इतना शांत रहो कि लोगों में खौफ पैदा हो जाए | The Art of War Book Summary — Transcript
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- 0:00दोस्तों आज की इस वीडियो में हम बात करने
- 0:02वाले हैं एक ऐसी खास बात की जो आपकी पूरी
- 0:05जिंदगी बदल सकती है। इतना शांत और स्थिर
- 0:08रहो कि कोई भी इंसान आपसे बात करने से
- 0:10पहले कम से कम 100 बार सोचे बस एक पल के
- 0:13लिए रुक जाओ। पूरी तरह चुप हो जाओ और
- 0:16गहराई से सोचो। [संगीत] क्या आपने कभी ऐसे
- 0:18व्यक्ति को देखा है जो बहुत कम बोलता है?
- 0:22लेकिन जब बोलता है तो पूरा कमरा एकदम
- 0:24सन्नाटे में चला जाता है। उसकी आंखों में
- 0:26इतनी गहराई होती है कि सामने वाला व्यक्ति
- 0:29उसकी नजरों से नजरें नहीं मिला पाता। उसके
- 0:31पास बैठने मात्र से ही चारों तरफ एक अजीब
- 0:34सी ठंडक और शांति फैल जाती है। [संगीत] वो
- 0:36व्यक्ति कोई जादूगर नहीं था। उसने कोई
- 0:39विशेष शिक्षा नहीं ली थी। उसने कोई बड़ी
- 0:41किताबें नहीं पढ़ी थी। उसने सिर्फ एक ही
- 0:43काम किया था। उसने अपने अंदर इतनी गहरी
- 0:46शांति विकसित कर ली थी कि बाहर की दुनिया
- 0:49का कोई भी शोर, [संगीत] कोई भी हंगामा उसे
- 0:52हिला नहीं पाता था। और आज मैं आपसे ठीक
- 0:54उसी शांति के बारे में बात करने आया हूं।
- 0:56दुनिया में मुख्य रूप से दो तरह के लोग
- 0:58होते हैं। पहला प्रकार वह लोग हैं जो हर
- 1:01छोटी बड़ी बात पर तुरंत जवाब देते हैं।
- 1:04[संगीत] हर घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते
- 1:06हैं। कोई कुछ कह दे तो तुरंत बोल पड़ते
- 1:08हैं। कोई कुछ कर दे तो तुरंत गुस्सा हो
- 1:10जाते हैं। वे हर मुद्दे में उलझे रहते
- 1:12हैं। हर बात उनके मन के अंदर तूफान खड़ा
- 1:15कर देती है। दूसरा प्रकार वो लोग हैं जो
- 1:18सब कुछ देखते हैं, सुनते हैं, अच्छे से
- 1:21समझते हैं और फिर जरूरत पड़ने पर ही बोलते
- 1:24हैं। पहले प्रकार के लोगों के आसपास हमेशा
- 1:27अशांति, बेचैनी और नकारात्मक ऊर्जा बनी
- 1:30रहती है। लोग उनसे दूर भागते हैं। जबकि
- 1:33दूसरे प्रकार के लोगों के आसपास एक गहरी
- 1:35[संगीत]
- 1:36आकर्षक शांति होती है। लोग उनके पास खुद
- 1:38खींचे चले आते हैं। अब मैं आपसे एक सवाल
- 1:41पूछता हूं। आप कौन बनना चाहते हैं?
- 1:43[संगीत] एक और सवाल। जब कोई आपको गाली
- 1:45देता है तो आप क्या करते हैं? जब कोई आपके
- 1:48बारे में बुरी बातें करता है तो आपके मन
- 1:50के अंदर क्या उठता है? [संगीत] जब कोई
- 1:51आपको इग्नोर करता है तो आपकी क्या
- 1:53प्रतिक्रिया होती है? अगर इन स्थितियों
- 1:55में आपके अंदर गुस्सा भड़क उठता है
- 1:57[संगीत] तो समझ लीजिए कि वह व्यक्ति आपके
- 1:59ऊपर राज कर रहा है। आपकी शांति उसके हाथ
- 2:01में है। वह जब चाहे आपको हिला सकता है।
- 2:04[संगीत] जब चाहे आपको परेशान कर सकता है।
- 2:07लेकिन अगर आप शांत रहते हैं सिर्फ देखते
- 2:09हैं। और कुछ नहीं [संगीत] करते तो आप अपनी
- 2:12शांति वापस ले लेते हैं और फिर वह व्यक्ति
- 2:14आपसे बात करने से पहले 100 बार सोचेगा।
- 2:17बहुत साल पहले की बात है। एक गांव में एक
- 2:19बुजुर्ग रहते थे। गांव के सारे लोग अपनी
- 2:22परेशानियां, झगड़े और तकलीफें लेकर उनके
- 2:24पास आते थे। बुजुर्ग ज्यादातर सुनते ही
- 2:27रहते थे। बहुत कम [संगीत] बोलते थे। एक
- 2:29दिन एक युवक उनके पास बहुत गुस्से में
- 2:31आया। उसने कहा महाराज बाजार में एक आदमी
- 2:35ने मुझे सबके सामने बेइज्जत कर दिया। मुझे
- 2:38बहुत बुरा लगा। अब मुझे क्या करना चाहिए?
- 2:40बुजुर्ग ने कुछ देर चुप रहकर कहा,
- 2:43"तुम्हें कब बुरा लगा?" युवक [संगीत] बोला
- 2:45जब उसने मुझे गाली दी बुजुर्ग ने कहा तो
- 2:48फिर वह तुम्हारा मालिक बन गया है।
- 2:50तुम्हारी खुशी अब उसके हाथ में है। वो जब
- 2:53चाहे तुम्हें दुखी कर सकता है। युवक चुप
- 2:55हो गया। बुजुर्ग आगे बोले जब तुम इतने
- 2:58[संगीत] शांत हो जाओगे कि उसकी गालियां
- 3:00तुम तक पहुंच ही ना सके। तब तुम सचमुच
- 3:02आजाद हो जाओगे और उस दिन वह व्यक्ति तुमसे
- 3:05बात करने से पहले 100 बार सोचेगा क्योंकि
- 3:07उसे पता चल जाएगा कि इस इंसान को हिलाया
- 3:09नहीं जा सकता। [संगीत] शांति कोई कमजोरी
- 3:11नहीं है। ध्यान से सुनिए। दुनिया ने एक
- 3:15बड़ा झूठ फैला रखा है कि जो चुप रहता है,
- 3:18वह डरपोक [संगीत] है। जो शांत रहता है, वह
- 3:20कमजोर है। जो जवाब नहीं देता, वह हार मान
- 3:24लेता है। यह सब बिल्कुल गलत है। सबसे बड़ी
- 3:27ताकत शांति में छुपी है। जो इंसान किसी भी
- 3:30बात से नहीं हिलता, [संगीत] उसे कोई तोड़
- 3:32नहीं सकता।
- 3:34लेकिन जो इंसान हर छोटी उकसावे पर भड़क
- 3:36जाता है वह सबसे कमजोर होता है क्योंकि
- 3:39कोई भी उसे कठपुतली की तरह नचा सकता है।
- 3:42[संगीत] बस दो शब्द बोल दो वो गुस्सा हो
- 3:45जाएगा। बस एक काम कर दो वो प्रतिक्रिया दे
- 3:48देगा। [संगीत] उसकी शांति उसके पास नहीं
- 3:51रहती। अब पानी की बात करते हैं। पानी में
- 3:54बहुत बड़ी सीख छुपी हुई है। पानी पर पत्थर
- 3:57फेंको। थोड़ी देर लहरें उठती हैं। [संगीत]
- 3:59फिर सब शांत हो जाता है। पानी पर चिल्लाओ।
- 4:03वह सुन लेता है और फिर शांत हो जाता है।
- 4:06पानी को गाली दो। वह कुछ नहीं [संगीत]
- 4:08बोलता। शांत रहता है। लेकिन यही पानी जब
- 4:11जरूरत पड़ती है तो सब कुछ बहा ले जाता है।
- 4:14[संगीत]
- 4:14पत्थर को काट देता है। रेगिस्तान को
- 4:17हराभरा बना देता है। शांत पानी में अपार
- 4:20ताकत होती है। आप भी पानी जैसे बनिए।
- 4:23[संगीत] जो इंसान हर छोटी बात पर
- 4:25प्रतिक्रिया देता है, उसकी सारी ऊर्जा
- 4:27बर्बाद हो जाती है। वह गुस्से में ऊर्जा
- 4:30खर्च करता है। [संगीत] बहस में ऊर्जा खर्च
- 4:32करता है। चिंता में ऊर्जा खर्च करता है।
- 4:35दूसरों के बारे में सोचने में ऊर्जा खर्च
- 4:37करता है। जब असली बड़ा काम करने का समय
- 4:40आता है तो उसके पास ऊर्जा ही नहीं बचती।
- 4:43लेकिन जो इंसान शांत रहता है उसकी ऊर्जा
- 4:46इकट्ठी होती जाती है। बढ़ती जाती है। जब
- 4:49वह काम करता है तो पूरी शक्ति से करता है।
- 4:53लोग देखकर हैरान रह जाते हैं कि इस इंसान
- 4:55में इतनी ऊर्जा कहां से आ गई। [संगीत] वे
- 4:57नहीं जानते कि उन्होंने अपनी सारी ऊर्जा
- 5:00छोटी-छोटी बातों में गमवा दी थी। आपने
- 5:03देखा होगा। कुछ लोग बहुत बोलते हैं, शोर
- 5:05मचाते हैं, हर जगह अपनी राय देते हैं और
- 5:08कुछ लोग कम बोलते हैं, चुपचाप काम करते
- 5:11हैं। जब वह कम बोलने वाला इंसान बोलता है
- 5:14तो सब चुप होकर सुनते हैं। क्योंकि उसके
- 5:17शब्दों में वजन होता है। जो हर समय बोलता
- 5:20रहता है। उसके शब्द हल्के हो जाते हैं।
- 5:23[संगीत]
- 5:24लेकिन जो कम बोलता है उसका हर शब्द सोने
- 5:26जैसा होता है। इसलिए अपने शब्दों को कीमती
- 5:29बनाइए। कम बोलिए। लेकिन जब बोले तो ऐसा
- 5:32बोले कि लोग याद रखें। [संगीत] शांति बाहर
- 5:34से नहीं आती। शांत जगह पर जाने से शांति
- 5:37नहीं मिलती। पहाड़ों पर जाने से नहीं
- 5:39मिलती। मंदिर जाने से नहीं मिलती। अगर
- 5:42आपके अंदर शोर है तो हिमालय पर भी वही शोर
- 5:45रहेगा। शांति अंदर से आती है और अंदर की
- 5:48शांति तब आती है जब आप समझ लें कि दूसरों
- 5:51का व्यवहार उनकी अपनी जिम्मेदारी है। वे
- 5:54जो बोलते हैं वह उनके अपने दर्द से, डर
- 5:57से, असुरक्षा से आता है। [संगीत] उसका
- 6:00आपसे कोई लेना देना नहीं। जब यह बात समझ
- 6:03में आ जाती है तो शांति अपने आप आ जाती
- 6:06है। जो इंसान सबसे ज्यादा शोर मचाता है वो
- 6:09अंदर से सबसे ज्यादा डरा हुआ होता है। जो
- 6:12आपको नीचा दिखाता है वह खुद बहुत कमजोर
- 6:15है। [संगीत] जो आपके बारे में बुरी बातें
- 6:16करता है। उसके अंदर खुद पर भरोसा बहुत कम
- 6:19है। [संगीत] जो आप पर चिल्लाता है। वह खुद
- 6:22बहुत टूटा हुआ है। इसीलिए जब कोई आपके साथ
- 6:24बुरा बर्ताव करे तो गुस्सा मत कीजिए। उसके
- 6:27लिए थोड़ा दुख महसूस कीजिए क्योंकि वह
- 6:29इंसान बहुत तकलीफ में है। यही सोच आपको
- 6:32शांत रखेगी। सबसे खतरनाक इंसान वो नहीं
- 6:34होता जो बहुत बोलता है। [संगीत] सबसे
- 6:37खतरनाक इंसान वो होता है जो बहुत कम बोलता
- 6:40है। क्योंकि कोई नहीं जानता वह क्या सोच
- 6:42रहा है। कोई नहीं जानता उसके अंदर क्या चल
- 6:45रहा है। इसलिए लोग उससे सावधानी बरतते
- 6:47हैं। उसे बात करने से पहले सोचते हैं। उसे
- 6:50उलझने से पहले 100 बार सोचते हैं। जो
- 6:52इंसान सब कुछ बता देता है। वह खुद को
- 6:55कमजोर बना लेता है। लेकिन जो रहस्यमय रहता
- 6:57[संगीत] है, कम बोलता है। अपने अंदर बहुत
- 7:00कुछ रखता है। उसे कोई पढ़ नहीं सकता और
- 7:03जिसे पढ़ा नहीं जा सकता। उसे हिलाया भी
- 7:06नहीं जा सकता। शांत रहने का मतलब यह नहीं
- 7:08कि आप भावनाएं नहीं रखते। शांत इंसान बहुत
- 7:11गहराई से महसूस करता है। उसकी भावनाएं
- 7:13बहुत तेज होती हैं। लेकिन वो उन्हें बाहर
- 7:16नहीं बिखेरता। वो उन्हें अंदर अच्छे से
- 7:18समझता है और फिर एक स्थिर जगह से जवाब
- 7:21देता है। यह भावनाओं का दबाना नहीं बल्कि
- 7:24उन पर महारत हासिल करना है। दोस्तों अब हम
- 7:26आगे बढ़ते हैं और गहराई में जाते हैं इस
- 7:29शांति की यात्रा में। शांत रहने का मतलब
- 7:31यह बिल्कुल नहीं है [संगीत] कि आप भावनाओं
- 7:33को बिल्कुल नहीं रखते या गलतफहमी को पूरी
- 7:36तरह दूर कर दो। असल में शांत इंसान बहुत
- 7:38गहराई से महसूस करता है। [संगीत] उसकी
- 7:40भावनाएं बहुत तेज बहुत संवेदनशील होती
- 7:44हैं। लेकिन वह उन्हें बाहर इधर-उधर नहीं
- 7:46बिखेरता। वह उन्हें अपने अंदर अच्छे से
- 7:48पचाता है, [संगीत] समझता है, विश्लेषण
- 7:51करता है और फिर एकदम स्थिर और संतुलित जगह
- 7:54से जवाब देता है। यह भावनाओं को दबाना
- 7:56नहीं है। [संगीत] बल्कि भावनाओं पर सच्ची
- 7:59महारत हासिल करना है।
- 8:00यह महारत सीखने में समय लगता है, अभ्यास
- 8:03लगता है, धैर्य लगता है।
- 8:05लेकिन एक बार जो इंसान इसे सीख लेता है,
- 8:08वह लगभग अजय हो जाता है। कोई उसे आसानी से
- 8:11नहीं हिला सकता। एक पल के लिए अपनी जिंदगी
- 8:13में वापस जाओ और सोचो क्या कभी ऐसा हुआ कि
- 8:16तुमने गुस्से में कुछ बोल दिया और बाद में
- 8:19बहुत पछतावा हुआ। क्या कभी ऐसा हुआ कि
- 8:22किसी की बात पर तुरंत प्रतिक्रिया दे दी
- 8:24[संगीत] और बाद में मन में आया कि काश मैं
- 8:26चुप रह जाता। क्या कभी गुस्से में कोई
- 8:28फैसला लिया और वह फैसला पूरी तरह गलत
- 8:31साबित हुआ। यह सब क्यों होता है? क्योंकि
- 8:33उस वक्त तुम प्रतिक्रिया के चक्कर में थे।
- 8:36जवाब देने की जगह पर नहीं थे। प्रतिक्रिया
- 8:39और जवाब में बहुत बड़ा फर्क है।
- 8:41प्रतिक्रिया तुरंत आती है। बिना सोचे समझे
- 8:44सिर्फ भावना से आती है। लेकिन जवाब देर से
- 8:47आता है। वह सोच विचार के बाद आता है। समझ
- 8:50के बाद आता है। जो इंसान हमेशा जवाब देता
- 8:53है प्रतिक्रिया नहीं देता। वो कभी गलत
- 8:57नहीं होता। और यही वो इंसान है जिसे लोग
- 9:00बात करने से पहले 100 बार सोचते [संगीत]
- 9:02हैं। क्योंकि उन्हें पता होता है कि यह
- 9:04इंसान गुस्सा नहीं करेगा। उलझन में नहीं
- 9:07पड़ेगा। [संगीत] बेकार की बहस में नहीं
- 9:09जाएगा और अगर यह बोलेगा तो उसकी बात तीर
- 9:12की तरह सीधी सटीक और असरदार होगी। [संगीत]
- 9:14ऐसे इंसान को कोई छेड़ने की हिम्मत नहीं
- 9:17करता। ऐसे इंसान से कोई उलझने की कोशिश
- 9:19नहीं करता। ऐसे इंसान के सामने सब लोग
- 9:21अपने आप संभलकर सोच समझकर बात करते हैं।
- 9:25अब आंखों की बात करते हैं। [संगीत] शांत
- 9:27इंसान की आंखें बिल्कुल अलग होती हैं।
- 9:29उनमें एक स्थिरता होती है। एक गहराई होती
- 9:32है। जब वह किसी की आंखों में देखता है तो
- 9:34सामने वाले को लगता है कि वह उसके अंदर तक
- 9:37देख रहा है। यह थोड़ा डरावना भी लगता है।
- 9:39क्योंकि जिस इंसान को तुम पढ़ नहीं सकते
- 9:42[संगीत] और जो इंसान तुम्हें पूरा पढ़
- 9:44सकता है, उसके सामने तुम बेनकाब हो जाते
- 9:47हो। और [संगीत] जब तुम बेनकाब होते हो तो
- 9:49तुम बहुत सोच समझ कर बोलते हो यही शांति
- 9:52की असली ताकत है। आंखों में यह गहराई तब
- 9:54आती है जब अंदर कोई शोर नहीं होता जब मन
- 9:57शांत होता है। [संगीत] अब एक और बहुत
- 9:59जरूरी बात जो इंसान हर बात पर सफाई देता
- 10:02है। हर आरोप का जवाब देता है। हर चीज को
- 10:05साबित करने में लग जाता है। वह खुद को
- 10:08कमजोर बना लेता है। क्योंकि इससे एक मैसेज
- 10:10जाता है कि मुझे तुम्हारी परवाह है। मुझे
- 10:13तुम्हारी राय की परवाह है और [संगीत]
- 10:15जिसकी परवाह तुम करते हो उसी को तुम पर
- 10:18नियंत्रण करने का मौका मिल जाता है। लेकिन
- 10:20जो इंसान सफाई नहीं देता [संगीत]
- 10:22हर आरोप का जवाब नहीं देता जो बस मुस्कुरा
- 10:26लेता है और अपने काम में आगे बढ़ जाता है।
- 10:29[संगीत] वो कह रहा होता है कि तुम्हारी
- 10:31राय मेरी जिंदगी को नहीं बदल सकती। यह
- 10:33सुनकर सामने वाला बिल्कुल निरस्त्र हो
- 10:35जाता है। उसके पास कोई जवाब नहीं बचता।
- 10:38[संगीत] एक बार एक बड़े आदमी पर किसी ने
- 10:40बहुत बड़ा आरोप लगा दिया। सारे लोग इंतजार
- 10:42कर रहे थे कि अब वह क्या जवाब देगा। लेकिन
- 10:45वह बस मुस्कुराया, चुप रहा और अपने काम पर
- 10:48लगा रहा। कुछ दिन बाद सच सामने आ गया।
- 10:51[संगीत] आरोप लगाने वाला इंसान खुद फंस
- 10:53गया क्योंकि जिस पर आरोप लगा था उसने कोई
- 10:56शोर नहीं मचाया। कोई [संगीत] बहस नहीं की।
- 10:59वो अपनी जगह पर अटल रहा। अटल इंसान को
- 11:01देखकर लोगों को लगा कि इसमें कुछ खास है।
- 11:03शांति एक ऐसी भाषा है [संगीत] जो सुनाई
- 11:06नहीं देती। लेकिन बहुत गहराई से महसूस
- 11:09होती है जब तुम किसी कमरे में जाते हो और
- 11:12वहां एक शांत इंसान बैठा होता है तो बिना
- 11:15कुछ बोले भी तुम्हें पता चल जाता है। उसकी
- 11:17मौजूदगी ही कुछ कहती है। यह भाषा सबसे
- 11:20शक्तिशाली [संगीत] भाषा है। इसे सीखो। इसे
- 11:22अपनाओ। गुस्से के बारे में भी समझ लो।
- 11:25गुस्सा आना गलत नहीं है। गुस्सा एक
- 11:27स्वाभाविक भावना है। भावनाएं आती जाती
- 11:29रहती हैं। लेकिन गुस्से में फैसला लेना,
- 11:32गुस्से में बोलना, गुस्से में कोई काम
- 11:34करना यह गलत है। एक समझदार इंसान गुस्से
- 11:37को महसूस करता है। [संगीत] लेकिन उसे अंदर
- 11:40ही रोक लेता है। एक पल का विराम लेता है।
- 11:42उस विराम में सोचता है कि अब क्या करना
- 11:45चाहिए और उसी विराम में वह गुस्से का
- 11:47मालिक बन जाता है। गुस्सा उसका मालिक नहीं
- 11:49बन पाता। इस एक पल के विराम की ताकत को
- 11:52कभी कम मत समझो। यह विराम रिश्ते बचा सकता
- 11:54है। यह विराम गलत फैसलों को रोक सकता है।
- 11:57यह विराम पछतावे से बचा सकता है। यह विराम
- 12:00तुम्हें वह इंसान बना सकता है जो तुम बनना
- 12:03चाहते हो ना कि वो जो दूसरों का व्यवहार
- 12:06तुम्हें बना दे। अब सबसे गहरी बात जो
- 12:09इंसान शांत रहता है वो अंदर से क्या करता
- 12:11है? वो हर चीज को [संगीत] हर इंसान को हर
- 12:15स्थिति को बस देखता है। जैसे कोई नदी के
- 12:17किनारे शांत बैठा हो और पानी को बहते हुए
- 12:20देख रहा हो। नदी बह रही है। लहरें आ रही
- 12:24हैं। पत्थर गिर [संगीत] रहे हैं। मछलियां
- 12:26उछल रही हैं। लेकिन वह नदी में नहीं
- 12:29कूदता। [संगीत] वो अपनी जगह पर स्थिर बैठा
- 12:31रहता है। यही सच्चा दृष्टाभाव है। यही वो
- 12:34अवस्था है जिसकी हम बात कर रहे हैं। अब
- 12:38तुम सोच रहे होंगे कि यह सब तो अच्छा लग
- 12:40रहा है। लेकिन असली जिंदगी में कैसे लागू
- 12:42करें? जब घर में झगड़ा हो जाए। जब ऑफिस
- 12:45में कोई तुम्हें नीचा दिखाए, जब कोई धोखा
- 12:48दे जाए तब शांत कैसे रहें? सुनो ध्यान से।
- 12:51[संगीत] शांति एक रात में नहीं आती। यह एक
- 12:54लंबा अभ्यास है। हर अभ्यास की शुरुआत
- 12:57छोटी-छोटी चीजों से होती है। जब कोई छोटी
- 13:00सी बात पर तुम्हें चिढ़ाए [संगीत] और तुम
- 13:02चुप रह जाओ। तो समझो तुम एक कदम आगे बढ़
- 13:05गए। जब कोई बेकार की बहस शुरू करे [संगीत]
- 13:08और तुम उसमें ना पड़ो। तो समझो एक और कदम
- 13:11आगे बढ़ गए। धीरे-धीरे [संगीत] एक-एक कदम
- 13:15और एक दिन बड़ी से बड़ी बात भी तुम्हें
- 13:18हिला नहीं पाएगी। [संगीत] एक और
- 13:19महत्वपूर्ण बात जो इंसान अपनी हर जरूरत
- 13:22सबको बता देता है वह कमजोर हो जाता है
- 13:26क्योंकि जो तुम्हारी जरूरत जान लेता है वह
- 13:28तुम्हें नियंत्रित कर सकता है। लेकिन जो
- 13:31इंसान अपनी जरूरतें छुपा कर रखता है
- 13:34[संगीत] बाहर से बेपरवाह दिखता है उसे कोई
- 13:37आसानी से नहीं पकड़ सकता। [संगीत] उसकी
- 13:39कोई कमजोरी सामने नहीं आती और जिसकी
- 13:42कमजोरी पता नहीं चलती लोग उससे सावधानी
- 13:45बरतते हैं। यह कोई चालाकी नहीं है। यह
- 13:48सच्चाई है। [संगीत] जो इंसान सच में शांत
- 13:51होता है, वह किसी को प्रभावित करने के लिए
- 13:54शांत नहीं रहता। वह इसलिए शांत रहता है
- 13:57क्योंकि उसे अंदर से पूरा पता है कि
- 13:59दुनिया की कोई भी बात उसे तोड़ नहीं सकती।
- 14:02[संगीत]
- 14:03उसकी ताकत बाहर नहीं भीतर है और यही ज्ञान
- 14:07उसे शांत रखता है। झील की बात करते हैं।
- 14:10[संगीत]
- 14:10झील के ऊपर तूफान आता है। लहरें उठती हैं,
- 14:13शोर होता है। लेकिन झील की गहराई में सब
- 14:16कुछ शांत रहता है। तूफान का कोई असर नहीं
- 14:19होता। तुम भी वह गहराई बनो। ऊपर लहरें उठे
- 14:23तो कोई बात नहीं। लेकिन भीतर से हमेशा
- 14:26शांत रहो। जो इंसान भीतर से शांत है
- 14:29[संगीत] वह ऊपर की किसी भी लहर से नहीं
- 14:32डूबता। जो लोग जानबूझकर तुम्हें हिलाने की
- 14:34कोशिश करते हैं उनसे कैसे निपटे? हर
- 14:38जिंदगी में ऐसे लोग होते हैं वो तुम्हें
- 14:40उकसाते हैं। [संगीत] बुरी बातें करते हैं।
- 14:43क्योंकि वह चाहते हैं कि तुम प्रतिक्रिया
- 14:46[संगीत] दो। जब तुम प्रतिक्रिया देते हो
- 14:49तो वह जीत जाते हैं। [संगीत] लेकिन जब तुम
- 14:51शांत रहते हो तो उनका खेल खत्म हो जाता
- 14:54है। वह खुद थक जाते हैं और अगली बार वह
- 14:57तुमसे उलझने से पहले 100 बार सोचेंगे
- 15:00क्योंकि उन्हें पता चल जाएगा कि इस इंसान
- 15:03को हिलाना नामुमकिन है। यह शांति तुम्हारी
- 15:05ढाल है। यह ढाल तुमने खुद अपने अभ्यास से,
- 15:08अपनी समझ से, अपनी गहराई से बनाई है।
- 15:11[संगीत] कोई तलवार इसे नहीं तोड़ सकती।
- 15:13नींद की बात करते हैं। जो इंसान शांत नहीं
- 15:16है, वह रात को करवटें बदलता रहता है।
- 15:18[संगीत] सो नहीं पाता। दूसरों की बातें
- 15:22याद करता रहता है। क्या कहा था? [संगीत]
- 15:25क्या होना चाहिए था? अगली बार क्या
- 15:27बोलूंगा? यह शोर रात में और बढ़ जाता है।
- 15:31सुबह उठता है, थका हुआ, टूटा [संगीत] हुआ।
- 15:34लेकिन जो इंसान शांत है, वह रात को बिस्तर
- 15:36पर लेटते ही सो जाता है। [संगीत] क्योंकि
- 15:39उसके पास कोई बेकार का बोझ नहीं होता। दिन
- 15:42भर जो हुआ उसे देखा, समझा और छोड़ दिया।
- 15:45घर नहीं लाया। उसकी नींद उसका सबसे बड़ा
- 15:48खजाना होती है। [संगीत] शरीर पर भी इसका
- 15:50असर पड़ता है। शांत इंसान की चाल में
- 15:53स्थिरता होती [संगीत] है। उतावलापन नहीं
- 15:56जल्दबाजी नहीं। उसका सांस लेना धीमा और
- 15:59गहरा होता है। उसकी मुद्रा में
- 16:01आत्मविश्वास छलकता है। जब वह [संगीत] किसी
- 16:05कमरे में आता है तो कमरे की ऊर्जा बदल
- 16:07जाती है। लोग उसे देखते हैं और सोचते हैं
- 16:10कि इसमें कुछ खास है। लोग उसके पास खींचे
- 16:13चले आते हैं। लेकिन बात करने से पहले
- 16:15सोचते हैं क्योंकि उस इंसान का सम्मान
- 16:18अपने आप बनता है। जो इंसान हर बात पर हां
- 16:21बोलता है, [संगीत] वह कभी शांत नहीं रह
- 16:23सकता। दूसरों की जरूरतें पूरी करते-करते
- 16:26वह खुद को भूल जाता है और जो खुद को भूल
- 16:29जाता है, वह अंदर से बिखर जाता है। इसलिए
- 16:32ना बोलना सीखो। [संगीत] जब जरूरी हो, तो
- 16:35साफ-साफ ना कह दो बिना सफाई दिए बिना माफी
- 16:38मांगे। यह ना तुम्हारी सबसे बड़ी ताकत है।
- 16:41क्योंकि जो ना कह सकता है, वह अपनी ऊर्जा
- 16:44बचाता है। अपना समय बचाता है। अपनी शांति
- 16:48बचाता है। शांत इंसान माफ करता है।
- 16:50[संगीत] लेकिन भूलता नहीं। फर्क समझो। माफ
- 16:54करना मतलब उस घटना का बोझ अपने ऊपर से हटा
- 16:57देना। लेकिन भूलना मतलब उसी इंसान को फिर
- 17:01वही मौका दे देना। [संगीत] शांत इंसान माफ
- 17:04अपनी शांति के लिए करता है। और भूलता नहीं
- 17:08अपनी [संगीत] समझदारी के लिए। यह कठोरता
- 17:11नहीं बुद्धिमत्ता है। सबसे शांत इंसान वह
- 17:14नहीं होता जिसने [संगीत] कभी तकलीफ नहीं
- 17:16देखी। सबसे शांत इंसान वह होता है जिसने
- 17:19सबसे ज्यादा तकलीफ देखी और उससे पार निकल
- 17:22आया। [संगीत] जो आग में तप चुका हो उसे
- 17:25छोटी चिंगारी नहीं जला सकती। जो तूफान में
- 17:28खड़ा रहा हो उसे हल्की हवा नहीं हिला
- 17:31सकती। इसलिए जब तकलीफ आए तो उससे भागो मत।
- 17:34उसमें से निकलो। क्योंकि [संगीत] वही
- 17:36तकलीफ तुम्हारी शांति बना रही है। जब तुम
- 17:39उससे निकलोगे तो समझोगे कि जो लोग अभी
- 17:42तुम्हें परेशान कर रहे हैं वह बहुत छोटे
- 17:44हैं। उनकी बातें बहुत छोटी हैं। उनके आरोप
- 17:48बहुत छोटे हैं। और तुम जो इतनी बड़ी तकलीफ
- 17:51से निकल आए हो, तुम्हें इन छोटी चीजों से
- 17:54क्या डर? तो बस इतना शांत रहो। इतना गहरा
- 17:57रहो, इतना स्थिर [संगीत] रहो कि जब कोई
- 17:59तुमसे बात करने की सोचे तो एक पल रुके,
- 18:02सोचे और सोच समझ कर ही बोले। क्योंकि वह
- 18:05जानता है कि यह इंसान साधारण नहीं है। यह
- 18:09इंसान हिलता नहीं, [संगीत] टूटता नहीं। यह
- 18:12इंसान भीतर से इतना भरा हुआ है कि बाहर की
- 18:15कोई चीज इसे खाली नहीं कर सकती। वो शांति,
- 18:19वो गहराई, [संगीत]
- 18:20वो स्थिरता तुम्हारे अंदर पहले से मौजूद
- 18:22है। बस बाहर का शोर हटाओ, रुको। [संगीत]
- 18:26भीतर झांको। वह हमेशा से तुम्हारा ही है।
- 18:29यह शांति कोई नई उपलब्धि नहीं है। यह
- 18:32तुम्हारा मूल स्वभाव है। [संगीत]
- 18:34जैसे आसमान का स्वभाव नीला होना है, जैसे
- 18:37पानी का स्वभाव बहना है, वैसे ही तुम्हारा
- 18:40स्वभाव शांत होना है। बस इसे याद करो। जिस
- 18:43दिन तुम यह याद कर लोगे, उस दिन से कोई भी
- 18:46तुमसे बात करने से पहले 100 बार सोचेगा।
- 18:49क्योंकि तुम वो इंसान बन जाओगे जिसे पढ़ा
- 18:52नहीं जा सकता, जिसे हिलाया नहीं जा सकता,
- 18:54जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। तुम एक गहरी
- 18:57शांत अटल झील की तरह हो जाओगे। दोस्तों,
- 19:01[संगीत] यह शांति की राह आसान नहीं है,
- 19:03लेकिन बहुत फायदेमंद है। रोज छोटे-छोटे
- 19:06अभ्यास करो। [संगीत] एक-एक बात पर लागू
- 19:08करो। धीरे-धीरे तुम खुद को बदलते हुए
- 19:12पाओगे। [संगीत] लोग तुम्हें सम्मान देने
- 19:14लगेंगे। तुम खुद को ज्यादा ताकतवर महसूस
- 19:17करोगे। जिंदगी आसान हो जाएगी। अगर तुम्हें
- 19:21यह वीडियो पसंद आई हो तो लाइक कर दो।
- 19:23कमेंट में बताओ कि तुम शांति कैसे विकसित
- 19:26करने वाले हो। चैनल को सब्सक्राइब कर लो
- 19:28ताकि ऐसी और वीडियो मिलती रहे। शांत रहो,
- 19:31मजबूत रहो और अपनी अंदर की शांति को जगाओ।
- 19:35मिलते हैं अगली वीडियो में। [संगीत] तब तक
- 19:37अपना ख्याल रखना।
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This page contains the full transcript of इतना शांत रहो कि लोगों में खौफ पैदा हो जाए | The Art of War Book Summary by Book Peak, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 3,571 words across 441 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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