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RHA की Demands के पीछे क्या है सोच? | NCGC क्यों चाहिए? | Neha Das से सीधी बात #reservation #podcast — Transcript

by Satyajeet Mishra · 15,190 words · 1,877 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00जब यह डिमांड लोगों तक पहुंचेगी लोग इसकी
  2. 0:02अहमियत समझेंगे। हमको भी एक ऐसा आयोग
  3. 0:04चाहिए जो हमारी भी बातें उठाए और सरकार तक
  4. 0:07ले जाए। रोल बैक ही सशन है। इसका और कोई
  5. 0:09सशन नहीं है। रिकंसीडरेशन इज नॉट द सशन।
  6. 0:12स्टे इज नॉट द सशन। इकोनमिक कंडीशन इज अ
  7. 0:14क्राइटेरिया अंडर ईच ऑफ द कैटेगरी। फैमिली
  8. 0:16में एक अपलिफ्ट होता है तो बाकी लोगों को
  9. 0:18भी वो अपलिफ्ट करेगा। वो उसकी जिम्मेदारी
  10. 0:19है। सब कैटेगराइजेशन की डिमांड है। वो
  11. 0:21दलितों के अंदर से आई है। ये कैटेगरी हमने
  12. 0:23नहीं बनाई है। ये कैटेगरी सरकार ने बनाई
  13. 0:25है।
  14. 0:25क्रीमी लेयर तो तभी से है। क्या फायदा
  15. 0:27हुआ? जैसेजैसे जातियां बाहरंगी वैसेवैसे
  16. 0:29रिजर्वेशन भी तो कम होगा। इलाहाबाद कोर्ट
  17. 0:31में एक डिसीजन दिया था कि आपकी आबादी से
  18. 0:33आधा अगर आपको मिल जाता है तो दैट इज
  19. 0:35एडिक्वेट। सवर्ण आयोग बनेगा तो उसको
  20. 0:38कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस देना है।
  21. 0:39सशन सरकार दे रही है। आप फिर भी इस मुद्दे
  22. 0:41को गरम रखना चाहते हो।
  23. 0:42आरक्षण इसलिए तो नहीं दिया गया था कि भैया
  24. 0:44बड़ी-बड़ी जातियां इसका लाभ ले। जैसे एससी
  25. 0:46एसटी को आप रिलैक्सेशन दे रहे हो। वैसे ही
  26. 0:48ईडब्ल्यूएस को रिलैक्सेशन दो। ये बहुत
  27. 0:49सारे सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट ने भी बोला
  28. 0:51है। इसमें अंबेडकर जी ने एक फ्लॉज़ डाला
  29. 0:53था। आप लोगों को हक दीजिए बट क्वालिटी में
  30. 0:55कॉम्प्रोमाइज नहीं होना चाहिए। प्राइवेट
  31. 0:56सेक्शन रिजर्वेशन तो है ही नहीं।
  32. 0:58एसपी वर्सेस एसपी केसेस भी बहुत ज्यादा
  33. 1:00है।
  34. 1:00क्योंकि मुस्लिम समाज को आरक्षण क्यों
  35. 1:01मिलता है? आरक्षण नहीं जातिवाद पैदा किया
  36. 1:03है। जातिवाद की वजह से आरक्षण नहीं है।
  37. 1:07रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन आरएचए एक ऐसा
  38. 1:10आंदोलन जिसने इस देश में सवर्ण समाज के
  39. 1:13साथ हो रहे जातिगत अत्याचार के खिलाफ जंग
  40. 1:15छेड़ दी है और आरएचए की कोर कमेट ने कुछ
  41. 1:18दिनों पहले एक डिमांड चार्टर रिलीज किया
  42. 1:20है। इस डिमांड चार्टर में 12 डिमांड्स
  43. 1:23हैं। इन्हीं डिमांड्स को डिस्कस करने के
  44. 1:25लिए आज हमारे साथ जुड़ी है नेहा दास। नेहा
  45. 1:28दास यूथ फॉर इक्वलिटी के साथ एज अ
  46. 1:30कंसलटेंट काम करती हैं। नेहा दास वो हैं
  47. 1:33जो पिछले 10 साल से सवर्ण समाज के
  48. 1:35अधिकारों के लिए लड़ रही हैं। बिना रुके
  49. 1:38बिना थके। नेहा दास पर सवर्ण समाज भी
  50. 1:40भरोसा करता है। देश के नेता भी भरोसा करते
  51. 1:43हैं। पिछड़ा और दलित समाज भी भरोसा करता
  52. 1:46है। तो आइए आज उनसे चर्चा करते हैं कि
  53. 1:48उनकी मांगे क्या हैं और वो जातिगत आरक्षण
  54. 1:51का विरोध क्यों करती हैं।
  55. 1:54स्वागत है नेहा जी।
  56. 1:56जय श्री राम। नमस्ते।
  57. 2:00तो शुरू करते हैं। सबसे पहले तो यह जानने
  58. 2:03से आप लोगों ने कल एक डिमांड चार्टर रिलीज
  59. 2:05किया है। मैं चाहता हूं दर्शकों को मैं वो
  60. 2:07डिमांड चार्टर दिखा दूं।
  61. 2:0912 डिमांड्स आपने रखी हैं समाज के लिए,
  62. 2:13सरकार के सामने। मैंने जब इस डिमांड
  63. 2:16चार्टर को पहली बार देखा तो मेरे मन में
  64. 2:19पहला क्वेश्चन यह आया कि सरकार क्या ये
  65. 2:21डिमांड्स मानेगी?
  66. 2:25यह मेरे दिमाग में सबसे पहला क्वेश्चन है
  67. 2:27क्योंकि इस देश की राजनीति जो है वह सब
  68. 2:29कुछ जातिवाद पर आधारित है। तो सबसे पहले
  69. 2:32तो आप यह बताइए कि ये डिमांड चार्टर जब
  70. 2:34आपने बनाया तो क्या सोच कर बनाया? इससे
  71. 2:37सरकार को समाज को क्या मैसेज देना है और
  72. 2:39आपको क्या लगता है कि ये डिमांड्स कितनी
  73. 2:42एक्सेप्ट होंगी? इसमें कितनी उम्मीद सवर्ण
  74. 2:44समाज रखे आपसे?
  75. 2:46देखिए सत्यजीत जी हमारा जो पपस है वो
  76. 2:50हमेशा से रिजर्वेशन का एक जो अभी करंट
  77. 2:54स्वरूप है उसको बदलना है क्योंकि सब जानते
  78. 2:57हैं कि जो आरक्षण है वो कुछ नहीं एक यू नो
  79. 3:00पॉलिटिकल वोट बैंक की राजनीति बन चुकी है
  80. 3:02तो इसको अगर यू नो रिफॉर्म नहीं किया गया
  81. 3:05तो जिस तरीके से ये चल रहा है उसमें देश
  82. 3:07की बर्बादी बिल्कुल तय है और लोगों को जिस
  83. 3:10तरीके से इस इस आरक्षण ने विभाजित किया है
  84. 3:13अलग-अलग टुकड़ों में और एक दूसरे को यू नो
  85. 3:16आपस में ही लड़ा रहे हैं। उससे कहीं से भी
  86. 3:19देश की प्रगति नहीं होगी और लोगों में जो
  87. 3:22है आपसी यू नो हेट्रेट बढ़ता जाएगा। आपसी
  88. 3:26दुर्भाव बढ़ता चला जाएगा। तो इसीलिए इस
  89. 3:29आरक्षण को जो जो राजनीति है उसको खत्म
  90. 3:32करना जरूरी है। जो आरक्षण के चारों तरफ
  91. 3:34राजनीति घूमती है उसको खत्म करना जरूरी है
  92. 3:37और इस तरह से रिफॉर्म करना जरूरी है ताकि
  93. 3:40जो जरूरतमंद है जो सही मायने में आरक्षण
  94. 3:43के हक हकदार है और जिसके लिए आरक्षण
  95. 3:46एक्चुअली दिया गया था उन तक चीजें पहुंचे।
  96. 3:48तो ये तो हमारा पहला पर्पस है। दूसरी बात
  97. 3:51ये कि जो आप कह रहे हैं कि यू नो सरकार
  98. 3:54सुनेगी कि नहीं सुनेगी तो हमारा जो पर्पस
  99. 3:58है वो ये डिमांड सरकार तक पहुंचाना उतना
  100. 4:01अभी जरूरी नहीं है जितना कि हम ये डिमांड
  101. 4:04जनता तक पहुंचाना चाहते हैं। हमारा पर्पस
  102. 4:06है कि ये डिमांड हम लोगों तक पहुंचाएं
  103. 4:09ताकि लोग समझे कि भाई आरक्षण के आसपास
  104. 4:11क्या राजनीति हो रही है और लोग ये चीजें
  105. 4:14समझे कि आरक्षण को किस तरीके से यू नो
  106. 4:17रिफॉर्म करना है। किस तरीके से उसका सही
  107. 4:19उपयोग करना है और जब यह डिमांड लोगों तक
  108. 4:22पहुंचेगी, लोग इसकी अहमियत समझेंगे, लोग
  109. 4:24इसको उठाना शुरू करेंगे तो सरकार खुद ही
  110. 4:26सुनने लगेगी। तो हमारा पर्पस अभी सरकार को
  111. 4:29सुनाने से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।
  112. 4:32तो ये डिमांड जब लोगों तक पहुंच जाएगी तो
  113. 4:34आवाज वहीं से उठेगी।
  114. 4:38ठीक है। मतलब यह डिमांड्स असल में अब समाज
  115. 4:41तक ही जब पहुंचाना है तो जब आप लोगों ने
  116. 4:44कल इस डिमांड को रिलीज किया तो मैं
  117. 4:46Twitter पर मेरे पास कई क्वेश्चंस आए।
  118. 4:49मैंने बहुत सारे क्वेश्चंस देखे जो इस
  119. 4:51डिमांड चार्टर से रिलेटेड हैं। तो जब बात
  120. 4:54लोगों की हो रही है तो उन्हीं की बात
  121. 4:56सुनते हैं और उन्हीं के प्रश्नों का जवाब
  122. 4:58पहले दे देते हैं। पहला क्वेश्चन है कि अब
  123. 5:01जब आप आपका पहला डिमांड कहता है कि आप
  124. 5:04नेशनल कमीशन फॉर जनरल कैटेगरी की डिमांड
  125. 5:07कर रहे हैं। पहली बात तो इस देश में जनरल
  126. 5:10कैटेगरी की कोई डेफिनेशन नहीं है। एसटी की
  127. 5:12डेफिनेशन है, एससी की डेफिनेशन है, ओबीसी
  128. 5:14की डेफिनेशन है। कैसे आप लोग यह कवर
  129. 5:17करेंगे कि भाई जनरल कैटेगरी कौन है? किसको
  130. 5:19कवर करेगा आपका कमीशन? पहला। दूसरा
  131. 5:22क्वेश्चन इसी से रिलेटेड आया हुआ है कि
  132. 5:24क्या कास्ट सर्टिफिकेट जैसे ओबीसी को
  133. 5:27मिलता है, कैटेगरी सर्टिफिकेट जो ओबीसी को
  134. 5:29मिलता है, एसटी को मिलता है, एससी को
  135. 5:31मिलता है। क्या वैसा ही सर्टिफिकेट जनरल
  136. 5:33कैटेगरी को भी मिलेगा? क्या आपकी डिमांड
  137. 5:35वो भी है? अगर यह दोनों चीजें हैं तो
  138. 5:38पब्लिक कह रही है कि शायद कुछ होता। लेकिन
  139. 5:40आपके डिमांड चार्टर में दोनों बातें लिखी
  140. 5:42हुई नहीं है। तो पहले डिमांड से रिलेटेड
  141. 5:44इस क्वेश्चन का जवाब जरा हमारे दर्शकों को
  142. 5:47और आप पूरे समाज को दीजिए कि कास्ट
  143. 5:49सर्टिफिकेट और जनरल कैटेगरी डेफिनेशन पे
  144. 5:53आपका क्या आप आपकी टीम का या फिर जो आपकी
  145. 5:56को टीम है उसके क्या विचार है? हां देखिए
  146. 6:01अभी हमने टॉप लाइन डिमांड्स रिलीज की है।
  147. 6:03इसका मतलब यह नहीं है कि सारी की सारी
  148. 6:06जितनी भी डिमांड है वह सब कवर हो गई हैं।
  149. 6:08हर एक डिमांड के अंदर एक डिटेल चार्टर
  150. 6:11बनेगा और उसके अंदर भी डिटेल्स यू नो
  151. 6:14पॉइंट बाय पॉइंट चीजें होंगी। तो अभी जो
  152. 6:17लिस्ट है उसमें सब कुछ कवर हम नहीं कर
  153. 6:20सकते हैं और सब कुछ कवर करना पॉसिबल भी
  154. 6:22नहीं है क्योंकि जब देखिए सवर्ण आयोग
  155. 6:24बनेगा या जब नेशनल कमीशन फॉर जनरल कैटेगरी
  156. 6:26बनेगी [नाक से की जाने वाली आवाज़] तब
  157. 6:28उसके यू नो उनके अंदर क्या-क्या चीजें
  158. 6:31आएंगी उनका रोल्स रिस्पांसिबिलिटीज क्या
  159. 6:33होगा उसकी स्ट्रक्चर क्या होगी ये सब
  160. 6:35चीजें डिसाइड होंगी तो ये अभी से बोल देना
  161. 6:37कि सवर्ण आयोग ये करेगा वो करेगा उनके यही
  162. 6:40डिमांड्स रहेंगे उनके यही रिससिबिलिटीज
  163. 6:42रहेंग ये बिल्कुल ही यू नो प्रीमेच्योर
  164. 6:45होगा तो हमारा डिमांड पहले यह है कि जनरल
  165. 6:48कैटेगरी की बात सुनने के लिए कोई भी नहीं
  166. 6:50है। एससी एसटी कैटेगरी के लिए अलग-अलग
  167. 6:53आयोग है। बैकवर्ड कमीशन है। लेकिन जनरल
  168. 6:55कैटेगरी की बात सुनने के लिए कोई भी नहीं
  169. 6:57है। और हमको कोई भी तकलीफ होती है। भले ही
  170. 6:59वो एससी एसटी एक्ट की फर्जी केसेस हो या
  171. 7:01फिर यूजीसी जैसे डिमांड जो रेगुलेशंस आते
  172. 7:04हैं जो बिल्कुल ही भेदभाव पूर्ण है वो या
  173. 7:07फिर आरक्षण जहां पे 70% 80% हो रहा है या
  174. 7:10हमारे लोग जो ईडब्ल्यूएस के यू नो जो
  175. 7:12क्राइटेरिया में उनको विसंगति दिखती है कि
  176. 7:15उसके अंदर उनकी बातें नहीं सुनी जा रही
  177. 7:17है। तो ये सारी डिमांड हमारे लिए कौन
  178. 7:19उठाएगा? तो इसीलिए हमको भी एक ऐसा आयोग
  179. 7:22चाहिए जो हमारी भी बातें उठाए और सरकार तक
  180. 7:25ले जाए। पॉलिसीज बनाए। हमारे भले की बात
  181. 7:28करें। तो इसलिए हमारा पहला डिमांड यह है
  182. 7:31कि भाई हमारी बात सुनने के लिए भी एक आयोग
  183. 7:34बनाया जाए। जैसे कि बाकी सब वर्गों के लिए
  184. 7:36आपने आयोग बनाया है। दूसरी बात ये कि भाई
  185. 7:38हम कोई यू नो कास्टिज्म नहीं कर रहे हैं।
  186. 7:42जैसे ये वर्ग बनाए हैं। पॉलिटिक्स ने ही
  187. 7:44ये वर्ग बनाए हैं। कोई हमने तो ये वर्ग
  188. 7:46नहीं बनाया है कि जनरल कैटेगरी। जनरल
  189. 7:48कैटेगरी कोई कास्ट नहीं होती है। जनरल
  190. 7:50कैटेगरी में हर वर्ग के लोग आते हैं। हर
  191. 7:52धर्म के लोग आते हैं। ये मैं क्लेरिफाई कर
  192. 7:54देना चाहती हूं लोगों के लिए भी कि आई
  193. 7:56थिंक लोगों को ये नहीं पता है कि जनरल
  194. 7:58कैटेगरी में केवल ब्राह्मण, राजपूत कायस्त
  195. 8:01या भूमिहार या यू नो केवल हिंदू के कुछ
  196. 8:05कास्ट नहीं आते हैं। बहुत सारे कास्ट होते
  197. 8:07हैं हिंदुओं के। उसके साथ मुस्लिम भी आते
  198. 8:09हैं, जैन भी आते हैं, सिख भी आते हैं,
  199. 8:11पारसी भी आते हैं, ईसाई भी आते हैं। हर
  200. 8:13धर्म के लोग आते हैं। तो जनरल कैटेगरी कोई
  201. 8:16एक यू नो एक दो तीन कास्ट पे तक सीमित
  202. 8:19नहीं है। दूसरी बात ये कि हम जनरल कैटेगरी
  203. 8:22की डेफिनेशन क्या रखेंगे? तो जनरल कैटेगरी
  204. 8:26देखिए बेसिकली अनरिजर्व कैटेगरी होती है
  205. 8:29जिसके जो किसी और क्राइटेरिया में फिट
  206. 8:31नहीं हो रही है। मतलब वो एससी नहीं है।
  207. 8:33एससी की जो लिस्ट बनी हुई है, एसटी की जो
  208. 8:35लिस्ट बनी हुई है, ओबीसी की जो लिस्ट बनी
  209. 8:37हुई है, उसमें वो फॉल नहीं करते हैं। तो
  210. 8:40वो होते हैं जनरल कैटेगरी। उसमें ओबीसी
  211. 8:42क्रीमी लेयर भी आता है। मैं क्लेरिफाई कर
  212. 8:45दूं कि ओबीसी जो क्रीमी लेयर के लोग होते
  213. 8:47हैं उनको भी रिजर्वेशन नहीं मिलता है। तो
  214. 8:49वो भी अनरिजर्व कैटेगरी से ही अप्लाई करते
  215. 8:51हैं। तो वो भी एक तरह से मतलब अगर आप देखा
  216. 8:54जाए तो अनरिजर्व कैटेगरी में आते हैं। तो
  217. 8:56ये जनरल कैटेगरी नहीं मतलब समझ लीजिए कि
  218. 8:58वो भी उसके अंदर उस डेफिनेशन में वो फिट
  219. 9:00होते हैं। तो इसके अंदर कौन आएगा? ये इसकी
  220. 9:04जब सवर्ण आयोग बनेगा तो एक क्राइटेरिया
  221. 9:06डिफाइन होगी उस समय में कि भाई जो एससी की
  222. 9:09लिस्ट में नहीं है जो एसटी की लिस्ट में
  223. 9:11नहीं है जो ओबीसी की लिस्ट में नहीं है वो
  224. 9:14सारे लोग वो सारी जो जातियां है या धर्म
  225. 9:17धर्म के लोग हैं वो सारे इसके अंदर आएंगे।
  226. 9:20दूसरी बात ये कि आप कैसे मतलब आप कैसे
  227. 9:23बोलोगे और कैसे कोई सुविधा का लाभ लोगे जो
  228. 9:25जनरल कैटेगरी के के लिए बनी है या फिर
  229. 9:28उनके लिए जो यू नो ये बोल के कि हम जनरल
  230. 9:31कैटेगरी है तो उसके लिए एक हम ऐसा यू नो
  231. 9:34प्रोविजन ला सकते हैं जहां पे कि जनरल
  232. 9:36कैटेगरी के लिए भी एक सर्टिफिकेट इशू हो।
  233. 9:39जैसे बाकी लोग सुविधाएं का लाभ लेते हैं
  234. 9:42एक सर्टिफिकेट इशू करके वैसे ही जनरल
  235. 9:43कैटेगरी का भी सर्टिफिकेट इशू होगा। आपको
  236. 9:45एक डिक्लेरेशन देना होगा कि भ एससी, एसटी,
  237. 9:48ओबीसी में हम नहीं आते हैं। एंड अपना मे
  238. 9:50बी कुछ डिटेल सबमिट करिए कि आपकी ये आधार
  239. 9:52कार्ड है या जो भी है ताकि ये ना हो कि भ
  240. 9:54आप दो जगह से यू नो फायदा ले रहे हैं। आप
  241. 9:57एससी में भी फायदा ले रहे हैं। जनरल में
  242. 9:58भी फायदा ले रहे हैं। व्हाटएवर इट इज। तो
  243. 10:00ऐसा कुछ हम एक मतलब प्रोविजन बनाए कि एक
  244. 10:02जनरल कैटेगरी का भी एक कुछ डेफिनेशन हो जो
  245. 10:05उसमें फिट आए वो जाके एक सर्टिफिकेट ले
  246. 10:07सके व्हाटएवर इट इज बट इट इज टू अर्ली टू
  247. 10:11डिफाइन कि यू नो क्या क्राइटेरिया रहेगा
  248. 10:15और उसमें हम अभी ही सर्टिफिकेट डाल देंगे
  249. 10:17और कैसे होगा ये सारी चीजें डिफाइन होंगी
  250. 10:20जबकि वो सवर्ण आयोग बनने के बाद शुरू होगी
  251. 10:22उसका एक स्ट्रक्चर डिफाइन होगा उसकी रोल्स
  252. 10:24रिस्पांसिबिलिटीज डिफाइन होगी तब हम ये
  253. 10:26सारी बातें उसके अंदर डालेंगे डेफिनेटली
  254. 10:28ये सब चीजें उसमें रहेंगी
  255. 10:30जनरल कैटेगरी होता कौन है ये तो डिसाइड
  256. 10:32करना ही पड़ेगा तभी यू नो आप सवर्ण आयोग
  257. 10:36पे जाके अपनी शिकायत कर सकते हैं तो वो
  258. 10:38डेफिनेशन डिसाइड होगा बट जस्ट टू टेल पीपल
  259. 10:41कि एनीबडी हु इस नॉट फॉलिंग इन द
  260. 10:43एकिस्टिंग क्राइटेरियास आर जनरल कैटेगरी
  261. 10:45इंक्लूडिंग ओबीसी क्रीमी लेयर दे आर आल्सो
  262. 10:48अपाइंग फ्रॉम जनरल कैटेगरी तो ये सब उसमें
  263. 10:50आएंगे
  264. 10:51ठीक है तो जब आप ये कहते हैं कि कास्ट
  265. 10:53सर्टिफिकेट वगैरह ये सब डिस्कशन में रहेगा
  266. 10:56जब शुरू करते हैं तो तो एक नई टाइप के
  267. 10:59कास्ट सर्टिफिकेट की बात आ जाएगी। एक आरोप
  268. 11:02यह भी लग रहा है कि आप एक तरफ तो जातिवाद
  269. 11:05खत्म करने की बात कर रहे हो और दूसरी तरफ
  270. 11:07आप एक नया कैटेगरी बनाने की बात कर रहे
  271. 11:10हो। मतलब ओबीसी, एसटी, एससी ऑलरेडी है। इस
  272. 11:13देश में तीन कैटेगरीज हैं। ये चौथी
  273. 11:16कैटेगरी जनरल कैटेगरी मतलब क्या देश को
  274. 11:18फिर से वर्ण व्यवस्था में लाना चाह रहे
  275. 11:19हो? चार अलग-अलग कैटेगरी बन जाएगी। जैसे
  276. 11:22चार वर्ण होते थे वैसे। हम तो इसका तो मैं
  277. 11:25जवाब
  278. 11:27इसका जवाब मैं यह देना चाहूंगी कि भैया
  279. 11:30जनरल कैटेगरी जो है वो कोई जाति नहीं है।
  280. 11:33लोगों को मैं क्लेरिफाई कर दूं कि एससी
  281. 11:35एसटी के सर्टिफिकेट एससी की सर्टिफिकेट
  282. 11:38नहीं बनती है। उनकी उनकी जाति के लिए
  283. 11:39सर्टिफिकेट बनती है। मतलब कोई महार जाति
  284. 11:41से है तो वो सर्टिफिकेट उसको महार जाति का
  285. 11:43सर्टिफिकेट मिलेगा। उसको जाति प्रमाण पत्र
  286. 11:46बोला जाता है। वैसे ही ओबीसी में जाएंगे
  287. 11:48तो आप अगर यादव है तो आपका यादव जाति का
  288. 11:51प्रमाण पत्र बनेगा। आपका ओबीसी का प्रमाण
  289. 11:53पत्र नहीं बनेगा। यह बोला जाएगा कि आप
  290. 11:55यादव जाती हैं। उसके बाद यादव जाति का
  291. 11:57प्रमाण पत्र ले जाएंगे जो देखेंगे कि हां
  292. 11:59यह ओबीसी में आते हैं तो ठीक है आपको ये
  293. 12:01वाला मिलेगा। तो इस तरह से चीजें काम करती
  294. 12:04हैं। तो जनरल कैटेगरी का जो सर्टिफिकेट है
  295. 12:06दैट इज नॉट अ कास्ट सर्टिफिकेट। जनरल
  296. 12:08कैटेगरी कोई कास्ट नहीं है। जनरल कैटेगरी
  297. 12:11किसी किस वर्ण व्यवस्था में या किस जाति
  298. 12:12में लिखा हुआ है कि जनरल कैटेगरी करके कोई
  299. 12:15जाति होती है। जनरल जनरल इज जनरल मतलब कि
  300. 12:18उसकी कोई जाति नहीं है। तो हम ये
  301. 12:20सर्टिफिकेट देने की बात इसलिए कर रहे हैं
  302. 12:22ताकि एक आइडेंटिटी बनी बनी रहे कि भाई ये
  303. 12:24आइडेंटिटी है जो किसी में फॉल नहीं करती
  304. 12:26है और इनको भी सुविधाओं का लाभ मिले जो कि
  305. 12:29यू नो बाकी सारे कैटेगरीज में नहीं फॉल कर
  306. 12:31रहे हैं। दूसरी बात ये कि ये कैटेगरी हमने
  307. 12:34नहीं बनाई है। ये कैटेगरी सरकार ने बनाई
  308. 12:36है। फॉर्म में ऑलरेडी चार कैटेगरीज होती
  309. 12:38है। आप एससी हैं, एसटी है, ओबीसी है या
  310. 12:41जनरल है। यह लिखा हुआ रहता है। हम तो वही
  311. 12:43वाली जो कैटेगरी सरकार दे रही है, उसी को
  312. 12:45हम बोल रहे हैं कि भैया उसको तुम जो आप
  313. 12:47कैटेगरी दे रहे हो उसकी एक आयोग बना दो।
  314. 12:50कैटेगरी हमने थोड़ी क्रिएट की है। तो हम
  315. 12:52तो बस ये बोल रहे हैं कि जो अधिकार बाकी
  316. 12:54तीन वर्गों को दिए हैं वो चौथे वर्ग को दे
  317. 12:56दो। जो वर्ग आपने ही बनाया है। तो हम कोई
  318. 12:59सीमेंटिंग नहीं कर रहे हैं। हम अपने
  319. 13:01अधिकार मांग रहे हैं जो आज तक हम नहीं
  320. 13:03मांग रहे इसलिए हमारे साथ इतना अत्याचार
  321. 13:05बढ़ता चला जा रहा है। दैट इज ऑल। वी आर
  322. 13:07नॉट क्रिएटिंग अ न्यू कास्ट। वी आर नॉट
  323. 13:09क्रिएटिंग अ न्यू कैटेगरी। इट इज़ एन
  324. 13:10एकिस्टिंग कैटेगरी एंड इट इज नॉट अ कास्ट।
  325. 13:13एक सवर्ण आयोग गठन की जब बात करते हैं तो
  326. 13:16सवर्ण आयोग तो पहले से ही बना हुआ है।
  327. 13:19मुझे जो समझ में आया आपके डिमांड चार्टर
  328. 13:21को पढ़ के आप उसको कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस
  329. 13:23दिलवाना चाहती हैं जो ओबीसी, एसटी, एससी
  330. 13:25को है। आर्टिकल 338 अलऊ करेगा और
  331. 13:29गवर्नमेंट इसको करवा पाएगी।
  332. 13:32देखिए कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस जो है वो
  333. 13:36जैसे बाकी सारे वर्गों के जो आयोग हैं
  334. 13:39उनको कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस मिला हुआ है
  335. 13:41वैसे ही हमारे भी जो सवर्ण आयोग बनेगा तो
  336. 13:45उसको कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस देना है
  337. 13:47बिकॉज़ विदाउट दैट इनका कोई पावर नहीं है
  338. 13:49या कोई पॉलिसीज नहीं बना सकते इनके कहने
  339. 13:51का ये जो बोलेंगे उनकी कोई बात नहीं
  340. 13:54सुनेगा और दूसरी बात ये कि सवर्ण आयोग ऐसा
  341. 13:56सेंट्रल लेवल पे कुछ नहीं बना है बिहार
  342. 13:58में बना था जिसका कोई मतलब जिसका कोई पावर
  343. 14:01नहीं है वो आयोग आयोग ने एक रिपोर्ट सबमिट
  344. 14:04की थी। उस रिपोर्ट पे आज तक काम नहीं हुआ
  345. 14:06है। तो ऐसे आयोग हमको मतलब दैट इज एन
  346. 14:08एग्जांपल। तो उसी एग्जांपल को हम ले बोल
  347. 14:11सकते हैं कि हमको ऐसा आयोग नहीं चाहिए।
  348. 14:12हमको ऐसा आयोग चाहिए जिसके पास पावर हो।
  349. 14:15रही बात कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस की तो
  350. 14:17बैकवर्ड कमीशन को भी पहले तो उन्होंने जो
  351. 14:20एक यू नो ऑर्डर निकाला था कि बैकवर्ड
  352. 14:23कमीशन बनेगा और उसके बाद वो अमेंडमेंट
  353. 14:25लेके आए थे 112 जिस पे उसको
  354. 14:27कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस मिला। तो सेम चीज
  355. 14:29आप असवर्ण आयोग के साथ भी करो। मतलब जैसे
  356. 14:31आप में यू नो पहले आप आर्डर निकालो उसके
  357. 14:34बाद कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस उसको दो जैसे
  358. 14:36बाकी लोगों को दिया है। तो इसमें कोई
  359. 14:38रुकाव मतलब अगर सरकार करना चाहे तो वो तो
  360. 14:40आराम से कर सकती है। इसको रोकने के लिए
  361. 14:42क्या उनके पास पर्पस है? मतलब हमको आप
  362. 14:44अधिकार नहीं दोगे। ऐसा तो कुछ नहीं है।
  363. 14:46आयोग बनाओगे तो पावर भी दो हमको। जैसे
  364. 14:48बाकी लोगों के लिए क्या है वैसे हमारे लिए
  365. 14:50करो।
  366. 14:51ठीक है। पहली डिमांड पे मुझे लगता है लगभग
  367. 14:54आपने सारा क्लेरिफाई कर दिया है। आते हैं
  368. 14:56दूसरी डिमांड पर। यूजीसी रोल बैक मुझे समझ
  369. 15:00में नहीं आ रहा आप लोगों को अब यह डिमांड
  370. 15:01करने की क्या जरूरत है जब कोर्ट ने ऑलरेडी
  371. 15:04स्टे लगा दिया है दूसरा सरकार ने अभी कुछ
  372. 15:0815 20 दिन पहले एक न्यूज़ आई थी कि सरकार
  373. 15:10उस पर रिकंसीडर भी करेगी यह बात भी सरकार
  374. 15:13ने कोर्ट में सबमिट किया है अब क्या
  375. 15:15दिक्कत है अब तो मतलब जब सरकार रिकंसीडर
  376. 15:18करने को तैयार ही है कोर्ट ने स्टे लगाया
  377. 15:20ही है तो यह जो चल रहा है मतलब आरोप लग
  378. 15:22रहा है दूसरे साइड से के या फिर मैं
  379. 15:24कहूंगा कि बीजेपी की जो आईटी सेल है उसका
  380. 15:27का आरोप सबसे ज्यादा लग रहा है। भाजपा
  381. 15:29समर्थकों का आरोप लग रहा है कि आपकी टीम
  382. 15:31का जो मोटो है वो सॉल्यूशन नहीं है।
  383. 15:34क्योंकि सशन सरकार दे रही है। आप फिर भी
  384. 15:36इस मुद्दे को गरम रखना चाहते हो। तो जरा
  385. 15:38क्लेरिफाई कीजिए कि असल में अब आपकी
  386. 15:40डिमांड क्या है? लोगों को पता चलना चाहिए
  387. 15:42कि आप यूजीसी के मामले में क्या स्टैंड
  388. 15:45रखते हो? क्या आप स्टे से सेटिस्फाइड हो?
  389. 15:48क्या आप जो रिकंसीडरेशन होना है होने वाला
  390. 15:51है उससे आप एग्री करते हो?
  391. 15:54देखिए सबसे पहली बात तो मैं यह बता दूं कि
  392. 15:58स्यूशन तो अभी तक नहीं आया है। आई डोंट
  393. 16:00अंडरस्टैंड कि रिकंसीडरेशन को सॉल्यूशन
  394. 16:02कोई कैसे समझ सकता है और स्टे को भी कोई
  395. 16:04स्यूशन कैसे कर समझ सकता है। बिकॉज़ स्टे
  396. 16:06तो टेंपरेरी होता है। स्टे तो कभी भी
  397. 16:08हटाया जा सकता है। किसी चीज को स्टे करके
  398. 16:10एक जगह पे रख देना इज़ नॉट अ सॉल्यूशन।
  399. 16:12सॉल्यूशन वो होता है जो एंड तक जाए। तो
  400. 16:15सशन यह है इसका कि रोल बैक होना है और वही
  401. 16:17हमारा पहले दिन से डिमांड है और वही हमारा
  402. 16:19एंड मोमेंट तक डिमांड रहेगा जब तक कि रोल
  403. 16:21बैक नहीं होता है। मैं बताती हूं इसमें इस
  404. 16:25इस गाइडलाइंस को रोल बैक होना क्यों जरूरी
  405. 16:27है? सबसे पहली बात तो गाइडलाइंस यूजीसी
  406. 16:302012 ऑलरेडी एकिस्ट करते थे। जो लोगों को
  407. 16:33शायद नहीं पता है या लोगों को नहीं बताया
  408. 16:35गया है कि ऑलरेडी यूजीसी के एक गाइडलाइंस
  409. 16:37एक्सिस्ट करते थे। जिसमें कि एससी एसटी के
  410. 16:40लिए इनफ प्रावधान थे। उनके लिए यू नो
  411. 16:42इक्वलिटी सेल्स थे, एससी, एसटी, सेल्स थे।
  412. 16:45उनके लिए प्रॉपर प्रावधान थे कि उनके लिए
  413. 16:47डिस्क्रिमिनेशन कैसे हटाया जाएगा। तो ये
  414. 16:49जो नए गाइडलाइंस बनाए थे इनकी कोई भी
  415. 16:51जरूरत नहीं थी। ये गाइडलाइंस भी एक पीआईएल
  416. 16:54के बेसिस पे बने थे जिसका बेसिस था दो
  417. 16:56केसेस रोहित वैमुला और पायल तडवी जो
  418. 16:58ऑलरेडी कोर्ट में मतलब ऑलरेडी जो सरकार थी
  419. 17:01उन्होंने ये बना बता दिया था कि ये कास्ट
  420. 17:03डिस्क्रिमिनेशन के केसेस नहीं थे। तो
  421. 17:05सरकार को एक यू नो पीआईएल पे नोटिस मांगा
  422. 17:08गया था कोर्ट की तरफ से और सरकार वहां पर
  423. 17:11चाहती तो आराम से बोल सकती थी कि ये सारे
  424. 17:13केसेस फर्जी है और कास्ट डिस्क्रिमिनेशन
  425. 17:16के इतने ही केसेस होते हैं। टोटल इतने यू
  426. 17:18नो करोड़ स्टूडेंट्स हैं और कास्ट
  427. 17:20डिस्क्रिमिनेशन बहुत ही रेयर है।
  428. 17:22एकिस्टिंग गाइडलाइन ऑलरेडी इनफ है। ये
  429. 17:24सारी चीजें सरकार कोर्ट में रख सकती थी।
  430. 17:26लेकिन सरकार ने ऐसा कुछ भी नहीं किया।
  431. 17:27जैसे-जैसे उनको इंदिरा जय सिंह डायरेक्ट
  432. 17:29करती गई वैसे-वैसे ये गाइडलाइन बना के
  433. 17:31देते गए। उसके बाद हुआ ये कि ये लास्ट ईयर
  434. 17:33जब ये गाइडलाइन ले आए थे तो इसमें केवल
  435. 17:36एससी एसटी के प्रावधान थे। इसके अंदर
  436. 17:38ओबीसी बिल्कुल नहीं था। फिर उसके बाद
  437. 17:40ओबीसी जो कुछ ऑर्गेनाइजेशन है उन्होंने
  438. 17:42हल्ला मचाना शुरू किया तो इन्होंने
  439. 17:43पॉलिटिकल वोट बैंक के लिए उन्होंने ओबीसी
  440. 17:45भी इसमें घुसा दिया। तो ये है इसका
  441. 17:47बैकग्राउंड। उसके बाद इसके प्रावधान जो है
  442. 17:49वो इतने ज्यादा ड्रकोनियन है कि ये जो अगर
  443. 17:52कैंपस में आ गए तो ये पूरा कैंपस का माहौल
  444. 17:55बर्बाद कर देंगे। मतलब यहां पे ऐसा है कि
  445. 17:58इंप्लसिट एक्ट्स आप इंक्लूड कर रहे हो।
  446. 18:00मतलब कोई बच्चा अगर मजाक में भी किसी को
  447. 18:02कहता है कि हां भाई छोटे तू इधर आ तो उसको
  448. 18:04भी कास्ट मतलब उसका इंटेंट नहीं है लेकिन
  449. 18:06आप उसको भी मान लोगे। वैसे ही आप वहां पे
  450. 18:08पुलिस भी एंट्री दे रहे हो, एनजीएस को
  451. 18:10एंट्री दे रहे हो, इक्विटी स्क्वाड्स बना
  452. 18:12रहे हो जो कि कैंपस में घूम घूम के
  453. 18:14डिस्क्रिमिनेशन सर्च करेंगे। तो इस टाइप
  454. 18:16का जो एक डरा मतलब एक यू नो डर वाला माहौल
  455. 18:19आप क्रिएट कर दोगे कैंपस में। तो इसके जो
  456. 18:21जितने भी प्रावधान है वो सारे के सारे
  457. 18:23प्रॉब्लमेटिक है। केवल कास्ट
  458. 18:25डिस्क्रिमिनेशन में जीसी को एक्सक्लूड
  459. 18:27किया है। यही एक प्रॉब्लम नहीं है। सारे
  460. 18:29ही प्रावधान इसके प्रॉब्लमैटिक है। तो
  461. 18:31इसलिए रिकंसीडरेशन करना कि हम रिकंसीडरेशन
  462. 18:34करके चार डेफिनेशनंस चेंज कर देंगे और
  463. 18:36उसको वापस लेके आएंगे। दैट इज नॉट द
  464. 18:37स्यूशन। सेकंड थिंग इज कि हमको स्टे लगा
  465. 18:40देना इज नॉट अ स्यूशन। और वो स्टे भी
  466. 18:42क्यों लगा है? मैं बता दूं कि इस यूजीसी
  467. 18:44गाइडलाइन जब ये आई थी यूजीसी के रेगुलेशंस
  468. 18:47जब आए थे ये ऑलरेडी गैजेटेड थे। ये
  469. 18:49गैजेटेड होके ऑलरेडी मतलब ये इनको लागू
  470. 18:52किया जा चुका था। लागू किए जाने के दो दिन
  471. 18:55बाद से हमने इसको उठाना शुरू किया और तब
  472. 18:57हम दो हफ्ते तक इसको लगातार सोशल मीडिया
  473. 19:00पे उठाते रहे। सरकार की जितने भी मीडिया
  474. 19:03हाउसेस थे किसी ने भी इसको नहीं उठाया। दो
  475. 19:05हफ्ते बाद इन्होंने बातें उठाना शुरू की
  476. 19:07और ये ग्राउंड तक पहुंचा है। तो अगर हम उस
  477. 19:09समय भी मतलब चुपचाप होकर बैठ जाते तो ये
  478. 19:11स्टे भी नहीं लगता। ये स्टे भी इसलिए लगा
  479. 19:13है क्योंकि हमने हल्ला मचाया है। तो हम
  480. 19:15हल्ला तब तक मचाएंगे जब तक कि ये रोल बैकक
  481. 19:17नहीं होता है। एंड रोल बैक ही स्यूशन है।
  482. 19:19इसका और कोई सशन नहीं है। रिकंसीडरेशन इज
  483. 19:22नॉट द स्यूशन। स्टे इज नॉट द स्यूशन।
  484. 19:26ठीक है। थैंक यू। मेरे ख्याल से ये मैसेज
  485. 19:29अब पूरे सारे भाजपा समर्थक देख लेंगे कि
  486. 19:32भाजपा को परेशान करना पर्पस नहीं है आप
  487. 19:34लोगों का। आप लोगों का पर्पस है कि यूजीसी
  488. 19:37रोल बैक होना चाहिए क्योंकि प्रॉब्लम पूरे
  489. 19:40पॉलिसी में ही है। तीसरे डिमांड पर आते
  490. 19:43हैं। बड़ा कंट्रोवर्शियल डिमांड है जिस पर
  491. 19:46सबसे ज्यादा चर्चा शुरू हुई है।
  492. 19:48ईडब्ल्यूएस इकोनमिक बेस्ड रिजर्वेशन आप
  493. 19:51लोग कहते हैं इसको मूव फ्रॉम कास्ट बेस्ड
  494. 19:53टू इकोनमिक बेस्ड रिजर्वेशन।
  495. 19:57क्वेश्चंस जो है इस पर वो यह है कि अगर आप
  496. 19:59इकोनमिक बेस्ड रिजर्वेशन की डिमांड करते
  497. 20:01हैं तो फिर कास्ट बेस्ड रिजर्वेशन में
  498. 20:04रिफॉर्म की जरूरत ही क्यों है? क्योंकि
  499. 20:06इकोनमिक बेस रिजर्वेशन आ गया तो उसके बाद
  500. 20:08तो बाकी डिमांड्स पर तो कुछ डिस्कशन की
  501. 20:10खास जरूरत है नहीं।
  502. 20:12इस पर आपके फॉलोअर्स भी, दर्शक भी, समाज
  503. 20:16भी सब जानना चाहते हैं कि क्या पैटर्न है
  504. 20:19आप लोगों के दिमाग में कि तीसरी डिमांड को
  505. 20:21जब आपने रखा है तो इसका पांचवी डिमांड के
  506. 20:24साथ जहां पर आपने रिजर्वेशन रिफॉर्म की
  507. 20:26बात की है उससे क्या कनेक्शन है।
  508. 20:29हां आई थिंक लोगों को यह समझना जरूरी है
  509. 20:32कि यह सारे डिमांड इंटररिलेटेड है और यह
  510. 20:36यू नो जो आपने बोला कि जो कास्ट बेस से
  511. 20:39इकोनमी कंडीशन पे जो बढ़ना है वो और हमारा
  512. 20:43जो रिजर्वेशन रिफॉर्म है दे आर
  513. 20:45कॉम्प्लीमेंटिंग ईच अदर दे आर नॉट
  514. 20:47म्यूचुअली एक्सक्लूसिव तो मैं ये बता दूं
  515. 20:49कि कैसे होगा जैसे हमारा डिमांड है
  516. 20:51रिजर्वेशन रिफॉर्म में तो उसमें हम बोल
  517. 20:53रहे हैं कि आप क्रीमी लेयर लगाइए एससी
  518. 20:55एसटी आरक्षण में दूसरा डिमांड ये है कि
  519. 20:57ओबीसी क्रीमी लेयर जो है वो रिडफाइन कीजिए
  520. 21:00क्योंकि अभी के जो क्राइटेरिया है बहुत ही
  521. 21:02लैक्स है। उसमें यू नो आदमी की खुद की
  522. 21:05सैलरी काउंट नहीं होती है। जो एग्रीकल्चरल
  523. 21:07इनकम है वो काउंट नहीं होता है। बिजनेस का
  524. 21:09इनकम काउंट नहीं होता है। ग्रुप सी और डी
  525. 21:12में अगर आप है तो वो काउंट नहीं होता है।
  526. 21:14अगर आप 40 साल के बाद ग्रुप ए में आए हैं
  527. 21:16तो वो काउंट नहीं होता। तो मतलब ऐसे
  528. 21:18कंडीशंस लगा दिए हैं कि उसमें 90% लोग
  529. 21:21आराम से ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर बन जाते
  530. 21:24हैं। तो ये ऐसी क्राइटेरिया का क्या मतलब
  531. 21:26है? मतलब आप सब आप कृषि का आय अगर आप नहीं
  532. 21:30जोड़ रहे हैं और आप जमींदार हैं और आपको
  533. 21:31करोड़ों की संपत्ति है। आप Mercedes में
  534. 21:33घूम रहे हैं और आप स्टिल नॉन क्रीमी लेयर
  535. 21:36हैं। इसका तो कोई मतलब नहीं है। तो हम चाह
  536. 21:38रहे हैं कि ये भी क्राइटेरिया रिीडफाइन हो
  537. 21:41और एससी एसटी में भी क्रीमी लेयर लगे और
  538. 21:43ईडब्ल्यूएस जो है वो तो ऑलरेडी क्रीमी
  539. 21:46लेयर मतलब मैं बताऊं कि वो इकोनमिक कंडीशन
  540. 21:48पे ही है। जनरल कैटेगरी में सबको नहीं
  541. 21:49मिलता है। ईडब्ल्यूएस में जो आता है उसी
  542. 21:51को मिलता है। तो एक बार जब ये चीजों चीजें
  543. 21:54हो जाएंगी तो आपका जो यू नो इकोनॉमिक बेस
  544. 21:57पे है वही वही चीजें हो रही है। मतलब
  545. 22:00इकोनमिक बेस की तरफ ही हम बढ़ रहे हैं। तो
  546. 22:04अगर आप देखेंगे तो जनरल कैटेगरी में भी
  547. 22:05गरीबों को मिलता है। ओबीसी ओबीसी के अंदर
  548. 22:08भी जो है गरीबों को मिलता है और एससी एसटी
  549. 22:10में भी फिर गरीबों को मिलेगा। तो इस तरीके
  550. 22:12से हम इकोनॉमिक बेस कंडीशन पे बढ़ रहे
  551. 22:15हैं। और कास्ट से धीरे-धीरे मतलब कास्ट भी
  552. 22:18रहेगा लेकिन कास्ट से हम मूव कर रहे हैं
  553. 22:20इकोनॉमिक पे। एंड उसके बाद जो
  554. 22:22क्राइटेरियास आप जितने भी कमीशंस हैं
  555. 22:26उसमें जो आप क्राइटेरियास डालते हो मैं
  556. 22:28बता दूं कि इकोनॉमिक कंडीशन इज अ
  557. 22:30क्राइटेरिया अंडर ईच ऑफ द कैटेगरी। ऐसा
  558. 22:32नहीं है कि इकोनमिक बैकवर्डनेस
  559. 22:34क्राइटेरिया नहीं है। लोगों को ये भ्रम
  560. 22:36फैलाया जाता है कि इकोनॉमिक बैकवर्डनेस जो
  561. 22:39है या पावर्टी जो है कंडीशन जो है
  562. 22:42इकोनॉमिक कंडीशन वो एज अ क्राइटेरिया नहीं
  563. 22:45होती है एससी एसटी ओबीसी में। जी नहीं
  564. 22:46बिल्कुल क्राइटेरिया है। ओबीसी में भी
  565. 22:48इकोनॉमिक कंडीशन जो है देयर आर थ्री
  566. 22:50क्राइटेरिया सोशल, एजुकेशन, इकोनॉमिक। तो
  567. 22:53इकोनॉमिक को वन पॉइंट दिया जाता है। सोशल
  568. 22:55को तीन पॉइंट दिया जाता है। तो हम ये आगे
  569. 22:57कोशिश करेंगे कि सोशल को जो है वो मतलब आप
  570. 23:00सोशल एजुकेशनल जो आप ले रहे हो उसमें थ्री
  571. 23:03टू वन जो आप कर रहे हो इकोनमिक को वन दे
  572. 23:05रहे हो इकोनॉमिक को टू थ्री आप दो एंड फिर
  573. 23:07उसके बाद टू और वन करके आप एजुकेशनेशनल को
  574. 23:09टू दो एंड फिर सोशल को वन दो। तो इस टाइप
  575. 23:12से आप क्राइटेरियास रिडफाइन करो। सेम थिंग
  576. 23:15इन एससी आल्सो यू हैव इकोनॉमिक बैकवर्डनेस
  577. 23:18यू नो कमिंग आउट ऑफ़ अनटचेबिलिटी। इकोनमिक
  578. 23:20बैकवर्डनेस, सोशल बैकवर्डनेस, एजुकेशनेशनल
  579. 23:22बैकवर्डनेस तो उसमें हम इकोनॉमिक
  580. 23:24बैकवर्डनेस जो है उसको हम प्रायोरिटी
  581. 23:26रखेंगे। सेम थिंग गोज़ फॉर एसटी आल्सो। तो
  582. 23:29अभी क्या है कि हम पहले तो हम क्रीमी लेयर
  583. 23:31लगा देंगे सब में। तो जब क्रीमी लेयर लग
  584. 23:33गया तो ऑलरेडी एक इकोनॉमिक कंडीशन वहां पे
  585. 23:35सेट हो गया। दूसरी बात हम ये बोलेंगे कि
  586. 23:37जो क्राइटेरियास एकिस्टिंग है उसमें आप
  587. 23:40इकोनॉमिक कंडीशन को ज्यादा पॉइंट्स दो।
  588. 23:42उसको प्रायोरिटी दो एंड कास्ट मतलब जो भी
  589. 23:45बाकी क्राइटेरिया है उसको आप नीचे रखो। तो
  590. 23:47ये दूसरा स्टेप हो गया। धीरे-धीरे हम क्या
  591. 23:50करेंगे? हम ये बोलेंगे कि अंब्रेला जो है
  592. 23:52आप ईडब्ल्यूएस का मतलब ऑन द टॉप रॉकर उसके
  593. 23:54अंदर यू कैन पुट यू नो दी कास्ट बेस
  594. 24:00एंड देन वि टाइम यू रिमूव यू कीप ऑन
  595. 24:02रिमूविंग दोस कास्ट बेस क्राइटेरियास एंड
  596. 24:05जस्ट कीप एन इकोनमिक थिंग। तो इस तरीके से
  597. 24:08एक हम मूव करेंगे। व्हाट यू सी इन थ्री इज
  598. 24:10अ विज़न। विज़न व्हिच वी सी ऑन अ लॉन्ग टर्म
  599. 24:13बेसिस। व्हाट यू सी इन फाइव इज एन
  600. 24:16एकिस्टिंग व्हिच इज एन एकिस्टिंग यू नो
  601. 24:18इमीडिएट डिमांड व्हिच हैज़ टू बी डन नाउ
  602. 24:20अभी आप रिव्यू करो और वो सारी
  603. 24:22क्राइटेरियास लागू करो और उसके बाद फिर
  604. 24:24धीरे-धीरे हम लॉन्ग टर्म विज़न में इस तरह
  605. 24:26से बढ़ेंगे। तो हमने उसको सेपरेट इसलिए रखा
  606. 24:29है बिकॉज़ लोगों को यू नो उनके टॉप ऑफ दी
  607. 24:32माइंड ये सारी चीजें रहे। इसलिए हमने कुछ
  608. 24:34क्राइटेरियास को अलग से डिफाइन किया है।
  609. 24:37बट डजंट मीन कि दे आर म्यूचुअली
  610. 24:39एक्सक्लूसिव। दे आर ऑल कॉम्प्लीमेंटिंग ईच
  611. 24:41अदर। दे आर ऑल ईच अदर।
  612. 24:44ठीक है। अगली डिमांड है आपकी वन फैमिली वन
  613. 24:49रिजर्वेशन
  614. 24:50वन टाइम। यह कहती है आपकी डिमांड। अगली
  615. 24:53डिमांड जो है। अब सबसे बड़ी बात तो इसमें
  616. 24:55ये आ रहा है क्वेश्चन कि वन फैमिली का
  617. 24:58मतलब क्या होता है? क्योंकि जितने राशन
  618. 25:01कार्ड उतनी फैमिली। अब एक पिता के पांच
  619. 25:04संताने हैं। वो पहले वाले ने रिजर्वेशन ले
  620. 25:07लिया। पिता ने रिजर्वेशन ले लिया। उसके
  621. 25:08बाद पांच बच्चे हैं। जब उनको रिजर्वेशन
  622. 25:10लेने का टाइम आया। उनको परिवार से बेदखल
  623. 25:12कर दिया। अलग-अलग परिवार बन गए। अब वह
  624. 25:14अपनेप रिजर्वेशन ले लेंगे। तो फैमिली की
  625. 25:18डेफिनेशन आनी होगी यहां पर कि कैसे आप लोग
  626. 25:21ये डिसाइड करेंगे कि भाई एक फैमिली कैसे
  627. 25:23एनश्योर करेंगे कि एक फैमिली में मतलब एक
  628. 25:25पिता की अगर पांच संतान अगर पिता ने ले
  629. 25:27रखा है प्रिजर्वेशन तो उसके बाद उस परिवार
  630. 25:30में या उस लीनियज में किसी को भी ना मिले।
  631. 25:32तो इसके बारे में कुछ प्लानिंग है। मैं
  632. 25:34श्योर हूं कि अभी तक मैंने जितना आपसे
  633. 25:35समझाया तो कई चीजें जो इसमें नहीं लिखी
  634. 25:37हुई है वो आप बता रही है हमें। तो इसके
  635. 25:40बारे में आप लोगों के बैक ऑफ माइंड मतलब
  636. 25:41क्या चल रहा है? क्या वन फैमिली वन
  637. 25:43रिजर्वेशन को कैसे इंश्योर करेंगे? वन
  638. 25:46टाइम कैसे इंश्योर करेंगे? सबसे बड़ी
  639. 25:47प्रॉब्लम तो ये है। उस पर थोड़ा बताइए।
  640. 25:50आई थिंक आपने आंसर खुद ही दे दिया है कि
  641. 25:53फैमिली का मतलब जो फादर होते हैं तो इट्स
  642. 25:55मोर लाइक अ न्यूक्लियर फैमिली। नॉट लाइक अ
  643. 25:57जॉइंट फैमिली। न्यूक्लियर फैमिली है। तो
  644. 25:59मेंस मतलब इसका ये है कि फादर अगर सेम है
  645. 26:02तो वो एक फैमिली गिनी जाएगी। तो अगर फादर
  646. 26:05को मिल गया है तो उनके किसी भी बच्चे को
  647. 26:07नहीं मिलना चाहिए। सिमिलरली अगर किसी एक
  648. 26:10आदमी को मिला है उसके यू नो दो बच्चे हैं
  649. 26:12और उसका भाई है तो भाई को मतलब अगर एक एक
  650. 26:15फादर ने लिया है अगर फादर ने नहीं लिया है
  651. 26:18और दो भाई हैं और उनकी पैरेलल फैमिली चल
  652. 26:20रही है तो इस फैमिली में अगर एक ने लिया
  653. 26:22है मतलब फादर ने इस भाई ने ले लिया है तो
  654. 26:24उनके बच्चों को नहीं मिलेगा और इस भाई ने
  655. 26:26ले लिया है तो उनके बच्चों को नहीं मिलेगा
  656. 26:28तो बेसिकली फादर से हम उसको कोरिलेट कर
  657. 26:30सकते हैं। आई मीन दिस इज द जनरल कांसेप्ट
  658. 26:33कि मतलब चाचा भतीजा उस टाइप से नहीं बट एक
  659. 26:37न्यूक्लियर फैमिली जो होती है एक यू नो
  660. 26:39सिंगल यूनिट जो होता है उसको हम कंसीडर
  661. 26:41करेंगे एज अ फैमिली नाउ कमिंग टू वन टाइम
  662. 26:44उसका होगा तो हमारा सिंपल पर्पस है कि
  663. 26:46रिजर्वेशन जो है वो आपको अपलिफ्ट करने के
  664. 26:49लिए है फैमिली में एक अपलिफ्ट होता है तो
  665. 26:51बाकी लोगों को भी वो अपलिफ्ट करेगा वो
  666. 26:53उसकी जिम्मेदारी है तो अगर आपने एजुकेशन
  667. 26:57में लिया है तो आपको नौकरी में नहीं मिलना
  668. 26:59है आपको नौकरी में मिल गया है को प्रमोशन
  669. 27:00में नहीं मिलना है। इस टाइप से ये चीजें
  670. 27:02रहेंगी। दूसरी बात कि इसको कभी भी
  671. 27:04रिजर्वेशन जो है उसको हम यू नो अपने एक
  672. 27:07आइडेंटिटी प्रूफ से लिंक करेंगे। जैसे
  673. 27:09आधार कार्ड है या वोटर कार्ड है या जो भी
  674. 27:11है उससे एक लिंक करेंगे टू मेक श्योर कि
  675. 27:13सेम बंदा दो बार रिजर्वेशन का लाभ नहीं ले
  676. 27:16रहा है। तो इस टाइप से हमको उसको बैक एंड
  677. 27:18में लिंक करना पड़ेगा। टू मेक श्योर कि
  678. 27:20रिजर्वेशन का डबल यूज़ ना हो और एक फैमिली
  679. 27:23तक ही वो सीमित रहे। तो दिस इज समथिंग
  680. 27:25व्हिच वी हैव थॉट अबाउट बट ऑब्वियसली
  681. 27:27व्हेन वी आर सिंग एंड वी आर डिसाइडिंग देन
  682. 27:30वी कैन डिसाइड ऑन इट बट दिस इज व्हाट द
  683. 27:32प्लान इज।
  684. 27:34ओके फिफ्थ जो है आपका उस पे ज्यादा
  685. 27:36क्वेश्चंस नहीं है क्योंकि आपने ऑलरेडी
  686. 27:39थर्ड में इसके बारे में बताया। आप कह रही
  687. 27:41हैं इक्वल रिलैक्सेशन फॉर ईडब्ल्यूएस
  688. 27:43कैंडिडेट्स। ये एक बहुत बड़ी डिमांड है।
  689. 27:45मेरे ख्याल से आपको थोड़ा इस पर ज्यादा
  690. 27:47सीरियस भी होना पड़ेगा जब आप लोग सरकार से
  691. 27:49इसके बारे में बात करेंगे क्योंकि आपने
  692. 27:52सुना होगा अमीर ईडब्ल्यूएस
  693. 27:55नाम की भी एक कांसेप्ट होता है इस देश में
  694. 27:57जो अंबेडकरवादी चलाते हैं। मतलब उन्हें या
  695. 27:59तो ईडब्ल्यूएस की फुल फॉर्म नहीं पता है
  696. 28:00या अमीर ईडब्ल्यूएस वो कैसे मतलब मुझे
  697. 28:02नहीं समझ में आता। पर हां ये प्रॉब्लम है
  698. 28:04बहुत बड़ी कि ईडब्ल्यूएस तो बोल दिया गया
  699. 28:06है लेकिन जहां एसटी एससी को फीस में भी
  700. 28:08छूट मिल जाती है वहां ईडब्ल्यूएस को फीस
  701. 28:11में भी छूट नहीं मिलती है। तो इसमें शॉर्ट
  702. 28:14में थोड़ा सा आप मुझे बताइए कि आपके
  703. 28:16क्या-क्या इसमें डिमांड्स है कि क्या
  704. 28:18इक्वल चीजें मांग रही है आप रिलैक्सेशन
  705. 28:20क्या इक्वल रिलैक्सेशंस आप इसमें मांग रही
  706. 28:24है?
  707. 28:27देखिए ईडब्ल्यूएस जो है वो नाम जैसे
  708. 28:29सजेस्ट करता है इट इज फॉर इकोनॉमिकली वीकर
  709. 28:31सेक्शन। तो जो गरीब है उनको यह आरक्षण
  710. 28:33दिया जा रहा है। तो जो गरीब है उसको आप
  711. 28:36पूरी फीस भरवाओगे और जो अमीर आईएएस का
  712. 28:38बच्चा है उसको आप यू नो फीस जीरो कर दोगे
  713. 28:41तो यह कहीं से भी लॉजिकल या कहीं से भी यू
  714. 28:43नो सामाजिक न्याय के जो जो क्राइटेरिया है
  715. 28:46उसमें फिट होता है बिल्कुल भी नहीं तो
  716. 28:48हमारा ये डिमांड है कि जो गरीब लोगों को
  717. 28:51सुविधा मिलनी चाहिए वैसे आप उनको सुविधाएं
  718. 28:54दो तो जैसे फीस में रिलैक्सेशन होता है
  719. 28:56जैसे एससी एसटी को आप रिलैक्सेशन दे रहे
  720. 28:58हो वैसे ही ईडब्ल्यूएस को रिलैक्सेशन दो
  721. 29:01वैसे ही आप जितने भी क्राइटेरिया जो भी है
  722. 29:03आपके एज एज हुए या फिर अटेमप्ट्स हुए उनप
  723. 29:06जो भी रिलैक्सेशन आप बाकी लोगों को दे रहे
  724. 29:08हो तो ईडब्ल्यूएस को क्यों नहीं दे रहे
  725. 29:09हो? क्या बाकी लोगों का एज ज्यादा हो जाने
  726. 29:12से उनको मतलब वो गरीब है या आप सोच रहे हो
  727. 29:15कि वो गरीब हैं तो उनको ज्यादा बार
  728. 29:17अटेम्प्ट देने दोगे तो ईडब्ल्यूएस को आपने
  729. 29:20क्यों छोड़ रखा है? वो भी तो गरीब है फिर।
  730. 29:22तो उनको कुछ ज्यादा स्पेशल सुविधा मिलती
  731. 29:25है क्या? क्या वो कुछ जाति में जन्म हो गए
  732. 29:27हैं इसलिए उनकी गरीबी कुछ डिफरेंट होती है
  733. 29:29क्या? ऐसा तो है नहीं। तो उनको भी सेम
  734. 29:31सुविधाएं देंगे। ईडब्ल्यूएस का जो
  735. 29:33सर्टिफिकेट होता है वो भी एक ही साल के
  736. 29:34लिए वैलिड होता है। जबकि ओबीसी का तीन साल
  737. 29:36के लिए वैलिड होता है। तो वैसे ही अगर आप
  738. 29:38सेम जो क्राइटेरिया ओबीसी के लिए भी दे
  739. 29:40रहे हो वैलिडिटी की वही सेम चीज इनको भी
  740. 29:42दो। कमिंग टू यू नो ईडब्ल्यूएस के जो
  741. 29:46क्राइटेरियास है दैट इज वेरी वेरी
  742. 29:48स्ट्रांग मतलब बहुत ही ज्यादा कठोर है
  743. 29:52कंपेयर टू ओबीसी क्रीमी लेयर। अगर आप
  744. 29:54ओबीसी क्रीमी लेयर के क्राइटेरिया देखोगे
  745. 29:55तो जैसा मैंने बताया कि एग्रीकल्चर की
  746. 29:57इनकम काउंट नहीं होती, बिजनेस की इनकम
  747. 29:59काउंट नहीं होती। खुद की इनकम काउंट नहीं
  748. 30:02होती, बीवी की इनकम काउंट नहीं होती,
  749. 30:04ग्रुप सी, डी की इनकम काउंट नहीं होती।
  750. 30:06मतलब यह सब इतने सारे चीजें लगा दी है।
  751. 30:08जबकि ईडब्ल्यूएस है उसकी क्राइटेरिया इतनी
  752. 30:11स्ट्रांग है। उसमें एक एसेट क्राइटेरिया
  753. 30:13भी लगा दिया है कि भाई आपके पास इतने गज
  754. 30:15की जमीन है। मतलब छोटी सी भी जमीन है तो
  755. 30:17आप उससे बाहर हो जाओगे। आपका जो फैमिली
  756. 30:20यूनिट है उसमें भाई, बहन, पत्नी, पिता,
  757. 30:22माता सबका काउंट हो जाएगा। जितनी भी इनकम
  758. 30:25है सब काउंट होंगी। तो ये जो ईडब्ल्यूएस
  759. 30:28का जो क्राइटेरिया है वो ओबीसी क्रीमी
  760. 30:29लेयर की तरह आपने क्यों नहीं इसको लैक्स
  761. 30:32बनाया है? तो उस तरह से या तो आप वहां की
  762. 30:34क्राइटेरिया टफ करो और दोनों को बराबर
  763. 30:36लेवल पे लेके आओ या फिर आप ईडब्ल्यूएस की
  764. 30:38रिलैक्स करो। तो जो भी है मतलब इट हैज़ टू
  765. 30:40बी द सेम अक्रॉस बोर्ड। तो
  766. 30:44जो लोग ये कहते हैं कि भ ईडब्ल्यूएस का
  767. 30:46मतलब यू नो अमीर ईडब्ल्यूएस है और ये वो
  768. 30:50तो मैं बता दूं कि यू नो मिसयूज ऑफ अ
  769. 30:54सर्टिफिकेट और अ फेक सर्टिफिकेट ये फ्रॉड
  770. 30:57होता है तो ये फ्रॉड का काम मतलब हर
  771. 30:59कैटेगरी में फ्रॉड सर्टिफिकेट्स बन रहे
  772. 31:01हैं। तो इसका मतलब ये नहीं है कि वो
  773. 31:03कैटेगरी ही ये फ्रॉड है। मतलब फेक
  774. 31:05सर्टिफिकेट बन रहे हैं तो उसका रूल्स एंड
  775. 31:08रेगुलेशंस होंगे। तो उनको पकड़ो और उनको
  776. 31:09जेल में डालो फ्रॉड सर्टिफिकेट बनाने के
  777. 31:12लिए। अब एनसीजीसी जब बनेगी तो उसमें आप
  778. 31:14शिकायत दर्ज करो कि भैया ये लोग फेक
  779. 31:15सर्टिफिकेट बना रहे हैं। बट उसका मतलब ये
  780. 31:17थोड़ी है कि ईडब्ल्यूएस को ही आप बोल दोगे
  781. 31:19कि भैया क्राइटेरिया कोई मतलब ये कैटेगरी
  782. 31:22ही किसी काम की नहीं है और अमीर
  783. 31:24ईडब्ल्यूएस होता है कुछ। अमीर ईडब्ल्यूएस
  784. 31:26तो मुझे आज तक कासेप्ट समझ में नहीं आया।
  785. 31:27व्हेन इट इज़ अ इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन
  786. 31:29कहो। इट इज अमीर ईडब्ल्यूएस। तो
  787. 31:32आई डोंट नो कौन बोल रहा है बट
  788. 31:35नहीं है कुछ अंबेडकरवादी है पर देन देन
  789. 31:39मैं अंबेडकरवादी भी नहीं कहूंगा पिछड़े
  790. 31:41समाज के लोग हैं तो पिछड़ापन उनका किसी और
  791. 31:44कारण से हो सकता है ऑफकोर्स मतलब मानसिक
  792. 31:46पिछड़ापन नाम का भी एक कांसेप्ट होता है
  793. 31:47दुनिया में तो वो वो लोग शायद बोलते हैं
  794. 31:52अब आते हैं रिजर्वेशन रिफॉर्म पे जो अगला
  795. 31:54है आपका और इसमें आपने तीन बातें रखी है
  796. 31:58सबसे खास है ये मतलब मैं पर्सनल लेवल पर
  797. 32:01मैं इसमें सबसे ज्यादा फोकस मैं आपके
  798. 32:03सिक्स्थ डिमांड पर ही करता हूं। जिसमें से
  799. 32:05तीन बातें आपने रखी है। पहला रिमूव कास्ट
  800. 32:10रिमूव कास्ट नाइदर बैकवर्ड नर लो
  801. 32:13रिप्रेजेंटेड रिमूव नॉन हिंदू कास्ट।
  802. 32:16दूसरा है आपका इंप्लीमेंट क्रीमी लेयर इन
  803. 32:18एसटी एससी। एंड तीसरा है आपका एनश्योर सब
  804. 32:21कैटेगराइजेशन ऑफ एसटी एससी ओबीसी
  805. 32:23रिजर्वेशन।
  806. 32:24पहला वाले पे मुझे आपसे उम्मीद है कि आप
  807. 32:27लोग इसको ज्यादा एम्फसाइज करेंगे। मैं
  808. 32:29इसको समझ भी गया। आप आप अगर इस पर कुछ बता
  809. 32:32सके तो प्लीज बताइए। इसके बाद में शॉर्ट
  810. 32:35में मुझे जानना है आपका ओपिनियन पहले वाले
  811. 32:37के बारे में और उसके बाद दूसरे और तीसरे
  812. 32:39पर मुझे थोड़ा डिटेल डिस्कशन करना है कि
  813. 32:41सब कैटेगराइजेशन और क्रीमी लेयर का क्या
  814. 32:44फायदा है? तो पहले वाले से शुरू करते हैं।
  815. 32:46कास्ट कैसे रिमूव करवाएंगे? क्या है? क्या
  816. 32:48कांसेप्ट है? मतलब आप किसको हटवाना चाहते
  817. 32:50हो? क्यों हटवाना चाहते हो? जब आरक्षण
  818. 32:52रहेगा ही सही तो सबको लेने दो। क्या
  819. 32:54दिक्कत है?
  820. 32:56तो सबसे पहले तो मैं कांसेप्ट ही क्लियर
  821. 32:59कर दूं। आरक्षण जो दिया गया था तो इट वास
  822. 33:01नॉट गिवन फॉर एवरीबडी कि देश में जितने भी
  823. 33:04लोग हैं सब आरक्षण लेके और खुश रहेंगे।
  824. 33:05ऐसा नहीं था। आरक्षण का मतलब यह था कि जो
  825. 33:08लोग अभी तक मुख्यधारा में नहीं आ पाए हैं
  826. 33:11जिन्होंने अभी तक अपना एक रिप्रेजेंटेशन
  827. 33:13हासिल नहीं किया है इन द पॉलिसी मेकिंग
  828. 33:15अपोजिशंस लाइक पॉलिटिक्स हो या फिर जो
  829. 33:18पब्लिक सर्विज है जैसे कि यूपीएससी वगैरह
  830. 33:20है तो उनको एक रिप्रेजेंटेशन दिया जाए। और
  831. 33:23पहला जो कांसेप्ट था वो यह था कि
  832. 33:24डिप्रेस्ड क्लासेस को ही दिया जाएगा।
  833. 33:26डिप्रेस्ड क्लासेस में उस समय एससी पहले
  834. 33:28थे और बाद में एसटी को भी डाल दिया गया टू
  835. 33:31इंक्रीस द नंबर्स। बट देन इट वाज़ ओनली फॉर
  836. 33:33देम। लेटर ऑन इसको लास्ट मोमेंट में चेंज
  837. 33:36करके एक बैकवर्ड शब्द डाला गया। अगर आप
  838. 33:38पढ़ेंगे कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली के
  839. 33:39डिबेट्स तो आपको समझ आएगा कि बैकवर्ड टर्म
  840. 33:41वाज़ नॉट प्रीडसाइडेड। इट वाज़ अ वेरी लेट
  841. 33:44लास्ट मोमेंट एडिशन। पहले ये केवल
  842. 33:46डिप्रेस्ड क्लासेस के लिए ही दिमाग में था
  843. 33:48लोगों के। और उसके बाद बैकवर्ड का भी
  844. 33:50डेफिनेशन उस समय क्लियर नहीं था लोगों के।
  845. 33:52तो उन्होंने ये कहा कि चलो बाद में हम
  846. 33:53डिसाइड करेंगे कि जो लोग अभी तक
  847. 33:55रिप्रेजेंटेशन नहीं ले पाए हैं उन लोगों
  848. 33:57को मतलब जो थोड़ा सा रिप्रेजेंटेशन उनका
  849. 34:01दिया जाएगा और डेफिनेशन बाद में डिसाइड
  850. 34:03होगी। तो ये बात हुई थी। अब हम बता दें कि
  851. 34:06जो आर्टिकल जिनके अंदर पे दिया गया है
  852. 34:09रिजर्वेशन
  853. 34:10तो जो यू नो आर्टिकल 164 है जिसके अंदर की
  854. 34:15नौकरियों में आरक्षण दिया जाता है उसके जो
  855. 34:18डेफिनेशन है उसी में लिखा है कि उन उन
  856. 34:21लोगों को आरक्षण मिलेगा जो कि बैकवर्ड है
  857. 34:24यानी पिछड़े हैं या फिर बैकवर्ड है और
  858. 34:27जिनका प्रतिनिधित्व कम है व्हिच आर इनएटली
  859. 34:30रिप्रेजेंटेड एंड व्हिच आर बैकवर्ड तो ये
  860. 34:33दोनों कंडीशन सेटिस्फाई होनी चाहिए तभी
  861. 34:35किसी को आरक्षण मिल सकता है। यह बहुत सारे
  862. 34:37सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट ने भी बोला है।
  863. 34:39नागराज जज जो सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट था
  864. 34:42जो इंदिरा साहनी ये सब ने इनको रिट्रेट
  865. 34:44किया है कि यू हैव टू प्रूव बैकवर्डनेस
  866. 34:47एंड यू हैव टू प्रूव इनएट रिप्रेजेंटेशन।
  867. 34:50मतलब कि आपका रिप्रेजेंटेशन कम है तभी
  868. 34:52आपको आरक्षण मिलेगा। तो हम सिंपल ये बोल
  869. 34:55रहे हैं कि जो संविधान में आर्टिकल 164
  870. 34:57में लिखा हुआ है उसको आप इंप्लीमेंट करिए।
  871. 35:00हम कोई नई डिमांड नहीं बोल रहे हैं। हम बस
  872. 35:02ये बोल रहे हैं कि डेफिनेशन फॉलो हो। और
  873. 35:04इस डेफिनेशन में क्या होगा? जो लोग
  874. 35:06बैकवर्ड नहीं है अकॉर्डिंग टू द
  875. 35:08क्राइटेरिया दे शुड गो आउट दोज़ पीपल हु आर
  876. 35:10इन एडिक्वेटली रिप्रेजेंटेड वो दोज़ पीपल
  877. 35:13शुड गो आउट नाउ अगर मैं बता दूं कि
  878. 35:16बड़ी-बड़ी जमींदार जातियां जो है उन्होंने
  879. 35:19किसी तरह से विक्रम लगा के यू नो
  880. 35:21रिपोर्ट्स में डेटा का हेरफेर करके ये लोग
  881. 35:23आके अभी बैठ गए हैं। तो जैसे कि हमने आई
  882. 35:26थिंक बहुत पहले भी बताया हुआ है कि जब
  883. 35:28आरक्षण शुरू हुआ था उस समय जो कास्ट लिस्ट
  884. 35:30थी और आज जो कास्ट लिस्ट है वो ऑलमोस्ट
  885. 35:32दुगनी तिगुनी हो चुकी है। क्योंकि इसके
  886. 35:34अंदर ये सारे बड़े-बड़े यू नो डोमिनेंट
  887. 35:36कास्ट आकर बैठ गए हैं क्योंकि इनको पता है
  888. 35:38कि ये पॉलिटिक्स यू नो वोट ऐसे ही मिलता
  889. 35:40है। तो इन्होंने ऐसे ही पटरिया उखाड़ के
  890. 35:42या जो भी करके पॉलिटिक्स अपना यू नो वोट
  891. 35:44बैंक का डर दिखा के ये लोग आके बैठ गए
  892. 35:46हैं। तो आरक्षण इसलिए तो नहीं दिया गया था
  893. 35:48कि भैया बड़ी-बड़ी जातियां इसका लाभ ले।
  894. 35:50आरक्षण तो इसलिए दिया गया था कि जो यू नो
  895. 35:53दबे कुचले हैं जो अभी तक प्रतिनिधित्व
  896. 35:55नहीं ले पाए हैं उनको आरक्षण मिले। अब ऐसी
  897. 35:57जातियां हैं जो अपने आबादी से चार गुना 10
  898. 36:00गुना रिप्रेजेंटेशन लेकर बैठी हुई हैं।
  899. 36:02उनको आरक्षण देने का क्या मतलब? तो जब तक
  900. 36:05जातियां बैठी रहेंगी आरक्षण की राजनीति
  901. 36:07चलती रहेगी और जिंदगी भर ये मतलब ये हमेशा
  902. 36:10जितनी आबादी उतना हक का ये ड्रामा चलता
  903. 36:12रहेगा। तो 164 के हिसाब से जो लोग फिट
  904. 36:15नहीं होते हैं उनको बाहर निकालिए। सिंपल
  905. 36:17सी बात है और बैकवर्डनेस का क्राइटेरिया
  906. 36:19डिफाइंड है। जो उस क्राइटेरिया में फिट
  907. 36:22नहीं होते। फॉर एग्जांपल मंडल कमीशन ने
  908. 36:24बोला है 25% बिलो द स्टेट एवरेज एजुकेशनल
  909. 36:27में या सोशल जो भी क्राइटेरिया है तो यहां
  910. 36:30पे तो ऐसी जातियां हैं जो स्टेट एवरेज से
  911. 36:31ऊपर करके बैठी हुई है और तब भी अंदर में
  912. 36:33है। तो अगर आप 25% से बिलो है तभी आपको
  913. 36:36आरप्शन मिलना चाहिए। अगर आपको अपना आबादी
  914. 36:39के बराबर मतलब एडिक्वेट का मतलब अभी तक
  915. 36:42डिफाइन नहीं हुआ है। हालांकि एक कोर्ट में
  916. 36:44इलाहाबाद कोर्ट में एक डिसीजन दिया था कि
  917. 36:46आपकी आबादी से आधा अगर आपको मिल जाता है
  918. 36:49तो दैट इज एडिक्वेट। मतलब आपकी आबादी अगर
  919. 36:512% है और आपको 1% सीट मिल गई है मतलब कि
  920. 36:54आप एडिक्वेटली रिप्रेजेंटेड हो। तो उस
  921. 36:56हिसाब से देखा जाए तो ऑलमोस्ट जितनी भी
  922. 36:59बड़ी मतलब जो भी बड़ी-बड़ी जातियां है सब
  923. 37:00बाहर हो जाएंगी क्योंकि अपनी आबादी से
  924. 37:02ज्यादा ये लोग ले बैठी हुई है। तो इनको
  925. 37:05बाहर निकालना सबसे ज्यादा जरूरी है ये
  926. 37:07पूरी आरक्षण की राजनीतिक मतलब जो है वो
  927. 37:10खत्म करने के लिए आरक्षण का मिसयूज खत्म
  928. 37:12करने के लिए। तो इसके बिना किसी भी रिफर्म
  929. 37:14का कोई मतलब नहीं था।
  930. 37:16ठीक है। अब आता है बड़ा कंट्रोवरर्शियल
  931. 37:18क्वेश्चन जिस पर सबसे ज्यादा
  932. 37:21भाजपा समर्थकों ने हल्ला मचा रखा है।
  933. 37:25मुझे मुझे तो समझ में आता है लेकिन मैं
  934. 37:27चाहता हूं कि अब ये डायरेक्ट आपसे ही समझे
  935. 37:29लोग क्योंकि सब कैटेगराइजेशन और क्रीमी
  936. 37:32लेयर वाले जो दो कांसेप्ट है आपके जो आपके
  937. 37:34दो डिमांड है। क्रीमी लेयर तो बहुत सालों
  938. 37:37से लगा हुआ है। जब 1992 में जब पहली बार
  939. 37:40थ्री में जब ओबीसी आरक्षण आया था क्रीमी
  940. 37:42लेयर तो तभी से है। क्या फायदा हुआ? अभी
  941. 37:45तक तो उससे कुछ फायदा हुआ नहीं। ओबीसी
  942. 37:47आरक्षण कम हुआ नहीं। सब कैटेगराइजेशन जो
  943. 37:50है वह जनरल कैटेगरी के लिए फायदेमंद नहीं
  944. 37:52है। उससे क्या होगा? मतलब आप आप वही
  945. 37:56आरक्षण उनमें आपस में बांट दोगे तो उससे
  946. 37:59जनरल कैटेगरी को क्या फायदा पहुंच रहा है?
  947. 38:01ये दो क्वेश्चन है। मतलब एक तरफ आप कहते
  948. 38:03हो कि आप जनरल कैटेगरी के अधिकारों की बात
  949. 38:05कर रहे हो। दूसरी तरफ आप सब कैटेगरी सब
  950. 38:07कैटेगराइजेशन से आरक्षण तो कम नहीं हो रहा
  951. 38:09है और क्रीमी लेयर अभी तक इन इफेक्टिव सा
  952. 38:11भी है। इससे कोई जाति कैसे बाहर इस पर जरा
  953. 38:15आपके मतलब जो जितने भी फॉलोअर्स है जितने
  954. 38:18भी क्रिटिक्स हैं खासकर जो भाजपा समर्थक
  955. 38:20है जो भ्रमित कर रहे हैं उनको आप एक बार
  956. 38:23एक जवाब मतलब अपना ओपिनियन बताइए प्लीज।
  957. 38:27हां आई थिंक जाति बाहर करने का तो इससे
  958. 38:30कोई रिलेशन ही नहीं है। मैंने क्लियर कर
  959. 38:32दिया है कि क्रीमी लेयर और सब
  960. 38:33कैटेगराइजेशन का जाति बाहर करने से कोई
  961. 38:36रिलेशन नहीं है। जाति बाहर करने के लिए जो
  962. 38:38प्रीवियस अभी मैंने बताया है ओवर
  963. 38:39रिप्रेजेंटेड का 164 आर्टिकल 164 की
  964. 38:42डेफिनेशन में जो फिट नहीं होते हैं उनको
  965. 38:44बाहर निकाला जाए। दैट इज़ अ सेपरेट डिमांड।
  966. 38:46जातियां वहां से बाहर होंगी। जातियां का
  967. 38:49बाहर करने का क्रीमी लेयर या सब
  968. 38:50कैटेगराइजेशन से कोई लेना देना नहीं है।
  969. 38:52नाउ कमिंग टू क्रीमी लेयर एंड सब
  970. 38:54कैटेगराइजेशन इसका जनरल कैटेगरी से क्या
  971. 38:56फायदा होगा? तो मैं बता दूं कि ये आंदोलन
  972. 38:58रिजर्वेशन रिफॉर्म के लिए है। ये केवल
  973. 39:00जनरल कैटेगरी के लिए ही नहीं है। इसमें
  974. 39:03हमको सभी वर्गों को साथ में ले चलना है।
  975. 39:05तो हमको यह समझना है कि आरक्षण दिया क्यों
  976. 39:08गया था और उसका सही तरीके से यूज़ हो। तो
  977. 39:10जो आरक्षण दिया गया था जैसे कि मैंने
  978. 39:12बताया वो इसलिए दिया गया था कि जो लोग
  979. 39:14पीछे रह गए हैं मुख्यधारा में से बाहर रह
  980. 39:16गए हैं उन लोगों को थोड़ा रिप्रेजेंटेशन
  981. 39:19मिले तो उन लोगों को भी उनकी आवाज भी हमको
  982. 39:21सुननी है। ऐसा नहीं है कि एससी, एसटी,
  983. 39:23ओबीसी के लोग रिफॉर्म्स नहीं चाहते हैं।
  984. 39:25उसमें भी ऐसे कई लोग हैं एससी, एसटी,
  985. 39:28ओबीसी में जो सालों से रिफॉर्म्स मांग रहे
  986. 39:30हैं। जो सब कैटेगराइजेशन की डिमांड है वो
  987. 39:33दलितों के अंदर से आई है। ये हमारा जनरल
  988. 39:35कैटेगरी का फाइट नहीं है। ये इनकी अपनी
  989. 39:37फाइट है। आंध्र प्रदेश में जो ये फाइट
  990. 39:40शुरू हुई थी वो माडिगा वर्सेस माला थी
  991. 39:42दोनों ही दलित जातियां है माडिगा ने बोला
  992. 39:44था कि हमको सब कैटेगराइजेशन चाहिए वैसे ही
  993. 39:47पंजाब में वाल्मीकि वर्सेस जाटव मतलब जो
  994. 39:50दूसरी जातियां है उनके उनके बीच में ये था
  995. 39:52कि भाई हमको यू नो डीएससी एंड ओएससी करके
  996. 39:55वहां पे ग्रुप्स थे तो वो उन दोनों के बीच
  997. 39:57में ये डिस्प्यूट था पंजाब और हरियाणा में
  998. 40:01तो इसी तरह से महार जो अगर आप महाराष्ट्र
  999. 40:04में देखेंगे तो वहां मातंग सब
  1000. 40:05कैटेगराइजेशन मांग रहे हैं और महार उसका
  1001. 40:07विरोध करते हैं कि नहीं तुमको क्यों चाहिए
  1002. 40:08सब कैटेगराइजेशन हम तो हैं ही तुम्हारा
  1003. 40:10रिप्रेजेंटेशन करने के लिए तो ये सारी जो
  1004. 40:13यू नो जातियां हैं हर एक कैटेगरी में कुछ
  1005. 40:16डोमिनेंट जातियां आके बैठ गई हैं और वो
  1006. 40:18क्या कर रही हैं कि वो सारा का सारा
  1007. 40:20आरक्षण भी खुद खा रही हैं और जो नीचे में
  1008. 40:22आवाज उठाते हैं उनको दबा दिया जाता है ये
  1009. 40:25बोल के कि तुम क्या करोगे आरक्षण लेके
  1010. 40:27तुम्हारा तो रिप्रेजेंटेशन हम कर ही रहे
  1011. 40:28हैं और उसके बाद वो अगर ज्यादा आवाज उठाए
  1012. 40:30तो उनको गालियां भी देना शुरू हो जाते हैं
  1013. 40:32मतलब कितने सारे वीडियो हमने शो शो किए
  1014. 40:34हैं जहां पे कि वो लोग उनको गालियां दे
  1015. 40:36रहे हैं जो सब कैटेगराइजेशन मांग रहे हैं
  1016. 40:38तो सोच लीजिए कि वो लोग भी परेशान हो रखे
  1017. 40:41हैं और वो भी चाहते हैं कि उनकी कोई आवाज
  1018. 40:42उठाए। तो हमको सबको साथ में ले चलना है।
  1019. 40:45रिफॉर्म तभी पॉसिबल है जब आप एक एक
  1020. 40:48सब्सटैंशियल अमाउंट ऑफ पीपल कम विद यू एंड
  1021. 40:50टेल कि भैया रिफॉर्म चाहिए। तो एक्सेप्ट
  1022. 40:53फॉर डोमिनेंट कास्ट एंड एक्सेप्ट फॉर
  1023. 40:54क्रीमी लेयर जो बड़े-बड़े लोग हैं उनके
  1024. 40:56अलावा सारे लोग रिफॉर्म चाहते हैं। सब लोग
  1025. 40:59रिफॉर्म चाहते हैं। तो इसीलिए हमने कई
  1026. 41:01लोगों से भी बात की है। ओबीसी में भी जो
  1027. 41:04यू नो कुम्हार निषाद जो ईबीसी जो
  1028. 41:06एक्सट्रीमली बैकवर्ड क्लासेस है वो उनके
  1029. 41:08लोग भी हमारे साथ है। जो एसटी में है भील
  1030. 41:11है संथाल है गोंड है। ये लोग को
  1031. 41:13रिप्रेजेंटेशन आज तक मिला नहीं क्योंकि
  1032. 41:14वहां भी एक डोमिनेंट कास्ट आके बैठी है जो
  1033. 41:17ऑलमोस्ट 50 60% सीट लेके जा रही है। वैसे
  1034. 41:19ही एससी के अंदर भी मातंग है, वाल्मीकि
  1035. 41:21हैं। ये लोग ऐसे हैं जिनको अभी तक
  1036. 41:23रिप्रेजेंटेशन उतना नहीं मिला है। बिकॉज़
  1037. 41:25कुछ डोमिनेंट जातियां वहां भी आकर बैठी
  1038. 41:27हुई हैं। तो हमको आवाज सबके लिए उठानी है।
  1039. 41:30हमको एक इंक्लूसिव मूवमेंट बनाना है।
  1040. 41:32इसलिए हमने सबको इंक्लूड किया है ताकि यू
  1041. 41:34नो सबकी आवाज आगे तक पहुंचे और तब सरकार
  1042. 41:36सुने। जैसा कि मैंने बोला रिजर्वेशन
  1043. 41:38रिफॉर्म मूवमेंट है। नाउ कमिंग टू वन
  1044. 41:41क्वेश्चन लोग लोग यू नो बहुत रेज कर रहे
  1045. 41:44हैं कि इससे जीसी को नुकसान हो जाएगा।
  1046. 41:47यू नो क्रीमी लेयर से लोग बाहर आ जाएंगे
  1047. 41:49या सब कैटेगराइजेशन से जो है वो लोग आएंगे
  1048. 41:52या ओवर रिप्रेजेंटेड कास्ट बाहर आएंगी तो
  1049. 41:54जनरल कैटेगरी का कंपटीशन बढ़ जाएगा या ऐसा
  1050. 41:57कुछ तो मैं वो क्लियर कर दूं कि ऐसा कुछ
  1051. 42:00भी नहीं है ये बिल्कुल भ्रम है कोई जनरल
  1052. 42:02कैटेगरी का कंपटीशन इसलिए नहीं बढ़ेगा
  1053. 42:04क्योंकि ये ओपन सीट्स होती हैं जो जो
  1054. 42:07सीट्स बचती हैं दैट इज कॉल्ड अनरिजर्व
  1055. 42:09सीट्स ओपन सीट्स उन सीट्स में सारे के
  1056. 42:11सारे लोग जो है वो कमट करते हैं वो सबके
  1057. 42:14लिए खुली हैं तो एससी एसटी ओबीसी सी
  1058. 42:16ऑलरेडी उसमें कमपीट कर रहे हैं और ऑलरेडी
  1059. 42:18जो कट ऑफ क्लियर करते हैं वो वहां पे
  1060. 42:20सिलेक्ट होते हैं। तो ये बोलना कि यू नो
  1061. 42:22ये लोग यहां आएंगे तो कंपटीशन बढ़ जाएगा।
  1062. 42:25ऐसा कुछ भी नहीं है। कंपटीशन वही रहेगा जो
  1063. 42:27अभी है और दूसरी बात ये कि अगर ये लोग
  1064. 42:29बाहर नहीं निकलेंगे तो भैया ये आरक्षण की
  1065. 42:31राजनीति खत्म कैसे होगी? गवर्नमेंट कास्ट
  1066. 42:33के लिए तो आरक्षण दिया नहीं गया था। तो
  1067. 42:35इसीलिए हमको ये भी इंश्योर करना है कि जिस
  1068. 42:38वजह से आरक्षण दिया गया था वो उन तक
  1069. 42:40पहुंचे और जब उन तक पहुंचेगा तो अपने आप
  1070. 42:41ही कुछ सालों में आरक्षण जो है वो कम होते
  1071. 42:44होते फिर एक टाइम में खत्म होगा या दूसरा
  1072. 42:46स्वरूप लेगा जैसा कि हमने बोला इकोनॉमिक
  1073. 42:48बेसिस के ऊपर।
  1074. 42:56ठीक है। आपने कहा कि आप जातिगत आरक्षण को
  1075. 43:00खत्म करना चाहते हैं और इसलिए आप क्रीमी
  1076. 43:03लेयर का कांसेप्ट और वो सब चीजें लेकर आए
  1077. 43:05हैं। लेकिन आपका अगला जो डिमांड है सेट
  1078. 43:09मिनिमम क्वालिफाइंग क्राइटेरिया फॉर ईच
  1079. 43:11रिजर्व कैटेगरी। यह मेरा ही क्वेश्चन है।
  1080. 43:14यह मेरे दिमाग में आया कि अगर आपने मिनिमम
  1081. 43:18क्राइटेरिया फिक्स कर दिया तो करंट ट्रेंड
  1082. 43:20जो मैं देखता हूं रिजल्ट्स के कट ऑफ के उस
  1083. 43:23हिसाब से ना जाने कितने लोग मतलब ज्यादातर
  1084. 43:26एनएफएस ही रह जाएगा। लोग उसको जो मिनिमम
  1085. 43:29कट ऑफ जो प्रीडफाइंड होगा वो उसको क्लियर
  1086. 43:32ही नहीं कर पाएंगे। पर उस हिसाब से फिर
  1087. 43:34इनका रिप्रेजेंटेशन कभी बढ़ेगा ही नहीं।
  1088. 43:36जब रिप्रेजेंटेशन ही नहीं बढ़ेगा तो फिर
  1089. 43:40आरक्षण खत्म कैसे होगा? क्योंकि अगला मतलब
  1090. 43:43जो मैं उस पर भी आऊंगा आपके कि कैसे सनसेट
  1091. 43:45क्लॉज़ होगा। तो मुझे बताइए कि क्या मतलब
  1092. 43:47मिनिमम क्वालीाइंग क्राइटेरिया डिसाइड कर
  1093. 43:49देने से ये इनको मजबूती नहीं मिलेगी इस
  1094. 43:52आवास को कि भाई नहीं नहीं हम तो अभी तक
  1095. 43:55डेवलप नहीं हुए। अभी तक हम मिनिमम
  1096. 43:56क्वालीाइंग क्राइटेरिया ही नहीं मतलब
  1097. 43:58क्लियर कर पा रहे हैं। जब तक नहीं कर
  1098. 43:59पाएंगे तब तक आप हमें आरक्षण देते रहो।
  1099. 44:03देखिए हम इसमें प्रतिनिधित्व हर एक जाति
  1100. 44:06के हिसाब से नहीं मांग रहे हैं। मतलब जब
  1101. 44:08सब कैटेगराइजेशन भी होती है तो उसमें
  1102. 44:10ग्रुप्स बनते हैं। इट इज नॉट बेस्ड ऑन
  1103. 44:12लाइक अभी अगर एसटी में देखें तो 700 लाइक
  1104. 44:16744 ट्राइब्स हैं। एसटी में एससी में
  1105. 44:19ऑलमोस्ट 1200 कास्ट है। ओबीसी में भी
  1106. 44:22ऑलमोस्ट 4 5000 हैं। तो भैया सबके लिए
  1107. 44:25थोड़ी एक-एक सीट हर एक जाति को मिलेगी तभी
  1108. 44:27रिप्रेजेंटेशन होगा। ऐसा नहीं होता है। इट
  1109. 44:29विल बी सब कैटेगराइजेशन में भी ग्रुप्स
  1110. 44:31बनेंगे। ग्रुप ए बी सी उतना ही होगा सब
  1111. 44:33कैटेगराइजेशन उसके अंदर फिर 20 20 25-25
  1112. 44:36जातियां या जैसे भी उनको डिवाइड करना है
  1113. 44:38वैसे होगा तो रिप्रेजेंटेशन गेट्स काउंटेड
  1114. 44:40एट अ ग्रुप लेवल इट डजंट गेट काउंटेड एट द
  1115. 44:42जाति लेवल तो पहली बात तो मतलब पर्सनल
  1116. 44:45लेवल पे आप मुझे पूछेंगे तो ये
  1117. 44:46रिप्रेजेंटेशन वाला कांसेप्ट ही मेरे
  1118. 44:48दिमाग मतलब मुझे सही नहीं लगता है बिकॉज़
  1119. 44:50कोई भी एक आदमी दूसरे का रिप्रेजेंटेशन
  1120. 44:53कैसे करेगा और कैसे नहीं करेगा ये वाला
  1121. 44:55क्वेश्चन है कि कोई मर्द क्या कोई औरत की
  1122. 44:58का रिप्रेजेंटेशन उसके हकों की बात नहीं
  1123. 45:00कर सकता या कोई यादव जो है वो यू नो दूसरे
  1124. 45:03की बात नहीं कर सकता। ऐसा तो नहीं है।
  1125. 45:05जनरल कैटेगरी वाले जो संविधान बना था तो
  1126. 45:07सारे जनरल कैटेगरी वाले थे उसके अंदर
  1127. 45:09ऑलमोस्ट जितने भी थे तो उन्होंने तो बात
  1128. 45:11की ना। उन्होंने ही तो आरक्षण दिया। तो
  1129. 45:12उन्होंने आपके हक की बात की। तो ये कहना
  1130. 45:14कि रिप्रेजेंटेशन दूसरा ही यही करेगा और
  1131. 45:17दूसरा नहीं कर सकता। ये तो कासेप्ट ही ऐसे
  1132. 45:19गलत है। कमिंग टू मिनिमम क्राइटेरिया।
  1133. 45:21देखिए हमको अपना देश भी देखना है। हमको
  1134. 45:23देश को बर्बादी की तरफ नहीं ले जाना है।
  1135. 45:26अगर आप कोई मिनिमम क्राइटेरिया नहीं
  1136. 45:28बनाएंगे तो देश जो है वो धीरे-धीरे
  1137. 45:30बर्बादी की तरफ जा रहा है। क्योंकि ऐसे
  1138. 45:32लोग सिस्टम में घुस रहे हैं जो उस काबिल
  1139. 45:33नहीं है और जो सिस्टम ऐसे लोग आएंगे जो उस
  1140. 45:37उस जॉब को करने के लायक नहीं है। तो आखिर
  1141. 45:40में नुकसान किसका होगा? जनरल पब्लिक का।
  1142. 45:43अगर आप ऐसे डॉक्टर को घुसा दोगे कल आई
  1143. 45:45थिंक ऐसा वीडियो वायरल हुआ था जो ब्लड
  1144. 45:47प्रेशर नहीं ले पा रही थी मैडम जो चीफ
  1145. 45:51हेल्थ ऑफिसर है वहां की वो ब्लड प्रेशर
  1146. 45:53नहीं ले पा रही थी तो आप मुझे ये बताइए कि
  1147. 45:55किसी गवर्नमेंट हॉस्पिटल में सबसे ज्यादा
  1148. 45:58कौन आता है जो गरीब दबे कुचले लोग हैं मान
  1149. 46:00लीजिए चलिए बहुजन जो कहते हैं आप वही अगर
  1150. 46:02बहुत गरीब है तो वही तो आएंगे उस हॉस्पिटल
  1151. 46:04में अगर आप ऐसे इंसान को सिस्टम में लाके
  1152. 46:07बिठा दोगे जो उस उस जॉब के लायक नहीं है
  1153. 46:09तो उसका नुकसान किसको होगा वही लोग जो उस
  1154. 46:12सिस्टम से अपना काम निकलवाने आ रहे हैं।
  1155. 46:14फॉर एग्जांपल अगर आप किसी ऐसे डॉक्टर को
  1156. 46:16सिस्टम में लाओगे जो ब्लड प्रेशर भी नहीं
  1157. 46:18ले पा रहा जो सर्जरी ढंग से नहीं कर पा
  1158. 46:21रहा और उस गवर्नमेंट हॉस्पिटल में सबसे
  1159. 46:23ज्यादा जो लोग आएंगे वो कौन होंगे जो मतलब
  1160. 46:26गरीब है जो मान लीजिए आप बहुजन समाज के
  1161. 46:29लोगों को बोलते हैं तो वही ज्यादा आ रहे
  1162. 46:30हैं तो नुकसान तो उन्हीं का हो रहा है।
  1163. 46:32उनकी उन्हीं की जान खतरे में आ रही है।
  1164. 46:34सिमिलरली अगर आप गवर्नमेंट गवर्नमेंट
  1165. 46:36स्कूल में अगर एक या दो मार्क्स पे टीचर
  1166. 46:38को भर दोगे तो वह टीचर जो पढ़ा रहा है वह
  1167. 46:41तो आपके ही बच्चों को पढ़ा रहा है ना तो
  1168. 46:42वो एक टीचर जो है वो हजारों मतलब उनके
  1169. 46:45लाइफ टाइम में कितने बच्चों को पढ़ाता है
  1170. 46:46हजारों बच्चों को पढ़ाता है तो वो सारे
  1171. 46:49हजारों बच्चों का लाइफ बर्बाद कर रहा है
  1172. 46:51वो तो आपने एक की लाइफ बनाने के लिए बाकी
  1173. 46:53हजारों बच्चों की इनफैक्ट अपने ही बच्चों
  1174. 46:55की लाइफ बर्बाद की है। तो ये जो कांसेप्ट
  1175. 46:58है ये आपको एक बैलेंस बना के चलना पड़ेगा।
  1176. 47:01ये कोई ये नहीं है कि रिप्रेजेंटेशन देने
  1177. 47:03के लिए हम अपना देश ही बर्बाद कर लें। हम
  1178. 47:05अपना सिस्टम ही बर्बाद कर लें। तो मैं बता
  1179. 47:07दूं कि जो आर्टिकल 335 है जब ये बना था
  1180. 47:11उसमें अंबेडकर जी ने एक क्लॉज़ डाला था कि
  1181. 47:14मिनिमम मतलब क्वालिटी में कॉम्प्रोमाइज
  1182. 47:16नहीं होगा। आप लोगों को हक दीजिए बट
  1183. 47:18क्वालिटी में कॉम्प्रोमाइज नहीं होना
  1184. 47:19चाहिए। तो ये चीज संविधान सभा ने सोच समझ
  1185. 47:22के ही बनाई थी ना। अंबेडकर जी ने सोच समझ
  1186. 47:24के ही बनाया था ना। तो इसको जो है 8 सेकंड
  1187. 47:26अमेंडमेंट लाके इसको आपने बदल दिया। तो
  1188. 47:28इससे किसका नुकसान हुआ? आप ही का नुकसान
  1189. 47:30हुआ जो बहुजन समाज जो बोल रहे हैं नुकसान
  1190. 47:33उन्हीं का हो रहा है। दूसरी बात ये कि आप
  1191. 47:35एक मिनिमम बेंचमार्क नहीं सेट करेंगे तो
  1192. 47:37लोग उसके लिए मेहनत भी करना बंद कर देंगे।
  1193. 47:39अगर लोगों को पता है कि हमको 40 मार्क में
  1194. 47:41नौकरी मिल जाएगी तो वो 80 मार्क्स के लिए
  1195. 47:43मेहनत क्यों करेंगे? तो आप बेंचमार्क पहले
  1196. 47:45ऊपर उठाइए जब उनको लगेगा कि नहीं हमारी
  1197. 47:47सीट जा रही है व्हाटएवर तो वो उसके लिए कम
  1198. 47:49से कम मेहनत तो करना शुरू करें। तो उनको
  1199. 47:52लायक लोगों को लायक बनाने के लिए
  1200. 47:53बेंचमार्क ऊपर उठाइए और सिस्टम से
  1201. 47:56कॉम्प्रोमाइज नहीं होगा। दूसरी बात जैसे
  1202. 47:58मैंने बोला रिप्रेजेंटेशन ग्रुप से आता
  1203. 47:59है। ग्रुप में रिप्रेजेंटेशन आएगा।
  1204. 48:01धीरे-धीरे अगर देखा जाएगा कि बैलेंस बिगड़
  1205. 48:04रहा है कि भैया रिप्रेजेंटेशन नहीं हो रहा
  1206. 48:06है व्हाटएवर तो आपको फिर एक पाथ चूज़ करना
  1207. 48:08पड़ेगा कि भैया हमको रिप्रेजेंटेशन के लिए
  1208. 48:10ही केवल अपना सब कुछ बर्बाद नहीं कर लेना
  1209. 48:13है। तो फिर उसके बाद फिर नया पॉलिसी
  1210. 48:15बनेगा, नया तरीका बनेगा। बट मिनिमम
  1211. 48:17क्राइटेरिया में कभी भी कॉम्प्रोमाइज नहीं
  1212. 48:19होना चाहिए। दैट हैज़ टू बी द फर्स्ट
  1213. 48:21क्राइटेरिया। देश का विश्व गुरु आप - 40
  1214. 48:24अंक के लोगों को सेलेक्ट करके नहीं बना
  1215. 48:26सकते हैं। ऐसे पायलट को एक आई थिंक वीडियो
  1216. 48:28भी वायरल हुआ था ना किसी का पायलट का छ
  1217. 48:30साल से पढ़ रही है और उसको यू नो नहीं दे
  1218. 48:33रहे हैं लाइसेंस क्योंकि वो पर्टिकुलर
  1219. 48:35कैटेगरी से है। अभी उसको लाइसेंस देके
  1220. 48:38बिठा देंगे कि तुम खुश हो जाओ बहन क्योंकि
  1221. 48:40तुम इस कैटेगरी से वो तो हम तुमको देते
  1222. 48:41हैं और 200 लोगों का वो प्लेन उठा के गिरा
  1223. 48:43देगी। तो किसका नुकसान होगा? वो 200 लोगों
  1224. 48:46की जान की कीमत नहीं है क्या? तो कैटेगरी
  1225. 48:48केयर
  1226. 48:50एक और वायरल हुआ था जो पिछले साल का है
  1227. 48:53शायद केस यूपी में पिछले साल का है या
  1228. 48:56उससे पहले का है शायद यूपी में एक
  1229. 48:57यूनिवर्सिटी में कुछ स्टूडेंट्स क्लियर ही
  1230. 49:00नहीं कर पा रहे थे एमबीबीएस की डिग्री तो
  1231. 49:01गवर्नमेंट को प्रपोजल भेजा गया था कि इनको
  1232. 49:04दे दिया जाए डिग्री ऐसे बिना मतलब कट ऑफ
  1233. 49:07तो रिजर्वेशन तो बाद की बात है वो एग्जाम
  1234. 49:08में भी क्लियर नहीं कर पा रहे थे तो हां
  1235. 49:10ऐसी प्रॉब्लम से बचने के लिए मिनिमम
  1236. 49:12क्राइटेरिया तो होना चाहिए एक थोड़ा सा ना
  1237. 49:14बेवकूफाना सा आया लेकिन ऑफ कोर्स कई कई
  1238. 49:17चीजें जो भाजपा समर्थकों ने उठाई है ना
  1239. 49:20मुझे वहां पर थोड़ा सा ऐसा लग रहा है कि
  1240. 49:22वो शायद भ्रमित करना चाहते हैं तो उस पर
  1241. 49:23थोड़ी क्लेरिटी दीजिए आप। आपका अगला जो
  1242. 49:26डिमांड है वो है नो डिस्कशन ऑन इंक्रीजिंग
  1243. 49:29रिजर्वेशन ऑन प्राइवेट सेक्टर रिजर्वेशन।
  1244. 49:31और अब इसको ऐसे हल्ला किया जा रहा है कि
  1245. 49:34जो चीज एक्सिस्ट नहीं करती है उस पे भी
  1246. 49:36क्यों घेर रहे हैं सरकार को? प्राइवेट
  1247. 49:37सेक्टर का रिजर्वेशन तो है ही नहीं। तो
  1248. 49:39फिर आप लोग क्यों बिना मतलब आपका मतलब
  1249. 49:41क्या पर्पस बन गया है कि हर चीज पर बिना
  1250. 49:43मतलब हल्ला मचाना है। ऐसा कुछ मुझे कुछ
  1251. 49:46लोगों के मुंह से सुनने में आया। तो उनको
  1252. 49:49जरा आप समझा दीजिए और कुछ इस तरीके से
  1253. 49:51बताइए ताकि वो लोग हमारे समाज को भ्रमित
  1254. 49:54ना कर पाए।
  1255. 49:56तो आई थिंक मैं बता दूं लोगों को कि इस
  1256. 49:59पॉइंट में दो चीजें इंक्लूडेड है। एक तो
  1257. 50:01ये कि 50% लिमिट मतलब नॉन नेगोशिएबल है।
  1258. 50:04इसको बिल्कुल भी टच करने की बात नहीं
  1259. 50:06होगी। जितनी आबादी उतना हक की कोई बात
  1260. 50:08नहीं होगी क्योंकि ये बात ऑलरेडी हो रही
  1261. 50:09है। दूसरी बात इसमें आती है प्राइवेट
  1262. 50:12सेक्टर रिजर्वेशन की तो आई थिंक लोगों को
  1263. 50:14पता नहीं है क्योंकि हम इस फील्ड में बहुत
  1264. 50:16दिनों से काम कर रहे हैं तो हमको मालूम है
  1265. 50:18कि प्राइवेट सेक्टर में यू नो रिजर्वेशन
  1266. 50:21की बात बहुत समय से उठती चली आई है और
  1267. 50:24इसके लिए बिल्स भी पार्लियामेंट में पेश
  1268. 50:26हुए हैं। प्राइवेट प्राइवेट बिल्स पास हुए
  1269. 50:29हैं। गवर्नमेंट ने खुद एक कमेटी बनाई थी
  1270. 50:31जिसने कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी में
  1271. 50:33रिजर्वेशन लाने के लिए एक पूरा एक प्रपोजल
  1272. 50:36तैयार किया हुआ है और इसका डाटा जो है
  1273. 50:39इसकी रिपोर्ट जो है वो भी यू नो बन चुकी
  1274. 50:42है। दूसरी बात ये कि बहुत सारे जो सांसद
  1275. 50:46है उन्होंने प्राइवेट मेंबर बिल पास सबमिट
  1276. 50:48किया है प्राइवेट सेक्टर में रिजर्वेशन
  1277. 50:50लाने के लिए। जैसे कि चंद्रशेखर रावण है
  1278. 50:53या फिर और भी दो तीन लोग हैं। डीएमके के
  1279. 50:56एक मेंबर है। इन सब ने प्राइवेट मेंबर बिल
  1280. 50:57पास किया हुआ है पार्लियामेंट में। मतलब
  1281. 51:00वहां पर सबमिट किया हुआ है। और दूसरी बात
  1282. 51:02ये कि बहुत सारे राज्यों में ऑलरेडी ये
  1283. 51:05बातें उठनी शुरू हो गई हैं। प्राइवेट
  1284. 51:07सेक्टर में रिजर्वेशन केवल जाति के आधार
  1285. 51:10पे नहीं होता है। यू नो वहां पे क्षेत्र
  1286. 51:12के आधार पे भी होता है। तो इस बारे में भी
  1287. 51:14बहुत बार बात हो चुकी है। बहुत हंगामा हो
  1288. 51:16चुका है। हरियाणा में भी वहां पे सरकार ने
  1289. 51:19यू नो 75% रिजर्वेशन लोकल के लिए लागू
  1290. 51:22करने की बात की थी। तो ये सारी बातें आज
  1291. 51:24से नहीं सालों से उठ रही हैं और अब भी
  1292. 51:27प्राइवेट सेक्टर में रिजर्वेशन लाने की
  1293. 51:29डिमांड बहुत ही ज्यादा उठ रही है। तो हमको
  1294. 51:32वो चीजें बात जो चीजें अभी उठ रही हैं
  1295. 51:35जिसके बिल्स पेश हो रहे हैं जिसके बिल्स
  1296. 51:38बन चुके हैं जिसके प्रपोजल्स रेडी हो चुके
  1297. 51:40हैं तो वो तो हमको बोलना ही है कि इस पे
  1298. 51:41कोई बात ही नहीं होगी। तो जो लोग ये बोल
  1299. 51:44रहे हैं आई थिंक उनको थोड़ा सा जाकर पढ़ना
  1300. 51:46चाहिए कि कहां-कहां पर प्राइवेट सेक्टर
  1301. 51:47में रिजर्वेशन की बात उठी है। कौन-कौन से
  1302. 51:50बिल्स सबमिट सबमिट हुए हैं पार्लियामेंट
  1303. 51:52में तब उनको आईडिया लगेगा कि ये कोई नई
  1304. 51:55बात नहीं है। तो हमने जो ऑलरेडी जहां पे
  1305. 51:57ये लोग हल्ला मचा रहे हैं हमने उसके लिए
  1306. 51:59जवाब दिया है ना कि हमने कोई नया एक शगूफा
  1307. 52:02छोड़ा है। और आई थिंक अभी जो एक डिमांड
  1308. 52:04जाके हर्ष ने दे दी थी तो प्राइवेट में
  1309. 52:06कुछ इकोनमिक बेसिस पे तो वो बात हमने
  1310. 52:09थोड़ी उठाई है। उसको ही डाउट डाउन करना है
  1311. 52:11ना हमको कि नहीं भाई ऐसा कोई डिमांड नहीं
  1312. 52:13है हमारा।
  1313. 52:14ठीक है? अगला जो है आपका वाइट पेपर
  1314. 52:18ऑनेस्टली मैम बहुत सारी पॉपुलेशन नहीं
  1315. 52:20समझती है वाइट पेपर का मतलब। तो एक शॉर्ट
  1316. 52:23में जरा उनको एक्सप्लेन कीजिए कि इस
  1317. 52:24डिमांड का मतलब क्या है वाइट पेपर आप क्या
  1318. 52:27क्या होगा वाइट पेपर में और इससे कैसे
  1319. 52:29फायदा होगा।
  1320. 52:32जी वाइट पेपर का मतलब सिंपल सा यह है कि
  1321. 52:34हम यह जानना चाह रहे हैं कि जो 70 साल से
  1322. 52:36आप आरक्षण दे रहे हो उसका कितना फायदा हुआ
  1323. 52:39है और कितने लोगों को फायदा हुआ है और
  1324. 52:42कितने लोगों को फायदा नहीं हुआ है ताकि आप
  1325. 52:44उसके हिसाब से एडजस्ट कर सको अपनी पॉलिसीज
  1326. 52:47को। अभी क्या हो रहा है कि सब कुछ
  1327. 52:49अंधाधुंध चल रहा है और इसका कोई भी लॉजिक
  1328. 52:51नहीं है। जिसको मन होता है वो पटरिया
  1329. 52:53उखाड़ता है और उसके बाद उसको आरक्षण में
  1330. 52:55शामिल कर लिया जाता है जोड़तोड़ करके। तो
  1331. 52:58इसका कोई भी लॉजिक नहीं है, कोई भी डाटा
  1332. 53:00नहीं है। तो हम ये चाह रहे हैं कि पूरी
  1333. 53:02स्टडी करिए आप। आप बताइए कि 1950 से जो
  1334. 53:04आपने आरक्षण देना चालू किया है तो पहले
  1335. 53:06लिस्ट में कितनी जातियां थी? आज उस लिस्ट
  1336. 53:08में कितनी जातियां हैं? उनमें से कितनी
  1337. 53:10जातियां ऊपर उठ गई? क्योंकि आप तो आरक्षण
  1338. 53:13लेके आए हो इसलिए ना कि वो जातियां
  1339. 53:15अपलिफ्ट हो सके। उनको रिप्रेजेंटेशन मिल
  1340. 53:17सके। मिल मिल सके। तो कितनी ऐसी जातियां
  1341. 53:20हैं जिनको आज तक अपना रिप्रेजेंटेशन मिल
  1342. 53:22गया है। और अगर नहीं मिला है तो फिर इस इस
  1343. 53:25पॉलिसी का फायदा क्या है? जब 70 साल में
  1344. 53:27आप एक भी जाति को ऊपर नहीं उठा सके, एक भी
  1345. 53:29जाति को रिप्रेजेंटेशन नहीं दे सके तो फिर
  1346. 53:31इस पॉलिसी को आप स्क्रैप करिए स्ट्रेट
  1347. 53:33अवे। तो हमको एक वाइट पेपर में मींस कि एक
  1348. 53:36पूरा रिव्यू होना चाहिए। आज तक जो भी
  1349. 53:38फायदा हुआ नहीं हुआ इस पॉलिसी से कितना
  1350. 53:41रिटर्न आया है, क्या आया है, कौन सी
  1351. 53:44जातियां अपलिफ्ट हुई है, कौन सी नहीं हुई
  1352. 53:45है। ये सारा एक डिटेल बनाओ और उसको पब्लिक
  1353. 53:48करो ताकि उस पे लोग भी जाने। लोग भी समझे
  1354. 53:51कि भैया ये जो पॉलिसी बनाई है जो लोग कहते
  1355. 53:53हैं आरक्षण से बहुत फायदा हुआ है तो वो भी
  1356. 53:55तो समझे कि कितना फायदा हुआ है। तो पब्लिक
  1357. 53:58करिए ये डिमांड ये पेपर और उसके बाद उस पे
  1358. 54:01एक प्रॉपर डिबेट करवाइए कि भैया हां हम
  1359. 54:04इसमें क्या प्रॉपर यू नो सही चीजें हुई है
  1360. 54:07क्या गलत चीजें हुई है और उसके बाद से
  1361. 54:09पॉलिसी को उस हिसाब से एडजस्ट किया जाए
  1362. 54:11उसको उस हिसाब से मॉडिफाई किया जाए तो
  1363. 54:14वाइट पेपर का वही मतलब है कि हम चाह रहे
  1364. 54:16हैं कि आज तक जो भी यू नो आरक्षण का जो भी
  1365. 54:19लाभ पहुंचा है जो भी एक यू नो उसकी जो
  1366. 54:23पॉलिसीज का क्या फायदा पहुंचा है वह जनता
  1367. 54:25तक पहुंचाया जाए बस
  1368. 54:28ओके।
  1369. 54:30अगले दो डिमांड्स जो है आपका मैं उनका एक
  1370. 54:32साथ ही क्वेश्चन कर लेता हूं। पीरियडिक
  1371. 54:35रिव्यू ऑफ रिजर्वेशन एंड सनसेट क्लॉज़ फॉर
  1372. 54:38रिजर्वेशन।
  1373. 54:40क्या रहेगा सनसेट क्लॉज़ का पैरामीटर? किस
  1374. 54:43बेसिस पे? टाइम बाउंड। आप लोग कह रहे हैं
  1375. 54:45कि एक टाइम के बाद भी खत्म हो जाना चाहिए
  1376. 54:47या फिर रिप्रेजेंटेशन का एक लेवल जो कहते
  1377. 54:50हैं कि एडिक्वेट रिप्रेजेंटेशन जिसकी
  1378. 54:52डेफिनेशन अभी क्लियर नहीं है या क्लियर है
  1379. 54:54तो वो बता दीजिए एक बार और साथ में
  1380. 54:57पीरियडिक रिव्यु जब आप कहते हैं तो मेरे
  1381. 54:59ख्याल से ये एक्सिस्ट करता है। पीरियडिक
  1382. 55:01रिव्यु की बात तो मंडल कमीशन में भी कही
  1383. 55:02गई थी लेकिन कभी हुआ तो नहीं। पीरियडिक
  1384. 55:06रिव्य्यू तो खुद अंबेडकर जी भी कह के गए
  1385. 55:07गए पॉलिटिकल रिजर्वेशन में भी है। पिछले
  1386. 55:1010 साल से एक्सटेंड ही हो रहा है। तो इस
  1387. 55:13पे क्या इसको कैसे इंप्लीमेंट करवाया
  1388. 55:15जाएगा? क्या इसकी एफिकसी होगी इन दो
  1389. 55:18पॉलिसीज की? उस पर थोड़ा सा बताइए और कैसे
  1390. 55:21सनसेट क्लॉज़ को आप लोग इंप्लीमेंट करवाने
  1391. 55:23वाले हैं?
  1392. 55:25हां, आई थिंक मैं पहले पीरियडिक रिव्यु का
  1393. 55:27ही बता दूं। तो जो वाइट पेपर हमने बोला है
  1394. 55:29दैट इज नथिंग बट अ रिव्यु ओनली। अभी जब
  1395. 55:32पहला रिव्यु अभी होगा। पहला रिव्यु अभी
  1396. 55:34होगा और उसके हिसाब से जितनी भी ओवर
  1397. 55:36रिप्रेजेंटेड कास्ट हैं जितनी भी यू नो
  1398. 55:38नॉन बैकवर्ड कास्ट है वो बाहर जाएंगी। अ
  1399. 55:40क्रीमी लेयर में कौन आते हैं नहीं आते हैं
  1400. 55:42ये होगा यू नो जितनी भी सब कैटेगराइजेशन
  1401. 55:46कौन किस ग्रुप में आता है ये सारा कुछ
  1402. 55:48पहला रिव्यू में आएगा पहला रिव्यु जब हो
  1403. 55:50गया उसके बाद फिर आप सेकंड रिव्यु कब
  1404. 55:52करेंगे मे बी 10 इयर्स में आप नेक्स्ट
  1405. 55:54शेड्यूल रखेंगे नाउ बात ये आती है कि ये
  1406. 55:56तो ऑलरेडी है तो भैया बात तो ये आती है कि
  1407. 55:59संविधान में 164 भी ऑलरेडी कह रहा है कि
  1408. 56:02बैकवर्ड नॉन बैकवर्ड को नहीं मिलेगा बट वो
  1409. 56:04फॉलो होता है नहीं तो कोई चीजें फॉलो नहीं
  1410. 56:06हो रही है इसका मतलब यह थोड़ी है कि हम
  1411. 56:08डिमांड उठाना छोड़ देंगे कोई चीज फॉलो
  1412. 56:10नहीं हुई है तो उसको हमको इंप्लीमेंट
  1413. 56:12करवाना है ना कि यह सोच के बैठ जाना है कि
  1414. 56:14पहले फॉलो नहीं हुई तो अभी भी हम कुछ नहीं
  1415. 56:16बोलेंगे। हमको वह सिस्टम बनाना है कि 10
  1416. 56:18ईयर में फिर से रिव्यू हो और उसके लिए
  1417. 56:20प्रॉपर एक यू नो जो आयोग बने या जो भी एक
  1418. 56:24गाइडलाइंस बने या उसको बिल्कुल मतलब फ्रीज
  1419. 56:26कर दिया जाए कि ये होना ही होना है।
  1420. 56:28पार्लियामेंट में आप उसको अमेंडमेंट
  1421. 56:30निकलवाइए या जो भी करिए बट ये चीज होना
  1422. 56:32है। तो अगर आज तक नहीं हुआ है और लिखा हुआ
  1423. 56:35है तो इसका मतलब ये थोड़ी है कि हम अभी
  1424. 56:36नहीं बोलेंगे। हम तो बोलेंगे ही रिव्यु तो
  1425. 56:38होना ही है। रिव्यु के बिना किसी भी
  1426. 56:39पॉलिसी का मतलब क्या है? अगर आप अंधाधुंध
  1427. 56:42लोगों को देते चले जाओगे और उसका फायदा भी
  1428. 56:43नहीं देखोगे कि किसको फायदा हुआ, किसको
  1429. 56:45नहीं हुआ तो फिर फायदा क्या हुआ पॉलिसी
  1430. 56:47का? तो रिव्यु तो करना ही होगा। अ नाउ
  1431. 56:50कमिंग टू सनसेट क्लॉज़। तो देखिए सनसेट
  1432. 56:53क्लॉज़ तो ऑब्वियसली एक प्रपोजल है। इसमें
  1433. 56:56कितना टाइम लगेगा ये तो हम अभी नहीं बता
  1434. 56:58सकते हैं। हम तो नहीं बोल सकते ना कि अगले
  1435. 57:0050 साल में खत्म कर दो या 100 साल में
  1436. 57:02खत्म कर दो। तो इसको जैसे ही रिव्यू होते
  1437. 57:04जाएंगे। इसीलिए रिव्यू जो है उसके लिए
  1438. 57:06इंपॉर्टेंट है। जब हम रिव्यु करेंगे तो
  1439. 57:08हमको एक आईडिया लगेगा कि कितना फायदा हो
  1440. 57:10रहा है। कितनी जातियां हर साल बाहर जा रही
  1441. 57:12हैं और कितना टाइम लगेगा। अब जैसे-जैसे
  1442. 57:14जातियां बाहर जाएंगी वैसे-वैसे रिजर्वेशन
  1443. 57:16भी तो कम होगा। अगर एससी एसटी को पपुलेशन
  1444. 57:19प्रोपोशननेट रिजर्वेशन मिलता है। अगर
  1445. 57:20उसमें से डोमिनेंट कास्ट बाहर जाएंगी तो
  1446. 57:23उसके अंदर उसका पपुलेशन भी कम होगा ना
  1447. 57:25धीरे-धीरे। तो वैसे ही ओबीसी से भी जो
  1448. 57:27डोमिनेंट कास्ट बाहर जाएंगे तो उनका उस
  1449. 57:29हिसाब से जितने रह गए उस हिसाब से
  1450. 57:30पापुलेशन के हिसाब से परसेंटेज एडजस्ट
  1451. 57:33होता चला जाएगा और उसके बाद कम होता चला
  1452. 57:35जाएगा और फिर धीरे-धीरे तो एक एक प्लान
  1453. 57:37बनेगा बट द थिंग इज कि सनसेट क्लॉज़ में हम
  1454. 57:40ये एक बोल सकते हैं कि भैया दिस विल बी द
  1455. 57:43प्लान बट हाउ हाउ मच विल बी द ड्यूरेशन इट
  1456. 57:45इज़ टू अर्ली टू टेल बट व्हाट वी कैन
  1457. 57:48प्रपोज इज़ द मैकेनिज्म कि इस तरह से आप एक
  1458. 57:50मैकेनिज्म बनाओ एंड देन उसके बाद मे बी
  1459. 57:52आफ्टर 20 इयर्स आफ्टर टू रिव्यूज यू पुट अ
  1460. 57:55प्लान प्लान कि आप इसको ऐसेसे लेके जाओगे।
  1461. 57:58सो दैट इज़ देयर आर सर्टेन थिंग्स व्हिच आर
  1462. 58:00काइंड ऑफ़ ओपन एंडेड व्हिच आर अ लॉन्ग टर्म
  1463. 58:02विज़न। फॉर एग्जांपल इकोनॉमिक रिजर्वेशन पे
  1464. 58:05मूव करना है। इट इज़ अ लॉन्ग टर्म विज़।
  1465. 58:06सनसेट क्लॉज़ हमको कितने साल में क्या करना
  1466. 58:08है? दैट इज़ अ लॉन्ग टर्म विज़न। देयर आर
  1467. 58:10सर्टन व्हिच इज़ अ इमीडिएट एक्शन लाइक
  1468. 58:12रिमूवल ऑफ़ ओवर रिप्रेजेंटेड कास्ट सब
  1469. 58:14कैटेगराइज़ेशन क्रीमी लेयर। दीज़ आर दी करंट
  1470. 58:17अह करंट यू नो एक्शन आइटम्स। तो ये चीजों
  1471. 58:20को हमको थोड़ा सा समझना है कि कैसे लागू
  1472. 58:23करना है।
  1473. 58:24ओके एक जो अब आपका लास्ट है एससी एसटी
  1474. 58:27एक्ट रिफॉर्म्स
  1475. 58:30ज्यादातर लोग इससे एग्री कर रहे हैं। ठीक
  1476. 58:31है कि रिमूव्ड रिकॉर्निया प्रोविजंस जो
  1477. 58:342018 में ऐड हुए हैं वो वो सब हटाने के
  1478. 58:38लिए वो ठीक है। जेल टर्म पेनल्टीज फॉर फेक
  1479. 58:41केसेस वो भी ठीक है। नॉन मॉनिटरी कंपनसेशन
  1480. 58:45टिल केस प्रूवन इन कोर्ट यह भी ठीक है।
  1481. 58:47लास्ट वाला जो आपने रखा है इंट्रा कैटेगरी
  1482. 58:51केसेस टू आल्सो बी इंक्लूडेड
  1483. 58:54लाइक शेड्यूल कास्ट वर्सेस शेड्यूल कास्ट
  1484. 58:57शेड्यूल कास्ट वर्सेस शेड्यूल ट्राइबल या
  1485. 58:59फिर इस टाइप के जो आपने एग्जांपल दिया
  1486. 59:01यानी आप इंट्रा कास्ट मांग रहे हो मैम
  1487. 59:04आपको समझ नहीं आ रहा शायद मेरे को ये मेरी
  1488. 59:07लैंग्वेज नहीं है कुछ लोगों ने यह कहा है
  1489. 59:09मुझे कि नहीं यह क्यों नहीं समझ में आ रहा
  1490. 59:12है कि आप अभी ऑलरेडी जितने केसेस हैं उसका
  1491. 59:15काउंट बढ़वा दोगे अभी तो सिर्फ इतना आता
  1492. 59:18है ना कि एसटीएससी पर अत्याचार हुआ तो
  1493. 59:22मतलब इतना काउंट दिखा देते हैं ये लोग कि
  1494. 59:24भाई हजार केसेस आए 500 केसेस ऐसे आ गए। अब
  1495. 59:27जब एसटी एससी वालों का भी इंट्रा कास्ट
  1496. 59:29अगर जब रिकॉर्ड होना शुरू हो जाएगा तो
  1497. 59:33मुझे जहां तक याद है आप भी जानती हैं वो
  1498. 59:35आप एक प्यू रिपोर्ट है कि इंट्रा कास्ट
  1499. 59:38सबसे ज्यादा होता है तो आज जो 500 केसेस
  1500. 59:42रजिस्टर हो रहे हैं मेरे ख्याल से वो सीधे
  1501. 59:435 लाख केसेस रजिस्टर होने लग जाएंगे और ये
  1502. 59:46तो इस नैरेटिव को ही हेल्प करेगा कि
  1503. 59:50दलितों पर अत्याचार हो रहा है क्योंकि
  1504. 59:51नंबर ऑफ केसेस बढ़ जाएंगे अब ठीक है तो
  1505. 59:55इंट्रा कास्ट से क्या फायदा होगा क्यों लग
  1506. 59:58रहा है आपको कि है ना यह इससे इनफ ये तो
  1507. 1:00:00मतलब और मतलब है ना नेगेटिविटी फैलाएगा
  1508. 1:00:03समाज में मुझे नहीं लगता कि इससे कुछ खास
  1509. 1:00:05फायदा है पर क्या फायदा है आप एक बार
  1510. 1:00:07समझाइए हमें कि इंट्रास्ट से क्या होने
  1511. 1:00:09वाला है क्योंकि ये नंबर ऑफ केसेस बढ़
  1512. 1:00:10जाएंगे मैम मेरा एक मात्र कंसर्न है
  1513. 1:00:14हां हम आई थिंक हमारा
  1514. 1:00:17लोगों का ना लोग पीपल आर थिंकिंग इन
  1515. 1:00:19टर्म्स ऑफ नंबर्स एंड नॉट एज ह्यूमंस आई
  1516. 1:00:21थिंक पीपल शुड थिंक इन टर्म्स ऑफ
  1517. 1:00:23ह्यूमैनिटी आल्सो हमारा पर्पस क्या है
  1518. 1:00:26जातिवाद खत्म करना कि हमारा पर्पस है नंबर
  1519. 1:00:28को कम दिखाना। पहली बात तो ये। दूसरी बात
  1520. 1:00:30ये कि देखिए इंट्रा कास्ट जब होंगे तो वो
  1521. 1:00:33भी रिकॉर्ड होगा कि कौन अक्यूज्ड है और
  1522. 1:00:35कौन यू नो जो पीड़ित है। तो हमारा डिमांड
  1523. 1:00:38केवल ये नहीं है कि इंट्रा कास्ट आप
  1524. 1:00:40रिकॉर्ड करो। हमारा डिमांड ये भी है कि आप
  1525. 1:00:43एक्यूज़ की भी आइडेंटिटी वहां पर डालो। तो
  1526. 1:00:45अगर 5 लाख भी केस आएंगे तो उसमें ये
  1527. 1:00:47दिखेगा कि 499000
  1528. 1:00:50जो है वो आपके जो है वो इंट्रा कास्ट है
  1529. 1:00:53तो लोगों की आंखें तो खुलेंग कि कम से कम
  1530. 1:00:55देखिए ये जो जितने भी हो रहे हैं इनके आपस
  1531. 1:00:58में हो रहे हैं तो इसीलिए ये चीजें बहुत
  1532. 1:01:02जरूरी है क्योंकि अभी क्या हो रहा है कि
  1533. 1:01:03एक्यूज़ की आइडेंटिटी जो होती है वो लोग
  1534. 1:01:06मतलब रिकॉर्ड नहीं करते हैं तो सारा का
  1535. 1:01:09सारा इल्जाम जो है वो एंड द एंड जनरल
  1536. 1:01:11कैटेगरी पे आता है जबकि डाटा दिखाता है कि
  1537. 1:01:13सबसे ज्यादा मतलब जो भेदभाव होता है वो
  1538. 1:01:16आपस में ही रिजर्व कैटेगरी के बीच में
  1539. 1:01:18होता है। अब मैं यह बता दूं कि जब इंट्रा
  1540. 1:01:21कास्ट जो लोग कहते हैं मैं हमने 5 साल में
  1541. 1:01:24इतने इतने केसेस देखे हैं कि यहां पे एसपी
  1542. 1:01:28वर्सेस एसपी भी बहुत ज्यादा केसेस होते
  1543. 1:01:30हैं। मतलब हम देखेंगे तो हमारे जो एसपी की
  1544. 1:01:34एक जाति है वही दूसरी जातियों को गालियां
  1545. 1:01:36दे रही है और जाति के आधार पे गालियां दे
  1546. 1:01:38रही है। ऐसा नहीं है कि वो बोल रहे हैं कि
  1547. 1:01:40तुम गरीब हो इसलिए वो जाति के आधार पर
  1548. 1:01:42उनको गालियां दे रही है और जाति सूचक शब्द
  1549. 1:01:44उनके लिए यूज किया जा रहा है। जो जाति
  1550. 1:01:46सूचक शब्द जनरल कैटेगरी वाला अगर यूज करे
  1551. 1:01:49तो उसको एससी एसटी एक्ट में जेल होगी। वही
  1552. 1:01:52जातिचक शब्द अगर एससी कैटेगरी वाला एक
  1553. 1:01:54आदमी दूसरे एससी कैटेगरी वाले के लिए यूज़
  1554. 1:01:56करेगा तो उसको क्यों नहीं जेल होगी? वो भी
  1555. 1:01:58तो वही कर रहा है ना जो दूसरा दूसरा ओबीसी
  1556. 1:02:01या जीसी कर रहा है। तो रूल सबके लिए बराबर
  1557. 1:02:04होने चाहिए। और ऐसे केसेस बहुत ज्यादा
  1558. 1:02:06हैं। दूसरी बात यह कि एसटी वर्सेस एसटी
  1559. 1:02:08केसेस भी बहुत ज्यादा है। राजस्थान में
  1560. 1:02:10अगर आप जाएंगे तो वहां पे एसटी कैटेगरी
  1561. 1:02:12में कुछ जातियां हैं जो बैठ के एससी के
  1562. 1:02:14साथ भेदभाव करती हैं और नाम आ जाता है
  1563. 1:02:17जनरल कैटेगरी का। तो ये सारी चीजें
  1564. 1:02:19रिकॉर्ड होना ये पूरा मीडिया नैरेटिव जो
  1565. 1:02:21बना हुआ है जो पूरा लेफ्टिस्ट नैरेटिव बना
  1566. 1:02:23हुआ है उसको डीबंग करने के लिए सबसे
  1567. 1:02:25ज्यादा जरूरी है। क्योंकि हमको ये दिखाना
  1568. 1:02:27है कि भैया देखो आपस में जातिवाद कर कौन
  1569. 1:02:30रहा है। तो ये इसका मतलब ये नहीं है कि
  1570. 1:02:32केस इनक्रीस होंगे। इसका मतलब ये भी है कि
  1571. 1:02:34जितने केसेस इनक्रीस होंगे उसमें एक्यूज़
  1572. 1:02:36की भी आइडेंटिटी रिकॉर्ड होगी और ये
  1573. 1:02:38बताएगा कि देखिए 99% केसेस आपके अंदर से आ
  1574. 1:02:40रहे हैं। तो ये पूरा नैरेटिव ध्वस्त
  1575. 1:02:42करेगा। तो पहला पर्पस ये है कि जातिवाद
  1576. 1:02:45खत्म करना है तो सबके अंदर से जातिवाद
  1577. 1:02:47खत्म करना है। ये नहीं है कि केवल जनरल
  1578. 1:02:49कैटेगरी और ओबीसी से जातिवाद खत्म करना है
  1579. 1:02:51और एसटी और एससी में जो जातिवाद है वो
  1580. 1:02:53खत्म नहीं करना है। उनको भी खत्म करिए ना
  1581. 1:02:55आप। आप जातिवाद तो हर जगह से खत्म करेंगे।
  1582. 1:02:57सबके लिए क्राइटेरिया बराबर होनी चाहिए।
  1583. 1:02:59और दूसरी ये है कि हमको नैरेटिव भी करना
  1584. 1:03:01है कि ये केवल जनरल कैटेगरी वाले करते
  1585. 1:03:04हैं। तो इसीलिए
  1586. 1:03:05ठीक है?
  1587. 1:03:07लगभग सारे पॉइंट्स तो मैंने आपसे जो जो
  1588. 1:03:10कंसर्न्स रेज हुए थे वो पूछ लिए। अब एक
  1589. 1:03:12कंसर्न मेरा अपना है।
  1590. 1:03:15आपको पता है इस देश में इस साल का जो बजट
  1591. 1:03:18है एसटी, एससी, ओबीसी कल्याण का वो है
  1592. 1:03:20लगभग 3 करोड़ 40 लाख
  1593. 1:03:253.4 लाख करोड़ सॉरी हां 3.4 लाख करोड़ 340
  1594. 1:03:31हजार करोड़ का बजट है इनके लिए। नंबर भी
  1595. 1:03:33इतना बड़ा है कि मेरे से बोला नहीं जा
  1596. 1:03:35रहा। मेरी मैथ्स खराब नहीं है पर ये नंबर
  1597. 1:03:37नहीं बोला जा रहा मुझसे।
  1598. 1:03:40जनरल कैटेगरी के लिए आपने अपनी डिमांड में
  1599. 1:03:42कहीं भी यह नहीं मांगा है। अब फॉर
  1600. 1:03:45एग्जांपल देखिए अगर इसमें से आपकी एक दो
  1601. 1:03:47डिमांड गवर्नमेंट मान भी लेती है बाय चांस
  1602. 1:03:50फिर उसके बाद वह इस 3 लाख करोड़ के बजट को
  1603. 1:03:531000 करोड़ का बजट कर देंगे उधर वाले वर्क
  1604. 1:03:55को सेटिस्फाई करने के लिए तो कैसे इस चीज
  1605. 1:03:58को कैसे हैंडल करने वाले हैं हम लोग इस पर
  1606. 1:04:01जरा सा क्लेरिटी मुझे चाहिए कि जैसे क्या
  1607. 1:04:04होता है ना देखिए मैम इस देश में
  1608. 1:04:05पॉलिटिक्स ऐसे होती है शाहबानो केस हुआ था
  1609. 1:04:08तो हिंदू नाराज हुए तो हिंदुओं को खुश
  1610. 1:04:11करने के लिए राम मंदिर का ताला खोल दिया
  1611. 1:04:12था राजीव गांधी ने एसटीएससी एक्ट को जब
  1612. 1:04:16खतरनाक बनाया गया तो सवर्ण समाज नाराज हुआ
  1613. 1:04:19तो उनका मुंह बंद करने के लिए ईडब्ल्यूएस
  1614. 1:04:21की लॉलीपॉप पकड़ा दी गई। तो ये मंकी
  1615. 1:04:25बैलेंसिंग चलती है इधर है ना तो जैसे ही
  1616. 1:04:27अगर आपकी एक दो डिमांड बढ़ेगी तो बड़ा
  1617. 1:04:30सिंपल है उनके लिए और इसमें स्पेशली जो
  1618. 1:04:33नेता हैं जो पिछड़े जो जातिवादी नेता हैं
  1619. 1:04:35वो क्या करेंगे? उनके लिए सबसे फायदे की
  1620. 1:04:37चीज है ये कि भैया बजट बढ़ा दो क्योंकि वो
  1621. 1:04:39बजट वैसे भी जनता तक नहीं पहुंचाना
  1622. 1:04:40उन्हें। किसी दलित तक पिछड़े तक नहीं
  1623. 1:04:42पहुंचाना है उन्हें। बजट बढ़ेगा वो उनकी
  1624. 1:04:44जेब में जाएगा। तो मेरा सबसे बड़ा डर है
  1625. 1:04:46कि फाइनशियल हेल्प रिजर्व जनरल कैटेगरी को
  1626. 1:04:49ना मिलके सारा उधर की साइड डायवर्ट कर
  1627. 1:04:52देंगे। तो इसके बारे में आप लोगों ने
  1628. 1:04:54विचार क्यों नहीं किया और अगर किया तो
  1629. 1:04:56क्या है आगे मतलब किस तरीके से आप इसको
  1630. 1:04:58इंप्लीमेंट करने वाले हो? मुझे इस पर
  1631. 1:05:00थोड़ा सा एक अपना ओपिनियन बताइए।
  1632. 1:05:03यह ऑलरेडी लिखा हुआ है। आई थिंक एनसीजीसी
  1633. 1:05:06के अगर आप डिटेल वर्जन में जाएंगे तो वहां
  1634. 1:05:08पर हमने सेपरेट
  1635. 1:05:11यू नो बजट की डिमांड की हुई है। जो हमने
  1636. 1:05:14एनसीजीसी का डिटेल्ड वर्जन निकाला था
  1637. 1:05:16उसमें अगर आप देखेंगे तो वहां पे हमने
  1638. 1:05:17ईडब्ल्यूएस के लिए एक सेपरेट बजट की
  1639. 1:05:20डिमांड की है। हमने बोला है कि इनके लिए
  1640. 1:05:22भी एक बजट दिया जाए। जैसे बाकी वर्गों के
  1641. 1:05:24लिए आप सामाजिक उत्थान के लिए एक बजट देते
  1642. 1:05:26हैं। वैसे इनके लिए भी एक बजट दीजिए।
  1643. 1:05:28दूसरी बात हमने ये भी की है कि भाई जनरल
  1644. 1:05:30कैटेगरी को मतलब कास्ट बेस पे आप कोई भी
  1645. 1:05:33पॉलिसीज ना बनाएं। तो जो भी आप पॉलिसीज
  1646. 1:05:36बनाए सामाजिक न्याय के लिए पॉलिसीज बनाए
  1647. 1:05:38तो आपको इंश्योर करना है कि सारे गरीबों
  1648. 1:05:40तक सारे जो भी क्राइटेरिया है फुलफिल करने
  1649. 1:05:42वाले उन लोगों तक वो चीजें पहुंचे। तो
  1650. 1:05:45जैसे अभी हम देखते हैं कि पीएम आवास योजना
  1651. 1:05:47है उससे गरीब ब्राह्मण राजपूत को नहीं मिल
  1652. 1:05:49रहा है। बेचारे मतलब इतने बूढ़े बूढ़े लोग
  1653. 1:05:52जो है वो रो रहे हैं। उनके घर टूट रहे
  1654. 1:05:54हैं। पानी भर रहा है और उनको पीएम आवास
  1655. 1:05:56योजना में कोई प्राथमिकता नहीं मिलती है
  1656. 1:05:58और कैटेगरीज वालों को मिलती है। तो ऐसा
  1657. 1:06:00क्यों है? इतना भेदभाव क्यों है आपके पास?
  1658. 1:06:02मतलब जो अगर आप योजनाएं बना रहे हैं तो
  1659. 1:06:05गरीबों के लिए योजनाएं बनाते हैं ना कि आप
  1660. 1:06:07जाति देख के योजनाएं बनाते हैं। तो आपको
  1661. 1:06:10सारी योजनाओं में जनरल कैटेगरी के जो भी
  1662. 1:06:13यू नो गरीब लोग हैं उनको भी शामिल करिए और
  1663. 1:06:15कास्ट बेस से मूव करके आप एक जनरल पॉलिसी
  1664. 1:06:18बनाइए। तो हमारा एक डिमांड तो वो भी है जो
  1665. 1:06:20कि हमने एनसीजीसी के अंदर डाला हुआ है कि
  1666. 1:06:22भ आप सब जगह पे जनरल कैटेगरी के लोगों को
  1667. 1:06:25भी डालिए। मतलब अगर आप कोचिंग व्यवस्था
  1668. 1:06:27चला रहे हैं तो उनको भी डालिए जो वहां के
  1669. 1:06:29गरीब जो सूटेबल लोग हैं जो आप आवास योजना
  1670. 1:06:32बना रहे हैं तो यहां के भी गरीब लोगों को
  1671. 1:06:34डालिए तो उनका वो सारा डिमांड हमारा है
  1672. 1:06:36ऑलरेडी और फिर एस आई सेड कि डिटेल में फिर
  1673. 1:06:39बाद में बात होगी बट हमने सेपरेट बजट
  1674. 1:06:41मांगा हुआ है इसमें ऐसा नहीं है कि हमने
  1675. 1:06:43नहीं मांगा है
  1676. 1:06:44ठीक है
  1677. 1:06:45एक एक लास्ट क्वेश्चन अब मेरा मुस्लिम
  1678. 1:06:48समाज को मिलने वाला आरक्षण ओबीसी में आपके
  1679. 1:06:51रिमांड में मैंने देखा है वहां पे एक लिखा
  1680. 1:06:53हुआ है कि रिजर्वेशन शुड बी ओनली फॉर
  1681. 1:06:55हिंदू
  1682. 1:06:56पर ये सिर्फ और फिलहाल के लिए मेरे ख्याल
  1683. 1:06:59से इस वक्त भाजपा समर्थक भी चाहते हैं
  1684. 1:07:01यूपी इलेक्शन जब आ रहा है तो ये मुद्दा
  1685. 1:07:03उठा है कि मुस्लिम समाज को आरक्षण क्यों
  1686. 1:07:05मिलता है? मेरा कंसर्न इसमें एक साथ यह भी
  1687. 1:07:09है कि एसटी समाज में मुस्लिम है। एक
  1688. 1:07:11बालाकृष्ण करके एक आयोग बना था। तो अभी तक
  1689. 1:07:14रिपोर्ट उसने सबमिट किया नहीं है। अभी
  1690. 1:07:16उनकी रिपोर्ट प्रिपेयर हो गई है। जो
  1691. 1:07:17लेटेस्ट न्यूज़ मैंने पढ़ी थी। मुस्लिम
  1692. 1:07:19समाज को क्रिश्चियन समाज को मिलने वाले
  1693. 1:07:21आरक्षण के बारे में और ओबीसी समाज में जो
  1694. 1:07:23मिल रहा है मुस्लिम समाज को आरक्षण उसके
  1695. 1:07:25बारे में क्या राय है? कैसे इस पर इमीडिएट
  1696. 1:07:29काम किया जा सकता है? क्योंकि मेरे ख्याल
  1697. 1:07:31से ये तो भाजपा के अपने एजेंडे में भी
  1698. 1:07:32होना चाहिए कि वो मुस्लिम समाज को आरक्षण
  1699. 1:07:35ना दें। तो इस पर यह लास्ट क्वेश्चन है
  1700. 1:07:37जिस पर मैं चाहता हूं कि आप एक बार अपना
  1701. 1:07:40नो जनता को बताएं कि मुस्लिम समाज को
  1702. 1:07:42कितना आरक्षण मिल रहा है। जनता भी नहीं
  1703. 1:07:44जानती एक्चुअली मतलब हमारा अपना समाज भी
  1704. 1:07:46नहीं जानता है कि उनके हिस्से का आरक्षण
  1705. 1:07:47मुस्लिम समाज ले जा रहा है।
  1706. 1:07:50हां आई थिंक ये हमारे डिमांड में है कि जो
  1707. 1:07:54जो मुस्लिम्स मतलब जो नॉन हिंदू कास्ट है
  1708. 1:07:58ऐसा नहीं केवल मुस्लिम हमने क्रिश्चियंस
  1709. 1:08:00के लिए भी बोला है कि जो भी नॉन हिंदू
  1710. 1:08:02कास्ट है या फिर जो नॉन हिंदू हैं और या
  1711. 1:08:05फिर कन्वर्ट हो चुके हैं उन सबको आरक्षण
  1712. 1:08:07से बाहर किया जाए। तो इसमें ओबीसी भी आती
  1713. 1:08:10है और इसमें एसटी भी आता है। एसटी में तो
  1714. 1:08:12जैसे कि आप जानते हैं कि सीट फॉर यू नो नव
  1715. 1:08:15बौद्धों को मिलता है। तो इसके बारे में भी
  1716. 1:08:16हम डिमांड उठाएंगे क्योंकि नव बौद्धों को
  1717. 1:08:20बाद में 1990 में एक अमेंडमेंट लाके
  1718. 1:08:22प्रेसिडेंशियल ऑर्डर में उनको डाला गया था
  1719. 1:08:24वीपी सिंह द्वारा। ये भी पॉलिटिकल है।
  1720. 1:08:26इसका कोई रीजन नहीं था क्योंकि शुरू में
  1721. 1:08:281931 में ये डिसाइड हुआ था कि नवधों को
  1722. 1:08:31आरक्षण नहीं मतलब उसमें नहीं आएंगे। लेकिन
  1723. 1:08:34बाद में उनको डाल दिया गया। तो ये तो खैर
  1724. 1:08:37अलग बात है बट हां अभी हमारा ये इमीडिएट
  1725. 1:08:39डिमांड है कि जो आरक्षण जिनको मिल रहा है
  1726. 1:08:43उसमें दूसरे धर्म के लोगों को क्यों मिलना
  1727. 1:08:45चाहिए? तो सिंपल सी बात है कि अगर आप कोई
  1728. 1:08:48भी रिपोर्ट उठा के पढ़ लेंगे भले ही मंडल
  1729. 1:08:50कमीशन की रिपोर्ट हो या जो भी रिपोर्ट्स
  1730. 1:08:52बनती है उन हर जगह पे इन्होंने हिंदू धर्म
  1731. 1:08:55को बेस बना के आरक्षण दिया है तो इन्होंने
  1732. 1:08:58ये बोला है कि हिंदू धर्म के अंदर जातिवाद
  1733. 1:09:00होता था और सोशली इसलिए ये लोग बैकवर्ड रह
  1734. 1:09:03गए क्योंकि इनको ये नहीं मिला इनको वो
  1735. 1:09:05नहीं मिला तो ये सारी चीजें और कहानियां
  1736. 1:09:08सुना के कि मनुस्मृति में ये लिखा हुआ है
  1737. 1:09:11शंभुक वध हुआ था एकलव्य का अंगूठा काटा
  1738. 1:09:13गया ये सब लिख के रिपोर्ट में दिया गया
  1739. 1:09:16है। मंडल कमीशन में भी यही कहानियां लिखी
  1740. 1:09:18हुई है। तो जब यह सब अपने पूरे हिंदू धर्म
  1741. 1:09:22को डिमोनाइज करके एक तरह से जब आरक्षण
  1742. 1:09:25दिया है तो और वहां पे आप ये भी कह रहे हो
  1743. 1:09:28कि क्रिश्चियन मतलब जो ईसाई धर्म है और जो
  1744. 1:09:31मुस्लिम धर्म है वहां पे कोई कास्ट नहीं
  1745. 1:09:32होती और उनके बारे में एक शब्द नहीं लिखा
  1746. 1:09:35है। तो आप किस किस तरीके से आप उनको
  1747. 1:09:38आरक्षण दे रहे हो। मंडल कमीशन में ये खुद
  1748. 1:09:41ही उन्होंने लिखा है कि हमने मुस्लिम या
  1749. 1:09:43ईसाई समाज में कोई स्टडी नहीं की और
  1750. 1:09:45हमकोकि उनको आरक्षण देना था तो हमने एक रफ
  1751. 1:09:48एंड रेडी क्राइटेरिया बना दिया और हमने
  1752. 1:09:50क्या किया कि जो हिंदू कास्ट को हम दे रहे
  1753. 1:09:53हैं आरक्षण तो उसके बराबर जो सेम नाम वाली
  1754. 1:09:55कास्ट है मुस्लिम में हम उनको भी आरक्षण
  1755. 1:09:57दे देंगे। जैसे कि हिंदू में धोबी को आपने
  1756. 1:09:59दे दिया तो मुस्लिम में धोबी को आपने दे
  1757. 1:10:01दिया। बट आपने ये नहीं देखा कि हां आपने
  1758. 1:10:03हिंदू में धोबी को ये बोल के दिया कि उनके
  1759. 1:10:05साथ जातिवाद होता है बट मुस्लिम में तो
  1760. 1:10:07धोबी के साथ जातिवाद नहीं होता है और वो
  1761. 1:10:09तो ऑक्यूपेशन बेसिस पे है तो वहां पे तो
  1762. 1:10:11कोई ऑक्यूपेशन ऊपर नीचे तो ऐसा कोई
  1763. 1:10:13कांसेप्ट है नहीं इस्लाम में तो आप क्यों
  1764. 1:10:14दे रहे हो तो ये सारी चीजें जो थे अगर आप
  1765. 1:10:17कोई भी रिपोर्ट पढ़ने जाओगे तब आपको समझ
  1766. 1:10:19आएगा मैं एक यहां पे कोट करना चाहूंगी
  1767. 1:10:21काका कालेलकर की रिपोर्ट जो पहला बैकवर्ड
  1768. 1:10:24कमीशन था जिसकी रिपोर्ट एक्चुअली सब मतलब
  1769. 1:10:27उन्होंने एक्सेप्ट नहीं की थी और इनफैक्ट
  1770. 1:10:29काला काका कालेलकर ने भी खुद ही अपनी
  1771. 1:10:31रिपोर्ट मानने से मना कर दिया था। तो काका
  1772. 1:10:33कालेरकर के स्टेटमेंट मैं बताती हूं। वो
  1773. 1:10:36कहते हैं कि मुझे बहुत ही आश्चर्य हो रहा
  1774. 1:10:39है कि जो लोग जो है ये मुस्लिम और ईसाई जो
  1775. 1:10:42है ये लोग मेरे पास आकर कहते हैं कि हमारे
  1776. 1:10:44अंदर भी जातिवाद है। हमको आरक्षण दे दो।
  1777. 1:10:47इनके अंदर कोई जातिवाद या आरक्षण ऐसा है
  1778. 1:10:49नहीं। बट ये आरक्षण का लालच ऐसा है कि ये
  1779. 1:10:51लोग खुद आके मुझे बोल रहे हैं कि हमारे
  1780. 1:10:53अंदर जातिवाद है। और इसलिए ये अपने अंदर
  1781. 1:10:55जातिवाद खुद दिखा रहे हैं। तो मुझे खुद
  1782. 1:10:58हैरानी है ये देख के। तो ये काका कालेकर
  1783. 1:11:00का एक स्टेटमेंट आप पढ़िएगा उनकी रिपोर्ट
  1784. 1:11:02में जहां पे वो अपना स्टेटमेंट दे रहे हैं
  1785. 1:11:04वहां पे उन्होंने ये रिकॉर्ड किया है कि
  1786. 1:11:05उनके पास मुस्लिम और क्रिश्चियन लीडर्स
  1787. 1:11:07आके मिल रहे थे और कह रहे थे कि हम बाहर
  1788. 1:11:09रह जाएंगे हमको बहुत दिक्कत थोड़ी है हमको
  1789. 1:11:11डर लग रहा है कि हमको आरक्षण नहीं मिलेगा
  1790. 1:11:13तो हम भी बैकवर्ड है और हमारे अंदर भी
  1791. 1:11:14जातिवाद है कृपया हमको आरक्षण दीजिए तो इस
  1792. 1:11:17टाइप की जो है मतलब समझ सकते हैं कि लालच
  1793. 1:11:20ने लोगों में जातिवाद पैदा किया है आरक्षण
  1794. 1:11:22ने जातिवाद पैदा किया है जातिवाद की वजह
  1795. 1:11:24से आरक्षण नहीं है तो ये कांसेप्ट मतलब
  1796. 1:11:28मतलब इस ये तो एक मेजर कांसेप्ट हुआ।
  1797. 1:11:30दूसरी बात ये कि अगर आप हिस्टोरिकली भी
  1798. 1:11:32देख देखेंगे तो पिछले मतलब ऑलमोस्ट हजार
  1799. 1:11:35सालों में क्रिश्चियंस और मुस्लिम्स का
  1800. 1:11:37राज रहा है इस देश में और इन लोगों ने ही
  1801. 1:11:40यू नो राज किया है। तो जो राज किया है आप
  1802. 1:11:42उन लोगों को कैसे आरक्षण दे सकते हो? अगर
  1803. 1:11:45आप उनकी जो पूरी हिस्ट्री पढ़ेंगे अगर आप
  1804. 1:11:48औरंगजेब से ले यू नो बाबर और अकबरनामा और
  1805. 1:11:51ये सारी चीजें पढ़ेंगे तो वहां पे क्लियरली
  1806. 1:11:52जो उनका यू नो बायोग्राफीस जो उनकी है
  1807. 1:11:55उनके टाइम की वहां पे वो क्या बोलते हैं
  1808. 1:11:57कि हम जो लोग कन्वर्ट करते हैं मतलब
  1809. 1:11:59हिंदुओं पे जजिया टैक्स लगाया जाता था और
  1810. 1:12:01जो लोग कन्वर्ट करते थे उनको इनाम दिया
  1811. 1:12:03जाता था उनको कुछ पैसे दिए जाते थे उनको
  1812. 1:12:06प्रमोशन दिया जाता था उनको यू नो कुछ
  1813. 1:12:08रियासतें जागीर वगैरह दी जाती थी उनको
  1814. 1:12:11प्रेफरेंस दी जाती थी उनके साथ कुछ भी
  1815. 1:12:13मतलब गलत नहीं होता था और जो हिंदू थे जो
  1816. 1:12:15अपना धर्म पकड़ के बैठे थे उन पे टैक्स
  1817. 1:12:17लगाया जाता था। उनके साथ तो मतलब मैं बता
  1818. 1:12:20नहीं सकती हूं कि कैसे-कैसे उनके साथ
  1819. 1:12:22अट्रोसिटीज हुई है। तो जो लोग आप जिनको
  1820. 1:12:26आपने इनाम दिया जो कन्वर्ट हो गए और उस
  1821. 1:12:28समय वो बड़े मजे में जी रहे थे आप उनको
  1822. 1:12:30अभी ये बोल के दे रहे हो कि वो बैकवर्ड है
  1823. 1:12:32और उनको आरक्षण दे दो। तो ये लॉजिक ही
  1824. 1:12:34कहीं पे फिट नहीं होता है। तो इसीलिए जो
  1825. 1:12:37आरक्षण जिस पर्पस से था और जो आपने
  1826. 1:12:40फंडेबाजी दी है कि हिंदू धर्म इतना खराब
  1827. 1:12:42है कि उसकी वजह से आरक्षण देना चाहिए तो
  1828. 1:12:44फिर आप बाकी धर्म में जातिवाद नहीं है तो
  1829. 1:12:46क्यों दे रहे हो? तो सिंपल सी बात है
  1830. 1:12:50ठीक है अ प्रश्न तो बहुत है मैम और भी
  1831. 1:12:55बहुत सारे हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि
  1832. 1:12:57मैं आज इस फोरकास्ट पर वो सब कवर करूं
  1833. 1:12:59क्योंकि आज मैं स्पेसिफिकली आपका जो ये
  1834. 1:13:02डिमांड चार्टर जो आपने रिलीज किया है उससे
  1835. 1:13:04संबंधित जानकारी और उससे संबंधित जागरूकता
  1836. 1:13:06फैलाने के पपस से मैंने आपके साथ ये
  1837. 1:13:08फोरकास्ट किया है। बाकी प्रश्नों के लिए
  1838. 1:13:11उम्मीद है मैं आपसे दोबारा एक बार कनेक्ट
  1839. 1:13:13करूंगा। पर अभी हमसे जुड़ने के लिए
  1840. 1:13:16धन्यवाद। मैं आपको आपकी टीम को शुभकामनाएं
  1841. 1:13:19भी देता हूं और मैं जितने लोग आपसे जुड़े
  1842. 1:13:23हुए हैं बहुत सारे लोग आपसे जुड़े हुए हैं
  1843. 1:13:24पूरे समाज को भी शुभकामनाएं देता हूं कि
  1844. 1:13:26फाइनली वो लोग इस देश के हिंदू समाज को
  1845. 1:13:29बचाने के लिए देश को बचाने के लिए मेहनत
  1846. 1:13:33कर रहे हैं। एक चीज जो आप पर आरोप लगता है
  1847. 1:13:36मैं अपनी तरफ से लोगों को कहना चाहूंगा।
  1848. 1:13:39लोग कहते हैं कि ये नेहा दास जो है यह अब
  1849. 1:13:42मेहनत जातिवाद फैला रही है। हिंदू समाज के
  1850. 1:13:44बारे में ना सोचकर सवर्ण समाज जो हमेशा
  1851. 1:13:47हिंदू हितषी रहा है उसमें जातिवाद का जहर
  1852. 1:13:51घोल रही है कि उनको भी जातिवादी बना रही
  1853. 1:13:53है। तो मेरा उन लोगों को यह मैसेज है कि
  1854. 1:13:56आप क्या चाहते हो जो समाज हिंदू समाज को
  1855. 1:13:59जोड़कर चल रहा था वो धीरे-धीरे खत्म हो
  1856. 1:14:02जाए। अगर जब खत्म हो जाएगा ना तो जो लोग
  1857. 1:14:04ऑलरेडी हिंदू समाज को छोड़ चुके हैं वो
  1858. 1:14:08वैसे ही बचा कुचा हिंदुत्व खत्म कर देंगे।
  1859. 1:14:10तो नेहा जी और इनकी टीम जो कर रही है इस
  1860. 1:14:13देश के लिए वह असल में हिंदू समाज को
  1861. 1:14:17बचाने के लिए ही कर रही है। क्योंकि जो
  1862. 1:14:19लोग आरक्षण ले रहे हैं वो उनकी पूजा करते
  1863. 1:14:22हैं। मैं नाम नहीं लेता किसी का जिन्होंने
  1864. 1:14:24हिंदुत्व का जिन्होंने भगवान राम का कृष्ण
  1865. 1:14:26का गणपति जी का तिरस्कार किया है। तो
  1866. 1:14:30तिरस्कार करने वाले हिंदुत्व नहीं
  1867. 1:14:32बचाएंगे। हिंदुत्व वही बचाएंगे जो मेरिट
  1868. 1:14:35की बात करते हैं, जो समाज से जुड़े हुए
  1869. 1:14:37हैं, जो देश की चिंता करते हैं। तो अगर आप
  1870. 1:14:40लोगों को कभी कोई कहे कि नेहा दास और उनकी
  1871. 1:14:42टीम हिंदुत्व को कमजोर कर रही है, तो
  1872. 1:14:45उन्हें यह जरूर समझाइएगा कि जो जिनके
  1873. 1:14:48अगेंस्ट नेहा दास जी बोल रही हैं, वो
  1874. 1:14:50हिंदुत्व को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं।
  1875. 1:14:52उनसे प्रश्न जरूर पूछिएगा। धन्यवाद हमसे
  1876. 1:14:55जुड़ने के लिए। मैम बहुत-बहुत शुभकामनाएं
  1877. 1:14:57आपको। नमस्कार।

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