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The Hidden PROFIT Game Between High & Low | Mark Douglas Psychology — Transcript

by Cognitive Trader · 7,371 words · 971 segments · language hi · Watch on YouTube

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  1. 0:00दोस्तों आज मैं आपसे एक ऐसा सच शेयर करने
  2. 0:03वाला हूं जो शायद आपकी पूरी ट्रेडिंग बदल
  3. 0:05सकता है क्योंकि मार्केट में पैसा
  4. 0:08इंडिकेटर से नहीं बनता न्यूज़ से नहीं
  5. 0:10बनता और ना ही किसी टेलीग्राम टिप से बनता
  6. 0:13है। प्रॉफिट बनता है सिर्फ एक चीज समझने
  7. 0:17से कि मार्केट हाई कहां बना रहा है और लो
  8. 0:20कहां बना रहा है। लेकिन प्रॉब्लम यह है
  9. 0:2390% ट्रेडर्स चार्ट को देखते हैं। पर
  10. 0:26मार्केट की भाषा को नहीं समझते और मार्केट
  11. 0:29कभी बोलकर नहीं बताता कि वह ऊपर जाएगा या
  12. 0:32नीचे। वह सिर्फ क्लूस [संगीत] देता है।
  13. 0:34हाई, लो, ब्रेकउ, फेक आउट, ट्रैप। और
  14. 0:40जिसने यह क्लूस पढ़ना सीख लिया, [संगीत]
  15. 0:42वह धीरे-धीरे मार्केट से पैसा निकालना
  16. 0:44शुरू कर देता है। लेकिन जिसने नहीं सीखा,
  17. 0:46वह हमेशा यही बोलता रह जाता है। यार, सब
  18. 0:50समझ आता है। बस प्रॉफिट नहीं होता और शायद
  19. 0:54कभी [संगीत] ना कभी आपने भी यह लाइन जरूर
  20. 0:57बोली होगी। मैंने भी बोली थी। बहुत बार
  21. 1:00बोली थी। क्योंकि एक समय ऐसा था जब मैं भी
  22. 1:03सिर्फ कैंडल देखता था। मार्केट नहीं हर
  23. 1:06ग्रीन कैंडल देखकर लगता था। बस अब तो
  24. 1:10मार्केट उड़ने वाला है और हर रेड कैंडल
  25. 1:12देखकर डर लगता था। अब सब खत्म लेकिन फिर
  26. 1:17एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने मेरी सोच बदल
  27. 1:20दी। उस दिन मैंने [संगीत] पहली बार समझा
  28. 1:22कि मार्केट ऊपर या नीचे नहीं चलता।
  29. 1:25मार्केट सिर्फ लिक्विडिटी खोजता है। जहां
  30. 1:28लोगों का लालच ज्यादा होता है, वहां
  31. 1:30मार्केट ट्रैप बनाता है। जहां लोगों का डर
  32. 1:32ज्यादा होता है, [संगीत] वहां मार्केट
  33. 1:34मौका देता है। और यही खेल हाई और लो के
  34. 1:37बीच चलता [संगीत] रहता है। लेकिन रुकिए,
  35. 1:40इस वीडियो में मैं आपको सिर्फ थ्योरी नहीं
  36. 1:42बताने वाला। मैं आपको वह साइकोलॉजी
  37. 1:44समझाऊंगा जो बड़े ट्रेडर्स इस्तेमाल करते
  38. 1:46हैं। मैं आपको बताऊंगा क्यों रिटेल ट्रेडर
  39. 1:49हमेशा टॉप पर बाय [संगीत] करता है और बॉटम
  40. 1:51पर सेल क्यों स्मार्ट मनी हमेशा उल्टा
  41. 1:54करता है। क्यों कुछ लोग चार्ट देखकर डर
  42. 1:56जाते हैं और कुछ लोग उसी चार्ट से करोड़ों
  43. 1:59बना लेते हैं। और सबसे जरूरी कैसे आप भी
  44. 2:03चार्ट को प्रेडिक्ट नहीं बल्कि रीड करना
  45. 2:06सीख सकते हैं। क्योंकि ट्रेडिंग
  46. 2:08प्रेडिक्शन का खेल नहीं है। ट्रेडिंग
  47. 2:11प्रोबेबिलिटी का खेल है। और जिसने
  48. 2:13प्रोबेबिलिटी समझ ली उसके लिए मार्केट
  49. 2:15कसीनो [संगीत] नहीं बिजनेस बन जाता है।
  50. 2:17लेकिन इसके लिए पहले आपको एक कहानी सुननी
  51. 2:20होगी। एक ऐसी कहानी जो शायद आपकी अपनी
  52. 2:23कहानी [संगीत] जैसी लगे। क्योंकि कुछ साल
  53. 2:25पहले मैं भी वही गलती कर रहा था जो आज
  54. 2:28लाखों ट्रेडर्स कर रहे हैं। सुबह उठता
  55. 2:30[संगीत]
  56. 2:31चार्ट खोलता, YouTube पर दो वीडियो देखता,
  57. 2:34Telegram पर सिग्नल देखता [संगीत] और फिर
  58. 2:37एंट्री ले लेता। कभी प्रॉफिट, कभी लॉस।
  59. 2:40लेकिन महीने के आखिर में रिजल्ट हमेशा एक
  60. 2:43ही होता। अकाउंट धीरे-धीरे [संगीत] खाली।
  61. 2:46और सबसे दर्दनाक बात पता है क्या थी? मुझे
  62. 2:49लगता था प्रॉब्लम मार्केट में है। कभी
  63. 2:52ऑपरेटर [संगीत] को गाली देता, कभी एफआईआई
  64. 2:55को, कभी मैनपुलेशन को। लेकिन असली
  65. 2:57प्रॉब्लम मेरे अंदर थी। मैं मार्केट को
  66. 3:00समझे बिना उससे पैसा निकालना चाहता था और
  67. 3:04मार्केट ऐसे लोगों को कभी पैसा नहीं देता।
  68. 3:07मार्केट पहले टेस्ट लेता है। वह आपका
  69. 3:09पेशेंस चेक करता है। आपका डिसिप्लिन चेक
  70. 3:12करता है। आपका फियर और ग्रीड चेक करता है।
  71. 3:15और जब तक आप हर इमोशन में स्टेबल नहीं
  72. 3:18रहते तब तक मार्केट आपको बार-बार हराता
  73. 3:20रहता है। फिर एक दिन मैंने एक बहुत अजीब
  74. 3:24चीज नोटिस की। मार्केट बार-बार वही पैटर्न
  75. 3:26बना रहा था। पहले हाई बनाता, फिर लोग
  76. 3:29एक्साइटेड होकर बाय करते। फिर अचानक डंप
  77. 3:32फिर लोग [संगीत] डर कर सेल करते और वहीं
  78. 3:34से मार्केट रिवर्स। शुरुआत में मुझे लगा
  79. 3:37[संगीत] यह कोइंसिडेंस है। लेकिन जब मैंने
  80. 3:39पुराने चार्ट्स देखे तो मेरा दिमाग हिल
  81. 3:42[संगीत] गया। हर जगह सेम स्टोरी। बस
  82. 3:45कैरेक्टर्स बदल जाते हैं। फियर, ग्रीड,
  83. 3:48फोमो, पैनिकिक। मार्केट इन्हीं इमोशंस पर
  84. 3:52चलता है। और तभी मुझे समझ आया कि ट्रेडिंग
  85. 3:55कैंडल्स का नहीं। ह्यूमन साइकोलॉजी का खेल
  86. 3:58है। [संगीत] चार्ट पर जो लाइन दिखती है,
  87. 4:00असल में वह इंसानों की इमोशन होती है। जब
  88. 4:03लोग लालची होते हैं, तो मार्केट [संगीत]
  89. 4:05ऊपर भागता है। जब लोग डरते हैं, तो
  90. 4:07मार्केट नीचे गिरता है। लेकिन स्मार्ट
  91. 4:10ट्रेडर इमोशन नहीं देखता। वो अपॉर्चुनिटी
  92. 4:13देखता है और यहीं से शुरू होता है हाई और
  93. 4:15लो का असली खेल। अब जरा इमेजिन कीजिए एक
  94. 4:18स्टॉक लगातार ऊपर जा रहा है। न्यूज़
  95. 4:21पॉजिटिव YouTube वाले बुलिश एक्सपर्ट्स
  96. 4:24टारगेट दे रहे हैं और अचानक आपको लगता है
  97. 4:28अगर अभी बाय नहीं किया तो मौका निकल
  98. 4:30जाएगा। यही वो [संगीत] मोमेंट है जहां
  99. 4:32ज्यादातर लोग फंसते हैं क्योंकि उन्हें
  100. 4:35लगता है हाई मतलब स्ट्रेंथ लेकिन कई बार
  101. 4:38हाई सिर्फ ट्रैप होता है। [संगीत] स्मार्ट
  102. 4:40मनी पहले प्राइस को ऊपर धकेलता है ताकि
  103. 4:43रिटेल ट्रेडर बाय करें। फिर जब सब लोग बाय
  104. 4:46कर लेते हैं, मार्केट क्वाइटली उल्टा घूम
  105. 4:48जाता है और रिटेल ट्रेडर सोचता रह जाता
  106. 4:51है। यार मेरे बाय करते ही मार्केट गिर
  107. 4:53क्यों गया? क्योंकि मार्केट आपके खिलाफ
  108. 4:55नहीं गया। आप बस लेट थे बहुत लेट। अब
  109. 4:58दूसरी तरफ देखिए जब मार्केट लगातार गिरता
  110. 5:01है। हर तरफ फियर होता है। न्यूज़ नेगेटिव।
  111. 5:06लोग पैनिकिक में पोर्टफोलियो लाल और उसी
  112. 5:08समय कुछ लोग चुपचाप बाय कर रहे होते हैं।
  113. 5:12क्यों? क्योंकि उन्हें पता होता है
  114. 5:14मार्केट हमेशा वीक लोगों से स्ट्रांग
  115. 5:17लोगों की तरफ पैसा ट्रांसफर करता है। जो
  116. 5:19डर जाता है वह लॉस बुक करता है। जो समझता
  117. 5:23है वह पोजीशन बिल्ड करता है और यही
  118. 5:25डिफरेंस एक गैंबलर और ट्रेडर में होता है।
  119. 5:29लेकिन कहानी अभी शुरू हुई है क्योंकि आगे
  120. 5:31मैं आपको वो सीक्रेट बताने वाला हूं जो
  121. 5:34शायद किसी ने इतने सिंपल तरीके से नहीं
  122. 5:36समझाया होगा। मार्केट में प्रॉफिट एंट्री
  123. 5:39से नहीं बनता। प्रॉफिट बनता है सही जगह पर
  124. 5:43लोगों की गलती पहचानने से। जहां क्राउड
  125. 5:45ज्यादा कॉन्फिडेंट होता है, वहीं अक्सर
  126. 5:48डेंजर छिपा होता है। और जहां क्राउड सबसे
  127. 5:50ज्यादा डरता है, वहीं कई बार सबसे बड़ा
  128. 5:53ओपोरर्चुनिटी छिपा होता है। लेकिन रुकिए।
  129. 5:56यहां एक बहुत बड़ा सवाल आता है। अगर इतना
  130. 5:59सिंपल है तो फिर ज्यादातर लोग लॉस क्यों
  131. 6:01करते हैं? आंसर बहुत दर्दनाक है। क्योंकि
  132. 6:05लोग सीखना नहीं चाहते। [संगीत] लोग
  133. 6:06शॉर्टकट चाहते हैं। सिग्नल इंडिकेटर मैजिक
  134. 6:10स्ट्रेटजी। लेकिन मार्केट में कोई मैजिक
  135. 6:12नहीं है। यहां सिर्फ साइकोलॉजी काम करती
  136. 6:15है। और जिसने खुद को कंट्रोल कर लिया
  137. 6:17[संगीत] उसने आधी ट्रेडिंग जीत ली। बाकी
  138. 6:20आधी चार्ट सिखा देता है। अब मैं आपको एक
  139. 6:23रियल सिचुएशन बताता हूं। एक ट्रेडर था हर
  140. 6:27बार वही गलती करता। मार्केट ऊपर जाता। वो
  141. 6:30लेट एंट्री लेता। मार्केट गिरता [संगीत]
  142. 6:33वो स्टॉप लॉस हिट। फिर वो रिवेंज ट्रेडिंग
  143. 6:35करता और अंत में पूरा अकाउंट खत्म। लेकिन
  144. 6:39सबसे शॉकिंग बात पता है उसकी स्ट्रेटजी
  145. 6:41खराब नहीं थी। उसकी टाइमिंग खराब नहीं थी।
  146. 6:44उसकी साइकोलॉजी खराब थी। वो हाई पर
  147. 6:46एक्साइटेड हो जाता था और लो पर डर जाता
  148. 6:48था। मतलब वो वही कर रहा था जो क्राउड
  149. 6:52[संगीत] करता है। और मार्केट क्राउड को
  150. 6:54रिवॉर्ड नहीं करता। मार्केट क्राउड को यूज़
  151. 6:56करता है। अब शायद आप सोच रहे होंगे तो
  152. 6:59क्या हमेशा लो पर बाय करें और हाई पर सेल?
  153. 7:03नहीं इतना सिंपल भी नहीं है क्योंकि हर
  154. 7:05हाई ट्रैप नहीं होता और हर लो
  155. 7:08अपोरर्चुनिटी नहीं होता। यहीं पर असली
  156. 7:10स्किल शुरू होती है। आपको समझना पड़ता है
  157. 7:13कि कौन सा हाई जेनुइन है और कौन सा सिर्फ
  158. 7:15लिक्विडिटी ट्रैप, कौन सा लो वीकनेस है और
  159. 7:18कौन सा एक्यूमुलेशन और इसके लिए आपको
  160. 7:21कैंडल्स नहीं कॉन्टेक्स्ट पढ़ना होगा।
  161. 7:23लेकिन प्रॉब्लम यह है अधिकतर लोग
  162. 7:25कॉन्टेक्स्ट नहीं देखते। उन्हें सिर्फ
  163. 7:27जल्दी पैसा चाहिए और जल्दी पैसा कमाने की
  164. 7:30यही जल्दबाजी उन्हें धीरे-धीरे मार्केट से
  165. 7:33बाहर कर देती है। मैंने भी यही [संगीत]
  166. 7:35किया था। कई रातें ऐसी थी जब मैं सो नहीं
  167. 7:38पाता था। चार्ट दिमाग में घूमता रहता था।
  168. 7:41लॉस रिकवर करने की टेंशन और सबसे बड़ा
  169. 7:44दर्द खुद पर गुस्सा क्योंकि अंदर से पता
  170. 7:47होता था गलती मार्केट की नहीं थी। गलती
  171. 7:50मेरी थी। लेकिन ईगो मानने नहीं देता था।
  172. 7:53और शायद आपने भी कभी ना कभी यह महसूस किया
  173. 7:56होगा। ट्रेडिंग का सबसे बड़ा बैटल चार्ट
  174. 7:59पर नहीं चलता। वह आपके दिमाग के अंदर चलता
  175. 8:02है। फियर कहता है एंट्री मत ले। ग्रीड
  176. 8:06कहता है थोड़ा और प्रॉफिट ईगो कहता है।
  177. 8:09स्टॉप लॉस मत मार। और यही तीन चीजें
  178. 8:13अकाउंट खत्म कर देती हैं। लेकिन जिस दिन
  179. 8:15मैंने हाई और लो को इमोशन की नजर से देखना
  180. 8:18शुरू किया उस दिन से सब बदलना शुरू हो
  181. 8:21गया। अब मैं कैंडल नहीं देखता था। मैं
  182. 8:23क्राउड देखता था। मैं यह देखने लगा कहां
  183. 8:27लोग लालची हो रहे हैं। कहां लोग डर रहे
  184. 8:29हैं, कहां लोग ट्रैप हो रहे हैं। और
  185. 8:32धीरे-धीरे चार्ट साफ दिखने लगा। क्योंकि
  186. 8:35सच यह है मार्केट कभी रैंडम नहीं चलता। हर
  187. 8:39मूव के पीछे साइकोलॉजी होती है। हर ब्रेकउ
  188. 8:41के पीछे इमोशन होती है। हर क्रैश के पीछे
  189. 8:44पैनिकिक होता है। और जिसने यह समझ लिया
  190. 8:46उसके लिए ट्रेडिंग आसान नहीं लेकिन क्लियर
  191. 8:49जरूर हो जाती है। अब अगले पार्ट में मैं
  192. 8:52आपको बताऊंगा कैसे स्मार्ट मनी हाई और लो
  193. 8:55का इस्तेमाल करके रिटेल ट्रेडर्स को ट्रैप
  194. 8:57करता है। कैसे फेक ब्रेकउ बनते हैं। क्यों
  195. 9:00लोग हमेशा गलत जगह एंट्री लेते हैं और
  196. 9:02कैसे आप मार्केट के शिकार नहीं बल्कि
  197. 9:04[संगीत] ऑब्जर्वर बन सकते हैं। क्योंकि
  198. 9:07याद रखिए मार्केट में सबसे ज्यादा पैसा की
  199. 9:10उन लोगों का जाता है जो जल्दी एक्साइटेड
  200. 9:12हो जाते हैं और सबसे ज्यादा पैसा उन लोगों
  201. 9:15के पास आता है जो पेशेंटली ऑब्जर्व करते
  202. 9:18हैं। तो तैयार रहिए क्योंकि अब शुरू होगा
  203. 9:21मार्केट साइकोलॉजी का असली खेल। एक सवाल
  204. 9:24पूछूं? क्या आपने कभी नोटिस किया है कि
  205. 9:27मार्केट हमेशा वही करता है [संगीत] जिसकी
  206. 9:29उम्मीद सबसे कम लोग करते हैं। जब सबको
  207. 9:32लगता है अब मार्केट ऊपर ही जाएगा। तभी
  208. 9:35अचानक क्रैश और जब सब डर [संगीत] कर बोलते
  209. 9:37हैं अब तो सब खत्म तभी अचानक रैली शुरू।
  210. 9:41पहले मुझे लगता था यह सिर्फ कोइंसिडेंस
  211. 9:43है। लेकिन फिर एक दिन मैंने अपने पुराने
  212. 9:47ट्रेड्स खोले एक-एक करके और जो मैंने देखा
  213. 9:50उसने मुझे अंदर तक हिला दिया। मेरे लगभग
  214. 9:53हर लॉस में एक चीज कॉमन थी। मैंने एंट्री
  215. 9:56वहीं ली थी जहां मुझे सबसे ज्यादा
  216. 9:58कॉन्फिडेंस था। हां, सबसे ज्यादा
  217. 10:00कॉन्फिडेंस और मार्केट इंसान को वहीं
  218. 10:03मारता है जहां उसे खुद पर सबसे ज्यादा
  219. 10:06भरोसा होता है। यही वजह है कि ट्रेडिंग
  220. 10:09सिर्फ स्ट्रेटजी का खेल नहीं है। यह ईगो
  221. 10:12का खेल है। और जिसने अपने ईगो को नहीं
  222. 10:14संभाला वो मार्केट में कभी टिक नहीं सकता।
  223. 10:17मुझे आज भी वो दिन याद है सुबह मार्केट
  224. 10:19गैप अप खुला था। [संगीत] हर तरफ बुलिश
  225. 10:22माहौल। YouTube पर लोग टारगेट दे रहे थे।
  226. 10:25Telegram पर लिखा था आज अपपर सर्किट वाला
  227. 10:28मूव आएगा और मैं पूरी कॉन्फिडेंस में था।
  228. 10:31दिल तेज धड़क रहा था। दिमाग बोल रहा था
  229. 10:34अगर अभी एंट्री नहीं ली तो बड़ा मौका निकल
  230. 10:37जाएगा और यही वो मोमेंट था जहां मार्केट
  231. 10:40ने मुझे ट्रैप किया। मैंने बाय किया और
  232. 10:42शुरुआती 5 मिनट में प्रॉफिट भी दिखा। इतना
  233. 10:45प्रॉफिट कि मुझे लगा आज तो गेम बदल जाएगा।
  234. 10:49लेकिन फिर अचानक एक रेड कैंडल आई। फिर
  235. 10:52दूसरी, फिर तीसरी और कुछ ही मिनटों में
  236. 10:55पूरा प्रॉफिट गायब। लेकिन असली दर्द
  237. 10:57प्रॉफिट जाने का नहीं था। असल दर्द था मैं
  238. 11:00एग्जिट नहीं कर पा रहा था। क्यों? क्योंकि
  239. 11:03मेरा ईगो बोल रहा था। थोड़ा वेट कर
  240. 11:05मार्केट वापस आएगा। लेकिन मार्केट वापस
  241. 11:08नहीं आया। वो और गिरता गया और मैं स्क्रीन
  242. 11:11को घूरता रह गया। उस दिन सिर्फ पैसा नहीं
  243. 11:14गया था। उस दिन मेरा ओवर कॉन्फिडेंस टूटा
  244. 11:17था और शायद हर ट्रेडर को एक ना एक दिन यह
  245. 11:21दर्द झेलना पड़ता है क्योंकि मार्केट पहले
  246. 11:24आपका कॉन्फिडेंस तोड़ता है फिर कैरेक्टर
  247. 11:27बनाता है लेकिन उस लॉस के बाद मैंने एक
  248. 11:30बहुत बड़ा सवाल खुद से पूछा अगर मैं इतना
  249. 11:33शोर था तो फिर मैं गलत कैसे हो गया और
  250. 11:36वहीं से शुरू हुई मेरी असली लर्निंग मैंने
  251. 11:39समझना शुरू किया कि मार्केट लॉजिक से नहीं
  252. 11:42लिक्विडिटी से चलता है जहां ज्यादा ज्यादा
  253. 11:45लोग एंट्री लेते हैं। मार्केट वहीं जाता
  254. 11:47है। क्यों? क्योंकि मार्केट को मूव करने
  255. 11:49के लिए फ्यूल चाहिए और रिटेल [संगीत]
  256. 11:52ट्रेडर की इमोशन वही फ्यूल होती है। अब
  257. 11:54जरा डीपली समझिए। जब कोई स्टॉक लगातार ऊपर
  258. 11:58जा रहा होता है तो क्या होता है?
  259. 12:00धीरे-धीरे लोग एक्साइटेड होने लगते हैं।
  260. 12:02फिर लोग दूसरों को देखकर बाय करते हैं।
  261. 12:05फिर फोमो शुरू होता है। और फिर एक पॉइंट
  262. 12:08ऐसा आता है जहां ऑलमोस्ट हर कोई बुलिश हो
  263. 12:12जाता है और ठीक वहीं स्मार्ट मनी एग्जिट
  264. 12:15करना शुरू करता है क्योंकि उन्हें पता है
  265. 12:18अब खरीदने वाले खत्म हो चुके हैं। अब
  266. 12:20मार्केट को ऊपर ले जाने वाला कौन बचा? कोई
  267. 12:23नहीं। और तभी प्राइस गिरना शुरू होता है।
  268. 12:26मतलब जिस जगह रिटेल ट्रेडर को सबसे ज्यादा
  269. 12:29सेफ्टी महसूस होती है, असल में वही सबसे
  270. 12:32डेंजरस जगह होती है। यही कारण है कि
  271. 12:35मार्केट में भीड़ के साथ चलना आसान है।
  272. 12:38लेकिन प्रॉफिट कमाना मुश्किल। अब दूसरी
  273. 12:40तरफ देखिए जब मार्केट गिरता है लोग
  274. 12:43पैनिकिक करने लगते हैं। पोर्टफोलियो
  275. 12:45[संगीत] देखकर डर लगता है। न्यूज़ चैनल्स
  276. 12:47डर बेचते हैं। एक्सपर्ट्स बोलते हैं अभी
  277. 12:51और गिरावट आएगी और तभी स्मार्ट मनी
  278. 12:55धीरे-धीरे बाय करना शुरू करता है। क्योंकि
  279. 12:58उन्हें [संगीत] पता है फियर हमेशा
  280. 12:59ओपोरर्चुनिटी पैदा करता है। लेकिन रिटेल
  281. 13:02ट्रेडर उस समय बाय नहीं कर पाता। क्यों?
  282. 13:05क्योंकि इंसान का दिमाग सेफ्टी चाहता है
  283. 13:07और मार्केट में सेफ्टी अक्सर सबसे बड़ा
  284. 13:10इल्लुजन होती है। अब यहां ध्यान से सुनिए।
  285. 13:12यह पूरी ट्रेडिंग की सबसे पावरफुल बात है।
  286. 13:15मार्केट आपको वहीं फंसाता है जहां आपको
  287. 13:18लगता है अब मैं समझ गया। और यही वजह है कि
  288. 13:21थोड़ी सक्सेस के बाद अधिकतर ट्रेडर्स अपना
  289. 13:24अकाउंट उड़ा देते हैं। क्योंकि शुरुआत में
  290. 13:27प्रॉफिट स्किल से नहीं लक से आता है।
  291. 13:31लेकिन ट्रेडर उसे स्किल समझ बैठता है। फिर
  292. 13:33पोजीशन साइज बढ़ाता है। रिस्क बढ़ाता है।
  293. 13:36कॉन्फिडेंस ओवर कॉन्फिडेंस बन जाता है। और
  294. 13:39फिर एक ट्रेड पूरा गेम खत्म। मैंने ऐसे
  295. 13:44ट्रेडर्स देखे हैं जो 6 महीने प्रॉफिट में
  296. 13:46थे। लेकिन सिर्फ एक महीने [संगीत] में सब
  297. 13:48कुछ वापस मार्केट को दे दिया क्योंकि
  298. 13:51उन्हें लगा था अब वह मार्केट को समझ चुके
  299. 13:53हैं। लेकिन सच यह है कोई भी इंसान मार्केट
  300. 13:57को पूरी तरह नहीं समझ सकता। हम सिर्फ
  301. 13:59प्रोबेबिलिटी समझ सकते हैं और जिस दिन आप
  302. 14:02यह एक्सेप्ट कर लेते हैं उस दिन आपका डर
  303. 14:05कम होने लगता है। क्योंकि फिर आप हर ट्रेड
  304. 14:08को लाइफ और डेथ [संगीत] नहीं मानते। अब
  305. 14:10सुनिए यहीं पर हाई और लो का असली सीक्रेट
  306. 14:13छिपा है। हाई सिर्फ प्राइस नहीं होता।
  307. 14:16[संगीत] हाई मतलब क्राउड का ग्रीड। लो
  308. 14:19सिर्फ प्राइस नहीं होता। लो मतलब क्राउड
  309. 14:22का फियर और स्मार्ट ट्रेडर। प्राइस नहीं
  310. 14:25बढ़ता। वो इमोशन बढ़ता है। अब इमेजिन
  311. 14:29कीजिए एक स्टॉक नया हाई बना रहा है। हर
  312. 14:32तरफ सेलिब्रेशन। लोग स्क्रीनशॉट डाल रहे
  313. 14:34हैं। बाय एंड होल्ड टारगेट मूड। अब तो
  314. 14:38रॉकेट बनेगा। लेकिन उसी समय कुछ प्रोफेशनल
  315. 14:42ट्रेडर्स क्वाइटली एग्जिट कर रहे होते
  316. 14:44हैं। क्यों? क्योंकि उन्हें पता है जब
  317. 14:47क्राउड बहुत ज्यादा एक्साइटेड हो जाए तो
  318. 14:50रिस्क बढ़ [संगीत] जाता है। अब इसका मतलब
  319. 14:52यह नहीं कि हर हाई पर सेल करना है। नहीं
  320. 14:56बल्कि आपको यह समझना है कि उस हाई के पीछे
  321. 14:58इमोशन क्या है? क्या वहां रियल स्ट्रेंथ
  322. 15:01है या सिर्फ हाइप। क्या वहां जेन्युइन
  323. 15:04बाइंग है या सिर्फ फोमो? और यही डिफरेंस
  324. 15:07एक एमचर और प्रोफेशनल ट्रेडर में होता है।
  325. 15:10एमेचर ट्रेडर कैंडल देखता है। प्रोफेशनल
  326. 15:13ट्रेडर बिहेवियर देखता है। अब शायद आप समझ
  327. 15:16रहे होंगे क्यों ट्रेडिंग इतनी मुश्किल
  328. 15:18लगती है? क्योंकि यहां आपका मुकाबला
  329. 15:21मार्केट से नहीं खुद की इमोशन से होता है
  330. 15:25और इमोशन हर इंसान को गलत डिसीजन लेने पर
  331. 15:28मजबूर करती है। फियर आपको जल्दी एग्जिट
  332. 15:31कराता है। ग्रीड आपको देर तक होल्ड कराता
  333. 15:34है। ईगो आपको स्टॉप लॉस नहीं लगाने देता
  334. 15:37और रिवेंज [संगीत] आपका पूरा अकाउंट खा
  335. 15:40जाता है। यही चार चीजें अधिकतर ट्रेडर्स
  336. 15:43को खत्म कर देती हैं। लेकिन जो इंसान इन
  337. 15:46चारों को कंट्रोल करना सीख लेता है उसके
  338. 15:49लिए मार्केट बदलने लगता है। धीरे-धीरे उसे
  339. 15:51साफ दिखने लगता है। कहां ट्रैप बन रहा है,
  340. 15:54कहां क्राउड फंस रहा है, कहां लिक्विडिटी
  341. 15:57हंट हो रही है और तभी ट्रेडिंग गैंबलिंग
  342. 16:00नहीं लगती। वो एक साइकोलॉजिकल गेम लगने
  343. 16:03लगती है। अब यहां मैं आपको एक ऐसी बात
  344. 16:05बताने वाला हूं जो शायद आपकी पूरी सोच बदल
  345. 16:08दे। मार्केट का काम आपको पैसा देना नहीं
  346. 16:11है। मार्केट का काम है वीक ट्रेडर्स से
  347. 16:14पैसा लेकर पेशेंट ट्रेडर्स को देना। और
  348. 16:16वीक कौन है जो जल्दी एक्साइटेड हो जाए। जो
  349. 16:19[संगीत] जल्दी डर जाए जो बिना प्लान के
  350. 16:21ट्रेड ले जो हर कैंडल पर इमोशनली रिएक्ट
  351. 16:24करे और स्ट्रांग कौन है जो वेट कर सके जो
  352. 16:28ऑब्जर्व कर सके जो एक्सेप्ट कर सके कि मैं
  353. 16:31गलत हो सकता हूं। यही लाइन एक ट्रेडर की
  354. 16:35जिंदगी बदल देती है। क्योंकि जिस दिन आप
  355. 16:38गलत होने से डरना छोड़ देते हैं, उस दिन
  356. 16:40आप सीखना शुरू करते हैं और लर्निंग
  357. 16:43प्रॉफिट से ज्यादा पावरफुल होती है।
  358. 16:46क्योंकि प्रॉफिट कभी भी वापस जा सकता है।
  359. 16:49लेकिन सही अंडरस्टैंडिंग पूरी जिंदगी पैसा
  360. 16:51बनाती है। अब अगले पार्ट [संगीत] में मैं
  361. 16:54आपको बताऊंगा कैसे स्मार्ट मनी फेक
  362. 16:57ब्रेकआउट बनाकर रिटेल ट्रेडर्स को ट्रैप
  363. 17:00करता है। [संगीत] कैसे बड़े प्लेयर्स
  364. 17:01स्टॉप लॉस हंट करते हैं? क्यों मार्केट
  365. 17:04हमेशा आपकी एंट्री के बाद रिवर्स होता हुआ
  366. 17:06लगता है? और कैसे आप पहली बार चार्ट को
  367. 17:08साफ देखना शुरू करेंगे? लेकिन उससे पहले
  368. 17:11अगर आप सच में ट्रेडिंग सीखना चाहते हैं
  369. 17:14सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं तो इस वीडियो को
  370. 17:17अभी लाइक कर दीजिए। क्योंकि जब आप लाइक
  371. 17:19करते हैं तो मुझे समझ आता है कि आप उन
  372. 17:22लोगों में से हैं जो सिर्फ सपना नहीं
  373. 17:24देखते बल्कि खुद को बदलने के लिए तैयार
  374. 17:27हैं। और अगर आप चाहते हैं [संगीत] कि मैं
  375. 17:29इस सीरीज का अगला पार्ट जल्दी लाऊं तो
  376. 17:31कमेंट में लिखिए मैं मार्केट को रीड करना
  377. 17:34सीख रहा हूं। क्योंकि याद रखिए [संगीत]
  378. 17:36जिस दिन आपने मार्केट की भाषा समझ ली उस
  379. 17:39दिन से चार्ट डराना बंद कर देगा। सच बताऊं
  380. 17:42मार्केट में सबसे खतरनाक चीज क्रैश नहीं
  381. 17:45होती। सबसे खतरनाक चीज होती है फेक होप।
  382. 17:48क्योंकि क्रैश आपको डराता है लेकिन फेक
  383. 17:51होप आपको धीरे-धीरे खत्म करती है और
  384. 17:54मार्केट यही खेल खेलता है। वह पहले आपको
  385. 17:57भरोसा दिलाता है। [संगीत] फिर उसी भरोसे
  386. 17:59को आपके खिलाफ इस्तेमाल करता है। और इस
  387. 18:02खेल का सबसे बड़ा हथियार है फेक ब्रेकउ।
  388. 18:05[संगीत]
  389. 18:06हां, वही ब्रेकउ जिसे देखकर लोग एक्साइटेड
  390. 18:10हो जाते हैं। वही कैंडल [संगीत] जिसे
  391. 18:12देखकर YouTube पर वीडियो बनने लगते हैं।
  392. 18:15वही मोमेंट जहां रिटेल ट्रेडर सोचता है।
  393. 18:18बस अब तो स्टॉक उड़ जाएगा। लेकिन रियलिटी
  394. 18:22अक्सर वहीं से गिरावट शुरू होती है। और
  395. 18:25अगर आपने इस ट्रैप को समझ लिया तो बिलीव
  396. 18:28कीजिए आपकी पूरी ट्रेडिंग बदल सकती है।
  397. 18:31क्योंकि मार्केट में पैसा सिर्फ सही
  398. 18:33एंट्री से नहीं बनता। पैसा गलत जगह एंट्री
  399. 18:36लेने से बचने में बनता है। और यह बात मुझे
  400. 18:38बहुत देर से समझ आई। मुझे आज भी याद है।
  401. 18:41एक स्टॉक कई दिनों से रेजिस्टेंस के नीचे
  402. 18:44घूम रहा था। बार-बार ऊपर जाता फिर वापस
  403. 18:48गिर जाता। पूरा मार्केट उस ब्रेकआउट का
  404. 18:51वेट कर रहा था। Telegram चैनल्स अलर्ट दे
  405. 18:53रहे थे। Twitter पर लोग [संगीत] बोल रहे
  406. 18:55थे बस ब्रेकआउट आते ही रॉकेट और मैं भी
  407. 19:00उसी क्राउड का हिस्सा बन चुका था। मैं
  408. 19:03लगातार चार्ट देख रहा था। दिल में
  409. 19:05एक्साइटमेंट, दिमाग में सिर्फ प्रॉफिट और
  410. 19:08फिर वो मोमेंट आया। एक बड़ी ग्रीन [संगीत]
  411. 19:10कैंडल, रेजिस्टेंस ब्रेक, वॉल्यूम हाई और
  412. 19:14उसी सेकंड मैंने बाय कर लिया। उस समय मुझे
  413. 19:18लगा अब तो स्मार्ट एंट्री ली है। लेकिन
  414. 19:21सिर्फ 10 मिनट बाद [संगीत] प्राइस रुक
  415. 19:23गया। फिर धीरे-धीरे नीचे आने लगा और अचानक
  416. 19:27तेज रेड कैंडल फिर पैनिकिक सेलिंग और कुछ
  417. 19:30ही देर में पूरा ब्रेकउ फेल। लेकिन जानते
  418. 19:34हो सबसे दर्दनाक चीज क्या थी? लॉस नहीं।
  419. 19:38दर्द यह था [संगीत] कि मैं बिल्कुल वहीं
  420. 19:40फंसा जहां लाखों रिटेल ट्रेडर्स फंसते
  421. 19:42हैं। और उस दिन पहली बार मैंने [संगीत]
  422. 19:44खुद से पूछा अगर इतना परफेक्ट ब्रेकआउट था
  423. 19:47तो फेल क्यों हुआ? और वहीं से मुझे
  424. 19:50मार्केट का सबसे डेंजरस सीक्रेट समझ आया।
  425. 19:52हर [संगीत] ब्रेकउ रियल नहीं होता। कुछ
  426. 19:55ब्रेकआउट सिर्फ ट्रैप होते हैं। स्मार्ट
  427. 19:58मनी जानता है रिटेल ट्रेडर्स कहां एंट्री
  428. 20:00लेते हैं। उन्हें पता है लोग रेजिस्टेंस
  429. 20:03ब्रेक होते ही बाय करेंगे। [संगीत] तो वो
  430. 20:05क्या करते हैं? पहले प्राइस को ऊपर पुश
  431. 20:07करते हैं। रिटेल ट्रेडर्स एक्साइटेड होकर
  432. 20:09बाय करते हैं। लिक्विडिटी मिल जाती है और
  433. 20:12फिर स्मार्ट मनी क्वाइटली सेल करके निकल
  434. 20:14जाता है और मार्केट रिवर्स। मतलब जो कैंडल
  435. 20:18आपको ओपोरर्चुनिटी लग रही थी असल में वह
  436. 20:21एग्जिट लिक्विडिटी थी। अब यहां डीपली
  437. 20:23समझिए मार्केट का सबसे बड़ा खेल क्या है?
  438. 20:26इमोशन जब तक लोग इमोशनली रिएक्ट करते
  439. 20:30रहेंगे मार्केट उन्हें ट्रैप करता रहेगा
  440. 20:33और फेक ब्रेकउ इमोशन ट्रिगर करने का सबसे
  441. 20:36पावरफुल तरीका है क्योंकि इंसान ब्रेकउ
  442. 20:39देखकर कंट्रोल खो देता है। उसे लगता है
  443. 20:43अगर अभी नहीं [संगीत] घुसे तो मौका निकल
  444. 20:45जाएगा। यही फोमो रिटेल ट्रेडर का सबसे
  445. 20:48बड़ा दुश्मन है। अब जरा सोचिए अगर कोई
  446. 20:51स्टॉक लंबे समय से रेंज में है तो सबकी
  447. 20:54नजर कहां होगी? ब्रेकउ पर। मतलब हर कोई
  448. 20:58उसी जगह बाय करने का वेट कर रहा है और
  449. 21:00जहां भीड़ खड़ी होती है मार्केट वहीं
  450. 21:03ट्रैप बनाता है क्योंकि मार्केट को मूव
  451. 21:05करने के लिए ऑर्डर्स चाहिए और रिटेल
  452. 21:08ट्रेडर के ऑर्डर्स स्मार्ट मनी के लिए
  453. 21:10फ्यूल होते हैं। यही कारण है कि अक्सर
  454. 21:13रियल मूव तभी शुरू होता है जब फेक मूव
  455. 21:17खत्म हो जाता है। लेकिन यहां सबसे बड़ा
  456. 21:20सवाल आता है तो रियल ब्रेकउ [संगीत]
  457. 21:22पहचाने कैसे? आंसर बहुत सिंपल है लेकिन
  458. 21:25आसान नहीं। रियल ब्रेकउ में सिर्फ प्राइस
  459. 21:28नहीं भागता, बिहेवियर बदलता है, इमोशन
  460. 21:31नहीं, स्ट्रक्चर बदलता है लेकिन रिटेल
  461. 21:34ट्रेडर स्ट्रक्चर नहीं देखता। वो सिर्फ
  462. 21:36कैंडल देखता है और यही गलती उसे बार-बार
  463. 21:39नुकसान कराती है। अब सुनिए, यहीं पर हाई
  464. 21:42और लो का असली कनेक्शन आता है। फेक
  465. 21:45ब्रेकआउट अक्सर हाई के आसपास बनता है।
  466. 21:47क्यों? क्योंकि वहीं सबसे ज्यादा ग्रीड
  467. 21:49होती है और फेक ब्रेकडाउन अक्सर लो के
  468. 21:52आसपास [संगीत] बनता है। क्यों? क्योंकि
  469. 21:54वहीं सबसे ज्यादा फियर होता है। मतलब
  470. 21:57मार्केट वहीं ट्रैप बनाता है जहां क्राउड
  471. 22:00इमोशनली वीक हो। अब मैं आपको एक और चीज
  472. 22:02बताता हूं जो शायद आपने खुद नोटिस की
  473. 22:05होगी। कई बार ऐसा होता है आप एंट्री लेते
  474. 22:08हैं और मार्केट तुरंत रिवर्स। लेकिन जैसे
  475. 22:11ही आप स्टॉप लॉस हिट करके बाहर निकलते
  476. 22:13हैं, मार्केट वापस आपके डायरेक्शन में चला
  477. 22:15जाता है और तब लगता है यार मार्केट मेरे
  478. 22:18खिलाफ ही चलता है। लेकिन सच क्या है?
  479. 22:21मार्केट आपके खिलाफ नहीं है। आप बस क्राउड
  480. 22:23के साथ खड़े थे और मार्केट भीड़ को पहले
  481. 22:26शेक आउट करता है। क्योंकि बड़े मूव्स वीक
  482. 22:28हैंड्स को बाहर निकाल कर ही आते हैं। यही
  483. 22:31वजह है कि प्रोफेशनल ट्रेडर्स जल्दी
  484. 22:33एक्साइटेड नहीं होते। वह वेट करते हैं,
  485. 22:36ऑब्जर्व करते हैं, कन्फर्मेशन के पीछे
  486. 22:38नहीं भागते बल्कि बिहेवियर समझते हैं। अब
  487. 22:42यहां एक बहुत इंपॉर्टेंट बात समझिए।
  488. 22:44ट्रेडिंग का मतलब हर मूव पकड़ना [संगीत]
  489. 22:47नहीं है। ट्रेडिंग का मतलब है सिर्फ हाई
  490. 22:49प्रोबेबिलिटी मूव पकड़ना। लेकिन रिटेल
  491. 22:52ट्रेडर क्या करता है? हर कैंडल पर
  492. 22:54रिएक्शन, हर ब्रेकउ पर एंट्री, हर न्यूज़
  493. 22:57पर एक्साइटमेंट और धीरे-धीरे इमोशन उसका
  494. 23:01सिस्टम बन जाती है। यही कारण है कि
  495. 23:04ज्यादातर लोग ट्रेडिंग को स्ट्रेस समझते
  496. 23:06हैं क्योंकि वह ट्रेडिंग नहीं कर रहे। वो
  497. 23:08इमोशनल गैंबलिंग कर रहे हैं। अब मैं आपको
  498. 23:11एक छोटा सा सीन इमेजिन करवाता हूं। रात के
  499. 23:1411:00 बजे हैं। आप चार्ट देख रहे हैं। एक
  500. 23:17स्टॉक तेजी से ऊपर भाग रहा है। सोशल
  501. 23:19मीडिया पर लोग प्रॉफिट स्क्रीनशॉट डाल रहे
  502. 23:21हैं। आपका दिल बोलता है सब कमा [संगीत]
  503. 23:24रहे हैं। मैं पीछे क्यों रहूं और उसी
  504. 23:27इमोशन में आप एंट्री ले लेते हैं। अब
  505. 23:30बताइए यह डिसीजन लॉजिक से आया या इमोशन
  506. 23:33से? यही फर्क विनर और लूजर में होता है।
  507. 23:37विनर ट्रेडर इमोशन महसूस करता है। [संगीत]
  508. 23:40लेकिन उसके हिसाब से डिसीजन नहीं लेता।
  509. 23:42लूजर ट्रेडर इमोशन के हिसाब से डिसीजन
  510. 23:45लेता है और मार्केट इमोशनली वीक लोगों को
  511. 23:49सबसे पहले खत्म करता है। लेकिन अब शायद
  512. 23:52आपके दिमाग में एक सवाल चल रहा होगा अगर
  513. 23:55हर जगह ट्रैप है तो प्रॉफिट बनेगा कैसे?
  514. 23:58यहीं पर गेम बदलता है। प्रॉफिट प्रेडिक्शन
  515. 24:01से नहीं बनेगा। प्रॉफिट बनेगा पेशेंस से।
  516. 24:04जब आप हर मूव में जंप करना छोड़ देंगे।
  517. 24:07तभी आपको साफ दिखेगा कहां असली
  518. 24:10ओपोरर्चुनिटी है क्योंकि मार्केट हमेशा
  519. 24:12जल्दी करने वालों को सजा देता है और वेट
  520. 24:15करने वालों को रिवॉर्ड। याद रखिए सबसे
  521. 24:18पावरफुल ट्रेडर वो नहीं जो सबसे ज्यादा
  522. 24:21ट्रेड लेता है। सबसे पावरफुल ट्रेडर वो है
  523. 24:24जो सही समय का इंतजार कर सकता है और यही
  524. 24:27स्किल रिटेल ट्रेडर को [संगीत] प्रोफेशनल
  525. 24:29बनाती है। अब अगले पार्ट में मैं आपको
  526. 24:32बताऊंगा कैसे स्मार्ट मनी आपके स्टॉप लॉस
  527. 24:35को हंट करता है। क्यों मार्केट ठीक उसी
  528. 24:37लेवल तक जाता है जहां आपका स्टॉप लॉस लगा
  529. 24:40होता है। कैसे लिक्विडिटी हंट होती है और
  530. 24:43कैसे बड़े प्लेयर्स फियर का इस्तेमाल करके
  531. 24:45[संगीत] मार्केट को मूव करते हैं। लेकिन
  532. 24:48उससे पहले अगर आप यहां तक देख रहे हैं तो
  533. 24:51एक बात क्लियर है आप सिर्फ पैसा कमाना
  534. 24:53नहीं चाहते। आप सच में मार्केट को समझना
  535. 24:56चाहते हैं। इस वीडियो को उन लोगों तक जरूर
  536. 24:58शेयर कीजिए जो हर ब्रेकउ पर फंस जाते हैं।
  537. 25:01क्योंकि शायद उनकी सबसे बड़ी प्रॉब्लम
  538. 25:03स्ट्रेटजी नहीं इमोशन है। क्या आपने कभी
  539. 25:07महसूस किया है कि मार्केट को आपके स्टॉप
  540. 25:09लॉस का पता होता है। आप जैसे ही स्टॉप लॉस
  541. 25:12लगाते हो प्राइस सीधे वहीं आता है। आपको
  542. 25:15बाहर निकालता है और फिर उसी डायरेक्शन में
  543. 25:18भाग जाता है। और उस समय [संगीत] ऐसा लगता
  544. 25:21है जैसे कोई आपको देख रहा था। जैसे
  545. 25:23मार्केट ने पर्सनल बदला लिया हो। लेकिन सच
  546. 25:27इससे भी ज्यादा खतरनाक है। मार्केट आपको
  547. 25:29नहीं देखता। मार्केट क्राउड को देखता है
  548. 25:32और क्राउड [संगीत] लगभग हमेशा एक जैसी जगह
  549. 25:36पर स्टॉप लॉस लगाता है। यही वजह है कि
  550. 25:39स्मार्ट मनी को पहले से पता होता है
  551. 25:41लिक्विडिटी कहां रखी हुई है और ट्रेडिंग
  552. 25:44का सबसे डार्क गेम यहीं से शुरू होता है।
  553. 25:48लिक्विडिटी हंट। लेकिन इसे समझने के लिए
  554. 25:51पहले आपको एक सीन इमेजिन करना होगा। सुबह
  555. 25:54के 9:20 [संगीत]
  556. 25:55मार्केट ओपन हुआ है। एक स्टॉक लगातार ऊपर
  557. 25:58जा रहा है। हर कैंडल ग्रीन Twitter पर लोग
  558. 26:02बोल रहे हैं स्ट्रांग मोमेंटम [संगीत]
  559. 26:04YouTube वाले बोल रहे हैं। अब तो नया हाई
  560. 26:07पक्का और हजारों रिटेल ट्रेडर्स उसी स्टॉक
  561. 26:10में एंट्री लेने लगते हैं। लेकिन एंट्री
  562. 26:13लेते समय हर कोई एक काम जरूर करता है।
  563. 26:15स्टॉप लॉस। किसी ने प्रीवियस लो के नीचे
  564. 26:18लगाया, किसी ने सपोर्ट [संगीत] के नीचे,
  565. 26:20किसी ने राउंड नंबर के नीचे। मतलब
  566. 26:23धीरे-धीरे एक ही जगह हजारों स्टॉप लॉस जमा
  567. 26:27हो जाते हैं। अब सोचिए अगर आप स्मार्ट मनी
  568. 26:30होते तो आपको सबसे ज्यादा लिक्विडिटी कहां
  569. 26:32मिलती? वहीं जहां सबके स्टॉप लॉस पड़े हैं
  570. 26:36और तभी अचानक मार्केट नीचे गिरता है। तेज
  571. 26:40रेड कैंडल पैनिकिक रिटेल ट्रेडर डर जाता
  572. 26:43है। स्टॉप लॉस हिट और जैसे ही भीड़ बाहर
  573. 26:46निकलती है मार्केट वापस ऊपर नई रैली शुरू।
  574. 26:50और रिटेल ट्रेडर स्क्रीन देखकर सिर्फ एक
  575. 26:52ही चीज बोलता है यार मेरे निकलते ही
  576. 26:56मार्केट ऊपर क्यों चला गया? क्योंकि आपका
  577. 26:59स्टॉप लॉस किसी और का ओपोरर्चुनिटी था।
  578. 27:02यही है मार्केट का असली खेल। मार्केट मूव
  579. 27:05तभी करता है जब उसे ऑर्डर्स मिलते हैं। और
  580. 27:08सबसे ज्यादा ऑर्डर्स कहां मिलते हैं? जहां
  581. 27:10फियर जमा हो। अब यहां ध्यान से सुनिए।
  582. 27:14बहुत लोग सोचते हैं स्मार्ट मनी सिर्फ
  583. 27:16[संगीत] बाय और सेल करता है। नहीं।
  584. 27:19स्मार्ट मनी इमोशन को कंट्रोल करता है। वह
  585. 27:22जानता है। रिटेल ट्रेडर कहां एक्साइटेड
  586. 27:25होगा। कहां डरेगा, कहां पैनिकिक करेगा और
  587. 27:29मार्केट को उसी हिसाब से चलाया जाता है।
  588. 27:32अब मैं आपको वह चीज बताता हूं जो शायद
  589. 27:34आपकी पूरी ट्रेडिंग बदल दे। स्टॉप लॉस गलत
  590. 27:37नहीं है। ब्लाइंड स्टॉप लॉस गलत है
  591. 27:40क्योंकि ज्यादातर लोग स्टॉप लॉस लॉजिक से
  592. 27:42नहीं फियर से लगाते हैं। उन्हें बस लॉस से
  593. 27:45बचना होता है। लेकिन मार्केट फियर को सूंघ
  594. 27:49लेता है और जहां फियर होता है वहीं
  595. 27:52लिक्विडिटी होती है। अब सोचिए अगर पूरा
  596. 27:55क्राउड एक ही लेवल के नीचे स्टॉप लॉस लगाए
  597. 27:58बैठा है तो वहां क्या रखा है? ऑर्डर्स।
  598. 28:01बहुत सारे ऑर्डर्स और बड़े प्लेयर्स को
  599. 28:03मूव चाहिए, लिक्विडिटी चाहिए तो वह क्या
  600. 28:06करेंगे? प्राइस को वहीं तक धकेलेंगे। भीड़
  601. 28:09का स्टॉप लॉस ट्रिगर होगा। सेलिंग प्रेशर
  602. 28:11आएगा और उसी सेलिंग को दसें स्मार्ट मनी
  603. 28:14क्वाइटली अब्सॉर्ब करेगा। मतलब रिटेल
  604. 28:17ट्रेडर पैनिकिक में बेच रहा होता है और
  605. 28:19स्मार्ट मनी उसी फियर को खरीद रहा होता
  606. 28:21है। यही कारण है कि मार्केट अक्सर वही
  607. 28:24करता है जो इमोशनली इंपॉसिबल लगता है। जब
  608. 28:27आपको लगता है अब मार्केट और नहीं गिर सकता
  609. 28:30तभी सबसे बड़ा डंप और जब लगता है अब
  610. 28:33रिकवरी इंपॉसिबल है तभी वायलेंट रैली।
  611. 28:37क्यों? क्योंकि मार्केट लॉजिक से नहीं
  612. 28:39इमोशंस से लोगों को हराता है। [संगीत] अब
  613. 28:41एक मोमेंट के लिए अपने पुराने ट्रेड्स याद
  614. 28:44कीजिए। कितनी बार ऐसा हुआ है? आपने
  615. 28:46परफेक्ट एंट्री ली। लेकिन छोटा सा स्टॉप
  616. 28:49लॉस लगाया और बस उसी लेवल तक प्राइस
  617. 28:51[संगीत] आया। आपको बाहर निकाला। फिर
  618. 28:53रिवर्स बार-बार। इतनी बार कि धीरे-धीरे
  619. 28:57आपको खुद पर शक होने लगा और यही मोमेंट
  620. 29:00सबसे डेंजरस होता है। क्योंकि जब ट्रेडर
  621. 29:02खुद पर भरोसा खो देता है तब वह सिस्टम
  622. 29:05छोड़ देता है। फिर वो हर कैंडल पर ट्रेड
  623. 29:08लेने लगता है। हर सिग्नल के पीछे भागता
  624. 29:10है। हर लॉस रिकवर करना चाहता है और वहीं
  625. 29:13से ट्रेडिंग खत्म नहीं होती। ट्रेडर खत्म
  626. 29:17होने लगता है। मुझे याद है एक समय ऐसा
  627. 29:20[संगीत] था जब मैं हर स्टॉप लॉस के बाद
  628. 29:22फ्रस्ट्रेट हो जाता था। लगता था बस थोड़ा
  629. 29:26और होल्ड कर लेता तो प्रॉफिट हो जाता। फिर
  630. 29:29धीरे-धीरे मैंने स्टॉप लॉस हटाना शुरू कर
  631. 29:31दिया और बिलीव कीजिए यही मेरी सबसे बड़ी
  632. 29:34गलती थी क्योंकि बिना स्टॉप लॉस का ट्रेडर
  633. 29:37सीट बेल्ट के बिना गाड़ी चलाने जैसा होता
  634. 29:39है। कुछ समय तक सब ठीक लगता है लेकिन एक
  635. 29:42एक्सीडेंट [संगीत]
  636. 29:43सब खत्म कर देता है और मार्केट में एक
  637. 29:46बड़ा लॉस सिर्फ पैसा नहीं लेता। वह आपका
  638. 29:49कॉन्फिडेंस भी ले जाता है। आपकी क्लेरिटी
  639. 29:51भी, आपकी डिसिप्लिन भी। फिर इंसान ट्रेड
  640. 29:54नहीं करता। वह सिर्फ पैसा वापस पाने की
  641. 29:57कोशिश करता है। और यही रिवेंज ट्रेडिंग
  642. 30:00सबसे ज्यादा अकाउंट्स खत्म करती है। लेकिन
  643. 30:02फिर एक दिन मुझे एक बात समझ आई। प्रोफेशनल
  644. 30:06ट्रेडर्स का फोकस लॉस अवॉइड करने पर नहीं
  645. 30:09होता। उनका फोकस होता है कंट्रोलोल्ड लॉस।
  646. 30:13क्योंकि उन्हें पता है लॉस गेम का हिस्सा
  647. 30:16है। कोई भी ट्रेडर हर ट्रेड नहीं जीत सकता
  648. 30:19लेकिन वीक ट्रेडर [संगीत] लॉस से डरता है
  649. 30:21और फियर उसे गलत डिसीजन लेने पर मजबूर
  650. 30:24करता है। अब यहां सबसे पावरफुल बात समझिए।
  651. 30:27मार्केट आपको लॉस से नहीं हराता। आपका
  652. 30:30इमोशन आपको हराता है। दो ट्रेडर्स एक ही
  653. 30:33चार्ट देखते हैं। एक पैनिक करता है। दूसरा
  654. 30:35ऑब्जर्व। एक जल्दी एग्जिट करता है, दूसरा
  655. 30:38कॉन्टेक्स्ट समझता है। [संगीत] एक इमोशनली
  656. 30:40रिएक्ट करता है, दूसरा पेशेंटली रिसोंड
  657. 30:44करता है। और यही छोटा सा फर्क लॉन्ग टर्म
  658. 30:47में करोड़ों का फर्क बन जाता है। अब जरा
  659. 30:50हाई और लो को फिर से याद कीजिए। हाइपर
  660. 30:52[संगीत] ग्रीड, लो परफियर और बीच में
  661. 30:55लिक्विडिटी यानी इमोशन का खेल। यही वजह है
  662. 31:00कि बड़े मूव्स अक्सर वहीं से शुरू होते
  663. 31:02हैं जहां रिटेल ट्रेडर हार मान चुका होता
  664. 31:05है। क्योंकि जब फियर पीक पर पहुंचता है
  665. 31:08तभी स्मार्ट मनी सबसे ज्यादा एक्टिव होता
  666. 31:10है। लेकिन रिटेल ट्रेडर उस समय एंट्री
  667. 31:13नहीं ले पाता। क्यों? क्योंकि उसका दिमाग
  668. 31:15सेफ्टी खोज रहा होता है। और मार्केट में
  669. 31:18परफेक्ट सेफ्टी कभी नहीं मिलती। यही
  670. 31:21रियलिटी है। ट्रेडिंग में क्लेरिटी
  671. 31:23[संगीत] मिल सकती है। लेकिन सर्टेनिटी
  672. 31:25नहीं। और जिस दिन आप सर्टेनिटी ढूंढना
  673. 31:27छोड़ देते हैं उस दिन आप मैच्योर ट्रेडर
  674. 31:30बनना शुरू करते हैं। अब सोचिए अगर मार्केट
  675. 31:33सच में आसान होता तो क्या इतने लोग लॉस
  676. 31:36करते? नहीं। मार्केट मुश्किल इसलिए नहीं
  677. 31:39है क्योंकि स्ट्रेटजी कॉम्प्लेक्स है।
  678. 31:41मार्केट मुश्किल इसलिए है क्योंकि इंसान
  679. 31:43अपनी इमोशन कंट्रोल नहीं कर पाता। फियर,
  680. 31:46ग्रीड, होप, रिवेंज। यही चार चीजें चार्ट
  681. 31:51को धुंधला बना देती है। लेकिन जिसने इमोशन
  682. 31:54के पीछे छिपी लिक्विडिटी देख ली उसके लिए
  683. 31:56मार्केट पहली बार क्लियर दिखने लगता है।
  684. 31:59अब अगले पार्ट में मैं आपको बताऊंगा कैसे
  685. 32:02स्मार्ट मनी फॉल्स फियर बनाकर रिटेल
  686. 32:05ट्रेडर्स को बॉटम पर सेल करवाता है। क्यों
  687. 32:07स्ट्रांग कैंडल हमेशा स्ट्रांग मूव नहीं
  688. 32:10होती और कैसे बड़े प्लेयर्स धीरे-धीरे
  689. 32:12पोजीशन बिल्ड करते हैं बिना क्राउड को पता
  690. 32:14चले। क्योंकि असली पैसा नॉइज़ में नहीं
  691. 32:17बनता। असली पैसा साइलेंस में बनता है।
  692. 32:21मार्केट में सबसे खतरनाक आवाज कौन सी है?
  693. 32:24[संगीत] जानते हो? न्यूज़ नहीं, चार्ट
  694. 32:26नहीं, दूसरों की राय नहीं, सबसे खतरनाक
  695. 32:29आवाज होती है आपके अपने दिमाग की। क्योंकि
  696. 32:32जब मार्केट तेजी से गिरता है तो बाहर से
  697. 32:35ज्यादा अंदर शोर शुरू होता है। सेल कर दे
  698. 32:39सब खत्म हो जाएगा। इस बार रिकवरी नहीं
  699. 32:42आएगी। और यही वह मोमेंट होता है जहां
  700. 32:45स्मार्ट मनी क्वाइटली पोजीशन बिल्ड कर रहा
  701. 32:47होता है। हां, जब रिटेल ट्रेडर डर कर भाग
  702. 32:51रहा होता है तभी बड़े प्लेयर्स धीरे-धीरे
  703. 32:54खरीद रहे होते हैं। लेकिन प्रॉब्लम यह है
  704. 32:56रिटेल ट्रेडर को एक्यूमुलेशन दिखता
  705. 32:58[संगीत] ही नहीं क्योंकि उसे हमेशा स्पीड
  706. 33:00चाहिए। तेज कैंडल, तेज प्रॉफिट, तेज मूव
  707. 33:04लेकिन असली पैसा धीरे बनता है। साइलेंस
  708. 33:08में बनता है। और यही बात मुझे बहुत देर से
  709. 33:11समझ आई। मुझे आज भी वह फेज याद है।
  710. 33:14[संगीत] पूरा मार्केट गिर रहा था। हर तरफ
  711. 33:16नेगेटिविटी। YouTube पर क्रैश के
  712. 33:19थंबनेल्स, एक्सपर्ट्स डर बेच रहे थे।
  713. 33:22न्यूज़ चैनल्स पैनिकिक फैला रहे थे और मैं
  714. 33:25हर रेड कैंडल देखकर और डर रहा था।
  715. 33:28पोर्टफोलियो खोलने से डर लगता था। हर सुबह
  716. 33:31ऐसा लगता आज शायद और बड़ा लॉस होगा। और
  717. 33:34इसी फियर में [संगीत] मैंने अपनी पोजीशन
  718. 33:36एग्जिट कर दी। उस समय मुझे लगा मैंने
  719. 33:39स्मार्ट डिसीजन लिया। लेकिन कुछ दिनों बाद
  720. 33:42मार्केट धीरे-धीरे स्टेबलाइज होने लगा।
  721. 33:44फिर अचानक एक स्ट्रांग रैली और वही
  722. 33:48स्टॉक्स जिन्हें मैंने फियर में बेचा था
  723. 33:50ऊपर भागने लगे। उस दिन सिर्फ पैसा नहीं
  724. 33:53गया। उस दिन मुझे अपनी सबसे बड़ी कमजोरी
  725. 33:55दिखी। मैं प्राइस देख रहा था लेकिन
  726. 33:58बिहेवियर नहीं। मैं नॉइज़ सुन रहा था।
  727. 34:01लेकिन रियलिटी नहीं। और रियलिटी क्या थी?
  728. 34:04बिग प्लेयर्स पहले से तैयार थे। जब क्राउड
  729. 34:07पैनिकिक में बेच रहा था तब वह क्वाइटली
  730. 34:10खरीद रहे थे क्योंकि उन्हें पता था फियर
  731. 34:14हमेशा डिस्काउंट देता है। अब यहां डीपली
  732. 34:17समझिए स्मार्ट मनी कभी इमोशनली ट्रेड नहीं
  733. 34:20करता। वो धीरे-धीरे पोजीशन बिल्ड करता है।
  734. 34:23इतना धीरे कि क्राउड को पता भी नहीं चलता
  735. 34:26क्योंकि अगर वह एक साथ बाय करेंगे तो
  736. 34:29प्राइस तेजी से ऊपर भाग जाएगा और उन्हें
  737. 34:31चीप प्राइस नहीं मिलेगा। इसलिए वह क्या
  738. 34:34करते हैं? धीरे-धीरे खरीदते हैं। मार्केट
  739. 34:37को साइडवेज रखते हैं। कभी ऊपर पुश, कभी
  740. 34:40नीचे शेक आउट ताकि रिटेल ट्रेडर कंफ्यूज
  741. 34:42रहे और कंफ्यूज ट्रेडर कभी पैसा नहीं बना
  742. 34:46सकता। यही वजह है कि एक्यूमुलेशन फेस
  743. 34:49हमेशा बोरिंग लगता है। कोई एक्साइटमेंट
  744. 34:52नहीं, कोई रॉकेट मूव नहीं। बस साइडवेज
  745. 34:54मार्केट और रिटेल ट्रेडर वो ऐसे समय में
  746. 34:57इंटरेस्ट खो देता है। क्योंकि उसे एक्शन
  747. 34:59चाहिए। लेकिन प्रोफेशनल ट्रेडर वो इसी
  748. 35:01साइलेंस को ऑब्जर्व करता है क्योंकि उसे
  749. 35:04पता है सबसे बड़े मूव्स नॉइज़ से नहीं
  750. 35:07साइलेंस से शुरू होते हैं। अब एक बहुत
  751. 35:10इंपॉर्टेंट चीज समझिए। स्ट्रांग कैंडल
  752. 35:12हमेशा स्ट्रांग मार्केट नहीं होती और वीक
  753. 35:15कैंडल [संगीत] हमेशा वीकनेस नहीं होती।
  754. 35:18लेकिन रिटेल ट्रेडर यही गलती करता है। वह
  755. 35:20सिर्फ कैंडल देखकर डिसीजन लेता है। ग्रीन
  756. 35:24कैंडल देखी एक्साइटेड, रेड कैंडल देखी
  757. 35:27पैनिकिक और यही इमोशनल रिएक्शन उसे
  758. 35:30बार-बार गलत साइड पर खड़ा कर देती है। अब
  759. 35:33मैं आपको एक छोटा सा सीन इमेजिन करवाता
  760. 35:35हूं। [संगीत] एक स्टॉक कई दिनों से गिर
  761. 35:37रहा है। हर दिन नई रेड कैंडल लोग बोल रहे
  762. 35:41हैं यह स्टॉक खत्म। Twitter पर
  763. 35:43नेगेटिविटी, न्यूज़ खराब और तभी अचानक एक
  764. 35:48और बड़ी रेड कैंडल। [संगीत] अब रिटेल
  765. 35:50ट्रेडर क्या करेगा? पैनिकिक सेल क्योंकि
  766. 35:52उसे लगता है अब तो और क्रैश आएगा लेकिन
  767. 35:55उसी कैंडल में स्मार्ट मनी बाय कर रहा
  768. 35:58होता है। क्यों? क्योंकि उन्हें पता है अब
  769. 36:02फियर एक्सट्रीम पर है और जहां फियर
  770. 36:05एक्सट्रीम पर पहुंचता है वहीं अक्सर
  771. 36:07सेलिंग खत्म होने लगती है। मतलब जिस कैंडल
  772. 36:10को रिटेल ट्रेडर डिजास्टर समझ रहा है
  773. 36:13स्मार्ट मनी उसे अपॉर्चुनिटी की तरह देख
  774. 36:15रहा है। अब यहां हाई और लो का कनेक्शन फिर
  775. 36:18समझिए। हाई पर क्राउड ग्रेडी होता है। लो
  776. 36:22पर क्राउड [संगीत] फियरफुल। लेकिन स्मार्ट
  777. 36:23मनी वो क्राउड की इमोशन का ऑोजिट सोचता
  778. 36:26है। जब क्राउड लालची हो वो सावधान हो जाते
  779. 36:29हैं। [संगीत] जब क्राउड डर जाए वो अलर्ट
  780. 36:32हो जाते हैं। और यही रीजन है कि बड़े
  781. 36:34प्लेयर्स हमेशा क्राउड से पहले सोचते हैं।
  782. 36:36अब शायद आप समझ रहे होंगे क्यों ट्रेडिंग
  783. 36:39सिर्फ स्ट्रेटजी [संगीत] का खेल नहीं है।
  784. 36:41अगर सिर्फ स्ट्रेटजी होती तो हर इंसान
  785. 36:43YouTube देखकर करोड़पति बन जाता। लेकिन
  786. 36:46रियलिटी, सेम स्ट्रेटजी, डिफरेंट
  787. 36:48रिजल्ट्स। क्यों? क्योंकि फर्क स्ट्रेटजी
  788. 36:51में नहीं माइंडसेट में होता है। एक ट्रेडर
  789. 36:54लॉस देखकर टूट जाता है। दूसरा ट्रेडर लॉस
  790. 36:56देखकर सीखता है। एक ट्रेडर जल्दी अमीर
  791. 36:59बनना चाहता है। दूसरा ट्रेडर लॉन्ग टर्म
  792. 37:01सर्वाइव करना चाहता है और मार्केट
  793. 37:03सर्वाइवर्स को रिवॉर्ड [संगीत] करता है।
  794. 37:06अब सुनिए यहीं पर पेशेंस की असली पावर
  795. 37:09शुरू होती है। क्योंकि मार्केट हमेशा
  796. 37:11जल्दी करने वालों को पनिश करता है। आप
  797. 37:13जल्दी एंट्री लोगे, ट्रैप, जल्दी एग्जिट
  798. 37:16करोगे, मिस्ड मूव, जल्दी रिवेंज लोगे, बिग
  799. 37:20लॉस। और धीरे-धीरे आप समझने लगते हो कि
  800. 37:23ट्रेडिंग स्पीड का नहीं हर एक कंट्रोल का
  801. 37:25खेल है। लेकिन यह समझ जल्दी नहीं आती।
  802. 37:28इसमें टाइम लगता है, पेन लगता है, लॉस
  803. 37:31लगता है और [संगीत] शायद यही कारण है कि
  804. 37:34ज्यादातर लोग बीच में हार मान लेते हैं
  805. 37:37क्योंकि उन्हें लगता है ट्रेडिंग मेरे बस
  806. 37:40की बात नहीं लेकिन सच यह नहीं है। सच यह
  807. 37:43है उन्होंने अभी तक खुद को समझा ही नहीं।
  808. 37:46क्योंकि मार्केट आपको आपका असली चेहरा
  809. 37:49दिखाता है। अगर आप अंदर से इंपेशेंट हो तो
  810. 37:53ट्रेडिंग उसे और बड़ा कर देगी। अगर आप
  811. 37:56ग्रीडी हो तो ट्रेडिंग उसे एक्सपोज कर
  812. 37:58देगी। अगर आप फियरफुल हो तो ट्रेडिंग आपको
  813. 38:01बार-बार डराएगी। मतलब चार्ट सिर्फ प्राइस
  814. 38:05नहीं दिखाता। वह आपका कैरेक्टर भी दिखाता
  815. 38:08है और यही कारण है कि कुछ लोग सालों बाद
  816. 38:11भी प्रॉफिट नहीं बना पाते क्योंकि वह
  817. 38:13चार्ट बदलते रहते हैं लेकिन खुद को नहीं।
  818. 38:16अब जरा इमेजिन कीजिए। एक ट्रेडर है। वह हर
  819. 38:20दिन सिर्फ ट्रेड [संगीत] ढूंढता है। कोई
  820. 38:22सेटअप नहीं, कोई पेशेंस नहीं। बस कुछ करना
  821. 38:25है और दूसरी तरफ एक ट्रेडर सिर्फ ऑब्जर्व
  822. 38:29कर रहा है, वेट कर रहा है क्योंकि उसे पता
  823. 38:32है हर दिन पैसा बनाने के लिए नहीं होता।
  824. 38:35कुछ दिन सिर्फ सीखने के लिए होते हैं और
  825. 38:37यही डिसिप्लिन [संगीत]
  826. 38:38लॉन्ग टर्म में मैसिव डिफरेंस बनाता है।
  827. 38:41अब अगले पार्ट में मैं आपको बताऊंगा कैसे
  828. 38:45मार्केट होप का इस्तेमाल करके ट्रेडर्स को
  829. 38:47लंबे समय तक फंसाए [संगीत] रखता है। क्यों
  830. 38:50लोग लॉस वाले ट्रेड को छोड़ नहीं पाते?
  831. 38:52कैसे ईगो धीरे-धीरे अकाउंट डिस्ट्रॉय करता
  832. 38:55है और क्यों सबसे डेंजरस ट्रेडर वह होता
  833. 38:57है जो अपनी गलती मानने से डरता है।
  834. 39:00क्योंकि याद रखिए मार्केट आपको तभी तक
  835. 39:03हराता रहेगा जब तक आप सच देखने से बचते
  836. 39:06[संगीत] रहेंगे। एक आखिरी सवाल अगर
  837. 39:08मार्केट इतना दर्द देता है तो फिर लोग इसे
  838. 39:11छोड़ क्यों नहीं देते? [संगीत] क्यों
  839. 39:13लाखों लोग बार-बार लॉस खाने के बाद भी हर
  840. 39:16सुबह चार्ट खोलते हैं? क्यों कोई इंसान
  841. 39:18बार-बार टूटने [संगीत] के बाद भी फिर से
  842. 39:20कोशिश करता है? क्योंकि कहीं ना कहीं हर
  843. 39:23ट्रेडर को लगता है एक दिन मैं समझ जाऊंगा
  844. 39:26और सच बताऊं यही उम्मीद इस गेम की सबसे
  845. 39:29खूबसूरत और सबसे खतरनाक चीज है। क्योंकि
  846. 39:32होप इंसान को दो चीजें देती है। या तो
  847. 39:35स्ट्रेंथ या डिस्ट्रक्शन और ट्रेडिंग में
  848. 39:38यही होप सबसे ज्यादा लोगों को फंसाती है।
  849. 39:41विशेषकर तब जब ट्रेड लॉस में चला जाए।
  850. 39:44मुझे आज भी वह रात याद है। मैं स्क्रीन के
  851. 39:47सामने बैठा था। पूरा अकाउंट लाल था लेकिन
  852. 39:49मैं एग्जिट नहीं कर पा रहा था। क्यों?
  853. 39:52क्योंकि अंदर एक आवाज बार-बार बोल रही थी।
  854. 39:55थोड़ा वेट कर मार्केट वापस आएगा [संगीत]
  855. 39:58और यही सबसे बड़ा ट्रैप था। होप
  856. 40:00[नाक से की जाने वाली आवाज़]
  857. 40:01मैं लॉस नहीं देख रहा था। मैं सिर्फ अपने
  858. 40:03ईगो को बचाने की कोशिश कर रहा था क्योंकि
  859. 40:06एग्जिट करने का मतलब था यह मान लेना कि
  860. 40:08मैं गलत था और इंसान को सबसे ज्यादा दर्द
  861. 40:11लॉस से नहीं होता।
  862. 40:13[संगीत]
  863. 40:13गलत साबित होने से होता है। यही वजह है कि
  864. 40:16लोग छोटे प्रॉफिट जल्दी बुक कर लेते हैं।
  865. 40:19लेकिन बड़े लॉस को होल्ड करते रहते हैं।
  866. 40:21क्यों? क्योंकि प्रॉफिट खुशी देता है।
  867. 40:24लेकिन लॉस ईगो पर चोट करता है। और ईगो
  868. 40:28ट्रेडिंग का साइलेंट किलर है। यह
  869. 40:30धीरे-धीरे अकाउंट खत्म करता है बिना आवाज
  870. 40:33किए। पहले इंसान स्टॉप लॉस इग्नोर करता
  871. 40:36है। फिर एवरेजिंग। फिर रिवेंज ट्रेडिंग और
  872. 40:39फिर एक दिन पूरा अकाउंट खत्म। लेकिन बिलीव
  873. 40:44कीजिए अकाउंट खत्म होने से ज्यादा दर्दनाक
  874. 40:47चीज क्या होती है? खुद पर भरोसा टूट जाना।
  875. 40:50जब इंसान स्क्रीन के सामने बैठकर सोचता है
  876. 40:53शायद ट्रेडिंग मेरे बस की बात नहीं और
  877. 40:56शायद आपने भी कभी ना कभी यह महसूस किया
  878. 40:58होगा। लेकिन यहीं पर गेम बदलता है क्योंकि
  879. 41:01मार्केट आपको प्रॉफिट कमाने से पहले आपको
  880. 41:04खुद से मिलवाता है। वह आपका पेशेंस टेस्ट
  881. 41:07करता है। डिसिप्लिन टेस्ट करता है। इमोशन
  882. 41:10टेस्ट करता है और हर लॉस के पीछे एक लेसन
  883. 41:14छिपा होता है। लेकिन ज्यादातर लोग लेसन
  884. 41:16नहीं देखते। वो सिर्फ पेन देखते हैं और
  885. 41:19पेन से भागते रहते हैं। मैं भी भागा था।
  886. 41:22स्ट्रेटजी बदलता रहा। इंडिकेटर बदलता रहा,
  887. 41:25टाइम फ्रेम बदलता रहा। लेकिन रिजल्ट वही
  888. 41:28क्योंकि प्रॉब्लम चार्ट में नहीं थी।
  889. 41:31प्रॉब्लम मेरी सोच में थी। मैं मार्केट को
  890. 41:33कंट्रोल करना चाहता था। लेकिन मार्केट कभी
  891. 41:36किसी के कंट्रोल में नहीं आता। जिस दिन
  892. 41:39मैंने यह एक्सेप्ट किया। उसी दिन मेरी
  893. 41:41ट्रेडिंग बदलनी शुरू हुई। मैंने
  894. 41:43प्रेडिक्शन छोड़ दिया। मैंने 100% शोर
  895. 41:46होना छोड़ दिया। मैंने यह मान [संगीत]
  896. 41:48लिया कि मैं गलत हो सकता हूं। और बिलीव
  897. 41:51कीजिए यही एक्सेप्टेंस फ्रीडम देती है।
  898. 41:54क्योंकि तब आप हर ट्रेड से इमोशनली अटैच
  899. 41:57नहीं रहते। तब लॉस पर्सनल अटैक नहीं लगता।
  900. 42:00तब ट्रेडिंग स्ट्रेस नहीं लगती। फिर
  901. 42:02धीरे-धीरे आप मार्केट को अलग नजर से देखने
  902. 42:05लगते हो। अब आप कैंडल नहीं देखते। आप
  903. 42:07बिहेवियर [संगीत] देखते हो। अब आप नॉइज़
  904. 42:10नहीं सुनते। आप इंटेंशन समझते हो। अब आप
  905. 42:13जल्दी एक्साइटेड नहीं होते। जल्दी पैनिकिक
  906. 42:16नहीं करते। और वहीं से कंसिस्टेंसी शुरू
  907. 42:18होती है। अब जरा पीछे मुड़कर देखिए
  908. 42:21[संगीत] इस पूरी जर्नी में मार्केट
  909. 42:23बार-बार क्या कर रहा था। हाई पर ग्रीड, लो
  910. 42:26पर फियर, फेक ब्रेकउ, लिक्विडिटी हंट,
  911. 42:30स्टॉप लॉस ट्रैप, फॉल्स होप। पूरा गेम
  912. 42:33इमोशन के ऊपर बना हुआ है। और जिसने इमोशन
  913. 42:35को समझ लिया, उसने आधा मार्केट समझ लिया।
  914. 42:39लेकिन यहां सबसे पावरफुल बात यह है।
  915. 42:41मार्केट को जीतने का मतलब हर ट्रेड जीतना
  916. 42:44नहीं होता। मार्केट को जीतने का मतलब है
  917. 42:47खुद को हारने से रोकना। क्योंकि एक
  918. 42:49डिसिप्लिंड [संगीत] ट्रेडर धीरे-धीरे
  919. 42:51हमेशा सर्वाइव कर जाता है। लेकिन इमोशनल
  920. 42:55ट्रेडर चाहे कितना भी टैलेंटेड क्यों ना
  921. 42:57हो आखिर में टूट जाता है। अब मैं आपको एक
  922. 43:00ऐसी बात बताने वाला हूं जो शायद आपके अंदर
  923. 43:02हमेशा के लिए रह जाए। ट्रेडिंग में सक्सेस
  924. 43:04उस दिन शुरू नहीं होती जब आपका प्रॉफिट
  925. 43:07बढ़ता है। सक्सेस उस दिन शुरू होती है जब
  926. 43:10आपका पैनिकिक कम होने लगता है जब [संगीत]
  927. 43:12आप बिना इमोशन के लॉस एक्सेप्ट कर लेते
  928. 43:15हो। जब आप बिना फोमो के वेट कर लेते हो।
  929. 43:18जब आप बिना रिवेंज के स्क्रीन बंद कर देते
  930. 43:20हो। और यही छोटी-छोटी चीजें एक दिन आपको
  931. 43:23क्राउड से अलग बना देती हैं। क्योंकि
  932. 43:25क्राउड हमेशा जल्दी में होता है। जल्दी
  933. 43:28पैसा, जल्दी प्रॉफिट, जल्दी रिकवरी। लेकिन
  934. 43:32मार्केट धीरे चलने वालों को रिवॉर्ड करता
  935. 43:34है। अब शायद आप समझ गए होंगे प्रॉफिट का
  936. 43:37असली खेल इंडिकेटर में नहीं छिपा। प्रॉफिट
  937. 43:40का खेल हाई और लो में छिपा है। ग्रीड और
  938. 43:43फियर में छिपा है। पेशेंस और इमोशन के बीच
  939. 43:46छिपा है। और सबसे ज्यादा आपके डिसीजन में
  940. 43:49छिपा है। क्योंकि वही चार्ट एक इंसान का
  941. 43:52अकाउंट खत्म करता है। और वही चार्ट दूसरे
  942. 43:55इंसान को फाइनेंशियल फ्रीडम देता है।
  943. 43:57डिफरेंस सिर्फ इतना है। एक इमोशनली रिएक्ट
  944. 43:59[संगीत]
  945. 44:00करता है। दूसरा कालम होकर ऑब्जर्व करता
  946. 44:03है। और यही ऑब्जरवेशन धीरे-धीरे क्लेरिटी
  947. 44:06बनती है। क्लेरिटी से डिसिप्लिन,
  948. 44:08डिसिप्लिन से कंसिस्टेंसी और कंसिस्टेंसी
  949. 44:11से रियल वेल्थ। तो अगर आज की इस वीडियो से
  950. 44:14आपने सिर्फ एक चीज सीखी हो तो वो यह होनी
  951. 44:17चाहिए मार्केट को हराने की कोशिश मत करो।
  952. 44:20पहले खुद को समझो क्योंकि जिस दिन आपने
  953. 44:23खुद को जीत लिया उस दिन से मार्केट आपको
  954. 44:25डराना बंद कर देगा। और शायद उसी दिन से
  955. 44:29आपकी असली ट्रेडिंग जर्नी शुरू होगी। अगर
  956. 44:31इस वीडियो ने आपकी सोच बदल दी। अगर कहीं
  957. 44:34ना कहीं आपने खुद को इस कहानी में महसूस
  958. 44:36किया तो इस वीडियो को लाइक जरूर करिए
  959. 44:39क्योंकि आपका एक लाइक सिर्फ एल्गोरििदम को
  960. 44:41नहीं मुझे यह बताता है कि आप सिर्फ पैसा
  961. 44:44कमाने नहीं आए। आप सच में सीखना चाहते
  962. 44:47हैं। कमेंट में जरूर लिखिए। मैं इमोशन
  963. 44:51नहीं मार्केट को ऑब्जर्व करूंगा। और अगर
  964. 44:54आप चाहते हैं कि मैं ऐसी ही डीप ट्रेडिंग,
  965. 44:56साइकोलॉजी और रियल मार्केट ट्रुथ वाली
  966. 44:59वीडियोस लाता रहूं तो चैनल सब्सक्राइब कर
  967. 45:02लीजिए। क्योंकि यहां सिर्फ स्ट्रेटजी नहीं
  968. 45:04सोच बदलने वाली बातें होती हैं। मैं
  969. 45:07मिलूंगा आपसे अगली वीडियो में। तब तक
  970. 45:11चार्ट को मत देखिए। मार्केट को महसूस
  971. 45:13करिए।

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