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System Design Complete Course | All Important Concepts Explained — Transcript

by Gate Smashers · 49,806 words · 6,134 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00डिअ स्टूडेंट्स, वेलकम टू Kids मेशर्स।
  2. 0:02Zomato हो या Swiggy हो, Amazon Prime हो
  3. 0:05या Netflix हो, YouTube हो या Instagram
  4. 0:07हो, Go आईbo हो या मेक माय ट्रिप। आप
  5. 0:10कितनी एप्लीकेशनेशंस को डेली बेसिस पे यूज
  6. 0:12करते हो। हम लोग तो सिंपल क्लिक करके काम
  7. 0:14अपना करवा लेते हैं। लेकिन जो बिहाइंड द
  8. 0:16सीन इतना बड़ा सिस्टम बनाया है ना इसकी
  9. 0:20डिजाइनिंग कैसे की है इसको समझना बहुत
  10. 0:22जरूरी है। तो इस वीडियो में पूरे वन शॉर्ट
  11. 0:25वीडियो के अंदर मैं आपको कंप्लीट सिस्टम
  12. 0:28डिजाइन के बारे में बताने जा रहा हूं और
  13. 0:30मैंने ना इसको ना आठ मॉड्यूल्स में डिवाइड
  14. 0:33कर दिया है। मतलब कहने का कि बहुत बड़ा ये
  15. 0:35कंप्लीट आपकी जो सीरीज है इसको मैंने आठ
  16. 0:38यूनिट्स में डिवाइड कर दिया है। सबसे पहले
  17. 0:40हमारे पास बेसिक फाउंडेशन के बारे में
  18. 0:42पढ़ेंगे। हाई लेवल डिज़ाइन क्या है? लो
  19. 0:44लेवल डिज़ाइन क्या है? अलग-अलग सिनेरियोस
  20. 0:46में स्केलिंग कैसे की जाती है? हॉरिजॉन्टल
  21. 0:48स्केलिंग क्या है? वर्टिकल स्केलिंग क्या
  22. 0:50है? वेब इंफ्रास्ट्रक्चर। अब देखो यार
  23. 0:52आपको पता है हम डेली बेसिस पे जो भी
  24. 0:54एप्लीकेशन हम लोगों ने तो यूजर इंटरफेस
  25. 0:57ओपन किया हुआ है। मतलब चाहे आप वेब
  26. 0:59एप्लीकेशन के थ्रू करो, चाहे मोबाइल
  27. 1:00एप्लीकेशन के थ्रू करो। हम तो यूआई पे
  28. 1:02जाके क्लिक-िक कर देते हैं। लेकिन बिहाइंड
  29. 1:04द सीन कैसे रिक्वेस्ट सर्वर पे जा रही है।
  30. 1:06कैसे डेटाबेस इंटैक्ट कर रही है? पूरा
  31. 1:08आर्किटेक्चर समझना जरूरी है। देन एपीआई और
  32. 1:12कम्युनिकेशन की बात करूं तो सारा का सारा
  33. 1:14काम कर कौन रहा है? अलग-अलग एपीआई
  34. 1:16एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस सारी की
  35. 1:18सारी डिटेल में करेंगे। देन डेटाबेस एंड
  36. 1:21डेटा स्केलिंग। ऑब्वियसली यार यहां पे हम
  37. 1:23लोग जो है वो अल्टीमेटली मेरा डेटा कहां
  38. 1:26से निकल के आएगा? डेटाबेस से लेके आएगा।
  39. 1:27अब डेटाबेस ऐसा तो है नहीं कि फिक्स्ड हो
  40. 1:29गया। कभी मुझे बहुत ज्यादा इंक्रीस भी
  41. 1:31करना पड़ सकता है। तो मेरी हॉरिजॉन्टल,
  42. 1:33वर्टिकल स्केलिंग, शार्डिंग, पार्टीशनिंग
  43. 1:35सब चीजों को हम एक-एक करके करेंगे।
  44. 1:37डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम्स। ऑब्वियसली हम
  45. 1:39सेंट्रलाइज सिस्टम पे काम नहीं कर सकते।
  46. 1:41हमारी एप्लीकेशन पूरे इंडिया में पूरे पैन
  47. 1:44इंडिया में या पूरे ग्लोबली चल रही है तो
  48. 1:46यार उसमें मेरे को डिस्ट्रीब्यूटेड वे से
  49. 1:48काम करना पड़ता है। मेरे को सीक्वल डेटा
  50. 1:50नो सीक्वल डेटा सारी चीजों पे काम करना
  51. 1:52पड़ता है। आर्किटेक्चर प्रिंसिपल हम लोगों
  52. 1:54ने माइक्रो सर्विज पे भी काम करना है। हम
  53. 1:57लोगों ने सिक्योरिटी ऑथेंटिकेशन पे भी काम
  54. 1:59करना है। हमें टोकंस को भी समझना है। जे
  55. 2:01डब्ल्यूटी टोकंस क्या होते हैं? कैसे
  56. 2:03ऑथेंटिकेट किया जाता है? कैसे ऑथराइज किया
  57. 2:05जाता है? तो एक-एक करके इन सारे चैप्टर्स
  58. 2:07को आप लोग जो है वो एक ही वीडियो में पढ़
  59. 2:10सकते हो। और लास्ट में रियल वर्ल्ड सिस्टम
  60. 2:13डिजाइन। हम लोग कुछ जो पॉपुलर सिस्टम्स है
  61. 2:15जैसे Instagram है, आईआरसीटीसी है उनका
  62. 2:18कंप्लीट डिजाइन भी पढ़ेंगे ताकि इंटरव्यूज
  63. 2:21में कॉलेज यूनिवर्सिटी एग्जाम में कोई भी
  64. 2:23पूछ ले आप इजीली आंसर दे सको। तो चलो
  65. 2:25फटाफट से डाइव इन करते हैं सिस्टम डिज़ाइन
  66. 2:28के अंदर।
  67. 2:32तो सबसे पहले यहां पे इंपॉर्टेंट टॉपिक
  68. 2:34आता है कि व्हाट हैपेंस व्हेन वी ओपन एन
  69. 2:38एप्लीकेशन इन आवर फोन? या फिर अगर मैं
  70. 2:41अपने लैपटॉप में किसी ब्राउज़र पे कोई भी
  71. 2:43वेबसाइट को ओपन करता हूं। द वेरी फर्स्ट
  72. 2:46स्टेप क्या होता है? ये हमें पता होना
  73. 2:48बहुत जरूरी है। क्योंकि इसी से ही हमारा
  74. 2:51बेसिक फाउंडेशन क्लियर होता है। तो देखो
  75. 2:53मैं वही हॉटस्टार वाला एग्जांपल क्योंकि
  76. 2:56मैंने स्टार्टिंग में ही सिस्टम डिज़ाइन के
  77. 2:58अंदर जो हमारा सिलेबस था इंट्रोडक्शन था
  78. 3:00उसमें भी यही एग्जांपल लिया था और यही
  79. 3:02एग्जांपल मैं आगे कंटिन्यू करूंगा सारी
  80. 3:04वीडियोस के अंदर। तो देखो सबसे पहला स्टेप
  81. 3:08क्या है? व्हेन द यूजर टैप्स द ऐप मतलब
  82. 3:11यूजर ने क्या किया? उसने Jio Hotstar को
  83. 3:13डाउनलोड किया हुआ था ऑलरेडी। तो उसने क्या
  84. 3:16किया? उस एप्लीकेशन के ऊपर क्लिक किया
  85. 3:18उसको ओपन करने के लिए। तो क्या होगा? द
  86. 3:20वेरी फर्स्ट स्टेप इज़ जब आप टैप करते हो
  87. 3:22एप्लीकेशन को तो होता क्या है? जो आपका
  88. 3:24एप्लीकेशन है जो उसका पूरा कोड है वो कहां
  89. 3:28पे आ जाता है? ऑपरेटिंग सिस्टम जो है वो
  90. 3:30उसको RAM के अंदर लेके आ जाता है। ठीक है
  91. 3:33जी? हमें रैंडम एक्सेस मेमोरी के बारे में
  92. 3:35ऑलरेडी पता है। तो रैेम के अंदर आपकी एक
  93. 3:37तरह से एप्लीकेशन आ गई क्योंकि अब वो
  94. 3:39रनिंग मोड के अंदर है। रनिंग चीज हमेशा
  95. 3:41रैम के अंदर होती है। तो रैम के अंदर आ गई
  96. 3:43जी वो रनिंग कोड। अब सबसे पहले चेक करेगा
  97. 3:45कि क्या इंटरनेट कनेक्टेड है या नहीं है।
  98. 3:48अगर इंटरनेट कनेक्टेड है तभी आगे प्रोसेस
  99. 3:50होगा। अदरवाइज वो वहीं पे स्टॉप कर देगा।
  100. 3:53अगर कैश वगैरह में कोई पुरानी फोटोज वगैरह
  101. 3:55पड़ी हुई है। अगर आपने पहले से ओपन किया
  102. 3:57होगा इस ऐप को तो वो दिखा देगा। अदरवाइज
  103. 3:59एरर आ जाएगा। तो लेट्स सपोज हमने इंटरनेट
  104. 4:01को कनेक्ट किया हुआ है। तो हमारे पास
  105. 4:03दूसरा स्टेप क्या होगा? ऐप सेंड द एपीआई
  106. 4:06रिक्वेस्ट। अब जो ऐप है मतलब यहां पे ये
  107. 4:08मेरा क्लाइंट हो गया ना? अब ये जो मेरी ऐप
  108. 4:10है मेरे सिस्टम में वो क्या है? क्लाइंट
  109. 4:12है। वो क्लाइंट क्या करेगी? सर्वर को
  110. 4:14कनेक्ट करने के लिए रिक्वेस्ट भेजेगी और
  111. 4:17उसने सबसे पहली रिक्वेस्ट क्या भेजी? गेट
  112. 4:20एpआई.star.com
  113. 4:23होम फीड। मतलब जो इसका होम पेज है मुझे
  114. 4:26इसको ओपन करना है तो सर्वर को उसकी
  115. 4:28रिक्वेस्ट भेजेगी। तो यहां पे एपीआई जो है
  116. 4:30वो आएगा एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस
  117. 4:32और वो क्लाइंट की तरफ से सर्वर को बोलेगा
  118. 4:35कि भैया मेरे को इसका होम पेज लाके दो।
  119. 4:38लेकिन अब यार ये जो हमारी मशीन है मशीन को
  120. 4:41पहले क्या पता होना चाहिए? IP एड्रेस।
  121. 4:43सर्वर को कनेक्ट करने के लिए उसको क्या
  122. 4:45चाहिए? IPपी एड्रेस। उसको नहीं पता ये होम
  123. 4:47पेज होम फीड क्या है? उसको तो IPपी एड्रेस
  124. 4:50चाहिए। तो IP एड्रेस लाने के लिए सबसे
  125. 4:52पहली चीज क्या है? अब मैंने तो IPपी
  126. 4:54एड्रेस कहीं पे लिखा नहीं है और यूजर तो
  127. 4:56IPपी एड्रेस याद रख नहीं सकता क्योंकि
  128. 4:57नंबर्स है वो 32 बिट का भी हो सकता है
  129. 5:00IPV4 में। IPV6 में वो 128 बिट का हो सकता
  130. 5:03है। तो यार इतने नंबर्स थोड़ी ना याद
  131. 5:05रखोगे। हम तो डोमेन नेम को याद रखते हैं
  132. 5:07क्योंकि वो इजी है। तो नेम को याद रखते
  133. 5:09हैं तो भैया फोन क्या बोलेगा? फिर डीएनएस
  134. 5:12सर्वर को बोलेगा कि भैया मेरे को इसके
  135. 5:14कॉस्पोंडिंग इस नेम के कॉस्पोंडिंग इस
  136. 5:16हॉटस्टार के कॉस्पोंडिंग मेरे को IPपी
  137. 5:18एड्रेस ला के दे। तो डीएनएस क्या करेगा?
  138. 5:22बोलेगा व्हाट इज द IP ऑफ API.com
  139. 5:25तो फिर डीएनएस रिप्लाई करेगा कि यह ले
  140. 5:27भैया यह रहा तेरा IPपी एड्रेस मतलब ये
  141. 5:30IPपी एड्रेस किसका है? ये सर्वर का एड्रेस
  142. 5:32है कि जा इस पर्टिकुलर एड्रेस पे और सर्वर
  143. 5:35का जाके दिमाग खा और फिर वो सर्वर जो है
  144. 5:37वो आपको आगे सारी चीजें प्रोवाइड करेगा जो
  145. 5:40भी वीडियोस, पोस्ट, रिकमेंडेशन जो भी आपको
  146. 5:42चाहिए। तो यहां पे आपकी रिक्वेस्ट जो है
  147. 5:44वो किसके पास गई? डीएनएस सर्वर के पास गई।
  148. 5:46अब यहां पे पूछ लेते हैं कई बार इंटरव्यूज
  149. 5:48के अंदर कि भैया डीएनएस सर्वर में
  150. 5:50क्या-क्या होता है? तो डीएनएस सर्वर में
  151. 5:52सबसे इंपॉर्टेंट चीज याद रखना कि हमारे
  152. 5:54पास होता है रिकर्सिव रिजॉल्वर। क्या होता
  153. 5:57है जी? रिकर्सिव रिसॉल्वर।
  154. 6:00अब ये क्या करता है भाई साहब? ये इसका नाम
  155. 6:03ही रिकर्सिव रिज़ॉल्वर का मतलब है कि ये जब
  156. 6:05तक IPपी एड्रेस प्रोवाइड नहीं करेगा तब तक
  157. 6:07ये रिकर्सिवली काम करता रहेगा। अब कई बार
  158. 6:10क्या होता है? इनिशियल स्टेप है जिन
  159. 6:12एप्लीकेशनेशंस को हम ओपन करते हैं
  160. 6:13फ्रीक्वेंटली तो आपका जो जैसे फॉर
  161. 6:16एग्जांपल आपका आईएसपी जो इंटरनेट सर्विस
  162. 6:18प्रोवाइडर है वही स्टोर कर लेता है आईपी
  163. 6:20एड्रेसेस को तो आपको डायरेक्ट बिना टाइम
  164. 6:22वेस्ट किए दे देगा ये आईपी एड्रेस हो सकता
  165. 6:24है Google के ऑलरेडी जो है वो डीएनएस
  166. 6:26पब्लिक डीएनएस अवेलेबल है वहां से आपको
  167. 6:28आईपी एड्रेस मिल जाए क्लाउड फेयर के है या
  168. 6:31गो डडी के है वहीं से ही आपको तुरंत जो है
  169. 6:33वो उन्होंने कैश करके रखे होते हैं ताकि
  170. 6:35ज्यादा टाइम वेस्ट ना हो लेकिन अगर आप
  171. 6:37किसी एप्लीकेशन को पहली बार ओपन कर रहे हो
  172. 6:39तो रिकर्सिव रिज़ॉल्वर फिर क्या करेगा? वो
  173. 6:42रूट सर्वर के पास जाएगा क्योंकि उसको
  174. 6:44आईएसपी से नहीं मिला। उसको Google डीएनएस
  175. 6:48से नहीं मिला। उसको GD से कहीं से नहीं
  176. 6:50मिला। तो फिर वो अब फाइनली रूट सर्वर के
  177. 6:52पास जाएगा। और रूट सर्वर दुनिया में है
  178. 6:54कितने? 13 रूट सर्वर है। तो जो भी
  179. 6:56नियरेस्ट है। जैसे इंडिया के नियरेस्ट
  180. 6:58जापान में है तो भैया जापान के रूट सर्वर
  181. 7:00पे जाएगा कि मेरे को इसका जो है वो आईपी
  182. 7:02एड्रेस ला के दे। और रूट सर्वर क्या करता
  183. 7:04है? टॉप लेवल डोमेन के पास जाता है जैसे
  184. 7:07डॉट कॉम हैgi है कि भैया मेरे को ये
  185. 7:09कॉरेस्पोंडिंग आईपी एड्रेस चाहिए और
  186. 7:11टीएलजी जो टॉप लेवल डोमेन है ये क्या करता
  187. 7:14है ये एक्चुअल में ऑथोराटेटिव सर्वर्स
  188. 7:16होते हैं और उनमें सारी की सारी जो है वो
  189. 7:19IPपी एड्रेसेस कॉरेस्पोंडिंग टू द डीएनएस
  190. 7:21आईपी एड्रेस सारी सेव होती है और फिर आपको
  191. 7:23प्रोवाइड करता है कि ये ले भाई आईपी
  192. 7:25एड्रेस और फिर ये आईपी एड्रेस किसको मिलता
  193. 7:27है फाइनली जाके IPपी एड्रेस मिलता है और
  194. 7:29फिर हम सर्वर के साथ कनेक्टिविटी करते
  195. 7:31हैं। तो ये बड़ा छोटा सा पॉइंट है लेकिन
  196. 7:33बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है क्योंकि ये
  197. 7:35स्पेशली जब भी सिस्टम डिजाइन की बात करते
  198. 7:37हैं या फिर नेटवर्क कनेक्टिविटी की बात
  199. 7:39करते हैं तो आपसे कई बार पूछ लेते हैं ये
  200. 7:40पॉइंट जो है वो याद रखना सिस्टम डिज़ाइन की
  201. 7:42जब भी हम बात करते हैं किसी भी कंपनी का
  202. 7:45किसी भी एप्लीकेशन का सिस्टम डिज़ाइन के
  203. 7:47अंदर आपको बहुत ज्यादा क्वेश्चन पूछे जाते
  204. 7:49हैं और रिसेंटली मैं मेटा के एक एंप्लई का
  205. 7:52इंटरव्यू पढ़ रहा था जिसमें वो क्लियर कट
  206. 7:54बोल रहा था कि यार आज के टाइम पे इस चीज
  207. 7:57के बारे में स्टूडेंट्स को पता होना बहुत
  208. 8:00ज्यादा जरूरी है किसी भी एप्लीकेशन का हाई
  209. 8:03लेवल डिज़ाइन क्या होता है? क्या-क्या
  210. 8:04कॉम्पोनेंट्स आते हैं? और लो लेवल डिज़ाइन
  211. 8:07क्या होता है? और उसके अंदर क्या-क्या
  212. 8:08कॉम्पोनेंट्स आते हैं? ये चीज बहुत ज्यादा
  213. 8:11पूछी जाती है। अब देखो हाई लेवल डिज़ाइन की
  214. 8:13बात करें तो मतलब एक बड़ी पिक्चर की एंटायर
  215. 8:15सिस्टम की हम लोग बात करते हैं। और जब हम
  216. 8:18लो लेवल डिज़ाइन करते हैं तो मतलब उसका एक
  217. 8:20कॉम्पोनेंट है। उसी एक कॉम्पोनेंट के अंदर
  218. 8:22क्या-क्या मेरे मॉड्यूल्स होंगे,
  219. 8:24क्या-क्या चीजें होंगी? कोडिंग के पॉइंट
  220. 8:26ऑफ व्यू से भी आप बोल सकते हो। जैसे
  221. 8:27एग्जांपल के तौर पे इंडियन रेल्वेज का
  222. 8:29एग्जांपल लेते हैं। अब पूरे इंडियन
  223. 8:31रेल्वेज का जो एंटायर सिस्टम है, जो पूरी
  224. 8:34एप्लीकेशन है, इसको मैं बोल सकता हूं हाई
  225. 8:36लेवल डिज़ाइन। लेकिन उसके अंदर लेट्स सपोज
  226. 8:39मैंने सिर्फ बुकिंग वाला जो सिस्टम है,
  227. 8:41सिर्फ सीट बुकिंग वाले सिस्टम को मैंने
  228. 8:43अगर कोड करना है या उसको प्रॉपर डिज़ाइन
  229. 8:46करना है। उस चीज़ के लिए हम लोग बोल सकते
  230. 8:48हैं कि वो एक लो लेवल डिज़ाइन है एक
  231. 8:50पर्टिकुलर चीज़ का। तो है ऑब्वियसली आपस
  232. 8:53में रिलेटेड ही है। ये कोई ऐसा नहीं है कि
  233. 8:54ये अलग चीज है वो अलग चीज है। वो एक बड़ी
  234. 8:57पिक्चर हो गई और उस एक बड़ी पिक्चर में एक
  235. 8:59छोटे कंपोनेंट्स को अगर हम बहुत अच्छे से
  236. 9:01डिटेल में कर रहे हैं। दैट इज अ लो लेवल
  237. 9:03डिज़ाइन। अब यहां पे भाई iआरसीटीc वाला
  238. 9:05एग्जांपल बात करें तो हाई लेवल डिज़ाइन में
  239. 9:07क्या-क्या चीजें आ सकती हैं? देखो सबसे
  240. 9:08पहले यूजर होगा। कोई ना कोई वेब एप्लीकेशन
  241. 9:11iआरसीटीc की या फिर मोबाइल एप्लीकेशन को
  242. 9:13ओपन करेगा और उसके बाद आपको सबसे पहले
  243. 9:16क्या करना पड़ेगा? अपना ऑथेंटिकेशन। तो
  244. 9:18यहां पे हाई लेवल डिज़ाइन में सबसे पहले
  245. 9:20हमें क्या रखना पड़ेगा? एक ऑथेंटिकेशन
  246. 9:22सर्विस को रखना पड़ेगा कि बंदा जो है वो
  247. 9:25साइन इन कर सके और साइन इन करने के लिए हम
  248. 9:28लोग जो है वो उसको अलग-अलग प्रोविजन दे
  249. 9:30सकते हैं कि भैया वो ईमेल आईडी से वो
  250. 9:32मैसेज के थ्रू या वो अपने नंबर के थ्रू,
  251. 9:35Google आईडी के थ्रू, Apple आईडी के थ्रू
  252. 9:37देयर आर वेरियस थिंग्स कि हम उसको कैसे
  253. 9:39ऑथोराइज कर रहे हैं। अब उसके बाद लेट्स
  254. 9:42सपोज जब वो ऑथेंटिकेट हो गया प्रॉपर्ली।
  255. 9:44अब उसके बाद क्या करेगा वो? सर्च करेगा।
  256. 9:46क्या सर्च करेगा? मल्टीपल चीजें सर्च कर
  257. 9:49सकता है कि भैया मेरे को कोई पर्टिकुलर
  258. 9:51ट्रेन के लिए कोई टिकट करवानी है तो मुझे
  259. 9:53ट्रेन की सर्चिंग करनी है। मुझे टाइम की
  260. 9:55सर्च करनी है। मुझे रूट की सर्च करनी पड़
  261. 9:57सकती है। तो यहां पे मल्टीपल माइक्रो
  262. 9:59सर्विसेस होंगी। एक होगी ऑथेंटिकेशन के
  263. 10:01लिए एक होगी आपकी सर्च के लिए। उसके बाद
  264. 10:04जब सर्चिंग हो गई उसको पता लग गया कि मुझे
  265. 10:06ये वाली ट्रेन के अंदर करवानी है टिकट। तो
  266. 10:09फिर यहां पे ऑब्वियसली सीट बुकिंग वाला जो
  267. 10:12है वो एक अलग से आपको सर्विस बनानी पड़ेगी
  268. 10:15कि भैया बंदा जो है वो सीट के ऊपर सिलेक्ट
  269. 10:17करे कि मेरे को इस कोच के अंदर इस सीट के
  270. 10:19अंदर जो है वो मेरे को बुकिंग करवानी है।
  271. 10:21ये डेट है ये सारी चीजें। और फिर उसके बाद
  272. 10:23जो है वो जो उसके अंदर जो किया वो सारा
  273. 10:26फिर ऑब्वियसली पेमेंट वगैरह करेगा और उसके
  274. 10:28बाद उसको एक नोटिफिकेशन आएगा कि भैया जो
  275. 10:30आपने सीट करवाई है वो आपकी बुकिंग हो चुकी
  276. 10:33है। लेकिन क्या इतना ही है सिर्फ नहीं।
  277. 10:35इसके अलावा बहुत सारी अलग से भी चीजें हैं
  278. 10:37कि भैया हो सकता है कि उसको चेंज करवाना
  279. 10:40पड़ जाए। मतलब अपनी टिकट्स को अपडेट करना
  280. 10:42है। मतलब उसको कोई लेट सपोज कोई काम हो
  281. 10:45गया तो उसको डेट चेंज करनी है या टिकट का
  282. 10:48लेट्स सपोज सीट चेंज करनी है। ये सारी
  283. 10:50चीजें सीट नहीं मिल रही तो तत्काल की
  284. 10:52सर्विस है। तो इतना कुछ जो है वो मल्टीपल
  285. 10:55सर्विसेज जो है वो यहां पे रखनी पड़ती है।
  286. 10:57तब जाके एक एंटायर सिस्टम को बनाया जाता
  287. 10:59है। और इसके अलावा जैसे रेडिस कैशे
  288. 11:01ऑब्वियसली कुछ इंफॉर्मेशन ऐसी होती है जो
  289. 11:04उसको फटाफट से हमें देनी है। कुछ चीजें
  290. 11:06ऐसी हैं। अब मेरा डेटाबेस है सीक्वल
  291. 11:08डेटाबेस। नो सीक्वल डेटाबेस कौन-कौन से
  292. 11:10टेबल्स होंगे यहां पे? उन टेबल्स को कैसे
  293. 11:13हम स्टोर करेंगे? इवन यहां पे एक आपका
  294. 11:15क्यूज़ आपको पता है कि जब उसकी टिकट हो गई
  295. 11:17या फिर उसकी टिकट कैंसिल हो गई, कुछ भी
  296. 11:19हुआ तो मुझे उसको एक एसएमएस के थ्रू या
  297. 11:22मेल के थ्रू एक नोटिफिकेशन देना जरूरी है।
  298. 11:25ये सारी चीजें कहीं ना कहीं एक बड़े
  299. 11:27आर्किटेक्चर के अंदर आ जाती हैं। यही जब
  300. 11:29हम एक छोटे आर्किटेक्चर की बात करते हैं
  301. 11:31लो लेवल डिज़ाइन तो वहां पे स्पेशली आ जाती
  302. 11:33है आपकी क्लासेस। जैसे आपको पता है
  303. 11:36कौन-कौन से ऑब्जेक्ट होंगे आईआरसीटीसी
  304. 11:38में। यूजर हो गया सबसे पहले, ट्रेंस हो गई
  305. 11:40वहां पे, पीएआर हो गया वहां पे, कोच हो
  306. 11:43गया, सीट हो गई। तो मतलब इतने सारे रेलवे
  307. 11:46स्टेशंस हो गए। ये कहीं ना कहीं जो है वो
  308. 11:49क्लासेस आती है। उसके अंदर क्या
  309. 11:50ऑब्जेक्ट्स हैं? क्या क्लासेस के अंदर हम
  310. 11:52लोग मेथड्स देने वाले हैं? वो सारे मेथड्स
  311. 11:55क्या होंगे? और उसके अलावा क्या वेरिएबल्स
  312. 11:58होंगे? ये कहीं ना कहीं डिसाइड करना पड़ता
  313. 12:00है। इंटरफेससेस कौन-कौन से होंगे? डिजाइन
  314. 12:02पैटर्न हम लोग सिंगल टर्न रखेंगे कि भैया
  315. 12:04मेरे को एक बंदे के साथ कनेक्शन करना है
  316. 12:06या फैक्ट्री कनेक्शन रखेंगे। हो सकता है
  317. 12:08कि एक पेमेंट के लिए मुझे यूपीआई का भी
  318. 12:10देना पड़े। मुझे कार्ड भी देना पड़े या
  319. 12:12मुझे लेट्स सपोज डेबिट कार्ड, क्रेडिट
  320. 12:14कार्ड मल्टीपल जो है वो कहीं ना कहीं
  321. 12:16मेथड्स हो सकते हैं। तो मुझे डिज़ाइन
  322. 12:18पैटर्न्स को इसके हिसाब से जो है वो बनाना
  323. 12:20पड़ेगा। इवन तत्काल के अंदर फेयर बहुत
  324. 12:22ज्यादा हाई, बहुत ज्यादा लो ये कहीं ना
  325. 12:24कहीं या फिर आने वाले टाइम में आपको पता
  326. 12:26है कि कोई लेट्स सपोज छठ पूजा आ रही है तो
  327. 12:28उस टाइम पे आपको पता है कि बहुत ज्यादा
  328. 12:30बुकिंग रहेगी। तो इस चीज को कैसे मैनेज
  329. 12:32किया जाएगा ये सारी चीजें बिजनेस लॉजिक
  330. 12:35डेटाबेस स्कीमा कौन-कौन से टेबल ईच एंड
  331. 12:38एवरीथिंग आपको जो है वो लो लेवल में
  332. 12:40प्रॉपर्ली डिजाइन करना पड़ेगा। ये चीज मैं
  333. 12:43आपको इसीलिए बोल रहा हूं बार-बार कि
  334. 12:44इंटरव्यूज के अंदर बहुत सारी चीजें ऐसी
  335. 12:47पूछी जाती हैं। एग्जांपल के तौर पे मैं
  336. 12:49कुछ क्वेश्चंस भी लेके आया हूं जो कि आप
  337. 12:52लोगों ने सॉल्व करने हैं और आप लोगों ने
  338. 12:53प्रॉपर डिजाइन भी करना है। मैं स्पून फीड
  339. 12:55नहीं करना चाहता। क्रमिंग नहीं करवाना
  340. 12:57चाहता क्योंकि ये बड़ा ब्रेन स्टॉर्मिंग
  341. 12:59टॉपिक है। इसके ऊपर जब आप खुद से थोड़ा
  342. 13:01मत्थ मारोगे, थोड़ा सा मेहनत करोगे तब
  343. 13:03आपको और ज्यादा क्लेरिटी आएगी सिस्टम की
  344. 13:06कि कैसे-कैसे चीजें जो है वो काम करती है
  345. 13:08और आप बेटर आंसर दे सकोगे। तो ये सारे
  346. 13:10क्वेश्चंस के आंसर आपने निकालने हैं।
  347. 13:12प्रॉपर एक डिज़ाइन बनाना है। जब हो जाए तो
  348. 13:15भैया कमेंट सेक्शन में ओके जरूर लिख देना।
  349. 13:18डन लिख देना जो आपके दिल में आए ताकि मेरे
  350. 13:20को भी तसल्ली होगी कि भैया आपने वाकई में
  351. 13:22कुछ नया सीखा है। तो हाउ टू प्रिवेंट द
  352. 13:25डबल बुकिंग वेरीेंट कैसे लॉकिंग सिस्टम के
  353. 13:27थ्रू हम लोग डबल बुकिंग को एक ही सीट को
  354. 13:29रुकवा सकते हैं कि भैया ऐसा ना हो दो
  355. 13:31बंदों ने कर दिया और वहां पे जाके एक
  356. 13:33दूसरे को मार रहे हैं कि तू खड़ा हो भैया
  357. 13:35ये मेरी सीट है। हाउ टू हैंडल द तत्काल
  358. 13:37स्पाइक एकदम से स्पाइक आ गया तो कैसे उसको
  359. 13:40कंट्रोल किया जाए सर्च सर्विस को कैसे
  360. 13:42डिज़ाइन पेमेंट्स रोल बैक कैसे करनी है?
  361. 13:44कोई पेमेंट फेल होगी कैसे रोल सीक्वल को
  362. 13:46यूज़ करना है नो सीक्वल को बेटर कौन सा
  363. 13:48होगा व्हाई यूज़ रेड व्हाई यूज़ काफ का ये
  364. 13:51सारी चीजें आपको पता होनी चाहिए डिज़ाइन
  365. 13:53करना है आपको लो लेवल में भैया ट्रेन की
  366. 13:55क्लास को डिजाइन करना है बुकिंग की क्लास
  367. 13:57को कैंसिलेशन कैसे वर्क करेगा इसके अंदर
  368. 14:00भी आपको रूल देना पड़ेगा कि दो दिन पहले
  369. 14:02अगर बुकिंग कराते हो तो इतने परसेंट
  370. 14:03कटेंगे दो घंटे पहले कराते हो तो इतने
  371. 14:06कटेंगे ये सारे बिज़नेस लॉजिक आपको डिसाइड
  372. 14:08करके डालने पड़ेंगे व्हिच डिज़ाइन पैटर्न
  373. 14:10विल यू यूज़ हाउ डू यू मॉडल द वेट लिस्ट
  374. 14:13कैसे मॉडल करोगे हाउ विल यू डिज़ द पीएआर
  375. 14:16जनरेशन? ये क्वेश्चंस बहुत ज्यादा पॉपुलर
  376. 14:19है। जब ये आपको आ गए इसके कंपैरिजन में
  377. 14:22कोई बस बुकिंग का आ जाए, कोई एरोप्लेन
  378. 14:24बुकिंग का आ जाए। जब एक चीज आ गई तो यार
  379. 14:26आप 10 अपने आप उसके बाद सीख लोगे। लेट्स
  380. 14:29सपोज आपने एक छोटी सी पार्टी रखनी है
  381. 14:30जिसके अंदर 40-50 लोगों को आपने खाना
  382. 14:32खिलाना है। अब उस केस में आप क्या करोगे?
  383. 14:35या तो एक वेटर रखोगे या फिर मल्टीपल
  384. 14:38वेटर्स को वहां पे रखना पड़ेगा जो कि
  385. 14:39इजीली सारे लोगों को खाना खिला सकें। अब
  386. 14:42देखो अगर एक वेटर रखते हो तो भैया वो तो
  387. 14:45फिर कोई स्पाइडरमैन सुपरमैन टाइप ही रखना
  388. 14:47पड़ेगा जो कि शू शू करके सारे लोगों को
  389. 14:49फटाफट से खाना देता रहे। लेकिन उस केस में
  390. 14:52कहीं ना कहीं वो बंदा जो है वो फेल हो
  391. 14:55सकता है। तो इसकी बजाय आप क्या करोगे? 10
  392. 14:58लोगों को काम पे लगाओगे और उन 10 लोगों को
  393. 15:00आप ये सारी चीजें बताओगे कि भैया इस तरीके
  394. 15:03से खाना खिलाना है, स्नैक्स खिलाने हैं सब
  395. 15:05चीजें। तो कहने का मतलब क्या है कि जब हम
  396. 15:08स्केलिंग की बात करते हैं कि लेट्स सपोज
  397. 15:10मैंने एक दो लोगों को खाना खिलाना है घर
  398. 15:12पे तो मुझे वेटर की जरूरत नहीं है। हम लोग
  399. 15:14अपने आप से मैनेज कर लेंगे। लेकिन जब वही
  400. 15:16चीजें 40-50 पे चली जाती है या 100 200 पे
  401. 15:19चली जाती है तो वी नीड टू स्केल अप। तो
  402. 15:21मेरे को वहां पे दो तरीके से स्केलिंग
  403. 15:23होती है। एक होती है हॉरिजॉन्टल और एक
  404. 15:25होती है वर्टिकल। वर्टिकल का मतलब है वही
  405. 15:28स्पाइडरमैन वाला। वही सुपरमैन वाला वेटर
  406. 15:31कि मतलब एक ही मशीन है। मैंने उसको रेड
  407. 15:34बुल पिला पिला के या कुछ ऐसे ड्रिंक पिला
  408. 15:36पिला के उसको भैया बोल रहा हूं कि तूने ही
  409. 15:38करना है इन सबको। तूने ही खिलाना है इन
  410. 15:40सबको। दैट इज व्हाट अ वर्टिकल स्केलिंग।
  411. 15:43लेकिन हॉरिजॉन्टल का मतलब क्या है? नहीं
  412. 15:44यार क्यों बेचारी की जान लेनी है? 10
  413. 15:47लोगों को और रिक्रूट कर लो। 10 लोगों को
  414. 15:48और लगा लो काम पे और वो लोग सारे
  415. 15:51डिस्ट्रीब्यूटेड वे में काम कर लेंगे। दिस
  416. 15:53इज़ व्हाट हॉरिजॉन्टल स्केलिंग। और इसी चीज
  417. 15:54को आप एक छोटे से डायग्राम से भी समझ सकते
  418. 15:57हो। भैया ये रही आपकी वर्टिकल स्केलिंग एक
  419. 15:59ही सर्वर था उसके अंदर लेट्स सपोज चार कोर
  420. 16:02CPU रैम 8 GB स्टोरेज 100GB आपने क्या
  421. 16:05किया इसके अंदर पावर बढ़ाते जा रहे हो इसको
  422. 16:08एनर्जी ड्रिंक पिला पिला के इसके CPU 32
  423. 16:11कर दिया RAM 128 GB कर दी स्टोरेज दो
  424. 16:13टेराबाइट कर दिया तो कितनी कर लोगे यार एक
  425. 16:16लिमिट तक ही आप इसको लेके जा सकते हो ठीक
  426. 16:18है कॉस्ट इफेक्टिव है वेरीेंट कॉस्ट
  427. 16:20इफेक्टिव है छोटी जो कंपनीज़ है वो चीज़
  428. 16:23इसको कर सकती है लेकिन जब आप बड़ी कंपनी की
  429. 16:26बहुत लार्ज स्केल स्केलिंग की बात करते हो
  430. 16:28फिर ये वाला काम आ जाता है जहां पे एक
  431. 16:30सर्वर दो सर्वर तीन चार चार पांच अलग-अलग
  432. 16:33लोकेशनेशंस पे पड़े हैं उसी तरीके से
  433. 16:35डेटाबेस जो है वो कनेक्ट किया हुआ है और
  434. 16:36सों को नेटवर्क के साथ कनेक्ट किया हुआ है
  435. 16:38और यहां पे सबसे ज्यादा किसकी जरूरत
  436. 16:40पड़ेगी लोड बैलेंसर की पूछ लेते हैं कि
  437. 16:42भैया लोड बैलेंसर वर्टिकल में यूज़ होता
  438. 16:44है या हॉरिजॉन्टल में याद रखना हॉरिजॉन्टल
  439. 16:46में वर्टिकल में तो आपकी मशीन ही एक है तो
  440. 16:49आपने उसको मतलब एक ही वेटर है तो आप उसको
  441. 16:51क्या ही लोड बैलेंसर करोगे कि तू इधर जा
  442. 16:53ऑब्वियसली वही बंदा घूमेगा सारी जगह लेकिन
  443. 16:56यहां पे आपको पता है कि भैया एक रिक्वेस्ट
  444. 16:57को इधर भेजना है, एक रिक्वेस्ट को इधर, एक
  445. 16:59इधर तो लोड बैलेंसर की जरूरत पड़ेगी। बाकी
  446. 17:02की कहानी मेरे हिसाब से अब आप इजीली खुद
  447. 17:04से भी डिज़ाइन कर सकते हो कि क्या ही दोनों
  448. 17:06के बीच में फर्क होता होगा। ये देख लो जी।
  449. 17:08बाकी फिर भी मैं आपको दिखा देता हूं कि
  450. 17:10ट्रैफिक डिस्ट्रीब्यूशन रिक्वायर्स अ लोड
  451. 17:12बैलेंसर इन द हॉरिजॉन्टल। बट नो लोड
  452. 17:14बैलेंसर इज़ नेसेसरी बिकॉज़ ऑल रिक्वेस्ट आर
  453. 17:16हैंडल्ड बाय द सिंगल मशीन। हाई
  454. 17:18अवेलेबिलिटी बिकॉज़ फेलियर ऑफ़ वन सर्वर डज़
  455. 17:21नॉट स्टॉप द एंटायर सिस्टम। मतलब एक सर्वर
  456. 17:23अगर आपका डाउन हो गया ड्यू टू सम रीज़न
  457. 17:26भैया बाकी तो तब भी काम चल रहा है। मतलब
  458. 17:28एक वेटर बेचारा गिर गया किसी वजह से उसको
  459. 17:30चक्कर आ गए तो कोई बात नहीं बाकी के संभाल
  460. 17:32लेंगे। लेकिन यहां पे सिंगल पॉइंट ऑफ़
  461. 17:35फेलियर इसको क्या बोलते हैं? टेक्निकल
  462. 17:36टर्म में सिंगल पॉइंट ऑफ़ फेलियर। मतलब अगर
  463. 17:38वो वेटर बेचारा जो सुपरमैन स्पाइडरमैन की
  464. 17:40तरह काम कर रहा था अगर वो बेहोश हो गया तो
  465. 17:43फिर तो आपको ही करना पड़ेगा काम क्योंकि और
  466. 17:45तो कोई रीज़न वहां पे कोई और बंदा तो वहां
  467. 17:47पे है नहीं। देन सर्विसेस कम्युनिकेट ओवर
  468. 17:49द नेटवर्क। ऑब्वियसली अब यहां पे नेटवर्क
  469. 17:51का हैवीली यूसेज है। मतलब एक सर्वर दिल्ली
  470. 17:53में, एक मुंबई में। तो इस तरीके से आपको
  471. 17:55बहुत स्ट्रांग नेटवर्क चाहिए और वो
  472. 17:58नेटवर्क हमेशा चलता रहना चाहिए ताकि
  473. 18:00रिक्वेस्ट फटाफट से जाए, रिस्पॉन्स आए।
  474. 18:02एपीआई प्रॉपर्ली कम्युनिकेट करे एक दूसरे
  475. 18:04से। यहां पे ऐसे वाला पंगा ही नहीं है। एक
  476. 18:06ही मशीन है वही रिस्पॉन्ड कर रही है। तो
  477. 18:08इतना नेटवर्क का हैवीली यूटिलाइजेशन यहां
  478. 18:10पे नहीं होगा। लेकिन यहां पे काफी ज्यादा
  479. 18:12हो गया। देन मेंटेनिंग द डेटा
  480. 18:14सिंक्रोनाइजेशन। भैया ये भी अगेन प्रॉब्लम
  481. 18:16है कि आपको जो है वो डेटा कंसिस्टेंसी
  482. 18:18करनी पड़ेगी। मतलब एक के अंदर x की वैल्यू
  483. 18:21100 है। दूसरे के अंदर x की वैल्यू 150
  484. 18:23है। तीसरे के अंदर x की वैल्यू 200 है।
  485. 18:25भैया x की वैल्यू क्या है? मुझे क्या पता
  486. 18:27असली की वैल्यू क्या है? कोई बंदा बोल रहा
  487. 18:29है 100 है। कोई बोल रहा है 200 है। तो
  488. 18:30कहने का मतलब क्या है? कंसिस्टेंसी भी
  489. 18:32मेंटेन करनी पड़ेगी। सेम डेटा सब जगह
  490. 18:34मेंटेन रखना पड़ेगा। लेकिन यहां पे डेटा
  491. 18:37पड़ा ही एक जगह पे है तो कोई दिक्कत ही
  492. 18:38नहीं है।
  493. 18:42तो चलिए लोड बैलेंसर को समझते हैं हम एक
  494. 18:45सिंपल से एग्जांपल से। अगेन Jio Hotstar
  495. 18:47का एग्जांपल ले रहा हूं। देखो यार Jio
  496. 18:49Hotstar के साथ मेरी कोई ब्रांडिंग नहीं
  497. 18:51है। कोई उनका मतलब मेरे को कोई पैसेवैसे
  498. 18:53नहीं दे रहे। ठीक है? देना चाहे तो दे
  499. 18:54सकते हैं। बट ऐसी कोई है नहीं। तो देखो जब
  500. 18:57भी हम क्रिकेट मैच की बात करते हैं,
  501. 18:59आईपीएल की बात कर लो या कोई वर्ल्ड कप
  502. 19:00सेमीफाइनल कोई भी मैच की बात कर लो तो
  503. 19:02आपने देखा होगा कि यार करोड़ों यूजर एक ही
  504. 19:05टाइम पे मैच को देख रहे होते हैं। मतलब
  505. 19:07ऐसा भी होता है कई बार तो 20 20 22 30
  506. 19:09करोड़ लोग भी एक टाइम पे Hotstar की
  507. 19:12एप्लीकेशन पे मैचेस को लाइव देख रहे होते
  508. 19:14हैं। तो यार इतनी वैल्यूज को ये कैसे
  509. 19:17हैंडल कर सकता है? तो वहां पे सबसे पहली
  510. 19:20चीज आती है अकेला लोड बैलेंसर नहीं है। बट
  511. 19:22हां लोड बैलेंसर वन ऑफ द मोस्ट इंपोर्टेंट
  512. 19:25जो है वो यहां पे फंडा आता है। तो एक
  513. 19:27सिंपल से एग्जांपल से बताता हूं। मेरे पास
  514. 19:30क्या होते हैं जी? मल्टीपल सर्वर्स होते
  515. 19:32हैं। अब यहां पे क्या है? जब मेरी
  516. 19:34रिक्वेस्ट आती है या तो क्या हो सकता है?
  517. 19:36सारी रिक्वेस्ट मैं एक ही सर्वर पे डाल
  518. 19:38दूं। तो ये सर्वर क्या होगा? अब सर्वर की
  519. 19:40जो सीपीयू यूटिलाइजेशन है, पूरी ऊपर तक हो
  520. 19:43जाएगी। मतलब 100% तक हो जाएगी। मेमोरी फुल
  521. 19:46हो जाएगी। ये सीपीयू आपका मतलब एक तरह से
  522. 19:48सर्वर जो है वो क्रैश कर सकता है। तो ये
  523. 19:50ट्रैफिक पुलिस की तरह है भैया कि कुछ
  524. 19:53एप्लीकेशनेशंस कुछ रिक्वेस्ट को इधर भेज
  525. 19:55दिया, कुछ रिक्वेस्ट को इधर भेज दिया, कुछ
  526. 19:56रिक्वेस्ट को इधर भेज दिया, कुछ को इधर
  527. 19:58भेज दिया ताकि सबको बराबर का मौका मिल
  528. 20:01सके। तो इसीलिए इसकी डेफिनेशन क्या है?
  529. 20:03लोड बैलेंसिंग या कंप्यूटेशन भी बोल देते
  530. 20:05हैं। काइंड ऑफ़ कंप्यूटेशन ही तो है कि
  531. 20:07भैया लोड बैलेंसर एंट्री पॉइंट पे बैठा
  532. 20:09है। वो बताता है कि अच्छा ये रिक्वेस्ट आई
  533. 20:11है। तू इधर जा, तू इधर जा, तू इधर जा। भाई
  534. 20:13ट्रैफिक पुलिस की तरह भैया तुमने इधर जाना
  535. 20:15है, तुमने इधर जाना है। लाइक दैट। ठीक है?
  536. 20:16तो यहां पे ट्रैफिक क्या कर रहा है? ये
  537. 20:19सिस्टम दैट डिस्ट्रीब्यूट इनकमिंग ट्रैफिक
  538. 20:22अक्रॉस द मल्टीपल सर्वर्स। और ये क्यों कर
  539. 20:24रहा है? नो सिंगल सर्वर गेट ओवरलोडेड।
  540. 20:27जैसे कि मैंने अभी बताया एप्लीकेशन स्टे
  541. 20:29फास्ट। ऑब्वियसली यार ये भी हो सकता है कई
  542. 20:31सर्वर्स मेरे नजदीक पड़े हैं। कई सर्वर्स
  543. 20:34मेरे बहुत ज्यादा दूर पड़े हैं। तो
  544. 20:35ऑब्वियसली जितना ज्यादा ट्रैवल होगा उतना
  545. 20:38ही मेरा जो प्रोपेगेशन टाइम होगा वो
  546. 20:41ज्यादा होगा। क्योंकि प्रोपगेशन टाइम का
  547. 20:43फार्मूला क्या होता है? या प्रोपगेशन डिले
  548. 20:45भी बोल देते हैं इसको जो मेरा डिस्टेंस है
  549. 20:48डिवाइड बाय स्पीड ऑफ द सिग्नल। तो यार
  550. 20:50प्रोपगेशन डिले इज डायरेक्टली प्रोपोर्शनल
  551. 20:52टू द डिस्टेंस। जितना सर्वर दूर उतना
  552. 20:54प्रोपगेशन टाइम ज्यादा। हम क्या चाहते
  553. 20:56हैं? कम हो। तो ऑब्वियसली मैं क्या करता
  554. 20:58हूं? लोड बैलेंसर क्या करता है कि जो
  555. 21:00नियरेस्ट है उसी को रिक्वेस्ट जाए ताकि
  556. 21:02जल्दी डेटा मिले। देन सिस्टम रिमेंस
  557. 21:04अवेलेबल 24 * 7 अवेलेबल। हो सकता है कि एक
  558. 21:07सर्वर जो है वो मेरा फेल हो गया ड्यू टू
  559. 21:09सम रीज़न। तो मेरी रिक्वेस्ट जो है वो रूट
  560. 21:12हो जाएगी दूसरे के पास ताकि ऐसा ना हो
  561. 21:13उसको डेटा ना मिले। हमेशा अवेलेबिलिटी
  562. 21:16होनी चाहिए। मिलियंस ऑफ यूज़र्स कैन हैंडल
  563. 21:19स्मूथली। वही बात हो गई मिलियंस ऑफ यूज़र्स
  564. 21:21को हैंडल करता है स्मूथली। तो लोड बैलेंसर
  565. 21:23इज़ वन ऑफ़ द मोस्ट इंपोर्टेंट फंडा। अब
  566. 21:25यहां पे अगर आपसे पूछ ले इंटरव्यूज के
  567. 21:27अंदर या कॉलेज यूनिवर्सिटी एग्जाम में
  568. 21:28कहीं पे भी सबसे पहला आता है टाइप में
  569. 21:30हार्डवेयर। लोड बैलेंसर। हार्डवेयर का
  570. 21:32मतलब है एक डेडिकेटेड हार्डवेयर ही लगा
  571. 21:34दिया यार। मतलब पूरी की पूरी एक मशीन है।
  572. 21:37उसी को मैंने लगा दिया। उसी के अंदर
  573. 21:39सॉफ्टवेयर है। उसी के अंदर जो है वो सारा
  574. 21:41का सारा CPU, रैम, मेमोरी सब जो है वो लोड
  575. 21:45बैलेंसर के लिए ही डेडिकेटेड है। अब यहां
  576. 21:47पे फिजिकली डेडिकेटेड मशीन है। नाम भी F5,
  577. 21:50बिग आईपी एप्लायसेस जो है वो नाम भी याद
  578. 21:52रख सकते हो। ये स्पेशली यूज़ होती है
  579. 21:54क्योंकि डेडिकेटेड है तो डेटा सेंटर्स के
  580. 21:56अंदर एंटरप्राइज बड़ी कंपनीज़ जैसे Google
  581. 21:58है, YouTube है, दे कैन यूज़ इट वेरी
  582. 22:00पावरफुल। क्योंकि डेडिकेटेड है। किसी और
  583. 22:03काम के लिए नहीं यूज़ हो रहा है। जैसे क्या
  584. 22:04होता है? जैसे हमारी मशीन है, हमारा जो
  585. 22:06लैपटॉप है, अगर मैं लैपटॉप को सिर्फ एक
  586. 22:08काम के लिए यूज करूं कि गेमिंग के लिए यूज
  587. 22:10कर रहा हूं। ना मैं उसमें कोई वीडियो देख
  588. 22:12रहा, ना मैं उसमें कोई ब्राउज़र चला रहा,
  589. 22:14ना मैं उसके अंदर कोई मूवी देख रहा, कुछ
  590. 22:16नहीं। मैं सिर्फ गेम्स खेलूंगा तो एक ही
  591. 22:18काम के लिए डेडिकेट कर दिया। तो ऑब्वियसली
  592. 22:20ज्यादा यूटिलाइजेशन होगी। लेकिन ऑब्वियसली
  593. 22:22क्या होगा? एक्सपेंसिव भी होगा। क्योंकि
  594. 22:24मैं और काम इसके ऊपर नहीं कर रहा। मैंने
  595. 22:27सिर्फ उसी को उस काम के लिए ही रखा हुआ
  596. 22:29है। बट ठीक है। बड़ी कंपनीज़ जो है वो
  597. 22:31मेनली उनको क्या चाहिए होता है? 24 * 7
  598. 22:33अवेलेबिलिटी। तो वो एक्सपेंसिव वाले
  599. 22:35फैक्टर को ज्यादा नहीं देखती। छोटी कंपनीज
  600. 22:37को देखना पड़ता है। बट अगर आपसे पूछ ले तो
  601. 22:39पता होना चाहिए। फिर दूसरी कैटेगरी आ जाती
  602. 22:41है जी सॉफ्टवेयर। सॉफ्टवेयर का मतलब है कि
  603. 22:43ऑलरेडी कोई सर्वर है। उसी सर्वर को मैं
  604. 22:45मल्टीपल चीजों में यूज़ कर सकता हूं। उसी
  605. 22:48के ऊपर मैंने सॉफ्टवेयर चला दिया लोड
  606. 22:50बैलेंसर का। जैसे लinक्स का सर्वर है,
  607. 22:52क्लाउड वर्चुअल मशीनंस है या फिर
  608. 22:53kubernets है। उन्हीं के ऊपर मैंने जैसे
  609. 22:55एनginx एचए या फिर प्रॉक्सी एनवॉय इस
  610. 22:58तरीके के मेरे बहुत सारे सॉफ्टवेयर्स आते
  611. 23:00हैं। उन सॉफ्टवेयर्स को रन कर दिया। तो वो
  612. 23:02क्या कर रहे एज ए लोड बैलेंसर मेरा काम कर
  613. 23:04रहा है। यहां पे आप कह सकते हो कि भ
  614. 23:06डेडिकेटेड नहीं है क्योंकि वो सर्वर कोई
  615. 23:08और काम भी कर रहा है। तो थोड़ा सा
  616. 23:09प्रोसेसिंग में टाइम लग सकता है कंपेरेटिव
  617. 23:12टू द हार्डवेयर। बट ऑब्वियसली यहां पे
  618. 23:14कॉस्ट भी मेरी जो है वो बच रही है। तीसरा
  619. 23:17जो सबसे ज्यादा वाइडली यूज़ होता है
  620. 23:19क्योंकि आज के टाइम पे मैक्सिमम
  621. 23:21एप्लीकेशनेशंस आपको पता है कहां पे
  622. 23:22होस्टेड है। क्लाउड के ऊपर और क्लाउड में
  623. 23:25कौन है जी? तीन सबसे बड़े प्लेयर Amazon,
  624. 23:27Google, Microsoft तो तीनों ने क्या
  625. 23:29प्रोवाइड किए हुए हैं? अपने खुद के लोड
  626. 23:31बैलेंस प्रोवाइड किए हुए हैं। तो आपको
  627. 23:33चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्लाउड
  628. 23:34प्रोवाइडर खुद इनको देख लेगा। ये नेम्स
  629. 23:36इंपॉर्टेंट है क्योंकि इनके ऊपर जो है वो
  630. 23:38इंटरव्यूज में पूछा जाता है। आपको पता
  631. 23:41होना चाहिए। इसके अलावा एक और कैटेगरी
  632. 23:44यहां पे आती है लोड बैलेंस की। दैट इज
  633. 23:47लेयर फोर एंड लेयर सेवन। ये आपकी फायर
  634. 23:50वाल्स के अंदर भी आती है। लेयर फोर फायर
  635. 23:52वाल्स, लेयर सेवन। अब यार ये लेयर पता है
  636. 23:54कौन सी है? ये लेयर आपकी ओएसआई वाली
  637. 23:56लेयर्स हैं। ओएसआई में पता है ना आपको
  638. 23:58सेवन लेयर्स होती हैं। तो ये जो लेयर फोर
  639. 24:00वाला है ना लेयर फोर या फिर लेयर फाइव भी
  640. 24:03बोल देते हैं। ये क्या चेक कर सकता है?
  641. 24:05आईपी एड्रेस को चेक कर सकता है। पोर्ट
  642. 24:08एड्रेस को चेक कर सकता है। मतलब ये टीसीपी
  643. 24:10या फिर यूडीपी के ऊपर काम करता है। लेकिन
  644. 24:12ये लेयर सेवन दैट इज़ एप्लीकेशन लेयर पे
  645. 24:15काम नहीं करता। एप्लीकेशन लेयर का मतलब है
  646. 24:17जहां पे हम यूआरएल को भी चेक कर सकें।
  647. 24:19जहां पे हम हेडर्स को, कुकीज़ को, एपी
  648. 24:21राइट्स को भी रूट्स को भी चेक कर सकें। वो
  649. 24:24सारी चीजें यहां पे चेक होती है। जैसे कोई
  650. 24:26रिक्वेस्ट आई अब लोड बैलेंसर क्या देख
  651. 24:29सकता है? लोड बैलेंसर अगर सिर्फ IPपी
  652. 24:31एड्रेस को चेक कर सकता है या फिर पोर्ट
  653. 24:33नंबर को चेक कर सकता है तो मतलब ये कौन सा
  654. 24:35है? लेयर फोर का है। तो ये काम तो अच्छा
  655. 24:37करेगा लेकिन ये डेटा जैसे मेरे Instagram
  656. 24:40है। अब Instagram पे मुझे रील्स भी चाहिए
  657. 24:42जो कि वीडियोस है। मुझे वहां पे कुछ
  658. 24:44रिकमेंडेशंस मुझे अपलोडिंग भी चाहिए वहां
  659. 24:46पे। मुझे वहां पे कोई मैसेजेस भी आ रहे
  660. 24:48हैं तो चैट सेक्शन भी है। तो मेरे को यहां
  661. 24:51पे थोड़ा सा अगर स्मार्ट काम करना है कि
  662. 24:54मैं चेक कर सकूं लेयर सेवन वाला मैं यहां
  663. 24:56पे यूज़ कर सकता हूं। क्योंकि लेयर सेवन
  664. 24:58आईपी एड्रेस पोर्ट और ये तो सारे स्कैन कर
  665. 25:00ही सकता है लेकिन इसके अलावा एक्स्ट्रा
  666. 25:02चीजें भी ये स्कैन कर सकता है जो कि ये
  667. 25:05नहीं कर पाएगा। तो डिपेंडिंग अपॉन द
  668. 25:07रिक्वायरमेंट आप अलग-अलग लेयर्स के हिसाब
  669. 25:10से जो है वो यूज़ कर सकते हो। जहां पे इसकी
  670. 25:11रिक्वायरमेंट है इसको यूज़ करो। अदरवाइज आप
  671. 25:14लेयर सेवन को व्हिच इज मोर स्मार्टर बट
  672. 25:16ऑब्वियसली कंप्यूटेशन भी हाई है। इसमें
  673. 25:18थोड़ी कंप्यूटेशन कम है। कॉस्ट भी कम है।
  674. 25:20ये कंप्यूटेशन जो है वो ज्यादा कर रहा है।
  675. 25:22कॉस्ट भी ज्यादा है। तो ये जो है वो
  676. 25:24डिपेंड करता है आपकी यूसेज पे। लास्ट में
  677. 25:26आपसे कई बार पूछ लेते हैं कि क्या बड़ी-बड़ी
  678. 25:28कंपनीज़ के सिर्फ एक सिंगल लेयर में होते
  679. 25:31हैं लोड बैलेंसर्स? नहीं जी। बड़ी-बड़ी
  680. 25:33कंपनीज़ के डेटा सेंटर्स होते हैं अलग-अलग
  681. 25:35जगह पे। जैसे YouTube है। मतलब Google की
  682. 25:37आप एग्जांपल ले लो या फिर Instagram का
  683. 25:39एग्जांपल ले लो, Amazon का एग्जांपल ले
  684. 25:41लो। उन्होंने एक जगह पे डेटा सेंटर थोड़ी
  685. 25:43ना बनाए हैं। उन्होंने मल्टीपल जगह पे
  686. 25:45डेटा सेंटर्स बनाए हुए हैं। तो वो क्या
  687. 25:46करते हैं कि जैसे यूजर ने रिक्वेस्ट की कि
  688. 25:49भैया मेरे को ये आईपी एड्रेस को एक्सेस
  689. 25:50करना है। तो डीएनएस ने उसको आईपी एड्रेस
  690. 25:52प्रोवाइड कर दिया। अब उसके बाद क्या होगा?
  691. 25:54ग्लोबल लोड बैलेंसर एक ग्लोबल लोड बैलेंसर
  692. 25:57है जो सबसे मेन जो है वो चेक कर रहा है।
  693. 25:59फिर उसके अंदर आ गया जी रीजनल। मतलब
  694. 26:01इंडिया का अलग रीजन का आ गया। यूएसए अलग
  695. 26:04रीजन का आ गया। यूरोप अलग रीजन का आ गया।
  696. 26:06ऑस्ट्रेलिया का अलग रीजन। तो रीजनल के ऊपर
  697. 26:08भी डिपेंड करता है। और यहां पे एक टेक्निक
  698. 26:10यूज़ होती है जी एनी कास्ट। एनी कास्ट का
  699. 26:13फंडा क्या होता है कि आपके मल्टीपल
  700. 26:15सर्वर्स ना सेम IPपी एड्रेस पे रन करते
  701. 26:18हैं। मतलब मल्टीपल सर्व जो है वो सेम IPपी
  702. 26:21एड्रेस पे रन करते हैं। इससे एडवांटेज
  703. 26:23क्या मिलता है कि आपकी रिक्वेस्ट जो है वो
  704. 26:26चेक इन करने की जरूरत नहीं है। जो भी
  705. 26:27नियरेस्ट सर्वर होगा ना जो भी नियरेस्ट
  706. 26:30सर्वर होगा उसके पास रिक्वेस्ट चली जाती
  707. 26:32है। तो लोड बैलेंसर का काम ही ये है कि जब
  708. 26:34भी आपकी रिक्वेस्ट आएगी डायरेक्ट सर्वर पे
  709. 26:37नहीं जाएगी। सबसे पहले लोड बैलेंसर आएगा।
  710. 26:40वो बोलेगा मेरे को देखने दो। वो चेक करेगा
  711. 26:42कि ठीक है भैया उसके बाद वो बैक एंड पे जो
  712. 26:45भी सर्वर्स हैं Hotstar का है Google का
  713. 26:48है तब जाके वो रिक्वेस्ट वहां पे देगा। और
  714. 26:50ये भी इंपॉर्टेंट है। कई बार क्या होता है
  715. 26:52कि कुछ इंपॉर्टेंट डेटा जो फ्रीक्वेंटली
  716. 26:55यूज़ हो रहा है वो लोड बैलेंसर कैश भी कर
  717. 26:57लेते हैं कि आपकी रिक्वेस्ट क्यों भेजनी
  718. 26:59सर्वर पे? क्यों Google के सर्वर पे
  719. 27:00भेजनी? मैं यहीं से ही आपको रिस्पॉन्ड
  720. 27:03करके दे दूंगा। लेकिन वो होता है जैसे
  721. 27:05एग्जांपल के तौर पे आप ले लो कि कोई नई
  722. 27:07मूवी आई है तो उसकी प्रमोशन चल रही है तो
  723. 27:09उसका जैसे फॉर एग्जांपल वो आया है कोई ना
  724. 27:12कोई ट्रेलर आया है ठीक है तो वो ट्रेलर को
  725. 27:14बार-बार सर्वर पे जाने की बजाय YouTube पे
  726. 27:17वो खुद ही कैश करके रख लेंगे अपनी कैश
  727. 27:19मेमोरी में रख लेंगे जैसे ही आपकी
  728. 27:20रिक्वेस्ट आई यहीं से भेज देंगे ताकि आपका
  729. 27:22डेटा जल्दी से जल्दी आपके पास पहुंच सके।
  730. 27:24कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क सबसे ज्यादा
  731. 27:28वाइडली यूज होने वाला कांसेप्ट है। और
  732. 27:30इसका सिंपल सा यूज़ केस क्या है कि अगर आप
  733. 27:34इंटरनेट पे कोई भी कंटेंट ढूंढ रहे हो,
  734. 27:36किसी भी वेबसाइट से कोई कंटेंट निकालने की
  735. 27:39कोशिश कर रहे हो तो सीडीए का सिंपल पर्पस
  736. 27:42है कि आपको कम से कम टाइम में उस कंटेंट
  737. 27:45को प्रोवाइड करवाना। आप इसको सिंपल से
  738. 27:47एग्जांपल से समझ सकते हो कि अगर हम
  739. 27:49Instamar या फिर ब्लिंकिट से पहले जैसे हम
  740. 27:52Amazon वगैरह पे शॉपिंग करते थे तो क्या
  741. 27:54होता था Amazon पे चलो आज भी करते हैं बट
  742. 27:56होता क्या है जनरली कि हमने कुछ सामान
  743. 27:58मंगवाया उसमें दिखाता है कि दो या तीन दिन
  744. 28:00में आपकी डिलीवरी होएगी सामान की अगर आप
  745. 28:02प्राइम मेंबर है तो हो सकता है एक दिन बाद
  746. 28:04ही डिलीवरी हो जाए बट ब्लिंकिट या फिर अगर
  747. 28:07मैं Instामart की बात करूं उसमें क्या
  748. 28:08होता है कि मैक्सिमम चीजें आपको 10 से 15
  749. 28:11मिनट या फिर 20 मिनट के अंदर चीजें मिल
  750. 28:13जाती है। होता क्या है कि उन्होंने ये जो
  751. 28:16अपने वेयर हाउसेस हैं छोटे-छोटे इन्होंने
  752. 28:18क्या किया कि हर शहर में आपके नियरेस्ट
  753. 28:21लोकेशन के पास बना दिया ताकि आपको जल्दी
  754. 28:25से जल्दी आपका डेटा या कंटेंट या जो भी
  755. 28:28सामान आप मंगवा रहे हो वो आपको जल्दी से
  756. 28:30जल्दी मिल जाए। मतलब हर बार आपकी
  757. 28:32रिक्वेस्ट जो है वो हेड ऑफिसेस में या जो
  758. 28:35सबसे मेन सेंट्रलाइज्ड वेयर हाउस है वहां
  759. 28:38नहीं जा रही। उन्होंने डिस्ट्रीब्यूट करके
  760. 28:40रख दिया सामान को आपके नजदीक सेम कंटेंट
  761. 28:44डिलीवरी नेटवर्क करता है। हमें पता है कि
  762. 28:47हमारा ओरिजिनल डेटा आप YouTube को एक्सेस
  763. 28:49कर रहे हो। आप लेट्स सपोज Instagram को
  764. 28:50एक्सेस कर रहे हो, Jio Hotstar को एक्सेस
  765. 28:52कर रहे हो। व्हाटएवर वेबसाइट यू आर
  766. 28:54एक्सेसिंग उसमें आपको पता है कि आपका जो
  767. 28:56ओरिजिनल सर्वर है उसके अंदर सारा डेटा
  768. 28:59ओरिजिनल फॉर्म में पड़ा है। मतलब आपकी जो
  769. 29:01वीडियोस हैं, फोटो है, चैट्स एवरीथिंग
  770. 29:04कंटेनेंड एक्चुअल डेटा इन द ओरिजिनल
  771. 29:06सर्वर। लेकिन ओरिजिनल सर्वर हो सकता है कि
  772. 29:09यूएसए में पड़ा हो और आप इंडिया में
  773. 29:11चंडीगढ़ में बैठ के उस डेटा को एक्सेस
  774. 29:14करने की कोशिश कर रहे हो। तो ऑब्वियसली
  775. 29:15यार अगर ज्यादा ट्रैवल होगा तो ऑब्वियसली
  776. 29:18टाइम मेरा ज्यादा लगेगा। क्योंकि
  777. 29:19प्रोपगेशन टाइम किसके ऊपर डिपेंड करता है?
  778. 29:22डिस्टेंस के ऊपर। तो यार मैं क्या चाहता
  779. 29:24हूं उसको कम किया जाए। डिस्टेंस को कम
  780. 29:27करने का मतलब है हम लोग क्या यूज करते
  781. 29:29हैं? एज सर्वर्स को यूज़ करते हैं। एज
  782. 29:32सर्वर्स क्या करते हैं? स्टोर कर लेते हैं
  783. 29:34कैश्ड कॉपीज को। मतलब फ्रीक्वेंटली यूज्ड
  784. 29:38कंटेंट को उसकी एक कॉपी को वो सर्वर्स
  785. 29:41नियरेस्ट लोकेशन में रख देंगे। मतलब
  786. 29:42चंडीगढ़ से आप एक्सेस कर रहे हो तो हर बार
  787. 29:44ओरिजिनल सर्वर यूएस में नहीं जाएगी। हो
  788. 29:47सकता है उन्होंने बोर में एक एज सर्वर रख
  789. 29:50दिया। आपकी रिक्वेस्ट वहां पे जा रही है
  790. 29:52और आपका डेटा वहां से ही उठ के आ रहा है।
  791. 29:55तो ऑब्वियसली डिस्टेंस कम ट्रैवल होगा तो
  792. 29:57आपका टाइम कम लगेगा। इसी चीज को हम इस
  793. 30:00डायग्राम से भी देख सकते हैं। ये डायग्राम
  794. 30:02आपका इसी तरीके से काम कर रहा है। तो लो
  795. 30:04जी यूज़र्स हैं अलग-अलग ज्योग्राफिकल
  796. 30:07लोकेशनेशंस पे बैठ के डेटा को एक्सेस करने
  797. 30:08की कोशिश कर रहे हैं। तो बाय डिफ़ॉल्ट आपको
  798. 30:10पता है आपका डेटा जो है वो ओरिजिनल सर्वर
  799. 30:12पे जाएगा। मतलब आपका डेटा यहां पे पड़ा है।
  800. 30:14तो आपकी रिक्वेस्ट यहां पे जाएगी। बट
  801. 30:16मैंने क्या बोला? बीच में हमने क्या लगा
  802. 30:18दिया? यहां पे हमने एज सर्वर्स लगा दिया।
  803. 30:21एज सर्वर्स क्यों बोल रहे हैं? क्योंकि ये
  804. 30:22सेंट्रलाइज्ड सर्वर्स नहीं है। इनको हमने
  805. 30:25डिस्ट्रीब्यूटेड अलग-अलग लोकेशनेशंस पे रख
  806. 30:26दिया। और ये आपकी डेटा की कैश कॉपी को
  807. 30:29मतलब जो डेटा सबसे ज्यादा यूज़ेबल है उस
  808. 30:32डेटा को यहां पे रख सकते हैं। अब यहां पे
  809. 30:34दिमाग में आएगा कि सर अगर मेरा डेटा यहां
  810. 30:38पे है ही नहीं अगर उसकी कॉपी हो सकता है
  811. 30:40मैं पहली बार उस डेटा को एक्सेस कर रहा
  812. 30:42हूं तो उसकी कॉपी यहां पे कैश की फॉर्म
  813. 30:44में पड़ी ही नहीं तो फिर क्या होगा? फिर
  814. 30:46आपकी रिक्वेस्ट ऑब्वियसली ओरिजिनल पे
  815. 30:48जाएगी। बट हम लोग क्या कर रहे हैं? वी आर
  816. 30:50डूइंग व्हाट कि यार एटलीस्ट मेरा 80% भी
  817. 30:53अगर मेरी रिक्वेस्ट यहीं से हैंडल हो जाए
  818. 30:55तो मेरा काम जो है वो डन हो जाएगा। आप
  819. 30:57इसको एग्जांपल से भी समझ सकते हो। लेट्स
  820. 30:59सपोज यूजर का डेटा अगर मैं ओरिजिनल सर्वर
  821. 31:02की बात करूं तो यहां पे लेट्स सपोज
  822. 31:04एग्जांपल के तौर पे 2500 मिली सेकंड्स लग
  823. 31:08रहे हैं एक रिक्वेस्ट को हैंडल करने के
  824. 31:10लिए। और लेट्स सपोज यही अगर डेटा मैं अपने
  825. 31:13एज सर्वर से नियरेस्ट लोकेशन से कर देता
  826. 31:15हूं। तो लेट्स सपोज 20 मिलीसे लग रहे हैं।
  827. 31:17अब अगर मेरी 100 रिक्वेस्ट जा रही हैं तो
  828. 31:20यहां पे कितना टाइम लगेगा? 2000। क्योंकि
  829. 31:22एव्री रिक्वेस्ट 20 मिलीसे तो 100
  830. 31:24रिक्वेस्ट को मल्टीप्लाई कर दो। यहां पे
  831. 31:26कितना टाइम लगेगा? 25,000 मतलब 25,000 भी
  832. 31:29नहीं ₹.5 लाख के अराउंड जो है वो
  833. 31:31मिलीसेकंड यहां पे लगेंगे क्योंकि 2500 *
  834. 31:34100 करना पड़ेगा। अगर अब आपके दिमाग में आ
  835. 31:36रहा है कि सर ऐसा तो नहीं कि 100 की 100
  836. 31:38रिक्वेस्ट मेरी यहीं से हो जाएंगी। लेट्स
  837. 31:40सपोज अगर 80% भी हो गई आपकी, तो 80% के
  838. 31:44केस में भी आप कह सकते हो कि मैं इसका अगर
  839. 31:4680% लूं तो 80% केस में मतलब ये आपका 16
  840. 31:50मिली सेकंड हो गया। और 20% केस में अगर
  841. 31:53मैं इसका ले लूं तो 20% इसका क्या हो गया?
  842. 31:56500 मिलीसे हो गया। तो 500 + 16 मतलब
  843. 31:59अराउंड 516 मिलीसे का टाइम लगेगा। ठीक है
  844. 32:03यार? तब भी वो 2.5 लाख मिली सेकंड से तो
  845. 32:05बहुत कम है। तो यानी ये इस तरीके से आपका
  846. 32:09जो है वो प्रोपगेशन टाइम कम करके आपको
  847. 32:11डेटा जल्दी से जल्दी प्रोवाइड करता है।
  848. 32:13यही चीज मैंने इसकी वर्किंग में भी लिखी
  849. 32:15हुई है कि यूजर की रिक्वेस्ट जाती है पहले
  850. 32:17डीएनएस रिज़ॉल्वर के पास। क्योंकि आप तो
  851. 32:18डोमेन नेम लिख रहे हो। उसके कॉस्पोंडिंग
  852. 32:20आईपी एड्रेस मिल गया। आईपी एड्रेस मिलते
  853. 32:22ही आपकी रिक्वेस्ट जो है वो कहां पे
  854. 32:23जाएगी? आईपी एड्रेस किसका मिला? आपको
  855. 32:25नियरेस्ट सीडीएन एज सर्वर का मिला। आपको
  856. 32:28मेन सर्वर का नहीं सीडीए सर्वर का। अगर
  857. 32:30वहीं से आपको डेटा मिल गया। कैश को चेक
  858. 32:33किया। अगर कैश हिट हो गई। कैश हिट का मतलब
  859. 32:35है आपका डेटा उसके अंदर ही मिल गया तो
  860. 32:37आपको तुरंत दे दिया। जी। अगर लेट्स सपोज
  861. 32:39मिस हो गई। कैश मिस होता है। फिर ओरिजिनल
  862. 32:42सर्वर पे जाएगा और फिर ओरिजिनल सर्वर से
  863. 32:44आपका डाटा जो है वो पहुंचा दिया जाएगा। ये
  864. 32:47सिंपल सी कहानी है सीडीए की। व्हाट इज
  865. 32:50फॉरवर्ड प्रॉक्सी एंड व्हाट इज बैकवर्ड
  866. 32:52प्रॉक्सी? कहां पे लगती हैं? क्या काम
  867. 32:54करती हैं? सारी की सारी चीजें मैं आपको
  868. 32:56विद रियल लाइफ एग्जांपल एक्सप्लेन करूंगा।
  869. 32:58तो गाइस फटाफट से वीडियो को लाइक कर देना।
  870. 33:00चैनल को सब्सक्राइब कर देना। अगर अब तक
  871. 33:02आपने नहीं किया और अगर कर भी दिया तो और
  872. 33:03डिवाइसेस से सब्सक्राइब करवा सकते हो
  873. 33:05क्योंकि सब्सक्राइबर्स बहुत जरूरी है। चलो
  874. 33:07जी। तो स्टार्ट करते हैं। सबसे पहले मैं
  875. 33:09बात कर रहा हूं यहां पे फॉरवर्ड प्रॉक्सी
  876. 33:11की। पहली चीज आपको ये पता होना चाहिए कि
  877. 33:13भैया फॉरवर्ड प्रॉक्सी कहां पे लगती है?
  878. 33:16मतलब उसका प्लेस क्या है? तो भैया प्लेस
  879. 33:19क्या है इसका? जो यूज़र्स हैं जैसे आप, मैं
  880. 33:22हम सब क्या हैं? यूज़र्स हैं। तो हम
  881. 33:24वेबसाइट को ओपन करते हैं। एप्लीकेशनेशंस
  882. 33:26को ओपन करते हैं। तो हम एक नॉर्मल नेम
  883. 33:28यूज़र्स हैं। और हम लोग क्या करते हैं? जी
  884. 33:31इंटरनेट से कनेक्ट होते हैं। किससे कनेक्ट
  885. 33:33होते हैं? इंटरनेट से कनेक्ट होते हैं।
  886. 33:35हमारा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर हमें IPपी
  887. 33:37एड्रेस देता है। हम उससे कनेक्ट होते हैं।
  888. 33:38तो यार ये जो आपका फॉरवर्ड प्रॉक्सी है ना
  889. 33:41ये यहीं पे लगता है। कहां पे? यूजर और
  890. 33:44इंटरनेट के बीच में। डायग्राम में आपको
  891. 33:46यही दिख रहा है जी। मल्टीपल क्लाइंट्स
  892. 33:48हैं। क्लाइंट्स क्या होते हैं? यूज़र्स ही
  893. 33:50तो हैं। क्लाइंट मशीन मतलब मेरी मशीन।
  894. 33:51आपकी मशीन क्लाइंट मशीनंस है। और ये क्या
  895. 33:53होती है? इंटरनेट से कनेक्ट होती है। तो
  896. 33:55भैया यूजर आपकी मशीन और इंटरनेट के बीच
  897. 33:57में जो लगता है वो होता है फॉरवर्ड
  898. 33:59प्रॉक्सी। जैसे स्क्विड है, वीपीए है ये
  899. 34:02सारे के सारे अब आपके दिमाग में आएगा सर
  900. 34:04इसका काम क्या है? क्यों बीच में घुसा
  901. 34:05दिया? जी सबसे पहला एग्जांपल जो आपने झेला
  902. 34:08भी होगा आपकी कॉलेज यूनिवर्सिटी में जब हम
  903. 34:10पढ़ते हैं उस टाइम पे क्या होता है? जी
  904. 34:12बहुत सारी वेबसाइट्स को बहुत सारी चीजों
  905. 34:14को वो ब्लॉक कर देते हैं। तो ये ब्लॉकेज
  906. 34:16किसके थ्रू की जा सकती है? फॉरवर्ड
  907. 34:18प्रॉक्सी के थ्रू। क्यों? क्योंकि
  908. 34:20उन्होंने सारा कंट्रोल अपने हाथ में लिया
  909. 34:22होता है और वो क्या चाहते हैं कि भैया जो
  910. 34:23भी रिक्वेस्ट मेरी इस पर्टिकुलर के लिए जा
  911. 34:26रही है जैसे यूजर कह रहा है कि मेरे को
  912. 34:28Facebook एक्सेस करना है मेटा एक्सेस करना
  913. 34:30है तो उन्होंने अगर ब्लॉक कर रखा होगा तो
  914. 34:32आपकी रिक्वेस्ट आगे बायपास हो ही नहीं
  915. 34:33सकती यहीं पे स्टॉप हो जाएगी ये सिंपल सा
  916. 34:37पर्पस है एक क्या हो सकता है फॉरवर्ड
  917. 34:38प्रॉक्सी का इसके अलावा क्या हो सकता है
  918. 34:41भैया इंटरनेट में जो भी रिक्वेस्ट लेट्स
  919. 34:43सपोज आप YouTube को एक्सेस करने की कोशिश
  920. 34:45कर रहे हो Google को या किसी भी वेबसाइट
  921. 34:46को एक्सेस करने की कोशिश कर रहे हो अब
  922. 34:48उसके पास जब वो जो रिक्वेस्ट आएगी उसको
  923. 34:50आपका कुछ नहीं पता लगेगा कि भैया क्लाइंट
  924. 34:53वन से आई है क्लाइंट टू से नहीं उसको क्या
  925. 34:56दिखेगा सिर्फ फॉरवर्ड प्रॉक्सी का आईपी
  926. 34:58दिखेगा वो एक्चुअल में क्लाइंट का पता ही
  927. 35:01नहीं लगता तो यानी आपकी इंफॉर्मेशन को वो
  928. 35:04छुपा के भी रखता है दूसरों के लिए ताकि
  929. 35:07दूसरे जो है वो आपकी इंफॉर्मेशन ना देख
  930. 35:09पाए तो मतलब यहां से यहां कोई डेटा जा रहा
  931. 35:11है तो वो चेक करवाता है और आपके जो है वो
  932. 35:14यहां से वहां कोई वापस आ रहा है कोई
  933. 35:16रिक्वेस्ट का रिस्पांस यहां से यहां आ रहा
  934. 35:18है उसको उसको भी चेक करता है कि कोई
  935. 35:19अंडशंट डेटा ना आ जाए मेरे नेटवर्क के
  936. 35:22अंदर। ये सारे काम फॉरवर्ड प्रॉक्सी करता
  937. 35:24है। वेब फिल्टरिंग यही हो गया जी। मेरे को
  938. 35:27किसी को रोकना है तो मैं रोक सकता हूं। और
  939. 35:29हालांकि बच्चे और भी स्मार्ट है। जी।
  940. 35:31बच्चे क्या करते हैं? अपने सिस्टम में अलग
  941. 35:33से जैसे वीपीए वगैरह यूज़ करके वो बाईपास
  942. 35:36भी कर सकते हैं। वो भी क्या है? प्रॉक्सी
  943. 35:38ही है। बस उसमें होता क्या है कि आपने कोई
  944. 35:41एक पर्टिकुलर आईपी, एक पर्टिकुलर डोमेन
  945. 35:42नेम को ब्लॉक किया है। वो बाईपास कर देता
  946. 35:44है उसको चेंज करके। ज्योग्राफिकल लोकेशन
  947. 35:47को चेंज कर देगा। नेम चेंज कर देगा जिससे
  948. 35:49प्रॉक्सी ना पकड़ पाए। बट काम वो भी क्या
  949. 35:51है? प्रॉक्सी का ही है। बट उस प्रॉक्सी पे
  950. 35:53कंट्रोल आपका है। लेकिन इस प्रॉक्सी पे
  951. 35:56कंट्रोल जो है वो आपके कॉलेज यूनिवर्सिटी
  952. 35:57का है। बट है वो फॉरवर्ड प्रॉक्सी। कंटेंट
  953. 36:00को ब्लॉक करना है। प्राइवेसी प्रोटेक्शन
  954. 36:01होगी कि आपकी इनेशन आगे नहीं दिखाएगा।
  955. 36:04सिर्फ अपनी इनेशन दिखाता है। कैशिंग ये
  956. 36:06बड़ा इंपॉर्टेंट है। जी। कैशिंग का सिंपल
  957. 36:08सा पर्पस है कि बहुत सारे ऐसे केसेस होते
  958. 36:10हैं जहां पे आपकी फ्रीक्वेंटली यूज्ड डेटा
  959. 36:13है। कोई नया मूवी आया तो उसकी ट्रेलर है।
  960. 36:15तो वो उसने अपने पास ही रख लिया कैश करके
  961. 36:18कि क्यों फालतू में आपकी रिक्वेस्ट इतनी
  962. 36:20ट्रेवल करें। आपने रिक्वेस्ट की उस ट्रेलर
  963. 36:22की दिखा दिया दिखा दिया दिखा दिया। तो
  964. 36:24फटाफट से डेटा जो है वो इजीली आपको
  965. 36:26अवेलेबल और एक्सेस कंट्रोल भी भैया कौन
  966. 36:29इसको एक्सेस कर सकता है? कौन नहीं कर सकता
  967. 36:31फॉरवर्ड आपकी रिक्वेस्ट जाएगी नहीं जाएगी?
  968. 36:33ये सारे काम कौन करता है? जी आपका फॉरवर्ड
  969. 36:35प्रॉक्सी करता है। तो ये पॉइंट्स आपको पता
  970. 36:38होने चाहिए। अब इसी का ही दूसरा आ गया जी
  971. 36:40आपका रिवर्स प्रॉक्सी। ये कहानी क्या है?
  972. 36:43रिवर्स प्रॉक्सी पहले तो ये बता दो भैया
  973. 36:45बैठती कहां पे है? कहां पे होती है? तो ये
  974. 36:48आ गया जी आपका इंटरनेट। ठीक है? और ये आ
  975. 36:51गया जी आपका जो कंपनीज़ के अलग-अलग सर्वर्स
  976. 36:54है या फिर आप यह कह सकते हो कि कंपनी का
  977. 36:56अपना एक प्राइवेट नेटवर्क है। तो आपके
  978. 36:58कंपनी और आपके इंटरनेट के बीच में जो
  979. 37:01बैठता है वो है रिवर्स प्रॉक्सी। मतलब
  980. 37:03यूजर का यहां पे कोई कंट्रोल नहीं है।
  981. 37:06यूजर तो सिंपली इंटरनेट से कनेक्ट करेगा।
  982. 37:08तो इंटरनेट और जो कंपनीज़ का प्राइवेट
  983. 37:10नेटवर्क है उसके बीच में जो बैठता है दैट
  984. 37:12इज़ रिवर्स प्रॉक्सी जैसे एंजिस हो गया।
  985. 37:14Apache HTTP सर्वर हो गया। एच एच ए
  986. 37:17प्रॉक्सी हो गया। ये मल्टीपल जो है वो
  987. 37:19नेम्स आप याद रख सकते हो। कई बार आपको
  988. 37:21इंटरव्यू में पूछ लेते हैं। अब यहां पे
  989. 37:23इसका फायदा क्या है? सबसे पहला जी लोड
  990. 37:25बैलेंसिंग। मतलब जो भी रिक्वेस्ट मल्टीपल
  991. 37:28यूजर से आ रही है उन रिक्वेस्ट को क्या कर
  992. 37:31सकता है? रिवर्स प्रॉक्सी लोड बैलेंसिंग
  993. 37:33की तरह कि ये रिक्वेस्ट इधर जा ये
  994. 37:35रिक्वेस्ट इधर जा ये रिक्वेस्ट इधर जा
  995. 37:37ताकि ऐसा ना हो कि एक सर्वर मेरा ओवरलोड
  996. 37:39हो जाए ये काम भी कर सकता है जी आपका
  997. 37:41रिवर्स प्रॉक्सी एसएसएल टर्मिनेशन आपको
  998. 37:43पता है हम एचटीटीपी को यूज़ करते हैं
  999. 37:45एचटीटीपी एस को यूज़ करते हैं आज के टाइम
  1000. 37:48पे क्योंकि हमें सिक्योरिटी चाहिए तो यार
  1001. 37:50आपका जो यूजर है जो भी आपकी रिक्वेस्ट है
  1002. 37:53वो सर्वर के साथ क्या करती है एक सिक्योर
  1003. 37:56कनेक्शन क्रिएट करती है लेकिन हम क्या
  1004. 37:58चाहते हैं कि यार सर्वर को क्यों परेशान
  1005. 38:00करना करना बेचारा सर्टिफिकेट क्रिएट
  1006. 38:02करेगा, सर्टिफिकेट को हैंडल करेगा, कीज़ को
  1007. 38:05हैंडल करेगा, फालतू में सीपीू यूटिलाइज़ेशन
  1008. 38:07होगा। ये वाले काम भी हम किसको दे देते
  1009. 38:09हैं? रिवर्स प्रॉक्सी को दे देते हैं।
  1010. 38:11मतलब जो भी एसएसएल कनेक्शन बनेगा वो सर्वर
  1011. 38:13से नहीं बनेगा। वो आपका प्रॉक्सी से
  1012. 38:15बनेगा। क्योंकि प्रॉक्सी तक आपकी
  1013. 38:17रिक्वेस्ट चली गई। उसके बाद तो ये आपका
  1014. 38:19उनका अपना प्राइवेट नेटवर्क है। वो बिना
  1015. 38:21एचटीटीपीएस के भी भेज सकते हैं। अकेले
  1016. 38:23एचटीटीपी से भी डेटा आपका जा सकता है।
  1017. 38:25क्योंकि ये वाला कंट्रोल तो कंपनी के हाथ
  1018. 38:27में है ना। वो चाहता है कि आपका रिक्वेस्ट
  1019. 38:29एचटीपीएस के थ्रू जाए। आगे हम अपने आप
  1020. 38:32संभाल लेंगे। तो यहां पे ये भी काम किया
  1021. 38:34जा सकता है इसके थ्रू। कैशिंग वही सेम चीज
  1022. 38:36होगी रिक्वेस्ट की। तो फालतू में हर बार
  1023. 38:39वेब सर्वर को क्यों परेशान कर रहे हो?
  1024. 38:40इतनी रिक्वेस्ट आ रही है। आप कुछ डेटा कैश
  1025. 38:43करके रख लो। यहीं से ही उस डेटा को यूजर
  1026. 38:45को दे दो वापस। सिक्योरिटी ऑब्वियसली
  1027. 38:48सर्वर की जो इंफॉर्मेशनेशंस हैं वो हाइड
  1028. 38:51करके रखेगा। क्योंकि आपकी रिक्वेस्ट सर्वर
  1029. 38:53तक जा ही नहीं रही। मैक्सिमम रिक्वेस्ट
  1030. 38:55आपकी रिवर्स प्रॉक्सी ही हैंडल कर देगा।
  1031. 38:57यहीं से कैश करके दे देगा। या फिर यूजर को
  1032. 38:59अगर देखना है कि मैं किस सर्वर से
  1033. 39:00कनेक्टेड हूं। उसको सर्वर की ओरिजिनल
  1034. 39:02लोकेशन, आईपी कुछ नहीं पता लगेगा। उसको
  1035. 39:05सिर्फ रिवर्स प्रॉक्सी तक का पता लगेगा।
  1036. 39:07तो यानी आपकी रिक्वेस्ट इसके अंदर आ ही
  1037. 39:09नहीं पाई। प्राइवेट नेटवर्क में आ ही नहीं
  1038. 39:11पाई। ये अपने आप हैंडल कर लेगा। क्योंकि
  1039. 39:13हो सकता है कुछ मैशियस डेटा हो। कोई
  1040. 39:15एसएसएल इंजेक्शन हो, कोई सीक्वल इंजेक्शन
  1041. 39:17हो। तो भैया इस टाइप की चीजों को भी ये
  1042. 39:19रोक सकता है। आगे जाने नहीं देगा। तो आपकी
  1043. 39:22कंपनी का प्राइवेट जो नेटवर्क है वो
  1044. 39:24सिक्योर रहेगा। वही हो गया जी डीडीओएस
  1045. 39:26ऑब्वियसली यार एक ही आईपी से मल्टीपल
  1046. 39:28एड्रेसेस आ रहे हैं मल्टीपल रिक्वेस्ट आ
  1047. 39:31रही है या फिर अलग-अलग ज्योग्राफिकल
  1048. 39:33लोकेशन से रिक्वेस्ट आ रही है बार-बार तो
  1049. 39:35सिक्योरिटी ये भी रख सकता है रिवर्स
  1050. 39:37प्रॉक्सी बोलेगा भैया डिनाइयल ऑफ सर्विस
  1051. 39:39अटैक को बचाना है अगर सेम रिक्वेस्ट सेम
  1052. 39:41आईपी से आ रही है तो मैं उसको ब्लॉक कर
  1053. 39:43दूंगा अगर अलग-अलग से भी आ रही है तब भी
  1054. 39:45वो पैटर्न्स को चेक करके रोक सकता है तो
  1055. 39:48डीडीओएस अटैक डीओएस अटैक इन सबको भी हैंडल
  1056. 39:51कर सकता है। इवन कंप्रेशन डेटा अगर आपके
  1057. 39:53पास आ रहा है ये क्या कर रहा है उस डेटा
  1058. 39:55को कंप्रेस भी कर सकता है कि क्यों फालतू
  1059. 39:57में इतना बड़ा-बड़ा इनेशन देनी आपका डेटा
  1060. 40:00प्रोसेस हो के यहां पे आया उसको कंप्रेस
  1061. 40:02किया अगर डेटा कंप्रेस करेंगे साइज कम हो
  1062. 40:05गया लेटेंसी भी कम होगी टाइम भी कम लगेगा
  1063. 40:07बैंडविड्थ भी कम लगेगी ये इतने सारे काम
  1064. 40:10भैया अकेला रिवर्स प्रॉक्सी कर सकता है
  1065. 40:12व्हाट आर एसएसएल सर्टिफिकेट्स क्या होते
  1066. 40:15हैं एसएसएल सर्टिफिकेट्स कैसे हम लोग इनको
  1067. 40:18यूज़ करते हैं पूरा रियल लाइफ एग्जांपल के
  1068. 40:21साथ आपको पढ़ाऊंगा। एसएसएल सर्टिफिकेट्स को
  1069. 40:23आप ऐसे मान लो दीज़ आर बॉडीगार्ड्स ऑफ़ द
  1070. 40:26इंटरनेट। तो इसको हम समझते हैं एग्जांपल
  1071. 40:29से। आपने बहुत सारी वेबसाइट्स को डेली
  1072. 40:31बेसिस पे ओपन करते ही हो। ठीक है ना? कभी
  1073. 40:33ना कभी तो किया होगा ही। तो अगर आप कोई भी
  1074. 40:36वेबसाइट को ओपन करते हो हम लोग क्या करते
  1075. 40:38हैं? यूआरएल डालते हैं। यूआरएल कहां पे
  1076. 40:40डालते हैं? इस तरीके से हम लोग यूआरएल जो
  1077. 40:42है वो यहां पे लिखते हैं। जिसको मैं डोमेन
  1078. 40:43नेम भी बोल सकता हूं। तो यहां पे अगर आप
  1079. 40:45क्लिक करोगे ना इस पॉइंट पे अगर आप क्लिक
  1080. 40:47करोगे तो क्लिक करते ही वहां पे आ जाता है
  1081. 40:50कि कनेक्शन इज सिक्यर्ड और जब आप उस पे
  1082. 40:52क्लिक करते हो तो इस तरीके से एक
  1083. 40:54सर्टिफिकेट जो है वो ओपन होता है। जैसे
  1084. 40:56मैंने एसबीआई को ओपन किया तो यहां पे अगर
  1085. 40:58आप ध्यान से देखोगे कि यार इस सर्टिफिकेट
  1086. 41:01को किसने ऑथराइज किया है? डीजी सर्ट ने
  1087. 41:04ऑथराइज किया है। तो मतलब यह एक कंपनी का
  1088. 41:06नेम है जो ऑथराइज करती है कि यह
  1089. 41:08सर्टिफिकेट जो है यह एसएसएल सर्टिफिकेट
  1090. 41:11हमारी तरफ से जो है वो दिया हुआ है। ऐसे
  1091. 41:13ही एक और एग्जांपल आपको बता देता हूं।
  1092. 41:15सीबीएसई की वेबसाइट मैंने यहां पे ओपन की
  1093. 41:17है। तो सीबीएसई की वेबसाइट पे भी अगर आप
  1094. 41:19यहां पे क्लिक करोगे कनेक्शन इज़ सिक्योर
  1095. 41:21सेव। तो यहां पे जब आप इसका सर्टिफिकेट
  1096. 41:23ओपन करोगे तो यहां पे क्या आ गया? लेट्स
  1097. 41:25इंक्रिप्ट। मतलब ऑर्गेनाइजेशन का नेम क्या
  1098. 41:27है? लेट्स इंक्रिप्ट। तो ये मल्टीपल
  1099. 41:29ऑर्गेनाइजेशंस हैं जो क्या काम आती हैं?
  1100. 41:32ये एक्चुअल में सर्टिफिकेट एसएसएस
  1101. 41:34सर्टिफिकेट्स को देती हैं। क्यों देती
  1102. 41:36हैं? क्या होता है? इसको समझते हैं अब हम
  1103. 41:38एग्जांपल से। बॉडीगार्ड आपको पता लग गया
  1104. 41:40कि इंटरनेट के बॉडीगार्ड की तरह काम करता
  1105. 41:42है। क्यों करता है? क्या इसका यूज़ है?
  1106. 41:44इसको ध्यान से समझो। तो देखो यहां पे
  1107. 41:46क्लाइंट है, सर्वर है। क्लाइंट मतलब हम
  1108. 41:48लोग हम एक यूज़र्स हैं और हम लोग क्या करते
  1109. 41:51हैं? सर्वर्स को एक्सेस करने की कोशिश
  1110. 41:52करते हैं। तो मैं क्या करता हूं?
  1111. 41:53रिक्वेस्ट भेजता हूं कि मेरे को फलाना
  1112. 41:55फलाना वेब पेज चाहिए। ये मुझे रिस्पांस
  1113. 41:57करता है कि ये ले भैया ये ले जा तेरे लिए।
  1114. 42:00अब यहां पे होता क्या है कि अगर मैं
  1115. 42:02नॉर्मल एचटीटीपी को यूज़ करूंगा बिना कोई
  1116. 42:04सिक्योरिटी के तो रास्ते में कोई भी मैन
  1117. 42:06इन द मिडिल अटैक लगा के कोई भी हैकर बीच
  1118. 42:09में बैठ के हमारी सारी कन्वर्सेशन को सुन
  1119. 42:11सकता है और देख भी सकता है। मतलब सब कुछ
  1120. 42:13हो गया। मैं क्या चाहता हूं कि भैया यहां
  1121. 42:15पे मैं इंक्रिप्शन को यूज़ करूं।
  1122. 42:17इंक्रिप्शन में दो मैकेनिज्म मेनली यूज़
  1123. 42:19होते हैं। एक है सिमिट्रिक की, एक
  1124. 42:20एसिमिट्री की जो कि मैं ऑलरेडी बहुत बार
  1125. 42:22करवा चुका हूं। ऊपर आई सेक्शन में लिंक
  1126. 42:23में आ भी रहा होगा। लेकिन एक बार फिर से
  1127. 42:25आपको थोड़ा सा आईडिया देता हूं। एसिमिट्रिक
  1128. 42:27की और सिमिट्रिकी में क्या फर्क है? जो
  1129. 42:29हमारी सिमिट्रिक की होती है उसमें वन की
  1130. 42:32यूज़ होती है। मतलब एक ही की है। मैंने उस
  1131. 42:34की से हमारे डेटा को एनक्रिप्ट कर दिया।
  1132. 42:37अब सर्वर जो है वो उसी सेम की से डेटा को
  1133. 42:40क्या करेगा? डिक्रिप्ट करेगा। ये चीज़ चलती
  1134. 42:42रहती है। ठीक है? अब यहां पे दिक्कत क्या
  1135. 42:44है कि जो मेरी की है अगर मेरे क्लाइंट्स
  1136. 42:47मशीन पे की है तो मैं इसको कैसे दूंगा
  1137. 42:49भाई? और मुझे वो सेफली देनी पड़ेगी।
  1138. 42:51क्योंकि अगर मैंने की ऐसे ही भेज दी और
  1139. 42:53रास्ते में अगर हैकर को की मिल गई तो
  1140. 42:55फायदा क्या हुआ भैया? आपने की से
  1141. 42:57एंक्रिप्ट करके डेटा भेजा। वो इसने भी खोल
  1142. 42:59लिया। इसने भी खोल लिया। तो फिर कहां गई
  1143. 43:01इंक्रिप्शन? इंक्रिप्शन गई तेल ले। तो
  1144. 43:03भैया इसका कोई फायदा नहीं है। नेक्स्ट आ
  1145. 43:06गया जी एसिमिट्रिक। मतलब मुझे की को
  1146. 43:08प्रॉपर्ली सिक्योर तरीके से एक्सचेंज करना
  1147. 43:11पड़ेगा। एसिमिट्रिक के केस में क्या होता
  1148. 43:12है? जैसे क्लाइंट के पास अपनी एक पब्लिक
  1149. 43:15की होती है और अपनी एक क्या होती है?
  1150. 43:17प्राइवेट। ठीक है? तो मैंने प्राइवेट और
  1151. 43:18पब्लिक इस तरीके से सीसी लिख दिया। अब
  1152. 43:20सर्वर के पास अपनी एक पब्लिक की है और
  1153. 43:23सर्वर के पास अपनी एक प्राइवेट की है। तो
  1154. 43:26कहानी क्या कहती है कि लेट्स सपोज क्लाइंट
  1155. 43:28ने कोई डेटा भेजना है तो वो क्या करेगा?
  1156. 43:30उस मैसेज को एनक्रिप्ट करेगा पब्लिक की ऑफ़
  1157. 43:34सर्वर से और उसको भेज देगा। जब ये मैसेज
  1158. 43:37यहां पे आएगा। जब ये मैसेज यहां पे आएगा
  1159. 43:40ये मैसेज जो है वो एंक्रिप्ट हो के यहां
  1160. 43:42पे आएगा। तो ये सर्वर क्या करेगा? इसके
  1161. 43:46ऊपर अपनी प्राइवेट की लगा के इसको खोल
  1162. 43:49लेगा। ये इनके बीच में रिलेशन होता है कि
  1163. 43:50अगर आप पब्लिक से कर रहे हो तो प्राइवेट
  1164. 43:52से खुल जाता है। प्राइवेट से कर रहे हो तो
  1165. 43:54पब्लिक से खुल जाता है। ये काम जो है वो
  1166. 43:56हो जाता है। ये हम ऑलरेडी कर चुके हैं। अब
  1167. 43:58पंगा क्या पड़ गया यहां पे? बढ़िया चल रहा
  1168. 44:00है सिस्टम। लेकिन हुआ क्या? हैकर भी बड़े
  1169. 44:03भैया तेज है आज के टाइम पे। उन्होंने क्या
  1170. 44:05किया हुआ है कि उन्होंने मतलब गलगोटिया
  1171. 44:08वाले तेज नहीं है। असली वाले तेज है। तो
  1172. 44:10हैकर ने क्या किया कि भैया रास्ते में जो
  1173. 44:13मेरा ये पूरा लिंक था इसको यहां पे
  1174. 44:15एक्वायर कर लिया। और यह जो पब्लिक की थी
  1175. 44:17किसकी? सर्वर की पब्लिक की थी। इसने वह
  1176. 44:20सर्वर की पब्लिक की नाम ही जिसका पब्लिक
  1177. 44:22है। पब्लिक का मतलब कोई भी उसको एक्सेस कर
  1178. 44:24सकता है। तो इसने उसकी पब्लिक की ली और
  1179. 44:26उसको मॉडिफाई करके पब्लिक की को मॉडिफाई
  1180. 44:30करके और उसको भेज दिया क्लाइंट को।
  1181. 44:32क्लाइंट को लगेगा कि ये सर्वर की पब्लिक
  1182. 44:35की है। बट ये है किसकी? हैकर की। तो
  1183. 44:37क्लाइंट क्या करेगा? जब मैसेज को
  1184. 44:39इंक्रिप्ट करेगा तो वो तो ऐसे ही समझ के
  1185. 44:41कर रहा है कि सर्वर की की से कर रहा हूं।
  1186. 44:43लेकिन वो हैकर की पब्लिक की से हो रहा
  1187. 44:44होगा और वो अपनी प्राइवेट की से उसको खोल
  1188. 44:47लेगा और फिर उसके बाद उसको सर्वर को भेज
  1189. 44:50सकता है अपने हिसाब से। तो यानी
  1190. 44:51सिक्योरिटी यहां पे भी कॉम्प्रोमाइज हो
  1191. 44:53सकती है। तो यहां पे आता है जी एसएसएल का
  1192. 44:56फंडा। एसएसएल क्या कहता है? एसएसएल कहता
  1193. 44:59है कि भैया मैं एक सर्टिफिकेट दे रहा हूं।
  1194. 45:01साथ में मैं क्या दे रहा हूं? एक
  1195. 45:02सर्टिफिकेट दे रहा हूं। सर्टिफिकेट का
  1196. 45:04मतलब क्या है? जैसे हम होता है ना कि दो
  1197. 45:06लोग आपस में अगर लड़ाई कर रहे हैं तो बीच
  1198. 45:08में कॉम्प्रोमो करवाने के लिए एक हमने
  1199. 45:10सरपंच टाइप के बंदे को बुला लिया। एक बड़े
  1200. 45:12बंदे को बुला लिया वो बोल देगा कि भैया जो
  1201. 45:14इस तरीके से जो भी मैं बोलूंगा वही फॉलो
  1202. 45:16करना पड़ेगा। तो वही चीज ये है कि यहां पे
  1203. 45:19क्या आ गया जी एक सर्टिफिकेट अथॉरिटी आ
  1204. 45:21जाती है वो एसएसएल सर्टिफिकेट देती है और
  1205. 45:24फिर क्लाइंट को लगेगा कि ठीक है भैया ये
  1206. 45:26पब्लिक की जो आई है ये डेटा जो आया है ये
  1207. 45:28ऑथेंटिकेट है ये वेरीफाई है अब इसको भी
  1208. 45:30समझ लो कैसे होता है बड़ा सिंपल है सर्वर
  1209. 45:33जो है वो सबसे पहले क्या करेगा जो मेरा
  1210. 45:36सीए है सीए क्या है जो मेरा सर्टिफिकेट
  1211. 45:39अथॉरिटी है वही जैसे लेट्स इंक्रिप्ट हो
  1212. 45:41गया डिजीजर्ट हो गया सर्वर उसके पास जाएगा
  1213. 45:44कि मेरे को एक सर्टिफिकेट दे दो ताकि
  1214. 45:46क्लाइंट मेरे को पहचान ले वेरीफाई कर ले
  1215. 45:48तो सर्टिफिकेट अथॉरिटी क्या बोलेगा कि ठीक
  1216. 45:51है मेरे को अपना पब्लिक की दे मतलब पब्लिक
  1217. 45:53की ऑफ़ सर्वर दे दे ठीक है और अपनी डोमेन
  1218. 45:56इनेशन दे दे वैलिडिटी वगैरह कुछ इनेशन
  1219. 45:59उठाएगा और इस इंफॉर्मेशनेशन को वो डालेगा
  1220. 46:02एसएचए एल्गोरिदम में मतलब इसकी हैश वैल्यू
  1221. 46:05कैलकुलेट करेगा एसए एसएचए क्या होता है ये
  1222. 46:08सारी कहानी भी ऑलरेडी बता चुका हूं ऊपर आई
  1223. 46:10सेक्शन में लिंक आ रहा होगा एक बार जरूर
  1224. 46:11पढ़ लेना कुछ नहीं हैश वैल्यू कैलकुलेट कर
  1225. 46:14लेता है एक मैसेज का डाइजेस्ट कैल
  1226. 46:16कैलकुलेट कर लेता है। और जैसे ही मैंने
  1227. 46:18यहां पे शा लगाया इसके ऊपर एसए एल्गोरिदम
  1228. 46:21लगाया तो इसने क्या किया? एक हैश वैल्यू
  1229. 46:24कैलकुलेट करके दे दी जिसका नाम रख दिया
  1230. 46:26मैंने लेट्स सपोज एच वन। ठीक है? तो इसने
  1231. 46:28पब्लिक की और सर्वर यूज़ की डोमेन इनेशन एक
  1232. 46:30दो इनेशन और यूज़ की और उसने उसके हिसाब से
  1233. 46:33एक हैश वैल्यू निकाल ली। अब ये हैश वैल्यू
  1234. 46:36को वो क्या करेगा? इस हैश वैल्यू को ये
  1235. 46:39सीए क्या करेगा? अपनी प्राइवेट की से सीए
  1236. 46:42ने अपनी प्राइवेट की से उसको एंक्रिप्ट
  1237. 46:45करके और नाम दे दिया सिग्नेचर नाम दे दिया
  1238. 46:48इसको सिग्नेचर ध्यान से देखना पहले क्या
  1239. 46:50किया पब्लिक की को यूज़ किया सर्वर की और
  1240. 46:53उसकी डोमेन इनेशन को यूज़ करके शा
  1241. 46:55एल्गोरिदम को यूज़ किया एक मैसेज डाइजेस्ट
  1242. 46:57निकाल लिया हैश वैल्यू निकाल ली उस हैश
  1243. 47:00वैल्यू को डायरेक्ट भेजने की बजाय उसने
  1244. 47:02प्राइवेट की से अपनी प्राइवेट की से सीए
  1245. 47:05ने एंक्रिप्ट कर दिया और उसका नाम दे दिया
  1246. 47:07सिग्नेचर अब मेरा जो एसएसएल सर्टिफिकेट है
  1247. 47:09उसमें उसमें एक तो सिग्नेचर आ गया ये वाला
  1248. 47:13और एक पब्लिक की आ गई किसकी? सर्वर की। अब
  1249. 47:16क्या होगा? ये इंफॉर्मेशन जब क्लाइंट के
  1250. 47:18पास आएगी यही है वो जो आपको पहले खोल के
  1251. 47:20दिखाया था ना सर्टिफिकेट ये वही
  1252. 47:22सर्टिफिकेट है। तो क्लाइंट देखेगा ओके
  1253. 47:24मेरे पास पब्लिक की ऑफ़ सर्वर आ गई। ठीक
  1254. 47:26है। फिर उसके बाद देखेगा अच्छा सिग्नेचर।
  1255. 47:28अब ये सिग्नेचर का क्या करेगा? इस
  1256. 47:30सिग्नेचर को उठाएगा। अब इस सिग्नेचर में
  1257. 47:33क्या है? प्राइवेट की ऑफ़ सीए से
  1258. 47:34इंक्रिप्टेड है। तो ये क्या करेगा? पब्लिक
  1259. 47:37की ऑफ़ सीए से उसको डिक्रिप्ट कर लेगा।
  1260. 47:40इससे उसको पता लग जाएगा। यह किसकी की से
  1261. 47:42खुला? सीए की की से खुला। तो यानी इससे
  1262. 47:45पता लग गया इसको कि भैया ये एक्चुअल में
  1263. 47:47ऑथोराइज हो गया। ये वेरीफाई हो गया कि इसी
  1264. 47:49बंदे ने इसको ये सर्टिफिकेट दिया होगा।
  1265. 47:51क्योंकि उसी की की से ये खुला है। और उसके
  1266. 47:54बाद खुलने के बाद क्या मिला इसको? H1 मिल
  1267. 47:56गया। मतलब ये जो था हैश वैल्यू ये मिल गई।
  1268. 47:59लेकिन अब इसका करेगा क्या? क्लाइंट कहता
  1269. 48:01है कि मैं दोबारा से जो भी सर्वर की
  1270. 48:03पब्लिक की थी उसको यूज़ करूंगा। इसकी डोमेन
  1271. 48:07को यूज़ करके सेम मैं एसएई एल्गोरिदम को
  1272. 48:10यूज़ करूंगा और एक हैश वैल्यू निकाल लूंगा
  1273. 48:12H2 और क्या करेगा? H1 अगर डबल इक्वल टू H2
  1274. 48:16आ रहा है। मतलब अगर ये दोनों हैश वैल्यूज़
  1275. 48:17बराबर है तो यानी ये ऑथेंटिकेटेड हो गया।
  1276. 48:21अगर ये हैश वैल्यू बराबर नहीं है तो ये
  1277. 48:23ऑथेंटिकेट नहीं होगा। तो बस ये कैलकुलेट
  1278. 48:26करने के बाद हमारा एसएसएल जो है वो
  1279. 48:29सर्टिफिकेट वैलिडेट कर देता है कि भैया
  1280. 48:31नाउ यू कैन मूव ऑन मतलब आप इसको आपस में
  1281. 48:34बातचीत कर सकते हो। अब हैकर अगर लेट्स
  1282. 48:36सपोज आपके दिमाग में आ रहा है कि सर हैकर
  1283. 48:38ने अगर लेट्स सपोज ये जो मैंने सिग्नेचर
  1284. 48:41बनाया था सिग्नेचर को तो हैकर भी खोल सकता
  1285. 48:43है क्योंकि उसके पास भी हो सकता है पब्लिक
  1286. 48:45की हो सीए की उससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
  1287. 48:48अगर उसने कुछ भी चेंज किया ना H1 में एक
  1288. 48:50डॉट भी चेंज कर दिया कुछ भी वैल्यू चेंज
  1289. 48:52कर दी वो कभी भी H2 के साथ मैच नहीं करेगा
  1290. 48:55और जो मेरा क्लाइंट है उसको पता लग जाएगा
  1291. 48:57कि रास्ते में किसी ने कुछ छेड़खानी की है।
  1292. 49:00तो यह पूरा का पूरा मेथड जो है वो याद
  1293. 49:03रखना। इन केस छोटा सा भी डाउट है दोबारा
  1294. 49:05सुन लेना। मेरे हिसाब से इसके बाद कभी कोई
  1295. 49:08डाउट रहेगा नहीं। कैशिंग जो है वो क्यों
  1296. 49:10बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है? क्या इसके
  1297. 49:11फायदे हैं? कैसे इसको इंप्लीमेंट करते
  1298. 49:13हैं? सारी कहानी इस वीडियो में बिल्कुल
  1299. 49:15रियल लाइफ एग्जांपल के साथ समझाऊंगा। तो
  1300. 49:17गाइस फटाफट से वीडियो को लाइक कर देना।
  1301. 49:19चैनल को सब्सक्राइब करना। अगर अभी तक आपने
  1302. 49:21नहीं किया अगर कर भी दिया है तो और
  1303. 49:22डिवाइसेस से सब्सक्राइब करवा सकते हो।
  1304. 49:24शेयर कर सकते हो।्राइबर सब्सक्राइबर बहुत
  1305. 49:25जरूरी है। तो चलिए स्टार्ट करते हैं। सबसे
  1306. 49:27पहले अगर मैं नॉर्मल सिचुएशन की बात करूं
  1307. 49:29जो आपको पता है आप डेली लाइफ में यूज़ भी
  1308. 49:32करते हो। हम सब क्या है? यूज़र्स हैं। हम
  1309. 49:34क्या करते हैं? इंटरनेट से अपने डिवाइस को
  1310. 49:36क्या करते हैं? कनेक्ट करते हैं। ठीक है?
  1311. 49:38और उसके थ्रू क्या करते हैं? कोई ना कोई
  1312. 49:40वेबसाइट, कोई ना कोई एप्लीकेशन को ओपन
  1313. 49:42करते हैं। तो हमारी रिक्वेस्ट कहां पे
  1314. 49:43जाती है? एप्लीकेशन सर्वर पे जाती है।
  1315. 49:46क्योंकि सर्वर ही सारी रिक्वेस्ट को क्या
  1316. 49:48करता है? हैंडल करता है। अब सर्वर के पास
  1317. 49:50अपने आप तो डाटा नहीं पड़ा। वह क्या करता
  1318. 49:53है? डेटाबेस में आपकी रिक्वेस्ट को भेजता
  1319. 49:56है। जैसे एग्जांपल के तौर पे आपने
  1320. 49:58Facebook पे अपनी प्रोफाइल को एक्सेस करना
  1321. 50:00है या Instagram पे अपनी प्रोफाइल को
  1322. 50:01एक्सेस करना है। तो आपकी रिक्वेस्ट गई
  1323. 50:03उनके सर्वर के पास। सर्वर ने डेटाबेस से
  1324. 50:05क्या किया? आपकी प्रोफाइल को एक्सेस किया
  1325. 50:07और वो एक्सेस करके आपको दे दिया। ये सिंपल
  1326. 50:11प्रोसेस है। अब होता क्या है? जब मैं
  1327. 50:13स्केलेबल करता हूं। मतलब अपनी सिस्टम को
  1328. 50:15स्केलेबल करता हूं। हजारों लाखों करोड़ों
  1329. 50:17यूज़र्स जब मेरी साइट को एक्सेस करते हैं
  1330. 50:20तो होता क्या है? डेटाबेस पे आप बहुत
  1331. 50:22ज्यादा लोड डाल रहे हो। और सबसे
  1332. 50:24इंपॉर्टेंट बात क्या है कि ये जो डेटाबेस
  1333. 50:27होता है ये क्या होता है? जी परमानेंट। अब
  1334. 50:29परमानेंट डेटाबेस स्टोरेज का मतलब क्या हो
  1335. 50:31गया? कि आप अपना डेटा जो है वो हार्ड
  1336. 50:34डिस्क के अंदर स्टोर कर रहे हो। हार्ड
  1337. 50:36डिस्क कह लो, एसएसडीज कह लो या फिर टेप
  1338. 50:38ड्राइव्स कह लो। बट वो टेप ड्राइव्स कम
  1339. 50:40यूज़ होती है क्योंकि वो बहुत ज्यादा स्लो
  1340. 50:42है। बट अगर मैं हार्ड डिस्क भी लगा के
  1341. 50:44चलूं तो हार्ड डिस्क में भी आपका डेटा जो
  1342. 50:46है वो मान के चलो माइक्रो सेकंड्स में
  1343. 50:48डेटा जो है वो 10 रे टू पावर -3 इतना टाइम
  1344. 50:51फिर भी लेता है टू गिव यू बैक द डेटा। ठीक
  1345. 50:54है? मतलब इतना टाइम जो है वो एक्सेस टाइम
  1346. 50:56में लगता है। अब हुआ क्या कि इस चीज को
  1347. 50:59थोड़ा सा इंप्रूव करने के लिए कि भैया
  1348. 51:01इतने लोग एक्सेस कर रहे हैं। पैरेलली
  1349. 51:03एक्सेस कर रहे हैं। तो यार मैं डेटा जल्दी
  1350. 51:05प्रोवाइड करना चाहता हूं। मैं उनका एक्सेस
  1351. 51:07टाइम कम करना चाहता हूं। रिस्पांस टाइम
  1352. 51:09बढ़ाना चाहता हूं ताकि उनको जल्दी से
  1353. 51:11जल्दी रिस्पांस मिले। मतलब कम करना चाहते
  1354. 51:13हैं हम एक्सेस टाइम को। तो होगा क्या कि
  1355. 51:15यूजर सेम वही है यूजर एप्लीकेशन सर्वर पे
  1356. 51:18जाएगा। एप्लीकेशन सर्वर से आपकी रिक्वेस्ट
  1357. 51:20डायरेक्ट डेटाबेस पे नहीं जाएगी। यहां पे
  1358. 51:23हमने क्या लगा दिया जी? रेडिश कैशे लगा
  1359. 51:25दिया। रेडिश मतलब रेडिश कह लो या यहां पे
  1360. 51:28जो है वो मैम कैश करके भी यूज़ होता है। ये
  1361. 51:31क्या होते हैं? इन मेमोरी सिस्टम्स होते
  1362. 51:33हैं। इन मेमोरी डेटाबेस सिस्टम्स होते
  1363. 51:35हैं। इन मेमोरी का मतलब है ये पूरा का
  1364. 51:37पूरा डेटा कहां पे स्टोर करके रखते हैं?
  1365. 51:40RAM के अंदर। RAM आपको पता है टेंपरेरी
  1366. 51:43स्टोरेज है। लेकिन वेरी वेरी फास्ट। मतलब
  1367. 51:46यहां से आप डेटा माइक्रो सेकंड इवन नैनो
  1368. 51:48सेकंड तक में डेटा निकाल सकते हो। तो
  1369. 51:51ऑब्वियसली कहां माइक्रो सेकंड? और अगर मैं
  1370. 51:53नैनो सेकंड की बात करूं 10 रेज़ टू माइनस
  1371. 51:55नाइन। मतलब दोनों के बीच में 10 रेज़ टू
  1372. 51:57पावर सिक्स का फर्क है। व्हिच इज अ वेरी
  1373. 51:59वेरी ह्यूज। तो यहां पे मैं क्या करता हूं
  1374. 52:01कि हमेशा रिक्वेस्ट को डेटाबेस में भेजने
  1375. 52:04की बजाय मैं सीधा रेडिश कैशे से या रैम से
  1376. 52:07ही डेटा को वापस दे दूंगा। मतलब मैं मोस्ट
  1377. 52:10इंपोर्टेंट डेटा को यहां पे रख लूंगा।
  1378. 52:12जैसे यूजर की जो फीड्स हैं, यूजर के जो
  1379. 52:14सेशंस हैं, ट्रेंडिंग टॉपिक्स हैं, एपीआई
  1380. 52:17रिस्पॉन्सेस हैं, उन सबको मैं मेनली कहां
  1381. 52:19पे रख लूंगा? यहां पे रख लूंगा ताकि जैसे
  1382. 52:21ही रिक्वेस्ट आई, यहीं से आपको रिस्पोंड
  1383. 52:23दे दिया। डेटाबेस पे बार-बार जाने की
  1384. 52:25जरूरत ही नहीं है। तो टाइम मेरा बच गया।
  1385. 52:26अब होगा क्या यहां पे? ऑब्वियसली सारा
  1386. 52:29डेटा तो हम यहां पे नहीं रख सकते। अगर आप
  1387. 52:31सारा डेटा ही रख सकते होते तो हार्ड डिस्क
  1388. 52:33को लगाने की जरूरत ही क्या है? एक रीज़न तो
  1389. 52:35ये हो गया कि हार्ड डिस्क आपकी परमानेंट
  1390. 52:37स्टोरेज है और रेडिस में जो कैश है ये
  1391. 52:40आपका परमानेंट नहीं है। ये तो वोलेटाइल
  1392. 52:42है। तो ऑब्वियसली क्या हो सकता है? पावर
  1393. 52:44फेलियर में डेटा लॉस हो सकता है। बट दूसरा
  1394. 52:47इंपॉर्टेंट रीज़न क्या है? एक्सपेंसिव। अगर
  1395. 52:50आप GB, टीबीस, पैटाबाइट्स ऑफ़ डेटा को RAM
  1396. 52:53में रखोगे तो कॉस्ट बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी।
  1397. 52:55तो हम लोग क्या करते हैं कि मोस्टेंट डेटा
  1398. 52:58को जो ज्यादा यूज़ हो रहा है उसको आप रेडिस
  1399. 53:00में रख दो बाकी आपका डेटाबेस में। तो
  1400. 53:02लेट्स सपोज अगर मेरा सारा मतलब 90% केस
  1401. 53:05में अगर डेटा यहीं से मिल गया कैश हिट हो
  1402. 53:07गया तो आप यहीं से वापस दे दो। अगर इन केस
  1403. 53:10कैश में मिस होता है कोई 2-4% में 10% में
  1404. 53:13तो फिर कैश मिस के केस में फिर तो डेटाबेस
  1405. 53:16पे जाना पड़ेगा। डेटाबेस से आप डाटा जो है
  1406. 53:18वो रेडिश में भी अपडेट कर दोगे क्योंकि
  1407. 53:20उसकी रिक्वेस्ट आई है तो हो सकता है
  1408. 53:22दोबारा से फिर आए। तो आपने रेडिस में भी
  1409. 53:24सेव कर दिया और यूजर को भी दे दिया। तो इस
  1410. 53:26तरीके से जनरली काम चलता है। ये बड़ा
  1411. 53:29इंपॉर्टेंट है और यहां पे जो रेडिस है
  1412. 53:31मेनली जो है वो सबसे ज्यादा रेडिस यूज़
  1413. 53:33होता है और ये क्या करता है? एक्चुअल में
  1414. 53:35ये की वैल्यू पेयर में डेटा को स्टोर करता
  1415. 53:38है। की वैल्यू पेयर डिस्ट्रीब्यूटेड वे
  1416. 53:39में डेटा को स्टोर करता है। और वैल्यू में
  1417. 53:42सिर्फ आपका एक टाइप का डेटा नहीं स्ट्रिंग
  1418. 53:44है, नंबर्स है, लिस्ट है, सेट है। सारे
  1419. 53:47टाइप के डेटा को की वैल्यू में स्टोर कर
  1420. 53:49सकता है। इट इज़ वेरी वेरीरी फास्ट। अब
  1421. 53:51यहां पे एक छोटी सी पॉइंट, छोटा सा पॉइंट
  1422. 53:53और बताना चाहता हूं। कई बार स्टूडेंट को
  1423. 53:55लगता है कि कैचिंग का मतलब है रेडिस। ठीक
  1424. 53:57है? रेडिश इज अ वेरी-वेरी इंपॉर्टेंट
  1425. 53:59कॉन्सेप्ट आपको पता होना चाहिए इन मेमोरी
  1426. 54:01जो मैंने अभी बताया। लेकिन सिर्फ रेडिश
  1427. 54:03में यूज़ नहीं होता। आपका पूरे कांसेप्ट
  1428. 54:05में यूज़ होता है। देखो सबसे पहले अगर मैं
  1429. 54:07एग्जांपल के तौर पे आपको बताऊं यूजर की
  1430. 54:09रिक्वेस्ट क्या होती है? जी सबसे पहले
  1431. 54:11डीएनएस सर्वर पे जाती है। क्यों? क्योंकि
  1432. 54:14डीएनएस से आपको क्या मिलता है? आईपी
  1433. 54:16एड्रेस। आपने डोमेन नेम डाला आईपी मिल
  1434. 54:18गया। तो आपका जो आईएसपी होता है या Google
  1435. 54:20के जो पब्लिक सर्वर्स हैं वो क्या करते
  1436. 54:22हैं? आपके जो डोमेन नेम्स को जो ज्यादा
  1437. 54:24एक्सेस कर रहे हो वो कैश में रख लेते हैं।
  1438. 54:27वहीं से आपको आईपी दे देंगे। आपकी
  1439. 54:29रिक्वेस्ट हर बार रूट सर्वर पे नहीं
  1440. 54:30जाएगी। दूर नहीं जाएगी। फिर उसके बाद यहां
  1441. 54:33से मेरी रिक्वेस्ट गई। इंटरनेट पे जाने से
  1442. 54:36पहले लेट्स सपोज मैंने फॉरवर्ड प्रॉक्सी
  1443. 54:38लगा रखा [गला साफ़ करने की आवाज़] है। अब
  1444. 54:38फॉरवर्ड प्रॉक्सी भी बड़ा इंपॉर्टेंट है।
  1445. 54:40फॉरवर्ड प्रॉक्सी क्या करता है? आपके
  1446. 54:42इंस्टट्यूट ने, कॉलेज, यूनिवर्सिटी ने,
  1447. 54:43कंपनी ने लगा रखा है तो कुछ डेटा यह भी
  1448. 54:46कैश कर लेता है। तो मतलब आपके यहां पे
  1449. 54:48रिक्वेस्ट इंटरनेट पे जाने से पहले ही हो
  1450. 54:50सकता है यहीं से आपको रिस्पांस मिल जाए।
  1451. 54:52इवन बहुत सारा डेटा आपकी मशीन के अंदर भी
  1452. 54:55आपके ब्राउज़र जो है वो खुद कैश करके रख
  1453. 54:58लेते हैं ताकि हर बार आपकी रिक्वेस्ट दूर
  1454. 55:00ना जाए। कुछ डेटा मैं यहीं से दे दूं। तो
  1455. 55:02ये सारी चीजें जो है वो कैशिंग का ही
  1456. 55:04कांसेप्ट है। इवन रिवर्स प्रॉक्सीस को हम
  1457. 55:06लोग यूज़ करते हैं। मैं ऑलरेडी पढ़ा चुका
  1458. 55:08हूं। रिवर्स प्रॉक्सीज़ में भी क्या होता
  1459. 55:10है? आपका डेटा जो है वो कैश करके रख लिया
  1460. 55:12जाता है। मतलब ये सारी की सारी चीजें इसके
  1461. 55:15बाद आपका जो सीडीएन है कंटेंट डिलीवरी
  1462. 55:18नेटवर्क वो भी क्या करता है? ये सारा का
  1463. 55:20सारा जो है वो स्टैटिक डेटा को सेव करके
  1464. 55:23रखते हैं। मतलब वो डेटा जो फिक्स है जैसे
  1465. 55:25लोगोस हैं, बैनर्स हैं, थंबनेल्स हैं वो
  1466. 55:28मैक्सिमम चीजें आपकी फिक्स होती हैं। तो
  1467. 55:30वो फिक्स डेटा को यहां पे सेव कर लेते
  1468. 55:32हैं। और जो डेटा चेंज हो रहा है जैसे
  1469. 55:34स्टोरीज वगैरह लगा रहे हो आप वो चीजें
  1470. 55:36चेंज हो रही है तो वो डेटा आपका मान के
  1471. 55:39चलो कि एप्लीकेशन सर्वर के बाद यहां पे
  1472. 55:41रेडिश में सेव करके रख लेते हैं। और फिर
  1473. 55:44इसके बाद मेरा डेटाबेस आता है। तो यहां से
  1474. 55:46रिक्वेस्ट आपकी हैंडल हो जाती है। तो याद
  1475. 55:48रखना बस कि सिर्फ रेडिस नहीं है। इसके
  1476. 55:51अलावा और भी है। जैसे आपकी मशीन भी कैश
  1477. 55:53करके रख लेती है। जैसे Instagram लोगो,
  1478. 55:55WhatsApp की रीसेंट चैट्स वगैरह। ठीक है?
  1479. 55:57फॉरवर्ड प्रॉक्सीस है। ये भी आपके
  1480. 55:59इंस्टट्यूट्स वगैरह क्या करते हैं? जैसे
  1481. 56:01कुछ होम पेजेस हैं उनको कैश करके रख लेते
  1482. 56:03हैं। इसके अलावा सीडी एंड कैश दिस इज़ वेरी
  1483. 56:05वेरीरीेंट। स्टैटिक डेटा जैसे थंबनेल्स,
  1484. 56:07वीडियोस, रील्स जो अभी-अभी कोई ट्रेलर आया
  1485. 56:10है तो उसको भी मैं यहां पे क्या कर लेता
  1486. 56:11हूं? सेव करके रख लेता हूं ताकि रिक्वेस्ट
  1487. 56:13को ज्यादा दूर जाने ना पड़े। फिर रिवर्स
  1488. 56:15प्रॉक्सीस भी जैसे एचटीटीपी रिस्पों्ससेस
  1489. 56:17है, वेब पेजेस है, एपीए इनको भी क्या करके
  1490. 56:19रख लेते हैं? कैश करके रखते हैं। और ये तो
  1491. 56:21मेन आपका 90% तो ये इंपॉर्टेंट है ही जो
  1492. 56:24यूजर की फीड डायनामिक डेटा को क्या करके
  1493. 56:26रखता है? कैश करके रखता है। और फिर उसके
  1494. 56:28बाद डेटाबेस इवन डेटाबेस में भी कई बार
  1495. 56:30क्या होता है कि कुछ क्वेरीज ऐसी हैं जो
  1496. 56:32मिलियंस ऑफ यूज़र्स से डेटा को एक्सेस कर
  1497. 56:35मतलब मेरे पास मिलियंस ऑफ रोज़ हैं। उनमें
  1498. 56:37से मैं कुछ डेटा एक्सेस कर रहा हूं। तो हर
  1499. 56:39बार मिलियन रोज़ को क्यों एक्सेस करना? मैं
  1500. 56:41उसके रिस्पांस को भी हो सकता है डेटाबेस
  1501. 56:44में कैश करके रख लूं। और डीएनएस का मैं
  1502. 56:46ऑलरेडी बता चुका हूं कि कुछ इंपॉर्टेंट
  1503. 56:47आईपीस को हम कैश कर लेते हैं। ये सारे के
  1504. 56:50सारे कैश के ही टाइप्स हैं। आप ये लगा के
  1505. 56:52चलो। डेली बेसिस पे हम लोग कितनी ही
  1506. 56:55एप्लीकेशनेशंस को, कितनी ही वेबसाइट्स को
  1507. 56:57यूज़ करते हैं। इन सबको मैं एक जनरल टर्म
  1508. 57:00में अगर देखा जाए तो क्या बोल सकता हूं?
  1509. 57:02एक सिस्टम बोल सकता हूं। क्योंकि इस पूरे
  1510. 57:04सिस्टम में बहुत सारे यूज़र्स क्या करते
  1511. 57:06हैं? आप जैसे हम जैसे यूज़र्स क्या करते
  1512. 57:09हैं? कोई ना कोई रिक्वेस्ट भेजते हैं और
  1513. 57:11ये जो सिस्टम है आपकी रिक्वेस्ट को
  1514. 57:13प्रोसेस करके एक रिस्पांस जनरेट करता है
  1515. 57:16और वो आपका डेटा हो सकता है। कोई वीडियोस
  1516. 57:19हो सकती हैं। कोई कुछ भी इस तरीके से आपको
  1517. 57:21कोई ना कोई रिप्लाई करता है। तो इस पूरे
  1518. 57:24सिस्टम को अगर मुझे अच्छे से डिज़ाइन करना
  1519. 57:27हो। अच्छे से डिज़ाइन करने का मतलब है कि
  1520. 57:29हो सकता है आज मेरे सिस्टम में हजार लोग आ
  1521. 57:32रहे हैं। कल को मेरे सिस्टम में 1 लाख लोग
  1522. 57:34भी आ सकते हैं। तो क्या मेरा सिस्टम
  1523. 57:36प्रॉपर्ली काम करेगा? क्या अगर मैं सिस्टम
  1524. 57:39की बात कर रहा हूं आज बहुत अच्छा चल रहा
  1525. 57:40है। 24 * 7 मेरा वर्किंग है। लेट्स सपोज
  1526. 57:43कोई फेलियर अकर हो गया। कोई पावर फेलियर
  1527. 57:45अकर हो गया। कोई नेचुरल डिजास्टर अकर हो
  1528. 57:47गया तो क्या मेरा सिस्टम तब भी काम करेगा
  1529. 57:50या टोटली रुक जाएगा? तो कहने का मतलब ये
  1530. 57:53है कि जब भी हम एक पूरे सिस्टम को अच्छे
  1531. 57:55से डिजाइन करते हैं तो देयर आर मल्टीपल
  1532. 57:58फैक्टर्स, मल्टीपल कंपोनेंट्स जो आपको पता
  1533. 58:00होने चाहिए। और वही चीज मैं आपको यहां पे
  1534. 58:03लेके आया हूं कि भैया पूरे सिस्टम डिजाइन
  1535. 58:06में क्या मैंडेटरी क्या मेजर कंपोनेंट्स
  1536. 58:09हैं और इस चीज को हम लोग रियल लाइफ
  1537. 58:11एनालॉजी से समझते हैं। लेट्स टेक द
  1538. 58:13एग्जांपल ऑफ रेस्टोरेंट सिस्टम। मतलब
  1539. 58:16लेट्स सपोज आप यूजर हो। जैसे मैं भी यूजर
  1540. 58:18हूं। आप भी यूजर हो। हम लोग क्या करते
  1541. 58:20हैं? कई बार वीकेंड्स पे किसी फेमस
  1542. 58:22रेस्टोरेंट्स ने या किसी ने हमें रिकमेंड
  1543. 58:24कर दिया तो हम उस पे जाके खाना खाते हैं।
  1544. 58:26डिनर करने जा रहे हैं। तो लेट्स सपोज मेरे
  1545. 58:28पास यहां पे क्या है? एक यूजर एप्लीकेशन
  1546. 58:30है। कोई उस रेस्टोरेंट की एप्लीकेशन ले लो
  1547. 58:32या ऑनलाइन मैं लेट्स सपोज क्या कर रहा
  1548. 58:34हूं? कोई ना कोई बुकिंग कर रहा हूं उस
  1549. 58:35एप्लीकेशन के ऊपर जाके कि मेरे को लेट्स
  1550. 58:37सपोज चार लोगों के लिए एक टेबल बुक करवाना
  1551. 58:39है। तो कहने का मतलब क्या है कि मैंने उन
  1552. 58:41एप्लीकेशन का या बहुत सारी ऐसी एप्लीकेशन
  1553. 58:43भी आती है जैसे Zomato का है, distic ऐप
  1554. 58:46है। उसके थ्रू जाके भी हम लोग क्या करते
  1555. 58:48हैं? रिजर्वेशन करते हैं। तो हमने क्या
  1556. 58:50किया? फ्रंट एंड। फ्रंट एंड में क्या आ
  1557. 58:52गया? वही पूरा का पूरा यूआई सिस्टम आ गया,
  1558. 58:54बटंस आ गए, पेजेस आ गए जिसके ऊपर जाके हम
  1559. 58:57क्लिक करके और अपना बुकिंग कर सकते हैं।
  1560. 58:59तो ये मेरा एक फ्रंट एंड क्या हो गया?
  1561. 59:01सिस्टम हो गया। अब क्या हो सकता है कि
  1562. 59:03मेरे जो जिस भी पर्टिकुलर रेस्टोरेंट में
  1563. 59:05मैं जाना चाह रहा हूं। लेट्स सपोज मैं
  1564. 59:06साउथ इंडियन खाना है और लेट्स सपोज कोई
  1565. 59:08बोर का फेमस रेस्टोरेंट का एग्जांपल ले
  1566. 59:11लो। लेट्स सपोज उडुपी का एग्जांपल है। अब
  1567. 59:12उडुपी रेस्टोरेंट जो है चंडीगढ़ में अगर
  1568. 59:15नहीं होगा तो ऑब्वियसली मेरे को बोर जाके
  1569. 59:18खाना पड़ेगा या और हो सकता है मेरे को
  1570. 59:19नियरेस्ट लोकेशन में जाके खाना पड़े। तो
  1571. 59:22यहां पे एक रेस्टोरेंट के मल्टीपल क्या हो
  1572. 59:25सकते हैं? आउटलेट्स हो सकते हैं। तो इसको
  1573. 59:27हम क्या बोलेंगे? डिस्ट्रीब्यूटेड मैनर।
  1574. 59:29मतलब एक रेस्टोरेंट ने एक जगह नहीं रखा।
  1575. 59:31उन्होंने अलग-अलग जगह पे ब्रांचेस खोल
  1576. 59:33लिए। दैट इज व्हाट अ डिस्ट्रीब्यूटेड
  1577. 59:35सिस्टम। अब मैं क्या करता हूं? मैं सीडीएन
  1578. 59:37को यूज़ करता हूं। सीडीएन का फंडा क्या है?
  1579. 59:40कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क। मतलब मेरे को
  1580. 59:42नियरेस्ट लोकेशन। अब यार मैं बोर तो
  1581. 59:44जाऊंगा नहीं चंडीगढ़ से खाना खाने के लिए।
  1582. 59:45मैं सर्च करूंगा कि क्या चंडीगढ़ में कोई
  1583. 59:48है? नियरेस्ट लोकेशन में कोई है? तो
  1584. 59:50नियरेस्ट लोकेशन में अगर होगा तो मेरी
  1585. 59:52रिक्वेस्ट सीडीएन के पास जाएगी और वहीं से
  1586. 59:54मेरे को रिस्पांस मिल जाएगा। मतलब मैं उसी
  1587. 59:56नियरेस्ट लोकेशन पे जाके अपना खाना खाने
  1588. 59:59की कोशिश करूंगा। अब यहां पे कांसेप्ट आ
  1589. 1:00:01गया जी अगेन डीएनएस का भी। डीएनएस का
  1590. 1:00:03कांसेप्ट क्या है? अब लेट्स सपोज मेरे को
  1591. 1:00:05रेस्टोरेंट का नेम पता लग गया उडूपी।
  1592. 1:00:07लेकिन अभी वो लेट नया-नया खुला है तो मेरे
  1593. 1:00:09को अभी उसकी लोकेशन नहीं पता। तो मैंने
  1594. 1:00:11Google पे जाके क्या डाला? नेम डाला और
  1595. 1:00:13मेरे को उसका लोकेशन आ गया। तो ऐसे ही
  1596. 1:00:16डीएनएस क्या करता है? मैं डोमेन नेम डालता
  1597. 1:00:18हूं और मेरे को IPपी एड्रेस मिल जाता है।
  1598. 1:00:20तो ये सारी चीजें बिल्कुल वैसे ही काम कर
  1599. 1:00:23रही है जैसे आप एक ऑफलाइन सिस्टम में
  1600. 1:00:25रेस्टोरेंट में जाके खाना खाते हो वैसे ही
  1601. 1:00:27सेम आपका पूरा का पूरा ऑनलाइन सिस्टम
  1602. 1:00:29डिजाइन भी ऐसे ही वर्क करता है। तो भैया
  1603. 1:00:32उसने मेरे को एड्रेस दे दिया। मैं उस
  1604. 1:00:33एड्रेस पे जाके जो है वो खाना खाने चला
  1605. 1:00:35जाऊंगा। तो नियरेस्ट लोकेशन पे चला गया।
  1606. 1:00:37उसके बाद क्या हुआ? जी यहां पे मेरे को
  1607. 1:00:39सिक्योरिटी भी चाहिए। सिक्योरिटी मतलब अगर
  1608. 1:00:41आप रेस्टोरेंट पे जा रहे हो तो वहां पे
  1609. 1:00:43क्या होता है? कई बार भैया गार्ड्स वगैरह
  1610. 1:00:45खड़े होते हैं मेन गेट पे काइंड ऑफ फायर
  1611. 1:00:47वाल्स आप उसको बोल सकते हो। फिर उसके बाद
  1612. 1:00:49आप वहां पे कोई ओटीपी वगैरह मांगता है
  1613. 1:00:51आपसे कि भैया आप दिखाओ आपने कहां से
  1614. 1:00:53रिजर्वेशन करवाई थी? किस नेम से करवाई थी?
  1615. 1:00:55फोन नंबर क्या है? या खाना खाने के बाद आप
  1616. 1:00:57पेमेंट्स वगैरह करते हो तो वहां पे आप पिन
  1617. 1:00:59वगैरह ये सारी चीजें क्या चाहते हो?
  1618. 1:01:01सिक्योरिटी बनी रहे। तो वही चीज यहां है।
  1619. 1:01:04ऑनलाइन सिस्टम में भी एसएसएल, एचटीटीपीएस
  1620. 1:01:06का यूज़ किया जाता है ताकि सिक्योरिटी बनी
  1621. 1:01:08रहे। मतलब आपका पूरा एंक्रिप्टेड डेटा जो
  1622. 1:01:11है वो बना रहे। ऐसा ना हो कि प्लेन
  1623. 1:01:13टेक्स्ट में कोई भी उसको देख ले। फिर आ
  1624. 1:01:15गया जी लोड बैलेंसर। अब रेस्टोरेंट के केस
  1625. 1:01:17में लोड बैलेंसर कैसे हो सकता है? आप खाना
  1626. 1:01:19खाने गए। रेस्टोरेंट जो है वो काफी फेमस
  1627. 1:01:21है। तो हो सकता है कि वहां पे ऑलरेडी लाइन
  1628. 1:01:23लगी हुई है गाड़ियों की या बाइक्स की। तो
  1629. 1:01:26वहां पे क्या होगा? फिर पार्किंग हो सकती
  1630. 1:01:28है कि भैया आप आराम से गाड़ी से उतर के
  1631. 1:01:30फटाफट रेस्टोरेंट के अंदर चले जाओ। हम लोग
  1632. 1:01:32वहां पे क्यू के अंदर कोई वेट करने की
  1633. 1:01:34जरूरत नहीं है। हम अपने आप आपकी गाड़ी
  1634. 1:01:35पार्किंग में लगा देंगे। तो काइंड ऑफ लोड
  1635. 1:01:37बैलेंसर वहां पे काम आ सकता है। देन हमारे
  1636. 1:01:40पास आ गया जी एपीआई गेट पे। यहां से कहानी
  1637. 1:01:43स्टार्ट हो जाती है कि आप रेस्टोरेंट के
  1638. 1:01:45अंदर गए वहां पे जाके आपने टेबल पे बैठे।
  1639. 1:01:48अब उसके बाद एपीआई। एपीआई बेसिकली क्या
  1640. 1:01:50है? एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस। ये
  1641. 1:01:52क्या करता है? ये आपका एक तरह से बैरियर
  1642. 1:01:55जो बीच में ब्रिज की तरह काम कर रहा है।
  1643. 1:01:57ब्रिज मतलब यूजर और जो किचन है। अब आपको
  1644. 1:02:00क्या चाहिए भैया? खाना चाहिए। डिश चाहिए।
  1645. 1:02:02तो यानी आप सीधा जाके किचन में थोड़ी ना
  1646. 1:02:04बोलोगे कि ला भैया मेरे को शाही पनीर दे
  1647. 1:02:06दे या कढ़ाई पनीर नहीं आप क्या बोलोगे
  1648. 1:02:08वेटर को बोलोगे कि भैया मेन्यू दे वो
  1649. 1:02:10मेन्यू भी क्या है काइंड ऑफ फ्रंट एंड ही
  1650. 1:02:12है वो मेन्यू हो सकता है ऑनलाइन हो या
  1651. 1:02:14ऑफलाइन हो काइंड ऑफ क्या है वो भी फ्रंट
  1652. 1:02:16एंड ही है आप उसमें से चूज़ करोगे और ऑर्डर
  1653. 1:02:19दोगे किसको दोगे वेटर को दोगे तो वेटर
  1654. 1:02:21क्या है यहां पे एक तरह से एपीआई गेटवे की
  1655. 1:02:24तरह काम कर रहा है एपीआई बोल सकते हो
  1656. 1:02:26गेटवे क्या हो गया हो सकता है कि वहां पे
  1657. 1:02:28भी मल्टीपल वेटर्स हो तो एक मैनेजर हो
  1658. 1:02:31सकता है। मैनेजर क्या कर सकता है कि भैया
  1659. 1:02:33ड्यूटी लगा सकता है कि भैया तू जा उस
  1660. 1:02:35पर्टिकुलर टेबल पे, तू जा उस पर्टिकुलर
  1661. 1:02:36टेबल पे। वो भी काइंड ऑफ़ लोड बैलेंसर की
  1662. 1:02:39तरह भी काम कर सकता है या सारी रिक्वेस्ट
  1663. 1:02:40को प्रॉपर्ली हैंडल करवा सकता है। तो आपकी
  1664. 1:02:43रिक्वेस्ट जो है वो पर्टिकुलर एपीआई पे
  1665. 1:02:44गई। मतलब एपीआई ने आपकी रिक्वेस्ट को लिया
  1666. 1:02:47और किसको दिया? सर्वर को दिया। सर्वर को
  1667. 1:02:49देने का मतलब क्या है? बैक एंड सर्वर को।
  1668. 1:02:51ये आ गई जी आपकी काइंड ऑफ़ किचन आ गई। किचन
  1669. 1:02:53में जो भी वहां पे शेफ है, बंदा जो सारा
  1670. 1:02:56का सारा प्रोसेस कर रहा है, सीपीयू है, वो
  1671. 1:02:58क्या करेगा? जी आपकी डिश को लेगा और उसको
  1672. 1:03:00रिसोंड करने की कोशिश करेगा। तो वो बैक
  1673. 1:03:02एंड सर्वर बैक एंड पे करता है। अब ऐसी
  1674. 1:03:05कांसेप्ट आ जाती है कैशिंग का। अब देखो कई
  1675. 1:03:07चीजें होती है जो बिल्कुल स्क्रैच से
  1676. 1:03:09बनानी पड़ती है। मतलब स्टार्टिंग में
  1677. 1:03:11प्रॉपर जो है वो प्याज, टमाटर वगैरह सब
  1678. 1:03:13काटोगे, चॉप करोगे फिर उसको बनाओगे। कुछ
  1679. 1:03:15होती है रेडी टू मेड। मतलब जल्दी से जल्दी
  1680. 1:03:17आप जैसे कुछ कॉकटेल, मॉकटेल्स है। फटाफट
  1681. 1:03:19से आप सर्व करने की कोशिश करोगे। कुछ
  1682. 1:03:21चीजों में टाइम लगेगा। तो जो फटाफट से
  1683. 1:03:23सर्व करने की कोशिश करोगे दैट इज काइंड ऑफ़
  1684. 1:03:25कैशिंग हो गया। लेकिन जिसको प्रॉपर बनाना
  1685. 1:03:28पड़ेगा टाइम लगेगा उसमें तो वो आपका हो
  1686. 1:03:30गया जी डेटाबेस स्टोरेज तो यही कांसेप्ट
  1687. 1:03:33है ऑनलाइन सिस्टम में भी वही है जी ऑफलाइन
  1688. 1:03:35सिस्टम में भी वही है तो आप इजीली समझ
  1689. 1:03:37सकते हो कि हर एक कंपोनेंट का क्या यूसेज
  1690. 1:03:40है और क्याेंस है फिर आ गया जी रिसोंस टू
  1691. 1:03:43द यूजर भैया जो डिशेस आपकी बनी थी विद इन
  1692. 1:03:46द टाइम मतलब कोशिश यही की जाती है कि भैया
  1693. 1:03:49टाइम के अंदर-अंदर आपको जो है वो डिश
  1694. 1:03:50प्रोवाइड कर दी जाए फिर उसके बाद भी
  1695. 1:03:53छोटी-छोटी चीजें होती है फीडबैक होती है
  1696. 1:03:55कई बार भैया वो वह रेस्टोरेंट वाले बोलते
  1697. 1:03:56हैं कि हमें फीडबैक दे दो जी। तो वह
  1698. 1:03:58फीडबैक को एनालिसिस किया जाता है। ऐसे ही
  1699. 1:04:00ऑनलाइन में भी जब आप कोई एप्लीकेशन या फिर
  1700. 1:04:02कोई भी वेबसाइट को ओपन करते हो तो एट द
  1701. 1:04:04एंड वह बोलता है कि भैया कोई फीडबैक दे
  1702. 1:04:06दो। कितने स्टार दोगे? क्या फीडबैक दोगे?
  1703. 1:04:08उस फीडबैक को एनालिसिस करके इंप्रूवमेंट
  1704. 1:04:11की जा सकती है। वो चीज भी यहां है। फिर हो
  1705. 1:04:12सकता है वहां पे जैसे सीसीटीवी कैमरास लगे
  1706. 1:04:14हो। आपकी एक्टिविटीज सारा प्रॉपर्ली काम
  1707. 1:04:17चल रहा है। मॉनिटरिंग हो रही है, लॉगिंग
  1708. 1:04:18हो रही है। ऐसे ही ऑनलाइन सिस्टम में भी
  1709. 1:04:20प्रॉपर सिस्टम होता है कि भैया सारी चीजों
  1710. 1:04:22को सारी एक्टिविटीज को यूजर क्या-क्या कर
  1711. 1:04:24रहा है। सर्वर कैसे-कैसे रिस्पांस दे रहा
  1712. 1:04:26है वो सारी चीजें लॉगिन होती है। वो सारी
  1713. 1:04:28चीजें बाद में ऑडिटिंग का पार्ट भी आता
  1714. 1:04:30है। तो यही चीज है और इसी को हम स्केल कर
  1715. 1:04:33दें। स्केल करने का मतलब है एक रेस्टोरेंट
  1716. 1:04:35की जगह मैं मल्टीपल लोकेशनेशंस पे
  1717. 1:04:37रेस्टोरेंट्स बना दूं। तो वही हो गया
  1718. 1:04:38क्या? डिस्ट्रीब्यूटेड मैन। एक शेफ की जगह
  1719. 1:04:41जैसे एक मेन शेफ हो गया। उसके अंदर मैंने
  1720. 1:04:43मल्टीपल शेफ्स बना दिए और एक शेफ जो है वो
  1721. 1:04:45लेट्स सपोज चाइनीस क्वज़न देख रहा है। एक
  1722. 1:04:47शेफ लेट्स सपोज इंडियन क्वज़न देख रहा है।
  1723. 1:04:49तो वो क्या हो गया? जी माइक्रो सर्विसेस
  1724. 1:04:52हो गई।
  1725. 1:04:56स्टार्ट करते हैं। बहुत ही इंपॉर्टेंट
  1726. 1:04:58कांसेप्ट है एपीआईस का। देखो यार डेली
  1727. 1:05:01बेसिस पे आप इसको एकद बार नहीं सैकड़ों
  1728. 1:05:04बार यूज़ करते हो। लेकिन आपको कहीं ना कहीं
  1729. 1:05:07दिखता नहीं है ये चीज। बिहाइंड द सीन काम
  1730. 1:05:09हो रहा है। क्योंकि हम लोगों ने क्या करना
  1731. 1:05:11है? एप्लीकेशन को ओपन करना है। जैसे
  1732. 1:05:13मोबाइल पे मैंने एप्लीकेशन पे टैप किया।
  1733. 1:05:15उसके बाद मैंने कुछ नया डेटा क्रिएट करने
  1734. 1:05:17की कोशिश की। कोई अपडेट करने की कोशिश की।
  1735. 1:05:19जैसे Instagram पे जाके आपने कोई नई पोस्ट
  1736. 1:05:21बनानी है। किसी पुरानी पोस्ट में कुछ
  1737. 1:05:23अपडेट करना है। कोई पोस्ट को आपको अच्छा
  1738. 1:05:25नहीं लग रहा है या ज्यादा कमेंट्स नहीं आ
  1739. 1:05:26रहे। वीडियो मतलब व्यूज नहीं आ रहे तो
  1740. 1:05:28मैंने उसको डिलीट करना है। तो ये सारी
  1741. 1:05:30चीजें जो हम लोग कर रहे हैं ना हम तो
  1742. 1:05:31क्लिक- क्लिक करके कर रहे हैं। लेकिन वो
  1743. 1:05:34सारी रिक्वेस्ट कैसे सर्वर के पास जा रही
  1744. 1:05:36है और सर्वर कैसे रिस्पांस कर रहा है वो
  1745. 1:05:39सारी चीजें कौन हैंडल करता है? जी आपका
  1746. 1:05:41एपीआई हैंडल करता है। सो व्हाट इज़ एन
  1747. 1:05:43एपीआई? एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस।
  1748. 1:05:46एपीआई इज अ ब्रिज थ्रू व्हिच टू सॉफ्टवेयर
  1749. 1:05:49सिस्टम्स कम्युनिकेट। अब टू सिस्टम्स है
  1750. 1:05:52क्या? एक है जी फ्रंट एंड। फ्रंट एंड क्या
  1751. 1:05:55है? जो हम लोग यूज़र्स ओपन करते हैं। चाहे
  1752. 1:05:57मोबाइल पे ऐप के थ्रू ओपन करें। फ्लटर के
  1753. 1:06:00थ्रू मैंने कोई एप्लीकेशन बनाई है। मैं
  1754. 1:06:02उसके थ्रू कर रहा हूं। या फिर मैंने बेसिक
  1755. 1:06:04वेब पेज अगर बनाया है HTML, सीएसएल,
  1756. 1:06:06जावास्क्रिप्ट को यूज़ करके मैं उसके थ्रू
  1757. 1:06:07कर रहा हूं। तो ये सारी चीजें क्या है?
  1758. 1:06:09मेरे फ्रंट एंड सिस्टम का पार्ट हो गया।
  1759. 1:06:11बैक एंड में हमारे पास क्या हो गया? जी
  1760. 1:06:13बैक एंड के आपके सर्वर्स हो गए। नोट जीएस
  1761. 1:06:16जहां पे काम कर रहा है। इंजीनिक्स जहां पे
  1762. 1:06:18काम कर रहा है। अपाचे सर्वर्स हैं। ये
  1763. 1:06:19सारे क्या है? बैक एंड सर्वर। अब इन दोनों
  1764. 1:06:22के बीच में जो वार्तालाप करवाएगा जो इधर
  1765. 1:06:25से इधर रिक्वेस्ट को लेके जाएगा वो क्या
  1766. 1:06:28है? जी आपका एपीआई है। ठीक है? तो इसीलिए
  1767. 1:06:31इसको क्या बोला जाता है? ब्रिज बोला जाता
  1768. 1:06:33है। बिटवीन टू सॉफ्टवेयर सिस्टम
  1769. 1:06:35कम्युनिकेशन। भैया नेटवर्क ने जो हम लोग
  1770. 1:06:37कंप्यूटर नेटवर्क में पढ़ते है ना नेटवर्क
  1771. 1:06:39उस नेटवर्क ने इन दोनों को जोड़ तो दिया
  1772. 1:06:42इंटरनेट के थ्रू इन दोनों को जोड़ तो दिया
  1773. 1:06:44बट आपस में बातचीत कैसे करेंगे उसके लिए
  1774. 1:06:47एपीआई का यूज किया जाता है तो इसको आप
  1775. 1:06:50सिंपल से डायग्राम से भी समझ सकते हो ये
  1776. 1:06:53रहा जी डायग्राम डेली आप यूज करते हो कोई
  1777. 1:06:55बहुत बड़ी चीज नहीं है कोई नई चीज नहीं है
  1778. 1:06:57लेकिन पता होनी चाहिए ये तो भैया मेंडेटरी
  1779. 1:07:00पार्ट है मतलब आप ऐसे कह लो कि भैया
  1780. 1:07:02कंप्यूटर साइंस आईटी इन सों के जो स्तंभ
  1781. 1:07:05है ना वो सम है आपके ये वाले सारे एपीआई
  1782. 1:07:08तो भैया यूजर है। यूजर ने क्या करना है?
  1783. 1:07:11कोई ना कोई एप्लीकेशन को कोई ना कोई वेब
  1784. 1:07:12पेज को ओपन करना है। वो हो सकता है जी
  1785. 1:07:14hटीml सीएस जावास्क्रिप्ट को यूज़ करके एक
  1786. 1:07:17बेसिक वेब पेज हो या बहुत बढ़िया तरीके से
  1787. 1:07:20मैंने कोई बनाई हो एप्लीकेशन कोई भी तरीके
  1788. 1:07:22से हमने जो है वो फ्रंट एंड बनाया हो। वो
  1789. 1:07:24तो बेसिकली क्या है? यूजेज है कि भैया
  1790. 1:07:26आपने बहुत अगर हाई एंड बनानी है तो हमने
  1791. 1:07:29नई टेक्नोलॉजी को यूज़ किया या पुरानी
  1792. 1:07:31टेक्नोलॉजी को यूज़ किया। बट एट द एंड हो
  1793. 1:07:33क्या रहा है? हम लोग किसी ना किसी
  1794. 1:07:35एप्लीकेशन सर्वर को एक्सेस करने की कोशिश
  1795. 1:07:37कर रहे हैं। तो यहां पे मेरे पास क्या आ
  1796. 1:07:39गया? जी आपका बैक एंड आ गया। बैक एंड में
  1797. 1:07:41जो हमारे सर्वर्स होते हैं उनके ऊपर क्या
  1798. 1:07:44होता है जी जो आपकी एप्लीकेशन का आपके जो
  1799. 1:07:46बिजनेस का पूरा का पूरा लॉजिक यहां पे रन
  1800. 1:07:49कर रहा है कि भैया आपने क्या-क्या रूल सेट
  1801. 1:07:51किए हुए हैं। सारा डेटाबेस सारी
  1802. 1:07:53ऑथेंटिकेशंस एव्री प्रोसेस जो है वो यहां
  1803. 1:07:56पे बैक एंड पे रहता है। अब बैक एंड पे
  1804. 1:07:58बड़ी एप्लीकेशनेशंस का अगर आप एग्जांपल लो
  1805. 1:08:00तो उनके पास जैसे Netflix है उनके पास एक
  1806. 1:08:03सिस्टम थोड़ी ना है। वो ऑथेंटिकेशंस भी कर
  1807. 1:08:05रहा है। वो वहां पे आपके जो रिकमेंडेशन
  1808. 1:08:07सिस्टम अलग से चल रहा है। जो आपकी वीडियोज़
  1809. 1:08:10है जो आपको रिकमेंडेड वीडियोज़ दिखानी है
  1810. 1:08:13वह अलग से चल रहा है। उनको प्ले करना है।
  1811. 1:08:15प्रोसेसिंग अलग से चल रही है। सो देयर आर
  1812. 1:08:17मल्टीपल सर्विसेस जो वहां पे वर्क कर रही
  1813. 1:08:19हैं। ऐसे ही Instagram को यूज़ कर रहे हो,
  1814. 1:08:21Facebook को यूज़ कर रहे हो तो भैया आपका
  1815. 1:08:23जो इमेजज़ है, जो एचटीएमएल, सीएसएस वाला जो
  1816. 1:08:26डेटा है, जो स्टैटिक डेटा है वो फाइल
  1817. 1:08:28सिस्टम्स में पड़ा है। जो परमानेंट डेटा
  1818. 1:08:30है, यूज़र्स की इनेशन है, कमेंट्स है, जो
  1819. 1:08:32स्ट्रक्चर डेटा है और वो मैं यहां पे
  1820. 1:08:35डेटाबेस में रख सकता हूं। तो ये पूरा का
  1821. 1:08:37पूरा डेटाबेस जो है वो बैक एंड के साथ
  1822. 1:08:39कनेक्टेड रहता है। तो यहां पे मेरी
  1823. 1:08:41रिक्वेस्ट इधर से इधर लेके आने का काम और
  1824. 1:08:44यहां से जो मेरा रिस्पांस आया जो भी मैं
  1825. 1:08:46इमेजज़ वगैरह मांग रहा हूं, कमेंट्स मांग
  1826. 1:08:48रहा हूं वो सारी चीजें रिस्पॉन्ड ये कौन
  1827. 1:08:50कर रहा है? मतलब यहां पे आपका पूरा का
  1828. 1:08:52पूरा एपीआई सिस्टम जो है वो काम कर रहा
  1829. 1:08:55है। जैसे हम लोग रेस्ट एपीआई मल्टीपल
  1830. 1:08:57टाइप्स ऑफ एपीआई यूज़ करते हैं। बट सबसे
  1831. 1:08:59ज्यादा पॉपुलर इस टाइम पे जैसे जो है वो
  1832. 1:09:01आपकी रेस्ट एपीआई है। वैसे तो मैं अगली
  1833. 1:09:04वीडियो में आपको सारे टाइप्स बताऊंगा ही।
  1834. 1:09:06रेस्ट एपीआईस में जैसे कोई ना कोई वेब पेज
  1835. 1:09:09को गेट करना है तो मैं फेच करने के लिए
  1836. 1:09:11गेट रिक्वेस्ट भेजता हूं। मुझे कोई नई
  1837. 1:09:13इंफॉर्मेशन को डालना है तो मैं पोस्ट करता
  1838. 1:09:15हूं। कुछ अपडेट करना है तो उसके लिए मैं
  1839. 1:09:17पुट रिक्वेस्ट कुछ डिलीट करना है तो मैं
  1840. 1:09:19डिलीट करता हूं। ऐसे ही आपके पास ग्राफ
  1841. 1:09:21क्यूएल आ जाता है जी जो Facebook ने बनाया
  1842. 1:09:23था मेटा ने बनाया था वो क्या कहता है कि
  1843. 1:09:26भैया जो यूजर को चाहिए मैं सिर्फ उतना
  1844. 1:09:28दूंगा कोई एक्स्ट्रा इनेशन नहीं दूंगा
  1845. 1:09:30आरपीसीस आ जाते हैं रिमोट प्रोसीजर रिमोट
  1846. 1:09:32फंक्शन कॉलिंग आ जाती है और Google ने
  1847. 1:09:35अपने सिस्टम्स के लिए बनाया था जीआरपीसी
  1848. 1:09:37वो भी आ जाता है तो देयर आर मल्टीपल
  1849. 1:09:39टाइप्स ऑफ एपीआई सिस्टम्स जो कि यूज़ किए
  1850. 1:09:42जाते हैं तो उनको हम लोग अगली वीडियो में
  1851. 1:09:44पढ़ेंगे बट इनका जो एक्चुअल में काम है
  1852. 1:09:46क्यों ये यूज़ हो रहे हैं कहां पे ये वर्क
  1853. 1:09:48कर रहे हैं और सेम जैसे मैंने पहले भी
  1854. 1:09:50एग्जांपल दिया हुआ है रेस्टोरेंट सिस्टम
  1855. 1:09:52में आपका जैसे रेस्टोरेंट का एग्जांपल ले
  1856. 1:09:54लो तो भैया हम लोग यूज़र्स हैं। हम लोग
  1857. 1:09:56क्या कर रहे हैं? रेस्टोरेंट में जाके
  1858. 1:09:57खाना खा रहे हैं। और बैक एंड सर्वर क्या
  1859. 1:09:59है? जी किचन है। अब मैं किचन में जाके
  1860. 1:10:01थोड़ी ना बोल रहा हूं। ला भैया ये सब्जी ला
  1861. 1:10:03ये स्नैक्स ला। नहीं मैं किसको ऑर्डर
  1862. 1:10:06दूंगा? अब मैं वेटर को ऑर्डर दूंगा। तो वो
  1863. 1:10:07वेटर जो है वो अपने आप सारी की सारी
  1864. 1:10:09रिक्वेस्ट को लेके जाएगा और जो भी डिशेस
  1865. 1:10:12बन रही है वो आपके तक लेके आएगा। यहां पे
  1866. 1:10:14बस एक छोटा सा पॉइंट और है। जी एपीआई
  1867. 1:10:16गेटवे। एपीआई गेटवे क्या है कि वो एक तरह
  1868. 1:10:19से यहां पे बैठा है। अब मल्टीपल बड़ी-बड़ी
  1869. 1:10:22एप्लीकेशनेशंस के पास क्या होते हैं?
  1870. 1:10:23मल्टीपल सर्विज होती हैं। तो मैं क्या
  1871. 1:10:26चाहता हूं कि एपीआई गेटवे रूट करे। मतलब
  1872. 1:10:28किस रिक्वेस्ट को कहां जाना है। अब कई बार
  1873. 1:10:30क्या होता है रेस्टोरेंट में कुछ लोग आ
  1874. 1:10:31रहे हैं सिर्फ देखने के लिए कि भैया मेरे
  1875. 1:10:34को खाना नहीं है। बस मेरे को मेन्यू देखना
  1876. 1:10:35है कि मैं खा सकता हूं यहां पे नहीं। तो
  1877. 1:10:37मतलब एक तरह से मैनेजर बिठा दिया
  1878. 1:10:39स्टार्टिंग में ही कि वो एक्चुअल में आपको
  1879. 1:10:41चेक कर ले कि भैया आपने वाकई में खाना है
  1880. 1:10:43नहीं खाना। उस हिसाब से वो रूट कर देगा।
  1881. 1:10:45ठीक है? फिर हो सकता है आपने बोला कि
  1882. 1:10:47मैंने टेबल बुक करवा रखा है लेकिन टेबल तो
  1883. 1:10:49आपका बुक ही नहीं था। वो ऑथेंटिकेशन वगैरह
  1884. 1:10:51सारी चेक करेगा कौन? मैनेजर। तो वही एपीआई
  1885. 1:10:54गेटवे करता है कि आपकी रिक्वेस्ट को आगे
  1886. 1:10:56आने से पहले वो थोड़ा सा चेक कर लेता है।
  1887. 1:10:58तो बड़ी एप्लीकेशंस में बड़े सिस्टम में
  1888. 1:11:00एपीआई गेटवे बहुत काम करता है। जैसे रूट
  1889. 1:11:02करना कहां रिक्वेस्ट जानी है, कैशिंग का
  1890. 1:11:05काम करना। हो सकता है कुछ डाटा इसके पास
  1891. 1:11:06पड़ा हो। यह तुरंत आपकी रिक्वेस्ट को वहीं
  1892. 1:11:08भेज दे। आपकी रिक्वेस्ट अंदर जाए ना। जैसे
  1893. 1:11:10Zomato डिलीवरी वाला कोई आ गया बंदा। अब
  1894. 1:11:12उसने खाना खाने थोड़ी ना आना है। उसका
  1895. 1:11:14डेटा यहीं पड़ा था। मतलब जो उसने ऑर्डर
  1896. 1:11:16किया था यूजर ने तो वो सिर्फ पिकअप करने
  1897. 1:11:18आया। तो यहीं से उसको जो है वो वापस भेज
  1898. 1:11:20दिया ताकि उसका भी ना टाइम वेस्ट हो।
  1899. 1:11:22फटाफट से वो डिलीवरी भी कर दे। ये सारे
  1900. 1:11:24काम काइंड ऑफ कौन करता है? जी एपीआई
  1901. 1:11:26गेटवे। और ये कांसेप्ट क्या है? ऑल टाइप्स
  1902. 1:11:29ऑफ एपीआईस। एपीआईस क्या होती है?
  1903. 1:11:31एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस जिसका काम
  1904. 1:11:34क्या है? कि क्लाइंट और सर्वर के बीच में
  1905. 1:11:38कम्युनिकेशन पैदा करना। मतलब क्लाइंट अगर
  1906. 1:11:41कोई बात कर रहा है तो सर्वर के पास सर्वर
  1907. 1:11:43कुछ कह रहा है तो क्लाइंट के पास ये सारा
  1908. 1:11:45कम्युनिकेशन कौन प्रोवाइड करता है? एपीआई।
  1909. 1:11:48इसको आप बिल्कुल ऐसे समझ सकते हो कि
  1910. 1:11:49रेस्टोरेंट में गए। अब आपने वहां पे कुछ
  1911. 1:11:51डिश ऑर्डर करनी है। तो आपको किचन में जाने
  1912. 1:11:53की जरूरत नहीं है। वहां पे उन्होंने क्या
  1913. 1:11:55रखे होते हैं? वेटर्स। तो आप उनको बुलाओ।
  1914. 1:11:58उनसे मेन्यू लो और उनको ऑर्डर दो। वो अपने
  1915. 1:12:01आप लेके जाएगा किचन में और किचन से आपका
  1916. 1:12:02खाना लेके आएगा। लेकिन अब ये कितने टाइप्स
  1917. 1:12:06ऑफ एपीआईस हैं और इनका रियल टाइम में क्या
  1918. 1:12:08यूज़ है ना ये बहुत ज्यादाेंट है क्योंकि
  1919. 1:12:11इसके बेसिस पे आपसे इंटरव्यू में या कहीं
  1920. 1:12:13पे भी पूछे आप इजीली आंसर दे सकते हो। तो
  1921. 1:12:15यहां पे सबसे पहले सबसे ज्यादा यूज़ होने
  1922. 1:12:18वाला है दैट इज रेस्ट एपीआई। सबसे ज्यादा
  1923. 1:12:21अगर मैं इंडस्ट्रीज की बात करूं इसीलिए इट
  1924. 1:12:23इज़ द मोस्ट वाइडली यूज़्ड एपीआई स्टाइल फॉर
  1925. 1:12:26द इंडस्ट्री वेब एप्लीकेशन। चाहे आप वेब
  1926. 1:12:28एप्लीकेशन की बात कर लो, मोबाइल एप्लीकेशन
  1927. 1:12:30की बात कर लो, जब भी हम अपने सिस्टम पे या
  1928. 1:12:33फिर अपने मोबाइल पे कोई भी एप्लीकेशन यूज़
  1929. 1:12:35कर रहे हैं तो मतलब आप मान के चलो कि बाय
  1930. 1:12:37डिफॉल्ट हम लोग रेस्ट एपीआई को यूज़ कर
  1931. 1:12:40रहे हैं। क्योंकि रेस्ट एपीआई वर्क करता
  1932. 1:12:42है http https पे और फिर ये क्या करता है?
  1933. 1:12:45सर्वर से डेटा फाइंड आउट करके आपको देता
  1934. 1:12:48है। एग्जांपल के तौर पे मैं यहां पे सबसे
  1935. 1:12:50पहले आपको रेस्ट एपीआई बता देता हूं। तो
  1936. 1:12:52रेस्ट एपीआई में लेट्स सपोज आपने भाई
  1937. 1:12:54Zomato वाला एग्जांपल ले लो या sविg वाला
  1938. 1:12:56एग्जांपल ले लो। आपने एप्लीकेशन को ओपन
  1939. 1:12:58किया। ओपन करते ही आपने सर्वर पे कोई
  1940. 1:13:01डिमांड की तो यानी आप क्या कर रहे हो? एक
  1941. 1:13:03पोस्ट मैसेज। तो यहां पे क्या होता है कि
  1942. 1:13:05रेस्ट नॉर्मली रिप्रेजेंट द डेटा एज अ
  1943. 1:13:08रिसोर्सेज एंड यूज़ द स्टैंडर्ड एचटीटीपी
  1944. 1:13:10एंड एचटीटीपीएस बोथ। क्योंकि एचटीटीपी
  1945. 1:13:12प्लेन टेक्स्ट की फॉर्म में काम करता है।
  1946. 1:13:14लेकिन एचटीटीपीएस सिक्योरिटी के साथ
  1947. 1:13:16टीएलएस सिक्योरिटी प्रोवाइड करता है। तो
  1948. 1:13:18यहां पे मेन आपके पास मेथड्स कौन से हैं?
  1949. 1:13:20सबसे पहले गेट आ गया, पोस्ट आ गया, पुट,
  1950. 1:13:23पैच एंड डिलीट। तो ये आपने ऑलरेडी कहीं ना
  1951. 1:13:25कहीं पढ़े भी होंगे एचटीटीपी में हम लोग
  1952. 1:13:27यूज़ करते हैं कि अगर मुझे रीड करना है
  1953. 1:13:29डेटा तो मैं गेट रिक्वेस्ट अगर पोस्ट करना
  1954. 1:13:31है कुछ तो मैं पोस्ट अगर मुझे रिप्लेस
  1955. 1:13:33करना है तो पुट अगर मुझे कुछ चीजें अपडेट
  1956. 1:13:36करनी है पार्शियली तो मैं पैच या अगर पूरा
  1957. 1:13:38डिलीट करना है तो हम डिलीट कर सकते हैं और
  1958. 1:13:40आपको पता है कि जब भी हम कोई वेब पेज को
  1959. 1:13:42एक्सेस करते हैं तो हम लोग क्या डालते हैं
  1960. 1:13:44जी यूआरएल जैसे https कॉलन डाल के फिर
  1961. 1:13:47gets smash.com या youtube.com लेकिन जब
  1962. 1:13:51भी हम इसको पोस्ट करते हैं मतलब जब भी हम
  1963. 1:13:54एक्चुअल में इसको एक्सेस करने की कोशिश
  1964. 1:13:55करते हैं YouTube के सर्वर को तो यूआरएल
  1965. 1:13:58के साथ जैसे ही ये प्रोसेस होता है तो
  1966. 1:14:00यूआरएल के आगे एक तरह से क्या लग जाता है?
  1967. 1:14:02मेथड लग जाता है कि इनमें से कौन सा मेथड
  1968. 1:14:05आप अप्लाई कर रहे हो और फिर सर्वर जो है
  1969. 1:14:07वो उस मेथड के अकॉर्डिंग आपको रिस्पांस
  1970. 1:14:09देता है। तो ये रेस्ट एपीआई वन ऑफ द मोस्ट
  1971. 1:14:12यूज़बल है और इसके बारे में आपसे अगर पूछे
  1972. 1:14:14तो आप अब इजीली आंसर दे सकते हो। देन
  1973. 1:14:17हमारे पास आ गई जी दूसरी ग्राफ क्यूएल।
  1974. 1:14:19ग्राफ क्यूएल का बेसिकली सबसेेंट फायदा
  1975. 1:14:22क्या है कि यार अगर मुझे डेटा चाहिए लेट्स
  1976. 1:14:25सपोज सिर्फ 2% तो मैं फालतू में 100% डेटा
  1977. 1:14:30क्यों मंगवाऊं मतलब जितना डेटा चाहिए मेरे
  1978. 1:14:32को उतना ही मंगवाना है लेकिन यहां पे होता
  1979. 1:14:34क्या है जैसे एग्जांपल के तौर पे अब वही
  1980. 1:14:36सेम zomato swiggy वाला एग्जांपल है कि
  1981. 1:14:38जैसे ही आपने वेब पेज को ओपन किया या
  1982. 1:14:40मोबाइल एप्लीकेशन को ओपन किया तो भैया
  1983. 1:14:42कस्टमर का नेम है कस्टमर से रिलेटेड सारा
  1984. 1:14:44डेटा होगा कस्टमर के लेट्स सपोज लास्ट
  1985. 1:14:46थ्री ऑर्डर्स हैं रिवॉर्ड्स पॉइंट्स सेव्ड
  1986. 1:14:48एड्रेस रिकमेंडेड रेस्टोरेंट्स ये सारा
  1987. 1:14:52डेटा है। अगर मैं रेस्ट एपीआई को यूज़
  1988. 1:14:54करूंगा तो हमारी रिक्वेस्ट पता है कैसे
  1989. 1:14:56जाएगी? इस तरीके से सबसे पहले गेट गई कि
  1990. 1:14:58भैया मेरी इनेशन मेरे को चाहिए। फिर गेट
  1991. 1:15:00गया कि मेरे को ऑर्डर्स ला। फिर गेट गया
  1992. 1:15:03कि मेरे रिवॉर्ड्स कितने हैं? फिर गेट
  1993. 1:15:04रिक्वेस्ट गई मेरा एड्रेस। फिर तो यार
  1994. 1:15:06इतनी बार आपकी JSN फाइल जाएंगी। तो
  1995. 1:15:09बार-बार आप JSN जो है वो यूज़ करोगे। उसको
  1996. 1:15:11पास करोगे। उसके अकॉर्डिंग रिस्पांस
  1997. 1:15:13मिलेगा। रादर देन दिस हम लोग यूज़ करते हैं
  1998. 1:15:16ग्राफ Qएल। और ग्राफ क्यूएल में क्या होता
  1999. 1:15:18है भैया जो जो चीजें चाहिए आप क्वेरी के
  2000. 1:15:21अंदर डाल दो। आपको नेम चाहिए, रिवॉर्ड
  2001. 1:15:23चाहिए, रीसेंट ऑर्डर्स चाहिए या फिर
  2002. 1:15:25एड्रेस की इनेशन रिकमेंडेड जो भी आपको
  2003. 1:15:28चाहिए एक क्वेरी में डाल दो। ये क्वेरी
  2004. 1:15:31जाएगी और सीधा आपको आंसर जसन में ही मिल
  2005. 1:15:33जाएगा एक बार में। तो इसीलिए यहां पे क्या
  2006. 1:15:36है कि फ्लेक्सिबिलिटी है। जितना डेटा
  2007. 1:15:38चाहिए हम उतना एक्सेस कर सकते हैं
  2008. 1:15:40डायरेक्टली। बार-बार गेट रिक्वेस्ट, गेट
  2009. 1:15:43पोस्ट करने की ज़रूरत नहीं है। तो, यह कहीं
  2010. 1:15:45ना कहीं एडवांटेज आपको यहां पे मिल जाता
  2011. 1:15:47है। सो, बेस्ड ऑन द सिनेरियो यूज़ किया
  2012. 1:15:49जाता है कि भैया इस सिनेरियो में ये वाला
  2013. 1:15:50एपीआई बढ़ है। इस सिनेरियो में ये वाला
  2014. 1:15:52आईपीआई बढ़ा है। इस तरीके से देन आ जाता है
  2015. 1:15:54जीआरपीसी वेरी वेरीेंट। जीआरपीसी बेसिकली
  2016. 1:15:57Google ने बनाया था और ये कम्युनिकेशन
  2017. 1:16:00बिटवीन द माइक्रो सर्विसेस। अगर आपसे पूछ
  2018. 1:16:02ले कि यार जीआरपीसी किस सिनेरियो में बड़ी
  2019. 1:16:04है? तो देखो वही Zomato या SWGI वाला
  2020. 1:16:06एग्जांपल ले लो। अब यार इस एप्लीकेशन का
  2021. 1:16:08एक मॉड्यूल या एक सर्विस तो है नहीं। इनकी
  2022. 1:16:11मल्टीपल सर्विज होती है। अंदर क्या है?
  2023. 1:16:13ऑर्डर सर्विस है, पेमेंट सर्विस है,
  2024. 1:16:15रेस्टोरेंट सर्विस है, डिलीवरी सर्विस है,
  2025. 1:16:17नोटिफिकेशन सर्विस है। अब यार आप लोग तो
  2026. 1:16:20सिंपली क्या कर रहे हो? Zomato खोला या
  2027. 1:16:22sविggi खोला और मुझे अमृतसरी कुल्लचे
  2028. 1:16:24ऑर्डर करने थे। तो मैंने सीधा रेस्टोरेंट
  2029. 1:16:26में गया जो रेस्टोरेंट को पसंद आया उसमें
  2030. 1:16:28जाके मैंने एक प्लेट ऐड कर दी। पेमेंट की
  2031. 1:16:31ऑर्डर चेक किया और मेरे पास ऑर्डर जो है
  2032. 1:16:33वो थोड़ी देर बाद आ गया। आपके लिए तो कोई
  2033. 1:16:35झंझट ही नहीं है। लेकिन अंदर ऑर्डर भी हो
  2034. 1:16:37रहा है, पेमेंट भी हो रही है, रेस्टोरेंट
  2035. 1:16:39जो आपकी सर्विस है, डिलीवरी भी हो रही है,
  2036. 1:16:41नोटिफिकेशन कि भैया ऑर्डर आ गया या आ रहा
  2037. 1:16:43है। ये सारी चीजें आपस में भी तो बात
  2038. 1:16:46करेंगी ना यार। ये माइक्रो सर्विज आपस में
  2039. 1:16:48भी तो बात करेंगी। तभी तो एक दूसरे को सही
  2040. 1:16:51रिस्पोंस। हो सकता है पेमेंट वाला बात ही
  2041. 1:16:53नहीं कर रहा। तो यार बेचारा रेस्टोरेंट तो
  2042. 1:16:55वेट ही करता रहेगा। पेमेंट आई नहीं है।
  2043. 1:16:57मैं कछु उसको कुलचे भेज दूं तो यार मेरा
  2044. 1:16:59तो नुकसान हो जाएगा। तो यहां पे आपस में
  2045. 1:17:01कम्युनिकेट करना जरूरी है और इसमें
  2046. 1:17:03जीआरपीसी में सबसे बढ़िया क्यों ये यूज़
  2047. 1:17:05होती है कि सर आपके दिमाग में आया कि सर
  2048. 1:17:08रेस्ट क्यों नहीं यूज़ कर सकते? रेस्ट यूज़
  2049. 1:17:10करोगे ना तो रेस्ट जो है वो JSON बेस्ड
  2050. 1:17:12है। अब बार-बार क्या होगा कि आप JSON के
  2051. 1:17:15थ्रू जो है वो एक दूसरे को क्वेरीज भेजोगे
  2052. 1:17:17रिस्पांस आएगा तो इसको प्रोसेस करने में
  2053. 1:17:20पास करने में टाइम लग जाता है। लेकिन जो
  2054. 1:17:22जीआरपीसी है ये यूज़ करता है बाइनरी
  2055. 1:17:24फॉर्मेट को। आपकी रिक्वेस्ट बाइनरी की
  2056. 1:17:26फॉर्म में जाती है। उसकी वजह से बहुत
  2057. 1:17:28ज्यादा फास्ट हो जाता है, इजी हो जाता है,
  2058. 1:17:31लाइट वेट हो जाता है। और लाइट वेट होने की
  2059. 1:17:33वजह से ही ये कम्युनिकेशन को बहुत इजी कर
  2060. 1:17:35देता है और जल्दी से आपको रिस्पांस मिल
  2061. 1:17:38जाता है। तो ये बड़ा एडवांटेज है यहां पे।
  2062. 1:17:40तो आपको यूज़ केस भी पता लग गए। फिर आ गया
  2063. 1:17:42जी आपका वेब सॉकेट। अब वेब सॉकेट का
  2064. 1:17:44बेसिकली फंडा क्या है? कि जैसे फॉर
  2065. 1:17:46एग्जांपल लाइव डिलीवरी ट्रैकिंग है या फिर
  2066. 1:17:48आप चैट मैसेजेस की बात कर रहे हो जैसे
  2067. 1:17:50WhatsApp पे आप चैट कर रहे हो या ऑनलाइन
  2068. 1:17:52आप स्पोर्ट में कोई भी आप कोई गेम चल रही
  2069. 1:17:55है लेट्स सपोज क्रिकेट चल रहा है तो आप
  2070. 1:17:56उसका स्कोर चेक कर रहे हो लाइव या फिर
  2071. 1:17:58सेंसेक्स का कितना चल रहा है जी हमारा
  2072. 1:18:00पॉइंट्स वगैरह कितने चल रहे हैं आप उसको
  2073. 1:18:02लाइव चेक कर रहे हो अप डाउन तो यार वहां
  2074. 1:18:04पे क्या होता है कि अगर आप रेस्ट वगैरह
  2075. 1:18:06यूज करते हो कर सकते हो लेकिन पंगा क्या
  2076. 1:18:09होगा परफॉर्मेंस भी तो देखनी है ना हमने
  2077. 1:18:11कि किस जगह पे कौन परफॉर्मेंस बढ़िया दे
  2078. 1:18:13रहा है अब होगा क्या कि भैया आपने जो है
  2079. 1:18:15वो एक ऑर्डर दे दिया कि मैंने यहां पे एक
  2080. 1:18:16ऑर्डर दिया है और उस ऑर्डर के रिलेटेड
  2081. 1:18:18मेरे को लोकेशन चाहिए कि मेरा ऑर्डर कहां
  2082. 1:18:20पहुंचा है? यार भूख लग रही है। कब आएगा
  2083. 1:18:22मेरा ऑर्डर? या गेस्ट बैठे हैं भैया वो
  2084. 1:18:24गेस्ट ही चले जाएंगे और ऑर्डर मेरा पहुंचा
  2085. 1:18:25नहीं है। तो बार-बार मेरा ऑर्डर कहां है?
  2086. 1:18:28मेरा ऑर्डर कहां है? तो रेस्ट तो बार-बार
  2087. 1:18:29जो है वो क्या करेगा? रिक्वेस्ट भेजेगा।
  2088. 1:18:32सर्वर बोलेगा ये ले जी। फिर रिक्वेस्ट
  2089. 1:18:34भेजा सर्वर बोलेगा ये ले। फिर रिक्वेस्ट
  2090. 1:18:36भेजा सर्वर बोलेगा ये ले। तो यार ये बहुत
  2091. 1:18:38ज्यादा परफॉर्मेंस को डाउन कर देगा। हम
  2092. 1:18:40क्या चाहते हैं कि मेरा जो कनेक्शन है ना
  2093. 1:18:42वो पर्सिस्टेंट हो जाए। पर्सिस्टेंट मतलब
  2094. 1:18:44कुछ देर के लिए ओपन ही रहे। आप बार-बार
  2095. 1:18:46कनेक्शन एस्टैब्लिश कर रहे हो। कनेक्शन
  2096. 1:18:48टूट रहा है। फिर कनेक्शन एस्टैब्लिश
  2097. 1:18:49कनेक्शन टूट रहा है। आप यार जब तक आता
  2098. 1:18:52नहीं है आपका ऑर्डर आप उस कनेक्शन को बना
  2099. 1:18:54के रखो। पर्सिस्टेंटली ओपन करके रखो। तो
  2100. 1:18:57उसके लिए हम लोग यूज़ करते हैं जी वेब
  2101. 1:18:58सॉकेट। तो करेगा क्या? वही सेम गेट चैट
  2102. 1:19:01HTP मैसेज 1.1 भेजेगा और अपग्रेड कर देगा।
  2103. 1:19:04सर्वर को बोलेगा कि मेरे को अपग्रेड कर दे
  2104. 1:19:06किससे? वेब सॉकेट से ताकि मेरा कनेक्शन
  2105. 1:19:08टूटे ना और सर्वर बोलेगा ठीक है जी
  2106. 1:19:10स्विचिंग कर रहा हूं मैं 1001 मतलब
  2107. 1:19:12अपग्रेड कर दिया वेब सॉकेट पे अब पहले
  2108. 1:19:14रिक्वेस्ट जा रही थी रिसोंड रिक्वेस्ट
  2109. 1:19:16रिसोंड अब क्या है तेरा कनेक्शन ही ओपन हो
  2110. 1:19:18गया पर्सिस्टेंट हो गया कुछ देर के लिए जब
  2111. 1:19:21तक आता नहीं है बार-बार रिक्वेस्ट भेजने
  2112. 1:19:23की जरूरत नहीं है अपने आप जो है वो सर्वर
  2113. 1:19:25कुछ-कुछ टाइम बाद उसको क्या करता रहेगा
  2114. 1:19:26अपडेट करता रहेगा और आपको रिसोंस जो है वो
  2115. 1:19:28मिलता रहेगा लोकेशन मिलती रहेगी
  2116. 1:19:30नेक्स्टेंट एपीआई आ जाती है वेबook वेब
  2117. 1:19:33बेसिकली है क्या इट इज अ इवेंट बेस्ड
  2118. 1:19:35एचटीपी कॉल बैक एक्चुअल में होता क्या है?
  2119. 1:19:38एग्जांपल से आपको समझाता हूं। लेट्स सपोज़
  2120. 1:19:40एक है NYKI और NKI जो है वो यूज़ करता है
  2121. 1:19:43लेट्स सपोज PayPal। ठीक है? थर्ड पार्टी
  2122. 1:19:45पेमेंट के लिए जैसे PayPal है, रेजर Pay
  2123. 1:19:47है, ebz है ऐसे। अब यूजर ने क्या किया?
  2124. 1:19:50NKI पे गया और उसने कोई शूज जो है वो
  2125. 1:19:52ऑर्डर कर दिए। अब शूज ऑर्डर कर दिए। तो
  2126. 1:19:54NKI जो है वो पेमेंट के लिए किसको यूज़ कर
  2127. 1:19:57रहा है? PayPal। तो NKI क्या करेगा?
  2128. 1:19:58बार-बार इसको मैसेज भेजेगा। क्या पेमेंट
  2129. 1:20:00हुई? क्या पेमेंट हुई? इसकी बजाय क्या करो
  2130. 1:20:04भैया? NKI ने ना एक जो है वो आप यह लगा लो
  2131. 1:20:07कि एक एपीआई या फिर आप ऐसे कह लो कि वेब
  2132. 1:20:09को यूज़ करके उसने एक प्रीडफाइंड यूआरएल जो
  2133. 1:20:12है वो क्रिएट कर दिया। जैसे ही पेमेंट
  2134. 1:20:14सक्सेस होएगी तो PayPal क्या करेगा भैया?
  2135. 1:20:16पेमेंट हो गई है और ये उसको पोस्ट कर देगा
  2136. 1:20:19nki को बता देगा। तो ये एक्चुअल में
  2137. 1:20:21कांसेप्ट यूज़ होता है। इसीलिए इसको इवेंट
  2138. 1:20:24या फिर नोटिफिकेशन के लिए स्पेशली यूज़
  2139. 1:20:26किया जाता है। तो यहां पे यही है कि एन
  2140. 1:20:28इवेंट अकर्स इन द एप्लीकेशन ए इट
  2141. 1:20:30ऑटोमेटिकली सेंड्स द एचटीटीपी रिक्वेस्ट
  2142. 1:20:32टू द प्रीडफाइंड यूआरएल ऑफ़ द एप्लीकेशन बी
  2143. 1:20:35ताकि बार-बार वो पॉक ना करे भैया ठीक है
  2144. 1:20:37एप्लीकेशन ने यहां पे जैसे ही पेमेंट हुई
  2145. 1:20:39मैं तेरे को रिस्पांस कर देता हूं। यहां
  2146. 1:20:41पर जो है वो मेनली यूज़ होता है कि अब अगर
  2147. 1:20:44आपके दिमाग में आए कि सर यह वाला जो
  2148. 1:20:46प्रीडफाइंड यूआरएल है अगर किसी हैकर ने
  2149. 1:20:48यूज़ करके इसको बोल दिया कि भैया पेमेंट हो
  2150. 1:20:50गई तो वो तो दिक्कत हो जाएगी। तो इसीलिए
  2151. 1:20:52यहां पे क्या होता है? एक तो प्रॉपर
  2152. 1:20:53सिक्योरिटी यूज़ होती है। प्रॉपर हैश
  2153. 1:20:55वैल्यू यूज़ होती है। ये भैया एक हैश
  2154. 1:20:57फंक्शन भेजेगा। उसको वेरीफाई करेगा। तब
  2155. 1:20:59जाके ओके करेगा कि भैया पेमेंट हो गई।
  2156. 1:21:01इसके साथ-साथ टाइम स्टैंप भी यहां पे यूज़
  2157. 1:21:03होता है कि अगर बहुत पुराना है तो उसको ये
  2158. 1:21:06रिजेक्ट कर देगा। कुछ टाइम के अंदर-अंदर
  2159. 1:21:07ही मेरी पेमेंट का सक्सेस आना चाहिए। ये
  2160. 1:21:10वेबक बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट स्पेशली
  2161. 1:21:12इवेंट वाले में यूज़ किया जाता है। देन आ
  2162. 1:21:14गया जी शॉप। शॉप बेसिकली जो है वो काफी
  2163. 1:21:16स्ट्रिक्ट एक्सएमएल बेस्ड प्रोटोकॉल है।
  2164. 1:21:19यूज़ फॉर द सिक्योर एंड रिलायबल
  2165. 1:21:20कम्युनिकेशन बिटवीन द एप्लीकेशन। यह
  2166. 1:21:22मेजरली यूज़ होता है जहां पे पैसा सबसे
  2167. 1:21:25ज्यादा इंपॉर्टेंट है। मतलब पैसे की
  2168. 1:21:27लेनदेन जैसे ओल्डर बैंकिंग सिस्टम्स है,
  2169. 1:21:29इंश्योरेंस सिस्टम है या फिर गवर्नमेंट के
  2170. 1:21:31सिस्टम है जहां पे रिस्ट्रिक्शंस बहुत
  2171. 1:21:33ज्यादा है। तो इसीलिए वहां पे ना प्रॉपर
  2172. 1:21:35एक्सएमएल बेस्ड प्रोटोकॉल को यूज़ किया
  2173. 1:21:37जाता है। तो इसकी प्रॉपर बॉडी एनवेलप जो
  2174. 1:21:39है वो उसके बाद बॉडी है गेट बैलेंस। जैसे
  2175. 1:21:41मैंने एग्जांपल के तौर पे मेरे को बैलेंस
  2176. 1:21:43चेक करना है। तो मैं इस तरीके से पूरी
  2177. 1:21:44बॉडी जो है वो क्रिएट करेंगे एक्सML में
  2178. 1:21:46और उसी तरीके से रिस्पांस आएगा। यह
  2179. 1:21:48डब्ल्यूएस सिक्योरिटी को यूज़ करता है। तो
  2180. 1:21:50वेरी आप कह सकते हो बहुत ज्यादा सिक्योर
  2181. 1:21:52है। प्रॉपर इंक्रिप्टेड यूज़ करता है। क्या
  2182. 1:21:54आपको पता है आपके मोबाइल फोन में मैक्सिमम
  2183. 1:21:56एप्लीकेशनेशंस एसडीके को यूज़ करती हैं।
  2184. 1:21:59चाहे आप Paytm की बात कर लो, WhatsApp की
  2185. 1:22:01बात कर लो, Zomato, Swiggi सारी
  2186. 1:22:02एप्लीकेशनेशंस एसडीके के कांसेप्ट को यूज़
  2187. 1:22:05करती हैं। लेकिन फिर भी इंटरव्यूज में जब
  2188. 1:22:07भी इंटरव्यूअर पूछता है कि भैया एसडीके
  2189. 1:22:09क्या होती है? तो वहां पे स्टूडेंट
  2190. 1:22:11कंफ्यूज हो जाते हैं और वो सिंपली बोल
  2191. 1:22:13देते हैं कि इट इज़ अ सॉफ्टवेयर पैकेज।
  2192. 1:22:16लेकिन आपको इस वीडियो में मैं विद द रियल
  2193. 1:22:17लाइफ एग्जांपल सारी चीज बताऊंगा कि एसडीके
  2194. 1:22:20क्या है? क्यों है? क्यों यूज की जाती है
  2195. 1:22:22ईच एंड एवरीथिंग। तो देखो सबसे पहले आप एक
  2196. 1:22:24सिंपल से एग्जांपल से समझो। लेट्स सपोज
  2197. 1:22:26मुझे गेट स्मैशर्स की ऐप बनानी है तो
  2198. 1:22:28मैंने गेट स्मैश की ऐप में अगर मेरे को
  2199. 1:22:29लॉग इन करवाना है तो मैं Gmail के थ्रू
  2200. 1:22:31लॉग इन करवा सकता हूं। तो यानी मैंने एक
  2201. 1:22:34थर्ड पार्टी एप्लीकेशन को यूज़ किया अपने
  2202. 1:22:36लॉगिन के लिए। पेमेंट करवानी है तो मैंने
  2203. 1:22:38रेजर पे को यूज़ किया पेमेंट के लिए। अगर
  2204. 1:22:41मुझे लेट्स सपोज किसी स्टूडेंट को बताना
  2205. 1:22:43है कि भैया हमारा ऑफलाइन सेंटर यहां पे है
  2206. 1:22:45तो मैंने Google मैप को इंटीग्रेट किया
  2207. 1:22:47अपनी एप्लीकेशन के अंदर तो यार अगर मेरे
  2208. 1:22:50पास एसडीके का कांसेप्ट नहीं होगा तो मुझे
  2209. 1:22:52इन सारी चीजों को मैनुअली करना पड़ेगा
  2210. 1:22:55मतलब स्क्रैच से लिखना पड़ेगा कोड और
  2211. 1:22:58डेवलपर के लिए बहुत ज्यादा झंझट हो जाएगा।
  2212. 1:23:00आप इसको ऐसे भी समझ सकते हो कि लेट्स सपोज
  2213. 1:23:02आपको एक घर बनाना है नया घर बनाना है तो
  2214. 1:23:04भैया सीमेंट आप बनाए लोगे या सीमेंट भी आप
  2215. 1:23:07अपना पहले बनाओगे नहीं वायरिंग लगानी है
  2216. 1:23:10घर पे तो वायरिंग आप बनी बनाई लोगे या
  2217. 1:23:12भैया आप उसकी पहले से पूरा
  2218. 1:23:14मैन्युफैक्चरिंग करोगे नहीं तो यानी आप
  2219. 1:23:17थर्ड पार्टी चीजों को यूज करते हो तो यही
  2220. 1:23:19चीज है कि भैया डेवलपर को बहुत ज्यादा
  2221. 1:23:21आसानी हो जाती है और इसीलिए अगर आपसे पूछ
  2222. 1:23:24ले तो भैया याद रखना एसडीके सॉफ्टवेयर
  2223. 1:23:27डेवलपमेंट टूलकिट इज अ रेडीमेड टूलकिट दैट
  2224. 1:23:30हेल्प्स डेवलपर्स इंटीग्रेट अ प्लेटफार्म
  2225. 1:23:33फीचर इंटू देयर ओन एप्लीकेशन विदाउट
  2226. 1:23:35राइटिंग एवरीथिंग फ्रॉम द स्क्रैच। मतलब
  2227. 1:23:37वही सारी एप्लीकेशन मतलब Google Map है
  2228. 1:23:39मुझे पेमेंट के लिए रेजर पे इन सब चीजों
  2229. 1:23:42को यूज करना है या सिंपल देख रहे हो यार
  2230. 1:23:44आज के टाइम पे लेट्स सपोज मुझे अपने
  2231. 1:23:46सिस्टम पे क्वेश्चंस वगैरह बनाने हैं तो
  2232. 1:23:48मैंने क्वेश्चंस डिजाइन करने के लिए या तो
  2233. 1:23:50मैं मैनुअली करूं भैया क्वेश्चन डिजाइन
  2234. 1:23:52करूं एक-एक करके या फिर मैं क्या कर सकता
  2235. 1:23:54हूं बाय यूजिंग द एसडीके मैं चैट जीपीटी
  2236. 1:23:57को या जेमिनाई को अपने प्लेटफार्म के साथ
  2237. 1:23:59इंटीग्रेट कर सकता हूं। तो मतलब जो
  2238. 1:24:01स्टूडेंट्स हैं वो बाय डिफॉल्ट बहुत सारे
  2239. 1:24:03क्वेश्चंस जनरेट कर सकते हैं। उनको अलग से
  2240. 1:24:05जाने की जरूरत नहीं है। आप सीधा उसी
  2241. 1:24:07डेवलपमेंट टूलकिट को यूज़ करके अपने सिस्टम
  2242. 1:24:10में जो है वो सारी चीजों को इंटीग्रेट कर
  2243. 1:24:12सकते हो। यहां पे स्टूडेंट ना कंफ्यूज हो
  2244. 1:24:14जाते हैं कि एपीआई और एसडीके में क्या
  2245. 1:24:16फर्क है? यार इसको याद रखना कि एपीआई
  2246. 1:24:18बेसिकली क्या है? दो एप्लीकेशनेशंस को आपस
  2247. 1:24:20में कम्युनिकेट करवाने में हेल्प करता है।
  2248. 1:24:22जैसे ही आप रेस्टोरेंट में गए तो वेटर को
  2249. 1:24:25आपने भैया ऑर्डर दे दिया। उस बंदे ने क्या
  2250. 1:24:27किया? ऑर्डर आपका किचन तक पहुंचाया। अब
  2251. 1:24:29किचन से आपका आर्डर लेके आ रहा है। ये
  2252. 1:24:31सारा काम एपीआई का है। लेकिन एसडीके क्या
  2253. 1:24:34है भैया? पूरी की पूरी किचन का सेटअप जहां
  2254. 1:24:36पे आपकी कॉफी मशीन भी हो सकती है। जहां पे
  2255. 1:24:39ओवन भी हो सकता है। रेफ्रिजरेटर मतलब आपको
  2256. 1:24:41सारी चीजें बनाने की जरूरत नहीं है। आप
  2257. 1:24:42थर्ड पार्टी चीजों को यूज़ करो और
  2258. 1:24:44इंटीग्रेट करके आप इजीली यूज़ कर सकते हो,
  2259. 1:24:46काम कर सकते हो। तो बस यही है। इसके अलावा
  2260. 1:24:49एसडीके में कुछ नहीं है। ये डायग्राम से
  2261. 1:24:51आपको और ज्यादा क्लेरिटी हो जाएगी। तो
  2262. 1:24:52डेवलपर्स हैं, स्टूडेंट्स हैं जो कुछ ना
  2263. 1:24:54कुछ डेवलप कर रहे हैं। तो भैया एप्लीकेशन
  2264. 1:24:56है यहां पे और ये मेरा एसडी के पूरा का
  2265. 1:24:58पूरा टूलकिट मेरे को दे रहा है। मतलब आपके
  2266. 1:25:01पास लाइब्रेरीज है। आप डायरेक्टली कोड को
  2267. 1:25:03यूज़ कर सकते हो। सैंपल कोड्स अवेलेबल है,
  2268. 1:25:05टूल्स अवेलेबल है, डॉक्यूमेंटेशन है,
  2269. 1:25:07कॉन्फ़िगरेशंस करनी है, डिपेंडेंसीज है।
  2270. 1:25:09आपको कुछ भी स्क्रैप से करने की जरूरत
  2271. 1:25:11नहीं है। आप डायरेक्टली उनको इंटीग्रेट
  2272. 1:25:13करो, यूज़ करो और एपीआईस के थ्रू आप
  2273. 1:25:15कम्युनिकेट करो अपने सर्वर से, स्टोरेज
  2274. 1:25:18से, डेटाबेस से।
  2275. 1:25:22कौन-कौन से तरीके हैं जिससे हम डेटा को
  2276. 1:25:25पार्टीशनिंग में कन्वर्ट कर सकते हैं।
  2277. 1:25:26मल्टीपल पार्टीशनिंग बना सकते हैं। इस
  2278. 1:25:28सारी चीजों को मैं विद रियल लाइफ एग्जांपल
  2279. 1:25:31यहां पे एक्सप्लेन करूंगा। तो सबसे पहले
  2280. 1:25:32नाम से ही पता लग रहा है कि मेरे पास एक
  2281. 1:25:34ह्यूज डेटाबेस है और उस डेटाबेस को मैं
  2282. 1:25:37क्या कर रहा हूं? मल्टीपल पार्टीशंस में
  2283. 1:25:40डिवाइड कर रहा हूं। एग्जांपल के तौर पे
  2284. 1:25:42लेट्स सपोज आपके पास एक डेटाबेस है। उसमें
  2285. 1:25:44आपके पास 1 बिलियन नंबर ऑफ रोज़ हैं या
  2286. 1:25:47टपल्स हैं। तो आप जब भी क्वेरी करोगे
  2287. 1:25:50सिंपल सी क्वेरी भी करते हो सेलेक्ट स्टार
  2288. 1:25:52फ्रॉम टेबल तो हमेशा कितनी जगह स्कैनिंग
  2289. 1:25:55होगी? 1 बिलियन रोज़ की स्कैनिंग होगी।
  2290. 1:25:58जबजब क्वेरी लिखोगे आपकी इतनी ह्यूज नंबर
  2291. 1:26:01ऑफ रोज़ की स्कैनिंग होगी। तो आप इसको क्या
  2292. 1:26:03कर सकते हो? पार्टीशनिंग में डिवाइड कर
  2293. 1:26:05सकते हो। वही रेस्टोरेंट वाला एग्जांपल ले
  2294. 1:26:07सकते हो। भैया एक रेस्टोरेंट में आपने
  2295. 1:26:09इंडियन क्वज़न भी है। उसमें चाइनीस क्वज़न
  2296. 1:26:12भी है। उसमें भैया इटालियन क्वज़न भी है।
  2297. 1:26:14आपने उसको जो है वो कस्टमर सारे आ रहे
  2298. 1:26:16हैं। आप वहां पे बड़ा केटिक सा सिचुएशन हो
  2299. 1:26:19रहा है। आपने क्या किया? उसमें मल्टीपल
  2300. 1:26:21पार्टीशन कर दिए। जिन्होंने इंडियन खाना
  2301. 1:26:22है गेट से ही पूछ लिया। इंडियन जी उधर
  2302. 1:26:24जाओ। चाइनीस जी उधर जाओ। तो इस तरीके से
  2303. 1:26:27हम यहां पे भी कर सकते हैं। बस याद रखना
  2304. 1:26:29कि जब भी पार्टीशनिंग करते हैं तो डिवाइड
  2305. 1:26:31करते हैं लार्ज टेबल इंटू स्मॉलर मैनेजेबल
  2306. 1:26:34पार्ट्स इनसाइड द सेम डेटाबेस सर्वर। मतलब
  2307. 1:26:38किसी नई मशीन को लेके नहीं आना। उसी मशीन
  2308. 1:26:41के अंदर ही हमने पार्टीशनिंग कर दी। तो
  2309. 1:26:44यानी इस 1 बिलियन रोज़ को मैं पार्टीशन कर
  2310. 1:26:46सकता हूं। मल्टीपल तरीके हैं। लेट्स सपोज
  2311. 1:26:49आप इसको पार्टीशन कर सकते हो। लोकेशन वाइज़
  2312. 1:26:52भी। अगर मेरे टेबल के ऊपर भी तो डिपेंड
  2313. 1:26:54करता है ना मेरा टेबल कौन सा है? लेट्स
  2314. 1:26:55सपोज ऑर्डर का टेबल है तो आप ऑर्डर में
  2315. 1:26:57कैसे कर सकते हो कि आपने 2024 में जितने
  2316. 1:27:00भी ऑर्डर आए अलग कर दिए। 2025 में जितने
  2317. 1:27:03भी ऑर्डर आए अलग कर दिए। 2026 में जितने
  2318. 1:27:06भी ऑर्डर आए अलग कर दिए। तो होगा क्या कि
  2319. 1:27:08जब भी आप क्वेरी लगाओगे तो आपको पूरे 1
  2320. 1:27:11बिलियन को सर्च करने की जरूरत नहीं है। आप
  2321. 1:27:13उसमें देख सकते हो कि भैया मेरे को सिर्फ
  2322. 1:27:15और सिर्फ 2024 में से कुछ सर्च करना है।
  2323. 1:27:17तो आपकी क्वेरी सिर्फ यहां जाएगी। इसके
  2324. 1:27:20अंदर नहीं जाएगी। तो हो सकता है कि ये
  2325. 1:27:22मेरी सिर्फ 1 मिलियन रोज़ हो। तो कहां 1
  2326. 1:27:24बिलियन स्कैनिंग, कहां 1 मिलियन स्कैनिंग।
  2327. 1:27:26तो भैया बहुत ज्यादा फर्क हो जाता है। ऐसी
  2328. 1:27:28लोकेशन वाइज़ भी कर सकते हो कि भैया दिल्ली
  2329. 1:27:30का डेटा अलग कर दिया। मुंबई का डेटा अलग
  2330. 1:27:33जो है वो पार्टीशनिंग में डिवाइड कर दिया।
  2331. 1:27:34तो इस तरीके से आपको हेल्प मिल जाती है कि
  2332. 1:27:37फास्ट क्वेरीज होंगी एग्जीक्यूट। बेटर
  2333. 1:27:39ऑर्गेनाइजेशन होगा। आप घर पे भी तो ऐसे ही
  2334. 1:27:41करते हो ना। सारा सामान एक जगह रखने की
  2335. 1:27:43बजाय जैसे लाइब्रेरीज़ में सारी बुक्स
  2336. 1:27:45इकट्ठी रखने की बजाय आपने उसको कैसे कर
  2337. 1:27:46दिया? पार्टीशन कर दिया। कंप्यूटर साइंस
  2338. 1:27:48की बुक्स अलग कर दी। मैकेनिकल की अलग कर
  2339. 1:27:50दी, सिविल की अलग कर दी ताकि बेटर
  2340. 1:27:52ऑर्गेनाइजेशन हो सके। रिड्यूस स्कैनिंग।
  2341. 1:27:54ऑब्वियसली आपको पता है कि भैया कंप्यूटर
  2342. 1:27:56साइंस की सारी बुक्स उस शेलफ में है। तो
  2343. 1:27:58आप मैकेनिकल सिविल में क्यों धक्के खाओगे
  2344. 1:28:00जाके? आप सीधा उसमें जाओगे। वहां पे
  2345. 1:28:02स्कैनिंग आपको करनी पड़ेगी। लेकिन कहीं
  2346. 1:28:04पूरे लाइब्रेरी को स्कैन करना। कहीं एक
  2347. 1:28:06छोटी सी शेल्फ को या फिर एक छोटे से एरिया
  2348. 1:28:09को तो फर्क आपको समझ में आ रहा होगा।
  2349. 1:28:10इज़ियर मेंटेनेंस भी होगी यहां पे। क्योंकि
  2350. 1:28:13आपको जो है वो हर बार पूरे के पूरे सिस्टम
  2351. 1:28:16को नहीं स्कैन करना। आपको सिर्फ एक
  2352. 1:28:17मल्टीपल जगह पे जाने के बजाय एक ही
  2353. 1:28:19पर्टिकुलर लोकेशन पे जाके स्कैन करना है
  2354. 1:28:21तो वो कहीं ना कहीं आपको इजी हो जाता है।
  2355. 1:28:23अब इसके अंदर किस तरीके से की जा सकती है?
  2356. 1:28:26बहुत ही पॉपुलर है हॉरिजॉन्टल
  2357. 1:28:28पार्टीशनिंग। हॉरिजॉन्टल पार्टीशनिंग का
  2358. 1:28:29मतलब है कि लेट्स सपोज आपके पास इस तरीके
  2359. 1:28:32से हजारों लाखों करोड़ों रोज़ हैं। ठीक है?
  2360. 1:28:35तो आपने हॉरिजॉन्टल का मतलब होता है रोज़
  2361. 1:28:37आर डिवाइडेड। आपने क्या किया कि लेट्स
  2362. 1:28:39सपोज कुछ रोज़ आपने एक पार्टीशन में कर दी।
  2363. 1:28:42ये मैं सिर्फ एग्जांपल में बता रहा हूं कि
  2364. 1:28:43तीन रोज़ नहीं अलग कर दें। बट आप मान के
  2365. 1:28:45चलो कि लेट्स सपोज मैंने 10,000 रोज़ एक
  2366. 1:28:48तरफ कर दी। नेक्स्ट की 10,000 रोज़ दूसरी
  2367. 1:28:50पार्टीशनिंग में कर दी। नेक्स्ट की 10,000
  2368. 1:28:52रोज़ तीसरी पार्टीशनिंग में कर दी। तो जब
  2369. 1:28:54भी ये रो वाइज़ डिवाइड किया जाता है,
  2370. 1:28:56कॉलम्स हमारे सेम रहते हैं। मतलब जो
  2371. 1:28:58कॉलम्स इसमें लेट्स सपोज टोटल आपके टेबल
  2372. 1:29:00में 10 कॉलम है तो इसमें भी 10 कॉलम
  2373. 1:29:01रहेंगे। इसमें भी 10 कॉलम, इसमें भी 10
  2374. 1:29:03कॉलम। लेकिन रोज़ आपकी टोटल 1 लाख थी। तो
  2375. 1:29:06आपने 10,000 इधर डाल दी, 10 इधर डाल दी।
  2376. 1:29:08आई होप समझ में आ रहा होगा। वर्टिकल
  2377. 1:29:10पार्टीशनिंग में क्या किया जाता है?
  2378. 1:29:12वर्टिकल पार्टीशनिंग में हमारा लेट्स सपोज
  2379. 1:29:14टेबल है जी उसके अंदर लेट्स सपोज 1 लाख
  2380. 1:29:16रोज़ हैं आपके पास आपके पास 10 कॉलम है तो
  2381. 1:29:19आपने क्या किया पांच कॉलम अलग कर दिए और
  2382. 1:29:22पांच कॉलम अलग कर दिए मतलब आपने वर्टिकल
  2383. 1:29:25पार्टीशनिंग कर दी पांच कॉलम अलग और पांच
  2384. 1:29:27कॉलम अलग ये जनरली क्यों किया जाता है
  2385. 1:29:29जैसे आप Instagram मेटा का या फिर कोई भी
  2386. 1:29:32एग्जांपल ले लो उसमें क्या होता है कि कुछ
  2387. 1:29:34चीजें फ्रीक्वेंटली आस्क्ड होती है कुछ
  2388. 1:29:37कॉलम्स ऐसे होते हैं जो फ्रीक्वेंटली पूछे
  2389. 1:29:39जाते हैं और कुछ कॉलम्स ऐसे होते हैं जो
  2390. 1:29:41कम पूछे पूछे जाते हैं। तो अगर आप सारे
  2391. 1:29:43टेबल को बार-बार एक्सेस करोगे सारे कॉलम्स
  2392. 1:29:46को बार-बार एक्सेस करना पड़ेगा। अगर आप
  2393. 1:29:48पार्टीशनिंग भी करते हो हॉरिजॉन्टली लेकिन
  2394. 1:29:50कॉलम तो सारे ही आएंगे तो आप क्या कर सकते
  2395. 1:29:52हो भैया? आप जो ज्यादा यूज़ हो रहे हो कॉलम
  2396. 1:29:56हैवीली कॉलम है उनको अलग कर दो। जो लाइट
  2397. 1:29:58वाले कॉलम है जिनका स्पेस या साइज छोटा है
  2398. 1:30:01तो उनको अलग कर दो। उससे कहीं ना कहीं
  2399. 1:30:03एफिशिएंसी आपको बढ़ जाएगी। इवन आप दोनों
  2400. 1:30:06चीजों को मिक्स भी कर सकते हो। हाइब्रिड
  2401. 1:30:08भी कर सकते हो। आपने रो वाइज भी डिवाइड कर
  2402. 1:30:10दिया और रोज़ के अंदर भी आपने मल्टीपल जो
  2403. 1:30:12है वो वर्टिकल पार्टीशनिंग कर दी। ये भी
  2404. 1:30:14पॉसिबल है। बस उसको मैनेज करना थोड़ा सा
  2405. 1:30:16मुश्किल हो जाता है। बट ये सारी चीजें भी
  2406. 1:30:18आप कर सकते हो। इसके अलावा भी रेंज
  2407. 1:30:21पार्टीशनिंग है। आप मल्टीपल रेंजज़ में
  2408. 1:30:24डिवाइड कर सकते हो। अभी आपको एग्जांपल
  2409. 1:30:25बताऊंगा। लिस्ट आप डिपेंड करता है कि आपका
  2410. 1:30:28डेटाबेस किस तरीके से है। तो आप मल्टीपल
  2411. 1:30:30कैटेगरीज में भी डिवाइड कर सकते हो। हैश
  2412. 1:30:32जैसे हम लोग हैश में डिवाइड करते हैं कि
  2413. 1:30:34आपने लेट्स सपोज मोड थ्री का यूज़ कर लिया।
  2414. 1:30:37मतलब आपने कोई भी फंक्शन है तो आपने मोड
  2415. 1:30:39थ्री का मतलब है कि आपने तीन पार्टीनिंग
  2416. 1:30:41बना दी। मतलब एक आपने P1 पार्टीशनिंग एक
  2417. 1:30:44P2 एक P3 तो अगर लेट्स सपोज आपके पास कोई
  2418. 1:30:47भी यूजर आईडी है 10 तो आप क्या करोगे 10%
  2419. 1:30:50थ्री तो रिमाइंडर क्या आया वन वन मतलब ये
  2420. 1:30:52इसके अंदर जाएगा आपने किया जी 12 यूजर की
  2421. 1:30:55आईडी है 12%
  2422. 1:30:57थ्री तो रिमाइंडर क्या आया ज़ीरो आया तो आप
  2423. 1:30:58इसने ज़ीरो वाली पार्टीशनिंग में जो है वो
  2424. 1:31:01डाल दिया तो इस तरीके से आप इसको
  2425. 1:31:02पार्टीशनिंग में डिवाइड कर सकते हो
  2426. 1:31:04एग्जांपल के तौर पे लेट्स सपोज मेरे पास
  2427. 1:31:06इस तरीके से आपकी क्वेरीज़ भी लिखी हुई है
  2428. 1:31:08जैसे रेंज पार्टीशनिंग करनी है तो मेरे
  2429. 1:31:10पास एक टेबल है जी इस तरीके से ऑर्डर आई
  2430. 1:31:12आईडी कस्टमर आईडी ऑर्डर नेम तो मैंने क्या
  2431. 1:31:14किया पार्टीशन बाय रेंज पार्टीशन बाय रेंज
  2432. 1:31:18और इसके अंदर क्या कर लिया जी ईयर ऑर्डर
  2433. 1:31:20डेट अब यहां पे क्या किया पार्टीशन ये बना
  2434. 1:31:23दी एक इसमें वैल्यूस लेस दैन 2025 फिर
  2435. 1:31:26वैल्यू लेस दैन 2026 वैल्यूज़ लेस दैन 2027
  2436. 1:31:30ये क्या करेगा जब भी आपका डेटाबेस में कोई
  2437. 1:31:33भी रो इंसर्ट करोगे इंसर्ट इंटू टेबल नेम
  2438. 1:31:36वहां पे ऑर्डर डेट दोगे ऑर्डर डेट में
  2439. 1:31:38आपने दिया लेट्स सपोज 2025 तो देखेगा भैया
  2440. 1:31:412025 तो जितना भी 2025 से कम वाला है वो
  2441. 1:31:44इसमें डाल देगा। 2025 से सिक्स के बीच में
  2442. 1:31:47है वो इसमें डाल देगा। सिक्स से सेवन के
  2443. 1:31:49बीच में है वो इसमें डाल देगा। तो इस
  2444. 1:31:51तरीके से आपका डेटा जो है वो ऑटोमेटिकली
  2445. 1:31:53डिवाइड होता रहेगा। ऐसे ही लिस्ट के अंदर
  2446. 1:31:55आपने क्या किया? जी कंट्री वाइज डिवाइड कर
  2447. 1:31:57दिया। डिपेंड करता है डेटा के ऊपर। तो
  2448. 1:31:59आपने क्या किया जी? इंडिया की अलग कर दी।
  2449. 1:32:01यूएसए का अलग कर दिया, जापान का अलग कर
  2450. 1:32:02दिया। जब भी आप करोगे इंसर्ट इंटू टेबल
  2451. 1:32:04वैल्यूज़ और उसमें आप कंट्री का नाम दोगे
  2452. 1:32:07इंडिया तो वो ऑटोमेटिकली इसी पार्टीशनिंग
  2453. 1:32:09में जाएगा। जब यूएसए दोगे तो इसमें जाएगा।
  2454. 1:32:12जब जापान दोगे तो इसमें जाएगा। इस तरीके
  2455. 1:32:14से आपका डेटा ऑटोमेटिकली डिवाइड होता
  2456. 1:32:16रहेगा। मतलब डेटाबेस सर्वर एक ही है। आपने
  2457. 1:32:18उसके अंदर लॉजिकल डिवीज़ कर दी। ऐसे ही
  2458. 1:32:21हमारे पास हैशिंग में आ जाता है। लेट्स
  2459. 1:32:23सपोज़ पार्टीशन बाय हैश यूजर आईडी के बेसिस
  2460. 1:32:26पे आपने कर दिया पार्टीशन फोर। अब इसका
  2461. 1:32:28मतलब है जो भी आप यूजर आईडी दोगे। आपने
  2462. 1:32:30दिया 12। यूजर आईडी कुछ ना कुछ तो दोगे ही
  2463. 1:32:32आप 12। तो आपने क्या किया? परसेंट फोर। अब
  2464. 1:32:3512% फोर करोगे तो रिमाइंडर क्या आता है?
  2465. 1:32:37जी ज़ीरो। क्योंकि डिवाइड करोगे रिमाइंडर
  2466. 1:32:39ज़ीरो आएगा। तो आपने फोर पार्टीशन का मतलब
  2467. 1:32:41है आपकी एक P नॉट, एक P1, एक P2 और एक P3
  2468. 1:32:45इस तरीके से चार पार्टीशन बनेगी। क्योंकि
  2469. 1:32:47किसी भी चीज को चार से डिवाइड करते हो
  2470. 1:32:49रिमाइंडर या तो ज़ीरो आएगा या वन आएगा या
  2471. 1:32:51टू आएगा या थ्री आएगा। तो बस वही
  2472. 1:32:53पार्टीशन। तो 12 म 4 करोगे तो आंसर क्या
  2473. 1:32:57आया? ज़ीरो। यानी ये आपका इसके अंदर चला
  2474. 1:32:59जाएगा। आपने लेट्स सपोज डाली जी 13 म 4 तो
  2475. 1:33:02आंसर क्या आएगा? वन। रिमाइंडर वन है तो वो
  2476. 1:33:04इसमें चली जाएगी। आपने डाला जी 25 तो
  2477. 1:33:06ऑब्वियसली क्या आएगा जी? वन आएगा तो वो
  2478. 1:33:08इसके अंदर चला जाएगा। आपने डाला 26 तो वो
  2479. 1:33:11इसके अंदर चला जाएगा। तो बस सिंपली डिवाइड
  2480. 1:33:13करके जो भी आपका रिमाइंडर आ रहा है उसके
  2481. 1:33:15हिसाब से पार्टीशनिंग में डेटा जाता
  2482. 1:33:17रहेगा। डेटाबेस पार्टीशनिंग वर्सेस
  2483. 1:33:20डेटाबेस शार्डिंग। तो देखो बहुत ही
  2484. 1:33:22इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है। स्पेशली जब भी हम
  2485. 1:33:24सिस्टम डिजाइनिंग की बात करते हैं या फिर
  2486. 1:33:27स्केलेबिलिटी की बात करते हैं कि मेरे को
  2487. 1:33:29अपने बिज़नेस को स्केलेबल करना है। अभी मैं
  2488. 1:33:31100 200 लोगों के लिए काम कर रहा हूं।
  2489. 1:33:331000 के लिए काम कर रहा हूं। कल को मैं
  2490. 1:33:3510,000, 1 लाख, 10 लाख, करोड़ों लोगों के
  2491. 1:33:37लिए काम करूंगा। तो यानी मेरे को अपना
  2492. 1:33:39सिस्टम जो है वो स्केलेबल करना पड़ेगा। तो
  2493. 1:33:42उस केस में बहुत ज्यादा वाइडली यूज़ होता
  2494. 1:33:44है कांसेप्ट। एक तो है पार्टीशनिंग का और
  2495. 1:33:46दूसरा है शार्डिंग का। अब यहां पे विद
  2496. 1:33:49रियल लाइफ एग्जांपल आपको एक्सप्लेन करूंगा
  2497. 1:33:51ताकि आपको कहीं पे भी कोई पूछ ले आप इजीली
  2498. 1:33:53आंसर दे सकते हो। तो गाइस फटाफट से वीडियो
  2499. 1:33:54को लाइक कर देना, चैनल को सब्सक्राइब कर
  2500. 1:33:56देना। अगर अभी तक आपने नहीं किया हो अगर
  2501. 1:33:58कर भी दिया तो और डिवाइसेस से सब्सक्राइब
  2502. 1:33:59करवा सकते हो, शेयर कर सकते हो।
  2503. 1:34:00सब्सक्राइबर्स बहुत जरूरी हैं। तो चलो
  2504. 1:34:03यहां पे बेसिकली आपको एक बेसिक आईडिया तो
  2505. 1:34:06इसका होगा। अगर नहीं होगा तो मैं आपको
  2506. 1:34:08एग्जांपल से बता ही रहा हूं। बट इस वीडियो
  2507. 1:34:10को बनाने का एक मोटिव क्या है कि इन दोनों
  2508. 1:34:12के बीच में डिफरेंस तो पता लग जाए क्योंकि
  2509. 1:34:14स्टूडेंट ना इसको सिमिलर ही समझ लेते हैं।
  2510. 1:34:17लेकिन इसके बीच में बहुत मेजर डिफरेंस है।
  2511. 1:34:19आपको बताता हूं एग्जांपल से। लेट्स सपोज
  2512. 1:34:21मेरे पास डेटाबेस पार्टीशनिंग का एग्जांपल
  2513. 1:34:23लिया जाए। तो आप रेस्टोरेंट का एग्जांपल
  2514. 1:34:26ले लो। लेट्स सपोज कोई फेमस रेस्टोरेंट है
  2515. 1:34:28आपके शहर में। जैसे आप दिल्ली में रहते हो
  2516. 1:34:30या मुंबई में रहते हो। एक शहर का एक सिंपल
  2517. 1:34:32सा मैं एग्जांपल लेता हूं कि एक बहुत ही
  2518. 1:34:34फेमस रेस्टोरेंट है और उस रेस्टोरेंट ने
  2519. 1:34:36क्या किया अपने आप को स्केलेबल करना है।
  2520. 1:34:39मतलब उन्होंने क्या किया कि लेट्स सपोज
  2521. 1:34:40वेज का काउंटर अलग कर दिया। क्योंकि मेरे
  2522. 1:34:42पास अभी क्या था? जो भी कस्टमर आ रहा है
  2523. 1:34:44वहीं पे वेज चल रहा है। वहीं पे नॉनवेज चल
  2524. 1:34:46रहा है। वहीं पे स्नैक्स वगैरह चल रहे
  2525. 1:34:48हैं। तो मैं क्या कर सकता हूं? मैं थोड़ा
  2526. 1:34:49सा काउंटर्स को डिवाइड कर सकता हूं। या
  2527. 1:34:51फिर मैं अपने रेस्टोरेंट में इंडियन क्वज़न
  2528. 1:34:53भी है, चाइनीस भी है या फिर नॉर्थ ईस्ट
  2529. 1:34:56मतलब कुछ भी इस तरीके से मल्टीपल क्वज़न
  2530. 1:34:58है। तो मैंने क्या किया? उनको डिवाइड कर
  2531. 1:34:59दिया। एक काउंटर इसके लिए, एक काउंटर इसके
  2532. 1:35:01लिए। तो होगा क्या कि जो भी कस्टमर्स आ
  2533. 1:35:03रहे हैं तो उनको हमने अलग-अलग काउंटर्स पे
  2534. 1:35:06भेज दिया जिससे भीड़ मेरी कम हो जाएगी। तो
  2535. 1:35:08एक सर्वर पे लोड डालने की बजाय हम उसको
  2536. 1:35:11डिवाइड कर सकते हैं। वही चीज यहां पे है
  2537. 1:35:13कि एक सिंगल डेटाबेस सर्वर है। उसी के
  2538. 1:35:16अंदर हमने डेटाबेस की पार्टीशनिंग कर दी।
  2539. 1:35:19लेट्स सपोज एक टेबल था ऑर्डर। उसके अंदर 1
  2540. 1:35:21बिलियन नंबर ऑफ रोज़ थी। तो मैंने क्या
  2541. 1:35:24किया? यहां पे पार्टीशनिंग कर दी। लेट्स
  2542. 1:35:26सपोज जो भी ऑर्डर 2023 या उससे पहले आए
  2543. 1:35:28उसको मैंने अलग पार्टीशन में कर दिया।
  2544. 1:35:30लेट्स सपोज 2024 के जो आए उनको अलग कर
  2545. 1:35:32दिया। 25 के आए अलग कर दिया। 26 में जो आ
  2546. 1:35:34रहे हैं वो अलग कर दिए। तो इस तरीके से
  2547. 1:35:36मल्टीपल पार्टीशनिंग कर दी। बट ध्यान रखना
  2548. 1:35:39कि ये सारी की सारी चीजें सेम डेटाबेस
  2549. 1:35:42सर्वर में हो रही है। मतलब उसी सिंगल डेटा
  2550. 1:35:45उसी सिंगल रेस्टोरेंट में मैं दूसरी
  2551. 1:35:47बिल्डिंग नहीं ओपन कर रहा। मैं उसी
  2552. 1:35:48बिल्डिंग के अंदर ही ये सारी चीजें करने
  2553. 1:35:51की कोशिश कर रहा हूं। ये होती है
  2554. 1:35:52पार्टीशनिंग। लेकिन जो डेटाबेस शेडिंग है
  2555. 1:35:55ये क्या है? मल्टीपल डेटाबेस सर्वर। मतलब
  2556. 1:35:57अगर उसी रेस्टोरेंट का एग्जांपल लिया जाए
  2557. 1:35:59अब उनको स्केलेबल करना है तो वो सेम
  2558. 1:36:02रेस्टोरेंट में ही अपनी पावर को नहीं बढ़ा
  2559. 1:36:04रहे। उन्होंने क्या किया? मल्टीपल
  2560. 1:36:06ब्रांचेस खोल दी। मतलब एक ब्रांच दिल्ली
  2561. 1:36:08में खोल दी। एक बेंगलुरु में खोल दी, एक
  2562. 1:36:10मुंबई में खोल दी, एक कोलकाता में खोल दी।
  2563. 1:36:12तो इस तरीके से जब हम स्केलेबल करते हैं
  2564. 1:36:14वो शार्डिंग का एग्जांपल है। तो ये
  2565. 1:36:16अलग-अलग शार्ड्स बोलते हैं इनको। तो यहां
  2566. 1:36:18पे लेट्स सपोज मेरे पास यूज़र्स का डेटा
  2567. 1:36:20था। तो मैंने क्या किया? ए टू एफ यूज़र्स
  2568. 1:36:22का डेटा अलग शार्ड में रख दिया। लेट्स
  2569. 1:36:24सपोज न्यू दिल्ली में पड़ा है। जी टू एम
  2570. 1:36:26यूज़र्स का मैंने अलग शार्ड में रख दिया।
  2571. 1:36:28लेट्स सपोज टोक्यो में पड़ा है। और एन टू
  2572. 1:36:30जेड का मैंने अलग कर दिया। ये न्यूयॉर्क
  2573. 1:36:32में पड़ा है। तो इस तरीके से डेटाबेस
  2574. 1:36:34शार्डिंग जो है वो वर्क की जाती है। तो
  2575. 1:36:36यहां पे इसको मैं बोल सकता हूं क्या?
  2576. 1:36:38वर्टिकल स्केलिंग। वर्टिकल स्केलिंग क्यों
  2577. 1:36:41बोला जाता है? कई बार इंटरव्यू में पूछ
  2578. 1:36:42लेते हैं। अगर मैं एक ही मशीन की पावर को
  2579. 1:36:45बढ़ाता हूं। मतलब लेट्स सपोज आपके पास
  2580. 1:36:47लैपटॉप है। आपने क्या किया? 8GB थी उसकी
  2581. 1:36:49रैम। आपने 16 GB कर दी। 32 GB कर दी, 64GB
  2582. 1:36:53कर दी। मतलब उसी मशीन की पावर को बढ़ाते जा
  2583. 1:36:55रहे हो। लेट्स सपोज मेमोरी थी उसके अंदर
  2584. 1:36:57512 जो हार्ड डिस्क थी 512 थी। आपने उसके
  2585. 1:37:00अंदर क्या किया? जी 1 टेराबाइट कर दिया। 2
  2586. 1:37:02टेराबाइट कर दिया। CPU की पावर बढ़ा दी।
  2587. 1:37:04ड्यूल कोर क्वाड कोर। इस तरीके से करते जा
  2588. 1:37:06रहे हो। तो सेम मशीन की पावर को बढ़ाते हो।
  2589. 1:37:09मतलब वो कहलाता है हमारे पास वर्टिकल
  2590. 1:37:11स्केलिंग जो कि पार्टीशनिंग का एग्जांपल
  2591. 1:37:12है। लेकिन इसको हम बोलते हैं हॉरिजॉन्टल
  2592. 1:37:15स्केलिंग। मतलब कहने का कि आप उस मशीन की
  2593. 1:37:17पावर नहीं बढ़ा रहे। आप नई-नई मशीनंस
  2594. 1:37:20खरीदते जा रहे हो, नए-नए सर्वर्स खरीदते
  2595. 1:37:23जा रहे हो, अलग-अलग लोकेशनेशंस में रख रहे
  2596. 1:37:24हो डिस्ट्रीब्यूटेड मैनर में। दिस इज
  2597. 1:37:27कॉल्ड शार्डिंग। तो यही चीज आपको इस तरीके
  2598. 1:37:30से एग्जांपल में भी यहां पे डिफरेंस में
  2599. 1:37:31भी देखने को मिलती है। सिंगल डेटाबेस
  2600. 1:37:33सर्वर है, मल्टीपल डेटाबेस सेम डेटाबेस
  2601. 1:37:36इंस्टांस में ही सारा कुछ क्रिएट हो रहा
  2602. 1:37:37है। यहां पे ऑब्वियसली अलग-अलग डेटाबेस
  2603. 1:37:39इंस्टांस बन रहे हैं। डिस्ट्रीब्यूटेड
  2604. 1:37:40तरीके से पढ़े हैं। नेटवर्क ऑब्वियसली
  2605. 1:37:42मिनिमम होगा। सेम लोकेशन पे ही हो रहा है
  2606. 1:37:44सारा कुछ। यहां पे डिस्ट्रीब्यूटेड कर
  2607. 1:37:46दिया तो अलग-अलग लेवल पे अलग-अलग
  2608. 1:37:48लोकेशनेशंस पे आपकी रिक्वेस्ट जाएगी।
  2609. 1:37:50नेटवर्क कम्युनिकेशन बढ़ेगा। स्केलेबिलिटी
  2610. 1:37:52ऑब्वियसली लिमिटेड है। आप अपने लैपटॉप की
  2611. 1:37:54पावर कितनी बढ़ा लोगे? एक ही मशीन की एक
  2612. 1:37:56लेवल तक बढ़ा सकते हो। लेकिन यहां पे आपने
  2613. 1:37:59मल्टीपल मशीनंस ही लगा दी तो ऑब्वियसली
  2614. 1:38:01मैसिव स्केलेबिलिटी कर सकते हो।
  2615. 1:38:03कॉम्प्लेक्सिटी इसकी लोअर होगी। सेम
  2616. 1:38:05रेस्टोरेंट को ही आप पावरफुल कर रहे हो।
  2617. 1:38:07लेकिन यहां पे अपने रेस्टोरेंट्स ही बढ़ा
  2618. 1:38:08लिए। तो भैया कॉम्प्लेक्स भी तो होगा ना।
  2619. 1:38:10उन सबको मैनेज करना भी तो कॉम्प्लेक्स हो
  2620. 1:38:12जाएगा। अगर एक सिंपल सा क्वेश्चन आपसे
  2621. 1:38:14पूछा जाए कि कोई एप्लीकेशन है और उसके ऊपर
  2622. 1:38:161 बिलियन यूज़र्स रजिस्टर्ड हैं और आपको उस
  2623. 1:38:19एप्लीकेशन को हमेशा 24 * 7 अवेलेबल दिखाना
  2624. 1:38:22है, स्केलेबल दिखाना है। तो भैया आप कौन
  2625. 1:38:25सा मेथड यूज़ करोगे? रेप्लिकेशन यूज़ करोगे
  2626. 1:38:28या फिर शार्डिंग यूज़ करोगे? अगर आपसे इस
  2627. 1:38:30तरीके का क्वेश्चन पूछ लिया जाए जितनी भी
  2628. 1:38:32मेजर एप्लीकेशनेशंस हैं चाहे आप Netflix
  2629. 1:38:34की बात कर लो, Amazon की बात कर लो,
  2630. 1:38:36Google की बात कर लो। ये सारी की सारी
  2631. 1:38:38एप्लीकेशन रेप्लिकेशन
  2632. 1:38:39[गला साफ़ करने की आवाज़]
  2633. 1:38:40एंड शेडिंग के कांसेप्ट को यूज़ करती हैं।
  2634. 1:38:42तो आपको पता होना चाहिए इनके बीच में क्या
  2635. 1:38:44डिफरेंस है। देखो रेप्लिकेशन का सिंपल सा
  2636. 1:38:46मतलब है कि जो मेरा डेटाबेस है उसकी मैंने
  2637. 1:38:49कॉपीज़ जो है वो रेप्लिकास बना के रख ली।
  2638. 1:38:52मतलब मैंने एक एंटायर डेटाबेस इसको हम
  2639. 1:38:55मास्टर स्लेव मेथड भी बोल सकते हैं कि
  2640. 1:38:57भैया एक मास्टर डेटाबेस है। उस मास्टर
  2641. 1:38:59डेटाबेस की एज इट इज कॉपी मैंने मल्टीपल
  2642. 1:39:02कॉपीज बना के रख ली और उसको
  2643. 1:39:04डिस्ट्रीब्यूटेड फॉर्म में रख लिया। वो हो
  2644. 1:39:07गया आपका रेप्लिका। मतलब एज इट इज़ कॉपी का
  2645. 1:39:09रेप्लिका। शार्डिंग का मतलब क्या होता है?
  2646. 1:39:11कि भैया जो मेरा डेटा है उस डेटा को मैंने
  2647. 1:39:15क्या कर लिया? डिवाइड कर लिया। इसको बोलते
  2648. 1:39:17हैं हॉरिजॉन्टल स्केलिंग कर लिया। जैसे
  2649. 1:39:20मेरे पास पूरे इंडिया का कोई डेटाबेस है।
  2650. 1:39:22जैसे आधार कार्ड का डेटाबेस है। अब मैं
  2651. 1:39:24उसमें क्या कर सकता हूं कि मैंने एंटायर
  2652. 1:39:25डेटाबेस को शार्ड्स कर लिया। शार्ड्स मतलब
  2653. 1:39:28मैंने नॉर्थ इंडिया का डेटा अलग कर लिया।
  2654. 1:39:30साउथ का अलग कर लिया, ईस्ट का अलग कर
  2655. 1:39:32लिया, वेस्ट का अलग कर लिया। तो ये क्या
  2656. 1:39:33कहलाता है? शार्डिंग कहलाता है। लेकिन
  2657. 1:39:35इसमें मेन कहानी क्या है? जब भी कोई
  2658. 1:39:38एप्लीकेशन याद रखना जब भी कोई एप्लीकेशन
  2659. 1:39:41जिसके ऊपर रीड ऑपरेशंस बहुत ज्यादा हो रहे
  2660. 1:39:43हैं मिलियंस ऑफ बिलियंस ऑफ रीड ऑपरेशंस हो
  2661. 1:39:45रहे हैं तो ये वाला मेथड सबसे बढ़िया रहता
  2662. 1:39:48है। जैसे Netflix का एग्जांपल ले लो। नई
  2663. 1:39:50मूवी आई नई मूवी के आते ही उसके ऊपर क्या
  2664. 1:39:54होगा भैया? मिलियंस ऑफ यूज़र्स क्या
  2665. 1:39:56करेंगे? उसको रीड करने की कोशिश करेंगे।
  2666. 1:39:58उसको चेक करेंगे। उसको देखेंगे। वहां पे
  2667. 1:40:00रेप्लिकेशन बहुत बड़ी है। लेकिन हम लोग बात
  2668. 1:40:03करते हैं राइट ऑपरेशन की। अगर आपकी
  2669. 1:40:05एप्लीकेशन राइट हैवी ऑपरेशन बेस्ड है।
  2670. 1:40:08मतलब जैसे WhatsApp है, Instagram है।
  2671. 1:40:10उसके ऊपर भैया इतनी चीज़ें आप लोग अपलोड कर
  2672. 1:40:12रहे हो। उसके ऊपर बहुत सारी पोस्ट, वीडियो
  2673. 1:40:14सब कुछ डाल रहे हो, चेंजेस कर रहे हो,
  2674. 1:40:16एडिट कर रहे हो। मतलब राइट ऑपरेशन ज्यादा
  2675. 1:40:19कर रहे हो तो भैया शार्डिंग मेथड बहुत
  2676. 1:40:20बढ़िया रहता है। वैसे कंपनीज़ दोनों मेथड्स
  2677. 1:40:23को ही यूज़ करती हैं। लेकिन आपको अगर कोई
  2678. 1:40:25पूछ ले तो याद रखना रीड ऑपरेशन में ये
  2679. 1:40:28सबसे बढ़िया है। क्योंकि सेम डेटा की
  2680. 1:40:30मल्टीपल कॉपीज़ बना दी और मैं क्या कर सकता
  2681. 1:40:32हूं? कुछ रीड यहां से, कुछ रीड यहां से,
  2682. 1:40:34कुछ रीड यहां से। तो भैया डिस्ट्रीब्यूटिव
  2683. 1:40:36फॉर्म में मैंने रख दिया। लेकिन जब मैं
  2684. 1:40:38राइट करूंगा मतलब चेंजज़ करूंगा तो मुझे
  2685. 1:40:41यहां भी चेंज करना पड़ेगा, यहां भी चेंज
  2686. 1:40:43करना पड़ेगा, यहां भी चेंज करना पड़ेगा। तो
  2687. 1:40:45दैट विल बी वेरी कॉस्टली। मैं सिंक्रोनाइज़
  2688. 1:40:47वे में भी कर सकता हूं। एक ही जगह पे सारे
  2689. 1:40:50चेंजज़ या फिर एसिंक्रोनाइज़ वे से कर सकता
  2690. 1:40:52हूं कि भैया एक जगह मास्टर में चेंज कर
  2691. 1:40:54दिया। स्लेव्स में या फॉलोअर्स कॉपीज़ में
  2692. 1:40:56मैं थोड़ी देर बाद चेंज कर दूंगा। ये मेथड
  2693. 1:40:58अलग-अलग यूज़ किए जाते हैं इन द रेप्लिकेशन
  2694. 1:41:00[गला साफ़ करने की आवाज़] मेथड। अदरवाइज
  2695. 1:41:02मास्टर जो डेटाबेस है वो तो अपडेटेड हो
  2696. 1:41:04जाएगा। जो फॉलोअर्स या स्लेव डेटाबेस है
  2697. 1:41:06वो पुराने रह जाएंगे। तो इसीलिए राइट्स को
  2698. 1:41:08भी मुझे प्रॉपर्ली डिस्ट्रीब्यूट
  2699. 1:41:11डिस्ट्रीब्यूटेड करना पड़ेगा। अगर मैं बात
  2700. 1:41:13करूं शार्डिंग की शार्डिंग के केस में
  2701. 1:41:15सिंपल सा कांसेप्ट है। जैसे मैंने वही
  2702. 1:41:17बताया कि नॉर्थ का मैंने अलग जगह रख लिया।
  2703. 1:41:19ईस्ट का अलग जगह, वेस्ट का अलग और साउथ का
  2704. 1:41:21अलग। अब इस केस में क्या होगा कि अगर मैं
  2705. 1:41:23लेट्स सपोज रीड कर रहा हूं तो रीड के केस
  2706. 1:41:25में नॉर्थ का डेटा रीड कर लिया। ईस्ट का
  2707. 1:41:27डेटा, वेस्ट का डेटा अलग-अलग
  2708. 1:41:28डिस्ट्रीब्यूटेड वे में रख दिया तो मैं
  2709. 1:41:30इजीली रीड कर सकता हूं। लेकिन प्रॉब्लम
  2710. 1:41:32कहां पे आ सकती है? अगर किसी यूजर ने बोल
  2711. 1:41:34दिया कि भैया मेरे को नॉर्थ का भी चाहिए
  2712. 1:41:36और ईस्ट का भी चाहिए। तो वहां पे क्रॉस
  2713. 1:41:38चार्डिंग मतलब कुछ डेटा इस चार्ट से, कुछ
  2714. 1:41:41डेटा इस चार्ट से, कुछ डेटा इस चार्ट से।
  2715. 1:41:43तो उस केस में इंटीग्रेट करना पड़ेगा। वो
  2716. 1:41:46वाला मेथड रीड के केस में थोड़ा सा
  2717. 1:41:47मुश्किल हो जाता है। राइट के केस में ये
  2718. 1:41:49इजी है कि भैया नॉर्थ में कोई अपडेट करना
  2719. 1:41:51है तो भैया नॉर्थ में करना। बाकियों से
  2720. 1:41:53आपको कोई लेना देना नहीं है। तो इसीलिए
  2721. 1:41:55सिंपल सा मेथड है। रीड हैवी में ये बड़ी
  2722. 1:41:58है। राइट हैवी में ये बड़ी है। बाकी की ये
  2723. 1:42:00जो कहानी लिखी है ये आप एक बार पढ़ लो जी।
  2724. 1:42:03आपको इजीली समझ में आ जाएगी। मेन चीज
  2725. 1:42:05मैंने आपको इन दोनों के बीच में बता दिया।
  2726. 1:42:07अब आपसे कोई भी पूछ ले तो भैया बता देना।
  2727. 1:42:09देखो इंटरव्यूज के पॉइंट ऑफ व्यू से जब भी
  2728. 1:42:11हम बात करते हैं तो सीक्वल और नो सीक्वल
  2729. 1:42:14के बीच में हमें किसको चूज़ करना है? इससे
  2730. 1:42:16रिलेटेड क्वेश्चंस बहुत ज्यादा पूछे जाते
  2731. 1:42:18हैं। तो देखो कभी भी आपको डायरेक्ट आंसर
  2732. 1:42:21नहीं देना कि भैया ये फास्ट है या ये स्लो
  2733. 1:42:24है। इसमें स्केलेबिलिटी है। इसमें
  2734. 1:42:26स्केलेबिलिटी नहीं है। नहीं सबसे पहले
  2735. 1:42:28आपको हमेशा आंसर देना है प्रॉपर फ्लो के
  2736. 1:42:30साथ। जैसे यहां पे अगर मेरे को चूज़ करना
  2737. 1:42:33है कि भैया सीक्वल या फिर नो सीक्वल। तो
  2738. 1:42:35ये बाइनरी वाला फंडा नहीं है कि ज़ीरो और
  2739. 1:42:37वन कि चूज़ करेंगे नहीं करेंगे। इट
  2740. 1:42:39डिपेंड्स ऑन वेरियस फैक्टर्स। कौन-कौन से
  2741. 1:42:41फैक्टर्स हैं? सबसे पहले व्हाट काइंड ऑफ़
  2742. 1:42:43डेटा यू आर डीलिंग विद अगर आप किसी कंपनी
  2743. 1:42:46का एग्जांपल लेते हो जैसे Amazon Flipkart
  2744. 1:42:48का एग्जांपल ले रहे हो। अब यहां पे अगर
  2745. 1:42:49आपसे इंटरव्यू पूछ ले तो आपने सबसे पहले
  2746. 1:42:52बताना है कि भैया मैं किस डेटा से डील कर
  2747. 1:42:54रहा हूं। अब Amazon और Flipkart के
  2748. 1:42:55एग्जांपल में आपके पास कस्टमर्स का डेटा
  2749. 1:42:57है, प्रोडक्ट का डेटा है, ऑर्डर्स का डेटा
  2750. 1:42:59है। तो आपको सबसे पहले देखना पड़ेगा मेरे
  2751. 1:43:01पास रिलेशनल स्ट्रक्चरर्ड डेटा है या मेरे
  2752. 1:43:03पास अनस्ट्रक्चरर्ड डेटा भी है। देन हाउ
  2753. 1:43:06इट विल बी एक्सेस्ड। मतलब इसको कौन एक्सेस
  2754. 1:43:09कर रहा है, कैसे एक्सेस कर रहा है? ये
  2755. 1:43:11सारी चीजें रीड ऑपरेशन राइट ऑपरेशन क्या
  2756. 1:43:13हो रहे हैं सब चीजें हमें एनालाइज करनी
  2757. 1:43:15पड़ेंगी। देन कंसिस्टेंसी रिक्वायरमेंट कई
  2758. 1:43:18बार क्या होता है कि जैसे एक कैप
  2759. 1:43:20प्रॉपर्टी होती है कि कंसिस्टेंसी
  2760. 1:43:22अवेलेबिलिटी एंड फॉल्ट टॉलरेंस। अब यहां
  2761. 1:43:24पे जो मेरी कंसिस्टेंसी क्या बोलती है?
  2762. 1:43:26जैसे पेमेंट है। अब मैंने एक अकाउंट से
  2763. 1:43:29दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर किए। तो एक में
  2764. 1:43:31डेबिट हुए, एक में क्रेडिट हुए। क्या मैं
  2765. 1:43:33ऐसे बोल सकता हूं कि एक में डेबिट हो गए,
  2766. 1:43:35दूसरे में क्रेडिट देखी जाएगी यार। कोई
  2767. 1:43:37बात नहीं। नहीं तुरंत होने चाहिए। तब तक
  2768. 1:43:40जो है वो बंदे का दिल धड़कता रहेगा कि
  2769. 1:43:42भैया मेरे पैसे कट गए और उसके पास पहुंचे
  2770. 1:43:44नहीं है। तो वहां पे कंसिस्टेंसी मैटर्स अ
  2771. 1:43:47लॉट। लेकिन इंस्टा पे कोई वीडियो डालते हो
  2772. 1:43:49उसके ऊपर अभी आपके लाइक्स आ रहे हैं। जी
  2773. 1:43:52लेट्स सपोज 5000 किसी दूसरे ने आपके
  2774. 1:43:54अकाउंट में देखा उसके दिखा रहा है 5100 तो
  2775. 1:43:57कहने का मतलब क्या है कि अगर 500 200 300
  2776. 1:44:00का डिफरेंस आ भी रहा है तो धीरे-धीरे वो
  2777. 1:44:02चीज जो है वो हैंडल हो जाएगी। अभी हो सकता
  2778. 1:44:05है कि वो अपडेट करने में टाइम लगा रहे हो।
  2779. 1:44:07तो इट डिपेंड्स कि मैं किस टाइप के डेटा
  2780. 1:44:09से डील कर रहा हूं। क्या-क्या मेरी
  2781. 1:44:10रिक्वायरमेंट्स हैं। स्केलेबिलिटी कि जैसे
  2782. 1:44:13Amazon का एग्जांपल ले लो भाई। जब उनका
  2783. 1:44:15बिग बिलियन वाला टाइम आता है तो पर मिनट
  2784. 1:44:18पर सेकंड सॉरी पर सेकंड 100 मिलियन से
  2785. 1:44:21ज्यादा रिक्वेस्ट आती है। तो आपके बिग
  2786. 1:44:23बिलियन के टाइम पे ना ट्रिलियंस ऑफ
  2787. 1:44:26रिक्वेस्ट जाती है Amazon के पास। तो भैया
  2788. 1:44:28इतनी स्केलेबिलिटी को हैंडल करता है।
  2789. 1:44:30नॉर्मल डेज में हो सकता है कि उनके पास
  2790. 1:44:32रिक्वेस्ट जो है वो कम जाती हो। मिलियंस
  2791. 1:44:33में जाती हो। कहां मिलियन और कहां
  2792. 1:44:35ट्रिलियन पे पहुंच गया भैया? बहुत बड़ा
  2793. 1:44:37फर्क है। क्वेरी कॉम्प्लेक्सिटी। अब कई
  2794. 1:44:40बार क्या होता है कि क्वेरीज मेरी बहुत
  2795. 1:44:42सिंपल है कि कस्टमर की इनेशन निकालनी है,
  2796. 1:44:44प्रोडक्ट की इनेशन निकालनी है। लेकिन कई
  2797. 1:44:46बार क्वेरी क्या होती है कि मुझे उस
  2798. 1:44:47कस्टमर की डिटेल बताओ जिसने लैपटॉप खरीदा।
  2799. 1:44:51लेकिन 500 और 1 लाख के बीच में खरीदा।
  2800. 1:44:54उसका एड्रेस न्यू दिल्ली हो। उसने पिछले 6
  2801. 1:44:57महीने में खरीदा। मतलब इतने ज्यादा फिल्टर
  2802. 1:44:59लगा दूंगा तो कहीं ना कहीं क्वेरी जो है
  2803. 1:45:01वो कॉम्प्लेक्स हो जाएगी। मल्टीपल टेबल्स
  2804. 1:45:02का जो यूज़ होगा। देन अवेलेबिलिटी लेटेंसी
  2805. 1:45:05वही हो गया। या तो मेरा डाटा जो है वो
  2806. 1:45:07हमेशा अवेलेबल होना चाहिए। लेट्स सपोज अगर
  2807. 1:45:10डाटा अवेलेबल नहीं है, कोई प्रॉब्लम आ गई
  2808. 1:45:12तो मैं कितनी जल्दी उसको रिस्पांस दे रहा
  2809. 1:45:14हूं। ये सारे फैक्टर्स के बेस पे हम लोग
  2810. 1:45:17डिसाइड करते हैं। और कभी भी कंपनी
  2811. 1:45:19डायरेक्टली नहीं बोलती कि मैं तो बस ये
  2812. 1:45:20यूज़ करूंगा। इसको नहीं करना। नहीं वो
  2813. 1:45:22ज्यादातर मिक्सचर यूज़ करती है। जैसे वही
  2814. 1:45:24Amazon वाला एग्जांपल है। तो यहां पे मेरा
  2815. 1:45:26जो यूजर है वो लोड बैलेंसर के पास
  2816. 1:45:29रिक्वेस्ट जाती है। क्योंकि यहां पे एक
  2817. 1:45:30सर्वर तो है नहीं। बहुत सारे सर्वर्स हैं।
  2818. 1:45:32डिस्ट्रीब्यूटेड वे में हमारा डेटा पड़ा
  2819. 1:45:34है। तो आपकी रिक्वेस्ट गई सर्वर के पास।
  2820. 1:45:36अब हर बार जो है वो सर्वर एक डेटाबेस से
  2821. 1:45:39डील करेगा। तो भैया फिर तो गया सिस्टम। तो
  2822. 1:45:41हमने बैक एंड पे क्या कर रखा है? मल्टीपल
  2823. 1:45:43टाइप ऑफ डेटाबेस है। जैसे पोस्ट ग्रे
  2824. 1:45:46एसक्यूएल या माय सीक्वल वो हमारा
  2825. 1:45:48स्ट्रक्चर डेटा के बारे में रिलेशनल डेटा
  2826. 1:45:50जहां पे टेबल की फॉर्म में डेटा जैसे
  2827. 1:45:52ऑर्डर्स का डेटा है, यूज़र्स का डेटा है,
  2828. 1:45:54पेमेंट्स का डेटा स्पेशली क्योंकि यहां पे
  2829. 1:45:56सबसे इंपॉर्टेंट है कंसिस्टेंसी चाहिए।
  2830. 1:45:58देन मोंगो डीबी हम लोग यूज़ कर सकते हैं
  2831. 1:46:00डॉक्यूमेंट डेटाबेस के तौर पे। दैट इज नो
  2832. 1:46:02सीक्वल। अब यहां पे क्या है? किसी
  2833. 1:46:05प्रोडक्ट के फीचर्स कम है। जैसे शर्ट है।
  2834. 1:46:07अब शर्ट के या टी-शर्ट के फीचर कम होंगे
  2835. 1:46:10लेकिन मोबाइल के फीचर्स बहुत ज्यादा
  2836. 1:46:11होंगे। तो मैं तो यार टेबल के अंदर कॉलम
  2837. 1:46:13ही डालता रह जाऊंगा। तो इसीलिए मैं क्या
  2838. 1:46:15बोल रहा हूं वहां पे मेरे को
  2839. 1:46:17फ्लैक्सिबिलिटी चाहिए। तो यहां पे मोंगो
  2840. 1:46:19डीबी यूज़ कर सकते हैं। डॉक्यूमेंट में
  2841. 1:46:20हमें फ्लेक्सिबिलिटी मिल जाती है। देन
  2842. 1:46:22रेडिस। अब बहुत बार क्या होता है कि जब आप
  2843. 1:46:24Amazon, Flipkart कोई भी वेबसाइट खोलते हो
  2844. 1:46:26तो उसके ऊपर आता है 40% 50% ऑफर कि आज की
  2845. 1:46:30ये ऑफर है। तो हम लोग उसके ऊपर सबसे पहले
  2846. 1:46:32क्लिक करने की कोशिश करते हैं। तो भैया इस
  2847. 1:46:34टाइप का डेटा जो कि फ्रीक्वेंटली एक्सेस
  2848. 1:46:36हो रहा है। बहुत ज्यादा एक्सेस हो रहा है।
  2849. 1:46:38उसको हम रेडिस के अंदर मतलब कैश के अंदर
  2850. 1:46:40रख लेते हैं और कैश में हम उसको की वैल्यू
  2851. 1:46:42पेयर में रख लेंगे ताकि जैसे ही किसी ने
  2852. 1:46:45सर्च किया तो तुरंत उसको रिस्पांस मिल
  2853. 1:46:47जाए। तो कहने का मतलब क्या है? हम मिक्सचर
  2854. 1:46:49करते हैं। हम मल्टीपल डेटाबेसिस का यूज़ कर
  2855. 1:46:52सकते हैं बेस्ड ऑन द सिनेरियो। यही आपने
  2856. 1:46:55एक्स एक्सप्लेन करना है अपने इंटरव्यू के
  2857. 1:46:57अंदर। या कहीं पे भी पूछ ले आप इज़ली आंसर
  2858. 1:46:59दे सकते हो। यह मैंने कुछ एग्जांपल्स यहां
  2859. 1:47:01पे आपको दिए हैं कि भैया बैंकिंग
  2860. 1:47:03ट्रांजैक्शन पे रोल है, ई-कॉमर्स ऑर्डर्स
  2861. 1:47:05है तो सीक्वल वहां पे बढ़िया है। लेकिन
  2862. 1:47:07इंस्टा की फीड है, चैट है या ससे सेशन है
  2863. 1:47:09या आईओटी का सेंसेस का डेटा है व्हिच इज़
  2864. 1:47:11वेरिंग वो वेरीरी करता है। तो उस केस में
  2865. 1:47:14आपका नो सीक्वल बढ़िया है। गाइस जब भी हम
  2866. 1:47:16नो सीक्वल डेटाबेस की बात करते हैं तो
  2867. 1:47:18उसमें डॉक्यूमेंट डेटाबेस हो गया, की
  2868. 1:47:19वैल्यू डेटाबेस हो गया या फिर ग्राफ
  2869. 1:47:22डेटाबेस हो गया। काफी पॉपुलर है। कॉलम
  2870. 1:47:24फैमिली डेटाबेस हो गया। लेकिन इनमें से जो
  2871. 1:47:26डॉक्यूमेंट डेटाबेस है ये बहुत ज्यादा
  2872. 1:47:28पॉपुलर है और इसको मैं समझाता हूं विद
  2873. 1:47:30रियल लाइफ एग्जांपल कि क्यों यूज करते हैं
  2874. 1:47:32क्या इसका बेनिफिशियल है लेकिन सबसे पहले
  2875. 1:47:34देख लो जी ए डॉक्यूमेंट डेटाबेस स्टोर्स
  2876. 1:47:36डेटा एज अ डॉक्यूमेंट इसीलिए नाम ही इसका
  2877. 1:47:39क्या है एज अ डॉक्यूमेंट जो है वो डेटा को
  2878. 1:47:41स्टोर करता है अब कौन से फॉर्मेट में क्या
  2879. 1:47:43होता है उस डॉक्यूमेंट में jसon मतलब
  2880. 1:47:46जावास्क्रिप्ट ऑब्जेक्ट नोटेशन बट गाइस
  2881. 1:47:48यहां पे कई बार पूछ लेते हैं कि ठीक है
  2882. 1:47:50इसका जो jसon का जो कोड है ना वो एक्चुअल
  2883. 1:47:53में जावास्क्रिप्ट से इंस्पायर्ड है मतलब
  2884. 1:47:54मतलब उसके मिलताजुलता ही है। लेकिन इसका
  2885. 1:47:56मतलब ये नहीं कि सिर्फ आप जावास्क्रिप्ट
  2886. 1:47:58के अकॉर्डिंग ही यूज़ कर सकते हो। आप पाइथन
  2887. 1:48:00का है या फिर C शार्प है वो सारा का सारा
  2888. 1:48:02डेटा भी इसके अंदर जो है वो यूज़ कर सकते
  2889. 1:48:04हो। तो JSON है या फिर बाइनरी ऑब्जेक्ट
  2890. 1:48:07नोटेशन है। तो इस तरीके से दोनों के तरीके
  2891. 1:48:09से यूज़ कर सकते हो। लेकिन नॉर्मली जब हम
  2892. 1:48:11डेटा को स्टोर करते हैं तो हम टेबल्स की
  2893. 1:48:13फॉर्म में रोज़ एंड कॉलम्स की फॉर्म में
  2894. 1:48:15करते हैं। अब लेट्स सपोज कि हमने Amazon
  2895. 1:48:17का डेटा जो है वो Amazon आप सबने देखा है
  2896. 1:48:19Amazon है, Flipkart है। उसके पास जो है
  2897. 1:48:22वो मिलियंस ऑफ प्रोडक्ट्स हैं। मतलब मेरे
  2898. 1:48:24हिसाब से अराउंड 400 या 500 मिलियन
  2899. 1:48:27प्रोडक्ट्स हैं जिन्होंने पूरे के पूरे
  2900. 1:48:29लिस्ट किए हुए हैं। अब लेट्स सपोज अगर मैं
  2901. 1:48:31उसको टेबल्स की फॉर्म में स्टोर करूं।
  2902. 1:48:33जैसे मेरे को टीवी का डेटा किसी टीवी का
  2903. 1:48:35डेटा टेबल की फॉर्म में करना है। तो मैंने
  2904. 1:48:37लेट्स सपोज क्या ले लिया? सबसे पहले कॉलम
  2905. 1:48:39आईडी ले लिया, कंपनी का नेम ले लिया। ठीक
  2906. 1:48:41है? और लेट्स सपोज मैंने स्क्रीन का साइज
  2907. 1:48:44ले लिया। और इसके अलावा मैंने ले लिया
  2908. 1:48:46लेट्स फॉर रेोल्यूशन। ठीक है? तो मैंने
  2909. 1:48:48डेटा जो है वो स्टोर कर दिया कि मेरा आइटम
  2910. 1:48:51वन जो है वो क्या है? टीवी है। Samsung का
  2911. 1:48:53टीवी है जी। स्क्रीन है उसकी 55 इंच और
  2912. 1:48:56रेोल्यूशन है उसका 4K। ऐसे ही मैंने एक और
  2913. 1:48:58ले लिया जी। तो का है और लेट्स सपोज वो 50
  2914. 1:49:01इंच है 2K। इस तरीके से मैं डेटा स्टोर कर
  2915. 1:49:03सकता हूं। अब लेट्स सपोज इसके साथ मुझे
  2916. 1:49:05डेटा स्टोर करना है। प्रोडक्ट अकेला भैया
  2917. 1:49:07उनके पास टीवी नहीं है। उनके पास जो है वो
  2918. 1:49:10प्रोडक्ट और भी है। जैसे शूज है। अब शूज
  2919. 1:49:13का डेटा अगर मुझे इसी टेबल में स्टोर करना
  2920. 1:49:15पड़े तो ठीक है जी मैंने तीसरा ले लिया।
  2921. 1:49:17कंपनी नेम ले ली मैंने लेट्स सपोज nki अब
  2922. 1:49:19भैया nki शूज के अंदर स्क्रीन वाला तो कोई
  2923. 1:49:23एट्रिब्यूट नहीं होगा। रेोल्यूशन वाला तो
  2924. 1:49:25कोई एट्रिब्यूट नहीं होगा। तो मुझे कोई
  2925. 1:49:27नया एट्रिब्यूट ऐड करना पड़ेगा। लेट्स
  2926. 1:49:29सपोज मैं साइज कर देता हूं जी ऐड। तो
  2927. 1:49:31मैंने साइज में लेट्स सपोज सेवन नंबर ले
  2928. 1:49:33लिया या फिर मैं कलर भी ऐड कर सकता हूं कि
  2929. 1:49:35भैया कलर उसका ब्लैक है। तो इस तरीके से
  2930. 1:49:37मैंने डेटा उसको स्टोर कर लिया। अब लेट्स
  2931. 1:49:39सपोज आ गया जी इसके अंदर फ्रिज
  2932. 1:49:41रेफ्रिजरेटर की आइटम है। अब रेफ्रिजरेटर
  2933. 1:49:44की आइटम अगर लेट्स सपोज कोई कंपनी है जी
  2934. 1:49:45LG ठीक है? अब उसका उसके अंदर स्क्रीन का
  2935. 1:49:48तो कोई लेना देना ही नहीं है। रेसोल्यूशन
  2936. 1:49:50का कोई लेना देना नहीं है। साइज हो सकता
  2937. 1:49:52है हो लेकिन मेरे को यहां पे क्या करना
  2938. 1:49:53पड़ेगा? मेन उसका होता है जी कैपेसिटी कि
  2939. 1:49:56भैया फ्रिज की कैपेसिटी कितनी है? टू डोर
  2940. 1:49:58है, फोर डोर है, 300 लीटर है, 500 लीटर
  2941. 1:50:01है। तो वो एट्रिब्यूट तो यहां से आपको लग
  2942. 1:50:03रहा होगा कि भैया अगर मुझे मल्टीपल आइटम्स
  2943. 1:50:06को स्टोर करना है तो बहुत सारे फीचर्स
  2944. 1:50:09मुझे नए-नए एट्रिब्यूट्स को ऐड करना
  2945. 1:50:10पड़ेगा। ये बहुत ह्यूज हो जाएगा। और एक
  2946. 1:50:13दूसरी बात मैक्सिमम आपके एट्रिब्यूट्स
  2947. 1:50:16कहां रहेंगे? खाली नल। तो यहां पे मैं इस
  2948. 1:50:18तरीके से स्टोर नहीं कर सकता इतने
  2949. 1:50:20प्रोडक्ट्स को। अब यहां पे प्रॉब्लम यही
  2950. 1:50:23सबसे बड़ी आ रही है और ऐसा भी नहीं कर सकते
  2951. 1:50:25कि हर एक प्रोडक्ट का अपना एक टेबल बना
  2952. 1:50:27लें। ये भी गलत हो जाएगा। तो इसीलिए हम
  2953. 1:50:29लोग क्या यूज़ करते हैं यहां पे? Jसon
  2954. 1:50:31क्योंकि Jason क्या करता है? एक ही
  2955. 1:50:33डॉक्यूमेंट में आप सारे प्रोडक्ट्स की
  2956. 1:50:36मल्टीपल प्रोडक्ट्स की जो है वो इनेशन को
  2957. 1:50:38स्टोर कर सकते हो। इसीलिए इसको सेल्फ
  2958. 1:50:40कंटेंड डॉक्यूमेंट भी बोलते हैं। जैसे
  2959. 1:50:42मोंगो डीबी है, काउच डीबी है। ये सबसे
  2960. 1:50:44मेजरली यूज़ किए जाते हैं डॉक्यूमेंट
  2961. 1:50:47डेटाबेस में। अब यहां पे इस तरीके से
  2962. 1:50:49जेएसएन फाइल बनती है। जी। मैंने यहां पे
  2963. 1:50:51स्क्रीन है, रेसोल्यूशन है जो भी। अब इसके
  2964. 1:50:53बाद इस ब्रैकेट के बाद लेट्स सपोज मुझे
  2965. 1:50:55फ्रिज की इनफार्मेशन ऐड करनी है। फ्रिज की
  2966. 1:50:56इनफार्मेशन ऐड कर दो। फिर उसके बाद मुझे
  2967. 1:50:58कोई और ऐड करनी है शूज की। एक ही में मैं
  2968. 1:51:00मल्टीपल चीजों को जो है वो स्टोर कर सकता
  2969. 1:51:02हूं। और ठीक है? इसकी भी एक लिमिट है।
  2970. 1:51:04जैसे मोंगो डीबी में अगर आप यूज़ करते हो
  2971. 1:51:06तो आप एक फाइल को एक जसन की फाइल को आप 16
  2972. 1:51:10एमबी तक स्टोर कर सकते हो। मतलब उसके अंदर
  2973. 1:51:1216 MB तक का डेटा 16 MB इज वेरी ह्यूज
  2974. 1:51:14अमाउंट। क्योंकि आपने इसके अंदर इनेशन कुछ
  2975. 1:51:17केबीस केबीस की इनेशन ही स्टोर करनी होती
  2976. 1:51:19है। ठीक है? अंटिल और अनलेस जब तक आपकी
  2977. 1:51:21इसके कोई इमेजज़ ना आ जाए। अगर इमेजज़ भी
  2978. 1:51:24आती है जैसे Amazon पे इमेजज़ भी आती है तब
  2979. 1:51:26कांसेप्ट जो है वो थोड़ा सा चेंज हो जाता
  2980. 1:51:28है। क्योंकि इमेजज़ अगर आप डालोगे तो एक
  2981. 1:51:30इमेज हो सकता है 4 MB की, 5 MB की हो। तो
  2982. 1:51:33वहां पे जो है वो कैसे यूज़ होता है वो भी
  2983. 1:51:35देख लो। जी। अब अगर लेट्स सपोज इमेजेस आ
  2984. 1:51:37जाती है, वीडियोस आ जाती है छोटी-छोटी
  2985. 1:51:39किसी फीडबैक की फॉर्म में। तो क्या करता
  2986. 1:51:41है ये? भैया रो एंड कॉलम वाला तो कांसेप्ट
  2987. 1:51:44फेल हो गया। लेकिन यहां पर ये क्या करता
  2988. 1:51:46है कि ठीक है आपने आईडी है, नेम है, कलर
  2989. 1:51:48है। यह सारे फीचर स्टोर कर लिए। लेकिन जो
  2990. 1:51:50इमेज है उसका आप मेटा डेटा उसका आप
  2991. 1:51:54रेफरेंस या फिर मेटा डेटा यहां पे डाल दो।
  2992. 1:51:56एक्चुअल में जो इमेज है वो Amazon क्या
  2993. 1:51:58करता है? Amazon रख लेता है अपने S3
  2994. 1:52:01डेटाबेस में या फिर लेट्स सपोज ग्लोब
  2995. 1:52:03डेटाबेस है या फिर Google ने अपना क्लाउड
  2996. 1:52:05स्टोरेज बना रखा है वहां पे जो है वो
  2997. 1:52:07स्टोरेज कर सकता है और वहां से उसका लिंक
  2998. 1:52:09जो है वो यहां पे दिया जा सकता है या फिर
  2999. 1:52:11Amazon क्या करता है कंटेंट डिलीवरी
  3000. 1:52:13नेटवर्क मतलब ऐसे नियरेस्ट लोकेशनेशंस पे
  3001. 1:52:16रखेगा डेटा को ताकि इमेजज़ जो है वो फटाफट
  3002. 1:52:19से डिलीवर की जाए क्योंकि इस पे अगर आप
  3003. 1:52:21क्वेरी लगाओगे डेटा को रीड करने के लिए ये
  3004. 1:52:24तो बहुत जल्दी रीड हो जाएगा लेकिन इमेजज़
  3005. 1:52:26बहुत ज्यादा टाइम लेती है तो इसीलिए इमेजज़
  3006. 1:52:28को आप क्या रखो? सीडीएन के अंदर रख लो।
  3007. 1:52:30कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क के नियरेस्ट सर्वर
  3008. 1:52:31पे रख लो और उसका जो मेटा डेटा उसका
  3009. 1:52:34रेफरेंस आप इस डॉक्यूमेंट के अंदर डाल दो।
  3010. 1:52:36तो फटाफट से डेटा आपका जो है वो सर्च हो
  3011. 1:52:38जाएगा। तो इजीली रीड एंड राइट ऑपरेशन कर
  3012. 1:52:41सकते हो। ऐसे ही कई बार इंटरव्यू में पूछ
  3013. 1:52:43लेते हैं कि अगर लेट्स सपोज मैं iPhone का
  3014. 1:52:45डेटा ले लूं। अब iPhone में मेरे पास
  3015. 1:52:46iPhone 17 है। अब iPhone 17 में भी तो
  3016. 1:52:49अलग-अलग वेरिएशन है। 128 GB वाला भी है,
  3017. 1:52:51256 GB भी है, 512 तो मैं उसको एक ही
  3018. 1:52:54डॉक्यूमेंट में रखूंगा या मल्टीपल
  3019. 1:52:56डॉक्यूमेंट्स बनाऊंगा। तो देखो मेजरली जो
  3020. 1:52:58है वो एक डॉक्यूमेंट में आप रख सकते हो।
  3021. 1:53:01लेकिन मैंने बताया कि जैसे मोंग डीबी का
  3022. 1:53:0216 MB साइज है। अगर आपको लगता है कि 16 MB
  3023. 1:53:05में मेरा डेटा आ सकता है। सारे के सारे
  3024. 1:53:07iPhonस का डेटा जो है वो इसमें आ सकता है।
  3025. 1:53:09सारे वेरिएशंस का जैसे 128 MB है 128 GB
  3026. 1:53:13है या 256 GB है तो आप एक में डाल दो। अगर
  3027. 1:53:15लेट्स सपोज नहीं आता तो आप उसमें क्या कर
  3028. 1:53:18सकते हो? एक अलग इसका बना दिया जी
  3029. 1:53:21वेरिएशन। एक अलग इसका वेरिएशन बना दिया।
  3030. 1:53:23या फिर एक पेरेंट बना के जो कॉमन फीचर है
  3031. 1:53:26वो पेरेंट में डाल दो और उसके अंदर आप
  3032. 1:53:27मल्टीपल रेफरेंसेस जो है वो पेजेस भी
  3033. 1:53:29क्रिएट कर सकते हो। वो भी इजीली रहता है।
  3034. 1:53:32बट यहां पे फिर सर्चेस थोड़ी सी बढ़
  3035. 1:53:33जाएंगी। यहां पे क्या है एक ही पेज में
  3036. 1:53:35आपको सारी इनेशन मिल जाएगी। तो इसीलिए
  3037. 1:53:38इमेजेस एंड वीडियोस को हम लोग सीडी एंड
  3038. 1:53:40सर्वर्स पे S3 डेटाबेस में रख के उनका जो
  3039. 1:53:42है वो लिंक यहां पे दे देते हैं। मेटा
  3040. 1:53:44डेटा यहां पे दे देते हैं। बाकी की इनेशन
  3041. 1:53:46जो है वो इस तरीके से फटाफट यूजर को
  3042. 1:53:48प्रोवाइड की जाती है। बहुत ही इंपॉर्टेंट
  3043. 1:53:50डेटाबेस है। जब भी हम नो सीक्वल की बात
  3044. 1:53:52करते हैं तो उसमें की वैल्यू डेटाबेस का
  3045. 1:53:54बहुत ही इंपॉर्टेंट रोल है। तो देखो सबसे
  3046. 1:53:56पहले की वैल्यू डेटाबेस इज़ द सिंपलेस्ट
  3047. 1:53:58टाइप ऑफ नो सीक्वल डेटाबेस एंड इट इज़
  3048. 1:54:01सिमिलर टू द Python डिक्शनरी। जैसे Python
  3049. 1:54:04के अंदर हम लोग डिक्शनरीज में डाटा स्टोर
  3050. 1:54:06करते हैं कि भैया मेरे पास क्या होती है?
  3051. 1:54:08एक की वैल्यू होती है। नाम से ही पता लग
  3052. 1:54:11रहा है की वि इज यूनिक। मतलब ये हमेशा जब
  3053. 1:54:13भी डालेंगे कभी भी डुप्लीकेट नहीं डाल
  3054. 1:54:16सकते। हमेशा ये यूनिक वैल्यू ही होगी।
  3055. 1:54:18क्यों? क्योंकि इसी के बेसिस पे ही तो हम
  3056. 1:54:20डेटा को सर्च करेंगे। अब इस की के
  3057. 1:54:23कॉस्पोंडिंग यहां पे क्या होगी? वैल्यू
  3058. 1:54:25होगी। वैल्यू भी हो सकती है, मल्टीपल
  3059. 1:54:27वैल्यूज़ भी हो सकती हैं। जैसे मैंने इस की
  3060. 1:54:29के कॉस्पोंडिंग एक वैल्यू डाली है। ऐसी
  3061. 1:54:31मैं पूरी एक जेसन फाइल क्रिएट कर सकता
  3062. 1:54:33हूं। और उस जेसन फाइल के अकॉर्डिंग मैं एक
  3063. 1:54:36की वैल्यू दे सकता हूं। तो इस तरीके से भी
  3064. 1:54:38आप डेटा जो है वो स्टोर कर सकते हो। और जब
  3065. 1:54:40भी आप डेटा को स्टोर करोगे तो उसके बाद
  3066. 1:54:44एक्सेस करते टाइम आपको यही की के
  3067. 1:54:46अकॉर्डिंग ही एक्सेस करना है। मतलब स्टोर
  3068. 1:54:49भी इस की के कॉस्पोंडिंग हो रहा है। और जब
  3069. 1:54:51डेटा को एक्सेस करेंगे तब भी की के
  3070. 1:54:52कॉस्पोंडिंग ही डेटा को एक्सेस करेंगे। ये
  3071. 1:54:55यूज करता है कांसेप्ट ऑफ हैशिंग। देखो
  3072. 1:54:57आपको थोड़ा सा आईडिया दे देता हूं। जैसे
  3073. 1:54:58फॉर एग्जांपल इस तरीके से मेरा डेटाबेस
  3074. 1:55:00है। उस डेटाबेस में मैंने वैल्यू स्टोर कर
  3075. 1:55:02रखी हैं। 0 1 2 3 4 5 लेट्स सपोज इस तरीके
  3076. 1:55:06से मेरे पास डेटा है। अब कोई भी वैल्यूज़
  3077. 1:55:08ले लेते हैं। वरुण A B C D डी ई कुछ भी
  3078. 1:55:11वैल्यूज़ ले लेते हैं। अब यहां पे मेरे पास
  3079. 1:55:13जैसे हैशिंग के अंदर हमारा फार्मूला यूज़
  3080. 1:55:15होता है। जैसे मैंने यूज़ किया K मॉड N।
  3081. 1:55:19मतलब कहने का K इज़ द की वैल्यू। n इज़ द
  3082. 1:55:22टोटल बकेट्स। मतलब मेरे पास डेटाबेस में
  3083. 1:55:24कितना स्टोरेज है, कितनी बकेट्स हैं उसकी
  3084. 1:55:26वैल्यू जो है वो मेरे पास क्या होती है?
  3085. 1:55:28n। जैसे फॉर एग्जांपल यहां पे मैंने सिक्स
  3086. 1:55:30ले लिया। अब लेट्स सपोज मेरे को डेटा
  3087. 1:55:32स्टोर करना है टू। मतलब मेरी k वैल्यू
  3088. 1:55:34क्या है? टू। तो 2 म 6 करेंगे तो मेरा
  3089. 1:55:37रिमाइंडर क्या आएगा? टू आएगा। तो यानी जो
  3090. 1:55:39भी वैल्यू मेरे को डालनी है वो यहां पे
  3091. 1:55:41मैं उस वैल्यू को स्टोर कर सकता हूं। जब
  3092. 1:55:43मैं सर्च करूंगा तब भी मैं इसी फॉर्मूले
  3093. 1:55:45से सर्च करूंगा और डायरेक्टली यहां से
  3094. 1:55:48जाके उस वैल्यू को उठा लूंगा। सीक्वल के
  3095. 1:55:50अंदर हम लोग जब डेटा को स्टोर करते हैं
  3096. 1:55:52टेबल्स की फॉर्म में तो मुझे क्या करना
  3097. 1:55:54पड़ता है? हर एक रो को एक्सेस करना
  3098. 1:55:57पड़ेगा। हर एक रो को स्कैन करना पड़ेगा।
  3099. 1:55:59अगर लाखों करोड़ों रोज़ हैं तो हर एक रो को
  3100. 1:56:02स्कैन करने में बहुत ज्यादा टाइम लगता है।
  3101. 1:56:04लेकिन यहां पे हम लोग डायरेक्टली एक्सेस
  3102. 1:56:06करते हैं। सीधा उस वैल्यू पे जाएंगे। जैसे
  3103. 1:56:09एरे के अंदर हम लोग सीधा रैंडमली एक्सेस
  3104. 1:56:11करते हैं। ऐसे ही हमने डायरेक्ट उस वैल्यू
  3105. 1:56:13के पास जाना है और उसके कॉस्पोंडिंग
  3106. 1:56:15वैल्यू को उठा लेना है। ये सबसे बढ़िया
  3107. 1:56:17एग्जांपल है जी आपका की वैल्यू डेटाबेस
  3108. 1:56:19का। अब इसका रियल लाइफ यूज़ केस देखो। जैसे
  3109. 1:56:21Amazon पे आप लोग या Flipkart पे आप अपना
  3110. 1:56:24कार्ड के अंदर कोई ना कोई वैल्यूज़ को
  3111. 1:56:25स्टोर करते हो। तो आपके कार्ड के
  3112. 1:56:27कॉरेस्पोंडिंग जो है वो यूजर आईडी है।
  3113. 1:56:29आपकी जो भी यूजर आईडी है जब-जब आप कार्ड
  3114. 1:56:31को एक्सेस करोगे तो ऑटोमेटिकली डेटा उसके
  3115. 1:56:33अंदर स्टोर रहता है कि आपने क्या-क्या
  3116. 1:56:34उसके अंदर लाइक किया हुआ है? क्या-क्या
  3117. 1:56:36आपने खरीदना है फ्यूचर में। तो आपकी की के
  3118. 1:56:38कॉस्पोंडिंग मल्टीपल वैल्यूज़ जो है वो
  3119. 1:56:41वहां पे स्टोर रहेंगी। तो जब भी आप सर्च
  3120. 1:56:43करोगे तो आपका डेटा जो है वो कार्ड के
  3121. 1:56:44अंदर शो हो जाएगा। ऐसे ही लेट्स सपोज आप
  3122. 1:56:47एग्जांपल ले लो जी सेशन मैनेजमेंट का। अब
  3123. 1:56:49जैसे सेशंस क्रिएट होते हैं तो हर एक सेशन
  3124. 1:56:52आईडी के कॉस्पोंडिंग जो भी वैल्यू्यूज
  3125. 1:56:53होंगी जैसे ये मेरी एक सेशन आईडी है। उसके
  3126. 1:56:56कॉस्पोंडिंग यूजर आईडी, नेम, लॉग इन जो भी
  3127. 1:56:58डेट्स वगैरह जो भी मैं इनेशन स्टोर करना
  3128. 1:57:00चाहता हूं तो इसके कॉस्पोंडिंग मेरी इनेशन
  3129. 1:57:03जो है वो स्टोर हो जाएगी। तो जब भी एक्सेस
  3130. 1:57:05करेंगे हमने इस वैल्यू के कॉस्पोंडिंग
  3131. 1:57:07एक्सेस करना है। तो ऑटोमेटिकली डेटा आपका
  3132. 1:57:09इजीली सबसे फास्ट तरीके से एक्सेस हो
  3133. 1:57:11जाएगा। इसीलिए रियल लाइफ में आपका सेशन
  3134. 1:57:14मैनेजमेंट, शॉपिंग कार्ड इवन Netflix में
  3135. 1:57:16हर एक यूजर की अपनी रिकमेंडेशन ये सारी
  3136. 1:57:19चीजें सेव रखते हैं हम की वैल्यू के अंदर।
  3137. 1:57:20मोस्ट पॉपुलर की वैल्यू डेटाबेस है हमारे
  3138. 1:57:22पास जैसे रेडिसis है, Amazon, Dynamo, DB
  3139. 1:57:25है। ये नेम्स कई बार पूछ लेते हैं जी
  3140. 1:57:27इंटरव्यूज वगैरह में। तो आपको ये सारे
  3141. 1:57:28पॉइंट्स पता होने चाहिए कि भैया की वैल्यू
  3142. 1:57:30डेटाबेस किस तरीके से काम करता है। क्या
  3143. 1:57:32एडवांटेज है। लेकिन ऐसा नहीं है कि भैया
  3144. 1:57:35ये सारी जगह पे सीक्वल को जो नॉर्मल
  3145. 1:57:38टैबुलर को हरा देगा। नहीं एग्जांपल के तौर
  3146. 1:57:41पे अगर लेट्स सपोज आपको सर्च करना है
  3147. 1:57:44सिर्फ की के कॉस्पोंडिंग तब तो बढ़िया है
  3148. 1:57:46जी अगर आपको की पता है तो उसके
  3149. 1:57:48कॉस्पोंडिंग आप डेटा उठा लो लेकिन अगर
  3150. 1:57:50लेट्स सपोज आपको की नहीं पता है या आपको
  3151. 1:57:52लेट्स सपोज ऐसे बोल दे कि भैया एवरेज
  3152. 1:57:55सैलरी कैलकुलेट करके बताओ सारे एंप्लाइजज़
  3153. 1:57:57की तो वहां पे फिर ये हाथ खड़े कर देगा वो
  3154. 1:58:00बोलेगा ना भैया मैं की के कॉस्पोंडिंग
  3155. 1:58:02डेटा निकाल दूंगा लेकिन आप तो बोल रहे हो
  3156. 1:58:04एवरेज सैलरी निकालो पूरे एम्प्लाइजस की वो
  3157. 1:58:06ये वाला काम नहीं कर पाएगा या मेरे को दो
  3158. 1:58:09टेबल्स को जॉइन करके कोई डेटा निकालना है
  3159. 1:58:11तब भी ये वाला उस जगह पे काम नहीं करेगा।
  3160. 1:58:13ये मेनली पॉपुलर है जहां पे हमने की के
  3161. 1:58:16कॉस्पोंडिंग डेटा को फच करना है और फटाफट
  3162. 1:58:19से बहुत ही फास्ट तरीके से सर्च करना है।
  3163. 1:58:21जैसे रेडिसरा का एग्जांपल हमने कैशिंग में
  3164. 1:58:24यूज़ करते हैं। भैया जो मोस्टेंट डेटा
  3165. 1:58:26फ्रीक्वेंटली यूज़्ड डेटा है उसको हम लोग
  3166. 1:58:28रेडिसज डेटाबेस में स्टोर कर लेते हैं।
  3167. 1:58:30क्योंकि वो रैम है बहुत ज्यादा फास्ट होता
  3168. 1:58:32है। तो इजीली डेटा जो है वो यूजर को मिल
  3169. 1:58:34जाता है। कॉलन फैमिली डेटाबेस अगेन ये भी
  3170. 1:58:37नो सीक्वल डेटाबेस का बहुत ही इंपॉर्टेंट
  3171. 1:58:40जो है वो टाइप है। नो सीक्वल में आपको फिर
  3172. 1:58:42से बता दूं कि भैया हमारे पास चार अलग-अलग
  3173. 1:58:44कैटेगरी हैं। पहले हमारे पास आ जाता है जी
  3174. 1:58:47डॉक्युमेंट बेस्ड डेटाबेस। फिर इसके बाद
  3175. 1:58:49हमारे पास आ जाता है की वैल्यू। एक आ जाता
  3176. 1:58:51है हमारे पास कॉलम फैमिली और एक आ जाता है
  3177. 1:58:53जी ग्राफ बेस्ड। अब यहां पे हम लोग बात कर
  3178. 1:58:55रहे हैं कॉलम फैमिली। सिंपल से एग्जांपल
  3179. 1:58:58से आपको बताता हूं कि नॉर्मली टेबल आप
  3180. 1:59:00सबने देखा होगा। टेबल में जो हम लोग सिंपल
  3181. 1:59:03सीक्वल के अंदर करते हैं क्रिएट टेबल टेबल
  3182. 1:59:05नेम। उसमें डेटा को हम लोग इस तरीके से रो
  3183. 1:59:07वाइज स्टोर करते हैं। पहली रो में डेटा
  3184. 1:59:09फिर दूसरी रो, तीसरी रो, चौथी रो। यहां पे
  3185. 1:59:12नाम से ही पता लग रहा है कॉलम। मतलब हम
  3186. 1:59:14लोग डेटा को कॉलम वाइज स्टोर करेंगे। पहले
  3187. 1:59:18कॉलम का डेटा, फिर दूसरे कॉलम का डेटा,
  3188. 1:59:20तीसरे कॉलम का डेटा। इससे क्या एडवांटेज
  3189. 1:59:22मिलती है, क्याेंस मिलती है, वो आपको अभी
  3190. 1:59:25पता लग जाएगा। एग्जांपल से आपको बताता
  3191. 1:59:27हूं। तो, कॉलम फैमिली डेटाबेस इज़ अ नो
  3192. 1:59:29सीक्वल डेटाबेस दैट स्टोर द डेटा इन द
  3193. 1:59:31कॉलम फैमिलीज़ रादर देन ट्रेडिशनल रोज़। जो
  3194. 1:59:34मैंने अभी आपको बताया इट प्रोवाइड्स द हली
  3195. 1:59:37स्केलेबिलिटी देन फ्लेक्सिबल एंड एफिशिएंट
  3196. 1:59:40एक्सेस टू द लार्ज डिस्ट्रीब्यूटेड डेटा
  3197. 1:59:43सेट। जहां पे हमारा जो डेटा है वो बहुत
  3198. 1:59:46ह्यूज अमाउंट ऑफ़ डेटा है। तो वहां पे
  3199. 1:59:48स्पेशली आपका ये यूज़ करना बढ़िया रहता है।
  3200. 1:59:51क्योंकि जब आप डेटा के ऊपर कोई एनालिसिस
  3201. 1:59:53क्वेरीज़ लगाते हो। बहुत सारी क्वेरीज़ ऐसी
  3202. 1:59:55हैं जहां पे रो वाइज़ अगर आप स्टोर करोगे
  3203. 1:59:57तो वो बहुत स्लो हो जाता है। अगर स्पेशली
  3204. 2:00:00मिलियन बिलियंस ऑफ रोज़ हैं और वहां पे
  3205. 2:00:02आपका कॉलम फैमिली जो है वो बढ़िया जो है वो
  3206. 2:00:05आंसर देता है। अभी आपको पता लगेगा पहले आप
  3207. 2:00:07एक बार देख लो पॉपुलर जो है वो कॉलम
  3208. 2:00:08फैमिली डेटाबेस में हमारे पास आ जाता है।
  3209. 2:00:10Apache CDR है, Apache H है, Google बिग
  3210. 2:00:14टेबल्स है। ये सारे एग्जांपल्स हैं। कई
  3211. 2:00:15बार इंटरव्यू में पूछ लेते हैं। तो ये
  3212. 2:00:17Apache CSD्रा क्या करता है कि कोई भी
  3213. 2:00:19आपके पास टेबल आया। आपने नॉर्मल एक टेबल
  3214. 2:00:21बनाया जिसके अंदर मिलियंस ऑफ रोज़ हैं।
  3215. 2:00:23उसको ये क्या करेगा? एक तो
  3216. 2:00:25डिस्ट्रीब्यूटेड फॉर्म में स्टोर करेगा
  3217. 2:00:27अलग-अलग लोकेशन में। ये भी हो सकता है कि
  3218. 2:00:29कॉलम वन का पूरा डेटा एक लोकेशन में, कॉलम
  3219. 2:00:31टू का, दूसरी लोकेशन में, कॉलम थ्री का और
  3220. 2:00:33जब आपको डेटा चाहिए तो ये आपको कंबाइन
  3221. 2:00:36करके भी पूरा टेबल दे देगा। और अगर लेट्स
  3222. 2:00:38सपोज आपको सिर्फ एक कॉलम में ही कोई
  3223. 2:00:40क्वेरी लगानी है, तो भैया आपको बाकी
  3224. 2:00:42कॉलम्स को छेड़ने की जरूरत ही नहीं है।
  3225. 2:00:44इसीलिए बहुत ज्यादा फ़ास्ट देता है। अभी
  3226. 2:00:46आपको विजुलाइज़ करके दिखाता हूं कैसे मैं
  3227. 2:00:48बोल रहा हूं। ये देख लो जी एग्जांपल है ये
  3228. 2:00:50हमारा नॉर्मल ट्रेडिशनल डेटाबेस जो हम लोग
  3229. 2:00:53स्टोर करते हैं टेबल्स की फॉर्म में जैसे
  3230. 2:00:55मेरे पास एंप्लाइजस का डेटा है एंप्लई
  3231. 2:00:57आईडी है मल्टीपल एंप्लई आईडीज हैं नेम है
  3232. 2:00:59डिपार्टमेंट है सैलरी है अब यहां पे तो
  3233. 2:01:01चलो मैंने एक छोटा सा एग्जांपल लिया है
  3234. 2:01:03तीन टपल का बट अगर लेट्स सपोज 3 मिलियन या
  3235. 2:01:0530 मिलियन नंबर ऑफ रोज़ हों तो ये बहुत बड़ा
  3236. 2:01:08ह्यूज डेटाबेस बन जाएगा और यहां पे होगा
  3237. 2:01:11क्या कि जब भी मैं कोई क्वेरी लगाऊंगा तो
  3238. 2:01:13आपको क्या करना पड़ेगा पहले इस रो को सर्च
  3239. 2:01:16फिर इस रो को फिर इस रो को फिर इस रो को
  3240. 2:01:19मतलब हर एक रो को ट्रेवर्स करना पड़ेगा तब
  3241. 2:01:21जाके आपका आंसर आएगा। लेकिन कॉलम क्या
  3242. 2:01:24कहता है? एंप्लई आईडी है। ये तो आपको पता
  3243. 2:01:27है यूनिक है। तो एंप्लई आईडी उसके
  3244. 2:01:29कॉस्पोंडिंग नेम फिर एंप्लई आईडी
  3245. 2:01:31कॉरेस्पोंडिंग डिपार्टमेंट एंप्लई आईडी
  3246. 2:01:33कॉरेस्पोंडिंग सैलरी। मतलब हमने क्या
  3247. 2:01:36किया? इस तरीके से इस पूरे कॉलम को यहां
  3248. 2:01:39पे स्टोर कर लिया। इस तरीके से इस पूरे
  3249. 2:01:42कॉलम को यहां पे स्टोर कर लिया। इस तरीके
  3250. 2:01:44से इस पूरे कॉलम की अगर जितनी मिलियंस ऑफ
  3251. 2:01:47वैल्यू्यूज होंगी उन सों को मैंने अलग से
  3252. 2:01:49और डिस्ट्रीब्यूटेड वे में भी स्टोर कर
  3253. 2:01:51सकता हूं। अब देखो जी एग्जांपल लेट्स सपोज
  3254. 2:01:54कोई क्वेरी आती है कि भैया मुझे एवरेज
  3255. 2:01:56सैलरी निकालनी है सारे एंप्लाइजज़ की। पूरी
  3256. 2:01:59कंपनी की एवरेज सैलरी निकालनी है तो कैसे
  3257. 2:02:02निकालोगे? आप सिर्फ इस कॉलम के ऊपर लगाओगे
  3258. 2:02:05एवरेज सैलरी और आपका आंसर आ जाएगा। लेकिन
  3259. 2:02:08अगर आपने इस टेबल पे लगानी है तो भैया
  3260. 2:02:10इसका इसका इसका और इसका सबका यूज़ होगा।
  3261. 2:02:14भैया जब मैं सैलरी की एवरेज निकाल रहा हूं
  3262. 2:02:16तो मुझे डिपार्टमेंट नेम या कोई और कॉलम
  3263. 2:02:19भी है। मुझे क्या करना है? बट ये कहता है
  3264. 2:02:21कि भैया मैं तो रो वाइज ही सारा स्कैन
  3265. 2:02:23करके फिर आंसर में दूंगा। तो ये बहुत
  3266. 2:02:25ज्यादा जो है वो डिले कर देता है। इसीलिए
  3267. 2:02:27यहां पे हमें सिर्फ इस चीज की जरूरत है।
  3268. 2:02:30बाकियों की हमें जरूरत ही नहीं है। तो
  3269. 2:02:32सीधा आप इसके ऊपर क्वेरी लगा के कर सकते
  3270. 2:02:34हो। ऐसे ही अगर आपको बोल दे जी भैया काउंट
  3271. 2:02:36करो हर एक डिपार्टमेंट में कितने बंदे हैं
  3272. 2:02:39तो भैया आप क्या करोगे ग्रुप बाय
  3273. 2:02:40डिपार्टमेंट करोगे और काउंट लगा दोगे तो
  3274. 2:02:43आपको सिर्फ इस कॉलम की जरूरत है इसकी
  3275. 2:02:45जरूरत ही नहीं है इसकी जरूरत ही नहीं है
  3276. 2:02:47तो ये तो कहेगा कि भैया मैं तो सबके सबको
  3277. 2:02:50साथ लेके चलूंगा सबका साथ सबका विकास भाई
  3278. 2:02:53ये कहता है ना मैं सिर्फ इस कॉलम में से
  3279. 2:02:55मिलियंस ऑफ डेटा को उठाऊंगा बाकियों को
  3280. 2:02:57मैं छेडूंगा ही नहीं तो भैया जितना कम
  3281. 2:03:00डेटा होगा उतना ही जल्दी-जल्दी आपका सर्च
  3282. 2:03:02जो है वो होगा तो ये इस तरीके से एनालिसिस
  3283. 2:03:05क्वेरीज में बहुत ज्यादा आंसर बढ़िया देता
  3284. 2:03:07है। स्पेशली ऑल लैप सिस्टम में जहां पे हम
  3285. 2:03:10एनालिटिकल क्वेरीज़ वगैरह लगाते हैं वहां
  3286. 2:03:12पे ये बहुत बढ़िया कॉलम फैमिली वर्क करता
  3287. 2:03:14है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि सब जगह ये
  3288. 2:03:16बहुत बढ़िया काम करता है। कई बार इंटरव्यू
  3289. 2:03:18में पूछ लेते हैं कि कहां पे ये फेल हो
  3290. 2:03:20जाएगा? लेट्स सपोज़ मुझे इस टेबल में कोई
  3291. 2:03:22रो इंसर्ट करनी है। कोई नया एंप्लई आया
  3292. 2:03:25जी। उस एंप्लई का नाम है ऋतिक। मैंने उसकी
  3293. 2:03:28एंप्लई आईडी नेम रितिक है जी। डिपार्टमेंट
  3294. 2:03:30उसका एचआर है। सैलरी उसकी ये है। तो मैंने
  3295. 2:03:33उसको इजीली स्टोर कर दिया। एक पूरी रो को
  3296. 2:03:35एक बार में डाल दिया। लेकिन यहां पे कैसे
  3297. 2:03:38डालेंगे? इस कॉलम में अलग से इंसर्ट करना
  3298. 2:03:40पड़ेगा। इसमें अलग से डेटा इसमें अलग या
  3299. 2:03:42फिर तीनों को दोबारा से जॉइन करके एक टेबल
  3300. 2:03:45बनाओगे। फिर उसके बाद इंसर्ट करोगे तो ये
  3301. 2:03:47थोड़ा सा काम जो है वो टेढ़ा हो जाता है।
  3302. 2:03:49ऐसे ही अपडेशन में आपने आईटी की जगह लेट्स
  3303. 2:03:52सपोज अमन जो था वो आईटी में था। अब वो
  3304. 2:03:54चेंज हो के सीएस में आ गया। तो आपने इसमें
  3305. 2:03:56अपडेट कर दिया। लेकिन इसमें आपको जो है वो
  3306. 2:03:59अपडेट करके टाइम भी थोड़ा सा ध्यान रखना
  3307. 2:04:01पड़ेगा। सिमिलरली जॉइंस वगैरह में जहां पे
  3308. 2:04:04आपको मल्टीपल वैल्यूज़ को जॉइ करना है तो
  3309. 2:04:06ये थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है। यहां पे
  3310. 2:04:07कहीं ना कहीं थोड़ा इजी है। तो एनालिसिस
  3311. 2:04:10वाली क्वेरीज में हमेशा याद रखना ये सबसे
  3312. 2:04:12बढ़िया काम करता है। लेकिन जो ओएलटीपी जो
  3313. 2:04:15ट्रांजैक्शनल प्रोसेससेस क्वेरीज़ हैं
  3314. 2:04:17उनमें ये वाला नॉर्मल आपका ट्रेडिशनल
  3315. 2:04:19डेटाबेस बढ़िया काम करता है। क्या आपको पता
  3316. 2:04:21है Facebook के कितने करंट यूज़र्स हैं?
  3317. 2:04:24अराउंड 3 बिलियन यूज़र्स हैं Facebook पे।
  3318. 2:04:27और जब भी आप किसी को फ्रेंड रिक्वेस्ट
  3319. 2:04:29भेजते हो तो फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते ही एक
  3320. 2:04:32तो आपको बता देता है कि भैया म्यूचुअल
  3321. 2:04:34फ्रेंड्स कितने हैं दोनों के बीच में या
  3322. 2:04:36फिर पीपल यू मे नो मतलब आपको रिकमेंडेशंस
  3323. 2:04:39भी भेजता है कि अगर आप इस बंदे को जानते
  3324. 2:04:41हो तो हो सकता है कि आप इन लोगों को भी
  3325. 2:04:44जानते होंगे। तो इस तरीके का जो कनेक्शन
  3326. 2:04:46है ये एक्चुअल में कैसे स्टोर किया जाता
  3327. 2:04:49है बाय यूजिंग द ग्राफ डेटाबेस। तो यस आज
  3328. 2:04:52की इस वीडियो में मैं आपको बताने जा रहा
  3329. 2:04:54हूं जो नो सीक्वल डेटाबेस में नेक्स्ट
  3330. 2:04:56इंपॉर्टेंट है दैट इज ग्राफ बेस्ड। अब
  3331. 2:04:58यहां पे मैं ऑलरेडी आपको कॉलम लेवल भी पढ़ा
  3332. 2:05:01चुका हूं। आपको मैं पढ़ा चुका हूं कि भैया
  3333. 2:05:02की वैल्यू के थ्रू कैसे डेटा को स्टोर
  3334. 2:05:04करते हैं। और यहां पे ग्राफ डेटाबेस में
  3335. 2:05:07जो स्पेशली नो सीक्वल डेटाबेस है ये स्टोर
  3336. 2:05:10करता है डेटा को एज ए नोड्स। मतलब जितनी
  3337. 2:05:13भी एंटिटीज़ हैं उनको हम एज ए नोड। जैसे
  3338. 2:05:16मैं आप सब एक नोड की तरह यहां पे क्या
  3339. 2:05:19होती है? स्टोर होती हैं। और एजेस यहां पे
  3340. 2:05:21होंगी। आपको पता है ग्राफ के अंदर मेनली
  3341. 2:05:23क्या होता है? इस तरीके से जब भी हम कोई
  3342. 2:05:25ग्राफ बनाते हैं तो उसके अंदर क्या होता
  3343. 2:05:27है? एक तो नोड्स होते हैं जिनको हम
  3344. 2:05:28वर्टेक्स भी बोल देते हैं और एक होती है
  3345. 2:05:30एजेस। एजेस बेसिकली बताती है कनेक्शंस
  3346. 2:05:33रिलेशनशिप। तो वो चीज जो है वो रिलेशनशिप
  3347. 2:05:36इसके थ्रू बनाया जाता है और ये स्पेशली
  3348. 2:05:38जहां पे भी आपका इस तरीके का डेटाबेस है
  3349. 2:05:41कि भैया आपस में रिकमेंडेशन बेस्ड है या
  3350. 2:05:44सोशल मीडिया का डेटाबेस है या फिर ग्राफ
  3351. 2:05:47मैप कनेक्टेड डेटाबेस है उस तरीके के डेटा
  3352. 2:05:50को स्पेशली ग्राफ डेटाबेस के थ्रू यूज़
  3353. 2:05:52करना बहुत बढ़िया रहता है क्योंकि जब हम
  3354. 2:05:54डेटा को फैच करते हैं रिट्रीव करते हैं वो
  3355. 2:05:57बहुत ही फास्ट आंसर आपको देगाI अभी मैं
  3356. 2:06:00आपको इसको प्रूफ भी करके दिखाऊंगा अभी
  3357. 2:06:01पहले देख लो जी पॉपुलर डेटाबेस कई बार पूछ
  3358. 2:06:04लेते हैं नेम तो ग्राफ में याद रखना Neo
  3359. 2:06:064G बहुत ज्यादा पॉपुलर है। सबसे ज्यादा
  3360. 2:06:08यही यूज़ होता है। या फिर Amazon नेप्च्यून
  3361. 2:06:10है या फिर टाइगर ग्राफ है। ये कई बार पूछ
  3362. 2:06:13लेते हैं तो आपको पता होना चाहिए। अब यहां
  3363. 2:06:14पे ग्राफ डेटाबेस जैसा कि मैंने पहले
  3364. 2:06:17बताया कहां पे यूज़ करना सबसे बढ़िया रहेगा?
  3365. 2:06:19सबसे मेन है जी आपका सोशल मीडिया। जैसे
  3366. 2:06:23मैंने अभी आपको Facebook का एग्जांपल
  3367. 2:06:24दिया। Lindin का एग्जांपल ले लो। जी।
  3368. 2:06:26Lindin के अंदर भी हम लोग क्या करते हैं?
  3369. 2:06:28कनेक्शंस ही तो क्रिएट करते हैं। बोलते
  3370. 2:06:29हैं ना कि कनेक्शंस बना रहे हैं हम। भैया
  3371. 2:06:31मैंने एक पेज बनाया। मैंने एक अपनी
  3372. 2:06:33प्रोफाइल बनाई। अब मैं अपने लिंक जो है वो
  3373. 2:06:35कनेक्शंस क्रिएट कर रहा हूं वहां पे। तो
  3374. 2:06:37हर एक कनेक्शन इसी तरीके से जो है वो एक
  3375. 2:06:40दूसरे के साथ जुड़ जाता है और फिर ये मेरा
  3376. 2:06:43एक ग्राफ डेटाबेस पूरा का पूरा बन जाता
  3377. 2:06:45है। तो ऐसे ही रिकमेंडेशंस की बात कर लो
  3378. 2:06:47जी भैया रिकमेंडेशन जैसे Netflix है। अब
  3379. 2:06:49उसमें आपने एक लेट्स सपोज कोई मूवी देख ली
  3380. 2:06:51क्राइम रिलेटेड। अब आपको वो क्राइम
  3381. 2:06:53रिलेटेड और भी मूवीस को रिकमेंड करेगा।
  3382. 2:06:56क्यों? क्योंकि भैया उसके साथ जितने भी
  3383. 2:06:58कनेक्शंस बने होंगे वो सारे भी आपको
  3384. 2:07:00दिखाने की कोशिश करेगा। मिलती जुलती चीजें
  3385. 2:07:02आपको दिखाएगा। ऐसी राउटिंग जैसे नेटवर्क
  3386. 2:07:05के अंदर राउटिंग भी इसी तरीके से चलती है।
  3387. 2:07:06फ्रॉड डिटेक्शन ट्रांजैक्शंस है। बहुत
  3388. 2:07:08सारी ट्रांजैक्शंस आप डेली बेसिस पे कर
  3389. 2:07:11रहे हो। आपके पेरेंट्स डेली बेसिस पे कर
  3390. 2:07:13रहे हैं। तो कहीं ना कहीं आपस में क्या
  3391. 2:07:14है? एक कनेक्शन जो है वो इनके बीच में बन
  3392. 2:07:17जाता है। ताकि आपको पता लग जाए कि अगर
  3393. 2:07:19मेरा कोई भी पैटर्न थोड़ा सा अलग से आ रहा
  3394. 2:07:22है। जैसे फॉर एग्जांपल आप डेली बेसिस पे
  3395. 2:07:24पांच या 10 ट्रांजैक्शंस करते हो। ठीक है?
  3396. 2:07:26आपके अमाउंट आता है। आप अमाउंट भेजते हो,
  3397. 2:07:28क्रेडिट, डेबिट वगैरह सब चलता है। अब होता
  3398. 2:07:30क्या है कि कई बार अनयूजल एक्टिविटी मतलब
  3399. 2:07:32एक दिन में 1000 ट्रांजैक्शंस आपके अकाउंट
  3400. 2:07:36से गई। या फिर लेट्स सपोज अमाउंट आप जनरली
  3401. 2:07:38जो है वो 10,000 20,000 के अराउंड जाता है
  3402. 2:07:41और लेट्स सपोज एक दिन वो 10 लाख के अराउंड
  3403. 2:07:43चला गया। तो एबनॉर्मल एक्टिविटीज को फ्रॉड
  3404. 2:07:45डिटेक्शन को भी इजीली यहां पे डिटेक्ट
  3405. 2:07:47किया जा सकता है। नॉलेज ग्राफ जैसे Google
  3406. 2:07:50के अंदर भी नॉर्मली हम लोग क्या करते हैं?
  3407. 2:07:51Google के अंदर जैसे हम कोई चीज सर्च करते
  3408. 2:07:53हैं तो आपका क्रोलर भी इसी तरीके से वर्क
  3409. 2:07:56करता है कि भैया आपने सर्च किया लेट्स वाज़
  3410. 2:07:57विराट कोहली। तो विराट कोहली से रिलेटेड
  3411. 2:07:59वो आरसीबी, विराट कोहली से रिलेटेड
  3412. 2:08:01इंडिया, विराट कोहली से रिलेटेड अनुष्का
  3413. 2:08:03शर्मा। तो मतलब वो सारी चीजें जो है वो
  3414. 2:08:06आपस में क्या कर देगा? कनेक्ट करके आपको
  3415. 2:08:08दिखा देगा। तो ये बड़ा इंपॉर्टेंट है जी।
  3416. 2:08:10और इस डायग्राम से तो आपको पूरी कहानी समझ
  3417. 2:08:13में आ जाएगी कि भैया जैसे Neo 4J में हम
  3418. 2:08:15किस तरीके से डेटा को स्टोर करते हैं।
  3419. 2:08:17भैया राहुल है, एक नोड है, एक एंटिटी है।
  3420. 2:08:20ठीक है? अब लेट्स सपोज वो चंडीगढ़ में
  3421. 2:08:22रहता है तो ये एक एंटिटी बन गया। ये
  3422. 2:08:23रिलेटेड टू द एरिया बन गया। और लेट्स सपोज
  3423. 2:08:26उसकी आगे फ्रेंड है जी प्रिया और वो काम
  3424. 2:08:28करती है टीसीएस में। तो ये एक एंटिटी बन
  3425. 2:08:30गई। ये आपस में इस तरीके से कनेक्टेड हो
  3426. 2:08:32गए। ठीक है जी? तो यहां पे उसका एक फ्रेंड
  3427. 2:08:34है जी अमित जो कि Google इंडिया में काम
  3428. 2:08:36करता है और यहां पे स्नेहा जो कि प्रिया
  3429. 2:08:38की फ्रेंड है। तो ये इसी तरीके से ही तो
  3430. 2:08:40एक्चुअल में डेटा स्टोर किया जाता है
  3431. 2:08:42Facebook पे, Lindin पे ताकि डेटा को
  3432. 2:08:44ईजीली जो है वो रिप्रेजेंट भी किया जा सके
  3433. 2:08:46और जब फेच करें तो वो बहुत इजी हो जाए। अब
  3434. 2:08:49यहां पे कई बार पूछ लेते हैं इंटरव्यू में
  3435. 2:08:51कि सर नॉर्मल टेबल में क्या गड़बड़ है जी?
  3436. 2:08:53अभी आपको दिखाता हूं नॉर्मल टेबल में। अगर
  3437. 2:08:55इसी सेम सिर्फ इसी ग्राफ को मुझे टेबल में
  3438. 2:08:57दिखाना हुआ तो टेबल में पता है कैसे होगा?
  3439. 2:09:00ऐसे। एक पर्सन का टेबल बना दिया जी जिसके
  3440. 2:09:02अंदर ये नेम्स, आईडीज वगैरह स्टोर कर दी।
  3441. 2:09:04एक मैंने बना लिया फ्रेंड टेबल। भैया 1001
  3442. 2:09:07102 का फ्रेंड है या 1001 103 का फ्रेंड
  3443. 2:09:10है। तो वो भी मुझे स्टोर करना पड़ेगा। फिर
  3444. 2:09:12वर्क टेबल अलग से बन गया जी। कौन सा बंदा
  3445. 2:09:14कहां पे काम कर रहा है। कौन सा बंदा कहां
  3446. 2:09:17पे रह रहा है? ये इस तरीके से टेबल बन गई।
  3447. 2:09:19अब लेट्स सपोज मुझे कोई क्वेरी लगानी हुई
  3448. 2:09:21इस तरीके से कि भैया राहुल की फ्रेंड का
  3449. 2:09:25नेम बताओ जो कि चंडीगढ़ या फिर जयपुर में
  3450. 2:09:28रहती है और टीसीएस में काम करती है। अब इस
  3451. 2:09:30केस में मैं दोबारा बोल देता हूं कि भैया
  3452. 2:09:32राहुल की कोई फ्रेंड है उसका नेम बताओ जो
  3453. 2:09:35कि जयपुर में रहती है और टीसीएस में काम
  3454. 2:09:38करती है। अब इस तरीके की अगर क्वेरी आ गई
  3455. 2:09:41तो इस टेबल की भी जरूरत है। इस टेबल की भी
  3456. 2:09:43जरूरत है। इस टेबल की भी जरूरत है और इस
  3457. 2:09:45टेबल की भी मतलब चारों को जॉइन करना
  3458. 2:09:47पड़ेगा। व्हिच इज अ वेरी वेरीरी
  3459. 2:09:49कॉम्प्लेक्स टास्क। और ये तो छोटा सा
  3460. 2:09:51डेटाबेस है। जब ये डेटाबेस बहुत बड़ा होगा,
  3461. 2:09:53बिलियंस में जाएगा तो भैया हाथ खड़े हो
  3462. 2:09:56जाएंगे नॉर्मल सीक्वल ट्रेडिशनल डेटाबेस
  3463. 2:09:58के। तो इसीलिए ये वाला जो हमारा Neo 4J
  3464. 2:10:01वगैरह हम लोग यूज़ करते हैं ये बहुत इजीली
  3465. 2:10:03क्विकली जो है वो आंसर निकाल के देता है।
  3466. 2:10:09कैप थ्योरम बहुत ही इंपॉर्टेंट टॉपिक है।
  3467. 2:10:12जब भी हम डिस्ट्रीब्यूटेड डेटाबेस की बात
  3468. 2:10:13करते हैं कि जहां पे हमारे सर्वर्स जो हैं
  3469. 2:10:16डेटाबेस जो है वो एक जगह पे रखने की बजाय
  3470. 2:10:19हमने उसको अलग-अलग जगह पे डिस्ट्रीब्यूटेड
  3471. 2:10:22फॉर्म में रखा हुआ है। और जो कि मेजर आज
  3472. 2:10:25के टाइम पे जितनी भी कंपनीज़ हैं इसी चीज
  3473. 2:10:27को मैनेज करती हैं। तो भैया
  3474. 2:10:29डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम में हमारे पास ऐसी
  3475. 2:10:31कौन सी थ्योरम है? ऐसे कौन से प्रिंसिपल्स
  3476. 2:10:34हैं जो हमें इंपॉर्टेंट है फॉलो करने। तो
  3477. 2:10:36वो है हमारे पास कैप। अब कैप का मतलब क्या
  3478. 2:10:39है? कंसिस्टेंसी, अवेलेबिलिटी एंड
  3479. 2:10:42पार्टीशन टॉलरेंस। जनरली जब हम डेटाबेस
  3480. 2:10:44में प्रिंसिपल्स की बात करते हैं या फिर
  3481. 2:10:47थ्योरम्स की बात करते हैं तो आपने एसिड
  3482. 2:10:49प्रॉपर्टी जरूर पढ़ी होगी। तो यहां पे
  3483. 2:10:52हमारे पास एटॉमिसिटी, कंसिस्टेंसी,
  3484. 2:10:53आइसोलेशन, ड्यूरेबिलिटी का कांसेप्ट आता
  3485. 2:10:55है। ये जनरली हम सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में
  3486. 2:10:58ज्यादा कंसीडर करते हैं। जहां पे हम बात
  3487. 2:11:00करते हैं कि भैया मेरा सारा डेटा एक
  3488. 2:11:02सेंट्रलाइज्ड सिंगल सर्वर में पड़ा है और
  3489. 2:11:04वहीं से बार-बार एक्सेस हो रहा है। लेकिन
  3490. 2:11:06डिस्ट्रीब्यूटेड में क्या है? मेरे पास
  3491. 2:11:08मल्टीपल लोकेशनेशंस में मल्टीपल सर्वर्स
  3492. 2:11:11में डेटा पड़ा है। थ्रूउ ग्लोबली। मतलब
  3493. 2:11:14पूरी दुनिया में कहीं पे भी हो सकता है।
  3494. 2:11:15और उनको मैंने नेटवर्क के थ्रू क्या किया
  3495. 2:11:18हुआ है? कनेक्ट किया हुआ है। तो वहां पे
  3496. 2:11:20हमारे पास कंसिस्टेंसी अवेलेबिलिटी और
  3497. 2:11:22पार्टीशन टॉलरेंस क्या होती है? कैसे
  3498. 2:11:24मैनेज की जाती है? यह बहुत ही इंपॉर्टेंट
  3499. 2:11:26है। तो देखो कंसिस्टेंसी का मतलब है एव्री
  3500. 2:11:28सर्वर शुड शो द सेम लेटेस्ट डेटा। कहने का
  3501. 2:11:32मतलब क्या है? कि लेट्स सपोज आपने बैंक से
  3502. 2:11:35पैसे निकलवाए। आपने अकाउंट में से लेट्स
  3503. 2:11:37सपोज ₹20,000 निकलवाए। अब आपके पास बैलेंस
  3504. 2:11:40पहले 10,000 था। जैसे ही 20,000 निकलवाए
  3505. 2:11:428,000 रह गया। अब आपने क्या किया कि
  3506. 2:11:45ऑब्वियसली तुरंत किसी और बैंक में गए मतलब
  3507. 2:11:47बराबर के किसी और बैंक में गए या एटीएम
  3508. 2:11:49में गए फिर से वहां पे चेक किया बैलेंस तो
  3509. 2:11:51कितना बैलेंस आएगा 8000 आएगा। तुरंत आप
  3510. 2:11:54भाग के किसी और बैंक के एटीएम में गए
  3511. 2:11:56कितना आएगा? 8000 आएगा। कहने का मतलब क्या
  3512. 2:11:58है? ऐसा ना हो कि वो अपडेट करने में इतना
  3513. 2:12:01टाइम लगा दें कि आप फटाफट से मल्टीपल
  3514. 2:12:03ट्रांजैक्शंस कर लो और वो डेटाबेस में
  3515. 2:12:05चेंज ही ना हो पाए। तो वही चीज यहां है कि
  3516. 2:12:08भैया सर्वर्स में जितने भी सर्वर्स हैं
  3517. 2:12:10चाहे दिल्ली का सर्वर है चाहे यूएसए का
  3518. 2:12:12सर्वर है वो जब भी डेटा दिखाए वो सेम
  3519. 2:12:15लेटेस्ट डेटा ही दिखाए अलग-अलग नहीं
  3520. 2:12:17दिखाना चाहिए ये प्रिंसिपल फॉलो करता है
  3521. 2:12:20कंसिस्टेंसी अवेलेबिलिटी अवेलेबिलिटी क्या
  3522. 2:12:22कहता है कि एव्री रिक्वेस्ट शुड रिसीव सम
  3523. 2:12:25रिस्पांस मतलब सर्वर के पास अगर कोई
  3524. 2:12:27रिक्वेस्ट आ गई तो आपको रिसोंड करना ही
  3525. 2:12:30पड़ेगा चाहे आप लेटेस्ट डेटा ना करो हो
  3526. 2:12:34सकता है कई बार नेटवर्क में इशू आ गया आप
  3527. 2:12:35नहीं चेंज कर पाए, लेटेस्ट डेटा नहीं दे
  3528. 2:12:38पाए तो एटलीस्ट आप कुछ डाटा तो जरूर
  3529. 2:12:41दिखाओ। ये कहता है अवेलेबिलिटी। तो यानी
  3530. 2:12:44यहां पे बड़ा इंपॉर्टेंट कांसेप्ट समझने
  3531. 2:12:46वाला है। लगता है ये थ्योरेटिकल है लेकिन
  3532. 2:12:48हर कंपनी इसको फॉलो करती ही करती है।
  3533. 2:12:51तीसरा देखो जी पार्टीशन टॉलरेंस। पार्टीशन
  3534. 2:12:53टॉलरेंस क्या कहता है कि सिस्टम कंटिन्यू
  3535. 2:12:56वर्किंग इवन इफ द नेटवर्क ब्रेक्स डाउन
  3536. 2:12:59बिटवीन द सर्वर। लेट्स सपोज दिल्ली ब्रांच
  3537. 2:13:01थी, मुंबई ब्रांच थी उनका बीच में आपस में
  3538. 2:13:04जो सर्वर था, जो नेटवर्क था वो आपस में
  3539. 2:13:06क्या हो गया? ब्रेक हो गया। अब उस केस में
  3540. 2:13:08क्या होगा कि भैया ना दिल्ली ब्रांच
  3541. 2:13:10रिसोंड दे रही ना मुंबई ब्रांच रिसोंड दे
  3542. 2:13:13रही। तो भैया पार्टीशन टॉलरेंस तो गया। तो
  3543. 2:13:15ये चीज कह रही है कि पार्टीशन टॉलरेंस
  3544. 2:13:17इतना होना चाहिए कि इवन इफ आपस में
  3545. 2:13:19कम्युनिकेशन नहीं हो पा रहा सर्वर्स का तब
  3546. 2:13:22भी रिस्पांस आए ही आए। तो दिस इज़ कॉल्ड
  3547. 2:13:25पार्टीशन टॉलरेंस। तो वो टोलरेट कर सके उस
  3548. 2:13:28चीज को। यही इंपॉर्टेंट है। बस याद रखना
  3549. 2:13:30कि डिस्ट्रीब्यूटेड डेटाबेस सिस्टम में आप
  3550. 2:13:32सिर्फ दो चीजों की ही गारंटी दे सकते हैं
  3551. 2:13:35आउट ऑफ थ्री। मतलब इन तीनों को कभी भी आप
  3552. 2:13:37नहीं कह सकते कि 100% होगा। बट इन तीनों
  3553. 2:13:40में से दो की गारंटी आप दे सकते हो। बट वो
  3554. 2:13:42कौन से दो हैं? बड़े इंपॉर्टेंट है। तो
  3555. 2:13:45यहां पे इस चीज को मैं समझा रहा हूं विथ अ
  3556. 2:13:46रियल लाइफ एग्जांपल। कंसिस्टेंसी,
  3557. 2:13:48अवेलेबिलिटी एंड पार्टीशन टॉलरेंस। तो कौन
  3558. 2:13:50से दो हैं? अगर लेट्स सपोज मैं बात करूं
  3559. 2:13:52कंसिस्टेंसी एंड पार्टीशन टॉलरेंस की। तो
  3560. 2:13:56क्या होगा कि लेट्स सपोज आप मान के चलो कि
  3561. 2:13:58आपने किसी सर्वर को बोला कि मेरे को डेटा
  3562. 2:14:00चाहिए तो वो आपको क्या दिखाए? लेटेस्ट
  3563. 2:14:04डेटा दिखाए। जैसे बैंकिंग का एग्जांपल है।
  3564. 2:14:06जहां पे भी पैसे की इंफॉर्मेशन आएगी, पैसे
  3565. 2:14:09का लेनदेन होगा वहां पे कंसिस्टेंसी बहुत
  3566. 2:14:12ज्यादा मैटर करेगी। अवेलेबिलिटी मैटर कम
  3567. 2:14:15करेगी। मतलब कहने का कि आपने बोला कि मेरे
  3568. 2:14:17को अपना बैलेंस चेक करना है। तो Paytm में
  3569. 2:14:19जाके या किसी भी ऐप में जाके या डायरेक्ट
  3570. 2:14:22बैंक की ऐप में जाके आपने बैलेंस चेक करने
  3571. 2:14:24की कोशिश की। लेट्स सपोज देयर इज अ
  3572. 2:14:25नेटवर्क फेलियर। कुछ भी रीजन हो सकता है
  3573. 2:14:28तो उसकी वजह से क्या होगा कि आपको गलत
  3574. 2:14:31बैलेंस दिखा देगा वो। नहीं गलत बैलेंस
  3575. 2:14:34बहुत बड़ी प्रॉब्लम क्रिएट कर सकता है। तो
  3576. 2:14:36अवेलेबिलिटी यही कहता है ना कि जब भी
  3577. 2:14:38रिक्वेस्ट आए तो रिस्पांस करो। अरे भैया
  3578. 2:14:41मैं नहीं कर पा रहा क्योंकि मेरे पास
  3579. 2:14:42लेटेस्ट डेटा नहीं है। तो इसकी वजह से मैं
  3580. 2:14:45क्या करूंगा? उसको गलत डेटा या पुराना
  3581. 2:14:47डेटा नहीं दिखाऊंगा। मैं उसको कुछ
  3582. 2:14:49दिखाऊंगा ही नहीं। मैं तो उसको तब भी
  3583. 2:14:50दिखाऊंगा जब मेरे पास लेटेस्ट डेटा होगा।
  3584. 2:14:53तो यहां पे कंसिस्टेंसी मैटर्स अ लॉट।
  3585. 2:14:55कंसिस्टेंसी मैटर करती है। एग्जांपल टू
  3586. 2:14:58लेट्स सपोज Instagram पे आपने कोई फोटो
  3587. 2:15:00डाली। YouTube पे मैंने अपनी कोई वीडियो
  3588. 2:15:02डाली। हुआ क्या कि उसके ऊपर लाइक्स दिखा
  3589. 2:15:05रहा है अभी 100। हो सकता है कि जब मैंने
  3590. 2:15:07अपने पैनल पे जाके देखा। अपने एडमिन पैनल
  3591. 2:15:10पे जाके देखा तो उसमें 200 लाइक दिखा रहा
  3592. 2:15:12हो। हो सकता है उसमें 50 लाइक दिखा रहा
  3593. 2:15:14हो। तो कहने का मतलब क्या है कि आपके
  3594. 2:15:16एडमिन पैनल पे अभी 100 दिखा सकता है।
  3595. 2:15:18लेकिन जब मैं YouTube के पेज पे जा रहा
  3596. 2:15:20हूं तो वहां पे 105 दिखा रहा है। कोई बात
  3597. 2:15:22नहीं। ये हो गया जी आपका अवेलेबिलिटी एंड
  3598. 2:15:26पार्टीशन टॉलरेंस। सो कहने का मतलब क्या
  3599. 2:15:28है कि भैया अगर लेट सपोज कोई रिक्वेस्ट आ
  3600. 2:15:30रही है तो रिस्पांस करे। कंसिस्टेंसी कहता
  3601. 2:15:33है मैं रिस्पांस नहीं करूंगा अगर गलत डेटा
  3602. 2:15:35हुआ। लेकिन ये कहता है कोई बात नहीं यार
  3603. 2:15:37चाहे थोड़ा सा पुराना दिखा दो लेकिन दिखाओ
  3604. 2:15:40अवेलेबल होना चाहिए। यूजर को ऐसा ना लगे
  3605. 2:15:43कि आपका डाटा अवेलेबल नहीं है। हां, कुछ
  3606. 2:15:45देर बाद आप उसको अपडेट कर देना। ऐसा कई
  3607. 2:15:47बार होता भी है जब हम YouTube वगैरह
  3608. 2:15:49Instagram पे करते हैं। तो हमेशा याद रखना
  3609. 2:15:52या तो सीपी हमेशा जो है वो आपकी
  3610. 2:15:54एग्जीक्यूट होती है। हमेशा फॉलो होती है
  3611. 2:15:56या फिर ए पी एग्जीक्यूट होती है। मतलब
  3612. 2:15:59अवेलेबिलिटी और पार्टीशन या फिर
  3613. 2:16:00कंसिस्टेंसी और पार्टीशन। अगर कोई पूछ ले
  3614. 2:16:03कि क्या हमेशा सी ए मिलेगी? नहीं। सी ए
  3615. 2:16:07कभी भी दोनों इकट्ठी नहीं होगी। अगर आपका
  3616. 2:16:10पार्टीशन टॉलरेंस मतलब लेट्स सपोज नेटवर्क
  3617. 2:16:12के बीच में कोई प्रॉब्लम आ गई सर्व आपस
  3618. 2:16:14में बात नहीं कर पा रहे तो आपको
  3619. 2:16:16कंसिस्टेंसी भी मिल रही है मतलब लेटेस्ट
  3620. 2:16:18डेटा भी मिल रहा है और अवेलेबल मतलब आपको
  3621. 2:16:20रिस्पांस भी मिल रहा है और लेटेस्ट डेटा
  3622. 2:16:22भैया मैं एक तरफ कह रहा हूं कि भ मेरा जो
  3623. 2:16:25सर्वर है वो आपस में बात नहीं कर पा रहे
  3624. 2:16:27तो या तो फिर कंसिस्टेंसी मिलेगी या फिर
  3625. 2:16:29अवेलेबिलिटी मिलेगी आपको सारी चीजें नहीं
  3626. 2:16:32मिल सकती बस ये पॉइंट याद रखना सो बेस्ड
  3627. 2:16:34ऑन द डेटा बेस्ड ऑन योर एप्लीकेशन डिपेंड
  3628. 2:16:37करता है कि आपको क्या मिलेगी एग्जाम
  3629. 2:16:39एग्जांपल के तौर पे मैं आपको थोड़ा सा
  3630. 2:16:40दिखा भी देता हूं। लेट्स सपोज बैंक का
  3631. 2:16:42एग्जांपल ले लो। तो यहां पे आपको
  3632. 2:16:44कंसिस्टेंसी और पार्टीशन टॉलरेंस। ठीक है?
  3633. 2:16:46कोई बात नहीं। मैं उसको तुरंत नहीं देना
  3634. 2:16:48चाह रहा डाटा ना दिखाओ। बैलेंस अभी ना
  3635. 2:16:50दिखाओ। थोड़ी देर बाद दिखा देना। लेकिन
  3636. 2:16:52गलत ना दिखाओ। WhatsApp कोई बात नहीं।
  3637. 2:16:54मैसेज आया जी। मैं उसको तुरंत दिखाऊंगा।
  3638. 2:16:57मैं उसको बोल दूंगा कि भैया अवेलेबल है।
  3639. 2:16:59ऐसा नहीं कि मैं उसको अवेलेबल नहीं
  3640. 2:17:01बोलूंगा। मैं उसको लेटेस्ट डाटा नहीं दिखा
  3641. 2:17:02पाया। कोई नहीं पुराना दिखा दूं। कई बार
  3642. 2:17:04ओल्डर मैसेज आ रहे हैं। लेटेस्ट वाले
  3643. 2:17:06मैसेज अभी नहीं आ रहे। एक-द सेकंड बाद आ
  3644. 2:17:08रहे हैं कोई बात नहीं चलेगा। Instagram
  3645. 2:17:10एपी आपके जो भी Instagram पे लाइक है,
  3646. 2:17:12कमेंट्स हैं वो थोड़े बहुत अगर डिले हो
  3647. 2:17:15रहे हैं तो चलेगा लेकिन रिस्पांस तुरंत
  3648. 2:17:17मिलना चाहिए। चाहे आप उस केस में लेटेस्ट
  3649. 2:17:20डेटा ना दिखाओ पुराना दिखा दो बट दिखाओ।
  3650. 2:17:23तो यानी अवेलेबिलिटी इज़ेंट। कंसिस्टेंसी
  3651. 2:17:25मैटर नहीं करती। करती है मतलब इतनी नहीं
  3652. 2:17:27करती। आउट ऑफ टू। गाइस आपको पता है कि
  3653. 2:17:30जितनी भी बैंकिंग एप्लीकेशनेशंस आप लोग
  3654. 2:17:32यूज करते हो वो सारी की सारी डेटाबेस को
  3655. 2:17:35यूज करती हैं। सिमिलरली Instagram,
  3656. 2:17:37YouTube ये सब भी क्या कर रहे हैं?
  3657. 2:17:39डेटाबेस को यूज़ कर रहे हैं। लेकिन इन
  3658. 2:17:41दोनों का डेटाबेस को हैंडल करने का जो
  3659. 2:17:43स्टाइल है ना वो अलग-अलग है। कैसे? जितनी
  3660. 2:17:46भी बैंकिंग एप्लीकेशनेशंस है जहां पे
  3661. 2:17:48मॉनिटरी पैसे वाली चीजें हैं, पैसों की
  3662. 2:17:51लेनदेन है, वो मेनली यूज़ करती है एसेट
  3663. 2:17:53प्रॉपर्टीज को। और जितने भी सोशल मीडिया
  3664. 2:17:56जिसके अंदर हम नो सीक्वल या अनस्ट्रक्चर
  3665. 2:17:58डेटा की बात करते हैं वो मेनली फॉलो करती
  3666. 2:18:00हैं बेस प्रॉपर्टीज को। क्या डिफरेंस है
  3667. 2:18:02वो फटाफट से यहां पर करते हैं। देखो एसिड
  3668. 2:18:04प्रॉपर्टीज तो मैं बहुत पहले ऑलरेडी गेट
  3669. 2:18:07स्पेश चैनल पे पढ़ा भी चुका हूं और
  3670. 2:18:08प्राउडली ये बोल भी सकता हूं कि अराउंड
  3671. 2:18:102.1 मिलियन सबसे ज्यादा व्यूज है। आप
  3672. 2:18:13लोगों की वजह से ही है। तो भैया आप वहां
  3673. 2:18:15से पूरी डिटेल में पढ़ सकते हो। लेकिन मैं
  3674. 2:18:17थोड़ा सा आपको ओवरव्यू दे देता हूं।
  3675. 2:18:18एटॉमिसिटी प्रॉपर्टी का मतलब क्या होता
  3676. 2:18:20है? या तो ट्रांजैक्शन पूरी चलेगी या उसका
  3677. 2:18:23एक भी ऑपरेशन नहीं होगा। ये याद रखना वन
  3678. 2:18:26एंड जीरो। या तो पूरी चलाओ या बिल्कुल ना
  3679. 2:18:29चलाओ। कंसिस्टेंसी जब ट्रांजैक्शन स्टार्ट
  3680. 2:18:31हो रही है और जब ट्रांजैक्शन कंप्लीट हुई
  3681. 2:18:33तो जो टोटल अमाउंट का जो सम है ना वो
  3682. 2:18:36बराबर होना चाहिए। एग्जांपल के तौर पे ए
  3683. 2:18:38से बी में आप पैसे ट्रांसफर कर रहे हो।
  3684. 2:18:40लेट्स सपोज ए में ₹100 हैं। B में ₹200
  3685. 2:18:42हैं। अभी आपने ट्रांजैक्शन नहीं की। टोटल
  3686. 2:18:44अमाउंट कितना है जी? ₹300. आपने ₹50
  3687. 2:18:46ट्रांसफर कर दिए। इसके पास कितने बचे? 50.
  3688. 2:18:49इसके पास कितने हो गए? 250 तो ट्रांजैक्शन
  3689. 2:18:51कंप्लीट होने के बाद अमाउंट टोटल क्या है?
  3690. 2:18:53300 पहले कितना था? 300 दिस इज़ ऑल अबाउट
  3691. 2:18:55कंसिस्टेंसी। बैंकिंग में बहुत ज्यादा
  3692. 2:18:58जरूरी है। आइसोलेशन अब आप एक ट्रांजैक्शन
  3693. 2:19:00तो कर नहीं रहे हो। एक सिस्टम पे हजारों
  3694. 2:19:03लाखों ट्रांजैक्शंस हो रही हैं। तो आपस
  3695. 2:19:05में इंटरफेयर ना करें ट्रांजैक्शंस। दैट
  3696. 2:19:07इज कॉल्ड आइसोलेशन। ड्यूरेबिलिटी मतलब
  3697. 2:19:10कहने का कि जो चेंजिस आपने कर दिए वो
  3698. 2:19:13परमानेंटली सेव होने चाहिए। ऐसा नहीं कि
  3699. 2:19:15पावर ऑफ हो गई और आपके जो चेंजेस हैं वो
  3700. 2:19:17लॉस हो गए। परमानेंट जो है वो ड्यूरेबल
  3701. 2:19:19होना चाहिए। बेस के अंदर हम लोग बात करते
  3702. 2:19:21हैं। बेस में जो बी है दैट इज़ बेसिकली
  3703. 2:19:24अवेलेबल। यहां पे बात की जाती है
  3704. 2:19:26अवेलेबिलिटी की। भैया जब जब मैं चाहूं
  3705. 2:19:28जैसे ही मैं क्लिक करूं मेरा डेटा अवेलेबल
  3706. 2:19:31होना चाहिए। तो यहां पे हम लोग
  3707. 2:19:33कंसिस्टेंसी की बात कम करते हैं। यहां पे
  3708. 2:19:36हम करेक्टनेस और रिलायबिलिटी की बात
  3709. 2:19:38ज्यादा करते हैं। लेकिन यहां पे हम
  3710. 2:19:39अवेलेबिलिटी की बात मतलब मेरा डेटा
  3711. 2:19:41अवेलेबल होना चाहिए। चाहे आप थोड़ा सा
  3712. 2:19:43डिले कर दो कुछ भी हो जाए लेकिन आपका जो
  3713. 2:19:46डेटा है वो हमेशा क्या होना चाहिए अवेलेबल
  3714. 2:19:48होना चाहिए बिल्कुल भी डिले नहीं होना
  3715. 2:19:50चाहिए देन एस का मतलब है सॉफ्ट स्टेट
  3716. 2:19:54सॉफ्ट स्टेट का बेसिकली मतलब क्या है जैसे
  3717. 2:19:57आप लोग YouTube पे या inा पे कोई भी पोस्ट
  3718. 2:19:59डालते हो अब उसके ऊपर कुछ व्यूज आते हैं
  3719. 2:20:02लाइक्स आते हैं लेट्स सपोज आपने कोई पोस्ट
  3720. 2:20:03डाली एक घंटे बाद आपने चेक किया व्यूज आ
  3721. 2:20:05गए जी उसके ऊपर 10 आपके फ्रेंड ने चेक
  3722. 2:20:08किया तो उसको दिखा रहा है 1002 किसी और ने
  3723. 2:20:10चेक किया तो उसको दिखा रहा है 1050 मतलब
  3724. 2:20:13डिफरेंस आ रहा है थोड़ा सा। इससे कोई फर्क
  3725. 2:20:16नहीं पड़ता। हम लोग बात करते हैं कि हमारा
  3726. 2:20:18डेटा हमेशा अवेलेबल होना चाहिए। थोड़ा
  3727. 2:20:20बहुत अगर चेंज आ रहा है किसी के अकाउंट
  3728. 2:20:23में ज्यादा दिखा रहा है, किसी के अकाउंट
  3729. 2:20:24में थोड़ा कम दिखा रहा है, चल जाएगा। हमें
  3730. 2:20:26पता है कि कुछ टाइम बाद अपडेट हो जाएगा।
  3731. 2:20:28जब सारे सर्वर्स पे क्योंकि डेटा
  3732. 2:20:30डिस्ट्रीब्यूटेड फॉर्म में पड़ा है यहां
  3733. 2:20:32पे। तो जब सारे सर्वर्स में वैल्यूज चेंज
  3734. 2:20:34हो जाएंगी, तो कुछ टाइम बाद आपका डेटा सही
  3735. 2:20:36दिखाएगा। लेकिन दिखा रहा है डेटा ये सबसे
  3736. 2:20:40बड़ाेंट पॉइंट है। दैट्स व्हाई अवेलेबिलिटी
  3737. 2:20:42एंड स्केलेबिलिटी मतलब आज आपकी जैसे फॉर
  3738. 2:20:45एग्जांपल आज आपके सब्सक्राइबर 1000 है,
  3739. 2:20:48लाख है, 10 लाख है। कल को लेट्स सपोज 1
  3740. 2:20:50करोड़ जैसे मिस्टर बीस्ट है भैया 500
  3741. 2:20:52मिलियन के पास पहुंच गया। तो यानी आपका
  3742. 2:20:54कंसेंट जो है ना जो कंटेंट है वो हमेशा
  3743. 2:20:57अवेलेबल और आपका सिस्टम स्केलेबल होना
  3744. 2:20:59चाहिए। अगर आप इसको बढ़ा भी देते हो तब भी
  3745. 2:21:01वो हमेशा स्केलेबल रहे और आपका अवेलेबल
  3746. 2:21:03रहे। इवेंचुअली कंसिस्टेंट। यहां पे डेटा
  3747. 2:21:06कंसिस्टेंट ऐसा नहीं है कि अकाउंट में
  3748. 2:21:08लेट्स सपोज मैंने क्लिक किया चेक किया तो
  3749. 2:21:105000 दिखा रहा है। मैंने रिफ्रेश किया
  3750. 2:21:134900 हो गया। मैंने रिफ्रेश किया 5100 हो
  3751. 2:21:16गया। अरे भैया ये कौन सा मजाक चल रहा है?
  3752. 2:21:18मेरे पैसे ऊपर नीचे कैसे हो रहे हैं?
  3753. 2:21:20लेकिन यहां पे चल सकता है। इवेंचुअली
  3754. 2:21:22कंसिस्टेंट का मतलब है प्योर कंसिस्टेंट
  3755. 2:21:24नहीं भी चल जाएगा। आपने व्यूज चेक किए
  3756. 2:21:2610,000 आपने रिफ्रेश किए 1050 आपने
  3757. 2:21:29रिफ्रेश किए 10,20 आपने रिफ्रेश किए
  3758. 2:21:3211,000 कोई बात नहीं हम लोग चला लेंगे
  3759. 2:21:34लेकिन डेटा मेरा अवेलेबल होना चाहिए
  3760. 2:21:36स्केलेबल होना चाहिए। ये इंपॉर्टेंट है।
  3761. 2:21:38बस यही इसके अलावा इसमें और कोई फर्क नहीं
  3762. 2:21:41है। डेटा कंसिस्टेंसी स्ट्रांगली
  3763. 2:21:42कंसिस्टेंसी की बात कर रहे हैं। लेकिन
  3764. 2:21:44यहां पे कंसिस्टेंसी हम लोग थोड़ा सा झेल
  3765. 2:21:46लेंगे। कोई बात नहीं ऊपर नीचे आ सकता है।
  3766. 2:21:49कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन इसी वजह से ये
  3767. 2:21:51मेनली यूज़ होता है। एक तो सीक्वल डेटाबेस
  3768. 2:21:53में स्ट्रक्चर डेटा में और स्पेशली
  3769. 2:21:55बैंकिंग या फिर पेमेंट वाली या फिर बुकिंग
  3770. 2:21:58एप्लीकेशन में जहां पे लेट्स सपोज दो
  3771. 2:22:00सीटें बची है। आपने दो सीटें बुक करवा ली।
  3772. 2:22:02ऐसा ना हो कि उसके बाद चार सीटें और दिखा
  3773. 2:22:05रहा है। या आपने दो सीटें बुक करवा ली,
  3774. 2:22:06पेमेंट कर दी आपको दिखा रहा है। नहीं जी
  3775. 2:22:08आपकी जगह किसी और ने सीटें ले ली। ऐसा कुछ
  3776. 2:22:11यहां पे अलाउड नहीं है, कंसिस्टेंसी। यहां
  3777. 2:22:14पे हम लोग यह चीजें कर सकते हैं। इसीलिए
  3778. 2:22:17यह मेनली यूज़ होता है बैंकिंग पेमेंट वाली
  3779. 2:22:19एप्लीकेशन में बुकिंग वाली के अंदर। यह
  3780. 2:22:21मेनली आपका सोशल मीडिया लाइक फीड्स जहां
  3781. 2:22:24पे थोड़ा बहुत डिफरेंस चल सकता है। लेकिन
  3782. 2:22:26अवेलेबिलिटी ऑफ द डेटा इज मोस्टेंट।
  3783. 2:22:28मैसेजिंग क्यू सिस्टम का बहुत ज्यादा यूज़
  3784. 2:22:31किया जाता है। ऑलमोस्ट जितने भी आप ऑनलाइन
  3785. 2:22:34एप्लीकेशनेशंस की बात कर लो। चाहे आप
  3786. 2:22:36ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे हो। कुछ खाना पीना
  3787. 2:22:38ऑर्डर कर रहे हो या फिर कोई सामान ऑर्डर
  3788. 2:22:40कर रहे हो Amazon, Flipkart से हर जगह
  3789. 2:22:42आपको मैसेजिंग मैसेज क्यू सिस्टम का यूज़
  3790. 2:22:45बहुत ज्यादा वाइडली देखने को मिलता है।
  3791. 2:22:47देखो थोड़ा सा मैं आपको पहले ओवरव्यू दे
  3792. 2:22:48देता हूं। होता क्या है कि जनरली जब हम
  3793. 2:22:51लोग ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं तो यूजर क्या
  3794. 2:22:53करता है? ऑर्डर किया। जैसे फॉर एग्जांपल
  3795. 2:22:55मेरे को नया फोन परचेस करना है तो मैं
  3796. 2:22:56Amazon पे गया। वहां पे मैंने फोन को
  3797. 2:22:58सेलेक्ट किया और उसके बाद मैंने वहां पे
  3798. 2:23:00पेमेंट कर दी। पेमेंट करते ही मेरे को
  3799. 2:23:02क्या आ जाता है? ऑर्डर आपका रिसीव हो चुका
  3800. 2:23:04है और आपको जो है वो इतने दिन में आपका
  3801. 2:23:06ऑर्डर मिल जाएगा। तो होता क्या है?
  3802. 2:23:08कन्फर्मेशन तुरंत मेरे को मिल जाती है
  3803. 2:23:10ताकि बंदा जो है वो सेटिस्फाई हो जाए कि
  3804. 2:23:12भैया उसके पैसे कहीं अटके नहीं है। काम हो
  3805. 2:23:15चुका है। ठीक है? तो एक तसल्ली देने के
  3806. 2:23:17लिए एक सेटिस्फेक्शन देने के लिए हम लोग
  3807. 2:23:19उसको जल्दी से जल्दी रिप्लाई करने की
  3808. 2:23:21कोशिश करते हैं। लेकिन जो बिहाइंड द सीन
  3809. 2:23:23है अब Amazon आपकी वेट थोड़ी ना कर रहा है
  3810. 2:23:26कि कब वरुण सिंगला आएंगे और नया ऑर्डर जो
  3811. 2:23:28है वो करेंगे। नहीं Amazon पे तो एक बार
  3812. 2:23:31में हजारों लाखों लोग जो है वो ऑर्डर कर
  3813. 2:23:33रहे हैं और स्पेशली अगर कोई सेल वाला टाइम
  3814. 2:23:36चल रहा है तब तो भैया करोड़ों लोग हो सकता
  3815. 2:23:38है एक ही दिन में ऑर्डर कर रहे हो तो वो
  3816. 2:23:40क्या करता है कि जैसे यूजर ने ऑर्डर किया
  3817. 2:23:42या मल्टीपल यूज़र्स ने ऑर्डर किया पेमेंट्स
  3818. 2:23:45की उसके बाद इन्वेंटरी सर्विस भी वहां पे
  3819. 2:23:47चेक होती है कि भैया इन्वेंटरी में चेक
  3820. 2:23:49करो कहां पे पड़ा है क्या है नियरेस्ट
  3821. 2:23:51लोकेशन में पड़ा है ताकि हम उसको जल्दी से
  3822. 2:23:53ऑर्डर भुगतता सके ऑर्डर जल्दी जल्दी से
  3823. 2:23:55उसको दे सकें फिर उसके बाद ईमेल सर्वर जो
  3824. 2:23:57है वो ईमेल देता है या नोटिफिकेशन आता है,
  3825. 2:24:00टेक्स्ट मैसेज या WhatsApp पे मैसेज आएगा
  3826. 2:24:01या ईमेल आएगी कि भैया ऑर्डर आपका हो चुका
  3827. 2:24:04है, डन हो चुका है। लेकिन होता क्या है कि
  3828. 2:24:06लेट्स सपोज ईमेल सर्वर जो है वो डाउन हो
  3829. 2:24:09गया ड्यू टू सम रीज़न या फिर इन्वेंटरी
  3830. 2:24:11सर्वर जो है वो डाउन हो गया ड्यू टू सम
  3831. 2:24:13रीज़न। अब यूजर तो भैया उसका तो दिल धक-धक
  3832. 2:24:16धग-धग करता रहेगा कि मेरे ₹1 लाख फंसे पड़े
  3833. 2:24:18हैं। कब मेरे को आएगा कि आर्डर आपका
  3834. 2:24:20कंफर्म हो गया। ये चीज के लिए जल्दी
  3835. 2:24:23प्रोसेस करने के लिए क्या किया जाता है कि
  3836. 2:24:26लेट्स सपोज जैसे ही उसने पेमेंट की यहीं
  3837. 2:24:29पे हमने क्या लगा दिया मैसेज क्यू सिस्टम
  3838. 2:24:32लगा दिया कहने का मतलब क्या है कि जैसे ही
  3839. 2:24:35उसने पेमेंट की जैसे ही उसका ऑर्डर हो गया
  3840. 2:24:38तुरंत जो है वो उसका मैसेज जो है वो मैसेज
  3841. 2:24:40क्यू के अंदर चला जाएगा और उसको एक
  3842. 2:24:42कंफर्मेशन चली जाएगी कि भैया आपका काम डन
  3843. 2:24:45हो चुका है तसल्ली से बैठ जाओ आराम से बैठ
  3844. 2:24:47जाओ और बिहाइंड द सीन अपने आप जो है वो
  3845. 2:24:50सर्वर एक-एक करके जो सर्विज हैं माइक्रो
  3846. 2:24:52सर्विज हैं वो अपने आप इस मैसेज को
  3847. 2:24:54प्रोसेस करती रहेंगी। तो जैसे ही एक टाइम
  3848. 2:24:56पे हजारों लोग जो है वो ऑर्डर कर रहे हैं
  3849. 2:24:59तो सबके जो ऑर्डर है सबकी जो वैल्यूस है
  3850. 2:25:01इवेंट्स हैं उन सब इवेंट्स को मैसेज क्यू
  3851. 2:25:04में डालते रहते हैं और एक-एक करके जो है
  3852. 2:25:06वो उन सों को प्रोसेस किया जाता है ताकि
  3853. 2:25:09यूजर को वेट ना करना पड़े। यूजर को तुरंत
  3854. 2:25:11हम लोग एक कन्फर्मेशन दे दे। तो बिहाइंड द
  3855. 2:25:14सीन ये अपने आप और आपको पता है क्यू क्या
  3856. 2:25:16होती है? फर्स्ट इन फर्स्ट आउट बेस्ड होती
  3857. 2:25:19है। तो क्यू के अंदर जो है वो सारे मैसेज
  3858. 2:25:21एक-एक करके डाल दिए जाते हैं। और ये सारी
  3859. 2:25:23माइक्रो सर्विज उनको एक-एक करके निकाल के
  3860. 2:25:26प्रोसेस करती रहती है फटाफट से। ये चीज जो
  3861. 2:25:28है वो मैसेज क्यू ने बहुत आसान कर दिया।
  3862. 2:25:30तो इसको आप बोल सकते हो मैसेज सिस्टम इज अ
  3863. 2:25:33मिडिल वेयर दैट अलाउस डिफरेंट
  3864. 2:25:35एप्लीकेशनेशंस इवन सर्विसेस और माइक्रो
  3865. 2:25:38सर्विसेस टू कम्युनिकेट विद ईच अदर
  3866. 2:25:40एसिंक्रोनसली। ये वाला पॉइंट याद रखना
  3867. 2:25:43क्योंकि इंटरव्यूज वगैरह में सबसे ज्यादा
  3868. 2:25:45यही पूछा जाता है। ए सिंक्रोनस का मतलब
  3869. 2:25:47क्या है? नॉर्मली जब हम कॉल करते हैं किसी
  3870. 2:25:50को मैंने लेट्स सपोज अपने फ्रेंड को कॉल
  3871. 2:25:52किया तो क्या मेरा सिंक्रोनस कम्युनिकेशन
  3872. 2:25:54होगा या एसिंक्रोनस ऑब्वियसली सिंक्रोनस
  3873. 2:25:57क्योंकि मैं बोल रहा हूं हेलो वो बोल रहा
  3874. 2:25:58है हेलो क्या हाल है भाई बढ़िया हूं तो
  3875. 2:26:01मतलब सिंक्रोनसली एक ही टाइम पे
  3876. 2:26:03एसिंक्रोनस का मतलब है कि मैंने मैसेज कर
  3877. 2:26:05दिया अब थोड़ी देर बाद अपने आप मैसेज जो
  3878. 2:26:07है वो आ जाएगा जैसे ईमेल है ईमेल हमने
  3879. 2:26:10इसको कर दी अब वो बंदा लाइव बैठा है नहीं
  3880. 2:26:12बैठा हमें नहीं पता बट जब वो पढ़ेगा अपने
  3881. 2:26:14आप रिसोंड कर देगा ये पॉइंट हमेशा याद
  3882. 2:26:16रखना बहुत इंपॉर्टेंट है मैसेज क्यू में।
  3883. 2:26:19अब यहां पे कौन-कौन से कॉम्पोनेंट्स आते
  3884. 2:26:22हैं? तो सबसे पहले आ जाता है जी
  3885. 2:26:23प्रोड्यूसर। जैसे मेरी मशीन भाई मेरी
  3886. 2:26:25मशीन। कोई प्रोड्यूसर कंज्यूमर कोई नई
  3887. 2:26:27टर्म नहीं है। इजी है यार। बिल्कुल इजी
  3888. 2:26:29है। जैसे मेरी मशीन है। मेरी मशीन ने कोई
  3889. 2:26:32मैसेज झुको या कोई ऑर्डर को प्रोसेस किया।
  3890. 2:26:34मेरी मशीन ने बोला कि मेरे को नया फोन
  3891. 2:26:36लेना है। तो मैंने उसको अपनी मशीन से कर
  3892. 2:26:38दिया। तो मेरा मशीन वहां पे क्या कर रही
  3893. 2:26:40है? एज ए प्रोड्यूसर काम कर रही है। तो
  3894. 2:26:42प्रोड्यूसर ने क्या करना है? एक इवेंट जो
  3895. 2:26:44है वो जनरेट किया और उस इवेंट को हम क्या
  3896. 2:26:46करते रहते हैं? इस तरीके से मैसेज क्यू
  3897. 2:26:48में सेव करते रहते हैं। मतलब सर्वर अपने
  3898. 2:26:50आप जो है वो उसको एक-एक करके सारे इवेंट्स
  3899. 2:26:53को डालता रहेगा। और क्यू का मतलब आपको पता
  3900. 2:26:55है फर्स्ट इन फर्स्ट राउंड। तो पहला ऑर्डर
  3901. 2:26:57है ये दूसरा ऑर्डर है। ये तीसरा ऑर्डर है।
  3902. 2:26:59ये चौथा ऑर्डर है और एक-एक करके कंज्यूमर
  3903. 2:27:01जो है वो सर्वर जो है इस मैसेज को उठाता
  3904. 2:27:04रहेगा और उसको जो है वो फटाफट से
  3905. 2:27:06रिस्पॉन्ड करता रहेगा। तो ये बड़ा
  3906. 2:27:08इंपॉर्टेंट याद रखना है और इसमें कौन-कौन
  3907. 2:27:10से जैसे रैबिट एमक्यू है काफका वेरी
  3908. 2:27:12वेरीेंट जो अपाचे काफका ये सबसे ज्यादा
  3909. 2:27:15यूज़बल होता है। देन एडब्ल्यूएस जो है वो
  3910. 2:27:17एसक्यूएस ये भी बहुत ज्यादा यूज़बल है जो
  3911. 2:27:20कि ये सारी चीजों में हेल्प करते हैं ताकि
  3912. 2:27:22यूजर को वेट ना करना पड़े। फटाफट से हम लोग
  3913. 2:27:25जो है वो उसको रिप्लाई कर दें। अब
  3914. 2:27:27प्रोड्यूसर लेट्स सपोज अगर ये प्रोड्यूसर
  3915. 2:27:29जो है वो क्या हो गया? किसी वजह से डाउन
  3916. 2:27:31हो गया। अगर ये सर्विस किसी वजह से डाउन
  3917. 2:27:33हो गई तो कोई फर्क नहीं पड़ता। आपका इवेंट
  3918. 2:27:35तो जनरेट हो चुका है। मतलब आपकी मशीन अगर
  3919. 2:27:37डाउन है, इंटरनेट डाउन हो गया तब भी कोई
  3920. 2:27:40बात नहीं। आपका ऑर्डर तो प्लेस हो ही चुका
  3921. 2:27:42है। सर्वर को पता लग जाएगा। वो एक-एक करके
  3922. 2:27:44सारे मैसेजेस को निकाल लेगा। कंज्यूमर भी
  3923. 2:27:46अगर लेट्स सपोज जो बैक एंड पे Amazon का
  3924. 2:27:48सर्वर डाउन हो जाता है। कोई चिंता की बात
  3925. 2:27:50नहीं है। ये वाले मैसेज यहां पे पड़े हैं।
  3926. 2:27:52और याद रखना कई बार पूछ लेते हैं कि क्या
  3927. 2:27:54ये टेंपरेरी है या परमानेंट? याद रखना इट
  3928. 2:27:57इज़ अ परमानेंट। कहने का मतलब क्या है? इट
  3929. 2:27:59इज़ अ ड्यूरेबल। यह वो नहीं है। यह
  3930. 2:28:02टेंपरेरी नहीं है कि पावर फेलियर हो गया
  3931. 2:28:04तो सारे उड़ गए। भैया पावर फेलियर हो गया।
  3932. 2:28:06अगर यह उड़ गए बंदे को तो हमने बोल दिया
  3933. 2:28:08कि तेरा ऑर्डर ओके है जी। लेकिन उसके बाद
  3934. 2:28:10बैक एंड से वो ऑर्डर का इवेंट ही उड़ गया।
  3935. 2:28:12तो भैया ये तो प्रॉब्लम हो जाएगी। इसीलिए
  3936. 2:28:14इसको ड्यूरेबल रखना पड़ता है। ड्यूरेबल का
  3937. 2:28:16मतलब है कि इसको एसएसडीज में या हार्ड
  3938. 2:28:18डिस्क में रखना पड़ता है। और इसको क्या
  3939. 2:28:20करता है? एक-एक करके। जैसे फॉर एग्जांपल
  3940. 2:28:22इस मैसेज को कंज्यूमर ने निकाल लिया। अब
  3941. 2:28:24कंज्यूमर इसको प्रोसेस करेगा। अगर इसने
  3942. 2:28:27सक्सेसफुली प्रोसेस कर दिया तो फिर यहां
  3943. 2:28:29से इसको डिलीट कर देता है। और अगर लेट
  3944. 2:28:31सपोज रास्ते में कोई प्रॉब्लम आ गई, कोई
  3945. 2:28:33सर्वर डाउन हो गया, नहीं प्रोसेस कर पाया
  3946. 2:28:35तो कोई बात नहीं उसकी कॉपी अभी पड़ी है।
  3947. 2:28:37जब मैं प्रोसेसिंग कंप्लीट कर दूंगा तब
  3948. 2:28:39मैं इसको क्या कर दूंगा? डिलीट कर दूंगा।
  3949. 2:28:41फिर दूसरे को उठाऊंगा फिर डिलीट कर दूंगा।
  3950. 2:28:42फिर तीसरे को जब प्रोसेस हो गया। इस तरीके
  3951. 2:28:44से और नए-नए जो है वो ऑर्डर्स आ रहे हैं।
  3952. 2:28:46उनके इवेंट्स डलते रहेंगे। सो दिस इज़ ऑल
  3953. 2:28:48अबाउट द मैसेज क्यू सिस्टम। राइट थ्रू एंड
  3954. 2:28:52राइट बैक कॉन्सेप्ट है। अब देखो यार
  3955. 2:28:54कैशिंग हम ऑलरेडी कर चुके हैं कि भैया
  3956. 2:28:56कितना इंपॉर्टेंट कॉन्सेप्ट है कैशिंग का
  3957. 2:28:58कि जो चीज़ फ्रीक्वेंटली यूज़ हो रही है,
  3958. 2:29:01फ्रीक्वेंटली एक्सेस हो रही है, आप उस चीज
  3959. 2:29:04को कहां पे रखो? कैश मेमोरी के अंदर रखो।
  3960. 2:29:06क्योंकि सबसे ज्यादा फास्ट है। आप ये लगा
  3961. 2:29:09के चलो कि भैया अगर हार्ड डिस्क आपका
  3962. 2:29:11साइकिल है तो एसएसडी आपकी क्या है? बाइक
  3963. 2:29:14है। और आपकी जो रैम है वो क्या है? काइंड
  3964. 2:29:17ऑफ़ आप कार लगा सकते हो। लेकिन जो कैश
  3965. 2:29:20मेमोरी है वो क्या है? स्पोर्ट्स कार है।
  3966. 2:29:22और अगर रजिस्टर की बात करोगे तो वो क्या
  3967. 2:29:25है? वो आपका फाइटर जेट लगा सकते हो। तो
  3968. 2:29:27यानी इस तरीके से आपका स्पीड जो है वो
  3969. 2:29:30मैटर करता है। तो आप क्या चाहते हो? हमेशा
  3970. 2:29:32मेरा डेटा सबसे फास्ट वाली मेमोरी के अंदर
  3971. 2:29:34रहे ताकि इजीली उसको जल्दी से जल्दी
  3972. 2:29:36एक्सेस किया जा सके। अब जब भी हम कैश
  3973. 2:29:39मेमोरी की बात करते हैं तो यार कैश मेमोरी
  3974. 2:29:41में रीड हमने ठीक है भैया अगर सीपीू ने
  3975. 2:29:44बोला कि मेरे को फलाना डेटा रीड करना है
  3976. 2:29:46तो मैं कैश मेमोरी में रीड कर सकता हूं
  3977. 2:29:48इजीली कैश मेमोरी से मैंने रीड करवा लिया
  3978. 2:29:50अब कैश मेमोरी में अगर वो डेटा है ही नहीं
  3979. 2:29:53क्योंकि कैश मेमोरी तो एमबीस में है तो
  3980. 2:29:55मैं कितना का डेटा रख लूंगा भैया एक लिमिट
  3981. 2:29:57तक ही रख सकता हूं तो मुझे रैम में जाना
  3982. 2:29:59पड़ेगा मुझे मेन मेमोरी में जाना पड़ेगा
  3983. 2:30:01लेकिन यहां पे आज के कांसेप्ट में मैं बात
  3984. 2:30:03कर रहा हूं राइट ऑपरेशन की राइट मतलब चेंज
  3985. 2:30:07चेंज करना। रीड का मतलब होता है सिर्फ
  3986. 2:30:09डेटा को देखना। राइट का मतलब होता है डेटा
  3987. 2:30:11के अंदर कुछ अपडेट करना। एग्जांपल के तौर
  3988. 2:30:14पे लेट्स सपोज मेमोरी के अंदर जो कैश
  3989. 2:30:16मेमोरी है उसमें एक्स की वैल्यू है 100 और
  3990. 2:30:19जो आपकी मेन मेमोरी है उसमें एक्स की
  3991. 2:30:21वैल्यू है 100। अब मैं क्या बोल रहा हूं
  3992. 2:30:24कि अगर लेट्स सपोज मुझे चेंज करना है।
  3993. 2:30:26डेटा के अंदर चेंज करना है। तो लेट्स सपोज
  3994. 2:30:29मुझे यहां पे कर दिया जी मैंने 200। अब
  3995. 2:30:31आपके दिमाग में आएगा कि सर कैश में अगर
  3996. 2:30:34मैं चेंज कर दूं तो क्या मुझे मेन मेमोरी
  3997. 2:30:36में चेंज नहीं करना पड़ेगा भैया करना
  3998. 2:30:38पड़ेगा क्योंकि मेन मेमोरी में चेंज करोगे
  3999. 2:30:41तभी मेन मेमोरी से आपका हार्ड डिस्क के
  4000. 2:30:44अंदर परमानेंटली चेंज होगा इसी के ऊपर
  4001. 2:30:47डिपेंड करता है आपका राइट थ्रू एंड राइट
  4002. 2:30:51बैक क्या बोलते है हम राइट थ्रू सिंपल
  4003. 2:30:54लाइन से बता रहा हूं भैया अगर आपने कुछ भी
  4004. 2:30:58चेंज किया कैश मेमोरी में उसी टाइम टाइम
  4005. 2:31:01इमीडिएटली आपको रैम में भी चेंज करना
  4006. 2:31:04पड़ेगा। मतलब x की वैल्यू 100 थी। आपने
  4007. 2:31:07200 कर दी। मतलब किसी यूजर ने ट्रांजैक्शन
  4008. 2:31:09की उसको चेंज कर दिया। 200 कर दिया। जिस
  4009. 2:31:12टाइम आपने कैश मेमोरी में 200 किया ना सेम
  4010. 2:31:15उसी टाइम पे रैम में भी 200 होना चाहिए।
  4011. 2:31:18दिस इज व्हाट अ राइट थ्रू। लेकिन जो बैक
  4012. 2:31:21है राइट बैक कहता है नहीं यार मैं चाहता
  4013. 2:31:24हूं स्पीड। मैं चाहता हूं यूजर को फटाफट
  4014. 2:31:26से रिस्पांस दिया जाए। वो कहता है कि मैं
  4015. 2:31:28कैश के अंदर तो चेंज कर दूंगा लेकिन रैम
  4016. 2:31:32के अंदर तुरंत चेंज नहीं करूंगा। रैम के
  4017. 2:31:34अंदर थोड़े टाइम बाद कर सकता हूं। और इसी
  4018. 2:31:37कांसेप्ट की वजह से आप बिलीव नहीं करोगे।
  4019. 2:31:39जितने भी मेजर प्लेयर्स हैं जैसे YouTube
  4020. 2:31:42की बात कर लो, Instagram की बात कर लो जिस
  4021. 2:31:44पे आप पोस्ट डालते हो, वीडियो डालते हो तो
  4022. 2:31:46तुरंत लाइक, सब्सक्राइब ये सब आते हैं ना
  4023. 2:31:48वो जो काउंट है वो काउंट जो है वो आपके
  4024. 2:31:51एडमिन पैनल पे वैल्यू अलग दिखाएगा। यूजर
  4025. 2:31:54के पैनल पे अलग दिखाएगा। हो सकता है
  4026. 2:31:56ज्योग्राफिकली भी थोड़ा चेंज आए। वो
  4027. 2:31:58इसीलिए कि भैया जो चेंजेस हो रहे हैं
  4028. 2:32:00फटाफट से पहले कैश में करते रहो। बाकी
  4029. 2:32:03थोड़े टाइम बाद कुछ टाइम बाद हम लोग वो
  4030. 2:32:06सारे चेंजेस मेन मेमोरी में भेज देंगे।
  4031. 2:32:08दिस इज द कांसेप्ट ऑफ द राइट बैक कैश। यही
  4032. 2:32:11कांसेप्ट है स्पीड का। राइट थ्रू में
  4033. 2:32:14ऑब्वियसली स्पीड कम हो जाएगी। क्योंकि आप
  4034. 2:32:16दोनों जगह चेंज कर रहे हो तो दोनों जगह
  4035. 2:32:18चेंज करने में थोड़ा टाइम लगेगा।
  4036. 2:32:19कॉम्प्लेक्सिटी थोड़ी बढ़ गई। लेकिन यहां
  4037. 2:32:21पे स्पीड आपकी जो है वो बहुत बढ़िया
  4038. 2:32:23मिलेगी। क्योंकि आपने सिर्फ एक जगह चेंज
  4039. 2:32:25करना है। कुछ टाइम बाद आप वो सारे चेंजज़
  4040. 2:32:28इधर कर दोगे। तो तुरंत आपको स्पीड तो मिल
  4041. 2:32:30गई लेकिन कॉम्प्लेक्सिटी आप कह सकते हो
  4042. 2:32:32थोड़ा कम हुई। हां ये भी है कि आपने जो जो
  4043. 2:32:35चेंजेस किए लेट्स सपोज चेंज एक थोड़ी ना
  4044. 2:32:38होगा। चेंज हो सकता है मल्टीपल हो। तो
  4045. 2:32:40आपको ये सारे चेंजेस जो है वो लेटर ऑन
  4046. 2:32:43करने पड़ेंगे। ऐसा नहीं है कि आप स्किप कर
  4047. 2:32:45दोगे। भैया ये तो बहुत लिमिटेड मेमोरी है
  4048. 2:32:47और वोलेटाइल भी है। जब इसके अंदर कोई
  4049. 2:32:50प्रॉब्लम आ गई तो वो सारे चेंजेस उड़
  4050. 2:32:52जाएंगे। उड़ गया भैया। अब क्या करोगे? उस
  4051. 2:32:55केस में आपको ऑब्वियसली यहां भी चेंजज़
  4052. 2:32:57करने पड़ेंगे और फिर वही चेंजेस आपके हार्ड
  4053. 2:32:59डिस्क में भी होंगे। बस यही कांसेप्ट है।
  4054. 2:33:02इसमें एक छोटा सा पॉइंट याद रखना
  4055. 2:33:04कंसिस्टेंसी का। अगर आपसे इंटरव्यू में
  4056. 2:33:06पूछ ले कि भैया राइट थ्रू में डेटा
  4057. 2:33:08कंसिस्टेंट रहेगा या राइट बैक में तो याद
  4058. 2:33:11रखना राइट थ्रू में हमेशा कंसिस्टेंट
  4059. 2:33:13रहेगा। क्यों? अरे दोनों जगह चेंज कर रहे
  4060. 2:33:15हो तो कंसिस्टेंट सेम ही तो रहेगा। यहां
  4061. 2:33:17पे जो वैल्यू होगी सेम वहां पे होगी।
  4062. 2:33:19लेकिन यहां पे कंसिस्टेंसी नहीं होगी।
  4063. 2:33:21क्यों? यहां पे तो अलग डेटा है, अपडेटेड
  4064. 2:33:23है। लेकिन यहां पे थोड़ा सा पुराना हो
  4065. 2:33:25सकता है। दूसरा पॉइंट, डर्टी बिट का। कई
  4066. 2:33:28बार पूछ लेते हैं कि भैया डर्टी बिट का
  4067. 2:33:29कांसेप्ट क्या है? डर्टी बिट कुछ नहीं है।
  4068. 2:33:32आप ऐसे लगा लो कि कैश मेमोरी में बहुत
  4069. 2:33:34सारे ब्लॉक्स होते हैं। आपने जिस ब्लॉक के
  4070. 2:33:36अंदर लेट्स सपोज x की वैल्यू 10 थी। आपने
  4071. 2:33:3820 कर दी। तो जो डर्टी बिट है ना उसकी
  4072. 2:33:41वैल्यू तो होती है ज़ीरो या वन। ज़ीरो मतलब
  4073. 2:33:43आपने उस ब्लॉक में कोई चेंज नहीं किया,
  4074. 2:33:45कोई अपडेट नहीं हुआ। वन का मतलब है कि
  4075. 2:33:47आपने उस ब्लॉक में कुछ चेंज किया तो वो
  4076. 2:33:50आपको जस्ट बताता है डर्टी बिट आपको सिर्फ
  4077. 2:33:53बताता है कि अगर इसकी वैल्यू वन है तो
  4078. 2:33:55मतलब इस ब्लॉक में कोई नई वैल्यू है उस
  4079. 2:33:57वैल्यू को मेन मेमोरी में भी करना पड़ेगा
  4080. 2:34:00तो इट इज़ जस्ट लाइक अ इनफॉर्मर कि
  4081. 2:34:02इन्फॉर्म करता है कि भैया कुछ चेंज हुआ है
  4082. 2:34:04वो चेंज आप मेन मेमोरी में भी करो दिस इज़
  4083. 2:34:06ऑल अबाउट द राइट थ्रू एंड राइट बैक कैश
  4084. 2:34:09इसके अलावा इसमें और कोई कांसेप्ट नहीं है
  4085. 2:34:11अगर इन केस आप किसी वेब पेज को एक्सेस
  4086. 2:34:14करने की कोशिश कर रहे हो किसी सर्वर को
  4087. 2:34:16एक्सेस करने की कोशिश कर रहे हो। अगर आप
  4088. 2:34:18बहुत सारी रिक्वेस्ट उसके ऊपर भेज देते
  4089. 2:34:19हो। लेट्स सपोज एक यूजर मिलियन ऑफ
  4090. 2:34:22रिक्वेस्ट भेज देता है। ये जनरली होता है
  4091. 2:34:23कि जैसे फॉर एग्जांपल आईपीएल का फाइनल है।
  4092. 2:34:25अब उस टाइम पे मेरे को टिकट बुक करवानी है
  4093. 2:34:28और हो सकता है कि मैं बुक माय शो पे जाता
  4094. 2:34:30हूं या किसी और वेबसाइट पे जाता हूं। तो
  4095. 2:34:32वहां पे मेरे पास बहुत सारी रिक्वेस्ट
  4096. 2:34:34पैरेलली कहीं ना कहीं जा रही है। और ये भी
  4097. 2:34:37हो सकता है कि एक बंदा अपने सिस्टम से ही
  4098. 2:34:40हजारों लाखों रिक्वेस्ट भेज दे और उसकी
  4099. 2:34:43वजह से सर्वर क्या हो सकता है आपका? क्रैश
  4100. 2:34:45उसको समझ ही नहीं आ रहा कि मेरे को क्या
  4101. 2:34:47करना है इस सिचुएशन में तो यहां पे ये एरर
  4102. 2:34:50मे बी आपने कहीं पे देखा होगा या फिर कभी
  4103. 2:34:53ना कभी सुना होगा नहीं सुना तो इंटरव्यू
  4104. 2:34:55में बहुत ज्यादा पूछा जाता है दैट इज
  4105. 2:34:57एचटीटीp 429 ये क्या होता है टू मेनी
  4106. 2:35:00रिक्वेस्ट मतलब अगर एक यूजर बहुत सारी
  4107. 2:35:03रिक्वेस्ट भेज देता है सर्वर के ऊपर तो
  4108. 2:35:05भैया ये रिसोंड आता है कि बहुत ज्यादा
  4109. 2:35:07धक्का कर रहे हो मेरे साथ नहीं कर सकते तो
  4110. 2:35:10और इस चीज को करने के लिए एक्चुअल में
  4111. 2:35:13कांसेप्ट यूज़ किया जाता है रेट लिमिट का।
  4112. 2:35:16रेट लिमिट का कांसेप्ट मतलब कि भैया आपने
  4113. 2:35:18एक लिमिट लगा दी। आपकी इससे ज्यादा
  4114. 2:35:21रिक्वेस्ट अगर आ गई तो आपको एरर आ जाएगा
  4115. 2:35:24या फिर आपकी रिक्वेस्ट जो है वो नेगलेक्ट
  4116. 2:35:26कर दी जाएगी कि भैया आप इससे ज्यादा
  4117. 2:35:28रिक्वेस्ट नहीं भेज सकते। बहुत ज्यादा यूज़
  4118. 2:35:29किया जाता है। दैट्स व्हाई रेट लिमिट
  4119. 2:35:32कंट्रोल हाउ मेनी रिक्वेस्ट अ क्लाइंट इज़
  4120. 2:35:34अलाउड टू सेंड ड्यूरिंग अ पर्टिकुलर
  4121. 2:35:37पीरियड ऑफ़ टाइम? कितनी रिक्वेस्ट वो एक
  4122. 2:35:39पर्टिकुलर पीरियड ऑफ़ टाइम तक सेंड कर सकता
  4123. 2:35:41है? दैट इज़ ऑल अबाउट द रेट लिमिट। अब इससे
  4124. 2:35:43होगा क्या? एक तो जो सर्वर ओवरलोडिंग होगी
  4125. 2:35:46उससे कहीं ना कहीं बच सकते हैं। अब एक
  4126. 2:35:48यूजर हो सकता है ब्रूट फोर्स अटैक लगा दे,
  4127. 2:35:50पिंग ऑफ डेथर अटैक लगा दे, डीओएस अटैक लगा
  4128. 2:35:52दे तो भैया मेरा सिस्टम क्रैश हो सकता है।
  4129. 2:35:55तो उस चीज से हमें बचाया जा सकता है। इवन
  4130. 2:35:57अब्यूज वही चीज होगी ना कि बहुत सारी
  4131. 2:35:59रिक्वेस्ट अगर मैं भेज दूं जैसे मैं मैं
  4132. 2:36:01फॉर एग्जांपल लिख दूं वाइल ट्रू गेट पोस्ट
  4133. 2:36:06या फिर गेट लॉग इन। ठीक है? अगर मैं इस
  4134. 2:36:09तरीके से लिख दूं बहुत सारी रिक्वेस्ट
  4135. 2:36:11मेरी जो है वो लूप में जाती रहेंगी। तो
  4136. 2:36:13मेरा सिस्टम, मेरा बैंडविड्थ, सीपीू
  4137. 2:36:15यूटिलाइजेशन ये सारी चीजें बहुत ज्यादा
  4138. 2:36:17हैवीली यूज़ होंगी। तो मेरा सिस्टम जो है
  4139. 2:36:19वो खराब हो सकता है उस केस में। प्रोटेक्ट
  4140. 2:36:21अगेंस्ट द ब्रूट फोर्स अटैक। वही हो गया
  4141. 2:36:23कि बहुत सारी रिक्वेस्ट आएंगी सर्वर के
  4142. 2:36:25ऊपर एक ही यूजर से डीओएस अटैक भी जिसको
  4143. 2:36:27बोल सकते हैं या फिर डीडीओएस अटैक। ऑलदो
  4144. 2:36:30फायर भी इस चीज को रोक लेता है। लेकिन
  4145. 2:36:32फायरवॉल क्या करता है? आईपी एड्रेस को
  4146. 2:36:34ब्लॉक कर देता है। या फिर अगर मेरे पास
  4147. 2:36:36अलग-अलग आईपी एड्रेससेस से रिक्वेस्ट आ
  4148. 2:36:38रही है तो वो कहीं ना कहीं चेक करता है कि
  4149. 2:36:40कोई ना कोई पैटर्न ऐसा मिल जाए। लेकिन ये
  4150. 2:36:42क्या है? हमने एक लिमिट लगा दी कि भैया
  4151. 2:36:44मेरे पास 100 रिक्वेस्ट पर सेकंड से
  4152. 2:36:47ज्यादा नहीं आनी चाहिए इस यूजर से। तो
  4153. 2:36:50इससे ऊपर आएंगी तो वो अपने आप नेगलेक्ट हो
  4154. 2:36:52जाएंगी। बस ये चीज है एक्चुअल में। एंड
  4155. 2:36:54एनश्योर द फेयरनेस। मतलब ऐसा नहीं कि एक
  4156. 2:36:56बंदा हजारों रिक्वेस्ट भेज रहा है और
  4157. 2:36:58दूसरा बंदा उसकी वजह से 10 रिक्वेस्ट भी
  4158. 2:37:01नहीं भेज पा रहा। मतलब जेन्युइन बंदा जो
  4159. 2:37:02है वो रिक्वेस्ट ही नहीं भेज पा रहा। और
  4160. 2:37:04जो हैकर है या कोई ऐसा बंदा जिसने सोच ही
  4161. 2:37:07लिया कि सिस्टम को तोड़ना है आज तो वो
  4162. 2:37:09इतनी रिक्वेस्ट भेज देगा। तो कहीं ना कहीं
  4163. 2:37:10फेयरनेस भी आती है और ऑब्वियसली इन सारी
  4164. 2:37:13चीजों से मेरी कॉस्ट जो है वो कहीं ना
  4165. 2:37:15कहीं कंट्रोल रहती है क्योंकि हमें पता है
  4166. 2:37:17कि आइडली मेरे पास 1 लाख रिक्वेस्ट आती है
  4167. 2:37:20पर सेकंड तो मैं उसी हिसाब से अपनी कॉस्ट
  4168. 2:37:22कहीं ना कहीं रखूंगा। हो सकता है पीक
  4169. 2:37:24आवर्स में मेरे पास रिक्वेस्ट 2 लाख 10
  4170. 2:37:26लाख तक हो जाती हो। तो मैं कॉस्ट अपनी उस
  4171. 2:37:28हिसाब से रखूंगा। लेकिन अगर एक यूजर इतनी
  4172. 2:37:31सारी रिक्वेस्ट भेजेगा या हैकर मेरे
  4173. 2:37:33सिस्टम को तोड़ने की कोशिश करेगा तो हो
  4174. 2:37:35सकता है मेरे को यहां पे इनिशियल लेवल पे
  4175. 2:37:38इतनी कॉस्ट लगानी पड़ जाए इतना हैवी
  4176. 2:37:40स्ट्रक्चर जो है वो लगाना पड़ जाए तो मेरा
  4177. 2:37:42फालतू में पैसा वहां पे वेस्ट हो जाएगा तो
  4178. 2:37:44इसीलिए रेट लिमिट बहुत इंपॉर्टेंट
  4179. 2:37:46कांसेप्ट है। अब यहां पे इंटरव्यू में
  4180. 2:37:48बहुत ज्यादा पूछा जाता है कि भैया ये कहां
  4181. 2:37:50पे लगाया जाता है? तो याद रखना क्लाइंट
  4182. 2:37:53साइड पे भी आप लगा सकते हो लेकिन बहुत कम
  4183. 2:37:55लेवल पे लगता है। मेनली ये लगता है आपका
  4184. 2:37:58सीडीएन कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क या फिर आप
  4185. 2:38:01कह सकते हो जो फायर वाल्स हैं हमारे वहां
  4186. 2:38:03पे हम लोग लगा देते हैं फ्रंट एंड पे।
  4187. 2:38:05मतलब इसको ना पास ही नहीं होने देते। अगर
  4188. 2:38:08ये पास हो गया तो ये आपके सर्वर तक
  4189. 2:38:10एप्लीकेशन डेटाबेस सर्वर तक पहुंच गया तो
  4190. 2:38:13वो कहीं ना कहीं सिस्टम को खराब कर देगा।
  4191. 2:38:14तो हम लोग इनिशियल लेवल पे ही रोकने की
  4192. 2:38:17कोशिश करते हैं कि मैंने सीडीएल लेवल पे
  4193. 2:38:19ही या फायरव लेवल पे ही उसको रोक लिया। इन
  4194. 2:38:21केस वहां पे नहीं रुका तो फिर उसके बाद
  4195. 2:38:24लोड बैलेंसर पे हम लोग जो है वो रेट लिमिट
  4196. 2:38:26लगा देंगे कि इससे ज्यादा अगर पर यूजर की
  4197. 2:38:28रिक्वेस्ट आ रही है तो आईपी को ब्लॉक कर
  4198. 2:38:30दिया जाए या फिर यूजर की आईडी को ब्लॉक कर
  4199. 2:38:33दिया जाए तो इस तरीके से कहीं ना कहीं मैं
  4200. 2:38:35लोड बैलेंसर पे अदरवाइज फिर एपीआई गेटवे
  4201. 2:38:38पे क्योंकि एपीआई गेटवे के बाद फिर आपका
  4202. 2:38:40सीधा एप्लीकेशन सर्वर आ जाता है या
  4203. 2:38:42डेटाबेस सर्वर तो कहीं ना कहीं हम लोग 99%
  4204. 2:38:46जो है वो केसेस में यहीं तक रोकने की
  4205. 2:38:48कोशिश करते हैं। इवन दो इसके बाद
  4206. 2:38:50एप्लीकेशन सर्वर पे भी रेट लिमिट रहता है।
  4207. 2:38:52इवन दो आपके डेटाबेस सर्विस पे भी रेट
  4208. 2:38:54लिमिट रहता है। लेकिन याद रखना कि अगर
  4209. 2:38:56आपसे इंटरव्यू में पूछ ले तो सबसे हाईली
  4210. 2:38:59लेवल जो है वो आपका ये है इनिशियल लेवल पे
  4211. 2:39:01ही उसको रोक दो। रेट्स को जो आपकी जो है
  4212. 2:39:05वो लिमिट लगा दो उसके ऊपर। अब एल्गोरिदम्स
  4213. 2:39:07में भी कई बार पूछ लेते हैं। तो यहां पे
  4214. 2:39:09याद रखना फिक्स्ड विंडो काउंटर कुछ नहीं
  4215. 2:39:12है। बड़ा सिंपल सा कांसेप्ट है। नाम थोड़े
  4216. 2:39:13बड़े-बड़े से हैं। जैसे फॉर एग्जांपल मैंने
  4217. 2:39:16रख दिया कि भैया 10 0 ठीक है? से लेके 10
  4218. 2:39:200 159 तक मैंने 1 मिनट में लेट्स सपोज एक
  4219. 2:39:24लिमिट रख दी। मतलब मैंने किया क्या? मैंने
  4220. 2:39:27पूरे टाइम को ना फिक्स्ड स्लॉट्स में
  4221. 2:39:29डिवाइड कर दिया। एक-ए मिनट में डिवाइड कर
  4222. 2:39:31दिया। अब मैंने बोल दिया कि 1 मिनट में 10
  4223. 2:39:33रिक्वेस्ट आ सकती हैं। इससे ज्यादा नहीं आ
  4224. 2:39:36सकती। इससे ज्यादा आएंगी तो मैं डिस्कार्ड
  4225. 2:39:38कर दूंगा एक यूजर से अगर इतनी रिक्वेस्ट आ
  4226. 2:39:40रही हैं। लेकिन इसमें ठीक है आपका फिक्स्ड
  4227. 2:39:42टाइम आपने रख दिया। फिक्स्ड टाइम जो है वो
  4228. 2:39:44डिवाइड कर दिया। लेकिन इसमें पंगा क्या है
  4229. 2:39:46कि एक यूजर ने बड़ा स्मार्टली काम किया।
  4230. 2:39:48उसने क्या किया? 1059 पे 10 रिक्वेस्ट भेज
  4231. 2:39:52दी और उसके बाद आप ऐसे लगा लो कि 59 के
  4232. 2:39:56बाद 10 001 मतलब 1 मिनट से पहले पहले उसने
  4233. 2:40:0110 रिक्वेस्ट और भेज दी। कहने का मतलब
  4234. 2:40:03क्या है? कि लेट्स सपोज 59 पे उसने 10 भेज
  4235. 2:40:06दी और उसके बाद नेक्स्ट 1 सेकंड में 10 और
  4236. 2:40:08भेज दी। तो यानी स्लॉट तो मेरा चेंज हो
  4237. 2:40:10गया। तो पहले स्लॉट में भी 10 आ गई। दूसरे
  4238. 2:40:12स्लॉट में भी 10 आ गई। लेकिन 2 सेकंड के
  4239. 2:40:15अंदर-अंदर 20 रिक्वेस्ट आ गई। मतलब उसने
  4240. 2:40:17सिस्टम को एक तरह से यूज जो है वो बाईपास
  4241. 2:40:20कर दिया इस चीज को। तो यहां पे बड़ा
  4242. 2:40:22इंपॉर्टेंट कांसेप्ट यूज़ किया जाता है
  4243. 2:40:24स्लाइडिंग विंडो लॉक। स्लाइडिंग विंडो लॉक
  4244. 2:40:26क्या कहता है कि आप फिक्स लॉट्स में
  4245. 2:40:28डिवाइड मत करो। आप पता है क्या करो? जैसे
  4246. 2:40:31ही यूजर की रिक्वेस्ट आई जैसे फॉर
  4247. 2:40:33एग्जांपल 10 10 पे मतलब 10 010 मतलब 10:10
  4248. 2:40:38सेकंड पे यूजर की एक रिक्वेस्ट आई। तो
  4249. 2:40:40जैसे ही उसकी पहली रिक्वेस्ट आई आप वहां
  4250. 2:40:42से टाइम स्टैंप स्टार्ट कर दो। मतलब एक
  4251. 2:40:44टाइमर स्टार्ट कर दो। अब उसके बाद आपने
  4252. 2:40:46लेट्स सपोज कह दिया कि मेरे 50 सेकंड के
  4253. 2:40:48अंदर-अंदर पांच रिक्वेस्ट आ सकती हैं। तो
  4254. 2:40:51यहां पे टाइमर स्टार्ट हो गया। उसके बाद
  4255. 2:40:52लेट्स सपोज उसकी 20 पे एक रिक्वेस्ट आई।
  4256. 2:40:5425 पे एक रिक्वेस्ट आई। 30 पे एक
  4257. 2:40:56रिक्वेस्ट। आपने सिंपली क्या करना है? 10
  4258. 2:40:58से काउंटर स्टार्ट हो गया तो 50 सेकंड
  4259. 2:41:00मतलब 60 के अंदर-अंदर 10 से 60 के
  4260. 2:41:03अंदर-अंदर आपकी पांच रिक्वेस्ट आ सकती है।
  4261. 2:41:05अगर आ जाती है तो ठीक है। अगर इससे ज्यादा
  4262. 2:41:07आती है आप डिस्कार्ड कर दोगे। तो यहां पे
  4263. 2:41:09टाइम स्टैंप जो है वो हर रिक्वेस्ट के साथ
  4264. 2:41:11जो है वो जुड़ जाता है। और इन दोनों के
  4265. 2:41:14कॉम्बिनेशन को यूज़ करता है आपका
  4266. 2:41:15स्लाइडिंग विंडो काउंटर। ये बेसिकली क्या
  4267. 2:41:18करता है? ये भी चेक करता है कि भैया
  4268. 2:41:20प्रीवियस काउंटर में या प्रीवियस स्लॉट
  4269. 2:41:22में अगर लेट सपोज मैंने उसको पांच
  4270. 2:41:24रिक्वेस्ट की थी। लेकिन उसने मेरे को
  4271. 2:41:26सिर्फ दो ही भेजी तो तीन बच गई उसकी। और
  4272. 2:41:28नेक्स्ट वाले स्लॉट में पांच नहीं भेज
  4273. 2:41:30सकता है। तो वो पिछले स्लॉट की जो बची हुई
  4274. 2:41:32है उनको भी यूज़ कर लेता है और नए स्लॉट
  4275. 2:41:35को भी। तो ये और भी एडवांस में। ऐसे ही
  4276. 2:41:37टोकन बकेट या फिर ली बकेट आता है। यह
  4277. 2:41:39कांसेप्ट क्या है कि भैया एक बकेट है। उस
  4278. 2:41:41बकेट में मेरे पास टोकंस पड़े हैं। जैसे
  4279. 2:41:44फॉर एग्जांपल 10 टोकंस पड़े हैं। तो एक
  4280. 2:41:46बार में 10 रिक्वेस्ट जो है वो ये पैरेलली
  4281. 2:41:49हैंडल कर लेगा टोकन बकेट में और इसमें पर
  4282. 2:41:51यूनिट टाइम नए-नए टोकंस आते रहेंगे। तो जो
  4283. 2:41:54भी रिक्वेस्ट आएगी उसको टोकन लगेगा। टोकन
  4284. 2:41:57के बाद जो है वो अपनी रिक्वेस्ट को भेज
  4285. 2:41:59सकता है। ली बकेट में क्या होता है कि
  4286. 2:42:01आपका एक-एक करके टोकन निकलता है। मतलब
  4287. 2:42:04यहां पे कांस्टेंट रेट में ही आपकी
  4288. 2:42:06रिक्वेस्ट जो है वो हैंडल होंगी। लेकिन
  4289. 2:42:07टोकन बकेट में जितने टोकन होंगे पैरेलली
  4290. 2:42:10उतनी ही टोकन एक बार में जो है वो यूज़ हो
  4291. 2:42:12सकती है और उतनी रिक्वेस्ट हैंडल होंगी।
  4292. 2:42:14लेकिन ली बकेट में लेट्स सपोज आपकी एक
  4293. 2:42:16टोकन ही अगर बाहर निकल रहा है एक सेकंड
  4294. 2:42:18में तो एक रिक्वेस्ट ही हैंडल होगी।
  4295. 2:42:20पैरेलल काम नहीं होगा। तो बेस्ड ऑन आवर
  4296. 2:42:22रिक्वायरमेंट कि किस जगह पे मेरे को क्या
  4297. 2:42:24चाहिए? हम लोग एल्गोरििदम्स को यूज़ कर
  4298. 2:42:26सकते हैं।
  4299. 2:42:31माइक्रो सर्विस आर्किटेक्चर। स्पेशली जब
  4300. 2:42:34हम सिस्टम डिज़ाइन की बात करते हैं तो
  4301. 2:42:36उसमें बहुत ज्यादा वाइडली पूछा जाता है
  4302. 2:42:38इंटरव्यूज के अंदर कि भैया माइक्रो सर्विस
  4303. 2:42:40आर्किटेक्चर क्या होता है? और आपको एक
  4304. 2:42:42रियल लाइफ एप्लीकेशन के बारे में पूछ सकते
  4305. 2:42:44हैं कि अगर मेरे को इसकी मल्टीपल माइक्रो
  4306. 2:42:47सर्विसेस के बारे में पता लगाना हो
  4307. 2:42:49कौन-कौन सी हो सकती है? आपस में
  4308. 2:42:50कम्युनिकेशन कैसे होगा? ये सारी चीजें
  4309. 2:42:52पूछी जा सकती है। तो देखो एक छोटे से
  4310. 2:42:54एग्जांपल से स्टार्ट करता हूं। लेट्स सपोज
  4311. 2:42:56आप किसी शॉप पे जा रहे हो। कोई घर का
  4312. 2:42:57सामान खरीदना है। कोई ग्रोसरी खरीदनी है।
  4313. 2:42:59अब आपने उस शॉप में गए। अब उसके अंदर
  4314. 2:43:01ग्रोसरी भी है। उसके अंदर फार्मेसी भी है।
  4315. 2:43:03मतलब उसके अंदर दवाइयां भी मिल रही है।
  4316. 2:43:05उसके अंदर एक छोटा सा रेस्टोरेंट भी है।
  4317. 2:43:06उसके अंदर इलेक्ट्रॉनिक की आइटम भी मिल
  4318. 2:43:08रही है। तो कहीं ना कहीं क्या हो जाएगा?
  4319. 2:43:10चीजें मैसी हो जाएंगी। तो क्या कर सकता है
  4320. 2:43:12वो दुकानदार? अपनी जो दुकान है उसको बढ़ा
  4321. 2:43:15सकता है। मतलब लेट्स सपोज अगर वो दुकान
  4322. 2:43:16100 या 200 गज की है तो उसमें उसने 100 गज
  4323. 2:43:19का एरिया और मिला लिया। आसपास का था तो
  4324. 2:43:21उसने उस दुकान को बड़ा कर लिया। उसके बाद
  4325. 2:43:24वो 100 की जगह 200 कस्टमर्स को हैंडल कर
  4326. 2:43:26सकता है ईजीली। हो सकता है आने वाले टाइम
  4327. 2:43:28में कस्टमर्स 1000 हो जाए। तो यार कितना
  4328. 2:43:31वर्टिकल स्केल करेगा? एक लिमिट तक ही उसको
  4329. 2:43:33स्केल कर सकता है। सिमिलरली जो मोनोलिथिक
  4330. 2:43:37आर्किटेक्चर होता है उसमें भी यही है कि
  4331. 2:43:39मेरी एक एक सिंगल जगह पे एक सिंगल सर्वर
  4332. 2:43:42पे मैं सारी चीजों को मैनेज करने की कोशिश
  4333. 2:43:43कर रहा हूं। एक बड़ी एप्लीकेशन को मैनेज
  4334. 2:43:45करने की कोशिश कर रहा हूं। तो वो एक लिमिट
  4335. 2:43:47तक तो काम करेगी। लेकिन एक टाइम के बाद जब
  4336. 2:43:50मेरी स्केलेबिलिटी बहुत ज्यादा हो जाएगी
  4337. 2:43:52तो वहां पे चीजें गड़बड़ा जाएंगी। जैसे
  4338. 2:43:54मॉल्स वगैरह में भी अगर आप जाते हो तो एक
  4339. 2:43:57दुकान के अंदर सारी चीजें नहीं मिलती।
  4340. 2:43:59जैसे dमar वगैरह में आप बोलोगे कि सर वहां
  4341. 2:44:00पे तो मिलती है। फायदा भी है हमें कि एक
  4342. 2:44:02ही जगह पे सारी चीजें मिल जाती हैं। यार
  4343. 2:44:05उसमें भी क्या है? एक लिमिट तक कहीं ना
  4344. 2:44:07कहीं चीजें चल जाती हैं। आप dमar वगैरह
  4345. 2:44:09में कभी ना कभी आप वीकेंड पे जाके देख लो।
  4346. 2:44:12सैटरडे संडे को कभी जाके देखना। मतलब ऐसे
  4347. 2:44:14खिचड़ी बकी होती है, ममारी होती है आपके
  4348. 2:44:17पेमेंट काउंटर से लेके सामान खरीदने से
  4349. 2:44:19लेके सब जगह जो है वो बहुत ज्यादा भीड़ हो
  4350. 2:44:21जाती है। तो वो भी कितने 1000 2000
  4351. 2:44:23कस्टमर्स को एक बार में हैंडल कर सकते
  4352. 2:44:25हैं। लेकिन अगर मेरे कस्टमर्स आ गए 500 1
  4353. 2:44:28लाख तो भैया सिस्टम फेल हो जाएगा। तो ये
  4354. 2:44:32यहां पे माइक्रो सर्विस को यूज़ करना बहुत
  4355. 2:44:34बढ़िया रहता है। तो माइक्रो सर्विस
  4356. 2:44:36आर्किटेक्चर इसी तरीके से वर्क करती है कि
  4357. 2:44:38भैया एक बड़ी चीज को मैनेज करने की बजाय आप
  4358. 2:44:41उसको छोटी-छोटी चीजों में डिवाइड कर दो।
  4359. 2:44:43दैट इज व्हाट अ माइक्रो सर्विस। अब यहां
  4360. 2:44:45पे मैंने ब्लिंकट का एग्जांपल लिया हुआ
  4361. 2:44:47है। Blinkkit, Instamart कोई भी आप
  4362. 2:44:49एग्जांपल ले सकते हो। जैसे मैंने एक
  4363. 2:44:50एग्जांपल आपको एक्सप्लेन किया है। आप इसी
  4364. 2:44:53तरीके से मल्टीपल एप्लीकेशन जैसे Netflix
  4365. 2:44:55है या Go आईbibo है, MMy ट्रिप है। आप इन
  4366. 2:44:58सबको भी इसी तरीके से माइक्रो सर्विस में
  4367. 2:45:00डिवाइड कर सकते हो। मतलब करना ये सिर्फ
  4368. 2:45:02मैं ये नहीं बोल रहा रिकमेंड नहीं कर रहा।
  4369. 2:45:04आपको करना भी चाहिए। हो सकता है इंटरव्यूज
  4370. 2:45:06वगैरह में आपसे पूछ ले। मैं आपको ब्लिंकिट
  4371. 2:45:08करके करके दिखा रहा हूं। तो ब्लिंकिट में
  4372. 2:45:11क्या हो सकती है अलग-अलग सर्विसेस। आपको
  4373. 2:45:12पता है कि जब आप ऐप ओपन करते हो मतलब ये
  4374. 2:45:14क्लाइंट है तो क्लाइंट क्या करता है? जब
  4375. 2:45:16मैं अपनी ऐप ओपन करता हूं तो मेरे पास
  4376. 2:45:18क्या-क्या वहां पे ऑप्शंस दिखते हैं या
  4377. 2:45:20फिर जो राइडर है जो आपका सामान पहुंचा रहा
  4378. 2:45:22है डिलीवरी बॉय है तो वो बंदा उसकी
  4379. 2:45:25एप्लीकेशन में उसके पोर्टल में क्या-क्या
  4380. 2:45:27चीजें दिख रही है तो क्या हो सकती है
  4381. 2:45:28व्हाट आर दी मल्टीपल सर्विसेस जैसे यूजर
  4382. 2:45:31की सर्विस है प्रोडक्ट का कैटलॉग है सर्च
  4383. 2:45:34डिवाइस है आप चीजों को सर्च करते हो
  4384. 2:45:36इन्वेंटरी कि भैया बैक एंड पे कितना सामान
  4385. 2:45:38मेरे पास पड़ा है देन कार्ड सर्विस है
  4386. 2:45:41आपने कार्ड में क्या-क्या चीजें ऐड की है
  4387. 2:45:43ठीक है फिर प्राइसिंग एंड डिस्काउंट
  4388. 2:45:44सर्विस हो गया कि भैया किस चीज पे कितना
  4389. 2:45:46प्राइस है, कितना जो है वो उसके ऊपर
  4390. 2:45:48डिस्काउंट है। ये सारी चीजें मेरे हिसाब
  4391. 2:45:50से आप समझ पा रहे हो। ऑर्डर सर्विस है।
  4392. 2:45:52मल्टीपल ऑर्डर्स आपके दे रहे हो। पेमेंट
  4393. 2:45:54वेरीेंट स्टोर एंड डार्क सर्विस है। मतलब
  4394. 2:45:57आपके जो बैक एंड पे स्टोरेज होते हैं। अब
  4395. 2:45:59ये लोग भी क्या करते हैं? नियरेस्ट लोकेशन
  4396. 2:46:01में 510 कि.मी. के अंदर-अंदर जो है वो एक
  4397. 2:46:03स्टोरेज बना के रखते हैं। तो उसमें
  4398. 2:46:05क्या-क्या चीजें पड़ी है? उसका इन्वेंटरी
  4399. 2:46:06भी कहीं ना कहीं मैनेज करना पड़ता है।
  4400. 2:46:08डिलीवरी सर्विस है। ठीक है? लोकेशन एंड
  4401. 2:46:10मैप सर्विस है। नोटिफिकेशन बड़ेेंट है।
  4402. 2:46:12रिव्यू एंड रेटिंगेंट है। कस्टमर सपोर्ट
  4403. 2:46:15इज़ आल्सोेंट। जब कोई सामान खराब आ जाता है
  4404. 2:46:17तो हम हेल्प पे जाके जो है वो चीजों के
  4405. 2:46:19बारे में बताते हैं। फीडबैक देते हैं। और
  4406. 2:46:21एनालिसिस इज़ आल्सो वेरीेंट कि भैया एक
  4407. 2:46:23बंदा एक महीने में या एक साल में कितना
  4408. 2:46:26खर्च करता है, क्या आइटम्स को मंगाता है,
  4409. 2:46:27किसको फ्रीक्वेंटली मंगाता है। ये सारी
  4410. 2:46:30चीजें कहीं ना कहीं है। तो इसको हमने क्या
  4411. 2:46:33किया? एक बड़ी ऐप की बजाय हमने छोटी-छोटी
  4412. 2:46:35सर्विज में डिवाइड कर दिया। और यहां पे हर
  4413. 2:46:38एक जो है वो अपना इंडिपेंडेंटली हमने काम
  4414. 2:46:41कर रहे हैं। इंडिपेंडेंटली का मतलब क्या
  4415. 2:46:43है कि हम लोग क्या करते हैं? जैसे
  4416. 2:46:44ब्लिंकिट क्या करता है? ब्लिंकिट यूज़ करता
  4417. 2:46:46है कांसेप्ट ऑफ क्लाउड। तो क्लाउड में
  4418. 2:46:48उसने क्या कर लिया कि मल्टीपल कंटेनर्स
  4419. 2:46:51क्या यूज़ करते हैं? कंटेनर्स के कांसेप्ट
  4420. 2:46:54को। मतलब कंटेनर क्या है? एक बॉक्स की तरह
  4421. 2:46:56उस बॉक्स में मैंने यूजर सर्विस का जो कोड
  4422. 2:46:59है जो एप्लीकेशन का कोड है सिर्फ इस
  4423. 2:47:01माइक्रो सर्विस का कोड है उसके रिलेटेड जो
  4424. 2:47:04लाइब्रेरीज है उसको मैंने यहां पे या
  4425. 2:47:06कॉन्फ़िगरेशन है रन टाइम है उसको मैंने
  4426. 2:47:08स्टोर कर दिया एक जगह पे डाल दिया ऐसे ही
  4427. 2:47:10एक और कंटेनर में मैंने जो प्रोडक्ट
  4428. 2:47:12कैटलॉग सर्विस का कोड है उसके रिलेटेड
  4429. 2:47:15लाइब्रेरीज है रन टाइम है कॉन्फ़िगरेशन है
  4430. 2:47:17उसको डाल दिया ऐसे ही थर्ड कंटेनर में इस
  4431. 2:47:20तरीके से मल्टीपल कंटेनर्स में हमने
  4432. 2:47:22अलग-अलग सर्विज को रख लिया अब उसके बाद
  4433. 2:47:25क्या होता है? जो क्यूबनेट्स होते हैं,
  4434. 2:47:26क्यूबनेट्स क्या करते हैं? इनको सों को
  4435. 2:47:28आपस में मैनेज करते हैं कि भैया
  4436. 2:47:30इंडिपेंडेंटली किसी को स्केल कर सकते हैं।
  4437. 2:47:32किसी को बढ़ा सकते हैं। किसी को कम कर
  4438. 2:47:34सकते हैं। किसी को किसी को ज्यादा
  4439. 2:47:35कंप्यूटेशन चाहिए तो हम ज्यादा कंप्यूटेशन
  4440. 2:47:37देंगे। किसी को स्टोरेज कम चाहिए हम कम कर
  4441. 2:47:39देंगे। किसी को स्टोरेज ज्यादा चाहिए हम
  4442. 2:47:41ज्यादा दे देंगे। तो इस तरीके से क्यूबर
  4443. 2:47:43नेट जो होता है वो सारी चीजों को
  4444. 2:47:45ऑर्केस्टिनेट करता है। ऑर्केस्टेशन का
  4445. 2:47:47मतलब है ऑटोमेटिकली इन सबको मैनेज करता
  4446. 2:47:49है। तो ये बड़ा इंपॉर्टेंट कांसेप्ट आपको
  4447. 2:47:52पता होना चाहिए। तो यूजर यहां पे आ गया
  4448. 2:47:55जिसको मैं क्लाइंट बोल रहा हूं। क्लाइंट
  4449. 2:47:56क्या करता है भैया? एपीआई के थ्रू जो है
  4450. 2:47:59वो कम्युनिकेट करता है। अब आपको पता है
  4451. 2:48:00एपीआई गेटवे यूज़ होता है। जैसे ब्लिंकट जो
  4452. 2:48:02है वो क्या यूज़ करता है? कंग जैसे
  4453. 2:48:04एडब्ल्यूएस का एपीआई है ऐसे ही यहां पे
  4454. 2:48:06कंग जो है वो क्या है? एक एपीआई गेटवे है
  4455. 2:48:09जो इंजीनिक्स के ऊपर होता है। अब उसके ऊपर
  4456. 2:48:11क्या है कि भैया ऑथेंटिकेशन है कि यूजर का
  4457. 2:48:13ऑथेंटिकेशन चेक करना है कि क्या वो प्रॉपर
  4458. 2:48:16चैनल से आ रहा है? अन ऑथोराइज्ड तो नहीं
  4459. 2:48:18है तो हो सकता है एपीआई की के थ्रू हम कर
  4460. 2:48:20रहे हैं या ऑथ के थ्रू हम लोग यूज़ कर रहे
  4461. 2:48:22हैं या जे डब्ल्यूटी टोकंस के थ्रू हम
  4462. 2:48:24उसको ऑथेंटिकेट कर रहे हैं कि भैया ये
  4463. 2:48:25बंदा वैलिड है ये ऑथोराइज कर सकता है। अब
  4464. 2:48:28उसके बाद अब उस बंदे ने सों को थोड़ी ना एक
  4465. 2:48:31बार में करना है। उसने कुछ सर्च करना है
  4466. 2:48:33तो हमने उसकी रिक्वेस्ट को सर्च वाले में
  4467. 2:48:35डाल दिया। या उसने लेट्स सपोज पेमेंट करनी
  4468. 2:48:37है तो हमने उसकी रिक्वेस्ट को पेमेंट वाले
  4469. 2:48:39में डाल दिया। तो यानी हमने पैकेट्स को
  4470. 2:48:41रूट भी कर दिया कि भैया तू इस तरफ जा, तू
  4471. 2:48:43इस तरफ जा। जैसे मॉल के स्टार्टिंग में
  4472. 2:48:46हमने रिसेप्शनिस्ट बिठा दिए भैया कि तूने
  4473. 2:48:48कहां जाना है? ज्वेलरी वाली शॉप में जाना
  4474. 2:48:49है। तो भैया फर्स्ट फ्लोर पे जा। तू क्यों
  4475. 2:48:51फालतू में पूरे मॉल में घूम रहा है? वो
  4476. 2:48:53चीज रूटिंग के अंदर आ जाती है। देन रेट
  4477. 2:48:55लिमिट हो सकता है भैया किसी बंदे ने
  4478. 2:48:57कॉम्पिटिट ने बोट बिठा रखा हो पीछे।
  4479. 2:49:00धड़ाधड़ रिक्वेस्ट भेजता जा रहा है ताकि
  4480. 2:49:02डिनाइल ऑफ सर्विस हो सके। तो उसके लिए हम
  4481. 2:49:04लोग एक लिमिट लगा सकते हैं कि 1 मिनट में
  4482. 2:49:06इससे ज्यादा रिक्वेस्ट आएंगी तो हम लोग
  4483. 2:49:08हैंडल नहीं करेंगे। ये सारी चीजें जो है
  4484. 2:49:10वो सिक्योरिटी लॉगिंग इवन मॉनिटरिंग वगैरह
  4485. 2:49:13की प्रॉपर सारी चीजें चल रही है। ये सारा
  4486. 2:49:15काम एपीआई गेटवे हैंडल करता है और फिर जो
  4487. 2:49:18सर्विस को हम एक्सेस कर रहे हैं उसके थ्रू
  4488. 2:49:20जो है वो एक्सेस हो जाता है। और इवन ये जो
  4489. 2:49:22सारी सर्विज हैं आपस में सिंक्रोनाइज
  4490. 2:49:24कम्युनिकेशन से एक दूसरे से बात करती हैं।
  4491. 2:49:27सिंक्रोनाइज मतलब कहने का एसिंक्रोनाइज भी
  4492. 2:49:29हो सकता है। एसिंक्रोनाइज का मतलब है कि
  4493. 2:49:31इसने रिक्वेस्ट भेजी हम दे देंगे रिसोंड
  4494. 2:49:34बाद में। नहीं भैया अगर लेट्स सपोज किसी
  4495. 2:49:36ने ऑर्डर किया है तो मैं पेमेंट चेक
  4496. 2:49:38करूंगा कि क्या पेमेंट हो गई है। अगर
  4497. 2:49:40पेमेंट हो गई है तभी उसका आर्डर जो है वो
  4498. 2:49:42ओके होगा और ओके होगा तो उसको एक
  4499. 2:49:44नोटिफिकेशन जाएगी कि भैया तेरा ऑर्डर हो
  4500. 2:49:46चुका है। तो ये आपस में सिंक्रोनाइज होते
  4501. 2:49:49हैं। मतलब इनका कम्युनिकेशन सिंक्रोनाइज
  4502. 2:49:51होता है। ए सिंक नहीं होता। ऐसा नहीं कि
  4503. 2:49:53एक रिक्वेस्ट भेज रहा है। दूसरा कह रहा है
  4504. 2:49:55मैं 5 मिनट रुक जाए यार। नहीं कस्टमर नहीं
  4505. 2:49:57रुकेगा इतनी देर। हमें आपस में इनको
  4506. 2:49:59सिंक्रोनाइज करके रखना पड़ता है ताकि
  4507. 2:50:01फटाफट से एक दूसरे से कम्युनिकेट कर सकें।
  4508. 2:50:03इवन डेटाबेस भी अलग-अलग टाइप का है। जैसे
  4509. 2:50:06यूजर का डेटाबेस अगर मेरा डेटा जो है वो
  4510. 2:50:08स्ट्रक्चरर्ड है तो मैं स्ट्रक्चरर्ड के
  4511. 2:50:10लिए यहां पे पोस्ट ग्रे एसक्यूएल को यूज़
  4512. 2:50:11कर सकता हूं। अगर मेरा डेटा लेट्स सपोज
  4513. 2:50:13अनस्ट्रक्चरर्ड है। मतलब उसके अंदर
  4514. 2:50:15अलग-अलग फैक्टर्स हैं तो उस केस में मैं
  4515. 2:50:17मोंगो डीबी डेटाबेस को यूज़ कर सकता हूं।
  4516. 2:50:18JSON फाइल्स को यूज़ कर सकता हूं। तो इस
  4517. 2:50:20तरीके से अलग-अलग टाइप का डेटा जो है वो
  4518. 2:50:23डेटाबेस यूज़ होता है। बेस्ड ऑन द
  4519. 2:50:24सिनेरियो। कहीं पे स्ट्रक्चर जहां पे हम
  4520. 2:50:27टेबल्स की फॉर्म में डेटा को स्टोर कर
  4521. 2:50:28सकते हैं। कहीं पे मेरा नो सीक्वल जो है
  4522. 2:50:30कि क्योंकि ऐसा भी तो हो सकता है जैसे
  4523. 2:50:32प्रोडक्ट का एग्जांपल ले लो। अब प्रोडक्ट
  4524. 2:50:34के केस में अगर लेट्स सपोज मैं मिल्क का
  4525. 2:50:36एग्जांपल लूं तो मिल्क के एट्रिब्यूट्स
  4526. 2:50:38अलग होंगे और अगर मैं इलेक्ट्रॉनिक आइटम
  4527. 2:50:40का एग्जांपल लूं तो उसके एट्रिब्यूट्स अलग
  4528. 2:50:42होंगे। तो उसको मैं एक स्ट्रक्चरर्ड वे
  4529. 2:50:43में स्टोर नहीं कर सकता। उसको मुझे मोंगो
  4530. 2:50:45डीबी या जसन फाइल्स की फॉर्म में मुझे
  4531. 2:50:48स्टोर करना पड़ेगा। लेट्स सपोज आपने एक
  4532. 2:50:50नया घर बनाया और उस घर में आपको ना फ्लोर
  4533. 2:50:52अच्छा नहीं लगा। आप चाहते हो कि इसका
  4534. 2:50:54फ्लोर मुझे चेंज करना है तो आपने अगर उसका
  4535. 2:50:56फ्लोर चेंज करना है तो इसका मतलब ये नहीं
  4536. 2:50:58है कि घर का जो दीवारें हैं लेंटर है वो
  4537. 2:51:02भी हिल जाए। मतलब उसके अंदर भी प्रॉब्लम आ
  4538. 2:51:04जाए। तो कहने का मतलब क्या है कि आपका जो
  4539. 2:51:06घर है वो इतना सॉलिड होना चाहिए कि आप कोई
  4540. 2:51:09नया फीचर डालने की कोशिश कर रहे हो तो
  4541. 2:51:11पुराने के अंदर दिक्कत ना आए। यही चीज है
  4542. 2:51:14एक्चुअल में सॉलिड प्रिंसिपल। क्योंकि जब
  4543. 2:51:16हम सॉफ्टवेयर डिज़ाइन करते हैं या फिर हम
  4544. 2:51:18कोई ऐप बनाते हैं तो उसमें होता ही है
  4545. 2:51:21डेली बेसिस पे कुछ ना कुछ चेंजज़ करने पड़ते
  4546. 2:51:23हैं। कोई नए फीचर्स को ऐड करना पड़ता है।
  4547. 2:51:25बट इसका मतलब ये नहीं है कि जो पुराने
  4548. 2:51:27फीचर है जो मेरा कोड है वो फट गया या फिर
  4549. 2:51:30मेरे जो पुराने फीचर्स है वो काम करना बंद
  4550. 2:51:32कर गए। तो यानी आपने सॉलिड प्रिंसिपल्स को
  4551. 2:51:34फॉलो नहीं किया। तो सॉलिड प्रिंसिपल्स
  4552. 2:51:36क्या है? ये एक अच्छे डिज़र कह लो या अच्छे
  4553. 2:51:40डेवलपर की पहचान है। अगर वो इन
  4554. 2:51:42प्रिंसिपल्स को फॉलो कर रहा है। तो क्या
  4555. 2:51:43है? सबसे पहले है एस दैट इज सिंगल
  4556. 2:51:46रिस्पांसिबिलिटी। ओ का मतलब है ओपन एंड
  4557. 2:51:48क्लोज्ड। एल का मतलब है लिस्क ऑफ
  4558. 2:51:50सब्सीट्यूशन। आई का मतलब है इंटरफेस
  4559. 2:51:52सेग्रगेशन एंड डी का मतलब है डिपेंडेंसी
  4560. 2:51:55इन्वर्जन। इसको एक-एक करके समझते हैं विद
  4561. 2:51:57एग्जांपल। सबसे पहले आपका नेम आ जाता है
  4562. 2:51:59जी सिंगल रिस्पांसिबिलिटी। तो कहानी यहीं
  4563. 2:52:02से स्टार्ट होती है। सबसे पहले आपको इसी
  4564. 2:52:04को ही फॉलो करना पड़ेगा। इसमें क्या कहता
  4565. 2:52:07है? अ क्लास शुड हैव ओनली वन मेन
  4566. 2:52:10रिस्पांसिबिलिटी और वन रीज़ टू चेंज। मतलब
  4567. 2:52:14क्लास कोई भी अगर आप बना रहे हो अपने
  4568. 2:52:16सिस्टम में तो उसकी सिर्फ एक ही
  4569. 2:52:18रिस्पांसिबिलिटी होनी चाहिए। या आप ये कह
  4570. 2:52:20लो कि अगर आपने किसी क्लास में कुछ चेंज
  4571. 2:52:23करना है तो सिर्फ एक ही रीज़न होना चाहिए
  4572. 2:52:25उसमें चेंज करने का। मतलब ऑब्वियसली अगर
  4573. 2:52:28एक ही रिस्पांसिबिलिटी होगी तो एक ही रीज़न
  4574. 2:52:30होगा। यही चीज को इसने समझाया हुआ है।
  4575. 2:52:32जैसे एग्जांपल के तौर पे अब यूजर
  4576. 2:52:35रजिस्ट्रेशन की मैं कोई ऐप बना रहा हूं।
  4577. 2:52:37तो उसमें मेरे पास यहां पे क्या फीचर आ
  4578. 2:52:39गया? यूजर को मैंने रजिस्टर करवाना है। अब
  4579. 2:52:41मैंने एक ही क्लास के अंदर यूजर का
  4580. 2:52:43रजिस्ट्रेशन भी करवा रहा हूं। उसी क्लास
  4581. 2:52:45में मैंने एक डाल दिया ईमेल सर्विस की
  4582. 2:52:47नोटिफिकेशन चली जाए। उसी क्लास में मैंने
  4583. 2:52:50डाल दिया कि लेट्स सपोज बच्चा क्या
  4584. 2:52:52एक्टिविटी परफॉर्म कर रहा है। कहां-कहां
  4585. 2:52:54पे किस पेजेस को ओपन कर रहा है वो मैंने
  4586. 2:52:55लॉग के अंदर डाल दिया। तो होगा क्या? अगर
  4587. 2:52:58एक भी क्लास के किसी फीचर में चेंज करना
  4588. 2:53:01पड़ गया तो आपको बाकियों में भी कहीं ना
  4589. 2:53:04कहीं चेंज करना पड़ेगा। क्योंकि आपने एक
  4590. 2:53:05क्लास को मल्टीपल रिस्पांसिबिलिटीज दे दी।
  4591. 2:53:08ये चीज नहीं होनी चाहिए। तो इसीलिए हम लोग
  4592. 2:53:10क्या करते हैं? रजिस्ट्रेशन की अलग क्लास
  4593. 2:53:12बनाओ, नोटिफिकेशन की अलग क्लास बनाओ,
  4594. 2:53:14लॉगिन एक्टिविटीज की अलग क्लास बनाओ। अगर
  4595. 2:53:17आप ये चीज कर रहे हो मतलब आप सिंगल
  4596. 2:53:19रिस्पांसिबिलिटी प्रिंसिपल को फॉलो कर रहे
  4597. 2:53:21हो। दिस इज ऑल। देन हमारे पास आ जाता है
  4598. 2:53:24दूसरा ओपन क्लोज्ड। अब ओपन क्लोज्ड का
  4599. 2:53:27मतलब क्या है? ओपन भी और क्लोज भी है। ये
  4600. 2:53:29कैसे हो सकता है? तो एक्चुअल में क्या
  4601. 2:53:30कहना चाह रहा है? कि जो भी आप सॉफ्टवेयर
  4602. 2:53:32बना रहे हो इट शुड बी ओपन फॉर द एक्सटेंशन
  4603. 2:53:36बट क्लोज्ड फॉर द मॉडिफिकेशन। मतलब जो घर
  4604. 2:53:39आपने बना दिया अब उसके अंदर मॉडिफिकेशन
  4605. 2:53:42नहीं करना। हां उसके आसपास कोई प्लॉट पड़ा
  4606. 2:53:44है, कोई जमीन पड़ी है आप उसके अंदर उसको
  4607. 2:53:46एक्सटेंड कर दो। मतलब आप उसको उसको बढ़ा
  4608. 2:53:49दो। लेकिन जो चीज बन गई उसमें आपने
  4609. 2:53:51मॉडिफिकेशन नहीं करनी। यही चीज यहां पे
  4610. 2:53:54करने की कोशिश कर रहे है। अब एग्जांपल के
  4611. 2:53:56तौर पे लेट सपोज हमारे पास पेमेंट का एक
  4612. 2:53:58मैंने क्लास बनाया। अब पेमेंट के क्लास
  4613. 2:54:00में फॉर एग्जांपल मैंने पेमेंट एक मेथड
  4614. 2:54:02बनाया और पेमेंट मेथड में मैंने डाल दिया
  4615. 2:54:05कि बंदे के पास इफ क्रेडिट कार्ड है तो
  4616. 2:54:07मैं करवा लूंगा पेमेंट। इफ यूपीआई है तो
  4617. 2:54:10पेमेंट करवा लो। कल को हमारे पास डिमांड आ
  4618. 2:54:13गई कि भैया वॉलेट सर्विस भी ऐड होनी
  4619. 2:54:15चाहिए। क्रिप्टो सर्विस भी ऐड होनी चाहिए।
  4620. 2:54:17डेबिट कार्ड सर्विस भी ऐड होनी चाहिए। तो
  4621. 2:54:20यार मैं हर बार इफ इफ इफ करता रहूंगा। तो
  4622. 2:54:22भैया ये तो बहुत बड़ी गड़बड़ है। तो मैं
  4623. 2:54:24क्या करूंगा? मैं एक सिंपल इंटरफेस बना के
  4624. 2:54:27पेमेंट का उसके अंदर छोटी-छोटी क्लासेस एक
  4625. 2:54:30क्लास बना दी क्रेडिट कार्ड की पेमेंट की
  4626. 2:54:32एक यूपीआई की पेमेंट की एक वॉलेट की
  4627. 2:54:34पेमेंट की और सारे जो है वो इस इंटरफेस को
  4628. 2:54:36एक्सटेंड कर रहे हैं। ये चीज अगर आप करोगे
  4629. 2:54:38तो होगा क्या कि आपको इजीली इसके अंदर
  4630. 2:54:41एक्सटेंशन कर सकते हो। ऑलरेडी बने हुए में
  4631. 2:54:44इफ एल्स में कोई मॉडिफिकेशन करने की जरूरत
  4632. 2:54:46नहीं है। हां आपको लगा कि कल को क्रिप्टो
  4633. 2:54:48करना है तो आप क्रिप्टो की एक क्लास इसके
  4634. 2:54:50अंदर एक्स्ट्रा ऐड कर दो। आपको लगा कि
  4635. 2:54:52यूपीआई ऐड करना है या वॉलेट ऐड करना है।
  4636. 2:54:54एक क्लास नई उसकी ऐड कर दो। ये चीज अगर आप
  4637. 2:54:56करते हो तो मतलब आप एक्सटेंड तो कर सकते
  4638. 2:54:59हो अपनी चीज को लेकिन बनी हुई चीज को
  4639. 2:55:01मॉडिफाई मत करो। अदरवाइज पूरे कोड में
  4640. 2:55:03गड़बड़ हो सकती है। ये चीज याद रखना। देन
  4641. 2:55:06हमारे पास आ जाता है जी तीसरा प्रिंसिपल।
  4642. 2:55:09ये क्या कह रहा है? लिस्ट ऑफ सब्सीट्यूशन।
  4643. 2:55:11ये ध्यान से समझना। इसके अंदर क्या है? अब
  4644. 2:55:13याद रखना सबसे पहले आपका जो सिंगल
  4645. 2:55:16रिस्पांसिबिलिटी होना चाहिए। फिर ओपन
  4646. 2:55:17क्लोज उसके बाद ये सीक्वेंस में ही फॉलो
  4647. 2:55:20करोगे तो ज्यादा बढ़िया है। देन हमारे पास
  4648. 2:55:21आ गया जी लिस्क। लिसब क्या कह रहा है कि
  4649. 2:55:23जो चाइल्ड क्लास है इट शुड बी एबल टू
  4650. 2:55:26रिप्लेस देयर पेरेंट क्लास विदाउट
  4651. 2:55:28ब्रेकिंग द प्रोग्राम। मतलब आपकी जो
  4652. 2:55:30चाइल्ड क्लास है आपको पता है कि
  4653. 2:55:31इनहेरिटेंस का यूज़ करते हैं। तो पेरेंट
  4654. 2:55:33होती है और एक चाइल्ड क्लास होती है।
  4655. 2:55:35चाइल्ड क्लास एक्सटेंड करती है पेरेंट
  4656. 2:55:36क्लास को। अब यहां पे जहांजहां पेरेंट है,
  4657. 2:55:40आप चाइल्ड को वहां वहां पे रिप्लेस कर
  4658. 2:55:42सकते हो, यूज़ कर सकते हो। एग्जांपल के तौर
  4659. 2:55:45पे आपने कोई क्लास बनाई लेट्स सपोज बर्ड।
  4660. 2:55:48ठीक है? इसमें बड़ा क्लासिकल प्रॉब्लम है।
  4661. 2:55:50इंटरव्यूज में बहुत ज्यादा पूछा जाता है।
  4662. 2:55:52तो आपने क्लास बनाई बर्ड और उसके अंदर
  4663. 2:55:54आपने लेट्स सपोज कोई मेंबर फंक्शन बना
  4664. 2:55:56दिया इसके अंदर फ्लाई नाम का। ठीक है? अब
  4665. 2:55:59आप उसके बाद एक क्लास बना रहे हो। आपने
  4666. 2:56:01बना दी जी स्परो। ठीक है? अब उसके अंदर
  4667. 2:56:04आपने एक्सटेंड कर दिया किसको? बर्ड क्लास
  4668. 2:56:06को। मतलब आपने बर्ड जो है वो क्या है?
  4669. 2:56:08पेरेंट क्लास है। और स्परो मेरी क्या है?
  4670. 2:56:10चाइल्ड क्लास है। अब इसके अंदर फ्लाई
  4671. 2:56:12ऑब्वियसली ऑटोमेटिकली इसके अंदर यूज़ होगा।
  4672. 2:56:14हो जाएगा जी। ऑब्वियसली अगर कोई आपने
  4673. 2:56:16क्लास बनाई है बर्ड कि बर्ड फ्लाई कर सकते
  4674. 2:56:18हैं तो भैया स्परो भी तो फ्लाई कर सकती
  4675. 2:56:20है। बिल्कुल ठीक है जी। उसके बाद आपने एक
  4676. 2:56:22और क्लास बनाई लेट्स सपोज क्लास ऑस्ट्रिच
  4677. 2:56:25या क्लास पेंग्विन। अब उसके अंदर भी फ्लाई
  4678. 2:56:28लेकिन यहां फंस गए। क्यों? क्योंकि जो
  4679. 2:56:30पेंग्विन क्लास है वो एक्चुअल में चाइल्ड
  4680. 2:56:32क्लास है जो कहां से पेरेंट क्लास से
  4681. 2:56:34रेफरेंस ले रही है। लेकिन उसके अंदर ये जो
  4682. 2:56:36फ्लाई का फीचर है ये तो यूज़ ही नहीं होगा।
  4683. 2:56:38और वही चीज हम कह रहे हैं कि जो चाइल्ड
  4684. 2:56:40क्लास है ये जहांजहां पेरेंट है उसको मैं
  4685. 2:56:43रिप्लेस कर सकता हूं। मतलब चाइल्ड क्लास
  4686. 2:56:44एज इट इज काम करे जो पेरेंट करवाना चाहती
  4687. 2:56:47है। लेकिन वो चीज यहां पे कहीं ना कहीं
  4688. 2:56:49मिसमैच हो जाती है। और ये चीज नहीं होनी
  4689. 2:56:51चाहिए। एक और एग्जांपल आपको बता देता हूं।
  4690. 2:56:53जैसे डिलीवरी सर्विस है। अब Zomato sविg
  4691. 2:56:55में डिलीवरी सर्विस होती है। अब आपको पता
  4692. 2:56:57है कि भैया जो डिलीवरी पार्टनर है आपने एक
  4693. 2:56:59पेरेंट क्लास बना दी डिलीवरी पार्टनर। अब
  4694. 2:57:02उसके अंदर उसको कौन एक्सटेंड कर रहा है?
  4695. 2:57:03उसको बाइक डिलीवरी वाले भी कर रहे हैं।
  4696. 2:57:06उसको वैन डिलीवरी वाले भी कर रहे हैं। या
  4697. 2:57:08उसको एक्सप्रेस डिलीवरी वाले भी कर रहे
  4698. 2:57:09हैं। अब आपने इसके अंदर लेट्स सपोज
  4699. 2:57:11डिलीवरी पार्टनर के अंदर कोई एक फंक्शन
  4700. 2:57:13बना दिया हैवी कारगो का। हैवी कारगो मतलब
  4701. 2:57:17कि भैया कोई हैवी सामान है वो जा सके। तो
  4702. 2:57:20भैया वैंड डिलीवरी ये जो चाइल्ड क्लास है
  4703. 2:57:22ये इसमें प्रॉपर फिट हो जाएगी क्योंकि
  4704. 2:57:24रिप्लेस कर सकते हो आप इसमें क्योंकि हैवी
  4705. 2:57:26हैवी डिलीवरी आप इससे कर सकते हो या
  4706. 2:57:28एक्सप्रेस डिलीवरी भी कर सकते हो। लेकिन
  4707. 2:57:30भैया बाइक वाला यहां पे कैसे करेगा हैवी
  4708. 2:57:33वाला? सामान जैसे कोई फर्नीचर डिलीवर करना
  4709. 2:57:35है तो वो वाला काम यहां पे फेल हो जाएगा।
  4710. 2:57:37तो कहने का मतलब ये है कि जहां पे भी आपकी
  4711. 2:57:39चाइल्ड क्लास है वो रिप्लेस कर सकते हैं
  4712. 2:57:42पेरेंट से। मतलब चाइल्ड जो है वो पेरेंट
  4713. 2:57:44की पूरी बात माने। अगर ये हो रहा है तो
  4714. 2:57:46मतलब लिस्क ऑफ़ सब्स्टट्यूशन प्रिंसिपल
  4715. 2:57:48फॉलो हो रहा है। ये पॉइंट आपको एक-एक करके
  4716. 2:57:50नोट करने हैं। एक्स्ट्रा मैंने यहां पे
  4717. 2:57:51पॉइंट्स लिखे हुए हैं। वो आप एक्स्ट्रा
  4718. 2:57:53नोट कर सकते हो। नेक्स्ट हमारे पास आ गया
  4719. 2:57:54जी इंटरफ़ेस सेग्रगेशन प्रिंसिपल। ये क्या
  4720. 2:57:57कह रहा है कि क्लाइंट शुड नॉट बी फोर्स्ड
  4721. 2:58:00टू डिपेंड ऑन द मेथड्स दे डोंट यूज़। देखो
  4722. 2:58:03यार एक सिंपल से एग्जांपल से समझ आता हूं।
  4723. 2:58:04अभी तो स्मार्ट टीवीज आ गई। उसके अंदर जो
  4724. 2:58:07रिमोट है उसके अंदर आपने देखा होगा बहुत
  4725. 2:58:09लिमिटेड से बटन होते हैं। लेकिन पहले
  4726. 2:58:10रिमोट्स के अंदर इतने बटन आते थे जिसमें
  4727. 2:58:13से आप सिर्फ दो चार वॉल्यूम अप डाउन वाले
  4728. 2:58:14या चैनल ऊपर नीचे वाले यूज़ करते थे। बाकी
  4729. 2:58:16के यूज़ ही नहीं होते थे। वही चीज मैं यहां
  4730. 2:58:19पे बोल रहा हूं कि आप यूजर को या क्लाइंट
  4731. 2:58:21को फोर्स मत करो कि आप इतने सारे फीचर्स
  4732. 2:58:25को यूज़ करो। भैया वो जितने फीचर यूज़ करना
  4733. 2:58:27चाहे सिर्फ उतने ही यूज़ करेगा। तो उसके
  4734. 2:58:28लिए क्या करो? जो इंटरफसेस आप बना रहे हो
  4735. 2:58:30उनको छोटा बनाओ। उनको स्पेसिफिक बनाओ। ऐसे
  4736. 2:58:33ही आप लाइक लेट्स सपोज कोई Paytm का या BP
  4737. 2:58:36का एग्जांपल ले लो। उसमें बहुत सारी ऐसी
  4738. 2:58:38चीजें होती है कि नॉर्मल बंदा क्या करता
  4739. 2:58:40है? ज्यादा से ज्यादा स्कैन कर लिया ही और
  4740. 2:58:42पेमेंट कर दी या ज्यादा से ज्यादा उसने
  4741. 2:58:44यूपीआई एंटर कर दी, पेमेंट कर ली या
  4742. 2:58:46बैलेंस चेक कर लिया। अब आप एक चीज को
  4743. 2:58:48करवाने के लिए अननेसेसरी अगर फीचर दोगे तो
  4744. 2:58:50भैया क्लाइंट को बहुत हैवी लगेगा। ये चीज
  4745. 2:58:52बंद करनी पड़ेगी। तो ये चीज़ यहां पे क्या
  4746. 2:58:55कह रहा है? जैसे प्रिंटर वाला एक सिस्टम
  4747. 2:58:56ले लो। अब मेरे पास एक बेसिक प्रिंटर है
  4748. 2:58:58जो कि सिर्फ प्रिंट कर रहा है। अब मैं
  4749. 2:59:00एक्स्ट्रा उसके अंदर स्कैन का भी फीचर डाल
  4750. 2:59:02दूं या मैं उसके अंदर लेट्स सपोज फेक्स का
  4751. 2:59:04भी एंटर कर दूं तो कहीं ना कहीं आप उसके
  4752. 2:59:07अंदर अननेसेसरी फीचर डाल रहे हो जिसका जो
  4753. 2:59:10काम है बस वही रहने दो स्पेसिफिक बनाओ
  4754. 2:59:12रादर देन उसको बहुत ज्यादा बड़े-बड़े
  4755. 2:59:14इंटरफेस बनाने से। तो ये कहीं ना कहीं
  4756. 2:59:16कंफ्यूजिंग हो जाता है क्लाइंट के लिए भी
  4757. 2:59:19यूज़ करना। देन हमारे पास आ गया जी फाइनली
  4758. 2:59:21डिपेंडेंसी इन्वर्जन। ये भी बहुत
  4759. 2:59:23इंपॉर्टेंट है जी। आपने कपलिंग और कोहेजन
  4760. 2:59:25के बारे में सुना होगा कि कपलिंग जो है वो
  4761. 2:59:27क्या होता है? डिपेंडेंसी और डिपेंडेंसी
  4762. 2:59:29नहीं होनी चाहिए। लेट्स सपोज कोई कंपनी है
  4763. 2:59:32वो आपकी ऑर्डर सर्विस के लिए या पेमेंट के
  4764. 2:59:35लिए आज रेजर पे को यूज़ कर रहा है। कल को
  4765. 2:59:37वो कहता है कि भैया रेजर पे ने कोई एपीआई
  4766. 2:59:39में चेंज कर दिया या उन्होंने पर
  4767. 2:59:41ट्रांजैक्शन रेट को बढ़ा दिया। मैं चाहता
  4768. 2:59:43हूं कि अब मैं रेजर पे नहीं अब मैं
  4769. 2:59:44स्ट्राइप के ऊपर आना चाहता हूं या मैं
  4770. 2:59:46PayPal के ऊपर आना चाहता हूं। तो मैं जो
  4771. 2:59:49बेसिक कोड है वो चेंज नहीं करूंगा।
  4772. 2:59:51बिहाइंड द सीन मैं ऑटोमेटिकली शिफ्ट कर
  4773. 2:59:54जाऊंगा किस पे? नेक्स्ट वाले जो भी मेरे
  4774. 2:59:56थर्ड पार्टी पेमेंट होगी। इस चीज के लिए
  4775. 2:59:58मेरे को एब्स्ट्रैक्शन करनी पड़ती है।
  4776. 3:00:00एब्स्ट्रैक्शन मतलब कि मैं डायरेक्ट
  4777. 3:00:02डिपेंडेंसी कभी नहीं बनाऊंगा। मैं
  4778. 3:00:04डिपेंडेंसी अपनी इनडायरेक्टली बनाऊंगा।
  4779. 3:00:06मतलब मैंने यहां पे पेमेंट गेटवे बना
  4780. 3:00:08दिया। अब पेमेंट गेटवे में कोई भी मैं
  4781. 3:00:10यूज़ कर सकता हूं। तो कभी भी मैं स्विच भी
  4782. 3:00:13कर सकता हूं। ये चीज कहीं ना कहीं मेरी
  4783. 3:00:15डिपेंडेंसी को कम कर देती है। और वही चीज
  4784. 3:00:17कह रहा है कि जो हाई लेवल मॉड्यूल है जो
  4785. 3:00:19मेरा बड़ा मॉड्यूल है कि मेरी ऑर्डर सर्विज
  4786. 3:00:21है पेमेंट सर्विस है वो डिपेंड इट शुड बी
  4787. 3:00:24डिपेंडेंट ऑन द एब्स्ट्रैक्शन नॉट कंक्रीट
  4788. 3:00:26इंप्लीमेंटेशन। कंक्रीट तभी होगा जब मैंने
  4789. 3:00:29फिक्स कर दिया रेजर पे। अब मैं शिफ्ट करने
  4790. 3:00:31के लिए मेरे को सारा चेंज करना पड़ेगा। ये
  4791. 3:00:33चीज नहीं होनी चाहिए। डिपेंडेंसी जितनी कम
  4792. 3:00:35होगी कपलिंग जितनी कम होगी उतनी बढ़िया
  4793. 3:00:38रहेगा।
  4794. 3:00:42जब भी हम सिस्टम डिजाइन की बात करते हैं
  4795. 3:00:44तो सिस्टम डिजाइन में सबसे ज्यादा पॉपुलर
  4796. 3:00:47क्वेश्चन आता है सिक्योरिटी से रिलेटेड कि
  4797. 3:00:50भैया पूरे सिस्टम को आप डिजाइन कर रहे हो
  4798. 3:00:52डेली बेसिस पे इतनी एप्लीकेशनेशंस को यूज़
  4799. 3:00:54कर रहे हो इतनी वेबसाइट्स को यूज़ करते हो
  4800. 3:00:56तो वो कैसे सिक्योरिटी को मैनेज करती हैं
  4801. 3:01:00सारी सिक्योरिटी के बारे में यहां पे बात
  4802. 3:01:02कर रहे हैं। तो आपको इंटरव्यू के अंदर
  4803. 3:01:04किसी पर्टिकुलर एप्लीकेशन का या लेट्स
  4804. 3:01:06सपोज iआरसीटीc का बोल दिया कि भैया इंडियन
  4805. 3:01:08रेल्वेज का सिस्टम है। अब मुझे उसको
  4806. 3:01:10डिजाइन करना है और मुझे उसको सिक्योर करना
  4807. 3:01:12है तो मुझे कितने तरीके से करना पड़ेगा।
  4808. 3:01:15कैसे-कैसे करेंगे? क्या-क्या टूल्स यूज
  4809. 3:01:17करेंगे? ये बहुत ज्यादा पॉपुलर है। तो
  4810. 3:01:19इसीलिए इसको लास्ट तक जरूर देखना। और मैं
  4811. 3:01:21आपको यहां पे सारे पॉइंट्स अच्छे से बताने
  4812. 3:01:23जा रहा हूं। तो सबसे पहले हमेशा जब
  4813. 3:01:25सिक्योरिटी की बात की जाती है कि भैया एक
  4814. 3:01:27सिस्टम डिज़ाइन करना है। सिस्टम में हमारे
  4815. 3:01:29पास होता क्या है? जनरली आपको पता है कि
  4816. 3:01:31ये है यूजर लेवल। मतलब हम लोग। ठीक है? अब
  4817. 3:01:34यूजर क्या करते हैं? सर्वर्स पे अपनी
  4818. 3:01:36रिक्वेस्ट भेजते हैं और सर्वर्स के बाद
  4819. 3:01:38हमारे पास यहां पे क्या होता है? डेटाबेस
  4820. 3:01:40लेयर होती है। तो ये जनरल सिस्टम हमेशा
  4821. 3:01:42थ्री टियर आर्किटेक्चर में इसको इस तरीके
  4822. 3:01:44से रखते हैं। तो भैया इस पूरे सिस्टम को
  4823. 3:01:46अगर सिक्योर करना है तो छह तरीके हैं
  4824. 3:01:48हमारे पास। छह लेयर्स हैं। सबसे पहली लेयर
  4825. 3:01:51है ऑथेंटिकेशन। दूसरी है ऑथराइजेशन। तीसरी
  4826. 3:01:54है एपीआई गेटवे सिक्योरिटी। चौथी है डेटा
  4827. 3:01:57सिक्योरिटी। पांचवी है इंफ्रास्ट्रक्चर और
  4828. 3:01:59छहवी है आपकी मॉनिटरिंग। तो सबसे पहले अगर
  4829. 3:02:02मैं बात करूं ऑथेंटिकेशन की यूजर कोई भी
  4830. 3:02:04एप्लीकेशन ओपन करता है कोई भी वेबसाइट ओपन
  4831. 3:02:07करता है तो सबसे पहले साइन अप साइन इन
  4832. 3:02:10वाला लॉग इन वाला जो पेज है वही एक्चुअल
  4833. 3:02:12में क्या है ऑथेंटिकेशन कि भैया आपको ये
  4834. 3:02:15बताना है कि आप कौन हो हु आर यू उसके बाद
  4835. 3:02:18ऑथराइजेशन ऑथराइजेशन में आपके पास क्या
  4836. 3:02:21प्रिविलेजेस दे रहे हैं हम लोग क्या आपका
  4837. 3:02:24रोल है और उस रोल के हिसाब से या क्या
  4838. 3:02:27एट्रिब्यूट्स आपको हम लोग प्रोवाइड कर रहे
  4839. 3:02:29हैं या कंपनी वाले क्या आपको अलाउ कर रहे
  4840. 3:02:31हैं? दैट इज़ व्हाट एक्चुअली ऑथराइजेशन।
  4841. 3:02:34फिर एपीआई गेटवेज़। अब एपीआई गेटवेज़ में
  4842. 3:02:36कांसेप्ट क्या आता है? कि भ यूजर जो है वो
  4843. 3:02:38सर्वर पे ऑब्वियसली अपना पासवर्ड, यूजरनेम
  4844. 3:02:41सब बढ़िया तरीके से डाल दिया। तो ऐसा नहीं
  4845. 3:02:43है कि सर्वर सीधा पास कर देगा कि ये ले
  4846. 3:02:46भैया ये तेरा डेटा है इसको यूज़ कर ले।
  4847. 3:02:48नहीं हम लोग यहां पे भी एक और लेयर
  4848. 3:02:50एक्स्ट्रा रखेंगे एपीआई गेटवेज जो क्या
  4849. 3:02:53करेंगे? जो भी रिक्वेस्ट आ रही है पहले
  4850. 3:02:55उसको अच्छे से चेक करने का। जब चेक हो गया
  4851. 3:02:58उसके बाद हम लोग एक्चुअल में उसको प्रोसेस
  4852. 3:03:00करेंगे। ऐसा ना हो वो हमारे सिस्टम में
  4853. 3:03:02बढ़िया से लेजिटमेट बंदा बनके घुस जाए और
  4854. 3:03:05बाद में पता लगे कि उसने किसी और का
  4855. 3:03:08क्रेडेंशियल यूज़ किया था तो गड़बड़ हो
  4856. 3:03:10जाएगी। देन डेटा सिक्योरिटी। अब आपका डेटा
  4857. 3:03:12जो है ऐसे तो एज़ इट इज़ नहीं रख सकते।
  4858. 3:03:14प्लेन टेक्स्ट की फॉर्म में रखेंगे तो कोई
  4859. 3:03:16भी हैक कर सकता है किसी भी तरीके से। तो
  4860. 3:03:19हमें उसको सिक्योर तरीके से रखना है साइफर
  4861. 3:03:22टेक्स्ट की टेक्निक से जैसे हम लोग एईएस
  4862. 3:03:24डीईएस मल्टीपल एल्गोरिदम्स को यूज़ करते
  4863. 3:03:26हैं ताकि हम उसको सिक्योर तरीके से
  4864. 3:03:28एंक्रिप्टेड फॉर्म में रख सकें।
  4865. 3:03:30इंफ्रास्ट्रक्चर एंड नेटवर्क सिक्योरिटी।
  4866. 3:03:32अब किसी भी कंपनी के लिए ये जो पूरा
  4867. 3:03:34इंफ्रास्ट्रक्चर है इसको सिक्योर रखना
  4868. 3:03:37बहुत ही जरूरी है। और उस इंफ्रास्ट्रक्चर
  4869. 3:03:39को सिक्योर कैसे करते हैं? ये भैया आपसे
  4870. 3:03:42पूछा जा सकता है। और फिर फाइनली मॉनिटरिंग
  4871. 3:03:44एंड फ्रॉड डिटेक्शन। मतलब आपको ऐसा तो है
  4872. 3:03:47नहीं कि भ सिस्टम चल रहा है, स्मूथ चल रहा
  4873. 3:03:49है तो चलता ही रहेगा। आने वाले टाइम में
  4874. 3:03:52दिक्कत कभी भी आ सकती है। तो हमें प्रॉपर
  4875. 3:03:54मॉनिटरिंग जो है वो करनी बहुत जरूरी है
  4876. 3:03:56ताकि इन केस हम फ्यूचर में जो आज का
  4877. 3:03:59ट्रेंड चल रहा है कुछ अनयुअल चीज मैंने
  4878. 3:04:01देखी तो मैं उस चीज को अभी रोक पाऊं रादर
  4879. 3:04:03देन कि मेरा जब अटैक हो जाए उसके बाद। अब
  4880. 3:04:06यहां पे मेन कहानी मैंने आपको बता दी है।
  4881. 3:04:08ऑथेंटिकेशन जो है वो आपको पता लग गया।
  4882. 3:04:10आपको अपना पासवर्ड अपना ओटीपी वेरिफिकेशन
  4883. 3:04:13ये सारे जो मल्टीफैक्टर ऑथेंटिकेशन ओथ ये
  4884. 3:04:16कई बार पूछ लेते हैं। ओथ एक्चुअल में क्या
  4885. 3:04:18है? जैसे आप कोई भी वेबसाइट या कोई भी
  4886. 3:04:20एप्लीकेशन ओपन करते हो तो कई बार आपको
  4887. 3:04:22डायरेक्ट साइन अप में सारी इनेशन भरने की
  4888. 3:04:25जरूरत नहीं है। आप सीधा Google के थ्रू जो
  4889. 3:04:26है वो लॉगिन कर लेते हो या Apple आईडी के
  4890. 3:04:29थ्रू लॉगिन कर लेते हो। वो क्या है? ऑथ है
  4891. 3:04:31कि भैया आप किसी और क्रेडेंशियल जो ऑलरेडी
  4892. 3:04:34एक ऑथराइज्ड बंदा है उसने आपकी गवाही दे
  4893. 3:04:37दी है कि भैया यह बंदा सही है क्योंकि
  4894. 3:04:39आपकी गवाही जो है वो किसी बड़े अच्छे बंदे
  4895. 3:04:42ने दी है तो वही Google आपकी गवाही दे रहा
  4896. 3:04:44है यहां पे तो वो एक्चुअल में क्या आ जाए
  4897. 3:04:46ओथ देन JWT टोकंस जो आपके JW टोकंस है ये
  4898. 3:04:50बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है Jसon
  4899. 3:04:52वेब टोकंस सबसे ज्यादा पूछा जाता है सारी
  4900. 3:04:54इनेशन इसके अंदर जब आपने पासवर्ड्स वगैरह
  4901. 3:04:57सारे आपके चेक हो गए उसके बाद सारी इनेशन
  4902. 3:04:59इसके अंदर टोकंस के अंदर सेव रहती है और
  4903. 3:05:01ताकि वो सेशंस को प्रॉपर्ली मैनेज किया जा
  4904. 3:05:04सके। इसके अलावा हम लोग पासवर्ड लेस
  4905. 3:05:06ऑथेंटिकेशन भी कर सकते हैं बायोमेट्रिक्स
  4906. 3:05:08के थ्रू, पास कीज़ के थ्रू और इसके लिए यूज़
  4907. 3:05:11किया जाता है वेब ऑथन। तो ये एक्चुअल में
  4908. 3:05:13क्या है? कुछ नेम्स आपको इसलिए बता रहा
  4909. 3:05:15हूं कि जब कंपनीज़ वाले इस क्वेश्चन को
  4910. 3:05:18पूछते हैं इंटरव्यूज में या लेट्स सपोज
  4911. 3:05:20कॉलेज यूनिवर्सिटी वाले भी पूछते हैं तो
  4912. 3:05:21आप अगर इन वैल्यूज़ को लिखोगे ना तो बहुत
  4913. 3:05:24ज्यादा हेल्प हो जाती है। पासवर्ड्स भी आप
  4914. 3:05:26डायरेक्ट नहीं स्टोर करते। पासवर्ड्स को
  4915. 3:05:27भी प्रॉपर जो है वो एंक्रिप्टेड फॉर्म में
  4916. 3:05:29हैशिंग के थ्रू जो है वो स्टोर करते हो
  4917. 3:05:31ताकि हर बार हैश वैल्यू चेक होती है। फिर
  4918. 3:05:33उसके बाद जो है वो अगर हैश वैल्यू मैच
  4919. 3:05:35करेगी देन ओनली पासवर्ड जो है वो यूज़ होते
  4920. 3:05:38हैं। देन ऑथोराइजेशन में आ जाता है कि
  4921. 3:05:40भैया क्या आपका रोल है उस रोल के हिसाब से
  4922. 3:05:43आप एडमिन लेवल पे हो। आप कस्टमर लेवल पे
  4923. 3:05:45हो। जैसे ऑब्वियसली Uber का एग्जांपल ले
  4924. 3:05:47लो। आप एडमिन लेवल पे हो, कस्टमर हो,
  4925. 3:05:49ड्राइवर हो, एंप्लई हो। तो बेस्ड ऑन योर
  4926. 3:05:52रोल आपको जो है वो परमिशंस प्रोवाइड की
  4927. 3:05:54जाती है। ये बहुत इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है।
  4928. 3:05:56ऐसा ना हो कि एडमिन को भी प्रिविलेज दे
  4929. 3:05:58दी। ड्राइवर को भी वही प्रिविलेज दे दी।
  4930. 3:06:00तो भैया फिर ड्राइवर अपने हिसाब से चीजें
  4931. 3:06:02जो है वो फेयर हो सकता है कि 200 की जगह
  4932. 3:06:04₹2000 ₹00 ले ले। तो कुछ भी गड़बड़ हो
  4933. 3:06:07सकती है। तो एक्सेस जो है वो सिस्टम का जो
  4934. 3:06:09भी हमारे मल्टीपल चीजें हैं उनको एक्सेस
  4935. 3:06:11भी प्रॉपर तरीके से मेरे को देना पड़ेगा।
  4936. 3:06:13ये चीजें मैं आपको देखो मैं स्पून फीडिंग
  4937. 3:06:16नहीं करना चाहता कि ये लो जी ये याद रखो
  4938. 3:06:18ये रट्टा मारो। नहीं ये चीज आपको खुद से
  4939. 3:06:22ब्रेन स्टर्म करना है। खुद से निकालना है
  4940. 3:06:24कि भैया अगर मैं वर्चुअल कांसेप्ट ऐसा बना
  4941. 3:06:26रहा हूं इंटरव्यू के अंदर मैं बैठा हूं और
  4942. 3:06:29आपको किसी कंपनी का जैसे आईआरसीटीसी का भी
  4943. 3:06:31दे दिया तो आप क्या-क्या चीजें जो है वो
  4944. 3:06:33अप्लाई कर सकते हो। ये चीज आपको मैं एक
  4945. 3:06:36जनरल कांसेप्ट बता रहा हूं। लेकिन आपको
  4946. 3:06:38थोड़ा सा इसको डिटेल में पढ़ना है। इसीलिए
  4947. 3:06:41पढ़ना है क्योंकि अगर इन केस कहीं पे भी
  4948. 3:06:42पूछ लिया तो आप बेस्ट तरीके से आंसर दे
  4949. 3:06:44सको। अब एपीआई सिक्योरिटी कोई भी आपकी
  4950. 3:06:47इनकमिंग रिक्वेस्ट आ रही है सर्वर के पास
  4951. 3:06:49तो बैक एंड उसको पहले क्या करता है चेक
  4952. 3:06:51करता है अच्छे से भैया एपीआई गेटवे टोकन
  4953. 3:06:53वैलिडेशंस रेट लिमिट ऐसा ना हो बहुत सारी
  4954. 3:06:56रिक्वेस्ट आ रही है तो आपका सिस्टम रुक
  4955. 3:06:57जाए जितनी भी सारी चीजें आ रही है डीओएस
  4956. 3:06:59अटैक डीडीओएस अटैक सारी चीजें यहां पे और
  4957. 3:07:01इसमें टूल्स आपके इंजनिक्स हो गया ठीक है
  4958. 3:07:03कंग गेटवे हो गया क्लाउड फेयर हो गया तो
  4959. 3:07:05ये मल्टीपल चीजें आपकी यूज़ की जाती है
  4960. 3:07:07टेक्नोलॉजीस टूल्स ताकि हम लोग जो है वो
  4961. 3:07:10सर्वर के ऊपर इन चीजों को लगा के रोक सके
  4962. 3:07:12ऐसा ना हो कि वो बाईपास करके निकल जाए
  4963. 3:07:15सीधा डेटाबेस तक पहुंच जाए। वेरी डेंजरस
  4964. 3:07:17सिचुएशन देन डेटा सिक्योरिटी जैसा मैंने
  4965. 3:07:19पहले बताया कि डेटा जो है वो अगर आप प्लेन
  4966. 3:07:21टेक्स्ट में रखोगे जितना मर्जी कोशिश कर
  4967. 3:07:24लो उसको सिक्योर करने की कभी ना कभी कोई
  4968. 3:07:26ना कोई बंदा जो है वो हैक करने की कोशिश
  4969. 3:07:28करेगा। अब देखो दो बंदों में अगर कंपटीशन
  4970. 3:07:30है एग्जांपल के तौर पे Zomato swiggi अब
  4971. 3:07:32ऑब्वियसली ठीक है। दोनों बढ़िया तरीके से
  4972. 3:07:35चल रहे हैं। लेकिन कहीं ना कहीं एक दूसरे
  4973. 3:07:37की कमजोरियों का फायदा कोई भी उठा सकता
  4974. 3:07:40है। डेटा को लीकेज करवा सकता है। मैं नहीं
  4975. 3:07:42कह रहा कि करवाते होंगे। बट मैं ये बोल
  4976. 3:07:44रहा हूं कि हो तो सकता ही है ना कंपटीशन
  4977. 3:07:46है तो भैया एक दूसरे को नीचे भी किया जा
  4978. 3:07:49सकता है तो इसीलिए हमें डेटा को भी
  4979. 3:07:51पासवर्ड्स को सारे डेटा को यूज़र्स के डेटा
  4980. 3:07:53को सब प्रॉपर तरीके से बैकअप का भी सारी
  4981. 3:07:56चीजों को इंक्रिप्शन फॉर्म में रखना पड़ता
  4982. 3:07:58है जैसे आर्गन टू है या फिर एडवांस
  4983. 3:08:00इंक्रिप्शन स्टैंडर्ड जो एईएस एल्गोरिदम
  4984. 3:08:02है आरएससी एल्गोरििदम मल्टीपल एल्गोरिदम्स
  4985. 3:08:04जो है वो सिक्योरिटी के यूज़ करते हैं ताकि
  4986. 3:08:06इंक्रिप्ट करके रख सकें। देन
  4987. 3:08:08इंफ्रास्ट्रक्चर जो है हमारा जो नेटवर्क
  4988. 3:08:10है उसको कैसे तो फायर वाल्स है वीपीसी
  4989. 3:08:13कनेक्शंस हो गए ठीक है एचटीटीपी जो आपकी
  4990. 3:08:15ट्रांसपोर्ट लेट सिक्योरिटी मल्टीपल
  4991. 3:08:17प्रोटोकॉल्स को यूज़ किया जाता है ताकि
  4992. 3:08:19आपका जो है वो डेटा जब ट्रांजिट में है जब
  4993. 3:08:22मूव कर रहा है तब भी सिक्योर रहे आपकी जो
  4994. 3:08:24रिक्वेस्ट आ रही है जो रिसोंड जा रहे हैं
  4995. 3:08:26वो भी सिक्योर रहे जब डेटा रेस्ट में पड़ा
  4996. 3:08:28है तब भी वो सिक्योर रहे तो इसके लिए सारी
  4997. 3:08:30चीजों को बहुत तरीके से मैनेज करना पड़ता
  4998. 3:08:32है और ऐसे ही मॉनिटरिंग वाला कि भैया कोई
  4999. 3:08:34भी एनॉर्मली नॉर्मल सर्विस चल रही है जैसे
  5000. 3:08:37आपने बहुत सारी सारी मूवीस में भी देखा ही
  5001. 3:08:38होगा यार एयरपोर्ट के ऊपर या फिर रेलवे
  5002. 3:08:40स्टेशनंस के ऊपर जो कैमरा वगैरह सब लगे
  5003. 3:08:42होते हैं तो उनके थ्रू ठीक है स्मूथ चल
  5004. 3:08:45रही है सारी चीजें लेकिन हमेशा स्मूथ
  5005. 3:08:47थोड़ी ना चल सकती है यार कभी ना कभी कोई
  5006. 3:08:49ना कोई अटैक आपने देखा ही है होते रहते
  5007. 3:08:51हैं तो उस चीज को हम लोग बचा सकें पहले से
  5008. 3:08:54ही कोई अनयुअल एक्टिविटी को फाइंड आउट कर
  5009. 3:08:56सकें भैया उस चीज के लिए हमें प्रॉपर
  5010. 3:08:59मॉनिटरिंग और फ्रॉड डिटेक्शन को करना बहुत
  5011. 3:09:01जरूरी है और ये भी बहुत इंपॉर्टेंट
  5012. 3:09:03कांसेप्ट है ताकि आने वाले चीज को हम लोग
  5013. 3:09:06पहले से ही प्रिवेंटिव कर सके, प्रिवेंट
  5014. 3:09:09कर सके उस चीज को। यह बड़े इंपॉर्टेंट
  5015. 3:09:11कांसेप्ट है। जे डब्ल्यू टी दैट इज़ jसon
  5016. 3:09:14वेब टोकन जिसको प्रोनाउंस किया जाता है
  5017. 3:09:17जट। और ये एक्चुअल में बहुत ज्यादा
  5018. 3:09:19इंपॉर्टेंट है इंटरव्यूज के पॉइंट ऑफ़ व्यू
  5019. 3:09:21से। तो मैं आपको ना पूरा विद एग्जांपल
  5020. 3:09:23एक्सप्लेन कर रहा हूं विद रियल लाइफ
  5021. 3:09:25एग्जांपल कि भैया कैसे ये वर्क करता है?
  5022. 3:09:27क्या इसका स्ट्रक्चर होता है। तो सबसे
  5023. 3:09:29पहले इसकी डेफिनेशन देख लो। दैट इज़ JWT
  5024. 3:09:31JSON वेब टोकन। इट इज अ कॉम्पैक्ट टोकन
  5025. 3:09:35दैट कैरीज़ क्लेम। दैट इज वेरीेंट वर्ड
  5026. 3:09:38क्लेम अबाउट अ यूजर एंड इज साइन बाय द
  5027. 3:09:41सर्वर। सिंपल सा मतलब है कि भैया हम लोग
  5028. 3:09:44क्या है? क्लाइंट हैं। हम लोगों ने सर्वर
  5029. 3:09:46से कोई ना कोई डेटा एक्सेस करना होता है।
  5030. 3:09:48कोई ना कोई रिसोर्सेज को एक्सेस करना होता
  5031. 3:09:50है। तो हम क्या करते हैं? रिक्वेस्ट भेजते
  5032. 3:09:52हैं। सर्वर बोलता है कि ऐसे कैसे भाई कौन
  5033. 3:09:54है? तू सबसे पहले अपने आप को ऑथेंटिकेट
  5034. 3:09:56कर। अपना यूजरनेम पासवर्ड डाल। तो मैंने
  5035. 3:09:59अपना यूजरनेम पासवर्ड डाला और रिक्वेस्ट
  5036. 3:10:01उसके पास गई। उसने मुझे कुछ रिस्पांस देना
  5037. 3:10:03है। अब मैंने लेट्स सपोज पेमेंट सर्विस
  5038. 3:10:06करनी है। मुझे कार्ड सर्विस को यूज़ करना
  5039. 3:10:08है। मुझे मल्टीपल माइक्रो सर्विज को यूज़
  5040. 3:10:10करना है। तो हर बार हर रिसोर्स के लिए
  5041. 3:10:13मुझे बार-बार यूजरनेम पासवर्ड डालना
  5042. 3:10:15पड़ेगा। नहीं। इसीलिए यहां पे यूज़ होता है
  5043. 3:10:18स्पेशली जे डब्ल्यूटी का कांसेप्ट। तो ये
  5044. 3:10:21क्या करता है? जब पहली बार आपने यूजरनेम
  5045. 3:10:23पासवर्ड इसको दे दिया तो इसने बदले में
  5046. 3:10:25आपको क्या दे दिया? जे डब्ल्यू टी दे
  5047. 3:10:28दिया। दैट इज अ टोकन कि भैया आप नेक्स्ट
  5048. 3:10:30टाइम से क्लेम कर सको कि मैं वही हूं
  5049. 3:10:33जिसको तूने ऑथेंटिकेट किया था अभी और जब
  5050. 3:10:36भी आपकी रिक्वेस्ट जाएगी तो साथ में
  5051. 3:10:38जेडब्ल्यूटी हर बार जाएगा ताकि यूजरनेम
  5052. 3:10:41पासवर्ड आपको बार-बार ना भेजना पड़े। दिस
  5053. 3:10:44इज ऑल अबाउट द जेडब्ल्यूटी। यहां पे आप
  5054. 3:10:47रियल लाइफ एग्जांपल एक्सप्लेन कर सकते हो।
  5055. 3:10:49इसका कौन सा? बोर्डिंग पास। जब भी हम
  5056. 3:10:52एयरपोर्ट पे अगर लेट्स सपोज एयरपोर्ट का
  5057. 3:10:54एग्जांपल ले लो। एयरपोर्ट पे अगर आप गए हो
  5058. 3:10:56या अगर नहीं गए तो आई विश कि आप बहुत
  5059. 3:10:58जल्दी कुछ ऐसा करो आपकी लाइफ में कुछ ऐसा
  5060. 3:11:00आए कि भैया आप जाओ तो अगर आप वहां पे
  5061. 3:11:02जाओगे तो जैसे ही चेक इन काउंटर पे जाते
  5062. 3:11:04हैं ना तो वो आपकी टिकट्स वगैरह आपका आधार
  5063. 3:11:08कार्ड आपका सारा इनेशन उसने चेक कर लिया
  5064. 3:11:10सारा कुछ चेक करने के बाद उसने क्या दे
  5065. 3:11:12दिया बोर्डिंग पास दे दिया अब इस बोर्डिंग
  5066. 3:11:14पास पे आपका नेम होता है कहां से कहां जा
  5067. 3:11:17रहे हो एक्सपायरी सारी चीजें आपको जो है
  5068. 3:11:19वो यहां पे लिख के दे देगा अब आपने लॉन्च
  5069. 3:11:21में जाना है तो आप इसको दिखा दो
  5070. 3:11:23सिक्योरिटी चेक में जाना है। आप इसको दिखा
  5071. 3:11:26दो। मतलब उसके अंदर कोई भी सर्विज आपने
  5072. 3:11:28यूज़ करनी है तो आपका यही कार्ड हमेशा यूज़
  5073. 3:11:31होगा। हर बार आपको आधार कार्ड, पासपोर्ट
  5074. 3:11:34ये सब कुछ दिखाने की जरूरत नहीं है। तो ये
  5075. 3:11:36एक्चुअल में कांसेप्ट किसका? जे डब्ल्यू
  5076. 3:11:38टी का। तो यहां पे अगर आपसे पूछ ले कि
  5077. 3:11:41इसके अंदर होता क्या है? इस पूरे टोकन में
  5078. 3:11:44एक्चुअल में होता क्या है? तो याद रखना इस
  5079. 3:11:46टोकन में तीन चीजें होती हैं। सबसे पहले
  5080. 3:11:48होता है आपका हेडर। हेडर के अंदर दो
  5081. 3:11:50इंपॉर्टेंट चीजें हैं। सबसे पहले टाइप
  5082. 3:11:52क्या है इसका? जे डब्ल्यूटी और एल्गोरिदम
  5083. 3:11:55कौन सा यूज़ किया हुआ है? जैसे इंक्रिप्शन
  5084. 3:11:57के लिए हम लोग एल्गोरिदम यूज़ करते हैं
  5085. 3:11:59सिमिट्री की, एसिमिट्रिकी तो वो एल्गोरिदम
  5086. 3:12:01का टाइप यहां पे मेंशन होता है। फिर
  5087. 3:12:03पेलोड्स दिस इज़ द मोस्टेंट पार्ट। जब आपने
  5088. 3:12:06अपना यूजरनेम पासवर्ड दिया आपको ऑथेंटिकेट
  5089. 3:12:08कर दिया। अब उसके बाद आपको उसने क्या दे
  5090. 3:12:11दिया कि अच्छा ये यूजर आईडी है। ये इस
  5091. 3:12:13बंदे का रोल है। ये इसका एक्सपायरी डेट
  5092. 3:12:16है। मतलब इस टोकन का एक्सपायरी टाइम ये
  5093. 3:12:18है। तो मतलब मल्टीपल चीजें यहां पे मेंशन
  5094. 3:12:20कर दी इस पे लोड में ताकि आपको ऑथेंटिकेट
  5095. 3:12:24कर देगा। अब ये दो चीजों के बेसिस पे
  5096. 3:12:27तीसरी चीज बनती है दैट इज सिग्नेचर। अब
  5097. 3:12:29देखो बोर्डिंग पास आपको मिल गया और आपने
  5098. 3:12:32टिकट पता है कौन सी करवा रखी थी? आपने
  5099. 3:12:34टिकट करवा रखी थी इकोनमी क्लास की। लेकिन
  5100. 3:12:37आपने इकॉनमी लेट्स सपोज यहां पे इकॉनमी
  5101. 3:12:39लिखा आपने इकॉनमी को चेंज करके बिजनेस कर
  5102. 3:12:42दिया ऐसे पागल नहीं बना सकते उन्होंने
  5103. 3:12:45स्टैंप वगैरह लगाई होती है उन्होंने सारी
  5104. 3:12:47इनेशन को स्टोर किया होता है तो वो जो
  5105. 3:12:49स्टैंप है ना वो जो सिग्नेचर है वो
  5106. 3:12:52एक्चुअल में क्या है आपका ये वाला पार्ट
  5107. 3:12:54है कि जो आपका हेडर और पेलोड इन दोनों को
  5108. 3:12:58मिला के आपका एक सिग्नेचर बनता है एक
  5109. 3:13:00यूनिक की बनती है एक हैश की बनती है और वो
  5110. 3:13:03की अगर आप इसके अंदर कुछ भी चेंज करोगे
  5111. 3:13:06अगर अगर हैकर या अटैकर कुछ भी चेंज करने
  5112. 3:13:08की कोशिश करेगा तो ये पूरी वैल्यू चेंज हो
  5113. 3:13:10जाती है और इसी वैल्यू के दम पे ही हमेशा
  5114. 3:13:13ये सीक्रेट की हमेशा जो है वो शेयर होती
  5115. 3:13:15है। तो ये पॉइंट हमेशा याद रखना यही है
  5116. 3:13:18एक्चुअल में कांसेप्ट किसका? जे डब्ल्यूटी
  5117. 3:13:20का। तो ये पूरी कहानी हमेशा याद रखना। अब
  5118. 3:13:23यहां पे अगर आपसे पूछ लें कि भैया इसके
  5119. 3:13:25अंदर एडवांटेजेस क्या है? देखो एपीआईस में
  5120. 3:13:28डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम में जहां पे आप
  5121. 3:13:30देखो ना यार जहां पे आपकी रिक्वेस्ट
  5122. 3:13:32मल्टीपल सर्वर पे जा सकती है उन सब जगह पे
  5123. 3:13:35आपका जो है वो जेडब्ल्यूटी बहुत बढ़िया
  5124. 3:13:37है। अब यहां पे कांसेप्ट आता है सेशन का
  5125. 3:13:40कि सर सेशन आईडी भी तो यही होती है कि
  5126. 3:13:42हमने जो है वो क्लाइंट ने सर्वर को
  5127. 3:13:44रिक्वेस्ट भेजी। सर्वर ने बोल दिया कि यस
  5128. 3:13:47योर सेशन आईडी इज 1 2 3 लेकिन पंगा पता है
  5129. 3:13:50क्या है? एक सर्वर ने बोल दिया कि तेरी
  5130. 3:13:52सेशन आईडी है 1 2 3 अब लेट्स सपोज लोड
  5131. 3:13:55बैलेंसर ने नेक्स्ट टाइम आपकी रिक्वेस्ट
  5132. 3:13:57किसी और सर्वर पे डाल दी क्योंकि
  5133. 3:13:59डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम में तो बहुत सारे
  5134. 3:14:00सर्वर है तो दूसरा सर्वर बोलेगा क्या है
  5135. 3:14:03ये 1 2 3 कौन है भाई तू तो इसीलिए जे
  5136. 3:14:05डब्ल्यूटी में सारी इनेशन होती है अकेला
  5137. 3:14:08आईडी नहीं है रोल एक्सपायरी डेट ये सारी
  5138. 3:14:11चीजें मेंशन होती है जिसकी वजह से आपकी
  5139. 3:14:14रिक्वेस्ट किसी भी उस सर्वर पे जाएगी उस
  5140. 3:14:16रिलेटेड एप्लीकेशन के तो वो पहचानी जाएगी
  5141. 3:14:19तो ये पॉइंट हमेशा याद रखना इसी इसीलिए ये
  5142. 3:14:21एक तरह से क्लेम करता है कि भैया मैं वही
  5143. 3:14:23बंदा हूं ताकि आप मेरे को हमेशा जो है वो
  5144. 3:14:26यूजरनेम पासवर्ड ना भरना पड़े। बट इसके
  5145. 3:14:28अंदर एक बड़ी प्रॉब्लम ये आ सकती है कि
  5146. 3:14:30लेट्स सपोज आपको मैंने जे डब्ल्यूटी टोकन
  5147. 3:14:32दे दिया और उसकी वैलिडिटी लेट्स सपोज वन
  5148. 3:14:35आवर की है। मतलब एक आवर तक वो आपका टोकन
  5149. 3:14:37वैलिड है। आपने 5 मिनट यूज़ की एप्लीकेशन
  5150. 3:14:41और आप लॉगउ करके चले गए। लेकिन ये
  5151. 3:14:44ऑटोमेटिकली खत्म नहीं होगा। ये वन ऑवर तक
  5152. 3:14:47एक्टिव रहेगा। तो यहां पे प्रॉब्लम आ सकती
  5153. 3:14:50है कि भैया कोई अटैकर कोई हैकर अगर इसको
  5154. 3:14:52ले ले और उसमें कुछ चेंजेस करके कोशिश करे
  5155. 3:14:55क्योंकि ये वाला बंदा तो भैया एक आवर तक
  5156. 3:14:58एक्टिव रहेगा। चाहे आपने 5 मिनट यूज़ करके
  5157. 3:15:00लॉग आउट कर दिया या फिर लेट्स सपोज आपका
  5158. 3:15:03रोल जो था वो एडमिन था। आपके रोल को एडमिन
  5159. 3:15:06से चेंज करके नॉर्मल यूजर में कर दिया।
  5160. 3:15:09लेकिन यहां पे अभी वही वाला एक्टिव रहेगा
  5161. 3:15:12जब तक ये टोकन चल रहा है। तो ये पॉइंट
  5162. 3:15:15छोटे-छोटे आपको इंटरव्यूज में पूछे जा
  5163. 3:15:17सकते हैं। तो जहां पे भी पूछे आप ये सारी
  5164. 3:15:20कहानी चिपका देना भैया मैक्सिमम आपको जो
  5165. 3:15:23है वो बेनिफिट मिल जाएगा। जब भी हम सिस्टम
  5166. 3:15:25डिज़ाइन की बात करते हैं और उसके अंदर जब
  5167. 3:15:27हम सिक्योरिटी की बात करते हैं कि किस
  5168. 3:15:29तरीके से क्लाइंट और सर्वर को हम
  5169. 3:15:31सिक्योरली कनेक्ट कर सकते हैं तो उसके
  5170. 3:15:34अंदर बहुत सारी टर्म्स यूज़ होती हैं। और
  5171. 3:15:36यहां पे मैं आज की इस वीडियो में आपको
  5172. 3:15:38बताने जा रहा हूं कि भैया ये जो सेशंस का
  5173. 3:15:40कांसेप्ट है या फिर जे डब्ल्यूटी का
  5174. 3:15:43कांसेप्ट है या फिर ओथ का कांसेप्ट है,
  5175. 3:15:46एसएसओ का कांसेप्ट है ये आपस में कैसे
  5176. 3:15:49अलग-अलग है। किसका क्या यूज़ केस है ये
  5177. 3:15:52आपको पता लगेगा। तो सबसे पहले आपको बता
  5178. 3:15:54रहा हूं यहां पे सेशंस का कांसेप्ट। यार
  5179. 3:15:56एक छोटी सी बात है। मैं हमेशा कहना भूल
  5180. 3:15:58जाता हूं कि अगर वीडियो पसंद आ रही है तो
  5181. 3:16:00प्लीज लाइक कर देना, चैनल को सब्सक्राइब
  5182. 3:16:02कर देना। अगर अभी तक आपने नहीं किया और
  5183. 3:16:03अगर कर भी दिया तो ऑट डिवाइसेस से
  5184. 3:16:05सब्सक्राइब करवा सकते हो, शेयर कर सकते
  5185. 3:16:06हो। सब्सक्राइबर्स बहुत जरूरी है। तो होता
  5186. 3:16:09क्या है कि जब क्लाइंट सर्वर को रिक्वेस्ट
  5187. 3:16:12भेजता है तो सर्वर बोलता है कि ठीक है
  5188. 3:16:14भैया पहले अपने आप को बता तू है कौन? तो
  5189. 3:16:17अपने आप को ऑथेंटिकेट कर। तो क्लाइंट
  5190. 3:16:19बोलेगा ये ले मेरा यूजरनेम, यह ले मेरा
  5191. 3:16:21पासवर्ड। और जब ये चेक करेगा सर्वर कि
  5192. 3:16:24भैया ठीक है ये मैच कर रहा है तो फिर उसको
  5193. 3:16:26क्या देगा एक सेशन आईडी दे देगा तो सेशन
  5194. 3:16:29आईडी में क्या होता है एक नंबर हमने उसको
  5195. 3:16:31असाइन कर दिया और उस नंबर से जब भी तूने
  5196. 3:16:34कनेक्ट करना है मेरे को मतलब उसके बाद
  5197. 3:16:37तूने कोई और सर्विस कोई और रिसोर्स चाहिए
  5198. 3:16:39कोई भी रिसोर्स चाहिए तो हर बार यूजरनेम
  5199. 3:16:41पासवर्ड की जरूरत नहीं है तू बस उस सेशन
  5200. 3:16:43आईडी को साथ में भेज दिया कर मतलब ये
  5201. 3:16:45कुकीज़ जो है वो कुकीज़ के अंदर स्टोर हो
  5202. 3:16:47जाता है और कुकीज़ के साथ हमेशा जो है वो
  5203. 3:16:50जब भी हम रिक्वेस्ट भेजते हैं तबतब वो वो
  5204. 3:16:52सेशन आईडी जाती रहती है ताकि सर्वर को पता
  5205. 3:16:54लग जाए कि ठीक है ये बंदा है ये बंदा है।
  5206. 3:16:56ठीक है? तो ये सिंपल सा कांसेप्ट है।
  5207. 3:16:58लेकिन यहां पे कांसेप्ट क्या कहता है कि
  5208. 3:17:00हमारे जो सेशन में सिर्फ एक सेशन का नंबर
  5209. 3:17:03होता है कि भैया ये मेरा सेशन की आईडी है
  5210. 3:17:06और साथ में मैंने उसको कब इशू किया है।
  5211. 3:17:08लेकिन यहां पे दिक्कत क्या आ सकती है कि
  5212. 3:17:10लेट्स सपोज मैं यहां पे एपीआई या फिर ऐसे
  5213. 3:17:13कह लो कि बहुत सारे मेरे अलग-अलग सर्वर्स
  5214. 3:17:16काम कर रहे हैं। और डिस्ट्रीब्यूटेड वे
  5215. 3:17:18में कई बार क्या होता है जो हमारा लोड
  5216. 3:17:20बैलेंसर होता है हमारी जो रिक्वेस्ट है वो
  5217. 3:17:22मैंने पहले सर्वर वन को दी थी। जब नेक्स्ट
  5218. 3:17:25टाइम लोड बहुत ज्यादा आ गया तो मेरी
  5219. 3:17:27रिक्वेस्ट जो है वो सर्वर टू के पास चली
  5220. 3:17:29गई। अब भैया सर्वर वन को पता है कि तू कौन
  5221. 3:17:32है क्योंकि उसने एक आईडी दी है उसको।
  5222. 3:17:34लेकिन जब रिक्वेस्ट गई लोड बैलेंसर के पास
  5223. 3:17:36इसने उस रिक्वेस्ट को सर्वर टू के पास भेज
  5224. 3:17:39दिया। अब क्लाइंट को थोड़ी ना पता है कि
  5225. 3:17:40मेरी रिक्वेस्ट किस सर्वर पे जा रही है।
  5226. 3:17:42लेकिन सर्वर टू कहता है भाई तू कौन है?
  5227. 3:17:45मैं तो तेरे को जानता ही नहीं। अब फिर से
  5228. 3:17:46क्लाइंट के लिए दिक्कत आ गई। क्यों आ गई?
  5229. 3:17:48क्योंकि यहां पे सबने लोकली अपनी एक जो है
  5230. 3:17:51वो सेशन आईडी मेंटेन कर रखी है। लेकिन
  5231. 3:17:53दूसरे बंदे को नहीं पता। ये आप ऐसे समझ लो
  5232. 3:17:56क्लॉक रूम का कांसेप्ट है। आप क्लॉक रूम
  5233. 3:17:59में जाके कोई सामान जमा करवाते हो तो आपने
  5234. 3:18:01सामान जमा करवा दिया और आपको एक नंबर मिल
  5235. 3:18:03गया और उस नंबर के बेसिस पे आप कभी भी
  5236. 3:18:06वापस जाके उस नंबर को दोगे और वो नंबर से
  5237. 3:18:08आपको सामान वापस दे देगा। लेकिन यहां पे
  5238. 3:18:11जब कांसेप्ट आता है जेडब्ल्यूटी का जेसुन
  5239. 3:18:14वेब टोकंस की जब हम बात करते हैं जिसको हम
  5240. 3:18:16जट भी बोलते हैं यहां पे क्या होता है कि
  5241. 3:18:19क्लाइंट सर्वर को बोलता है कि भैया मेरे
  5242. 3:18:20को डेटा चाहिए रिसोर्स चाहिए तो वो बोलता
  5243. 3:18:22है ऑथेंटिकेट कर यूजर नेम पासवर्ड दे दिया
  5244. 3:18:24लेकिन उसके बाद पूरा का पूरा एक
  5245. 3:18:27जेडब्ल्यूटी एक पूरा फॉर्मेट होता है उस
  5246. 3:18:29फॉर्मेट में बंदे की पूरी डिटेल आप ऐसे
  5247. 3:18:32लगा लो कि भैया जो जेडब्ल्यूटी है वो पूरा
  5248. 3:18:34क्लेम करता है। क्लेम करने का मतलब है उस
  5249. 3:18:37बंदे का पूरा का पूरा इनेशन मतलब उस बंदे
  5250. 3:18:39की आईडी रोल कब एक्सपायर होगा मेरा टोकन
  5251. 3:18:42मैक्सिमम चीजें उसके अंदर जो है वो पेलोड
  5252. 3:18:45के अंदर स्टोर रहती है और एक प्रॉपर
  5253. 3:18:47सिग्नेचर होता है यूनिक सिग्नेचर होता है
  5254. 3:18:49जिसके बेसिस पे हर बार कम्युनिकेशन होता
  5255. 3:18:51है तो रिक्वेस्ट आपकी एपीआई किसी भी सर्वर
  5256. 3:18:54पे भेज दें हमेशा वो एक्सेप्ट हो ही जाएगी
  5257. 3:18:57क्योंकि सबको पता होता है जेडब्ल्यूटी
  5258. 3:18:59टोकन की वैल्यू ये ये है ठीक है तो ये
  5259. 3:19:01कांसेप्ट हमेशा याद रखना अब ऐसे ही आ जाता
  5260. 3:19:04है यहां पे कांसेप्ट आपका आपका ऑथ का कई
  5261. 3:19:07बार स्टूडेंट फंस जाते हैं कि सर ऑथ फिर
  5262. 3:19:09क्या करता है? यार ऑथ एक्चुअल में क्या
  5263. 3:19:11है? ऑथोराइजेशन फ्रेमवर्क है। ये ऑथोराइज
  5264. 3:19:14करने में हेल्प करता है। एग्जांपल के तौर
  5265. 3:19:16पे मैंने यहां पे बहुत बढ़िया एग्जांपल
  5266. 3:19:18आपके लिए लेके आया हूं। जैसे फॉर एग्जांपल
  5267. 3:19:19आप वॉलेट में जाते मतलब आप किसी अच्छे
  5268. 3:19:22फाइव स्टार होटल में गए या किसी बहुत
  5269. 3:19:24अच्छी शादी में गए तो वहां पे क्या होता
  5270. 3:19:25है ना आजकल बैलेस सर्विस रहती है। आप
  5271. 3:19:27गाड़ी से उतरे चाबी उसको दी। उस बंदे ने
  5272. 3:19:30पार्क कर देनी है और जब आप आओगे तो आप
  5273. 3:19:32कार्ड दोगे और चाबी आपको दे देगा या गाड़ी
  5274. 3:19:34ला के आपको दे देगा। यही होता है। लेकिन
  5275. 3:19:36यहां पे कांसेप्ट क्या कह रहा है कि जब आप
  5276. 3:19:38उसको चाबी दोगे कार की तो सिर्फ कार की ही
  5277. 3:19:41चाबी दोगे। आप उसको घर की चाबी, ऑफिस की
  5278. 3:19:44चाबी कोई और चीज नहीं दे रहे। ये कांसेप्ट
  5279. 3:19:47है आपका ऑथ का कि लेट्स सपोज ऑथराइजेशन की
  5280. 3:19:50यहां पे बात हो रही है कि आपने लेट्स सपोज
  5281. 3:19:53स्पॉटिफाई में आपने लॉग इन किया। अब
  5282. 3:19:55स्पॉटिफाई में जब आप लॉग इन कर रहे हो तो
  5283. 3:19:56आपने लेट्स सपोज Google के थ्रू लॉग इन
  5284. 3:19:58करि लिया। अपनी मेल आईडी के थ्रू लॉग इन
  5285. 3:20:00कर लिया तो उसका मतलब ये नहीं है कि
  5286. 3:20:02स्पॉटिफाई को आपने अपनी मेल्स को पढ़ने का
  5287. 3:20:06डिलीट करने का ये एक्सेस भी दे दिया। नहीं
  5288. 3:20:08नहीं नहीं सिर्फ आपका यूजरनेम या कोई एक
  5289. 3:20:11आधी इनेशन यूज़ कर सकता है। इसके अलावा
  5290. 3:20:13कोई और इनेशन यूज़ नहीं कर सकता। तो मतलब
  5291. 3:20:15लिमिटेड एक्सेस देने के लिए यूज़ किया
  5292. 3:20:17जाता है ऑथ का। तो ये पॉइंट हमेशा याद
  5293. 3:20:20रखना। अब ऐसे ही ये पूरी कहानी एक में ही
  5294. 3:20:23आपको बता देता हूं। तो सेशन आपको पता लग
  5295. 3:20:25गया। ट्रेडिशनल वेब एप्लीकेशन के बहुत
  5296. 3:20:27बढ़िया है। जेडब्ल्यूटी एपीआई के कांसेप्ट
  5297. 3:20:29में डिस्ट्रीब्यूटेड डेटाबेस के केस में
  5298. 3:20:31बहुत बढ़िया काम करता है। और जब हम ऑथ की
  5299. 3:20:33बात करते हैं तो भैया थर्ड पार्टी
  5300. 3:20:35इंटीग्रेट कर रहे हो और उस केस में ऐसा
  5301. 3:20:37नहीं है कि आपकी सारी की सारी वैल्यू ही
  5302. 3:20:40थर्ड पार्टी एक्सेस कर लेगा। जैसे हम लोग
  5303. 3:20:42कई बार ऐसे भी तो करते हैं ना इंस्टा में
  5304. 3:20:43अगर मैंने कोई पोस्ट डाली है तो वो पूछता
  5305. 3:20:45है कि आप पूरी की पूरी फोटो का एक्सेस
  5306. 3:20:48देना चाहते हो अपने फोन की या लिमिटेड
  5307. 3:20:50एक्सेस देना चाहते हो। दैट इज अ काइंड ऑफ़
  5308. 3:20:52ऑथ। हमेशा याद रखना ऑथराइजेशन। और जो एक
  5309. 3:20:55कांसेप्ट इसके साथ यूज़ होता है सिंगल साइन
  5310. 3:20:57वाला। तो जो सिंगल साइन इन वाला कांसेप्ट
  5311. 3:20:59है ना एसएसओ का वो है ऑथेंटिकेशन के लिए
  5312. 3:21:02कि जब मैं Gmail के थ्रू स्पॉटफाई में भी,
  5313. 3:21:05Gmail के थ्रू Netflix में भी, Gmail के
  5314. 3:21:08थ्रू मैं लेट्स सपोज Amazon Prime में भी
  5315. 3:21:11मैं एक्सेस करने की कोशिश कर रहा हूं,
  5316. 3:21:12अकाउंट बना रहा हूं। तो वो सिंगल साइन इन
  5317. 3:21:14से ही आपका काम चल जाता है। दैट इज
  5318. 3:21:16रिलेटेड टू द ऑथेंटिकेशन एंड ऑथ इज
  5319. 3:21:19रिलेटेड टू द ऑथराइजेशन।
  5320. 3:21:24क्या आपको पता है Instagram के ऊपर अगर
  5321. 3:21:27मैं सिर्फ इंडिया की बात करूं तो एक्टिव
  5322. 3:21:29यूज़र्स कितने होंगे? 500 मिलियन यूज़र्स
  5323. 3:21:33होंगे। मतलब हाफ बिलियन पपुलेशन जो है वो
  5324. 3:21:35इंडिया की Instagram के ऊपर लगी हुई है और
  5325. 3:21:38Instagram पे डेली देख लो कितना कंटेंट
  5326. 3:21:41जनरेट होगा और कितना कंटेंट जो है वो लोग
  5327. 3:21:44एक दूसरे का कंटेंट देख रहे होंगे। तो
  5328. 3:21:46गाइस यहां पे ना एक बहुत ही इंपॉर्टेंट
  5329. 3:21:49कांसेप्ट आता है कि यार अगर इंटरव्यू में
  5330. 3:21:52कोई भी चीज पूछ ली जाए कि भैया इसको पूरे
  5331. 3:21:54को कैसे डिजाइन कर सकते हैं? कैसे वर्क कर
  5332. 3:21:57रहा है और यही हो सकता है रीज़न है कि
  5333. 3:21:59मैक्सिमम कंपनीज़ में स्पेशली सिस्टम डिज़
  5334. 3:22:02की बात की जाए तो Instagram के डिज़ के
  5335. 3:22:05बारे में जरूर पूछते हैं। एग्जांपल के तौर
  5336. 3:22:07पे अगर पूछ लिया जाए कि भैया एक
  5337. 3:22:09सेलिब्रिटी है 300 मिलियन फॉलोवरर्स हैं
  5338. 3:22:11उसके। अगर वो कोई रील डालता है या कोई
  5339. 3:22:13फोटो डाल रहा है तो भैया कैसे हैंडल होगा?
  5340. 3:22:16इतने यूज़ है जैसे विराट कोहली है। ठीक है?
  5341. 3:22:18रॉक है। इस टाइप के बंदे। देन हाउ वुड यू
  5342. 3:22:20अपलोड अ वेरी लार्ज वीडियो फ्रॉम योर
  5343. 3:22:23मोबाइल डिवाइस विद द अनस्टेबल इंटरनेट? इस
  5344. 3:22:26तरीके के क्वेश्चन बहुत पॉपुलर है। या फिर
  5345. 3:22:28यूजर लाइक अ पोस्ट हर्ट हो गया भैया। रेड
  5346. 3:22:31कलर का हर्ट आ गया। लेकिन उसका काउंट अभी
  5347. 3:22:34इनक्रीस नहीं हुआ। वो कैसे मैनेज करोगे?
  5348. 3:22:37या फिर अगर मैं बात करूं पॉपुलर अकाउंट
  5349. 3:22:39रिसीव 1 मिलियन लाइक्स इन 5 मिनट। मतलब
  5350. 3:22:41कोई वायरल हो जाती है और भैया मेरे को
  5351. 3:22:44नोटिफिकेशन भेजना है तो मैं कैसे इतने
  5352. 3:22:47यूज़र्स को एक बार में डेटा या नोटिफिकेशन
  5353. 3:22:49सेंड करूंगा। तो कहने का मतलब है कि अगर
  5354. 3:22:51मैं पूरे Instagram सिस्टम को डिज़ाइन की
  5355. 3:22:54बात की जाए कि कैसे इसको डिज़ाइन किया जा
  5356. 3:22:57सकता है तो यहां पे आपको यही लेके आया हूं
  5357. 3:23:00इस वीडियो को। इसीलिए ध्यान से सुनना।
  5358. 3:23:02लास्ट तक सुनना क्योंकि जब आपको ये
  5359. 3:23:04कांसेप्ट क्लियर हो गया ना कि भैया
  5360. 3:23:06Instagram कैसे वर्क करता है? क्या-क्या
  5361. 3:23:08टेक्नोलॉजीस बिहाइंड द सीन काम करती हैं?
  5362. 3:23:10तो फिर आपको चाहे YouTube के बारे में पूछ
  5363. 3:23:12लें, चाहे WhatsApp के बारे में पूछ लें,
  5364. 3:23:14चाहे Zomato के बारे में पूछ लें, SWGI के
  5365. 3:23:16बारे में पूछ लें। आप सारी चीजों का आंसर
  5366. 3:23:18बहुत आसानी से दे सकते हो। बस फर्क ये
  5367. 3:23:21होगा उनका काम अलग है। इसका काम थोड़ा अलग
  5368. 3:23:24है। बट बिहाइंड द सीन टेक्नोलॉजीस ऑलमोस्ट
  5369. 3:23:26सेम ही काम करती है। क्योंकि इतना ह्यूज
  5370. 3:23:29नेटवर्क है। तो यहां पे स्केलेबिलिटी भी
  5371. 3:23:31चाहिए हमें। सिक्योरिटी भी चाहिए हमें।
  5372. 3:23:33सारी चीजों को कैसे मैनेज किया जाता है।
  5373. 3:23:35तो मैंने एक थोड़ा सा डायग्राम यहां पे
  5374. 3:23:37थोड़ा ज़ूम करके इसको रोक के चाहे इसकी
  5375. 3:23:40पिक्चर ले लेना ताकि आपको सारी कहानी समझ
  5376. 3:23:42में आ जाए क्योंकि ये डायग्राम थोड़ा सा
  5377. 3:23:44बड़ा है तो एक बार में सारा जो है वो दिख
  5378. 3:23:46नहीं रहा था। तो इसलिए थोड़ा सा ज़ूम करके
  5379. 3:23:48यहां पे इसको देख लेना। देन सबसे पहले
  5380. 3:23:51यहां पे कहानी स्टार्ट होती है क्लाइंट
  5381. 3:23:52से। क्लाइंट मतलब हम लोग। हम अपने
  5382. 3:23:55Instagram के अकाउंट को iOS से, Android
  5383. 3:23:58से, वेब से या किसी और क्रिएटर टूल से
  5384. 3:24:01जैसे मैं मेटा पे काम कर रहा हूं। वहां से
  5385. 3:24:02मैंने क्लिक कर दिया किसी Instagram की
  5386. 3:24:04पोस्ट के ऊपर तो मैं इंस्टा पे शिफ्ट हो
  5387. 3:24:06गया। किसी भी तरीके से मैं अपने क्लाइंट
  5388. 3:24:09मशीन से मैं Instagram को एक्सेस करने की
  5389. 3:24:12कोशिश कर रहा हूं। मतलब उसके सर्वर को
  5390. 3:24:13रिक्वेस्ट भेज रहा हूं। तो यहां पे सबसे
  5391. 3:24:15पहले क्या आते हैं? जी ग्लोबल डीएनएस एज
  5392. 3:24:18नेटवर्क एंड सीडीए ग्लोबल डीएनएस। अब देखो
  5393. 3:24:21यार इतना बड़ा सिस्टम है पूरा तो इसको किस
  5394. 3:24:24तरीके से रखा जाता है? डिस्ट्रीब्यूटेड वे
  5395. 3:24:26में रखा जाता है। लेकिन जो Instagram का
  5396. 3:24:28डीएनएस है जो डीएनएस है ना वो एक्चुअल में
  5397. 3:24:30आपकी रिक्वेस्ट को नियरेस्ट सीडीए के पास
  5398. 3:24:33लेके जाता है जो कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क
  5399. 3:24:35है ताकि आपकी रिक्वेस्ट बहुत ज्यादा
  5400. 3:24:37ट्रेवल ना करे। जो भी नियरेस्ट सीडीए
  5401. 3:24:40सर्वर्स होंगे उनके पास आपकी रिक्वेस्ट जो
  5402. 3:24:42है वो बाय डिफॉल्ट जाएगी। ठीक है? देन
  5403. 3:24:45उसके बाद यहां पे कांसेप्ट आता है
  5404. 3:24:47डब्ल्यूएफ का दैट इज वेब एप्लीकेशन फायर
  5405. 3:24:50वाल्स रेट लिमिटर्स एपीआई गेटवेज जो
  5406. 3:24:53एक्चुअल में सिक्योरिटी की लेयर्स
  5407. 3:24:54प्रोवाइड करते हैं कि भैया कोई सस्िशियस
  5408. 3:24:57तो नहीं है कोई बोट तो नहीं है कोई यहां
  5409. 3:24:59पे अनऑथोराइज्ड बंदा तो एक्सेस करने की
  5410. 3:25:01कोशिश नहीं कर रहा इस तरीके की सारी चीजें
  5411. 3:25:03जो है वो चेक होती है और आप आप पहली बार
  5412. 3:25:05अगर Instagram पे अकाउंट बना रहे हो लॉग
  5413. 3:25:08इन कर रहे हो तो ऑब्वियसली आपका यूजरनेम
  5414. 3:25:10पासवर्ड सारा जो है वो चेक किया जाता है
  5415. 3:25:12फिर आपको एक सेशन प्रोवाइड किया जाएगा एक
  5416. 3:25:14सेशन की टोकन प्रोवाइड किया जाएगा। उसके
  5417. 3:25:16बेसिस पे आप काम कर सकते हो। अगर आपने
  5418. 3:25:18ऑलरेडी लॉगिन किया ही हुआ है। आप जैसे ऐप
  5419. 3:25:20पे हर बार थोड़ी ना लॉग इन करते हो तो
  5420. 3:25:22आपका जो टोकन है वो बार-बार रिफ्रेश हो
  5421. 3:25:25जाता है और फिर वहां से आपको जो है वो
  5422. 3:25:26लॉगिन दे दिया जाता है। तो इस तरीके से
  5423. 3:25:28काम करता है। तो यहां पे सिक्योरिटी रेट
  5424. 3:25:31लिमिटेड बहुत इंपॉर्टेंट है कि भैया बोट
  5425. 3:25:33ऐसा तो नहीं कि बहुत सारी रिक्वेस्ट भेज
  5426. 3:25:35रहा है। तो हमें रेट को भी लिमिट करना है।
  5427. 3:25:37एपीआई गेटवे इज़ लाइक अ रिसेप्शनिस्ट। यहां
  5428. 3:25:40से कहानी स्टार्ट होती है रिसेप्निस्ट के
  5429. 3:25:42पास आप गए और आपने अपनी रिक्वेस्ट की कि
  5430. 3:25:44भैया मेरे को कोई रील अपलोड करनी है या
  5431. 3:25:47मुझे अपना होम पेज को एक्सेस करना है तो
  5432. 3:25:49यहां से जो है वो एपीआई फिर आगे रिक्वेस्ट
  5433. 3:25:51आपकी भेजेगा और फिर जो है वो आपकी जो भी
  5434. 3:25:54होम पेज पे फीडबैक है जो भी आपकी
  5435. 3:25:56इंफॉर्मेशन है वो आपको प्रोवाइड की जाएगी
  5436. 3:25:58तो बस याद रखना कि इस तरीके से अगर आप
  5437. 3:26:01सारे पॉइंट्स को क्लियर करोगे तो कहीं ना
  5438. 3:26:03कहीं इंटरव्यूअर को समझ आ जाएगा इसको
  5439. 3:26:05बेसिक नॉलेज है और एक और चीज बता दूं ये
  5440. 3:26:08डब्ल्यूएफ एपीआई गेटवे रेट लिमिटर जितने
  5441. 3:26:11भी यहां पे कांसेप्ट आपको दिख रहे हैं ना
  5442. 3:26:13ऑलमोस्ट सारे कंटेंट जो है वो मैंने
  5443. 3:26:15एक्सप्लेन किए हुए हैं लॉन्ग वीडियो के
  5444. 3:26:17अंदर। आप चेक भी कर सकते हो। बहुतों का
  5445. 3:26:19लिंक मैं ऊपर आई सेक्शन में दे दूंगा
  5446. 3:26:20डिस्क्रिप्शन बॉक्स में भी। एक बार जरूर
  5447. 3:26:22डिटेल में भी चेक कर लेना। जैसे यहां पे
  5448. 3:26:24कहानी स्टार्ट होती है कि एपीआई जो है वो
  5449. 3:26:27हमारी कौन-कौन सी यूज़ होती है। तो यहां पे
  5450. 3:26:29आ जाती है आपकी एचटीटीपी एचटीपीएस बेस्ड।
  5451. 3:26:31दैट इज़ रेस्ट एपीआई। सबसे इंपॉर्टेंट है
  5452. 3:26:34गेट पोस्ट। आपने जितना भी पेजेस को एक्सेस
  5453. 3:26:36कर रहे हो बाय डिफॉल्ट आप रेस्ट एपीआई के
  5454. 3:26:39थ्रू ही वो सारी चीजें कर रहे हो। ग्राफ
  5455. 3:26:41एपीआई अब लेट्स सपोज आपको सारी इंफॉर्मेशन
  5456. 3:26:44नहीं चाहिए। जितनी रिक्वायर्ड है सिर्फ
  5457. 3:26:46आपको उतनी इनफार्मेशन चाहिए। बट ये तो
  5458. 3:26:48आपको सारी इनफार्मेशन देगा। आपने किसी
  5459. 3:26:49प्रोफाइल को या किसी चीज को एक्सेस करना
  5460. 3:26:51है उसके अंदर। आप एक पर्टिकुलर अमाउंट ऑफ
  5461. 3:26:54डेटा ही चाहते हो तो उसके लिए ग्राफ हो
  5462. 3:26:56गया। देन वेब सॉकेट लाइव चैट अगर आपने
  5463. 3:26:58करनी है या Instagram पे लाइव करना है
  5464. 3:27:01नोटिफिकेशन वो आपके वेब सॉकेट के लिए
  5465. 3:27:03क्योंकि पर्सिस्टेंट कनेक्शन आपको बना
  5466. 3:27:05देगा। बार-बार रिक्वेस्ट नहीं भेजनी
  5467. 3:27:06पड़ेगी ये पर्सिस्टेंट तो ये सारी चीजें
  5468. 3:27:09आपको जो है वो पूरी डिटेल में पता होनी
  5469. 3:27:11चाहिए। हर एक का अपना एक एडवांटेज है। फिर
  5470. 3:27:13आ जाता है जी हमारी बहुत सारी एप्लीकेशन
  5471. 3:27:15जो है वो सर्विज काम कर रही है। माइक्रो
  5472. 3:27:17सर्विज है इसके अंदर। कौन-कौन सी माइक्रो
  5473. 3:27:19सर्विज है? ओथ सर्विस जिसने ऑथेंटिकेशन का
  5474. 3:27:22काम करना है। ग्राफ सर्विस अब आप ए से
  5475. 3:27:25कनेक्टेड हो। ए बी से कनेक्टेड है, बी सी
  5476. 3:27:27से कनेक्टेड है। बीच में कोई म्यूचुअल
  5477. 3:27:29फ्रेंड है। तो ये पूरा जो नेटवर्क है ना
  5478. 3:27:31आपके फॉलोअर्स का और आप किसको फॉलो कर रहे
  5479. 3:27:33हो वो ग्राफ की तरह जो है वो सेव किया
  5480. 3:27:36जाता है। नोटिफिकेशन वगैरह देनी है। पोस्ट
  5481. 3:27:38आपने कोई पोस्ट बनानी है। आपने कोई रील
  5482. 3:27:40बना के पोस्ट करनी है। वो सारे काम यहां
  5483. 3:27:42पे लाइक सर्विस होगी कि जिसको आप लाइक कर
  5484. 3:27:45रहे हो। ऐड वगैरह इंस्टा पे। तो भैया सबसे
  5485. 3:27:47मेन काम क्या है? ऐड वगैरह आप खुद चलाना
  5486. 3:27:49चाहते हो या औरों की ऐड आपको दिख रही है
  5487. 3:27:51वो सारी चीजें मैनेज करता है ये। फिर फीड
  5488. 3:27:54सर्विस। अब भैया आपके होम पेज पे
  5489. 3:27:56क्या-क्या चीजें दिख रही है? किस बंदे की
  5490. 3:27:58रील आ रही है? वो सारी चीजें जो है वो फीड
  5491. 3:28:00सर्विस, कमेंट, सेफ्टी, स्टोरी कौन-कौन सी
  5492. 3:28:03स्टोरीज आप डाल रहे हो अपने inा पे? सर्च
  5493. 3:28:05करना है, कुछ लाइव सर्विस करनी है, रील
  5494. 3:28:07है, मैसेजिंग है, एनालिटिक्स ये सारे
  5495. 3:28:10माइक्रो सर्विज जो है वो काम करती है
  5496. 3:28:12पैरेलली। तब जाके आपका पूरा होम पेज जो है
  5497. 3:28:15वो प्रॉपर तरीके से दिखाया जाता है कि
  5498. 3:28:16आपने किस चीज को कब देखा था। उसी से
  5499. 3:28:18रिकमेंडेड आपको वीडियोस दिखाई जाती है।
  5500. 3:28:21आपने अगर कोई वीडियो डाली है तो उस पे
  5501. 3:28:22कितने लाइक आए, कमेंट आए वो सारी चीजें
  5502. 3:28:24आपको दिखाई जाएंगी। अब लेट्स सपोज आपने
  5503. 3:28:26कोई रील बनाई और आपने वो रील अपलोड कर दी।
  5504. 3:28:29ठीक है? तो आपने वो रील पोस्ट कर दी। जैसे
  5505. 3:28:31ही आपने रेस्ट एपीआई से वो पोस्ट कर दी तो
  5506. 3:28:34होगा क्या? ऐसा थोड़ी ना है कि सीधा आपकी
  5507. 3:28:36वीडियो चल जाएगी। नहीं भैया उसमें इंटरनली
  5508. 3:28:38बहुत सारी चीजें होती हैं। चेक भी किया
  5509. 3:28:40जाता है कि कंटेंट वैलिड है या नहीं?
  5510. 3:28:42कंटेंट ठीक है या नहीं? कोई न्यूडिटी तो
  5511. 3:28:44नहीं है इसके अंदर। कोई स्पैम वाला काम तो
  5512. 3:28:46नहीं किया हुआ। वो सारी चीजें। फिर उसके
  5513. 3:28:48अलावा यहां पे जो है वो बहुत ही
  5514. 3:28:50इंपॉर्टेंट है कि हर एक यूजर बहुत हाई
  5515. 3:28:52स्पीड इंटरनेट से नहीं देख रहा। तो हमें
  5516. 3:28:54यहां पे अलग-अलग जो है वो रेोल्यूशन
  5517. 3:28:56क्रिएट करने पड़ते हैं। 360 भी है, 480 भी
  5518. 3:28:58है, एचडी भी है, 4K भी है। तो उसके बेसिस
  5519. 3:29:01पे आपकी जो है वो प्रॉपर रील तैयार की
  5520. 3:29:03जाती है। कौन-कौन सा कौन सा गाना लगाया
  5521. 3:29:06उसके अंदर वो सारी चीजें आपकी जो है वो
  5522. 3:29:08चेक की जाती है। फिर उसके बाद उन सारी
  5523. 3:29:10चीजों को ऑब्जेक्ट स्टोरेज की तरह जो है
  5524. 3:29:12वो ऑब्जेक्ट्स की फॉर्म में स्टोर करके
  5525. 3:29:14फिर आपको सीडीएन के ऊपर इसको डाल दिया
  5526. 3:29:16जाता है। मतलब जो आपके कंटेंट डिलीवर
  5527. 3:29:18नेटवर्क है उनके ऊपर लोड कर दिया जाता है।
  5528. 3:29:20और फिर उसके बाद उसके एक रील की आईडी बन
  5529. 3:29:22जाती है। आपकी खुद की क्रिएटर की आईडी है
  5530. 3:29:24उसके साथ कनेक्ट करके फिर वो रील जो है वो
  5531. 3:29:27सब जगह डिस्ट्रीब्यूट की जाती है और फिर
  5532. 3:29:29वो लोगों के जो भी आपके फॉलोअर्स हैं या
  5533. 3:29:32फिर आपके आगे म्यूचुअल फ्रेंड्स कोई है
  5534. 3:29:34उनको कैसे वो दिखानी है वो सारी चीजें
  5535. 3:29:37यहीं से प्रिपेयर की जाती है तो आप एक
  5536. 3:29:38इवेंट कर रहे हो और साथ ही साथ यहां पे एक
  5537. 3:29:41बड़ा इंपॉर्टेंट है जी फीड फैन आउट वर्कर
  5538. 3:29:43ये एक्चुअल में जो काम कर रहा है कि आपके
  5539. 3:29:45लेट्स सपोज 10,000 फॉलोअ है 10,000
  5540. 3:29:47फॉलोवरर्स के फीड पेज पे आपकी रील को
  5541. 3:29:50दिखाने का काम यह भाई साहब करेंगे फिर
  5542. 3:29:52आपने आज एक डाली, कल डाली, फिर परसों
  5543. 3:29:55डाली। तीन दिन आपने लगातार डाली। तो भैया
  5544. 3:29:57उसका एक टाइमलाइन भी स्टोर होना चाहिए कि
  5545. 3:29:59पहले कौन सी, बाद में कौन सी टाइमलाइन
  5546. 3:30:01स्टोर करेगा। इसके अलावा नोटिफिकेशन वगैरह
  5547. 3:30:03पुश करना है। आपने कोई मैसेज देना है।
  5548. 3:30:05किसी ने आपको डीएम पे कुछ भेजा। आपने किसी
  5549. 3:30:07को डीएम किया। मतलब ये सारी जो शेयरिंग
  5550. 3:30:10वगैरह होती है वो सारा का सारा यहां पे।
  5551. 3:30:12देन उसके बाद आ जाता है जी आपका
  5552. 3:30:13रिकमेंडेशन। रिट्रीवल। क्या-क्या चीजें आप
  5553. 3:30:16रिट्रीव कर रहे हो? क्या आप देख रहे हो?
  5554. 3:30:18कितनी देर के लिए देख रहे हो? किसको लाइक
  5555. 3:30:20कर रहे हो? किसको शेयर कर रहे हो? वो सारी
  5556. 3:30:21चीजें जो है वो सेव की जाती है। फिल्टरिंग
  5557. 3:30:24भैया कौन सा कंटेंट आपके लिए ठीक है? कौन
  5558. 3:30:26सा कंटेंट ठीक नहीं है। कोई स्पैम है तो
  5559. 3:30:28उसको हटाया जाता है। कोई डिलीट किया जाता
  5560. 3:30:30है। आपको कोई लगता है कि यार ये कंटेंट
  5561. 3:30:31मेरे मेरी फील्ड में दोबारा ना आए वो सारा
  5562. 3:30:33फिल्टरिंग का काम है। रैंकिंग वेरीेंट
  5563. 3:30:36भैया। आपकी जो फीड है, आपके कितने लाइक
  5564. 3:30:38आए, कितने कमेंट है, कितने लोगों ने देखा,
  5565. 3:30:40कितनी देर के लिए देखा। उन सारी चीजों के
  5566. 3:30:42बेसिस पे रैंक दिए जाते हैं। जिसको हम
  5567. 3:30:44बोलते हैं ना वायरल है। वन नंबर पे, टू
  5568. 3:30:46नंबर पे वायरल है, थ्री नंबर पे वो वाला
  5569. 3:30:48काम है। ऐसी एक रीरेंकिंग का कांसेप्ट भी
  5570. 3:30:50पूछ लेते हैं कई बार इंटरव्यू में।
  5571. 3:30:52रीरैंकिंग का मतलब क्या है? अब लेट्स सपोज
  5572. 3:30:54गेट स्मैशर्स है। अब गेट स्मैशर्स ने पहली
  5573. 3:30:57रील, दूसरी रील, तीसरी रील बहुत सारी
  5574. 3:30:59रील्स डाली और वो सारी जो है वो वायरल
  5575. 3:31:01होगी। अब यार पहली 10 रील्स मेरी वायरल हो
  5576. 3:31:04रही है तो आपको जो है वो मेरी ही रील्स
  5577. 3:31:06दिखाई देंगी। नहीं वो कहता है कि भैया
  5578. 3:31:08बाकियों को भी मौका दो। बाकियों की भी
  5579. 3:31:10आपके फील्ड में आनी चाहिए। तो इस तरीके से
  5580. 3:31:13आपका रैंकिंग और रीैंकिंग काम करता है
  5581. 3:31:15ताकि अदर क्रिएटर्स को डायवर्सिटी लाई
  5582. 3:31:17जाए। अदर क्रिएटर्स को भी मौका मिले। मतलब
  5583. 3:31:20एग्जांपल के तौर पे आई होप समझ गए होंगे।
  5584. 3:31:22अब ये जितनी भी सारी आप लाइक, कमेंट कितनी
  5585. 3:31:25देर के लिए देख रहे हो? आपकी रील को कितनी
  5586. 3:31:27देर के लिए देखा जा रहा है। ये सारी चीजें
  5587. 3:31:29सेव की जाती है डेटा लेक्कस के अंदर। मतलब
  5588. 3:31:31डेटा लेकक्स क्या है? जितनी भी आप वैल्यूज
  5589. 3:31:33है ताकि उसके ऊपर एनालिसिस किया जा सके।
  5590. 3:31:36मशीन लर्निंग के जो एल्गोरिदम्स हैं वो उस
  5591. 3:31:38डेटा को उठा के उसके ऊपर काम करते हैं।
  5592. 3:31:40तभी तो रिकमेंडेशन सिस्टम वर्क करता है कि
  5593. 3:31:42यार ये चीज आपने 5 सेकंड के लिए देखी।
  5594. 3:31:45लेकिन ये आपने तुरंत टपा दी। ये चीज आपने
  5595. 3:31:4710 सेकंड के लिए इस वीडियो को देखा या
  5596. 3:31:49इसको आपने लाइक किया इसको आपने कमेंट किया
  5597. 3:31:52तो फिर उसी हिसाब से मतलब आपका इंटरेस्ट
  5598. 3:31:54और ये सारा कैलकुलेट किया जाता है और फिर
  5599. 3:31:56आपको उसी तरीके से रिकमेंड किया जाता है
  5600. 3:31:58कंटेंट। तो इस तरीके से आप लगा लो कि जो
  5601. 3:32:00भी काम है ना ये सारी छोटी-छोटी सर्विसेस
  5602. 3:32:03मिलके इतने बड़े सिस्टम को डिजाइन करती
  5603. 3:32:06है। तो इसीलिए अच्छे से नोट कर लेना। और
  5604. 3:32:09जो क्वेश्चंस मैंने आपको स्टार्टिंग में
  5605. 3:32:10दिखाए थे इसका आंसर आपने फाइंड आउट करना
  5606. 3:32:13है और आप कमेंट सेक्शन में शॉर्ट फॉर्म
  5607. 3:32:15में किसी भी क्वेश्चन का एक आंसर लिख सकते
  5608. 3:32:17हो। जिससे मेरे को आईडिया हो जाए कि आपको
  5609. 3:32:19चीजें समझ में आ रही है। और ये नहीं ये तो
  5610. 3:32:21सिर्फ चार ही क्वेश्चन है। अगर आपने एक
  5611. 3:32:23बार समझ लिया पूरे कांसेप्ट को तो चार
  5612. 3:32:25क्या 40 क्या 400 क्वेश्चन भी पूछ लें। आप
  5613. 3:32:28इजीली आंसर दे दोगे। आईआरसीटीc के अंदर जब
  5614. 3:32:30हम तत्काल बुकिंग की बात करते हैं या फिर
  5615. 3:32:32Amazon पे जब हम बिग बिलियन सेल्स की बात
  5616. 3:32:35करते हैं या फिर कोई नई मूवी का ट्रेलर
  5617. 3:32:37आया है तो YouTube के ऊपर उस कंटेंट को
  5618. 3:32:39वायरल कंटेंट हम लोग बोलते हैं। मतलब ये
  5619. 3:32:42जितनी भी बातें मैं कर रहा हूं ना इनके
  5620. 3:32:44अंदर जो सबसे इंपॉर्टेंट चीज है वो क्या
  5621. 3:32:46है? स्केलेबिलिटी का इशू। मतलब कि नॉर्मल
  5622. 3:32:49ट्रैफिक को तो हमारा सिस्टम हैंडल कर रहा
  5623. 3:32:51है। लेकिन जैसे ही मेरा ट्रैफिक 10 टाइम्स
  5624. 3:32:5320 टाइम्स हो जाता है एकदम से पीक आवर्स
  5625. 3:32:56में तो उस टाइम पे हम लोग कैसे हैंडल करते
  5626. 3:32:59हैं? क्योंकि वो बॉटल लेग सिचुएशन आ जाती
  5627. 3:33:01है और उसको हैंडल करने के लिए जो कांसेप्ट
  5628. 3:33:04होता है दैट इज कॉल्ड अ स्केलेबिलिटी
  5629. 3:33:06कांसेप्ट। तो यहां पे मैं आपको आईआरसीटीसी
  5630. 3:33:09के सिस्टम के अंदर बता रहा हूं कि भैया
  5631. 3:33:10कैसे ये स्केलेबिलिटी को हैंडल करते हैं
  5632. 3:33:13और स्पेशली नॉर्मल ट्रैफिक को तो भैया ठीक
  5633. 3:33:15है चलो हैंडल किया जा रहा है लेकिन इसमें
  5634. 3:33:17सबसे इंपॉर्टेंट कांसेप्ट आ जाता है
  5635. 3:33:20तत्काल हैंडलिंग वाला क्योंकि इंटरव्यूज
  5636. 3:33:23के अंदर सबसे पहली पसंद रहती है कि भैया
  5637. 3:33:25ये जो सिचुएशंस है ना बिग बिलियन सेल वाली
  5638. 3:33:27तत्काल हैंडलिंग वाली या फिर कोई नई
  5639. 3:33:29वीडियो आई है या फिर जैसे Jio Hotstar पे
  5640. 3:33:32कोई फाइनल मैच आ रहा है भैया तो उसके अंदर
  5641. 3:33:34जो है वो मेरे स्पाइक हो जाता है एकदम से
  5642. 3:33:36यूज़र्स का तो मैं कैसे हैंडल करूंगा? तो
  5643. 3:33:38देखो यहां पे ध्यान रखना बहुत इंपॉर्टेंट
  5644. 3:33:40क्वेश्चन है यहां पे। आपको सारी चीज़ें
  5645. 3:33:42बहुत डिटेल में पता होनी चाहिए कि कैसे हम
  5646. 3:33:44लोग इस तरीकों को बेस्ट तरीके से डिज़ाइन
  5647. 3:33:46कर सकते हैं। तो देखो सबसे पहले आपको पता
  5648. 3:33:48है कि हमारे पास जो वेरियस यूज़र्स हैं जो
  5649. 3:33:50अलग-अलग प्लेटफार्म से क्या कर रहे हैं?
  5650. 3:33:53लॉग इन करने की कोशिश कर रहे हैं। मतलब
  5651. 3:33:55उन्होंने ऑलरेडी साइन अप किया हुआ है और
  5652. 3:33:56साइन इन करने की कोशिश कर रहे हैं। अब
  5653. 3:33:58इसमें बहुत सारे डीलर्स भी होते हैं।
  5654. 3:34:00नॉर्मल इंडिविजुअल यूज़र्स भी होते हैं। और
  5655. 3:34:02यहां पे जैसे ही 10:00 बजते हैं तो आपको
  5656. 3:34:04पता है तत्काल बुकिंग ओपन होती है 10:00
  5657. 3:34:06बजे सुबह के और उस टाइम पे एकदम से
  5658. 3:34:0910,000, 20,000, 500 एक लाख बंदे एक टाइम
  5659. 3:34:12पे जो है वो बुकिंग करवाने की कोशिश करते
  5660. 3:34:14हैं। इससे ज्यादा ही नंबर है। ये तो मैं
  5661. 3:34:15कम नंबर बोल रहा हूं और स्पेशली डिपेंड
  5662. 3:34:18करता है सीजन वाला जो टाइम होता है। तो
  5663. 3:34:20यहां पे सबसे पहले रिक्वेस्ट को कौन हैंडल
  5664. 3:34:22करता है? जो हमारे डीएनएस सर्वर्स हैं।
  5665. 3:34:24डीएनएस का काम क्या है? ट्रैफिक पुलिस की
  5666. 3:34:27तरह भैया कि रूट करना है कि आपको सबसे
  5667. 3:34:29पहले आपकी रिक्वेस्ट जो है वो किस सर्वर
  5668. 3:34:31के पास जाएगी और यहां पे जो सीडीएन है
  5669. 3:34:33कंटेंट रिलेटेड नेटवर्क है जो कंटेंट
  5670. 3:34:35डिलीवरी आपको प्रोवाइड करता है। यहां पे
  5671. 3:34:37क्या होता है जितना भी स्टैटिक कंटेंट है
  5672. 3:34:39ना जो चेंज ही नहीं हो रहा वो हम यहीं से
  5673. 3:34:41ही प्रोवाइड कर देते हैं ताकि बार-बार आप
  5674. 3:34:43पूरे डेटाबेस पे जाने की जरूरत ही नहीं
  5675. 3:34:45है। तो यहां पे इजी हो जाता है यूज़र्स के
  5676. 3:34:48लिए। फिर आ जाता है जी लोड बैलेंसर का।
  5677. 3:34:50सबसेेंट पॉइंट यहां पे आता है लोड बैलेंसर
  5678. 3:34:52का जो कि इंटरव्यूअर सुनना चाहता है आपसे।
  5679. 3:34:55क्यों? क्योंकि जब एक बार में नॉर्मल
  5680. 3:34:57हमारे 10,000 20,000 लोग आ रहे हैं। लेकिन
  5681. 3:35:00एकदम से 10 लाख लोग आ गए तो भैया लोड
  5682. 3:35:03बैलेंसर का सबसे इंपॉर्टेंट काम क्या है?
  5683. 3:35:05कि आपकी रिक्वेस्ट को अलग-अलग सर्वर्स पे
  5684. 3:35:08क्या करना है? रूट करना है। ऐसा ना हो कि
  5685. 3:35:11एक सर्वर पे सारी रिक्वेस्ट जा रही है या
  5686. 3:35:13दो-तीन पे जा रही है। यहां पे इवन सबसेेंट
  5687. 3:35:16कांसेप्ट क्या होता है कि नॉर्मल अगर मेरे
  5688. 3:35:18एप्लीकेशन इंस्टेंसेस जैसे 10 इंस्टेंस चल
  5689. 3:35:21रहे हैं तो जैसे ही पीक आर्स का टाइम होता
  5690. 3:35:23है या तत्काल बुकिंग का टाइम है तो मैं
  5691. 3:35:24नंबर ऑफ इंस्टेंसेस अपने बढ़ा देता हूं।
  5692. 3:35:26मैं अपने एप्लीकेशन के इंस्टेंसेस को
  5693. 3:35:28सर्वर्स को मैं 20-30 कर देता हूं ताकि उन
  5694. 3:35:31सों पे मेरा लोड बैलेंसर जो है वो ट्रैफिक
  5695. 3:35:34को भेज दे। सबके पास बैलेंस तरीके से जाए।
  5696. 3:35:37फिर आ गया जी आपका एपीआई गेटवे। एपीआई
  5697. 3:35:40गेटवे स्टेटलेस तरीके से काम करता है।
  5698. 3:35:42क्योंकि हम सारी इंफॉर्मेशन को अगर स्टोर
  5699. 3:35:44करने लग गए स्टेटफुल बना दिया तो आपका
  5700. 3:35:47मैक्सिमम ट्रैफिक जो है वो यहीं पे रुक
  5701. 3:35:49जाएगा। क्यों? क्योंकि हम सारी इनेशन को
  5702. 3:35:50नोट कर रहे हैं। इसीलिए इसको स्टेटलेस रखा
  5703. 3:35:53जाता है। हमें कोई इनफेशन को स्टोर नहीं
  5704. 3:35:54करना। और दूसरा ये रिसेप्निशनिस्ट की तरह
  5705. 3:35:57काम कर रहा है। जितनी भी हमारी ऑथेंटिकेशन
  5706. 3:35:58है, रेट लिमिटिंग है, ऐसा तो नहीं है कि
  5707. 3:36:01एक ही यूजर बहुत जगह से रिक्वेस्ट भेज रहा
  5708. 3:36:03है, बहुत बार रिक्वेस्ट भेज रहा है। वो
  5709. 3:36:05रेट लिमिटिंग का कांसेप्ट जो है वो
  5710. 3:36:06सिक्योरिटी का कांसेप्ट है। यहां से
  5711. 3:36:08एक्चुअल में स्टार्ट हो जाता है। क्योंकि
  5712. 3:36:10एपीआई से आप आगे कनेक्टेड हो। जितनी भी
  5713. 3:36:13माइक्रो सर्विसेस हैं चाहे आप ट्रेन को
  5714. 3:36:15सर्च कर रहे हो, चाहे बुकिंग कर रहे हो,
  5715. 3:36:16चाहे सीट इन्वेंटरी चेक कर रहे हो, पेमेंट
  5716. 3:36:18कर रहे हो, सारी माइक्रो सर्विज इसी के
  5717. 3:36:20थ्रू कनेक्टेड है। तो हमारी मल्टीपल एपीआई
  5718. 3:36:23चाहे ग्राफ है, चाहे रेस्ट है, वो आपकी
  5719. 3:36:24रिक्वेस्ट को रूट करती हैं और फिर उसके
  5720. 3:36:26कॉस्पोंडिंग आंसर देती हैं। अब यहां पे
  5721. 3:36:28बुकिंग वाला कांसेप्ट देख लो। तत्काल
  5722. 3:36:30नॉर्मल तो ठीक है जी। हमने सर्च किया
  5723. 3:36:32ट्रेन बुकिंग की, पेमेंट की और काम डन हो
  5724. 3:36:35गया। लेकिन जब तत्काल का टाइम है तो हो
  5725. 3:36:37क्या है कि लेट्स सपोज नंबर ऑफ सीट्स हैं
  5726. 3:36:3910। लेकिन उसको भरने के लिए आ गए हैं
  5727. 3:36:4210,000 लोग। मतलब नंबर ऑफ सीट्स हैं सिर्फ
  5728. 3:36:44मेरे पास 10। अब उस केस में क्या होगा?
  5729. 3:36:47इतने लोग जब रिक्वेस्ट करेंगे तो हमें
  5730. 3:36:49अपना इन्वेंटरी सिस्टम को पहले चेक करना
  5731. 3:36:52पड़ता है। ऐसा ना हो कि एक बंदा डबल
  5732. 3:36:54बुकिंग कर दे या एक ही सीट की डबल बुकिंग
  5733. 3:36:57हो जाए। तो हमें उस चीज को बचाने के लिए
  5734. 3:37:00क्या करना पड़ता है? लॉकिंग मैकेनिज्म और
  5735. 3:37:02साथ ही साथ एक कांसेप्ट आता है कॉनकरेंसी
  5736. 3:37:04कंट्रोल जो कि हम डेटाबेस में पढ़ते हैं।
  5737. 3:37:06लॉकिंग मैकेनिज्म कि भैया एक बंदे की
  5738. 3:37:09ट्रांजैक्शन स्टार्ट हो गई है तो उसको एक
  5739. 3:37:11लॉक दे दिया और उस लॉकिंग के अंदर ही वो
  5740. 3:37:13सारी चीजें जो है वो हैंडल करेगा। जब तक
  5741. 3:37:16उसकी ट्रांजैक्शन कमिट नहीं हो जाती वो
  5742. 3:37:18लॉक छोड़ेगा नहीं ताकि दूसरे बंदा वेट
  5743. 3:37:20करे। अब आप बोलोगे कि सर अगर 10,000 लोग
  5744. 3:37:22हैं मैं किसको पहले लॉक दूं? ये कैसे
  5745. 3:37:25डिपेंड करता है? तो ये मल्टीपल बिजनेस
  5746. 3:37:27लॉजिक होते हैं। हो सकता है कि प्रायोरिटी
  5747. 3:37:29बेस्ड हो। हो सकता है कि टाइम स्टैंप
  5748. 3:37:31बेस्ड हो। जिसकी ट्रांजैक्शन पहले आ रही
  5749. 3:37:33है हमने उसको प्रायोरिटी दी। हो सकता है
  5750. 3:37:35बिजनेस लॉजिक्स होते हैं। जैसे कोई हो
  5751. 3:37:37सकता है सीनियर सिटीजन है। अब सीनियर
  5752. 3:37:38सिटीजन को मैं थोड़ी सी प्रायोरिटी ज्यादा
  5753. 3:37:40देना चाहता हूं। तो मैं हो सकता है उसको
  5754. 3:37:42पहले लॉक दे दूं कि भैया उसकी रिक्वेस्ट
  5755. 3:37:43को पहले हैंडल किया जाए। तो इस तरीके से
  5756. 3:37:45अपना आईआरसीटीसी के खुद के लॉजिक्स होंगे
  5757. 3:37:48जो अप्लाई करते हैं। और जब तक उसकी
  5758. 3:37:50ट्रांजैक्शन चल रही है बंदे की तब तक कोई
  5759. 3:37:52और उस सीट को बुक नहीं करवा सकता। हमने
  5760. 3:37:55उसको एक लॉक दे दिया जैसे शेयर्ड लॉक
  5761. 3:37:56एक्सक्लूसिव लॉक। अब यहां पे इंपॉर्टेंट
  5762. 3:37:58कांसेप्ट आता है कैश लेयर का जिसको हम
  5763. 3:38:01बोलते हैं रेडिस क्लस्टर। क्योंकि 10,000
  5764. 3:38:04लोग इतनी सारी रिक्वेस्ट भेज रहे हैं तो
  5765. 3:38:06सबसे पहले वो कर रहे हैं रीड ऑपरेशन। मतलब
  5766. 3:38:08सबसे पहले वो रीड कर रहे हैं कि भैया
  5767. 3:38:10कितनी सीट्स अवेलेबल है। फिर उसमें राइट
  5768. 3:38:12करने की कोशिश करेंगे। तो हम क्या करते
  5769. 3:38:14हैं कि भैया हमारे प्राइमरी डेटाबेस पे
  5770. 3:38:16सारी रिक्वेस्ट ना जाएं। तो हमने मैक्सिमम
  5771. 3:38:18चीजों को कैश करके रख लिया। कैश इज अ
  5772. 3:38:20फास्टेस्ट मेमोरी। तो भैया हमने उसके अंदर
  5773. 3:38:22सारी मैक्सिमम चीजों को रख लिया। वहीं से
  5774. 3:38:24हम लोग जो है वो कंटेंट उसको प्रोवाइड कर
  5775. 3:38:26रहे हैं और स्पेशली वो कंटेंट जो चेंज ही
  5776. 3:38:28नहीं हो रहा। जैसे ट्रेन का नंबर है,
  5777. 3:38:30ट्रेन का स्ेड्यूल है, ट्रेन का जो टाइम
  5778. 3:38:32है वो सारी चीजें ऑलमोस्ट हमने यहां पे
  5779. 3:38:34कैश करके रख दिया। तो बंदे ने रीड किया
  5780. 3:38:36जैसे ही रीड करके उसने ट्रांजैक्शन किया
  5781. 3:38:38भैया एक सीट को बुक कर दिया। बुक करते ही
  5782. 3:38:40सबसे पहले अवेलेबिलिटी चेक करेगा कि है
  5783. 3:38:42अवेलेबल है। तो तुरंत उसको लॉक दे दिया और
  5784. 3:38:44वो उसी लॉकिंग के अंदर एक टाइम पीरियड के
  5785. 3:38:47अंदर-अंदर उसे फटाफट से ट्रांजैक्शन को
  5786. 3:38:49कंप्लीट करना पड़ेगा। पेमेंट इंक्लूड करके
  5787. 3:38:51तभी उसकी बुकिंग डन होएगी। उसके बाद फिर
  5788. 3:38:53आपका पेमेंट वाला आ गया। पेमेंट गेटवे पे
  5789. 3:38:56जाएगा और वहां पे ट्रांजैक्शन को डन
  5790. 3:38:58करेगा। अब यहां पे बड़ा इंपॉर्टेंट
  5791. 3:38:59कॉन्सेप्ट है भैया। पेमेंट अगर लेट्स सपोज़
  5792. 3:39:02फेल हो गई तो उस केस में ऐसा नहीं है कि
  5793. 3:39:05उसकी बुकिंग चल ही रही है। नहीं हम उसको
  5794. 3:39:08क्या कर देंगे? ट्रांजैक्शन को रोल बैक कर
  5795. 3:39:10देंगे। मतलब खत्म कर देंगे। और वो सीट
  5796. 3:39:12अवेलेबिलिटी किसी और को मिल जाएगी। वो कोई
  5797. 3:39:15और ट्रांजैक्शन जो है वो अपनी स्टार्ट कर
  5798. 3:39:17देगा। तो इसीलिए एक टाइम फ्रेम के
  5799. 3:39:19अंदर-अंदर उसको ट्रांजैक्शन कंप्लीट करनी
  5800. 3:39:21पड़ेगी। कंप्लीट करते ही उसको जो है वो
  5801. 3:39:24एसिंक्रोनस तरीके से यहां पे काफका जो
  5802. 3:39:27होते हैं या फिर रैबिट एमक्यूआई ये क्या
  5803. 3:39:29करते हैं एसिंक्रोनसली क्योंकि बंदा वेट
  5804. 3:39:31नहीं करेगा जैसे ही उसकी पेमेंट हो गई
  5805. 3:39:33लिखा आ गया कंफर्म्ड उसको चाहिए डिटेल कि
  5806. 3:39:36मुझे सीट नंबर बता मुझे सारी की सारी टिकट
  5807. 3:39:39डिटेल भेजो एसएमएस पे भेजो या फिर मेरे को
  5808. 3:39:42मेल पे भेजो जो भी इनेशन हमने उसमें अपना
  5809. 3:39:44कांटेक्ट दे रखी होगी तो वो सारी की सारी
  5810. 3:39:46नोटिफिकेशन एसिंक्रोनस तरीके से क्योंकि
  5811. 3:39:48सिंक्रोनसली बहुत सारा काम चल रहा है तो
  5812. 3:39:50हम सारी चीजों को सिंक्रोनस करने की बजाय
  5813. 3:39:52पैरेलल करने की बजाय कुछ चीजें जो हम
  5814. 3:39:55एसिंक्रोनस तरीके से चलाते हैं क्योंकि एक
  5815. 3:39:57तरह से सिस्टम आपका ये ऑलरेडी चल रहा है
  5816. 3:40:00रनिंग में है। तो कुछ चीजें हमने बैक एंड
  5817. 3:40:02पे एसिंक्रोनस तरीके से नोटिफिकेशन वगैरह
  5818. 3:40:04ये सारी चला रखी है। बंदे को एक
  5819. 3:40:06नोटिफिकेशन जो है वो तुरंत मिल जाएगी। तो
  5820. 3:40:08यहां पे बड़ा इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है कि
  5821. 3:40:10भैया डबल बुकिंग नहीं होनी चाहिए। ऐसा ना
  5822. 3:40:12हो कि एक सीट पे दो लोग बुक करवा दें और
  5823. 3:40:15बाद में जब वो ट्रेन में जाएं तो एक दूसरे
  5824. 3:40:17का सिर फोड़े। भैया ऐसे ही होगा। वो
  5825. 3:40:19बोलेगा मेरी सीट है वो बोलेगा मेरी इस चीज
  5826. 3:40:21को बहुत केयरफुली टैकल किया जाता है। इवन
  5827. 3:40:24बहुत जगह पे आपके जो बोट सिस्टम्स हैं या
  5828. 3:40:27फिर ऐसे भी होते हैं जो एजेंट्स होते हैं
  5829. 3:40:29ना ये लोग क्या करते हैं मल्टीपल अकाउंट
  5830. 3:40:31से ट्रांजैक्शन करने की कोशिश करते हैं।
  5831. 3:40:32मल्टीपल अकाउंट से बुकिंग करने की कोशिश
  5832. 3:40:34करते हैं। इसीलिए आपने देखा होगा जैसे ही
  5833. 3:40:3610 बजते हैं। जैसे ही मैंने क्लिक किया कि
  5834. 3:40:38भैया 10 सीटें पड़ी है। जैसे ही बुक नाउ
  5835. 3:40:39पे क्लिक किया तुरंत जीरो आ जाता है।
  5836. 3:40:41क्यों? क्योंकि इतने सिस्टम पैरेलली उस
  5837. 3:40:43ट्रांजैक्शन को परफॉर्म करने की कोशिश कर
  5838. 3:40:45रहे हैं। तो भैया जो भी इन्होंने बैक एंड
  5839. 3:40:47पे लॉजिक लगाया होगा कि बेस्ड ऑन टाइम
  5840. 3:40:50स्टैंप बेस्ड ऑन प्रायोरिटी बेस्ड ऑन
  5841. 3:40:52व्हाटएवर एरिया कुछ भी जो भी इन्होंने
  5842. 3:40:54लगाया होगा उसके हिसाब से हो सकता है पहले
  5843. 3:40:5610 बंदों को लॉक मिल गया तो आपकी टिकट उस
  5844. 3:40:58टाइम पे नहीं हो पाएगी। हां वेट कर सकते
  5845. 3:41:00हो। हो सकता है किसी की फेल हो जाए तो
  5846. 3:41:02आपको वहां पे शो होने लग जाए और आप उस
  5847. 3:41:04ट्रांजैक्शन को कंप्लीट कर सकते हो। सो
  5848. 3:41:06दिस इज हाउ स्केलेबिलिटी एंड कॉन्कुरेंसी
  5849. 3:41:09दो चीजें बहुत इंपॉर्टेंट है यहां पे कि
  5850. 3:41:11कैसे हम स्केल करते हैं अपने सिस्टम को
  5851. 3:41:13अपने पावर को या कह लो कि अपने
  5852. 3:41:15एप्लीकेशनेशंस के जो हैंडल करने की जो
  5853. 3:41:17पावर है उसको फटाफट से बढ़ाया जाता है
  5854. 3:41:19स्पेशली तत्काल के टाइम पे और कॉनकरेंसी
  5855. 3:41:21और लॉकिंग मैकेनिज्म किया जाता है ताकि
  5856. 3:41:24मल्टीपल बंदे एक ही जगह पे राइट ऑपरेशन ना
  5857. 3:41:26कर सके रीड कर सकते हैं कोई दिक्कत नहीं
  5858. 3:41:28है लेकिन जैसे ही वो राइट करने की कोशिश
  5859. 3:41:30कर रहे हैं लॉक लग जाएगा और बाकी बंदे उस
  5860. 3:41:32चीज को अभी वेट करना पड़ेगा तो ये सारा
  5861. 3:41:34कांसेप्ट जो है वो आपको पता होना चाहिए इन
  5862. 3:41:36केस कहीं पे भी पूछ ले आप इज़ली आंसर दे
  5863. 3:41:38सकते हो। सिमिलर टाइप ऑफ चीज ही आपकी Jio
  5864. 3:41:41Hotstar है, Amazon Prime है। ये सारी
  5865. 3:41:43चीजों में भी यूज़ की जाती है। आपने जरूर
  5866. 3:41:46इन सारी चीजों को पढ़ना है। कंप्लीट सिस्टम
  5867. 3:41:48डिज़ फॉर द यूपीआई। यूपीआई क्या है?
  5868. 3:41:50यूनिफाइड पेमेंट इंटरफ़ेस। डेली बेसिस पे
  5869. 3:41:53हम लोग ट्रांजैक्शंस करते हैं यूपीआई के
  5870. 3:41:55थ्रू। चाहे क्यूआर कोड को स्कैन करके,
  5871. 3:41:57चाहे यूपीआई के थ्रू, चाहे फोन नंबर के
  5872. 3:41:59थ्रू। तो कहने का भाव ये है कि भैया
  5873. 3:42:01यूपीआई डेली बेसिस पे इतना ज्यादा यूज़
  5874. 3:42:04होता है। आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि
  5875. 3:42:05अगस्त 2026 के अंदर 24.5
  5876. 3:42:10बिलियन ट्रांजैक्शंस हुई है। डेली की अगर
  5877. 3:42:12मैं बात करूं तो तकरीबन 700 750 मिलियन
  5878. 3:42:16ट्रांजैक्शंस होती हैं। और इतना
  5879. 3:42:17इंपॉर्टेंट इंफ्रास्ट्रक्चर है। इसको
  5880. 3:42:19समझना बहुत जरूरी है। और अभी रिसेंटली
  5881. 3:42:22गवर्नमेंट ने इसके ऊपर क्योंकि इतना ह्यूज
  5882. 3:42:25अमाउंट ऑफ ट्रांजैक्शंस होती है और इतना
  5883. 3:42:27पैसा इधर से उधर होता है। तो भैया इसके
  5884. 3:42:29ऊपर जो है वो 4 अगर 2000 से ऊपर
  5885. 3:42:31ट्रांजैक्शन करते हो तो 04 जो है वो मतलब
  5886. 3:42:34आप मान के चलो कि अगर ₹100 आप भेज रहे हो
  5887. 3:42:37एग्जांपल के तौर पे बता रहा हूं तो चार पे
  5888. 3:42:39एक्स्ट्रा मतलब ₹1 लाख अगर आप भेज रहे हो
  5889. 3:42:41तो ₹400 एक्स्ट्रा उसके ऊपर जो है वो
  5890. 3:42:43खर्चा देना पड़ेगा। मर्चेंट को देना
  5891. 3:42:45पड़ेगा बट ऑब्वियसली मर्चेंट कस्टमर से ही
  5892. 3:42:47तो लेगा। बट कहने की बात ये है कि यार
  5893. 3:42:50इतने बड़े सिस्टम को मेरे दिमाग में आया कि
  5894. 3:42:52यार समझना तो जरूरी है कि कैसे ये एक्चुअल
  5895. 3:42:55में बिहाइंड द सीन काम होता है और मैं एज
  5896. 3:42:58ए टेकी अगर मैं बात करूं तो भैया आपको
  5897. 3:42:59समझना जरूरी है कि इंटरव्यू में अगर आपसे
  5898. 3:43:02पूछ लें कि कैसे ये कंप्लीट प्रोसेस होता
  5899. 3:43:04है तो ऑब्वियसली आपके लिए भी कहीं ना कहीं
  5900. 3:43:06जरूरी है। तो यहां पे समझते हैं इसको पूरे
  5901. 3:43:08कांसेप्ट को। बहुत बढ़िया से एग्जांपल से
  5902. 3:43:11आपको समझाता हूं। तो देखो यहां पे सबसे
  5903. 3:43:13पहले क्या है? जी यूजर है। ठीक है ना? जो
  5904. 3:43:15पेयर है मतलब ऑब्वियसली हम तो पे कर ही
  5905. 3:43:17रहे हैं कभी टैक्स पे कर रहे हैं कभी क्या
  5906. 3:43:19पे कर रहे हैं तो मैं एक यूजर हूं और
  5907. 3:43:21मैंने लेट्स सपोज ₹1000 भेजने हैं अपने
  5908. 3:43:25किसी फ्रेंड को या कहीं पेमेंट करनी है तो
  5909. 3:43:27यहां पे मैं एक यूजर हूं और मैंने इनिशिएट
  5910. 3:43:29की है अपनी पेमेंट अब ऑब्वियसली यूजर
  5911. 3:43:32पेमेंट इनिशिएट कैसे करेगा यूजर पेमेंट
  5912. 3:43:35इनिशिएट करने के लिए कोई ना कोई एप्लीकेशन
  5913. 3:43:38को यूज करेगा एप्लीकेशन बोले तो यूपीआई की
  5914. 3:43:41जो ऐप है जैसे फॉर एग्जांपल हम लोग Paytm
  5915. 3:43:44यूज करते या हम BP पे यूज़ करते हैं, BM
  5916. 3:43:47यूज़ करते हैं। ठीक है? GP यूज़ करते हैं।
  5917. 3:43:49तो ये मल्टीपल हमारे पास यूपीआई एप्लीकेशन
  5918. 3:43:51है जो हमारे फोन के अंदर होती है। उसके
  5919. 3:43:54अंदर हमने ऑलरेडी लॉग इन वगैरह किया होता
  5920. 3:43:56है। तो हमने वो एप्लीकेशन को ओपन कर रखा
  5921. 3:43:58है। डन। अब हमने उस एप्लीकेशन में अपनी
  5922. 3:44:01इंफॉर्मेशन जो है वो मतलब ऑलरेडी फिल कर
  5923. 3:44:03ही रखी है। मैंने ₹1000 पे करने हैं। अब
  5924. 3:44:05जिस बंदे को करने हैं या तो मैं उसकी क्या
  5925. 3:44:08डालूंगा? वीपीए दैट इज़ वर्चुअल पेमेंट
  5926. 3:44:11एड्रेस। ठीक है? यूपीआई आईडी मैं उसकी
  5927. 3:44:13डालूंगा। अगर मेरे पास उसका क्यूआर कोड है
  5928. 3:44:15तो मैं उसको स्कैन करके उसके थ्रू कर सकता
  5929. 3:44:17हूं। या अगर मेरे पास उसका नंबर है तो मैं
  5930. 3:44:19नंबर से डायरेक्टली मतलब वो सारा झंझट ही
  5931. 3:44:22खत्म हो गया कि आपको पहले आईएफएससी कोड
  5932. 3:44:24अकाउंट नंबर यूजरनेम ये सारा कुछ डालो। वो
  5933. 3:44:28चीज इन्होंने बंद ही कर दी। तो इतना आसान
  5934. 3:44:30कर दिया था भैया यूपीआई ने कि आप डायरेक्ट
  5935. 3:44:32जो है वो फोन नंबर। फोन नंबर से वो अपने
  5936. 3:44:34आप यूपीआई उठा लेता है या क्यूआर कोड के
  5937. 3:44:36थ्रू आप लोग इतना इजीली बिना किसी झंझट के
  5938. 3:44:39आप ट्रांजैक्शन कर सकते हो। तो मैंने
  5939. 3:44:40यूपीआई डाला या फोन नंबर के थ्रू मेरे को
  5940. 3:44:42यूपीआई मिल गई या क्यूआर डाला किसी के भी
  5941. 3:44:45थ्रू मतलब ये एक मेरे पास यूनिक सिस्टम
  5942. 3:44:46है। उस यूनिक नंबर के थ्रू मेरे पास यहां
  5943. 3:44:49पे मैं उसको पेमेंट कर सकता हूं। तो यहां
  5944. 3:44:51पे
  5945. 3:44:52इंपॉर्टेंट पॉइंट यहां पे नोट कर लेना कि
  5946. 3:44:54जैसे ही मैंने यहां पे कोई डाली
  5947. 3:44:56इनफार्मेशन तो उसके बाद कभी भी जो ये मेरा
  5948. 3:44:59Paytm है या भारत पे है या भीम है यह कभी
  5949. 3:45:02भी डायरेक्टली जो है वो बायपास करके
  5950. 3:45:05एनपीसीआई के ऊपर नहीं रिक्वेस्ट भेज सकता।
  5951. 3:45:08एनपीएसीआई क्या है? ये बेसिकली है नेशनल
  5952. 3:45:11पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और ये एक्चुअल
  5953. 3:45:14में सारा का सारा हर्ट है। मतलब हर्ट मतलब
  5954. 3:45:16ये पूरा का पूरा दिल है इस पूरे यूपीआई का
  5955. 3:45:19जिसने सारे सिस्टम को संभाल रखा है। ये आप
  5956. 3:45:22कह सकते हो कि एक क्लोज्ड नेटवर्क है। एक
  5957. 3:45:24इंफ्रास्ट्रक्चर है जिसके अंदर थाउजेंड्स
  5958. 3:45:27हजारों आप कह सकते हो सर्वर्स जो है वो
  5959. 3:45:30पैरेलली काम कर रहे हैं जो कि
  5960. 3:45:32ट्रांजैक्शंस को लेते हैं। ट्रांजैक्शन को
  5961. 3:45:33प्रोसेस करते हैं। जिसका मेन काम क्या है?
  5962. 3:45:36जो भी ट्रांजैक्शन आ रही है उसको
  5963. 3:45:37प्रॉपर्ली रूट करना। उसको वैलिडेट करना कि
  5964. 3:45:40ठीक है या नहीं ऑर्केस्ट्रेट करना सारी
  5965. 3:45:43चीजों को तो ये सबसे इंपॉर्टेंट काम है
  5966. 3:45:45यही एक्चुअल में सारी की सारी चीजें कर
  5967. 3:45:47रहा है तो कभी भी ये क्लोज्ड नेटवर्क है
  5968. 3:45:50मतलब पब्लिकली जो है वो डायरेक्टली इसके
  5969. 3:45:52ऊपर ट्रांजैक्शन नहीं जा सकती तो फिर कैसे
  5970. 3:45:54जाएगी तो मेरा Paytm भारत पे ये कैसे
  5971. 3:45:56भेजेगा इसको तो याद रखना कि जितनी भी
  5972. 3:45:59यूपीआई एप्लीकेशन है ये किसी ना किसी
  5973. 3:46:02पार्टनर बैंक के साथ होती है मतलब कोई ना
  5974. 3:46:05कोई बैंक होता है जैसे आपका एसबीआई बैंक
  5975. 3:46:07है ICICI बैंक है HDFC बैंक है Yes बैंक
  5976. 3:46:10है बैंक ऑफ बौदा है तो मल्टीपल बैंक्स जो
  5977. 3:46:13है वो अब हो सकता है कि Paytm के तीनचार
  5978. 3:46:16बैंक्स के साथ पार्टनर हो ठीक है किसी और
  5979. 3:46:18जैसे भीम का किसी और के साथ हो Gmail के
  5980. 3:46:21Gmail GPay का किसी और के साथ हो तो इस
  5981. 3:46:24तरीके से मल्टीपल जो हमारी यूपीआई एप्स
  5982. 3:46:27होती है उनका किसी ना किसी बैंक के साथ
  5983. 3:46:29क्या होता है पार्टनर बैंक आप उसको बोल
  5984. 3:46:31सकते हो ठीक है या फिर आप कह सकते हो कि
  5985. 3:46:33पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर तो कस्टमर पेमेंट
  5986. 3:46:35सर्विस प्रोवाइडर्स होते हैं तो आपकी
  5987. 3:46:37रिक्वेस्ट जो आपने पेमेंट में डाले ₹1000
  5988. 3:46:39तो वो रिक्वेस्ट जाएगी सबसे पहले पार्टनर
  5989. 3:46:42बैंक के पास और पार्टनर बैंक फिर भेजेगा
  5990. 3:46:44किसको? एनपीसीआई को कि भैया ठीक है यह
  5991. 3:46:47वैलिडेट कर क्या उस बंदे के पास इतने रुपए
  5992. 3:46:50हैं भी या नहीं भेजने लायक तो अगर है तो
  5993. 3:46:53फिर उसको हम ओके करते हैं तो ओके करने का
  5994. 3:46:55मतलब है कि जब एनपीसीआई ने बोल दिया कि
  5995. 3:46:57ओके है जी ये ट्रांजैक्शन वैलिड है जैसे
  5996. 3:47:00ही उसने बोला वैलिड है तो लेट्स सपोज आपका
  5997. 3:47:03एसबीआई बैंक था तो आपके एसबीआई बैंक से जो
  5998. 3:47:06ईश्वर बैंक है उसमें से ₹1000 क्या हो
  5999. 3:47:09जाएंगे माइनस हो जाएंगे डेबिट हो जाएंगे
  6000. 3:47:12और जो आपका बेनिफिशरी बैंक था जिसको भी आप
  6001. 3:47:14भेज रहे थे जो भी एक्स व जेड बंदे को आप
  6002. 3:47:16भेज रहे थे पैसे अगर उसका लेट्स सपोज HDFC
  6003. 3:47:19बैंक है तो उस बंदे के अकाउंट में ₹1000
  6004. 3:47:23क्रेडिट हो जाएंगे तो यह काम जो है वो
  6005. 3:47:25एनपीसीआई जब नोट दे देता है नोड मतलब जब
  6006. 3:47:28हां बोल देगा तो एक अकाउंट से पैसे
  6007. 3:47:30विथड्रॉ हो गए दूसरे अकाउंट में पैसे जो
  6008. 3:47:32है वो क्रेडिट हो गए तो फिर आपके पास जो
  6009. 3:47:34है वो एकनॉलेजमेंट आ जाती है कि
  6010. 3:47:36ट्रांजैक्शन जो है वो सक्सेसफुली हो गई और
  6011. 3:47:39दूसरे बंदे के पास आ जाता है कि पेमेंट आ
  6012. 3:47:40गई तो यह कहानी इस तरीके से प्रॉपर चलती
  6013. 3:47:43है नेगेटिव एकनॉलेजमेंट भी आ सकती है।
  6014. 3:47:46जरूरी नहीं है कि हमेशा ट्रांजैक्शन
  6015. 3:47:47पॉजिटिव ही हो। कई बार आपने देखा होगा कि
  6016. 3:47:50ट्रांजैक्शन फेल हो जाती है। मतलब ना आपके
  6017. 3:47:52अकाउंट से पैसे कटे सीधा ट्रांजैक्शन ही
  6018. 3:47:54फेल हो गई। बैंक जो है वो आपका पार्टनर
  6019. 3:47:56बैंक डाउन था उस टाइम पे। मे बी उस वजह से
  6020. 3:47:59वो बोल देता है किसी और बैंक को चूज़ कर
  6021. 3:48:00लो। किसी और यूपीआई को चूज़ कर लो। या तो
  6022. 3:48:02ऐसे या कई बार यह भी हो जाता है कि मनी जो
  6023. 3:48:05है वो विथड्रॉ हो गई। लेकिन उसके अकाउंट
  6024. 3:48:08में जो बेनिफिशरी था जिसको भेजने थे उसके
  6025. 3:48:10अकाउंट में वो क्रेडिट नहीं हुई। तो उस
  6026. 3:48:11केस में फिर क्या होगा? उस केस में पूरा
  6027. 3:48:14रोल बैक होता है। पहले तो उसका लॉग सेव
  6028. 3:48:16किया जाता है। लॉग मतलब कि भैया किस
  6029. 3:48:18अमाउंट तक ट्रांजैक्शन हो गई थी। उसको एक
  6030. 3:48:20फ्लैग दे दिया जाता है कि फेल हुई है या
  6031. 3:48:23इसके अंदर कोई ड्यू टू सम रीज़न हो सकता है
  6032. 3:48:25नेटवर्क की वजह से हो सकता है बैंक जो है
  6033. 3:48:27वो उस टाइम पे डाउन था। व्हाटएवर दी रीजन
  6034. 3:48:29तो उस वजह से वो ट्रांजैक्शन फेल हो गई है
  6035. 3:48:32तो उसको फिर रोल बैक किया जाता है। रोल
  6036. 3:48:33बैक का मतलब है कि फिर आपके अगर कटे थे
  6037. 3:48:36पैसे तो आपको वापस जो है वो एक-द दिन में
  6038. 3:48:38कई बार तुरंत आ जाते हैं। कई बार जो है वो
  6039. 3:48:40थोड़ा सा टाइम लगता है तो उसको रोल बैक
  6040. 3:48:42करके वापिस दे दिया जाता है। तो ये सारी
  6041. 3:48:44कहानी इस तरीके से वर्क करती है। लेकिन अब
  6042. 3:48:47इसमें जो फास्ट वाला काम है कि कैसे जो है
  6043. 3:48:50वो एक दो सेकंड के अंदर पूरी ट्रांजैक्शन
  6044. 3:48:53हो जाती है। तो इसमें सबसे पहले तो
  6045. 3:48:54कॉन्सेप्ट आपका यूज़ होता है लोड बैलेंस
  6046. 3:48:57वाला। लोड बैलेंसर्स का मतलब है जो
  6047. 3:48:58एनपीसीआई के सर्वर्स है या पार्टनर बैंक
  6048. 3:49:01के सर्वर्स है उन्होंने एक दो पांच सर्व
  6049. 3:49:02सर्स ही नहीं लगा रखे। उन्होंने बहुत सारे
  6050. 3:49:05सर्वर्स को यहां पे यूज किया हुआ है और उन
  6051. 3:49:08सर्वर्स के ऊपर यहां पे क्या होता है एक
  6052. 3:49:10लोड बैलेंसर। लोड बैलेंसर मतलब वो लोड को
  6053. 3:49:12बैलेंस करके रखता है। वैसे मैंने इसको
  6054. 3:49:14बहुत अच्छे से पूरी कहानी को अलग से
  6055. 3:49:16एक्सप्लेन किया हुआ है कि लोड बैलेंस क्या
  6056. 3:49:18होते हैं? कैसे वर्क करते हैं? ऊपर आई
  6057. 3:49:19सेक्शन में मैं लिंक दे देता हूं। वहां से
  6058. 3:49:21एक बार पढ़ लेना। तो ये एक तरह से मैनेजर
  6059. 3:49:23की तरह है कि भैया इस बंदे के पास ज्यादा
  6060. 3:49:24आ गई हैं ट्रांजैक्शन तो इसको भेज। अगर ये
  6061. 3:49:27डाउन है तो इसकी ट्रांजैक्शन इसको भेज दो।
  6062. 3:49:29इस तरीके से लोड को बैलेंस करके रखता है।
  6063. 3:49:31फिर दूसरा यहां पे कांसेप्ट यूज़ होता है
  6064. 3:49:34एसिंक्रोनस का। एसिंक्रोनस का मतलब क्या
  6065. 3:49:37है? सिंक्रोनस में पता है क्या होता है?
  6066. 3:49:39कि अगर मेरी एक सर्विस के पास कोई
  6067. 3:49:41रिक्वेस्ट आई हुई है। जैसे मेरे को किसी
  6068. 3:49:43बच्चे ने क्वेश्चन पूछा कि सर मेरे को ये
  6069. 3:49:45क्वेश्चन का आंसर दो। मैं उसके क्वेश्चन
  6070. 3:49:47को पढ़ रहा हूं। इतने में दूसरा बच्चा आया
  6071. 3:49:49कि मेरे को सर एक क्वेश्चन का आंसर दे
  6072. 3:49:51दोगे। मैं बोलूंगा रुक। अभी मैं पहले इसको
  6073. 3:49:53पढूंगा फिर मैं इसको सॉल्व करूंगा। फिर
  6074. 3:49:55मैं तेरे को आंसर दूंगा। फिर मैं तेरी बात
  6075. 3:49:57सुनूंगा। हालांकि उसने चाहे वॉशरूम के लिए
  6076. 3:49:59पूछना हो कि मेरे को वॉशरूम के लिए जाना
  6077. 3:50:00है। बट मैं बोलूंगा बीच में नहीं बोलना।
  6078. 3:50:02तू पहले आया है। तेरे को मैं पहले कवर अप
  6079. 3:50:04करूंगा फिर उसके बाद दूसरे पे। वो होता है
  6080. 3:50:06सिंक्रोनस। लेकिन एसिंक्रोनस में क्या है?
  6081. 3:50:09एक ट्रांजैक्शन आ रही है वो चल रही है।
  6082. 3:50:11उतने में दूसरी ट्रांजैक्शन भी साथ-साथ।
  6083. 3:50:13मतलब वेट नहीं होती वहां पे। ये कहीं ना
  6084. 3:50:15कहीं फास्ट कर देता है। ये बड़ा इंपॉर्टेंट
  6085. 3:50:17कॉन्सेप्ट यहां पे नोट करके चलना। तो ये
  6086. 3:50:20एसिंक्रोनस वाला। दूसरा यहां पे जो एपीआईस
  6087. 3:50:22वर्क करती हैं जो एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग
  6088. 3:50:24इंटरफेस जो काम करते हैं जैसे यहां पे
  6089. 3:50:26एक्सML जो है वो यूज़ होता है एचटीटीपीएस
  6090. 3:50:28का एक्सML मतलब यहां पे बहुत इंपॉर्टेंट
  6091. 3:50:31जो एपीआईस हैं वो हमेशा एक्टिवेट रहती है।
  6092. 3:50:34ऐसा नहीं है कि जब ट्रांजैक्शन स्टार्ट
  6093. 3:50:36करोगे तभी ये कनेक्शन बनेगा। नहीं कनेक्शन
  6094. 3:50:38ऑलरेडी चल रहा है। हाई स्पीड नेटवर्क पे
  6095. 3:50:41ऑलरेडी कनेक्शन चल रहा है। आपका
  6096. 3:50:43ट्रांजैक्शन करो ना करो ये हमेशा ऑन ही
  6097. 3:50:46है। तो वो वाली बात है। आप बटन ऑन करो ना
  6098. 3:50:49करो पंखे का। जैसे ही पंखे का बटन ऑन करते
  6099. 3:50:52हो तो तुरंत यानी पीछे बिजली तो है ही।
  6100. 3:50:55आपने सिर्फ बटन ऑन करने की देर है। तो आप
  6101. 3:50:57ट्रांजैक्शन सिर्फ स्टार्ट करने की देर
  6102. 3:50:58है। पीछे तो सारी की सारी चीजें रनिंग में
  6103. 3:51:01है ही। और ये हमेशा यूज करता है स्टेटलेस
  6104. 3:51:04एपीआई को। स्टेटलेस एपीआईस का मतलब क्या
  6105. 3:51:07है कि चीजों को सेव नहीं करना लोकली सर्वर
  6106. 3:51:10पे। जैसे आप कोई चीज खरीदते हो तो आपने
  6107. 3:51:12लेट्स सपोज कार्ट में कोई चीज डाली या
  6108. 3:51:15आपने कोई चीज सेव करके रख ली। तो नेक्स्ट
  6109. 3:51:17टाइम जब आप लॉग इन करते हो तो वो आपको
  6110. 3:51:18दिखा देता है कि पिछली बार आपने ये चीजें
  6111. 3:51:20डाली हुई थी। वो हो गया स्टेटफुल। जहां पे
  6112. 3:51:22हम चीजों को सर्वर पे इंफॉर्मेशन को सेव
  6113. 3:51:25करवाते हैं। लेकिन स्टेटलेस का मतलब क्या
  6114. 3:51:28है? हमें कुछ भी सर्वर पे सेव लोकली नहीं
  6115. 3:51:30करवाना। अगर आप लोकली सर्वर पे चीजों को
  6116. 3:51:33सेव करवाने लग जाओगे। अगर इन केस वो सर्वर
  6117. 3:51:35डाउन हो गया तो यूपीआई भी आपकी डाउन हो
  6118. 3:51:37जाएगी। तो इसीलिए यहां पे हम लोग क्या
  6119. 3:51:39करते हैं? स्टेटलेस या आप ऐसे भी कह सकते
  6120. 3:51:41हो कि अगर मेरे पास मल्टीपल सर्वर्स काम
  6121. 3:51:44कर रहे हैं तो हमने डिस्ट्रीब्यूटेड वे से
  6122. 3:51:46एक डेटाबेस रख दिया। जो भी चीजें सेव करनी
  6123. 3:51:48है यहां पे कर लो ताकि ये सर्वर भी यूज़
  6124. 3:51:50कर सकता है उस डेटा को ये भी कर सकता है।
  6125. 3:51:52ये भी कर सकता है ये भी कर सकता है। लाइक
  6126. 3:51:53दैट। तो ये कहीं ना कहीं सिस्टम को बहुत
  6127. 3:51:55ज्यादा फास्ट कर देती हैं। तो इस वजह से
  6128. 3:51:58आपकी जो ट्रांजैक्शंस है जो यूपीआई
  6129. 3:52:00ट्रांजैक्शंस है वो बहुत ज्यादा फास्ट
  6130. 3:52:02होती है। तो ये इंपॉर्टेंट पॉइंट्स है।
  6131. 3:52:04आपको पता होने चाहिए कि किस तरीके से
  6132. 3:52:06यूपीआई का पूरा सिस्टम डिजाइन काम करता
  6133. 3:52:08है। कहीं पर पूछ ले तो आप इजीली आंसर दे
  6134. 3:52:10[संगीत] सकते हैं। थैंक यू।

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