RHA की Demands के पीछे क्या है सोच? | NCGC क्यों चाहिए? | Neha Das से सीधी बात #reservation #podcast — Transcript
Full transcript
- 0:00जब यह डिमांड लोगों तक पहुंचेगी लोग इसकी
- 0:02अहमियत समझेंगे। हमको भी एक ऐसा आयोग
- 0:04चाहिए जो हमारी भी बातें उठाए और सरकार तक
- 0:07ले जाए। रोल बैक ही सशन है। इसका और कोई
- 0:09सशन नहीं है। रिकंसीडरेशन इज नॉट द सशन।
- 0:12स्टे इज नॉट द सशन। इकोनमिक कंडीशन इज अ
- 0:14क्राइटेरिया अंडर ईच ऑफ द कैटेगरी। फैमिली
- 0:16में एक अपलिफ्ट होता है तो बाकी लोगों को
- 0:18भी वो अपलिफ्ट करेगा। वो उसकी जिम्मेदारी
- 0:19है। सब कैटेगराइजेशन की डिमांड है। वो
- 0:21दलितों के अंदर से आई है। ये कैटेगरी हमने
- 0:23नहीं बनाई है। ये कैटेगरी सरकार ने बनाई
- 0:25है।
- 0:25क्रीमी लेयर तो तभी से है। क्या फायदा
- 0:27हुआ? जैसेजैसे जातियां बाहरंगी वैसेवैसे
- 0:29रिजर्वेशन भी तो कम होगा। इलाहाबाद कोर्ट
- 0:31में एक डिसीजन दिया था कि आपकी आबादी से
- 0:33आधा अगर आपको मिल जाता है तो दैट इज
- 0:35एडिक्वेट। सवर्ण आयोग बनेगा तो उसको
- 0:38कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस देना है।
- 0:39सशन सरकार दे रही है। आप फिर भी इस मुद्दे
- 0:41को गरम रखना चाहते हो।
- 0:42आरक्षण इसलिए तो नहीं दिया गया था कि भैया
- 0:44बड़ी-बड़ी जातियां इसका लाभ ले। जैसे एससी
- 0:46एसटी को आप रिलैक्सेशन दे रहे हो। वैसे ही
- 0:48ईडब्ल्यूएस को रिलैक्सेशन दो। ये बहुत
- 0:49सारे सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट ने भी बोला
- 0:51है। इसमें अंबेडकर जी ने एक फ्लॉज़ डाला
- 0:53था। आप लोगों को हक दीजिए बट क्वालिटी में
- 0:55कॉम्प्रोमाइज नहीं होना चाहिए। प्राइवेट
- 0:56सेक्शन रिजर्वेशन तो है ही नहीं।
- 0:58एसपी वर्सेस एसपी केसेस भी बहुत ज्यादा
- 1:00है।
- 1:00क्योंकि मुस्लिम समाज को आरक्षण क्यों
- 1:01मिलता है? आरक्षण नहीं जातिवाद पैदा किया
- 1:03है। जातिवाद की वजह से आरक्षण नहीं है।
- 1:07रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन आरएचए एक ऐसा
- 1:10आंदोलन जिसने इस देश में सवर्ण समाज के
- 1:13साथ हो रहे जातिगत अत्याचार के खिलाफ जंग
- 1:15छेड़ दी है और आरएचए की कोर कमेट ने कुछ
- 1:18दिनों पहले एक डिमांड चार्टर रिलीज किया
- 1:20है। इस डिमांड चार्टर में 12 डिमांड्स
- 1:23हैं। इन्हीं डिमांड्स को डिस्कस करने के
- 1:25लिए आज हमारे साथ जुड़ी है नेहा दास। नेहा
- 1:28दास यूथ फॉर इक्वलिटी के साथ एज अ
- 1:30कंसलटेंट काम करती हैं। नेहा दास वो हैं
- 1:33जो पिछले 10 साल से सवर्ण समाज के
- 1:35अधिकारों के लिए लड़ रही हैं। बिना रुके
- 1:38बिना थके। नेहा दास पर सवर्ण समाज भी
- 1:40भरोसा करता है। देश के नेता भी भरोसा करते
- 1:43हैं। पिछड़ा और दलित समाज भी भरोसा करता
- 1:46है। तो आइए आज उनसे चर्चा करते हैं कि
- 1:48उनकी मांगे क्या हैं और वो जातिगत आरक्षण
- 1:51का विरोध क्यों करती हैं।
- 1:54स्वागत है नेहा जी।
- 1:56जय श्री राम। नमस्ते।
- 2:00तो शुरू करते हैं। सबसे पहले तो यह जानने
- 2:03से आप लोगों ने कल एक डिमांड चार्टर रिलीज
- 2:05किया है। मैं चाहता हूं दर्शकों को मैं वो
- 2:07डिमांड चार्टर दिखा दूं।
- 2:0912 डिमांड्स आपने रखी हैं समाज के लिए,
- 2:13सरकार के सामने। मैंने जब इस डिमांड
- 2:16चार्टर को पहली बार देखा तो मेरे मन में
- 2:19पहला क्वेश्चन यह आया कि सरकार क्या ये
- 2:21डिमांड्स मानेगी?
- 2:25यह मेरे दिमाग में सबसे पहला क्वेश्चन है
- 2:27क्योंकि इस देश की राजनीति जो है वह सब
- 2:29कुछ जातिवाद पर आधारित है। तो सबसे पहले
- 2:32तो आप यह बताइए कि ये डिमांड चार्टर जब
- 2:34आपने बनाया तो क्या सोच कर बनाया? इससे
- 2:37सरकार को समाज को क्या मैसेज देना है और
- 2:39आपको क्या लगता है कि ये डिमांड्स कितनी
- 2:42एक्सेप्ट होंगी? इसमें कितनी उम्मीद सवर्ण
- 2:44समाज रखे आपसे?
- 2:46देखिए सत्यजीत जी हमारा जो पपस है वो
- 2:50हमेशा से रिजर्वेशन का एक जो अभी करंट
- 2:54स्वरूप है उसको बदलना है क्योंकि सब जानते
- 2:57हैं कि जो आरक्षण है वो कुछ नहीं एक यू नो
- 3:00पॉलिटिकल वोट बैंक की राजनीति बन चुकी है
- 3:02तो इसको अगर यू नो रिफॉर्म नहीं किया गया
- 3:05तो जिस तरीके से ये चल रहा है उसमें देश
- 3:07की बर्बादी बिल्कुल तय है और लोगों को जिस
- 3:10तरीके से इस इस आरक्षण ने विभाजित किया है
- 3:13अलग-अलग टुकड़ों में और एक दूसरे को यू नो
- 3:16आपस में ही लड़ा रहे हैं। उससे कहीं से भी
- 3:19देश की प्रगति नहीं होगी और लोगों में जो
- 3:22है आपसी यू नो हेट्रेट बढ़ता जाएगा। आपसी
- 3:26दुर्भाव बढ़ता चला जाएगा। तो इसीलिए इस
- 3:29आरक्षण को जो जो राजनीति है उसको खत्म
- 3:32करना जरूरी है। जो आरक्षण के चारों तरफ
- 3:34राजनीति घूमती है उसको खत्म करना जरूरी है
- 3:37और इस तरह से रिफॉर्म करना जरूरी है ताकि
- 3:40जो जरूरतमंद है जो सही मायने में आरक्षण
- 3:43के हक हकदार है और जिसके लिए आरक्षण
- 3:46एक्चुअली दिया गया था उन तक चीजें पहुंचे।
- 3:48तो ये तो हमारा पहला पर्पस है। दूसरी बात
- 3:51ये कि जो आप कह रहे हैं कि यू नो सरकार
- 3:54सुनेगी कि नहीं सुनेगी तो हमारा जो पर्पस
- 3:58है वो ये डिमांड सरकार तक पहुंचाना उतना
- 4:01अभी जरूरी नहीं है जितना कि हम ये डिमांड
- 4:04जनता तक पहुंचाना चाहते हैं। हमारा पर्पस
- 4:06है कि ये डिमांड हम लोगों तक पहुंचाएं
- 4:09ताकि लोग समझे कि भाई आरक्षण के आसपास
- 4:11क्या राजनीति हो रही है और लोग ये चीजें
- 4:14समझे कि आरक्षण को किस तरीके से यू नो
- 4:17रिफॉर्म करना है। किस तरीके से उसका सही
- 4:19उपयोग करना है और जब यह डिमांड लोगों तक
- 4:22पहुंचेगी, लोग इसकी अहमियत समझेंगे, लोग
- 4:24इसको उठाना शुरू करेंगे तो सरकार खुद ही
- 4:26सुनने लगेगी। तो हमारा पर्पस अभी सरकार को
- 4:29सुनाने से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।
- 4:32तो ये डिमांड जब लोगों तक पहुंच जाएगी तो
- 4:34आवाज वहीं से उठेगी।
- 4:38ठीक है। मतलब यह डिमांड्स असल में अब समाज
- 4:41तक ही जब पहुंचाना है तो जब आप लोगों ने
- 4:44कल इस डिमांड को रिलीज किया तो मैं
- 4:46Twitter पर मेरे पास कई क्वेश्चंस आए।
- 4:49मैंने बहुत सारे क्वेश्चंस देखे जो इस
- 4:51डिमांड चार्टर से रिलेटेड हैं। तो जब बात
- 4:54लोगों की हो रही है तो उन्हीं की बात
- 4:56सुनते हैं और उन्हीं के प्रश्नों का जवाब
- 4:58पहले दे देते हैं। पहला क्वेश्चन है कि अब
- 5:01जब आप आपका पहला डिमांड कहता है कि आप
- 5:04नेशनल कमीशन फॉर जनरल कैटेगरी की डिमांड
- 5:07कर रहे हैं। पहली बात तो इस देश में जनरल
- 5:10कैटेगरी की कोई डेफिनेशन नहीं है। एसटी की
- 5:12डेफिनेशन है, एससी की डेफिनेशन है, ओबीसी
- 5:14की डेफिनेशन है। कैसे आप लोग यह कवर
- 5:17करेंगे कि भाई जनरल कैटेगरी कौन है? किसको
- 5:19कवर करेगा आपका कमीशन? पहला। दूसरा
- 5:22क्वेश्चन इसी से रिलेटेड आया हुआ है कि
- 5:24क्या कास्ट सर्टिफिकेट जैसे ओबीसी को
- 5:27मिलता है, कैटेगरी सर्टिफिकेट जो ओबीसी को
- 5:29मिलता है, एसटी को मिलता है, एससी को
- 5:31मिलता है। क्या वैसा ही सर्टिफिकेट जनरल
- 5:33कैटेगरी को भी मिलेगा? क्या आपकी डिमांड
- 5:35वो भी है? अगर यह दोनों चीजें हैं तो
- 5:38पब्लिक कह रही है कि शायद कुछ होता। लेकिन
- 5:40आपके डिमांड चार्टर में दोनों बातें लिखी
- 5:42हुई नहीं है। तो पहले डिमांड से रिलेटेड
- 5:44इस क्वेश्चन का जवाब जरा हमारे दर्शकों को
- 5:47और आप पूरे समाज को दीजिए कि कास्ट
- 5:49सर्टिफिकेट और जनरल कैटेगरी डेफिनेशन पे
- 5:53आपका क्या आप आपकी टीम का या फिर जो आपकी
- 5:56को टीम है उसके क्या विचार है? हां देखिए
- 6:01अभी हमने टॉप लाइन डिमांड्स रिलीज की है।
- 6:03इसका मतलब यह नहीं है कि सारी की सारी
- 6:06जितनी भी डिमांड है वह सब कवर हो गई हैं।
- 6:08हर एक डिमांड के अंदर एक डिटेल चार्टर
- 6:11बनेगा और उसके अंदर भी डिटेल्स यू नो
- 6:14पॉइंट बाय पॉइंट चीजें होंगी। तो अभी जो
- 6:17लिस्ट है उसमें सब कुछ कवर हम नहीं कर
- 6:20सकते हैं और सब कुछ कवर करना पॉसिबल भी
- 6:22नहीं है क्योंकि जब देखिए सवर्ण आयोग
- 6:24बनेगा या जब नेशनल कमीशन फॉर जनरल कैटेगरी
- 6:26बनेगी [नाक से की जाने वाली आवाज़] तब
- 6:28उसके यू नो उनके अंदर क्या-क्या चीजें
- 6:31आएंगी उनका रोल्स रिस्पांसिबिलिटीज क्या
- 6:33होगा उसकी स्ट्रक्चर क्या होगी ये सब
- 6:35चीजें डिसाइड होंगी तो ये अभी से बोल देना
- 6:37कि सवर्ण आयोग ये करेगा वो करेगा उनके यही
- 6:40डिमांड्स रहेंगे उनके यही रिससिबिलिटीज
- 6:42रहेंग ये बिल्कुल ही यू नो प्रीमेच्योर
- 6:45होगा तो हमारा डिमांड पहले यह है कि जनरल
- 6:48कैटेगरी की बात सुनने के लिए कोई भी नहीं
- 6:50है। एससी एसटी कैटेगरी के लिए अलग-अलग
- 6:53आयोग है। बैकवर्ड कमीशन है। लेकिन जनरल
- 6:55कैटेगरी की बात सुनने के लिए कोई भी नहीं
- 6:57है। और हमको कोई भी तकलीफ होती है। भले ही
- 6:59वो एससी एसटी एक्ट की फर्जी केसेस हो या
- 7:01फिर यूजीसी जैसे डिमांड जो रेगुलेशंस आते
- 7:04हैं जो बिल्कुल ही भेदभाव पूर्ण है वो या
- 7:07फिर आरक्षण जहां पे 70% 80% हो रहा है या
- 7:10हमारे लोग जो ईडब्ल्यूएस के यू नो जो
- 7:12क्राइटेरिया में उनको विसंगति दिखती है कि
- 7:15उसके अंदर उनकी बातें नहीं सुनी जा रही
- 7:17है। तो ये सारी डिमांड हमारे लिए कौन
- 7:19उठाएगा? तो इसीलिए हमको भी एक ऐसा आयोग
- 7:22चाहिए जो हमारी भी बातें उठाए और सरकार तक
- 7:25ले जाए। पॉलिसीज बनाए। हमारे भले की बात
- 7:28करें। तो इसलिए हमारा पहला डिमांड यह है
- 7:31कि भाई हमारी बात सुनने के लिए भी एक आयोग
- 7:34बनाया जाए। जैसे कि बाकी सब वर्गों के लिए
- 7:36आपने आयोग बनाया है। दूसरी बात ये कि भाई
- 7:38हम कोई यू नो कास्टिज्म नहीं कर रहे हैं।
- 7:42जैसे ये वर्ग बनाए हैं। पॉलिटिक्स ने ही
- 7:44ये वर्ग बनाए हैं। कोई हमने तो ये वर्ग
- 7:46नहीं बनाया है कि जनरल कैटेगरी। जनरल
- 7:48कैटेगरी कोई कास्ट नहीं होती है। जनरल
- 7:50कैटेगरी में हर वर्ग के लोग आते हैं। हर
- 7:52धर्म के लोग आते हैं। ये मैं क्लेरिफाई कर
- 7:54देना चाहती हूं लोगों के लिए भी कि आई
- 7:56थिंक लोगों को ये नहीं पता है कि जनरल
- 7:58कैटेगरी में केवल ब्राह्मण, राजपूत कायस्त
- 8:01या भूमिहार या यू नो केवल हिंदू के कुछ
- 8:05कास्ट नहीं आते हैं। बहुत सारे कास्ट होते
- 8:07हैं हिंदुओं के। उसके साथ मुस्लिम भी आते
- 8:09हैं, जैन भी आते हैं, सिख भी आते हैं,
- 8:11पारसी भी आते हैं, ईसाई भी आते हैं। हर
- 8:13धर्म के लोग आते हैं। तो जनरल कैटेगरी कोई
- 8:16एक यू नो एक दो तीन कास्ट पे तक सीमित
- 8:19नहीं है। दूसरी बात ये कि हम जनरल कैटेगरी
- 8:22की डेफिनेशन क्या रखेंगे? तो जनरल कैटेगरी
- 8:26देखिए बेसिकली अनरिजर्व कैटेगरी होती है
- 8:29जिसके जो किसी और क्राइटेरिया में फिट
- 8:31नहीं हो रही है। मतलब वो एससी नहीं है।
- 8:33एससी की जो लिस्ट बनी हुई है, एसटी की जो
- 8:35लिस्ट बनी हुई है, ओबीसी की जो लिस्ट बनी
- 8:37हुई है, उसमें वो फॉल नहीं करते हैं। तो
- 8:40वो होते हैं जनरल कैटेगरी। उसमें ओबीसी
- 8:42क्रीमी लेयर भी आता है। मैं क्लेरिफाई कर
- 8:45दूं कि ओबीसी जो क्रीमी लेयर के लोग होते
- 8:47हैं उनको भी रिजर्वेशन नहीं मिलता है। तो
- 8:49वो भी अनरिजर्व कैटेगरी से ही अप्लाई करते
- 8:51हैं। तो वो भी एक तरह से मतलब अगर आप देखा
- 8:54जाए तो अनरिजर्व कैटेगरी में आते हैं। तो
- 8:56ये जनरल कैटेगरी नहीं मतलब समझ लीजिए कि
- 8:58वो भी उसके अंदर उस डेफिनेशन में वो फिट
- 9:00होते हैं। तो इसके अंदर कौन आएगा? ये इसकी
- 9:04जब सवर्ण आयोग बनेगा तो एक क्राइटेरिया
- 9:06डिफाइन होगी उस समय में कि भाई जो एससी की
- 9:09लिस्ट में नहीं है जो एसटी की लिस्ट में
- 9:11नहीं है जो ओबीसी की लिस्ट में नहीं है वो
- 9:14सारे लोग वो सारी जो जातियां है या धर्म
- 9:17धर्म के लोग हैं वो सारे इसके अंदर आएंगे।
- 9:20दूसरी बात ये कि आप कैसे मतलब आप कैसे
- 9:23बोलोगे और कैसे कोई सुविधा का लाभ लोगे जो
- 9:25जनरल कैटेगरी के के लिए बनी है या फिर
- 9:28उनके लिए जो यू नो ये बोल के कि हम जनरल
- 9:31कैटेगरी है तो उसके लिए एक हम ऐसा यू नो
- 9:34प्रोविजन ला सकते हैं जहां पे कि जनरल
- 9:36कैटेगरी के लिए भी एक सर्टिफिकेट इशू हो।
- 9:39जैसे बाकी लोग सुविधाएं का लाभ लेते हैं
- 9:42एक सर्टिफिकेट इशू करके वैसे ही जनरल
- 9:43कैटेगरी का भी सर्टिफिकेट इशू होगा। आपको
- 9:45एक डिक्लेरेशन देना होगा कि भ एससी, एसटी,
- 9:48ओबीसी में हम नहीं आते हैं। एंड अपना मे
- 9:50बी कुछ डिटेल सबमिट करिए कि आपकी ये आधार
- 9:52कार्ड है या जो भी है ताकि ये ना हो कि भ
- 9:54आप दो जगह से यू नो फायदा ले रहे हैं। आप
- 9:57एससी में भी फायदा ले रहे हैं। जनरल में
- 9:58भी फायदा ले रहे हैं। व्हाटएवर इट इज। तो
- 10:00ऐसा कुछ हम एक मतलब प्रोविजन बनाए कि एक
- 10:02जनरल कैटेगरी का भी एक कुछ डेफिनेशन हो जो
- 10:05उसमें फिट आए वो जाके एक सर्टिफिकेट ले
- 10:07सके व्हाटएवर इट इज बट इट इज टू अर्ली टू
- 10:11डिफाइन कि यू नो क्या क्राइटेरिया रहेगा
- 10:15और उसमें हम अभी ही सर्टिफिकेट डाल देंगे
- 10:17और कैसे होगा ये सारी चीजें डिफाइन होंगी
- 10:20जबकि वो सवर्ण आयोग बनने के बाद शुरू होगी
- 10:22उसका एक स्ट्रक्चर डिफाइन होगा उसकी रोल्स
- 10:24रिस्पांसिबिलिटीज डिफाइन होगी तब हम ये
- 10:26सारी बातें उसके अंदर डालेंगे डेफिनेटली
- 10:28ये सब चीजें उसमें रहेंगी
- 10:30जनरल कैटेगरी होता कौन है ये तो डिसाइड
- 10:32करना ही पड़ेगा तभी यू नो आप सवर्ण आयोग
- 10:36पे जाके अपनी शिकायत कर सकते हैं तो वो
- 10:38डेफिनेशन डिसाइड होगा बट जस्ट टू टेल पीपल
- 10:41कि एनीबडी हु इस नॉट फॉलिंग इन द
- 10:43एकिस्टिंग क्राइटेरियास आर जनरल कैटेगरी
- 10:45इंक्लूडिंग ओबीसी क्रीमी लेयर दे आर आल्सो
- 10:48अपाइंग फ्रॉम जनरल कैटेगरी तो ये सब उसमें
- 10:50आएंगे
- 10:51ठीक है तो जब आप ये कहते हैं कि कास्ट
- 10:53सर्टिफिकेट वगैरह ये सब डिस्कशन में रहेगा
- 10:56जब शुरू करते हैं तो तो एक नई टाइप के
- 10:59कास्ट सर्टिफिकेट की बात आ जाएगी। एक आरोप
- 11:02यह भी लग रहा है कि आप एक तरफ तो जातिवाद
- 11:05खत्म करने की बात कर रहे हो और दूसरी तरफ
- 11:07आप एक नया कैटेगरी बनाने की बात कर रहे
- 11:10हो। मतलब ओबीसी, एसटी, एससी ऑलरेडी है। इस
- 11:13देश में तीन कैटेगरीज हैं। ये चौथी
- 11:16कैटेगरी जनरल कैटेगरी मतलब क्या देश को
- 11:18फिर से वर्ण व्यवस्था में लाना चाह रहे
- 11:19हो? चार अलग-अलग कैटेगरी बन जाएगी। जैसे
- 11:22चार वर्ण होते थे वैसे। हम तो इसका तो मैं
- 11:25जवाब
- 11:27इसका जवाब मैं यह देना चाहूंगी कि भैया
- 11:30जनरल कैटेगरी जो है वो कोई जाति नहीं है।
- 11:33लोगों को मैं क्लेरिफाई कर दूं कि एससी
- 11:35एसटी के सर्टिफिकेट एससी की सर्टिफिकेट
- 11:38नहीं बनती है। उनकी उनकी जाति के लिए
- 11:39सर्टिफिकेट बनती है। मतलब कोई महार जाति
- 11:41से है तो वो सर्टिफिकेट उसको महार जाति का
- 11:43सर्टिफिकेट मिलेगा। उसको जाति प्रमाण पत्र
- 11:46बोला जाता है। वैसे ही ओबीसी में जाएंगे
- 11:48तो आप अगर यादव है तो आपका यादव जाति का
- 11:51प्रमाण पत्र बनेगा। आपका ओबीसी का प्रमाण
- 11:53पत्र नहीं बनेगा। यह बोला जाएगा कि आप
- 11:55यादव जाती हैं। उसके बाद यादव जाति का
- 11:57प्रमाण पत्र ले जाएंगे जो देखेंगे कि हां
- 11:59यह ओबीसी में आते हैं तो ठीक है आपको ये
- 12:01वाला मिलेगा। तो इस तरह से चीजें काम करती
- 12:04हैं। तो जनरल कैटेगरी का जो सर्टिफिकेट है
- 12:06दैट इज नॉट अ कास्ट सर्टिफिकेट। जनरल
- 12:08कैटेगरी कोई कास्ट नहीं है। जनरल कैटेगरी
- 12:11किसी किस वर्ण व्यवस्था में या किस जाति
- 12:12में लिखा हुआ है कि जनरल कैटेगरी करके कोई
- 12:15जाति होती है। जनरल जनरल इज जनरल मतलब कि
- 12:18उसकी कोई जाति नहीं है। तो हम ये
- 12:20सर्टिफिकेट देने की बात इसलिए कर रहे हैं
- 12:22ताकि एक आइडेंटिटी बनी बनी रहे कि भाई ये
- 12:24आइडेंटिटी है जो किसी में फॉल नहीं करती
- 12:26है और इनको भी सुविधाओं का लाभ मिले जो कि
- 12:29यू नो बाकी सारे कैटेगरीज में नहीं फॉल कर
- 12:31रहे हैं। दूसरी बात ये कि ये कैटेगरी हमने
- 12:34नहीं बनाई है। ये कैटेगरी सरकार ने बनाई
- 12:36है। फॉर्म में ऑलरेडी चार कैटेगरीज होती
- 12:38है। आप एससी हैं, एसटी है, ओबीसी है या
- 12:41जनरल है। यह लिखा हुआ रहता है। हम तो वही
- 12:43वाली जो कैटेगरी सरकार दे रही है, उसी को
- 12:45हम बोल रहे हैं कि भैया उसको तुम जो आप
- 12:47कैटेगरी दे रहे हो उसकी एक आयोग बना दो।
- 12:50कैटेगरी हमने थोड़ी क्रिएट की है। तो हम
- 12:52तो बस ये बोल रहे हैं कि जो अधिकार बाकी
- 12:54तीन वर्गों को दिए हैं वो चौथे वर्ग को दे
- 12:56दो। जो वर्ग आपने ही बनाया है। तो हम कोई
- 12:59सीमेंटिंग नहीं कर रहे हैं। हम अपने
- 13:01अधिकार मांग रहे हैं जो आज तक हम नहीं
- 13:03मांग रहे इसलिए हमारे साथ इतना अत्याचार
- 13:05बढ़ता चला जा रहा है। दैट इज ऑल। वी आर
- 13:07नॉट क्रिएटिंग अ न्यू कास्ट। वी आर नॉट
- 13:09क्रिएटिंग अ न्यू कैटेगरी। इट इज़ एन
- 13:10एकिस्टिंग कैटेगरी एंड इट इज नॉट अ कास्ट।
- 13:13एक सवर्ण आयोग गठन की जब बात करते हैं तो
- 13:16सवर्ण आयोग तो पहले से ही बना हुआ है।
- 13:19मुझे जो समझ में आया आपके डिमांड चार्टर
- 13:21को पढ़ के आप उसको कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस
- 13:23दिलवाना चाहती हैं जो ओबीसी, एसटी, एससी
- 13:25को है। आर्टिकल 338 अलऊ करेगा और
- 13:29गवर्नमेंट इसको करवा पाएगी।
- 13:32देखिए कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस जो है वो
- 13:36जैसे बाकी सारे वर्गों के जो आयोग हैं
- 13:39उनको कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस मिला हुआ है
- 13:41वैसे ही हमारे भी जो सवर्ण आयोग बनेगा तो
- 13:45उसको कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस देना है
- 13:47बिकॉज़ विदाउट दैट इनका कोई पावर नहीं है
- 13:49या कोई पॉलिसीज नहीं बना सकते इनके कहने
- 13:51का ये जो बोलेंगे उनकी कोई बात नहीं
- 13:54सुनेगा और दूसरी बात ये कि सवर्ण आयोग ऐसा
- 13:56सेंट्रल लेवल पे कुछ नहीं बना है बिहार
- 13:58में बना था जिसका कोई मतलब जिसका कोई पावर
- 14:01नहीं है वो आयोग आयोग ने एक रिपोर्ट सबमिट
- 14:04की थी। उस रिपोर्ट पे आज तक काम नहीं हुआ
- 14:06है। तो ऐसे आयोग हमको मतलब दैट इज एन
- 14:08एग्जांपल। तो उसी एग्जांपल को हम ले बोल
- 14:11सकते हैं कि हमको ऐसा आयोग नहीं चाहिए।
- 14:12हमको ऐसा आयोग चाहिए जिसके पास पावर हो।
- 14:15रही बात कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस की तो
- 14:17बैकवर्ड कमीशन को भी पहले तो उन्होंने जो
- 14:20एक यू नो ऑर्डर निकाला था कि बैकवर्ड
- 14:23कमीशन बनेगा और उसके बाद वो अमेंडमेंट
- 14:25लेके आए थे 112 जिस पे उसको
- 14:27कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस मिला। तो सेम चीज
- 14:29आप असवर्ण आयोग के साथ भी करो। मतलब जैसे
- 14:31आप में यू नो पहले आप आर्डर निकालो उसके
- 14:34बाद कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस उसको दो जैसे
- 14:36बाकी लोगों को दिया है। तो इसमें कोई
- 14:38रुकाव मतलब अगर सरकार करना चाहे तो वो तो
- 14:40आराम से कर सकती है। इसको रोकने के लिए
- 14:42क्या उनके पास पर्पस है? मतलब हमको आप
- 14:44अधिकार नहीं दोगे। ऐसा तो कुछ नहीं है।
- 14:46आयोग बनाओगे तो पावर भी दो हमको। जैसे
- 14:48बाकी लोगों के लिए क्या है वैसे हमारे लिए
- 14:50करो।
- 14:51ठीक है। पहली डिमांड पे मुझे लगता है लगभग
- 14:54आपने सारा क्लेरिफाई कर दिया है। आते हैं
- 14:56दूसरी डिमांड पर। यूजीसी रोल बैक मुझे समझ
- 15:00में नहीं आ रहा आप लोगों को अब यह डिमांड
- 15:01करने की क्या जरूरत है जब कोर्ट ने ऑलरेडी
- 15:04स्टे लगा दिया है दूसरा सरकार ने अभी कुछ
- 15:0815 20 दिन पहले एक न्यूज़ आई थी कि सरकार
- 15:10उस पर रिकंसीडर भी करेगी यह बात भी सरकार
- 15:13ने कोर्ट में सबमिट किया है अब क्या
- 15:15दिक्कत है अब तो मतलब जब सरकार रिकंसीडर
- 15:18करने को तैयार ही है कोर्ट ने स्टे लगाया
- 15:20ही है तो यह जो चल रहा है मतलब आरोप लग
- 15:22रहा है दूसरे साइड से के या फिर मैं
- 15:24कहूंगा कि बीजेपी की जो आईटी सेल है उसका
- 15:27का आरोप सबसे ज्यादा लग रहा है। भाजपा
- 15:29समर्थकों का आरोप लग रहा है कि आपकी टीम
- 15:31का जो मोटो है वो सॉल्यूशन नहीं है।
- 15:34क्योंकि सशन सरकार दे रही है। आप फिर भी
- 15:36इस मुद्दे को गरम रखना चाहते हो। तो जरा
- 15:38क्लेरिफाई कीजिए कि असल में अब आपकी
- 15:40डिमांड क्या है? लोगों को पता चलना चाहिए
- 15:42कि आप यूजीसी के मामले में क्या स्टैंड
- 15:45रखते हो? क्या आप स्टे से सेटिस्फाइड हो?
- 15:48क्या आप जो रिकंसीडरेशन होना है होने वाला
- 15:51है उससे आप एग्री करते हो?
- 15:54देखिए सबसे पहली बात तो मैं यह बता दूं कि
- 15:58स्यूशन तो अभी तक नहीं आया है। आई डोंट
- 16:00अंडरस्टैंड कि रिकंसीडरेशन को सॉल्यूशन
- 16:02कोई कैसे समझ सकता है और स्टे को भी कोई
- 16:04स्यूशन कैसे कर समझ सकता है। बिकॉज़ स्टे
- 16:06तो टेंपरेरी होता है। स्टे तो कभी भी
- 16:08हटाया जा सकता है। किसी चीज को स्टे करके
- 16:10एक जगह पे रख देना इज़ नॉट अ सॉल्यूशन।
- 16:12सॉल्यूशन वो होता है जो एंड तक जाए। तो
- 16:15सशन यह है इसका कि रोल बैक होना है और वही
- 16:17हमारा पहले दिन से डिमांड है और वही हमारा
- 16:19एंड मोमेंट तक डिमांड रहेगा जब तक कि रोल
- 16:21बैक नहीं होता है। मैं बताती हूं इसमें इस
- 16:25इस गाइडलाइंस को रोल बैक होना क्यों जरूरी
- 16:27है? सबसे पहली बात तो गाइडलाइंस यूजीसी
- 16:302012 ऑलरेडी एकिस्ट करते थे। जो लोगों को
- 16:33शायद नहीं पता है या लोगों को नहीं बताया
- 16:35गया है कि ऑलरेडी यूजीसी के एक गाइडलाइंस
- 16:37एक्सिस्ट करते थे। जिसमें कि एससी एसटी के
- 16:40लिए इनफ प्रावधान थे। उनके लिए यू नो
- 16:42इक्वलिटी सेल्स थे, एससी, एसटी, सेल्स थे।
- 16:45उनके लिए प्रॉपर प्रावधान थे कि उनके लिए
- 16:47डिस्क्रिमिनेशन कैसे हटाया जाएगा। तो ये
- 16:49जो नए गाइडलाइंस बनाए थे इनकी कोई भी
- 16:51जरूरत नहीं थी। ये गाइडलाइंस भी एक पीआईएल
- 16:54के बेसिस पे बने थे जिसका बेसिस था दो
- 16:56केसेस रोहित वैमुला और पायल तडवी जो
- 16:58ऑलरेडी कोर्ट में मतलब ऑलरेडी जो सरकार थी
- 17:01उन्होंने ये बना बता दिया था कि ये कास्ट
- 17:03डिस्क्रिमिनेशन के केसेस नहीं थे। तो
- 17:05सरकार को एक यू नो पीआईएल पे नोटिस मांगा
- 17:08गया था कोर्ट की तरफ से और सरकार वहां पर
- 17:11चाहती तो आराम से बोल सकती थी कि ये सारे
- 17:13केसेस फर्जी है और कास्ट डिस्क्रिमिनेशन
- 17:16के इतने ही केसेस होते हैं। टोटल इतने यू
- 17:18नो करोड़ स्टूडेंट्स हैं और कास्ट
- 17:20डिस्क्रिमिनेशन बहुत ही रेयर है।
- 17:22एकिस्टिंग गाइडलाइन ऑलरेडी इनफ है। ये
- 17:24सारी चीजें सरकार कोर्ट में रख सकती थी।
- 17:26लेकिन सरकार ने ऐसा कुछ भी नहीं किया।
- 17:27जैसे-जैसे उनको इंदिरा जय सिंह डायरेक्ट
- 17:29करती गई वैसे-वैसे ये गाइडलाइन बना के
- 17:31देते गए। उसके बाद हुआ ये कि ये लास्ट ईयर
- 17:33जब ये गाइडलाइन ले आए थे तो इसमें केवल
- 17:36एससी एसटी के प्रावधान थे। इसके अंदर
- 17:38ओबीसी बिल्कुल नहीं था। फिर उसके बाद
- 17:40ओबीसी जो कुछ ऑर्गेनाइजेशन है उन्होंने
- 17:42हल्ला मचाना शुरू किया तो इन्होंने
- 17:43पॉलिटिकल वोट बैंक के लिए उन्होंने ओबीसी
- 17:45भी इसमें घुसा दिया। तो ये है इसका
- 17:47बैकग्राउंड। उसके बाद इसके प्रावधान जो है
- 17:49वो इतने ज्यादा ड्रकोनियन है कि ये जो अगर
- 17:52कैंपस में आ गए तो ये पूरा कैंपस का माहौल
- 17:55बर्बाद कर देंगे। मतलब यहां पे ऐसा है कि
- 17:58इंप्लसिट एक्ट्स आप इंक्लूड कर रहे हो।
- 18:00मतलब कोई बच्चा अगर मजाक में भी किसी को
- 18:02कहता है कि हां भाई छोटे तू इधर आ तो उसको
- 18:04भी कास्ट मतलब उसका इंटेंट नहीं है लेकिन
- 18:06आप उसको भी मान लोगे। वैसे ही आप वहां पे
- 18:08पुलिस भी एंट्री दे रहे हो, एनजीएस को
- 18:10एंट्री दे रहे हो, इक्विटी स्क्वाड्स बना
- 18:12रहे हो जो कि कैंपस में घूम घूम के
- 18:14डिस्क्रिमिनेशन सर्च करेंगे। तो इस टाइप
- 18:16का जो एक डरा मतलब एक यू नो डर वाला माहौल
- 18:19आप क्रिएट कर दोगे कैंपस में। तो इसके जो
- 18:21जितने भी प्रावधान है वो सारे के सारे
- 18:23प्रॉब्लमेटिक है। केवल कास्ट
- 18:25डिस्क्रिमिनेशन में जीसी को एक्सक्लूड
- 18:27किया है। यही एक प्रॉब्लम नहीं है। सारे
- 18:29ही प्रावधान इसके प्रॉब्लमैटिक है। तो
- 18:31इसलिए रिकंसीडरेशन करना कि हम रिकंसीडरेशन
- 18:34करके चार डेफिनेशनंस चेंज कर देंगे और
- 18:36उसको वापस लेके आएंगे। दैट इज नॉट द
- 18:37स्यूशन। सेकंड थिंग इज कि हमको स्टे लगा
- 18:40देना इज नॉट अ स्यूशन। और वो स्टे भी
- 18:42क्यों लगा है? मैं बता दूं कि इस यूजीसी
- 18:44गाइडलाइन जब ये आई थी यूजीसी के रेगुलेशंस
- 18:47जब आए थे ये ऑलरेडी गैजेटेड थे। ये
- 18:49गैजेटेड होके ऑलरेडी मतलब ये इनको लागू
- 18:52किया जा चुका था। लागू किए जाने के दो दिन
- 18:55बाद से हमने इसको उठाना शुरू किया और तब
- 18:57हम दो हफ्ते तक इसको लगातार सोशल मीडिया
- 19:00पे उठाते रहे। सरकार की जितने भी मीडिया
- 19:03हाउसेस थे किसी ने भी इसको नहीं उठाया। दो
- 19:05हफ्ते बाद इन्होंने बातें उठाना शुरू की
- 19:07और ये ग्राउंड तक पहुंचा है। तो अगर हम उस
- 19:09समय भी मतलब चुपचाप होकर बैठ जाते तो ये
- 19:11स्टे भी नहीं लगता। ये स्टे भी इसलिए लगा
- 19:13है क्योंकि हमने हल्ला मचाया है। तो हम
- 19:15हल्ला तब तक मचाएंगे जब तक कि ये रोल बैकक
- 19:17नहीं होता है। एंड रोल बैक ही स्यूशन है।
- 19:19इसका और कोई सशन नहीं है। रिकंसीडरेशन इज
- 19:22नॉट द स्यूशन। स्टे इज नॉट द स्यूशन।
- 19:26ठीक है। थैंक यू। मेरे ख्याल से ये मैसेज
- 19:29अब पूरे सारे भाजपा समर्थक देख लेंगे कि
- 19:32भाजपा को परेशान करना पर्पस नहीं है आप
- 19:34लोगों का। आप लोगों का पर्पस है कि यूजीसी
- 19:37रोल बैक होना चाहिए क्योंकि प्रॉब्लम पूरे
- 19:40पॉलिसी में ही है। तीसरे डिमांड पर आते
- 19:43हैं। बड़ा कंट्रोवर्शियल डिमांड है जिस पर
- 19:46सबसे ज्यादा चर्चा शुरू हुई है।
- 19:48ईडब्ल्यूएस इकोनमिक बेस्ड रिजर्वेशन आप
- 19:51लोग कहते हैं इसको मूव फ्रॉम कास्ट बेस्ड
- 19:53टू इकोनमिक बेस्ड रिजर्वेशन।
- 19:57क्वेश्चंस जो है इस पर वो यह है कि अगर आप
- 19:59इकोनमिक बेस्ड रिजर्वेशन की डिमांड करते
- 20:01हैं तो फिर कास्ट बेस्ड रिजर्वेशन में
- 20:04रिफॉर्म की जरूरत ही क्यों है? क्योंकि
- 20:06इकोनमिक बेस रिजर्वेशन आ गया तो उसके बाद
- 20:08तो बाकी डिमांड्स पर तो कुछ डिस्कशन की
- 20:10खास जरूरत है नहीं।
- 20:12इस पर आपके फॉलोअर्स भी, दर्शक भी, समाज
- 20:16भी सब जानना चाहते हैं कि क्या पैटर्न है
- 20:19आप लोगों के दिमाग में कि तीसरी डिमांड को
- 20:21जब आपने रखा है तो इसका पांचवी डिमांड के
- 20:24साथ जहां पर आपने रिजर्वेशन रिफॉर्म की
- 20:26बात की है उससे क्या कनेक्शन है।
- 20:29हां आई थिंक लोगों को यह समझना जरूरी है
- 20:32कि यह सारे डिमांड इंटररिलेटेड है और यह
- 20:36यू नो जो आपने बोला कि जो कास्ट बेस से
- 20:39इकोनमी कंडीशन पे जो बढ़ना है वो और हमारा
- 20:43जो रिजर्वेशन रिफॉर्म है दे आर
- 20:45कॉम्प्लीमेंटिंग ईच अदर दे आर नॉट
- 20:47म्यूचुअली एक्सक्लूसिव तो मैं ये बता दूं
- 20:49कि कैसे होगा जैसे हमारा डिमांड है
- 20:51रिजर्वेशन रिफॉर्म में तो उसमें हम बोल
- 20:53रहे हैं कि आप क्रीमी लेयर लगाइए एससी
- 20:55एसटी आरक्षण में दूसरा डिमांड ये है कि
- 20:57ओबीसी क्रीमी लेयर जो है वो रिडफाइन कीजिए
- 21:00क्योंकि अभी के जो क्राइटेरिया है बहुत ही
- 21:02लैक्स है। उसमें यू नो आदमी की खुद की
- 21:05सैलरी काउंट नहीं होती है। जो एग्रीकल्चरल
- 21:07इनकम है वो काउंट नहीं होता है। बिजनेस का
- 21:09इनकम काउंट नहीं होता है। ग्रुप सी और डी
- 21:12में अगर आप है तो वो काउंट नहीं होता है।
- 21:14अगर आप 40 साल के बाद ग्रुप ए में आए हैं
- 21:16तो वो काउंट नहीं होता। तो मतलब ऐसे
- 21:18कंडीशंस लगा दिए हैं कि उसमें 90% लोग
- 21:21आराम से ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर बन जाते
- 21:24हैं। तो ये ऐसी क्राइटेरिया का क्या मतलब
- 21:26है? मतलब आप सब आप कृषि का आय अगर आप नहीं
- 21:30जोड़ रहे हैं और आप जमींदार हैं और आपको
- 21:31करोड़ों की संपत्ति है। आप Mercedes में
- 21:33घूम रहे हैं और आप स्टिल नॉन क्रीमी लेयर
- 21:36हैं। इसका तो कोई मतलब नहीं है। तो हम चाह
- 21:38रहे हैं कि ये भी क्राइटेरिया रिीडफाइन हो
- 21:41और एससी एसटी में भी क्रीमी लेयर लगे और
- 21:43ईडब्ल्यूएस जो है वो तो ऑलरेडी क्रीमी
- 21:46लेयर मतलब मैं बताऊं कि वो इकोनमिक कंडीशन
- 21:48पे ही है। जनरल कैटेगरी में सबको नहीं
- 21:49मिलता है। ईडब्ल्यूएस में जो आता है उसी
- 21:51को मिलता है। तो एक बार जब ये चीजों चीजें
- 21:54हो जाएंगी तो आपका जो यू नो इकोनॉमिक बेस
- 21:57पे है वही वही चीजें हो रही है। मतलब
- 22:00इकोनमिक बेस की तरफ ही हम बढ़ रहे हैं। तो
- 22:04अगर आप देखेंगे तो जनरल कैटेगरी में भी
- 22:05गरीबों को मिलता है। ओबीसी ओबीसी के अंदर
- 22:08भी जो है गरीबों को मिलता है और एससी एसटी
- 22:10में भी फिर गरीबों को मिलेगा। तो इस तरीके
- 22:12से हम इकोनॉमिक बेस कंडीशन पे बढ़ रहे
- 22:15हैं। और कास्ट से धीरे-धीरे मतलब कास्ट भी
- 22:18रहेगा लेकिन कास्ट से हम मूव कर रहे हैं
- 22:20इकोनॉमिक पे। एंड उसके बाद जो
- 22:22क्राइटेरियास आप जितने भी कमीशंस हैं
- 22:26उसमें जो आप क्राइटेरियास डालते हो मैं
- 22:28बता दूं कि इकोनॉमिक कंडीशन इज अ
- 22:30क्राइटेरिया अंडर ईच ऑफ द कैटेगरी। ऐसा
- 22:32नहीं है कि इकोनमिक बैकवर्डनेस
- 22:34क्राइटेरिया नहीं है। लोगों को ये भ्रम
- 22:36फैलाया जाता है कि इकोनॉमिक बैकवर्डनेस जो
- 22:39है या पावर्टी जो है कंडीशन जो है
- 22:42इकोनॉमिक कंडीशन वो एज अ क्राइटेरिया नहीं
- 22:45होती है एससी एसटी ओबीसी में। जी नहीं
- 22:46बिल्कुल क्राइटेरिया है। ओबीसी में भी
- 22:48इकोनॉमिक कंडीशन जो है देयर आर थ्री
- 22:50क्राइटेरिया सोशल, एजुकेशन, इकोनॉमिक। तो
- 22:53इकोनॉमिक को वन पॉइंट दिया जाता है। सोशल
- 22:55को तीन पॉइंट दिया जाता है। तो हम ये आगे
- 22:57कोशिश करेंगे कि सोशल को जो है वो मतलब आप
- 23:00सोशल एजुकेशनल जो आप ले रहे हो उसमें थ्री
- 23:03टू वन जो आप कर रहे हो इकोनमिक को वन दे
- 23:05रहे हो इकोनॉमिक को टू थ्री आप दो एंड फिर
- 23:07उसके बाद टू और वन करके आप एजुकेशनेशनल को
- 23:09टू दो एंड फिर सोशल को वन दो। तो इस टाइप
- 23:12से आप क्राइटेरियास रिडफाइन करो। सेम थिंग
- 23:15इन एससी आल्सो यू हैव इकोनॉमिक बैकवर्डनेस
- 23:18यू नो कमिंग आउट ऑफ़ अनटचेबिलिटी। इकोनमिक
- 23:20बैकवर्डनेस, सोशल बैकवर्डनेस, एजुकेशनेशनल
- 23:22बैकवर्डनेस तो उसमें हम इकोनॉमिक
- 23:24बैकवर्डनेस जो है उसको हम प्रायोरिटी
- 23:26रखेंगे। सेम थिंग गोज़ फॉर एसटी आल्सो। तो
- 23:29अभी क्या है कि हम पहले तो हम क्रीमी लेयर
- 23:31लगा देंगे सब में। तो जब क्रीमी लेयर लग
- 23:33गया तो ऑलरेडी एक इकोनॉमिक कंडीशन वहां पे
- 23:35सेट हो गया। दूसरी बात हम ये बोलेंगे कि
- 23:37जो क्राइटेरियास एकिस्टिंग है उसमें आप
- 23:40इकोनॉमिक कंडीशन को ज्यादा पॉइंट्स दो।
- 23:42उसको प्रायोरिटी दो एंड कास्ट मतलब जो भी
- 23:45बाकी क्राइटेरिया है उसको आप नीचे रखो। तो
- 23:47ये दूसरा स्टेप हो गया। धीरे-धीरे हम क्या
- 23:50करेंगे? हम ये बोलेंगे कि अंब्रेला जो है
- 23:52आप ईडब्ल्यूएस का मतलब ऑन द टॉप रॉकर उसके
- 23:54अंदर यू कैन पुट यू नो दी कास्ट बेस
- 24:00एंड देन वि टाइम यू रिमूव यू कीप ऑन
- 24:02रिमूविंग दोस कास्ट बेस क्राइटेरियास एंड
- 24:05जस्ट कीप एन इकोनमिक थिंग। तो इस तरीके से
- 24:08एक हम मूव करेंगे। व्हाट यू सी इन थ्री इज
- 24:10अ विज़न। विज़न व्हिच वी सी ऑन अ लॉन्ग टर्म
- 24:13बेसिस। व्हाट यू सी इन फाइव इज एन
- 24:16एकिस्टिंग व्हिच इज एन एकिस्टिंग यू नो
- 24:18इमीडिएट डिमांड व्हिच हैज़ टू बी डन नाउ
- 24:20अभी आप रिव्यू करो और वो सारी
- 24:22क्राइटेरियास लागू करो और उसके बाद फिर
- 24:24धीरे-धीरे हम लॉन्ग टर्म विज़न में इस तरह
- 24:26से बढ़ेंगे। तो हमने उसको सेपरेट इसलिए रखा
- 24:29है बिकॉज़ लोगों को यू नो उनके टॉप ऑफ दी
- 24:32माइंड ये सारी चीजें रहे। इसलिए हमने कुछ
- 24:34क्राइटेरियास को अलग से डिफाइन किया है।
- 24:37बट डजंट मीन कि दे आर म्यूचुअली
- 24:39एक्सक्लूसिव। दे आर ऑल कॉम्प्लीमेंटिंग ईच
- 24:41अदर। दे आर ऑल ईच अदर।
- 24:44ठीक है। अगली डिमांड है आपकी वन फैमिली वन
- 24:49रिजर्वेशन
- 24:50वन टाइम। यह कहती है आपकी डिमांड। अगली
- 24:53डिमांड जो है। अब सबसे बड़ी बात तो इसमें
- 24:55ये आ रहा है क्वेश्चन कि वन फैमिली का
- 24:58मतलब क्या होता है? क्योंकि जितने राशन
- 25:01कार्ड उतनी फैमिली। अब एक पिता के पांच
- 25:04संताने हैं। वो पहले वाले ने रिजर्वेशन ले
- 25:07लिया। पिता ने रिजर्वेशन ले लिया। उसके
- 25:08बाद पांच बच्चे हैं। जब उनको रिजर्वेशन
- 25:10लेने का टाइम आया। उनको परिवार से बेदखल
- 25:12कर दिया। अलग-अलग परिवार बन गए। अब वह
- 25:14अपनेप रिजर्वेशन ले लेंगे। तो फैमिली की
- 25:18डेफिनेशन आनी होगी यहां पर कि कैसे आप लोग
- 25:21ये डिसाइड करेंगे कि भाई एक फैमिली कैसे
- 25:23एनश्योर करेंगे कि एक फैमिली में मतलब एक
- 25:25पिता की अगर पांच संतान अगर पिता ने ले
- 25:27रखा है प्रिजर्वेशन तो उसके बाद उस परिवार
- 25:30में या उस लीनियज में किसी को भी ना मिले।
- 25:32तो इसके बारे में कुछ प्लानिंग है। मैं
- 25:34श्योर हूं कि अभी तक मैंने जितना आपसे
- 25:35समझाया तो कई चीजें जो इसमें नहीं लिखी
- 25:37हुई है वो आप बता रही है हमें। तो इसके
- 25:40बारे में आप लोगों के बैक ऑफ माइंड मतलब
- 25:41क्या चल रहा है? क्या वन फैमिली वन
- 25:43रिजर्वेशन को कैसे इंश्योर करेंगे? वन
- 25:46टाइम कैसे इंश्योर करेंगे? सबसे बड़ी
- 25:47प्रॉब्लम तो ये है। उस पर थोड़ा बताइए।
- 25:50आई थिंक आपने आंसर खुद ही दे दिया है कि
- 25:53फैमिली का मतलब जो फादर होते हैं तो इट्स
- 25:55मोर लाइक अ न्यूक्लियर फैमिली। नॉट लाइक अ
- 25:57जॉइंट फैमिली। न्यूक्लियर फैमिली है। तो
- 25:59मेंस मतलब इसका ये है कि फादर अगर सेम है
- 26:02तो वो एक फैमिली गिनी जाएगी। तो अगर फादर
- 26:05को मिल गया है तो उनके किसी भी बच्चे को
- 26:07नहीं मिलना चाहिए। सिमिलरली अगर किसी एक
- 26:10आदमी को मिला है उसके यू नो दो बच्चे हैं
- 26:12और उसका भाई है तो भाई को मतलब अगर एक एक
- 26:15फादर ने लिया है अगर फादर ने नहीं लिया है
- 26:18और दो भाई हैं और उनकी पैरेलल फैमिली चल
- 26:20रही है तो इस फैमिली में अगर एक ने लिया
- 26:22है मतलब फादर ने इस भाई ने ले लिया है तो
- 26:24उनके बच्चों को नहीं मिलेगा और इस भाई ने
- 26:26ले लिया है तो उनके बच्चों को नहीं मिलेगा
- 26:28तो बेसिकली फादर से हम उसको कोरिलेट कर
- 26:30सकते हैं। आई मीन दिस इज द जनरल कांसेप्ट
- 26:33कि मतलब चाचा भतीजा उस टाइप से नहीं बट एक
- 26:37न्यूक्लियर फैमिली जो होती है एक यू नो
- 26:39सिंगल यूनिट जो होता है उसको हम कंसीडर
- 26:41करेंगे एज अ फैमिली नाउ कमिंग टू वन टाइम
- 26:44उसका होगा तो हमारा सिंपल पर्पस है कि
- 26:46रिजर्वेशन जो है वो आपको अपलिफ्ट करने के
- 26:49लिए है फैमिली में एक अपलिफ्ट होता है तो
- 26:51बाकी लोगों को भी वो अपलिफ्ट करेगा वो
- 26:53उसकी जिम्मेदारी है तो अगर आपने एजुकेशन
- 26:57में लिया है तो आपको नौकरी में नहीं मिलना
- 26:59है आपको नौकरी में मिल गया है को प्रमोशन
- 27:00में नहीं मिलना है। इस टाइप से ये चीजें
- 27:02रहेंगी। दूसरी बात कि इसको कभी भी
- 27:04रिजर्वेशन जो है उसको हम यू नो अपने एक
- 27:07आइडेंटिटी प्रूफ से लिंक करेंगे। जैसे
- 27:09आधार कार्ड है या वोटर कार्ड है या जो भी
- 27:11है उससे एक लिंक करेंगे टू मेक श्योर कि
- 27:13सेम बंदा दो बार रिजर्वेशन का लाभ नहीं ले
- 27:16रहा है। तो इस टाइप से हमको उसको बैक एंड
- 27:18में लिंक करना पड़ेगा। टू मेक श्योर कि
- 27:20रिजर्वेशन का डबल यूज़ ना हो और एक फैमिली
- 27:23तक ही वो सीमित रहे। तो दिस इज समथिंग
- 27:25व्हिच वी हैव थॉट अबाउट बट ऑब्वियसली
- 27:27व्हेन वी आर सिंग एंड वी आर डिसाइडिंग देन
- 27:30वी कैन डिसाइड ऑन इट बट दिस इज व्हाट द
- 27:32प्लान इज।
- 27:34ओके फिफ्थ जो है आपका उस पे ज्यादा
- 27:36क्वेश्चंस नहीं है क्योंकि आपने ऑलरेडी
- 27:39थर्ड में इसके बारे में बताया। आप कह रही
- 27:41हैं इक्वल रिलैक्सेशन फॉर ईडब्ल्यूएस
- 27:43कैंडिडेट्स। ये एक बहुत बड़ी डिमांड है।
- 27:45मेरे ख्याल से आपको थोड़ा इस पर ज्यादा
- 27:47सीरियस भी होना पड़ेगा जब आप लोग सरकार से
- 27:49इसके बारे में बात करेंगे क्योंकि आपने
- 27:52सुना होगा अमीर ईडब्ल्यूएस
- 27:55नाम की भी एक कांसेप्ट होता है इस देश में
- 27:57जो अंबेडकरवादी चलाते हैं। मतलब उन्हें या
- 27:59तो ईडब्ल्यूएस की फुल फॉर्म नहीं पता है
- 28:00या अमीर ईडब्ल्यूएस वो कैसे मतलब मुझे
- 28:02नहीं समझ में आता। पर हां ये प्रॉब्लम है
- 28:04बहुत बड़ी कि ईडब्ल्यूएस तो बोल दिया गया
- 28:06है लेकिन जहां एसटी एससी को फीस में भी
- 28:08छूट मिल जाती है वहां ईडब्ल्यूएस को फीस
- 28:11में भी छूट नहीं मिलती है। तो इसमें शॉर्ट
- 28:14में थोड़ा सा आप मुझे बताइए कि आपके
- 28:16क्या-क्या इसमें डिमांड्स है कि क्या
- 28:18इक्वल चीजें मांग रही है आप रिलैक्सेशन
- 28:20क्या इक्वल रिलैक्सेशंस आप इसमें मांग रही
- 28:24है?
- 28:27देखिए ईडब्ल्यूएस जो है वो नाम जैसे
- 28:29सजेस्ट करता है इट इज फॉर इकोनॉमिकली वीकर
- 28:31सेक्शन। तो जो गरीब है उनको यह आरक्षण
- 28:33दिया जा रहा है। तो जो गरीब है उसको आप
- 28:36पूरी फीस भरवाओगे और जो अमीर आईएएस का
- 28:38बच्चा है उसको आप यू नो फीस जीरो कर दोगे
- 28:41तो यह कहीं से भी लॉजिकल या कहीं से भी यू
- 28:43नो सामाजिक न्याय के जो जो क्राइटेरिया है
- 28:46उसमें फिट होता है बिल्कुल भी नहीं तो
- 28:48हमारा ये डिमांड है कि जो गरीब लोगों को
- 28:51सुविधा मिलनी चाहिए वैसे आप उनको सुविधाएं
- 28:54दो तो जैसे फीस में रिलैक्सेशन होता है
- 28:56जैसे एससी एसटी को आप रिलैक्सेशन दे रहे
- 28:58हो वैसे ही ईडब्ल्यूएस को रिलैक्सेशन दो
- 29:01वैसे ही आप जितने भी क्राइटेरिया जो भी है
- 29:03आपके एज एज हुए या फिर अटेमप्ट्स हुए उनप
- 29:06जो भी रिलैक्सेशन आप बाकी लोगों को दे रहे
- 29:08हो तो ईडब्ल्यूएस को क्यों नहीं दे रहे
- 29:09हो? क्या बाकी लोगों का एज ज्यादा हो जाने
- 29:12से उनको मतलब वो गरीब है या आप सोच रहे हो
- 29:15कि वो गरीब हैं तो उनको ज्यादा बार
- 29:17अटेम्प्ट देने दोगे तो ईडब्ल्यूएस को आपने
- 29:20क्यों छोड़ रखा है? वो भी तो गरीब है फिर।
- 29:22तो उनको कुछ ज्यादा स्पेशल सुविधा मिलती
- 29:25है क्या? क्या वो कुछ जाति में जन्म हो गए
- 29:27हैं इसलिए उनकी गरीबी कुछ डिफरेंट होती है
- 29:29क्या? ऐसा तो है नहीं। तो उनको भी सेम
- 29:31सुविधाएं देंगे। ईडब्ल्यूएस का जो
- 29:33सर्टिफिकेट होता है वो भी एक ही साल के
- 29:34लिए वैलिड होता है। जबकि ओबीसी का तीन साल
- 29:36के लिए वैलिड होता है। तो वैसे ही अगर आप
- 29:38सेम जो क्राइटेरिया ओबीसी के लिए भी दे
- 29:40रहे हो वैलिडिटी की वही सेम चीज इनको भी
- 29:42दो। कमिंग टू यू नो ईडब्ल्यूएस के जो
- 29:46क्राइटेरियास है दैट इज वेरी वेरी
- 29:48स्ट्रांग मतलब बहुत ही ज्यादा कठोर है
- 29:52कंपेयर टू ओबीसी क्रीमी लेयर। अगर आप
- 29:54ओबीसी क्रीमी लेयर के क्राइटेरिया देखोगे
- 29:55तो जैसा मैंने बताया कि एग्रीकल्चर की
- 29:57इनकम काउंट नहीं होती, बिजनेस की इनकम
- 29:59काउंट नहीं होती। खुद की इनकम काउंट नहीं
- 30:02होती, बीवी की इनकम काउंट नहीं होती,
- 30:04ग्रुप सी, डी की इनकम काउंट नहीं होती।
- 30:06मतलब यह सब इतने सारे चीजें लगा दी है।
- 30:08जबकि ईडब्ल्यूएस है उसकी क्राइटेरिया इतनी
- 30:11स्ट्रांग है। उसमें एक एसेट क्राइटेरिया
- 30:13भी लगा दिया है कि भाई आपके पास इतने गज
- 30:15की जमीन है। मतलब छोटी सी भी जमीन है तो
- 30:17आप उससे बाहर हो जाओगे। आपका जो फैमिली
- 30:20यूनिट है उसमें भाई, बहन, पत्नी, पिता,
- 30:22माता सबका काउंट हो जाएगा। जितनी भी इनकम
- 30:25है सब काउंट होंगी। तो ये जो ईडब्ल्यूएस
- 30:28का जो क्राइटेरिया है वो ओबीसी क्रीमी
- 30:29लेयर की तरह आपने क्यों नहीं इसको लैक्स
- 30:32बनाया है? तो उस तरह से या तो आप वहां की
- 30:34क्राइटेरिया टफ करो और दोनों को बराबर
- 30:36लेवल पे लेके आओ या फिर आप ईडब्ल्यूएस की
- 30:38रिलैक्स करो। तो जो भी है मतलब इट हैज़ टू
- 30:40बी द सेम अक्रॉस बोर्ड। तो
- 30:44जो लोग ये कहते हैं कि भ ईडब्ल्यूएस का
- 30:46मतलब यू नो अमीर ईडब्ल्यूएस है और ये वो
- 30:50तो मैं बता दूं कि यू नो मिसयूज ऑफ अ
- 30:54सर्टिफिकेट और अ फेक सर्टिफिकेट ये फ्रॉड
- 30:57होता है तो ये फ्रॉड का काम मतलब हर
- 30:59कैटेगरी में फ्रॉड सर्टिफिकेट्स बन रहे
- 31:01हैं। तो इसका मतलब ये नहीं है कि वो
- 31:03कैटेगरी ही ये फ्रॉड है। मतलब फेक
- 31:05सर्टिफिकेट बन रहे हैं तो उसका रूल्स एंड
- 31:08रेगुलेशंस होंगे। तो उनको पकड़ो और उनको
- 31:09जेल में डालो फ्रॉड सर्टिफिकेट बनाने के
- 31:12लिए। अब एनसीजीसी जब बनेगी तो उसमें आप
- 31:14शिकायत दर्ज करो कि भैया ये लोग फेक
- 31:15सर्टिफिकेट बना रहे हैं। बट उसका मतलब ये
- 31:17थोड़ी है कि ईडब्ल्यूएस को ही आप बोल दोगे
- 31:19कि भैया क्राइटेरिया कोई मतलब ये कैटेगरी
- 31:22ही किसी काम की नहीं है और अमीर
- 31:24ईडब्ल्यूएस होता है कुछ। अमीर ईडब्ल्यूएस
- 31:26तो मुझे आज तक कासेप्ट समझ में नहीं आया।
- 31:27व्हेन इट इज़ अ इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन
- 31:29कहो। इट इज अमीर ईडब्ल्यूएस। तो
- 31:32आई डोंट नो कौन बोल रहा है बट
- 31:35नहीं है कुछ अंबेडकरवादी है पर देन देन
- 31:39मैं अंबेडकरवादी भी नहीं कहूंगा पिछड़े
- 31:41समाज के लोग हैं तो पिछड़ापन उनका किसी और
- 31:44कारण से हो सकता है ऑफकोर्स मतलब मानसिक
- 31:46पिछड़ापन नाम का भी एक कांसेप्ट होता है
- 31:47दुनिया में तो वो वो लोग शायद बोलते हैं
- 31:52अब आते हैं रिजर्वेशन रिफॉर्म पे जो अगला
- 31:54है आपका और इसमें आपने तीन बातें रखी है
- 31:58सबसे खास है ये मतलब मैं पर्सनल लेवल पर
- 32:01मैं इसमें सबसे ज्यादा फोकस मैं आपके
- 32:03सिक्स्थ डिमांड पर ही करता हूं। जिसमें से
- 32:05तीन बातें आपने रखी है। पहला रिमूव कास्ट
- 32:10रिमूव कास्ट नाइदर बैकवर्ड नर लो
- 32:13रिप्रेजेंटेड रिमूव नॉन हिंदू कास्ट।
- 32:16दूसरा है आपका इंप्लीमेंट क्रीमी लेयर इन
- 32:18एसटी एससी। एंड तीसरा है आपका एनश्योर सब
- 32:21कैटेगराइजेशन ऑफ एसटी एससी ओबीसी
- 32:23रिजर्वेशन।
- 32:24पहला वाले पे मुझे आपसे उम्मीद है कि आप
- 32:27लोग इसको ज्यादा एम्फसाइज करेंगे। मैं
- 32:29इसको समझ भी गया। आप आप अगर इस पर कुछ बता
- 32:32सके तो प्लीज बताइए। इसके बाद में शॉर्ट
- 32:35में मुझे जानना है आपका ओपिनियन पहले वाले
- 32:37के बारे में और उसके बाद दूसरे और तीसरे
- 32:39पर मुझे थोड़ा डिटेल डिस्कशन करना है कि
- 32:41सब कैटेगराइजेशन और क्रीमी लेयर का क्या
- 32:44फायदा है? तो पहले वाले से शुरू करते हैं।
- 32:46कास्ट कैसे रिमूव करवाएंगे? क्या है? क्या
- 32:48कांसेप्ट है? मतलब आप किसको हटवाना चाहते
- 32:50हो? क्यों हटवाना चाहते हो? जब आरक्षण
- 32:52रहेगा ही सही तो सबको लेने दो। क्या
- 32:54दिक्कत है?
- 32:56तो सबसे पहले तो मैं कांसेप्ट ही क्लियर
- 32:59कर दूं। आरक्षण जो दिया गया था तो इट वास
- 33:01नॉट गिवन फॉर एवरीबडी कि देश में जितने भी
- 33:04लोग हैं सब आरक्षण लेके और खुश रहेंगे।
- 33:05ऐसा नहीं था। आरक्षण का मतलब यह था कि जो
- 33:08लोग अभी तक मुख्यधारा में नहीं आ पाए हैं
- 33:11जिन्होंने अभी तक अपना एक रिप्रेजेंटेशन
- 33:13हासिल नहीं किया है इन द पॉलिसी मेकिंग
- 33:15अपोजिशंस लाइक पॉलिटिक्स हो या फिर जो
- 33:18पब्लिक सर्विज है जैसे कि यूपीएससी वगैरह
- 33:20है तो उनको एक रिप्रेजेंटेशन दिया जाए। और
- 33:23पहला जो कांसेप्ट था वो यह था कि
- 33:24डिप्रेस्ड क्लासेस को ही दिया जाएगा।
- 33:26डिप्रेस्ड क्लासेस में उस समय एससी पहले
- 33:28थे और बाद में एसटी को भी डाल दिया गया टू
- 33:31इंक्रीस द नंबर्स। बट देन इट वाज़ ओनली फॉर
- 33:33देम। लेटर ऑन इसको लास्ट मोमेंट में चेंज
- 33:36करके एक बैकवर्ड शब्द डाला गया। अगर आप
- 33:38पढ़ेंगे कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली के
- 33:39डिबेट्स तो आपको समझ आएगा कि बैकवर्ड टर्म
- 33:41वाज़ नॉट प्रीडसाइडेड। इट वाज़ अ वेरी लेट
- 33:44लास्ट मोमेंट एडिशन। पहले ये केवल
- 33:46डिप्रेस्ड क्लासेस के लिए ही दिमाग में था
- 33:48लोगों के। और उसके बाद बैकवर्ड का भी
- 33:50डेफिनेशन उस समय क्लियर नहीं था लोगों के।
- 33:52तो उन्होंने ये कहा कि चलो बाद में हम
- 33:53डिसाइड करेंगे कि जो लोग अभी तक
- 33:55रिप्रेजेंटेशन नहीं ले पाए हैं उन लोगों
- 33:57को मतलब जो थोड़ा सा रिप्रेजेंटेशन उनका
- 34:01दिया जाएगा और डेफिनेशन बाद में डिसाइड
- 34:03होगी। तो ये बात हुई थी। अब हम बता दें कि
- 34:06जो आर्टिकल जिनके अंदर पे दिया गया है
- 34:09रिजर्वेशन
- 34:10तो जो यू नो आर्टिकल 164 है जिसके अंदर की
- 34:15नौकरियों में आरक्षण दिया जाता है उसके जो
- 34:18डेफिनेशन है उसी में लिखा है कि उन उन
- 34:21लोगों को आरक्षण मिलेगा जो कि बैकवर्ड है
- 34:24यानी पिछड़े हैं या फिर बैकवर्ड है और
- 34:27जिनका प्रतिनिधित्व कम है व्हिच आर इनएटली
- 34:30रिप्रेजेंटेड एंड व्हिच आर बैकवर्ड तो ये
- 34:33दोनों कंडीशन सेटिस्फाई होनी चाहिए तभी
- 34:35किसी को आरक्षण मिल सकता है। यह बहुत सारे
- 34:37सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट ने भी बोला है।
- 34:39नागराज जज जो सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट था
- 34:42जो इंदिरा साहनी ये सब ने इनको रिट्रेट
- 34:44किया है कि यू हैव टू प्रूव बैकवर्डनेस
- 34:47एंड यू हैव टू प्रूव इनएट रिप्रेजेंटेशन।
- 34:50मतलब कि आपका रिप्रेजेंटेशन कम है तभी
- 34:52आपको आरक्षण मिलेगा। तो हम सिंपल ये बोल
- 34:55रहे हैं कि जो संविधान में आर्टिकल 164
- 34:57में लिखा हुआ है उसको आप इंप्लीमेंट करिए।
- 35:00हम कोई नई डिमांड नहीं बोल रहे हैं। हम बस
- 35:02ये बोल रहे हैं कि डेफिनेशन फॉलो हो। और
- 35:04इस डेफिनेशन में क्या होगा? जो लोग
- 35:06बैकवर्ड नहीं है अकॉर्डिंग टू द
- 35:08क्राइटेरिया दे शुड गो आउट दोज़ पीपल हु आर
- 35:10इन एडिक्वेटली रिप्रेजेंटेड वो दोज़ पीपल
- 35:13शुड गो आउट नाउ अगर मैं बता दूं कि
- 35:16बड़ी-बड़ी जमींदार जातियां जो है उन्होंने
- 35:19किसी तरह से विक्रम लगा के यू नो
- 35:21रिपोर्ट्स में डेटा का हेरफेर करके ये लोग
- 35:23आके अभी बैठ गए हैं। तो जैसे कि हमने आई
- 35:26थिंक बहुत पहले भी बताया हुआ है कि जब
- 35:28आरक्षण शुरू हुआ था उस समय जो कास्ट लिस्ट
- 35:30थी और आज जो कास्ट लिस्ट है वो ऑलमोस्ट
- 35:32दुगनी तिगुनी हो चुकी है। क्योंकि इसके
- 35:34अंदर ये सारे बड़े-बड़े यू नो डोमिनेंट
- 35:36कास्ट आकर बैठ गए हैं क्योंकि इनको पता है
- 35:38कि ये पॉलिटिक्स यू नो वोट ऐसे ही मिलता
- 35:40है। तो इन्होंने ऐसे ही पटरिया उखाड़ के
- 35:42या जो भी करके पॉलिटिक्स अपना यू नो वोट
- 35:44बैंक का डर दिखा के ये लोग आके बैठ गए
- 35:46हैं। तो आरक्षण इसलिए तो नहीं दिया गया था
- 35:48कि भैया बड़ी-बड़ी जातियां इसका लाभ ले।
- 35:50आरक्षण तो इसलिए दिया गया था कि जो यू नो
- 35:53दबे कुचले हैं जो अभी तक प्रतिनिधित्व
- 35:55नहीं ले पाए हैं उनको आरक्षण मिले। अब ऐसी
- 35:57जातियां हैं जो अपने आबादी से चार गुना 10
- 36:00गुना रिप्रेजेंटेशन लेकर बैठी हुई हैं।
- 36:02उनको आरक्षण देने का क्या मतलब? तो जब तक
- 36:05जातियां बैठी रहेंगी आरक्षण की राजनीति
- 36:07चलती रहेगी और जिंदगी भर ये मतलब ये हमेशा
- 36:10जितनी आबादी उतना हक का ये ड्रामा चलता
- 36:12रहेगा। तो 164 के हिसाब से जो लोग फिट
- 36:15नहीं होते हैं उनको बाहर निकालिए। सिंपल
- 36:17सी बात है और बैकवर्डनेस का क्राइटेरिया
- 36:19डिफाइंड है। जो उस क्राइटेरिया में फिट
- 36:22नहीं होते। फॉर एग्जांपल मंडल कमीशन ने
- 36:24बोला है 25% बिलो द स्टेट एवरेज एजुकेशनल
- 36:27में या सोशल जो भी क्राइटेरिया है तो यहां
- 36:30पे तो ऐसी जातियां हैं जो स्टेट एवरेज से
- 36:31ऊपर करके बैठी हुई है और तब भी अंदर में
- 36:33है। तो अगर आप 25% से बिलो है तभी आपको
- 36:36आरप्शन मिलना चाहिए। अगर आपको अपना आबादी
- 36:39के बराबर मतलब एडिक्वेट का मतलब अभी तक
- 36:42डिफाइन नहीं हुआ है। हालांकि एक कोर्ट में
- 36:44इलाहाबाद कोर्ट में एक डिसीजन दिया था कि
- 36:46आपकी आबादी से आधा अगर आपको मिल जाता है
- 36:49तो दैट इज एडिक्वेट। मतलब आपकी आबादी अगर
- 36:512% है और आपको 1% सीट मिल गई है मतलब कि
- 36:54आप एडिक्वेटली रिप्रेजेंटेड हो। तो उस
- 36:56हिसाब से देखा जाए तो ऑलमोस्ट जितनी भी
- 36:59बड़ी मतलब जो भी बड़ी-बड़ी जातियां है सब
- 37:00बाहर हो जाएंगी क्योंकि अपनी आबादी से
- 37:02ज्यादा ये लोग ले बैठी हुई है। तो इनको
- 37:05बाहर निकालना सबसे ज्यादा जरूरी है ये
- 37:07पूरी आरक्षण की राजनीतिक मतलब जो है वो
- 37:10खत्म करने के लिए आरक्षण का मिसयूज खत्म
- 37:12करने के लिए। तो इसके बिना किसी भी रिफर्म
- 37:14का कोई मतलब नहीं था।
- 37:16ठीक है। अब आता है बड़ा कंट्रोवरर्शियल
- 37:18क्वेश्चन जिस पर सबसे ज्यादा
- 37:21भाजपा समर्थकों ने हल्ला मचा रखा है।
- 37:25मुझे मुझे तो समझ में आता है लेकिन मैं
- 37:27चाहता हूं कि अब ये डायरेक्ट आपसे ही समझे
- 37:29लोग क्योंकि सब कैटेगराइजेशन और क्रीमी
- 37:32लेयर वाले जो दो कांसेप्ट है आपके जो आपके
- 37:34दो डिमांड है। क्रीमी लेयर तो बहुत सालों
- 37:37से लगा हुआ है। जब 1992 में जब पहली बार
- 37:40थ्री में जब ओबीसी आरक्षण आया था क्रीमी
- 37:42लेयर तो तभी से है। क्या फायदा हुआ? अभी
- 37:45तक तो उससे कुछ फायदा हुआ नहीं। ओबीसी
- 37:47आरक्षण कम हुआ नहीं। सब कैटेगराइजेशन जो
- 37:50है वह जनरल कैटेगरी के लिए फायदेमंद नहीं
- 37:52है। उससे क्या होगा? मतलब आप आप वही
- 37:56आरक्षण उनमें आपस में बांट दोगे तो उससे
- 37:59जनरल कैटेगरी को क्या फायदा पहुंच रहा है?
- 38:01ये दो क्वेश्चन है। मतलब एक तरफ आप कहते
- 38:03हो कि आप जनरल कैटेगरी के अधिकारों की बात
- 38:05कर रहे हो। दूसरी तरफ आप सब कैटेगरी सब
- 38:07कैटेगराइजेशन से आरक्षण तो कम नहीं हो रहा
- 38:09है और क्रीमी लेयर अभी तक इन इफेक्टिव सा
- 38:11भी है। इससे कोई जाति कैसे बाहर इस पर जरा
- 38:15आपके मतलब जो जितने भी फॉलोअर्स है जितने
- 38:18भी क्रिटिक्स हैं खासकर जो भाजपा समर्थक
- 38:20है जो भ्रमित कर रहे हैं उनको आप एक बार
- 38:23एक जवाब मतलब अपना ओपिनियन बताइए प्लीज।
- 38:27हां आई थिंक जाति बाहर करने का तो इससे
- 38:30कोई रिलेशन ही नहीं है। मैंने क्लियर कर
- 38:32दिया है कि क्रीमी लेयर और सब
- 38:33कैटेगराइजेशन का जाति बाहर करने से कोई
- 38:36रिलेशन नहीं है। जाति बाहर करने के लिए जो
- 38:38प्रीवियस अभी मैंने बताया है ओवर
- 38:39रिप्रेजेंटेड का 164 आर्टिकल 164 की
- 38:42डेफिनेशन में जो फिट नहीं होते हैं उनको
- 38:44बाहर निकाला जाए। दैट इज़ अ सेपरेट डिमांड।
- 38:46जातियां वहां से बाहर होंगी। जातियां का
- 38:49बाहर करने का क्रीमी लेयर या सब
- 38:50कैटेगराइजेशन से कोई लेना देना नहीं है।
- 38:52नाउ कमिंग टू क्रीमी लेयर एंड सब
- 38:54कैटेगराइजेशन इसका जनरल कैटेगरी से क्या
- 38:56फायदा होगा? तो मैं बता दूं कि ये आंदोलन
- 38:58रिजर्वेशन रिफॉर्म के लिए है। ये केवल
- 39:00जनरल कैटेगरी के लिए ही नहीं है। इसमें
- 39:03हमको सभी वर्गों को साथ में ले चलना है।
- 39:05तो हमको यह समझना है कि आरक्षण दिया क्यों
- 39:08गया था और उसका सही तरीके से यूज़ हो। तो
- 39:10जो आरक्षण दिया गया था जैसे कि मैंने
- 39:12बताया वो इसलिए दिया गया था कि जो लोग
- 39:14पीछे रह गए हैं मुख्यधारा में से बाहर रह
- 39:16गए हैं उन लोगों को थोड़ा रिप्रेजेंटेशन
- 39:19मिले तो उन लोगों को भी उनकी आवाज भी हमको
- 39:21सुननी है। ऐसा नहीं है कि एससी, एसटी,
- 39:23ओबीसी के लोग रिफॉर्म्स नहीं चाहते हैं।
- 39:25उसमें भी ऐसे कई लोग हैं एससी, एसटी,
- 39:28ओबीसी में जो सालों से रिफॉर्म्स मांग रहे
- 39:30हैं। जो सब कैटेगराइजेशन की डिमांड है वो
- 39:33दलितों के अंदर से आई है। ये हमारा जनरल
- 39:35कैटेगरी का फाइट नहीं है। ये इनकी अपनी
- 39:37फाइट है। आंध्र प्रदेश में जो ये फाइट
- 39:40शुरू हुई थी वो माडिगा वर्सेस माला थी
- 39:42दोनों ही दलित जातियां है माडिगा ने बोला
- 39:44था कि हमको सब कैटेगराइजेशन चाहिए वैसे ही
- 39:47पंजाब में वाल्मीकि वर्सेस जाटव मतलब जो
- 39:50दूसरी जातियां है उनके उनके बीच में ये था
- 39:52कि भाई हमको यू नो डीएससी एंड ओएससी करके
- 39:55वहां पे ग्रुप्स थे तो वो उन दोनों के बीच
- 39:57में ये डिस्प्यूट था पंजाब और हरियाणा में
- 40:01तो इसी तरह से महार जो अगर आप महाराष्ट्र
- 40:04में देखेंगे तो वहां मातंग सब
- 40:05कैटेगराइजेशन मांग रहे हैं और महार उसका
- 40:07विरोध करते हैं कि नहीं तुमको क्यों चाहिए
- 40:08सब कैटेगराइजेशन हम तो हैं ही तुम्हारा
- 40:10रिप्रेजेंटेशन करने के लिए तो ये सारी जो
- 40:13यू नो जातियां हैं हर एक कैटेगरी में कुछ
- 40:16डोमिनेंट जातियां आके बैठ गई हैं और वो
- 40:18क्या कर रही हैं कि वो सारा का सारा
- 40:20आरक्षण भी खुद खा रही हैं और जो नीचे में
- 40:22आवाज उठाते हैं उनको दबा दिया जाता है ये
- 40:25बोल के कि तुम क्या करोगे आरक्षण लेके
- 40:27तुम्हारा तो रिप्रेजेंटेशन हम कर ही रहे
- 40:28हैं और उसके बाद वो अगर ज्यादा आवाज उठाए
- 40:30तो उनको गालियां भी देना शुरू हो जाते हैं
- 40:32मतलब कितने सारे वीडियो हमने शो शो किए
- 40:34हैं जहां पे कि वो लोग उनको गालियां दे
- 40:36रहे हैं जो सब कैटेगराइजेशन मांग रहे हैं
- 40:38तो सोच लीजिए कि वो लोग भी परेशान हो रखे
- 40:41हैं और वो भी चाहते हैं कि उनकी कोई आवाज
- 40:42उठाए। तो हमको सबको साथ में ले चलना है।
- 40:45रिफॉर्म तभी पॉसिबल है जब आप एक एक
- 40:48सब्सटैंशियल अमाउंट ऑफ पीपल कम विद यू एंड
- 40:50टेल कि भैया रिफॉर्म चाहिए। तो एक्सेप्ट
- 40:53फॉर डोमिनेंट कास्ट एंड एक्सेप्ट फॉर
- 40:54क्रीमी लेयर जो बड़े-बड़े लोग हैं उनके
- 40:56अलावा सारे लोग रिफॉर्म चाहते हैं। सब लोग
- 40:59रिफॉर्म चाहते हैं। तो इसीलिए हमने कई
- 41:01लोगों से भी बात की है। ओबीसी में भी जो
- 41:04यू नो कुम्हार निषाद जो ईबीसी जो
- 41:06एक्सट्रीमली बैकवर्ड क्लासेस है वो उनके
- 41:08लोग भी हमारे साथ है। जो एसटी में है भील
- 41:11है संथाल है गोंड है। ये लोग को
- 41:13रिप्रेजेंटेशन आज तक मिला नहीं क्योंकि
- 41:14वहां भी एक डोमिनेंट कास्ट आके बैठी है जो
- 41:17ऑलमोस्ट 50 60% सीट लेके जा रही है। वैसे
- 41:19ही एससी के अंदर भी मातंग है, वाल्मीकि
- 41:21हैं। ये लोग ऐसे हैं जिनको अभी तक
- 41:23रिप्रेजेंटेशन उतना नहीं मिला है। बिकॉज़
- 41:25कुछ डोमिनेंट जातियां वहां भी आकर बैठी
- 41:27हुई हैं। तो हमको आवाज सबके लिए उठानी है।
- 41:30हमको एक इंक्लूसिव मूवमेंट बनाना है।
- 41:32इसलिए हमने सबको इंक्लूड किया है ताकि यू
- 41:34नो सबकी आवाज आगे तक पहुंचे और तब सरकार
- 41:36सुने। जैसा कि मैंने बोला रिजर्वेशन
- 41:38रिफॉर्म मूवमेंट है। नाउ कमिंग टू वन
- 41:41क्वेश्चन लोग लोग यू नो बहुत रेज कर रहे
- 41:44हैं कि इससे जीसी को नुकसान हो जाएगा।
- 41:47यू नो क्रीमी लेयर से लोग बाहर आ जाएंगे
- 41:49या सब कैटेगराइजेशन से जो है वो लोग आएंगे
- 41:52या ओवर रिप्रेजेंटेड कास्ट बाहर आएंगी तो
- 41:54जनरल कैटेगरी का कंपटीशन बढ़ जाएगा या ऐसा
- 41:57कुछ तो मैं वो क्लियर कर दूं कि ऐसा कुछ
- 42:00भी नहीं है ये बिल्कुल भ्रम है कोई जनरल
- 42:02कैटेगरी का कंपटीशन इसलिए नहीं बढ़ेगा
- 42:04क्योंकि ये ओपन सीट्स होती हैं जो जो
- 42:07सीट्स बचती हैं दैट इज कॉल्ड अनरिजर्व
- 42:09सीट्स ओपन सीट्स उन सीट्स में सारे के
- 42:11सारे लोग जो है वो कमट करते हैं वो सबके
- 42:14लिए खुली हैं तो एससी एसटी ओबीसी सी
- 42:16ऑलरेडी उसमें कमपीट कर रहे हैं और ऑलरेडी
- 42:18जो कट ऑफ क्लियर करते हैं वो वहां पे
- 42:20सिलेक्ट होते हैं। तो ये बोलना कि यू नो
- 42:22ये लोग यहां आएंगे तो कंपटीशन बढ़ जाएगा।
- 42:25ऐसा कुछ भी नहीं है। कंपटीशन वही रहेगा जो
- 42:27अभी है और दूसरी बात ये कि अगर ये लोग
- 42:29बाहर नहीं निकलेंगे तो भैया ये आरक्षण की
- 42:31राजनीति खत्म कैसे होगी? गवर्नमेंट कास्ट
- 42:33के लिए तो आरक्षण दिया नहीं गया था। तो
- 42:35इसीलिए हमको ये भी इंश्योर करना है कि जिस
- 42:38वजह से आरक्षण दिया गया था वो उन तक
- 42:40पहुंचे और जब उन तक पहुंचेगा तो अपने आप
- 42:41ही कुछ सालों में आरक्षण जो है वो कम होते
- 42:44होते फिर एक टाइम में खत्म होगा या दूसरा
- 42:46स्वरूप लेगा जैसा कि हमने बोला इकोनॉमिक
- 42:48बेसिस के ऊपर।
- 42:56ठीक है। आपने कहा कि आप जातिगत आरक्षण को
- 43:00खत्म करना चाहते हैं और इसलिए आप क्रीमी
- 43:03लेयर का कांसेप्ट और वो सब चीजें लेकर आए
- 43:05हैं। लेकिन आपका अगला जो डिमांड है सेट
- 43:09मिनिमम क्वालिफाइंग क्राइटेरिया फॉर ईच
- 43:11रिजर्व कैटेगरी। यह मेरा ही क्वेश्चन है।
- 43:14यह मेरे दिमाग में आया कि अगर आपने मिनिमम
- 43:18क्राइटेरिया फिक्स कर दिया तो करंट ट्रेंड
- 43:20जो मैं देखता हूं रिजल्ट्स के कट ऑफ के उस
- 43:23हिसाब से ना जाने कितने लोग मतलब ज्यादातर
- 43:26एनएफएस ही रह जाएगा। लोग उसको जो मिनिमम
- 43:29कट ऑफ जो प्रीडफाइंड होगा वो उसको क्लियर
- 43:32ही नहीं कर पाएंगे। पर उस हिसाब से फिर
- 43:34इनका रिप्रेजेंटेशन कभी बढ़ेगा ही नहीं।
- 43:36जब रिप्रेजेंटेशन ही नहीं बढ़ेगा तो फिर
- 43:40आरक्षण खत्म कैसे होगा? क्योंकि अगला मतलब
- 43:43जो मैं उस पर भी आऊंगा आपके कि कैसे सनसेट
- 43:45क्लॉज़ होगा। तो मुझे बताइए कि क्या मतलब
- 43:47मिनिमम क्वालीाइंग क्राइटेरिया डिसाइड कर
- 43:49देने से ये इनको मजबूती नहीं मिलेगी इस
- 43:52आवास को कि भाई नहीं नहीं हम तो अभी तक
- 43:55डेवलप नहीं हुए। अभी तक हम मिनिमम
- 43:56क्वालीाइंग क्राइटेरिया ही नहीं मतलब
- 43:58क्लियर कर पा रहे हैं। जब तक नहीं कर
- 43:59पाएंगे तब तक आप हमें आरक्षण देते रहो।
- 44:03देखिए हम इसमें प्रतिनिधित्व हर एक जाति
- 44:06के हिसाब से नहीं मांग रहे हैं। मतलब जब
- 44:08सब कैटेगराइजेशन भी होती है तो उसमें
- 44:10ग्रुप्स बनते हैं। इट इज नॉट बेस्ड ऑन
- 44:12लाइक अभी अगर एसटी में देखें तो 700 लाइक
- 44:16744 ट्राइब्स हैं। एसटी में एससी में
- 44:19ऑलमोस्ट 1200 कास्ट है। ओबीसी में भी
- 44:22ऑलमोस्ट 4 5000 हैं। तो भैया सबके लिए
- 44:25थोड़ी एक-एक सीट हर एक जाति को मिलेगी तभी
- 44:27रिप्रेजेंटेशन होगा। ऐसा नहीं होता है। इट
- 44:29विल बी सब कैटेगराइजेशन में भी ग्रुप्स
- 44:31बनेंगे। ग्रुप ए बी सी उतना ही होगा सब
- 44:33कैटेगराइजेशन उसके अंदर फिर 20 20 25-25
- 44:36जातियां या जैसे भी उनको डिवाइड करना है
- 44:38वैसे होगा तो रिप्रेजेंटेशन गेट्स काउंटेड
- 44:40एट अ ग्रुप लेवल इट डजंट गेट काउंटेड एट द
- 44:42जाति लेवल तो पहली बात तो मतलब पर्सनल
- 44:45लेवल पे आप मुझे पूछेंगे तो ये
- 44:46रिप्रेजेंटेशन वाला कांसेप्ट ही मेरे
- 44:48दिमाग मतलब मुझे सही नहीं लगता है बिकॉज़
- 44:50कोई भी एक आदमी दूसरे का रिप्रेजेंटेशन
- 44:53कैसे करेगा और कैसे नहीं करेगा ये वाला
- 44:55क्वेश्चन है कि कोई मर्द क्या कोई औरत की
- 44:58का रिप्रेजेंटेशन उसके हकों की बात नहीं
- 45:00कर सकता या कोई यादव जो है वो यू नो दूसरे
- 45:03की बात नहीं कर सकता। ऐसा तो नहीं है।
- 45:05जनरल कैटेगरी वाले जो संविधान बना था तो
- 45:07सारे जनरल कैटेगरी वाले थे उसके अंदर
- 45:09ऑलमोस्ट जितने भी थे तो उन्होंने तो बात
- 45:11की ना। उन्होंने ही तो आरक्षण दिया। तो
- 45:12उन्होंने आपके हक की बात की। तो ये कहना
- 45:14कि रिप्रेजेंटेशन दूसरा ही यही करेगा और
- 45:17दूसरा नहीं कर सकता। ये तो कासेप्ट ही ऐसे
- 45:19गलत है। कमिंग टू मिनिमम क्राइटेरिया।
- 45:21देखिए हमको अपना देश भी देखना है। हमको
- 45:23देश को बर्बादी की तरफ नहीं ले जाना है।
- 45:26अगर आप कोई मिनिमम क्राइटेरिया नहीं
- 45:28बनाएंगे तो देश जो है वो धीरे-धीरे
- 45:30बर्बादी की तरफ जा रहा है। क्योंकि ऐसे
- 45:32लोग सिस्टम में घुस रहे हैं जो उस काबिल
- 45:33नहीं है और जो सिस्टम ऐसे लोग आएंगे जो उस
- 45:37उस जॉब को करने के लायक नहीं है। तो आखिर
- 45:40में नुकसान किसका होगा? जनरल पब्लिक का।
- 45:43अगर आप ऐसे डॉक्टर को घुसा दोगे कल आई
- 45:45थिंक ऐसा वीडियो वायरल हुआ था जो ब्लड
- 45:47प्रेशर नहीं ले पा रही थी मैडम जो चीफ
- 45:51हेल्थ ऑफिसर है वहां की वो ब्लड प्रेशर
- 45:53नहीं ले पा रही थी तो आप मुझे ये बताइए कि
- 45:55किसी गवर्नमेंट हॉस्पिटल में सबसे ज्यादा
- 45:58कौन आता है जो गरीब दबे कुचले लोग हैं मान
- 46:00लीजिए चलिए बहुजन जो कहते हैं आप वही अगर
- 46:02बहुत गरीब है तो वही तो आएंगे उस हॉस्पिटल
- 46:04में अगर आप ऐसे इंसान को सिस्टम में लाके
- 46:07बिठा दोगे जो उस उस जॉब के लायक नहीं है
- 46:09तो उसका नुकसान किसको होगा वही लोग जो उस
- 46:12सिस्टम से अपना काम निकलवाने आ रहे हैं।
- 46:14फॉर एग्जांपल अगर आप किसी ऐसे डॉक्टर को
- 46:16सिस्टम में लाओगे जो ब्लड प्रेशर भी नहीं
- 46:18ले पा रहा जो सर्जरी ढंग से नहीं कर पा
- 46:21रहा और उस गवर्नमेंट हॉस्पिटल में सबसे
- 46:23ज्यादा जो लोग आएंगे वो कौन होंगे जो मतलब
- 46:26गरीब है जो मान लीजिए आप बहुजन समाज के
- 46:29लोगों को बोलते हैं तो वही ज्यादा आ रहे
- 46:30हैं तो नुकसान तो उन्हीं का हो रहा है।
- 46:32उनकी उन्हीं की जान खतरे में आ रही है।
- 46:34सिमिलरली अगर आप गवर्नमेंट गवर्नमेंट
- 46:36स्कूल में अगर एक या दो मार्क्स पे टीचर
- 46:38को भर दोगे तो वह टीचर जो पढ़ा रहा है वह
- 46:41तो आपके ही बच्चों को पढ़ा रहा है ना तो
- 46:42वो एक टीचर जो है वो हजारों मतलब उनके
- 46:45लाइफ टाइम में कितने बच्चों को पढ़ाता है
- 46:46हजारों बच्चों को पढ़ाता है तो वो सारे
- 46:49हजारों बच्चों का लाइफ बर्बाद कर रहा है
- 46:51वो तो आपने एक की लाइफ बनाने के लिए बाकी
- 46:53हजारों बच्चों की इनफैक्ट अपने ही बच्चों
- 46:55की लाइफ बर्बाद की है। तो ये जो कांसेप्ट
- 46:58है ये आपको एक बैलेंस बना के चलना पड़ेगा।
- 47:01ये कोई ये नहीं है कि रिप्रेजेंटेशन देने
- 47:03के लिए हम अपना देश ही बर्बाद कर लें। हम
- 47:05अपना सिस्टम ही बर्बाद कर लें। तो मैं बता
- 47:07दूं कि जो आर्टिकल 335 है जब ये बना था
- 47:11उसमें अंबेडकर जी ने एक क्लॉज़ डाला था कि
- 47:14मिनिमम मतलब क्वालिटी में कॉम्प्रोमाइज
- 47:16नहीं होगा। आप लोगों को हक दीजिए बट
- 47:18क्वालिटी में कॉम्प्रोमाइज नहीं होना
- 47:19चाहिए। तो ये चीज संविधान सभा ने सोच समझ
- 47:22के ही बनाई थी ना। अंबेडकर जी ने सोच समझ
- 47:24के ही बनाया था ना। तो इसको जो है 8 सेकंड
- 47:26अमेंडमेंट लाके इसको आपने बदल दिया। तो
- 47:28इससे किसका नुकसान हुआ? आप ही का नुकसान
- 47:30हुआ जो बहुजन समाज जो बोल रहे हैं नुकसान
- 47:33उन्हीं का हो रहा है। दूसरी बात ये कि आप
- 47:35एक मिनिमम बेंचमार्क नहीं सेट करेंगे तो
- 47:37लोग उसके लिए मेहनत भी करना बंद कर देंगे।
- 47:39अगर लोगों को पता है कि हमको 40 मार्क में
- 47:41नौकरी मिल जाएगी तो वो 80 मार्क्स के लिए
- 47:43मेहनत क्यों करेंगे? तो आप बेंचमार्क पहले
- 47:45ऊपर उठाइए जब उनको लगेगा कि नहीं हमारी
- 47:47सीट जा रही है व्हाटएवर तो वो उसके लिए कम
- 47:49से कम मेहनत तो करना शुरू करें। तो उनको
- 47:52लायक लोगों को लायक बनाने के लिए
- 47:53बेंचमार्क ऊपर उठाइए और सिस्टम से
- 47:56कॉम्प्रोमाइज नहीं होगा। दूसरी बात जैसे
- 47:58मैंने बोला रिप्रेजेंटेशन ग्रुप से आता
- 47:59है। ग्रुप में रिप्रेजेंटेशन आएगा।
- 48:01धीरे-धीरे अगर देखा जाएगा कि बैलेंस बिगड़
- 48:04रहा है कि भैया रिप्रेजेंटेशन नहीं हो रहा
- 48:06है व्हाटएवर तो आपको फिर एक पाथ चूज़ करना
- 48:08पड़ेगा कि भैया हमको रिप्रेजेंटेशन के लिए
- 48:10ही केवल अपना सब कुछ बर्बाद नहीं कर लेना
- 48:13है। तो फिर उसके बाद फिर नया पॉलिसी
- 48:15बनेगा, नया तरीका बनेगा। बट मिनिमम
- 48:17क्राइटेरिया में कभी भी कॉम्प्रोमाइज नहीं
- 48:19होना चाहिए। दैट हैज़ टू बी द फर्स्ट
- 48:21क्राइटेरिया। देश का विश्व गुरु आप - 40
- 48:24अंक के लोगों को सेलेक्ट करके नहीं बना
- 48:26सकते हैं। ऐसे पायलट को एक आई थिंक वीडियो
- 48:28भी वायरल हुआ था ना किसी का पायलट का छ
- 48:30साल से पढ़ रही है और उसको यू नो नहीं दे
- 48:33रहे हैं लाइसेंस क्योंकि वो पर्टिकुलर
- 48:35कैटेगरी से है। अभी उसको लाइसेंस देके
- 48:38बिठा देंगे कि तुम खुश हो जाओ बहन क्योंकि
- 48:40तुम इस कैटेगरी से वो तो हम तुमको देते
- 48:41हैं और 200 लोगों का वो प्लेन उठा के गिरा
- 48:43देगी। तो किसका नुकसान होगा? वो 200 लोगों
- 48:46की जान की कीमत नहीं है क्या? तो कैटेगरी
- 48:48केयर
- 48:50एक और वायरल हुआ था जो पिछले साल का है
- 48:53शायद केस यूपी में पिछले साल का है या
- 48:56उससे पहले का है शायद यूपी में एक
- 48:57यूनिवर्सिटी में कुछ स्टूडेंट्स क्लियर ही
- 49:00नहीं कर पा रहे थे एमबीबीएस की डिग्री तो
- 49:01गवर्नमेंट को प्रपोजल भेजा गया था कि इनको
- 49:04दे दिया जाए डिग्री ऐसे बिना मतलब कट ऑफ
- 49:07तो रिजर्वेशन तो बाद की बात है वो एग्जाम
- 49:08में भी क्लियर नहीं कर पा रहे थे तो हां
- 49:10ऐसी प्रॉब्लम से बचने के लिए मिनिमम
- 49:12क्राइटेरिया तो होना चाहिए एक थोड़ा सा ना
- 49:14बेवकूफाना सा आया लेकिन ऑफ कोर्स कई कई
- 49:17चीजें जो भाजपा समर्थकों ने उठाई है ना
- 49:20मुझे वहां पर थोड़ा सा ऐसा लग रहा है कि
- 49:22वो शायद भ्रमित करना चाहते हैं तो उस पर
- 49:23थोड़ी क्लेरिटी दीजिए आप। आपका अगला जो
- 49:26डिमांड है वो है नो डिस्कशन ऑन इंक्रीजिंग
- 49:29रिजर्वेशन ऑन प्राइवेट सेक्टर रिजर्वेशन।
- 49:31और अब इसको ऐसे हल्ला किया जा रहा है कि
- 49:34जो चीज एक्सिस्ट नहीं करती है उस पे भी
- 49:36क्यों घेर रहे हैं सरकार को? प्राइवेट
- 49:37सेक्टर का रिजर्वेशन तो है ही नहीं। तो
- 49:39फिर आप लोग क्यों बिना मतलब आपका मतलब
- 49:41क्या पर्पस बन गया है कि हर चीज पर बिना
- 49:43मतलब हल्ला मचाना है। ऐसा कुछ मुझे कुछ
- 49:46लोगों के मुंह से सुनने में आया। तो उनको
- 49:49जरा आप समझा दीजिए और कुछ इस तरीके से
- 49:51बताइए ताकि वो लोग हमारे समाज को भ्रमित
- 49:54ना कर पाए।
- 49:56तो आई थिंक मैं बता दूं लोगों को कि इस
- 49:59पॉइंट में दो चीजें इंक्लूडेड है। एक तो
- 50:01ये कि 50% लिमिट मतलब नॉन नेगोशिएबल है।
- 50:04इसको बिल्कुल भी टच करने की बात नहीं
- 50:06होगी। जितनी आबादी उतना हक की कोई बात
- 50:08नहीं होगी क्योंकि ये बात ऑलरेडी हो रही
- 50:09है। दूसरी बात इसमें आती है प्राइवेट
- 50:12सेक्टर रिजर्वेशन की तो आई थिंक लोगों को
- 50:14पता नहीं है क्योंकि हम इस फील्ड में बहुत
- 50:16दिनों से काम कर रहे हैं तो हमको मालूम है
- 50:18कि प्राइवेट सेक्टर में यू नो रिजर्वेशन
- 50:21की बात बहुत समय से उठती चली आई है और
- 50:24इसके लिए बिल्स भी पार्लियामेंट में पेश
- 50:26हुए हैं। प्राइवेट प्राइवेट बिल्स पास हुए
- 50:29हैं। गवर्नमेंट ने खुद एक कमेटी बनाई थी
- 50:31जिसने कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी में
- 50:33रिजर्वेशन लाने के लिए एक पूरा एक प्रपोजल
- 50:36तैयार किया हुआ है और इसका डाटा जो है
- 50:39इसकी रिपोर्ट जो है वो भी यू नो बन चुकी
- 50:42है। दूसरी बात ये कि बहुत सारे जो सांसद
- 50:46है उन्होंने प्राइवेट मेंबर बिल पास सबमिट
- 50:48किया है प्राइवेट सेक्टर में रिजर्वेशन
- 50:50लाने के लिए। जैसे कि चंद्रशेखर रावण है
- 50:53या फिर और भी दो तीन लोग हैं। डीएमके के
- 50:56एक मेंबर है। इन सब ने प्राइवेट मेंबर बिल
- 50:57पास किया हुआ है पार्लियामेंट में। मतलब
- 51:00वहां पर सबमिट किया हुआ है। और दूसरी बात
- 51:02ये कि बहुत सारे राज्यों में ऑलरेडी ये
- 51:05बातें उठनी शुरू हो गई हैं। प्राइवेट
- 51:07सेक्टर में रिजर्वेशन केवल जाति के आधार
- 51:10पे नहीं होता है। यू नो वहां पे क्षेत्र
- 51:12के आधार पे भी होता है। तो इस बारे में भी
- 51:14बहुत बार बात हो चुकी है। बहुत हंगामा हो
- 51:16चुका है। हरियाणा में भी वहां पे सरकार ने
- 51:19यू नो 75% रिजर्वेशन लोकल के लिए लागू
- 51:22करने की बात की थी। तो ये सारी बातें आज
- 51:24से नहीं सालों से उठ रही हैं और अब भी
- 51:27प्राइवेट सेक्टर में रिजर्वेशन लाने की
- 51:29डिमांड बहुत ही ज्यादा उठ रही है। तो हमको
- 51:32वो चीजें बात जो चीजें अभी उठ रही हैं
- 51:35जिसके बिल्स पेश हो रहे हैं जिसके बिल्स
- 51:38बन चुके हैं जिसके प्रपोजल्स रेडी हो चुके
- 51:40हैं तो वो तो हमको बोलना ही है कि इस पे
- 51:41कोई बात ही नहीं होगी। तो जो लोग ये बोल
- 51:44रहे हैं आई थिंक उनको थोड़ा सा जाकर पढ़ना
- 51:46चाहिए कि कहां-कहां पर प्राइवेट सेक्टर
- 51:47में रिजर्वेशन की बात उठी है। कौन-कौन से
- 51:50बिल्स सबमिट सबमिट हुए हैं पार्लियामेंट
- 51:52में तब उनको आईडिया लगेगा कि ये कोई नई
- 51:55बात नहीं है। तो हमने जो ऑलरेडी जहां पे
- 51:57ये लोग हल्ला मचा रहे हैं हमने उसके लिए
- 51:59जवाब दिया है ना कि हमने कोई नया एक शगूफा
- 52:02छोड़ा है। और आई थिंक अभी जो एक डिमांड
- 52:04जाके हर्ष ने दे दी थी तो प्राइवेट में
- 52:06कुछ इकोनमिक बेसिस पे तो वो बात हमने
- 52:09थोड़ी उठाई है। उसको ही डाउट डाउन करना है
- 52:11ना हमको कि नहीं भाई ऐसा कोई डिमांड नहीं
- 52:13है हमारा।
- 52:14ठीक है? अगला जो है आपका वाइट पेपर
- 52:18ऑनेस्टली मैम बहुत सारी पॉपुलेशन नहीं
- 52:20समझती है वाइट पेपर का मतलब। तो एक शॉर्ट
- 52:23में जरा उनको एक्सप्लेन कीजिए कि इस
- 52:24डिमांड का मतलब क्या है वाइट पेपर आप क्या
- 52:27क्या होगा वाइट पेपर में और इससे कैसे
- 52:29फायदा होगा।
- 52:32जी वाइट पेपर का मतलब सिंपल सा यह है कि
- 52:34हम यह जानना चाह रहे हैं कि जो 70 साल से
- 52:36आप आरक्षण दे रहे हो उसका कितना फायदा हुआ
- 52:39है और कितने लोगों को फायदा हुआ है और
- 52:42कितने लोगों को फायदा नहीं हुआ है ताकि आप
- 52:44उसके हिसाब से एडजस्ट कर सको अपनी पॉलिसीज
- 52:47को। अभी क्या हो रहा है कि सब कुछ
- 52:49अंधाधुंध चल रहा है और इसका कोई भी लॉजिक
- 52:51नहीं है। जिसको मन होता है वो पटरिया
- 52:53उखाड़ता है और उसके बाद उसको आरक्षण में
- 52:55शामिल कर लिया जाता है जोड़तोड़ करके। तो
- 52:58इसका कोई भी लॉजिक नहीं है, कोई भी डाटा
- 53:00नहीं है। तो हम ये चाह रहे हैं कि पूरी
- 53:02स्टडी करिए आप। आप बताइए कि 1950 से जो
- 53:04आपने आरक्षण देना चालू किया है तो पहले
- 53:06लिस्ट में कितनी जातियां थी? आज उस लिस्ट
- 53:08में कितनी जातियां हैं? उनमें से कितनी
- 53:10जातियां ऊपर उठ गई? क्योंकि आप तो आरक्षण
- 53:13लेके आए हो इसलिए ना कि वो जातियां
- 53:15अपलिफ्ट हो सके। उनको रिप्रेजेंटेशन मिल
- 53:17सके। मिल मिल सके। तो कितनी ऐसी जातियां
- 53:20हैं जिनको आज तक अपना रिप्रेजेंटेशन मिल
- 53:22गया है। और अगर नहीं मिला है तो फिर इस इस
- 53:25पॉलिसी का फायदा क्या है? जब 70 साल में
- 53:27आप एक भी जाति को ऊपर नहीं उठा सके, एक भी
- 53:29जाति को रिप्रेजेंटेशन नहीं दे सके तो फिर
- 53:31इस पॉलिसी को आप स्क्रैप करिए स्ट्रेट
- 53:33अवे। तो हमको एक वाइट पेपर में मींस कि एक
- 53:36पूरा रिव्यू होना चाहिए। आज तक जो भी
- 53:38फायदा हुआ नहीं हुआ इस पॉलिसी से कितना
- 53:41रिटर्न आया है, क्या आया है, कौन सी
- 53:44जातियां अपलिफ्ट हुई है, कौन सी नहीं हुई
- 53:45है। ये सारा एक डिटेल बनाओ और उसको पब्लिक
- 53:48करो ताकि उस पे लोग भी जाने। लोग भी समझे
- 53:51कि भैया ये जो पॉलिसी बनाई है जो लोग कहते
- 53:53हैं आरक्षण से बहुत फायदा हुआ है तो वो भी
- 53:55तो समझे कि कितना फायदा हुआ है। तो पब्लिक
- 53:58करिए ये डिमांड ये पेपर और उसके बाद उस पे
- 54:01एक प्रॉपर डिबेट करवाइए कि भैया हां हम
- 54:04इसमें क्या प्रॉपर यू नो सही चीजें हुई है
- 54:07क्या गलत चीजें हुई है और उसके बाद से
- 54:09पॉलिसी को उस हिसाब से एडजस्ट किया जाए
- 54:11उसको उस हिसाब से मॉडिफाई किया जाए तो
- 54:14वाइट पेपर का वही मतलब है कि हम चाह रहे
- 54:16हैं कि आज तक जो भी यू नो आरक्षण का जो भी
- 54:19लाभ पहुंचा है जो भी एक यू नो उसकी जो
- 54:23पॉलिसीज का क्या फायदा पहुंचा है वह जनता
- 54:25तक पहुंचाया जाए बस
- 54:28ओके।
- 54:30अगले दो डिमांड्स जो है आपका मैं उनका एक
- 54:32साथ ही क्वेश्चन कर लेता हूं। पीरियडिक
- 54:35रिव्यू ऑफ रिजर्वेशन एंड सनसेट क्लॉज़ फॉर
- 54:38रिजर्वेशन।
- 54:40क्या रहेगा सनसेट क्लॉज़ का पैरामीटर? किस
- 54:43बेसिस पे? टाइम बाउंड। आप लोग कह रहे हैं
- 54:45कि एक टाइम के बाद भी खत्म हो जाना चाहिए
- 54:47या फिर रिप्रेजेंटेशन का एक लेवल जो कहते
- 54:50हैं कि एडिक्वेट रिप्रेजेंटेशन जिसकी
- 54:52डेफिनेशन अभी क्लियर नहीं है या क्लियर है
- 54:54तो वो बता दीजिए एक बार और साथ में
- 54:57पीरियडिक रिव्यु जब आप कहते हैं तो मेरे
- 54:59ख्याल से ये एक्सिस्ट करता है। पीरियडिक
- 55:01रिव्यु की बात तो मंडल कमीशन में भी कही
- 55:02गई थी लेकिन कभी हुआ तो नहीं। पीरियडिक
- 55:06रिव्य्यू तो खुद अंबेडकर जी भी कह के गए
- 55:07गए पॉलिटिकल रिजर्वेशन में भी है। पिछले
- 55:1010 साल से एक्सटेंड ही हो रहा है। तो इस
- 55:13पे क्या इसको कैसे इंप्लीमेंट करवाया
- 55:15जाएगा? क्या इसकी एफिकसी होगी इन दो
- 55:18पॉलिसीज की? उस पर थोड़ा सा बताइए और कैसे
- 55:21सनसेट क्लॉज़ को आप लोग इंप्लीमेंट करवाने
- 55:23वाले हैं?
- 55:25हां, आई थिंक मैं पहले पीरियडिक रिव्यु का
- 55:27ही बता दूं। तो जो वाइट पेपर हमने बोला है
- 55:29दैट इज नथिंग बट अ रिव्यु ओनली। अभी जब
- 55:32पहला रिव्यु अभी होगा। पहला रिव्यु अभी
- 55:34होगा और उसके हिसाब से जितनी भी ओवर
- 55:36रिप्रेजेंटेड कास्ट हैं जितनी भी यू नो
- 55:38नॉन बैकवर्ड कास्ट है वो बाहर जाएंगी। अ
- 55:40क्रीमी लेयर में कौन आते हैं नहीं आते हैं
- 55:42ये होगा यू नो जितनी भी सब कैटेगराइजेशन
- 55:46कौन किस ग्रुप में आता है ये सारा कुछ
- 55:48पहला रिव्यू में आएगा पहला रिव्यु जब हो
- 55:50गया उसके बाद फिर आप सेकंड रिव्यु कब
- 55:52करेंगे मे बी 10 इयर्स में आप नेक्स्ट
- 55:54शेड्यूल रखेंगे नाउ बात ये आती है कि ये
- 55:56तो ऑलरेडी है तो भैया बात तो ये आती है कि
- 55:59संविधान में 164 भी ऑलरेडी कह रहा है कि
- 56:02बैकवर्ड नॉन बैकवर्ड को नहीं मिलेगा बट वो
- 56:04फॉलो होता है नहीं तो कोई चीजें फॉलो नहीं
- 56:06हो रही है इसका मतलब यह थोड़ी है कि हम
- 56:08डिमांड उठाना छोड़ देंगे कोई चीज फॉलो
- 56:10नहीं हुई है तो उसको हमको इंप्लीमेंट
- 56:12करवाना है ना कि यह सोच के बैठ जाना है कि
- 56:14पहले फॉलो नहीं हुई तो अभी भी हम कुछ नहीं
- 56:16बोलेंगे। हमको वह सिस्टम बनाना है कि 10
- 56:18ईयर में फिर से रिव्यू हो और उसके लिए
- 56:20प्रॉपर एक यू नो जो आयोग बने या जो भी एक
- 56:24गाइडलाइंस बने या उसको बिल्कुल मतलब फ्रीज
- 56:26कर दिया जाए कि ये होना ही होना है।
- 56:28पार्लियामेंट में आप उसको अमेंडमेंट
- 56:30निकलवाइए या जो भी करिए बट ये चीज होना
- 56:32है। तो अगर आज तक नहीं हुआ है और लिखा हुआ
- 56:35है तो इसका मतलब ये थोड़ी है कि हम अभी
- 56:36नहीं बोलेंगे। हम तो बोलेंगे ही रिव्यु तो
- 56:38होना ही है। रिव्यु के बिना किसी भी
- 56:39पॉलिसी का मतलब क्या है? अगर आप अंधाधुंध
- 56:42लोगों को देते चले जाओगे और उसका फायदा भी
- 56:43नहीं देखोगे कि किसको फायदा हुआ, किसको
- 56:45नहीं हुआ तो फिर फायदा क्या हुआ पॉलिसी
- 56:47का? तो रिव्यु तो करना ही होगा। अ नाउ
- 56:50कमिंग टू सनसेट क्लॉज़। तो देखिए सनसेट
- 56:53क्लॉज़ तो ऑब्वियसली एक प्रपोजल है। इसमें
- 56:56कितना टाइम लगेगा ये तो हम अभी नहीं बता
- 56:58सकते हैं। हम तो नहीं बोल सकते ना कि अगले
- 57:0050 साल में खत्म कर दो या 100 साल में
- 57:02खत्म कर दो। तो इसको जैसे ही रिव्यू होते
- 57:04जाएंगे। इसीलिए रिव्यू जो है उसके लिए
- 57:06इंपॉर्टेंट है। जब हम रिव्यु करेंगे तो
- 57:08हमको एक आईडिया लगेगा कि कितना फायदा हो
- 57:10रहा है। कितनी जातियां हर साल बाहर जा रही
- 57:12हैं और कितना टाइम लगेगा। अब जैसे-जैसे
- 57:14जातियां बाहर जाएंगी वैसे-वैसे रिजर्वेशन
- 57:16भी तो कम होगा। अगर एससी एसटी को पपुलेशन
- 57:19प्रोपोशननेट रिजर्वेशन मिलता है। अगर
- 57:20उसमें से डोमिनेंट कास्ट बाहर जाएंगी तो
- 57:23उसके अंदर उसका पपुलेशन भी कम होगा ना
- 57:25धीरे-धीरे। तो वैसे ही ओबीसी से भी जो
- 57:27डोमिनेंट कास्ट बाहर जाएंगे तो उनका उस
- 57:29हिसाब से जितने रह गए उस हिसाब से
- 57:30पापुलेशन के हिसाब से परसेंटेज एडजस्ट
- 57:33होता चला जाएगा और उसके बाद कम होता चला
- 57:35जाएगा और फिर धीरे-धीरे तो एक एक प्लान
- 57:37बनेगा बट द थिंग इज कि सनसेट क्लॉज़ में हम
- 57:40ये एक बोल सकते हैं कि भैया दिस विल बी द
- 57:43प्लान बट हाउ हाउ मच विल बी द ड्यूरेशन इट
- 57:45इज़ टू अर्ली टू टेल बट व्हाट वी कैन
- 57:48प्रपोज इज़ द मैकेनिज्म कि इस तरह से आप एक
- 57:50मैकेनिज्म बनाओ एंड देन उसके बाद मे बी
- 57:52आफ्टर 20 इयर्स आफ्टर टू रिव्यूज यू पुट अ
- 57:55प्लान प्लान कि आप इसको ऐसेसे लेके जाओगे।
- 57:58सो दैट इज़ देयर आर सर्टेन थिंग्स व्हिच आर
- 58:00काइंड ऑफ़ ओपन एंडेड व्हिच आर अ लॉन्ग टर्म
- 58:02विज़न। फॉर एग्जांपल इकोनॉमिक रिजर्वेशन पे
- 58:05मूव करना है। इट इज़ अ लॉन्ग टर्म विज़।
- 58:06सनसेट क्लॉज़ हमको कितने साल में क्या करना
- 58:08है? दैट इज़ अ लॉन्ग टर्म विज़न। देयर आर
- 58:10सर्टन व्हिच इज़ अ इमीडिएट एक्शन लाइक
- 58:12रिमूवल ऑफ़ ओवर रिप्रेजेंटेड कास्ट सब
- 58:14कैटेगराइज़ेशन क्रीमी लेयर। दीज़ आर दी करंट
- 58:17अह करंट यू नो एक्शन आइटम्स। तो ये चीजों
- 58:20को हमको थोड़ा सा समझना है कि कैसे लागू
- 58:23करना है।
- 58:24ओके एक जो अब आपका लास्ट है एससी एसटी
- 58:27एक्ट रिफॉर्म्स
- 58:30ज्यादातर लोग इससे एग्री कर रहे हैं। ठीक
- 58:31है कि रिमूव्ड रिकॉर्निया प्रोविजंस जो
- 58:342018 में ऐड हुए हैं वो वो सब हटाने के
- 58:38लिए वो ठीक है। जेल टर्म पेनल्टीज फॉर फेक
- 58:41केसेस वो भी ठीक है। नॉन मॉनिटरी कंपनसेशन
- 58:45टिल केस प्रूवन इन कोर्ट यह भी ठीक है।
- 58:47लास्ट वाला जो आपने रखा है इंट्रा कैटेगरी
- 58:51केसेस टू आल्सो बी इंक्लूडेड
- 58:54लाइक शेड्यूल कास्ट वर्सेस शेड्यूल कास्ट
- 58:57शेड्यूल कास्ट वर्सेस शेड्यूल ट्राइबल या
- 58:59फिर इस टाइप के जो आपने एग्जांपल दिया
- 59:01यानी आप इंट्रा कास्ट मांग रहे हो मैम
- 59:04आपको समझ नहीं आ रहा शायद मेरे को ये मेरी
- 59:07लैंग्वेज नहीं है कुछ लोगों ने यह कहा है
- 59:09मुझे कि नहीं यह क्यों नहीं समझ में आ रहा
- 59:12है कि आप अभी ऑलरेडी जितने केसेस हैं उसका
- 59:15काउंट बढ़वा दोगे अभी तो सिर्फ इतना आता
- 59:18है ना कि एसटीएससी पर अत्याचार हुआ तो
- 59:22मतलब इतना काउंट दिखा देते हैं ये लोग कि
- 59:24भाई हजार केसेस आए 500 केसेस ऐसे आ गए। अब
- 59:27जब एसटी एससी वालों का भी इंट्रा कास्ट
- 59:29अगर जब रिकॉर्ड होना शुरू हो जाएगा तो
- 59:33मुझे जहां तक याद है आप भी जानती हैं वो
- 59:35आप एक प्यू रिपोर्ट है कि इंट्रा कास्ट
- 59:38सबसे ज्यादा होता है तो आज जो 500 केसेस
- 59:42रजिस्टर हो रहे हैं मेरे ख्याल से वो सीधे
- 59:435 लाख केसेस रजिस्टर होने लग जाएंगे और ये
- 59:46तो इस नैरेटिव को ही हेल्प करेगा कि
- 59:50दलितों पर अत्याचार हो रहा है क्योंकि
- 59:51नंबर ऑफ केसेस बढ़ जाएंगे अब ठीक है तो
- 59:55इंट्रा कास्ट से क्या फायदा होगा क्यों लग
- 59:58रहा है आपको कि है ना यह इससे इनफ ये तो
- 1:00:00मतलब और मतलब है ना नेगेटिविटी फैलाएगा
- 1:00:03समाज में मुझे नहीं लगता कि इससे कुछ खास
- 1:00:05फायदा है पर क्या फायदा है आप एक बार
- 1:00:07समझाइए हमें कि इंट्रास्ट से क्या होने
- 1:00:09वाला है क्योंकि ये नंबर ऑफ केसेस बढ़
- 1:00:10जाएंगे मैम मेरा एक मात्र कंसर्न है
- 1:00:14हां हम आई थिंक हमारा
- 1:00:17लोगों का ना लोग पीपल आर थिंकिंग इन
- 1:00:19टर्म्स ऑफ नंबर्स एंड नॉट एज ह्यूमंस आई
- 1:00:21थिंक पीपल शुड थिंक इन टर्म्स ऑफ
- 1:00:23ह्यूमैनिटी आल्सो हमारा पर्पस क्या है
- 1:00:26जातिवाद खत्म करना कि हमारा पर्पस है नंबर
- 1:00:28को कम दिखाना। पहली बात तो ये। दूसरी बात
- 1:00:30ये कि देखिए इंट्रा कास्ट जब होंगे तो वो
- 1:00:33भी रिकॉर्ड होगा कि कौन अक्यूज्ड है और
- 1:00:35कौन यू नो जो पीड़ित है। तो हमारा डिमांड
- 1:00:38केवल ये नहीं है कि इंट्रा कास्ट आप
- 1:00:40रिकॉर्ड करो। हमारा डिमांड ये भी है कि आप
- 1:00:43एक्यूज़ की भी आइडेंटिटी वहां पर डालो। तो
- 1:00:45अगर 5 लाख भी केस आएंगे तो उसमें ये
- 1:00:47दिखेगा कि 499000
- 1:00:50जो है वो आपके जो है वो इंट्रा कास्ट है
- 1:00:53तो लोगों की आंखें तो खुलेंग कि कम से कम
- 1:00:55देखिए ये जो जितने भी हो रहे हैं इनके आपस
- 1:00:58में हो रहे हैं तो इसीलिए ये चीजें बहुत
- 1:01:02जरूरी है क्योंकि अभी क्या हो रहा है कि
- 1:01:03एक्यूज़ की आइडेंटिटी जो होती है वो लोग
- 1:01:06मतलब रिकॉर्ड नहीं करते हैं तो सारा का
- 1:01:09सारा इल्जाम जो है वो एंड द एंड जनरल
- 1:01:11कैटेगरी पे आता है जबकि डाटा दिखाता है कि
- 1:01:13सबसे ज्यादा मतलब जो भेदभाव होता है वो
- 1:01:16आपस में ही रिजर्व कैटेगरी के बीच में
- 1:01:18होता है। अब मैं यह बता दूं कि जब इंट्रा
- 1:01:21कास्ट जो लोग कहते हैं मैं हमने 5 साल में
- 1:01:24इतने इतने केसेस देखे हैं कि यहां पे एसपी
- 1:01:28वर्सेस एसपी भी बहुत ज्यादा केसेस होते
- 1:01:30हैं। मतलब हम देखेंगे तो हमारे जो एसपी की
- 1:01:34एक जाति है वही दूसरी जातियों को गालियां
- 1:01:36दे रही है और जाति के आधार पे गालियां दे
- 1:01:38रही है। ऐसा नहीं है कि वो बोल रहे हैं कि
- 1:01:40तुम गरीब हो इसलिए वो जाति के आधार पर
- 1:01:42उनको गालियां दे रही है और जाति सूचक शब्द
- 1:01:44उनके लिए यूज किया जा रहा है। जो जाति
- 1:01:46सूचक शब्द जनरल कैटेगरी वाला अगर यूज करे
- 1:01:49तो उसको एससी एसटी एक्ट में जेल होगी। वही
- 1:01:52जातिचक शब्द अगर एससी कैटेगरी वाला एक
- 1:01:54आदमी दूसरे एससी कैटेगरी वाले के लिए यूज़
- 1:01:56करेगा तो उसको क्यों नहीं जेल होगी? वो भी
- 1:01:58तो वही कर रहा है ना जो दूसरा दूसरा ओबीसी
- 1:02:01या जीसी कर रहा है। तो रूल सबके लिए बराबर
- 1:02:04होने चाहिए। और ऐसे केसेस बहुत ज्यादा
- 1:02:06हैं। दूसरी बात यह कि एसटी वर्सेस एसटी
- 1:02:08केसेस भी बहुत ज्यादा है। राजस्थान में
- 1:02:10अगर आप जाएंगे तो वहां पे एसटी कैटेगरी
- 1:02:12में कुछ जातियां हैं जो बैठ के एससी के
- 1:02:14साथ भेदभाव करती हैं और नाम आ जाता है
- 1:02:17जनरल कैटेगरी का। तो ये सारी चीजें
- 1:02:19रिकॉर्ड होना ये पूरा मीडिया नैरेटिव जो
- 1:02:21बना हुआ है जो पूरा लेफ्टिस्ट नैरेटिव बना
- 1:02:23हुआ है उसको डीबंग करने के लिए सबसे
- 1:02:25ज्यादा जरूरी है। क्योंकि हमको ये दिखाना
- 1:02:27है कि भैया देखो आपस में जातिवाद कर कौन
- 1:02:30रहा है। तो ये इसका मतलब ये नहीं है कि
- 1:02:32केस इनक्रीस होंगे। इसका मतलब ये भी है कि
- 1:02:34जितने केसेस इनक्रीस होंगे उसमें एक्यूज़
- 1:02:36की भी आइडेंटिटी रिकॉर्ड होगी और ये
- 1:02:38बताएगा कि देखिए 99% केसेस आपके अंदर से आ
- 1:02:40रहे हैं। तो ये पूरा नैरेटिव ध्वस्त
- 1:02:42करेगा। तो पहला पर्पस ये है कि जातिवाद
- 1:02:45खत्म करना है तो सबके अंदर से जातिवाद
- 1:02:47खत्म करना है। ये नहीं है कि केवल जनरल
- 1:02:49कैटेगरी और ओबीसी से जातिवाद खत्म करना है
- 1:02:51और एसटी और एससी में जो जातिवाद है वो
- 1:02:53खत्म नहीं करना है। उनको भी खत्म करिए ना
- 1:02:55आप। आप जातिवाद तो हर जगह से खत्म करेंगे।
- 1:02:57सबके लिए क्राइटेरिया बराबर होनी चाहिए।
- 1:02:59और दूसरी ये है कि हमको नैरेटिव भी करना
- 1:03:01है कि ये केवल जनरल कैटेगरी वाले करते
- 1:03:04हैं। तो इसीलिए
- 1:03:05ठीक है?
- 1:03:07लगभग सारे पॉइंट्स तो मैंने आपसे जो जो
- 1:03:10कंसर्न्स रेज हुए थे वो पूछ लिए। अब एक
- 1:03:12कंसर्न मेरा अपना है।
- 1:03:15आपको पता है इस देश में इस साल का जो बजट
- 1:03:18है एसटी, एससी, ओबीसी कल्याण का वो है
- 1:03:20लगभग 3 करोड़ 40 लाख
- 1:03:253.4 लाख करोड़ सॉरी हां 3.4 लाख करोड़ 340
- 1:03:31हजार करोड़ का बजट है इनके लिए। नंबर भी
- 1:03:33इतना बड़ा है कि मेरे से बोला नहीं जा
- 1:03:35रहा। मेरी मैथ्स खराब नहीं है पर ये नंबर
- 1:03:37नहीं बोला जा रहा मुझसे।
- 1:03:40जनरल कैटेगरी के लिए आपने अपनी डिमांड में
- 1:03:42कहीं भी यह नहीं मांगा है। अब फॉर
- 1:03:45एग्जांपल देखिए अगर इसमें से आपकी एक दो
- 1:03:47डिमांड गवर्नमेंट मान भी लेती है बाय चांस
- 1:03:50फिर उसके बाद वह इस 3 लाख करोड़ के बजट को
- 1:03:531000 करोड़ का बजट कर देंगे उधर वाले वर्क
- 1:03:55को सेटिस्फाई करने के लिए तो कैसे इस चीज
- 1:03:58को कैसे हैंडल करने वाले हैं हम लोग इस पर
- 1:04:01जरा सा क्लेरिटी मुझे चाहिए कि जैसे क्या
- 1:04:04होता है ना देखिए मैम इस देश में
- 1:04:05पॉलिटिक्स ऐसे होती है शाहबानो केस हुआ था
- 1:04:08तो हिंदू नाराज हुए तो हिंदुओं को खुश
- 1:04:11करने के लिए राम मंदिर का ताला खोल दिया
- 1:04:12था राजीव गांधी ने एसटीएससी एक्ट को जब
- 1:04:16खतरनाक बनाया गया तो सवर्ण समाज नाराज हुआ
- 1:04:19तो उनका मुंह बंद करने के लिए ईडब्ल्यूएस
- 1:04:21की लॉलीपॉप पकड़ा दी गई। तो ये मंकी
- 1:04:25बैलेंसिंग चलती है इधर है ना तो जैसे ही
- 1:04:27अगर आपकी एक दो डिमांड बढ़ेगी तो बड़ा
- 1:04:30सिंपल है उनके लिए और इसमें स्पेशली जो
- 1:04:33नेता हैं जो पिछड़े जो जातिवादी नेता हैं
- 1:04:35वो क्या करेंगे? उनके लिए सबसे फायदे की
- 1:04:37चीज है ये कि भैया बजट बढ़ा दो क्योंकि वो
- 1:04:39बजट वैसे भी जनता तक नहीं पहुंचाना
- 1:04:40उन्हें। किसी दलित तक पिछड़े तक नहीं
- 1:04:42पहुंचाना है उन्हें। बजट बढ़ेगा वो उनकी
- 1:04:44जेब में जाएगा। तो मेरा सबसे बड़ा डर है
- 1:04:46कि फाइनशियल हेल्प रिजर्व जनरल कैटेगरी को
- 1:04:49ना मिलके सारा उधर की साइड डायवर्ट कर
- 1:04:52देंगे। तो इसके बारे में आप लोगों ने
- 1:04:54विचार क्यों नहीं किया और अगर किया तो
- 1:04:56क्या है आगे मतलब किस तरीके से आप इसको
- 1:04:58इंप्लीमेंट करने वाले हो? मुझे इस पर
- 1:05:00थोड़ा सा एक अपना ओपिनियन बताइए।
- 1:05:03यह ऑलरेडी लिखा हुआ है। आई थिंक एनसीजीसी
- 1:05:06के अगर आप डिटेल वर्जन में जाएंगे तो वहां
- 1:05:08पर हमने सेपरेट
- 1:05:11यू नो बजट की डिमांड की हुई है। जो हमने
- 1:05:14एनसीजीसी का डिटेल्ड वर्जन निकाला था
- 1:05:16उसमें अगर आप देखेंगे तो वहां पे हमने
- 1:05:17ईडब्ल्यूएस के लिए एक सेपरेट बजट की
- 1:05:20डिमांड की है। हमने बोला है कि इनके लिए
- 1:05:22भी एक बजट दिया जाए। जैसे बाकी वर्गों के
- 1:05:24लिए आप सामाजिक उत्थान के लिए एक बजट देते
- 1:05:26हैं। वैसे इनके लिए भी एक बजट दीजिए।
- 1:05:28दूसरी बात हमने ये भी की है कि भाई जनरल
- 1:05:30कैटेगरी को मतलब कास्ट बेस पे आप कोई भी
- 1:05:33पॉलिसीज ना बनाएं। तो जो भी आप पॉलिसीज
- 1:05:36बनाए सामाजिक न्याय के लिए पॉलिसीज बनाए
- 1:05:38तो आपको इंश्योर करना है कि सारे गरीबों
- 1:05:40तक सारे जो भी क्राइटेरिया है फुलफिल करने
- 1:05:42वाले उन लोगों तक वो चीजें पहुंचे। तो
- 1:05:45जैसे अभी हम देखते हैं कि पीएम आवास योजना
- 1:05:47है उससे गरीब ब्राह्मण राजपूत को नहीं मिल
- 1:05:49रहा है। बेचारे मतलब इतने बूढ़े बूढ़े लोग
- 1:05:52जो है वो रो रहे हैं। उनके घर टूट रहे
- 1:05:54हैं। पानी भर रहा है और उनको पीएम आवास
- 1:05:56योजना में कोई प्राथमिकता नहीं मिलती है
- 1:05:58और कैटेगरीज वालों को मिलती है। तो ऐसा
- 1:06:00क्यों है? इतना भेदभाव क्यों है आपके पास?
- 1:06:02मतलब जो अगर आप योजनाएं बना रहे हैं तो
- 1:06:05गरीबों के लिए योजनाएं बनाते हैं ना कि आप
- 1:06:07जाति देख के योजनाएं बनाते हैं। तो आपको
- 1:06:10सारी योजनाओं में जनरल कैटेगरी के जो भी
- 1:06:13यू नो गरीब लोग हैं उनको भी शामिल करिए और
- 1:06:15कास्ट बेस से मूव करके आप एक जनरल पॉलिसी
- 1:06:18बनाइए। तो हमारा एक डिमांड तो वो भी है जो
- 1:06:20कि हमने एनसीजीसी के अंदर डाला हुआ है कि
- 1:06:22भ आप सब जगह पे जनरल कैटेगरी के लोगों को
- 1:06:25भी डालिए। मतलब अगर आप कोचिंग व्यवस्था
- 1:06:27चला रहे हैं तो उनको भी डालिए जो वहां के
- 1:06:29गरीब जो सूटेबल लोग हैं जो आप आवास योजना
- 1:06:32बना रहे हैं तो यहां के भी गरीब लोगों को
- 1:06:34डालिए तो उनका वो सारा डिमांड हमारा है
- 1:06:36ऑलरेडी और फिर एस आई सेड कि डिटेल में फिर
- 1:06:39बाद में बात होगी बट हमने सेपरेट बजट
- 1:06:41मांगा हुआ है इसमें ऐसा नहीं है कि हमने
- 1:06:43नहीं मांगा है
- 1:06:44ठीक है
- 1:06:45एक एक लास्ट क्वेश्चन अब मेरा मुस्लिम
- 1:06:48समाज को मिलने वाला आरक्षण ओबीसी में आपके
- 1:06:51रिमांड में मैंने देखा है वहां पे एक लिखा
- 1:06:53हुआ है कि रिजर्वेशन शुड बी ओनली फॉर
- 1:06:55हिंदू
- 1:06:56पर ये सिर्फ और फिलहाल के लिए मेरे ख्याल
- 1:06:59से इस वक्त भाजपा समर्थक भी चाहते हैं
- 1:07:01यूपी इलेक्शन जब आ रहा है तो ये मुद्दा
- 1:07:03उठा है कि मुस्लिम समाज को आरक्षण क्यों
- 1:07:05मिलता है? मेरा कंसर्न इसमें एक साथ यह भी
- 1:07:09है कि एसटी समाज में मुस्लिम है। एक
- 1:07:11बालाकृष्ण करके एक आयोग बना था। तो अभी तक
- 1:07:14रिपोर्ट उसने सबमिट किया नहीं है। अभी
- 1:07:16उनकी रिपोर्ट प्रिपेयर हो गई है। जो
- 1:07:17लेटेस्ट न्यूज़ मैंने पढ़ी थी। मुस्लिम
- 1:07:19समाज को क्रिश्चियन समाज को मिलने वाले
- 1:07:21आरक्षण के बारे में और ओबीसी समाज में जो
- 1:07:23मिल रहा है मुस्लिम समाज को आरक्षण उसके
- 1:07:25बारे में क्या राय है? कैसे इस पर इमीडिएट
- 1:07:29काम किया जा सकता है? क्योंकि मेरे ख्याल
- 1:07:31से ये तो भाजपा के अपने एजेंडे में भी
- 1:07:32होना चाहिए कि वो मुस्लिम समाज को आरक्षण
- 1:07:35ना दें। तो इस पर यह लास्ट क्वेश्चन है
- 1:07:37जिस पर मैं चाहता हूं कि आप एक बार अपना
- 1:07:40नो जनता को बताएं कि मुस्लिम समाज को
- 1:07:42कितना आरक्षण मिल रहा है। जनता भी नहीं
- 1:07:44जानती एक्चुअली मतलब हमारा अपना समाज भी
- 1:07:46नहीं जानता है कि उनके हिस्से का आरक्षण
- 1:07:47मुस्लिम समाज ले जा रहा है।
- 1:07:50हां आई थिंक ये हमारे डिमांड में है कि जो
- 1:07:54जो मुस्लिम्स मतलब जो नॉन हिंदू कास्ट है
- 1:07:58ऐसा नहीं केवल मुस्लिम हमने क्रिश्चियंस
- 1:08:00के लिए भी बोला है कि जो भी नॉन हिंदू
- 1:08:02कास्ट है या फिर जो नॉन हिंदू हैं और या
- 1:08:05फिर कन्वर्ट हो चुके हैं उन सबको आरक्षण
- 1:08:07से बाहर किया जाए। तो इसमें ओबीसी भी आती
- 1:08:10है और इसमें एसटी भी आता है। एसटी में तो
- 1:08:12जैसे कि आप जानते हैं कि सीट फॉर यू नो नव
- 1:08:15बौद्धों को मिलता है। तो इसके बारे में भी
- 1:08:16हम डिमांड उठाएंगे क्योंकि नव बौद्धों को
- 1:08:20बाद में 1990 में एक अमेंडमेंट लाके
- 1:08:22प्रेसिडेंशियल ऑर्डर में उनको डाला गया था
- 1:08:24वीपी सिंह द्वारा। ये भी पॉलिटिकल है।
- 1:08:26इसका कोई रीजन नहीं था क्योंकि शुरू में
- 1:08:281931 में ये डिसाइड हुआ था कि नवधों को
- 1:08:31आरक्षण नहीं मतलब उसमें नहीं आएंगे। लेकिन
- 1:08:34बाद में उनको डाल दिया गया। तो ये तो खैर
- 1:08:37अलग बात है बट हां अभी हमारा ये इमीडिएट
- 1:08:39डिमांड है कि जो आरक्षण जिनको मिल रहा है
- 1:08:43उसमें दूसरे धर्म के लोगों को क्यों मिलना
- 1:08:45चाहिए? तो सिंपल सी बात है कि अगर आप कोई
- 1:08:48भी रिपोर्ट उठा के पढ़ लेंगे भले ही मंडल
- 1:08:50कमीशन की रिपोर्ट हो या जो भी रिपोर्ट्स
- 1:08:52बनती है उन हर जगह पे इन्होंने हिंदू धर्म
- 1:08:55को बेस बना के आरक्षण दिया है तो इन्होंने
- 1:08:58ये बोला है कि हिंदू धर्म के अंदर जातिवाद
- 1:09:00होता था और सोशली इसलिए ये लोग बैकवर्ड रह
- 1:09:03गए क्योंकि इनको ये नहीं मिला इनको वो
- 1:09:05नहीं मिला तो ये सारी चीजें और कहानियां
- 1:09:08सुना के कि मनुस्मृति में ये लिखा हुआ है
- 1:09:11शंभुक वध हुआ था एकलव्य का अंगूठा काटा
- 1:09:13गया ये सब लिख के रिपोर्ट में दिया गया
- 1:09:16है। मंडल कमीशन में भी यही कहानियां लिखी
- 1:09:18हुई है। तो जब यह सब अपने पूरे हिंदू धर्म
- 1:09:22को डिमोनाइज करके एक तरह से जब आरक्षण
- 1:09:25दिया है तो और वहां पे आप ये भी कह रहे हो
- 1:09:28कि क्रिश्चियन मतलब जो ईसाई धर्म है और जो
- 1:09:31मुस्लिम धर्म है वहां पे कोई कास्ट नहीं
- 1:09:32होती और उनके बारे में एक शब्द नहीं लिखा
- 1:09:35है। तो आप किस किस तरीके से आप उनको
- 1:09:38आरक्षण दे रहे हो। मंडल कमीशन में ये खुद
- 1:09:41ही उन्होंने लिखा है कि हमने मुस्लिम या
- 1:09:43ईसाई समाज में कोई स्टडी नहीं की और
- 1:09:45हमकोकि उनको आरक्षण देना था तो हमने एक रफ
- 1:09:48एंड रेडी क्राइटेरिया बना दिया और हमने
- 1:09:50क्या किया कि जो हिंदू कास्ट को हम दे रहे
- 1:09:53हैं आरक्षण तो उसके बराबर जो सेम नाम वाली
- 1:09:55कास्ट है मुस्लिम में हम उनको भी आरक्षण
- 1:09:57दे देंगे। जैसे कि हिंदू में धोबी को आपने
- 1:09:59दे दिया तो मुस्लिम में धोबी को आपने दे
- 1:10:01दिया। बट आपने ये नहीं देखा कि हां आपने
- 1:10:03हिंदू में धोबी को ये बोल के दिया कि उनके
- 1:10:05साथ जातिवाद होता है बट मुस्लिम में तो
- 1:10:07धोबी के साथ जातिवाद नहीं होता है और वो
- 1:10:09तो ऑक्यूपेशन बेसिस पे है तो वहां पे तो
- 1:10:11कोई ऑक्यूपेशन ऊपर नीचे तो ऐसा कोई
- 1:10:13कांसेप्ट है नहीं इस्लाम में तो आप क्यों
- 1:10:14दे रहे हो तो ये सारी चीजें जो थे अगर आप
- 1:10:17कोई भी रिपोर्ट पढ़ने जाओगे तब आपको समझ
- 1:10:19आएगा मैं एक यहां पे कोट करना चाहूंगी
- 1:10:21काका कालेलकर की रिपोर्ट जो पहला बैकवर्ड
- 1:10:24कमीशन था जिसकी रिपोर्ट एक्चुअली सब मतलब
- 1:10:27उन्होंने एक्सेप्ट नहीं की थी और इनफैक्ट
- 1:10:29काला काका कालेलकर ने भी खुद ही अपनी
- 1:10:31रिपोर्ट मानने से मना कर दिया था। तो काका
- 1:10:33कालेरकर के स्टेटमेंट मैं बताती हूं। वो
- 1:10:36कहते हैं कि मुझे बहुत ही आश्चर्य हो रहा
- 1:10:39है कि जो लोग जो है ये मुस्लिम और ईसाई जो
- 1:10:42है ये लोग मेरे पास आकर कहते हैं कि हमारे
- 1:10:44अंदर भी जातिवाद है। हमको आरक्षण दे दो।
- 1:10:47इनके अंदर कोई जातिवाद या आरक्षण ऐसा है
- 1:10:49नहीं। बट ये आरक्षण का लालच ऐसा है कि ये
- 1:10:51लोग खुद आके मुझे बोल रहे हैं कि हमारे
- 1:10:53अंदर जातिवाद है। और इसलिए ये अपने अंदर
- 1:10:55जातिवाद खुद दिखा रहे हैं। तो मुझे खुद
- 1:10:58हैरानी है ये देख के। तो ये काका कालेकर
- 1:11:00का एक स्टेटमेंट आप पढ़िएगा उनकी रिपोर्ट
- 1:11:02में जहां पे वो अपना स्टेटमेंट दे रहे हैं
- 1:11:04वहां पे उन्होंने ये रिकॉर्ड किया है कि
- 1:11:05उनके पास मुस्लिम और क्रिश्चियन लीडर्स
- 1:11:07आके मिल रहे थे और कह रहे थे कि हम बाहर
- 1:11:09रह जाएंगे हमको बहुत दिक्कत थोड़ी है हमको
- 1:11:11डर लग रहा है कि हमको आरक्षण नहीं मिलेगा
- 1:11:13तो हम भी बैकवर्ड है और हमारे अंदर भी
- 1:11:14जातिवाद है कृपया हमको आरक्षण दीजिए तो इस
- 1:11:17टाइप की जो है मतलब समझ सकते हैं कि लालच
- 1:11:20ने लोगों में जातिवाद पैदा किया है आरक्षण
- 1:11:22ने जातिवाद पैदा किया है जातिवाद की वजह
- 1:11:24से आरक्षण नहीं है तो ये कांसेप्ट मतलब
- 1:11:28मतलब इस ये तो एक मेजर कांसेप्ट हुआ।
- 1:11:30दूसरी बात ये कि अगर आप हिस्टोरिकली भी
- 1:11:32देख देखेंगे तो पिछले मतलब ऑलमोस्ट हजार
- 1:11:35सालों में क्रिश्चियंस और मुस्लिम्स का
- 1:11:37राज रहा है इस देश में और इन लोगों ने ही
- 1:11:40यू नो राज किया है। तो जो राज किया है आप
- 1:11:42उन लोगों को कैसे आरक्षण दे सकते हो? अगर
- 1:11:45आप उनकी जो पूरी हिस्ट्री पढ़ेंगे अगर आप
- 1:11:48औरंगजेब से ले यू नो बाबर और अकबरनामा और
- 1:11:51ये सारी चीजें पढ़ेंगे तो वहां पे क्लियरली
- 1:11:52जो उनका यू नो बायोग्राफीस जो उनकी है
- 1:11:55उनके टाइम की वहां पे वो क्या बोलते हैं
- 1:11:57कि हम जो लोग कन्वर्ट करते हैं मतलब
- 1:11:59हिंदुओं पे जजिया टैक्स लगाया जाता था और
- 1:12:01जो लोग कन्वर्ट करते थे उनको इनाम दिया
- 1:12:03जाता था उनको कुछ पैसे दिए जाते थे उनको
- 1:12:06प्रमोशन दिया जाता था उनको यू नो कुछ
- 1:12:08रियासतें जागीर वगैरह दी जाती थी उनको
- 1:12:11प्रेफरेंस दी जाती थी उनके साथ कुछ भी
- 1:12:13मतलब गलत नहीं होता था और जो हिंदू थे जो
- 1:12:15अपना धर्म पकड़ के बैठे थे उन पे टैक्स
- 1:12:17लगाया जाता था। उनके साथ तो मतलब मैं बता
- 1:12:20नहीं सकती हूं कि कैसे-कैसे उनके साथ
- 1:12:22अट्रोसिटीज हुई है। तो जो लोग आप जिनको
- 1:12:26आपने इनाम दिया जो कन्वर्ट हो गए और उस
- 1:12:28समय वो बड़े मजे में जी रहे थे आप उनको
- 1:12:30अभी ये बोल के दे रहे हो कि वो बैकवर्ड है
- 1:12:32और उनको आरक्षण दे दो। तो ये लॉजिक ही
- 1:12:34कहीं पे फिट नहीं होता है। तो इसीलिए जो
- 1:12:37आरक्षण जिस पर्पस से था और जो आपने
- 1:12:40फंडेबाजी दी है कि हिंदू धर्म इतना खराब
- 1:12:42है कि उसकी वजह से आरक्षण देना चाहिए तो
- 1:12:44फिर आप बाकी धर्म में जातिवाद नहीं है तो
- 1:12:46क्यों दे रहे हो? तो सिंपल सी बात है
- 1:12:50ठीक है अ प्रश्न तो बहुत है मैम और भी
- 1:12:55बहुत सारे हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि
- 1:12:57मैं आज इस फोरकास्ट पर वो सब कवर करूं
- 1:12:59क्योंकि आज मैं स्पेसिफिकली आपका जो ये
- 1:13:02डिमांड चार्टर जो आपने रिलीज किया है उससे
- 1:13:04संबंधित जानकारी और उससे संबंधित जागरूकता
- 1:13:06फैलाने के पपस से मैंने आपके साथ ये
- 1:13:08फोरकास्ट किया है। बाकी प्रश्नों के लिए
- 1:13:11उम्मीद है मैं आपसे दोबारा एक बार कनेक्ट
- 1:13:13करूंगा। पर अभी हमसे जुड़ने के लिए
- 1:13:16धन्यवाद। मैं आपको आपकी टीम को शुभकामनाएं
- 1:13:19भी देता हूं और मैं जितने लोग आपसे जुड़े
- 1:13:23हुए हैं बहुत सारे लोग आपसे जुड़े हुए हैं
- 1:13:24पूरे समाज को भी शुभकामनाएं देता हूं कि
- 1:13:26फाइनली वो लोग इस देश के हिंदू समाज को
- 1:13:29बचाने के लिए देश को बचाने के लिए मेहनत
- 1:13:33कर रहे हैं। एक चीज जो आप पर आरोप लगता है
- 1:13:36मैं अपनी तरफ से लोगों को कहना चाहूंगा।
- 1:13:39लोग कहते हैं कि ये नेहा दास जो है यह अब
- 1:13:42मेहनत जातिवाद फैला रही है। हिंदू समाज के
- 1:13:44बारे में ना सोचकर सवर्ण समाज जो हमेशा
- 1:13:47हिंदू हितषी रहा है उसमें जातिवाद का जहर
- 1:13:51घोल रही है कि उनको भी जातिवादी बना रही
- 1:13:53है। तो मेरा उन लोगों को यह मैसेज है कि
- 1:13:56आप क्या चाहते हो जो समाज हिंदू समाज को
- 1:13:59जोड़कर चल रहा था वो धीरे-धीरे खत्म हो
- 1:14:02जाए। अगर जब खत्म हो जाएगा ना तो जो लोग
- 1:14:04ऑलरेडी हिंदू समाज को छोड़ चुके हैं वो
- 1:14:08वैसे ही बचा कुचा हिंदुत्व खत्म कर देंगे।
- 1:14:10तो नेहा जी और इनकी टीम जो कर रही है इस
- 1:14:13देश के लिए वह असल में हिंदू समाज को
- 1:14:17बचाने के लिए ही कर रही है। क्योंकि जो
- 1:14:19लोग आरक्षण ले रहे हैं वो उनकी पूजा करते
- 1:14:22हैं। मैं नाम नहीं लेता किसी का जिन्होंने
- 1:14:24हिंदुत्व का जिन्होंने भगवान राम का कृष्ण
- 1:14:26का गणपति जी का तिरस्कार किया है। तो
- 1:14:30तिरस्कार करने वाले हिंदुत्व नहीं
- 1:14:32बचाएंगे। हिंदुत्व वही बचाएंगे जो मेरिट
- 1:14:35की बात करते हैं, जो समाज से जुड़े हुए
- 1:14:37हैं, जो देश की चिंता करते हैं। तो अगर आप
- 1:14:40लोगों को कभी कोई कहे कि नेहा दास और उनकी
- 1:14:42टीम हिंदुत्व को कमजोर कर रही है, तो
- 1:14:45उन्हें यह जरूर समझाइएगा कि जो जिनके
- 1:14:48अगेंस्ट नेहा दास जी बोल रही हैं, वो
- 1:14:50हिंदुत्व को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं।
- 1:14:52उनसे प्रश्न जरूर पूछिएगा। धन्यवाद हमसे
- 1:14:55जुड़ने के लिए। मैम बहुत-बहुत शुभकामनाएं
- 1:14:57आपको। नमस्कार।
About this transcript
This page contains the full transcript of RHA की Demands के पीछे क्या है सोच? | NCGC क्यों चाहिए? | Neha Das से सीधी बात #reservation #podcast by Satyajeet Mishra, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 15,190 words across 1,877 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
What you can do with it
Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.
Free YouTube transcript tool
YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.