SM Oct Lecture No 2 || Introduction to digital marketing Part 2 — Transcript
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- 0:00अस्सलाम वालेकुम जी। मैं हूं सितरा नसीब
- 0:02डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया
- 0:03मार्केटिंग लेक्चर नंबर टू और आज का हमारा
- 0:06लेक्चर है एडवांस स्ट्रेटजीस के हवाले से।
- 0:09आज हम कुछ मजीद ऐसी चीजें डिस्कस करेंगे
- 0:13जिससे आपको डिजिटल मार्केटिंग या सोशल
- 0:15मीडिया मार्केटिंग की अच्छे तरीके से समझ
- 0:17आ जाएगी। ठीक है? अच्छा सबसे पहले हम बात
- 0:20करते हैं डिजिटल मार्केटिंग फनल के हवाले
- 0:23से। अब इन चीजों से आपने कंफ्यूज नहीं
- 0:26होना। यह सिर्फ आपको डिजिटल मार्केटिंग की
- 0:30इंपोर्टेंस्ट या सोशल मीडिया मार्केटिंग
- 0:31की इंपोर्टेंस्ट बताने के लिए है। आपके
- 0:34ज़हन में इनका खाका बिठाने के लिए है। ताकि
- 0:37आपके सामने कोई भी अगर इन चीजों का नाम ले
- 0:40तो आपको पता हो। क्योंकि एक अच्छा डिजिटल
- 0:42मार्केटर या एक अच्छा सोशल मीडिया
- 0:43मार्केटर वही होता है जिसको अपनी
- 0:45मार्केटिंग की तमाम जितने भी टर्म्स हैं
- 0:47उनका अच्छे से पता हो। अच्छा जी हम
- 0:50मार्केटिंग फनल का जब जिक्र करते हैं तो
- 0:52मार्केटिंग फनल बेसिकली किसे कहते हैं?
- 0:54मार्केटिंग फनल का मतलब यह होता है कि
- 0:58आपका
- 1:00मार्केटिंग में आपके कस्टमर का वह प्रोसेस
- 1:03जिसमें एक कस्टमर अवेयरनेस की स्टेज से
- 1:06गुजरता है, कंसीडरेशन की स्टेज से गुजरता
- 1:08है, कन्वर्शन की स्टेज से गुजरता है और
- 1:09फिर रिटेंशन की तरफ आता है। यानी कि
- 1:12मार्केटिंग में कुछ स्टेजेस होते हैं और
- 1:15उन स्टेजेस को जब पूरा किया जाता है तो वो
- 1:18मार्केटिंग फनल कहलाता है। ठीक है? अच्छा
- 1:21अब कस्टमर जर्नी भी इसको कह सकते हैं हम
- 1:24मार्केटिंग फनल को एक तरह से। अब ये कैसा
- 1:28एक सफर होता है कस्टमर का? इसमें
- 1:30क्या-क्या चीजें होती है? इसमें चार चीजें
- 1:31होती है। पहली होती है इसमें अवेयरनेस
- 1:33स्टेज, आगाही की स्टेज। फिर इसमें होती है
- 1:35कंसीडरेशन यानी गौर फिक्र करने की। फिर
- 1:38उसके बाद होती है जी कन्वर्शन यानी कि
- 1:40तब्दीली, खरीदारी और उसके बाद होती है
- 1:42रिटेंशन। यानी कि कस्टमर दोबारा आपके पास
- 1:45वापस आता है। उसकी वफादारी या उसको अपने
- 1:48पास दोबारा बार-बार बुलाना। ये सारी चीजें
- 1:51हम इनको वन बाय वन देख लेते हैं। अब स्टेज
- 1:53वन में हम देखते हैं अवेयरनेस को।
- 1:56अवेयरनेस हम कैसे जो है वो क्रिएट कर सकते
- 1:59हैं किसी भी ब्रांड या किसी भी बिज़नेस की।
- 2:02देखिए आप अगर इस कोर्स के बाद खुद कोई
- 2:05अपना बिज़नेस करते हैं या आप किसी क्लाइंट
- 2:08का बिज़नेस हैंडल करते हैं तो डेफिनेटली
- 2:10आपको उसके लिए मार्केटिंग करनी होगी। तो
- 2:14मार्केटिंग करते हुए सबसे जो पहली चीज
- 2:17आपके ज़हन में होनी चाहिए कि आपको
- 2:18मार्केटिंग फनल पूरा करना है। किसी भी
- 2:21प्रोडक्ट के लिए, किसी भी बिज़नेस के लिए।
- 2:23मार्केटिंग फनल का जो पहला स्टेज है वो
- 2:25अवेयरनेस है। अवेयरनेस आगाही जो है आप
- 2:28कैसे इसको फैलाएंगे? आप अवेयरनेस की
- 2:31मुख्तलिफ कैंपेन चलाएंगे। यानी कि मिसाल
- 2:34के तौर पे आप लोगों को जैसे मैं आपको इसकी
- 2:37मिसाल बिलकुल आसान देती हूं। उमाइज़ मैंने
- 2:40ल्च किया अपनी बेटी का ब्रांड। अब ओz ल्च
- 2:42करने से पहले मैंने ओz कमिंग सून और इस
- 2:45तरह की डिफरेंट इस तरह की चीजें पोस्ट
- 2:47करना शुरू की जिससे लोगों को पता चला कि
- 2:49ये एक किड्स ब्रांड है जो कि नया आ रहा है
- 2:52मार्केट में और इसमें ये ये प्रोडक्ट्स
- 2:54होंगी या प्रोडक्ट्स का सम हाउ मैंने
- 2:56थोड़ा बहुत हिंट दिया। मैंने इसके लिए
- 2:58यूज़ क्या किया? मैंने इसके लिए Instagram
- 3:00यूज़ किया, Facebook यूज़ किया, TikTok को
- 3:02यूज़ किया। ठीक है? तो ये सोशल मीडिया
- 3:03प्लेटफॉर्म्स के थ्रू मैंने अपनी
- 3:05प्रोडक्ट, अपने बिज़नेस की अवेयरनेस दी।
- 3:08लोगों को आगाही दी कि भ ये चीज़ आ रही है।
- 3:10एसइओ के थ्रू भी आप अवेयरनेस दे सकते हैं।
- 3:13यानी कि सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन
- 3:17और इसमें वेबसाइट पे आप जब आप किसी भी
- 3:21बिज़नेस की न्यू वेबसाइट बनाते हैं तो उसके
- 3:23अंदर कुछ ऐसे कीवर्ड्स वगैरह आप डालते हैं
- 3:25जिससे वो वेबसाइट रैंकिंग में पहले नंबर
- 3:28पे आ जाती है। पहले नंबर पे या पहले चंद
- 3:30नंबरों पे जरूरी नहीं है कि हर वेबसाइट
- 3:32पहले नंबर पे हो। क्योंकि जाहिर है कोई एक
- 3:34वेबसाइट पहले नंबर पे होगी बाकी दूसरे पे
- 3:36लेकिन उनकी भी एसइओ अच्छी होती है।
- 3:38इन्फ्लुएंसरर मार्केटिंग के थ्रू भी आप
- 3:39अवेयरनेस जो है वो कर सकते हैं।
- 3:42इनफ्लुएंसरर मुख्तलिफ जो आपकी कैटेगरी से
- 3:44जैसे मिसाल के तौर पे अब हमारा ब्रांड है
- 3:47सिद्रोब्स। तो हम जो लेडीज इन्फ्लुएंसर्स
- 3:50हैं जो कि ज्यादा देखी जाने वाली सोशल
- 3:53मीडिया की स्टार्स हैं डेफिनेटली हम उनको
- 3:56अपनी प्रोडक्ट्स भेजेंगे और वो उनका
- 3:59रिव्यु करेंगी तो वो इन्फ्लुएंसरर
- 4:00मार्केटिंग कहलाएगी और उनकी ऑडियंस भी
- 4:02हमारी तरफ आएगी। तो ये भी एक किस्म की
- 4:04आगाही की मुहिम है। कंटेंट मार्केटिंग एंड
- 4:07पेड एड्स। कंटेंट मार्केटिंग भी हम इसी को
- 4:09कहते हैं कि हम अच्छा कंटेंट क्रिएट करें।
- 4:11अच्छे-अच्छे ऐड क्रिएटिव्स बनाएं।
- 4:13वीडियोस, रील्स और इस तरह की डिफरेंट
- 4:15चीजें और फिर उन पे पेड कैंपेन चला दें।
- 4:17पेड कैंपेन कहा गया हमारा पूरा चैप्टर है
- 4:18वो हम तफसील से डिस्कस करेंगे। अच्छा अब
- 4:22यहां पे आपको जो है क्या नहीं करना? अच्छा
- 4:26कंटेंट मार्केटिंग में ना सिर्फ रील्स
- 4:28नहीं आती। मैं आपकी ये बात भी क्लियर कर
- 4:30दूं। इसमें ब्लॉग्स भी आ जाते हैं कंटेंट
- 4:32मार्केटिंग में और इसके अलावा जो है इसमें
- 4:35इमेजज़ यानी कि जो आपकी अ स्टैटिक्स इमेजज़
- 4:40हैं ग्राफिक्स है वो भी इसमें आ जाती हैं।
- 4:43यानी कंटेंट किसी भी तरह का हो चाहे वो
- 4:45रिटेन हो चाहे वो विजुअल हो लेकिन उसके
- 4:47थ्रू आप अवेयरनेस दे रहे हैं अपनी ऑडियंस
- 4:49को तो वो कंटेंट मार्केटिंग कहलाएगा। अब
- 4:51आपको क्या गलतियां नहीं करनी अवेयरनेस के
- 4:53स्टेज में कि आपको जो है बेमकसद इश्तहार
- 4:58नहीं चलाने। यानी आप पेड ऐड अगर चला रहे
- 5:00हैं तो आपको ऐसे ऐड जिनका ना कोई अच्छे ऐड
- 5:04क्रिएटिव हो ना कोई अच्छी कॉपीराइटिंग हो
- 5:06और आप उनप ऐड मुसलसल चलाए जा रहे हो तो ये
- 5:09आपका बजट जाया करने वाली बात है इससे आपने
- 5:11गुरेज़ करना है। अच्छा स्टेज टू में हम
- 5:13देखते हैं कंसीडरेशन को यानी गौर फिगर को।
- 5:15अब मैं इसकी बिलकुल आसान आपको मिसाल देती
- 5:18हूं। मिसाल के तौर पर हम में से कोई भी आम
- 5:19इंसान वो जब कोई भी प्रोडक्ट देखता है
- 5:22सोशल मीडिया पे तो वो पहले उसको देखता है
- 5:24बार-बार उसके सामने ऐड आता है तीन चार बार
- 5:27पहली बार ऐड आता है हम नजरअंदाज कर देते
- 5:29हैं दूसरी बार तीसरी बार-बार दिखाई देता
- 5:31है तो हमें ऐसे लगता है कि भाई ये
- 5:33प्रोडक्ट अच्छी होगी या इस प्रोडक्ट के
- 5:35बारे में हमें सोचना चाहिए यानी पहले
- 5:37अवेयरनेस हमें मिल रही होती है जब हम उसके
- 5:38बारे में थोड़ा संजीदगी से सोचने लग जाते
- 5:40हैं उसकी वेबसाइट पे जाके क्लिक करते हैं
- 5:42उसकी प्राइस देखते हैं और उसके रिव्यूज
- 5:44वगैरह पढ़ते हैं तो वो कंसीडरेशन की स्टेज
- 5:46होती है। ठीक है? अब वो स्टेज ऐसी होती है
- 5:48जहां पे कस्टमर गौर फिक्र कर रहा है। फिर
- 5:51तीसरे नंबर पे जो है वो कन्वर्शन यानी कि
- 5:54हम देखते हैं कि अच्छा इसके रिव्यूज भी
- 5:55अच्छे हैं। इसके फीडबैक्स और इसकी प्राइस
- 5:58भी मुनासिब है और ये हमारे यूज़ के लिए
- 6:01बेहतर है तो हम फिर उसको खरीद लेते हैं।
- 6:03तो वो कन्वर्जन हो जाती है और खरीदने के
- 6:05बाद अगर हमें अच्छी प्रोडक्ट मिलती है, हम
- 6:07अपनी फैमिली में किसी को रेकमेंड करते हैं
- 6:08या हमें मज़द चाहिए, हम दोबारा जाते हैं तो
- 6:10ये डिटेंशन है। ठीक है? ये मैंने आसान
- 6:12अंदाज में आपको इसकी मिसाल दे दी है। अब
- 6:14कंसीडरेशन की स्टेज पे ये वो तो मैंने
- 6:16कस्टमर बनके आपको समझाया। अब अगर मैं
- 6:19बिज़नेस ओनर या फिर एक मार्केटर की तरह
- 6:21आपको समझाऊं तो अवेयरनेस की स्टेज कैसे
- 6:22चलानी है मैंने आपको समझा दी। कंसीडरेशन
- 6:25में आपको फ्री ट्रायल्स देने होते हैं।
- 6:27यानी कि मिसाल के तौर पे अगर आप कोई
- 6:28ट्रेनिंग्स दे रहे हैं तो फिर आपको कुछ
- 6:30फ्री ट्रायल क्लास जैसे कुरान एकडमी वाले
- 6:33जो है वो अपनी फ्री ट्रायल क्लासेस देते
- 6:35हैं या आप कोई स्किल सिखा रहे हैं तब भी
- 6:37आपको कोई फ्री कोर्स वगैरह करवाना होता है
- 6:39ताकि ऑडियंस को आपका जो पढ़ाने का समझाने
- 6:42का अंदाज है वो पसंद आए। इस तरह अगर आपकी
- 6:44कोई प्रोडक्ट है आप मुख्तलिफ डिस्काउंट
- 6:46ऑफर्स दे सकते हैं। 50% डिस्काउंट 60% 40%
- 6:4930% जितना भी है। ईमेल मार्केटिंग। अच्छा
- 6:51ईमेल मार्केटिंग को क्यों हम इतना प्रेफर
- 6:53करते हैं? ये पर्सनलाइज मार्केटिंग में आ
- 6:55जाती है। यानी कि ईमेल्स आपने देखा होगा
- 6:57अमूमन आपके पास जितने भी ब्रांड्स की
- 6:58ईमेल्स आती है उसमें आपका नाम वाज़ लिखा
- 7:00होता है। जैसे मेरे पास कोई ईमेल आ रही है
- 7:02तो मुझे वो कहेंगे सिद्रा आप ये खरीदना
- 7:05पसंद करेंगी। अब एक बंदा मुझे कह रहा है
- 7:07कि ये खरीद ले ये खरीद ले। कह रहा है
- 7:08सिद्रा ये आप खरीद ले। तो जाहिर है सिद्रा
- 7:11जो कह रहा है वो मुझे ज्यादा अट्रैक्ट
- 7:12करेगा क्योंकि उसको मेरा नाम पता है तो ये
- 7:14पर्सनलाइज्ड मार्केटिंग है। अच्छा
- 7:16टेस्टिमोनियल्स एंड रीिटारगेटिंग एड्स
- 7:18इसमें हम टेस्टिमोनियल लोगों को दिखा सकते
- 7:20हैं। टेस्टिममोनियल का मतलब हो जाता है कि
- 7:21कस्टमर जो आपके हैं उनके फीडबैक्स जो
- 7:24ऑलरेडी आपसे प्रोडक्ट बाय कर चुके हैं
- 7:26उनके रिव्यूज वगैरह चाहे वो रिटेल में है
- 7:27चाहे वो वीडियो की सूरत में है वो दिखाना
- 7:30लोगों को और उनप एड्स वगैरह चलाना। ठीक
- 7:31है? और रीिटारगेटिंग का मतलब ये होता है
- 7:33कि जो लोग अवेयरनेस की स्टेज में आपकी
- 7:36प्रोडक्ट्स पे या आपके पेजेस पे लाइक कर
- 7:39चुके हैं, कमिट कर चुके हैं या शेयर कर
- 7:41चुके हैं या एटलीस्ट हमारे पास डाटा होता
- 7:43है इवेंट्स हम ट्रैक करते हैं पिक्सल के
- 7:46थ्रू। पिक्सल और ये सारी चीजें जो है ये
- 7:48भी आगे मैं आपको समझाऊंगी। आपने कंफ्यूज
- 7:51नहीं होना। तो हमें आराम से पता चल रहा
- 7:53होता है कि कौन सा कस्टमर कब और कैसे हम
- 7:55तक पहुंचा है। तो हम रीटारगेट वहां से
- 7:57बड़ी आसानी से कर सकते हैं। यानी सिर्फ
- 7:59उन्हीं लोगों को हम रीटारगेट करेंगे
- 8:01कंसंट्रेशन की स्टेज में जिन लोगों ने
- 8:03हमारी प्रोडक्ट में कहीं ना कहीं कुछ
- 8:06दिलचस्पी दिखाई थी। अब यहां पे आपको क्या
- 8:10चीजें जो है वो करनी है समझनी है वो ये कि
- 8:15आपने बहुत ही कॉम्प्लिकेटेड और बहुत ही
- 8:19अजीब सी ऑफर्स नहीं देनी यानी कि ऐसी
- 8:21ऑफर्स जिनकी जिनका ना सर हो ना पैर हो
- 8:24लोगों को सही समझ में ना आ सके या फिर
- 8:26कस्टमर अगर कोई क्वेश्चंस कर रहे हैं और
- 8:28आप वो क्वेश्चन उनके जो है आंसर ना कर रहे
- 8:32हो वहां पे तो आपको जब भी आप कोई पोस्ट
- 8:34लगाए कुछ ऐड चलाए और नीचे लोगों के सवाल आ
- 8:37रहे हो तो उनके कमेंट्स में आपने अपने पेज
- 8:39की तरफ से वहीं पे रिप्लाई देना होता है।
- 8:41ठीक है? अच्छा स्टेज थ्री जो है वो सेल्स
- 8:43का है। अब सेल्स की स्टेज ऐसी है क्योंकि
- 8:46कंसीडरेशन में लोगों ने गौर फिक्र कर ली।
- 8:48अब स्टेज थ्री में वो आपसे बाय करेंगे।
- 8:51आपने क्या करना है? स्ट्रांग सीटीएस डालने
- 8:53हैं। सीटीए का मतलब ये होता है कॉल टू
- 8:55एक्शन। स्ट्रांग सीटीए का वैसे कॉल टू
- 8:58एक्शन हम कहते हैं। मिसाल के तौर पे आपने
- 9:00एक ऐड चलाया। आपने उसके नीचे लिखा ये
- 9:02प्रोडक्ट मैं मैं कहती हूं उमजा का एक
- 9:04खिलौना है इस्लामिक टैप मैं कहती हूं कि
- 9:06आप अगर आज के दौर में अपने बच्चों को
- 9:08कुरान और हदीस से जोड़ना चाहते हैं उनको
- 9:10अल्लाह और अल्लाह के रसूल की बातें सिखाना
- 9:12चाहते हैं उनको मसून दुआएं नमाज कलमे
- 9:14वगैरह बेहतरीन तलफुस के साथ सिखाना चाहते
- 9:17हैं और ये सब आप चाहते हैं कि बच्चा खेल
- 9:18खेल में सीख ले आपको तंग भी ना करे तो आप
- 9:21हमारा इस्लामिक टैब आर्डर करें जो कि
- 9:22सिर्फ ₹1499 का है। वो भी आज की लिमिटेड
- 9:26ऑफर में। आज रात तक अगर आप यह बाय करते
- 9:28हैं तो आपको 1499 के साथ फ्री होम डिलीवरी
- 9:31मिलेगी। लेकिन अगर आप बाद में इसको बाय
- 9:33करेंगे तो यह 1899 का और साथ में आपको 150
- 9:37या 200 डिलीवरी भी देनी पड़ेगी। अब अगर
- 9:40मैं सिर्फ ऐड करती हूं कि प्लीज WhatsApp
- 9:43दिस नंबर या प्लीज विजिट आवर वेबसाइट तो
- 9:46वो नॉर्मल सिटी होगा। लेकिन मैं कहती हूं
- 9:48कि नहीं ये लिमिटेड टाइम ऑफर है। और आज के
- 9:51आज अगर आप ऑर्डर करते हैं तो आपको ये
- 9:52डिस्काउंट और ये चीज मिलेगी। तो यह
- 9:54स्ट्रांग सीटी है मैंने डाल दिया है। अब
- 9:56जो है ज्यादा चांसेस है सेल के। ठीक है?
- 9:59अब यह बार-बार भी नहीं करना। आपने
- 10:01स्ट्रांग सीटी आप अपनी हर पोस्ट में डाल
- 10:02रहे हो कि बस ये लास्ट ऑफर है, ये लास्ट
- 10:04ऑफर है। इससे भी आपका इंपैक्ट नेगेटिव
- 10:06जाता है। तो आपको स्ट्रांग सीटीएस भी
- 10:08कभी-कभी डालने होते हैं। अच्छा लिमिटेड
- 10:10टाइम ऑफर्स ये मैंने आपको समझा दिया है।
- 10:12इजी चेक आउट प्रोसेस अगर आप वेबसाइट पे
- 10:14सेल्स चला रहे हैं सेल का ऐड तो आपको चेक
- 10:17आउट वहां पे ऑर्डर जो प्लेस करने का तरीका
- 10:20है ना और जो आर्डर वहां प्लेस करके बाहर
- 10:22आने का तरीका वो बहुत ही आसान रखना होगा।
- 10:24कोई मुश्किल चीजें वहां पे आप ना पूछें
- 10:26कस्टमर से ना ही कोई लंबी चौड़ी डिटेल्स
- 10:28लें क्योंकि इससे कस्टमर फेड अप हो जाता
- 10:30है। अपसे सेलिंग एंड क्रॉस सेलिंग कि आप
- 10:32अगर वेबसाइट पे सेल्स का ऐड चला रहे हैं
- 10:35तो आपको साथ मजीद जो है कुछ और प्रोडक्ट्स
- 10:38भी आप दिखाते रहे। जैसे हम आप डिफरेंट
- 10:40वेबसाइट्स पे जब जाते हैं प्रोडक्ट बाय
- 10:43करने तो आपको साथ नजर आ रहा होता है कि
- 10:45अच्छा ये इससे रिलेटेड प्रोडक्ट है। आप ये
- 10:46भी खरीद लें। ये इससे रिलेटेड तो अपसेलिंग
- 10:48एंड क्रॉस सेलिंग का मतलब ये होता है कि
- 10:50उससे मिलती जुलती प्रोडक्ट्स भी साथ सेल
- 10:52कर देना। यानी जैसे एक लतीफा भी मशहूर है
- 10:55कि एक बंदा जो है वो सर दर्द की टेबलेट
- 10:58लेने गया एक स्टोर से और उसने वहां जाकर
- 11:01कहा कि मुझे सर दर्द की टेबलेट चाहिए। तो
- 11:04स्टोर वाले ने कहा कि जी आप क्यों लेना
- 11:07चाहते हैं? सेल्समैन था। बहुत बड़ा स्टोर
- 11:09था कोई बाहर की कंट्री का। तो यानी वहां
- 11:12सुई से लेकर जहाज तक सब कुछ मौजूद था। तो
- 11:14उसने कहा कि मुझे ना बीवी बहुत तंग कर रही
- 11:17है। इस वजह से मेरे सर में बड़ा दर्द है
- 11:19यार। मुझे कोई टेबलेट दे दो। तो सेल्समैन
- 11:22ने कहा कि आप बीवी अगर तंग करती है तो आप
- 11:24अपनी बीवी को मशरूफ करो। उसने कहा मैं
- 11:26कैसे मशरूफ करूं? उसने कहा आप उसको
- 11:28मछलियां पकड़ने पे लगाओ। आप उसको जो है ये
- 11:31इस एक्टिविटी में लगाओ तो आपका जो आपको वो
- 11:35तंग करती है ना तो वो खत्म हो जाएगा। उसने
- 11:37कहा अच्छा फिर उसके लिए मुझे क्या करना
- 11:38होगा? उसने कहा आपको मछलियां पकड़ने वाले
- 11:40कांटे वगैरह चाहिए होंगे जो जाल वगैरह
- 11:42होते हैं। उसने कहा ठीक है मैं जाल खरीद
- 11:44लेता हूं। जाल और ये चीजें खरीदी। तो उसने
- 11:45कहा सेल्समैन ने लेकिन आपकी बीवी को अगर
- 11:49आप ज्यादा दूर भेजना चाहते हैं ना तो आपको
- 11:51साथ में कोई ना कोई और चीज भी खरीदनी
- 11:53चाहिए। जैसे कोई शिप वगैरह जिससे आपकी
- 11:55बीवी उस पे बैठ के समंदर में दूर तक जा
- 11:57सके और आपका सर जो है वो दर्द से बच सके।
- 12:01तो उसने कहा ठीक है उसने एक शिप भी खरीद
- 12:02लिया। इस तरह उसने ना अपसेलिंग क्रॉस
- 12:04सेलिंग के थ्रू काफी ज्यादा चीजें उसको
- 12:06बेच दी। यानी कि आप इसी से उस कस्टमर का
- 12:08यह एक लतीफा सा मशहूर है। लेकिन हम लोग
- 12:10इसको अपनी मार्केटिंग की दुनिया में बड़ा
- 12:12जबरदस्त एक मिसाल के तौर पे लेते हैं कि
- 12:14आप उस बंदे की चालाकी देखें सेल्समैन की।
- 12:18बंदा आया है सर के दर्द की गोली लेने। और
- 12:20उसने उसको जहाज भी भेज दिया, शिप भी भेज
- 12:22दिया छोटा जो प्राइवेट होते हैं। क्यों?
- 12:25क्योंकि उसकी जुबान की ताकत और उसने अपने
- 12:28बोलने के अंदाज को इस तरह रखा हुआ था कि
- 12:30अगला बंदा उससे मुतासिर हो सके। तो आप
- 12:33आपसे क्रॉस सेलिंग में जाहिर है अब आप
- 12:35सामने बोल तो नहीं रहे होते कस्टमर के तो
- 12:37आप उनको ऐसे अट्रैक्टिव ऑफर्स दे रहे होते
- 12:39हैं कि अच्छा ये भी आपके काम की चीज है ये
- 12:41भी आपके काम की चीज है ये खरीद ले लेकिन
- 12:42ये करना कैसे है सारा ये हम पे छोड़ दें
- 12:44हम आपको समझाएंगे ठीक है अच्छा स्टेज फोर
- 12:46में रिटेंशन है रिटेंशन का मतलब ये होता
- 12:48है कि कस्टमर एक बार आपसे खरीदा और अब
- 12:51कस्टमर को बरकरार रखना यानी यूं तो नहीं
- 12:53है ना कि आपने एक प्रोडक्ट एक बार बेच दी
- 12:54बस दोबारा अब आपने नहीं बेचनी उसको मिसाल
- 12:57के तौर पे आप शैंपू बेच रहे हैं ऑर्गेनिक
- 13:00शैंपू आप ऑर्गेनिक ऑयल बेच रहे आप आप अचार
- 13:03बेच रहे हैं, आप देसी घी बेच रहे हैं। आप
- 13:05शहद बेच रहे हैं। आप कपड़े बेच रहे हैं।
- 13:06आप खिलौने बेच रहे हैं। आप कुछ भी बेच रहे
- 13:07हैं। ऐसी चीज कम से कम ये ऐसी चीजें हैं
- 13:10कि लोगों को बार-बार जरूरत पड़ती है। तो
- 13:12अब वो बार-बार हमारे पास पक्के हमारे
- 13:14कस्टमर कैसे बनेंगे? तो वो पक्के कस्टमर
- 13:16आपके बनते हैं। लॉयल्टी प्रोग्राम्स।
- 13:17लॉयल्टी प्रोग्राम्स का मतलब ये होता है
- 13:19कि लॉयल्टी का मतलब होता है वफादारी। तो
- 13:21यानी जो आप आप उनको ऑफर्स दें कि अगर आप
- 13:23हमसे अगली बार खरीदेंगे तो हम आपको इतना
- 13:25डिस्काउंट देंगे। अगर उससे अगली बार
- 13:26खरीदेंगे तो इतना डिस्काउंट देंगे। यानी
- 13:28सम हाउ उनको स्पेशल फील करवाएं। उनको जो
- 13:31है ताकि वो आपके ब्रांड के साथ आपके
- 13:33बिज़नेस के साथ लॉयल रहें। फीडबैक उनसे
- 13:35लेते रहें और फीडबैक मुसलसल के सर आपको
- 13:38हमारी प्रोडक्ट मिल गई। आपको कैसी लगी? आप
- 13:40अपना रिव्यु जरूर दीजिए। अगर आपको कुछ
- 13:42बुरा लगा है तब भी आप हमें बताइए कि हम
- 13:44अपनी प्रोडक्ट में अपनी सर्विस में बेहतरी
- 13:46लाएंगे। ठीक है? रेगुलर इंगेजमेंट आप उनको
- 13:49उनके साथ इंगेज्ड रहें। उनको अगर उनका कोई
- 13:52सवाल वगैरह है तो उसका जवाब देते रह।
- 13:53आफ्टर सेल्स सपोर्ट का यही मतलब होता है
- 13:55कि अगर उनको खुदा ना खास्तास्ता आपकी
- 13:57प्रोडक्ट में कोई इशू आ रहा है तो उसको
- 13:58सॉल्व करें। अच्छा यहां पे बहुत सारे लोग
- 14:00ऐसे भी करते हैं कि अगर उनकी प्रोडक्ट में
- 14:02खुदा ना खास्ता कोई इशू है। कस्टमर ने अगर
- 14:04उसकी शिकायत की है तो वो आगे से रिप्लाई
- 14:07देना छोड़ देंगे। डर जाएंगे कि ये तो वापस
- 14:09आ रही है। हमारा तो नुकसान हो जाएगा या
- 14:11कस्टमर कहता है मुझे ये चीज पसंद नहीं आई।
- 14:12मुझे अपने पैसे वापस दे दे तो तब भी बहुत
- 14:15ज्यादा डर जाना। नहीं भाई ये ऐसे नहीं
- 14:17चलता। आफ्टर सेल्स स्पोर्ट में ये कस्टमर
- 14:20केयर में ये चीज बहुत ही ज्यादा जरूरी है
- 14:21और आपको कस्टमर का ख्याल रखना होता है। और
- 14:24अगर कोई कस्टमर आपको कोई चीज वापस कर रहा
- 14:26है तो आपको उसको वापस ले लेना चाहिए। आप
- 14:28उसको पैसे दे दें। बेशक अभी फिलहाल वक्त
- 14:30तौर पे आपका नुकसान होगा। लेकिन वही
- 14:31कस्टमर पूरे खानदान को आपकी तरफ रेफर
- 14:33करेगा कि यह बंदा जो है इतना लॉयल है।
- 14:35इसने मुझे ये ऑफर इतना जो है वो पैशनेट है
- 14:38और इतना ईमानदार है कि इसने मुझे ये ऑफर
- 14:40दी थी और मुझे ये पसंद नहीं आई और मैंने
- 14:42ये वापस किया तो उसने मुझे सारे पैसे वापस
- 14:44कर दिए। इसका मतलब है बंदा ईमानदार है।
- 14:45इससे दूसरे प्रोडक्ट्स खरीदने चाहिए। जैसे
- 14:47मिसाल के तौर पे मैं अब ऑफर देती हूं कि
- 14:49जी मेरे डिजिटल मार्केटिंग या सोशल मीडिया
- 14:51मार्केटिंग के स्टूडेंट्स अगर 10 लेक्चर्स
- 14:53में मुतम नहीं होते तो वो फीस रिफंड करवा
- 14:54सकते हैं फुली। तो सम हाउ हमारे पास एक दो
- 14:57केसेस ऐसे आ जाते हैं हर बैज में जो जो
- 14:59कहते हैं कि मैम हमारा ये इशू है या हमें
- 15:02ये समझ नहीं आ रही तो हम मतलब फीस रिटर्न
- 15:05करवाना चाहते हैं। अब अगर मैं इस बात पे
- 15:07अटक जाऊं कि नहीं नहीं मुझे तो फीस वापस
- 15:08नहीं करनी और मैंने 10 लेक्चर्स की तो ऐसे
- 15:10ही बात कर दी थी। आपने 10 लेक्चर्स तो
- 15:12हमारे ले लिए हैं। अब क्यों हम फीस वापस
- 15:13करें? तो ये गलत बात है। ये मैं अपनी
- 15:16जुबान से फिर रही हूं। तो डेफिनेटली
- 15:17अल्हम्दुलिल्लाह आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ।
- 15:19हम फीस वापस करते हैं और वही स्टूडेंट्स
- 15:21हमारे 10-10 2020 मज़द स्टूडेंट्स को ऐड
- 15:23करवा देते हैं कि भ ये बंदी अपनी बात की
- 15:25पक्की है। ये जो कहती है वो करती है। तो
- 15:28अच्छा यहां से आपने ये मोटिवेशन नहीं लेनी
- 15:30कि हमें मुश्किल लगेगा तो हम छोड़ देंगे।
- 15:32मोटिवेशन के लिए मैं आपको सिर्फ ये बता
- 15:34रही हूं कि आप एक मार्केटर हो आप चाहे एक
- 15:36बिज़नेस ओनर हो आप कोई भी हो आपको अपनी
- 15:38जुबान पे पक्का रहने का अह ये आपका होना
- 15:41चाहिए। यही आपकी जो है वो ऑनेस्टी को शो
- 15:43करता है और यही आपकी ग्रोथ में भी मदद
- 15:45देता है। ठीक है? तो ये चीजें आपने इसको
- 15:48अच्छे तरीके से समझनी है। अच्छा इसके बाद
- 15:50ना कस्टमर साइकोलॉजी इन डिजिटल
- 15:52मार्केटिंग। ये हम देखते हैं कि कस्टमर की
- 15:54नफसियात क्या होती है मार्केटिंग में।
- 15:56अच्छा सबसे पहली चीज़ स्केरसिटी आती है कि
- 15:58आप कस्टमर को ना कमी का एहसास दिलाना।
- 16:00कस्टमर की नफ़्सियात पता है क्या है? आप एक
- 16:02चीज ना उसके सामने बार-बार बताएं कि ये
- 16:04चीज जो है हमारे पास बहुत ज्यादा मौजूद है
- 16:07तादाद में और आप हमसे खरीद सकते हैं।
- 16:09मिसाल के तौर मैं कहती हूं इस्लामिक टैब
- 16:10हमारे पास बहुत ज्यादा मौजूद है भाई
- 16:12कुरानिक टैब और आप जितने मर्जी ऑर्डर करें
- 16:14जितने मर्जी खरीदें तो लोग इसको कैजुअल
- 16:16लेंगे। लेकिन मैं अगर वही पोस्ट लगा दूं
- 16:18कि भाई आखिरी 10 पीस रह गए हैं और इसके
- 16:20बाद हमारे पास ये स्टॉक खत्म हो जाएगा और
- 16:22ये ऑफर भी नहीं रहेगी तो खरीद रहे हैं तो
- 16:24आप खरीद लें। आप यकीन करें वो 10 के 10 1
- 16:26मिनट में सेल हो जाएंगे। 10 क्या 10,000
- 16:28भी सेल हो जाएंगे। क्यों? 1 मिनट सॉरी मैं
- 16:30कह रही हूं एक दिन में। क्यों? क्योंकि
- 16:32लोगों को यह कस्टमर की नफ्सियात होती है।
- 16:34उसको लगता है यह चीज़ ख़ हो जाएगी। मुझे
- 16:36पहले खरीद लेनी चाहिए। ठीक है? इस तरह
- 16:38सोशल प्रूफ रिव्यूज और तारीफें जो है वो
- 16:41कस्टमर को पूरा एतमाद करती है और कस्टमर
- 16:43को मजबूर करती है कि वो उनसे प्रोडक्ट
- 16:45खरीदे। तो जितने रिव्यूज जितनी आप लोगों
- 16:48के फीडबैक्स दिखा ऑनेस्ट फीडबैक। मैं आप
- 16:51मेरे शागिर्द है और आपने इस चीज को हमेशा
- 16:54ज़हन में रखना है कि कभी भी लोगों से गलत
- 16:56बयानी नहीं करनी। आप मुझसे पढ़ेंगे। मुझसे
- 16:58सीखेंगे। आप ये चीज मेरे अंदर जरूर
- 17:00पाएंगे। कि इवन हमारे स्टूडेंट्स रिव्यूज
- 17:02भी देते हैं ना अल्लाह की जात गवाह है।
- 17:04मैंने कभी उनको नहीं कहा कि आप हमें
- 17:06मुबालगा आराई करें या आप मैं कहती हूं
- 17:08बच्चे अगर आपका दिल कर रहा है रिव्यु देने
- 17:10को आप ऑनेस्ट जो फील कर रहे हैं आपको दिल
- 17:13की खुशी से जो फील हो रहा है आप वो बताएं।
- 17:15कुछ मुबालगा आराई नहीं करें। कुछ झूठ नहीं
- 17:17बोले। झूठ आपका एक दिन काम आएगा। दो दिन
- 17:20काम आएगा। झूठ के कोई पांव नहीं होते। झूठ
- 17:23आपको कहीं ना कहीं पे जरूर शर्मिंदा कर
- 17:25देता है। तो आप सच के साथ चलें। ठीक है?
- 17:27अच्छा सोशल प्रूफ फिर रिव्यूज और तारीफें
- 17:30वगैरह कस्टमर की अगर ऑनेस्ट वो चीजें हैं
- 17:32तो वो भी लोगों को कस्टमर को बड़ा
- 17:33अट्रैक्ट करती हैं। अच्छा एक और
- 17:35मार्केटिंग टर्म है फोमो एफ ओ एम ओ अच्छा
- 17:38अब फोमो क्या है? फियर ऑफ़ मिसिंग आउट। एफ
- 17:41फॉर फियर ओ फॉर ऑफ एम फॉर मिसिंग एंड ओ
- 17:44फॉर आउट। फियर ऑफ़ मिसिंग आउट। ये भी जैसे
- 17:47ऊपर वाली हमने पढ़ी है ना जिसमें कमी का
- 17:49एहसास है। इसी तरह फियर ऑफ मिसिंग आउट कि
- 17:53आज की ये आखिरी डील है। आज का ये आख आखरी
- 17:56स्टॉक है। आज की ये लास्ट ऑफर है। तो ये
- 17:58भी एक बड़ी जबरदस्त मार्केटिंग ट्रिक है
- 18:01जो कि डिजिटल मार्केटिंग में यूज़ की जाती
- 18:04है। अच्छा पर्सनलाइजेशन एंड इमोशनल
- 18:07मार्केटिंग में हमने पढ़ा है ईमेल की।
- 18:09जैसे कि आप पर्सनलाइज किसी को मैसेज कर
- 18:11दें या पर्सनलाइज किसी को ईमेल कर दें के
- 18:14या उनको कोई नोटिफिकेशन वगैरह भेज दें या
- 18:16इमोशनल वे में कि भ जैसे मैंने अभी थोड़ी
- 18:19देर पहले इमोशंस का जिक्र किया कि भ आप
- 18:21अपने बच्चे को कुरान और हदीस के साथ
- 18:22जोड़ना चाहते हैं तो जाहिर है इस्लामी
- 18:24मुल्क है हर मां-बाप चाहते हैं कि वो अपने
- 18:26उनके बच्चे जो है वो इस्लामिक एजुकेशन जो
- 18:28है वो ले हासिल करे उनका कुरान अच्छा हो
- 18:30उनका तलफुज अच्छा हो तो ये एक इमोशंस के
- 18:33थ्रू में उनके साथ कनेक्ट होने की कोशिश
- 18:35कर रही थी और इनफ्लुएंसिंग कस्टमर डिसीजन
- 18:39के कस्टमर को बार-बार जब आप दिखाते हैं
- 18:41कोई भी प्रोडक्ट वगैरह तो वो उनके डिसीजन
- 18:43पे इन्फ्लुएंस करती है और वो आपकी
- 18:45प्रोडक्ट जो है वो खरीदते हैं। तो ये
- 18:46कस्टमर की साइकोलॉजी मैंने मुख्तसरन आपको
- 18:49बताई है। अच्छा
- 18:51यहां पे मैं एक केस स्टडी डिस्कस करती हूं
- 18:53आपके साथ उमाइजास की। मिसाल के तौर पे मैं
- 18:56इसी इस्लामिक टैब को ही लेती हूं के हम
- 18:59लोगों ने इसकी अवेयरनेस से रिटेंशन की
- 19:01स्टेज कैसे बनाई। अवेयरनेस की स्टेज हमने
- 19:03ऐसे बनाई कि हमने इस्लामिक टैब के कुछ ऐड
- 19:06क्रिएटिव्स बनाए। कुछ तस्वीरें अच्छी बनाई
- 19:07और तस्वीर से भी ज्यादा हमने इसकी रील्स
- 19:09बनाई, वीडियो एड्स बनाए। ठीक है? वो
- 19:11वीडियो एड्स उनप हमने अवेयरनेस के ऐड चला
- 19:13दिए। हमने ऑल ओवर पूरे पाकिस्तान में
- 19:15ऑडियंस को टारगेट किया और हमने देखा
- 19:16कौन-कौन लोग जो है वो हमारे साथ कनेक्ट हो
- 19:19रहे हैं। अब वहां से देखा कि जितने लोग
- 19:21इंगेजमेंट शो कर रहे थे। वाओ माशा्लाह गुड
- 19:24और कुछ प्राइस पूछ रहे थे उन सबका हमने
- 19:26डाटा जमा किया और उनको दोबारा रीिटारगेट
- 19:29करके हमने उसकी कंसीडरेशन यानी कि उनकी
- 19:32इंगेजमेंट की और सेल्स की ऐड चला दी। वहां
- 19:35से लोगों ने दोबारा उस पे गौर फिक्र किया
- 19:36कि अच्छा ये प्रोडक्ट पहले भी हमने देखी
- 19:38थी। इसकी प्राइस पूछी थी दोबारा आ रही है।
- 19:40फिर इस पे लिमिटेड टाइम ऑफर्स भी लगी हुई
- 19:41है। डिस्काउंट ऑफर्स स्ट्रांग सीटीएस ऐड
- 19:44है। अब हमें ये खरीद लेनी चाहिए। अब उनमें
- 19:46से जितने लोगों ने भी खरीदी कम से कम दो
- 19:48लोग ऐसे थे जिन्होंने कहा कि हमारे पास
- 19:50टैब पहुंचा है और ये चल नहीं रहा। तो हमने
- 19:52क्या किया? हमने उनको कहा कि ये ये तरीके
- 19:54हैं इसको चलाने के। ऐसे करें। आप वीडियो
- 19:57कॉल पे लेके या वीडियो बना के भेजें। अगर
- 19:59फिर भी नहीं चलता तो आप यह हमें हम आपको
- 20:02डिलीवरी चार्जेस देंगे। यह हमें वापस दे
- 20:03दे। हम आपको नया बेच देंगे और अगर आप यह
- 20:06नया नहीं लेना चाहते आप कोई दूसरा खिलौना
- 20:08भी ले सकते हैं। अब इस चीज ने कस्टमर को
- 20:10बहुत ज्यादा इंप्रेस किया कि अच्छा
- 20:12रिटेंशन स्टेज थी ये कि भाई ये तो बहुत
- 20:14अच्छी चीज है कि ये लोग अपनी गलती भी मान
- 20:16रहे हैं और मुझे दोबारा प्रोडक्ट भी बेचने
- 20:18के लिए रेडी है। बल्कि मुझे कहते हैं कोई
- 20:19दूसरा खिलौना आप लेना चाहते हैं तो वो भी
- 20:21ले सकते हैं इसके बदले। यानी जरूरी नहीं
- 20:22है सिर्फ इस्लामिक टैब ही आप ले। तो इस
- 20:24तरीके से उस कस्टमर ने अपने बेटे के लिए
- 20:26एक कार खरीदी थी शायद और एक वो गन थी जो
- 20:30बबल गन होती है वो खरीदी थी। तो इस तरीके
- 20:32से आपके पास जो है एक पूरा आप जब फनल से
- 20:37गुजार के कस्टमर को अपने पास लाते हैं तो
- 20:39कस्टमर इमोशनली आपके साथ बहुत ज्यादा अटैच
- 20:42हो जाता है और वो आपको छोड़ना नहीं चाहता।
- 20:44ठीक है? अच्छा आज का जो लेक्चर है वो होप
- 20:47सो आपको समझ आया होगा। आज के जो क्वेश्चन
- 20:50है वो ये है कि व्हाट आर द की मेथड्स टू
- 20:53क्रिएट अवेयरनेस? अवेयरनेस क्रिएट करने के
- 20:55बड़े मेथड्स क्या है? ये मैंने पीछे पढ़ाए
- 20:58हैं आपको अभी। एंड व्हाट टू अवॉइड
- 20:59ड्यूरिंग कंसीडरेशन? ड्यूरिंग कंसीडरेशन
- 21:01क्या चीज आपको अवॉइड करनी चाहिए और व्हाट
- 21:03डस फोमो मीन अब ये तीनों चीजें पीछे
- 21:06लेक्चर अगर आपने अच्छे से सुना होगा तब भी
- 21:07आपको आएंगे अगर फिर भी आप कंफ्यूज हो रहे
- 21:09हैं कोई मसला नहीं है चैट जीबीटी पे जाए
- 21:11फ्री वेबसाइट Google पे सर्च करें चैट
- 21:13जीबीटी वो आपको देख वहां पे चैट जीबीटी के
- 21:16साथ चैट का ऑप्शन दिखाई देगा वहां पे ये
- 21:18तीनों क्वेश्चन लिखें आपको पूरे आंसर आ
- 21:20जाएंगे उन आंसर को कॉपी करें और ग्रुप में
- 21:21पेस्ट कर दें। अब मैं आपको कॉपी पेस्ट
- 21:23नहीं सिखा रही। मैं सिर्फ आपको यह बताना
- 21:25चाह रही हूं कि जब आप खुद से सर्च करके इस
- 21:27चीज को दोबारा से गौर से देखेंगे,
- 21:28लिखेंगे, आपके हाथ से, आपकी नजर से ये
- 21:31सवाल गुजरेंगे, तो आपके ज़हन में ये चीजें
- 21:33पक्की हो जाएंगी। और जब आपके ज़हन में ये
- 21:35चीजें पक्की हो जाएंगी, तो आप कभी भी इनको
- 21:37नहीं भूलेंगे और आप एक बेहतरीन मार्केटर
- 21:39बनेंगे इंशा्लाह ताला। दैट्स व्हाई मैं
- 21:41आपको ये दे रही हूं। अच्छा ये हमारे पहले
- 21:43दो लेक्चर जो थे जिसमें मैंने आपको कुछ
- 21:44बेसिक चीजें समझाई हैं। आगे हमारे cवा के
- 21:47लेक्चर शुरू हो रहे हैं। cवा के पहले
- 21:48मोबाइल के हैं फिर लैपटॉप के हैं। फिर कुछ
- 21:50आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के टूल्स वगैरह
- 21:51हमें सीखने हैं। तो ये सारी बेसिक्स आपको
- 21:54सिखाने के लिए आपकी बेस बनाने के लिए
- 21:56क्योंकि कस्टमर जब क्लाइंट आपके पास आता
- 21:59है और आपको फ्रीलांसिंग का कहता है वो
- 22:00आपको कहता है मेरे बिज़नेस को संभालो। तो
- 22:02वो ऐसे नहीं कहता कि आप सिर्फ मार्केटिंग
- 22:03करो। वो कहता है आप ग्राफिक्स भी बनाओ। आप
- 22:05हमारे लिए कंटेंट भी लिखो और आप फिर उसप
- 22:07ऐड भी चलाओ। तो फिर आप ग्राफिक्स कहां से
- 22:09बनाओगे? अगर आपको नहीं आती तो इस वजह से
- 22:11हम लोग cवा सिखाते हैं क्योंकि cवा आसान
- 22:13भी है, फ्री भी है और मजे का भी है,
- 22:15दिलचस्प भी है। बहुत सारे इसमें टेंप्लेट
- 22:17भी पाए जाते हैं। तो आपके लिए इसमें
- 22:19मुश्किल नहीं होगी। तो खुदारा वो लोग जो
- 22:21कि cवा को थोड़ा बहुत जानते हैं या एडवांस
- 22:23ग्राफिक डिजाइनिंग जिनको आती है या थोड़ा
- 22:25बहुत एडवांस नॉलेज रखते हैं तो आप लोग
- 22:27परेशान मत होइएगा। जैसे ही ये cवा की और
- 22:30इसके लेक्चर्स खत्म होंगे आगे दोबारा फिर
- 22:31से मेरे लेक्चर्स शुरू हो जाएंगे
- 22:33इंशाल्लाह क्योंकि मैं cवा एक्सपर्ट नहीं
- 22:34हूं। cवा मेरी दूसरी जो ट्रेनर है दूसरी
- 22:38टीम मेंबर वो आपको सिखाएंगी जो इस फील्ड
- 22:40के एक्सपर्ट हैं। मैं अगर खुद आपको cवा
- 22:43सिखाती तो ये आपके साथ ज्यादती होती
- 22:44क्योंकि मैं cवा पे काम नहीं करती। मेरा
- 22:48शुरू मैंने जहां से किया था वहां पे मेरे
- 22:50साथ मेरे छोटे भाई ग्राफिक डिज़र थे। तो हम
- 22:53दोनों मिलके मार्केटिंग के जो प्रोडक्ट्स
- 22:55है वो ले लेते और आगे फ़दर अब तो यह लेवल
- 22:57है अल्हम्दुलिल्लाह अल्हम्दुलिल्लाह कि अब
- 22:59तो लाखों का बजट भी हम क्लाइंट को कहे तो
- 23:00वो आराम से दे देते हैं। लेकिन जब आपका
- 23:02शुरू वाला स्टेज होता है तो देन आपको
- 23:04मुश्किल होती है। क्लाइंट इतना बजट एलोकेट
- 23:06नहीं कर रहे होते। 500 टोटल दे रहे होते
- 23:08हैं। उसमें आप ग्राफिक डिज़ाइनर हायर
- 23:09करेंगे या आप खुद लेंगे वो पैसे। इस वजह
- 23:11से हम cवा अपने स्टूडेंट को सिखाते हैं।
- 23:13और cवा की एक सक्सेस स्टोरी हमारे पास है।
- 23:15बस मैं लास्ट करती हूं। हमारे एक स्टूडेंट
- 23:17साकिब क़तर से हैं और उन्होंने हमसे
- 23:20डिजिटल मार्केटिंग कोर्स किया। बैच थ्री
- 23:21में थे वो और वो cवा हमने उनको सिखाया
- 23:25पढ़ाया। तो कैनवा पहले वो बिलकुल नहीं
- 23:26जानते थे। हमने उनको सिखाया और उसमें हमने
- 23:28उनको सीवी वगैरह बनानी भी सिखाई। तो
- 23:30उन्होंने क्या किया? वहीं से सीवी की
- 23:33सर्विज देनी शुरू कर दी कैनवा पे ही और
- 23:35क़तर में और अच्छी खासी मतलब वो इसी में
- 23:37ग्रो करते गए। फिर उन्होंने सीवी बनाने का
- 23:39एडवांस लेके भी सीख लिया और बहुत कुछ और
- 23:41माशा्लाह उसी सिर्फ सीवी बनाने से ही
- 23:42उन्होंने विद इन फ्यू मंथ अपनी गाड़ी भी
- 23:44वं कतर में खरीद ली और अच्छी खासी लाखों
- 23:46में उन्होंने अर्निंग की। सिर्फ cवा से।
- 23:48तो cवा को इतना आपने अंडरएस्टिमेट भी नहीं
- 23:51करना। मेरी अब ये जो आपको प्रेजेंटेशंस
- 23:52दिखाई दे रही हैं जो मैं लेक्चर्स आपके
- 23:54तैयार करती हूं ये भी मैं cवा में ही
- 23:55स्लाइड्स बनाती हूं। तो ये क्योंकि क्विक
- 23:57बन जाता है जल्दी बन जाता है। आसान है तो
- 23:59आपके लिए मसला नहीं होता। आपको cवा का
- 24:02मुकम्मल प्रोसीजर जो है वो समझा दिया
- 24:03जाएगा और आगे फिर अगले लेक्चर्स में मैं
- 24:05आपको दोबारा मिलूंगी इंशाल्लाह ताला। अपना
- 24:08बहुत सारा ख्याल रखिएगा। अपनी असाइनमेंट्स
- 24:10आपने वक्त पे करनी है और रोजाना की
- 24:12लर्निंग रोजाना लेनी है। हम बहुत ही मजे
- 24:15का और दिलचस्प सफर ये शुरू कर चुके हैं और
- 24:17इंशाल्लाह आप इसमें बहुत कुछ सीखेंगे।
- 24:19अपना फीडबैक लाजमी दीजिएगा। आपका फीडबैक
- 24:22एक टीचर को जो है बहुत आगे लेके जाता है
- 24:25और एक टीचर की जो एनर्जी है उसको बढ़ाता
- 24:27है। आपके फीडबैक का मुझे इंतजार रहेगा कि
- 24:29आपको ये पहले दो लेक्चर कैसे लगे हैं। आप
- 24:31इस हवाले से Facebook पे भी कोई रिव्यु
- 24:33लिखना चाहें तो आप बिल्कुल लिख सकते हैं।
- 24:34बिल्कुल आजाद हैं कि आपने क्या सीखा, क्या
- 24:36पढ़ा? अपना बहुत सारा ख्याल रखिएगा। थैंक
- 24:38यू सो मच। अल्लाह हाफिज। और मुझे टैग कर
- 24:40दीजिएगा अगर आप Facebook पे कुछ लिखे इस
- 24:42हवाले से तो। अल्लाह हाफिज।
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This page contains the full transcript of SM Oct Lecture No 2 || Introduction to digital marketing Part 2 by Sidra Naseem(STB), generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 5,401 words across 663 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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