट को निकाल लेंगे तो ही निकल
- 51:45पाएगा। याद रखिएगा। और क्या कर सकती है?
- 51:47राज्यसभा चाहे तो एक नई ऑल इंडिया सर्विस
- 51:49घोषित कर सकती है। सर ये ऑल इंडिया सर्विस
- 51:51क्या होती है? जैसे आपने आईएस का नाम सुना
- 51:52होगा, आईआरएस का नाम सुना होगा, इंडियन
- 51:54रेवेन्यू सर्विस का नाम सुना होगा, आईएफएफ
- 51:55का नाम सुना होगा, इंडियन फॉरेस्ट का नाम
- 51:56सुना होगा। तो जितनी भी ऑल इंडिया सर्विज
- 51:58होती है, क्या एक नई ऑल इंडिया सर्विस बन
- 51:59सकती है? जवाब है हां हां हां। पर कौन
- 52:01डिसाइड करेगा? राज्यसभा। राज्यसभा बता
- 52:03सकती है कोई एक नई ऑल इंडिया सर्विस को
- 52:05चालू किया जा सकता है। पार्लियामेंट चाहे
- 52:06तो उसको क्रिएट कर सकती है। पर राज्यसभा
- 52:08की परमिशन से। और लोकसभा डिॉल्व हो सकती
- 52:09है। राज्यसभा डिॉल्व नहीं होती है।
- 52:11राज्यसभा परमानेंट हाउस है। इससे पता चलता
- 52:13है एक्सक्लूसिव पावर ऑफ़ दी राज्यसभा। बात
- 52:15करेंगे अब वो पावर जो सिर्फ लोकसभा के पास
- 52:17है। राज्यसभा के पास ये शक्तियां नहीं है।
- 52:19इस मामले में लोकसभा क्या है? लीडर है।
- 52:21लोकसभा पावरफुल है। अब मोशन ऑफ नो
- 52:23कॉन्फिडेंस मतलब मंत्रियों के खिलाफ,
- 52:24मिनिस्टरर्स के खिलाफ, प्राइम मिनिस्टर के
- 52:26खिलाफ हम अगर कोई एक्शन लेना चाहते हैं तो
- 52:28वोट ऑफ़ नो कॉन्फिडेंस है। उसकी सरकार
- 52:29गिराना चाहते हैं तो क्या तरीका है? वोट
- 52:30ऑफ़ कॉन्फिडेंस है। और मैंने वोट ऑफ़
- 52:32कॉन्फिडेंस सिर्फ लोकसभा में हो सकता है।
- 52:33और लॉ ऑफ़ वोट ऑफ़ नो कॉन्फिडेंस पास हो
- 52:34गया, तो पूरी गवर्नमेंट क्या करेगी?
- 52:36रिजाइन कर दे। किसी एक मिनिस्टर के खिलाफ
- 52:38पास हो गया, तो भी, हां, तो भी प्राइम
- 52:40मिनिस्टर भी चला जाएगा। और मनी बिल को भी
- 52:41कहां इंट्रोड्यूस कर सकते है, सिर्फ़
- 52:42लोकसभा में, यह स्पेशल पावर है लोकसभा का।
- 52:44एंड लास्ट इन केस ऑफ़ डेड लॉक अगर डेड लॉक
- 52:46हो जाए किसके बीच में कोई ऑर्डिनरी बिल है
- 52:48लोकसभा ने बिल पास कर दिया राज्यसभा बिल
- 52:49को पास नहीं कर रही है तो डेडलॉक हो जाएगा
- 52:50डेड लॉक मतलब ये बिल कहां जाएगा तो जॉइंट
- 52:52सेशन बुलाया जाएगा और स्पीकर ऑफ द लोकसभा
- 52:54प्रिसाइड करेगा पर क्योंकि लोकसभा की
- 52:56न्यूमेरिकल स्ट्रेंथ ज्यादा है न्यूमेरिकल
- 52:57मतलब संख्या ज्यादा है भाई 550 मेंबर है
- 52:59राज्यसभा के पास तो सिर्फ 250 मेंबर है तो
- 53:01चुन्नी किसकी बात जाएगी मानी किसकी बात
- 53:02मानी जाएगी तो ऑर्डिनरी बिल में भी बात तो
- 53:04चलेगी लोकसभा की बात तो मानी जाएगी लोकसभा
- 53:06की बात समझ में आया क्लियर है
About this transcript
This page contains the full transcript of The Union Parliament | The Union Legislature | ICSE CIVIC 2026 | @sirtarunrupani by Sir Tarun Rupani, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 13,674 words across 1,743 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
What you can do with it
Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.
Free YouTube transcript tool
YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.