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THE DEVIL OF HWASEONG I SERIAL KILLER | HINDI TRUECRIME DOCUMANTERY — Transcript

by HINDI CRIME EXPOSE® · 5,848 words · 689 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:0215 सितंबर 1986
  2. 0:05हुआंग दक्षिण कोरिया के कंगी प्रांत का एक
  3. 0:08छोटा सा जिला [चीखने की आवाज़]
  4. 0:11चारों तरफ खेत धान के मैदान और उनके बीच
  5. 0:14से गुजरती कच्ची पगडंडियां थी। बस स्टॉप
  6. 0:17से घर तक जाने वाला वही रास्ता था जिस पर
  7. 0:20हर शाम औरतें अकेले घर जाया करती थी। वहां
  8. 0:23कोई स्ट्रीट लाइट नहीं थी। लेकिन फिर भी
  9. 0:26किसी को डर नहीं लगता था। यह वो जगह थी
  10. 0:29जहां हर कोई एक दूसरे को जानता था। उसी
  11. 0:32दिन 71 साल की लीवोनीम अपनी बेटी से मिलकर
  12. 0:36घर वापस लौट रही थी। लेकिन रास्ते में वो
  13. 0:38अचानक गायब हो गई। 4 दिन बाद उनकी लाश एक
  14. 0:42खेत में मिली। उनके कपड़े बिखरे हुए थे और
  15. 0:45लाश सड़क से ज्यादा दूर भी नहीं थी। पहली
  16. 0:48नजर में पुलिस को लगा कि शायद किसी गाड़ी
  17. 0:51ने उन्हें टक्कर मार दी थी। उनकी उम्र
  18. 0:53देखकर किसी ने यह सोचा भी नहीं कि यह
  19. 0:56बलात्कार का मामला हो सकता था। लेकिन
  20. 0:58पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सब कुछ बदल दिया।
  21. 1:01उनके शरीर पर हमले के निशान थे और उनकी
  22. 1:04मौत किसी सड़क हादसे में नहीं हुई थी।
  23. 1:08किसी ने उन्हीं के कपड़ों से उनका गला घोट
  24. 1:10कर उन्हें मार दिया था। फिर भी पुलिस ने
  25. 1:13इस केस को उतनी गंभीरता से नहीं लिया।
  26. 1:15सिर्फ तीन जासूसों को इसकी जांच के लिए
  27. 1:18लगाया गया। उस समय दक्षिण कोरिया एशियन
  28. 1:21गेम्स की तैयारियों [संगीत] में लगा हुआ
  29. 1:23था। इसलिए ज्यादातर पुलिस वालों को सोल
  30. 1:25भेज दिया गया था। उस वक्त ना कोई डीएनए
  31. 1:28डेटाबेस था और ना ही कोई सेंट्रल फॉरेंसिक
  32. 1:31सिस्टम। कोई गवाह नहीं मिला। किसी ने कोई
  33. 1:34चीख भी नहीं सुनी। आखिर में पुलिस ने मान
  34. 1:36लिया कि यह बस एक आम हत्या थी। जिसे शायद
  35. 1:40किसी बाहरी आदमी ने अंजाम दिया था।
  36. 1:441986 से 1991 के बीच वासों के इसी इलाके
  37. 1:48में 10 और औरतों की हत्या हुई और यह तो
  38. 1:51सिर्फ शुरुआत थी। आगे चलकर यह गिनती रुकने
  39. 1:54का नाम ही नहीं ले रहा था। कुछ ही समय बाद
  40. 1:57पूरे इलाके में एक अफवाह फैल गई। लोग कहने
  41. 2:01लगे कि हर बार जिस औरत की हत्या हुई थी,
  42. 2:03उसने लाल कपड़े पहने थे और हर बारिश भी हो
  43. 2:07रही थी। पूरे तीन दशक तक यह मामला दक्षिण
  44. 2:10कोरिया का सबसे बदनाम अनसुलझा केस बना
  45. 2:13रहा। इस पर फिल्में बनी। गांवों में लोग
  46. 2:16सालों तक इस घटना को याद करते रहे। यह
  47. 2:19कहानी है ख्वासों के उस सीरियल किलर की
  48. 2:22जिसे पकड़ने में पूरे 33 साल लग गए।
  49. 2:28[संगीत]
  50. 2:30नमस्कार, मैं हूं साइलो और आप देख रहे हैं
  51. 2:32हिंदी क्राइम एक्सपोज।
  52. 2:364 हफ्ते बाद 20 अक्टूबर 1986 की रात करीब
  53. 2:4010:00 बजे 25 साल की पार्क् हसुक बस से
  54. 2:43उतरी। वो सोंग तान से लौट रही थी जहां वो
  55. 2:46शादी के सिलसिले में एक आदमी से मिलने गई
  56. 2:49थी। तीन दिन बाद उसकी लाश एक नहर के पास
  57. 2:52मिली। पहली औरत की तरह उसके साथ भी
  58. 2:54जबरदस्ती हुई थी और उसे उसी के कपड़ों से
  59. 2:57गला घोटकर मार दिया गया था। उसकी स्टॉकिंग
  60. 3:00गले में कसकर बंधी थी। अंडरवियर मुंह में
  61. 3:03ठूंसा गया था और उसके हाथ पीछे बांधे गए
  62. 3:06थे। लेकिन इस बार जांचकर्ताओं को कुछ नया
  63. 3:09मिला स्पर्म के निशान। उस दौर में डीएनए
  64. 3:13टेस्टिंग तो नहीं थी लेकिन इससे इतना पता
  65. 3:15चल सकता था कि हमलावर का ब्लड ग्रुप भी
  66. 3:18था। यह एक छोटी सी बात थी। लेकिन आगे चलकर
  67. 3:22यही जांच की पूरी दिशा तय करने वाली थी।
  68. 3:25यह अब पुलिस के बीच एक अहम सुराग की तरह
  69. 3:28इस्तेमाल होने लगा। फिर नवंबर में कुछ और
  70. 3:30हुआ जिसने पूरी तस्वीर बदल दी। 30 के
  71. 3:34आसपास की एक औरत रात को अकेली उसी इलाके
  72. 3:37में चल रही थी। तभी पीछे से किसी ने उसे
  73. 3:39पकड़ लिया। वो उसे रास्ते से खींच कर ले
  74. 3:42गया। उसकी स्टॉकिंग से उसके हाथ बांध दिए
  75. 3:44और हमला करने लगा। लेकिन इस बार उसने पैसे
  76. 3:47मांगे। औरत ने फौरन दिमाग लगाया और कहा कि
  77. 3:51उसका पैसा उसके बैग में है जो वहीं गिर
  78. 3:53गया था। हमलावर अंधेरे में बैग ढूंढने चला
  79. 3:56गया। यही उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई।
  80. 3:59औरत उठी और जितनी तेज भाग सकती थी भागी
  81. 4:03चीखती हुई जब तक कि आसपास के लोग उसकी मदद
  82. 4:06के लिए नहीं दौड़े। हमलावर अंधेरे में
  83. 4:08गायब हो गया। लेकिन इस बार पुलिस के पास
  84. 4:11पहली बार एक जिंदा गवाह थी। उस औरत और
  85. 4:14वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को उसका हुलिया
  86. 4:16बताया। उसकी उम्र करीब 25 साल थी। कद लगभग
  87. 4:195 फीट 5 इंच। बाल छोटे कटे हुए। उसकी
  88. 4:23आंखें कुछ अलग सी थी। बेहद डरावनी।
  89. 4:2712 दिसंबर की रात फैक्ट्री में काम करने
  90. 4:30वाली 25 साल की कोन जंगबोन घर लौटते वक्त
  91. 4:33गायब हो गई। हालांकि उसकी लाश महीनों बाद
  92. 4:36मिली। दो दिन बाद 14 दिसंबर को 23 साल की
  93. 4:41लीक आई सुख बस से उतरी। वो भी शादी के
  94. 4:43सिलसिले में किसी से मिलकर लौट रही थी। 5
  95. 4:46दिन बाद उसकी लाश धान के खेतों के बीच
  96. 4:49मिली। सिर्फ 3 महीनों में चार औरतों की
  97. 4:51हत्या हो चुकी थी और यह सभी हत्याएं 2
  98. 4:54किलोमीटर के एक छोटे से इलाके में हुई थी।
  99. 4:57हर बार हत्यारे का तरीका लगभग एक जैसा था।
  100. 5:00वो बस स्टॉप से घर तक जाने वाले सुनसान
  101. 5:03रास्तों पर इंतजार करता। अंधेरे का फायदा
  102. 5:06उठाता और फिर उसी औरत के कपड़ों से उसका
  103. 5:09गला घोट देता। [संगीत]
  104. 5:11लेकिन उस समय दक्षिण कोरिया में किसी ने
  105. 5:13सीरियल किलर के बारे में सोचा भी नहीं था।
  106. 5:16पुलिस के पास ना कोई प्रोफाइलिंग सिस्टम
  107. 5:18था और ना ही ऐसा कोई पुराना मामला जिससे
  108. 5:21वह कुछ सीख पाती। वो बस घर-घर जाकर
  109. 5:24[गला साफ़ करने की आवाज़] पूछताछ करती,
  110. 5:25गवाहों से बात करती और जूतों के निशान
  111. 5:28इकट्ठा करती। लेकिन खेतों में चलने वाले
  112. 5:31ट्रैक्टर और लोगों के आने जाने की वजह से
  113. 5:34ज्यादातर निशान मिट जाते थे।
  114. 5:3710 जनवरी 1987 को हत्यारे ने फिर हमला
  115. 5:41किया। इस बार उसकी शिकार एक 18 साल की
  116. 5:44स्टूडेंट होंग जिनियंग बनी जो घर लौटते
  117. 5:47वक्त रास्ते में दबोच ली गई। अगले दिन
  118. 5:50उसकी लाश ख्वांगेरी के धान के खेतों के
  119. 5:52किनारे भूसे के एक ढेर में मिली। पहले
  120. 5:55जैसा ही तरीका उसी के कपड़ों से बांधकर
  121. 5:58गला घोटा गया था। कुछ महीनों बाद अप्रैल
  122. 6:01में कोनज जंग बोन की सड़ चुकी लाश मिली जो
  123. 6:05कई महीनों पहले गायब हुई थी। फिर मई में
  124. 6:08एक और औरत की हत्या हुई। उसका नाम पार्क
  125. 6:11यजू था। वो अपने पति को लेने छाता लेकर घर
  126. 6:15से निकली थी। लेकिन फिर कभी वापस नहीं
  127. 6:18लौटी। एक हफ्ते बाद उसकी लाश एक पहाड़ी पर
  128. 6:21मिली। उसे वहां खेल रहे कुछ बच्चों ने
  129. 6:24देखा था। छह मौतों के बाद अब पुलिस का
  130. 6:27पूरा ढांचा बदल गया।
  131. 6:29तीन जासूसों की टीम अब सैकड़ों में तब्दील
  132. 6:32हो चुकी थी। हजारों मर्दों की जांच हुई।
  133. 6:35खून, बाल, उंगलियों के निशान लिए गए। सब
  134. 6:38कुछ हाथ से दर्ज किया गया। टाइप बी ब्लड
  135. 6:41अब जांच का केंद्र बन चुका था। कोई भी
  136. 6:44आदमी जिसका ब्लड ग्रुप इससे अलग होता उसे
  137. 6:46फौरन शक की लिस्ट से बाहर कर दिया जाता।
  138. 6:49एक बाल के नमूने में टाइटेनियम के
  139. 6:52छोटे-छोटे टुकड़े मिले। इससे पुलिस को शक
  140. 6:54हुआ कि हत्यारा शायद वेल्डिंग का काम करता
  141. 6:57हो। इसके बाद हर वेल्डर भी शक के घेरे में
  142. 7:00आ गया। मीडिया ने इस केस को देश के इतिहास
  143. 7:03का सबसे बड़ा रहस्य कहना शुरू कर दिया। अब
  144. 7:06हालात ऐसे हो गए थे कि पूरा टाइन अप कस्बा
  145. 7:09हर दिन डर के साए में जी रहा था। शाम होते
  146. 7:12ही लोग घर लौट आते थे। औरतें रात में
  147. 7:15अकेले बाहर निकलना बंद कर चुकी थी।
  148. 7:18फैक्ट्री में काम करने वाली लड़कियां अपनी
  149. 7:20शिफ्ट खत्म होने के बाद साथ-साथ घर जाती
  150. 7:23थी। पिता अपनी बेटियों को खुद बस स्टॉप तक
  151. 7:26छोड़ने जाने लगे। कई मर्द लाठी और टॉर्च
  152. 7:30लेकर रात में पहरा देने लगे थे।
  153. 7:33उधर एक अफवाह भी तेजी से फैलने लगी। लोग
  154. 7:36कहने लगे कि हत्यारा सिर्फ लाल कपड़े
  155. 7:39पहनने वाली औरतों को निशाना बनाता है।
  156. 7:41धीरे-धीरे लोगों ने इसे सच मान लिया।
  157. 7:44औरतों ने लाल कपड़े पहनना छोड़ दिया। कई
  158. 7:47औरतों ने तो चमकीले रंग के कपड़े पहनना भी
  159. 7:49बंद कर दिया। यहां तक कि मर्द भी रात में
  160. 7:51बाहर निकलने से डरने लगे। उन्हें डर था कि
  161. 7:54कहीं पुलिस उन्हें ही पकड़ कर पूछताछ ना
  162. 7:56करने लगे। पुलिस ने हर 100 मीटर पर अफसर
  163. 7:59तैनात कर दिए। कुछ पुलिस वाली औरतों को
  164. 8:02जानबूझकर लाल कपड़े पहनाकर सड़कों पर भेजा
  165. 8:05गया। पुलिस को लगा कि शायद हत्यारा उन्हें
  166. 8:08देखकर बाहर आ जाए। लेकिन ऐसा कुछ नहीं
  167. 8:11हुआ। जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस
  168. 8:14तांत्रिकों और भविष्य बताने वाले लोगों के
  169. 8:16पास भी पहुंच गई। किसी ने कहा कि हत्यारे
  170. 8:19की एक उंगली नहीं है। किसी और ने एक
  171. 8:22बेगुनाह आदमी पर शक जताया। फिर अचानक
  172. 8:25हत्याएं रुक गई। छठी हत्या के बाद करीब
  173. 8:28डेढ़ साल तक कोई नई वारदात नहीं हुई।
  174. 8:31लेकिन इससे लोगों को राहत नहीं मिली।
  175. 8:33उल्टा सबके मन में एक अजीब सा डर बना रहा
  176. 8:36क्योंकि हत्यारा अभी भी पकड़ा नहीं गया
  177. 8:38था।
  178. 8:427 सितंबर 1988 रात करीब 9:30 बजे। 54 साल
  179. 8:48की आनगीसून बस से उतर कर घर की तरफ जा रही
  180. 8:51थी। अगली सुबह उनकी लाश एक नहर के किनारे
  181. 8:54मिली। इस बार भी हत्यारे ने वही तरीका
  182. 8:57अपनाया। उनके साथ बलात्कार किया गया था।
  183. 8:59फिर उन्हीं के कपड़ों से उन्हें बांधकर
  184. 9:02उनका गला घोट कर मार दिया गया था। लेकिन
  185. 9:04सबसे हैरान करने वाली बात पोस्टमार्टम के
  186. 9:07दौरान सामने आई। जांच में पता चला कि उनके
  187. 9:10के अंदर पीच फल के टुकड़े पाए गए थे।
  188. 9:13पुलिस का मानना था कि आनगीसून शायद घर
  189. 9:16लौटते समय अपने पति के लिए पीच खरीद कर ला
  190. 9:19रही थी। इसी दौरान पुलिस को दो जरूरी गवाह
  191. 9:22मिले। पहला एक बस ड्राइवर था। उसने बताया
  192. 9:25कि उसी रात उसने एक आदमी को बस में बैठाया
  193. 9:28था। वो बहुत घबराया हुआ था और उसके कपड़ों
  194. 9:30पर मिट्टी लगी हुई थी। उसने उसका वही
  195. 9:33हुलिया बताया। उम्र करीब 25 साल छोटे बाल
  196. 9:37और वही अलग सी डरावनी तेज आंखें।
  197. 9:40दूसरी गवाह एक औरत थी। एक रात वह घर के
  198. 9:44बाहर बने टॉयलेट में गई थी। तभी अचानक
  199. 9:46दरवाजा खुला और सामने एक आदमी खड़ा था।
  200. 9:49उसे देखते ही वह जोर से चीख पड़ी। चीख
  201. 9:52सुनते ही वह आदमी वहां से भाग गया। बाद
  202. 9:54में जब पुलिस ने उसे हत्यारे का स्केच
  203. 9:56दिखाया तो उसने उसे फौरन पहचान लिया। उसने
  204. 9:59पुलिस को एक और बात बताई। उस आदमी के हाथ
  205. 10:02बहुत मुलायम थे। उस इलाके में ज्यादातर
  206. 10:05मर्द खेतों में काम करते थे। इसलिए उसके
  207. 10:08हाथों का इतना मुलायम होना पुलिस को भी
  208. 10:10अलग लगा। लेकिन 10 दिन बाद इस केस ने एक
  209. 10:14नया और भयानक मोड़ ले लिया। इस बार हमला
  210. 10:17किसी सुनसान रास्ते पर नहीं बल्कि एक घर
  211. 10:20के अंदर हुआ और इस बार शिकार सिर्फ 13 साल
  212. 10:23की एक लड़की थी। [संगीत] पार्क सांग ही उस
  213. 10:25रात घर में अकेली सो रही थी। तभी कोई उसके
  214. 10:28कमरे का दरवाजा खोलकर अंदर आ गया। उस समय
  215. 10:32कोरिया के पारंपरिक घरों में दरवाजों पर
  216. 10:34कागज लगे होते थे। उन्हें सिर्फ एक छोटे
  217. 10:37से हुक से बंद किया जाता था। कोई मजबूत
  218. 10:40ताला नहीं होता था। हत्यारे ने दरवाजे का
  219. 10:42कागज फाड़ा, हुक हटाया और कमरे के अंदर
  220. 10:45घुस गया। इसके बाद उस लड़की के साथ भी ठीक
  221. 10:48वही किया गया जो हत्यारा अब तक अपनी बाकी
  222. 10:51शिकारों के साथ करता आया था। एक बच्ची
  223. 10:54[संगीत] की उसके ही घर के अंदर हुई इस
  224. 10:56हत्या ने पूरे देश को हिला दिया। अब तक
  225. 10:59लोगों को लगता था कि खतरा सिर्फ उन औरतों
  226. 11:02को है जो रात में अकेले बाहर निकलती हैं।
  227. 11:05लेकिन इस घटना ने वह भरोसा भी तोड़ दिया
  228. 11:07कि कम से कम अपना घर तो सुरक्षित होता है।
  229. 11:12अब मीडिया भी इस मामले को देश का सबसे
  230. 11:14बड़ा खतरा बताने लगा और पहली बार लोग
  231. 11:17खुलेआम सीरियल किलर शब्द इस्तेमाल करने
  232. 11:20लगे।
  233. 11:21[संगीत] पुलिस पर दबाव इतना बढ़ गया था कि
  234. 11:24अब उससे गलतियां होने लगी थी। जुलाई 1989
  235. 11:28में 22 साल के मैकेनिक यूनसंग को फिर से
  236. 11:31पूछताछ के लिए बुलाया गया। इससे पहले भी
  237. 11:34पुलिस उससे कई बार पूछताछ कर चुकी थी।
  238. 11:37वैसे भी उस इलाके के लगभग हर आदमी से
  239. 11:40पूछताछ की जा चुकी थी। लेकिन इस बार पुलिस
  240. 11:43किसी भी कीमत पर हत्यारे को पकड़ना चाहती
  241. 11:46थी। यूनन पुलिस की बनाई प्रोफाइल से काफी
  242. 11:48मिलता था। वो उसी इलाके का रहने वाला था।
  243. 11:51उसका ब्लड ग्रुप बी था। वो वेल्डिंग का
  244. 11:54काम करता था और वह अकेला रहता था। बचपन
  245. 11:57में पोलियो होने की वजह से वह थोड़ा
  246. 11:59लंगड़ा कर चलता था। इसी वजह से उसे सेना
  247. 12:01में शामिल भी नहीं किया गया था। जब वह
  248. 12:04छोटा था तभी उसकी मां की मौत हो गई थी।
  249. 12:07इसके कुछ समय बाद उसके पिता भी उसे छोड़कर
  250. 12:09चले गए थे। जब पुलिस ने उसकी निजी जिंदगी
  251. 12:12के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसने
  252. 12:14कभी किसी औरत से बात करने की हिम्मत नहीं
  253. 12:16की। उसे हमेशा लगता था कि कोई भी औरत ऐसे
  254. 12:19आदमी को पसंद नहीं करेगी जो ठीक से चल
  255. 12:21नहीं पाता हो। लेकिन पुलिस ने उसकी इस बात
  256. 12:24को अलग ही नजर से देखा। उन्हें लगा कि
  257. 12:26उसके मन में औरतों के लिए नफरत भरी हुई
  258. 12:28है। तीन दिन तक लगातार कड़ी पूछताछ के बाद
  259. 12:33यून ने आखिरी हत्या की जिम्मेदारी ले ली।
  260. 12:36यह हत्या 13 साल की पार्क सांग ही की थी।
  261. 12:38उसने पुलिस को बताया कि उस रात वो यूं ही
  262. 12:41बाहर घूमने निकला था। तभी उसकी नजर एक घर
  263. 12:44की जलती हुई लाइट पर पड़ी। वो घर के अंदर
  264. 12:46चला गया और उसका बलात्कार करने के बाद गला
  265. 12:49घोट कर उसे मार डाला। उसने यह भी कहा कि
  266. 12:52बाद में उसने अपने कपड़े जला दिए थे ताकि
  267. 12:54कोई सबूत ना बचे। पुलिस का दावा था कि
  268. 12:57घटना स्थल से मिला एक बाल भी उससे मेल
  269. 12:59खाता था। कुछ महीनों बाद अदालत ने उसे
  270. 13:02उम्र कैद की सजा सुना दी। लेकिन बाद में
  271. 13:05यूनन अपने बयान से मुकर गया। उसका कहना था
  272. 13:07कि पुलिस ने दबाव डालकर उससे यह सब कुूल
  273. 13:10करवाया था। इसके बावजूद 1990 में सुप्रीम
  274. 13:14कोर्ट ने भी उसकी सजा बरकरार रखी। पुलिस
  275. 13:17ने कभी यह नहीं कहा कि केस पूरी तरह सुलझ
  276. 13:20गया है। लेकिन उनका मानना था कि यूनन का
  277. 13:23इस मामले से किसी ना किसी तरह संबंध हो
  278. 13:26सकता है। उन्हें लगा कि या तो वह असली
  279. 13:28सीरियल किलर जैसा था या फिर उसी से
  280. 13:31इंस्पायर होकर उसने यह हत्या की थी।
  281. 13:34यूनन की गिरफ्तारी के बाद जब लंबे समय तक
  282. 13:37कोई नई हत्या नहीं हुई तो पुलिस को लगने
  283. 13:39लगा कि शायद उन्होंने सही आदमी को पकड़
  284. 13:41लिया है। धीरे-धीरे उन्हें यकीन हो गया कि
  285. 13:44यह केस अब खत्म हो चुका है। लेकिन 15
  286. 13:47नवंबर 1990 को सब कुछ बदल गया।
  287. 13:5114 साल की लड़की किममीजुंग की लाश एक
  288. 13:54पहाड़ी पर मिली। इस बार भी हत्या का तरीका
  289. 13:57बिल्कुल पहले जैसा था। स्पर्म के सैंपल भी
  290. 14:00मिले। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल
  291. 14:03था। अगर यह हत्या भी उसी तरीके से हुई थी
  292. 14:06तो या तो यूनन बेगुनाह था या फिर कोई
  293. 14:08दूसरा हत्यारा उसकी तरह वार कर रहा था।
  294. 14:11लेकिन पुलिस ने माना कि कोई दूसरा हत्यारा
  295. 14:13यूनन की नकल कर रहा है। इसी वजह से यून
  296. 14:16जेल में ही बंद रहा। फिर अप्रैल 1991 में
  297. 14:20एक और हत्या हुई। इस बार शिकार 60 साल से
  298. 14:23ज्यादा उम्र की खून सुनसांग थी। उनकी लाश
  299. 14:26जंगल के एक सुनसान रास्ते पर मिली। इस बार
  300. 14:29भी हत्यारे ने वही तरीका अपनाया जो वह
  301. 14:32पहले हर बार अपनाता आया था और फिर अचानक
  302. 14:36सब कुछ थम गया। इसके बाद फिर कभी उस तरह
  303. 14:39की कोई हत्या नहीं हुई।
  304. 14:42जब कोई सीरियल किलर अचानक रुक जाता है तो
  305. 14:45जांच एक नए दौर में पहुंचती है। पीछा करना
  306. 14:48बंद। अब सिर्फ इंतजार बचता है। किसी गलती
  307. 14:51का, किसी नए सबूत का, किसी कबूलनामे का।
  308. 14:54लेकिन कुछ नहीं आया।
  309. 14:572003 में बोंगज जून हो की फिल्म मेमोरीज
  310. 15:00ऑफ मर्डर आई जिसने इस केस को नई जनरेशन तक
  311. 15:03पहुंचाया और आज भी इसे 21वीं सदी की सबसे
  312. 15:07बेहतरीन क्राइम फिल्मों में गिना जाता है।
  313. 15:10उस दौर के कानून के मुताबिक हत्या के केस
  314. 15:13पर मुकदमा चलाने की समय सीमा 15 साल थी।
  315. 15:16आखिरी हत्या 3 अप्रैल 1991 को हुई थी। तो
  316. 15:202 अप्रैल 2006 को यह सीमा खत्म हो गई।
  317. 15:23यानी अब हथियारा मिल भी जाए तो कानूनन उस
  318. 15:26पर मुकदमा नहीं चल सकता। इसने पूरे देश
  319. 15:29में एक बहस छेड़ दी और आगे चलकर इस सीमा
  320. 15:32को बढ़ाकर 20 साल कर दिया गया। लेकिन यह
  321. 15:35नियम पुराने मामलों पर लागू नहीं होता था।
  322. 15:38पुलिस ने इस केस की फाइलें कभी बंद नहीं
  323. 15:41की। जबकि आमतौर पर समय सीमा खत्म होने के
  324. 15:44एक साल बाद पुराने रिकॉर्ड हटा दिए जाते
  325. 15:47थे। उधर समय के साथ फॉरेंसिक साइंस भी
  326. 15:50काफी आगे बढ़ चुकी थी। 2019 तक नेशनल
  327. 15:54फॉरेंसिक सर्विस के पास ऐसी तकनीक आ गई थी
  328. 15:57कि वो कई साल पुराने खराब हो चुके डीएनए
  329. 16:00सैंपल्स की भी दोबारा जांच कर सकती थी। 15
  330. 16:03जुलाई 2019 को क्योंकि पुलिस ने पुराने
  331. 16:07सैंपल्स दोबारा जांच के लिए भेजे। यह
  332. 16:09पक्का नहीं था कि नतीजा निकलेगा भी या
  333. 16:11नहीं। लेकिन जब रिपोर्ट आई तो वह चौंकाने
  334. 16:14वाली थी। तीन अलग हत्याओं से मिले सबूत।
  335. 16:17पांचवी, सातवीं और नौवीं एक ही आदमी से
  336. 16:21मेल खा रहे थे। एक ऐसा आदमी जो नेशनल
  337. 16:23क्रिमिनल डेटाबेस में पहले से मौजूद था और
  338. 16:26जो पहले से बुसान जेल में उम्र कैद काट
  339. 16:29रहा था। उसका नाम था लीचंजे।
  340. 16:33लीचुंजे का जन्म 31 जनवरी 1963 को हवासों
  341. 16:37में ही हुआ था। वो उन्हीं खेतों, उन्हीं
  342. 16:40नहरों और उन्हीं कच्चे रास्तों के बीच
  343. 16:42बड़ा हुआ था। वो इस पूरे इलाके को अच्छी
  344. 16:45तरह जानता था। बाहर से देखने पर वह एक आम
  345. 16:48आदमी लगता था। वो एक किसान परिवार से था।
  346. 16:51शांत रहता था और ज्यादा बात नहीं करता था।
  347. 16:54पड़ोसियों को भी उसमें कुछ अलग नजर नहीं
  348. 16:57आता था। लेकिन बचपन में उसके छोटे भाई की
  349. 17:00डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद वो
  350. 17:04और ज्यादा चुप रहने लगा। उसके स्कूल के एक
  351. 17:06पुराने दोस्त ने बताया कि वो इतना बदल गया
  352. 17:09था कि आसपास के लोगों को साफ महसूस होने
  353. 17:12लगा था कि अब वो पहले जैसा नहीं रहा।
  354. 17:1520 साल की उम्र में उसने अपनी फौजी सेवा
  355. 17:18पूरी की। वो टैंक यूनिट में था। यहीं पहली
  356. 17:22बार उसे ऐसी जिंदगी मिली जहां सख्त नियम
  357. 17:25थे और हर चीज एक तय तरीके से चलती थी। बाद
  358. 17:28में मनोवैज्ञानिकों ने कहा कि शायद उसे
  359. 17:31लोगों पर कंट्रोल रखने और ताकतवर महसूस
  360. 17:34करने से एक अलग तरह का सेटिस्फेक्शन मिलता
  361. 17:36था। जनवरी 1986 में जब वह सेना से बाहर
  362. 17:40आया तब उसकी उम्र 23 साल थी और उसी साल
  363. 17:44इलाके में हिंसा की शुरुआत हुई। असल में
  364. 17:47पहली दर्ज हत्या से पहले भी फरवरी 1986
  365. 17:51में उसने उसी इलाके में एक औरत पर हमला
  366. 17:54किया था। उस समय पुलिस ने इसे एक अलग घटना
  367. 17:56मानकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन बाद
  368. 17:59में जब इस मामले को पीछे मुड़कर देखा गया
  369. 18:02तो पता चला कि उस हमले में भी वही तरीके
  370. 18:05नजर आए थे जो बाद की हत्याओं में बार-बार
  371. 18:07दोहराए गए। अकेली औरत को निशाना बनाना,
  372. 18:10पीछे से हमला करना और सुनसान जगह का फायदा
  373. 18:13उठाना। 20,000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
  374. 18:17की गई थी और उनमें ली भी शामिल था। पुलिस
  375. 18:20ने उसे कम से कम तीन बार पूछताछ की। लेकिन
  376. 18:23पूरी जांच एक ही बात पर टिकी हुई थी कि
  377. 18:25हत्यारे का ब्लड ग्रुप बी था। लेकिन
  378. 18:28सच्चाई यह थी कि ली का ब्लड ग्रुप ओ था।
  379. 18:31इसलिए पुलिस ने उस पर ज्यादा शक नहीं
  380. 18:33किया। बाद में ली ने खुद बताया कि पुलिस
  381. 18:36उससे दूसरे लोगों के बारे में ज्यादा सवाल
  382. 18:38करती थी। लेकिन उसके बारे में बहुत कम
  383. 18:40पूछती थी। पुलिस ने उसका खून का सैंपल
  384. 18:42लिया। उसकी जानकारी दर्ज की और फिर उसे
  385. 18:45जाने दिया। उसे लगा जैसे पुलिस ने उसे
  386. 18:49पूरी तरह शक से बाहर कर दिया हो। और शायद
  387. 18:52इसी वजह से उसका डर भी खत्म होता गया।
  388. 18:56जैसे-जैसे पुलिस पूरे इलाके में हत्यारे
  389. 18:58की तलाश तेज करती गई। ली ने ना तो अपना
  390. 19:01इलाका छोड़ा और ना ही अपनी रोज की जिंदगी
  391. 19:04बदली। वो उसी जगह के आसपास घूमता रहा जहां
  392. 19:08पुलिस उसे पहले ही शक से बाहर कर चुकी थी।
  393. 19:12उसने पुलिस की बढ़ती गश्त देखी। [संगीत]
  394. 19:14उसने अपने जैसे दिखने वाले हुलिए के स्केच
  395. 19:17देखे। लेकिन हर बार वो खुद को हालात के
  396. 19:20हिसाब से बदल लेता था। जहां पुलिस की
  397. 19:22निगरानी बढ़ती वहां से वह कुछ समय के लिए
  398. 19:25दूर हो जाता और जहां लोगों और मीडिया का
  399. 19:27ध्यान कम होता वहां फिर से एक्टिव हो
  400. 19:30जाता। मई 1987 की हत्या के बाद जब कुछ समय
  401. 19:34तक कोई नई हत्या नहीं हुई तो पुलिस को लगा
  402. 19:36कि शायद उनकी सख्ती की वजह से हत्यारा डर
  403. 19:39गया है। लेकिन 24 दिसंबर 1987 को इसी
  404. 19:43खामोशी के बीच 18 साल की किममीसून की सुन
  405. 19:47में हत्या हो गई। यह इलाका हवासों से अलग
  406. 19:50था और उस समय हवासों केस की जांच कर रही
  407. 19:53टीम के दायरे में नहीं आता था। हत्या का
  408. 19:55तरीका काफी हद तक मिलताजुलता था। लेकिन
  409. 19:58इसे कभी ह्वासों केस से नहीं जोड़ा गया।
  410. 20:01इसके बजाय सोन पुलिस ने चोरी के एक मामले
  411. 20:04में पकड़े गए 16 साल के लड़के पर शक किया।
  412. 20:08पूछताछ के नाम पर उसके साथ बेरहमी से
  413. 20:10मारपीट की गई। उसे उल्टा लटका कर हवा में
  414. 20:14टांग दिया जाता था और अलग-अलग तरीकों से
  415. 20:17उस पर इतना दबाव बनाया गया कि आखिरकार
  416. 20:19उसने जुर्म कबूल करते हुए एक बयान पर साइन
  417. 20:22कर दिए। कुछ ही हफ्तों में उसकी हालत इतनी
  418. 20:25खराब हो गई कि वो ब्रेन डेड हो गया और
  419. 20:28अस्पताल में उसकी मौत हो गई। बाद में इस
  420. 20:30मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों को सजा
  421. 20:33भी मिली। लेकिन किम मीसून की हत्या हमेशा
  422. 20:36एक अलग केस के तौर पर ही दर्ज रही।
  423. 20:40सितंबर 1988 में जब ली ने 13 साल की पार्क
  424. 20:44सांगी की उसके घर में हत्या की उसके बाद
  425. 20:47जुलाई 1989 में पुलिस ने यूनन सुंग को
  426. 20:51गिरफ्तार कर लिया। लेकिन जिस समय यूनन से
  427. 20:53पूछताछ चल रही थी। उसी दौरान 7 जुलाई को 7
  428. 20:57साल की किम टाइन अप से गायब हो गई। उसकी
  429. 21:01लाश नहीं मिली। इसलिए पुलिस ने इसे सिर्फ
  430. 21:03एक गुमशुदगी का मामला माना। इसे कभी
  431. 21:06हवासों हत्याओं से जोड़कर नहीं देखा गया।
  432. 21:09यही एक बड़ी वजह बनी कि पुलिस ने पार्क
  433. 21:12साही की हत्या को नकल करने वाला मामला मान
  434. 21:14लिया। उनका मानना था कि असली हत्यारा इतनी
  435. 21:18छोटी बच्ची को निशाना नहीं बनाता। लेकिन
  436. 21:21सच्चाई यह थी कि जिस समय पुलिस यून से
  437. 21:24जबरदस्ती कबूलनामा लेने में लगी थी, उसी
  438. 21:26दौरान ली एक और बच्ची को अगवा कर उसकी
  439. 21:29हत्या कर चुका था। सितंबर 1989 में ली को
  440. 21:33सुन में एक घर में चोरी करने के आरोप में
  441. 21:36पकड़ा गया और वह अप्रैल 1990 तक हिरासत
  442. 21:40में रहा।
  443. 21:4226 जनवरी 1991 को 17 साल की पार्क में हुआ
  444. 21:46चोंगजू से गायब हो गई। [संगीत] अगले दिन
  445. 21:49उसकी लाश एक कंस्ट्रक्शन साइट पर रखे
  446. 21:52कंक्रीट पाइप के अंदर मिली। उसके हाथ बंधे
  447. 21:55हुए थे और उसका गला घोटा गया था। चोंगजू
  448. 21:58क्योंकि प्रांत से बाहर था इसलिए यह मामला
  449. 22:01हवासों की जांच कर रही टीम के दायरे में
  450. 22:03नहीं आता था। उस समय अलग-अलग इलाकों के
  451. 22:06अपराधों को आपस में जोड़ने के लिए कोई
  452. 22:08फैसिलिटी नहीं थी। इसके अलावा क्योंकि
  453. 22:11पुलिस पहले ही एक आदमी को इन हत्याओं का
  454. 22:13जिम्मेदार मान चुकी थी। इसलिए किसी ने यह
  455. 22:16नहीं सोचा कि असली हत्यारा कोई और भी हो
  456. 22:18सकता है। इस मामले में एक और आदमी को
  457. 22:21गिरफ्तार किया गया। लेकिन बाद में सबूत
  458. 22:23नहीं मिलने की वजह से उसे छोड़ दिया गया।
  459. 22:266 हफ्ते बाद 7 मार्च 1991 को 27 साल की एक
  460. 22:30हाउसवाइफ किम हंगबुन की भी उसी चोंगजू
  461. 22:33इलाके में हत्या कर दी गई। इस बार भी
  462. 22:36तरीका वही था। उसके शरीर पर जांग के पास
  463. 22:39चाकू के घाव भी मिले। यह मामला भी एक अलग
  464. 22:42और अनसुलझा केस बनकर रह गया। इस तरह आखिरी
  465. 22:45आधिकारिक हत्या के समय तक असल में ली 14
  466. 22:48औरतों और लड़कियों की जान ले चुका था।
  467. 22:51इसके बाद उसने हत्या करना बंद कर दिया। यह
  468. 22:54वही समय था जब उसकी शादी हुई और उसका बेटा
  469. 22:57पैदा हुआ। यह सिर्फ एक इत्तेफाक था या
  470. 23:00इसके पीछे कोई वजह थी यह आज तक पता नहीं
  471. 23:02चल पाया। पड़ोसियों को वह अब भी एक आम और
  472. 23:05शांत रहने वाला आदमी ही लगता था। लेकिन घर
  473. 23:08के अंदर वो वही शैतान था जिसे कोई पहचान
  474. 23:11नहीं पाया था। उसकी पत्नी के मुताबिक वो
  475. 23:14लगातार उसके साथ मारपीट करता। उसे कमरे
  476. 23:17में दिनों तक बंद रखता और उसने अपने छोटे
  477. 23:19बेटे पर भी हाथ उठाया। दिसंबर 1993 में
  478. 23:24उसकी पत्नी ने आखिरकार उसे छोड़ दिया।
  479. 23:27जवाब में ली ने फोन पर धमकियां दी कि वह
  480. 23:29कुछ ऐसा करेगा कि उसे दोबारा कोई शादी
  481. 23:32नहीं करेगा। 13 जनवरी 1994 को अपनी पत्नी
  482. 23:36के जाने के कुछ हफ्ते बाद ली ने अपनी साली
  483. 23:38को घर बुलाया। कुछ सामान लेने के बहाने।
  484. 23:41वहां उसने उसे संतरे के जूस में करीब 40
  485. 23:44नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी। जब वह
  486. 23:47बेहोश हो गई, उसने उसके साथ जबरदस्ती की
  487. 23:50और उसका गला घोट दिया। फिर लाश को बैग में
  488. 23:52लपेटकर उसी के कपड़ों से बांधकर ठिकाने
  489. 23:55लगा दिया। उसी दिन ली अपने ससुर के घर गया
  490. 23:59मदद का नाटक करते हुए। यहां तक कि उसके
  491. 24:02साथ थाने भी गया गुमशुदगी दर्ज कराने।
  492. 24:05लेकिन जल्द ही पुलिस का शक उसी पर गया। जब
  493. 24:08उसकी साली की लाश हार्डवेयर की एक दुकान
  494. 24:11के गैरेज में मिली तो पुलिस ने ली को पकड़
  495. 24:13लिया और पूछताछ के लिए ले गई। एक पुलिस
  496. 24:16अफसर बाद में बताता है कि उसे तभी शक हो
  497. 24:19गया था जब परिवार का हर सदस्य रो रहा था
  498. 24:22और सिर्फ ली बिल्कुल शांत खड़ा था।
  499. 24:25[संगीत] पूछताछ में ली बार-बार पूछता रहा
  500. 24:28बलात्कार और हत्या में कितने साल की सजा
  501. 24:31होती है? उसके घर में वाशिंग मशीन के नीचे
  502. 24:34और बाथरूम के दरवाजे की हुक पर उसकी साली
  503. 24:37का खून मिला।
  504. 24:391995 में उसे मौत की सजा सुनाई गई। बाद
  505. 24:43में जब कोरिया ने फांसी की सजा देना लगभग
  506. 24:46बंद कर दिया तो यह उम्र कैद में बदल दी
  507. 24:48गई। दिलचस्प बात यह है कि यह वही केस था
  508. 24:52जिसमें उस इलाके में पहली बार डीएनए सबूत
  509. 24:55के आधार पर सजा दिलाई गई थी। इसके बाद उसे
  510. 24:58भुसान जेल भेज दिया गया। वहां वो अगले 25
  511. 25:01साल तक एक अच्छे कैदी की तरह रहा। जेल में
  512. 25:04किसी को भी पता नहीं था कि वह असल में कौन
  513. 25:07था और उसके पीछे कितनी बड़ी सच्चाई छिपी
  514. 25:09हुई थी। जब 2019 में डीएनए मैच सामने आया
  515. 25:13तो जांच अधिकारी खुद ली से मिलने पहुंचे।
  516. 25:16जब उन्होंने उसे बताया कि उसे हवासों
  517. 25:18हत्याओं का जिम्मेदार पाया गया है तो वह
  518. 25:20बिल्कुल हैरान नहीं हुआ। उसने बस इतना कहा
  519. 25:23तो आखिरकार तुम लोगों को पता चल ही गया।
  520. 25:26इसके बाद पुलिस ने पुराने सबूतों को फिर
  521. 25:29से जांचना शुरू किया। उन्होंने उस बस
  522. 25:32ड्राइवर से भी बात की जिसने 30 साल पहले
  523. 25:35एक अजीब आदमी को अपनी बस में बैठाया था।
  524. 25:38जब ड्राइवर को ली की तस्वीर दिखाई गई तो
  525. 25:41उसने फौरन पहचान लिया। यही वह आदमी था। अब
  526. 25:45पुलिस को पूरा यकीन हो चुका था। लेकिन
  527. 25:47शुरुआत में ली ने सब कुछ मानने से इंकार
  528. 25:50कर दिया। सबूतों के बावजूद 13 दिनों तक
  529. 25:53जांचकर्ता बार-बार उससे मिलते रहे।
  530. 25:56धीरे-धीरे उसका रवैया बदलने लगा और जब
  531. 25:59उसने बोलना शुरू किया तो सिर्फ उन 10
  532. 26:01हत्याओं की बात नहीं की जो पहले से जुड़ी
  533. 26:04थी। उसने चार और हत्याएं कबूल की। जिनका
  534. 26:07इस केस से कभी कोई संबंध नहीं जोड़ा गया
  535. 26:10था और 30 से ज्यादा बलात्कार के मामले की
  536. 26:13बात भी मानी। उसने हर घटना का ब्यौरा बड़ी
  537. 26:16बारीकी से बताया। ऐसी बातें जो कभी
  538. 26:19सार्वजनिक नहीं हुई थी। गांठे कैसे बांधी
  539. 26:21गई? कपड़े कैसे उतारे गए। कुछ जगहों पर
  540. 26:24उसने खुद स्केच तक बनाए। सबसे डरावनी बात
  541. 26:28यह थी कि उसे अपने की पर कोई पछतावा नहीं
  542. 26:30था। ना वह भावुक हुआ ना उसकी आंखों में
  543. 26:33आंसू आए। जब उससे पूछा गया कि उसने ऐसा
  544. 26:36क्यों किया तो उसने कोई बड़ी वजह नहीं
  545. 26:38बताई। उसने बस एक अजीब सी इच्छा, मौका
  546. 26:41मिलने और उन पलों में खुद को ताकतवर महसूस
  547. 26:44करने की बात कही। मनोवैज्ञानिकों ने बताया
  548. 26:46कि उसका व्यवहार साइकोपैथ जैसा था और उसे
  549. 26:49अपने शिकारों के दर्द की कोई परवाह नहीं
  550. 26:52थी। [संगीत] सितंबर 2019 से अप्रैल 2020
  551. 26:56के बीच पुलिस ने ली से 50 से ज्यादा बार
  552. 26:59पूछताछ की। जुलाई 2020 में जब पूरी जांच
  553. 27:03की जानकारी सामने आई तो पुलिस ने बताया कि
  554. 27:06ली चुंजे ने 1986 से 1991 के बीच हुई
  555. 27:10वासों की सभी 10 हत्याएं की थी। इसके
  556. 27:14अलावा उसने चार और हत्याओं और कम से कम नौ
  557. 27:16बलात्कार की बात भी मानी थी। 35 साल बाद
  558. 27:20हत्याओं के पीछे छिपे आदमी का नाम सामने आ
  559. 27:22चुका था।
  560. 27:24लेकिन इस खुलासे का एक और नतीजा था। इसका
  561. 27:27मतलब था कि 1988 की उस बच्ची की हत्या
  562. 27:30जिसके लिए यूनस सुघियो को सजा हुई थी वो
  563. 27:33भी ली ने ही की थी। यून 20 साल जेल में
  564. 27:36काट चुका था। 2009 में पैरोल पर रिहा हुआ
  565. 27:39था। इतने सालों तक समाज उसे एक हत्यारा
  566. 27:42मानता रहा। एक ऐसा दाग जो आसानी से नहीं
  567. 27:45मिटता। लेकिन शुरू से यूनन यही कहता रहा
  568. 27:48था कि उसका कबूलनामा जबरदस्ती लिया गया कि
  569. 27:51उसे दिनों तक भूखा प्यासा रखा गया, पीटा
  570. 27:54गया और एक ऐसे बयान पर दस्तखत करवाए गए जो
  571. 27:57पुलिस ने पहले ही लिख रखा था। लेकिन तब
  572. 28:00किसी ने उसकी बात पर भरोसा नहीं किया था।
  573. 28:03जब पुलिस ने खुद यह मान लिया कि ली ही
  574. 28:05असली हत्यारा था, तो कोर्ट के सामने एक
  575. 28:08बड़ा सच आ गया। यून सच बोल रहा था। 2019
  576. 28:12के आखिर में यून ने अपना केस दोबारा खोलने
  577. 28:15की अर्जी दी। यह सिर्फ एक नई सुनवाई नहीं
  578. 28:18थी बल्कि उस पूरे फैसले की फिर से जांच थी
  579. 28:21जिसे सालों पहले सही मान लिया गया था। इस
  580. 28:24बार ली ने खुद अदालत में गवाही दी और इस
  581. 28:27हत्या को कबूल किया। उसने इतनी बारीकी से
  582. 28:30बातें बताई कि सब हैरान रह गए। उसने यह भी
  583. 28:34कहा कि उसे समझ नहीं आता कि पुलिस को उसे
  584. 28:36पकड़ने में इतना समय क्यों लगा। अदालत ने
  585. 28:39पाया कि यून से जबरदस्ती और गलत तरीके से
  586. 28:42कबूलनामा लिया गया था। इसलिए उस बयान की
  587. 28:44कोई कानूनी अहमियत नहीं थी। यह भी सामने
  588. 28:47आया कि जिस बाल के सैंपल को यून से जोड़ा
  589. 28:50गया था, उसकी रिपोर्ट में भी गड़बड़ी की
  590. 28:52गई थी। दिसंबर 2020 में सुन कोर्ट ने यूनन
  591. 28:57को सभी आरोपों से बरी कर दिया। फैसला
  592. 29:00सुनते ही अदालत में तालियां बजने लगी। जज
  593. 29:03ने भी यूनन से माफी मांगी और माना कि उसने
  594. 29:0620 साल तक बहुत कुछ सहा था। इसके बाद यून
  595. 29:09और उसके परिवार ने सरकार से मुआवजे की
  596. 29:12मांग की। 2022 में उसे करीब 180 करोड़ वॉन
  597. 29:16का मुआवजा मिला। इससे पहले उसे करीब 250
  598. 29:20करोड़ वर्न मिल चुके थे। सात पुलिस
  599. 29:22अधिकारियों और एक सरकारी वकील के खिलाफ
  600. 29:24जांच भी शुरू हुई। लेकिन तब तक कानूनी समय
  601. 29:27सीमा खत्म हो चुकी थी। इसलिए किसी को सजा
  602. 29:30नहीं दी जा सकी।
  603. 29:32हुवासो केस अब सिर्फ एक सुलझे हुए रहस्य
  604. 29:35की कहानी नहीं था। यह पूरे जांच सिस्टम की
  605. 29:38बड़ी गलती की कहानी बन चुका था। सबसे बड़ी
  606. 29:41गलती फॉरेंसिक जांच में हुई। शुरुआत में
  607. 29:43पुलिस ने मान लिया था कि हत्यारे का ब्लड
  608. 29:46ग्रुप पी है। जबकि ली का ब्लड ग्रुप ओ था।
  609. 29:49आज भी यह पूरी तरह साफ नहीं है कि शुरुआती
  610. 29:52सैंपल खराब हो गए थे। पीड़िताओं के खून से
  611. 29:54मिल गए थे या फिर उनकी जांच में ही गलती
  612. 29:56हुई थी। बाल में मिले टाइटेनियम के
  613. 29:58छोटे-छोटे टुकड़ों की वजह से वेल्डिंग का
  614. 30:01काम करने वाले लोगों पर शक किया गया।
  615. 30:03लेकिन बाद में यह बात गलत साबित हुई। और
  616. 30:06ली की चार और हत्याएं जो बिल्कुल उसी
  617. 30:09तरीके से हुई थी कभी इस केस से नहीं जोड़ी
  618. 30:12गई। सिर्फ इसलिए क्योंकि वह अलग जिलों में
  619. 30:14हुई थी और उस दौर में अलग-अलग पुलिस थानों
  620. 30:17के बीच कोई तालमेल नहीं था। सबसे बड़ा
  621. 30:20खुलासा किम हनजम के मामले में हुआ। वह
  622. 30:23वहीं 7 साल की बच्ची थी जिसे 1989 में
  623. 30:26गुमशुदा माना गया था। 2019 के बाद जब नए
  624. 30:30जांचकर्ताओं ने इस मामले को दोबारा देखा
  625. 30:33तो पता चला कि उसके गायब होने के कुछ
  626. 30:35महीनों बाद उसका सामान और शायद उसकी लाश
  627. 30:37भी मिल गई थी। लेकिन पुलिस ने यह बात उसके
  628. 30:40परिवार को कभी नहीं बताई और केस को चुपचाप
  629. 30:43बंद कर दिया। दो पुलिस अधिकारियों के
  630. 30:46खिलाफ लाश छिपाने और सबूत मिटाने के शक
  631. 30:49में मामला दर्ज किया गया। लेकिन इस बार भी
  632. 30:52कानूनी समय सीमा खत्म हो चुकी थी। इसलिए
  633. 30:55कोई सजा नहीं हो सकी। पूछताछ के तरीके भी
  634. 30:59उतने ही खौफनाक थे। दिसंबर 1990 में एक 19
  635. 31:03साल के लड़के ने एक हत्या कबूल की। फिर
  636. 31:06मुकर गया। बाद में पता चला उसे पूछताछ के
  637. 31:09दौरान बिजली के झटके दिए गए थे। यूनन की
  638. 31:12तरह उसे रिहा तो कर दिया गया लेकिन वो टूट
  639. 31:15चुका था और सिर्फ 27 साल की उम्र में
  640. 31:18कैंसर से मर गया। इस केस की पूछताछ में
  641. 31:22चार और लोग जिन्हें बुरी तरह यातना दी गई
  642. 31:25बाद में खुद अपनी जान ले चुके थे। इन सारी
  643. 31:28गलतियों और नाकामियों के बाद कोरिया की
  644. 31:31कानूनी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए।
  645. 31:34गंभीर मामलों में पूछताछ की रिकॉर्डिंग
  646. 31:36जरूरी कर दी गई। फॉरेंसिक जांच के नियम
  647. 31:39बदले गए। डीएनए जांच के लिए ज्यादा पैसा
  648. 31:42लगाया गया और हत्या जैसे गंभीर अपराधों
  649. 31:45में केस चलाने की समय सीमा पूरी तरह खत्म
  650. 31:48कर दी गई। इस केस का नाम भी बदल दिया गया।
  651. 31:52पहले इसे ख्वासों सीरियल मर्डर केस कहा
  652. 31:54जाता था। लेकिन बाद में इसे ली चुजे
  653. 31:57सीरियल मर्डर केस नाम दिया गया। क्योंकि
  654. 32:00कई सालों तक ख्वासों का नाम इस डर और खौफ
  655. 32:03से जुड़ गया था। वहां के लोग चाहते थे कि
  656. 32:06उनका इलाका उस हत्यारे की पहचान से अलग
  657. 32:08जाना जाए। फिर भी लीचुंजे को इन 14
  658. 32:12हत्याओं के लिए कभी अदालत में सजा नहीं दी
  659. 32:14जा सकी। क्योंकि तब तक इन मामलों पर
  660. 32:16कार्यवाही करने का समय खत्म हो चुका था।
  661. 32:19जब उसका डीएनए मैच हुआ, जब उसने खुद अपराध
  662. 32:22कबूल किया और जब पुलिस ने पूरे देश के
  663. 32:25सामने उसकी पहचान बताई तब भी उसके खिलाफ
  664. 32:27इन हत्याओं का मुकदमा नहीं चल सका। उसे
  665. 32:30सिर्फ एक ही सजा मिली थी। अपनी साली की
  666. 32:32हत्या के मामले में उम्र कैद की। वही सजा
  667. 32:35वह पहले से जेल में काट रहा था। कई पीड़ित
  668. 32:39परिवारों के लिए सच्चाई सामने आना ही एक
  669. 32:41तरह की राहत थी। लेकिन कुछ लोग इतने लंबे
  670. 32:44इंतजार के बाद इस दिन को देख ही नहीं पाए
  671. 32:47और जिन लोगों ने यह सच सुना उनके लिए भी
  672. 32:50यह कोई जीत का पल नहीं था। यह बस एक
  673. 32:53पुराना केस था जो आखिरकार बंद कर दिया गया
  674. 32:56था। एक नाम मिल गया था। एक जवाब मिल गया
  675. 32:59था। लेकिन ऐसा न्याय नहीं मिला जो उनके
  676. 33:01दर्द और नुकसान को कभी पूरा कर सके। आज
  677. 33:04हवासों की सड़कें बदल चुकी हैं। जहां कभी
  678. 33:07कच्चे रास्ते थे, वहां अब पक्की सड़कें
  679. 33:10हैं। बसें पहले की तरह चलती है। जो इलाका
  680. 33:13कभी डर और अफवाहों के लिए जाना जाता था,
  681. 33:16वो अब एक आम जगह जैसा दिखता है। लेकिन उस
  682. 33:19समय की यादें आज भी पूरी तरह खत्म नहीं
  683. 33:21हुई है। वो लोगों की यादों में जिंदा है।
  684. 33:24एक ऐसी याद जिसने पूरी पीढ़ी को सिखाया कि
  685. 33:27खतरा हमेशा बाहर से नहीं आता। कभी-कभी वह
  686. 33:30हमारे आसपास ही छिपा हो सकता है। तो आज की
  687. 33:34कहानी बस यहीं तक। मैं फिर आऊंगा एक नई
  688. 33:36कहानी लेकर। तब तक के लिए अपना ख्याल
  689. 33:38रखें। नमस्कार।

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