Success Is Hard Until You Build Systems Like This — Transcript
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- 0:00यार इस एक चीज को समझो। तुम पूरे दिन
- 0:02मेहनत करते हो। उसके बावजूद तुम्हारी लाइफ
- 0:04में प्रोग्रेस नहीं हो रही है। तुम्हारे
- 0:05जिम स्किप्स हो रहे हैं। तुम मोटिवेशन के
- 0:07पीछे भाग रहे हो। उसके बावजूद तुमसे कोई
- 0:09काम नहीं हो रहा है। और फिर तुम पता है
- 0:11क्या कहते हो? यार मैं अपनी लाइफ में बहुत
- 0:13कुछ करना चाहता हूं। लेकिन उसके बावजूद
- 0:15मैं कुछ कर नहीं पा रहा हूं। मुझे समझ में
- 0:17नहीं आ रहा मैं क्या करूं? कोई चीज
- 0:18स्टार्ट करता हूं। वो क्विट हो जाती है।
- 0:20पता है प्रॉब्लम क्या है? आपने अपनी लाइफ
- 0:22में सिस्टम्स नहीं बना रखे। मैं अब अगर
- 0:24अपनी बात करूं मैं मॉर्निंग में टीचर हूं।
- 0:26शाम को मैं YouTube मैनेज करता हूं। मैं
- 0:28एक हफ्ते में चार से पांच दिन जिम भी जाता
- 0:30हूं। जब खाली टाइम मिलता है, मैं बहुत
- 0:32ज्यादा ट्रैवल भी करता हूं। उसके बावजूद
- 0:34मेरे पास मेरी लाइफ में टाइम है। कैसे?
- 0:36क्योंकि मैंने अपनी लाइफ में सिस्टम बना
- 0:38रखे हैं। और यह जो सिस्टम्स है ना, यह
- 0:40रातोंरात नहीं बने। इनको बनाने में मुझे
- 0:42पूरे 2 साल लग गए। आज की इस वीडियो में
- 0:44मैं आपको यही चीज बताने वाला हूं कि भाई
- 0:46आपको लाइफ में सिस्टम्स की क्यों नीड है?
- 0:48सिस्टम क्या काम करते हैं? और अगर सिस्टम
- 0:51नहीं होंगे तो क्या प्रॉब्लम होने वाली
- 0:53है? मैं आपको यह भी बताऊंगा। और मेरे वो
- 0:55जो पांच सिस्टम जो मैं अपनी लाइफ में 2
- 0:57साल में फॉर्म कर पाया हूं ना वो इस
- 0:58वीडियो के अंदर आपके साथ शेयर करने वाला
- 1:00हूं। देखो सबसे पहले ये चीज समझते हैं
- 1:02सिस्टम्स इंपॉर्टेंट क्यों है? सिस्टम
- 1:04करता क्या है? सिस्टम एक ही चीज बोलता है
- 1:06ना तो मुझे मोटिवेशन की नीड है, ना मुझे
- 1:08मूड की नीड है, ना मुझे किसी फोर्स की नीड
- 1:10है। बस एक प्रोसेस उठा के दे दो। अगर आपने
- 1:12उस प्रोसेस को फॉलो करना शुरू कर दिया
- 1:14रिजल्ट अपने आप मिल जाएंगे। देखो सिस्टम
- 1:17सीधी सी बात कहता है अगर कोई भी काम
- 1:19ऑटोमेटिकली हो रहा है जिसमें आपका कोई
- 1:21मोटिवेशन का खेल नहीं है, डिसिप्लिन का
- 1:23खेल नहीं है वो सारी चीजें सिस्टम है और
- 1:25सिस्टम फॉर्म करना इतना आसान नहीं है।
- 1:28देखो सबसे पहला सिस्टम जो मैं अपनी लाइफ
- 1:30में फॉलो करता हूं दैट इज ट्रिगर सिस्टम।
- 1:32अगर आप अपनी लाइफ में कुछ भी बड़ा करना
- 1:34चाहते हो, कुछ नया स्टार्ट करना चाहते हो,
- 1:36तो कोई भी एक नई हैबिट को फॉर्म मत करना।
- 1:39नई हैबिट को फॉर्म करना इतना आसान नहीं
- 1:41होता। आपको क्या करना है? एक ट्रिगर
- 1:43चाहिए। ट्रिगर का मतलब एक चिंगारी या जिस
- 1:46चीज को आप पहले से कर रहे हो। आपने कोई भी
- 1:48एकिस्टिंग हैबिट को उठाया और उसके साथ उस
- 1:50नई हैबिट को जोड़ दिया और आपने कहा जैसे
- 1:53ही यह हैबिट मैं परफॉर्म करूंगा उसके बाद
- 1:55मैं यह काम करने बैठ जाऊंगा जिससे आपको
- 1:57बार-बार याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- 1:59जैसे मैं कुछ छोटी-मोटी चीजें अपनी लाइफ
- 2:00की बताता हूं। मैं डेली बात लेने के बाद
- 2:0420 पुश अप्स करता हूं और अब मैंने 20
- 2:06स्क्वाट्स करना भी स्टार्ट कर दिया है।
- 2:08मेरे ब्रेन को पता है यह छोटी-मोटी सी
- 2:10चीजें हैं। वो हमेशा स्किप कराता है।
- 2:11क्योंकि ब्रेन क्या कहता है जो काम बहुत
- 2:13कम टाइम में हो जाएगा ना ब्रेन उसको
- 2:15नेगलेक्ट करेगा। वो क्या कहेगा? ये तो बाद
- 2:17में भी हो सकता है। और जिस काम में टाइम
- 2:19लगता है या जो चीज इंपॉर्टेंट है ब्रेन
- 2:20कहेगा इसको कर लेते हैं। इंपॉर्टेंट है।
- 2:22ब्रेन कभी भी स्क्वाड्स और पुश अप्स को
- 2:25इंपॉर्टेंट नहीं समझता। और मैं इस चीज को
- 2:27समझता हूं क्योंकि कभी मेरे जिम स्किप्स
- 2:28होते हैं या बहुत कुछ होता है लेकिन मैं
- 2:31डेली 20 पुश अप्स और 20 स्क्वाट्स करता
- 2:33हूं और मैंने इसको हैबिट के साथ स्टिक कर
- 2:35रखा है या मैं और क्या करता हूं मैंने
- 2:37रिसेंटली Instagram को ग्रो करने के लिए
- 2:39अपने आप से बोला कि मैं जैसे ही रात को
- 2:41जिम से वापस लौटूंगा मैं हर अल्टरनेट डे
- 2:43एक रील को रिकॉर्ड करूंगा और मैं कर भी
- 2:44रहा हूं और अब मेरे बैक टू बैक रील्स आ
- 2:47रही हैं। मैं हर बार रील्स बनाता था। मेरे
- 2:49से स्किप हो जाती थी क्योंकि मुझे YouTube
- 2:51पे फोकस करना है। मुझे स्कूल पे फोकस करना
- 2:52है। मुझे अपनी लाइफ पे फोकस करना है।
- 2:54फैमिली है, ट्रेवल है और मुझसे नहीं हो पा
- 2:57रहा था। लेकिन मैंने कोई नई हैबिट नहीं
- 2:58बनाई। मैंने एकिस्टिंग हैबिट के साथ ही
- 3:00जोड़ा जिम से वापस आना है और उसके बाद रील
- 3:02बनाना और चीजें काम कर रही हैं। तो आपको
- 3:05एकिस्टिंग हैबिट को एक ट्रिगर की तरह यूज़
- 3:07करना है। किसी भी नई चीज को एक एक्शन की
- 3:09तरह यूज़ करना है और उसको बार-बार बस
- 3:12रिपीट करना है। नंबर सेकंड हैबिट आती है
- 3:14टाइम ब्लॉक सिस्टम। आपको अपनी लाइफ के कुछ
- 3:17इंपॉर्टेंट काम को डेली एक फिक्स टाइम पर
- 3:20करना है और उसको बार-बार रिपीट करना है।
- 3:22जैसे मैंने बताया मैं जब भी जिम जाता हूं
- 3:24मैं 8:00 से 8:30 बजे शाम को जाता हूं और
- 3:26उसको मैं इतना बार रिपीट कर चुका हूं कि
- 3:28मेरे सबकॉन्शियस ब्रेन में एक पैटर्न बन
- 3:30चुका है। दो तरीके के ब्रेन होते हैं आप
- 3:32सबको पता है। एक कॉन्शियस ब्रेन एक
- 3:33सबकॉन्शियस ब्रेन। जितनी भी चीजें हम
- 3:35बार-बार रिपीट करते हैं, वह एक पैटर्न
- 3:36क्रिएट करती हैं, एक हैबिट बनाती हैं जो
- 3:38सबकॉन्शियस ब्रेन में सेव हो जाता है।
- 3:40जिसकी वजह से हम उसी तरीके से एक्ट करना
- 3:42शुरू कर देते हैं। तो मेरे जैसे ही 7:30
- 3:44बज रहे होते हैं, मेरे ब्रेन को लगने लग
- 3:46जाता है। यह तो जिम का टाइम है। कुछ खा पी
- 3:48लो, स्नैक्स ले लो, बनाना खा लो या कॉफी
- 3:50पी लो क्योंकि 8:00 बजे जिम जाना है। मुझे
- 3:52जिस दिन नहीं भी जाना होगा ना, उसके
- 3:53बावजूद भी अंदर से इंट्यूशन आने लगती है।
- 3:55क्योंकि उस एक्टिविटी को मैंने इतनी बार
- 3:57रिपीट कर लिया है कि सबकॉन्शियस ब्रेन
- 3:59मुझे वो चीज याद दिला देता है। तो आपको
- 4:01अगर कोई भी आपके लिए जो इंपॉर्टेंट वर्क
- 4:03है जिसको आप स्किप करते हो या जो आप आलस
- 4:06के मारे नहीं कर पाते उसको आपको एक फिक्स
- 4:09टाइम पे ही करना है रिपीट करना है और अगर
- 4:11वो आपके लिए इंपॉर्टेंट है और आप एक फिक्स
- 4:13टाइम पर उसको नहीं कर रहे हो और आप अपने
- 4:14आप से कहते हो मैं जब भी फ्री टाइम मुझे
- 4:16मिलेगा मैं तब करूंगा तो पहली चीज आप उस
- 4:18काम के लिए सीरियस नहीं हो सेकंड चीज वो
- 4:20काम आपके लिए इंपॉर्टेंट नहीं है और थर्ड
- 4:22चीज वो स्किप होगा ही होगा तो इस सिस्टम
- 4:25को फॉलो करना शुरू कर दो नंबर थर्ड सिस्टम
- 4:28आता है टीप वर्क सिस्टम मैंने अपनी काफी
- 4:30पास वीडियोस में बोला है कि मैं अपनी लाइफ
- 4:32में डीप वर्क सिस्टम को एक्टिवेट करता
- 4:34हूं। डीप वर्क का मतलब क्या होता है? एक
- 4:36से 2 घंटे किसी एक काम को पकड़ के बैठना।
- 4:39वन वर्क एक ही काम होना चाहिए। नो
- 4:42मल्टीटास्किंग। आपके पास फोन नहीं होना
- 4:44चाहिए और कोई भी डिस्ट्रैक्शन नहीं होनी
- 4:46चाहिए आसपास। और आप बस एक ही काम को फोकस
- 4:48की तरह करने बैठ जाओ और उसी को डीप वर्क
- 4:50कहते हैं। मैं रोज शाम को 5:00 बजे से
- 4:52लेकर 7:00 बजे तक YouTube का काम करता
- 4:54हूं। मैं सच बता रहा हूं, मैं 2 घंटे ही
- 4:56काम करता हूं। 2 घंटे के बाद मुझे जिम भी
- 4:58जाना है और उससे पहले मैं स्कूल में बिजी
- 5:01होता हूं। टायर्ड घर पे आता हूं। थक चुका
- 5:03होता हूं। रात को मुझे डिनर करना है।
- 5:05थोड़ा सा फैमिली टाइम भी देना है। लेकिन
- 5:06मैं 2 घंटे में पूरे दिन की प्रोजेक्शन,
- 5:09स्क्रिप्टिंग करना, नए आइडियाज को सर्च
- 5:11करना, अपने एडिटर को काम देना, मैं सब कुछ
- 5:13मैनेज कर लेता हूं। क्योंकि मैं फोकस्ड
- 5:15होता हूं। मेरे पास मेरा फोन नहीं होता,
- 5:17मैं मल्टीटास्किंग नहीं करता। मेरे पास
- 5:18डिस्ट्रैक्शन नहीं होती और मोमेंटम क्रिएट
- 5:21हो जाता है। तो अगर आप अपनी लाइफ में कुछ
- 5:24हासिल करना चाहते हो, चाहे आप एडिटिंग
- 5:26सीखना चाहते हो, चाहे आप एक स्टूडेंट हो,
- 5:27आप अपने चैप्टर्स को पूरा करना चाहते हो,
- 5:29चाहे आप कॉलेज में हो, कोई स्किल सीख रहे
- 5:31हो, कुछ भी कर रहे हो। और अगर आपके पास एक
- 5:33डीप वर्क नहीं है और अगर आप अपने मूड के
- 5:35ऊपर डिपेंड हो कि जब फ्री टाइम होगा तब कर
- 5:37लेंगे तो आपकी लाइफ भी ऐसे चलने वाली है।
- 5:39जब अपने आप काम को लेके सीरियस नहीं हो तो
- 5:42लाइफ आपको लेके कैसे सीरियस हो जाएगी।
- 5:44नंबर फोर्थ सिस्टम आता है मोमेंटम। यह
- 5:46हैबिट मेरे फादर ने मुझे सिखाई थी और मुझे
- 5:49आज भी मैं इस चीज को फॉलो करता हूं। मेरे
- 5:51फादर की क्या एक हैबिट थी? वो जब भी अपने
- 5:53उनका वीक डे ऑफ होता था जो जनरली थर्सडे
- 5:56होता है मेरी सिटी में। वो एक लिस्ट बनाते
- 5:58थे पेपर पे और एक साथ सारे घर के काम
- 6:00निपटाते थे। वो मुझसे कहते थे कि अगर मैं
- 6:02एक साथ नहीं निपटाऊंगा कुछ ना कुछ स्किप
- 6:04हो जाएगा। फिर मुझे बार-बार जाना पड़ेगा।
- 6:06टाइम अलग लगेगा, पेट्रोल लगेगा। बहुत सारी
- 6:08चीजें होंगी। मतलब उनका कहना सीधा सा इतना
- 6:10था कि जब बेटा आपका मोमेंटम क्रिएट हो गया
- 6:12है ना और अगर आप उसके बीच में ब्रेक ना लो
- 6:15और किसी छोटे-मोटे काम को एक साथ कर लो तो
- 6:17आप फोकस तरीके से उस काम को कर लेते हो
- 6:19बहुत ही कम टाइम में और इसी को बोलते हैं
- 6:22मोमेंटम। तो जब भी मैं बहुत ज्यादा फोकस्ड
- 6:24होता हूं किसी भी काम पे और जैसे ही वो
- 6:25काम को फिनिश करता हूं और मुझे लगता है कि
- 6:27अभी शायद मुझे ब्रेक की इतनी ज्यादा नीड
- 6:29नहीं है। मैं छोटे-मोटे साथ में काम और
- 6:31निपटा लेता हूं। कंपनीज़ का मेल का रिप्लाई
- 6:33करना हो गया या कोई रिसर्च वर्क हो गया या
- 6:36कुछ थंबनेल डिज़ाइन देखना शुरू कर दिया या
- 6:38कुछ और YouTube वीडियोस देखना शुरू कर दी।
- 6:40मतलब मैं अपने काम से रिलेटेड छोटा-मोटा
- 6:4215-20 मिनट के काम और निपटा लेता हूं।
- 6:44क्योंकि मुझे पता है मोमेंटम क्रिएट है।
- 6:46मैं पूरी तरीके से फोकस्ड हूं और अगर अभी
- 6:48मैं एक्शन लूंगा ना तो वह मेरा जो काम
- 6:50होगा वह बहुत अच्छी तरीके से होगा। मेरा
- 6:52टाइम सेव हो जाएगा और बाद में आराम से मैं
- 6:54रिलैक्स कर लूंगा। तो जब भी आपको लग रहा
- 6:56है कि आपका मोमेंटम क्रिएट है और उसमें
- 6:59उसके साथ आप कुछ छोटे-मोटे काम को क्लब कर
- 7:01सकते हो। प्लीज उसको अटैच कर लेना। आप
- 7:04देखना आपकी लाइफ में चीजें कितनी आसान हो
- 7:06जाएंगी। क्योंकि जब आपको ना किसी
- 7:08छोटे-मोटे काम के लिए टाइम नहीं निकालना
- 7:09पड़ेगा। और मैंने बताया छोटे-मोटे काम को
- 7:11ब्रेन अवॉइड करने की कोशिश करता है। तो आज
- 7:14आप देखना कि जब भी आप कुछ बड़े काम करते
- 7:16हो उसके साथ कोई छोटे काम साथ में हो सकते
- 7:18हैं। क्या मोमेंटम फॉर्म हो सकता है? अगर
- 7:20हो सकता है तो आज ही से करना शुरू कर दो।
- 7:22नंबर फाइव सिस्टम आता है नो जीरो सिस्टम।
- 7:25यह मेरी लाइफ का सबसे इंपॉर्टेंट सिस्टम
- 7:27है। इसका मतलब क्या है कि मैं अपनी लाइफ
- 7:29में कोई भी एक ऐसा दिन नहीं देख सकता जहां
- 7:31पर मुझे रियलाइजेशन हो या जहां पे मुझे
- 7:33फीलिंग आए कि आज मैंने कुछ भी नहीं किया।
- 7:36मैं सच बता रहा हूं मैं इस चीज को नहीं
- 7:38देख सकता। मैं किसी दिन जिम नहीं जाता ना।
- 7:40पहली बात तो मैं मॉर्निंग में पुश अप्स कर
- 7:41लेता हूं। क्योंकि बात ली है तो पुश अप्स
- 7:43हो जाएंगे। बात नहीं ली तो ऐसा नहीं है
- 7:45डेली बात लेता हूं। तो समझ रहे हो ना? तो
- 7:47पहली मैं सुबह पुश अप्स कर लेता हूं। या
- 7:48उसके बावजूद भी मैंने इस रूम के अंदर अपना
- 7:50ये जो स्टूडियो है यहां पे भी मैंने
- 7:52डंबल्स रख रखे हैं। मैं घर पे डंबल्स उठा
- 7:54लेता हूं। लेकिन मैं एक्ट करता हूं। इट्स
- 7:57नॉट अबाउट जिम। अगर मैं YouTube का कुछ
- 8:00काम नहीं कर रहा हूं। मैं स्कूल में बैठ
- 8:01के रिसर्च करना शुरू कर दूंगा या मैं कहीं
- 8:03पे भी बैठा हूं। फोन निकालूंगा। दूसरों की
- 8:04वीडियोस देखूंगा। आइडियाज लूंगा। मतलब मैं
- 8:07कुछ ना कुछ या कमेंट्स का रिप्लाई करना
- 8:08शुरू कर दूंगा YouTube स्टूडियो पे। मतलब
- 8:10YouTube पे। आप लोगों ने देखा होगा मैं
- 8:12बहुत ज्यादा कमेंट्स का रिप्लाई करता हूं।
- 8:14क्यों? क्योंकि मैं जहां पे भी मेरे पास
- 8:16टाइम मिलता है ना मैं एक्शन लेना शुरू कर
- 8:18देता हूं। मुझे पता है वो टाइम पे अगर मैं
- 8:20कुछ और करूंगा ना वो मेरे लिए एक फालतू
- 8:23होगा कि स्क्रॉलिंग कर रहा हूं। इससे
- 8:24अच्छा मैं लोगों के कमेंट्स का रिप्लाई कर
- 8:26देता हूं। क्योंकि लोग इतनी शिद्दत से
- 8:28चीजों को पूछ रहे हैं। मेरे ऊपर ट्रस्ट
- 8:30दिखा रहे हैं। तो मेरा भी यह हक बनता है
- 8:31मैं उनको रिप्लाई दूं। तो मेरी बात का
- 8:33मतलब समझ रहे हो कि आपको अपनी लाइफ में यह
- 8:37रियलाइजेशन नहीं देना कि आज मैंने कुछ
- 8:38नहीं किया। कुछ ना कुछ तो करना है। जिम
- 8:40नहीं हो रहा। 20 स्क्वाड्स कर लो, पुश
- 8:42अप्स कर लो, कुछ भी कर लो। कोई स्किल सीख
- 8:43रहे हो, आपको टाइम नहीं मिल पा रहा, कोई
- 8:45बात नहीं। जब भी टाइम मिले, रात को 5 मिनट
- 8:47मिले, 10 मिनट मिले, उसको कर लो। अपने
- 8:48ब्रेन को इतना कहना है कि अगर चीजें मेरे
- 8:51फेवर में नहीं है, लेकिन उसके बावजूद भी
- 8:53मैं एक्ट करूंगा। अगर ब्रेन को समझ में आ
- 8:55गया कि चीजें आपके जब फेवर में नहीं है और
- 8:58आप भी फिर उसके फेवर में नहीं हो दोनों
- 9:00मैच कर जाएंगे और यही 99% दुनिया के साथ
- 9:03होता है। जैसे ही वो मूड क्योंकि उनकी
- 9:05दुनिया जो है वो मूड के ऊपर डिपेंड है और
- 9:06जैसे ही दिखता है कि यह सिचुएशन मेरे फेवर
- 9:08पे नहीं है तो आज यार मूड नहीं कर रहा आज
- 9:10जिम नहीं जाते हैं। आज मूड नहीं कर रहा आज
- 9:12यह नहीं करते हैं। आज मूड नहीं कर रहा यह
- 9:14नहीं करते। तो आपको क्या लगता है कि आप
- 9:16लाइफ में इतनी जल्दी लोगों से आगे निकल
- 9:18जाओगे जो ऑलरेडी एक्सिस्ट कर रहे हैं घंटा
- 9:20आगे निकल पाओगे। क्योंकि जो एग्जिस्ट कर
- 9:23रहे हैं ना या जो एंटरप्रेन्यर्स हैं जो
- 9:25बड़े-बड़े एथलीट्स हैं वो कभी भी मूड पर
- 9:27डिपेंड नहीं होते। वो डिपेंड होते हैं
- 9:28सिस्टम पे। और सिस्टम ने यही कहता है कि
- 9:30यार मुझे तो एक्शन लेना है। मेरे मुझे पता
- 9:33है कितनी बार ऐसे केसेस होंगे जब मेरा मूड
- 9:35फेवर में नहीं होगा। जब सिचुएशन मेरे फेवर
- 9:37में नहीं होगी। लेकिन मैंने जरा सा भी
- 9:38एक्ट कर दिया। तो मैं ब्रेन को एक चैलेंज
- 9:40देकर दिखा रहा हूं कि यार देखो चीजें मेरे
- 9:43फेवर में नहीं है ना उसके बावजूद भी मैं
- 9:44एक्शन लेता हूं। आपको अपने ब्रेन को इस
- 9:46चीज को रियलाइज करा देना है और अगर आपने
- 9:48रियलाइज नहीं करा ब्रेन को समझ में आ
- 9:50जाएगा और ब्रेन आपसे वही कराएगा जो वो
- 9:53कराना चाहता है क्योंकि सबकॉन्शियस ब्रेन
- 9:55बहुत पावरफुल होता है। आप जो उसको हैबिट
- 9:58डालोगे जो बार-बार रिपीट करोगे वो उसी चीज
- 10:00को फॉलो करेगा। आपके मूड फेवर में नहीं
- 10:02है। आपने उस चीज को फॉलो करा आप देखना आप
- 10:06चीजों को स्किप करोगे अपनी लाइफ में। तो
- 10:08यह वो सिस्टम्स हैं जिसको मुझे बनाने में
- 10:10सच बता रहा हूं। 2 साल लग गए। और अगर आप
- 10:13अपनी लाइफ में इन सिस्टम्स को सीरियसली
- 10:15तरीके से फॉलो करना चाहते हो ना और अगर
- 10:17आपने फॉलो करना शुरू कर दिया मैं सच बता
- 10:20रहा हूं तीन से चार महीने के अंदर आपको
- 10:22ट्रांसफॉर्मेशन दिख जाएगा। आपको चेंजेस
- 10:23आना शुरू हो जाएंगे आपकी लाइफ में। आपको
- 10:25लगेगा कि यार चीजें कितनी बैलेंस हो पा
- 10:27रही हैं। मेरे पास टाइम भी बच रहा है।
- 10:29उसके बावजूद मैं सारे इंपॉर्टेंट वर्क भी
- 10:31कर ले रहा हूं क्योंकि आप मूड के ऊपर
- 10:33डिपेंड नहीं हो। आप एक सिस्टम के ऊपर
- 10:34डिपेंड हो। तो फटाफट कमेंट में सिस्टम लिख
- 10:37दो या आई विल फॉलो सिस्टम लिख दो। मैं
- 10:38देखूंगा कि कितने लोग हैं जो वाकई में इन
- 10:41सिस्टम को लेके सीरियस हैं। और अभी इस
- 10:43वीडियो के बाद आपको अपना एक सिस्टम को
- 10:46फॉर्म करना है। मैंने क्या बताया? एक
- 10:47ट्रिगर चीज ढूंढो जो आप चीज कर रहे हो।
- 10:49उसके साथ एक एक्शन जोड़ो और बस रिपीट करना
- 10:52शुरू कर दो। यह आपका सिस्टम फॉर्म हो
- 10:54जाएगा। सिस्टम को फॉर्म करना बहुत आसान
- 10:57है। लेकिन सिस्टम को बरकरार रखना टफ है।
- 10:59क्योंकि सिस्टम मांगता है रिपीटीशन और
- 11:02आपको इस चीज को बार-बार करना पड़ेगा।
- 11:04क्योंकि बार-बार जैसे ही करोगे ना बताया
- 11:06ना सबकॉन्शियस ब्रेन को समझ में आ जाएगा।
- 11:08सो दैट्स इट फॉर दिस वीडियो। मेरा नाम है
- 11:11सार्थक विरमानी एंड दिस चैनल इज ऑल अबाउट
- 11:13गेटिंग थिंग्स बेटर और सिस्टम लिखना मत
- 11:15भूलना। मिलते हैं बहुत जल्दी नेक्स्ट
- 11:16वीडियो में। टिल देन टेक केयर। बाय-ब।
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This page contains the full transcript of Success Is Hard Until You Build Systems Like This by Sarthak Virmani, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 2,753 words across 327 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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