SEBI Act 1992 & Regulations (LODR, ICDR, SAST, PIT 2015)| SPOM Set A Law CA Final | CA Hemant Somani — Transcript
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- 0:00हां जी हां जी हां जी हां जी दोस्तों
- 0:02सुस्वागतम सर आज की अपनी कक्षा के अंदर तो
- 0:05सर जिनको नहीं पता अपना चल रहा है हां जी
- 0:08सर जिनको नहीं पता अपना चल रहा है स्पर्म
- 0:11का हां जी सर स्पर्म का बिल्कुल फ्री फ्री
- 0:13फ्री वाला बैच वो भी पूरा का पूरा YouTube
- 0:16पे हां जी सर इसके अलावा आपको और किसी भी
- 0:19चीज की रिक्वायरमेंट नहीं होगी स्पर्म के
- 0:20अंदर बस ये बैच देख लो चुपचाप काम हो
- 0:22जाएगा और सर बैच का टारगेट क्या है जिनको
- 0:24नहीं पता सर अपन बैच कंप्लीट करा देंगे 30
- 0:27टू 40 आवर्स के अंदर हां जी सर 30 टू 40
- 0:30आवर्स में अच्छे से सब कुछ हो जाएगा। ठीक
- 0:33है? चलो आइए शुरू करते हैं। सर आज अपन
- 0:37क्या करने वाले हैं? सर आज अपन करने वाले
- 0:39हैं सेबी एक्ट एंड सेबी रेगुलेशंस।
- 0:42सर बहुत ही बहुत ही बहुत ही बड़ा चैप्टर।
- 0:45मतलब पूरे के पूरे स्पर्म का सबसे बड़ा
- 0:48चैप्टर ये अकेला है। ठीक है? अब तुम मानो
- 0:5114 चैप्टर टोटल है। उसके अंदर टोटल मेरी
- 0:53बुक बनी है 280 पेजेस की। तुमको फ्री में
- 0:55मिल जाएगी ये वाली बुक भी। ठीक है? उसके
- 0:57अंदर से अप्रोक्स 60 से 70 पेजेस केवल एक
- 1:00चैप्टर के। अब तुम सोचो कितना बड़ा चैप्टर
- 1:02है। ठीक है? बहुत बड़ा चैप्टर है। तो सर पर
- 1:06ये साथ में वेटेज भी तो रखता है। ये वेटेज
- 1:09आप मान के चलो 15 से 20 मार्क्स का वेटेज
- 1:11ये चैप्टर आपका ऑन एन अप्रोक्स रखता है।
- 1:1315 से 20 मार्क्स का वेटेज आपका रखता है।
- 1:15हालांकि वो आईसीआई पे डिपेंड करता है। कभी
- 1:16इच्छा हुई तो इससे ज्यादा पूछ लिया। कभी
- 1:18नहीं भी पूछे हो जाता है। तो पर करेंगे
- 1:20अपन इसको करेंगे। आराम से करेंगे अच्छे से
- 1:23करेंगे। चलो सर तो सेबी सेबी सेबी सेबी
- 1:27सेबी भैया सेबी भैया हमारे सेबी 1992 और
- 1:29सेबी रेगुलेशन तो एक तो अपन पूरा का पूरा
- 1:31सेबी का एक्ट पढ़ेंगे इसके अंदर उसके बाद
- 1:34चार रेगुलेशंस कोर्स में कितने चार
- 1:36रेगुलेशंस कोर्स में और चार रेगुलेशन भी
- 1:38पढ़ेंगे सर चार रेगुलेशंस कौन से अपने
- 1:39कोर्स में पहला एलओ डीआर लिस्टिंग
- 1:42ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट
- 1:45लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोज़र
- 1:47रिक्वायरमेंट दूसरा पढ़ेंगे सीबीआईसीडीआर
- 1:50आईसीडीआर क्या है सर इशू ऑफ़ कैपिटल इशू ऑफ
- 1:53ऑफ़ कैपिटल एंड डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट।
- 1:55यहां पे भी डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट। यहां
- 1:56पे भी डिस्क्लोज़र रिक्वायर। ठीक है? तो
- 1:57इशू ऑफ़ कैपिटल। तो पहले बोलेंगे एलओडीआर।
- 2:00फिर है अपना आईसीडीआर। फिर एक है एसएसटी
- 2:03सब्सटेंशियल एक्विज़िशन ऑफ़ शेयर्स एंड
- 2:06टेकओवर। अपन सब्सटेंशियल एक्विजिशन कर
- 2:08लेते हैं शेयर्स का एंड टेकओवर कर लेते
- 2:10हैं। फिर है पीआईटी प्रोहिबिशन ऑन इंसाइड
- 2:13ट्रेडिंग। ये पूरा थ्योरिटिकल है। ये पूरा
- 2:15थ्योरिटिकल है। बाकी सब में तो फिर भी
- 2:16थोड़ी बहुत चीजें समझने कि ये लास्ट वाला
- 2:18तो पूरा क्या? थ्योरिटिकल है। पागल जैसा
- 2:19बना दिया बड़ा सा। ठीक है? तो ये ये चार
- 2:22रेगुलेशन और एक सेबी एक्ट वाला पांच चीजें
- 2:24अपन इसके अंदर पढ़ने वाले हैं। ठीक है? अब
- 2:26एक चीज मैं तुमको पहले बता दूं। देखो
- 2:28चैप्टर बड़ा है वैसे तो अपन लगभग पूरा ही
- 2:30कवर करेंगे। इस चैप्टर को कुछ ज्यादा
- 2:31कॉम्प्रोमाइज नहीं करेंगे। बट छोटी-मोटी
- 2:33चीजें होगी जो कभी एमसीक्यू में आ ही नहीं
- 2:34सकती या फिर इतनी बड़ी चीजें और गलती से
- 2:36इतनी बड़ी के बाद एक एमसीक्यू आएगा। वो
- 2:38छोड़ देंगे। क्योंकि भाई मैंने बोला था इस
- 2:40पोम में तुमको ज्यादा लोड नहीं लेने का
- 2:42है। इस पोम के अंदर सर तुमको 50 मार्क्स
- 2:45लाने के हैं तो 50 मार्क्स जितना ही पढ़ो
- 2:47ना। मतलब इतनी माथाफोड़ी मत करो कि भाई
- 2:49साहब तुम परेशान ही हो जाओ। बाकी जो छह
- 2:51सब्जेक्ट पढ़ी है उन छह सब्जेक्ट पर टाइम
- 2:53ज्यादा रिवोट करो। तभी तो मैंने कहा ये
- 2:55मैं 30 टू 40 आवर्स में खत्म करा दूंगा।
- 2:57मेरा टारगेट तभी तो है कि मैं 30 टू 40
- 2:59आवर्स में इसको कंप्लीट करा दूंगा। अब
- 3:01तुम्हारी जिन लोगों ने मुझसे ऑडिट पढ़ी
- 3:03हुई है उनकी एक्सपेक्टेशन शायद कुछ और हो
- 3:05सकती है। सर ऑडिट में तो आप हर एक चीज को
- 3:07ऑडिट में तो आप हर एक चीज को बार-बार
- 3:10समझाते हो। बार-बार रटाते हो। बार-बार
- 3:13समझाते हो। बार-बार रटाते हो। बार-बार
- 3:15रिवाइज कराते हो। समझाना, रटाना, रिवाइज़
- 3:17कराना, समझाना, रटा, रिवाइज़ कराना। ऑडिट
- 3:18में मैं कराता हूं क्योंकि उसके सीए फाइनल
- 3:20के एग्जाम में मार्क्स जुड़ेंगे, उससे रैंक
- 3:22आएगी, उससे एक्सेंपशन आएगी। पर इससे कुछ
- 3:25नहीं होना पापा जी का ठुल्लू। ठीक है ना?
- 3:27बस 50 मार्क्स लाने पास हो जाओ। साथ में
- 3:29आईबीएस के अंदर भी जितना आएगा आईबीएस का
- 3:31भी जो पोर्शन है वो भी मैं यही कराऊंगा।
- 3:33आईबीएस में पेपर नंबर सिक्स उधर भी
- 3:34कराएंगे। तो ऑडिट में टाइम वर्थ इट होता
- 3:36है। इसलिए क्लास 100 टू 120 आवर्स तक जाती
- 3:38है। इसलिए मैं बार-बार कराता हूं। ठीक है?
- 3:40तो वो एक्सपेक्टेशन इधर मत रखना। हालांकि
- 3:42पढ़ाऊंगा अच्छे से। ऐसा नहीं। बस बार-बार
- 3:44नहीं हो पाएगा वो वाली चीजें। ठीक है ना?
- 3:45चलो मतलब दोनों की अप्रोच पूरी सेपरेट
- 3:47रहेगी। इधर जैसे पढ़ना है वैसे ही मैं
- 3:48तुमको पढ़ाऊंगा। आ जाओ शुरू करते हैं।
- 4:03तो सबसे पहले अपन ना एलओडीआर पढ़ लेते
- 4:05हैं। एलडीआर सबसे इंपॉर्टेंट है। एलओडीआर
- 4:07कंपेरेटिवली इनमें इंपॉर्टेंट है। मतलब
- 4:09अच्छा भी है, इंपॉर्टेंट भी है। दोनों ही
- 4:10चीजें ये ईजीली हो भी जाता है। मतलब ठीक
- 4:12है? तो ये मुझे ठीक लगता है स्कोरिंग भी
- 4:14है कंपेरेटिवली तो सबसे पहले एलडीआर पढ़ते
- 4:16हैं अपन इसके अंदर एक दो अमेंडमेंट भी आए
- 4:17थे अभी तो वो अमेंडमेंट भी मैं आपको कवर
- 4:19करा दूंगा तोेंट हो जाते हैं कंपेरेटिवली
- 4:21सर ये एलओडीआर क्या बोला था सर हमने हम तो
- 4:24भूल गए एलओडीआर हम तो भूल गए अरे भाई
- 4:26लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोज़र
- 4:28रिक्वायरमेंट तो सबसे पहले बताओ ये सेबी
- 4:30एलओडीआर रेगुलेशन लगती किस पे है सेबी
- 4:32एलओडीआर रेगुलेशन लगती किस पे है सर ये उन
- 4:35कंपनीज़ पे लगती है मतलब ये सारा रेगुलेशन
- 4:37फॉलो किस कंपनी को करना है ये सारा
- 4:39रेगुलेशन किस कंपनी को फॉलो करना है सर सर
- 4:42ये उस कंपनी को फॉलो करना है जो लिस्टेड
- 4:47कंपनी हो जो लिस्टेड कंपनी हो जो लिस्टेड
- 4:50कंपनी हो तो मतलब लिस्टेड का मतलब क्या सर
- 4:53अरे सर लिस्टेड का मतलब कुछ भी लिस्टेड
- 4:55मतलब रिकॉग्नाइज्ड स्टॉक एक्सचेंज में कुछ
- 4:58भी लिस्टेड चाहे आपने इक्विटी शेयर
- 5:00लिस्टेड करा दिए चाहे नॉन कन्वर्टेबल
- 5:02डिबेंचर चाहे इंडियन डिपॉजिटरी रिसीप्ट
- 5:05चाहे परपेचुअल डे इंस्ट्रूमेंट चाहे
- 5:06सिक्योरिटाइज्ड डे इंस्ट्रूमेंट चाहे
- 5:08म्यूच्यूल फंड चाहे नॉन कन्वर्टेबल
- 5:10रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर चाहे परपेचुअल
- 5:12नॉन कम्युनिटी प्रेफरेंशियल या कोई भी
- 5:13डेजिग्नेटेड सिक्योरिटी जो सेबी ने
- 5:15नोटिफाई करी मतलब आपने अगर इनमें से आपकी
- 5:17कंपनी ने कोई सी भी ये चीज लिस्टेड करा
- 5:20रखी है इनमें से कोई भी चीज लिस्ट करा रखी
- 5:22है तो आपकी कंपनी को ये पूरा का पूरा जो
- 5:24एलओ डीआर वाला रेगुलेशन है वो आपकी कंपनी
- 5:26को फॉलो करना पड़ जाएगा ठीक है सर सिंपल
- 5:29सी बात अब सर ना एक ये अमेंडमेंट आया अभी
- 5:32एक ये अमेंडमेंट आया अब देखो कुछ होता
- 5:35क्या है अब जैसे नीचे मैं कुछ रेगुलेशन
- 5:36पढ़ाऊंगा वैसे तो ये रेगुलेशन सब पे
- 5:38एप्लीकेबल है जो भी लिस्टेड कंपनी उस पे
- 5:40एप्लीकेबल है पर उसके कुछ-कुछ सब रेगुलेशन
- 5:43कुछ-कुछ सब रेगुलेशन जैसे अब यहां पे लिखा
- 5:45है कि टॉप 2000 लिस्टेड एंटिटी है। जैसे
- 5:48कुछ-कुछ जगह लिखा है कि टॉप 2000 लिस्टेड
- 5:50एंटिटी में मिनिमम छह डायरेक्टर होने
- 5:52चाहिए। ठीक है? ऐसा लिखा है। तो इन्होंने
- 5:54कहीं-कहीं पे ऐसा क्राइटेरिया दिया है कि
- 5:57मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से मार्केट
- 6:00कैपिटलाइजेशन के हिसाब से जो टॉप टॉप
- 6:02कंपनीज़ हैं उन्हीं पे ये ये वाले प्रोविज़न
- 6:04लगेंगे। कुछ स्पेसिफिक प्रोविज़ंस के लिए
- 6:06ऐसा बोला। कुछ स्पेसिफिक प्रोविजंस के लिए
- 6:09ऐसा बोला कि जो जो मार्केट कैपिटलाइजेशन
- 6:12के हिसाब से टॉप कंपनीज़ हैं, मार्केट
- 6:14कैपिटलाइजेशन के हिसाब से टॉप कंपनीज़ हैं,
- 6:16उन टॉप कंपनीज़ पे ही ये ये वाले सब
- 6:19प्रोविज़न लगेंगे। तो सर ये मार्केट
- 6:22कैपिटलाइजेशन कैसे निकालते हैं? जैसे आपको
- 6:24देखना है कि मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के
- 6:26हिसाब से जो टॉप 2000 कंपनी है जो सबसे
- 6:28बड़ी 2000 कंपनी है जिनकी मार्केट में सबसे
- 6:31ज्यादा कैपिटलाइज़ेशन है। तो ये मार्केट
- 6:33कैपिटलाइजेशन कब की देखेंगे? कब की
- 6:35देखेंगे और कैसे निकालेंगे वो एक
- 6:37अमेंडमेंट आया है। तो पहले ये देख लेते
- 6:38हैं एक बार। ठीक है ना? तो भाई इसका मैं
- 6:40बहुत सिंपल बताता हूं तुमको क्या करना है
- 6:41इसके अंदर? आपको पता है क्या करना है?
- 6:43जितनी भी जो रिकॉग्नाइज़ स्टॉक एक्सचेंज
- 6:45होगा मतलब अपन को नहीं करना। जो
- 6:46रिकॉग्नाइज़ स्टॉक एक्सचेंज होगा ना वो पता
- 6:48है क्या करेगा? मार्केट कैपिटलाइजेशन
- 6:50निकालने के लिए। वो सबसे पहले क्या करेगा?
- 6:52सारी एंटिटीज़ की लिस्ट बनाएगा हर कैलेंडर
- 6:56ईयर के 31 दिसंबर को। हर कैलेंडर ईयर के
- 6:5931 दिसंबर को सारी लिस्टेड एंटिटीज़ की
- 7:01लिस्ट बनाएगा। ठीक है? और फिर उसके बाद
- 7:04उनका एवरेज मार्केट कैपिटलाइजेशन निकालेगा
- 7:071 जुलाई से 31 दिसंबर का। 1 जुलाई से 31
- 7:11दिसंबर का। मतलब ये देखो
- 7:16ये देखो ये यहां पर है अपने 31 दिसंबर
- 7:192025 एक एग्जांपल मैंने नीचे तुमको
- 7:21एग्जांपल दिया है मेरा ही बनाया हुआ है 31
- 7:23दिसंबर 2025 31 दिसंबर 2025 को 31 दिसंबर
- 7:272025 को उस रिकॉग्नाइज़्ड स्टॉक एक्सचेंज
- 7:29ने क्या करा कि जितनी भी कंपनी लिस्टेड है
- 7:31जितनी भी कंपनी लिस्टेड है उन सारी
- 7:34लिस्टेड कंपनी का उन सारी लिस्टेड कंपनी
- 7:36का मार्केट कैपिटलाइजेशन निकाला क्या
- 7:38निकाला एवरेज मार्केट कैपिटलाइजेशन कब कब
- 7:41का एवरेज मार्केट कैपिटाइजेशन निकाला सर?
- 7:431 जुलाई से लेके 31 दिसंबर का। कब का सर?
- 7:481 जुलाई 25 से लेकर 1 जुलाई 2025 से लेके
- 7:5231 दिसंबर 2025 का मार्केट कैपिटलाइजेशन
- 7:56निकाला। 1 जुलाई 2025 से लेके 31 दिसंबर
- 7:592025 का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन निकाला।
- 8:02सिंपल सी बात है सर। ये मार्केट
- 8:03कैपिटलाइज़ेशन निकाला। अब ये मार्केट
- 8:05कैपिटलाइज़ेशन निकालने के बाद पता पड़ गया।
- 8:07मतलब एवरेज मार्केट कैपिटाइजेशन एवरेज
- 8:09करना तो तुमको आता ही है। उससे पता पड़
- 8:11गया कि ये ये टॉप कंपनीज़ इस दुनिया में
- 8:13एग्ज़िस्ट करती है। मतलब इस इंडिया में
- 8:14एग्ज़िस्ट करती है। ये ये टॉप कंपनीज़ इस
- 8:17इंडिया के अंदर एग्ज़िस्ट करती है। तो सर
- 8:20जैसे ही आपने 31 दिसंबर 2025 तक को ये
- 8:23निकाला तो अब जो भी प्रोविज़न था जैसे
- 8:25मैंने बोला कि टॉप 2000 कंपनीज़ को टॉप
- 8:292000 लिस्टेड कंपनी को छह डायरेक्टर रखना
- 8:32मैंडेटरी है। छह डायरेक्टर रखना मैंडेटरी
- 8:34है। तो ये छह डायरेक्टर उनको किस दिन से
- 8:36रखने पड़ेंगे? छह डायरेक्टर उनको किस दिन
- 8:39से रखने पड़ेंगे? अपन ने निकाल ली टॉप 2000
- 8:40कंपनीज़ की लिस्ट। मार्केट कैपिटलाइजेशन
- 8:42निकाला उससे पता पड़ गया टॉप 2000 कंपनीज़
- 8:44ये ये Reliance adानी वगैरह वगैरह ये सारी
- 8:47टॉप 2000 कंपनीज़ हैं मार्केट के अंदर। अब
- 8:50अब ये बताओ इनको टॉप 2000 अब ये बताओ इनको
- 8:53टॉप 2000 टॉ सॉरी अब इनको छह डायरेक्टर कब
- 8:58से रखने पड़ेंगे? यह प्रोविज़न उन पे
- 8:59एप्लीकेबल कब होगा? तो सर जैसे ही आपका ये
- 9:02प्रोविजन 31 दिसंबर को आपको पता पड़ा कि
- 9:03हम टॉप 2000 में आ रहे हैं। हम टॉप 2000
- 9:06में आ रहे हैं तो उसके नेक्स्ट जो भी उसका
- 9:10नेक्स्ट जो भी फाइनेंसियल ईयर स्टार्ट
- 9:13होगा उसका नेक्स्ट जो भी फाइनेंसियल ईयर
- 9:15स्टार्ट होगा जैसे कब स्टार्ट होगा उसका
- 9:17नेक्स्ट फाइनेंसियल ईयर 1 अप्रैल
- 9:2226
- 9:241 अप्रैल 2026 1 अप्रैल 206 मतलब जैसे ही
- 9:27अपन 31 दिसंबर 2025 तक लिस्ट बना के टॉप
- 9:302000 कंपनीज़ निकाल ठीक है अब ये वाला
- 9:33प्रोविज़ एप्लीकेबल कब होगा इन टॉप 2000
- 9:35कंपनीज़ पे जब 1 अप्रैल 2026 आ जाएगी मतलब
- 9:38नेक्स्ट वाला फाइनेंसियल ईयर जैसे ही शुरू
- 9:40हो जाएगा नेक्स्ट वाला फाइनेंसियल ईयर
- 9:41जैसे ही शुरू हो जाएगा उस साल उस साल से
- 9:45उन पे ये वाला प्रोविजन एप्लीकेबल हो
- 9:47जाएगा इस टाइम से 1 अप्रैल 2026 से इनको
- 9:49छह डायरेक्टर रखना कंपलसरी हो जाएंगे छह
- 9:51डायरेक्टर कंपलसरी हो जाएंगे अब सर मजे की
- 9:54बात ये है आप पे एक बार यह रेगुलेशन लग
- 9:56गया एक बार अगर आप पे ये रेगुलेशन लग गया
- 9:59कि अब आपको छह डायरेक्टर रखने हैं आपको छह
- 10:02डायरेक्टर रखने हैं आप पे एक बार यह
- 10:04रेगुलेशन
- 10:04लग गया।
- 10:07ठीक है ना? तो अब आपके जब तक आपका 3 साल
- 10:10तक यह प्रोविजन आप पे नॉन एप्लीकेबल नहीं
- 10:12हो जाए। ये प्रोविजन जब तक आप पे 3 साल तक
- 10:15नॉन एप्लीकेबल नहीं हो जाए तब तक आपको वो
- 10:17रखना ही पड़ेगा। तब तक आपको छह डायरेक्टर
- 10:19रखने ही पड़ेंगे। छह डायरेक्टर रखने
- 10:20पड़ेंगे। सर एग्जांपल ये भी बता दो। अरे
- 10:22बता रहा हूं भाई। अब जैसे वापस आप क्या
- 10:24करोगे? वापस से आप निकालोगे। अब वापस से
- 10:27आप लिस्ट निकालोगे। कब की निकालोगे?
- 10:3031 दिसंबर 2026 को वापस से लिस्ट बनेगी।
- 10:33मतलब एक बार तो एप्लीकेबल हो गया। 31
- 10:35दिसंबर 2026 को आप पे लिस्ट पड़ेगी। तो
- 10:37इधर तो आप पे ये एप्लीकेबल हो गया था
- 10:39प्रोविज़न। इधर आप पे प्रोविज़न एप्लीकेबल
- 10:40हो गया था। इसलिए आपको 1 अप्रैल 2026 से
- 10:43छह डायरेक्टर रखने कंपलसरी थे। अब आप 31
- 10:46दिसंबर 2026 को वापस लिस्ट बनाओगे। पर अभी
- 10:48एप्लीकेबल नहीं है। फिर आप वापस से बनाओगे
- 10:5131 दिसंबर
- 10:532027 को। पर अभी भी यह एप्लीकेबल नहीं है।
- 10:57फिर आप वापस से बनाओगे 31 दिसंबर
- 11:022028 को। वापस से ये प्रोविजन एप्लीकेबल
- 11:04नहीं हुआ। मतलब अपन हर बार 2000 की लिस्ट
- 11:06से कम में आ रहे। बस एक ही बार आए थे कि
- 11:07अपन टॉप 2000 कंपनी है या टॉप कंपनी है।
- 11:10बाकी हर बार अपन टॉप कंपनी में लिस्ट में
- 11:11नहीं आ रहे। तो 3 साल तक ये प्रोविजन
- 11:14एप्लीकेबल आप पे जब नहीं हुआ। जब लगातार 3
- 11:17साल तक आप पे ये प्रोविज़न एप्लीकेबल नहीं
- 11:19हुआ तो फिर आपको फिर आपको ये वाला छह
- 11:22डायरेक्टर की लिमिट या फिर जो भी प्रोविज़न
- 11:24है वो आपको कंप्लाई नहीं करना। वरना तो
- 11:26आपको कंप्ल्लाई करना ही करना है। तो सर यह
- 11:28देखो इस केस में यह बंदा कब तक कंप्ल्लाई
- 11:30करेगा? ये बंदा कंप्लाई करेगा 31 दिसंबर
- 11:322028 लास्ट था इसका तीन फाइनेंसियल ईयर तक
- 11:34नहीं हुआ 1 2 3 तीनों साल इसके लिस्ट ये
- 11:37कंपनी टॉप में नहीं आई तीनों साल ये कंपनी
- 11:39टॉप में नहीं आई तो यहां पर जो लास्ट इसका
- 11:42फाइनेंसियल ईयर हुआ है ना बस लास्ट क्या
- 11:44फाइनेंसियल ईयर हुआ है इसका 31 मार्च 2029
- 11:4931 मार्च इससे लिख दूं
- 11:5331 मार्च 2029 31 मार्च 2019 तो 31 मार्च
- 11:582019 यह इसका रहा है फाइनली तो 31 मार्च
- 12:012029 तक 31 मार्च 2019 तक उसको छह
- 12:04डायरेक्टर तो मेंटेन रखने ही रखने हैं।
- 12:06उसके बाद उसकी इच्छा ना हो तो मत रखना।
- 12:08उसके बाद उसकी इच्छा ना हो तो मत रखना।
- 12:10मतलब एक बार आप पे प्रोविजन लगा तो लगातार
- 12:12आप पे लगता ही जाएगा। लगातार आप पे लगता
- 12:14ही जाएगा जब तक 3 साल तक आप उस लिमिट के
- 12:16बाहर नहीं आओ। तीन साल उस लिमिट के बाहर
- 12:17नहीं है। ठीक है सर। तो ये वाला पूरा
- 12:20प्रोविज़न था। ये अमेंडमेंट था शायद मुझे
- 12:22लगता है कि तुम्हारे आ सकता है कभी भी।
- 12:24ठीक है? ये अमेंडमेंट था। तो इसलिए मैंने
- 12:25करा दिया ये वाला। तुमको ये पूरा का पूरा
- 12:27एग्जांपल जो मैंने दिया है वो कि यहां पर
- 12:28ये भी है और बाकी मैं तुमको ये प्रोवाइड
- 12:30भी करा दूंगा। ठीक है?
- 12:42हम
- 12:44अब सर आ जाओ। हां सर सेबी एलोडिया अब सेबी
- 12:46एलोडिया पता है क्या बातें करता है? सर ये
- 12:48कंपनीज़ एक्ट ने जो जो बातें करी थी ना
- 12:50थोड़ी बहुत अभी तो अपन स्टार्टिंग की वही
- 12:51बातें पढ़ेंगे। पर यह कुछ और बोलता है। अपन
- 12:54को ना मैं कंपनीज़ एक्ट से लिंक कराता
- 12:56रहूंगा तुमको कि जो अपन ने पढ़ा था कंपनीज़
- 12:58एक्ट के अंदर कितने डायरेक्टर होने चाहिए?
- 13:00कितने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होने चाहिए?
- 13:02बोर्ड मीटिंग कब होनी चाहिए? तो वो सब अपन
- 13:04ने कंपनीज़ के लिए पढ़ा था। पढ़ा था नहीं पढ़ा
- 13:06था? सिंपल सी बात है।
- 13:10तो सर जो अपन ने कंपनीज़ में पढ़ा था ना कि
- 13:12जो कंपनीज़ पे एप्लीकेबल होता है। तो सर
- 13:14इन्होंने वहां पर वापस बोल दिया कि जो
- 13:16लिस्टेड कंपनी है उनप ये सब एप्लीकेबल
- 13:18होता है कि लिस्टेड कंपनी को कितने
- 13:19डायरेक्टर रखने चाहिए? कितने इंडिपेंडेंट
- 13:22डायरेक्टर रखने चाहिए वो सब चीजें लिस्टेड
- 13:24कंपनी के लिए इन्होंने अलग से वापस से बता
- 13:26दी। तो अब कुछ चीजें अलग है जो लिस्टेड
- 13:28कंपनी को फॉलो करनी पड़ेगी। तो अपन एक बार
- 13:29वो देख लेते हैं। सर देखो सबसे पहले बोर्ड
- 13:31ऑफ़ डायरेक्टर का प्रोविज़न पढ़ते हैं। सबसे
- 13:32पहले बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर का प्रोविज़न अपन
- 13:34पढ़ लेते हैं। तो सर इन्होंने ये बोला है
- 13:36बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर के अंदर कि सर
- 13:38एग्जीक्यूटिव और नॉन एग्जीक्यूटिव
- 13:40डायरेक्टर का भी एक ऑप्टिमम रेश्यो होना
- 13:41चाहिए। अगर तुमको याद हो कंपनीज़ एक्ट।
- 13:44कंपनीज़ एक्ट में अपन ने ऐसा कुछ भी नहीं
- 13:45पढ़ा था कि कितने एग्जीक्यूटिव और कितने
- 13:47नॉन एग्जीक्यूटिव होने चाहिए। नहीं पढ़ा था
- 13:49ऐसा कंपनीज़ एक्ट में। पर यहां पर इन्होंने
- 13:51बोल दिया अगर आपकी लिस्टेड कंपनी है तो
- 13:52बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में अगर आपकी
- 13:54लिस्टेड कंपनी है तो बोर्ड ऑफ डायरेक्टर
- 13:56में एक ऑप्टिमम कॉम्बिनेशन होना चाहिए
- 13:58एग्जीक्यूटिव और नॉन एग्जीक्यूटिव
- 14:00डायरेक्टर का। वो इन्होंने बता भी दिया।
- 14:02वो इन्होंने बता भी दिया कि जो नॉन
- 14:03एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं वो मिनिमम 50%
- 14:07तो होने ही चाहिए। मिनिमम 50% डायरेक्टर
- 14:09आपके नॉन एग्जीक्यूटिव होने ही होने
- 14:11चाहिए। सर ये सब इंपॉर्टेंट है। ध्यान
- 14:13रखना है ना अब इंपॉर्टेंट है। एलओडीआर
- 14:14पूराेंट है। सर देखो मैंने क्या बोला सर
- 14:17इन्होंने बता भी दिया किसी भी इसके अंदर
- 14:19कि आपका मिनिमम आपकी कंपनी में 50% तो
- 14:21मिनिमम आपकी कंपनी में 50% तो नॉन
- 14:24एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर होना ही होने
- 14:26चाहिए। उसके बाद अपन ने वहां पर भी पढ़ा
- 14:27था। उसके बाद अपन ने वहां पर कंपनी में
- 14:29पढ़ा था कि एक लिमिट पढ़ी थी। अगर ये ये
- 14:32लिमिट क्रॉस हो गई। अपन ने वुमेन
- 14:34डायरेक्टर की एक लिमिट पढ़ी थी और साथ में
- 14:35भी बोला था या तो लिस्टेड कंपनी हो या फिर
- 14:38एक लिमिट पढ़ी थी कि अगर यह यह लिमिट हो
- 14:40तो उनको एक वुमेन डायरेक्टर रखना कंपलसरी
- 14:42है। तो सेम प्रोविजन यहां पे भी है कि ये
- 14:43लिस्टेड कंपनी है तो एक वुमेन डायरेक्टर
- 14:45रखना कंपलसरी है। वुमेन डायरेक्टर रखना
- 14:48कंपलसरी है। सर उसके बाद उसके बाद अपन ने
- 14:51इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी पढ़ा था वहां
- 14:53पे। वहां पे इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अपन ने
- 14:54क्या पढ़ा था सर? जनरली इंडिपेंडेंट
- 14:56डायरेक्टर वहां पे कितना रखना है सर? टू
- 14:58और 1/3 टू और 1/3 अपन ने वहां पे ये पढ़ा
- 15:02था। टू और 1/3 ऑफ़ बोर्ड अपन ने यही पढ़ा था
- 15:04वहां पर। तो यहां पर कंपनीज़ एक में पढ़ाता
- 15:06है तो दो होने चाहिए या 1/3 होने चाहिए
- 15:08व्हिच एवर इज़ हायर। यहां पर इन्होंने बोला
- 15:10कि अगर आपकी लिस्टेड कंपनी है अगर आपकी
- 15:12लिस्टेड कंपनी है तो आपको कितने
- 15:14इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने हैं? सर आपको
- 15:16इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने हैं वो डिपेंड
- 15:17करेगा आपका चेयर पर्सन कौन है? आपका चेयर
- 15:21पर्सन कौन है? अगर आपका चेयर पर्सन नॉन
- 15:24एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर है। प्लस वो
- 15:27प्रमोटर से भी रिलेटेड नहीं है। मतलब आपका
- 15:30जो चेयर पर्सन एक बहुत बड़ी पोजीशन होती
- 15:32है। चेयर पर्सन एक बहुत बड़ी पोजीशन होती
- 15:34है। तो आपका चेयर पर्सन एक नॉन
- 15:35एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर है। प्लस वो
- 15:38प्रमोटर से भी रिलेटेड नहीं है। प्लस वो
- 15:40प्रमोटर से भी रिलेटेड नहीं है। तो दोनों
- 15:42कंडीशन पूरी होनी चाहिए कि चेयर पर्सन
- 15:44आपका जो चेयर पर्सन है वो नॉन
- 15:45एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर है। पहले ही वह
- 15:46ज्यादा धंधे में इन्वॉल्व नहीं होता। मतलब
- 15:48एक तरह से थोड़ा बहुत इंडिपेंडेंट तो
- 15:50ऑलरेडी है। थोड़ा बहुत इंडिपेंडेंट तो
- 15:52ऑलरेडी है। तो आपका चेयर पर्सन नॉन
- 15:54एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर है। प्लस प्रमोटर
- 15:56से भी रिलेटेड नहीं है। प्लस प्रमोटर से
- 15:58भी रिलेटेड नहीं है। उस केस में आपका 1/3
- 16:02ऑफ बोर्ड शुड बी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर।
- 16:04आपका 1/3 आपको इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने
- 16:08हैं। पर सर अगर यह केस होता या तो आप
- 16:10एग्जीक्यूटिव या तो चेयर पर्सन जो है वो
- 16:13या तो एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर होता या
- 16:15प्रमोटर से रिलेटेड होता। या तो
- 16:17एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर होता या प्रमोटर
- 16:20से रिलेटेड होता। तो आपको मिनिमम 50%
- 16:23डायरेक्टर इंडिपेंडेंट रखने हैं। मिनिमम
- 16:2650% डायरेक्टर इंडिपेंडेंट। समझे बात? तो
- 16:29सर अगर कभी क्वेश्चन आए लिस्टेड कंपनी में
- 16:30कितने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने हैं? तो
- 16:32आपको फिर कंपनीज़ एक्ट का प्रोविजन तो
- 16:34देखना ही देखना है। पर कंपनीज़ एक्ट तो फिर
- 16:36गया भाड़ में। मेन आपको देखना है कि
- 16:37मैक्सिमम ज्यादा इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 16:38इसने बोले ना एलओडीआर ने। तो एलओडीआर के
- 16:41हिसाब से जिसमें मतलब ज्यादा इंडिपेंडेंट
- 16:42डायरेक्टर रखने की लिस्ट रिक्वायरमेंट है
- 16:44वो रखेंगे अपन। तो ज्यादा किसमें है?
- 16:46एलडीआर में। तो सर चेयर पर्सन चेयर अपन को
- 16:48देखना है सबसे पहले इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 16:49कितने रखने हैं? चेयर पर्सन कौन है? चेयर
- 16:51पर्सन नॉन एग्जीक्यूटिव है प्लस प्रमोटर
- 16:53से रिलेटेड नहीं है। चेयर पर्सन नॉन
- 16:55एग्जीक्यूटिव है प्लस प्रमोटर से रिलेटेड
- 16:56नहीं है। तो 1/3 इंडिपेंडेंट डायरेक्टर से
- 16:58काम हो जाएगा। मतलब 1/3 इंडिपेंडेंट
- 17:00डायरेक्टर रख लोगे तो भी काम हो जाएगा। पर
- 17:02चेयर पर्सन या तो एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
- 17:04है या प्रमोटर से रिलेटेड है। चेयर पर्सन
- 17:06या तो एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर है या
- 17:07प्रमोटर से रिलेटेड है। तो कम से कम 50%
- 17:10तो आपको इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने ही
- 17:12रखने हैं। चेयर पर्सन या तो एग्जीक्यूटिव
- 17:14डायरेक्टर है या प्रमोटर से रिलेटेड है।
- 17:15तो कम से कम 50% तो आपको इंडिपेंडेंट
- 17:17डायरेक्टर रखने ही रखने हैं। ठीक है? उसके
- 17:19बाद सर अब टॉप लिस्टेड कंपनीज़ कुछ बोला है
- 17:22कि जो टॉप लिस्टेड कंपनी मैंने नहीं बोला
- 17:24कि मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से टॉप
- 17:26लिस्टेड कंपनीज़ निकालेंगे। बोला था अभी तो
- 17:28उसके अंदर बोला है कि मार्केट
- 17:30कैपिटलाइजेशन के हिसाब से टॉप 2000
- 17:31लिस्टेड कंपनीज़ जो आई जो भी टॉप 2000
- 17:34लिस्टेड कंपनीज़ जो आई उनको कम से कम अपनी
- 17:37कंपनी में छह डायरेक्टर तो रखने ही रखने
- 17:39पड़ेंगे। कम से कम अपनी कंपनी में छह
- 17:42डायरेक्टर तो रखने ही रखने पड़ेंगे। प्लस
- 17:44जो टॉप 1000 लिस्टेड कंपनी है ना उसमें
- 17:47बोला कि आपको एक इंडिपेंडेंट वुमेन
- 17:50डायरेक्टर भी रखना है। एक इंडिपेंडेंट
- 17:53वुमेन डायरेक्टर भी रखना है। इंडिपेंडेंट
- 17:56मतलब सर आप देखो अपन ने जो कंपनीज़ एक्ट
- 18:01पढ़ा था उसमें क्या था कि केवल एक वुमेन
- 18:03डायरेक्टर रखना है। ऊपर भी यही बोला कि
- 18:04आपको जनरली एक वुमेन डायरेक्टर रखना है
- 18:06लिस्टेड कंपनी में। यही बोला। पर सर अगर
- 18:08आपकी टॉप 1000 लिस्टेड कंपनी है। आपकी
- 18:12कंपनी टॉप 1000 लिस्टेड कंपनी में मार्केट
- 18:15कैपिटलाइजेशन के हिसाब से तो जो
- 18:17इंडिपेंडेंट डायरेक्ट जो वुमेन डायरेक्टर
- 18:19रख रहे हो ना आप वो इंडिपेंडेंट होना
- 18:21कंपलसरी है। मतलब कम से कम एक इंडिपेंडेंट
- 18:23वुमेन डायरेक्टर तो होनी ही होनी चाहिए।
- 18:27होनी ही होनी चाहिए। और बाकी टॉप 2000
- 18:29स्टेट कंट्री में बोला कंपनी में बोला कि
- 18:31आपकी कंपनी में मिनिमम छह डायरेक्टर तो
- 18:33होने ही होने चाहिए। छह डायरेक्टर तो होने
- 18:34ही होने चाहिए। सर कंपनीज़ एक्ट में कुछ
- 18:36पढ़ा था क्या कि इतने डायरेक्टर होने
- 18:38चाहिए? हां जी सर 1 2 3 ओपीसी को एक
- 18:40डायरेक्टर प्राइवेट को दो डायरेक्टर
- 18:41पब्लिक को तीन डायरेक्टर मैंने यहां पे
- 18:43लिखा है कंपनी एक में 3 टू वन था। पढ़ा था
- 18:45अपन ने ये वही है। उसके बाद सर एज लिमिट
- 18:49का क्राइटेरिया भी दिया। उसके बाद सर एज
- 18:51लिमिट का क्राइटेरिया भी दिया है। क्या
- 18:52दिया है सर एज लिमिट का क्राइटेरिया? सर
- 18:53जितने भी डायरेक्टर हैं जितने भी
- 18:55डायरेक्टर हैं कम से कम मिनिमम 21 साल के
- 18:57होने चाहिए। ये तो ठीक है। चलो कम से कम
- 18:5821 साल के होने चाहिए। लिस्टेड कंपनी ने
- 19:00बोला कम से कम आप 21 साल के होने चाहिए तो
- 19:02भी आप डायरेक्टर बन सकते हो। ठीक बात है।
- 19:04पर इन्होंने बोला जो नॉन एग्जीक्यूटिव
- 19:06डायरेक्टर है ना नॉन एग्जीक्यूटिव
- 19:07डायरेक्टर वह 75 ईयर से जादा के नहीं हो
- 19:12सकते हैं। मतलब मैक्सिमम जो थोड़े बुढ़ाऊ
- 19:15पर्सन है मतलब थोड़े ओल्ड एज्ड पर्सन हैं।
- 19:17मैक्सिमम जो थोड़े ओल्ड एज पर्सन है वो
- 19:19मैक्सिमम 75 इयर्स के ही हो सकते हैं। आप
- 19:2275 ईयर के ऊपर के एनईडी डायरेक्टर को
- 19:24अपॉइंट नहीं कर सकते हो। पर फिर भी वो एक
- 19:26एक्सेप्शन दे दिया जो अपन ने पहले भी पढ़ा
- 19:28हुआ है एक बार कंपनी एक में स्पेशल
- 19:29रेज़ोल्यूशन पास कर लेना तो आप 75 ईयर के
- 19:32ऊपर वाले को भी आप एंड नॉन एग्जीक्यूटिव
- 19:34डायरेक्टर अपॉइंट कर पाओगे। सर कंपनीज़
- 19:36एक्ट में अपन ने क्या पढ़ा था? ऐसा ही कुछ
- 19:37प्रोविज़ सर कंपनीज़ एक्ट में अपन ने पढ़ा था
- 19:39केएमपी के लिए कि जो केएमपी होता है वो
- 19:42मैक्सिमम 70 ईयर का ही हो सकता है। अगर 70
- 19:45के ऊपर का लेना है आपको तो आपको स्पेशल
- 19:47रेोल्यूशन पास करना पड़ेगा। तो यहां पर है
- 19:50कि नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वो 75 ईयर
- 19:52का हो सकता है। अगर उससे ऊपर का लेना है
- 19:53तो आपको स्पेशल रेोल्यूशन पास करना पड़ेगा।
- 19:57ठीक है सर। तो ये ये हो गया। उसके बाद एक
- 20:01बार उसके बाद सर अब उसके बाद सर बोर्ड
- 20:04मीटिंग्स बोर्ड मीटिंग कब कब कैसे-कैसे
- 20:06कंपनी को लिस्टेड कंपनी को बोर्ड मीटिंग
- 20:08करनी है कैसे करनी है सर कंपनी एक में
- 20:09क्या पढ़ा था सर कंपनी एक में पढ़ा था कि सर
- 20:11जो बोर्ड कंपनी एक के अंदर भी अपन ने मतलब
- 20:14सेम पढ़ा था सेम कंपनी एक का इसका प्रोविज़
- 20:16बिल्कुल सेम है कंपनी एक में भी यही पढ़ा
- 20:18था यहां पे भी सेम पढ़ा था कि मैक्सिमम
- 20:20सॉरी मिनिमम 1 साल के अंदर 1 साल के अंदर
- 20:23मिनिमम चार मीटिंग तो होनी ही होनी चाहिए
- 20:26और एक मीटिंग में मिनिमम कितना गैप होना
- 20:28चाहिए दो मीटिंग में मतलब मैक्सिमम कितना
- 20:30गैप होना चाहिए? 120 डज़ का। तो कम से कम
- 20:32आपको चार मीटिंग करनी पड़ेगी और दो मीटिंग
- 20:35का गैप 120 डेज से ज्यादा नहीं हो सकता।
- 20:37कम से कम चार मीटिंग करनी पड़ेगी। दो
- 20:38मीटिंग से ज्यादा का गैप 120 डेज से
- 20:40ज्यादा नहीं हो सकता। सेम टू सेम
- 20:42प्रोविज़न। सेम टू सेम प्रोविज़न अपन ने
- 20:44कंपनीज़ एक्ट में भी यही पढ़ा था। ठीक है
- 20:46सर। उसके बाद सर कोरम कितने चाहिए होंगे?
- 20:49तो जो कोरम होते हैं ना अपन ने कंपनीज़
- 20:51एक्ट में पढ़ा था। 1/3 और टू व्हिच एवर इज़
- 20:53हायर। 1/3 और टू व्हिच एवर इज़ हायर। तो
- 20:55यहां पर इन्होंने पता है क्या बोल दिया
- 20:57टॉप 2000 लिस्ट कंपनी में? 1/3 और थ्री
- 21:00डायरेक्टर मतलब यहां पे एक डायरेक्टर को
- 21:02बढ़ा दिया। 1/3 तो यहां पे रखा वहां पे था
- 21:041/3 और टू व्हिच एवर इज़ हायर। यहां पे कर
- 21:06दिया 1/3 और थ्री व्हिच एवर इज़ हायर। 1/3
- 21:09और थ्री व्हिच एवर इज़ हायर। तो एक
- 21:11डायरेक्टर बढ़ा दिया। और साथ में बोला कि
- 21:13कोरम के अंदर मिनिमम एक इंडिपेंडेंट
- 21:16डायरेक्टर तो आपकी मीटिंग में आना ही आना
- 21:19चाहिए। मतलब यहां पे एक और कंडीशन लगा दी
- 21:21कि 1/3 और टू की जगह 1/3 और थ्री कर दिया।
- 21:23मतलब एक डायरेक्टर बढ़ा तो दिया। तो साथ
- 21:25में इन्होंने ये भी बोल दिया कि भाई कम से
- 21:27कम एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर तो होना ही
- 21:29चाहिए इस वाले कोरम में। इस वाले कोरम में
- 21:31एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर तो आना ही आना
- 21:33चाहिए आपकी मीटिंग के अंदर। ठीक है सर? तो
- 21:37ये रहे अपने सारे काम के पॉइंट जितने भी
- 21:39है इसके अंदर। मतलब बोर्ड बोर्ड के अंदर।
- 21:41तो बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर के अंदर सर अपन ने
- 21:43क्या पढ़ा सर? बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर के अंदर
- 21:44अपन ने पढ़ा कि कम से कम आपके जो नॉन
- 21:46एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं वो मिनिमम 50%
- 21:47तो होने ही होने चाहिए। आपकी कंपनी में
- 21:49मिनिमम 50% नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
- 21:50होने चाहिए। वुमेन डायरेक्टर कम से कम एक
- 21:52होना चाहिए। ह्यूमन डायरेक्टर एक होना
- 21:54चाहिए सर। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर कितने
- 21:56होने चाहिए? इंडिपेंडेंट डायरेक्टर कितने
- 21:57होने चाहिए? जहां आपका चेयर पर्सन
- 21:58एग्जीक्यूटिव या फिर रिलेटेड टू प्रमोटर
- 22:00है। जहां आपका चेयर पर्सन एग्जीक्यूटिव
- 22:03डायरेक्टर है या फिर रिलेटेड टू प्रमोटर
- 22:04है। मतलब चाहे वो नॉन एग्जीक्यूटिव
- 22:06डायरेक्टर था। चाहे वो नॉन एग्जीक्यूटिव
- 22:08डायरेक्टर था पर वो प्रमोटर से रिलेटेड था
- 22:10पर वो प्रमोटर से रिलेटेड था। तो कम से कम
- 22:1250% डायरेक्टर इंडिपेंडेंट होने चाहिए। पर
- 22:16यही अगर आपका आपका चेयर पर्सन नॉन
- 22:18एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर है प्लस प्रमोटर
- 22:20से भी रिलेटेड नहीं है तो 1/3 से काम हो
- 22:22जाएगा। वन थर्ड से काम हो जाएगा। फिर टॉप
- 22:24कंपनीज़ के लिए अपन ने बोला कि टॉप कंपनीज़
- 22:26में टॉप 2000 कंपनी उनको मिनिमम छह
- 22:28डायरेक्टर रखने हैं। टॉप 1000 कंपनी है
- 22:29उनको मिनिमम वन इंडिपेंडेंट वूमेन
- 22:31डायरेक्टर रखना है। वन इंडिपेंडेंट वूमेन
- 22:33डायरेक्टर रखना है। उसके बाद सर मिनिमम एज
- 22:35अपन ने बोली कि सारे डायरेक्टर की 21 साल
- 22:37की ऐज हो सकती है। मिनिमम 21 साल की ऐज का
- 22:39तो होना ही चाहिए। प्लस अपन ने बोला नॉन
- 22:41एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर 75 ईयर से ऊपर का
- 22:43नहीं हो सकता। 75 के ऊपर का नहीं हो सकता।
- 22:45पर हो सकता है अगर अपन स्पेशल रेोल्यूशन
- 22:47पास कर ले तो स्पेशल पास कर ले तो मिनिमम
- 22:49कितनी मीटिंग करनी है? मिनिमम सर आपको
- 22:51मीटिंग करनी है चार। दो मीटिंग के बीच में
- 22:53गैप हो सकता है 120 डेज का। कोरम हो सकता
- 22:55है सर 1/3 और थ्री। 1/3 और थ्री व्हिच एवर
- 22:57इज़ हायर। उसमें भी एक इंडिपेंडेंट
- 22:59डायरेक्टर होना कंपलसरी है। डन सर। ये हो
- 23:02गया। इसके अंदर अपने एमसीक्यू बनेंगे। अब
- 23:04वापस आओ। मैक्सिमम नंबर ऑफ़ डायरेक्टरशिप।
- 23:07मैक्सिमम नंबर ऑफ़ डायरेक्टरशिप। सर कंपनीज़
- 23:09एक्ट में पढ़ा था। एक बंदा एक बंदा
- 23:11मैक्सिमम 20 कंपनीज़ की डायरेक्टरशिप होल्ड
- 23:14कर सकता है। एक बंदा मैक्सिमम 20 कंपनीज़
- 23:16की डायरेक्टरशिप होल्ड कर सकता है। अपन ने
- 23:18कंपनीज़ एक्ट के अंदर पढ़ा था। तो सर अपन ने
- 23:19कंपनी एक्ट में 20 पढ़ा था ना वहां पर टोटल
- 23:21कंपनीज़ थी कि हर कंपनी की मिला के टोटल 20
- 23:24कंपनी हो सकती है। पब्लिक के लिए पढ़ा था
- 23:25भाई प्राइवेट के लिए पढ़ा था। मतलब उसके
- 23:27लिए अलग-अलग पढ़ा था पर कुल मिला के 20।
- 23:29यहां पे इन्होंने बोला कि एक बंदा टोटल
- 23:31कितने लिस्टेड कंपनी के अंदर डायरेक्टर
- 23:34डायरेक्टर बन सकता है? टोटल कितनी लिस्टेड
- 23:36लिस्टेड कंपनी में कितनी डायरेक्टर बन
- 23:38सकता है? तो सर मैक्सिमम लिस्टेड कंपनी
- 23:41में एक बंदा सात डायरेक्टर सात लिस्टेड
- 23:43कंपनी में मैक्सिमम डायरेक्टर वो बन सकता
- 23:45है। मैक्सिमम वो सात लिस्टेड कंपनी में ही
- 23:48डायरेक्टर बन सकता है। मैक्सिमम सात
- 23:50लिस्टेड कंपनी में डायरेक्टर बन सकता है।
- 23:52उसके बाद सर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी बन
- 23:56सकता है लिस्टेड कंपनी में। तो कितनी
- 23:57लिस्टेड कंपनी में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 23:59बन सकता है? तो सर सात और कंपनी में वो
- 24:01इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बन सकता है। तो
- 24:04टोटल मतलब 7 + 7 मान सकते हो तुम मानो तो
- 24:067 + 7 कर दो। तो जो मैं लिस्टेड कंपनी में
- 24:08अगर मैं डायरेक्टर बनना चाह रहा हूं तो
- 24:10मैं मैक्सिमम सात लिस्टेड कंपनी में
- 24:12डायरेक्टर बन सकता हूं और मैं इंडिपेंडेंट
- 24:14डायरेक्टर बनना चाह रहा हूं लिस्टेड कंपनी
- 24:16में तो भी मैं एक और सात कंपनी बन सकता
- 24:18हूं। पर सर अगर मैं अगर मैं किसी भी
- 24:22लिस्टेड कंपनी का एमडी या डब्ल्यू टूडी
- 24:24हूं। मैनेजिंग डायरेक्टर या होल टाइम
- 24:25डायरेक्टर। अगर मैं किसी भी लिस्टेड कंपनी
- 24:28का मैनेजिंग डायरेक्टर या होल टाइम
- 24:29डायरेक्टर हूं तो मैं इंडिपेंडेंट
- 24:32डायरेक्टर मैक्सिमम केवल तीन कंपनी में ही
- 24:34बन सकता हूं। तो मैं इंडिपेंडेंट
- 24:36डायरेक्टर मैक्सिमम में केवल तीन कंपनी
- 24:38में ही बन सकता हूं। बात खत्म। तो सर कभी
- 24:42भी आ जाए लिस्टेड कंपनी के अंदर आप कितनी
- 24:44डायरेक्टरशिप होल्ड कर सकते हो? तो सर अगर
- 24:45मैं लिस्टेड कंपनी में जनरली मैं सात
- 24:47डायरेक्टरशिप होल्ड कर सकता हूं। वही मैं
- 24:48इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी बन सकता हूं।
- 24:49लिस्टेड कंपनी में सात और कंपनीज़ का। उसके
- 24:51बाद पर अगर मैं किसी लिस्टेड कंपनी में
- 24:53एमडीब्ल्यूटी हूं। अगर मैं किसी लिस्टेड
- 24:54कंपनी में एमडीब्ल्यूटीडी हूं तो मैं तीन
- 24:56इन तीन तीन लिस्टेड कंपनी का इंडिपेंडेंट
- 24:59डायरेक्टर बन सकता है। अब बस एक ये देखना
- 25:01कि ये वाली जो लिस्टेड एंटिटी बोली है
- 25:02उसके अंदर बोला है इंक्लूड क्या होता
- 25:04एक्सक्लूड होता है। यह एक बार नजर फेर लो
- 25:05इसके अंदर कि भाई लिस्टेड एंटिटी जो बोली
- 25:07है कि मैक्सिमम एक बंदा सात लिस्टेड कंपनी
- 25:09में डायरेक्टर बन सकता है। लिस्टेड का
- 25:11यहां पे मतलब बोला है या तो उस कंपनी की
- 25:12इक्विटी लिस्टेड हो कि भाई शेयर
- 25:14रिकॉग्नाइज्ड स्टॉक एक्सचेंज पे इक्विटी
- 25:16लिस्टेड है या फिर हाई वैल्यू डेप्ट
- 25:18लिस्टेड एंटिटी की उसका जो हाई वैल्यू
- 25:20डेप्ट है ना वो लिस्टेड है। अब हाई वैल्यू
- 25:21यहां पे अपने कोर्स के अपने कोर्स के अंदर
- 25:23डिफाइन नहीं दी हुई तो छोड़ दो बस
- 25:25क्वेश्चन में गिवन होगा ऑटोमेटिक कि या तो
- 25:26उसकी इक्विटी लिस्टेड है रिकॉग्नाइज्ड
- 25:28स्टॉक एक्सचेंज में या फिर वो हाई वैल्यू
- 25:30डेप्ट उसका लिस्टेड है। तो उसको अपन सात
- 25:32की कैटेगरी में गिनेंगे। अब अस्यूम करो
- 25:34एग्ज़ांपल कि मेरे को डायरेक्टर बनना है।
- 25:36उसमें से अह मेरे पास सात आठ कंपनी के ऑफर
- 25:38है। 810 कंपनी के ऑफर हैं। उसमें से चार
- 25:40कंपनी की इक्विटी लिस्टेड है। तीन कंपनी
- 25:43की हाई वैल्यू डेप्ट लिस्टेड है। और दो
- 25:46कंपनी के प्रेफरेंस शेयर लिस्टेड है। बाकी
- 25:48दो कंपनी के प्रेफरेंस शेयर लिस्टेड है।
- 25:50तो 4 + 3 कितना हो गया? सात हो गया सर। तो
- 25:52सात की लिमिट तो मेरी यही खत्म हो गई। पर
- 25:54दो कंपनी और है जिसके प्रेफरेंस शेयर
- 25:56लिस्टेड है। बाकी और कुछ भी लिस्टेड नहीं
- 25:57है प्रेफरेंस शेयर के अलावा। मैं इसको भी
- 25:59एक्सेप्ट कर सकता हूं। दो कंपनी में जिसके
- 26:00केवल प्रेफरेंशियल एक्सेप्ट है।
- 26:02प्रेफरेंशियल लिस्टेड है। मैं इस कंपनी
- 26:03में भी डायरेक्टर बन सकता हूं। क्योंकि यह
- 26:05लिस्टेड की कैटेगरी में नहीं आएगी। यह
- 26:06लिस्टेड की कैटेगरी में नहीं आएगी। ठीक
- 26:08है? ये चीज़ आप ध्यान रखना। साथ में अगर आप
- 26:10कहीं पे अल्टरनेट डायरेक्टर बन रहे हो
- 26:12लिस्टेड कंपनी में तो वो भी काउंट कहला
- 26:13काउंट करा जाएगा। बट अब एक्सक्लूड क्या
- 26:16होगा? आपको एक्सक्लूड क्या करा जाएगा? कि
- 26:18आपको मैक्सिमम बोला ना कि मैक्सिमम सात
- 26:19कंपनी में डायरेक्टर बन सकते हो। अगर आप
- 26:21कहीं पे भी एक्स ऑफिशियल डायरेक्टर हो।
- 26:23कहां-कहां पे? किसी पीएसयू में या पीपीपी
- 26:25में? पीएसयू तो आप जानते हो पब्लिक सेक्टर
- 26:27अंडरटेकिंग पीपी मतलब पब्लिक प्राइवेट
- 26:28पार्टनरशिप कहीं पे भी अगर आप एक्स ऑफिस
- 26:31डायरेक्टर हो तो वहां पर आप बन सकते हो
- 26:32बिना किसी भी लिमिट के वहां पे कोई लिमिट
- 26:34नहीं लगती सर एक्स ऑफिस डायरेक्टर की मतलब
- 26:37क्या होता है देखो सिंपल सा मैं बताऊं
- 26:38पीएसयू है अब जनरली क्या होता है कि अपन
- 26:40ने पीएसयू के अंदर या कहीं भी ऐसी कंपनी
- 26:43के अंदर कुछ कंडीशन होती है कि अगर आपको
- 26:44पीएसयू का सेक्रेटरी ऑफ़ फाइनेंस बनना है
- 26:48तो अपन बनना क्या चाह रहे हैं? अपन बनना
- 26:49चाह रहे हैं सेक्रेटरी ऑफ़ फाइनेंस कि हम
- 26:51यहां का फाइनेंस संभालना चाह रहे हैं। हम
- 26:53पीएसयू का सेक्रेटरी ऑफ़ फाइनेंस बनना चाह
- 26:54रहे हैं। पर इन्होंने ना एक नॉर्मली
- 26:56इन्होंने पॉलिसी बनाई हुई है। इनकी पॉलिसी
- 26:58क्या बनाई हुई है? इन्होंने बोला हुआ है
- 26:59कि जो सेक्रेटरी ऑफ़ फाइनेंस बनेगा ना वो
- 27:01ऑटोमेटिक डायरेक्टर बन जाएगा। वो ऑटोमेटिक
- 27:04डायरेक्टर बन जाएगा। उसको ऑटोमेटिक अपन
- 27:05डायरेक्टर कहने लग जाएंगे। तो इन्होंने
- 27:07मुझे अपॉइंट क्या करा था? सेक्रेटरी ऑफ़
- 27:09फाइनेंस या डायरेक्टर? सर इन्होंने मुझे
- 27:10सेक्रेटरी ऑफ़ फाइनेंस अपॉइंट करा था। वो
- 27:12तो मेरी पोजीशन ऐसी थी। वो तो मेरी पोजीशन
- 27:14ऐसी थी कि उस पोजीशन की वजह से मैं
- 27:16ऑटोमेटिक उस कंपनी में डायरेक्टर बन गया।
- 27:18ऑटोमेटिक उस कंपनी में डायरेक्टर बन गया
- 27:20क्योंकि मेरी पोजीशन ऐसी थी। तो कभी भी
- 27:22अगर ऐसा हो कि आपकी पोजीशन की वजह से आप
- 27:23ऑटोमेटिक डायरेक्टर बन रहे हो तो कोई
- 27:25दिक्कत नहीं है। फिर उसको आप सात की लिमिट
- 27:26में नहीं गिनोगे। फिर तो आप जितनी बार
- 27:28बनना है उतना बनना है उतना बनो। कोई
- 27:29दिक्कत नहीं है। ठीक है ना? तो अगर आप सात
- 27:33कंपनी में डायरेक्टर हो उसके बाद आप
- 27:34सेक्रेटरी ऑफ़ फाइनेंस वगैरह ऐसे चारप और
- 27:37बनना चाहते हो। उसके बाद उसकी वजह से आप
- 27:38डायरेक्टर भी बन रहे हो। उसकी वजह से आप
- 27:40डायरेक्टर भी बन रहे हो। कोई दिक्कत नहीं
- 27:41है। पर आपकी पोजीशन जनरली क्या थी सर?
- 27:43हमारी तो नॉर्मल दूसरी पोजीशन थी
- 27:44सेक्रेटरी वाली। हमको अगर डायरेक्टर के
- 27:46लिए अलग से अपॉइंट नहीं कराता तो हम
- 27:48ऑटोमेटिक डायरेक्टर बन गए। तो एक्स
- 27:49ऑफिशियल डायरेक्टर अगर आप बन रहे हो
- 27:50पीएसयू पीपीपी में तो कोई दिक्कत नहीं है।
- 27:53ठीक है? ये भी ऑडिट कमिटी पे है। ये भी
- 27:55अपन ने पढ़ी थी अपने वहां पे उसके अंदर
- 27:57ऑडिट कमिटी
- 27:59अच्छा ऑडिट कमिटी नीचे है थोड़ा ये यहां
- 28:01पे आएगा टाइप ऑफ कमिटीज़। ठीक है? उसके
- 28:02पहले भी अपन यहां पे पढ़ेंगे। ये वाला
- 28:04प्रोविजन काम का है सर। इंपॉर्टेंट लिख
- 28:06सकते हो इसको। तो सर ऐसा बोला सर ऐसा बोला
- 28:10है कि आप जो हो ना आप तो लिस्टेड कंपनी
- 28:13हो। आप लिस्टेड कंपनी पर आपके नीचे जो
- 28:17सब्सिडरीज है ना सब्सिडरीज जो सब्सिडरीज
- 28:21है उन हम आपका लिस्टेड कंपनी पे तो मतलब
- 28:24कंप्लायंस आपको देखना ही देखना है कि
- 28:25लिस्टेड कंपनी अच्छे से चल रही है नहीं चल
- 28:27रही हम आपका आप पे तो अच्छे से ध्यान
- 28:28रखेंगे ही रखेंगे आप पे तो अच्छे से ध्यान
- 28:31रखेंगे ही रखेंगे पर आपकी जो सब्सिडरी है
- 28:33ना आपकी जो सब्सिडरीज हैं उन सब्सिडरीज का
- 28:37भी उन
- 28:39सब्सिडरीज का भी उन सब्सिडरीज का भी आपको
- 28:41ध्यान रखना पड़ेगा उन सब्सिडरीज का भी
- 28:43आपको ध्यान रखना पड़ेगा। सर कैसे ध्यान
- 28:45रखना पड़ेगा? तो सर इन्होंने ना दो केस के
- 28:47अंदर बांटा। एक तो जो आपकी मटेरियल
- 28:49सब्सिडरी है। एक तो जो आपकी मटेरियल
- 28:52सब्सिडरी है बहुत भारी बड़ी वाली
- 28:54सब्सिडरी। एक आपकी जो नॉर्मल सब्सिडरी है
- 28:56मतलब जो मटेरियल नॉन मटेरियल दोनों मतलब
- 28:58मटेरियल और नॉन मटेरियल हो कोई नहीं। तो
- 29:00कुछ प्रोविज़ लगेंगे केवल मटेरियल सब्सिडरी
- 29:03की। लिस्टेड कंपनी केवल मटेरियल सब्सिडरी
- 29:05की। अगर आपकी कोई मटेरियल सब्सिडरी
- 29:06एक्सिस्ट करती है तो आपको ये ये चीज़
- 29:08कंप्लाई करनी पड़ेगी। आपको ये ये चीज़
- 29:09कंप्लाई करनी पड़ेगी। उसके अलावा कुछ
- 29:11प्रोविजन है कि चाहे कोई सी भी सब्सिडी हो
- 29:13मटेरियल सब्सिडरी हो या नॉन मटेरियल
- 29:15सब्सिडरी हो चाहे मटेरियल सब्सिडी हो या
- 29:17नॉन मटेरियल सब्सिडी हो दोनों पे प्रोविजन
- 29:19लगेंगे। सर सबसे पहले बताओ मटेरियल
- 29:21सब्सिडरी का मतलब क्या होता है? मटेरियल
- 29:24सम मटेरियल मटेरियल सब्सिडरी का मतलब होता
- 29:27है कि भाई आपका जो ग्रुप है ना ग्रुप उस
- 29:29पूरा वाला ग्रुप नहीं होता क्या पूरा कि
- 29:30आपकी जितना भी लाइक होल्डिंग सब्सिडरी
- 29:32एसोसिएट सबका एक सीएफएस बनता है
- 29:34कंसोलिडेटेड एफएस। तो आपका जो पूरा ग्रुप
- 29:36एज अ होल का या तो जो टर्नओवर या नेटवर्थ
- 29:38है उसका 20% निकालो। तो उसका 20% निकालो।
- 29:42उसके 20% से भी ज्यादा उसके 20% से भी
- 29:45ज्यादा आपकी उस सब्सिडरी का टर्नओवर या
- 29:48फिर नेटवर्थ है। आपकी उस सब्सिडरी का
- 29:49टर्नओवर या फिर नेटवर्थ है। वैसे आप समझ
- 29:51गए होंगे बेसिक नॉर्मल लैंग्वेज है। बट
- 29:52फिर भी एक बार वापस बता देता हूं कि आपके
- 29:54पूरे ग्रुप का या तो टर्नओवर या नेटवर्थ
- 29:56कुछ भी उसमें से आपका जो पूरा ग्रुप है,
- 29:57आपके उस ग्रुप का पूरा का पूरा या तो
- 29:59टर्नओवर देखो या फिर पूरे के पूरे ग्रुप
- 30:01का नेटवर्थ देखो। दोनों में से कुछ भी एक
- 30:03दोनों में से कुछ भी एक। मतलब कोई सी भी
- 30:04एक कंडीशन सेटिस्फाई हो जानी चाहिए। तो
- 30:06आपके जो पूरे ग्रुप का नेटवर्क टर्नओवर है
- 30:08उसका 20% करके देख लो। उसका 20% करके देख
- 30:11लो। ठीक है सर। तो जो हमारा ग्रुप था
- 30:13ग्रुप का या तो टर्नओवर 20% करा या
- 30:15नेटवर्थ 20% करा। अब ये जो टर्नओवर का 20%
- 30:18है ना ये जो टर्नओवर का 20% है उतना तो
- 30:21आपको किसी एक सब्सिडरी से आ रहा है। उतना
- 30:23आपको किसी एक सब्सिडरी से आ रहा है। मतलब
- 30:25ग्रेटर दैन यहां पे ग्रेटर दैन यूज़ होगा।
- 30:26ठीक है ना? ग्रेटर दैन। तो जो टर्नओवर का
- 30:2820% है उससे भी ज्यादा आपको किसी एक
- 30:30सब्सिडरी से मिल रहा है या फिर नेटवर्थ के
- 30:3220% से ज्यादा नेटवर्थ के टोटल जो ग्रुप
- 30:35का नेटवर्थ है ग्रुप की नेटवर्थ के 20% से
- 30:37ज्यादा कोई एक सब्सिडरी की नेटवर्थ है तो
- 30:40मतलब वो मटेरियल सब्सिडरी है कि भाई पूरे
- 30:42ग्रुप का जो 20% है टर्नओवर नेटवर्थ उतना
- 30:44तो वो अकेला ही कवर कर रही है उतना तो ये
- 30:46अकेला ही कवर कर रही है बस ग्रेटर दैन
- 30:47यहां पे इक्वल टू नहीं है ग्रेटर दैन 20%
- 30:49ठीक है वो मटेरियल सब्सिडी कहलाएगी और ये
- 30:51कब का देखते हैं ये प्रीवियस ईयर का
- 30:53देखेंगे ये हमेशा प्रीवियस ईयर का देखेंगे
- 30:55ध्यान रखना मटेरियल सब्सिडी तो मटेरियल
- 30:57सब्सिडरी के लिए सर कौन-कौन सी बातें करी
- 30:59है सर? ये एक बात मटेरियल सब्सिडरी के
- 31:01लिए, दूसरी बात मटेरियल सब्सिड के लिए,
- 31:03तीसरी बात मटेरियल सब्सिडरी के लिए। ये
- 31:05तीन बातें अपन को मटेरियल सब्सिडरी पे
- 31:06ध्यान रखनी है। तो मटेरियल सब्सिडरी के
- 31:09केस के अंदर अपन को तीन बातें क्या बोली
- 31:10है सर? उसको तीन बातों के अंदर से सर ये
- 31:12बोला है
- 31:14कि आपकी कंपनी का
- 31:17आपकी जो लिस्टेड कंपनी है, आपकी जो
- 31:19लिस्टेड कंपनी है, यह आपकी लिस्टेड कंपनी
- 31:21है। आपका जो कोई एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 31:24होगा ना, कोई भी एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 31:26कोई भी एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर जो आपका
- 31:28है उस इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को आप यहां
- 31:31पर आपकी सब्सिडरी में भी इंडिपेंडेंट
- 31:34डायरेक्टर बना के बिठा देना। आपका आपकी जो
- 31:36लिस्टेड कंपनी का एक इंडिपेंडेंट
- 31:38डायरेक्टर है उसका कोई भी एक इंडिपेंडेंट
- 31:40डायरेक्टर आपकी इस सब्सिडरी के भी
- 31:41इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को में आप बिठा
- 31:43देना। ये वाला बंदा कोई भी था आपकी कंपनी
- 31:44में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर था। उसको बोल
- 31:46भाई एक काम कर तू
- 31:47[नाक से की जाने वाली आवाज़] हमारी
- 31:47सब्सिडरी का भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बन
- 31:49जा। हमारे मतलब वहां पे भी डायरेक्टर कुल
- 31:50मिला के बन जा ताकि हमको पता पड़े ताकि तू
- 31:53हमको बताना हमारी सब्सिडरी में कोई गड़बड़
- 31:55तो नहीं चल रही। हमारी सब्सिडरी में कोई
- 31:56गड़बड़ तो नहीं चल रही। पहला प्रोविजन ये
- 31:59हो गया। दूसरा प्रोविजन ये हो गया कि कभी
- 32:01भी आपको कभी भी आपको आपकी मटेरियल
- 32:04सब्सिडरी की शेयर होल्डिंग्स बेचनी है।
- 32:06कभी आपके पास कोई मटेरियल सब्सिडरी है
- 32:08आपकी। आपको उसकी शेयर होल्डिंग सेल करनी
- 32:10है कि भाई हमको इसके शेयर्स बेचने हैं। बस
- 32:12हमको इसके शेयर बेचने हैं। जिसकी वजह से
- 32:15जिसकी वजह से या तो आप उस पे कंट्रोल पूरा
- 32:17का पूरा लूज़ कर दोगे कि बस आप उसको
- 32:19कंट्रोल नहीं कर पाओगे सब्सिडरी को अब बस
- 32:22या फिर उसकी शेयर होल्डिंग आपके पास जितनी
- 32:24शेयर होल्डिंग है उससे 50% से भी कम हो
- 32:26जाएगी। मतलब आपके पास 50% से भी कम हो
- 32:29जाएगी उसकी शेयर होल्डिंग। शेयर होल्डिंग
- 32:31इन मटेरियल सब्सिडरी फॉल बिलो 50% 50% से
- 32:34भी कम शेयर होल्डिंग हो जाएगी आपके पास।
- 32:37ठीक है ना?
- 32:42तो सर सॉरी वीडियो पॉज कर थी तो सर कभी भी
- 32:45आप कभी भी आप आपकी मटेरियल सब्सिडरी के
- 32:47शेयर बेच रहे हो जिससे आपका उस पे से आप
- 32:49कंट्रोल हट जाएगा या फिर आपके शेयर्स 50%
- 32:52से नीचे गिर जाएंगे तो उस केस में आपको
- 32:55स्पेशल रेोल्यूशन पास करना पड़ेगा। स्पेशल
- 32:58रेोल्यूशन पास करना पड़ेगा। बट हां कुछ
- 33:00एक्सेंपशन दे दिया कि ये एक्सेंपशन से भी
- 33:02एमसीक्यू बन सकते हैं। सर ये इंपॉर्टेंट
- 33:04है ये वाला एक्सेंपशन भी कि सर आपने
- 33:05मटेरियल सब्सिडी के शेयर बेचे या फिर शेयर
- 33:07बेचे मतलब 50% नीचे पहुंच गए या कंट्रोल
- 33:10लूज़ हो गया। पर वो शेयर्स क्यों बेचे
- 33:12आपने? क्योंकि कोर्ट या ट्रिब्यूनल ने
- 33:14आपको बोला था शेयर्स बेचने के लिए किसी
- 33:16वजह से या फिर आईबीसी में कोई रेज़ोल्यूशन
- 33:18प्लान था। आईबीसी में कोई रेज़ोल्यूशन
- 33:20प्लान था। वो रेोल्यूशन की प्लान की वजह
- 33:23से आईबीसी में कोई रेोल्यूशन प्लान था। उस
- 33:24रेोल्यूशन प्लान की वजह से आपने शेयर बेचे
- 33:26तो वो चल जाएगा। उस केस के अंदर आपको
- 33:28स्पेशल रेलवेशन की जरूरत नहीं है। बस इतना
- 33:31है कि आपको आरओसी को 1 दिन के अंदर-अंदर
- 33:33इंटिमेट कर देना है। रिकॉग्नाइज़ स्टॉक
- 33:35एक्सचेंज को 1 दिन के अंदर-अंदर इंटिमेट
- 33:37कर देना है कि भाई मैंने इसके शेयर बेचे
- 33:39हैं और अब मेरी मेरा इस सब्सिडरी पे
- 33:41कंट्रोल नहीं रहा या 50% से नीचे गिर गए
- 33:44हैं शेयर। 50% नीचे गिर गए हैं। ये कर
- 33:47सकते हो। और बाकी डिस्पोजल ऑफ़ एसेट ऑफ़
- 33:49मटेरियल सब्सिडरी। डिस्पोजल ऑफ़ एसेट ऑफ़
- 33:51मटेरियल सब्सिडरी। अगर आप 20% ऑफ़ एसेट बेच
- 33:55रहे हो किवी मटेरियल सब्सिडरी का। 20% से
- 33:58ज्यादा टोटल एसेट ऑफ मटेरियल सब्सिडरी जो
- 34:01मटेरियल सब्सिडरी है उसके 20% से ज्यादा
- 34:04एसेट को आप बेच रहे हो या लीज़ पे दे रहे
- 34:06हो बेच रहे हो या लीज़ पे दे रहे हो तो
- 34:08आपको आपकी कंपनी में होल्डिंग कंपनी में
- 34:10स्पेशल रेोल्यूशन पास करना पड़ेगा स्पेशल
- 34:13रेोल्यूशन पास करना पड़ेगा तो मतलब आप अपनी
- 34:15कोई भी मटेरियल सब्सिडरी के अंदर 20% से
- 34:18ज्यादा 20% से ज्यादा एसेट 20% ऑफ़ टोटल
- 34:22एसेट आप कोई भी मतलब 20% टोटल एसेट से
- 34:25ज्यादा लीज़ पे दे रहे हो सेल कर रहे हो,
- 34:27डिस्पोज ऑफ कर रहे हो, लीस्ट पे दे रहे
- 34:28हो, सेल कर रहे हो, डिस्पोज ऑफ़ कर रहे हो,
- 34:29तो आपको स्पेशल रेज़ोल्यूशन पास करना
- 34:30कंपलसरी हो जाएगा। पर सेम एग्ेंपशन सर
- 34:32कोर्ट ट्रिब्यूनल वाली, आईबीसी रेोल्यूशन
- 34:34प्लेन वाली और आरएससी को एक दिन में बताना
- 34:36पड़ेगा। ये सेम वहां पे लग जाएगी। अब मैं
- 34:39इसके साथ एक और एग्ेंपशन अभी यहां पे नया
- 34:41जुड़ा जो अमेंडमेंट आया था कि डिस्पोज़ल ऑफ़
- 34:43एसेट के अंदर एक और एग्ेंपशन आई जहां पे
- 34:44अप्रूवल नहीं चाहिए। अपन उस मटेरियल
- 34:47सब्सिडरी की 20% से ज्यादा एसेट अपन सेल
- 34:49डिस्पोज़ल वगैरह कुछ भी कर सकते हैं। सेल
- 34:51लीस्ट डिस्पोज़ ऑफ़ कर सकते हैं। एक और
- 34:52एग्ेंपशन क्या आया कि अपन क्या कर रहे
- 34:54हैं? अपन होल्डिंग कंपनी अपन होल्डिंग
- 34:56कंपनी ठीक है ये अपनी एक सब्सिडरी है एक
- 34:59अपनी ये होली ओन सब्सिडरी सब्सिडरी में भी
- 35:01कौन सा बोला होली ओड सब्सिडरी जिसके 100%
- 35:04शेयर अपने पास है तो एक होली ओन सब्सिडी
- 35:07ये अपनी मटेरियल है मान लो ये मटेरियल है
- 35:09अपन इसके 20% से ज्यादा एसेट को बेच रहे
- 35:12हैं लीस पे दे रहे हैं या कुछ भी कर रहे
- 35:13हैं इसके 20% एसेट को एग्जांपल के लिए
- 35:15बोलता हूं सेल कर रहे हैं अपन इसके 20%
- 35:17एसेट एसेट को सेल कर रहे हैं इसके एसेट को
- 35:20सेल कर रहे हैं 20% से ज्यादा ठीक है सर
- 35:22और यह जो एसेट अपन सेल कर रहे हैं वो
- 35:24किसको कर रहे यह एसेट भी अपन सेल कर रहे
- 35:26हैं अपनी किसी दूसरी होली ओड सब्सिडरी को।
- 35:29अपनी किसी दूसरी होली ओंड सब्सिडरी को। तो
- 35:31मतलब अगर कोई एक होली ओड सब्सिडरी दूसरी
- 35:34होली ओल्ड सब्सिडरी को दोनों अपनी
- 35:36सब्सिडरी 100% होली ओन बोला है मैंने
- 35:38नॉर्मल सब्सिडरी नहीं बोला है। होली ओन
- 35:40100% शेयर दोनों के अपने पास है। तो अगर
- 35:42एक होली ओड सब्सिडरी दूसरी होली ओड
- 35:44सब्सिडरी को एसेट बेच रही है, डिस्पोज ऑफ
- 35:46कर रही है 20% से ज्यादा तो उस केस में भी
- 35:48कोई भी अप्रूवल की जरूरत नहीं लगेगी। ठीक
- 35:50है? तो ये दोनों फ्री फ्रीली एक दूसरे के
- 35:52साथ ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। ठीक है? तो
- 35:55अपन ने अभी ये किसके लिए पढ़ा सर अपन ने?
- 35:57तो ये तीन चीजें अभी जो अपन ने पढ़ी ये ये
- 35:59और ये ये तीन चीजें पढ़ी है अपन ने मटेरियल
- 36:02सब्सिडरी के लिए। किसके लिए? मटेरियल पे
- 36:04लक्ष्य की। तो सर ये तीन तो अपन ने पढ़े।
- 36:06ये तीन किस पे पढ़े सर अपन ने? ये तीन अपन
- 36:08ने पढ़े कि जो भी मटेरियल सब्सिडरी है जो
- 36:11भी मटेरियल सब्सिडरी। क्या पढ़ा सर? एक
- 36:13इंडिपेंडेंट डायरेक्टर आपके कंपनी का आपको
- 36:14मटेरियल सब्सिडी में बैठाना पड़ेगा। उसके
- 36:16बाद कभी भी आप आपकी शेयर होल्डिंग बेचोगे
- 36:18उस कंपनी में जिससे आपकी शेयर होल्डिंग
- 36:1950% से नीचे आ जाएगी या फिर कंट्रोल आपका
- 36:22सीज़ हो जाएगा या फिर कंट्रोल आपका सीज़ हो
- 36:23जाएगा तो स्पेशल रिजर्वेशन पास करना पड़ेगा
- 36:25स्पेशल पास करना पड़ेगा कुछ एक्सेप्शन अपन
- 36:27ने पढ़े थे उसके बाद कभी भी आप उस कंपनी के
- 36:30एसेट्स डिस्पोज़ ऑफ़ करोगे कभी भी आप उस
- 36:32कंपनी के एसेट डिस्पोज़ ऑफ़ करोगे मतलब 20%
- 36:34और उससे ज्यादा आप टोटल एसेट आप उसकी बेच
- 36:36रहे हो 20% ज्यादा से आप टोटल एसेट आप
- 36:37उसकी बेच रहे हो डिस्पोज ऑफ कर रहे हो लीज़
- 36:39कर रहे हो लीज़ कर रहे हो तो भी स्पेशल
- 36:40रिजर्व पास करना पड़ेगा ये तीन अपन ने पढ़े
- 36:42मटेरियल सब्सिडरी के अब उसके बाद सर उसके
- 36:46बाद
- 36:48अब देखो कि ये तो अपन ने पढ़े मटेरियल
- 36:50सब्सिडरी के। ये तो पढ़े अपन ने मटेरियल
- 36:54सब्सिडरी के। ठीक है? अब उसके बाद उसके
- 36:57बाद अपन क्या पढ़ेंगे कि अब बाकी के
- 37:00प्रोविज़न है चाहे मटेरियल सब्सिडरी हो या
- 37:02नॉन मटेरियल सब्सिडरी हो। चाहे मटेरियल हो
- 37:04या नॉन मटेरियल मतलब कोई सी भी नॉर्मल
- 37:05सब्सिडरी हो अनलिस्टेड सब्सिडरी मतलब कुल
- 37:07मिला के जनरली अनलिस्टेड सब्सिडरी कोई सी
- 37:08भी हो। आप पे ये सारे प्रोविज़न भी आपको
- 37:11देखने पड़ेंगे। क्या देखने पड़ेंगे? आप ना
- 37:13वहां पर जो आपकी ऑडिट कमेटी होगी आपकी जो
- 37:15ऑडिट कमेटी है आपकी कंपनी के वो ना
- 37:18सब्सिडरी के फाइनशियल्स भी देखेगी। आपकी
- 37:20जो ऑडिट कमेटी है वो सब्सिडरी के
- 37:22फाइनशियल्स भी देखेगी। साथ में जो भी
- 37:25सब्सिडरी के अंदर बोर्ड मीटिंग हुई है
- 37:27सब्सिडरी के अंदर जो भी बोर्ड मीटिंग हुई
- 37:29है वो मिनट्स आपकी बोर्ड मीटिंग के अंदर
- 37:31भी लाए जाएंगे। सब्सिडरी के अंदर जो बोर्ड
- 37:34मीटिंग हुई है, सब्सिडरी के अंदर जो बोर्ड
- 37:35मीटिंग वो मिनट्स आपकी होल्डिंग कंपनी में
- 37:38भी लाए जाएंगे कि यार जो सब्सिडरी में जो
- 37:40मीटिंग हुई थी ना उसके ये मिनट्स हैं।
- 37:42उसके ये मिनट्स हैं। उसके बाद सर कोई भी
- 37:45सिग्निफिकेंट ट्रांजैक्शन हो रहा है अगर
- 37:47आपकी सब्सिडरी में कोई भी सिग्निफिकेंट
- 37:49ट्रांजैक्शन हो रहा है आपकी सब्सिडरी में
- 37:51तो आपकी सब्सिडरी आपकी सब्सिडरी आपको
- 37:56इंटिमेट करेगी। आपको इन्फॉर्म करेगी। आपको
- 37:59इनफॉर्म करेगी। अगर आपकी सब्सिडरी में कोई
- 38:01भी सिग्निफिकेंट ट्रांजैक्शन हो रहा है तो
- 38:03आपकी सब्सिडरी आपको इनफॉर्म करेगी। आपकी
- 38:05सब्सिडी में कोई भी सिग्निफिकेंट
- 38:06ट्रांजैक्शन हो रहा है तो आपकी सब्सिडरी
- 38:07आपको इनफॉर्म करेगी। ठीक है सर। चलिए तो
- 38:11अरे दो मिनट सिग्निफिकेंट ट्रांजैक्शन
- 38:12क्या होता है सर? सर कोई भी ट्रांजैक्शन
- 38:14कोई भी ट्रांजैक्शन जो 10% ऑफ़ टोटल
- 38:16रेवेन्यू एक्सपेंस एसेट लायबिलिटी इससे
- 38:18ज्यादा का हो रहा हो। कोई भी ट्रांजैक्शन
- 38:20टोटल आपके टोटल रेवेन्यू के टोटल एक्सपेंस
- 38:22के टोटल एसेट के टोटल लायबिलिटी के 10% से
- 38:25ज्यादा को अफेक्ट कर रहा हो। मतलब किसके?
- 38:26सब्सिडरी के। सब्सिडरी के। तो सब्सिडी में
- 38:28कोई भी ऐसा ट्रांजैक्शन हो जाए यार जो 10%
- 38:30से ज्यादा टोटल रिवन्यू एक्सपेंस एसेट को
- 38:32इंपैक्ट कर रहा हो वो सिग्निफिकेंट
- 38:34ट्रांजैक्शन है। तो ऐसा कोई भी
- 38:35ट्रांजैक्शन होगा तो वो जो सब्सिडरी होगी
- 38:37वो वो अपनी होल्डिंग कंपनी को इंटिमेट
- 38:39करेगी इनफॉर्म करेगी एक तरह से। ठीक है
- 38:41सर? तो ये हो गए सारे के सारे अपने
- 38:43अनलिस्टेड सब्सिडरी कंपनीज़ के रूल्स। तो
- 38:46क्या होता है सर? कोई तो मटेरियल पे लगेगा
- 38:47और कोई नॉन मटेरियल मटेरियल दोनों पे
- 38:48लगेगा। मटेरियल पे कौन सा लगेगा? मेरी
- 38:49कंपनी का जो मतलब होल्डिंग कंपनी का जो एक
- 38:51इंडिपेंडेंट डायरेक्टर है वो नीचे वाली
- 38:53कंपनी के भी जो भी मटेरियल सब्सिडरी है
- 38:56उसका भी एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनेगा।
- 38:57उसके मुझे शेयर्स बेचने हैं जिससे 50% से
- 38:59नीचे हो जाए, कंट्रोल लूज हो जाए तो मुझे
- 39:01स्पेशल रेोल्यूशन पास करना पड़ेगा। बट वही
- 39:02एक्सेंपशन लग जाएगी कोर्ट की ट्रिब्यूनल
- 39:04की आईबीसी रेोल्यूशन प्लान वाला। मतलब वो
- 39:06वाला तो वो लग जाएगी। पर हां उस केस में
- 39:07मुझे आरएससी को एक दिन के अंदर बताना ही
- 39:09बताना पड़ेगा। या फिर मैं उसकी एसेट का
- 39:1120% से ज्यादा बेच रहा हूं। उसकी एसेट का
- 39:1220% से ज्यादा बेच रहा हूं। लीस्ट पे दे
- 39:14रहा हूं तो स्पेशल रिजर्वेशन लगेगा। और सर
- 39:16जो दोनों कंपनी पे कौन से लग जाएंगे? चाहे
- 39:18मटेरियल हो इन मटेरियल हो। आपको ऑडिट आपकी
- 39:20जो ऑडिट कमेटी है वो उसके फाइनशियल्स
- 39:22रिव्यू करेगी। साथ में उसके अंदर जो बोर्ड
- 39:25मीटिंग्स हुई है उसके अंदर जो बोर्ड
- 39:26मीटिंग्स हुई है वो मिनट्स जो होंगे वो
- 39:27आपकी कंपनी में भी रखे जाएंगे। आपकी कंपनी
- 39:29में भी रखे जाएंगे। उसके साथ-सा एक और चीज
- 39:32थी कि आप वहां पर उस आपकी सब्सिडरी के
- 39:34अंदर कोई भी सिग्निफिकेंट ट्रांजैक्शन हुआ
- 39:36है। सिग्निफिकेंट ट्रांजैक्शन मतलब 10% से
- 39:38ज्यादा वाला तो आपकी जो सब्सिडरी होगी वो
- 39:40आपको इनफॉर्म करेगी। आपकी सब्सिडी आपको
- 39:42इनफॉर्म करेगी।
- 39:46ठीक है? अब सर रिस्ट्रिक्शन ऑन कमिटी
- 39:48मेंबरशिप ये भी इंपॉर्टेंट ये भी
- 39:50इंपॉर्टेंट ही है पर है तो ये वैसे
- 39:52बहुतेंट पर इसके पहले एक रेगुलेशन 24 नया
- 39:54जुड़ा है रेगुलेशन 24 एक बार देख लो अभी
- 39:56एलओडीआर के अंदर नया-नया ऐड ऑन हुआ है
- 39:58क्या है नॉर्मल बात करता है कि जो भी
- 40:00लिस्टेड कंपनी है उनको सेक्रेटरी ऑडिट
- 40:01करानी है तो ये वैसे अपन ने कंपनीज़ एक्ट
- 40:03में पढ़ा हुआ है कि कंपनीज़ एक्ट में एक
- 40:04लिमिट दी हुई है कि जो भी बड़ी-बड़ी कंपनीज़
- 40:06हैं उनको सेक्रेटरी ऑडिट करानी है। हां सर
- 40:07वैसे ही सेम अब ये रेगुलेशन यहां पे भी
- 40:09डाल दिया रेगुलेशन 24 है कि जो भी लिस्टेड
- 40:11कंपनी है और लिस्टेड के साथ-साथ जो
- 40:13लिस्टेड की मटेरियल सब्सिडरी है मटेरियल
- 40:17सब्सिडरी है चाहे वो अनलिस्टेड भी क्यों
- 40:18ना हो चाहे वो अनलिस्टेड भी क्यों ना हो
- 40:20तो अपन ने पढ़ा था ना मटेरियल सब्सिडरी
- 40:21क्या होती है हां वो तो चाहे कोई लिस्टेड
- 40:23एंटिटी है या उस लिस्टेड एंटिटी को कोई
- 40:26लिस्टेड एंटिटी की कोई मटेरियल सब्सिडरी
- 40:28है चाहे वो अनलिस्टेड ही क्यों ना हो अगर
- 40:30वो इंडिया के अंदर फॉर्म हुई है तो इन
- 40:32दोनों को इन दोनों को सेक्रेटरियल ऑडिट
- 40:34करवाना पड़ेगा तो चाहे लिस्टेड एंटिटी हो
- 40:36या उसकी मटेर सब्सिडरी हो जो इंडिया में
- 40:38फॉर्म हुई है उसको सेक्रेटरी ऑडिट कराना
- 40:40है। अब ये सेक्रेटरियल ऑडिट कौन करेगा?
- 40:42क्या चार्टर्ड अकाउंटेंट करता है? नहीं सर
- 40:44सेक्रेटेल ऑडिट कंप्लायंस वाला काम होता
- 40:45है वो सीएस करता है कंपनी सेक्रेटरी। तो
- 40:48जो कंपनी सेक्रेटरी होगा ना वो सेक्रेटेल
- 40:50ऑडिट करेगा। और कंपनी सेक्रेटरी भी कौन सा
- 40:52जिसके पास पीियर रिव्यू सर्टिफिकेट हो।
- 40:55जिसके पास पीियर
- 40:59रिव्यू सर्टिफिकेट हो। जिसके पास पीियर
- 41:02रिव्यु सर्टिफिकेट हो वो कंपनी सेक्रेटरी
- 41:04ही इसकी ऑडिट कर सकता है। लिस्टेड इन इन
- 41:07कंपनीज़ के मतलब सेक्रेटरी कर सकता है।
- 41:08एग्जांपल के लिए अगर कोई सीएस है लेट्स से
- 41:11मिस्टर एक्स अब ये पीयर रिव्यु सर्टिफिकेट
- 41:12क्या होता है? देखो ऐसे तुमने ऑडिट में
- 41:13पढ़ा होगा। ऑडिट के अंदर आता है। मैं वहां
- 41:15पे पढ़ाता हूं पर एक बार ऊपर ऊपर से बता
- 41:16देता हूं। चलो फटाफट फटाफट बताऊंगा अभी
- 41:18मैं एक बार। जैसे अगर आपको कोई एक मिस्टर
- 41:20X नाम का कोई कंपनी सेक्रेटरी मिस्टर X अब
- 41:22पप्पू बोल देते हैं यार थोड़ा ईजी रहता है
- 41:24बोलने में। ठीक है ना? तो एक पप्पू बोल
- 41:25देते हैं। पप्पू एक कंपनी सेक्रेटरी है।
- 41:27उसको क्या कराना है तो उसको Reliance की
- 41:29उसको Reliance LED की सेक्रेटरी ऑडिट करनी
- 41:31है। तो अगर पप्पू को Reliance की
- 41:32सेक्रेटरी ऑल ऑडिट करनी है तो उसको क्या
- 41:34करना पड़ेगा? पिंकी एक दूसरी कंपनी
- 41:36सेक्रेटरी है। कोई दूसरी कंपनी सेक्रेटरी
- 41:38है पिंकी। यह पिंकी है। तो उसको क्या
- 41:40कराना पड़ेगा? इसको इस पप्पू पिंकी को
- 41:43बोलेगा। पप्पू पिंकी को बोलेगा तू प्लीज
- 41:45मेरे फर्म की एक बार चेकिंग कर ले। प्लीज
- 41:47तू मेरे फर्म की चेकिंग कर ले। मेरे फर्म
- 41:49का रिव्यु कर ले। रिव्यु करके क्या
- 41:50बोलेगी? पिंकी पप्पू के फर्म का रिव्यु
- 41:53करेगी। पिंकी पप्पू के फर्म का रिव्यु
- 41:54करेगी और बोलेगी कि हां भाई पप्पू जो ऑडिट
- 41:57करता है ना सेक्रेटरी सेक्रेटेल ऑडिट वह
- 41:59बहुत ही अच्छे तरीके से करता है। बहुत ही
- 42:01अच्छे तरीके से करता है। कोई भी खराब
- 42:02तरीके से नहीं करता। अगर पिंकी ने ऐसा
- 42:05पप्पू को बोल दिया तो फिर उसको एक
- 42:07सर्टिफिकेट मिल जाता है। कौन देता है
- 42:08सर्टिफिकेट? जैसे अपना आईसीआई होता है ना
- 42:10अपना कौन होता है? इंस्टट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड
- 42:11अकाउंट ऑफ़ इंडिया। वैसे ही आईसीएसआई होता
- 42:13है। आईसीएसआई होता है उनका कंपनी
- 42:15सेक्रेटरी का कंपनी सेक्रेटरी की जो भी
- 42:17बॉडी होती है। तो वो जो आईसीएसआई होगी ना
- 42:20वो पप्पू को सर्टिफिकेट दे देगी। पप्पू को
- 42:22सर्टिफिकेट दे देगी कि हां भाई पप्पू ऑडिट
- 42:24करने लायक है। पप्पू एक अच्छा इंसान है।
- 42:26पप्पू एक अच्छा इंसान है। वो अच्छे से
- 42:27ऑडिट करता है। तो उसको बोलते हैं पीियर
- 42:29रिव्यु सर्टिफिकेट। तो ये पीयर रिव्यु
- 42:31सर्टिफिकेट उसको मिल जाएगा। तो जिन कंपनी
- 42:32सेक्रेटरीज के पास पीियर रिव्यु
- 42:34सर्टिफिकेट है वो इन कंपनीज़ की
- 42:36सेक्रेटरियल ऑडिट कर सकते हैं। और जो भी
- 42:38सेक्रेटेल ऑडिट रिपोर्ट होगी ना वो एनुअल
- 42:40रिपोर्ट के साथ लगानी पड़ेगी लिस्टेड कंपनी
- 42:42की। लिस्टेड कंपनी अभी एनुअल रिपोर्ट
- 42:43रिलीज़ कर रही है। तो उसके साथ सेक्रेटरियल
- 42:45ऑडिट रिपोर्ट भी दे देना। ठीक है? और
- 42:46अपॉइंटमेंट ऑफ़ ऑडिटर की बात सर।
- 42:48अपॉइंटमेंट ऑफ़ ऑटर भी नॉर्मल सा है। यहां
- 42:49पे ये बोलता है कि कुल मिला के कौन
- 42:51रिकमेंड करेगा उनका ऑडिटर कि भाई कौन से
- 42:53बंदे को ऑडिटर बनाना है? बोर्ड ऑफ़
- 42:55डायरेक्टर रिकमेंड करेगा। बोर्ड ऑफ़
- 42:56डायरेक्टर रिकमेंड करेगा। अब कोई अगर
- 42:59इंडिविजुअल सीएस है तो वो लगातार पांच
- 43:02क्सक्यूटिव ईयर तक बन सकता है। उसका एक
- 43:04टर्म कितने का? पांच क्सक्यूटिव ईयर का।
- 43:05कोई अगर सेक्रेटेल ऑडिट की फर्म है फर्म
- 43:08पहले तो इंडिविजुअल बंदा है तो मैक्सिमम 5
- 43:10साल का एक टर्म हो सकता है उसका। और अगर
- 43:12वही कोई फर्म है तो दो टर्म हो सकते हैं
- 43:14उसके फाइव फाइव ईयर मतलब 5 + 5 मैक्सिमम
- 43:1710 ईयर के ये सेम जो अपन ने ऑडिटर वाला
- 43:19पढ़ा हुआ है ना ऑडिटर के अंदर भी तो यही
- 43:21होता है भाई तो ये जो मतलब जो नॉर्मल
- 43:23कंपनीज़ का ऑडिटर होता है ये वो कब वही है
- 43:25ये वो कब हुई वही है तो रिकमेंड तो बोर्ड
- 43:27ऑफ़ डायरेक्टर करेंगे पर फाइनली अप्रूव कौन
- 43:28करेंगे अप्रूव शेयरहोल्डर करेंगे एजीएम के
- 43:30अंदर तो भाई कौन बंदा सेक्रेटरी करेगा
- 43:32बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर उसको रिकमेंड करेगा
- 43:34शेयरहोल्डर्स को अप्रूव करेंगे और अगर कोई
- 43:36अकेला बंदा है इंडिविजुअल तो एक टर्म के
- 43:38लिए मैक्सिमम अपॉइंट हो सकता है 5 साल की
- 43:39अगर वो फर्म है तो दो टर्म के लिए अपॉइंट
- 43:41हो सकता है 5 + 5 10 इयर्स के लिए ठीक है
- 43:43अब आ जाओ तुम वापस से रि रिस्ट्रिक्शन ऑन
- 43:46कमिटी ऑफ़ मेंबरशिप जो एक इंपॉर्टेंट टॉपिक
- 43:48है। आओ बेटा सर ये भी इंपॉर्टेंट है। मतलब
- 43:51ये मैं बोल रहा हूं ये तो इंपॉर्टेंट है
- 43:53इसलिए मैं पहले एल डीआर पहले पढ़ा रहा हूं।
- 43:54बाकी सब भी इंपॉर्टेंट है। पर हां ये
- 43:55इसमें तो सभी चीजें इंपॉर्टेंट आ रही है।
- 43:57तो मैक्सिमम अब आप इसके अंदर बोला है कि
- 43:59एक डायरेक्टर एक डायरेक्टर 10 से ज्यादा
- 44:03कम कम कमेटी का मेंबर नहीं बन सकता। 10 से
- 44:06ज्यादा कमेटी का मेंबर नहीं बन सकता। एक
- 44:08डायरेक्टर 10 से ज्यादा कमेटी का मेंबर
- 44:11नहीं बन सकता। और पांच से ज्यादा कमेटी का
- 44:13चेयर पर्सन भी नहीं बन सकता। पांच से
- 44:15ज्यादा कमेटी का चेयर पर्सन भी नहीं बन
- 44:17सकता है। तो एक डायरेक्टर 10 से ज्यादा
- 44:20कमेटी का मेंबर नहीं बन सकता। और एक
- 44:22डायरेक्टर पांच से ज्यादा कमेटी का चेयर
- 44:24पर्सन भी नहीं बन सकता। मेंबर कितने का
- 44:26नहीं बन सकता? 10 से ज्यादा का नहीं बन
- 44:27सकता। मतलब मैक्सिमम 10 कंपनी का ही वो 10
- 44:29कमेटी का ही मेंबर बन सकता है। मैक्सिमम
- 44:32चेयर पर्सन कितनी कमेटी का बन सकता है?
- 44:33पांच कमिटीज का। कमिटी मतलब जो ऑडिट कमिटी
- 44:36और स्टेक होल्डर कमिटी। कमिटी मतलब यहां
- 44:38पे क्या है? केवल ऑडिट कमिटी और स्टॉक
- 44:39होल्डर कमिटी। ऑडिट कमिटी और स्टेक होल्डर
- 44:41कमिटी। तो भाई अगर मैं डायरेक्टर हूं बहुत
- 44:43सारी कंपनीज़ में मैं बहुत सारी कंपनी में
- 44:45डायरेक्टर हूं। तो ऑडिट कमिटी बहुत सब सब
- 44:47कंपनी में ऑडिट कमिटी है। सब कंपनी में
- 44:48ऑडिट कमिटी तो मैं मैक्सिमम 10 कमेटी 10
- 44:50कंपनी की कमिटीज़ का ये ऑडिट कमिटी का ही
- 44:52डायरेक्टर बन सकता हूं। मतलब 10 मतलब इन
- 44:54दोनों को मिला के ऑडिट कमिटी और स्टेक
- 44:55होल्डर कमेटी। ठीक है? तो कौन-कौन सी
- 44:58कमेटी काउंट होती है कमिटी के अंदर? ऑडिट
- 45:00कमिटी और स्टेक होल्डर कमेटी। बाकी कमिटीज
- 45:02का तो आपको जितना डायरेक्टर जितना चेयरमैन
- 45:04बनना है बनो। पर जो ऑडिट कमिटी और स्टेक
- 45:06होल्डर कमिटी है इनको मिला के मैक्सिमम
- 45:08मैं 10 कमेटी का ही मेंबर बन सकता हूं।
- 45:10मैक्सिमम मैं 10 कमेटी का ही मेंबर बन
- 45:13सकता हूं और पांच कमेटी का ही मेंबर बन
- 45:15सकता हूं। पांच कमेटी का ही मेंबर बन सकता
- 45:17हूं। सिंपल सी बात है। और सर उसके अंदर
- 45:19कौन सी कंपनी की कमिटीज देख रहे हैं अपन।
- 45:21कौन सी कमेटी का? सर जो भी पब्लिक कंपनी
- 45:24है वो बोला। मतलब लिस्टेड कंपनी नहीं
- 45:26बोला। ये जो कमिटीज है ये कमेटी पे
- 45:28रिस्ट्रिक्शन लगाया ना कि इन कमेटी का
- 45:30मिला के मैं 10 का ही मेंबर बन सकता हूं
- 45:31या पांच का ही चेयरमैन बन सकता हूं। तो ये
- 45:33कमेटी कौन सी कंपनी की बोल रहे हैं? जो
- 45:35पब्लिक कंपनी है ना पब्लिक कंपनी केवल
- 45:38पब्लिक कंपनी की बात हो रही है। केवल
- 45:40पब्लिक कंपनी मतलब वो पब्लिक में चाहे
- 45:42लिस्टेड हो अनलिस्टेड हो कोई फर्क नहीं
- 45:44पड़ता। बस वो पब्लिक कंपनी होनी चाहिए। बस
- 45:46वो पब्लिक कंपनी होनी चाहिए। पब्लिक कंपनी
- 45:48के अंदर जो भी ये कमिटीज है आप जिसके
- 45:50डायरेक्टर हो जिसके डायरेक्टर उसमें 10
- 45:52कमेटी के ही मेंबर और पांच के चेयर पर्सन
- 45:54बन सकते हो। ठीक है? बाकी प्राइवेट कंपनी,
- 45:56फॉरेन कंपनी, हाई डेट लिस्टेड कंपनी,
- 45:58सेक्शन कंपनी सब एक्सक्लूड होगी।
- 46:01सर अब यह भी इंपॉर्टेंट है टाइप ऑफ कमिटीज
- 46:03एलओडीआर में टाइप ऑफ कमिटीज कौन-कौन सी
- 46:05टाइप ऑफ कमिटी होती है एलओडीआर में
- 46:07एलओडीआर में कौन-कौन सी टाइप ऑफ कमिटी
- 46:09होती है मैं ना ये सारी कमिटी आपके कंपनीज़
- 46:12एक्ट में भी थी तो मैंने आपके लिए अच्छा
- 46:14चीज पता है क्या करी आपके लिए मैंने अच्छी
- 46:16चीज करी दोनों को कंपेयर कर दिया सेक्शन
- 46:18177 कंपनीज़ एक्ट का क्या बोलता है और
- 46:19एलओडीआर क्या बोलता है इस कमिटीज़ के लिए
- 46:22इस ऑडिट कमिटी के लिए ठीक है इतना बढ़िया
- 46:25काम करा है ना मैंने फिर भी तुम पत्थर दिल
- 46:27लोग तुम पत्थर दिल लोग सब कुछ फ्री में
- 46:29देने के बाद ये नोट्स भी फ्री में
- 46:31मिलेंगे। बताता हूं। तुम एक वीडियो को
- 46:32लाइक भी नहीं करके जाते। अरे भाई कितने
- 46:34पत्थर दिल लोग हो। सामने वाले को मोटिवेशन
- 46:36कैसे मिलेगा? ना एक लाइक। और साथ में इतनी
- 46:38बार बोला है भाई तुम कमेंट क्यों नहीं
- 46:40करते हो? तुमको क्या शर्म आ जाती है भाई
- 46:42कमेंट करने में? इतना सामने वाला बोल रहा
- 46:43है तो भाई कमेंट में बता दो तुम्हारा
- 46:45अटेम्प्ट कौन सा है? तुम्हारा अटेम्प्ट
- 46:47कौन सा है सीए फाइनल का? ताकि मुझे पता
- 46:49पड़े तुम्हारे लिए क्या नई-नई चीजें लाऊं।
- 46:51बोल ले। जानना जरूरी है भाई। बता दो ना
- 46:52प्लीज यार। इतना कोई रिक्वेस्ट कराता है
- 46:54क्या टीचर से? से बेशर्म लोग। ठीक है?
- 46:55कमेंट अटेम्प्ट करना। तुम्हारा नाम बता
- 46:57देना। सीए एक्स व जेड इस अटेम्प्ट में सीए
- 46:59बनने की सोच रहे। बात खत्म ठीक है ना ये
- 47:01बताना याद रख के भाई लाइक कमेंट तो कर
- 47:02दिया करो बड़े बेशर्म लोग हो बाकी बड़े
- 47:04बेशर्म लोग पत्त लोग बोलते हैं भगवान देख
- 47:06रहे हैं सब ठीक है चलो बाकी नोट्स भी
- 47:08तुमको फ्री में मिल जाएंगे नोट्स कहां
- 47:09मिलेंगे सर telegram चैनल ज्वाइन कर लेना
- 47:11मेरा सीए
- 47:13हेमंत सोमानी इस नाम से अपना telegram
- 47:17चैनल है tlegram चैनल पे वहां पे तुम चैनल
- 47:19पे सर्च करोगे सीए हेमंत सोमानी telegram
- 47:21चैनल पे जाना उस telegram चैनल पे तुमको
- 47:23दिख जाएगा सी हेमंत सोानी तुमको telegram
- 47:25चैनल दिख जाएगा जो भी नोट्स है ना मैं
- 47:26तुमको वहां पे शेयर करता जाऊंगा अब नोट्स
- 47:28भी तुम पूछते हो सर वहां पे नहीं वहां पे
- 47:29नहीं अरे भाई Telegram चैनल पे जाओगे वहां
- 47:32पे एक फाइल या फिर मीडिया सेक्शन मिलेगा।
- 47:34फाइल या मीडिया सेक्शन नहीं होता मेरे
- 47:35Telegram चैनल पे जाने के बाद फाइल मीडिया
- 47:36सेक्शन होगा। वहां पे क्लिक करोगे जितनी
- 47:38भी पीडीएफ मैंने शेयर करी हुई है जितनी भी
- 47:40पीडीएफ मैंने शेयर करी हुई है वहां मिल
- 47:42जाएगी तुमको वहां वो पीडीएफ मिल जाएगी।
- 47:43ठीक है सारे नोट्स बात है। चलो वो जॉइन कर
- 47:46लेना तुम। अब सर आगे चलते हैं अपन। सर अब
- 47:49ऑडिट कमिटी इस कंपैरिजन से ही पढ़ लेते
- 47:50हैं। फिर एक बार ऊपर वापस से देख लेंगे।
- 47:52सर कंपैरिजन सर एलओ डीआर पे ऑडिट कमेटी
- 47:54किस-किस को बनानी होती है? जैसे कंपनीज़
- 47:55एक्ट में पढ़ा था कि ये ये लिमिट अगर पूरी
- 47:57हो जाएगी या फिर लिस्टेड कंपनी होगी
- 47:58अनलिस्टेड पे ये लिमिट पूरी हो जाएगी तो
- 47:59ऑडिट कमिटी बनानी। यहां पे सिंपल सी बात
- 48:01है एलडीआर लगता है लिस्टेड कंपनी पे। फिर
- 48:03अपन ने बोला था मिनिमम नंबर ऑफ़ डायरेक्टर
- 48:05कितने होने चाहिए ऑडिट कमिटी में सर तीन
- 48:07तीन। यहां पर भी कंपनी एक्ट ने भी तीन ही
- 48:09बोला है और एलओडीआर ने भी तीन ही बोला है।
- 48:11सर अब इस ऑडिट कमिटी में मिनिमम
- 48:14इंडिपेंडेंट डायरेक्टर कितने होने चाहिए?
- 48:16मिनिमम इंडिपेंडेंट डायरेक्टर कितने होने
- 48:17चाहिए? यहां पे बोला था मेजॉरिटी मतलब
- 48:20ग्रेटर दैन 50%। यहां पे बोला था ग्रेटर
- 48:22दैन 50%। यहां पे बोला था 2/3 यहां पे
- 48:26बोला 23 मतलब 66% हो गया एक तरीके से 66%
- 48:29तो यहां पर तो बोला था मेजॉरिटी डायरेक्टर
- 48:31कंपनीज़ एक्ट बोलता है मेजॉरिटी डायरेक्टर
- 48:32अगर आपके इंडिपेंडेंट है तो काम चल जाएगा
- 48:34पर ये मना कर देता है अगर आपकी लिस्टेड
- 48:36कंपनी अगर आपकी लिस्टेड कंपनी है तो ना
- 48:38भाई केवल मेजॉरिटी से काम नहीं चलेगा आपके
- 48:402/3 डायरेक्टर आपके 2/3 डायरेक्टर
- 48:42इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होने ही होने चाहिए
- 48:45टू थर्ड डायरेक्टर इंडिपेंडेंट होने ही
- 48:47होने चाहिए और अगर आपकी कंपनी में
- 48:49आउटस्टैंडिंग
- 48:51स्पेशल राइट इक्विटी है आउट आउटस्टैंडिंग
- 48:53स्पेशल राइट इक्विटी मैं बाद में पढ़ाऊंगा।
- 48:55कुल मिला के स्पेशल राइट किसी इक्विटी
- 48:57होल्डर को स्पेशल राइट होते हैं। अगर आपकी
- 48:59कंपनी में कोई स्पेशल राइट इक्विटी शेयर
- 49:00है तो आपके सारे के सारे मेंबर
- 49:03इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होने चाहिए। तो
- 49:06आपके सारे के सारे मेंबर इंडिपेंडेंट
- 49:09डायरेक्टर होने चाहिए ऑडिट कमिटी के। तो
- 49:11जनरली बोलता है लिस्टेड कंपनी में कि टू
- 49:13थर्ड डायरेक्टर इंडिपेंडेंट होना चाहिए।
- 49:14पर आपके अगर [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 49:15स्पेशल राइट इश आपके पास स्पेशल राइट
- 49:17इक्विटी शेयर इशू करे हुए हैं आपने तो भाई
- 49:19आपके सारे मेंबर इंडिपेंडेंट होने चाहिए।
- 49:21सारे मेंबर इंडिपेंडेंट होने चाहिए। ठीक
- 49:24है ना? तो ये स्टेट कंपनी में लगता है तीन
- 49:26डायरेक्ट मिनिमम होने ही होने चाहिए।
- 49:28उसमें से भी टू थर्ड इंडिपेंडेंट होने
- 49:30चाहिए। उसके अंदर अपन ने पढ़ा था फिर
- 49:31फाइनेंशियल लिटरेसी। तो अपन ने कंपनी में
- 49:33पढ़ा था कि मेजॉरिटी पर्सन को फाइनेंसियल
- 49:35लिटरेसी होना चाहिए। इंक्लूडिंग चेयर
- 49:37पर्सन इंक्लूडिंग चेयर पर्सन को भी
- 49:39फाइनेंसियल लिटरेसी होना चाहिए कि मतलब
- 49:40फाइनेंसियल स्टेटमेंट वगैरह समझ में आनी
- 49:42चाहिए। फाइनेंसियल स्टेटमेंट कैसे रीड
- 49:43करते हो वो सब आना चाहिए। पर यहां लिस्टेड
- 49:45के अंदर बोल दिया आपके जितने भी ऑडिट
- 49:47कमेटी के मेंबर हैं जितने भी मतलब ऑल ऑल
- 49:50मतलब ऑल सारे को सारे को फाइनेंसियल
- 49:52लिटरेसी होना चाहिए और एक तो उनमें से
- 49:54भयंकर वाला एक्सपर्ट होना चाहिए
- 49:55फाइनेंसियल स्टेटमेंट का एक तो भयंकर
- 49:57एक्सपर्ट होना चाहिए चेयर पर्सन अप ने
- 50:00बोला था कि चेयर पर्सन के लिए यहां पे कोई
- 50:01स्पेसिफिक रूल नहीं था कि इंडिपेंडेंट
- 50:02होना चाहिए या नहीं होना चाहिए इसके अंदर
- 50:04पर लिस्टेड में बोल दिया कि जो आपका चेयर
- 50:06पर्सन होगा वो इंडिपेंडेंट होना कंपलसरी
- 50:08चेयर पर्सन इंडिपेंडेंट होना कंपलसरी यहां
- 50:11पर ये तीन चार चीजें एक्स्ट्रा बोली है
- 50:13भाई बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट बना दिया
- 50:14प्रोविजन लिस्टेड कंपनी पे। यहां पे कंपनी
- 50:16एक में प्रोविजन नहीं थे। क्या स्ट्रिक्ट
- 50:18बोला है कि सर मीटिंग कि ऑडिट कमेटी को
- 50:20मीटिंग कब करनी पड़ेगी? एटलीस्ट चार
- 50:22मीटिंग करनी पड़ेगी साल में और जिनका
- 50:23मैक्सिमम गैप 120 डेज होगा। जिसका वो
- 50:27जिसका कोरम क्या होगा? 1/3 और टू वन थर्ड
- 50:29और टू डायरेक्टर व्हिच एवर इज़ हायर। 1/3
- 50:31और टू डायरेक्टर व्हिच एवर इज़ हायर। तो
- 50:32मतलब कम से कम दो डायरेक्टर तो होने ही
- 50:33चाहिए। मतलब मिनिमम कोई कंपनी में अगर दो
- 50:35ही डायरेक्टर है तो दो के दो होने ही होने
- 50:37चाहिए। इधर दो के दो इधर होने ही चाहिए।
- 50:39और दो के दो मिनिमम दो इंडिपेंडेंट
- 50:42डायरेक्ट होने चाहिए। चाहिए। मतलब वो
- 50:42दोनों भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होने ही
- 50:44होने चाहिए। तो सर कितना ज्यादा स्ट्रिक्ट
- 50:46कर दिया कि सर कोरम कितना है? 1/3 और टू
- 50:491/3 और टू डायरेक्टर व्हिच एवर इज़ हायर
- 50:51व्हिच एवर इज़ हायर। उसके अंदर भी सर आपके
- 50:53मिनिमम दो डायरेक्टर इंडिपेंडेंट होने
- 50:54चाहिए। उसके अंदर जो भी कोरम में आ रहे
- 50:56हैं उसमें से दो डायरेक्टर कम से कम
- 50:57इंडिपेंडेंट होने ही होने चाहिए। और ये
- 50:59एडिशनल वाला भी अपन चलो ऊपर से पढ़ लेते
- 51:01हैं। तो सर ये समझ आया ना? समझ आया ना? सर
- 51:04ये मैंने इसलिए आपका कंपैरिजन करके डाल
- 51:06दिया। चलो ठीक है। अभी कंपनी से थोड़ा भूल
- 51:07जाओ। तुमको भूलना हो तो अभी दिमाग मत
- 51:08लगाओ। फिर मैंने कंपैरिज़न कर दिया। रिवीज़
- 51:10के टाइम पे तुम्हारे काम आएगा। तो एलओडीआर
- 51:12के अंदर से ऑडिट कमेटी बोलता है कि कम से
- 51:13कम तीन डायरेक्टर होने चाहिए। उसमें से टू
- 51:15थर्ड इंडिपेंडेंट होने ही होने चाहिए और
- 51:17सारे बंदे को फाइनेंसियल लिटरेसी होनी
- 51:18चाहिए। चेयर पर्सन इंडिपेंडेंट होना
- 51:21चाहिए। और मीटिंग कोरम वगैरह के लिए भी
- 51:22बोलते हैं कि मीटिंग चार टाइम करनी है।
- 51:24चार टाइम मीटिंग करनी है। एक फाइनेंसियल
- 51:25ईयर में उसके अंदर 120 डेज का मैक्सिमम
- 51:27गैप हो सकता है। 120 डेज का मैक्सिमम गैप
- 51:28हो सकता है। कोरम टू और 1/3 कोरम टू और वन
- 51:32थर्ड इतना हो सकता है। कोरम टू और वन थर्ड
- 51:33व्हिच व्हिच व्हिच व्हिच व्हिच एवर इज़
- 51:34हायर। कोरम कितना हो सकता है? टू और वन
- 51:35थर्ड व्हिच इज़ हायर। उसमें भी दो
- 51:36इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होना कंपलसरी है।
- 51:39इसके अंदर एक और चीज देख लो।
- 51:42कि जो कंपनी सेक्रेटरी होता है ना वह
- 51:45सेक्रेटरी होता है ऑडिट कमेटी का। बस ठीक
- 51:47है। कंपनी सेक्रेटरी जो होता है ना ऑडिट
- 51:48कमेटी का सेक्रेटरी होता है। पर सर ये
- 51:51स्पेशल इनवाइट भी आप चाहो तो बुला सकते
- 51:53हो। ऑप्शनल है। मतलब इनको कोई वोटिंग राइट
- 51:56वगैरह नहीं होंगे। बस ऑडिट कमेटी की जब भी
- 51:57मीटिंग हो रही होगी तो इनको अपन बुला सकते
- 51:59हैं। किस-किस को? फाइनेंस का जो हेड है,
- 52:01फाइनेंस डायरेक्टर वगैरह उनका हेड या फिर
- 52:03इंटरनल ऑडिटर या फिर स्टचटरी ऑडिटर। इनको
- 52:05अपन बुला सकते हैं। इंटरनल ऑडिटर, स्टचटरी
- 52:07या फाइनेंस का हेड इनको अपन बुला सकते
- 52:08हैं। इनकी इच्छा हो।
- 52:10ठीक है? अब ये देखो
- 52:13कंपनी लिस्टेड कंपनी बनना चाहती है। उसके
- 52:15अंदर अभी सात डायरेक्टर हैं। इंक्लूडिंग
- 52:18चार इंडिपेंडेंट डायरेक्टर है। क्योंकि वो
- 52:19क्या बोलता है? कंपनी अभी मतलब लिस्टेड
- 52:21नहीं है। तो लिस्टेड नहीं है तो कितने
- 52:22इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होने चाहिए ऑडिट
- 52:24कमिटी के अंदर? तो सर मेजॉरिटी डायरेक्टर
- 52:26आपके इंडिपेंडेंट होने चाहिए। मेजॉरिटी
- 52:27कितना होता है सर? 7 का डिवाइड बाय टू
- 52:30होता है 3.5 मतलब फोर डायरेक्टर
- 52:32इंडिपेंडेंट होने चाहिए। पर अगर आपकी
- 52:34लिस्टेड कंपनी बन गई, लिस्टेड कंपनी बन गई
- 52:36तो आपके टू थर्ड डायरेक्टर इंडिपेंडेंट
- 52:38होना चाहिए। तो सेवन का जब आप 2/3 करोगे
- 52:40तो अप्रोक्समेटली आएगा फाइव डायरेक्टर।
- 52:42अप्रोक्समेटली आएगा फाइव डायरेक्टर। तो
- 52:44पांच इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की आपको यहां
- 52:46पे जरूरत पड़ेगी। ठीक है? तो ऐसे क्वेश्चन
- 52:49आपको सॉल्व करने पड़ेंगे। सर साथ में देखो
- 52:52ये मैंने क्वेश्चन की समरी दे दी है
- 52:54तुमको। तुमको दिख रहा होगा पूरा क्वेश्चन
- 52:55नहीं है। क्योंकि एमसीक्यू ही तो आने हैं
- 52:57फाइनली। तो भाई जितने भी एमसीक्यू थे ना
- 52:59जितने भी एमसीक्यू ऐसे हैं जितने भी आई
- 53:01आईसीआई के जो बड़ी-बड़ी बुकलेट निकाली है
- 53:03उनके एमसीक्यू है। जितनी भी टाइम
- 53:05न्यूमेरिकल लिमिट है जितनी भी
- 53:08टाइम न्यूमेरिकल लिमिट है। उन सारी टाइम
- 53:10न्यूमेरिकल लिमिट उन सारी टाइम न्यूमेरिकल
- 53:12लिमिट जितने भी एमसीक्यू क्रक्स हैं सबको
- 53:14समरी करके एक पीडीएफ में बना दिया। सबको
- 53:16समरी करके मैंने एक पीडीएफ में बना दिया
- 53:17और वो पीडीएफ भी तो मैं तुमको Telegram
- 53:19चैनल पे शेयर कर दूंगा। वापस से फाइल
- 53:21सेक्शन मीडिया सेक्शन में जाके देख लेना
- 53:22भाई। मत पूछना सर वो काहे काहे? अरे भाई
- 53:24यही है देखो तो सही। हां।
- 53:27ठीक है। चलो
- 53:29सर नॉमिनेशन रिमिनेशन कमेटी। उसके बाद
- 53:31नॉमिनेशन रिमिनेशन कमेटी कंपनी एक्ट में
- 53:33भी पढ़ी याद है सर कंपनी का सेक्शन 178 तो
- 53:36सर नॉमिनेशन रिमिनेशन कमेटी कौन बनाता है
- 53:37सर बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर बनाते हैं। दोनों
- 53:39के अंदर सेम प्रोविज़न है कि तीन या तीन से
- 53:41ज्यादा नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इसमें
- 53:43भी सेम है। तीन या तीन से ज्यादा नॉन
- 53:45एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मतलब सारे नॉन
- 53:46एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ही उसके अंदर होने
- 53:48चाहिए। उसके अंदर से इंडिपेंडेंट कितने
- 53:50होने चाहिए? टू थर्ड डायरेक्टर
- 53:52इंडिपेंडेंट होने चाहिए। अगर आपको याद हो
- 53:54तो अभी अपन यहां पे भी अपन नहीं पढ़ा ऑडिट
- 53:56कमिटी में कि टू थर्ड डायरेक्टर
- 53:57इंडिपेंडेंट होने चाहिए। पर कंपनी एक्ट
- 53:59थोड़ा कम स्ट्रिक्ट है। कंपनी एक्ट थोड़ा कम
- 54:01स्ट्रिक्ट है। यहां पे बोला कि हाफ
- 54:02इंडिपेंडेंट से भी चल जाएगा। यहां पे बोला
- 54:05कि चेयर पर्सन भी आपका इंडिपेंडेंट होना
- 54:07चाहिए। कंपनी एक्ट में ऐसी कोई
- 54:08रिक्वायरमेंट नहीं है। तो नॉमिनेशन
- 54:09रिमुनेरेशन कमेटी में तीन या तीन से
- 54:11ज्यादा नॉन एग्जीक्यूटिव एक्ट होने चाहिए।
- 54:13तीन या तीन से ज्यादा नॉन एग्जीक्यूटिव
- 54:15एक्ट होना चाहिए। इंडिपेंडेंट एक्ट कितने
- 54:17होने चाहिए? 2 थर्ड। टू थर्ड। उसमें चेयर
- 54:19पर्सन भी इंडिपेंडेंट होना चाहिए। उसमें
- 54:20से ऊपर से चेयर पर्सन भी इंडिपेंडेंट होना
- 54:22चाहिए। इसके अंदर कोरम भी बोल दिया कि
- 54:24कोरम कितना होगा? 1/3 और टू। 1/3 और टू।
- 54:28यहां पे भी बोला था वन थर्ड और टू मतलब
- 54:29सेम सेम चल रहा है। ऑडिट कमिटी में भी यही
- 54:31बोला इसके अंदर भी यही बोला वन थर्ड और टू
- 54:32उसके अंदर भाई यहां पे बोला कि एटलीस्ट एक
- 54:34इंडिपेंडेंट एक्टर प्रेजेंट होना चाहिए।
- 54:36यहां पे बोला एटलीस्ट दो इंडिपेंडेंट
- 54:37एक्टर प्रेजेंट होने चाहिए। वहां पर अब
- 54:40यहां पर मीटिंग के लिए बोला कि आपको कम से
- 54:42कम साल में एक मीटिंग तो करनी ही करनी है।
- 54:44कम से कम साल में आपको एक मीटिंग तो करनी
- 54:46ही करनी है। ठीक है?
- 54:51और ये अपन ने कंपनी एक्ट के अंदर भी पढ़ा
- 54:53था। सेम पॉइंट ये वापस से कि चेयर पर्सन
- 54:55जो होगा कंपनी का कंपनी का जो चेयर पर्सन
- 54:58है कंपनी का चेयर पर्सन वो एनआरसी का
- 55:00मेंबर तो बन सकता है एनआरसी का मेंबर तो
- 55:03बन सकता है पर एनआरसी का चेयर पर्सन नहीं
- 55:05बन सकता एनआरसी का मेंबर तो बन सकता है पर
- 55:07कंपनी का चेयर पर्सन नहीं बन सकता तो जो
- 55:09कंपनी का चेयर पर्सन है वापस से जो कंपनी
- 55:11का चेयर पर्सन है वो एनआरसी का मेंबर तो
- 55:15बन सकता है कोई दिक्कत नहीं है पर एनआरसी
- 55:17का चेयरमैन नहीं बन सकता चेयरमैन नहीं बन
- 55:20सकता ठीक है ये वही पॉइंट अब सर वापस आ
- 55:23जाओ इस चेक होल्डर कमिटी स्टेक होल्डर
- 55:24रिलेशनशिप कमिटी जिसको अपन बोलते हैं
- 55:26एसआरसी ये अपन ने पढ़ा था कंपनी का बड़ा
- 55:28सिंपल सा था सर कुल मिला के अगर आपके 1000
- 55:29से ज्यादा सिक्योरिटी होल्डर है 1000 से
- 55:31ज्यादा सिक्योरिटी होल्डर है तो आपको कुल
- 55:33मिला के कंपनी एक्ट के अंदर
- 55:36ये एसआरसी कमेटी बनानी पड़ेगी जिसका चेयर
- 55:38पर्सन नॉन एग्जीक्यूटिव हो जिसका चेयर
- 55:39पर्सन नॉन एग्जीक्यूटिव होगा बात खत्म
- 55:41इसके अंदर कंपनी की बात खत्म हो गई थी इधर
- 55:43भी छोटी बात ही करता है इधर भी छोटी बात
- 55:44करता है कि कुल मिला के लिस्टेड कंपनी है
- 55:46तो आपको स्टेक होल्डर रिलेशनशिप कमेटी
- 55:48बनानी पड़ेगी ताकि कभी भी शेयर होल्डर
- 55:49डिबेंचर होल्डर या किसी को भी कोई शिकायत
- 55:51आए तो वो वहां पे रेस कर सके। इसमें
- 55:53मिनिमम डायरेक्टर बोले हैं तीन डायरेक्टर
- 55:56एटलीस्ट एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर। तीन
- 55:58डायरेक्टर बोले तीन कम से कम डायरेक्टर
- 55:59इसके अंदर होने चाहिए। उसमें से भी एक
- 56:01इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होना चाहिए और चेयर
- 56:03पर्सन नॉन एग्जीक्यूटिव होना चाहिए। मतलब
- 56:05अपन ने अभी तक जो भी ऑडिट कमिटी ये कमेटी
- 56:07पढ़ी यहां पे चेयर पर्सन इंडिपेंडेंट
- 56:09चाहिए। यहां पे चेयर पर्सन इंडिपेंडेंट
- 56:11चाहिए। पर जो एसआरसी कमेटी है एसआरसी में
- 56:14इंडिपेंडेंट नहीं बोला। इन्होंने कहा तुम
- 56:15नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बना रख लोगे
- 56:17अपना चेयर पर्सन तो भी चल जाएगा। नॉन
- 56:19एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रखोगे तो भी चल
- 56:21जाएगा। ठीक है? जैसे यहां पर इन्होंने
- 56:23बोला था सेबी और इसके अंदर एनआरसी कमेटी
- 56:25में कि एटलीस्ट साल में एक मीटिंग करनी
- 56:26है। एटलीस्ट साल में एक मीटिंग करनी है।
- 56:28वैसे सेम यहां पर भी बोला कि एसआरसी कमेटी
- 56:30को भी साल में एक मीटिंग करनी कंपलसरी है।
- 56:32एक मीटिंग करनी कंपलसरी। अरे रुको भाई अभी
- 56:35पूरा कंपैरिजन कराऊंगा सारी कमेटी का। भाई
- 56:37ऐसे ही थोड़ी ना छोड दूंगा तुमको। बड़ा-बड़ा
- 56:39मेहनत लगा है। बड़ा मेहनत। आ जाओ सर। रिस्क
- 56:42मैनेजमेंट कमेटी। अब क्या बोलेंगे सर?
- 56:44रिस्क मैनेजमेंट कमेटी। सर रिस्क
- 56:45मैनेजमेंट कमेटी किस पे एप्लीकेबल होती
- 56:47है? अब ये तो कंपनीज़ एक्ट के अंदर तो है
- 56:48ही नहीं। ये तो कंपनीज़ एक्ट में है ही
- 56:50नहीं। तो इसको तो अपन को अलग से यहां पे
- 56:51पढ़ना पड़ेगा।
- 57:00सर रिस्क मैनेजमेंट में कमेटी यहां पे
- 57:02क्या होती है? सर रिस्क मैनेजमेंट कमेटी
- 57:03बनानी पड़ती है टॉप 1000 लिस्टेड कंपनी
- 57:06को। टॉप 1000 लिस्टेड कंपनी को। ठीक है?
- 57:09या फिर जो हाई वैल्यू डे लिस्टेड कंपनी है
- 57:12जो हाई वैल्यू डे लिस्टेड कंपनी है उनको।
- 57:13तो दो कंपनी को रिस्क मैनेजमेंट कमेटी
- 57:15बनानी है। टॉप 1000 लिस्टेड कंपनी या फिर
- 57:16हाई वैल्यू डे लिस्टेड कंपनी। टॉप 1000
- 57:18कंपनी या फिर हाई वैल्यू डेट लिस्टेड
- 57:20कंपनी जिसके अंदर कौन होंगे? बोर्ड ऑफ
- 57:23डायरेक्टर्स। कौन बनाएगा? सॉरी कौन बनाएगा
- 57:25जिसको? बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स इसको
- 57:27बनाएंगे। कंपोज़िशन क्या होगा? सर इसके
- 57:29अंदर मिनिमम तीन मेंबर होने चाहिए। मतलब
- 57:31यहां पे ऊपर अपन ने जो भी पढ़ा था उन्होंने
- 57:33कहा था डायरेक्टर होने चाहिए। तीन
- 57:35डायरेक्टर होने चाहिए। यहां पर भी आपके
- 57:37तीन और तीन से ज्यादा नॉन एग्जीक्यूटिव
- 57:39डायरेक्टर होने चाहिए। यहां पे डायरेक्टर
- 57:40की बात नहीं करी स्पेसिफिक। यहां पे बोल
- 57:42दिया कम से कम बस तीन मेंबर होने चाहिए।
- 57:44कोई भी मेंबर हो। बस उसमें से भी मेजॉरिटी
- 57:46डायरेक्टर हो। उसमें से भी मेजॉरिटी
- 57:48डायरेक्टर हो तो मिनिमम तीन मेंबर होने
- 57:49चाहिए रिस्क मैनेजमेंट कमेटी में और उसमें
- 57:50मेजॉरिटी डायरेक्टर्स हो उसमें मेजॉरिटी
- 57:53डायरेक्टर्स हो इसमें भी एटलीस्ट वन
- 57:55इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होना चाहिए और आपके
- 57:57स्पेशल राइट इक्विटी शेयर अगर लिस्टेड है
- 57:58तो टू थर्ड डायरेक्टर इंडिपेंडेंट होना
- 58:00चाहिए टू थर्ड डायरेक्टर इंडिपेंडेंट होने
- 58:01चाहिए तो आपका इसमें इंडिपेंडेंट
- 58:03डायरेक्टर एक होना चाहिए आपका इंडिपेंडेंट
- 58:04डायरेक्टर एक होना चाहिए उसमें से भी अगर
- 58:06आपके एसआर इक्विटी शेयर हो तो टू थर्ड
- 58:08डायरेक्टर इंडिपेंडेंट होने चाहिए टू थर्ड
- 58:10डायरेक्टर इंडिपेंडेंट होने चाहिए चेयर
- 58:12पर्सन आपका चेयर पर्सन डायरेक्टर होना
- 58:14कंपलसरी है कि भाई जो भी चेयर पर्सन होगा
- 58:16आर रिस्क मैनेजमेंट कमेटी का वो डायरेक्टर
- 58:18ही होगा और बाकी जो अदर मेंबर है वो कोई
- 58:20भी सीनियर एग्जीक्यूटिव हो सकते हैं। वो
- 58:21ठीक है ये फालतू पॉइंट है। बाकी चेयर
- 58:22पर्सन डायरेक्टर होना कंपलसरी है। अब
- 58:24मीटिंग कब और कितनी बार करानी है? देखो
- 58:25भाई साल में कम से कम दो बार तो मीटिंग
- 58:28होनी ही होनी चाहिए रिस्पेक्ट। मीटिंग कम
- 58:29से कम साल में दो बार तो होनी चाहिए। कम
- 58:31से कम दो बार और जो मैक्सिमम गैप होगा इन
- 58:34मीटिंग्स के बीच में वो 210 दिन का होगा।
- 58:36तो ये चीज इंपॉर्टेंट है भाई। ध्यान रखना।
- 58:38मीटिंग साल में दो बार करानी ही करानी है।
- 58:41और जो मैक्सिमम गैप होगा वो 210 दिन का हो
- 58:44सकता है। इससे ज्यादा का गैप नहीं हो
- 58:45सकता। दो मीटिंग के बीच के अंदर कोरम की
- 58:48अगर अपन बात करें कोरम कितने होंगे सर या
- 58:50तो 1/3 ऑफ़ टोटल मेंबर और टू व्हिच एवर इज़
- 58:52हायर वन थर्ड ऑफ़ टोटल मेंबर और टू व्हिच
- 58:54एवर इज़ हायर कि या तो वन थर्ड ऑफ़ टोटल
- 58:56मेंबर और टू व्हिच एवर इज़ हायर और उसके
- 58:58अंदर से भी मिनिमम एक डायरेक्टर तो अटेंड
- 59:01करना ही करना चाहिए मीटिंग को। एक
- 59:03डायरेक्टर तो अटेंड करना ही करना चाहिए
- 59:04मीटिंग को। ठीक है? ये वाला हो गया। एक
- 59:07यहां पे ना 210 दिन है। पहले तुम्हारे पास
- 59:09अगर ओल्ड बुक है तो 180 डेज हुआ हुआ होगा।
- 59:11180 डेज काट के 210 दिन कर लेना। जैसे
- 59:13यहां पे नीचे टेबल के अंदर भी शायद
- 59:15तुम्हारे 180 डेज हो रहा होगा। ये नीचे
- 59:17टेबल है पूरी की पूरी समरी के लिए। तो ये
- 59:19यहां पे दो यहां पे तुम्हारे 180 डेज हो
- 59:20रहा हो तो उसको भी 210 कर लेना। ठीक है
- 59:22ना? नई वाली लिमिट 210 की है अपना। ठीक
- 59:24है? तो एक बार आरएमसी सर क्या होता है?
- 59:25कुल मिला के आरएमसी किसको बनानी होती है?
- 59:27किस पे एप्लीकेबल होती है? तो टॉप 1000
- 59:28लिस्टेड कंपनी हो मार्केट कैप के हिसाब से
- 59:30या हाई वैल्यू डेड लिस्टेड कंपनी। कौन
- 59:32बनाता है? बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर बनाते हैं।
- 59:33कंपोज़िशन में कौन-कौन होता है? तीन मिनिमम
- 59:36तीन मेंबर तो होंगे ही होंगे। मिनिमम तीन
- 59:37मेंबर तो होंगे ही होंगे। उसमें से
- 59:38मेजॉरिटी डायरेक्टर होंगे। मिनिमम तीन
- 59:40मेंबर होंगे। मेजॉरिटी डायरेक्टर होंगे।
- 59:42इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होना कंपलसरी होता
- 59:44है। कम से कम एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 59:45होना चाहिए। और वही अगर आउटस्टैंडिंग एसआर
- 59:48पड़े हुए स्पेशल वाले शेयर पड़े
- 59:49आउटस्टैंडिंग एसआर इक्विटी शेयर है तो तो
- 59:51एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की जगह कम से कम
- 59:542/3 इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होने चाहिए। कम
- 59:56से कम 2/3 तो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर ही
- 59:58होने चाहिए। चेयर पर्सन डायरेक्टर होगा।
- 1:00:01मीटिंग दो बार करानी है साल में कम से कम
- 1:00:03और मैक्सिमम गैप जो मीटिंग में हो सकता है
- 1:00:05वो टू वो 210 दिन का हो सकता है। कोरम सर
- 1:00:08कितना होगा? आया तो 1/3 ऑफ़ टू 1/3 ऑफ़ टोटल
- 1:00:10मेंबर या फिर टू व्हिच एवर इज़ हायर। वन
- 1:00:12थर्ड ऑफ़ टोटल मेंबर और टू व्हिच एवर इज़
- 1:00:13हायर। उसमें से भी एक डायरेक्टर तो मिनिमम
- 1:00:15अटेंड करेगा ही करेगा मीटिंग को। ठीक है?
- 1:00:17मतलब वो तो कोरम में प्रेजेंट होना ही
- 1:00:19होना चाहिए। तुम पागल हो गए होंगे। मुझे
- 1:00:21समझ में आ रहा है तुम लोग। सर इतनी लिमिट
- 1:00:23आएगी एग्जाम में भी आएगी। तो भाई इसीलिए
- 1:00:25ये समरी भी पेश है तुम्हारे सामने। अब सब
- 1:00:26की सबकी समरी भी लगा दी अपन ने कि भाई
- 1:00:28तुमको थोड़ा इजी रहे। क्या था सर अपन ने
- 1:00:30समरी एक बार देखो। समरी अपना देखो सर क्या
- 1:00:33था समरी इसके अंदर? ऑडिट कमेटी एनआरसी
- 1:00:35एसआरसी एसएमसी पढ़ा था। तो अब ध्यान से
- 1:00:37देखो सब कुछ आराम से लगेगा। सब कुछ
- 1:00:38प्यारा-प्यारा लगेगा। तीन तीन तीन तीन सब
- 1:00:43में तीन तीन तीन तीन तीन तीन है। ठीक है
- 1:00:45सर। बस इसके अंदर अकेले के अंदर है कि
- 1:00:47यहां पे तीन नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
- 1:00:49बोला है और यहां पे तीन मेंबर बोला है।
- 1:00:50उसमें मेजॉरिटी डायरेक्ट इसमें भी
- 1:00:52मेजॉरिटी डायरेक्टर होने चाहिए। बाकी सब
- 1:00:54मेंबर कितने हैं? तीन तीन तीन तीन तीन।
- 1:00:55ठीक है? अब ऐसे ही याद होगा भाई। तीन तीन
- 1:00:57तीन तीन देखो। अब नंबर ऑफ़ इंडिपेंडेंट
- 1:00:59डायरेक्टर कितने होने चाहिए? इधर भी 2/3
- 1:01:01है। इधर भी 2/3 है। इधर वन वन है। इधर वन
- 1:01:04वन है। अब ऐसे ही कंपेयर करो तुम ऑडिट
- 1:01:05कमिटी एनआरसी एसआरसी आरएमसी ऐसे ही याद
- 1:01:07होगा तुमको। वरना नहीं होगा। टू थर टू
- 1:01:08थरथर वन वन टू थरथर टूथ थर वन वन वन वन
- 1:01:11चेयर पर्सन इंडिपेंडेंट इंडिपेंडेंट पर
- 1:01:13इसका नॉन एग्जीक्यूटिव और इसका और
- 1:01:15डायरेक्टर पहले इंडिपेंडेंट तो भारी वाला
- 1:01:17भयंकर इंडिपेंडेंट होने चाहिए। फिर उसको
- 1:01:19थोड़ा रिलैक्स करा। चल ठीक है नॉन
- 1:01:20एग्जीक्यूटिव के से काम चला लेंगे। फिर
- 1:01:22उसको और रिलैक्स करा। चल ठीक है। नॉर्मल
- 1:01:23डायरेक्टर से ही काम चला लेंगे। मीटिंग
- 1:01:26चार बार करनी है। इधर एक बार एक बार इधर
- 1:01:28दो बार। इधर दो बार। आरएमसी को दो बार और
- 1:01:30बाकी ऑडिट कमेटी को चार बार ऑडिट कमेटी को
- 1:01:32चार बार आरएमसी को दो बार ऑडिट कमिटी को
- 1:01:34चार बार आरएमसी को दो बार बाकी जगह एक-एक
- 1:01:36बार बाकी जगह एक-एक बार दो मीटिंग में गैप
- 1:01:38कितना होना चाहिए ऑडिट कमेटी में 120 डेज
- 1:01:41बोला है आरएमसी में 180 डेज बोला है ऑडिट
- 1:01:43कमेटी में 120 डेज बोला है आरएमसी में 180
- 1:01:45डेज बोला है मैक्सिमम गैप ठीक है कोरम
- 1:01:48कितना होना चाहिए सर कोरम 1/32
- 1:01:521/32 1/32 1/32 तो 1/3 1 एसआरसी में नहीं
- 1:01:57बोला बाकी 1/3 1/3 वन टू सब में सेम है।
- 1:02:00ठीक है? उसमें से भी दो इधर इंडिपेंडेंट
- 1:02:02होना चाहिए। बाकी जगह वन वन इंडिपेंड होना
- 1:02:03चाहिए। बाकी जगह वन वन इंडिपेंडेंट होना
- 1:02:05चाहिए। ठीक है? तो मेन पॉइंट अपने ये सारे
- 1:02:08के सारे यहां कवर हो गए। तो ये वाला एक
- 1:02:11बार रटना हो रट लो पॉज करके। पर ये याद
- 1:02:14करना पड़ेगा। एमसीक्यू में आएगा। तो इसलिए
- 1:02:15मैंने कंपैरिजन दे दिया। अच्छे से हो
- 1:02:17जाएगा तो। ठीक है? चलो बस अब लगभग आखिरी
- 1:02:21प्रोविज़न ही बचा है। आप एक तरह से ये मान
- 1:02:22के चलो। उसके नीचे वाले तो ठीक है। मतलब
- 1:02:25बस मेन तो एक आखिरी प्रोविजन ही बचा है।
- 1:02:27चलो आ जाओ।
- 1:02:28अब यह क्या बोलता है? यह बोलता है कि भाई
- 1:02:30जो भी आपकी लिस्टेड कंपनी है ना उन
- 1:02:32लिस्टेड कंपनी को कुछ कंप्लायंस करने होते
- 1:02:33हैं। उन लिस्टेड कंपनी को कौन-कौन से
- 1:02:35कंप्लायंस करने होते हैं? उनको क्वार्टरली
- 1:02:36बेसिस पे कुछ कंप्लाई करना होता है। फिर
- 1:02:39कुछ इंटिमेशन क्वार्टरली बेसिस पे और कुछ
- 1:02:41एनुअल बेसिस पे कंप्लायंस करने होते हैं
- 1:02:43कि हर साल कुछ कंप्लाई करने होते हैं।
- 1:02:45क्या-क्या कंप्लाई बोला है? देखो बहुत
- 1:02:46बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। बहुत
- 1:02:48इंपॉर्टेंट है। बहुत सारे ये पूरे के पूरे
- 1:02:50इंपॉर्टेंट है। ध्यान रखना भाई बहुत
- 1:02:51ज्यादा एमसीक्यूस वगैरह बनते हैं यहां से।
- 1:02:53तो आओ सबसे पहले क्वार्टरली कंप्लायंस
- 1:02:55क्या बोला है? यह बोला है कि भाई जैसे
- 1:02:57एग्जांपल के लिए बोलते हैं अपन को रिपोर्ट
- 1:03:00ऑन कॉर्पोरेट गवर्नेंस कि भाई साल में तीन
- 1:03:03चार चार क्वार्टर होते हैं साल के अंदर तो
- 1:03:06हर क्वार्टर पे हर क्वार्टर पे जो भी
- 1:03:08लिस्टेड कंपनी है ना लिस्टेड कंपनी उनको
- 1:03:10हर क्वार्टर पे एक रिपोर्ट होती है
- 1:03:11रिपोर्ट ऑन कॉर्पोरेट गवर्नेंस कि उनकी
- 1:03:14कंपनी कॉर्पोरेट गवर्नेंस सही से कर रही
- 1:03:15है नहीं कर रही है उसके लिए बोला है कि
- 1:03:18भाई भाई हर क्वार्टर में लेट्स से
- 1:03:20एग्जांपल अपने ये वाला ले लो एक कोई भी
- 1:03:22क्वार्टर है ये क्वार्टर है ये q1 खत्म
- 1:03:24हुआ क्वार्टर वन खत्म खत्म हुआ तो लिस्टेड
- 1:03:26कंपनी को बोला जैसे-जैसे आपका क्वार्टर
- 1:03:28खत्म हो जाए वैसे-जैसे आपका क्वार्टर खत्म
- 1:03:31हुआ क्वार्टर खत्म होते ही पहले कुछ दिन
- 1:03:33के अंदर अब वो दिन सेबी इनको बता देगा वो
- 1:03:36दिन कौन सेबी बताएगा लेट्स से एग्जांपल 30
- 1:03:38डेज लेट्स से एग्जांपल 30 डेज जैसे ही
- 1:03:40क्वार्टर खत्म हुआ क्वार्टर खत्म होने के
- 1:03:4330 डेज के अंदर-अंदर क्वार्टर जैसे ही
- 1:03:45खत्म हुआ क्वार्टर खत्म होने के 30 डेज के
- 1:03:47अंदर-अंदर इनको यह रिपोर्ट ऑन कॉर्पोरेट
- 1:03:50गवर्नेंस आरएसई
- 1:03:51[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 1:03:52को सबमिट करानी है रिकॉग्नाइज स्टॉक
- 1:03:54एक्सचेंज को सबमिट करानी है। ऐसा बोला हुआ
- 1:03:56है। सेम वैसे इन्वेस्टर कंप्लेंट
- 1:03:59स्टेटमेंट ये सारी चीजें बोली है कि
- 1:04:00क्वार्टरली बेसिस पे हर एक लिस्टेड कंपनी
- 1:04:03को हर एक लिस्टेड कंपनी को क्वार्टरली
- 1:04:06बेसिस पे यह सारा डॉक्यूमेंट ये सारा डाटा
- 1:04:08किसको देना है? उनको यह क्वार्टरली बेसिस
- 1:04:10पे आरएसई रिकॉग्नाइज स्टॉक एक्सचेंज को ये
- 1:04:13डाटा देना है हर क्वार्टर वाइज़ क्वार्टर
- 1:04:15वाइज़। तो देखो पहले बोला है रिपोर्ट ऑन
- 1:04:17कॉर्पोरेट गवर्नेंस। ये रिपोर्ट ऑन
- 1:04:19क्वार्टर रिपोर्ट ऑन कॉर्पोरेट गवर्नेंस।
- 1:04:20जैसे ही क्वार्टर खत्म होगा उसके कुछ
- 1:04:23दिनों बाद उसके कुछ दिनों बाद रिकॉग्नाइज
- 1:04:25स्टॉक एक्सचेंज को देना है। अब वो
- 1:04:26टाइमलाइन क्या है मेरी इन्होंने? देखो
- 1:04:28पहले 21 दिन की टाइमलाइन हुआ करती थी।
- 1:04:30पहले हुआ करती थी कि जैसे ही क्वार्टर वन
- 1:04:31खत्म हुआ तो क्वार्टर वन के 21 दिन के
- 1:04:34अंदर-अंदर क्वार्टर वन के क्वार्टर वन हो
- 1:04:36क्वार्टर टू हो हर क्वार्टर में क्वार्टर
- 1:04:38वन के 21 दिन के अंदर-अंदर रिकॉग्नाइज्ड
- 1:04:40स्टॉक एक्सचेंज को फाइल करना है रिपोर्ट
- 1:04:42ऑन कॉर्पोरेट गवर्नेंस। पर अब ये 21 दिन
- 1:04:44की टाइम लिमिट हटा दी। अब क्या टाइम लिमिट
- 1:04:46बोली है? यहां पे इन्होंने बोला टाइम
- 1:04:48लिमिट जो भी सेबी स्पेसिफाई करेगी तो सेबी
- 1:04:50कुछ भी स्पेसिफाई कर सकती है टाइम टू टाइम
- 1:04:52बाद में सेबी चेंज करती रहेगी जैसे अभी
- 1:04:54सेबी ने बोला हुआ है 30 दिन अभी क्या बोला
- 1:04:56हुआ है अभी बोला हुआ है सेबी ने 30 डेज 30
- 1:04:59डेज कि जैसे ही क्वार्टर वन खत्म हुआ
- 1:05:02क्वार्टर डे क्वार्टर वन या क्वार्टर टू
- 1:05:04जो भी क्वार्टर है क्वार्टर खत्म होते ही
- 1:05:06पहले 30 दिन के अंदर-अंदर क्वार्टर खत्म
- 1:05:07होते ही पहले 30 दिन के अंदर-अंदर ये
- 1:05:09रिपोर्ट ऑन कॉर्पोरेट गवर्नेंस रिकॉग्नाइज
- 1:05:11स्टॉक एक्सचेंज आरएससी को देना पड़ेगा
- 1:05:14आरसी आरएससी को देना पड़ेगा ठीक ठीक है?
- 1:05:16एक ये पॉइंट हो गया सर। वैसे ही सेम चलो
- 1:05:19हां एक ये भी है। उसके पहले एक और बताता
- 1:05:21हूं। हां देखिए जैसे ये तो क्वार्टरली तो
- 1:05:22देना ही देना है। क्वार्टरली के साथ-साथ
- 1:05:24यहां पर एनुअल भी बोला है एनुअल कंप्लायंस
- 1:05:27रिपोर्ट कि भाई ये एक रिपोर्ट ऑन
- 1:05:29कॉर्पोरेट गवर्नेंस क्वार्टरली तो देनी ही
- 1:05:30देनी है रिकॉग्नाइज़्ड स्टॉक एक्सचेंज को।
- 1:05:32साथ में एनुअली भी देनी पड़ेगी। साल खत्म
- 1:05:34होने के बाद जैसे ईयर एंड खत्म हुआ। लेट्स
- 1:05:36से यहां पे पूरा ईयर एंड खत्म हुआ। तो ईयर
- 1:05:39एंड खत्म होने के बाद ईयर एंड खत्म होने
- 1:05:41के बाद 6 [नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 1:05:42महीने के अंदर-अंदर 6 महीने 6 मंथ के
- 1:05:45अंदर-अंदर वापस से रिकॉग्नाइज स्टॉक
- 1:05:48एक्सचेंज को फाइल करनी पड़ेगी रिपोर्ट ऑन
- 1:05:49कॉर्पोरेट अकाउंटेंस। तो हर क्वार्टरली
- 1:05:51बेसिस पे करनी है। क्वार्टर खत्म होते ही
- 1:05:53पहले 30 दिन के अंदर। फिर जैसे ही साल
- 1:05:55खत्म हो गया ईयर एंड ईयर एंड खत्म होने के
- 1:05:56बाद भी 6 महीने के अंदर-अंदर देखो एनुअल
- 1:05:58कंप्लायंस ऑन रिपोर्ट टू बी सबमिटेड विथ
- 1:06:00इन सिक्स मंथ्स फ्रॉम द एंड ऑफ़ फाइनेंसियल
- 1:06:02ईयर। फाइनेंसियल ईयर खत्म होने के 6 महीने
- 1:06:04के अंदर-अंदर करनी है। हालांकि अब ये इतना
- 1:06:06डिटेल में मत जाओ। ऊपर यह बोला है कि अगर
- 1:06:08आप चाहो तो यह जो एनुअल कंप्लायंस की
- 1:06:10रिपोर्ट है ना यह आप सेकंड क्वार्टर की
- 1:06:13रिपोर्ट के साथ भी दे सकते हो। सेकंड
- 1:06:14क्वार्टर की रिपोर्ट मतलब जब यह ईयर खत्म
- 1:06:16हो गया तो एक वापस से नया ईयर नया ईयर
- 1:06:19खत्म हो गया ना नया ईयर शुरू हो गया। न्यू
- 1:06:21वाला ईयर खत्म शुरू हो गया। एक वापस से
- 1:06:23न्यू वाला q1 हो गया। नया वाला q2 हो गया।
- 1:06:26नया वाला नेक्स्ट ईयर वाला Q2 नेक्स्ट ईयर
- 1:06:28वाला Q2 तो ये बोल रहा है जो नेक्स्ट ईयर
- 1:06:30वाले क्वार्टर टू की जब आप रिपोर्ट ऑन
- 1:06:31कॉर्पोरेट गवर्नेंस सबमिट करोगे ना
- 1:06:33नेक्स्ट ईयर वाले क्वार्टर की नेक्स्ट ईयर
- 1:06:35वाले क्वार्टर की इस वाले क्वार्टर की जब
- 1:06:37आप रिपोर्ट ऑन कॉर्पोरेट गवर्नेंस सबमिट
- 1:06:38करोगे ना उस वक्त ये पूरे साल वाली
- 1:06:41कॉर्पोरेट गवर्नेंस रिपोर्ट भी आप चाहो तो
- 1:06:42उसके साथ में ही सबमिट कर सकते हो ठीक है
- 1:06:45बहुत ज्यादा डिटेल हो गया समझ में आ गया
- 1:06:46होगा पर इतना डिटेल की भी जरूरत है एस सच
- 1:06:48है नहीं बाकी सिंपल-सिंपल शब्दों में ये
- 1:06:50है कि हर क्वार्टर बेसिस पे रिपोर्ट ऑन
- 1:06:52कॉर्पोरेट गवर्नेंस आपको आरएससी को देनी
- 1:06:53है 30 दिन के अंदर-अंदर क्वार्टर खत्म
- 1:06:55होती है पहले और आपको जैसे ही ईयर खत्म
- 1:06:57हुआ उसके 6 महीने के अंदर-अंदर भी वापस से
- 1:06:59दे दिए। तो एक ये हो गया। फिर सेम आपको
- 1:07:01क्वार्टरली बेसिस पे इन्वेस्टर कंप्लेंट
- 1:07:03स्टेटमेंट भी देना है कि भाई कंपनी है।
- 1:07:04कंपनी को बहुत सारे इन्वेस्टर की कंप्लेंट
- 1:07:06आई हुई हुई होती है। तो उसको रिकॉग्नाइज
- 1:07:08स्टॉक एक्सचेंज को बताना पड़ेगा कि भाई
- 1:07:09कौन-कौन से इन्वेस्टर ने हमको कौन-कौन सी
- 1:07:11कंप्लेंट दी है वो सारा का सारा उनको
- 1:07:13बताना होगा। टाइमलाइन नहीं सर इसमें भी
- 1:07:15टाइमलाइन कुछ नहीं बोली। बस विथ इन द
- 1:07:16टाइमलाइन स्पेसिफाइड बाय द सेबी। कि सेबी
- 1:07:18जो भी टाइमलाइन बताएगा उस टाइम पे आप
- 1:07:20रिकॉग्नाइज़्ड स्टॉक एक्सचेंज को बता देना
- 1:07:21हर क्वार्टरली बेसिस पे। हो सकता है
- 1:07:23क्वार्टरली 21 दिन पहले 21 दिन था वह कट
- 1:07:25कर दिया कि हर क्वार्टर के 21 दिन में हर
- 1:07:26क्वार्टर के 10 दिन के बाद हर क्वार्टर
- 1:07:28खत्म होते ही 15 दिन बाद ऐसी कोई भी
- 1:07:30टाइमलाइन सेबी बता देगा अब इन्वेस्टर
- 1:07:32कंप्लेंट स्टेटमेंट में आपको क्या-क्या
- 1:07:33देना है आपको देना है कि भाई जब हमने यह
- 1:07:36क्वार्टर शुरू हुआ था क्वार्टर शुरू होते
- 1:07:37वक्त उसके बिगिनिंग में कितनी कंप्लेंट
- 1:07:40पड़ी हुई थी क्वार्टर के बिगिनिंग में
- 1:07:41कितनी कंप्लेंट थी ड्यूरिंग द क्वार्टर
- 1:07:43क्वार्टर जब वो पूरा क्वार्टर चल रहा था
- 1:07:46उस वक्त कितनी कंप्लेंट हमको और एक्स्ट्रा
- 1:07:48मिली उसमें से कितनी कंप्लेंट हमने
- 1:07:50डिस्पोज ऑफ कर दी कि हां भाई इतनी
- 1:07:51कंप्लेंट हमने सुलझा भी और कितनी अभी भी
- 1:07:53अनरिजॉल्व पड़ी [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 1:07:54हुई है कि हां भाई इतनी कंप्लेन अभी भी हम
- 1:07:55उसको रिॉल्व नहीं कर पाए। तो कितनी
- 1:07:57क्वार्टर के स्टार्टिंग में कितनी पेंडिंग
- 1:07:59कंप्लेंट थी, कितनी हमको नई कंप्लेंट
- 1:08:00मिली, कितनी डिस्पोज ऑफ दी और कितनी
- 1:08:02अनरिजॉल्व पड़ी है आपको बताना पड़ेगा। ठीक
- 1:08:04है? उसके बाद आपको बोला है कि भ जो भी
- 1:08:06आपकी शेयर होल्डिंग पैटर्न और सिक्योरिटी
- 1:08:08पैटर्न है वो भी आपको बताना पड़ेगा। 21
- 1:08:10दिन के अंदर-अंदर यहां पे 21 डेज की लिमिट
- 1:08:12है। तो लिमिट यहां पे ध्यान रखना रिपोर्ट
- 1:08:14ऑन कॉर्पोरेट गवर्नेंस इन्वेस्टर कंप्लेंट
- 1:08:16के अंदर कोई भी लिमिट नहीं दी हुई है। बट
- 1:08:17हां रिपोर्ट ऑन कॉर्पोरेट गवर्नेंस में
- 1:08:19बाद में ICI ने बोल दिया कि 30 दिन की
- 1:08:21लिमिट अभी सेबी ने बताई हुई है। तो यहां
- 1:08:22पे 30 दिन है। इन्वेस्टर कंप्लेन में कोई
- 1:08:24भी ऐसी लिमिट नहीं है। बस बोला है कि भाई
- 1:08:25जब सेबी बताएगा उस वक्त उस वक्त आपको फाइल
- 1:08:28करनी है। ठीक है? उसके बाद शेयर होल्डिंग
- 1:08:31पैटर्न भी हर क्वार्टरली बेसिस पे बताना
- 1:08:33पड़ेगा। आरएससी को शेयर होल्डिंग पैटर्न
- 1:08:34क्या होता जैसे Reliance है तो Reliance
- 1:08:35को बताना होगा कि भाई लेट्स से एग्जांपल
- 1:08:38के लिए 5% शेयर तो नीता अंबानी के पास है।
- 1:08:402% शेयर मुकेश अंबानी के पास है। 10% शेयर
- 1:08:44अनंत अंबानी के पास है। कितने-कितने
- 1:08:45परसेंट ऑफ़ शेयर किसके पास है? ये सब उसको
- 1:08:48बताना होता है हर सिक्योरिटी के लिए। ये
- 1:08:50कब बताना है? 21 दिन के अंदर हर क्वार्टर
- 1:08:52का। जैसे ही क्वार्टर खत्म हुआ, क्वार्टर
- 1:08:54खत्म होते ही पहले 21 दिन के अंदर-अंदर।
- 1:08:5621 दिन के अंदर-अंदर रिकॉग्नाइज़ स्टॉक
- 1:08:58एक्सचेंज को यह फाइल करना पड़ेगा कि उनका
- 1:09:00शेयर होल्डिंग का पैटर्न क्या है। ठीक है
- 1:09:02सर। ठीक है? तो एक ये हर क्वार्टरली बेसिस
- 1:09:04पे तो बताना ही पड़ेगा। पूरा का पूरा शेयर
- 1:09:06होल्डिंग पैटर्न हर क्वार्टरली बेसिस पे
- 1:09:08तो बताना ही पड़ेगा। अपन ने पढ़ा। उसके
- 1:09:10अलावा और भी बताना पड़ेगा। एकद बार और
- 1:09:12बताना पड़ेगा। कब-क बताना पड़ेगा? जब भी
- 1:09:14आपकी कंपनी फर्स्ट बार लिस्ट करा रहे हो।
- 1:09:16आप पहली बार लिस्ट करा रहे हो तो भाई जब
- 1:09:19भी आप पहली बार लिस्ट करा रहे हो उसके 1
- 1:09:21दिन पहले जब भी आप पहली बार अपनी कंपनी का
- 1:09:23आईपीओ ला रहे हो। पहली बार लिस्ट करा रहे
- 1:09:25हो। पहली बार लिस्ट करा रहे हो कंपनी को।
- 1:09:27उसके 1 दिन पहले 1 दिन पहले भी आप
- 1:09:29रिकॉग्नाइज स्टॉक एक्सचेंज को बता देना कि
- 1:09:32भाई हमारे कौन-कौन से शेयर होल्डर हैं।
- 1:09:34किसके पास कितने-कितने शेयर्स हैं ये भी
- 1:09:35आप बता देना। ठीक बात है। एक ये केस हो
- 1:09:38गया। ये भी इंपॉर्टेंट है भाई। एमसीक्यू
- 1:09:39में आते ध्यान रखना ये भी इंपॉर्टेंट है।
- 1:09:41साथ में अगर आपकी कंपनी में कोई भी कैपिटल
- 1:09:44रिस्ट्रक्चरिंग हुई है। आपकी कंपनी में
- 1:09:46कोई कैपिटल रिस्ट्रक्चरिंग हुई है। जिसकी
- 1:09:48वजह से आपका 2% ऑफ पैडल शेयर कैपिटल चेंज
- 1:09:50हो गया। मोर देन 2% मोर देन 2%। मैंने
- 1:09:53क्या बोला? अगर आपकी कंपनी में कोई भी
- 1:09:55कैपिटल रिस्ट्रक्चरिंग हुई है जिसकी वजह
- 1:09:57से आपका पेड अप शेयर कैपिटल चेंज हो गया
- 1:09:592% से ज़्यादा 2% से ज़्यादा चेंज हो गया तो
- 1:10:03आपको तो आपको जैसे ही ये आपकी कैपिटल
- 1:10:06रिस्ट्रक्चरिंग हुई है ना यहां पे कैपिटल
- 1:10:08रिस्ट्रक्चरिंग हुई उसके 10 दिन के
- 1:10:10अंदर-अंदर उसके 10 दिन के अंदर-अंदर आपको
- 1:10:13वापस से रिकॉग्नाइज़्ड स्टॉक एक्सचेंज को
- 1:10:15बताना है। आपको रिकॉग्नाइज़्ड एक्सचेंज को
- 1:10:17बताना है। ठीक है? चलो तो जैसे ही आपकी
- 1:10:20कैपिटल रिस्ट्रक्चरिंग हुई उसके 10 दिन के
- 1:10:22अंदर-अंदर वापस से आपको रिकॉग्नाइज स्टॉक
- 1:10:24एक्सचेंज को बताना है। जब आपकी कंपनी
- 1:10:26लिस्ट हो रही है उसके 1 दिन पहले भी बताना
- 1:10:28है और बाकी क्वार्टरली बेसिस पे तो आपको
- 1:10:29बताना ही बताना है 21 दिन के अंदर। तो ये
- 1:10:323 पॉइंट एक पहले क्या हो गए अपने
- 1:10:33कॉर्पोरेट गवर्नेंस रिपोर्ट क्वार्टरली
- 1:10:34बेसिस पे देनी है अपन को आरएससी को। टाइम
- 1:10:36लिमिट कुछ नहीं है पर 30 दिन आप भी ध्यान
- 1:10:38रखना। इन्वेस्टर कंप्लेन कोई टाइम लिमिट
- 1:10:40नहीं है। बस क्वार्टरली बेसिस पे देना है
- 1:10:41आपको। शेयर होल्डिंग पैटर्न आपका जो भी है
- 1:10:43वो भी क्वार्टरली पे देना है। लिस्ट होने
- 1:10:44के 1 दिन पहले भी देना है। और कैपिटल
- 1:10:46रिस्ट्रक्चरिंग अगर हुई है जिसकी वजह से
- 1:10:472% पेट शेयर का चेंज हो गया तो 10 दिन के
- 1:10:49अंदर-अंदर वापस से देना है। ठीक है सर साथ
- 1:10:52में ये देखो स्टेटमेंट ऑफ यूटिल अन
- 1:10:56यूटिलाइजेशन ऑफ प्रोसीड्स कि भाई आपने कभी
- 1:10:59भी अगर आप कभी भी आईपीओ एफपीओ इनसे पैसा
- 1:11:02उठाते हो आपको पता होगा कि अगर हमने कोई
- 1:11:04आईपीओ इशू करा एपीओ इशू करा कोई शेयर इशू
- 1:11:06करें तो अपन एक उसका एक पर्पस होता है।
- 1:11:08अपन एक प्रोस्पेक्टस भी इशू करते हैं साथ
- 1:11:10में। उस प्रोस्पेक्टस में अपन पर्पस बताते
- 1:11:13हैं भाई कि अपन उस पर्पस में बताते हैं कि
- 1:11:15भाई हम ये पैसा क्यों उठा रहे हैं? हम ये
- 1:11:17पैसा क्यों उठा रहे हैं? प्रोस्पेक्टस में
- 1:11:19हम लिख के देते हैं ना कि भाई हम ये पैसा
- 1:11:21ले रहे हैं लेट्स से फिक्स्ड एसेट को यूटी
- 1:11:22फिक्स्ड एसेट खरीदेंगे हम ₹50 करोड़ की।
- 1:11:24हम बताते हैं उसमें। तो अगर कभी भी आपने
- 1:11:27बोला कुछ और था प्रोस्पेक्टस में और उस
- 1:11:29पैसे को आपने किसी दूसरे पर्पस के लिए
- 1:11:31यूज़ ले लिया। जैसे एग्जांपल आपने बोला था
- 1:11:33फिक्स्ड एसेट खरीदोगे। पर आपने उस पैसे को
- 1:11:35डेविएट कर दिया। आपने फिक्स्ड एसेट की जगह
- 1:11:37क्या करा? आपने मार्केटिंग एक्सपेंडिचर कर
- 1:11:39दिया कि बोला था ₹50 करोड़ जो आप पैसा उठा
- 1:11:41रहे हो आईपीओ एफपीओ से उसका फिक्स्ड एसेट
- 1:11:43खरीद दोगे नहीं। पर आपने मार्केटिंग
- 1:11:44एक्सपेंस कर दिए। या फिर आपने बोला था कि
- 1:11:46आप वेरिएशन हो गया कोई। आपने बोला था कि
- 1:11:48आप ₹5 करोड़ खर्च करोगे फिक्स्ड एसेट के
- 1:11:51अंदर। पर आपने ₹5 करोड़ की जगह ₹10 करोड़
- 1:11:53खर्च कर दिए। मतलब वेरिएशन हो गया कुछ। तो
- 1:11:55कभी भी अगर कोई डेविएशन या वेरिएशन हुआ है
- 1:11:57या तो कोई डेविएशन हुआ है या वेरिएशन हुआ
- 1:12:00है तो भी आपको क्वार्टरली बेसिस पे बताना
- 1:12:02पड़ेगा कि भाई आपने जो पैसा उठाया था
- 1:12:04लोगों से उसमें से कोई भी आपने डेविएशन या
- 1:12:06वेरिएशन करा है क्या? तो डेविएशन जो भी
- 1:12:09चीज आपने ऑफर डॉक्यूमेंट प्रोस्पेक्टस में
- 1:12:11लिखा था वो यूज़ नहीं लेके दूसरे काम के
- 1:12:13लिए यूज़ ले लिया। वेरिएशन कैटेगरी वाइज़
- 1:12:14वही आपको देना पड़ेगा कि भाई मार्केटिंग
- 1:12:16वर्किंग कैपिटल कैपेक्स में आपका कितना
- 1:12:18वेरिएशन आया। कितना पैसा आपने खर्च करा।
- 1:12:19ठीक है? तो ये आपको देना पड़ेगा क्वार्टरली
- 1:12:22बेसिस पे। जब तक आपका पूरा का पूरा फंड
- 1:12:24कंज्यूम ना कर लो, पूरा फंड आप यूटिलाइज
- 1:12:26ना कर लो तब तक देना पड़े। ठीक है सर।
- 1:12:30उसके बाद अपन चलते हैं। ये देखो। उसके बाद
- 1:12:32अब आता है सर एक ये ये आपको पता होगा
- 1:12:34क्वार्टरली और ईयर टू डेट वाला। आपको पता
- 1:12:36होगा एफएस कि भाई जो लिस्टेड कंपनी है
- 1:12:38उनको क्वार्टरली बेसिस पे भी क्वार्टरली
- 1:12:40बेसिस पे भी फाइनेंसियल स्टेटमेंट इशू
- 1:12:42करना होता है। जो आर्टिकलशिप कर रहे हैं
- 1:12:43ऑलरेडी उनको तो पता होगा कि भाई
- 1:12:45आर्टिकलशिप में आपको पता पड़ गया होगा कि
- 1:12:46जो भी लिस्टेड कंपनी है जो भी लिस्टेड
- 1:12:49कंपनी है उनको हर क्वार्टर फाइनेंसियल
- 1:12:51स्टेटमेंट बनाने होते हैं। ये q1 है, ये
- 1:12:54q2 है, ये q3 है, यह q4 है। हालांकि q4 के
- 1:12:58फाइनेंसियल स्टेटमेंट जनरली नहीं बनते।
- 1:13:00क्यों नहीं बनते q4? क्योंकि क्वार्टर 4
- 1:13:02में तो पूरा साल भर कंप्लीट हो गया। पूरा
- 1:13:03साल भर कंप्लीट हो गया। फिर तो पूरे ईयर
- 1:13:05के पूरे ईयर के फाइनेंसियल स्टेटमेंट एक
- 1:13:08साथ चले जाते हैं। बाकी क्वार्टर वन
- 1:13:09क्वार्टर टू क्वार्टर थ्री हर क्वार्टर के
- 1:13:11फाइनेंसियल स्टेटमेंट देने पड़ते हैं। कब
- 1:13:13देने होते हैं? क्या टाइम लिमिट है? तो
- 1:13:14भाई ये बोला है 45 डज़ फ्रॉम द एंड ऑफ़
- 1:13:18क्वार्टर 45 डेज कि जैसे ही आपका क्वार्टर
- 1:13:20वन खत्म हुआ या क्वार्टर टू खत्म हुआ
- 1:13:23उसमें 45 डज़ आप ऐड कर लो। उसमें 45 डेज ऐड
- 1:13:27कर लो। तो हर क्वार्टर खत्म होते ही पहले
- 1:13:2945 डेज के अंदर-अंदर आपको रिकॉग्नाइज
- 1:13:31स्टॉक एक्सचेंज को आपके क्वार्टरली वाले
- 1:13:33फाइनेंसियल स्टेटमेंट सबमिट करने ही करना
- 1:13:35है। उसमें आपका क्वार्टरली डाटा भी होता
- 1:13:37है और क्यूमुलेटिव डाटा भी होता है कि भाई
- 1:13:39क्यूमुलेटिव आप समझते हो ना क्यूमुलेटिव
- 1:13:40डाटा भी इसके अंदर होता है। बट हां लास्ट
- 1:13:42वाले में नहीं होता। मैंने बोला लास्ट
- 1:13:43वाले के अंदर एप्लीकेबल नहीं होता। क्यों?
- 1:13:45क्योंकि लास्ट वाले में आप एनुअल
- 1:13:46फाइनेंसियल स्टेटमेंट पूरे साल भर का वैसे
- 1:13:48ही फाइल कर देते हो। तो यहां पर एक चीज तो
- 1:13:51ये बोली है कि भाई जैसे ही क्वार्टर खत्म
- 1:13:53होगा हर क्वार्टर के 45 डेज में आपको
- 1:13:55क्वार्टरली एफएस फाइल करना है। ठीक है सर।
- 1:13:57पर एक और चीज़ बोली है। यह यहां पे
- 1:13:58अमेंडमेंट आया था। भाई यह अमेंडमेंट है।
- 1:14:00क्या बोला था? यह बोला कि अगर आपकी कंपनी
- 1:14:02आईबीसी में है। अपन ने इंसॉल्वेंसी
- 1:14:04बैंककरप्सी कोड ऑलरेडी पढ़ लिया है। जिसने
- 1:14:06वो वीडियो नहीं देखी आप पढ़ लोगे आईबीसी
- 1:14:07क्या होता है। अगर आपकी कंपनी में आईबीसी
- 1:14:09में इंसॉल्वेंसी बैंकरप्सी कोड में अगर
- 1:14:11आपकी कंपनी ठीक है। और आपका रेोल्यूशन
- 1:14:14प्लान अप्रूव हो गया। ये अपन ने आईबीसी
- 1:14:16में पढ़ा हुआ है। मैं वापस से अभी नहीं
- 1:14:17समझा पाऊंगा भाई। ठीक है ना? अगर आपका
- 1:14:19रेोल्यूशन प्लान अप्रूव हो गया। ठीक है
- 1:14:22सर। तो जिस क्वार्टर में आपका रेोल्यूशन
- 1:14:25प्लान अप्रूव हुआ है अगर आपकी कंपनी
- 1:14:26आईबीसी के अंदर है और आपका रेोल्यूशन
- 1:14:29प्लान अप्रूव हो गया है तो भाई जिस भी
- 1:14:32क्वार्टर में जिस भी क्वार्टर के अंदर
- 1:14:35आपका रेोल्यूशन प्लान अप्रूव हुआ है ना उस
- 1:14:38क्वार्टर के 90 डेज के अंदर-अंदर उस
- 1:14:42क्वार्टर के 90 डेज के अंदर-अंदर आप वापस
- 1:14:45से अपना फाइनेंसियल स्टेटमेंट फाइल कर
- 1:14:46देना रिकॉग्नाइज़ स्टॉक एक्सचेंज को
- 1:14:48रिकॉग्नाइज़ स्टॉक एक्सचेंज को। तो जनरली
- 1:14:51तो वैसे क्या बोलता है सर जनरली आपको हर
- 1:14:52कंपनी को जो भी लिस्टेड कंपनी है उसको 45
- 1:14:54डेज के अंदर अंदर हर क्वार्टर के 45 डेज
- 1:14:56के अंदर-अंदर आपको रिकॉग्नाइज्ड एक्सचेंज
- 1:14:58को फाइल करना है और एक और स्पेशल केस दिया
- 1:15:00है कि अगर आपकी कंपनी आईबीसी में
- 1:15:02इंसोल्वेंसी बैंकरप्सी में तो एक और चीज
- 1:15:04बता दी कि जिस क्वार्टर में आपका
- 1:15:05रेोल्यूशन प्लान अप्रूव हुआ कि हां भाई
- 1:15:07कोई भी क्वार्टर वन है लेट्स से एग्जांपल
- 1:15:09के लिए क्वार्टर वन है क्वार्टर वन के
- 1:15:10अंदर अगर मेरा रेोल्यूशन प्लान अप्रूव हुआ
- 1:15:12तो क्वार्टर वन से 90 डेज के अंदर-अंदर
- 1:15:14क्वार्टर वन से 90 डेज के अंदर-अंदर मैं
- 1:15:16रिकॉग्नाइज स्टॉक एक्सचेंज को फाइल कर
- 1:15:18दूंगा मेरा फाइनशियल स्टेटमेंट। ठीक है?
- 1:15:21यह वाला पॉइंट है। ओके?
- 1:15:25और यह सेम यह भी लास्ट क्वार्टर में नहीं
- 1:15:27लगता। लास्ट क्वार्टर में क्यों नहीं
- 1:15:28लगता? क्योंकि लास्ट क्वार्टर के अंदर तो
- 1:15:29वो पूरा का पूरा साल भर का फाइनेंसियल
- 1:15:31स्टेटमेंट वैसे ही अपन फाइल करेंगे। लास्ट
- 1:15:32क्वार्टर में नहीं लगता। तो भाई लास्ट
- 1:15:34क्वार्टर में क्यों नहीं लगता? नीचे आओ।
- 1:15:35क्योंकि एनुअल कंप्लायंस है। एनुअल
- 1:15:37कंप्लायंस बोलता है नीचे आओ। एनुअल
- 1:15:38कंप्लायंस ये रहा। तो एनुअल कंप्लायंस अब
- 1:15:40आपको बोलता है कि भाई हर एक लिस्टेड कंपनी
- 1:15:43को जैसे ही साल भर का पूरा का पूरा ईयर
- 1:15:46खत्म हुआ। ये आपका ईयर एंड हो गया। ठीक है
- 1:15:48सर। ईयर एंड खत्म होते ही पहले 60 दिन के
- 1:15:51अंदर-अंदर 60 डेज के अंदर-अंदर उनको
- 1:15:54फाइनेंशियल स्टेटमेंट पूरे साल भर के
- 1:15:56फाइनेंसियल स्टेटमेंट रिकॉग्नाइज्ड स्टॉक
- 1:15:58एक्सचेंज को फाइल करने के। जैसे मेरा ईयर
- 1:16:00एंड खत्म हुआ उसके 60 दिन के अंदर-अंदर
- 1:16:02मेरे को फाइनेंसियल स्टेटमेंट सबमिट करने
- 1:16:04पड़ेंगे रिकॉग्नाइज्ड स्टॉक एक्सचेंज। तो
- 1:16:05जनरली क्या होता है सर? 31 मार्च से 31
- 1:16:07मार्च में अगर आप 60 दिन जोड़ लोगे तो
- 1:16:08क्या होगा सर? जनरली होता है 31 मई। तो 31
- 1:16:11मई तक हर एक लिस्टेड कंपनी को 31 मई तक हर
- 1:16:13एक लिस्टेड कंपनी को रिकॉग्नाइज्ड स्टॉक
- 1:16:15एक्सचेंज को फाइल करने होते हैं उनके
- 1:16:17फाइनेंसियल स्टेटमेंट। ठीक है? तो जो
- 1:16:18ऑडिटेड फाइनेंसियल स्टेटमेंट है, ऑडिट
- 1:16:21रिपोर्ट है, अगर ऑडिट में कोई
- 1:16:22क्वालिफिकेशन है तो उसका इंपैक्ट ये सारी
- 1:16:24चीजें उनको देनी होती है एक साथ। ठीक है
- 1:16:26सर। और एक और चीज आप साथ में एनुअल
- 1:16:30रिपोर्ट भी इशू करते हो। आपको ये भी पता
- 1:16:31है हां सर एनुअल रिपोर्ट भी इशू करते हैं।
- 1:16:33तो आप जो एनुअल रिपोर्ट इशू करते हो ना तो
- 1:16:36जिस भी टाइम आप आपके शेयर होल्डर को एनुअल
- 1:16:39रिपोर्ट्स इशू कर रहे हो जिस भी टाइम आप
- 1:16:41अपने शेयर होल्डर्स को एनुअल रिपोर्ट भेज
- 1:16:44रहे हो डिस्पैच करते हो कंपनी का काम होता
- 1:16:46है भाई सिंपल बात है कि वो लिस्टेड कंपनी
- 1:16:47है तो कि जो भी उनकी एनुअल रिपोर्ट है ना
- 1:16:50वो सारे शेयर होल्डर को डिस्पैच करती है
- 1:16:52सर एनुअल रिपोर्ट हां सर करती है तो जब भी
- 1:16:55जब भी कंपनी एनुअल रिपोर्ट अपने शेयर
- 1:16:58होल्डर को दे रही होती है या तो उस वक्त
- 1:17:00या तो उस वक्त या फिर उसके पहले या तो उस
- 1:17:04वक्त या फिर उसके पहले यह एनुअल रिपोर्ट
- 1:17:07आप रिकॉग्नाइज्ड स्टॉक एक्सचेंज को भी दे
- 1:17:10देना। एनुअल रिपोर्ट रिकॉग्नाइज़ स्टॉक
- 1:17:12एक्सचेंज को भी दे देना। कि कब देनी है
- 1:17:14सर? जब कंपनी या तो शेयरहोल्डर को इशू कर
- 1:17:16रही है वो एनुअल रिपोर्ट उस वक्त उस वक्त
- 1:17:18दे देना या फिर उसके पहले या फिर उसके
- 1:17:20पहले देखो ऑन और बिफोर द डे ऑफ़ कमेंसमेंट
- 1:17:23ऑफ डिस्पैच ऑफ शेयर होल्डर। कि जिस दिन आप
- 1:17:26शेयर होल्डर को दे रहे हो उस वक्त आरएससी
- 1:17:27को भी दे दो या उसके एक दिन पहले ही आप
- 1:17:29आरएससी को दे दो। चल जाएगा। ठीक है सर।
- 1:17:32कभी कबभार क्या होता है कि भाई एनुअल
- 1:17:34रिपोर्ट के अंदर आपको कोई चेंजेस करने
- 1:17:36होते हैं। एनुअल रिपोर्ट एक बार इशू हो गई
- 1:17:38पर उसके बाद आपको कोई चेंजेस करने हैं कि
- 1:17:39भाई एनुअल रिपोर्ट में कोई दिक्कत है।
- 1:17:40हमको चेंज करना है। तो कभी भी अगर आप
- 1:17:43एनुअल रिपोर्ट के अंदर कोई चेंजेस कर रहे
- 1:17:45हो। एनुअल रिपोर्ट में कोई चेंजेस कर रहे
- 1:17:47हो। तो एनुअल रिपोर्ट में चेंजेस करने के
- 1:17:49लिए भाई आपको एक एजीएम बुलानी पड़ती है।
- 1:17:52एनुअल जनरल मीटिंग बुलानी पड़ती है। हां
- 1:17:53सर एजीएम बुलानी पड़ती है। हमको एक मतलब
- 1:17:54मीटिंग बुलानी पड़ेगी। सर अगर हमको एनुअल
- 1:17:56रिपोर्ट में कोई भी चेंज करना है तो हमको
- 1:17:58एक मीटिंग बुलानी पड़ेगी। जनरल मीटिंग
- 1:17:59बुलानी पड़ेगी। हां। तो जब भी आपने कोई
- 1:18:01एनुअल रिपोर्ट में चेंज करा उसके लिए
- 1:18:03मीटिंग बुलाई उसके लिए मीटिंग बुलाई। तो
- 1:18:05ये जैसी मीटिंग हुई ना आपकी मीटिंग इस
- 1:18:08मीटिंग के कंक्लूजन के बाद मतलब जैसे
- 1:18:10मीटिंग आपकी खत्म हुई उसके 48 आवर्स के
- 1:18:14अंदर उसके 48 आवर्स के अंदर आप वापस से
- 1:18:16रिकॉग्नाइज स्टॉक एक्सचेंज को बता देना कि
- 1:18:19भाई हम एनुअल रिपोर्ट के अंदर ये चेंज कर
- 1:18:21रहे हैं। तो पूरा का पूरा जो भी रिवाइज
- 1:18:22वाली एनुअल रिपोर्ट है ना वो भी आप उनको
- 1:18:24भेज देना अलोंग विद द एक्सप्लेनेशन कि भाई
- 1:18:26हमने ये चेंजेस क्यों करें। ठीक है? तो
- 1:18:28कभी भी आप एनुअल रिपोर्ट के अंदर कोई
- 1:18:30चेंजेस कर रहे हो, कभी भी एनुअल रिपोर्ट
- 1:18:31को चेंजेस कर रहे हो तो आप जो मीटिंग
- 1:18:33बुलाओगे ना उस मीटिंग के 48 आवर्स के
- 1:18:36अंदर-अंदर उस मीटिंग के 48 आवर्स के अंदर
- 1:18:37रिकॉग्नाइज्ड स्ट्रॉक एक्सचेंज को बता
- 1:18:39देना कि हमारी नई वाली एनुअल रिपोर्ट कौन
- 1:18:40सी है। ठीक है? तो ये आपकी एनुअल
- 1:18:42कंप्लायंसेस है कि भाई आपको फाइनेंसियल
- 1:18:44स्टेटमेंट फाइल करना है 60 दिन के
- 1:18:45अंदर-अंदर। साथ में आपको एनुअल रिपोर्ट भी
- 1:18:47देनी है रिकॉग्नाइज्ड स्टॉक एक्सचेंज को।
- 1:18:49या तो सेम डे दे दो आप या फिर उसके 1 दिन
- 1:18:51पहले दे दो। एनुअल रिपोर्ट जब आप शेयर
- 1:18:52होल्डर को दे रहे हो उसके 1 दिन पहले या
- 1:18:54सेम डे दे दो। साथ में अगर कोई भी चेंजेस
- 1:18:55कर रहे हो तो मीटिंग के 48 आवर्स के
- 1:18:57अंदर-अंदर बता। ठीक है? ये एनुअल
- 1:18:59कंप्लायंस हो गए आपके और बस बताना एन
- 1:19:01रिपोर्ट में। सर एक आखिरी बच गया प्रायर
- 1:19:04इंटिमेशन। आखिरी क्या बच गया सर? प्रायर
- 1:19:06इंटिमेशन टू रिकॉग्नाइज़ स्टॉक एक्सचेंज।
- 1:19:10तो ये रूल क्या बोलता है? कभी भी आप ये
- 1:19:12सारे काम कर रहे हो। कभी भी आप ये सारे
- 1:19:14काम कर रहे हो कि आप कोई बायबैक करने वाले
- 1:19:15हो, वॉल्यूमरी डीलिस्ट कराने वाले हो,
- 1:19:17शेयर फंड रेज़ करने वाले हो। ऐसे कुछ काम
- 1:19:18बोलता है। ऐसे ही कुछ काम बोलता है कि अगर
- 1:19:21आप कोई ऐसा काम करते हो जैसे आपको शेयर्स
- 1:19:23को बाय बैक करना है। आपको शेयर्स को
- 1:19:24बायबैक करना है। तो आपको शेयर्स को बायबैक
- 1:19:26करना है उसके लिए आप जनरली एक बोर्ड
- 1:19:28मीटिंग तो बुलाते ही बुलाते हो ना कि
- 1:19:29शेयर्स को बाय बबैक करना है तो बोर्ड
- 1:19:30मीटिंग बुलानी पड़ेगी। तो अगर कभी भी आप
- 1:19:32बोर्ड मीटिंग बुला रहे हो मतलब शेयर
- 1:19:34बायबैक करना डीलिश कराना या ऐसा जो जो काम
- 1:19:36बोले हैं कभी भी आप कभी बोर्ड मीटिंग बुला
- 1:19:38रहे हो तो भाई बोर्ड मीटिंग जब आप बुला
- 1:19:40रहे हो कि आपकी इच्छा क्या है कि शेयर को
- 1:19:41डीलिश कराना है शेयर को डीलिश कराना है या
- 1:19:43बायबैक करना है ऐसी आपकी इच्छा है तो भाई
- 1:19:45आप जब बोर्ड मीटिंग बुला रहे हो ना उसके
- 1:19:48दो वर्किंग डज़ पहले ही उसके दो वर्किंग डज़
- 1:19:52प्रायर ही दो वर्किंग डज़ पहले ही जब आपकी
- 1:19:55बोर्ड मीटिंग होने वाली है उसके दो
- 1:19:58वर्किंग डज़ पहले ही एट लीस्ट एट लीस्ट दो
- 1:20:00वर्किंग पहले ही आपको रिकॉग्नाइज़ स्टॉक
- 1:20:03एक्सचेंज को बता देना है। रिकॉग्नाइज़
- 1:20:05स्टॉक एक्सचेंज को बता देना है। सर हमारा
- 1:20:07इंटेंशन है। रिकॉग्नाइज़ स्टॉक एक्सचेंज को
- 1:20:08क्या बोलेंगे? सर हमारा इंटेंशन है कि हम
- 1:20:10ये सिक्योरिटीज बायबैक कर सकते हैं, डिलीश
- 1:20:12करा सकते हैं, फंड रेस करा सकते हैं।
- 1:20:13बायबैक कर सकते हैं, डिलीश करा सकते हैं,
- 1:20:14फंड रेस करा कर सकते हैं। हमारा ये
- 1:20:17इंटेंशन है। इस वजह से हम बोर्ड मीटिंग
- 1:20:18बुला रहे हैं। हमारा ये इंटेंशन है। इस
- 1:20:20वजह से हम बोर्ड मीटिंग बुला रहे हैं। तो
- 1:20:22कभी भी आप कोई ऐसी बोर्ड मीटिंग कर रहे हो
- 1:20:24तो उस बोर्ड मीटिंग करने के एटलीस्ट दो
- 1:20:25वर्किंग डेज प्रायर एटलीस्ट दो वर्किंग
- 1:20:27डेज प्रायर आपको बोर्ड मीटिंग पहले ही
- 1:20:29आपको अह रिकॉग्नाइज़ स्टॉक एक्सचेंज को बता
- 1:20:32देना है। ठीक है ना? तो, अब यह दो वर्किंग
- 1:20:35डज़ बोला है। पहली बात तो वर्किंग बोला है।
- 1:20:37वर्किंग डज़। ठीक है ना? ना बिफोर बोर्ड
- 1:20:38मीटिंग साथ में जो दो वर्किंग डज़ है इसमें
- 1:20:41एक्सक्लूड होगा। इसमें एक्सक्लूड होगा जो
- 1:20:43भी डेट ऑफ़ आपका इंटिमेशन है कि आपने जिस
- 1:20:46दिन आपको इंटिमेट करा वो डेट एक्स
- 1:20:48एक्सक्लूड होगा। डेट ऑफ इंटिमेशन साथ में
- 1:20:51डेट ऑफ मीटिंग डेट ऑफ मीटिंग ये डज़ को
- 1:20:55एक्सक्लूड करना है। इसके अलावा एक्स्ट्रा
- 1:20:57दो डज़ आपको रखने पड़ेंगे। एक्स्ट्रा दो
- 1:20:58वर्किंग डेज़ रखने पड़ेंगे। तो जब भी आपने
- 1:21:00उनको इंटिमेट करा डेट ऑफ इंटिमेशन या फिर
- 1:21:02डेट ऑफ मीटिंग या फिर डेट ऑफ मीटिंग ये
- 1:21:04दोनों डेज आपके एक्सक्लूड होंगे। ये दोनों
- 1:21:06डेट आपके एक्सक्लूड होंगे दोनों के दोनों
- 1:21:07के। ठीक है ना? तो अब सर ये बताओ अब आप
- 1:21:10मेरे को कि कौन-कौन से कौन-कौन से ऐसे
- 1:21:13आइटम्स हैं जिसके लिए अपन को पहले उनको
- 1:21:14बताना पड़ेगा। सर बहुत सारे हैं। बायबक ऑफ
- 1:21:17सिक्योरिटीज। ये ये इंपॉर्टेंट है भाई।
- 1:21:18इसमें अमेंडमेंट भी आया था। ध्यान रखना।
- 1:21:20पहले दो डज़ की जगह सबकी अलग-अलग टाइमलाइन
- 1:21:22थी। अब सबको मर्ज करके दो डज़ कर दिया। आप
- 1:21:24बायबैक करना चाह रहे हो शेयर्स को। आप
- 1:21:25वॉलंटरी डिलीस्ट करना चाह रहे हो। आप फंड
- 1:21:28रेज करना चाह रहे हो एफपीओ से, अमेरिकन
- 1:21:30डिपॉजिट रिसीप्ट से, ग्लोबल डिपॉजिट
- 1:21:31रिसीप्ट से, किसी से भी आप फंड रेज करना
- 1:21:33चाह रहे हो। डेप्ट इशू प्रेफरेंशियल इशू
- 1:21:34वगैरह इन सब से एक्सक्लूडिंग दिस। इसके
- 1:21:36अलावा ठीक है? छोड़ दो। ठीक है ना? तो आप
- 1:21:38ये सब करना चाह रहे हो। डिविडेंट डिक्लेअ
- 1:21:41करना चाह रहे हो। कन्वर्टेबल सिक्योरिटी
- 1:21:44इशू करना चाह रहे हो। बोनस इशू करना चाह
- 1:21:46रहे हो। फाइनेंशियल रिजल्ट डिक्लेअ करना
- 1:21:48चाह रहे हो। ऑल्टरेशन इन द फॉर्म ऑफ़ राइट
- 1:21:51ऑफ द शेयरहोल्डर्स। सिक ऑल्टरेशन इन द
- 1:21:54फॉर्म ऑफ़ सिक्योरिटीज़ ऑफ़ द शेयरहोल्डर्स।
- 1:21:55मतलब मतलब आपकी सिक्योरिटी पहले आपने कोई
- 1:21:58डिबेंचर इशू करे थे 5% आप उस पे इंटरेस्ट
- 1:22:01रेट दे देते थे। बाद में आपने उसको ऑल्टर
- 1:22:02कर दिया कि नहीं नहीं हम तो इस पे केवल 3%
- 1:22:04ही इंटरेस्ट रेट देंगे। नहीं नहीं हम तो
- 1:22:055% इंटरेस्ट दे देंगे। या फिर पेमेंट डेट
- 1:22:08आप चेंज कर रहे हो कि पहले आपका था कि आप
- 1:22:10जो भी इंटरेस्ट दोगे डिबेंचर पे वो फिफ्थ
- 1:22:12ऑफ नेक्स्ट मंथ 5 तारीख तक आप इंटरेस्ट दे
- 1:22:14दोगे। आप बोलो नहीं नहीं हम तो 10थ 10
- 1:22:16तारीख तक इंटरेस्ट देंगे। ऐसा कोई भी
- 1:22:18ऑल्टरेशन कर रहे हो सिक्योरिटीज के अंदर,
- 1:22:19राइट्स के अंदर तो तो इन सब केस के अंदर
- 1:22:22इन सब केस के अंदर बायबैक करना, वॉलंटरी
- 1:22:26डीलिश करना, बायबैक करना, वॉलंटरी डिलीश
- 1:22:28करना, फंड रेिंग करना, डिविडेंड इशू करना,
- 1:22:31कन्वर्टेबल सिक्योरिटी रखना, बोनस इशू
- 1:22:33करना, फाइनेंसियल रिजल्ट डिक्लेअर करना,
- 1:22:34राइट ऑफ़ ये सिक्योरिटीज़ के राइट्स चेंज
- 1:22:37करना, पेमेंट चेंज करना सबके अंदर दो
- 1:22:38वर्किंग डेज़ में आपको बता देना है। ठीक
- 1:22:42है? और इवन इंटिमेशन आल्सो रिक्वायर्ड फॉर
- 1:22:45एनी एजीएम। अगर आप कोई एजीएम करने वाले हो
- 1:22:48जो आप शेयर होल्डर की अप्रूवल लेने वाले
- 1:22:50हो कि हम क्या कोई फर्दर फंड रेज कर सकते
- 1:22:52हैं? क्या कोई फर्दर फंड रे कर सकते हो
- 1:22:53क्या? तो उस केस में भी आपको इंटिमेट करना
- 1:22:55पड़ेगा। एजीएम बुला रहे हो जब आप फर्दर
- 1:22:56फंड रे करने के लिए।
- 1:23:01पर अगर आपको इंटिमेशन फॉर डिटरमिनेशन ऑफ
- 1:23:04इशू प्राइस कि आप में पता है कि फंड रेज़
- 1:23:06तो आप कर रहे हो। इतना पता पड़ गया। पर
- 1:23:08किस रुपए पे आप वो शेयर इशू करने जा रहे
- 1:23:09हो। आप ₹10 के पर शेयर बेचने वाले हो। ₹22
- 1:23:11के पर शेयर बेचने वाले हो। ऐसा सब कुछ।
- 1:23:13उसके लिए आपको इंटिमेशन देने की जरूरत
- 1:23:14नहीं है। ऐसी कोई मीटिंग बुलाओगे तो ठीक
- 1:23:16है। इतना इम्तिहान मत दो। चलो इन दो को
- 1:23:17काट दो एक बार छोड़। ठीक है? अब इतना तो
- 1:23:21वैसे तुमको डिटेल में नहीं जाना चाहिए।
- 1:23:23रिकॉर्ड डेट वो क्या होती है और इतना
- 1:23:24डिटेल में मत जाओ। बस तुम इतना देख लो।
- 1:23:26देखो इतना डिटेल के अंदर मत जाओ। बस आप
- 1:23:27पहले यहां पे सेवन डेज की टाइमलाइन होती
- 1:23:28थी। अब वो सेवन डेज कट करके थ्री वर्किंग
- 1:23:30डेज हो गए। ये कुछ अमेंडमेंट आया था। ठीक
- 1:23:31है? कुल मिला के कुल मिला के बोल रहा है
- 1:23:32कि कभी भी आपको जो रिकॉर्ड डेट अनाउंस
- 1:23:35करनी होती है ना वो आप थ्री वर्किंग डज़
- 1:23:37प्रायर टू रिकॉर्ड डेट आप बता देना। बस
- 1:23:39आपको इतना ध्यान रखना है। बस आप इतना
- 1:23:40डिटेल में मत जाओ। वाज़ वही थ्री वर्किंग
- 1:23:42डज़ प्रायर टू रिकॉर्ड डेट कि भाई कभी भी
- 1:23:45आपको डिविडेंड देना है, राइट या बोनस इशू
- 1:23:48देना है, डिबेंचर किसी के कन्वर्ट करने
- 1:23:49हैं, मर्जर, इमर्जर करना है। इस केस के
- 1:23:51अंदर थ्री वर्किंग डेज़ प्रायर टू रिकॉर्ड
- 1:23:53डेट आपको बता देना है। जैसे होता है ना कि
- 1:23:55आपको जो डिविडेंड देना है तो किन-किन
- 1:23:56लोगों को डिविडेंड दोगे? आपके तो बहुत
- 1:23:58सारे शेयर होल्डर हैं। रोज कोई शेयर
- 1:23:59खरीदता है, कोई बेचता है, रोज शेयर खरीदता
- 1:24:00है, बेचता है। तो किन-किन लोगों को आप
- 1:24:02डिविडेंड दोगे? वो थ्री वर्किंग डज़ पहले
- 1:24:04ही आप नोटिस दे दोगे कि हमारी रिकॉर्ड डेट
- 1:24:07कौन सी है? हमारी रिकॉर्ड डेट कौन सी है?
- 1:24:08तो जो रिकॉर्ड डेट आप ले रहे हो कि हां
- 1:24:09भाई इस दिन पे जो हमारे शेयर होल्डर
- 1:24:11एग्ज़िस्ट करते हैं, इस दिन पे जो हमारे
- 1:24:12शेयर होल्डर एग्ज़िस्ट करते हैं, उन उनको
- 1:24:14हम डिविडेंड देंगे। उनको बोनस शेयर देंगे।
- 1:24:16ऐसा वाला तो जो भी आप डेट चूज़ कर रहे हो,
- 1:24:18जो भी डेट आप चूज़ कर रहे हो, उसके थ्री
- 1:24:20वर्किंग डज़ पहले ही आप बता देना। थ्री
- 1:24:22वर्किंग डज़ प्रायर टू रिकॉर्ड डेट आप ये
- 1:24:24बता देना। ठीक है ना? तो बस पहले सात दिन
- 1:24:26होता था, थ्री वर्किंग ज़ हो गया। ये पहले
- 1:24:27एक ये चीज़ थी। ये कट हो गई है। मतलब ये
- 1:24:29पहले फाइव वर्किंग डज़ था। ये कट हो गया।
- 1:24:31ठीक है? मतलब जिन्होंने पुरानी बुक हो
- 1:24:32ध्यान रखना ये वाली चीज़। ठीक है? तो ये
- 1:24:35मेन था। अब होता है एक सर कंप्लायंस ऑफिसर
- 1:24:37होता है फालतू पॉइंट काट दो। कंप्लायंस
- 1:24:39ऑफिसर मतलब जो कंपनी के सारे लॉ रेगुलेशन
- 1:24:40कंप्लायंस देखता है। तो कंप्लायंस ऑफिसर
- 1:24:42कौन होता है? कंपनी सेक्रेटरी होता है।
- 1:24:44कंपनी सेक्रेटरी बस बात तो वैसे तो ठीक है
- 1:24:46ऐसे काम का है नहीं ये वाला पहले प्रोविज़न
- 1:24:48कभी काम का होता नहीं था। वरना इसके अंदर
- 1:24:49भी एक अमेंडमेंट आया है कंप्लायंस ऑफिसर
- 1:24:51वाले में तो एक बार कर लेते इसको एक बार
- 1:24:52मतलब बस ऊपर ऊपर से फटाफट देख लेते हैं।
- 1:24:54कुल मिला के हर एक कंपनी को एक कंपनी
- 1:24:56सेक्रेटरी अपने पास रखना चाहिए। हर एक
- 1:24:57कंपनी को एक कंपनी सेक्रेटरी अपने पास
- 1:24:59रखना चाहिए। जो भी लिस्टेड कंपनी है जो
- 1:25:00कंप्लायंस ऑफिसर होगा कि कंपनी के अंदर जो
- 1:25:02भी रूल्स रेगुलेशंस हैं, लॉज़ हैं, लॉ
- 1:25:05वगैरह को कंप्लाई कौन करेगा? यह कंपनी
- 1:25:07सेक्रेटरी करेगा कुल मिला के। ठीक है? ये
- 1:25:09कंपनी सेक्रेटरी सारे जितने भी रेगुलेटरी
- 1:25:10प्रोविज़न है, कंपनी में चाहे सेबी हो,
- 1:25:12इनकम टैक्स एक्ट हो, ये सब कुछ कौन
- 1:25:14कंप्लाई करेगा? ये कंप्लाई करेगा। ठीक है
- 1:25:15सर। अब ये दो पॉइंट अमेंडमेंट के आए थे।
- 1:25:17तो एक बार देख लेते हैं अमेंडमेंट से कभी
- 1:25:18कबार क्वेश्चंस क्योंकि बन जाते हैं इसलिए
- 1:25:20मैं इसको ले रहा हूं। बाकी तो मैं जनरली
- 1:25:21पढ़ाता नहीं इसको। वरना। सुनो हम यह क्या
- 1:25:24बोल रहा है कि भाई जो भी कंप्लायंस ऑफिसर
- 1:25:26तुमने अपॉइंट करा मतलब लिस्टेड कंपनी ने
- 1:25:28कोई भी कंपनी सेक्रेटरी उनको एक अपॉइंट
- 1:25:29रखना कंपलसरी होगा तो जो कंपनी सेक्रेटरी
- 1:25:32होगा ना उसको थोड़ा हायर पोजीशन पे रखना
- 1:25:34ये नहीं तुम बोलते हो नीचे बिलो पोजीशन पे
- 1:25:36रख रहे हो नहीं सर जो जो कंपनी सेक्रेटरी
- 1:25:39है उसको थोड़ा हायर पोजीशन पे रखो मतलब जो
- 1:25:41भी आपका कंप्लायंस ऑफिसर है उसको हायर
- 1:25:42पोजीशन पे रखो तो दो पॉइंट बोलता है पहली
- 1:25:44बात जो भी आप कंप्लायंस ऑफिसर अपॉइंट कर
- 1:25:46रहे हो कंपनी सेक्रेटरी वो आपका होल टाइम
- 1:25:49एंप्लॉयमेंट में होना चाहिए या नहीं कि आप
- 1:25:51किसी को कंसलटेंट दे दे दो कि भाई ये ठीक
- 1:25:52है कोई वो कोई ये नहीं होता कि जैसे
- 1:25:54चार्टर्ड अकाउंटेंट है सीएस है वो अपनी
- 1:25:56प्रैक्टिस करते हैं नॉर्मली प्रैक्टिसिंग
- 1:25:57चार्टर्ड प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी
- 1:25:59होते हैं तो अपन ने क्या बोला किसी भी
- 1:26:01प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी को पकड़ा और
- 1:26:03उसको बोल दिया ये हमारा कंप्लायंस ऑफिसर
- 1:26:05है ये वाला बंदा नहीं भाई वो
- 1:26:06प्रैक्टिस-वैक्टिस में नहीं होना चाहिए वो
- 1:26:08आपके ही पूरा टाइम आपके यहां पे जॉब करना
- 1:26:10चाहिए होल टाइम एंप्लॉयमेंट के अंदर होना
- 1:26:11चाहिए साथ में जो मैंने पोजीशन बोला कि ये
- 1:26:13नहीं कि उसको बहुत ज्यादा बिलो वाली
- 1:26:14पोजीशन दे दो नोकर टाइप पोजीशन दे दो
- 1:26:16कंप्लायंस नहीं भाई उसको सीनियर पोजीशन पे
- 1:26:18डालो वो केएमपी होना चाहिए तो पोजीशन क्या
- 1:26:20बोली उसने बोला बोला है यहां पे लिखा हुआ
- 1:26:22है साफ कि जो आपका बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर है
- 1:26:24बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर में आते हैं जनरली
- 1:26:26एमडी डब्ल्यूटीडी। ठीक है सर। तो बोर्ड जो
- 1:26:29आपका बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर है, बोर्ड ऑफ़
- 1:26:31डायरेक्टर के जस्ट नीचे बोर्ड ऑफ़
- 1:26:33डायरेक्टर के जस्ट नीचे आपको कंप्लायंस
- 1:26:35ऑफिसर रखना पड़ेगा। कंप्लायंस ऑफिसर की
- 1:26:37पोजीशन जो होगी यहां पे पोजीशन बोला है कि
- 1:26:39हायरेकी क्या होगी? इसकी पोजीशन
- 1:26:40ऑर्गेनाइजेशन में। तो बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर
- 1:26:43के जस्ट नीचे जो हायर की होगी वो
- 1:26:44कंप्लायंस ऑफिसर की होनी चाहिए। ऐसा नहीं
- 1:26:46कि तुमने इसको बहुत नीचे बना दिया। इस
- 1:26:48बंदे को बहुत ही बिल्कुल ही बना दिया कि
- 1:26:49बिल्कुल अकाउंटिंग वाला काम कर रहा है।
- 1:26:51बिल्कुल ही नीचे नीचे डाल दिया। नहीं
- 1:26:53मैक्सिमम कितना नीचे रख सकते हो इसको?
- 1:26:55पहले ऊपर बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर है। बोर्ड ऑफ़
- 1:26:56डायरेक्टर के जस्ट नीचे ये कंप्लायंस
- 1:26:58ऑफिसर होगा। ठीक है? तो मतलब कंप्लायंस
- 1:27:00ऑफिसर रिपोर्ट करेगा एमडीब्ल्यूटीडी को।
- 1:27:02ठीक है? ठीक है? ये होगा कुल मिला के। आप
- 1:27:04इसको बहुत ज्यादा नीचे नहीं रख सकते हैं।
- 1:27:06फिर आ जाते हैं सर। फिर कंप्लायंस ऑफिसर
- 1:27:08के नीचे मैनेजर होगा, मैनेजर होगा,
- 1:27:10एंप्लाइजज़ होंगे। फिर ये पूरी हायर की
- 1:27:11होगी। ठीक है? चलो तो कुल मिला के बोर्ड
- 1:27:14ऑफ़ डायरेक्टर के जस्ट नीचे कंप्लायंस
- 1:27:15ऑफिसर रखना। यानी कि इसको बहुत ज्यादा
- 1:27:16नीचे वाला डेज़िग्नेशन दे दो। ऐसा मत रखना
- 1:27:18और ये एमडीब्ल्यूटी को रिपोर्ट कर सकता
- 1:27:21है। फिर एक और पॉइंट वापस से बोला कि अगर
- 1:27:23आपकी कंपनी इनॉल्वेंसी में और रेोल्यूशन
- 1:27:25प्रोफेशन रेोल रेोल्यूशन प्लान आपका
- 1:27:27अप्रूव हो गया कि अगर आपकी कंपनी
- 1:27:30इंसॉल्वेंसी के अंदर चल रही है। मतलब मैं
- 1:27:31आईबीसी लिख देता हूं। आपकी कंपनी आईबीसी
- 1:27:33के अंदर चल रही है। और आपका रेोल्यूशन
- 1:27:36प्लान अप्रूव हो गया कि हां भाई हमारा
- 1:27:37रेोल्यूशन प्लान अप्रूव हो गया। तो भाई
- 1:27:39यहां पर बोला है कि जैसे ही आपका
- 1:27:41रेज़ोल्यूशन [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 1:27:41प्लान अप्रूव हुआ। जैसे ही आपका रेोल्यूशन
- 1:27:43प्लान अप्रूव हुआ उसके 3 महीने के
- 1:27:47अंदर-अंदर उसके 3 महीने के अंदर-अंदर आपको
- 1:27:50कंप्लायंस ऑफिसर अपॉइंट करना पड़ेगा। मतलब
- 1:27:52अगर आपकी कंपनी के अंदर कोई कंप्लायंस
- 1:27:54ऑफिसर नहीं है और आपकी कंपनी आईबीसी में
- 1:27:56चल रही है। आपकी कंपनी में कोई रेोल्यूशन
- 1:27:57प्रोफेशन नहीं है मतलब कंप्लायंस ऑफिसर
- 1:28:00नहीं है और आपकी कंपनी आईबीसी के अंदर चल
- 1:28:02रही है। तो भाई जैसे ही रेज़ोल्यूशन प्लान
- 1:28:04अप्रूव हुआ उसके 3 महीने के अंदर-अंदर
- 1:28:06आपको कंप्लायंस ऑफिसर अपॉइंट करना पड़ेगा।
- 1:28:08ठीक है? और जब तक कोई कंप्लायंस ऑफिसर
- 1:28:10अपॉइंट नहीं हुआ कि 3 महीने लग रहे हैं ना
- 1:28:12कंप्लायंस ऑफिसर को अपॉइंट करने के लिए तो
- 1:28:13तो जब तक कोई कंप्लायंस ऑफिसर अपॉइंट नहीं
- 1:28:15हुआ ना तो कोई भी एटलीस्ट वन फुल टाइम
- 1:28:18केएमपी कोई भी एक केएमपी आ गया कोई भी
- 1:28:20डायरेक्टर या जो भी केएमपी है वो ये सारी
- 1:28:22रूल्स एंड रिस्पांसिबिलिटी संभालेगा पूरी
- 1:28:24की पूरी रिस्पांसिबिलिटी किसकी होगी डे टू
- 1:28:26डे ऑपरेशन संभालने की ये वो उस वन टाइम
- 1:28:28केएमपी की होगी ठीक है ये बोला हुआ है बात
- 1:28:31खत्म
- 1:28:32डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट में भी बता दो कि
- 1:28:33आपको ना बस उसको मिला के डिस्क्लोज़ करना
- 1:28:35पड़ेगा क्या डिस्क्लोज़ करना पड़ेगा जो भी
- 1:28:36अपनी कंपनी के डायरेक्टर्स हैं जो भी अपनी
- 1:28:38कंपनी डायरेक्टर हैं। उन डायरेक्टर्स के
- 1:28:40अंदर कोई भी रिलेशनशिप है, जो भी अपनी
- 1:28:42कंपनीज़ के डायरेक्टर्स हैं, उनके बीच में
- 1:28:43कोई भी रिलेशनशिप है, तो वह अपन को
- 1:28:45डिस्क्लोज़ करना पड़ेगा। एनुअल रिपोर्ट में,
- 1:28:47जो भी अपन उसको अपॉइंट कर रहे हैं,
- 1:28:49प्रोस्पेक्टस के अंदर, लेटर ऑफ़ ऑफर के
- 1:28:51अंदर, रिकॉग्नाइज़्ड स्ट्रॉक एक्सचेंज को
- 1:28:52सबको बताना पड़ेगा कि हमारे डायरेक्टर्स के
- 1:28:54आपस में ये ये रिलेशनशिप है। और यह फिर भी
- 1:28:57इंपॉर्टेंट लगता है। मुझे यह आ सकता है
- 1:28:58एमसीक्यू के अंदर। कभी भी आपका कोई ऐसा
- 1:29:00डाटा चेंज हुआ जिसकी वजह से आपकी वेबसाइट
- 1:29:02अपडेट होगी। कभी भी आपका कोई ऐसा डाटा
- 1:29:05चेंज हुआ जिसकी वजह से आपकी कंपनी की
- 1:29:06वेबसाइट अपडेट होगी। तो भाई आपकी जैसे ही
- 1:29:09कोई डाटा चेंज हुआ, जैसे ही कोई डाटा चेंज
- 1:29:10हुआ, जैसे एड्रेस चेंज हो गया, कंपनी का
- 1:29:12नाम चेंज हो गया, कुछ भी हो गया, तो आपकी
- 1:29:13वेबसाइट आपको अपडेट कर लेनी है विथ इन टू
- 1:29:15वर्किंग डेज ऑफ द चेंज। जैसे ही आपका वो
- 1:29:17डाटा चेंज हुआ, उसके बाद आपको आपकी
- 1:29:19वेबसाइट भी अपडेट कर लेनी है विथ इन टू
- 1:29:20वर्किंग ज़िन टू वर्किंग डेज। आपकी अपनी
- 1:29:22वेबसाइट भी अपडेट कर लेनी है। ठीक है सर।
- 1:29:26डन सर अपना एलओ डीआर हुआ खत्म। एलओ डीआर
- 1:29:31हुआ खत्म। सर उसके बाद अपन क्या करें?
- 1:29:34आईसीडीआर कर लें।
- 1:29:37चलो सर अब इसके बाद अपन चलते हैं सर
- 1:29:39आईसीडीआर पे किस पे चलते हैं सर आईसीडीआर
- 1:29:42पे आ जाओ
- 1:29:44तो सर आ जाओ अब आईसीडीआर वाले रेगुलेशन पे
- 1:29:48सर इशू ऑफ़ कैपिटल एंड डिस्क्लोज़र
- 1:29:50रिक्वायरमेंट इशू ऑफ़ कैपिटल एंड
- 1:29:52डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट सर आपको पता ही
- 1:29:54है कंपनीज़ आजकल क्या करती है आपने देखा ही
- 1:29:57होगा कंपनीज़ पैसा कैसे रेज़ करती है सर
- 1:29:59कंपनी आईपीओ निकालती है एफपीओ निकालती है
- 1:30:02ये सब आपको पता ही होगा पढ़ाऊंगा मैं कंपनी
- 1:30:03आईपीओ निकालती है क्या होता है इनिशियल
- 1:30:05पब्लिक ऑफर एफपीओ क्या होता है? फर्दर
- 1:30:07पब्लिक ऑफर बताऊंगा। बताऊंगा पता होगा ऐसे
- 1:30:09फिर भी मैं बताऊंगा। बेसिक चीज़ तो पता ही
- 1:30:11होगी तुमको। उसके बाद कंपनी प्राइवेट
- 1:30:13प्लेसमेंट वगैरह भी करती है। साथ में इसी
- 1:30:15के अंदर ऑफर फॉर सेल भी करती है। मतलब
- 1:30:17बहुत चीजें होती है। ठीक है? एक-एक करके
- 1:30:20बताता हूं मैं तुमको क्या-क्या होता है।
- 1:30:21तो कुल मिला के कंपनी शेयर इशू करती है।
- 1:30:23तो ये यहां पर यही आ रहा है इशू ऑफ कैपिटल
- 1:30:26एंड डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट कि कंपनी जब
- 1:30:28भी आईपीओ ला रही है, फर्दर पब्लिक ऑफर ला
- 1:30:30रही है। मतलब कंपनी अब शेयर इशू कर रही
- 1:30:32है। कंपनी जब मार्केट में शेयर्स इशू कर
- 1:30:34रही है तो उसको क्या-क्या चीजें कंप्ल्लाई
- 1:30:35करनी पड़ेगी? क्या डिस्क्लोज़र
- 1:30:37रिक्वायरमेंट होगी? ये सारी चीजों की अपनी
- 1:30:39अब बात होने वाली है। तो सर पहले एक बार
- 1:30:42ये देख लेते हैं कौन-कौन सी तरह के इशू
- 1:30:44कंपनी करती है। कंपनी कौन-कौन सी तरह के
- 1:30:46इशू करती है सर? सबसे पहले कंपनी पब्लिक
- 1:30:48को कुछ इशू करती है। पब्लिक से पैसा उठाना
- 1:30:50है कंपनी को। कंपनी क्या कर सकती है?
- 1:30:52लेट्स से कंपनी अभी आए दिन आए दिन आईपीओ
- 1:30:54नहीं आता। आईपीओ ला सकती है। कंपनी आए दिन
- 1:30:56आईपीओ ला सकती है। सिंपल सी बात है। कंपनी
- 1:30:59आए दिन एफपीओ लाती है। सर एफपीओ क्या होता
- 1:31:02है? अरे अभी रिसेंटली तुमने सुना होगा
- 1:31:04जैसे अगर तुमको पता हो किसी को तो
- 1:31:05Vodafone Idea का एफपीओ आया था। भाई गलती
- 1:31:07से लग गया। जिंदगी में मेरा आज तक एक भी
- 1:31:09आईपीओ नहीं लगा। ऐसी किस्मत लेके पैदा
- 1:31:11हूं। जिंदगी में आज तक एक भी आईपीओ लगा।
- 1:31:13एक एफपीओ लगा था वो भी Vodafone Idea का
- 1:31:16वो भी लॉस के अंदर है भाई मैंने कहा निकाल
- 1:31:18दिया था फिर मैंने लॉस में मैंने कहा
- 1:31:20निकालो अब इसको ठीक है अभी कुछ टाइम पहले
- 1:31:21बेचा था तो Vodafone Idea का ये क्या होता
- 1:31:24है सर मतलब ये तो होता है आईपीओ कौन लाता
- 1:31:26है जो कंपनी अनलिस्टेड होती है अनलिस्टेड
- 1:31:28से लिस्टेड होने जा रही है अनलिस्टेड से
- 1:31:30लिस्टेड होने जा रही है पर ये एफपीओ क्या
- 1:31:32होता है सर कोई कंपनी एफपीओ होता है सर
- 1:31:34कोई कंपनी ऑलरेडी लिस्टेड है कोई कंपनी
- 1:31:38ऑलरेडी लिस्टेड है उसको थोड़ी और
- 1:31:40एक्स्ट्रा कैपिटल इशू करनी है थोड़ी और
- 1:31:42एक्स्ट्रा कैपिटल इशू करनी है तो वह एफपीओ
- 1:31:45फर्दर पब्लिक ऑफर वो एक्स्ट्रा लोगों को
- 1:31:48लोगों को और एफपीओ फर्दर पब्लिक को ऑफर
- 1:31:50करता है कि हमारी और हमने और शेयर बेचे
- 1:31:52हैं और ले लो और ले लो मतलब इसकी शेयर
- 1:31:54कैपिटल ऑलरेडी मार्केट में लिस्टेड है पर
- 1:31:56वो और शेयर्स इशू कर रहा है एक्स्ट्रा
- 1:31:57शेयर्स इशू कर रहा
- 1:31:59[नाक से की जाने वाली आवाज़] है ठीक है ना
- 1:32:01सर उसके बाद ना सर एक और होता है ये ऑफर
- 1:32:03फॉर सेल आईपीओ के अंदर इंक्लूड कर लेते
- 1:32:04हैं बाकी कोई-कोई लोग इसको अलग से भी
- 1:32:06मानते हैं ठीक है कुल मिला के ऑफर फॉर सेल
- 1:32:07क्या होता है ऑफर फॉर सेल क्या होता है सर
- 1:32:10होता ऐसा है कि एग्जिस्टिंग शेयर होल्डर
- 1:32:14है ना अपने एकिस्टिंग शेयर होल्डर वो
- 1:32:16एग्जिस्टिंग शेयर होल्डर ही अपने शेयर्स
- 1:32:18को बेचना चाह रहा है किसी दूसरे इंसान को
- 1:32:20सर जैसे मान लो कि अंबानी जी है जैसे मान
- 1:32:22लो अंबानी जी है जैसे मान लो अंबानी जी
- 1:32:25अंबानी जी एकिस्टिंग शेयर होल्डर है अपने
- 1:32:27अब वो क्या करेंगे वो बोलेंगे कि भाई मेरे
- 1:32:29को ये शेयर्स नहीं रखने हैं Reliance पे
- 1:32:30मुझे भरोसा नहीं रहा अंबानी जी को क्या
- 1:32:32लगा Reliance पे मेरे को भरोसा नहीं रहा
- 1:32:33तो इनके पास लेट्स से 100 शेयर थे लेट्स
- 1:32:35से इनके पास 100 शेयर थे तो उसमें से
- 1:32:37इन्होंने 40 शेयर क्या करे पब्लिक को बेच
- 1:32:40दिए 40 शेयर किसके पास हो गए पब्लिक के
- 1:32:43पास हो गए। 40 शेयर पब्लिक के पास हो गए।
- 1:32:45तो कंपनी की नेट कैपिटल कितनी रही? नेट तो
- 1:32:48100 की 100 ही रही। नेट तो 100 की 100 ही
- 1:32:50रही। पर इसके अंदर उन्होंने कंपनी के थ्रू
- 1:32:52करा। ये काम खुद ने नहीं करा अंबानी जी
- 1:32:53ने। ये कंपनी के थ्रू करा। Reliance के
- 1:32:55थ्रू ये काम करा। Reliance के थ्रू ये काम
- 1:32:57करा। Reliance को बोला मेरे 40 शेयर लेके
- 1:32:59मेरे 40 शेयर तू लेके किसी दूसरे बंदे को
- 1:33:01मार्केट में बेच दे। मेरे 40 शेयर तू लेके
- 1:33:03किसी दूसरे बंदे को मार्केट में बेच दे।
- 1:33:05ये होता है ऑफर फॉर सेल जो एकिस्टिंग शेयर
- 1:33:07होल्डर दे दे। जो एकिस्टिंग शेयर होल्डर
- 1:33:08ऑफर फॉर सेल देते हैं। ठीक है? तो ये हुआ
- 1:33:11आपका सर पब्लिक इशू। ये हुआ आपका पब्लिक
- 1:33:13इशू। इसके अंदर आईपीओ हो सकता है, एफपीओ
- 1:33:15हो सकता है और ओएफएस हो सकता है, ऑफर फॉर
- 1:33:18सेल हो सकता है। सब भाई राइट इशू आपको पता
- 1:33:20ही होगा बेसिक सा राइट इशू कि सर अंबा जिस
- 1:33:22बंदे के पास जिस शेयर होल्डर के पास जैसे
- 1:33:24अंबा जैसे मैं हूं कोई भी मिस्टर x से
- 1:33:26मिस्टर x मिस्टर x के पास कोई ऑलरेडी शेयर
- 1:33:28एग्ज़िस्ट करते हैं। लेट्स से LIC के LIC
- 1:33:30के कोई शेयर एग्ज़िस्ट करते हैं। उसको LIC
- 1:33:32के शेयर हैं। तो अगर LIC कभी भी LIC कभी
- 1:33:36भी न्यू शेयर इशू करेगी तो सबसे पहले इसको
- 1:33:38राइट देंगे। सबसे पहले मिस्टर एक्स को
- 1:33:40राइट देंगे। न्यू शेयर इशू करेगी कि भाई
- 1:33:42मिस्टर एक्स पहले हम जो नए शेयर इशू कर
- 1:33:44रहे हैं तेरे पास राइट है कि अगर पहले तू
- 1:33:46लेना चाहता है तो तू ये शेयर ले ले। अगर
- 1:33:48तू ये नहीं लेगा तो हम बाकी मार्केट में
- 1:33:50बेचेंगे। तो हम बाकी मार्केट में बेचेंगे।
- 1:33:53तो ये होता है राइट इशू सर। फिर उसके बाद
- 1:33:57कंपोजिट इशू क्या होता है? कंपोजिट इशू
- 1:33:59मतलब पब्लिक इशू राइट इशू एक साथ करते
- 1:34:01हैं। ये जो पब्लिक इशू है और ये जो राइट
- 1:34:03इशू एक साथ करते हैं। जनरली हमेशा एक साथ
- 1:34:05ही करते हैं कि कंपनी क्या करती है?
- 1:34:06एग्जिस्टिंग शेयर होल्डर को भी बोल देती
- 1:34:08है। आपको इतना राइट है कि आप इतने शेयर ले
- 1:34:10सकते हो और न्यू वाले शेयर होल्डर को भी
- 1:34:11दे देती है कि तुम भी इतना ले सकते हो।
- 1:34:13फिर दोनों एक साथ होते हैं कंपोजिट इशू।
- 1:34:15तो बोनस इशू तुमको पता ही है कि ऑलरेडी
- 1:34:17मेरे पास कोई एक शेयर है। उसने अनाउंस कर
- 1:34:19दिया कि एक जने के शेयर को एक शेयर और
- 1:34:20मिलेगा तो मेरे पास दो शेयर हो जाएंगे।
- 1:34:22बोनस शेयर भी हो गए। उसके बाद बोनस शेयर
- 1:34:24फ्री रिजर्व सिक्योरिटी प्रीमियम अकाउंट
- 1:34:25इन सब हो सकते हैं। फिर प्राइवेट
- 1:34:27प्लेसमेंट भी हो सकता है सर। क्या हो सकता
- 1:34:29है सर? प्राइवेट प्लेसमेंट कि सर मैं कुछ
- 1:34:32गिने-चुने लोगों को गिने-चुने मेंबर्स को
- 1:34:34गिने-चुने ग्रुप ऑफ पर्सनंस को ही वो शेयर
- 1:34:36इशू कर रहा हूं। गिने-चुने ग्रुप ऑफ़ पर्सन
- 1:34:38को ही वो शेयर इशू कर रहा हूं। कितने
- 1:34:39लोगों को मैं इशू कर सकता हूं? नॉट एग्जिट
- 1:34:41200 इन एग्रीगेट इन अ फाइनेंसियल ईयर। एक
- 1:34:44साल में केवल 200 लोगों को। एक साल में
- 1:34:46मैं केवल 200 लोगों को ही प्राइवेट
- 1:34:47प्लेसमेंट कर सकता हूं। ये बेसिक चीज़ आपको
- 1:34:50पहले से पढ़ी हुई होगी। ठीक है? थोड़ा बहुत
- 1:34:52आपको बता दिया जो चीज़ नहीं पता थी। तो ये
- 1:34:54अलग-अलग तरह के इशू होते हैं। ये अलग-अलग
- 1:34:55तरह के इशू होते हैं अपनेप। ठीक है? तो अब
- 1:34:58ना इसके अंदर कुछ टर्म पढ़ लो पहले एक बार
- 1:35:01कि कुछ टर्म्स है जो अपन ध्यान रखेंगे
- 1:35:02इसके अंदर। सर जैसे कंपनी जब शेयर इशू
- 1:35:05करती है ना तो कंपनी के पास दो ऑप्शन होते
- 1:35:07हैं। कंपनी कभी भी शेयर इशू करती है। जैसे
- 1:35:08बुक बिल्डिंग समझा रहा हूं मैं तुमको।
- 1:35:10कंपनी जब भी शेयर इशू करती है तो कंपनी के
- 1:35:12पास दो ऑप्शन होते हैं। कंपनी या तो जनरली
- 1:35:14एक फिक्स्ड प्राइस बता देती है। कंपनी
- 1:35:16जनरली या तो एक फिक्स्ड प्राइस बता देती
- 1:35:18है कि लेट्स से ₹50 में लेट्स से 50 में
- 1:35:22हमारे शेयर बेचने हैं। हमको 50 में इतने
- 1:35:23शेयर हमको हमको बेचने हैं। 50 में तो यह
- 1:35:25हो गया फिक्स्ड प्राइस कि आप शेयर ले रहे
- 1:35:27हो। पर जनरली यह फिक्स्ड प्राइस बहुत कम
- 1:35:29कंपनी अडॉप्ट करती है। बहुत मतलब रेयरली
- 1:35:30मैंने तो देखा ही नहीं आज तक। जनरली सारी
- 1:35:32कंपनी अडॉप्ट करती है। जब भी शेयर बेचती
- 1:35:34है तो कितने रुपए में बेचे वो डिसाइड करना
- 1:35:36होता है। तो जनरली जब भी कंपनी आईपीओ,
- 1:35:38एफपीओ ऐसा कुछ लाती है ना तो क्या यूज़
- 1:35:40लेती है?
- 1:35:42बुक
- 1:35:43बिल्डिंग बुक बिल्डिंग प्रोसेस। इसको
- 1:35:47बोलते हैं बुक बिल्डिंग प्रोसेस बोलते
- 1:35:48हैं। इसको बुक बिल्डिंग प्रोसेस। सर ये
- 1:35:51क्या होता है? बुक बिल्डिंग प्रोसेस। बुक
- 1:35:52बिल्डिंग प्रोसेस के अंदर क्या होता है कि
- 1:35:54जब भी जब भी कंपनी को प्राइस शेयर इशू
- 1:35:57करने होते हैं तो उनको कंपनी को भी
- 1:35:58एग्जैक्ट नहीं पता कि हमारे शेयर ₹50 में
- 1:36:00बेचने लायक है, ₹100 में बेचने लायक है,
- 1:36:01₹30 में बेचने लायक है। उनको नहीं पता।
- 1:36:03तुमको नहीं पता। तो कंपनी वाले एक रेंज
- 1:36:06डिसाइड कर देते हैं। कभी भी तुमने आईपीओ
- 1:36:07एफओ लगाया हो तो वहां पे रेंज लिखी हुई
- 1:36:09आती है कि कितने रुपए का आपको लगाना है,
- 1:36:10कितने रुपए में ये शेयर खरीदने की इच्छा
- 1:36:12है। तो कंपनी वाले एक रेंज डिसाइड कर देते
- 1:36:13हैं कि उनको लग रहा है कि हमारी प्राइस ना
- 1:36:15लगभग ₹30 से ₹60 के बीच में है। हमारी
- 1:36:19शेयर की प्राइस। उनको ऐसा लग रहा है कि
- 1:36:21हमारी शेयर की प्राइस लगभग ₹30 ₹60 के
- 1:36:23अंदर है। तो अब वो पब्लिक को ही बोल देती
- 1:36:25है। पब्लिक को ही बोल देती है आओ और आप
- 1:36:28हमारे आप हमारे शेयर्स में मतलब आप आप
- 1:36:31बताओ कि आप ये हमारे शेयर कितने रुपए में
- 1:36:33बेच खरीदना चाहोगे? ₹30 में ₹60 में ₹40
- 1:36:35में ₹50 में। ₹30 में ₹40 में से ₹50 में
- 1:36:3760 में व्हाटएवर जो भी प्राइस है। तो जैसे
- 1:36:39ही कंपनी को लगा ₹30 के अंदर ही सारे लोग
- 1:36:41खरीद रहे हैं। तो 30 की प्राइस रख देगी।
- 1:36:43जैसे कहा नहीं भाई 60 वाले ज्यादा है। 30
- 1:36:45वाले तो बहुत कम है। 60 वाले ही सारे शेयर
- 1:36:46अपने ले रहे हैं। 60 जने में लोग एग्री
- 1:36:48अपने शेयर लेने में। तो फिर वो ₹60 बाद
- 1:36:50में फाइनल कर देगी। बाद में फाइनल ₹60 कर
- 1:36:52देगी। 60 वालों को शेयर अलॉट कर देगी। तो
- 1:36:54यह होता है बुक बिल्डिंग प्रोसेस। तो बुक
- 1:36:57बिल्डिंग प्रोसेस के अंदर होता क्या है?
- 1:36:58एक्चुअली कंपनी सबसे पहले इशू करती है एक
- 1:37:01रेड हियरिंग प्रोस्पेक्टस जिसको अपन बोलते
- 1:37:03हैं आरएचपी रेड हियरिंग प्रोस्पेक्टस।
- 1:37:06सीधी बात है प्रोस्पेक्टस तुम जानते हो
- 1:37:08ना? प्रोस्पेक्टस क्या होता है? जब भी
- 1:37:09कंपनी कोई शेयर इशू करती है तो एक
- 1:37:11प्रोस्पेक्टस इशू करती है कि भाई हम इस
- 1:37:13पैसों का क्या करने वाले हैं? कितने रुपए
- 1:37:15की हमको रिक्वायरमेंट है? वो सब होता है।
- 1:37:17ठीक है? ठीक है? हमको इतने रुपए की
- 1:37:18रिक्वायरमेंट है। हम ये कंपनी है। इस
- 1:37:19पैसों को हम क्या-क्या यूज़ करेंगे? ठीक
- 1:37:21है? तो कंपनी इशू करती है सबसे पहले रेड
- 1:37:23हियरिंग। रेड हियरिंग प्रोस्पेक्टस। कंपनी
- 1:37:25क्या इशू करती है? सबसे पहले रेड हियरिंग
- 1:37:27प्रोस्पेक्टस। अब इस रेड हियरिंग
- 1:37:29प्रोस्पेक्टस में अब इस रेड हियरिंग
- 1:37:32प्रोस्पेक्टस के अंदर कंपनी पता है क्या
- 1:37:35करती है? कंपनी बता देती है
- 1:37:39लेट्स से उन कितना बताएगी? बताइए कि हमको
- 1:37:42₹ करोड़ की जरूरत है। रेड हियरिंग
- 1:37:46प्रोस्पेक्टस मैंने बोला रेड हियरिंग
- 1:37:48प्रोस्पेक्टस। कंपनी ने बस इतना बताया कि
- 1:37:50हमको ₹50 ₹50 करोड़ की जरूरत है। ₹50
- 1:37:54करोड़ की। कंपनी ने इसके अंदर यह भी नहीं
- 1:37:57बताया कि वह कितने प्राइस में इशू करने
- 1:37:59वाले हैं। इशू प्राइस क्या होगी? कंपनी ने
- 1:38:02यह भी नहीं बताया। साथ में कंपनी ने यह भी
- 1:38:04नहीं बताया कि नंबर ऑफ शेयर्स कितने हैं।
- 1:38:06नंबर ऑफ शेयर्स कितने हैं। यह भी नहीं
- 1:38:08बताया। तो मतलब कंपनी ने केवल ये बताया कि
- 1:38:10कंपनी कैसी है? कंपनी इस रुपए का क्या यूज़
- 1:38:12लेके फ्लाई नहीं कर रहा। बस अमाउंट के
- 1:38:13अंदर उसने बस अमाउंट बताया। मतलब ये सब
- 1:38:15बताया बेसिक चीजें। पर कंपनी ने केवल
- 1:38:16इसमें रुपए की बात करेंगे तो केवल अमाउंट
- 1:38:18बता दी हमको ₹50 करोड़ की जरूरत है। क्या
- 1:38:21बताया? हमको ₹50 करोड़ की जरूरत है। यह भी
- 1:38:24नहीं बताया कि हम इशू प्राइस कितने रुपए
- 1:38:26में बेचना चाह रहे हैं? ₹20 में, ₹30 में
- 1:38:28कुछ भी नहीं बताया। कितने नंबर ऑफ़ शेयर
- 1:38:29इशू करना चाह रहे हैं? वो भी नहीं बताया।
- 1:38:31तो इशू प्राइस भी नहीं बताया। नंबर ऑफ
- 1:38:33शेयर भी नहीं बताया। अब बस 50 करोड़ के
- 1:38:35हिसाब से जो भी इशू प्राइस आएगी जो भी
- 1:38:37नंबर ऑफ शेयर आएंगे मतलब बाद में वो
- 1:38:39डिसाइड होंगे जो बुक बिल्डिंग प्रोसेस से
- 1:38:40बुक बिल्डिंग प्रोसेस से जो भी फाइनली इशू
- 1:38:42प्राइस डिसाइड हो जाएगी तो उसके बाद जब
- 1:38:45कंपनी रेड ईयरिंग प्रोस्पेक्टस के बाद इशू
- 1:38:47करेगी एक फाइनल प्रोस्पेक्टस एक फाइनल
- 1:38:50प्रोस्पेक्टस इशू करेगी जब उसको फाइनली
- 1:38:52प्राइस पता पड़ जाएगी कि हां भाई लोग
- 1:38:53हमारे ₹50 में खरीदने के लिए रेडी है ₹60
- 1:38:55में खरीदने के लिए रेडी है तो लेट्स से
- 1:38:56फाइनल पता पड़ गया ₹60 में खरीदने के लिए
- 1:38:58रेडी है तो उसके बाद वो फाइनल
- 1:38:59प्रोस्पेक्टस निकालेगी और बताएगी ₹60 में
- 1:39:01हम इतने नंबर ऑफ़ शेयर इशू करने जा रहे
- 1:39:03हैं। ₹60 में इतने नंबर ऑफ़ शेयर इशू करने
- 1:39:05हैं। चार ये सब है एक बेसिक टर्म सर।
- 1:39:11तो बुक बिल्डिंग प्रोसेस मैंने बोला आपको
- 1:39:12यह बुक बिल्डिंग प्रोसेस क्या होती है सर?
- 1:39:14ये बताया ना आपको असेस प्राइस असेस करने
- 1:39:16की कितनी डिमांड है कि साफ बता रहा है ₹60
- 1:39:18की डिमांड ज्यादा आ रही है। ₹60 में लोग
- 1:39:19शेयर करने के लिए ज्यादा रेट एग्री है। 30
- 1:39:2150 वाले कम है। 60 में ज्यादा खरीदने वाले
- 1:39:23हैं। जिससे अपन डिटरमाइन करेंगे क्वांटिटी
- 1:39:25वैल्यू ऑफ़ द शेयर। ठीक है ना? कन्वर्टेबल
- 1:39:29डे डिबेंचर तुमको पता है कन्वर्ट में कन्व
- 1:39:31जो इक्विटी में कन्वर्ट हो जाते हैं।
- 1:39:32कन्वर्टेबल डे इंस्ट्रूमेंट जो अभी डे है
- 1:39:34बाद में इक्विटी में कन्वर्ट हो जाएंगे।
- 1:39:36कन्वर्टेबल इनू इक्विटी विद और विदाउट
- 1:39:38ऑप्शन चाहे होल्डर के पास ऑप्शन हो
- 1:39:39कन्वर्ट करने का या ऑप्शन नहीं हो कंपलसरी
- 1:39:41भी हो सकते हैं। मतलब व्हाटएवर सर फिर
- 1:39:43उसके बाद ग्रीन शू पे आते हैं। रुको ऑफर
- 1:39:45डॉक्यूमेंट एक होता है सर ऑफर डॉक्यूमेंट।
- 1:39:49क्या होता है सर? ऑफर डॉक्यूमेंट। ऑफर
- 1:39:51डॉक्यूमेंट वही होता है जो भी अभी अपन ने
- 1:39:52पढ़ा। सर जो रेड हियरिंग मतलब जो भी अपन
- 1:39:55को कभी भी शेयर इशू करने होते हैं तो अपन
- 1:39:56को एक ऑफर डॉक्यूमेंट बनाना होता है। कभी
- 1:39:57भी अपन को शेयर इशू करने होते हैं तो अपन
- 1:39:59को एक ऑफर डॉक्यूमेंट बनाना होता है। तो
- 1:40:01वो ऑफर डॉक्यूमेंट क्या होता है सर? वही
- 1:40:02प्रोस्पेक्टस जो मैंने बोला प्रोस्पेक्टस
- 1:40:04अब प्रोस्पेक्टस के अंदर रेड हियरिंग
- 1:40:05प्रोस्पेक्टस प्रोस्पेक्टस शेलफ
- 1:40:07प्रोस्पेक्टस ये बाद में पढ़ेंगे। रेड
- 1:40:09इयरिंग समझ में आ गया होगा। प्रोस्पेक्टस
- 1:40:10समझ में आ गया होगा। शेलफ बाद में पढ़
- 1:40:11लेंगे अपन। तो ये जब भी अपन पब्लिक इशू
- 1:40:14करते हैं। जब भी अपन पब्लिक इशू करते हैं
- 1:40:15तो लोगों को ऑफर डॉक्यूमेंट इशू करना
- 1:40:17पड़ता है ना कि ये हमारा प्रोस्पेक्टस है।
- 1:40:19हमको इतने इतने रुपए चाहिए। इतने इतने ये
- 1:40:20ये यूज़ होगा फ्रंट ग्राफ को। तो
- 1:40:22प्रोस्पेक्टस, रेडियरिंग प्रोपेक्ट, सेल
- 1:40:23प्रोस्पेक्टस ये कहलाएंगे ऑफर डॉक्यूमेंट।
- 1:40:26उसके बाद सर राइट इशू उसके बाद सर राइट
- 1:40:28इशू के अंदर राइट इशू के अंदर जो अपन ऑफर
- 1:40:30डॉक्यूमेंट इशू करते हैं उसको बोलते हैं
- 1:40:31लेटर ऑफ ऑफर। लेटर ऑफ ऑफर। मतलब कोई सा भी
- 1:40:34शेयर इशू करो, राइट इशू करो, पब्लिक इशू
- 1:40:36करो। आपको हमेशा कोई ऑफर डॉक्यूमेंट तो
- 1:40:37इशू करना ही होगा। जो पब्लिक इशू कर रहे
- 1:40:39हैं उसके अंदर बस रेड हियरिंग
- 1:40:40प्रोस्पेक्टस, प्रोस्पेक्ट, सेल्फ
- 1:40:41प्रोस्पेक्टस ये इंक्लूड हो जाएंगे इसके
- 1:40:43अंदर। और राइट इशू कर रहे है, उसका नाम
- 1:40:44होता है लेटर ऑफ ऑफर कि हम लोगों को ऑफर
- 1:40:46दे रहे हैं। हमारे जो एकिस्टिंग शेयर
- 1:40:47होल्डर हैं उनको ऑफर दे रहे हैं। ठीक है?
- 1:40:52सर एक और चीज यह है सर ग्रीन शू ऑप्शन।
- 1:40:54ग्रीन शो ऑप्शन क्या होता है? देखो यह अपन
- 1:40:55बाद में मैं पढ़ाऊंगा डिटेल में एक और बार
- 1:40:57आ जाएगा। पर फिर भी चलो देखो
- 1:41:00जो मेरी इशू की साइज थी मैंने एक बार
- 1:41:02आईपीओ लाया। मैं आईपीओ लाया लेट्स से ₹
- 1:41:05करोड़ का। ₹50 करोड़ का। तो मेरी आईपीओ की
- 1:41:09साइज थी ₹50 करोड़। जैसे ही ₹50 करोड़ का
- 1:41:12आईपीओ मेरा लिस्ट हुआ। जैसे ही ₹50 करोड़
- 1:41:15का आईपीओ मेरा लिस्ट हुआ। यह मैं बाद में
- 1:41:17और डिटेल में पढ़ाऊंगा। पर अभी सुन लो।
- 1:41:18₹50 करोड़ का आईपीओ मेरा लिस्ट हुआ। उसके
- 1:41:21बाद विथ इन 30 डेज मेरे पास ऑप्शन है। विथ
- 1:41:24इन 30 डेज मेरे पास ऑप्शन है कि यह जो भी
- 1:41:27आईपीओ लिस्ट हुआ था, इसका 20% एक्स्ट्रा
- 1:41:30अमाउंट मैं और इशू कर सकता हूं। इसका 20%
- 1:41:33एक्स्ट्रा अमाउंट मैं और इशू कर सकता हूं
- 1:41:35प्राइस को स्टेबल करने के लिए। क्या करने
- 1:41:36के लिए? प्राइस को स्टेबल करने के लिए। तो
- 1:41:39जैसे 50 करोड़ है, 50 करोड़ का 20% मैं अभी
- 1:41:41एग्जांपल दे रहा हूं कि एग्जैक्ट लिमिट
- 1:41:42वगैरह परसेंटेज मैं बाद में बता दूंगा। तो
- 1:41:4450 का 20% ऐसे मान लो तुम 10 करोड़। 10
- 1:41:46करोड़ का मैं और आईपीओ एक एक और बार शेयर
- 1:41:48इशू कर सकता हूं। तो मैं जो भी आईपीओ मेरा
- 1:41:50लिस्ट हुआ है मतलब जो भी मेरा इशू लिस्ट
- 1:41:53हुआ है उसके बाद मेरे पास 30 दिन के अंदर
- 1:41:55मेरे पास राइट है कि मैं उसका 20% और इशू
- 1:41:57कर और उसके पास मेरा राइट है कि मैं 20%
- 1:41:59और इशू कर सकता हूं। उसको कहलाता है वो
- 1:42:01लिस्टिंग प्राइस स्टेबलाइजेशन। पोस्ट
- 1:42:03लिस्टिंग प्राइस स्टेबलाइज़ेशन। मतलब कि
- 1:42:05मेरे को प्राइस स्टेबलाइज़ करनी है
- 1:42:06क्योंकि मेरे शेयर्स की। तो वो कहलाता है
- 1:42:08ग्रीन शो ऑप्शन। क्या कहलाता है? ग्रीन शो
- 1:42:10ऑप्शन। ठीक है? तो ये हो गई सर बेसिक चीज़।
- 1:42:14चलो अरे सर ये सेबी वाला चैप्टर इतना खत्म
- 1:42:17नहीं होना है। इसके रेगुलेशन अभी खूब
- 1:42:18पिएंगे तुम्हारा। मैं तो बोल ही रहा हूं।
- 1:42:19मैं तो बोल ही रहा हूं भाई। पर अच्छे से
- 1:42:20पढ़ाएंगे ना भाई। अच्छे से पढ़ रहे हैं।
- 1:42:21पर अब वही ऑडिट जैसे तो नहीं पढ़ेंगे।
- 1:42:23मैंने कहा भाई मैं ऑडिट के अंदर तो तुमको
- 1:42:24हर एक चीज रटवा दूंगा। हर एक चीज समझा
- 1:42:26दूंगा। हर एक चीज बार-बार रिवाइज बार-बार
- 1:42:28रटना बार-बार रिवीज़ बार-बार रटना बार-बार
- 1:42:30रिवीज़ क्योंकि भाई वो 100 से 120 घंटे की
- 1:42:32क्लासेस वर्थ होती है। सीए फाइनल में
- 1:42:34मार्क्स जुड़ेंगे। इसमें ठीक है। पढ़ लो
- 1:42:36हो जाएगा। अच्छे से कर लो। बस मैं पढ़ा
- 1:42:38रहा हूं। बाकी इसके अंदर वो वर्थ नहीं है
- 1:42:40कि मैं इतना टाइम डिवोट कर दूं और तुमको
- 1:42:41मतलब तुम्हारे लिए इतना टाइम नहीं है कि
- 1:42:42इतना टाइम कि तुम क्लासेस देख लो। परेशान
- 1:42:44हो जाओगे। कोई सेंस नहीं।
- 1:42:55हम अब आ जाओ। अब ये जो अपन ने पढ़ा ये पूरा
- 1:42:58का पूरा आईसीडीआर मतलब ये वाला जो पूरा पढ़
- 1:42:59रहे हैं रेगुलेशन ये एप्लीकेबल किस पे
- 1:43:01होगा? तो रेगुलेशन थ्री बात करता है कि ये
- 1:43:03आईसीडीआर किस-किस पे एप्लीकेबल होगा? देखो
- 1:43:05अगर कोई भी कंपनी आईपीओ ला रही है तो उस
- 1:43:07पे एप्लीकेबल होगा या फिर आईपीओ या फिर
- 1:43:10राइट इशू ला रही है किसका आईडीआर का
- 1:43:12आईडीआर मतलब इंडियन डिपॉजिटरी रिसीप्ट तो
- 1:43:15इंडियन डिपॉजिटरी रिसीप्ट का आईपीओ या फिर
- 1:43:17राइट इशू ला रही है या फिर आईपीओ ला रहा
- 1:43:19है कोई एसएमई स्मॉल मीडियम एंटरप्राइज
- 1:43:21नहीं होती छोटी-छोटी ये ला रही है तो ये
- 1:43:22तीनों एक तरीके से आईपीओ हो गए कि कोई भी
- 1:43:24आईपीओ ला रहा है कोई भी राइट इशू या आईपीओ
- 1:43:26ला रहा है आईडीआर का इंडियन डिपॉजिट
- 1:43:28रिसीप्ट का या एसएमई का स्मॉल मीडियम
- 1:43:30एंटरप्राइजज़ का या फिर कोई फर्दर पब्लिक
- 1:43:32ऑफर ला रहा है फ़दर पब्लिक अभी जो बात हुई
- 1:43:33थी कि आईपीओ के बाद जो एफपीओ आता है वो तो
- 1:43:36वो एफपीओ ला रहा है या फिर क्या हो रहा है
- 1:43:38वापस से या फिर कोई प्रेफरेंशियल इशू ला
- 1:43:41रहा है जो ऑलरेडी कोई लिस्टेड इशू है मतलब
- 1:43:42कोई कंपनी ऑलरेडी लिस्टेड है मेरी मेरी
- 1:43:44कंपनी को ऑलरेडी लिस्टेड है मैं वापस से
- 1:43:46कोई प्रेफरेंशियल इशू ला रहा हूं कि भाई
- 1:43:48मैं सब लोगों को शेयर इशू नहीं करूंगा कोई
- 1:43:50स्पेसिफिक लोग हैं जो स्पेसिफिक लोग
- 1:43:52उन्हीं को मैं शेयर दूंगा वो होता है
- 1:43:53प्रेफरेंशियल इशू तुमको पता है तो जो
- 1:43:55लिस्टेड कंपनी ऑलरेडी मैं लिस्टेड हूं और
- 1:43:56मैं प्रेफरेंशियल इशू ला रहा हूं तो भी ये
- 1:43:58लगेगा कोई भी राइट इशू ला रहा है लिस्टेड
- 1:44:00इशू मतलब वही कि मैं ऑलरेडी लिस्टेड पहले
- 1:44:03से लिस्टेड कंपनी हूं और मैं वापस से कोई
- 1:44:05राइट इशू ला रहा हूं। एकिस्टिंग शेयर
- 1:44:06होल्डर के लिए राइट इशू लाते हैं ना वो तो
- 1:44:08पहले यहां पे एक 50 करोड़ की लिमिट हुआ
- 1:44:10करती थी वो हट गई। तो कुल मिला के इग्नोर
- 1:44:12कर देना। पहले 50 करोड़ की लिमिट होती थी
- 1:44:13वो हट गई है। ठीक है? कोई भी कंपनी बोनस
- 1:44:16इशू ला रही है वही कि मैं लिस्टेड कंपनी
- 1:44:18हूं। ऑलरेडी मेरे शेयर लिस्टेड है। मैं
- 1:44:19उनको बोनस बांटना चाहता हूं। ठीक है? कोई
- 1:44:21भी लिस्टिंग अगर आपने करा है ये इनोवेटर
- 1:44:23ग्रोथ प्लेटफार्म पे। अभी इनोवेटर ग्रोथ
- 1:44:25प्लेटफार्म क्या होता है? इग्नोर करो। एक
- 1:44:26तरह से प्लेटफार्म है जहां पे कंपनी लिस्ट
- 1:44:28होती है। बस इग्नोर करो। जैसे शेयर
- 1:44:30मार्केट के प्लेटफार्म है। उस तरह के ये
- 1:44:31भी प्लेटफार्म है। एक बस इतना ध्यान मत
- 1:44:32दो। तो कुल मिला के किस-किस पे एप्लीकेबल
- 1:44:34होगा देखो सब पे ही होगा एक तरीके से
- 1:44:36आईपीओ आईपीओ राइट इशू किसका सर आईडीआर का
- 1:44:39इंडियन डिपॉजिटरी रिसीप्ट
- 1:44:40[गला साफ़ करने की आवाज़] का या फिर अगर
- 1:44:41ऐसे में कोई आईपीओ ला रहा है फर्दर पब्लिक
- 1:44:43ऑफर कोई ला रहा है ऐसा कुछ हो रहा है
- 1:44:45प्रेफरेंशियल इशू अगर कोई भी ला रहा है
- 1:44:46लिस्टेड इशू प्रेफरेंशियल किसको इशू कर
- 1:44:49रहा है राइट इशू हो रहा है बोनस इशू हो
- 1:44:51रहा है राइट इशू बोनस इशू या फिर लिस्टिंग
- 1:44:53ऑन इन्वर्टर ग्रथ प्लेटफार्म तो इन इन पे
- 1:44:55लगेगा ये एप्लीकेबल होगा आईसीडीआर ठीक है
- 1:44:58चलो अब सर सबसे पहले पढ़ते हैं अपन आईपीओ
- 1:45:00के बारे में ऐसे ही अपन धीरे-धीरे पढ़ेंगे
- 1:45:02जैसे पहले आईपीओ के बारे में पढ़ेंगे। फिर
- 1:45:03उसके बाद डेट का कौन सा डेट वाला ही था
- 1:45:05ना? उसके बाद तो हां ये कि जब भी आप
- 1:45:07कन्वर्टेबल डे इंस्ट्रूमेंट इशू कर रहे हो
- 1:45:08उस वक्त क्या देखना है? अब एक-एक करके
- 1:45:10पढ़ेंगे। जब भी आप आईपीओ इशू कर रहे हो तो
- 1:45:11आपको क्या-क्या चीजें देखनी है भाई? जब भी
- 1:45:13आईपीओ इशू कर रहे हो तो क्या-क्या चीजें
- 1:45:14आपको देखनी है। तो सबसे पहले तो सर आईपीओ
- 1:45:17के अंदर कभी एमसीक्यू आ जाए कि रेफरेंस
- 1:45:19डेट क्या होती है? कभी भी रेफरेंस डेट का
- 1:45:21नाम का क्वेश्चन आ जाए कि रेफरेंस डेट
- 1:45:22क्या होगी? तो सर रेफरेंस डेट क्या होती
- 1:45:24है सर? जब आप ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल
- 1:45:27कर रहे हो ना सेबी को एक तो वह रेफरेंस
- 1:45:29डेट होती है और जब आप ऑफर डॉक्यूमेंट
- 1:45:32फाइनल ऑफर डॉक्यूमेंट एक तो हो गया
- 1:45:34ड्राफ्ट वाला कि अभी तक ड्राफ्ट है फाइनल
- 1:45:35नहीं हुआ है जो प्रोस्पेक्टस है
- 1:45:36प्रोस्पेक्टस की बात हो रही है एक तो
- 1:45:38ड्राफ्ट वाला प्रोस्पेक्टस आप सेबी को
- 1:45:39फाइल कर रहे हो वो भी होता है और एक साथ
- 1:45:42में मतलब आपको ना आईसीडीआर को फॉलो करना
- 1:45:45कब से शुरू हो जाना है आईसीडीआर को फॉलो
- 1:45:47करना कब से शुरू हो जाना है इस आईसीआर
- 1:45:48रेगुलेशन तो जो ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट
- 1:45:50जैसे आपने सेबी को फाइल करा वो या फिर आप
- 1:45:52जो ऑफर डॉक्यूमेंट आरओसी को फाइल कर रहे
- 1:45:54हो वो वो या फिर जो आप ऑफर डॉक्यूमेंट
- 1:45:56आरओसी को फाइल कर रहे हो वो ओवर ठीक है तो
- 1:46:00आप जो ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट दे रहे हो
- 1:46:02सेबी को वो हो गया या फिर ऑफर डॉक्यूमेंट
- 1:46:03दे रहे हो आरओसी को ड्राफ्ट ऑफर
- 1:46:05डॉक्यूमेंट दे रहे हो सेबी को या फिर ऑफर
- 1:46:06डॉक्यूमेंट दे रहे हो आरओसी को ड्राफ्ट
- 1:46:08ऑफर डॉक्यूमेंट दे रहे हो सेबी को तब से
- 1:46:09आपको फॉलो करने हैं सारे रूल्स या फिर ऑफर
- 1:46:11डॉक्यूमेंट दे रहे हो जब आरओसी को तो
- 1:46:12एक्स्ट्रा वाले रूल्स जब से फॉलो करने
- 1:46:14हैं। ठीक है?
- 1:46:17फिर एल एंटिटीज़ कि ये ये एंटटीज़ बोलिए कि
- 1:46:20ये ये एंटटीज़ ना एलिजिबल नहीं है आईपीओ
- 1:46:23इशू करने के लिए। ये एंटटीज़ बिल्कुल
- 1:46:25एलिजिबल नहीं है कि इन एंटिटीज़ को हम
- 1:46:26आईपीओ इशू करने नहीं देंगे। कौन सी
- 1:46:28एंटिटीज कि सर कोई भी एंटिटी कोई भी
- 1:46:31एंटिटी कंपनी वगैरह जिसके इशूअर
- 1:46:35जिसके
- 1:46:38इशू मतलब जो कंपनी है एक तरह से जो कंपनी
- 1:46:40है या उस कंपनी के जो प्रमोटर डायरेक्टर
- 1:46:43हैं या उस कंपनी के जो प्रमोटर डायरेक्टर
- 1:46:45हैं या फिर जो भी सेलिंग शेयर होल्डर हैं
- 1:46:48जो बंदे मतलब ऑफर फॉर सेल नहीं पढ़ा था
- 1:46:50अपन ने कि उस कंपनी के अंदर जो
- 1:46:51एग्जिस्टिंग शेयर होल्डर है वह उसको शेयर
- 1:46:53अह शेयर्स को सेल कर रहे हैं। एगिज़िस्टिंग
- 1:46:55शेयर होल्डर शेयर्स को शेयर कर रहे हैं।
- 1:46:56तो या तो जो बंदा इशू कंपनी खुद या उस
- 1:47:00कंपनी के प्रमोटर डायरेक्टर या फिर जो
- 1:47:01सेलिंग शेयर होल्डर या फिर जो सेलिंग शेयर
- 1:47:04होल्डर है वह
- 1:47:11ठीक है। इनमें से इनमें से अगर सेबी ने
- 1:47:14किसी को भी डिबार करा हुआ है। इनमें से
- 1:47:16सेबी ने किसी को भी डिबार करा हुआ है कि
- 1:47:19तुम लोग स्टॉक मार्केट को सॉरी हां वो
- 1:47:22स्टॉक मार्केट कैपिटल मार्केट को एक्सेस
- 1:47:24ही नहीं कर सकते। तुम लोग स्टॉक मार्केट
- 1:47:26मतलब कैपिटल मार्केट को एक्सेस ही नहीं कर
- 1:47:27सकते। तो ये लोग आईपीओ नहीं ला सकते। ये
- 1:47:29लोग आईपीओ नहीं ला सकते कि मतलब कोई भी
- 1:47:31कंपनी उसका प्रमोटर डायरेक्टर या फिर उसके
- 1:47:33सेलिंग शेयर होल्डर कोई भी कंपनी उसका
- 1:47:35प्रमोटर डायरेक्टर या सेलिंग शेयर होल्डर
- 1:47:36अगर इनको डिबार् करा हुआ है अगर इनको
- 1:47:38डिबार्क करा हुआ है सेबी ने कि तुम लोग को
- 1:47:40डिबार् करा हुआ है सेबी ने कि तुम लोग
- 1:47:41आईपीओ एफपीओ ला ही नहीं सकते। मतलब तुम
- 1:47:43लोग सॉरी तुम लोग कैपिटल मार्केट को
- 1:47:45एक्सेस ही नहीं कर सकते। तुम लोग कैपिटल
- 1:47:46मार्केट को एक्सेस ही नहीं कर सकते। तो
- 1:47:48तुम लोग आईपीओ भी इशू नहीं कर पाओगे। सर
- 1:47:50साथ में ना साथ में एक और चीज दे दी कि
- 1:47:53लेट्स से X लेट्स से Reliance ही बोल देते
- 1:47:57हैं Reliance के अंदर कोई प्रमोटर है।
- 1:47:59Reliance का कोई प्रमोटर है वही Reliance
- 1:48:02का प्रमोटर Jio का प्रमोटर भी ये दोनों
- 1:48:04अलग-अलग कंपनी है। ठीक है? तो अगर इस
- 1:48:06प्रमोटर को इस प्रमोटर को इस प्रमोटर ये
- 1:48:09Reliance का प्रमोटर है। अगर इस कंपनी को
- 1:48:12यहां पे क्या बोलते हैं इसको?
- 1:48:15यह यह वाला Reliance जो है सॉरी हां यह
- 1:48:17वाला Reliance जो है यह वाले Reliance को
- 1:48:19कैपिटल मार्केट ने डिबार करा हुआ है। यह
- 1:48:20वाले Reliance को सेबी ने कैपिटल मार्केट
- 1:48:22को एक्सेस करने से डिबार करा हुआ है। ठीक
- 1:48:23है? तो अब इसका प्रमोटर Reliance का
- 1:48:26प्रमोटर है वो Jio का प्रमोटर भी है।
- 1:48:27Reliance का प्रमोटर है वो Jio का प्रमोटर
- 1:48:29भी है। तो प्रमोटर या फिर डायरेक्टर
- 1:48:30प्रमोटर या फिर डायरेक्टर। तो अगर आपकी
- 1:48:33Reliance कंपनी को डिबार् करा हुआ है।
- 1:48:35Reliance कंपनी को डिबार् करा हुआ है। तो
- 1:48:38Jio वाली कंपनी के भी आप प्रमोटर हो। Jio
- 1:48:40वाली कंपनी के भी आप प्रमोटर हो। तो Jio
- 1:48:42भी Jio भी कभी स्टॉक मार्केट में आईपीओ
- 1:48:46एफओ नहीं आईपीओ नहीं ला सकती। आईपीओ नहीं
- 1:48:49ला सकती। ठीक है? क्योंकि दोनों का
- 1:48:51प्रमोटर सेम है। Reliance को डिबार करा
- 1:48:53हुआ था। Reliance का प्रमोटर और Jio का
- 1:48:54प्रमोटर सेम है। तो Jio का भी Jio भी अपना
- 1:48:56आईपीओ नहीं ला सकती। ठीक है? तो कुल मिला
- 1:48:59के प्रमोटर डायरेक्टर कोई भी ऐसी डिबार्ड
- 1:49:01कंपनी का हो। प्रमोटर डायरेक्टर कोई भी
- 1:49:02डिबार्ड कंपनी का हो मतलब इशूर जो डिबार्ड
- 1:49:04कंपनी के इशू हो तो वो भी नहीं कर सकता था
- 1:49:07क्या? विलफुल डिफॉल्टर कि कोई भी कंपनी या
- 1:49:10फिर उसके प्रमोटर डायरेक्टर मतलब जो कंपनी
- 1:49:12इशू कर रही है शेयर्स या फिर उसके प्रमोटर
- 1:49:13डायरेक्टर उनको ना विलफुल डिफॉल्टर करार
- 1:49:16कर दिया गया है कि ये तो डिफॉल्टर बंदे
- 1:49:18हैं। ये जानबूझ के लोगों के पैसे खा जाते
- 1:49:20हैं या फिर फ्रोडुलेंट बोरोअर है।
- 1:49:21फ्रोडुलेंट बोरोअर है। ये फ्रॉड करते हैं।
- 1:49:23पैसा बोरो करके फ्रॉड करते हैं। तो आप
- 1:49:25आईपीओ इशू नहीं कर सकते। या फिर प्रमोटर
- 1:49:27डायरेक्टर फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर है।
- 1:49:29अब इस पे मत जाओ। मीनिंग पे मत जाओ। कुल
- 1:49:31मिला के प्रमोटर डायरेक्टर फ्यूजिटिव
- 1:49:32इकोनमिक ऑफेंडर है। तो आप नहीं इशू कर
- 1:49:34सकते हैं। ठीक है ना?
- 1:49:38ठीक है। चलो। हां। पर हालांकि वो होता है
- 1:49:40कि कभी कबार ऐसा होता है कि उन्होंने बोला
- 1:49:41कि आप लेट्स से 2030 तक 2030 तक आप
- 1:49:45डिबार्ड हो। 2030 तक आप डिबार्ड हो। आप
- 1:49:47आईपीओ इशू नहीं कर सकते। तो जो 2030 के
- 1:49:49बाद तो आप आईपीओ इशू कर ही सकते हो। तो बस
- 1:49:51वही है कि जब आप ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल कर
- 1:49:53रहे हो उस वक्त आपका डिबार खत्म हो जाना
- 1:49:54चाहिए। उस वक्त आपका डिबार खत्म हो जाना
- 1:49:56चाहिए। तो कुल मिला के कौन-कौन सी कंपनी
- 1:49:58कर सकती है? या फिर इशू या प्रमोटर
- 1:49:59डायरेक्टर या सेलिंग शेयर होल्डर वो डिबार
- 1:50:01या स्टॉक मार्केट कैपिटल मार्केट एक्सेस
- 1:50:03करने से। या फिर वो सेम कंपनी कि मैंने
- 1:50:05Reliance और Jio का एग्जांपल दिया था कि
- 1:50:06जो Reliance का प्रमोटर है वो सेम है Jio
- 1:50:09के प्रमोटर से। तो अगर Reliance Dibar है
- 1:50:10तो Jio भी इशू नहीं कर सकती। वो प्रमोटर
- 1:50:13डायरेक्टर या कंपनी विल फॉर डिफॉल्टर
- 1:50:14प्रमो या फिर फ्रोडलैंड डिफ़ॉल्टर
- 1:50:16फ्रॉडलैंड बोरोअर है या फिर प्रमोटर
- 1:50:17डायरेक्टर फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर है।
- 1:50:19तो ये चार केस के अंदर कंपनी आईपीओ इशू
- 1:50:21नहीं कर सकती। साथ में यह भी बोला हुआ है।
- 1:50:24साथ में यह भी बोला हुआ है इशू एलिजिबल
- 1:50:27नहीं होगा। ईश्वर एलिजिबल नहीं होगा आईपीओ
- 1:50:30लाने के लिए। अगर आपके पास ऑलरेडी कोई
- 1:50:32आउटस्टैंडिंग कन्वर्टेबल सिक्योरिटीज़ है
- 1:50:34कि कोई भी ऐसी सिक्योरिटीज़ है जो कन्वर्ट
- 1:50:37होने वाली है आपकी कोई भी ऐसी सिक्योरिटी
- 1:50:38आपने इशू करी है लेट से आपने किसी को
- 1:50:41डिबेंचर इशू करे थे कोई भी आपने डिबेंचर
- 1:50:43इशू करे थे वो थे कन्वर्टेबल डिबेंचर वो
- 1:50:45क्या है कन्वर्टेबल डिबेंचर उस वक्त आपका
- 1:50:47आईपीओ नहीं था उस वक्त आपकी कंपनी
- 1:50:48अनलिस्टेड थी उस वक्त आपकी कंपनी
- 1:50:50अनलिस्टेड थी या फिर लिस्टेड भी थी तो
- 1:50:52डिबेंचर में लिस्टेड थी लिस्टेड भी थी तो
- 1:50:53डिबेंचर में लिस्टेड थी ठीक है तो उस वक्त
- 1:50:56ना यह कन्वर्टेबल डिबेंचर है तो
- 1:50:58कन्वर्टेबल डिबेंचर जब तक कन्वर्ट वर्ट
- 1:51:00नहीं हो जाते। मतलब अभी तक आउटस्टैंडिंग
- 1:51:01है। जब तक यह कन्वर्ट नहीं हो जाती एक बार
- 1:51:03इक्विटी में तब तक आप नया आईपीओ नहीं ला
- 1:51:05सकते। मतलब कोई भी कन्वर्टेबल सिक्योरिटी
- 1:51:07है। कोई भी कन्वर्टेबल सिक्योरिटी या किसी
- 1:51:08के भी पास राइट है। किसी के भी पास राइट
- 1:51:10है कि वो इक्विटी में कन्वर्ट करा सकता
- 1:51:11है। तो तब तक आप आईपीओ नहीं ला सकते।
- 1:51:13हालांकि इसका एक्सेप्शन है कि आप आईपीओ ला
- 1:51:15सकते हो। अगर आपके पास केवल ईसोप्स आपने
- 1:51:17इशू करे हुए हैं। एंप्लई स्टॉक ऑप्शन
- 1:51:19प्लान आप तो इसके तीन एक्सेप्शन है। कुल
- 1:51:21मिला के इसके टोटल तीन एक्सेप्शन ये है कि
- 1:51:23अगर कंपनी के पास ईसोप्स आउटस्टैंडिंग
- 1:51:25पड़े। कि हां अभी तक ईसोप्स पड़े हुए हैं।
- 1:51:27शेयर इशू नहीं हुए तो भी कंपनी आईपीओ इशू
- 1:51:29कर सकती है। कोई दिक्कत नहीं है। या फिर
- 1:51:31कंपनी के पास वैसे तो कंपनी के पास अगर
- 1:51:33आउटस्टैंडिंग कन्वर्टेबल सिक्योरिटी है
- 1:51:34कन्वर्टेबल तो वो आईपीओ इशू नहीं कर सकती।
- 1:51:36पर अगर वो कन्वर्टेबल सिक्योरिटीज अगर वो
- 1:51:39कन्वर्टेबल सिक्योरिटी प्रोस्पेक्टस इशू
- 1:51:41होने के पहले ही प्रोस्पेक्टस इशू होने के
- 1:51:43पहले या प्रोस्पेक्टस की डेट तक कि जब
- 1:51:46आपका प्रोस्पेक्टस इशू हो रहा है उस डेट
- 1:51:48तक अगर वो कन्वर्टेबल सिक्योरिटी ऑलरेडी
- 1:51:50कन्वर्ट हो चुकी है। ऑलरेडी कन्वर्ट हो
- 1:51:52चुकी है तो भी आईपीओ ला सकते हैं। कोई
- 1:51:54दिक्कत नहीं है। तो ये देखो फुल्ली पेड अप
- 1:51:56आउटस्टैंडिंग कन्वर्टेबल सिक्योरिटी व्हिच
- 1:51:57आर कन्वर्टेबल ऑन और बिफोर ऑन और बिफोर
- 1:52:00डेट ऑफ़ फाइलिंग ऑफ़ प्रोस्पेक्टस कि भाई
- 1:52:01प्रोस्पेक्टस फाइल होने के पहले वो
- 1:52:03सिक्योरिटीज़ ऑलरेडी कन्वर्ट हो जाएगी
- 1:52:05शेयर्स के अंदर। तो आप आईपीओ लेओ कोई
- 1:52:06दिक्कत नहीं है। सेम एक होता है एसएआर।
- 1:52:08एसएआर भी होता है। एंप्लाइजज़ को मिलता है
- 1:52:10स्टॉक एप्रिसिएशन राइट। यह भी कुल मिला के
- 1:52:12राइट होता है। जिन राइट को जिन राइट से
- 1:52:15शेयर लेने का ऑप्शन होता है कि भाई ये जो
- 1:52:16राइट है अभी उनके पास राइट है कि वो बाद
- 1:52:18में शेयर परचेस कर सकते हैं कंपनी के। तो
- 1:52:20इनको भी आप एक तरह की कन्वर्टेबल
- 1:52:22सिक्योरिटी मानो। जो ये एसएआर है ना ये भी
- 1:52:24एक तरह की कन्वर्टेबल सिक्योरिटीज़ ही होती
- 1:52:26है। तो सेम टू सेम रूल एप्लीकेबल हो
- 1:52:28जाएगा। अगर यह एसएआर ऑलरेडी कन्वर्ट हो
- 1:52:30चुका है शेयर्स में आरएचपी या
- 1:52:32प्रोस्पेक्टस फाइल करने के पहले। मतलब
- 1:52:34प्रोस्पेक्टस फाइल करने के पहले ही ये जो
- 1:52:36एसएआर है वो शेयर में कन्वर्ट हो गया। ये
- 1:52:38एसएआर शेयर में कन्वर्ट हो गया
- 1:52:40प्रोस्पेक्टस फाइल करने के पहले तो भी कोई
- 1:52:42दिक्कत नहीं है। तो ठीक है। तो इन तीन केस
- 1:52:44के अंदर कोई दिक्कत नहीं है। कंपनी
- 1:52:45आईपीओपीओ ला सकती है कि ईस ऑफ़
- 1:52:47आउटस्टैंडिंग है या फिर जो कन्वर्टेबल
- 1:52:48सिक्योरिटीज़ थी वो कन्वर्टेबल सिक्योरिटी
- 1:52:50ऑलरेडी प्रोस्पेक्टस इशू होने के पहले
- 1:52:52कन्वर्ट हो गई। ये एसएआर भी ऑलरेडी
- 1:52:53प्रोस्पेक्टस इशू होने के पहले कन्वर्ट हो
- 1:52:55गए तो आईपीओ ला सकते हैं अपन। ठीक है?
- 1:52:58अब सर ये तो पढ़ा कि ये ये कंपनियां नहीं
- 1:53:00ला सकती। अब बताओ कौन-कौन सी कंपनीज़ आईपीओ
- 1:53:03कौन-कौन सी कंपनीज़ आईपीओ ला सकती है?
- 1:53:05कौन-कौन सी कंपनीज़ आईपीओ ला सकती है? सर
- 1:53:06एलिजिबिलिटी ऑफ़ आईपीओ मोस्टेंट मोस्टेंट।
- 1:53:09तो सर अपन फाइनेंसियल क्राइटेरिया सबसे
- 1:53:11देखेंगे। पैसों के हिसाब से वो कंपनी
- 1:53:13स्ट्रांग होनी चाहिए। 3 साल का लगातार ये
- 1:53:15ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए। 3 साल का
- 1:53:17लगातार ये ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए लास्ट
- 1:53:183 साल का। वो अपन देखेंगे सबसे पहले। क्या
- 1:53:20देखेंगे सर? उस कंपनी का नेट टेंजिबल एसेट
- 1:53:233 करोड़ या 3 करोड़ से ज्यादा होना चाहिए।
- 1:53:24उस कंपनी की नेट टजिबल एसेट 3 करोड़ या 3
- 1:53:26करोड़ से ज्यादा होना चाहिए। उस कंपनी की
- 1:53:28नेट टेंजिबल एसेट 3 करोड़ या 3 करोड़ से
- 1:53:31ज्यादा होनी चाहिए। पर उसके अंदर भी बोला
- 1:53:35एक कुछ कंडीशन और दे दी कि आपकी जो
- 1:53:37मॉनिटरी एसेट है आपकी जो मॉनेटरी एसेट है
- 1:53:44मॉनिटरी एसेट्स हैं। मॉनिटरी एसेट क्या
- 1:53:47होती है? जैसे कैश हो गया, बैंक हो गया ये
- 1:53:49सब। अरे भाई कैश हो गया, बैंक हो गया। ये
- 1:53:51सब आपकी जो मॉनिटरी एसेट है वो लेस दैन या
- 1:53:54फिर इक्वल टू मतलब अप टू वो लेस दैन या
- 1:53:56इक्वल टू ही होगी। 50% ऑफ़ नेट टेंजिबल
- 1:53:59एसेट के नेट टेंजिबल एसेट मतलब आपकी जो
- 1:54:04मॉनिटरी एसेट है वह 50% से ज़्यादा नहीं हो
- 1:54:07सकती। आपकी जो मॉनिटरी एसेट है वो 50% से
- 1:54:09ज्यादा नहीं हो सकती नेट टजिबल एसेट के।
- 1:54:11क्योंकि मतलब आपके पास मॉनिटरी एसेट मतलब
- 1:54:13आपके पास ऑलरेडी बहुत सारा कैश पड़ा है,
- 1:54:15बैंक पड़ा है। आपके पास ऑलरेडी बहुत सारा
- 1:54:16पैसा पड़ा है। तो आपको आईपीओ इशू करने की
- 1:54:18जरूरत ही क्या है? आपको इशू आईपीओ इशू
- 1:54:20करने की जरूरत ही क्या है? सिंपल सी बात
- 1:54:22है। तो आपके पास जो मॉनिटरी एसेट है ना वो
- 1:54:24लेस दैन और इक्वल टू होगी 50% ऑफ नेट
- 1:54:26टेंजिबल एसेट के। लेस दैन इक्वल टू होगी
- 1:54:2850% ऑफ नेट टजिबल एसेट के। ठीक है? पर अगर
- 1:54:3250% से ज्यादा मॉनिटरी एसेट है तो तो 50%
- 1:54:36ज्यादा मॉनिटरी एसेट अगर आपके पास है तो
- 1:54:37एक काम कर सकते हो आप। आप उसको कोई
- 1:54:39यूटिलाइजेशन में डाल सकते हो बिनेस या फिर
- 1:54:41प्रोजेक्ट के कि आपका जो बिज़नेस कोई
- 1:54:43प्रोजेक्ट है उसमें यूज़ कर लो। उस पैसे को
- 1:54:45उस मॉनिटरी एसेट को बिनेस के अंदर यूज़ ले
- 1:54:47लो। बिज़नेस और प्रोजेक्ट में लगा दो। या
- 1:54:49तो आप यूज़ कर लो या फिर एक फर्म कमिटमेंट
- 1:54:52दे दो कि हां भाई हम यूज़ कर लेंगे इसको
- 1:54:53अपने बिज़नेस के अंदर। ठीक है? मतलब हमारा
- 1:54:55यह पैसा तो यूज़ ऑलरेडी आ जाएगा। ये आपको
- 1:54:58ध्यान रखना है। तो टिजिबल एसेट 3 करोड़ की
- 1:55:00होनी चाहिए। टजिबल एसेट 3 करोड़ की होनी
- 1:55:02चाहिए।
- 1:55:04टेंजिबल एसेट सर 3 करोड़ की होनी चाहिए।
- 1:55:05टिजिबल एसेट सर 3 करोड़ या 3 करोड़ से
- 1:55:07ज्यादा होना। टजिबल एसेट 3 करोड़ या 3 करोड़
- 1:55:09से ज्यादा होनी चाहिए। उसमें भी सर बोला
- 1:55:10कि जो आपकी मॉनिटरी एसेट है वो लेस दैन
- 1:55:12इक्वल टू 50% ऑफ़ नॉट टजिबल एसेट होनी
- 1:55:14चाहिए। फिर जो आपका 3 साल की बात कर रही
- 1:55:16है सारी 3 साल की बातें हो रही है। सारी 3
- 1:55:17साल की बातें हो रही है। उसके बाद भी जो
- 1:55:19अपना एवरेज प्रॉफिट है, एवरेज ऑपरेटिंग
- 1:55:21प्रॉफिट है वो सर 15 करोड़ या उससे ज्यादा
- 1:55:24होना चाहिए। नेटवर्थ 1 करोड़ या उससे
- 1:55:26ज्यादा होना चाहिए। नेट एवरेज ऑपरेटिंग
- 1:55:28प्रॉफिट कितना होना चाहिए? 15 करोड़ या
- 1:55:30उससे ज्यादा। नेटवर्थ 1 करोड़ या उससे
- 1:55:32ज्यादा। नेटवर्थ 1 करोड़ या उससे ज्यादा।
- 1:55:34कब का बेच रहे हैं सर अपन? मैंने बोला ना
- 1:55:35प्रिसीडिंग थ्री फुल फाइनेंसियल ईयर का।
- 1:55:37तीन फाइनेंसियल का हर ईच फाइनेंसियल ईयर।
- 1:55:39ईच फाइनेंसियल ईयर का अपन जो भी होगा वो
- 1:55:41देखेंगे। हर 3 साल में हर 3 साल के अंदर
- 1:55:4315 करोड़ था। हर 3 साल के अंदर नेटवर्थ 1
- 1:55:45करोड़ थी। हर हर 3 साल के अंदर। ठीक है?
- 1:55:48अगर आपकी कंपनी का कभी कोई नेम चेंज हुआ
- 1:55:50है लास्ट 1 साल के अंदर। अगर आपकी कंपनी
- 1:55:54का कोई नाम चेंज हुआ है लास्ट 1 साल के
- 1:55:55अंदर। लेट्स से आपकी कंपनी का नाम पहले
- 1:55:59था।
- 1:56:01आपकी कंपनी का नाम पहले था आर आईएल। ठीक
- 1:56:05है? आप उसको नाम को चेंज करके लॉक करना
- 1:56:07चाह रहे हो। आर एलएल। क्या करना चाह रहे
- 1:56:10हो? आर एलएल। मतलब आपने लास्ट वन ईयर में
- 1:56:12कर दिया। नाम चेंज कर दिया है। आरएल से
- 1:56:14आरएलएल कर दिया है। तो लास्ट का पूरा 1
- 1:56:16साल था। लास्ट का पूरा ये 1 साल था। तो 9
- 1:56:19महीने तो पता है क्या करा? 9 महीने ये 9
- 1:56:22महीने
- 1:56:24आपका नाम आरआईएल रहा है। बाकी के जो 3
- 1:56:28महीने हैं बाकी के जो 3 महीने हैं उसमें
- 1:56:31आपका नाम आर एलएल हो गया। तो लास्ट 1 साल
- 1:56:33में आपका नाम चेंज हुआ। तो पहले आपका नाम
- 1:56:36था 9 महीने तक आरएलएल। फिर लास्ट के 3
- 1:56:37महीने में आपका नाम हो गया था आर एलएल।
- 1:56:39आरएल से आर एलएल हो गया। तो अब यह बोल रहा
- 1:56:42है कुल मिला के लास्ट का इस साल का जो
- 1:56:44टोटल रेवेन्यू था ना पूरे साल भर का टोटल
- 1:56:46रेवेन्यू पूरे साल भर का टोटल रेवेन्यू
- 1:56:49उसका एट लीस्ट उसका एटलीस्ट 50% रेवेन्यू
- 1:56:54इस नाम से आना चाहिए नए वाले नाम से।
- 1:56:56लेट्स से आपके पूरे साल भर का रेवेन्यू था
- 1:56:59आपका ₹100 करोड़। पूरे साल भर का रेवेन्यू
- 1:57:01था 100 करोड़। तो वो बोल रहा है कि कम से
- 1:57:03कम इन 3 महीने में 50% मतलब 50 करोड़
- 1:57:07रेवेन्यू तो आना ही आना चाहिए। ये टोटल
- 1:57:09रेवेन्यू 12 महीने का था 100 करोड़। तो जो
- 1:57:11नया नाम आपका जब हुआ ना नया नाम तो उस नए
- 1:57:13नाम से कमते कम से कम आपने 50% रेवेन्यू
- 1:57:16तो कमा चुके हो। 50% रेवेन्यू आपने नए नाम
- 1:57:17से कमाया। 50% रेवेन्यू आपने नए नाम से
- 1:57:20कमाया। मतलब 50 करोड़ रेवेन्यू 3 महीने का
- 1:57:22तो होना ही होना चाहिए। ठीक है? तो 50%
- 1:57:25रेवेन्यू होना चाहिए इन लास्ट वन ईयर मस्ट
- 1:57:27बी कम विथ अ न्यू नेम। 50% ऑफ़ द रेवेन्यू
- 1:57:30ऑफ़ लास्ट ईयर मस्ट बी कम अप वि द न्यू
- 1:57:32नेम। ठीक है सर। तो ये अपने आईपीओ का मेन
- 1:57:34कंडीशन है कि आईपीओ में फर्स्ट अपन ने
- 1:57:36क्या देखा था कि अपन ने देखा कि ये तीन ये
- 1:57:38एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पूरा होना चाहिए
- 1:57:40कि कंपनी अच्छी होनी चाहिए। कंपनी
- 1:57:41फाइनेंशियली स्ट्रांग होनी चाहिए।
- 1:57:42फाइनेंसियल स्ट्रंग एसेट मतलब क्या है?
- 1:57:43उसका नेट टेंजिबल एसेट। नेट टजिबल एसेट 3
- 1:57:46करोड़ या उससे ज्यादा उसके अंदर भी जो
- 1:57:47मॉनिटरी एसेट है वो 50% से ज्यादा नहीं हो
- 1:57:50सकती। 50 से ज्यादा नहीं हो सकती। नेट
- 1:57:51टजिबल एसेट के। तो 3 करोड़ नेट टजिबल
- 1:57:53एसेट। 3 करोड़ नेट टजिबल एसेट। 3 करोड़
- 1:57:55नेट टजिबल एसेट है। ठीक है ना? 3 करोड़
- 1:57:58क्या है सर अपना? नेट टिजिबल एसेट है।
- 1:58:01उसके बाद सर एवरेज नेट प्रॉफिट कितना होना
- 1:58:04चाहिए? एवरेज प्रॉफिट होना चाहिए अपना 18
- 1:58:06करोड़। सॉरी 15 करोड़। एवरेज प्रॉफिट 15
- 1:58:07करोड़। एवरेज प्रॉफिट 15 करोड़। एवरेज
- 1:58:09प्रॉफिट 15 करोड़। नेटवर्थ 1 करोड़।
- 1:58:11नेटवर्थ 1 करोड़। और जो भी रेवेन्यू अपना
- 1:58:13पिछले साल अगर अपन ने नाम को चेंज करा अगर
- 1:58:15अपन ने लास्ट वन ईयर में कोई भी नाम चेंज
- 1:58:16करा तो आपका जो भी पिछले साल का रेवेन्यू
- 1:58:18था उसका 50% रेवेन्यू नए नाम से आना
- 1:58:19चाहिए। नए नाम से इंपॉर्टेंट लिमिट्स है
- 1:58:22सर याद करनी पड़ेगी। अब इसका कोई ऑप्शन
- 1:58:23नहीं। मैं अब क्या करूं भाई? मेरे हाथ में
- 1:58:25भी नहीं है। मैं तो पढ़ा रहा हूं ना। छह
- 1:58:26सब समझा रहा हूं ना। अब क्या कर सकते हो?
- 1:58:28ऑडिट होती तो बार-बार रटाता, बार-बार
- 1:58:29रिवाइज़ कराता, ट्रिक देता। पर इतना टाइम
- 1:58:31नहीं है अभी इसके अंदर। बस याद कर लो,
- 1:58:33निकलो। ठीक है? चलो आ जाओ। सेबी एक अकेला
- 1:58:35चैप्टर है जो तुम एग्जाम देने जाओगे तब
- 1:58:37मुझे लगता है सुबह-सुबह तुमको रिवाइज़ करना
- 1:58:38पड़ेगा। सेबी और फेमा भी। भी शायद फेमा तो
- 1:58:39फिर भी चलो ईजी है थोड़ा। सेबी बहुत बड़ा है
- 1:58:41सेबी करना। अब सर ये कि अगर ऊपर वाली
- 1:58:44कंडीशन कभी पूरी नहीं हुई कि हमारा
- 1:58:46फाइनेंसियल ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा नहीं है।
- 1:58:48हमारा फाइनेंसियल ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा
- 1:58:49नहीं है। कभी ऊपर वाली कंडीशन अगर आपकी
- 1:58:51पूरी नहीं हुई है। तो उस केस में आप
- 1:58:53अल्टरनेटिवली क्या इशू कर सकते हो? तो उस
- 1:58:55केस में आप अल्टरनेटिवली क्या कर सकते हो?
- 1:58:58तो उस केस के आप अंदर अल्टरनेटिव कर सकते
- 1:59:00हो। बुक बिल्डिंग प्रोसेस पे जा सकते हो।
- 1:59:03क्या कर सकते हो? बुक बिल्डिंग प्रोसेस पे
- 1:59:05आप जा सकते हो। बुक बिल्डिंग प्रोसेस से
- 1:59:08जा सकते हो। ये तीनों कंडीशन अब सेटिस्फाई
- 1:59:09होनी चाहिए। या तो आपकी फाइनेंसियल कंडीशन
- 1:59:11पूरी हो गई कि आप अच्छी कंपनी है।
- 1:59:12फाइनेंसियली अच्छे हो तो अच्छी बात है।
- 1:59:13वरना अगर आप फाइनेंसियली कंपनी आपकी अच्छी
- 1:59:15नहीं है तो आप बुक बिल्डिंग प्रोसेस पे जा
- 1:59:16सकते हो इशू करने के लिए और बुक बिल्डिंग
- 1:59:19प्रोसेस के अंदर बुक बिल्डिंग प्रोसेस के
- 1:59:21अंदर एट लीस्ट जो भी आप ऑफर कर रहे हो
- 1:59:24जितना भी आप ऑफर कर रहे हो ना लोगों को
- 1:59:26उसका 75%
- 1:59:28उसका 75% क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बयरर्स
- 1:59:32को इशू करना पड़ेगा। उसका 75% आपको
- 1:59:35क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर को इशू
- 1:59:37करना पड़ेगा। मतलब आप अगर इशू करना चाह
- 1:59:40रहे हो 100 करोड़ का इशू इशू है आपका तो
- 1:59:43उसमें से 75 करोड़ तो आपको क्वालिफाइड
- 1:59:45इंस्टीट्यूशनल बायर जो बड़े-बड़े बायर
- 1:59:47होते हैं उनको इशू करना पड़ेगा ताकि ये है
- 1:59:49कि जो भी नॉर्मल पब्लिक कभी भी रिस्क में
- 1:59:51नहीं आए मतलब आपकी कंपनी के हालात पहले ही
- 1:59:53खराब है ये वाली कंडीशन पूरी नहीं कर पा
- 1:59:54रहे तो आपकी कंपनी के पहले ही हालात खराब
- 1:59:56है तो आप जितने भी ज्यादा शेयर है बड़ी
- 1:59:58वाली किसी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर
- 2:00:00को इशू करो कम से कम वो जो भी चेक करके
- 2:00:02इन्वेस्ट करेंगे आपकी कंपनी को पूरा चेक
- 2:00:04करेंगे उसके बाद इन्वेस्ट करेंगे ठीक है
- 2:00:05केवल 25% ही नॉर्मल पब्लिक को आप इशू कर
- 2:00:08सकते हो पर अगर नहीं क्वालिफाइड
- 2:00:09इंस्टिट्यूशन बायर को अगर आप इशू वो नहीं
- 2:00:11कर पाए 75% तो आपको सबका पैसा रिफंड कर
- 2:00:13देना पड़ेगा। सबका पैसा रिफंड कर देना। तो
- 2:00:16सर अगर ऊपर वाली आईपीओ की कंडीशन पूरी
- 2:00:17नहीं हो रही तो आपको बुक बिल्डिंग प्रोसेस
- 2:00:19पे जाना पड़ेगा। 75% क्यूआईबी को आपको इशू
- 2:00:21करना पड़ेगा। और क्यूआईबी कंडीशन मीट नहीं
- 2:00:23हुई तो आपको रिफंड ठीक है सर। चलो
- 2:00:30सर उसके बाद आता है एक सुपीरियर राइट।
- 2:00:33क्या होता है सर? सुपीरियर राइट। मैंने
- 2:00:34पहले एसआर को स्पेशल राइट बोल दिया था
- 2:00:35क्या पहले एल डीआर में? हो सकता है। चल
- 2:00:37ठीक है ना? हां। तो यहां पे सुपीरियर राइट
- 2:00:39है। ठीक है? वह एक का स्पेशल राइट ही हो
- 2:00:40गया। तो सुपीरियर राइट इक्विटी शेयर कभी
- 2:00:42कबभार अपन इशू कर देते हैं। कभी कबभार
- 2:00:44क्या होता है? सुपीरियर राइट इशू। जनरली
- 2:00:45किसको देते हैं अपन? प्रमोटर और डायरेक्टर
- 2:00:46को। जनरली किसको देते हैं? प्रमोट कि एसआर
- 2:00:48मतलब यहां पे सुपीरियर राइट होगा। स्पेशल
- 2:00:50सॉल्यूशन नहीं है। तो एसआर अपन कभी कबभार
- 2:00:52दे देते हैं प्रमोटर और डायरेक्टर को। कि
- 2:00:55इनको अपन सुपीरियर राइट देते हैं बाकी
- 2:00:57लोगों से। कि लेट्स से सर एग्जांपल क्या
- 2:00:58होता है कि लेट्स से कि बाकी लोगों को
- 2:01:01इनके पास अगर एक शेयर है ना तो ये 10 वोट
- 2:01:04दे सकते हैं। एक शेयर से 10 वोट दे सकते
- 2:01:06हैं। और जो ऑर्डिनरी शेयर होते हैं उसमें
- 2:01:08क्या होता है? आप एक शेयर से एक ही वोट दे
- 2:01:10सकते हो। तो प्रमोटर डायरेक्टर को कभी
- 2:01:12कबभार सुपीरियर शेयर अपन इशू कर सकते हैं।
- 2:01:14ठीक है ना? तो अगर अगर आपकी कंपनी में
- 2:01:18ऑलरेडी प्रमोटर डायरेक्टर के पास अगर आपकी
- 2:01:20कंपनी में ऑलरेडी किसी प्रमोटर डायरेक्टर
- 2:01:22के पास सुपीरियर राइट शेयर है। आपकी कंपनी
- 2:01:25में ऑलरेडी किसी प्रमोटर के पास सुपीरियर
- 2:01:28राइट शेयर्स है। तो भाई आप ऑर्डिनरी
- 2:01:31शेयर्स का आईपीओ तभी ला सकते हो जब यह
- 2:01:33सारी कंडीशन पूरी हो जाए। आप ऑर्डिनरी
- 2:01:36शेयर्स का आईपीओ तभी ला सकते हो जब यह
- 2:01:38सारी कंडीशंस पूरी हो जाए। तो ऑर्डिनरी
- 2:01:40शेयर्स का आईपीओ लाने के लिए क्या-क्या
- 2:01:41कंडीशन आपको पूरी करनी पड़ेगी? सर पहली
- 2:01:43बात आपका कोई टेक्नोलॉजी बेस मतलब ये सारी
- 2:01:46कंडीशन पूरी करनी पड़ेगी। आपका कोई
- 2:01:48टेक्नोलॉजी बेस आपका कोई टेक्नोलॉजी बेस
- 2:01:50धंधा होना चाहिए। बिज़नेस होना चाहिए।
- 2:01:51टेक्नोलॉजी बेस इंटेंसिव यूज़ ऑफ़
- 2:01:53टेक्नोलॉजी नैनो टेक्नोलॉजी डाटा
- 2:01:54एनालिटिक्स आपका कुल मिला के टेक्नोलॉजी
- 2:01:56बेस धंधा होना चाहिए। आपका जो नेट मतलब जो
- 2:01:59आपके शेयर होल्डर है जिसको आपने सुपीरियर
- 2:02:01राइट शेयर इशू करे हुए हैं। आपके जो शेयर
- 2:02:04होल्डर है जिसको आपने सुपीरियर राइट शेयर
- 2:02:06इशू करे उनकी नेटवर्थ 1000 करोड़ से या
- 2:02:091000 करोड़ या 1000 करोड़ से कम होनी चाहिए।
- 2:02:121000 करोड़ या फिर 1000 करोड़ से कम होनी
- 2:02:15चाहिए। आपने जिन भी प्रमोटर डायरेक्टर को
- 2:02:17सुपीरियर राइट इशू करा है उनकी नेटवर्थ उन
- 2:02:20प्रमोटर डायरेक्टर की नेटवर्थ 1000 करोड़
- 2:02:22या उससे कम होनी चाहिए। ठीक है? अब उसके
- 2:02:25बाद जो सुपीरियर राइट शेयर है वो केवल
- 2:02:27प्रमोटर फाउंडर वगैरह इन्हीं को मिलेंगे।
- 2:02:29जो एग्जीक्यूटिव है जो एग्जीक्यूटिव है
- 2:02:32मतलब जो धंधा असली में एग्जीक्यूटिव है।
- 2:02:34नॉन एग्जीक्यूटिव जो धंधे को देख ही नहीं
- 2:02:35रहे उनको नहीं दे सकते आप सुपरियर राइट
- 2:02:37शेयर। आप जो सुपर किंग प्रमोटर को दे सकते
- 2:02:39हो जो एग्जीक्यूटिव है जो असली में धंधे
- 2:02:40में इन्वॉल्व है। बिनेस में जो असली में
- 2:02:42इनवॉल्व है। ठीक है ना? और साथ में आपको
- 2:02:44एक स्पेशल रेोल्यूशन भी पास करना पड़ेगा।
- 2:02:46फिर आपको एक स्पेशल रेोल्यूशन भी पास करना
- 2:02:48पड़ेगा। अगर आपको ऑर्डिनरी शेयर इशू करना
- 2:02:49है। उसमें बताना पड़ेगा मैं कितना शेयर
- 2:02:50इशू करना चाह रहा हूं। वोटिंग राइट किसके
- 2:02:52पास कितना होगा? कि सुपीरियर राइट के पास
- 2:02:54और ऑर्डिनरी के पास कितना-कितना वोटिंग
- 2:02:55राइट का रेशियो होगा। डिफरेंट डिविडेंड
- 2:02:57किसको ज़्यादा मिलेगा? मतलब इनको ज़्यादा
- 2:02:58मिलेगा, कितना ज़्यादा मिलेगा, इनको कम
- 2:03:00मिलेगा। ये सब चीज़ आपको बतानी पड़ेगी। ठीक
- 2:03:02है ना?
- 2:03:04उसके बाद होल्डिंग पीरियड ऑफ़ सुपीरियर
- 2:03:06राइट। होल्डिंग पीरियड ऑफ़ सुपीरियर राइट
- 2:03:08कि यह जो आपने सुपीरियर राइट शेयर इशू करे
- 2:03:10थे ना आपने जो सुपीरियर राइट शेयर इशू करे
- 2:03:12थे वो आपने जो भी रेड हियरिंग
- 2:03:15प्रोस्पेक्टस का ड्राफ्ट फाइल करा था उसके
- 2:03:17पहले ही इशू कर दिए थे। आपने जो भी
- 2:03:19सुपीरियर राइट शेयर इशू करे थे ना प्रमोटर
- 2:03:21डायरेक्टर को तो यहां पर आपने रेड हियरिंग
- 2:03:25प्रोस्पेक्टस यहां पे इशू करा था। रेड
- 2:03:26हियरिंग प्रोस्पेक्टस यहां पे इशू करा था।
- 2:03:28तो आपने रेड हियरिंग प्रोस्पेक्टस इशू
- 2:03:30करने के एट लीस्ट एट लीस्ट 3 मंथ पहले ही
- 2:03:36मतलब रेड हियरिंग प्रोस्पेक्टस जो अपन
- 2:03:38सेबी वगैरह को फाइल करते हैं तो रेड
- 2:03:40हियरिंग प्रोस्पेक्टस आपने जब सेबी वगैरह
- 2:03:42को फाइल करा एट लीस्ट एट लीस्ट उसके 3
- 2:03:45महीने पहले ही एटलीस्ट उसके 3 महीने पहले
- 2:03:47ही अपन आप लोगों को सुपीरियर राइट शेयर
- 2:03:49इशू कर चुके थे। सुपीरियर राइट इशू कर
- 2:03:52चुके थे। एटलीस्ट 3 महीने पहले ही आप उनको
- 2:03:53सुपीरियर राइट इशू दे चुके थे। सुपीरियर
- 2:03:55राइट के शेयर्स दे चुके थे। ठीक है ना? तो
- 2:03:58यह यहां पर आ जाएगा। तो यह कंडीशन ध्यान
- 2:04:00रखना कि आपने सुपीरियर राइट इशू का मतलब
- 2:04:02होल्डिंग पीरियड यहां पर डिफाइन कर दिया
- 2:04:04कि एटलीस्ट जो सुपीरियर राइट इशू होने
- 2:04:05चाहिए जो शेयर उनके पास पड़े हैं सुपीरियर
- 2:04:07राइट वो 3 महीने या उससे पुराने होने
- 2:04:09चाहिए। 3 महीने या उससे पुराने कहां से
- 2:04:10गिनेंगे वो रेड इयरिंग प्रोस्पेक्टस को
- 2:04:11फाइल करने के पहले। रेड इयरिंग
- 2:04:12प्रोस्पेक्ट को फाइल करने के पहले 3 महीने
- 2:04:14उससे पहले अपन ज्यादा पहले होल्ड करके
- 2:04:16बैठे हैं। सर वोटिंग राइट किसको कितना
- 2:04:18मिलेगा? इन्होंने डिफाइन कर दिया कि
- 2:04:20मिनिमम कम से कम जो सुपीरियर राइट है ना
- 2:04:22उनको डबल वोटिंग राइट तो मिलेगा ही
- 2:04:24मिलेगा। ऑर्डिनरी को मतलब वन मिलेगा। तो
- 2:04:25अगर ऑर्डिनरी को वन मिल रहा है तो
- 2:04:26सुपीरियर को दो वोटिंग राइट मिलेंगे।
- 2:04:28मैक्सिमम कितना वोटिंग राइट मिल सकता है
- 2:04:30कि अगर ऑर्डिनरी को आप एक दे रहे हो
- 2:04:32वोटिंग राइट कि एक वोट दे सकते हैं एक
- 2:04:33शेयर पे तो उनको कम से कम 10 वोटिंग राइट
- 2:04:35दे सकते हो। मतलब मैक्सिमम आप 10 वोटिंग
- 2:04:37राइट दे सकते हो सुपीरियर राइट वालों को।
- 2:04:39ठीक है ना? तो मिनिमम 2:1 हो सकता है।
- 2:04:41मैक्सिमम 10 वन हो सकता है। मिनिमम 2 1
- 2:04:43मैक्सिमम 10:1 हो सकता है। ठीक है? 2 1 और
- 2:04:4610 1 या तो टू टाइम्स या 10 टाइम्स। टू
- 2:04:48टाइम्स या 10 टाइम्स। टू टाइम्स या 10
- 2:04:49टाइम्स।
- 2:04:51और सर जो फेस वैल्यू होगी ना इक्विटी शेयर
- 2:04:53की जो सुपीरियर राइट इक्विटी शेयर की वो
- 2:04:55इक्वल होगी ऑर्डिनरी शेयर की वैल्यू से
- 2:04:57मतलब दोनों की फेस वैल्यू सेम होगी एक एक
- 2:04:59क्लास का एक ही सुपरियर राइट हो सकता है
- 2:05:01मतलब आपको सुपरियर राइट इशू करना है तो एक
- 2:05:02क्लास में ही इशू करना पड़ेगा ऐसा नहीं कि
- 2:05:04अलग-अलग क्लास के सुपरियर राइट इशू कर दिए
- 2:05:05और बाकी इसके अलावा जो भी मतलब वोटिंग
- 2:05:07राइट के अलावा सारे वोटिंग जनरली जितने भी
- 2:05:10राइट होंगे सब कुछ सेम होंगे जो ऑर्डिनरी
- 2:05:11शेयर है और सुपीरियर राइट शेयर हैं इन
- 2:05:13दोनों के सारे लगभग राइट्स इक्वल होंगे।
- 2:05:15सारे राइट्स लगभग इक्वल होने वाले हैं।
- 2:05:17ठीक है? वोटिंग राइट्स के नाम
- 2:05:21तो सर यह कंडीशंस थी। कभी भी आपने
- 2:05:22सुपीरियर राइट इशू करा हुआ है प्रमोटर या
- 2:05:24डायरेक्टर को तो अगर आपको आईपीओ लाना है
- 2:05:26ऑर्डिनरी शेयर का तो आपका टेक्नोलॉजी बेस
- 2:05:28बिनेस होना चाहिए। जिसको आपने पहले से
- 2:05:29प्रमोटर डायरेक्टर को इशू करा हुआ है
- 2:05:31सुपीरियर राइट उनकी नेटवर्थ 1000 करोड़
- 2:05:33या000 करोड़ से कम होनी चाहिए। वो केवल
- 2:05:34आपने एग्जीक्यूटिव लोगों को ही दिया था।
- 2:05:36स्पेशल रेोल्यूशन स्पेशल रेोल्यूशन आप पास
- 2:05:38करना चाहिए। आपको पकड़ना पड़ेगा। होल्डिंग
- 2:05:40पीरियड बता दिया 3 महीने का होना चाहिए।
- 2:05:42मिनिमम और मैक्सिमम वोटिंग रेट का क्या
- 2:05:43रेशियो होगा? 2 1 और 10 1 का होना चाहिए।
- 2:05:46बाकी सब चीजें सेम होगी। बाकी सब चीजें
- 2:05:48सेम होगी इनकी। अब जनरल कंडीशन कुछ और पढ़
- 2:05:51लेते हैं आईपीओ लाने की कि प्री आईपीओ आप
- 2:05:52आईपीओ लाने के पहले प्री आईपीओ क्या-क्या
- 2:05:54चीजें आपको पूरी करनी पड़ेगी। प्री आईपीओ
- 2:05:55रिक्वायरमेंट क्या-क्या होती है? जनरल
- 2:05:57कंडीशंस पहले एक बार पढ़ लेते हैं। ज्यादा
- 2:05:58नहीं है मतलब ठीक है। आपको ना सबसे पहले
- 2:06:00स्टॉक एक्सचेंज से अप्रूवल लेनी पड़ेगी।
- 2:06:02रिकॉग्नाइज्ड स्टॉक एक्सचेंज जो भी होते
- 2:06:04हैं ना उनसे अप्रूवल लेनी पड़ेगी। एक या
- 2:06:05एक से ज्यादा आप स्टॉक एक्सचेंज कुछ भी हो
- 2:06:07सकते हैं। स्टॉक एक्सचेंज आरएससी एंड या
- 2:06:08बीएससी एनएससी जो भी स्टॉक एक्सचेंज है
- 2:06:10उनप एप्लीकेशन देनी पड़ेगी कि हम आईपीओ ला
- 2:06:12रहे हैं। बट आप जा एक से ज्यादा पे आप
- 2:06:14आईपीओ ला सकते हो। एक से ज्यादा पे आप
- 2:06:16आईपीओ ला सकते हो। पर उनमें से एक को आप
- 2:06:18डेजिग्नेटेड स्टॉक एक्सचेंज चुन लेना कि
- 2:06:19जो मेरा मेन डेजिग्नेटेड स्टॉक एक्सचेंज
- 2:06:21है वो एनएससी है या फिर बीएसआई या
- 2:06:23व्हाटएवर एक डेेजिग्नेटेड आप चुन लेना साथ
- 2:06:25में डिपॉजिटरी के साथ भी आपको एग्रीमेंट
- 2:06:28करना पड़ेगा कि जो भी उनके शेयर्स है वो
- 2:06:31डीमटेरियलाइज फॉर्म में इशू होंगे फिजिकल
- 2:06:32फॉर्म में नहीं होंगे तो आपको डी
- 2:06:34डिपॉजिटरी जो भी होते हैं सीडीएसएल जो
- 2:06:36होता है सीडीएसएल तो सीडीएसएल के साथ भी
- 2:06:38एग्रीमेंट कर लेना पड़ेगा कि जो भी शेयर
- 2:06:40इशू होंगे वो डिपॉजिटरी फॉर्मेट में होंगे
- 2:06:42उसके साथ भी एग्रीमेंट कर लेना प्रमोटर्स
- 2:06:44के पास जो एग्ज़िस्टिंग सिक्योरिटीज़ हैं
- 2:06:46प्रमोटर कंपनी का प्रमोटर है। उसके पास तो
- 2:06:48एकिस्टिंग सिक्योरिटीज़ होगी ही होगी ना।
- 2:06:49चाहे वो पर्सनल सिक्योरिटी हेल्ड करी हुई
- 2:06:51है। बस वो लिस्टेड नहीं है। तो जो उसके
- 2:06:52पास जो सिक्योरिटी होल्ड करती करी हुई है
- 2:06:54ना वो भी पहले डीमेट फॉर्म में कन्वर्ट
- 2:06:56कराओ। जब आप ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल कर रहे
- 2:06:58हो उसके पहले ही उसके पहले ही जो
- 2:07:00प्रमोटर्स के पास सिक्योरिटी है ऑफर
- 2:07:02डॉक्यूमेंट फाइल करने के पहले ही जो
- 2:07:04प्रमोटर्स के साथ सिक्योरिटी पास
- 2:07:06सिक्योरिटी है वो डीमोट फॉर्म में वो
- 2:07:08डीमेट फॉर्म में कन्वर्ट कराओ। वो डीमेट
- 2:07:10फॉर्म में कन्वर्ट कराओ। ठीक है? अब उसके
- 2:07:13बाद एग्जिस्टिंग पार्टली पेड अप शेयर्स जो
- 2:07:15भी एग्जिस्टिंग पार्टली पेड अप शेयर्स हैं
- 2:07:16अगर कोई भी शेयर एकिस्टिंग पार्टली पेड अप
- 2:07:18है कि भाई कोई भी शेयर्स ऐसे हैं
- 2:07:25कि कोई भी शेयर्स ऐसे हैं कंपनी ने के पास
- 2:07:27कोई भी अभी एकिस्टिंग शेयर हैं जो पार्टली
- 2:07:29पेड अप है कि अभी तक पूरे शेयर्स को पे
- 2:07:30नहीं करा कि कंपनी के ₹10 के फुल्ली पेड
- 2:07:32अप शेयर थे पर कुछ लोगों ने ₹8 ही दिए अभी
- 2:07:34तक मतलब पार्टली पेड करा पूरे अभी तक
- 2:07:36उन्होंने पैसा नहीं दिया तो उनको बोल भाई
- 2:07:37या तो तू पूरे के पूरे रुपए दे दे या फिर
- 2:07:39उनके शेयर को छीन लो फॉरफिट कर लो उनके
- 2:07:41शेयर को फॉरफिट कर लो। इन दोनों में से
- 2:07:42आपको कुछ करना पड़ेगा। फर्म अरेंजमेंट टू
- 2:07:45फाइनेंस। फर्म अरेंजमेंट ऑफ फाइनेंस। मतलब
- 2:07:47आपको लोगों को ऐसा बताना पड़ेगा। लोगों को
- 2:07:50आपको ऐसा बताना पड़ेगा कि भाई देखो आपको
- 2:07:53हम इशू कर रहे हैं। हम आपसे पैसा लेना चाह
- 2:07:54रहे हैं ₹100 करोड़। ठीक है ना? आपको देना
- 2:07:56हो तो दो। मतलब उनको ऐसा थोड़ा एटीट्यूड
- 2:07:58में बताना है। आपको देना हो तो दो। वरना
- 2:08:00ना हमारे पास एटलीस्ट 75%
- 2:08:0475% जो पैसा है ना मतलब 100 करोड़ का 75%
- 2:08:07कितना हुआ? 75 करोड़। 75 करोड़ तो हमारे
- 2:08:11पास ऑलरेडी पड़ा हुआ है। 75% तो हमारे पास
- 2:08:14ऑलरेडी पड़ा हुआ है कि हम चाहे तो हम किसी
- 2:08:15और से भी ले सकते हैं। फर्म कमिटमेंट है
- 2:08:17कि दूसरे बंदे हमको ऑलरेडी 75% देना चाह
- 2:08:20रहे हैं। फर्म कमिटमेंट बतानी है। फर्म
- 2:08:22कमिटमेंट स्ट्रांग अरेंजमेंट मतलब
- 2:08:24स्ट्रांग अरेंजमेंट है हमारे पास कि 75%
- 2:08:26जितने का हम आईपीओ इशू कर रहे हो उसका 75%
- 2:08:28की तो स्ट्रांग अरेंजमेंट हमारे पास
- 2:08:30ऑलरेडी स्ट्रंग अरेंजमेंट हमारे पास
- 2:08:31ऑलरेडी एग्ज़िस्ट करती है। ठीक है ना? तो
- 2:08:34ऐसा उनको बताना पड़ेगा।
- 2:08:37तो सर क्या प्री कंडीशन होती है? स्टॉक
- 2:08:39एक्सचेंज से बात कर लो। उनके एग्रीमेंट कर
- 2:08:40लो। एक स्टॉक एक्सचेंज को डेजिग्नेटेड
- 2:08:42बनने दो। डिपॉजिटरी के साथ भी एग्रीमेंट
- 2:08:43कर लो। जो एकिस्टिंग प्रमोटर के शेयर
- 2:08:45होल्डर है उनको डिपॉज डीमेट फॉर्म में
- 2:08:46कन्वर्ट करा दो। कोई भी पार्टली पेड अप
- 2:08:48शेयर है तो उसको या तो फुल्ली पेड अप बनाओ
- 2:08:50रुपए मंगाओ या फिर फॉरफिट कर लो। और
- 2:08:51एटलीस्ट आप उनको बताना कि हमारे पास ना
- 2:08:53फर्म अरेंजमेंट है कि से जितना हम आईपीओ
- 2:08:54इशू कर रहे हैं मतलब जितना भी आईपीओ इशू
- 2:08:56कर रहे हैं उसका 75% पैसा हमारे पास
- 2:08:57ऑलरेडी है। 75% पैसा हम ऑलरेडी ला सकते
- 2:09:00हैं कहीं से भी। फर्म अरेंजमेंट है हमारे
- 2:09:01पास।
- 2:09:03ठीक है? अब उसके बाद होने वाला है ये
- 2:09:06वाला। तो
- 2:09:08कैप ऑन जनरल कॉर्पोरेट पर्पस कि अब यह भी
- 2:09:10एमसीक्यू आ सकता है सर कि जो
- 2:09:12[नाक से की जाने वाली आवाज़] भी आप आईपीओ
- 2:09:12इशू कर रहे हो जो भी आप आईपीओ इशू कर रहे
- 2:09:15हो वो आईपीओ इशू कर रहे हो तो उस आईपीओ का
- 2:09:17जो भी आईपीओ का अमाउंट आ रहा है जो भी
- 2:09:19आईपीओ का अमाउंट है उसका मैक्सिमम कितना
- 2:09:22पैसा आप जनरल कॉर्पोरेट पर्पस जो जनरल
- 2:09:24बिज़नेस के नॉर्मल एक्सपेंडिचर होता है ना
- 2:09:25उसके लिए कितना पैसा यूज़ दे सकते हो
- 2:09:27मैक्सिमम 25% जो भी आपने आईपीओ इशू करा
- 2:09:30उसका मैक्सिमम 25% पैसा ही जो भी आपने
- 2:09:32आईपीओ इशू करा उसका मैक्सिमम 25% पैसा ही
- 2:09:35आप जनरल जनरल कॉर्पोरेट पर्पस के लिए यूज़
- 2:09:37ले सकते हो। जनरल कॉर्पोरेट पर्पस के लिए
- 2:09:39यूज़ ले सकते हो। जो भी आपने छोड़ा। ठीक है?
- 2:09:41उससे ज्यादा आप जनरल कॉर्पोरेट पर्पस के
- 2:09:42लिए यूज़ नहीं कर सकते। और एक और चीज़ दे दी
- 2:09:44सर
- 2:09:46कि जनरल कॉर्पोरेट पर्पस प्लस जनरल
- 2:09:51कॉर्पोरेट पर्पस प्लस
- 2:09:57सॉरी वीडियो पॉज़ कर दिया। अपन कहते हैं
- 2:09:58हां अपन ने पढ़ा जनरल परस जनरल कॉर्पोरेट
- 2:10:01पर्पस में मैक्सिमम 25% इन्वेस्ट कर सकते
- 2:10:03हैं अपन। जो भी मतलब अपन ने इशू लाया उसका
- 2:10:05प्रोसीडिंग 25% यूज़ ले सकते हैं। प्लस कभी
- 2:10:07कबभार क्या होता है अपन ना जब ऑफर
- 2:10:09डॉक्यूमेंट इशू करते हैं। अपन जब ऑफर
- 2:10:11डॉक्यूमेंट इशू करते हैं तो ऑफर
- 2:10:13डॉक्यूमेंट के अंदर बताते हैं। ऑफर
- 2:10:14डॉक्यूमेंट के अंदर अपन बताते हैं कि भाई
- 2:10:17आप जो हम हम जो आपसे पैसा उठाने वाले हैं
- 2:10:19ना हम जो आपसे पैसा उठाने वाले हैं उस
- 2:10:22पैसे से उस पैसे से हम किसी कंपनी के
- 2:10:25शेयर्स एक्वायर करेंगे। हम कोई
- 2:10:26इन्वेस्टमेंट करेंगे। हम किसी के शेयर्स
- 2:10:28एक्वायर करेंगे। हम कोई इन्वेस्टमेंट
- 2:10:29करेंगे। मतलब हम उनको बता रहे हैं कि हम
- 2:10:31जो आपसे पैसा उठा रहे हैं उस पैसे से हम
- 2:10:34किसी के शेयर एक्वायर करेंगे। हम
- 2:10:35इन्वेस्टमेंट करेंगे। वो मैक्सिमम 25% तक
- 2:10:37ही कर सकते हैं। मैक्सिमम 25% तक ही कर
- 2:10:39सकते हैं। ठीक है ना? तो वो तो वो
- 2:10:45अब उसके बाद क्या है कि आपने यहां पे तो
- 2:10:47बता दिया। आपने यहां पे तो बता दिया कि
- 2:10:49इतने हम यहां पे इससे शेयर्स एक्वायर
- 2:10:50करेंगे। हम ऐसा कुछ करेंगे। ठीक है ना? अब
- 2:10:53पर यहां पर अपन ने क्या करा कि यहां पर तो
- 2:10:57आइडेंटिफाइड कर दिया। अपन ने प्रोस्पेक्टस
- 2:10:59में आइडेंटिफाइड कर दिया कि हम इस पैसे से
- 2:11:02आपके शेयर्स इशू करने वाले हैं। सॉरी हां
- 2:11:04इस केस से हम लोगों के शेयर खरीदने वाले
- 2:11:06हैं। इन्वेस्टमेंट करने वाले हैं। मतलब
- 2:11:07लोगों को एक्वायर करने वाले हैं। तो अगर
- 2:11:10यहां पर आपने जो चीज बोली थी उसके अलावा
- 2:11:13उसके अलावा अगर आप कोई एक्विजिशन करना चाह
- 2:11:15रहे हो। आपने जो यहां पर प्रोस्पेक्टस में
- 2:11:17बोला था उसके अलावा आप अगर कोई एक्विजिशन
- 2:11:20करने जा रहे हो व्हिच इज नॉट आइडेंटिफाइड
- 2:11:22एक्विजिशन और इन्वेस्टमेंट कि आपने इस
- 2:11:24प्रोस्पेक्टस में उसको आइडेंटिफाइड नहीं
- 2:11:26कराया था। लोगों को बताया नहीं था कि आप
- 2:11:27ये एक्विजिशन और इन्वेस्टमेंट करना चाह
- 2:11:29रहे हो। आपने लोगों को बताया ही नहीं था
- 2:11:31कि आप यह एक्विजिशन या फिर इन्वेस्टमेंट
- 2:11:33करना चाह रहे हो। जिसको अपन बोलेंगे
- 2:11:34अनआइडेंटिफाइड
- 2:11:37अनआइडेंटिफाइड
- 2:11:39एक्विज़िशन या फिर इन्वेस्टमेंट। तो ये एक
- 2:11:42जनरल कॉर्पोरेट पर्पस प्लस एंड
- 2:11:43अनआइडेंटिफाइड एक्विजिशन ये दोनों मिला के
- 2:11:46मैक्सिमम 35% ऑफ इशू साइज ही आप कर सकते
- 2:11:48हो। तो जनरल कॉर्पोरेट पर्पस आपको करना है
- 2:11:50तो मैक्सिमम 25% और दोनों मिला के आप लोगे
- 2:11:52तो दोनों मिला के भी आप 35% ही कर सकते
- 2:11:55हो। ठीक है ना? पर अगर कोई ऑलरेडी
- 2:11:58आइडेंटिफाइड था। कोई ऑलरेडी आइडेंटिफाइड
- 2:12:00था कि नहीं नहीं इतना तो हम लोगों को
- 2:12:02एक्वायर करेंगे। हम तो 50% जो शेयर कैपिटल
- 2:12:05है ना 50% जो इशू कर रहे हैं उस 50% से
- 2:12:07किसी कंपनी के शेयर खरीदेंगे एक्वायर
- 2:12:09खरीदेंगे। तो फिर ये कैप ये कैप ये
- 2:12:11एप्लीकेबल नहीं होगी। 35% की कैप वो तो
- 2:12:13अपन ने ऑलरेडी लोगों को बता के एक्वायर
- 2:12:14करा है। ठीक है? जहां बताया नहीं है वही
- 2:12:17इशू है। ठीक है? अब सर ऑफर फॉर सेल पढ़
- 2:12:20लेते हैं। अब एक बार ऑफर फॉर सेल पढ़ लेते
- 2:12:22हैं। फिर अपना हो गया। फिर अपना ये आईपीओ
- 2:12:23वाला पार्ट हो गया। आईपीओ एफपीओ जो भी है।
- 2:12:26ऑफर फॉर सेल समझाया था मैंने। ऑफर फॉर सेल
- 2:12:28क्या समझाया था मैंने? कि अगर मेरे पास
- 2:12:31कोई इक्विटी शेयर है Reliance के। मतलब
- 2:12:33अंबानी जी के पास है। तो अंबानी जी
- 2:12:36Reliance को बोलेगा कि भाई मेरे को मेरे
- 2:12:38पास जो अभी 100 शेयर है ना मेरे को 100
- 2:12:40में से 40 शेयर निकालने हैं। तू 40 शेयर
- 2:12:43लेके किसी दूसरे को इशू कर। किसी दूसरे को
- 2:12:45इशू कर तो वो पब्लिक को इशू कर देगा 40
- 2:12:47शेयर। तो नेट कंपनी की कैपिटल तो उत रही।
- 2:12:50100 - 40 + 40 नेट तो उतनी रही। जो
- 2:12:52एग्ज़िस्टिंग शेयर होल्डर है ना वो ही ऑफर
- 2:12:54फॉर शेयर के लिए। मतलब लोगों को शेयर
- 2:12:55बेचने जा रहे हैं Reliance के थ्रू। मतलब
- 2:12:57कंपनी के थ्रू जा रहा है। उसकी कंडीशन
- 2:12:59क्या होगी? सर उसकी कंडीशन है कम से कम कम
- 2:13:01से कम 1 साल या उससे ज्यादा के लिए आपने
- 2:13:04वो शेयर हेल्ड करे हुए थे। ये जो अंबानी
- 2:13:05जी के पास जो 100 शेयर थे ना अंबानी जी के
- 2:13:08पास जो 100 शेयर थे वो कम से कम उन्होंने
- 2:13:091 साल या उससे ज्यादा के लिए हेल्ड करे
- 2:13:11हुए थे। फुल्ली पेड अप होने चाहिए। वो एक
- 2:13:13तो फुल्ली पेड अप होने चाहिए। वो फुल्ली
- 2:13:15पेड अप होने चाहिए। ऐसा नहीं कि अंबानी जी
- 2:13:16ने अभी तक पूरे रुपए दिए नहीं उस शेयर पे
- 2:13:18तो नहीं दूसरे को बेच सकते। फुल्ली पेड अप
- 2:13:20हो चाहिए। प्लस वो एक या एक साल से ज्यादा
- 2:13:22हेल्ड हुए हुए हो। एक या एक साल से ज्यादा
- 2:13:24हेल्ड हुए हुए हो। ठीक है ना? और जैसे
- 2:13:27यहां पर ड्राफ्ट प्रोस्पेक्टस है तो उसके
- 2:13:29एक साल ड्राफ्ट प्रोस्पेक्टस जैसे तुम
- 2:13:30फाइल कर रहे हो उसका एक साल ड्राफ्ट
- 2:13:32प्रोस्पेक्टस जैसे तुम फाइल कर रहे हो
- 2:13:33उसका एक साल ठीक है ना उसका 1 साल वाला
- 2:13:36ठीक है और उसके बाद अब अब ब
- 2:13:40हां ठीक है तो एक साल निकालना है ना अपन
- 2:13:42को कि एटलीस्ट एक साल तक अपन को होल्ड
- 2:13:44करने चाहिए तो मान लो अंबानी जी के पास
- 2:13:46पहले कन्वर्टेबल डिबेंचर थे कन्वर्टेबल
- 2:13:50डिबेंचर थे उसके बाद वो कन्वर्ट हो के 100
- 2:13:53इक्विटी बने उसके बाद वो कन्वर्ट हो के
- 2:13:54100 इक्विटी बने तो प्री प्री कन्वर्जन जो
- 2:13:56डिबेंचर थे और जो पोस्ट कन्वर्जन जो
- 2:13:58इक्विटी शेयर बन गए प्री कन्वर्जन जो
- 2:14:00डिबेंचर थे पहले डिबेंचर थे कन्वर्ज़ होने
- 2:14:02के पहले कन्वर्ट होने के बाद शेयर बने बने
- 2:14:04तो दोनों मिला के एक साल हो जाएंगे तो भी
- 2:14:06चल जाएगा दोनों मिला के एक साल तक हेल्ड
- 2:14:07हो तो भी चल जाएगा ठीक है ना और 1 साल का
- 2:14:10होल्डिंग पीरियड रिक्वायर्ड कब नहीं होगा
- 2:14:12एक सा एक साल का होल्डिंग पीरियड
- 2:14:12रिक्वायर्ड नहीं है अगर अब ये इतना काम का
- 2:14:14नहीं है इसको कुछ मिला के छोटा-मोटा काट
- 2:14:16दिया इतना एप्लीकेबल नहीं है मतलब ये ठीक
- 2:14:18है 1 साल का होल्डिंग पीरियड अप्लाई नहीं
- 2:14:19है जब शेयर किसी गवर्नमेंट ने हेल्ड करे
- 2:14:22हुए गवर्नमेंट कंपनी ने हेल्ड करे हुए हो
- 2:14:23स्टचटरी कॉरपोरेशन एसपी ने हेल्ड करे हुए
- 2:14:25हो या फिर हाई कोर्ट ट्रिबन वगैरह की
- 2:14:27अप्रूव्ड स्कीम्स की वजह से अपन ने
- 2:14:28एक्वायर करे हो। इन्वेस्टेड कैपिटल अपन ने
- 2:14:30जो कैपिटल लगा रखी है वह 1 साल के ऊपर की
- 2:14:32हो। बोनस शेयर बोनस शेयर के अंदर भी अपन
- 2:14:36को क्या मिलता है? इक्विटी जो एग्ज़िस्टिंग
- 2:14:37इक्विटी होता है। एग्ज़िस्टिंग इक्विटी थी
- 2:14:40मेरे पास 10 शेयर। एग्ज़िस्टिंग इक्विटी था
- 2:14:4310 शेयर। उस 10 शेयर पे मुझे बोनस मिला
- 2:14:46पांच शेयर का। तो, यह बोनस तो मुझे अभी
- 2:14:48रिसेंटली मिला। ये बोनस जो मिला ना, यह तो
- 2:14:50मुझे रिसेंटली मिला। इसको एक साल नहीं
- 2:14:52हुआ। पर इस एग्जिस्टिंग इक्विटी को मेरा 1
- 2:14:54साल हो गया। तो भी आप बोनस को भी ऐसा मान
- 2:14:57लिया जाएगा। इसको भी 1 साल हो गया। इसको
- 2:14:59भी एक साल हो गया।
- 2:15:03अब उसके बाद सर एडिशनल कंडीशन फॉर ऑफर फॉर
- 2:15:06सेल। ऑफर फॉर शेयर की एडिशनल कंडीशन क्या
- 2:15:07होगी? कोई भी शेयर होल्डर है। कोई भी शेयर
- 2:15:09होल्डर है जिसके पास जैसे मैंने अंबानी जी
- 2:15:10का एग्जांपल दिया। अंबानी जी के पास अगर
- 2:15:12शेयर होल्डिंग 20% से ज्यादा है। प्री इशू
- 2:15:14जो इशू करने के पहले अभी तक नया इशू नहीं
- 2:15:16हुआ है। कुछ भी तो प्री इशू प्री इशू
- 2:15:19अंबानी जी के पास शेयर होल्डिंग 20% से
- 2:15:21ज्यादा है। तो अंबानी जी अपने 20% का 50%
- 2:15:25ऑफर फॉर सेल में दे सकते हैं। 20% का 50%
- 2:15:28ऑफर फॉर सेल में दे सकते हैं। मतलब अप टू
- 2:15:3050% जितने भी उनके पास शेयर हैं उसके 50%
- 2:15:32तक वो दे सकते हैं। उसके 50% तक वो ऑफर
- 2:15:35फॉर सेल में बेच सकते हैं। पर अगर मेरे
- 2:15:37पास शेयर होल्डिंग 20% से कम है। 20% से
- 2:15:40कम है। अगर मेरे पास शेयर होल्डिंग 20% से
- 2:15:42कम है तो अगर आपके पास 20% से कम शेयर
- 2:15:45होल्डिंग है तो आप केवल जो आपके पास शेयर
- 2:15:46है उसका 10% ही ऑफर फॉर शेयर में दे सकते
- 2:15:48हो। केवल 10% ही ऑफर फॉर सेल में दे सकते
- 2:15:51हो। ठीक है? तो भाई आपका कुल मिला के इतना
- 2:15:53है कि अंबानी जी की Reliance के शेयर
- 2:15:54होल्ड करते थे। वो किसी और को ऑफर फॉर सेल
- 2:15:56में बेचना चाहते थे। अंबानी जी के पास
- 2:15:57पहले होल्डिंग 20% से ज्यादा थी प्री
- 2:15:59रेशियो तो वो उनके पास जो शेयर है उसका
- 2:16:0050% ऑफर फॉर सेल में बेच सकते हैं या फिर
- 2:16:02अंबानी जी के पास 20% से कम है। अगर
- 2:16:04अंबानी जी के पास 20% से कम थी होल्डिंग
- 2:16:06तो केवल उसका 10% ही वो बेच सकते हैं ऑफर
- 2:16:08फॉर सेल के। ठीक है? तो ये अपना पूरा
- 2:16:11कंप्लीट हो गया आईपीओ वाला पोर्शन। ठीक
- 2:16:14है? चलो ये हो गया। अब नीचे आओ।
- 2:16:21सर अब चलते हैं अपन। आगे आ जाओ। इशू ऑफ़
- 2:16:23कन्वर्टेबल डेप्ट इंस्ट्रूमेंट एंड वारंट
- 2:16:26सर किस पे इशू ऑफ़ कन्वर्टेबल डेप्ट
- 2:16:28इंस्ट्रूमेंट एंड वारंट कन्वर्टेबल डे
- 2:16:30इंस्ट्रूमेंट समझ गए होंगे नाम से सर
- 2:16:33कन्वर्टेबल डे इंस्ट्रूमेंट मतलब
- 2:16:35स्टार्टिंग में अपन ने मतलब आईपीओ की बात
- 2:16:37ही चल रही है बात आईपीओ की चल रही है पर
- 2:16:39अपन ने आईपीओ किसका निकाला अपन ने आईपीओ
- 2:16:42निकाला कब आईपीओ निकाला जब सर अपने
- 2:16:46इक्विटी शेयर्स तो लिस्टेड थे ही नहीं
- 2:16:49मतलब अपने पास अपनी कंपनी के इक्विटी शेयर
- 2:16:51लिस्टेड नहीं थे उस वक्त अपन ने आईपीओ
- 2:16:54निकाला। तो किस चीज का आईपीओ निकाला? अपन
- 2:16:56ने आईपीओ निकाला कन्वर्टेबल डे
- 2:16:58इंस्ट्रूमेंट सीडीआई कन्वर्टेबल डे
- 2:17:01इंस्ट्रूमेंट कि अपन ने लेट से डिबेंचर या
- 2:17:03बॉन्ड लेट्स से अपन ने डिबेंचर बॉन्ड या
- 2:17:05ऐसा कुछ डिबेंचर बॉन्ड या ऐसा कुछ इशू करा
- 2:17:07कि वो कन्वर्ट हो जाएंगे। वो कन्वर्ट हो
- 2:17:10जाएंगे। लेट्स से 5 साल 10 साल इनके बाद
- 2:17:13वो इक्विटी शेयर्स में कन्वर्ट हो जाएंगे।
- 2:17:16इक्विटी शेयर्स में कन्वर्ट हो जाएंगे।
- 2:17:18ठीक है? तो अपन ने आईपीओ निकाला
- 2:17:20कन्वर्टेबल डेट इंस्ट्रूमेंट का। अपन ने
- 2:17:22आईपीओ निकाला कन्वर्टेबल डे इंस्ट्रूमेंट।
- 2:17:23कब निकाला? जब मार्केट में अपने इक्विटी
- 2:17:26शेयर लिस्टेड नहीं थे। मार्केट में अपने
- 2:17:27इक्विटी शेयर लिस्टेड नहीं थे। और ये
- 2:17:30कन्वर्टेबल डे इंस्ट्रूमेंट कन्वर्ट हो
- 2:17:32जाएंगे। ये कन्वर्टेबल डे इंस्ट्रूमेंट
- 2:17:35कन्वर्ट हो जाएंगे इक्विटी शेयर में 5 से
- 2:17:3710 साल बाद। ठीक है? अब देखो अब
- 2:17:40कन्वर्टेबल में भी दो ऑप्शन होते हैं।
- 2:17:41कन्वर्टेबल में जनरली दो ऑप्शन होते हैं
- 2:17:43कि जो सामने वाले के पास ऑप्शन होता है।
- 2:17:47एक तो होता है कंपलसरी कन्वर्टेबल। एक तो
- 2:17:49होगा कंपलस अबे स्पेलिंग की ठुक गई। ठीक
- 2:17:53है? कंपलसरी कंपलसरी कन्वर्टेबल कंपलसरी
- 2:17:56कन्वर्ट कि भाई जैसे 5 10 साल जो भी
- 2:17:58पीरियड है 5 साल बाद कंपलसरी कन्वर्ट हो
- 2:18:00ही जाएगा इक्विटी में। कंपलसरी कन्वर्ट
- 2:18:03दूसरा ऑप्शन होता है मतलब दूसरा कंपलसरी
- 2:18:05कन्वर्टेबल होता है मतलब कंपलसरी नहीं
- 2:18:07सॉरी दूसरे में होता है कन्वर्टेबल
- 2:18:09ऑप्शनल।
- 2:18:10ऑप्शनल कन्वर्टेबल होगा कि भाई आप चाहो आप
- 2:18:14चाहो तो उसे कन्वर्ट भी करा सकते हो और आप
- 2:18:17चाहो तो उसके बदले में मतलब एंड में कैश
- 2:18:20ले लो मतलब रिडीम करा लो उसको क्या बोलते
- 2:18:21हैं रिडीम करा लो कि नहीं भाई हमको इसको
- 2:18:23इक्विटी में कन्वर्ट नहीं कराना नहीं भाई
- 2:18:26हमको इक्विटी में कन्वर्ट नहीं कराना
- 2:18:29हम तो कंपलसरी कन्वर्टेबल में दो ऑप्शन
- 2:18:32होते हैं। कंपलसरी कन्वर्ट कराना ही कराना
- 2:18:33पड़ेगा आपको इक्विटी में और यहां पर ऑप्शन
- 2:18:35होता है जनरली जो शेयर होल्डर मतलब जो
- 2:18:38डिबेंचर होल्डर है जनरली उसका ऑप्शन होता
- 2:18:39है कि वो चाहे तो या तो 5 साल बाद कन्वर्ट
- 2:18:41करा ले इक्विटी में बोलेगा नहीं आप 5 साल
- 2:18:43कंप्लीट हो गया मेरे को पैसा वापस दे दो
- 2:18:45मेरा ठीक है ये ऑप्शन होता है तो अपन
- 2:18:47किसकी बात कर रहे हैं सर अपन आईपीओ इशू कर
- 2:18:49रहे हैं कन्वर्टेबल डेट इंस्ट्रूमेंट का
- 2:18:50कब विदाउट प्रायर जब अपने इक्विटी शेयर
- 2:18:53लिस्टेड नहीं हो जब अपने इक्विटी शेयर
- 2:18:55लिस्टेड नहीं हो ठीक है ना अब इसके पर
- 2:18:57एलिजिबिलिटी होती है शायद एमसीक्यू में आ
- 2:18:59जाए आप देखो अभी ना आज की क्लास अभी जो
- 2:19:01अपन जो भी पढ़ेंगे अभी वो बहुत सारी टाइम
- 2:19:03न्यूमेरिकल लिमिट आने वाली है। बहुत सारी
- 2:19:04स्पेसिफिकली टाइम लिमिट आने वाली है। इनसे
- 2:19:06शायद ऐसे ही एमसीक्यू पूछ लें। तो अब ये
- 2:19:09मेरे हाथ में नहीं है। बात समझना तुम मेरी
- 2:19:11क्योंकि मैंने तुमको पहले ही कहा है। एक
- 2:19:12तो मैं तुमको स्पर्म पढ़ा रहा हूं। मतलब
- 2:19:13मैं तुमको ऑडिट नहीं पढ़ा रहा जो तुमको
- 2:19:15बार-बार रिवाइज़ करा के रटाते रहूं। रटाता
- 2:19:16हूं। ऑडिट में तो जो टाइम लिमिट होगी,
- 2:19:18न्यूमेरिकल लिमिट होगी। मैं बार-बार
- 2:19:19रटाऊंगा, बार-बार समझाऊंगा, ट्रिक दूंगा
- 2:19:21कि मुझे पता है कहां से समराइज़ करा के
- 2:19:23तुमको कराना है और मैं करा के ही छोडूंगा
- 2:19:24वो चीज़ क्योंकि वो मैंने समझाया उसके सीए
- 2:19:27फाइनल में मार्क्स जुड़ते हैं। उसके साथ
- 2:19:28कॉम्प्रोमाइज़ नहीं। पर अभी मैं इतना नहीं
- 2:19:30करा सकता। टाइम खींच जाएगी क्लासें फिर
- 2:19:3210010 घंटे की वो सेंस नहीं है। तो अब
- 2:19:34तुमको न्यूमेरिकल लिमिट की मैं अलग से
- 2:19:36पीडीएफ प्रोवाइड करा ही रहा हूं मेरे
- 2:19:37टेलीग्राम चैनल पे सीए हेमंत सोमानी वहां
- 2:19:40से तुम ले लेना। वहां से तुमको अब रिवाइज
- 2:19:41खुद से करना पड़ेगा याद ये वाली। ठीक है
- 2:19:43ना? चलो आ जाओ। अब कंडीशन ऑफ़ एलिजिबिलिटी
- 2:19:46क्या होती है सर? कि आप ये वाला जो
- 2:19:48कन्वर्टेबल डेट इंस्ट्रूमेंट है उसका
- 2:19:49आईपीओ तभी ला सकते हो जब आपने जब आपने
- 2:19:52मतलब डिफ़ॉल्ट नहीं करा हो। डिफ़ॉल्ट नहीं
- 2:19:54करा हो। कितना? मोर देन सिक्स मंथ। अगर 6
- 2:19:57महीने से ज्यादा आपने कोई भी डिफॉल्ट करा
- 2:19:58है। 6 महीने से ज्यादा आपने कोई भी
- 2:20:00डिफॉल्ट करा है। किस में? कोई भी आपने डे
- 2:20:02इंस्ट्रूमेंट में कोई भी डे इंस्ट्रूमेंट
- 2:20:04के अंदर। ठीक है ना? ये देखो प्रिंसिपल और
- 2:20:06इंटरेस्ट ऑन एनी डे इंस्ट्रूमेंट
- 2:20:08प्रीवियसली इशूड टू पब्लिक। पहले अपन ने
- 2:20:10पब्लिक को कोई भी डेप्ट इंस्ट्रूमेंट इशू
- 2:20:12करा था। डिबेंचर बाउंड पहले कर चुके हैं।
- 2:20:14पर 6 महीने से ज्यादा या तो प्रिंसिपल पे
- 2:20:16या फिर इंटरेस्ट में अपन ने रीप नहीं दिया
- 2:20:18कि ड्यू डेट आ गई तो भी 6 महीने से ज्यादा
- 2:20:21अपन को पैसा दे ही नहीं रहे इतना टाइम। तो
- 2:20:22अगर आप में ऐसे पहला डिफॉल्ट करा है पहले
- 2:20:24तो वो मना कर देगा भाई तू तो डिफॉल्टर
- 2:20:26कंपनी है तू इशू मत कर तू इशू मत कर तेरे
- 2:20:29को नहीं करने देंगे सीडीआई का आईपीओ ठीक
- 2:20:31है ये हो जाता है अब सर आपको एडिशनल
- 2:20:34रिक्वायरमेंट दे दी आईपीओ की कुछ
- 2:20:36कन्वर्टेबल डेट इंस्ट्रूमेंट में कि अगर
- 2:20:37आपको कन्वर्टेबल डेट इंस्ट्रूमेंट इशू
- 2:20:39करना है तो आपको ये सारी रिक्वायरमेंट
- 2:20:40पूरी करनी पड़ेगी वन टाइम रीड लिख लो वन
- 2:20:42टाइम रीड मतलब एक बार रीड कर लेना इसको
- 2:20:44कोई याद करने की ऐसी जरूरत नहीं एमसीक्यू
- 2:20:45आएगा तो अपने आप हो जाएगा वन टाइम रीड
- 2:20:47मतलब ठीक है सर आपको कभी भी कन्वर्टेबल
- 2:20:49डेट इंस्ट्रूमेंट का आईपीओ इशू करना है तो
- 2:20:51एक या एक से ज्यादा क्रेडिट रेटिंग एजेंसी
- 2:20:54से आपको रेटिंग लेनी पड़ेगी। एक या एक से
- 2:20:56ज्यादा क्रेडिट रेटिंग एजेंसी से आपको
- 2:20:58रेटिंग लेनी ही लेनी पड़ेगी। आपको एक
- 2:21:01डिबेंचर ट्रस्टी अपॉइंट करना पड़ेगा
- 2:21:02कंपनीज़ एक्ट और सेबी के अंदर। एक कंपनीज़
- 2:21:04एक्ट और एक सेबी के अंदर मतलब मतलब
- 2:21:06डिबेंचर ट्रस्टी आपको अपॉइंट करना पड़ेगा।
- 2:21:08आपको डिबेंचर रिडमशन रिजर्व भी बनाना
- 2:21:10पड़ेगा। डिबेंचर रिडमशन रिजर्व भी बनाना
- 2:21:12पड़ेगा। मतलब आपको अगर कभी भी कन्वर्टेबल
- 2:21:14डेप्ट इंस्ट्रूमेंट इशू करना है। क्रेडिट
- 2:21:16रेटिंग एजेंसी से कम से कम एक क्रेडिट
- 2:21:18रेटिंग एजेंसी से रेटिंग लेनी पड़ेगी।
- 2:21:20उसके बाद आपको डिबेंचर रिडीमशन रिजर्व भी
- 2:21:22बनाना पड़ेगा। डिबेंचर ट्रस्टी भी अपॉइंट
- 2:21:24करना पड़ेगा। और आपका जो भी रिडमशन होगा
- 2:21:28एस पर ऑफर डॉक्यूमेंट। ऑफर डॉक्यूमेंट
- 2:21:29वाला जो प्रोस्पेक्टस होता है
- 2:21:30प्रोस्पेक्टस में जो भी अपन ने बोला था कि
- 2:21:32हम इसको 5 साल बाद रिडीम कर देंगे,
- 2:21:34कन्वर्ट कर देंगे जो भी हो वो आपको फॉलो
- 2:21:36करना पड़ेगा जो आपने बोला लिखा था। और
- 2:21:38उसके बाद आपको देखना है कि आपको ना कोई
- 2:21:40सिक्योरिटी और चार्ज एसेट एसेट पे कोई ना
- 2:21:42कोई चार्ज करना पड़ेगा। एसेट पे कोई ना
- 2:21:44कोई चार्ज रखना पड़ेगा। जो कंपनी की एसेट
- 2:21:46है क्योंकि एक तरह से कंपनी लोन ले रही
- 2:21:47है। कंपनी डिबेंचर इशू कर रही है। मतलब
- 2:21:50कंपनी लोन ले रही है। तो कंपनी अगर लोन ले
- 2:21:52रही है तो अपनी एसेट पे चार्ज क्रिएट करना
- 2:21:54पड़ेगा। कंपनी के एसेट पे चार्ज क्रिएट
- 2:21:56करना पड़ेगा। तो ये सारी कंडीशन पूरी होनी
- 2:21:58चाहिए। इतना ध्यान मत दो। कुल मिला के
- 2:21:59एसेट पे चार्ज क्रिएट करना पड़ेगा। और
- 2:22:01कितना चार्ज क्रिएट होगा? केवल प्रिंसिपल
- 2:22:03अमाउंट जितना इंटरेस्ट अमाउंट का चार्ज
- 2:22:05क्रिएट नहीं करना। यहां पर अगर गलती से
- 2:22:07क्वेश्चन आ जाए तो कि आपने जितना डिबेंचर
- 2:22:09इशू करा ना प्रिंसिपल अमाउंट कि लेट्स से
- 2:22:125 करोड़ का। अब ₹5 करोड़ पे जो इंटरेस्ट बन
- 2:22:14रहा है उस पे चार्ज नहीं भराना। उसकी एसेट
- 2:22:16का चार्ज नहीं लेना। केवल 5 करोड़ का जो
- 2:22:18मेन प्रिंसिपल अमाउंट है तो उस प्रिंसिपल
- 2:22:20अमाउंट पे उस प्रिंसिपल अमाउंट पे का
- 2:22:22तुमको चार्ज क्रिएट करना है उसके लिए एसेट
- 2:22:24का। ठीक है ना? तो प्रिंसिपल अमाउंट का
- 2:22:29ठीक है। ठीक है? बाकी सब फालतू चीज़ है। बस
- 2:22:31हां इतना देख लो। बाकी कोई सेंस नहीं है।
- 2:22:33पागल हो जाओगे। कोई सेंस नहीं मिला। इतनी
- 2:22:34छोटी-छोटी चीज़ समझाने का। हां। तो कभी भी
- 2:22:37तुमको अगर कन्वर्टेबल डाइटमेंट इशू करना
- 2:22:39है तो तुमको एटलीस्ट एक क्रेडिट रेटिंग
- 2:22:40एजेंसी क्रेडिट क्रेडिट रेटिंग एजेंसी से
- 2:22:42रेटिंग लेनी पड़ेगी। तुमको सी डिबेंचर
- 2:22:44रिडीमशन रिज़र्व बनाना पड़ेगा। डिबेंचर
- 2:22:46ट्रस्टी अपॉइंट करना पड़ेगा। प्रिंसिपल
- 2:22:48अमाउंट जितने का एसेट पे चार्ज करना पड़ेगा
- 2:22:49और ऑफर डॉक्यूमेंट के हिसाब से रिडीम करना
- 2:22:51पड़ेगा। अब सर ये कन्वर्ज़ ऑफ़ ऑप्शनली क्या
- 2:22:54बोला मैं? ऑप्शनली कन्वर्टेबल डे
- 2:22:58इंस्ट्रूमेंट। ऑप्शनली मैंने कहा था एक तो
- 2:23:00कंपलसरी कन्वर्ट होता है एक ऑप्शनली
- 2:23:02कन्वर्ट होता है तो भाई सबसे पहले तो जब
- 2:23:04भी आपका पीरियड खत्म हो गया लेट्स से 5
- 2:23:05साल
- 2:23:07ठीक है तो सबसे पहले सर ऑप्शनल एक होता है
- 2:23:09कि एक तो कंपनी खुद से बोल दे कि ये
- 2:23:11ऑप्शनली आप कन्वर्ट कर सकते हो 5 साल बाद
- 2:23:13एक कंपनी खुद से बोल दे पर नहीं सर कंपनी
- 2:23:16अगर खुद से भी ना बोले ना तो आप ऑटोमेटिक
- 2:23:19अपन उसको ऑप्शनली कन्वर्ट मान लेंगे कब जब
- 2:23:21सर जब सर
- 2:23:26ये जो भी कन्वर्टेबल डिबेंचर है ना ऑप्शनल
- 2:23:28कन्वर्टेबल डिबेंचर यह कंपनी ने 10 करोड़
- 2:23:33या उससे मतलब 10 करोड़ से ज्यादा के इशू
- 2:23:35करे हो। ₹1 करोड़ से ज्यादा से कंपनी ने
- 2:23:38इशू करे। ₹1 करोड़ के ज्यादा के इशू करें।
- 2:23:40ठीक है ना? प्लस प्लस प्लस
- 2:23:45उनकी कन्वर्जन
- 2:23:48प्राइस उनकी कन्वर्ज़ प्राइस डिटरमाइंड
- 2:23:53नहीं है। डिटरमाइंड नहीं है कि मतलब कंपनी
- 2:23:57ने शुरू से बताया ही नहीं है। कंपनी ने
- 2:23:59बहुत पहले से शुरू से बताया ही नहीं है कि
- 2:24:01यह कन्वर्ज़ प्राइस कि हम आपको ये जो भी हम
- 2:24:04डिबेंचर इशू कर रहे हैं उसको किस प्राइस
- 2:24:06पे कन्वर्ट करेंगे? उसको किस प्राइस पे
- 2:24:09कन्वर्ट करेंगे? ऐसा कंपनी ने बताया ही
- 2:24:10नहीं है। नॉट डिटरमाइंड। कन्वर्जन प्राइस
- 2:24:12मतलब नॉट डिटरमाइंड है। कन्वर्ज़ प्राइस
- 2:24:15नॉट डिटरमाइंड है। तो अगर ये कंडीशन पूरी
- 2:24:17हो गई कि कंपनी ने 10 करोड़ के ऊपर का ये
- 2:24:18ऑप्शनली कन्वर्टेबल डिबेंचर मार्केट में
- 2:24:20इशू करें। मतलब कन्वर्टेबल डिबेंचर
- 2:24:21मार्केट में इशू करें। प्लस स्टार्टिंग से
- 2:24:24ही कंपनी ने कभी बताया ही नहीं है कि हम
- 2:24:26इसको किस प्राइस पे कन्वर्ट करेंगे। किस
- 2:24:28प्राइस पे कन्वर्ट करेंगे। कंपनी ने
- 2:24:29स्टार्टिंग से प्रीडटरमाइन वो चीज़ रखी
- 2:24:31नहीं है। तो आपने जब स्टार्टिंग से बताया
- 2:24:33ही नहीं है कि आप किस प्राइस पे कन्वर्ट
- 2:24:35करोगे। तो ये दोनों कंडीशन अगर पूरी हो
- 2:24:37रही है तो ऐसा मान लिया जाएगा। ऐसा मान
- 2:24:39लिया जाएगा कि भाई यह ऑप्शनली कन्वर्टेबल
- 2:24:42डिबेंचर ही है कि इसके लिए ऑप्शन मिलेगा
- 2:24:44चाहिए या तो रिडीम करो या कन्वर्ट करो यह
- 2:24:46ऑप्शनली ऐसा मान लिया जाएगा और जब भी
- 2:24:48ऑप्शनली कन्वर्टेबल डिबेंचर है तो आपको
- 2:24:50सामने वाले से पॉजिटिव कंसेंट लेना
- 2:24:52पड़ेगा। क्या बोला मैंने पॉजिटिव कंसेंट
- 2:24:55लेना पड़ेगा। सर पॉजिटिव आंसर मतलब मतलब
- 2:24:56अपन को उससे स्पेसिफिक पूछना पड़ेगा कि
- 2:24:59तेरे को कन्वर्ट करने हैं या रिडीम करने
- 2:25:01हैं। कन्वर्ट करने हैं या रिडीम करने हैं।
- 2:25:04अगर उसने रिप्लाई नहीं दिया तो ऐसा नहीं
- 2:25:06कि तुम उसको कंसेंट मान लोगे कि कन्वर्ट
- 2:25:08कर दो। ऐसा नहीं कि अपन ने उस उसका अपन ने
- 2:25:10उससे पूछा उसने रिप्लाई नहीं दिया। तो ऐसा
- 2:25:12नहीं होता कि अपन ने उससे अब अपन कन्वर्ट
- 2:25:14कर ही देंगे क्योंकि उसने तो रिप्लाई करा
- 2:25:16ही नहीं। हम तो कन्वर्ट करेंगे। ना ना ऐसा
- 2:25:17नहीं होगा। तुमने पढ़ा होगा ऐसे 505
- 2:25:19एक्सटर्नल कंफर्मेशन पॉजिटिव कंफर्मेशन
- 2:25:21नेगेटिव कंफर्मेशन। पॉजिटिव कंफर्मेशन के
- 2:25:24अंदर आपको कंपलसरीली उससे पूछना पड़ता है
- 2:25:26कंपलसरी उसका रिप्लाई चाहिए होता है तुझे
- 2:25:28कन्वर्ट करना है या नहीं करना मतलब बैलेंस
- 2:25:30क्या है या नहीं है ठीक है तो वैसे ही
- 2:25:31यहां पे उसको पॉजिटिव रिप्लाई देना ही
- 2:25:33देना ठीक है तो उसको भाई कन्वर्ट कराना है
- 2:25:35अगर ऑप्शनली कन्वर्टेबल को तो पॉजिटिव
- 2:25:37कंसेंट देना ही देना पड़ेगा साथ में जो
- 2:25:39उसका कन्वर्टेबल पोर्शन अगर जो है लिस्टेड
- 2:25:41इस ओसीडी का वो 10 करोड़ के ऊपर है प्लस
- 2:25:44कन्वर्ज़ की प्राइस पहले से डिटरमाइन नहीं
- 2:25:46है प्लस कन्वर्ज़ की प्राइस पहले से
- 2:25:47डिटरमाइन नहीं है तो इस केस के अंदर इसको
- 2:25:50अपन मान लेंगे
- 2:25:52कि यहां कन्वर्ज़ नहीं होगा एक तरह से इसका
- 2:25:54कि वो कन्व ये ऑप्शनली कन्वर्टेबल ही है
- 2:25:56और जनरली अब वो कन्वर्ट नहीं करेगा। ठीक
- 2:25:58है? मैंडेटरी ऑप्शन टू ऑप्ट आउट होल्डर
- 2:26:01मस्ट गिवन एन ऑप्ट आउट ऑप्शन कि मतलब
- 2:26:03सामने वाले को ऑप्ट आउट ऑप्शन देना ही
- 2:26:04पड़ेगा कि तुझे कन्वर्ज़ नहीं कराना तुझे
- 2:26:05रिडीम कराना है तू करा ले।
- 2:26:10और अगर किसी होल्डर ने बोला मतलब किसी भी
- 2:26:13होल्डर ने बोला इफ एनी होल्डर ऑप्ट आउट
- 2:26:15नॉट टू कन्वर्ट मतलब होल्डर ने यहां पे
- 2:26:16बोला कि नहीं हां भाई मुझे कन्वर्ट नहीं
- 2:26:18कराना मुझे इक्विटी नहीं चाहिए। आप मेरे
- 2:26:20को पैसा दे दो। मेरे को आप कैश दे दो।
- 2:26:22मतलब रिडीम कर दो। आप मेरे को रिडीम कर दो
- 2:26:24एक। तो भाई वही सिंपल सी बात है। विथ इन
- 2:26:27वन मंथ विथ इन वन मंथ कंपनी वाले को रिडीम
- 2:26:29करना पड़ेगा कि भाई इसको पैसा ही वापस दो।
- 2:26:30इसको इक्विटी में कन्वर्ट नहीं करना। एक
- 2:26:32महीने कहां से? जब से उसको कन्वर्ज़ का
- 2:26:34ऑप्शन दिया था। मतलब लास्ट डेट ऑफ़
- 2:26:35एक्सरसाइजिंग कन्वर्ज़ ऑप्शन कि उनको बोला
- 2:26:37था जैसे लेट्स से सामने वाले को बोला था
- 2:26:40कि आप 31 मार्च कुछ भी एग्जांपल दे रहा
- 2:26:43हूं। 31 मार्च 2027 तक। 31 मार्च 2027 तक
- 2:26:46आप बता देना आपको इक्विटी में कन्वर्ट
- 2:26:48करना है या रिडीमशन करना है तो उसने 31
- 2:26:49मार्च 2027 तक मना कर दिया कि नहीं भाई
- 2:26:51मुझे नहीं करना लास्ट डेट यही थी लास्ट
- 2:26:53डेट यही थी कन्वर्ज़ कराने की तो कन्वर्ज़
- 2:26:55कराने की लास्ट डेट थी उसके पहले उसने बोल
- 2:26:57दिया था कि नहीं मेरे को तो पैसा ही वापस
- 2:26:59चाहिए रिडीम कर दो तो यहां से 1 महीना
- 2:27:02यहां से 1 महीना यहां से 1 महीने के
- 2:27:04अंदर-अंदर कंपनी वाले को आपका पैसा दे
- 2:27:06देना है और रिडीमशन कभी भी फेस वैल्यू से
- 2:27:08कंपेयर नहीं होगा रिडीमशन कभी भी फेस
- 2:27:10वैल्यू से कंपेयर नहीं होगा प्रोवाइडेड
- 2:27:12प्रोवाइडेड अगर पहले से बोला हुआ है कि
- 2:27:15रिडमशन की प्राइस कम होगी। रिडमशन की
- 2:27:17प्राइस ऑलरेडी बताई हुई है। रिडमशन की
- 2:27:19प्राइस ऑलरेडी बताई हुई है। कितने रुपए की
- 2:27:20होगी? पहले से ऑफर डॉक्यूमेंट में तो बात
- 2:27:22अलग है। तो बात अलग है। बाकी रिडेंशन फेस
- 2:27:24से कम में नहीं है।
- 2:27:33ठीक है? तो भाई कन्वर्ज़ ही ऑप्शन कन्व
- 2:27:35ऑप्शनली कन्वर्टेबल इसके अंदर क्या होता
- 2:27:37है सर? इसके अंदर से पॉजिटिव कंसेंट चाहिए
- 2:27:38होती है कन्वर्ज़ कराने के लिए। और अगर
- 2:27:40आपने कभी भी 10 करोड़ के ऊपर का इशू करे
- 2:27:42हुए हैं ये प्लस कन्वर्शन प्राइस पहले से
- 2:27:43नहीं बताई तो आपको हमेशा ऑप्शनली माना
- 2:27:45जाएगा कि आपको सामने वाले को ऑप्शन देना
- 2:27:46पड़ेगा रिडमशन करने का और अगर रिडमशन की
- 2:27:48जो लास्ट डेट होती है लास्ट डेट है उससे 1
- 2:27:50महीने के अंदर-अंदर आपको पैसा देना
- 2:27:52पड़ेगा। मतलब अगर उसने बोला है कि नहीं
- 2:27:53मुझे तो पैसा ही चाहिए। रिडेंशन कभी भी
- 2:27:54फेस वैल्यू से कम पे नहीं होगा।
- 2:27:56प्रोवाइडेड अगर ऑफर डॉक्यूमेंट में कुछ और
- 2:27:58दिया हुआ है तो बात होगी।
- 2:28:00यह फालतू बात है यार। इशू कन्वर्टेबल डे
- 2:28:03फाइनेंस मतलब शायद कभी आ जाए तो चलो पढ़
- 2:28:05लो। कि मैंने छोटा सा क्रॉस मारा हुआ है।
- 2:28:06इसके अंदर है कि आप कभी भी जो आपने
- 2:28:08कन्वर्टेबल डे इंस्ट्रूमेंट इशू करा है ना
- 2:28:10जो भी आपने कन्वर्टेबल डे इंस्ट्रूमेंट
- 2:28:12इशू करा है तो आपके पास कंपनी के पास कुछ
- 2:28:13पैसा आया होगा। कंपनी के पास कुछ पैसा आया
- 2:28:15होगा ना उसकी सेलिंग उसका जो सेल प्रोसीड
- 2:28:17है वो आया होगा। तो आपको वो पैसा आप कभी
- 2:28:19भी किसी दूसरे इंसान को लोन देने के लिए
- 2:28:21यूज़ नहीं ले सकते। आपके पास जो पैसा आया
- 2:28:24वो कभी भी आप दूसरे इंसान को लोन देने के
- 2:28:26लिए यूज़ नहीं ले सकते कि आपने वो डिबेंचर
- 2:28:28इशू करके पैसा जो लिया उससे किसी और को
- 2:28:30लोन दे रहे हो। या फिर आप शेयर एक्वायर कर
- 2:28:32रहे हो प्रमोटर ग्रुप के या ग्रुप कंपनीज़
- 2:28:34के। प्रमोटर को क्या करो कंपनीज़ के ऐसा
- 2:28:36अलाउ नहीं है। पर हां वही है कि अगर
- 2:28:38कन्वर्ज़ पीरियड उसका 18 महीने से कम है तो
- 2:28:40अलाउड है। कन्वर्ज़ पीरियड कि कन्वर्ज़ 18
- 2:28:42महीने से कम में हो रहा है तो आप ये काम
- 2:28:43भी कर सकते हो। उसका जो उसको इक्विटी में
- 2:28:45कन्वर्ट हो रहा है वो 18 महीने से कम में
- 2:28:47इक्विटी में कन्वर्ट हो जाएगा। तो फिर आप
- 2:28:49उससे ये काम भी कर सकते हो उस पे से। ठीक
- 2:28:51है? अब आने में तो कुछ भी आ जाए। अब उसका
- 2:28:53मैं कुछ कर ही नहीं सकता। सेबी चैप्टर
- 2:28:54मैंने बोला भाई बहुत बड़ा है और मैं तो पढ़ा
- 2:28:56ही रहा हूं सब एक-एक। अब इसका कोई ऑप्शन
- 2:28:57नहीं है। फिर भी जो बिल्कुल ही खराब होगा
- 2:28:59वो बात अलग वो छुड़ा दूंगा। पर मैंने कहा
- 2:29:01पढ़ा ही देता हूं बच्चों के ऊपर फिर आगे कि
- 2:29:03उनको पढ़ना हो आगे तो ठीक वरना तो भाई मैं
- 2:29:05तो पढ़ा रहा हूं। ठीक है ना? सर इशू ऑफ़
- 2:29:07वारंट इन एन आईपीओ। जब अपन आईपीओ इशू करते
- 2:29:10हैं तो साथ में कभी कबार वारंट भी दे देते
- 2:29:11हैं। सर वारंट क्या होता है कि लेट्स से
- 2:29:13मैंने उसको एक शेयर दिया। लेट्स से मैंने
- 2:29:14उसको एक शेयर दिया। तो मैंने उसको साथ में
- 2:29:16वारंट दे दिया कि तू एक वारंट दे दिया कि
- 2:29:19भाई ये एक शेयर के साथ तू कभी भी बाद में
- 2:29:22कंपनी का एक शेयर और खरीद सकता है। बाद
- 2:29:23में कभी भी कंपनी का एक शेयर और खरीद सकता
- 2:29:25है। वारंट मतलब उसको मैंने राइट दे दिया।
- 2:29:28उसको मैंने एक राइट दे दिया कि तू कभी भी
- 2:29:30मेरी कंपनी का शेयर खरीद सकता है। एक शेयर
- 2:29:32पे तू एक शेयर खरीद सकता है। दो शेयर पे
- 2:29:33दो खरीद सकता है। 10 पे 10 शेयर खरीद सकता
- 2:29:35है। तो ये मैंने उसको राइट दे दिया एक तरह
- 2:29:37से। वारंट मतलब एक तो मैंने पहले ही वारंट
- 2:29:39उसको वारंट इशू कर दिया। शेयर बेचते वक्त
- 2:29:41ही शेयर बेचते वक्त ही वारंट इशू कर दिया।
- 2:29:43पर उसकी टाइम लिमिट कितनी होगी? 18 महीने
- 2:29:45मैक्सिमम। मैक्सिमम 18 महीने की 18 महीने
- 2:29:47के अंदर अगर तुझे वारंट एक्सरसाइज करना है
- 2:29:49तो कर वरना वारंट तेरा खराब हो जाएगा कि
- 2:29:51मतलब मैंने तुझे जो राइट दिया था कि तू एक
- 2:29:53शेयर के बदले एक और शेयर मेरी कंपनी का ले
- 2:29:55सकता है। एक और शेयर खरीद सकता है। ले तो
- 2:29:57मतलब फ्री में थोड़ी ना देंगे। एक और शेयर
- 2:29:59खरीद सकता है। तो अगर तुझे खरीदना हो तो
- 2:30:0118 महीने के अंदर-अंदर खरीद लेना। तुझे
- 2:30:02अगर खरीदना हो तो 18 महीने के अंदर-अंदर
- 2:30:05खरीद लेना। वरना वो एक्सरसाइज नहीं माना
- 2:30:06गया। वरना वारंट को बोल देंगे कि भाई
- 2:30:08वारंट खराब हो गया। वारंट खराब हो गया।
- 2:30:10ठीक है? ऐसा मान लिया जाएगा।
- 2:30:14हम अब वारंट की प्राइस क्या होती है?
- 2:30:16वारंट की प्राइस फार्मूला ना डिस्क्लोज़
- 2:30:18होता है जनरली हमेशा ऑफर डॉक्यूमेंट पे कि
- 2:30:20वारंट की कि मतलब यह जो आप नया शेयर एक और
- 2:30:22खरीदोगे वो कितने रुपए में आप कंपनी आपको
- 2:30:24बेचेगी वो ऑफर डॉक्यूमेंट में पहले से पता
- 2:30:26रहता है वो डॉक्यूमेंट में पहले से ही पता
- 2:30:28रहेगा ठीक है और बाकी जब भी आप वारंट के
- 2:30:31थ्रू शेयर खरीद रहे हो तो 25% ऑफ टोटल
- 2:30:34कंसीडरेशन अप फ्रंट में देनी चाहिए और
- 2:30:35बाकी 25% चलो बाद में दे देना 3 महीने बाद
- 2:30:38बाकी 25% 3 महीने बाद दे देना कि मतलब
- 2:30:41आपको कोई भी ऑफ वारंट्स के थ्रू शेयर
- 2:30:43खरीदना है 18 महीने बाद खरीदना है 18
- 2:30:45महीने के अंदर-अंदर तो एक काम करना बाद
- 2:30:46में आप 25% एक बार एडवांस दे देना अप
- 2:30:48फ्रंट में जो भी वारंट की प्राइस है मतलब
- 2:30:50बाद में तो उसका 25% तो आप अपफ्रंट में दे
- 2:30:53देना ठीक है ना
- 2:30:55और उसके बाद जैसे ही आपने 25% अपफ्रंट
- 2:30:57दिया जैसे ही 25% आपने अपफंट दे दिया जिस
- 2:30:59डेट पे या 25% अपफ्रंट दिया तो उसके 3
- 2:31:01महीने के अंदर उसके 3 महीने के अंदर आपको
- 2:31:05बाकी का पैसा भी दे देना है। आपको बाकी का
- 2:31:07पैसा भी दे देना है। पर अगर आपने उस 3
- 2:31:10महीने के अंदर बाकी का पैसा नहीं दिया तो
- 2:31:11क्या होगा? सर उसने जो पैसा दिया था ना वह
- 2:31:14भी हम फॉरफिट कर लेंगे। वो भी हम फॉरफिट
- 2:31:16कर लेंगे। अब हम उसको रिटर्न नहीं करेंगे।
- 2:31:17वो हम उसको रिटर्न।
- 2:31:20ठीक है सर। तो वारंट की प्राइस जनरली
- 2:31:21प्रीडटरमाइन होती है ऑफर डॉक्यूमेंट के
- 2:31:23अंदर। और आपको एक बार वारंट एक्साइज करना
- 2:31:25है तो मतलब उस वक्त आपको एक बार जो भी 18
- 2:31:27महीने के अंदर-अंदर कभी भी आप 25% एडवांस
- 2:31:29दे देना और जैसे आपने एडवांस दिया उसके 3
- 2:31:30महीने में पूरा पैसा देना है। और 3 महीने
- 2:31:32में अगर आप पूरा पैसा नहीं दे पाए तो पूरा
- 2:31:33अमाउंट अपन फॉरफिट कर लेंगे। डन है। चलो
- 2:31:38मैं ना मुझे भी खुद को भी बुरा लग रहा है।
- 2:31:39मैं चाहूं मुझे खुद को इच्छा हो रही है कि
- 2:31:41पूरा ऊपर से लेके नीचे तक वापस रिवाइज़
- 2:31:42करो। और मैं ऑडिट में बार-बार कराता हूं।
- 2:31:44सब चीजें समराइज कराता हूं। सारे प्रोविजन
- 2:31:46समराइज कराने पड़ते हैं। बार-बार कराना
- 2:31:47पड़ते हैं। ऑडिट में मैं कराता हूं। यहां
- 2:31:49पर सेम सेम वही तुम बोलोगे सर इतनी बार
- 2:31:51ऑडिट वडिट सुन लिया आपका। देखेंगे अब
- 2:31:53क्लास में बात करेंगे फिर आपसे। हां भाई
- 2:31:55देखना तो अरे याद टाइम रिस्ट्रिक्शन हो
- 2:31:57रहा है। बस बाकी पढ़ा तो अच्छे से रहा हूं
- 2:31:58ना। मैं रिवाइज़ नहीं करा पा रहा। मुझे
- 2:32:00खुद को दुख हो रहा है। मेरे को खुद को एक
- 2:32:01तलब होती है अंदर से। बार-बार रिवाइज़
- 2:32:02कराओ। बार-बार याद कराओ। बार-बार रिवाइज़
- 2:32:04कराओ। वो तलप अभी बची है। पर मैंने कहा
- 2:32:05फिर वो क्लास चली जाएगी बहुत लंबी-लंबी।
- 2:32:07वो नहीं चाहता मैं बस। ठीक है? भाई किसी
- 2:32:10को भी रिवाइज़ करना है बैक करो। करो यार
- 2:32:11और तो क्या कर सकता हूं? बैक करके 2x पे
- 2:32:13देखो। बस आधे बच्चे ऑलरेडी 2x पे ही चलते
- 2:32:15हैं। तो मेरी भी आदत यही है। आजकल मैं
- 2:32:16YouTube पे वीडियो भी देखता हूं। कुछ भी
- 2:32:17देख लो। आधी बार मूवी 2x पे करके देखने लग
- 2:32:19जाता हूं। हालत ये हुई है। चलो प्रमोटर
- 2:32:22कंट्रीब्यूशन सर इंपॉर्टेंट टॉपिक सर जी
- 2:32:25इंपॉर्टेंट टॉपिक है। प्रमोटर
- 2:32:26कंट्रीब्यूशन सर ना यहां पर ऐसा बोला है
- 2:32:29कि आजकल होता क्या है? बड़ी-बड़ी कंपनी के
- 2:32:30अंदर अब देखो तुम लोग शेयर्स इशू कर रहे
- 2:32:32हो। मतलब बड़ी-बड़ी कंपनियां वो शेयर्स
- 2:32:33इशू कर रही है। लेट्स से अंबानी जी हैं।
- 2:32:37अंबानी जी ने Reliance के शेयर्स लेट्स से
- 2:32:39इशू करे। Reliance के शेयर लेट्स से आईपीओ
- 2:32:40लाए या कुछ भी लाए एक बार। ठीक है? तब हुआ
- 2:32:42क्या? जो भी अंबानी जी ला रहे एक होता है
- 2:32:45प्री इशू पीरियड प्री इशू कि मतलब अभी तक
- 2:32:47तो केवल अंबानी जी के पास ही शेयर है और
- 2:32:48किसी के पास नहीं। ठीक है? फिर उसके बाद
- 2:32:50यहां पे आईपीओ लिया है बीच में वो आईपीओ
- 2:32:52लिया है। आईपीओ लिया है। उसके बाद क्या हो
- 2:32:54जाता है? पोस्ट इशू कि मतलब इशू करने के
- 2:32:56बाद अब क्या-क्या शेयर होल्डिंग किसके पास
- 2:32:58कितने-कितने शेयर्स रहे। तो पहले सारे
- 2:33:00शेयर प्री इशू में अंबानी जी के पास थे।
- 2:33:01फिर आईपीओ लाए। फिर थोड़े बहुत पब्लिक के
- 2:33:03पास गए सब। तो अब इतना बोला इन्होंने कि
- 2:33:05भाई कभी ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप आईपीओ
- 2:33:08लाए ना उसके बाद जो आपका मेन प्रमोटर है
- 2:33:11एक तरह से उसने एग्जिट ही ली तरह से उसने
- 2:33:13एग्जिट ही ले ली सारे शेयर बेच के निकल
- 2:33:15गया अरे भाई यहां पे जो पब्लिक वगैरह
- 2:33:18जितने भी लोग शेयर ले रहे हैं वो अंबानी
- 2:33:19जी के भरोसे ले रहे ले रहे हैं कि अंबानी
- 2:33:21जी कंपनी में है इस वजह से उनको Reliance
- 2:33:24पे ट्रस्ट है कि Reliance अच्छा चलेगा
- 2:33:25Reliance अच्छा चलेगा पता चला अंबानी जी
- 2:33:27ही यहां से Reliance से खिसक लिए पता चला
- 2:33:29अंबानी जी ही Reliance से खिसक लिए तो
- 2:33:31कंपनी पे कैसे ट्रस्ट होगा बाकी लोगों को
- 2:33:33तुम धोखा देके जा रहे हो। बाकी लोगों को
- 2:33:34तुम धोखा देके जा रहे हो। तो इसलिए बोला
- 2:33:37कि पोस्ट इशू इशू खत्म होने के बाद भी जो
- 2:33:40जो जिसके पास जितनी इतनी शेयर होल्डिंग
- 2:33:42बची है मिनिमम अंबानी जी के पास मतलब जो
- 2:33:45भी प्रमोटर है मतलब जो भी प्रमोटर है
- 2:33:47प्रमोटर के पास मिनिमम 20% पोस्ट इशू
- 2:33:51कैपिटल तो होनी ही चाहिए कि मतलब जो भी
- 2:33:52इशू करने के बाद जो भी कंपनी की टोटल
- 2:33:54कैपिटल है उसका 20% तो मिनिमम मिनिमम
- 2:33:57अंबानी जी के पास होना ही होना चाहिए। ये
- 2:33:59भाई पता चला अंबानी जी का 20% भी नहीं है।
- 2:34:01मतलब अंबानी जी तो खिसक लिए। अंबानी जी को
- 2:34:02खुद को Reliance पे ट्रस्ट नहीं है। वो तो
- 2:34:04निकल लिए। ठीक है? तो इसलिए पोस्ट इशू एक
- 2:34:07लगा दिया मिनिमम प्रमोटर कंट्रीब्यूशन कि
- 2:34:09इशू कंप्लीट होने के बाद जो भी पोस्ट इशू
- 2:34:11कैपिटल रहेगी उसका 20% उसका 20% तो अंबानी
- 2:34:14जी के पास होना ही होना चाहिए। तो यार अपर
- 2:34:16है कि कभी कबभार अगर 20 मतलब कोई भी रीज़न
- 2:34:19हुआ कि जिसकी वजह से अंबानी जी के अगर 20%
- 2:34:21कंट्रीब्यूट नहीं कर पा रहे। अंबानी जी
- 2:34:23बोल रहे हैं मेरे पास इतना पैसा नहीं है
- 2:34:24कि मैं 20% पोस्ट इशू रख पाऊं। मेरे पास
- 2:34:26इतना पैसा नहीं है भाई। भी बहुत सारे मेरे
- 2:34:28घर में मोटे-मोटे हाथी है। मतलब वन तारा
- 2:34:30के अंदर बहुत सारे हाथी उनको खानावाना
- 2:34:31खिलाना पड़ता है। मेरे पास इतना पैसा नहीं
- 2:34:32है यार कि मैं 20% कंट्रीब्यूट कर पाऊं।
- 2:34:35तो क्या करूं? तो उनको बोला चलो कोई बात
- 2:34:37नहीं अगर आप 20% कंट्रीब्यूट नहीं कर पा
- 2:34:38रहे ना तो भी आप मिनिमम 10% अपने पास रख
- 2:34:42लेना। मिनिमम 10% रख लेना। बाकी का बचा
- 2:34:44हुआ 10% बाकी का बचा हुआ 10% ना आप इनमें
- 2:34:48से किसी को भी दिला देना। इन लोगों में से
- 2:34:50किसी को भी दिला देना। तो यहां पे बोला है
- 2:34:52अप टू 10% मतलब मैक्सिमम 10% आप इनमें से
- 2:34:55किसी को भी दिलवा देना। शॉर्टफॉल मीट करने
- 2:34:58के लिए तो 10% तो अंबानी जी अपने पास रख
- 2:35:00लेंगे मिनिमम कम से कम 10% तो रखना ही है
- 2:35:02और बाकी का 10% इनमें से किसी को दिला दो
- 2:35:04कौन-कौन एआईएफ
- 2:35:05[नाक से की जाने वाली आवाज़] हो गया
- 2:35:05अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फर्म फॉरेन वेंचर
- 2:35:07कैपिटलिस्ट हो गया मैंने बोला फॉरेन वाला
- 2:35:09वेंचर कैपिटलिस्ट इंडिया वाला नहीं फॉरेन
- 2:35:10वेंचर कैपिटलिस्ट शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक
- 2:35:12हो गया जो भी शेड्यूल कमर्शियल बैंक है
- 2:35:14पीएफआई कोई भी पब्लिक फाइनेंसियल
- 2:35:15इंस्टीट्यूशन हो गया कोई भी इंश्योरेंस
- 2:35:17कंपनी जो आईआरडीए से रजिस्टर्ड है कोई भी
- 2:35:19इंश्योरेंस कंपनी जो आईडीए से रजिस्टर्ड
- 2:35:21है वो हो गया तो एआईएफ फॉरेन वेंचर के
- 2:35:23फॉरेन वाला कोई शेड्यूल कमर्शियल बैंक
- 2:35:25पीएफआई आईआरडीए रजिस्टर्ड इंश्योरेंस
- 2:35:27कंपनी ठीक बात है सर। उसके बाद एनी
- 2:35:30प्रमोटर ग्रुप एंटिटी कोई भी प्रमोटर अब
- 2:35:32प्रमोटर की पूरी ग्रुप एंटिटीज होती है ना
- 2:35:34प्रमो एक अगर अंबानी जी अंबानी जी की केवल
- 2:35:36एक कंपनी का नहीं सर प्रमोटर की तो बहुत
- 2:35:38सारी कंपनीज़ हैं। उनकी बहुत सारी ग्रुप
- 2:35:40कंपनी है। तो अंबानी जी खुद से ना लेके
- 2:35:42अंबानी जी ये 10% शेयर एक्स्ट्रा जो 10%
- 2:35:45शेयर है ना एक्स्ट्रा वाले हैं। तो ये 10%
- 2:35:47शेयर खुद से ना लेके अंबानी जी उनकी कोई
- 2:35:49दूसरी प्रमोटर ग्रुप कंपनी को दिलवा
- 2:35:51देंगे। लेट से Reliance का Reliance की
- 2:35:53दूसरी कोई कंपनी है Reliance कुछ भी बोल
- 2:35:55दो Reliance यह भी अंबानी जी की है तो
- 2:35:57प्रमोटर ग्रुप की कंपनी है तो Reliance को
- 2:35:59बोल देती Reliance को कि भाई तू Reliance
- 2:36:01के अंदर 10% शेयर ले ले ठीक है वो या फिर
- 2:36:04पब्लिक शेयर होल्डर जिसके पास ऑलरेडी 5%
- 2:36:06शेयर है सर मतलब कि भाई कोई Reliance में
- 2:36:09ये Reliance है तो Reliance के अंदर कोई
- 2:36:11भी ऐसा शेयरहोल्डर जिसके पास 5% शेयर है
- 2:36:14कोई भी ऐसा शेयर होल्डर जिसके पास 5% शेयर
- 2:36:16है पर कौन से शेयर होल्डर की बात हो रही
- 2:36:17है जो नॉन इंडिविजुअल हो इंडिविजुअल
- 2:36:19शेयरहोल्डर की बात नहीं हो रही नॉन
- 2:36:20इंडिविजुअल शेयर शेयरहोल्डर तो Reliance
- 2:36:22के अंदर कोई भी अगर ऐसा नॉन इंडिविजुअल
- 2:36:25शेयर होल्डर है जिसके पास 5% शेयर ऑलरेडी
- 2:36:28है। 5% शेयर ऑलरेडी है। उस अगर तो उसको
- 2:36:32अपन अगर उसको भी शेयर दिलवा देंगे। अगर
- 2:36:34अपन उसको भी शेयर दिलवा देंगे तो भी मान
- 2:36:36लिया जाएगा 10% की रिक्वायरमेंट एक्स्ट्रा
- 2:36:38पूरी हो गई। ठीक है ना? चलो। तो कुल मिला
- 2:36:41के यहां पर ओवरऑल ये बोलता है कि अंबानी
- 2:36:44जी को पोस्ट इशू 20% शेयर तो रखने ही रखने
- 2:36:47पड़ेंगे। पर अगर वो 20% कंट्रीब्यूट खुद
- 2:36:49से नहीं कर पा रहे तो चलो कोई बात नहीं।
- 2:36:51मिनिमम 10% रख लो। बाकी के 10% वो किसको
- 2:36:53दिलवा सकते हैं? बाकी के 10% इनमें से
- 2:36:55किसी को भी दिलवा सकते हैं। इनमें से
- 2:36:57कौन-कौन? एआईएफ, फॉरेन वेंचर कैपिटलिटी,
- 2:36:59शेड्यूल, कमर्शियल बैंक, पीएफआई पब्लिक
- 2:37:00फाइनेंसियल इंस्टिट्यूशन, इंश्योरेंस
- 2:37:02कंपनी जो आईआरडी से रजिस्टर्ड है या फिर
- 2:37:03कोई भी ऐसा पब्लिक शेयर होल्डर जो नॉन
- 2:37:05इंडिविजुअल है जो नॉन इंडिविजुअल है जिसके
- 2:37:07पास ऑलरेडी कम से कम 5% शेयर तो है। कम से
- 2:37:10कम 5% शेयर तो Reliance के पहले से तो
- 2:37:12उसको और दिलवा दो या फिर कोई भी प्रमोटर
- 2:37:14ग्रुप की कंपनी उसको दिलवा दो। ठीक है?
- 2:37:16ऐसा करवा सकते हो। पर ध्यान रखना ये जो
- 2:37:1820% वाली रिक्वायरमेंट या 10% रिक्वायर
- 2:37:20मतलब जो भी रिक्वायरमेंट है ना 20% वाली
- 2:37:21ये एप्लीकेबल नहीं होगी। अगर कोई प्रमोटर
- 2:37:24आइडेंटिफायबल ही नहीं है। अरे भाई अपन को
- 2:37:26पता ही नहीं है कि एग्जैक्टली इस कंपनी का
- 2:37:28प्रमोटर कौन है? कोई आइडेंटिफायबल प्रमोटर
- 2:37:30ही नहीं है तो 20% वाली रिक्वायरमेंट
- 2:37:32लगेगी कैसे? फिर तो लग ही नहीं सकती। तो
- 2:37:34बस ये नॉर्मल सा पॉइंट है। ठीक है? अब ये
- 2:37:36जो होगा जो भी प्रमोटर कंट्रीब्यूशन है वो
- 2:37:38किस में मानेंगे? मतलब उनको इक्विटी ही
- 2:37:40लेना कंपलसरी है या फिर वो डेप्ट
- 2:37:41इंस्ट्रूमेंट भी ले सकते हैं। तो भाई आपको
- 2:37:43जो प्रमोटर है प्रमोटर को जो 20% रखना ही
- 2:37:46रखना है होल्डिंग। तो 20% होल्डिंग के
- 2:37:48अंदर वो अपना इक्विटी शेयर भी रख सकते
- 2:37:51हैं। प्लस
- 2:37:54कन्वर्टेबल इंस्ट्रूमेंट है ना वो भी रख
- 2:37:56सकते हैं। कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि बाद
- 2:37:57में वो भी कन्वर्ट हो के इक्विटी बनेगा ही
- 2:37:59तो कन्वर्टेबल सिक्योरिटी भी वो रख सकते
- 2:38:02हैं। तो प्रमोटर कंट्रीब्यूशन के अंदर
- 2:38:03इक्विटी भी रख सकते हैं और और कन्वर्टेबल
- 2:38:05सिक्योरिटी भी आप रख सकते हो। ठीक है ना?
- 2:38:12अब कन्वर्टेबल सिक्योरिटीज विद स्टगेंट
- 2:38:15कन्वर्शन कोई पागल हो जाओगे इन सब को कोई
- 2:38:17सेंस नहीं है
- 2:38:19कोई सेंस नहीं है बस 20% प्रोजेक्ट कॉस्ट
- 2:38:21का कंट्रीब्यूट करना है प्रमोटर को बात
- 2:38:23खत्म 20% कभी भी आए प्रोजेक्ट कॉस्ट का
- 2:38:24कितना कंट्रीब्यूट करना है अगर उसके अंदर
- 2:38:26कि अगर आईपीओ ओनली कन्वर्टेबल सिक्योरिटी
- 2:38:28का है आईपीओ सिर्फ कन्वर्टेबल सिक्योरिटी
- 2:38:29का लाया उन्होंने कोई इक्विटी नहीं थी
- 2:38:31उनके पास तो भी 20% लाना है प्रोजेक्ट
- 2:38:32कॉस्ट का ठीक है ना प्रोजेक्ट कॉस्ट का पर
- 2:38:35मैक्सिमम फिर भी उसमें से 20% इशू साइज का
- 2:38:37रहेगा ठीक है कि मतलब जितनी प्रोजेक्ट
- 2:38:39कॉस्ट अगर कम कम है, प्रोजेक्ट कॉस्ट कम
- 2:38:41है तो प्रोजेक्ट कॉस्ट का ही ले आना। 20%
- 2:38:42ऑफ़ प्रोजेक्ट कॉस्ट। पर हां, प्रोजेक्ट
- 2:38:44कॉस्ट ज्यादा है। इशू साइज ही केवल 20% तक
- 2:38:46का है। तो व्हिच एवर इज़ लोअर। एक सिंपल रख
- 2:38:49लेना कि अगर कभी भी कन्वर्टेबल
- 2:38:51सिक्योरिटीज़ का ही आईपीओ लाए, कोई भी
- 2:38:53इक्विटी नहीं है अपने पास, तो प्रमोटर को
- 2:38:54कितना कंट्रीब्यूट करना है? प्रोजेक्ट
- 2:38:56कॉस्ट और इशू साइज। इनका 20-20% निकाल
- 2:38:59लेना। व्हिच एवर इज़ लोअर, व्हिच एवर इज़
- 2:39:00लोअर। लोअर। ठीक है? बाकी इतना दिमाग मत
- 2:39:03लगाओ। सिंपल सी बात है। टाइमिंग ऑफ़
- 2:39:05कंट्रीब्यूशन। आपको कंट्रीब्यूशन कब तक
- 2:39:06करना पड़ेगा? प्रमोटर को जिस दिन भी वह इशू
- 2:39:09ओपन कर रहा है पब्लिक के लिए जिस दिन भी
- 2:39:10वह इशू ओपन कर रहा है पब्लिक के लिए उसके
- 2:39:131 दिन पहले उसके वन डे प्रायर तक तो उसको
- 2:39:16करना ही करना पड़ेगा मतलब उसके पहले कर दो
- 2:39:17बात अ लगे बाकी एटलीस्ट वन डे प्रायर तो
- 2:39:19उसको करना ही करना पड़ेगा और जो भी उसने
- 2:39:22पैसा दिया है प्रमोटर कंट्रीब्यूशन का
- 2:39:23मतलब जो भी कंपनी के पास पैसा है प्रमोटर
- 2:39:25का वो कंपनी को एक अलग से शेड्यूल बैंक
- 2:39:27शेड्यूल कमर्शियल बैंक कंपनी को एक अलग से
- 2:39:29एस्क्रो अकाउंट खुलवाएगी उसमें शेड्यूल
- 2:39:31कमर्शियल बैंक के अंदर उस एस्क्रो एस्क्रो
- 2:39:33अकाउंट के अंदर पैसा मेंटेन रखेगी ठीक है
- 2:39:35ना
- 2:39:37और हां और भाई अगर कभी भी ऐसा हो गया कि
- 2:39:40मिनिमम कंट्रीब्यूशन कितना मतलब 20% ऑफ
- 2:39:42पोस्ट इशू कैपिटल ऐसा होता है ना तो भाई
- 2:39:44ये 20% ऑफ़ पोस्ट इशू कैपिटल
- 2:39:47लेट्स से 100 करोड़ के ऊपर भी ऊपर आ गया
- 2:39:49100 करोड़ के भी ऊपर अंबानी जी को
- 2:39:50कंट्रीब्यूट करना है भाई 100 करोड़ के ऊपर
- 2:39:52तो बहुत बड़ा अमाउंट होता है ना लेट्स से आ
- 2:39:53गया 500 करोड़ लेट्स से आ गया 500 करोड़
- 2:39:57चार्जिंग भाई मैं परेशान हो गया इस
- 2:39:59चार्जिंग से भी सारी की सारी बिल खा जाता
- 2:40:01है इस चक्कर में सोलर पैनल लगाना पड़ गया
- 2:40:03हमको हम और यहां पे बारिश का मौसम अलग हो
- 2:40:06गया। बारिश सर्दियों वगैरह का मौसम वाला
- 2:40:08थोड़ा तो सोलर पेनल अभी लाइट क्रिएट नहीं
- 2:40:10करना और तुमको भी फ्री में पढ़ाया जा रहा
- 2:40:12है। हाय बड़ी दिक्कत हो रही है। चलो हां
- 2:40:15तो अपन कहां पे थे? हां कि अगर कभी भी अपन
- 2:40:19पोस्ट इशू कैपिटल ऐसा आ गया कि 100 करोड़
- 2:40:21के भी ऊपर आ गया। 100 करोड़ के भी ऊपर आ
- 2:40:23गया। तो 500 करोड़ अंबानी को कंट्रीब्यूट
- 2:40:25करना है। तो भाई इतना पैसा कहां से
- 2:40:27लाएंगे? इतना पैसा कहां से लाएंगे? तो ऐसा
- 2:40:28बोला कि अगर कभी मिनिमम कंट्रीब्यूशन 100
- 2:40:30करोड़ के भी ऊपर आ गया। ओ एंड आईपीओ भी
- 2:40:33पार्टली पेड अप शेयर्स का है। आईपीओ भी
- 2:40:35पार्टली पेड अप शेयर्स का है। मैंने क्या
- 2:40:36बोला? पार्टली पेड अप शेयर्स का। तो उस
- 2:40:39केस के अंदर जो अंबानी जी है वो केवल 100
- 2:40:41करोड़ कंट्रीब्यूट कर देंगे ना अभी तो भी
- 2:40:44काफी है। 100 करोड़ कंट्रीब्यूट कर देंगे
- 2:40:45वो भी काफी है। क्योंकि आपने बाकी लोगों
- 2:40:48से पैसा पार्टली पेड अप में मंगा रहे हो।
- 2:40:50बाकी लोगों से आप आईपीओ से इशू कर रहे हो
- 2:40:52पार्टली पेड में। बाकी लोगों को बोला केवल
- 2:40:53₹6 दे दो। ₹10 का शेयर था केवल बोला ₹6 दे
- 2:40:55दो। तो बाकी लोगों के तो ₹4 अभी तक माफ़
- 2:40:58करे हुए हैं ना कि बाद में मंगाओगे। तो
- 2:40:59भाई तुम जब बाकी लोगों से ₹6 मांग रहे हो।
- 2:41:01अंबानी जी से क्यों पूरे के पूरे 100%
- 2:41:03पैसा एक साथ मांग रहे हो? तो जब आप बाकी
- 2:41:04लोगों से ₹4 मांगोगे ना तो उसी बेसिस पे
- 2:41:07उसी बेसिस पे प्रोपोर्शननेट बेसिस से
- 2:41:09अंबानी जी से भी बाकी पैसा मांग लेना। तो
- 2:41:11बैलेंस प्रोराटा बेसिस पे मांग लेना। जब
- 2:41:12आप पब्लिक से कॉल करोगे बाकी पैसों का तब
- 2:41:14अंबानी से आप मांग लेना। तब अंबानी से आप
- 2:41:16मांग लेना सिंपल सी चीज़ है। तो कुल मिला
- 2:41:19के पार्टली पेड आप शेयर का आईपीओ होता है
- 2:41:20100 करोड़ से ज्यादा। तो जब बाकी लोगों से
- 2:41:22पार्टली पेड आप ले रहे हो तो अंबानी से
- 2:41:23अंबानी जी से क्यों 100% आप लेना चाह रहे
- 2:41:25हो? उनको भी थोड़ा बहुत छुट्टी दो यार। ठीक
- 2:41:27है? चलो। तो यह है सर अपना प्रमोटर की
- 2:41:31होल्डिंग। प्रमोटर की होल्डिंग कम से कम
- 2:41:3220% होनी चाहिए। पर हां 10% तक भी काम चल
- 2:41:34जाएगा। इन लोगों को थोड़ा एएफआई और फॉरेन
- 2:41:36वेंचर कैपिटल शेड्यूल बैंक, पीएफआई
- 2:41:38इंश्योरेंस कंपनीज़ को दिला देना। बाकी 10%
- 2:41:40मिनिमम प्रमोटर कंट्रीब्यूशन इक्विटी में
- 2:41:42भी हो सकता है। कन्वर्टेबल सिक्योरिटीज़ के
- 2:41:43अंदर भी हो सकता है। आईपीओ केवल
- 2:41:45कन्वर्टेबल सिक्योरिटीज़ का है तो आप 20%
- 2:41:47ऑफ़ प्रोजेक्ट कॉस्ट और 20% ऑफ़ इशू साइज़
- 2:41:48रिच इज़ लोअर टाइमिंग ऑफ़ कंट्रीब्यूशन। एक
- 2:41:50दिन पहले ऑफ़ इशू ऑफ़ लिस्टिंग। एस्क्रो
- 2:41:51अकाउंट में पैसा रखना पड़ेगा। और पार्टली
- 2:41:53पैड ऑफ़ शेयर्स का है तो 100 करोड़ के ऊपर
- 2:41:54का भी है तो अंबानी जी को बोल देना कि
- 2:41:55केवल 100 करोड़ अभी दे दो। बाकी का बाद में
- 2:41:57दे देना पब्लिक के साथ प्रोपोशननेट बेसिस
- 2:41:59पे। अब लॉक इन एंड रेस्ट्रिक्शन ऑफ़
- 2:42:01ट्रांसफरेबिलिटी। लॉक इन एंड रेस्ट्रिक्शन
- 2:42:03ऑफ़ ट्रांसफरेबिलिटी।
- 2:42:06तो अब ऐसा भी नहीं कि एक बार तो अंबानी जी
- 2:42:08ने लगा दिया 20% पैसा। और बाद में जैसे ही
- 2:42:11पोस्ट इशू हुआ क्या? एक बार तो हमने
- 2:42:13सेटिस्फाई कर ली रिक्वायरमेंट। बाद में
- 2:42:14बेच के निकल गए अंबानी जी की। नहीं नहीं
- 2:42:16नहीं एक बार लगा दिया था ना पैसा 20% हो
- 2:42:17गया था। अब मैं निकल रहा हूं इनको बेच के।
- 2:42:19ना आप पे लॉक इन लगा दिया गया। अंबानी जी
- 2:42:23आप पे लॉकिन लगा दिया जाएगा। अंबानी जी ऐप
- 2:42:25पे ओके लगा दिया जाएगा। अब मान लो अब तुम
- 2:42:27मान लो अंबानी जी अंबानी जी आपको मानना
- 2:42:29पड़ेगा कि अगर जो आपका 20% अमाउंट था अगर
- 2:42:31आपका 20% अमाउंट था लेट्स से 20% अमाउंट
- 2:42:34कितना था? 50 करोड़ आ गया था। लेट्स से 20
- 2:42:36करोड़ 20% मतलब 50 करोड़ अंबानी जी को
- 2:42:38रखना पड़ेगा। पर अंबानी जी ने कहा अरे
- 2:42:40मेरे पास तो बहुत पैसा है। 50 करोड़ नहीं
- 2:42:42मैं 60 करोड़ के शेयर्स रखूंगा। 50 करोड़
- 2:42:45तो मिनिमम रखना ही था। पर अंबानी जी ने
- 2:42:47कहा अरे मैं तो 60 करोड़ के शेयर रखूंगा।
- 2:42:49तो एक्स्ट्रा उन्होंने कितने रखे? 10
- 2:42:50करोड़। एक्स्ट्रा कितने रखे? एक्स्ट्रा
- 2:42:52रखे 10 करोड़ के। एक्स्ट्रा रखे हैं।
- 2:42:5410 करोड़। ठीक है? तो अंबानी जी को बोला
- 2:42:57कि जो आपका यह मिनिमम 50 करोड़ वाला था ना
- 2:42:59मिनिमम 50 करोड़ जो कंट्रीब्यूशन है उसको
- 2:43:02आपको जैसे ही आपका अलॉटमेंट हुआ आईपीओ का
- 2:43:04अलॉटमेंट हुआ जैसे आईपीओ का उससे 18 महीने
- 2:43:07का आपका लॉक इन पीरियड रहेगा ही रहेगा।
- 2:43:09उससे 18 महीने का आपका लॉक इन पीरियड
- 2:43:11रहेगा ही रहेगा। पर भाई जो आपने एक्स्ट्रा
- 2:43:1510 करोड़ कंट्रीब्यूट करा ना एक्स्ट्रा 10
- 2:43:16करोड़ कि भाई मिनिमम से भी एक्सेस आपने
- 2:43:19मतलब प्रमोटर कंट्रीब्यूशन और ज्यादा दे
- 2:43:20दिया कि भाई देना 50 करोड़ था। आप बड़े
- 2:43:22बिल वाले आदमी आपने कहा मैं 60 करोड़ करता
- 2:43:24हूं। तो जो 10 करोड़ है ना उस 10 करोड़ पे
- 2:43:26भी बोला कि इस पे आपको 6 महीने लेना
- 2:43:29पड़ेगा लोकिन इस पे 6 महीने लेना पड़ेगा
- 2:43:31लॉकिंग इस पे 6 महीने ठीक है तो भाई अगर
- 2:43:35आप 50 करोड़ मतलब जो मिनिमम कंट्रीब्यूशन
- 2:43:37है वो अंबानी जी को 18 महीने तक तो होल्ड
- 2:43:39करना ही करना पड़ेगा डेट ऑफ अलॉटमेंट के
- 2:43:41उससे पहले आप बेच नहीं सकते किसी को
- 2:43:42ट्रांसफर नहीं कर सकते और ये जो एक्सेस
- 2:43:44वाला अमाउंट है मतलब मिनिमम से भी ऊपर
- 2:43:46वाला जो अमाउंट आपने इन्वेस्ट करा उसको भी
- 2:43:486 महीने का लॉकन रखना पड़ेगा पर कभी ऐसा
- 2:43:51हो जाए कभी ऐसा हो जाए कि जो भी आईपीओ का
- 2:43:54पैसा कंपनी ले रही है, जो भी आईपीओ का
- 2:43:56पैसा कंपनी ले रही है, उसका मेजॉरिटी
- 2:43:59अमाउंट उसका मेजॉरिटी अमाउंट वो कैपेक्स
- 2:44:04में यूज़ ले रहा है। कंपनी मेजॉरिटी अमाउंट
- 2:44:07वो कैपेक्स में यूज़ ले रही है। कि वो
- 2:44:09जितना भी अमाउंट आया उसका मेजॉरिटी अमाउंट
- 2:44:11कंपनी कैपेक्स को यूज़ करने में यूज़ ले रही
- 2:44:13है। कैपेक्स को परचेस करने में यूज़ ले रही
- 2:44:15है। तो इन दैट केस इन दैट केस जो आपका लॉक
- 2:44:18इन पीरियड होगा ना वह डबल डबल हो जाएगा। 6
- 2:44:20महीने का यहां पे 1 साल मतलब 12 महीने हो
- 2:44:22जाएगा। 18 महीने का यहां पर 36 महीने मतलब
- 2:44:243 साल हो जाएगा। मतलब डबल कर लेना मतलब
- 2:44:26डबल कर लेना एक तरह से। ठीक है? तो अगर
- 2:44:27कभी भी आप केपेक्स में इन्वेस्ट कर रहे हो
- 2:44:29वो मैक्सिमम मेजोरिटी अमाउंट के कैपेक्स
- 2:44:30में इन्वेस्ट कर रहे हो तो आपका जो नॉर्मल
- 2:44:31लॉक इन पीरियड उसका डबल हो जाएगा। 6 का 12
- 2:44:34हो जाएगा। 18 का 36 महीना हो जाएगा। ठीक
- 2:44:36है? तो ये आपका लॉक इन पीरियड होगा। और
- 2:44:39सुपीरियर राइट इक्विटी शेयर है मतलब काट
- 2:44:41दो छोटा सा क्रॉस मार दो। पर ठीक है।
- 2:44:42सुपीरियर राइट सुपीरियर राइट इक्विटी शेयर
- 2:44:44का लॉक इन पीरियड क्या होगा कि अगर
- 2:44:46उन्होंने सुपीरियर राइट इक्विटी शेयर लिए
- 2:44:47हुए हैं प्रमोटर कंट्रीब्यूशन में तो
- 2:44:49व्हिच एवर इज़ लेटर कि जब भी वो ऑर्डिनरी
- 2:44:52इक्विटी शेयर में कन्वर्ट हो रहे हैं वो
- 2:44:53सुपीरियर इक्विटी शेयर वो या फिर जो भी
- 2:44:55पीरियड स्पेसिफाई करा हुआ है ऊपर 18 महीने
- 2:44:586 महीने मतलब 18 महीने 6 महीने वक्त कुछ
- 2:45:00भी व्हिच एवर इज़ लेटर जो भी बाद में होगा
- 2:45:02ना उस वक्त उस वक्त तक अपन को लॉक इन रखना
- 2:45:04पड़ेगा कि जब सुपीरियर वाले इक्विटी शेयर
- 2:45:05ऑर्डिनरी में कन्वर्ट हो जाएंगे या फिर जो
- 2:45:0718 महीने 6 महीने अपन ने पढ़ा वो उसमें
- 2:45:10व्हिच एवर इज़ लेटर जो भी बाद में होगा
- 2:45:12ठीक। बाकी इतना उसको होल्ड रखना पड़ेगा।
- 2:45:14प्रमोटर को इतने महीने तक होल्ड करना
- 2:45:16पड़ेगा। और जो नॉन प्रमोटर थे उनको भी कुछ
- 2:45:19होल्ड उनके पास भी कुछ वो रहेगा क्या? लॉक
- 2:45:22इन पीरियड कि मतलब पहले भी प्रीक्विटी
- 2:45:25इक्व जब आपने प्री इशू जब अपनी प्री इशू
- 2:45:27की बात चल रही थी तो उस वक्त भी ऐसा तो है
- 2:45:29ना कि 100% अंबानी जी के पास रहेंगे। कुछ
- 2:45:31शेयर उस वक्त भी प्रमोटर के पास थे। मतलब
- 2:45:33अंबानी जी के पास। कुछ शेयर उस वक्त भी
- 2:45:35नॉन प्रमोटर के पास थे। नॉन प्रमोटर के
- 2:45:37पास थे। कुछ दूसरे लोगों के साथ थे। जैसे
- 2:45:39अनंत अंबानी के प्रमोटर थोड़ी ना थे उस
- 2:45:40कंपनी के। ठीक है ना मतलब जो भी है मतलब
- 2:45:42व्हाटएवर तो नॉन प्रमोटर के पास था तो जो
- 2:45:46नॉन प्रमोटर है ना उनको भी लॉक इन पीरियड
- 2:45:48लगेगा उनको कितना लगेगा 6 महीने का उनको
- 2:45:50कितना लगेगा 6 महीने का मतलब यहां पर लगा
- 2:45:53था 18 महीने 18 महीने इनको केवल लगेगा 6
- 2:45:56महीने का इनको कितना लगेगा 6 महीने का ही
- 2:45:59तो यहां पर था 6 महीने केवल एक्सेस
- 2:46:01होल्डिंग के लिए यहां पर बोला है कि
- 2:46:02तुम्हारी पूरी होल्डिंग पे ही 6 महीने
- 2:46:04लगेगा ठीक है इन पे कितना लगेगा नॉन
- 2:46:05प्रमोटर पे 6 महीने वाला पर कुछ एक्सेप्शन
- 2:46:08दे दिए कि इन पे आईपीओ इन पे आपको लॉक इन
- 2:46:10नहीं लगेगा किस पे नहीं लगेगा? जो भी
- 2:46:12एंप्लाइजज़ को मिलते हैं ना उस पे नहीं
- 2:46:13लगेगा। एंप्लई को ईसप मिलते हैं और ईसोर्ट
- 2:46:15मिलते हैं। मतलब एंप्लई स्टॉक ऑप्शन
- 2:46:16ट्रस्ट। अभी इस पे मत जाओ। यह क्या होता
- 2:46:17है? कुल मिला के पर ईसोप्स टाइप ही है। तो
- 2:46:19ईसप और ईसोर्ट पे कोई भी लॉक इन पीरियड
- 2:46:21नहीं लगता कि मतलब इशू होने के पहले आपने
- 2:46:24आईपीओ इशू होने के पहले मतलब प्री इशू
- 2:46:26प्री इशू आपने किसी को प्री इशू आपने किसी
- 2:46:29एंप्लई को ईसप्स दिए हुए थे। तो क्या उनको
- 2:46:30भी अब 6 महीने का लॉक इन रखना पड़ेगा?
- 2:46:32नहीं। वो चाहे तो बेच सकते हैं। कोई
- 2:46:33दिक्कत नहीं है।
- 2:46:38तो जनरली है कि सिक्स मंथ फ्रॉम डेट ऑफ़
- 2:46:40अलॉटमेंट ऑफ़ आईपीओ। बाकी सब जगह यही था।
- 2:46:41सब जगह यही है। ये बस एक दे दिया कि जो
- 2:46:43वेंचर कैपिटलिस्ट एआईएफ फॉर एन वीसी ये जो
- 2:46:46है ना ये वाले जो भी है इनको बोला सिक्स
- 2:46:48मंथ फ्रॉम डेट ऑफ़ परचेस। मतलब अलॉटमेंट
- 2:46:51नहीं बोला। डेट ऑफ़ अलॉटमेंट नहीं डेट ऑफ
- 2:46:53परचेस बोल दिया। आप इतना डीप में मत जाओ।
- 2:46:55पागल हो जाओगे। मैं खुद बोल रहा हूं। इतना
- 2:46:56कोई सेंस नहीं है। ठीक है? 6 महीने
- 2:47:03अब उसके बाद लॉक इन क्या होता है
- 2:47:05सिक्योरिटी का जो यार तो ग्रीन शो ऑप्शन
- 2:47:07तो मैंने तुमको समझा पूरा समझाया नहीं ना
- 2:47:09तो और वो कुछ काम का भी नहीं है तो ठीक है
- 2:47:11वैसे इतना है कि जो ग्रीन शू ग्रीन शो
- 2:47:14ऑप्शन होता है भाई इतना ध्यान रखना ग्रीन
- 2:47:16शो ऑप्शन जो होता है ना उसके अंदर अगर
- 2:47:18आपने कोई भी सिक्योरिटी उधार दी उसके अंदर
- 2:47:19आपने कोई भी सिक्योरिटी उधार दी तो उस पे
- 2:47:21कोई भी लॉकन नहीं होता उस पे कोई भी लॉक
- 2:47:22इन नहीं होता है ठीक है ना बस अभी इतना
- 2:47:25ध्यान रखो अभी छोड़ दो इसके बाद हां और
- 2:47:28लॉक इन ऑफ पार्टली ली पेड अप सिक्योरिटी।
- 2:47:31इसके अंदर ऐसा है कि जब तक सिक्योरिटी
- 2:47:32मतलब बराबर नहीं हो जाएगी कि लेट से किसी
- 2:47:34ने ₹6 पे करे, किसी ने ₹4 पे करे, किसी ने
- 2:47:36कम जब तक सारी सिक्योरिटी इक्वल लेवल पे
- 2:47:38ना पहुंचे। जैसे चार वाले ने भी जब तक ₹6
- 2:47:40पूरा नहीं, ₹6 पे नहीं कर दे। ठीक है ना?
- 2:47:42जब तक दोनों पेरीपसो इक्वल ना हो जाए तब
- 2:47:44तक जैसे जिस दिन से ये ₹4 वाला ₹6 पे कर
- 2:47:46दिया। मतलब ₹4 ने ₹2 और एक्स्ट्रा पे कर
- 2:47:48दिया। मतलब दोनों इक्वल बन गए। उस दिन से
- 2:47:50इस बंदे के 3 साल देखेंगे। उस दिन से इस
- 2:47:52बंदे के 3 साल देखेंगे। 3 फ्रॉम डेट ऑफ़ 3
- 2:47:55ईयर फ्रॉम डेट ऑफ़ पर अह डेट 3 ईयर फ्रॉम द
- 2:47:59डेट। सच सिक्योरिटी बिकम पेरीपेसिव जब
- 2:48:01इक्वल हो गई थी वो। ठीक है? फालतू पॉइंट
- 2:48:03मतलब इतना कोई काम के नहीं है। अब छोड़ो
- 2:48:04इसको इसको छोड़ो। हां। प्लेज ऑफ़ लॉक्ड इन
- 2:48:07स्पेसिफाइड सिक्योरिटी कि आपने कोई आपकी
- 2:48:09ये जो प्रमोटर की सिक्योरिटीज़ थी ये लॉक
- 2:48:11इन पीरियड में चल रही थी। 18 महीने, 6
- 2:48:13महीने, व्हाटएवर या नॉन प्रमोटर कोई भी
- 2:48:14थी। तो अब उस केस के अंदर उस केस के अंदर
- 2:48:17जो भी है कि आपको कहीं पे शेयर्स को प्लेज
- 2:48:20रखवाना है। शेयर्स को प्लेज रखवाना है।
- 2:48:21क्यों रखवाना है? कि या तो जो इशूअर कंपनी
- 2:48:24है उसको लोन वो उसको लोन दिलाना है इसलिए
- 2:48:26आप सिक्योरिटी प्लेज करा रहे हो या जो
- 2:48:28उसकी सब्सिडरी है उसको लोन दिला रहे हो या
- 2:48:30तो इशू कंपनी है उसको लोन दिला रहे हो या
- 2:48:32जो सब्सिडरी है उसको लोन दिला रहे हो या
- 2:48:33तो जो इशू कंपनी है उसको लोन दिला रहे हो
- 2:48:34या सब्सिडरी है उसको लोन दिला रहे हो तो
- 2:48:36जो मिनिमम मिनिमम प्रमोटर कंट्रीब्यूशन है
- 2:48:38ना उसको जो आपको प्लेस रखना है मिनिमम
- 2:48:40प्रमोटर कंट्रीब्यूशन मतलब 20% तो 20%
- 2:48:43वाले जो शेयर है आपको अगर उस उसको प्लेज़
- 2:48:45रखना चाह रहे हो कि 20% कंट्रीब्यूशन तो
- 2:48:47करा आपको पर आपको किसी को लोन दिलाना है
- 2:48:49लेट्स से बैंक क्या हो गया कमर्शियल बैंक
- 2:48:51पी पीएफआई सिस्टमेटिकेंट एनबीएफसी और
- 2:48:54हाउसिंग फाइनेंस एनबीएफसी ये मैं तुमको
- 2:48:56अभी पढ़ाऊंगा ये अपने ऑडिट के अंदर आएगा
- 2:48:58ये सारा एनबीएफसी वाला इतना मत देखो कुल
- 2:49:00मिला के ये एनबीएफसी है सिस्टेटिकेंट
- 2:49:02एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनी और ये
- 2:49:04पब्लिक फाइनेंसियल इंस्टिट्यूशन कमर्शियल
- 2:49:06बैंक हां भाई तो इनको आप प्लेज रख सकते हो
- 2:49:09जो मिनिमम प्रमोटर कंट्रीब्यूशन वाले शेयर
- 2:49:11थे ना वो भी आप इनको प्लेज रख सकते हो पर
- 2:49:13क्यों कब रख सकते हो जब आपको इशू कंपनी को
- 2:49:16लोन दिलाना हो या फिर उसकी सब्सिडरी को
- 2:49:17उसके अलावा और किसी को लोन दिलाना है तो
- 2:49:20नहीं रख सकते हैं। ठीक है ना? और फिर उसके
- 2:49:23बाद अगर वही मिनिमम प्रमोटर कंट्रीब्यूशन
- 2:49:25के अलावा जो उसने एक्सेस होल्डिंग करी हुई
- 2:49:27थी कि होल्डिंग तो केवल 20% करनी थी।
- 2:49:28मैंने कहा 50 करोड़ करनी थी। अंबानी जी
- 2:49:30ठहरे पैसे वाले। उन्होंने तो 60 60 करोड़
- 2:49:3260 करोड़ इन्वेस्ट कर लिए। मतलब 10 करोड़
- 2:49:34एक्सेस करे। 10 करोड़ एक्सेस करो। जो 10
- 2:49:36करोड़ एक्सेस है उसका क्या करना है सर? वो
- 2:49:39तो आप किसी भी टर्म्स में प्लेस करा सकते
- 2:49:41हो। प्लेज कभी भी कराओ उसमें दिक्कत नहीं
- 2:49:43पड़ेगी। [नाक से की जाने वाली आवाज़] और
- 2:49:43सर लोकिन जो बोला है लेट्स से लेट्स से 18
- 2:49:46महीने का लॉक इन लग रहा था। इस पे 18
- 2:49:48महीने का लॉक इन लग रहा था। तो जब प्लेज
- 2:49:50करा था जब 6 महीने ही हुए थे। प्लेज करा
- 2:49:52था जब 6 महीने हुए थे। और उस वक्त सातवें
- 2:49:55महीने में कंपनी ने डिफॉल्ट कर दिया। लोन
- 2:49:56रिपे नहीं करा। सातवें महीने में कंपनी ने
- 2:49:58डिफॉल्ट कर दिया। लोन रिपे नहीं करा। ठीक
- 2:50:01है ना? सातवें महीने में ऐसा हो गया। तो
- 2:50:03अब कंपनी बैंक के पास तो शेयर्स प्लेज़ है।
- 2:50:06बैंक के पास तो ये शेयर्स प्लेज़ है। क्या
- 2:50:08इन शेयर्स को बैंक बेच सकता है क्या? बेच
- 2:50:11सकता है क्या? तो भाई मना कर दिया कि नहीं
- 2:50:14भाई प्लेज़ रखा जब तक तो ठीक है। तुम इसको
- 2:50:15बेच नहीं सकते। तुम इसको बेच नहीं सकते।
- 2:50:17ट्रांसफर वगैरह किसी को नहीं कर सकते।
- 2:50:19मतलब एक बार पहले 3 साल कंप्लीट होने दो।
- 2:50:22जब 3 साल कंप्लीट हो जाएंगे उस वक्त तुम
- 2:50:24बेच देना। उस वक्त बैंक को बोलो तुम बेच
- 2:50:25देना उस वक्त। बाकी जब तक 3 साल का मतलब
- 2:50:27जो 18 महीने वाला पीरियड है या 3 साल जो
- 2:50:29भी है तो वो जब तक मिनिमम कंट्रीब्यूशन
- 2:50:31वाला पीरियड कंप्लीट ना हो जाए जब तक आप
- 2:50:33नहीं बेच सकते। ठीक है? प्लेज़ रख लो पर
- 2:50:35बेच नहीं पाओगे। प्लेज़ रख लो पर बेच नहीं
- 2:50:37पाओगे जब तक वो लॉक इन फिट कंप्लीट ना हो
- 2:50:39जाए। ठीक है? ट्रांसफरेबिलिटी ऑफ़ लॉक
- 2:50:42इनसिक्योरिटीज़। तो भाई ठीक है? अह जनरली
- 2:50:45आप ट्रांसफर नहीं कर सकते। पर ट्रांसफर
- 2:50:47मतलब जनरली तो आप कोई भी लॉक इन पीरियड
- 2:50:48वाली सिक्योरिटीज़ है वह ट्रांसफ़र किसी को
- 2:50:49भी नहीं कर सकते। पर एक प्रमोटर दूसरे
- 2:50:51प्रमोटर को ट्रांसफर कर सकता है। मतलब
- 2:50:53प्रमोटर्स के अंदर ही कि ये अंबानी जी
- 2:50:55अंबानी के साथ कोई दूसरे प्रमोटर भी थे।
- 2:50:56ये तीन तीन प्रमोटर थे किसी कंपनी के। तो
- 2:50:58इसने अगर लेट्स से 10% होल्ड करे। इसने 5%
- 2:51:01होल्ड करे। इसने 5% होल्ड करे। ये एग्जिट
- 2:51:03लेना चाहता है। ठीक है भाई तू एग्जिट ले।
- 2:51:04ये 5% दूसरे प्रमोटर को बेच दे दूसरे
- 2:51:07प्रमोटर को। तो मतलब प्रमोटर आपस में
- 2:51:09ट्रांसफर कर सकते हैं। कुल मिला के बस
- 2:51:10प्रमोटर को मिला के 20% होनी चाहिए मिनिमम
- 2:51:13कंट्रीब्यूशन। तो प्रमोटर आपस में बेच
- 2:51:15सकते हैं। और जो नॉन प्रमोटर है वो नॉन
- 2:51:18प्रमोटर है। नॉन प्रमोटर अपनी होल्डिंग्स
- 2:51:20दे सकते हैं क्या? हां नॉन प्रमोटर भी
- 2:51:22दूसरे बंदे को अपनी होल्डिंग बेच सकते
- 2:51:23हैं। पर जो दूसरे बंदे जिनके पास ऑलरेडी
- 2:51:26लॉक्ड इन वाली सिक्योरिटीज हैं। मतलब कोई
- 2:51:28दूसरे बंदे कि येट से ये भी नॉन प्रमोटर
- 2:51:31है। ये भी नॉन प्रमोटर है। तो इस बंदे के
- 2:51:33पास ऑलरेडी सिक्योरिटी है जिस पे लॉक इन
- 2:51:35लगा हुआ है। इस बंदे के पास ऑलरेडी
- 2:51:37सिक्योरिटी है जिस पे लॉक इन लगा हुआ है।
- 2:51:38मैंने कहा ना नॉन प्रमोटर के पास भी लॉक
- 2:51:40इन लगा हुआ होता है। और इसके पास भी सेम
- 2:51:41उसी तरह की सिक्योरिटी है। तो ये बंदा भी
- 2:51:43उस दूसरे बंदे को बेच सकता है जिसके पास
- 2:51:45ऑलरेडी सिक्योरिटी है जिस पे लॉक इन लगा
- 2:51:47हुआ है। ठीक है ना? तो प्रमोटर आपस में
- 2:51:49बेच सकते हैं पूरे प्रमोटर ग्रुप में बस
- 2:51:5020% टोटल होना चाहिए और एक नॉन प्रमोटर भी
- 2:51:52नॉन प्रमोटर को बेच सकता है पर प्रोवाइडेड
- 2:51:54कि उस बंदे के पास जो दूसरा वाला नॉन
- 2:51:56प्रमोटर है जिसको अपन बेच रहे हैं उसके
- 2:51:57पास ऑलरेडी शेयर थे लॉक इन वाले
- 2:52:03डिस्क्लोज़र डिस्क्लोज़र डिस्क्लोज़र
- 2:52:06डिस्क्लोज़र अब ये ना डिस्क्लोज़र
- 2:52:08डिस्क्लोज़र डिस्क्लोज़र डिस्क्लोज़र
- 2:52:09डिस्क्लोज़र डिस्क्लोज़र
- 2:52:12ये कुछ काम का नहीं है
- 2:52:16जितने भी कुल मिला के कि जो भी ऑफर
- 2:52:17डॉक्यूमेंट ना ऑफर डॉक्यूमेंट वाले का जो
- 2:52:19प्रोस्पेक्टस वगैरह होते हैं तो आपको हर
- 2:52:21चीज़ उस पे डिस्क्लोज़ करनी पड़ेगी। हर चीज़
- 2:52:22आपको उस पे डिस्क्लोज़ करनी पड़ेगी। जो भी
- 2:52:24ऑफर डॉक्यूमेंट उससे थ्रू एंड एडिक्वेट
- 2:52:26चीजें बतानी पड़ेगी ताकि इन्वेस्टर अच्छा
- 2:52:27डिसीजन ले सके। जो भी रेड इयरिंग
- 2:52:29प्रोस्पेक्ट प्रोस्पेक्टस है उसके अंदर
- 2:52:31डिस्क्लोज़र आपको देने पड़ेंगे। कंपनीज़ के
- 2:52:32अकॉर्डिंग सेबी एलओडीआर के अकॉर्डिंग एक
- 2:52:34लीड मैनेजर अपन को अपॉइंट करना पड़ता है।
- 2:52:36जब भी अपन आईपीओ इशू करते हैं ना तो एक
- 2:52:37लीड मैनेजर एलएम जिसको बोलते हैं अपन
- 2:52:39हमेशा। वो ही पूरी फॉर्मेलिटीज कराता है।
- 2:52:41सेबी से डील करता है। सब कुछ वो करता है।
- 2:52:42तो लीड मैनेजर अपन को अपॉइंट करना पड़ता
- 2:52:44है। तो लीड मैनेजर हमेशा ड्यू डजेंस रखेगा
- 2:52:46कि जो भी चीजें डिस्क्लोज़र में करी है सही
- 2:52:48करिए या कुछ भी झूठ कुछ भी झूठ चाहिए तो
- 2:52:50डिस्क्लज़ नहीं करिए।
- 2:52:53ठीक है? और वो भी देखिएगा कि जो भी इनेशन
- 2:52:55उन्होंने ऑफर डॉक्यूमेंट में दी है या फिर
- 2:52:57फाइनेंसियल स्टेटमेंट में दी है वो 6
- 2:52:58महीने पुरानी नहीं है। 6 महीने से 6 महीने
- 2:53:00से भी पुरानी नहीं है। काट सकते हो इस
- 2:53:02पॉइंट को। फालतू है।
- 2:53:06यह कम इंपॉर्टेंट है। पर फिर भी एक बार
- 2:53:08मेरा पढ़ाना इसको फर्ज। बनता है। सर यह
- 2:53:10क्या होता है? कुल मिला के पूरा का पूरा
- 2:53:12प्रोसेस क्या होगा? आपको ऑफर डॉक्यूमेंट
- 2:53:13फाइल करना पड़ेगा। आईपीओ लाने के लिए आपको
- 2:53:15सबसे पहले ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल करना पड़ता
- 2:53:16है। मतलब प्रोस्पेक्टस हो, रेड हियरिंग
- 2:53:17प्रोस्पेक्टस हो जो भी आपको फाइल करना है
- 2:53:19वो ऑफर डॉक्यूमेंट। तो आपको क्या करना
- 2:53:20पड़ता है? तीन कॉपीज़ उसकी फाइल करनी पड़ती
- 2:53:22है। तीन कॉपीज़ हमेशा सबसे पहले ड्राफ्ट
- 2:53:24ऑफर डॉक्यूमेंट की फाइल करनी पड़ती है। तो
- 2:53:26आपको सबसे पहले
- 2:53:33तीन कॉपी नीचे जगह है क्या दूसरी? यार यही
- 2:53:36भरना पड़ेगा। ठीक है? तो आपको सबसे पहले
- 2:53:39तीन कॉपी फाइल करनी पड़ेगी सेबी को जिसको
- 2:53:42अपन बोलते हैं बोर्ड। बोर्ड भी बोल सकते
- 2:53:44हैं। सेबी मतलब बोर्ड एक तरह का। तो अपन
- 2:53:46को तीन कॉपी ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट की
- 2:53:48डीओडी जिसको बोलेंगे डीओडी। मतलब अभी तक
- 2:53:50ड्राफ्ट है। वो ऑफर डॉक्यूमेंट फाइनल नहीं
- 2:53:52हुआ है। वो ऑफर डॉक्यूमेंट फाइनल नहीं हुआ
- 2:53:54है। तो आईपीओ इशू करने के पहले आईपीओ इशू
- 2:53:56करने के पहले आपको वो तीन वो तीन कॉपी
- 2:53:58देनी पड़ेगी सेबी को। किसके थ्रू? लीड
- 2:54:00मैनेजर के थ्रू। डील मैनेजर अब ये पूरा का
- 2:54:01पूरा काम करेगा। तो डील मैनेजर के थ्रू
- 2:54:04आपको पूरी की पूरी कॉपी देनी पड़ेगी। और
- 2:54:05लीड मैनेजर साथ में ये भी देखेगा कि हां
- 2:54:07भाई मतलब वो साथ में इस ऑफर डॉक्यूमेंट के
- 2:54:09साथ मतलब अपन डायरेक्ट फाइल नहीं कर रहे
- 2:54:10सेबी को लीड मैनेजर के थ्रू कर रहे हैं।
- 2:54:12इतना ध्यान रखना बीच में लीड मैनेजर है।
- 2:54:13बीच में लीड मैनेजर है। ठीक है? या तुमको
- 2:54:17ऐसे बनाना है
- 2:54:20तीन कॉपी अपन ने डीओडी की फाइल करी। किसके
- 2:54:22थ्रू? अपन ने फाइल करी। लीड मैनेजर के
- 2:54:26थ्रू फाइल करी। किसको करी? सेबी को फाइल
- 2:54:28करी अपन ने कुल मिला के। सेबी को मेन फाइल
- 2:54:30करी। लीड मैनेजर के थ्रू। तो जो लीड
- 2:54:31मैनेजर था ना वो बीच में वो लीड मैनेजर यह
- 2:54:33भी बता देगा कि सेबी को अटैच कर देगा ड्यू
- 2:54:36डिलिजेंस सर्टिफिकेट वगैरह कि हां भाई
- 2:54:38मैंने ड्यू डजेंस कर लिया है ऑफर
- 2:54:40डॉक्यूमेंट वगैरह सही है वो एक बार लीड
- 2:54:41मैनेजर वो ये भी बता देगा ठीक है उसके बाद
- 2:54:45आप जो भी स्टॉक एक्सचेंज को जो भी चीजें
- 2:54:47बताओगे साथ में ठीक है इशू मतलब एक तो
- 2:54:49आपको इसको भी फाइल करना ही करना है सेबी
- 2:54:51को साथ में जो स्टॉक एक्सचेंज है जहां पे
- 2:54:53आप लिस्ट कराना चाह रहे हो स्टॉक एक्सचेंज
- 2:54:55जो भी है
- 2:54:58स्टॉक एक्सचेंज स्टॉक एक्सचेंज इस स्टॉक
- 2:55:01स्टॉक एक्सचेंज को भी फाइल करना ही पड़ेगा
- 2:55:02साथ में कि भाई मैं ये ये चीजें मैं मेरे
- 2:55:04को ये ये शेयर अब लिस्ट कराने हैं स्टॉक
- 2:55:06एक्सचेंज को भी तो अब सिंपल सी बात है
- 2:55:08सबसे पहले तीन कॉपी आपको ड्राफ्ट ऑफर
- 2:55:10डॉक्यूमेंट की देनी है सेबी को लीड मैनेजर
- 2:55:12के थ्रू फिर लीड मैनेजर जो होगा ना वो
- 2:55:13सेबी को देगा मतलब पर साथ में दो तीन
- 2:55:15चीजें एक्स्ट्रा दे देगा लीड मैनेजर की
- 2:55:16मैंने ड्यू डील कर लिया था मेरे मतलब जो
- 2:55:19कंपनी है जो Reliance और लीड मैनेजर है उन
- 2:55:21हमारे बीच में क्या एग्रीमेंट है वो सब
- 2:55:22उसको सेबी को साथ में दे देगा मतलब फालतू
- 2:55:24पॉइंट है ठीक है फालतू पॉइंट है उसके साथ
- 2:55:27आपको स्टॉक एक्सचेंज को भी देना पड़ेगा
- 2:55:28जिस पे भी एनएससी बीएससी जिस पे भी आप
- 2:55:30लिस्ट करा रहे हो। अगर इंडिविजुअल प्रमोटर
- 2:55:32है तो उसका पैन कार्ड, बैंक अकाउंट,
- 2:55:34पासपोर्ट नंबर देगा। बॉडी कॉर्पोरेट
- 2:55:35प्रमोटर है तो पैन, बैंक, रजिस्ट आरओसी
- 2:55:37एड्रेस वगैरह ये सब उसको देगा। ये सब उसको
- 2:55:40देगा।
- 2:55:44ठीक है?
- 2:55:46अब उसके बाद हां। अब जो सेबी होगा ना सेबी
- 2:55:51अब सेबी
- 2:55:54जैसे ही उसको यह ड्राफ्ट ऑफ डॉक्यूमेंट
- 2:55:56मिला। जैसे ही उसको यह ड्राफ्ट ऑफ
- 2:55:58डॉक्यूमेंट मिला।
- 2:56:01तीन कॉपी अपन ने दी ड्राफ्ट में। अब सेबी
- 2:56:05वििन 30 डेज विथ इन 30 डज़ 30 दिन के
- 2:56:11अंदर-अंदर सामने वालों को बोलेगा कुछ
- 2:56:14कमियां है। इसके अंदर कुछ कमियां हैं। कुछ
- 2:56:16ऑब्जरवेशंस के लिए बोलेगा। वो कुछ
- 2:56:19ऑब्जरवेशन के लिए बोलेगा कि भ मैंने कुछ
- 2:56:21ऑब्जरवेशंस नोटिस करी है। इस ऑब्जरवेशन को
- 2:56:25बताओ। इस ऑब्जरवेशन को बताओ कि भाई मेरे
- 2:56:29को कुछ तो कमी लग रही है तुम्हारे ड्राफ्ट
- 2:56:30ऑफ डॉक्यूमेंट के अंदर। एक बार ये ये कुछ
- 2:56:32गलतियां है। ये ये कुछ कमियां हैं। इस
- 2:56:34कमियों को इस गलतियों को तुमको सुधारना
- 2:56:36पड़ेगा। इस कमियों को इस गलतियों को तुमको
- 2:56:38सुधारना पड़ेगा। तो वो सेबी कुछ ऑब्जरवेशन
- 2:56:40के लिए इशू कर देगा। तो वही 30 डज़ फ्रॉम द
- 2:56:42लेटेस्ट ऑफ़ ड्राफ्ट ऑफ डॉक्यूमेंट उसको जब
- 2:56:44मिला या लीड मैनेजर से उसको जब भी कोई
- 2:56:45रिप्लाई मिला कोई भी स्टॉक एक्सचेंज ने
- 2:56:47बोला उससे 30 दिन मतलब कुल मिला के 30 दिन
- 2:56:49मान लो ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट से इतना
- 2:56:50लोड मत लो। ठीक है ना? अगर सेबी ने कोई भी
- 2:56:54ऑब्जरवेशन इशू करा तो सिंपल सी बात है जो
- 2:56:56ईश्वर और मतलब जो भी यह थे कौन थे ईश्वर
- 2:57:00कंपनी मतलब Reliance एंड लीड मैनेजर वो
- 2:57:02उसको रिप्लाई देंगे Reliance एंड लीड
- 2:57:04मैनेजर उसको रिप्लाई देंगे सिंपल सी बात
- 2:57:06है वो तो
- 2:57:08अगर कोई भी ऐसा ऑब्जरवेशन आया तो लीड
- 2:57:11मैनेजर जो भी है और Reliance ही लिख देता
- 2:57:13हूं मैं यहां पे Reliance जो इशू है वो
- 2:57:14उसको रिप्लाई देंगे कि भाई तूने जो जो
- 2:57:16बोला था हमने वापस से सही कर दिया है और
- 2:57:19अपडेटेड अपडेटेड ड्राफ्ट ऑफ़ अ डॉक्यूमेंट
- 2:57:23हम फ़ाइल कर रहे हैं। अपडेटेड ड्राफ्ट
- 2:57:24डॉक्यूमेंट जो नया वाला ड्राफ्ट ऑफ़ अ
- 2:57:26डॉक्यूमेंट है वह फ़ाइल कर रहे हैं। तूने
- 2:57:27जो ऑब्ज़रवेशन दी उसको सही करके तूने जो
- 2:57:29ऑब्ज़र्वेशन दी उसको सही करके।
- 2:57:32ठीक है? तो उनको अपन अपडेटेड लेट ड्राफ्ट
- 2:57:35ऑफ डॉक्यूमेंट वापस से सबमिट कर देंगे।
- 2:57:37ठीक है? उसके बाद यही चीज़ दी हुई अपडेट
- 2:57:39डीओडी दे देंगे। फ्रेश अपडेटेड डीओडी दे
- 2:57:40देंगे। वो सब फालतू चीज़ उसके बाद। फिर
- 2:57:42जैसे ही मतलब अप्रूव हो गया कि हां भाई
- 2:57:44फाइनल हो गया। जैसे ही अप्रूव हो गया कि
- 2:57:45उसने भी अप्रूव कर दिया। सेबी स्टॉक
- 2:57:47एक्सचेंज ने अप्रूव कर दिया कि यह फाइनल
- 2:57:48डीओडी है। सेबी और स्टॉक एक्सचेंज ने
- 2:57:50अप्रूव कर दिया कि यही फाइनल डीओडी है। तो
- 2:57:52अपन वापस से दे देंगे कि ये लो भाई सेबी
- 2:57:53वाली तुमने जो फाइनल करा था ये वही सेबी
- 2:57:56और स्टॉक एक्सचेंज दोनों को दे देंगे कि
- 2:57:57ये जो फाइनल ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट है
- 2:57:59फाइनल वाला फाइनल वाला ड्राफ्ट ऑफर
- 2:58:01डॉक्यूमेंट अभी तक तो ड्राफ्ट ऑफर
- 2:58:02डॉक्यूमेंट था और आरओसी को भी दे देंगे वो
- 2:58:05फाइनल वाला। आरओसी को भी दे देंगे वो
- 2:58:07फाइनल वाला ऑफर डॉक्यूमेंट। फाइनल वाला
- 2:58:09ऑफर डॉक्यूमेंट। मतलब ध्यान रखना अपन ने
- 2:58:11जो ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट दिया वो केवल
- 2:58:12सेबी और स्टॉक एक्सचेंज को दिया है। आरओसी
- 2:58:14को नहीं दिया था। आरओसी को केवल फाइनल
- 2:58:16वाला देंगे। आरओसी को केवल फाइनल वाला ही
- 2:58:19देंगे। तो ये एक बेसिक प्रोसेस है। तुम
- 2:58:21कहीं पे बुक में बना लेना ताकि इतनी बड़ी
- 2:58:22थ्योरी आलतलू-फालतू तुमको नहीं पढ़नी
- 2:58:24पड़े। अभी और आएगा। रुको अभी और आएगा।
- 2:58:26उसके बाद उसके बाद भी ना अब ये आएगा कि
- 2:58:29अभी तक तो अपन ने ऑफर डॉक्यूमेंट किसको
- 2:58:31दिया है? अभी तक तो अपन ने सेबी को दिया
- 2:58:32है, स्टॉक एक्सचेंज को दिया, आरओसी को
- 2:58:33दिया है। अरे भाई अब वो ऑफर डॉक्यूमेंट
- 2:58:35पब्लिक को भी तो इशू करना पड़ेगा। पब्लिक
- 2:58:37को भी तो अपन को देना पड़ेगा वह ऑफर
- 2:58:39डॉक्यूमेंट। पब्लिक को भी तो देना ही
- 2:58:40पड़ेगा अपन को वह ऑफर डॉक्यूमेंट। तो जैसे
- 2:58:43ही अपन ने जैसे ही अपन ने फाइल करा
- 2:58:48जैसे ही यहां पर अपन ने सेबी को फाइल करा
- 2:58:51था ना ऑफर डॉक्यूमेंट यहां पर फाइल करा था
- 2:58:53उसके 2 दिन के अंदर-अंदर उसके
- 2:58:582 दिन के अंदर-अंदर
- 2:59:01विथ इन टू डज़ विथ इन टू डज़ इसके अरे भाई
- 2:59:05यार
- 2:59:09उसके 2 दिन के अंदर-अंदर अपन को पब्लिक
- 2:59:12पब्लिक में अनाउंसमेंट करना पड़ेगा। अपन
- 2:59:14को पब्लिक में अनाउंसमेंट भी करना पड़ेगा
- 2:59:18साइमलटेनियसली कि भाई हम यह वाला आईपीओ ला
- 2:59:21रहे हैं और यह वाला उसका प्रोस्पेक्टस है।
- 2:59:22किसी को कोई इशू है तो बता दो। किसी को
- 2:59:24कोई इशू है तो बता दो। दो दिन के
- 2:59:26अंदर-अंदर अपन को पब्लिक अनाउंसमेंट करना
- 2:59:27पड़ेगा और पब्लिक को अपन कम से कम 21 दिन
- 2:59:30देंगे। पब्लिक को अपन कम से कम 21 दिन
- 2:59:32देंगे कि अगर उनके कोई भी कमेंट है, उनके
- 2:59:34कोई भी ऑब्जरवेशन है तो हमको बता सकती है।
- 2:59:36पब्लिक को हम कम से कम 21 दिन देंगे कि
- 2:59:38उनके कोई भी कमेंट है, उनके कोई भी
- 2:59:39ऑब्जरवेशन है तो वो हमको बता सकते हैं।
- 2:59:42बता सकते हैं। तो अपन ने डीओडी दिया सेबी
- 2:59:44को अशोक एक्सचेंज को अगर उनके कोई
- 2:59:46ऑब्जरवेशन थे तो फिर अपन ने वापस उसको
- 2:59:48अपडेट करा और फाइनल फिर अपन ने सेबी और
- 2:59:50आरओसी को मेनली आरओसी को फाइल करा। पर
- 2:59:52जैसे ही अपन ने सेबी को फाइल कर देते हैं
- 2:59:53अपन वो ड्राफ्ट ऑफ डॉक्यूमेंट उसके 2 दिन
- 2:59:55के अंदर-अंदर अपन को पब्लिक को भी अनाउंस
- 2:59:56करना पड़ता है। 2 दिन के अंदर-अंदर पब्लिक
- 2:59:58को भी अनाउंस करना पड़ता है कि हम ये वाला
- 2:59:59आईपीओ ला रहे हैं। ये उसका प्रोस्पेक्ट ये
- 3:00:01सब चीजें हैं और 21 दिन का मिनिमम एट
- 3:00:04लीस्ट मिनिमम एटलीस्ट 21 दिन का उनको
- 3:00:06पब्लिक को भी टाइम देना पड़ता है कि
- 3:00:07तुम्हें इसको पढ़ो। तुम्हें कोई दिक्कत है
- 3:00:09तो हमें बताओ। तुम्हें कोई दिक्कत हो
- 3:00:10तुम्हें।
- 3:00:12तो ये देखो विथ इन टू डज़ ऑफ़ फाइलिंग ऑफ
- 3:00:14पब्लिक अनाउंसमेंट। विद इन टू डेज ऑफ़
- 3:00:16फाइलिंग ऑफ पब्लिक अनाउंसमेंट। आपको
- 3:00:19पब्लिक को भी बताना पड़ेगा इनवाइटिंग
- 3:00:21पब्लिक फॉर कमेंट। तो अब यह पब्लिक
- 3:00:24अनाउंसमेंट किस-किस के अंदर आपको करनी है?
- 3:00:25किस-किस में आपको करनी है? आपको एक
- 3:00:28इंग्लिश न्यूज़पेपर में करनी है, एक हिंदी
- 3:00:30न्यूज़पेपर में करनी है और एक रीजनल
- 3:00:32न्यूज़पेपर में भी करनी है। जो जनरली
- 3:00:33कंपनीज़ एक्ट पढ़ा था, उसमें दो न्यूज़पेपर
- 3:00:35होते हैं। एक इंग्लिश और एक रीजनल। एक
- 3:00:36इंग्लिश और एक रीजनल। पर यहां पर आपको
- 3:00:38हिंदी न्यूज़पेपर में भी करनी पड़ेगी। एंड
- 3:00:41ड्राफ्ट ऑफ अ डॉक्यूमेंट शैल बी मेड
- 3:00:42अवेलेबल फॉर पब्लिक टू फॉर एटलीस्ट 21 डज़।
- 3:00:45एटलीस्ट 21 दिन तक के लिए उनके पास
- 3:00:46वेबसाइट पे रखने पड़ेंगे सेबी स्टॉक
- 3:00:48एक्सचेंज लीड मैनेजर ताकि वह एक बार पढ़े
- 3:00:50ताकि वो एक बार पढ़े
- 3:00:55बाकी ठीक है फालतू बातें हैं फालतू बातें
- 3:00:58हैं फालतू बातें ठीक है यही था मेन तो वही
- 3:01:00वाला ये एक छोटा सा चार्ट है तुम इसको देख
- 3:01:03लेना दो दिन के अंदर तुमको न्यूज़पेपर
- 3:01:05वगैरह इन सब में पब्लिक अनाउंसमेंट करनी
- 3:01:07ही करनी पड़ेगी
- 3:01:09चलो ठीक अब बात आती है सर प्राइसिंग पे अब
- 3:01:13किस पे बात आती प्राइसिंग पे ये पूरा
- 3:01:15प्रोसेस था। अभी अपन ने क्या पढ़ा सर? एक
- 3:01:16ये फालतू सा पॉइंट था। कुछ नहीं है कि
- 3:01:18डिस्क्लोज़र क्या-क्या देने पड़ते हैं। लीड
- 3:01:19मैनेजर देखेगा थ्रू एंड फेयर है या नहीं।
- 3:01:20कुछ गलतियां तो नहीं है। फिर उसके बाद ये
- 3:01:21पूरा का पूरा प्रोसेस पढ़ा था तो छोटा ही
- 3:01:23था। ईजी था। ठीक है ना? ये यहां पर है अपन
- 3:01:25ने लीड में अपन सबसे पहले लीड मैनेजर के
- 3:01:27थ्रू तीन कॉपीज़ फाइल करी सेबी और स्टॉक
- 3:01:28एक्सचेंज को। 30 दिन के अंदर अगर उसको कोई
- 3:01:30ऑब्ज़र्वेशन होगा तो 30 दिन में ऑब्ज़र्वेशन
- 3:01:31बता देगा। फिर अपन उसको वापस से अपडेट
- 3:01:33करेंगे और वापस से सेबी स्टॉक एक्सचेंज को
- 3:01:35फाइल करेंगे। और जैसे ही फाइनल हो गया।
- 3:01:36उसके बाद आरओसी को भी फाइनल कर देंगे।
- 3:01:42अब बात आती है सर प्राइसिंग की। अब आपको
- 3:01:45आईपीओ की प्राइस क्या रखनी है? वह कैसे
- 3:01:47डिसाइड होगा? तो जनरली जब भी बुक बिल्डिंग
- 3:01:48करते हैं अपन जनरली जब भी बुक बिल्डिंग
- 3:01:50करते हैं। तो मैंने कहा था एक रेंज डिसाइड
- 3:01:51होती है। जनरली हमेशा एक रेंज डिसाइड करके
- 3:01:53दे देते हो आप। एक रेंज डिसाइड करके दे
- 3:01:55देते हो। अगर फिक्स्ड प्राइस है तो
- 3:01:56फिक्स्ड प्राइस के अंदर तो आप एक फिक्स्ड
- 3:01:58प्राइस रख देते हो। मैंने कहा था ना आईपीओ
- 3:01:59दो तरह से इशू होते हैं। या तो आप आईपीओ
- 3:02:00की फिक्स्ड प्राइस रख सकते हो। स्टार्टिंग
- 3:02:02में बताया था भाई क्लास के स्टार्टिंग
- 3:02:03में। आप या तो उसकी फिक्स्ड प्राइस रख
- 3:02:05सकते हो या फिर आप उसका बुक बिल्डिंग करा
- 3:02:07सकते हो। हो बुक बिल्डिंग मतलब एक प्राइस
- 3:02:09की रेंज डिसाइड कर लो। प्राइस की रेंज
- 3:02:11डिसाइड कर सकते हो। ठीक है ना? तो अगर आप
- 3:02:13फिक्स्ड प्राइस बता रहे हो तो जो भी
- 3:02:14फिक्स्ड प्राइस या प्राइस बैंड है वो बता
- 3:02:15देना। बुक बिल्ड करा रहे हो तो फ्लोर
- 3:02:17प्राइस जो सबसे कम प्राइस है और प्राइस का
- 3:02:19बैंड वाली रेंज वो बता सकते हो आप। ठीक
- 3:02:21है? इतना मत ध्यान मत दो। और अब प्राइस
- 3:02:23रेंज कैसे डिसाइड होती है? प्राइस रेंज
- 3:02:25कैसे डिसाइड होती है?
- 3:02:28सबसे पहले एक आपको फ्लोर प्राइस डिसाइड
- 3:02:30करनी पड़ेगी। सबसे पहले एक आपको फ्लोर
- 3:02:33प्राइस डिसाइड करनी पड़ेगी कि कम से कम हम
- 3:02:36यह एक शेयर ₹100 का बेचेंगे ही बेचेंगे।
- 3:02:38मैंने एग्जांपल दिया 100 का तो सबसे पहले
- 3:02:40एक आपको फ्लोर प्राइस डिसाइड करनी है।
- 3:02:42जैसे फॉर एन एग्जांपल फॉर एन एग्जांपल
- 3:02:43₹100 तो आपको एक सबसे पहले एक सबसे कम
- 3:02:46प्राइस डिसाइड करनी पड़ेगी। आपको एक रेंज
- 3:02:47बनानी है। आपको एक रेंज बनानी है। तो सबसे
- 3:02:49कम से कम आपको फ्लोर प्राइस डिसाइड करनी
- 3:02:51पड़ेगी। एक सबसे पहले आपको फिर उसके बाद
- 3:02:53आपको एक अप्पर लिमिट भी डिसाइड करनी
- 3:02:55पड़ेगी जिसको कहते हैं कैप प्राइस। जिसको
- 3:02:57क्या कहते हैं? कैप प्राइस कहते हैं। तो
- 3:03:00अब कैप प्राइस कितनी होगी? कैप प्राइस के
- 3:03:02लिए बोल दिया सर कैप प्राइस जो भी आपने
- 3:03:04फ्लोर प्राइस डिसाइड करी है ना उसका
- 3:03:06मिनिमम 5% मिनिमम 5% मतलब मतलब मिनिमम
- 3:03:11105% ऐसा तो ₹15
- 3:03:16और मैक्सिमम और मैक्सिमम
- 3:03:19120% मैक्सिमम 120% मतलब ₹120 मतलब ₹120
- 3:03:24तो अब आपकी जो रेंज बनेगी वो या तो 100 से
- 3:03:27105 तक की बन सकती है या फिर 100 से 120
- 3:03:30तक की मैक्सिमम बन सकती है। मतलब मिनिमम
- 3:03:32₹1 ₹15 की और मैक्सिमम ₹120 की कैप प्राइस
- 3:03:35आप रख सकते हो। तो ठीक है? तो मतलब आपको
- 3:03:38फ्लोर प्राइस की स्टार्टिंग तो पता पड़ गई
- 3:03:39कि आपकी जो रेंज शुरू होगी वो ₹100 से
- 3:03:41शुरू होगी। शुरू होगी जो ₹100 से शुरू
- 3:03:43होगी। आपने एक फ्लोर प्राइस जो भी डिसाइड
- 3:03:45करी। अब मैक्सिमम कहां तक खत्म होगी वो
- 3:03:47आपको देखना है। खत्म तो ₹120 तक हो जाएगी।
- 3:03:49अब हो सकता है 115 पे खत्म हो। 115 रख दो,
- 3:03:52118 रख दो, 116 रख दो। पर ये बता दिया कि
- 3:03:54कैप प्राइस जो मैक्सिमम मिनिमम रखोगे कैप
- 3:03:56प्राइस जो रेंज वो ₹15 रखोगे और हाईएस्ट
- 3:03:59₹120 रखोगे। ठीक है?
- 3:04:10यही है सर। 120% 105%
- 3:04:15हां और जो फ्लोर प्राइस या फाइनल प्राइस
- 3:04:17होगी वो फेस वैल्यू से कम नहीं हो सकती।
- 3:04:19जनरली जो भी फ्लोर प्राइस आप मिनिमम
- 3:04:21डिसाइड कर रहे हो फेस वैल्यू से कम यहां
- 3:04:22पे नहीं होगी। की जो फ्लोर प्राइस है फिर
- 3:04:23थोड़ी से कम नहीं होगी। पर ये एमसीक्यू
- 3:04:25मुझे लगता है ये बहुत इंपॉर्टेंट एमसीक्यू
- 3:04:26के लिए 105 120 मुझे लगता है कि 105%
- 3:04:28120%ेंट है। ठीक है? अगर एक मैंने बताया
- 3:04:32था रेड हियरिंग प्रोस्पेक्टेस अगर तुमको
- 3:04:33याद हो रेडर इयरिंग प्रोस्पेक्ट में कभी
- 3:04:35भी प्राइस एंड क्वांटिटी नहीं बताते।
- 3:04:36मैंने कहा था प्राइस क्वांटिटी कभी भी
- 3:04:38नहीं बताते। ठीक है ना? अगर आपने रेड
- 3:04:40हियरिंग प्रोस्पेक्टस इशू करा है। वहां पे
- 3:04:42प्राइस वगैरह कुछ भी नहीं बताई है। प्राइस
- 3:04:43वगैरह कुछ भी नहीं बताई है। तो आपको ना इफ
- 3:04:46इट एट लीस्ट टू वर्किंग डज़ बिफोर इशू ओपन
- 3:04:49अ न्यूज़पेपर। न्यूज़पेपर में जब भी आपने
- 3:04:51डाला कि अनाउंसमेंट करते हो ना न्यूज़पेपर
- 3:04:52के अंदर उसके एटलीस्ट 2 दिन पहले तो अब
- 3:04:54आपको बता ही देनी पड़ेगी। उसके एटलीस्ट दो
- 3:04:56दिन पहले तो आपको बता ही देनी पड़ेगी कि
- 3:04:57हमारी फ्लोर प्राइस इतनी है। बाकी काट दो।
- 3:05:02डिफरेंशियल प्राइिंग कि आप अलग-अलग लोगों
- 3:05:05से अलग-अलग रुपए चार्ज कर सकते हो क्या?
- 3:05:07किसी से किसी को तो ₹100 का शेयर बेच रहे
- 3:05:08हो। किसी को ₹110 का शेयर बेच रहे। किसी
- 3:05:10को ₹120 का शेयर बेच रहे हो। ऐसा कर सकते
- 3:05:12हो क्या?
- 3:05:14तो हां भाई जनरली तो नहीं। जनरली भाई नहीं
- 3:05:16कर सकते। पर केवल इन तीन जनों के लिए अपन
- 3:05:18पार्शियलिटी कर सकते हैं। एक को अपन नाम
- 3:05:21देंगे रिटेल इन्वेस्टर। रिटेल इन्वेस्टर
- 3:05:23जैसे आप मेरे जैसे नॉर्मल लोग एक होते हैं
- 3:05:25कंपनी के एग्जिस्टिंग शेयर होल्डर। एक तरह
- 3:05:28से एकिस्टिंग जो कंपनी के शेयर होल्डर
- 3:05:29हैं। और एक है जो कंपनी के एंप्लाइजज़ एक
- 3:05:31जो कंपनी के एंप्लाइजज़ हैं। इनके लिए आप
- 3:05:34थोड़ी डिफरेंशियल प्राइस निकाल सकते हो
- 3:05:36पब्लिक के कंपैरिजन में। पब्लिक के
- 3:05:38कंपैरिजन में मतलब यह पब्लिक तो यही होगी
- 3:05:39ना रिटेल कि रिटेल वालों को अगर आप कोई
- 3:05:41शेयर दे रहे हो ₹100 का तो हो सकता है
- 3:05:44एकिस्टिंग इन्वेस्टर को 95 का दे सकते हो।
- 3:05:46हो सकता है एंप्लाइजस को आप 96 का दे सकते
- 3:05:48हो दे सकते हो। तो केवल इन तीन के केस के
- 3:05:50अंदर आप डिफरेंट कर सकते हो। बाकियों के
- 3:05:52अंदर आप डिफरेंशियल प्राइिंग अलग-अलग नहीं
- 3:05:54रख सकते क्योंकि ये कंपनी के एकिस्टिंग
- 3:05:56शेयर होल्डर इनको पहले प्रेफरेंस देंगे।
- 3:05:57इनको थोड़ा सा डिस्काउंट दे सकते हैं। ठीक
- 3:06:00है ना? और ये एंप्लाइजज़ हैं कंपनी के तो
- 3:06:02एंप्लई तो थोड़ा भला करेंगे ही करेंगे।
- 3:06:03सीधी सी बात है। तो सर रिटेल इन्वेस्टर,
- 3:06:06शेयरहोल्डर और एंप्लाइजज़ के अंदर। बस वही
- 3:06:09है कि कैन नॉट बी लोअर मोर देन बाय 10% ऑफ़
- 3:06:12प्राइस टू अदर्स। 10% जो भी आपने प्राइस
- 3:06:14अदर्स को रखी है उससे कम में आप नहीं दे
- 3:06:16सकते। ठीक है? इनसे कम में आप इनमें तीनों
- 3:06:18को किसी को भी नहीं दे सकते कि क्योंकि
- 3:06:19बाकी लोगों को अपन जितने में भी दे रहे
- 3:06:20हैं मैक्सिमम उसका 10% सस्ता इनको दे सकते
- 3:06:23हैं। मैक्सिमम उनका 10% सस्ता अपन इनको दे
- 3:06:25सकते हैं कि लेट्स से अपन किसी को
- 3:06:27प्राइवेट प्लेसमेंट कर रहे हैं। एंकर
- 3:06:28इन्वेस्टर है, क्वालिफाइड बाय क्वालिफाइड
- 3:06:31इंस्टीट्यूशन है। उनको अपन लेट्स से ₹100
- 3:06:33में दे रहे हैं। तो इनको अपन लोएस्ट टू
- 3:06:35लोवेस्ट ₹90 में दे सकते हैं इन तीनों को।
- 3:06:37उससे सस्ते में नहीं दे सकते। अब 90 में
- 3:06:39भी इनको किसी को 90 में दे रहे हैं, किसी
- 3:06:40को 95 में दे रहे हैं, 96 में उससे सस्ता
- 3:06:42नहीं दे सकते। तो 10% से भी ज्यादा
- 3:06:44डिस्काउंट कुल मिला के अपन इनको नहीं दे
- 3:06:47सकते।
- 3:06:50और बुक बिल्डिंग के अंदर जो भी 10% अपन
- 3:06:53एंप्लॉईज़ को दे सकते हैं फ्रॉम फ्लोर
- 3:06:55प्राइस फ्रॉम फ्लोर प्राइस। जो भी लोएस्ट
- 3:06:57प्राइस प्राइस डिसाइड करी थी ना उससे 10%
- 3:06:59अपन एंप्लई को दे सकते हैं। ठीक है? और जो
- 3:07:02भी डिस्काउंट होगा वो परसेंटेज में होगा।
- 3:07:04रुपी में नहीं होगा कि अपन ने जो बोला अपन
- 3:07:05बोलेंगे 10% का डिस्काउंट। ऐसा नहीं
- 3:07:07बोलेंगे कि ₹10, ₹5, ₹8 उसका डिस्काउंट
- 3:07:09नहीं परसेंटेज में दे सकते हो। छोटे-छोटे
- 3:07:11पॉइंट है एमसीक्यू में आ सकते हैं। जैसे
- 3:07:13प्रमोटर कंट्रीब्यूशन, डिफरेंशियल
- 3:07:14प्राइिंग ये तो बहुतेंट है। प्रमोटर
- 3:07:16कंट्रीब्यूशन को जो पढ़ाया था मैंने तुमको
- 3:07:17ये तो बहुतेंट लगता है मुझे प्रमोटर
- 3:07:19कंट्रीब्यूशन तो लॉक इन पीरियड वाला।
- 3:07:21डिफरेंशियल प्राइिंग भी शायद आ जाए। मैं
- 3:07:23तो अच्छे से ही पढ़ा रहा हूं ना भाई। ठीक
- 3:07:25है ना? बस टाइम के हिसाब से थोड़ा बहुत
- 3:07:27लेना पड़ रहा है जल्दी। वरना तो मैं तुमको
- 3:07:28खा जाता यहां पर। ही सही कह रहा हूं। ऑडिट
- 3:07:30होती तो एक-एक चीज़ याद करके ही जाओगे वरना
- 3:07:32घर नहीं जाओगे। क्लास नहीं बंद होगी जब
- 3:07:33तक। हां, ये होता है ऑडिट में। तो देख
- 3:07:35लेना वो सोच के लेना। हां
- 3:07:38अब ब
- 3:07:40अ इशंस कंडीशन एंड प्रोसेसर ठीक है यार अब
- 3:07:43ये मतलब ये ऐसा है ये ऐसा बोल रहा है कि
- 3:07:46जैसे ही अपन ने पढ़ा था ना यहां पे
- 3:07:48ऑब्जरवेशन वो चार्ट कहां आ गया अपन ने एक
- 3:07:50चार्ट बनाया था
- 3:07:53घूम गया अभी तो बनाया था
- 3:07:56ये रहा हां कि मैंने कहा था कि सेबी को
- 3:07:58अपन फाइल करेंगे सेबी को कोई ऑब्जरवेशन आई
- 3:08:00तो अपन उसको सही करेंगे तो जैसे ही सेबी
- 3:08:02ने ऑब्जरवेशन निकाली जैसे ही सेबी ने
- 3:08:05ऑब्जरवेशन निकाली डाली उसके 12 महीने के
- 3:08:08अंदर-अंदर वह आईपीओ आपको लगभग पब्लिक में
- 3:08:10लिस्ट करा देना है। 12 महीने में मतलब
- 3:08:12पब्लिक से एप्लीकेशन लेना शुरू कर देनी
- 3:08:14है। उसके 12 महीने के अंदर-अंदर जैसे ही
- 3:08:1612 महीने के अंदर-अंदर आपको कर देना है।
- 3:08:17ये देखो
- 3:08:20पब्लिक इशू शैल बी ओपन विथ इन 12 मंथ
- 3:08:22फ्रॉम डेट ऑफ़ इशुरेंस ऑफ़ ऑब्जरवेशन बाय
- 3:08:24सेबी। जैसे ही सेबी ने ऑब्जरवेशन दिया।
- 3:08:26जैसे ही सेबी ने ऑब्जरवेशन दिया था। उस
- 3:08:30ऑब्जरवेशन के 12 महीने के अंदर-अंदर उस
- 3:08:32ऑब्जरवेशन 12 महीने के अंदर-अंदर एटलीस्ट
- 3:08:34आपको वो आईपीओ पब्लिक के अंदर ले आना है
- 3:08:36कि भाई अब तुम पेसा इस पर लगा सकते हो
- 3:08:37पब्लिक तुम हमने शुरू कर दिया हमारी तरफ
- 3:08:39से शुरू कर सकते हो। पर हां वो भी है भाई
- 3:08:42आपने जब रेड हियरिंग प्रोस्पेक्टस या
- 3:08:44प्रोस्पेक्टस फाइल करा आरओसी को आरओसी को
- 3:08:47जब भी आपने रेड हियरिंग प्रोस्पेक्टस या
- 3:08:48प्रोस्पेक्टस फाइल करा उसके एटलीस्ट 3 दिन
- 3:08:51बाद उसके एटलीस्ट तीन दिन बाद थी थ्री डज़
- 3:08:54थ्री डज़ बाद ठीक है ना तो आपको कुल मिला
- 3:08:57के पब्लिक इशू कब से शुरू करना है जो भी
- 3:08:59ऑब्जरवेशन दिया था सेबी ने उसके 12 महीने
- 3:09:01के अंदर-अंदर कर देना है पर हां इतना चीज
- 3:09:03ध्यान रखना कि यहां पे जैसे आरओसी को आपने
- 3:09:05यहां पे दिया था आरओसी को आपने यहां पे
- 3:09:07दिया था तो एटलीस्ट उसके 3 दिन बाद
- 3:09:09एटलीस्ट उसके तीन 3 दिन बाद आपको शुरू
- 3:09:11करना है। ठीक है ना? तो 12 महीने के
- 3:09:13अंदर-अंदर सेबी ने ऑब्जरवेशन दिया उसके 12
- 3:09:15महीने के अंदर-अंदर। पर जैसे ही आपने
- 3:09:16आरओसी को प्रोस्पेक्टस फाइल करा था उसके 3
- 3:09:18दिन बाद। उसके एटलीस्ट 3 दिन बाद। ठीक है
- 3:09:21ना? ये रहा। ओपन एटलीस्ट थ्री वर्किंग डज़।
- 3:09:23यहां पे बस एक अकेली
- 3:09:23[गला साफ़ करने की आवाज़] जगह वर्किंग डज़
- 3:09:24है। थ्री वर्किंग डज़ फ्रॉम द फाइलिंग ऑफ़
- 3:09:26प्रोस्पेक्टस और रेडियरिंग प्रोस्पेक्टस
- 3:09:28टू आरओसी।
- 3:09:35अह मिनिमम सब्सक्रिप्शन। है ना? मिनिमम
- 3:09:37सब्सक्रिप्शन भी भाई काम का पॉइंट है। यह
- 3:09:39वाला तो बचपन से ही पढ़ा हुआ है तुमने।
- 3:09:40भाई अगर तुमको याद हो तो कि भाई साहब
- 3:09:42जितना भी आप ऑफर कर रहे हो जितना भी आप
- 3:09:45ऑफर कर रहे हो जितना भी आपने ऑफर करा है
- 3:09:48उस ऑफर का एटलीस्ट 90% उस ऑफर का एटलीस्ट
- 3:09:5290% तो आपका सब्सक्रिप्शन हो ही जाना
- 3:09:56चाहिए कि आपने लेट्स से 100 करोड़ का
- 3:09:57आईपीओ निकाला है। 100 करोड़ का कोई भी इशू
- 3:09:59निकाला है। उसका 90 करोड़ तो लोगों ने
- 3:10:01सब्सक्राइब कर ही देना चाहिए। अगर 90
- 3:10:03करोड़ से भी कम सब्सक्राइब करा है क्या?
- 3:10:0490 करोड़ से भी कम सब्सक्राइब करा है तो
- 3:10:07भाई दिक्कत है फिर आपका आईपीओ नहीं चलेगा
- 3:10:09फिर आपका आईपीओ नहीं चलेगा आपको आईपीओ
- 3:10:11हटाना पड़ेगा मतलब आपको बाकी लोगों को
- 3:10:14पूरी एप्लीकेशन रिटर्न करनी पड़ेगी
- 3:10:15रिफंडेड विथ इन फोर डेज फ्रॉम द क्लोजर ऑफ
- 3:10:17इशू रिफंडेड विथ इन द फोर डेज ऑफ़ क्लोजर
- 3:10:20इशू जैसे इशू क्लोज हुआ था आपके चार दिन
- 3:10:22के अंदर सबको अपना पैसा रिटर्न करना
- 3:10:23पड़ेगा सबको अपना पैसा रिटर्न करना पड़ेगा
- 3:10:25तो एटलीस्ट 90 जो भी आप इशू कर रहे हो ऑफर
- 3:10:27साइज जितनी भी आपका उसका 90% सब्सक्राइब
- 3:10:29होना चाहिए इसलिए आपको पता होगा कि एक
- 3:10:31अंडरराइटिंग वाली चीज आती है अंडरराइटर को
- 3:10:34अपन अपॉइंट करते हैं अपन नीचे आएगा
- 3:10:35अंडराइटर का कितना नीचे है भाई
- 3:10:38ज्यादा नीचे है क्या चलो मैं पढ़ा दूंगा
- 3:10:40अंडराइटर आएगा अभी इसलिए अपन अंडराइटर को
- 3:10:41अपॉइंट करते हैं कि अगर हमारा आईपीओ
- 3:10:43पब्लिक ने नहीं खरीदा पब्लिक ने नहीं
- 3:10:45खरीदा तो अंडरराइटर भाई तू खरीद लेना कम
- 3:10:47से कम 90% तू सब्सक्राइब करा देना तू खरीद
- 3:10:49लेना ठीक है ना
- 3:10:52और आईपीओ जनरली शेयर मार्केट में कितने
- 3:10:54दिन तक होता है तुमको अगर पता हो ऑलरेडी
- 3:10:56ये है तो थ्री वर्किंग डज़ से 10 वर्किंग
- 3:10:58डज़ तक आईपीओ रहता है मार्केट के अंदर
- 3:10:59कितना मिनिमम तीन वर्किंग डज़ मैक्सिमम 10
- 3:11:01वर्किंग डज़ तक वो पब्लिक को अलाउ कर दे कि
- 3:11:03तुम इस पे एप्लीकेशन लगाओ। तुम इस पे
- 3:11:04एप्लीकेशन लगाओ। क्या इसमें एक्सटेंशन हो
- 3:11:06सकता है? क्या इसमें एक्सटेंशन हो सकता
- 3:11:07है? हो सकता है सर कब? जब आपने प्राइस
- 3:11:09बैंड को रिवाइज़ कर दिया हो। कोई भी फोर्स
- 3:11:12मेजर आ गया हो, बैंकिंग में स्ट्राइक हो
- 3:11:13गई हो, बैंक में स्ट्राइक हो गई तो पैसा
- 3:11:15कैसे जमा कराएंगे आईपीओ के लिए? सिंपल सी
- 3:11:17बात है। कोई ऐसा इवेंट आ गया तो उस केस के
- 3:11:19अंदर तीन दिन और अपन एक्सटेंड कर सकते
- 3:11:21हैं। तीन दिन और एक्सटेंड कर सकते हैं। पर
- 3:11:23एक्सटेंशन के बाद भी मैक्सिमम दिन तो 10
- 3:11:25वर्किंग डेज ही होगा। मैक्सिमम 10 वर्किंग
- 3:11:27डेज ही होगा। जैसे किसी कंपनी ने बोला।
- 3:11:28जैसे किसी कंपनी ने बोला यहां पर 3 से 10
- 3:11:30दिन मतलब किसी कंपनी ने बोला कि मैं 6 दिन
- 3:11:32का टाइम देती हूं पब्लिक को। 6 दिन का
- 3:11:35टाइम देती हूं मैं पब्लिक को कि नहीं
- 3:11:37लेट्स से अपन 8 दिन का एग्जांपल 8 दिन का
- 3:11:40टाइम देती हूं पब्लिक को कि 8 दिन के अंदर
- 3:11:41तुम मैं लिस्ट कर रही हूं आईपीओ मतलब तुम
- 3:11:43पैसा लगा सकते हो आईपीओ के लिए एप्लीकेशन
- 3:11:45दे सकते हो। तो अगर कोई भी बैंकिंग हॉलिडे
- 3:11:47आ गया फोर्स मेजर कुछ भी हो गया। ऐसा कोई
- 3:11:48भी इवेंट हो गया अर्थक्वेक वगैरह कुछ भी आ
- 3:11:50गया तो उसको 3 दिन का और एक्सटेंशन मिल
- 3:11:52जाएगा। तो 3 दिन का एक्सटेंशन और जोड़ोगे
- 3:11:54तो कितना हो गया? 11 दिन पर नहीं मैक्सिमम
- 3:11:56पीरियड तो 10 दिन ही बोला। तो मैक्सिमम तो
- 3:11:5910 डेज तक ही एक्सटेंशन होगा। मतलब 2 दिन
- 3:12:00का ही एक्सटेंशन उसको मिलेगा। मैक्सिमम दो
- 3:12:02का ही मिल पाएगा। तो 3 दिन तक का मैक्सिमम
- 3:12:04एक्सटेंशन दे सकते हैं। पर उसमें भी
- 3:12:05मैक्सिमम फिर 10 डेज तक ही आपको खींचना
- 3:12:08है। ठीक है? तो आईपीओ एटलीस्ट 90%
- 3:12:10सब्सक्राइब हो जाना चाहिए। 3 से 10 दिन तक
- 3:12:12लिस्ट पे रहेगा। 3 दिन का एक्स्ट्रा आपको
- 3:12:13टाइम तो मिलेगा। आपको मिल सकता है। मतलब
- 3:12:15अगर इन केस में पर मैक्सिमम फिर भी 10 डेज
- 3:12:18तक ही खींचोगे आप।
- 3:12:23एप्लीकेशन साइज आपकी मिनिमम डिसाइड कर
- 3:12:25मिनिमम एप्लीकेशन साइज़ एक जने की 10 से
- 3:12:2715,000 के बीच में होगी। 10 से 15,000 के
- 3:12:29बीच में होगी। और आपको अगर फिर लॉट के
- 3:12:31बेसिस पे अलॉटमेंट होगा। लेट्स से एक लॉट
- 3:12:33आपका लेट से मैं बोल रहा हूं 15,000 का
- 3:12:34था। तो अब आप एक मिनिमम एप्लीकेशन आपको
- 3:12:3715,000 की लगानी पड़ेगी। मतलब एक लॉट
- 3:12:3815,000 का है। ठीक है ना? तो अपने आईपीओ
- 3:12:40में समझते होंगे आप ये सब चीजें। अब या तो
- 3:12:42आप एक लॉट लगाओगे, दो लॉट लगाओगे, तीन लोट
- 3:12:43लगाओगे। मतलब इसके मल्टीपल में चलेगा। अब
- 3:12:4515,000 * 2 या तो दो लॉट लगाओगे, ₹00 देने
- 3:12:48पड़ेंगे। तीन लॉट लगाओगे तो ₹45,000 देने
- 3:12:51पड़ेंगे। ऐसा ऐसा नहीं कि तुम 15 के बाद
- 3:12:53₹18,000 लगाने की कोशिश कर रहे हो। नहीं
- 3:12:54ऐसा नहीं होगा। अब आपको मल्टीपल्स चलेगा।
- 3:12:58ठीक है ना? और जनरली तो वैसे 100% अमाउंट
- 3:13:00ही आपको आईपीओ के टाइम दे देना चाहिए। पर
- 3:13:02फिर भी सेबी ने बोला है कि मिनिमम 25%
- 3:13:05मिनिमम 25% तो आपको उस वक्त एप्लीकेशन
- 3:13:08लगाते वक्त ले ही लेना है। मिनिमम 25% तो
- 3:13:10आपको एप्लीकेशन लगाते वक्त
- 3:13:12ले ही लेना है कि जब भी आप आईपीओ वाला
- 3:13:14बंदा एप्लीकेशन लगा रहा है तो उस वक्त 25%
- 3:13:16अमाउंट लेट से 30000 का आईपीओ उसने लगाया
- 3:13:19है तो इसका जो भी 25% बन रहा है कितना
- 3:13:21बना? 9000 9 10 11 12 11000 जो भी बन रहा
- 3:13:23है कुल मिला के उसका 25% तो आपको उस वक्त
- 3:13:26ले ही लेना है। बाकी का अमाउंट कब लेना
- 3:13:27है? बाकी का अमाउंट कब लेना है सर? सर
- 3:13:29बाकी का अमाउंट जैसे ही उसको अलॉट हुआ ना
- 3:13:32कि उसे 25% तो आपने एप्लीकेशन के टाइम ले
- 3:13:35लिया था। अब जैसे ही उस बंदे को अलॉट हुआ।
- 3:13:38जैसे ही उस बंदे को अलॉट हुआ। उस अलॉटमेंट
- 3:13:41के 12 महीने के अंदर-अंदर उस अलॉटमेंट के
- 3:13:4412 महीने के अंदर-अंदर उससे फुल पेमेंट
- 3:13:47आपको मंगवा लेना है। उस अलॉटमेंट के 12
- 3:13:49महीने के अंदर-अंदर उससे आपको फुल पेमेंट
- 3:13:51मंगवा लेना है। ठीक है? तो भाई 10 से
- 3:13:5415,000 का एक जनरली एक लॉट रहेगा ही
- 3:13:56रहेगा। कम से कम मिनिमम एप्लीकेशन वैल्यू
- 3:13:58उतने की रहेगी ही रहेगी। 25% आपको एडवा
- 3:14:00मतलब एटलीस्ट मिनिमम एडवांस में देना ही
- 3:14:01देना है। और अलॉट होने के बाद 12 महीने के
- 3:14:03अंदर-अंदर अलॉट होने के बाद 12 महीने के
- 3:14:04अंदर-अंदर आपको पूरा पैसा दे देना है। ठीक
- 3:14:06है ना? पर वो यह है कि अगर 12 महीने में
- 3:14:08भी नहीं दिया तो क्या होगा? तो भाई उसने
- 3:14:10जो एडवांस दिया है ना उसको भी फॉरफिट कर
- 3:14:13लेंगे। उसने जो 25% एडवांस दिया उसको भी
- 3:14:14फॉरफिट लेंगे और शेयर्स भी नहीं देंगे
- 3:14:16उसको और शेयर्स भी नहीं देंगे। ठीक है? और
- 3:14:18ये आपने मैंने बोला ना कि 25% जो 25% उसको
- 3:14:22एप्लीकेशन दे सकता है। बाकी का बाद में दे
- 3:14:24सकता है। ऐसा वाला केस बोला पर भाई ऑफर
- 3:14:26फॉर सेल में ऐसा नहीं होगा। ऑफर फॉर सेल
- 3:14:28के अंदर तो 100% उसी वक्त देना पड़ेगा।
- 3:14:30100% उसी वक्त देना।
- 3:14:32ठीक है?
- 3:14:34ये भी हो गया। मैं अब वही बोल रहा हूं।
- 3:14:37ईजी चीजें समझ में आ रही होगी। बस अब वो
- 3:14:38चीज़ ये है कि तुम्हारे लिए ज्यादा हो रही
- 3:14:40है। मेरे को भी पता है से भी ज्यादा होगा।
- 3:14:41अब मैं मैंने पहले ही बोल दिया था यार ये
- 3:14:43चीज़। अब ये है कि ऑडिट होती तो मैं समराइज़
- 3:14:44कराने की कोशिश भी करता। बार-बार चीजें
- 3:14:46बनाता। चार्ट और बनाता बना रहे हैं चार्ट
- 3:14:48भी अपन। पर मैं फिर और कराता, बार-बार
- 3:14:49रिवाइज़ कराता। चीज़ समराइज़ होती। अब वो
- 3:14:51थोड़ी सी मेहनत तुमको खुद पे करनी पड़ेगी
- 3:14:53सेबी में। मतलब मैं तो अच्छे से पढ़ा ही
- 3:14:54रहा हूं। बस तुमको एक बार घर जाके रिवाइज़
- 3:14:55मार लेना। मतलब जैसे ही लेक्चर खत्म हो,
- 3:14:57एक बार वापस से रिवाइज़ मार लेना है। सब
- 3:14:58कुछ अच्छे से हो जाएगा। दिक्कत ना लो। ठीक
- 3:15:01है? बाकी समझ में सब आ ही रहा होगा। ऐसा
- 3:15:02कुछ है नहीं दिक्कत। नोट्स मैं तुमको फ्री
- 3:15:05में शेयर कर ही रहा हूं। Telegram चैनल पे
- 3:15:06मिल जाएंगे। तो सब कुछ तो फ्री में मिल
- 3:15:08रहा है भाई। थोड़ी सी मेहनत कर लेंगे बस।
- 3:15:12क्या करा अपन ने अभी इशू एंस कंडीशन। तो
- 3:15:14जैसे इशू कब करना है अपन को? ऑब्जरवेशन आई
- 3:15:16उसके 12 महीने के अंदर-अंदर। पर आरओसी को
- 3:15:18फाइल करने के एटलीस्ट 3 दिन बाद करना है
- 3:15:20अपन को। मिनिमम 90% सब्सक्राइब हो ही जाना
- 3:15:22चाहिए। अगर नहीं हुआ 90% सब्सक्राइब तो 4
- 3:15:24दिन के अंदर सबको पैसा आपको रिफंड करना
- 3:15:25है। और उसके बाद पीरियड ऑफ़ सब्सक्रिप्शन 3
- 3:15:28दिन से 10 दिन होगा। मैक्सिमम एक्सटेंशन
- 3:15:29अपन 3 दिन दे सकते हैं। पर फिर भी
- 3:15:30मैक्सिमम 10 डज़ ही होगा। यहां पर मिनिमम
- 3:15:33एप्लीकेशन वैल्यू 10 से ₹15,000 की होने
- 3:15:35वाली है। उसमें 25% आपको एप्लीकेशन साइज
- 3:15:36जो आपकी रहेगी वो रहने वाली है। मतलब 25%
- 3:15:38आपको एडवांस देना पड़ेगा और एडवांस अलॉट
- 3:15:40होने के बाद अलॉट होने के बाद आपको 12
- 3:15:42महीने के अंदर पूरा पैसा देना पड़ेगा। अगर
- 3:15:43नहीं दिया तो आपका वो पैसा भी फॉरफिट हो
- 3:15:45जाएगा। ठीक है सर। अब आपका है कि कम से कम
- 3:15:49मिनिमम अलॉटीज जितने नाम सामने वाले नंबर
- 3:15:51ऑफ पर्सन जो अलॉट कर रहे हैं तो मिनिमम
- 3:15:53अपन ने बता दिया 90% सब्सक्राइब हो जाना
- 3:15:55चाहिए। पर अलॉटस पे भी कंडीशन दे दी कि कम
- 3:15:57से कम कम से कम 1000 अलॉटीस तो होने ही
- 3:16:01चाहिए। अगर 1000 से कम अलॉटज़ हुए 1000 से
- 3:16:03कम अलॉट हुई जिनको अपन अलॉट कर रहे हैं
- 3:16:05शायद तो भी आपका आईपीओ फेल हो जाएगा तो भी
- 3:16:06आपका आईपीओ फेल हो जाएगा और जो अपन दे रहे
- 3:16:10हैं आईपीओ जैसे आईपीओ था 100 करोड़ का
- 3:16:12आईपीओ था 100 करोड़ का तो क्या अपन ओवर
- 3:16:14सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं क्या ओवर
- 3:16:16सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं क्या ज्यादा में
- 3:16:18ले सकते हैं क्या तो
- 3:16:21जनरली जितना अपन ने ऑफर डॉक्यूमेंट में
- 3:16:23बताया ना ऑफर डॉक्यूमेंट उससे ज्यादा
- 3:16:24क्वांटिटी अपन इशू कभी भी नहीं कर सकते
- 3:16:26हैं बट हां उससे ज्यादा भी हम कभी भी
- 3:16:27क्वांटिटी अलॉट नहीं कर सकते सब्सक्रिप्शन
- 3:16:29तो ले सकते हैं एक बार पर अलॉट नहीं कर
- 3:16:31सकते हैं। ठीक है ना? 100 करोड़ का बोला
- 3:16:32अपन ने सेबी को कि हम 100 करोड़ का इशू
- 3:16:34करेंगे तो सब्सक्रिप्शन तो ओवर
- 3:16:35सब्सक्रिप्शन बहुत होता है। उसमें दिक्कत
- 3:16:36नहीं है। पर अलॉट ज्यादा को कर सकते हो।
- 3:16:38नहीं अलॉट नहीं कर सकते। बट हां राउंड ऑफ
- 3:16:39के एक ही एक्सेप्शन है। राउंड ऑफ के चक्कर
- 3:16:41में 1% का राउंड ऑफ कर सकते हो। 1% में
- 3:16:44ऊपर नीचे कर सकते हो। दिक्कत नहीं है।
- 3:16:45मतलब एक्स्ट्रा भी अलॉट कर सकते हो। ओवर
- 3:16:47अलॉटमेंट चलेगा। ठीक है ना? कि मिनिमम लोट
- 3:16:50चाहिए होता है कि मिनिमम लोट ₹15,000 का
- 3:16:52है। अपने पास ₹14,000 ही पड़े हुए हैं।
- 3:16:54मतलब ₹14,000 का ही अपन अलॉट कर पा रहे
- 3:16:56हैं। तो 1% घुमा लो और ₹1,000 का लोट पूरा
- 3:16:59कर लो। मतलब 1% तक राउंड ऑफ मतलब चल सकता
- 3:17:00है। केवल राउंड ऑफ के लिए अपन ओवर
- 3:17:02अलॉटमेंट कर सकते हैं।
- 3:17:07इसमें मैं ज्यादा नहीं जाऊंगा। प्रोपोर्शन
- 3:17:09वगैरह में इसमें ज्यादा नहीं जाऊंगा। इतना
- 3:17:10देखो कि किसको कितना अमाउंट जनरली आपको
- 3:17:12अलॉट करना पड़ता है। तो भाई रिटेल
- 3:17:15इन्वेस्टर है उनको 2 लाख तो आपको देना ही
- 3:17:17देना पड़ेगा। एंप्लाइजज़ को आपको 5 लाख का
- 3:17:19अलॉटमेंट करना ही करना पड़ेगा। रिटेल
- 3:17:22इन्वेस्टर है उनको कैप आपको दी हुई है ₹
- 3:17:24लाख की। जो एलिजिबल इन्वेस्टर है उनका 5
- 3:17:27लाख का इतना अलॉट करना पड़ेगा। और जो बाकी
- 3:17:29के जो इन्वेस्टर हैं इसके अलावा जितने भी
- 3:17:30जैसे क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशन बायर वगैरह
- 3:17:32कुछ होते हैं उनको प्रपोर्शननेट बेसिस पे
- 3:17:34देना पड़ेगा। उनको प्रपोर्शननेट बेसिस पे
- 3:17:36देना पड़ेगा। ठीक है? तो जो क्वालिफाइड
- 3:17:39इंस्टिट्यूशन बायर हैं उनको अब मान लो
- 3:17:41प्रपोर्शननेट बेसिस पे देना है। अब बस
- 3:17:42लिमिट याद कर लो। बस उस पे आप इतना दिमाग
- 3:17:44मत लगाओ। पागल हो जाओगे। मैं इतना समझाना
- 3:17:46चाहूंगा। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन बायर को
- 3:17:48प्रोपोर्शन बेसिस पे अलॉट करना पड़ेगा कि
- 3:17:49जब ओवर ओवर सब्सक्राइब हो जाती है चीज़।
- 3:17:51बहुत सारी चीज़ ना अलो। तो अब किस-किस को
- 3:17:53कितना-कित अपन को अलॉट करना है। ओवर
- 3:17:54सब्सक्रिप्शन हो गया ना सीधी बात है। अपन
- 3:17:56अपन को ₹100 देने 150 लोगों ने अप्लाई कर
- 3:17:58दिया ₹150 के लिए मतलब 150 शेयर्स के लिए
- 3:18:00नहीं कर सकते। तो जो क्वालिफाइड
- 3:18:02इंस्टिट्यूशन बाय उनको प्रोपोर्शन बेसिस
- 3:18:04पे रिटेल इन्वेस्टर को 2 लाख 2 लाख
- 3:18:06एलिजिबल एंप्लई को 5 लाख बस इतना याद है
- 3:18:08रख लो
- 3:18:12और रिटेल इन्वेस्टर और जो नॉन
- 3:18:14इंस्टीट्यूशन इन्वेस्टर है उनको एटलीस्ट
- 3:18:17एक मिनिमम बड लोड तो देना ही पड़ेगा। अगर
- 3:18:19अवेलेबल है तो अवेलेबल है तो कि लेट्स से
- 3:18:2210 मिनिमम बहुत सारे लोगों ने आईपीओ लगा
- 3:18:24लिया दिक्कत नहीं पड़ेगी। 10 लोगों ने
- 3:18:26अलॉटमेंट के लिए एप्लीकेशन दी। पांच इस
- 3:18:28बंदे ने दी। मतलब 10 पर्सन ने 10 पर्सन
- 3:18:31थे। उसमें से पांच एप्लीकेशन इसने दी। चार
- 3:18:33एप्लीकेशन इसने दी। छह एप्लीकेशन इसने दी।
- 3:18:35छह एप्लीकेशन एक ही जना 10-10 एप्लीकेशन
- 3:18:36लगा रहा है। 10-10 लॉट की एप्लीकेशन लगा
- 3:18:38रहा है। पांच लॉट की एप्लीकेशन लगाई, इसने
- 3:18:40चार लॉट की एप्लीकेशन इसने छह लो की
- 3:18:41एप्लीकेशन लगाई। इसने चार लॉट की
- 3:18:42एप्लीकेशन लगाई। तो ऐसा बोला कि 10% नहीं
- 3:18:44लगा लगे ना। एक काम करो, एक-एक दे दो
- 3:18:47इनको। जब तक आपके पास अवेलेबल है, सबसे
- 3:18:48पहले एक-एक एक-एक सबको दे दो। जब तक आपके
- 3:18:50पास अवेलेबल है, तब तक एक-एक एक-एक इसको
- 3:18:52दे दो। माना, एक-एक देते हुए इन तीनों को
- 3:18:54एक-एक दिया, उसमें ही खत्म हो गया। इसको
- 3:18:55एक भी नहीं मिला। ठीक है? नहीं मिला, तो
- 3:18:56नहीं मिला। हमने पहले इनको एक-एक एक-एक दे
- 3:18:58दिया। पर, एक-एक एक-एक दे दिया अपने। उसके
- 3:19:00बाद अब लोगों ने ज्यादा ज्यादा एप्लीकेशन
- 3:19:02लगाई। अपन एक-एक लोड पहले सबको दे दो।
- 3:19:04एक-एक लोड सबको दे दो जब तक अपने पास
- 3:19:05अवेलेबल है। फिर जो ज्यादा लोड की
- 3:19:07एप्लीकेशन लगाई ना इसने पांच लगाई, इसने
- 3:19:08चार लगाई, इसने छह लगाया तो एक्स्ट्रा लोड
- 3:19:10जो है ना उसको प्रपोर्शन बेसिस पे दे
- 3:19:11देना। उसको प्रपोर्शन बेसिस पे दे देना।
- 3:19:14बहुत कुछ चीजें हैं। अब मैं समझाना चाहूं
- 3:19:16तो बहुत चीज़ समझ जाओगे। बस आप समझते जाओ।
- 3:19:17अच्छे से जितना हो जाए अच्छी बात है। बाकी
- 3:19:19कुछ नहीं। अब वही है कि अगर आपका आईपीओ या
- 3:19:22तो फेल हो गया या फिर जिन लोगों ने एक्सेस
- 3:19:24पैसा दिया था या तो आपका आईपीओ फेल हो गया
- 3:19:25या जिन लोगों ने एक्सेस पैसा दिया था उनको
- 3:19:27रिफंड मिलेगा उनको रिफंड मिलेगा और बाकी
- 3:19:29लोगों को सिक्योरिटीज अलॉट होगी तो ईश्वर
- 3:19:31और लीड मैनेजर देखेंगे कि सिक्योरिटी सबको
- 3:19:33अलॉट हो गई और अगर जिनको एप्लीकेशन मनी
- 3:19:35रिफंड करनी थी उनको एप्लीकेशन मनी रिफंड
- 3:19:37हो गई है।
- 3:19:45ठीक है? और अगर रिफंड टाइम पे नहीं करा तो
- 3:19:48क्या होगा सर? रिफंड टाइम पे नहीं करा दो
- 3:19:49तो भाई 15% इंटरेस्ट के साथ उसको पैसा
- 3:19:52देना पड़ेगा और रिफंड के लिए अपन ने पढ़
- 3:19:53ही लिया था सर कहां पढ़ा था अपन ने कि अगर
- 3:19:55अलॉटमेंट फेल हो गया कुछ भी हुआ तो 12
- 3:19:57महीने के अंदर-अंदर आपको रिफंड करना
- 3:19:59पड़ेगा पैसा 12 महीने के अंदर-अंदर रिफंड
- 3:20:01करना पड़ेगा आपको पैसा और यहां पर 4 दिन
- 3:20:04था कहां गया आपका 4 दिन 4 दिन ये रहा कि
- 3:20:07मिनिमम सब्सक्रिप्शन अगर नहीं पूरा हुआ तो
- 3:20:094 दिन के अंदर करना पड़ेगा आपको
- 3:20:12ठीक है
- 3:20:16अच्छा ये 12 मिनट तो अलग है सॉरी ये तो
- 3:20:18होता था कि पैसा मंगाने का टाइम लाइन था।
- 3:20:19हां बाकी 4 दिन वाला टाइम लाइन था अपना
- 3:20:21रिफंड को करने का। 4 दिन के अंदर आपको
- 3:20:23रिफंड करना ही पड़ेगा। 4 दिन में अगर आपने
- 3:20:24रिफंड नहीं करा कि आईपीओ क्लोज हुआ उसके
- 3:20:26चार दिन में आपने रिफंड नहीं करा तो आपको
- 3:20:2715% इंटरेस्ट देना पड़ेगा। तो यहां पे तुम
- 3:20:29चाहो तो लिख देना कि 4 दिन के अंदर आपको
- 3:20:31रिफंड करना ही पड़ेगा। ऊपर जो अपन ने पढ़ा
- 3:20:32था डेडलाइन
- 3:20:36पोस्ट इशू एडवर्टाइजमेंट कुछ नहीं एक
- 3:20:38डेडलाइन देख लो। कुछ अगर गलती से आ जाए तो
- 3:20:39कुल मिला के ठीक है कि जब इशू हो गया अपना
- 3:20:41इशू खत्म हो गया उसके बाद पोस्ट इशू
- 3:20:43एडवर्टाइजमेंट करना पड़ेगा। कुल मिला के
- 3:20:44एक इंग्लिश न्यूज़पेपर एक हिंदी
- 3:20:45न्यूज़पेपर एक रीजनल न्यूज़पेपर कि हमारा
- 3:20:46आईपीओ खत्म हो गया। इतना सब्सक्रिप्शन
- 3:20:48लिया। इतना लोगों को हमने अलॉट करा,
- 3:20:49किस-किस बेसिस पे करा, इतने लोगों को
- 3:20:51रिफंड करा ये सब करा। तो कुल मिला के 10
- 3:20:52दिन के अंदर आपको जैसे ही अपनी एक्टिविटीज
- 3:20:54का सारी खत्म होगी उसके 10 दिन में आपको
- 3:20:55एडवर्टाइजमेंट रिकॉर्ड करना है पोस्ट इशू।
- 3:20:57इशू कंप्लीट होने के बाद फिर रिलीज़ ऑफ
- 3:20:59सब्सक्रिप्शन मनी ये वही अच्छा यहां पे
- 3:21:01दिया हुआ है। ये रिफंड करनी है 4 दिन के
- 3:21:02अंदर कि जिनजिन को भी आईपीओ अलोड नहीं
- 3:21:04होता शेयर उनको 4 दिन के अंदर रिफंड करना
- 3:21:06होता है। सिंपल सी बात है। तो वही है। 15
- 3:21:08अदरवाइज नहीं हुआ तो 15% इंटरेस्ट के साथ
- 3:21:10आपको पैसा वापस देना पड़ेगा।
- 3:21:14रिपोर्टिंग बाय प्रमोटर प्रमोटर ग्रुप अरे
- 3:21:15यार फालतू चीजें हैं। एनी ट्रांजक्शन इन द
- 3:21:17सिक्योरिटी बिटवीन प्रमोटर एंड प्रमोटर
- 3:21:19ग्रुप प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के बीच
- 3:21:20में कोई भी ट्रांजैक्शन हुई है
- 3:21:21सिक्योरिटीज की। प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप
- 3:21:23के बीच में कोई भी ट्रांजैक्शन हुई है
- 3:21:25सिक्योरिटीज कब?
- 3:21:28जब अपन ने सेबी को वो फाइनल नहीं करा था।
- 3:21:30ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट तुमको पता है। ऊपर
- 3:21:32अपन ने करा था। सेबी को जो ड्राफ्ट ऑफर
- 3:21:33डॉक्यूमेंट दिया था अपन ने फर्स्ट ही
- 3:21:35फर्स्ट बार में ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट जो
- 3:21:36मैंने चार्ट बनाया था उसके अंदर वो जब से
- 3:21:38फाइनल ऑफर क्लोज़र ना हो जाए। इशू इशू
- 3:21:41क्लोज ना हो जाए कि भाई अब इशू क्लोज कर
- 3:21:43लो इन दोनों के बीच में इन दोनों के बीच
- 3:21:46में अगर कोई भी ट्रांजैक्शन हुआ है
- 3:21:49प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप के बीच में
- 3:21:53प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप के बीच में कोई
- 3:21:55भी इन्होंने शेयर लिए दिए हैं कोई भी किसी
- 3:21:56को कुछ दे दिया तो वो ना आपको जैसे ही
- 3:21:59प्रमोटर प्रमोटर ग्रुप के बीच में कोई
- 3:22:00ट्रांजैक्शन हुआ है विथ इन 24 आवर्स विथ
- 3:22:03इन 24 आवर्स आपको स्टॉक एक्सचेंज को बताना
- 3:22:06पड़ेगा विथ इन 24 आवर्स आपको स्टॉक
- 3:22:07एक्सचेंज को बताना पड़ेगा
- 3:22:10एक और ये वाला एक तो ये कट कर देना ये
- 3:22:12सेबी ने हटा दिया तुम्हारी बुक में होगी
- 3:22:14इसको एक तो हटा देना और एक एक और
- 3:22:15रिपोर्टिंग रिक्वायरमेंट डाल दी देखो
- 3:22:16नॉर्मल सी कुछ नहीं कि भाई कभी कबभार क्या
- 3:22:18होता है जैसे यहां पर आपने अपना ड्राफ्ट
- 3:22:20ऑफर डॉक्यूमेंट इशू कर दिया यहां पे नहीं
- 3:22:22होता ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट हमने अपना
- 3:22:23इशू करा डीओडी ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट
- 3:22:25ड्राफ्ट प्रोस्पेक्टस वगैरह कुछ भी बोल दो
- 3:22:27ठीक है और आपका आईपीओ लगभग लगभग यहां पर
- 3:22:29इशू होने वाला है आपका आईपीओ यहां पर इशू
- 3:22:30होने वाला है ठीक है पर उसके पहले आपने
- 3:22:32क्या करा आपके ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट में
- 3:22:35ऑलरेडी लिख दिया था आपने वहां पे लिख के
- 3:22:36दिया था कि भाई इस आईपीओ को इशू होने के
- 3:22:39पहले इस आईपीओ के पहले हम यहां पर एक
- 3:22:42प्राइवेट प्लेसमेंट टाइप कुछ करेंगे। मतलब
- 3:22:44प्रीप्लेसमेंट उसको बोलते हैं प्री आईपीओ
- 3:22:46प्लेसमेंट। कि जब हम आईपीओ इशू करेंगे ना
- 3:22:48उसके पहले हम कुछ शेयर्स होंगे जो किसी को
- 3:22:50प्राइवेट प्लेसमेंट में देंगे। कुछ
- 3:22:52स्पेसिफिक लोगों को देंगे। और ये चीज़ आपने
- 3:22:54ड्राफ्ट ऑफ अ डॉक्यूमेंट में पहले ही लिख
- 3:22:56दी थी। तो कोई भी अगर प्रीआईपीओ प्लेसमेंट
- 3:22:58आपकी हो रही है जो आपने ड्राफ्ट ऑफ अ
- 3:23:00डॉक्यूमेंट में पहले ही लिख दी थी। तो जब
- 3:23:02भी वह ट्रांजैक्शन आपका हो जाए जब भी वह
- 3:23:04आपका ट्रांजैक्शन हो जाए। यहां पर हुई
- 3:23:06आपकी प्रीआईपीओ प्लेसमेंट। जिसको अपन
- 3:23:07बोलते हैं प्री आईपीओ प्लेसमेंट। इस जगह
- 3:23:11आपकी प्री आईपीओ प्लेसमेंट हुई तो जैसे ही
- 3:23:13आपकी प्री आईपीओ प्लेसमेंट हुई उसके 24
- 3:23:16आवर्स के अंदर-अंदर उसके 24 आवर्स के
- 3:23:18अंदर-अंदर आप स्टॉक एक्सचेंज को बता देना।
- 3:23:20रिपोर्ट टू स्टॉक एक्सचेंज विथ इन 24
- 3:23:23आवर्स ऑफ़ सच प्री आईपीओ ट्रांजैक्शन कि जो
- 3:23:25भी आपका प्री आईपीओ का ट्रांजैक्शन हुआ है
- 3:23:27उसके 24 घंटे के अंदर-अंदर आप स्टॉक
- 3:23:28एक्सचेंज को बता देना कि हां भाई ये वाला
- 3:23:30प्री आईपीओ ट्रांजैक्शन हमने करा है। अब
- 3:23:32हो सकता है कि यहां पर आपने ड्राफ्ट ऑफ अ
- 3:23:33डॉक्यूमेंट में लिखा हो कि भाई हम टोटल 5
- 3:23:36लाख शेयर देंगे प्री आईपीओ में। प्री प्री
- 3:23:38आईपीओ में टोटल 5 लाख शेयर देंगे। पर यहां
- 3:23:40पे आपने 2 लाख ही दिए। 2 लाख ही दिए मतलब
- 3:23:42पार्शियल पार्शियल शेयर ही दिए। 2 लाख
- 3:23:44शेयर ही दिए तो भी आपको बताना पड़ेगा। तो
- 3:23:46भी आपको 24 घंटे के अंदर-अंदर सेबी को
- 3:23:48बताना पड़ेगा। ठीक है? तो चाहे वो कंप्लीट
- 3:23:50ट्रांजैक्शन हो या पार्ट सेल हो। दोनों
- 3:23:51केस में आपको 24 घंटे में बताना पड़ेगा।
- 3:24:00अब इसके अंदर क्या-क्या काम का है?
- 3:24:02मिसलेनियस में ग्रीनश ऑप्शन तो बहुत काम
- 3:24:04का है। इसको तुमको अच्छे से समझाना
- 3:24:05पड़ेगा। इसमें रुको। ये वाला कौन सी चीज
- 3:24:07है सर? रेस्ट्रिक्शन और फर्दर इशू ऑफ़
- 3:24:09कैपिटल। हां जी सर। तो भाई यह देखो।
- 3:24:12जब भी आपके
- 3:24:15कहां बनाऊं? यहां बना लेते हैं।
- 3:24:18यहां बनाता हूं क्योंकि मुझे ऊपर जगह
- 3:24:20चाहिए होगी।
- 3:24:22जहां भी आपका फ्रॉम फ्रॉम कहां से है? डेट
- 3:24:26ऑफ फाइलिंग ऑफ ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट। जब
- 3:24:28भी अपन ने ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट दिया
- 3:24:30है। ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट दिया है। और
- 3:24:33जब तक आपकी फाइनल लिस्टिंग ना हो जाए। जब
- 3:24:36तक आपके फाइनल शेयर की लिस्टिंग ना हो जाए
- 3:24:38या फिर आपको मतलब लिस्ट नहीं हुआ। आईपीओ
- 3:24:40फेल हो गया तो रिफंड करना पड़ेगा या फिर
- 3:24:42पैसा रिफंड करना पड़ेगा। सीधी बात है।
- 3:24:43मतलब प्रोसेस खत्म ना हो जाए। तो आपका
- 3:24:45आईपीओ लिस्ट हो गया या फिर पैसा रिफंड
- 3:24:47करना पड़ेगा। तो जब आपने फर्स्ट बार
- 3:24:48ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट सेबी को फाइल करा
- 3:24:50था तब से लेकर जब तक आपके शेयर्स लिस्ट ना
- 3:24:53हो जाए, रिफंड ना हो जाए उसके बीच में
- 3:24:55उसके बीच में आप कोई भी नया वाला फर्दर
- 3:24:58पब्लिक ऑफर नहीं लाओगे। मतलब वो सिंपल चीज
- 3:25:01ये बोल रहा है कि पहले जो अभी आपका एक बार
- 3:25:02का पहले आईपीओ है उसको लिस्ट होने दो।
- 3:25:05मतलब अभी जो एक बार आपने पहले का जो
- 3:25:06एकिस्टिंग आईपीओ जो तुम लाने की कोशिश कर
- 3:25:08रहे हो एक बार पहले उसको लिस्ट होने दो या
- 3:25:10उसको पहले पूरा प्रोसेस खत्म होने दो।
- 3:25:12उसके बाद ही तुम फर्दर आईपीओ लाना। तुमको
- 3:25:14और पैसा चाहिए कोई और शेयर्स इशू करने तो
- 3:25:16अभी तुम बीच में कोई भी और पैसा और शेयर्स
- 3:25:18इशू नहीं कर सकते हो। कोई भी और शेयर इशू
- 3:25:20नहीं कर सकते। तुम्हारी एक एप्लीकेशन पहले
- 3:25:21से पेंडिंग है शेयर्स इशू करने की। एक
- 3:25:23एप्लीकेशन पहले से पेंडिंग है शेयर्स इशू
- 3:25:25करने की। पहले एक बार वो खत्म होने दो
- 3:25:27उसके बाद ही तुम इशू कर सकते हो। तो ये
- 3:25:28बोल रहा है नॉट मेक फर्दर आईपीओ ड्यूरिंग
- 3:25:30द प्री डेट ऑफ़ फाइलिंग ड्राफ्ट ऑफर टिल
- 3:25:32डेट ऑफ लिस्टिंग ऑफ़ सिक्योरिटी और रिफंड
- 3:25:33ऑफ़ एप्लीकेशन। पर वो ये आप कर सकते हो।
- 3:25:36कुछ एक्सेप्शन दिए हैं। एक्सेप्शन क्या
- 3:25:38दिए है सर? आपने पहले से ये जो ड्राफ्ट
- 3:25:40ऑफर डॉक्यूमेंट था ना जो सेबी को फाइल करा
- 3:25:42था। इस ड्राफ्ट ऑफ अ डॉक्यूमेंट में पहले
- 3:25:44ही बोल दिया था। इस ड्राफ्ट ऑफ अ
- 3:25:45डॉक्यूमेंट में पहले ही बोल दिया था कि
- 3:25:46देखो सर इस पीरियड के बीच में मैं एक
- 3:25:48एफपीओ और निकालूंगा। इस पीरियड के बीच में
- 3:25:51एक एफपीओ और निकालूंगा और उसमें आपने बता
- 3:25:52दिया कि मैं टोटल नंबर ऑफ़ सिक्योरिटीज़ एंड
- 3:25:54अमाउंट टोटल नंबर ऑफ़ सिक्योरिटीज़ एंड
- 3:25:56अमाउंट में इतने का एफपीओ एक और लाना
- 3:25:58चाहूंगा। तो अगर आपने पहले ड्राफ्ट ऑफ़
- 3:26:00डॉक्यूमेंट में लिखा हुआ है तो फिर ठीक
- 3:26:01है। तो वही फुल डिस्क्लोज़र अगर आपने
- 3:26:03ड्राफ्ट ऑफ़ डॉक्यूमेंट में दिया हुआ है
- 3:26:04रिगार्डिंग नंबर ऑफ़ सिक्योरिटीज़ प्रपोज
- 3:26:06एंड अमाउंट प्रपोज तो आप इशू कर सकते हो।
- 3:26:08फिर ठीक है। फिर आप एफपीओ ला सकते हो।
- 3:26:12ठीक है? बाकी लास्ट ग्रीन शू ऑप्शन। ग्रीन
- 3:26:15ग्रीन शो ऑप्शन। ग्रीन शो ऑप्शन। चलो इसको
- 3:26:17मैं बताता हूं तुमको। ग्रीन शो ऑप्शन क्या
- 3:26:19होता है?
- 3:26:20सिर्फ देखो ग्रीन शो ऑप्शन होता क्या है?
- 3:26:22ये करते क्यों है? ये एक तरह से मानो
- 3:26:25प्राइस को स्टेबलाइजेशन करने के लिए करते
- 3:26:27हैं। ग्रीन शो ऑप्शन। होता क्या है? जब
- 3:26:29बहुत सारे लोग आ जाते हैं ना कि लेट्स से
- 3:26:31जो भी आईपीओ आते हैं जैसे आजकल आईपीओ तो
- 3:26:33तुमको पता ही है कि जो भी आईपीओ आते हैं
- 3:26:34बहुत सी बड़ी-बड़ी कंपनी का अगर कोई आईपीओ
- 3:26:36आ रहा है तो वो बहुत ज्यादा ओवर
- 3:26:38सब्सक्राइब हो जाते हैं बहुत ज्यादा कि
- 3:26:39लोगों को मतलब अपन इशू अपन देना चाहते हैं
- 3:26:41100 लोगों को एप्लीकेशन दे देते हैं 1000
- 3:26:44लोग 2000 लोग 10 लोग एप्लीकेशन दे दे तो
- 3:26:46जैसी सिंपल सी चीज है किसी भी चीज की
- 3:26:48क्वांटिटी कम है अपने पास कोई देने के लिए
- 3:26:50कोई चीज कम है पर डिमांड ज्यादा है सिंपल
- 3:26:52सी चीज है ना डिमांड ज्यादा है डिमांड
- 3:26:54ज्यादा है तो उसकी प्रीमियम प्राइस बढ़
- 3:26:56जाती है फिर प्राइस शेयर की बहुत ज्यादा
- 3:26:57हो जाती है बहुत ज्यादा हो जाती है और
- 3:26:59कंपनी को भी पता है यह एक इनफ्लेशनरी
- 3:27:01प्राइस है। ये एक इनफ्लेशनरी प्राइस है जो
- 3:27:03कुछ टाइम तक रहने वाली है। एक बार तो बहुत
- 3:27:05ज्यादा प्राइस है। धीरे-धीरे प्राइस घटती
- 3:27:06है। धीरे-धीरे प्राइस गिरने लग जाएगी। फिर
- 3:27:08धीरे-धीरे प्राइस गिरने लग जाएगी। एक बार
- 3:27:10तो आईपीओ लेट्स से कि ₹200 कंपनी ने आईपीओ
- 3:27:12का रखा। वो आईपीओ रुपया डायरेक्ट लिस्ट
- 3:27:14होता है। एक बार ₹1000 के अंदर भाई
- 3:27:15डायरेक्ट। कंपनी को भी पता है धीरे-धीरे
- 3:27:17गिरेगी। 800 500 6 800 500 400 तक
- 3:27:20पहुंचेगी प्राइस। तो कंपनी को पता है यार
- 3:27:22धीरे-धीरे प्राइस गिरेगी। उससे हमको ही
- 3:27:23नुकसान है। हमको ही नुकसान है। तो बेटर है
- 3:27:26हम ही पहले प्राइस को स्टेबल कर दें। हम
- 3:27:27ही पहले ही प्राइस को स्टेबल कर देते। तो
- 3:27:29प्राइस को कैसे स्टेबल करते हैं? तो कुछ
- 3:27:31जो लोग होते हैं ना जिनको आदत होती है कि
- 3:27:33नहीं सर हमको तो चाहिए ही चाहिए। जिद्दी
- 3:27:35लोग बहुत पीछे पड़े हैं। उनको पता है इतने
- 3:27:37शेयर्स ही नहीं है। नहीं चाहिए ही चाहिए।
- 3:27:38सब्सक्रिप्शन देते रहते हैं। देते रहते
- 3:27:40हैं देते रहते। अपन भी देते ही हैं ना ओवर
- 3:27:41सब्सक्राइब होने के बाद। तो इसके लिए क्या
- 3:27:44होता है? कंपनी एक स्टेबलाइजेशन एजेंट
- 3:27:47अपॉइंट करती है। कंपनी एक स्टेबलाइजेशन
- 3:27:49एजेंट अपॉइंट करती है।
- 3:27:51देखो अब इसके अंदर क्या होता है? इसके
- 3:27:54अंदर मैं Reliance का एग्जांपल Reliance
- 3:27:57मान लो अनलिस्टेड है। मैं इसे Reliance का
- 3:27:58एग्जांपल ले रहा हूं। अभी मेरे को और कुछ
- 3:27:59नहीं आ रहा दिमाग में। तो क्या ही है?
- 3:28:01Reliance है। Reliance अनलिस्टेड है। मान
- 3:28:02लो Reliance अनलिस्टेड है। Reliance अपना
- 3:28:04आईपीओ ला रही है। Reliance अपना आईपीओ ला
- 3:28:05रही है। अब देने के लिए बहुत कम देने के
- 3:28:07लिए शेयर्स बहुत कम है। लेने के लिए ब्लॉक
- 3:28:09बहुत ज्यादा है। लेने के लिए ब्लॉक बहुत
- 3:28:10ज्यादा है। ज्यादा लोग ये आ गए। ज्यादा
- 3:28:14लोग ज्यादा लोग जिद्दी लोग। जिद्दी लोग कि
- 3:28:19ये जिद्दी कर रही है कि हमको तो चाहिए ही
- 3:28:20चाहिए। जिद्दी ऐसे ही लिखते हैं ना जो भी
- 3:28:22जिद्दी लोग ज्यादा लोग जिद्दी लोग हमको तो
- 3:28:24चाहिए ही चाहिए ये एप्लीकेशन देते जा रहे
- 3:28:26हैं Reliance को हमको शेयर दो हमको शेयर
- 3:28:27दो हमको शेयर दो हमको शेयर दो बहुत सारी
- 3:28:28एप्लीकेशन लगा दी बहुत सारी लोड के लिए
- 3:28:30लगा दी ठीक है और बहुत सारी एप्लीकेशन लगा
- 3:28:31दी तब होता क्या है पोस्ट इशू इशू कंप्लीट
- 3:28:35होने के बाद हुआ ये सारा प्रोसेस क्या
- 3:28:36होता है इशू कंप्लीट होने के बाद होता है
- 3:28:38कंपनी चाहे तो कर सकती है नहीं चाहे तो
- 3:28:40नहीं करें कंपलसरी नहीं ऑप्शनल है अब
- 3:28:43जिनका क्या हो गया जिन लोगों का इशू
- 3:28:45कंप्लीट हो गया पोस्ट इशू चल रहा है सारा
- 3:28:46काम इशू कंप्लीट होने के बाद तो अब कंपनी
- 3:28:48के वो प्रमोटर कंपनी के जो प्रमोटर है
- 3:28:51कंपनी के जो प्रमोटर हैं उसमें भी
- 3:28:54स्पेसिफिक बड़े वाले प्रमोटर जिनके पास
- 3:28:56कंपनी की 5% से भी ज्यादा 5% या फाइव से
- 3:28:59भी ज्यादा है ये ग्रेटर दैन 5% ग्रेटर दैन
- 3:29:035% जिनके पास ग्रेटर दैन 5% है ग्रेटर दैन
- 3:29:095% शेयर्स हैं कंपनी के तो वो प्रमोटर
- 3:29:11हैं। ठीक है? उनके पास शेयर्स हैं। तो अब
- 3:29:13कंपनी क्या करती है? एक स्टेबलाइजेशन
- 3:29:15एजेंट अपॉइंट करती है। एक क्या बोलते हैं
- 3:29:17उसको? स्टेबलाइजेशन एजेंट एस ए
- 3:29:19स्टेबलाइजेशन एजेंट अप करता है मतलब एक
- 3:29:21तरह का एजेंट है कुछ नहीं सारी
- 3:29:22फॉर्मेलिटीज करता है सारे काम करता है यही
- 3:29:24करेगा पूरी प्रोसेस यह करेगा कुल मिला के
- 3:29:26ठीक है तो अब ये क्या करता है पता है ये
- 3:29:29बोलता है मेरे को ना मतलब मैक्सिमम अलाउड
- 3:29:32है कि आप मेरे को ना आपके शेयर्स उधार पे
- 3:29:34दे दो ना आप मेरे को अपने शेयर्स उधार पे
- 3:29:37दे दो ना मतलब यह शेयर्स को बोरो कर लेता
- 3:29:39है इनके मैक्सिमम कितने परसेंट शेयर
- 3:29:42मैक्सिमम 15% शेयर्स ये उनके उधार पे ले
- 3:29:44सकता है मैक्सिमम 15% शेयर्स ही उनके उधार
- 3:29:47ले सकता है। मैक्सिमम 15% शेयर से उधार पे
- 3:29:50ले सकता। कंपनी प्रमोटर है। स्टेबलाइजेशन
- 3:29:52एजेंट है। ठीक है? और यह इन ज्यादा लोगों
- 3:29:54को अपन को कुल मिला के और शेयर्स देने
- 3:29:55हैं। अब अपने अपना काम है कि इन ज्यादा
- 3:29:56लोगों को एक बार शेयर्स दे दो ताकि ये मान
- 3:29:58जाए, शांत हो जाए तो शेयर की प्राइस एक
- 3:30:00बार थोड़ी स्टेबल हो जाए। तो Reliance और
- 3:30:02प्रमोटर है। Reliance प्रमोटर
- 3:30:03स्टेबलाइजेशन एजेंट। तो प्रमोटर्स इनके
- 3:30:05पास 5% से ज्यादा शेयर्स हैं। तो ये
- 3:30:07स्टेबलाइजेशन एजेंट बोल रहा है कि एक काम
- 3:30:08करो आप मुझे आपके 15% उधार पे दे दोगे
- 3:30:10क्या? बोरो करके दे दोगे क्या? उधार पे
- 3:30:12मतलब मेरे को बोरो करने मेरे को बोरो करने
- 3:30:16उधार पे दे दो ठीक है तो यह बंदा इधर से
- 3:30:19इनको उधार पे लेता है और वो इनको सेल कर
- 3:30:23देता है इनको सेल कर देता है भाई इनको सेल
- 3:30:27कर देता है इनसे उधार पे लिए और इनको सेल
- 3:30:31कर दिए इनको सेल कर दिया
- 3:30:34समझे तो जैसे ही इन लोगों के पास शेयर
- 3:30:37पहुंचे सब शांत सब शांत एक बार होता है ना
- 3:30:40कि कोई चीज मिल गई तो अब सब शांत हो जाते
- 3:30:41हैं जनरली होता भी है। सब शांत हो गए। अब
- 3:30:43एप्लीकेशन लगाना छोड़ दी। प्राइस स्टेबल
- 3:30:45हो जाएगी। जैसे इनको मिल गया शेयर्स अब
- 3:30:47आधे से ज्यादा तो बेचने लग जाएंगे कि हां
- 3:30:48भाई ज्यादा पे मिला थोड़ा कम पे बेच थोड़ा
- 3:30:50और ज्यादा पे बेचे जो भी कि बेचने वाली
- 3:30:52प्रोसेस शुरू हो जाती है। बेचने वाली
- 3:30:53प्रोसेस शुरू हो जाती है। तो हालांकि इनको
- 3:30:55जब सेल करता है तो ये पैसा जो होता है ना
- 3:30:57ये जो भी पैसा देंगे जो भी पैसा देंगे वो
- 3:30:59किस बैंक अकाउंट में जमा होता है? एक
- 3:31:00सेपरेट बैंक अकाउंट में जमा होता है। कुल
- 3:31:02मिला के मैं बाद में नाम वाम बता दूंगा।
- 3:31:03एक सेपरेट बैंक अकाउंट में वो पैसा जमा कर
- 3:31:05देता है कि इसने इनको बेचा तो ये पैसा
- 3:31:06आया। इनसे पैसा आया होगा ना तो वो सेपरेट
- 3:31:08बैंक अकाउंट में पैसा जमा होता था। अब बाद
- 3:31:10में यह कुछ दिनों बाद अब चीजें नॉर्मल
- 3:31:14होना शुरू हो जाती है। तब लोग अपना शेयर्स
- 3:31:16बेचना शुरू हो जाते हैं। सब कुछ बेचना
- 3:31:17शुरू हो जाता है। तो भाई जैसे ही अब लोगों
- 3:31:19ने शेयर्स बेचना शुरू हुआ यह वापस से जो
- 3:31:21सेपरेट बैंक अकाउंट में पैसा पड़ा है ना
- 3:31:22उससे निकाल के वापस से इनसे शेयर्स लेगा।
- 3:31:25वापस से इनसे शेयर्स परचेस करेगा।
- 3:31:29अरे जिससे भी इनसे या फिर जो भी मार्केट
- 3:31:31में जहां से भी शेयर मिल अब कुछ दिनों बाद
- 3:31:32तो सेकेंडरी मार्केट में शेयर्स मिलना
- 3:31:33शुरू हो जाते हैं ना। सेकेंडरी मार्केट
- 3:31:35में zerod पे शेयर्स मिलना शुरू हो जाते
- 3:31:37हैं एक तरह से तो वापस से परचेस करेगा इस
- 3:31:38सेपरेट बैंक अकाउंट में पैसे पड़े उसे
- 3:31:40परचेस करेगा
- 3:31:42और वापस से प्रमोटर को लौटा देगा प्रमोटर
- 3:31:45को रिटर्न कर देगा ये लो सर अपना काम हो
- 3:31:47गया ये लो सर अपना काम हो गया प्राइस
- 3:31:48स्टेबल हो गई प्राइस स्टेबल हो गई तो ये
- 3:31:51पूरा प्रोसेस कहलाता है ग्रीन शू ऑप्शन
- 3:31:54क्या कहलाता है ग्रीन शू ऑप्शन अब सर
- 3:31:57इसमें कुछ काम की बात इसमें कुछ काम की
- 3:31:58बात ठीक है समझ में आ गया था प्रमोटर से
- 3:32:00अपन ने मैक्सिमम 15% शेयर अपन बोरो कर
- 3:32:02सकते हैं एक बार लेके अपन ज्यादा जो
- 3:32:03ज्यादा लोग हैं जो मांग मांग रहे उनको एक
- 3:32:04बार दे दिया। ठीक है? और सेपरेट बैंक
- 3:32:06अकाउंट में पैसा रख लिया। कुछ टाइम बाद
- 3:32:07अपन ने वापस से बाय कर लिया और उनको लौटा
- 3:32:09दिया। प्रमोटर को लौटा दिए। तो इससे
- 3:32:10प्राइस स्टेबल हो जाती है। इससे प्राइस
- 3:32:11स्टेबल हो जाती है। तो मैक्सिमम क्या बात
- 3:32:13करी? मैक्सिमम 15% ही अपन शेयर्स के साथ
- 3:32:16ऐसा कर सकते हैं। मैक्सिमम 15% शेयर के
- 3:32:17साथ ऐसा कर सकते हैं। और ये जो पूरा
- 3:32:20प्रोसेस है ये इशू कंप्लीट होने के बाद ये
- 3:32:23पूरा प्रोसेस जो है बना लेना यह वाला
- 3:32:27चार्ट। तो इशू कंप्लीट होने के बाद 30 दिन
- 3:32:30के अंदर-अंदर ही पूरा प्रोसेस कंप्लीट हो
- 3:32:32जाना चाहिए। पूरा प्रोसेस 30 डज़ के
- 3:32:33अंदर-अंदर ही कंप्लीट। अरे यार रुक जाना
- 3:32:35यार। 30 डज़ के अंदर-अंदर पूरा प्रोसेस
- 3:32:38स्टेबलाइज़ेशन प्रोसेस कंप्लीट हो जाना
- 3:32:40चाहिए। 30 दिन के अंदर-अंदर आप ये पूरा
- 3:32:41कांड कर सकते हो। सिर्फ मजे की बात ये है
- 3:32:44कि लेट्स से पहला केस। अब पहला केस यहां
- 3:32:46पर आप लोग बोलो ठीक है मजे की बात तो
- 3:32:47क्या? हां अच्छी मजे की बात है। चलो सुनो
- 3:32:48मजे की बात है। तो अब पहला केस तो तुम ये
- 3:32:51देखो केस नंबर वन कि हां भाई शेयर परचेस
- 3:32:56कर लिए थे। शेयर परचेस कर लिए थे। इनसे
- 3:32:59यहां पे रिपर्चेस कर लिए थे। रिपर्चेस
- 3:33:02शेयर अपन ने वापस से रिपर्चेस कर लिए थे।
- 3:33:04ठीक है? रिपर्चेस हो गए थे। इनसे अपन ने
- 3:33:06वापस से रिपर्चेस करके इनको दे दिया। तो
- 3:33:08रिपर्चेस करने के बाद रिपर्चेस करने के
- 3:33:11बाद 2 दिन के अंदर-अंदर टू डज़ के
- 3:33:14अंदर-अंदर आपको इनको दे देना है। मतलब 30
- 3:33:16डेज जैसे ही कंप्लीट होंगे आप कहेंगे ये
- 3:33:18रहा यार कहां गया?
- 3:33:21ये देखो जो भी आपने सिक्योरिटी वापस से
- 3:33:23परचेस करी मार्केट में तो इमीडिएटली नॉट
- 3:33:25लेटर देन टू वर्किंग डज़ आफ्टर द एंड ऑफ़
- 3:33:26स्टेबलाइज़ेशन पीरियड। जैसे स्टेबलाइजेशन
- 3:33:28पीरियड मतलब 30 दिन आपके जैसे ही खत्म हुए
- 3:33:30तो मतलब स्टेबलाइजेशन पीरियड 30 दिन का
- 3:33:32था। तो जैसे ही आपने उसे रिपर्चेस करा तो
- 3:33:33स्टेबलाइजेशन पीरियड खत्म होने के 2 दिन
- 3:33:35के अंदर-अंदर आपको रिपर्चेस करके उनको दे
- 3:33:36ही देना है। 2 दिन के अंदर-अंदर मतलब आपको
- 3:33:38रिपर्चेस करके उसको दे ही देना है। 30 + 2
- 3:33:40हो गया। पर अब अगर आप मान लो कि रिपर्चेस
- 3:33:43करने में ही फेल हो गए। रिपर्चेस करने में
- 3:33:46ही फेल हो गए वो।
- 3:33:51ये है मिठाई। तो इसमें कुछ काम का है
- 3:33:53नहीं। सच वाला। ठीक है। तुम चाहो तो बना
- 3:33:55लेना तुम्हारी बुक में। बाकी क्या है?
- 3:33:57रिपर्चेस करने में फेल हो गए कि नहीं भाई
- 3:33:59रिपर्चेस कर ही नहीं पाए। कहीं पर मिले ही
- 3:34:01नहीं। वापस से शेयर मिले ही नहीं। तो उस
- 3:34:02केस के अंदर 5 दिन के अंदर-अंदर 5 दिन के
- 3:34:06अंदर-अंदर मतलब वही ये जो पीरियड है 30
- 3:34:08डेज प्लस 5 डेज फाइव डेज के अंदर-अंदर
- 3:34:10मैक्सिमम आपको ना कंपनी को मतलब Reliance
- 3:34:13को इन प्रमोटर को न्यू शेयर्स अलॉट करने
- 3:34:16पड़ेंगे। इन प्रमोटर को न्यू शेयर्स। हां
- 3:34:18भाई न्यू शेयर अलॉट। इनको तो देने ही
- 3:34:19पड़ेंगे इनके शेयर। तो न्यू शेयर्स अलॉट
- 3:34:21करने पड़े। ठीक है? तो अगर रिपर्चेस कर
- 3:34:23लिया तो रिपर्चेस करने के बाद 2 दिन के
- 3:34:24अंदर उनको शेयर दे ही देना आप। और अगर
- 3:34:26रिपर्चेस नहीं कर पाए तो 5 दिन के अंदर
- 3:34:27इनको न्यू शेयर अलॉट कर ही देना। न्यू
- 3:34:29शेयर इनको अलॉट कर ही देना। सिंपल सी बात
- 3:34:31है। ठीक है? ये हो गया। अब उसके बाद
- 3:34:36रिपर्चेस करा तो सही। सर रिपर्चेस करा तो
- 3:34:39सही। पर रिपर्चेस करते हुए पता है क्या
- 3:34:41हुआ? रिपर्चेस तो करा था। रिपर्चेस करते
- 3:34:43हुए क्या हुआ? कि अपन ने लेट्स से
- 3:34:47₹100 का शेयर था जो अपन ने ₹100 में बेचा
- 3:34:49था। इन लोगों को ₹100 में बेचा था। ₹100
- 3:34:52में बेचा था। खरीदते वक्त अपन को ₹15 देने
- 3:34:56पड़ गए। खरीदते वक्त अपन को ₹15 देने पड़
- 3:34:58गए। तो एक्स्ट्रा कॉस्ट कौन बय करेगी? यह
- 3:35:00कंपनी बियर करेगी। ऑफ कोर्स सीधी बात है।
- 3:35:02अब होता रहेगा ये तो कंपनी बियर करेगी।
- 3:35:04एक्स्ट्रा कॉस्ट कंपनी बियर करेगी। ना
- 3:35:05लैंडिंग एजेंट ना कोई नहीं बय करेगा।
- 3:35:07कंपनी बेयर करेगी। सीधी बात है। ₹100 का
- 3:35:08शेयर था। 105 में रिपर्चेस कर और या फिर
- 3:35:11यही था कि यह अपन ने सस्ते में खरीदा।
- 3:35:15₹100 का शेयर था ₹90 में खरीदा। तो अपना
- 3:35:16प्रॉफिट हो गया। अपना प्रॉफिट हो गया। यह
- 3:35:18किसको मिलेगा? सर यह कहा ही नहीं जाएगा।
- 3:35:20यह इन्वेस्टर एजुकेशन प्रोटेक्शन फंड में
- 3:35:23जाएगा। यह आईईपीएफ नहीं है। आईपी दो ये
- 3:35:26सॉरी ये आईईपीएफ है। आईपीईएफ है। यह मैं
- 3:35:28भी कंफ्यूज हूं। कंपनीज़ एक आईपीईएफ है।
- 3:35:30आईपीईएफ आईपीएफ नहीं है ये आईपीईएफ है।
- 3:35:34कंपनीज़ एक्ट के अंदर होता है आईईपीएफ और
- 3:35:36सेबी के अंदर होता है आईपीईएफ। इन्वेस्टर
- 3:35:38प्रोटेक्शन एजुकेशन फंड। इन्वेस्टर
- 3:35:40प्रोटेक्शन प्रोटेक्शन है। तो जो प्रॉफिट
- 3:35:42हुआ वो इधर ट्रांसफर
- 3:35:45समझे सर। इतना बड़ा कासेप्ट के अंदर
- 3:35:48तुम्हारे इस चार्ट में समराइज हो चुका है।
- 3:35:50यह याद से बना लेना। बाकी मैं नोट्स तो दे
- 3:35:52ही दूंगा। ठीक? अब बस देख लो। यह हो गया
- 3:35:54मेन यही वाला प्रोविज़
- 3:35:57ग्रीन शो ऑप्शन ग्रीन शो ऑप्शन के लिए
- 3:35:59आपको जनरल मीटिंग में रिज़र्वेशन पास करना
- 3:36:00पड़ेगा। नॉर्मल जनरल रिज़ोल्यूशन से काम हो
- 3:36:02जाएगा। स्टेबलाइजेशन एजेंट आपको अपॉइंट
- 3:36:04करना पड़ेगा। मैक्सिमम कितनी सिक्योरिटी
- 3:36:05बोरो कर सकते हो? 15% ऑफ़ साइज़ 15% की कैप
- 3:36:07लगा रखी है इसके अंदर। किन के अंदर आप
- 3:36:09किससे सिक्योरिटी उधार ले सकते हो? अगर
- 3:36:11आईपीओ है तो किसी भी प्रमोटर से या जो
- 3:36:13पहले वाले कोई भी शेयर होल्डर है प्री इशू
- 3:36:15शेयर होल्डर है उनसे ले सकते हो। पर अगर
- 3:36:16एफपीओ है मतलब अगर आईपीओ है तो कोई से भी
- 3:36:18प्रमोटर कोई से भी जो प्री इशू में जो भी
- 3:36:20अपने पास शेयर होल्डर हो उनको पर अगर
- 3:36:21एफपीओ है तो जिनके पास शेयर होल्डिंग 5%
- 3:36:23से ज्यादा है जिनके पास शेयर होल्डिंग 5%
- 3:36:25से ज्यादा है तो यहां पर जो मैंने लिखा था
- 3:36:275% से ज्यादा या फिर मतलब वो एफपीओ या
- 3:36:28आईपीओस पर डिपेंड करेगा ये एफपीओ पे होगा
- 3:36:305% से ज्यादा ठीक है स्टेबलाइजेशन पीरियड
- 3:36:3330 दिन से ऊपर नहीं चलेगा सेपरेट बैंक
- 3:36:35अकाउंट में पैसा आपको लेना पड़ेगा जो भी
- 3:36:37आपने उन उन चिंदी लोगों को बेच के शेयर
- 3:36:39कमाए है वो और वही है सिक्योरिटीज़ अगर
- 3:36:41आपने उनसे परचेस कर ली 2 दिन में वापस दे
- 3:36:42देना है पर नहीं अगर शॉर्टफॉल हो गया कि
- 3:36:44अपन उनको परचेस नहीं कर पाए तो 5 दिन में
- 3:36:46उनको को फ्रेश सिक्योरिटी अलॉट करनी
- 3:36:47पड़ेगी। ठीक है? जो भी अगर एक्स्ट्रा पैसा
- 3:36:49आया अपने पास उनको बेच के अपने कोई
- 3:36:51प्रॉफिट हुआ तो आईपीए फंड के अंदर चले
- 3:36:52जाएंगे। डन सर। ये बहुत ही बड़ा प्रोसेस
- 3:36:55था। अच्छा खासा ऐसा समझ में नहीं आता
- 3:36:56नोट्स से इसलिए आपको चार्ट बना के अच्छे
- 3:36:58से समझा। अब सर फटाफट देख लेते हैं
- 3:37:00अल्टरेशन इन द राइट ऑफ़ सिक्योरिटी होल्डर।
- 3:37:02कि कभी भी ऐसा है कि आप ऑल्टर कर रहे हो
- 3:37:03किसी भी सिक्योरिटी का राइट। कि आप पहले
- 3:37:05उनको 5% इंटरेस्ट देते थे। अब आपने बोला
- 3:37:07नहीं नहीं मैं तो 2% इंटरेस्ट ही दूंगा।
- 3:37:09पहले आपने बोला कि मैं कन्वर्ज़ कर लूंगा 5
- 3:37:11साल में। आप बोलोगे नहीं नहीं मैं 2 साल
- 3:37:12में कन्वर्ज़ करूंगा। पहले आपको था कि एक
- 3:37:14शेयर्स पे आप एक वोटिंग राइट देते थे। आप
- 3:37:17बोले नहीं मैं तो 10 शेयर पे एक वोटिंग
- 3:37:18राइट दूंगा। ऐसा कुछ भी आप शेयर्स का राइट
- 3:37:21ऑल्टर कर रहे हो। तो भाई ऐसे ही नहीं कर
- 3:37:22सकते। मजाकमज़ाक में तुमको या तो स्पेशल
- 3:37:24रेोल्यूशन पास करना पड़ेगा या फिर 3/4
- 3:37:27शेयर होल्डर से रिटर्न कंसेंट लेनी
- 3:37:29पड़ेगी। 3/4 3/4 सर दोनों में डिफरेंस
- 3:37:31क्या होता स्पेशल रेोल्यूशन में भी 75% सी
- 3:37:33होता है। पर जो लोग जनरल मीटिंग में
- 3:37:35प्रेजेंट है, जो लोग जनरल मीटिंग में
- 3:37:37प्रेजेंट है उनका 75% 100 लोग टोटल है और
- 3:37:40100 में से 50 लोग ही जनरल मीटिंग में
- 3:37:42प्रेजेंट है। तो 50 का थ्री वोट से काम चल
- 3:37:43जाएगा। पर या फिर 3/4 में यहां पे टोटल
- 3:37:45नंबर ऑफ़ थ्री फोर्थ दोनों में से किसी का
- 3:37:47भी काम हो जाएगा।
- 3:37:50प्रमोटर और शेयर होल्डर इन कंट्रोल शल
- 3:37:51प्रोवाइड एन एग्जिट अपॉर्चुनिटी टू
- 3:37:53डिसेंडिंग ऑर्डर। कि कभी भी ऐसा हो जाए कि
- 3:37:54तुमने आईपीओ इशू करा था। तुमने बोला था
- 3:37:56मैं इस पैसे से इस पैसे से तुमने
- 3:37:58ऑब्जेक्टिव बताते हो। तुम प्रोस्पेक्टस
- 3:37:59में ऑब्जेक्टिव बताते हो कि मैं इस पैसे
- 3:38:01से इस पैसे से मैं लेट्स से जो
- 3:38:03एग्ज़िस्टिंग जो मेरे मेरा मैं बिल्डिंग
- 3:38:05खरीदूंगा मैं इस पैसे से बिल्डिंग
- 3:38:07खरीदूंगा। तो तुम्हारा ऑब्जेक्टिव क्या
- 3:38:08था? इस पैसे से तुम क्या करना चाहते हो?
- 3:38:09तुम बिल्डिंग खरीदना चाहते थे। तुम
- 3:38:11बिल्डिंग खरीदना चाहते थे। ठीक है ना?
- 3:38:13बिल्डिंग खरीदना चाहते थे। पर बाद में
- 3:38:14तुम्हारा मूड बदल गया। नहीं यार बिल्डिंग
- 3:38:16तो नहीं खरीदूंगा। मैं बिल्डिंग तो नहीं
- 3:38:17खरीदूंगा। मेरे को इस पैसे से ना कार
- 3:38:19खरीदनी है बहुत सारी कंपनी में। तो अगर
- 3:38:20कभी भी तुम्हारा ऑब्जेक्टिव चेंज हो रहा
- 3:38:22है। कभी भी तुम्हारा ऑब्जेक्टिव चेंज हो
- 3:38:23रहा है। तो हो सकता है कुछ शेयरहोल्डर को
- 3:38:25ना जमे कि तुमने पहले बोला था बिल्डिंग
- 3:38:27खरीदोगे। इस वजह से हमने तुम्हें पैसे दिए
- 3:38:29थे। अब तुम इसकी कार खरीद लिए हो। तो उनको
- 3:38:31डिसेंडिंग शेयर होल्डर है। उनको एग्जिट का
- 3:38:33ऑप्शन देना पड़ेगा। उनको एग्जिट का ऑप्शन
- 3:38:35देना पड़ेगा कि ठीक है तुम तुम्हारे पैसे
- 3:38:37लो और चले जाओ। तुम्हारे पैसे लो और चले
- 3:38:39जाओ।
- 3:38:43अब सर उसके बाद आ गया फर्दर पब्लिक ऑफर।
- 3:38:45इसमें आधे से ज्यादा रूल सेम है जो अपन ने
- 3:38:47आईपीओ के पढ़े। जो अभी अपन ने आईपीओ के
- 3:38:49रूल पढ़े थे ना लगभग लगभग वो सेम रूल
- 3:38:51एफपीओ पे भी लग रहे हैं। लगभग-लगभग वो
- 3:38:53सारे रूल सेम लिख रखते हैं। जो अपन ने ऊपर
- 3:38:55रेगुलेशन 1001 पढ़ा था। रेफरेंस डेट वाला
- 3:38:57अपन ने एक पॉइंट बना कि रेफरेंस डेट क्या
- 3:38:58होती है वो अपन ने पढ़ा था। एंटटीज़
- 3:39:00कौन-कौन सी एलिजिबल नहीं होती है जिनको
- 3:39:02मतलब शेयर सिक्योरिटी इशू करने से डिबार
- 3:39:04करावा होता है वो इकोनॉमिक फ्यूजीिटी होते
- 3:39:07हैं वो लोग बंदे वो सब तो वो आई एफपीओ के
- 3:39:09लिए भी एलिजिबल नहीं होगी। तो ये सेम
- 3:39:11चीजें अपन पहले पढ़ चुके। अब जो जो
- 3:39:13मैक्सिमम चीजें सेम होगी बस कुछ-कुछ चीज
- 3:39:15अलग है। वह अभी मैं बात कर लेते हैं अपन
- 3:39:17यहां पर।
- 3:39:20एलिजिबिलिटी रिक्वायरमेंट फॉर एफपीओ।
- 3:39:22एफपीओ की एलिजिबिलिटी रिक्वायरमेंट क्या
- 3:39:24होती है सर?
- 3:39:26सिंपल सी चीज है एफओ की पहले अपन ने यहां
- 3:39:28पर पढ़ा था कि नेटवर्थ वाली कंडीशन पढ़ी
- 3:39:30थी अगर तुमको पता है आईपीओ के आईपीओ इशू
- 3:39:32करते हैं तो नेटवर्थ इतनी होनी चाहिए
- 3:39:33प्रॉफिट इतना होना चाहिए फलाना डिग्रा
- 3:39:36बहुत पढ़ा था उसमें से एक कंडीशन ये भी
- 3:39:37पढ़ी थी कि अगर आपकी कंपनी का नाम चेंज
- 3:39:39हुआ हो अगर आपकी कंपनी का नाम चेंज हुआ हो
- 3:39:41विथ इन लास्ट ईयर विथ इन लास्ट ईयर एक साल
- 3:39:43इमीडिएटली प्रसीडिंग एक साल तो आपका जो
- 3:39:4550% रेवेन्यू 50% रेवेन्यू वो नए नाम से
- 3:39:48आना चाहिए वो नए नाम से आना चाहिए तो
- 3:39:49आईपीओ में सारी कंडीशन थी तो यहां पर इतनी
- 3:39:52कंडीशन नहीं है एफपीओ में केवल एक ही
- 3:39:53कंडीशन दी है यहां पर कि अगर आपका
- 3:39:55इमीडिएटली प्रसीडिंग वन ईयर में नाम चेंज
- 3:39:57हुआ हो तो आपका एफपीओ आपको तभी अलाउड होगा
- 3:39:59जब नए नाम से आपका एटलीस्ट 50% रिवन्यू
- 3:40:01जनरेट हुआ होगा। नए नाम से आपका 50%
- 3:40:03रिवन्यू जनरेट हुआ होगा। एक सेम वही
- 3:40:05कंडीशन बस इसके अंदर एक ही कंडीशन है और
- 3:40:07वो जॉब सेम वो का वही था कि अगर आपकी
- 3:40:08नेटवर्थ वाली कंडीशन, प्रॉफिट वाली कंडीशन
- 3:40:10या ये नाम वाली कंडीशन पूरी नहीं हुई तो
- 3:40:12आपको बुक बिल्डिंग पे जाना पड़ेगा। बुक
- 3:40:14बिल्डिंग पे। तो यहां पर भी यही है कि अगर
- 3:40:15आपका नाम वाली कंडीशन पूरी नहीं तो आपको
- 3:40:17बुक बिल्डिंग प्रोसेस पे जाना पड़ेगा।
- 3:40:19एटलीस्ट 75% आपको क्यूआईबी को अलॉट करने
- 3:40:21पड़ेंगे। क्यूआईबी ने नहीं लिए तो आपको
- 3:40:23रिफंड करना पड़ेगा।
- 3:40:26सर फालतू चीजें मतलब जल्दी थोड़ा सा मैं
- 3:40:28जल्दी भी लूंगा मतलब सेम सेम चीजें वही है
- 3:40:30आपको कभी भी एफपीओ इशू करना है तो एक
- 3:40:32डेजिग्नेटेड स्टॉक एक्सचेंज चूज़ करना
- 3:40:33पड़ेगा डीममेटलाइज़ करानी पड़ेगी चीजें जो
- 3:40:35एकिस्टिंग पार्टली पेड अप शेयर है उसको
- 3:40:37फुल्ली पेड अप में कन्वर्ट करना पड़ेगा या
- 3:40:38फिर फॉरफिट करो ठीक है ना तो वही है और
- 3:40:4275% आपके पास ऑलरेडी एक फर्म कमिटमेंट है
- 3:40:45कि 75% अमाउंट तो हमको पहले से मिल जाएगा
- 3:40:47सारे आईपीओ वाली कंडीशन सेम है। सारी
- 3:40:48आईपीओ वाली कंडीशन लगभग सेम है कि ये सारी
- 3:40:50अपन ने वहां पे ही पढ़ ली थी। वहां पे अपन
- 3:40:52ने यह भी पढ़ा था कि मैक्सिमम अपन
- 3:40:53कॉर्पोरेट जनरल पर्पस के लिए 25% यूज़ ले
- 3:40:55सकते हैं। और जो अनआइडेंटिफाइड एक्विज़िशन
- 3:40:57कर रहे हैं, अनइडेंटिफाइड एक्विज़िशन कर
- 3:40:59रहे हैं, वह प्लस जनरल कॉर्पोरेट पर्पस
- 3:41:01दोनों को मिला के मैक्सिमम 35% ही कर सकते
- 3:41:03हैं। ये भी तो अपन ने पढ़ा था। वो सेम टू
- 3:41:04सेम पढ़ा था। वो का वही है। ऑफर फॉर सेल के
- 3:41:08लिए भी अपन ने जो पहले आईपीओ पढ़ा था वो का
- 3:41:09वही सेम है। तो मतलब मैक्सिमम चीज़ सेम ही
- 3:41:11है। तो इसलिए अभी जल्दी हो रहा है ये। ठीक
- 3:41:12है? मैं वापस से तो नहीं पढ़ाने जाऊंगा भाई
- 3:41:14रिवीज़ करके। ऑडिटोरिटी तो शायद पढ़ा भी
- 3:41:16देता पर अभी नहीं। ठीक है? अब आप
- 3:41:18कन्वर्टेबल डेप्ट इंस्ट्रूमेंट या वारंट
- 3:41:19इशू कर रहे हो जो अपन आईपीओ में पढ़े सेम
- 3:41:21वैसे ही कन्वर्टेबल डेट आप एफपीओ में इशू
- 3:41:23कर रहे हो। एफपीओ में इशू कर रहे हो। पर
- 3:41:25अपन ने आईपीओ के अंदर क्या पढ़ा था? आईपीओ
- 3:41:27के अंदर पढ़ा था जब आपके इक्विटी शेयर
- 3:41:29लिस्टेड नहीं हो उस वक्त आप ये इशू कर रहे
- 3:41:31हो। अभी आपके इक्विटी शेयर लिस्टेड है।
- 3:41:33तभी तो अपन इसको एफपीओ कह रहे हैं। तभी तो
- 3:41:34अपन इसको एफपीओ कहला रहे हैं। तो सेम है
- 3:41:38सर। आपने कभी भी प्रिंसिपल इंटरेस्ट के
- 3:41:40अंदर लास्ट 6 महीने के अंदर डिफॉल्ट नहीं
- 3:41:41करना चाहिए। लास्ट 6 महीने के अंदर
- 3:41:43प्रिंसिपल इंटरेस्ट में डिफ़ॉल्ट नहीं करना
- 3:41:44चाहिए। सेम सिचुएशन अपन ने ऊपर भी पढ़ी
- 3:41:46थी। सेम सिचुएशन है। एग्जैक्ट ऊपर भी पढ़ी
- 3:41:49थी अपन ने।
- 3:41:52हम यह रोल ओवर थोड़ा सा नया है।
- 3:41:56सर रोल ओवर क्या होता है? रोल ओवर ऑफ नॉन
- 3:41:58कन्वर्टेबल पोर्शन ऑफ़ पार्टली पेड अप
- 3:42:00इंस्ट्रूमेंट। नॉन कन्वर्टेबल पोर्शन ऑफ़
- 3:42:02पार्टली कन्वर्टेबल डेट इंस्ट्रूमेंट।
- 3:42:04पार्टली कन्वर्टेबल लेट्स से अपन ने उनको
- 3:42:06ऑप्शन दिया था।
- 3:42:08तो अपन रोल ऑन मतलब होता है उसको एक्सटेंड
- 3:42:10करना। उनको एक्सटेंड करना। तो नॉन
- 3:42:12कन्वर्टेबल पोर्शन कि अपन ने उनको ऑप्शन
- 3:42:13दिया था कि लेट्स से ₹100 का ₹100 का कोई
- 3:42:16हमने डिबेंचर इशू करा उसमें से तू ₹60 तो
- 3:42:19₹60 तो कन्वर्ट करा सकता है। ₹60 कन्वर्ट
- 3:42:21करा सकता है। पर बाकी का जो ₹40 है ना वो
- 3:42:24नॉन कन्वर्टेबल है। वो नॉन कन्वर्टेबल है।
- 3:42:27इसको तू कन्वर्ट नहीं करा पाएगा। इसको तो
- 3:42:28कन्वर्ट नहीं करा पाएगा। इक्विटी में
- 3:42:30कन्वर्ट नहीं होंगे। प्लस मतलब एक तो कि
- 3:42:32अपन ने कोई भी पार्टली कन्वर्टेबल
- 3:42:33इंस्ट्रूमेंट इशू करा और कितने का? ₹1
- 3:42:35करोड़ से ज्यादा का। यहां पे दिया हुआ है
- 3:42:37ये 10 वैल्यू 10 करोड़ से ज्यादा की थी।
- 3:42:39वैल्यू 10 करोड़ के ज्यादा की थी। तो अपन
- 3:42:41उसको रोल ओवर कर सकते हैं कि ठीक है अभी
- 3:42:42रिडीम ना करके अपन उसको एक्सटेंड करा रहे
- 3:42:44हैं। ये मतलब नॉन कन्वर्टेबल है। मतलब
- 3:42:46इसको पैसा रिफंड करना पड़ेगा। इसको रिडीम
- 3:42:49करना पड़ेगा। तो भाई इसके पास अपन ने है
- 3:42:50कि इसको अपन रोल ओवर करा रहे हैं कि ठीक
- 3:42:52है तू एक साल नहीं 2 साल बाद तक रख ले 3
- 3:42:54साल बाद का रख ले। रोल ओवर करा रहे हैं।
- 3:42:55ठीक है? एक्सटेंड करा रहे हैं इसका पीरियड
- 3:42:57अपन। तो कब अलाउड होगा? 75% होल्डर्स इन
- 3:43:00वैल्यू। जब बोल दे कि ठीक है जो भी ये
- 3:43:02होल्डर थे इसके नॉन कन्वर्टेबल वाले कि वो
- 3:43:04बोल दे कि ठीक है आप हमको रोल ओवर कर सकते
- 3:43:06हो। रोलओवर कर सकते हो। 75% लोगों ने हां
- 3:43:08कर दिया। ऑडिटर का सर्टिफिकेट मिल गया कि
- 3:43:10हां भाई वो लिक्विड है। कंपनी लिक्विड है।
- 3:43:12कंपनी के पास पैसों की कमी नहीं है।
- 3:43:14लिक्विडिटी उनके पास अच्छी खासी है। और जो
- 3:43:16भी लोग मना कर रहे हैं कि नहीं हमको रोल
- 3:43:18ओवर नहीं करना। जो भी लोग मना कर रहे हैं
- 3:43:19इसमें से हमको रोल ओवर नहीं करना। हमको तो
- 3:43:21अभी पैसा चाहिए। हमको तो अभी पैसा चाहिए।
- 3:43:23हमको बाद में पैसा नहीं चाहिए। अभी देके
- 3:43:25खत्म करो। उनको निपटा दो। उनको तुम पैसा
- 3:43:27दे देना कि तुम जाओ। जो एग्री है वही जो
- 3:43:28एग्री है वही रुकेंगे। क्रेडिट रेटिंग
- 3:43:30एजेंसी से तुमने कोई ना कोई रेटिंग ली विथ
- 3:43:32इन वन मंथ फ्रॉम रिडेंशन ड्यू डे। रिडमशन
- 3:43:34की ड्यू डेट आ गई थी। तो उसके विथ इन वन
- 3:43:36मंथ तुमने क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ले ली है
- 3:43:38किसी कंपनी से कि हमारी क्रेडिट रेटिंग
- 3:43:39अच्छी है ऐसा बताने के लिए। ठीक है ना?
- 3:43:41अगर ये सारी कंडीशन पूरी हो गई तो तुम
- 3:43:43इनको अभी पैसा ना दो। बाद में दोगे जो भी
- 3:43:45चल जाएगा। रोल ओवर करा दो कि बाद में पैसा
- 3:43:47देंगे हम तुमको। अभी नहीं दे रहे। 75%
- 3:43:49वैल्यू एटलीस्ट एग्री हो रहे हैं। और जो
- 3:43:50लोग एग्री नहीं हो रहे 75% के अलावा अगर
- 3:43:52कोई बचे तो उन डिसेंडिंग को पैसा देके
- 3:43:54निपटा दो। ऑडिटर्स ने अपने को बोल दिया कि
- 3:43:56आप लिक्विड हो। आपके पास इशू लिक्विडिटी
- 3:43:58है। आपने बोल दिया था ऑडिटर और क्रेडिटिंग
- 3:44:00एजेंसी से आपने रेटिंग ले ली। ठीक है?
- 3:44:02फालतू बात है। यह सब सेम है। अभी मैंने
- 3:44:05लिखा है। तुम एक बार घर पर वापस गो थ्रू
- 3:44:07मारोगे सेम है कि ऑप्शनली कन्वर्टेबल
- 3:44:08डिबेंचर जब इक्विटी में बनते हैं तो
- 3:44:09क्या-क्या चीजें एप्लीकेबल होती है। इशू
- 3:44:10ऑफ़ वारंट वाला जो था मैंने वारंट था। एक
- 3:44:12पे एक वारंट मिल सकता है आपको वो वाला था
- 3:44:14जो आपको एक्साइज करने के लिए टाइम पीरियड
- 3:44:16दिया हुआ था। इतने टाइम पीरियड में
- 3:44:17एक्साइज कर लेना है तुमको 18 महीने जो भी
- 3:44:18था व्हाटएवर। तो वो सब चीज़ सेम की सेम है।
- 3:44:21अब सर इसमें भी प्रमोटर कंट्रीब्यूशन है।
- 3:44:23प्रमोटर कंट्रीब्यूशन इसमें भी लगती है।
- 3:44:24वही सेम कितनी थी प्रमोटर कंट्रीब्यूशन?
- 3:44:2620% इसमें भी वो 20% वाली है। नीचे
- 3:44:28पढ़ेंगे। ये रहा 20% बस इतना लिख लो। यह
- 3:44:30पूरा नहीं पढ़ेंगे। इसमें है कि बस 20%
- 3:44:32आपको इधर भी प्रमोटर कंट्रीब्यूशन लेना
- 3:44:34पड़ेगा। एफपीओ होने के बाद भी एफपीओ होने
- 3:44:36के बाद भी प्रमोटर को एटलीस्ट 20% तो
- 3:44:38होल्ड करके रखना ही रखना पड़ेगा। पर
- 3:44:40मिनिमम प्रमोटर कंट्रीब्यूशन नहीं चाहिए
- 3:44:42होगा। मिनिमम प्रमोटर कंट्रीब्यूशन नहीं
- 3:44:44चाहिए होगा। यहां पे एक नई चीज़ है। यहां
- 3:44:45पे एक नई चीज़ है। एक तो सेम है कि जहां पे
- 3:44:47कंपनी के पास कोई आइडेंटिफायबल प्रमोटर ही
- 3:44:49नहीं है कि असली में कंपनी का प्रमोटर कौन
- 3:44:51है? अपन को पता ही नहीं है। तो किसको 20%
- 3:44:52देके रखें अपन। किसको 20% देके रखे अपन को
- 3:44:55तो पता ही नहीं है। तो एक वो केस अलग हो
- 3:44:57गया। वो केस अलग हो गया। बाकी उसके अंदर
- 3:45:00बाकी उसके अलावा आपको हमेशा 20 मिनिमम 20%
- 3:45:04तो आपको होल्ड करवा के रखना पड़ेगा। पर
- 3:45:06बाकी एक और कंडीशन है। एक और कंडीशन जो
- 3:45:09अपने आईपीओ के टाइम पे नहीं थी कि अगर
- 3:45:11आपके शेयर्स ऑलरेडी फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड
- 3:45:14है लास्ट 3 साल के अंदर लास्ट 3 साल के
- 3:45:17अंदर आपके शेयर्स ऑलरेडी फ्रीक्वेंटली
- 3:45:19ट्रेडेड है। प्लस सारी कंडीशन एक साथ
- 3:45:21फुलफिल होनी चाहिए अब ये वाली। प्लस आपने
- 3:45:24आपके पास जो भी इन्वेस्टर की कंप्लेंट आई
- 3:45:26थी ना लास्ट क्वार्टर के अंदर लास्ट
- 3:45:27क्वार्टर में आपके पास जो भी इन्वेस्टर की
- 3:45:28कंप्लेंट आई थी आपने उसकी एटलीस्ट 95%
- 3:45:32कंप्लेंट रिॉल्व कर दी 95% कंप्लेंट
- 3:45:34रिॉल्व कर दी प्लस आप सेबी एलओडीआर का
- 3:45:39अच्छे से कंप्लायंस कर रहे हो लास्ट तीन
- 3:45:41सालों से लास्ट तीन सालों से आप अच्छे से
- 3:45:42सेबी एलओडीआर का कंप्लायंस कर रहे थे अगर
- 3:45:45तीनों कंडीशन पूरी हो गई तीनों कंडीशन
- 3:45:46क्या थी सर आपके शेयर्स ये कंडीशन आईपीओ
- 3:45:49के अंदर क्यों नहीं थी सर क्योंकि आईपीओ
- 3:45:51के अंदर तो आपके ऑलरेडी ऑलरेडी कोई शेयर्स
- 3:45:53ट्रेडिंग में थे ही नहीं। ट्रेडिंग में थे
- 3:45:54ही नहीं। आपकी कंपनी लिस्ट थी नहीं पहले।
- 3:45:56अभी तो आप एफपीओ ला रहे हो तो आपकी कंपनी
- 3:45:58लिस्ट हो रही है। लिस्ट हो मतलब लिस्ट हो
- 3:46:01चुकी है पहले से। तो मतलब पहले से कंपनी
- 3:46:03के शेयर मार्केट में ट्रेडिंग चल रहे हैं।
- 3:46:04तो वो वाले शेयर फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड
- 3:46:06शेयर थे। वो ट्रेड फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड
- 3:46:08शेयर थे। लास्ट तीन सालों से 95%
- 3:46:10इन्वेस्टर कंप्लेंट भी आपने रिलॉ कर दी।
- 3:46:12लास्ट तीन साल से सेबी एलओडीआर भी आप
- 3:46:13फुलफिल कर रहे हो। और अगर तीनों कंडीशन
- 3:46:15पूरी हो गई तो आपको मिनिमम प्रमोटर
- 3:46:17कंट्रीब्यूशन की जरूरत नहीं है। और इसका
- 3:46:19भी एक एक्सेप्शन दे दिया कि अगर आप सेबी
- 3:46:20एलओडीआर की लास्ट तीन साल से कंप्लाई नहीं
- 3:46:22कर रहे हो। लास्ट तीन साल से आप सेबी
- 3:46:24एलओडी का कंप्लायंस आप नहीं कर रहे हो।
- 3:46:27ठीक है ना? मतलब केवल एक नॉन कंप्लायंस
- 3:46:29हुआ है कि आपने बोर्ड कमिट बोर्ड के अंदर
- 3:46:31कुछ कंपोज़िशन चाहिए होता है। जो अपन ने
- 3:46:33पढ़ा था ना सेबी एलओडीआर में बोर्ड का
- 3:46:34कंपोज़िशन नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
- 3:46:36एटलीस्ट 50% होने चाहिए। वो सब। ठीक है?
- 3:46:38तो वो वाला अगर आप बोर्ड का कंपोज़िशन आप
- 3:46:40सही से नहीं कर रहे हो कोई भी क्वार्टर
- 3:46:41में तो कोई बात नहीं जब आप प्रोस्पेक्टस
- 3:46:43फाइल कर रहे हो ना उस वक्त प्रोस्पेक्टस
- 3:46:46में बता देना कि हमने ये नॉन कंप्लायंस
- 3:46:47पहले करा था अब हम कंप्लाई कर चुके हैं अब
- 3:46:50हम कंप्लाई कर चुके चल जाएगा ठीक है बाकी
- 3:46:52इस पे इतना ध्यान मत दो पागल हो जाओगे
- 3:46:55छोड़ दो मिनिमम प्रमोटर कंट्रीब्यूशन
- 3:46:57मिनिमम 25 प्रमोटर 20% चाहिए होता है बस
- 3:46:59छोड़ दो इतनी सारी चीजें छोड़ दो बस बस
- 3:47:0120% आपको कंट्रीब्यूशन चाहिए होता है
- 3:47:06ये सब वही है 100 करोड़ का है तो रिमेनिंग
- 3:47:08करोड़ तक अभी दे दो बाकी का आप बाद में दे
- 3:47:09देना जो मैंने पहले पढ़ा था लगभग वो सब
- 3:47:11कुछ वही है एक आधी चीज नहीं है तो उस पे
- 3:47:12मत ध्यान दो उसमें माथा फोड़ने की जरूरत
- 3:47:14नहीं एक आधी चीज के अंदर
- 3:47:17इनएलिजिबल सिक्योरिटीज कौन-कौन सी है कि
- 3:47:19जो प्रमोटर कंट्रीब्यूशन में नहीं मानी
- 3:47:21जाएगी मतलब प्रमोटर कंट्रीब्यूशन को
- 3:47:22प्रमोटर को 20% शेयर खरीद के रखने हैं 20%
- 3:47:24सिक्योरिटीज खरीद के रखनी है पर उस 20%
- 3:47:26में कौन सी इनएलिजिबल सिक्योरिटी है कि
- 3:47:28इसको प्रमोटर में कंट्रीब्यूशन में नहीं
- 3:47:29माना जाएगा तो अगर कोई भी लास्ट तीन सालों
- 3:47:32के अंदर कोई भी ऐसी सिक्योरिटी एक्वायर
- 3:47:33करी जो अदर दैन कैश हो जो अदर दैन कैश कि
- 3:47:36आपने कैश नहीं दिया था कैश के अलावा को
- 3:47:38सिक्योरिटी एक्वायर करी। जैसे बोनस इशू
- 3:47:40जैसे अपन बोल सकते हैं बोनस इशू एग्जांपल
- 3:47:42के लिए बोनस इशू कि आपको बोनस में कोई
- 3:47:44शेयर मिले थे बोनस में तो वो प्रमोटर
- 3:47:45कंट्रीब्यूशन में नहीं आएगा। उसके लिए
- 3:47:47आपने क्योंकि कोई पैसा नहीं दिया था। कैश
- 3:47:48नहीं दिया था। ठीक है? बोनस तो फ्री में
- 3:47:50मिलता है। तो लास्ट तीन सालों के अंदर
- 3:47:52आपने एक्वायर करा कोई भी कंसीडरेशन अदर
- 3:47:53दैन कैश जैसे बोनस इशू तो उसको आपको वो
- 3:47:56नहीं मानेंगे कि प्रमोटर ने कंट्रीब्यूशन
- 3:47:58करा है। आप सिक्योरिटीज प्लेस कर सकते हो
- 3:48:02क्रेडिटर के साथ। कोई दिक्कत नहीं है।
- 3:48:07ठीक है। फालतू बात है। अभी छोड़ दो। कोई
- 3:48:08सेंस नहीं है इन सब चीज।
- 3:48:11लॉक इन पीरियड सर। लॉक इन पीरियड अपन ने
- 3:48:12पढ़ा था। लॉक इन पीरियड क्या पढ़ा था सर?
- 3:48:14अपन ने लॉक इन पढ़ा था 18 महीने या फिर 6
- 3:48:16महीने। मिनिमम प्रमोटर कंट्रीब्यूशन का 18
- 3:48:18महीने और जो एक्सेस वाला है उसका 6 महीने।
- 3:48:20उसमें भी अगर कैपक्स में आप कर रहे हो तो
- 3:48:21डबल कर दिया था। 3 ईयर हो गया था। ये वन
- 3:48:23ईयर हो गया था। ठीक है ना? ये वो वाली
- 3:48:25चीजें पढ़ी थी अपन ने। तो लगभग-लगभग इन
- 3:48:27सबका भी वही चलेगा। लगभग-लगभग इन सबका भी
- 3:48:30वही है। थ्री ईयर वाला वो लॉक इनफिट ग्रीन
- 3:48:32शो ऑप्शन का नहीं हो पाएगा। वो सारी चीज़
- 3:48:34एक आधी चीज़ नहीं है। बस वो एक आधी चीज़ को
- 3:48:36इग्नोर मार दो तुम। कोई नहीं जैसे पार्टली
- 3:48:38पेड अप का भी सेम वो का वही है। सेम है।
- 3:48:40सेम ये भी सेम है। ये भी सेम है। पूरा सेम
- 3:48:41है। ये लगभग पूरा लगभग पूरा सेम है। ठीक
- 3:48:44है ना? तो इतना लोकन रहेगा प्रमोटर
- 3:48:45कंट्रीब्यूशन पे जो अपन ने आईपीओ पे पढ़ा
- 3:48:47था। लिख दो यहां पे सेम।
- 3:48:51अब यहां पे भी है कि आप क्या प्लेज करा
- 3:48:53सकते हो क्या? लोक इन सिक्योरिटीज़ सेम लिख
- 3:48:55दो। हां भाई आप प्लेच करा सकते हो। लोक इन
- 3:48:58वाले पे कमर्शियल बैंक को पीएफसी कॉइन,
- 3:48:59एबीएफसी कॉइन सबको आप प्लेज करा सकते हो।
- 3:49:02जब आपको लोन देना है ईश्वर कंपनी को या
- 3:49:04फिर उसकी सब्सिडरी कंपनी को तो आप मिनिमम
- 3:49:05कंट्रीब्यूशन जो आपके जो शेयर है उसको भी
- 3:49:07आप प्लेच करा सकते हो। सेम
- 3:49:10मैंने शायद गलत डाल दिया बार-बार डालना
- 3:49:12नहीं चाहिए था मतलब वहां पे मैं भी लिख
- 3:49:13देता सेम तो सही रहता पर चलो ठीक है कोई
- 3:49:15नहीं ट्रांसफरेबिलिटी ऑफ़ लोक इन
- 3:49:17सिक्योरिटीज़ अरे भाई छोड़ दो एक प्रमोटर
- 3:49:20ग्रुप दूसरे प्रमोटर ग्रुप को ट्रांसफर कर
- 3:49:22सकता है नॉन शेयर होल्डर नॉन शेयर होल्डर
- 3:49:23को कर सकता है अगर उसके पास ऑलरेडी लोक इन
- 3:49:25फेड वाली सिक्योरिटीज़ है बस कट कट लगभग
- 3:49:28सेम है अब तुम आईपीओ एफपीओ वाली जब तक
- 3:49:29एफपीओ की कोई अलग कंडीशन मैंने नहीं पढ़ाई
- 3:49:31हो तुम ये मान के चलना दोनों की कंडीशन
- 3:49:32बाकी सब सेम ठीक है माथे मत फोड़ो इन पे
- 3:49:34पागल हो जाओगे और एक आधी एक आधी इतनी चीज़
- 3:49:36अलग है उसमें नहीं फोड़नी बाकी ये जितने भी
- 3:49:39था ना अपन ने डिस्क्लोज़र पढ़ा था। ऑफर
- 3:49:40डॉक्यूमेंट कैसे फाइल करना है? पहले
- 3:49:41ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल करना है। तीन
- 3:49:43कॉपी के अंदर सेबी को फिर सेबी ऑब्जरवेशन
- 3:49:45देगी। सारा का पूरा प्रोसेस सेम था। सारा
- 3:49:47प्रोसेस सेम था।
- 3:49:52अब प्राइिंग की बात आएगी।
- 3:49:56मतलब प्राइसिंग आपको ऑफर डॉक्यूमेंट, ऑफर
- 3:49:59डॉक्यूमेंट, एडवर्टाइजमेंट वगैरह में
- 3:50:00बतानी है। फालतू बातें फालतू बातें हैं।
- 3:50:02प्राइसिंग आपको एल लीड मैनेजर से डिस्कस
- 3:50:04करनी है। फालतू बातें हैं। मतलब कोई सेंस
- 3:50:06नहीं है इन चीज़ों का। ये भी मतलब कट कट कट
- 3:50:08करो। तुम खुद कट करो। मैंने तो दे दिया
- 3:50:09तुम्हारी इच्छा हो तो पढ़ना भाई कट करो।
- 3:50:10कोई सेंस नहीं है चीजों का। पागलों वाली
- 3:50:12भाई मैं बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक पढ़े पहले
- 3:50:13पढ़ने के लिए। डिफरेंशियल प्राइिंग
- 3:50:15डिफरेंशियल प्राइिंग अपनी बात हुई थी। सेम
- 3:50:16रिटेल इन्वेस्टर शेयर होल्डर और एंप्लई
- 3:50:18इनको अपन कम प्राइस दे सकते हैं। पर 10%
- 3:50:20से कम ज्यादा नहीं दे सकते। पर जो एंकर
- 3:50:23इन्वेस्टर होते हैं एंकर इन्वेस्टर अभी
- 3:50:25बताएंगे क्या होता है एंकर इन्वेस्टर भी
- 3:50:27हम एंकर इन्वेस्टर। एंकर इन्वेस्टर वो
- 3:50:29होते हैं जो कंपनी के शेयर का आईपीओ लाने
- 3:50:33के पहले ही आईपीओ लाने के पहले ही कुछ ऐसे
- 3:50:36बड़े-बड़े इन्वेस्टर होते हैं वो पहले ही
- 3:50:38कंपनी में इन्वेस्ट कर देते हैं। आईपीओ
- 3:50:40लाने के पहले ही बड़े-बड़े इन्वेस्टर होते
- 3:50:42हैं वो पहले ही इन्वेस्ट कर देते हैं। वो
- 3:50:43होते हैं एंकर इन्वेस्टर बड़े-बड़े
- 3:50:44इन्वेस्टर ताकि जैसे लेट्स से कि अगर किसी
- 3:50:46के अंदर अगर बिल गेट्स ने इन्वेस्ट करा
- 3:50:48हुआ है। बिल गो्स ने इन्वेस्ट करा हुआ है
- 3:50:50किसी ने तो ऐसा नहीं लोग कि यार बिल गेट्स
- 3:50:51ने इन्वेस्ट कराया तो तो ये कंपनी बहुत
- 3:50:53अच्छी है। फिर तो इसका आईपीओ बहुत ज्यादा
- 3:50:55अच्छा जाएगा। लोगों को कॉन्फिडेंस आ जाता
- 3:50:56है। ठीक है? लो कॉन्फिडेंस आता है तो
- 3:50:58इसलिए वो कहलाएगा एंकर इन्वेस्टर। ठीक है?
- 3:51:00तो एंकर इन्वेस्टर को भी आप जो प्राइस
- 3:51:02दोगे ना शैल नॉट बी लेस देन द प्राइस ऑफर
- 3:51:04टू अदर इन्वेस्टर। अदर इन्वेस्टर को जितनी
- 3:51:06प्राइस दे रहे हो उतनी की आप दोगे उससे कम
- 3:51:07नहीं आप दे सकते।
- 3:51:10बाकी वही है जो मैंने पढ़ा था रिटेल
- 3:51:11इन्वेस्टर्स एंप्लई वगैरह इनको 10% से कम
- 3:51:13दे सकते हैं। हम यह वाला फिर भी मुझे लगता
- 3:51:17है शायद गलती से आ जाए। इंपॉर्टेंट एक बार
- 3:51:18मार्क कर लो।
- 3:51:20हो गया। अब ये हां मतलब इसमें कुछ-कुछ काम
- 3:51:23का बचा है। बाकी तो ठीक है। हो गया ये अपन
- 3:51:27कुछ ज्यादा खास है नहीं।
- 3:51:30सो ना अब इसके अंदर है एलोकेशन वाला शायद
- 3:51:32जैसे और तुमको शायद पता भी होगा ये जो जो
- 3:51:34शेयर मार्केट में इंटरेस्टेड है उनको पहले
- 3:51:36से पता होगा। तीन तरह के इन्वेस्टर होते
- 3:51:37हैं। रिटेल इन्वेस्टर जिसको अपन बोलेंगे
- 3:51:40आरआईआई।
- 3:51:42नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर
- 3:51:45फिर एक आता है एक क्यूआईबी। फिर आता है एक
- 3:51:48क्यूआईबी। तो नॉन इंस्टीट्यूशन इन्वेस्टर
- 3:51:50के अंदर जो आते हैं जो एचएआई जो आते हैं
- 3:51:52तुमको पता होगा हाई हाई नेटवर्थ वाले जो
- 3:51:54आते हैं हाई नेटवर्थ वाले इंस्टेंट आते
- 3:51:56हैं वो आते हैं तो रिटेल इन्वेस्टर जो 2
- 3:51:58लाख से कम रुपए लगाते हैं एनआई जो जनरली 2
- 3:52:00लाख से ज्यादा लगाते हैं क्यूआईबी जो
- 3:52:01जनरली 10 लाख से ज्यादा लगाते हैं जनरल ये
- 3:52:03चलता है इसके अंदर ठीक है तो अब इसके अंदर
- 3:52:05जब आप कोई भी शेयर लाओगे तो इन तीनों के
- 3:52:07लिए अलग-अलग कोटाज़ होते हैं कि इन तीनों
- 3:52:08में से किसके पास कितना कोटा है किसको
- 3:52:10इतने इतने शेयर्स अलॉट होंगे इसको इतने
- 3:52:11कोटा अलॉट होंगे इसको इतने अलॉट होंगे तो
- 3:52:13वो वाला हमेशा चलता है ठीक है तो अब इसके
- 3:52:16अंदर कैसे क्या होगा ये अब ये मतलब
- 3:52:18नेटवर्थ के बेसिस पे होता है इन सबका वो
- 3:52:20इशू तो वो ठीक है ये बेसिक है इतना तो
- 3:52:21कोर्स में है नहीं पर ओवरऑल इतना है तो
- 3:52:23रिटेल इन्वेस्टर एनआई क्यूआईबी को कितने
- 3:52:25शेयर्स अलॉट करने हैं उस केस के अंदर तो
- 3:52:27सर इन्होंने बोला कि रिटेल इन्वेस्टर को
- 3:52:29मिनिमम 35% करने हैं ठीक है एनआईआई
- 3:52:32[नाक से की जाने वाली आवाज़] को मिनिमम
- 3:52:3415% करने हैं क्यूआईबी को मिनिमम 50% करने
- 3:52:38हैं उसमें भी 5% तो फिक्स है कि म्यूच्यूल
- 3:52:40फंड को दोगे 5% तो फिक्स है कि म्यूच्यूल
- 3:52:42फंड को दो ओके तो सर यहां पे क्या ध्यान
- 3:52:46रखना वर्डिंग ध्यान रखना
- 3:52:48रे जो नॉर्मल रिटेल इन्वेस्टर है उनको
- 3:52:51मिनिमम 35% देने हैं। इधर एनआईए को मिनिमम
- 3:52:5515% देने हैं। क्यूआईबी को मैक्सिमम
- 3:52:58ज्यादा से ज्यादा ज्यादा से ज्यादा 50% दे
- 3:53:00सकते हो। ठीक है? उसमें भी 5% तो आपको
- 3:53:02म्यूच्यूल फंड को देने ही देने पड़ेंगे।
- 3:53:045% उसमें मिनिमम म्यूच्यूल फंड को देने ही
- 3:53:06देने पड़ेंगे। तो ये कब होगा? जब आप आईपीओ
- 3:53:08इशू कर रहे हो। आईपीओ वगैरह इशू कर रहे
- 3:53:09हो। जो आपकी नॉर्मल कंडीशन नहीं थी कि
- 3:53:11आपका नेटवर्थ इतना है, आपका प्रॉफिट इतना
- 3:53:13है। लास्ट 3 साल से लगातार प्रॉफिट के
- 3:53:14अंदर है। नेटवर्थ आपका 3 करोड़ समथिंग
- 3:53:16वाला है। वो सारी वाली कंडीशन
- 3:53:18[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 3:53:18थी कि नेम चेंज आपका हुआ है तो 50%
- 3:53:20रिवन्यू कम होना चाहिए। वो सारी कंडीशन
- 3:53:22अगर आपकी पूरी हो रही है तो ये पूरा होगा।
- 3:53:23पर अगर वो कंडीशन पूरी नहीं होती तो अपन
- 3:53:25चले जाते बुक बिल्डिंग प्रोसेस पे। अगर वो
- 3:53:28कंडीशन पूरी नहीं होती तो अपन चले जाते
- 3:53:29हैं बुक बिल्डिंग प्रोसेस पे। तो बुक
- 3:53:31बिल्डिंग प्रोसेस पे अगर आप चले गए। अगर
- 3:53:33आप बुक बिल्डिंग प्रोसेस पे अगर आप चले गए
- 3:53:36तो बुक बिल्डिंग प्रोसेस के अंदर
- 3:53:38क्या-क्या अह फिर होना चाहिए कोटेशन तो
- 3:53:41यहां पे होगा मैक्सिमम 10% रिटेल को
- 3:53:44मैक्सिमम
- 3:53:46मैक्सिमम 15% एनआईआई को मैक्सिमम क्योंकि
- 3:53:50अपना क्यूआईबी की कंडीशन ही क्या होती है
- 3:53:52कि मिनिमम 75% तो आपको क्यूआईबी को देना
- 3:53:56ही पड़ेगा। बुक बिल्डिंग प्रोसेस की
- 3:53:57कंडीशन ही यही होती है। कंडीशन यही होती
- 3:53:59है। तो ये तो ईजीली याद हो जाएगा। यह तो
- 3:54:01इज़ली याद हो जाएगा क्योंकि बुक बिल्डिंग
- 3:54:02प्रोसेस की अपनी कंडीशन क्या थी कि आपको
- 3:54:04मिनिमम 75% क्यूआईबी को देना पड़ेगा। अभी
- 3:54:065% म्यूच्यूल फंड उसमें से भी तो मिनिमम 5
- 3:54:0975% क्यूआईबी को देना है तो बाकी बचा 25%
- 3:54:12बाकी बचा 25% में 10% आरआई को दे देना 15%
- 3:54:15एनआई को दे देना। 10% आरआई को दे देना और
- 3:54:1715% एनआई को दे देना। तो यहां पे मैक्सिमम
- 3:54:20मैक्सिमम यहां पर है। यहां पे मिनिमम
- 3:54:22मिनिमम यहां पे इन दो को कि कम से कम इसको
- 3:54:24इतना इन दोनों को इतना देना है। यहां पे
- 3:54:25कि कम से कम इसको इतना देना। कम से कम
- 3:54:27इतना देना। तो ये तुम एक बार याद कर लेना
- 3:54:29भाई। 35 150 35 150 मिनिमम मिनिमम
- 3:54:32मैक्सिमम मिनिमम मिनिमम मैक्सिमम मिनिमम
- 3:54:33मिनिमम मैक्सिमम मिनिमम मिनिमम मिनिमम
- 3:54:35मैक्सिमम मिनिमम मिनिमम मैक्सिमम ठीक है
- 3:54:37ना तो 35 150 और उसके बाद इधर कितना है सर
- 3:54:42इधर सर 75% क्यूआईबी को दे दो बाकी के जो
- 3:54:44भी 10 और 15% है वो आरआई और एनआई को दे
- 3:54:47देना और सर कभी भी अनसस्क्राइब पोर्शन
- 3:54:50होगा कभी भी मतलब एक है कि म्यूच्यूल फंड
- 3:54:52वाले को तो 5% मिलेगा ही मिलेगा म्यूचल
- 3:54:54फंड वालों को 5% मिलेगा ही मिलेगा और जो
- 3:54:55बाकी वाला जो है 5% के अलावा वो बाकी वाले
- 3:54:57क्यूआई को क्यूआई को मिलेगा तो उसके अलावा
- 3:54:59जो बाकी है कि यह आरआईआई है, एनआईआई यह इन
- 3:55:01सबके अंदर है। आरआईआई है, एनआईआई ऐसा है।
- 3:55:05तो अब इनका मिनिमम वाला पोर्शन में भी
- 3:55:07इन्होंने ना सब्सक्राइब ही नहीं हुआ। ये
- 3:55:09पूरा सब्सक्राइब नहीं हुआ कि रिटेल
- 3:55:10इन्वेस्टर आए कम। वो लेना ही नहीं चाह
- 3:55:12रहे। वो लेना ही नहीं चाह रहे। रिटेल
- 3:55:13इन्वेस्टर आए नहीं। लोगों ने सारी की सारी
- 3:55:14एप्लीकेशन एनआईआई ने लगाई है। हाई नेटवर्थ
- 3:55:16इंडिविजुअल ने लगाई है। उन सब ने लगाई है।
- 3:55:18ऐसा कुछ हुआ है। तो इन दोनों के बीच में
- 3:55:20आप स्विच कर सकते हो कि अगर ये वाले लोग
- 3:55:21ज्यादा नहीं ले रहे तो इसका कोटा भी इसको
- 3:55:23लोड कर देना। इसका कोटा भी इसको लोड कर
- 3:55:24देना। पर पहले कोशिश करना कि ये लोग आपको
- 3:55:26ले पर ये नहीं ले रहे तो इसका कोटा उसको
- 3:55:27देना। इसका कोटा उसको दे देना। से छोटा
- 3:55:29रहेगा। एंकर इन्वेस्टर सर एंकर इन्वेस्टर
- 3:55:32को कितना देना पड़ेगा? मैंने एंकर
- 3:55:34इन्वेस्टर बताया था ना कि जो इशू होने के
- 3:55:36पहले ही इशू होने के पहले मतलब जैसे ही
- 3:55:37अपन आईपीओ ला रहे हैं उसके पहले ही वो
- 3:55:39बंदा कंपनी में इन्वेस्ट करके बैठ गया। तो
- 3:55:40आपको कम से कम एंकर इन्वेस्टर को मतलब
- 3:55:42सॉरी मैक्सिमम आप एनुअल इन्वेस्टर को अप
- 3:55:44टू 60% ऑफ़ क्यूआईबी 60% ऑफ़ क्यूआईबी आपको
- 3:55:48एंकर इन्वेस्टर को दे सकते हो। अप टू अप
- 3:55:51टू कि जितना आप क्यूआईबी को एलोकेट कर रहे
- 3:55:53हो उसके 60% तक आप एंकर इन्वेस्टर को दे
- 3:55:56सकते हो। जितना आप क्यूआईबी को अलॉट कर
- 3:55:57रहे हैं उसके 60% तक आप एंकर को इन्वेस्ट
- 3:56:00कर सकते हो। जितना आप क्यूआईब को इन्वेस्ट
- 3:56:01कर रहे हो उसके 60% तक आप क्यूआईबी को
- 3:56:02इन्वेस्ट कर सकते हो। ठीक है? अब इस ना
- 3:56:06एनआई के अंदर भी दो कैटेगरीज होती है।
- 3:56:08एनआई के अंदर भी दो कैटेगरीज़ होते हैं।
- 3:56:09ठीक है ना? ये 10 लाख वाला यहां पे नहीं
- 3:56:11लगता। एक्चुअली ये 10 लाख वाला भी इधर ही
- 3:56:12लगता है। ग्रेटर दैन 2 लाख। उसमें भी एक
- 3:56:14आता है ग्रेटर दैन 10 लाख। क्यूआई भी तो
- 3:56:15अलग ही चीज़ हो जाती है। वो तो करोड़ों में
- 3:56:17लग जाता है क्यूआई। ठीक है ना? 2 लाख और
- 3:56:1810 लाख मैंने बताया ना कि एनआईआई उसके लिए
- 3:56:20आए थे। तुमको पता होगा एक जो स्टॉक
- 3:56:22मार्केट में उनको पहले से पता होगा यार
- 3:56:24एचएआई दो तरह के होते हैं। 2 लाख से ऊपर
- 3:56:25के एप्लीकेशन लगाते हैं और एक 10 लाख के
- 3:56:27ऊपर की एप्लीकेशन लगाते हैं। तुमको पहले
- 3:56:28ही पता होगा ये सारी चीजें। ठीक है ना? तो
- 3:56:30ये जो एनआईआई वाला था ना ये वाला यही
- 3:56:32एनआईआई इसके अंदर इन्होंने यही बोल दिया।
- 3:56:34इसके अंदर भी इन्होंने यही बोल दिया कि दो
- 3:56:35तरह के एनआईआई होंगे। उसमें से भी
- 3:56:38इन्होंने अलॉट कर दिया कि जो भी एनआई को
- 3:56:39कोटा आपने दिया ना 15% या इधर जो भी 15%
- 3:56:42वाला कोटा जो आपने दिया उस 15% का भी जो
- 3:56:44आपने 15% का कोटा दिया है लेट से उस 15%
- 3:56:47का भी 1/3 अमाउंट जो होगा ना वो उन लोगों
- 3:56:50को मिलेगा जो 2 लाख से 10 लाख के बीच में
- 3:56:52एप्लीकेशन लगा रहे हैं। जो 2 लाख से 10
- 3:56:55लाख के बीच में एप्लीकेशन लगा रहे हैं। और
- 3:56:56उस 15% का 2/3 कोटा उसको मिलेगा जो 10 लाख
- 3:56:59के ऊपर की एप्लीकेशन लगा रहे हैं। जो 10
- 3:57:00लाख के ऊपर की एप्लीकेशन लगा रहे हैं। और
- 3:57:03यही है वो इंटरचेंज हो जाएगा कि अगर इधर
- 3:57:05एप्लीकेशन कम आ रही है तो इसका कोटा इसको
- 3:57:06दे देंगे। इधर एप्लीकेशन कम आ रही है तो
- 3:57:07इसका कोटा इधर दे देंगे। वो बाद में
- 3:57:08इंटरचेंज कर सकते हैं। पर ऐसा जनरली कोटा
- 3:57:10यही होना चाहिए। ठीक है? तो जो एनआई को
- 3:57:13एलोकेट करा था अपन ने यहां पे 15% उस 15%
- 3:57:16का 1/3 भी किसको जाएगा? जो एप्लीकेशन लोग
- 3:57:182 लाख से 10 लाख के बीच में लगा रहे हैं।
- 3:57:20रुपए के बीच में रुपए की बात चल रही है।
- 3:57:21लाख से 10 लाख के बीच में लगा रहे हैं।
- 3:57:22उनको 1/3 जाएगा। और जो 2/3 एप्लीकेशन
- 3:57:25किसको जाएगा? 10 लाख के ऊपर की एप्लीकेशन
- 3:57:27लगा रहे हैं। इतने ज्यादा एप्लीकेशन लगा
- 3:57:28रहे हैं बड़े अमाउंट की तो उनको 2/3 वाला
- 3:57:30उनको ज्यादा लोकेट करेंगे।
- 3:57:34ठीक है और बुक बिल्ड आप नहीं कर रहे यह सब
- 3:57:36बात हो रही जनरली भी बुक बिल्डिंग प्रोसेस
- 3:57:38की बात हो रही है अगर आप नॉन बुक बिल्डिंग
- 3:57:39नॉन बुक बिल्डिंग की कर रहे हो तो 50%
- 3:57:40रिटेल इन्वेस्टर को अलॉट हो जाएगा और बाकी
- 3:57:43का अदर इंडिविजुअल और कॉर्पोरेट को हो
- 3:57:45जाएगा बाकी का अदर इन्वेस्टर और कॉर्पोरेट
- 3:57:46को हो जाएगा। ठीक है? फालतू बातें हैं यह
- 3:57:47वाली तो। पर यह एक बार देख लेना आप। यह
- 3:57:49इतनाइतना देना पड़ेगा। अगर आप नेट नेटवर्क
- 3:57:51वाली सारी कंडीशन पूरी करके जा रहे हो तो
- 3:57:53आप आरआईआई, एनआईआई और अह क्वालिफाइड
- 3:57:55इंस्टिट्यूशन बाय उसमें से भी 5%
- 3:57:56म्यूच्यूल फंड को कितना है? 35 150 35 150
- 3:57:58और मूड बिगिनिंग में जा रहे हो तो 75%
- 3:58:00मिनिमम आपको देना पड़ेगा इनको और बाकी
- 3:58:02मैक्सिमम मैक्सिमम 1015% देना पड़ेगा
- 3:58:04इनको। उसके बाद ठीक है? एंकर इन्वेस्टर को
- 3:58:06आप 65% ऑफ क्यूआई भी आप दे सकते हो। 60%
- 3:58:09ऑफ क्यूआई भी दे सकते हो। एनआई को जो अलॉट
- 3:58:11करा था अपन ने 1/3 और 2थ अलॉट करा था। 1
- 3:58:13और 2थ किसको? 2 से 10 लाख और 10 लाख से
- 3:58:15ज्यादा वाले।
- 3:58:16ठीक है सर।
- 3:58:23अब यह वही है कि कॉम्पिटिटिव बेसिस के
- 3:58:25बेसिस पे अपन कभी-कभी नहीं होता। तुमने
- 3:58:26देखा होगा कि यार कंपनी वाले अपने जो
- 3:58:28एग्जिस्टिंग शेयर होल्डर हैं उनके लिए और
- 3:58:32एंप्लाइजज़ के लिए और एंप्लाइजज़ के लिए जो
- 3:58:34एकिस्टिंग शेयर होल्डर है कंपनी के और
- 3:58:36एंप्लईज़ के लिए कि कंपनी कभी भी कोई नया
- 3:58:37इशू ला रही है ऐसा कुछ ला रही है तो पहले
- 3:58:39कंपनी ना इन लोगों के लिए थोड़ा एक अलग से
- 3:58:41कोटा निकाल देती है। इनके लिए थोड़ा एक अलग
- 3:58:42से कोटा निकाल देती है इशू साइज़ कि 10% जो
- 3:58:45शेयर होंगे ना हमारे वो केवल इन लोगों के
- 3:58:47लिए रिजर्व होंगे। रिजर्वेशन इनके लिए डाल
- 3:58:48देती है। 5% शेयर इन लोगों के लिए रिजर्व
- 3:58:50होंगे कि पहले 5% हम एंप्लाइजज़ को देंगे।
- 3:58:52रिजर्व है कि ये 5% अमाउंट एंप्लाइजज़ को
- 3:58:55मिलेगा। 10% एकिस्टिंग शेयर होल्डर को
- 3:58:57मिलेगा। अब रिमेनिंग कितना बचा है? 85% ये
- 3:58:5985% नॉर्मल पब्लिक में बटेगा। ये नॉर्मल
- 3:59:0185% नॉर्मल पब्लिक में बटेगा। तो कर देती
- 3:59:04है क्योंकि वो एंप्लई और एकिस्टिंग शेयर
- 3:59:05होल्डर को थोड़ा बहुत बढ़ावा देना चाहती
- 3:59:08है कि तुम्हारे पास हमारी कंपनी के शेयर
- 3:59:09रहेंगे। हम भी यही चाहते हैं। तो एंप्लई
- 3:59:11और एक्सिस्टिंग शेयर होल्डर के लिए कुछ वो
- 3:59:12रख सकती है। ठीक है ना?
- 3:59:16तो एंप्लाइजस को कितना रिजर्वेशन दे सकती
- 3:59:18है? मैक्स 5% ऑफ़ पोस्ट इशू कैपिटल और 2
- 3:59:21लाख पर एंप्लई से ज्यादा नहीं रख सकती।
- 3:59:23मैक्सिमम 5% ऑफ पोस्ट इशू कैपिटल उन
- 3:59:26एंप्लईस के लिए रख सकती है और 2% 2 लाख पर
- 3:59:28एंप्लई से ज्यादा नहीं रख सकती और
- 3:59:32और अगर यही है कि अब यार ये तो समझाना
- 3:59:35भारी पड़ सकता भारी तो नहीं पर टाइम
- 3:59:36कंज्यूम हो जाएगा कोई सेंस नहीं है। लेट्स
- 3:59:38से चल ए बी सी तीन एंप्लई तीन एंप्लई है।
- 3:59:41मैंने बोला इन सबको मिला के 5% तक रख सकते
- 3:59:43हैं। प्लस साथ में अमाउंट भी कितना होना
- 3:59:45चाहिए? एक एंप्लॉय के पास ₹2 लाख से
- 3:59:46ज्यादा नहीं होना चाहिए। ठीक है? 5% ऑफ़
- 3:59:48पोस्ट इशू कैपिटल। 5% पोस्ट इशू कैपिटल।
- 3:59:50पर असली में ऐसा हुआ हमने तो 5% रिजर्व
- 3:59:52करा था पर 5% लोगों ने एप्लीकेशन दी ही
- 3:59:55नहीं भाई एंप्लई 3% लोगों ने एप्लीकेशन दी
- 3:59:573% ने एप्लीकेशन दी तो फिर अपन बोल देंगे
- 3:59:59चलो कोई बात नहीं 3% ने दी ना तो इस 2 लाख
- 4:00:01को बढ़ा के मैक्सिमम अपन 5 लाख कर देते 2
- 4:00:04लाख को बढ़ा के 55 लाख कर देते हैं कि एक
- 4:00:05एंप्लई 5 लाख तक दे सकता है क्योंकि वैसे
- 4:00:07ही सारे एंप्लई ने तो लिया ही नहीं है।
- 4:00:09सारे एंप्लई ने तो लिया ही नहीं है। तो
- 4:00:10पहले अगर सारे एंप्लई लेते तो ₹2 लाख पर
- 4:00:12एंप्लई तक ही शेयर देते हम। पर सारे
- 4:00:13एंप्लई ने लिया नहीं है तो चलो तुम
- 4:00:15थोड़े-थोड़े शेयर और ले लो। थोड़े-थोड़े
- 4:00:16शेयर और ले लो। 5 लाख तक तुम ले लो। तो
- 4:00:18बाकी कितना ध्यान रखना इतना मत सोचो यार।
- 4:00:20इतना समझाऊंगा मैं तो भाई कैसे होगा
- 4:00:22एंप्लई रिजर्वेशन 5% तक होना और ₹2 लाख पर
- 4:00:25कैपिटल तो यहां पे 5% ऑफ़ पोस्ट इशू कैपिटल
- 4:00:28इशू करने के बाद जो कैपिटल है उसका 5% और
- 4:00:30शेयरहोल्डर के लिए 10% ऑफ इशू साइज
- 4:00:32मैक्सिमम 10% ऑफ़ इशू साइज जितना इशू कर
- 4:00:35रहे हो उसका 10% जितना इशू कर रहे हो उसका
- 4:00:3710% बात क्या हुई है शेयरहोल्डर को आपने
- 4:00:39बोला जितना इशू कर रहे हो उसका 10% एंप्लई
- 4:00:42को बोला कि पोस्ट इशू इशू करने के बाद जो
- 4:00:44कैपिटल होगी उसका 5% ठीक है ये वाली चीज़
- 4:00:47है अब ये एमसीक्यू में आ जाए तो आ जाए ये
- 4:00:49चीज़ है न्यू न्यूमेरिकल लिमिट्स क्या ही
- 4:00:50कर लूंगा मैं इसका। हां, ऑडिट होती तो
- 4:00:52बहुत बार रिवाइज़ कराता, बहुत बार समझाता,
- 4:00:54चीजें करवाता। पर अब इसका पागलपन होगी अभी
- 4:00:56वाला वही बोल रहा हूं। ठीक है? पर हां जो
- 4:00:58अभी है अच्छे से तो पढ़ रहे हैं अपन यार।
- 4:00:59वो कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं कर रहा है। और
- 4:01:01तुम फिर भी खराब लोग ना वीडियो लाइक करके
- 4:01:02जाते हो ना कमेंट करके जाते हो। तुम्हारा
- 4:01:04अटेम्प्ट भी नहीं बताते। मेरे को अटेम्प्ट
- 4:01:05बता दो। कम से कम तुम्हारा मुझे चीजें समझ
- 4:01:07में आती है तुम्हारी सीए फाइनल की। भाई
- 4:01:08प्लीज कर दो। तुम्हारा अटेम्प्ट बता दो।
- 4:01:10मेरी तारीफ ही कर दो और कुछ नहीं। तो मेरी
- 4:01:11तारीफ करके फिर अटेम्प्ट भी बता देना। ठीक
- 4:01:13है ना? चलो
- 4:01:15ब्रच प्रोस्पेक्टस वगैरह कुछ नहीं है।
- 4:01:17छोड़ दो। में कोई सेंस नहीं है।
- 4:01:18अवेलेबिलिटी ऑफ़ इशू मटेरियल ये जो भी लीड
- 4:01:20मैनेजर है ना वो ऑफर डॉक्यूमेंट इन सबको
- 4:01:21मिलेगा। सिंडिकेट मेंबर रजिस्ट्रार वगैरह
- 4:01:23इन सबको मिलेगा। फालतू बातें हैं।
- 4:01:24प्रोहिबिशन ऑन पेमेंट ऑफ़ इंसेंटिव। वैसे
- 4:01:26तो फालतू बात है पर कुछ नहीं है। ये बोल
- 4:01:27रहा है कि किसी भी इंसान को आपको इंसेंटिव
- 4:01:30नहीं देना। आप किसी इंसान को रुपए दे रहे
- 4:01:31हो कि मैं तेरे को रुपए दूंगा। मैं तेरे
- 4:01:33को रुपए दूंगा। तू इस आईपीओ में एप्लीकेशन
- 4:01:35लगा। तू इस आईपीओ में एप्लीकेशन लगा। मतलब
- 4:01:36लोगों को रुपए देके तू इस आईपीओ में
- 4:01:38एप्लीकेशन लगा। मैं तेरे को ₹500 दूंगा।
- 4:01:39तू इस आईपीओ में एप्लीकेशन लगा। पैसे लगा
- 4:01:42मैं तेरे को कुछ कमीशन दूंगा। ऐसा कभी
- 4:01:45नहीं कर सकता। एक्सेप्ट अंडरराइटर
- 4:01:47अंडरराइटर के साथ ही कर सकते हो।
- 4:01:48सिक्योरिटी डिपॉजिट ईश्वर को ना हमेशा
- 4:01:50स्टॉक एक्सचेंज के साथ एक सिक्योरिटी
- 4:01:52डिपॉजिट जमा करानी पड़ती है। स्टॉक
- 4:01:53एक्सचेंज जो भी है उसके साथ सिक्योरिटी
- 4:01:54डिपॉजिट जमा करानी पड़ती है। कितनी
- 4:01:56सिक्योरिटी डिपॉजिट? 1% ऑफ इशू साइज। 1%
- 4:01:58ऑफ इशू साइज जितना भी है वो जमा करानी
- 4:02:00पड़ती है। बाद में रिफंड हो जाती है। ये
- 4:02:02तो केवल एक डिपॉजिट है। ठीक है ना?
- 4:02:04अंडरराइटर अंडरराइटर मैंने बोल दिया था
- 4:02:06अंडराइटिंग क्या होता है सर? क्योंकि अपन
- 4:02:07को 90% शेयर अगर आपके सब्सक्राइब नहीं करे
- 4:02:10पब्लिक ने मतलब नहीं लिए लोगों ने
- 4:02:11सब्सक्राइब नहीं लिए तो आपको वो आपका
- 4:02:13आईपीओ सेल हो जाएगा और आपको सबको अपना
- 4:02:15पैसा रिफंड करना पड़ेगा। तो इसलिए कंपनी
- 4:02:17वाले पहले ही अंडरराइटर से एग्रीमेंट कर
- 4:02:19लेते हैं। अंडरराइटर से एग्रीमेंट कर लेते
- 4:02:21हैं कि भाई देख तू कोशिश कर हमारे शेयर्स
- 4:02:23को प्रमोट कर। वो सारे शेयर्स को प्रमोट
- 4:02:25करता है। एडवर्टाइजमेंट देता है।
- 4:02:26अच्छी-अच्छी कंपनी के बारे में
- 4:02:27अच्छी-अच्छी चीजें बताता है। तो वो प्रमोट
- 4:02:29करता है कि आपके 90% शेयर लोग ले ही लें।
- 4:02:31फिर भी अगर कुछ बच जाए कि लेट्स से 85% ही
- 4:02:34सब्सक्राइब हो पाए। तो इसके साथ एग्रीमेंट
- 4:02:36होता है कि जो फिर रिमेनिंग 5% या मतलब
- 4:02:38जितना भी पब्लिक ने सब्सक्राइब नहीं करा
- 4:02:4090% के लिए वो रिमेनिंग वाले अंडरराइटर
- 4:02:42खुद से खरीद लेता है। रिमेनिंग वाले
- 4:02:44अंडराइटर खुद से खरीद लेता है कि भाई
- 4:02:45कंपनी का आईपीओ फेल नहीं होना चाहिए।
- 4:02:47आईपीओ फेल नहीं होना चाहिए। ठीक है?
- 4:02:52अंडरराइटिंग इन एफपीओ अगर एफपीओ कर रहे हो
- 4:02:54अदर दैन बुक बिल्डिंग ऑफ तो आप मर्चेंट
- 4:02:56बैंकर से कॉन्ट्रैक्ट कर सकते हो या स्टॉक
- 4:02:58ब्रोकर जो भी सेबी का है उनको आप
- 4:02:59अंडरराइटर बना सकते हो। तो मर्चेंट बैंकर
- 4:03:01या स्टॉक ब्रेकर पर यही आप बुक बिल्डिंग
- 4:03:03प्रोसेस से कर रहे हो। बुक बिल्डिंग
- 4:03:05प्रोसेस से कर रहे हो तो लीड मैनेजर या
- 4:03:07फिर सिंडिकेटेड मैनेजर इनको हो सकता है।
- 4:03:09उसमें से भी मिनिमम 75% आपको नेट ऑफर
- 4:03:13क्यूआईबी को देना ही देना पड़ेगा। क्योंकि
- 4:03:14आप बुक बिल्डिंग कर रहे हो। बुक बिल्डिंग
- 4:03:15में तो मिनिमम 75% क्यूआई को जाएगा ही
- 4:03:17जाएगा। ये तो प्री कंडीशन है। वो
- 4:03:19अंडरराइटिंग में नहीं जा सकता। ठीक है?
- 4:03:25ठीक है। अगर सिंडिकेटेड मेंबर को पहले अगर
- 4:03:27फेल हो गया तो लीड मैनेजर लेगा। मैंने
- 4:03:28बोला ना यहां तो सिंडिकेटेड मेंबर और लीड
- 4:03:30मैनेजर इन दोनों से एग्रीमेंट कर लेते हैं
- 4:03:32अपन कि अगर हमारा पब्लिक ने शेयर नहीं
- 4:03:33खरीदा तो तुम खरीदोगे। तो पहले सिंडिकेटेड
- 4:03:35मेंबर को बोलेंगे तू खरीद लेना। अगर
- 4:03:37सिंडिकेटेड मेंबर भी नहीं खरीद पाया तो
- 4:03:38फिर लीड मैनेजर खरीद लेगा। ठीक है? तो अदर
- 4:03:40दैन बुक बिल्डिंग के अंदर मर्चेंट बैंकर
- 4:03:42और स्टॉक ब्रोकर को अपन कॉन्ट्रैक्ट कर
- 4:03:43सकते हैं अंडरराइटिंग का। बुक बिल्डिंग के
- 4:03:45अंदर अपन लीड मैनेजर सिंडिकेटेड मैनेज
- 4:03:46सिंडिकेटेड मेंबर से कर सकते हैं अपन।
- 4:03:56मॉनिटरिंग एजेंसी। मॉनिटरिंग एजेंसी के
- 4:03:58अंदर कुछ नहीं है। सर अगर कभी भी आपका
- 4:03:59आईपीओ 100 करोड़ के ऊपर का है। कभी भी अगर
- 4:04:01आपका आईपीओ 100 करोड़ के ऊपर का इशू साइज
- 4:04:03आपकी 100 करोड़ के ऊपर की है तो उस केस के
- 4:04:05अंदर आपको एक मॉनिटरिंग एजेंसी बिठानी
- 4:04:06पड़ेगी। मॉनिटरिंग एजेंसी बिठानी पड़ेगी।
- 4:04:08वो देखेगी आपका आईपीओ का काम पूरा का पूरा
- 4:04:09सही से हो रहा है या नहीं हो रहा। आईपीओ
- 4:04:11आपने सही से इशू करा है। कहीं पे कुछ
- 4:04:12फ्रॉड नहीं करा है। फिर आईपीओ इशू करने के
- 4:04:14बाद जो पैसा आपके पास आया है, जो प्रोसीड
- 4:04:16आपके पास आई है, उस प्रोसीड का
- 4:04:18यूटिलाइजेशन भी आप सही से कर रहे हो।
- 4:04:20यूटिलाइजेशन सही से कर रहे हो। मतलब जो
- 4:04:21चीज आपने बोला था कि ये पैसा जिस जगह
- 4:04:23यूटिलाइज़ होगा बिल्डिंग बनाने में या जो
- 4:04:25भी चीज बोला उसी जगह यूटिलाइज़ करना वरना
- 4:04:27और कहीं पे आप यूटिलाइज़ मत करना। गलत जगह
- 4:04:29यूटिलाइज़ मत करना। ऐसा वो तो ये मॉनिटरी
- 4:04:31एजेंसी देखेगी कब? जब आपका आईपीओ 100 करोड़
- 4:04:33के ऊपर है। उस वक्त आपको देखना पड़ेगा। तो
- 4:04:34ये क्वार्टरली बेसिस पे रिपोर्ट सबमिट
- 4:04:36करेगी। कब? क्वार्टरली बेसिस पे रिपोर्ट
- 4:04:38सबमिट करेगी। जब तक आपका 100% पैसा
- 4:04:40यूटिलाइज़ ना हो जाए। क्वार्टरली बेसिस पे
- 4:04:42विथ इन 45 डज़ फ्रॉम द एंड ऑफ़ ईच क्वार्टर।
- 4:04:44विथ इन 45 ज़ेड फ्रॉम द एंड ऑफ़ ईच
- 4:04:46क्वार्टर। हर स्टॉक एक्सचेंज के पास यह
- 4:04:48रिपोर्ट जाएगी। अपनी वेबसाइट पे भी जाएगी।
- 4:04:49या अपनी वेबसाइट पे भी जाएगी। तभी तो
- 4:04:50तुमको पता होगा कि कभी भी आईपीओ वगैरह इशू
- 4:04:52करती है कंपनी तो एक होता है ना कि आपने
- 4:04:54जो भी आईपीओ का पैसा बोला था उससे कितना
- 4:04:56डेविएट करा आपने यूज़ को कितना डेविएशन
- 4:04:58वेरिएशन हुआ वही वाली चीज
- 4:05:01इशू रिलेटेड एडवरटाइजमेंट छोड़ दो
- 4:05:03एडवर्टाइजमेंट जो एडवर्टाइजमेंट
- 4:05:04प्रोस्पेक्टस आरओसी को फाइल करने के बाद
- 4:05:06भी आपको एडवरटाइजमेंट वगैरह देने होते
- 4:05:07हैं। फालतू बातें हैं। बस हां कि कभी भी
- 4:05:09आप एडवर्टाइजमेंट दोगे अपने आईपीओ के लिए।
- 4:05:10तो कभी भी आपको ऐसी चीजें लिख के नहीं
- 4:05:12देनी कि कहीं पे भी ऐसा इंप्रेशन आए कि ये
- 4:05:14आईपीओ हमारा ऑलरेडी फुल्ली सब्सक्राइब हो
- 4:05:16चुका है। ओवर सब्सक्राइब हो चुका है।
- 4:05:18हमारी कंपनी बहुत बढ़िया है। आओ आओ पैसा
- 4:05:20लगाओ ऐसा नहीं। इन्वेस्टर का रिस्पांस की
- 4:05:22इन्वेस्टर का फीडबैक दे रहे हो। देखो
- 4:05:23हमारी कंपनी की कितनी तारीफ हुई है। देखो
- 4:05:24हमारी कंपनी में पैसा लगाओ। ऐसा नहीं होना
- 4:05:26चाहिए। एडवर्टाइजमेंट में ये दो चीजें
- 4:05:28नहीं होनी चाहिए। साथ में एक और चीज देख
- 4:05:30लेना। बस ये कि जो अभी अमेंडमेंट आया था
- 4:05:32कि भाई जो आईपीओ के लिए आप जो ये प्री
- 4:05:33एडवरटाइजमेंट दोगे ना आईपीओ के लिए वो सेम
- 4:05:35न्यूज़पेपर में होना चाहिए जिसमें आपने
- 4:05:37पब्लिक अनाउंसमेंट कर दी। ऊपर अपनी बात
- 4:05:38नहीं होती कि आपको पब्लिक अनाउंसमेंट करना
- 4:05:40होता है न्यूज़पेपर में। तो जिस
- 4:05:41न्यूज़पेपर में आपने पब्लिक अनाउंसमेंट
- 4:05:42करी थी उसी न्यूज़पेपर में आप
- 4:05:44एडवर्टाइजमेंट दोगे। ठीक है? चलो हो गया।
- 4:05:45छोड़ो।
- 4:05:48टाइम लिमिट फॉर ओपनिंग ऑफ पब्लिक इशू ये
- 4:05:50वो सेम चीज है जो मैंने पहले बोला था लगभग
- 4:05:52वही है कि जैसे ही आज सेबी के ऑब्जरवेशन
- 4:05:54आए उसके 12 महीने के अंदर-अंदर आप पब्लिक
- 4:05:56इशू शुरू करवा देना। 12 महीने के
- 4:05:57अंदर-अंदर आप पब्लिक इशू करा देना। पर
- 4:05:59आरओसी को फाइल करने के 3 दिन बाद। पर
- 4:06:00आरओसी को फाइल करने के 3 दिन। ठीक है? पर
- 4:06:03यह कंडीशन अभी छोड़ दो। अब यह वाली मत जाओ
- 4:06:05कि अगर शेलफ प्रोस्पेक्टस हुआ तो क्या
- 4:06:08होगा? छोड़ दो। सेल्फ प्रोस्पेक्टस हुआ तो
- 4:06:103 मंथ फ्रॉम द डेट ऑफ सेबी ऑब्जर्वेशन। जो
- 4:06:1112 महीने था उसके आगे 3 महीने हो जाएंगे।
- 4:06:13ठीक है? पर यह मत जाओ शेल प्रोस्पेक्टिव
- 4:06:15करा।
- 4:06:17बाकी जो मिनिमम सब्सक्रिप्शन, पीरियड
- 4:06:18सब्सक्रिप्शन, मैनर ऑफ कॉल, पैसा कैसे
- 4:06:20मंगाना है? अलॉटमेंट, प्रोसेसर क्या होगा?
- 4:06:21पोस्ट एडवर्टाइजमेंट सब कुछ सेम है। सब
- 4:06:23कुछ सेम है जो अपन ने पहले आईपीओ एफपीओ
- 4:06:25वगैरह पढ़ा हुआ था। एप्लीकेशन एंड मिनिमम
- 4:06:28साइज वैल्यू ये भी लगभग। अब सब चीज़
- 4:06:30लगभग-लगभग सेम है सर। लगभग-लगभग सेम है कि
- 4:06:3210 से 15,000 का होगा। 25% आपको एटलीस्ट
- 4:06:34पहले से ही एडवांस ले लेना है। बाकी का 12
- 4:06:36महीने के अंदर मंगा लेना है पैसा। वही
- 4:06:38वाली चीज है। पर ऑफर फॉर सेल के अंदर 100%
- 4:06:40पहले लेना है। 25% से काम नहीं चलेगा।
- 4:06:42पूरा का पूरा पहले लेना है। पोस्ट इशू
- 4:06:45रिसोंसिबिलिटी ऑफ़ डली मैनेजर फालतू है कि
- 4:06:46लीड मैनेजर की क्या रिस्पांसिबिलिटी होगी
- 4:06:48इशू होने के बाद? छोड़ दो। पोस्ट इशू
- 4:06:51रिपोर्ट छोड़ दो। रिपोर्ट मतलब कि इशू
- 4:06:55कंप्लीट हो गया। उसके बाद भी लीड मैनेजर
- 4:06:57एक रिपोर्ट बनाता है, शेड्यूल सर्टिफिकेट
- 4:06:59बनाता है कि हां भाई अलॉटमेंट बिल्कुल सही
- 4:07:01तरीके से करा है और जिन लोगों को रिफंड
- 4:07:02करना था रिफंड भी कर दिया। फालतू पॉइंट
- 4:07:04मैंने क्रॉस भी करे भाई छोड़ दो छोड़ दो
- 4:07:07जो भी काम के अपन सब पढ़ रहे हैं और बाकी
- 4:07:09ये तो इतने फालतू है कि इनसे एमसीक्यू आना
- 4:07:10मुश्किल है और गलती से आ गया एक दो नंबर
- 4:07:11तो छोड़ दो भाई पागल हो जाओगे।
- 4:07:14रिस्ट्रिक्शन ऑन फर्दर इशू अपन ने बोला था
- 4:07:16कि कभी भी आपकी एप्लीकेशन पहले से पेंडिंग
- 4:07:17है। मतलब आपने ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट
- 4:07:19पहले सेबी को फाइल कर दिया और टिल टिल
- 4:07:21कहां तक? तक जब तक आपका फाइनल इशू कंप्लीट
- 4:07:23नहीं हो जाए, रिफंड ना हो जाए तब तक आप
- 4:07:24कभी भी नया शेयर नया एफपीओ वगैरह नहीं ला
- 4:07:27सकते। एक्सेप्शन ईशॉप्स ई शॉप्स ला सकते
- 4:07:29थे आप। सेम वोका वही है। प्राइस
- 4:07:31स्टेबलाइजेशन ग्रीन इशू ऑप्शन ये भी आप कर
- 4:07:33सकते थे।
- 4:07:35डन सर ये वाला रेगुलेशन तो अपना हो गया।
- 4:07:38समाप्त। अब अपन चलेंगे नेक्स्ट। इसको पढ़े
- 4:07:41एसएसटी या फिर सेबी एक्ट शुरू करें। मतलब
- 4:07:43हां ये हो गया। अब दो चीज़ और बाकी है अपने
- 4:07:45को। ठीक है? हे लंबा भाई मैं क्या करूं?
- 4:07:48लंबा हे चलना तो पड़ेगा। अभी कंटिन्यू करो।
- 4:07:50चलो आ जाओ। अभी नौटंटियां मत करो। आओ आप
- 4:07:52ठीक है। हे यार अब क्या करूं? मैं तो
- 4:07:53अच्छे से पढ़ा रहा हूं ना। ये तो आईसीआई
- 4:07:55को बोलो तुम। आईसीआई को मेल डाला तुम पागल
- 4:07:56हो गए। आईसीआई वैसे तुम हां चलो
- 4:08:00सर अब आ जाइए आप चैप्टर के स्टार्टिंग पे।
- 4:08:02अब शुरू कर लेते हैं अपना एक बार सेबी
- 4:08:03एक्ट। अभी रेगुलेशंस कर रहे थे ना। देखो
- 4:08:05अभी स्टार्टिंग पे आ गए चैप्टर के बिल्कुल
- 4:08:06स्टार्टिंग पे। मैंने कहा था चार रेगुलेशन
- 4:08:08है। मैंने क्या कहा था भाइयों बहनों चार
- 4:08:10रेगुलेशन है। एलओडीआर हो गया। सबसेेंट
- 4:08:13अपना यही वाला था। फिर उसके बाद ना सेकंड
- 4:08:15इंपॉर्टेंट वाला आईसीडीआर था। सेकंडेंट
- 4:08:17आईसीडीआर था। अब उसको थर्ड पे ना
- 4:08:19इंपॉर्टेंट वाइज बता रहा हूं। थर्ड पे ये
- 4:08:21सेबी एक्ट इंपॉर्टेंट है। फोर्थ पे ये
- 4:08:25सब्सटेंशियल एक्विजिशन शेयर्स एंड पीआईटी
- 4:08:28ये ये दोनों इन दोनों के बहुत बेसिक-बेसिक
- 4:08:30क्वेश्चंस आते हैं। बहुत मतलब कुछ फिक्स
- 4:08:32है वो वाले आते हैं। बाकी एक दो इसमें
- 4:08:34मतलब बहुत सेक्टिव टॉपिक ही पढ़ने
- 4:08:35पड़ेंगे। इसमें नहीं कर सकते ये दोनों। ये
- 4:08:37वाला ये दोनों पूरे भी करेंगे। इसको एंड
- 4:08:38में करेंगे इन दोनों को। बाकी हां ये
- 4:08:40तीनों ज्यादाेंट है। इसके अंदर अपना अच्छा
- 4:08:42कवरेज अच्छा खासा इधर ही हो गया। थोड़ा
- 4:08:43बहुत है वो इधर अपन ब्रेक लेंगे। चलो अब
- 4:08:45सेबी एक्ट कर लेते हैं एक बार। ये तो नीचे
- 4:08:47वाले चार रेगुलेशंस हैं। पहले एक बार सेबी
- 4:08:49चेक कर लें क्योंकि अभी इंपॉर्टेंट वाइस
- 4:08:50ही अपन करते जा रहे हैं। तो सर सबसे पहले
- 4:08:52सेबी इंट्रोडक्शन सर अपन सबको पता है सेबी
- 4:08:55क्या होता है? सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज
- 4:08:56बोर्ड ऑफ़ इंडिया जिसका ईयर ऑफ़
- 4:08:58इस्टेब्लिशमेंट 1998 था। लीगल स्टेटस उसको
- 4:09:001992 में मिला। ठीक है? छोड़ दो। फालतू
- 4:09:02बात फालतू बात फालतू बात। प्राइमरी
- 4:09:04ऑब्जेक्टिव क्या होता है सेबी का? सेबी
- 4:09:05क्यों होता है? ताकि जो इन्वेस्टर है
- 4:09:07सिक्योरिटीज़ का जो इन्वेस्टर है तुम में
- 4:09:09हम जैसे नॉर्मल लोग इन्वेस्ट कर रहे हैं
- 4:09:11सिक्योरिटी में तो हमारा इंटरेस्ट
- 4:09:13प्रोटेक्ट करे। कोई हमारे साथ धोखाधड़ी ना
- 4:09:15कर दे। सिक्योरिटी मार्केट जो होता है
- 4:09:17उसको डेवलप करें। उसको डेवलप करें और उसको
- 4:09:19रेगुलेट करें। सिक्योरिटीज मार्केट को
- 4:09:21डेवलप करें और रेगुलेट करें। सिक्योरिटी
- 4:09:23मार्केट को डेवलप करें और रेगुलेट करें।
- 4:09:25सिंपल सी चीज। ठीक है? उसके बाद उसके बाद
- 4:09:29इस्टैब्लिशमेंट। अब ये फालतू पॉइंट फालतू
- 4:09:31पॉइंट फालतू पॉइंट। बस ये है कि इसका हेड
- 4:09:33ऑफिस कहां पे है? नरिमन पॉइंट मुंबई के
- 4:09:35अंदर। मतलब ये एक बॉडी कॉर्पोरेट है। जो
- 4:09:36सेबी भी जो सेटअप हुआ है जैसे बाकी कंपनी
- 4:09:39वगैरह होती है वैसे सेबी भी एक बॉडी
- 4:09:41कॉर्पोरेट है। और इसका हेड ऑफिस है नरिमन
- 4:09:43पॉइंट मुंबई में। फालतू बात फालतू बात ठीक
- 4:09:45है ना बस यह एक आधी चीज गलती से एमसी में
- 4:09:47आ जाए कॉन्स्टिट्यूशन क्या है मतलब
- 4:09:49कॉन्स्टिट्यूशन की सेबी बोर्ड के अंदर
- 4:09:51सेबी बोर्ड तो अब जहां पे बोर्ड लिखा हुआ
- 4:09:53आएगा उसका मतलब समझ जाना सेबी बोलना चाह
- 4:09:55रहे हैं अपन यहां पे जिसका बोर्ड लिखा हुआ
- 4:09:56आ रहा है वहां पे सेबी बोलना चाह रहे हैं
- 4:09:58ठीक है ना तो अब सेबी बोर्ड मतलब बोर्ड के
- 4:10:00अंदर इस सेबी के अंदर कौन-कौन से लोग होते
- 4:10:03हैं सेबी के अंदर कौन-कौन से लोग होते हैं
- 4:10:05सर उसके अंदर एक चेयरमैन होता है दो मेंबर
- 4:10:07यह होते हैं एक मेंबर यह होता है पांच
- 4:10:08मेंबर ये होते हैं पांच छ सात आठ आठ तो
- 4:10:10मेंबर हो गए आठ तो मेंबर हो गए यह ठीक है
- 4:10:14ना? पांच छ 5 6 7 8 और एक चेयरमैन 8 + 1 8
- 4:10:18+ 1 चेयरमैन होता है जो सेंट्रल गवर्नमेंट
- 4:10:20अपॉइंट करता है। एक चेयरमैन होता है जो
- 4:10:22सेंट्रल गवर्नमेंट अपॉइंट करता है। दो
- 4:10:23मेंबर मिनिस्ट्री अपॉइंट करती है। ऑफिसर
- 4:10:25फ्रॉम द मिनिस्ट्री मतलब सॉरी मिनिस्ट्री
- 4:10:26से कोई ऑफिसर लेते हैं। दो मेंबर कोई भी
- 4:10:29मिनिस्ट्री से अपन ऑफिसर लेते हैं। एक
- 4:10:31मेंबर आरबीआई से लेते हैं। एक मेंबर
- 4:10:33आरबीआई अपॉइंट करता है। मतलब एक मेंबर
- 4:10:35आरबीआई अपॉइंट करता है। पांच मेंबर वापस
- 4:10:38से सेंट्रल गवर्नमेंट अपॉइंट नॉमिनेट करता
- 4:10:40है। उसमें से तीन मेंबर होल टाइम होने
- 4:10:43चाहिए। तीन मेंबर होल टाइम होने चाहिए। तो
- 4:10:44सेंट्रल गवर्नमेंट ने किस-किस को अपॉइंट
- 4:10:46करा? पहले ये देखो आराम से आराम से आराम
- 4:10:47से। वैसे इतना इंपॉर्टेंट नहीं है पर एक
- 4:10:49बार देखो आराम से। सेंट्रल गवर्नमेंट ने
- 4:10:51किस-किस को अपॉइंट करा सर? 8 + 1 चेयरमैन
- 4:10:53होते हैं। 8 + 1 चेयरमैन होते हैं। ठीक है
- 4:10:55ना? उसके अंदर वैसे तुम इसको रख सकते हो
- 4:10:57125। क्या रख सकते हो? 125 याद कैसे करना
- 4:11:00है? 125
- 4:11:02चेयरमैन 125 ऐसे याद कर सकते हो तुम याद
- 4:11:04करने के लिए।
- 4:11:06चेयरमैन
- 4:11:08125
- 4:11:09चेयरमैन 125 चेयरमैन 125 चेयरमैन 125
- 4:11:13चेयरमैन 125 चेयरमैन 125 सेंट्रल
- 4:11:15गवर्नमेंट किस-किस को अपॉइंट करता है सर?
- 4:11:17सेंट्रल गवर्नमेंट एक तो इस चेयरमैन को
- 4:11:19अपॉइंट करेगा। सेंट्रल गवर्नमेंट एक तो इस
- 4:11:21चेयरमैन को अपॉइंट करेगा। फिर उसके बाद जो
- 4:11:24पांच मेंबर है लास्ट वाले ये इनको भी
- 4:11:26सेंट्रल गवर्नमेंट अपॉइंट करेगा। इनको भी
- 4:11:27नॉमिनेट करेगा। उसमें से तीन होल टाइम
- 4:11:29होने चाहिए। उसमें से तीन मेंबर बिल्कुल
- 4:11:31होल टाइम मेंबर होने चाहिए। पूरे टाइम
- 4:11:33अपने साथ ही काम करेंगे। पूरे टाइम अपने
- 4:11:34साथ ही काम करेंगे। एक मेंबर कौन अपॉइंट
- 4:11:37करेगा? एक मेंबर आरबीआई अपॉइंट करेगा। दो
- 4:11:39मेंबर मिनिस्ट्री से लेंगे। दो मेंबर
- 4:11:41मिनिस्ट्री से। ठीक है? तो चेयरमैन वन टू
- 4:11:44फाइव चेयरमैन वन टू फाइव चेयरमैन वन टू
- 4:11:45फाइव। तो ये जो ये फर्स्ट फर्स्ट वाला
- 4:11:47चेयरमैन है वो सेंट्रल गवर्नमेंट। लास्ट
- 4:11:48लास्ट पांच मेंबर है वो सेंट्रल
- 4:11:49गवर्नमेंट। वो भी सेंट्रल गवर्न। बाकी जो
- 4:11:51मेरा वन फाइव वन टू फाइव जो वन टू फाइव वन
- 4:11:53जो बचा एक मेंबर आरबीआई देता है दो
- 4:11:54मिनिस्ट्री से। दो मिनिस्ट्री। ठीक है? ये
- 4:11:57इसका बोर्ड का कंपोज़िशन होता है। अब ये जो
- 4:11:59मेंबर है अपन ने जो पढ़े ये ऑफिस कब तक
- 4:12:01हेल्ड करेंगे? क्या करेंगे वो वाले भी अपन
- 4:12:03को यहां पे एक बार देखना है। देखो सर सबसे
- 4:12:06पहले तो जो जिनजिन को सेंट्रल गवर्नमेंट
- 4:12:08ने अपॉइंट करा सेंट्रल गवर्नमेंट में से
- 4:12:09इसके तीन होल टाइम मेंबर इनको अपॉइंट करा
- 4:12:11और एक चेयरमैन मतलब मेन लोग तो यही है।
- 4:12:14बाकी लोग तो आते जाते हैं। बाकी लोग तो
- 4:12:16आते जाते हैं क्योंकि ये तीन तो होल टाइम
- 4:12:18मेंबर है। पूरे टाइम अपने साथ जुड़े हुए
- 4:12:20हैं। और एक ये एक चेयरमैन मेन लोग तो यही
- 4:12:22है। मेन लोग तो यही है। तो जो चेयरमैन और
- 4:12:25होल टाइम मेंबर है वो 5 साल तक का वो ऑफिस
- 4:12:28हेल्ड करेंगे। 5 साल बाद वापस से रीअपॉइंट
- 4:12:31भी हो सकते हैं। 5 साल बाद वापस से
- 4:12:34रीअपॉइंट भी हो सकते हैं। एलिजिबल है। वो
- 4:12:37रीअपॉइंटमेंट के लिए एलिजिबल है वापस से।
- 4:12:39ठीक है? ऑफिस कब तक हेल्ड करेंगे सर? सर
- 4:12:41ऑफिस एज ऑफ़ 65 65 साल तक की उम्र तक वो
- 4:12:45हेल्ड करेंगे ऑफिस को। 65 साल तक की उम्र
- 4:12:48को अपन हेल्ड करेंगे। इससे पहले भी अपन ने
- 4:12:51एक दो प्रोविज़न पढ़े थे ऐज वाले। अगर तुमको
- 4:12:53याद हो याद हो तो बताओ प्रोविज़न क्या पढ़े
- 4:12:55थे? एक बार सोचो। सोचो थोड़ा सोचो सोचो।
- 4:12:58कुछ याद आया सर अप दो बार पढ़े थे एज वाले
- 4:13:00प्रोविजन एक बार पढ़ा था अपन ने चैप्टर
- 4:13:03नंबर थ्री के अंदर जो केएमपीस के लिए
- 4:13:04बोलता है जो अपने केएमपी है वो मैनेजर
- 4:13:07डब्ल्यू टीडी एमडी डब्ल्यूटीडी मैनेजर
- 4:13:08एमडी डब्ल्यूटीडी मैनेजर इनकी ऐज अपन ने
- 4:13:12क्या बोली थी सर 70 साल क्या बोली थी अपन
- 4:13:15ने 70 साल और उसके बाद अपन ने एक और पढ़ा
- 4:13:18था कुछ एलओडीआर के अंदर पढ़ा था जो नॉन
- 4:13:21एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर होते हैं उनकी ऐज
- 4:13:23की लिमिट दी थी इन्होंने 75 ईयर सर यही
- 4:13:26लिंकेज आपको रखना पड़ेगा। इसलिए मैं आपको
- 4:13:28एक पीडीएफ समरी अलग से दूंगा ना जो भी
- 4:13:30पीडीएफ अपनी रहेगी मैंने बोला टाइम
- 4:13:32न्यूमेरिकल लिमिट वाली वो वहां से आपको
- 4:13:33हेल्प कर देगी। वो आपको Telegram चैनल पे
- 4:13:35अवेलेबल है। मेरे सीए हेमंत सोानी बार-बार
- 4:13:37कोई पूछेगा सर नहीं मिल रही नहीं मिल रही।
- 4:13:38चुपचाप आके फाइल सेक्शन में जाओ।
- 4:13:40टेलीग्राम मेरे Telegram चैनल पे जाना सीए
- 4:13:42हेमंत सोमानी। वहां फाइल सेक्शन में जाओ।
- 4:13:45फाइल सेक्शन में तुम स्क्रॉल करोगे तुमको
- 4:13:46दिख जाएगी जो भी स्पॉमर्म टाइम एंड
- 4:13:48न्यूमेरिकल लिमिट नाम से। ठीक है ना?
- 4:13:49बार-बार पूछ लो काहे का है। हां। चलो। तो
- 4:13:52सर अब मैंने कहा था इसके अंदर जो अपने मेन
- 4:13:54पर्सन है जिनको सेंट्रल गवर्नमेंट ने
- 4:13:55अपॉइंट करा चेयरमैन और तीन होल टाइम
- 4:13:57मेंबर्स होते हैं उनको 5 साल के लिए ऑफिस
- 4:13:59होल्ड करेंगे और बार-बार रीपॉइंट हो सकता
- 4:14:01है बार-बॉइंट हो सकते है उसमें कोई दिक्कत
- 4:14:02नहीं है और उनकी भी ऐज 65 ईयर तक की लिमिट
- 4:14:06और होगी उसके बाद रीअपॉइंट नहीं हो पाएंगे
- 4:14:08उसके बाद टर्मिनेट किस-किस को करता है
- 4:14:10सेंट्रल गवर्नमेंट किस-किस को टर्मिनेट कर
- 4:14:12सकता है सिंपल सी बात है सर जिनजिन को
- 4:14:14सेंट्रल गवर्नमेंट ने अपॉइंट करा है
- 4:14:15जिनजिन को सेंट्रल गवर्नमेंट ने अपॉइंट
- 4:14:16करा है उनको टर्मिनेट कर सकता है किसको
- 4:14:18अपॉइंट करा सर एक तो ये चेयरमैन को अपॉइंट
- 4:14:20करा है सेंट्रल गवर्नमेंट ने और इन पांच
- 4:14:21मेंबर मेंबर को सेंट्रल गवर्नमेंट ने
- 4:14:22अपॉइंट करा है। तो इनको सेंट्रल गवर्नमेंट
- 4:14:24टर्मिनेट कर सकता है। सीधी बात है जिसको
- 4:14:26सेंट्रल गवर्नमेंट लाया उसको सेंट्रल
- 4:14:27गवर्नमेंट निकाल सकता है। चेयरमैन और फाइव
- 4:14:29मेंबर उनको निकाल सकता है। पर ऐसी थ्योरम
- 4:14:31है कि एक ही दिन में निकाल देगा। नहीं
- 4:14:33उनको या तो 3 महीने का नोटिस देगा वो
- 4:14:35राइटिंग के अंदर या फिर 3 महीने की सैलरी
- 4:14:38देके निकाल देगा। सर मतलब मतलब उनको 3
- 4:14:40महीने का नोटिस देगा। देखो 3 महीने
- 4:14:42तुम्हारे पास है 3 महीने में नई जॉब
- 4:14:44ढूंढो। मतलब 3 महीने वही नोटिस पीरियड पे
- 4:14:46जो होता है तुमने सुना होगा। नोटिस पीरियड
- 4:14:48पे होना। तो उनको नोटिस दे देगा। देखो 3
- 4:14:50महीने बाद अभी मैं तुमको आज नोटिस दे रहा
- 4:14:52हूं तो 3 महीने तक तो तुम्हारी यहां यहां
- 4:14:54पे जॉब कंटिन्यू करो। ठीक है? वो ठीक है
- 4:14:56भाई 3 महीने बाद निकाल देंगे हम तुमको 3
- 4:14:58महीने का नोट ठीक है या फिर नहीं 3 महीने
- 4:15:00भी उनको अपने ऑफिस में नहीं रखना चाह रहा
- 4:15:02है सेंट्रल गवर्नमेंट तो एक काम करो उनको
- 4:15:04डायरेक्ट 3 महीने की सैलरी दो और निकाल दो
- 4:15:06डायरेक्ट 3 महीने की सैलरी दो निकाल कुल
- 4:15:08मिला के 3 महीने की सैलरी आपको उनको देनी
- 4:15:09पड़ेगी या तो काम करवाओ या काम मत कराओ
- 4:15:12ठीक है ये है तो सेंट्रल गवर्नमेंट किसको
- 4:15:14निकाल सकता है जिसजिस को उसने अपॉइंट करा
- 4:15:16चेयरमैन और पांच मेंबर ठीक है और 3 महीने
- 4:15:18की सैलरी देनी पड़ेगी और वहां पर इसके
- 4:15:20अंदर वो है कि उसके बाद टर्म्स ऑफ़ ऑफिस
- 4:15:23अपन ने पढ़ा था किसका पढ़ी चेयरमैन और होल
- 4:15:25ऑल टाइम मेंबर के लिए पांच साल एलिजिबल
- 4:15:27फॉर रीपॉइंटमेंट और 65 ईयर की एज
- 4:15:30और वो ये है कि राइट टू रिलिंकश ऑफिस ये
- 4:15:32जो चेयरमैन और जो अदर मेंबर है इसके अलावा
- 4:15:34मतलब जो भी मेंबर्स है जो भी मेंबर वो खुद
- 4:15:36भी सेंट्रल गवर्नमेंट को नोटिस दे सकती है
- 4:15:383 महीने का कि हम भी जॉब छोड़ना चाह रहे
- 4:15:40हैं हम भी जॉब छोड़ना चाह रहे हैं यहां पे
- 4:15:41तो सेंट्रल गवर्नमेंट निकाल रहा था कि
- 4:15:43चेयरमैन और पांच मेंबर पर बाकी जितने भी
- 4:15:45मेंबर हैं मतलब सारे के सारे चेयरमैन को
- 4:15:47अदर मेंबर्स जितने भी जितने भी लोग हैं
- 4:15:50यहां पे जितने भी लोग सब मेंबर सारे के
- 4:15:52सारे मेंबर
- 4:15:57और सारे मेंबर भी चाहे तो कोई सा भी बंदा
- 4:15:59छोड़ सकता है वह 3 महीने का नोटिस देके
- 4:16:01सेंट्रल गवर्नमेंट को। ठीक है? और सेंट्रल
- 4:16:03गवर्नमेंट यहां पे निकाल तो सकती है
- 4:16:04चेयरमैन और पांच मेंबर को। तो इसके अलावा
- 4:16:06और किसी को निकालना हो तो जैसे ये हो गया,
- 4:16:08ये हो गया इनके ये जो है मेंबर इनको
- 4:16:10निकालना हो तो। तो इनको सेंट्रल गवर्नमेंट
- 4:16:12तभी निकाल सकती है। इनको सेंट्रल
- 4:16:14गवर्नमेंट तभी निकाल सकती है जब इन लोगों
- 4:16:16को पहले तो रीज़नेबल अपॉर्चुनिटी ऑफ़ बीइंग
- 4:16:18हर्ड दी जाएगी। रीज़नेबल अपॉर्चुनिटी ऑफ़
- 4:16:21बीइंग हर्ड दी जाएगी। सामने वाले से सुना
- 4:16:22जाएगा कि अपन उनको निकाल रहे हैं। मतलब
- 4:16:24सेंट्रल गवर्नमेंट उसको निकाल रहा है। तो
- 4:16:25उसको रीज़नेबल अपॉर्चुनिटी ऑफ़ बीइंग कर दी
- 4:16:27जाएगी कि हमको क्यों मत निकालो। पर
- 4:16:29किन-किन रीज़न पे वो निकाल सकता है सेंट्रल
- 4:16:31गवर्नमेंट? बाकी जितने भी मेंबर हैं उनको
- 4:16:33वो पागल हो गए। दिवालियां निकल गया या फिर
- 4:16:35मोरल ट्रेपट्यूट में उनको जेल में डाल
- 4:16:37दिया। मोरल टर्पिट्यूट में उनको जेल में
- 4:16:38डाल दिया। पागल हो गया। पागल हो गया।
- 4:16:40दिवाला हो गया। पागल हो गया। मतलब
- 4:16:41अनसाउंडमेंट डिक्लेअ कर दिया कोर्ट ने।
- 4:16:43इनसॉल्वेंट एडजुडिकेट कर दिया उसको। मोरल
- 4:16:46ऑफेंस इनवॉल्विंग मोरल टर्पिट्यूट में
- 4:16:48उसको कन्विक्ट कर दिया। या फिर सेंट्रल
- 4:16:50गवर्नमेंट उस ओपिनियन में है। सेंट्रल
- 4:16:51गवर्नमेंट उस ओपिनियन में है कि उसकी
- 4:16:53पोजीशन को अब्यूज करा। उसकी पोजीशन को
- 4:16:56अब्यूज करा जो डिट्रिमेंटल है पब्लिक
- 4:16:58इंटरेस्ट के अंदर जो डिट्रिमेंटल है
- 4:17:00पब्लिक इंटरेस्ट में कि भाई पब्लिक
- 4:17:01इंटरेस्ट में कुल मिला के जो मेंबर था
- 4:17:03उसने अपनी पोजीशन को कोई भी मेंबर था कोई
- 4:17:06भी कोई भी उन्होंने अपनी पोजीशन को कहीं
- 4:17:09ना कहीं अब्यूज करा कि पब्लिक को हार्म हो
- 4:17:11जाएगा। उससे पब्लिक को हार्म हो जाएगा।
- 4:17:15ठीक है ना? तो इस केस के अंदर सेंट्रल
- 4:17:17गवर्नमेंट किसी भी मेंबर को निकाल सकती
- 4:17:18है। कब पागल हो जाए, दिवाली निकल जाए,
- 4:17:20मोरल ट्रपट्यूट के अंदर कन्विक कर दे।
- 4:17:22मोरल ट्रपट्यूट मतलब सीरियस क्राइम जिसमें
- 4:17:24इंटीग्रिटी इन्वॉल्व हो। फ्रॉड, ब्राइबरी
- 4:17:26इन तरह की चीज़ फ्रॉड, ब्राइबरी जिसमें
- 4:17:27इंटीग्रिटी इन्वॉल्व हो। ठीक है? पागल हो
- 4:17:30गया, दिवाली निकल गया, पागल हो गया,
- 4:17:32दिवाली निकल गया। अनसाउंड माइंड,
- 4:17:33इनसॉल्वेंट पागल हो गया, दिवाली निकल गया,
- 4:17:35पागल हो गया, दिवाली निकल गया। अनसाउंड
- 4:17:37माइंड, इनसॉल्वेंट पागल हो गया, दिवाली
- 4:17:38निकल गया। मोरल ट्रिपीट्यूड मोरल
- 4:17:40ट्रपिट्यूड में कन्विक्ट हो गया। ठीक है?
- 4:17:41या फिर उसने कोई पोजीशन अब्यूज करी जिससे
- 4:17:43पब्लिक का इंटरेस्ट खराब हो।
- 4:17:46जाए
- 4:17:47डन डन हमजे हमजे हमजे तो यहां पर वो किसी
- 4:17:50भी मेंबर को निकाल सकती है पर जिसको उसने
- 4:17:52खुद ने अपॉइंट करा था चेयरमैन और पांच
- 4:17:54पर्सन पांच मेंबर तो ये रीज़न ना हो ना तो
- 4:17:57भी वो उनको निकाल सकती है उन लोगों को तो
- 4:17:59पहले भी निकाल सकती थी और यहां पे तीन
- 4:18:01महीने का नोटिस नहीं है ध्यान रखना यहां
- 4:18:03पे ही था तीन महीने का नोटिस ठीक है सर
- 4:18:06ठीक है और चेयरमैन और होल टाइम मेंबर जो
- 4:18:09तीन थे उनका 5 साल 65 ईयर एलिजिबल फॉर
- 4:18:11अपॉइंटमेंट डन है तो सर क्स्टिट्यूशन क्या
- 4:18:15होता है? एक चेयरमैन, पांच मेंबर सेंट्रल
- 4:18:17गवर्नमेंट अपॉइंट करेगा। एक आरबीआई और दो
- 4:18:20मिनिस्ट्री। ठीक है? उसके बाद चेयरमैन और
- 4:18:22होल टाइम मेंबर जो भी है उसकी 65 ईयर की
- 4:18:24एज तक रह सकते हैं। 5 साल के टप पीरियड
- 4:18:26होता है। बार-बार ये अपॉइंट हो सकते हैं।
- 4:18:28टर्मिनेशन सीजी जिनको खुद ने अपॉइंट करा
- 4:18:29उनको निकाल सकता है। तीन महीने का नोटिस
- 4:18:31या सैलरी देके और बाकी लोग भी मतलब बाकी
- 4:18:33लोग मतलब कोई भी लोग निकलना चाहे तो भी वो
- 4:18:34सेंट्रल गवर्नमेंट को नोटिस दे सकती है।
- 4:18:36और बाकी लोगों को भी वो सीजी निकाल सकता
- 4:18:38है। ये कंडीशन अगर पूरी हो रही है तो अब
- 4:18:40ये देखो कि कोई एक मिस्टर जेड सेबी का
- 4:18:43मेंबर उसका कोई पैक्युलनरी इंटरेस्ट है
- 4:18:45किसी कंपनी के अंदर वो अपना पोजीशन को
- 4:18:46मिसयूज़ कर रहा है। सो किसी बंदे ने
- 4:18:48कंप्लेंट फाइल करी सेंट्रल गवर्नमेंट को।
- 4:18:49क्या वो निकाल सकता है? हां जी वो
- 4:18:50डिट्रिमेंटल है पब्लिक इंटरेस्ट के लास्ट
- 4:18:52वाली कंडीशन तो वो निकाल सकता है वो ये
- 4:18:55पागल हो गया इनसॉल्वेंट हो गया सेंट्रल
- 4:18:57गवर्नमेंट का उसका कोई मेंबर सीजी का तो
- 4:18:59निकाल सकता है सीजी उसको निकाल सकता है
- 4:19:01ठीक है
- 4:19:06ये मुझे तो कोई खास लग नहीं रहा है वैसे
- 4:19:08तो एस सच पर चलो एक बार पढ़ लेते हैं एक
- 4:19:11बार नहीं क्योंकि सेबी है इंपॉर्टेंट पढ़
- 4:19:12लेते हैं चलो अपन इसके अंदर सर जो सेबी
- 4:19:14बोर्ड है उनको मीटिंग करनी पड़ेगी कब
- 4:19:16मीटिंग करेंगे अपन हर बार पढ़ते हैं ना हर
- 4:19:18हर कोई भी कंपनी होती है कुछ भी होता है
- 4:19:19तो उनको को मीटिंग करनी होती है टाइम टू
- 4:19:21टाइम। तो इसमें मीटिंग की फ्रीक्वेंसी
- 4:19:22वगैरह का कुछ नहीं बोला। वो अपने हिसाब से
- 4:19:24रूल्स बना लो और कर लो अपने हिसाब से
- 4:19:26रूल्स बना के। पर अगर चेयरमैन वहां पे
- 4:19:28प्रेजेंट नहीं है। अगर जो मेन चेयरमैन है
- 4:19:30वहां पे प्रेजेंट नहीं है। तो जहां पे
- 4:19:32जितने भी मेंबर है ना वो मेंबर वहां पर एक
- 4:19:34बंदे को अपॉइंट कर देंगे कि इस मीटिंग के
- 4:19:36लिए तू चेयरमैन बनेगा। इस मीटिंग के लिए
- 4:19:38तू यहां पे चेयरमैन बनेगा। और मेजॉरिटी
- 4:19:40जिसमें होगी वही जीतेगा। मतलब मेजॉरिटी
- 4:19:42जिस भी डिसीजन के लिए मेजॉरिटी होगी वो
- 4:19:43जीतेगा। और सर जहां पर टाई हो जाए वोट कि
- 4:19:46भाई मेजॉरिटी से वोटिंग होगी ना जनरल की
- 4:19:48मेजोरिटी होगा वो डिसीजन माना जाएगा जहां
- 4:19:50टाई हो जाए 50-50% पटक जाए अब तो जो
- 4:19:53चेयरमैन होगा ना उसको सेकंड या फिर
- 4:19:55कास्टिंग वोट दिया जाएगा चेयरमैन या फिर
- 4:19:56प्रिसाइडिंग ऑफिसर उसको बोला जाएगा कि या
- 4:19:58तो तू अब फाइनली डिसाइड कर मतलब तू फाइनली
- 4:20:01डिसाइड करके अब क्या करना है चेयरमैन वैसे
- 4:20:02भी एक वोट तो देता ही देता है उसको सेकंड
- 4:20:04वोट देने का मौका भी दिया जाएगा वापस से
- 4:20:06कि अब तू डिसाइड कर तेरे को किस जगह रहना
- 4:20:08है तू जो बोलेगा फाइनली वही होने वाला है
- 4:20:10ठीक है अगर जब यह टाई हो जाए इक्वल वोट्स
- 4:20:12हो जाए ठीक है।
- 4:20:16पार्टिसिपेशन इन रिस्ट्रिक्शन ऑफ़ मीटिंग।
- 4:20:19अ
- 4:20:21कोई भी सेबी बोर्ड का मेंबर है। सेबी का
- 4:20:24कोई भी मेंबर है। ठीक है ना? ये सेबी का
- 4:20:28मेंबर है।
- 4:20:31ये Reliance है। अब मान लो इस सेबी मेंबर
- 4:20:36के अंदर Reliance इस सेबी का इस Reliance
- 4:20:39के अंदर इंटरेस्ट है। इस सेबी का अंदर
- 4:20:43Reliance के अंदर इंटरेस्ट है। पैक्यूनरी
- 4:20:44इंटरेस्ट है। पैक्यूनरी इंटरेस्ट है। ठीक
- 4:20:47है? या फिर
- 4:20:53वो इस Reliance का डायरेक्टर है। वो
- 4:20:56Reliance का डायरेक्टर मतलब सेबी का मेंबर
- 4:20:58है। उसका Reliance में इंटरेस्ट है या
- 4:21:00उसका डायरेक्टर है। मतलब ऐसा कुछ सीन चल
- 4:21:02रहा है। तो अगर सेबी के अंदर कोई भी
- 4:21:05मीटिंग हो रही होगी ना सेबी के अंदर कोई
- 4:21:08भी मीटिंग हो रही होगी
- 4:21:11रिलेटेड टू Reliance रिलेटेड टू
- 4:21:15Reliance मतलब RIL रिलेटेड टू Reliance तो
- 4:21:19उस मीटिंग के अंदर यह सेबी का मेंबर उस
- 4:21:22मीटिंग के अंदर यह सेबी का मेंबर
- 4:21:28पार्टिसिपेट नहीं करेगा नॉट पार्टिसिपेट।
- 4:21:31मतलब एक तो पहले तो डिस्क्लोज़ करेगा अपना
- 4:21:33इंटरेस्ट। एक तो वो पहले ही डिस्क्लोज़ कर
- 4:21:35देगा अपना इंटरेस्ट कि हां भाई मैं
- 4:21:37इंटरेस्टेड हूं। Reliance में मैंने इतने
- 4:21:38शेयर्स लिए हुए हैं। मैं डायरेक्टर हूं।
- 4:21:40व्हाटएवर प्लस
- 4:21:42नॉट पार्ट नॉट पार्टिसिपेट। उस मीटिंग में
- 4:21:45पार्टिसिपेट भी नहीं करेगा। सिंपल पॉइंट
- 4:21:47है सर कुल मिला के मेरा किसी चीज के अंदर
- 4:21:49इंटरेस्ट है तो अपन ने पहले भी पढ़ा था
- 4:21:51कंपैक्ट में अगर आपका किसी चीज में
- 4:21:52इंटरेस्ट है इंटरेस्ट है डायरेक्टर टाइप
- 4:21:54हो तो आप उस मीटिंग में पार्टिसिपेट नहीं
- 4:21:55करते उस मीटिंग में पार्टिसिपेट नहीं
- 4:21:58करोगे वो यहां पे यही बोलता है तो वापस से
- 4:22:00देख लो समझ में ईजी चीज ही थी ना सर सेबी
- 4:22:02का मेंबर है कोई सेबी का मेंबर है वो
- 4:22:04Reliance में इंटरेस्टेड है डायरेक्टर
- 4:22:06वगैरह है तो सेबी के अंदर अगर कोई भी
- 4:22:08मीटिंग होगी Reliance के रिलेटेड तो वो
- 4:22:09उसके अंदर पहले तो डिस्क्लोज़ करेगा
- 4:22:11इंटरेस्ट मतलब पहले डिस्क्लोज़ करेगा कि
- 4:22:12देखो मैं इंटरेस्टेड हूं Reliance के अंदर
- 4:22:14तो मैं पार्टिसिपेट नहीं करूंगा इस डिसीजन
- 4:22:16के अंदर में पार्टिसिपेट नहीं करे। सिंपल
- 4:22:18सर एंड ये सबके अंदर होता है। अपन हर बार
- 4:22:22पढ़ते हैं वैकेंसी डू नॉट इनवैलिडेट द
- 4:22:24प्रोसीडिंग। अगर कभी भी ऐसा हुआ कि सेबी
- 4:22:25के अंदर कोई वैकेंसी है सेबी बोर्ड के
- 4:22:27मेंबर के अंदर जितने भी अपन ने एट प्लस वन
- 4:22:29मेंबर चाहिए एट प्लस चेयरमैन। अगर कोई भी
- 4:22:31वैकेंसी है उनके कॉन्स्टिट्यूशन में कोई
- 4:22:33भी डिफेक्ट या अपॉइंटमेंट वगैरह में तो
- 4:22:34उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सेबी ने जो
- 4:22:36ऑर्डर दिया वह तो भी फाइनली नहीं माना
- 4:22:38जाएगा। ऐसे नहीं कि नहीं नहीं तुम को तो
- 4:22:39आठ मेंबर चाहिए थे। तुम्हारे तो पांच ही
- 4:22:41मेंबर है। कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कोई फर्क
- 4:22:44नहीं पड़ेगा। ठीक है? आ जाओ पावर एंड
- 4:22:47फंक्शनंस ऑफ सेबी यह बड़ा है सेबी एक्ट है
- 4:22:50ना थोड़ा सा बड़ा है यह सेबी एक्ट चलेगा अभी
- 4:22:51थोड़ा ठीक है उसके बाद दो रेगुलेशन है
- 4:22:53छोटे-छोटे दोनों रेगुलेशन ये सेबी ही बड़ा
- 4:22:55है अभी पावर एंड फंक्शनंस ऑफ़ सेबी सर सेबी
- 4:22:58के फंक्शनंस एंड पावर क्या होता है देखो
- 4:22:59अपन ने अभी तो पढ़ा था वो ये प्रोटेक्ट द
- 4:23:00इंटरेस्ट ऑफ़ सिक इन्वेस्टर का इंटरेस्ट
- 4:23:03प्रोटेक्ट करना सिक्योरिटी मार्क को डेवलप
- 4:23:04करना सिक्योरिटी मार्क को रेगुलेट करना
- 4:23:05ठीक है पावर ऑफ़ सेबी अब ये तो ड्यूटी थी
- 4:23:07सेबी का पावर क्या होगी सेबी की काट दो
- 4:23:09वैसे तो मैंने बोला हुआ है तुमको काट दो
- 4:23:10पर सेबी क्या करता है जितने भी स्टॉक
- 4:23:12एक्सचेंज है जितने भी स्टॉक एक्सचेंज है
- 4:23:13एनएससी बीएसई उनका ध्यान रख है जो भी जो
- 4:23:17भी जैसे शेयर के ब्रोकर वगैरह होते हैं
- 4:23:19शेयर के ब्रोकर वगैरह नहीं होते काइट हो
- 4:23:21गया Zerodha zerodha हो गया अपstक्स हो
- 4:23:24गया मोतीलाल ओसवाल हो गया या उस तरह के जो
- 4:23:26भी लोग हैं उन सबका ध्यान रखता है
- 4:23:27म्यूच्यूल फंड की स्कीम्स जो है उनका
- 4:23:29ध्यान रखता है तो पर्सन रजिस्टर अंडर 12
- 4:23:31वेंचर कैपिटलिस्ट
- 4:23:33कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम इन सबको
- 4:23:35रेगुलेट करता है इन सबको रेगुलेट करता है
- 4:23:37इन्वेस्टर को एजुकेट करता है कि तुमको गलत
- 4:23:39जगह पैसा नहीं डालना कोई भी फ्रॉड अनफेयर
- 4:23:41प्रैक्टिस होने से बचाता है इन सब चीजों
- 4:23:43की तरफ ठीक है ना इंक्वायरी इन्वेस्ट
- 4:23:45िगेशन भी करता है सेबी। सेबी इंक्वायरी
- 4:23:46इन्वेस्टिगेशन भी करता है लोगों पे। जो
- 4:23:49लिस्टेड कंपनी है या फिर जो भी ब्रोकर है
- 4:23:51जैसे Zerodha हो गया उन सब पे या फिर कोई
- 4:23:54फ्रॉड कर रहा है जैसे हर्षद मेहता हो गया
- 4:23:55उन सब पे वो इंक्वायरी इन्वेस्टिगेशन भी
- 4:23:57कर सकता है। ठीक है?
- 4:24:00सर सेबी की पावर होती है कि जो लिस्टेड
- 4:24:02कंपनी है या फिर जो पब्लिक कंपनी लिस्टेड
- 4:24:05होना चाह रही है दोनों पे अगर एमसीक्यू आ
- 4:24:08जाए तो सेबी की पावर दोनों पे है जो
- 4:24:10लिस्टेड ऑलरेडी लिस्टेड कंपनी है या जो
- 4:24:13पब्लिक कंपनी लिस्टेड होना चाह रही है
- 4:24:15पब्लिक कंपनी वर्ड आया सर प्राइवेट कंपनी
- 4:24:17नहीं आया ध्यान रखना तो पब्लिक कंपनी जो
- 4:24:20लिस्टेड होना चाह रही है वो उनप ना उनको
- 4:24:24इंस्पेक्शन कर सकता है उनका इंस्पेक्शन कर
- 4:24:26सकता है बट उसके पहले रीज़नेबल अपॉर्चुनिटी
- 4:24:27बीइंग कर देनी होगी इंस्पेक्शन कब कब कर
- 4:24:29सकता है? जब सेबी को लग रहा है कि कोई
- 4:24:31इंसाइडर ट्रेडिंग में इनवॉल्व है। इंसाइडर
- 4:24:32ट्रेडिंग तुमको पता हो तो ठीक है वरना अभी
- 4:24:34अपन पढ़ेंगे। तो इंसाइडर ट्रेडिंग में
- 4:24:36इन्वॉल्व है या फ्रॉड एंड अनफेयर ट्रेड
- 4:24:38प्रैक्टिससेस कोई भी गलत तरीके में
- 4:24:40इनवॉल्व है कि शेयर्स की प्राइस कंपनी के
- 4:24:42शेयर्स की प्राइस जबरदस्ती ऊपर नीचे कर
- 4:24:44रहे हो। जबरदस्ती ऊपर नीचे कर रहे हो। ऐसा
- 4:24:46होता है ना कभी कबभार कि शेयर्स की प्राइस
- 4:24:48जबरदस्ती मैनपुलेट कराते हो। यह अरशद
- 4:24:50मैदान ने भी फ्रॉडलैंड चीजें करी थी। तो
- 4:24:52ऐसा कोई भी फ्रॉड वाली चीजें है तो उसके
- 4:24:54अंदर सेबी इंस्पेक्ट कर सकता है। बुक
- 4:24:56रजिस्टर वगैरह सब कुछ।
- 4:24:58ठीक है?
- 4:25:00अब पावर ऑफ सेबी ड्यूरिंग इंस्पेक्शन
- 4:25:02इंक्वायरी। कभी भी सेबी किसी पर
- 4:25:04इंस्पेक्शन इंक्वायरी कर रहा है तो
- 4:25:06क्या-क्या पावर होगी? तो ये ड्यूरिंग
- 4:25:08कब-कब ये सारी पावर दी हो कब की है? पहले
- 4:25:11देखो ड्यूरिंग पेंडिंग इंस्पेक्शन
- 4:25:13इंक्वायरी कि जब इंस्पेक्शन इंक्वायरी
- 4:25:15पेंडिंग हो या फिर जस्ट कंप्लीट हुई है।
- 4:25:17जस्ट कंप्लीट हुई है। ये नहीं कि आफ्टर द
- 4:25:19इंक्वायरी ना सर।
- 4:25:22आफ्टर इंस्पेक्शन इंक्वायरी की बात हो रही
- 4:25:24है क्या? नहीं। आफ्टर इंस्पेक्शन
- 4:25:25इंक्वायरी नहीं। बिफोर इंस्पेक्शन
- 4:25:27इंक्वायरी की बात हो रही है क्या? नहीं
- 4:25:28सर। बिफोर इंस्पेक्शन इंक्वायरी की भी बात
- 4:25:30नहीं हो रही। तो मतलब जब इंस्पेक्शन और
- 4:25:32इंक्वायरी कर रहा है किसी पे सेबी कोई भी
- 4:25:35इंस्पेक्शन और इंक्वायरी कर रहा है या फिर
- 4:25:37जस्ट खत्म ही हुई कि हां रिजल्ट आया है उस
- 4:25:40वक्त मतलब उसके बाद इंस्पेक्शन इंक्वायरी
- 4:25:42के बाद या इंस्पेक्शन इंक्वायरी के पहले
- 4:25:43ये सारी चीजें सेबी नहीं कर सकता। ठीक है?
- 4:25:46ये चीज़ ध्यान रखना। ये इंपॉर्टेंट हो सकता
- 4:25:48है मेरे हिसाब से कि जब इंक्वायरी पेंडिंग
- 4:25:50है या फिर एग्जैक्ट कंप्लीट ही हुई है जब
- 4:25:52उस वक्त ये ये चीज़ कर सकता है। क्या-क्या
- 4:25:54कर सकता है? सेबी क्या-क्या ऑर्डर कर सकता
- 4:25:56है? सस्पेंड कर सकता है किसी भी
- 4:25:58सिक्योरिटी की ट्रेडिंग। लेट्स से
- 4:26:00Reliance को मना कर दिया। लेट्स से
- 4:26:01Reliance को मना कर दिया कि तेरी ट्रेडिंग
- 4:26:03अभी कोई भी तेरे शेयर को सेल परचेस नहीं
- 4:26:05कर पाएगा। अब तुम शायद Zerodha में परचेस
- 4:26:06करने की कोशिश करोगे वो तुमको बता देगा।
- 4:26:09एक और नोटिफिकेशन दे देगा कि नहीं ये शेयर
- 4:26:11परचेस नहीं हो सकते। जो सेबी है उसने भी
- 4:26:13मना करा हुआ है। तो ट्रेडिंग को सस्पेंड
- 4:26:15कर सकता है किसी भी सिक्योरिटीज़ के अंदर।
- 4:26:18ठीक है? वाला किसी भी सिक्योरिटी को अह की
- 4:26:20ट्रेडिंग को सस्पेंड कर सकता है।
- 4:26:24रिस्ट्रेन द पर्सन फ्रॉम एक्सेसिंग द
- 4:26:26सिक्योरिटीज़ एंड प्रोहिबिट द पर्सन
- 4:26:27एसोसिएटेड विथ अ कोई भी बंदा है कोई भी
- 4:26:31बंदा उसको रिस्ट्रेन कर सकता है कि तू अब
- 4:26:33सिक्योरिटी मार्केट को एक्सेस नहीं करेगा।
- 4:26:35जैसे अरशद मेहता था जैसे अरशद मेहता था।
- 4:26:37अर्षद मेहता को मना कर सकता था अगर उस
- 4:26:39वक्त सेबी आ गया होता कि अर्षद मेहता को
- 4:26:41मना कर सकता। अर्षद मेहता के कांड के बाद
- 4:26:43ही सेबी आया था। वैसे तो हां तो अरशद
- 4:26:45मेहता अगर पहले से भी होता तो अरशद मेहता
- 4:26:47को मना कर सकता था कोई भी बंदा चाहे
- 4:26:49इन्वेस्टर हो चाहे कंपनी हो चाहे ब्रोकर
- 4:26:52हो किसी को भी मना कर सकता है कि तू स्टॉक
- 4:26:55मार्केट को एक्सेस नहीं करेगा तेरे को हम
- 4:26:57लाइफ टाइम के लिए तेरा बहिष्कार करते
- 4:26:59स्टॉक मार्केट में ना कोई तू सेल परचेस कर
- 4:27:01पाएगा ना सिक्योरिटी इशू कर पाएगा कुछ भी
- 4:27:03काम नहीं कर पाएगा स्टॉक वन तो वो लाइफ
- 4:27:05टाइम या किसी भी मतलब लाइफ टाइम या
- 4:27:06व्हाटएवर बोल दिया कि 5 साल के लिए 10 साल
- 4:27:09के लिए किसी भी ऐसा बोल सकता है तो मतलब
- 4:27:10वो रिस्ट्रेन कर सकता है पर्सन को फ्रॉम
- 4:27:12एक्सेसिंग द
- 4:27:14सिक्योरिटी कोई भी जो सेबी का ऑफिस बियर
- 4:27:16है सेबी के जो मेंबर पढ़े थे अपन आठ मेंबर
- 4:27:18प्लस चेयरमैन उसके किसी भी ऑफिस बियरर को
- 4:27:21सस्पेंड कर सकता है सस्पेंड कर सकता है और
- 4:27:26वो कोई भी प्रो कोई भी प्रोसीड मतलब कोई
- 4:27:29भी उसको लगा कि कहीं पे भी कोई फ्रोडुलेंट
- 4:27:31सिक्योरिटीज को सेल परचेस करा जो भी
- 4:27:33सिक्योरिटी का सेल या फिर परचेस करा था वह
- 4:27:36फ़्रोडुलेंट तरीके से करा वह सही तरीके से
- 4:27:38नहीं करा या किसी के साथ फ़्रॉड वगैरह करने
- 4:27:40के लिए लगा तो जो भी उस सिक्योरिटी
- 4:27:42ट्रांजैक्शन को करने के बाद जो भी पैसा
- 4:27:44मिला सिक्योरिटी खरीदने बेचने के बाद तो
- 4:27:45वो जो भी प्रोसीड है ना उसको जब्त कर सकता
- 4:27:48है। उसको इंपाउंड एंड रिटेन कर सकता है।
- 4:27:50जो भी कि कोई भी ट्रांजैक्शन थी वो
- 4:27:52इन्वेस्टिगेशन के अंदर है। मतलब इंक्वायरी
- 4:27:53इन्वेस्टिगेशन चल रही है कि ये सिक्योरिटी
- 4:27:55जो है ना ये फ्रोडलेंट तरीके से बेची गई
- 4:27:58है। ऐसा कुछ भी उसको लग रहा है। तो वो
- 4:27:59जितना भी पैसा आया सिक्योरिटीज बेचने के
- 4:28:02बाद वो उसको ना उस सिक्योरिटीज़ के पैसे को
- 4:28:05रिटेन कर सकता है। इंमाउंट कर सकता है कुछ
- 4:28:06टाइम के लिए। ठीक है? वो किसी भी पर्सन को
- 4:28:09इंटरमीडिएट या किसी भी पर्सन को बोल सकता
- 4:28:11है कि भाई तू ये जो भी एसेट है ना उसको
- 4:28:14डिस्पोज ऑफ या एलिनेट नहीं करेगा। मतलब कि
- 4:28:16इन्वेस्टिगेशन चल रही है किसी एसेट पे।
- 4:28:18इन्वेस्टिगेशन चल रही है किसी एसेट पे
- 4:28:20उसको तू डिस्पोज ऑफ नहीं करेगा। बेचेगा
- 4:28:22नहीं किसी को चुपचाप रख चुपचाप रख। और सर
- 4:28:25वो बैंक अकाउंट या फिर कोई भी अदर
- 4:28:28प्रॉपर्टी को बैंक अकाउंट या फिर कोई भी
- 4:28:30अदर प्रॉपर्टी को 90 डेज तक 90 डेज तक वो
- 4:28:34अटैच कर सकता है। न लेस दैन 90 डेज लेस
- 4:28:37देन 90 डेज तक वो अटैच कर सकता है। ठीक
- 4:28:40है? लेस दैन 90 डेज कि भाई कोई भी
- 4:28:42प्रॉपर्टी या बैंक अकाउंट है उसको लेस दैन
- 4:28:4490 डेज तक वो अटैच कर सकता है। कि लेट्स
- 4:28:46से सिक्योरिटी जैसे मोतीलाल ओसवाल का बैंक
- 4:28:48अकाउंट फ्रीज़ कर दिया। किसी इन्वेस्टर का
- 4:28:49अकाउंट को फ्रीज़ कर दिया। मतलब अटैच करना
- 4:28:51मतलब फ्रीज़ कर दिया कि अब कोई भी सेल कोई
- 4:28:53भी ट्रांजैक्शन नहीं होंगे उस बैंक अकाउंट
- 4:28:55में। वो ऐसा कर सकता है किसी का भी
- 4:28:56इन्वेस्टर का कंपनी का या ब्रोकर का किसी
- 4:28:59का भी कर सकता है। पर ये ध्यान रखना
- 4:29:01एमसीक्यू टाइम लिमिट आ सकती है लेस दैन 90
- 4:29:04डज़। क्या है सर? लेस दैन 90 डज़। लेस दैन
- 4:29:0690 डज़। ठीक है? और अगर उससे भी ज्यादा
- 4:29:10आपको लेना है तो आप एक काम करना। फिर आप
- 4:29:13स्पेशल कोर्ट से अप्रूवल ले लेना। स्पेशल
- 4:29:15कोर्ट से अप्रूवल ले लेना विथ इन 90 डज़।
- 4:29:17मतलब क्योंकि लेस दैन 90 डेज मतलब 90 डेज
- 4:29:19तक तो आप कर ही सकते हो फ्रीज़। उसके बाद
- 4:29:21विथ इन 90 डज़ आप स्पेशल कोर्ट से अप्रूवल
- 4:29:23ले लेना। अगर उसने अप्रूव कर दिया कि हां
- 4:29:25भाई आप इसको जो बैंक अकाउंट या प्रॉपर्टी
- 4:29:27है उसको आप आगे भी अपना अटैच करके रख सकते
- 4:29:29हो। तो फिर आप उसको आगे भी अटैच कर सकते
- 4:29:31हो। कब तक? जब तक आपकी फाइनल जो
- 4:29:33प्रोसीडिंग है वो कंप्लीट ना हो जाए। जब
- 4:29:35तक जो आपकी फाइनल इन्वेस्टिगेशन इंक्वायरी
- 4:29:37चल रही है वो कंप्लीट ना हो जाए। तो उसके
- 4:29:38लिए स्पेशल कोर्ट से आप परमिशन ले सकते
- 4:29:41हो। सिंपल है सर। देखो तो जब भी पेंडिंग
- 4:29:44है इंक्वायरी इन्वेस्टिगेशन उस वक्त
- 4:29:46क्या-क्या कर सकता है? वह जो भी ट्रेडिंग
- 4:29:48हो रही है सिक्योरिटी में उसको सस्पेंड कर
- 4:29:50सकता है। जो भी बंदा है कोई भी बंदा है
- 4:29:52उसको स्टॉक मार्केट को एक्सेस करने से रोक
- 4:29:55सकता है। सिंपल सी बात है सर। उसके बाद
- 4:29:57खुद के कोई ऑफिस बियर उसको रिमूव कर सकता
- 4:29:59है। ठीक है? कोई भी सिक्योरिटी प्रोसीड
- 4:30:02आया सिक्योरिटी वगैरह बेचने का उसको
- 4:30:03इमाउंड एंड रिटेन कर सकता है। बैंक अकाउंट
- 4:30:06और अदर प्रॉपर्टी को फ्रीच कर सकता है 90
- 4:30:07डेज तक के लिए। ठीक है? और डायरेक्शन दे
- 4:30:10सकता है कि एलिनेट करने के लिए एसेट
- 4:30:11वगैरह। 90 डेज से ज्यादा अगर आपको करना है
- 4:30:14तो विद इन 90 डेज स्पेशल कोर्ट से परमिशन
- 4:30:16आप ले सकते हैं। ठीक है?
- 4:30:21हां हां हां ये वही है। ठीक है।
- 4:30:24व्हाट हैपन टू डिस्कॉर्च फंड? अब जो
- 4:30:26डिस्कोर्च फंड है
- 4:30:29सर ये डिस्कोर्ज फंड का होता क्या है?
- 4:30:30पहले ये बताओ। डिस्कोर्च फंड क्या होता
- 4:30:32है? सर उसका क्या होता है? वो बाद में
- 4:30:33देखेंगे। देखो डिस्कोर्च फंड क्या होता
- 4:30:35है? डिस्कॉर्च फंड मतलब वही कि कभी भी
- 4:30:37किसी इंसान ने कोई गलत काम करा स्टॉक
- 4:30:39मार्केट में। स्टॉक मार्केट में कभी भी
- 4:30:41किसी ने गलत काम करा है जैसे तुमको पता
- 4:30:43होगा इंसाइडर ट्रेडिंग वगैरह कुछ करी है
- 4:30:44अगर ऐसा तो ऐसा कोई भी गलत काम करके स्टॉक
- 4:30:47मार्केट से जो भी पैसा कमाया है स्टॉक
- 4:30:49मार्केट से गलत काम करके जो भी पैसा कमाया
- 4:30:52है वो पैसा वापस से अगर सेबी को पता पड़
- 4:30:55गया तो सेबी उससे छीन लेती है सेबी उससे
- 4:30:57छीन लेती है भाई तेरा पैसा नहीं चुपचाप ला
- 4:30:59चुपचाप इधर ला ठीक है क्योंकि गलत काम
- 4:31:01करके फ्रॉड करके स्टॉक मार्केट के अंदर
- 4:31:03फ्रॉड करके प्राइस मैनपुलेशन करके इंसाइडर
- 4:31:06ट्रेडिंग करके ऐसा कुछ भी पैसा कमाया किसी
- 4:31:08भी बंदे ने स्टॉक मार्केट तो वो पैसा से
- 4:31:10भी छीन लेती है। वो कहलाता है
- 4:31:12डिस्कोस्टर्स फंड। वो कहो कहलाता है
- 4:31:13डिस्कोर्स्ट फंड। अब ये जाता किधर है सर?
- 4:31:15इंपॉर्टेंट हो सकता है एमसीक्यू के लिए।
- 4:31:16आईपीईएफ आईपीईएफ ध्यान रखना मैंने पहले भी
- 4:31:19बताया था सर आईपीईएफ है। ये आईईपीएफ नहीं
- 4:31:22है। आईपीईएफ है। आईपीएफ नहीं क्योंकि अपन
- 4:31:24ने पहले भी क्या पढ़ा था सर? ये क्योंकि
- 4:31:26सर ये आईपीएफ फंड अपन ने अभी जस्ट पहले भी
- 4:31:28पढ़ा था। ग्रीन शू ऑप्शन। ग्रीन शू ऑप्शन
- 4:31:33के अंदर अगर अपना प्रॉफिट हो जाता है कि
- 4:31:35अपन ने उनको बेचा 90 के बेचा 100 के अंदर
- 4:31:38था। का खरीदा ₹80 के अंदर है तो उस केस के
- 4:31:41अंदर जो प्रॉफिट है वो आईपीईएफ में जाता
- 4:31:42है। आईपीएफ नहीं होता वो आईपीईएफ होता है।
- 4:31:45ठीक है ना? ये चीज़ ध्यान रखनी है सर। ठीक
- 4:31:48है? तो डिसगोर्स फंड किस में जाता है सर?
- 4:31:50आईपीईएफ में। आईपीईएफ इन्वेस्टर
- 4:31:52प्रोटेक्शन एंड एजुकेशन फंड। फालत तो
- 4:31:55बिल्कुल कट कर दो। मैंने ग्रीन में कट भी
- 4:31:57लगा रखा है तुम्हारे लिए। कलेक्टिव
- 4:31:58इन्वेस्टमेंट स्कीम सर इतना भी मतलब इतना
- 4:32:01जल्दी देख लो ना। इससे एमसीक्यू कैसे
- 4:32:03बनेगा वो पता नहीं है कोई बन जाए तो। चलो
- 4:32:04ठीक है। कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम क्या
- 4:32:06होता है सर? बहुत सारे लोग बहुत सारे लोग
- 4:32:08मिलकर बहुत सारे लोग मिलकर एक किसी कंपनी
- 4:32:11के अंदर पैसा डालते हैं। एक किसी कंपनी के
- 4:32:14अंदर पैसा डालते हैं जो कहलाती है
- 4:32:15कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम। कलेक्टिव
- 4:32:17इन्वेस्टमेंट स्कीम बहुत सारे लोग मिलकर
- 4:32:19मतलब कह ये कंपनी है। कलेक्टिव
- 4:32:20इन्वेस्टमेंट स्कीम मतलब कंपनी टाइप मतलब
- 4:32:22है कुछ ऑर्गेनाइजेशन कलेक्टिव। तो बहुत
- 4:32:24सारे लोगों से ये पैसा ले रही है। बहुत
- 4:32:25सारे लोगों से पैसा ले रही है। अब ये
- 4:32:27कंपनी के अंदर एक फंड मैनेजर होता है।
- 4:32:29मतलब एक मैनेजर फंड मैनेजर कुछ भी बोल दो
- 4:32:31जो आपके पैसे को मैनेज करेगा। आपके पैसे
- 4:32:34को मैनेज करेगा। मतलब कहीं पे इन्वेस्ट
- 4:32:36करेगा, कहीं पे इन्वेस्ट करेगा। तो ये
- 4:32:38मैनेजर की रिस्पांसिबिलिटी होती है। फिर
- 4:32:40बदले के अंदर इनको वापस से रिटर्न मिलेगा।
- 4:32:42मतलब पैसा रिटर्न रिटर्न्स मिलेंगे इनको
- 4:32:46बदले के यहां पे। तो सर ये फीलिंग
- 4:32:47म्यूच्यूल फंड वाली नहीं आ रही। फीलिंग
- 4:32:49किसकी आ रही है? म्यूच्यूल फंड चिट फंड
- 4:32:50जैसी नहीं आ रही। फीलिंग ऐसा ही तो होता
- 4:32:52है म्यूच्यूल फंड चिट फंड वगैरह के अंदर
- 4:32:53भी कि म्यूच्यूल फंड कंपनी होती है। बहुत
- 4:32:54सारे लोगों से पैसा लेती है। एक फंड
- 4:32:56मैनेजर अपॉइंट कर लेती है और उसको पैसा
- 4:32:58उसको पैसे को इन्वेस्ट करती है सही जगह
- 4:32:59पे। ऐसे होता है तो वही है तो वही है बस
- 4:33:02इसके अंदर बोल ये अलग से फिर कलेक्टिव
- 4:33:04इन्वेस्टमेंट स्कीम इसको क्यों नाम दिया
- 4:33:06क्योंकि ऐसा म्यूच्यूल फंड हो गया चीट फंड
- 4:33:09हो गया इनके अलग-अलग टाइप्स होते हैं इनके
- 4:33:11अलग-अलग टाइप्स होते हैं तो अगर इन्होंने
- 4:33:13एक ब्रॉड टर्म निकाल दी बाद में कि अगर
- 4:33:15म्यूच्यूल फंड के अलावा भी चीट फंड के
- 4:33:17अलावा भी अगर कोई भी ऐसी स्कीम छूट जाए
- 4:33:19कोई भी ऐसी स्कीम छूट जाए जिसके अंदर ये
- 4:33:21सब हो रहा है तो उस बची हुई सारी स्कीम को
- 4:33:23कह देंगे सीआईएस मतलब वही मैंने बोला ना
- 4:33:25कि कोई भी म्यूच्यूल फंड के अलावा निधि
- 4:33:28कंपनी के अलावा निधि कंपनी भी लगभग ऐसा ही
- 4:33:30कुछ करती है। म्यूच्यूल फंड हो गया, निधि
- 4:33:32कंपनी हो गई, चीट फंड हो गया। तो ये सब तो
- 4:33:35चल रहे हो चल रहे हैं। पर इनके अलावा भी
- 4:33:36कभी कोई ऐसी चीज छूट जाए मतलब कोई ऐसी
- 4:33:38स्कीम चल रही है। तो एक यूई बना दिया, एक
- 4:33:40बना दिया कि इसके अलावा अगर कोई छूट जाए
- 4:33:42कि म्यूच्यूल फंड कंपनी के अलावा अगर कोई
- 4:33:44ऐसा काम कर रही है, चीट फंड के भी अलावा
- 4:33:46कोई ऐसा काम कर रही है, निधि के अलावा भी
- 4:33:47कोई ऐसा काम कर रही है, तो उसको अपन
- 4:33:48कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम बोल देंगे और
- 4:33:50उस पे वही वाले रूल रेगुलेशन लगा देंगे।
- 4:33:53ठीक है? तो ये वही वाला है। ये वही है जो
- 4:33:56मैंने तुमको लैंग्वेज समझाई कोई सेंस नहीं
- 4:33:57इसका। पर ये वाले ना सीआईएस नहीं कहलाते।
- 4:34:00कौन सी सीआईएस नहीं कहलाते? कोई भी
- 4:34:02कोऑपरेटिव सोसाइटी है वो सीआईएस नहीं
- 4:34:06कहलाएगी। एनबीएफसी सीआईएस नहीं कहलाएगी।
- 4:34:08इंश्योरेंस कंपनी सीआईएस नहीं कहलाएगी।
- 4:34:10चीट फंड क्योंकि चीट फंड को अलग से बताया
- 4:34:12हुआ है। चीट फंड क्या होता है? म्यूच्यूल
- 4:34:14फंड अलग से बताया हुआ है क्या होता है?
- 4:34:15निधि कंपनी अलग से डेफिनेशन दी हुई है।
- 4:34:17क्या होता है? डिपॉजिट कोई भी कंपनीज़ एक्ट
- 4:34:19में या फिर पेंशन की इंश्योरेंस की स्कीम
- 4:34:21है। कोई भी इंश्योरेंस स्कीम है या अदर
- 4:34:22नोटिफाइड कि सेंट्रल गवर्नमेंट ने जो
- 4:34:24स्कीम अलग से नोटिफाई करी हुई है वो तो
- 4:34:26वही रहेगी। उसके अलावा जो कोई नोटिफाई
- 4:34:28नहीं करा किसी को कोई नाम नहीं दिया
- 4:34:30स्पेसिफिक तो उसको बोल देंगे कलेक्टिव
- 4:34:32इन्वेस्टमेंट स्कीम तो शायद ये एमसीक्यू
- 4:34:34में आ जाए कि बताओ इसमें से कौन सा सीआईएस
- 4:34:36नहीं होगा कोऑपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:40इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:42इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:44इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:45इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:46इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:48इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:49इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:50इंश्योरेंस को सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:52इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:53इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:55इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफ
- 4:34:56इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनएससी
- 4:34:57इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:34:59इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:35:00इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:35:01इंश्योरेंस कोपरेटिव सोसाइटी एनबीएफसी
- 4:35:03इंश्योरेंस उसके बाद चीट फंड म्यूचल फंड
- 4:35:07चीट फंड म्यूच्यूल फंड निधि चीट फंड
- 4:35:09म्यूचल फंड निधि चीट फंड म्यूचल फंड निधि
- 4:35:11डिपॉजिट कोई भी कंपनी एक में है
- 4:35:13इंश्योरेंस पेंशन स्कीम कोई भी ठीक है ये
- 4:35:15सीआईएस नहीं होता ये तो सीआईएस नहीं होता
- 4:35:17तो डीम्ड सीआईएस भी होता है कुछ कि इनको
- 4:35:20डीम्ड सीआईएस मान लेंगे कहीं पे भी फंड को
- 4:35:22पुल कर रहे हैं मतलब यही होता है ना इसको
- 4:35:24कहलाते हैं फंड पुलिंग इसको क्या कहलाते
- 4:35:25हैं फंड पुलिंग तो कहीं पे भी फंड को
- 4:35:27पुलिंग कर रहे हैं जो सेबी के साथ रजिस्टर
- 4:35:29नहीं है। कोई भी ऐसी कंपनी है जो फंड को
- 4:35:32पुल कर रही है और यह कंपनी जो है यह कंपनी
- 4:35:34जो फंड को पुल कर रही है वो सेबी के साथ
- 4:35:37रजिस्टर नहीं है। वो सेबी के साथ रजिस्टर
- 4:35:41नहीं है। ठीक है? और ऊपर वाले एक्सेप्शन
- 4:35:44में नहीं है। मतलब ये इन इन कंपनियों के
- 4:35:46अलावा कोई दूसरी कंपनी है। इन कंपनी के
- 4:35:47अलावा कोई दूसरी कंपनी है। और जिसका कॉरपस
- 4:35:50जिसका कॉर्पस मतलब इसको कॉरपस ही तो कहते
- 4:35:52हैं। जिसका कॉर्पस 100 करोड़ या उससे
- 4:35:55ज्यादा है। 100 करोड़ या उससे ज्यादा है।
- 4:35:58तो भाई वो कहलाएगी डीम्ड सीआईएस। आप डीम्ड
- 4:36:01सीआईएस माना जाएगा। डीम्ड कलेक्टिव
- 4:36:03इन्वेस्ट डीम्ड कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट
- 4:36:05स्कीम आपको कहलाई जाएगी। ठीक है? तो भाई
- 4:36:08कोई भी कंपनी जो फंड्स को पुल कर रही है।
- 4:36:11कोई भी कंपनी जो फंड्स को पुल कर रही है
- 4:36:13जो सेबी वगैरह के साथ रजिस्टर नहीं है।
- 4:36:15ऊपर वाला एक्सेप्शन में भी नहीं आती और
- 4:36:17उसका कॉरपस 100 करोड़ या उससे ज्यादा है।
- 4:36:18उसका कॉर्पस 100 करोड़ उससे ज्यादा है। तो
- 4:36:21वो डीम्ड सीआईएस कहलाएगी।
- 4:36:26सेबी के पास फिर उसके बाद सर पावर्स है कि
- 4:36:28वह किसी के भी ऊपर इन्वेस्टर वगैरह को
- 4:36:30प्रोटेक्ट करने के लिए मतलब इंक्वायरी
- 4:36:32वगैरह करने के बाद किसी भी इंटरमीडियरी पे
- 4:36:34या फिर किसी भी पर्सन पे जो मैनेज कर रहा
- 4:36:36है मतलब जैसे इंटरमीडियरी मतलब हो गए
- 4:36:38Zerodha हो गया या कोई भी हो गया मतलब इन
- 4:36:40सब लोगों पे पेनल्टी वगैरह लगा सकता है।
- 4:36:42ठीक है? इन सब पे पेनल्टी लगा सकता है।
- 4:36:43बाकी फालतू बातें हैं। कुल मिला के उन
- 4:36:45पेनल्टी लगा सकता है। कोई भी पर्सन
- 4:36:48रजिस्टर्ड अंडर सेक्शन 12 है। रजिस्टर
- 4:36:49अंडर सेक्शन 12 मतलब वही होता है Zerodha
- 4:36:51वगैरह ये सब जो होते हैं या फिर कोई भी
- 4:36:52इंटरमीडियरी पर्सन एसोसिएटेड विद
- 4:36:54सिक्योरिटी मार्केट है। कोई भी कंपनी है
- 4:36:56ऐसा कोई भी तो इन पे लगा सकता है। कुल
- 4:36:57मिला के स्टॉक मार्केट रिलेटेड किसी ने भी
- 4:36:59कोई क्राइम करा है तो उस पे सेबी पेनल्टी
- 4:37:01लगा सकता है।
- 4:37:04पावर ऑफ़ सेबी टू ऑर्डर इन्वेस्टिगेशन।
- 4:37:06सेबी इन्वेस्टिगेशन भी करा सकता है। सेबी
- 4:37:07इन्वेस्टिगेशन भी करा सकता है। किस पे करा
- 4:37:09सकता है? कोई भी इंटरमीडियरी या फिर पर्सन
- 4:37:12जो एसोसिएटेड है विद सिक्योरिटी मार्केट।
- 4:37:15कोई भी पर्सन जो सिक्योरिटी मार्केट से
- 4:37:16एसोसिएटेड है वह कोई भी बंदा हो सकता है।
- 4:37:19कोई भी मतलब कोई भी कोई भी बंदा जो
- 4:37:21सिक्योरिटीज मार्केट से एसोसिएटेड है कोई
- 4:37:24भी या फिर कोई इंटरमीडियरी जैसे Zerodha
- 4:37:27वगैरह ये सब कोई इंटरमीडियरी तो इसको अपन
- 4:37:29बोलेंगे आईपीए एसएम। आईपीए एसएम। तो उनको
- 4:37:32एक बार अगर सेबी के पास रीज़नेबल ग्राउंड
- 4:37:34टू बिलीव है। सेबी के पास कोई रीज़नेबल
- 4:37:36ग्राउंड टू बिलीव है कि ये लोग ना
- 4:37:39इन्वेस्टर को हार्म कर रहे हैं या फिर
- 4:37:40सेबी लोग को वायलेट कर रहे हैं। इन्वेस्टर
- 4:37:42को हार्म कर रहे हैं या सेबी लोग को
- 4:37:43वायलेट कर रहे हैं तो उस पे सेबी
- 4:37:45इन्वेस्टिगेशन करा सकती है। कब करा सकती
- 4:37:47है कि उनको ऐसा लग रहा है कि कोई भी
- 4:37:49Zerodha वगैरह कोई भी Zerodha वगैरह या
- 4:37:53फिर जो भी पर्सन जो एसोसिएटेड है, कोई भी
- 4:37:55दूसरा पर्सन जो एसोसिएटेड है सेबी
- 4:37:57सिक्योरिटी मार्केट से तो सेबी के पास
- 4:37:59रीज़नेबल ग्राउंड टू बिलीव है कि भाई
- 4:38:02इन्वेस्टर को हार्म हो सकता है इन सब
- 4:38:03चीजों से। सेबी लो वायलेट हो सकता है इन
- 4:38:06सब चीजों से। इन्वेस्टर को हार्म हो सकता
- 4:38:07है। सेबी लो वायलेट हो सकता है। तो उस केस
- 4:38:09के अंदर उस केस के अंदर आपको ना मतलब सेबी
- 4:38:12जो है ना इन्वेस्टिगेशन करा सकती है।
- 4:38:14इन्वेस्टिगेशन करा सकती है। ठीक है?
- 4:38:19और फिर कुछ नहीं है। इसके जो आईपीएस है
- 4:38:21मतलब जो भी इन इंटरमीडियरी और पर्सन
- 4:38:23एसोसिएटेड विथ सिक्योरिटी मार्केट जैसे
- 4:38:26Zerodha का एग्जांपल ले रहा हूं। तो
- 4:38:27Zerodha के जो भी बंदे हैं ना Zerodha का
- 4:38:28जो भी मैनेजिंग डायरेक्टर ऑफिसर एंप्लई
- 4:38:30होगा वो इस सेबी को जितनी भी उनकी बुक्स
- 4:38:32रजिस्टर वगैरह है बुक्स वगैरह है वो उसको
- 4:38:34फर्निश करेगा उनको फर्निश करेगा और सेबी
- 4:38:37चाहे तो उनकी बुक्स को 6 महीने के लिए
- 4:38:40डॉक्यूमेंट्स को अपने पास कस्टडी में रख
- 4:38:42सकता है और इसको एक्सटेंड भी कर सकता है
- 4:38:44अगर नीड हुआ तो उसको एक्सटेंड भी कर सकता
- 4:38:46है नीड हुआ तो उनको एग्जामिनेशन ले सकता
- 4:38:48है नोथ पे ओथ पे कि कोई भी जो बंदा है
- 4:38:50इंटरमीडियरी या उसका जो भी उसका मैनेजर
- 4:38:53मैनेजिंग डायरेक्टर उनको ओथ पे कसम बुला
- 4:38:55के कुछ भी चीज बुलवा कर सकता है। उनका
- 4:38:58एग्जामिनेशन कर सकता है। राइटिंग के अंदर
- 4:39:00एविडेंस के साथ एग्जामिनेशन कर सकता है।
- 4:39:02ठीक है? कुल मिला के फालतू मतलब कुल मिला
- 4:39:03के इन्वेस्टिगेशन चल रहा है। कुल मिला के
- 4:39:05इन्वेस्टिगेशन चल रहा है। ऊपर ऊपर चल रहा
- 4:39:07था इंक्वायरी इंस्पेक्शन। ऊपर चल रहा था
- 4:39:09इंक्वायरी इंस्पेक्शन। और यहां चल रहा है
- 4:39:11इन्वेस्टिगेशन। ये चीजें मैं पहले ही समझा
- 4:39:12चुका हूं। इंक्वायरी, इन्वेस्टिगेशन और
- 4:39:14इंस्पेक्शन में क्या डिफरेंस होता है? ये
- 4:39:15अपना चैप्टर नंबर फोर था कंपनीज़ एक्ट का।
- 4:39:18ठीक है? हां।
- 4:39:21कोई भी नॉन कंप्लायंस किसी करी किसी भी
- 4:39:23पर्सन ने कि मैनेजर एमडी डब्ल्यूटीडी इन
- 4:39:25लोगों ने कोई भी मतलब उनसे कोई क्वेश्चन
- 4:39:27पूछा गया उसका जवाब नहीं दिया उनसे कोई
- 4:39:29बुक्स मांगी गई उन्होंने बुक्स नहीं दी
- 4:39:30अगर ऐसा कोई भी मतलब कुछ भी उन्होंने ऐसा
- 4:39:32गलत काम करा कि कोई कुछ पूछ रहा है बुक्स
- 4:39:34मांग रहा है सेबी तो नहीं दे रहा तो उनको
- 4:39:36जेल हो सकती है एक साल तक की प्लस फाइन भी
- 4:39:39लग सकता है 1 करोड़ तक का ठीक है फाइन
- 4:39:41फालतू है पेनल्टी वगैरह याद मत करो
- 4:39:44अब उसके बाद सर्च एंड सीजर अगर कभी भी लगा
- 4:39:47इन्वेस्टिगेशन के दौरान कि भाई जो भी ये
- 4:39:49लोग हैं हां ये लोग जो है Zerodha वाले ये
- 4:39:51बुक्स को डिस्ट्रॉय कर सकते हैं, ऑल्टर कर
- 4:39:53सकते हैं, म्यूटिलेट कर सकते हैं, फॉल्स
- 4:39:54कर सकते हैं, सीक्रेट कर सकते हैं। मतलब
- 4:39:56बुक्स के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। तो
- 4:39:58भाई आप लोग ना मैजिस्ट्रेट जज ऑफ़ मुंबई,
- 4:40:00मजिस्ट्रेट जज ऑफ़ मुंबई से परमिशन ले लो
- 4:40:02एंटर सर्जनेंट सीज़र की। एंटर सर्चेंट सीज़
- 4:40:05की और आप उस कंपनी के अंदर जाके उनकी
- 4:40:07बुक्स वगैरह, डॉक्यूमेंट वगैरह को सीज़ कर
- 4:40:09सकते हो। सीज़ कर सकते हो। ठीक है? पर कोई
- 4:40:13भी कंपनी जो अभी लिस्टिंग हुई नहीं है,
- 4:40:15लिस्ट हुई नहीं है, वो लिस्टिंग के अंदर
- 4:40:17जाने जा रही है। लिस्टिंग वो नहीं बनी आगे
- 4:40:19कि दोनों पे लगते हैं प्रोविज़ जो ऑलरेडी
- 4:40:21लिस्टेड कंपनी है और जो पब्लिक कंपनी जो
- 4:40:23लिस्ट होना चाह रही है तो कोई भी कंपनी जो
- 4:40:25लिस्ट होना चाह रही है उस पे सर्च एंड
- 4:40:26सीज़र कब होगा? केवल दो केस में जब वो
- 4:40:28इंसाइडर ट्रेडिंग में इन्वॉल्व हो या फिर
- 4:40:30कोई फ्रोडुलेंट ट्रेड प्रैक्टिससेस में
- 4:40:32इन्वॉल्व हो। या तो इंसाइडर ट्रेडिंग करते
- 4:40:34हुए पकड़ी गई थी या फ्रोड्यूलेंट ट्रेड
- 4:40:36प्रैक्टिस के अंदर पकड़ी गई थी वो। ठीक है
- 4:40:39ना? तो ये और ये जो भी सीज करा उसकी
- 4:40:41कस्टडी कब तक रहेगी? जब तक इन्वेस्टिगेशन
- 4:40:44पूरा कंप्लीट ना हो जाए तब तक उसकी कस्टडी
- 4:40:46रहेगी।
- 4:40:58ठीक है। तो सर सेबी का क्या पावर होता है?
- 4:41:01सिंपल है। इतना कोई खास इंपॉर्टेंट भी
- 4:41:02नहीं है। सर सिंपल सी चीज़ है। सेबी का 2
- 4:41:06मिनट जल पी लूं मैं थोड़ा सा जल।
- 4:41:30ठीक है तो उन पे इन्वेस्टिगेशन कर सकता है
- 4:41:32किसी भी इंटरमीडिएट पे इंटरमीडियरी पे या
- 4:41:34फिर जो भी पर्सन एसोसिएटेड है सिक्योरिटी
- 4:41:36मार्केट के साथ और जो सामने वाला बंदा
- 4:41:37एसएस Z Z Z Z Z Z Z Z Z Z का मैनेजर वगैरह
- 4:41:39एमडी वगैरह जो भी है मतलब एंप्लई वगैरह
- 4:41:41सबको उनको डॉक्यूमेंट फर्निश करने पड़ेंगे
- 4:41:43और सेबी उनकी कस्टडी भी रख सकता है बुक्स
- 4:41:44वगैरह के अंदर छह डॉक्यूमेंट्स की किसी भी
- 4:41:466 महीने तक के लिए उनको बंदों को ओथ पे भी
- 4:41:48बुला के एग्जाम भी करा सकता है। कोई भी
- 4:41:50नॉन कंप्लायंस हुआ तो पनिशमेंट देंगे
- 4:41:52ज़ीरोदा वगैरह वालों को और उनको कहीं पे भी
- 4:41:54लगे उनको कहीं पे भी लगे कि वो लोग बुक्स
- 4:41:56को ऑल्टर म्यूटिलेटेड फॉल्सिफाइड करने
- 4:41:58वाले हैं। ऑल्टर म्यूटिलेटेड फॉल्सिफाइड
- 4:41:59करने वाले हैं। तो उस केस के अंदर उस केस
- 4:42:02के अंदर वो पनिशमेंट ले सकता है। उस केस
- 4:42:04के अंदर वो पनिश सॉरी उस केस के अंदर वो
- 4:42:07मजिस्ट्रेट जज ऑफ़ मुंबई उससे परमिशन ले
- 4:42:09लेगा पहले सेबी और उसके बाद एंटर सर्च एंड
- 4:42:11सीज़र कर सकता है। एंटर सर्च सीज़र वो कर
- 4:42:14सकता है। ठीक है ना? चलो सीज एंड डिजीज
- 4:42:18प्रोसीडिंग अगर कहीं पर भी कंपनी को कहीं
- 4:42:22पर भी सेबी को ऐसा लग रहा है। कहीं पे भी
- 4:42:24कंपनी को ऐसा लग रहा है कि अभी तक किसी भी
- 4:42:27बंदे ने कोई भी बंदा कोई भी बंदा हो लेट
- 4:42:29से हर्षद मेहता हर्षद मेहता उसको पहले
- 4:42:31हर्षद मेहता का पता पड़ गया था। उसको पहले
- 4:42:33हर्षद मेहता का पता हर्षद था। हर्षद था
- 4:42:35हर्षद ही था ना उसको पहले से पता पड़ गया
- 4:42:38था कि हर्षद मेहता कुछ खराब काम करने जा
- 4:42:40रहा है। खराब काम करने जा रहा है जिससे
- 4:42:45सेबी एक्ट का सेबी एक्ट का कोई भी एक्ट
- 4:42:49रूल रेगुलेशन वलेट होगा। वलेट होगा। तो
- 4:42:54हर्षद मेहता को पता पड़ने हर्षद मेहता को
- 4:42:57हर्षद मेहता ऐसा कोई भी काम करने जा रहा
- 4:42:59है जिससे खराब काम करने जा रहा है। जैसे
- 4:43:01सेबी एक्ट वायलेट होगा। सेबी एक्ट रूल
- 4:43:03प्रोविज़ वलेट होगा। तो उस केस के अंदर या
- 4:43:06तो खराब काम करने जा रहा है। मतलब अभी तक
- 4:43:09करा नहीं है। वह खराब काम करने जा रहा है।
- 4:43:12या फिर खराब काम कर चुका है। मतलब सेबी को
- 4:43:14पता पड़ गया कि वलेट हो चुका है। पर्सन
- 4:43:16हैज़ वलेटेड और लाइकली टू वलेट। लाइकली टू
- 4:43:20वलेट। तो उस केस के अंदर उस केस के अंदर
- 4:43:23जो सेबी होगा ना वह कोई ऑर्डर पास कर
- 4:43:25देगा। ऑर्डर पास कर देगा। उसको सीज़ कर
- 4:43:28देगा। मतलब सीज़ मतलब उसको मना कर देगा। तू
- 4:43:31ऐसा कोई भी काम नहीं करेगा। मतलब कोई सा
- 4:43:33भी जो भी ऑर्डर होगा ऑर्डर पास कर देगा कि
- 4:43:35कुल मिला के हर्षद मेहता ऐसा कोई भी काम
- 4:43:37नहीं कर पाया जो वो करने जा रहा है या फिर
- 4:43:39कर चुका है पर वापस भी तो करेगा फिर तो
- 4:43:41सीज़ एंड डिसीज का वो ऑर्डर पास कर ठीक है
- 4:43:44और जनरली कब होगा ये जब इंसाइडर ट्रेडिंग
- 4:43:46या फिर फ्रॉड इनवॉल्व होता है तभी होता है
- 4:43:48सर ठीक है तो सेबी को पहले ही पता पड़ गया
- 4:43:51कि आपको कोई ऐसा काम करने वाला है जिससे
- 4:43:52सेबी एक्ट वायलेट होने वाला है सेबी रूल
- 4:43:54वायलेट होने वाला है तो उस केस के अंदर वो
- 4:43:55पहले ऑर्डर पास कर देगा कि ऐसा काम मत कर
- 4:43:57उसको कहते हैं सीज़ एंड डिसीज द प्रोसीडिंग
- 4:44:00ठीक है
- 4:44:01अब तो ये इतना लोड लेके तो मैं नहीं
- 4:44:03पढ़ाऊंगा। इसको एक छोटा सा क्रॉस मारो
- 4:44:05रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट कि इन लोगों को इन
- 4:44:08लोगों मतलब यार आ तो सकता है ये वाली
- 4:44:10चीजें एमसीक्यू में आ सकती है। चलो पढ़ लो
- 4:44:11एक बार मत मारो क्रॉस मत मारो इस पे आ
- 4:44:13सकता है एमसीक्यू के अंदर। ठीक है? कि इन
- 4:44:15लोगों को ना हमेशा इन लोगों को कोई अपना
- 4:44:18काम करने के पहले धंधा शुरू करने के पहले
- 4:44:21सेबी से रजिस्ट्रेशन लेना पड़ेगा। सेबी से
- 4:44:24रजिस्ट्रेशन लेना पड़ेगा। सर्टिफिकेट और
- 4:44:25रजिस्ट्रेशन लेना पड़ेगा। सेबी से सेबी
- 4:44:27सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन लेना पड़ेगा।
- 4:44:30कौन-कौन बंदे सर? स्टॉक ब्रोकर हो गए,
- 4:44:33शेयर ट्रांसफर एजेंट हो गए, बैंकर टू एन
- 4:44:36इशू। बैंकर टू एन इशू जो इशू के टाइम पे
- 4:44:39बैंकर होता है। पोर्टफोलियो आप किसी का
- 4:44:41मैनेज कर रहे हो तो डायरेक्ट नहीं कर
- 4:44:43सकते। पहले सेबी से रजिस्टर करना पड़ेगा
- 4:44:44भाई। पोर्टफोलियो मैनेज भी हर कोई नहीं कर
- 4:44:46सकता किसी का। सब ब्रोकर हो गया। ट्रस्टी
- 4:44:48ऑफ़ ट्रस्टीड हो गया। मर्चेंट बैंकर,
- 4:44:51अंडरराइटर, इन्वेस्टमेंट एडवाइजर आप
- 4:44:53इन्वेस्टमेंट के लिए किसी को एडवाइस भी दे
- 4:44:54रहे हो ना, तो भी आपको पहले रजिस्टर होना
- 4:44:57पड़ेगा। और कोई भी ऐसे कोई भी अदर
- 4:44:59इंटरमीडियरी है कोई भी ऐसे अदर
- 4:45:00इंटरमीडियरी उन सबको उन सबको पहले सेबी से
- 4:45:02सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन लेना पड़ेगा।
- 4:45:06तो सर स्टॉक ब्रोकर सब ब्रोकर शेयर
- 4:45:08ट्रांसफर एजेंट ट्रस्टी बैंकर मर्चेंट
- 4:45:10बैंकर अंडरराइटर पोर्टफोलियो मैनेजमेंट
- 4:45:12इन्वेस्टमेंट एडवाइजर इन सबको इन सबको
- 4:45:15सेवियस लेना पड़ेगा। तो एमसीक्यू शायद ऐसा
- 4:45:17आ जाए कि किसको नहीं लेना पड़ेगा। किसको
- 4:45:19नहीं लेना पड़ेगा। शायद वो आ जाए। ठीक है
- 4:45:22ना?
- 4:45:24कौन-कौन है सर? वापस एक बार लिस्ट ध्यान
- 4:45:26से देखो। स्टॉक ब्रोकर सब ब्रोकर नॉर्मल
- 4:45:28सी बात है। शेयर ट्रांसफर एजेंट यह भी
- 4:45:30नॉर्मल सी बात है। मर्चेंट बैंकर अंडर
- 4:45:32आइटन यह भी नॉर्मल सी बात है। यह ये
- 4:45:33नॉर्मल है थोड़ा-थोड़ा। अब थोड़े से अलग
- 4:45:35जो याद रखने हैं। ट्रस्टी ऑफ़ ट्रस्ट डीड
- 4:45:38बैंकर टू एन इशू पोर्टफोलियो मैनेजर एंड
- 4:45:41इन्वेस्टमेंट एडवाइजर। पोर्टफोलियो कोई
- 4:45:42मैनेज कर रहा है, इन्वेस्टमेंट एडवाइस कर
- 4:45:43रहा है तो भी उसको रजिस्ट्रेशन लेना
- 4:45:45पड़ेगा। ठीक है? तो अब सर्टिफिकेट ऑफ़
- 4:45:48रजिस्ट्रेशन पे कुछ टर्म्स एंड कंडीशन
- 4:45:49लिखी होती है कि आप लोग जो भी काम करोगे
- 4:45:51वो इस टर्म्स एंड कंडीशन के हिसाब से
- 4:45:53लगोगे। मतलब सेबी ने कुछ टर्म्स एंड
- 4:45:54कंडीशन लगाई हुई होती है रजिस्ट्रेशन देने
- 4:45:56के लिए। तो जो भी काम करोगे आप उस हिसाब
- 4:45:58से करोगे। ठीक है ना? तो भाई डिपॉज़िटरी
- 4:46:02पार्टिसिपेंट, कस्टडियन। अब इस पे मत जाओ।
- 4:46:05क्या होता है? कुल मिला के इनको भी
- 4:46:06सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन लेना पड़ेगा। और
- 4:46:08जो भी टर्म्स एंड कंडीशन लिखी हुई है वो
- 4:46:10सब फॉलो करनी पड़ेगी। फॉरेन इंस्टीट्यूशन,
- 4:46:12इन्वेस्टर, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी और अदर
- 4:46:14इंटरमीडियरी। इन सबको भी इन सबको भी अगर
- 4:46:17सिक्योरिटीज में डील करना है। इन सबको
- 4:46:19सिक्योरिटीज में डील करना है तो इनको भी
- 4:46:22सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन चाहिए होगा।
- 4:46:24कौन-कौन सर? डिपॉज़िटरी पार्टिसिपेंट
- 4:46:26कस्टडियन। डिपॉज़िटरी पार्टिसिपेंट,
- 4:46:28कस्टडियन। तुमको पता होगा जो जो थोड़े बहुत
- 4:46:30स्टॉक मार्केट में इन्वॉल्व है कौन-कौन
- 4:46:31होते हैं ये। तो डिपॉज़िटरी, पार्टिसिपेंट,
- 4:46:33कस्टडियन फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर,
- 4:46:36क्रेडिट रेटिंग एजेंसी और अदर अदर
- 4:46:38इंटरमीडिएट इन सबको लेना पड़ेगा। साथ में
- 4:46:41सर यह लोग भी बिना सर्टिफिकेट ऑफ
- 4:46:45रजिस्ट्रेशन लिए इन्वेस्टमेंट नहीं कर
- 4:46:46सकते। कौन सर? वेंचर कैपिटलिस्ट, कलेक्टिव
- 4:46:50इन्वेस्टमेंट फंड, इंक्लूडिंग म्यूच्यूल
- 4:46:51फंड, अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फॉर और
- 4:46:53बिज़नेस ट्रस्ट, बिज़नेस ट्रस्ट। तो, यह
- 4:46:56वाली चीज़ तुमको एक बार वापस से नजर फेरो।
- 4:46:58इन सबको सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन लेना
- 4:47:00पड़ेगा सेबी से सिक्योरिटीज़ में डील वगैरह
- 4:47:02करने के लिए कुछ भी कामवाम करने के लिए।
- 4:47:03एक बार नजर फेरो इन सब पर। फेरो भाई। फेरो
- 4:47:06नजर देखो एक बार ध्यान से देखो। 510
- 4:47:08सेकंड।
- 4:47:14चले आगे चल रहा हूं मैं भाई किसी को और भी
- 4:47:16वापस देखना है एक बार वीडियो पॉज करना पर
- 4:47:18हां ये है कि इनको लेना पड़ेगा कभी
- 4:47:19एमसीक्यू आ जाए कि किसको नहीं लेना पड़ेगा
- 4:47:21तो उसमें ध्यान रखना पड़ेगा तुमको बाकी
- 4:47:23ठीक है तुमको नॉर्मल कॉमन सेंस से भी ये
- 4:47:25वाला क्वेश्चन हो तो सकता है आ जाओ नीचे
- 4:47:30[हंसी] छोड़ो इसको नीचे आएगा अभी ये नीचे
- 4:47:32आएगा ये चीज आएगी क्यों नीचे आएगी क्या
- 4:47:34चीज करना मना है ये चीजें करना मना है कि
- 4:47:36आप कुल मिला के कोई भी फ्रॉड नहीं कर सकते
- 4:47:37लिस्टेड सिक्योरिटी के कभी लोग नहीं करते
- 4:47:40कि कोई भी डिवाइस लगा देते हैं सिक्योरिटी
- 4:47:41एक्सचेंज मार्केट के अंदर प्राइस को
- 4:47:43इनफ्लेट करने के लिए कम ज्यादा करने के
- 4:47:44लिए ज्यादा एकदम से ट्रेडिंग का वॉल्यूम
- 4:47:46बढ़ जाता है। ट्रेडिंग का वॉल्यूम कम हो
- 4:47:47जाता है। ऐसा कोई भी फ्रॉड नहीं कर सकते
- 4:47:49कि जिससे शेयर की प्राइस वगैरह ऊपर नीचे
- 4:47:51हो या कोई भी किसी भी तरह का शेयर मार्केट
- 4:47:53में फ्रॉड ना हो। ओवरऑल ग्रंट बाय सेंट्रल
- 4:47:56गवर्नमेंट। सेंट्रल गवर्नमेंट टाइम टू
- 4:47:57टाइम। सेंट्रल गवर्नमेंट को जब भी लगता है
- 4:47:59तो वो सेबी को थोड़ा बहुत पैसा देती है
- 4:48:01जिसको बोलते हैं ग्रंट मतलब पैसा देना कि
- 4:48:03सेबी को कभी कोई नीड होती है कि यार पैसा
- 4:48:05चाहिए तो सेंट्रल गवर्नमेंट दे देती है।
- 4:48:06हालांकि सेबी के पास बहुत पैसा है। सही
- 4:48:08बताऊं तो ठीक है पर वो है कि पार्लियामेंट
- 4:48:10उसको देती है और वो भी डिस्क्रीशनरी इच्छा
- 4:48:11हुई तो देगी नहीं हुई तो नहीं देगी। ठीक
- 4:48:13है? सेबी जनरल फंड। अब अभी सेबी के पास एक
- 4:48:15जनरल फंड है। सेबी के पास एक जनरल फंड है।
- 4:48:18एक नॉर्मल सा फंड है। एक सेबी जनरल फंड
- 4:48:20है। सेंडरी जनरल फंड में क्या-क्या आता है
- 4:48:22सर? सेबी जनरल फंड के अंदर तीन चीजें आती
- 4:48:24हैं।
- 4:48:26ग्रांट जो भी सेंट्रल गवर्नमेंट से ग्रांट
- 4:48:29मिली है।
- 4:48:32फीस एंड
- 4:48:34चार्जेस मतलब सेबी ने जहां-जहां पर भी
- 4:48:36कहीं से फीस एंड चार्जेस मिली है या फिर
- 4:48:38कोई भी अदर इनकम या फिर कोई भी अदर इनकम
- 4:48:41मिली है। वो सारी चीजें कहां आती है? सेबी
- 4:48:43के जनरल फंड में। सेबी के जनरल फंड के
- 4:48:46अंदर आती है। मतलब वो आईपीईएफ में नहीं
- 4:48:48जाती। आईपीएफ में नहीं जाती। ये जो
- 4:48:50डिस्ग्ज फंड था अगर तुमको पता हो यहां पे
- 4:48:52लिखो
- 4:48:54जो डिसगॉर्ज फंड था डिस्गर्ज
- 4:48:59फंड डिस्कोर्स फंड वो किधर जाता था
- 4:49:01डिस्कोर्स फंड कहां पढ़ा था अपन ने आईपीईएफ
- 4:49:04के अंदर आईपीईएफ के अंदर और सर
- 4:49:08जो पेनल्टीज है वो किधर जाती है कि सेबी
- 4:49:11ने कोई पेनल्टी रिसीव करी है तो वो किधर
- 4:49:13जाएगी सर सर पेनल्टी जाती है कहां जाती है
- 4:49:17आईपीएफ में भी नहीं जाती पेनल्टी पेनल्टी
- 4:49:19जाती आती है कंसोलिडेटेड फंड ऑफ़ इंडिया।
- 4:49:21कंसोलिडेटेड फंड ऑफ़ इंडिया। इससे एमसीक्यू
- 4:49:23वगैरह में यार थोड़ा बहुत आ सकता है सर। तो
- 4:49:26सेबी का जनरल फंड है उसके अंदर जितनी भी
- 4:49:28सेंट्रल गवर्नमेंट से ग्रांट मिली है या
- 4:49:29सेबी का कोई भी फीस एंड चार्जेस है वो है
- 4:49:31या फिर अदर इनकम है तो वो होगा उसके अंदर।
- 4:49:33या फिर सेबी का जो भी डिस्ग्ज फंड है सेबी
- 4:49:36का जो भी डिसगॉर्ज फंड है वो आईपीएफ में
- 4:49:39जाएगा।
- 4:49:42हां सॉरी वीडियो पॉज कर रहा था अपन कहते
- 4:49:43हैं। हां सर। तो सेबी के जनरल फंड में
- 4:49:45क्या जाता है? जो भी सेंट्रल गवर्नमेंट से
- 4:49:46ग्रांट मिली है फीस एंड चार्जेस और जो भी
- 4:49:48अदर इनकम है पर जो आईपीएफ है ना उसके अंदर
- 4:49:51जाएगा डिस्ग्ज फंड डिसगॉर्ज फंड किस में
- 4:49:54जाएगा सर आईपीईएफ के अंदर जाएगा अपन ने
- 4:49:56पढ़ा था और अपन बाद में भी पढ़ेंगे जो
- 4:49:57पेनल्टी सेबी ले रही है पेनल्टीज भी लगाती
- 4:49:59है सेबी तो तो वो सीएफआई के अंदर जाएगा
- 4:50:01पेनल्टी सीएफआई के अंदर जाएगा तो ये मेरे
- 4:50:03को लगता है आ सकता है ठीक है ना और ये जो
- 4:50:05डिसगॉर्ज फंड है डिस्कगर्च फंड है ये
- 4:50:07तीनों पैसा किस में जाएगा डिस्ग्ज फंड के
- 4:50:10अंदर ए सॉरी ये तीनों पैसा किसमें जाएगा
- 4:50:11जनरल फंड के अंदर तो जनरल फंड का यूज़
- 4:50:14क्या होगा सर जनरल जनरल फंड का यूज़ बड़े ही
- 4:50:16जनरल पर्पस के लिए होगा। जनरल फंड का यूज़
- 4:50:18बड़ा ही जनरल पर्पस से होगा। आप जो भी उसके
- 4:50:20सेबी के ऑफिसर एंप्लई वगैरह है उनकी सैलरी
- 4:50:23रिमुनरेशन कोई भी जनरल एक्सपेंसेस है वो
- 4:50:25जो भी उसका पर्पस है ऑब्जेक्ट है सेबी का
- 4:50:28उसको फुलफिल करने के लिए मतलब जनरल पर्पस
- 4:50:29के लिए। ठीक है?
- 4:50:32चलो
- 4:50:34उसके बाद
- 4:50:40अकाउंट्स एंड ऑडिट। अरे भाई जब इतना पैसा
- 4:50:42है तुम्हारे पास इतना इतनी सारी अलग-अलग
- 4:50:44जगह से पैसा मिल रहा है तो तुमको अकाउंट्स
- 4:50:45भी बनाने पड़ेंगे और तुम्हारी ऑडिट भी
- 4:50:47होगी सिंपल सी बात है पर ऑडिट कौन करेगा
- 4:50:49सेबी बोर्ड एक तो प्रिपेयर करेगी
- 4:50:51फाइनेंसियल स्टेटमेंट ऑडिट कौन करेगा सर
- 4:50:52ऑडिट कौन करेगा ऑडिट करेगा सीएनएजी
- 4:50:55कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया जो
- 4:50:56सारे पीएसयू और गवर्नमेंट कंपनीज़ की ऑडिट
- 4:50:58करता है वही यहां पे ऑडिट करेगा और जो भी
- 4:51:00ऑडिट रिपोर्ट होगी वो सेंट्रल गवर्नमेंट
- 4:51:02के पास जाएगी सेंट्रल गवर्नमेंट के पास
- 4:51:03कैसे जाएगी सर हाउस ऑफ पार्लियामेंट दोनों
- 4:51:05हाउस ऑफ पार्लियामेंट के अंदर प्रेजेंट
- 4:51:06करी जाएगी सेंट्रल गवर्नमेंट को देने के
- 4:51:09लिए उसके बाद सर पेनल्टी इज़ मोस्ट मोस्ट
- 4:51:13मोस्टेंट सेक्शन मोस्ट मोस्टेंट
- 4:51:17मोस्ट मोस्ट मोस्टेंट
- 4:51:22इससे इंपॉर्टेंट सेबी चैप्टर में सेबी
- 4:51:24एक्ट के अंदर कुछ भी नहीं है। बहुत बहुत
- 4:51:26बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत
- 4:51:28बहुत बहुत बहुत बहुत वेरी वेरी वेरी वेरी
- 4:51:30वेरी वेरी वेरी वेरीेंट हां जी सर याद भी
- 4:51:33करनी पड़ेगी अच्छी बात है ये हम तो अब ये
- 4:51:36है करते हैं अपन याद भी करनी पड़ेगी तुमको
- 4:51:38इस चीज को ध्यान में रखना है इससे
- 4:51:40क्वेश्चन आएंगे आएंगे अच्छे खासे तो ये
- 4:51:41याद करनी पड़ेगी चलो एक-एक करके पढ़ते हैं
- 4:51:44अपन सर अपना सेबी पेनल्टी लगाएगा सेबी
- 4:51:46पेनल्टी लगाएगा कब से पहले 15 ए 15 ए ए से
- 4:51:49अकाउंट्स इतने सेक्शन याद करने की ऐसे
- 4:51:51इतनी ज्यादा जरूरत नहीं है रेयरली सेक्शन
- 4:51:53से आएगा कुछ एक आधा तो आ जाए बाकी सेक्शन
- 4:51:55क्वेश्चन याद करने की नहीं है। पर फिर भी
- 4:51:57यूं ही करा रहे होंगे तो ए से अकाउंट्स कि
- 4:52:00कभी भी सेबी ने बोर्ड मतलब यहां पे सेबी
- 4:52:02कभी भी सेबी ने कोई डॉक्यूमेंट्स मांगे,
- 4:52:05कोई भी बुक्स ऑफ अकाउंट्स मांगी और कोई भी
- 4:52:07फेल हो गया बुक्स ऑफ अकाउंट्स वगैरह
- 4:52:08फर्निश करने से लेट्स से Zerodha से
- 4:52:10मांगी, किसी कंपनी से मांगी, किसी से भी
- 4:52:11Zerodha किसी भी कंपनी मतलब सेबी ने किसी
- 4:52:13से बुक्स ऑफ़ अकाउंट्स कोई डॉक्यूमेंट
- 4:52:15मांगी। कोई भी डॉक्यूमेंट रिटर्न वगैरह
- 4:52:17मांगा, बुक्स मांगी, कुछ भी तो उसने
- 4:52:19फर्निश ही नहीं करा। उसने सेबी को फर्निश
- 4:52:21ही नहीं करा। फेल टू फर्निश विद इन अ
- 4:52:23स्पेसिफाइड टाइम या फिर बुक्स को मेंटेन
- 4:52:25ही नहीं करा हुआ या फिर बुक्स को मेंटेन
- 4:52:26ही नहीं करा हुआ बुक्स ऑफ अकाउंट्स को
- 4:52:28मेंटेन ही नहीं करा हुआ तो इस केस में
- 4:52:30कितनी पेनल्टी लगेगी सर सर आपकी 1 लाख
- 4:52:33पेनल्टी लगेगी प्लस 1 लाख पर डे लगेगी 1
- 4:52:37लाख पेनल्टी लगेगी आपको एक तो स्ट्रेट
- 4:52:39फॉरवर्ड प्लस 1 लाख पर डे 1 लाख पर डे
- 4:52:42लगेगी पर 1 लाख पर डे लगेगी पर मैक्सिमम 1
- 4:52:44करोड़ तक रुक जाएगा 1 करोड़ तक रुक जाएगी
- 4:52:46कि एक दिन 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ रखते
- 4:52:48मैक्सिमम 1 करोड़ तक रुक जाएगी तो 1 लाख
- 4:52:51तो पहले स्ट्रेट फॉरवर्ड लगेगी लगी लगेगी
- 4:52:52आप पे 1 लाख तो लगेगी लगेगी उसके बाद 1
- 4:52:55लाख पर डे लगेगी 1 लाख पर डे लगेगी और वो
- 4:52:57भी कब तक लगेगी अप टू मैक्स 1 करोड़ 1
- 4:52:59करोड़ तक मैक्सिमम लगेगी उसके बाद सर बी
- 4:53:03से एग्रीमेंट नहीं बनाया क्लाइंट के साथ
- 4:53:06कि जो भी पर्सन रजिस्टर है अंडर सेक्शन 12
- 4:53:09लेट्स से zerधा लेट्स से zerod zerधा जो
- 4:53:12भी आपका ब्रोकर वगैरह है उसने कोई भी
- 4:53:14ट्रेड करते हो आप मतलब कोई भी जब अकाउंट
- 4:53:15खुलाते हो या कुछ भी ऐसा करते हो तो पहले
- 4:53:17क्लाइंट के साथ एग्रीमेंट करना पड़ता है
- 4:53:18सिंपल सी बात है zerodha पे आप अकाउंट
- 4:53:20खुलाओगे तो आप दोनों का एक एग्री
- 4:53:21एग्रीमेंट होगा। तो ब्रोकर ने या ऐसे जो
- 4:53:23भी पर्सन रजिस्टर है अंडर सेक्शन 12 के
- 4:53:25अंदर पोर्टफोलियो मैनेजर वगैरह वो जो भी
- 4:53:26है उन लोगों ने एग्रीमेंट नहीं करा
- 4:53:28क्लाइंट के साथ। उन लोगों ने क्लाइंट के
- 4:53:30साथ एग्रीमेंट नहीं करा तो भी सेम पेनल्टी
- 4:53:32है सर। 1 लाख प्लस 1 लाख पर डे 1 लाख + 1
- 4:53:34लाख पर डे 1 लाख प्लस 1 लाख पर डे अप टू 1
- 4:53:37करोड़। अप टू 1 करोड़। 1 लाख प्लस 1 लाख पर
- 4:53:40डे अप टू 1 करोड़। यह हो गया। उसके बाद C
- 4:53:43से कंप्लेन आपने इन्वेस्टर की कंप्लेंट
- 4:53:45रिज़ॉल्व नहीं करी। आपने इन्वेस्टर की
- 4:53:47कंप्लेंट रिज़ॉल्व नहीं करी। कोई भी
- 4:53:49लिस्टेड कंपनी है या फिर रजिस्टर्ड पर्सन
- 4:53:51है अंडर सेक्शन 12 तो कोई भी इन्वेस्टर ने
- 4:53:54कंप्लेन करी और आप फेल हो गए टू रिड्रेस द
- 4:53:56ग्रीवेंसेस टू रिड्रेस द ग्रीवेंसेस कि
- 4:53:58इन्वेस्टर ने कोई कंप्लेन करी और आपने
- 4:54:00उनको टाइमली मैनर में रिॉल्व नहीं करा
- 4:54:02आपने उनको टाइमली मैनर में रिॉल्व नहीं
- 4:54:03करा तो भी वापस सेम पेनल्टी 1 लाख 1 लाख
- 4:54:06पर डे अप टू 1 करोड़ अप टू 1 करोड़ सर फिर
- 4:54:10डी से डीसी डी से डीसी डीसी क्या फैन है
- 4:54:13मार्वल वर्सेस डीसी तुमको पता होगा डीसी
- 4:54:15सुपरमैन वाला वो वाला आयरनमैन है ना
- 4:54:17सुपरमैन का आयरन मैन सुपरमैन सुपरमैन वाला
- 4:54:20सुपरमैन वाला डीसी हां हां सुपरमैन वाला
- 4:54:23ठीक है ना हां उसके अंदर चलो तो डीसी डी
- 4:54:26सी तो ये डीसी वाला तो ये डीसी सी से क्या
- 4:54:29है सर सी से सीआईएस स्कीम 15 डी डी के बाद
- 4:54:32सी मतलब डीसी डीसी सी से सीआईएस स्कीम सी
- 4:54:35से सीआईएस स्कीम सी से सीआई सी से सीआईएस
- 4:54:38स्कीम कि मेरा कुल मिला के जो भी सीआईएस
- 4:54:40थी ना सीआईएस स्कीम जो भी है कलेक्टिव
- 4:54:42इन्वेस्टमेंट स्कीम वो कलेक्टिव
- 4:54:44इन्वेस्टमेंट स्कीम वाला बंदा धंधा चला
- 4:54:46रहा है विदाउट ऑब्टेनिंग सर्टिफिकेट ऑफ
- 4:54:48रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ऑफ़ रजिस्ट्रेशन
- 4:54:49उसने नहीं लिया। उसके बाद भी वो धंधा चला
- 4:54:52रहा है। या फिर सर्टिफिकेट ऑफ़ रजिस्ट्रेशन
- 4:54:54तो उसने ले लिया। सर्टिफिकेट ऑफ़
- 4:54:55रजिस्ट्रेशन तो उसने ले लिया। पर जो
- 4:54:56सर्टिफिकेट ऑफ़ रजिस्ट्रेशन की टर्म एंड
- 4:54:58कंडीशन थी वो उसको कंप्लाई नहीं कर रहा।
- 4:55:00टर्म एंड कंडीशन को कंप्लाई नहीं कर रहा।
- 4:55:02तो भी 1 लाख प्लस 1 लाख पर डे अप टू 1
- 4:55:04करोड़। 1 लाख 1 लाख पर डे अप टू 1 करोड़।
- 4:55:07ठीक है? तो ये सारी पेनल्टी सेम हो गई।
- 4:55:10उसके बाद भी उसके बाद भी एक ई से एएमसी
- 4:55:15एएमसी इसकी कोई ट्रिक मुझे नहीं पता।
- 4:55:17एएमसी म्यूच्यूल फंड फेल टू कंप्लाई द रूल
- 4:55:19जो भी एएमसी कंपनी होती है ना एसेट
- 4:55:20मैनेजमेंट कंपनी वह रूल वापस से उन्होंने
- 4:55:22कुछ कोई भी कंप्लें रूल्स एंड रेगुलेशन
- 4:55:24फॉलो नहीं करे एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने तो
- 4:55:26क्या होगा 1 लाख 1 लाख पर डे प्लस
- 4:55:28मैक्सिमम 1 करोड़ 1 लाख 1 लाख पर डे प्लस
- 4:55:30मैक्सिमम 1 करोड़ तो ये तीनों कोई
- 4:55:31स्पेसिफिक टाइप ऑफ़ कंपनीज़ की बात करता है।
- 4:55:33ये तीनों कोई स्पेसिफिक टाइप ऑफ़ कंपनीज़ की
- 4:55:37बात करता है। तो इसको तुम एक बार ऐसे गोला
- 4:55:38मार लो कि इसका एक ग्रुप बना लो। ऊपर
- 4:55:40वालों का सबका एक ग्रुप बना लो। ये चार का
- 4:55:43एक ग्रुप बना लो। डीसी लिखा हुआ है ये।
- 4:55:45वैसे तो ठीक है इनका एक ग्रुप बना लो तो
- 4:55:47ग्रुप वन ये हो गया और ये नीचे वाला ग्रुप
- 4:55:50टू तो अपन ने क्या पढ़ा सर ए से अकाउंट्स
- 4:55:52वाला जो भी बुक्स ऑफ़ अकाउंट्स वगैरह फेल
- 4:55:54कर फेल हो गया फर्निश करना फिर बी से
- 4:55:56एग्रीमेंट नहीं बनाया बी ए बी के बाद बी ए
- 4:55:59बी के जस्ट पहले वाली चीज क्या है बी ए बी
- 4:56:01ए बी के जस्ट पहले वाली चीज क्या है बी ए
- 4:56:04बी ए से एग्रीमेंट वाला बनाना फेल हो गया
- 4:56:07सी से कंप्लेन सी से कंप्लेन आपने रिड्रेस
- 4:56:10नहीं करी कंप्लेंट इंडस्ट्री की रिड्रेस
- 4:56:11नहीं करी कंप्लेन तो ए बी सी ए बी सी मतलब
- 4:56:14फ्लो मैं याद करा रहा हूं और कुछ नहीं ए
- 4:56:16बी सी ए से अकाउंट्स बी से आपका था बी ए
- 4:56:19बी ए ए से एग्रीमेंट नहीं बनाया क्लाइंट
- 4:56:21के साथ सी से सर कंप्लेंट इन्वेस्टर की
- 4:56:23रिट्रेस नहीं करी डी डी से डी सी सी से
- 4:56:25सीआई स्कीम वाले कोई डिफ़ॉल्ट हुए उसने
- 4:56:27सर्टिफिकेट ऑफ़ रजिस्ट्रेशन नहीं लिया या
- 4:56:30सर्टिफिकेट ऑफ़ रजिस्ट्रेशन की जो भी टर्म
- 4:56:31कंडीशन थी वो फॉलो नहीं करी तो इन पे क्या
- 4:56:33लगेगा पेनल्टी सर सेबी क्या लगेगी 1 लाख 1
- 4:56:36लाख पर डे प्लस मतलब 1 लाख प्लस 1 लाख पर
- 4:56:39डे और अप टू मैक्सिमम 1 करोड़ अप टू
- 4:56:41मैक्सिमम 1 करोड़ अब उसके बाद पहुंचो E डी
- 4:56:44के बाद पहुंचो ई तो ईए ईबी ईए ईबी तो मतलब
- 4:56:48ईई वाली सीरीज है ई वाली पूरी सीरीज है ईए
- 4:56:50ईबी तो यह स्पेसिफिक कंपनीज़ की बात करता
- 4:56:52है कि कभी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने कोई
- 4:56:55रूल्स रेगुलेशन कंप्लाई नहीं करे कभी
- 4:56:57अल्टरनेटिव फंड इंफ्रास्ट्रक्चर रियलस्टेट
- 4:57:00तो एआईएफ अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड फिर
- 4:57:03इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट
- 4:57:05रियलस्टेट फंड इन कंपनी ने कोई रूल्स
- 4:57:07रेगुलेशन फॉलो नहीं करे या फिर कोई भी
- 4:57:09इन्वेस्टमेंट एडवाइर है रिसर्च एनालिस्ट
- 4:57:12है इन्होंने कोई रूल फॉलो नहीं करें तो
- 4:57:15इनकी पेनल्टी तो जो अपनी सेम पेनल्टी थी
- 4:57:17ना जो अपने ऊपर पड़ी वह लिख दो यहां पर तो
- 4:57:20यहां पे कहीं पे लिख दो
- 4:57:23सेम
- 4:57:26सेम क्या लिखो सेम सेम सेम सेम सेम सेम
- 4:57:30फर्स्ट और लास्ट वाले ई के अंदर फर्स्ट और
- 4:57:31लास्ट सेम सेम है तो अलग किसके लिए है सर
- 4:57:34अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड
- 4:57:36इंफ्रास्ट्रक्चर फंड रियलस्टेट इंटरेस्ट
- 4:57:38अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड रियल
- 4:57:40इंफ्रास्ट्रक्चर एंड रियलस्टेट अल्टरनेटिव
- 4:57:41इन्वेस्टमेंट फंड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड
- 4:57:43रियल स्टेट इसके अंदर सर क्या है? इसके
- 4:57:46अंदर है सर
- 4:57:50मिनिमम पेनल्टी जो लगेगी ना मिनिमम
- 4:57:53पेनल्टी मिनिमम पेनल्टी लगेगी सर आपकी 1
- 4:57:57लाख प्लस 1 लाख पर डे
- 4:58:00लाख 1 लाख 1 लाख प्लस 1 लाख पर डे ये तो
- 4:58:04है मिनिमम पेनल्टी इसको ब्लू से कर लेता
- 4:58:09हूं मैं तुम्हारे
- 4:58:12जो अपन ने अभी ऊपर पढ़ा था ना सेम 1 लाख 1
- 4:58:14लाख पर डे वाला ये मिनिमम है मैक्सिमम में
- 4:58:16भी वहां पे कितना बोला था? 1 करोड़।
- 4:58:18मैक्सिमम में ऊपर कितना बोला था? 1 करोड़
- 4:58:20मैक्सिमम बोला। तो यहां पे मैक्सिमम में
- 4:58:22बोला 1 करोड़ और 3X ऑफ़ गेन व्हिच एवर इज़
- 4:58:26हायर। 1 करोड़ और 3X ऑफ़ गेन व्हिच एवर इज़
- 4:58:30हायर कि जितना भी इन्होंने गेन कमाया गलत
- 4:58:32तरीके से उन सबका 3X उन सबका थ्री टाइम्स।
- 4:58:35उन सबका थ्री टाइम्स। तो ये मैक्सिमम ये
- 4:58:38मैक्सिमम। तो कैसे याद रखना है सर इसके
- 4:58:40अंदर सर? देखो ये पूरी बेस पेनल्टीज़ ही चल
- 4:58:43रही है अभी तक। 1 लाख 1 लाख 1 लाख 1 लाख
- 4:58:45प्लस 1 लाख पर डे पर उसमें भी मैक्सिमम 1
- 4:58:47करोड़ तक ही है। ये सब मिला के मैक्सिमम 1
- 4:58:49करोड़ तक ही है। तो सब पे सेम है। सब पे
- 4:58:51सेम है। अभी तक जो जो अपन ने पढ़ा ठीक है?
- 4:58:52सब पे सेम है। एएमसी पे भी बिल्कुल सेम
- 4:58:54है। इन्वेस्टमेंट एडवाइजर रिसर्च एनालिसिस
- 4:58:56पे भी सेम है। बस ये अल्टरनेटिव
- 4:58:57इन्वेस्टमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड रियल
- 4:58:59स्टेट इस पे भी सेम ही है। है तो यही ना 1
- 4:59:01लाख प्लस 1 लाख पर डे अप टू 1 करोड़। 1
- 4:59:03लाख 1 लाख पर डे अप टू 1 करोड़। पर वही है
- 4:59:05कि मिनिमम तो 1 लाख और प्लस 1 लाख पर डे
- 4:59:08है पर मैक्सिमम जो अपन ने यहां पे हर जगह
- 4:59:101 करोड़ तक रोका इसको मैक्सिमम पे रोका या
- 4:59:13तो 1 करोड़ या फिर 3X ऑफ़ गेन या तो 1 करोड़
- 4:59:16या 3X ऑफ़ गस 3X ऑफ़ गस यहां पे क्यों लाए?
- 4:59:19क्योंकि यहां पे तीन लोग हैं। 1 2 3 तीन
- 4:59:22लोग हैं इसलिए यहां पे 3X ऑफ़ गेन कर दिया।
- 4:59:23तीन लोग हैं। 3X ऑफ़ गेन कर दिया। इसलिए
- 4:59:25मैक्सिमम कितना होगा? हायर ऑफ़ मैक्सिमम
- 4:59:27कितना होगा? हायर ऑफ़ 1 करोड़ और 3X ऑफ़ गेन।
- 4:59:301 करोड़ और 3X ऑफ़ गेन। ठीक है? तो ये तीन
- 4:59:33कंपनी है इसलिए यहां पे 3x ऑफ़ गेन लगा
- 4:59:35दिया मैक्सिमम। ठीक है? बाकी सब कुछ सेम
- 4:59:37है। बाकी सब कुछ सेम चलता रहा है। सब कुछ
- 4:59:40सेम चलता रहा है। एफ से सर ये भी
- 4:59:42इंपॉर्टेंट है। ये तो दो तो तो इंपॉर्टेंट
- 4:59:45है। ये दोनों इंपॉर्टेंट है। पहले तो ये
- 4:59:48भी इंपॉर्टेंट है और ये भी इंपॉर्टेंट है।
- 4:59:49मतलब ऊपर वाली तो इंपॉर्टेंट थी पर ईजी
- 4:59:51थी। मतलब सब पे सेम ही लग रही है। सेम तरह
- 4:59:52की। अभी अब थोड़ी बहुत पेनल्टीज बदलना
- 4:59:55शुरू हो जाएगी। तो बदलने में भी मैं पहले
- 4:59:56इंपॉर्टेंट बता ही दूं। ये इंपॉर्टेंट है।
- 4:59:58ये इंपॉर्टेंट है। ये दो तो इंपॉर्टेंट है
- 5:00:00ही है। स्टॉक ब्रोकर कोई भी ब्रोकर है।
- 5:00:03कोई भी स्टॉक ब्रोकर है उसने कॉन्ट्रैक्ट
- 5:00:06नोट एफ से फेल। एफ से फेल मतलब एफ एफ से
- 5:00:09फेल। कॉन्ट्रैक्ट नोट इशू करना फेल हो
- 5:00:12गया। कोई भी सिक्योरिटी परचेस करते हैं तो
- 5:00:14एक डिलीवरी नोट होता है सिक्योरिटी का वो
- 5:00:15भी नहीं डाला। या फिर एक्सेस ब्रोकरेज डाल
- 5:00:17दी। एक्सेस ब्रोकरेज मतलब स्टॉक ब्रोकर ने
- 5:00:19कोई भी कांड करा। कॉन्ट्रैक्ट नोट इशू
- 5:00:20नहीं करा। कोई भी डिलीवरी सिक्योरिटी का
- 5:00:22डिलीवरी नोट इशू नहीं करा। एक्सेस
- 5:00:24ब्रोकरेज चार्ज कर जितनी है उससे एक्सेस
- 5:00:26चार्ज कर ली। उस केस के अंदर जो यह है ना
- 5:00:28A के A B C ये तीनों के लिए मतलब दिया हुआ
- 5:00:33है A B C A के अंदर इतनी लगेगी B के अंदर
- 5:00:36चलेगी C के अंदर इतनी लगेगी इसके अंदर
- 5:00:38इतनी लगेगी तो इसको तुम कर लो CD बी CD बी
- 5:00:43CD बी CDB बी सी से कॉन्ट्रैक्ट डी से
- 5:00:47डिलीवर सिक्योरिटी नोट एंड ई बी से
- 5:00:49ब्रोकरेज बी से ब्रोकरेज तो अब इन CDB पे
- 5:00:51कितनी लगेगी सर
- 5:00:54सब पे बेस पेनल्टी टाइप ही मान लो तुम बी
- 5:00:56बीच वाला तो एग्जैक्ट सेम है। 1 लाख और
- 5:01:00मैक्सिम 1 लाख 1 लाख पर डे एंड मैक्सिमम 1
- 5:01:03करोड़ तक
- 5:01:05सेम क्या है ये सेम।
- 5:01:09अब यहां पे उसका कॉन्ट्रैक्ट नोट इशू करना
- 5:01:12फेल हो गया। कॉन्ट्रैक्ट नोट इशू मतलब वन
- 5:01:13डे पर डे जो मैं पर डे पर डे बोल रहा हूं
- 5:01:15ना मतलब जब तक डिफ़ॉल्ट कंटिन्यू रहेगा जब
- 5:01:17तक डिफ़ॉल्ट कंटिन्यू रहेगा। उस टाइप से
- 5:01:19है। ठीक है ना? वो वाला 1 लाख पर डे तक
- 5:01:21लगता रहेगा। अब उसके बाद बस जब आपने
- 5:01:23कॉन्ट्रैक्ट नोट इशू नहीं कराना। तो यहां
- 5:01:25पे पर डे वाला कोई सीन नहीं है। 1 लाख से
- 5:01:281 करोड़ तक कुछ भी लग सकता है। पर डे वाला
- 5:01:29कोई सीन नहीं है। 1 लाख से 1 करोड़ तक यहां
- 5:01:32पर कुछ भी लग सकता है। 1 लाख से 1 करोड़
- 5:01:34कुछ भी लग सकता है। आपने ज्यादा ब्रोकरेज
- 5:01:37चार्ज कर ली। आपने ज्यादा ब्रोकरेज चार्ज
- 5:01:38कर ली तो 1 लाख से 5 एक्स ऑफ़ एक्सेस
- 5:01:42अमाउंट चार्ज। जितना भी एक्सेस वाली
- 5:01:43ब्रोकरेज आपने चार्ज करी उसका पांच गुना।
- 5:01:45उसका एक्स उसका पांच गुना। तो 1 लाख पर
- 5:01:48मैक्सिमम कितना? जितना उसने एक्सेस
- 5:01:50ब्रोकरेज चार्ज करी उसका पांच गुना।
- 5:01:52एक्सेस ब्रोकरेज चार्ज करी उसका पांच गुना
- 5:01:54तो कभी भी कोई अपन से एक्सेस ब्रोकरेज
- 5:01:56चार्ज कर ले तो उसका पांच गुना पेनल्टी
- 5:01:58उसको लगेगी उसको पांच गुना पेनल्टी लगेगी
- 5:01:59पर कम से कम 1 लाख लगेगी कम से कम 1 लाख
- 5:02:02लगेगी तो 1 लाख अप टू 5x ऑफ़ अमाउंट चार्ज
- 5:02:04अप टू 5x ऑफ़ अमाउंट चार्ज ठीक है
- 5:02:08ठीक है ना मतलब ध्यान से देखो ये सब सेम आ
- 5:02:10रहा है अपना ए बी सी वाला यहां तक सब कुछ
- 5:02:12सेम था सब कुछ सेम था सब कुछ सेम था बस
- 5:02:14यहां पे तीन लोग थे ई वाले तो मैंने कहा
- 5:02:15कि यहां पे मैक्सिमम में 3x लग जाएगा
- 5:02:17मैक्सिमम में 3x लग जाएगा फिर ब्रोकर आ
- 5:02:19गया अपना ब्रोकर आ गया तो उसके अंदर
- 5:02:20कॉन्ट्र हमने यहां पे बोला cd ए सी से
- 5:02:22कॉन्ट्रैक्ट नोट डी से डिलीवर सिक्योरिटी
- 5:02:24नोट ए ई सी डी बी सीडी बी बी से ब्रोकरेज
- 5:02:28एक्सेस चार्ज कर ली ब्रोकरेज एक्सेस चार्ज
- 5:02:30करी तो पांच गुना तक पेनल्टी लगेगी एक्सेस
- 5:02:32ब्रोकरेज की जितना भी एक्सेस अमाउंट चार्ज
- 5:02:33करा उसके पांच गुना तक पेनल्टी लगेगी तो
- 5:02:35मिनिमम 1 लाख मैक्सिमम एक पांच गुना तक
- 5:02:37लगेगी उसके बाद फर्स्ट फर्स्ट जो
- 5:02:39कॉन्ट्रैक्ट नोट था कॉन्ट्रैक्ट नोट के
- 5:02:40अंदर 1 लाख और मैक्सिमम 1 करोड़ तक और जो
- 5:02:42उसका ये डिलीवर सिक्योरिटी है कि उसने
- 5:02:44सिक्योरिटी टाइम पे डिलीवर नहीं करी
- 5:02:46सिक्योरिटी टाइम पे डिलीवर नहीं करी अच्छा
- 5:02:47ये सिक्योरिटी डिलीवर है सिक्योरिटी नोट
- 5:02:49की बात नहीं हो रही सॉरी सिक्योरिटी नोट
- 5:02:50की बात नहीं हो रही सिक्योरिटी कि टाइम पे
- 5:02:52उसने सिक्योरिटी डिलीवर नहीं करी। ठीक है
- 5:02:54ना? तो उस केस के अंदर सेम पेनल्टी जो अपन
- 5:02:57ऊपर पढ़ रहे हैं ऊपर 1 लाख + 1 लाख पर डे
- 5:02:59अप टू 1 करोड़ तक। ठीक है? चलिए इंसाइडर
- 5:03:03ट्रेडिंग अगर कभी भी आपने इंसाइडर
- 5:03:04ट्रेडिंग करी। इंसाइडर ट्रेडिंग तुम जानते
- 5:03:06हो भी यहां पे समझाने का है नहीं। और वैसे
- 5:03:07भी पूरा रेगुलेशन है वहां पे एक बार समझा
- 5:03:08ही दूंगा मैं। बाकी इंसाइडर ट्रेडिंग अगर
- 5:03:10आपने कभी भी करी तो मोस्टेंट है भाई रट
- 5:03:13लेना। रट लेना रट के खून में डाल लो।
- 5:03:15मोस्टेंट केस स्टडी आ जाएगी कि उसने
- 5:03:17ऐसा-ऐसा करा, ऐसा-ऐसा करा ऑडिटर के पास
- 5:03:19कोई खुद के पास इनेशन उसने कंपनी के शेयर
- 5:03:21खरीद लिए या ऑडिटर के पास जो इनेशन थी
- 5:03:23उसने अपने दोस्तों को भाइयों बहनों को बता
- 5:03:25दी कंपनी के डायरेक्टर के पास कोई इनफेशन
- 5:03:27थी उसने अपनी बीवी को बता दी उसने शेयर
- 5:03:28खरीद लिए ये सब इन ऐसा क्वेश्चन आएगा केस
- 5:03:31स्टडी और फिर पूछेगा पेनल्टी कितनी लगेगी
- 5:03:34मिनिमम भाई बड़ा-बड़ा काम करा है कम से कम
- 5:03:3610 लाख हर बार तो 1 लाख लगा रहे हैं भाई
- 5:03:38तूने बहुत बड़ा कांड करा है इंसाइडर
- 5:03:40ट्रेडिंग हम अलव नहीं करते इंसाइड
- 5:03:42ट्रेडिंग मतलब जी मतलब घर का बंदा घर का
- 5:03:44बंदा घर का बंदा ही गलत काम कर रहा है घर
- 5:03:47का बंदा इंसाइडर मतलब इंसाइडर घर का बंदा
- 5:03:49ही गलत काम कर रहा है घर का बंदा गलत काम
- 5:03:51कर रहा है। तो यहां पर मिनिमम 10 लाख है।
- 5:03:53वहां पर मैक्सिमम जो अपन पढ़े थे ना 1 करोड़
- 5:03:551 करोड़ यहां पे मैक्सिमम है हायर ऑफ़ हायर
- 5:03:58ऑफ़ 25 करोड़ और थ्री टाइम्स ऑफ़ प्रॉफिट
- 5:04:00मेड। 25 करोड़ और थ्री टाइम्स ऑफ़ प्रॉफिट
- 5:04:02मेड। 25 करोड़ और थ्री टाइम्स ऑफ़ प्रॉफ़िट।
- 5:04:05तो 10 लाख से 10 लाख तो मिनिमम है। 10 लाख
- 5:04:08तो मिनिमम है। और मैक्सिमम कितनी है? हायर
- 5:04:11ऑफ़ 25 करोड़ और 300 प्रॉफिट मेड। 25 करोड़
- 5:04:13और 3X प्रॉफ़िट मेड। 25 करोड़ और थ्री
- 5:04:15एक्ट्स ऑफ़ प्रॉफिट मोस्टेंट पेनल्टी इसको
- 5:04:19याद से याद करनी ही करनी है। ठीक है? तो
- 5:04:22भाई मिनिमम मैं इतनी इसलिए तो इसलिए इस
- 5:04:24पेनल्टी पे टाइम जोर दे रहा हूं। बाकी मैं
- 5:04:25पेनल्टीज याद नहीं कराता तुमको पर क्योंकि
- 5:04:27ये जो सेबी एक्ट वाली है वो आती है अच्छी
- 5:04:28खासी एग्जाम में। तो ये तो याद करनी ही
- 5:04:30करनी है। तो मिनिमम 10 लाख लगेगा ही
- 5:04:32लगेगा। अगर यहां पे घर का बंदा ही कुछ गलत
- 5:04:34कर रहा है तो उसको तो नहीं छोड़ेंगे। घर
- 5:04:35के बंदे पे तो सबसे ज्यादा ट्रस्ट होता है
- 5:04:37भाई। सीधी बात है। तो मिनिमम 10 लाख
- 5:04:39मैक्सिमम के अंदर 25 करोड़ और 3x ऑफ
- 5:04:41प्रॉफिट। 25 करोड़ और 3x ऑफ प्रॉफिट।
- 5:04:46अब उसके बाद भी देखो क्वेश्चन तो आते हैं।
- 5:04:48इन सब से भी आते हैं। तो एक बार अपन
- 5:04:49पढ़ेंगे। ठीक है? बट मेरे को ऐसी उम्मीद
- 5:04:52नहीं होगी कि आप ये सारे याद कर लो। सिंपल
- 5:04:53सी बात तो ये है। पर हां क्वेश्चन आते हैं
- 5:04:55तो मैं तो एक बार कराऊंगा यहां पे।
- 5:04:59अब ये है कि कभी भी कंपनी फेल हो गई ओपन
- 5:05:02ऑफर देने के लिए। ओपन ऑफर अपन बाद में
- 5:05:04पढ़ेंगे। ओपन ऑफर क्या होता है। कभी कंपनी
- 5:05:05फेल हो गई ओपन ऑफर देने के लिए। शेयर
- 5:05:07होल्डिंग को डिस्क्लज़ करने के लिए कि
- 5:05:08कंपनी के पास कितनी शेयर होल्डिंग है या
- 5:05:10फिर कंसीडरेशन पे करने के लिए या फिर
- 5:05:11कंसीडरेशन पे करने के लिए। ठीक है ना?
- 5:05:13कंसीडरेशन कुछ शेयर होल्डर को देनी थी।
- 5:05:15कंसीडरेशन कुछ शेयर होल्डर को देनी थी। वो
- 5:05:17नहीं दी है। तो शेयर होल्डिंग डिस्क्लज़
- 5:05:18नहीं करी। कंसीडरेशन कुछ देनी थी शेयर
- 5:05:20होल्डर को वो नहीं दिया। या फिर ओपन ऑफर
- 5:05:21देना फेल हो गई। ओपन ऑफर देना फेल हो गई।
- 5:05:23तो इसके अंदर क्या लगेगा सर?
- 5:05:27तो इसके अंदर भी सेम पेनल्टी जो इंसाइडर
- 5:05:29ट्रेडिंग की है। अब यहां पर मैं सेम का
- 5:05:30मतलब मैं लिखूंगा यहां पे इंसाइडर
- 5:05:32ट्रेडिंग वाली सेम
- 5:05:35आई। सेम आई कि भाई आपने किसी को ओपन ऑफर
- 5:05:38देना था नहीं दिया। शेयर होल्डिंग
- 5:05:39डिस्क्लज़ नहीं करी। शेयर होल्डर को कोई
- 5:05:40कंसीडरेशन देनी थी। नहीं करा। ठीक है ना?
- 5:05:42तो यहां पे एक तरह से ये हो रहा है कि
- 5:05:44शेयर होल्डर्स के साथ आप फ्रॉड कर रहे हो।
- 5:05:46एक तरह से हो ये रहा है। ठीक है ना? तो
- 5:05:47सेम लगेगी जो इंसाइड ट्रेडिंग पे लगेगी।
- 5:05:50अब उसके बाद कोई भी फ्रोडुलेंट या अनफेयर
- 5:05:53ट्रेड प्रैक्टिससेस करी। हां भाई कोई भी
- 5:05:56अगर आपने हां भाई क्या बोला मैं? हां भाई
- 5:05:59एच ए हां भाई अगर तूने कोई भी फ्रोडेंट
- 5:06:01एंड अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिससेस करी तो सेम
- 5:06:03जो लगेगा वो सेम टू सेम है कि मतलब 10 लाख
- 5:06:06मिनिमम लगेगा। मैक्सिमम 25 करोड़ से 25
- 5:06:09करोड़ और 3X ऑफ़ प्रॉफ़िट मेड। 25 करोड़ 3x ऑफ़
- 5:06:11प्रॉफ़िट मेड। बस यहां पे मिनिमम जो हर जगह
- 5:06:1310 लाख है उसके जगह मिनिमम यह मिनिमम चेंज
- 5:06:16हो जाएगा। एक बस यह मिनिमम चेंज हो जाएगा।
- 5:06:1810 लाख की जगह 5 लाख हो जाएगा। उसके बाद
- 5:06:20हां उसके बाद हां हां हां हां हां हां बड़ा
- 5:06:26वाला हां हां हां हां भाई साइबर आईटी
- 5:06:29रिलेटेड जो भी फ्रॉड है ना मतलब हंस रहा
- 5:06:31है साइबर आईटी रिलेटेड हैकर जो है ना वो
- 5:06:33बड़ा वाला साइबर आईटी रिलेटेड फ्रॉड करके
- 5:06:35हंस रहा है हां हां हां हां हां हां हां
- 5:06:38तो उसने कोई भी टपर करा सेबी का सिस्टम
- 5:06:40सेबी का कंप्यूटर सॉफ्टवेयर था सेबी का
- 5:06:42कंप्यूटर सिस्टम था उसमें कोई आईटी
- 5:06:44रिलेटेड फ़्रॉड करा कि उसके अंदर सेबी के
- 5:06:46कंप्यूटर सिस्टम के अंदर कोई भी डिस्ट्रॉय
- 5:06:48करा कोई भी कोई भी डाटा को रिकॉर्ड को
- 5:06:50डिस्ट्रॉय करा, ऑल्टर करा, म्यूटिलेट करा
- 5:06:51कोई भी सिस्टम को। उसके अंदर कोई भी सेबी
- 5:06:54का सिस्टम था उसके अंदर मतलब हैकिंग वगैरह
- 5:06:55करी। कोई भी डाटा सेबी के सिस्टम से चोरी
- 5:06:57कर लिया। मतलब हैकिंग टाइप करी आपने। सेबी
- 5:06:59के सिस्टम में कोई हैकिंग टाइप करी है।
- 5:07:00उसके डाटा को डिस्ट्रॉय वगैरह करना, उसको
- 5:07:02एक्सेस डिनाई कर देना, कोई भी कॉपी उससे
- 5:07:04चीजें चोरी कर लेना, वायरस डाल देना। ये
- 5:07:07सब चीजें अगर आपने करी, अगर आपने ऐसा कुछ
- 5:07:08करा है तो सब कुछ सेम है। बस यहां पर
- 5:07:10मिनिमम मिनिमम 1 लाख हो गया। मिनिमम 1 लाख
- 5:07:13हो गया। मिनिमम 1 लाख हो गया। तो मतलब
- 5:07:15सेम-सेम ही चल रहा है सब कुछ। बस यहां पे
- 5:07:17पेनल्टी कम होती गई। पेनल्टी कम होती गई।
- 5:07:18पहले 10 लाख था फिर 5 लाख हो गया फिर 1
- 5:07:20लाख हो गया। तो अगर इस फ्लो को तुम इस
- 5:07:22चार्ट को ध्यान से देखोगे तो तुमको ध्यान
- 5:07:23से इजी रहेगा कि पहले 10 लाख था फिर 5 लाख
- 5:07:25था फिर 1 लाख हो गया। बाकी सब कुछ सेम है।
- 5:07:27और एक और चीज कम है सॉरी यहां पे यहां पे
- 5:07:30इसको भी 25 करोड़ को छोड़ के 10 करोड़ कर
- 5:07:32दिया। 25 करोड़ को छोड़ के यहां पे 10
- 5:07:33करोड़ कर दिया। तो हैकर को कम पेनल्टी
- 5:07:35लगेगी। इतना दिमाग मेरे को हैकर को कम
- 5:07:36पेनल्टी लगी। हैकर को कम पेनल्टी लगेगी।
- 5:07:40ठीक है? और इसके अलावा अगर कोई भी जनरल
- 5:07:42नॉन कंप्लायंस हुआ, कोई भी एक्ट रूल का जो
- 5:07:44ऊपर कवर नहीं है तो 1 लाख और मैक्सिमम 1
- 5:07:46करोड़ तक। 1 लाख से 1 करोड़ तक लगेगी। 1
- 5:07:48लाख से 1 करोड़ तक लगे।
- 5:07:51तो सर सारी पेनल्टी इंपॉर्टेंट है पर
- 5:07:52ज्यादाेंट है मैंने तुमको बता दी। ठीक है?
- 5:07:55एक दो बार देखो याद हो जाएगा। बाकी तुमको
- 5:07:57समझ तो आ ही गया होगा कैसे याद करना है
- 5:07:58ये। मतलब सही है हो गया होगा अच्छा खासा
- 5:08:00याद। सर 15 ए बी सी डी ए बी सी डी जो भी
- 5:08:03है ए से अकाउंट्स वोग्राफ फेल हो गए। बी
- 5:08:05से सर उसके अंदर एग्रीमेंट भी नहीं आया।
- 5:08:06बी एग्रीमेंट नहीं बनाया क्लाइंट के साथ।
- 5:08:09सी से सर कंप्लेंट सी से कंप्लेंट
- 5:08:11रजिस्टर्ड नहीं आपने कंप्लेंट रिज़ॉल्व
- 5:08:12नहीं करी है टाइम पे। डी से सर डीसी सी से
- 5:08:15सीआई स्कीम सीआई स्कीम इन सबको ए बी सी डी
- 5:08:17वालों को 1 लाख प्लस 1 लाख पर डे लगेगा
- 5:08:20मैक्सिमम 1 करोड़ तक टोटल लगेगा मैक्सिमम
- 5:08:22इन सबको मिला के टोटल 1 करोड़ तक लगेगा
- 5:08:25उसके बाद सर ई ईए ईबी ईए ईबी तो उसके अंदर
- 5:08:29ई और लास्ट क्या ईबी जो है उसमें सेम
- 5:08:31पेनल्टी है जो अपन ने ऊपर पढ़ी थी ई और
- 5:08:32ईबी जो है उसमें सेम पेनल्टी है बस ईए जो
- 5:08:34है ना अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड मतलब
- 5:08:36बाकी एएमसी था और इन्वेस्टमेंट फंड और
- 5:08:38रिसर्च एडवाइजर था उसमें सेम थी पर जो ये
- 5:08:40ईए है अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड
- 5:08:42इंफ्रास्ट्रक्चर फंड रियलस्टेट
- 5:08:44फंड इसके अंदर इसके अंदर भी लगभग सेम है।
- 5:08:47पर ये तीन कंपनी है इसलिए इन्होंने
- 5:08:48मैक्सिमम बोल दिया 3x ऑफ़ गेन 3x ऑफ़ गेन।
- 5:08:51तो 1 लाख प्लस 1 लाख पर डे और हायर हायर
- 5:08:54कितना होगा? ₹1 करोड़ और 3X ऑफ़ गेन। 1 करोड़
- 5:08:56और 3X ऑफ़ गेन व्हिच एवर इज़ हायर उतना हायर
- 5:08:58तक लग जाए। फिर बाद एफ से सर फेल हो गया।
- 5:09:01ब्रोकर फेल हो गया। किसके अंदर सर? ब्रोकर
- 5:09:03फेल हो गया। सीडीबी के अंदर। सीडीबी के
- 5:09:05अंदर। सी से कॉन्ट्रैक्ट नॉट इशू नहीं
- 5:09:06करा। डी से सिक्योरिटी डिलीवर नहीं करी है
- 5:09:08और या फिर बी से ब्रोकरेज ज्यादा उसने
- 5:09:11चार्ज करी है। ब्रोकरेज ज्यादा चार्ज करी
- 5:09:12तो 5x तक अपन उस पे रुपए चार्ज कर सकते
- 5:09:14हैं। तो मिनिमम 1 लाख और 5x तक चार्ज कर
- 5:09:16सकते हैं। कॉन्ट्रैक्ट नोट अगर इशू नहीं
- 5:09:18करा कॉन्ट्रैक्ट नोट अगर उसने इशू नहीं
- 5:09:19करा तो 1 लाख से 1 करोड़ तक। 1 लाख से 1
- 5:09:21करोड़ तक। फिर उसके बाद अगर उसने
- 5:09:23सिक्योरिटी डिलीवर नहीं करी तो जो नॉर्मल
- 5:09:24पेनल्टी है वो लगा रहे हैं। घर का भेदी
- 5:09:26अगर घर का बंदा है ये गंदा वाला। घर नहीं
- 5:09:28घर वाले बंदे ने अगर धोखा दे दिया अपन को
- 5:09:30तो उसके अंदर सर 10 लाख तो मिनिमम लगेगी।
- 5:09:32मैक्सिमम कितना लगेगा? 25 करोड़ और 3x
- 5:09:35प्रॉफिट में। एक्सेस कर 3x प्रॉफिट मेड
- 5:09:37ओपन ऑफर नहीं दिया शेयर होल्डिंग
- 5:09:38डिस्क्लोज़ नहीं करी कंसीडरेशन नहीं दिया
- 5:09:40सेम वो काब वही है फ्रॉडलैंड और अनफ्रेट
- 5:09:42ट्रैक्ट प्रैक्टिससेस करी फ्रॉडलैंड हां
- 5:09:43भाई मैंने फ्रॉडलैंड और अनफ्रेट ट्रेड
- 5:09:45प्रैक्टिससेस करी है तो उस केस के अंदर सब
- 5:09:47कुछ सेम होगा मिनिमम 5 लाख होगा बाकी सब
- 5:09:49कुछ सेम है हां हां हेकर हंस रहा है हां
- 5:09:52हां हां तो उस पे कम पेनल्टी लगेगी मिनिमम
- 5:09:541 लाख लगेगी मैक्सिमम में भी 10 करोड़
- 5:09:55करेंगे 25 करोड़ की चाहिए मैक्सिमम में भी
- 5:09:5710 करोड़ करेंगे 25 करोड़ की चेक करो डन
- 5:10:00सर ये हो गया अपना पेनल्टीज का सारा
- 5:10:02सेक्शन
- 5:10:04इन्वेस्ट ेस्टर है कोई एबीced का। उसने
- 5:10:06बोला कि कुछ ब्रोकर है जो प्राइस मैनपुलेट
- 5:10:10कर रहे हैं शेयर्स का। कुछ भी ब्रोकर है
- 5:10:11जो प्राइस मैनपुलेट कर रहे हैं शेयर्स का।
- 5:10:14शेयर्स का प्राइस मैनपुलेट कर रहे हैं। तो
- 5:10:15मतलब वो अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिससेस कर रहे
- 5:10:17हैं। अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिससेस कर रहे
- 5:10:19हैं। क्या यहां पे प्राइस मैनपुलेशन के
- 5:10:20कुछ स्पेसिफिक कुछ नहीं रखा था ना। तो बस
- 5:10:22वो अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिससेस कर रहे हैं
- 5:10:24और उसके अलावा यह वाला जो है जनरल नॉन
- 5:10:26कंप्लास वो भी लिख देना कि जनरली नॉन
- 5:10:28कंप्लाय मतलब दोनों पेनल्टी लग सकती है उस
- 5:10:29पे दोनों पेनल्टी लग सकती है
- 5:10:33स्टॉक ब्रोकर के लिए किस में फाइल कर सकते
- 5:10:35हैं सर ये रहा 15 एफ एफ एफ एफ एफ एफ से
- 5:10:38फेल हो गया था ना वो ये रहा ब्रोकर के लिए
- 5:10:40यहां इसमें कंप्लेंट फाइल कर सकते हैं अपन
- 5:10:43इंसाइडर ट्रेडिंग अनपब्लिश प्राइस
- 5:10:45सेंसिटिव इनफेशन कुछ ऐसी प्राइस सेंसिटिव
- 5:10:47इनफेशन था जो अभी तक पब्लिश नहीं हुई
- 5:10:49मार्केट में उसके साथ ट्रेडिंग करें तो 15
- 5:10:50जी लग है। ठीक है? यह क्वेश्चन भी है कुछ
- 5:10:53ऐसा। अब सर ये पेनल्टी लग तो सकती है।
- 5:10:56पेनल्टी लगाएगा कौन? उसकी प्रोसेस क्या
- 5:10:58होती है? तो जो जो भी पेनल्टी है ना 15 ए
- 5:11:00से 15 एचबी एक्सक्लूडिंग हाक कर रहा है।
- 5:11:03उसके अलावा तो सेबी जो होगा ना सेबी एक
- 5:11:05एडजुडिकेशन ऑफिसर को अपॉइंट करेगा। सेबी
- 5:11:07एक एडजुडिकेशन ऑफिसर को अपॉइंट करेगा। जो
- 5:11:10कौन होना चाहिए? मस्ट बी ग्रेटर दैन इक्वल
- 5:11:12टू डिवीजनल चीफ लेवल ऑफिसर। मस्ट बी
- 5:11:14ग्रेटर दैन इक्वल टू डिवीजनल चीफ लेवल
- 5:11:15ऑफिसर। तो देखो एडजुडिकेशन ऑफिसर को
- 5:11:17अपॉइंट करेगा। डिवीजनल चीफ लेवल वाला।
- 5:11:19एडजुडिकेशन ऑफिसर को अपॉइंट करेगा। एडज
- 5:11:21डिवीज़न चीफ लेवल को अपॉइंट करेगा
- 5:11:23एडजुडिकेशन ऑफिसर को। ठीक है? तो मतलब
- 5:11:24सेबी एक एडजुडिकेशन ऑफिसर को अपॉइंट
- 5:11:26करेगा। वो एडजुडिकेशन ऑफिसर डिवीज़ चीफ
- 5:11:29लेवल का कम से कम होगा या उससे ज्यादा का
- 5:11:32होगा। वो बंदा वो बंदा कुल मिला के
- 5:11:33पेनल्टी लगाएगा। वो बंदा सारे
- 5:11:35डॉक्यूमेंट्स को देखेगा कि किसने कौन सा
- 5:11:37फ्रॉड करा है। अपॉर्चुनिटी ऑफ़ बीइंग हमेशा
- 5:11:39देगा सामने वाले को। वो सब कुल मिला के वो
- 5:11:41एजुडिकेशन ऑफिसर फिर फाइनली पेनल्टी लगा
- 5:11:43देगा। एडजुडिकेशन ऑफिसर ने जो पेनल्टी
- 5:11:45लगाई है, एडजुडिकेशन ऑफिसर ने जो पेनल्टी
- 5:11:48लगाई है, वो पेनल्टी सेबी को बताई जाएगी।
- 5:11:51सेबी को बताई जाएगी कि हमने इतनी पेनल्टी
- 5:11:52लगाई। सेबी चाहे तो सेबी चाहे तो क्या उस
- 5:11:55पेनल्टी को बढ़ा सकता है? बिल्कुल बढ़ा
- 5:11:57सकता है। सेबी चाहे तो उस पेनल्टी को
- 5:11:59एनहांस कर सकता है। सेबी चाहे तो उस
- 5:12:01पेनल्टी को एनहांस कर सकता है और बढ़ा
- 5:12:02सकता। उसको लगेगा अरे नहीं नहीं इसने तो
- 5:12:04बहुत कम पेनल्टी लगाई। इसकी पेनल्टी तो और
- 5:12:06बढ़ाओ। इसकी पेनल्टी तो और बढ़ाओ। पर यह
- 5:12:08करने के पहले वह सामने वाले को रीज़नेबल
- 5:12:10अपॉर्चुनिटी ऑफ़ बीइंग हार्ड देगा। रीज़नेबर
- 5:12:13बींगड़ देगा। ठीक है ना? वो इनस कर सकता
- 5:12:16है। पर वो इनस कब कर सकता है सर? उसके पास
- 5:12:19टाइम लिमिट है। उसके पास टाइम लिमिट है कि
- 5:12:21सेबी को अगर कभी भी पेनल्टी एनहांस करनी
- 5:12:23है तो सेबी के पास है 3 महीने। सेबी के
- 5:12:26पास कितना है? 3 महीने। सेबी के पास या तो
- 5:12:283 महीने। अरे यार कैसे लिखूं? सेबी के पास
- 5:12:30कितना टाइम है? सेबी कितने टाइम में
- 5:12:32एनहांस कर सकता है पेनल्टी? 3 मंथ ऑफ़ एओ
- 5:12:35ऑर्डर। एओ ने जब भी ऑर्डर पास करा उसका 3
- 5:12:37महीना। या फिर जब भी अपील अभी अपन नीचे
- 5:12:40पढ़ेंगे वो अपील डिस्पोज ऑफ हो गई। जब भी
- 5:12:42वो अपील डिस्पोज ऑफ हो गई व्हिच एवर इज़
- 5:12:44अर्लियर व्हिच एवर इज़ अर्लियर जो भी पहले
- 5:12:47हो गया जो भी पहले हो गया कि जो भी एओ ने
- 5:12:49ऑर्डर पास करा उसके 3 महीने के अंदर-अंदर
- 5:12:51या फिर जब भी अपील कोई अपील करी हुई थी वो
- 5:12:53अपील डिस्पोज हो गई। अभी नीचे पढ़ेंगे अपन
- 5:12:55अपील कोई भी अपील पड़ी हुई करी हुई थी वो
- 5:12:56डिस्पोज हो गई। तो व्हिच एवर इज़ अर्लियर
- 5:12:58व्हिच एवर इज़ अर्लियर उसके मतलब उस वक्त
- 5:13:00तक ही वो उसकी पेनल्टी इनहांस कर सकता है।
- 5:13:02उसको पेनल्टी एनहांस नहीं कर सकता। ठीक
- 5:13:05है? आ जाओ फैक्टर डिटरमाइनिंग द क्वांटिटी
- 5:13:08ऑफ़ पेनल्टी कि पेनल्टी कितनी लगेगी अब उस
- 5:13:10बंदे पर वो क्या होगा जितना भी मतलब कोई
- 5:13:12भी एडजुडिकेशन ऑफिसर है या सेबी है वो देख
- 5:13:15रहा है कि पेनल्टी कितनी लगानी चाहिए
- 5:13:16पेनल्टी जैसे बोला हुआ है कि 1 लाख टू 1
- 5:13:19करोड़ मतलब 1 लाख से 1 करोड़ कुछ भी
- 5:13:21पेनल्टी लग सकती है तो कितनी लगा है वो
- 5:13:23देखेगा कि उस बंदे ने कितना अनफेयर
- 5:13:24एडवांटेज लिया है कितना गेन कमाया है एक
- 5:13:26सामने वाले को कितना लॉस हुआ है कितनी बार
- 5:13:28रिपीिटेटिव नेचर का एक काम करा है कि
- 5:13:29बार-बार गंदे काम वही कर रहा है देखो वो
- 5:13:31पेनल्टी का फंड कहां पे जाएगा मैंने कहा
- 5:13:33था कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया इंडिया के
- 5:13:36अंदर
- 5:13:41कोई भी सेटलमेंट हो सकता है क्या कि बीच
- 5:13:43में एक मामला निपटा दो। बीच में ही मामला
- 5:13:45निपटा दो। सेटलमेंट कर दो कि भाई उसको पता
- 5:13:47है कि यार केस लंबा जाएगा। उसको पता है कि
- 5:13:49सामने वाले बंदे को भी पता है केस लंबा
- 5:13:51जाएगा। पूरी प्रोसीडिंग चलेगी। दो-ती साल
- 5:13:53तक चलेगा। फिर मुझ पे पैसा लगने वाला है।
- 5:13:55मेरे पे फाइन लगने ही वाला है। तो उसने
- 5:13:58पहले कहा कि यार एक काम करो सेबी। मुझे
- 5:14:00पता है मेरे पे फाइन लगने वाला है। आप
- 5:14:01बताओ इतने लंबा अपन प्रोसीडिंग नहीं
- 5:14:03खींचते। इतनी लंबी प्रोसीडिंग अपन नहीं
- 5:14:05खींचते। आप लोग डायरेक्ट मुझ पे फाइन लगा
- 5:14:07दो। अपन बीच में एक सेटल कर लेते हैं कि
- 5:14:09आप 1 करोड़ बोल रहे हो तो अपन काम करते
- 5:14:10हैं। 80 लै में सेटल कर देते हैं। आप 80
- 5:14:12लै बोल रहे एक काम करते हैं 70 लाख में
- 5:14:13सेटल कर देते हैं। जब दोनों एग्री हो जाए।
- 5:14:15जब दोनों एग्री हो जाए कि इतनी लंबी
- 5:14:17प्रोसीडिंग नहीं खींचनी तो कभी कोई
- 5:14:19प्रोसीडिंग एनी पर्सन अगेंस्ट हुम
- 5:14:20प्रोसीडिंग आर इनिशिएटेड और मे बी
- 5:14:23इनिशिएटेड और मे बी इनिशिएटेड। या तो
- 5:14:26इनिशिएट हो चुकी है या फिर इनिशिएट हो
- 5:14:28सकती है। हो सकती है कोई भी प्रोसीडिंग
- 5:14:29कोई भी प्रोसीडिंग कि या तो इनिशिएट
- 5:14:31ऑलरेडी हो चुकी है या इनिशिएट हो सकती है।
- 5:14:34ठीक है ना? उस केस के अंदर आप सेबी के पास
- 5:14:37चले जाओ कि भाई सेटलमेंट कर लेते हैं।
- 5:14:39सेबी के पास चले जाओ सेटलमेंट कर लेते
- 5:14:41हैं। तो सेबी देखेगा कि सेटलमेंट करना है
- 5:14:42या नहीं करना वो सब चीजें। उसके बाद वो
- 5:14:44सेटलमेंट में जा सकता है। ठीक है ना?
- 5:14:47एक बार जो अह सेटलमेंट हो गया उसके बाद आप
- 5:14:52अपील नहीं फाइल कर सकते। एक बार सेटलमेंट
- 5:14:53हो गया तो आप अपील फाइल नहीं कर सकते।
- 5:14:55सेटलमेंट आपकी इच्छा से हुआ था। आपकी
- 5:14:56मर्जी से हुआ था। फिर आप अपील फाइल नहीं
- 5:14:58कर सकते। तो सेटलमेंट का जो भी पैसा
- 5:15:00मिलेगा सेटलमेंट का जो भी पैसा मिलेगा तो
- 5:15:03वो उसमें से सेटलमेंट का जो भी पैसा ये
- 5:15:05इंपॉर्टेंट है मेरे हिसाब से। मार्क करना
- 5:15:07स्टार मार्क करो। इसको इंपॉर्टेंट है।
- 5:15:08सेटलमेंट का जो भी पैसा मिलेगा उसमें से
- 5:15:10डिस्कोर्स अमाउंट हटाना। डिस्कोर्स अमाउंट
- 5:15:12हटा देना। डिस्कोर्स अमाउंट हटाना।
- 5:15:13क्योंकि डिस्कोर्स अमाउंट का पैसा किधर
- 5:15:15जाता है? किधर जाता है?
- 5:15:19आईपीईएफ में जाता है डिस्कोर्स अमाउंट का
- 5:15:21पैसा। वो हटा देना। लीगल कॉस्ट को हटा
- 5:15:23देना मतलब माइनस करना इन दोनों को माइनस
- 5:15:24करना लीगल कॉस्ट जो भी लगी है इसके
- 5:15:26सेटलमेंट करने के लिए वो हटा देना तो जो
- 5:15:28भी रिमेनिंग अमाउंट है ना सेटलमेंट में से
- 5:15:30डिस्कोर्स अमाउंट अमाउंट लीगल कॉस्ट हटाओ
- 5:15:32सेटलमेंट में से डिस्कोर्स अमाउंट हटाओ
- 5:15:33लीगल कॉस्ट हटाओ सेटलमेंट में से
- 5:15:34डिस्कोर्स अमाउंट हटाओ और लीगल कॉस्ट हटाओ
- 5:15:36वो पैसा किधर जाएगा
- 5:15:39कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया में जाएगा वो
- 5:15:41किधर जाएगा कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया में
- 5:15:44जाएगा
- 5:15:45ठीक है
- 5:15:47तो जो भी रिमेनिंग अमाउंट है सेटलमेंट का
- 5:15:49जो भी अमाउंट है उसमें से डिस्कोर्ड
- 5:15:51अमाउंट को हटाओ क्योंकि वो तो आईपीएफ में
- 5:15:53जाएगा। लीगल कॉस्ट जो हुई है वो भी हटाओ।
- 5:15:55तो लीगल कॉस्ट एक्सपेंस बियर जो भी होगा
- 5:15:56उसकी लॉयर की फीस वगैरह उधर जाएगा। तो ये
- 5:15:58दोनों हटाओ वो जाएगा। फिर बाकी
- 5:16:00कंसोलिडेटेड फंड ऑफ़ इंडिया के अंदर।
- 5:16:02इंपॉर्टेंट है बहुतेंट इसका ध्यान रखना।
- 5:16:03तो ये सेटलमेंट ऐसे हो सकता है। क्योंकि
- 5:16:05ये सीएफआई में क्यों जा रहा है? क्योंकि
- 5:16:06सेटलमेंट भी एक तरह की पेनल्टी है।
- 5:16:08सेटलमेंट भी एक तरह की पेनल्टी है। इसलिए
- 5:16:10ये इधर जा रहा है। सिंपल सी चीज़ है।
- 5:16:14अब सिक्योर सिक्योरिटीज़ अपीलेट
- 5:16:16ट्रिब्यूनल। इसको पढ़ लेते हैं एक बार।
- 5:16:19क्या है सर यह सिक्योरिटी अपील ट्रिब्यूनल
- 5:16:24सर सिक्योरिटी अपील ट्रिब्यूनल में पहले
- 5:16:25आप देखो काम की चीज जो सबसे पहले वो देख
- 5:16:28लो एक बार ये
- 5:16:31अपील करने वाली अथॉरिटी जैसे अपन ने
- 5:16:33कंपनीज़ एक्ट में पढ़ा था कंफ एक्ट में नहीं
- 5:16:34होती एनसीएलटी एनसीएलएटी कभी भी किसी ने
- 5:16:37ऑर्डर पास करा अपन उससे एग्री है कुछ भी
- 5:16:39गलत हो गया तो अपन एनसीएलटी एनसीएलटी के
- 5:16:41पास जाते हैं वही सब तो अगर कभी भी सेबी
- 5:16:43ने कोई ऑर्डर पास करा एडजुडिकेशन ऑफिसर ने
- 5:16:45कोई ऑर्डर पास करा आईआईडी पीएफआरएस ने कोई
- 5:16:47भी ऑर्डर पास करा तो मेनली ली कौन है? कभी
- 5:16:49भी सेबी बोर्ड ने कोई ऑर्डर पास करा या
- 5:16:50फिर एडजुडिकेशन ऑफिसर ने कोई पेनल्टी
- 5:16:52लगाई। मतलब ऐसा कोई भी ऑर्डर किसने पास
- 5:16:53करा? अपन को अच्छा नहीं लगा वो ऑर्डर। अपन
- 5:16:55को अच्छा नहीं लगा वो ऑर्डर। तो अपन तो
- 5:16:58अपन सिक्योरिटी अपीलेट ट्रिब्यूनल के पास
- 5:17:01जा सकते हैं। सिक्योरिटी अपीलेट
- 5:17:02ट्रिब्यूनल के पास जा सकते हैं 45 दिन के
- 5:17:04अंदर। प्लस एक्सटेंशन अगर कभी भी रीज़नेबल
- 5:17:06होता है एक्सटेंशन मिल जाएगा। ठीक है? तो
- 5:17:09अपन अपन किसके पास जाएंगे? सिक्योरिटी
- 5:17:10अपीट सिक्योरिटी अपीलेट ट्रिब्यूनल के
- 5:17:13पास। अगर सिक्योरिटी अपील ट्रिब्यूनल का
- 5:17:15भी ऑर्डर अपन को पसंद नहीं आया तो अपन 60
- 5:17:17दिन के अंदर सुप्रीम कोर्ट के पास जा सकते
- 5:17:19हैं। मतलब यहां पर भी हाई कोर्ट के पास
- 5:17:20नहीं जाएंगे। यहां पे भी सुप्रीम कोर्ट के
- 5:17:22पास जा सकते हैं। अभी तो भाई सिंपल सी चीज
- 5:17:25है। अच्छी सी चीज है कि अगर आपको कभी भी
- 5:17:27सेबी का ऑर्डर एओ का ऑर्डर अच्छा नहीं लगा
- 5:17:29तो आप सिक्योरिटी अपील और सिक्योरिटी अपील
- 5:17:31ट्रिबल के पास पहुंच जाओ। सेट के पास
- 5:17:32पहुंच जाओ। सेट का ऑर्डर भी पास अच्छा
- 5:17:34नहीं लगा तो हाई कोर्ट नहीं आएगा बीच में।
- 5:17:36आप पहुंच जाओ सुप्रीम कोर्ट के पास।
- 5:17:37सुप्रीम कोर्ट। हाई कोर्ट क्यों नहीं आता
- 5:17:39बीच में? क्योंकि सेट के पास और हाई कोर्ट
- 5:17:40के पास लगभग सेम पावर है। तो ये लगभग हाई
- 5:17:42कोर्ट के इक्विवेलेंट है। ठीक है ना? अब
- 5:17:44बैक पहुंचो सुप्रीम कोर्ट के पास। पर
- 5:17:46सुप्रीम कोर्ट कब कब पहुंचेंगे? जब क्वेशन
- 5:17:48ऑफ़ लॉ हो। क्वेश्चन ऑफ़ लॉ। क्वेश्चन ऑफ़
- 5:17:49फैक्ट में नहीं जा सकते। तो 60 + 60 डेज
- 5:17:52इधर 45 डेज प्लस एक्सटेंशन इधर 60 डेज
- 5:17:54प्लस 60 डेज का एक्सटेंशन और हो सकता है।
- 5:17:58यह जो सेट है सिक्योरिटी अपीलेट
- 5:18:00ट्रिब्यूनल यह कितने टाइम में डिस्पोज ऑफ़
- 5:18:02करेगी? उसकी एप्लीकेशन जितनी जल्दी हो सके
- 5:18:05एक्सपीरियसली एज़ पॉसिबल। एटलीस्ट विथ इन
- 5:18:08सिक्स मंथ तो आपको डिस्पोज़ ऑफ़ कर ही देनी
- 5:18:09है। वििन सिक्स मंथ तो डिस्पोज़ ऑफ़ कर ही
- 5:18:11दे। अब यह देखो एक इंटरमीडियरी पे कोई
- 5:18:13पेनल्टी लगी है क्योंकि वो क्लाइंट इस केस
- 5:18:15उसने एग्रीमेंट नहीं करा था। तो उसके पास
- 5:18:17क्या-क्या रेमेडी है पेनल्टी से बचने के
- 5:18:18लिए? वो सिक्योरिटी अपेट क्रिमिनल के पास
- 5:18:20जा सकता है 45 दिन के अंदर और सिक्योरिटी
- 5:18:21अपील ट्रिबिनल 6 महीने के अंदर केस क्लोज़
- 5:18:23कर देगा। उसके बाद आपको समझ नहीं आ रहा है
- 5:18:25तो 60 दिन के अंदर आप सुप्रीम कोर्ट के
- 5:18:27पास जा सकते हो। ये इंपॉर्टेंट है मेन
- 5:18:29सबसे ज्यादा। ठीक है? अब बाकी चीजें जो भी
- 5:18:31है ना सिक्योरिटी अपील ट्रिब्यूनल में अब
- 5:18:33ऊपर ऊपर से चलेगी। अब ऊपर ऊपर से अब कोई
- 5:18:35सेंस नहीं है इतना पढ़ने का। मैं बोल रहा
- 5:18:36हूं अब पागल हो जाओगे। अब चीजें सेक्टिव
- 5:18:38लेनी पड़ेगी। यहां से यहां से आपको चीजें
- 5:18:40अब सेक्टिव थोड़ी बहुत लेनी पड़ेगी। वरना
- 5:18:42आप पागल हो जाओगे। जेन्युइन बोल रहा हूं
- 5:18:44मैं। तो भाई सिक्योरिटी अप ट्रिब्यूनल जो
- 5:18:46है उसका मेन ब्रांच कहां बैठती है? मुंबई
- 5:18:47में। उसके अंदर तीन तीन लोग होते हैं।
- 5:18:49सबसे ऊपर होता है प्रिसाइडिंग ऑफिसर।
- 5:18:51प्रिसाइडिंग ऑफिसर। उसके नीचे होता है एक
- 5:18:53जुडिशियल मेंबर। इसके नीचे होता है एक
- 5:18:55टेक्निकल मेंबर। मतलब एटलीस्ट तीन मेंबर
- 5:18:57होने चाहिए। ज्यादा हो सकते हैं। तो ये तो
- 5:18:59कम वन होते हैं। ये एक से ज्यादा हो सकते
- 5:19:01हैं। ये एक से ज्यादा हो सकता है। तो एक
- 5:19:02प्रिसाइडिंग ऑफिसर होगा। उसके नीचे
- 5:19:03एटलीस्ट एक जुडिशियल मेंबर और एटलीस्ट एक
- 5:19:06टेक्निकल मेंबर तो ठीक है प्रिसाइडिंग
- 5:19:08ऑफिसर जुडिशियल मेंबर टेक्निकल मेंबर
- 5:19:09प्रिसाइडिंग ऑफिसर जुडिशियल मेंबर
- 5:19:10टेक्निकल मेंबर प्रिसाइडिंग ऑफिसर
- 5:19:11जुडिशियल मेंबर टेक्निकल मेंबर प्रसाइडिंग
- 5:19:12ऑफिसर जुडिशियल मेंबर टेक्निकल मेंबर ठीक
- 5:19:14है ये हो गया इनका क्वालिफिकेशन वगैरह
- 5:19:17क्या होता है वो सब आप छोड़ दो कोई मतलब
- 5:19:18नहीं है कि जो प्रिसाइडिंग ऑफिसर होता है
- 5:19:20वो एटलीस्ट सुप्रीम कोर्ट का जज होना
- 5:19:22चाहिए रिटायर्ड जज या कोई भी हाई कोर्ट का
- 5:19:24या फिर चीफ जस्टिस होना चाहिए या फिर जज
- 5:19:26हाई कोर्ट में होना चाहिए 7 साल के ऊपर
- 5:19:27कोई मतलब नहीं है अब अब पागल हो जाओगे अब
- 5:19:29याद नहीं होगा अब इनको नहीं है जुडिशियल
- 5:19:31मेंबर जो होना चाहिए वो जज होना चाहिए हाई
- 5:19:32कोर्ट का पांच साल साल के ऊपर टेक्निकल
- 5:19:34मेंबर ये सब होना चाहिए। आईएएस वगैरह
- 5:19:35होगा। छोड़ दो क्रॉस परेशान हो जाओगे।
- 5:19:39इतना कोई इंपॉर्टेंट नहीं है। रेयरली गलती
- 5:19:41से एक आधा एमसीक्यू आ जाए तो आ जाए। छोड़
- 5:19:44दो बिल्कुल काम का नहीं है। इनका टेन्योर
- 5:19:46क्या होगा? जो अपन ने मेंबर पढ़े हैं।
- 5:19:47प्रिसाइडिंग ऑफिसर, जुडिशियल मेंबर,
- 5:19:48टेक्निकल मेंबर 5 साल तक रहेंगे। मैक्सिमम
- 5:19:515 साल के अंदर रह सकते हैं। मतलब और
- 5:19:53रीअपॉइंटमेंट होगा वापस से 5 साल के अंदर।
- 5:19:555 साल के लिए रहेंगे। रीअपॉइंटमेंट वापस
- 5:19:57से होगा मैक्सिमम 5 साल के लिए।
- 5:19:58रीपॉइंटमेंट वापस से होगा मैक्सिमम 5 साल
- 5:20:00के लिए। और 70 साल से ऊपर वो ऑफिस होल्ड
- 5:20:02नहीं करेंगे। 70 साल से ऊपर ऑफिस होल्ड
- 5:20:04नहीं करेंगे। ऊपर जो अपन ने पढ़ा था सेबी
- 5:20:06बोर्ड वहां पे क्या पढ़ा था? 5 साल ही पढ़ा
- 5:20:08था। पर री-अपॉइंटमेंट अनलिमिटेड टाइम के
- 5:20:11लिए कर सकते हैं। रीअप अपॉइंटमेंट
- 5:20:12अनलिमिटेड कर सकते हैं। और 65 ईयर की ऐज
- 5:20:14तक पढ़ी थी। 65 ईयर की पढ़ाई थी। ये अपन ने
- 5:20:16पढ़ा था सेबी बोर्ड। सेबी बोर्ड। ठीक है?
- 5:20:19यहां पे अलग है कुछ।
- 5:20:19[गला साफ़ करने की आवाज़] चलेगा। अब इतना
- 5:20:20तो तुम जैसे भी देखो पागल हो जाओगे। वही
- 5:20:22है सर। कोई भी अगर सिक्योरिटी एफिलिएट
- 5:20:24मेंबर ने कोई ऑर्डर पास करा। बाद में पता
- 5:20:26पड़ा सिक्योरिटी एफिलिएट मेंबर के अंदर कोई
- 5:20:28मेंबर थे। वह खुद डिसक्वालीफाई जो मेंबर
- 5:20:30थे वो खुद डिसक्वालीफाई थे। मतलब मेंबर के
- 5:20:32अंदर कोई भी डेफिशिएंसी वगैरह थी ऐसा कुछ
- 5:20:35भी था तो वो ऑर्डर इनवैलिड नहीं होगा। ठीक
- 5:20:38है? फालतू बातें सब छोड़ दो। छोड़ दो छोड़
- 5:20:42दो। कोई सेंस नहीं है। मैंने बोला ना कोई
- 5:20:44सेंस नहीं। रेजिग्नेशन किसको देना होता है
- 5:20:46सर? जो मैंने सेम पढ़ा था ना सेबी के अंदर
- 5:20:48वही रेज़िग्नेशन है। अगर कोई भी बंदा
- 5:20:49निकलना चाहता है तो सेंट्रल गवर्नमेंट को
- 5:20:51रेज़िग्नेशन दे देगा। कब? 3 महीने का नोटिस
- 5:20:53दे देगा। और 3 महीने का नोटिस दे देगा।
- 5:20:55तीन महीने का और वो तीन महीने से छोटा भी
- 5:20:57नोटिस करा सकता है कि उसकी जगह कोई दूसरा
- 5:20:58बंदा ऑलरेडी आ गया। उसके कोई दूसरा बंदा आ
- 5:21:00गया तो वो कम नोटिस स्पीड में भी निकल
- 5:21:02सकता है। बाकी तीन महीने का नोटिस सेंट्रल
- 5:21:04गवर्नमेंट को देना पड़ेगा। बाकी सेंट्रल
- 5:21:07गवर्नमेंट रिमूव कर सकता है किसी भी मेंबर
- 5:21:09को। पर कब? आफ्टर एन ऑर्डर बाय द जज ऑफ़
- 5:21:11सुप्रीम कोर्ट। जब सुप्रीम कोर्ट का जज
- 5:21:13बोलेगा तभी उसको निकाल सकता है। कब? जब वो
- 5:21:15बंदा इनसॉल्वेंट हो गया, पागल हो गया,
- 5:21:16कन्विक्ट हो गया, वह सब सेम चीज़ है। तो,
- 5:21:18अब वो कॉमन सेंस से चीजें सॉल्व होगी। जो
- 5:21:19तुमने सेबी में पढ़ा था, उसी तरह से चीजें
- 5:21:21चलेगी।
- 5:21:25ठीक है
- 5:21:29सर अब इसका प्रोसीजर क्या होता है मतलब यह
- 5:21:31भी कोई काम का नहीं है कि जो सिक्योरिटी
- 5:21:32अपेट ट्रिब्यूनल है जो अपन ने पढ़ा अभी
- 5:21:34सिक्योरिटी एफिलिएट ट्रिब्यूनल वो सिविल
- 5:21:36प्रोसीजर को फॉलो नहीं करता पर नेचुरल
- 5:21:38जस्टिस को फॉलो करता है सिविल कोर्ट के
- 5:21:40सारे पावर उसके पास होते हैं डॉक्यूमेंट
- 5:21:42को प्रोड्यूस कराना एविडेंस को लेना
- 5:21:43एफिडेविट मंगवाना किसी भी बंदे को
- 5:21:45अटेंडेंस दिलवाना वो सब कुछ अगर कभी भी
- 5:21:48कभी भी वही डिफरेंस होता है ओपिनियन का
- 5:21:49जैसे अपन ने पहले पढ़ा था तो वो यह
- 5:21:51प्रिसाइडिंग ऑफिसर जो होता है वो वो खुद
- 5:21:53से सॉल्व करेगा। उस मैटर को फाइनल ओपिनियन
- 5:21:54वो देगा या फिर प्रिसाइडिंग ऑफिसर बता
- 5:21:56देगा कि इस वाले बंदे की बात मानी जाएगी।
- 5:21:58इस वाले बंदे की बात मानी जाएगी।
- 5:22:03लीगल रिप्रेजेंटेशन कि कभी भी किसी बंदे
- 5:22:04को बुलाया तो वो बंदा खुद ना जाके
- 5:22:06चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रैक्टिशनर वगैरह को
- 5:22:08भेज सकता है। कोई भी सिक्योरिटी अपीलेट
- 5:22:11ट्रिब्यूनल वाला केस है वो सिविल कोर्ट
- 5:22:12कभी भी उसको एंटरटेन नहीं करेगी।
- 5:22:17फालतू पॉइंट है। हां, यह काम का है। पावर
- 5:22:20पावर ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट टू सुपरसीड द
- 5:22:22बोर्ड। पावर ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट टू
- 5:22:23सुपरसीड द बोर्ड। कभी भी उस सेंट्रल
- 5:22:26गवर्नमेंट को ऐसा लगा कि भाई, कभी भी
- 5:22:28सेंट्रल गवर्नमेंट को ऐसा लगा कि कोई कुछ
- 5:22:30तो गलत हो गया है। कुछ तो गलत हो गया है।
- 5:22:32सेबी कुछ तो गलत कर रही है। सेबी कुछ तो
- 5:22:34गलत कर रही है। सेबी का काम अब सही नहीं
- 5:22:36लग रहा। उसको कुल मिला के सेबी का काम गलत
- 5:22:38नहीं लगा। मैं बताऊंगा ये तीनों काम ऐसा
- 5:22:39करोगे। तो कुल मिला के सेबी का काम उसको
- 5:22:41सही नहीं लग रहा। तो सेंट्रल गवर्नमेंट
- 5:22:43सेबी के मेंबर्स को सों को हटा देगी और
- 5:22:45खुद से खुद से अब कमांड संभालेगी सेबी की।
- 5:22:48अब सेंट्रल गवर्नमेंट कुल मिला के सेबी की
- 5:22:50कमांड खुद से संभालेगी। वो सेबी बोर्ड को
- 5:22:52सुपरसीड कर देगी भाई तू साइड में हो कुछ
- 5:22:54दिन तक। तू साइड में हो कुछ दिन तक मैं
- 5:22:56संभालूंगा अब तेरा सेबी का सारा काम धंधा
- 5:22:58मैं संभालूंगा। सेंट्रल गवर्नमेंट ऐसा बोल
- 5:22:59सकता है मैक्सिमम सिक्स मंथ तक वो ऐसा कर
- 5:23:02सकता है। मैक्सिमम सिक्स मंथ तक वो ऐसा कर
- 5:23:06सकता है। तो वो कब ऐसा कर सकता है सर?
- 5:23:08मतलब यहां के सेबी के जो भी मेंबर होंगे,
- 5:23:11बोर्ड मेंबर जितने भी सेबी के बोर्ड मेंबर
- 5:23:13हैं, मतलब जो भी बोर्ड के मेंबर हैं, उन
- 5:23:14सबको रिमूव कर देगा। उन सबको सस्पेंड कर
- 5:23:16देगा। एक तरीके से उन सबको सस्पेंड कर
- 5:23:18देगा कि भाई तुम लोग निकलो। तुम लोग
- 5:23:20निकलो। अभी तुम्हारे बस का नहीं है।
- 5:23:21तुम्हारे बस का नहीं है। और फिर वो अपने
- 5:23:23नए बंदे लाएगा। सेंट्रल गवर्नमेंट अपने नए
- 5:23:24बंदे लाके यहां पे बिठाएगा। नए बंदे लाके
- 5:23:26यहां पे बिठाएगा। ठीक है? वो इधर के बंदे
- 5:23:29निकाल के। मैक्सिमम 6 महीने तक ही सेंट्रल
- 5:23:31गवर्नमेंट रख सकता है अपना पावर। यह वाला
- 5:23:32सुपरसीड करने। और एक बार से 6 महीने खत्म
- 5:23:35हो गए। तो अब यह बताओ कि जो सस्पेंड करा
- 5:23:37था उन बंदों को वापस लिया जा सकता है
- 5:23:39क्या? सब सेंट्रल गवर्नमेंट पे डिपेंड
- 5:23:41करता है। सब सेंट्रल गवर्नमेंट पे डिपेंड
- 5:23:43कर सकता है। करता है। और अगर उसको लगा कि
- 5:23:44हां भाई ठीक है जो पुराने बंदे थे वो
- 5:23:46अच्छे थे। एक दो बंदे वो अच्छे थे। उनकी
- 5:23:48कोई भी गलती नहीं थी। उनको वापस से लिया
- 5:23:50आएगा। सेबी में कोई दिक्कत नहीं है। वरना
- 5:23:51अगर उसको लगा नहीं सारे नए बंदे लाने।
- 5:23:54सारे नए बंदे लाने तो सारे नए बंदे भी ले
- 5:23:56आए। वो उसके ऊपर है।
- 5:23:58तो कब कर सकता है? कोई भी इमरजेंसी आ गई
- 5:24:01या फिर पर्सिस्टेंट डिफॉल्ट हो रहा है।
- 5:24:03सेबी बार-बार डिफॉल्ट कर रही है। सेंट्रल
- 5:24:05गवर्नमेंट ने इतनी बार सेम चीज समझा दी।
- 5:24:07सेंट्रल गवर्नमेंट ने इतनी बार सेम चीज
- 5:24:10समझा दी। फिर भी सेबी बार-बार डिफॉल्ट कर
- 5:24:12रहा है। बार-बार डिफॉल्ट कर रहा है वो। या
- 5:24:14फिर कोई भी पब्लिक इंटरेस्ट में या फिर
- 5:24:16कोई भी ऐसा पब्लिक इंटरेस्ट में कोई भी
- 5:24:17ऐसी चीज आ गई। तो इमरजेंसी कोई ऐसी आ गई।
- 5:24:20पर्सिस्टेंट डिफ़ॉल्ट हो रहा है। बार-बार
- 5:24:22डिफॉल्ट कर रहा है सेबी। बार-बार डिफ़ॉल्ट
- 5:24:24कर रहा है सेबी। कोई भी सेंट्रल गवर्नमेंट
- 5:24:25के डायरेक्शन का या फिर पब्लिक इंटरेस्ट
- 5:24:27में कुछ भी ऐसी चीज आ गई। तो उस केस के
- 5:24:29अंदर वो सुपरसीड कर सकता है मैक्सिमम 6
- 5:24:31महीने के लिए नोटिफिकेशन देके मतलब वो
- 5:24:32नोटिफिकेशन दे देगा कि अब मैं संभालूंगा
- 5:24:34इस सेबी को मैं संभालूंगा इस सेबी को तो
- 5:24:37वो पूरा का पूरा टेकओवर कर लेता है सेबी
- 5:24:40और जो बंदे को सस्पेंड करा था सेबी के जिन
- 5:24:43बंदों को सस्पेंड करा था वो डीम्ड
- 5:24:45डिसक्वालीफाई नहीं होते डीम्ड
- 5:24:46डिसक्वालीफाई नहीं होते सेबी चाहे तो उनको
- 5:24:48वापस रीपॉइंट कर ही सकता है ठीक है ये
- 5:24:51पॉइंट फिर भी आ सकता है
- 5:24:55और जो सेबी है ना सेबी जो है वो वो
- 5:24:58सेंट्रल गवर्नमेंट को रिटर्न एंड रिपोर्ट
- 5:25:00जैसे एनुअल रिपोर्ट वगैरह जो होती है वो
- 5:25:01रिटर्न रिपोर्ट फाइल करेगा। कब करेगा?
- 5:25:03फाइनेंसियल ईयर के 90 डेज में। फाइनेंसियल
- 5:25:06ईयर खत्म होने के 90 डेज के अंदर-अंदर।
- 5:25:07फाइनेंसियल ईयर खत्म होने के 90 डेज के
- 5:25:09अंदर-अंदर वो सेंट्रल गवर्नमेंट को चीजें
- 5:25:10फर्निश करेगा। बाकी अपील वगैरह सब फालतू
- 5:25:14है। मैंने छोटा-मोटा क्लॉज़ मारा हुआ है
- 5:25:15ना। ये ये सब ऐसा ही है।
- 5:25:20पावर टू ग्रांट इम्युनिटी। ये फिर भी पढ़
- 5:25:22लेते हैं कि आप किसी को इम्यूनिटी दे सकते
- 5:25:24हो। किसी को इम्यूनिटी दे सकते हो। हो
- 5:25:26इम्युनिटी मतलब वही है कि किसी पे पेनल्टी
- 5:25:28वगैरह लगनी है तो कम करना। जेल वगैरह जाना
- 5:25:31हो तो मतलब जेल वगैरह जाने से बचा सकते हो
- 5:25:32कि तू जेल ना जाके हमको पैसे दे दे। किसी
- 5:25:35को जेल जाने की बात चल रही है कि किसी को
- 5:25:36अपन पकड़ के जेल में डाल रहे हैं। तो अपन
- 5:25:38को उसको इम्युनिटी ग्रेंड कर सकते हैं कि
- 5:25:40भाई जेल जाने की बजाय एक काम कर तू इतने
- 5:25:42रुपए दे दे और जेल मत जा। मतलब लीगल
- 5:25:44सेटलमेंट है। ये ब्राइव नहीं हो रहा। लीगल
- 5:25:46सेटलमेंट है। एक काम कर इतने का फाइन
- 5:25:48पेनल्टी भर और जेल नहीं भेजेंगे फिर तेरे
- 5:25:49को। ये इम्युनिटी हो सकती है। इम्युनिटी
- 5:25:51कौन देगा? सेंट्रल गवर्नमेंट के पास पावर
- 5:25:54है। तो सेंट्रल गवर्नमेंट भी इम्युनिटी कब
- 5:25:55देगा? सेंट्रल गवर्नमेंट कुछ चला के नहीं
- 5:25:57देगा। अगर सेबी
- 5:25:59[नाक से की जाने वाली आवाज़] ने बोला है,
- 5:25:59सेबी ने रिकमेंड करा है कि यार यह इंसान
- 5:26:01तो बढ़िया है। एक बार इससे गलती हो गई।
- 5:26:04इंसान तो बढ़िया है। एक बार इससे गलती हो
- 5:26:05गई। तो सेबी रिकमेंड करेगा सेंट्रल
- 5:26:07गवर्नमेंट को। सेबी रिकमेंड करेगा। पावर
- 5:26:09फाइनल पावर उसके पास नहीं है भाई। फाइनल
- 5:26:11पावर सेंट्रल गवर्नमेंट के पास है। तो
- 5:26:13सेबी जब रिकमेंड करेगा सेंट्रल गवर्नमेंट
- 5:26:15को तो सेंट्रल गवर्नमेंट सोचेगा कि इसको
- 5:26:18इम्यूनिटी दे या नहीं दे। इम्युनिटी दे या
- 5:26:21नहीं दे। ठीक है ना? तो उसको इम्युनिटी का
- 5:26:23उस वक्त उसको देखना पड़ेगा।
- 5:26:25ठीक है? तो सेबी इम्युनिटी सेबी रिकमेंड
- 5:26:28करेगा उसको। ठीक है? तो इम्युनिटी किससे
- 5:26:30मिलेगी सर? कोई भी प्रोसीक्यूशन है उससे
- 5:26:32कि भाई उसको जेलवेल में डाल रहे हैं उससे।
- 5:26:35ठीक है? या फिर कोई पेनल्टी उस पे बहुत
- 5:26:36ज्यादा लग रही है। पेनल्टी उसप कोई बहुत
- 5:26:38ज्यादा कर लग रही है तो उससे। ठीक है ना?
- 5:26:40पर अगर कोई भी प्रोसीक्यूशन ऑलरेडी शुरू
- 5:26:42हो चुका है। कोई भी प्रोसीक्यूशन ऑलरेडी
- 5:26:45शुरू हो चुका है तो फिर इम्युनिटी उस वक्त
- 5:26:47नहीं मिल सकती। प्रोसीक्यूशन अब एक बार
- 5:26:48शुरू हो गया तो वो तो खत्म हो के ही
- 5:26:50मानेगा। फिर जो भी फाइनल जजमेंट आएगा,
- 5:26:51फाइनल फैसला आएगा वही सुन। वही तुम पे
- 5:26:54लगेगा। तो अगर प्रोसीक्यूशन होने के पहले
- 5:26:56आपको इम्युनिटी लेनी है कुल मिला के
- 5:26:58प्रोसीक्यूशन शुरू होने के पहले
- 5:27:00प्रोसीक्यूशन शुरू होने के पहले सेबी को
- 5:27:02आपको रिकमेंड सेबी को रिकमेंड करना पड़ेगा
- 5:27:04सेंट्रल गवर्नमेंट को। अगर प्रोसीक्यूशन
- 5:27:05एक बार शुरू हो गया तो फिर कुछ भी नहीं हो
- 5:27:08सकता। फिर तो जो होगा वही होगा। ठीक है
- 5:27:12ना? और इम्यूुनिटी को विथड्रॉ कर लिया
- 5:27:14जाएगा। इम्युनिटी मतलब खत्म कर दी जाएगी
- 5:27:16आपकी। अगर आपने कोई भी टर्म एंड कंडीशन
- 5:27:18इम्युनिटी की फुलफिल नहीं करी कि आप
- 5:27:20इम्युनिटी मिल ही जाती है पर कोई ना कोई
- 5:27:22टर्म एंड कंडीशन लगाता है सेंट्रल
- 5:27:24गवर्नमेंट कि ठीक है मैं इम्युनिटी तो
- 5:27:25आपको दे रहा हूं पर अबकी बार आप इसी टर्म
- 5:27:27एंड कंडीशन से काम करोगे अगर आपने वो टर्म
- 5:27:29एंड कंडीशन पूरी नहीं करी या फिर कोई भी
- 5:27:30इम्युनिटी लेते वक्त फॉल्स डॉक्यूमेंट
- 5:27:32फॉल्स एविडेंस दिए थे तो आपकी इम्युनिटी
- 5:27:33विथड्रॉ कर लेंगे कैंसिल कर लेंगे विथड्रॉ
- 5:27:35कर लेंगे कैंसिल कर लेंगे
- 5:27:39ठीक है
- 5:27:41ये हो गया
- 5:27:43कंपोजिशन ऑफ़ सर्टेन ऑफेंस का ऑफेंस को
- 5:27:46कंपोज़िशन करना। ऑफेंस का कंपोज़िशन करना।
- 5:27:49तो कौन-कौन से ऑफेंस कंपोज़शन हो सकते हैं
- 5:27:50कि मतलब जेल में नहीं डालेंगे आपको जेल
- 5:27:52में नहीं डालेंगे। केवल ऑफेंस जो
- 5:27:54कंपाउंडेबल ऑफेंस होते हैं उनका ही
- 5:27:56कंपोज़िशन हो सकता है। कंपाउंडेबल मैंने
- 5:27:57आपको पढ़ाया था अगर याद हो तो। सर मतलब जो
- 5:28:00कंपाउंडेबल नहीं होते सॉरी जो कंपाउंड
- 5:28:01व्हिच ऑफेंस कैन बी कंपाउंडेड। कौन से
- 5:28:03कंपाउंड होते हैं उनका
- 5:28:06कंपाउंडेड वालों का कंपोज़िशन हो सकता है।
- 5:28:09तो किनका नहीं हो सकता? जो जिसमें सिर्फ
- 5:28:12आपको जेल मिलेगी ही मिलेगी। ये जो मैंने
- 5:28:13बोला था ना कि जिसमें जेल कंपलसरी है
- 5:28:16जिसमें जेल कंपलसरी है या फिर जेल प्लस
- 5:28:19फाइन कंपलसरी है। जेल एंड फाइन कंपलसरी है
- 5:28:21वो कंपाउंड नहीं हो सकते।
- 5:28:24ठीक है? फालतू अब स्पेशल कोर्ट वगैरह मेरे
- 5:28:26को नहीं लगता पढ़ाना कोई सेंस वाला है।
- 5:28:28क्योंकि अब स्पेशल कोड जो मैंने तुमको
- 5:28:30कंपनीज़ एक्ट में पढ़ाया था वो का वही है।
- 5:28:31स्पीडी ट्रायल के लिए सेट कर ले। यहां पे
- 5:28:33भी एक अलग से स्पेशल कोड सेट कर देती है।
- 5:28:35यहां पे भी ठीक है?
- 5:28:36[नाक से की जाने वाली आवाज़] सेबी के अंदर
- 5:28:37भी सेंट्रल गवर्नमेंट एक स्पेशल कोड अलग
- 5:28:38से सेट कर देता है। ठीक है? सेंट्रल
- 5:28:41गवर्नमेंट के पास सेम हाई कोर्ट सेंट्रल
- 5:28:44गवर्नमेंट के पास सेम स्पेशल कोर्ट स्पेशल
- 5:28:47कोर्ट क्या सिविल कोर्ट वाली पावर होती है
- 5:28:50तो जो भी अपील होगी वो हाई कोर्ट के पास
- 5:28:51जाएगी फालतू है
- 5:28:58हां अभी रिकवरी ऑफ़ अमाउंट कभी भी कोई भी
- 5:29:00ऑर्डर पास करा आपको किसी से रिकवर कराना
- 5:29:02है अमाउंट कोई भी अमाउंट रिकवर कराना है
- 5:29:04कि भाई किसी पे भी पेनल्टी लगी किसी पे भी
- 5:29:07कुछ भी लगा वो अपन को पैसा नहीं दे रहा है
- 5:29:08वो अपन को पैसा नहीं दे रहा है कोई भी
- 5:29:10पेनल्टी वगैरह लगी या फिर कुल मिला के
- 5:29:12सेबी ने बोला कि भाई तू पैसा दे तू उनको
- 5:29:14पैसा दे इतनी तेरे पेनल्टी या कुछ भी
- 5:29:15व्हाटएवर है तो वो बंदा फेल हो गया वो
- 5:29:17बंदा आपको पैसा नहीं दे रहा तो जैसे इनकम
- 5:29:20टैक्स के अंदर जो जो राइट्स होते हैं ना
- 5:29:21पैसे रिकवर करने के लिए इनकम टैक्स एक्ट
- 5:29:23के अंदर वो सारे राइट्स इनके सेबी के पास
- 5:29:26भी होंगे सारे के सारे मेथड रिकवरी के जो
- 5:29:28इनकम टैक्स एक्ट के वो सारे के सारे मेथड
- 5:29:30इनके पास भी होंगे तो एक रिकवरी ऑफिसर
- 5:29:32अपॉइंट करेगा बोर्ड बोर्ड एक रिकवरी मतलब
- 5:29:34सेबी एक रिकवरी ऑफिसर अपॉइंट करेगा वो एक
- 5:29:37स्टेटमेंट बनाएगा अमाउंट ऑफ ड्यू का कि ये
- 5:29:39ये अमाउंट ड्यू एक स्टेट स्टेटमेंट
- 5:29:40बनाएगा। यही अमाउंट ड्यू है। तो इनकम
- 5:29:42टैक्स एक्ट के अंदर जो जो भी रिकवरी के
- 5:29:44मेथड है वो सारे रिकवरी के मेथड वो फॉलो
- 5:29:46करेगा। क्या-क्या फॉलो क्या-क्या मेथड
- 5:29:48होते हैं सर? आपकी मूवेबल इमूवेबल
- 5:29:50प्रॉपर्टी को अटैच कर सकता है। आपकी
- 5:29:53मूवेबल और इमूवेलबल प्रॉपर्टी को अटैच कर
- 5:29:54सकता है। बैंक अकाउंट को अटैच कर सकता है।
- 5:29:57किसी भी पर्सन को अरेस्ट या डिटेन कर सकता
- 5:29:59है। जो प्रॉपर्टी अटैच करी है, जो
- 5:30:02प्रॉपर्टी अटैच करी है, उसको मैनेज करने
- 5:30:03के लिए कोई रिसीवर लगा सकता है। जो
- 5:30:05प्रॉपर्टी अटैच करी है, उसको मैनेज करने
- 5:30:06के लिए कोई रिसीवर लगा सकता है। ठीक है?
- 5:30:09तो मूवेबल इमूवेबल प्रॉपर्टी को अटैच कर
- 5:30:11सकता है। बैंक अकाउंट को अटैच कर सकता है।
- 5:30:13अरेस्ट और डिटच कर सकता है। जो भी मूवेबल
- 5:30:16इमूवेबल प्रॉपर्टी अटैच करी है उसको
- 5:30:18अपॉइंट कर सकता है। मतलब रिसीव उसको उसको
- 5:30:21मैनेज करने के लिए एक रिसीवर अपॉइंट कर
- 5:30:22सकता है। ये सब कर सकता है। ठीक है? पर
- 5:30:26भाई कभी भी आपने क्या करा? कभी भी आपने
- 5:30:28होशियार ही बने। कभी भी आप होशियार बने कि
- 5:30:31जैसे ही आपको पता पड़ा यार यह प्रोसीडिंग
- 5:30:32होने वाली है। फाइन पेनल्टी वगैरह ये सब
- 5:30:34आपको लग गई थी। ड्यू डेट आपको पता पड़ गई
- 5:30:36थी। यह फाइन पेनल्टी आपको देनी है। तो
- 5:30:38आपने
- 5:30:39आपने होशियारी करी कि आप पर पेनल्टी लगने
- 5:30:41के बाद कि एक काम करता हूं मैं मेरी मेरी
- 5:30:43प्रॉपर्टी मेरी प्रॉपर्टी डायरेक्टली
- 5:30:46इनडायरेक्टली ये मैं हूं मतलब जो भी बंदा
- 5:30:48है मतलब मिस्टर एक्स मिस्टर एक्स पे कोई
- 5:30:50पेनल्टी लगी मिस्टर एक्स को पता पड़ा यार
- 5:30:52मेरी पेनल्टी तो ये लोग मिस्टर एक्स को
- 5:30:54पता पड़ा मेरी पेनल्टी तो ये लोग घर वगैरह
- 5:30:56सब कुछ बेच के निकाल लेंगे पेनल्टी एक काम
- 5:30:58करता हूं मेरी जितनी भी प्रॉपर्टी है ना
- 5:31:00वो
- 5:31:02भाई
- 5:31:03नहीं इस पे भाई-बहन नहीं आएगा सॉरी इस पे
- 5:31:05भाई-बहन नहीं आएगा स्पाउस को ट्रांसफर कर
- 5:31:08दी बीवी को ट्रांसफर कर दी बीवी जिसको ही
- 5:31:12साइन कर दी ट्रांसफर कर दी
- 5:31:16माइनर चाइल्ड को ट्रांसफर कर दी
- 5:31:20माइनर चाइल्ड को ट्रांसफर कर दी
- 5:31:23मेजर का यहां पे एक्सेप्शन नहीं है अगर
- 5:31:25मेजर चाइल्ड को ट्रांसफर करी तो तो भाई गई
- 5:31:28आपकी प्रॉपर्टी ठीक है तो मेजर का यहां पे
- 5:31:30एक्सेप्शन नहीं है पर हां मेजर चाइल्ड हो
- 5:31:33या माइनर चाइल्ड हो दोनों की मतलब माइनर
- 5:31:34की तो शादी होती नहीं है जनरली तो मेजर
- 5:31:36चाइल्ड की वाइफ
- 5:31:39या उसका माइनर चाइल्ड या उसका माइनर
- 5:31:42चाइल्ड या उसका माइनर चाइल्ड। अगर आपने
- 5:31:44इनमें से किसी को भी प्रॉपर्टी ट्रांसफर
- 5:31:46करी विदाउट एडिक्वेट कंसीडरेशन विदाउट
- 5:31:48एडिक्वेट कंसीडरेशन तो ऐसा मान लेंगे ये
- 5:31:51ट्रांसफर इनवैलिड है। ऐसा मान लेंगे
- 5:31:53ट्रांसफर इनवैलिड है और उस प्रॉपर्टी को
- 5:31:54तो भी बेचा जाएगा। तो भी बेचा जाएगा। चाहे
- 5:31:56आपने अपनी वाइफ को करी है। अपने माइनर
- 5:31:58चाइल्ड को करिए। मेजर को नहीं भाई मेजर को
- 5:32:00नहीं। मेजर को करी तो मेजर तो प्रॉपर्टी
- 5:32:02लेके भाग जाता है। तो ठीक है ना? तो मेजर
- 5:32:03का नहीं पर मेजर चाइल्ड की वाइफ या फिर
- 5:32:05उसका माइनर चाइल्ड इनको अगर आपने
- 5:32:06प्रॉपर्टी बेची है ऐसा ट्रांसफर करी है
- 5:32:08विदाउट एडिक्वेट कंसीडरेशन तो भी आपको ऐसा
- 5:32:11माना जाएगा प्रॉपर्टी आपकी और उसको बेच के
- 5:32:13पैसा वसूला जाएगा
- 5:32:17वो ये है क्वेश्चन वही आया है प्रोविनल्टी
- 5:32:19इंपोज़ करी उसने पे नहीं करी तो पेनल्टी
- 5:32:21कैसे रिकवर हो सकती है ये वाले चाहिए ठीक
- 5:32:23है ना ये तो डिस्क्रिप्शन में था अब
- 5:32:24एमसीक्यू में ऐसा नहीं होगा मतलब ऐसा तो
- 5:32:28बस एक लास्ट सेक्शन बचा है इस एक्ट का फिर
- 5:32:30हम अपने दो रेगुलेशन है छोटे-छोटे
- 5:32:32कंटिन्यूएशन ऑफ प्रोसीडिंग। अभी यह उसकी
- 5:32:34बात चल रही है कि मिस्टर एक्स जो है
- 5:32:36मिस्टर एक्स निपट गए। थोड़ी सी थोड़ी सी
- 5:32:39उनकी डेथ हो गई। मिस्टर एक्स से थोड़ी सी
- 5:32:41डेथ हो गई। तो अब फाइनली उनकी जो भी अब
- 5:32:44उनकी जो भी चीज़ लेट से अब मिस्टर हर्षद
- 5:32:46मेहता जी इनकी डेथ हुई थी। तो उसके बाद अब
- 5:32:49जो भी लीगल प्रोसीडिंग चल रही थी वो क्या
- 5:32:51होगा उसका? भाई जो भी लीगल प्रोसीडिंग चल
- 5:32:53रही थी ना आपकी वो आपके लीगल
- 5:32:55रिप्रेजेंटेटिव [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 5:32:56पे चलेगी। जिसको अपन बोलेंगे एलआर। इसको
- 5:32:57अपन बोलेंगे एलआर। तो अगर किसी की डेथ हो
- 5:32:59गई जिस पे कोई लीगल प्रोसीडिंग चल रही थी
- 5:33:01या चलने वाली है चल रही थी या चलने वाली
- 5:33:03है तो वो लीगल प्रोसीडिंग अब उसके लीगल
- 5:33:05रिप्रेजेंटेटिव पे चलेगी लीगल
- 5:33:07रिप्रेजेंटेटिव पे चलेगी कोई भी इस पे
- 5:33:09फाइन पेनल्टी वगैरह ऐसा कुछ भी लगा था
- 5:33:11फाइन पेनल्टी वगैरह लगा था जो इसने उस
- 5:33:13वक्त डेथ के टाइम पे नहीं दिया था तो उसका
- 5:33:15क्या होगा तो वो अब लीगल रिप्रेजेंटेटिव
- 5:33:17उसका फाइन पेनल्टी देगा ठीक है ना जैसे
- 5:33:20हर्षद मेहता की अगर डेथ हुई उसप कोई फाइन
- 5:33:21पेनल्टी लगा तो उसके सन को देना पड़ेगा वो
- 5:33:23फाइन पेनल्टी पर उसका सन कितनी फाइन
- 5:33:25पेनल्टी तक देगा जितना मिस्टर एक्स से
- 5:33:29जितना मिस्टर एक्स से उसे इनहेरिटेंस में
- 5:33:32मिला है। जितना मिस्टर एक्स से उसे
- 5:33:34इनहेरिटेंस में मिला है कि उसको
- 5:33:35इनहेरिटेंस में केवल 100 करोड़ मिले थे।
- 5:33:38100 करोड़ मिले थे। पेनल्टी 150 करोड़ की
- 5:33:40है। पेनल्टी 150 करोड़ की तो भाई वो 150
- 5:33:42करोड़ नहीं देगा। इनहेरिटेंस में 100
- 5:33:43करोड़ मिले तो मैं 100 करोड़ तक की
- 5:33:44पेनल्टी ही दूंगा। वो अपनी जेब से थोड़ी
- 5:33:46ना देगा। सिंपल सी बात है। ठीक है?
- 5:33:51अगर वो डिसीज्ड हो गया था वाज़ लायबल अंडर
- 5:33:53द एक्ट। तो लीगल रिप्रेजेंटेटिव भी सेम
- 5:33:55लायबिलिटी होगी उसकी जिसकी डिजीज पर्सन की
- 5:33:58है। ठीक है ना? जो भी पेनल्टी थी अगर उस
- 5:34:00एक्ट के अंदर अगर वो पेनल्टी उसकी डेथ के
- 5:34:02पहले लगाई गई थी तो ही वो पेनल्टी उसको दी
- 5:34:05जाएगी। ठीक है? तो ही वो पेनल्टी उसको
- 5:34:07देनी पड़ेगी। अगर डेथ के पहले पेनल्टी
- 5:34:09नहीं लगाई थी तो क्या होगा? तो क्या होगा?
- 5:34:11तो अब वो प्रोसीडिंग से डिसाइड होगा। तो
- 5:34:12अब प्रोसीडिंग से डिसाइड होगा कि भाई
- 5:34:14प्रोसीडिंग वाला जो भी फाइनल बोलेगा वो
- 5:34:16फाइनल होगा। तो अगर कोई भी रिफंड रिकवरी
- 5:34:18मतलब जो भी पेनल्टी वगैरह थी अगर वो डेथ
- 5:34:20के पहले ही लगाई दी लगा दी गई थी तो भाई
- 5:34:22वो कंटिन्यू होगी वो जो जिस स्टेज पे थी
- 5:34:25उससे कंटिन्यू हो जाएगी पर जो भी रिफंड
- 5:34:27पेनल्टी या प्रोसीडिंग थी वो डेथ के पहले
- 5:34:29शुरू नहीं हुई थी तो अब शुरुआत होगी और
- 5:34:32डायरेक्ट लीगल रिप्रेजेंटेटिव से शुरुआत
- 5:34:33होगी कि भाई तू आ तेरे पे हम पूरी कारवाई
- 5:34:36करेंगे
- 5:34:38ठीक है और कभी भी ऐसा होगा कि जो लीगल
- 5:34:40रिप्रेजेंटेटिव था जो मैंने कहा था यहां
- 5:34:41पे लीगल रिप्रेजेंटेटिव को कोई भी
- 5:34:42इन्हहेरिटेंस में लेट्स से घर मिला था घर
- 5:34:44मिला तो तो अगर पेनल्टी लगी थी पर उसने घर
- 5:34:46पहले ही बेच दिया। उस लीगल रिप्रेजेंटिव
- 5:34:48ने घर पहले ही बेच दिया। तो भाई अब लीगल
- 5:34:50रिप्रेजेंटेटिव की पर्सनल लायबिलिटी होगी
- 5:34:52कि जितने का घर बेचा है उतने की पेनल्टी
- 5:34:54तुझे चुकानी पड़ेगी। ठीक है? तो लायबिलिटी
- 5:34:57लिमिटेड कितनी है? जितना तेरे को इनहेरिट
- 5:34:59हुआ उसकी इतना
- 5:35:01डन सर अपना सेबी एक्ट भी समाप्त हुआ। इसके
- 5:35:04बाद दो रेगुलेशन अपन चलते हैं। दो
- 5:35:06रेगुलेशन पे एसएसटी सब्सटेंशियल एक्विजिशन
- 5:35:09वाला एलओडीआर [नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 5:35:10तो अपना हो गया। एसएसटी सब्सटेंशियल
- 5:35:13एक्विजिशन इंसाइड ट्रेडिंग इनसाइड
- 5:35:16ट्रेडिंग में तो कुछ नहीं है। देखो समझाने
- 5:35:17वाला हूं। और एसएसटी में भी बहुत लिमिटेड
- 5:35:18पोर्शन पढ़ना पड़ेगा।
- 5:35:21अब वो हो गया भाई। अब तुमको ऐसे पढ़ाएंगे
- 5:35:23ना मतलब अब हो गया। जितने इंपॉर्टेंट थे
- 5:35:25हो गए। इससे मुश्किल है गिनेचुले कुछ
- 5:35:27एमसीक्यू होंगे। दो तीन ऐसे दो तीन
- 5:35:28मार्क्स दो चार मार्क्स ऐसा तो सब कवर कर
- 5:35:30लिया अपन। उसमें भी जो इंपॉर्टेंट है वो
- 5:35:32अपन कर लेते हैं। बिल्कुल
- 5:35:34सर अब आ जाओ। चलो सेबी एसएसटी से एसएसटी
- 5:35:37पे आ जाओ। सब्सटेंशियल एक्विजिशन कुल मिला
- 5:35:39के नाम तुम ऐसे देख लो। सब्सटेंशियल
- 5:35:40एक्विजिशन मतलब तुम किसी भी कंपनी को
- 5:35:43एक्वायर कर रहे हो उसका सब्सटेंशियल
- 5:35:45पोर्शन उसका एक्वायर कर रहे हो उस पे
- 5:35:47कंट्रोल लाना चाह रहे हो उस पे कंट्रोल
- 5:35:49लाना चाह रहे हो तो कुछ रेगुलेशंस बना दिए
- 5:35:51तो सर इसका ओवरव्यू देखो अब इसके अंदर
- 5:35:53एसएसटी जो है और जो इंसाइडर ट्रेडिंग वाला
- 5:35:55है उन दोनों के अंदर केवल दो तीन दो तीन
- 5:35:57टॉपिक ही पढ़ेंगे कोई सेंस नहीं है
- 5:35:59क्वेश्चन इनसे बहुत कम भी आते हैं मतलब जो
- 5:36:00जिनजिन से आते हैं वो अपन पढ़ेंगे उसके
- 5:36:02अलावा मैं नहीं बोल रहा कि बिल्कुल नहीं
- 5:36:03है गलती से दो एक मार्क्स के और दो-तीन
- 5:36:04मार्क्स के आ जाएंगे तो मत करो दो तीन
- 5:36:06मार्क्स में पागल हो जाओगे ठीक है ना
- 5:36:08जितना पढ़ रहे हो उतने पे ध्यान
- 5:36:10चलो आ जाओ एसएसटी वाले पे तो होता क्या है
- 5:36:13सर एक होती है एक्वायरर कंपनी एक्वायरर
- 5:36:17कंपनी एक होती है टारगेट कंपनी जिसको
- 5:36:20एक्वायर करा जा रहा है जिसको एक्वायर करा
- 5:36:24जा रहा है ठीक है ना तो एक एक्वायर एक
- 5:36:29टारगेट कंपनी तो Zomato Z जोमato ने किसको
- 5:36:33एक्वायर करा था सर ब्लिंकिट किसको एक्वायर
- 5:36:36करा था ब्लिंकिट और आज के दिन ब्लिंकट की
- 5:36:38वैल्यूएशन जोatो से ज्यादा है वैसे तो Z
- 5:36:40जोमato ब्लिंकेट को एक्वायर कर रही है तो
- 5:36:42जोatो कहलाएगी एक्वायर टारगेट कंपनी और
- 5:36:44टारगेट कंपनी ब्लिंकेट कहलाएगी टारगेट
- 5:36:46कंपनी तो ये होता है तो कभी भी ऐसा हो
- 5:36:50एकवायरर खुद से या फिर पर्सन एक्टिंग इन
- 5:36:54कंट्रोल प्लस पर्सन एक्टिंग इन कंट्रोल
- 5:36:58प्लस पर्सन एक्टिंग इन कंट्रोल ये दो ये
- 5:37:00दोनों पर्सन एक्टिंग इन कंट्रोल क्या होता
- 5:37:02है मतलब कि साथ वाला बंदा इसके साथ वाला
- 5:37:04बंदा इसकी रिलेटेड पार्टी मान लो इसकी
- 5:37:05रिलेटेड पार्टी कि मतलब इसकी सब्सिडरी हो
- 5:37:07गई एसोसिएट हो गया या इसका का मिलने वाला
- 5:37:09बंदा कि ये दोनों मिलकर टारगेट कंपनी का
- 5:37:11एक्वायर कर रहे हैं। दोनों को एक ही मान
- 5:37:12लेंगे एक तरह से कि मतलब एक्वायर प्लस
- 5:37:14उसके साथ वाला बंदा उसका उसका उसका क्या
- 5:37:17बोले परिवार वाला बोलो उसका परिवार वाला
- 5:37:19उसका रिलेटेड पार्टी उसकी रिलेटेड पार्टी
- 5:37:20एक बार समझने के लिए बाकी बताऊंगा ये
- 5:37:22दोनों मिलके किसी भी कंपनी का एक्वायर
- 5:37:24करें किसी भी कंपनी का एक्वायर करें तो
- 5:37:26इशू क्या होता है इशू हमेशा क्या होगा कि
- 5:37:28आप लोगों ने आप लोग जब एक्वायर करते हो तो
- 5:37:33ना आप लोग जब इसको एक्वायर करते हो तो कुछ
- 5:37:35ना कुछ ना कुछ डिसेंडिंग शेयर शेयर होल्डर
- 5:37:39हमेशा होते हैं जो ब्लिंकिन के ऑलरेडी
- 5:37:40एकिस्टिंग शेयर होल्डर है लेट जैसे
- 5:37:41एग्जांपल दे रहा हूं कुछ भी एग्जांपल दे
- 5:37:43रहा हूं। ब्लिंकेट का एकिस्टिंग शेयर
- 5:37:44होल्डर है। अह आपने एक्वायर करा उसका 30%
- 5:37:47आपने एक्वायर करा उसका 30% तो मतलब आपके
- 5:37:49पास एक तरह से कंट्रोल आ गया 30% में भी
- 5:37:50कहीं ना कहीं कंट्रोल आ ही गया। ऐसा मान
- 5:37:52लो कि आपके पास ही मेजर शेयर होल्डर आप ही
- 5:37:53थे। ठीक? तो इसके कुछ ना कुछ ऐसे शेयर
- 5:37:56होल्डर होंगे। लेट्स से 10 15 20% ऐसे कोई
- 5:37:58शेयरहोल्डर होंगे। 10 15 20 या कोई भी
- 5:38:00शेयर होल्डर होंगे जो कहलाएंगे डिसेंडिंग
- 5:38:02शेयर होल्डर। जो कहलाएंगे डिसेंडिंग शेयर
- 5:38:04होल्डर। डिसेंडिंग शेयर होल्डर कि भाई वो
- 5:38:06नहीं चाहते कि तुम इनको एक्वायर करो। करो।
- 5:38:08वो नहीं चाहते तुम इनको एक्वायर करो कि
- 5:38:10तुम्हारी ओनरशिप अब ब्लिंकट के पास हो। वह
- 5:38:12नहीं चाहते तुम तुम इनके सिर के ऊपर हो।
- 5:38:14यह तो यह कुछ शेयर होल्डर नाराज है कि
- 5:38:16नहीं भाई हमको जोatो के अंडर अब काम नहीं
- 5:38:18रखना। मतलब जोatो का डिसीजंस वगैरह नहीं
- 5:38:20मान रहे कुछ। तो भाई आपकी यहां पे
- 5:38:22रिस्पांसिबिलिटी होगी। आपकी
- 5:38:24रिस्पांसिबिलिटी होगी कि आपको उनको एक ओपन
- 5:38:28ऑफर देना पड़ेगा। यह ओपन ऑफर कब दोगे? जब
- 5:38:31आप जब आप किसी भी कंपनी के किसी भी कंपनी
- 5:38:37के
- 5:38:3925% शेयर एक्वायर कर लेते हो ना 25% शेयर
- 5:38:43तो आपको रिमेनिंग वालों को एक ओपन ऑफर
- 5:38:46देना होता है। रिमेनिंग वालों को एक ओपन
- 5:38:48ऑफर देना होता है कि भाई आप चाहो तो इस
- 5:38:50प्राइस में हमको शेयर बेच सकते हो। हम
- 5:38:52लेने के लिए एग्री हैं। आप चाहो तो इस
- 5:38:54प्राइस में हमको शेयर बेच सकते हो। तो हम
- 5:38:55इस प्राइस में शेयर लेने के लिए एग्री है
- 5:38:57ताकि एटलीस्ट क्योंकि ये लोग डिसेंडिंग
- 5:38:58शेयर होल्डर मतलब ये नहीं चाहते कि तुम
- 5:39:00तुम लोग इनके सिर के ऊपर नाचो। तुम लोग
- 5:39:02इनके सिर के ऊपर नाचो ना जोatो नाचे
- 5:39:04ब्लिंकिट के ऊपर ये नहीं चाहते थे। तो
- 5:39:06इससे बढ़िया ये सोच रहे हैं भाई हमको
- 5:39:07तुम्हारे पैसे दो। हम निकल रहे हैं इस
- 5:39:09कंपनी से। हमको तुम्हारे पैसे दो हम निकल
- 5:39:10रहे। तो इसीलिए इनको ओपन ऑफर देना कंपलसरी
- 5:39:13होता है अपन को कि अब Zomato इन लोगों को
- 5:39:16भी ओपन ऑफर देगी कि तुम चाहो तो हमको ये
- 5:39:17शेयर बेच सकते हो। हमको ये शेयर बेच सकते
- 5:39:20हो। हम ले लेंगे। ठीक है ना? तो अब इसको
- 5:39:22अभी थोड़ा सा और डिटेल में अभी अपन इसको
- 5:39:23पढ़ेंगे। पर मेन क्रक्स यही था। बस इसी से
- 5:39:26क्वेश्चन आते हैं थोड़े बहुत। तो एक
- 5:39:27एक्वायरर होता है, एक टारगेट कंपनी होता
- 5:39:29है। ठीक है? वो अपना बात हो गई। जब अपन
- 5:39:31सब्सटेंशियल क्वांटिटी ऑफ़ शेयर ले रहे
- 5:39:32हैं। या सब्सटेंशियल वोटिंग रेट उसका ले
- 5:39:34रहे हैं। एप्लीकेबिलिटी किस पे होगा? सर
- 5:39:36आप चाहे डायरेक्टली एक्वायर कर रहे हो
- 5:39:38इसको या किसी पर्सन इन एक्टिंग इन कंसर्ट
- 5:39:40कि आप सब्सिडरी के थ्रू एक्वायर कर रहे
- 5:39:42हो। यह वाला इनडायरेक्टली एक भी एक्वायर
- 5:39:43कर रहे हो। तब आपका ये ये वाला पूरा
- 5:39:45एसएसटी रेगुलेशन लग जाएगा। पर कब नहीं
- 5:39:47लगेगा? जब सामने वाली जो कंपनी है टारगेट
- 5:39:49कंपनी की बात कर रहा हूं। सामने वाली जो
- 5:39:51कंपनी है सामने वाली जो blink blink जो है
- 5:39:54ना वो लिस्टेड है इनोवेटर ग्रोथ
- 5:39:56प्लेटफार्म में इनोवेटर ग्रोथ प्लेटफार्म
- 5:39:58एक होता है बस इतना देख लो एक इनोवेटर
- 5:40:00ग्रोथ प्लेटफार्म होता है ब्लिंकिट उसमें
- 5:40:02रजिस्टर है ब्लिंकिट उसमें रजिस्टर है
- 5:40:04जिसने कोई भी पब्लिक इशू नहीं करा है बस
- 5:40:06वो केवल इनोवेटर ग्रोथ प्लेटफार्म के अंदर
- 5:40:08रजिस्टर है तो उस केस के अंदर यह वाला
- 5:40:10एसएसटी रूल नहीं लगता
- 5:40:12ठीक है तो एक्वायर क्या होता है मैंने कहा
- 5:40:14था डायरेक्टली इनडायरेक्टली आप कुल मिला
- 5:40:15के एक्वायर कर रहे हो या तो खुद से या
- 5:40:17पर्सन एक्टिंग इन कंट्रोल अब ये पर्सन
- 5:40:19एक्टिंग इन कंट्रोल क्या होता है सर? यह
- 5:40:22देखो पर्सन एक्टिंग इन कंट्रोल जो अपने
- 5:40:25साथ अपने साथ या तो एग्रीमेंट से या फिर
- 5:40:27कोई म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग से या तो
- 5:40:29एग्रीमेंट है अपना उसके साथ या म्यूचुअल
- 5:40:30अंडरस्टैंडिंग है फॉर्मल इनफॉर्मल कुछ भी
- 5:40:33चल जाएगा कि भाई मैं इसको शेयर को एक्वायर
- 5:40:35कर रहा हूं। लेट से Reliance में अंबानी
- 5:40:36जी है। अंबानी जी है। ठीक है ना? तो
- 5:40:38Reliance में अब अंबानी जी मतलब जो मुकेश
- 5:40:40जी अंबानी है इनके साथ नीता जी अंबानी जी
- 5:40:41भी है। नीता जी अंबानी जी भी है। ठीक है
- 5:40:43ना? तो अब अंबानी जी दोनों मिलकर नीता जी
- 5:40:46उनके साथ मिलकर नीता जी उनके साथ मिलकर
- 5:40:48किसी भी कंपनी का एक्वायर कर रही है तो
- 5:40:50नीता जी कहलाएगी पर्सन एक्टिंग इन कंसर्ट
- 5:40:52कि वो एक म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग है
- 5:40:54क्योंकि वाइफ ही है क्योंकि वाइफ रिलेटेड
- 5:40:55पार्टी है तो दोनों एक साथ ही काम करेंगे
- 5:40:57दोनों एक साथ कंट्रोल करेंगे या फिर सामने
- 5:40:59वाली कंपनी को तो वो एक तरह से फीलिंग
- 5:41:01समझो ये फीलिंग है अब फीलिंग के भरोसे ही
- 5:41:03चलेगा या डीम्ड अब ये देखो इसको डीम्ड
- 5:41:05पर्सन इन कंसर्ट मान लिया जाएगा अब फीलिंग
- 5:41:07के भरोसे चलो बाकी तो यार देखो होल्डिंग
- 5:41:09कंपनी हो गई होल्डिंग सब्सिडरी या फिर
- 5:41:11कंपनी जिसका सेम मैनेजमेंट है तो उनको मान
- 5:41:13लेंगे तुम रिलेटेड पार्टी हो तो तुम एक
- 5:41:14साथ किसी को भी एक्वायर करोगे तो मानोगे
- 5:41:16कि एक ही जने ने एक्वायर करा है। एक ही
- 5:41:18जने ने एक्वायर करा है। ऐसा माना जाएगा।
- 5:41:20या फिर उसका डायरेक्टर हो गया या फिर जो
- 5:41:22भी होल्डिंग सब्सिडरी उनका डायरेक्टर हो
- 5:41:25गया। इमीडिएट रिलेटिव जो भी हो गए प्रमोटर
- 5:41:27हो गए। इमीडिएट रिलेटिव हो गए। ये सब
- 5:41:29मिलके एक्वायर कर रहे हैं। ये सब मिलके
- 5:41:31एक्वायर कर रहे हैं। ठीक है? तो ये पर्सन
- 5:41:34एक्ट डीम पर्सन एक्ट इन क्या है? डीम डीम
- 5:41:37पीएससी उनको मान लिया जाएगा। पर्सन
- 5:41:39एक्टिंग इन कंसर्ट। ठीक है? ठीक है? अब
- 5:41:41इससे ज्यादा ऐसे डेफिनेशन देख पागल हो
- 5:41:43जाओगे। ऐसे इतनी सारी डेफिनेशन अभी इतना
- 5:41:44सब कुछ देखने लगे तो पागल हो जाओगे
- 5:41:45बिल्कुल ही। पर हां ठीक है एक बार ना कुछ
- 5:41:47नीचे की बस ये तीन चार डेफिनेशन और देख
- 5:41:48लो। क्यों? क्योंकि अभी रिसेंटली सेबी ने
- 5:41:50ऐड करी है। मतलब अपने कोर्ट्स के अंदर आई
- 5:41:51है। तो ये इंपॉर्टेंट हो सकती है क्योंकि
- 5:41:53अमेंडमेंट रिसेंटली नए ऐड हुई है। बाकी
- 5:41:54इतना सब कुछ देखोगे तो पागल हो जाओगे। बस
- 5:41:56एक बार फटाफट देख लो कि जिनसे आ सकता है
- 5:41:58नया कुछ चेंज आया है तो। ये देखो एक आएगी
- 5:42:00डेफिनेशन आएगी एंटरप्राइजेज वैल्यू किसको
- 5:42:02कहते हैं? बस नॉर्मल फार्मूला याद रख लो।
- 5:42:03कभी एमसीक्यू में आ जाएगी। एंटरप्राइज
- 5:42:04वैल्यू क्या होती है? जो भी कंपनी की
- 5:42:06मार्केट कैप है। मार्केट कैपिटल तो तुम
- 5:42:08जानते हो ना मार्केट कैप क्या होती है? जो
- 5:42:09भी कंपनी के नंबर ऑफ शेयर्स जो भी कंपनी
- 5:42:12के नंबर ऑफ शेयर्स हैं मल्टीप्लाई मार्केट
- 5:42:13प्राइस ऑफ शेयर मार्केट प्राइस ऑफ़ शेयर तो
- 5:42:15जो भी कंपनी के नंबर ऑफ़ शेयर है
- 5:42:16मल्टीप्लाई मार्केट प्राइस ऑफ़ शेयर तो
- 5:42:17उससे आ गई मार्केट कैप। तो जो भी कंपनी की
- 5:42:19मार्केट कैप है उसमें डे ऐड कर दो। उसमें
- 5:42:21माइनॉरिटी इंटरेस्ट ऐड कर दो। उसमें
- 5:42:22प्रेफरेंस शेयर भी ऐड कर दो। तो
- 5:42:24एंटरप्राइज वैल्यू कैसे निकली? देखो एएफएम
- 5:42:26में वैसे तुमने पढ़ा हुआ है भाई एफएम में
- 5:42:27आता होगा मार्केट कैप प्लस डे प्लस
- 5:42:29माइनॉरिटी इंटरेस्ट प्लस प्रेफरेंस शेयर।
- 5:42:31उसमें से बस कैश एंड कैश इक्विवेलेंट
- 5:42:32माइनस कर दो। उससे आगे तुम्हारी मार्केट
- 5:42:34एंटरप्राइज वैल्यू। देखो कभी एमसीक्यू आ
- 5:42:36जाए तो आ जाए भाई। फिर एक होता है
- 5:42:37फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड शेयर किसको कहते
- 5:42:38हैं? कभी एमसीक्यू में पूछ ले कि भाई ये
- 5:42:40शेयर का डाटा दिया। अब बताओ फ्रीक्वेंटली
- 5:42:42ट्रेडेड शेयर है या नहीं? जब भी अपन कोई
- 5:42:44सामने वाली कंपनी को टारगेट कंपनी है अपन
- 5:42:46उसको एक्वायर कर रहे हैं तो अपन देखते हैं
- 5:42:48उसके शेयर फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड है या
- 5:42:50नहीं। फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड का मतलब क्या
- 5:42:51होता है? देखो जब भी अपन ने जब भी अपन ने
- 5:42:54पब्लिक अनाउंसमेंट करी उसके 12 महीने के
- 5:42:56पहले का डाटा देखो। जिस भी दिन भी हमने
- 5:42:59हमको जिस दिन भी हमको पब्लिक अनाउंसमेंट
- 5:43:00करनी चाहिए थी। जिस दिन भी हमको पब्लिक
- 5:43:02अनाउंसमेंट करनी चाहिए थी। अब पब्लिक
- 5:43:04अनाउंसमेंट कब क्या होती है वो नीचे
- 5:43:05पढ़ेंगे। अभी छोड़ो कुल मिला के कि भाई हम
- 5:43:07कुल मिला के किसी भी कंपनी को एक्वायर कर
- 5:43:09रहे हैं तो पब्लिक अनाउंसमेंट तो करेंगे
- 5:43:10ही करी ना हां करेंगे तो जिस दिन भी आपको
- 5:43:13पब्लिक अनाउंसमेंट करनी चाहिए थी जिस दिन
- 5:43:15भी आपको पब्लिक अनाउंसमेंट करनी चाहिए थी
- 5:43:17उसके जस्ट महीने के जस्ट पहले के जस्ट
- 5:43:19पहले के 12 महीने देखो जस्ट पहले के 12
- 5:43:23महीने देखो ये 12 महीने देखो जिस दिन हमको
- 5:43:25पब्लिक अनाउंसमेंट करनी चाहिए थी उसके
- 5:43:26जस्ट महीने के जस्ट पहले वाले 12 महीने
- 5:43:28देखो उन 12 महीने में आपको देखना है उन 12
- 5:43:31महीने में देखना है कि जो टारगेट कंपनी है
- 5:43:33ना टारगेट कंपनी जो सामने वाली कंपनी को
- 5:43:35एक्वायर कर रहे हैं। उस टारगेट कंपनी के
- 5:43:39टोटल नंबर ऑफ शेयर्स टोटल नंबर ऑफ शेयर्स
- 5:43:43जितने भी हैं उसके एटलीस्ट 10% उसके
- 5:43:47एटलीस्ट 10% शेयर तो इस 12 महीने में
- 5:43:50ट्रेड हुए नहीं हुए। ट्रेडिंग हुई नहीं है
- 5:43:52क्योंकि भाई लोगों ने खरीदा बेचा है।
- 5:43:53एटलीस्ट 10% शेयर को लोगों ने खरीदा बेचा
- 5:43:57हुआ है। वापस से एक और बताता हूं कि जिस
- 5:43:59दिन आपको आपको पब्लिक अनाउंसमेंट करनी
- 5:44:01चाहिए थी उसके जस्ट पहले के 12 महीने का
- 5:44:03डाटा देखो। जस्ट पहले के 12 महीने का डाटा
- 5:44:05तो ठीक है सर तो उस इन 12 महीने में आपको
- 5:44:08देखना है इन 12 महीने में आपको देखना है
- 5:44:10कि जो भी टोटल नंबर ऑफ शेयर है टारगेट
- 5:44:12कंपनी के टोटल नंबर ऑफ शेयर है 12 महीने
- 5:44:14कंपनी के उस टोटल नंबर ऑफ शेयर के एटलीस्ट
- 5:44:17कम से कम 10% शेयर उस टोटल नंबर ऑफ शेयर
- 5:44:20के कम से कम 10% शेयर की ट्रेडिंग हुई है
- 5:44:22या नहीं हुई है इन 12 महीने में उन 12
- 5:44:24महीने के अंदर एग्जांपल के साथ में बताता
- 5:44:27हूं ये एग्जांपल मैंने दिया है कभी वैसे
- 5:44:28आईसी अगर क्वेश्चन पूछ ले तो एग्जांपल लो
- 5:44:30अक्टूबर 26 के अंदर तुमको अनाउंसमेंट करनी
- 5:44:32चाहिए थी ठीक है सर तो अक्टूबर 26 के जस्ट
- 5:44:34पहले के 12 महीने कौन से होते हैं सर?
- 5:44:36अक्टूबर 25 से लेके सितंबर 26 ये 12 महीने
- 5:44:39हैं। इन 12 महीने में आपको क्या देखना है?
- 5:44:40इन 12 महीने में देखना है कि जो भी कंपनी
- 5:44:42के टोटल नंबर ऑफ़ शेयर है लेट्स से 1 लाख।
- 5:44:44उसमें से दिया है कि भाई लास्ट 12 महीने
- 5:44:46में 15 लाख शेयर ट्रेड हुए। 15 लाख शेयर
- 5:44:49ट्रेड हुए। अब क्वेश्चन अगर पूछ ले कि
- 5:44:51बताओ ये एक्टिवली ट्रेडेड शेयर है या
- 5:44:52नहीं? मतलब फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड शेयर है
- 5:44:54या नहीं? तो 1 करोड़ के सबसे पहले 10%
- 5:44:56निकालो। 1 करोड़ का 10% कितना होता है सर?
- 5:44:5810 लाख होता है। तो क्या कंपनी के मिनिमम
- 5:45:0010 लाख शेयर ट्रेड हुए हैं क्या इन 12
- 5:45:02महीने में? इन 12 महीने में कंपनी के
- 5:45:04मिनिमम 10 लाख शेयर ट्रेड हुए। हां सर 15
- 5:45:06लाख शेयर ट्रेड हुए हैं। वह 10 लाख से
- 5:45:08ज्यादा है। तो यह फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड
- 5:45:09शेयर आएंगे। इनको फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड
- 5:45:11शेयर कहलाएंगे। ठीक है सर। अब ये छोड़ दो
- 5:45:14नोटवोट इतना दिन में छोड़ो। अब और तो क्या
- 5:45:18बताऊं तुमको? यार इतना इमीडिएट रिलेटिव
- 5:45:21कौन होते हैं? रिलेटिव कौन होते हैं? जो
- 5:45:22आपके पतिपत्नी है स्पाउस है वो होते हैं।
- 5:45:24साथ में जो भी आपके पेरेंट्स हैं।
- 5:45:26पेरेंट्स ऊपर आपके कौन है? ये आप इंसान
- 5:45:28हैं। अब इसके रिलेटिव कौन है? ऊपर जो
- 5:45:30मम्मी पापा है, ऊपर जो पेरेंट्स हैं, नीचे
- 5:45:32जो चिल्ड्रन है इनके जो सन डॉटर जो भी
- 5:45:35हैं, नीचे चिल्ड्रन है, इधर भाई है, इधर
- 5:45:37बहन है, इधर भाई है, इधर बहन है। स्पाउस
- 5:45:39तो होगा ही होगा। स्पाउस तो होगा।
- 5:45:41पेरेंट्स, भाई, बहन, चिल्ड्रन। ठीक है?
- 5:45:43बात खत्म। पेरेंट्स, भाई-बहन, चिल्ड्रन।
- 5:45:45और किस-किस के सर? मेरे खुद के भी और मेरे
- 5:45:47पति पत्नी के। मतलब मेरी पत्नी के कोई
- 5:45:49मम्मी, पापा या, भाई-बहन हैं। मेरी पत्नी
- 5:45:51के भी तो मम्मी मेरे पति या पत्नी के भी
- 5:45:52तो मम्मी, पापा, भाई-बहन हो। वो भी
- 5:45:54रिलेटिव हैं। ठीक है छोड़ो। अब यार वैसे
- 5:45:56टेंडरिंग पीरियड आइडेंटिफाइड मुझे नहीं
- 5:45:57पता समझाना चाहिए, समझाना चाहिए। चलो बता
- 5:45:59देता हूं। कुल मिला के मैंने नहीं बोला था
- 5:46:00कि कुछ शेयर होल्डर है जिनको ना मेरा ऊपर
- 5:46:02रहना पसंद नहीं है कि कोई भी कंपनी
- 5:46:04एक्वायर कर रही है उसमें से कुछ शेयर
- 5:46:05होल्डर होंगे डिसेंडिंग शेयर होल्डर।
- 5:46:07डिसेंडिंग शेयर होल्डर जो मना करेंगे कि
- 5:46:08यार इस इंसान की ओनरशिप हमको पसंद नहीं
- 5:46:10है। तो अपन उनको ओपन ऑफर देते हैं। अपन
- 5:46:12उनको ओपन ऑफर देते हैं कि भाई एक काम करो
- 5:46:15तुम हमको तुम्हारे शेयर बेच के निकल जाओ।
- 5:46:17हमको तुम्हारे शेयर बेच के निकल जाओ। हां
- 5:46:19सर। तो भाई अपन उनको एक टाइम पीरियड देते
- 5:46:21हैं। अपन उनको एक टाइमलाइन देते हो कि इस
- 5:46:23दिन से इस दिन तक इस दिन से इस दिन के बीच
- 5:46:26में हमारा ओपन ऑफर एक्सेप्टेड है। हमारा
- 5:46:29हमारा ओपन ऑफर खुला रहेगा। इस दिन से इस
- 5:46:31दिन तक के बीच में कोई भी डेट हो सकती है
- 5:46:32वो कि इस दिन में आप आपके शेयर हमको बेच
- 5:46:35के निकल के जा सकते हो। आप आपके शेयर हमको
- 5:46:37बेच के निकल के आ सकते हो। उसको बोलते हैं
- 5:46:38टेंडरिंग पीरियड। देखो पीरियड विथ इन
- 5:46:40व्हिच शेयर होल्डर में टेंडर देयर शेयर इन
- 5:46:43एक्सेप्टेंस ऑफ़ ओपन ऑफर कि जो मैंने उनको
- 5:46:45ओपन ऑफर दिया था। तुम्हारे शेयर बेच के
- 5:46:47मुझे निकल लो। तुम्हारे शेयर बेचो और मुझे
- 5:46:49निकल लो। तो यह जो पीरियड है कि किन
- 5:46:51पीरियड के बीच में इन पीरियड के बीच में
- 5:46:52वो मुझे उनके शेयर बेच सकते हैं। इसको
- 5:46:54कहलाता है टेंडरिंग पीरियड। ठीक बात है
- 5:46:56सर। बात खत्म। ये हो गया टेंडरिंग पीरियड।
- 5:46:58और आइडेंटिफाइड डेट क्या होती है?
- 5:47:00आइडेंटिफाइड डेट है कि भाई हमने सामने
- 5:47:01वाले को ओपन ऑफर दिया है। हमने सामने वाले
- 5:47:03को ओपन ऑफर दिया है। तो ये टेंडरिंग
- 5:47:05पीरियड कब से शुरू हो रहा है? यहां से
- 5:47:07लेके यहां तक का टेंडरिंग पीरियड है। ठीक
- 5:47:08है सर। हमने उन डिसेंडिंग शेयर होल्डर को
- 5:47:10बोला था कि देखो तुम हमको तुम्हारे शेयर
- 5:47:12बेच के निकल जाना। इस पीरियड से इस पीरियड
- 5:47:14के बीच में। तो यह वाला पीरियड क्या हो
- 5:47:16गया सर? सर यह वाला पीरियड हो गया आपका
- 5:47:18ओपन और यह वाला पीरियड हो गया आपका
- 5:47:19टेंडरिंग पीरियड। तो टेंडरिंग पीरियड के
- 5:47:21जस्ट 10 दिन पहले टेंडरिंग पीरियड के जस्ट
- 5:47:2510 दिन पहले आपको क्या करना होता है? उन
- 5:47:27सारे शेयर होल्डर को ऑफर लेटर देना होता
- 5:47:30है। जो भी शेयर बेच के जाना चाहते हैं। जो
- 5:47:31भी शेयर बेच के जाना चाहते हैं तो उसके
- 5:47:34उसके जस्ट 10 दिन पहले यहां के जस्ट 10
- 5:47:37दिन पहले यह वाला यहां पे बीच में ये बीच
- 5:47:40में आ गया 10 दिन। ये बीच में क्या आ गया?
- 5:47:4110 डेज। अरे भाई लिखने में नहीं आ रहा
- 5:47:43यहां पे। छोटी जगह हो गई। ठीक है? यहां पर
- 5:47:45आ गया 10 डेज। ठीक है? तो यह वाला जो डेट
- 5:47:49है कि जिस दिन से आपका ओपन ऑफर ओपन होगा,
- 5:47:51जिस दिन से आपका ओपन ऑफर शुरू होगा,
- 5:47:53टेंडरिंग पीरियड शुरू होगा, उसके जस्ट 10
- 5:47:55दिन पहले उसके जस्ट 10 दिन पहले की डेट
- 5:47:56क्या होगी सर? वो आइडेंटिफाइड डेट होगी कि
- 5:47:59भाई इस दिन पे जो जो भी शेयर होल्डर
- 5:48:01एग्ज़िस्ट करते हैं। इस दिन पे जो जो भी
- 5:48:03शेयरहोल्डर एग्ज़िस्ट करते हैं उन सबको हम
- 5:48:06वो ऑफर लेटर प्रोवाइड करा देंगे। मतलब
- 5:48:07लेटर होगा या तो ईमेल पे या फिर ऑफर लेटर
- 5:48:10जो भी होगा उसको प्रोवाइड करा देंगे कि
- 5:48:11भाई इस दिन पे जो जो भी शेयर होल्डर
- 5:48:13एक्सिस्ट करते हैं उन सबको हम ऑफर दे रहे
- 5:48:15हैं। उन सबको हम ऑफर दे रहे हैं कि भाई
- 5:48:17तुम लोग हमको तुम्हारे शेयर बेच के जा
- 5:48:19सकते हो इस टेंडिंग पीरियड के बीच में। तो
- 5:48:21बस ये आइडेंटिफाइड डेट कहते हैं। इसको बस
- 5:48:23आइडेंटिफाइड डेट कहते हैं कि जिस दिन से
- 5:48:24आपका टेंडरिंग पीरियड ओपन होगा उसके 10
- 5:48:26दिन पहले उसके 10 दिन पहले। तो उनको बस
- 5:48:28अपन क्या करेंगे? एक लेटर ऑफ ऑफर दे
- 5:48:30देंगे। लेटर ऑफ ऑफर दे देंगे। तो बस एक कट
- 5:48:32ऑफ डेट होती है कि किस-किस को लेटर ऑफ ऑफर
- 5:48:34देना है। तो सर अगर यहां पर कोई
- 5:48:36शेयरहोल्डर एग्जिस्ट नहीं करता था पहले वो
- 5:48:39शेयरहोल्डर बाद में आया वो बाद में आया तो
- 5:48:41क्या वो अपने शेयर नहीं बेच पाएगा
- 5:48:42स्टैंडिंग पीरियड में नहीं वो भी बेच सकता
- 5:48:44है। वो भी बेच सकता है। कोई दिक्कत नहीं
- 5:48:45है। बस ये तो एक जनरली एक कट ऑफ डेट बोली
- 5:48:48है कि अपन को वो लेटर भेजना किस-किस को
- 5:48:50है? तो भेजना उनको है जो 10 दिन पहले
- 5:48:53एग्जिस्ट करते थे टेंडरिंग पीरियड के जस्ट
- 5:48:55पहले वाले जो शेयर होल्डर है 10 दिन पहले।
- 5:48:57ठीक है? ठीक है? अब इतना डिटेल में बाकी
- 5:48:59जाओ मत उसमें मैंने बता दिया तुमको।
- 5:49:02अब यह सर यहां पर यह बहुत ज्यादा
- 5:49:05इंपॉर्टेंट है और सबसे ज्यादाेंट यही वाला
- 5:49:07है। अभी 101 मिनट में मैं खत्म भी करा
- 5:49:08दूंगा। बस यही सबसे ज्यादाेंट है। सबसे
- 5:49:10ज्यादाेंट यही है अभी 10 सेकंड में खत्म
- 5:49:12भी हो जाएगा। पागल हो जाओगे। ठीक है? तो
- 5:49:14अब सर ये सबसेेंट अभी बस 5 मिनट के अंदर
- 5:49:16ही खत्म कर दूंगा मैं। 5 मिनट से ज्यादा
- 5:49:17इस पे नहीं लगाएंगे। देखो तो मैंने कहा
- 5:49:19आपको ओपन ऑफर देना पड़ेगा। मतलब पब्लिक
- 5:49:21अनाउंसमेंट करना पड़ेगा। पब्लिक
- 5:49:22अनाउंसमेंट करना पड़ेगा। ओपन ऑफर देना
- 5:49:23पड़ेगा कि हम रेडी है आपके शेयर भी खरीदने
- 5:49:25के लिए। आप चाहो तो बेच दो। आप चाहो तो
- 5:49:28बेच दो।
- 5:49:31कब आपको करना पड़ेगा? दो केस है।
- 5:49:36दोनों केस में मतलब करना पड़ेगा। केस वन
- 5:49:39जब भी अभी जो मैंने आपको बताया आपने जब
- 5:49:42उसके शेयर्स एक्वायर करे धीरे-धीरे आपने
- 5:49:44जब उसके धीरे-धीरे शेयर्स वगैरह एक्वायर
- 5:49:46करते गए, करते गए, करते गए, करते गए,
- 5:49:47धीरे-धीरे उसके शेयर्स एक्वायर करते गए,
- 5:49:49सामने वाले ब्लिंकट के धीरे-धीरे शेयर्स
- 5:49:50एक्वायर करते गए। फिर जैसे ही आपके पास
- 5:49:52पोस्ट एक्विजिशन में बोल रहा हूं मैं।
- 5:49:54पोस्ट एक्विजिशन एक्विजिशन करने के बाद
- 5:49:57पोस्ट एक्विजिशन होल्डिंग आपके पास
- 5:50:00ग्रेटर दैन इक्वल टू 25% हो गई। ग्रेटर
- 5:50:03दैन इक्वल टू 25% हो गई। तो अब आपको रोक
- 5:50:06दिया जाएगा। अब आपको रोक दिया जाएगा कि
- 5:50:07अभी आप और एक्वायर नहीं कर सकते। अभी आप
- 5:50:09और एक्वायर नहीं कर सकते। कब तक नहीं कर
- 5:50:11सकते? जब तक आप पब्लिक अनाउंसमेंट ना कर
- 5:50:14दो। पब्लिक अनाउंसमेंट ना कर दो। ओपन ऑफर
- 5:50:16की। पब्लिक अनाउंसमेंट ना कर दो।
- 5:50:21ओपन ऑफर की है।
- 5:50:25ठीक है? तो अगर केस वन क्या है? पोस्ट
- 5:50:27एक्विजिशन होल्डिंग अगर आपने 25 या 25% से
- 5:50:30ज्यादा शेयर्स आपने एक्वायर कर लिए
- 5:50:32धीरे-धीरे करते-करते 25% या 25% ज्यादा
- 5:50:34शेयर्स आपने एक्वायर कर लिए तो आपको
- 5:50:36पब्लिक अनाउंसमेंट करना पड़ेगा कि हम बाकी
- 5:50:38जो डिसेंडिंग शेयर होल्डर इसके अलावा जो
- 5:50:40भी बाकी लोग बचे हैं हम आपके शेयर लेने के
- 5:50:41भी राज्य आपको बेचना हो तो हमको बेच दो।
- 5:50:44ठीक है ना?
- 5:50:46[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 5:50:46चलो तो पोस्ट एक्विजिशन की बात चल रही है।
- 5:50:49पोस्ट एक्विजिशन के एक्वायर होने के बाद
- 5:50:51तो एक्वायर होने के बाद मतलब जो अपने पास
- 5:50:53एकिस्टिंग शेयर्स ऑलरेडी है। एग्जिस्टिंग
- 5:50:56शेयर्स अपने पास ऑलरेडी जो है प्लस जो अपन
- 5:50:58एक्वायर करना चाह रहे हैं प्रपोज्ड
- 5:51:00एक्विजिशन प्रपोज्ड जो अपन एक्वायर करना
- 5:51:02चाह रहे हैं। प्रपोज्ड एक्विजिशन अगर वो
- 5:51:0525% से 25% या 25% से ज्यादा हो रहा है।
- 5:51:0825% या 25% ज्यादा हो रहा है तो आपको ओपन
- 5:51:10ऑफर देना पड़ेगा उन लोगों को या फिर केस
- 5:51:13टू या फिर केस टू इसके अंदर इसके अंदर ऐसा
- 5:51:19है कि आपके पास 25 मतलब एक बार तो आपने
- 5:51:21ओपन ऑफर दे दिया फिर जिनको आपको जिन्होंने
- 5:51:23आपको शेयर बेचते थे उन्होंने बेचे और कुछ
- 5:51:25लोग फिर भी होंगे उन्होंने नहीं बेचे ठीक
- 5:51:26है कोई बात नहीं पर उसके बाद जब आपके पास
- 5:51:28ऑलरेडी 25% है मतलब दो कंडीशन है अब इसके
- 5:51:30अंदर दोनों एक साथ सेटिस्फाई करनी पड़ेगी
- 5:51:32कि जब आपके पास ऑलरेडी 25% है आपके पास
- 5:51:36अरे अरे रेट से लिख लेता हूं।
- 5:51:40आपके पास ऑलरेडी 25% है कि मैंने हां आपने
- 5:51:4225% होल्ड कर लिए थे। 25% या उससे ज्यादा
- 5:51:4525% या उससे ज्यादा 25% या उससे ज्यादा
- 5:51:48आपने होल्ड कर लिए थे कि ठीक है चलो ठीक
- 5:51:50है। हमने होल्ड कर लिया। उस वक्त ओपन ऑफर
- 5:51:51पहले ही दे चुके थे अपन। पर वापस से आपको
- 5:51:54ओपन ऑफर देना पड़ेगा। अगर आप मतलब प्लस
- 5:51:56अगर आप किसी एक ही फाइनेंसियल ईयर में
- 5:52:00किसी सेम फाइनेंसियल ईयर में आप 5% से
- 5:52:05ज्यादा मैंने इक्वल टू नहीं बोला। 5% से
- 5:52:07ज्यादा 5% से ज्यादा वापस से शेयर्स उसको
- 5:52:10एक्वायर कर रहे हो तो एक और बार आपको ओपन
- 5:52:12ऑफर देना पड़ेगा। एक और बार जिस
- 5:52:14फाइनेंसियल ईयर में आप एक्वायर कर रहे हो
- 5:52:16एक और बार आपको ओपन ऑफर देना पड़ेगा। तो
- 5:52:20दो केस में ओपन ऑफर देना पड़ता है सर। दो
- 5:52:21केस में कब होता है सर? एक बार तो अपन
- 5:52:23धीरेधी धीरे-धीरे करके जब भी अपन 25% पे
- 5:52:25पहुंच गए। जब भी अपन 25% पे पहुंच गए उस
- 5:52:27वक्त ओपन ऑफर देना है। जब भी पहुंच गए तो
- 5:52:29अपन एक बार 25% पहुंच गए तो अपन ने ओपन
- 5:52:31ऑफर दे दिया था। बात खत्म हो गई वहां पे।
- 5:52:32तो ठीक है यहां पर हो गया। पर 25% देने के
- 5:52:34बाद अगर आपने वापस किसी भी एक फाइनेंसियल
- 5:52:37ईयर में किसी भी यहां पर तो मल्टीपल
- 5:52:38फाइनेंसियल ईयर में 1 साल 2 साल 3 साल
- 5:52:40मिला के अपन ने 25% एक्वायर करा। यहां पर
- 5:52:42फिर आप एक बार 25% एक्वायर कर लिया और
- 5:52:44किसी भी एक फाइनेंसियल ईयर में आपने 5% से
- 5:52:47ज्यादा एक्वायर कर लिया। आपने 5% ज्यादा
- 5:52:49एक्वायर कर दिया तो उस वक्त वापस से ओपन
- 5:52:51ऑफर देना पड़े ताकि हम आपके शेयर्स खरीदने
- 5:52:54के लिए रेडी है। ठीक है? और इसका वही एक
- 5:52:57नॉर्मल सा मतलब समझ गए होंगे एक एक्सेप्शन
- 5:52:59क्या है कि अगर आपने 25% ही था पर आपने एक
- 5:53:01लेट्स से कि केवल 3% ही एक्वायर करा केवल
- 5:53:033% ही एक्वायर करा उस फाइनेंसियल ईयर तो
- 5:53:05देना है कि ओपन ऑफर तो नहीं देना मतलब 5%
- 5:53:07से कम है तो नहीं देना उस वक्त ठीक है
- 5:53:09क्योंकि अपन एक बार 25 वाला तो पहले ही दे
- 5:53:10चुके हैं बस सर ये खत्म हो गया यहां से ही
- 5:53:13एमसीक्यू बनते हैं और ये इंपॉर्टेंट था
- 5:53:14इतना ही पोर्शन बाकी तो हर कुछ भरा है हर
- 5:53:17कुछ थ्योरी प्रोसेसरल पार्ट और कोई सेंस
- 5:53:19नहीं है उनका परेशान हो जाओ यही है बस अब
- 5:53:21एक बार एक दो चीज और देख लो हो तो कुछ
- 5:53:23देखने लायक
- 5:53:25यह मैंने बोला यह वही है 25% ऑफ पब्लिक
- 5:53:27ऑफर देना पड़ेगा। बियड 5% कर रहे हो तो भी
- 5:53:30देना पड़ेगा। है ना? वही है कि कभी भी आप
- 5:53:32एक्विजिशन कर रहे हो रेोल्यूशन प्लान की
- 5:53:34वजह से तो फिर आपको ओपन ऑफर देना जरूरी
- 5:53:36नहीं है।
- 5:53:41होल्डिंग वही है 25% वाला वो सब सी में
- 5:53:44ओपन ऑफर देना पड़ेगा। और आप उनको पहले से
- 5:53:46प्राइस बता देते हो। पहले से प्राइस बता
- 5:53:48देते हो कि इस डेट कि आप हमको ना इस
- 5:53:50प्राइस पे आप हमको बेच सकते हो। डिसेंडिंग
- 5:53:52शेयर होल्डर को बता दिया। तो जो आप अपवर्ड
- 5:53:55रिवीजन कर सकते हो डाउनवर्ड रिवीजन नहीं
- 5:53:56बोला कि आप सस्ते में खरीदोगे नहीं आप
- 5:53:58अपवर्ड रिवीजन कर सकते हो ऑफर प्राइस का
- 5:54:00कि आप और महंगे में खरीदो ठीक है भाई तुम
- 5:54:01और बेनिफिट ले लो कब अप टू थ्री वर्किंग
- 5:54:04डज़ बिफोर ऑफर ओपन्स ऑफर ओपन होने के तीन
- 5:54:08दिन पहले ऑफर ओपन होने के होने के जस्ट
- 5:54:11तीन दिन पहले भी आप बता सकते हो कि हम
- 5:54:13आपसे और महंगे में खरीदना चाहते हैं
- 5:54:14प्राइस रिवाइज कर सकते पड़ेगी इसको नहीं
- 5:54:17पड़ेगी सर कोई सेंस नहीं मैंने छोटे-छोटे
- 5:54:18क्रॉस भी मारे हुए हैं ये कोई सेंस नहीं
- 5:54:20बोल रहा हूं परेशान हो जाओगे कि ऑब्लिगेशन
- 5:54:22क्या होगी टारगेट कंपनी नहीं लग रहा कि यह
- 5:54:24सब अगर आप देखने लग गए ना परेशान हो जाओगे
- 5:54:26ऑपरेशन एक्वायरर कंपनी की क्या है
- 5:54:37ऑब्लिगेशन ऑफ़ मैनेजर जो ओपन ऑफर करा रहा
- 5:54:39है उसकी क्या है कोई सेंस नहीं है इन सबका
- 5:54:42शेयर होल्डिंग डिस्क्लज़ करनी पड़ेगी आपको
- 5:54:445% जैसे ही क्रॉस करी 2% से ऊपर जिसके पास
- 5:54:47है
- 5:54:49ये सब तो परेशान करने वाली चीज़ है भाई इन
- 5:54:52सब में अगर तुम उलझे तो पागल हो जाओगे।
- 5:54:54टाइम न्यूमेरिकल लिमिट फिर भी हो तो देख
- 5:54:56लेना। जैसे डिस्क्लोज़र की टाइम लिमिट है
- 5:54:59कि आपको जैसे ही अलॉटमेंट हुआ। जैसे ही
- 5:55:01अलॉटमेंट हुआ उसके दो वर्किंग डेज में
- 5:55:03आपको डिस्क्लोज़र करना पड़ेगा। किसको?
- 5:55:04स्टॉक एक्सचेंज और रजिस्टर्ड ऑफिस ऑफ़
- 5:55:06टारगेट कंपनी। जैसे ही आपको अलॉटमेंट हुआ
- 5:55:08वैसे ही विथ इन टू वर्किंग डज़ आपको बताना
- 5:55:10पड़ेगा। स्टॉक एक्सचेंज और टारगेट कंपनी को
- 5:55:12बताना पड़ेगा। ठीक है ना?
- 5:55:15जैसे आपका अलॉटमेंट हुआ और एक्विजिशन हुआ
- 5:55:17जो भी है
- 5:55:21आप अपने शेयर्स को प्लेज कर रख सकते हो।
- 5:55:24ठीक बात है।
- 5:55:29उसको भी एक्विजिशन माना जाएगा। अगर आपने
- 5:55:31कभी शेयर्स किसी इंसान को ज्यादा शेयर्स
- 5:55:34आपने किसी इंसान को बहुत बहुत ज्यादा
- 5:55:36शेयर्स प्लेज कर दिए तो उसको एक्विजिशन
- 5:55:38मान लिया जाएगा कि सामने वाले ने आपकी
- 5:55:39कंपनी का एक्वायर कर लिया है। ठीक है? और
- 5:55:42जैसे ही आपने वो शेयर्स डिस्चार्ज हो गए
- 5:55:45मतलब इनकंबरेंस रिलीज़ हो गया तो ऐसा मान
- 5:55:47लिया गया कि डिस्पोज ऑफ हो गया। पर ये
- 5:55:49एक्सेंपशन नहीं लगेगा। अगर आपने बैंक को
- 5:55:51हाउसिंग फाइनेंस को पीएफआई को या
- 5:55:53सिस्टेटिक एनबीएफसी अगर इनको शेयर्स प्लेस
- 5:55:55करें तो ऐसा नहीं मानेंगे कि वो ओनर है।
- 5:55:57पर अगर किसी नॉर्मल इंसान को मेरे जैसे को
- 5:55:58किसी सामने वाले ने बहुत सारे शेयर्स
- 5:55:59प्लेस कर दिए तो मैं उस कंपनी का मालिक
- 5:56:01मान लिया जाऊंगा। एक्विशन मान लिया जाएगा।
- 5:56:05और जैसे ही ऐसा कोई इनकंबेंस हुआ है आपने
- 5:56:09इनकंबेंस करे शेयर्स का इनकंबेंस हुआ है
- 5:56:12तो सात वर्किंग डज़ में सात वर्किंग डज़ में
- 5:56:14आपको बताना पड़ेगा स्टॉक एक्सचेंज रजिस्टर
- 5:56:15ऑफिस को
- 5:56:17कोई सेंस है क्या नहीं है ना छोड़ो हो गया
- 5:56:20बस खत्म पूछो इंसाइडर ट्रेडिंग इंसाइडर
- 5:56:22ट्रेडिंग में भी ऐसा कुछ नहीं है बस एक जो
- 5:56:2415 जी वाली पेनल्टी पढ़ी थी ना अपन ने 10
- 5:56:26लाख 25 करोड़ और 3X वाला मेन क्वेश्चन वही
- 5:56:28से आता है बाकी इससे क्वेश्चन आना रेडली
- 5:56:30मतलब बहुत कम चांसेस है ठीक है? पर चलो एक
- 5:56:34बार देख लो नजर फेर लो।
- 5:56:35[गला साफ़ करने की आवाज़] अब इंसाइड
- 5:56:36ट्रेडिंग होती क्या है? देखो मैं तुमको
- 5:56:37बताता हूं। सिंपल सी चीज़ है सर। मैं अगर
- 5:56:41कोई भी ऐसा बंदा हूं जिसके पास कंपनी की
- 5:56:43कोई इंसाइडर ट्रेडिंग है। कोई भी इंसाइडर
- 5:56:46ट्रेडिंग है तो मैं शेयर मार्केट मैं मैं
- 5:56:49उसकी सिक्योरिटीज़ में डीलिंग नहीं कर
- 5:56:50सकता। मैं उसकी
- 5:56:52सिक्योरिटीज़ में डीलिंग
- 5:56:55नहीं कर सकता। अगर मेरे पास कोई भी ऐसा
- 5:56:57मैं एक ऐसा बंदा हूं जिसके पास उसकी कोई
- 5:56:59भी अनपब्लिश सेंसिटिव इनेशन है जिसको बोले
- 5:57:02अपन बोलेंगे यूपीएसआई अनपब्लिश सेंसिटिव
- 5:57:05इनेशन कि मेरे को पहले से पता है लेट्स से
- 5:57:06मैं कंपनी का ऑडिटर हूं मैं कंपनी का
- 5:57:09ऑडिटर हूं तो मेरे पास कंपनी के
- 5:57:11फाइनेंसियल स्टेटमेंट पहले से है क्योंकि
- 5:57:13मैं ही तो उसके ऑडिट कर रहा हूं। मैं ही
- 5:57:14तो उसके ऑडिट कर रहा हूं। फाइनेंसियल
- 5:57:15स्टेटमेंट पब्लिकली अभी तक रिलीज़ हुए
- 5:57:17नहीं है। फाइनेंसियल स्टेटमेंट पब्लिकली
- 5:57:18अभी तक रिलीज़ नहीं हुए। तो मैं कंपनी का
- 5:57:20ऑडिटर हूं। तो मेरे को पता है कि ये कंपनी
- 5:57:22के शेयर डूबने वाले हैं या बढ़ने वाले
- 5:57:24बहुत बहुत बड़े होने वाला है कंपनी मेरे
- 5:57:26को तो पहले से पता है क्योंकि वो अभी तक
- 5:57:27अनपब्लिश सेंसिटिव इनेशन है। अनपब्लिश्ड
- 5:57:30जो पब्लिश नहीं हुई है। अभी सब लोगों को
- 5:57:32सेंसिटिव इनेशन है जिससे भाई शेयर्स की
- 5:57:34प्राइस मटेरियली चेंज हो सकती है। शेयर की
- 5:57:36प्राइस मटेरियली चेंज हो सकती है। तो मेरे
- 5:57:38को तो पता पड़ गया ऑडिटर तो मैं कंपनी के
- 5:57:39शेयर्स में डीलिंग करने लग जाऊंगा। पर
- 5:57:41मेरे पे रिस्ट्रिक्टेड है तो कोई बात
- 5:57:42नहीं। मैं क्या करूंगा? मैं किसी दूसरे
- 5:57:44पर्सन को बता दूंगा। मैं किसी दूसरे पर्सन
- 5:57:45को मेरी वाइफ को बता दूंगा। मेरे फ्रेंड
- 5:57:47को बता दूंगा। मैं लोगों को बता दूंगा।
- 5:57:48देख भाई इसके शेयर्स बढ़ने वाले हैं। कम
- 5:57:50होने वाले हैं। व्हाटएवर तू इसके शेयर
- 5:57:52खरीद लिया या बेच दे। व्हाटएवर तो मैं
- 5:57:54क्या कर रहा हूं? ऑडिटर हो गया, कंपनी का
- 5:57:55डायरेक्टर हो गया। मतलब कोई भी ऐसा बंदा
- 5:57:57जिसके पास कोई भी अनपिलिश सेंसिटिव इनफेशन
- 5:57:59है तो वो इंसाइडर कहलाएगा। तो वो शेयर्स
- 5:58:01में डीलिंग नहीं कर सकता। बस एक एक्सेप्शन
- 5:58:03होता है वो अपन बाद में देखेंगे। वो
- 5:58:04शेयर्स में डीलिंग नहीं कर सकता। ठीक है?
- 5:58:07अगर आपने करा तो पता है आपके साथ क्या
- 5:58:09होगा? पेनल्टी लगेगी 15 वाली।
- 5:58:12एनी पर्सन हु इज़ कनेक्टेड पर्सन और हु इज़
- 5:58:15इन पोज़ेशन ऑफ़ यूपीएसआई। तो मतलब इंसाइडर
- 5:58:18कौन कहलाएगा? जैसे मैं हूं ऑडिटर है लेट्स
- 5:58:20से एग्जांपल के जिसके पास यूपीएसआई इनफेशन
- 5:58:22है जिसके पास अनपब्लिश सेंसिटिव इनेशन है
- 5:58:24वो इंसाइडर कहलाएगा प्लस जो कनेक्टेड
- 5:58:27पर्सन है मतलब जो कनेक्टेड पर्सन है वो भी
- 5:58:29यूपीएसआई कहलाएगा जो भी वो भी यूपीएसआई कह
- 5:58:32कहलाएगा ठीक है ना कि कौन-कौन अब होगा
- 5:58:35देखो हां सॉरी वीडियो पॉज करी थी अपन कहां
- 5:58:38पर थे अभी इंसाइडर पे तो इंसाइडर मैंने
- 5:58:41कहा हां इंसाइडर कौन बंदा होगा भाई जो कौन
- 5:58:43फिर शेयर सिक्योरिटी में डील नहीं कर
- 5:58:44पाएगा जिस भी बंदे के पास कोई भी यूपीएसआई
- 5:58:47हो वो इंसाइडर कहला कहलाएगा या फिर
- 5:58:49कनेक्टेड पर्सन भी इंसाइडर कहलाता है।
- 5:58:51कनेक्टेड कनेक्टेड पर्सन मतलब मतलब एक तरह
- 5:58:53से जो पर्सन कंपनी से कनेक्टेड हो जो
- 5:58:56पर्सन कंपनी से कनेक्टेड हो जैसे कंपनी का
- 5:58:59डायरेक्टर हो गया कंपनी का एंप्लई हो गया
- 5:59:02कंपनी का ऑफिसर हो गया। कंपनी के साथ कोई
- 5:59:05सी भी बिजनेस प्रोफेशनल रिलेशनशिप है।
- 5:59:07बिनेस रिलेशनशिप है, प्रोफेशनल रिलेशनशिप
- 5:59:10है। डायरेक्टर, एंप्लई, बिजनेस रिलेशनशिप,
- 5:59:12प्रोफेशनल रिलेशनशिप जैसे कंपनी का ऑडिटर,
- 5:59:15कंपनी का लीगल एडवाइजर, कंपनी का लीगल
- 5:59:18एडवाइजर हो गया, कंपनी का ऑडिटर हो गया।
- 5:59:20मतलब ऐसा ही है। देखो कंपनी का कोई भी
- 5:59:22ऑफिसर, कॉन्ट्रक्चुअल एंप्लई या फिर
- 5:59:24एंप्लई, नॉर्मल एंप्लई, डायरेक्टर, ऑफिसर,
- 5:59:26एंप्लई, किसी के भी साथ पर्सनल रिलेशनशिप,
- 5:59:28बिज़नेस रिलेशनशिप, प्रोफेशनल रिलेशनशिप
- 5:59:30हो। जिनके भी पास यूपीएसआई का एक्सेस हो,
- 5:59:32जिनके भी पास यूपीएसआई का एक्सेस हो वो
- 5:59:34क्या कहलाएंगे? इंसाइडर कहलाएंगे। मतलब
- 5:59:36कनेक्टेड पर्सन। कनेक्टेड पर्सन इंसाइडर
- 5:59:38ही हो गया। ठीक है? और ये कब-क जाएगा? जिस
- 5:59:41दिन से कोई भी वो एक्ट हुआ है, जिस दिन से
- 5:59:43कोई भी वो एक्ट हुआ है, मतलब इंसाइडर
- 5:59:44ट्रेडिंग हुई है, उसके 6 महीने पहले उसके
- 5:59:486 महीने पहले तक मतलब यह पूरे टाइम पीरियड
- 5:59:51में यह पूरे टाइम पीरियड में जो भी
- 5:59:52डायरेक्टर था, जो भी एंप्लई था, जो भी
- 5:59:54प्रोफेशनल बिज़नेस वाला बंदा था, जो भी था,
- 5:59:56वो सब वो सब के सब कहलाएंगे कनेक्टेड
- 5:59:59पर्सन। वो सब के सब कनेक्टेड पर्सन
- 6:00:01कहलाएंगे। ठीक है? एनी पर्सन हु इज़ सिक्स
- 6:00:04मंथ प्रायर टू अ कनेक्टेड एक्ट। कंसर्न
- 6:00:06एक्ट सिक्स मंथ प्रायर टू अ कंसर्न एक्ट।
- 6:00:08कंसर्न एक्ट मतलब इंसाइडर ट्रेडिंग की
- 6:00:10बातें हो रही है। एसोसिएटेड विथ अ कंपनी
- 6:00:12जो एसोसिएटेड है कंपनी से एज अ एज अ
- 6:00:14कैपेसिटी ऑफ़ ऑफिसर, कॉन्ट्रक्चुअल एंप्लई,
- 6:00:16परमानेंट एंप्लई, डायरेक्टर वगैरह वो सारे
- 6:00:18के। ठीक है ना? और साथ में यह भी डीम्ड
- 6:00:20कनेक्टेड पर्सन मान लेंगे। यह भी डीम्ड
- 6:00:23कनेक्टेड पर्सन मान लेंगे। डीम्ड कनेक्टेड
- 6:00:25पर्सन क्या होगा? कंपनी का होल्डिंग,
- 6:00:26एसोसिएट, सब्सिडरी, इंटरमीडियरी ये सब
- 6:00:29कंपनी है। कंपनी की होल्डिंग, सब्सिडरी
- 6:00:31वगैरह एसोसिएट वगैरह ये सब डीम्ड कनेक्टेड
- 6:00:33पर्सन है। मतलब ये सब इंसाइडर कहलाएंगे।
- 6:00:35ठीक है ना? मेंबर ऑफ बोर्ड, ऑफिशियल
- 6:00:37एंप्लई, एंप्लई ऑफ़ सेबी। सेबी के जितने भी
- 6:00:40एंप्लई है वो सारे हैं।
- 6:00:44हां, ठीक है। ठीक है? और इमीडिएट रिलेटिव
- 6:00:47ऑफ़ कनेक्टेड पर्सन। रिलेटिव ऑफ़ कनेक्टेड
- 6:00:50पर्सन कि मतलब डायरेक्टर तो कनेक्टेड
- 6:00:52पर्सन है ही। उसकी जो वाइफ़ है वह भी
- 6:00:53कनेक्टेड पर्सन मानी जाएगी। जो ऑडिटर तो
- 6:00:56कनेक्टेड है। ऑडिटर का वाइफ़ भी कनेक्टेड
- 6:00:57पर्सन मानी जाएगी। ठीक है? चलो अह और एक
- 6:01:00और रिलेटेड पार्टी में एक ये भी देख लो।
- 6:01:02मतलब एक ये भी डीम्ड कनेक्टेड पर्सन माना
- 6:01:04जाएगा। मतलब ये वाला पॉइंट कि अगर कोई भी
- 6:01:06क्लोज डी की वजह से रिलेटेड है। क्लोज डी
- 6:01:08क्या बोलता है सर? क्लोज बोलता है कि कोई
- 6:01:10भी इन्वेस्टमेंट कंपनी ट्रस्ट एसेट
- 6:01:12मैनेजमेंट कंपनी है मतलब अपनी कंपनी है
- 6:01:13उसमें कोई इन्वेस्टमेंट कंपनी उसकी कोई
- 6:01:15अपनी कोई ट्रस्ट कंपनी अपनी कोई एसेट
- 6:01:17मैनेजमेंट कंपनी है तो वो भी
- 6:01:18[नाक से की जाने वाली आवाज़] अपनी रिलेटेड
- 6:01:19होती है साथ में उस इन्वेस्टमेंट कंपनी का
- 6:01:21अगर कोई एंप्लई डायरेक्टर है तो वो भी अपन
- 6:01:23से रिलेटेड होगा ठीक है तो अब ये ऐसा बोल
- 6:01:25रहा है कि अगर कोई भी बंदा क्लोज डी की
- 6:01:28वजह से रिलेटेड है कि मान लो कोई अपनी
- 6:01:30कंपनी थी अपनी कंपनी की कोई इन्वेस्टमेंट
- 6:01:31कंपनी थी मतलब अपने ऊपर कोई इन्वेस्टमेंट
- 6:01:33कंपनी थी तो उसका डायरेक्टर उसका एंप्लई
- 6:01:35रिलेटेड है उसका एंप्लई डायरेक्टर रिलेटेड
- 6:01:37है। ठीक है सर। अब ये जो एंप्लई डायरेक्टर
- 6:01:40है मान लो वो किसी फ्लैट के अंदर रहता है।
- 6:01:42किसी घर में रहता है। किसी भी घर में रहता
- 6:01:44है। तो इसके घर में जो जो भी बंदे रहते
- 6:01:46हैं इसके साथ में इसके घर में जो जो भी
- 6:01:49बंदे इसके साथ के साथ में रहते हैं जो
- 6:01:51इसके साथ हाउस को शेयर करते हैं वो भी
- 6:01:53रिलेटेड पार्टी है। वो भी रिलेटेड चाहे
- 6:01:55इसके घर में इसका दोस्त भी रहता हो तो
- 6:01:57इसके घर में इसके रेजिडेंट में जो जो भी
- 6:01:59इंसान इसके साथ घर शेयर करता है वो भी
- 6:02:00रिलेटेड पार्टी है। इफ समवन इज़ ऑलरेडी
- 6:02:02कनेक्टेड ड्यू टू द क्लोज्ड ली। एनी पर्सन
- 6:02:04हु इज़ शेयरिंग हाउसहोल्ड और रेजिडेंस विद
- 6:02:07हिम इज़ आल्सो ए कनेक्टेड पर्सन। ठीक है?
- 6:02:10चलो अब एक आता है एक होता है यूपीएसआई
- 6:02:13अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इनेशन। एक
- 6:02:15होता है जनरली अवेलेबल इंफॉर्मेशन। अब
- 6:02:17देखो यूपीएसआई मना करता है कि अपने पास
- 6:02:20मतलब जनरली वो प्राइस सेंसिटिव इनेशन नहीं
- 6:02:22होनी चाहिए जो इंसाइडर इनेशन नहीं होनी
- 6:02:24चाहिए। पर कुछ इंफॉर्मेशन ये होती है जो
- 6:02:26जनरली अवेलेबल है जो सारे इंसानों के पास
- 6:02:28अवेलेबल है वो तो हो ही सकती है ना वो तो
- 6:02:29हो ही सकती है तो मतलब एक तरह से ये होता
- 6:02:31है कि ये तो अलऊ है एक तरह से अच्छा दो
- 6:02:33मिनट इसके पहले एक बार एक चीज और देखो दो
- 6:02:35मिनट हां एक ये देखो कि ओनर्स ऑफ़ प्रूविंग
- 6:02:38कि भाई अगर कोई भी कनेक्टेड पर्सन है या
- 6:02:41फिर जिसके पास यूपीएस है ये अनपब्लिश्ड
- 6:02:43प्राइस सेंसिटिव इनेशन है तो अगर यहां पे
- 6:02:46बर्डन ऑफ प्रूव किसके पास होगा लेट्स से
- 6:02:48यहां पर कोई भी मिस्टर एक्स है मिस्टर
- 6:02:51एक्स यहां पर है कोई मिस्टर व अब मिस्टर
- 6:02:55एक्स मिस्टर व पे ये क्लेम कर रहा है।
- 6:02:57मिस्टर व पे ये क्लेम कर रहा है कि भाई ये
- 6:02:59कनेक्टेड पर्सन है। इसके पास यूपीएसआई थी
- 6:03:01या फिर इसके पास यूपीएसआई थी एंड पब्लिक
- 6:03:03सेंसिटिव इनफार्मेशन थी। तो प्रूव करने का
- 6:03:05बर्डन किसके पास होगा? तो यहां पे प्रूव
- 6:03:06करने का बर्डन इसलिए ऐसा बोला है कि पहले
- 6:03:08जो बंदा एलगेशन लगा रहा है, इल्जाम लगा
- 6:03:11रहा है। किसी पे इल्जाम लगा रहा है। तो
- 6:03:12मिस्टर एक्स मिस्टर व पे इल्जाम लगा रहा
- 6:03:14है ना एलगेशन लगा रहा है। तो पहले मिस्टर
- 6:03:16एक्स को प्रूव करना पड़ेगा। पहले मिस्टर
- 6:03:18एक्स को प्रूव करना पड़ेगा कि भाई मिस्टर
- 6:03:20व के पास यूपीएसआई थी अनप्लिश्ड प्राइस
- 6:03:23अनप्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इनेशन थी और उस
- 6:03:25इंफॉर्मेशन को यूज़ लेके मिस्टर व ने
- 6:03:28ट्रेडिंग करी है। ट्रेडिंग करी है मतलब
- 6:03:30शेयर में शेयर्स को सेल परचेस करा है। तो
- 6:03:32ये मिस्टर एक्स के ऊपर बर्डन होगा कि
- 6:03:34मिस्टर एक्स अगर इल्जाम लगा रहा है तो वो
- 6:03:36प्रूव करें कि भाई उसके पास यूपीएसआई थी।
- 6:03:38मिस्टर व के पास यूपीएसआई थी और उसने उसके
- 6:03:40उसकी वजह उससे ट्रेडिंग भी करी है। फिर
- 6:03:42उसके बाद मिस्टर व को मौका दिया जाएगा कि
- 6:03:45मिस्टर व एक्सप्लेन करेगा कि उसके पास
- 6:03:47यूपीएसआई नहीं थी या उसने ट्रेडिंग नहीं
- 6:03:49करी। फिर मिस्टर व करेगा। तो पहला प्रूव
- 6:03:51बडन मतलब कौन करेगा प्रूव? पहले मिस्टेक्स
- 6:03:53करेगा। ठीक है? तो जनरली बोलता है कि यार
- 6:03:55जनरली अवेलेबल इनफेशन वो इनफेशन जो सबके
- 6:03:57पास अवेलेबल होती है उसमें कोई दिक्कत
- 6:03:59नहीं है। पर इस ये सबके पास नहीं होती तो
- 6:04:01भाई दिक्कत यहां पर आती है। तो जनरली
- 6:04:03अवेलेबल इनेशन के लिए क्या बोला है सेबी
- 6:04:05ने? जनरली अवेलेबल इनफेशन मतलब कि सारी
- 6:04:07पब्लिक के पास वो इंफॉर्मेशनेशन अवेलेबल
- 6:04:09है नॉन डिस्क्रिमिनेटिव बेसिस पे। मतलब
- 6:04:11कोई डिस्क्रिमिनेशन नहीं है कि कुछ
- 6:04:12इनफार्मेशन इसके पास है, इसके पास नहीं
- 6:04:13है। कोई कॉन्फिडेंस नहीं। ये इंफॉर्मेशन
- 6:04:15सबके पास है। इवन कोई भी इंफॉर्मेशन अगर
- 6:04:18स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट पे भी फ्रीली
- 6:04:19अवेलेबल है। कोई भी Reliance है Reliance
- 6:04:21की जितना भी सेल का डाटा है, परचेस का
- 6:04:23डाटा है, जब फाइनेंसियल स्टेटमेंट ऑडिट हो
- 6:04:25जाते हैं मतलब ऑडिट हो जाते हैं तो उसके
- 6:04:27बाद पूरा का पूरा डाटा होता है ना कि जो
- 6:04:29भी ऑडिटेड है, फाइनेंसियल स्टेटमेंट है,
- 6:04:30स्टॉक एक्सचेंज पे होते ही होते हैं। तो
- 6:04:32वो डाटा सारे लोग एक्सेस कर सकते हैं। कोई
- 6:04:34कॉन्फिडेंशियल इनफार्मेशन थोड़ी है। नहीं,
- 6:04:35वो तो सबके लिए फ्रीली अवेलेबल है। सबके
- 6:04:37लिए फ्रीली अवेलेबल है। तो कोई भी डाटा जो
- 6:04:40ओपन होता है सबके लिए एवरीवन फ्रीली
- 6:04:42अवेलेबल है। जनरली अवेलेबल इनेशन होती है।
- 6:04:44इससे इससे कोई भी दिक्कत नहीं है भाई।
- 6:04:46जनरली अवेलेबल इनफेशन से कोई भी दिक्कत
- 6:04:48नहीं है। पर यहां पर क्लेरिफिकेशन दिया
- 6:04:50हुआ है भाई। पर ये वाली चीज को जनरली
- 6:04:53अवेलेबल इंफॉर्मेशनेशन नहीं मानेंगे। मतलब
- 6:04:55इसको अपन यूपीएसआई मानेंगे। इसको अपन
- 6:04:57यूपीएसआई मानेंगे। कौन सी इनेशन सर? कोई
- 6:05:00भी अगर अनवेरिफाइड इवेंट या फिर
- 6:05:02इंफॉर्मेशनेशन है। अनवेिरिफाइड इवेंट या
- 6:05:04फिर कि Reliance के बारे में कोई अफवाह
- 6:05:06फैली। Reliance का अभी तक जैसे होता है ना
- 6:05:07कि 31 मार्च को फाइनेंसियल स्टेटमेंट बनता
- 6:05:10है। पर रिलीज़ कब होगा? रिलीज़ होगा। होगा।
- 6:05:12लेट्स से मई के अंदर रिलीज़ होगा। वह 2-3
- 6:05:14महीने बाद रिलीज़ होगा। उसके पहले 31 मार्च
- 6:05:16को अफवाह फैल गई। लोगों ने मतलब अफवाह उड़ा
- 6:05:18दी कि भाई Reliance के शेयर शेयर्स
- 6:05:21Reliance के जो सेल्स है ना सेल्स वो 50%
- 6:05:24से बढ़ गए। उसका रेवेन्यू 50% से बढ़ गया।
- 6:05:26तो वो कोई वेरीिफाइड इफ़ेक्ट नहीं था। वो
- 6:05:28कोई वेरीिफाइड फैक्ट नहीं था। पर कुछ
- 6:05:30लोगों ने एफआईआई फैला दी। तो हो सकता है
- 6:05:32कंपनी के किसी अंदर वाले बंदे ने कंपनी के
- 6:05:34किसी अंदर वाले बंदे ने असली में वो
- 6:05:35इंफॉर्मेशन लीक कर दी। इनफेशन लीक कर दी
- 6:05:38हो। हो सकता है वो लीक कर दी हो। पर कंपनी
- 6:05:40के मैनेजमेंट ने अभी वो चीज़ क्लेरिफाई
- 6:05:42नहीं करी है। तो वो अनवेरिफाइड इवेंट है।
- 6:05:43वो अभी तक अनवेरिफाइड इवेंट है। हो सकता
- 6:05:45है कि वो वाला इवेंट किसी ने इलेक्ट्रॉनिक
- 6:05:47मीडिया में भी दिखा दिया। इंडियन मीडिया
- 6:05:49तो ये है भी बेवकूफ अपन को पता है पूरी की
- 6:05:50पूरी बेकार मीडिया है। कुछ भी चीज दिखा
- 6:05:52देते हैं। कुछ भी चीज दिखा देते हैं। चाहे
- 6:05:53वो वेरीिफाइड फैक्ट हो अनवेरिफाइड फैक्ट
- 6:05:55हो। तो अगर कोई भी अनवेरिफाइड फैक्ट है।
- 6:05:57चाहे वो प्रिंट मीडिया वगैरह के अंदर भी
- 6:05:59क्यों ना आ गया हो तो भी भाई उसको अपन
- 6:06:02जनरली अवेलेबल इंफॉर्मेशनेशन नहीं कहेंगे।
- 6:06:04भाई वो जनरली अवेलेबल नहीं होती। अगर इसके
- 6:06:06बेसिस पे तुम कोई ट्रेडिंग वगैरह कर रहे
- 6:06:07हो तो भाई वही तुम यूपीएससीआई के बदले कर
- 6:06:10रहे हो जो अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव
- 6:06:11इनफेशन है वो मान लेंगे। ठीक है? ये वाला
- 6:06:14क्लेरिफिकेशन अब आ जाओ यूपीएससीआई क्या
- 6:06:17होती है सर? देखो यूपीएसआई मतलब
- 6:06:19सिंपल-िंपल शब्दों में बोला है मतलब आपकी
- 6:06:22कोई भी ऐसी नॉन पब्लिक इंफॉर्मेशन जो सारी
- 6:06:25इन सारे पब्लिक के पास वो इंफॉर्मेशन
- 6:06:27अवेलेबल नहीं है। कोई भी ऐसी नॉन पब्लिक
- 6:06:29इंफॉर्मेशन जो शेयर के प्राइस को अफेक्ट
- 6:06:32कर सकती है जो शेयर के प्राइस को अफेक्ट
- 6:06:34कर सकती है। तो कोई भी ऐसी नॉन पब्लिक
- 6:06:35इनफार्मेशन शेयर के प्राइस को अफेक्ट कर
- 6:06:37सकती है सिक्योरिटी के प्राइस को वो होती
- 6:06:39है यूपीएससी। अब कुछ एग्जांपल दिए हुए
- 6:06:40हैं। मतलब ये केवल एग्जांपल है। इनके
- 6:06:42अलावा भी बहुत से ऐसी इनफार्मेशन हो सकती
- 6:06:43है। जैसे फाइनेंसियल रिजल्ट होगा। अभी
- 6:06:45मैंने एग्जांपल दिया था फाइनेंसियल रिजल्ट
- 6:06:46के। अभी तक फाइनेंसियल रिजल्ट पब्लिश नहीं
- 6:06:47हुए। सबको पता नहीं पड़े। पर अंदर के जो
- 6:06:49उनके अकाउंटेंट थे या ऑडिटर थे उन्होंने
- 6:06:52दगाबाजी कर दी। उन्होंने दगाबाजी कर दी।
- 6:06:54उन्होंने लोगों को फोन कर करके बता दिया।
- 6:06:55अरे भाई Reliance के शेयर खरीद ले बढ़ने
- 6:06:57वाले इनके रेवेन्यू बढ़ गया है। प्रॉफिट
- 6:06:59बढ़ गया है। जैसे फाइनेंसियल रिजल्ट हो
- 6:07:00गए। डिविडेंड कंपनी ने डिक्लेअ करा नहीं
- 6:07:02करा। मतलब अभी तक डिक्लेअ नहीं करा। पर
- 6:07:04किसी को इंसाइड वाले बंदे को पता है
- 6:07:06इनसाइडर वाले को कि कंपनी इस बार डिविडेंड
- 6:07:08डिक्लेअ करने वाली है। कैपिटल रिस्ट्रक्चर
- 6:07:10में कोई चेंज कर रहे हैं। कोई फंड रेस
- 6:07:12करने वाले हैं। कोई भी नया मर्जर डिमर्जर
- 6:07:14करने वाले हैं। कोई भी केएमपी चेंज हुआ कि
- 6:07:16पुराना सीईओ सीएफओ छोड़ के चले गया। सीईओ
- 6:07:18सीईओ छोड़ के चले गया। एक्सेप्ट एक्सेप्ट
- 6:07:20वो बंदा रिटायर हो गया वो सुपर एनुएशन
- 6:07:22ग्रेचुटी लेके रिटायर हो गया तो बात अलग
- 6:07:24है। फिर वो नहीं। फिर वो कोई अनपब्लिश
- 6:07:26सेंसिटिव इनफेशन नहीं है। सबको पता है कि
- 6:07:27एक टाइम पे बंदा रिटायर होता ही होता है।
- 6:07:29या उसका टर्म एंड हो गया। 5 साल का टर्म
- 6:07:30था फिर तो जाएगा ही जाएगा। उससे कोई
- 6:07:32दिक्कत नहीं है। बाकी उसके अलावा कोई
- 6:07:33केएमपी चेंज हो गया हो, स्टेट ऑडिटर या
- 6:07:35सेक्रेटेल ऑडिटर रिजाइन करके चले गया हो।
- 6:07:37यह सब यूपीएसआई है। कोई भी रेटिंग में
- 6:07:39चेंज आ गया। आपको पता है हर एक कंपनी की
- 6:07:41क्रेडिट रेटिंग होती है। अब आर्टिकल शिप
- 6:07:42में आपको पता पड़ेगा हर एक कंपनी की
- 6:07:43क्रेडिट रेटिंग होती है कि ये कंपनी कितनी
- 6:07:46अच्छी है, बुरी है। ए रेटिंग की है, बी
- 6:07:47रेटिंग की है, सी रेटिंग की है। ये होता
- 6:07:48है वाला जैसे तुम सी रेटिंग वाले हो कुछ
- 6:07:51लोग। मतलब ठीक है। तो ए बी सी वाली रेटिंग
- 6:07:53होती है। तो उस हिसाब से अगर रेटिंग चेंज
- 6:07:55हुई कंपनी की तो भाई वो भी यूपीएसआई है।
- 6:07:58अदर दैन ईएसजी रेटिंग। ईएसजी रेटिंग क्या
- 6:08:00होती है? एनवायरमेंटल सोशल गवर्नेंस यह
- 6:08:02इग्नोर करो। एनवायरमेंटल सोशल गवर्नेंस
- 6:08:04वाली रेटिंग से अपन को कोई फर्क नहीं
- 6:08:06पड़ता। एनवायरमेंटल सोशल गवर्नेंस वाली
- 6:08:07रेटिंग से कोई फर्क नहीं पड़ता। वो कोई
- 6:08:09यूपीएसआई नहीं होती। ठीक है? कोई भी ऐसा
- 6:08:12अपन ने कोई भी एग्रीमेंट करा किसी भी
- 6:08:14कंपनी के साथ कि अब अपना मैनेजमेंट कोई
- 6:08:16दूसरा इंसान संभालेगा। Reliance ने अडानी
- 6:08:18के साथ कॉन्ट्रैक्ट करा। Reliance ने
- 6:08:20अडानी के साथ कॉन्ट्रैक्ट करा कि अब
- 6:08:21Reliance का जो भी कंट्रोल है वो अडानी के
- 6:08:23हाथ में आ गया। तो ऐसा कोई एग्रीमेंट हो
- 6:08:25गया। किसी ने भी कोई फ्रॉड या डिफॉल्ट करा
- 6:08:27प्रमोटर केएमपी डायरेक्टर सब्सिडरी ने।
- 6:08:29केएमपी प्रमोटर डायरेक्टर अरेस्ट हो गए।
- 6:08:31तो भाई ऐसी न्यूज़ बाहर आने के बाद ना शेयर
- 6:08:33की प्राइस गिर जाती है। तो जब तक ये न्यूज़
- 6:08:35बाहर ना आए अनपब्लिश है तब तक वो इंसाइडर
- 6:08:37कहलाएगी। रिसोल्यूशन प्लान कंपनी में
- 6:08:39रेज़ोल्यूशन प्लान अप्रूव हो गया।
- 6:08:41रिस्ट्रक्चरिंग अप्रूव हो गई। कंपनी ने
- 6:08:43इनमें से कोई सी कोई सी भी एप्लीकेशन
- 6:08:44एडमिट कर दी। जैसे वाइंडिंग अप कर रही है।
- 6:08:46कंपनी वो एप्लीकेशन एक्सेप्ट कर ली। कंपनी
- 6:08:48सीआईआरपी में जा रही है। रेोल्यूशन प्लान
- 6:08:50को उसने अप्रूव या रिजेक्ट करा। वो कंपनी
- 6:08:53में फॉरेंसिक ऑडिट या तो शुरू हो गई या
- 6:08:55फाइनली फॉरेंसिक ऑडिट खत्म हो के उसकी
- 6:08:57रिपोर्ट मिल गई। कोई भी लिटिगेशन का आउटकम
- 6:08:59कि कंपनी के एसवेस आ रही है। कंपनी ने
- 6:09:01किसी को गारंटी सिक्योरिटी वगैरह दी हुई
- 6:09:02है। ठीक है ना? कंपनी के पास कोई भी
- 6:09:05लाइसेंस या अप्रूवल थी। गवर्नमेंट की
- 6:09:06अप्रूवल या लाइसेंस थी वो या तो कंपनी को
- 6:09:08वो अप्रूवल मिल गई या गवर्नमेंट ने वो
- 6:09:10अप्रूवल विथड्रॉ कर ली कि हम आपको वो
- 6:09:11अप्रूवल नहीं दे रहे। ये सारी चीजें।
- 6:09:13हालांकि वो बात पे कोई भी इंफॉर्मेशनेशन
- 6:09:15यूपीएसआई है नहीं है। उसमें मटेरियलिटी भी
- 6:09:17कंसीडर करना भाई। कोई बहुत इमटेरियल चीज
- 6:09:19है फालतू सी। तो उसको इग्नोर कर देना। तो
- 6:09:21कोई भी इंफॉर्मेशन मटेरियल है या नहीं वह
- 6:09:23अपने कोर्स में नहीं है। वह बस बोलता है
- 6:09:24कि सेबी ने अलग से गाइडलाइन दी हुई है। वह
- 6:09:26आप एक बार देख लेना। ठीक है? बाकी तो
- 6:09:29ट्रेडिंग दी हुई है भाई। ट्रेडिंग क्या
- 6:09:30होती है? ट्रेडिंग मतलब कुछ भी हो सकता
- 6:09:32है। शेयर को परचेस करना, बाय करना, सेल
- 6:09:34करना, डील करना या फिर एग्री कर जाना कि
- 6:09:37भाई मैं बाद में शेयर में एक्शन लूंगा।
- 6:09:38किसी एग्री कर जाना, उसको रिडीम कर देना,
- 6:09:40सब्सक्राइब कर लेना कुछ भी। ऐसा सब
- 6:09:42ट्रेडिंग कहलाता है। चलने वाले हैं। मर्जर
- 6:09:44एक्शन होने वाला है। वैसा कुछ भी।
- 6:09:49सो भाई वही है। सिंपल सी बात है कि कोई भी
- 6:09:51प्रोहिबिशन है शेयरिंग पे यूपीएसआई। आप
- 6:09:53यूपीएसआई किसी को भी शेयर नहीं कर सकते।
- 6:09:54नाउ जैसे ऑडिटर का एग्जांपल लूं। ऑडिटर
- 6:09:56खुद भी यूपीएसआई की मदद नहीं ले सकता और
- 6:09:58साथ में दूसरों को भी शेयर नहीं कर सकता।
- 6:10:01ठीक है ना? पर उसका कुछ एक्सेप्शन है कि
- 6:10:03कब आप यूपीएसआई को शेयर कर सकते हो
- 6:10:05अनप्लिश सेंसिटिव इनफेशन को? जब कोई
- 6:10:07लेजिटमेट पर्पस हो, आपकी ड्यूटी हो या फिर
- 6:10:10लीगल ऑब्लिगेशन हो। लीगल ऑब्बेशन कोर्ट ने
- 6:10:12बोला कि यह इनेशन चाहिए मतलब चाहिए। बात
- 6:10:14खत्म। लेजिटमेट पर्पस जैसे कि अगर आपकी
- 6:10:17कोई ऑडिट करने आया है तो डायरेक्टर की
- 6:10:20ड्यूटी भी है और लेजिटमेट पर्पस भी है।
- 6:10:22ड्यूटी भी और लेजिटमेट पर्पस भी है कि
- 6:10:24डायरेक्टर इंफॉर्मेशन शेयर करेगा। ऑडिटर
- 6:10:26के साथ डायरेक्टर इंफॉर्मेशन शेयर करेगा
- 6:10:28ऑडिटर के साथ। तो यह तो लेजिटमेट ड्यूटी
- 6:10:30है। लेजिटमेट पर्पस भी है और ड्यूटी भी है
- 6:10:32कि इस वक्त आपको ये यूपीएसआई शेयर करना ही
- 6:10:36करना पड़ेगा। ठीक है? तो इसका एक्सेप्शन
- 6:10:38है लेजिटमेट पर्पस हो, मेरी ड्यूटी हो या
- 6:10:40लीगल ऑप्शन हो। पर उसके साथ जब भी आप किसी
- 6:10:42बंदे के पास जैसे ऑडिटर के साथ आप डाटा
- 6:10:44शेयर कर रहे हो, किसी के भी साथ डाटा शेयर
- 6:10:45कर रहे हो, तो इसके साथ आप एग्रीमेंट ले
- 6:10:47लेना। एग्रीमेंट बनवा लेना। किसका सर?
- 6:10:48कॉन्फिडेंशियलिटी का। किसका?
- 6:10:49कॉन्फिडेंशियलिटी का। तो ये डाटा किसी को
- 6:10:51भी आगे शेयर नहीं करेगा। किसी को भी आगे
- 6:10:53शेयर नहीं करेगा। ठीक है? अब जैसे
- 6:10:56लेजिटमेट पर्पस में क्या-क्या आता है? तो
- 6:10:58सर लेजिटमेट पर्पस की हर एक बोर्ड अपनी
- 6:11:00पॉलिसी बना लेता है। हर एक कंपनी लिस्टेड
- 6:11:02कंपनी अपनी एक पॉलिसी बना लेता है कि
- 6:11:04लेजिटमेट पर्पस में क्या-क्या इंक्लूड
- 6:11:06होगा। सर जैसे ऑर्डिनरी कोर्स ऑफ़ बिज़नेस
- 6:11:08में हमने चीजें शेयर करी। किसी पार्टनर
- 6:11:10को, लेंडर को, सप्लायर को, लेंडर मतलब
- 6:11:12बैंक वाला। तो बैंक वाले को तो बताना
- 6:11:14पड़ेगा ना कि हम 2-3 महीने बाद हम ये चीजें
- 6:11:15एक्वायर करने जा रहे हैं। इसलिए हमको लोन
- 6:11:17दो। 2-ती महीने बाद हम मर्ज डिमर्जर करने
- 6:11:19वाले हैं। हमको लोन दो। तो बैंक वालों को
- 6:11:20बताना पड़ेगा। कस्टमर सप्लायर,
- 6:11:22इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल, मर्चेंट बैंकर,
- 6:11:24लीगल एडवाइजर, ऑडिटर इन सबको मतलब यह है
- 6:11:27कि एक बेसिक है कि ऑर्डिनरी कोर्स ऑफ़
- 6:11:28बिज़नेस में जब आपने डिटेल शेयर करी तो वो
- 6:11:30अलाउड है। वो अलाउड है। तो बाकी वही है
- 6:11:34जिसको भी आपने यूपीएसआई शेयर करी उसके बाद
- 6:11:36कॉन्फिडेंशियलिटी का एग्रीमेंट ले लेना और
- 6:11:37उसको बोल देना कि भाई तू ट्रेडिंग नहीं
- 6:11:39करेगा, सिक्योरिटीज़ में ट्रेडिंग नहीं
- 6:11:40करेगा और यूपीएसआई कॉन्फिडेंशियल रखेगा कि
- 6:11:42ऑडिटर को आपने शेयर करा तो ऑडिटर अपनी
- 6:11:44सिक्योरिटीज़ में ट्रेड नहीं करेगा और
- 6:11:46यूपीएसआई भी कॉन्फिडेंशियल रखेगा। ठीक है
- 6:11:48ना? और सर जो भी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर या
- 6:11:50फिर हेड ऑफ ऑर्गेनाइजेशन है मतलब एक बंदा
- 6:11:52यूपीएसआई को हैंडल करने के लिए रखते हैं।
- 6:11:54बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर का ही एक बंदा है। फिर
- 6:11:55हेड ऑफ़ ऑर्गेनाइज़ेशन वो जिस जिस-ज भी बंदे
- 6:11:58को अपन ने यूपीएसआई शेयर करी है। जिस-जिस
- 6:12:00भी बंदे को अपन ने यूपीएसआई शेयर करी है।
- 6:12:02मतलब अनप्लिश सेंसिटिव इनेशन जिस-जिस को
- 6:12:04भी शेयर करी है वो एक डाटाबेस मेंटेन करके
- 6:12:07रख के चलेगा। स्ट्रक्चर डिजिटल डाटाबेस
- 6:12:11स्ट्रक्चर डिजिटल डाटाबेस। वो एक
- 6:12:14स्ट्रक्चर डिजिटल डाटाबेस जिसको अपन
- 6:12:16बोलेंगे एसडीडी। वो एसजीडी मेंटेन करके
- 6:12:18चलेगा कि भाई कौन सी यूपीएससीआई अपन ने
- 6:12:21शेयर करी है। नेम एंड पर्सन क्या है? जिस
- 6:12:24बंदे को अपन ने शेयर करी है। नेम एंड पेन
- 6:12:26नंबर एंड नेम एंड पर्सन हु हैव रिसीव्ड द
- 6:12:30यूपीएससीआई मतलब एक तो है कि जिसने शेयर
- 6:12:32करी है एक है जिसने रिसीव करी है। जिसने
- 6:12:35शेयर करी है इस जिसने शेयर करी है उसका
- 6:12:36नेम पेन और जिसने रिसीव करी है यूपीएससीआई
- 6:12:39उसका पर्सन। तो ये अपन सब मेंटेन करके
- 6:12:41चलेंगे डाटाबेस। ठीक है? इंटरनली मेंटेन
- 6:12:43करके चलना पड़ेगा। इसको आउटसोर्स नहीं कर
- 6:12:45सकते। साथ में एक और यह वाला पॉइंट अभी
- 6:12:47अमेंडमेंट में जुड़ा था कि अगर कभी कोई भी
- 6:12:48ऐसी यूपीएसआई है जो कंपनी के अंदर से
- 6:12:51जनरेट नहीं हुई कंपनी के बाहर से कोई भी
- 6:12:52अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इंफॉर्मेशन
- 6:12:54जनरेट हुई है तो क्योंकि वो कंपनी के अंदर
- 6:12:56जनरेट नहीं हुई कोई भी ऐसी इंफॉर्मेशन थी
- 6:12:58तो कंपनी के अंदर जनरेट नहीं हुई तो कंपनी
- 6:13:00उसको हाथों हाथ कंपनी उसको हाथों हाथ
- 6:13:02एसडीडी में रिकॉर्ड नहीं कर पाएगी इसलिए
- 6:13:05सेबी ने उसको टाइम दिया कि अगर कोई भी
- 6:13:07इंफॉर्मेशन आउटसाइड कंपनी से आ रही है
- 6:13:09आउटसाइड कंपनी से आ रही है कोई भी यूपीए
- 6:13:11से आई कंपनी के बाहर से आ रही है तो भाई
- 6:13:14उस केस के उस केस के अंदर भाई आप दो
- 6:13:17मैक्सिमम दो कैलेंडर डेज के अंदर मतलब दो
- 6:13:19दिन के अंदर मैक्सिमम दो दिन के अंदर-अंदर
- 6:13:21उसको आप एसडीडी के अंदर रिकॉर्ड कर लेना।
- 6:13:23तो ये अमेंडमेंट था शायद आ जाए तो पता
- 6:13:25नहीं मतलब ठीक है अमेंडमेंट है कुल मिला
- 6:13:26के तो कोई भी इनेशन अगर कंपनी के बाहर से
- 6:13:28जनरेट हो रही है जो यूपीएसआई है तो उसको
- 6:13:30अपन इमीडिएटली नॉट बी एबल टू रिकॉर्ड
- 6:13:32इमीडिएटली तो मैक्सिमम 2 दिन के अंदर आप
- 6:13:33उसको रिकॉर्ड कर ही लेना अपने डाटाबेस के
- 6:13:35अंदर तो एसजीडी लिस्टेड कंपनी को मेंटेन
- 6:13:38करना है और और आप कभी भी आउटसोर्स नहीं कर
- 6:13:41सकते थर्ड पार्टी को वो अलाउ नहीं है और
- 6:13:43यह एमसीक्यू आ सकता है कि यूपीएससीआई का
- 6:13:44जो डाटाबेस है वो आपको 8 साल तक 8 साल तक
- 6:13:47मेंटेन करके चलना है और कभी सेबी का
- 6:13:49इन्वेस्टिगेशन हो रहा है तो जब तक सेबी का
- 6:13:51इन्वेस्टिगेशन कंप्लीट ना ना हो जाए। जब
- 6:13:53तक सेबी का इन्वेस्टिगेशन कंप्लीट ना हो
- 6:13:55जाए तब तक वो एसडी आपको मेंटेन करना है।
- 6:14:00ठीक है? ट्रेडिंग व्हेन इन पोज़ेशन ऑफ़
- 6:14:02यूपीएससीआई अगर आपके पास कोई यूपीएससीआई
- 6:14:03है। मेरे पास कोई इंसाइडेड इनेशन है तो
- 6:14:06मैं ट्रेडिंग नहीं कर सकता। एक्सेप्ट एक
- 6:14:08एक्सेप्शन है। मतलब कुछ एक्सेप्शन है।
- 6:14:09जैसे अगर मैं ट्रेडिंग प्लान सबमिट करा
- 6:14:11दूं। चलो मैं अभी बताता हूं आपको। अभी चलो
- 6:14:13बताते हैं इसको। तो जनरली मैं नहीं करा
- 6:14:15सकता। अभी कुछ-कुछ एक्सेप्शन हो गए कि अगर
- 6:14:16मेरे पास कोई भी इंसाइडर ट्रेडिंग की
- 6:14:18इनेशन नहीं है तो मैं ट्रेडिंग नहीं कर
- 6:14:20सकता। मैं ट्रेडिंग नहीं कर सकता। ठीक है
- 6:14:22ना? तो उसके कुछ एक्सेप्शन क्या है? उसके
- 6:14:24कुछ एक्सेप्शन है सर दो इंसाइडर के बीच
- 6:14:27में ट्रेडिंग हो सकती है। लेट्स से
- 6:14:31एक डायरेक्टर था ये दूसरा डायरेक्टर था।
- 6:14:34इस डायरेक्टर को भी पता था कंपनी कुछ टाइम
- 6:14:36बाद मर्जर करने वाली है कोई दूसरी कंपनी
- 6:14:39के साथ। इस बंदे को मेरा डायरेक्टर या का
- 6:14:41कोई भी इंसाइडर बंदा। मतलब ये भी इंसाइडर
- 6:14:42है। इसके पास भी यूपीएससीआई है। इसके पास
- 6:14:45भी यूपीएसआई है। दोनों के पास दोनों के
- 6:14:47पास वो अनपबली सेंसिटिव इनफेशन है। इसको
- 6:14:49भी पता है कि कंपनी का मर्जर होने वाला
- 6:14:50है। बट दोनों का व्यू अलग-अलग है। दोनों
- 6:14:52का व्यू अलग-अलग है। मतलब ऐसा मैं समझाने
- 6:14:54के लिए एग्जांपल दे रहा हूं कि इसको लग
- 6:14:55रहा है कि नहीं मुझे शेयर बेच देने चाहिए।
- 6:14:56इसको लग रहा है मेरे को शेयर खरीदने
- 6:14:58चाहिए। तो बस ठीक है। तुम दोनों के पास
- 6:14:59पूरी कंप्लीट इनेशन है ना। तुम दोनों के
- 6:15:01पास ऑलरेडी यूपीएसआई है। तो तुम दोनों एक
- 6:15:03दूसरे से सेल परचेस कर सकते हो। तुम दोनों
- 6:15:05एक दूसरे से सेल परचेस कर सकते हो। मतलब
- 6:15:07कोई भी इंसाइडर जिनके पास यूपीएससीआई हो।
- 6:15:09सेम यूपीएसआई सेम यूपीएसआई जिन बंदों के
- 6:15:12पास है दोनों के पास सेम थी कि कंपनी का
- 6:15:13मर्जर होने वाला है। ठीक है? तो फिर आप
- 6:15:16दोनों पार्टी अपना एक इनफॉर्म डिसीजन लेके
- 6:15:18तुम दोनों आपस में ट्रांजैक्शन कर सकते
- 6:15:20हो। पर जैसे ही ट्रांजैक्शन हुआ जैसे ही
- 6:15:22ट्रांजैक्शन हुआ तो आपको इन बंदों को
- 6:15:24कंपनी को बताना पड़ेगा विथ इन टू डज़। इन
- 6:15:27बंदों को कंपनी में को बताना पड़ेगा विथ
- 6:15:29इन टू डज़। फिर कंपनी भी बताएगी स्टॉक
- 6:15:31एक्सचेंज को विथ इन टू ज़। कंपनी बताएगी
- 6:15:33स्टॉक एक्सचेंज को विथ इन टू डज़। मतलब
- 6:15:36जैसे ये वाला ट्रांजैक्शन हुआ तो वो कंपनी
- 6:15:38को बताएंगे टू ज़ के अंदर। और कंपनी भी फिर
- 6:15:40वापस स्टॉक एक्सचेंज को बताएगी वि इन ठीक
- 6:15:43है
- 6:15:44और अब इतना मत समझना बस एक ध्यान रख लो कि
- 6:15:47ब्लॉक डील विंडो के थ्रू भी ट्रेडिंग हो
- 6:15:49सकती है ब्लॉक डील विंडो के थ्रू भी
- 6:15:51ट्रेडिंग हो सकती है बात खत्म अब इतना मत
- 6:15:53सोचो तुम कोई भी बाकी लो रेगुलेशन बोलेगा
- 6:15:55तो करना ही पड़ेगा वो फालतू बात है ईसोप्स
- 6:15:57अगर पहले से प्रीडटरमाइंड प्राइस पे है
- 6:15:59ईसोप्स प्रीडटरमाइंड प्राइस पे पहले से
- 6:16:00दिए हुए हैं कि ये ईसोप मिल रहे हैं आपको
- 6:16:02यह ईसोप है अब एंप्लई के पास ऑलरेडी
- 6:16:05यूपीएसए रहती है पर उसके पास तो पहले से
- 6:16:06ईसोप्स है ना वोप कन्वर्ट होंगे शेयर में
- 6:16:08वो वही सब कन्वर्ट होंगे ही होंगे शेयर
- 6:16:10में तो वो तो लेगा ही लेगा प्रीडटरमाइंड
- 6:16:12प्राइस पर तो वो ठीक है वो चलेगा
- 6:16:16और एक ट्रेडिंग प्लान प्री अप्रूव्ड
- 6:16:18ट्रेडिंग प्लान मैं बताता हूं जो भी बंदा
- 6:16:20अभी रुको हां ट्रेडिंग प्लान टू कुल मिला
- 6:16:22के ट्रेडिंग प्लान अगर आपने बनाया है तो
- 6:16:24आप ट्रेडिंग कर सकते हो यूपीएसआई होने के
- 6:16:26बाद भी ठीक है अभी नीचे आएगा ट्रेडिंग
- 6:16:28प्लान ये पूरा आएगा अभी अब ओनर्स ऑफ़
- 6:16:30एस्टैब्लिशिंग दैट दे वर नॉट इन यूपीएसआई
- 6:16:33अब मतलब अगर कोई भी बंदा है कोई भी है कि
- 6:16:35यूपीएसआई वाला कि मेरे पास यूपीएसआई थी
- 6:16:38नहीं थी वो तो प्रूव कैसे होगा? मैंने
- 6:16:40ट्रेडिंग तो करी। अब किसी ने मेरे पे
- 6:16:41इल्जाम लगाया कि मेरे पास यूपीएसआई है या
- 6:16:43नहीं? कैसे प्रूव होगा? तो अगर कोई भी
- 6:16:45कनेक्टेड पर्सन है, कोई भी कनेक्टेड पर्सन
- 6:16:47है, डायरेक्टर, एंप्लई वगैरह जो अपन ने
- 6:16:49लिस्ट पढ़ी तो वो डीम्ड अस्यूम्स असमशन मान
- 6:16:51लिया जाएगा कि इसके पास यूपीएसआई है, इसके
- 6:16:53पास यूपीएसआई है, अपन डीम्ड मान लेंगे
- 6:16:55हमेशा। अगर उसको प्रूव करना है कि मेरे
- 6:16:57पास यूपीएसआई नहीं है। अगर उसको प्रूव
- 6:16:59करना है मेरे पास यूसी नहीं है। तो मतलब
- 6:17:00उस उस बंदे को प्रूव करना पड़ेगा। उस बंदे
- 6:17:03को प्रूव करना पड़ेगा कि मेरे को इसके
- 6:17:04बारे में इनेशन नहीं मतलब जो डायरेक्टर है
- 6:17:06वो है उसको खुद से चला के प्रूव करना
- 6:17:08पड़ेगा। बाकी जनरली अस्यूम मान लेते हैं
- 6:17:10कि उसके पास यूपीएसआई थी। तो बर्डन ऑफ़
- 6:17:12प्रूफ किसके पास होगा? उसके पास होगा कि
- 6:17:14उसके पास यूपीएसआई नहीं थी। और बाकी केस
- 6:17:17के अंदर कौन होगा सर? सेबी। सेबी को प्रूव
- 6:17:19करना पड़ेगा बाकी केस के अंदर कि इसके पास
- 6:17:21यूपीएसआई थी या नहीं थी। वो सेबी को करना
- 6:17:23पड़ेगा प्रूव। ठीक है? चलो ट्रेडिंग
- 6:17:26प्लान। अब कोई भी इंसाइडर है ना तो अपने
- 6:17:29ऊपर एक्सेप्शन पढ़े थे। उसमें था कि
- 6:17:31ट्रेडिंग प्लान आप बना के कर सकते हो। मैं
- 6:17:33इंसाइडर हूं। मैं इंसाइडर हूं। ठीक है ना?
- 6:17:35मैं इंसाइडर हूं। तो मैं एक ट्रेडिंग
- 6:17:38प्लान बना सकता हूं। मैं एक ट्रेडिंग
- 6:17:40प्लान बना सकता हूं। वो ट्रेडिंग प्लान
- 6:17:42में मैं पहले ही बता दूंगा कि मैं
- 6:17:43अप्रोक्स इस डेट पे ये वाली सिक्योरिटी
- 6:17:46खरीदने वाला हूं। मैं इसलिए इस इस डेट पे
- 6:17:48ये अब मतलब अपनी वाली कंपनी की सिक्योरिटी
- 6:17:49खरीदने वाला हूं। ऑफ कोर्स लगभग प्राइस की
- 6:17:52रेंज बता दूंगा। मैं प्राइस की रेंज बता
- 6:17:55दूंगा कि भाई मैं लेट्स से अगर ₹100 से
- 6:17:57₹150 के बीच में हुई यह सिक्योरिटी तो मैं
- 6:17:59खरीदूंगा वरना नहीं खरीदूंगा। तो मैं
- 6:18:01खरीदूंगा वरना नहीं खरीदूंगा। तो मैं एक
- 6:18:03इंसाइडर हूं पर मेरे को तो अपनी
- 6:18:05सिक्योरिटी में ट्रेड करना है। मेरी इच्छा
- 6:18:07है। तो मैं एक ट्रेडिंग प्लान बना दूंगा।
- 6:18:08बता दूंगा कि मैं यह सिक्योरिटी इतनी
- 6:18:10क्वांटिटी की खरीदने वाला हूं इस डेट पे
- 6:18:12अप्रोक्स। और प्राइस रेंज बता दूंगा कि
- 6:18:14अगर सिक्योरिटी ₹100 से ₹150 के बीच में
- 6:18:16हुई तो ही मैं खरीदूंगा वरना नहीं खरीद
- 6:18:18लूंगा। तो वो वाला ट्रेडिंग प्लेन एक
- 6:18:20कंपनी का कंप्लायंस ऑफिसर होता है। जो
- 6:18:22कंपनी का जनरली कंपनी सेक्रेटरी होता है
- 6:18:24वही कंप्लायंस ऑफिसर होता है। तो वो
- 6:18:25कंप्लायंस ऑफिसर चेक करेगा और उसको लगा तो
- 6:18:28वो अप्रूव कर सकता है। उसको लगा तो अप्रूव
- 6:18:30कर सकता है। बट ट्रेडिंग प्लान में
- 6:18:32क्या-क्या कंडीशन होनी चाहिए वो एक बार
- 6:18:33देख लो। इसमें अमेंडमेंट आया था इसलिए मैं
- 6:18:35पढ़ा रहा हूं। बाकी ठीक है क्योंकि
- 6:18:36क्वेश्चन आ सकता है। इसमें अमेंडमेंट आया
- 6:18:37था तो लिख लेना। अमेंडमेंट है इसमें। ठीक
- 6:18:39है ना? मैं अमेंडेड ही पढ़ा रहा हूं। तो
- 6:18:41इसके [नाक से की जाने वाली आवाज़] अंदर
- 6:18:43ट्रेडिंग शैल नॉट स्टार्ट। मतलब कंडीशन हर
- 6:18:45ट्रेडिंग प्लान। आप जो भी ट्रेडिंग प्लान
- 6:18:47दे रहे हो उन सब में यह कंडीशन पूरी होनी
- 6:18:49चाहिए। ट्रेडिंग शैल नॉट स्टार्ट अर्लियर
- 6:18:52देन द 120 कैलेंडर डज़ फ्रॉम द डेट ऑफ़
- 6:18:54पब्लिक डिस्क्लोज़र। जब भी आपने पब्लिक
- 6:18:56डिस्क्लोज़र करा जब भी आपने पब्लिक
- 6:18:58डिस्क्लोज़र करा उसके 120 दिन पहले से
- 6:19:01एटलीस्ट आपकी ट्रेडिंग स्टार्ट नहीं होनी
- 6:19:03चाहिए। नॉट स्टार्ट अर्लियर देन अर्लियर
- 6:19:06देन 120 डज़ फ्रॉम द पब्लिक डिस्क्लोज़र।
- 6:19:09पब्लिक डिस्क्लोज़र से 120 डज़ पहले नहीं हो
- 6:19:11सकती वो ट्रेडिंग। ठीक है? एक ये कंडीशन
- 6:19:13पूरी करनी चाहिए। ठीक है? ठीक है? मतलब एक
- 6:19:15बार अच्छे से पब्लिक डिस्क्लोज़र होने दो।
- 6:19:20नो ओवरलैप इन अदर ट्रेडिंग प्लान। आपने
- 6:19:22कोई दूसरा ट्रेडिंग प्लान सबमिट करा हुआ
- 6:19:23है। फिर आप इस तीसरा सबमिट कर रहे हो, फोर
- 6:19:25सबमिट कर रहे हो। वो आपस में एक ओवरलैप कर
- 6:19:26रहे हैं। ऐसा नहीं चलेगा। मतलब ऐसा नहीं
- 6:19:28है। मतलब ये चीज़ हां ये एमसीक्यू आ सकता
- 6:19:30है। मुझे लगता है ये क्योंकि अमेंडमेंट
- 6:19:32है।ेंटेंट।
- 6:19:34ये मैंडेटरी डिस्क्लोज़ करना जरूरी है।
- 6:19:36मैंडेटरी आपको बताना पड़ेगा। आपके ट्रेडिंग
- 6:19:38आपके ट्रेडिंग प्लान में लिखना पड़ेगा कि
- 6:19:40मैं कितनी वैल्यू की सिक्योरिटी लेने वाला
- 6:19:42हूं या फिर और कितनी नंबर ऑफ़ सिक्योरिटी
- 6:19:44लेने वाला हूं। नेचर ऑफ़ ट्रेड क्या होगा
- 6:19:46कि मैं लॉन्ग टर्म बाय करूंगा, शॉर्ट टर्म
- 6:19:47बाय करूंगा, व्हाटएवर जो भी होने वाला है।
- 6:19:49और या तो मुझे कोई स्पेसिफिक डेट बतानी
- 6:19:51पड़ेगी कि मैं इस दिन खरीदने वाला हूं। इस
- 6:19:52दिन खरीदने वाला हूं या फिर टाइम पीरियड
- 6:19:54बताना पड़ेगा कि मैं इस दिन के इस दिन के
- 6:19:56बीच में खरीदने वाला हूं। मतलब पांच
- 6:19:57क्सक्यूटिव डे बता देना लगातार। पांच
- 6:20:00कॉन्सक्यूटिव डे लगातार मैक्सिमम पांच
- 6:20:02क्सक्यूटिव डे बता सकते हो। पांच पांच दिन
- 6:20:03से ज्यादा का आप बता देना। मैं एक से 5
- 6:20:06तारीख के बीच में एक से 2 तारीख के बीच
- 6:20:07में एक से 3 तारीख के बीच में कभी भी खरीद
- 6:20:09सकता हूं क्सक्यूटिव तो कितने रुपए का
- 6:20:12खरीदोगे कितना सिक्योरिटी खरीदोगे क्या
- 6:20:14नेचर की खरीदोगे और डेट क्या नेचर खरीदोगे
- 6:20:16डेट ये मैंडेटरी आपको ट्रेडिंग प्लान में
- 6:20:17बताना पड़ेगा पर प्राइस वैल्यू बतानी
- 6:20:20पड़ेगी या फिर नंबर ऑफ़ सिक्योरिटी बतानी
- 6:20:22पड़ेगी प्राइस बताना ऑप्शनल होता है।
- 6:20:24प्राइस बताना ऑप्शनल होता है। आप चाहो तो
- 6:20:26बताओ ना चाहो तो मत बताओ। ठीक है? पर अगर
- 6:20:29आप प्राइस बताओगे तो जब भी आप सिक्योरिटी
- 6:20:32बाय करना चाह रहे हो तो उसकी अप्पर प्राइस
- 6:20:34बतानी पड़ेगी। जब भी आप सेल करना चाह रहे
- 6:20:36हो तो लोएस्ट लोअर प्राइस बतानी पड़ेगी।
- 6:20:38मैं कम से लोअर प्राइस मतलब इतने में
- 6:20:40बेचूंगा। बाय करूंगा तो मैं हाईएस्ट टू
- 6:20:42हाईएस्ट में इतने में खरीदूंगा। हाईएस्ट
- 6:20:43टू हाईएस्ट में इतने में खरीदूंगा। तो अब
- 6:20:47ये प्राइस क्या होती है? जनरली कौन सी
- 6:20:50प्राइस पे आप खरीद सकते हो? तो जो भी आपने
- 6:20:53ट्रेडिंग प्लान सबमिट कराया ना यहां पर
- 6:20:55आपने ट्रेडिंग प्लान सबमिट कराया।
- 6:20:59ठीक है? तो ट्रेडिंग प्लान सबमिट करने के
- 6:21:01जस्ट पहले वाला दिन था ना जस्ट पहले वाला
- 6:21:04दिन उसकी क्लोजिंग प्राइस। उसकी क्लोजिंग
- 6:21:07प्राइस। तो जनरली इसी प्राइस पे आप
- 6:21:09सिक्योरिटी खरीद सकते हो। बस उससे 20% और
- 6:21:11एक्स्ट्रा हायर प्राइस पे खरीद सकते हो।
- 6:21:1320% और हायर प्राइस पे खरीद सकते हो। आप
- 6:21:15चाहो तो उसी पे खरीद लो। एक एग्जैक्ट
- 6:21:16क्लोजिंग प्राइस पे या मैक्सिमम 20% और
- 6:21:18हायर प्राइस पे खरीद सकते हो। सेम जो सेल
- 6:21:20वाला केस है सेल के अंदर भी यही है 20%
- 6:21:22वाला। बस यहां पर जो है कि क्लोजिंग
- 6:21:24प्राइस में फिर 20% लोअर पे खरीद सकते हो
- 6:21:26और 20% लोअर पे खरीद सकते हो। यहां पे 20%
- 6:21:28हायर पे आप खरीद खरीद सकते हो। यहां पे
- 6:21:3020% लोअर पे आप खरीद सकते हैं। ठीक है सर।
- 6:21:34डन है सर। और सिंपल सी बात है जो
- 6:21:38कंप्लायंस ऑफिसर है वो उसको रिव्यू करेगा
- 6:21:40कि यहां पे जो ट्रेडिंग प्लान है वो उसने
- 6:21:42फॉलो करा है या नहीं करा। एक बार ट्रेडिंग
- 6:21:44प्लान अगर अप्रूव हो गया तो प्लान
- 6:21:46इरिवोकेबल होता है। फिर आपको सिक्योरिटी
- 6:21:48खरीदनी ही खरीदनी पड़ेगी। कि अगर वो मतलब
- 6:21:49ट्रेडिंग प्लान के अंदर आ रहा है कि अगर
- 6:21:50उसकी सिक्योरिटी की प्राइस इस प्राइस के
- 6:21:52इस प्राइस जो आपने प्राइस डिक्लअर करी थी
- 6:21:54उसके उसके बीच में है तो खरीदना ही पड़ेगा
- 6:21:55आपको फिर ठीक है ना एक बार प्लान अप्रूव
- 6:21:57हो गया तो खरीदना ही पड़ेगा स्ट्रिक्टली
- 6:21:59आपको फॉलो करना पड़ेगा उससे डेविएट नहीं
- 6:22:00हो सकते एक्सेप्ट एक्सेप्शन है कुछ कि आप
- 6:22:03डेविएट हो सकते हो या प्लान फॉलो नहीं करो
- 6:22:05अगर आप में परमानेंट इनकैपेसिटी हो गई
- 6:22:07किसी वजह से बैंककरप्टसी हो गया फिर लो ने
- 6:22:08मना कर दिया तो बात अलग है।
- 6:22:12ठीक है?
- 6:22:15और अगर आपने वह प्लान फॉलो नहीं करा,
- 6:22:17ट्रेडिंग प्लान या तो इंप्लीमेंट नहीं
- 6:22:19करा, ठीक है ना? मतलब या फिर आपने मतलब वो
- 6:22:21ट्रेड को नहीं खरीदा। मतलब आप जो खरीदना
- 6:22:22चाहते थे वो नहीं खरीदा। तो भाई एक
- 6:22:24प्रोसेस फॉलो करना पड़ेगा। आपको कंप्लायंस
- 6:22:26ऑफिसर को बताना पड़ेगा। जैसे ही ट्रेडिंग
- 6:22:27प्लान का टेन्योर खत्म हुआ था। जैसे ही
- 6:22:29ट्रेडिंग प्लान का टेन्योर खत्म हुआ था।
- 6:22:30उसके दो दिन में आपको कंप्लायंस ऑफिसर को
- 6:22:32बताना पड़ेगा। देख यार मैंने ये ट्रेडिंग
- 6:22:34प्लान फॉलो नहीं करा। फिर वो बंदा क्या
- 6:22:36करेगा? वो बंदा जो कंप्लायंस ऑफिसर है तो
- 6:22:38वो बंदा ऑडिट कमेटी को बताएगा। ऑडिट कमेट
- 6:22:41को बताएगा खुद के एक्सेप्शन और रिजेक्शन
- 6:22:43के साथ कि इस बंदे ने ट्रेडिंग प्लान को
- 6:22:45फॉलो नहीं करा। ट्रेडिंग प्लान को फॉलो
- 6:22:47नहीं करा। फिर ऑडिट कमेटी डिसाइड करेगी कि
- 6:22:49भाई ये जो भी नॉन इंप्लीमेंटेशन करा था वो
- 6:22:51बोनाफाइड था या नहीं था। मतलब गुड फेथ में
- 6:22:53था या नहीं था। फिर वो फिर उसके बाद आपको
- 6:22:57स्टॉक एक्सचेंज को बताना पड़ेगा। सेम डे
- 6:22:59मतलब जैसे ही ऑडिट कमिटी को पता पड़ा अह
- 6:23:02जैसे ही ऑडिट कमिटी ने डिसीजन लिया। जैसे
- 6:23:04ही ऑडिट कमिटी ने डिसीजन लिया कि यह
- 6:23:06बोनाफाइड था या नहीं था कि ट्रेडिंग प्लान
- 6:23:08को इसने फॉलो नहीं करा। वो बोनाफाइड था
- 6:23:10नहीं था। वो सेम डे आपको ऑडिट कमेटी को भी
- 6:23:12ऑडिट कमेटी सेम डे और स्टॉक एक्सचेंज को
- 6:23:14भी बता दे बता दे तो अगर जनरली फॉलो करना
- 6:23:19कंपलसरी होता है पर कब फॉलो नहीं करना जब
- 6:23:21परमानेंट इनकैपसिटी हो गई बैंककरप्सी हो
- 6:23:23गई ऑपरेशन हो गया बाकी स्ट्रिक्टली उसको
- 6:23:24फॉलो करना पड़ेगा डेविएट नहीं करना अगर
- 6:23:26गलती से डेविएट कर गया फॉलो नहीं करा तो
- 6:23:27जैसे ही आपका ट्रेडिंग प्लान का टेन्योर
- 6:23:29खत्म हुआ उसके दो दिन में कंप्लायंस ऑफिसर
- 6:23:30को बताओ कंप्लायंस ऑफिसर खुद के रिव्यु दे
- 6:23:32देगा अप्रूव रिव्यु बता देगा अप्रूव करा
- 6:23:34रिजेक्ट कर रहा है साथ में ऑडिट कमेटी को
- 6:23:36बताएगा ऑडिट कमिटी डिसीजन लेगी कि भाई
- 6:23:37उसने सही करा गलत करा और स्टॉक एक्सचेंज
- 6:23:39को सेम हमने बता देगी
- 6:23:44और जो भी कंप्लायंस ऑफिसर है वो ट्रेडिंग
- 6:23:46प्लान को कब अप्रूव करेगा विद इन टू
- 6:23:47वर्किंग डज़ वो अप्रूव कर देता है और जैसे
- 6:23:49ही उसने अगर कोई भी ट्रेडिंग प्लान अप्रूव
- 6:23:50करा है अगर कंप्लायंस ऑफिसर ने तो सेम डे
- 6:23:52उसको सेबी को भी बताना पड़ेगा कि मैंने इस
- 6:23:54बंदे का ट्रेडिंग प्लान अप्रूव करा है।
- 6:23:57डन सर यही काम के पॉइंट थे। इसके अंदर भी
- 6:23:59अब और कुछ नहीं पढ़ना। वो तो अमेंडमेंट
- 6:24:01आया था इसलिए मैंने तुमको ये वाला भी पढ़ा
- 6:24:02दिया नीचे का। बाकी अभी एक दो पेज है।
- 6:24:04तुम्हें इच्छा हो तो पढ़ोगे। मैंने बुक्स
- 6:24:05में सबको बुक में सब कुछ दिया है। पर पागल
- 6:24:07हो जाओगे बस वही वाली चीज़। ठीक है ना? डन
- 6:24:09सर सबसे बड़ा चैप्टर अपना खत्म हो गया
- 6:24:12सबसे बड़ा तो दो ही थे सेबी फेमा फेमा भी
- 6:24:14अच्छे से हुआ था सेबी भी देखो बड़ा था
- 6:24:16मैंने वही बोला है तुमको यार देखो सुनो एक
- 6:24:18बार अब इसके अंदर 50 मार्क्स लाने हैं और
- 6:24:20आईबीएस के अंदर पढ़ना है तो मैं उसको इतना
- 6:24:22ही वेटेज दे रहा हूं अब मैं जब तुमको ऑडिट
- 6:24:24पढ़ाता हूं तो मैं तुमको ऐसे नहीं कि अभी
- 6:24:25मेरे को लग मेरे को भी पता है थोड़ा
- 6:24:26जल्दी-जल्दी हुआ है पर यही डिर्व यही करता
- 6:24:29है ये सब्जेक्ट अगर मैं इसमें ऐसा घुस
- 6:24:31जाऊंगा ना ऑडिट जैसा तो ऑडिट में तुम
- 6:24:32पढ़ोगे जब समझ आएगा हर एक चीज प्रॉपर
- 6:24:35चार्ट के तरीके से बिल्कुल समराइज होगी हर
- 6:24:37एक चीज बार-बार याद होगी समराइज होगी
- 6:24:38रिवीज़ होगा। अभी जैसे चैप्टर खत्म हुआ।
- 6:24:40चैप्टर खत्म होने के पहले चार पांच रिवीज़
- 6:24:42कर लेते हैं हर टॉपिक का। चैप्टर खत्म
- 6:24:43होने के बाद वापस सब चीजें मैं समराइज़
- 6:24:45करता हूं। इंपॉर्टेंट वाली सारी सब कुछ
- 6:24:46करता हूं। पर वो सब यहां पर पॉसिबल नहीं
- 6:24:48है। वो सब मैं ऑडिट में करा सकता हूं।
- 6:24:50क्योंकि ऑडिट में तुम्हारे मार्क्स
- 6:24:51जुड़ेंगे सीए फाइनल में। ये चीज़ ध्यान
- 6:24:53रखना। इस वजह से। ठीक है? बाकी तुम ऑडिट
- 6:24:55लोगे मुझे तब समझ आ जाएगा। उसके अंदर अपन
- 6:24:58100 से 120 घंटे में मतलब 100 घंटे के
- 6:25:00अंदर अपना एग्जाम ओरिएंटेड 120 के अंदर
- 6:25:02पूरा रेगुलर बैच अच्छी तरह से समझना, याद
- 6:25:04करना। चार्ट टेबल फॉर्मेट में क्वेश्चन
- 6:25:06अच्छे से सब कुछ कर लेते हैं। ठीक है? कुछ
- 6:25:08नहीं छोड़ते उसके अंदर अपन। चलो बाकी टाटा
- 6:25:11बाय-ब सी यू। मिलते हैं अगले चैप्टर के
- 6:25:12साथ।
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