The Most Disturbing Hindi Crime Series Of 2026 | Hunkkaar The Roar Explained in Hindi | CineStory — Transcript
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- 0:00एक 17 साल की लड़की थाने पहुंचती है और
- 0:02कहती है कि उसके साथ यौन शोषण हुआ है और
- 0:05इल्जाम किस पर? एक ऐसे आदमी पर जिसके पास
- 0:08ताकत है, पैसा है, इज्जत है और लाखों भक्त
- 0:11हैं। लोग उसे धर्मगुरु मानकर पूजते हैं और
- 0:14एक ही नाम से जानते हैं बाप जी। नतीजा यह
- 0:17कि इल्जाम लगाते ही मुसीबत उल्टा लड़की पर
- 0:20ही टूट पड़ती है। उसके पास कोई पक्का सबूत
- 0:23नहीं है। मेडिकल जांच में भी रेप का कोई
- 0:25निशान नहीं मिलता। ऊपर से समाज की नजर में
- 0:28उसका चाल चलन ही ठीक नहीं तो क्या लड़की
- 0:31झूठ बोल रही है और अगर सच बोल रही है तो
- 0:34साबित कैसे करेगी आखिर में जीत किसकी होगी
- 0:37ताकत की या इंसाफ की? चलिए विक्टिम की नजर
- 0:41से देखते हैं कि सच आखिर है क्या?
- 0:45सुबह-सुबह मध्य प्रदेश के खरगंज थाने में
- 0:47मीनू अपने मां-बाप के साथ पहुंचती है। वह
- 0:50रिपोर्ट लिखवाने आई है। चेहरा उतरा हुआ है
- 0:52क्योंकि उसके साथ कुछ बहुत बुरा हुआ है और
- 0:55उसे इंसाफ चाहिए। इंस्पेक्टर सत्येंद्र
- 0:58मालवीय के डेस्क पर पहुंचते ही वह हाथ के
- 1:00इशारे से उन्हें रुकने को कहता है। तभी एक
- 1:03कास्टेबल मालवीय को मिठाई देता है और कहता
- 1:05है यह बापजी का आशीर्वाद है। फिर वही
- 1:07मिठाई मीनू के परिवार को भी मारने लगता
- 1:09है। मीनू की मां वैशाली कहती है कि मीनू
- 1:12मिठाई नहीं खाती लेकिन कांस्टेबल फिर भी
- 1:14उसके हाथ में थमा देता है। बाप जी का
- 1:15आशीर्वाद है। मिठाई हाथ में लिए मीनू अंदर
- 1:18ही अंदर जल रही है। बेटी का हाल समझकर
- 1:20वैशाली वह मिठाई ले लेती है। बापजी के
- 1:22प्रसाद की यह बेकदरी मालवे की नजर से
- 1:24छुपती नहीं। अब मीनू चुपती तोड़ती है।
- 1:26मेरे साथ असॉल्ट हुआ है। मालवीय रजिस्टर
- 1:29का पन्ना पलट कर पूछता है, किसने किया?
- 1:31मीनू कुछ पल सांस रोके रहती है। थूक
- 1:33निगलती है और सूखी आवाज में कहती है बाप
- 1:35जी ने यहां लगभग हर कोई बाप जी का भागता
- 1:38है। तो यह नाम सबको भूकंप जैसा लगता है।
- 1:40पर शिकायत आई है तो केस दर्ज करना ही
- 1:42पड़ेगा। मालवीन नाम पता लिखता है और उम्र
- 1:45लिखते वक्त उसका हाथ फिर रुक जाता है।
- 1:47मीनू 17 साल की है यानी नाबालिग। मतलब
- 1:50पॉक्सो केस जो बाकी रेप केस से भी पेचीदा
- 1:53है और इसमें जमानत आसानी से नहीं मिलती।
- 1:56यह कानून असल में बच्चों की हिफाजत के लिए
- 1:59ही बना था। अब मालविया पूछता है हुआ क्या
- 2:02था? मीनू बताती है कि वह बाबजी के सबूरी
- 2:04फोर्ट में बने महाशेरनी स्कूल में पढ़ती
- 2:07है और वहीं के हॉस्टल में रहती है। कल
- 2:09असेंबली के वक्त उसकी तबीयत बिगड़ गई थी।
- 2:12बस इतना सुनते ही मालविया टोकता है पक्का
- 2:14बापजी ही थे। तुम बीमार थी किसी और को देख
- 2:17लिया हो। मीनू डटकर कहती है वह बाप जी ही
- 2:20थे। मालविया कहता है पहले हम बाप जी से
- 2:22बात करेंगे फिर केस के लिए बुला लेंगे मगर
- 2:25मीनू अड़ जाती है जब तक केस दर्ज नहीं
- 2:27होगा मैं यहां से नहीं उठूंगी। मामला हाई
- 2:30प्रोफाइल है तो मालविया रिस्क नहीं लेता
- 2:32और मध्य प्रदेश पुलिस हेड क्वार्टर फोन कर
- 2:34देता है। वहां से जांच के लिए भेजी जाती
- 2:37है एसीपी जसलीन सिंह। यह उसकी पहली
- 2:40पोस्टिंग है। जसलीन अपना परिचय देती है तो
- 2:42मालवीय बेमन से उठकर सैल्यूट करता है।
- 2:44विक्टिम के बारे में पूछने पर बस हाथ से
- 2:47इशारा कर देता है। परिवार को एक गंदे कमरे
- 2:49में बिठाया गया है। जहां डस्टबिन का कचरा
- 2:51बिखरा पड़ा है। जसलीन को गुस्सा आता है।
- 2:54मालवीय बहाना बनाता है। बाहर भीड़ जमा है।
- 2:56लड़की नाबालिग है। सेफ्टी के लिए यहां रखा
- 2:58है। असल वजह कुछ और है। मालवीय एक खुद
- 3:01बापजी का भक्त है और यह उसी की खुन्नस है।
- 3:03जसलीन मीनू से कहती है कि उसका बयान
- 3:05रिकॉर्ड करना होगा। मीनू का पिता धर्मपाल
- 3:07बेटी की सेफ्टी को लेकर कुछ ज्यादा ही
- 3:09परेशान है। कहता है कई बार वीडियो लीक हो
- 3:12जाते हैं। अगर मेरी बेटी का वीडियो लीक
- 3:14हुआ तो हमारी इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी।
- 3:16जसलीन भरोसा दिलाती है यह पुलिस का
- 3:18रिकॉर्ड किया हुआ बयान है। लीक नहीं होगा।
- 3:20मीनू बोलना शुरू ही करती है कि मालवी रोक
- 3:22देता है। कैमरा बंद हो गया है। कांस्टेबल
- 3:24नई बैटरी लाता है और रिकॉर्डिंग फिर शुरू
- 3:27होती है। दूसरी बार शुरू होते ही बाहर से
- 3:29बैंड बाजे का तेज शोर आने लगता है। कोई
- 3:31बारात गुजर रही है। मीनू का ध्यान भटकता
- 3:33है और वह फिर अटक जाती है। एक तो वह
- 3:35विक्टिम है पहले से डरी हुई। ऊपर से
- 3:37बार-बार की रुकावट वो और घबरा जाती है।
- 3:40जसलीन उसे तसल्ली देती है और रिकॉर्डिंग
- 3:42फिर शुरू करती है। इस बार मीनू बिना डरे
- 3:45बताती है। असेंबली में उसे चक्कर आया और
- 3:47वह बेहोश हो गई। कोई उसे क्लीनिक ले गया।
- 3:49होश आया तो दरवाजा बंद था। कहीं से बाप जी
- 3:52उसके पास आए और उसके कपड़े उतार दिए। फिर
- 3:54उंगलियों से उसके प्राइवेट पार्ट के साथ
- 3:56ज्यादती की और उस पर झुक आए। सब कुछ
- 3:59बर्बाद करने के बाद बाप जी ने अपने हाथों
- 4:01से उसे नहलाया और कहा मैंने तुम्हें शक्ति
- 4:03का तोहफा दिया है। फिर उसे एक मंत्र
- 4:05सिखाया और कहा इसे बार-बार पढ़ना जितना
- 4:08पढ़ोगी अंदर उतनी शक्ति बढ़ेगी। पूरी बात
- 4:11सुनकर जसलीन सन गह जाती है। एक धर्मुगुरु
- 4:14इतना गिरा हुआ कैसे हो सकता है? यह सोचकर
- 4:16ही उसके रोंगटे खड़े हो जाते हैं। अब बारी
- 4:19है मेडिकल चेकअप की। जसलीन मीनू का चेहरा
- 4:21ढक कर उसे जांच के लिए ले जाती है। कहते
- 4:24हैं रेप के बाद मेडिकल जांच में विक्टिम
- 4:26के साथ एक बार फिर ज्यादती होती है
- 4:27क्योंकि शरीर के ऐसे हिस्सों से सैंपल लिए
- 4:30जाते हैं जो उसे और तोड़ देते हैं पर कोई
- 4:32चारा नहीं। मीनू लाश की तरह पड़ी रहती है
- 4:34और डॉक्टर सैंपल ले लेता है। बाद में
- 4:36डॉक्टर जसलीन को बताता है शरीर पर किसी
- 4:38चोट का निशान नहीं है। पेनिट्रेशन का भी
- 4:41कोई सुराग नहीं मिला। बाकी बायोलॉजिकल
- 4:43रिपोर्ट के लिए सैंपल लैब भेजे जाएंगे।
- 4:45लेकिन शुरुआती जांच से उसे नहीं लगता कि
- 4:47रेप हुआ है। यह बात छुपकर एक कांस्टेबल
- 4:49सुन लेता है और धर्मपाल को बता देता है
- 4:51आपकी बेटी अभी पवित्र है। कोर्ट कचहरी के
- 4:54झंझट में मत पड़िए। मामला निपटा लीजिए।
- 4:56धर्मपाल भी यही सोच रहा था। जवान बेटी है।
- 4:59ऐसे मामले को जितना कुरेदो बदनामी अपनी ही
- 5:01होगी। और बाप जी को तो लोग भगवान मानते
- 5:03हैं। मीनू की बात कौन मानेगा? वो मीनू को
- 5:05समझाता है कि बात आगे मत बढ़ाओ। लेकिन
- 5:07मीनू बड़ी जिद्दी है। पूछती है कोई और
- 5:10माने या ना माने क्या आप मुझ पर यकीन करते
- 5:12हो? धर्मपाल जवाब नहीं दे पाता। मीनू देर
- 5:15तक पिता की तरफ देखती रहती है और फिर
- 5:17मायूस हो जाती है। अगले दिन मीनू को उसी
- 5:20कमरे में ले जाया जाता है जहां यह सब हुआ
- 5:23था। जसलीन पूछती है तुम्हें कहां असॉल्ट
- 5:25किया गया था। मीनू एक तरफ इशारा करती है।
- 5:28मैं वहां लेटी थी वहीं हुआ। लेकिन हैरानी
- 5:31की बात बिस्तर तो दूसरी तरफ है। यानी पहली
- 5:33ही बात मेल नहीं खाती। फिर मीनू कहती है
- 5:36उस तरफ बाथरूम है और उसका नल टपकता है।
- 5:39जसलीन खुद जाकर देखती है नल बिल्कुल ठीक
- 5:41है। लौट कर पूछती है उस दिन बापजी किस तरफ
- 5:44से आए थे? मीनू सोचकर कहती है पीछे से यह
- 5:47भी मेल नहीं खाता क्योंकि कमरे में एक ही
- 5:50दरवाजा है। तो बापजी दूसरी तरफ से अंदर आए
- 5:52कैसे? जसलीन बापजी का बयान लेने निकलती
- 5:55है। लेकिन आश्रम की एक सेविका रास्ता रोक
- 5:58लेती है। धमकी देती है। बाप जी को परेशान
- 6:00किया तो उनके लाखों भक्त चुप नहीं
- 6:02बैठेंगे। भीड़ भड़क उठेगी। कोर्ट के नोटिस
- 6:05को ठुकराकर वह जसलीन को लौट जाने को कहती
- 6:07है। फिलहाल जसलीन बात नहीं बढ़ाती और लौट
- 6:09आती है। फिर कई बार बापजी को थाने आकर
- 6:11बयान देने का नोटिस भेजती है। पर कोई
- 6:13फायदा नहीं। आखिर वह गिरफ्तारी वारंट के
- 6:15लिए डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट के दफ्तर
- 6:16जाती है। मैजिस्ट्रेट सीधा कह देता है
- 6:18बापजी के नाम वारंट नहीं दे सकता। अजीब
- 6:21बात यह है कि केस पॉक्सो में दर्ज है।
- 6:23जमानत का सवाल ही नहीं। फिर भी बापजी मजे
- 6:25से अपने आश्रम में बैठे हैं। उनके रसूख और
- 6:28ताकत के आगे पुलिस उन तक पहुंच ही नहीं पा
- 6:30रही। मैजिस्ट्रेट से भी कोई मदद नहीं मिली
- 6:31तो जसलीन मायूस होकर बाहर आ जाती है। इसके
- 6:34बाद वह मीनू के बारे में पता करने उसके
- 6:35स्कूल जाती है। उसकी दो क्लासमेट्स कहती
- 6:37है मीनू अच्छी लड़की नहीं है। जसलीन पूछती
- 6:40है क्यों? वो साफ कुछ नहीं बताती बस अमृता
- 6:42नाम की एक लड़की के पास भेज देती हैं।
- 6:44अमृता मीनू की सहेली है और उसे सब पता है।
- 6:46उधर बाप जी रोज की तरह भक्तों के साथ
- 6:48प्रार्थना के बाद वह भीड़ में से एक लड़के
- 6:51को स्टेज पर बुलाते हैं जो काफी दुखी दिख
- 6:53रहा है। पूछते हैं क्या करते हो? लड़का
- 6:56बताता है स्वीपर हूं। टॉयलेट साफ करता
- 6:58हूं। कभी-कभी मजदूरी भी। दुख यह है कि कोई
- 7:01इज्जत नहीं देता। बाप जी उसे गले लगा लेते
- 7:04हैं और कहते हैं आज से यह सबूरी फोर्ट ही
- 7:06तुम्हारा घर है। उसे नया नाम देते हैं
- 7:08विकाल। अब वो यहां नई पहचान के साथ इज्जत
- 7:11से रहेगा। बाप जी की यह दरियादिली देखकर
- 7:13भीड़ उनके जयकारे लगाने लगती है। पुलिस
- 7:16भले बापजी को छू ना पाए पर पत्रकार अमिताभ
- 7:19सिन्हा मामले को सबके सामने ले आता है।
- 7:21किसी तरह उसके हाथ एफआईआर की कॉपी लग जाती
- 7:24है। अपने डेली न्यूज़ शो में वह खुलकर
- 7:26बताता है कि एक 17 साल की लड़की ने बाप जी
- 7:29पर रेप का इल्जाम लगाया है। केस की धाराएं
- 7:31गिनाकर पूछता है बाप जी अब तक गिरफ्तार
- 7:33क्यों नहीं हुए? क्या वह कानून से भी ऊपर
- 7:36हैं? खबर चलते ही ऑनलाइन हंगामा मच जाता
- 7:38है। लड़की के लिए इंसाफ के हैशटैग चलने
- 7:40लगते हैं और बाप जी को ढोंगी धोखेबाज कहने
- 7:43वाली पोस्ट्स की बाढ़ आ जाती है। इसी के
- 7:45चलते अगले दिन जसलीन फिर पूछताछ के लिए
- 7:48सबूरी पहुंचती है। वो स्कूल की प्रिंसिपल
- 7:50और बाप जी की पक्की भक्त संगीता से सवाल
- 7:52करती है। पहला सवाल वारदात के वक्त वो और
- 7:55बापजी कहां थे? संगीता कहती है मैं स्कूल
- 7:58में थी और बाप जी उस वक्त सत्संग में थे।
- 8:00मीनू कैसी लड़की थी? संगीता के मुताबिक वह
- 8:03बाकियों से अलग और जरूरत से ज्यादा
- 8:05स्मार्ट थी। फिर एक वीडियो दिखाती है
- 8:07जिसमें मीनू शराब पी रही है। इतनी कम उम्र
- 8:09में ड्रिंक संगीता नमक मिर्च लगाकर कहती
- 8:12है जाने पैसे कहां से लाती थी। कोई
- 8:14बॉयफ्रेंड पक्का तो नहीं पता पर अफवाह है
- 8:16कि इंग्लिश टीचर जयदीप के साथ उसका चक्कर
- 8:19है। अमृता का जिक्र आते ही संगीता असहज हो
- 8:21जाती है। कहती है अमृता अब यहां नहीं
- 8:23पढ़ती। कहां पढ़ती है पता नहीं। फिर जसलीन
- 8:26जयदीप से मिलती है। जयदीप कहता है मीनू
- 8:28मेरी स्पेशल स्टूडेंट थी। उसे मीनू का
- 8:30नियम ना मानने वाला मिजाज पसंद था। लेकिन
- 8:33उनके बारे में जो अफवाह है वह झूठ है। पर
- 8:36यहां जयदीप एक झूठ बोल जाता है। जसलीन
- 8:38पूछती है उस दिन मीनू को देखा था। जयदीप
- 8:41कहता है असेंबली में देखा था। जबकि जसलीन
- 8:44की जानकारी के मुताबिक वो असेंबली से पहले
- 8:47सुबह 7:00 बजे भी मीनू से मिला था। इधर
- 8:49अमिताभ की खबर के बाद हो रही आलोचना बाप
- 8:52जी तक भी पहुंचती है तो वह सबूरी में
- 8:54पत्रकारों को न्योता देते हैं। अमिताभ
- 8:56कैमरा और माइक लेकर पहुंच जाता है। भक्तों
- 8:59के साथ भजन कीर्तन के बीच बाप जी सबके
- 9:02सामने अमिताभ को वक्त देते हैं ताकि
- 9:04बातचीत हर कोई सुने और उनके बारे में
- 9:06गलतफहमी दूर हो जाए। अमिताभ इजाजत लेकर
- 9:09पूछता है लड़की का इल्जाम सच है या झूठ यह
- 9:12कोर्ट तय करेगा उससे मुझे मतलब नहीं। मेरा
- 9:14सवाल यह है कि अगर आप बेकसूर हैं तो चुप
- 9:17क्यों हैं? विरोध क्यों नहीं करते और
- 9:19पुलिस से भाग क्यों रहे हैं? सवाल सुनते
- 9:22ही कुछ भक्त दहाड़ उठते हैं। बाप जी
- 9:24उन्हें शांत कराते हैं और कहते हैं मैं
- 9:26भाग नहीं रहा। भाग रहा होता तो इतने
- 9:28कैमरों के सामने ना आता। मेरी सबसे बड़ी
- 9:31ताकत सच और विश्वास है और इसी के दम पर
- 9:33मैं खुद को बेकसूर मानता हूं। फिर मीडिया
- 9:36पर इल्जाम लगाते हैं कि वह बस टीआरपी के
- 9:38लिए झूठ मिलाकर खबरें फैलाता है। पर झूठी
- 9:40खबरों से सच कभी नहीं छुपता। भक्त फिर से
- 9:43उनके जयकारे लगाने लगते हैं। उधर मीनू का
- 9:46गोलगप्पे खाने का मन करता है। वह घर से
- 9:48निकलती है और आम दिनों की तरह गोलगप्पे खा
- 9:50लेती है। पर लोगों को इसी में कुछ अजीब
- 9:53दिखता है। धर्मपाल को भी बेटी का यूं बाहर
- 9:55जाना अच्छा नहीं लगता। वैशाली बेटी की तरफ
- 9:58से बोलती है, उसे कोई बीमारी है क्या जो
- 10:00गोलगप्पे नहीं खा सकती? मन किया खा लिए।
- 10:02इसमें दिक्कत क्या है? दिक्कत थोड़ी देर
- 10:04में समझ आती है। किसी ने गोलगप्पे खाते
- 10:07हुए उसकी फोटो सोशल मीडिया पर डाल दी है।
- 10:09पासा पलट जाता है। जिस लड़की का रेप हुआ
- 10:11हो, उसकी हालत तो बिखरी होनी चाहिए। उसे
- 10:14गोलगप्पे खाने का मन कैसे हुआ? ऐसे हजारों
- 10:16कमेंट्स घूमने लगते हैं। इसी को मुद्दा
- 10:19बनाकर बापजी के भक्त भीड़ जुटाने लगते
- 10:21हैं। जसलीन खुद पहरा बिठाकर परिवार को घर
- 10:24छुड़ाती है। धर्मपाल परिवार की सेफ्टी को
- 10:27लेकर डरा हुआ है। पर जसलीन भरोसा देती है
- 10:29पुलिस हिफाजत करेगी। लेकिन उसी रात घर पर
- 10:32हमला हो जाता है। बाहर से भक्त ईंट पत्थर
- 10:35फेंक कर शीशे तोड़ देते हैं। घर में आग तक
- 10:38लगा देते हैं। धर्मपाल बीवी और बेटी को
- 10:40लेकर एक कोने में दुबका रहता है और किसी
- 10:43तरह वो भयानक रात कटती है। इसके बाद भी
- 10:46अमिताभ मीनू के परिवार के साथ खड़ा रहता
- 10:48है और भीड़ के इस हमले पर भी खबर चलाता
- 10:51है। उधर जसलीन से भी अब यह ज्यादती
- 10:53बर्दाश्त नहीं हो रही। उसे बस बापजी का
- 10:56गिरफ्तारी वारंट चाहिए। डिस्ट्रिक्ट
- 10:58मजिस्ट्रेट इस वक्त ट्रेन के फर्स्ट क्लास
- 11:00केबिन में आराम से सोते हुए सफर कर रहा
- 11:02है। जसलीन बीच रास्ते ट्रेन में चढ़ जाती
- 11:05है और उसे नींद से उठाकर वारंट जारी करने
- 11:08को कहती है। मजिस्ट्रेट अब भी तैयार नहीं।
- 11:10जसलीन समझाती है विक्टिम का घर जला दिया
- 11:13गया है। जान बचाने के लिए वह दूसरे इलाके
- 11:15में शिफ्ट हुए हैं। उनकी हिफाजत हमारी
- 11:17जिम्मेदारी है। ऊपर से पुलिस और न्याय
- 11:20व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब कदम
- 11:22उठाना ही होगा। हालात बिगड़ चुके हैं तो
- 11:24मजिस्ट्रेट मजबूरन वारंट जारी कर देता है।
- 11:26रात 12:00 बजते ही वारंट ऑफिशियली जारी हो
- 11:28जाता है और जसलीन फोर्स लेकर सबूरी फोर्ट
- 11:31की तरफ निकल पड़ती है। रास्ते में उन्हें
- 11:33रोकने की हर कोशिश होती है। सड़क के बीच
- 11:35आग तक लगा दी जाती है। फिर भी वह
- 11:37बचते-बचाते फोर्ट तक पहुंच जाते हैं। वहां
- 11:39भक्त ढाल बनकर खड़े हैं और पुलिस जीप पर
- 11:42हमला कर देते हैं। जसलीन रुकती नहीं।
- 11:44फोर्स के दम पर उन्हें हटाकर अंदर पहुंच
- 11:46जाती है। अमिताभ समेत पत्रकार भी वहां
- 11:48मौजूद हैं। अमिताभ के हिसाब से यहां कम से
- 11:50कम 3000 भक्त जमा है और पुलिस वाले सिर्फ
- 11:5330। अब देखना यह है कि इतने कम पुलिस वाले
- 11:56इतनी भीड़ के बीच से बाप जी को ले जा पाते
- 11:59हैं या नहीं। बाप जी इस वक्त सत्संग में
- 12:01हैं और हजारों भक्त उन्हें घेर कर बैठे
- 12:03हैं। जसलीन सुनती है कि बापजी भक्तों को
- 12:06भड़का रहे हैं ताकि वह पुलिस को रोके। फिर
- 12:08भी वह चुपचाप कार्यक्रम खत्म होने का
- 12:10इंतजार करती है। बाप जी सामने आते हैं तो
- 12:12जसलीन सख्ती से उन पर लगे इल्जाम सुनाती
- 12:14है और वारंट की कॉपी थमा देती है। कहती है
- 12:17आपको हमारे साथ थाने चलना होगा। वह बाप जी
- 12:20को उनके असली नाम सुनील चाकोसी से ही
- 12:22पुकारती है। बाप जी कहते हैं जरा वाशरूम
- 12:25हुआ और कमरे में घुस जाते हैं। फिर निकलने
- 12:27का नाम नहीं। बाहर भक्त जबरदस्त हंगामा कर
- 12:30रहे हैं। हालत यह है कि बाप जी को मेन गेट
- 12:32से ले जाने की कोशिश हुई तो भीड़ सबको मार
- 12:35डालेगी। जसलीन दरवाजा पीट कर बाहर आने को
- 12:38कहती है। पर बाप जी अंदर जमे बैठे हैं।
- 12:40असल में उन्होंने अग्रिम जमानत की अर्जी
- 12:42लगाई है और उसी की खबर का इंतजार है। तभी
- 12:45साथ में मौजूद शिवानी को फोन पर पता चलता
- 12:47है कि अर्जी खारिज हो गई। उधर जसलीन
- 12:50कांस्टेबल से दरवाजा तुड़वाने लगती है।
- 12:52दोनों तरफ से फंसकर बापजी खुद दरवाजा
- 12:54खोलकर बाहर आ जाते हैं और जसलीन उन्हें
- 12:56ऑफिशियली गिरफ्तार कर लेती है। सिर्फ
- 12:58गिरफ्तारी में ही 3 घंटे से ज्यादा लग
- 13:00जाते हैं। पर उन्हें लेकर निकलते ही भक्त
- 13:02टूट पड़ते हैं। एक कदम बढ़ाने की जगह नहीं
- 13:05बचती। एक भक्त तो जज्बात में आकर अपने ऊपर
- 13:07पेट्रोल डाल लेता है। आग लगाने को तैयार।
- 13:10जसलीन इशारा करती है और मालविया हवाई फायर
- 13:12कर देता है। गोली की आवाज से भक्त डरकर
- 13:15इधर-उधर भागने लगते हैं। इसी अफरातफरी में
- 13:17चुन्नी लाल नाम का एक आदमी बाप जी को लेकर
- 13:20खिसक जाता है। पिछले रास्ते से बाहर ले
- 13:22जाकर कहता है, बाहर गाड़ी खड़ी है। बैठकर
- 13:24निकल जाइए, पुलिस को हम संभाल लेंगे। मौका
- 13:26देखकर बाप जी गाड़ी में बैठ जाते हैं।
- 13:28लेकिन यही था पुलिस का दांव। उन्हें पता
- 13:31था कि मेन गेट से निकलना नामुमकिन है।
- 13:34इसलिए यह बैग का प्लान रखा गया था। गाड़ी
- 13:37में बैठे सारे लोग मध्य प्रदेश पुलिस के
- 13:39थे और बाप जी आराम से गिरफ्तार होकर चले
- 13:41जाते हैं। चुन्नी लाल को इस प्लान की भनक
- 13:43तक नहीं थी। वह भी बापजी का भक्त था। उसे
- 13:46बस चारे की तरह इस्तेमाल किया गया। अमिताभ
- 13:48बधाई देने के लिए जसलीन को फोन करता है।
- 13:51पर जसलीन उससे नाराज है। पुलिस गिरफ्तारी
- 13:54चुपचाप करना चाहती थी। लेकिन अमिताभ के
- 13:56लाइव टेलीकास्ट से पूरे शहर को खबर हो गई
- 13:59और काम और मुश्किल हो गया। उधर बापजी को
- 14:01अस्थाई जेल लाया जाता है। यहां भी भक्तों
- 14:04की कमी नहीं। फूल मालाओं से उनका स्वागत
- 14:06होता है। जसलीन सेल में पहुंचती है तो बाप
- 14:08जी ध्यान में बैठे हैं। वह नाम लेकर आंखें
- 14:11खोलने को कहती है। बाप जी पलट कर कहते हैं
- 14:13बाप जी कहकर बुलाओगी तभी आंखें खोलूंगा।
- 14:16जसलीन भी जवाब देती है मेरे पास ऐसे तरीके
- 14:19हैं कि आंखें ही नहीं एक-एक हड्डी भी खुल
- 14:21जाएगी। बाप जी जरा नहीं घबराते। कहते हैं,
- 14:24मैं तुम्हारे बारे में बहुत कुछ जानता
- 14:25हूं। खासकर तुम्हारे पिता और भाई के बारे
- 14:28में। यह सुनकर जसलीन असहज हो जाती है और
- 14:30बाहर निकल जाती है। इधर बापजी के खास लोग
- 14:33सिर जोड़कर बैठे हैं कि उन्हें बाहर कैसे
- 14:35निकालें। तभी बापजी का बेटा कश्यप आता है।
- 14:38इन निकम्मों पर बरसता है और मामला खुद
- 14:40अपने हाथ में ले लेता है। उसका तरीका है
- 14:42हिंसा। पूरे शहर में भीड़ से दंगे। जो भी
- 14:45वकील मीनू का केस लेने की सोचता उसकी
- 14:48गाड़ी और घर तोड़ दिए जाते। नतीजा कोई
- 14:50वकील केस छूने को तैयार नहीं। थाने के
- 14:53सामने गाड़ियां जलाकर वह दहशत और बढ़ा
- 14:55देता है। मीडिया में मीनू के बैग से शराब
- 14:57निकलने की फोटो और वीडियो फैलाता है और
- 14:59जयदीप वाली अफवाह भी अब सब मीनू को ही
- 15:02दोषी मानने लगते हैं। अमिताभ फिर भी मीनू
- 15:04के हक में और बापजी के लोगों की हिंसा पर
- 15:07खबरें चलाता रहता है। उसे धमकियां मिलती
- 15:09हैं और आखिर में उसके 7 साल के बच्चे को
- 15:11किडनैप करने की धमकी। धर्मपाल हार कर बैठा
- 15:14है। बेटी के लिए एक वकील तक नहीं मिला।
- 15:16तभी भालेराव नाम का एक वकील आता है और
- 15:18मीनू का केस लड़ना चाहता है। पर जब
- 15:20धर्मपाल सुनता है कि भालेराव ने आखिरी केस
- 15:23चार-प साल पहले जीता था तो उसका दिल बैठ
- 15:26जाता है। पूछ बैठता है जीत पाओगे? भालेराव
- 15:29पलट कर कहता है आपने बरसों बापकी की सेवा
- 15:31की। साए की तरह साथ रहे फिर भी उनका असली
- 15:34चेहरा नहीं पहचाना और मुझे एक नजर में जज
- 15:36कर रहे हैं। धर्मपाल के पास जवाब नहीं।
- 15:39कहता है फीस के पैसे नहीं है। भालेराव
- 15:41कहता है यह केस जिंदगी तबाह कर देगा और आप
- 15:44पैसों की बात कर रहे हैं तो फिर लड़ क्यों
- 15:46रहे हो? भालेराव कहता है मैं इस देश के उन
- 15:48गिनेचुने लोगों में से हूं जो मानते हैं
- 15:50कि मीनू सच बोल रही है। यह सुनकर धर्मपाल
- 15:52रो पड़ता है और भालेराव इंसाफ दिलाने का
- 15:55वादा करता है। अगले दिन भालेराव मीनू से
- 15:57पूछता है कौन सी उंगली इस्तेमाल हुई?
- 15:59सिर्फ उंगली थी या पेनिट्रेशन भी। उसे शक
- 16:01है कि मीनू पेनिट्रेशन का मतलब ठीक से
- 16:03समझती ही नहीं। इन सवालों से मीनू बेहद
- 16:05असहज हो जाती है। कहती है बाप जी ने अपनी
- 16:08हाथों से मुझे नहलाया था उसी हाथ से जो
- 16:10करीब 15 मिनट तक मेरे अंदर था। इतना कहकर
- 16:13वह उठकर कमरे में चली जाती है। भालेराव
- 16:16पीछे जाकर उसे समझाता है कि कोर्ट में
- 16:18डिफेंस वकील उसे किस-किस तरह जलील करेगा
- 16:21इसलिए पहले से तैयार रहे और यह भी कि वो
- 16:24उस पर यकीन करता है। इसी से मीनू को बड़ा
- 16:26हौसला मिलता है। उधर जसलीन अमृता का पता
- 16:29ढूंढकर उसके घर पहुंचती है। उसके पिता से
- 16:31पूछती है स्कूल क्यों बदला? वहां ऐसा क्या
- 16:33हुआ? वह कुछ साफ नहीं बताते। पर जसलीन समझ
- 16:36जाती है कि अमृता बापजी की अंधभक्त है।
- 16:39बाप जी के खिलाफ जाने पर अमृता उसका मजाक
- 16:41उड़ाती है और बाप जी का एक लॉकेट थमाकर
- 16:43उनकी शिष्या बनने की सलाह देती है। थाने
- 16:45लौटने पर पता चलता है कि कोई मीनू के केस
- 16:48में गवाही देने आया है। बयान में वह कहता
- 16:50है यह केस पूरी तरह फर्जी है। धर्मपाल
- 16:53आश्रम का पैसा चुराता था इसलिए निकाला गया
- 16:56और बदला लेने के लिए बेटी से यह झूठा केस
- 16:58करवाया। जसलीन को यकीन नहीं होता। पर
- 17:00मालविया कहता है सच भी तो हो सकता है और
- 17:03धर्मपाल के गोदाम पर छापा मारकर बैग भर
- 17:05पैसा बरामद कर लेता है। तब तक सब कोर्ट
- 17:08पहुंच चुके हैं। आज सुनवाई है। भालेराव को
- 17:10टूटी साइकिल पर आते देख धर्मपाल और उसके
- 17:12दोस्त शरद का हौसला और गिर जाता है। ऐसे
- 17:15मामूली वकील पर भरोसा कैसे करें? हालांकि
- 17:17शरद ने सुना है कि भालेराव के पिता बड़े
- 17:19वकील थे तो धर्मपाल इतनी उम्मीद रखता है
- 17:22कि बाप से कुछ तो सीखा होगा। कोर्ट में
- 17:24घुसते वक्त जसलीन भालेराव से कहती है बाप
- 17:26जी को किसी भी हाल में जमानत नहीं मिलनी
- 17:28चाहिए। तभी मालविया दौड़ता हुआ आता है।
- 17:31गवाह सही था। धर्मपाल के गोदाम से पैसा
- 17:33मिला है। अब जसलीन भी उलझन में पड़ जाती
- 17:36है। फिर भी वह सुनवाई खत्म होने तक चुप
- 17:38रहती है। डिफेंस वकील दलील देता है कि
- 17:40मीनू ने इल्जाम के लिए ठीक वो वक्त चुना
- 17:42जब बापजी एकांत में होते हैं। उस वक्त
- 17:44उनके पास कोई नहीं होता तो कोई नहीं जानता
- 17:47कि वह क्या कर रहे थे। फिर वह मीनू के
- 17:49कैरेक्टर पर सवाल उठाता है। इंग्लिश टीचर
- 17:51के साथ रिश्ते की बात अलग से मिलने की
- 17:54बात। साथ ही बापजी की योंग क्षमता की जांच
- 17:56रिपोर्ट पेश करता है जिसके मुताबिक बापजी
- 17:59में योंग क्षमता है ही नहीं तो जो यह कर
- 18:01ही नहीं सकता वो योंग शूषण क्यों करेगा
- 18:03दलील यह कि शायद मीनू ही बापजी में
- 18:05दिलचस्पी रखती थी भाव नहीं मिला तो झूठा
- 18:08केस कर दिया मेडिकल रिपोर्ट भी कहती है कि
- 18:10पेनिट्रेशन नहीं हुआ इसलिए केस खारिज किया
- 18:13जाए अब भालेराव की बारी वो समाज के
- 18:16दोहरेपन पर एक किस्सा सुनाता है अगर एक
- 18:18लड़की रात को अपने बॉयफ्रेंड के साथ बैठी
- 18:20हो छह लोग आकर उन्हें पीटे और लड़की का
- 18:23रेप करें तब तब भी लोग लड़की पर ही उंगली
- 18:25उठाएंगे कि रात को बॉयफ्रेंड के साथ क्यों
- 18:27बैठी थी। फिर वह निर्भया एक्ट का हवाला
- 18:29देता है। रेप सिर्फ पेनिट्रेशन पर टिका
- 18:32नहीं है। उसकी परिभाषा कहीं बड़ी है और
- 18:34मीनू का केस भी ऐसा ही है। मीनू के घर पर
- 18:37हुए हमले को उठाकर कहता है जमानत मिली तो
- 18:39यह लोग रसूक से और क्या-क्या करेंगे सोचा
- 18:42भी नहीं जा सकता। और पॉक्सो केस वैसे भी
- 18:44गैर जमानती है। डिफेंस के पास पक्का सबूत
- 18:47नहीं तो कोर्ट फिलहाल जमानत नामंजूर कर
- 18:49देता है। बापजी की गैर मौजूदगी में सबूरी
- 18:52फोर्ट कश्यप संभाल रहा है। जमानत नहीं
- 18:54मिलने की खबर पर भक्त भड़क उठते हैं और
- 18:56कश्यप से संभलते नहीं। तब शिवानी चालाकी
- 18:59से बाप जी का रिकॉर्ड किया हुआ प्रवचन चला
- 19:01देती है और आवाज सुनते ही भक्त शांत हो
- 19:04जाते हैं। उधर सुनवाई के बाद जसलीन
- 19:06धर्मपाल को थाने में रोकती है और बरामद
- 19:08पैसा सामने रखकर पूछताछ करती है। मालविया
- 19:11को भी बाहर भेज देती है जबकि पैसा उसी ने
- 19:13बरामद किया था। काफी देर बाद वह धर्मपाल
- 19:15को लेकर बाहर आती है और कहती है इन्हें
- 19:17सही सलामत घर छोड़ आओ। मालविया हैरान है।
- 19:20जसलीन कहती है इस पैसे का केस से कोई लेना
- 19:22देना नहीं। मालविया मानने को तैयार नहीं।
- 19:25तो जसलीन चेतावनी देती है हुकुम नहीं माना
- 19:27तो तुम्हारे खिलाफ रिपोर्ट करूंगी।
- 19:29मालविया चुप हो जाता है। गिरफ्तारी के बाद
- 19:32से थाने में गालियों वाले फोन आते रहते
- 19:34हैं। इन्हीं के बीच एक अहम कॉल आती है। एक
- 19:37लड़की बताती है कि मीनू के अलावा और भी
- 19:40लड़कियां हैं जिनका बाप जी लगातार रेप
- 19:42करते हैं। उन्हें पहचानने के लिए हाथ में
- 19:44काला धागा बांधा जाता है। वो नफरत से कहती
- 19:47है सुनील चाकोसी एक रेपिस्ट है। जसलीन
- 19:50उसका नाम पूछती है। हिफाजत का भरोसा देती
- 19:52है। पर उसे पुलिस पर भरोसा नहीं। पुलिस
- 19:55मीनू को ही नहीं बचा पाई। मगर पहचान के
- 19:57बिना कोर्ट में कुछ साबित नहीं होगा। एक
- 19:59गुमनाम कॉल के भरोसे बात टिकेगी नहीं।
- 20:01जसलीन फिर पूछती है लड़की नाम नहीं बताती
- 20:04पर वही मंत्र बोल देती है जो बाप जी ने
- 20:06मीनू को सिखाया था। यानी यह लड़की भी एक
- 20:08विक्टिम है। इसी बीच दूसरी सुनवाई की
- 20:11तारीख आ जाती है। इस बार डिफेंस वकील है
- 20:13वेद प्रकाश। बेहद तगड़ा वकील और उसके हाथ
- 20:17में एक मजबूत सबूत है। मीनू के ड्राइविंग
- 20:19लाइसेंस की कॉपी जिसमें उम्र 18 साल लिखी
- 20:22है। यानी बालिक। मीनू घबरा जाती है
- 20:25क्योंकि लाइसेंस सच में उन्होंने ही
- 20:27बनवाया था। वह कहती है लाइसेंस वाली उम्र
- 20:30फर्जी है पर सरकारी दस्तावेज को आसानी से
- 20:32फर्जी नहीं कहा जा सकता और फर्जी हो तब भी
- 20:35मीनू फंसेगी क्योंकि उम्र में जालसाजी की
- 20:38गई। डिफेंस के पास एक और सबूत है। पिछले
- 20:40जन्मदिन पर मीनू ने दोस्तों के साथ ड्रिंक
- 20:42की थी और कहा था यह मेरा 18वां जन्मदिन
- 20:45है। इन दोनों के दम पर डिफेंस कहता है
- 20:47मीनू बालिग है तो बापजी पर पॉक्सो केस
- 20:50बेतुका है। तीसरी सुनवाई में डिफेंस
- 20:52अस्पताल से बर्थ सर्टिफिकेट लाकर पॉक्सो
- 20:54केस खत्म करवाने की कोशिश करता है। पर
- 20:57भालेराव एक झटके में सब नाकाम कर देता है।
- 20:59कानून के मुताबिक उम्र पर उलझन हो तो
- 21:01मैट्रिक के सर्टिफिकेट वाली उम्र मानी
- 21:03जाएगी। मीनू के मैट्रिक सर्टिफिकेट में
- 21:05उम्र 17 साल है। ऊपर से उसका बोनेज टेस्ट
- 21:09भी हुआ है और उसमें भी 17 साल ही निकली।
- 21:11तो जज केस को पॉक्सो केस के तौर पर ही
- 21:13चलाने का हुक्म देता है। इस सुनवाई के बाद
- 21:16बाप जी के भक्त हड़ताल बुला देते हैं और
- 21:18जगह-जगह उपद्रव करते हैं। हर न्यूज़ चैनल
- 21:20पर चलता है। मीनू झूठी है। केस फर्जी है।
- 21:22पर अमिताभ धारा के उल्टा तैरता है।
- 21:24स्क्रिप्ट फेंक कर बच्चे की जान का जोखिम
- 21:26उठाकर वो फिर मीनू के हक में खबर चलाता है
- 21:29और कश्यप का नाम भी लेता है। जिसके उकसाने
- 21:31पर यह सब हो रहा है। उधर जयदीप को स्कूल
- 21:34से निकाल दिया जाता है। वह चुपचाप जा रहा
- 21:36होता है कि कुछ लोग उसे पकड़ कर पीटने
- 21:38लगते हैं। जसलीन ने मीनू का दाखिला आर्मी
- 21:40स्कूल में करवाया था और वह वहां घुलमिल भी
- 21:42गई थी। पर भक्त वहां भी हंगामा करते हैं।
- 21:45बापजी जेल में भी भक्तों के साथ ध्यान
- 21:47साधना में लगे हैं। पर उनमें एक अलग सोच
- 21:49वाला आदमी भी है जो अचानक बापजी को जोरदार
- 21:51थप्पड़ जड़ देता है। जसलीन को अब तक एक भी
- 21:54विक्टिम लड़की नहीं मिली। वो फिर उसी
- 21:56गुमनाम लड़की से संपर्क करती है और गवाह
- 21:58बनने की गुजारिश करती है। वरना कोर्ट नहीं
- 22:00मानेगा और इंसाफ नहीं मिलेगा। लड़की कहती
- 22:03है इंसाफ और जिंदगी में से मैंने जिंदगी
- 22:06चुनी है। मदद करके अपनी मौत नहीं
- 22:08बुलाऊंगी। पर वह अश्विन श्री कुमार नाम
- 22:10बताती है। उसे ढूंढो और पूछो कि वह क्या
- 22:12जानता है। उसने क्या देखा था। जसलीन फौरन
- 22:15नाम नोट कर लेती है। उधर कश्यप सीधा
- 22:17अमिताभ के चैनल के दफ्तर पहुंचता है और शो
- 22:20में आने की जिद करता है। टीआरपी के चक्कर
- 22:22में उसे शो में ले लिया जाता है। वहां वह
- 22:24कहता है मीनू ने मेरे पिता पर झूठा केस
- 22:26किया है और सबूत में खुद हूं। उस दिन ना
- 22:28उनके साथ था और उन्होंने कोई रेप नहीं
- 22:30किया। उसे लगा था कि इस गवाही से पिता छूट
- 22:33जाएंगे। पर अपनी बेवकूफी से वह बात और
- 22:35बिगाड़ देता है। वेद प्रकाश उसे चेताता
- 22:37है। आगे कोई उल्टी सीधी हरकत मत करना वरना
- 22:40सारी मेहनत बेकार जाएगी। जेल से बाप जी भी
- 22:42फोन करके कहते हैं तुम बस सबूरी फोर्ट
- 22:44संभालो। वाकई में दिमाग मत लगाओ। अगले दिन
- 22:47चौथी सुनवाई है और डिफेंस के पास बहुत
- 22:49मजबूत सबूत है। वो मुर्शिदा नाम की एक
- 22:52लड़की को खड़ा करता है। मुर्शिदा बताती है
- 22:54कुछ साल पहले वह अपने देश से भागकर यहां
- 22:56आई थी। फिर दूसरे धर्म केतन से उसका
- 22:58रिश्ता हुआ। धर्म अलग होने से शादी में
- 23:00अड़चन थी तो बाप जी ने खुद मौजूद रहकर
- 23:03उनकी शादी करवाई। शादी की तारीख थी 4
- 23:05नवंबर वही दिन जिसका इल्जाम मीनू ने लगाया
- 23:08है। मीनू के मुताबिक बापजी ने शाम 6:30
- 23:10बजे उसका रेप किया था। जबकि शादी में
- 23:13बापजी 5 से 7:00 बजे तक मौजूद थे। इसके कम
- 23:16से कम 15 गवाह हैं जो कोर्ट में भी हाजिर
- 23:18हैं। इस अलीबाई के आगे मीनू का इल्जाम टिक
- 23:21नहीं पाता और जज बाप जी को जमानत दे देता
- 23:24है। भक्त उनके पैरों पर लौट जाते हैं।
- 23:26पुलिस को भीड़ हटाने में पसीने छूट जाते
- 23:28हैं। जमानत के बाद केस का पूरा पलड़ा और
- 23:30जनता की राय बाप जी की तरफ झुक जाती है।
- 23:32साथ ही अमिताभ के शो के दर्शक 10% गिर
- 23:35जाते हैं। इसी पर वह अपने बॉस से बात कर
- 23:37रहा है और कोर्ट परिसर का वीडियो दिख रहा
- 23:40है। जब बाप जी बाहर निकल रहे थे। उसकी नजर
- 23:42एक आदमी पर पड़ती है जो बाप जी से कुछ
- 23:44गिड़गिड़ाकर कह रहा है। वॉल्यूम बढ़ाने पर
- 23:46सुनाई देता है मेरा बेटा आनंद कहां है?
- 23:49बेटा लापता है और हिसाब बाप जी से मांगा
- 23:51जा रहा है। अमिताभ को यह अजीब लगता है और
- 23:54वह इस पर काम शुरू कर देता है। वही आदमी
- 23:56झांसी के खुशीपुरा थाने गया था। जहां उसने
- 23:58कुछ दिन पहले बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट
- 24:00लिखवाई थी। एसएओ संतोष सिंह मायूसी से
- 24:03बताता है। अभी तक कुछ पता नहीं चला। वह
- 24:05रोते हुए कहता है बाप जी के लोगों ने मुझे
- 24:08सबूरी से निकाल दिया और कहा कि बेटे को
- 24:10ढूंढा तो हाथ पैर तोड़ देंगे। उसे शक है
- 24:12कि आनंद को उन्हीं लोगों ने गायब किया है।
- 24:14उसके जाने के बाद जसलीन संतोष को फोन करके
- 24:17आनंद के केस का अपडेट लेती है। उसे इस केस
- 24:19की खबर थी और वह जानना चाहती है कि इसका
- 24:22मेनू के केस से कोई संबंध है या नहीं। वह
- 24:24संतोष को सीसीटीवी फुटेज खंगालने की सलाह
- 24:26देती है। उधर आनंद का पिता न्यूज़ लाइन 84
- 24:29के दफ्तर जाकर अमिताभ को सब बताता है।
- 24:31अमिताभ आज यही खबर चलाना चाहता है। पर
- 24:34एडिटर मेनन सख्ती से मना कर देता है। चैनल
- 24:36पहले ही फंसा हुआ है। सबूरी या बापजी पर
- 24:38फिर खबर चली तो और मुसीबत होगी। अमिताभ को
- 24:41दूसरी स्क्रिप्ट देकर ब्रॉडकास्टिंग रूम
- 24:43भेजा जाता है। पर वह नियम तोड़कर खबर चला
- 24:45देता है। बाप जी के महाशरनी स्कूल कैंपस
- 24:48से 14 साल का एक बच्चा 3 हफ्ते पहले लापता
- 24:51हुआ। आज तक नहीं मिला और प्रशासन ने
- 24:54जिम्मेदारी तक नहीं ली। सारा इल्जाम वह
- 24:56बाबजी के लोगों पर डालता है। मेनन रोकने
- 24:58की पूरी कोशिश करता है। पर अमिताभ ने
- 25:00दरवाजा अंदर से बंद कर रखा है। इसी बीच
- 25:03आईटी डिपार्टमेंट छापा मारता है। दफ्तर
- 25:05कुछ दिनों के लिए बंद। सारे स्टाफ के बैंक
- 25:07अकाउंट फ्रीज और सब सस्पेंड। इतना कुछ हो
- 25:10रहा है। पर मीनू के अंदर कोई खास हलचल
- 25:12नहीं। सेफ्टी के चलते धर्मपाल ने उसका
- 25:15स्कूल जाना बंद करवा दिया है। फिर भी वह
- 25:17रात को स्कूल के नए दोस्त भास्कर से मिलने
- 25:20निकल जाती है। लौटते वक्त उन्हें एक भीड़
- 25:22दिखती है जो मीनू के खिलाफ तख्तियां बैनर
- 25:25लिए पटाखे फोड़ते हुए जुलूस निकाल रही है।
- 25:29मीनू फौरन दुपट्टे से मुंह ढक लेती है।
- 25:31भास्कर उसे बचाते हुए घर तक छोड़ता है। पर
- 25:34इतना डर जाता है कि एक शब्द नहीं बोल
- 25:36पाता। बस छोड़कर चला जाता है। उधर संतोष
- 25:39सीसीटीवी से कश्यप की हरकतें ट्रैक करता
- 25:42है। फुटेज के मुताबिक आनंद के लापता होने
- 25:44वाले दिन कश्यप काफी देर एक जंगल में रहा
- 25:47था। संतोष वहां पहुंचता है और एक गुफा
- 25:50पाता है। अंदर का नजारा अजीब है। ढेरों
- 25:53घंटियां, तावीज जैसी चीजें और लाल फीते
- 25:56लटके हैं। साफ लगता है कि यहां कोई पूजा
- 25:58पाठ होता है। वहीं एक बांसुरी भी पड़ी है।
- 26:01संतोष को पक्का शक है कि कश्यप ने यहां
- 26:03कुछ किया है और वह फॉरेंसिक टीम बुला लेता
- 26:06है। इधर वेद प्रकाश और बाप जी कश्यप को
- 26:09बुलाकर एक नोटिस थमाते हैं। उसे पूछताछ के
- 26:12लिए बुलाया गया है। कश्यप कहता है यह सब
- 26:14फर्जी है। मैंने कुछ नहीं किया। वेद
- 26:16प्रकाश कहता है समन आया है मतलब आनंद के
- 26:18केस में उन्हें तुम्हारा कोई ना कोई
- 26:20कनेक्शन मिला है। कुछ दिन छुप जाओ। उधर
- 26:22कुछ दिनों बाद न्यूज़ लाइन 84 का दफ्तर
- 26:25फिर खुलता है। पर अमिताभ पर तीन अलग
- 26:27राज्यों से भ्रष्टाचार के केस दर्ज हो गए
- 26:29हैं। मेनन उसे कुछ दिन छुट्टी लेने को
- 26:31कहता है और अमिताभ गुस्से में नौकरी ही
- 26:33छोड़ देता है। उधर आशा नाम की एक लड़की को
- 26:36ज्योति नाम की लड़की फोन करती है। दोनों
- 26:38बाप जी के विक्टिम हैं। ज्योति कहती है सच
- 26:40सामने लाने का वक्त आ गया है। बस तुम्हारा
- 26:43साथ चाहिए। पर आशा डर के मारे मना कर देती
- 26:45है। इसी दुख में ज्योति उसी रात अपनी जान
- 26:47दे देती है। अगले दिन जसलीन टीम के साथ
- 26:50ज्योति के घर जांच करने पहुंचती है। वहां
- 26:52ज्योति और उसकी सहेली की एक फोटो मिलती है
- 26:54जिसमें एक आदमी भी है पर उसका हिस्सा मोड़
- 26:56कर रखा गया है। जसलीन को शक होता है क्या
- 26:59वह गुमनाम कॉल ज्योति ही करती थी और क्या
- 27:01फोटो वाला आदमी अश्विन है। ज्योति की मौत
- 27:04के बाद आशा अपराध बोध में डूब जाती है और
- 27:07अपनी कहानी सुनाने अमिताभ के पास जाती है।
- 27:09पर अमिताभ खुद फ्रस्ट्रेटेड है। उसे भगा
- 27:11देता है। आशा हार नहीं मानती बार-बार आती
- 27:14है और आखिरकार अमिताभ मान जाता है। आशा
- 27:16बताती है बचपन में जब वह महाशणी स्कूल में
- 27:19पढ़ती थी बाप जी अपनी पसंद की लड़कियां
- 27:21चुनते थे और निशान के लिए उन्हें काले
- 27:23मोतियों का रिस्ट बैंड पहनाते थे। उन्हें
- 27:25खास भक्त की तरह रखा जाता। घरवाले भी चुप
- 27:28रहते क्योंकि बाप जी का उनकी बेटी को
- 27:30चुनना बड़े सम्मान की बात थी। खास
- 27:33आशीर्वाद के नाम पर लड़कियां बाप जी के
- 27:34पास भेजी जाती और इसी मौके का फायदा उठाकर
- 27:37बाप जी उनका शोषण करते। डर से कोई कुछ
- 27:40नहीं कहता। कुछ इसे आशीर्वाद समझकर चुप
- 27:42रहती हैं बाकी डर से। उधर जसलीन अश्विन को
- 27:45ढूंढ निकालती है। पहले वह अपनी पहचान
- 27:48मानने से इंकार करता है। पर जब जसलीन
- 27:50बताती है कि ज्योति मरने से पहले उसका नाम
- 27:52ले गई तो वह मुंह खोलता है। वह वही सब
- 27:55बताता है जो आशा ने अमिताभ को बताया।
- 27:57कितनी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद की।
- 27:59अश्विन कहता है अनगिनत। जसलीन कई लड़कियों
- 28:02की लिस्ट बनाकर खुद उन तक पहुंचती है। पर
- 28:05कोई मुंह नहीं खोलता। कई तो मुंह पर
- 28:07दरवाजा बंद कर देती हैं। वह थाने लौटती
- 28:09है। तभी अमिताभ फोन करके आशा के बारे में
- 28:12बताता है। जसलीन लिस्ट देखती है। आशा का
- 28:14नाम उसमें है। पूछती है पुलिस की मदद
- 28:17क्यों कर रहे हो? अमिताभ कहता है पुलिस की
- 28:19नहीं आशा की। अगले दिन जसलीन आशा को गाड़ी
- 28:22में बिठाकर ले जाती है। वह ऑफिशियल बयान
- 28:24देने को राजी है। आशा का घर, परिवार,
- 28:27बच्चे हैं जिन्हें उसके अतीत का कुछ नहीं
- 28:29पता और वह खुश थी। फिर भी आज उसने आवाज
- 28:31उठाने की हिम्मत दिखाई है। पर रास्ते में
- 28:33कुछ लोग गाड़ी पर पत्थर बरसाकर एक्सीडेंट
- 28:36करवा देते हैं। दोनों बच जाती हैं और
- 28:38अस्पताल पहुंचाई जाती हैं। अमिताभ और
- 28:40भालेराव जसलीन से मिलने आते हैं। जसलीन
- 28:42कहती है आशा को लाने की बात सिर्फ मेरी
- 28:45टीम को पता थी फिर भी हमला हुआ। मतलब खबर
- 28:47लीक हुई। न्यूज़ चैनल बिक चुके हैं। अब
- 28:49शायद पुलिस भी वह अमिताभ से कहती है, आशा
- 28:52की कहानी सब तक पहुंचनी चाहिए और
- 28:54विक्टिम्स की लिस्ट भालेराव को दे देती
- 28:56है। इस लिस्ट से भालेराव केस का रुख पलट
- 28:59सकता है। उधर कश्यप बाल-बाल कटवाकर छुपा
- 29:02बैठा है। पर शिवानी किसी वजह से उसे
- 29:04पकड़वा देती है। वह कश्यप को फोन करती है
- 29:07और पुलिस उसकी लोकेशन ट्रैक कर लेती है।
- 29:09कश्यप जहां छुपा है वहां ढेरों दस्तावेज
- 29:12रखे हैं। उन्हें देखकर वह समझता है कि
- 29:14पिता के सारे गैरकानूनी कागज यहीं हैं।
- 29:17दीवार तोड़ने पर नोटों की गड्डियां भी
- 29:18मिलती हैं। उसे इनकी कोई खबर नहीं थी। तभी
- 29:21पुलिस जीप का सायरन सुनाई देता है। भागने
- 29:24का वक्त नहीं तो वह शराब डालकर सारे कागज
- 29:26और पैसे जला देता है और बाहर आकर सरेंडर
- 29:29कर देता है। हिरासत में कश्यप की खूब
- 29:31पिटाई होती है। पर वह आनंद के बारे में
- 29:33मुंह नहीं खोलता। 48 घंटे की मार के बाद
- 29:36जसलीन उससे मिलती है। कहती है अगर सोचते
- 29:39हो कि कोई बचाने आएगा तो गलत हो। वो उसके
- 29:42मन में शक बोती है पुलिस के पास तुम्हारी
- 29:44कोई लीड नहीं थी। फिर भी तुम पकड़े गए।
- 29:47यानी जिन अपनों पर भरोसा था उन्होंने ही
- 29:49पकड़वाया। कश्यप फिर भी चुप। तब जसलीन
- 29:52मुर्शिदा और केतन की फोटो दिखाती है। तू
- 29:55तो मुर्शिदा की शादी में था। इनमें से
- 29:57दोनों को पहचान। कश्यप मुर्शिदा को पहचान
- 30:00लेता है केतन को नहीं। साबित हो जाता है
- 30:02कि शादी में बाप जी की मौजूदगी झूठ थी।
- 30:04जसलीन यह भी समझ जाती है कि जब सबूरी
- 30:07मुसीबत में था तब कश्यप ने आनंद की बलि दी
- 30:10थी। वो चेतावनी देती है अब तेरे बाप को
- 30:12कोई नहीं बचा पाएगा। कश्यप को सेल में डाल
- 30:15दिया जाता है। अगली सुबह उसे जगाने जाते
- 30:17हैं तो वह मरा पड़ा है। हंगामा मच जाता
- 30:19है। मीडिया टूट पड़ता है। लाश पोस्टमार्टम
- 30:22के लिए भेजी जाती है। जेल वार्डन और तीन
- 30:24कांस्टेबल सस्पेंड होते हैं और ड्यूटी पर
- 30:27तैनात अफसर होने के नाते संतोष के खिलाफ
- 30:29भी जांच बैठती है। कश्यप की मौत के बाद
- 30:31सबूरी 14 दिनों के लिए बंद कर दिया जाता
- 30:34है। आना जाना मना। इसी बीच सुनवाई की
- 30:36तारीख आती है और बाप जी अपनी मर्जी से
- 30:39कोर्ट पहुंचते हैं। वेद प्रकाश गुजारिश
- 30:41करता है कि सुनवाई से पहले बाप जी कुछ
- 30:44कहना चाहते हैं। उन्हें कटघरे में बुलाया
- 30:46जाता है। बाप जी नाटकीय अंदाज में कहते
- 30:48हैं अमीरों ने पैसे का लालच दिया।
- 30:51मंत्रियों ने टेंडर का। सरकार ने ऊंचे पद
- 30:53का। पुलिस ने ताकत का पर मैं कभी किसी
- 30:56लालच में नहीं आया। हमेशा सच की राह पर
- 30:58चला। पुलिस के पास मेरे खिलाफ एक सबूत
- 31:01नहीं था। फिर भी गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी
- 31:04के बाद भी कुछ नहीं मिला तो मेरे बेटे को
- 31:06विक्टिम बना दिया। अब तो उसे भी छीन लिया।
- 31:08मेरे लिए जेल और नरक अब एक बराबर हैं।
- 31:11कश्यप की मौत का पूरा फायदा उठाकर वह जमकर
- 31:14हमदर्दी बटोरते हैं। भालेराव यह बात उठाता
- 31:17है पर कोर्ट को उसका लहजा अच्छा नहीं
- 31:19लगता। जज और डिफेंस उसके जमीर पर ही सवाल
- 31:21उठा देते हैं। थोड़ी बहस के बाद भालेराव
- 31:23कहता है आज वह क्रॉस एग्जामिनेशन नहीं
- 31:25करेगा और दोनों पक्षों की रजामंदी से
- 31:27सुनवाई टल जाती है। उधर सारे न्यूज़ चैनल
- 31:30बाप जी की सफाई गा रहे हैं। तो अमिताभ आशा
- 31:32का बयान ऑनलाइन डालने का फैसला करता है।
- 31:35वीडियो चलते ही जबरदस्त रिस्पांस आता है।
- 31:37जो लड़कियां बरसों से बाप जी की करतूत
- 31:39छुपाए बैठी थी, उन्हें भी बोलने की हिम्मत
- 31:41मिलती है। अमिताभ के पास ढेरों फोन आते
- 31:44हैं और लड़कियां अपना दर्द बांटती हैं।
- 31:46अगली सुनवाई में डिफेंस धर्मपाल के पीछे
- 31:48पड़ जाता है। इल्जाम है धर्मपाल को आश्रम
- 31:51से पैसे चुराने पर निकाला गया था। इसलिए
- 31:53वह बापजी को फंसाकर ब्लैकमेल करना चाहता
- 31:55था। गवाही के लिए मालविया को बुलाया जाता
- 31:57है। हुक्म तोड़ते देख जसलीन को गुस्सा आता
- 32:00है। मालविया कबूल करता है। एक गवाह के
- 32:03बयान पर उसने धर्मपाल के गोदाम से ₹1 लाख
- 32:06बरामद किए थे। पर अपनी सीनियर जसलीन के
- 32:08कहने पर बात दबा दी। डिफेंस एक पुलिस केस
- 32:10के कागज दिखाता है। 2 नवंबर 2015 को सबूरी
- 32:13से 10 लाख चोरी हुए। इल्जाम धर्मपाल पर
- 32:16लगा और अगले दिन 3 नवंबर को उसे निकाल
- 32:19दिया गया। बदले में 5 तारीख को उसने बापजी
- 32:21पर झूठा रेप केस कर दिया। करीब 2 महीने
- 32:23बाद उसके गोदाम से वही 10 लाख मिले।
- 32:26डिफेंस जसलीन को भी कोसता है। ठीक से जांच
- 32:28होती तो यह बहुत पहले खुल जाता। भालेराव
- 32:30चुपचाप सब सुन रहा था। फिर हंस करता है और
- 32:33मालवीय से पूछता है। चोरी की शिकायत एक
- 32:36महीने बाद दर्ज हुई। वह भी रेप केस के
- 32:38बाद। यह अजीब नहीं लगा। ब्लैकमेल की भी
- 32:40कोई ऑफिशियल शिकायत नहीं। और गवाह सुनील
- 32:43राठी जब थाने आया था तो उसने कहा था कि
- 32:45टीवी पर मीनू के केस के बारे में सुनकर
- 32:47आया है। जबकि कानून कहता है रेप विक्टिम
- 32:49का नाम या पहचान जाहिर नहीं की जा सकती।
- 32:52केस मालवीय ने दर्ज किया था तो मीनू का
- 32:54नाम बाहर आने के लिए उल्टा मालवीय ही फंस
- 32:56जाता है। उसका सहमा चेहरा देखकर भालेराव
- 32:58उसे छोड़ देता है। फिर भालेराव धर्मपाल को
- 33:00कटघरे में बुलाकर पैसों का सच बताने को
- 33:03कहता है। धर्मपाल कबूल करता है यह 10 लाख
- 33:05उसे एक क्लाइंट को अफीम पहुंचाने के बदले
- 33:08मिले थे। वह ड्रग्स की डिलीवरी में शामिल
- 33:09था। चोरी से इनका कोई लेना देना नहीं। फिर
- 33:12वह बाप जी पर बरसता है। बचपन में मीनू को
- 33:14बाप जी के स्कूल में डाला। कहा बाप जी
- 33:16भगवान है। उनकी भक्ति करना, उनकी बात
- 33:18मानना पर समझ नहीं पाया कि वह राक्षस है।
- 33:20बेटी की बर्बादी का जिम्मेदार वह खुद को
- 33:22मानता है। उस दिन के बाद बेटी से आंख तक
- 33:24नहीं मिला पाया। कहते-कते वह भावुक हो
- 33:26जाता है। इस कबूलनामे के बाद डिफेंस की
- 33:29दलील ढह जाती है। पर ड्रग्स के मामले में
- 33:30जज धर्मपाल की गिरफ्तारी का हुक्म दे देता
- 33:32है। ब्रेक के बाद डिफेंस जसलीन को कटघरे
- 33:35में बुलाकर जांच में लापरवाही पर सवाल
- 33:37उठाता है। एफआईआर में ना मेडिकल जांच का
- 33:40ब्यौरा है ना क्राइम सीन का। जसलीन सफाई
- 33:43देती है। यहां रेप अलग तरीके से हुआ।
- 33:45पेनिट्रेशन नहीं उंगलियों का इस्तेमाल हुआ
- 33:48इसलिए ना खून मिला ना सीमन। जो थोड़ा बहुत
- 33:51सबूत था वह बाप जी के नहलाने से मिट गया।
- 33:53पर उसने कानूनी प्रक्रिया ठीक से नहीं
- 33:55निभाई इसलिए जज उस पर भड़क जाता है। अगली
- 33:58तारीख पड़ती है 28 जुलाई 2017 और सारे
- 34:02गवाहों को हाजिर रहने का हुक्म होता है।
- 34:04यानी वह लड़कियां जिनका बाप जी ने शोषण
- 34:06किया या जो इस बारे में जानते हैं और यहीं
- 34:09बापजी अपना गंदा खेल खेलते हैं। एक साथ
- 34:12सारे गवाहों का कत्ल करवा देते हैं।
- 34:14विटनेस लिस्ट का हर नाम मिट जाता है। और
- 34:17एक बात कश्यप की मौत के पीछे भी बाप जी ही
- 34:20थे। उन्होंने ही जहर मिले लड्डू भेजकर उसे
- 34:23मरवाया था। अगली सुनवाई में भालेराव कटे
- 34:25हुए नामों वाली लिस्ट लेकर मायूस बैठा है।
- 34:27बाप जी दिखावटी हमदर्दी जताते हैं तो वह
- 34:30और चिढ़ जाता है। जज ट्रायल शुरू करने को
- 34:32कहता है तो भालेराव को सब तमाशा लगता है।
- 34:35वह मरे हुए गवाहों के नाम ले लेकर पुकारने
- 34:38लगता है। सब हैरान। जज नाराज होता है तो
- 34:41भालेराव ऊंची आवाज में बोल पड़ता है। सारे
- 34:44गवाह मार दिए गए और फायदा सिर्फ एक आदमी
- 34:47को हुआ बाप जी को। पर कोर्ट को सबूत
- 34:50चाहिए। बिना सबूत इल्जाम की कोई कीमत
- 34:52नहीं। जज्बात में ज्यादा बोलने पर जज उस
- 34:55पर कोर्ट की अवमानना के लिए फौरन ₹500 का
- 34:58जुर्माना ठोक देता है। भालेराव के पास
- 35:00इतने पैसे नहीं तो वह मोहलत मांगता है। जज
- 35:03मोहलत देता है और सुनवाई कुछ दिनों के लिए
- 35:06टाल देता है। अगली बार भालेराव गुजारिश
- 35:08करता है कि मरे हुए गवाहों के मौत से पहले
- 35:11दिए बयान कोर्ट में पढ़ने दिए जाएं।
- 35:13डिफेंस विरोध करता है। जो मर चुके हैं
- 35:16उनके बयान की क्रॉस एग्जामिनेशन नहीं हो
- 35:18सकती और नियम भी यही है कि लिखित बयान
- 35:21ऑफिशियल नहीं माने जाते। पर गवाहों की मौत
- 35:23को देखते हुए जज बयान पढ़ने की इजाजत दे
- 35:26देता है। सबके बयान एक जैसे हैं। स्कूल
- 35:29में उनके दिमाग से खेला जाता था। बाप जी
- 35:31के प्रवचन जबरदस्ती सुनाए जाते। एक ही
- 35:33सीढ़ी अनगिनत बार। बाप जी की सोच उनके
- 35:36अवचेतन में बैठ जाती। हर ध्यान में बस बाप
- 35:39जी वही समझती जो समझाया जाता वही सुनती जो
- 35:42सुनाया जाता इसलिए बाप जी जो करते हैं वह
- 35:44कई लड़कियों को गलत लगता ही नहीं। उनके
- 35:46बच्चे मन को ऐसे मोड़ा गया था कि वह मानती
- 35:49थी बाप जी उन्हें शक्ति का तोहफा दे रहे
- 35:51हैं। बयान सुनने के बाद उस दिन की सुनवाई
- 35:53खत्म हो जाती है। उधर संतोष आनंद को ना
- 35:56बचा पाने के अपराध बोध में है। गुफा से
- 35:58मिली बांसुरी लेकर वह आनंद के पिता के पास
- 36:01जाता है। डीएनए रिपोर्ट आ गई है। आनंद अब
- 36:03जिंदा नहीं और यह बांसुरी उसी की है। पिता
- 36:06यह सह नहीं पाता। बुरी तरह टूट जाता है।
- 36:08जीते जी जिंदा लाश बन जाता है। एक दिन
- 36:11देसी पिस्तौल से खुद को खत्म करने की
- 36:13कोशिश करता है। पर गोली नहीं चलती और वह
- 36:15बच जाता है। इससे वह और हताश हो जाता है
- 36:18और फिर बाप जी को मारने का फैसला करता है।
- 36:20भक्त बनकर आश्रम भी जाता है पर मौका नहीं
- 36:23मिलता। अगली सुनवाई में डिफेंस फिर केस
- 36:25पलट देता है। गवाह बनाकर लाता है अमृता
- 36:28को। अमृता के साथ भी मीनू जैसा ही हुआ था।
- 36:31जिस दिन मीनू के साथ यह हुआ, सबसे पहले
- 36:33अमृता ने ही आकर पूछा था, क्या बाप जी ने
- 36:36तुम्हें भी वही मंत्र दिया? कुछ दिन पहले
- 36:37मीनू ने उससे मिलकर समझाया था कि साथ खड़ी
- 36:40हो, मिलकर लड़ें और बाप जी को सजा दिलाएं।
- 36:43पर आज अमृता बाप जी के तरफ से गवाही देने
- 36:45आई है। यह देखकर मीनू हैरान है। अमृता बाप
- 36:48जी की तारीफें ही करती है। अपनी बर्बादी
- 36:51छुपाकर कहती है, बाप जी ने मुझे बस एक बार
- 36:53छुआ सिर पर आशीर्वाद देने के लिए। मीनू
- 36:56आवाक देखती रह जाती है। उसे उम्मीद थी कि
- 36:58आज अमृता सच बोलेगी। अब उसे भी लगता है
- 37:01बाकियों की तरह उसे भी चुप रहना चाहिए था।
- 37:03पर भालेराव समझाता है भले ज्यादातर लोग
- 37:06झूठ के साथ हो झूठ झूठ ही रहता है और सच
- 37:09के साथ एक भी हो तो सच सच ही रहता है।
- 37:11अगली सुनवाई में मजबूत दलील ना दी तो केस
- 37:14हाथ से निकल जाएगा। किस्मत से भालेराव को
- 37:16एक अहम पॉइंट मिल जाता है। वह बापजी को
- 37:18कटघरे में बुलाता है। कहता है पहले बयान
- 37:21था कि वारदात के वक्त बापजी एकांत में थे।
- 37:23फिर कोर्ट में साबित किया गया कि वह केतन
- 37:26और मुर्शिदा की शादी में थे और कश्यप ने
- 37:28टीवी पर कहा कि उस वक्त बापजी उसके साथ
- 37:31थे। पर पुलिस ने पहचान करवाई तो कश्यप
- 37:34केतन को नहीं पहचान पाया। यानी वह शादी
- 37:36में था ही नहीं। तो बापजी या कश्यप दोनों
- 37:39में से एक झूठा है। बाप जी सीधा कहते हैं
- 37:41कश्यप ने झूठ बोला। भालेराव हैरान है। जिस
- 37:44बेटे ने बाप के लिए जान दे दी बाप खुद को
- 37:47बचाने के लिए उसी को झूठा बता रहा है। फिर
- 37:49भालेराव जमीन के कागज निकालता है जिन पर
- 37:51बाप जी के दस्तखत हैं। जिस दिन मीनू का
- 37:53शोषण हुआ उसी दिन बाप जी ने जमीन खरीदने
- 37:56के दस्तावेज पर साइन किए थे। वहां दो लोग
- 37:59मौजूद थे कश्यप और रियलस्टेट एजेंट
- 38:01नरेंद्र कत्याल। और जिस दिन सारे गवाह
- 38:04मारे गए उसी दिन नरेंद्र का भी कत्ल हुआ।
- 38:06एक और झूठ पकड़े जाने और बार-बार झूठा कहे
- 38:09जाने पर बापजी का सब्र टूट जाता है। वह
- 38:11भड़क उठते हैं और कोर्ट पर इसका बुरा असर
- 38:13पड़ता है। अगली सुनवाई में भालीराव मीनू
- 38:16को आखिरी बयान के लिए बुलाता है। वो पहले
- 38:18ही 10 बार यही बयान दे चुकी है। फिर भी
- 38:20उसे एक बार और सबके सामने वह खौफनाक वाकया
- 38:23सुनाना है। मीनू फिर सुनाती है कि बाप जी
- 38:25ने उसके साथ क्या किया। फिर टूट जाती है।
- 38:27सब बार-बार वही कहानी सुनना चाहते हैं। पर
- 38:29कोई यकीन नहीं करता। समाज ने उसे कितना
- 38:32जलील किया, कितना ताना मारा, कितना
- 38:34बेइज्जत किया। यह कहते-कहते वह फूट-फूट कर
- 38:37रो पड़ती है और फैसला जज पर छोड़ देती है।
- 38:40इसके बाद वेद प्रकाश कोई नया इल्जाम नहीं
- 38:42लगाता और अपना केस बंद कर देता है। कुछ
- 38:44दिन बाद आता है फैसले का दिन। पूरा देश
- 38:47इंतजार में है। दोनों पक्ष कोर्ट पहुंचते
- 38:49हैं। आनंद का पिता देसी पिस्तौल साथ ले
- 38:51आया है। तय कर चुका है कि बापजी छूटे तो
- 38:54अपने हाथों मार देगा। कोर्ट रूम में वह
- 38:56ठीक बाप जी के पीछे बैठता है और फैसला
- 38:58शुरू होते ही पिस्तौल निकालकर तान देता
- 39:00है। जज समझाता है डिफेंस बापजी यानी सुनील
- 39:04चाकोसी को बेकसूर साबित करने का एक भी
- 39:07मजबूत सबूत नहीं दे पाया और बापजी हर बार
- 39:10बयान बदलते रहे। वहीं प्रोसीक्यूशन ने
- 39:12पूरा केस सच के दम पर लड़ा और मीनू अपने
- 39:15बयान से बाल भर नहीं हिली। यह साबित हो
- 39:18चुका है कि बापजी शादी में मौजूद नहीं थे।
- 39:20इसी आधार पर कोर्ट मीनू का बयान मानता है।
- 39:23यानी उस दिन बापजी ने उसका शोषण किया था।
- 39:26ऊपर से बाप जी का एक और जुर्म है लड़कियों
- 39:28के दिमाग से खेलकर गलत को सही साबित करना।
- 39:32सब देखते हुए जज बाप जी को उम्र कैद
- 39:34सुनाता है। बाकी जिंदगी जेल में कटेगी।
- 39:37फैसले पर जश्न छा जाता है। इतनी बेइज्जती
- 39:40के बाद आज मीनू सिर उठाकर कोर्ट से निकलती
- 39:42है। आज कोई उसे झूठी, डायन या बचलन नहीं
- 39:46कह सकता। समाज की जंजीरें तोड़कर वह आजाद
- 39:49है। मीनू के तूफान ने बापजी का साम्राज्य
- 39:52हिला दिया। पर तूफान में कोई छोटा पौधा
- 39:54हमेशा बच जाता है जो एक दिन बड़ा पेड़
- 39:57बनता है। बापजी की सजा के बाद भी सबूरी के
- 40:00अंधभक्त खत्म नहीं हुए। बाप जी की गद्दी
- 40:02अब शिवानी ने संभाल ली है और इसी तरह लोग
- 40:05किसी ना किसी ढोंगी से ठगे जाते रहते हैं।
- 40:07फिर जब पाप का घड़ा भरता है मीनू जैसा कोई
- 40:09आवाज उठाता है और एक नया तूफान शुरू होता
- 40:12है। याद रखिए बड़ी आग से पहले एक छोटी
- 40:14चिंगारी जलती है। आग बनकर अन्याय को ना
- 40:16जला सकें तो कम से कम चिंगारी जरूर बनिए।
- 40:19आपको देखकर और लोग जलेंगे तो कोई जालिम
- 40:21टिक नहीं पाएगा। चाहे कितना भी ताकतवर हो।
- 40:24सच की जीत हमेशा होती है। आज के लिए बस
- 40:26इतना ही। खुश रहिए। शुक्रिया।
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This page contains the full transcript of The Most Disturbing Hindi Crime Series Of 2026 | Hunkkaar The Roar Explained in Hindi | CineStory by CineStory, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 8,396 words across 999 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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