System Design Complete Course | All Important Concepts Explained — Transcript
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- 0:00डिअ स्टूडेंट्स, वेलकम टू Kids मेशर्स।
- 0:02Zomato हो या Swiggy हो, Amazon Prime हो
- 0:05या Netflix हो, YouTube हो या Instagram
- 0:07हो, Go आईbo हो या मेक माय ट्रिप। आप
- 0:10कितनी एप्लीकेशनेशंस को डेली बेसिस पे यूज
- 0:12करते हो। हम लोग तो सिंपल क्लिक करके काम
- 0:14अपना करवा लेते हैं। लेकिन जो बिहाइंड द
- 0:16सीन इतना बड़ा सिस्टम बनाया है ना इसकी
- 0:20डिजाइनिंग कैसे की है इसको समझना बहुत
- 0:22जरूरी है। तो इस वीडियो में पूरे वन शॉर्ट
- 0:25वीडियो के अंदर मैं आपको कंप्लीट सिस्टम
- 0:28डिजाइन के बारे में बताने जा रहा हूं और
- 0:30मैंने ना इसको ना आठ मॉड्यूल्स में डिवाइड
- 0:33कर दिया है। मतलब कहने का कि बहुत बड़ा ये
- 0:35कंप्लीट आपकी जो सीरीज है इसको मैंने आठ
- 0:38यूनिट्स में डिवाइड कर दिया है। सबसे पहले
- 0:40हमारे पास बेसिक फाउंडेशन के बारे में
- 0:42पढ़ेंगे। हाई लेवल डिज़ाइन क्या है? लो
- 0:44लेवल डिज़ाइन क्या है? अलग-अलग सिनेरियोस
- 0:46में स्केलिंग कैसे की जाती है? हॉरिजॉन्टल
- 0:48स्केलिंग क्या है? वर्टिकल स्केलिंग क्या
- 0:50है? वेब इंफ्रास्ट्रक्चर। अब देखो यार
- 0:52आपको पता है हम डेली बेसिस पे जो भी
- 0:54एप्लीकेशन हम लोगों ने तो यूजर इंटरफेस
- 0:57ओपन किया हुआ है। मतलब चाहे आप वेब
- 0:59एप्लीकेशन के थ्रू करो, चाहे मोबाइल
- 1:00एप्लीकेशन के थ्रू करो। हम तो यूआई पे
- 1:02जाके क्लिक-िक कर देते हैं। लेकिन बिहाइंड
- 1:04द सीन कैसे रिक्वेस्ट सर्वर पे जा रही है।
- 1:06कैसे डेटाबेस इंटैक्ट कर रही है? पूरा
- 1:08आर्किटेक्चर समझना जरूरी है। देन एपीआई और
- 1:12कम्युनिकेशन की बात करूं तो सारा का सारा
- 1:14काम कर कौन रहा है? अलग-अलग एपीआई
- 1:16एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस सारी की
- 1:18सारी डिटेल में करेंगे। देन डेटाबेस एंड
- 1:21डेटा स्केलिंग। ऑब्वियसली यार यहां पे हम
- 1:23लोग जो है वो अल्टीमेटली मेरा डेटा कहां
- 1:26से निकल के आएगा? डेटाबेस से लेके आएगा।
- 1:27अब डेटाबेस ऐसा तो है नहीं कि फिक्स्ड हो
- 1:29गया। कभी मुझे बहुत ज्यादा इंक्रीस भी
- 1:31करना पड़ सकता है। तो मेरी हॉरिजॉन्टल,
- 1:33वर्टिकल स्केलिंग, शार्डिंग, पार्टीशनिंग
- 1:35सब चीजों को हम एक-एक करके करेंगे।
- 1:37डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम्स। ऑब्वियसली हम
- 1:39सेंट्रलाइज सिस्टम पे काम नहीं कर सकते।
- 1:41हमारी एप्लीकेशन पूरे इंडिया में पूरे पैन
- 1:44इंडिया में या पूरे ग्लोबली चल रही है तो
- 1:46यार उसमें मेरे को डिस्ट्रीब्यूटेड वे से
- 1:48काम करना पड़ता है। मेरे को सीक्वल डेटा
- 1:50नो सीक्वल डेटा सारी चीजों पे काम करना
- 1:52पड़ता है। आर्किटेक्चर प्रिंसिपल हम लोगों
- 1:54ने माइक्रो सर्विज पे भी काम करना है। हम
- 1:57लोगों ने सिक्योरिटी ऑथेंटिकेशन पे भी काम
- 1:59करना है। हमें टोकंस को भी समझना है। जे
- 2:01डब्ल्यूटी टोकंस क्या होते हैं? कैसे
- 2:03ऑथेंटिकेट किया जाता है? कैसे ऑथराइज किया
- 2:05जाता है? तो एक-एक करके इन सारे चैप्टर्स
- 2:07को आप लोग जो है वो एक ही वीडियो में पढ़
- 2:10सकते हो। और लास्ट में रियल वर्ल्ड सिस्टम
- 2:13डिजाइन। हम लोग कुछ जो पॉपुलर सिस्टम्स है
- 2:15जैसे Instagram है, आईआरसीटीसी है उनका
- 2:18कंप्लीट डिजाइन भी पढ़ेंगे ताकि इंटरव्यूज
- 2:21में कॉलेज यूनिवर्सिटी एग्जाम में कोई भी
- 2:23पूछ ले आप इजीली आंसर दे सको। तो चलो
- 2:25फटाफट से डाइव इन करते हैं सिस्टम डिज़ाइन
- 2:28के अंदर।
- 2:32तो सबसे पहले यहां पे इंपॉर्टेंट टॉपिक
- 2:34आता है कि व्हाट हैपेंस व्हेन वी ओपन एन
- 2:38एप्लीकेशन इन आवर फोन? या फिर अगर मैं
- 2:41अपने लैपटॉप में किसी ब्राउज़र पे कोई भी
- 2:43वेबसाइट को ओपन करता हूं। द वेरी फर्स्ट
- 2:46स्टेप क्या होता है? ये हमें पता होना
- 2:48बहुत जरूरी है। क्योंकि इसी से ही हमारा
- 2:51बेसिक फाउंडेशन क्लियर होता है। तो देखो
- 2:53मैं वही हॉटस्टार वाला एग्जांपल क्योंकि
- 2:56मैंने स्टार्टिंग में ही सिस्टम डिज़ाइन के
- 2:58अंदर जो हमारा सिलेबस था इंट्रोडक्शन था
- 3:00उसमें भी यही एग्जांपल लिया था और यही
- 3:02एग्जांपल मैं आगे कंटिन्यू करूंगा सारी
- 3:04वीडियोस के अंदर। तो देखो सबसे पहला स्टेप
- 3:08क्या है? व्हेन द यूजर टैप्स द ऐप मतलब
- 3:11यूजर ने क्या किया? उसने Jio Hotstar को
- 3:13डाउनलोड किया हुआ था ऑलरेडी। तो उसने क्या
- 3:16किया? उस एप्लीकेशन के ऊपर क्लिक किया
- 3:18उसको ओपन करने के लिए। तो क्या होगा? द
- 3:20वेरी फर्स्ट स्टेप इज़ जब आप टैप करते हो
- 3:22एप्लीकेशन को तो होता क्या है? जो आपका
- 3:24एप्लीकेशन है जो उसका पूरा कोड है वो कहां
- 3:28पे आ जाता है? ऑपरेटिंग सिस्टम जो है वो
- 3:30उसको RAM के अंदर लेके आ जाता है। ठीक है
- 3:33जी? हमें रैंडम एक्सेस मेमोरी के बारे में
- 3:35ऑलरेडी पता है। तो रैेम के अंदर आपकी एक
- 3:37तरह से एप्लीकेशन आ गई क्योंकि अब वो
- 3:39रनिंग मोड के अंदर है। रनिंग चीज हमेशा
- 3:41रैम के अंदर होती है। तो रैम के अंदर आ गई
- 3:43जी वो रनिंग कोड। अब सबसे पहले चेक करेगा
- 3:45कि क्या इंटरनेट कनेक्टेड है या नहीं है।
- 3:48अगर इंटरनेट कनेक्टेड है तभी आगे प्रोसेस
- 3:50होगा। अदरवाइज वो वहीं पे स्टॉप कर देगा।
- 3:53अगर कैश वगैरह में कोई पुरानी फोटोज वगैरह
- 3:55पड़ी हुई है। अगर आपने पहले से ओपन किया
- 3:57होगा इस ऐप को तो वो दिखा देगा। अदरवाइज
- 3:59एरर आ जाएगा। तो लेट्स सपोज हमने इंटरनेट
- 4:01को कनेक्ट किया हुआ है। तो हमारे पास
- 4:03दूसरा स्टेप क्या होगा? ऐप सेंड द एपीआई
- 4:06रिक्वेस्ट। अब जो ऐप है मतलब यहां पे ये
- 4:08मेरा क्लाइंट हो गया ना? अब ये जो मेरी ऐप
- 4:10है मेरे सिस्टम में वो क्या है? क्लाइंट
- 4:12है। वो क्लाइंट क्या करेगी? सर्वर को
- 4:14कनेक्ट करने के लिए रिक्वेस्ट भेजेगी और
- 4:17उसने सबसे पहली रिक्वेस्ट क्या भेजी? गेट
- 4:20एpआई.star.com
- 4:23होम फीड। मतलब जो इसका होम पेज है मुझे
- 4:26इसको ओपन करना है तो सर्वर को उसकी
- 4:28रिक्वेस्ट भेजेगी। तो यहां पे एपीआई जो है
- 4:30वो आएगा एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस
- 4:32और वो क्लाइंट की तरफ से सर्वर को बोलेगा
- 4:35कि भैया मेरे को इसका होम पेज लाके दो।
- 4:38लेकिन अब यार ये जो हमारी मशीन है मशीन को
- 4:41पहले क्या पता होना चाहिए? IP एड्रेस।
- 4:43सर्वर को कनेक्ट करने के लिए उसको क्या
- 4:45चाहिए? IPपी एड्रेस। उसको नहीं पता ये होम
- 4:47पेज होम फीड क्या है? उसको तो IPपी एड्रेस
- 4:50चाहिए। तो IP एड्रेस लाने के लिए सबसे
- 4:52पहली चीज क्या है? अब मैंने तो IPपी
- 4:54एड्रेस कहीं पे लिखा नहीं है और यूजर तो
- 4:56IPपी एड्रेस याद रख नहीं सकता क्योंकि
- 4:57नंबर्स है वो 32 बिट का भी हो सकता है
- 5:00IPV4 में। IPV6 में वो 128 बिट का हो सकता
- 5:03है। तो यार इतने नंबर्स थोड़ी ना याद
- 5:05रखोगे। हम तो डोमेन नेम को याद रखते हैं
- 5:07क्योंकि वो इजी है। तो नेम को याद रखते
- 5:09हैं तो भैया फोन क्या बोलेगा? फिर डीएनएस
- 5:12सर्वर को बोलेगा कि भैया मेरे को इसके
- 5:14कॉस्पोंडिंग इस नेम के कॉस्पोंडिंग इस
- 5:16हॉटस्टार के कॉस्पोंडिंग मेरे को IPपी
- 5:18एड्रेस ला के दे। तो डीएनएस क्या करेगा?
- 5:22बोलेगा व्हाट इज द IP ऑफ API.com
- 5:25तो फिर डीएनएस रिप्लाई करेगा कि यह ले
- 5:27भैया यह रहा तेरा IPपी एड्रेस मतलब ये
- 5:30IPपी एड्रेस किसका है? ये सर्वर का एड्रेस
- 5:32है कि जा इस पर्टिकुलर एड्रेस पे और सर्वर
- 5:35का जाके दिमाग खा और फिर वो सर्वर जो है
- 5:37वो आपको आगे सारी चीजें प्रोवाइड करेगा जो
- 5:40भी वीडियोस, पोस्ट, रिकमेंडेशन जो भी आपको
- 5:42चाहिए। तो यहां पे आपकी रिक्वेस्ट जो है
- 5:44वो किसके पास गई? डीएनएस सर्वर के पास गई।
- 5:46अब यहां पे पूछ लेते हैं कई बार इंटरव्यूज
- 5:48के अंदर कि भैया डीएनएस सर्वर में
- 5:50क्या-क्या होता है? तो डीएनएस सर्वर में
- 5:52सबसे इंपॉर्टेंट चीज याद रखना कि हमारे
- 5:54पास होता है रिकर्सिव रिजॉल्वर। क्या होता
- 5:57है जी? रिकर्सिव रिसॉल्वर।
- 6:00अब ये क्या करता है भाई साहब? ये इसका नाम
- 6:03ही रिकर्सिव रिज़ॉल्वर का मतलब है कि ये जब
- 6:05तक IPपी एड्रेस प्रोवाइड नहीं करेगा तब तक
- 6:07ये रिकर्सिवली काम करता रहेगा। अब कई बार
- 6:10क्या होता है? इनिशियल स्टेप है जिन
- 6:12एप्लीकेशनेशंस को हम ओपन करते हैं
- 6:13फ्रीक्वेंटली तो आपका जो जैसे फॉर
- 6:16एग्जांपल आपका आईएसपी जो इंटरनेट सर्विस
- 6:18प्रोवाइडर है वही स्टोर कर लेता है आईपी
- 6:20एड्रेसेस को तो आपको डायरेक्ट बिना टाइम
- 6:22वेस्ट किए दे देगा ये आईपी एड्रेस हो सकता
- 6:24है Google के ऑलरेडी जो है वो डीएनएस
- 6:26पब्लिक डीएनएस अवेलेबल है वहां से आपको
- 6:28आईपी एड्रेस मिल जाए क्लाउड फेयर के है या
- 6:31गो डडी के है वहीं से ही आपको तुरंत जो है
- 6:33वो उन्होंने कैश करके रखे होते हैं ताकि
- 6:35ज्यादा टाइम वेस्ट ना हो लेकिन अगर आप
- 6:37किसी एप्लीकेशन को पहली बार ओपन कर रहे हो
- 6:39तो रिकर्सिव रिज़ॉल्वर फिर क्या करेगा? वो
- 6:42रूट सर्वर के पास जाएगा क्योंकि उसको
- 6:44आईएसपी से नहीं मिला। उसको Google डीएनएस
- 6:48से नहीं मिला। उसको GD से कहीं से नहीं
- 6:50मिला। तो फिर वो अब फाइनली रूट सर्वर के
- 6:52पास जाएगा। और रूट सर्वर दुनिया में है
- 6:54कितने? 13 रूट सर्वर है। तो जो भी
- 6:56नियरेस्ट है। जैसे इंडिया के नियरेस्ट
- 6:58जापान में है तो भैया जापान के रूट सर्वर
- 7:00पे जाएगा कि मेरे को इसका जो है वो आईपी
- 7:02एड्रेस ला के दे। और रूट सर्वर क्या करता
- 7:04है? टॉप लेवल डोमेन के पास जाता है जैसे
- 7:07डॉट कॉम हैgi है कि भैया मेरे को ये
- 7:09कॉरेस्पोंडिंग आईपी एड्रेस चाहिए और
- 7:11टीएलजी जो टॉप लेवल डोमेन है ये क्या करता
- 7:14है ये एक्चुअल में ऑथोराटेटिव सर्वर्स
- 7:16होते हैं और उनमें सारी की सारी जो है वो
- 7:19IPपी एड्रेसेस कॉरेस्पोंडिंग टू द डीएनएस
- 7:21आईपी एड्रेस सारी सेव होती है और फिर आपको
- 7:23प्रोवाइड करता है कि ये ले भाई आईपी
- 7:25एड्रेस और फिर ये आईपी एड्रेस किसको मिलता
- 7:27है फाइनली जाके IPपी एड्रेस मिलता है और
- 7:29फिर हम सर्वर के साथ कनेक्टिविटी करते
- 7:31हैं। तो ये बड़ा छोटा सा पॉइंट है लेकिन
- 7:33बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है क्योंकि ये
- 7:35स्पेशली जब भी सिस्टम डिजाइन की बात करते
- 7:37हैं या फिर नेटवर्क कनेक्टिविटी की बात
- 7:39करते हैं तो आपसे कई बार पूछ लेते हैं ये
- 7:40पॉइंट जो है वो याद रखना सिस्टम डिज़ाइन की
- 7:42जब भी हम बात करते हैं किसी भी कंपनी का
- 7:45किसी भी एप्लीकेशन का सिस्टम डिज़ाइन के
- 7:47अंदर आपको बहुत ज्यादा क्वेश्चन पूछे जाते
- 7:49हैं और रिसेंटली मैं मेटा के एक एंप्लई का
- 7:52इंटरव्यू पढ़ रहा था जिसमें वो क्लियर कट
- 7:54बोल रहा था कि यार आज के टाइम पे इस चीज
- 7:57के बारे में स्टूडेंट्स को पता होना बहुत
- 8:00ज्यादा जरूरी है किसी भी एप्लीकेशन का हाई
- 8:03लेवल डिज़ाइन क्या होता है? क्या-क्या
- 8:04कॉम्पोनेंट्स आते हैं? और लो लेवल डिज़ाइन
- 8:07क्या होता है? और उसके अंदर क्या-क्या
- 8:08कॉम्पोनेंट्स आते हैं? ये चीज बहुत ज्यादा
- 8:11पूछी जाती है। अब देखो हाई लेवल डिज़ाइन की
- 8:13बात करें तो मतलब एक बड़ी पिक्चर की एंटायर
- 8:15सिस्टम की हम लोग बात करते हैं। और जब हम
- 8:18लो लेवल डिज़ाइन करते हैं तो मतलब उसका एक
- 8:20कॉम्पोनेंट है। उसी एक कॉम्पोनेंट के अंदर
- 8:22क्या-क्या मेरे मॉड्यूल्स होंगे,
- 8:24क्या-क्या चीजें होंगी? कोडिंग के पॉइंट
- 8:26ऑफ व्यू से भी आप बोल सकते हो। जैसे
- 8:27एग्जांपल के तौर पे इंडियन रेल्वेज का
- 8:29एग्जांपल लेते हैं। अब पूरे इंडियन
- 8:31रेल्वेज का जो एंटायर सिस्टम है, जो पूरी
- 8:34एप्लीकेशन है, इसको मैं बोल सकता हूं हाई
- 8:36लेवल डिज़ाइन। लेकिन उसके अंदर लेट्स सपोज
- 8:39मैंने सिर्फ बुकिंग वाला जो सिस्टम है,
- 8:41सिर्फ सीट बुकिंग वाले सिस्टम को मैंने
- 8:43अगर कोड करना है या उसको प्रॉपर डिज़ाइन
- 8:46करना है। उस चीज़ के लिए हम लोग बोल सकते
- 8:48हैं कि वो एक लो लेवल डिज़ाइन है एक
- 8:50पर्टिकुलर चीज़ का। तो है ऑब्वियसली आपस
- 8:53में रिलेटेड ही है। ये कोई ऐसा नहीं है कि
- 8:54ये अलग चीज है वो अलग चीज है। वो एक बड़ी
- 8:57पिक्चर हो गई और उस एक बड़ी पिक्चर में एक
- 8:59छोटे कंपोनेंट्स को अगर हम बहुत अच्छे से
- 9:01डिटेल में कर रहे हैं। दैट इज अ लो लेवल
- 9:03डिज़ाइन। अब यहां पे भाई iआरसीटीc वाला
- 9:05एग्जांपल बात करें तो हाई लेवल डिज़ाइन में
- 9:07क्या-क्या चीजें आ सकती हैं? देखो सबसे
- 9:08पहले यूजर होगा। कोई ना कोई वेब एप्लीकेशन
- 9:11iआरसीटीc की या फिर मोबाइल एप्लीकेशन को
- 9:13ओपन करेगा और उसके बाद आपको सबसे पहले
- 9:16क्या करना पड़ेगा? अपना ऑथेंटिकेशन। तो
- 9:18यहां पे हाई लेवल डिज़ाइन में सबसे पहले
- 9:20हमें क्या रखना पड़ेगा? एक ऑथेंटिकेशन
- 9:22सर्विस को रखना पड़ेगा कि बंदा जो है वो
- 9:25साइन इन कर सके और साइन इन करने के लिए हम
- 9:28लोग जो है वो उसको अलग-अलग प्रोविजन दे
- 9:30सकते हैं कि भैया वो ईमेल आईडी से वो
- 9:32मैसेज के थ्रू या वो अपने नंबर के थ्रू,
- 9:35Google आईडी के थ्रू, Apple आईडी के थ्रू
- 9:37देयर आर वेरियस थिंग्स कि हम उसको कैसे
- 9:39ऑथोराइज कर रहे हैं। अब उसके बाद लेट्स
- 9:42सपोज जब वो ऑथेंटिकेट हो गया प्रॉपर्ली।
- 9:44अब उसके बाद क्या करेगा वो? सर्च करेगा।
- 9:46क्या सर्च करेगा? मल्टीपल चीजें सर्च कर
- 9:49सकता है कि भैया मेरे को कोई पर्टिकुलर
- 9:51ट्रेन के लिए कोई टिकट करवानी है तो मुझे
- 9:53ट्रेन की सर्चिंग करनी है। मुझे टाइम की
- 9:55सर्च करनी है। मुझे रूट की सर्च करनी पड़
- 9:57सकती है। तो यहां पे मल्टीपल माइक्रो
- 9:59सर्विसेस होंगी। एक होगी ऑथेंटिकेशन के
- 10:01लिए एक होगी आपकी सर्च के लिए। उसके बाद
- 10:04जब सर्चिंग हो गई उसको पता लग गया कि मुझे
- 10:06ये वाली ट्रेन के अंदर करवानी है टिकट। तो
- 10:09फिर यहां पे ऑब्वियसली सीट बुकिंग वाला जो
- 10:12है वो एक अलग से आपको सर्विस बनानी पड़ेगी
- 10:15कि भैया बंदा जो है वो सीट के ऊपर सिलेक्ट
- 10:17करे कि मेरे को इस कोच के अंदर इस सीट के
- 10:19अंदर जो है वो मेरे को बुकिंग करवानी है।
- 10:21ये डेट है ये सारी चीजें। और फिर उसके बाद
- 10:23जो है वो जो उसके अंदर जो किया वो सारा
- 10:26फिर ऑब्वियसली पेमेंट वगैरह करेगा और उसके
- 10:28बाद उसको एक नोटिफिकेशन आएगा कि भैया जो
- 10:30आपने सीट करवाई है वो आपकी बुकिंग हो चुकी
- 10:33है। लेकिन क्या इतना ही है सिर्फ नहीं।
- 10:35इसके अलावा बहुत सारी अलग से भी चीजें हैं
- 10:37कि भैया हो सकता है कि उसको चेंज करवाना
- 10:40पड़ जाए। मतलब अपनी टिकट्स को अपडेट करना
- 10:42है। मतलब उसको कोई लेट सपोज कोई काम हो
- 10:45गया तो उसको डेट चेंज करनी है या टिकट का
- 10:48लेट्स सपोज सीट चेंज करनी है। ये सारी
- 10:50चीजें सीट नहीं मिल रही तो तत्काल की
- 10:52सर्विस है। तो इतना कुछ जो है वो मल्टीपल
- 10:55सर्विसेज जो है वो यहां पे रखनी पड़ती है।
- 10:57तब जाके एक एंटायर सिस्टम को बनाया जाता
- 10:59है। और इसके अलावा जैसे रेडिस कैशे
- 11:01ऑब्वियसली कुछ इंफॉर्मेशन ऐसी होती है जो
- 11:04उसको फटाफट से हमें देनी है। कुछ चीजें
- 11:06ऐसी हैं। अब मेरा डेटाबेस है सीक्वल
- 11:08डेटाबेस। नो सीक्वल डेटाबेस कौन-कौन से
- 11:10टेबल्स होंगे यहां पे? उन टेबल्स को कैसे
- 11:13हम स्टोर करेंगे? इवन यहां पे एक आपका
- 11:15क्यूज़ आपको पता है कि जब उसकी टिकट हो गई
- 11:17या फिर उसकी टिकट कैंसिल हो गई, कुछ भी
- 11:19हुआ तो मुझे उसको एक एसएमएस के थ्रू या
- 11:22मेल के थ्रू एक नोटिफिकेशन देना जरूरी है।
- 11:25ये सारी चीजें कहीं ना कहीं एक बड़े
- 11:27आर्किटेक्चर के अंदर आ जाती हैं। यही जब
- 11:29हम एक छोटे आर्किटेक्चर की बात करते हैं
- 11:31लो लेवल डिज़ाइन तो वहां पे स्पेशली आ जाती
- 11:33है आपकी क्लासेस। जैसे आपको पता है
- 11:36कौन-कौन से ऑब्जेक्ट होंगे आईआरसीटीसी
- 11:38में। यूजर हो गया सबसे पहले, ट्रेंस हो गई
- 11:40वहां पे, पीएआर हो गया वहां पे, कोच हो
- 11:43गया, सीट हो गई। तो मतलब इतने सारे रेलवे
- 11:46स्टेशंस हो गए। ये कहीं ना कहीं जो है वो
- 11:49क्लासेस आती है। उसके अंदर क्या
- 11:50ऑब्जेक्ट्स हैं? क्या क्लासेस के अंदर हम
- 11:52लोग मेथड्स देने वाले हैं? वो सारे मेथड्स
- 11:55क्या होंगे? और उसके अलावा क्या वेरिएबल्स
- 11:58होंगे? ये कहीं ना कहीं डिसाइड करना पड़ता
- 12:00है। इंटरफेससेस कौन-कौन से होंगे? डिजाइन
- 12:02पैटर्न हम लोग सिंगल टर्न रखेंगे कि भैया
- 12:04मेरे को एक बंदे के साथ कनेक्शन करना है
- 12:06या फैक्ट्री कनेक्शन रखेंगे। हो सकता है
- 12:08कि एक पेमेंट के लिए मुझे यूपीआई का भी
- 12:10देना पड़े। मुझे कार्ड भी देना पड़े या
- 12:12मुझे लेट्स सपोज डेबिट कार्ड, क्रेडिट
- 12:14कार्ड मल्टीपल जो है वो कहीं ना कहीं
- 12:16मेथड्स हो सकते हैं। तो मुझे डिज़ाइन
- 12:18पैटर्न्स को इसके हिसाब से जो है वो बनाना
- 12:20पड़ेगा। इवन तत्काल के अंदर फेयर बहुत
- 12:22ज्यादा हाई, बहुत ज्यादा लो ये कहीं ना
- 12:24कहीं या फिर आने वाले टाइम में आपको पता
- 12:26है कि कोई लेट्स सपोज छठ पूजा आ रही है तो
- 12:28उस टाइम पे आपको पता है कि बहुत ज्यादा
- 12:30बुकिंग रहेगी। तो इस चीज को कैसे मैनेज
- 12:32किया जाएगा ये सारी चीजें बिजनेस लॉजिक
- 12:35डेटाबेस स्कीमा कौन-कौन से टेबल ईच एंड
- 12:38एवरीथिंग आपको जो है वो लो लेवल में
- 12:40प्रॉपर्ली डिजाइन करना पड़ेगा। ये चीज मैं
- 12:43आपको इसीलिए बोल रहा हूं बार-बार कि
- 12:44इंटरव्यूज के अंदर बहुत सारी चीजें ऐसी
- 12:47पूछी जाती हैं। एग्जांपल के तौर पे मैं
- 12:49कुछ क्वेश्चंस भी लेके आया हूं जो कि आप
- 12:52लोगों ने सॉल्व करने हैं और आप लोगों ने
- 12:53प्रॉपर डिजाइन भी करना है। मैं स्पून फीड
- 12:55नहीं करना चाहता। क्रमिंग नहीं करवाना
- 12:57चाहता क्योंकि ये बड़ा ब्रेन स्टॉर्मिंग
- 12:59टॉपिक है। इसके ऊपर जब आप खुद से थोड़ा
- 13:01मत्थ मारोगे, थोड़ा सा मेहनत करोगे तब
- 13:03आपको और ज्यादा क्लेरिटी आएगी सिस्टम की
- 13:06कि कैसे-कैसे चीजें जो है वो काम करती है
- 13:08और आप बेटर आंसर दे सकोगे। तो ये सारे
- 13:10क्वेश्चंस के आंसर आपने निकालने हैं।
- 13:12प्रॉपर एक डिज़ाइन बनाना है। जब हो जाए तो
- 13:15भैया कमेंट सेक्शन में ओके जरूर लिख देना।
- 13:18डन लिख देना जो आपके दिल में आए ताकि मेरे
- 13:20को भी तसल्ली होगी कि भैया आपने वाकई में
- 13:22कुछ नया सीखा है। तो हाउ टू प्रिवेंट द
- 13:25डबल बुकिंग वेरीेंट कैसे लॉकिंग सिस्टम के
- 13:27थ्रू हम लोग डबल बुकिंग को एक ही सीट को
- 13:29रुकवा सकते हैं कि भैया ऐसा ना हो दो
- 13:31बंदों ने कर दिया और वहां पे जाके एक
- 13:33दूसरे को मार रहे हैं कि तू खड़ा हो भैया
- 13:35ये मेरी सीट है। हाउ टू हैंडल द तत्काल
- 13:37स्पाइक एकदम से स्पाइक आ गया तो कैसे उसको
- 13:40कंट्रोल किया जाए सर्च सर्विस को कैसे
- 13:42डिज़ाइन पेमेंट्स रोल बैक कैसे करनी है?
- 13:44कोई पेमेंट फेल होगी कैसे रोल सीक्वल को
- 13:46यूज़ करना है नो सीक्वल को बेटर कौन सा
- 13:48होगा व्हाई यूज़ रेड व्हाई यूज़ काफ का ये
- 13:51सारी चीजें आपको पता होनी चाहिए डिज़ाइन
- 13:53करना है आपको लो लेवल में भैया ट्रेन की
- 13:55क्लास को डिजाइन करना है बुकिंग की क्लास
- 13:57को कैंसिलेशन कैसे वर्क करेगा इसके अंदर
- 14:00भी आपको रूल देना पड़ेगा कि दो दिन पहले
- 14:02अगर बुकिंग कराते हो तो इतने परसेंट
- 14:03कटेंगे दो घंटे पहले कराते हो तो इतने
- 14:06कटेंगे ये सारे बिज़नेस लॉजिक आपको डिसाइड
- 14:08करके डालने पड़ेंगे व्हिच डिज़ाइन पैटर्न
- 14:10विल यू यूज़ हाउ डू यू मॉडल द वेट लिस्ट
- 14:13कैसे मॉडल करोगे हाउ विल यू डिज़ द पीएआर
- 14:16जनरेशन? ये क्वेश्चंस बहुत ज्यादा पॉपुलर
- 14:19है। जब ये आपको आ गए इसके कंपैरिजन में
- 14:22कोई बस बुकिंग का आ जाए, कोई एरोप्लेन
- 14:24बुकिंग का आ जाए। जब एक चीज आ गई तो यार
- 14:26आप 10 अपने आप उसके बाद सीख लोगे। लेट्स
- 14:29सपोज आपने एक छोटी सी पार्टी रखनी है
- 14:30जिसके अंदर 40-50 लोगों को आपने खाना
- 14:32खिलाना है। अब उस केस में आप क्या करोगे?
- 14:35या तो एक वेटर रखोगे या फिर मल्टीपल
- 14:38वेटर्स को वहां पे रखना पड़ेगा जो कि
- 14:39इजीली सारे लोगों को खाना खिला सकें। अब
- 14:42देखो अगर एक वेटर रखते हो तो भैया वो तो
- 14:45फिर कोई स्पाइडरमैन सुपरमैन टाइप ही रखना
- 14:47पड़ेगा जो कि शू शू करके सारे लोगों को
- 14:49फटाफट से खाना देता रहे। लेकिन उस केस में
- 14:52कहीं ना कहीं वो बंदा जो है वो फेल हो
- 14:55सकता है। तो इसकी बजाय आप क्या करोगे? 10
- 14:58लोगों को काम पे लगाओगे और उन 10 लोगों को
- 15:00आप ये सारी चीजें बताओगे कि भैया इस तरीके
- 15:03से खाना खिलाना है, स्नैक्स खिलाने हैं सब
- 15:05चीजें। तो कहने का मतलब क्या है कि जब हम
- 15:08स्केलिंग की बात करते हैं कि लेट्स सपोज
- 15:10मैंने एक दो लोगों को खाना खिलाना है घर
- 15:12पे तो मुझे वेटर की जरूरत नहीं है। हम लोग
- 15:14अपने आप से मैनेज कर लेंगे। लेकिन जब वही
- 15:16चीजें 40-50 पे चली जाती है या 100 200 पे
- 15:19चली जाती है तो वी नीड टू स्केल अप। तो
- 15:21मेरे को वहां पे दो तरीके से स्केलिंग
- 15:23होती है। एक होती है हॉरिजॉन्टल और एक
- 15:25होती है वर्टिकल। वर्टिकल का मतलब है वही
- 15:28स्पाइडरमैन वाला। वही सुपरमैन वाला वेटर
- 15:31कि मतलब एक ही मशीन है। मैंने उसको रेड
- 15:34बुल पिला पिला के या कुछ ऐसे ड्रिंक पिला
- 15:36पिला के उसको भैया बोल रहा हूं कि तूने ही
- 15:38करना है इन सबको। तूने ही खिलाना है इन
- 15:40सबको। दैट इज व्हाट अ वर्टिकल स्केलिंग।
- 15:43लेकिन हॉरिजॉन्टल का मतलब क्या है? नहीं
- 15:44यार क्यों बेचारी की जान लेनी है? 10
- 15:47लोगों को और रिक्रूट कर लो। 10 लोगों को
- 15:48और लगा लो काम पे और वो लोग सारे
- 15:51डिस्ट्रीब्यूटेड वे में काम कर लेंगे। दिस
- 15:53इज़ व्हाट हॉरिजॉन्टल स्केलिंग। और इसी चीज
- 15:54को आप एक छोटे से डायग्राम से भी समझ सकते
- 15:57हो। भैया ये रही आपकी वर्टिकल स्केलिंग एक
- 15:59ही सर्वर था उसके अंदर लेट्स सपोज चार कोर
- 16:02CPU रैम 8 GB स्टोरेज 100GB आपने क्या
- 16:05किया इसके अंदर पावर बढ़ाते जा रहे हो इसको
- 16:08एनर्जी ड्रिंक पिला पिला के इसके CPU 32
- 16:11कर दिया RAM 128 GB कर दी स्टोरेज दो
- 16:13टेराबाइट कर दिया तो कितनी कर लोगे यार एक
- 16:16लिमिट तक ही आप इसको लेके जा सकते हो ठीक
- 16:18है कॉस्ट इफेक्टिव है वेरीेंट कॉस्ट
- 16:20इफेक्टिव है छोटी जो कंपनीज़ है वो चीज़
- 16:23इसको कर सकती है लेकिन जब आप बड़ी कंपनी की
- 16:26बहुत लार्ज स्केल स्केलिंग की बात करते हो
- 16:28फिर ये वाला काम आ जाता है जहां पे एक
- 16:30सर्वर दो सर्वर तीन चार चार पांच अलग-अलग
- 16:33लोकेशनेशंस पे पड़े हैं उसी तरीके से
- 16:35डेटाबेस जो है वो कनेक्ट किया हुआ है और
- 16:36सों को नेटवर्क के साथ कनेक्ट किया हुआ है
- 16:38और यहां पे सबसे ज्यादा किसकी जरूरत
- 16:40पड़ेगी लोड बैलेंसर की पूछ लेते हैं कि
- 16:42भैया लोड बैलेंसर वर्टिकल में यूज़ होता
- 16:44है या हॉरिजॉन्टल में याद रखना हॉरिजॉन्टल
- 16:46में वर्टिकल में तो आपकी मशीन ही एक है तो
- 16:49आपने उसको मतलब एक ही वेटर है तो आप उसको
- 16:51क्या ही लोड बैलेंसर करोगे कि तू इधर जा
- 16:53ऑब्वियसली वही बंदा घूमेगा सारी जगह लेकिन
- 16:56यहां पे आपको पता है कि भैया एक रिक्वेस्ट
- 16:57को इधर भेजना है, एक रिक्वेस्ट को इधर, एक
- 16:59इधर तो लोड बैलेंसर की जरूरत पड़ेगी। बाकी
- 17:02की कहानी मेरे हिसाब से अब आप इजीली खुद
- 17:04से भी डिज़ाइन कर सकते हो कि क्या ही दोनों
- 17:06के बीच में फर्क होता होगा। ये देख लो जी।
- 17:08बाकी फिर भी मैं आपको दिखा देता हूं कि
- 17:10ट्रैफिक डिस्ट्रीब्यूशन रिक्वायर्स अ लोड
- 17:12बैलेंसर इन द हॉरिजॉन्टल। बट नो लोड
- 17:14बैलेंसर इज़ नेसेसरी बिकॉज़ ऑल रिक्वेस्ट आर
- 17:16हैंडल्ड बाय द सिंगल मशीन। हाई
- 17:18अवेलेबिलिटी बिकॉज़ फेलियर ऑफ़ वन सर्वर डज़
- 17:21नॉट स्टॉप द एंटायर सिस्टम। मतलब एक सर्वर
- 17:23अगर आपका डाउन हो गया ड्यू टू सम रीज़न
- 17:26भैया बाकी तो तब भी काम चल रहा है। मतलब
- 17:28एक वेटर बेचारा गिर गया किसी वजह से उसको
- 17:30चक्कर आ गए तो कोई बात नहीं बाकी के संभाल
- 17:32लेंगे। लेकिन यहां पे सिंगल पॉइंट ऑफ़
- 17:35फेलियर इसको क्या बोलते हैं? टेक्निकल
- 17:36टर्म में सिंगल पॉइंट ऑफ़ फेलियर। मतलब अगर
- 17:38वो वेटर बेचारा जो सुपरमैन स्पाइडरमैन की
- 17:40तरह काम कर रहा था अगर वो बेहोश हो गया तो
- 17:43फिर तो आपको ही करना पड़ेगा काम क्योंकि और
- 17:45तो कोई रीज़न वहां पे कोई और बंदा तो वहां
- 17:47पे है नहीं। देन सर्विसेस कम्युनिकेट ओवर
- 17:49द नेटवर्क। ऑब्वियसली अब यहां पे नेटवर्क
- 17:51का हैवीली यूसेज है। मतलब एक सर्वर दिल्ली
- 17:53में, एक मुंबई में। तो इस तरीके से आपको
- 17:55बहुत स्ट्रांग नेटवर्क चाहिए और वो
- 17:58नेटवर्क हमेशा चलता रहना चाहिए ताकि
- 18:00रिक्वेस्ट फटाफट से जाए, रिस्पॉन्स आए।
- 18:02एपीआई प्रॉपर्ली कम्युनिकेट करे एक दूसरे
- 18:04से। यहां पे ऐसे वाला पंगा ही नहीं है। एक
- 18:06ही मशीन है वही रिस्पॉन्ड कर रही है। तो
- 18:08इतना नेटवर्क का हैवीली यूटिलाइजेशन यहां
- 18:10पे नहीं होगा। लेकिन यहां पे काफी ज्यादा
- 18:12हो गया। देन मेंटेनिंग द डेटा
- 18:14सिंक्रोनाइजेशन। भैया ये भी अगेन प्रॉब्लम
- 18:16है कि आपको जो है वो डेटा कंसिस्टेंसी
- 18:18करनी पड़ेगी। मतलब एक के अंदर x की वैल्यू
- 18:21100 है। दूसरे के अंदर x की वैल्यू 150
- 18:23है। तीसरे के अंदर x की वैल्यू 200 है।
- 18:25भैया x की वैल्यू क्या है? मुझे क्या पता
- 18:27असली की वैल्यू क्या है? कोई बंदा बोल रहा
- 18:29है 100 है। कोई बोल रहा है 200 है। तो
- 18:30कहने का मतलब क्या है? कंसिस्टेंसी भी
- 18:32मेंटेन करनी पड़ेगी। सेम डेटा सब जगह
- 18:34मेंटेन रखना पड़ेगा। लेकिन यहां पे डेटा
- 18:37पड़ा ही एक जगह पे है तो कोई दिक्कत ही
- 18:38नहीं है।
- 18:42तो चलिए लोड बैलेंसर को समझते हैं हम एक
- 18:45सिंपल से एग्जांपल से। अगेन Jio Hotstar
- 18:47का एग्जांपल ले रहा हूं। देखो यार Jio
- 18:49Hotstar के साथ मेरी कोई ब्रांडिंग नहीं
- 18:51है। कोई उनका मतलब मेरे को कोई पैसेवैसे
- 18:53नहीं दे रहे। ठीक है? देना चाहे तो दे
- 18:54सकते हैं। बट ऐसी कोई है नहीं। तो देखो जब
- 18:57भी हम क्रिकेट मैच की बात करते हैं,
- 18:59आईपीएल की बात कर लो या कोई वर्ल्ड कप
- 19:00सेमीफाइनल कोई भी मैच की बात कर लो तो
- 19:02आपने देखा होगा कि यार करोड़ों यूजर एक ही
- 19:05टाइम पे मैच को देख रहे होते हैं। मतलब
- 19:07ऐसा भी होता है कई बार तो 20 20 22 30
- 19:09करोड़ लोग भी एक टाइम पे Hotstar की
- 19:12एप्लीकेशन पे मैचेस को लाइव देख रहे होते
- 19:14हैं। तो यार इतनी वैल्यूज को ये कैसे
- 19:17हैंडल कर सकता है? तो वहां पे सबसे पहली
- 19:20चीज आती है अकेला लोड बैलेंसर नहीं है। बट
- 19:22हां लोड बैलेंसर वन ऑफ द मोस्ट इंपोर्टेंट
- 19:25जो है वो यहां पे फंडा आता है। तो एक
- 19:27सिंपल से एग्जांपल से बताता हूं। मेरे पास
- 19:30क्या होते हैं जी? मल्टीपल सर्वर्स होते
- 19:32हैं। अब यहां पे क्या है? जब मेरी
- 19:34रिक्वेस्ट आती है या तो क्या हो सकता है?
- 19:36सारी रिक्वेस्ट मैं एक ही सर्वर पे डाल
- 19:38दूं। तो ये सर्वर क्या होगा? अब सर्वर की
- 19:40जो सीपीयू यूटिलाइजेशन है, पूरी ऊपर तक हो
- 19:43जाएगी। मतलब 100% तक हो जाएगी। मेमोरी फुल
- 19:46हो जाएगी। ये सीपीयू आपका मतलब एक तरह से
- 19:48सर्वर जो है वो क्रैश कर सकता है। तो ये
- 19:50ट्रैफिक पुलिस की तरह है भैया कि कुछ
- 19:53एप्लीकेशनेशंस कुछ रिक्वेस्ट को इधर भेज
- 19:55दिया, कुछ रिक्वेस्ट को इधर भेज दिया, कुछ
- 19:56रिक्वेस्ट को इधर भेज दिया, कुछ को इधर
- 19:58भेज दिया ताकि सबको बराबर का मौका मिल
- 20:01सके। तो इसीलिए इसकी डेफिनेशन क्या है?
- 20:03लोड बैलेंसिंग या कंप्यूटेशन भी बोल देते
- 20:05हैं। काइंड ऑफ़ कंप्यूटेशन ही तो है कि
- 20:07भैया लोड बैलेंसर एंट्री पॉइंट पे बैठा
- 20:09है। वो बताता है कि अच्छा ये रिक्वेस्ट आई
- 20:11है। तू इधर जा, तू इधर जा, तू इधर जा। भाई
- 20:13ट्रैफिक पुलिस की तरह भैया तुमने इधर जाना
- 20:15है, तुमने इधर जाना है। लाइक दैट। ठीक है?
- 20:16तो यहां पे ट्रैफिक क्या कर रहा है? ये
- 20:19सिस्टम दैट डिस्ट्रीब्यूट इनकमिंग ट्रैफिक
- 20:22अक्रॉस द मल्टीपल सर्वर्स। और ये क्यों कर
- 20:24रहा है? नो सिंगल सर्वर गेट ओवरलोडेड।
- 20:27जैसे कि मैंने अभी बताया एप्लीकेशन स्टे
- 20:29फास्ट। ऑब्वियसली यार ये भी हो सकता है कई
- 20:31सर्वर्स मेरे नजदीक पड़े हैं। कई सर्वर्स
- 20:34मेरे बहुत ज्यादा दूर पड़े हैं। तो
- 20:35ऑब्वियसली जितना ज्यादा ट्रैवल होगा उतना
- 20:38ही मेरा जो प्रोपेगेशन टाइम होगा वो
- 20:41ज्यादा होगा। क्योंकि प्रोपगेशन टाइम का
- 20:43फार्मूला क्या होता है? या प्रोपगेशन डिले
- 20:45भी बोल देते हैं इसको जो मेरा डिस्टेंस है
- 20:48डिवाइड बाय स्पीड ऑफ द सिग्नल। तो यार
- 20:50प्रोपगेशन डिले इज डायरेक्टली प्रोपोर्शनल
- 20:52टू द डिस्टेंस। जितना सर्वर दूर उतना
- 20:54प्रोपगेशन टाइम ज्यादा। हम क्या चाहते
- 20:56हैं? कम हो। तो ऑब्वियसली मैं क्या करता
- 20:58हूं? लोड बैलेंसर क्या करता है कि जो
- 21:00नियरेस्ट है उसी को रिक्वेस्ट जाए ताकि
- 21:02जल्दी डेटा मिले। देन सिस्टम रिमेंस
- 21:04अवेलेबल 24 * 7 अवेलेबल। हो सकता है कि एक
- 21:07सर्वर जो है वो मेरा फेल हो गया ड्यू टू
- 21:09सम रीज़न। तो मेरी रिक्वेस्ट जो है वो रूट
- 21:12हो जाएगी दूसरे के पास ताकि ऐसा ना हो
- 21:13उसको डेटा ना मिले। हमेशा अवेलेबिलिटी
- 21:16होनी चाहिए। मिलियंस ऑफ यूज़र्स कैन हैंडल
- 21:19स्मूथली। वही बात हो गई मिलियंस ऑफ यूज़र्स
- 21:21को हैंडल करता है स्मूथली। तो लोड बैलेंसर
- 21:23इज़ वन ऑफ़ द मोस्ट इंपोर्टेंट फंडा। अब
- 21:25यहां पे अगर आपसे पूछ ले इंटरव्यूज के
- 21:27अंदर या कॉलेज यूनिवर्सिटी एग्जाम में
- 21:28कहीं पे भी सबसे पहला आता है टाइप में
- 21:30हार्डवेयर। लोड बैलेंसर। हार्डवेयर का
- 21:32मतलब है एक डेडिकेटेड हार्डवेयर ही लगा
- 21:34दिया यार। मतलब पूरी की पूरी एक मशीन है।
- 21:37उसी को मैंने लगा दिया। उसी के अंदर
- 21:39सॉफ्टवेयर है। उसी के अंदर जो है वो सारा
- 21:41का सारा CPU, रैम, मेमोरी सब जो है वो लोड
- 21:45बैलेंसर के लिए ही डेडिकेटेड है। अब यहां
- 21:47पे फिजिकली डेडिकेटेड मशीन है। नाम भी F5,
- 21:50बिग आईपी एप्लायसेस जो है वो नाम भी याद
- 21:52रख सकते हो। ये स्पेशली यूज़ होती है
- 21:54क्योंकि डेडिकेटेड है तो डेटा सेंटर्स के
- 21:56अंदर एंटरप्राइज बड़ी कंपनीज़ जैसे Google
- 21:58है, YouTube है, दे कैन यूज़ इट वेरी
- 22:00पावरफुल। क्योंकि डेडिकेटेड है। किसी और
- 22:03काम के लिए नहीं यूज़ हो रहा है। जैसे क्या
- 22:04होता है? जैसे हमारी मशीन है, हमारा जो
- 22:06लैपटॉप है, अगर मैं लैपटॉप को सिर्फ एक
- 22:08काम के लिए यूज करूं कि गेमिंग के लिए यूज
- 22:10कर रहा हूं। ना मैं उसमें कोई वीडियो देख
- 22:12रहा, ना मैं उसमें कोई ब्राउज़र चला रहा,
- 22:14ना मैं उसके अंदर कोई मूवी देख रहा, कुछ
- 22:16नहीं। मैं सिर्फ गेम्स खेलूंगा तो एक ही
- 22:18काम के लिए डेडिकेट कर दिया। तो ऑब्वियसली
- 22:20ज्यादा यूटिलाइजेशन होगी। लेकिन ऑब्वियसली
- 22:22क्या होगा? एक्सपेंसिव भी होगा। क्योंकि
- 22:24मैं और काम इसके ऊपर नहीं कर रहा। मैंने
- 22:27सिर्फ उसी को उस काम के लिए ही रखा हुआ
- 22:29है। बट ठीक है। बड़ी कंपनीज़ जो है वो
- 22:31मेनली उनको क्या चाहिए होता है? 24 * 7
- 22:33अवेलेबिलिटी। तो वो एक्सपेंसिव वाले
- 22:35फैक्टर को ज्यादा नहीं देखती। छोटी कंपनीज
- 22:37को देखना पड़ता है। बट अगर आपसे पूछ ले तो
- 22:39पता होना चाहिए। फिर दूसरी कैटेगरी आ जाती
- 22:41है जी सॉफ्टवेयर। सॉफ्टवेयर का मतलब है कि
- 22:43ऑलरेडी कोई सर्वर है। उसी सर्वर को मैं
- 22:45मल्टीपल चीजों में यूज़ कर सकता हूं। उसी
- 22:48के ऊपर मैंने सॉफ्टवेयर चला दिया लोड
- 22:50बैलेंसर का। जैसे लinक्स का सर्वर है,
- 22:52क्लाउड वर्चुअल मशीनंस है या फिर
- 22:53kubernets है। उन्हीं के ऊपर मैंने जैसे
- 22:55एनginx एचए या फिर प्रॉक्सी एनवॉय इस
- 22:58तरीके के मेरे बहुत सारे सॉफ्टवेयर्स आते
- 23:00हैं। उन सॉफ्टवेयर्स को रन कर दिया। तो वो
- 23:02क्या कर रहे एज ए लोड बैलेंसर मेरा काम कर
- 23:04रहा है। यहां पे आप कह सकते हो कि भ
- 23:06डेडिकेटेड नहीं है क्योंकि वो सर्वर कोई
- 23:08और काम भी कर रहा है। तो थोड़ा सा
- 23:09प्रोसेसिंग में टाइम लग सकता है कंपेरेटिव
- 23:12टू द हार्डवेयर। बट ऑब्वियसली यहां पे
- 23:14कॉस्ट भी मेरी जो है वो बच रही है। तीसरा
- 23:17जो सबसे ज्यादा वाइडली यूज़ होता है
- 23:19क्योंकि आज के टाइम पे मैक्सिमम
- 23:21एप्लीकेशनेशंस आपको पता है कहां पे
- 23:22होस्टेड है। क्लाउड के ऊपर और क्लाउड में
- 23:25कौन है जी? तीन सबसे बड़े प्लेयर Amazon,
- 23:27Google, Microsoft तो तीनों ने क्या
- 23:29प्रोवाइड किए हुए हैं? अपने खुद के लोड
- 23:31बैलेंस प्रोवाइड किए हुए हैं। तो आपको
- 23:33चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्लाउड
- 23:34प्रोवाइडर खुद इनको देख लेगा। ये नेम्स
- 23:36इंपॉर्टेंट है क्योंकि इनके ऊपर जो है वो
- 23:38इंटरव्यूज में पूछा जाता है। आपको पता
- 23:41होना चाहिए। इसके अलावा एक और कैटेगरी
- 23:44यहां पे आती है लोड बैलेंस की। दैट इज
- 23:47लेयर फोर एंड लेयर सेवन। ये आपकी फायर
- 23:50वाल्स के अंदर भी आती है। लेयर फोर फायर
- 23:52वाल्स, लेयर सेवन। अब यार ये लेयर पता है
- 23:54कौन सी है? ये लेयर आपकी ओएसआई वाली
- 23:56लेयर्स हैं। ओएसआई में पता है ना आपको
- 23:58सेवन लेयर्स होती हैं। तो ये जो लेयर फोर
- 24:00वाला है ना लेयर फोर या फिर लेयर फाइव भी
- 24:03बोल देते हैं। ये क्या चेक कर सकता है?
- 24:05आईपी एड्रेस को चेक कर सकता है। पोर्ट
- 24:08एड्रेस को चेक कर सकता है। मतलब ये टीसीपी
- 24:10या फिर यूडीपी के ऊपर काम करता है। लेकिन
- 24:12ये लेयर सेवन दैट इज़ एप्लीकेशन लेयर पे
- 24:15काम नहीं करता। एप्लीकेशन लेयर का मतलब है
- 24:17जहां पे हम यूआरएल को भी चेक कर सकें।
- 24:19जहां पे हम हेडर्स को, कुकीज़ को, एपी
- 24:21राइट्स को भी रूट्स को भी चेक कर सकें। वो
- 24:24सारी चीजें यहां पे चेक होती है। जैसे कोई
- 24:26रिक्वेस्ट आई अब लोड बैलेंसर क्या देख
- 24:29सकता है? लोड बैलेंसर अगर सिर्फ IPपी
- 24:31एड्रेस को चेक कर सकता है या फिर पोर्ट
- 24:33नंबर को चेक कर सकता है तो मतलब ये कौन सा
- 24:35है? लेयर फोर का है। तो ये काम तो अच्छा
- 24:37करेगा लेकिन ये डेटा जैसे मेरे Instagram
- 24:40है। अब Instagram पे मुझे रील्स भी चाहिए
- 24:42जो कि वीडियोस है। मुझे वहां पे कुछ
- 24:44रिकमेंडेशंस मुझे अपलोडिंग भी चाहिए वहां
- 24:46पे। मुझे वहां पे कोई मैसेजेस भी आ रहे
- 24:48हैं तो चैट सेक्शन भी है। तो मेरे को यहां
- 24:51पे थोड़ा सा अगर स्मार्ट काम करना है कि
- 24:54मैं चेक कर सकूं लेयर सेवन वाला मैं यहां
- 24:56पे यूज़ कर सकता हूं। क्योंकि लेयर सेवन
- 24:58आईपी एड्रेस पोर्ट और ये तो सारे स्कैन कर
- 25:00ही सकता है लेकिन इसके अलावा एक्स्ट्रा
- 25:02चीजें भी ये स्कैन कर सकता है जो कि ये
- 25:05नहीं कर पाएगा। तो डिपेंडिंग अपॉन द
- 25:07रिक्वायरमेंट आप अलग-अलग लेयर्स के हिसाब
- 25:10से जो है वो यूज़ कर सकते हो। जहां पे इसकी
- 25:11रिक्वायरमेंट है इसको यूज़ करो। अदरवाइज आप
- 25:14लेयर सेवन को व्हिच इज मोर स्मार्टर बट
- 25:16ऑब्वियसली कंप्यूटेशन भी हाई है। इसमें
- 25:18थोड़ी कंप्यूटेशन कम है। कॉस्ट भी कम है।
- 25:20ये कंप्यूटेशन जो है वो ज्यादा कर रहा है।
- 25:22कॉस्ट भी ज्यादा है। तो ये जो है वो
- 25:24डिपेंड करता है आपकी यूसेज पे। लास्ट में
- 25:26आपसे कई बार पूछ लेते हैं कि क्या बड़ी-बड़ी
- 25:28कंपनीज़ के सिर्फ एक सिंगल लेयर में होते
- 25:31हैं लोड बैलेंसर्स? नहीं जी। बड़ी-बड़ी
- 25:33कंपनीज़ के डेटा सेंटर्स होते हैं अलग-अलग
- 25:35जगह पे। जैसे YouTube है। मतलब Google की
- 25:37आप एग्जांपल ले लो या फिर Instagram का
- 25:39एग्जांपल ले लो, Amazon का एग्जांपल ले
- 25:41लो। उन्होंने एक जगह पे डेटा सेंटर थोड़ी
- 25:43ना बनाए हैं। उन्होंने मल्टीपल जगह पे
- 25:45डेटा सेंटर्स बनाए हुए हैं। तो वो क्या
- 25:46करते हैं कि जैसे यूजर ने रिक्वेस्ट की कि
- 25:49भैया मेरे को ये आईपी एड्रेस को एक्सेस
- 25:50करना है। तो डीएनएस ने उसको आईपी एड्रेस
- 25:52प्रोवाइड कर दिया। अब उसके बाद क्या होगा?
- 25:54ग्लोबल लोड बैलेंसर एक ग्लोबल लोड बैलेंसर
- 25:57है जो सबसे मेन जो है वो चेक कर रहा है।
- 25:59फिर उसके अंदर आ गया जी रीजनल। मतलब
- 26:01इंडिया का अलग रीजन का आ गया। यूएसए अलग
- 26:04रीजन का आ गया। यूरोप अलग रीजन का आ गया।
- 26:06ऑस्ट्रेलिया का अलग रीजन। तो रीजनल के ऊपर
- 26:08भी डिपेंड करता है। और यहां पे एक टेक्निक
- 26:10यूज़ होती है जी एनी कास्ट। एनी कास्ट का
- 26:13फंडा क्या होता है कि आपके मल्टीपल
- 26:15सर्वर्स ना सेम IPपी एड्रेस पे रन करते
- 26:18हैं। मतलब मल्टीपल सर्व जो है वो सेम IPपी
- 26:21एड्रेस पे रन करते हैं। इससे एडवांटेज
- 26:23क्या मिलता है कि आपकी रिक्वेस्ट जो है वो
- 26:26चेक इन करने की जरूरत नहीं है। जो भी
- 26:27नियरेस्ट सर्वर होगा ना जो भी नियरेस्ट
- 26:30सर्वर होगा उसके पास रिक्वेस्ट चली जाती
- 26:32है। तो लोड बैलेंसर का काम ही ये है कि जब
- 26:34भी आपकी रिक्वेस्ट आएगी डायरेक्ट सर्वर पे
- 26:37नहीं जाएगी। सबसे पहले लोड बैलेंसर आएगा।
- 26:40वो बोलेगा मेरे को देखने दो। वो चेक करेगा
- 26:42कि ठीक है भैया उसके बाद वो बैक एंड पे जो
- 26:45भी सर्वर्स हैं Hotstar का है Google का
- 26:48है तब जाके वो रिक्वेस्ट वहां पे देगा। और
- 26:50ये भी इंपॉर्टेंट है। कई बार क्या होता है
- 26:52कि कुछ इंपॉर्टेंट डेटा जो फ्रीक्वेंटली
- 26:55यूज़ हो रहा है वो लोड बैलेंसर कैश भी कर
- 26:57लेते हैं कि आपकी रिक्वेस्ट क्यों भेजनी
- 26:59सर्वर पे? क्यों Google के सर्वर पे
- 27:00भेजनी? मैं यहीं से ही आपको रिस्पॉन्ड
- 27:03करके दे दूंगा। लेकिन वो होता है जैसे
- 27:05एग्जांपल के तौर पे आप ले लो कि कोई नई
- 27:07मूवी आई है तो उसकी प्रमोशन चल रही है तो
- 27:09उसका जैसे फॉर एग्जांपल वो आया है कोई ना
- 27:12कोई ट्रेलर आया है ठीक है तो वो ट्रेलर को
- 27:14बार-बार सर्वर पे जाने की बजाय YouTube पे
- 27:17वो खुद ही कैश करके रख लेंगे अपनी कैश
- 27:19मेमोरी में रख लेंगे जैसे ही आपकी
- 27:20रिक्वेस्ट आई यहीं से भेज देंगे ताकि आपका
- 27:22डेटा जल्दी से जल्दी आपके पास पहुंच सके।
- 27:24कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क सबसे ज्यादा
- 27:28वाइडली यूज होने वाला कांसेप्ट है। और
- 27:30इसका सिंपल सा यूज़ केस क्या है कि अगर आप
- 27:34इंटरनेट पे कोई भी कंटेंट ढूंढ रहे हो,
- 27:36किसी भी वेबसाइट से कोई कंटेंट निकालने की
- 27:39कोशिश कर रहे हो तो सीडीए का सिंपल पर्पस
- 27:42है कि आपको कम से कम टाइम में उस कंटेंट
- 27:45को प्रोवाइड करवाना। आप इसको सिंपल से
- 27:47एग्जांपल से समझ सकते हो कि अगर हम
- 27:49Instamar या फिर ब्लिंकिट से पहले जैसे हम
- 27:52Amazon वगैरह पे शॉपिंग करते थे तो क्या
- 27:54होता था Amazon पे चलो आज भी करते हैं बट
- 27:56होता क्या है जनरली कि हमने कुछ सामान
- 27:58मंगवाया उसमें दिखाता है कि दो या तीन दिन
- 28:00में आपकी डिलीवरी होएगी सामान की अगर आप
- 28:02प्राइम मेंबर है तो हो सकता है एक दिन बाद
- 28:04ही डिलीवरी हो जाए बट ब्लिंकिट या फिर अगर
- 28:07मैं Instामart की बात करूं उसमें क्या
- 28:08होता है कि मैक्सिमम चीजें आपको 10 से 15
- 28:11मिनट या फिर 20 मिनट के अंदर चीजें मिल
- 28:13जाती है। होता क्या है कि उन्होंने ये जो
- 28:16अपने वेयर हाउसेस हैं छोटे-छोटे इन्होंने
- 28:18क्या किया कि हर शहर में आपके नियरेस्ट
- 28:21लोकेशन के पास बना दिया ताकि आपको जल्दी
- 28:25से जल्दी आपका डेटा या कंटेंट या जो भी
- 28:28सामान आप मंगवा रहे हो वो आपको जल्दी से
- 28:30जल्दी मिल जाए। मतलब हर बार आपकी
- 28:32रिक्वेस्ट जो है वो हेड ऑफिसेस में या जो
- 28:35सबसे मेन सेंट्रलाइज्ड वेयर हाउस है वहां
- 28:38नहीं जा रही। उन्होंने डिस्ट्रीब्यूट करके
- 28:40रख दिया सामान को आपके नजदीक सेम कंटेंट
- 28:44डिलीवरी नेटवर्क करता है। हमें पता है कि
- 28:47हमारा ओरिजिनल डेटा आप YouTube को एक्सेस
- 28:49कर रहे हो। आप लेट्स सपोज Instagram को
- 28:50एक्सेस कर रहे हो, Jio Hotstar को एक्सेस
- 28:52कर रहे हो। व्हाटएवर वेबसाइट यू आर
- 28:54एक्सेसिंग उसमें आपको पता है कि आपका जो
- 28:56ओरिजिनल सर्वर है उसके अंदर सारा डेटा
- 28:59ओरिजिनल फॉर्म में पड़ा है। मतलब आपकी जो
- 29:01वीडियोस हैं, फोटो है, चैट्स एवरीथिंग
- 29:04कंटेनेंड एक्चुअल डेटा इन द ओरिजिनल
- 29:06सर्वर। लेकिन ओरिजिनल सर्वर हो सकता है कि
- 29:09यूएसए में पड़ा हो और आप इंडिया में
- 29:11चंडीगढ़ में बैठ के उस डेटा को एक्सेस
- 29:14करने की कोशिश कर रहे हो। तो ऑब्वियसली
- 29:15यार अगर ज्यादा ट्रैवल होगा तो ऑब्वियसली
- 29:18टाइम मेरा ज्यादा लगेगा। क्योंकि
- 29:19प्रोपगेशन टाइम किसके ऊपर डिपेंड करता है?
- 29:22डिस्टेंस के ऊपर। तो यार मैं क्या चाहता
- 29:24हूं उसको कम किया जाए। डिस्टेंस को कम
- 29:27करने का मतलब है हम लोग क्या यूज करते
- 29:29हैं? एज सर्वर्स को यूज़ करते हैं। एज
- 29:32सर्वर्स क्या करते हैं? स्टोर कर लेते हैं
- 29:34कैश्ड कॉपीज को। मतलब फ्रीक्वेंटली यूज्ड
- 29:38कंटेंट को उसकी एक कॉपी को वो सर्वर्स
- 29:41नियरेस्ट लोकेशन में रख देंगे। मतलब
- 29:42चंडीगढ़ से आप एक्सेस कर रहे हो तो हर बार
- 29:44ओरिजिनल सर्वर यूएस में नहीं जाएगी। हो
- 29:47सकता है उन्होंने बोर में एक एज सर्वर रख
- 29:50दिया। आपकी रिक्वेस्ट वहां पे जा रही है
- 29:52और आपका डेटा वहां से ही उठ के आ रहा है।
- 29:55तो ऑब्वियसली डिस्टेंस कम ट्रैवल होगा तो
- 29:57आपका टाइम कम लगेगा। इसी चीज को हम इस
- 30:00डायग्राम से भी देख सकते हैं। ये डायग्राम
- 30:02आपका इसी तरीके से काम कर रहा है। तो लो
- 30:04जी यूज़र्स हैं अलग-अलग ज्योग्राफिकल
- 30:07लोकेशनेशंस पे बैठ के डेटा को एक्सेस करने
- 30:08की कोशिश कर रहे हैं। तो बाय डिफ़ॉल्ट आपको
- 30:10पता है आपका डेटा जो है वो ओरिजिनल सर्वर
- 30:12पे जाएगा। मतलब आपका डेटा यहां पे पड़ा है।
- 30:14तो आपकी रिक्वेस्ट यहां पे जाएगी। बट
- 30:16मैंने क्या बोला? बीच में हमने क्या लगा
- 30:18दिया? यहां पे हमने एज सर्वर्स लगा दिया।
- 30:21एज सर्वर्स क्यों बोल रहे हैं? क्योंकि ये
- 30:22सेंट्रलाइज्ड सर्वर्स नहीं है। इनको हमने
- 30:25डिस्ट्रीब्यूटेड अलग-अलग लोकेशनेशंस पे रख
- 30:26दिया। और ये आपकी डेटा की कैश कॉपी को
- 30:29मतलब जो डेटा सबसे ज्यादा यूज़ेबल है उस
- 30:32डेटा को यहां पे रख सकते हैं। अब यहां पे
- 30:34दिमाग में आएगा कि सर अगर मेरा डेटा यहां
- 30:38पे है ही नहीं अगर उसकी कॉपी हो सकता है
- 30:40मैं पहली बार उस डेटा को एक्सेस कर रहा
- 30:42हूं तो उसकी कॉपी यहां पे कैश की फॉर्म
- 30:44में पड़ी ही नहीं तो फिर क्या होगा? फिर
- 30:46आपकी रिक्वेस्ट ऑब्वियसली ओरिजिनल पे
- 30:48जाएगी। बट हम लोग क्या कर रहे हैं? वी आर
- 30:50डूइंग व्हाट कि यार एटलीस्ट मेरा 80% भी
- 30:53अगर मेरी रिक्वेस्ट यहीं से हैंडल हो जाए
- 30:55तो मेरा काम जो है वो डन हो जाएगा। आप
- 30:57इसको एग्जांपल से भी समझ सकते हो। लेट्स
- 30:59सपोज यूजर का डेटा अगर मैं ओरिजिनल सर्वर
- 31:02की बात करूं तो यहां पे लेट्स सपोज
- 31:04एग्जांपल के तौर पे 2500 मिली सेकंड्स लग
- 31:08रहे हैं एक रिक्वेस्ट को हैंडल करने के
- 31:10लिए। और लेट्स सपोज यही अगर डेटा मैं अपने
- 31:13एज सर्वर से नियरेस्ट लोकेशन से कर देता
- 31:15हूं। तो लेट्स सपोज 20 मिलीसे लग रहे हैं।
- 31:17अब अगर मेरी 100 रिक्वेस्ट जा रही हैं तो
- 31:20यहां पे कितना टाइम लगेगा? 2000। क्योंकि
- 31:22एव्री रिक्वेस्ट 20 मिलीसे तो 100
- 31:24रिक्वेस्ट को मल्टीप्लाई कर दो। यहां पे
- 31:26कितना टाइम लगेगा? 25,000 मतलब 25,000 भी
- 31:29नहीं ₹.5 लाख के अराउंड जो है वो
- 31:31मिलीसेकंड यहां पे लगेंगे क्योंकि 2500 *
- 31:34100 करना पड़ेगा। अगर अब आपके दिमाग में आ
- 31:36रहा है कि सर ऐसा तो नहीं कि 100 की 100
- 31:38रिक्वेस्ट मेरी यहीं से हो जाएंगी। लेट्स
- 31:40सपोज अगर 80% भी हो गई आपकी, तो 80% के
- 31:44केस में भी आप कह सकते हो कि मैं इसका अगर
- 31:4680% लूं तो 80% केस में मतलब ये आपका 16
- 31:50मिली सेकंड हो गया। और 20% केस में अगर
- 31:53मैं इसका ले लूं तो 20% इसका क्या हो गया?
- 31:56500 मिलीसे हो गया। तो 500 + 16 मतलब
- 31:59अराउंड 516 मिलीसे का टाइम लगेगा। ठीक है
- 32:03यार? तब भी वो 2.5 लाख मिली सेकंड से तो
- 32:05बहुत कम है। तो यानी ये इस तरीके से आपका
- 32:09जो है वो प्रोपगेशन टाइम कम करके आपको
- 32:11डेटा जल्दी से जल्दी प्रोवाइड करता है।
- 32:13यही चीज मैंने इसकी वर्किंग में भी लिखी
- 32:15हुई है कि यूजर की रिक्वेस्ट जाती है पहले
- 32:17डीएनएस रिज़ॉल्वर के पास। क्योंकि आप तो
- 32:18डोमेन नेम लिख रहे हो। उसके कॉस्पोंडिंग
- 32:20आईपी एड्रेस मिल गया। आईपी एड्रेस मिलते
- 32:22ही आपकी रिक्वेस्ट जो है वो कहां पे
- 32:23जाएगी? आईपी एड्रेस किसका मिला? आपको
- 32:25नियरेस्ट सीडीएन एज सर्वर का मिला। आपको
- 32:28मेन सर्वर का नहीं सीडीए सर्वर का। अगर
- 32:30वहीं से आपको डेटा मिल गया। कैश को चेक
- 32:33किया। अगर कैश हिट हो गई। कैश हिट का मतलब
- 32:35है आपका डेटा उसके अंदर ही मिल गया तो
- 32:37आपको तुरंत दे दिया। जी। अगर लेट्स सपोज
- 32:39मिस हो गई। कैश मिस होता है। फिर ओरिजिनल
- 32:42सर्वर पे जाएगा और फिर ओरिजिनल सर्वर से
- 32:44आपका डाटा जो है वो पहुंचा दिया जाएगा। ये
- 32:47सिंपल सी कहानी है सीडीए की। व्हाट इज
- 32:50फॉरवर्ड प्रॉक्सी एंड व्हाट इज बैकवर्ड
- 32:52प्रॉक्सी? कहां पे लगती हैं? क्या काम
- 32:54करती हैं? सारी की सारी चीजें मैं आपको
- 32:56विद रियल लाइफ एग्जांपल एक्सप्लेन करूंगा।
- 32:58तो गाइस फटाफट से वीडियो को लाइक कर देना।
- 33:00चैनल को सब्सक्राइब कर देना। अगर अब तक
- 33:02आपने नहीं किया और अगर कर भी दिया तो और
- 33:03डिवाइसेस से सब्सक्राइब करवा सकते हो
- 33:05क्योंकि सब्सक्राइबर्स बहुत जरूरी है। चलो
- 33:07जी। तो स्टार्ट करते हैं। सबसे पहले मैं
- 33:09बात कर रहा हूं यहां पे फॉरवर्ड प्रॉक्सी
- 33:11की। पहली चीज आपको ये पता होना चाहिए कि
- 33:13भैया फॉरवर्ड प्रॉक्सी कहां पे लगती है?
- 33:16मतलब उसका प्लेस क्या है? तो भैया प्लेस
- 33:19क्या है इसका? जो यूज़र्स हैं जैसे आप, मैं
- 33:22हम सब क्या हैं? यूज़र्स हैं। तो हम
- 33:24वेबसाइट को ओपन करते हैं। एप्लीकेशनेशंस
- 33:26को ओपन करते हैं। तो हम एक नॉर्मल नेम
- 33:28यूज़र्स हैं। और हम लोग क्या करते हैं? जी
- 33:31इंटरनेट से कनेक्ट होते हैं। किससे कनेक्ट
- 33:33होते हैं? इंटरनेट से कनेक्ट होते हैं।
- 33:35हमारा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर हमें IPपी
- 33:37एड्रेस देता है। हम उससे कनेक्ट होते हैं।
- 33:38तो यार ये जो आपका फॉरवर्ड प्रॉक्सी है ना
- 33:41ये यहीं पे लगता है। कहां पे? यूजर और
- 33:44इंटरनेट के बीच में। डायग्राम में आपको
- 33:46यही दिख रहा है जी। मल्टीपल क्लाइंट्स
- 33:48हैं। क्लाइंट्स क्या होते हैं? यूज़र्स ही
- 33:50तो हैं। क्लाइंट मशीन मतलब मेरी मशीन।
- 33:51आपकी मशीन क्लाइंट मशीनंस है। और ये क्या
- 33:53होती है? इंटरनेट से कनेक्ट होती है। तो
- 33:55भैया यूजर आपकी मशीन और इंटरनेट के बीच
- 33:57में जो लगता है वो होता है फॉरवर्ड
- 33:59प्रॉक्सी। जैसे स्क्विड है, वीपीए है ये
- 34:02सारे के सारे अब आपके दिमाग में आएगा सर
- 34:04इसका काम क्या है? क्यों बीच में घुसा
- 34:05दिया? जी सबसे पहला एग्जांपल जो आपने झेला
- 34:08भी होगा आपकी कॉलेज यूनिवर्सिटी में जब हम
- 34:10पढ़ते हैं उस टाइम पे क्या होता है? जी
- 34:12बहुत सारी वेबसाइट्स को बहुत सारी चीजों
- 34:14को वो ब्लॉक कर देते हैं। तो ये ब्लॉकेज
- 34:16किसके थ्रू की जा सकती है? फॉरवर्ड
- 34:18प्रॉक्सी के थ्रू। क्यों? क्योंकि
- 34:20उन्होंने सारा कंट्रोल अपने हाथ में लिया
- 34:22होता है और वो क्या चाहते हैं कि भैया जो
- 34:23भी रिक्वेस्ट मेरी इस पर्टिकुलर के लिए जा
- 34:26रही है जैसे यूजर कह रहा है कि मेरे को
- 34:28Facebook एक्सेस करना है मेटा एक्सेस करना
- 34:30है तो उन्होंने अगर ब्लॉक कर रखा होगा तो
- 34:32आपकी रिक्वेस्ट आगे बायपास हो ही नहीं
- 34:33सकती यहीं पे स्टॉप हो जाएगी ये सिंपल सा
- 34:37पर्पस है एक क्या हो सकता है फॉरवर्ड
- 34:38प्रॉक्सी का इसके अलावा क्या हो सकता है
- 34:41भैया इंटरनेट में जो भी रिक्वेस्ट लेट्स
- 34:43सपोज आप YouTube को एक्सेस करने की कोशिश
- 34:45कर रहे हो Google को या किसी भी वेबसाइट
- 34:46को एक्सेस करने की कोशिश कर रहे हो अब
- 34:48उसके पास जब वो जो रिक्वेस्ट आएगी उसको
- 34:50आपका कुछ नहीं पता लगेगा कि भैया क्लाइंट
- 34:53वन से आई है क्लाइंट टू से नहीं उसको क्या
- 34:56दिखेगा सिर्फ फॉरवर्ड प्रॉक्सी का आईपी
- 34:58दिखेगा वो एक्चुअल में क्लाइंट का पता ही
- 35:01नहीं लगता तो यानी आपकी इंफॉर्मेशन को वो
- 35:04छुपा के भी रखता है दूसरों के लिए ताकि
- 35:07दूसरे जो है वो आपकी इंफॉर्मेशन ना देख
- 35:09पाए तो मतलब यहां से यहां कोई डेटा जा रहा
- 35:11है तो वो चेक करवाता है और आपके जो है वो
- 35:14यहां से वहां कोई वापस आ रहा है कोई
- 35:16रिक्वेस्ट का रिस्पांस यहां से यहां आ रहा
- 35:18है उसको उसको भी चेक करता है कि कोई
- 35:19अंडशंट डेटा ना आ जाए मेरे नेटवर्क के
- 35:22अंदर। ये सारे काम फॉरवर्ड प्रॉक्सी करता
- 35:24है। वेब फिल्टरिंग यही हो गया जी। मेरे को
- 35:27किसी को रोकना है तो मैं रोक सकता हूं। और
- 35:29हालांकि बच्चे और भी स्मार्ट है। जी।
- 35:31बच्चे क्या करते हैं? अपने सिस्टम में अलग
- 35:33से जैसे वीपीए वगैरह यूज़ करके वो बाईपास
- 35:36भी कर सकते हैं। वो भी क्या है? प्रॉक्सी
- 35:38ही है। बस उसमें होता क्या है कि आपने कोई
- 35:41एक पर्टिकुलर आईपी, एक पर्टिकुलर डोमेन
- 35:42नेम को ब्लॉक किया है। वो बाईपास कर देता
- 35:44है उसको चेंज करके। ज्योग्राफिकल लोकेशन
- 35:47को चेंज कर देगा। नेम चेंज कर देगा जिससे
- 35:49प्रॉक्सी ना पकड़ पाए। बट काम वो भी क्या
- 35:51है? प्रॉक्सी का ही है। बट उस प्रॉक्सी पे
- 35:53कंट्रोल आपका है। लेकिन इस प्रॉक्सी पे
- 35:56कंट्रोल जो है वो आपके कॉलेज यूनिवर्सिटी
- 35:57का है। बट है वो फॉरवर्ड प्रॉक्सी। कंटेंट
- 36:00को ब्लॉक करना है। प्राइवेसी प्रोटेक्शन
- 36:01होगी कि आपकी इनेशन आगे नहीं दिखाएगा।
- 36:04सिर्फ अपनी इनेशन दिखाता है। कैशिंग ये
- 36:06बड़ा इंपॉर्टेंट है। जी। कैशिंग का सिंपल
- 36:08सा पर्पस है कि बहुत सारे ऐसे केसेस होते
- 36:10हैं जहां पे आपकी फ्रीक्वेंटली यूज्ड डेटा
- 36:13है। कोई नया मूवी आया तो उसकी ट्रेलर है।
- 36:15तो वो उसने अपने पास ही रख लिया कैश करके
- 36:18कि क्यों फालतू में आपकी रिक्वेस्ट इतनी
- 36:20ट्रेवल करें। आपने रिक्वेस्ट की उस ट्रेलर
- 36:22की दिखा दिया दिखा दिया दिखा दिया। तो
- 36:24फटाफट से डेटा जो है वो इजीली आपको
- 36:26अवेलेबल और एक्सेस कंट्रोल भी भैया कौन
- 36:29इसको एक्सेस कर सकता है? कौन नहीं कर सकता
- 36:31फॉरवर्ड आपकी रिक्वेस्ट जाएगी नहीं जाएगी?
- 36:33ये सारे काम कौन करता है? जी आपका फॉरवर्ड
- 36:35प्रॉक्सी करता है। तो ये पॉइंट्स आपको पता
- 36:38होने चाहिए। अब इसी का ही दूसरा आ गया जी
- 36:40आपका रिवर्स प्रॉक्सी। ये कहानी क्या है?
- 36:43रिवर्स प्रॉक्सी पहले तो ये बता दो भैया
- 36:45बैठती कहां पे है? कहां पे होती है? तो ये
- 36:48आ गया जी आपका इंटरनेट। ठीक है? और ये आ
- 36:51गया जी आपका जो कंपनीज़ के अलग-अलग सर्वर्स
- 36:54है या फिर आप यह कह सकते हो कि कंपनी का
- 36:56अपना एक प्राइवेट नेटवर्क है। तो आपके
- 36:58कंपनी और आपके इंटरनेट के बीच में जो
- 37:01बैठता है वो है रिवर्स प्रॉक्सी। मतलब
- 37:03यूजर का यहां पे कोई कंट्रोल नहीं है।
- 37:06यूजर तो सिंपली इंटरनेट से कनेक्ट करेगा।
- 37:08तो इंटरनेट और जो कंपनीज़ का प्राइवेट
- 37:10नेटवर्क है उसके बीच में जो बैठता है दैट
- 37:12इज़ रिवर्स प्रॉक्सी जैसे एंजिस हो गया।
- 37:14Apache HTTP सर्वर हो गया। एच एच ए
- 37:17प्रॉक्सी हो गया। ये मल्टीपल जो है वो
- 37:19नेम्स आप याद रख सकते हो। कई बार आपको
- 37:21इंटरव्यू में पूछ लेते हैं। अब यहां पे
- 37:23इसका फायदा क्या है? सबसे पहला जी लोड
- 37:25बैलेंसिंग। मतलब जो भी रिक्वेस्ट मल्टीपल
- 37:28यूजर से आ रही है उन रिक्वेस्ट को क्या कर
- 37:31सकता है? रिवर्स प्रॉक्सी लोड बैलेंसिंग
- 37:33की तरह कि ये रिक्वेस्ट इधर जा ये
- 37:35रिक्वेस्ट इधर जा ये रिक्वेस्ट इधर जा
- 37:37ताकि ऐसा ना हो कि एक सर्वर मेरा ओवरलोड
- 37:39हो जाए ये काम भी कर सकता है जी आपका
- 37:41रिवर्स प्रॉक्सी एसएसएल टर्मिनेशन आपको
- 37:43पता है हम एचटीटीपी को यूज़ करते हैं
- 37:45एचटीटीपी एस को यूज़ करते हैं आज के टाइम
- 37:48पे क्योंकि हमें सिक्योरिटी चाहिए तो यार
- 37:50आपका जो यूजर है जो भी आपकी रिक्वेस्ट है
- 37:53वो सर्वर के साथ क्या करती है एक सिक्योर
- 37:56कनेक्शन क्रिएट करती है लेकिन हम क्या
- 37:58चाहते हैं कि यार सर्वर को क्यों परेशान
- 38:00करना करना बेचारा सर्टिफिकेट क्रिएट
- 38:02करेगा, सर्टिफिकेट को हैंडल करेगा, कीज़ को
- 38:05हैंडल करेगा, फालतू में सीपीू यूटिलाइज़ेशन
- 38:07होगा। ये वाले काम भी हम किसको दे देते
- 38:09हैं? रिवर्स प्रॉक्सी को दे देते हैं।
- 38:11मतलब जो भी एसएसएल कनेक्शन बनेगा वो सर्वर
- 38:13से नहीं बनेगा। वो आपका प्रॉक्सी से
- 38:15बनेगा। क्योंकि प्रॉक्सी तक आपकी
- 38:17रिक्वेस्ट चली गई। उसके बाद तो ये आपका
- 38:19उनका अपना प्राइवेट नेटवर्क है। वो बिना
- 38:21एचटीटीपीएस के भी भेज सकते हैं। अकेले
- 38:23एचटीटीपी से भी डेटा आपका जा सकता है।
- 38:25क्योंकि ये वाला कंट्रोल तो कंपनी के हाथ
- 38:27में है ना। वो चाहता है कि आपका रिक्वेस्ट
- 38:29एचटीपीएस के थ्रू जाए। आगे हम अपने आप
- 38:32संभाल लेंगे। तो यहां पे ये भी काम किया
- 38:34जा सकता है इसके थ्रू। कैशिंग वही सेम चीज
- 38:36होगी रिक्वेस्ट की। तो फालतू में हर बार
- 38:39वेब सर्वर को क्यों परेशान कर रहे हो?
- 38:40इतनी रिक्वेस्ट आ रही है। आप कुछ डेटा कैश
- 38:43करके रख लो। यहीं से ही उस डेटा को यूजर
- 38:45को दे दो वापस। सिक्योरिटी ऑब्वियसली
- 38:48सर्वर की जो इंफॉर्मेशनेशंस हैं वो हाइड
- 38:51करके रखेगा। क्योंकि आपकी रिक्वेस्ट सर्वर
- 38:53तक जा ही नहीं रही। मैक्सिमम रिक्वेस्ट
- 38:55आपकी रिवर्स प्रॉक्सी ही हैंडल कर देगा।
- 38:57यहीं से कैश करके दे देगा। या फिर यूजर को
- 38:59अगर देखना है कि मैं किस सर्वर से
- 39:00कनेक्टेड हूं। उसको सर्वर की ओरिजिनल
- 39:02लोकेशन, आईपी कुछ नहीं पता लगेगा। उसको
- 39:05सिर्फ रिवर्स प्रॉक्सी तक का पता लगेगा।
- 39:07तो यानी आपकी रिक्वेस्ट इसके अंदर आ ही
- 39:09नहीं पाई। प्राइवेट नेटवर्क में आ ही नहीं
- 39:11पाई। ये अपने आप हैंडल कर लेगा। क्योंकि
- 39:13हो सकता है कुछ मैशियस डेटा हो। कोई
- 39:15एसएसएल इंजेक्शन हो, कोई सीक्वल इंजेक्शन
- 39:17हो। तो भैया इस टाइप की चीजों को भी ये
- 39:19रोक सकता है। आगे जाने नहीं देगा। तो आपकी
- 39:22कंपनी का प्राइवेट जो नेटवर्क है वो
- 39:24सिक्योर रहेगा। वही हो गया जी डीडीओएस
- 39:26ऑब्वियसली यार एक ही आईपी से मल्टीपल
- 39:28एड्रेसेस आ रहे हैं मल्टीपल रिक्वेस्ट आ
- 39:31रही है या फिर अलग-अलग ज्योग्राफिकल
- 39:33लोकेशन से रिक्वेस्ट आ रही है बार-बार तो
- 39:35सिक्योरिटी ये भी रख सकता है रिवर्स
- 39:37प्रॉक्सी बोलेगा भैया डिनाइयल ऑफ सर्विस
- 39:39अटैक को बचाना है अगर सेम रिक्वेस्ट सेम
- 39:41आईपी से आ रही है तो मैं उसको ब्लॉक कर
- 39:43दूंगा अगर अलग-अलग से भी आ रही है तब भी
- 39:45वो पैटर्न्स को चेक करके रोक सकता है तो
- 39:48डीडीओएस अटैक डीओएस अटैक इन सबको भी हैंडल
- 39:51कर सकता है। इवन कंप्रेशन डेटा अगर आपके
- 39:53पास आ रहा है ये क्या कर रहा है उस डेटा
- 39:55को कंप्रेस भी कर सकता है कि क्यों फालतू
- 39:57में इतना बड़ा-बड़ा इनेशन देनी आपका डेटा
- 40:00प्रोसेस हो के यहां पे आया उसको कंप्रेस
- 40:02किया अगर डेटा कंप्रेस करेंगे साइज कम हो
- 40:05गया लेटेंसी भी कम होगी टाइम भी कम लगेगा
- 40:07बैंडविड्थ भी कम लगेगी ये इतने सारे काम
- 40:10भैया अकेला रिवर्स प्रॉक्सी कर सकता है
- 40:12व्हाट आर एसएसएल सर्टिफिकेट्स क्या होते
- 40:15हैं एसएसएल सर्टिफिकेट्स कैसे हम लोग इनको
- 40:18यूज़ करते हैं पूरा रियल लाइफ एग्जांपल के
- 40:21साथ आपको पढ़ाऊंगा। एसएसएल सर्टिफिकेट्स को
- 40:23आप ऐसे मान लो दीज़ आर बॉडीगार्ड्स ऑफ़ द
- 40:26इंटरनेट। तो इसको हम समझते हैं एग्जांपल
- 40:29से। आपने बहुत सारी वेबसाइट्स को डेली
- 40:31बेसिस पे ओपन करते ही हो। ठीक है ना? कभी
- 40:33ना कभी तो किया होगा ही। तो अगर आप कोई भी
- 40:36वेबसाइट को ओपन करते हो हम लोग क्या करते
- 40:38हैं? यूआरएल डालते हैं। यूआरएल कहां पे
- 40:40डालते हैं? इस तरीके से हम लोग यूआरएल जो
- 40:42है वो यहां पे लिखते हैं। जिसको मैं डोमेन
- 40:43नेम भी बोल सकता हूं। तो यहां पे अगर आप
- 40:45क्लिक करोगे ना इस पॉइंट पे अगर आप क्लिक
- 40:47करोगे तो क्लिक करते ही वहां पे आ जाता है
- 40:50कि कनेक्शन इज सिक्यर्ड और जब आप उस पे
- 40:52क्लिक करते हो तो इस तरीके से एक
- 40:54सर्टिफिकेट जो है वो ओपन होता है। जैसे
- 40:56मैंने एसबीआई को ओपन किया तो यहां पे अगर
- 40:58आप ध्यान से देखोगे कि यार इस सर्टिफिकेट
- 41:01को किसने ऑथराइज किया है? डीजी सर्ट ने
- 41:04ऑथराइज किया है। तो मतलब यह एक कंपनी का
- 41:06नेम है जो ऑथराइज करती है कि यह
- 41:08सर्टिफिकेट जो है यह एसएसएल सर्टिफिकेट
- 41:11हमारी तरफ से जो है वो दिया हुआ है। ऐसे
- 41:13ही एक और एग्जांपल आपको बता देता हूं।
- 41:15सीबीएसई की वेबसाइट मैंने यहां पे ओपन की
- 41:17है। तो सीबीएसई की वेबसाइट पे भी अगर आप
- 41:19यहां पे क्लिक करोगे कनेक्शन इज़ सिक्योर
- 41:21सेव। तो यहां पे जब आप इसका सर्टिफिकेट
- 41:23ओपन करोगे तो यहां पे क्या आ गया? लेट्स
- 41:25इंक्रिप्ट। मतलब ऑर्गेनाइजेशन का नेम क्या
- 41:27है? लेट्स इंक्रिप्ट। तो ये मल्टीपल
- 41:29ऑर्गेनाइजेशंस हैं जो क्या काम आती हैं?
- 41:32ये एक्चुअल में सर्टिफिकेट एसएसएस
- 41:34सर्टिफिकेट्स को देती हैं। क्यों देती
- 41:36हैं? क्या होता है? इसको समझते हैं अब हम
- 41:38एग्जांपल से। बॉडीगार्ड आपको पता लग गया
- 41:40कि इंटरनेट के बॉडीगार्ड की तरह काम करता
- 41:42है। क्यों करता है? क्या इसका यूज़ है?
- 41:44इसको ध्यान से समझो। तो देखो यहां पे
- 41:46क्लाइंट है, सर्वर है। क्लाइंट मतलब हम
- 41:48लोग हम एक यूज़र्स हैं और हम लोग क्या करते
- 41:51हैं? सर्वर्स को एक्सेस करने की कोशिश
- 41:52करते हैं। तो मैं क्या करता हूं?
- 41:53रिक्वेस्ट भेजता हूं कि मेरे को फलाना
- 41:55फलाना वेब पेज चाहिए। ये मुझे रिस्पांस
- 41:57करता है कि ये ले भैया ये ले जा तेरे लिए।
- 42:00अब यहां पे होता क्या है कि अगर मैं
- 42:02नॉर्मल एचटीटीपी को यूज़ करूंगा बिना कोई
- 42:04सिक्योरिटी के तो रास्ते में कोई भी मैन
- 42:06इन द मिडिल अटैक लगा के कोई भी हैकर बीच
- 42:09में बैठ के हमारी सारी कन्वर्सेशन को सुन
- 42:11सकता है और देख भी सकता है। मतलब सब कुछ
- 42:13हो गया। मैं क्या चाहता हूं कि भैया यहां
- 42:15पे मैं इंक्रिप्शन को यूज़ करूं।
- 42:17इंक्रिप्शन में दो मैकेनिज्म मेनली यूज़
- 42:19होते हैं। एक है सिमिट्रिक की, एक
- 42:20एसिमिट्री की जो कि मैं ऑलरेडी बहुत बार
- 42:22करवा चुका हूं। ऊपर आई सेक्शन में लिंक
- 42:23में आ भी रहा होगा। लेकिन एक बार फिर से
- 42:25आपको थोड़ा सा आईडिया देता हूं। एसिमिट्रिक
- 42:27की और सिमिट्रिकी में क्या फर्क है? जो
- 42:29हमारी सिमिट्रिक की होती है उसमें वन की
- 42:32यूज़ होती है। मतलब एक ही की है। मैंने उस
- 42:34की से हमारे डेटा को एनक्रिप्ट कर दिया।
- 42:37अब सर्वर जो है वो उसी सेम की से डेटा को
- 42:40क्या करेगा? डिक्रिप्ट करेगा। ये चीज़ चलती
- 42:42रहती है। ठीक है? अब यहां पे दिक्कत क्या
- 42:44है कि जो मेरी की है अगर मेरे क्लाइंट्स
- 42:47मशीन पे की है तो मैं इसको कैसे दूंगा
- 42:49भाई? और मुझे वो सेफली देनी पड़ेगी।
- 42:51क्योंकि अगर मैंने की ऐसे ही भेज दी और
- 42:53रास्ते में अगर हैकर को की मिल गई तो
- 42:55फायदा क्या हुआ भैया? आपने की से
- 42:57एंक्रिप्ट करके डेटा भेजा। वो इसने भी खोल
- 42:59लिया। इसने भी खोल लिया। तो फिर कहां गई
- 43:01इंक्रिप्शन? इंक्रिप्शन गई तेल ले। तो
- 43:03भैया इसका कोई फायदा नहीं है। नेक्स्ट आ
- 43:06गया जी एसिमिट्रिक। मतलब मुझे की को
- 43:08प्रॉपर्ली सिक्योर तरीके से एक्सचेंज करना
- 43:11पड़ेगा। एसिमिट्रिक के केस में क्या होता
- 43:12है? जैसे क्लाइंट के पास अपनी एक पब्लिक
- 43:15की होती है और अपनी एक क्या होती है?
- 43:17प्राइवेट। ठीक है? तो मैंने प्राइवेट और
- 43:18पब्लिक इस तरीके से सीसी लिख दिया। अब
- 43:20सर्वर के पास अपनी एक पब्लिक की है और
- 43:23सर्वर के पास अपनी एक प्राइवेट की है। तो
- 43:26कहानी क्या कहती है कि लेट्स सपोज क्लाइंट
- 43:28ने कोई डेटा भेजना है तो वो क्या करेगा?
- 43:30उस मैसेज को एनक्रिप्ट करेगा पब्लिक की ऑफ़
- 43:34सर्वर से और उसको भेज देगा। जब ये मैसेज
- 43:37यहां पे आएगा। जब ये मैसेज यहां पे आएगा
- 43:40ये मैसेज जो है वो एंक्रिप्ट हो के यहां
- 43:42पे आएगा। तो ये सर्वर क्या करेगा? इसके
- 43:46ऊपर अपनी प्राइवेट की लगा के इसको खोल
- 43:49लेगा। ये इनके बीच में रिलेशन होता है कि
- 43:50अगर आप पब्लिक से कर रहे हो तो प्राइवेट
- 43:52से खुल जाता है। प्राइवेट से कर रहे हो तो
- 43:54पब्लिक से खुल जाता है। ये काम जो है वो
- 43:56हो जाता है। ये हम ऑलरेडी कर चुके हैं। अब
- 43:58पंगा क्या पड़ गया यहां पे? बढ़िया चल रहा
- 44:00है सिस्टम। लेकिन हुआ क्या? हैकर भी बड़े
- 44:03भैया तेज है आज के टाइम पे। उन्होंने क्या
- 44:05किया हुआ है कि उन्होंने मतलब गलगोटिया
- 44:08वाले तेज नहीं है। असली वाले तेज है। तो
- 44:10हैकर ने क्या किया कि भैया रास्ते में जो
- 44:13मेरा ये पूरा लिंक था इसको यहां पे
- 44:15एक्वायर कर लिया। और यह जो पब्लिक की थी
- 44:17किसकी? सर्वर की पब्लिक की थी। इसने वह
- 44:20सर्वर की पब्लिक की नाम ही जिसका पब्लिक
- 44:22है। पब्लिक का मतलब कोई भी उसको एक्सेस कर
- 44:24सकता है। तो इसने उसकी पब्लिक की ली और
- 44:26उसको मॉडिफाई करके पब्लिक की को मॉडिफाई
- 44:30करके और उसको भेज दिया क्लाइंट को।
- 44:32क्लाइंट को लगेगा कि ये सर्वर की पब्लिक
- 44:35की है। बट ये है किसकी? हैकर की। तो
- 44:37क्लाइंट क्या करेगा? जब मैसेज को
- 44:39इंक्रिप्ट करेगा तो वो तो ऐसे ही समझ के
- 44:41कर रहा है कि सर्वर की की से कर रहा हूं।
- 44:43लेकिन वो हैकर की पब्लिक की से हो रहा
- 44:44होगा और वो अपनी प्राइवेट की से उसको खोल
- 44:47लेगा और फिर उसके बाद उसको सर्वर को भेज
- 44:50सकता है अपने हिसाब से। तो यानी
- 44:51सिक्योरिटी यहां पे भी कॉम्प्रोमाइज हो
- 44:53सकती है। तो यहां पे आता है जी एसएसएल का
- 44:56फंडा। एसएसएल क्या कहता है? एसएसएल कहता
- 44:59है कि भैया मैं एक सर्टिफिकेट दे रहा हूं।
- 45:01साथ में मैं क्या दे रहा हूं? एक
- 45:02सर्टिफिकेट दे रहा हूं। सर्टिफिकेट का
- 45:04मतलब क्या है? जैसे हम होता है ना कि दो
- 45:06लोग आपस में अगर लड़ाई कर रहे हैं तो बीच
- 45:08में कॉम्प्रोमो करवाने के लिए एक हमने
- 45:10सरपंच टाइप के बंदे को बुला लिया। एक बड़े
- 45:12बंदे को बुला लिया वो बोल देगा कि भैया जो
- 45:14इस तरीके से जो भी मैं बोलूंगा वही फॉलो
- 45:16करना पड़ेगा। तो वही चीज ये है कि यहां पे
- 45:19क्या आ गया जी एक सर्टिफिकेट अथॉरिटी आ
- 45:21जाती है वो एसएसएल सर्टिफिकेट देती है और
- 45:24फिर क्लाइंट को लगेगा कि ठीक है भैया ये
- 45:26पब्लिक की जो आई है ये डेटा जो आया है ये
- 45:28ऑथेंटिकेट है ये वेरीफाई है अब इसको भी
- 45:30समझ लो कैसे होता है बड़ा सिंपल है सर्वर
- 45:33जो है वो सबसे पहले क्या करेगा जो मेरा
- 45:36सीए है सीए क्या है जो मेरा सर्टिफिकेट
- 45:39अथॉरिटी है वही जैसे लेट्स इंक्रिप्ट हो
- 45:41गया डिजीजर्ट हो गया सर्वर उसके पास जाएगा
- 45:44कि मेरे को एक सर्टिफिकेट दे दो ताकि
- 45:46क्लाइंट मेरे को पहचान ले वेरीफाई कर ले
- 45:48तो सर्टिफिकेट अथॉरिटी क्या बोलेगा कि ठीक
- 45:51है मेरे को अपना पब्लिक की दे मतलब पब्लिक
- 45:53की ऑफ़ सर्वर दे दे ठीक है और अपनी डोमेन
- 45:56इनेशन दे दे वैलिडिटी वगैरह कुछ इनेशन
- 45:59उठाएगा और इस इंफॉर्मेशनेशन को वो डालेगा
- 46:02एसएचए एल्गोरिदम में मतलब इसकी हैश वैल्यू
- 46:05कैलकुलेट करेगा एसए एसएचए क्या होता है ये
- 46:08सारी कहानी भी ऑलरेडी बता चुका हूं ऊपर आई
- 46:10सेक्शन में लिंक आ रहा होगा एक बार जरूर
- 46:11पढ़ लेना कुछ नहीं हैश वैल्यू कैलकुलेट कर
- 46:14लेता है एक मैसेज का डाइजेस्ट कैल
- 46:16कैलकुलेट कर लेता है। और जैसे ही मैंने
- 46:18यहां पे शा लगाया इसके ऊपर एसए एल्गोरिदम
- 46:21लगाया तो इसने क्या किया? एक हैश वैल्यू
- 46:24कैलकुलेट करके दे दी जिसका नाम रख दिया
- 46:26मैंने लेट्स सपोज एच वन। ठीक है? तो इसने
- 46:28पब्लिक की और सर्वर यूज़ की डोमेन इनेशन एक
- 46:30दो इनेशन और यूज़ की और उसने उसके हिसाब से
- 46:33एक हैश वैल्यू निकाल ली। अब ये हैश वैल्यू
- 46:36को वो क्या करेगा? इस हैश वैल्यू को ये
- 46:39सीए क्या करेगा? अपनी प्राइवेट की से सीए
- 46:42ने अपनी प्राइवेट की से उसको एंक्रिप्ट
- 46:45करके और नाम दे दिया सिग्नेचर नाम दे दिया
- 46:48इसको सिग्नेचर ध्यान से देखना पहले क्या
- 46:50किया पब्लिक की को यूज़ किया सर्वर की और
- 46:53उसकी डोमेन इनेशन को यूज़ करके शा
- 46:55एल्गोरिदम को यूज़ किया एक मैसेज डाइजेस्ट
- 46:57निकाल लिया हैश वैल्यू निकाल ली उस हैश
- 47:00वैल्यू को डायरेक्ट भेजने की बजाय उसने
- 47:02प्राइवेट की से अपनी प्राइवेट की से सीए
- 47:05ने एंक्रिप्ट कर दिया और उसका नाम दे दिया
- 47:07सिग्नेचर अब मेरा जो एसएसएल सर्टिफिकेट है
- 47:09उसमें उसमें एक तो सिग्नेचर आ गया ये वाला
- 47:13और एक पब्लिक की आ गई किसकी? सर्वर की। अब
- 47:16क्या होगा? ये इंफॉर्मेशन जब क्लाइंट के
- 47:18पास आएगी यही है वो जो आपको पहले खोल के
- 47:20दिखाया था ना सर्टिफिकेट ये वही
- 47:22सर्टिफिकेट है। तो क्लाइंट देखेगा ओके
- 47:24मेरे पास पब्लिक की ऑफ़ सर्वर आ गई। ठीक
- 47:26है। फिर उसके बाद देखेगा अच्छा सिग्नेचर।
- 47:28अब ये सिग्नेचर का क्या करेगा? इस
- 47:30सिग्नेचर को उठाएगा। अब इस सिग्नेचर में
- 47:33क्या है? प्राइवेट की ऑफ़ सीए से
- 47:34इंक्रिप्टेड है। तो ये क्या करेगा? पब्लिक
- 47:37की ऑफ़ सीए से उसको डिक्रिप्ट कर लेगा।
- 47:40इससे उसको पता लग जाएगा। यह किसकी की से
- 47:42खुला? सीए की की से खुला। तो यानी इससे
- 47:45पता लग गया इसको कि भैया ये एक्चुअल में
- 47:47ऑथोराइज हो गया। ये वेरीफाई हो गया कि इसी
- 47:49बंदे ने इसको ये सर्टिफिकेट दिया होगा।
- 47:51क्योंकि उसी की की से ये खुला है। और उसके
- 47:54बाद खुलने के बाद क्या मिला इसको? H1 मिल
- 47:56गया। मतलब ये जो था हैश वैल्यू ये मिल गई।
- 47:59लेकिन अब इसका करेगा क्या? क्लाइंट कहता
- 48:01है कि मैं दोबारा से जो भी सर्वर की
- 48:03पब्लिक की थी उसको यूज़ करूंगा। इसकी डोमेन
- 48:07को यूज़ करके सेम मैं एसएई एल्गोरिदम को
- 48:10यूज़ करूंगा और एक हैश वैल्यू निकाल लूंगा
- 48:12H2 और क्या करेगा? H1 अगर डबल इक्वल टू H2
- 48:16आ रहा है। मतलब अगर ये दोनों हैश वैल्यूज़
- 48:17बराबर है तो यानी ये ऑथेंटिकेटेड हो गया।
- 48:21अगर ये हैश वैल्यू बराबर नहीं है तो ये
- 48:23ऑथेंटिकेट नहीं होगा। तो बस ये कैलकुलेट
- 48:26करने के बाद हमारा एसएसएल जो है वो
- 48:29सर्टिफिकेट वैलिडेट कर देता है कि भैया
- 48:31नाउ यू कैन मूव ऑन मतलब आप इसको आपस में
- 48:34बातचीत कर सकते हो। अब हैकर अगर लेट्स
- 48:36सपोज आपके दिमाग में आ रहा है कि सर हैकर
- 48:38ने अगर लेट्स सपोज ये जो मैंने सिग्नेचर
- 48:41बनाया था सिग्नेचर को तो हैकर भी खोल सकता
- 48:43है क्योंकि उसके पास भी हो सकता है पब्लिक
- 48:45की हो सीए की उससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
- 48:48अगर उसने कुछ भी चेंज किया ना H1 में एक
- 48:50डॉट भी चेंज कर दिया कुछ भी वैल्यू चेंज
- 48:52कर दी वो कभी भी H2 के साथ मैच नहीं करेगा
- 48:55और जो मेरा क्लाइंट है उसको पता लग जाएगा
- 48:57कि रास्ते में किसी ने कुछ छेड़खानी की है।
- 49:00तो यह पूरा का पूरा मेथड जो है वो याद
- 49:03रखना। इन केस छोटा सा भी डाउट है दोबारा
- 49:05सुन लेना। मेरे हिसाब से इसके बाद कभी कोई
- 49:08डाउट रहेगा नहीं। कैशिंग जो है वो क्यों
- 49:10बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है? क्या इसके
- 49:11फायदे हैं? कैसे इसको इंप्लीमेंट करते
- 49:13हैं? सारी कहानी इस वीडियो में बिल्कुल
- 49:15रियल लाइफ एग्जांपल के साथ समझाऊंगा। तो
- 49:17गाइस फटाफट से वीडियो को लाइक कर देना।
- 49:19चैनल को सब्सक्राइब करना। अगर अभी तक आपने
- 49:21नहीं किया अगर कर भी दिया है तो और
- 49:22डिवाइसेस से सब्सक्राइब करवा सकते हो।
- 49:24शेयर कर सकते हो।्राइबर सब्सक्राइबर बहुत
- 49:25जरूरी है। तो चलिए स्टार्ट करते हैं। सबसे
- 49:27पहले अगर मैं नॉर्मल सिचुएशन की बात करूं
- 49:29जो आपको पता है आप डेली लाइफ में यूज़ भी
- 49:32करते हो। हम सब क्या है? यूज़र्स हैं। हम
- 49:34क्या करते हैं? इंटरनेट से अपने डिवाइस को
- 49:36क्या करते हैं? कनेक्ट करते हैं। ठीक है?
- 49:38और उसके थ्रू क्या करते हैं? कोई ना कोई
- 49:40वेबसाइट, कोई ना कोई एप्लीकेशन को ओपन
- 49:42करते हैं। तो हमारी रिक्वेस्ट कहां पे
- 49:43जाती है? एप्लीकेशन सर्वर पे जाती है।
- 49:46क्योंकि सर्वर ही सारी रिक्वेस्ट को क्या
- 49:48करता है? हैंडल करता है। अब सर्वर के पास
- 49:50अपने आप तो डाटा नहीं पड़ा। वह क्या करता
- 49:53है? डेटाबेस में आपकी रिक्वेस्ट को भेजता
- 49:56है। जैसे एग्जांपल के तौर पे आपने
- 49:58Facebook पे अपनी प्रोफाइल को एक्सेस करना
- 50:00है या Instagram पे अपनी प्रोफाइल को
- 50:01एक्सेस करना है। तो आपकी रिक्वेस्ट गई
- 50:03उनके सर्वर के पास। सर्वर ने डेटाबेस से
- 50:05क्या किया? आपकी प्रोफाइल को एक्सेस किया
- 50:07और वो एक्सेस करके आपको दे दिया। ये सिंपल
- 50:11प्रोसेस है। अब होता क्या है? जब मैं
- 50:13स्केलेबल करता हूं। मतलब अपनी सिस्टम को
- 50:15स्केलेबल करता हूं। हजारों लाखों करोड़ों
- 50:17यूज़र्स जब मेरी साइट को एक्सेस करते हैं
- 50:20तो होता क्या है? डेटाबेस पे आप बहुत
- 50:22ज्यादा लोड डाल रहे हो। और सबसे
- 50:24इंपॉर्टेंट बात क्या है कि ये जो डेटाबेस
- 50:27होता है ये क्या होता है? जी परमानेंट। अब
- 50:29परमानेंट डेटाबेस स्टोरेज का मतलब क्या हो
- 50:31गया? कि आप अपना डेटा जो है वो हार्ड
- 50:34डिस्क के अंदर स्टोर कर रहे हो। हार्ड
- 50:36डिस्क कह लो, एसएसडीज कह लो या फिर टेप
- 50:38ड्राइव्स कह लो। बट वो टेप ड्राइव्स कम
- 50:40यूज़ होती है क्योंकि वो बहुत ज्यादा स्लो
- 50:42है। बट अगर मैं हार्ड डिस्क भी लगा के
- 50:44चलूं तो हार्ड डिस्क में भी आपका डेटा जो
- 50:46है वो मान के चलो माइक्रो सेकंड्स में
- 50:48डेटा जो है वो 10 रे टू पावर -3 इतना टाइम
- 50:51फिर भी लेता है टू गिव यू बैक द डेटा। ठीक
- 50:54है? मतलब इतना टाइम जो है वो एक्सेस टाइम
- 50:56में लगता है। अब हुआ क्या कि इस चीज को
- 50:59थोड़ा सा इंप्रूव करने के लिए कि भैया
- 51:01इतने लोग एक्सेस कर रहे हैं। पैरेलली
- 51:03एक्सेस कर रहे हैं। तो यार मैं डेटा जल्दी
- 51:05प्रोवाइड करना चाहता हूं। मैं उनका एक्सेस
- 51:07टाइम कम करना चाहता हूं। रिस्पांस टाइम
- 51:09बढ़ाना चाहता हूं ताकि उनको जल्दी से
- 51:11जल्दी रिस्पांस मिले। मतलब कम करना चाहते
- 51:13हैं हम एक्सेस टाइम को। तो होगा क्या कि
- 51:15यूजर सेम वही है यूजर एप्लीकेशन सर्वर पे
- 51:18जाएगा। एप्लीकेशन सर्वर से आपकी रिक्वेस्ट
- 51:20डायरेक्ट डेटाबेस पे नहीं जाएगी। यहां पे
- 51:23हमने क्या लगा दिया जी? रेडिश कैशे लगा
- 51:25दिया। रेडिश मतलब रेडिश कह लो या यहां पे
- 51:28जो है वो मैम कैश करके भी यूज़ होता है। ये
- 51:31क्या होते हैं? इन मेमोरी सिस्टम्स होते
- 51:33हैं। इन मेमोरी डेटाबेस सिस्टम्स होते
- 51:35हैं। इन मेमोरी का मतलब है ये पूरा का
- 51:37पूरा डेटा कहां पे स्टोर करके रखते हैं?
- 51:40RAM के अंदर। RAM आपको पता है टेंपरेरी
- 51:43स्टोरेज है। लेकिन वेरी वेरी फास्ट। मतलब
- 51:46यहां से आप डेटा माइक्रो सेकंड इवन नैनो
- 51:48सेकंड तक में डेटा निकाल सकते हो। तो
- 51:51ऑब्वियसली कहां माइक्रो सेकंड? और अगर मैं
- 51:53नैनो सेकंड की बात करूं 10 रेज़ टू माइनस
- 51:55नाइन। मतलब दोनों के बीच में 10 रेज़ टू
- 51:57पावर सिक्स का फर्क है। व्हिच इज अ वेरी
- 51:59वेरी ह्यूज। तो यहां पे मैं क्या करता हूं
- 52:01कि हमेशा रिक्वेस्ट को डेटाबेस में भेजने
- 52:04की बजाय मैं सीधा रेडिश कैशे से या रैम से
- 52:07ही डेटा को वापस दे दूंगा। मतलब मैं मोस्ट
- 52:10इंपोर्टेंट डेटा को यहां पे रख लूंगा।
- 52:12जैसे यूजर की जो फीड्स हैं, यूजर के जो
- 52:14सेशंस हैं, ट्रेंडिंग टॉपिक्स हैं, एपीआई
- 52:17रिस्पॉन्सेस हैं, उन सबको मैं मेनली कहां
- 52:19पे रख लूंगा? यहां पे रख लूंगा ताकि जैसे
- 52:21ही रिक्वेस्ट आई, यहीं से आपको रिस्पोंड
- 52:23दे दिया। डेटाबेस पे बार-बार जाने की
- 52:25जरूरत ही नहीं है। तो टाइम मेरा बच गया।
- 52:26अब होगा क्या यहां पे? ऑब्वियसली सारा
- 52:29डेटा तो हम यहां पे नहीं रख सकते। अगर आप
- 52:31सारा डेटा ही रख सकते होते तो हार्ड डिस्क
- 52:33को लगाने की जरूरत ही क्या है? एक रीज़न तो
- 52:35ये हो गया कि हार्ड डिस्क आपकी परमानेंट
- 52:37स्टोरेज है और रेडिस में जो कैश है ये
- 52:40आपका परमानेंट नहीं है। ये तो वोलेटाइल
- 52:42है। तो ऑब्वियसली क्या हो सकता है? पावर
- 52:44फेलियर में डेटा लॉस हो सकता है। बट दूसरा
- 52:47इंपॉर्टेंट रीज़न क्या है? एक्सपेंसिव। अगर
- 52:50आप GB, टीबीस, पैटाबाइट्स ऑफ़ डेटा को RAM
- 52:53में रखोगे तो कॉस्ट बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी।
- 52:55तो हम लोग क्या करते हैं कि मोस्टेंट डेटा
- 52:58को जो ज्यादा यूज़ हो रहा है उसको आप रेडिस
- 53:00में रख दो बाकी आपका डेटाबेस में। तो
- 53:02लेट्स सपोज अगर मेरा सारा मतलब 90% केस
- 53:05में अगर डेटा यहीं से मिल गया कैश हिट हो
- 53:07गया तो आप यहीं से वापस दे दो। अगर इन केस
- 53:10कैश में मिस होता है कोई 2-4% में 10% में
- 53:13तो फिर कैश मिस के केस में फिर तो डेटाबेस
- 53:16पे जाना पड़ेगा। डेटाबेस से आप डाटा जो है
- 53:18वो रेडिश में भी अपडेट कर दोगे क्योंकि
- 53:20उसकी रिक्वेस्ट आई है तो हो सकता है
- 53:22दोबारा से फिर आए। तो आपने रेडिस में भी
- 53:24सेव कर दिया और यूजर को भी दे दिया। तो इस
- 53:26तरीके से जनरली काम चलता है। ये बड़ा
- 53:29इंपॉर्टेंट है और यहां पे जो रेडिस है
- 53:31मेनली जो है वो सबसे ज्यादा रेडिस यूज़
- 53:33होता है और ये क्या करता है? एक्चुअल में
- 53:35ये की वैल्यू पेयर में डेटा को स्टोर करता
- 53:38है। की वैल्यू पेयर डिस्ट्रीब्यूटेड वे
- 53:39में डेटा को स्टोर करता है। और वैल्यू में
- 53:42सिर्फ आपका एक टाइप का डेटा नहीं स्ट्रिंग
- 53:44है, नंबर्स है, लिस्ट है, सेट है। सारे
- 53:47टाइप के डेटा को की वैल्यू में स्टोर कर
- 53:49सकता है। इट इज़ वेरी वेरीरी फास्ट। अब
- 53:51यहां पे एक छोटी सी पॉइंट, छोटा सा पॉइंट
- 53:53और बताना चाहता हूं। कई बार स्टूडेंट को
- 53:55लगता है कि कैचिंग का मतलब है रेडिस। ठीक
- 53:57है? रेडिश इज अ वेरी-वेरी इंपॉर्टेंट
- 53:59कॉन्सेप्ट आपको पता होना चाहिए इन मेमोरी
- 54:01जो मैंने अभी बताया। लेकिन सिर्फ रेडिश
- 54:03में यूज़ नहीं होता। आपका पूरे कांसेप्ट
- 54:05में यूज़ होता है। देखो सबसे पहले अगर मैं
- 54:07एग्जांपल के तौर पे आपको बताऊं यूजर की
- 54:09रिक्वेस्ट क्या होती है? जी सबसे पहले
- 54:11डीएनएस सर्वर पे जाती है। क्यों? क्योंकि
- 54:14डीएनएस से आपको क्या मिलता है? आईपी
- 54:16एड्रेस। आपने डोमेन नेम डाला आईपी मिल
- 54:18गया। तो आपका जो आईएसपी होता है या Google
- 54:20के जो पब्लिक सर्वर्स हैं वो क्या करते
- 54:22हैं? आपके जो डोमेन नेम्स को जो ज्यादा
- 54:24एक्सेस कर रहे हो वो कैश में रख लेते हैं।
- 54:27वहीं से आपको आईपी दे देंगे। आपकी
- 54:29रिक्वेस्ट हर बार रूट सर्वर पे नहीं
- 54:30जाएगी। दूर नहीं जाएगी। फिर उसके बाद यहां
- 54:33से मेरी रिक्वेस्ट गई। इंटरनेट पे जाने से
- 54:36पहले लेट्स सपोज मैंने फॉरवर्ड प्रॉक्सी
- 54:38लगा रखा [गला साफ़ करने की आवाज़] है। अब
- 54:38फॉरवर्ड प्रॉक्सी भी बड़ा इंपॉर्टेंट है।
- 54:40फॉरवर्ड प्रॉक्सी क्या करता है? आपके
- 54:42इंस्टट्यूट ने, कॉलेज, यूनिवर्सिटी ने,
- 54:43कंपनी ने लगा रखा है तो कुछ डेटा यह भी
- 54:46कैश कर लेता है। तो मतलब आपके यहां पे
- 54:48रिक्वेस्ट इंटरनेट पे जाने से पहले ही हो
- 54:50सकता है यहीं से आपको रिस्पांस मिल जाए।
- 54:52इवन बहुत सारा डेटा आपकी मशीन के अंदर भी
- 54:55आपके ब्राउज़र जो है वो खुद कैश करके रख
- 54:58लेते हैं ताकि हर बार आपकी रिक्वेस्ट दूर
- 55:00ना जाए। कुछ डेटा मैं यहीं से दे दूं। तो
- 55:02ये सारी चीजें जो है वो कैशिंग का ही
- 55:04कांसेप्ट है। इवन रिवर्स प्रॉक्सीस को हम
- 55:06लोग यूज़ करते हैं। मैं ऑलरेडी पढ़ा चुका
- 55:08हूं। रिवर्स प्रॉक्सीज़ में भी क्या होता
- 55:10है? आपका डेटा जो है वो कैश करके रख लिया
- 55:12जाता है। मतलब ये सारी की सारी चीजें इसके
- 55:15बाद आपका जो सीडीएन है कंटेंट डिलीवरी
- 55:18नेटवर्क वो भी क्या करता है? ये सारा का
- 55:20सारा जो है वो स्टैटिक डेटा को सेव करके
- 55:23रखते हैं। मतलब वो डेटा जो फिक्स है जैसे
- 55:25लोगोस हैं, बैनर्स हैं, थंबनेल्स हैं वो
- 55:28मैक्सिमम चीजें आपकी फिक्स होती हैं। तो
- 55:30वो फिक्स डेटा को यहां पे सेव कर लेते
- 55:32हैं। और जो डेटा चेंज हो रहा है जैसे
- 55:34स्टोरीज वगैरह लगा रहे हो आप वो चीजें
- 55:36चेंज हो रही है तो वो डेटा आपका मान के
- 55:39चलो कि एप्लीकेशन सर्वर के बाद यहां पे
- 55:41रेडिश में सेव करके रख लेते हैं। और फिर
- 55:44इसके बाद मेरा डेटाबेस आता है। तो यहां से
- 55:46रिक्वेस्ट आपकी हैंडल हो जाती है। तो याद
- 55:48रखना बस कि सिर्फ रेडिस नहीं है। इसके
- 55:51अलावा और भी है। जैसे आपकी मशीन भी कैश
- 55:53करके रख लेती है। जैसे Instagram लोगो,
- 55:55WhatsApp की रीसेंट चैट्स वगैरह। ठीक है?
- 55:57फॉरवर्ड प्रॉक्सीस है। ये भी आपके
- 55:59इंस्टट्यूट्स वगैरह क्या करते हैं? जैसे
- 56:01कुछ होम पेजेस हैं उनको कैश करके रख लेते
- 56:03हैं। इसके अलावा सीडी एंड कैश दिस इज़ वेरी
- 56:05वेरीरीेंट। स्टैटिक डेटा जैसे थंबनेल्स,
- 56:07वीडियोस, रील्स जो अभी-अभी कोई ट्रेलर आया
- 56:10है तो उसको भी मैं यहां पे क्या कर लेता
- 56:11हूं? सेव करके रख लेता हूं ताकि रिक्वेस्ट
- 56:13को ज्यादा दूर जाने ना पड़े। फिर रिवर्स
- 56:15प्रॉक्सीस भी जैसे एचटीटीपी रिस्पों्ससेस
- 56:17है, वेब पेजेस है, एपीए इनको भी क्या करके
- 56:19रख लेते हैं? कैश करके रखते हैं। और ये तो
- 56:21मेन आपका 90% तो ये इंपॉर्टेंट है ही जो
- 56:24यूजर की फीड डायनामिक डेटा को क्या करके
- 56:26रखता है? कैश करके रखता है। और फिर उसके
- 56:28बाद डेटाबेस इवन डेटाबेस में भी कई बार
- 56:30क्या होता है कि कुछ क्वेरीज ऐसी हैं जो
- 56:32मिलियंस ऑफ यूज़र्स से डेटा को एक्सेस कर
- 56:35मतलब मेरे पास मिलियंस ऑफ रोज़ हैं। उनमें
- 56:37से मैं कुछ डेटा एक्सेस कर रहा हूं। तो हर
- 56:39बार मिलियन रोज़ को क्यों एक्सेस करना? मैं
- 56:41उसके रिस्पांस को भी हो सकता है डेटाबेस
- 56:44में कैश करके रख लूं। और डीएनएस का मैं
- 56:46ऑलरेडी बता चुका हूं कि कुछ इंपॉर्टेंट
- 56:47आईपीस को हम कैश कर लेते हैं। ये सारे के
- 56:50सारे कैश के ही टाइप्स हैं। आप ये लगा के
- 56:52चलो। डेली बेसिस पे हम लोग कितनी ही
- 56:55एप्लीकेशनेशंस को, कितनी ही वेबसाइट्स को
- 56:57यूज़ करते हैं। इन सबको मैं एक जनरल टर्म
- 57:00में अगर देखा जाए तो क्या बोल सकता हूं?
- 57:02एक सिस्टम बोल सकता हूं। क्योंकि इस पूरे
- 57:04सिस्टम में बहुत सारे यूज़र्स क्या करते
- 57:06हैं? आप जैसे हम जैसे यूज़र्स क्या करते
- 57:09हैं? कोई ना कोई रिक्वेस्ट भेजते हैं और
- 57:11ये जो सिस्टम है आपकी रिक्वेस्ट को
- 57:13प्रोसेस करके एक रिस्पांस जनरेट करता है
- 57:16और वो आपका डेटा हो सकता है। कोई वीडियोस
- 57:19हो सकती हैं। कोई कुछ भी इस तरीके से आपको
- 57:21कोई ना कोई रिप्लाई करता है। तो इस पूरे
- 57:24सिस्टम को अगर मुझे अच्छे से डिज़ाइन करना
- 57:27हो। अच्छे से डिज़ाइन करने का मतलब है कि
- 57:29हो सकता है आज मेरे सिस्टम में हजार लोग आ
- 57:32रहे हैं। कल को मेरे सिस्टम में 1 लाख लोग
- 57:34भी आ सकते हैं। तो क्या मेरा सिस्टम
- 57:36प्रॉपर्ली काम करेगा? क्या अगर मैं सिस्टम
- 57:39की बात कर रहा हूं आज बहुत अच्छा चल रहा
- 57:40है। 24 * 7 मेरा वर्किंग है। लेट्स सपोज
- 57:43कोई फेलियर अकर हो गया। कोई पावर फेलियर
- 57:45अकर हो गया। कोई नेचुरल डिजास्टर अकर हो
- 57:47गया तो क्या मेरा सिस्टम तब भी काम करेगा
- 57:50या टोटली रुक जाएगा? तो कहने का मतलब ये
- 57:53है कि जब भी हम एक पूरे सिस्टम को अच्छे
- 57:55से डिजाइन करते हैं तो देयर आर मल्टीपल
- 57:58फैक्टर्स, मल्टीपल कंपोनेंट्स जो आपको पता
- 58:00होने चाहिए। और वही चीज मैं आपको यहां पे
- 58:03लेके आया हूं कि भैया पूरे सिस्टम डिजाइन
- 58:06में क्या मैंडेटरी क्या मेजर कंपोनेंट्स
- 58:09हैं और इस चीज को हम लोग रियल लाइफ
- 58:11एनालॉजी से समझते हैं। लेट्स टेक द
- 58:13एग्जांपल ऑफ रेस्टोरेंट सिस्टम। मतलब
- 58:16लेट्स सपोज आप यूजर हो। जैसे मैं भी यूजर
- 58:18हूं। आप भी यूजर हो। हम लोग क्या करते
- 58:20हैं? कई बार वीकेंड्स पे किसी फेमस
- 58:22रेस्टोरेंट्स ने या किसी ने हमें रिकमेंड
- 58:24कर दिया तो हम उस पे जाके खाना खाते हैं।
- 58:26डिनर करने जा रहे हैं। तो लेट्स सपोज मेरे
- 58:28पास यहां पे क्या है? एक यूजर एप्लीकेशन
- 58:30है। कोई उस रेस्टोरेंट की एप्लीकेशन ले लो
- 58:32या ऑनलाइन मैं लेट्स सपोज क्या कर रहा
- 58:34हूं? कोई ना कोई बुकिंग कर रहा हूं उस
- 58:35एप्लीकेशन के ऊपर जाके कि मेरे को लेट्स
- 58:37सपोज चार लोगों के लिए एक टेबल बुक करवाना
- 58:39है। तो कहने का मतलब क्या है कि मैंने उन
- 58:41एप्लीकेशन का या बहुत सारी ऐसी एप्लीकेशन
- 58:43भी आती है जैसे Zomato का है, distic ऐप
- 58:46है। उसके थ्रू जाके भी हम लोग क्या करते
- 58:48हैं? रिजर्वेशन करते हैं। तो हमने क्या
- 58:50किया? फ्रंट एंड। फ्रंट एंड में क्या आ
- 58:52गया? वही पूरा का पूरा यूआई सिस्टम आ गया,
- 58:54बटंस आ गए, पेजेस आ गए जिसके ऊपर जाके हम
- 58:57क्लिक करके और अपना बुकिंग कर सकते हैं।
- 58:59तो ये मेरा एक फ्रंट एंड क्या हो गया?
- 59:01सिस्टम हो गया। अब क्या हो सकता है कि
- 59:03मेरे जो जिस भी पर्टिकुलर रेस्टोरेंट में
- 59:05मैं जाना चाह रहा हूं। लेट्स सपोज मैं
- 59:06साउथ इंडियन खाना है और लेट्स सपोज कोई
- 59:08बोर का फेमस रेस्टोरेंट का एग्जांपल ले
- 59:11लो। लेट्स सपोज उडुपी का एग्जांपल है। अब
- 59:12उडुपी रेस्टोरेंट जो है चंडीगढ़ में अगर
- 59:15नहीं होगा तो ऑब्वियसली मेरे को बोर जाके
- 59:18खाना पड़ेगा या और हो सकता है मेरे को
- 59:19नियरेस्ट लोकेशन में जाके खाना पड़े। तो
- 59:22यहां पे एक रेस्टोरेंट के मल्टीपल क्या हो
- 59:25सकते हैं? आउटलेट्स हो सकते हैं। तो इसको
- 59:27हम क्या बोलेंगे? डिस्ट्रीब्यूटेड मैनर।
- 59:29मतलब एक रेस्टोरेंट ने एक जगह नहीं रखा।
- 59:31उन्होंने अलग-अलग जगह पे ब्रांचेस खोल
- 59:33लिए। दैट इज व्हाट अ डिस्ट्रीब्यूटेड
- 59:35सिस्टम। अब मैं क्या करता हूं? मैं सीडीएन
- 59:37को यूज़ करता हूं। सीडीएन का फंडा क्या है?
- 59:40कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क। मतलब मेरे को
- 59:42नियरेस्ट लोकेशन। अब यार मैं बोर तो
- 59:44जाऊंगा नहीं चंडीगढ़ से खाना खाने के लिए।
- 59:45मैं सर्च करूंगा कि क्या चंडीगढ़ में कोई
- 59:48है? नियरेस्ट लोकेशन में कोई है? तो
- 59:50नियरेस्ट लोकेशन में अगर होगा तो मेरी
- 59:52रिक्वेस्ट सीडीएन के पास जाएगी और वहीं से
- 59:54मेरे को रिस्पांस मिल जाएगा। मतलब मैं उसी
- 59:56नियरेस्ट लोकेशन पे जाके अपना खाना खाने
- 59:59की कोशिश करूंगा। अब यहां पे कांसेप्ट आ
- 1:00:01गया जी अगेन डीएनएस का भी। डीएनएस का
- 1:00:03कांसेप्ट क्या है? अब लेट्स सपोज मेरे को
- 1:00:05रेस्टोरेंट का नेम पता लग गया उडूपी।
- 1:00:07लेकिन अभी वो लेट नया-नया खुला है तो मेरे
- 1:00:09को अभी उसकी लोकेशन नहीं पता। तो मैंने
- 1:00:11Google पे जाके क्या डाला? नेम डाला और
- 1:00:13मेरे को उसका लोकेशन आ गया। तो ऐसे ही
- 1:00:16डीएनएस क्या करता है? मैं डोमेन नेम डालता
- 1:00:18हूं और मेरे को IPपी एड्रेस मिल जाता है।
- 1:00:20तो ये सारी चीजें बिल्कुल वैसे ही काम कर
- 1:00:23रही है जैसे आप एक ऑफलाइन सिस्टम में
- 1:00:25रेस्टोरेंट में जाके खाना खाते हो वैसे ही
- 1:00:27सेम आपका पूरा का पूरा ऑनलाइन सिस्टम
- 1:00:29डिजाइन भी ऐसे ही वर्क करता है। तो भैया
- 1:00:32उसने मेरे को एड्रेस दे दिया। मैं उस
- 1:00:33एड्रेस पे जाके जो है वो खाना खाने चला
- 1:00:35जाऊंगा। तो नियरेस्ट लोकेशन पे चला गया।
- 1:00:37उसके बाद क्या हुआ? जी यहां पे मेरे को
- 1:00:39सिक्योरिटी भी चाहिए। सिक्योरिटी मतलब अगर
- 1:00:41आप रेस्टोरेंट पे जा रहे हो तो वहां पे
- 1:00:43क्या होता है? कई बार भैया गार्ड्स वगैरह
- 1:00:45खड़े होते हैं मेन गेट पे काइंड ऑफ फायर
- 1:00:47वाल्स आप उसको बोल सकते हो। फिर उसके बाद
- 1:00:49आप वहां पे कोई ओटीपी वगैरह मांगता है
- 1:00:51आपसे कि भैया आप दिखाओ आपने कहां से
- 1:00:53रिजर्वेशन करवाई थी? किस नेम से करवाई थी?
- 1:00:55फोन नंबर क्या है? या खाना खाने के बाद आप
- 1:00:57पेमेंट्स वगैरह करते हो तो वहां पे आप पिन
- 1:00:59वगैरह ये सारी चीजें क्या चाहते हो?
- 1:01:01सिक्योरिटी बनी रहे। तो वही चीज यहां है।
- 1:01:04ऑनलाइन सिस्टम में भी एसएसएल, एचटीटीपीएस
- 1:01:06का यूज़ किया जाता है ताकि सिक्योरिटी बनी
- 1:01:08रहे। मतलब आपका पूरा एंक्रिप्टेड डेटा जो
- 1:01:11है वो बना रहे। ऐसा ना हो कि प्लेन
- 1:01:13टेक्स्ट में कोई भी उसको देख ले। फिर आ
- 1:01:15गया जी लोड बैलेंसर। अब रेस्टोरेंट के केस
- 1:01:17में लोड बैलेंसर कैसे हो सकता है? आप खाना
- 1:01:19खाने गए। रेस्टोरेंट जो है वो काफी फेमस
- 1:01:21है। तो हो सकता है कि वहां पे ऑलरेडी लाइन
- 1:01:23लगी हुई है गाड़ियों की या बाइक्स की। तो
- 1:01:26वहां पे क्या होगा? फिर पार्किंग हो सकती
- 1:01:28है कि भैया आप आराम से गाड़ी से उतर के
- 1:01:30फटाफट रेस्टोरेंट के अंदर चले जाओ। हम लोग
- 1:01:32वहां पे क्यू के अंदर कोई वेट करने की
- 1:01:34जरूरत नहीं है। हम अपने आप आपकी गाड़ी
- 1:01:35पार्किंग में लगा देंगे। तो काइंड ऑफ लोड
- 1:01:37बैलेंसर वहां पे काम आ सकता है। देन हमारे
- 1:01:40पास आ गया जी एपीआई गेट पे। यहां से कहानी
- 1:01:43स्टार्ट हो जाती है कि आप रेस्टोरेंट के
- 1:01:45अंदर गए वहां पे जाके आपने टेबल पे बैठे।
- 1:01:48अब उसके बाद एपीआई। एपीआई बेसिकली क्या
- 1:01:50है? एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस। ये
- 1:01:52क्या करता है? ये आपका एक तरह से बैरियर
- 1:01:55जो बीच में ब्रिज की तरह काम कर रहा है।
- 1:01:57ब्रिज मतलब यूजर और जो किचन है। अब आपको
- 1:02:00क्या चाहिए भैया? खाना चाहिए। डिश चाहिए।
- 1:02:02तो यानी आप सीधा जाके किचन में थोड़ी ना
- 1:02:04बोलोगे कि ला भैया मेरे को शाही पनीर दे
- 1:02:06दे या कढ़ाई पनीर नहीं आप क्या बोलोगे
- 1:02:08वेटर को बोलोगे कि भैया मेन्यू दे वो
- 1:02:10मेन्यू भी क्या है काइंड ऑफ फ्रंट एंड ही
- 1:02:12है वो मेन्यू हो सकता है ऑनलाइन हो या
- 1:02:14ऑफलाइन हो काइंड ऑफ क्या है वो भी फ्रंट
- 1:02:16एंड ही है आप उसमें से चूज़ करोगे और ऑर्डर
- 1:02:19दोगे किसको दोगे वेटर को दोगे तो वेटर
- 1:02:21क्या है यहां पे एक तरह से एपीआई गेटवे की
- 1:02:24तरह काम कर रहा है एपीआई बोल सकते हो
- 1:02:26गेटवे क्या हो गया हो सकता है कि वहां पे
- 1:02:28भी मल्टीपल वेटर्स हो तो एक मैनेजर हो
- 1:02:31सकता है। मैनेजर क्या कर सकता है कि भैया
- 1:02:33ड्यूटी लगा सकता है कि भैया तू जा उस
- 1:02:35पर्टिकुलर टेबल पे, तू जा उस पर्टिकुलर
- 1:02:36टेबल पे। वो भी काइंड ऑफ़ लोड बैलेंसर की
- 1:02:39तरह भी काम कर सकता है या सारी रिक्वेस्ट
- 1:02:40को प्रॉपर्ली हैंडल करवा सकता है। तो आपकी
- 1:02:43रिक्वेस्ट जो है वो पर्टिकुलर एपीआई पे
- 1:02:44गई। मतलब एपीआई ने आपकी रिक्वेस्ट को लिया
- 1:02:47और किसको दिया? सर्वर को दिया। सर्वर को
- 1:02:49देने का मतलब क्या है? बैक एंड सर्वर को।
- 1:02:51ये आ गई जी आपकी काइंड ऑफ़ किचन आ गई। किचन
- 1:02:53में जो भी वहां पे शेफ है, बंदा जो सारा
- 1:02:56का सारा प्रोसेस कर रहा है, सीपीयू है, वो
- 1:02:58क्या करेगा? जी आपकी डिश को लेगा और उसको
- 1:03:00रिसोंड करने की कोशिश करेगा। तो वो बैक
- 1:03:02एंड सर्वर बैक एंड पे करता है। अब ऐसी
- 1:03:05कांसेप्ट आ जाती है कैशिंग का। अब देखो कई
- 1:03:07चीजें होती है जो बिल्कुल स्क्रैच से
- 1:03:09बनानी पड़ती है। मतलब स्टार्टिंग में
- 1:03:11प्रॉपर जो है वो प्याज, टमाटर वगैरह सब
- 1:03:13काटोगे, चॉप करोगे फिर उसको बनाओगे। कुछ
- 1:03:15होती है रेडी टू मेड। मतलब जल्दी से जल्दी
- 1:03:17आप जैसे कुछ कॉकटेल, मॉकटेल्स है। फटाफट
- 1:03:19से आप सर्व करने की कोशिश करोगे। कुछ
- 1:03:21चीजों में टाइम लगेगा। तो जो फटाफट से
- 1:03:23सर्व करने की कोशिश करोगे दैट इज काइंड ऑफ़
- 1:03:25कैशिंग हो गया। लेकिन जिसको प्रॉपर बनाना
- 1:03:28पड़ेगा टाइम लगेगा उसमें तो वो आपका हो
- 1:03:30गया जी डेटाबेस स्टोरेज तो यही कांसेप्ट
- 1:03:33है ऑनलाइन सिस्टम में भी वही है जी ऑफलाइन
- 1:03:35सिस्टम में भी वही है तो आप इजीली समझ
- 1:03:37सकते हो कि हर एक कंपोनेंट का क्या यूसेज
- 1:03:40है और क्याेंस है फिर आ गया जी रिसोंस टू
- 1:03:43द यूजर भैया जो डिशेस आपकी बनी थी विद इन
- 1:03:46द टाइम मतलब कोशिश यही की जाती है कि भैया
- 1:03:49टाइम के अंदर-अंदर आपको जो है वो डिश
- 1:03:50प्रोवाइड कर दी जाए फिर उसके बाद भी
- 1:03:53छोटी-छोटी चीजें होती है फीडबैक होती है
- 1:03:55कई बार भैया वो वह रेस्टोरेंट वाले बोलते
- 1:03:56हैं कि हमें फीडबैक दे दो जी। तो वह
- 1:03:58फीडबैक को एनालिसिस किया जाता है। ऐसे ही
- 1:04:00ऑनलाइन में भी जब आप कोई एप्लीकेशन या फिर
- 1:04:02कोई भी वेबसाइट को ओपन करते हो तो एट द
- 1:04:04एंड वह बोलता है कि भैया कोई फीडबैक दे
- 1:04:06दो। कितने स्टार दोगे? क्या फीडबैक दोगे?
- 1:04:08उस फीडबैक को एनालिसिस करके इंप्रूवमेंट
- 1:04:11की जा सकती है। वो चीज भी यहां है। फिर हो
- 1:04:12सकता है वहां पे जैसे सीसीटीवी कैमरास लगे
- 1:04:14हो। आपकी एक्टिविटीज सारा प्रॉपर्ली काम
- 1:04:17चल रहा है। मॉनिटरिंग हो रही है, लॉगिंग
- 1:04:18हो रही है। ऐसे ही ऑनलाइन सिस्टम में भी
- 1:04:20प्रॉपर सिस्टम होता है कि भैया सारी चीजों
- 1:04:22को सारी एक्टिविटीज को यूजर क्या-क्या कर
- 1:04:24रहा है। सर्वर कैसे-कैसे रिस्पांस दे रहा
- 1:04:26है वो सारी चीजें लॉगिन होती है। वो सारी
- 1:04:28चीजें बाद में ऑडिटिंग का पार्ट भी आता
- 1:04:30है। तो यही चीज है और इसी को हम स्केल कर
- 1:04:33दें। स्केल करने का मतलब है एक रेस्टोरेंट
- 1:04:35की जगह मैं मल्टीपल लोकेशनेशंस पे
- 1:04:37रेस्टोरेंट्स बना दूं। तो वही हो गया
- 1:04:38क्या? डिस्ट्रीब्यूटेड मैन। एक शेफ की जगह
- 1:04:41जैसे एक मेन शेफ हो गया। उसके अंदर मैंने
- 1:04:43मल्टीपल शेफ्स बना दिए और एक शेफ जो है वो
- 1:04:45लेट्स सपोज चाइनीस क्वज़न देख रहा है। एक
- 1:04:47शेफ लेट्स सपोज इंडियन क्वज़न देख रहा है।
- 1:04:49तो वो क्या हो गया? जी माइक्रो सर्विसेस
- 1:04:52हो गई।
- 1:04:56स्टार्ट करते हैं। बहुत ही इंपॉर्टेंट
- 1:04:58कांसेप्ट है एपीआईस का। देखो यार डेली
- 1:05:01बेसिस पे आप इसको एकद बार नहीं सैकड़ों
- 1:05:04बार यूज़ करते हो। लेकिन आपको कहीं ना कहीं
- 1:05:07दिखता नहीं है ये चीज। बिहाइंड द सीन काम
- 1:05:09हो रहा है। क्योंकि हम लोगों ने क्या करना
- 1:05:11है? एप्लीकेशन को ओपन करना है। जैसे
- 1:05:13मोबाइल पे मैंने एप्लीकेशन पे टैप किया।
- 1:05:15उसके बाद मैंने कुछ नया डेटा क्रिएट करने
- 1:05:17की कोशिश की। कोई अपडेट करने की कोशिश की।
- 1:05:19जैसे Instagram पे जाके आपने कोई नई पोस्ट
- 1:05:21बनानी है। किसी पुरानी पोस्ट में कुछ
- 1:05:23अपडेट करना है। कोई पोस्ट को आपको अच्छा
- 1:05:25नहीं लग रहा है या ज्यादा कमेंट्स नहीं आ
- 1:05:26रहे। वीडियो मतलब व्यूज नहीं आ रहे तो
- 1:05:28मैंने उसको डिलीट करना है। तो ये सारी
- 1:05:30चीजें जो हम लोग कर रहे हैं ना हम तो
- 1:05:31क्लिक- क्लिक करके कर रहे हैं। लेकिन वो
- 1:05:34सारी रिक्वेस्ट कैसे सर्वर के पास जा रही
- 1:05:36है और सर्वर कैसे रिस्पांस कर रहा है वो
- 1:05:39सारी चीजें कौन हैंडल करता है? जी आपका
- 1:05:41एपीआई हैंडल करता है। सो व्हाट इज़ एन
- 1:05:43एपीआई? एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस।
- 1:05:46एपीआई इज अ ब्रिज थ्रू व्हिच टू सॉफ्टवेयर
- 1:05:49सिस्टम्स कम्युनिकेट। अब टू सिस्टम्स है
- 1:05:52क्या? एक है जी फ्रंट एंड। फ्रंट एंड क्या
- 1:05:55है? जो हम लोग यूज़र्स ओपन करते हैं। चाहे
- 1:05:57मोबाइल पे ऐप के थ्रू ओपन करें। फ्लटर के
- 1:06:00थ्रू मैंने कोई एप्लीकेशन बनाई है। मैं
- 1:06:02उसके थ्रू कर रहा हूं। या फिर मैंने बेसिक
- 1:06:04वेब पेज अगर बनाया है HTML, सीएसएल,
- 1:06:06जावास्क्रिप्ट को यूज़ करके मैं उसके थ्रू
- 1:06:07कर रहा हूं। तो ये सारी चीजें क्या है?
- 1:06:09मेरे फ्रंट एंड सिस्टम का पार्ट हो गया।
- 1:06:11बैक एंड में हमारे पास क्या हो गया? जी
- 1:06:13बैक एंड के आपके सर्वर्स हो गए। नोट जीएस
- 1:06:16जहां पे काम कर रहा है। इंजीनिक्स जहां पे
- 1:06:18काम कर रहा है। अपाचे सर्वर्स हैं। ये
- 1:06:19सारे क्या है? बैक एंड सर्वर। अब इन दोनों
- 1:06:22के बीच में जो वार्तालाप करवाएगा जो इधर
- 1:06:25से इधर रिक्वेस्ट को लेके जाएगा वो क्या
- 1:06:28है? जी आपका एपीआई है। ठीक है? तो इसीलिए
- 1:06:31इसको क्या बोला जाता है? ब्रिज बोला जाता
- 1:06:33है। बिटवीन टू सॉफ्टवेयर सिस्टम
- 1:06:35कम्युनिकेशन। भैया नेटवर्क ने जो हम लोग
- 1:06:37कंप्यूटर नेटवर्क में पढ़ते है ना नेटवर्क
- 1:06:39उस नेटवर्क ने इन दोनों को जोड़ तो दिया
- 1:06:42इंटरनेट के थ्रू इन दोनों को जोड़ तो दिया
- 1:06:44बट आपस में बातचीत कैसे करेंगे उसके लिए
- 1:06:47एपीआई का यूज किया जाता है तो इसको आप
- 1:06:50सिंपल से डायग्राम से भी समझ सकते हो ये
- 1:06:53रहा जी डायग्राम डेली आप यूज करते हो कोई
- 1:06:55बहुत बड़ी चीज नहीं है कोई नई चीज नहीं है
- 1:06:57लेकिन पता होनी चाहिए ये तो भैया मेंडेटरी
- 1:07:00पार्ट है मतलब आप ऐसे कह लो कि भैया
- 1:07:02कंप्यूटर साइंस आईटी इन सों के जो स्तंभ
- 1:07:05है ना वो सम है आपके ये वाले सारे एपीआई
- 1:07:08तो भैया यूजर है। यूजर ने क्या करना है?
- 1:07:11कोई ना कोई एप्लीकेशन को कोई ना कोई वेब
- 1:07:12पेज को ओपन करना है। वो हो सकता है जी
- 1:07:14hटीml सीएस जावास्क्रिप्ट को यूज़ करके एक
- 1:07:17बेसिक वेब पेज हो या बहुत बढ़िया तरीके से
- 1:07:20मैंने कोई बनाई हो एप्लीकेशन कोई भी तरीके
- 1:07:22से हमने जो है वो फ्रंट एंड बनाया हो। वो
- 1:07:24तो बेसिकली क्या है? यूजेज है कि भैया
- 1:07:26आपने बहुत अगर हाई एंड बनानी है तो हमने
- 1:07:29नई टेक्नोलॉजी को यूज़ किया या पुरानी
- 1:07:31टेक्नोलॉजी को यूज़ किया। बट एट द एंड हो
- 1:07:33क्या रहा है? हम लोग किसी ना किसी
- 1:07:35एप्लीकेशन सर्वर को एक्सेस करने की कोशिश
- 1:07:37कर रहे हैं। तो यहां पे मेरे पास क्या आ
- 1:07:39गया? जी आपका बैक एंड आ गया। बैक एंड में
- 1:07:41जो हमारे सर्वर्स होते हैं उनके ऊपर क्या
- 1:07:44होता है जी जो आपकी एप्लीकेशन का आपके जो
- 1:07:46बिजनेस का पूरा का पूरा लॉजिक यहां पे रन
- 1:07:49कर रहा है कि भैया आपने क्या-क्या रूल सेट
- 1:07:51किए हुए हैं। सारा डेटाबेस सारी
- 1:07:53ऑथेंटिकेशंस एव्री प्रोसेस जो है वो यहां
- 1:07:56पे बैक एंड पे रहता है। अब बैक एंड पे
- 1:07:58बड़ी एप्लीकेशनेशंस का अगर आप एग्जांपल लो
- 1:08:00तो उनके पास जैसे Netflix है उनके पास एक
- 1:08:03सिस्टम थोड़ी ना है। वो ऑथेंटिकेशंस भी कर
- 1:08:05रहा है। वो वहां पे आपके जो रिकमेंडेशन
- 1:08:07सिस्टम अलग से चल रहा है। जो आपकी वीडियोज़
- 1:08:10है जो आपको रिकमेंडेड वीडियोज़ दिखानी है
- 1:08:13वह अलग से चल रहा है। उनको प्ले करना है।
- 1:08:15प्रोसेसिंग अलग से चल रही है। सो देयर आर
- 1:08:17मल्टीपल सर्विसेस जो वहां पे वर्क कर रही
- 1:08:19हैं। ऐसे ही Instagram को यूज़ कर रहे हो,
- 1:08:21Facebook को यूज़ कर रहे हो तो भैया आपका
- 1:08:23जो इमेजज़ है, जो एचटीएमएल, सीएसएस वाला जो
- 1:08:26डेटा है, जो स्टैटिक डेटा है वो फाइल
- 1:08:28सिस्टम्स में पड़ा है। जो परमानेंट डेटा
- 1:08:30है, यूज़र्स की इनेशन है, कमेंट्स है, जो
- 1:08:32स्ट्रक्चर डेटा है और वो मैं यहां पे
- 1:08:35डेटाबेस में रख सकता हूं। तो ये पूरा का
- 1:08:37पूरा डेटाबेस जो है वो बैक एंड के साथ
- 1:08:39कनेक्टेड रहता है। तो यहां पे मेरी
- 1:08:41रिक्वेस्ट इधर से इधर लेके आने का काम और
- 1:08:44यहां से जो मेरा रिस्पांस आया जो भी मैं
- 1:08:46इमेजज़ वगैरह मांग रहा हूं, कमेंट्स मांग
- 1:08:48रहा हूं वो सारी चीजें रिस्पॉन्ड ये कौन
- 1:08:50कर रहा है? मतलब यहां पे आपका पूरा का
- 1:08:52पूरा एपीआई सिस्टम जो है वो काम कर रहा
- 1:08:55है। जैसे हम लोग रेस्ट एपीआई मल्टीपल
- 1:08:57टाइप्स ऑफ एपीआई यूज़ करते हैं। बट सबसे
- 1:08:59ज्यादा पॉपुलर इस टाइम पे जैसे जो है वो
- 1:09:01आपकी रेस्ट एपीआई है। वैसे तो मैं अगली
- 1:09:04वीडियो में आपको सारे टाइप्स बताऊंगा ही।
- 1:09:06रेस्ट एपीआईस में जैसे कोई ना कोई वेब पेज
- 1:09:09को गेट करना है तो मैं फेच करने के लिए
- 1:09:11गेट रिक्वेस्ट भेजता हूं। मुझे कोई नई
- 1:09:13इंफॉर्मेशन को डालना है तो मैं पोस्ट करता
- 1:09:15हूं। कुछ अपडेट करना है तो उसके लिए मैं
- 1:09:17पुट रिक्वेस्ट कुछ डिलीट करना है तो मैं
- 1:09:19डिलीट करता हूं। ऐसे ही आपके पास ग्राफ
- 1:09:21क्यूएल आ जाता है जी जो Facebook ने बनाया
- 1:09:23था मेटा ने बनाया था वो क्या कहता है कि
- 1:09:26भैया जो यूजर को चाहिए मैं सिर्फ उतना
- 1:09:28दूंगा कोई एक्स्ट्रा इनेशन नहीं दूंगा
- 1:09:30आरपीसीस आ जाते हैं रिमोट प्रोसीजर रिमोट
- 1:09:32फंक्शन कॉलिंग आ जाती है और Google ने
- 1:09:35अपने सिस्टम्स के लिए बनाया था जीआरपीसी
- 1:09:37वो भी आ जाता है तो देयर आर मल्टीपल
- 1:09:39टाइप्स ऑफ एपीआई सिस्टम्स जो कि यूज़ किए
- 1:09:42जाते हैं तो उनको हम लोग अगली वीडियो में
- 1:09:44पढ़ेंगे बट इनका जो एक्चुअल में काम है
- 1:09:46क्यों ये यूज़ हो रहे हैं कहां पे ये वर्क
- 1:09:48कर रहे हैं और सेम जैसे मैंने पहले भी
- 1:09:50एग्जांपल दिया हुआ है रेस्टोरेंट सिस्टम
- 1:09:52में आपका जैसे रेस्टोरेंट का एग्जांपल ले
- 1:09:54लो तो भैया हम लोग यूज़र्स हैं। हम लोग
- 1:09:56क्या कर रहे हैं? रेस्टोरेंट में जाके
- 1:09:57खाना खा रहे हैं। और बैक एंड सर्वर क्या
- 1:09:59है? जी किचन है। अब मैं किचन में जाके
- 1:10:01थोड़ी ना बोल रहा हूं। ला भैया ये सब्जी ला
- 1:10:03ये स्नैक्स ला। नहीं मैं किसको ऑर्डर
- 1:10:06दूंगा? अब मैं वेटर को ऑर्डर दूंगा। तो वो
- 1:10:07वेटर जो है वो अपने आप सारी की सारी
- 1:10:09रिक्वेस्ट को लेके जाएगा और जो भी डिशेस
- 1:10:12बन रही है वो आपके तक लेके आएगा। यहां पे
- 1:10:14बस एक छोटा सा पॉइंट और है। जी एपीआई
- 1:10:16गेटवे। एपीआई गेटवे क्या है कि वो एक तरह
- 1:10:19से यहां पे बैठा है। अब मल्टीपल बड़ी-बड़ी
- 1:10:22एप्लीकेशनेशंस के पास क्या होते हैं?
- 1:10:23मल्टीपल सर्विज होती हैं। तो मैं क्या
- 1:10:26चाहता हूं कि एपीआई गेटवे रूट करे। मतलब
- 1:10:28किस रिक्वेस्ट को कहां जाना है। अब कई बार
- 1:10:30क्या होता है रेस्टोरेंट में कुछ लोग आ
- 1:10:31रहे हैं सिर्फ देखने के लिए कि भैया मेरे
- 1:10:34को खाना नहीं है। बस मेरे को मेन्यू देखना
- 1:10:35है कि मैं खा सकता हूं यहां पे नहीं। तो
- 1:10:37मतलब एक तरह से मैनेजर बिठा दिया
- 1:10:39स्टार्टिंग में ही कि वो एक्चुअल में आपको
- 1:10:41चेक कर ले कि भैया आपने वाकई में खाना है
- 1:10:43नहीं खाना। उस हिसाब से वो रूट कर देगा।
- 1:10:45ठीक है? फिर हो सकता है आपने बोला कि
- 1:10:47मैंने टेबल बुक करवा रखा है लेकिन टेबल तो
- 1:10:49आपका बुक ही नहीं था। वो ऑथेंटिकेशन वगैरह
- 1:10:51सारी चेक करेगा कौन? मैनेजर। तो वही एपीआई
- 1:10:54गेटवे करता है कि आपकी रिक्वेस्ट को आगे
- 1:10:56आने से पहले वो थोड़ा सा चेक कर लेता है।
- 1:10:58तो बड़ी एप्लीकेशंस में बड़े सिस्टम में
- 1:11:00एपीआई गेटवे बहुत काम करता है। जैसे रूट
- 1:11:02करना कहां रिक्वेस्ट जानी है, कैशिंग का
- 1:11:05काम करना। हो सकता है कुछ डाटा इसके पास
- 1:11:06पड़ा हो। यह तुरंत आपकी रिक्वेस्ट को वहीं
- 1:11:08भेज दे। आपकी रिक्वेस्ट अंदर जाए ना। जैसे
- 1:11:10Zomato डिलीवरी वाला कोई आ गया बंदा। अब
- 1:11:12उसने खाना खाने थोड़ी ना आना है। उसका
- 1:11:14डेटा यहीं पड़ा था। मतलब जो उसने ऑर्डर
- 1:11:16किया था यूजर ने तो वो सिर्फ पिकअप करने
- 1:11:18आया। तो यहीं से उसको जो है वो वापस भेज
- 1:11:20दिया ताकि उसका भी ना टाइम वेस्ट हो।
- 1:11:22फटाफट से वो डिलीवरी भी कर दे। ये सारे
- 1:11:24काम काइंड ऑफ कौन करता है? जी एपीआई
- 1:11:26गेटवे। और ये कांसेप्ट क्या है? ऑल टाइप्स
- 1:11:29ऑफ एपीआईस। एपीआईस क्या होती है?
- 1:11:31एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस जिसका काम
- 1:11:34क्या है? कि क्लाइंट और सर्वर के बीच में
- 1:11:38कम्युनिकेशन पैदा करना। मतलब क्लाइंट अगर
- 1:11:41कोई बात कर रहा है तो सर्वर के पास सर्वर
- 1:11:43कुछ कह रहा है तो क्लाइंट के पास ये सारा
- 1:11:45कम्युनिकेशन कौन प्रोवाइड करता है? एपीआई।
- 1:11:48इसको आप बिल्कुल ऐसे समझ सकते हो कि
- 1:11:49रेस्टोरेंट में गए। अब आपने वहां पे कुछ
- 1:11:51डिश ऑर्डर करनी है। तो आपको किचन में जाने
- 1:11:53की जरूरत नहीं है। वहां पे उन्होंने क्या
- 1:11:55रखे होते हैं? वेटर्स। तो आप उनको बुलाओ।
- 1:11:58उनसे मेन्यू लो और उनको ऑर्डर दो। वो अपने
- 1:12:01आप लेके जाएगा किचन में और किचन से आपका
- 1:12:02खाना लेके आएगा। लेकिन अब ये कितने टाइप्स
- 1:12:06ऑफ एपीआईस हैं और इनका रियल टाइम में क्या
- 1:12:08यूज़ है ना ये बहुत ज्यादाेंट है क्योंकि
- 1:12:11इसके बेसिस पे आपसे इंटरव्यू में या कहीं
- 1:12:13पे भी पूछे आप इजीली आंसर दे सकते हो। तो
- 1:12:15यहां पे सबसे पहले सबसे ज्यादा यूज़ होने
- 1:12:18वाला है दैट इज रेस्ट एपीआई। सबसे ज्यादा
- 1:12:21अगर मैं इंडस्ट्रीज की बात करूं इसीलिए इट
- 1:12:23इज़ द मोस्ट वाइडली यूज़्ड एपीआई स्टाइल फॉर
- 1:12:26द इंडस्ट्री वेब एप्लीकेशन। चाहे आप वेब
- 1:12:28एप्लीकेशन की बात कर लो, मोबाइल एप्लीकेशन
- 1:12:30की बात कर लो, जब भी हम अपने सिस्टम पे या
- 1:12:33फिर अपने मोबाइल पे कोई भी एप्लीकेशन यूज़
- 1:12:35कर रहे हैं तो मतलब आप मान के चलो कि बाय
- 1:12:37डिफॉल्ट हम लोग रेस्ट एपीआई को यूज़ कर
- 1:12:40रहे हैं। क्योंकि रेस्ट एपीआई वर्क करता
- 1:12:42है http https पे और फिर ये क्या करता है?
- 1:12:45सर्वर से डेटा फाइंड आउट करके आपको देता
- 1:12:48है। एग्जांपल के तौर पे मैं यहां पे सबसे
- 1:12:50पहले आपको रेस्ट एपीआई बता देता हूं। तो
- 1:12:52रेस्ट एपीआई में लेट्स सपोज आपने भाई
- 1:12:54Zomato वाला एग्जांपल ले लो या sविg वाला
- 1:12:56एग्जांपल ले लो। आपने एप्लीकेशन को ओपन
- 1:12:58किया। ओपन करते ही आपने सर्वर पे कोई
- 1:13:01डिमांड की तो यानी आप क्या कर रहे हो? एक
- 1:13:03पोस्ट मैसेज। तो यहां पे क्या होता है कि
- 1:13:05रेस्ट नॉर्मली रिप्रेजेंट द डेटा एज अ
- 1:13:08रिसोर्सेज एंड यूज़ द स्टैंडर्ड एचटीटीपी
- 1:13:10एंड एचटीटीपीएस बोथ। क्योंकि एचटीटीपी
- 1:13:12प्लेन टेक्स्ट की फॉर्म में काम करता है।
- 1:13:14लेकिन एचटीटीपीएस सिक्योरिटी के साथ
- 1:13:16टीएलएस सिक्योरिटी प्रोवाइड करता है। तो
- 1:13:18यहां पे मेन आपके पास मेथड्स कौन से हैं?
- 1:13:20सबसे पहले गेट आ गया, पोस्ट आ गया, पुट,
- 1:13:23पैच एंड डिलीट। तो ये आपने ऑलरेडी कहीं ना
- 1:13:25कहीं पढ़े भी होंगे एचटीटीपी में हम लोग
- 1:13:27यूज़ करते हैं कि अगर मुझे रीड करना है
- 1:13:29डेटा तो मैं गेट रिक्वेस्ट अगर पोस्ट करना
- 1:13:31है कुछ तो मैं पोस्ट अगर मुझे रिप्लेस
- 1:13:33करना है तो पुट अगर मुझे कुछ चीजें अपडेट
- 1:13:36करनी है पार्शियली तो मैं पैच या अगर पूरा
- 1:13:38डिलीट करना है तो हम डिलीट कर सकते हैं और
- 1:13:40आपको पता है कि जब भी हम कोई वेब पेज को
- 1:13:42एक्सेस करते हैं तो हम लोग क्या डालते हैं
- 1:13:44जी यूआरएल जैसे https कॉलन डाल के फिर
- 1:13:47gets smash.com या youtube.com लेकिन जब
- 1:13:51भी हम इसको पोस्ट करते हैं मतलब जब भी हम
- 1:13:54एक्चुअल में इसको एक्सेस करने की कोशिश
- 1:13:55करते हैं YouTube के सर्वर को तो यूआरएल
- 1:13:58के साथ जैसे ही ये प्रोसेस होता है तो
- 1:14:00यूआरएल के आगे एक तरह से क्या लग जाता है?
- 1:14:02मेथड लग जाता है कि इनमें से कौन सा मेथड
- 1:14:05आप अप्लाई कर रहे हो और फिर सर्वर जो है
- 1:14:07वो उस मेथड के अकॉर्डिंग आपको रिस्पांस
- 1:14:09देता है। तो ये रेस्ट एपीआई वन ऑफ द मोस्ट
- 1:14:12यूज़बल है और इसके बारे में आपसे अगर पूछे
- 1:14:14तो आप अब इजीली आंसर दे सकते हो। देन
- 1:14:17हमारे पास आ गई जी दूसरी ग्राफ क्यूएल।
- 1:14:19ग्राफ क्यूएल का बेसिकली सबसेेंट फायदा
- 1:14:22क्या है कि यार अगर मुझे डेटा चाहिए लेट्स
- 1:14:25सपोज सिर्फ 2% तो मैं फालतू में 100% डेटा
- 1:14:30क्यों मंगवाऊं मतलब जितना डेटा चाहिए मेरे
- 1:14:32को उतना ही मंगवाना है लेकिन यहां पे होता
- 1:14:34क्या है जैसे एग्जांपल के तौर पे अब वही
- 1:14:36सेम zomato swiggy वाला एग्जांपल है कि
- 1:14:38जैसे ही आपने वेब पेज को ओपन किया या
- 1:14:40मोबाइल एप्लीकेशन को ओपन किया तो भैया
- 1:14:42कस्टमर का नेम है कस्टमर से रिलेटेड सारा
- 1:14:44डेटा होगा कस्टमर के लेट्स सपोज लास्ट
- 1:14:46थ्री ऑर्डर्स हैं रिवॉर्ड्स पॉइंट्स सेव्ड
- 1:14:48एड्रेस रिकमेंडेड रेस्टोरेंट्स ये सारा
- 1:14:52डेटा है। अगर मैं रेस्ट एपीआई को यूज़
- 1:14:54करूंगा तो हमारी रिक्वेस्ट पता है कैसे
- 1:14:56जाएगी? इस तरीके से सबसे पहले गेट गई कि
- 1:14:58भैया मेरी इनेशन मेरे को चाहिए। फिर गेट
- 1:15:00गया कि मेरे को ऑर्डर्स ला। फिर गेट गया
- 1:15:03कि मेरे रिवॉर्ड्स कितने हैं? फिर गेट
- 1:15:04रिक्वेस्ट गई मेरा एड्रेस। फिर तो यार
- 1:15:06इतनी बार आपकी JSN फाइल जाएंगी। तो
- 1:15:09बार-बार आप JSN जो है वो यूज़ करोगे। उसको
- 1:15:11पास करोगे। उसके अकॉर्डिंग रिस्पांस
- 1:15:13मिलेगा। रादर देन दिस हम लोग यूज़ करते हैं
- 1:15:16ग्राफ Qएल। और ग्राफ क्यूएल में क्या होता
- 1:15:18है भैया जो जो चीजें चाहिए आप क्वेरी के
- 1:15:21अंदर डाल दो। आपको नेम चाहिए, रिवॉर्ड
- 1:15:23चाहिए, रीसेंट ऑर्डर्स चाहिए या फिर
- 1:15:25एड्रेस की इनेशन रिकमेंडेड जो भी आपको
- 1:15:28चाहिए एक क्वेरी में डाल दो। ये क्वेरी
- 1:15:31जाएगी और सीधा आपको आंसर जसन में ही मिल
- 1:15:33जाएगा एक बार में। तो इसीलिए यहां पे क्या
- 1:15:36है कि फ्लेक्सिबिलिटी है। जितना डेटा
- 1:15:38चाहिए हम उतना एक्सेस कर सकते हैं
- 1:15:40डायरेक्टली। बार-बार गेट रिक्वेस्ट, गेट
- 1:15:43पोस्ट करने की ज़रूरत नहीं है। तो, यह कहीं
- 1:15:45ना कहीं एडवांटेज आपको यहां पे मिल जाता
- 1:15:47है। सो, बेस्ड ऑन द सिनेरियो यूज़ किया
- 1:15:49जाता है कि भैया इस सिनेरियो में ये वाला
- 1:15:50एपीआई बढ़ है। इस सिनेरियो में ये वाला
- 1:15:52आईपीआई बढ़ा है। इस तरीके से देन आ जाता है
- 1:15:54जीआरपीसी वेरी वेरीेंट। जीआरपीसी बेसिकली
- 1:15:57Google ने बनाया था और ये कम्युनिकेशन
- 1:16:00बिटवीन द माइक्रो सर्विसेस। अगर आपसे पूछ
- 1:16:02ले कि यार जीआरपीसी किस सिनेरियो में बड़ी
- 1:16:04है? तो देखो वही Zomato या SWGI वाला
- 1:16:06एग्जांपल ले लो। अब यार इस एप्लीकेशन का
- 1:16:08एक मॉड्यूल या एक सर्विस तो है नहीं। इनकी
- 1:16:11मल्टीपल सर्विज होती है। अंदर क्या है?
- 1:16:13ऑर्डर सर्विस है, पेमेंट सर्विस है,
- 1:16:15रेस्टोरेंट सर्विस है, डिलीवरी सर्विस है,
- 1:16:17नोटिफिकेशन सर्विस है। अब यार आप लोग तो
- 1:16:20सिंपली क्या कर रहे हो? Zomato खोला या
- 1:16:22sविggi खोला और मुझे अमृतसरी कुल्लचे
- 1:16:24ऑर्डर करने थे। तो मैंने सीधा रेस्टोरेंट
- 1:16:26में गया जो रेस्टोरेंट को पसंद आया उसमें
- 1:16:28जाके मैंने एक प्लेट ऐड कर दी। पेमेंट की
- 1:16:31ऑर्डर चेक किया और मेरे पास ऑर्डर जो है
- 1:16:33वो थोड़ी देर बाद आ गया। आपके लिए तो कोई
- 1:16:35झंझट ही नहीं है। लेकिन अंदर ऑर्डर भी हो
- 1:16:37रहा है, पेमेंट भी हो रही है, रेस्टोरेंट
- 1:16:39जो आपकी सर्विस है, डिलीवरी भी हो रही है,
- 1:16:41नोटिफिकेशन कि भैया ऑर्डर आ गया या आ रहा
- 1:16:43है। ये सारी चीजें आपस में भी तो बात
- 1:16:46करेंगी ना यार। ये माइक्रो सर्विज आपस में
- 1:16:48भी तो बात करेंगी। तभी तो एक दूसरे को सही
- 1:16:51रिस्पोंस। हो सकता है पेमेंट वाला बात ही
- 1:16:53नहीं कर रहा। तो यार बेचारा रेस्टोरेंट तो
- 1:16:55वेट ही करता रहेगा। पेमेंट आई नहीं है।
- 1:16:57मैं कछु उसको कुलचे भेज दूं तो यार मेरा
- 1:16:59तो नुकसान हो जाएगा। तो यहां पे आपस में
- 1:17:01कम्युनिकेट करना जरूरी है और इसमें
- 1:17:03जीआरपीसी में सबसे बढ़िया क्यों ये यूज़
- 1:17:05होती है कि सर आपके दिमाग में आया कि सर
- 1:17:08रेस्ट क्यों नहीं यूज़ कर सकते? रेस्ट यूज़
- 1:17:10करोगे ना तो रेस्ट जो है वो JSON बेस्ड
- 1:17:12है। अब बार-बार क्या होगा कि आप JSON के
- 1:17:15थ्रू जो है वो एक दूसरे को क्वेरीज भेजोगे
- 1:17:17रिस्पांस आएगा तो इसको प्रोसेस करने में
- 1:17:20पास करने में टाइम लग जाता है। लेकिन जो
- 1:17:22जीआरपीसी है ये यूज़ करता है बाइनरी
- 1:17:24फॉर्मेट को। आपकी रिक्वेस्ट बाइनरी की
- 1:17:26फॉर्म में जाती है। उसकी वजह से बहुत
- 1:17:28ज्यादा फास्ट हो जाता है, इजी हो जाता है,
- 1:17:31लाइट वेट हो जाता है। और लाइट वेट होने की
- 1:17:33वजह से ही ये कम्युनिकेशन को बहुत इजी कर
- 1:17:35देता है और जल्दी से आपको रिस्पांस मिल
- 1:17:38जाता है। तो ये बड़ा एडवांटेज है यहां पे।
- 1:17:40तो आपको यूज़ केस भी पता लग गए। फिर आ गया
- 1:17:42जी आपका वेब सॉकेट। अब वेब सॉकेट का
- 1:17:44बेसिकली फंडा क्या है? कि जैसे फॉर
- 1:17:46एग्जांपल लाइव डिलीवरी ट्रैकिंग है या फिर
- 1:17:48आप चैट मैसेजेस की बात कर रहे हो जैसे
- 1:17:50WhatsApp पे आप चैट कर रहे हो या ऑनलाइन
- 1:17:52आप स्पोर्ट में कोई भी आप कोई गेम चल रही
- 1:17:55है लेट्स सपोज क्रिकेट चल रहा है तो आप
- 1:17:56उसका स्कोर चेक कर रहे हो लाइव या फिर
- 1:17:58सेंसेक्स का कितना चल रहा है जी हमारा
- 1:18:00पॉइंट्स वगैरह कितने चल रहे हैं आप उसको
- 1:18:02लाइव चेक कर रहे हो अप डाउन तो यार वहां
- 1:18:04पे क्या होता है कि अगर आप रेस्ट वगैरह
- 1:18:06यूज करते हो कर सकते हो लेकिन पंगा क्या
- 1:18:09होगा परफॉर्मेंस भी तो देखनी है ना हमने
- 1:18:11कि किस जगह पे कौन परफॉर्मेंस बढ़िया दे
- 1:18:13रहा है अब होगा क्या कि भैया आपने जो है
- 1:18:15वो एक ऑर्डर दे दिया कि मैंने यहां पे एक
- 1:18:16ऑर्डर दिया है और उस ऑर्डर के रिलेटेड
- 1:18:18मेरे को लोकेशन चाहिए कि मेरा ऑर्डर कहां
- 1:18:20पहुंचा है? यार भूख लग रही है। कब आएगा
- 1:18:22मेरा ऑर्डर? या गेस्ट बैठे हैं भैया वो
- 1:18:24गेस्ट ही चले जाएंगे और ऑर्डर मेरा पहुंचा
- 1:18:25नहीं है। तो बार-बार मेरा ऑर्डर कहां है?
- 1:18:28मेरा ऑर्डर कहां है? तो रेस्ट तो बार-बार
- 1:18:29जो है वो क्या करेगा? रिक्वेस्ट भेजेगा।
- 1:18:32सर्वर बोलेगा ये ले जी। फिर रिक्वेस्ट
- 1:18:34भेजा सर्वर बोलेगा ये ले। फिर रिक्वेस्ट
- 1:18:36भेजा सर्वर बोलेगा ये ले। तो यार ये बहुत
- 1:18:38ज्यादा परफॉर्मेंस को डाउन कर देगा। हम
- 1:18:40क्या चाहते हैं कि मेरा जो कनेक्शन है ना
- 1:18:42वो पर्सिस्टेंट हो जाए। पर्सिस्टेंट मतलब
- 1:18:44कुछ देर के लिए ओपन ही रहे। आप बार-बार
- 1:18:46कनेक्शन एस्टैब्लिश कर रहे हो। कनेक्शन
- 1:18:48टूट रहा है। फिर कनेक्शन एस्टैब्लिश
- 1:18:49कनेक्शन टूट रहा है। आप यार जब तक आता
- 1:18:52नहीं है आपका ऑर्डर आप उस कनेक्शन को बना
- 1:18:54के रखो। पर्सिस्टेंटली ओपन करके रखो। तो
- 1:18:57उसके लिए हम लोग यूज़ करते हैं जी वेब
- 1:18:58सॉकेट। तो करेगा क्या? वही सेम गेट चैट
- 1:19:01HTP मैसेज 1.1 भेजेगा और अपग्रेड कर देगा।
- 1:19:04सर्वर को बोलेगा कि मेरे को अपग्रेड कर दे
- 1:19:06किससे? वेब सॉकेट से ताकि मेरा कनेक्शन
- 1:19:08टूटे ना और सर्वर बोलेगा ठीक है जी
- 1:19:10स्विचिंग कर रहा हूं मैं 1001 मतलब
- 1:19:12अपग्रेड कर दिया वेब सॉकेट पे अब पहले
- 1:19:14रिक्वेस्ट जा रही थी रिसोंड रिक्वेस्ट
- 1:19:16रिसोंड अब क्या है तेरा कनेक्शन ही ओपन हो
- 1:19:18गया पर्सिस्टेंट हो गया कुछ देर के लिए जब
- 1:19:21तक आता नहीं है बार-बार रिक्वेस्ट भेजने
- 1:19:23की जरूरत नहीं है अपने आप जो है वो सर्वर
- 1:19:25कुछ-कुछ टाइम बाद उसको क्या करता रहेगा
- 1:19:26अपडेट करता रहेगा और आपको रिसोंस जो है वो
- 1:19:28मिलता रहेगा लोकेशन मिलती रहेगी
- 1:19:30नेक्स्टेंट एपीआई आ जाती है वेबook वेब
- 1:19:33बेसिकली है क्या इट इज अ इवेंट बेस्ड
- 1:19:35एचटीपी कॉल बैक एक्चुअल में होता क्या है?
- 1:19:38एग्जांपल से आपको समझाता हूं। लेट्स सपोज़
- 1:19:40एक है NYKI और NKI जो है वो यूज़ करता है
- 1:19:43लेट्स सपोज PayPal। ठीक है? थर्ड पार्टी
- 1:19:45पेमेंट के लिए जैसे PayPal है, रेजर Pay
- 1:19:47है, ebz है ऐसे। अब यूजर ने क्या किया?
- 1:19:50NKI पे गया और उसने कोई शूज जो है वो
- 1:19:52ऑर्डर कर दिए। अब शूज ऑर्डर कर दिए। तो
- 1:19:54NKI जो है वो पेमेंट के लिए किसको यूज़ कर
- 1:19:57रहा है? PayPal। तो NKI क्या करेगा?
- 1:19:58बार-बार इसको मैसेज भेजेगा। क्या पेमेंट
- 1:20:00हुई? क्या पेमेंट हुई? इसकी बजाय क्या करो
- 1:20:04भैया? NKI ने ना एक जो है वो आप यह लगा लो
- 1:20:07कि एक एपीआई या फिर आप ऐसे कह लो कि वेब
- 1:20:09को यूज़ करके उसने एक प्रीडफाइंड यूआरएल जो
- 1:20:12है वो क्रिएट कर दिया। जैसे ही पेमेंट
- 1:20:14सक्सेस होएगी तो PayPal क्या करेगा भैया?
- 1:20:16पेमेंट हो गई है और ये उसको पोस्ट कर देगा
- 1:20:19nki को बता देगा। तो ये एक्चुअल में
- 1:20:21कांसेप्ट यूज़ होता है। इसीलिए इसको इवेंट
- 1:20:24या फिर नोटिफिकेशन के लिए स्पेशली यूज़
- 1:20:26किया जाता है। तो यहां पे यही है कि एन
- 1:20:28इवेंट अकर्स इन द एप्लीकेशन ए इट
- 1:20:30ऑटोमेटिकली सेंड्स द एचटीटीपी रिक्वेस्ट
- 1:20:32टू द प्रीडफाइंड यूआरएल ऑफ़ द एप्लीकेशन बी
- 1:20:35ताकि बार-बार वो पॉक ना करे भैया ठीक है
- 1:20:37एप्लीकेशन ने यहां पे जैसे ही पेमेंट हुई
- 1:20:39मैं तेरे को रिस्पांस कर देता हूं। यहां
- 1:20:41पर जो है वो मेनली यूज़ होता है कि अब अगर
- 1:20:44आपके दिमाग में आए कि सर यह वाला जो
- 1:20:46प्रीडफाइंड यूआरएल है अगर किसी हैकर ने
- 1:20:48यूज़ करके इसको बोल दिया कि भैया पेमेंट हो
- 1:20:50गई तो वो तो दिक्कत हो जाएगी। तो इसीलिए
- 1:20:52यहां पे क्या होता है? एक तो प्रॉपर
- 1:20:53सिक्योरिटी यूज़ होती है। प्रॉपर हैश
- 1:20:55वैल्यू यूज़ होती है। ये भैया एक हैश
- 1:20:57फंक्शन भेजेगा। उसको वेरीफाई करेगा। तब
- 1:20:59जाके ओके करेगा कि भैया पेमेंट हो गई।
- 1:21:01इसके साथ-साथ टाइम स्टैंप भी यहां पे यूज़
- 1:21:03होता है कि अगर बहुत पुराना है तो उसको ये
- 1:21:06रिजेक्ट कर देगा। कुछ टाइम के अंदर-अंदर
- 1:21:07ही मेरी पेमेंट का सक्सेस आना चाहिए। ये
- 1:21:10वेबक बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट स्पेशली
- 1:21:12इवेंट वाले में यूज़ किया जाता है। देन आ
- 1:21:14गया जी शॉप। शॉप बेसिकली जो है वो काफी
- 1:21:16स्ट्रिक्ट एक्सएमएल बेस्ड प्रोटोकॉल है।
- 1:21:19यूज़ फॉर द सिक्योर एंड रिलायबल
- 1:21:20कम्युनिकेशन बिटवीन द एप्लीकेशन। यह
- 1:21:22मेजरली यूज़ होता है जहां पे पैसा सबसे
- 1:21:25ज्यादा इंपॉर्टेंट है। मतलब पैसे की
- 1:21:27लेनदेन जैसे ओल्डर बैंकिंग सिस्टम्स है,
- 1:21:29इंश्योरेंस सिस्टम है या फिर गवर्नमेंट के
- 1:21:31सिस्टम है जहां पे रिस्ट्रिक्शंस बहुत
- 1:21:33ज्यादा है। तो इसीलिए वहां पे ना प्रॉपर
- 1:21:35एक्सएमएल बेस्ड प्रोटोकॉल को यूज़ किया
- 1:21:37जाता है। तो इसकी प्रॉपर बॉडी एनवेलप जो
- 1:21:39है वो उसके बाद बॉडी है गेट बैलेंस। जैसे
- 1:21:41मैंने एग्जांपल के तौर पे मेरे को बैलेंस
- 1:21:43चेक करना है। तो मैं इस तरीके से पूरी
- 1:21:44बॉडी जो है वो क्रिएट करेंगे एक्सML में
- 1:21:46और उसी तरीके से रिस्पांस आएगा। यह
- 1:21:48डब्ल्यूएस सिक्योरिटी को यूज़ करता है। तो
- 1:21:50वेरी आप कह सकते हो बहुत ज्यादा सिक्योर
- 1:21:52है। प्रॉपर इंक्रिप्टेड यूज़ करता है। क्या
- 1:21:54आपको पता है आपके मोबाइल फोन में मैक्सिमम
- 1:21:56एप्लीकेशनेशंस एसडीके को यूज़ करती हैं।
- 1:21:59चाहे आप Paytm की बात कर लो, WhatsApp की
- 1:22:01बात कर लो, Zomato, Swiggi सारी
- 1:22:02एप्लीकेशनेशंस एसडीके के कांसेप्ट को यूज़
- 1:22:05करती हैं। लेकिन फिर भी इंटरव्यूज में जब
- 1:22:07भी इंटरव्यूअर पूछता है कि भैया एसडीके
- 1:22:09क्या होती है? तो वहां पे स्टूडेंट
- 1:22:11कंफ्यूज हो जाते हैं और वो सिंपली बोल
- 1:22:13देते हैं कि इट इज़ अ सॉफ्टवेयर पैकेज।
- 1:22:16लेकिन आपको इस वीडियो में मैं विद द रियल
- 1:22:17लाइफ एग्जांपल सारी चीज बताऊंगा कि एसडीके
- 1:22:20क्या है? क्यों है? क्यों यूज की जाती है
- 1:22:22ईच एंड एवरीथिंग। तो देखो सबसे पहले आप एक
- 1:22:24सिंपल से एग्जांपल से समझो। लेट्स सपोज
- 1:22:26मुझे गेट स्मैशर्स की ऐप बनानी है तो
- 1:22:28मैंने गेट स्मैश की ऐप में अगर मेरे को
- 1:22:29लॉग इन करवाना है तो मैं Gmail के थ्रू
- 1:22:31लॉग इन करवा सकता हूं। तो यानी मैंने एक
- 1:22:34थर्ड पार्टी एप्लीकेशन को यूज़ किया अपने
- 1:22:36लॉगिन के लिए। पेमेंट करवानी है तो मैंने
- 1:22:38रेजर पे को यूज़ किया पेमेंट के लिए। अगर
- 1:22:41मुझे लेट्स सपोज किसी स्टूडेंट को बताना
- 1:22:43है कि भैया हमारा ऑफलाइन सेंटर यहां पे है
- 1:22:45तो मैंने Google मैप को इंटीग्रेट किया
- 1:22:47अपनी एप्लीकेशन के अंदर तो यार अगर मेरे
- 1:22:50पास एसडीके का कांसेप्ट नहीं होगा तो मुझे
- 1:22:52इन सारी चीजों को मैनुअली करना पड़ेगा
- 1:22:55मतलब स्क्रैच से लिखना पड़ेगा कोड और
- 1:22:58डेवलपर के लिए बहुत ज्यादा झंझट हो जाएगा।
- 1:23:00आप इसको ऐसे भी समझ सकते हो कि लेट्स सपोज
- 1:23:02आपको एक घर बनाना है नया घर बनाना है तो
- 1:23:04भैया सीमेंट आप बनाए लोगे या सीमेंट भी आप
- 1:23:07अपना पहले बनाओगे नहीं वायरिंग लगानी है
- 1:23:10घर पे तो वायरिंग आप बनी बनाई लोगे या
- 1:23:12भैया आप उसकी पहले से पूरा
- 1:23:14मैन्युफैक्चरिंग करोगे नहीं तो यानी आप
- 1:23:17थर्ड पार्टी चीजों को यूज करते हो तो यही
- 1:23:19चीज है कि भैया डेवलपर को बहुत ज्यादा
- 1:23:21आसानी हो जाती है और इसीलिए अगर आपसे पूछ
- 1:23:24ले तो भैया याद रखना एसडीके सॉफ्टवेयर
- 1:23:27डेवलपमेंट टूलकिट इज अ रेडीमेड टूलकिट दैट
- 1:23:30हेल्प्स डेवलपर्स इंटीग्रेट अ प्लेटफार्म
- 1:23:33फीचर इंटू देयर ओन एप्लीकेशन विदाउट
- 1:23:35राइटिंग एवरीथिंग फ्रॉम द स्क्रैच। मतलब
- 1:23:37वही सारी एप्लीकेशन मतलब Google Map है
- 1:23:39मुझे पेमेंट के लिए रेजर पे इन सब चीजों
- 1:23:42को यूज करना है या सिंपल देख रहे हो यार
- 1:23:44आज के टाइम पे लेट्स सपोज मुझे अपने
- 1:23:46सिस्टम पे क्वेश्चंस वगैरह बनाने हैं तो
- 1:23:48मैंने क्वेश्चंस डिजाइन करने के लिए या तो
- 1:23:50मैं मैनुअली करूं भैया क्वेश्चन डिजाइन
- 1:23:52करूं एक-एक करके या फिर मैं क्या कर सकता
- 1:23:54हूं बाय यूजिंग द एसडीके मैं चैट जीपीटी
- 1:23:57को या जेमिनाई को अपने प्लेटफार्म के साथ
- 1:23:59इंटीग्रेट कर सकता हूं। तो मतलब जो
- 1:24:01स्टूडेंट्स हैं वो बाय डिफॉल्ट बहुत सारे
- 1:24:03क्वेश्चंस जनरेट कर सकते हैं। उनको अलग से
- 1:24:05जाने की जरूरत नहीं है। आप सीधा उसी
- 1:24:07डेवलपमेंट टूलकिट को यूज़ करके अपने सिस्टम
- 1:24:10में जो है वो सारी चीजों को इंटीग्रेट कर
- 1:24:12सकते हो। यहां पे स्टूडेंट ना कंफ्यूज हो
- 1:24:14जाते हैं कि एपीआई और एसडीके में क्या
- 1:24:16फर्क है? यार इसको याद रखना कि एपीआई
- 1:24:18बेसिकली क्या है? दो एप्लीकेशनेशंस को आपस
- 1:24:20में कम्युनिकेट करवाने में हेल्प करता है।
- 1:24:22जैसे ही आप रेस्टोरेंट में गए तो वेटर को
- 1:24:25आपने भैया ऑर्डर दे दिया। उस बंदे ने क्या
- 1:24:27किया? ऑर्डर आपका किचन तक पहुंचाया। अब
- 1:24:29किचन से आपका आर्डर लेके आ रहा है। ये
- 1:24:31सारा काम एपीआई का है। लेकिन एसडीके क्या
- 1:24:34है भैया? पूरी की पूरी किचन का सेटअप जहां
- 1:24:36पे आपकी कॉफी मशीन भी हो सकती है। जहां पे
- 1:24:39ओवन भी हो सकता है। रेफ्रिजरेटर मतलब आपको
- 1:24:41सारी चीजें बनाने की जरूरत नहीं है। आप
- 1:24:42थर्ड पार्टी चीजों को यूज़ करो और
- 1:24:44इंटीग्रेट करके आप इजीली यूज़ कर सकते हो,
- 1:24:46काम कर सकते हो। तो बस यही है। इसके अलावा
- 1:24:49एसडीके में कुछ नहीं है। ये डायग्राम से
- 1:24:51आपको और ज्यादा क्लेरिटी हो जाएगी। तो
- 1:24:52डेवलपर्स हैं, स्टूडेंट्स हैं जो कुछ ना
- 1:24:54कुछ डेवलप कर रहे हैं। तो भैया एप्लीकेशन
- 1:24:56है यहां पे और ये मेरा एसडी के पूरा का
- 1:24:58पूरा टूलकिट मेरे को दे रहा है। मतलब आपके
- 1:25:01पास लाइब्रेरीज है। आप डायरेक्टली कोड को
- 1:25:03यूज़ कर सकते हो। सैंपल कोड्स अवेलेबल है,
- 1:25:05टूल्स अवेलेबल है, डॉक्यूमेंटेशन है,
- 1:25:07कॉन्फ़िगरेशंस करनी है, डिपेंडेंसीज है।
- 1:25:09आपको कुछ भी स्क्रैप से करने की जरूरत
- 1:25:11नहीं है। आप डायरेक्टली उनको इंटीग्रेट
- 1:25:13करो, यूज़ करो और एपीआईस के थ्रू आप
- 1:25:15कम्युनिकेट करो अपने सर्वर से, स्टोरेज
- 1:25:18से, डेटाबेस से।
- 1:25:22कौन-कौन से तरीके हैं जिससे हम डेटा को
- 1:25:25पार्टीशनिंग में कन्वर्ट कर सकते हैं।
- 1:25:26मल्टीपल पार्टीशनिंग बना सकते हैं। इस
- 1:25:28सारी चीजों को मैं विद रियल लाइफ एग्जांपल
- 1:25:31यहां पे एक्सप्लेन करूंगा। तो सबसे पहले
- 1:25:32नाम से ही पता लग रहा है कि मेरे पास एक
- 1:25:34ह्यूज डेटाबेस है और उस डेटाबेस को मैं
- 1:25:37क्या कर रहा हूं? मल्टीपल पार्टीशंस में
- 1:25:40डिवाइड कर रहा हूं। एग्जांपल के तौर पे
- 1:25:42लेट्स सपोज आपके पास एक डेटाबेस है। उसमें
- 1:25:44आपके पास 1 बिलियन नंबर ऑफ रोज़ हैं या
- 1:25:47टपल्स हैं। तो आप जब भी क्वेरी करोगे
- 1:25:50सिंपल सी क्वेरी भी करते हो सेलेक्ट स्टार
- 1:25:52फ्रॉम टेबल तो हमेशा कितनी जगह स्कैनिंग
- 1:25:55होगी? 1 बिलियन रोज़ की स्कैनिंग होगी।
- 1:25:58जबजब क्वेरी लिखोगे आपकी इतनी ह्यूज नंबर
- 1:26:01ऑफ रोज़ की स्कैनिंग होगी। तो आप इसको क्या
- 1:26:03कर सकते हो? पार्टीशनिंग में डिवाइड कर
- 1:26:05सकते हो। वही रेस्टोरेंट वाला एग्जांपल ले
- 1:26:07सकते हो। भैया एक रेस्टोरेंट में आपने
- 1:26:09इंडियन क्वज़न भी है। उसमें चाइनीस क्वज़न
- 1:26:12भी है। उसमें भैया इटालियन क्वज़न भी है।
- 1:26:14आपने उसको जो है वो कस्टमर सारे आ रहे
- 1:26:16हैं। आप वहां पे बड़ा केटिक सा सिचुएशन हो
- 1:26:19रहा है। आपने क्या किया? उसमें मल्टीपल
- 1:26:21पार्टीशन कर दिए। जिन्होंने इंडियन खाना
- 1:26:22है गेट से ही पूछ लिया। इंडियन जी उधर
- 1:26:24जाओ। चाइनीस जी उधर जाओ। तो इस तरीके से
- 1:26:27हम यहां पे भी कर सकते हैं। बस याद रखना
- 1:26:29कि जब भी पार्टीशनिंग करते हैं तो डिवाइड
- 1:26:31करते हैं लार्ज टेबल इंटू स्मॉलर मैनेजेबल
- 1:26:34पार्ट्स इनसाइड द सेम डेटाबेस सर्वर। मतलब
- 1:26:38किसी नई मशीन को लेके नहीं आना। उसी मशीन
- 1:26:41के अंदर ही हमने पार्टीशनिंग कर दी। तो
- 1:26:44यानी इस 1 बिलियन रोज़ को मैं पार्टीशन कर
- 1:26:46सकता हूं। मल्टीपल तरीके हैं। लेट्स सपोज
- 1:26:49आप इसको पार्टीशन कर सकते हो। लोकेशन वाइज़
- 1:26:52भी। अगर मेरे टेबल के ऊपर भी तो डिपेंड
- 1:26:54करता है ना मेरा टेबल कौन सा है? लेट्स
- 1:26:55सपोज ऑर्डर का टेबल है तो आप ऑर्डर में
- 1:26:57कैसे कर सकते हो कि आपने 2024 में जितने
- 1:27:00भी ऑर्डर आए अलग कर दिए। 2025 में जितने
- 1:27:03भी ऑर्डर आए अलग कर दिए। 2026 में जितने
- 1:27:06भी ऑर्डर आए अलग कर दिए। तो होगा क्या कि
- 1:27:08जब भी आप क्वेरी लगाओगे तो आपको पूरे 1
- 1:27:11बिलियन को सर्च करने की जरूरत नहीं है। आप
- 1:27:13उसमें देख सकते हो कि भैया मेरे को सिर्फ
- 1:27:15और सिर्फ 2024 में से कुछ सर्च करना है।
- 1:27:17तो आपकी क्वेरी सिर्फ यहां जाएगी। इसके
- 1:27:20अंदर नहीं जाएगी। तो हो सकता है कि ये
- 1:27:22मेरी सिर्फ 1 मिलियन रोज़ हो। तो कहां 1
- 1:27:24बिलियन स्कैनिंग, कहां 1 मिलियन स्कैनिंग।
- 1:27:26तो भैया बहुत ज्यादा फर्क हो जाता है। ऐसी
- 1:27:28लोकेशन वाइज़ भी कर सकते हो कि भैया दिल्ली
- 1:27:30का डेटा अलग कर दिया। मुंबई का डेटा अलग
- 1:27:33जो है वो पार्टीशनिंग में डिवाइड कर दिया।
- 1:27:34तो इस तरीके से आपको हेल्प मिल जाती है कि
- 1:27:37फास्ट क्वेरीज होंगी एग्जीक्यूट। बेटर
- 1:27:39ऑर्गेनाइजेशन होगा। आप घर पे भी तो ऐसे ही
- 1:27:41करते हो ना। सारा सामान एक जगह रखने की
- 1:27:43बजाय जैसे लाइब्रेरीज़ में सारी बुक्स
- 1:27:45इकट्ठी रखने की बजाय आपने उसको कैसे कर
- 1:27:46दिया? पार्टीशन कर दिया। कंप्यूटर साइंस
- 1:27:48की बुक्स अलग कर दी। मैकेनिकल की अलग कर
- 1:27:50दी, सिविल की अलग कर दी ताकि बेटर
- 1:27:52ऑर्गेनाइजेशन हो सके। रिड्यूस स्कैनिंग।
- 1:27:54ऑब्वियसली आपको पता है कि भैया कंप्यूटर
- 1:27:56साइंस की सारी बुक्स उस शेलफ में है। तो
- 1:27:58आप मैकेनिकल सिविल में क्यों धक्के खाओगे
- 1:28:00जाके? आप सीधा उसमें जाओगे। वहां पे
- 1:28:02स्कैनिंग आपको करनी पड़ेगी। लेकिन कहीं
- 1:28:04पूरे लाइब्रेरी को स्कैन करना। कहीं एक
- 1:28:06छोटी सी शेल्फ को या फिर एक छोटे से एरिया
- 1:28:09को तो फर्क आपको समझ में आ रहा होगा।
- 1:28:10इज़ियर मेंटेनेंस भी होगी यहां पे। क्योंकि
- 1:28:13आपको जो है वो हर बार पूरे के पूरे सिस्टम
- 1:28:16को नहीं स्कैन करना। आपको सिर्फ एक
- 1:28:17मल्टीपल जगह पे जाने के बजाय एक ही
- 1:28:19पर्टिकुलर लोकेशन पे जाके स्कैन करना है
- 1:28:21तो वो कहीं ना कहीं आपको इजी हो जाता है।
- 1:28:23अब इसके अंदर किस तरीके से की जा सकती है?
- 1:28:26बहुत ही पॉपुलर है हॉरिजॉन्टल
- 1:28:28पार्टीशनिंग। हॉरिजॉन्टल पार्टीशनिंग का
- 1:28:29मतलब है कि लेट्स सपोज आपके पास इस तरीके
- 1:28:32से हजारों लाखों करोड़ों रोज़ हैं। ठीक है?
- 1:28:35तो आपने हॉरिजॉन्टल का मतलब होता है रोज़
- 1:28:37आर डिवाइडेड। आपने क्या किया कि लेट्स
- 1:28:39सपोज कुछ रोज़ आपने एक पार्टीशन में कर दी।
- 1:28:42ये मैं सिर्फ एग्जांपल में बता रहा हूं कि
- 1:28:43तीन रोज़ नहीं अलग कर दें। बट आप मान के
- 1:28:45चलो कि लेट्स सपोज मैंने 10,000 रोज़ एक
- 1:28:48तरफ कर दी। नेक्स्ट की 10,000 रोज़ दूसरी
- 1:28:50पार्टीशनिंग में कर दी। नेक्स्ट की 10,000
- 1:28:52रोज़ तीसरी पार्टीशनिंग में कर दी। तो जब
- 1:28:54भी ये रो वाइज़ डिवाइड किया जाता है,
- 1:28:56कॉलम्स हमारे सेम रहते हैं। मतलब जो
- 1:28:58कॉलम्स इसमें लेट्स सपोज टोटल आपके टेबल
- 1:29:00में 10 कॉलम है तो इसमें भी 10 कॉलम
- 1:29:01रहेंगे। इसमें भी 10 कॉलम, इसमें भी 10
- 1:29:03कॉलम। लेकिन रोज़ आपकी टोटल 1 लाख थी। तो
- 1:29:06आपने 10,000 इधर डाल दी, 10 इधर डाल दी।
- 1:29:08आई होप समझ में आ रहा होगा। वर्टिकल
- 1:29:10पार्टीशनिंग में क्या किया जाता है?
- 1:29:12वर्टिकल पार्टीशनिंग में हमारा लेट्स सपोज
- 1:29:14टेबल है जी उसके अंदर लेट्स सपोज 1 लाख
- 1:29:16रोज़ हैं आपके पास आपके पास 10 कॉलम है तो
- 1:29:19आपने क्या किया पांच कॉलम अलग कर दिए और
- 1:29:22पांच कॉलम अलग कर दिए मतलब आपने वर्टिकल
- 1:29:25पार्टीशनिंग कर दी पांच कॉलम अलग और पांच
- 1:29:27कॉलम अलग ये जनरली क्यों किया जाता है
- 1:29:29जैसे आप Instagram मेटा का या फिर कोई भी
- 1:29:32एग्जांपल ले लो उसमें क्या होता है कि कुछ
- 1:29:34चीजें फ्रीक्वेंटली आस्क्ड होती है कुछ
- 1:29:37कॉलम्स ऐसे होते हैं जो फ्रीक्वेंटली पूछे
- 1:29:39जाते हैं और कुछ कॉलम्स ऐसे होते हैं जो
- 1:29:41कम पूछे पूछे जाते हैं। तो अगर आप सारे
- 1:29:43टेबल को बार-बार एक्सेस करोगे सारे कॉलम्स
- 1:29:46को बार-बार एक्सेस करना पड़ेगा। अगर आप
- 1:29:48पार्टीशनिंग भी करते हो हॉरिजॉन्टली लेकिन
- 1:29:50कॉलम तो सारे ही आएंगे तो आप क्या कर सकते
- 1:29:52हो भैया? आप जो ज्यादा यूज़ हो रहे हो कॉलम
- 1:29:56हैवीली कॉलम है उनको अलग कर दो। जो लाइट
- 1:29:58वाले कॉलम है जिनका स्पेस या साइज छोटा है
- 1:30:01तो उनको अलग कर दो। उससे कहीं ना कहीं
- 1:30:03एफिशिएंसी आपको बढ़ जाएगी। इवन आप दोनों
- 1:30:06चीजों को मिक्स भी कर सकते हो। हाइब्रिड
- 1:30:08भी कर सकते हो। आपने रो वाइज भी डिवाइड कर
- 1:30:10दिया और रोज़ के अंदर भी आपने मल्टीपल जो
- 1:30:12है वो वर्टिकल पार्टीशनिंग कर दी। ये भी
- 1:30:14पॉसिबल है। बस उसको मैनेज करना थोड़ा सा
- 1:30:16मुश्किल हो जाता है। बट ये सारी चीजें भी
- 1:30:18आप कर सकते हो। इसके अलावा भी रेंज
- 1:30:21पार्टीशनिंग है। आप मल्टीपल रेंजज़ में
- 1:30:24डिवाइड कर सकते हो। अभी आपको एग्जांपल
- 1:30:25बताऊंगा। लिस्ट आप डिपेंड करता है कि आपका
- 1:30:28डेटाबेस किस तरीके से है। तो आप मल्टीपल
- 1:30:30कैटेगरीज में भी डिवाइड कर सकते हो। हैश
- 1:30:32जैसे हम लोग हैश में डिवाइड करते हैं कि
- 1:30:34आपने लेट्स सपोज मोड थ्री का यूज़ कर लिया।
- 1:30:37मतलब आपने कोई भी फंक्शन है तो आपने मोड
- 1:30:39थ्री का मतलब है कि आपने तीन पार्टीनिंग
- 1:30:41बना दी। मतलब एक आपने P1 पार्टीशनिंग एक
- 1:30:44P2 एक P3 तो अगर लेट्स सपोज आपके पास कोई
- 1:30:47भी यूजर आईडी है 10 तो आप क्या करोगे 10%
- 1:30:50थ्री तो रिमाइंडर क्या आया वन वन मतलब ये
- 1:30:52इसके अंदर जाएगा आपने किया जी 12 यूजर की
- 1:30:55आईडी है 12%
- 1:30:57थ्री तो रिमाइंडर क्या आया ज़ीरो आया तो आप
- 1:30:58इसने ज़ीरो वाली पार्टीशनिंग में जो है वो
- 1:31:01डाल दिया तो इस तरीके से आप इसको
- 1:31:02पार्टीशनिंग में डिवाइड कर सकते हो
- 1:31:04एग्जांपल के तौर पे लेट्स सपोज मेरे पास
- 1:31:06इस तरीके से आपकी क्वेरीज़ भी लिखी हुई है
- 1:31:08जैसे रेंज पार्टीशनिंग करनी है तो मेरे
- 1:31:10पास एक टेबल है जी इस तरीके से ऑर्डर आई
- 1:31:12आईडी कस्टमर आईडी ऑर्डर नेम तो मैंने क्या
- 1:31:14किया पार्टीशन बाय रेंज पार्टीशन बाय रेंज
- 1:31:18और इसके अंदर क्या कर लिया जी ईयर ऑर्डर
- 1:31:20डेट अब यहां पे क्या किया पार्टीशन ये बना
- 1:31:23दी एक इसमें वैल्यूस लेस दैन 2025 फिर
- 1:31:26वैल्यू लेस दैन 2026 वैल्यूज़ लेस दैन 2027
- 1:31:30ये क्या करेगा जब भी आपका डेटाबेस में कोई
- 1:31:33भी रो इंसर्ट करोगे इंसर्ट इंटू टेबल नेम
- 1:31:36वहां पे ऑर्डर डेट दोगे ऑर्डर डेट में
- 1:31:38आपने दिया लेट्स सपोज 2025 तो देखेगा भैया
- 1:31:412025 तो जितना भी 2025 से कम वाला है वो
- 1:31:44इसमें डाल देगा। 2025 से सिक्स के बीच में
- 1:31:47है वो इसमें डाल देगा। सिक्स से सेवन के
- 1:31:49बीच में है वो इसमें डाल देगा। तो इस
- 1:31:51तरीके से आपका डेटा जो है वो ऑटोमेटिकली
- 1:31:53डिवाइड होता रहेगा। ऐसे ही लिस्ट के अंदर
- 1:31:55आपने क्या किया? जी कंट्री वाइज डिवाइड कर
- 1:31:57दिया। डिपेंड करता है डेटा के ऊपर। तो
- 1:31:59आपने क्या किया जी? इंडिया की अलग कर दी।
- 1:32:01यूएसए का अलग कर दिया, जापान का अलग कर
- 1:32:02दिया। जब भी आप करोगे इंसर्ट इंटू टेबल
- 1:32:04वैल्यूज़ और उसमें आप कंट्री का नाम दोगे
- 1:32:07इंडिया तो वो ऑटोमेटिकली इसी पार्टीशनिंग
- 1:32:09में जाएगा। जब यूएसए दोगे तो इसमें जाएगा।
- 1:32:12जब जापान दोगे तो इसमें जाएगा। इस तरीके
- 1:32:14से आपका डेटा ऑटोमेटिकली डिवाइड होता
- 1:32:16रहेगा। मतलब डेटाबेस सर्वर एक ही है। आपने
- 1:32:18उसके अंदर लॉजिकल डिवीज़ कर दी। ऐसे ही
- 1:32:21हमारे पास हैशिंग में आ जाता है। लेट्स
- 1:32:23सपोज़ पार्टीशन बाय हैश यूजर आईडी के बेसिस
- 1:32:26पे आपने कर दिया पार्टीशन फोर। अब इसका
- 1:32:28मतलब है जो भी आप यूजर आईडी दोगे। आपने
- 1:32:30दिया 12। यूजर आईडी कुछ ना कुछ तो दोगे ही
- 1:32:32आप 12। तो आपने क्या किया? परसेंट फोर। अब
- 1:32:3512% फोर करोगे तो रिमाइंडर क्या आता है?
- 1:32:37जी ज़ीरो। क्योंकि डिवाइड करोगे रिमाइंडर
- 1:32:39ज़ीरो आएगा। तो आपने फोर पार्टीशन का मतलब
- 1:32:41है आपकी एक P नॉट, एक P1, एक P2 और एक P3
- 1:32:45इस तरीके से चार पार्टीशन बनेगी। क्योंकि
- 1:32:47किसी भी चीज को चार से डिवाइड करते हो
- 1:32:49रिमाइंडर या तो ज़ीरो आएगा या वन आएगा या
- 1:32:51टू आएगा या थ्री आएगा। तो बस वही
- 1:32:53पार्टीशन। तो 12 म 4 करोगे तो आंसर क्या
- 1:32:57आया? ज़ीरो। यानी ये आपका इसके अंदर चला
- 1:32:59जाएगा। आपने लेट्स सपोज डाली जी 13 म 4 तो
- 1:33:02आंसर क्या आएगा? वन। रिमाइंडर वन है तो वो
- 1:33:04इसमें चली जाएगी। आपने डाला जी 25 तो
- 1:33:06ऑब्वियसली क्या आएगा जी? वन आएगा तो वो
- 1:33:08इसके अंदर चला जाएगा। आपने डाला 26 तो वो
- 1:33:11इसके अंदर चला जाएगा। तो बस सिंपली डिवाइड
- 1:33:13करके जो भी आपका रिमाइंडर आ रहा है उसके
- 1:33:15हिसाब से पार्टीशनिंग में डेटा जाता
- 1:33:17रहेगा। डेटाबेस पार्टीशनिंग वर्सेस
- 1:33:20डेटाबेस शार्डिंग। तो देखो बहुत ही
- 1:33:22इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है। स्पेशली जब भी हम
- 1:33:24सिस्टम डिजाइनिंग की बात करते हैं या फिर
- 1:33:27स्केलेबिलिटी की बात करते हैं कि मेरे को
- 1:33:29अपने बिज़नेस को स्केलेबल करना है। अभी मैं
- 1:33:31100 200 लोगों के लिए काम कर रहा हूं।
- 1:33:331000 के लिए काम कर रहा हूं। कल को मैं
- 1:33:3510,000, 1 लाख, 10 लाख, करोड़ों लोगों के
- 1:33:37लिए काम करूंगा। तो यानी मेरे को अपना
- 1:33:39सिस्टम जो है वो स्केलेबल करना पड़ेगा। तो
- 1:33:42उस केस में बहुत ज्यादा वाइडली यूज़ होता
- 1:33:44है कांसेप्ट। एक तो है पार्टीशनिंग का और
- 1:33:46दूसरा है शार्डिंग का। अब यहां पे विद
- 1:33:49रियल लाइफ एग्जांपल आपको एक्सप्लेन करूंगा
- 1:33:51ताकि आपको कहीं पे भी कोई पूछ ले आप इजीली
- 1:33:53आंसर दे सकते हो। तो गाइस फटाफट से वीडियो
- 1:33:54को लाइक कर देना, चैनल को सब्सक्राइब कर
- 1:33:56देना। अगर अभी तक आपने नहीं किया हो अगर
- 1:33:58कर भी दिया तो और डिवाइसेस से सब्सक्राइब
- 1:33:59करवा सकते हो, शेयर कर सकते हो।
- 1:34:00सब्सक्राइबर्स बहुत जरूरी हैं। तो चलो
- 1:34:03यहां पे बेसिकली आपको एक बेसिक आईडिया तो
- 1:34:06इसका होगा। अगर नहीं होगा तो मैं आपको
- 1:34:08एग्जांपल से बता ही रहा हूं। बट इस वीडियो
- 1:34:10को बनाने का एक मोटिव क्या है कि इन दोनों
- 1:34:12के बीच में डिफरेंस तो पता लग जाए क्योंकि
- 1:34:14स्टूडेंट ना इसको सिमिलर ही समझ लेते हैं।
- 1:34:17लेकिन इसके बीच में बहुत मेजर डिफरेंस है।
- 1:34:19आपको बताता हूं एग्जांपल से। लेट्स सपोज
- 1:34:21मेरे पास डेटाबेस पार्टीशनिंग का एग्जांपल
- 1:34:23लिया जाए। तो आप रेस्टोरेंट का एग्जांपल
- 1:34:26ले लो। लेट्स सपोज कोई फेमस रेस्टोरेंट है
- 1:34:28आपके शहर में। जैसे आप दिल्ली में रहते हो
- 1:34:30या मुंबई में रहते हो। एक शहर का एक सिंपल
- 1:34:32सा मैं एग्जांपल लेता हूं कि एक बहुत ही
- 1:34:34फेमस रेस्टोरेंट है और उस रेस्टोरेंट ने
- 1:34:36क्या किया अपने आप को स्केलेबल करना है।
- 1:34:39मतलब उन्होंने क्या किया कि लेट्स सपोज
- 1:34:40वेज का काउंटर अलग कर दिया। क्योंकि मेरे
- 1:34:42पास अभी क्या था? जो भी कस्टमर आ रहा है
- 1:34:44वहीं पे वेज चल रहा है। वहीं पे नॉनवेज चल
- 1:34:46रहा है। वहीं पे स्नैक्स वगैरह चल रहे
- 1:34:48हैं। तो मैं क्या कर सकता हूं? मैं थोड़ा
- 1:34:49सा काउंटर्स को डिवाइड कर सकता हूं। या
- 1:34:51फिर मैं अपने रेस्टोरेंट में इंडियन क्वज़न
- 1:34:53भी है, चाइनीस भी है या फिर नॉर्थ ईस्ट
- 1:34:56मतलब कुछ भी इस तरीके से मल्टीपल क्वज़न
- 1:34:58है। तो मैंने क्या किया? उनको डिवाइड कर
- 1:34:59दिया। एक काउंटर इसके लिए, एक काउंटर इसके
- 1:35:01लिए। तो होगा क्या कि जो भी कस्टमर्स आ
- 1:35:03रहे हैं तो उनको हमने अलग-अलग काउंटर्स पे
- 1:35:06भेज दिया जिससे भीड़ मेरी कम हो जाएगी। तो
- 1:35:08एक सर्वर पे लोड डालने की बजाय हम उसको
- 1:35:11डिवाइड कर सकते हैं। वही चीज यहां पे है
- 1:35:13कि एक सिंगल डेटाबेस सर्वर है। उसी के
- 1:35:16अंदर हमने डेटाबेस की पार्टीशनिंग कर दी।
- 1:35:19लेट्स सपोज एक टेबल था ऑर्डर। उसके अंदर 1
- 1:35:21बिलियन नंबर ऑफ रोज़ थी। तो मैंने क्या
- 1:35:24किया? यहां पे पार्टीशनिंग कर दी। लेट्स
- 1:35:26सपोज जो भी ऑर्डर 2023 या उससे पहले आए
- 1:35:28उसको मैंने अलग पार्टीशन में कर दिया।
- 1:35:30लेट्स सपोज 2024 के जो आए उनको अलग कर
- 1:35:32दिया। 25 के आए अलग कर दिया। 26 में जो आ
- 1:35:34रहे हैं वो अलग कर दिए। तो इस तरीके से
- 1:35:36मल्टीपल पार्टीशनिंग कर दी। बट ध्यान रखना
- 1:35:39कि ये सारी की सारी चीजें सेम डेटाबेस
- 1:35:42सर्वर में हो रही है। मतलब उसी सिंगल डेटा
- 1:35:45उसी सिंगल रेस्टोरेंट में मैं दूसरी
- 1:35:47बिल्डिंग नहीं ओपन कर रहा। मैं उसी
- 1:35:48बिल्डिंग के अंदर ही ये सारी चीजें करने
- 1:35:51की कोशिश कर रहा हूं। ये होती है
- 1:35:52पार्टीशनिंग। लेकिन जो डेटाबेस शेडिंग है
- 1:35:55ये क्या है? मल्टीपल डेटाबेस सर्वर। मतलब
- 1:35:57अगर उसी रेस्टोरेंट का एग्जांपल लिया जाए
- 1:35:59अब उनको स्केलेबल करना है तो वो सेम
- 1:36:02रेस्टोरेंट में ही अपनी पावर को नहीं बढ़ा
- 1:36:04रहे। उन्होंने क्या किया? मल्टीपल
- 1:36:06ब्रांचेस खोल दी। मतलब एक ब्रांच दिल्ली
- 1:36:08में खोल दी। एक बेंगलुरु में खोल दी, एक
- 1:36:10मुंबई में खोल दी, एक कोलकाता में खोल दी।
- 1:36:12तो इस तरीके से जब हम स्केलेबल करते हैं
- 1:36:14वो शार्डिंग का एग्जांपल है। तो ये
- 1:36:16अलग-अलग शार्ड्स बोलते हैं इनको। तो यहां
- 1:36:18पे लेट्स सपोज मेरे पास यूज़र्स का डेटा
- 1:36:20था। तो मैंने क्या किया? ए टू एफ यूज़र्स
- 1:36:22का डेटा अलग शार्ड में रख दिया। लेट्स
- 1:36:24सपोज न्यू दिल्ली में पड़ा है। जी टू एम
- 1:36:26यूज़र्स का मैंने अलग शार्ड में रख दिया।
- 1:36:28लेट्स सपोज टोक्यो में पड़ा है। और एन टू
- 1:36:30जेड का मैंने अलग कर दिया। ये न्यूयॉर्क
- 1:36:32में पड़ा है। तो इस तरीके से डेटाबेस
- 1:36:34शार्डिंग जो है वो वर्क की जाती है। तो
- 1:36:36यहां पे इसको मैं बोल सकता हूं क्या?
- 1:36:38वर्टिकल स्केलिंग। वर्टिकल स्केलिंग क्यों
- 1:36:41बोला जाता है? कई बार इंटरव्यू में पूछ
- 1:36:42लेते हैं। अगर मैं एक ही मशीन की पावर को
- 1:36:45बढ़ाता हूं। मतलब लेट्स सपोज आपके पास
- 1:36:47लैपटॉप है। आपने क्या किया? 8GB थी उसकी
- 1:36:49रैम। आपने 16 GB कर दी। 32 GB कर दी, 64GB
- 1:36:53कर दी। मतलब उसी मशीन की पावर को बढ़ाते जा
- 1:36:55रहे हो। लेट्स सपोज मेमोरी थी उसके अंदर
- 1:36:57512 जो हार्ड डिस्क थी 512 थी। आपने उसके
- 1:37:00अंदर क्या किया? जी 1 टेराबाइट कर दिया। 2
- 1:37:02टेराबाइट कर दिया। CPU की पावर बढ़ा दी।
- 1:37:04ड्यूल कोर क्वाड कोर। इस तरीके से करते जा
- 1:37:06रहे हो। तो सेम मशीन की पावर को बढ़ाते हो।
- 1:37:09मतलब वो कहलाता है हमारे पास वर्टिकल
- 1:37:11स्केलिंग जो कि पार्टीशनिंग का एग्जांपल
- 1:37:12है। लेकिन इसको हम बोलते हैं हॉरिजॉन्टल
- 1:37:15स्केलिंग। मतलब कहने का कि आप उस मशीन की
- 1:37:17पावर नहीं बढ़ा रहे। आप नई-नई मशीनंस
- 1:37:20खरीदते जा रहे हो, नए-नए सर्वर्स खरीदते
- 1:37:23जा रहे हो, अलग-अलग लोकेशनेशंस में रख रहे
- 1:37:24हो डिस्ट्रीब्यूटेड मैनर में। दिस इज
- 1:37:27कॉल्ड शार्डिंग। तो यही चीज आपको इस तरीके
- 1:37:30से एग्जांपल में भी यहां पे डिफरेंस में
- 1:37:31भी देखने को मिलती है। सिंगल डेटाबेस
- 1:37:33सर्वर है, मल्टीपल डेटाबेस सेम डेटाबेस
- 1:37:36इंस्टांस में ही सारा कुछ क्रिएट हो रहा
- 1:37:37है। यहां पे ऑब्वियसली अलग-अलग डेटाबेस
- 1:37:39इंस्टांस बन रहे हैं। डिस्ट्रीब्यूटेड
- 1:37:40तरीके से पढ़े हैं। नेटवर्क ऑब्वियसली
- 1:37:42मिनिमम होगा। सेम लोकेशन पे ही हो रहा है
- 1:37:44सारा कुछ। यहां पे डिस्ट्रीब्यूटेड कर
- 1:37:46दिया तो अलग-अलग लेवल पे अलग-अलग
- 1:37:48लोकेशनेशंस पे आपकी रिक्वेस्ट जाएगी।
- 1:37:50नेटवर्क कम्युनिकेशन बढ़ेगा। स्केलेबिलिटी
- 1:37:52ऑब्वियसली लिमिटेड है। आप अपने लैपटॉप की
- 1:37:54पावर कितनी बढ़ा लोगे? एक ही मशीन की एक
- 1:37:56लेवल तक बढ़ा सकते हो। लेकिन यहां पे आपने
- 1:37:59मल्टीपल मशीनंस ही लगा दी तो ऑब्वियसली
- 1:38:01मैसिव स्केलेबिलिटी कर सकते हो।
- 1:38:03कॉम्प्लेक्सिटी इसकी लोअर होगी। सेम
- 1:38:05रेस्टोरेंट को ही आप पावरफुल कर रहे हो।
- 1:38:07लेकिन यहां पे अपने रेस्टोरेंट्स ही बढ़ा
- 1:38:08लिए। तो भैया कॉम्प्लेक्स भी तो होगा ना।
- 1:38:10उन सबको मैनेज करना भी तो कॉम्प्लेक्स हो
- 1:38:12जाएगा। अगर एक सिंपल सा क्वेश्चन आपसे
- 1:38:14पूछा जाए कि कोई एप्लीकेशन है और उसके ऊपर
- 1:38:161 बिलियन यूज़र्स रजिस्टर्ड हैं और आपको उस
- 1:38:19एप्लीकेशन को हमेशा 24 * 7 अवेलेबल दिखाना
- 1:38:22है, स्केलेबल दिखाना है। तो भैया आप कौन
- 1:38:25सा मेथड यूज़ करोगे? रेप्लिकेशन यूज़ करोगे
- 1:38:28या फिर शार्डिंग यूज़ करोगे? अगर आपसे इस
- 1:38:30तरीके का क्वेश्चन पूछ लिया जाए जितनी भी
- 1:38:32मेजर एप्लीकेशनेशंस हैं चाहे आप Netflix
- 1:38:34की बात कर लो, Amazon की बात कर लो,
- 1:38:36Google की बात कर लो। ये सारी की सारी
- 1:38:38एप्लीकेशन रेप्लिकेशन
- 1:38:39[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 1:38:40एंड शेडिंग के कांसेप्ट को यूज़ करती हैं।
- 1:38:42तो आपको पता होना चाहिए इनके बीच में क्या
- 1:38:44डिफरेंस है। देखो रेप्लिकेशन का सिंपल सा
- 1:38:46मतलब है कि जो मेरा डेटाबेस है उसकी मैंने
- 1:38:49कॉपीज़ जो है वो रेप्लिकास बना के रख ली।
- 1:38:52मतलब मैंने एक एंटायर डेटाबेस इसको हम
- 1:38:55मास्टर स्लेव मेथड भी बोल सकते हैं कि
- 1:38:57भैया एक मास्टर डेटाबेस है। उस मास्टर
- 1:38:59डेटाबेस की एज इट इज कॉपी मैंने मल्टीपल
- 1:39:02कॉपीज बना के रख ली और उसको
- 1:39:04डिस्ट्रीब्यूटेड फॉर्म में रख लिया। वो हो
- 1:39:07गया आपका रेप्लिका। मतलब एज इट इज़ कॉपी का
- 1:39:09रेप्लिका। शार्डिंग का मतलब क्या होता है?
- 1:39:11कि भैया जो मेरा डेटा है उस डेटा को मैंने
- 1:39:15क्या कर लिया? डिवाइड कर लिया। इसको बोलते
- 1:39:17हैं हॉरिजॉन्टल स्केलिंग कर लिया। जैसे
- 1:39:20मेरे पास पूरे इंडिया का कोई डेटाबेस है।
- 1:39:22जैसे आधार कार्ड का डेटाबेस है। अब मैं
- 1:39:24उसमें क्या कर सकता हूं कि मैंने एंटायर
- 1:39:25डेटाबेस को शार्ड्स कर लिया। शार्ड्स मतलब
- 1:39:28मैंने नॉर्थ इंडिया का डेटा अलग कर लिया।
- 1:39:30साउथ का अलग कर लिया, ईस्ट का अलग कर
- 1:39:32लिया, वेस्ट का अलग कर लिया। तो ये क्या
- 1:39:33कहलाता है? शार्डिंग कहलाता है। लेकिन
- 1:39:35इसमें मेन कहानी क्या है? जब भी कोई
- 1:39:38एप्लीकेशन याद रखना जब भी कोई एप्लीकेशन
- 1:39:41जिसके ऊपर रीड ऑपरेशंस बहुत ज्यादा हो रहे
- 1:39:43हैं मिलियंस ऑफ बिलियंस ऑफ रीड ऑपरेशंस हो
- 1:39:45रहे हैं तो ये वाला मेथड सबसे बढ़िया रहता
- 1:39:48है। जैसे Netflix का एग्जांपल ले लो। नई
- 1:39:50मूवी आई नई मूवी के आते ही उसके ऊपर क्या
- 1:39:54होगा भैया? मिलियंस ऑफ यूज़र्स क्या
- 1:39:56करेंगे? उसको रीड करने की कोशिश करेंगे।
- 1:39:58उसको चेक करेंगे। उसको देखेंगे। वहां पे
- 1:40:00रेप्लिकेशन बहुत बड़ी है। लेकिन हम लोग बात
- 1:40:03करते हैं राइट ऑपरेशन की। अगर आपकी
- 1:40:05एप्लीकेशन राइट हैवी ऑपरेशन बेस्ड है।
- 1:40:08मतलब जैसे WhatsApp है, Instagram है।
- 1:40:10उसके ऊपर भैया इतनी चीज़ें आप लोग अपलोड कर
- 1:40:12रहे हो। उसके ऊपर बहुत सारी पोस्ट, वीडियो
- 1:40:14सब कुछ डाल रहे हो, चेंजेस कर रहे हो,
- 1:40:16एडिट कर रहे हो। मतलब राइट ऑपरेशन ज्यादा
- 1:40:19कर रहे हो तो भैया शार्डिंग मेथड बहुत
- 1:40:20बढ़िया रहता है। वैसे कंपनीज़ दोनों मेथड्स
- 1:40:23को ही यूज़ करती हैं। लेकिन आपको अगर कोई
- 1:40:25पूछ ले तो याद रखना रीड ऑपरेशन में ये
- 1:40:28सबसे बढ़िया है। क्योंकि सेम डेटा की
- 1:40:30मल्टीपल कॉपीज़ बना दी और मैं क्या कर सकता
- 1:40:32हूं? कुछ रीड यहां से, कुछ रीड यहां से,
- 1:40:34कुछ रीड यहां से। तो भैया डिस्ट्रीब्यूटिव
- 1:40:36फॉर्म में मैंने रख दिया। लेकिन जब मैं
- 1:40:38राइट करूंगा मतलब चेंजज़ करूंगा तो मुझे
- 1:40:41यहां भी चेंज करना पड़ेगा, यहां भी चेंज
- 1:40:43करना पड़ेगा, यहां भी चेंज करना पड़ेगा। तो
- 1:40:45दैट विल बी वेरी कॉस्टली। मैं सिंक्रोनाइज़
- 1:40:47वे में भी कर सकता हूं। एक ही जगह पे सारे
- 1:40:50चेंजज़ या फिर एसिंक्रोनाइज़ वे से कर सकता
- 1:40:52हूं कि भैया एक जगह मास्टर में चेंज कर
- 1:40:54दिया। स्लेव्स में या फॉलोअर्स कॉपीज़ में
- 1:40:56मैं थोड़ी देर बाद चेंज कर दूंगा। ये मेथड
- 1:40:58अलग-अलग यूज़ किए जाते हैं इन द रेप्लिकेशन
- 1:41:00[गला साफ़ करने की आवाज़] मेथड। अदरवाइज
- 1:41:02मास्टर जो डेटाबेस है वो तो अपडेटेड हो
- 1:41:04जाएगा। जो फॉलोअर्स या स्लेव डेटाबेस है
- 1:41:06वो पुराने रह जाएंगे। तो इसीलिए राइट्स को
- 1:41:08भी मुझे प्रॉपर्ली डिस्ट्रीब्यूट
- 1:41:11डिस्ट्रीब्यूटेड करना पड़ेगा। अगर मैं बात
- 1:41:13करूं शार्डिंग की शार्डिंग के केस में
- 1:41:15सिंपल सा कांसेप्ट है। जैसे मैंने वही
- 1:41:17बताया कि नॉर्थ का मैंने अलग जगह रख लिया।
- 1:41:19ईस्ट का अलग जगह, वेस्ट का अलग और साउथ का
- 1:41:21अलग। अब इस केस में क्या होगा कि अगर मैं
- 1:41:23लेट्स सपोज रीड कर रहा हूं तो रीड के केस
- 1:41:25में नॉर्थ का डेटा रीड कर लिया। ईस्ट का
- 1:41:27डेटा, वेस्ट का डेटा अलग-अलग
- 1:41:28डिस्ट्रीब्यूटेड वे में रख दिया तो मैं
- 1:41:30इजीली रीड कर सकता हूं। लेकिन प्रॉब्लम
- 1:41:32कहां पे आ सकती है? अगर किसी यूजर ने बोल
- 1:41:34दिया कि भैया मेरे को नॉर्थ का भी चाहिए
- 1:41:36और ईस्ट का भी चाहिए। तो वहां पे क्रॉस
- 1:41:38चार्डिंग मतलब कुछ डेटा इस चार्ट से, कुछ
- 1:41:41डेटा इस चार्ट से, कुछ डेटा इस चार्ट से।
- 1:41:43तो उस केस में इंटीग्रेट करना पड़ेगा। वो
- 1:41:46वाला मेथड रीड के केस में थोड़ा सा
- 1:41:47मुश्किल हो जाता है। राइट के केस में ये
- 1:41:49इजी है कि भैया नॉर्थ में कोई अपडेट करना
- 1:41:51है तो भैया नॉर्थ में करना। बाकियों से
- 1:41:53आपको कोई लेना देना नहीं है। तो इसीलिए
- 1:41:55सिंपल सा मेथड है। रीड हैवी में ये बड़ी
- 1:41:58है। राइट हैवी में ये बड़ी है। बाकी की ये
- 1:42:00जो कहानी लिखी है ये आप एक बार पढ़ लो जी।
- 1:42:03आपको इजीली समझ में आ जाएगी। मेन चीज
- 1:42:05मैंने आपको इन दोनों के बीच में बता दिया।
- 1:42:07अब आपसे कोई भी पूछ ले तो भैया बता देना।
- 1:42:09देखो इंटरव्यूज के पॉइंट ऑफ व्यू से जब भी
- 1:42:11हम बात करते हैं तो सीक्वल और नो सीक्वल
- 1:42:14के बीच में हमें किसको चूज़ करना है? इससे
- 1:42:16रिलेटेड क्वेश्चंस बहुत ज्यादा पूछे जाते
- 1:42:18हैं। तो देखो कभी भी आपको डायरेक्ट आंसर
- 1:42:21नहीं देना कि भैया ये फास्ट है या ये स्लो
- 1:42:24है। इसमें स्केलेबिलिटी है। इसमें
- 1:42:26स्केलेबिलिटी नहीं है। नहीं सबसे पहले
- 1:42:28आपको हमेशा आंसर देना है प्रॉपर फ्लो के
- 1:42:30साथ। जैसे यहां पे अगर मेरे को चूज़ करना
- 1:42:33है कि भैया सीक्वल या फिर नो सीक्वल। तो
- 1:42:35ये बाइनरी वाला फंडा नहीं है कि ज़ीरो और
- 1:42:37वन कि चूज़ करेंगे नहीं करेंगे। इट
- 1:42:39डिपेंड्स ऑन वेरियस फैक्टर्स। कौन-कौन से
- 1:42:41फैक्टर्स हैं? सबसे पहले व्हाट काइंड ऑफ़
- 1:42:43डेटा यू आर डीलिंग विद अगर आप किसी कंपनी
- 1:42:46का एग्जांपल लेते हो जैसे Amazon Flipkart
- 1:42:48का एग्जांपल ले रहे हो। अब यहां पे अगर
- 1:42:49आपसे इंटरव्यू पूछ ले तो आपने सबसे पहले
- 1:42:52बताना है कि भैया मैं किस डेटा से डील कर
- 1:42:54रहा हूं। अब Amazon और Flipkart के
- 1:42:55एग्जांपल में आपके पास कस्टमर्स का डेटा
- 1:42:57है, प्रोडक्ट का डेटा है, ऑर्डर्स का डेटा
- 1:42:59है। तो आपको सबसे पहले देखना पड़ेगा मेरे
- 1:43:01पास रिलेशनल स्ट्रक्चरर्ड डेटा है या मेरे
- 1:43:03पास अनस्ट्रक्चरर्ड डेटा भी है। देन हाउ
- 1:43:06इट विल बी एक्सेस्ड। मतलब इसको कौन एक्सेस
- 1:43:09कर रहा है, कैसे एक्सेस कर रहा है? ये
- 1:43:11सारी चीजें रीड ऑपरेशन राइट ऑपरेशन क्या
- 1:43:13हो रहे हैं सब चीजें हमें एनालाइज करनी
- 1:43:15पड़ेंगी। देन कंसिस्टेंसी रिक्वायरमेंट कई
- 1:43:18बार क्या होता है कि जैसे एक कैप
- 1:43:20प्रॉपर्टी होती है कि कंसिस्टेंसी
- 1:43:22अवेलेबिलिटी एंड फॉल्ट टॉलरेंस। अब यहां
- 1:43:24पे जो मेरी कंसिस्टेंसी क्या बोलती है?
- 1:43:26जैसे पेमेंट है। अब मैंने एक अकाउंट से
- 1:43:29दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर किए। तो एक में
- 1:43:31डेबिट हुए, एक में क्रेडिट हुए। क्या मैं
- 1:43:33ऐसे बोल सकता हूं कि एक में डेबिट हो गए,
- 1:43:35दूसरे में क्रेडिट देखी जाएगी यार। कोई
- 1:43:37बात नहीं। नहीं तुरंत होने चाहिए। तब तक
- 1:43:40जो है वो बंदे का दिल धड़कता रहेगा कि
- 1:43:42भैया मेरे पैसे कट गए और उसके पास पहुंचे
- 1:43:44नहीं है। तो वहां पे कंसिस्टेंसी मैटर्स अ
- 1:43:47लॉट। लेकिन इंस्टा पे कोई वीडियो डालते हो
- 1:43:49उसके ऊपर अभी आपके लाइक्स आ रहे हैं। जी
- 1:43:52लेट्स सपोज 5000 किसी दूसरे ने आपके
- 1:43:54अकाउंट में देखा उसके दिखा रहा है 5100 तो
- 1:43:57कहने का मतलब क्या है कि अगर 500 200 300
- 1:44:00का डिफरेंस आ भी रहा है तो धीरे-धीरे वो
- 1:44:02चीज जो है वो हैंडल हो जाएगी। अभी हो सकता
- 1:44:05है कि वो अपडेट करने में टाइम लगा रहे हो।
- 1:44:07तो इट डिपेंड्स कि मैं किस टाइप के डेटा
- 1:44:09से डील कर रहा हूं। क्या-क्या मेरी
- 1:44:10रिक्वायरमेंट्स हैं। स्केलेबिलिटी कि जैसे
- 1:44:13Amazon का एग्जांपल ले लो भाई। जब उनका
- 1:44:15बिग बिलियन वाला टाइम आता है तो पर मिनट
- 1:44:18पर सेकंड सॉरी पर सेकंड 100 मिलियन से
- 1:44:21ज्यादा रिक्वेस्ट आती है। तो आपके बिग
- 1:44:23बिलियन के टाइम पे ना ट्रिलियंस ऑफ
- 1:44:26रिक्वेस्ट जाती है Amazon के पास। तो भैया
- 1:44:28इतनी स्केलेबिलिटी को हैंडल करता है।
- 1:44:30नॉर्मल डेज में हो सकता है कि उनके पास
- 1:44:32रिक्वेस्ट जो है वो कम जाती हो। मिलियंस
- 1:44:33में जाती हो। कहां मिलियन और कहां
- 1:44:35ट्रिलियन पे पहुंच गया भैया? बहुत बड़ा
- 1:44:37फर्क है। क्वेरी कॉम्प्लेक्सिटी। अब कई
- 1:44:40बार क्या होता है कि क्वेरीज मेरी बहुत
- 1:44:42सिंपल है कि कस्टमर की इनेशन निकालनी है,
- 1:44:44प्रोडक्ट की इनेशन निकालनी है। लेकिन कई
- 1:44:46बार क्वेरी क्या होती है कि मुझे उस
- 1:44:47कस्टमर की डिटेल बताओ जिसने लैपटॉप खरीदा।
- 1:44:51लेकिन 500 और 1 लाख के बीच में खरीदा।
- 1:44:54उसका एड्रेस न्यू दिल्ली हो। उसने पिछले 6
- 1:44:57महीने में खरीदा। मतलब इतने ज्यादा फिल्टर
- 1:44:59लगा दूंगा तो कहीं ना कहीं क्वेरी जो है
- 1:45:01वो कॉम्प्लेक्स हो जाएगी। मल्टीपल टेबल्स
- 1:45:02का जो यूज़ होगा। देन अवेलेबिलिटी लेटेंसी
- 1:45:05वही हो गया। या तो मेरा डाटा जो है वो
- 1:45:07हमेशा अवेलेबल होना चाहिए। लेट्स सपोज अगर
- 1:45:10डाटा अवेलेबल नहीं है, कोई प्रॉब्लम आ गई
- 1:45:12तो मैं कितनी जल्दी उसको रिस्पांस दे रहा
- 1:45:14हूं। ये सारे फैक्टर्स के बेस पे हम लोग
- 1:45:17डिसाइड करते हैं। और कभी भी कंपनी
- 1:45:19डायरेक्टली नहीं बोलती कि मैं तो बस ये
- 1:45:20यूज़ करूंगा। इसको नहीं करना। नहीं वो
- 1:45:22ज्यादातर मिक्सचर यूज़ करती है। जैसे वही
- 1:45:24Amazon वाला एग्जांपल है। तो यहां पे मेरा
- 1:45:26जो यूजर है वो लोड बैलेंसर के पास
- 1:45:29रिक्वेस्ट जाती है। क्योंकि यहां पे एक
- 1:45:30सर्वर तो है नहीं। बहुत सारे सर्वर्स हैं।
- 1:45:32डिस्ट्रीब्यूटेड वे में हमारा डेटा पड़ा
- 1:45:34है। तो आपकी रिक्वेस्ट गई सर्वर के पास।
- 1:45:36अब हर बार जो है वो सर्वर एक डेटाबेस से
- 1:45:39डील करेगा। तो भैया फिर तो गया सिस्टम। तो
- 1:45:41हमने बैक एंड पे क्या कर रखा है? मल्टीपल
- 1:45:43टाइप ऑफ डेटाबेस है। जैसे पोस्ट ग्रे
- 1:45:46एसक्यूएल या माय सीक्वल वो हमारा
- 1:45:48स्ट्रक्चर डेटा के बारे में रिलेशनल डेटा
- 1:45:50जहां पे टेबल की फॉर्म में डेटा जैसे
- 1:45:52ऑर्डर्स का डेटा है, यूज़र्स का डेटा है,
- 1:45:54पेमेंट्स का डेटा स्पेशली क्योंकि यहां पे
- 1:45:56सबसे इंपॉर्टेंट है कंसिस्टेंसी चाहिए।
- 1:45:58देन मोंगो डीबी हम लोग यूज़ कर सकते हैं
- 1:46:00डॉक्यूमेंट डेटाबेस के तौर पे। दैट इज नो
- 1:46:02सीक्वल। अब यहां पे क्या है? किसी
- 1:46:05प्रोडक्ट के फीचर्स कम है। जैसे शर्ट है।
- 1:46:07अब शर्ट के या टी-शर्ट के फीचर कम होंगे
- 1:46:10लेकिन मोबाइल के फीचर्स बहुत ज्यादा
- 1:46:11होंगे। तो मैं तो यार टेबल के अंदर कॉलम
- 1:46:13ही डालता रह जाऊंगा। तो इसीलिए मैं क्या
- 1:46:15बोल रहा हूं वहां पे मेरे को
- 1:46:17फ्लैक्सिबिलिटी चाहिए। तो यहां पे मोंगो
- 1:46:19डीबी यूज़ कर सकते हैं। डॉक्यूमेंट में
- 1:46:20हमें फ्लेक्सिबिलिटी मिल जाती है। देन
- 1:46:22रेडिस। अब बहुत बार क्या होता है कि जब आप
- 1:46:24Amazon, Flipkart कोई भी वेबसाइट खोलते हो
- 1:46:26तो उसके ऊपर आता है 40% 50% ऑफर कि आज की
- 1:46:30ये ऑफर है। तो हम लोग उसके ऊपर सबसे पहले
- 1:46:32क्लिक करने की कोशिश करते हैं। तो भैया इस
- 1:46:34टाइप का डेटा जो कि फ्रीक्वेंटली एक्सेस
- 1:46:36हो रहा है। बहुत ज्यादा एक्सेस हो रहा है।
- 1:46:38उसको हम रेडिस के अंदर मतलब कैश के अंदर
- 1:46:40रख लेते हैं और कैश में हम उसको की वैल्यू
- 1:46:42पेयर में रख लेंगे ताकि जैसे ही किसी ने
- 1:46:45सर्च किया तो तुरंत उसको रिस्पांस मिल
- 1:46:47जाए। तो कहने का मतलब क्या है? हम मिक्सचर
- 1:46:49करते हैं। हम मल्टीपल डेटाबेसिस का यूज़ कर
- 1:46:52सकते हैं बेस्ड ऑन द सिनेरियो। यही आपने
- 1:46:55एक्स एक्सप्लेन करना है अपने इंटरव्यू के
- 1:46:57अंदर। या कहीं पे भी पूछ ले आप इज़ली आंसर
- 1:46:59दे सकते हो। यह मैंने कुछ एग्जांपल्स यहां
- 1:47:01पे आपको दिए हैं कि भैया बैंकिंग
- 1:47:03ट्रांजैक्शन पे रोल है, ई-कॉमर्स ऑर्डर्स
- 1:47:05है तो सीक्वल वहां पे बढ़िया है। लेकिन
- 1:47:07इंस्टा की फीड है, चैट है या ससे सेशन है
- 1:47:09या आईओटी का सेंसेस का डेटा है व्हिच इज़
- 1:47:11वेरिंग वो वेरीरी करता है। तो उस केस में
- 1:47:14आपका नो सीक्वल बढ़िया है। गाइस जब भी हम
- 1:47:16नो सीक्वल डेटाबेस की बात करते हैं तो
- 1:47:18उसमें डॉक्यूमेंट डेटाबेस हो गया, की
- 1:47:19वैल्यू डेटाबेस हो गया या फिर ग्राफ
- 1:47:22डेटाबेस हो गया। काफी पॉपुलर है। कॉलम
- 1:47:24फैमिली डेटाबेस हो गया। लेकिन इनमें से जो
- 1:47:26डॉक्यूमेंट डेटाबेस है ये बहुत ज्यादा
- 1:47:28पॉपुलर है और इसको मैं समझाता हूं विद
- 1:47:30रियल लाइफ एग्जांपल कि क्यों यूज करते हैं
- 1:47:32क्या इसका बेनिफिशियल है लेकिन सबसे पहले
- 1:47:34देख लो जी ए डॉक्यूमेंट डेटाबेस स्टोर्स
- 1:47:36डेटा एज अ डॉक्यूमेंट इसीलिए नाम ही इसका
- 1:47:39क्या है एज अ डॉक्यूमेंट जो है वो डेटा को
- 1:47:41स्टोर करता है अब कौन से फॉर्मेट में क्या
- 1:47:43होता है उस डॉक्यूमेंट में jसon मतलब
- 1:47:46जावास्क्रिप्ट ऑब्जेक्ट नोटेशन बट गाइस
- 1:47:48यहां पे कई बार पूछ लेते हैं कि ठीक है
- 1:47:50इसका जो jसon का जो कोड है ना वो एक्चुअल
- 1:47:53में जावास्क्रिप्ट से इंस्पायर्ड है मतलब
- 1:47:54मतलब उसके मिलताजुलता ही है। लेकिन इसका
- 1:47:56मतलब ये नहीं कि सिर्फ आप जावास्क्रिप्ट
- 1:47:58के अकॉर्डिंग ही यूज़ कर सकते हो। आप पाइथन
- 1:48:00का है या फिर C शार्प है वो सारा का सारा
- 1:48:02डेटा भी इसके अंदर जो है वो यूज़ कर सकते
- 1:48:04हो। तो JSON है या फिर बाइनरी ऑब्जेक्ट
- 1:48:07नोटेशन है। तो इस तरीके से दोनों के तरीके
- 1:48:09से यूज़ कर सकते हो। लेकिन नॉर्मली जब हम
- 1:48:11डेटा को स्टोर करते हैं तो हम टेबल्स की
- 1:48:13फॉर्म में रोज़ एंड कॉलम्स की फॉर्म में
- 1:48:15करते हैं। अब लेट्स सपोज कि हमने Amazon
- 1:48:17का डेटा जो है वो Amazon आप सबने देखा है
- 1:48:19Amazon है, Flipkart है। उसके पास जो है
- 1:48:22वो मिलियंस ऑफ प्रोडक्ट्स हैं। मतलब मेरे
- 1:48:24हिसाब से अराउंड 400 या 500 मिलियन
- 1:48:27प्रोडक्ट्स हैं जिन्होंने पूरे के पूरे
- 1:48:29लिस्ट किए हुए हैं। अब लेट्स सपोज अगर मैं
- 1:48:31उसको टेबल्स की फॉर्म में स्टोर करूं।
- 1:48:33जैसे मेरे को टीवी का डेटा किसी टीवी का
- 1:48:35डेटा टेबल की फॉर्म में करना है। तो मैंने
- 1:48:37लेट्स सपोज क्या ले लिया? सबसे पहले कॉलम
- 1:48:39आईडी ले लिया, कंपनी का नेम ले लिया। ठीक
- 1:48:41है? और लेट्स सपोज मैंने स्क्रीन का साइज
- 1:48:44ले लिया। और इसके अलावा मैंने ले लिया
- 1:48:46लेट्स फॉर रेोल्यूशन। ठीक है? तो मैंने
- 1:48:48डेटा जो है वो स्टोर कर दिया कि मेरा आइटम
- 1:48:51वन जो है वो क्या है? टीवी है। Samsung का
- 1:48:53टीवी है जी। स्क्रीन है उसकी 55 इंच और
- 1:48:56रेोल्यूशन है उसका 4K। ऐसे ही मैंने एक और
- 1:48:58ले लिया जी। तो का है और लेट्स सपोज वो 50
- 1:49:01इंच है 2K। इस तरीके से मैं डेटा स्टोर कर
- 1:49:03सकता हूं। अब लेट्स सपोज इसके साथ मुझे
- 1:49:05डेटा स्टोर करना है। प्रोडक्ट अकेला भैया
- 1:49:07उनके पास टीवी नहीं है। उनके पास जो है वो
- 1:49:10प्रोडक्ट और भी है। जैसे शूज है। अब शूज
- 1:49:13का डेटा अगर मुझे इसी टेबल में स्टोर करना
- 1:49:15पड़े तो ठीक है जी मैंने तीसरा ले लिया।
- 1:49:17कंपनी नेम ले ली मैंने लेट्स सपोज nki अब
- 1:49:19भैया nki शूज के अंदर स्क्रीन वाला तो कोई
- 1:49:23एट्रिब्यूट नहीं होगा। रेोल्यूशन वाला तो
- 1:49:25कोई एट्रिब्यूट नहीं होगा। तो मुझे कोई
- 1:49:27नया एट्रिब्यूट ऐड करना पड़ेगा। लेट्स
- 1:49:29सपोज मैं साइज कर देता हूं जी ऐड। तो
- 1:49:31मैंने साइज में लेट्स सपोज सेवन नंबर ले
- 1:49:33लिया या फिर मैं कलर भी ऐड कर सकता हूं कि
- 1:49:35भैया कलर उसका ब्लैक है। तो इस तरीके से
- 1:49:37मैंने डेटा उसको स्टोर कर लिया। अब लेट्स
- 1:49:39सपोज आ गया जी इसके अंदर फ्रिज
- 1:49:41रेफ्रिजरेटर की आइटम है। अब रेफ्रिजरेटर
- 1:49:44की आइटम अगर लेट्स सपोज कोई कंपनी है जी
- 1:49:45LG ठीक है? अब उसका उसके अंदर स्क्रीन का
- 1:49:48तो कोई लेना देना ही नहीं है। रेसोल्यूशन
- 1:49:50का कोई लेना देना नहीं है। साइज हो सकता
- 1:49:52है हो लेकिन मेरे को यहां पे क्या करना
- 1:49:53पड़ेगा? मेन उसका होता है जी कैपेसिटी कि
- 1:49:56भैया फ्रिज की कैपेसिटी कितनी है? टू डोर
- 1:49:58है, फोर डोर है, 300 लीटर है, 500 लीटर
- 1:50:01है। तो वो एट्रिब्यूट तो यहां से आपको लग
- 1:50:03रहा होगा कि भैया अगर मुझे मल्टीपल आइटम्स
- 1:50:06को स्टोर करना है तो बहुत सारे फीचर्स
- 1:50:09मुझे नए-नए एट्रिब्यूट्स को ऐड करना
- 1:50:10पड़ेगा। ये बहुत ह्यूज हो जाएगा। और एक
- 1:50:13दूसरी बात मैक्सिमम आपके एट्रिब्यूट्स
- 1:50:16कहां रहेंगे? खाली नल। तो यहां पे मैं इस
- 1:50:18तरीके से स्टोर नहीं कर सकता इतने
- 1:50:20प्रोडक्ट्स को। अब यहां पे प्रॉब्लम यही
- 1:50:23सबसे बड़ी आ रही है और ऐसा भी नहीं कर सकते
- 1:50:25कि हर एक प्रोडक्ट का अपना एक टेबल बना
- 1:50:27लें। ये भी गलत हो जाएगा। तो इसीलिए हम
- 1:50:29लोग क्या यूज़ करते हैं यहां पे? Jसon
- 1:50:31क्योंकि Jason क्या करता है? एक ही
- 1:50:33डॉक्यूमेंट में आप सारे प्रोडक्ट्स की
- 1:50:36मल्टीपल प्रोडक्ट्स की जो है वो इनेशन को
- 1:50:38स्टोर कर सकते हो। इसीलिए इसको सेल्फ
- 1:50:40कंटेंड डॉक्यूमेंट भी बोलते हैं। जैसे
- 1:50:42मोंगो डीबी है, काउच डीबी है। ये सबसे
- 1:50:44मेजरली यूज़ किए जाते हैं डॉक्यूमेंट
- 1:50:47डेटाबेस में। अब यहां पे इस तरीके से
- 1:50:49जेएसएन फाइल बनती है। जी। मैंने यहां पे
- 1:50:51स्क्रीन है, रेसोल्यूशन है जो भी। अब इसके
- 1:50:53बाद इस ब्रैकेट के बाद लेट्स सपोज मुझे
- 1:50:55फ्रिज की इनफार्मेशन ऐड करनी है। फ्रिज की
- 1:50:56इनफार्मेशन ऐड कर दो। फिर उसके बाद मुझे
- 1:50:58कोई और ऐड करनी है शूज की। एक ही में मैं
- 1:51:00मल्टीपल चीजों को जो है वो स्टोर कर सकता
- 1:51:02हूं। और ठीक है? इसकी भी एक लिमिट है।
- 1:51:04जैसे मोंगो डीबी में अगर आप यूज़ करते हो
- 1:51:06तो आप एक फाइल को एक जसन की फाइल को आप 16
- 1:51:10एमबी तक स्टोर कर सकते हो। मतलब उसके अंदर
- 1:51:1216 MB तक का डेटा 16 MB इज वेरी ह्यूज
- 1:51:14अमाउंट। क्योंकि आपने इसके अंदर इनेशन कुछ
- 1:51:17केबीस केबीस की इनेशन ही स्टोर करनी होती
- 1:51:19है। ठीक है? अंटिल और अनलेस जब तक आपकी
- 1:51:21इसके कोई इमेजज़ ना आ जाए। अगर इमेजज़ भी
- 1:51:24आती है जैसे Amazon पे इमेजज़ भी आती है तब
- 1:51:26कांसेप्ट जो है वो थोड़ा सा चेंज हो जाता
- 1:51:28है। क्योंकि इमेजज़ अगर आप डालोगे तो एक
- 1:51:30इमेज हो सकता है 4 MB की, 5 MB की हो। तो
- 1:51:33वहां पे जो है वो कैसे यूज़ होता है वो भी
- 1:51:35देख लो। जी। अब अगर लेट्स सपोज इमेजेस आ
- 1:51:37जाती है, वीडियोस आ जाती है छोटी-छोटी
- 1:51:39किसी फीडबैक की फॉर्म में। तो क्या करता
- 1:51:41है ये? भैया रो एंड कॉलम वाला तो कांसेप्ट
- 1:51:44फेल हो गया। लेकिन यहां पर ये क्या करता
- 1:51:46है कि ठीक है आपने आईडी है, नेम है, कलर
- 1:51:48है। यह सारे फीचर स्टोर कर लिए। लेकिन जो
- 1:51:50इमेज है उसका आप मेटा डेटा उसका आप
- 1:51:54रेफरेंस या फिर मेटा डेटा यहां पे डाल दो।
- 1:51:56एक्चुअल में जो इमेज है वो Amazon क्या
- 1:51:58करता है? Amazon रख लेता है अपने S3
- 1:52:01डेटाबेस में या फिर लेट्स सपोज ग्लोब
- 1:52:03डेटाबेस है या फिर Google ने अपना क्लाउड
- 1:52:05स्टोरेज बना रखा है वहां पे जो है वो
- 1:52:07स्टोरेज कर सकता है और वहां से उसका लिंक
- 1:52:09जो है वो यहां पे दिया जा सकता है या फिर
- 1:52:11Amazon क्या करता है कंटेंट डिलीवरी
- 1:52:13नेटवर्क मतलब ऐसे नियरेस्ट लोकेशनेशंस पे
- 1:52:16रखेगा डेटा को ताकि इमेजज़ जो है वो फटाफट
- 1:52:19से डिलीवर की जाए क्योंकि इस पे अगर आप
- 1:52:21क्वेरी लगाओगे डेटा को रीड करने के लिए ये
- 1:52:24तो बहुत जल्दी रीड हो जाएगा लेकिन इमेजज़
- 1:52:26बहुत ज्यादा टाइम लेती है तो इसीलिए इमेजज़
- 1:52:28को आप क्या रखो? सीडीएन के अंदर रख लो।
- 1:52:30कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क के नियरेस्ट सर्वर
- 1:52:31पे रख लो और उसका जो मेटा डेटा उसका
- 1:52:34रेफरेंस आप इस डॉक्यूमेंट के अंदर डाल दो।
- 1:52:36तो फटाफट से डेटा आपका जो है वो सर्च हो
- 1:52:38जाएगा। तो इजीली रीड एंड राइट ऑपरेशन कर
- 1:52:41सकते हो। ऐसे ही कई बार इंटरव्यू में पूछ
- 1:52:43लेते हैं कि अगर लेट्स सपोज मैं iPhone का
- 1:52:45डेटा ले लूं। अब iPhone में मेरे पास
- 1:52:46iPhone 17 है। अब iPhone 17 में भी तो
- 1:52:49अलग-अलग वेरिएशन है। 128 GB वाला भी है,
- 1:52:51256 GB भी है, 512 तो मैं उसको एक ही
- 1:52:54डॉक्यूमेंट में रखूंगा या मल्टीपल
- 1:52:56डॉक्यूमेंट्स बनाऊंगा। तो देखो मेजरली जो
- 1:52:58है वो एक डॉक्यूमेंट में आप रख सकते हो।
- 1:53:01लेकिन मैंने बताया कि जैसे मोंग डीबी का
- 1:53:0216 MB साइज है। अगर आपको लगता है कि 16 MB
- 1:53:05में मेरा डेटा आ सकता है। सारे के सारे
- 1:53:07iPhonस का डेटा जो है वो इसमें आ सकता है।
- 1:53:09सारे वेरिएशंस का जैसे 128 MB है 128 GB
- 1:53:13है या 256 GB है तो आप एक में डाल दो। अगर
- 1:53:15लेट्स सपोज नहीं आता तो आप उसमें क्या कर
- 1:53:18सकते हो? एक अलग इसका बना दिया जी
- 1:53:21वेरिएशन। एक अलग इसका वेरिएशन बना दिया।
- 1:53:23या फिर एक पेरेंट बना के जो कॉमन फीचर है
- 1:53:26वो पेरेंट में डाल दो और उसके अंदर आप
- 1:53:27मल्टीपल रेफरेंसेस जो है वो पेजेस भी
- 1:53:29क्रिएट कर सकते हो। वो भी इजीली रहता है।
- 1:53:32बट यहां पे फिर सर्चेस थोड़ी सी बढ़
- 1:53:33जाएंगी। यहां पे क्या है एक ही पेज में
- 1:53:35आपको सारी इनेशन मिल जाएगी। तो इसीलिए
- 1:53:38इमेजेस एंड वीडियोस को हम लोग सीडी एंड
- 1:53:40सर्वर्स पे S3 डेटाबेस में रख के उनका जो
- 1:53:42है वो लिंक यहां पे दे देते हैं। मेटा
- 1:53:44डेटा यहां पे दे देते हैं। बाकी की इनेशन
- 1:53:46जो है वो इस तरीके से फटाफट यूजर को
- 1:53:48प्रोवाइड की जाती है। बहुत ही इंपॉर्टेंट
- 1:53:50डेटाबेस है। जब भी हम नो सीक्वल की बात
- 1:53:52करते हैं तो उसमें की वैल्यू डेटाबेस का
- 1:53:54बहुत ही इंपॉर्टेंट रोल है। तो देखो सबसे
- 1:53:56पहले की वैल्यू डेटाबेस इज़ द सिंपलेस्ट
- 1:53:58टाइप ऑफ नो सीक्वल डेटाबेस एंड इट इज़
- 1:54:01सिमिलर टू द Python डिक्शनरी। जैसे Python
- 1:54:04के अंदर हम लोग डिक्शनरीज में डाटा स्टोर
- 1:54:06करते हैं कि भैया मेरे पास क्या होती है?
- 1:54:08एक की वैल्यू होती है। नाम से ही पता लग
- 1:54:11रहा है की वि इज यूनिक। मतलब ये हमेशा जब
- 1:54:13भी डालेंगे कभी भी डुप्लीकेट नहीं डाल
- 1:54:16सकते। हमेशा ये यूनिक वैल्यू ही होगी।
- 1:54:18क्यों? क्योंकि इसी के बेसिस पे ही तो हम
- 1:54:20डेटा को सर्च करेंगे। अब इस की के
- 1:54:23कॉस्पोंडिंग यहां पे क्या होगी? वैल्यू
- 1:54:25होगी। वैल्यू भी हो सकती है, मल्टीपल
- 1:54:27वैल्यूज़ भी हो सकती हैं। जैसे मैंने इस की
- 1:54:29के कॉस्पोंडिंग एक वैल्यू डाली है। ऐसी
- 1:54:31मैं पूरी एक जेसन फाइल क्रिएट कर सकता
- 1:54:33हूं। और उस जेसन फाइल के अकॉर्डिंग मैं एक
- 1:54:36की वैल्यू दे सकता हूं। तो इस तरीके से भी
- 1:54:38आप डेटा जो है वो स्टोर कर सकते हो। और जब
- 1:54:40भी आप डेटा को स्टोर करोगे तो उसके बाद
- 1:54:44एक्सेस करते टाइम आपको यही की के
- 1:54:46अकॉर्डिंग ही एक्सेस करना है। मतलब स्टोर
- 1:54:49भी इस की के कॉस्पोंडिंग हो रहा है। और जब
- 1:54:51डेटा को एक्सेस करेंगे तब भी की के
- 1:54:52कॉस्पोंडिंग ही डेटा को एक्सेस करेंगे। ये
- 1:54:55यूज करता है कांसेप्ट ऑफ हैशिंग। देखो
- 1:54:57आपको थोड़ा सा आईडिया दे देता हूं। जैसे
- 1:54:58फॉर एग्जांपल इस तरीके से मेरा डेटाबेस
- 1:55:00है। उस डेटाबेस में मैंने वैल्यू स्टोर कर
- 1:55:02रखी हैं। 0 1 2 3 4 5 लेट्स सपोज इस तरीके
- 1:55:06से मेरे पास डेटा है। अब कोई भी वैल्यूज़
- 1:55:08ले लेते हैं। वरुण A B C D डी ई कुछ भी
- 1:55:11वैल्यूज़ ले लेते हैं। अब यहां पे मेरे पास
- 1:55:13जैसे हैशिंग के अंदर हमारा फार्मूला यूज़
- 1:55:15होता है। जैसे मैंने यूज़ किया K मॉड N।
- 1:55:19मतलब कहने का K इज़ द की वैल्यू। n इज़ द
- 1:55:22टोटल बकेट्स। मतलब मेरे पास डेटाबेस में
- 1:55:24कितना स्टोरेज है, कितनी बकेट्स हैं उसकी
- 1:55:26वैल्यू जो है वो मेरे पास क्या होती है?
- 1:55:28n। जैसे फॉर एग्जांपल यहां पे मैंने सिक्स
- 1:55:30ले लिया। अब लेट्स सपोज मेरे को डेटा
- 1:55:32स्टोर करना है टू। मतलब मेरी k वैल्यू
- 1:55:34क्या है? टू। तो 2 म 6 करेंगे तो मेरा
- 1:55:37रिमाइंडर क्या आएगा? टू आएगा। तो यानी जो
- 1:55:39भी वैल्यू मेरे को डालनी है वो यहां पे
- 1:55:41मैं उस वैल्यू को स्टोर कर सकता हूं। जब
- 1:55:43मैं सर्च करूंगा तब भी मैं इसी फॉर्मूले
- 1:55:45से सर्च करूंगा और डायरेक्टली यहां से
- 1:55:48जाके उस वैल्यू को उठा लूंगा। सीक्वल के
- 1:55:50अंदर हम लोग जब डेटा को स्टोर करते हैं
- 1:55:52टेबल्स की फॉर्म में तो मुझे क्या करना
- 1:55:54पड़ता है? हर एक रो को एक्सेस करना
- 1:55:57पड़ेगा। हर एक रो को स्कैन करना पड़ेगा।
- 1:55:59अगर लाखों करोड़ों रोज़ हैं तो हर एक रो को
- 1:56:02स्कैन करने में बहुत ज्यादा टाइम लगता है।
- 1:56:04लेकिन यहां पे हम लोग डायरेक्टली एक्सेस
- 1:56:06करते हैं। सीधा उस वैल्यू पे जाएंगे। जैसे
- 1:56:09एरे के अंदर हम लोग सीधा रैंडमली एक्सेस
- 1:56:11करते हैं। ऐसे ही हमने डायरेक्ट उस वैल्यू
- 1:56:13के पास जाना है और उसके कॉस्पोंडिंग
- 1:56:15वैल्यू को उठा लेना है। ये सबसे बढ़िया
- 1:56:17एग्जांपल है जी आपका की वैल्यू डेटाबेस
- 1:56:19का। अब इसका रियल लाइफ यूज़ केस देखो। जैसे
- 1:56:21Amazon पे आप लोग या Flipkart पे आप अपना
- 1:56:24कार्ड के अंदर कोई ना कोई वैल्यूज़ को
- 1:56:25स्टोर करते हो। तो आपके कार्ड के
- 1:56:27कॉरेस्पोंडिंग जो है वो यूजर आईडी है।
- 1:56:29आपकी जो भी यूजर आईडी है जब-जब आप कार्ड
- 1:56:31को एक्सेस करोगे तो ऑटोमेटिकली डेटा उसके
- 1:56:33अंदर स्टोर रहता है कि आपने क्या-क्या
- 1:56:34उसके अंदर लाइक किया हुआ है? क्या-क्या
- 1:56:36आपने खरीदना है फ्यूचर में। तो आपकी की के
- 1:56:38कॉस्पोंडिंग मल्टीपल वैल्यूज़ जो है वो
- 1:56:41वहां पे स्टोर रहेंगी। तो जब भी आप सर्च
- 1:56:43करोगे तो आपका डेटा जो है वो कार्ड के
- 1:56:44अंदर शो हो जाएगा। ऐसे ही लेट्स सपोज आप
- 1:56:47एग्जांपल ले लो जी सेशन मैनेजमेंट का। अब
- 1:56:49जैसे सेशंस क्रिएट होते हैं तो हर एक सेशन
- 1:56:52आईडी के कॉस्पोंडिंग जो भी वैल्यू्यूज
- 1:56:53होंगी जैसे ये मेरी एक सेशन आईडी है। उसके
- 1:56:56कॉस्पोंडिंग यूजर आईडी, नेम, लॉग इन जो भी
- 1:56:58डेट्स वगैरह जो भी मैं इनेशन स्टोर करना
- 1:57:00चाहता हूं तो इसके कॉस्पोंडिंग मेरी इनेशन
- 1:57:03जो है वो स्टोर हो जाएगी। तो जब भी एक्सेस
- 1:57:05करेंगे हमने इस वैल्यू के कॉस्पोंडिंग
- 1:57:07एक्सेस करना है। तो ऑटोमेटिकली डेटा आपका
- 1:57:09इजीली सबसे फास्ट तरीके से एक्सेस हो
- 1:57:11जाएगा। इसीलिए रियल लाइफ में आपका सेशन
- 1:57:14मैनेजमेंट, शॉपिंग कार्ड इवन Netflix में
- 1:57:16हर एक यूजर की अपनी रिकमेंडेशन ये सारी
- 1:57:19चीजें सेव रखते हैं हम की वैल्यू के अंदर।
- 1:57:20मोस्ट पॉपुलर की वैल्यू डेटाबेस है हमारे
- 1:57:22पास जैसे रेडिसis है, Amazon, Dynamo, DB
- 1:57:25है। ये नेम्स कई बार पूछ लेते हैं जी
- 1:57:27इंटरव्यूज वगैरह में। तो आपको ये सारे
- 1:57:28पॉइंट्स पता होने चाहिए कि भैया की वैल्यू
- 1:57:30डेटाबेस किस तरीके से काम करता है। क्या
- 1:57:32एडवांटेज है। लेकिन ऐसा नहीं है कि भैया
- 1:57:35ये सारी जगह पे सीक्वल को जो नॉर्मल
- 1:57:38टैबुलर को हरा देगा। नहीं एग्जांपल के तौर
- 1:57:41पे अगर लेट्स सपोज आपको सर्च करना है
- 1:57:44सिर्फ की के कॉस्पोंडिंग तब तो बढ़िया है
- 1:57:46जी अगर आपको की पता है तो उसके
- 1:57:48कॉस्पोंडिंग आप डेटा उठा लो लेकिन अगर
- 1:57:50लेट्स सपोज आपको की नहीं पता है या आपको
- 1:57:52लेट्स सपोज ऐसे बोल दे कि भैया एवरेज
- 1:57:55सैलरी कैलकुलेट करके बताओ सारे एंप्लाइजज़
- 1:57:57की तो वहां पे फिर ये हाथ खड़े कर देगा वो
- 1:58:00बोलेगा ना भैया मैं की के कॉस्पोंडिंग
- 1:58:02डेटा निकाल दूंगा लेकिन आप तो बोल रहे हो
- 1:58:04एवरेज सैलरी निकालो पूरे एम्प्लाइजस की वो
- 1:58:06ये वाला काम नहीं कर पाएगा या मेरे को दो
- 1:58:09टेबल्स को जॉइन करके कोई डेटा निकालना है
- 1:58:11तब भी ये वाला उस जगह पे काम नहीं करेगा।
- 1:58:13ये मेनली पॉपुलर है जहां पे हमने की के
- 1:58:16कॉस्पोंडिंग डेटा को फच करना है और फटाफट
- 1:58:19से बहुत ही फास्ट तरीके से सर्च करना है।
- 1:58:21जैसे रेडिसरा का एग्जांपल हमने कैशिंग में
- 1:58:24यूज़ करते हैं। भैया जो मोस्टेंट डेटा
- 1:58:26फ्रीक्वेंटली यूज़्ड डेटा है उसको हम लोग
- 1:58:28रेडिसज डेटाबेस में स्टोर कर लेते हैं।
- 1:58:30क्योंकि वो रैम है बहुत ज्यादा फास्ट होता
- 1:58:32है। तो इजीली डेटा जो है वो यूजर को मिल
- 1:58:34जाता है। कॉलन फैमिली डेटाबेस अगेन ये भी
- 1:58:37नो सीक्वल डेटाबेस का बहुत ही इंपॉर्टेंट
- 1:58:40जो है वो टाइप है। नो सीक्वल में आपको फिर
- 1:58:42से बता दूं कि भैया हमारे पास चार अलग-अलग
- 1:58:44कैटेगरी हैं। पहले हमारे पास आ जाता है जी
- 1:58:47डॉक्युमेंट बेस्ड डेटाबेस। फिर इसके बाद
- 1:58:49हमारे पास आ जाता है की वैल्यू। एक आ जाता
- 1:58:51है हमारे पास कॉलम फैमिली और एक आ जाता है
- 1:58:53जी ग्राफ बेस्ड। अब यहां पे हम लोग बात कर
- 1:58:55रहे हैं कॉलम फैमिली। सिंपल से एग्जांपल
- 1:58:58से आपको बताता हूं कि नॉर्मली टेबल आप
- 1:59:00सबने देखा होगा। टेबल में जो हम लोग सिंपल
- 1:59:03सीक्वल के अंदर करते हैं क्रिएट टेबल टेबल
- 1:59:05नेम। उसमें डेटा को हम लोग इस तरीके से रो
- 1:59:07वाइज स्टोर करते हैं। पहली रो में डेटा
- 1:59:09फिर दूसरी रो, तीसरी रो, चौथी रो। यहां पे
- 1:59:12नाम से ही पता लग रहा है कॉलम। मतलब हम
- 1:59:14लोग डेटा को कॉलम वाइज स्टोर करेंगे। पहले
- 1:59:18कॉलम का डेटा, फिर दूसरे कॉलम का डेटा,
- 1:59:20तीसरे कॉलम का डेटा। इससे क्या एडवांटेज
- 1:59:22मिलती है, क्याेंस मिलती है, वो आपको अभी
- 1:59:25पता लग जाएगा। एग्जांपल से आपको बताता
- 1:59:27हूं। तो, कॉलम फैमिली डेटाबेस इज़ अ नो
- 1:59:29सीक्वल डेटाबेस दैट स्टोर द डेटा इन द
- 1:59:31कॉलम फैमिलीज़ रादर देन ट्रेडिशनल रोज़। जो
- 1:59:34मैंने अभी आपको बताया इट प्रोवाइड्स द हली
- 1:59:37स्केलेबिलिटी देन फ्लेक्सिबल एंड एफिशिएंट
- 1:59:40एक्सेस टू द लार्ज डिस्ट्रीब्यूटेड डेटा
- 1:59:43सेट। जहां पे हमारा जो डेटा है वो बहुत
- 1:59:46ह्यूज अमाउंट ऑफ़ डेटा है। तो वहां पे
- 1:59:48स्पेशली आपका ये यूज़ करना बढ़िया रहता है।
- 1:59:51क्योंकि जब आप डेटा के ऊपर कोई एनालिसिस
- 1:59:53क्वेरीज़ लगाते हो। बहुत सारी क्वेरीज़ ऐसी
- 1:59:55हैं जहां पे रो वाइज़ अगर आप स्टोर करोगे
- 1:59:57तो वो बहुत स्लो हो जाता है। अगर स्पेशली
- 2:00:00मिलियन बिलियंस ऑफ रोज़ हैं और वहां पे
- 2:00:02आपका कॉलम फैमिली जो है वो बढ़िया जो है वो
- 2:00:05आंसर देता है। अभी आपको पता लगेगा पहले आप
- 2:00:07एक बार देख लो पॉपुलर जो है वो कॉलम
- 2:00:08फैमिली डेटाबेस में हमारे पास आ जाता है।
- 2:00:10Apache CDR है, Apache H है, Google बिग
- 2:00:14टेबल्स है। ये सारे एग्जांपल्स हैं। कई
- 2:00:15बार इंटरव्यू में पूछ लेते हैं। तो ये
- 2:00:17Apache CSD्रा क्या करता है कि कोई भी
- 2:00:19आपके पास टेबल आया। आपने नॉर्मल एक टेबल
- 2:00:21बनाया जिसके अंदर मिलियंस ऑफ रोज़ हैं।
- 2:00:23उसको ये क्या करेगा? एक तो
- 2:00:25डिस्ट्रीब्यूटेड फॉर्म में स्टोर करेगा
- 2:00:27अलग-अलग लोकेशन में। ये भी हो सकता है कि
- 2:00:29कॉलम वन का पूरा डेटा एक लोकेशन में, कॉलम
- 2:00:31टू का, दूसरी लोकेशन में, कॉलम थ्री का और
- 2:00:33जब आपको डेटा चाहिए तो ये आपको कंबाइन
- 2:00:36करके भी पूरा टेबल दे देगा। और अगर लेट्स
- 2:00:38सपोज आपको सिर्फ एक कॉलम में ही कोई
- 2:00:40क्वेरी लगानी है, तो भैया आपको बाकी
- 2:00:42कॉलम्स को छेड़ने की जरूरत ही नहीं है।
- 2:00:44इसीलिए बहुत ज्यादा फ़ास्ट देता है। अभी
- 2:00:46आपको विजुलाइज़ करके दिखाता हूं कैसे मैं
- 2:00:48बोल रहा हूं। ये देख लो जी एग्जांपल है ये
- 2:00:50हमारा नॉर्मल ट्रेडिशनल डेटाबेस जो हम लोग
- 2:00:53स्टोर करते हैं टेबल्स की फॉर्म में जैसे
- 2:00:55मेरे पास एंप्लाइजस का डेटा है एंप्लई
- 2:00:57आईडी है मल्टीपल एंप्लई आईडीज हैं नेम है
- 2:00:59डिपार्टमेंट है सैलरी है अब यहां पे तो
- 2:01:01चलो मैंने एक छोटा सा एग्जांपल लिया है
- 2:01:03तीन टपल का बट अगर लेट्स सपोज 3 मिलियन या
- 2:01:0530 मिलियन नंबर ऑफ रोज़ हों तो ये बहुत बड़ा
- 2:01:08ह्यूज डेटाबेस बन जाएगा और यहां पे होगा
- 2:01:11क्या कि जब भी मैं कोई क्वेरी लगाऊंगा तो
- 2:01:13आपको क्या करना पड़ेगा पहले इस रो को सर्च
- 2:01:16फिर इस रो को फिर इस रो को फिर इस रो को
- 2:01:19मतलब हर एक रो को ट्रेवर्स करना पड़ेगा तब
- 2:01:21जाके आपका आंसर आएगा। लेकिन कॉलम क्या
- 2:01:24कहता है? एंप्लई आईडी है। ये तो आपको पता
- 2:01:27है यूनिक है। तो एंप्लई आईडी उसके
- 2:01:29कॉस्पोंडिंग नेम फिर एंप्लई आईडी
- 2:01:31कॉरेस्पोंडिंग डिपार्टमेंट एंप्लई आईडी
- 2:01:33कॉरेस्पोंडिंग सैलरी। मतलब हमने क्या
- 2:01:36किया? इस तरीके से इस पूरे कॉलम को यहां
- 2:01:39पे स्टोर कर लिया। इस तरीके से इस पूरे
- 2:01:42कॉलम को यहां पे स्टोर कर लिया। इस तरीके
- 2:01:44से इस पूरे कॉलम की अगर जितनी मिलियंस ऑफ
- 2:01:47वैल्यू्यूज होंगी उन सों को मैंने अलग से
- 2:01:49और डिस्ट्रीब्यूटेड वे में भी स्टोर कर
- 2:01:51सकता हूं। अब देखो जी एग्जांपल लेट्स सपोज
- 2:01:54कोई क्वेरी आती है कि भैया मुझे एवरेज
- 2:01:56सैलरी निकालनी है सारे एंप्लाइजज़ की। पूरी
- 2:01:59कंपनी की एवरेज सैलरी निकालनी है तो कैसे
- 2:02:02निकालोगे? आप सिर्फ इस कॉलम के ऊपर लगाओगे
- 2:02:05एवरेज सैलरी और आपका आंसर आ जाएगा। लेकिन
- 2:02:08अगर आपने इस टेबल पे लगानी है तो भैया
- 2:02:10इसका इसका इसका और इसका सबका यूज़ होगा।
- 2:02:14भैया जब मैं सैलरी की एवरेज निकाल रहा हूं
- 2:02:16तो मुझे डिपार्टमेंट नेम या कोई और कॉलम
- 2:02:19भी है। मुझे क्या करना है? बट ये कहता है
- 2:02:21कि भैया मैं तो रो वाइज ही सारा स्कैन
- 2:02:23करके फिर आंसर में दूंगा। तो ये बहुत
- 2:02:25ज्यादा जो है वो डिले कर देता है। इसीलिए
- 2:02:27यहां पे हमें सिर्फ इस चीज की जरूरत है।
- 2:02:30बाकियों की हमें जरूरत ही नहीं है। तो
- 2:02:32सीधा आप इसके ऊपर क्वेरी लगा के कर सकते
- 2:02:34हो। ऐसे ही अगर आपको बोल दे जी भैया काउंट
- 2:02:36करो हर एक डिपार्टमेंट में कितने बंदे हैं
- 2:02:39तो भैया आप क्या करोगे ग्रुप बाय
- 2:02:40डिपार्टमेंट करोगे और काउंट लगा दोगे तो
- 2:02:43आपको सिर्फ इस कॉलम की जरूरत है इसकी
- 2:02:45जरूरत ही नहीं है इसकी जरूरत ही नहीं है
- 2:02:47तो ये तो कहेगा कि भैया मैं तो सबके सबको
- 2:02:50साथ लेके चलूंगा सबका साथ सबका विकास भाई
- 2:02:53ये कहता है ना मैं सिर्फ इस कॉलम में से
- 2:02:55मिलियंस ऑफ डेटा को उठाऊंगा बाकियों को
- 2:02:57मैं छेडूंगा ही नहीं तो भैया जितना कम
- 2:03:00डेटा होगा उतना ही जल्दी-जल्दी आपका सर्च
- 2:03:02जो है वो होगा तो ये इस तरीके से एनालिसिस
- 2:03:05क्वेरीज में बहुत ज्यादा आंसर बढ़िया देता
- 2:03:07है। स्पेशली ऑल लैप सिस्टम में जहां पे हम
- 2:03:10एनालिटिकल क्वेरीज़ वगैरह लगाते हैं वहां
- 2:03:12पे ये बहुत बढ़िया कॉलम फैमिली वर्क करता
- 2:03:14है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि सब जगह ये
- 2:03:16बहुत बढ़िया काम करता है। कई बार इंटरव्यू
- 2:03:18में पूछ लेते हैं कि कहां पे ये फेल हो
- 2:03:20जाएगा? लेट्स सपोज़ मुझे इस टेबल में कोई
- 2:03:22रो इंसर्ट करनी है। कोई नया एंप्लई आया
- 2:03:25जी। उस एंप्लई का नाम है ऋतिक। मैंने उसकी
- 2:03:28एंप्लई आईडी नेम रितिक है जी। डिपार्टमेंट
- 2:03:30उसका एचआर है। सैलरी उसकी ये है। तो मैंने
- 2:03:33उसको इजीली स्टोर कर दिया। एक पूरी रो को
- 2:03:35एक बार में डाल दिया। लेकिन यहां पे कैसे
- 2:03:38डालेंगे? इस कॉलम में अलग से इंसर्ट करना
- 2:03:40पड़ेगा। इसमें अलग से डेटा इसमें अलग या
- 2:03:42फिर तीनों को दोबारा से जॉइन करके एक टेबल
- 2:03:45बनाओगे। फिर उसके बाद इंसर्ट करोगे तो ये
- 2:03:47थोड़ा सा काम जो है वो टेढ़ा हो जाता है।
- 2:03:49ऐसे ही अपडेशन में आपने आईटी की जगह लेट्स
- 2:03:52सपोज अमन जो था वो आईटी में था। अब वो
- 2:03:54चेंज हो के सीएस में आ गया। तो आपने इसमें
- 2:03:56अपडेट कर दिया। लेकिन इसमें आपको जो है वो
- 2:03:59अपडेट करके टाइम भी थोड़ा सा ध्यान रखना
- 2:04:01पड़ेगा। सिमिलरली जॉइंस वगैरह में जहां पे
- 2:04:04आपको मल्टीपल वैल्यूज़ को जॉइ करना है तो
- 2:04:06ये थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है। यहां पे
- 2:04:07कहीं ना कहीं थोड़ा इजी है। तो एनालिसिस
- 2:04:10वाली क्वेरीज में हमेशा याद रखना ये सबसे
- 2:04:12बढ़िया काम करता है। लेकिन जो ओएलटीपी जो
- 2:04:15ट्रांजैक्शनल प्रोसेससेस क्वेरीज़ हैं
- 2:04:17उनमें ये वाला नॉर्मल आपका ट्रेडिशनल
- 2:04:19डेटाबेस बढ़िया काम करता है। क्या आपको पता
- 2:04:21है Facebook के कितने करंट यूज़र्स हैं?
- 2:04:24अराउंड 3 बिलियन यूज़र्स हैं Facebook पे।
- 2:04:27और जब भी आप किसी को फ्रेंड रिक्वेस्ट
- 2:04:29भेजते हो तो फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते ही एक
- 2:04:32तो आपको बता देता है कि भैया म्यूचुअल
- 2:04:34फ्रेंड्स कितने हैं दोनों के बीच में या
- 2:04:36फिर पीपल यू मे नो मतलब आपको रिकमेंडेशंस
- 2:04:39भी भेजता है कि अगर आप इस बंदे को जानते
- 2:04:41हो तो हो सकता है कि आप इन लोगों को भी
- 2:04:44जानते होंगे। तो इस तरीके का जो कनेक्शन
- 2:04:46है ये एक्चुअल में कैसे स्टोर किया जाता
- 2:04:49है बाय यूजिंग द ग्राफ डेटाबेस। तो यस आज
- 2:04:52की इस वीडियो में मैं आपको बताने जा रहा
- 2:04:54हूं जो नो सीक्वल डेटाबेस में नेक्स्ट
- 2:04:56इंपॉर्टेंट है दैट इज ग्राफ बेस्ड। अब
- 2:04:58यहां पे मैं ऑलरेडी आपको कॉलम लेवल भी पढ़ा
- 2:05:01चुका हूं। आपको मैं पढ़ा चुका हूं कि भैया
- 2:05:02की वैल्यू के थ्रू कैसे डेटा को स्टोर
- 2:05:04करते हैं। और यहां पे ग्राफ डेटाबेस में
- 2:05:07जो स्पेशली नो सीक्वल डेटाबेस है ये स्टोर
- 2:05:10करता है डेटा को एज ए नोड्स। मतलब जितनी
- 2:05:13भी एंटिटीज़ हैं उनको हम एज ए नोड। जैसे
- 2:05:16मैं आप सब एक नोड की तरह यहां पे क्या
- 2:05:19होती है? स्टोर होती हैं। और एजेस यहां पे
- 2:05:21होंगी। आपको पता है ग्राफ के अंदर मेनली
- 2:05:23क्या होता है? इस तरीके से जब भी हम कोई
- 2:05:25ग्राफ बनाते हैं तो उसके अंदर क्या होता
- 2:05:27है? एक तो नोड्स होते हैं जिनको हम
- 2:05:28वर्टेक्स भी बोल देते हैं और एक होती है
- 2:05:30एजेस। एजेस बेसिकली बताती है कनेक्शंस
- 2:05:33रिलेशनशिप। तो वो चीज जो है वो रिलेशनशिप
- 2:05:36इसके थ्रू बनाया जाता है और ये स्पेशली
- 2:05:38जहां पे भी आपका इस तरीके का डेटाबेस है
- 2:05:41कि भैया आपस में रिकमेंडेशन बेस्ड है या
- 2:05:44सोशल मीडिया का डेटाबेस है या फिर ग्राफ
- 2:05:47मैप कनेक्टेड डेटाबेस है उस तरीके के डेटा
- 2:05:50को स्पेशली ग्राफ डेटाबेस के थ्रू यूज़
- 2:05:52करना बहुत बढ़िया रहता है क्योंकि जब हम
- 2:05:54डेटा को फैच करते हैं रिट्रीव करते हैं वो
- 2:05:57बहुत ही फास्ट आंसर आपको देगाI अभी मैं
- 2:06:00आपको इसको प्रूफ भी करके दिखाऊंगा अभी
- 2:06:01पहले देख लो जी पॉपुलर डेटाबेस कई बार पूछ
- 2:06:04लेते हैं नेम तो ग्राफ में याद रखना Neo
- 2:06:064G बहुत ज्यादा पॉपुलर है। सबसे ज्यादा
- 2:06:08यही यूज़ होता है। या फिर Amazon नेप्च्यून
- 2:06:10है या फिर टाइगर ग्राफ है। ये कई बार पूछ
- 2:06:13लेते हैं तो आपको पता होना चाहिए। अब यहां
- 2:06:14पे ग्राफ डेटाबेस जैसा कि मैंने पहले
- 2:06:17बताया कहां पे यूज़ करना सबसे बढ़िया रहेगा?
- 2:06:19सबसे मेन है जी आपका सोशल मीडिया। जैसे
- 2:06:23मैंने अभी आपको Facebook का एग्जांपल
- 2:06:24दिया। Lindin का एग्जांपल ले लो। जी।
- 2:06:26Lindin के अंदर भी हम लोग क्या करते हैं?
- 2:06:28कनेक्शंस ही तो क्रिएट करते हैं। बोलते
- 2:06:29हैं ना कि कनेक्शंस बना रहे हैं हम। भैया
- 2:06:31मैंने एक पेज बनाया। मैंने एक अपनी
- 2:06:33प्रोफाइल बनाई। अब मैं अपने लिंक जो है वो
- 2:06:35कनेक्शंस क्रिएट कर रहा हूं वहां पे। तो
- 2:06:37हर एक कनेक्शन इसी तरीके से जो है वो एक
- 2:06:40दूसरे के साथ जुड़ जाता है और फिर ये मेरा
- 2:06:43एक ग्राफ डेटाबेस पूरा का पूरा बन जाता
- 2:06:45है। तो ऐसे ही रिकमेंडेशंस की बात कर लो
- 2:06:47जी भैया रिकमेंडेशन जैसे Netflix है। अब
- 2:06:49उसमें आपने एक लेट्स सपोज कोई मूवी देख ली
- 2:06:51क्राइम रिलेटेड। अब आपको वो क्राइम
- 2:06:53रिलेटेड और भी मूवीस को रिकमेंड करेगा।
- 2:06:56क्यों? क्योंकि भैया उसके साथ जितने भी
- 2:06:58कनेक्शंस बने होंगे वो सारे भी आपको
- 2:07:00दिखाने की कोशिश करेगा। मिलती जुलती चीजें
- 2:07:02आपको दिखाएगा। ऐसी राउटिंग जैसे नेटवर्क
- 2:07:05के अंदर राउटिंग भी इसी तरीके से चलती है।
- 2:07:06फ्रॉड डिटेक्शन ट्रांजैक्शंस है। बहुत
- 2:07:08सारी ट्रांजैक्शंस आप डेली बेसिस पे कर
- 2:07:11रहे हो। आपके पेरेंट्स डेली बेसिस पे कर
- 2:07:13रहे हैं। तो कहीं ना कहीं आपस में क्या
- 2:07:14है? एक कनेक्शन जो है वो इनके बीच में बन
- 2:07:17जाता है। ताकि आपको पता लग जाए कि अगर
- 2:07:19मेरा कोई भी पैटर्न थोड़ा सा अलग से आ रहा
- 2:07:22है। जैसे फॉर एग्जांपल आप डेली बेसिस पे
- 2:07:24पांच या 10 ट्रांजैक्शंस करते हो। ठीक है?
- 2:07:26आपके अमाउंट आता है। आप अमाउंट भेजते हो,
- 2:07:28क्रेडिट, डेबिट वगैरह सब चलता है। अब होता
- 2:07:30क्या है कि कई बार अनयूजल एक्टिविटी मतलब
- 2:07:32एक दिन में 1000 ट्रांजैक्शंस आपके अकाउंट
- 2:07:36से गई। या फिर लेट्स सपोज अमाउंट आप जनरली
- 2:07:38जो है वो 10,000 20,000 के अराउंड जाता है
- 2:07:41और लेट्स सपोज एक दिन वो 10 लाख के अराउंड
- 2:07:43चला गया। तो एबनॉर्मल एक्टिविटीज को फ्रॉड
- 2:07:45डिटेक्शन को भी इजीली यहां पे डिटेक्ट
- 2:07:47किया जा सकता है। नॉलेज ग्राफ जैसे Google
- 2:07:50के अंदर भी नॉर्मली हम लोग क्या करते हैं?
- 2:07:51Google के अंदर जैसे हम कोई चीज सर्च करते
- 2:07:53हैं तो आपका क्रोलर भी इसी तरीके से वर्क
- 2:07:56करता है कि भैया आपने सर्च किया लेट्स वाज़
- 2:07:57विराट कोहली। तो विराट कोहली से रिलेटेड
- 2:07:59वो आरसीबी, विराट कोहली से रिलेटेड
- 2:08:01इंडिया, विराट कोहली से रिलेटेड अनुष्का
- 2:08:03शर्मा। तो मतलब वो सारी चीजें जो है वो
- 2:08:06आपस में क्या कर देगा? कनेक्ट करके आपको
- 2:08:08दिखा देगा। तो ये बड़ा इंपॉर्टेंट है जी।
- 2:08:10और इस डायग्राम से तो आपको पूरी कहानी समझ
- 2:08:13में आ जाएगी कि भैया जैसे Neo 4J में हम
- 2:08:15किस तरीके से डेटा को स्टोर करते हैं।
- 2:08:17भैया राहुल है, एक नोड है, एक एंटिटी है।
- 2:08:20ठीक है? अब लेट्स सपोज वो चंडीगढ़ में
- 2:08:22रहता है तो ये एक एंटिटी बन गया। ये
- 2:08:23रिलेटेड टू द एरिया बन गया। और लेट्स सपोज
- 2:08:26उसकी आगे फ्रेंड है जी प्रिया और वो काम
- 2:08:28करती है टीसीएस में। तो ये एक एंटिटी बन
- 2:08:30गई। ये आपस में इस तरीके से कनेक्टेड हो
- 2:08:32गए। ठीक है जी? तो यहां पे उसका एक फ्रेंड
- 2:08:34है जी अमित जो कि Google इंडिया में काम
- 2:08:36करता है और यहां पे स्नेहा जो कि प्रिया
- 2:08:38की फ्रेंड है। तो ये इसी तरीके से ही तो
- 2:08:40एक्चुअल में डेटा स्टोर किया जाता है
- 2:08:42Facebook पे, Lindin पे ताकि डेटा को
- 2:08:44ईजीली जो है वो रिप्रेजेंट भी किया जा सके
- 2:08:46और जब फेच करें तो वो बहुत इजी हो जाए। अब
- 2:08:49यहां पे कई बार पूछ लेते हैं इंटरव्यू में
- 2:08:51कि सर नॉर्मल टेबल में क्या गड़बड़ है जी?
- 2:08:53अभी आपको दिखाता हूं नॉर्मल टेबल में। अगर
- 2:08:55इसी सेम सिर्फ इसी ग्राफ को मुझे टेबल में
- 2:08:57दिखाना हुआ तो टेबल में पता है कैसे होगा?
- 2:09:00ऐसे। एक पर्सन का टेबल बना दिया जी जिसके
- 2:09:02अंदर ये नेम्स, आईडीज वगैरह स्टोर कर दी।
- 2:09:04एक मैंने बना लिया फ्रेंड टेबल। भैया 1001
- 2:09:07102 का फ्रेंड है या 1001 103 का फ्रेंड
- 2:09:10है। तो वो भी मुझे स्टोर करना पड़ेगा। फिर
- 2:09:12वर्क टेबल अलग से बन गया जी। कौन सा बंदा
- 2:09:14कहां पे काम कर रहा है। कौन सा बंदा कहां
- 2:09:17पे रह रहा है? ये इस तरीके से टेबल बन गई।
- 2:09:19अब लेट्स सपोज मुझे कोई क्वेरी लगानी हुई
- 2:09:21इस तरीके से कि भैया राहुल की फ्रेंड का
- 2:09:25नेम बताओ जो कि चंडीगढ़ या फिर जयपुर में
- 2:09:28रहती है और टीसीएस में काम करती है। अब इस
- 2:09:30केस में मैं दोबारा बोल देता हूं कि भैया
- 2:09:32राहुल की कोई फ्रेंड है उसका नेम बताओ जो
- 2:09:35कि जयपुर में रहती है और टीसीएस में काम
- 2:09:38करती है। अब इस तरीके की अगर क्वेरी आ गई
- 2:09:41तो इस टेबल की भी जरूरत है। इस टेबल की भी
- 2:09:43जरूरत है। इस टेबल की भी जरूरत है और इस
- 2:09:45टेबल की भी मतलब चारों को जॉइन करना
- 2:09:47पड़ेगा। व्हिच इज अ वेरी वेरीरी
- 2:09:49कॉम्प्लेक्स टास्क। और ये तो छोटा सा
- 2:09:51डेटाबेस है। जब ये डेटाबेस बहुत बड़ा होगा,
- 2:09:53बिलियंस में जाएगा तो भैया हाथ खड़े हो
- 2:09:56जाएंगे नॉर्मल सीक्वल ट्रेडिशनल डेटाबेस
- 2:09:58के। तो इसीलिए ये वाला जो हमारा Neo 4J
- 2:10:01वगैरह हम लोग यूज़ करते हैं ये बहुत इजीली
- 2:10:03क्विकली जो है वो आंसर निकाल के देता है।
- 2:10:09कैप थ्योरम बहुत ही इंपॉर्टेंट टॉपिक है।
- 2:10:12जब भी हम डिस्ट्रीब्यूटेड डेटाबेस की बात
- 2:10:13करते हैं कि जहां पे हमारे सर्वर्स जो हैं
- 2:10:16डेटाबेस जो है वो एक जगह पे रखने की बजाय
- 2:10:19हमने उसको अलग-अलग जगह पे डिस्ट्रीब्यूटेड
- 2:10:22फॉर्म में रखा हुआ है। और जो कि मेजर आज
- 2:10:25के टाइम पे जितनी भी कंपनीज़ हैं इसी चीज
- 2:10:27को मैनेज करती हैं। तो भैया
- 2:10:29डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम में हमारे पास ऐसी
- 2:10:31कौन सी थ्योरम है? ऐसे कौन से प्रिंसिपल्स
- 2:10:34हैं जो हमें इंपॉर्टेंट है फॉलो करने। तो
- 2:10:36वो है हमारे पास कैप। अब कैप का मतलब क्या
- 2:10:39है? कंसिस्टेंसी, अवेलेबिलिटी एंड
- 2:10:42पार्टीशन टॉलरेंस। जनरली जब हम डेटाबेस
- 2:10:44में प्रिंसिपल्स की बात करते हैं या फिर
- 2:10:47थ्योरम्स की बात करते हैं तो आपने एसिड
- 2:10:49प्रॉपर्टी जरूर पढ़ी होगी। तो यहां पे
- 2:10:52हमारे पास एटॉमिसिटी, कंसिस्टेंसी,
- 2:10:53आइसोलेशन, ड्यूरेबिलिटी का कांसेप्ट आता
- 2:10:55है। ये जनरली हम सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में
- 2:10:58ज्यादा कंसीडर करते हैं। जहां पे हम बात
- 2:11:00करते हैं कि भैया मेरा सारा डेटा एक
- 2:11:02सेंट्रलाइज्ड सिंगल सर्वर में पड़ा है और
- 2:11:04वहीं से बार-बार एक्सेस हो रहा है। लेकिन
- 2:11:06डिस्ट्रीब्यूटेड में क्या है? मेरे पास
- 2:11:08मल्टीपल लोकेशनेशंस में मल्टीपल सर्वर्स
- 2:11:11में डेटा पड़ा है। थ्रूउ ग्लोबली। मतलब
- 2:11:14पूरी दुनिया में कहीं पे भी हो सकता है।
- 2:11:15और उनको मैंने नेटवर्क के थ्रू क्या किया
- 2:11:18हुआ है? कनेक्ट किया हुआ है। तो वहां पे
- 2:11:20हमारे पास कंसिस्टेंसी अवेलेबिलिटी और
- 2:11:22पार्टीशन टॉलरेंस क्या होती है? कैसे
- 2:11:24मैनेज की जाती है? यह बहुत ही इंपॉर्टेंट
- 2:11:26है। तो देखो कंसिस्टेंसी का मतलब है एव्री
- 2:11:28सर्वर शुड शो द सेम लेटेस्ट डेटा। कहने का
- 2:11:32मतलब क्या है? कि लेट्स सपोज आपने बैंक से
- 2:11:35पैसे निकलवाए। आपने अकाउंट में से लेट्स
- 2:11:37सपोज ₹20,000 निकलवाए। अब आपके पास बैलेंस
- 2:11:40पहले 10,000 था। जैसे ही 20,000 निकलवाए
- 2:11:428,000 रह गया। अब आपने क्या किया कि
- 2:11:45ऑब्वियसली तुरंत किसी और बैंक में गए मतलब
- 2:11:47बराबर के किसी और बैंक में गए या एटीएम
- 2:11:49में गए फिर से वहां पे चेक किया बैलेंस तो
- 2:11:51कितना बैलेंस आएगा 8000 आएगा। तुरंत आप
- 2:11:54भाग के किसी और बैंक के एटीएम में गए
- 2:11:56कितना आएगा? 8000 आएगा। कहने का मतलब क्या
- 2:11:58है? ऐसा ना हो कि वो अपडेट करने में इतना
- 2:12:01टाइम लगा दें कि आप फटाफट से मल्टीपल
- 2:12:03ट्रांजैक्शंस कर लो और वो डेटाबेस में
- 2:12:05चेंज ही ना हो पाए। तो वही चीज यहां है कि
- 2:12:08भैया सर्वर्स में जितने भी सर्वर्स हैं
- 2:12:10चाहे दिल्ली का सर्वर है चाहे यूएसए का
- 2:12:12सर्वर है वो जब भी डेटा दिखाए वो सेम
- 2:12:15लेटेस्ट डेटा ही दिखाए अलग-अलग नहीं
- 2:12:17दिखाना चाहिए ये प्रिंसिपल फॉलो करता है
- 2:12:20कंसिस्टेंसी अवेलेबिलिटी अवेलेबिलिटी क्या
- 2:12:22कहता है कि एव्री रिक्वेस्ट शुड रिसीव सम
- 2:12:25रिस्पांस मतलब सर्वर के पास अगर कोई
- 2:12:27रिक्वेस्ट आ गई तो आपको रिसोंड करना ही
- 2:12:30पड़ेगा चाहे आप लेटेस्ट डेटा ना करो हो
- 2:12:34सकता है कई बार नेटवर्क में इशू आ गया आप
- 2:12:35नहीं चेंज कर पाए, लेटेस्ट डेटा नहीं दे
- 2:12:38पाए तो एटलीस्ट आप कुछ डाटा तो जरूर
- 2:12:41दिखाओ। ये कहता है अवेलेबिलिटी। तो यानी
- 2:12:44यहां पे बड़ा इंपॉर्टेंट कांसेप्ट समझने
- 2:12:46वाला है। लगता है ये थ्योरेटिकल है लेकिन
- 2:12:48हर कंपनी इसको फॉलो करती ही करती है।
- 2:12:51तीसरा देखो जी पार्टीशन टॉलरेंस। पार्टीशन
- 2:12:53टॉलरेंस क्या कहता है कि सिस्टम कंटिन्यू
- 2:12:56वर्किंग इवन इफ द नेटवर्क ब्रेक्स डाउन
- 2:12:59बिटवीन द सर्वर। लेट्स सपोज दिल्ली ब्रांच
- 2:13:01थी, मुंबई ब्रांच थी उनका बीच में आपस में
- 2:13:04जो सर्वर था, जो नेटवर्क था वो आपस में
- 2:13:06क्या हो गया? ब्रेक हो गया। अब उस केस में
- 2:13:08क्या होगा कि भैया ना दिल्ली ब्रांच
- 2:13:10रिसोंड दे रही ना मुंबई ब्रांच रिसोंड दे
- 2:13:13रही। तो भैया पार्टीशन टॉलरेंस तो गया। तो
- 2:13:15ये चीज कह रही है कि पार्टीशन टॉलरेंस
- 2:13:17इतना होना चाहिए कि इवन इफ आपस में
- 2:13:19कम्युनिकेशन नहीं हो पा रहा सर्वर्स का तब
- 2:13:22भी रिस्पांस आए ही आए। तो दिस इज़ कॉल्ड
- 2:13:25पार्टीशन टॉलरेंस। तो वो टोलरेट कर सके उस
- 2:13:28चीज को। यही इंपॉर्टेंट है। बस याद रखना
- 2:13:30कि डिस्ट्रीब्यूटेड डेटाबेस सिस्टम में आप
- 2:13:32सिर्फ दो चीजों की ही गारंटी दे सकते हैं
- 2:13:35आउट ऑफ थ्री। मतलब इन तीनों को कभी भी आप
- 2:13:37नहीं कह सकते कि 100% होगा। बट इन तीनों
- 2:13:40में से दो की गारंटी आप दे सकते हो। बट वो
- 2:13:42कौन से दो हैं? बड़े इंपॉर्टेंट है। तो
- 2:13:45यहां पे इस चीज को मैं समझा रहा हूं विथ अ
- 2:13:46रियल लाइफ एग्जांपल। कंसिस्टेंसी,
- 2:13:48अवेलेबिलिटी एंड पार्टीशन टॉलरेंस। तो कौन
- 2:13:50से दो हैं? अगर लेट्स सपोज मैं बात करूं
- 2:13:52कंसिस्टेंसी एंड पार्टीशन टॉलरेंस की। तो
- 2:13:56क्या होगा कि लेट्स सपोज आप मान के चलो कि
- 2:13:58आपने किसी सर्वर को बोला कि मेरे को डेटा
- 2:14:00चाहिए तो वो आपको क्या दिखाए? लेटेस्ट
- 2:14:04डेटा दिखाए। जैसे बैंकिंग का एग्जांपल है।
- 2:14:06जहां पे भी पैसे की इंफॉर्मेशन आएगी, पैसे
- 2:14:09का लेनदेन होगा वहां पे कंसिस्टेंसी बहुत
- 2:14:12ज्यादा मैटर करेगी। अवेलेबिलिटी मैटर कम
- 2:14:15करेगी। मतलब कहने का कि आपने बोला कि मेरे
- 2:14:17को अपना बैलेंस चेक करना है। तो Paytm में
- 2:14:19जाके या किसी भी ऐप में जाके या डायरेक्ट
- 2:14:22बैंक की ऐप में जाके आपने बैलेंस चेक करने
- 2:14:24की कोशिश की। लेट्स सपोज देयर इज अ
- 2:14:25नेटवर्क फेलियर। कुछ भी रीजन हो सकता है
- 2:14:28तो उसकी वजह से क्या होगा कि आपको गलत
- 2:14:31बैलेंस दिखा देगा वो। नहीं गलत बैलेंस
- 2:14:34बहुत बड़ी प्रॉब्लम क्रिएट कर सकता है। तो
- 2:14:36अवेलेबिलिटी यही कहता है ना कि जब भी
- 2:14:38रिक्वेस्ट आए तो रिस्पांस करो। अरे भैया
- 2:14:41मैं नहीं कर पा रहा क्योंकि मेरे पास
- 2:14:42लेटेस्ट डेटा नहीं है। तो इसकी वजह से मैं
- 2:14:45क्या करूंगा? उसको गलत डेटा या पुराना
- 2:14:47डेटा नहीं दिखाऊंगा। मैं उसको कुछ
- 2:14:49दिखाऊंगा ही नहीं। मैं तो उसको तब भी
- 2:14:50दिखाऊंगा जब मेरे पास लेटेस्ट डेटा होगा।
- 2:14:53तो यहां पे कंसिस्टेंसी मैटर्स अ लॉट।
- 2:14:55कंसिस्टेंसी मैटर करती है। एग्जांपल टू
- 2:14:58लेट्स सपोज Instagram पे आपने कोई फोटो
- 2:15:00डाली। YouTube पे मैंने अपनी कोई वीडियो
- 2:15:02डाली। हुआ क्या कि उसके ऊपर लाइक्स दिखा
- 2:15:05रहा है अभी 100। हो सकता है कि जब मैंने
- 2:15:07अपने पैनल पे जाके देखा। अपने एडमिन पैनल
- 2:15:10पे जाके देखा तो उसमें 200 लाइक दिखा रहा
- 2:15:12हो। हो सकता है उसमें 50 लाइक दिखा रहा
- 2:15:14हो। तो कहने का मतलब क्या है कि आपके
- 2:15:16एडमिन पैनल पे अभी 100 दिखा सकता है।
- 2:15:18लेकिन जब मैं YouTube के पेज पे जा रहा
- 2:15:20हूं तो वहां पे 105 दिखा रहा है। कोई बात
- 2:15:22नहीं। ये हो गया जी आपका अवेलेबिलिटी एंड
- 2:15:26पार्टीशन टॉलरेंस। सो कहने का मतलब क्या
- 2:15:28है कि भैया अगर लेट सपोज कोई रिक्वेस्ट आ
- 2:15:30रही है तो रिस्पांस करे। कंसिस्टेंसी कहता
- 2:15:33है मैं रिस्पांस नहीं करूंगा अगर गलत डेटा
- 2:15:35हुआ। लेकिन ये कहता है कोई बात नहीं यार
- 2:15:37चाहे थोड़ा सा पुराना दिखा दो लेकिन दिखाओ
- 2:15:40अवेलेबल होना चाहिए। यूजर को ऐसा ना लगे
- 2:15:43कि आपका डाटा अवेलेबल नहीं है। हां, कुछ
- 2:15:45देर बाद आप उसको अपडेट कर देना। ऐसा कई
- 2:15:47बार होता भी है जब हम YouTube वगैरह
- 2:15:49Instagram पे करते हैं। तो हमेशा याद रखना
- 2:15:52या तो सीपी हमेशा जो है वो आपकी
- 2:15:54एग्जीक्यूट होती है। हमेशा फॉलो होती है
- 2:15:56या फिर ए पी एग्जीक्यूट होती है। मतलब
- 2:15:59अवेलेबिलिटी और पार्टीशन या फिर
- 2:16:00कंसिस्टेंसी और पार्टीशन। अगर कोई पूछ ले
- 2:16:03कि क्या हमेशा सी ए मिलेगी? नहीं। सी ए
- 2:16:07कभी भी दोनों इकट्ठी नहीं होगी। अगर आपका
- 2:16:10पार्टीशन टॉलरेंस मतलब लेट्स सपोज नेटवर्क
- 2:16:12के बीच में कोई प्रॉब्लम आ गई सर्व आपस
- 2:16:14में बात नहीं कर पा रहे तो आपको
- 2:16:16कंसिस्टेंसी भी मिल रही है मतलब लेटेस्ट
- 2:16:18डेटा भी मिल रहा है और अवेलेबल मतलब आपको
- 2:16:20रिस्पांस भी मिल रहा है और लेटेस्ट डेटा
- 2:16:22भैया मैं एक तरफ कह रहा हूं कि भ मेरा जो
- 2:16:25सर्वर है वो आपस में बात नहीं कर पा रहे
- 2:16:27तो या तो फिर कंसिस्टेंसी मिलेगी या फिर
- 2:16:29अवेलेबिलिटी मिलेगी आपको सारी चीजें नहीं
- 2:16:32मिल सकती बस ये पॉइंट याद रखना सो बेस्ड
- 2:16:34ऑन द डेटा बेस्ड ऑन योर एप्लीकेशन डिपेंड
- 2:16:37करता है कि आपको क्या मिलेगी एग्जाम
- 2:16:39एग्जांपल के तौर पे मैं आपको थोड़ा सा
- 2:16:40दिखा भी देता हूं। लेट्स सपोज बैंक का
- 2:16:42एग्जांपल ले लो। तो यहां पे आपको
- 2:16:44कंसिस्टेंसी और पार्टीशन टॉलरेंस। ठीक है?
- 2:16:46कोई बात नहीं। मैं उसको तुरंत नहीं देना
- 2:16:48चाह रहा डाटा ना दिखाओ। बैलेंस अभी ना
- 2:16:50दिखाओ। थोड़ी देर बाद दिखा देना। लेकिन
- 2:16:52गलत ना दिखाओ। WhatsApp कोई बात नहीं।
- 2:16:54मैसेज आया जी। मैं उसको तुरंत दिखाऊंगा।
- 2:16:57मैं उसको बोल दूंगा कि भैया अवेलेबल है।
- 2:16:59ऐसा नहीं कि मैं उसको अवेलेबल नहीं
- 2:17:01बोलूंगा। मैं उसको लेटेस्ट डाटा नहीं दिखा
- 2:17:02पाया। कोई नहीं पुराना दिखा दूं। कई बार
- 2:17:04ओल्डर मैसेज आ रहे हैं। लेटेस्ट वाले
- 2:17:06मैसेज अभी नहीं आ रहे। एक-द सेकंड बाद आ
- 2:17:08रहे हैं कोई बात नहीं चलेगा। Instagram
- 2:17:10एपी आपके जो भी Instagram पे लाइक है,
- 2:17:12कमेंट्स हैं वो थोड़े बहुत अगर डिले हो
- 2:17:15रहे हैं तो चलेगा लेकिन रिस्पांस तुरंत
- 2:17:17मिलना चाहिए। चाहे आप उस केस में लेटेस्ट
- 2:17:20डेटा ना दिखाओ पुराना दिखा दो बट दिखाओ।
- 2:17:23तो यानी अवेलेबिलिटी इज़ेंट। कंसिस्टेंसी
- 2:17:25मैटर नहीं करती। करती है मतलब इतनी नहीं
- 2:17:27करती। आउट ऑफ टू। गाइस आपको पता है कि
- 2:17:30जितनी भी बैंकिंग एप्लीकेशनेशंस आप लोग
- 2:17:32यूज करते हो वो सारी की सारी डेटाबेस को
- 2:17:35यूज करती हैं। सिमिलरली Instagram,
- 2:17:37YouTube ये सब भी क्या कर रहे हैं?
- 2:17:39डेटाबेस को यूज़ कर रहे हैं। लेकिन इन
- 2:17:41दोनों का डेटाबेस को हैंडल करने का जो
- 2:17:43स्टाइल है ना वो अलग-अलग है। कैसे? जितनी
- 2:17:46भी बैंकिंग एप्लीकेशनेशंस है जहां पे
- 2:17:48मॉनिटरी पैसे वाली चीजें हैं, पैसों की
- 2:17:51लेनदेन है, वो मेनली यूज़ करती है एसेट
- 2:17:53प्रॉपर्टीज को। और जितने भी सोशल मीडिया
- 2:17:56जिसके अंदर हम नो सीक्वल या अनस्ट्रक्चर
- 2:17:58डेटा की बात करते हैं वो मेनली फॉलो करती
- 2:18:00हैं बेस प्रॉपर्टीज को। क्या डिफरेंस है
- 2:18:02वो फटाफट से यहां पर करते हैं। देखो एसिड
- 2:18:04प्रॉपर्टीज तो मैं बहुत पहले ऑलरेडी गेट
- 2:18:07स्पेश चैनल पे पढ़ा भी चुका हूं और
- 2:18:08प्राउडली ये बोल भी सकता हूं कि अराउंड
- 2:18:102.1 मिलियन सबसे ज्यादा व्यूज है। आप
- 2:18:13लोगों की वजह से ही है। तो भैया आप वहां
- 2:18:15से पूरी डिटेल में पढ़ सकते हो। लेकिन मैं
- 2:18:17थोड़ा सा आपको ओवरव्यू दे देता हूं।
- 2:18:18एटॉमिसिटी प्रॉपर्टी का मतलब क्या होता
- 2:18:20है? या तो ट्रांजैक्शन पूरी चलेगी या उसका
- 2:18:23एक भी ऑपरेशन नहीं होगा। ये याद रखना वन
- 2:18:26एंड जीरो। या तो पूरी चलाओ या बिल्कुल ना
- 2:18:29चलाओ। कंसिस्टेंसी जब ट्रांजैक्शन स्टार्ट
- 2:18:31हो रही है और जब ट्रांजैक्शन कंप्लीट हुई
- 2:18:33तो जो टोटल अमाउंट का जो सम है ना वो
- 2:18:36बराबर होना चाहिए। एग्जांपल के तौर पे ए
- 2:18:38से बी में आप पैसे ट्रांसफर कर रहे हो।
- 2:18:40लेट्स सपोज ए में ₹100 हैं। B में ₹200
- 2:18:42हैं। अभी आपने ट्रांजैक्शन नहीं की। टोटल
- 2:18:44अमाउंट कितना है जी? ₹300. आपने ₹50
- 2:18:46ट्रांसफर कर दिए। इसके पास कितने बचे? 50.
- 2:18:49इसके पास कितने हो गए? 250 तो ट्रांजैक्शन
- 2:18:51कंप्लीट होने के बाद अमाउंट टोटल क्या है?
- 2:18:53300 पहले कितना था? 300 दिस इज़ ऑल अबाउट
- 2:18:55कंसिस्टेंसी। बैंकिंग में बहुत ज्यादा
- 2:18:58जरूरी है। आइसोलेशन अब आप एक ट्रांजैक्शन
- 2:19:00तो कर नहीं रहे हो। एक सिस्टम पे हजारों
- 2:19:03लाखों ट्रांजैक्शंस हो रही हैं। तो आपस
- 2:19:05में इंटरफेयर ना करें ट्रांजैक्शंस। दैट
- 2:19:07इज कॉल्ड आइसोलेशन। ड्यूरेबिलिटी मतलब
- 2:19:10कहने का कि जो चेंजिस आपने कर दिए वो
- 2:19:13परमानेंटली सेव होने चाहिए। ऐसा नहीं कि
- 2:19:15पावर ऑफ हो गई और आपके जो चेंजेस हैं वो
- 2:19:17लॉस हो गए। परमानेंट जो है वो ड्यूरेबल
- 2:19:19होना चाहिए। बेस के अंदर हम लोग बात करते
- 2:19:21हैं। बेस में जो बी है दैट इज़ बेसिकली
- 2:19:24अवेलेबल। यहां पे बात की जाती है
- 2:19:26अवेलेबिलिटी की। भैया जब जब मैं चाहूं
- 2:19:28जैसे ही मैं क्लिक करूं मेरा डेटा अवेलेबल
- 2:19:31होना चाहिए। तो यहां पे हम लोग
- 2:19:33कंसिस्टेंसी की बात कम करते हैं। यहां पे
- 2:19:36हम करेक्टनेस और रिलायबिलिटी की बात
- 2:19:38ज्यादा करते हैं। लेकिन यहां पे हम
- 2:19:39अवेलेबिलिटी की बात मतलब मेरा डेटा
- 2:19:41अवेलेबल होना चाहिए। चाहे आप थोड़ा सा
- 2:19:43डिले कर दो कुछ भी हो जाए लेकिन आपका जो
- 2:19:46डेटा है वो हमेशा क्या होना चाहिए अवेलेबल
- 2:19:48होना चाहिए बिल्कुल भी डिले नहीं होना
- 2:19:50चाहिए देन एस का मतलब है सॉफ्ट स्टेट
- 2:19:54सॉफ्ट स्टेट का बेसिकली मतलब क्या है जैसे
- 2:19:57आप लोग YouTube पे या inा पे कोई भी पोस्ट
- 2:19:59डालते हो अब उसके ऊपर कुछ व्यूज आते हैं
- 2:20:02लाइक्स आते हैं लेट्स सपोज आपने कोई पोस्ट
- 2:20:03डाली एक घंटे बाद आपने चेक किया व्यूज आ
- 2:20:05गए जी उसके ऊपर 10 आपके फ्रेंड ने चेक
- 2:20:08किया तो उसको दिखा रहा है 1002 किसी और ने
- 2:20:10चेक किया तो उसको दिखा रहा है 1050 मतलब
- 2:20:13डिफरेंस आ रहा है थोड़ा सा। इससे कोई फर्क
- 2:20:16नहीं पड़ता। हम लोग बात करते हैं कि हमारा
- 2:20:18डेटा हमेशा अवेलेबल होना चाहिए। थोड़ा
- 2:20:20बहुत अगर चेंज आ रहा है किसी के अकाउंट
- 2:20:23में ज्यादा दिखा रहा है, किसी के अकाउंट
- 2:20:24में थोड़ा कम दिखा रहा है, चल जाएगा। हमें
- 2:20:26पता है कि कुछ टाइम बाद अपडेट हो जाएगा।
- 2:20:28जब सारे सर्वर्स पे क्योंकि डेटा
- 2:20:30डिस्ट्रीब्यूटेड फॉर्म में पड़ा है यहां
- 2:20:32पे। तो जब सारे सर्वर्स में वैल्यूज चेंज
- 2:20:34हो जाएंगी, तो कुछ टाइम बाद आपका डेटा सही
- 2:20:36दिखाएगा। लेकिन दिखा रहा है डेटा ये सबसे
- 2:20:40बड़ाेंट पॉइंट है। दैट्स व्हाई अवेलेबिलिटी
- 2:20:42एंड स्केलेबिलिटी मतलब आज आपकी जैसे फॉर
- 2:20:45एग्जांपल आज आपके सब्सक्राइबर 1000 है,
- 2:20:48लाख है, 10 लाख है। कल को लेट्स सपोज 1
- 2:20:50करोड़ जैसे मिस्टर बीस्ट है भैया 500
- 2:20:52मिलियन के पास पहुंच गया। तो यानी आपका
- 2:20:54कंसेंट जो है ना जो कंटेंट है वो हमेशा
- 2:20:57अवेलेबल और आपका सिस्टम स्केलेबल होना
- 2:20:59चाहिए। अगर आप इसको बढ़ा भी देते हो तब भी
- 2:21:01वो हमेशा स्केलेबल रहे और आपका अवेलेबल
- 2:21:03रहे। इवेंचुअली कंसिस्टेंट। यहां पे डेटा
- 2:21:06कंसिस्टेंट ऐसा नहीं है कि अकाउंट में
- 2:21:08लेट्स सपोज मैंने क्लिक किया चेक किया तो
- 2:21:105000 दिखा रहा है। मैंने रिफ्रेश किया
- 2:21:134900 हो गया। मैंने रिफ्रेश किया 5100 हो
- 2:21:16गया। अरे भैया ये कौन सा मजाक चल रहा है?
- 2:21:18मेरे पैसे ऊपर नीचे कैसे हो रहे हैं?
- 2:21:20लेकिन यहां पे चल सकता है। इवेंचुअली
- 2:21:22कंसिस्टेंट का मतलब है प्योर कंसिस्टेंट
- 2:21:24नहीं भी चल जाएगा। आपने व्यूज चेक किए
- 2:21:2610,000 आपने रिफ्रेश किए 1050 आपने
- 2:21:29रिफ्रेश किए 10,20 आपने रिफ्रेश किए
- 2:21:3211,000 कोई बात नहीं हम लोग चला लेंगे
- 2:21:34लेकिन डेटा मेरा अवेलेबल होना चाहिए
- 2:21:36स्केलेबल होना चाहिए। ये इंपॉर्टेंट है।
- 2:21:38बस यही इसके अलावा इसमें और कोई फर्क नहीं
- 2:21:41है। डेटा कंसिस्टेंसी स्ट्रांगली
- 2:21:42कंसिस्टेंसी की बात कर रहे हैं। लेकिन
- 2:21:44यहां पे कंसिस्टेंसी हम लोग थोड़ा सा झेल
- 2:21:46लेंगे। कोई बात नहीं ऊपर नीचे आ सकता है।
- 2:21:49कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन इसी वजह से ये
- 2:21:51मेनली यूज़ होता है। एक तो सीक्वल डेटाबेस
- 2:21:53में स्ट्रक्चर डेटा में और स्पेशली
- 2:21:55बैंकिंग या फिर पेमेंट वाली या फिर बुकिंग
- 2:21:58एप्लीकेशन में जहां पे लेट्स सपोज दो
- 2:22:00सीटें बची है। आपने दो सीटें बुक करवा ली।
- 2:22:02ऐसा ना हो कि उसके बाद चार सीटें और दिखा
- 2:22:05रहा है। या आपने दो सीटें बुक करवा ली,
- 2:22:06पेमेंट कर दी आपको दिखा रहा है। नहीं जी
- 2:22:08आपकी जगह किसी और ने सीटें ले ली। ऐसा कुछ
- 2:22:11यहां पे अलाउड नहीं है, कंसिस्टेंसी। यहां
- 2:22:14पे हम लोग यह चीजें कर सकते हैं। इसीलिए
- 2:22:17यह मेनली यूज़ होता है बैंकिंग पेमेंट वाली
- 2:22:19एप्लीकेशन में बुकिंग वाली के अंदर। यह
- 2:22:21मेनली आपका सोशल मीडिया लाइक फीड्स जहां
- 2:22:24पे थोड़ा बहुत डिफरेंस चल सकता है। लेकिन
- 2:22:26अवेलेबिलिटी ऑफ द डेटा इज मोस्टेंट।
- 2:22:28मैसेजिंग क्यू सिस्टम का बहुत ज्यादा यूज़
- 2:22:31किया जाता है। ऑलमोस्ट जितने भी आप ऑनलाइन
- 2:22:34एप्लीकेशनेशंस की बात कर लो। चाहे आप
- 2:22:36ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे हो। कुछ खाना पीना
- 2:22:38ऑर्डर कर रहे हो या फिर कोई सामान ऑर्डर
- 2:22:40कर रहे हो Amazon, Flipkart से हर जगह
- 2:22:42आपको मैसेजिंग मैसेज क्यू सिस्टम का यूज़
- 2:22:45बहुत ज्यादा वाइडली देखने को मिलता है।
- 2:22:47देखो थोड़ा सा मैं आपको पहले ओवरव्यू दे
- 2:22:48देता हूं। होता क्या है कि जनरली जब हम
- 2:22:51लोग ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं तो यूजर क्या
- 2:22:53करता है? ऑर्डर किया। जैसे फॉर एग्जांपल
- 2:22:55मेरे को नया फोन परचेस करना है तो मैं
- 2:22:56Amazon पे गया। वहां पे मैंने फोन को
- 2:22:58सेलेक्ट किया और उसके बाद मैंने वहां पे
- 2:23:00पेमेंट कर दी। पेमेंट करते ही मेरे को
- 2:23:02क्या आ जाता है? ऑर्डर आपका रिसीव हो चुका
- 2:23:04है और आपको जो है वो इतने दिन में आपका
- 2:23:06ऑर्डर मिल जाएगा। तो होता क्या है?
- 2:23:08कन्फर्मेशन तुरंत मेरे को मिल जाती है
- 2:23:10ताकि बंदा जो है वो सेटिस्फाई हो जाए कि
- 2:23:12भैया उसके पैसे कहीं अटके नहीं है। काम हो
- 2:23:15चुका है। ठीक है? तो एक तसल्ली देने के
- 2:23:17लिए एक सेटिस्फेक्शन देने के लिए हम लोग
- 2:23:19उसको जल्दी से जल्दी रिप्लाई करने की
- 2:23:21कोशिश करते हैं। लेकिन जो बिहाइंड द सीन
- 2:23:23है अब Amazon आपकी वेट थोड़ी ना कर रहा है
- 2:23:26कि कब वरुण सिंगला आएंगे और नया ऑर्डर जो
- 2:23:28है वो करेंगे। नहीं Amazon पे तो एक बार
- 2:23:31में हजारों लाखों लोग जो है वो ऑर्डर कर
- 2:23:33रहे हैं और स्पेशली अगर कोई सेल वाला टाइम
- 2:23:36चल रहा है तब तो भैया करोड़ों लोग हो सकता
- 2:23:38है एक ही दिन में ऑर्डर कर रहे हो तो वो
- 2:23:40क्या करता है कि जैसे यूजर ने ऑर्डर किया
- 2:23:42या मल्टीपल यूज़र्स ने ऑर्डर किया पेमेंट्स
- 2:23:45की उसके बाद इन्वेंटरी सर्विस भी वहां पे
- 2:23:47चेक होती है कि भैया इन्वेंटरी में चेक
- 2:23:49करो कहां पे पड़ा है क्या है नियरेस्ट
- 2:23:51लोकेशन में पड़ा है ताकि हम उसको जल्दी से
- 2:23:53ऑर्डर भुगतता सके ऑर्डर जल्दी जल्दी से
- 2:23:55उसको दे सकें फिर उसके बाद ईमेल सर्वर जो
- 2:23:57है वो ईमेल देता है या नोटिफिकेशन आता है,
- 2:24:00टेक्स्ट मैसेज या WhatsApp पे मैसेज आएगा
- 2:24:01या ईमेल आएगी कि भैया ऑर्डर आपका हो चुका
- 2:24:04है, डन हो चुका है। लेकिन होता क्या है कि
- 2:24:06लेट्स सपोज ईमेल सर्वर जो है वो डाउन हो
- 2:24:09गया ड्यू टू सम रीज़न या फिर इन्वेंटरी
- 2:24:11सर्वर जो है वो डाउन हो गया ड्यू टू सम
- 2:24:13रीज़न। अब यूजर तो भैया उसका तो दिल धक-धक
- 2:24:16धग-धग करता रहेगा कि मेरे ₹1 लाख फंसे पड़े
- 2:24:18हैं। कब मेरे को आएगा कि आर्डर आपका
- 2:24:20कंफर्म हो गया। ये चीज के लिए जल्दी
- 2:24:23प्रोसेस करने के लिए क्या किया जाता है कि
- 2:24:26लेट्स सपोज जैसे ही उसने पेमेंट की यहीं
- 2:24:29पे हमने क्या लगा दिया मैसेज क्यू सिस्टम
- 2:24:32लगा दिया कहने का मतलब क्या है कि जैसे ही
- 2:24:35उसने पेमेंट की जैसे ही उसका ऑर्डर हो गया
- 2:24:38तुरंत जो है वो उसका मैसेज जो है वो मैसेज
- 2:24:40क्यू के अंदर चला जाएगा और उसको एक
- 2:24:42कंफर्मेशन चली जाएगी कि भैया आपका काम डन
- 2:24:45हो चुका है तसल्ली से बैठ जाओ आराम से बैठ
- 2:24:47जाओ और बिहाइंड द सीन अपने आप जो है वो
- 2:24:50सर्वर एक-एक करके जो सर्विज हैं माइक्रो
- 2:24:52सर्विज हैं वो अपने आप इस मैसेज को
- 2:24:54प्रोसेस करती रहेंगी। तो जैसे ही एक टाइम
- 2:24:56पे हजारों लोग जो है वो ऑर्डर कर रहे हैं
- 2:24:59तो सबके जो ऑर्डर है सबकी जो वैल्यूस है
- 2:25:01इवेंट्स हैं उन सब इवेंट्स को मैसेज क्यू
- 2:25:04में डालते रहते हैं और एक-एक करके जो है
- 2:25:06वो उन सों को प्रोसेस किया जाता है ताकि
- 2:25:09यूजर को वेट ना करना पड़े। यूजर को तुरंत
- 2:25:11हम लोग एक कन्फर्मेशन दे दे। तो बिहाइंड द
- 2:25:14सीन ये अपने आप और आपको पता है क्यू क्या
- 2:25:16होती है? फर्स्ट इन फर्स्ट आउट बेस्ड होती
- 2:25:19है। तो क्यू के अंदर जो है वो सारे मैसेज
- 2:25:21एक-एक करके डाल दिए जाते हैं। और ये सारी
- 2:25:23माइक्रो सर्विज उनको एक-एक करके निकाल के
- 2:25:26प्रोसेस करती रहती है फटाफट से। ये चीज जो
- 2:25:28है वो मैसेज क्यू ने बहुत आसान कर दिया।
- 2:25:30तो इसको आप बोल सकते हो मैसेज सिस्टम इज अ
- 2:25:33मिडिल वेयर दैट अलाउस डिफरेंट
- 2:25:35एप्लीकेशनेशंस इवन सर्विसेस और माइक्रो
- 2:25:38सर्विसेस टू कम्युनिकेट विद ईच अदर
- 2:25:40एसिंक्रोनसली। ये वाला पॉइंट याद रखना
- 2:25:43क्योंकि इंटरव्यूज वगैरह में सबसे ज्यादा
- 2:25:45यही पूछा जाता है। ए सिंक्रोनस का मतलब
- 2:25:47क्या है? नॉर्मली जब हम कॉल करते हैं किसी
- 2:25:50को मैंने लेट्स सपोज अपने फ्रेंड को कॉल
- 2:25:52किया तो क्या मेरा सिंक्रोनस कम्युनिकेशन
- 2:25:54होगा या एसिंक्रोनस ऑब्वियसली सिंक्रोनस
- 2:25:57क्योंकि मैं बोल रहा हूं हेलो वो बोल रहा
- 2:25:58है हेलो क्या हाल है भाई बढ़िया हूं तो
- 2:26:01मतलब सिंक्रोनसली एक ही टाइम पे
- 2:26:03एसिंक्रोनस का मतलब है कि मैंने मैसेज कर
- 2:26:05दिया अब थोड़ी देर बाद अपने आप मैसेज जो
- 2:26:07है वो आ जाएगा जैसे ईमेल है ईमेल हमने
- 2:26:10इसको कर दी अब वो बंदा लाइव बैठा है नहीं
- 2:26:12बैठा हमें नहीं पता बट जब वो पढ़ेगा अपने
- 2:26:14आप रिसोंड कर देगा ये पॉइंट हमेशा याद
- 2:26:16रखना बहुत इंपॉर्टेंट है मैसेज क्यू में।
- 2:26:19अब यहां पे कौन-कौन से कॉम्पोनेंट्स आते
- 2:26:22हैं? तो सबसे पहले आ जाता है जी
- 2:26:23प्रोड्यूसर। जैसे मेरी मशीन भाई मेरी
- 2:26:25मशीन। कोई प्रोड्यूसर कंज्यूमर कोई नई
- 2:26:27टर्म नहीं है। इजी है यार। बिल्कुल इजी
- 2:26:29है। जैसे मेरी मशीन है। मेरी मशीन ने कोई
- 2:26:32मैसेज झुको या कोई ऑर्डर को प्रोसेस किया।
- 2:26:34मेरी मशीन ने बोला कि मेरे को नया फोन
- 2:26:36लेना है। तो मैंने उसको अपनी मशीन से कर
- 2:26:38दिया। तो मेरा मशीन वहां पे क्या कर रही
- 2:26:40है? एज ए प्रोड्यूसर काम कर रही है। तो
- 2:26:42प्रोड्यूसर ने क्या करना है? एक इवेंट जो
- 2:26:44है वो जनरेट किया और उस इवेंट को हम क्या
- 2:26:46करते रहते हैं? इस तरीके से मैसेज क्यू
- 2:26:48में सेव करते रहते हैं। मतलब सर्वर अपने
- 2:26:50आप जो है वो उसको एक-एक करके सारे इवेंट्स
- 2:26:53को डालता रहेगा। और क्यू का मतलब आपको पता
- 2:26:55है फर्स्ट इन फर्स्ट राउंड। तो पहला ऑर्डर
- 2:26:57है ये दूसरा ऑर्डर है। ये तीसरा ऑर्डर है।
- 2:26:59ये चौथा ऑर्डर है और एक-एक करके कंज्यूमर
- 2:27:01जो है वो सर्वर जो है इस मैसेज को उठाता
- 2:27:04रहेगा और उसको जो है वो फटाफट से
- 2:27:06रिस्पॉन्ड करता रहेगा। तो ये बड़ा
- 2:27:08इंपॉर्टेंट याद रखना है और इसमें कौन-कौन
- 2:27:10से जैसे रैबिट एमक्यू है काफका वेरी
- 2:27:12वेरीेंट जो अपाचे काफका ये सबसे ज्यादा
- 2:27:15यूज़बल होता है। देन एडब्ल्यूएस जो है वो
- 2:27:17एसक्यूएस ये भी बहुत ज्यादा यूज़बल है जो
- 2:27:20कि ये सारी चीजों में हेल्प करते हैं ताकि
- 2:27:22यूजर को वेट ना करना पड़े। फटाफट से हम लोग
- 2:27:25जो है वो उसको रिप्लाई कर दें। अब
- 2:27:27प्रोड्यूसर लेट्स सपोज अगर ये प्रोड्यूसर
- 2:27:29जो है वो क्या हो गया? किसी वजह से डाउन
- 2:27:31हो गया। अगर ये सर्विस किसी वजह से डाउन
- 2:27:33हो गई तो कोई फर्क नहीं पड़ता। आपका इवेंट
- 2:27:35तो जनरेट हो चुका है। मतलब आपकी मशीन अगर
- 2:27:37डाउन है, इंटरनेट डाउन हो गया तब भी कोई
- 2:27:40बात नहीं। आपका ऑर्डर तो प्लेस हो ही चुका
- 2:27:42है। सर्वर को पता लग जाएगा। वो एक-एक करके
- 2:27:44सारे मैसेजेस को निकाल लेगा। कंज्यूमर भी
- 2:27:46अगर लेट्स सपोज जो बैक एंड पे Amazon का
- 2:27:48सर्वर डाउन हो जाता है। कोई चिंता की बात
- 2:27:50नहीं है। ये वाले मैसेज यहां पे पड़े हैं।
- 2:27:52और याद रखना कई बार पूछ लेते हैं कि क्या
- 2:27:54ये टेंपरेरी है या परमानेंट? याद रखना इट
- 2:27:57इज़ अ परमानेंट। कहने का मतलब क्या है? इट
- 2:27:59इज़ अ ड्यूरेबल। यह वो नहीं है। यह
- 2:28:02टेंपरेरी नहीं है कि पावर फेलियर हो गया
- 2:28:04तो सारे उड़ गए। भैया पावर फेलियर हो गया।
- 2:28:06अगर यह उड़ गए बंदे को तो हमने बोल दिया
- 2:28:08कि तेरा ऑर्डर ओके है जी। लेकिन उसके बाद
- 2:28:10बैक एंड से वो ऑर्डर का इवेंट ही उड़ गया।
- 2:28:12तो भैया ये तो प्रॉब्लम हो जाएगी। इसीलिए
- 2:28:14इसको ड्यूरेबल रखना पड़ता है। ड्यूरेबल का
- 2:28:16मतलब है कि इसको एसएसडीज में या हार्ड
- 2:28:18डिस्क में रखना पड़ता है। और इसको क्या
- 2:28:20करता है? एक-एक करके। जैसे फॉर एग्जांपल
- 2:28:22इस मैसेज को कंज्यूमर ने निकाल लिया। अब
- 2:28:24कंज्यूमर इसको प्रोसेस करेगा। अगर इसने
- 2:28:27सक्सेसफुली प्रोसेस कर दिया तो फिर यहां
- 2:28:29से इसको डिलीट कर देता है। और अगर लेट
- 2:28:31सपोज रास्ते में कोई प्रॉब्लम आ गई, कोई
- 2:28:33सर्वर डाउन हो गया, नहीं प्रोसेस कर पाया
- 2:28:35तो कोई बात नहीं उसकी कॉपी अभी पड़ी है।
- 2:28:37जब मैं प्रोसेसिंग कंप्लीट कर दूंगा तब
- 2:28:39मैं इसको क्या कर दूंगा? डिलीट कर दूंगा।
- 2:28:41फिर दूसरे को उठाऊंगा फिर डिलीट कर दूंगा।
- 2:28:42फिर तीसरे को जब प्रोसेस हो गया। इस तरीके
- 2:28:44से और नए-नए जो है वो ऑर्डर्स आ रहे हैं।
- 2:28:46उनके इवेंट्स डलते रहेंगे। सो दिस इज़ ऑल
- 2:28:48अबाउट द मैसेज क्यू सिस्टम। राइट थ्रू एंड
- 2:28:52राइट बैक कॉन्सेप्ट है। अब देखो यार
- 2:28:54कैशिंग हम ऑलरेडी कर चुके हैं कि भैया
- 2:28:56कितना इंपॉर्टेंट कॉन्सेप्ट है कैशिंग का
- 2:28:58कि जो चीज़ फ्रीक्वेंटली यूज़ हो रही है,
- 2:29:01फ्रीक्वेंटली एक्सेस हो रही है, आप उस चीज
- 2:29:04को कहां पे रखो? कैश मेमोरी के अंदर रखो।
- 2:29:06क्योंकि सबसे ज्यादा फास्ट है। आप ये लगा
- 2:29:09के चलो कि भैया अगर हार्ड डिस्क आपका
- 2:29:11साइकिल है तो एसएसडी आपकी क्या है? बाइक
- 2:29:14है। और आपकी जो रैम है वो क्या है? काइंड
- 2:29:17ऑफ़ आप कार लगा सकते हो। लेकिन जो कैश
- 2:29:20मेमोरी है वो क्या है? स्पोर्ट्स कार है।
- 2:29:22और अगर रजिस्टर की बात करोगे तो वो क्या
- 2:29:25है? वो आपका फाइटर जेट लगा सकते हो। तो
- 2:29:27यानी इस तरीके से आपका स्पीड जो है वो
- 2:29:30मैटर करता है। तो आप क्या चाहते हो? हमेशा
- 2:29:32मेरा डेटा सबसे फास्ट वाली मेमोरी के अंदर
- 2:29:34रहे ताकि इजीली उसको जल्दी से जल्दी
- 2:29:36एक्सेस किया जा सके। अब जब भी हम कैश
- 2:29:39मेमोरी की बात करते हैं तो यार कैश मेमोरी
- 2:29:41में रीड हमने ठीक है भैया अगर सीपीू ने
- 2:29:44बोला कि मेरे को फलाना डेटा रीड करना है
- 2:29:46तो मैं कैश मेमोरी में रीड कर सकता हूं
- 2:29:48इजीली कैश मेमोरी से मैंने रीड करवा लिया
- 2:29:50अब कैश मेमोरी में अगर वो डेटा है ही नहीं
- 2:29:53क्योंकि कैश मेमोरी तो एमबीस में है तो
- 2:29:55मैं कितना का डेटा रख लूंगा भैया एक लिमिट
- 2:29:57तक ही रख सकता हूं तो मुझे रैम में जाना
- 2:29:59पड़ेगा मुझे मेन मेमोरी में जाना पड़ेगा
- 2:30:01लेकिन यहां पे आज के कांसेप्ट में मैं बात
- 2:30:03कर रहा हूं राइट ऑपरेशन की राइट मतलब चेंज
- 2:30:07चेंज करना। रीड का मतलब होता है सिर्फ
- 2:30:09डेटा को देखना। राइट का मतलब होता है डेटा
- 2:30:11के अंदर कुछ अपडेट करना। एग्जांपल के तौर
- 2:30:14पे लेट्स सपोज मेमोरी के अंदर जो कैश
- 2:30:16मेमोरी है उसमें एक्स की वैल्यू है 100 और
- 2:30:19जो आपकी मेन मेमोरी है उसमें एक्स की
- 2:30:21वैल्यू है 100। अब मैं क्या बोल रहा हूं
- 2:30:24कि अगर लेट्स सपोज मुझे चेंज करना है।
- 2:30:26डेटा के अंदर चेंज करना है। तो लेट्स सपोज
- 2:30:29मुझे यहां पे कर दिया जी मैंने 200। अब
- 2:30:31आपके दिमाग में आएगा कि सर कैश में अगर
- 2:30:34मैं चेंज कर दूं तो क्या मुझे मेन मेमोरी
- 2:30:36में चेंज नहीं करना पड़ेगा भैया करना
- 2:30:38पड़ेगा क्योंकि मेन मेमोरी में चेंज करोगे
- 2:30:41तभी मेन मेमोरी से आपका हार्ड डिस्क के
- 2:30:44अंदर परमानेंटली चेंज होगा इसी के ऊपर
- 2:30:47डिपेंड करता है आपका राइट थ्रू एंड राइट
- 2:30:51बैक क्या बोलते है हम राइट थ्रू सिंपल
- 2:30:54लाइन से बता रहा हूं भैया अगर आपने कुछ भी
- 2:30:58चेंज किया कैश मेमोरी में उसी टाइम टाइम
- 2:31:01इमीडिएटली आपको रैम में भी चेंज करना
- 2:31:04पड़ेगा। मतलब x की वैल्यू 100 थी। आपने
- 2:31:07200 कर दी। मतलब किसी यूजर ने ट्रांजैक्शन
- 2:31:09की उसको चेंज कर दिया। 200 कर दिया। जिस
- 2:31:12टाइम आपने कैश मेमोरी में 200 किया ना सेम
- 2:31:15उसी टाइम पे रैम में भी 200 होना चाहिए।
- 2:31:18दिस इज व्हाट अ राइट थ्रू। लेकिन जो बैक
- 2:31:21है राइट बैक कहता है नहीं यार मैं चाहता
- 2:31:24हूं स्पीड। मैं चाहता हूं यूजर को फटाफट
- 2:31:26से रिस्पांस दिया जाए। वो कहता है कि मैं
- 2:31:28कैश के अंदर तो चेंज कर दूंगा लेकिन रैम
- 2:31:32के अंदर तुरंत चेंज नहीं करूंगा। रैम के
- 2:31:34अंदर थोड़े टाइम बाद कर सकता हूं। और इसी
- 2:31:37कांसेप्ट की वजह से आप बिलीव नहीं करोगे।
- 2:31:39जितने भी मेजर प्लेयर्स हैं जैसे YouTube
- 2:31:42की बात कर लो, Instagram की बात कर लो जिस
- 2:31:44पे आप पोस्ट डालते हो, वीडियो डालते हो तो
- 2:31:46तुरंत लाइक, सब्सक्राइब ये सब आते हैं ना
- 2:31:48वो जो काउंट है वो काउंट जो है वो आपके
- 2:31:51एडमिन पैनल पे वैल्यू अलग दिखाएगा। यूजर
- 2:31:54के पैनल पे अलग दिखाएगा। हो सकता है
- 2:31:56ज्योग्राफिकली भी थोड़ा चेंज आए। वो
- 2:31:58इसीलिए कि भैया जो चेंजेस हो रहे हैं
- 2:32:00फटाफट से पहले कैश में करते रहो। बाकी
- 2:32:03थोड़े टाइम बाद कुछ टाइम बाद हम लोग वो
- 2:32:06सारे चेंजेस मेन मेमोरी में भेज देंगे।
- 2:32:08दिस इज द कांसेप्ट ऑफ द राइट बैक कैश। यही
- 2:32:11कांसेप्ट है स्पीड का। राइट थ्रू में
- 2:32:14ऑब्वियसली स्पीड कम हो जाएगी। क्योंकि आप
- 2:32:16दोनों जगह चेंज कर रहे हो तो दोनों जगह
- 2:32:18चेंज करने में थोड़ा टाइम लगेगा।
- 2:32:19कॉम्प्लेक्सिटी थोड़ी बढ़ गई। लेकिन यहां
- 2:32:21पे स्पीड आपकी जो है वो बहुत बढ़िया
- 2:32:23मिलेगी। क्योंकि आपने सिर्फ एक जगह चेंज
- 2:32:25करना है। कुछ टाइम बाद आप वो सारे चेंजज़
- 2:32:28इधर कर दोगे। तो तुरंत आपको स्पीड तो मिल
- 2:32:30गई लेकिन कॉम्प्लेक्सिटी आप कह सकते हो
- 2:32:32थोड़ा कम हुई। हां ये भी है कि आपने जो जो
- 2:32:35चेंजेस किए लेट्स सपोज चेंज एक थोड़ी ना
- 2:32:38होगा। चेंज हो सकता है मल्टीपल हो। तो
- 2:32:40आपको ये सारे चेंजेस जो है वो लेटर ऑन
- 2:32:43करने पड़ेंगे। ऐसा नहीं है कि आप स्किप कर
- 2:32:45दोगे। भैया ये तो बहुत लिमिटेड मेमोरी है
- 2:32:47और वोलेटाइल भी है। जब इसके अंदर कोई
- 2:32:50प्रॉब्लम आ गई तो वो सारे चेंजेस उड़
- 2:32:52जाएंगे। उड़ गया भैया। अब क्या करोगे? उस
- 2:32:55केस में आपको ऑब्वियसली यहां भी चेंजज़
- 2:32:57करने पड़ेंगे और फिर वही चेंजेस आपके हार्ड
- 2:32:59डिस्क में भी होंगे। बस यही कांसेप्ट है।
- 2:33:02इसमें एक छोटा सा पॉइंट याद रखना
- 2:33:04कंसिस्टेंसी का। अगर आपसे इंटरव्यू में
- 2:33:06पूछ ले कि भैया राइट थ्रू में डेटा
- 2:33:08कंसिस्टेंट रहेगा या राइट बैक में तो याद
- 2:33:11रखना राइट थ्रू में हमेशा कंसिस्टेंट
- 2:33:13रहेगा। क्यों? अरे दोनों जगह चेंज कर रहे
- 2:33:15हो तो कंसिस्टेंट सेम ही तो रहेगा। यहां
- 2:33:17पे जो वैल्यू होगी सेम वहां पे होगी।
- 2:33:19लेकिन यहां पे कंसिस्टेंसी नहीं होगी।
- 2:33:21क्यों? यहां पे तो अलग डेटा है, अपडेटेड
- 2:33:23है। लेकिन यहां पे थोड़ा सा पुराना हो
- 2:33:25सकता है। दूसरा पॉइंट, डर्टी बिट का। कई
- 2:33:28बार पूछ लेते हैं कि भैया डर्टी बिट का
- 2:33:29कांसेप्ट क्या है? डर्टी बिट कुछ नहीं है।
- 2:33:32आप ऐसे लगा लो कि कैश मेमोरी में बहुत
- 2:33:34सारे ब्लॉक्स होते हैं। आपने जिस ब्लॉक के
- 2:33:36अंदर लेट्स सपोज x की वैल्यू 10 थी। आपने
- 2:33:3820 कर दी। तो जो डर्टी बिट है ना उसकी
- 2:33:41वैल्यू तो होती है ज़ीरो या वन। ज़ीरो मतलब
- 2:33:43आपने उस ब्लॉक में कोई चेंज नहीं किया,
- 2:33:45कोई अपडेट नहीं हुआ। वन का मतलब है कि
- 2:33:47आपने उस ब्लॉक में कुछ चेंज किया तो वो
- 2:33:50आपको जस्ट बताता है डर्टी बिट आपको सिर्फ
- 2:33:53बताता है कि अगर इसकी वैल्यू वन है तो
- 2:33:55मतलब इस ब्लॉक में कोई नई वैल्यू है उस
- 2:33:57वैल्यू को मेन मेमोरी में भी करना पड़ेगा
- 2:34:00तो इट इज़ जस्ट लाइक अ इनफॉर्मर कि
- 2:34:02इन्फॉर्म करता है कि भैया कुछ चेंज हुआ है
- 2:34:04वो चेंज आप मेन मेमोरी में भी करो दिस इज़
- 2:34:06ऑल अबाउट द राइट थ्रू एंड राइट बैक कैश
- 2:34:09इसके अलावा इसमें और कोई कांसेप्ट नहीं है
- 2:34:11अगर इन केस आप किसी वेब पेज को एक्सेस
- 2:34:14करने की कोशिश कर रहे हो किसी सर्वर को
- 2:34:16एक्सेस करने की कोशिश कर रहे हो। अगर आप
- 2:34:18बहुत सारी रिक्वेस्ट उसके ऊपर भेज देते
- 2:34:19हो। लेट्स सपोज एक यूजर मिलियन ऑफ
- 2:34:22रिक्वेस्ट भेज देता है। ये जनरली होता है
- 2:34:23कि जैसे फॉर एग्जांपल आईपीएल का फाइनल है।
- 2:34:25अब उस टाइम पे मेरे को टिकट बुक करवानी है
- 2:34:28और हो सकता है कि मैं बुक माय शो पे जाता
- 2:34:30हूं या किसी और वेबसाइट पे जाता हूं। तो
- 2:34:32वहां पे मेरे पास बहुत सारी रिक्वेस्ट
- 2:34:34पैरेलली कहीं ना कहीं जा रही है। और ये भी
- 2:34:37हो सकता है कि एक बंदा अपने सिस्टम से ही
- 2:34:40हजारों लाखों रिक्वेस्ट भेज दे और उसकी
- 2:34:43वजह से सर्वर क्या हो सकता है आपका? क्रैश
- 2:34:45उसको समझ ही नहीं आ रहा कि मेरे को क्या
- 2:34:47करना है इस सिचुएशन में तो यहां पे ये एरर
- 2:34:50मे बी आपने कहीं पे देखा होगा या फिर कभी
- 2:34:53ना कभी सुना होगा नहीं सुना तो इंटरव्यू
- 2:34:55में बहुत ज्यादा पूछा जाता है दैट इज
- 2:34:57एचटीटीp 429 ये क्या होता है टू मेनी
- 2:35:00रिक्वेस्ट मतलब अगर एक यूजर बहुत सारी
- 2:35:03रिक्वेस्ट भेज देता है सर्वर के ऊपर तो
- 2:35:05भैया ये रिसोंड आता है कि बहुत ज्यादा
- 2:35:07धक्का कर रहे हो मेरे साथ नहीं कर सकते तो
- 2:35:10और इस चीज को करने के लिए एक्चुअल में
- 2:35:13कांसेप्ट यूज़ किया जाता है रेट लिमिट का।
- 2:35:16रेट लिमिट का कांसेप्ट मतलब कि भैया आपने
- 2:35:18एक लिमिट लगा दी। आपकी इससे ज्यादा
- 2:35:21रिक्वेस्ट अगर आ गई तो आपको एरर आ जाएगा
- 2:35:24या फिर आपकी रिक्वेस्ट जो है वो नेगलेक्ट
- 2:35:26कर दी जाएगी कि भैया आप इससे ज्यादा
- 2:35:28रिक्वेस्ट नहीं भेज सकते। बहुत ज्यादा यूज़
- 2:35:29किया जाता है। दैट्स व्हाई रेट लिमिट
- 2:35:32कंट्रोल हाउ मेनी रिक्वेस्ट अ क्लाइंट इज़
- 2:35:34अलाउड टू सेंड ड्यूरिंग अ पर्टिकुलर
- 2:35:37पीरियड ऑफ़ टाइम? कितनी रिक्वेस्ट वो एक
- 2:35:39पर्टिकुलर पीरियड ऑफ़ टाइम तक सेंड कर सकता
- 2:35:41है? दैट इज़ ऑल अबाउट द रेट लिमिट। अब इससे
- 2:35:43होगा क्या? एक तो जो सर्वर ओवरलोडिंग होगी
- 2:35:46उससे कहीं ना कहीं बच सकते हैं। अब एक
- 2:35:48यूजर हो सकता है ब्रूट फोर्स अटैक लगा दे,
- 2:35:50पिंग ऑफ डेथर अटैक लगा दे, डीओएस अटैक लगा
- 2:35:52दे तो भैया मेरा सिस्टम क्रैश हो सकता है।
- 2:35:55तो उस चीज से हमें बचाया जा सकता है। इवन
- 2:35:57अब्यूज वही चीज होगी ना कि बहुत सारी
- 2:35:59रिक्वेस्ट अगर मैं भेज दूं जैसे मैं मैं
- 2:36:01फॉर एग्जांपल लिख दूं वाइल ट्रू गेट पोस्ट
- 2:36:06या फिर गेट लॉग इन। ठीक है? अगर मैं इस
- 2:36:09तरीके से लिख दूं बहुत सारी रिक्वेस्ट
- 2:36:11मेरी जो है वो लूप में जाती रहेंगी। तो
- 2:36:13मेरा सिस्टम, मेरा बैंडविड्थ, सीपीू
- 2:36:15यूटिलाइजेशन ये सारी चीजें बहुत ज्यादा
- 2:36:17हैवीली यूज़ होंगी। तो मेरा सिस्टम जो है
- 2:36:19वो खराब हो सकता है उस केस में। प्रोटेक्ट
- 2:36:21अगेंस्ट द ब्रूट फोर्स अटैक। वही हो गया
- 2:36:23कि बहुत सारी रिक्वेस्ट आएंगी सर्वर के
- 2:36:25ऊपर एक ही यूजर से डीओएस अटैक भी जिसको
- 2:36:27बोल सकते हैं या फिर डीडीओएस अटैक। ऑलदो
- 2:36:30फायर भी इस चीज को रोक लेता है। लेकिन
- 2:36:32फायरवॉल क्या करता है? आईपी एड्रेस को
- 2:36:34ब्लॉक कर देता है। या फिर अगर मेरे पास
- 2:36:36अलग-अलग आईपी एड्रेससेस से रिक्वेस्ट आ
- 2:36:38रही है तो वो कहीं ना कहीं चेक करता है कि
- 2:36:40कोई ना कोई पैटर्न ऐसा मिल जाए। लेकिन ये
- 2:36:42क्या है? हमने एक लिमिट लगा दी कि भैया
- 2:36:44मेरे पास 100 रिक्वेस्ट पर सेकंड से
- 2:36:47ज्यादा नहीं आनी चाहिए इस यूजर से। तो
- 2:36:50इससे ऊपर आएंगी तो वो अपने आप नेगलेक्ट हो
- 2:36:52जाएंगी। बस ये चीज है एक्चुअल में। एंड
- 2:36:54एनश्योर द फेयरनेस। मतलब ऐसा नहीं कि एक
- 2:36:56बंदा हजारों रिक्वेस्ट भेज रहा है और
- 2:36:58दूसरा बंदा उसकी वजह से 10 रिक्वेस्ट भी
- 2:37:01नहीं भेज पा रहा। मतलब जेन्युइन बंदा जो
- 2:37:02है वो रिक्वेस्ट ही नहीं भेज पा रहा। और
- 2:37:04जो हैकर है या कोई ऐसा बंदा जिसने सोच ही
- 2:37:07लिया कि सिस्टम को तोड़ना है आज तो वो
- 2:37:09इतनी रिक्वेस्ट भेज देगा। तो कहीं ना कहीं
- 2:37:10फेयरनेस भी आती है और ऑब्वियसली इन सारी
- 2:37:13चीजों से मेरी कॉस्ट जो है वो कहीं ना
- 2:37:15कहीं कंट्रोल रहती है क्योंकि हमें पता है
- 2:37:17कि आइडली मेरे पास 1 लाख रिक्वेस्ट आती है
- 2:37:20पर सेकंड तो मैं उसी हिसाब से अपनी कॉस्ट
- 2:37:22कहीं ना कहीं रखूंगा। हो सकता है पीक
- 2:37:24आवर्स में मेरे पास रिक्वेस्ट 2 लाख 10
- 2:37:26लाख तक हो जाती हो। तो मैं कॉस्ट अपनी उस
- 2:37:28हिसाब से रखूंगा। लेकिन अगर एक यूजर इतनी
- 2:37:31सारी रिक्वेस्ट भेजेगा या हैकर मेरे
- 2:37:33सिस्टम को तोड़ने की कोशिश करेगा तो हो
- 2:37:35सकता है मेरे को यहां पे इनिशियल लेवल पे
- 2:37:38इतनी कॉस्ट लगानी पड़ जाए इतना हैवी
- 2:37:40स्ट्रक्चर जो है वो लगाना पड़ जाए तो मेरा
- 2:37:42फालतू में पैसा वहां पे वेस्ट हो जाएगा तो
- 2:37:44इसीलिए रेट लिमिट बहुत इंपॉर्टेंट
- 2:37:46कांसेप्ट है। अब यहां पे इंटरव्यू में
- 2:37:48बहुत ज्यादा पूछा जाता है कि भैया ये कहां
- 2:37:50पे लगाया जाता है? तो याद रखना क्लाइंट
- 2:37:53साइड पे भी आप लगा सकते हो लेकिन बहुत कम
- 2:37:55लेवल पे लगता है। मेनली ये लगता है आपका
- 2:37:58सीडीएन कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क या फिर आप
- 2:38:01कह सकते हो जो फायर वाल्स हैं हमारे वहां
- 2:38:03पे हम लोग लगा देते हैं फ्रंट एंड पे।
- 2:38:05मतलब इसको ना पास ही नहीं होने देते। अगर
- 2:38:08ये पास हो गया तो ये आपके सर्वर तक
- 2:38:10एप्लीकेशन डेटाबेस सर्वर तक पहुंच गया तो
- 2:38:13वो कहीं ना कहीं सिस्टम को खराब कर देगा।
- 2:38:14तो हम लोग इनिशियल लेवल पे ही रोकने की
- 2:38:17कोशिश करते हैं कि मैंने सीडीएल लेवल पे
- 2:38:19ही या फायरव लेवल पे ही उसको रोक लिया। इन
- 2:38:21केस वहां पे नहीं रुका तो फिर उसके बाद
- 2:38:24लोड बैलेंसर पे हम लोग जो है वो रेट लिमिट
- 2:38:26लगा देंगे कि इससे ज्यादा अगर पर यूजर की
- 2:38:28रिक्वेस्ट आ रही है तो आईपी को ब्लॉक कर
- 2:38:30दिया जाए या फिर यूजर की आईडी को ब्लॉक कर
- 2:38:33दिया जाए तो इस तरीके से कहीं ना कहीं मैं
- 2:38:35लोड बैलेंसर पे अदरवाइज फिर एपीआई गेटवे
- 2:38:38पे क्योंकि एपीआई गेटवे के बाद फिर आपका
- 2:38:40सीधा एप्लीकेशन सर्वर आ जाता है या
- 2:38:42डेटाबेस सर्वर तो कहीं ना कहीं हम लोग 99%
- 2:38:46जो है वो केसेस में यहीं तक रोकने की
- 2:38:48कोशिश करते हैं। इवन दो इसके बाद
- 2:38:50एप्लीकेशन सर्वर पे भी रेट लिमिट रहता है।
- 2:38:52इवन दो आपके डेटाबेस सर्विस पे भी रेट
- 2:38:54लिमिट रहता है। लेकिन याद रखना कि अगर
- 2:38:56आपसे इंटरव्यू में पूछ ले तो सबसे हाईली
- 2:38:59लेवल जो है वो आपका ये है इनिशियल लेवल पे
- 2:39:01ही उसको रोक दो। रेट्स को जो आपकी जो है
- 2:39:05वो लिमिट लगा दो उसके ऊपर। अब एल्गोरिदम्स
- 2:39:07में भी कई बार पूछ लेते हैं। तो यहां पे
- 2:39:09याद रखना फिक्स्ड विंडो काउंटर कुछ नहीं
- 2:39:12है। बड़ा सिंपल सा कांसेप्ट है। नाम थोड़े
- 2:39:13बड़े-बड़े से हैं। जैसे फॉर एग्जांपल मैंने
- 2:39:16रख दिया कि भैया 10 0 ठीक है? से लेके 10
- 2:39:200 159 तक मैंने 1 मिनट में लेट्स सपोज एक
- 2:39:24लिमिट रख दी। मतलब मैंने किया क्या? मैंने
- 2:39:27पूरे टाइम को ना फिक्स्ड स्लॉट्स में
- 2:39:29डिवाइड कर दिया। एक-ए मिनट में डिवाइड कर
- 2:39:31दिया। अब मैंने बोल दिया कि 1 मिनट में 10
- 2:39:33रिक्वेस्ट आ सकती हैं। इससे ज्यादा नहीं आ
- 2:39:36सकती। इससे ज्यादा आएंगी तो मैं डिस्कार्ड
- 2:39:38कर दूंगा एक यूजर से अगर इतनी रिक्वेस्ट आ
- 2:39:40रही हैं। लेकिन इसमें ठीक है आपका फिक्स्ड
- 2:39:42टाइम आपने रख दिया। फिक्स्ड टाइम जो है वो
- 2:39:44डिवाइड कर दिया। लेकिन इसमें पंगा क्या है
- 2:39:46कि एक यूजर ने बड़ा स्मार्टली काम किया।
- 2:39:48उसने क्या किया? 1059 पे 10 रिक्वेस्ट भेज
- 2:39:52दी और उसके बाद आप ऐसे लगा लो कि 59 के
- 2:39:56बाद 10 001 मतलब 1 मिनट से पहले पहले उसने
- 2:40:0110 रिक्वेस्ट और भेज दी। कहने का मतलब
- 2:40:03क्या है? कि लेट्स सपोज 59 पे उसने 10 भेज
- 2:40:06दी और उसके बाद नेक्स्ट 1 सेकंड में 10 और
- 2:40:08भेज दी। तो यानी स्लॉट तो मेरा चेंज हो
- 2:40:10गया। तो पहले स्लॉट में भी 10 आ गई। दूसरे
- 2:40:12स्लॉट में भी 10 आ गई। लेकिन 2 सेकंड के
- 2:40:15अंदर-अंदर 20 रिक्वेस्ट आ गई। मतलब उसने
- 2:40:17सिस्टम को एक तरह से यूज जो है वो बाईपास
- 2:40:20कर दिया इस चीज को। तो यहां पे बड़ा
- 2:40:22इंपॉर्टेंट कांसेप्ट यूज़ किया जाता है
- 2:40:24स्लाइडिंग विंडो लॉक। स्लाइडिंग विंडो लॉक
- 2:40:26क्या कहता है कि आप फिक्स लॉट्स में
- 2:40:28डिवाइड मत करो। आप पता है क्या करो? जैसे
- 2:40:31ही यूजर की रिक्वेस्ट आई जैसे फॉर
- 2:40:33एग्जांपल 10 10 पे मतलब 10 010 मतलब 10:10
- 2:40:38सेकंड पे यूजर की एक रिक्वेस्ट आई। तो
- 2:40:40जैसे ही उसकी पहली रिक्वेस्ट आई आप वहां
- 2:40:42से टाइम स्टैंप स्टार्ट कर दो। मतलब एक
- 2:40:44टाइमर स्टार्ट कर दो। अब उसके बाद आपने
- 2:40:46लेट्स सपोज कह दिया कि मेरे 50 सेकंड के
- 2:40:48अंदर-अंदर पांच रिक्वेस्ट आ सकती हैं। तो
- 2:40:51यहां पे टाइमर स्टार्ट हो गया। उसके बाद
- 2:40:52लेट्स सपोज उसकी 20 पे एक रिक्वेस्ट आई।
- 2:40:5425 पे एक रिक्वेस्ट आई। 30 पे एक
- 2:40:56रिक्वेस्ट। आपने सिंपली क्या करना है? 10
- 2:40:58से काउंटर स्टार्ट हो गया तो 50 सेकंड
- 2:41:00मतलब 60 के अंदर-अंदर 10 से 60 के
- 2:41:03अंदर-अंदर आपकी पांच रिक्वेस्ट आ सकती है।
- 2:41:05अगर आ जाती है तो ठीक है। अगर इससे ज्यादा
- 2:41:07आती है आप डिस्कार्ड कर दोगे। तो यहां पे
- 2:41:09टाइम स्टैंप जो है वो हर रिक्वेस्ट के साथ
- 2:41:11जो है वो जुड़ जाता है। और इन दोनों के
- 2:41:14कॉम्बिनेशन को यूज़ करता है आपका
- 2:41:15स्लाइडिंग विंडो काउंटर। ये बेसिकली क्या
- 2:41:18करता है? ये भी चेक करता है कि भैया
- 2:41:20प्रीवियस काउंटर में या प्रीवियस स्लॉट
- 2:41:22में अगर लेट सपोज मैंने उसको पांच
- 2:41:24रिक्वेस्ट की थी। लेकिन उसने मेरे को
- 2:41:26सिर्फ दो ही भेजी तो तीन बच गई उसकी। और
- 2:41:28नेक्स्ट वाले स्लॉट में पांच नहीं भेज
- 2:41:30सकता है। तो वो पिछले स्लॉट की जो बची हुई
- 2:41:32है उनको भी यूज़ कर लेता है और नए स्लॉट
- 2:41:35को भी। तो ये और भी एडवांस में। ऐसे ही
- 2:41:37टोकन बकेट या फिर ली बकेट आता है। यह
- 2:41:39कांसेप्ट क्या है कि भैया एक बकेट है। उस
- 2:41:41बकेट में मेरे पास टोकंस पड़े हैं। जैसे
- 2:41:44फॉर एग्जांपल 10 टोकंस पड़े हैं। तो एक
- 2:41:46बार में 10 रिक्वेस्ट जो है वो ये पैरेलली
- 2:41:49हैंडल कर लेगा टोकन बकेट में और इसमें पर
- 2:41:51यूनिट टाइम नए-नए टोकंस आते रहेंगे। तो जो
- 2:41:54भी रिक्वेस्ट आएगी उसको टोकन लगेगा। टोकन
- 2:41:57के बाद जो है वो अपनी रिक्वेस्ट को भेज
- 2:41:59सकता है। ली बकेट में क्या होता है कि
- 2:42:01आपका एक-एक करके टोकन निकलता है। मतलब
- 2:42:04यहां पे कांस्टेंट रेट में ही आपकी
- 2:42:06रिक्वेस्ट जो है वो हैंडल होंगी। लेकिन
- 2:42:07टोकन बकेट में जितने टोकन होंगे पैरेलली
- 2:42:10उतनी ही टोकन एक बार में जो है वो यूज़ हो
- 2:42:12सकती है और उतनी रिक्वेस्ट हैंडल होंगी।
- 2:42:14लेकिन ली बकेट में लेट्स सपोज आपकी एक
- 2:42:16टोकन ही अगर बाहर निकल रहा है एक सेकंड
- 2:42:18में तो एक रिक्वेस्ट ही हैंडल होगी।
- 2:42:20पैरेलल काम नहीं होगा। तो बेस्ड ऑन आवर
- 2:42:22रिक्वायरमेंट कि किस जगह पे मेरे को क्या
- 2:42:24चाहिए? हम लोग एल्गोरििदम्स को यूज़ कर
- 2:42:26सकते हैं।
- 2:42:31माइक्रो सर्विस आर्किटेक्चर। स्पेशली जब
- 2:42:34हम सिस्टम डिज़ाइन की बात करते हैं तो
- 2:42:36उसमें बहुत ज्यादा वाइडली पूछा जाता है
- 2:42:38इंटरव्यूज के अंदर कि भैया माइक्रो सर्विस
- 2:42:40आर्किटेक्चर क्या होता है? और आपको एक
- 2:42:42रियल लाइफ एप्लीकेशन के बारे में पूछ सकते
- 2:42:44हैं कि अगर मेरे को इसकी मल्टीपल माइक्रो
- 2:42:47सर्विसेस के बारे में पता लगाना हो
- 2:42:49कौन-कौन सी हो सकती है? आपस में
- 2:42:50कम्युनिकेशन कैसे होगा? ये सारी चीजें
- 2:42:52पूछी जा सकती है। तो देखो एक छोटे से
- 2:42:54एग्जांपल से स्टार्ट करता हूं। लेट्स सपोज
- 2:42:56आप किसी शॉप पे जा रहे हो। कोई घर का
- 2:42:57सामान खरीदना है। कोई ग्रोसरी खरीदनी है।
- 2:42:59अब आपने उस शॉप में गए। अब उसके अंदर
- 2:43:01ग्रोसरी भी है। उसके अंदर फार्मेसी भी है।
- 2:43:03मतलब उसके अंदर दवाइयां भी मिल रही है।
- 2:43:05उसके अंदर एक छोटा सा रेस्टोरेंट भी है।
- 2:43:06उसके अंदर इलेक्ट्रॉनिक की आइटम भी मिल
- 2:43:08रही है। तो कहीं ना कहीं क्या हो जाएगा?
- 2:43:10चीजें मैसी हो जाएंगी। तो क्या कर सकता है
- 2:43:12वो दुकानदार? अपनी जो दुकान है उसको बढ़ा
- 2:43:15सकता है। मतलब लेट्स सपोज अगर वो दुकान
- 2:43:16100 या 200 गज की है तो उसमें उसने 100 गज
- 2:43:19का एरिया और मिला लिया। आसपास का था तो
- 2:43:21उसने उस दुकान को बड़ा कर लिया। उसके बाद
- 2:43:24वो 100 की जगह 200 कस्टमर्स को हैंडल कर
- 2:43:26सकता है ईजीली। हो सकता है आने वाले टाइम
- 2:43:28में कस्टमर्स 1000 हो जाए। तो यार कितना
- 2:43:31वर्टिकल स्केल करेगा? एक लिमिट तक ही उसको
- 2:43:33स्केल कर सकता है। सिमिलरली जो मोनोलिथिक
- 2:43:37आर्किटेक्चर होता है उसमें भी यही है कि
- 2:43:39मेरी एक एक सिंगल जगह पे एक सिंगल सर्वर
- 2:43:42पे मैं सारी चीजों को मैनेज करने की कोशिश
- 2:43:43कर रहा हूं। एक बड़ी एप्लीकेशन को मैनेज
- 2:43:45करने की कोशिश कर रहा हूं। तो वो एक लिमिट
- 2:43:47तक तो काम करेगी। लेकिन एक टाइम के बाद जब
- 2:43:50मेरी स्केलेबिलिटी बहुत ज्यादा हो जाएगी
- 2:43:52तो वहां पे चीजें गड़बड़ा जाएंगी। जैसे
- 2:43:54मॉल्स वगैरह में भी अगर आप जाते हो तो एक
- 2:43:57दुकान के अंदर सारी चीजें नहीं मिलती।
- 2:43:59जैसे dमar वगैरह में आप बोलोगे कि सर वहां
- 2:44:00पे तो मिलती है। फायदा भी है हमें कि एक
- 2:44:02ही जगह पे सारी चीजें मिल जाती हैं। यार
- 2:44:05उसमें भी क्या है? एक लिमिट तक कहीं ना
- 2:44:07कहीं चीजें चल जाती हैं। आप dमar वगैरह
- 2:44:09में कभी ना कभी आप वीकेंड पे जाके देख लो।
- 2:44:12सैटरडे संडे को कभी जाके देखना। मतलब ऐसे
- 2:44:14खिचड़ी बकी होती है, ममारी होती है आपके
- 2:44:17पेमेंट काउंटर से लेके सामान खरीदने से
- 2:44:19लेके सब जगह जो है वो बहुत ज्यादा भीड़ हो
- 2:44:21जाती है। तो वो भी कितने 1000 2000
- 2:44:23कस्टमर्स को एक बार में हैंडल कर सकते
- 2:44:25हैं। लेकिन अगर मेरे कस्टमर्स आ गए 500 1
- 2:44:28लाख तो भैया सिस्टम फेल हो जाएगा। तो ये
- 2:44:32यहां पे माइक्रो सर्विस को यूज़ करना बहुत
- 2:44:34बढ़िया रहता है। तो माइक्रो सर्विस
- 2:44:36आर्किटेक्चर इसी तरीके से वर्क करती है कि
- 2:44:38भैया एक बड़ी चीज को मैनेज करने की बजाय आप
- 2:44:41उसको छोटी-छोटी चीजों में डिवाइड कर दो।
- 2:44:43दैट इज व्हाट अ माइक्रो सर्विस। अब यहां
- 2:44:45पे मैंने ब्लिंकट का एग्जांपल लिया हुआ
- 2:44:47है। Blinkkit, Instamart कोई भी आप
- 2:44:49एग्जांपल ले सकते हो। जैसे मैंने एक
- 2:44:50एग्जांपल आपको एक्सप्लेन किया है। आप इसी
- 2:44:53तरीके से मल्टीपल एप्लीकेशन जैसे Netflix
- 2:44:55है या Go आईbibo है, MMy ट्रिप है। आप इन
- 2:44:58सबको भी इसी तरीके से माइक्रो सर्विस में
- 2:45:00डिवाइड कर सकते हो। मतलब करना ये सिर्फ
- 2:45:02मैं ये नहीं बोल रहा रिकमेंड नहीं कर रहा।
- 2:45:04आपको करना भी चाहिए। हो सकता है इंटरव्यूज
- 2:45:06वगैरह में आपसे पूछ ले। मैं आपको ब्लिंकिट
- 2:45:08करके करके दिखा रहा हूं। तो ब्लिंकिट में
- 2:45:11क्या हो सकती है अलग-अलग सर्विसेस। आपको
- 2:45:12पता है कि जब आप ऐप ओपन करते हो मतलब ये
- 2:45:14क्लाइंट है तो क्लाइंट क्या करता है? जब
- 2:45:16मैं अपनी ऐप ओपन करता हूं तो मेरे पास
- 2:45:18क्या-क्या वहां पे ऑप्शंस दिखते हैं या
- 2:45:20फिर जो राइडर है जो आपका सामान पहुंचा रहा
- 2:45:22है डिलीवरी बॉय है तो वो बंदा उसकी
- 2:45:25एप्लीकेशन में उसके पोर्टल में क्या-क्या
- 2:45:27चीजें दिख रही है तो क्या हो सकती है
- 2:45:28व्हाट आर दी मल्टीपल सर्विसेस जैसे यूजर
- 2:45:31की सर्विस है प्रोडक्ट का कैटलॉग है सर्च
- 2:45:34डिवाइस है आप चीजों को सर्च करते हो
- 2:45:36इन्वेंटरी कि भैया बैक एंड पे कितना सामान
- 2:45:38मेरे पास पड़ा है देन कार्ड सर्विस है
- 2:45:41आपने कार्ड में क्या-क्या चीजें ऐड की है
- 2:45:43ठीक है फिर प्राइसिंग एंड डिस्काउंट
- 2:45:44सर्विस हो गया कि भैया किस चीज पे कितना
- 2:45:46प्राइस है, कितना जो है वो उसके ऊपर
- 2:45:48डिस्काउंट है। ये सारी चीजें मेरे हिसाब
- 2:45:50से आप समझ पा रहे हो। ऑर्डर सर्विस है।
- 2:45:52मल्टीपल ऑर्डर्स आपके दे रहे हो। पेमेंट
- 2:45:54वेरीेंट स्टोर एंड डार्क सर्विस है। मतलब
- 2:45:57आपके जो बैक एंड पे स्टोरेज होते हैं। अब
- 2:45:59ये लोग भी क्या करते हैं? नियरेस्ट लोकेशन
- 2:46:01में 510 कि.मी. के अंदर-अंदर जो है वो एक
- 2:46:03स्टोरेज बना के रखते हैं। तो उसमें
- 2:46:05क्या-क्या चीजें पड़ी है? उसका इन्वेंटरी
- 2:46:06भी कहीं ना कहीं मैनेज करना पड़ता है।
- 2:46:08डिलीवरी सर्विस है। ठीक है? लोकेशन एंड
- 2:46:10मैप सर्विस है। नोटिफिकेशन बड़ेेंट है।
- 2:46:12रिव्यू एंड रेटिंगेंट है। कस्टमर सपोर्ट
- 2:46:15इज़ आल्सोेंट। जब कोई सामान खराब आ जाता है
- 2:46:17तो हम हेल्प पे जाके जो है वो चीजों के
- 2:46:19बारे में बताते हैं। फीडबैक देते हैं। और
- 2:46:21एनालिसिस इज़ आल्सो वेरीेंट कि भैया एक
- 2:46:23बंदा एक महीने में या एक साल में कितना
- 2:46:26खर्च करता है, क्या आइटम्स को मंगाता है,
- 2:46:27किसको फ्रीक्वेंटली मंगाता है। ये सारी
- 2:46:30चीजें कहीं ना कहीं है। तो इसको हमने क्या
- 2:46:33किया? एक बड़ी ऐप की बजाय हमने छोटी-छोटी
- 2:46:35सर्विज में डिवाइड कर दिया। और यहां पे हर
- 2:46:38एक जो है वो अपना इंडिपेंडेंटली हमने काम
- 2:46:41कर रहे हैं। इंडिपेंडेंटली का मतलब क्या
- 2:46:43है कि हम लोग क्या करते हैं? जैसे
- 2:46:44ब्लिंकिट क्या करता है? ब्लिंकिट यूज़ करता
- 2:46:46है कांसेप्ट ऑफ क्लाउड। तो क्लाउड में
- 2:46:48उसने क्या कर लिया कि मल्टीपल कंटेनर्स
- 2:46:51क्या यूज़ करते हैं? कंटेनर्स के कांसेप्ट
- 2:46:54को। मतलब कंटेनर क्या है? एक बॉक्स की तरह
- 2:46:56उस बॉक्स में मैंने यूजर सर्विस का जो कोड
- 2:46:59है जो एप्लीकेशन का कोड है सिर्फ इस
- 2:47:01माइक्रो सर्विस का कोड है उसके रिलेटेड जो
- 2:47:04लाइब्रेरीज है उसको मैंने यहां पे या
- 2:47:06कॉन्फ़िगरेशन है रन टाइम है उसको मैंने
- 2:47:08स्टोर कर दिया एक जगह पे डाल दिया ऐसे ही
- 2:47:10एक और कंटेनर में मैंने जो प्रोडक्ट
- 2:47:12कैटलॉग सर्विस का कोड है उसके रिलेटेड
- 2:47:15लाइब्रेरीज है रन टाइम है कॉन्फ़िगरेशन है
- 2:47:17उसको डाल दिया ऐसे ही थर्ड कंटेनर में इस
- 2:47:20तरीके से मल्टीपल कंटेनर्स में हमने
- 2:47:22अलग-अलग सर्विज को रख लिया अब उसके बाद
- 2:47:25क्या होता है? जो क्यूबनेट्स होते हैं,
- 2:47:26क्यूबनेट्स क्या करते हैं? इनको सों को
- 2:47:28आपस में मैनेज करते हैं कि भैया
- 2:47:30इंडिपेंडेंटली किसी को स्केल कर सकते हैं।
- 2:47:32किसी को बढ़ा सकते हैं। किसी को कम कर
- 2:47:34सकते हैं। किसी को किसी को ज्यादा
- 2:47:35कंप्यूटेशन चाहिए तो हम ज्यादा कंप्यूटेशन
- 2:47:37देंगे। किसी को स्टोरेज कम चाहिए हम कम कर
- 2:47:39देंगे। किसी को स्टोरेज ज्यादा चाहिए हम
- 2:47:41ज्यादा दे देंगे। तो इस तरीके से क्यूबर
- 2:47:43नेट जो होता है वो सारी चीजों को
- 2:47:45ऑर्केस्टिनेट करता है। ऑर्केस्टेशन का
- 2:47:47मतलब है ऑटोमेटिकली इन सबको मैनेज करता
- 2:47:49है। तो ये बड़ा इंपॉर्टेंट कांसेप्ट आपको
- 2:47:52पता होना चाहिए। तो यूजर यहां पे आ गया
- 2:47:55जिसको मैं क्लाइंट बोल रहा हूं। क्लाइंट
- 2:47:56क्या करता है भैया? एपीआई के थ्रू जो है
- 2:47:59वो कम्युनिकेट करता है। अब आपको पता है
- 2:48:00एपीआई गेटवे यूज़ होता है। जैसे ब्लिंकट जो
- 2:48:02है वो क्या यूज़ करता है? कंग जैसे
- 2:48:04एडब्ल्यूएस का एपीआई है ऐसे ही यहां पे
- 2:48:06कंग जो है वो क्या है? एक एपीआई गेटवे है
- 2:48:09जो इंजीनिक्स के ऊपर होता है। अब उसके ऊपर
- 2:48:11क्या है कि भैया ऑथेंटिकेशन है कि यूजर का
- 2:48:13ऑथेंटिकेशन चेक करना है कि क्या वो प्रॉपर
- 2:48:16चैनल से आ रहा है? अन ऑथोराइज्ड तो नहीं
- 2:48:18है तो हो सकता है एपीआई की के थ्रू हम कर
- 2:48:20रहे हैं या ऑथ के थ्रू हम लोग यूज़ कर रहे
- 2:48:22हैं या जे डब्ल्यूटी टोकंस के थ्रू हम
- 2:48:24उसको ऑथेंटिकेट कर रहे हैं कि भैया ये
- 2:48:25बंदा वैलिड है ये ऑथोराइज कर सकता है। अब
- 2:48:28उसके बाद अब उस बंदे ने सों को थोड़ी ना एक
- 2:48:31बार में करना है। उसने कुछ सर्च करना है
- 2:48:33तो हमने उसकी रिक्वेस्ट को सर्च वाले में
- 2:48:35डाल दिया। या उसने लेट्स सपोज पेमेंट करनी
- 2:48:37है तो हमने उसकी रिक्वेस्ट को पेमेंट वाले
- 2:48:39में डाल दिया। तो यानी हमने पैकेट्स को
- 2:48:41रूट भी कर दिया कि भैया तू इस तरफ जा, तू
- 2:48:43इस तरफ जा। जैसे मॉल के स्टार्टिंग में
- 2:48:46हमने रिसेप्शनिस्ट बिठा दिए भैया कि तूने
- 2:48:48कहां जाना है? ज्वेलरी वाली शॉप में जाना
- 2:48:49है। तो भैया फर्स्ट फ्लोर पे जा। तू क्यों
- 2:48:51फालतू में पूरे मॉल में घूम रहा है? वो
- 2:48:53चीज रूटिंग के अंदर आ जाती है। देन रेट
- 2:48:55लिमिट हो सकता है भैया किसी बंदे ने
- 2:48:57कॉम्पिटिट ने बोट बिठा रखा हो पीछे।
- 2:49:00धड़ाधड़ रिक्वेस्ट भेजता जा रहा है ताकि
- 2:49:02डिनाइल ऑफ सर्विस हो सके। तो उसके लिए हम
- 2:49:04लोग एक लिमिट लगा सकते हैं कि 1 मिनट में
- 2:49:06इससे ज्यादा रिक्वेस्ट आएंगी तो हम लोग
- 2:49:08हैंडल नहीं करेंगे। ये सारी चीजें जो है
- 2:49:10वो सिक्योरिटी लॉगिंग इवन मॉनिटरिंग वगैरह
- 2:49:13की प्रॉपर सारी चीजें चल रही है। ये सारा
- 2:49:15काम एपीआई गेटवे हैंडल करता है और फिर जो
- 2:49:18सर्विस को हम एक्सेस कर रहे हैं उसके थ्रू
- 2:49:20जो है वो एक्सेस हो जाता है। और इवन ये जो
- 2:49:22सारी सर्विज हैं आपस में सिंक्रोनाइज
- 2:49:24कम्युनिकेशन से एक दूसरे से बात करती हैं।
- 2:49:27सिंक्रोनाइज मतलब कहने का एसिंक्रोनाइज भी
- 2:49:29हो सकता है। एसिंक्रोनाइज का मतलब है कि
- 2:49:31इसने रिक्वेस्ट भेजी हम दे देंगे रिसोंड
- 2:49:34बाद में। नहीं भैया अगर लेट्स सपोज किसी
- 2:49:36ने ऑर्डर किया है तो मैं पेमेंट चेक
- 2:49:38करूंगा कि क्या पेमेंट हो गई है। अगर
- 2:49:40पेमेंट हो गई है तभी उसका आर्डर जो है वो
- 2:49:42ओके होगा और ओके होगा तो उसको एक
- 2:49:44नोटिफिकेशन जाएगी कि भैया तेरा ऑर्डर हो
- 2:49:46चुका है। तो ये आपस में सिंक्रोनाइज होते
- 2:49:49हैं। मतलब इनका कम्युनिकेशन सिंक्रोनाइज
- 2:49:51होता है। ए सिंक नहीं होता। ऐसा नहीं कि
- 2:49:53एक रिक्वेस्ट भेज रहा है। दूसरा कह रहा है
- 2:49:55मैं 5 मिनट रुक जाए यार। नहीं कस्टमर नहीं
- 2:49:57रुकेगा इतनी देर। हमें आपस में इनको
- 2:49:59सिंक्रोनाइज करके रखना पड़ता है ताकि
- 2:50:01फटाफट से एक दूसरे से कम्युनिकेट कर सकें।
- 2:50:03इवन डेटाबेस भी अलग-अलग टाइप का है। जैसे
- 2:50:06यूजर का डेटाबेस अगर मेरा डेटा जो है वो
- 2:50:08स्ट्रक्चरर्ड है तो मैं स्ट्रक्चरर्ड के
- 2:50:10लिए यहां पे पोस्ट ग्रे एसक्यूएल को यूज़
- 2:50:11कर सकता हूं। अगर मेरा डेटा लेट्स सपोज
- 2:50:13अनस्ट्रक्चरर्ड है। मतलब उसके अंदर
- 2:50:15अलग-अलग फैक्टर्स हैं तो उस केस में मैं
- 2:50:17मोंगो डीबी डेटाबेस को यूज़ कर सकता हूं।
- 2:50:18JSON फाइल्स को यूज़ कर सकता हूं। तो इस
- 2:50:20तरीके से अलग-अलग टाइप का डेटा जो है वो
- 2:50:23डेटाबेस यूज़ होता है। बेस्ड ऑन द
- 2:50:24सिनेरियो। कहीं पे स्ट्रक्चर जहां पे हम
- 2:50:27टेबल्स की फॉर्म में डेटा को स्टोर कर
- 2:50:28सकते हैं। कहीं पे मेरा नो सीक्वल जो है
- 2:50:30कि क्योंकि ऐसा भी तो हो सकता है जैसे
- 2:50:32प्रोडक्ट का एग्जांपल ले लो। अब प्रोडक्ट
- 2:50:34के केस में अगर लेट्स सपोज मैं मिल्क का
- 2:50:36एग्जांपल लूं तो मिल्क के एट्रिब्यूट्स
- 2:50:38अलग होंगे और अगर मैं इलेक्ट्रॉनिक आइटम
- 2:50:40का एग्जांपल लूं तो उसके एट्रिब्यूट्स अलग
- 2:50:42होंगे। तो उसको मैं एक स्ट्रक्चरर्ड वे
- 2:50:43में स्टोर नहीं कर सकता। उसको मुझे मोंगो
- 2:50:45डीबी या जसन फाइल्स की फॉर्म में मुझे
- 2:50:48स्टोर करना पड़ेगा। लेट्स सपोज आपने एक
- 2:50:50नया घर बनाया और उस घर में आपको ना फ्लोर
- 2:50:52अच्छा नहीं लगा। आप चाहते हो कि इसका
- 2:50:54फ्लोर मुझे चेंज करना है तो आपने अगर उसका
- 2:50:56फ्लोर चेंज करना है तो इसका मतलब ये नहीं
- 2:50:58है कि घर का जो दीवारें हैं लेंटर है वो
- 2:51:02भी हिल जाए। मतलब उसके अंदर भी प्रॉब्लम आ
- 2:51:04जाए। तो कहने का मतलब क्या है कि आपका जो
- 2:51:06घर है वो इतना सॉलिड होना चाहिए कि आप कोई
- 2:51:09नया फीचर डालने की कोशिश कर रहे हो तो
- 2:51:11पुराने के अंदर दिक्कत ना आए। यही चीज है
- 2:51:14एक्चुअल में सॉलिड प्रिंसिपल। क्योंकि जब
- 2:51:16हम सॉफ्टवेयर डिज़ाइन करते हैं या फिर हम
- 2:51:18कोई ऐप बनाते हैं तो उसमें होता ही है
- 2:51:21डेली बेसिस पे कुछ ना कुछ चेंजज़ करने पड़ते
- 2:51:23हैं। कोई नए फीचर्स को ऐड करना पड़ता है।
- 2:51:25बट इसका मतलब ये नहीं है कि जो पुराने
- 2:51:27फीचर है जो मेरा कोड है वो फट गया या फिर
- 2:51:30मेरे जो पुराने फीचर्स है वो काम करना बंद
- 2:51:32कर गए। तो यानी आपने सॉलिड प्रिंसिपल्स को
- 2:51:34फॉलो नहीं किया। तो सॉलिड प्रिंसिपल्स
- 2:51:36क्या है? ये एक अच्छे डिज़र कह लो या अच्छे
- 2:51:40डेवलपर की पहचान है। अगर वो इन
- 2:51:42प्रिंसिपल्स को फॉलो कर रहा है। तो क्या
- 2:51:43है? सबसे पहले है एस दैट इज सिंगल
- 2:51:46रिस्पांसिबिलिटी। ओ का मतलब है ओपन एंड
- 2:51:48क्लोज्ड। एल का मतलब है लिस्क ऑफ
- 2:51:50सब्सीट्यूशन। आई का मतलब है इंटरफेस
- 2:51:52सेग्रगेशन एंड डी का मतलब है डिपेंडेंसी
- 2:51:55इन्वर्जन। इसको एक-एक करके समझते हैं विद
- 2:51:57एग्जांपल। सबसे पहले आपका नेम आ जाता है
- 2:51:59जी सिंगल रिस्पांसिबिलिटी। तो कहानी यहीं
- 2:52:02से स्टार्ट होती है। सबसे पहले आपको इसी
- 2:52:04को ही फॉलो करना पड़ेगा। इसमें क्या कहता
- 2:52:07है? अ क्लास शुड हैव ओनली वन मेन
- 2:52:10रिस्पांसिबिलिटी और वन रीज़ टू चेंज। मतलब
- 2:52:14क्लास कोई भी अगर आप बना रहे हो अपने
- 2:52:16सिस्टम में तो उसकी सिर्फ एक ही
- 2:52:18रिस्पांसिबिलिटी होनी चाहिए। या आप ये कह
- 2:52:20लो कि अगर आपने किसी क्लास में कुछ चेंज
- 2:52:23करना है तो सिर्फ एक ही रीज़न होना चाहिए
- 2:52:25उसमें चेंज करने का। मतलब ऑब्वियसली अगर
- 2:52:28एक ही रिस्पांसिबिलिटी होगी तो एक ही रीज़न
- 2:52:30होगा। यही चीज को इसने समझाया हुआ है।
- 2:52:32जैसे एग्जांपल के तौर पे अब यूजर
- 2:52:35रजिस्ट्रेशन की मैं कोई ऐप बना रहा हूं।
- 2:52:37तो उसमें मेरे पास यहां पे क्या फीचर आ
- 2:52:39गया? यूजर को मैंने रजिस्टर करवाना है। अब
- 2:52:41मैंने एक ही क्लास के अंदर यूजर का
- 2:52:43रजिस्ट्रेशन भी करवा रहा हूं। उसी क्लास
- 2:52:45में मैंने एक डाल दिया ईमेल सर्विस की
- 2:52:47नोटिफिकेशन चली जाए। उसी क्लास में मैंने
- 2:52:50डाल दिया कि लेट्स सपोज बच्चा क्या
- 2:52:52एक्टिविटी परफॉर्म कर रहा है। कहां-कहां
- 2:52:54पे किस पेजेस को ओपन कर रहा है वो मैंने
- 2:52:55लॉग के अंदर डाल दिया। तो होगा क्या? अगर
- 2:52:58एक भी क्लास के किसी फीचर में चेंज करना
- 2:53:01पड़ गया तो आपको बाकियों में भी कहीं ना
- 2:53:04कहीं चेंज करना पड़ेगा। क्योंकि आपने एक
- 2:53:05क्लास को मल्टीपल रिस्पांसिबिलिटीज दे दी।
- 2:53:08ये चीज नहीं होनी चाहिए। तो इसीलिए हम लोग
- 2:53:10क्या करते हैं? रजिस्ट्रेशन की अलग क्लास
- 2:53:12बनाओ, नोटिफिकेशन की अलग क्लास बनाओ,
- 2:53:14लॉगिन एक्टिविटीज की अलग क्लास बनाओ। अगर
- 2:53:17आप ये चीज कर रहे हो मतलब आप सिंगल
- 2:53:19रिस्पांसिबिलिटी प्रिंसिपल को फॉलो कर रहे
- 2:53:21हो। दिस इज ऑल। देन हमारे पास आ जाता है
- 2:53:24दूसरा ओपन क्लोज्ड। अब ओपन क्लोज्ड का
- 2:53:27मतलब क्या है? ओपन भी और क्लोज भी है। ये
- 2:53:29कैसे हो सकता है? तो एक्चुअल में क्या
- 2:53:30कहना चाह रहा है? कि जो भी आप सॉफ्टवेयर
- 2:53:32बना रहे हो इट शुड बी ओपन फॉर द एक्सटेंशन
- 2:53:36बट क्लोज्ड फॉर द मॉडिफिकेशन। मतलब जो घर
- 2:53:39आपने बना दिया अब उसके अंदर मॉडिफिकेशन
- 2:53:42नहीं करना। हां उसके आसपास कोई प्लॉट पड़ा
- 2:53:44है, कोई जमीन पड़ी है आप उसके अंदर उसको
- 2:53:46एक्सटेंड कर दो। मतलब आप उसको उसको बढ़ा
- 2:53:49दो। लेकिन जो चीज बन गई उसमें आपने
- 2:53:51मॉडिफिकेशन नहीं करनी। यही चीज यहां पे
- 2:53:54करने की कोशिश कर रहे है। अब एग्जांपल के
- 2:53:56तौर पे लेट सपोज हमारे पास पेमेंट का एक
- 2:53:58मैंने क्लास बनाया। अब पेमेंट के क्लास
- 2:54:00में फॉर एग्जांपल मैंने पेमेंट एक मेथड
- 2:54:02बनाया और पेमेंट मेथड में मैंने डाल दिया
- 2:54:05कि बंदे के पास इफ क्रेडिट कार्ड है तो
- 2:54:07मैं करवा लूंगा पेमेंट। इफ यूपीआई है तो
- 2:54:10पेमेंट करवा लो। कल को हमारे पास डिमांड आ
- 2:54:13गई कि भैया वॉलेट सर्विस भी ऐड होनी
- 2:54:15चाहिए। क्रिप्टो सर्विस भी ऐड होनी चाहिए।
- 2:54:17डेबिट कार्ड सर्विस भी ऐड होनी चाहिए। तो
- 2:54:20यार मैं हर बार इफ इफ इफ करता रहूंगा। तो
- 2:54:22भैया ये तो बहुत बड़ी गड़बड़ है। तो मैं
- 2:54:24क्या करूंगा? मैं एक सिंपल इंटरफेस बना के
- 2:54:27पेमेंट का उसके अंदर छोटी-छोटी क्लासेस एक
- 2:54:30क्लास बना दी क्रेडिट कार्ड की पेमेंट की
- 2:54:32एक यूपीआई की पेमेंट की एक वॉलेट की
- 2:54:34पेमेंट की और सारे जो है वो इस इंटरफेस को
- 2:54:36एक्सटेंड कर रहे हैं। ये चीज अगर आप करोगे
- 2:54:38तो होगा क्या कि आपको इजीली इसके अंदर
- 2:54:41एक्सटेंशन कर सकते हो। ऑलरेडी बने हुए में
- 2:54:44इफ एल्स में कोई मॉडिफिकेशन करने की जरूरत
- 2:54:46नहीं है। हां आपको लगा कि कल को क्रिप्टो
- 2:54:48करना है तो आप क्रिप्टो की एक क्लास इसके
- 2:54:50अंदर एक्स्ट्रा ऐड कर दो। आपको लगा कि
- 2:54:52यूपीआई ऐड करना है या वॉलेट ऐड करना है।
- 2:54:54एक क्लास नई उसकी ऐड कर दो। ये चीज अगर आप
- 2:54:56करते हो तो मतलब आप एक्सटेंड तो कर सकते
- 2:54:59हो अपनी चीज को लेकिन बनी हुई चीज को
- 2:55:01मॉडिफाई मत करो। अदरवाइज पूरे कोड में
- 2:55:03गड़बड़ हो सकती है। ये चीज याद रखना। देन
- 2:55:06हमारे पास आ जाता है जी तीसरा प्रिंसिपल।
- 2:55:09ये क्या कह रहा है? लिस्ट ऑफ सब्सीट्यूशन।
- 2:55:11ये ध्यान से समझना। इसके अंदर क्या है? अब
- 2:55:13याद रखना सबसे पहले आपका जो सिंगल
- 2:55:16रिस्पांसिबिलिटी होना चाहिए। फिर ओपन
- 2:55:17क्लोज उसके बाद ये सीक्वेंस में ही फॉलो
- 2:55:20करोगे तो ज्यादा बढ़िया है। देन हमारे पास
- 2:55:21आ गया जी लिस्क। लिसब क्या कह रहा है कि
- 2:55:23जो चाइल्ड क्लास है इट शुड बी एबल टू
- 2:55:26रिप्लेस देयर पेरेंट क्लास विदाउट
- 2:55:28ब्रेकिंग द प्रोग्राम। मतलब आपकी जो
- 2:55:30चाइल्ड क्लास है आपको पता है कि
- 2:55:31इनहेरिटेंस का यूज़ करते हैं। तो पेरेंट
- 2:55:33होती है और एक चाइल्ड क्लास होती है।
- 2:55:35चाइल्ड क्लास एक्सटेंड करती है पेरेंट
- 2:55:36क्लास को। अब यहां पे जहांजहां पेरेंट है,
- 2:55:40आप चाइल्ड को वहां वहां पे रिप्लेस कर
- 2:55:42सकते हो, यूज़ कर सकते हो। एग्जांपल के तौर
- 2:55:45पे आपने कोई क्लास बनाई लेट्स सपोज बर्ड।
- 2:55:48ठीक है? इसमें बड़ा क्लासिकल प्रॉब्लम है।
- 2:55:50इंटरव्यूज में बहुत ज्यादा पूछा जाता है।
- 2:55:52तो आपने क्लास बनाई बर्ड और उसके अंदर
- 2:55:54आपने लेट्स सपोज कोई मेंबर फंक्शन बना
- 2:55:56दिया इसके अंदर फ्लाई नाम का। ठीक है? अब
- 2:55:59आप उसके बाद एक क्लास बना रहे हो। आपने
- 2:56:01बना दी जी स्परो। ठीक है? अब उसके अंदर
- 2:56:04आपने एक्सटेंड कर दिया किसको? बर्ड क्लास
- 2:56:06को। मतलब आपने बर्ड जो है वो क्या है?
- 2:56:08पेरेंट क्लास है। और स्परो मेरी क्या है?
- 2:56:10चाइल्ड क्लास है। अब इसके अंदर फ्लाई
- 2:56:12ऑब्वियसली ऑटोमेटिकली इसके अंदर यूज़ होगा।
- 2:56:14हो जाएगा जी। ऑब्वियसली अगर कोई आपने
- 2:56:16क्लास बनाई है बर्ड कि बर्ड फ्लाई कर सकते
- 2:56:18हैं तो भैया स्परो भी तो फ्लाई कर सकती
- 2:56:20है। बिल्कुल ठीक है जी। उसके बाद आपने एक
- 2:56:22और क्लास बनाई लेट्स सपोज क्लास ऑस्ट्रिच
- 2:56:25या क्लास पेंग्विन। अब उसके अंदर भी फ्लाई
- 2:56:28लेकिन यहां फंस गए। क्यों? क्योंकि जो
- 2:56:30पेंग्विन क्लास है वो एक्चुअल में चाइल्ड
- 2:56:32क्लास है जो कहां से पेरेंट क्लास से
- 2:56:34रेफरेंस ले रही है। लेकिन उसके अंदर ये जो
- 2:56:36फ्लाई का फीचर है ये तो यूज़ ही नहीं होगा।
- 2:56:38और वही चीज हम कह रहे हैं कि जो चाइल्ड
- 2:56:40क्लास है ये जहांजहां पेरेंट है उसको मैं
- 2:56:43रिप्लेस कर सकता हूं। मतलब चाइल्ड क्लास
- 2:56:44एज इट इज काम करे जो पेरेंट करवाना चाहती
- 2:56:47है। लेकिन वो चीज यहां पे कहीं ना कहीं
- 2:56:49मिसमैच हो जाती है। और ये चीज नहीं होनी
- 2:56:51चाहिए। एक और एग्जांपल आपको बता देता हूं।
- 2:56:53जैसे डिलीवरी सर्विस है। अब Zomato sविg
- 2:56:55में डिलीवरी सर्विस होती है। अब आपको पता
- 2:56:57है कि भैया जो डिलीवरी पार्टनर है आपने एक
- 2:56:59पेरेंट क्लास बना दी डिलीवरी पार्टनर। अब
- 2:57:02उसके अंदर उसको कौन एक्सटेंड कर रहा है?
- 2:57:03उसको बाइक डिलीवरी वाले भी कर रहे हैं।
- 2:57:06उसको वैन डिलीवरी वाले भी कर रहे हैं। या
- 2:57:08उसको एक्सप्रेस डिलीवरी वाले भी कर रहे
- 2:57:09हैं। अब आपने इसके अंदर लेट्स सपोज
- 2:57:11डिलीवरी पार्टनर के अंदर कोई एक फंक्शन
- 2:57:13बना दिया हैवी कारगो का। हैवी कारगो मतलब
- 2:57:17कि भैया कोई हैवी सामान है वो जा सके। तो
- 2:57:20भैया वैंड डिलीवरी ये जो चाइल्ड क्लास है
- 2:57:22ये इसमें प्रॉपर फिट हो जाएगी क्योंकि
- 2:57:24रिप्लेस कर सकते हो आप इसमें क्योंकि हैवी
- 2:57:26हैवी डिलीवरी आप इससे कर सकते हो या
- 2:57:28एक्सप्रेस डिलीवरी भी कर सकते हो। लेकिन
- 2:57:30भैया बाइक वाला यहां पे कैसे करेगा हैवी
- 2:57:33वाला? सामान जैसे कोई फर्नीचर डिलीवर करना
- 2:57:35है तो वो वाला काम यहां पे फेल हो जाएगा।
- 2:57:37तो कहने का मतलब ये है कि जहां पे भी आपकी
- 2:57:39चाइल्ड क्लास है वो रिप्लेस कर सकते हैं
- 2:57:42पेरेंट से। मतलब चाइल्ड जो है वो पेरेंट
- 2:57:44की पूरी बात माने। अगर ये हो रहा है तो
- 2:57:46मतलब लिस्क ऑफ़ सब्स्टट्यूशन प्रिंसिपल
- 2:57:48फॉलो हो रहा है। ये पॉइंट आपको एक-एक करके
- 2:57:50नोट करने हैं। एक्स्ट्रा मैंने यहां पे
- 2:57:51पॉइंट्स लिखे हुए हैं। वो आप एक्स्ट्रा
- 2:57:53नोट कर सकते हो। नेक्स्ट हमारे पास आ गया
- 2:57:54जी इंटरफ़ेस सेग्रगेशन प्रिंसिपल। ये क्या
- 2:57:57कह रहा है कि क्लाइंट शुड नॉट बी फोर्स्ड
- 2:58:00टू डिपेंड ऑन द मेथड्स दे डोंट यूज़। देखो
- 2:58:03यार एक सिंपल से एग्जांपल से समझ आता हूं।
- 2:58:04अभी तो स्मार्ट टीवीज आ गई। उसके अंदर जो
- 2:58:07रिमोट है उसके अंदर आपने देखा होगा बहुत
- 2:58:09लिमिटेड से बटन होते हैं। लेकिन पहले
- 2:58:10रिमोट्स के अंदर इतने बटन आते थे जिसमें
- 2:58:13से आप सिर्फ दो चार वॉल्यूम अप डाउन वाले
- 2:58:14या चैनल ऊपर नीचे वाले यूज़ करते थे। बाकी
- 2:58:16के यूज़ ही नहीं होते थे। वही चीज मैं यहां
- 2:58:19पे बोल रहा हूं कि आप यूजर को या क्लाइंट
- 2:58:21को फोर्स मत करो कि आप इतने सारे फीचर्स
- 2:58:25को यूज़ करो। भैया वो जितने फीचर यूज़ करना
- 2:58:27चाहे सिर्फ उतने ही यूज़ करेगा। तो उसके
- 2:58:28लिए क्या करो? जो इंटरफसेस आप बना रहे हो
- 2:58:30उनको छोटा बनाओ। उनको स्पेसिफिक बनाओ। ऐसे
- 2:58:33ही आप लाइक लेट्स सपोज कोई Paytm का या BP
- 2:58:36का एग्जांपल ले लो। उसमें बहुत सारी ऐसी
- 2:58:38चीजें होती है कि नॉर्मल बंदा क्या करता
- 2:58:40है? ज्यादा से ज्यादा स्कैन कर लिया ही और
- 2:58:42पेमेंट कर दी या ज्यादा से ज्यादा उसने
- 2:58:44यूपीआई एंटर कर दी, पेमेंट कर ली या
- 2:58:46बैलेंस चेक कर लिया। अब आप एक चीज को
- 2:58:48करवाने के लिए अननेसेसरी अगर फीचर दोगे तो
- 2:58:50भैया क्लाइंट को बहुत हैवी लगेगा। ये चीज
- 2:58:52बंद करनी पड़ेगी। तो ये चीज़ यहां पे क्या
- 2:58:55कह रहा है? जैसे प्रिंटर वाला एक सिस्टम
- 2:58:56ले लो। अब मेरे पास एक बेसिक प्रिंटर है
- 2:58:58जो कि सिर्फ प्रिंट कर रहा है। अब मैं
- 2:59:00एक्स्ट्रा उसके अंदर स्कैन का भी फीचर डाल
- 2:59:02दूं या मैं उसके अंदर लेट्स सपोज फेक्स का
- 2:59:04भी एंटर कर दूं तो कहीं ना कहीं आप उसके
- 2:59:07अंदर अननेसेसरी फीचर डाल रहे हो जिसका जो
- 2:59:10काम है बस वही रहने दो स्पेसिफिक बनाओ
- 2:59:12रादर देन उसको बहुत ज्यादा बड़े-बड़े
- 2:59:14इंटरफेस बनाने से। तो ये कहीं ना कहीं
- 2:59:16कंफ्यूजिंग हो जाता है क्लाइंट के लिए भी
- 2:59:19यूज़ करना। देन हमारे पास आ गया जी फाइनली
- 2:59:21डिपेंडेंसी इन्वर्जन। ये भी बहुत
- 2:59:23इंपॉर्टेंट है जी। आपने कपलिंग और कोहेजन
- 2:59:25के बारे में सुना होगा कि कपलिंग जो है वो
- 2:59:27क्या होता है? डिपेंडेंसी और डिपेंडेंसी
- 2:59:29नहीं होनी चाहिए। लेट्स सपोज कोई कंपनी है
- 2:59:32वो आपकी ऑर्डर सर्विस के लिए या पेमेंट के
- 2:59:35लिए आज रेजर पे को यूज़ कर रहा है। कल को
- 2:59:37वो कहता है कि भैया रेजर पे ने कोई एपीआई
- 2:59:39में चेंज कर दिया या उन्होंने पर
- 2:59:41ट्रांजैक्शन रेट को बढ़ा दिया। मैं चाहता
- 2:59:43हूं कि अब मैं रेजर पे नहीं अब मैं
- 2:59:44स्ट्राइप के ऊपर आना चाहता हूं या मैं
- 2:59:46PayPal के ऊपर आना चाहता हूं। तो मैं जो
- 2:59:49बेसिक कोड है वो चेंज नहीं करूंगा।
- 2:59:51बिहाइंड द सीन मैं ऑटोमेटिकली शिफ्ट कर
- 2:59:54जाऊंगा किस पे? नेक्स्ट वाले जो भी मेरे
- 2:59:56थर्ड पार्टी पेमेंट होगी। इस चीज के लिए
- 2:59:58मेरे को एब्स्ट्रैक्शन करनी पड़ती है।
- 3:00:00एब्स्ट्रैक्शन मतलब कि मैं डायरेक्ट
- 3:00:02डिपेंडेंसी कभी नहीं बनाऊंगा। मैं
- 3:00:04डिपेंडेंसी अपनी इनडायरेक्टली बनाऊंगा।
- 3:00:06मतलब मैंने यहां पे पेमेंट गेटवे बना
- 3:00:08दिया। अब पेमेंट गेटवे में कोई भी मैं
- 3:00:10यूज़ कर सकता हूं। तो कभी भी मैं स्विच भी
- 3:00:13कर सकता हूं। ये चीज कहीं ना कहीं मेरी
- 3:00:15डिपेंडेंसी को कम कर देती है। और वही चीज
- 3:00:17कह रहा है कि जो हाई लेवल मॉड्यूल है जो
- 3:00:19मेरा बड़ा मॉड्यूल है कि मेरी ऑर्डर सर्विज
- 3:00:21है पेमेंट सर्विस है वो डिपेंड इट शुड बी
- 3:00:24डिपेंडेंट ऑन द एब्स्ट्रैक्शन नॉट कंक्रीट
- 3:00:26इंप्लीमेंटेशन। कंक्रीट तभी होगा जब मैंने
- 3:00:29फिक्स कर दिया रेजर पे। अब मैं शिफ्ट करने
- 3:00:31के लिए मेरे को सारा चेंज करना पड़ेगा। ये
- 3:00:33चीज नहीं होनी चाहिए। डिपेंडेंसी जितनी कम
- 3:00:35होगी कपलिंग जितनी कम होगी उतनी बढ़िया
- 3:00:38रहेगा।
- 3:00:42जब भी हम सिस्टम डिजाइन की बात करते हैं
- 3:00:44तो सिस्टम डिजाइन में सबसे ज्यादा पॉपुलर
- 3:00:47क्वेश्चन आता है सिक्योरिटी से रिलेटेड कि
- 3:00:50भैया पूरे सिस्टम को आप डिजाइन कर रहे हो
- 3:00:52डेली बेसिस पे इतनी एप्लीकेशनेशंस को यूज़
- 3:00:54कर रहे हो इतनी वेबसाइट्स को यूज़ करते हो
- 3:00:56तो वो कैसे सिक्योरिटी को मैनेज करती हैं
- 3:01:00सारी सिक्योरिटी के बारे में यहां पे बात
- 3:01:02कर रहे हैं। तो आपको इंटरव्यू के अंदर
- 3:01:04किसी पर्टिकुलर एप्लीकेशन का या लेट्स
- 3:01:06सपोज iआरसीटीc का बोल दिया कि भैया इंडियन
- 3:01:08रेल्वेज का सिस्टम है। अब मुझे उसको
- 3:01:10डिजाइन करना है और मुझे उसको सिक्योर करना
- 3:01:12है तो मुझे कितने तरीके से करना पड़ेगा।
- 3:01:15कैसे-कैसे करेंगे? क्या-क्या टूल्स यूज
- 3:01:17करेंगे? ये बहुत ज्यादा पॉपुलर है। तो
- 3:01:19इसीलिए इसको लास्ट तक जरूर देखना। और मैं
- 3:01:21आपको यहां पे सारे पॉइंट्स अच्छे से बताने
- 3:01:23जा रहा हूं। तो सबसे पहले हमेशा जब
- 3:01:25सिक्योरिटी की बात की जाती है कि भैया एक
- 3:01:27सिस्टम डिज़ाइन करना है। सिस्टम में हमारे
- 3:01:29पास होता क्या है? जनरली आपको पता है कि
- 3:01:31ये है यूजर लेवल। मतलब हम लोग। ठीक है? अब
- 3:01:34यूजर क्या करते हैं? सर्वर्स पे अपनी
- 3:01:36रिक्वेस्ट भेजते हैं और सर्वर्स के बाद
- 3:01:38हमारे पास यहां पे क्या होता है? डेटाबेस
- 3:01:40लेयर होती है। तो ये जनरल सिस्टम हमेशा
- 3:01:42थ्री टियर आर्किटेक्चर में इसको इस तरीके
- 3:01:44से रखते हैं। तो भैया इस पूरे सिस्टम को
- 3:01:46अगर सिक्योर करना है तो छह तरीके हैं
- 3:01:48हमारे पास। छह लेयर्स हैं। सबसे पहली लेयर
- 3:01:51है ऑथेंटिकेशन। दूसरी है ऑथराइजेशन। तीसरी
- 3:01:54है एपीआई गेटवे सिक्योरिटी। चौथी है डेटा
- 3:01:57सिक्योरिटी। पांचवी है इंफ्रास्ट्रक्चर और
- 3:01:59छहवी है आपकी मॉनिटरिंग। तो सबसे पहले अगर
- 3:02:02मैं बात करूं ऑथेंटिकेशन की यूजर कोई भी
- 3:02:04एप्लीकेशन ओपन करता है कोई भी वेबसाइट ओपन
- 3:02:07करता है तो सबसे पहले साइन अप साइन इन
- 3:02:10वाला लॉग इन वाला जो पेज है वही एक्चुअल
- 3:02:12में क्या है ऑथेंटिकेशन कि भैया आपको ये
- 3:02:15बताना है कि आप कौन हो हु आर यू उसके बाद
- 3:02:18ऑथराइजेशन ऑथराइजेशन में आपके पास क्या
- 3:02:21प्रिविलेजेस दे रहे हैं हम लोग क्या आपका
- 3:02:24रोल है और उस रोल के हिसाब से या क्या
- 3:02:27एट्रिब्यूट्स आपको हम लोग प्रोवाइड कर रहे
- 3:02:29हैं या कंपनी वाले क्या आपको अलाउ कर रहे
- 3:02:31हैं? दैट इज़ व्हाट एक्चुअली ऑथराइजेशन।
- 3:02:34फिर एपीआई गेटवेज़। अब एपीआई गेटवेज़ में
- 3:02:36कांसेप्ट क्या आता है? कि भ यूजर जो है वो
- 3:02:38सर्वर पे ऑब्वियसली अपना पासवर्ड, यूजरनेम
- 3:02:41सब बढ़िया तरीके से डाल दिया। तो ऐसा नहीं
- 3:02:43है कि सर्वर सीधा पास कर देगा कि ये ले
- 3:02:46भैया ये तेरा डेटा है इसको यूज़ कर ले।
- 3:02:48नहीं हम लोग यहां पे भी एक और लेयर
- 3:02:50एक्स्ट्रा रखेंगे एपीआई गेटवेज जो क्या
- 3:02:53करेंगे? जो भी रिक्वेस्ट आ रही है पहले
- 3:02:55उसको अच्छे से चेक करने का। जब चेक हो गया
- 3:02:58उसके बाद हम लोग एक्चुअल में उसको प्रोसेस
- 3:03:00करेंगे। ऐसा ना हो वो हमारे सिस्टम में
- 3:03:02बढ़िया से लेजिटमेट बंदा बनके घुस जाए और
- 3:03:05बाद में पता लगे कि उसने किसी और का
- 3:03:08क्रेडेंशियल यूज़ किया था तो गड़बड़ हो
- 3:03:10जाएगी। देन डेटा सिक्योरिटी। अब आपका डेटा
- 3:03:12जो है ऐसे तो एज़ इट इज़ नहीं रख सकते।
- 3:03:14प्लेन टेक्स्ट की फॉर्म में रखेंगे तो कोई
- 3:03:16भी हैक कर सकता है किसी भी तरीके से। तो
- 3:03:19हमें उसको सिक्योर तरीके से रखना है साइफर
- 3:03:22टेक्स्ट की टेक्निक से जैसे हम लोग एईएस
- 3:03:24डीईएस मल्टीपल एल्गोरिदम्स को यूज़ करते
- 3:03:26हैं ताकि हम उसको सिक्योर तरीके से
- 3:03:28एंक्रिप्टेड फॉर्म में रख सकें।
- 3:03:30इंफ्रास्ट्रक्चर एंड नेटवर्क सिक्योरिटी।
- 3:03:32अब किसी भी कंपनी के लिए ये जो पूरा
- 3:03:34इंफ्रास्ट्रक्चर है इसको सिक्योर रखना
- 3:03:37बहुत ही जरूरी है। और उस इंफ्रास्ट्रक्चर
- 3:03:39को सिक्योर कैसे करते हैं? ये भैया आपसे
- 3:03:42पूछा जा सकता है। और फिर फाइनली मॉनिटरिंग
- 3:03:44एंड फ्रॉड डिटेक्शन। मतलब आपको ऐसा तो है
- 3:03:47नहीं कि भ सिस्टम चल रहा है, स्मूथ चल रहा
- 3:03:49है तो चलता ही रहेगा। आने वाले टाइम में
- 3:03:52दिक्कत कभी भी आ सकती है। तो हमें प्रॉपर
- 3:03:54मॉनिटरिंग जो है वो करनी बहुत जरूरी है
- 3:03:56ताकि इन केस हम फ्यूचर में जो आज का
- 3:03:59ट्रेंड चल रहा है कुछ अनयुअल चीज मैंने
- 3:04:01देखी तो मैं उस चीज को अभी रोक पाऊं रादर
- 3:04:03देन कि मेरा जब अटैक हो जाए उसके बाद। अब
- 3:04:06यहां पे मेन कहानी मैंने आपको बता दी है।
- 3:04:08ऑथेंटिकेशन जो है वो आपको पता लग गया।
- 3:04:10आपको अपना पासवर्ड अपना ओटीपी वेरिफिकेशन
- 3:04:13ये सारे जो मल्टीफैक्टर ऑथेंटिकेशन ओथ ये
- 3:04:16कई बार पूछ लेते हैं। ओथ एक्चुअल में क्या
- 3:04:18है? जैसे आप कोई भी वेबसाइट या कोई भी
- 3:04:20एप्लीकेशन ओपन करते हो तो कई बार आपको
- 3:04:22डायरेक्ट साइन अप में सारी इनेशन भरने की
- 3:04:25जरूरत नहीं है। आप सीधा Google के थ्रू जो
- 3:04:26है वो लॉगिन कर लेते हो या Apple आईडी के
- 3:04:29थ्रू लॉगिन कर लेते हो। वो क्या है? ऑथ है
- 3:04:31कि भैया आप किसी और क्रेडेंशियल जो ऑलरेडी
- 3:04:34एक ऑथराइज्ड बंदा है उसने आपकी गवाही दे
- 3:04:37दी है कि भैया यह बंदा सही है क्योंकि
- 3:04:39आपकी गवाही जो है वो किसी बड़े अच्छे बंदे
- 3:04:42ने दी है तो वही Google आपकी गवाही दे रहा
- 3:04:44है यहां पे तो वो एक्चुअल में क्या आ जाए
- 3:04:46ओथ देन JWT टोकंस जो आपके JW टोकंस है ये
- 3:04:50बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है Jसon
- 3:04:52वेब टोकंस सबसे ज्यादा पूछा जाता है सारी
- 3:04:54इनेशन इसके अंदर जब आपने पासवर्ड्स वगैरह
- 3:04:57सारे आपके चेक हो गए उसके बाद सारी इनेशन
- 3:04:59इसके अंदर टोकंस के अंदर सेव रहती है और
- 3:05:01ताकि वो सेशंस को प्रॉपर्ली मैनेज किया जा
- 3:05:04सके। इसके अलावा हम लोग पासवर्ड लेस
- 3:05:06ऑथेंटिकेशन भी कर सकते हैं बायोमेट्रिक्स
- 3:05:08के थ्रू, पास कीज़ के थ्रू और इसके लिए यूज़
- 3:05:11किया जाता है वेब ऑथन। तो ये एक्चुअल में
- 3:05:13क्या है? कुछ नेम्स आपको इसलिए बता रहा
- 3:05:15हूं कि जब कंपनीज़ वाले इस क्वेश्चन को
- 3:05:18पूछते हैं इंटरव्यूज में या लेट्स सपोज
- 3:05:20कॉलेज यूनिवर्सिटी वाले भी पूछते हैं तो
- 3:05:21आप अगर इन वैल्यूज़ को लिखोगे ना तो बहुत
- 3:05:24ज्यादा हेल्प हो जाती है। पासवर्ड्स भी आप
- 3:05:26डायरेक्ट नहीं स्टोर करते। पासवर्ड्स को
- 3:05:27भी प्रॉपर जो है वो एंक्रिप्टेड फॉर्म में
- 3:05:29हैशिंग के थ्रू जो है वो स्टोर करते हो
- 3:05:31ताकि हर बार हैश वैल्यू चेक होती है। फिर
- 3:05:33उसके बाद जो है वो अगर हैश वैल्यू मैच
- 3:05:35करेगी देन ओनली पासवर्ड जो है वो यूज़ होते
- 3:05:38हैं। देन ऑथोराइजेशन में आ जाता है कि
- 3:05:40भैया क्या आपका रोल है उस रोल के हिसाब से
- 3:05:43आप एडमिन लेवल पे हो। आप कस्टमर लेवल पे
- 3:05:45हो। जैसे ऑब्वियसली Uber का एग्जांपल ले
- 3:05:47लो। आप एडमिन लेवल पे हो, कस्टमर हो,
- 3:05:49ड्राइवर हो, एंप्लई हो। तो बेस्ड ऑन योर
- 3:05:52रोल आपको जो है वो परमिशंस प्रोवाइड की
- 3:05:54जाती है। ये बहुत इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है।
- 3:05:56ऐसा ना हो कि एडमिन को भी प्रिविलेज दे
- 3:05:58दी। ड्राइवर को भी वही प्रिविलेज दे दी।
- 3:06:00तो भैया फिर ड्राइवर अपने हिसाब से चीजें
- 3:06:02जो है वो फेयर हो सकता है कि 200 की जगह
- 3:06:04₹2000 ₹00 ले ले। तो कुछ भी गड़बड़ हो
- 3:06:07सकती है। तो एक्सेस जो है वो सिस्टम का जो
- 3:06:09भी हमारे मल्टीपल चीजें हैं उनको एक्सेस
- 3:06:11भी प्रॉपर तरीके से मेरे को देना पड़ेगा।
- 3:06:13ये चीजें मैं आपको देखो मैं स्पून फीडिंग
- 3:06:16नहीं करना चाहता कि ये लो जी ये याद रखो
- 3:06:18ये रट्टा मारो। नहीं ये चीज आपको खुद से
- 3:06:22ब्रेन स्टर्म करना है। खुद से निकालना है
- 3:06:24कि भैया अगर मैं वर्चुअल कांसेप्ट ऐसा बना
- 3:06:26रहा हूं इंटरव्यू के अंदर मैं बैठा हूं और
- 3:06:29आपको किसी कंपनी का जैसे आईआरसीटीसी का भी
- 3:06:31दे दिया तो आप क्या-क्या चीजें जो है वो
- 3:06:33अप्लाई कर सकते हो। ये चीज आपको मैं एक
- 3:06:36जनरल कांसेप्ट बता रहा हूं। लेकिन आपको
- 3:06:38थोड़ा सा इसको डिटेल में पढ़ना है। इसीलिए
- 3:06:41पढ़ना है क्योंकि अगर इन केस कहीं पे भी
- 3:06:42पूछ लिया तो आप बेस्ट तरीके से आंसर दे
- 3:06:44सको। अब एपीआई सिक्योरिटी कोई भी आपकी
- 3:06:47इनकमिंग रिक्वेस्ट आ रही है सर्वर के पास
- 3:06:49तो बैक एंड उसको पहले क्या करता है चेक
- 3:06:51करता है अच्छे से भैया एपीआई गेटवे टोकन
- 3:06:53वैलिडेशंस रेट लिमिट ऐसा ना हो बहुत सारी
- 3:06:56रिक्वेस्ट आ रही है तो आपका सिस्टम रुक
- 3:06:57जाए जितनी भी सारी चीजें आ रही है डीओएस
- 3:06:59अटैक डीडीओएस अटैक सारी चीजें यहां पे और
- 3:07:01इसमें टूल्स आपके इंजनिक्स हो गया ठीक है
- 3:07:03कंग गेटवे हो गया क्लाउड फेयर हो गया तो
- 3:07:05ये मल्टीपल चीजें आपकी यूज़ की जाती है
- 3:07:07टेक्नोलॉजीस टूल्स ताकि हम लोग जो है वो
- 3:07:10सर्वर के ऊपर इन चीजों को लगा के रोक सके
- 3:07:12ऐसा ना हो कि वो बाईपास करके निकल जाए
- 3:07:15सीधा डेटाबेस तक पहुंच जाए। वेरी डेंजरस
- 3:07:17सिचुएशन देन डेटा सिक्योरिटी जैसा मैंने
- 3:07:19पहले बताया कि डेटा जो है वो अगर आप प्लेन
- 3:07:21टेक्स्ट में रखोगे जितना मर्जी कोशिश कर
- 3:07:24लो उसको सिक्योर करने की कभी ना कभी कोई
- 3:07:26ना कोई बंदा जो है वो हैक करने की कोशिश
- 3:07:28करेगा। अब देखो दो बंदों में अगर कंपटीशन
- 3:07:30है एग्जांपल के तौर पे Zomato swiggi अब
- 3:07:32ऑब्वियसली ठीक है। दोनों बढ़िया तरीके से
- 3:07:35चल रहे हैं। लेकिन कहीं ना कहीं एक दूसरे
- 3:07:37की कमजोरियों का फायदा कोई भी उठा सकता
- 3:07:40है। डेटा को लीकेज करवा सकता है। मैं नहीं
- 3:07:42कह रहा कि करवाते होंगे। बट मैं ये बोल
- 3:07:44रहा हूं कि हो तो सकता ही है ना कंपटीशन
- 3:07:46है तो भैया एक दूसरे को नीचे भी किया जा
- 3:07:49सकता है तो इसीलिए हमें डेटा को भी
- 3:07:51पासवर्ड्स को सारे डेटा को यूज़र्स के डेटा
- 3:07:53को सब प्रॉपर तरीके से बैकअप का भी सारी
- 3:07:56चीजों को इंक्रिप्शन फॉर्म में रखना पड़ता
- 3:07:58है जैसे आर्गन टू है या फिर एडवांस
- 3:08:00इंक्रिप्शन स्टैंडर्ड जो एईएस एल्गोरिदम
- 3:08:02है आरएससी एल्गोरििदम मल्टीपल एल्गोरिदम्स
- 3:08:04जो है वो सिक्योरिटी के यूज़ करते हैं ताकि
- 3:08:06इंक्रिप्ट करके रख सकें। देन
- 3:08:08इंफ्रास्ट्रक्चर जो है हमारा जो नेटवर्क
- 3:08:10है उसको कैसे तो फायर वाल्स है वीपीसी
- 3:08:13कनेक्शंस हो गए ठीक है एचटीटीपी जो आपकी
- 3:08:15ट्रांसपोर्ट लेट सिक्योरिटी मल्टीपल
- 3:08:17प्रोटोकॉल्स को यूज़ किया जाता है ताकि
- 3:08:19आपका जो है वो डेटा जब ट्रांजिट में है जब
- 3:08:22मूव कर रहा है तब भी सिक्योर रहे आपकी जो
- 3:08:24रिक्वेस्ट आ रही है जो रिसोंड जा रहे हैं
- 3:08:26वो भी सिक्योर रहे जब डेटा रेस्ट में पड़ा
- 3:08:28है तब भी वो सिक्योर रहे तो इसके लिए सारी
- 3:08:30चीजों को बहुत तरीके से मैनेज करना पड़ता
- 3:08:32है और ऐसे ही मॉनिटरिंग वाला कि भैया कोई
- 3:08:34भी एनॉर्मली नॉर्मल सर्विस चल रही है जैसे
- 3:08:37आपने बहुत सारी सारी मूवीस में भी देखा ही
- 3:08:38होगा यार एयरपोर्ट के ऊपर या फिर रेलवे
- 3:08:40स्टेशनंस के ऊपर जो कैमरा वगैरह सब लगे
- 3:08:42होते हैं तो उनके थ्रू ठीक है स्मूथ चल
- 3:08:45रही है सारी चीजें लेकिन हमेशा स्मूथ
- 3:08:47थोड़ी ना चल सकती है यार कभी ना कभी कोई
- 3:08:49ना कोई अटैक आपने देखा ही है होते रहते
- 3:08:51हैं तो उस चीज को हम लोग बचा सकें पहले से
- 3:08:54ही कोई अनयुअल एक्टिविटी को फाइंड आउट कर
- 3:08:56सकें भैया उस चीज के लिए हमें प्रॉपर
- 3:08:59मॉनिटरिंग और फ्रॉड डिटेक्शन को करना बहुत
- 3:09:01जरूरी है और ये भी बहुत इंपॉर्टेंट
- 3:09:03कांसेप्ट है ताकि आने वाले चीज को हम लोग
- 3:09:06पहले से ही प्रिवेंटिव कर सके, प्रिवेंट
- 3:09:09कर सके उस चीज को। यह बड़े इंपॉर्टेंट
- 3:09:11कांसेप्ट है। जे डब्ल्यू टी दैट इज़ jसon
- 3:09:14वेब टोकन जिसको प्रोनाउंस किया जाता है
- 3:09:17जट। और ये एक्चुअल में बहुत ज्यादा
- 3:09:19इंपॉर्टेंट है इंटरव्यूज के पॉइंट ऑफ़ व्यू
- 3:09:21से। तो मैं आपको ना पूरा विद एग्जांपल
- 3:09:23एक्सप्लेन कर रहा हूं विद रियल लाइफ
- 3:09:25एग्जांपल कि भैया कैसे ये वर्क करता है?
- 3:09:27क्या इसका स्ट्रक्चर होता है। तो सबसे
- 3:09:29पहले इसकी डेफिनेशन देख लो। दैट इज़ JWT
- 3:09:31JSON वेब टोकन। इट इज अ कॉम्पैक्ट टोकन
- 3:09:35दैट कैरीज़ क्लेम। दैट इज वेरीेंट वर्ड
- 3:09:38क्लेम अबाउट अ यूजर एंड इज साइन बाय द
- 3:09:41सर्वर। सिंपल सा मतलब है कि भैया हम लोग
- 3:09:44क्या है? क्लाइंट हैं। हम लोगों ने सर्वर
- 3:09:46से कोई ना कोई डेटा एक्सेस करना होता है।
- 3:09:48कोई ना कोई रिसोर्सेज को एक्सेस करना होता
- 3:09:50है। तो हम क्या करते हैं? रिक्वेस्ट भेजते
- 3:09:52हैं। सर्वर बोलता है कि ऐसे कैसे भाई कौन
- 3:09:54है? तू सबसे पहले अपने आप को ऑथेंटिकेट
- 3:09:56कर। अपना यूजरनेम पासवर्ड डाल। तो मैंने
- 3:09:59अपना यूजरनेम पासवर्ड डाला और रिक्वेस्ट
- 3:10:01उसके पास गई। उसने मुझे कुछ रिस्पांस देना
- 3:10:03है। अब मैंने लेट्स सपोज पेमेंट सर्विस
- 3:10:06करनी है। मुझे कार्ड सर्विस को यूज़ करना
- 3:10:08है। मुझे मल्टीपल माइक्रो सर्विज को यूज़
- 3:10:10करना है। तो हर बार हर रिसोर्स के लिए
- 3:10:13मुझे बार-बार यूजरनेम पासवर्ड डालना
- 3:10:15पड़ेगा। नहीं। इसीलिए यहां पे यूज़ होता है
- 3:10:18स्पेशली जे डब्ल्यूटी का कांसेप्ट। तो ये
- 3:10:21क्या करता है? जब पहली बार आपने यूजरनेम
- 3:10:23पासवर्ड इसको दे दिया तो इसने बदले में
- 3:10:25आपको क्या दे दिया? जे डब्ल्यू टी दे
- 3:10:28दिया। दैट इज अ टोकन कि भैया आप नेक्स्ट
- 3:10:30टाइम से क्लेम कर सको कि मैं वही हूं
- 3:10:33जिसको तूने ऑथेंटिकेट किया था अभी और जब
- 3:10:36भी आपकी रिक्वेस्ट जाएगी तो साथ में
- 3:10:38जेडब्ल्यूटी हर बार जाएगा ताकि यूजरनेम
- 3:10:41पासवर्ड आपको बार-बार ना भेजना पड़े। दिस
- 3:10:44इज ऑल अबाउट द जेडब्ल्यूटी। यहां पे आप
- 3:10:47रियल लाइफ एग्जांपल एक्सप्लेन कर सकते हो।
- 3:10:49इसका कौन सा? बोर्डिंग पास। जब भी हम
- 3:10:52एयरपोर्ट पे अगर लेट्स सपोज एयरपोर्ट का
- 3:10:54एग्जांपल ले लो। एयरपोर्ट पे अगर आप गए हो
- 3:10:56या अगर नहीं गए तो आई विश कि आप बहुत
- 3:10:58जल्दी कुछ ऐसा करो आपकी लाइफ में कुछ ऐसा
- 3:11:00आए कि भैया आप जाओ तो अगर आप वहां पे
- 3:11:02जाओगे तो जैसे ही चेक इन काउंटर पे जाते
- 3:11:04हैं ना तो वो आपकी टिकट्स वगैरह आपका आधार
- 3:11:08कार्ड आपका सारा इनेशन उसने चेक कर लिया
- 3:11:10सारा कुछ चेक करने के बाद उसने क्या दे
- 3:11:12दिया बोर्डिंग पास दे दिया अब इस बोर्डिंग
- 3:11:14पास पे आपका नेम होता है कहां से कहां जा
- 3:11:17रहे हो एक्सपायरी सारी चीजें आपको जो है
- 3:11:19वो यहां पे लिख के दे देगा अब आपने लॉन्च
- 3:11:21में जाना है तो आप इसको दिखा दो
- 3:11:23सिक्योरिटी चेक में जाना है। आप इसको दिखा
- 3:11:26दो। मतलब उसके अंदर कोई भी सर्विज आपने
- 3:11:28यूज़ करनी है तो आपका यही कार्ड हमेशा यूज़
- 3:11:31होगा। हर बार आपको आधार कार्ड, पासपोर्ट
- 3:11:34ये सब कुछ दिखाने की जरूरत नहीं है। तो ये
- 3:11:36एक्चुअल में कांसेप्ट किसका? जे डब्ल्यू
- 3:11:38टी का। तो यहां पे अगर आपसे पूछ ले कि
- 3:11:41इसके अंदर होता क्या है? इस पूरे टोकन में
- 3:11:44एक्चुअल में होता क्या है? तो याद रखना इस
- 3:11:46टोकन में तीन चीजें होती हैं। सबसे पहले
- 3:11:48होता है आपका हेडर। हेडर के अंदर दो
- 3:11:50इंपॉर्टेंट चीजें हैं। सबसे पहले टाइप
- 3:11:52क्या है इसका? जे डब्ल्यूटी और एल्गोरिदम
- 3:11:55कौन सा यूज़ किया हुआ है? जैसे इंक्रिप्शन
- 3:11:57के लिए हम लोग एल्गोरिदम यूज़ करते हैं
- 3:11:59सिमिट्री की, एसिमिट्रिकी तो वो एल्गोरिदम
- 3:12:01का टाइप यहां पे मेंशन होता है। फिर
- 3:12:03पेलोड्स दिस इज़ द मोस्टेंट पार्ट। जब आपने
- 3:12:06अपना यूजरनेम पासवर्ड दिया आपको ऑथेंटिकेट
- 3:12:08कर दिया। अब उसके बाद आपको उसने क्या दे
- 3:12:11दिया कि अच्छा ये यूजर आईडी है। ये इस
- 3:12:13बंदे का रोल है। ये इसका एक्सपायरी डेट
- 3:12:16है। मतलब इस टोकन का एक्सपायरी टाइम ये
- 3:12:18है। तो मतलब मल्टीपल चीजें यहां पे मेंशन
- 3:12:20कर दी इस पे लोड में ताकि आपको ऑथेंटिकेट
- 3:12:24कर देगा। अब ये दो चीजों के बेसिस पे
- 3:12:27तीसरी चीज बनती है दैट इज सिग्नेचर। अब
- 3:12:29देखो बोर्डिंग पास आपको मिल गया और आपने
- 3:12:32टिकट पता है कौन सी करवा रखी थी? आपने
- 3:12:34टिकट करवा रखी थी इकोनमी क्लास की। लेकिन
- 3:12:37आपने इकॉनमी लेट्स सपोज यहां पे इकॉनमी
- 3:12:39लिखा आपने इकॉनमी को चेंज करके बिजनेस कर
- 3:12:42दिया ऐसे पागल नहीं बना सकते उन्होंने
- 3:12:45स्टैंप वगैरह लगाई होती है उन्होंने सारी
- 3:12:47इनेशन को स्टोर किया होता है तो वो जो
- 3:12:49स्टैंप है ना वो जो सिग्नेचर है वो
- 3:12:52एक्चुअल में क्या है आपका ये वाला पार्ट
- 3:12:54है कि जो आपका हेडर और पेलोड इन दोनों को
- 3:12:58मिला के आपका एक सिग्नेचर बनता है एक
- 3:13:00यूनिक की बनती है एक हैश की बनती है और वो
- 3:13:03की अगर आप इसके अंदर कुछ भी चेंज करोगे
- 3:13:06अगर अगर हैकर या अटैकर कुछ भी चेंज करने
- 3:13:08की कोशिश करेगा तो ये पूरी वैल्यू चेंज हो
- 3:13:10जाती है और इसी वैल्यू के दम पे ही हमेशा
- 3:13:13ये सीक्रेट की हमेशा जो है वो शेयर होती
- 3:13:15है। तो ये पॉइंट हमेशा याद रखना यही है
- 3:13:18एक्चुअल में कांसेप्ट किसका? जे डब्ल्यूटी
- 3:13:20का। तो ये पूरी कहानी हमेशा याद रखना। अब
- 3:13:23यहां पे अगर आपसे पूछ लें कि भैया इसके
- 3:13:25अंदर एडवांटेजेस क्या है? देखो एपीआईस में
- 3:13:28डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम में जहां पे आप
- 3:13:30देखो ना यार जहां पे आपकी रिक्वेस्ट
- 3:13:32मल्टीपल सर्वर पे जा सकती है उन सब जगह पे
- 3:13:35आपका जो है वो जेडब्ल्यूटी बहुत बढ़िया
- 3:13:37है। अब यहां पे कांसेप्ट आता है सेशन का
- 3:13:40कि सर सेशन आईडी भी तो यही होती है कि
- 3:13:42हमने जो है वो क्लाइंट ने सर्वर को
- 3:13:44रिक्वेस्ट भेजी। सर्वर ने बोल दिया कि यस
- 3:13:47योर सेशन आईडी इज 1 2 3 लेकिन पंगा पता है
- 3:13:50क्या है? एक सर्वर ने बोल दिया कि तेरी
- 3:13:52सेशन आईडी है 1 2 3 अब लेट्स सपोज लोड
- 3:13:55बैलेंसर ने नेक्स्ट टाइम आपकी रिक्वेस्ट
- 3:13:57किसी और सर्वर पे डाल दी क्योंकि
- 3:13:59डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम में तो बहुत सारे
- 3:14:00सर्वर है तो दूसरा सर्वर बोलेगा क्या है
- 3:14:03ये 1 2 3 कौन है भाई तू तो इसीलिए जे
- 3:14:05डब्ल्यूटी में सारी इनेशन होती है अकेला
- 3:14:08आईडी नहीं है रोल एक्सपायरी डेट ये सारी
- 3:14:11चीजें मेंशन होती है जिसकी वजह से आपकी
- 3:14:14रिक्वेस्ट किसी भी उस सर्वर पे जाएगी उस
- 3:14:16रिलेटेड एप्लीकेशन के तो वो पहचानी जाएगी
- 3:14:19तो ये पॉइंट हमेशा याद रखना इसी इसीलिए ये
- 3:14:21एक तरह से क्लेम करता है कि भैया मैं वही
- 3:14:23बंदा हूं ताकि आप मेरे को हमेशा जो है वो
- 3:14:26यूजरनेम पासवर्ड ना भरना पड़े। बट इसके
- 3:14:28अंदर एक बड़ी प्रॉब्लम ये आ सकती है कि
- 3:14:30लेट्स सपोज आपको मैंने जे डब्ल्यूटी टोकन
- 3:14:32दे दिया और उसकी वैलिडिटी लेट्स सपोज वन
- 3:14:35आवर की है। मतलब एक आवर तक वो आपका टोकन
- 3:14:37वैलिड है। आपने 5 मिनट यूज़ की एप्लीकेशन
- 3:14:41और आप लॉगउ करके चले गए। लेकिन ये
- 3:14:44ऑटोमेटिकली खत्म नहीं होगा। ये वन ऑवर तक
- 3:14:47एक्टिव रहेगा। तो यहां पे प्रॉब्लम आ सकती
- 3:14:50है कि भैया कोई अटैकर कोई हैकर अगर इसको
- 3:14:52ले ले और उसमें कुछ चेंजेस करके कोशिश करे
- 3:14:55क्योंकि ये वाला बंदा तो भैया एक आवर तक
- 3:14:58एक्टिव रहेगा। चाहे आपने 5 मिनट यूज़ करके
- 3:15:00लॉग आउट कर दिया या फिर लेट्स सपोज आपका
- 3:15:03रोल जो था वो एडमिन था। आपके रोल को एडमिन
- 3:15:06से चेंज करके नॉर्मल यूजर में कर दिया।
- 3:15:09लेकिन यहां पे अभी वही वाला एक्टिव रहेगा
- 3:15:12जब तक ये टोकन चल रहा है। तो ये पॉइंट
- 3:15:15छोटे-छोटे आपको इंटरव्यूज में पूछे जा
- 3:15:17सकते हैं। तो जहां पे भी पूछे आप ये सारी
- 3:15:20कहानी चिपका देना भैया मैक्सिमम आपको जो
- 3:15:23है वो बेनिफिट मिल जाएगा। जब भी हम सिस्टम
- 3:15:25डिज़ाइन की बात करते हैं और उसके अंदर जब
- 3:15:27हम सिक्योरिटी की बात करते हैं कि किस
- 3:15:29तरीके से क्लाइंट और सर्वर को हम
- 3:15:31सिक्योरली कनेक्ट कर सकते हैं तो उसके
- 3:15:34अंदर बहुत सारी टर्म्स यूज़ होती हैं। और
- 3:15:36यहां पे मैं आज की इस वीडियो में आपको
- 3:15:38बताने जा रहा हूं कि भैया ये जो सेशंस का
- 3:15:40कांसेप्ट है या फिर जे डब्ल्यूटी का
- 3:15:43कांसेप्ट है या फिर ओथ का कांसेप्ट है,
- 3:15:46एसएसओ का कांसेप्ट है ये आपस में कैसे
- 3:15:49अलग-अलग है। किसका क्या यूज़ केस है ये
- 3:15:52आपको पता लगेगा। तो सबसे पहले आपको बता
- 3:15:54रहा हूं यहां पे सेशंस का कांसेप्ट। यार
- 3:15:56एक छोटी सी बात है। मैं हमेशा कहना भूल
- 3:15:58जाता हूं कि अगर वीडियो पसंद आ रही है तो
- 3:16:00प्लीज लाइक कर देना, चैनल को सब्सक्राइब
- 3:16:02कर देना। अगर अभी तक आपने नहीं किया और
- 3:16:03अगर कर भी दिया तो ऑट डिवाइसेस से
- 3:16:05सब्सक्राइब करवा सकते हो, शेयर कर सकते
- 3:16:06हो। सब्सक्राइबर्स बहुत जरूरी है। तो होता
- 3:16:09क्या है कि जब क्लाइंट सर्वर को रिक्वेस्ट
- 3:16:12भेजता है तो सर्वर बोलता है कि ठीक है
- 3:16:14भैया पहले अपने आप को बता तू है कौन? तो
- 3:16:17अपने आप को ऑथेंटिकेट कर। तो क्लाइंट
- 3:16:19बोलेगा ये ले मेरा यूजरनेम, यह ले मेरा
- 3:16:21पासवर्ड। और जब ये चेक करेगा सर्वर कि
- 3:16:24भैया ठीक है ये मैच कर रहा है तो फिर उसको
- 3:16:26क्या देगा एक सेशन आईडी दे देगा तो सेशन
- 3:16:29आईडी में क्या होता है एक नंबर हमने उसको
- 3:16:31असाइन कर दिया और उस नंबर से जब भी तूने
- 3:16:34कनेक्ट करना है मेरे को मतलब उसके बाद
- 3:16:37तूने कोई और सर्विस कोई और रिसोर्स चाहिए
- 3:16:39कोई भी रिसोर्स चाहिए तो हर बार यूजरनेम
- 3:16:41पासवर्ड की जरूरत नहीं है तू बस उस सेशन
- 3:16:43आईडी को साथ में भेज दिया कर मतलब ये
- 3:16:45कुकीज़ जो है वो कुकीज़ के अंदर स्टोर हो
- 3:16:47जाता है और कुकीज़ के साथ हमेशा जो है वो
- 3:16:50जब भी हम रिक्वेस्ट भेजते हैं तबतब वो वो
- 3:16:52सेशन आईडी जाती रहती है ताकि सर्वर को पता
- 3:16:54लग जाए कि ठीक है ये बंदा है ये बंदा है।
- 3:16:56ठीक है? तो ये सिंपल सा कांसेप्ट है।
- 3:16:58लेकिन यहां पे कांसेप्ट क्या कहता है कि
- 3:17:00हमारे जो सेशन में सिर्फ एक सेशन का नंबर
- 3:17:03होता है कि भैया ये मेरा सेशन की आईडी है
- 3:17:06और साथ में मैंने उसको कब इशू किया है।
- 3:17:08लेकिन यहां पे दिक्कत क्या आ सकती है कि
- 3:17:10लेट्स सपोज मैं यहां पे एपीआई या फिर ऐसे
- 3:17:13कह लो कि बहुत सारे मेरे अलग-अलग सर्वर्स
- 3:17:16काम कर रहे हैं। और डिस्ट्रीब्यूटेड वे
- 3:17:18में कई बार क्या होता है जो हमारा लोड
- 3:17:20बैलेंसर होता है हमारी जो रिक्वेस्ट है वो
- 3:17:22मैंने पहले सर्वर वन को दी थी। जब नेक्स्ट
- 3:17:25टाइम लोड बहुत ज्यादा आ गया तो मेरी
- 3:17:27रिक्वेस्ट जो है वो सर्वर टू के पास चली
- 3:17:29गई। अब भैया सर्वर वन को पता है कि तू कौन
- 3:17:32है क्योंकि उसने एक आईडी दी है उसको।
- 3:17:34लेकिन जब रिक्वेस्ट गई लोड बैलेंसर के पास
- 3:17:36इसने उस रिक्वेस्ट को सर्वर टू के पास भेज
- 3:17:39दिया। अब क्लाइंट को थोड़ी ना पता है कि
- 3:17:40मेरी रिक्वेस्ट किस सर्वर पे जा रही है।
- 3:17:42लेकिन सर्वर टू कहता है भाई तू कौन है?
- 3:17:45मैं तो तेरे को जानता ही नहीं। अब फिर से
- 3:17:46क्लाइंट के लिए दिक्कत आ गई। क्यों आ गई?
- 3:17:48क्योंकि यहां पे सबने लोकली अपनी एक जो है
- 3:17:51वो सेशन आईडी मेंटेन कर रखी है। लेकिन
- 3:17:53दूसरे बंदे को नहीं पता। ये आप ऐसे समझ लो
- 3:17:56क्लॉक रूम का कांसेप्ट है। आप क्लॉक रूम
- 3:17:59में जाके कोई सामान जमा करवाते हो तो आपने
- 3:18:01सामान जमा करवा दिया और आपको एक नंबर मिल
- 3:18:03गया और उस नंबर के बेसिस पे आप कभी भी
- 3:18:06वापस जाके उस नंबर को दोगे और वो नंबर से
- 3:18:08आपको सामान वापस दे देगा। लेकिन यहां पे
- 3:18:11जब कांसेप्ट आता है जेडब्ल्यूटी का जेसुन
- 3:18:14वेब टोकंस की जब हम बात करते हैं जिसको हम
- 3:18:16जट भी बोलते हैं यहां पे क्या होता है कि
- 3:18:19क्लाइंट सर्वर को बोलता है कि भैया मेरे
- 3:18:20को डेटा चाहिए रिसोर्स चाहिए तो वो बोलता
- 3:18:22है ऑथेंटिकेट कर यूजर नेम पासवर्ड दे दिया
- 3:18:24लेकिन उसके बाद पूरा का पूरा एक
- 3:18:27जेडब्ल्यूटी एक पूरा फॉर्मेट होता है उस
- 3:18:29फॉर्मेट में बंदे की पूरी डिटेल आप ऐसे
- 3:18:32लगा लो कि भैया जो जेडब्ल्यूटी है वो पूरा
- 3:18:34क्लेम करता है। क्लेम करने का मतलब है उस
- 3:18:37बंदे का पूरा का पूरा इनेशन मतलब उस बंदे
- 3:18:39की आईडी रोल कब एक्सपायर होगा मेरा टोकन
- 3:18:42मैक्सिमम चीजें उसके अंदर जो है वो पेलोड
- 3:18:45के अंदर स्टोर रहती है और एक प्रॉपर
- 3:18:47सिग्नेचर होता है यूनिक सिग्नेचर होता है
- 3:18:49जिसके बेसिस पे हर बार कम्युनिकेशन होता
- 3:18:51है तो रिक्वेस्ट आपकी एपीआई किसी भी सर्वर
- 3:18:54पे भेज दें हमेशा वो एक्सेप्ट हो ही जाएगी
- 3:18:57क्योंकि सबको पता होता है जेडब्ल्यूटी
- 3:18:59टोकन की वैल्यू ये ये है ठीक है तो ये
- 3:19:01कांसेप्ट हमेशा याद रखना अब ऐसे ही आ जाता
- 3:19:04है यहां पे कांसेप्ट आपका आपका ऑथ का कई
- 3:19:07बार स्टूडेंट फंस जाते हैं कि सर ऑथ फिर
- 3:19:09क्या करता है? यार ऑथ एक्चुअल में क्या
- 3:19:11है? ऑथोराइजेशन फ्रेमवर्क है। ये ऑथोराइज
- 3:19:14करने में हेल्प करता है। एग्जांपल के तौर
- 3:19:16पे मैंने यहां पे बहुत बढ़िया एग्जांपल
- 3:19:18आपके लिए लेके आया हूं। जैसे फॉर एग्जांपल
- 3:19:19आप वॉलेट में जाते मतलब आप किसी अच्छे
- 3:19:22फाइव स्टार होटल में गए या किसी बहुत
- 3:19:24अच्छी शादी में गए तो वहां पे क्या होता
- 3:19:25है ना आजकल बैलेस सर्विस रहती है। आप
- 3:19:27गाड़ी से उतरे चाबी उसको दी। उस बंदे ने
- 3:19:30पार्क कर देनी है और जब आप आओगे तो आप
- 3:19:32कार्ड दोगे और चाबी आपको दे देगा या गाड़ी
- 3:19:34ला के आपको दे देगा। यही होता है। लेकिन
- 3:19:36यहां पे कांसेप्ट क्या कह रहा है कि जब आप
- 3:19:38उसको चाबी दोगे कार की तो सिर्फ कार की ही
- 3:19:41चाबी दोगे। आप उसको घर की चाबी, ऑफिस की
- 3:19:44चाबी कोई और चीज नहीं दे रहे। ये कांसेप्ट
- 3:19:47है आपका ऑथ का कि लेट्स सपोज ऑथराइजेशन की
- 3:19:50यहां पे बात हो रही है कि आपने लेट्स सपोज
- 3:19:53स्पॉटिफाई में आपने लॉग इन किया। अब
- 3:19:55स्पॉटिफाई में जब आप लॉग इन कर रहे हो तो
- 3:19:56आपने लेट्स सपोज Google के थ्रू लॉग इन
- 3:19:58करि लिया। अपनी मेल आईडी के थ्रू लॉग इन
- 3:20:00कर लिया तो उसका मतलब ये नहीं है कि
- 3:20:02स्पॉटिफाई को आपने अपनी मेल्स को पढ़ने का
- 3:20:06डिलीट करने का ये एक्सेस भी दे दिया। नहीं
- 3:20:08नहीं नहीं सिर्फ आपका यूजरनेम या कोई एक
- 3:20:11आधी इनेशन यूज़ कर सकता है। इसके अलावा
- 3:20:13कोई और इनेशन यूज़ नहीं कर सकता। तो मतलब
- 3:20:15लिमिटेड एक्सेस देने के लिए यूज़ किया
- 3:20:17जाता है ऑथ का। तो ये पॉइंट हमेशा याद
- 3:20:20रखना। अब ऐसे ही ये पूरी कहानी एक में ही
- 3:20:23आपको बता देता हूं। तो सेशन आपको पता लग
- 3:20:25गया। ट्रेडिशनल वेब एप्लीकेशन के बहुत
- 3:20:27बढ़िया है। जेडब्ल्यूटी एपीआई के कांसेप्ट
- 3:20:29में डिस्ट्रीब्यूटेड डेटाबेस के केस में
- 3:20:31बहुत बढ़िया काम करता है। और जब हम ऑथ की
- 3:20:33बात करते हैं तो भैया थर्ड पार्टी
- 3:20:35इंटीग्रेट कर रहे हो और उस केस में ऐसा
- 3:20:37नहीं है कि आपकी सारी की सारी वैल्यू ही
- 3:20:40थर्ड पार्टी एक्सेस कर लेगा। जैसे हम लोग
- 3:20:42कई बार ऐसे भी तो करते हैं ना इंस्टा में
- 3:20:43अगर मैंने कोई पोस्ट डाली है तो वो पूछता
- 3:20:45है कि आप पूरी की पूरी फोटो का एक्सेस
- 3:20:48देना चाहते हो अपने फोन की या लिमिटेड
- 3:20:50एक्सेस देना चाहते हो। दैट इज अ काइंड ऑफ़
- 3:20:52ऑथ। हमेशा याद रखना ऑथराइजेशन। और जो एक
- 3:20:55कांसेप्ट इसके साथ यूज़ होता है सिंगल साइन
- 3:20:57वाला। तो जो सिंगल साइन इन वाला कांसेप्ट
- 3:20:59है ना एसएसओ का वो है ऑथेंटिकेशन के लिए
- 3:21:02कि जब मैं Gmail के थ्रू स्पॉटफाई में भी,
- 3:21:05Gmail के थ्रू Netflix में भी, Gmail के
- 3:21:08थ्रू मैं लेट्स सपोज Amazon Prime में भी
- 3:21:11मैं एक्सेस करने की कोशिश कर रहा हूं,
- 3:21:12अकाउंट बना रहा हूं। तो वो सिंगल साइन इन
- 3:21:14से ही आपका काम चल जाता है। दैट इज
- 3:21:16रिलेटेड टू द ऑथेंटिकेशन एंड ऑथ इज
- 3:21:19रिलेटेड टू द ऑथराइजेशन।
- 3:21:24क्या आपको पता है Instagram के ऊपर अगर
- 3:21:27मैं सिर्फ इंडिया की बात करूं तो एक्टिव
- 3:21:29यूज़र्स कितने होंगे? 500 मिलियन यूज़र्स
- 3:21:33होंगे। मतलब हाफ बिलियन पपुलेशन जो है वो
- 3:21:35इंडिया की Instagram के ऊपर लगी हुई है और
- 3:21:38Instagram पे डेली देख लो कितना कंटेंट
- 3:21:41जनरेट होगा और कितना कंटेंट जो है वो लोग
- 3:21:44एक दूसरे का कंटेंट देख रहे होंगे। तो
- 3:21:46गाइस यहां पे ना एक बहुत ही इंपॉर्टेंट
- 3:21:49कांसेप्ट आता है कि यार अगर इंटरव्यू में
- 3:21:52कोई भी चीज पूछ ली जाए कि भैया इसको पूरे
- 3:21:54को कैसे डिजाइन कर सकते हैं? कैसे वर्क कर
- 3:21:57रहा है और यही हो सकता है रीज़न है कि
- 3:21:59मैक्सिमम कंपनीज़ में स्पेशली सिस्टम डिज़
- 3:22:02की बात की जाए तो Instagram के डिज़ के
- 3:22:05बारे में जरूर पूछते हैं। एग्जांपल के तौर
- 3:22:07पे अगर पूछ लिया जाए कि भैया एक
- 3:22:09सेलिब्रिटी है 300 मिलियन फॉलोवरर्स हैं
- 3:22:11उसके। अगर वो कोई रील डालता है या कोई
- 3:22:13फोटो डाल रहा है तो भैया कैसे हैंडल होगा?
- 3:22:16इतने यूज़ है जैसे विराट कोहली है। ठीक है?
- 3:22:18रॉक है। इस टाइप के बंदे। देन हाउ वुड यू
- 3:22:20अपलोड अ वेरी लार्ज वीडियो फ्रॉम योर
- 3:22:23मोबाइल डिवाइस विद द अनस्टेबल इंटरनेट? इस
- 3:22:26तरीके के क्वेश्चन बहुत पॉपुलर है। या फिर
- 3:22:28यूजर लाइक अ पोस्ट हर्ट हो गया भैया। रेड
- 3:22:31कलर का हर्ट आ गया। लेकिन उसका काउंट अभी
- 3:22:34इनक्रीस नहीं हुआ। वो कैसे मैनेज करोगे?
- 3:22:37या फिर अगर मैं बात करूं पॉपुलर अकाउंट
- 3:22:39रिसीव 1 मिलियन लाइक्स इन 5 मिनट। मतलब
- 3:22:41कोई वायरल हो जाती है और भैया मेरे को
- 3:22:44नोटिफिकेशन भेजना है तो मैं कैसे इतने
- 3:22:47यूज़र्स को एक बार में डेटा या नोटिफिकेशन
- 3:22:49सेंड करूंगा। तो कहने का मतलब है कि अगर
- 3:22:51मैं पूरे Instagram सिस्टम को डिज़ाइन की
- 3:22:54बात की जाए कि कैसे इसको डिज़ाइन किया जा
- 3:22:57सकता है तो यहां पे आपको यही लेके आया हूं
- 3:23:00इस वीडियो को। इसीलिए ध्यान से सुनना।
- 3:23:02लास्ट तक सुनना क्योंकि जब आपको ये
- 3:23:04कांसेप्ट क्लियर हो गया ना कि भैया
- 3:23:06Instagram कैसे वर्क करता है? क्या-क्या
- 3:23:08टेक्नोलॉजीस बिहाइंड द सीन काम करती हैं?
- 3:23:10तो फिर आपको चाहे YouTube के बारे में पूछ
- 3:23:12लें, चाहे WhatsApp के बारे में पूछ लें,
- 3:23:14चाहे Zomato के बारे में पूछ लें, SWGI के
- 3:23:16बारे में पूछ लें। आप सारी चीजों का आंसर
- 3:23:18बहुत आसानी से दे सकते हो। बस फर्क ये
- 3:23:21होगा उनका काम अलग है। इसका काम थोड़ा अलग
- 3:23:24है। बट बिहाइंड द सीन टेक्नोलॉजीस ऑलमोस्ट
- 3:23:26सेम ही काम करती है। क्योंकि इतना ह्यूज
- 3:23:29नेटवर्क है। तो यहां पे स्केलेबिलिटी भी
- 3:23:31चाहिए हमें। सिक्योरिटी भी चाहिए हमें।
- 3:23:33सारी चीजों को कैसे मैनेज किया जाता है।
- 3:23:35तो मैंने एक थोड़ा सा डायग्राम यहां पे
- 3:23:37थोड़ा ज़ूम करके इसको रोक के चाहे इसकी
- 3:23:40पिक्चर ले लेना ताकि आपको सारी कहानी समझ
- 3:23:42में आ जाए क्योंकि ये डायग्राम थोड़ा सा
- 3:23:44बड़ा है तो एक बार में सारा जो है वो दिख
- 3:23:46नहीं रहा था। तो इसलिए थोड़ा सा ज़ूम करके
- 3:23:48यहां पे इसको देख लेना। देन सबसे पहले
- 3:23:51यहां पे कहानी स्टार्ट होती है क्लाइंट
- 3:23:52से। क्लाइंट मतलब हम लोग। हम अपने
- 3:23:55Instagram के अकाउंट को iOS से, Android
- 3:23:58से, वेब से या किसी और क्रिएटर टूल से
- 3:24:01जैसे मैं मेटा पे काम कर रहा हूं। वहां से
- 3:24:02मैंने क्लिक कर दिया किसी Instagram की
- 3:24:04पोस्ट के ऊपर तो मैं इंस्टा पे शिफ्ट हो
- 3:24:06गया। किसी भी तरीके से मैं अपने क्लाइंट
- 3:24:09मशीन से मैं Instagram को एक्सेस करने की
- 3:24:12कोशिश कर रहा हूं। मतलब उसके सर्वर को
- 3:24:13रिक्वेस्ट भेज रहा हूं। तो यहां पे सबसे
- 3:24:15पहले क्या आते हैं? जी ग्लोबल डीएनएस एज
- 3:24:18नेटवर्क एंड सीडीए ग्लोबल डीएनएस। अब देखो
- 3:24:21यार इतना बड़ा सिस्टम है पूरा तो इसको किस
- 3:24:24तरीके से रखा जाता है? डिस्ट्रीब्यूटेड वे
- 3:24:26में रखा जाता है। लेकिन जो Instagram का
- 3:24:28डीएनएस है जो डीएनएस है ना वो एक्चुअल में
- 3:24:30आपकी रिक्वेस्ट को नियरेस्ट सीडीए के पास
- 3:24:33लेके जाता है जो कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क
- 3:24:35है ताकि आपकी रिक्वेस्ट बहुत ज्यादा
- 3:24:37ट्रेवल ना करे। जो भी नियरेस्ट सीडीए
- 3:24:40सर्वर्स होंगे उनके पास आपकी रिक्वेस्ट जो
- 3:24:42है वो बाय डिफॉल्ट जाएगी। ठीक है? देन
- 3:24:45उसके बाद यहां पे कांसेप्ट आता है
- 3:24:47डब्ल्यूएफ का दैट इज वेब एप्लीकेशन फायर
- 3:24:50वाल्स रेट लिमिटर्स एपीआई गेटवेज जो
- 3:24:53एक्चुअल में सिक्योरिटी की लेयर्स
- 3:24:54प्रोवाइड करते हैं कि भैया कोई सस्िशियस
- 3:24:57तो नहीं है कोई बोट तो नहीं है कोई यहां
- 3:24:59पे अनऑथोराइज्ड बंदा तो एक्सेस करने की
- 3:25:01कोशिश नहीं कर रहा इस तरीके की सारी चीजें
- 3:25:03जो है वो चेक होती है और आप आप पहली बार
- 3:25:05अगर Instagram पे अकाउंट बना रहे हो लॉग
- 3:25:08इन कर रहे हो तो ऑब्वियसली आपका यूजरनेम
- 3:25:10पासवर्ड सारा जो है वो चेक किया जाता है
- 3:25:12फिर आपको एक सेशन प्रोवाइड किया जाएगा एक
- 3:25:14सेशन की टोकन प्रोवाइड किया जाएगा। उसके
- 3:25:16बेसिस पे आप काम कर सकते हो। अगर आपने
- 3:25:18ऑलरेडी लॉगिन किया ही हुआ है। आप जैसे ऐप
- 3:25:20पे हर बार थोड़ी ना लॉग इन करते हो तो
- 3:25:22आपका जो टोकन है वो बार-बार रिफ्रेश हो
- 3:25:25जाता है और फिर वहां से आपको जो है वो
- 3:25:26लॉगिन दे दिया जाता है। तो इस तरीके से
- 3:25:28काम करता है। तो यहां पे सिक्योरिटी रेट
- 3:25:31लिमिटेड बहुत इंपॉर्टेंट है कि भैया बोट
- 3:25:33ऐसा तो नहीं कि बहुत सारी रिक्वेस्ट भेज
- 3:25:35रहा है। तो हमें रेट को भी लिमिट करना है।
- 3:25:37एपीआई गेटवे इज़ लाइक अ रिसेप्शनिस्ट। यहां
- 3:25:40से कहानी स्टार्ट होती है रिसेप्निस्ट के
- 3:25:42पास आप गए और आपने अपनी रिक्वेस्ट की कि
- 3:25:44भैया मेरे को कोई रील अपलोड करनी है या
- 3:25:47मुझे अपना होम पेज को एक्सेस करना है तो
- 3:25:49यहां से जो है वो एपीआई फिर आगे रिक्वेस्ट
- 3:25:51आपकी भेजेगा और फिर जो है वो आपकी जो भी
- 3:25:54होम पेज पे फीडबैक है जो भी आपकी
- 3:25:56इंफॉर्मेशन है वो आपको प्रोवाइड की जाएगी
- 3:25:58तो बस याद रखना कि इस तरीके से अगर आप
- 3:26:01सारे पॉइंट्स को क्लियर करोगे तो कहीं ना
- 3:26:03कहीं इंटरव्यूअर को समझ आ जाएगा इसको
- 3:26:05बेसिक नॉलेज है और एक और चीज बता दूं ये
- 3:26:08डब्ल्यूएफ एपीआई गेटवे रेट लिमिटर जितने
- 3:26:11भी यहां पे कांसेप्ट आपको दिख रहे हैं ना
- 3:26:13ऑलमोस्ट सारे कंटेंट जो है वो मैंने
- 3:26:15एक्सप्लेन किए हुए हैं लॉन्ग वीडियो के
- 3:26:17अंदर। आप चेक भी कर सकते हो। बहुतों का
- 3:26:19लिंक मैं ऊपर आई सेक्शन में दे दूंगा
- 3:26:20डिस्क्रिप्शन बॉक्स में भी। एक बार जरूर
- 3:26:22डिटेल में भी चेक कर लेना। जैसे यहां पे
- 3:26:24कहानी स्टार्ट होती है कि एपीआई जो है वो
- 3:26:27हमारी कौन-कौन सी यूज़ होती है। तो यहां पे
- 3:26:29आ जाती है आपकी एचटीटीपी एचटीपीएस बेस्ड।
- 3:26:31दैट इज़ रेस्ट एपीआई। सबसे इंपॉर्टेंट है
- 3:26:34गेट पोस्ट। आपने जितना भी पेजेस को एक्सेस
- 3:26:36कर रहे हो बाय डिफॉल्ट आप रेस्ट एपीआई के
- 3:26:39थ्रू ही वो सारी चीजें कर रहे हो। ग्राफ
- 3:26:41एपीआई अब लेट्स सपोज आपको सारी इंफॉर्मेशन
- 3:26:44नहीं चाहिए। जितनी रिक्वायर्ड है सिर्फ
- 3:26:46आपको उतनी इनफार्मेशन चाहिए। बट ये तो
- 3:26:48आपको सारी इनफार्मेशन देगा। आपने किसी
- 3:26:49प्रोफाइल को या किसी चीज को एक्सेस करना
- 3:26:51है उसके अंदर। आप एक पर्टिकुलर अमाउंट ऑफ
- 3:26:54डेटा ही चाहते हो तो उसके लिए ग्राफ हो
- 3:26:56गया। देन वेब सॉकेट लाइव चैट अगर आपने
- 3:26:58करनी है या Instagram पे लाइव करना है
- 3:27:01नोटिफिकेशन वो आपके वेब सॉकेट के लिए
- 3:27:03क्योंकि पर्सिस्टेंट कनेक्शन आपको बना
- 3:27:05देगा। बार-बार रिक्वेस्ट नहीं भेजनी
- 3:27:06पड़ेगी ये पर्सिस्टेंट तो ये सारी चीजें
- 3:27:09आपको जो है वो पूरी डिटेल में पता होनी
- 3:27:11चाहिए। हर एक का अपना एक एडवांटेज है। फिर
- 3:27:13आ जाता है जी हमारी बहुत सारी एप्लीकेशन
- 3:27:15जो है वो सर्विज काम कर रही है। माइक्रो
- 3:27:17सर्विज है इसके अंदर। कौन-कौन सी माइक्रो
- 3:27:19सर्विज है? ओथ सर्विस जिसने ऑथेंटिकेशन का
- 3:27:22काम करना है। ग्राफ सर्विस अब आप ए से
- 3:27:25कनेक्टेड हो। ए बी से कनेक्टेड है, बी सी
- 3:27:27से कनेक्टेड है। बीच में कोई म्यूचुअल
- 3:27:29फ्रेंड है। तो ये पूरा जो नेटवर्क है ना
- 3:27:31आपके फॉलोअर्स का और आप किसको फॉलो कर रहे
- 3:27:33हो वो ग्राफ की तरह जो है वो सेव किया
- 3:27:36जाता है। नोटिफिकेशन वगैरह देनी है। पोस्ट
- 3:27:38आपने कोई पोस्ट बनानी है। आपने कोई रील
- 3:27:40बना के पोस्ट करनी है। वो सारे काम यहां
- 3:27:42पे लाइक सर्विस होगी कि जिसको आप लाइक कर
- 3:27:45रहे हो। ऐड वगैरह इंस्टा पे। तो भैया सबसे
- 3:27:47मेन काम क्या है? ऐड वगैरह आप खुद चलाना
- 3:27:49चाहते हो या औरों की ऐड आपको दिख रही है
- 3:27:51वो सारी चीजें मैनेज करता है ये। फिर फीड
- 3:27:54सर्विस। अब भैया आपके होम पेज पे
- 3:27:56क्या-क्या चीजें दिख रही है? किस बंदे की
- 3:27:58रील आ रही है? वो सारी चीजें जो है वो फीड
- 3:28:00सर्विस, कमेंट, सेफ्टी, स्टोरी कौन-कौन सी
- 3:28:03स्टोरीज आप डाल रहे हो अपने inा पे? सर्च
- 3:28:05करना है, कुछ लाइव सर्विस करनी है, रील
- 3:28:07है, मैसेजिंग है, एनालिटिक्स ये सारे
- 3:28:10माइक्रो सर्विज जो है वो काम करती है
- 3:28:12पैरेलली। तब जाके आपका पूरा होम पेज जो है
- 3:28:15वो प्रॉपर तरीके से दिखाया जाता है कि
- 3:28:16आपने किस चीज को कब देखा था। उसी से
- 3:28:18रिकमेंडेड आपको वीडियोस दिखाई जाती है।
- 3:28:21आपने अगर कोई वीडियो डाली है तो उस पे
- 3:28:22कितने लाइक आए, कमेंट आए वो सारी चीजें
- 3:28:24आपको दिखाई जाएंगी। अब लेट्स सपोज आपने
- 3:28:26कोई रील बनाई और आपने वो रील अपलोड कर दी।
- 3:28:29ठीक है? तो आपने वो रील पोस्ट कर दी। जैसे
- 3:28:31ही आपने रेस्ट एपीआई से वो पोस्ट कर दी तो
- 3:28:34होगा क्या? ऐसा थोड़ी ना है कि सीधा आपकी
- 3:28:36वीडियो चल जाएगी। नहीं भैया उसमें इंटरनली
- 3:28:38बहुत सारी चीजें होती हैं। चेक भी किया
- 3:28:40जाता है कि कंटेंट वैलिड है या नहीं?
- 3:28:42कंटेंट ठीक है या नहीं? कोई न्यूडिटी तो
- 3:28:44नहीं है इसके अंदर। कोई स्पैम वाला काम तो
- 3:28:46नहीं किया हुआ। वो सारी चीजें। फिर उसके
- 3:28:48अलावा यहां पे जो है वो बहुत ही
- 3:28:50इंपॉर्टेंट है कि हर एक यूजर बहुत हाई
- 3:28:52स्पीड इंटरनेट से नहीं देख रहा। तो हमें
- 3:28:54यहां पे अलग-अलग जो है वो रेोल्यूशन
- 3:28:56क्रिएट करने पड़ते हैं। 360 भी है, 480 भी
- 3:28:58है, एचडी भी है, 4K भी है। तो उसके बेसिस
- 3:29:01पे आपकी जो है वो प्रॉपर रील तैयार की
- 3:29:03जाती है। कौन-कौन सा कौन सा गाना लगाया
- 3:29:06उसके अंदर वो सारी चीजें आपकी जो है वो
- 3:29:08चेक की जाती है। फिर उसके बाद उन सारी
- 3:29:10चीजों को ऑब्जेक्ट स्टोरेज की तरह जो है
- 3:29:12वो ऑब्जेक्ट्स की फॉर्म में स्टोर करके
- 3:29:14फिर आपको सीडीएन के ऊपर इसको डाल दिया
- 3:29:16जाता है। मतलब जो आपके कंटेंट डिलीवर
- 3:29:18नेटवर्क है उनके ऊपर लोड कर दिया जाता है।
- 3:29:20और फिर उसके बाद उसके एक रील की आईडी बन
- 3:29:22जाती है। आपकी खुद की क्रिएटर की आईडी है
- 3:29:24उसके साथ कनेक्ट करके फिर वो रील जो है वो
- 3:29:27सब जगह डिस्ट्रीब्यूट की जाती है और फिर
- 3:29:29वो लोगों के जो भी आपके फॉलोअर्स हैं या
- 3:29:32फिर आपके आगे म्यूचुअल फ्रेंड्स कोई है
- 3:29:34उनको कैसे वो दिखानी है वो सारी चीजें
- 3:29:37यहीं से प्रिपेयर की जाती है तो आप एक
- 3:29:38इवेंट कर रहे हो और साथ ही साथ यहां पे एक
- 3:29:41बड़ा इंपॉर्टेंट है जी फीड फैन आउट वर्कर
- 3:29:43ये एक्चुअल में जो काम कर रहा है कि आपके
- 3:29:45लेट्स सपोज 10,000 फॉलोअ है 10,000
- 3:29:47फॉलोवरर्स के फीड पेज पे आपकी रील को
- 3:29:50दिखाने का काम यह भाई साहब करेंगे फिर
- 3:29:52आपने आज एक डाली, कल डाली, फिर परसों
- 3:29:55डाली। तीन दिन आपने लगातार डाली। तो भैया
- 3:29:57उसका एक टाइमलाइन भी स्टोर होना चाहिए कि
- 3:29:59पहले कौन सी, बाद में कौन सी टाइमलाइन
- 3:30:01स्टोर करेगा। इसके अलावा नोटिफिकेशन वगैरह
- 3:30:03पुश करना है। आपने कोई मैसेज देना है।
- 3:30:05किसी ने आपको डीएम पे कुछ भेजा। आपने किसी
- 3:30:07को डीएम किया। मतलब ये सारी जो शेयरिंग
- 3:30:10वगैरह होती है वो सारा का सारा यहां पे।
- 3:30:12देन उसके बाद आ जाता है जी आपका
- 3:30:13रिकमेंडेशन। रिट्रीवल। क्या-क्या चीजें आप
- 3:30:16रिट्रीव कर रहे हो? क्या आप देख रहे हो?
- 3:30:18कितनी देर के लिए देख रहे हो? किसको लाइक
- 3:30:20कर रहे हो? किसको शेयर कर रहे हो? वो सारी
- 3:30:21चीजें जो है वो सेव की जाती है। फिल्टरिंग
- 3:30:24भैया कौन सा कंटेंट आपके लिए ठीक है? कौन
- 3:30:26सा कंटेंट ठीक नहीं है। कोई स्पैम है तो
- 3:30:28उसको हटाया जाता है। कोई डिलीट किया जाता
- 3:30:30है। आपको कोई लगता है कि यार ये कंटेंट
- 3:30:31मेरे मेरी फील्ड में दोबारा ना आए वो सारा
- 3:30:33फिल्टरिंग का काम है। रैंकिंग वेरीेंट
- 3:30:36भैया। आपकी जो फीड है, आपके कितने लाइक
- 3:30:38आए, कितने कमेंट है, कितने लोगों ने देखा,
- 3:30:40कितनी देर के लिए देखा। उन सारी चीजों के
- 3:30:42बेसिस पे रैंक दिए जाते हैं। जिसको हम
- 3:30:44बोलते हैं ना वायरल है। वन नंबर पे, टू
- 3:30:46नंबर पे वायरल है, थ्री नंबर पे वो वाला
- 3:30:48काम है। ऐसी एक रीरेंकिंग का कांसेप्ट भी
- 3:30:50पूछ लेते हैं कई बार इंटरव्यू में।
- 3:30:52रीरैंकिंग का मतलब क्या है? अब लेट्स सपोज
- 3:30:54गेट स्मैशर्स है। अब गेट स्मैशर्स ने पहली
- 3:30:57रील, दूसरी रील, तीसरी रील बहुत सारी
- 3:30:59रील्स डाली और वो सारी जो है वो वायरल
- 3:31:01होगी। अब यार पहली 10 रील्स मेरी वायरल हो
- 3:31:04रही है तो आपको जो है वो मेरी ही रील्स
- 3:31:06दिखाई देंगी। नहीं वो कहता है कि भैया
- 3:31:08बाकियों को भी मौका दो। बाकियों की भी
- 3:31:10आपके फील्ड में आनी चाहिए। तो इस तरीके से
- 3:31:13आपका रैंकिंग और रीैंकिंग काम करता है
- 3:31:15ताकि अदर क्रिएटर्स को डायवर्सिटी लाई
- 3:31:17जाए। अदर क्रिएटर्स को भी मौका मिले। मतलब
- 3:31:20एग्जांपल के तौर पे आई होप समझ गए होंगे।
- 3:31:22अब ये जितनी भी सारी आप लाइक, कमेंट कितनी
- 3:31:25देर के लिए देख रहे हो? आपकी रील को कितनी
- 3:31:27देर के लिए देखा जा रहा है। ये सारी चीजें
- 3:31:29सेव की जाती है डेटा लेक्कस के अंदर। मतलब
- 3:31:31डेटा लेकक्स क्या है? जितनी भी आप वैल्यूज
- 3:31:33है ताकि उसके ऊपर एनालिसिस किया जा सके।
- 3:31:36मशीन लर्निंग के जो एल्गोरिदम्स हैं वो उस
- 3:31:38डेटा को उठा के उसके ऊपर काम करते हैं।
- 3:31:40तभी तो रिकमेंडेशन सिस्टम वर्क करता है कि
- 3:31:42यार ये चीज आपने 5 सेकंड के लिए देखी।
- 3:31:45लेकिन ये आपने तुरंत टपा दी। ये चीज आपने
- 3:31:4710 सेकंड के लिए इस वीडियो को देखा या
- 3:31:49इसको आपने लाइक किया इसको आपने कमेंट किया
- 3:31:52तो फिर उसी हिसाब से मतलब आपका इंटरेस्ट
- 3:31:54और ये सारा कैलकुलेट किया जाता है और फिर
- 3:31:56आपको उसी तरीके से रिकमेंड किया जाता है
- 3:31:58कंटेंट। तो इस तरीके से आप लगा लो कि जो
- 3:32:00भी काम है ना ये सारी छोटी-छोटी सर्विसेस
- 3:32:03मिलके इतने बड़े सिस्टम को डिजाइन करती
- 3:32:06है। तो इसीलिए अच्छे से नोट कर लेना। और
- 3:32:09जो क्वेश्चंस मैंने आपको स्टार्टिंग में
- 3:32:10दिखाए थे इसका आंसर आपने फाइंड आउट करना
- 3:32:13है और आप कमेंट सेक्शन में शॉर्ट फॉर्म
- 3:32:15में किसी भी क्वेश्चन का एक आंसर लिख सकते
- 3:32:17हो। जिससे मेरे को आईडिया हो जाए कि आपको
- 3:32:19चीजें समझ में आ रही है। और ये नहीं ये तो
- 3:32:21सिर्फ चार ही क्वेश्चन है। अगर आपने एक
- 3:32:23बार समझ लिया पूरे कांसेप्ट को तो चार
- 3:32:25क्या 40 क्या 400 क्वेश्चन भी पूछ लें। आप
- 3:32:28इजीली आंसर दे दोगे। आईआरसीटीc के अंदर जब
- 3:32:30हम तत्काल बुकिंग की बात करते हैं या फिर
- 3:32:32Amazon पे जब हम बिग बिलियन सेल्स की बात
- 3:32:35करते हैं या फिर कोई नई मूवी का ट्रेलर
- 3:32:37आया है तो YouTube के ऊपर उस कंटेंट को
- 3:32:39वायरल कंटेंट हम लोग बोलते हैं। मतलब ये
- 3:32:42जितनी भी बातें मैं कर रहा हूं ना इनके
- 3:32:44अंदर जो सबसे इंपॉर्टेंट चीज है वो क्या
- 3:32:46है? स्केलेबिलिटी का इशू। मतलब कि नॉर्मल
- 3:32:49ट्रैफिक को तो हमारा सिस्टम हैंडल कर रहा
- 3:32:51है। लेकिन जैसे ही मेरा ट्रैफिक 10 टाइम्स
- 3:32:5320 टाइम्स हो जाता है एकदम से पीक आवर्स
- 3:32:56में तो उस टाइम पे हम लोग कैसे हैंडल करते
- 3:32:59हैं? क्योंकि वो बॉटल लेग सिचुएशन आ जाती
- 3:33:01है और उसको हैंडल करने के लिए जो कांसेप्ट
- 3:33:04होता है दैट इज कॉल्ड अ स्केलेबिलिटी
- 3:33:06कांसेप्ट। तो यहां पे मैं आपको आईआरसीटीसी
- 3:33:09के सिस्टम के अंदर बता रहा हूं कि भैया
- 3:33:10कैसे ये स्केलेबिलिटी को हैंडल करते हैं
- 3:33:13और स्पेशली नॉर्मल ट्रैफिक को तो भैया ठीक
- 3:33:15है चलो हैंडल किया जा रहा है लेकिन इसमें
- 3:33:17सबसे इंपॉर्टेंट कांसेप्ट आ जाता है
- 3:33:20तत्काल हैंडलिंग वाला क्योंकि इंटरव्यूज
- 3:33:23के अंदर सबसे पहली पसंद रहती है कि भैया
- 3:33:25ये जो सिचुएशंस है ना बिग बिलियन सेल वाली
- 3:33:27तत्काल हैंडलिंग वाली या फिर कोई नई
- 3:33:29वीडियो आई है या फिर जैसे Jio Hotstar पे
- 3:33:32कोई फाइनल मैच आ रहा है भैया तो उसके अंदर
- 3:33:34जो है वो मेरे स्पाइक हो जाता है एकदम से
- 3:33:36यूज़र्स का तो मैं कैसे हैंडल करूंगा? तो
- 3:33:38देखो यहां पे ध्यान रखना बहुत इंपॉर्टेंट
- 3:33:40क्वेश्चन है यहां पे। आपको सारी चीज़ें
- 3:33:42बहुत डिटेल में पता होनी चाहिए कि कैसे हम
- 3:33:44लोग इस तरीकों को बेस्ट तरीके से डिज़ाइन
- 3:33:46कर सकते हैं। तो देखो सबसे पहले आपको पता
- 3:33:48है कि हमारे पास जो वेरियस यूज़र्स हैं जो
- 3:33:50अलग-अलग प्लेटफार्म से क्या कर रहे हैं?
- 3:33:53लॉग इन करने की कोशिश कर रहे हैं। मतलब
- 3:33:55उन्होंने ऑलरेडी साइन अप किया हुआ है और
- 3:33:56साइन इन करने की कोशिश कर रहे हैं। अब
- 3:33:58इसमें बहुत सारे डीलर्स भी होते हैं।
- 3:34:00नॉर्मल इंडिविजुअल यूज़र्स भी होते हैं। और
- 3:34:02यहां पे जैसे ही 10:00 बजते हैं तो आपको
- 3:34:04पता है तत्काल बुकिंग ओपन होती है 10:00
- 3:34:06बजे सुबह के और उस टाइम पे एकदम से
- 3:34:0910,000, 20,000, 500 एक लाख बंदे एक टाइम
- 3:34:12पे जो है वो बुकिंग करवाने की कोशिश करते
- 3:34:14हैं। इससे ज्यादा ही नंबर है। ये तो मैं
- 3:34:15कम नंबर बोल रहा हूं और स्पेशली डिपेंड
- 3:34:18करता है सीजन वाला जो टाइम होता है। तो
- 3:34:20यहां पे सबसे पहले रिक्वेस्ट को कौन हैंडल
- 3:34:22करता है? जो हमारे डीएनएस सर्वर्स हैं।
- 3:34:24डीएनएस का काम क्या है? ट्रैफिक पुलिस की
- 3:34:27तरह भैया कि रूट करना है कि आपको सबसे
- 3:34:29पहले आपकी रिक्वेस्ट जो है वो किस सर्वर
- 3:34:31के पास जाएगी और यहां पे जो सीडीएन है
- 3:34:33कंटेंट रिलेटेड नेटवर्क है जो कंटेंट
- 3:34:35डिलीवरी आपको प्रोवाइड करता है। यहां पे
- 3:34:37क्या होता है जितना भी स्टैटिक कंटेंट है
- 3:34:39ना जो चेंज ही नहीं हो रहा वो हम यहीं से
- 3:34:41ही प्रोवाइड कर देते हैं ताकि बार-बार आप
- 3:34:43पूरे डेटाबेस पे जाने की जरूरत ही नहीं
- 3:34:45है। तो यहां पे इजी हो जाता है यूज़र्स के
- 3:34:48लिए। फिर आ जाता है जी लोड बैलेंसर का।
- 3:34:50सबसेेंट पॉइंट यहां पे आता है लोड बैलेंसर
- 3:34:52का जो कि इंटरव्यूअर सुनना चाहता है आपसे।
- 3:34:55क्यों? क्योंकि जब एक बार में नॉर्मल
- 3:34:57हमारे 10,000 20,000 लोग आ रहे हैं। लेकिन
- 3:35:00एकदम से 10 लाख लोग आ गए तो भैया लोड
- 3:35:03बैलेंसर का सबसे इंपॉर्टेंट काम क्या है?
- 3:35:05कि आपकी रिक्वेस्ट को अलग-अलग सर्वर्स पे
- 3:35:08क्या करना है? रूट करना है। ऐसा ना हो कि
- 3:35:11एक सर्वर पे सारी रिक्वेस्ट जा रही है या
- 3:35:13दो-तीन पे जा रही है। यहां पे इवन सबसेेंट
- 3:35:16कांसेप्ट क्या होता है कि नॉर्मल अगर मेरे
- 3:35:18एप्लीकेशन इंस्टेंसेस जैसे 10 इंस्टेंस चल
- 3:35:21रहे हैं तो जैसे ही पीक आर्स का टाइम होता
- 3:35:23है या तत्काल बुकिंग का टाइम है तो मैं
- 3:35:24नंबर ऑफ इंस्टेंसेस अपने बढ़ा देता हूं।
- 3:35:26मैं अपने एप्लीकेशन के इंस्टेंसेस को
- 3:35:28सर्वर्स को मैं 20-30 कर देता हूं ताकि उन
- 3:35:31सों पे मेरा लोड बैलेंसर जो है वो ट्रैफिक
- 3:35:34को भेज दे। सबके पास बैलेंस तरीके से जाए।
- 3:35:37फिर आ गया जी आपका एपीआई गेटवे। एपीआई
- 3:35:40गेटवे स्टेटलेस तरीके से काम करता है।
- 3:35:42क्योंकि हम सारी इंफॉर्मेशन को अगर स्टोर
- 3:35:44करने लग गए स्टेटफुल बना दिया तो आपका
- 3:35:47मैक्सिमम ट्रैफिक जो है वो यहीं पे रुक
- 3:35:49जाएगा। क्यों? क्योंकि हम सारी इनेशन को
- 3:35:50नोट कर रहे हैं। इसीलिए इसको स्टेटलेस रखा
- 3:35:53जाता है। हमें कोई इनफेशन को स्टोर नहीं
- 3:35:54करना। और दूसरा ये रिसेप्निशनिस्ट की तरह
- 3:35:57काम कर रहा है। जितनी भी हमारी ऑथेंटिकेशन
- 3:35:58है, रेट लिमिटिंग है, ऐसा तो नहीं है कि
- 3:36:01एक ही यूजर बहुत जगह से रिक्वेस्ट भेज रहा
- 3:36:03है, बहुत बार रिक्वेस्ट भेज रहा है। वो
- 3:36:05रेट लिमिटिंग का कांसेप्ट जो है वो
- 3:36:06सिक्योरिटी का कांसेप्ट है। यहां से
- 3:36:08एक्चुअल में स्टार्ट हो जाता है। क्योंकि
- 3:36:10एपीआई से आप आगे कनेक्टेड हो। जितनी भी
- 3:36:13माइक्रो सर्विसेस हैं चाहे आप ट्रेन को
- 3:36:15सर्च कर रहे हो, चाहे बुकिंग कर रहे हो,
- 3:36:16चाहे सीट इन्वेंटरी चेक कर रहे हो, पेमेंट
- 3:36:18कर रहे हो, सारी माइक्रो सर्विज इसी के
- 3:36:20थ्रू कनेक्टेड है। तो हमारी मल्टीपल एपीआई
- 3:36:23चाहे ग्राफ है, चाहे रेस्ट है, वो आपकी
- 3:36:24रिक्वेस्ट को रूट करती हैं और फिर उसके
- 3:36:26कॉस्पोंडिंग आंसर देती हैं। अब यहां पे
- 3:36:28बुकिंग वाला कांसेप्ट देख लो। तत्काल
- 3:36:30नॉर्मल तो ठीक है जी। हमने सर्च किया
- 3:36:32ट्रेन बुकिंग की, पेमेंट की और काम डन हो
- 3:36:35गया। लेकिन जब तत्काल का टाइम है तो हो
- 3:36:37क्या है कि लेट्स सपोज नंबर ऑफ सीट्स हैं
- 3:36:3910। लेकिन उसको भरने के लिए आ गए हैं
- 3:36:4210,000 लोग। मतलब नंबर ऑफ सीट्स हैं सिर्फ
- 3:36:44मेरे पास 10। अब उस केस में क्या होगा?
- 3:36:47इतने लोग जब रिक्वेस्ट करेंगे तो हमें
- 3:36:49अपना इन्वेंटरी सिस्टम को पहले चेक करना
- 3:36:52पड़ता है। ऐसा ना हो कि एक बंदा डबल
- 3:36:54बुकिंग कर दे या एक ही सीट की डबल बुकिंग
- 3:36:57हो जाए। तो हमें उस चीज को बचाने के लिए
- 3:37:00क्या करना पड़ता है? लॉकिंग मैकेनिज्म और
- 3:37:02साथ ही साथ एक कांसेप्ट आता है कॉनकरेंसी
- 3:37:04कंट्रोल जो कि हम डेटाबेस में पढ़ते हैं।
- 3:37:06लॉकिंग मैकेनिज्म कि भैया एक बंदे की
- 3:37:09ट्रांजैक्शन स्टार्ट हो गई है तो उसको एक
- 3:37:11लॉक दे दिया और उस लॉकिंग के अंदर ही वो
- 3:37:13सारी चीजें जो है वो हैंडल करेगा। जब तक
- 3:37:16उसकी ट्रांजैक्शन कमिट नहीं हो जाती वो
- 3:37:18लॉक छोड़ेगा नहीं ताकि दूसरे बंदा वेट
- 3:37:20करे। अब आप बोलोगे कि सर अगर 10,000 लोग
- 3:37:22हैं मैं किसको पहले लॉक दूं? ये कैसे
- 3:37:25डिपेंड करता है? तो ये मल्टीपल बिजनेस
- 3:37:27लॉजिक होते हैं। हो सकता है कि प्रायोरिटी
- 3:37:29बेस्ड हो। हो सकता है कि टाइम स्टैंप
- 3:37:31बेस्ड हो। जिसकी ट्रांजैक्शन पहले आ रही
- 3:37:33है हमने उसको प्रायोरिटी दी। हो सकता है
- 3:37:35बिजनेस लॉजिक्स होते हैं। जैसे कोई हो
- 3:37:37सकता है सीनियर सिटीजन है। अब सीनियर
- 3:37:38सिटीजन को मैं थोड़ी सी प्रायोरिटी ज्यादा
- 3:37:40देना चाहता हूं। तो मैं हो सकता है उसको
- 3:37:42पहले लॉक दे दूं कि भैया उसकी रिक्वेस्ट
- 3:37:43को पहले हैंडल किया जाए। तो इस तरीके से
- 3:37:45अपना आईआरसीटीसी के खुद के लॉजिक्स होंगे
- 3:37:48जो अप्लाई करते हैं। और जब तक उसकी
- 3:37:50ट्रांजैक्शन चल रही है बंदे की तब तक कोई
- 3:37:52और उस सीट को बुक नहीं करवा सकता। हमने
- 3:37:55उसको एक लॉक दे दिया जैसे शेयर्ड लॉक
- 3:37:56एक्सक्लूसिव लॉक। अब यहां पे इंपॉर्टेंट
- 3:37:58कांसेप्ट आता है कैश लेयर का जिसको हम
- 3:38:01बोलते हैं रेडिस क्लस्टर। क्योंकि 10,000
- 3:38:04लोग इतनी सारी रिक्वेस्ट भेज रहे हैं तो
- 3:38:06सबसे पहले वो कर रहे हैं रीड ऑपरेशन। मतलब
- 3:38:08सबसे पहले वो रीड कर रहे हैं कि भैया
- 3:38:10कितनी सीट्स अवेलेबल है। फिर उसमें राइट
- 3:38:12करने की कोशिश करेंगे। तो हम क्या करते
- 3:38:14हैं कि भैया हमारे प्राइमरी डेटाबेस पे
- 3:38:16सारी रिक्वेस्ट ना जाएं। तो हमने मैक्सिमम
- 3:38:18चीजों को कैश करके रख लिया। कैश इज अ
- 3:38:20फास्टेस्ट मेमोरी। तो भैया हमने उसके अंदर
- 3:38:22सारी मैक्सिमम चीजों को रख लिया। वहीं से
- 3:38:24हम लोग जो है वो कंटेंट उसको प्रोवाइड कर
- 3:38:26रहे हैं और स्पेशली वो कंटेंट जो चेंज ही
- 3:38:28नहीं हो रहा। जैसे ट्रेन का नंबर है,
- 3:38:30ट्रेन का स्ेड्यूल है, ट्रेन का जो टाइम
- 3:38:32है वो सारी चीजें ऑलमोस्ट हमने यहां पे
- 3:38:34कैश करके रख दिया। तो बंदे ने रीड किया
- 3:38:36जैसे ही रीड करके उसने ट्रांजैक्शन किया
- 3:38:38भैया एक सीट को बुक कर दिया। बुक करते ही
- 3:38:40सबसे पहले अवेलेबिलिटी चेक करेगा कि है
- 3:38:42अवेलेबल है। तो तुरंत उसको लॉक दे दिया और
- 3:38:44वो उसी लॉकिंग के अंदर एक टाइम पीरियड के
- 3:38:47अंदर-अंदर उसे फटाफट से ट्रांजैक्शन को
- 3:38:49कंप्लीट करना पड़ेगा। पेमेंट इंक्लूड करके
- 3:38:51तभी उसकी बुकिंग डन होएगी। उसके बाद फिर
- 3:38:53आपका पेमेंट वाला आ गया। पेमेंट गेटवे पे
- 3:38:56जाएगा और वहां पे ट्रांजैक्शन को डन
- 3:38:58करेगा। अब यहां पे बड़ा इंपॉर्टेंट
- 3:38:59कॉन्सेप्ट है भैया। पेमेंट अगर लेट्स सपोज़
- 3:39:02फेल हो गई तो उस केस में ऐसा नहीं है कि
- 3:39:05उसकी बुकिंग चल ही रही है। नहीं हम उसको
- 3:39:08क्या कर देंगे? ट्रांजैक्शन को रोल बैक कर
- 3:39:10देंगे। मतलब खत्म कर देंगे। और वो सीट
- 3:39:12अवेलेबिलिटी किसी और को मिल जाएगी। वो कोई
- 3:39:15और ट्रांजैक्शन जो है वो अपनी स्टार्ट कर
- 3:39:17देगा। तो इसीलिए एक टाइम फ्रेम के
- 3:39:19अंदर-अंदर उसको ट्रांजैक्शन कंप्लीट करनी
- 3:39:21पड़ेगी। कंप्लीट करते ही उसको जो है वो
- 3:39:24एसिंक्रोनस तरीके से यहां पे काफका जो
- 3:39:27होते हैं या फिर रैबिट एमक्यूआई ये क्या
- 3:39:29करते हैं एसिंक्रोनसली क्योंकि बंदा वेट
- 3:39:31नहीं करेगा जैसे ही उसकी पेमेंट हो गई
- 3:39:33लिखा आ गया कंफर्म्ड उसको चाहिए डिटेल कि
- 3:39:36मुझे सीट नंबर बता मुझे सारी की सारी टिकट
- 3:39:39डिटेल भेजो एसएमएस पे भेजो या फिर मेरे को
- 3:39:42मेल पे भेजो जो भी इनेशन हमने उसमें अपना
- 3:39:44कांटेक्ट दे रखी होगी तो वो सारी की सारी
- 3:39:46नोटिफिकेशन एसिंक्रोनस तरीके से क्योंकि
- 3:39:48सिंक्रोनसली बहुत सारा काम चल रहा है तो
- 3:39:50हम सारी चीजों को सिंक्रोनस करने की बजाय
- 3:39:52पैरेलल करने की बजाय कुछ चीजें जो हम
- 3:39:55एसिंक्रोनस तरीके से चलाते हैं क्योंकि एक
- 3:39:57तरह से सिस्टम आपका ये ऑलरेडी चल रहा है
- 3:40:00रनिंग में है। तो कुछ चीजें हमने बैक एंड
- 3:40:02पे एसिंक्रोनस तरीके से नोटिफिकेशन वगैरह
- 3:40:04ये सारी चला रखी है। बंदे को एक
- 3:40:06नोटिफिकेशन जो है वो तुरंत मिल जाएगी। तो
- 3:40:08यहां पे बड़ा इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है कि
- 3:40:10भैया डबल बुकिंग नहीं होनी चाहिए। ऐसा ना
- 3:40:12हो कि एक सीट पे दो लोग बुक करवा दें और
- 3:40:15बाद में जब वो ट्रेन में जाएं तो एक दूसरे
- 3:40:17का सिर फोड़े। भैया ऐसे ही होगा। वो
- 3:40:19बोलेगा मेरी सीट है वो बोलेगा मेरी इस चीज
- 3:40:21को बहुत केयरफुली टैकल किया जाता है। इवन
- 3:40:24बहुत जगह पे आपके जो बोट सिस्टम्स हैं या
- 3:40:27फिर ऐसे भी होते हैं जो एजेंट्स होते हैं
- 3:40:29ना ये लोग क्या करते हैं मल्टीपल अकाउंट
- 3:40:31से ट्रांजैक्शन करने की कोशिश करते हैं।
- 3:40:32मल्टीपल अकाउंट से बुकिंग करने की कोशिश
- 3:40:34करते हैं। इसीलिए आपने देखा होगा जैसे ही
- 3:40:3610 बजते हैं। जैसे ही मैंने क्लिक किया कि
- 3:40:38भैया 10 सीटें पड़ी है। जैसे ही बुक नाउ
- 3:40:39पे क्लिक किया तुरंत जीरो आ जाता है।
- 3:40:41क्यों? क्योंकि इतने सिस्टम पैरेलली उस
- 3:40:43ट्रांजैक्शन को परफॉर्म करने की कोशिश कर
- 3:40:45रहे हैं। तो भैया जो भी इन्होंने बैक एंड
- 3:40:47पे लॉजिक लगाया होगा कि बेस्ड ऑन टाइम
- 3:40:50स्टैंप बेस्ड ऑन प्रायोरिटी बेस्ड ऑन
- 3:40:52व्हाटएवर एरिया कुछ भी जो भी इन्होंने
- 3:40:54लगाया होगा उसके हिसाब से हो सकता है पहले
- 3:40:5610 बंदों को लॉक मिल गया तो आपकी टिकट उस
- 3:40:58टाइम पे नहीं हो पाएगी। हां वेट कर सकते
- 3:41:00हो। हो सकता है किसी की फेल हो जाए तो
- 3:41:02आपको वहां पे शो होने लग जाए और आप उस
- 3:41:04ट्रांजैक्शन को कंप्लीट कर सकते हो। सो
- 3:41:06दिस इज हाउ स्केलेबिलिटी एंड कॉन्कुरेंसी
- 3:41:09दो चीजें बहुत इंपॉर्टेंट है यहां पे कि
- 3:41:11कैसे हम स्केल करते हैं अपने सिस्टम को
- 3:41:13अपने पावर को या कह लो कि अपने
- 3:41:15एप्लीकेशनेशंस के जो हैंडल करने की जो
- 3:41:17पावर है उसको फटाफट से बढ़ाया जाता है
- 3:41:19स्पेशली तत्काल के टाइम पे और कॉनकरेंसी
- 3:41:21और लॉकिंग मैकेनिज्म किया जाता है ताकि
- 3:41:24मल्टीपल बंदे एक ही जगह पे राइट ऑपरेशन ना
- 3:41:26कर सके रीड कर सकते हैं कोई दिक्कत नहीं
- 3:41:28है लेकिन जैसे ही वो राइट करने की कोशिश
- 3:41:30कर रहे हैं लॉक लग जाएगा और बाकी बंदे उस
- 3:41:32चीज को अभी वेट करना पड़ेगा तो ये सारा
- 3:41:34कांसेप्ट जो है वो आपको पता होना चाहिए इन
- 3:41:36केस कहीं पे भी पूछ ले आप इज़ली आंसर दे
- 3:41:38सकते हो। सिमिलर टाइप ऑफ चीज ही आपकी Jio
- 3:41:41Hotstar है, Amazon Prime है। ये सारी
- 3:41:43चीजों में भी यूज़ की जाती है। आपने जरूर
- 3:41:46इन सारी चीजों को पढ़ना है। कंप्लीट सिस्टम
- 3:41:48डिज़ फॉर द यूपीआई। यूपीआई क्या है?
- 3:41:50यूनिफाइड पेमेंट इंटरफ़ेस। डेली बेसिस पे
- 3:41:53हम लोग ट्रांजैक्शंस करते हैं यूपीआई के
- 3:41:55थ्रू। चाहे क्यूआर कोड को स्कैन करके,
- 3:41:57चाहे यूपीआई के थ्रू, चाहे फोन नंबर के
- 3:41:59थ्रू। तो कहने का भाव ये है कि भैया
- 3:42:01यूपीआई डेली बेसिस पे इतना ज्यादा यूज़
- 3:42:04होता है। आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि
- 3:42:05अगस्त 2026 के अंदर 24.5
- 3:42:10बिलियन ट्रांजैक्शंस हुई है। डेली की अगर
- 3:42:12मैं बात करूं तो तकरीबन 700 750 मिलियन
- 3:42:16ट्रांजैक्शंस होती हैं। और इतना
- 3:42:17इंपॉर्टेंट इंफ्रास्ट्रक्चर है। इसको
- 3:42:19समझना बहुत जरूरी है। और अभी रिसेंटली
- 3:42:22गवर्नमेंट ने इसके ऊपर क्योंकि इतना ह्यूज
- 3:42:25अमाउंट ऑफ ट्रांजैक्शंस होती है और इतना
- 3:42:27पैसा इधर से उधर होता है। तो भैया इसके
- 3:42:29ऊपर जो है वो 4 अगर 2000 से ऊपर
- 3:42:31ट्रांजैक्शन करते हो तो 04 जो है वो मतलब
- 3:42:34आप मान के चलो कि अगर ₹100 आप भेज रहे हो
- 3:42:37एग्जांपल के तौर पे बता रहा हूं तो चार पे
- 3:42:39एक्स्ट्रा मतलब ₹1 लाख अगर आप भेज रहे हो
- 3:42:41तो ₹400 एक्स्ट्रा उसके ऊपर जो है वो
- 3:42:43खर्चा देना पड़ेगा। मर्चेंट को देना
- 3:42:45पड़ेगा बट ऑब्वियसली मर्चेंट कस्टमर से ही
- 3:42:47तो लेगा। बट कहने की बात ये है कि यार
- 3:42:50इतने बड़े सिस्टम को मेरे दिमाग में आया कि
- 3:42:52यार समझना तो जरूरी है कि कैसे ये एक्चुअल
- 3:42:55में बिहाइंड द सीन काम होता है और मैं एज
- 3:42:58ए टेकी अगर मैं बात करूं तो भैया आपको
- 3:42:59समझना जरूरी है कि इंटरव्यू में अगर आपसे
- 3:43:02पूछ लें कि कैसे ये कंप्लीट प्रोसेस होता
- 3:43:04है तो ऑब्वियसली आपके लिए भी कहीं ना कहीं
- 3:43:06जरूरी है। तो यहां पे समझते हैं इसको पूरे
- 3:43:08कांसेप्ट को। बहुत बढ़िया से एग्जांपल से
- 3:43:11आपको समझाता हूं। तो देखो यहां पे सबसे
- 3:43:13पहले क्या है? जी यूजर है। ठीक है ना? जो
- 3:43:15पेयर है मतलब ऑब्वियसली हम तो पे कर ही
- 3:43:17रहे हैं कभी टैक्स पे कर रहे हैं कभी क्या
- 3:43:19पे कर रहे हैं तो मैं एक यूजर हूं और
- 3:43:21मैंने लेट्स सपोज ₹1000 भेजने हैं अपने
- 3:43:25किसी फ्रेंड को या कहीं पेमेंट करनी है तो
- 3:43:27यहां पे मैं एक यूजर हूं और मैंने इनिशिएट
- 3:43:29की है अपनी पेमेंट अब ऑब्वियसली यूजर
- 3:43:32पेमेंट इनिशिएट कैसे करेगा यूजर पेमेंट
- 3:43:35इनिशिएट करने के लिए कोई ना कोई एप्लीकेशन
- 3:43:38को यूज करेगा एप्लीकेशन बोले तो यूपीआई की
- 3:43:41जो ऐप है जैसे फॉर एग्जांपल हम लोग Paytm
- 3:43:44यूज करते या हम BP पे यूज़ करते हैं, BM
- 3:43:47यूज़ करते हैं। ठीक है? GP यूज़ करते हैं।
- 3:43:49तो ये मल्टीपल हमारे पास यूपीआई एप्लीकेशन
- 3:43:51है जो हमारे फोन के अंदर होती है। उसके
- 3:43:54अंदर हमने ऑलरेडी लॉग इन वगैरह किया होता
- 3:43:56है। तो हमने वो एप्लीकेशन को ओपन कर रखा
- 3:43:58है। डन। अब हमने उस एप्लीकेशन में अपनी
- 3:44:01इंफॉर्मेशन जो है वो मतलब ऑलरेडी फिल कर
- 3:44:03ही रखी है। मैंने ₹1000 पे करने हैं। अब
- 3:44:05जिस बंदे को करने हैं या तो मैं उसकी क्या
- 3:44:08डालूंगा? वीपीए दैट इज़ वर्चुअल पेमेंट
- 3:44:11एड्रेस। ठीक है? यूपीआई आईडी मैं उसकी
- 3:44:13डालूंगा। अगर मेरे पास उसका क्यूआर कोड है
- 3:44:15तो मैं उसको स्कैन करके उसके थ्रू कर सकता
- 3:44:17हूं। या अगर मेरे पास उसका नंबर है तो मैं
- 3:44:19नंबर से डायरेक्टली मतलब वो सारा झंझट ही
- 3:44:22खत्म हो गया कि आपको पहले आईएफएससी कोड
- 3:44:24अकाउंट नंबर यूजरनेम ये सारा कुछ डालो। वो
- 3:44:28चीज इन्होंने बंद ही कर दी। तो इतना आसान
- 3:44:30कर दिया था भैया यूपीआई ने कि आप डायरेक्ट
- 3:44:32जो है वो फोन नंबर। फोन नंबर से वो अपने
- 3:44:34आप यूपीआई उठा लेता है या क्यूआर कोड के
- 3:44:36थ्रू आप लोग इतना इजीली बिना किसी झंझट के
- 3:44:39आप ट्रांजैक्शन कर सकते हो। तो मैंने
- 3:44:40यूपीआई डाला या फोन नंबर के थ्रू मेरे को
- 3:44:42यूपीआई मिल गई या क्यूआर डाला किसी के भी
- 3:44:45थ्रू मतलब ये एक मेरे पास यूनिक सिस्टम
- 3:44:46है। उस यूनिक नंबर के थ्रू मेरे पास यहां
- 3:44:49पे मैं उसको पेमेंट कर सकता हूं। तो यहां
- 3:44:51पे
- 3:44:52इंपॉर्टेंट पॉइंट यहां पे नोट कर लेना कि
- 3:44:54जैसे ही मैंने यहां पे कोई डाली
- 3:44:56इनफार्मेशन तो उसके बाद कभी भी जो ये मेरा
- 3:44:59Paytm है या भारत पे है या भीम है यह कभी
- 3:45:02भी डायरेक्टली जो है वो बायपास करके
- 3:45:05एनपीसीआई के ऊपर नहीं रिक्वेस्ट भेज सकता।
- 3:45:08एनपीएसीआई क्या है? ये बेसिकली है नेशनल
- 3:45:11पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और ये एक्चुअल
- 3:45:14में सारा का सारा हर्ट है। मतलब हर्ट मतलब
- 3:45:16ये पूरा का पूरा दिल है इस पूरे यूपीआई का
- 3:45:19जिसने सारे सिस्टम को संभाल रखा है। ये आप
- 3:45:22कह सकते हो कि एक क्लोज्ड नेटवर्क है। एक
- 3:45:24इंफ्रास्ट्रक्चर है जिसके अंदर थाउजेंड्स
- 3:45:27हजारों आप कह सकते हो सर्वर्स जो है वो
- 3:45:30पैरेलली काम कर रहे हैं जो कि
- 3:45:32ट्रांजैक्शंस को लेते हैं। ट्रांजैक्शन को
- 3:45:33प्रोसेस करते हैं। जिसका मेन काम क्या है?
- 3:45:36जो भी ट्रांजैक्शन आ रही है उसको
- 3:45:37प्रॉपर्ली रूट करना। उसको वैलिडेट करना कि
- 3:45:40ठीक है या नहीं ऑर्केस्ट्रेट करना सारी
- 3:45:43चीजों को तो ये सबसे इंपॉर्टेंट काम है
- 3:45:45यही एक्चुअल में सारी की सारी चीजें कर
- 3:45:47रहा है तो कभी भी ये क्लोज्ड नेटवर्क है
- 3:45:50मतलब पब्लिकली जो है वो डायरेक्टली इसके
- 3:45:52ऊपर ट्रांजैक्शन नहीं जा सकती तो फिर कैसे
- 3:45:54जाएगी तो मेरा Paytm भारत पे ये कैसे
- 3:45:56भेजेगा इसको तो याद रखना कि जितनी भी
- 3:45:59यूपीआई एप्लीकेशन है ये किसी ना किसी
- 3:46:02पार्टनर बैंक के साथ होती है मतलब कोई ना
- 3:46:05कोई बैंक होता है जैसे आपका एसबीआई बैंक
- 3:46:07है ICICI बैंक है HDFC बैंक है Yes बैंक
- 3:46:10है बैंक ऑफ बौदा है तो मल्टीपल बैंक्स जो
- 3:46:13है वो अब हो सकता है कि Paytm के तीनचार
- 3:46:16बैंक्स के साथ पार्टनर हो ठीक है किसी और
- 3:46:18जैसे भीम का किसी और के साथ हो Gmail के
- 3:46:21Gmail GPay का किसी और के साथ हो तो इस
- 3:46:24तरीके से मल्टीपल जो हमारी यूपीआई एप्स
- 3:46:27होती है उनका किसी ना किसी बैंक के साथ
- 3:46:29क्या होता है पार्टनर बैंक आप उसको बोल
- 3:46:31सकते हो ठीक है या फिर आप कह सकते हो कि
- 3:46:33पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर तो कस्टमर पेमेंट
- 3:46:35सर्विस प्रोवाइडर्स होते हैं तो आपकी
- 3:46:37रिक्वेस्ट जो आपने पेमेंट में डाले ₹1000
- 3:46:39तो वो रिक्वेस्ट जाएगी सबसे पहले पार्टनर
- 3:46:42बैंक के पास और पार्टनर बैंक फिर भेजेगा
- 3:46:44किसको? एनपीसीआई को कि भैया ठीक है यह
- 3:46:47वैलिडेट कर क्या उस बंदे के पास इतने रुपए
- 3:46:50हैं भी या नहीं भेजने लायक तो अगर है तो
- 3:46:53फिर उसको हम ओके करते हैं तो ओके करने का
- 3:46:55मतलब है कि जब एनपीसीआई ने बोल दिया कि
- 3:46:57ओके है जी ये ट्रांजैक्शन वैलिड है जैसे
- 3:47:00ही उसने बोला वैलिड है तो लेट्स सपोज आपका
- 3:47:03एसबीआई बैंक था तो आपके एसबीआई बैंक से जो
- 3:47:06ईश्वर बैंक है उसमें से ₹1000 क्या हो
- 3:47:09जाएंगे माइनस हो जाएंगे डेबिट हो जाएंगे
- 3:47:12और जो आपका बेनिफिशरी बैंक था जिसको भी आप
- 3:47:14भेज रहे थे जो भी एक्स व जेड बंदे को आप
- 3:47:16भेज रहे थे पैसे अगर उसका लेट्स सपोज HDFC
- 3:47:19बैंक है तो उस बंदे के अकाउंट में ₹1000
- 3:47:23क्रेडिट हो जाएंगे तो यह काम जो है वो
- 3:47:25एनपीसीआई जब नोट दे देता है नोड मतलब जब
- 3:47:28हां बोल देगा तो एक अकाउंट से पैसे
- 3:47:30विथड्रॉ हो गए दूसरे अकाउंट में पैसे जो
- 3:47:32है वो क्रेडिट हो गए तो फिर आपके पास जो
- 3:47:34है वो एकनॉलेजमेंट आ जाती है कि
- 3:47:36ट्रांजैक्शन जो है वो सक्सेसफुली हो गई और
- 3:47:39दूसरे बंदे के पास आ जाता है कि पेमेंट आ
- 3:47:40गई तो यह कहानी इस तरीके से प्रॉपर चलती
- 3:47:43है नेगेटिव एकनॉलेजमेंट भी आ सकती है।
- 3:47:46जरूरी नहीं है कि हमेशा ट्रांजैक्शन
- 3:47:47पॉजिटिव ही हो। कई बार आपने देखा होगा कि
- 3:47:50ट्रांजैक्शन फेल हो जाती है। मतलब ना आपके
- 3:47:52अकाउंट से पैसे कटे सीधा ट्रांजैक्शन ही
- 3:47:54फेल हो गई। बैंक जो है वो आपका पार्टनर
- 3:47:56बैंक डाउन था उस टाइम पे। मे बी उस वजह से
- 3:47:59वो बोल देता है किसी और बैंक को चूज़ कर
- 3:48:00लो। किसी और यूपीआई को चूज़ कर लो। या तो
- 3:48:02ऐसे या कई बार यह भी हो जाता है कि मनी जो
- 3:48:05है वो विथड्रॉ हो गई। लेकिन उसके अकाउंट
- 3:48:08में जो बेनिफिशरी था जिसको भेजने थे उसके
- 3:48:10अकाउंट में वो क्रेडिट नहीं हुई। तो उस
- 3:48:11केस में फिर क्या होगा? उस केस में पूरा
- 3:48:14रोल बैक होता है। पहले तो उसका लॉग सेव
- 3:48:16किया जाता है। लॉग मतलब कि भैया किस
- 3:48:18अमाउंट तक ट्रांजैक्शन हो गई थी। उसको एक
- 3:48:20फ्लैग दे दिया जाता है कि फेल हुई है या
- 3:48:23इसके अंदर कोई ड्यू टू सम रीज़न हो सकता है
- 3:48:25नेटवर्क की वजह से हो सकता है बैंक जो है
- 3:48:27वो उस टाइम पे डाउन था। व्हाटएवर दी रीजन
- 3:48:29तो उस वजह से वो ट्रांजैक्शन फेल हो गई है
- 3:48:32तो उसको फिर रोल बैक किया जाता है। रोल
- 3:48:33बैक का मतलब है कि फिर आपके अगर कटे थे
- 3:48:36पैसे तो आपको वापस जो है वो एक-द दिन में
- 3:48:38कई बार तुरंत आ जाते हैं। कई बार जो है वो
- 3:48:40थोड़ा सा टाइम लगता है तो उसको रोल बैक
- 3:48:42करके वापिस दे दिया जाता है। तो ये सारी
- 3:48:44कहानी इस तरीके से वर्क करती है। लेकिन अब
- 3:48:47इसमें जो फास्ट वाला काम है कि कैसे जो है
- 3:48:50वो एक दो सेकंड के अंदर पूरी ट्रांजैक्शन
- 3:48:53हो जाती है। तो इसमें सबसे पहले तो
- 3:48:54कॉन्सेप्ट आपका यूज़ होता है लोड बैलेंस
- 3:48:57वाला। लोड बैलेंसर्स का मतलब है जो
- 3:48:58एनपीसीआई के सर्वर्स है या पार्टनर बैंक
- 3:49:01के सर्वर्स है उन्होंने एक दो पांच सर्व
- 3:49:02सर्स ही नहीं लगा रखे। उन्होंने बहुत सारे
- 3:49:05सर्वर्स को यहां पे यूज किया हुआ है और उन
- 3:49:08सर्वर्स के ऊपर यहां पे क्या होता है एक
- 3:49:10लोड बैलेंसर। लोड बैलेंसर मतलब वो लोड को
- 3:49:12बैलेंस करके रखता है। वैसे मैंने इसको
- 3:49:14बहुत अच्छे से पूरी कहानी को अलग से
- 3:49:16एक्सप्लेन किया हुआ है कि लोड बैलेंस क्या
- 3:49:18होते हैं? कैसे वर्क करते हैं? ऊपर आई
- 3:49:19सेक्शन में मैं लिंक दे देता हूं। वहां से
- 3:49:21एक बार पढ़ लेना। तो ये एक तरह से मैनेजर
- 3:49:23की तरह है कि भैया इस बंदे के पास ज्यादा
- 3:49:24आ गई हैं ट्रांजैक्शन तो इसको भेज। अगर ये
- 3:49:27डाउन है तो इसकी ट्रांजैक्शन इसको भेज दो।
- 3:49:29इस तरीके से लोड को बैलेंस करके रखता है।
- 3:49:31फिर दूसरा यहां पे कांसेप्ट यूज़ होता है
- 3:49:34एसिंक्रोनस का। एसिंक्रोनस का मतलब क्या
- 3:49:37है? सिंक्रोनस में पता है क्या होता है?
- 3:49:39कि अगर मेरी एक सर्विस के पास कोई
- 3:49:41रिक्वेस्ट आई हुई है। जैसे मेरे को किसी
- 3:49:43बच्चे ने क्वेश्चन पूछा कि सर मेरे को ये
- 3:49:45क्वेश्चन का आंसर दो। मैं उसके क्वेश्चन
- 3:49:47को पढ़ रहा हूं। इतने में दूसरा बच्चा आया
- 3:49:49कि मेरे को सर एक क्वेश्चन का आंसर दे
- 3:49:51दोगे। मैं बोलूंगा रुक। अभी मैं पहले इसको
- 3:49:53पढूंगा फिर मैं इसको सॉल्व करूंगा। फिर
- 3:49:55मैं तेरे को आंसर दूंगा। फिर मैं तेरी बात
- 3:49:57सुनूंगा। हालांकि उसने चाहे वॉशरूम के लिए
- 3:49:59पूछना हो कि मेरे को वॉशरूम के लिए जाना
- 3:50:00है। बट मैं बोलूंगा बीच में नहीं बोलना।
- 3:50:02तू पहले आया है। तेरे को मैं पहले कवर अप
- 3:50:04करूंगा फिर उसके बाद दूसरे पे। वो होता है
- 3:50:06सिंक्रोनस। लेकिन एसिंक्रोनस में क्या है?
- 3:50:09एक ट्रांजैक्शन आ रही है वो चल रही है।
- 3:50:11उतने में दूसरी ट्रांजैक्शन भी साथ-साथ।
- 3:50:13मतलब वेट नहीं होती वहां पे। ये कहीं ना
- 3:50:15कहीं फास्ट कर देता है। ये बड़ा इंपॉर्टेंट
- 3:50:17कॉन्सेप्ट यहां पे नोट करके चलना। तो ये
- 3:50:20एसिंक्रोनस वाला। दूसरा यहां पे जो एपीआईस
- 3:50:22वर्क करती हैं जो एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग
- 3:50:24इंटरफेस जो काम करते हैं जैसे यहां पे
- 3:50:26एक्सML जो है वो यूज़ होता है एचटीटीपीएस
- 3:50:28का एक्सML मतलब यहां पे बहुत इंपॉर्टेंट
- 3:50:31जो एपीआईस हैं वो हमेशा एक्टिवेट रहती है।
- 3:50:34ऐसा नहीं है कि जब ट्रांजैक्शन स्टार्ट
- 3:50:36करोगे तभी ये कनेक्शन बनेगा। नहीं कनेक्शन
- 3:50:38ऑलरेडी चल रहा है। हाई स्पीड नेटवर्क पे
- 3:50:41ऑलरेडी कनेक्शन चल रहा है। आपका
- 3:50:43ट्रांजैक्शन करो ना करो ये हमेशा ऑन ही
- 3:50:46है। तो वो वाली बात है। आप बटन ऑन करो ना
- 3:50:49करो पंखे का। जैसे ही पंखे का बटन ऑन करते
- 3:50:52हो तो तुरंत यानी पीछे बिजली तो है ही।
- 3:50:55आपने सिर्फ बटन ऑन करने की देर है। तो आप
- 3:50:57ट्रांजैक्शन सिर्फ स्टार्ट करने की देर
- 3:50:58है। पीछे तो सारी की सारी चीजें रनिंग में
- 3:51:01है ही। और ये हमेशा यूज करता है स्टेटलेस
- 3:51:04एपीआई को। स्टेटलेस एपीआईस का मतलब क्या
- 3:51:07है कि चीजों को सेव नहीं करना लोकली सर्वर
- 3:51:10पे। जैसे आप कोई चीज खरीदते हो तो आपने
- 3:51:12लेट्स सपोज कार्ट में कोई चीज डाली या
- 3:51:15आपने कोई चीज सेव करके रख ली। तो नेक्स्ट
- 3:51:17टाइम जब आप लॉग इन करते हो तो वो आपको
- 3:51:18दिखा देता है कि पिछली बार आपने ये चीजें
- 3:51:20डाली हुई थी। वो हो गया स्टेटफुल। जहां पे
- 3:51:22हम चीजों को सर्वर पे इंफॉर्मेशन को सेव
- 3:51:25करवाते हैं। लेकिन स्टेटलेस का मतलब क्या
- 3:51:28है? हमें कुछ भी सर्वर पे सेव लोकली नहीं
- 3:51:30करवाना। अगर आप लोकली सर्वर पे चीजों को
- 3:51:33सेव करवाने लग जाओगे। अगर इन केस वो सर्वर
- 3:51:35डाउन हो गया तो यूपीआई भी आपकी डाउन हो
- 3:51:37जाएगी। तो इसीलिए यहां पे हम लोग क्या
- 3:51:39करते हैं? स्टेटलेस या आप ऐसे भी कह सकते
- 3:51:41हो कि अगर मेरे पास मल्टीपल सर्वर्स काम
- 3:51:44कर रहे हैं तो हमने डिस्ट्रीब्यूटेड वे से
- 3:51:46एक डेटाबेस रख दिया। जो भी चीजें सेव करनी
- 3:51:48है यहां पे कर लो ताकि ये सर्वर भी यूज़
- 3:51:50कर सकता है उस डेटा को ये भी कर सकता है।
- 3:51:52ये भी कर सकता है ये भी कर सकता है। लाइक
- 3:51:53दैट। तो ये कहीं ना कहीं सिस्टम को बहुत
- 3:51:55ज्यादा फास्ट कर देती हैं। तो इस वजह से
- 3:51:58आपकी जो ट्रांजैक्शंस है जो यूपीआई
- 3:52:00ट्रांजैक्शंस है वो बहुत ज्यादा फास्ट
- 3:52:02होती है। तो ये इंपॉर्टेंट पॉइंट्स है।
- 3:52:04आपको पता होने चाहिए कि किस तरीके से
- 3:52:06यूपीआई का पूरा सिस्टम डिजाइन काम करता
- 3:52:08है। कहीं पर पूछ ले तो आप इजीली आंसर दे
- 3:52:10[संगीत] सकते हैं। थैंक यू।
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