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Swami Yo Returns - Predictions, Tantric Secrets & Manifestation Techniques | TRS — Transcript

by Ranveer Allahbadia · 19,773 words · 2,641 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00नमो नारायण सर।
  2. 0:01नमो नारायण।
  3. 0:02मैंने हमारे पिछले एपिसोड को स्कैन करा और
  4. 0:04वह एक प्रेडिक्शन वाली सेक्शन बहुत वायरल
  5. 0:06गई थी।
  6. 0:07ग्रहों का एक समीकरण आ रहा है। यह वो
  7. 0:09पोजीशन बना रहे हैं जो महाभारत के समय या
  8. 0:12बड़े-बड़े युद्धों के समय ग्रह बनाते हैं।
  9. 0:15दुनिया में एक युद्ध होगा, महायुद्ध होगा।
  10. 0:17हां।
  11. 0:24स्टार्स के मुताबिक एक्साक्ट्ली क्या
  12. 0:26एटमॉस्फेयर में?
  13. 0:27ये संधि काल है। फुल ह्यूमैनिटी। एक ऐसे
  14. 0:30फेस के अंदर एंटर हो रहे हैं और उस
  15. 0:32ट्रांजैक्शन में से निकलने के लिए कुछ लोग
  16. 0:35जाएंगे। उनको जाना है। हजार दिन रफ टफ है।
  17. 0:38निकाल लो किसी भी तरह से और उसमें भी धर्म
  18. 0:41की शरण में आ जाओ।
  19. 0:44एट पॉइंट ऑफ़ एनलाइटनमेंट 99% पीपल उनका
  20. 0:47देहांत हो सकता है।
  21. 0:48आप छोड़ोगे नहीं। छूट ही जाएगा। समुंदर की
  22. 0:51इतनी वो सुनामियां उठती है ना हिलोरे आनंद
  23. 0:53की कि आप झेल नहीं पाओगे उसको। दिस बॉडी
  24. 0:55इज नॉट मेड फॉर दिस।
  25. 0:58क्या फिर हम स्वर्ग में चले जाते हैं?
  26. 1:01ये सब समाज को डिसिप्लिन करने के रास्ते
  27. 1:04हैं। दिस इज द धर्मदंड। आप स्वयं परमात्मा
  28. 1:06स्वरूप हो पर ड्यू टू अज्ञान भूल गए कि
  29. 1:10मैं परमात्मा स्वरूप हूं। द मोमेंट यू
  30. 1:11रियलाइज कि हम ब्रह्मास्म शरीर छोड़ दोगे।
  31. 1:13हो गया बी एंड।
  32. 1:15ओके।
  33. 1:17आपके जीवन में कार्मिक बॉम्ब क्या थी?
  34. 1:19एवरी सिंट हैज़ अ पास्ट एंड एव्री सिनर हैज़
  35. 1:23अ फ्यूचर। सो आई वाज इन द जेल एस अंडर
  36. 1:27ट्रायल और वो 7 साल मैंने 18 घंटे जो बाहर
  37. 1:29जॉब करता था तो 18 19 घंटे की मेरी साधना
  38. 1:32अंदर है। वहां कलेक्ट की हुई ऊर्जा है।
  39. 1:35टोटल नेगेटिव वाइबेशंस है और उतनी नेगेटिव
  40. 1:37वाइब्रेशन आपकी श्मशान में भी है।
  41. 1:39वो वाइब्रेशन आपको थोड़ा मजबूत बनाने के
  42. 1:41लिए परमात्मा भेजता है।
  43. 1:45कौन से मंदिर में आपको सबसे इंटेंस अनुभव
  44. 1:50हुए हैं?
  45. 1:51मेरा एक अनुभव हो गया भीमाशंकर मंदिर के
  46. 1:53अंदर। मंदिर में कोई नहीं था। काफी बारिश
  47. 1:55तेज थी। एंड देन व्हेन आई एंटर्ड भीमाशंकर
  48. 1:58तो वो भीमा नदी का जो जल है वो बिल्कुल
  49. 2:00काला है भाई। और जब मैं मंदिर की सीढ़ियां
  50. 2:02उतर रहा हूं और शिवलिंग को दर्शन ले रहा
  51. 2:04हूं।
  52. 2:12स्वामी ओ वही स्वामी जी है जिन्होंने
  53. 2:14ऑपरेशन सिंदूर को प्रेडिक्ट करा था हमारे
  54. 2:16पडकास्ट पे। इनफैक्ट ढाई साल पहले वो
  55. 2:20रिकॉर्डिंग हुई थी और जब भी मैं वो वाला
  56. 2:22एपिसोड देखता हूं ना मुझे बहुत रिग्रेट
  57. 2:24फील होता है क्योंकि आई फील आई वाजंट
  58. 2:26प्रिपयर्ड फॉर स्वामी ओ बैक देन मुझे एक
  59. 2:29और चांस चाहिए था स्वामी जी के साथ
  60. 2:32बहुत-बहुत रिस्पेक्टेड फिगर है वो साधना
  61. 2:35कम्युनिटी में सनातन कम्युनिटी में बहुत
  62. 2:38डीप कन्वर्सेशन हमने करी अबाउट सोल्स
  63. 2:40जर्नी अबाउट स्पेस अबाउट साधना अगर हमारे
  64. 2:44टीआरएस के स्पिरिचुअल पॉडकास्ट आपको अच्छे
  65. 2:45लगते है ना ये एक मेगा एपिसोड है स्वामी
  66. 2:48यो की वजह से। उनके साथ मेरी एक और
  67. 2:50कनेक्शन है कि जब कंट्रोवर्सी हुई थी ही
  68. 2:52वाज़ वन ऑफ़ द अर्ली पीपल हु मेड अ
  69. 2:54क्रिटिसिज्म वीडियो। उसकी भी बात हमने
  70. 2:57करी। तो मैं जितना रॉ हो सकता था इस
  71. 2:59एपिसोड में उतना रॉ बना और सर के साथ एक
  72. 3:02आइकॉनिक एपिसोड क्रिएट करा। इट्स अ लॉन्ग
  73. 3:05वेरी डेंस वेरी डीप एपिसोड। मेरे लिए यह
  74. 3:08एक बहुत आइकॉनिक मोमेंट है मेरे पूरे
  75. 3:09पॉडकास्टिंग करियर में। आई होप यू एंजॉय
  76. 3:12दिस वेरी स्पेशल एपिसोड ऑफ स्वाहा
  77. 3:14ब्रिंग्स यू द रणवीर शो। याद रखिए जो भी
  78. 3:18मेरी खुद के स्पिरिचुअल लर्निंग्स हैं जो
  79. 3:21मैंने खुद के स्पिरिचुअल जर्नी से सीखा है
  80. 3:23इन टर्म्स ऑफ़ मेडिटेशन इन टर्म्स ऑफ़ साधना
  81. 3:24वो सारी चीजें प्रोग्राम्ड इन है मेरी ऐप
  82. 3:28स्वाहा में लिंक इज गिवन डाउन बिलो बट फॉर
  83. 3:30नाउ लेट्स गेट इंटू द स्पेशल एपिसोड ऑफ
  84. 3:33स्वाहा ब्रिंग्स यू द रणबीर शो
  85. 3:58स्वामी जी आपका स्वागत है।
  86. 4:00नमस्कार।
  87. 4:01बहुत कुछ कहना है आपसे।
  88. 4:03नमो नारायण।
  89. 4:04नमो नारायण सर। भैरव बाबा के नाम में मैं
  90. 4:07इस एपिसोड की शुरुआत करना चाहूंगा।
  91. 4:09क्या बात है।
  92. 4:10जय भैरव बाबा। ओम नमः
  93. 4:13कैसे हो सर?
  94. 4:14बहुत बढ़िया।
  95. 4:15इस पडकास्ट के स्पिरिचुअल एपिसोड मैं
  96. 4:17हमेशा रिवॉच करता हूं।
  97. 4:20ताकि अगर कोई चीज मिस हो गई है तो मैं फिर
  98. 4:22से उसे समझता हूं।
  99. 4:24मैंने हमारे पिछले एपिसोड को स्कैन करा और
  100. 4:26वो एक प्रेडिक्शन वाली सेक्शन बहुत वायरल
  101. 4:28गई थी।
  102. 4:29हां बिल्कुल।
  103. 4:29ऑपरेशन सिंदूर से पहले
  104. 4:31बट उस एपिसोड में इतनी सारे स्पिरिचुअल
  105. 4:34बातें हुई थी। हम्।
  106. 4:36जहां मैं शायद यंग था, इमच्योर था और आपकी
  107. 4:40हिंदी बहुत हाई लेवल की थी। तो मैं डेप्थ
  108. 4:43में नहीं जा पाया।
  109. 4:44हम
  110. 4:46तो कोसता गया खुद को कि यार व्हाई डिटंट
  111. 4:48आई आस्क मोर हियर? ये और जानना था
  112. 4:51वगैरह-वगैरह।
  113. 4:52तो वो एक की पिलर है। बिहाइंड दिस एपिसोड।
  114. 4:56दूसरा रीज़न सर। अगेन ये मैं खुल के बता
  115. 4:59रहा हूं। जब कंट्रोवर्सी हुई थी। आई हैड
  116. 5:02सीन योर वीडियो। एंड ऐसा जेन्युइनली मुझे
  117. 5:05लगा कि एक एल्डर ब्रदर मुझे सलाह दे रहे
  118. 5:08हैं।
  119. 5:08इवन दो बहुत सारे लोगों को लगा आपको
  120. 5:11गुस्सा महसूस हो रहा था। आई डोंट थिंक इट
  121. 5:13वास गुस्सा। इट वास मोर लाइक
  122. 5:16कंपैशन इन सम वे
  123. 5:18वो मुझे फील हुआ। तो बस इन पर्सन सॉरी
  124. 5:22कहना था आपसे। यू आर वन ऑफ़ द फ्यू पीपल
  125. 5:24जहां मेरे को लगा इनको अपोलजाइज करना है
  126. 5:26मुझे। अ तो आई रिमेंबर सीइंग दैट वीडियो
  127. 5:30एंड आई डिडन्ट फील बैड। आई जस्ट वांटेड टू
  128. 5:32से सॉरी बट इन पर्सन तो यह मेरी दो रीज़ंस
  129. 5:35हैं। इसलिए मैंने कहा कि मुझे एकदम रॉ
  130. 5:37पॉडकास्ट करना है आपके साथ। तो आई एम वेरी
  131. 5:40वेरीरी हैप्पी टू बी सिंग वि यू। मुझे पता
  132. 5:43भी नहीं आज कैसी बातें निकल के आएंगी।
  133. 5:45ऑफ कोर्स मैं आपसे और प्रेडिक्शनंस
  134. 5:47मांगूंगा।
  135. 5:49जैसे
  136. 5:49गुरुदेव।
  137. 5:50हायर पडकास्ट होस्ट मांगता है आपसे। बट आई
  138. 5:54एम एक्चुअली हियर टू जस्ट लर्न क्योंकि आई
  139. 5:56डोंट फील वी डीड जस्टिस द लास्ट टाइम। और
  140. 5:58आपसे बस मिलना था फिर से। माय प्लेजर मेरा
  141. 6:02सौभाग्य जिस एपिसोड की आपने बात की कि
  142. 6:05मैंने उसको एज एल्डर ब्रदर की तरह बनाया
  143. 6:08था वास्तव में उस उसके बाद मुझे बहुत
  144. 6:10गालियां पड़ी कि आपने रणबीर को प्रोटेक्ट
  145. 6:13किया है क्योंकि मैंने उसमें एक शब्द का
  146. 6:15प्रयोग किया था कि रणबीर जो भी हो अगर आज
  147. 6:19आप उसको जो गालियां देते हो तो उस कमल तक
  148. 6:22पहुंचने के लिए जो सफर किया आपको जो सारे
  149. 6:25गहने मिले जो बड़े-बड़े जेम्स मिले वो
  150. 6:28थ्रू रणबीर मिले हैं। एंड इट्स ग्रेटट्यूड
  151. 6:31फ्रॉम मां सरस्वती कि सुनने वाले पडकास्ट
  152. 6:34के जितने भी लाखों करोड़ों लोग हैं आज अगर
  153. 6:37वह बड़ी-बड़ी हस्तियों से परिचित हुए या
  154. 6:39उन्होंने जो भी आध्यात्मिक गेन किया
  155. 6:42डायरेक्टली इनडायरेक्टली बट क्रेडिट गोस
  156. 6:44टू यू एंड ऑफ द डे यू हैव मेड सच अ यू नो
  157. 6:46फैबुलस मतलब एक मुझे लगता है ये इतिहास का
  158. 6:49हिस्सा होगा मैंने यस ब्रदरली उस चीज को
  159. 6:53कहा कि
  160. 6:55किसी को भी थोड़ा सा हर्ट होता है बट
  161. 6:58जितना भी मैं रणबीर को जानता हूं। रणबीर
  162. 7:01शब्द का अर्थ क्या है? जो वॉर में से जीत
  163. 7:04के वॉरियर की तरह बाहर आए। मुझे पर्सनली
  164. 7:07भी बहुत कॉल्स आए। स्वामी जी आप भी उनको
  165. 7:10जानते थे। आपने पडकास्ट किया। आपका तो
  166. 7:12चेहता है। तो वो हीट तो मैंने झेल ली। तो
  167. 7:15मैंने उनको यह कहा था कि व्हाट आई
  168. 7:17ऑब्जर्व। मेरा कोई बहुत बड़ा संबंध उनसे
  169. 7:20नहीं। बट जितना भी है मुझे उसमें मैं उस
  170. 7:24पॉडकास्ट पे पहुंचा था। था रणबीर अगेन आई
  171. 7:26विल से वेरी ऑनेस्टली यह व्यासपीठ है। मैं
  172. 7:29किसी के मर्जी से या किसी के निमंत्रण से
  173. 7:31आया हुआ व्यक्ति नहीं हूं। मैं उस गेरवा
  174. 7:33में हूं जो नित्य मुक्त शुद्ध बुद्ध
  175. 7:35सच्चिदानंद स्वरूप में रहते हैं। आई केम
  176. 7:38फर्स्ट टाइम दैट वाज़ इंस्ट्रक्शन फ्रॉम
  177. 7:40महावतार बाबा जी और आज भी अगर मैं आया हूं
  178. 7:43तो अवतार बाबा जी की वजह से हूं।
  179. 7:47नहीं थैंक यू सर। थैंक यू। हम
  180. 7:50मेरे लिए आई थिंक इस एपिसोड के थ्रू हम बस
  181. 7:53सर्विस कर रहे हैं।
  182. 7:54सनातन
  183. 7:55वी हैव डन दैट
  184. 7:56डन दैट यू डोंट यू डोंट नीड एनी
  185. 7:58सर्टिफिकेट फ्रॉम ए्री टॉम डिकनरी एंड सो
  186. 8:00सेम विथ हियर।
  187. 8:01मुझे पता है कि इसको सुनने के बाद भी कई
  188. 8:03लोग ऐसे अंटिशंट कमेंट करेंगे।
  189. 8:05बट आई एम नॉट अकाउंटेबल एंड आंसरेबल टू
  190. 8:08एव्री टॉम डिकनरी।
  191. 8:09थैंक राइट।
  192. 8:10थैंक यू सर।
  193. 8:11थैंक यू। आपसे पूछना चाहूंगा
  194. 8:16कार्मिक बॉम्ब्स के बारे में।
  195. 8:20जहां एक शॉट में आपके इतने कर्म साफ हो
  196. 8:24जाते हैं
  197. 8:25क्योंकि कहते हैं कि जब आप साधना से
  198. 8:26जुड़ते हो
  199. 8:27तब कार्मिक बॉम्ब्स फटते हैं आपकी लाइफ
  200. 8:30में। ऐज 25 से लेके 30 तक रफली
  201. 8:35अ मैं क्रिया योगा में बहुत ज्यादा जुड़ा
  202. 8:38हुआ था।
  203. 8:39एंड आई थिंक जब हम मिले सर मेरी साधना की
  204. 8:41जस्ट शुरुआत हुई थी।
  205. 8:43अ
  206. 8:44क्रिया योगा के टाइम ऑलमोस्ट कोई कार्मिक
  207. 8:46बम्ब्स नहीं फटे। हम
  208. 8:48एक बहुत बुरा ब्रेकअप हुआ था। बस वही
  209. 8:49इकलौता कार्मिक बम था। बट वो झेल पाया।
  210. 8:52हम
  211. 8:53फिर साधना में आकर बहुत कुछ हुआ जिंदगी
  212. 8:55में। बहुत कुछ मिला।
  213. 8:56फिर कार्मिक बॉम्ब्स भी फूटे। अब एकदम
  214. 8:59मतलब स्ट्रांग बन चुका हूं।
  215. 9:02दो सवाल है आपके लिए। पहले तो आपके जीवन
  216. 9:05में कार्मिक बॉम्ब क्या थी? आपके ह्यूमन
  217. 9:08लाइफ में प्री साधना या जस्ट व्हेन यू
  218. 9:10स्टार्टेड साधना। और दूसरा जनरली ये
  219. 9:12कार्मिक बॉम्ब्स के बारे में। क्योंकि वी
  220. 9:15ऑल नो इट टेक्स यू क्लोजर टू द पॉइंट ऑफ
  221. 9:18मोक्ष।
  222. 9:19हम
  223. 9:20तो जहां से भी आप शुरुआत करना चाहोगे
  224. 9:22क्योंकि ये बहुत जरूरी टॉपिक है हर इंसान
  225. 9:24के लिए।
  226. 9:26एवरी सेंट हैज़ अ पास्ट एंड एव्री सिनर हैज़
  227. 9:30अ फ्यूचर। सेंटेंस मेरा नहीं है।
  228. 9:32जी
  229. 9:33पर मुझे पसंद है। वो रणबीर की शरारती जो
  230. 9:37आंखें हैं ना वो पूछती तो एक आध सवाल है
  231. 9:39लेकिन उसमें बहुत कुछ यू नो पूछा जाता है।
  232. 9:42सो डायरेक्टली यू हैव आस्क कि भाई मेरे
  233. 9:45कार्मिक बम्स के विषय में मैं बहुत मतलब
  234. 9:48इस चीज को बोल चुका हूं। नथिंग न्यू इट्स
  235. 9:50ऑन रिकॉर्ड और वेरी मच वैलिड रिकॉर्ड्स के
  236. 9:53साथ है कि व्हेन आई वास इन 11th मैं
  237. 9:57बॉम्बे से पढ़ा लिखा बच्चा हूं। जी
  238. 9:59और मैं रामकृष्ण मठ खार मठ से जुड़ा हुआ
  239. 10:02उन दोनों वाशानंद जी महाराज थे आदेशक मैं
  240. 10:06वम रूपानंद जी द वन ऑफ द मोस्ट सीनियर मंक
  241. 10:08ऑफ द रामकृष्ण ऑर्डर इन नागपुर मठ उनसे
  242. 10:11कांटेक्ट में था कि मुझे रामकृष्ण मठ मिशन
  243. 10:13का तो सन्यासी बनना है। सो जो फॉर्मेलिटी
  244. 10:16होती है कि आप ग्रेजुएशन करके आ जाए
  245. 10:18क्योंकि मिनिमम क्वालिफिकेशन रामकृष्ण मठ
  246. 10:20मिशन की उन दिनों कि ग्रेजुएशन होना
  247. 10:23चाहिए। आई डीड माय ग्रेजुएशन आल्सो एंड
  248. 10:26विद वेरी गुड नंबर। सो ठीक हो गया और फिर
  249. 10:28मैंने उनको लिखा कि हो चुका है मैं आऊं।
  250. 10:31उन्होंने 15 पैसे वाले उन दोनों के जो
  251. 10:33पोस्ट कार्ड है ओपन पोस्ट कार्ड पर लिख
  252. 10:36दिया कि आप आ सकते हैं और रामकृष्णम
  253. 10:39एडमिशन को आप आएंगे तो बता दिया जाएगा
  254. 10:42क्या प्रोसीजर वगैरह है तो और वो पोस्ट
  255. 10:45कार्ड मेरी माता श्री के हाथ में लग गया
  256. 10:48और उससे कुछ साल पहले ही मेरे पिताजी
  257. 10:50मैंने आपको लास्ट टाइम बताया था चार वर्ण
  258. 10:52होते हैं ब्राह मतलब ब्रह्मचर्य गृस्थ
  259. 10:55वानप्रस्थ और सन्यास और हम उस परंपरा का
  260. 10:57निर्वाह करने वाले लोग जिस परिवार में
  261. 11:00मेरा परिवेश हुआ है पीढ़ियों से हम लोग
  262. 11:01उसका निर्वाह करते हैं। तो पिताजी कुछ साल
  263. 11:04पहले ही सन्यासी हो गए थे।
  264. 11:06वाओ हम लोग बहुत फाइनेंशियल क्राइसिस से
  265. 11:09निकल रहे थे। तो मां ने कहा कि अगर तुम भी
  266. 11:12चले जाओगे तो फिर ये कोई बात तो हुई नहीं।
  267. 11:16थोड़ा सा परिवार के लिए कुछ करो और
  268. 11:18कंट्रीब्यूट करो। बहन की शादी बाकी थी एक
  269. 11:21सिस्टर थी मेरी।
  270. 11:23एंड सम हाउ कार्मिक कहो कि मैंने उस चीज
  271. 11:25को एज अ चैलेंज लिया और मैंने सन्यास वाला
  272. 11:28लेटर छोड़कर के दुबई जाना पसंद किया। मेरे
  273. 11:31बड़े ब्रदर वहां ही थे। माय एज वास
  274. 11:34हार्डली 19 एट दैट टाइम। मैंने दुबई के उस
  275. 11:37तपती धूप के अंदर मतलब भले वाइट कॉलर जॉब
  276. 11:40भी लेकिन 18 19 घंटे डबल किया है टू अर्न।
  277. 11:44काफी सक्सेस मिला। काफी अर्न किया और वो
  278. 11:47भी टाइम आया जब 7 साल था। इस बीच में मैं
  279. 11:50तुरंत डेढ़ साल के अंदर ही अपने पैसे से
  280. 11:52वापस बेलूर मठ गया और मैंने महाराज जी को
  281. 11:55बताया कि मैं तो सन्यास लेने के लिए आया
  282. 11:56हुआ था और महाराज जी ने मतलब जिनसे मेरी
  283. 12:01दीक्षा होती है परम पूज्य भूतेशानंद जी
  284. 12:03महाराज स्वामी भूतेशानंद जी महाराज
  285. 12:05उन्होंने देखा और उन्होंने कहा कि देयर इज
  286. 12:07सम वर्क फॉर यू ठाकुर वांट्स टू गेट इट डन
  287. 12:12उस काम के बाद तुम्हारा सन्यास होगा मतलब
  288. 12:14सन्यास तो अभी भी नहीं होगा और उन्होंने
  289. 12:17कहा जैसे कहा जाता है वैसे करो यू एंटर्ड
  290. 12:19इनू दैट सेम यू नो लाइनज वापस से गृहस्ती
  291. 12:23का उन्होंने आर्डर दिया। आई एंटर्ड इनू
  292. 12:25दैट दुबई रहा। फिर वहां से मेरा परमानेंट
  293. 12:28रेजिडेंस कनाडा हुआ। कनाडा में भी
  294. 12:30प्रमथानंद जी महाराज रामकृष्ण मिशन के
  295. 12:32बहुत सीनियर उनके सानिध्य में रहने मिला।
  296. 12:35और यात्रा करते-करते यू नो वो काम ठाकुर
  297. 12:38ने क्या रखा था मुझे समझ में नहीं आ रहा
  298. 12:40था। मैं हर बड़ा काम कर रहा था। और एक दिन
  299. 12:43अचानक से जब मुझे पता पड़ता है कि हमें अब
  300. 12:48तो स्वर्गीय हैं। हेमंत करकरे जी ढूंढ रहे
  301. 12:50हैं
  302. 12:52और वह हिंदू सैफरन केस के अंदर और मुझे घर
  303. 12:58से भागना पड़ता है और मैं घर से भागता हूं
  304. 13:00और ऋषिकेश पहुंचता हूं और वो मेरी मुलाकात
  305. 13:04टर्निंग पॉइंट थी महावतार बाबा जी की कृपा
  306. 13:06ऋषिकेश की एंड देन जब उन्होंने इंगित किया
  307. 13:10कि सात साल तुम्हारा साधना का और है यू नो
  308. 13:16बंधन योग की साधना तो आई एम नॉट
  309. 13:18अंडरस्टैंडिंग द टर्म बंधन योग में। बंधन
  310. 13:21मींस मुझे लगा कि न्यास व्यास करके अपने
  311. 13:23को साधना करनी है। उन्होंने कहा कि यही
  312. 13:26साधना कर लो। मैंने कहा नहीं नहीं आई हैव
  313. 13:28गॉट फैमिली।
  314. 13:30मेरी रिस्पांसिबिलिटीज हैं। तो ठीक है।
  315. 13:34करना तो पड़ेगा। करोगे तुम। बट आई नेवर
  316. 13:37थॉट बंधन साधना बंधन योग की साधना क्या
  317. 13:40होगी? सो आई वाज़ इन द जेल एज अंडर ट्रायल।
  318. 13:44बाजत भरी है पर 7 साल बिना किसी कारण के
  319. 13:47कटवाई तो सही और वह सात साल मैंने 18 घंटे
  320. 13:50जो बाहर जॉब करता था तो 18 19 घंटे की
  321. 13:52मेरी साधना अंदर है उसमें गायत्री के पुर
  322. 13:55चरण है डेली
  323. 13:58सभी पूरी गीता का पाठ करना 18 अध्याय 700
  324. 14:01श्लोक सप्तशती दुर्गा सप्तशती का पाठ
  325. 14:03ललिता सहस्त्रनाम श्री विद्या के जो मंत्र
  326. 14:06हैं दूसरे भैरव साधना इत्यादि 18 19 घंटे
  327. 14:09की साधना आज भी मेरे उन पुराने जेलों के
  328. 14:12जो संपर्क हैं वि ऑल ऑल ड्यू रिस्पेक्ट
  329. 14:14मतलब बहुत रिस्पेक्टफुली मेरे संपर्क है।
  330. 14:16जेल में साधना
  331. 14:17हां जेल में साधना और भाई
  332. 14:19मुझे मिला भी मुझे मिला भी। मेरे जो
  333. 14:21एडवोकेट थे वो कहते थे योर आईज एंड योर
  334. 14:24ओरा वास टोटली डिफरेंट। यू नो आदमी को एक
  335. 14:28एक ओरा तो क्रिएट होती है। तो मुझे जो आप
  336. 14:32कार्मिक बम बोलते हो तो शायद मुझे लगता है
  337. 14:34कि एक वो जो काम था मेरा नाम उस शेफरन
  338. 14:37टेररिज्म के अंदर मास्टरमाइंड में लगाया
  339. 14:39एंड आई यू नो प्राउडली अभी मैं कहता हूं
  340. 14:42कि जो आपने दिया है उसको सहने दो फिर आई
  341. 14:46डोंट हैव एनी कंप्लेंट्स विद सोसाइटी। आई
  342. 14:48डोंट हैव कंप्लेंट विथ एनी लीगल सिस्टम।
  343. 14:50आई डोंट हैव कंप्लेंट विथ एनी पुलिस ऑफिसर
  344. 14:52हु मिस बिहेव विथ मी। वो चीज पास्ट हो
  345. 14:55चुकी है बट वो कार्मिक चीज थी कि मुझे
  346. 14:57अंदर रहना था साधना करनी थी और मैं इसमें
  347. 15:00कृपा मानता हूं मेरे महावतार बाबा जी की
  348. 15:06मुझे पता नहीं अगर मैं आपसे पूछूं महावतार
  349. 15:09बाबा जी की मुलाकात के बारे में या जेल के
  350. 15:13बारे में दोनों चीजों के बारे में जानना
  351. 15:16मैं अंदर आया तो मेरे साथ सिर्फ जैसे
  352. 15:20अपनेप
  353. 15:22मान्यताओं के अनुसार मेरे मेरे पास
  354. 15:24रामकृष्ण परमहंस की छोटी तस्वीर मां शारदा
  355. 15:27और विवेकानंद तीनों ट्रायो की मैं हमेशा
  356. 15:29अंदर रखता था लॉक पे
  357. 15:31खुद का जेल सेल था
  358. 15:32मैंने मैंने अपने वंटियरली जज साहब को लिख
  359. 15:35करके दिया था कि मुझे सॉलिट्यूड में साधना
  360. 15:37करने के लिए अकेले 100 सेल दिया जाए जेल
  361. 15:41में तो पनिशमेंट होती है वो उन्होंने कहा
  362. 15:42आर यू श्योर
  363. 15:44तो मैंने कहा कि यस आई एम श्योर मुझे
  364. 15:47साधना करनी है तो यस वो कम हम इंसान हैं
  365. 15:51और हमारी लिमिटेशंस तो होती है हम ह्यूमन
  366. 15:53बॉडी में है तो ऑफ कोर्स तो मैंने ठाकुर
  367. 15:55को रामकृष्ण को एक बार पूछा कि क्या यही
  368. 15:57करवाने के लिए तुमने मुझे अंदर लाया? ऐसा
  369. 15:59तो कुछ किया नहीं है कि इतनी तकलीफों में
  370. 16:02रख रहे हो। तब उन्होंने पहली बार जैसे
  371. 16:04इंगित किया कि तुम्हें कहा था ना साधना
  372. 16:07योग है सात साल का बंधन योग तुम माने
  373. 16:10नहीं। तुम चाहते तो तिब्बत में कर लेते।
  374. 16:12हिमालय में कर लेते। तुमने कहा मेरी
  375. 16:14फैमिली है। मुझे जाना है तो गए। बट साधना
  376. 16:17तो तुम्हें करनी थी। इसीलिए तुम अंदर हो।
  377. 16:19तो क्या मेरा यही काम था? बोले जो करना था
  378. 16:22वो मैंने करवा लिया। नाउ बाहर जब तुम
  379. 16:25जाओगे तो अब तुम अपना जो शेड्यूल है काम
  380. 16:28का वो करोगे।
  381. 16:32तो ये अवतार और उनके कॉस्मिक काम और उसके
  382. 16:37कॉस्मिक कर्म ये हम अपने सूक्ष्म इसमें
  383. 16:40शुद्र शरीर से समझना यह हमारी कैपेसिटी
  384. 16:43नहीं है। इस माइंड के अंदर उतना ही समझ
  385. 16:45सकते हो। जितना लॉजिक समझाती है आपको या
  386. 16:48रीजनिंग समझाती है। दैट्स इट। बट जो वो
  387. 16:51विराट है उस विराट को समझने के लिए आपको
  388. 16:54अपनी उस चेतना को विराट करना पड़ता है। तब
  389. 16:57जाकर के उसके कुछ चीजों को हम समझ सकते
  390. 17:00हैं। कुछ नॉट ऑल। तो जेल भी मेरे लिए बाबा
  391. 17:05जी का एक साधन है और बाबा जी भी उसके कहीं
  392. 17:09ना कहीं कनेक्टेड मिलते हैं।
  393. 17:12कुछ-कुछ लोगों से बात हुई है शो पर
  394. 17:14जिन्होंने जेल को एक्सपीरियंस करा।
  395. 17:16हम
  396. 17:17उन्होंने डायरेक्टली तो यह नहीं कहा बट
  397. 17:19उनकी बातें सुनकर मेरे को ऐसा लगा कि जेल
  398. 17:22मस्ट बी अ प्लेस विथ अ लॉट ऑफ़ एंटिटीज़।
  399. 17:25हम
  400. 17:26बिकॉज़ बहुत सारे लोगों की पीड़ा होती है
  401. 17:28जेल में। हम्।
  402. 17:29वहां बैठकर साधना करने का एक्सपीरियंस
  403. 17:32कैसा था?
  404. 17:33हां, यह एक्सेप्शनल केस था। मैं आपको ऑन
  405. 17:36रिकॉर्ड बताता हूं। यू कैन वेरीफाई इट।
  406. 17:38मेरे पास अक्सर उस सेल के अंदर आसपास जो
  407. 17:40बजते थे वो एक सुपरिडेंट हमारे साथ मतलब
  408. 17:43इतने जिसको कहते हैं ना क्लोज हो गए थे।
  409. 17:45बहुत प्रभावित भी थे इससे। तो दो-तीन
  410. 17:48उन्होंने एक्सपेरिमेंट्स किए। हार्ड कोर
  411. 17:51शार्प शूटर कुछ दिनों के लिए मेरे साथ
  412. 17:53छोड़ दिए जाते थे।
  413. 17:56छ सात दिन के अंदर उनमें बहुत परिवर्तन हो
  414. 17:59जाता था। अभी भी एक शार्प शूटर है। मैं
  415. 18:01नाम इसलिए नहीं लेता हूं बेवजह विवाद हो
  416. 18:03जाता है। ही इज़ अ शार्प शूटर फॉर वन ऑफ द
  417. 18:05मोस्ट टॉप माफिया का। व्हेन ही केम टू जेल
  418. 18:10के उस 14 नंबर वार्ड में जयपुर जेल की बात
  419. 18:13कर रहा हूं। मैंने उसे उतना ही कहा कि
  420. 18:14क्या तुम्हारे जीवन का देह ऐसे शूट करके
  421. 18:17पैसे उगाई करना यह है।
  422. 18:20डू यू थिंक ह्यूमन लाइफ इसके बर्थ है? तो
  423. 18:24क्या करना चाहिए? स्टार्ट विद हनुमान
  424. 18:26चालीसा। मिरेकल्स हो जाएंगे। तुम यह मत
  425. 18:29सोचो तुम्हारे 30 35 25 साल हो गई उम्र तो
  426. 18:31मतलब तुम नहीं अचीव कर सकते। तुम कर लोगे।
  427. 18:33एंड ही वास हैविंग वेरी गुड रिस्पेक्ट फॉर
  428. 18:35मी। उनको मैंने एक कहा कि तुम स्वीकार कर
  429. 18:39लो। ये सब झंझटों से साढ़ तीन चार-चार साल
  430. 18:42की एक जगह जमा करके वो कंक्रीट कर लेते
  431. 18:44हैं ना। तो लाइफ इंप्रज़मेंट में उसका आया।
  432. 18:477 साल आठ साल कट चुकी थी। छ सात साल में
  433. 18:49वो फ्री हो के निकल भी गया होगा। मेरा कोई
  434. 18:51संपर्क नहीं अभी। तो ऐसे तो बहुत एक
  435. 18:54ट्रैफिकर था। हिंदुस्तान का नामीगरामी वह
  436. 18:57भी मेरे साथ रखा गया। एंड ही टोल्ड मी जो
  437. 19:00रियल है कि मैं एक शरीफ परिवार से आता
  438. 19:05हूं। वो जो मर्डर या ड्रग्स में वो बाद
  439. 19:07में आएगा परिस्थितिवश जेल सबको बना देती
  440. 19:10है क्योंकि सर्वाइवल था उसका। उसने कहा
  441. 19:12बचपन में मैं कई लोगों को गीता का पाठ
  442. 19:15करते हुए सुनता था। वो राजस्थान के ही हैं
  443. 19:17विश्नोई समाज का। तो उसने कहा कि एक मन के
  444. 19:21अंदर सूक्ष्म विचार आया कि कड़कड़ाहट गीता
  445. 19:24मैं किस दिन चट करूंगा और मैं डेली गीता
  446. 19:27चट करता हूं आवाज से जोर से आवाज जो मीटर
  447. 19:31है उसी में तो बोले शायद मुझे इसीलिए जेल
  448. 19:34में आना पड़ा कि गीता सीखनी थी गीता का
  449. 19:36बहुत अच्छा स्टूडेंट रहा वो मेरा मैं जहां
  450. 19:39भी रहा मेरे साथ उन लोगों ने जो भी साथ
  451. 19:41में रहे कम से कम गीता का 15वा अध्याय या
  452. 19:44पूरा पूरा पाठ सीखे सो यू कैन से इट्स अ
  453. 19:46जर्नी यस व्हाट यू सेड कि वहां की
  454. 19:48वाइबेशंस वगैरह
  455. 19:50हिमालय में भी तो अपने को कोई फैसिलिटी
  456. 19:53नहीं है। हम लोग अपने कंफर्ट ज़ोन को
  457. 19:54छोड़कर के जाते हैं। खानपान, रहन-सहन कुछ
  458. 19:57नहीं होता। फिर क्यों करते हैं हम वहां
  459. 19:58पर? मुंबई जैसे शहर में या दूसरे शहरों
  460. 20:02में एसी लगाकर बैठकर तपस्या की जा सकती
  461. 20:04है। व्हाई हिमालय तो वहां कोई कलेक्ट की
  462. 20:08हुई ऊर्जा है। कोई वाइब्रेशन है। सेम थिंग
  463. 20:12जेल में टोटल नेगेटिव वाइबेशंस है और उतनी
  464. 20:15नेगेटिव वाइब्रेशन आपकी श्मशान में भी है।
  465. 20:17तो हमारे तो श्मशानों के राजा महादेव जी
  466. 20:21तो श्मशान में ही रहते हैं। तो आप तो
  467. 20:22कहोगे कि श्मशान में साधना नहीं होनी
  468. 20:24चाहिए। त्रिलिंग स्वामी की जो मुख्य साधना
  469. 20:26है वो श्मशान में है। अघोरियों की श्मशान
  470. 20:29में है। योगियों की श्मशान में है। मैं
  471. 20:32मानता हूं कि वो वाइब्रेशन आपको थोड़ा
  472. 20:35मजबूत बनाने के लिए परमात्मा भेजता है। जब
  473. 20:38हम उस फेस पे जाते हैं। हम जेल जाते क्यों
  474. 20:40है? तो तो कृष्ण का जन्म होना ही नहीं
  475. 20:42चाहिए था वहां पर। हम
  476. 20:43तो परमपिता परमेश्वर क्यों झेल जाएंगे
  477. 20:46भाई?
  478. 20:48तो मुझे लगता है कि कोई हमारी प्रारब्ध की
  479. 20:51जर्नी वर्तमान की जर्नी में कुछ कमी रह
  480. 20:54जाती है। नहीं कोई एक पर्टिकुलर विटामिन
  481. 20:56कम हो जाए तो उसकी टेबलेट खानी पड़ती है।
  482. 20:57बी12 है या डी एग्जांपल दे रहा हूं। तो वो
  483. 21:01जो मजबूत बनने का हमारा जो फेस है ना वो
  484. 21:03उसी ही फेस से निकल के हो सकता है। देयर
  485. 21:06इज़ नो अदर ऑप्शन। देयर इज़ नो एस्केप रूट
  486. 21:08आल्सो एंड नॉट टू फील बैड।
  487. 21:11है ना? मुझे मेरे उस समय के लिए गर्व
  488. 21:14महसूस होता है। अगर मैं वहां नहीं होता तो
  489. 21:16आज मैं गेरुआ में भी उतना नहीं होता। सो
  490. 21:18आई एम आई एम रियली थैंकफुल टू ऑलमाइटी
  491. 21:20व्हाट आई एम टुडे। आई एम टुडे बिकॉज़ ऑफ़
  492. 21:23दैट जेल यात्रा बंधन योग।
  493. 21:29ओके। आई एम सॉरी कि मैं इस तरह से ये चीज
  494. 21:33कह रहा हूं। बट मेरे एडिक्शन प्रॉब्लम्स
  495. 21:35रहे हैं कॉलेज में। हम
  496. 21:37काफी हद तक और बहुतों के रहते हैं। हम
  497. 21:40आई रिमेंबर बेसिकली टर्निंग टू एनी
  498. 21:42एडिक्शन बी एट अल्कोहल जो भी क्योंकि मुझे
  499. 21:45एस्केप करना था
  500. 21:46मेरी रियलिटी को
  501. 21:48मैं मानता हूं कि जब कोई किसी चीज से गुजर
  502. 21:50रहा होता है तो एक तरह की सेल्फ पिटी कह
  503. 21:54लो, सफरिंग कह लो कुछ ना कुछ होने लगता
  504. 21:57है। दुनिया को कोसना ये सब होने लगता है।
  505. 22:00आई वुड लाइक टू नो अगर आप भी वो सेल्फ
  506. 22:02पिटी सफरिंग महसूस करते थे। आपकी भी एक
  507. 22:04ह्यूमन साइड होगी। डेफिनेटली
  508. 22:06वो ह्यूमन साइड क्या सोचते थे जीवन में
  509. 22:09जितने मेरे तो बेर दीक्षाएं चलती हैं तो
  510. 22:11मैं बिल्कुल
  511. 22:13ब्लंटली पूछता हूं डाइट नॉनवेज है वेज है
  512. 22:16अल्कोहल लेते हो कि नहीं लेते हो कुछ बंद
  513. 22:19नहीं करना है पर बता दो उस हिसाब से हम
  514. 22:21ओरा को सेट करके मंत्र को तुम्हें बीज
  515. 22:23मंत्र को देंगे भाई तो हमें पता होना
  516. 22:25चाहिए कि क्या होने वाला है। तो जब वह
  517. 22:28कहते हैं कि ज्यादा करके एनआरआई या विदेश
  518. 22:32के मेरे बहुत अच्छे डिसाइपल्स हैं। तो वह
  519. 22:35कहते हैं कि स्वामी जी यू नो ऑन आवर लाइफ
  520. 22:38स्टाइल वी टेक अल्कोहल एंड ऑल दिस थिंग्स।
  521. 22:41मैं बोला अगर मेरे दिए हुए मंत्र में गुरु
  522. 22:43के द्वारा गुरुजनों की कृपा से अगर शक्ति
  523. 22:46होगी तो तुम्हें प्रयास नहीं करना है इसको
  524. 22:49छोड़ने का। मंत्र करवा लेगा। अगर मंत्र
  525. 22:51में ताकत है तो अपने आप होगा। और मंत्र
  526. 22:54में ताकत नहीं होगा तो जाहिर है तुम चिपके
  527. 22:57रहोगे। इसके गहराई में उतरे कि आदमी
  528. 23:00एडिक्शन में है क्यों? वो कुछ समय के लिए
  529. 23:04किसी अलग दुनिया में जुड़ना चाहता है जो
  530. 23:06उसको थोड़ा सा यू नो इस सामान्य तकलीफों
  531. 23:10से अलग करके सुकून देती है उसको। तो वह
  532. 23:13क्या ढूंढ रहा है? वो ढूंढ रहा है अपने ही
  533. 23:16स्वभाव को ढूंढ रहा है। जो हमारा सतचित
  534. 23:18आनंद स्वभाव है। एक्सिस्टेंस नॉलेज
  535. 23:20एब्सोल्यूट ब्लिस वो एब्सोल्यूट ब्लिस
  536. 23:22एब्सोल्यूट जो है ना उसको ढूंढ रहा है। अब
  537. 23:25वो देख रहा है या तो एलएसडी में उसको
  538. 23:26ब्लिस मिलती है या अल्कोहल में मिलती है
  539. 23:28या स्मोकिंग में मिलती है ये मिलती है। और
  540. 23:30उसको जब फील होता है कि ये परमानेंट नहीं
  541. 23:33है ब्लिस। ये टेंपरेरी है तो उसको गिल्ट
  542. 23:35फील होता है। वो उससे बाहर आना चाहता है।
  543. 23:36वो स्ट्रगल कर रहा है। लेकिन समाज में हम
  544. 23:39लोग तुरंत से फ्रेम बना लेते हैं कि यह
  545. 23:41यहां गया इसने ये किया ये गलत हो गया। है
  546. 23:43ना? ओपिनियन बना लेते हैं और हम उस
  547. 23:46ओपिनियन के शिकार भी हो जाते हैं। कई बार
  548. 23:47परिवार सपोर्ट नहीं करता। तो वह उस गर्त
  549. 23:50में और गिरता चला जाता है। मुझे लगता है
  550. 23:53कि यह कोई बहुत बड़ी ना तो बात है और ना
  551. 23:56कोई बहुत बड़ा अपराध है। यह समाज का
  552. 23:58कलेक्टिव अपराध है। अगर कोई एडिक्ट हमारे
  553. 24:01परिवार में है या अल्कोहल ले रहा है या
  554. 24:02स्मोक कर रहा है तो उसको पूछो भाई क्यों
  555. 24:04कर रहे हो? क्या मिल रहा है इसमें से? तो
  556. 24:06बता देगा। उसको अगर ऑब्जरवेशन होगी तो।
  557. 24:08एंड देयर इज़ अ रूट कि उसके बाद वो यात्रा
  558. 24:10उस तरफ ब्रह्मानंद की तरफ करना शुरू करेगा
  559. 24:13तो वो छूट जाएगा।
  560. 24:15और हम सब अपनेप प्रारब्ध और कर्मा के
  561. 24:18अनुसार यात्रा करते हैं और अपने देश, काल,
  562. 24:22परिस्थिति, पात्र और टेस्ट के अनुसार उसको
  563. 24:24सेलेक्ट करते हैं। उसमें से लर्न करते
  564. 24:26हैं। ह्यूमन लाइफ इज लर्निंग। अपने आप को
  565. 24:28ग्रो करना होता है। आप भी ग्रो हुए हो,
  566. 24:31मैं भी ग्रो हूं। हर पल में हम ग्रो कर
  567. 24:33रहे हैं। और फिर उस यात्रा में जो लगता है
  568. 24:36कि यूज़लेस है उस चीज को छोड़ दिया। और जो
  569. 24:38यूज़फुल है उसको लेके पकड़ के आगे यात्रा
  570. 24:40कर ली। उसके लिए क्या शोक करना, क्या दुख
  571. 24:43करना, क्या रिपेंट करना, क्या सॉरी बोलना,
  572. 24:45मस्ती में रहो, आनंद में रहो। कभी वो
  573. 24:47सेल्फ पिटी सफरिंग फील हुई आपको? नहीं,
  574. 24:50मैं मेरे जीवन में ऐसा कुछ चीज रहा ही
  575. 24:52नहीं। एक पेटी आती थी मेरे जीवन में बहुत
  576. 24:54बड़ा अपराध बहुत कि मेरे अंदर आने से मेरी
  577. 24:58बच्ची जो उस समय छ सात साल की थी। उसके
  578. 25:03साथ जैसे गृहस्ती का नियम होता है। सैटरडे
  579. 25:06संडे आउटिंग है। समुंदर किनारे चले गए।
  580. 25:09मैं छ महीने तक जेल में सैटरडे संडे खा
  581. 25:13नहीं सका, सो नहीं सका। मुझे वह याद आता
  582. 25:15था कि मैं अपने बच्ची के साथ होना चाहिए।
  583. 25:17मुझे यू नो मैं उसको अपने हिस्से का वो
  584. 25:20प्यार नहीं दे पाया देश प्रेम के या धर्म
  585. 25:22प्रेम के चक्कर में और वो लोग मुझे किसी
  586. 25:24काम में भी नहीं आ रहे। दैट वाज़ आल्सो
  587. 25:26लर्निंग फॉर मी। तो यस वो थोड़ा सा गिल्टी
  588. 25:29रहा कि मैंने वो समय अपनी बेटी को नहीं दे
  589. 25:32पाया और यू नो वी गिल्ट फील होना चाहिए।
  590. 25:35पिता को होना चाहिए।
  591. 25:37और उसका कोई इलाज भी नहीं है। आई मीन
  592. 25:39उसमें आपको जीना ही है और 2020 फीट की
  593. 25:41दीवार आपको मन बाहर ले जा सकती है। तन को
  594. 25:44तो अंदर ही रखती है ना।
  595. 25:45ये जेल का फज़ क्या आपकी साढ़ेसाती थी? क्या
  596. 25:49एक ये कोई शनि महादशा टाइप फेस था? कौन
  597. 25:52कौन सी दशा थी?
  598. 25:53राहु
  599. 25:54राहु दशा।
  600. 25:55मैं उसका बताऊंगा। इफ यू अलव मी। यू
  601. 25:58कंप्लीट योर क्वेश्चन नो प्रॉब्लम।
  602. 25:59नहीं राहु दशा के बारे में।
  603. 26:01मैं मैं बता रहा हूं। मैं ये चीज बताऊंगा।
  604. 26:03आपको अच्छा भी लगेगा। वो इंसान अभी भी
  605. 26:05जीवित है। धरती पर है। राजस्थान एटीएस के
  606. 26:09उस समय डिप्टी सुपरिडेंट थे सत्येंद्र
  607. 26:11सिंह राणावत और उनके एटीएस की पूरी टीम
  608. 26:14मतलब मैं छ महीने ऑफ द रिकॉर्ड पुलिस
  609. 26:17कस्टडी में रहा हूं। ऑफ द रिकॉर्ड कोई
  610. 26:19मेरी सुनवाई नहीं हुई इस देश में और अब
  611. 26:21शिकायत भी नहीं है। अब तो चीजें बदल गई।
  612. 26:24तो मुझे लगा कि भाई हमारे जैसा व्यक्ति
  613. 26:27इसमें से प्रताड़ित हो रहा है। क्या कारण
  614. 26:29है? एंड दे यूज्ड टू रिस्पेक्ट मी अ लॉट।
  615. 26:30देखते थे ना मेरा रहना करना जीवन दो। तो
  616. 26:33बोलते थे अपने सीनियर्स को कि सर इसका
  617. 26:35कहीं है नहीं लेकिन उनके सीनियर ने एक मन
  618. 26:37बना रखा था हमारे विरुद्ध थे और थोड़ा
  619. 26:39उनका माइंडसेट भी पॉलिटिकल दूसरी पार्टी
  620. 26:41के लिए था तो मिस बिहेवियर था तो मैंने
  621. 26:45उनको एक रिक्वेस्ट की कि सर मेरे से एक
  622. 26:47ज्योतिषी मेरे मित्र हैं राजस्थान जयपुर
  623. 26:49के वो मिलने आएंगे तो आप 5 मिनट का टाइम
  624. 26:52देंगे बोले हां हां था तो ऑफ द रिकॉर्ड ही
  625. 26:55एटीएस कस्टडी तो वो आए शर्मा जी हमारे
  626. 26:58विष्णु शर्मा और जैसे पुलिस वाले होते हैं
  627. 27:02क्या लाए हो तो उन्होंने बताया उनकी जन्म
  628. 27:04कुंडली है इधर क्या लिखा है इसमें तो बोले
  629. 27:07बोले बोल दो हमारे सामने ही बोल दो अब वो
  630. 27:09पंडित उनके सामने बोल रहा है डीएसपी के
  631. 27:12ऑफिस में तो वो कहता है कि अभी आपकी राहु
  632. 27:15की महादशा प्रारंभ हो गई है राहु की
  633. 27:17महादशा में राहु की अंतरर्दशा है और
  634. 27:19पांचों पांच राहु लग गए हैं मतलब जो
  635. 27:22साइकिल्स हैं तो आप अरेस्ट होने वाले हो
  636. 27:25उस समय मेरी ऑफिशियल अरेस्टिंग नहीं हुई
  637. 27:27थी तो डीएसपी बोल रहे हैं कोई अरेस्टिंग
  638. 27:30वस्टिंग नहीं है यह विटनेस है हमारा तो
  639. 27:32बोल रहे हैं ठीक है मैं मुझे जो कहना था
  640. 27:34तो मैंने कहा ठीक है विष्णु जी आप मुझे यह
  641. 27:36बताओ
  642. 27:38मेरे लिए समाधान क्या है तो उन्होंने कहा
  643. 27:40राहु जो है ना वह खतरनाक इल्लुजन का ग्रह
  644. 27:43माना जाता है आपको ऐसे गहरे कुएं में छोड़
  645. 27:46देगा कि आप आवाजें सुन पाओगे कि ऊपर कोई
  646. 27:48है लेकिन आप बचाने के लिए ना हाथ उठा सकते
  647. 27:50हो ना कोई हाथ नीचे आएगा। सो वो टाइम आपका
  648. 27:53चैलेंजिंग होगा। यू वोंट बिलीव मेरी बेल
  649. 27:56राजस्थान के जयपुर हाई कोर्ट से पास हो
  650. 27:58चुकी ऑलमोस्ट दो जज साइन करते हैं। उसमें
  651. 28:02दो की बेंच थी। एक ने कर दिया। दूसरे ने
  652. 28:05पॉलिटिकल माइंडसेट से साइन करना बाकी रखा
  653. 28:08था। और मेरी किस्मत या राहु का खेल बोलो
  654. 28:12कि वो रिटायर हो गए और दूसरा जो उनकी जगह
  655. 28:14पे आए वो प्लांटेड किस्म का ही था। तो
  656. 28:16उन्होंने बेल रिजेक्ट कर दी। मेरे वकील ने
  657. 28:19मुझे गले लगा करके कहा था। गिल साहब बहुत
  658. 28:22भारत के माने जाने वाले वकील हैं जयपुर
  659. 28:25के। गिल साहब ने कहा कि आपकी 100% हो रही
  660. 28:28है बेल। चिंता मत करो। और मैंने जब विष्णु
  661. 28:32शर्मा जी को पूछा कि क्या कहते हो? बोले
  662. 28:34दुनिया इधर की उधर आपको साथ-साथ कोई बाहर
  663. 28:36निकाल ही नहीं सकता। मैंने कहा भाई तुम
  664. 28:38मेरे दोस्त हो या कानून के दोस्त हो। तो
  665. 28:41दुश्मनी की बातें कर रहे हो। एंड यू वोंट
  666. 28:43बिलीव जिस दिन रिजेक्ट हो गई बेल। मेरे
  667. 28:46वकील साहब आए और उनको लगा इनको बुरा
  668. 28:47लगेगा। गले लगा करके खूब मुझे सांत्वना
  669. 28:50दी। बट क्योंकि मुझे पता था कि यह एक
  670. 28:52कॉस्मिक डिजाइन से हम निकल रहे हैं और आई
  671. 28:55एक्सेप्टेड इट। और फिर मेरा माइंड पूरा बन
  672. 28:58गया। विष्णु शर्मा ने जब मुझे बताया कि आप
  673. 29:00इस समय से पहले नहीं निकल सकते हो।
  674. 29:04आई सरेंडर एवरीथिंग टू ऑलमाइटी। गुरु जी
  675. 29:07मेरे साथ थे और पूजा पाठ था। बट इन चीजों
  676. 29:10को मानना पड़ता है कि यस दशाएं होती है और
  677. 29:12यह चीजें बहुत बड़ा रोल प्ले करती है।
  678. 29:15आई आल्सो फील कि जहां तक मेरी समझ है और
  679. 29:18जहां तक मेरी बात एस्ट्रोलॉजर से हुई है।
  680. 29:21हर किसी के चार्ट में एक ऐसा ड्राई पैच या
  681. 29:24हार्ड पैच आ ही जाता है। इफ नॉट नाउ देन
  682. 29:26व्हेन यू आर 60 70 इयर्स ओल्ड।
  683. 29:28हां बेड पे लगा देगा वो आपको।
  684. 29:30कभी-कभी दो-तीन बैड पैचेस
  685. 29:32मोर देन दैट मोर वो हम हम बोलते हैं क्या
  686. 29:36घटिया प्रारब्ध लाए हो।
  687. 29:38ये प्रारब्ध है। पास्ट कर्मास
  688. 29:40झेलना ही है।
  689. 29:41कोई एस्केप प्रूफ नहीं सिवाय इसके। आप
  690. 29:44निकल सकते हो उसमें से। अपनी मेहनत से
  691. 29:46साधना के बलबूते निकल सकते हो। गुरुजनों
  692. 29:48की कृपा से निकल सकते हो। स्पिरिचुअलिटी
  693. 29:50के मार्ग से निकल सकते हो। बट जब आप कह
  694. 29:52रहे हो कि स्पिरिचुअलिटी के मार्ग से निकल
  695. 29:54सकते हो। इट्स मोर लाइक खुद के दिमाग को
  696. 29:59360 चेंज करना।
  697. 30:00थोड़ा ऑल्टर करना। माइंडसेट को ऑल्टर
  698. 30:02करना। वो घटना घटेगी।
  699. 30:04हम
  700. 30:04आपको बस माइंडसेट बदलना होगा।
  701. 30:07ये बिना कृपा के नहीं होता है। आई आई आई
  702. 30:09विल से उसमें ग्रेस काम करती है। गुरु की
  703. 30:11कृपा काम करती है।
  704. 30:12यानी माइंडसेट बदलने में भी।
  705. 30:14हां।
  706. 30:15वो प्रेरणा देती है आपको। हम
  707. 30:17इंस्पायर करती है। गुरु अगर आपका है मेरा
  708. 30:19सौभाग्य था कि मैं उन परिस्थितियों में
  709. 30:21गुरुमुखी था। बच गया।
  710. 30:23अगर मैं गुरुमुखी नहीं होता मैं बिल्कुल
  711. 30:26मतलब गर्त में गिर जाता।
  712. 30:28हम
  713. 30:29दैट वाज़ अ टाइम यू नो या तो मेक होगा या
  714. 30:31ब्रेक होगा। तो उसमें से ही गढ़ करके बाहर
  715. 30:34आना था। तो मैं तो उसकी क्रेडिट अपने
  716. 30:36गुरुजनों को ही दूंगा।
  717. 30:38वो 18 19 घंटों की साधना में आप रोते थे?
  718. 30:41कभी?
  719. 30:42परमात्मा के लिए रोता था। मोह माया छूटा,
  720. 30:45डिटचमेंट आई। मैंने बताया ना बेटी के लिए
  721. 30:47मैं पागल था छ महीने तक। फिर धीरे-धीरे
  722. 30:50मुझे लगा कि यू नो मतलब इन चीजों को कितना
  723. 30:53कैमरा पे बोलना चाहिए मुझे नहीं पता। जो
  724. 30:55हमारे एक्सपीरियंसेस होते हैं। तो उसमें
  725. 30:57जैसे ठाकुर पूछ रहे थे कि इस जन्म की बेटी
  726. 31:00के लिए मेरे से बात कर रहे हो। तुम्हारे
  727. 31:02पिछले जन्म की जो संताने हैं उसके लिए मैं
  728. 31:04क्या करूं? वो भी तुम्हें ढूंढ रही होंगी।
  729. 31:07उनको याद करो और आने वाले जन्मों के जो
  730. 31:09रिश्ते होने वाले उनको याद करो। तो सबके
  731. 31:12लिए रोओगे। यह जो अटैचमेंट्स है मैं यह
  732. 31:15नहीं कहता हूं निर्मोह हो जाओ बट यू नो
  733. 31:17सेंस ऑफ डिटचमेंट जो होता है ना कई लोग
  734. 31:20नहीं होते हैं फैमिली में डेथ हो जाती है
  735. 31:22उसको नहीं झेल पाते हैं तो इमोशनल
  736. 31:24ब्रेकडाउन हो जाता है न जाने कितनी
  737. 31:26दवाइयां खाते हैं बट ये फैक्ट है लाइफ का
  738. 31:29कि जीवन मरण मृत्यु बिछना बिछड़ना मिलना
  739. 31:32ये पार्ट एंड पार्सल ऑफ लाइफ
  740. 31:35मानते हैं कि जज्बात हमारे दुश्मन होते
  741. 31:37हैं आर इमोशंस एनिमीज़
  742. 31:40इमोशन एनिमीज़ नहीं है इमोशंस माइंड की एक
  743. 31:43क्वालिटी िटी है माइंड मन जो इंद्रियों का
  744. 31:45राजा है इंद्रियां मतलब आंख कान नाक आपकी
  745. 31:49त्वचा यह है हम माइंड नहीं है हु एम आई
  746. 31:55तो मैं सोल हूं मैं आत्मा से अपने को
  747. 31:57कनेक्ट करूंगा माइंड से नहीं माइंड उसका
  748. 32:00इनफीरियर वर्जन है जब तक आप माइंड में हो
  749. 32:03सेंसेस में हो तब तक यह आप लोअर थोड़े से
  750. 32:06रहोगे जिस दिन आप कनेक्ट हो जाओगे अपनी
  751. 32:08आत्मा से मेरे स्वरूप से स्वयं के स्वरूप
  752. 32:11से खत्म
  753. 32:13या मतलब कभी-कभी तीन चीजों की वजह से एक
  754. 32:17ट्रैप वाली फीलिंग फील होती है।
  755. 32:18हम
  756. 32:19बॉडी फिजिकल बॉडी
  757. 32:20या
  758. 32:21लगता है कि ये एक पिंजरे की तरह फील होने
  759. 32:23लगे
  760. 32:24अ दूसरी चीज यही सेंसेस और सेंसरी प्लेजर
  761. 32:27सेंसरी पेन ये सब और थर्ड यही जज्बात
  762. 32:30इमोशंस
  763. 32:33आई काइंड ऑफ़ फील लाइक ब्रेकिंग अवे फ्रॉम
  764. 32:36दीज़ थ्री थिंग्स
  765. 32:37और फिर मैं कभी-कभी सोचा कि शायद
  766. 32:39प्रीसन्यास भी यही फीलिंग होती होगी।
  767. 32:42इसको शब्द है सनातन में विरक्ति विरक्ति
  768. 32:46विरक्ति डिटचमेंट डेवलप होता है। हमारे
  769. 32:50रामकृष्ण कहते हैं कि तीन प्रकार के
  770. 32:52सन्यास होते हैं। एक तो पत्नी ने मां ने
  771. 32:55बहन ने बच्ची ने झाड़ दिया तो डिटर्ज क्या
  772. 32:59ये दुनिया में इतना कर रहे हैं फिर भी कोई
  773. 33:00ग्रेटट्यूड नहीं है। और एक होता है श्मशान
  774. 33:03वाला सन्यास। किसी को अंत्यष्टि में गए तो
  775. 33:05कोई कहेगा देखा दुनिया क्या है? कल तक तो
  776. 33:08यह नाच कूद रहा था। बेचारा चल गया तो
  777. 33:10लाएगा यार अपने को कुछ करना चाहिए काइंड
  778. 33:12ऑफ और तीसरा जेन्युइन सन्यास जो कर्मों के
  779. 33:14आधार पर गुरुजनों की कृपा से परमानेंट
  780. 33:16रहेगा जो श्मशान वाला सन्यास है वो 24
  781. 33:19घंटे में हट जाएगा
  782. 33:21मरने वाला मर गया अभी ठीक है ना अपना तो
  783. 33:23है शेयर मार्केट में लगा रहे हैं सोने को
  784. 33:26परचेस कर रहे हैं दुबई घूमने जाना है
  785. 33:27काइंड ऑफ यू नो और किसी रिलेशन से हर्ट
  786. 33:30हुए हो तो दो-चार दिन में वो भी ठीक हो
  787. 33:32जाता है बट जो परमानेंट सन्यासी होता है
  788. 33:35नेचर में आ गया कृपा से वो फिर देखना शुरू
  789. 33:38करता है महसूस करना शुरू करता है। उसके
  790. 33:40ऑब्जरवेशन में वो चीज आती है। एक्सपीरियंस
  791. 33:42में वह चीज आती है। वह ऐसा ही है जैसे
  792. 33:44भगवान बुद्ध को देव जगाने के लिए आते थे
  793. 33:47कि जागो तुम किस लिए पैदा हुए हो? दिस इज
  794. 33:50नॉट द यू नो पर्पस ऑफ योर लाइफ। उठो टू बी
  795. 33:53अ प्रिंस। हां। ये सिर्फ हां प्रिंस होने
  796. 33:55के लिए तुम नहीं हो।
  797. 33:56तुम दुनिया को मार्ग दिखाने के लिए आए हो।
  798. 33:59तो वो सन्यास सही सही में सन्यास है। और
  799. 34:02मैं सन्यास को अपनी तरफ से इंटरप्रेट करता
  800. 34:04हूं। सम न्यास स्वयं का न्यास जब पूजा पाठ
  801. 34:08और जप करते हैं तो न्यास करते हैं ना तो
  802. 34:10अपने आप को एक मतलब कमिटेड कर लेते हैं।
  803. 34:13तो जब तक वो कमिटमेंट स्वयं के अंदर से
  804. 34:16नहीं आती तब तक आपका सन्यास पकता नहीं है।
  805. 34:18गेरुआ तो सब कहीं डाल देते हैं। लेकिन उस
  806. 34:21गेरुआ के पर्पस तक पहुंचते कितने हैं?
  807. 34:24लेकिन यही एक मार्ग है जब आपको अपने होने
  808. 34:27का एहसास होता है। अपने पपस का पता चलता
  809. 34:30है और वास्तविक जगत की तभी खिड़कियां
  810. 34:33खुलती हैं आपके लिए। इस चीज का अनुभव
  811. 34:35अरविंदो घोष ने किया। इसी चीज का उल्लेख
  812. 34:38विवेकानंद करते हैं और इसी चीज का सारे
  813. 34:41सन्यासी करते हैं। कि इतनी मूर्खता थी कि
  814. 34:43जब तक हम जगत में थे, सेंसुअल प्लेजर्स
  815. 34:46में थे तब तक लगता था सब सही था लेकिन वो
  816. 34:48गलत था। अब सही है। तो सन्यास बोरडम नहीं
  817. 34:52है। सन्यास एक्चुअली राजाओं का धर्मा है।
  818. 34:56आप राजा बनते हो। बट जो लोग सन्यास में
  819. 35:00नहीं टिक पाते व्हाट इज द रीज़?
  820. 35:03कई फैक्टर्स हैं। उसके प्रारब्ध को भी
  821. 35:05लेकर के है। गुरु के प्रति उसकी निष्ठा
  822. 35:07नहीं है। उसकी साधना ठीक नहीं है। खानपान,
  823. 35:10रणसन, यम, नियम, आसन, प्राणायाम,
  824. 35:11ब्रह्मचारी इत्यादि जो पैराटर्स होने
  825. 35:13चाहिए। इसीलिए सन्यास लोग गेरुआ देखकर
  826. 35:16समझते हैं वो सन्यासी है। सन्यास की भी
  827. 35:18कैटेगरीज होती हैं। जैसे सन्यास में द
  828. 35:21लास्ट कैटेगरी परमहंस सन्यास होता है जो
  829. 35:23गुरु कृपा से मुझे प्राप्त है। अदरवाइज
  830. 35:25ब्रह्मचर्य उसमें होता है। नैष्ठिक सन्यास
  831. 35:27होता है। तीन लेवल्स होती हैं जिसमें कभी
  832. 35:30शिख वो मेंटेन करते हैं। जनेऊ मेंटेन करते
  833. 35:32हैं। वो अभी सन्यासी नहीं हुआ है। गेरवा
  834. 35:34पहन लिया लेकिन सन्यासी हुआ नहीं है। तो
  835. 35:36जो अंतिम परमहंस सन्यासी होते हैं वो सबसे
  836. 35:39परमहंस का मतलब ही यही है। परमहंस वो होता
  837. 35:43है जो दूध को और पानी को अलग कर सकता है।
  838. 35:46इट्स अ सेइंग यू नो पानी में दूध मिला हुआ
  839. 35:49है। वह दूध दूध खा लेगा पानी पानी छोड़
  840. 35:51देगा। तो परमहंस भी संसार संसार छोड़ देगा
  841. 35:54और परमार्थ परमार्थ पकड़ लेगा।
  842. 35:56हम
  843. 35:56तो वो सन्यास की तीन कैटेगरीज को भी समझना
  844. 35:59पड़ेगा। हम आपको लगता है यह आपका आखिरी
  845. 36:02जन्म कुंडली तो कह रही है
  846. 36:05ओके केतु आपके 12थ हाउस
  847. 36:07मैं मानता हूं कि एक चक्र से हमें थोड़ी
  848. 36:09देर के लिए ब्रेक दिया जाता है। जैसे
  849. 36:11कबड्डी कबड्डी खेल देते हैं ना खोखो फिर
  850. 36:13वो प्लेयर को कहते हैं कि थोड़ी देर तू
  851. 36:16बाहर बैठ जा दूसरा आएगा तो इट्स काइंड ऑफ
  852. 36:18यू नो गुरुजन हमें कहते हैं कि तुम्हारा
  853. 36:19असाइनमेंट था ये तुम्हारी असाइनमेंट है हो
  854. 36:21गई अब थोड़ी देर आराम कर जब जरूरत पड़ेगी
  855. 36:24फिर ला देंगे सो दिस इज माय पर्सनल बिलीफ
  856. 36:27थोड़ी देर के लिए वो विश्राम हो जाता है
  857. 36:29उसको हम शायद मोक्ष कहते हैं
  858. 36:32फिर वापस आना होता रामकृष्ण परमहंस कहते
  859. 36:36हैं कि जो नित्य मुक्त जीव होते हैं थ्री
  860. 36:39कैटेगरीज ऑफ जीव
  861. 36:41वह मछली के एग्जांपल से समझाते हैं कि जाल
  862. 36:44फेंकता है मछुआरा तो उसमें जो जाल में
  863. 36:46मछलियां फंस गई तो 95% वह सोचती है फंस गए
  864. 36:49ना अभी अंदर ही बैठो तो वो कट के फिर
  865. 36:51सब्जी बनेगी उसकी दो पांच जो है वो
  866. 36:54स्ट्रगल कर लेती है जंप कर लेती है उसमें
  867. 36:57से तो वो बच गई और जब मछुआरा फेंक रहा
  868. 37:00होता है तभी एक दो मछली उसको देख लेती है
  869. 37:02कि जाल आ रही है उसके पहले से निकल लेती
  870. 37:04है तो वह जो देखते ही पहले निकल गई वह
  871. 37:07नित्य मुक्त होते हैं उनको पता है बंधन आ
  872. 37:09रहा है उसके अलर्ट हो जाओ और जो संसारी
  873. 37:12जीव है वो 95% फिशेस की तरह वो पकड़े जाते
  874. 37:15हैं। है ना?
  875. 37:16मतलब यहां हमारी सब्जी बकरी है।
  876. 37:19इस
  877. 37:20इस दुनिया में
  878. 37:21हां लेकिन इट्स अ लर्निंग। इट्स अ ग्रोइंग
  879. 37:23यू नो। हम सब उसमें से लर्न कर रहे हैं।
  880. 37:25एनलाइटन कैसे होगे? बुद्ध को भी इस मार्ग
  881. 37:28से निकलना पड़ा है। निकलना तो है। दैट्स अ
  882. 37:31वे।
  883. 37:32वी हैव अ इंटर टू सफर। आई विल नॉट से सफर।
  884. 37:36सफर वर्ड नेगेटिविटी वाला है। लर्निंग इज
  885. 37:38वेरी गुड सब्जेक्ट। एवरीडे ए्री मोमेंट वी
  886. 37:42आर लर्निंग हम
  887. 37:47क्या आपके
  888. 37:50मन के अंदर किसी इंसान को देख के ही आपको
  889. 37:53उनके चार्ट के बारे में पता चल जाता है
  890. 37:57ये छोटाम बड़ी बात है मतलब सोशल मीडिया पे
  891. 38:00ऐसे बोलना अपनी ही मतलब डफली बजाना है बट
  892. 38:03जैसे मैं बता रहा हूं अपने अनुभवों से
  893. 38:05जी
  894. 38:06हम मंत्र दीक्षा जब देते हैं उसमें से
  895. 38:08सिलेक्शन प्रोसेस होता है मंत्र मंत्र
  896. 38:10दीक्षा का एक तो उसका प्रोसेस भी होता है
  897. 38:12उसके यज्ञ वगैरह पूरे करके जब मंत्र
  898. 38:14दीक्षा लाने के लिए वो मेरे सामने आता है
  899. 38:16प्रत्यक्ष तो उसका ओरा से पता पड़ जाता है
  900. 38:19कि उसका इष्ट कुल वगैरह क्या है उसको
  901. 38:21मंत्र क्या देना है देना भी है कि नहीं
  902. 38:24देना है मेरे लिस्ट के अंदर कई ऐसे 101%
  903. 38:27शिष्य हैं जिनको मैंने मंत्र उसमें कहा कि
  904. 38:29यू डोंट डिर्व राइट नाउ अभी इस इस प्रोसेस
  905. 38:32में से जाओ बट द टाइम विल कम जब होगा बहुत
  906. 38:36अच्छा है बट अभी नहीं और कई बार ऐसा होता
  907. 38:38है कि वो बहुत छोटी छोटी सी मतलब
  908. 38:40रिक्वायरमेंट लेके आता है कि मुझे इतनी
  909. 38:42साधना है तो हमें पता है कि इसकी साधना
  910. 38:43पूर्व की हुई है तो उसको कहते हैं कि
  911. 38:45थोड़ा बड़ा अनुष्ठान दे रहा हूं करो फायदा
  912. 38:48होगा। भगवान की दया से ऐसे भी शिष्य हैं
  913. 38:51कि आज वो एक लेवल पर हैं। बहुत अच्छी तरह
  914. 38:53से दिखना शुरू होता है। अनुभव शुरू होता
  915. 38:56है। तो वो चीज सिर्फ जन्म कुंडली तो
  916. 38:59सहायता देती है। जैसे हमारे सन्यास के
  917. 39:02पहले गुरुदेव ने जन्म कुंडली दिखाई थी
  918. 39:04ज्योतिषी को कि भाई ये हमारे आश्रम के लिए
  919. 39:06एसेट वैल्यू है, लायबिलिटी है वो देखा
  920. 39:08जाता है। तो उन्होंने कहा था कि यस यस
  921. 39:11इनका सूर्य और गुरु की युक्ति जो है वो
  922. 39:14अद्भुत है। सन्यास के लिए है। तो आप इनको
  923. 39:17मतलब गादी तक भी दे सकते हैं। यू कैन यह
  924. 39:21आगे ले जाएंगे। तो, यह चीजें विज़िबल होती
  925. 39:24हैं। जन्म के चार्ट से दिखती हैं।
  926. 39:26हम हम ओके।
  927. 39:29मेरी बातें काफी सारे कंटेंट क्रिएटर्स के
  928. 39:31साथ होती है। और कंटेंट क्रिएटर्स ना आई
  929. 39:34फील एक्चुअली उनकी कला है थोड़ी सी फ्यूचर
  930. 39:37को प्रेडिक्ट करना। ये देखना कि सोसाइटी
  931. 39:39कहां है और उस के मुताबिक कंटेंट बनाना।
  932. 39:42हम
  933. 39:42मैं अभी 11 सालों से कर रहा हूं ये। हम
  934. 39:45दिस एक्सैक्ट जॉब।
  935. 39:46अच्छा।
  936. 39:46और पहली बार मुझे ना कंफ्यूजन फील हो रही
  937. 39:49है फ्यूचर के बाद में कि पता नहीं इंसानों
  938. 39:52का दिमाग अब कहां है।
  939. 39:54वी एट्रिब्यूटेड टू शॉर्ट कंटेंट।
  940. 39:56बट आई थिंक और भी फैक्टर्स होंगे। अ सारे
  941. 40:00कॉन्टेंट क्रिएटर्स काफी हद तक ना कंफ्यूज
  942. 40:02है। किसी को नहीं पता कि आने वाले एक दो
  943. 40:04तीन सालों में क्या होगा।
  944. 40:05हम
  945. 40:05साथ में दुनिया में युद्ध चल रहे हैं।
  946. 40:07इतना कुछ हो रहा है। स्टार्स के मुताबिक
  947. 40:10एग्जैक्टली क्या हो रहा है? इतनी कंफ्यूजन
  948. 40:12क्यों है एटमॉस्फियर में? क्या दुनिया भर
  949. 40:15एक-एक कंफ्यूजन का माहौल है?
  950. 40:18इसको हम कहते हैं ट्रांजैक्शन पीरियड।
  951. 40:21घर्षण काल जब
  952. 40:23टलाइट टाइम होता है ना संध्या और रात
  953. 40:25मिलने वाली होती है या रात के बाद अर्ली
  954. 40:28ब्रह्म मुहूर्त होता है तो वो वो संधि काल
  955. 40:30होता है।
  956. 40:30जी
  957. 40:30ये संधि काल है। हम एक ऐसे फेस के अंदर
  958. 40:34एंटर हो रहे हैं। फुल ह्यूमैनिटी इट्स नॉट
  959. 40:36ओनली इंडिया। हम् पूरी ह्यूमैनिटी पूरा
  960. 40:39वर्ल्ड और उस ट्रांजैक्शन में से निकलने
  961. 40:43के लिए ऐसा ही है कि वह उसकी परिपक्वता के
  962. 40:47लिए मैच्योरिटी के लिए लर्निंग के लिए
  963. 40:49जरूरी है। कुछ लोग जाएंगे उनको जाना है।
  964. 40:53और मैंने उस वक्त भी कहा था 1000 डेज आज
  965. 40:56हम मिल रहे हैं तो 500 600 दिन निकल चुके
  966. 40:58हैं। करीब 400 दिन बाकी हैं। इफ यू
  967. 41:02रिमेंबर मेरे कई पडकास्ट में एक ही बस है
  968. 41:05कि हजार दिन रफ टफ है निकाल लो किसी भी
  969. 41:08तरह से और उसमें भी धर्म की शरण में आ जाओ
  970. 41:11बी स्पिरिचुअल पर्सन थोड़ा सा स्टार्ट करो
  971. 41:1424 घंटे के 24 मिनट सब ठीक होगा जो बच
  972. 41:17जाएंगे वो सेकंड फेज में जाएंगे सेकंड फेज
  973. 41:19वाले फिर बच जाएंगे थर्ड फेज में जाएंगे
  974. 41:21और यह पूरी आप समझ लो शांति होगी 2040 के
  975. 41:25आसपास सेटल होगा तूल
  976. 41:27तो थोड़ा सा रफ है आई मीन डरने की बात
  977. 41:29नहीं है
  978. 41:3110 साल
  979. 41:3210 20 से ज्यादा हो गया। 26 चल रहा है तो
  980. 41:3514 साल बट पहले 400 दिन अभी टफ है।
  981. 41:41जब मैं आपसे बात कर रहा हूं ना मैं मेरे
  982. 41:43मुताबिक मैं दो लोगों से बात कर रहा हूं।
  983. 41:45एक सन्यासी बैठे हैं मेरे सामने। आई एम
  984. 41:49सॉरी इफ आई एम सेइंग। बट कुछ हद तक ना एक
  985. 41:51ब्रो भी बैठे हैं।
  986. 41:53आई एम ऑनर्ड। आई एम ऑनर्ड।
  987. 41:55वो उस ब्रो से बात करना चाहूंगा थोड़ा।
  988. 41:57बिल्कुल।
  989. 41:58फील फ्री।
  990. 41:59ये एलियंस की न्यूज़ आपने पढ़ी? हां आजकल
  991. 42:02तो फाइल्स भी पब्लिक फोरम में आ गई है।
  992. 42:04हां मतलब ब्रो लेवल पर आपके क्या राय है
  993. 42:08वो एलियंस को लेके?
  994. 42:10मैं जिस देश में धर्मों में और
  995. 42:13परिस्थितियों में पैदा हुआ हूं उसमें तो
  996. 42:15पहले हजारों सालों से हमने तो इन चीजों को
  997. 42:17माना ही है। यक्ष है, किन्नरव है, गंधर्व
  998. 42:19है, यक्ष है, चारण है, नाग है। हमने तो हर
  999. 42:21योनि को स्वीकार किया हुआ है। हमने उनके
  1000. 42:24चित्रण भी किए। उसके पुराण लिखे, उपनिषद
  1001. 42:27लिखे। पूरा ब्यरा दिया। अब इससे ज्यादा और
  1002. 42:29क्या दे सकते हैं?
  1003. 42:30टेक्नोलॉजी के हिसाब से वो जाके अब
  1004. 42:32स्वीकार करती है वेस्टर्न वर्ल्ड कि हां
  1005. 42:34ये कोई चीज है
  1006. 42:35क्योंकि प्रूफ है सबूत है
  1007. 42:38एज इन सबूत पब्लिकली निकला है
  1008. 42:39हां
  1009. 42:40तो लेकिन जिन लोगों के दर्शन हो चुके हैं
  1010. 42:43या कर चुके हैं अनुभव में तो वो तो हमारे
  1011. 42:45ऋषि मुनि या संत महात्मा आज भी इस चीज को
  1012. 42:48बोलते हैं कि ये सब चीजें इंक्लूडिंग जब
  1013. 42:50कैलाश मानसरोवर की यात्रा वगैरह के अनुभव
  1014. 42:52होते हैं नर्मदा परिक्रमा की यात्रा के
  1015. 42:55अनुभव होते हैं तो यस ये एंटिटीज से कभी
  1016. 42:58ना कभी थोड़ा बहुत इंटरेक्शन हो ही जाता
  1017. 43:00है।
  1018. 43:01तो ये जो हायर बीइंग्स आपने नेम करे गंधार
  1019. 43:05यारारी
  1020. 43:07व्हिच ऑफ देम इज लिंक टू
  1021. 43:11एलियन लाइफ
  1022. 43:12नहीं एलियन शब्द अपने आप में ये हमारा
  1023. 43:15शब्द एलियन नहीं है। हम पराग्रही कह सकते
  1024. 43:17हैं।
  1025. 43:17पराग्रही पराग्रही मींस ग्रह मींस प्लनेट
  1026. 43:20पर मींस जो हमसे परे है या हमसे दूर है।
  1027. 43:22हमसे अलग है। है ना? परग्रही हमारा हो
  1028. 43:26सकता है। एलियन तो उनका शब्द है। वह तो
  1029. 43:28एलिनेट कर लेते हैं ना। उनकी पूरी लॉजिक
  1030. 43:31और सब चीजें जो सीखने की है वो थोड़ा
  1031. 43:33नेगेटिव टच के साथ आती है। हमारी
  1032. 43:35पॉजिटिविटी ग्राह्य स्वीकार्य भाव से होती
  1033. 43:38है। तो हम कहते हैं परग्रही हम इस ग्रह के
  1034. 43:40हैं। तुम परग्रह के हो। भाई हो तो हमारे
  1035. 43:42वाले ही हो।
  1036. 43:43क्योंकि तुमको भी पैदा करने वाला वो
  1037. 43:45परमपिता परमेश्वर वही है।
  1038. 43:47मतलब मैं मानता हूं कि अंतरिक्ष या
  1039. 43:50यूनिवर्स
  1040. 43:52यह भी परमात्मा ने ही बनाया।
  1041. 43:54बनाया मतलब ऐसे नहीं मिस्त्रीविस्त्री लगा
  1042. 43:57के बनाया होगा उसकी इच्छा मात्र से हो
  1043. 43:59जाता है जैसे परमात्मा ने चाहा
  1044. 44:02उसकी चाहत से उसकी इच्छा से हो गया और ये
  1045. 44:05इच्छा हम क्यों नहीं समझ पा रहे हैं
  1046. 44:07क्योंकि इट्स इंफिनिटी हरि अनंत हरि कथा
  1047. 44:10अनंता वो नहीं बोलते हैं अनंत कोटि
  1048. 44:12ब्रह्मांड नायक राजाधिराज योगीराज
  1049. 44:15परब्रह्म श्री सच्चिदानंद सद्गुरु साईंनाथ
  1050. 44:18महाराज वो अनंत कोटि ब्रह्मांड का जो नायक
  1051. 44:21है उसके सामने कैटेगो िकली हम कितने हैं?
  1052. 44:25शुद्र है। हमारी कैपेसिटी नहीं है।
  1053. 44:27इंफिनिटी को हम क्या नापेंगे? हम
  1054. 44:29उसको नापने के लिए हमें भी इंफिनिटी के
  1055. 44:31लेवल पे आना पड़ेगा।
  1056. 44:35थोड़ी सी एक लंबी एक्सप्लेनेशन है। मैं
  1057. 44:39शॉर्ट में बताने की कोशिश करूंगा। बेसिकली
  1058. 44:41मानते हैं कि अगर एलियंस हमसे 100 साल भी
  1059. 44:44पुराने हैं।
  1060. 44:44तो 100 सालों में टेक्नोलॉजिकल एडवांस
  1061. 44:47बहुत ज्यादा हो जाते हैं।
  1062. 44:48जैसे अभी एडवेंट ऑफ़ एआई की वजह से बहुत
  1063. 44:50कुछ अभी हो रहा है दो-ती सालों में। तो
  1064. 44:52अगले 100 सालों में क्या होगा?
  1065. 44:54एलियंस के पास बहुत ज्यादा एडवांस
  1066. 44:57टेक्नोलॉजी है। दिस इज द ऑब्वियस थ्यरी।
  1067. 44:59उस वजह से वो यूएपी, यूएफओस उस तरह के बना
  1068. 45:02रहे हैं।
  1069. 45:03हम
  1070. 45:04मैं सोच रहा हूं अगर इतनी बेहतरीन
  1071. 45:06टेक्नोलॉजी है उनकी मतलब उनका इंटेलेक्ट
  1072. 45:08भी बहुत ज्यादा होगा। और अगर इंटेलेक्ट
  1073. 45:10बहुत ज्यादा उन्होंने भी भगवान के बारे
  1074. 45:12में सोचा होगा।
  1075. 45:16आप जब वेदांतिस्ट बनते हो, अद्वैत वेदांत
  1076. 45:19को जब पढ़ते हो तो आप भगवान को अपने से
  1077. 45:23अलग नहीं समझते हो। आपको खुद फील आता है
  1078. 45:26अहम ब्रह्मास्मि
  1079. 45:28ब्रह्म हो जाते हो खुद ही तो जो उस लेवल
  1080. 45:31पर हैं
  1081. 45:33ना वो ब्रह्म से अलग नहीं है। वह ब्रह्म
  1082. 45:37का ही स्वरूप है। अहम ब्रह्मास्म जब हम
  1083. 45:39बोल सकते हैं तो उनको अनुभव में नहीं
  1084. 45:41होगा। इजिप्ट के पिरामिड्स हो या हमारे
  1085. 45:43एजेंडा एलोरा की केव्स हो या इतने भव्य और
  1086. 45:46दिव्य मंदिर हो या कैलाश की बातें हो वो
  1087. 45:50कहीं भी जिस जिस फादर की सपोज़ करो मेरे
  1088. 45:53प्रॉपर्टी है तो बचपन में हम नहीं कहते
  1089. 45:55पापा मुझे एक चॉकलेट लेके दीजिए एग्जांपल
  1090. 45:58तो हम सोचते हैं कि पापा बड़े हैं या पापा
  1091. 46:00की प्रॉपर्टी है और वो तो मुझे चॉकलेट
  1092. 46:01जितना ही चाहिए बट जिस दिन आप समझ जाते हो
  1093. 46:05कि आप ही उनके वारसदार हो यह प्रॉपर्टी
  1094. 46:07आपकी है तो आप क्या पापा से पूछते हो कि
  1095. 46:09चॉकलेट ले आऊं दुकान से आप मालिक हो बॉस
  1096. 46:11की सीट पे बैठते हो तो अहम ब्रह्मास्म उस
  1097. 46:14लेवल की स्पिरिचुअलिटी है कि आप ब्रह्म बन
  1098. 46:16जाते हो। तो वह तो ऑलरेडी उस रिले में चल
  1099. 46:18रहे हैं। उनके साथ ही चल रहे हैं। मैं
  1100. 46:20नहीं मानता हूं भगवान ये चीजें बहुत अच्छी
  1101. 46:24सनातन के अंदर कैटेगोरिकली दी गई है कि
  1102. 46:26देव कौन है? भगवान कौन है? ईश्वर कौन है?
  1103. 46:28परमेश्वर कौन है? यू नो जैसे-जैसे आप रीड
  1104. 46:31करोगे, आपका कंफ्यूजन दूर हो जाएगा कि
  1105. 46:33वाह! कितने हायर लेवल की फिलॉसोफी के साथ
  1106. 46:36मतलब ये चीजें बताई गई हैं। तो भगवान तो
  1107. 46:38पांच एलिमेंट्स में ब से बू है, ग से गगन
  1108. 46:41है, व से है ना आ से अग्नि है, न से नीर
  1109. 46:45है, व से वायु। तो पांच तत्वों को जो अपने
  1110. 46:48अधीन कर ले, वह भगवान। भगवान ऐसे थोड़ी है
  1111. 46:52कि भगवान परमपिता परमेश्वर नहीं बोल रहे
  1112. 46:53हैं। भगवान तो आप और यह सनातन पूरी छूट
  1113. 46:57देता है। आप भी भगवान बन सकते हो। हम भी
  1114. 46:58भगवान बन सकते हैं। नहीं संत के आगे भगवान
  1115. 47:00श्री लगते हैं। हम गुरु भगवान बोलते हैं।
  1116. 47:02भगवान है। भगवान कोई बहुत बड़ी बात नहीं।
  1117. 47:04पद है। लेकिन परमपिता परमेश्वर वह एक है।
  1118. 47:08परमेश्वर एक है।
  1119. 47:11जैसे हायर लेवल मतलब और वो सब को एक ना एक
  1120. 47:16दिन उस स्वरूप में मर्ज होना है। ऐसा
  1121. 47:19शास्त्र भी कहता है।
  1122. 47:22आप अल्टरनेट टाइमलाइंस में बिलीव कर दो।
  1123. 47:25कि अलग-अलग रियलिटीज हो सकती हैं। जहां
  1124. 47:29अलग यूनिवर्स में, अलग रियलिटी में स्वामी
  1125. 47:32और रणवीर से बात कर रहे हैं। बट और कुछ चल
  1126. 47:35रहा है। वहां दोनों झगड़ा कर रहे हैं एक
  1127. 47:37दूसरे।
  1128. 47:39मतलब सनातन धर्म क्या कहता है ये अल्टरनेट
  1129. 47:41टाइमलाइंस अल्टरनेट रियलिटीज के।
  1130. 47:42मैं हमेशा कहता हूं कि सपोर्टिंग एविडेंस
  1131. 47:46और एक उसकी होनी चाहिए प्रूफ। तो यह चीज
  1132. 47:50कृष्ण और अर्जुन से रिलेटेड मैं बहुत छोटे
  1133. 47:52में ही आपको बता दूं कि जब अर्जुन के
  1134. 47:55पांचों पुत्रों का वध हो जाता है
  1135. 47:57अश्वत्थामा के द्वारा तो वो कहते हैं कि
  1136. 48:00मुझे कृष्ण वो संभल नहीं रहे थे सोचो तो
  1137. 48:05कृष्ण उनको कहते हैं कि तुम क्या चाहते
  1138. 48:06हो? तो बोले एक बार मुझे अपने बेटों से
  1139. 48:09मिलाना एक बार आखिरी बार मैं देखना चाहता
  1140. 48:11हूं। कृष्णा से मांग रहे हो बहुत छोटी चीज
  1141. 48:14है। कृष्ण कहते हैं मिल लो लेकिन कोई
  1142. 48:16फायदा होगा नहीं। क्योंकि तुम जिस लेवल पर
  1143. 48:18हो वह अलग लेवल है और वह जिस लेवल पर चले
  1144. 48:20गए वह लेवल अलग हो गई। उनकी डिटचमेंट हो
  1145. 48:23चुकी है। फिर भी तुम मिलना चाहते हो तो
  1146. 48:25चलो। तो वो देखते हैं कि पांच पुत्र खेल
  1147. 48:28रहे हैं। तो करुणावश प्रेमवश पिता का
  1148. 48:32प्रेम हृदय उनको बुलाते हैं कि बेटा आओ तो
  1149. 48:36उनके पास उस प्रेम से आते ही नहीं है। तो
  1150. 48:39वो पूछते हैं कि कृष्ण क्या हुआ? यह भूल
  1151. 48:40गए। बोले नहीं नहीं ये जो भी डिटचमेंट थी
  1152. 48:43यह धरती का खेल था। और समझो आपके प्रश्न
  1153. 48:46के सेकंड हाफ को पूरा करता हूं। बोले यह
  1154. 48:49पेड़ देख रहे हो? वो पूछते हैं कि कृष्ण
  1155. 48:51फिर यह माया क्या है? तो बोलते मैं बता
  1156. 48:53रहा हूं। ये सामने पेड़ देख रहे हो तो
  1157. 48:55बोलते हां क्या है ये? तो बोले जामुन का
  1158. 48:58पेड़ है। काले जामुन होते हैं। नजदीक जाकर
  1159. 49:01देखो। तो इन श अर्जुन जब जाते हैं तो
  1160. 49:05एक-एक जामुन एक-एक गैलेक्सी है। वो दर्शन
  1161. 49:08का विवरण है हमारे शास्त्रों में। तो अनंत
  1162. 49:11क्या होता है? है वो अनंत उर्द मूलम अद
  1163. 49:13शाकम 15वा अध्याय गीता का वही
  1164. 49:14डिस्क्रिप्शन आएगा तो यह जो आप चीज बोलते
  1165. 49:17हो ना मल्टीपल हम मतलब देखते हैं
  1166. 49:20गैलेक्सीस में मल्टीपल मतलब हो सकता है एक
  1167. 49:22रणबीर वहां भी बैठा हुआ है एक वहां पे यो
  1168. 49:24बैठा हुआ है ये क्वाइट पॉसिबल नहीं है
  1169. 49:26लेकिन हमारी शद्र बुद्धि के अंदर वो सब
  1170. 49:28चीजें फिट हो नॉट नेसेसरी
  1171. 49:30इंसानों का इंटेलेक्ट वहां तक नहीं पहुंचा
  1172. 49:32जहां इसे समझ सके
  1173. 49:33बट शास्त्रों के मुताबिक ये है
  1174. 49:36है और जिन लोगों की मतलब वो अंडरस्टैंडिंग
  1175. 49:38और क्लेरिटी आ चुकी है उन्होंने इस चीज को
  1176. 49:40स्वीकार भी भी किया और अच्छे से एक्सप्लेन
  1177. 49:42भी किया हुआ है।
  1178. 49:43हम हम
  1179. 49:46सद्गुरु ये कहते हैं उन्हें पूछा गया आई
  1180. 49:49थिंक के बारे में ही और उन्होंने कहा मेरी
  1181. 49:52आंखों को देखो
  1182. 49:53हम
  1183. 49:53मैं हमेशा स्टोन रहता हूं। ये मैंने बहुत
  1184. 49:57सारे साधकों के साथ देखा है कि वो थोड़े
  1185. 50:00ब्लिस्ड आउट रहते हैं।
  1186. 50:02इसका तिनका ना मैं महसूस करने लगा हूं
  1187. 50:04आजकल। बहुत बहुत ही ज्यादा शांति है। अ
  1188. 50:10आई जस्ट फील कि मैंने एक ट्रांसफॉर्मेशन
  1189. 50:14एक्सपीरियंस करी अब तक।
  1190. 50:16आई वंडर कि आपने जो 18 19 घंटों की साधना
  1191. 50:19करी आपका भी दिमाग बदला होगा। हां वो
  1192. 50:22ट्रांसफॉर्मेशन की फीलिंग क्या होती है?
  1193. 50:26जो डलजंस हैं या अपने कंफ्यूजनंस हैं या
  1194. 50:30लाइफ के हम माइंड में ब्लॉक्स ले चलते
  1195. 50:34हैं। वो धीरे-धीरे टूटने लगते हैं। हम हम
  1196. 50:37सही और गलत को समझने की अपनी वो कैललेबर
  1197. 50:41को डेवलप कर लेते हैं। मेरा कौन है? मेरे
  1198. 50:43लिए कौन है? वास्तव में कौन है? यू मस्ट
  1199. 50:46हैव एक्सपीरियंस दी थिंग्स कि उस क्राइसिस
  1200. 50:48के टाइम पे कौन खड़ा था।
  1201. 50:50कोई विरोध नहीं है। अभी किसी से शिकायत भी
  1202. 50:52नहीं है। पर वो चीजें समझ में आ गई। अब
  1203. 50:54हमें पता है कि किसके लिए क्या कैसे करना
  1204. 50:56है। और मेरे पर्सनल के लिए यह समझ में आ
  1205. 50:59गई कि मेरी प्रायोरिटीज़ क्या हो गई। हमें
  1206. 51:01हमारे जीवन की प्रायोरिटी समझ में आ जाती
  1207. 51:03है।
  1208. 51:04मतलब ओवरथिंकिंग बंद हो जाती है।
  1209. 51:06ओवरथिंकिंग
  1210. 51:06क्लेरिटी
  1211. 51:07या बहुत क्लेरिटी
  1212. 51:08हम पता नहीं क्यों बस महातारा से शुरुआत
  1213. 51:12करनी है। आप कुछ भी कहना चाहोगे
  1214. 51:16मैं दश महाविद्या का जिसमें कहेंगे हमारे
  1215. 51:19गुरु रामकृष्ण परमहंस काली के बामा केपा
  1216. 51:22तारा के उपासक रहे।
  1217. 51:25मैं 10 नाम हमेशा साधकों को अपने कहता हूं
  1218. 51:28कि अपनी पूजा में इस चार लाइनों को जोड़ो
  1219. 51:31तो 10 महाविद्या से कनेक्ट हो जाओगे।
  1220. 51:35काली तारा महा विद्या
  1221. 51:40शोशी भवनेश्वरी
  1222. 51:46भैरवी छिन मस्तिका
  1223. 51:49च
  1224. 51:51विद्यामावती
  1225. 51:55तथा
  1226. 51:57बगला
  1227. 51:58सिद्ध विद्या च
  1228. 52:02मातंगी
  1229. 52:03कम
  1230. 52:08एता दश महा विद्या
  1231. 52:13सुध विद्या प्रकीर्तिता
  1232. 52:18दोमावती मां के सानिध्य में है सब एंड
  1233. 52:21तारा की बात करना चाहते हैं एक्चुअली क्या
  1234. 52:24है दश महाविद्या
  1235. 52:26विद्या एक ही है सती की कहानी से जब
  1236. 52:29चलेंगे सती दहन कर लेती है उसके पहले की
  1237. 52:32ये दश महाविद्याएं क्रिएट होती है। जब वह
  1238. 52:35शिव जी को कहती है कि मैं जाना चाहती हूं।
  1239. 52:37मेरे पिता का यज्ञ है। दक्ष का इनविटेशन
  1240. 52:40आया है। आप चलो। शिव जी कहते हैं मुझे
  1241. 52:41इनविटेशन नहीं आया। तो तुम्हें नहीं जाना
  1242. 52:44चाहिए। नारद जी ने अपना खेल खेल चुके हैं।
  1243. 52:46वो स्टोरी है। तो सती जो है शिव जी को
  1244. 52:50पहले काली का रूप दिखा देती है कि मुझे
  1245. 52:52जाना है। शी इस गेटिंग एंग एंग्री काली।
  1246. 52:57और फिर शिव उस दिशा को छोड़कर के 10
  1247. 53:00डायरेक्शन दूसरी दिशा पकड़ते हैं। तो फिर
  1248. 53:02वह तारा फिर वो शोशी फिर वो भुवनेश्वरी
  1249. 53:06फिर दुमा दस 10ों दिशाओं में उसको दिखा
  1250. 53:08दिया कि वो मैं ही हूं। तुम शिव हो
  1251. 53:13एग्रीड लेकिन शिव की वो जो संस्कृत या
  1252. 53:16हिंदी में आगे की इ की मात्रा निकाल दो तो
  1253. 53:19क्या वर्ड बनेगा? छोटी मात्रा निकाल दो तो
  1254. 53:22शव बनेगा। विदाउट शक्ति तुम शव हो। तो
  1255. 53:25इसीलिए काली के चरणों में है शिव
  1256. 53:30तारा एक्चुअली
  1257. 53:32उस समय अखंड भारत या सनातन को हम कहेंगे
  1258. 53:35तारा की मूल पीठ चाइना में है
  1259. 53:38हम
  1260. 53:39और ये मैं हजारों साल दूर की बात करूंगा
  1261. 53:41कि चाइना में है तो मतलब मां ने स्थान
  1262. 53:43छोड़ा थोड़ी होगा वो तो फिर ऋषि ले आते
  1263. 53:46हैं अगस्त उसको बंगाल के अंदर जो देखते हो
  1264. 53:49उस उसके बाद की पीठ है
  1265. 53:50मतलब तिबेट
  1266. 53:51हां हां
  1267. 53:52तिबेट ओके उस समय चाइना जैसा कोई ऐसे वर्ड
  1268. 53:56नहीं है ना
  1269. 53:56जी जी
  1270. 53:56तो वो भारत के उस क्षेत्र में है तारा तो
  1271. 53:59वो वहां से लाते हैं और फिर स्थापना होती
  1272. 54:01है और बामा खेपा जी का अवतार जो है उसका
  1273. 54:04मतलब अद्भुत आप फील करोगे कि मां को भोजन
  1274. 54:08करवा रहे हैं और इतना मतलब एकाकार हो गए
  1275. 54:11हैं। ये दोनों समकालीन है। रामकृष्ण
  1276. 54:12परमहंस और बामा के पास समकालीन है। एक
  1277. 54:15काली का बच्चा है। एक तारा का है। और वो
  1278. 54:18जब तारा को भोजन करवाते हैं तो तारा उनको
  1279. 54:21भोजन करवाती है। और सामने देखने वाले को
  1280. 54:24क्या दिखता है कि बामा केपा अपना झूठा
  1281. 54:27भोजन देवी को करवा रहे हैं। तो पंडित ने
  1282. 54:32बोल दिया जो भी ट्रस्टी वगैरह रहे होंगे
  1283. 54:34कि यह तो स्वीकार्य नहीं है अभी
  1284. 54:37ऑलराइट। बामाखेपा तो एक ऑर्डिनरी पुजारी
  1285. 54:39की कैटेगरी में है वहां पर तो उन्होंने
  1286. 54:41बोल दिया कि मंदिर के बाहर चले जाओ। जब
  1287. 54:44बामा खेपा मंदिर के बाहर कर दिए गए तो मां
  1288. 54:47को जब भोग लगाया गया तो यह हर मंदिर में
  1289. 54:50होता है। जो भी प्रतिष्ठित शक्तिपीठ के
  1290. 54:51मंदिर हैं, शिव जी के मंदिर हैं उसमें
  1291. 54:53आपने देखा होगा गर्भगृह बंद कर दिया जाता
  1292. 54:55है। तो ठाकुर भगवान वो स्वरूप ग्रहण करते
  1293. 54:59हैं वो और आपको अनुभव आता है। होता है आज
  1294. 55:02भी होता है। सब में होता है। तो वो देख
  1295. 55:05रहे हैं कि मां भोजन नहीं प्रसाद नहीं ले
  1296. 55:07रही है। और फिर वह जो भी हर्ताकर्ता उस
  1297. 55:10समय के थे उनके स्वप्न में आई कि मेरे
  1298. 55:12बेटे को तुमने बाहर निकाल लिया मैं अपने
  1299. 55:14बेटे के हाथ से ही खाऊंगी।
  1300. 55:16तो हाथ जोड़कर के बामा कैपा को लाना पड़ा
  1301. 55:18कि मां को भोजन करवाओ। अब क्या रिलेशन रहा
  1302. 55:22होगा? यह कोई बहुत दूर की कहानी नहीं है।
  1303. 55:23150 200 साल पुरानी है। तो क्या साधना की
  1304. 55:27होगी? क्या तारा के मतलब साथ उनकी वो रही
  1305. 55:30होगी? तो हम दश महाविद के अपने
  1306. 55:35मतलब टेंपरामेंट को ध्यान में रखते हुए हो
  1307. 55:37सकता है मेरे लिए काली हो आपके लिए तारा
  1308. 55:39हो उनके लिए दो अलग हो कोई शोडशी हो तो वो
  1309. 55:43देश काल परिस्थिति पात्रता अपनी पात्रता
  1310. 55:45को ध्यान में रखते हुए और गुरु के
  1311. 55:47निर्देशन में जो विद्या को आप करना चाहते
  1312. 55:50हो तो ही वह सफल होती है। अदरवाइज उसी
  1313. 55:52विद्या के अतिरेक करने से लिमिट्स क्रॉस
  1314. 55:56करने से वही विद्या आपको मार देगी। इसीलिए
  1315. 55:59दश महाविद्या की जो साधना है थोड़ी कड़क
  1316. 56:02है उग्र है। सतर्क होकर करनी चाहिए।
  1317. 56:05प्रोसीजर है उसकी स्टेजेस है कि पहले नाम
  1318. 56:08से करोगे फिर रूप में आओगे फिर धीरे धीरे
  1319. 56:10धीरे बढ़ोगे स्तत्र नॉट एक दिन में किसी
  1320. 56:13को सिद्धियां प्राप्त नहीं होती है।
  1321. 56:14रामकृष्ण परमहंस की स्ट्रगल को अगर आप
  1322. 56:16पढ़ेंगे बाबा कृपा की स्ट्रगल को पढ़ेंगे
  1323. 56:20तो इट टेक्स टाइम। ऐसे नहीं होगा कि
  1324. 56:23अब्रप्टली आपको बस मां कृपा कर लेंग और इस
  1325. 56:26एलुसिनेशन से निकल जाना है कि जब हम काली
  1326. 56:29को उपासना करते हैं तो हम काली मतलब हमारे
  1327. 56:31अंदर आ जाएगी जीभ बाहर आ जाएगी। ऐसा नहीं
  1328. 56:33हुआ है भाई। ऐसा नहीं होता है। शरीर फट
  1329. 56:36जाएगा। वो चेतना वो जो एनर्जी है वो इतनी
  1330. 56:39शुद्ध नहीं है। इतनी छोटी नहीं है कि
  1331. 56:42हमारे जैसे दूषित शरीर में भी प्रवेश
  1332. 56:44करेगी। हां यह है कि उनकी जो योगनिया होती
  1333. 56:47है उनकी जो मतलब उपदेवियां हैं वो अपना
  1334. 56:50कार्य करती है एग्रीड पर देवी पूर्ण रूप
  1335. 56:53में नहीं होती कभी भी प्रवेश में तो मेरा
  1336. 56:57तो गुरु कृपा से जो मैंने अपने चॉइस ली एक
  1337. 57:00होता है ना आपने जैसे हम बोलते हैं
  1338. 57:01तुम्हारा कुल देवता क्या है और इष्ट क्या
  1339. 57:03है तो मैं अपने इष्ट के लिए कहूंगा कि दो
  1340. 57:06आई बिलोंग टू रामकृष्ण परमहंस जी की इष्ट
  1341. 57:09काली है तो रामकृष्ण मेरे गुरु हैं तो
  1342. 57:11मुझे काली करनी चाहिए नहीं मेरी श्री
  1343. 57:14विद्या में छोड़ है और मैं उस स्वरूप से
  1344. 57:16संतुष्ट हूं। उन्हीं की पूजा पाठ में करता
  1345. 57:18हूं। तो हमेशा मैं इस चीज को कहता हूं कि
  1346. 57:21किसी बड़े घराने की बुफे डिनर में जाते हो
  1347. 57:24शादी में तो देयर आर वैरायटीज ऑफ यू नो
  1348. 57:27पुलाव हैं, बिरयानीज हैं, दाल है,
  1349. 57:29मिठाइयां हैं। आपको जो पचता है ना उतना ही
  1350. 57:33भोजन लो। ज्यादा करने जाओगे वोमिट हो
  1351. 57:36जाएगी।
  1352. 57:37डाइजेशन आपको ध्यान में रखना है। सो इफ आई
  1353. 57:40एम कंफर्टेबल एंड कंपेटेबल टू दैट श्री
  1354. 57:43विद्या ऑलराइट आई एम हैप्पी। फिर मुझे
  1355. 57:45दूसरी जगह मुंह नहीं मारना चाहिए कि यह भी
  1356. 57:47करूं वो भी करूं। एक साधे सब सधे सब साधे
  1357. 57:51सब जाए। सब करने जाओगे छूट जाएगा।
  1358. 57:54स्पिरिचुअलिटी का नियम है। यू हैव टू फोकस
  1359. 57:56ऑफ़ माइंड। जो वो मैग्नीिफाइड ग्लास होता
  1360. 57:57है ना एक ही जगह फोकस करोगे तो अग्नि
  1361. 57:59प्रज्वलित होगी। घुमाते रहोगे तो कुछ
  1362. 58:01नहीं। तो गुरुजन भी यही कहते हैं कि आप कम
  1363. 58:04विथ योर फुल सेंसेस। क्या चाहिए? टेक का,
  1364. 58:07टेक टाइम। हम आपको समय देते हैं। आप थोड़ा
  1365. 58:10प्रेयर करो, यह करो। थोड़ा सा इनिशियल जो
  1366. 58:12होता है फिर समझ में आ जाता है कि मेरी जो
  1367. 58:15चॉइस है या मेरा जो इष्ट है वो यह है और
  1368. 58:18वो कुछ भी हो सकता है किसी का बैरव हो
  1369. 58:20सकता है किसी का तारा हो सकता है ये हो
  1370. 58:22सकता है सो उनकी कृपा उनकी सिलेक्शन हमारा
  1371. 58:26सरेंडरी
  1372. 58:30आपने कोर साधना को समझाया है और हमारे
  1373. 58:33पहले वाले पॉडकास्ट में भी मैंने बहुत
  1374. 58:35सारे सवाल पूछे थे आपको साधना से रिलेटेड
  1375. 58:38बेसिकली गुरु की जरूरत होती है आपने कहा
  1376. 58:40कि फोकस िस्ट पाथ की जरूरत है। हम
  1377. 58:44हमारे ये पिछले हाफ में आपने भगवत गीता
  1378. 58:48मेंशन करी।
  1379. 58:49हम
  1380. 58:49मेरी खुद की जिंदगी में ना सोशल वर्क बहुत
  1381. 58:54भयानक तरीके से बढ़ रहा है। हमेशा था पांच
  1382. 58:58छ सालों से था। और भी बढ़ रहा है।
  1383. 59:01और तीसरी चीज क्रिया क्योंकि हम
  1384. 59:03कांस्टेंटली मावदार बाबा जी के पार।
  1385. 59:06ये तीन फैक्टर्स। भगवत गीता, अह सोशल वर्क
  1386. 59:11और क्रिया तंत्र साधना से कैसे जुड़े हुए
  1387. 59:14हैं?
  1388. 59:14ये सब है ही तंत्र है एक्चुअली तो। तंत्र
  1389. 59:17क्या है? मैंने पिछली बार भी कहा था।
  1390. 59:20एवरीथिंग इज तंत्र।
  1391. 59:23देश में रहते हो लोकतंत्र।
  1392. 59:26प्रजातंत्र।
  1393. 59:28टेक्निक वर्ड का ट्रांसलेशन है तंत्र।
  1394. 59:31तंत्र मींस टेक्निक। सचिन तेंदुलकर अगर
  1395. 59:34बैटिंग करते हैं तो आचरेकर जी उनको
  1396. 59:36टेक्निक सिखाते हैं। तो यह क्रिकेट का
  1397. 59:37तंत्र है। हम और आपका एकिस्टेंस है तो हम
  1398. 59:41किस वजह से आज धरती पर हैं? वी हैव टू
  1399. 59:43एक्सेप्ट इट। कामतंत्र
  1400. 59:45मानना पड़ेगा। तो तंत्र तो सब में लगेगा।
  1401. 59:49अब अब यह कैमरास चल रही है, शूटिंग हो रहा
  1402. 59:51है, पूरा रिकॉर्ड हो रहा है। तो उसमें
  1403. 59:53टेक्निकल स्टाफ का काम है। वह तंत्र ही तो
  1404. 59:54कर रहा है। बट वो रिलेटेड टू यह पॉडकास्ट
  1405. 59:57तंत्र कर रहा है। तो उस परमात्मा तक
  1406. 59:59पहुंचने के मार्ग के लिए हम जिस तंत्र का
  1407. 1:00:02सहारा लेते हैं, वह स्पिरिचुअल तंत्र है।
  1408. 1:00:06तो अब जैसे कैमरा वाले को छूट है कि
  1409. 1:00:08लाइट्स ऑन करे कि लाल करे कि पीली करे कि
  1410. 1:00:10नीली करे कि बंद करे, शूट जैसे उसको करना
  1411. 1:00:12है। सेम थिंग स्पिरिचुअलिटी का जो तंत्र
  1412. 1:00:15है वो सात्विक है, राजसिक है, तामसिक है।
  1413. 1:00:18देयर इज नो कन्फ्यूजन। आप अपनी चॉइस,
  1414. 1:00:20कैपेसिटी और अंडरस्टैंडिंग के हिसाब से उस
  1415. 1:00:22पद पर जाते हो। भगवत गीता जो है वह
  1416. 1:00:26कॉस्मिक कॉन्स्टिट्यूशन है।
  1417. 1:00:29और कर्म करने की जो आपने कहा सोशल वर्क कर
  1418. 1:00:33रहे हो। मैं इस पर सिर्फ एक ही चीज कहूंगा
  1419. 1:00:36जो विवेकानंद जी ने कर्म कही। उनसे बड़ा
  1420. 1:00:38कार्मिक सन्यासी आज तक पृथ्वी पर नहीं
  1421. 1:00:40हुआ। वह इतने कार्मिक रहे कि उनको बंधी
  1422. 1:00:43साधु तक कहा गया कि स्कूलें खोलते हो,
  1423. 1:00:45अस्पतालें खोलते हो। उस समय साधुओं का यह
  1424. 1:00:47काम ही नहीं था। तो उनके गुरु भाई ने पूछा
  1425. 1:00:50उनको नरेंद्र विवेकानंद को कि जब शास्त्र
  1426. 1:00:54में कहा गया है कि यू हैव टू गेट डिटच
  1427. 1:00:56फ्रॉम ऑल दी थिंग्स। इस कर्म से ऊपर उठकर
  1428. 1:00:58के परमात्मा से जुड़ना है तो फिर यह
  1429. 1:01:00अस्पताल का और ये स्कूलों का धंधा हमसे
  1430. 1:01:02क्यों करवा रहे हो? इस कर्म के करने से
  1431. 1:01:04परमात्मा मिल जाएंगे। बोले नहीं मिलेंगे।
  1432. 1:01:08तो फिर क्यों करवा रहे हो हमसे? रामकृष्ण
  1433. 1:01:10एडमिशन करता है। क्यों करवा रहे हो?
  1434. 1:01:13बोलो यह जो समाज कार्य तुम कर रहे हो ना
  1435. 1:01:17तो याद रखो अब उनके शब्द मैं बोल रहा हूं
  1436. 1:01:20समाज कुत्ते की पूंछ है जैसे कुत्ते की
  1437. 1:01:23पूंछ टेढ़ी है और उसको हर बार हम सीधा
  1438. 1:01:27करते हैं तो वह सीधी नहीं होती सोशल वर्क
  1439. 1:01:30वो है परंतु यह काम करतेकरते समाज सीधा
  1440. 1:01:34नहीं होगा तुम सीधे हो जाओगे तो तुम समझ
  1441. 1:01:38जाओगे क्या करना है पर तुम्हारे मन की जो
  1442. 1:01:40इच्छाएं हैं इतने जन्मों का प्रारब्ध का
  1443. 1:01:42जो संस्कार है कि मैं यह करूं, वो करूं,
  1444. 1:01:44भूखों को अनाज दूं, कुत्तों को खिलाऊं,
  1445. 1:01:45गाय को खिलाऊं, ये करूं। यू नो ये इच्छाओं
  1446. 1:01:48से मुक्त हो जाओ, कर्म योग करके कर्म। तो
  1447. 1:01:51जब इच्छाएं मुक्त हो गई, हमारी डिजायर्स
  1448. 1:01:53अंदर वाली जन्मों की हो गई। आप कर्म योग
  1449. 1:01:56छोड़ दोगे। यू विल कम टू नो थ्रू रीडिंग
  1450. 1:01:59यू नो लॉट्स ऑफ बुक्स अवेलेबल। जहां पर
  1451. 1:02:01सन्यासी कर्म योग प्रारंभ करते हैं और फिर
  1452. 1:02:03डिटच हो जाते हैं। फिर सोते हैं कि ठीक है
  1453. 1:02:05कर लो। तुम्हारी इच्छा।
  1454. 1:02:08अभी भी वह शरीरों में हैं। कई बाबा
  1455. 1:02:11अल्मोरा के अंदर हैं। कल्याण दास बाबा जी
  1456. 1:02:13कर्म योग किया लेकिन खुद डिटेस्ट है। कई
  1457. 1:02:17अस्पतालें बनवा देते हैं। कई स्कूल बना
  1458. 1:02:19देते हैं। वो हमारी लर्निंग है इसमें से
  1459. 1:02:21बाहर आने की। सो व्हाट यू आस्क कि भाई
  1460. 1:02:25मुझे सोशल वर्क करने की ये जो हो रही है
  1461. 1:02:28ये इश समाप्त हो जाएगी। यू विल बी डिटेस्ट
  1462. 1:02:31हो गया। पैक अप है ना? मानते हो कि जब आप
  1463. 1:02:35साधना करते हो तो वह जो भी शिव तत्व देवी
  1464. 1:02:37तत्व जब ग्रो होता वही आपसे काम करवाता
  1465. 1:02:40है। डेफिनेटली यस हम देवी तत्व के अलावा
  1466. 1:02:43कुछ है ही नहीं। हमारा एक्सिस्टेंस हो ही
  1467. 1:02:45नहीं सकता है। जब प्रकृति परमात्मा की है
  1468. 1:02:48यह सब कुछ परमात्मा का है तो मैं कैसे
  1469. 1:02:52परमात्मा से अलग हो सकता हूं? और उसका
  1470. 1:02:54प्रमाण भी दूं कि सब कुछ अगर परमात्मा का
  1471. 1:02:57है तो पापी भी परमात्मा का है। पुण्यशाली
  1472. 1:03:01भी परमात्मा का है। कभी आपने सुना है कि
  1473. 1:03:02सूरज चमक रहा है आकाश में और वो पापी को
  1474. 1:03:05बोल रहा है कि मैं तुम्हें सूर्य की रोशनी
  1475. 1:03:07नहीं दूंगा। तुम्हारे ऊपर तो 15-20 केस
  1476. 1:03:09लगे हुए हैं। नो नो पापी भी उसी का है।
  1477. 1:03:11रुद्री पाठ करोगे ना जिसकी हम बात कर रहे
  1478. 1:03:13थे। रुद्र के अंदर आप यू विल बी सरप्राइज।
  1479. 1:03:16उसका ट्रांसलेशन आप पढ़ोगे तो चोरों में
  1480. 1:03:18श्रेष्ठ चोर भी मैं हूं। शिव जी कहते हैं
  1481. 1:03:22जो भी श्रेष्ठतम है वह मैं हूं। तो जब
  1482. 1:03:25श्रेष्ठतम वह है तो उसका जो निष्कृष्ट है
  1483. 1:03:28वह भी वही है। सो व्हाटएवर इन दिस कॉस्मस
  1484. 1:03:31जो भी है ब्रह्मांड में जो कुछ है वो सब
  1485. 1:03:33ब्रह्ममय है। वो सब चैतन्य है। इस दुनिया
  1486. 1:03:36में ऐसा कोई कण नहीं है जो ब्रह्म से रहित
  1487. 1:03:39हो। वो क्लेरिटी अपनी डेवलप हो जाने के
  1488. 1:03:42बाद वो सब डिटच हो जाओगे आप। तीसरा फैक्टर
  1489. 1:03:46क्रिया एंड इज इट द सेम एस धारणा।
  1490. 1:03:50महावतार बाबा जी के माध्यम से जो क्रिया
  1491. 1:03:53योग मिला तो क्रिया योग पहले आप उसको अगर
  1492. 1:03:57फील करोगे तो श्वास प्रवास की क्रिया ये
  1493. 1:04:00फिजिकल फ्रेम को तैयार करना है फॉर हायर
  1494. 1:04:02लेवल
  1495. 1:04:03ऑफ साधना
  1496. 1:04:04हां
  1497. 1:04:04ओके
  1498. 1:04:05जैसे हम स्कूल में गए तो एक 12th तक की
  1499. 1:04:09पढ़ाई की फिर ग्रेजुएशन करेंगे फिर पोस्ट
  1500. 1:04:11ग्रेजुएशन करेंगे फिर पीएचडी करेंगे
  1501. 1:04:13क्रिया योग पे रुकना नहीं है क्रियायोग से
  1502. 1:04:16प्रारंभ कर लिया यात्रा तो अनंत की है
  1503. 1:04:19हमारी आ रही है। आगे बढ़ो।
  1504. 1:04:22यही मार्ग है।
  1505. 1:04:24ओके।
  1506. 1:04:25जैसे कहते हैं ना कि रात के 12:00 बजे से
  1507. 1:04:28सुबह के 3:00 बजे के बीच अगर आप एडवांस
  1508. 1:04:33नहीं हो एटलीस्ट तो फिर साधना नहीं करनी
  1509. 1:04:35चाहिए।
  1510. 1:04:36हम
  1511. 1:04:36मतलब अगर आपको कोई गाइड कर रहा है तो वो
  1512. 1:04:39अलग बात है।
  1513. 1:04:39हम
  1514. 1:04:40बट मोस्ट ऑफ़ द पीपल वाचिंग दिस। अ शुड
  1515. 1:04:44अवॉइड साधना आफ्टर 12 am पर क्या हम
  1516. 1:04:49मेडिटेशन कर सकते हैं? डस दैट आल्सो काउंट
  1517. 1:04:51साधना?
  1518. 1:04:53कुछ दिन पहले मैं मेडिटेशन कर रहा था।
  1519. 1:04:55अपना अनुभव शेयर कर रहा हूं। आइंस्टाइन ने
  1520. 1:04:58सबसे ज्यादा ट्रैवल करने वाला कौन सा नाम
  1521. 1:05:01बताया है?
  1522. 1:05:04लाइट।
  1523. 1:05:04लाइट।
  1524. 1:05:06और सबसे स्लो ट्रैवल करने वाला कौन सा
  1525. 1:05:09पार्टिकल है? क्या चीज है?
  1526. 1:05:13इस पृथ्वी पर किसी ने बताया ही नहीं है।
  1527. 1:05:16मैं बता रहा हूं, क्लेम नहीं कर रहा हूं।
  1528. 1:05:17मैं मेडिटेशन का अनुभव बता रहा हूं। तो
  1529. 1:05:20ठाकुर जी को प्रणाम करके जब मैंने कहा कि
  1530. 1:05:22जब सबसे ज्यादा रोशनी ट्रैवल कर रही है तो
  1531. 1:05:26सबसे स्लो कौन है? तो यह जो अनुभव आपने
  1532. 1:05:30बताया इससे मैं रिलेटेड हो के ही बोल रहा
  1533. 1:05:32हूं। यू कैन से ब्लैक होल। अभी तो मैं
  1534. 1:05:35इसका प्रमाण नहीं दे पाऊंगा। आई एम नॉट
  1535. 1:05:37अथॉरिटी आल्सो। आने वाले सालों में साइंस
  1536. 1:05:39इसको प्रूव करेगा कि ब्लैक होल सबसे स्लो
  1537. 1:05:42ट्रैवल करने वाली चीज है। बहुत अंतिम स्लो
  1538. 1:05:47वही है। उसका एक एक मतलब कण बोल सकते हो
  1539. 1:05:51वो रात है। ब्लैक होल का रिप्रेजेंटेशन
  1540. 1:05:54ब्लैक बच्चा अंधेरा देख के डरता क्यों है?
  1541. 1:05:58कई बच्चे मेजॉरिटी क्यों डरते हैं?
  1542. 1:06:00अंधेरे से हमें क्यों डर लगता है? या कहीं
  1543. 1:06:03पर एकांत में है, अंधेरे में है तो हमें
  1544. 1:06:05अजीबोगरीब ख्याल क्यों आते हैं? तो ब्लैक
  1545. 1:06:08होल का रिप्रेजेंटेशन है। वह स्लो चलता
  1546. 1:06:10है। तो जब स्लो चलता है तो टाइम एंड स्पेस
  1547. 1:06:14का आपको बहुत कुशन ज्यादा मिलेगा। स्लो चल
  1548. 1:06:16रहा है ना? तो उसमें किया हुआ आपका जप अगर
  1549. 1:06:20एक माला है तो वो मैं कहता हूं एग्जांपल
  1550. 1:06:23100 फोल्ड में ले लो। तो अगर वह एनर्जी उस
  1551. 1:06:26दिशा में ट्रैवल कर रही है और आप उसके लिए
  1552. 1:06:28फिजिकल फिट नहीं हो, मेंटली फिट नहीं हो
  1553. 1:06:31और गुरु की कृपा नहीं है तो उसी जोन में
  1554. 1:06:34ब्लैक के दूसरी एंटिटीज भी तो चल रही हैं
  1555. 1:06:36अपनी साधना में तो वो आपको विक्षेप करती
  1556. 1:06:39है और हर एक का अपना-अपना
  1557. 1:06:42चार्ट होता है। अपनी-अपनी वो तैयारियां
  1558. 1:06:44होती है और हर एक के एंड रिजल्ट्स अलग
  1559. 1:06:46होते हैं। सेम नहीं होते हैं। तो जो चीज
  1560. 1:06:48मेरे लिए रात के 12:00 से 3:00 तक अच्छी
  1561. 1:06:50है वो नॉट नेसेसरी आपके लिए अच्छी हो। तो
  1562. 1:06:53गुरु गाइड कर लेता है कि बेटा आप यह करो
  1563. 1:06:55वो करो कौन सा मंत्र लेना है क्या आसन
  1564. 1:06:57लेना है क्या पोश्चर है क्या करना है क्या
  1565. 1:06:59नहीं लाइक दैट मनमुखी करने का कोई फायदा
  1566. 1:07:02नहीं है अपने मन से करने का कोई ग्रोथ
  1567. 1:07:04नहीं आएगा बैड एक्सपीरियंस होने की
  1568. 1:07:06संभावना है तो मेरे ख्याल से व्हाट यू
  1569. 1:07:09आस्क आई ट्राई टू गिव इट बेस्ट ऑफ द बेस्ट
  1570. 1:07:13वाटर
  1571. 1:07:14मतलब कर्म तेजी से फिर साफ हो जाएंगे 12
  1572. 1:07:17से तीन के बीच अगर साधना करी
  1573. 1:07:19अगर प्रोसीजर सही है मंत्र सही है गुरु की
  1574. 1:07:21दिशा सही है दैट दैट इज द बेस्ट टाइम।
  1575. 1:07:25बट क्या आप वो झेल पाओगे या नहीं?
  1576. 1:07:27हां वो क्योंकि स्लो मोशन में हो ना आप
  1577. 1:07:29हम
  1578. 1:07:30हम
  1579. 1:07:30वो ट्रेवल स्लो कर रहा है। स्लोएस्ट
  1580. 1:07:32मोमेंट में हो आप। आपका सारा एक्सपीरियंस
  1581. 1:07:34लॉन्ग हो जाएगा। जैसे नहीं वो सपने में हम
  1582. 1:07:36देखते हैं कि खड्डे में गिर रहे हैं तो
  1583. 1:07:38गिरते ही जाएंगे। तो आपका लॉन्ग शॉट हो
  1584. 1:07:40जाएगा। स्लो मोशन हो जाएगा।
  1585. 1:07:42धारणा करने से भी
  1586. 1:07:44हां धारणा धारणा। इनफैक्ट उस टाइम पर आपकी
  1587. 1:07:47जो धारणा बनती है वो प्रगार होती है। बहुत
  1588. 1:07:49अच्छा आप शब्द बोल रहे हो। धारणा आई एम
  1589. 1:07:52थैंकफुल टू यू कि आपने मेडिटेशन नहीं कहा
  1590. 1:07:54ध्यान नहीं कहा धारणा के बाद ध्यान आएगा
  1591. 1:07:57ध्यान के बाद समाधि आएगी पतंजलि योग सूत्र
  1592. 1:08:00यमन यम आसन प्राणायाम लाइक दैट उस का क्रम
  1593. 1:08:03है
  1594. 1:08:04बट अवॉइड बिटवीन 12 टू थ्री
  1595. 1:08:08जो गुरुमुखी हैं और उनको इंस्ट्रक्शन है
  1596. 1:08:10तो तो ठीक है
  1597. 1:08:12बट अगर 12 टू थ्री सेट नहीं होगा तो
  1598. 1:08:14साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम होने की संभावना
  1599. 1:08:16बनती है उसमें
  1600. 1:08:18और ये साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम जिनको नींद
  1601. 1:08:20नींद का प्रॉब्लम होता है। वो आप जो सारे
  1602. 1:08:23केसेस हम सुनते हैं वो उसी से रिलेटेड
  1603. 1:08:25होते हैं। तो आपको जब रात में ध्यान करना
  1604. 1:08:28होता है तो सनसेट के पहले जितना खाना था
  1605. 1:08:30खा लो। उसके बाद फिर अन्नग्रहण नहीं होता
  1606. 1:08:32है। दैट्स अ कंडीशन। इसमें कई पैराटर्स
  1607. 1:08:34दूसरे भी लगेंगे। पानी कितना लेना है?
  1608. 1:08:37वस्त्र कौन से रहेंगे? टोटल डार्क रखना है
  1609. 1:08:40या एक दिया प्रज्वलित रहेगा वो नियम लगते
  1610. 1:08:42हैं उसमें।
  1611. 1:08:44ओके। ओके। कौन से मंदिर में आपको सबसे
  1612. 1:08:50इंटेंस अनुभव हुए हैं यहां। कौन से
  1613. 1:08:53क्षेत्र में भारत के?
  1614. 1:08:56इट डिपेंड्स फ्रॉम इंडिविजुअल टू
  1615. 1:08:57इंडिविजुअल। मैं मतलब प्रिजुडाइस ऑफ माइंड
  1616. 1:08:59नहीं कहूंगा पर मेरा अपना एक अनुभव हो गया
  1617. 1:09:02भीमाशंकर मंदिर के अंदर। मैं जुलाई अगस्त
  1618. 1:09:05के महीने में खूब बरसात। आप तो जानते हो
  1619. 1:09:07उस महाराष्ट्र के विस्तार में कैसी होती
  1620. 1:09:09है। एंड आई रीच्ड इन द अराउंड आफ्टरनून 33
  1621. 1:09:133:30 के आसपास। मंदिर में कोई नहीं था।
  1622. 1:09:15काफी बारिश तेज थी। राउट व सब बंद थे। हम
  1623. 1:09:19लंबे से चल करके वहां पहुंचे थे तो एंड
  1624. 1:09:22देन व्हेन आई एंटर्ड भीमाशंकर तो वो भीमा
  1625. 1:09:25नदी का जो जल है वो बिल्कुल काला है भाई
  1626. 1:09:28तो ये हृदय फट जाए ऐसा उसका दृश्य था और
  1627. 1:09:32जब मैं मंदिर की सीढ़ियां उतर रहा हूं और
  1628. 1:09:33शिवलिंग को मतलब दर्शन ले रहा हूं
  1629. 1:09:37पता नहीं एज ऑफ आई वास कनेक्टेड टू यू नो
  1630. 1:09:40वो प्रारब्ध की पास्ट लाइफ्स के साथ
  1631. 1:09:42कनेक्ट हो रहा हूं। मेरी आंखें खुली हैं।
  1632. 1:09:44मतलब 3:30 4:00 हैं। बारिश हो रही है। वह
  1633. 1:09:47दृश्य मैं आज तक नहीं भूल सकता हूं। मैं
  1634. 1:09:49डेढ़ 1 घंटा वहां पर था। और वो मेरी
  1635. 1:09:52जिंदगी का मतलब एक ऐसा मोमेंट है। आई
  1636. 1:09:55रियली रेलिश। जब भी मैं थोड़ा सा याद मतलब
  1637. 1:09:57करके खुद को उस पे लाना चाहता हूं तो वो
  1638. 1:10:00दृश्य हमें याद रखना चाहिए कि कौन से
  1639. 1:10:02दृश्य से आप अपलिप्त होती हो। तो भीमा
  1640. 1:10:04शंकर का वह अनुभव हुआ। बाकी तो ऐसे कई
  1641. 1:10:06अनुभव हैं। जैसे ज्ञानेश्वर जी की समाधि
  1642. 1:10:08है या अजंता एलोरा की केव्स हैं। काफी
  1643. 1:10:12उसमें अनुभव अच्छे रहे। पर ये भीमाशंकर का
  1644. 1:10:14अनुभव ऐसा है कि आप पडकास्ट की भाषा में
  1645. 1:10:18वो बूस बम्स जिसको बोलते हैं ना काइंड ऑफ़
  1646. 1:10:20दैट इट्स रियली अ मेमोरेबल फॉर मी। बहुत
  1647. 1:10:24इंटेंस
  1648. 1:10:25आपके जर्नी के लिए बहुत जरूरी जगत है।
  1649. 1:10:27हां मैं मैं मानता हूं आज भी मैं शिव से
  1650. 1:10:29एकाकार जब करता हूं खुद को या रुद्री पाठ
  1651. 1:10:32का अनुभव करता हूं तो मुझे ऐसा ही लगता है
  1652. 1:10:34कि मैं भीमाशंकर में बैठकर के ही कर रहा
  1653. 1:10:36हूं।
  1654. 1:10:36आई रियली एंजॉय दैट।
  1655. 1:10:39नहीं अजंता एलोरा केव्स का नाम लिया।
  1656. 1:10:41जी
  1657. 1:10:42अह आप मानते हो कि समाज अब तक समझा है
  1658. 1:10:45अजंता एलोरा केव्स को पूरी तरह से?
  1659. 1:10:49एक तो उसके कई रूट्स या जो पॉकेट्स हैं वह
  1660. 1:10:53बंद हैं। एक्चुअली वो एक अलग सिविलाइजेशन
  1661. 1:10:57का क्रिएशन है। अजंता एलोरा किसने बनाया?
  1662. 1:11:00कब बनाया और अगर बनाया तो उसका निकला हुआ
  1663. 1:11:03पत्थर कहां चला गया? और एक रॉक पर इतने
  1664. 1:11:06हजार साल पहले कौन सी टेक्नोलॉजी लगाई? तो
  1665. 1:11:08जो एलियन शब्द आपने बताया परगंग रही
  1666. 1:11:11एक्चुअली उस गुफा को अगर आप देखे जाओ आई
  1667. 1:11:15विश कि इन चीजों को मुझे अनुभव करने के
  1668. 1:11:17लिए रात का समय मिलता यू नो मुझे परमिशन
  1669. 1:11:21मिले अद्भुत मतलब वहां पर जो बुद्धिज्म के
  1670. 1:11:25मक्स का ध्यान है वहां पर जो शिव शिव के
  1671. 1:11:28उपासकों का ध्यान है वो ध्यान अभी भी मिटा
  1672. 1:11:31नहीं है वो ध्यान है वहां पर अगर आप तैयार
  1673. 1:11:34हो उसको लेने के लिए तो आपको दिन में भी
  1674. 1:11:37फील आएगा बट लोग वहां क्या जाते हैं? रील
  1675. 1:11:39बनाने के लिए जाते हैं। कैमरा हू हल्ला
  1676. 1:11:41हल्ला गोश वो हो रहा है। कोई न्यूसेंस है।
  1677. 1:11:44प्योर न्यूसेंस बट अगर आप स्पिरिचुअल फील
  1678. 1:11:47करने के लिए जाओगे बी कनेक्टेड क्योंकि
  1679. 1:11:49ध्यान तो वहां पर है। अभी भी है और ये
  1680. 1:11:54बहुत मतलब विरला विलक्षण एक्सक्लूसिव ये
  1681. 1:11:58साधारण नहीं है। और हम इन धरोहरों के
  1682. 1:12:01मालिक होते हुए भी भटक रहे हैं। ये बहुत
  1683. 1:12:04दुर्भाग्य है इस देश का। यूथ जो कहते हैं
  1684. 1:12:06ना कि यह करो वो करो वी हैव सो मेनी
  1685. 1:12:08थिंग्स यू नो इसको एक्सपीरियंस करना अजंता
  1686. 1:12:11एलोरा मेरे एक्सपीरियंसेस में मैं मैं विश
  1687. 1:12:14करूंगा कि मुझे अलव किया जाए तो मैं वहां
  1688. 1:12:18एक ध्यान का एक्सपेरिमेंट अपने साथ करना
  1689. 1:12:20चाहूंगा
  1690. 1:12:21अब उनका कुछ पर्पस है या कुछ पर्पस से
  1691. 1:12:24बनाए गए थे
  1692. 1:12:25हां डेफिनेटली यस डेफिनेटली जितने भी ये
  1693. 1:12:28आप केव्स देखते हो ये तो मेडिटेशन के लिए
  1694. 1:12:30है ना ध्यान वो तो लग्जरी तो उसमें कुछ है
  1695. 1:12:32नहीं आप शिवलिंग वगैरह जो भी देखते हो या
  1696. 1:12:34बुद्ध बुद्धिस्ट मंकी अगर देखते हो वो एक
  1697. 1:12:36पीढ़ी की बनाई हुई नहीं है। उसमें
  1698. 1:12:38कंटिन्यूएशन है। काम होता रहा बरसों तक
  1699. 1:12:41ऐसा लगता है कि वह एक-एक पोर्शन आगेगे
  1700. 1:12:43बढ़ते गए। जैसे बिल्डिंग चलती है ना
  1701. 1:12:44फर्स्ट फ्लोर सेकंड फ्लोर ऐसे तो वो चीज
  1702. 1:12:47आप देखोगे वो डिटच हो के एकांत समाज से
  1703. 1:12:51लेकर के वो उस परमात्मा के परम तत्व को
  1704. 1:12:53अनुभव करने वाली जगह है। और उसके कुछ ही
  1705. 1:12:56किलोमीटर की रेडियस में गुष्मेश्वर है।
  1706. 1:12:58ज्योतिर्लिंग। हम
  1707. 1:13:00तो वह जगह और भीष्मेश्वर की ऊर्जा और उनको
  1708. 1:13:03अगर आप कनेक्ट करोगे तो यू विल गेट द आंसर
  1709. 1:13:07बिकॉज़ दैट एरिया इज़ नॉट ऑर्डिनरी वो
  1710. 1:13:10ज्योग्राफिकल आप जो भी बोलो जगह है बट
  1711. 1:13:13फ्रॉम अ स्पिरिचुअल पॉइंट ऑफ व्यू आई विल
  1712. 1:13:14से वो ऊर्जावान क्षेत्र है। गजब क्षेत्र
  1713. 1:13:17है।
  1714. 1:13:18मैं कभी-कभी सोचता हूं हमारे जो 12
  1715. 1:13:20ज्योतिर्लिंग है
  1716. 1:13:21हम
  1717. 1:13:23उन्हें मैं कनेक्ट करता हूं वैदिक टाइम से
  1718. 1:13:26कभी-कभी। हम
  1719. 1:13:27क्योंकि मैं यह जानता हूं कि रुद्र नाम के
  1720. 1:13:30देवता मेंशन हुए हैं वेदों में जो शिव जी
  1721. 1:13:33से जुड़े जाते हैं।
  1722. 1:13:34बिल्कुल शिव वन ऑफ द रुद्र है।
  1723. 1:13:35वन ऑफ द रुद्र
  1724. 1:13:36हां शिव नाम है 11 रुद्रों के 12 आदित्य
  1725. 1:13:41आठ वसु दो अश्विनी कुमार उसको ही काउंट
  1726. 1:13:44करोगे तो 33 होंगे। 33 वही 33 कोटि भगवान
  1727. 1:13:48हैं। 33 कोटि मतलब कोटि मींस प्रकार उसी
  1728. 1:13:51को ही इनसेकुलरिस्टों ने कम्युनिस्टों ने
  1729. 1:13:53या दूसरे अंग्रेजों ने 33 करोड़ बना दिए।
  1730. 1:13:55इट इज़ नॉट 33 करोड़। इट इज़ 33 टाइप्स ऑफ़
  1731. 1:13:59गॉड जिसमें 11 रुद्र हैं। और 11 रुद्रों
  1732. 1:14:02के नाम में अगर आप Google करोगे तो वन ऑफ़
  1733. 1:14:04द नेम इज शिवा।
  1734. 1:14:06हम
  1735. 1:14:06तो क्या ये ज्योतिर्लिंग जो अभी है 12
  1736. 1:14:10ज्योतिर्लिंग
  1737. 1:14:11ये वैदिक टाइम्स में बनाए गए थे या वैदिक
  1738. 1:14:13टाइम्स में इनकी अहमियत थी
  1739. 1:14:16जो शंकराचार्य जी के स्तोत्र का हम सहारा
  1740. 1:14:18लेते हैं सौराष्ट्र सोमनाथं चशले
  1741. 1:14:20मलिकार्जुनम उजन्याम महाकाल ओमकारम
  1742. 1:14:23अमलेश्वरम परल्याम वैदनाथ च डाकन्याम भीमा
  1743. 1:14:26शंकरम सेतु वंदे रामेशंम नागेशंम
  1744. 1:14:28दारुकावनी वाराणस्यांतु विश्वेश्वंम
  1745. 1:14:31त्रंबकम गौतमी तटे हिमालयतु केदारम
  1746. 1:14:33कुरमेशम च शिवालय यतानी ज्योतिर्लिंगानी
  1747. 1:14:37सायं प्रात पठनर सप्त जन्म कृतम पापम
  1748. 1:14:40स्मरण विनति शंकराचार्य कहते हैं कि 12
  1749. 1:14:43ज्योतिर्लिंगों का अधना स्तोत्र का स्मरण
  1750. 1:14:45मात्र करने से आपके हर पाप नष्ट सप्त जन्म
  1751. 1:14:48सातों जन्मों के सात जन्म की साइकिल है
  1752. 1:14:51उसका एक लॉजिक है अभी उसमें नहीं जा रहे
  1753. 1:14:53पहले तो क्या था अगर वेद को पढ़ोगे तो
  1754. 1:14:56शिवालय है राम जी किसकी पूजा कर रहे
  1755. 1:14:58शिवालय में कृष्ण जाएंगे तो उनके आराध्य
  1756. 1:15:01क्या होंगे शिवालय है शिवालय मींस व्हाट
  1757. 1:15:04जिस शिव को हम जानते हैं सिर्फ एक शिव
  1758. 1:15:07उसको स्वरूप में नहीं शिव मींस कल्याणकारी
  1759. 1:15:09जो सबका हितैषी है जो कहता है कि सुर भी
  1760. 1:15:12मेरे असुर भी मेरे हैं चोर भी मेरे हैं
  1761. 1:15:14उपचके भी मेरे हैं सब मेरे हैं उनका शिव
  1762. 1:15:17वो प्रतीक है शिवलिंगम जिसमें शक्ति मैंने
  1763. 1:15:20बताया ना शक्ति साथ में है और वो सिंबॉलिक
  1764. 1:15:2412 जगहों पर 12 ज्योतिर्लिंग है तो हैं और
  1765. 1:15:29धीरे-धीरे करते हुए हजारों सालों की जर्नी
  1766. 1:15:32हुई जितने आक्रांता आए उन्होंने हमने जाना
  1767. 1:15:34कि इस देश का जो सत्ता है जो ताकत है जो
  1768. 1:15:37आध्यात्मिकता है वो इनो शिवलिंग से है या
  1769. 1:15:40ज्योतिर्लिंग ज्योतिर्लिंग उसको हम कहते
  1770. 1:15:42हैं शिवलिंग नहीं कहते यह ज्योति पुंज
  1771. 1:15:44भारत को ऊर्जा दे रहे थे या दे रहे हैं
  1772. 1:15:47अभी भी दे रहे थे मतलब उनको लगा कि इनको
  1773. 1:15:49नाश करने से होगा सभी ज्योतिर्लिंगों पे
  1774. 1:15:51हमला हुआ
  1775. 1:15:52जिसमें से सोमनाथ को तो नस्तेनाबूद कर
  1776. 1:15:56दिया यह तो 1947 के बाद नई सरकार जब चुन
  1777. 1:15:59के आई तो सरदार ने इनिशिएटिव लिया और आज
  1778. 1:16:02तो खैर ठीक है बट इस चीज में से जितनी
  1779. 1:16:06ऊर्जा लेने चाहे नए मंदिर बनाने की मैं
  1780. 1:16:08बताता हूं अभी कोई विशेष जरूरत नहीं है।
  1781. 1:16:10हमारे पास पर्याप्त पौराणिक उतने मंदिर
  1782. 1:16:13हैं जिसमें से आप पूरी ऊर्जा ले सकते हो।
  1783. 1:16:16बट जाओ उस हृदय के साथ जाओ। हमने क्या कर
  1784. 1:16:19दिया? टिकट्स लगा दिए, वीआईपी दर्शन कर
  1785. 1:16:21लिए, कॉरिडोर्स बना दिए और धीरे-धीरे
  1786. 1:16:24भगवान की वो अनुभूति चाहिए। भगवान वही है।
  1787. 1:16:26भगवान कहीं गया नहीं। लेकिन हमारी अनुभूति
  1788. 1:16:28के लिए वो बैरियर्स आ गए। हमारे ईगोस आ गए
  1789. 1:16:31काइंड ऑफ
  1790. 1:16:33क्या 12 ज्योतिर्लिंग को एक ऑर्डर में
  1791. 1:16:35विजिट करने से कुछ बदलता है किसी के जीवन
  1792. 1:16:38में
  1793. 1:16:38हां डेफिनेटली 100%
  1794. 1:16:41इनकी जैसे
  1795. 1:16:43बताया जाता है शिव पुराण में अगर आप
  1796. 1:16:45पढ़ोगे तो क्लियर कट आपको गाइडेंस मिल
  1797. 1:16:47जाता है और उसमें यह है कि आपको सारे
  1798. 1:16:50ज्योतिर्लिंग करने के बाद जैसे कोई
  1799. 1:16:52यात्राएं होती है तो गंगाजल आप उत्तर से
  1800. 1:16:54लोगे तो दक्षिण में चढ़ाओगे रामेश्वरम
  1801. 1:16:56वगैरह में तो यह शिव पुराण में क्लियर कट
  1802. 1:16:59लिखा हुआ है आप उसको उसको पढ़ के समझो
  1803. 1:17:01उसको अंधविश्वास नहीं तो 12 ज्योतिर्लिंग
  1804. 1:17:03का सर्किट विजिट तो होता है आजकल लोग करते
  1805. 1:17:05हैं गाड़ी लेकर के या आई हो उसका जो अपना
  1806. 1:17:10माइंडसेट क्या है एक ऑस्टरिटीज जिसको शब्द
  1807. 1:17:13आता है ना तपस्या युक्त हमारी जीवन हो
  1808. 1:17:16उसकी थोड़ी प्रिपरेशन करना बहुत जरूरी
  1809. 1:17:19होता है। एक टूरिस्ट माइंडसेट से यात्रा
  1810. 1:17:22करना और एक साधक के माइंडसेट से यात्रा
  1811. 1:17:25करना बहुत अंतर है। तो जब भी हम 12
  1812. 1:17:29ज्योतिर्लिंग का करते हैं तो उसमें एकम
  1813. 1:17:31वस्त्रम होना चाहिए। भोजन की सादगी होनी
  1814. 1:17:33चाहिए। सोने के लिए आपको शैया जमीन की
  1815. 1:17:37होनी चाहिए। चलने के लिए आपको पांव से
  1816. 1:17:40चलना चाहिए। ठीक? तो अपने जवानी में यह कर
  1817. 1:17:43ले तो उसका एक फील और उसका एक अनुभव अलग
  1818. 1:17:45आता है। लेकिन हम लोग तो क्या पैसे कमाने
  1819. 1:17:47के बाद जब मरने की कगार पे आते हैं तो
  1820. 1:17:49घूमने निकलते हैं।
  1821. 1:17:51मतलब आप कह रहे हो पैदल जाना होता है।
  1822. 1:17:53ज्योतिर्लिंग।
  1823. 1:17:55जो कांसेप्ट है वह तो यही है। शंकराचार्य
  1824. 1:17:58थोड़ी कोई कार में घूमे हैं या ट्रेन या
  1825. 1:17:59प्लेन लेकर घूमे। भारत की पूरी परिभ्रमण
  1826. 1:18:01कर लिया। इस देश को अखंड कर दिया। भाई
  1827. 1:18:03चाणक्य जब चले थे तक्षशिला से नालंदा तक
  1828. 1:18:05तो थोड़ी कोई घोड़ा लेकर चले थे या गाड़ी
  1829. 1:18:07लेकर चले थे। बुद्ध जब इस देश में चले हैं
  1830. 1:18:11तो कोई थोड़ी बुलेट लेकर चले हैं। तो क्या
  1831. 1:18:14तकलीफ क्या है? नर्मदा की जो परिक्रमा
  1832. 1:18:16होती है 100 दिन में आप पैदल कर सकते हो।
  1833. 1:18:18आप क्यों नहीं कर सकते हो? हम
  1834. 1:18:20कांसेप्ट यह है कि उस जमीन से आप जुड़ते
  1835. 1:18:23हो जहां से संत गुजरे ऋषि गुजरे वो कण-कण
  1836. 1:18:26आपके बॉडी से स्पर्श करता है। वो एक
  1837. 1:18:28वाइब्रेंट देता है आपको। मंदिर में पांव
  1838. 1:18:31नंगे रख के जाना जूता बाहर रखने का क्या
  1839. 1:18:34कांसेप्ट हो सकता है? आजकल तो आप देखोगे
  1840. 1:18:35गंदगियां है। लोग हाईजीन को देखते हैं। ये
  1841. 1:18:37देख बट उसका रीज़न क्या है? कि आप उन ऊर्जा
  1842. 1:18:40के कणों को अनुभव कर सको। अपने जीवन में
  1843. 1:18:42उतार सको। वो ऊर्जा आपके शरीर में
  1844. 1:18:44प्रविष्ट कर सके। देयर इज़ नो अदर रीज़।
  1845. 1:18:47आपको अनकंफर्टेबल करने के लिए हमारे ऋषि
  1846. 1:18:49मुनियों ने नहीं कहा कि भाई जूते उतार दो।
  1847. 1:18:51तो ज्योतिर्लिंग
  1848. 1:18:53को विजिट करने का एक तरीका होता है जो शिव
  1849. 1:18:55पुराण में लिखा है।
  1850. 1:18:57मुझे लग रहा है कि सबसे चैलेंजिंग चीज यही
  1851. 1:18:59है लोगों के लिए मॉडर्न लोगों के लिए।
  1852. 1:19:02लेकिन अवेलेबल है। आजकल तो बहुत ऐसे टूर्स
  1853. 1:19:04वगैरह हो रही हैं।
  1854. 1:19:05जहां पैदल जा सकते हो।
  1855. 1:19:06पैदल नहीं लेते हैं। अब तो समय और सोर्सेस
  1856. 1:19:09लोगों के पास मतलब लिमिटेड हो गए। टाइम
  1857. 1:19:11ज़ोन कम हो गए। पर पैदल करने वाले करते
  1858. 1:19:13हैं। मेरे पास जस्ट दो महीने पहले आईआईटी
  1859. 1:19:16प्रोफेसर थे जो सन्यास लेकर आए तो मेरे
  1860. 1:19:19पास आए थे। वो पैदल आए थे। कहां से पैदल
  1861. 1:19:21आए थे? हरिद्वार से पैदल आए थे। और बिना
  1862. 1:19:24मोबाइल उन्होंने जो व्रत ले रखा है कि एकम
  1863. 1:19:27वस्त्रम भोजन भी एक ही नहीं का लिया। शयन
  1864. 1:19:30भी धरती का है तो अनंगे पाव थे। कैन यू
  1865. 1:19:34इमेजिन इस तरह का व्यक्ति मतलब संकल्प ले
  1866. 1:19:37चले और वह खाली हाथ मरेगा? नहीं। परमात्मा
  1867. 1:19:40इज बाउंड टू गिव।
  1868. 1:19:42एक जैन मुनि आए थे शो पे हाल ही में।
  1869. 1:19:45जी।
  1870. 1:19:46उन्होंने वो लोच के बारे में बात करी जहां
  1871. 1:19:48उनके बाल
  1872. 1:19:50खींच के निकाले जाते हैं। और जब
  1873. 1:19:52मतलब वो सन्यास ले लेते हैं जैन मुनि
  1874. 1:19:56तब वो सिर्फ पैदल जा सकते हैं एक जगह से
  1875. 1:19:59दूसरी जगह।
  1876. 1:20:00और उन्होंने कहा कि यही सबसे बड़े चैलेंज
  1877. 1:20:02रहते हैं लोगों के लिए इन ऑर्डर टू टेक
  1878. 1:20:03सन्यास और नॉट। और मेरे मुताबिक आपकी भी
  1879. 1:20:06बातें सुनकर मुझे ये लग रहा है कि एक बहुत
  1880. 1:20:07हाई लेवल की तपस्या है और लाइफ लॉन्ग
  1881. 1:20:09साधना है इनकी।
  1882. 1:20:11अगर आपको कंफर्टेबल जोन से बाहर आना ही
  1883. 1:20:13नहीं था फिर सन्यास लिया क्यों?
  1884. 1:20:15हम
  1885. 1:20:16अपने उद्धार के लिए आए हो ना आत्मन
  1886. 1:20:18मोक्षार्थ उस उद्धार के लिए जो पैराटर्स
  1887. 1:20:22हैं ऋषियों के गुरुजनों के तो रिजल्ट तो
  1888. 1:20:26तभी आएगा।
  1889. 1:20:28इसका फल क्या होता है?
  1890. 1:20:30फल यह होता है कि आपका जो मन शुद्र मन है
  1891. 1:20:33जो भटकता है सेंसेस में अननेसेसरी चीजों
  1892. 1:20:36के अंदर वह उन चीजों से विड्र हो के आप
  1893. 1:20:39सीख जाते हो कि इन चीजों की वास्तव में
  1894. 1:20:41कोई जरूरत नहीं है। जैसे मान लो कई लोग
  1895. 1:20:43होते हैं ना 10-10 जोड़ी कपड़े लेकर के
  1896. 1:20:45निकलते हैं तीर्थ यात्रा पर भी नर्मदा
  1897. 1:20:47परिक्रमा के अंदर आपको पैदल चलना है और
  1898. 1:20:49बैग खुद उठानी है तो आप अपने आप दो ही
  1899. 1:20:50कपड़े लोगे। तो डिटचमेंट हो गया ना कि दो
  1900. 1:20:53से जिया जा सकता है। एक मैट के सोया जा
  1901. 1:20:55सकता है। एक रोटी पर रहा जा सकता है।
  1902. 1:20:57मैंने जीवन भर अगर भिक्षा नहीं किया तो
  1903. 1:20:59वहां तो अन्य क्षेत्र में बेटा बड़े भी हो
  1904. 1:21:01तो बैठकर के अन्य क्षेत्र में ग्रहण करना
  1905. 1:21:03पड़ेगा। सीख जाता है। तो वो अपनी
  1906. 1:21:06मैच्योरिटी अपनी डेवलपमेंट, अपनी लर्निंग
  1907. 1:21:08है। एनलाइटनमेंट उसी से आता है।
  1908. 1:21:15अभी साईं बाबा का चरित्र दिख रहा है मेरे
  1909. 1:21:18दिमाग में। क्योंकि आपने मेंशन करा कि
  1910. 1:21:19उनके बारे में बात करनी है।
  1911. 1:21:22रीजन यह था कि आज थर्सडे है और हम तो बाबा
  1912. 1:21:25के खानदान से हैं ना दत्त परंपरा से हैं।
  1913. 1:21:28अत्री गोत्र हैं।
  1914. 1:21:30तो मैं जब आ रहा था तो आई मतलब हमारे लिए
  1915. 1:21:33तो परिवार के वल हैं। वो बड़े हैं। तो
  1916. 1:21:37किसी ने मुझे दो दिन पहले मैसेज किया नोन
  1917. 1:21:41पर्सन था कि आपने बाबा के ऊपर कोई एपिसोड
  1918. 1:21:44क्यों नहीं बनाया? शिरडी के साईं बाबा के
  1919. 1:21:45ऊपर।
  1920. 1:21:47तो मैंने उसे कहा कि
  1921. 1:21:50बना सकता हूं पर पता है क्यों नहीं बना
  1922. 1:21:52रहा हूं। जैसे विवेकानंद रामकृष्ण परमहंस
  1923. 1:21:55के साथ बहुत क्लोज रहे पर उन्होंने कभी भी
  1924. 1:21:57विवेकानंद ने रामकृष्ण के ऊपर बुक नहीं
  1925. 1:22:00लिखी। कोई लेक्चर भी नहीं दिया। एस सच
  1926. 1:22:04तो किसी ने पूछा कि स्वामी जी आपने अपने
  1927. 1:22:06गुरु के बारे में कभी कुछ नहीं कहा है।
  1928. 1:22:08कोई लेक्चर नहीं बुक नहीं। स्वामी जी का
  1929. 1:22:11उत्तर था कि मेरे गुरु जो है ना वह शिव
  1930. 1:22:14है।
  1931. 1:22:16और मैं उनके सामने शुद्ध रहूं। रामकृष्ण
  1932. 1:22:18चाहते तो मट्टी ऐसे उठा के बोलते हजार
  1933. 1:22:21विवेकानंद हो जाए तो हजार विवेकानंद हो
  1934. 1:22:23जाए। वो वो हस्ती हैं। और मैं उनके ऊपर
  1935. 1:22:25अगर बोलूं और लिखूं और मुझसे कुछ त्रुटि
  1936. 1:22:28हो जाए तो यह ऐसा ही होगा कि शिवजी पे
  1937. 1:22:30लिखने को गया और बंदर लिख के आ गया। तो
  1938. 1:22:33साईं के ऊपर शिरडी के साईं के ऊपर मैंने
  1939. 1:22:36कभी भी एपिसोड इसलिए नहीं बनाया क्योंकि
  1940. 1:22:38वह जो अवतार है सनातन का आप उसको जस्टिफाई
  1941. 1:22:42नहीं कर सकते हो शब्दों में। तो दिस इज अ
  1942. 1:22:45राइट टाइम बाबा के लिए तो मतलब मैं काशी
  1943. 1:22:48में था तो बाबा की फोटो देख रहा था कई
  1944. 1:22:50मंदिरों में है मैं जहां भी जाता हूं बाबा
  1945. 1:22:52तो मुझे मिल ही जाते हैं भाई कहीं कार में
  1946. 1:22:54मिलेंगे कहीं कार के पीछे मिलेंगे कार के
  1947. 1:22:55अंदर मिलेंगे आपको दूसरे भैरव जी दिखे ना
  1948. 1:22:59दिखे बाबा दिख जाएंगे क्योंकि बाबा भैरव
  1949. 1:23:00से भी तो कनेक्टेड है उनकी साधनाएं हैं
  1950. 1:23:03भाई लेकिन हर एक के जैसे है ना रामकृष्ण
  1951. 1:23:07परमहंस कहते हैं जतो मत ततोपथ हर एक अवतार
  1952. 1:23:10के साधना करने का अपना तरीका है
  1953. 1:23:13टेममे महाराज स्वामी महाराज जो है हम
  1954. 1:23:17अवदूत मानते हैं। वो भी बाबा के समकालीन
  1955. 1:23:20अवदूत मानते हैं। तो ऐसे आठ एक साथ चल रहे
  1956. 1:23:23थे। कुल मिलाकर
  1957. 1:23:26हम सनातनी जो है वो बाहर की गसिप पर
  1958. 1:23:29ज्यादा ध्यान देते हैं। अपना रिसर्च नहीं
  1959. 1:23:31करते।
  1960. 1:23:34मैं तो देखो डंके की चोट पर हम अत्री
  1961. 1:23:37गोत्र के हैं। बाबा दत्तात्रेय के अवतार
  1962. 1:23:40हैं। हम दत्तात्रेय भगवान के उपासक हैं।
  1963. 1:23:42और यह उसी लाइनज में है और उसका प्रमाण
  1964. 1:23:44चाहिए तो पाथरी में जाकर देख लो। उनके
  1965. 1:23:46बचपन की कई चीजें और भी घर की वगैरह की
  1966. 1:23:49सामान उनके परिवार का व्यक्ति भी भाई आज
  1967. 1:23:51तीसरी चौथी पीढ़ी का है। हैदराबाद में है।
  1968. 1:23:54अब इससे ज्यादा क्या मतलब करोगे? हम हम
  1969. 1:23:59दत्तात्रेय भगवान पर बहुत कम कंटेंट बना
  1970. 1:24:02है इंटरनेट पर पता नहीं क्यों
  1971. 1:24:06डेप्थ इतनी है ना इट्स अ कॉम्बिनेशन लाइक
  1972. 1:24:08ब्रह्मा विष्णु महेश के कंबाइंड अवतार
  1973. 1:24:10हैं। तीनों तत्व हैं उसमें और श्री विद्या
  1974. 1:24:14के भी एक ब्रांच के हर्ताकर्ता मतलब
  1975. 1:24:17दत्तात्रेय जी हैं। दत्तात्रेय के ऊपर
  1976. 1:24:21बनना
  1977. 1:24:22मेरे ख्याल से एक ब्लेसिंग्स भी कहो कि जब
  1978. 1:24:26किसी को कोई गुरु नहीं बोलता तो हम कह
  1979. 1:24:28देते हैं कि दत्तात्रेय जी का फोटो लगा
  1980. 1:24:29करके भी उनको गुरु मान लो क्योंकि वह
  1981. 1:24:32गुरुओं के गुरु हैं महा और दत्तात्रेय जी
  1982. 1:24:34के स्वयं के 24 उपगुरु हैं। गुरु नहीं बोल
  1983. 1:24:38रहा हूं गुरु उपगुरु हैं। सो इट शोज़ कि आप
  1984. 1:24:41गुरु एक ही बनाओगे जीवन में। पर लर्निंग
  1985. 1:24:44करने के लिए अगर कहीं पे उपगुरु करते हो
  1986. 1:24:46तो देयर इज़ नो हार्म। पर गुरु एक ही
  1987. 1:24:47रहेगा। और दत्तात्रेय जी की जो आज हम श्री
  1988. 1:24:51यंत्र जो देखते हैं ना जगत में जो भी श्री
  1989. 1:24:53यंत्र इसकी ज्योमेट्री जो है वो
  1990. 1:24:55दत्तात्रेय जी की देन है
  1991. 1:24:58और ऑफ कोर्स मां अनुस्या उनकी माता है और
  1992. 1:25:02अत्री पिता हैं। आपको जानकर बड़ा आश्चर्य
  1993. 1:25:05भी होगा कि उनके भाई दुर्वासा भी हैं और
  1994. 1:25:08उनके भाई चंद्र भी हैं। तो ये दोनों
  1995. 1:25:12कॉम्बिनेशन अवधूतों में आप देखते हो। तो
  1996. 1:25:14अवधूत परंपरा दत्तात्रेय से आती है। तो
  1997. 1:25:17अवधूत परंपरा के अंदर हम लोग लोडेड होते
  1998. 1:25:19हैं। कभी-कभी नहीं कहते हैं कि बहुत गाली
  1999. 1:25:21गलौज देता है। गुस्से वाला है बाबा
  2000. 1:25:23हम हम
  2001. 1:25:24तो वो दुर्वासा वाला
  2002. 1:25:26थोड़ा आ गया लाइन और शीतलता चंद्र की है
  2003. 1:25:29तो वो भी क्योंकि भाई है आपस में
  2004. 1:25:32और पूर्ण रूपेण जब दत्तव्य परंपरा के अंदर
  2005. 1:25:36आप दीक्षित होते हो अभिषेक विगि वगैरह सब
  2006. 1:25:39हो गई आपकी तो उसमें आप देखते हो कि
  2007. 1:25:41ब्रह्मा विष्णु और महेश का पूरा का पूरा
  2008. 1:25:44जो
  2009. 1:25:45फिर आप जिस तरफ से आगे बढ़ जाओ प्राप्त है
  2010. 1:25:48प्राप्त है पर दत्तात्रेय जी को एक बार
  2011. 1:25:53चरित्र पठन करना दत्तात्रेय जी की एक मतलब
  2012. 1:25:56एटलीस्ट प्रणाम तो करना ही चाहिए।
  2013. 1:25:58हर हर सनातनी को
  2014. 1:26:00आई फील सो कि यस हर सनातनी को बट क्योंकि
  2015. 1:26:03उनको माऊली जैसे कोल्हापुर में है या
  2016. 1:26:06महाराष्ट्र में दत्त को ज्यादा टेब्बे
  2017. 1:26:09महाराज की वजह से ज्यादा प्राथमिकता मिली
  2018. 1:26:11या यहां के संतों ने कर्नाटक और आंध्र के
  2019. 1:26:14संतों ने दत्तात्रेय परंपरा को काफी
  2020. 1:26:16एनकरेज किया। तो इस वजह से दक्षिण भाग में
  2021. 1:26:19हम दत्तात्रेय ज्यादा देते हैं। उत्तर में
  2022. 1:26:21थोड़ा कम है पर आजकल तो मीडिया का जमाना
  2023. 1:26:24है। लोग जान चुके हैं।
  2024. 1:26:26सर आप अपने वेदों की पढ़ाई करिए।
  2025. 1:26:31मैं ऐसे बोलना ठीक नहीं समझूंगा। मैं अभी
  2026. 1:26:33भी पढ़ रहा हूं।
  2027. 1:26:35पढ़ पढ़ रहे हो?
  2028. 1:26:36आई एम स्टिल लर्निंग। आई एम स्टूडेंट। एंड
  2029. 1:26:38आई विल बी स्टूडेंट टिल माय लास्ट ब्रीथ
  2030. 1:26:40अप लाइफ। आई विल बी नेवर मास्टर। आई डोंट
  2031. 1:26:42वांट टू बी द मास्टर। कि हमने कुछ-कुछ
  2032. 1:26:45ऋग्वेद एपिसोड, कुछ-कुछ अथर्ववेद एपिसोड
  2033. 1:26:48करें। हम
  2034. 1:26:49बहुत सारे लोग ना वेदों को एक हिस्ट्री
  2035. 1:26:50टेक्स्ट बुक की तरह देखते हैं।
  2036. 1:26:52जहां से भारत के इतिहास की एक झलक मिल
  2037. 1:26:55जाती है। आप ये मानते हो?
  2038. 1:26:57इतिहास तो नहीं बोलूंगा मैं। इतिहास इज़
  2039. 1:26:59नॉट करेक्ट वर्ड फॉर दैट। बट रादर देन
  2040. 1:27:02मेकिंग इट यू नो थोड़ा सा थिक कंटेंट। एक
  2041. 1:27:05चीज जो है सर्व उपनिषदो गाव दोगदा गोपाल
  2042. 1:27:08नंदन पार्थो में सुधीर भोक्ता दुग्धम
  2043. 1:27:11गीता।
  2044. 1:27:13सभी उपनिषदों का सार गीता है
  2045. 1:27:17और उपनिषद जो है रिप्रेजेंट करते हैं
  2046. 1:27:20वेदों को। आप समझ गए?
  2047. 1:27:22आप डायरेक्ट वेद पढ़ने जाओगे नहीं समझ
  2048. 1:27:24पाओगे। वेदों के अंदर हमारी योग्यता होनी
  2049. 1:27:27चाहिए। जैसे आप किसी हॉस्पिटल में जाते हो
  2050. 1:27:31तो रिसेप्शन या लॉबी तक तो आप जा सकते हो।
  2051. 1:27:34क्या आप आईसीयू तक जा सकते हो अंदर? या
  2052. 1:27:37किसी डीन डॉक्टर के कैबिन तक जा सकते हो।
  2053. 1:27:39यू हैव टू गो थ्रू प्रॉपर प्रोसीजर। तो
  2054. 1:27:42कुछ शास्त्र ऐसे हैं जिनको गुरु के मुख से
  2055. 1:27:46ही सुनकर ब्रह्मनिष्ठ और श्रोतव्य गुरु से
  2056. 1:27:48ही समझना और सुनना चाहिए। मैं गीता के लिए
  2057. 1:27:50भी बोल देता हूं। आप श्रीमद् भगवत गीता
  2058. 1:27:52पढ़ लो। एकेडमिकली पढ़ लोगे आपको क्रम कर
  2059. 1:27:55लोगे श्लोक पर उसकी डेप्थ को समझ नहीं
  2060. 1:27:58पाओगे।
  2061. 1:27:59उसको समझने के लिए आपको गुरु के चरणों में
  2062. 1:28:01बैठकर के मतलब कुर्सी पर बैठकर भी पढ़ लो,
  2063. 1:28:03समझ लो तो ही कंसेप्चुअल क्लेरिटी आएगी।
  2064. 1:28:06अपने से आएगी ना पढ़ने से पढ़ लो बट 100%
  2065. 1:28:10आपकी क्लेरिटी नहीं होगी। बट यह
  2066. 1:28:13कॉनसेप्चुअल क्लेरिटी है क्या भगवत गीता
  2067. 1:28:15को ले मतलब एग्जजेक्टली समझ क्या आता है
  2068. 1:28:19मैंने जैसे बोला कि इस ब्रह्मांड में जो
  2069. 1:28:21भी है वो सब भगवत गीता में है और जो भगवत
  2070. 1:28:26गीता में नहीं है समझ लो ब्रह्मांड में
  2071. 1:28:28नहीं है लोगों ने अपने मन से इंटरप्रिटेशन
  2072. 1:28:30उसकी बहुत अंटशंट कर ली यू नो
  2073. 1:28:34इंटेलेक्चुअली एकेडमिकली
  2074. 1:28:36बट गीता को बोलने के लिए मैं रामकृष्ण जी
  2075. 1:28:40का ही सपोर्ट लूंगा कि राम रामकृष्ण
  2076. 1:28:42परमहंस बहुत ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। तो
  2077. 1:28:45काशी के पंडित यू नो काशी के पंडित तो
  2078. 1:28:47महान होते हैं। उन्होंने आगे ठाकुर
  2079. 1:28:49रामकृष्ण को कहा कि आप राम कृष्ण परमहंस
  2080. 1:28:52खुद को बोलते हो। तो अगर परमहंस बोलते हो
  2081. 1:28:55तो आपने गीता पर कोई कुछ शास्त्र पे रखी
  2082. 1:28:57है कमेंट्री। गीता पे है आपका कुछ नहीं।
  2083. 1:29:01यू हैव टू प्रूव योर पांडित्य बाय राइटिंग
  2084. 1:29:03सम कमेंट्री ऑन गीता। या किसी उपनिषद पे।
  2085. 1:29:07बोले नहीं मैं तो नहीं लिखा। अब जब वह
  2086. 1:29:09ज्यादा बोलने लगे तो फिर आप परमहंस कैसे?
  2087. 1:29:12आपकी क्या रियलाइजेशन है कि उन्होंने कहा
  2088. 1:29:15भाई देखिए यह तो हमारे शिष्य गण हमको
  2089. 1:29:16परमहंस बोलते हैं। बट फिर भी गीता जो आप
  2090. 1:29:19बोल रहे हो गीता इटसेल्फ वन वर्ड इज
  2091. 1:29:23एक्सप्लनेटरी। उसको पढ़ने के बाद तो बहुत
  2092. 1:29:25कुछ है पर एक शब्द में भी आप समझ जाओगे।
  2093. 1:29:27बोलो वो कैसे? बोले आप मेरे साथ बोल दो
  2094. 1:29:30पांच बार गीता गीता गीता। तो बोलने लगे तो
  2095. 1:29:33गीता गीता गी त्यागी त्यागी त्यागी जिस
  2096. 1:29:38रनंसिएशन एंड डिटचमेंट की हम बात करते हैं
  2097. 1:29:41गीता वो आपको एक्सप्लेन करता है। त्यागी
  2098. 1:29:44गीता गीता बोलने से त्यागी हो गया। त्याग
  2099. 1:29:47मतलब गर्मी से भागना नहीं है। जागना है।
  2100. 1:29:51सपोज़ करो आपको शक्कर खाने से डायबिटीज
  2101. 1:29:54होती है। उसका त्याग कर लो। तीखा खाने से
  2102. 1:29:58और बीमारी होती है। त्याग दो। स्मोकिंग से
  2103. 1:30:01लंग्स कमजोर हो रहे हैं। त्याग दो जो धन
  2104. 1:30:04आपके लिए परेशानी का कारण बनता है थोड़ा
  2105. 1:30:06दान करके त्याग दो।
  2106. 1:30:09पूरा सनातन धर्म का जो कोर है ना वन वर्ड
  2107. 1:30:12इज त्याग।
  2108. 1:30:15गीता का ही 12व अध्याय का 12वा श्लोक कि
  2109. 1:30:19वो कहते हैं कि पहले स्तुति करो, स्तोत्र
  2110. 1:30:21करो, यह करो, वो करो। यह सब करने के बाद
  2111. 1:30:23ध्यान करो। लेकिन लास्ट में उसी श्लोक के
  2112. 1:30:26अंदर आता है कि सबसे पहले फल की जो अंत
  2113. 1:30:30बोलता है कि फल के किसी भी कर्म के फल की
  2114. 1:30:33इच्छा का त्याग करना त्यागात अंतर
  2115. 1:30:36शांतिराम सबसे श्रेष्ठ कर्म के फल को
  2116. 1:30:40त्याग कर देना है। सपोज़ करो मैंने फिल्म
  2117. 1:30:42बनाई ऑस्कर मिला तो ठीक है। ऑस्कर के लिए
  2118. 1:30:45फिल्म बनाऊंगा दुखी हो जाओगे। मिल गया।
  2119. 1:30:47ऑलराइट। उसकी कृपा। तो उस कर्म के फल को
  2120. 1:30:52मैंने त्याग दिया। यह पडकास्ट हम रिकॉर्ड
  2121. 1:30:55कर रहे हैं तो क्या इसको 1 मिलियन देखेंगे
  2122. 1:30:58क्या? हम इसके लिए कर रहे हैं क्या? नहीं
  2123. 1:31:00मैं तो नहीं करता हूं। आप भी नहीं। तो उस
  2124. 1:31:02फल से रहित हो जाओ। आनंद है। राइट नाउ हम
  2125. 1:31:05लाइव एक दूसरे को एंजॉय कर रहे हैं ना। आप
  2126. 1:31:07मुझे आंखों से पी रहे हो। मैं आपको पी रहा
  2127. 1:31:09हूं। मोर देन इनफ जो सुन रहे हैं वो लकी
  2128. 1:31:12है। तो फल के एक्सपेक्टेशन से जो किया गया
  2129. 1:31:17कर्म है वो हमारे बंधन का कारण बनता है।
  2130. 1:31:19ऐसा गीता कहती है।
  2131. 1:31:21यही सार है गीता का। त्यागा अंतर शांति का
  2132. 1:31:25एक ऑब्वियस सा सवाल है। आई एम श्योर किसी
  2133. 1:31:27और ने भी आपसे यही सवाल पूछा होगा। बट अ
  2134. 1:31:31जब आप रिजल्ट्स के सोच विचार को एक्चुअली
  2135. 1:31:34त्याग देते हो
  2136. 1:31:35फिर आप ऑपरेट कैसे कर सकते हो मटेरियल
  2137. 1:31:37वर्ल्ड में क्योंकि बचपन से ये सिखाया
  2138. 1:31:41जाता है या ट्यून इन किया जाता है कि
  2139. 1:31:43जितना है ये हमारी अपब्रिंगिंग का सबसे
  2140. 1:31:47बड़ा फॉल्ट है मेरी साड़ी उसकी साड़ी से
  2141. 1:31:50सफेद कैसे मेरा बच्चा जब भी पड़ेगा नंबर
  2142. 1:31:53वन आएगा हम जाने-अजाने अपने बच्चों को उस
  2143. 1:31:57होड़ में उस रेस में लगा देते जिस रेस के
  2144. 1:31:59लिए वह पैदा ही नहीं हुआ था। हम बच्चों को
  2145. 1:32:01पज़ेस कर लेते हैं एज ए पेरेंट्स। बट वी आर
  2146. 1:32:04नॉट उनके मालिक नहीं है। वी आर
  2147. 1:32:06कस्टोडियंस। परमात्मा ने हम पर कृपा करके
  2148. 1:32:08बच्चे दिए हैं कि भैया संभाल लेना। मिल्कत
  2149. 1:32:10मेरी है। मैं ले लूंगा ले लूंगा। जब तक
  2150. 1:32:12चले चले मेरा है। पर हमने उनको पज़ेस कर
  2151. 1:32:15लिया। तो हम फिर डिसाइड करते हैं कि
  2152. 1:32:17इंजीनियर बनेगा, डॉक्टर बनेगा। कोई बच्चा
  2153. 1:32:19पैदा होते ही बोलता है मैं इंजीनियर
  2154. 1:32:21बनूंगा, डॉक्टर बनूंगा। नहीं हरिहरण अच्छे
  2155. 1:32:24म्यूजिशियन है। उनको बाप ने बोला इंजीनियर
  2156. 1:32:26बनना है। फिर इंजीनियर बनने के बाद फिर
  2157. 1:32:27म्यूजिशियन हो गए। तो हम एक डेस्टिनी लेकर
  2158. 1:32:30पैदा होते हैं। और वही हमारा स्वभाव है।
  2159. 1:32:33स्वधर्म नदनम श्रेय पर धर्मो बयाव। लेकिन
  2160. 1:32:37आजकल क्या हो रहा है इस कंपटीशन के चक्कर
  2161. 1:32:39में हम स्वधर्म मतलब मेरा जो नेचर होना
  2162. 1:32:41चाहिए। सपोज़ करो मुझे कारपेंटर बनना था।
  2163. 1:32:44तो ये क्या प्रोफेशन होता है कारपेंटर?
  2164. 1:32:46अरे नहीं नहीं तुम तो मतलब जो है ना एआई
  2165. 1:32:49को देखो कंप्यूटरटर्स में जाओ। बट वो मन
  2166. 1:32:51मार के कर रहा है। जिस लड़की को डॉक्टर
  2167. 1:32:53नहीं बनना है डॉक्टर बना दो। सो व्हाट आई
  2168. 1:32:57थिंक कि गीता उसमें बहुत बहुत क्लियर है
  2169. 1:33:01कि तुम वही करो जिसके लिए तुम पैदा हुए हो
  2170. 1:33:03जो तुम्हारा स्वभाव है और जिसको तुम्हें
  2171. 1:33:06धारण करना है। धारा यति धर्मा
  2172. 1:33:08जिस काम करने से मजा आता है।
  2173. 1:33:10मजा से ज्यादा मजा अभी भी थोड़ा हल्का
  2174. 1:33:12शब्द है। आत्म तृप्ति
  2175. 1:33:16स्पिरिचुअल मजा। आनंद
  2176. 1:33:18आनंद जो है ना वो सेंसेस के ऊपर है। मजा
  2177. 1:33:21जो है वो सेंसेस में है।
  2178. 1:33:23मुझे कंटेनमेंट आना चाहिए कि हां आई रियली
  2179. 1:33:28आई अचीव्ड इट। यू आर नॉट आंसरेबल एंड
  2180. 1:33:30अकाउंटेबल एवरी डम डिकनरी कि मैं यह काम
  2181. 1:33:32करूं। मुझे थोड़ा सा ये ये चाहिए। अरे
  2182. 1:33:34नहीं हम कई बार काम कर लेते हैं। उसकी
  2183. 1:33:37रिकॉग्निशन नहीं आती है। कोई दान करते हो
  2184. 1:33:38तो रिकॉग्निशन मिलती है क्या?
  2185. 1:33:41लोग नहीं करते हैं। गौ दान करते हैं,
  2186. 1:33:43अन्नदान करते हैं या तीर्थों के अंदर कहीं
  2187. 1:33:46हर जगह नाम थोड़ी लिखा जाएगा। नाम के लिए
  2188. 1:33:48लोग जो काम करते हैं वह तो एक अलग कैटेगरी
  2189. 1:33:50है। बाकी आपको आनंद लेना है कि इसका
  2190. 1:33:53अन्नदान दे दिया। बात खत्म दे दिया। वो
  2191. 1:33:55पूछते भी है नाम आ रहा है। गुमनाम कर दो।
  2192. 1:33:57गुप्त दान है। छोड़ो। यह फल को छोड़ दिया
  2193. 1:34:00उसने। उसका मजा है। अगर सचिन तेंदुलकर
  2194. 1:34:02ग्राउंड पे उतरे और पहले बॉल से सोचे कि
  2195. 1:34:04मुझे 100 रन करनी है। वो बहुत टेंस हो
  2196. 1:34:08जाएगा भाई। 100 रन पूछते पहुंचते थक
  2197. 1:34:10जाएगा। लेकिन यू कम यू एंजॉय द गेम और
  2198. 1:34:12खटखट करके करते जाओ स्कोर बनता जाएगा और
  2199. 1:34:15जहां पर बैकअप हो गया हो गया ये परफॉर्म्ड
  2200. 1:34:19स्वधर्म सबसे जरूरी है जिंदगी में स्वधर्म
  2201. 1:34:22ढूंढना कि अब किस वजह से पैदा हुआ
  2202. 1:34:25स्वधर्म जानना रादर देन आई से जानना
  2203. 1:34:27जानना खुद
  2204. 1:34:28खुद का पता नहीं है तो जान लो
  2205. 1:34:30जैसे यंग लोग पूछते हैं हाउ टू फाइंड माय
  2206. 1:34:32पैशन
  2207. 1:34:32हां
  2208. 1:34:33तो वही मतलब मैं आपको स्वधर्म के बारे में
  2209. 1:34:35पूछना चाहूंगा गीता ने कोई टेक्निक जिससे
  2210. 1:34:39स्वधर्म पता पता चलता है।
  2211. 1:34:41हां बिल्कुल अगर आप अपने साथ कुछ समय यह
  2212. 1:34:43मां-बाप को जो चीज देनी चाहिए संस्कार में
  2213. 1:34:45कि बेटे बच्चे को बेटी को बच्चों को अपने
  2214. 1:34:48साथ रहने की ट्रेनिंग दो बचपन से अपने साथ
  2215. 1:34:51होना नॉट मेडिटेशन एग्जैक्टली जस्ट टू बी
  2216. 1:34:53विद यू देयर इज़ नो एक्टिविटी हम 24ों घंटे
  2217. 1:34:57एक्टिविटी में रहते हैं। कभी खेल रहा है
  2218. 1:34:59बच्चा कभी पढ़ रहा है कभी लिख रहा है। वो
  2219. 1:35:00अपने साथ होता ही नहीं है। और जिंदगी के
  2220. 1:35:0324 में 25 साल तक वो अपने साथ नहीं होता
  2221. 1:35:05है। और जब उसको लगता है होना चाहिए तब
  2222. 1:35:07उसकी शादी होती है। फिर सोचता है होना
  2223. 1:35:08चाहिए तो बच्चे होते हैं। फिर होना चाहिए
  2224. 1:35:10तो उसकी शादियों की तैयारी एजुकेशन हम
  2225. 1:35:12अपने साथ कब होते हैं प्योरली अपने साथ
  2226. 1:35:17मैं दिन में कहता हूं 24 घंटे हैं 24 मिनट
  2227. 1:35:20अपने साथ हो लो देन यू विल कम टू नो आपके
  2228. 1:35:24मन में पहले दो पांच हफ्ते तो बहुत
  2229. 1:35:26ऐसे-ऐसे ख्याल आएंगे तूफान उठ जाएगा कि
  2230. 1:35:28क्या हो रहा है भाई और फिर देखोगे ये शांत
  2231. 1:35:31हो गया तूफान
  2232. 1:35:33और फिर आपको अपना मार्ग दिखने लगेगा कि
  2233. 1:35:35नहीं भाई ये जो मैं कर रहा हूं ना यह बैंक
  2234. 1:35:37बैंक की जॉब मेरी नहीं मैं तो क्रिएटिव
  2235. 1:35:40म्यूजिक बनाने वाला इंसान हूं। मैं कंपोजर
  2236. 1:35:42बनूंगा। मैं आर्टिस्ट बनूंगा। मैं एनिमेशन
  2237. 1:35:44में आऊंगा या मैं सो एंड सो काम करूंगा।
  2238. 1:35:46तब अपने स्वधर्म का पता पड़ता है।
  2239. 1:35:48हम
  2240. 1:35:49यू हैव टू बी विथ योरसेल्फ एट लीस्ट
  2241. 1:35:51स्टार्ट जर्नी।
  2242. 1:35:52हम
  2243. 1:35:54कुछ गोल ऑफ लाइफ के बारे में बताया गया कि
  2244. 1:35:58जीवन के अंत तक क्या होना चाहिए?
  2245. 1:36:03मुझे व्यक्तिगत लगता है कि हम इंसान होकर
  2246. 1:36:06पैदा हुए हैं। दो पैरों वाले। हम मरते
  2247. 1:36:09मोस्टली इंसान होकर मरते हैं क्या?
  2248. 1:36:12कई लोग भटक के जानवर ही हो जाते हैं। जैसे
  2249. 1:36:14जानवर वाली वृत्ति हमारी हो जाती है। आई
  2250. 1:36:17थिंक टू अचीव द हाईएस्ट पॉइंट ऑफ
  2251. 1:36:19ह्यूमैनिटी।
  2252. 1:36:21मैं इंसान हो के पैदा हुआ था। जिसको कबीर
  2253. 1:36:24साहब कहते हैं कि ज्यों की त्यों धर दीनी
  2254. 1:36:28चदरिया। जीनी रे जीनी जीनी चदरिया। अब
  2255. 1:36:30चद्दर बनाने वाली वो टेक्निक नहीं बता
  2256. 1:36:32रहे। चद्दर बनाने की विधि है मतलब मनुष्य
  2257. 1:36:34गढ़ने की विधि है। जीनी रे जीनी जीनी
  2258. 1:36:36चदरिया बहुत गढ़ भजन है तो ज्यों की त्यों
  2259. 1:36:40धर लीनी चदरिया बच्चा कैसे मां के गर्भ से
  2260. 1:36:43निष्पाप पैदा होता है इनोसेंट किसी को
  2261. 1:36:45हर्ट नहीं करना किसी के लय पचर में नहीं
  2262. 1:36:47पड़ना नो पॉलिटिक्स नथिंग तो जब परमात्मा
  2263. 1:36:51के घर में जाओ उसी पोजीशन में जाओ दैट्स
  2264. 1:36:53योर जर्नी एंड दैट्स योर अचीवमेंट दाग मत
  2265. 1:36:56लगाना
  2266. 1:36:57इंटेग्रिटी जिसे कहते हैं
  2267. 1:36:59हां टोटल इंटीग्रिटी
  2268. 1:37:01नियत साफ होनी चाहिए
  2269. 1:37:03जिस पर्पस के लिए हमारा जन्म हुआ वो पर्पस
  2270. 1:37:05सॉल्व हो गया खत्म
  2271. 1:37:08वेदों को पढ़ने के बाद क्या आपको इंद्र
  2272. 1:37:10भगवान, वरुण भगवान से कनेक्शन फील होती
  2273. 1:37:13है?
  2274. 1:37:14नहीं, मैंने कहा ना यह कंसेप्चुअल
  2275. 1:37:15क्लेरिटी गलत है हमारी। वो पद है। वो कोई
  2276. 1:37:18व्यक्ति नहीं है। इंद्र पद है। पद समझते
  2277. 1:37:21हो? जैसे मैं बोलूं बुक लिख देता। हां
  2278. 1:37:24टाइटल है कि प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया।
  2279. 1:37:26अब प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया आजीवन काल
  2280. 1:37:28तक मोदी नहीं है। आप बोलोगे प्राइम
  2281. 1:37:30मिनिस्टर ऑफ इंडिया नेहरू से स्टार्ट
  2282. 1:37:31करोगे घोड़ा भी आ जाएंगे, गुजराल भी आ
  2283. 1:37:33जाएंगे। यू नो इंदिरा जी भी आ जाएंगी। पर
  2284. 1:37:36वह उस चेयर पर हैं। पद पर हैं। इंद्र पद
  2285. 1:37:38है। उस पर कुछ वर्षों के लिए या कुछ काल
  2286. 1:37:41के लिए कोई आसीन होता है। फिर वह कर्मों
  2287. 1:37:43से होता है। क्योंकि वह भोग है योनि
  2288. 1:37:46हमारी योनि जो है मनुष्य योनि कर्म योनि
  2289. 1:37:49हम कर्म करने की छूट रखते हैं। वो नहीं
  2290. 1:37:50रखते। देव कभी कर्म नहीं कर सकता। देव भोग
  2291. 1:37:54करने के लिए आता है। तो जैसे उसके भोग
  2292. 1:37:56समाप्त हो जाएंगे वो इंद्र के पद से चत हो
  2293. 1:37:58जाएगा। फिर दूसरा बनेगा। जैसे वर्तमान के
  2294. 1:38:00जो ब्रह्मा हैं इस 64व मनवंतर के जो भी
  2295. 1:38:04वर्तमान है आने वाले जो युग होगा उसमें
  2296. 1:38:06हनुमान जी ब्रह्मा बन जाएंगे। अब इसमें जब
  2297. 1:38:10इस लाइन में आप चलते हो तो आपको काफी कुछ
  2298. 1:38:13मिलेगा कि कौन प्रमोशन की लाइन में खड़ा
  2299. 1:38:15है, कौन डिमोशन की लाइन में खड़ा है।
  2300. 1:38:17वाह मतलब देवताओं के भी प्रमोशन डिमोशंस
  2301. 1:38:19होते हैं।
  2302. 1:38:19पद के।
  2303. 1:38:20पद के।
  2304. 1:38:21आप भी ब्रह्मा बन सकते हो। यह सनातन
  2305. 1:38:23अरेंजमेंट देता है। आप इंद्र बन सकते हो।
  2306. 1:38:26आप अग्नि बन सकते हो। आप वरुण बन सकते हो
  2307. 1:38:29और ये मैं नहीं बोल रहा हूं। ये वेद बोल
  2308. 1:38:31रहा है।
  2309. 1:38:35जैसे तंत्र में कहते हैं कि द गोल इज नॉट
  2310. 1:38:38लिबरेशन। यानी कि मोक्ष एक पॉइंट है। उसके
  2311. 1:38:41बाद भी गोल्स होते हैं।
  2312. 1:38:44अ इस पूरे टॉपिक को खोलते हैं। सर
  2313. 1:38:47एनलाइटनमेंट को सनातन धर्म में क्या कहते
  2314. 1:38:50हैं?
  2315. 1:38:50मोक्ष।
  2316. 1:38:51नहीं यह इस दृष्टि का दुर्भाग्य रहा कि यह
  2317. 1:38:54मोक्ष शब्द तो है ऐसी बात नहीं है मोक्ष
  2318. 1:38:57पर हमने उसकी इंटरप्रिटेशन बहुत गरीब की
  2319. 1:38:59हल्की की और गलत की। मैं अक्सर कई कॉलेजेस
  2320. 1:39:03यूनिवर्सिटीज में मेरे लेक्चर्स होते हैं
  2321. 1:39:05तो मैं ऐसे पूछता हूं टीनएजर से क्या
  2322. 1:39:07चाहिए? परमात्मा तुम्हारे सामने खड़े हो
  2323. 1:39:1030 सेकंड्स क्या चाहिए? तो बड़ा दुख होता
  2324. 1:39:13है जब वो कहता है कि मुझे मोक्ष चाहिए। तो
  2325. 1:39:16मोक्ष का मतलब क्या है तुम्हारे लिए? तो
  2326. 1:39:18वह कहता है कि मुझे वापस जन्म नहीं लेना
  2327. 1:39:20है। तो तुम्हें किसने कहा तुम्हारा जन्म
  2328. 1:39:21होगा? तुम तो भरोसा कर रहे हो ना। आज तक
  2329. 1:39:25कोई राम, कोई कृष्ण, कोई रामकृष्ण, कोई
  2330. 1:39:27विवेकानंद उतर के कह रहा है कि मेरा जन्म
  2331. 1:39:29हुआ है सो एंड सो एड्रेस है मेरी। कोई आया
  2332. 1:39:32है आपके पास? क्यों उस झंझट में पड़ रहे
  2333. 1:39:34हो? तो वर्तमान के कर्मों को भूल करके
  2334. 1:39:37भविष्य में ना होने वाली या होने वाली
  2335. 1:39:39चीजों में हम रह गए। इसीलिए हम भटक गए।
  2336. 1:39:42मैं मानता हूं मेरे लिए मोक्ष क्या है?
  2337. 1:39:45मोह शय डल्यूजन विसर्जित हो जाए विसर्जित
  2338. 1:39:50हो जाए डल्यूजन दैट इज मोह शय इति मोक्ष
  2339. 1:39:54मोह क्षय मतलब मैंने गलत एक नोशन से गलत
  2340. 1:39:57चीजें समझ रखी है है तो रस्सी मैं सांप
  2341. 1:40:00समझ के बैठा हूं तो मुझे उससे मोह भंग हो
  2342. 1:40:03गया मोह क्षय हो गया मुझे पता पड़ गया यह
  2343. 1:40:06सांप नहीं है रस्सी है मोक्ष
  2344. 1:40:09मैंने जिस चीज को सोच रखा है कि मनुष्य का
  2345. 1:40:11जीवन खानपान रहसन बच्चे पैदा करने के लिए
  2346. 1:40:14है नहीं तो वो एनलाइटनमेंट आ गई कि उसके
  2347. 1:40:17हायर पर्पस के लिए मोक्ष हो गया। मोक्ष
  2348. 1:40:20मोक्ष ऐसा नहीं होगा कि कहीं पे पानी के
  2349. 1:40:22अंदर बस घुल जाओगे ऐसा ऐसा नहीं होगा। ऐसा
  2350. 1:40:25है भी नहीं। अगर ऐसा होता तो गीता का एक
  2351. 1:40:27श्लोक है ना कि कर्म यदा यदा ही धर्मस्य
  2352. 1:40:30गला निर्भवती भारतान धर्मस तदात्म मानम
  2353. 1:40:33सजाम फिर वो कहते हैं परित्राणाय साधु नाम
  2354. 1:40:36विनाशाय दुष्कृता धर्म संस्थापनार्थाय
  2355. 1:40:38संभवाम युगे युगे मैं बार-बार आ जाऊंगा तो
  2356. 1:40:41तो फिर मोक्ष मतलब डाउटफुल है बुद्ध
  2357. 1:40:45मैत्री अवतार में आएंगे तो बुद्ध मैत्री
  2358. 1:40:47अवतार में आएंगे उनका जन्म होगा तो उनका
  2359. 1:40:50जन्म हो रहा है आपके मोक्ष के अनुसार तो
  2360. 1:40:52नहीं होना चाहिए था
  2361. 1:40:54वो जो हमने पिछले हाफ में बात करी केतु
  2362. 1:40:5812थ हाउस
  2363. 1:40:59हम अच्छा तो फिर मोक्ष का कारक
  2364. 1:41:01वो क्या इंडिकेट करता है
  2365. 1:41:02वो एक पर्टिकुलर साइकिल खोखो की साइकिल चल
  2366. 1:41:04रही थी तीन बार आना जाना था उसमें से
  2367. 1:41:06फर्स्ट राउंड में आपको बाहर बिठाया सेकंड
  2368. 1:41:08में फिर बुला लेगा
  2369. 1:41:10हम
  2370. 1:41:11ओके बट जब आप फिर लौटोगे हम
  2371. 1:41:15आप एज अ ऋषि लौटोगे या एज अ
  2372. 1:41:18गीता में यह प्रश्न अर्जुन ने किया जो आप
  2373. 1:41:20कर रहे हो कि हे केशव मेरी आध्यात्मिक
  2374. 1:41:24यात्रा या साधक के आध्यात्मिक यात्रा जो
  2375. 1:41:26जहां तक है मृत्यु के बाद उसके अगले जन्म
  2376. 1:41:28में उसको कहां से स्टार्ट करना पड़ेगा? तो
  2377. 1:41:31कृष्ण के वचन कि हे अर्जुन जो जिस पोजीशन
  2378. 1:41:36पे अपने शरीर को छोड़कर के जाता है और
  2379. 1:41:38अगला जन्म लेकर आता है उसको उतनी
  2380. 1:41:40एनलाइटनमेंट मिलती है। वहीं से स्टार्ट
  2381. 1:41:43करेगा। से फॉर एग्जांपल चार साल का बच्चा
  2382. 1:41:45तबला बहुत अच्छा बजाता है। कौन सिखाता है
  2383. 1:41:47उसको?
  2384. 1:41:48तो वो यात्रा है उसकी।
  2385. 1:41:49जी।
  2386. 1:41:50कई बच्चे आप देखते हो श्लोक धड़ाधर बोल
  2387. 1:41:52रहे हैं। कौन सिखा रहा है उनको? तो यात्रा
  2388. 1:41:54है उनकी। सो हम यात्रा में हैं। जहां
  2389. 1:41:57यात्रा को विराम दिया वहीं से कंटिन्यू कर
  2390. 1:42:00लेंगे।
  2391. 1:42:01और यहां हम सिर्फ ह्यूमंस की बात करें।
  2392. 1:42:04ह्यूमन सोल्स
  2393. 1:42:05कुछ देर पहले आपने ये कहा कि
  2394. 1:42:09जैसे इंद्र भगवान एक पद है।
  2395. 1:42:11उसी तरह ब्रह्मा जी भी एक पद है। और फिर
  2396. 1:42:13आपने कहा कि हनुमान जी
  2397. 1:42:15वो भी पद है।
  2398. 1:42:16हनुमान जी भी पद है।
  2399. 1:42:17ये सब पद में आएंगे। अब आपका लेवल ऑफ़
  2400. 1:42:20अंडरस्टैंडिंग है कि आप कैसे उसको लेते
  2401. 1:42:23हो। व्यक्ति से नाम जोड़ते हो। जैसे राम
  2402. 1:42:26है। ठीक है? आप कितने राम जानते हो? तो आप
  2403. 1:42:30बोलोगे कैसी बात कर रहे हो? राम एक ही है
  2404. 1:42:31सीता वाले। लेकिन कबीर बताते हैं कि एक
  2405. 1:42:34राम दशरथ का प्यारा, एक राम घट घट
  2406. 1:42:37सिन्यारा, एक राम का सकला पसारा, एक पांच
  2407. 1:42:40राम बताएं। अखंडानंद सरस्वती महाराज जी के
  2408. 1:42:43मैं जब रामायण को कमेंट्री पढ़ रहा था
  2409. 1:42:46उसमें यह प्रसंग आया था कि राम जाते हैं
  2410. 1:42:48ऋषि की कुटिया पे बजाते हैं दरवाजा तो वो
  2411. 1:42:51पूछते हैं कौन तो कहते हैं कि राम तो ऋषि
  2412. 1:42:54पूछते हैं कौन से राम तो कहते हैं कि दशरथ
  2413. 1:42:58नंदन राम ओ 64वें राम हो
  2414. 1:43:02आप समझे इसमें से तो हजार रामायण किसकी
  2415. 1:43:06हुई है दशरथ नंदन राम की है या राम की है
  2416. 1:43:08तो राम तत्व है हम
  2417. 1:43:11यह जो पूरे ब्रह्मांड की एक देख रहे हो
  2418. 1:43:14नासा इसको मानती है रिदिम है। रिदिम है।
  2419. 1:43:17यह रिदिम जो हो रही है यह रिदिम क्या है?
  2420. 1:43:22यह ह मंत्र है। तो यह फेमिनिन शक्ति का
  2421. 1:43:27मैंने बीज मंत्र बताया आपको। प्रकृति का ह
  2422. 1:43:31प्रकृति के
  2423. 1:43:33पुरुष वर्जन में जब आओगे तो वह राम का राम
  2424. 1:43:36मंत्र है। वह बीज आपको देता भी नहीं है
  2425. 1:43:38कोई। मैंने भी आपको सही प्रोनाउंसिएशन से
  2426. 1:43:40नहीं दिया बट एग्जांपल करके बताया है ना
  2427. 1:43:43तो वह रिदमम जो होता है वह रिम से होता है
  2428. 1:43:46रिम रिदमम और यह सब रिदमम हो रही है बस हो
  2429. 1:43:50रहा है जगत है नहीं है नहीं हो रहा है नदी
  2430. 1:43:55है नहीं नदी हो रही है बह रही है ना अभी
  2431. 1:43:58जहां पर पानी देखा और आगे पहुंच गया तो
  2432. 1:44:01उसको अगर आपने समझ लिया इस चक्कर को कि जो
  2433. 1:44:03कुछ है वह हो रहा है घट घट में जो घट रहा
  2434. 1:44:06उसी को राम पहचान एव्री मोमेंट अभी जो हो
  2435. 1:44:09रहा है यह राम है। यह राम का विस्तार है।
  2436. 1:44:13राम दाढ़ी मूछ में आएगा, लठ ले आएगा कि
  2437. 1:44:15तलवार लेके आएगा? नथिंग लाइक दैट।
  2438. 1:44:19मैं और गहराई से इसे समझने की कोशिश कर
  2439. 1:44:21रहा हूं।
  2440. 1:44:23कोई भी साधक जब साधना करने बैठता है। अगर
  2441. 1:44:26वो शिव जी के भक्त है तो वो कोशिश करते
  2442. 1:44:28हैं कि शिव तत्व खुद में बढ़ाएं।
  2443. 1:44:31एट सम पॉइंट वो मोक्ष का पॉइंट क्रॉस हो
  2444. 1:44:33जाता है। उसके बाद भी शिव तत्व बढ़ाने की
  2445. 1:44:36कोशिश करता है।
  2446. 1:44:38जब तक वह पूरी तरह से शिव तत्व के साथ
  2447. 1:44:41जुड़े उस पॉइंट तक फिर आप में और पूरे शिव
  2448. 1:44:47तत्व में कोई अंतर नहीं होता। देन डू यू
  2449. 1:44:49बिकम द शिवा
  2450. 1:44:52रादर आई विल से यम, नियम, आसन, प्राणायाम,
  2451. 1:44:55ब्रह्मचर्य वगैरह लेते हुए जब वो आगे
  2452. 1:44:57बढ़ता है मूलाधार से चलते हुए सहस्त्रार
  2453. 1:45:01में आ गया।
  2454. 1:45:02जी। यहां शिव शक्ति का अंतिम मिलन है। तो
  2455. 1:45:05जब वह सहस्त्रार में आएगा 99.99
  2456. 1:45:11यह फट के वो निकल जाएगा। उसको शरीर छोड़ना
  2457. 1:45:14पड़ेगा। दैट इज कंडीशन। ओनली अवतारी पुरुष
  2458. 1:45:17कैन रिटेन बॉडी एक्सेप्शनल। उनमें से
  2459. 1:45:21साइंटिफिकली प्रूवन एक अवतार जो हमारी
  2460. 1:45:23परंपरा में मैं बता रहा हूं। रामकृष्ण
  2461. 1:45:25परमहंस है। चैतन्य महाप्रभु हैं। हु रियली
  2462. 1:45:28आई मीन जिन्होंने अपने शरीर को बचाए रखा।
  2463. 1:45:31बाकी ऑर्डिनरी आदमी कभी भी नहीं बचा सकता
  2464. 1:45:33है। कितना भी बड़ा साधक हो उसको शरीर छोड़
  2465. 1:45:36देना पड़ेगा। क्योंकि आपने
  2466. 1:45:39एप्लीकेशन ही बड़े के लिए की तो निकल गए।
  2467. 1:45:41अब अब ऊपर की जो व्यवस्था हुई उसको नैरेट
  2468. 1:45:44कैसे करेगा? कौन करेगा? कौन बताएगा ये? तो
  2469. 1:45:47ये तो गूंगे का गुड़ है कि आप खाओगे तो
  2470. 1:45:50मीठा है कि खट्टा है कि कड़वा है? कौन
  2471. 1:45:51बताएगा?
  2472. 1:45:53गूंगे का गुड़।
  2473. 1:45:56वाओ।
  2474. 1:45:57वाओ। ओके।
  2475. 1:45:59एक बात है कि मैंने जैसे बताया ब्रह्मा जी
  2476. 1:46:01का पद है एक बात निश्चित मानो नथिंग टू
  2477. 1:46:04फील बैड सनातनी को इतना गर्व होना चाहिए
  2478. 1:46:06कि हमारे ऋषियों ने हमें बहुत मैच्योर
  2479. 1:46:08समझा है कि जिसका नाम है
  2480. 1:46:11जिसका नाम है नेम जिसका रूप है फॉर्म
  2481. 1:46:16जिसका रस है जिसकी गंध है स्मेल जिसका नाम
  2482. 1:46:20है रूप है रस है गंध है वो अवश्यभावी
  2483. 1:46:24मृत्यु को प्राप्त करेगा
  2484. 1:46:28शास्त्र कहता है मैं नहीं तो जो ब्रह्मा
  2485. 1:46:31है जो विष्णु है वह महेश है वह भी एक दिन
  2486. 1:46:34कल्प अंतर होगा तो उनका भी विलय हो जाएगा
  2487. 1:46:38फिर वो एक ओकार
  2488. 1:46:40सतनाम निराकार में है फिर तो वो निराकार
  2489. 1:46:44की यात्रा है बट बिकॉज़ श्रीमद् भगवत गीता
  2490. 1:46:47का आगे मैं सपोर्ट लूंगा जब वो अर्जुन
  2491. 1:46:50पूछते हैं 12व अध्याय में ही आता है शायद
  2492. 1:46:52चौथा श्लोक कि फिर कौन सी साधना करूं
  2493. 1:46:55फॉर्मलेस और फॉर्म तो वो कहता है कि हे
  2494. 1:46:58अर्जुन
  2495. 1:46:59इट इज वेरी डिफिकल्ट। तुम निराकार की
  2496. 1:47:02साधना फॉर्मलेस करने जाओगे तो पहला
  2497. 1:47:04टेंपरामेंट सेट ही नहीं होगा। सो यू बेटर
  2498. 1:47:06स्टार्ट विद यू नो सम फॉर्म। आधार लो कुछ
  2499. 1:47:10और आधार से आगे बढ़ोगे देन दे विल गाइड यू
  2500. 1:47:13योर गुरुज एंड दिस थिंग। तो आप स्वरूप से
  2501. 1:47:16पूजा कर लो।
  2502. 1:47:19और फिर धीरे धीरे धीरे धीरे जब यात्रा
  2503. 1:47:21शुरू करोगे आप निराकार में हो जाओगे।
  2504. 1:47:22दैट्स द रीज़ आप मैच्योर्ड जब सन्यासी या
  2505. 1:47:25संत को देखते हो तो लास्ट में वो मूर्ति
  2506. 1:47:27पूजा में नहीं आते। रामकृष्ण परमहंस आखिरी
  2507. 1:47:29दिनों में कोई काली के दर्शन को पूजा करने
  2508. 1:47:31नहीं जाते थे कि अगरबत्ती जलाऊंगा कि मैं
  2509. 1:47:33धूप करूंगा। ओ नो उसकी काली सब जगह हो गई।
  2510. 1:47:36वो काली मैं हो गया सब कुछ। भाई घांस पे
  2511. 1:47:39वो आदमी चल रहा है। एक्सपेरिमेंट वो कर
  2512. 1:47:41रहे हैं। आप अगर पढ़ोगे रामकृष्ण परमहंस
  2513. 1:47:43वचनामृत तो कहता है कि कि क्या ठाकुर उस
  2514. 1:47:46घांस में भी आप हो? जब रामकृष्ण कहता है
  2515. 1:47:49कि मैं काली में हो गया। तो कहता है कि
  2516. 1:47:51घास में आप हो बोला हां
  2517. 1:47:54तो बोला प्रमाण तो बोला चल के देख चलता है
  2518. 1:47:58और उसके पांव के छापे उनकी छाती पर आ जाते
  2519. 1:48:00हैं। दिस इज रिटन दिस इज साइंटिफिक
  2520. 1:48:03तो आपकी वो अवस्था होती है कि जब आप
  2521. 1:48:06ब्रह्ममय हो जाते हो तो हर चीज नहीं ऋषि
  2522. 1:48:09मुनि कहते हैं कि इसको तो मारते हो मच्छर
  2523. 1:48:11भी मारते हो तो हिंसा आ जाती है हमारे ऊपर
  2524. 1:48:13सबके लिए वह वैलिड नहीं है पर जो उससे
  2525. 1:48:15कनेक्ट हो जाएगा वो हो जाएगा। आपकी चेतना
  2526. 1:48:17का विस्तार हो गया ना? आपकी चेतना बढ़ गई।
  2527. 1:48:20इसी को एनलाइटनमेंट बोलते हैं। एनलाइट
  2528. 1:48:22लाइट में से आगे विस्तार हो गया। इतनी
  2529. 1:48:26सेंसिटिविटी हो जाती है वो।
  2530. 1:48:28एंड 99% पीपल एट पॉइंट ऑफ़ एनलाइटनमेंट
  2531. 1:48:31उनका शायद देहांत हो सकता है।
  2532. 1:48:33छोड़ देते हैं शरीर। छूट जाएगा आपसे। आप
  2533. 1:48:35छोड़ोगे नहीं। छूट ही जाएगा। क्योंकि आप
  2534. 1:48:39मतलब उतना इमोशंस और वो मतलब समुंदर की
  2535. 1:48:42इतनी वो सुनामियां उठती है ना हिलोरे आनंद
  2536. 1:48:44की कि आप झेल नहीं पाओगे उसको छोड़ देना
  2537. 1:48:47पड़ेगा आपको दिस बॉडी इज नॉट मेड फॉर दिस
  2538. 1:48:50फिजिकल बॉडी
  2539. 1:48:53पर क्या फिर हम हिंदू स्वर्ग में चले जाते
  2540. 1:48:55हैं
  2541. 1:48:57नहीं तो हेवन तो क्रिश्चियनों का भी होता
  2542. 1:48:59है और जन्नत तो मुस्लिम की भी होती है ये
  2543. 1:49:02सब समाज को एक्चुअली डिसिप्लिन करने के
  2544. 1:49:06रास्ते हैं डोंट फील बैड आई मीन मैं किसी
  2545. 1:49:08को हर्ट नहीं करना चाहता हूं। आपके परिवार
  2546. 1:49:11में कोई एक पूर्वज आया है कि वो बोल रहा
  2547. 1:49:14है कि ऊपर मजे हैं भाई। मैं स्वर्ग में
  2548. 1:49:16हूं। कहीं आपने ऑथेंटिकली पढ़ा है?
  2549. 1:49:19हेलुसिनेशंस
  2550. 1:49:22वो गरुड़ पुराण पढ़ते हो ना। आधा अच्छा
  2551. 1:49:25लिखा। लेकिन विधर्मियों ने हमला कर दिया
  2552. 1:49:27तो पंडितों ने सोचा थोड़ा डराधमका के धर्म
  2553. 1:49:30को कब्जा करते हैं तो उसमें आधा पढ़ोगे तो
  2554. 1:49:32मतलब गिन आ जाएगी कि वो पकोड़े की तरह तल
  2555. 1:49:35रहा है चाबूक मार रहा है अरे भाई आदमी को
  2556. 1:49:39तो आपने जला दिया नीचे फिर कौन किसको तल
  2557. 1:49:41रहा है आत्मा जिसको बोलता है नैन चिनती
  2558. 1:49:44शस्त्राण नैन दति पावक ना जल डुबो सकता है
  2559. 1:49:47ना अग्नि जला सकती है तो कृष्ण को तो झूठा
  2560. 1:49:49साबित कर दिया आपने आप उसको तल रहे हो
  2561. 1:49:52लेकिन समाज को चलाने के लिए डंड ंडा अगर
  2562. 1:49:55पुलिस हटा दो महाराष्ट्र के बॉम्बे से
  2563. 1:49:57पुलिस हटा दो तो देखो फिर ट्रैफिक होगा
  2564. 1:50:00आपसे कंट्रोल तो पुलिस के हाथ में हमने
  2565. 1:50:02डंडा दे दिया कि लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करो
  2566. 1:50:05सो दिस इज अ धर्म दंडा उसको डराओ धमकाओ कि
  2567. 1:50:09तुम पापी हो जाओगे नरक जाओगे कीड़े
  2568. 1:50:11पड़ेंगे
  2569. 1:50:13कोई परमात्मा की आपसे दुश्मनी नहीं है भाई
  2570. 1:50:16क्योंकि आप स्वयं परमात्मा स्वरूप हो पर
  2571. 1:50:18ड्यू टू अज्ञान भूल गए कि मैं परमात्मा
  2572. 1:50:21स्वरूप हूं मैं ब्रह्म स्वरूप हूं मैं ही
  2573. 1:50:23ब्रह्म हूं अहम ब्रह्मस्मि
  2574. 1:50:25लेकिन बोलना और उसको महसूस करना दैट्स
  2575. 1:50:28लॉट्स ऑफ डिफरेंस और पूरी जो जीवन की
  2576. 1:50:30साधना है जो पूरा सन्यास है वह यही यात्रा
  2577. 1:50:32है अहम ब्रह्मास्म तक पहुंचने की द मोमेंट
  2578. 1:50:35यू रियलाइज कि हम ब्रह्मास्मि शरीर छोड़
  2579. 1:50:37दोगे हो गया द एंड
  2580. 1:50:40इट टेक्स टाइम इट टेक्स एफर्ट्स इट टेक्स
  2581. 1:50:42लाइफ टाइम्स
  2582. 1:50:43हां लाइफ्स कंटिन्यू प्रोसेस है भाई
  2583. 1:50:46हजारोंज़ों जन्म निकल जाते हैं यह कोई सोशल
  2584. 1:50:50मीडिया थोड़ी है जो दो रील दे के दश
  2585. 1:50:52महाविद्या सीखेगा हमारे पास आर्डर आते
  2586. 1:50:54दशमावध्या सीखनी है। नथिंग लाइक इट। ऐसा
  2587. 1:50:57नहीं होता है।
  2588. 1:50:59यह सब जानना आपके पीड़ा को
  2589. 1:51:04झेलने का सफर और बहुत आसान कर देता है।
  2590. 1:51:06या सब जानकर
  2591. 1:51:08मेरे जीवन के कई भ्रम टूट गए। कई
  2592. 1:51:11भ्रांतियां टूट गई। कई कंफ्यूजन हट गए।
  2593. 1:51:14मैं आजकल तो मैं हमेशा बोलता हूं। नित्य
  2594. 1:51:17मुक्त शुद्ध बुद्ध सच्चिदानंद स्वरूप
  2595. 1:51:20वास्तव में बताता हूं। मतलब मैं निजानंद
  2596. 1:51:23में हूं।
  2597. 1:51:25मुझे अगर यह वस्त्र पहन करके पूछो कि क्या
  2598. 1:51:27मिला? तो मटेरियलिस्टिकली मेरी सब चीजें
  2599. 1:51:30चली गई है शायद। मेरे नाम पे शायद कुछ भी
  2600. 1:51:33ना हो। पर मेरे अंदर की संपदा अगर है तो
  2601. 1:51:37अनंत कोटि ब्रह्मांड का मेरा वो नायक जो
  2602. 1:51:39है वो मेरा बाप है। तो मैं उसका बच्चा
  2603. 1:51:41हूं। तो मेरी प्रॉपर्टी क्या है? सोचो।
  2604. 1:51:43दैट्स अ ब्लिस। आई मीन
  2605. 1:51:45उफ।
  2606. 1:51:48बस यही था आज का एपिसोड में। मैं
  2607. 1:51:51चलते-चलते कहूं कि मैं क्यों जब आया तो
  2608. 1:51:55ध्व में था मतलब इसलिए तो मैंने जब कैमरा
  2609. 1:51:58ऑफ था तो मैंने आपसे बताया मैं अपने जीवन
  2610. 1:52:02का अभी मेरे आपके पॉडकास्ट से स्टार्ट हुआ
  2611. 1:52:05है। इट्स माय ग्रेटट्यूड थैंकफुलने मिस टू
  2612. 1:52:08यू। आई स्टार्टेड माय पॉडकास्ट जर्नी विद
  2613. 1:52:12रणबीर अलावादिया। एंड दिस इज माय लाइव्स
  2614. 1:52:15लास्ट पॉडकास्ट वि रणबीर अलावा। आई विल बी
  2615. 1:52:17नो मोर अवेलेबल ऑन पडकास्ट।
  2616. 1:52:20थैंक यू
  2617. 1:52:21नमो नारायण
  2618. 1:52:22नमो नारायण थैंक यू सर थैंक यू ऑनर्ड
  2619. 1:52:28हैव नथिंग टू से अदर देन थैंक यू एंड लॉट
  2620. 1:52:30ऑफ़ ग्रेटट्यूड
  2621. 1:52:31एंड रियली रियली थैंक यू लव यू एंड आई एम
  2622. 1:52:34रियली प्राउड ऑफ यू रणवीर
  2623. 1:52:36यू हैव करेज सत्य के साथ रहे हो सनातन के
  2624. 1:52:39साथ रहे हो और मैं मानता हूं ऐसा ब्रह्म
  2625. 1:52:42से जुड़ा हुआ व्यक्ति ही कर सकता है यू
  2626. 1:52:44हैव टू हैव गट्स एंड आई एम रियली प्राउड
  2627. 1:52:46ऑफ यू
  2628. 1:52:47थैंक यू थैंक यू नमो
  2629. 1:52:48नमो नारायण
  2630. 1:52:50हम एक इंटेंशन सेटिंग करते हैं हर एपिसोड
  2631. 1:52:53से पहले और जब मैं यहां बैठता हूं तब
  2632. 1:52:56इंटेंशन और ज्यादा क्लियर हो जाती है।
  2633. 1:52:58बट क्योंकि हम इतना ज्यादा रॉ कर रहे हैं।
  2634. 1:53:00मुझे बस एक ही इंटेंशन दिख रही है कि
  2635. 1:53:02सरस्वती माता खुद इस पॉडकास्ट में रहेंगी
  2636. 1:53:05और बाकी सब जो होना है हो जाए।
  2637. 1:53:06तो आप वही देखिए।
  2638. 1:53:07दैट्स ग्रेट।
  2639. 1:53:08बट कुछ मीनिंगफुल चीज निकल के आएगी आज
  2640. 1:53:11उतना मुझे पता है।
  2641. 1:53:28ओ

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