Revision Series: AS Level Business Chapter 29|Business Finance|9609| Sir Saifullah [Premium Lecture] — Transcript
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- 0:02तो यूनिट फाइ हमारा फाइनेंस डिपार्टमेंट
- 0:05के ऊपर बात करता है कि बेसिकली आपका जो
- 0:06फाइनेंस डिपार्टमेंट
- 0:09है वह बिजनेस के अंदर क्या करता है
- 0:12बेसिकली फाइनेंस डिपार्टमेंट जो है उसके
- 0:14बहुत सारे काम होते हैं बिजनेस में जैसे
- 0:16कि
- 0:17वो अपने ट्रांजैक्शन को रिकॉर्ड कर रहा
- 0:19होता है वो फाने फाइनेंशियल अकाउंट बना
- 0:22रहा होता है इनकम स्टेटमेंट पैलेंस शीट
- 0:25स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंसियल पोजीशन जिसे हम
- 0:26कहते ये चीज बना रहा होता है और साथ ही
- 0:28साथ वो सोर्सेस ऑ अरेंज कर रहा होता है
- 0:31बिजनेस के लिए अब सोर्सेस ऑफ फाइनेंस
- 0:33बेसिकली के बिजनेस के पास पैसे जो है व
- 0:35कहां से आ रहे हैं और यजली बिजनेस के पास
- 0:39पैसे जो है वो डिफरेंट सोर्सेस से ही आ
- 0:41रहे होते हैं वो सोर्सेस या तो इंटरनल
- 0:43होती है या तो एक्सटर्नल होती है तो इस
- 0:45चैप्टर में हम लोग यही डिस्कस करेंगे कि
- 0:47बेसिकली हाउ इज द मनी इन फ्लोइंग इन द
- 0:51कंट्री सॉरी इन द बिजनेस तो बिजनेस जो है
- 0:57उसको पैसों की सबसे पहले तो रिक्वायरमेंट
- 0:59क्
- 1:01बिजनेस को पैसों की रिक्वायरमेंट इसलिए
- 1:03होती है साहिर सी बात है टू सेट अप द
- 1:05बिजनेस आपको जो है वह स्टार्ट अप कैपिटल
- 1:08की नीड होती है व्ट इ स्टार्ट अप कैपिटल
- 1:09इट इ द कैपिटल ट नीडेड टू स्टार्ट अप द
- 1:12बिजनेस तो स्टार्ट अप करने के लिए आपको
- 1:15कैश की जरूरत होती है ताकि आप अपने
- 1:17एसेंशियल इक्विपमेंट परचेस कर सको
- 1:20प्रेमिसेस वगैरह खरीद सको लेबर को हायर कर
- 1:23सको र मटेरियल कंपोनेंट गगर खरीद सको ट फट
- 1:27ल एक्सपेंसेस टू मीट यू नीड स्टार्ट अप
- 1:30कैपिटल सेकंड ऑल बिजनेसेस नीड फाइनेंस टू
- 1:33फॉर देर वर्किंग कैपिटल ना व्हाट इज
- 1:34वर्किंग कैपिटल वर्किंग कैपिटल इज द
- 1:37कैपिटल दैट इज अवेलेबल टू पे द डे टू डे
- 1:39एक्सपेंसेस अपने रोज के खर्चों को पे ऑफ
- 1:43करने के लिए आपको क्या चाहिए होता है
- 1:45वर्किंग कैपिटल चाहिए होता है तो वर्किंग
- 1:47कैपिटल इज आल्सो नीडेड इन द बिजनेस और
- 1:50इसको भी सोर्स करने के लिए आपको पैसों की
- 1:52जरूरत होती है थर्डली व्हेन बिजनेस
- 1:55एक्सपेंड फर्द फाइनेंस विल बी नीडेड अब जब
- 1:57बिजनेस एक्सपेंड करता है तो जाहिर सी बात
- 1:59है एक्सपेंशन में उसको और ज्यादा कैपिटल
- 2:01इक्विपमेंट खरीदना पड़ता है और ज्यादा
- 2:03लेबर रखनी पड़ती है और ज्यादा जो है वो
- 2:06प्रेमिसेस वगैरह खरीदने पड़ते हैं तो
- 2:08बेसिकली व्हेन द बिजनेस एक्सपेंड इट्स
- 2:11प्रेमिसेस या दूसरी जगह प जाके वो अपना
- 2:13बिजनेस खोलता है तो उसके लिए भी क्या
- 2:15चाहिए पैसे
- 2:17चाहिए फोर्थ वी हैव एक्सपेंशन कैन बी अचीव
- 2:20बाय टेकिंग ओवर द अदर बिजनेस एज वेल तो
- 2:22अगर आप एक्सपेंड कर रहे हो अपनी खुद की
- 2:24ब्रांच खोल के नहीं बल्कि किसी और को टेक
- 2:26ओवर कर रहे हो तो टेक ओवर भी जो है वो
- 2:28पैसों का होता है मुफ्त का नहीं होता था
- 2:30उसके लिए भी आपको क्या चाहिए पैसे की
- 2:31जरूरत पड़ती है देन स्पेशल सिचुएशंस अब
- 2:36स्पेशल सिचुएशंस क्या है जैसे कोई वॉर हो
- 2:38गई अगर कंट्री के अंदर तो वॉर जब होती है
- 2:41कंट्री के अंदर तो उसके अंदर आपकी सेल्स
- 2:43बहुत जीरो हो जाती है और आपकी आपको बस वो
- 2:45पीरियड सरवाइव करना होता है जैसे कोविड आ
- 2:48गया था अभी 2019 में कोविड वाज अ स्पेशल
- 2:51सिचुएशन वेयर द वर्ल्ड इ वाज इन द पैंमिकन
- 2:55जो है वो रुक गई थी और कोई भी रेवेन्यू
- 2:58वगैरह जो है वो इतना ज्यादा जनरेट
- 3:00नहीं हो रहा था बिजनेसेस के लिए टू सरवाइव
- 3:03इन दैट सिचुएशन इन दस सिचुएशन यू नीड
- 3:06फाइनेंस ताकि आप इस सिचुएशन से जब निकल आओ
- 3:09एंड देन यू कैन स्टार्ट अर्निंग रेवेन्यू
- 3:11बट
- 3:17अंटच्ड यू नीड
- 3:20फाइनेंस एंड अपार्ट फ्रॉम परचेसिंग फिक्स
- 3:22एसेट फाइनेंस इ ऑफ यूज टू पे फॉर रिसर्च
- 3:24एंड डेवलपमेंट एस वेल आपको पैसों की जरूरत
- 3:27होती है ताकि आप रिसर्च एंड डेवलपमेंट कर
- 3:29सको नए प्रोडक्ट्स के अंदर नई मार्केटिंग
- 3:31स्ट्रेटेजी के अंदर आप इन्वेस्ट कर सको सो
- 3:34यू नीड टू रिसर्च द मार्केट यू नीड टू
- 3:36डेवलप न्यू प्रोडक्ट्स एंड फॉर दैट यू
- 3:39आल्सो नीड फाइनेंस सो दीज आर द सिक्स मेन
- 3:42रीजंस व्हाई फाइनेंस इज नीडेड इन द बिजनेस
- 3:45फॉर द स्टार्टअप कैपिटल फॉर योर वर्किंग
- 3:47कैपिटल टू पे योर डे टू डे एक्सपेंसेस फॉर
- 3:50एक्सपेंडिंग योर ओन प्रेमिसेस ओन ब्रांड
- 3:52नेम को आप एक्सपेंड कर ो डिफरेंट एरियाज
- 3:54में फॉर टेकिंग ओवर अदर बिजनेसेस फॉर
- 3:57स्पेशल सिचुएशन सच एज वर एंड कोविड
- 4:00और रिसेशन एंड आल्सो फॉर रिसर्च एंड
- 4:03डेवलपमेंट इनटू न्यू प्रोडक्ट्स एंड न्यू
- 4:06स्ट्रेटेजी नाउ देर इज अ डिफरेंस बिटवीन
- 4:09एक्सपेंडिचर्स एंड यूजुअली बिजनेस के अंदर
- 4:11यह दो तरीके के एक्सपेंडिचर्स आपके आते
- 4:13हैं देर इज अ कैपिटल एक्सपेंडिचर एंड अ
- 4:17रेवेन्यू एक्सपेंडिचर व्हाट इज द डिफरेंस
- 4:19बिटवीन कैपिटल एंड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर
- 4:21कैपिटल एक्सपेंडिचर इज द परचेस ऑफ एसेट्स
- 4:24दैट आर एक्सपेक्टेड टू लास्ट फॉर मोर दन
- 4:26वन ईयर सच एज बिल्डिंग एंड मशीनरी जब भी
- 4:29आप कोई एसेट खरीदते हो और वो उसके ऊपर जब
- 4:32खर्चा करते हो उस एसेट के ऊपर उसको खरीदने
- 4:34का तोव खर्चा आपका एक साल से ज्यादा का
- 4:37होता है फॉर एग्जांपल आप कोई भी लेटस सपोज
- 4:39अपना फिक्स एसेट खरीदते हो कोई मशीनरी
- 4:41खरीदते हो आप टू मैन्युफैक्चर योर गुड्स
- 4:44वो मशीनरी जो है वो एक साल से ज्यादा आपके
- 4:46बिजनेस के अंदर ऑपरेट करती है वो बहुत देर
- 4:49में जाकर खराब होती है और उसके ऊपर जब आप
- 4:51दोबारा खर्चा करोगे तो वह काफी सालों बाद
- 4:53करोगे ऐसा नहीं है एक मशीन आप लेकर आए हो
- 4:56और एक महीने में वो खराब हो गई अब आप
- 4:57दूसरी मशीन खरीदने जा रहे हो नहीं मशीनस
- 5:00आर इन वारंटीज एंड उनकी अपनी वारंटी होती
- 5:02है और वो अगर खराब भी हो जाए तो वो
- 5:04रिप्लेस हो जाती है चेंज हो जाती है विद
- 5:05इन दैट स्पेसिफिक अमाउंट दैट यू हैव
- 5:07ऑलरेडी पेड कैपिटल एक्सपेंडिचर होता है
- 5:10आपका बड़ा खर्चा वो खर्चा जो आप एसेट्स
- 5:13खरीदने पे करते हो और वो खर्चा जो कि
- 5:16बार-बार नहीं आता यह सालों में एक बार आता
- 5:19है राइट ऑन द कांट्रेरी रेवेन्यू
- 5:22एक्सपेंडिचर क्या होता है यह आपका डे टू
- 5:25डे एक्सपेंस होता है यह खर्चा आपका डेली
- 5:27आता है तो वो खर्चे जो आपके डेली आते जैसे
- 5:30रॉ मटेरियल खरीदा था आपने उस सप्लायर को
- 5:33पैसे दे दिए सैलरीज एंड वेजेस पे कर दी
- 5:35सही है आपने रेंट पे कर दिया बिजली का बिल
- 5:38पे कर दिया यह सारे क्या है आपके रेवेन्यू
- 5:40एक्सपेंडिचर है सो ट पे ऑफ बोथ
- 5:43एक्सपेंडिचर एस वेल द बिजनेस रिक्वायर
- 5:45फाइनेंस कैपिटल एक्सपेंडिचर को भी पे ऑफ
- 5:47करने के लिए पैसों की जरूरत होती है
- 5:49रेवेन्यू एक्सपेंडिचर को भी पे ऑफ करने के
- 5:51लिए पैसों की जरूरत होती
- 5:54है फर हमने अभी वर्किंग कैपिटल डिस्कस करा
- 5:57तो वर्किंग कैपिटल होता क्या है देखिए
- 6:00वर्किंग कैपिटल इज वेरी इंपोर्टेंट फॉर
- 6:02एवरी बिजनेस अब फाइनेंस डिपार्टमेंट जो है
- 6:05वो वर्किंग कैपिटल को बहुत इफेक्टिवली
- 6:07मैनेज करने की कोशिश करता है द रीजन
- 6:09बिहाइंड वर्किंग कैपिटल को इफेक्टिवली
- 6:11मैनेज आपको इसलिए करना पड़ता है क्योंकि
- 6:12वर्किंग कैपिटल आपका वो पैसा होता है जो
- 6:15कि आपको डे टू डे एक्सपेंसेस को पे ऑफ
- 6:18करने के लिए चाहिए होता है और जहां पर
- 6:21आपका वर्किंग कैपिटल डिक्रीज हो गया या
- 6:23खत्म हो गया फिर आपका बिजनेस बंद हो जाएगा
- 6:27क्यों क्योंकि इफ यू डोंट हैव द मनी टू पे
- 6:29ऑफ योर डे टू डे एक्सपेंसेस योर बिजनेस
- 6:32विल नॉट बी एबल टू सरवाइव फॉर एग्जांपल
- 6:34सप्लायर को पैसे देने के लिए पैसे नहीं है
- 6:36आपके पास तो सप्लायर को पैसे देने के लिए
- 6:38पैसे नहीं है तो आपका बिजनेस बंद हो जाएगा
- 6:41सप्लायर उससे जो है वो सप्लाई करना बंद कर
- 6:43देगा और बिजनेस जो है वो फिर कैसे बनाएगा
- 6:45गुड्स सेकंड लेबर को वेजेस देने के लिए
- 6:48पैसे नहीं है तो लेबर जो है वो काम नहीं
- 6:50करेगी छोड़ के चली जाएगी लेबर छोड़ के चली
- 6:52जाएगी तो काम कौन करेगा बिजनेस में तो
- 6:54बिजनेस के ऑपरेशन जो है वो रुक सकते हैं
- 6:56अगर बिजनेस के पास वर्किंग कैपिटल नहीं है
- 7:00सो वर्किंग कैपिटल इज लाइक द लाइफ ब्लड ऑफ
- 7:02द बिजनेस जैसे इंसान है इंसान के जिस्म
- 7:05में खून है अब इंसान जो है वो इस खून जो
- 7:07ये पंप होता रहता है थ्रू आउट आपकी नर्व्स
- 7:09चलता रहता है जबी आपका जो है वो इंसान चल
- 7:12रहा होता है ऑपरेट कर रहा होता है लेकिन
- 7:14आप सारा ये खून निकाल दो तो इंसान जो है
- 7:16वो मर जाएगा इसी तरह बिजनेस का वर्किंग
- 7:19कैपिटल भी उसकी लाइफ ब्लड की तरह होता है
- 7:21बिजनेस में वर्किंग कैपिटल रहेगा बिजनेस
- 7:23ऑपरेट करता रहेगा चलता रहेगा चलता रहेगा
- 7:25लेकिन जहां आपने वर्किंग कैपिटल को जीरो
- 7:27कर दिया वहां पे आपका बिजनेस जो है वो बंद
- 7:30होना शुरू हो
- 7:31जाएगा सो वर्किंग कैपिटल इज वेरी एसेंशियल
- 7:35एंड वर्किंग कैपिटल हाउ इट इज कैलकुलेटेड
- 7:37इन द बिजनेस तो वर्किंग कैपिटल कैलकुलेट
- 7:39करने का फार्मूला है ट इज करंट एसेट माइनस
- 7:42करंट लायबिलिटी व्हाट आर करंट एसेट्स करंट
- 7:45एसेट्स आर योर शॉर्ट टर्म एसेट्स ये वो
- 7:48एसेट्स होते हैं जिनकी ओनरशिप आपकी होती
- 7:50है लेकिन एक साल के अंदर-अंदर ओनरशिप होती
- 7:52है एक साल बाद इनकी ओनरशिप खत्म हो जाती
- 7:54है आपकी सो करंट एसेट्स आर बेसिकली दोस
- 7:57एसेट्स च आर ओन फॉर पीरियड ऑफ टाइम एंड
- 8:01करंट लायबिलिटीज आर द डेट्स ऑफ द बिजनेस
- 8:03बिजनेस जो उधार लि बिजनेस ने लेकिन वो
- 8:06उधार जो है वो शॉर्ट टर्म के लिए कोई कम
- 8:08टाइम के लिए उधार लिया हुआ है तो जब आप कम
- 8:11टाइम के लिए उधार लेते हो उसको हम कहते
- 8:13हैं करंट लायबिलिटी तो करंट एसेट में से
- 8:15आप जब करंट लायबिलिटी माइनस करते हो तो जो
- 8:18पैसा आपके पास बचता है दैट इज बेसिकली योर
- 8:20वर्किंग कैपिटल एंड दैट इज यूज टू पे ऑफ
- 8:23योर डे टू डे एक्सपेंसेस सो अगर आपके पास
- 8:26सफिशिएंट वर्किंग कैपिटल नहीं होगा तो यू
- 8:29कैन नॉट पे योर सप्लायर्स यू कैन नॉट पे
- 8:32योर लेबर यू कैन नॉट पे योर रेंट यू कैन
- 8:35नॉट पे योर हीट एंड लाइट एक्सपेंसेस बिजली
- 8:38का बिल वगैरह नहीं पे कर सकते एंड दैट इज
- 8:40वई योर वर्किंग कैपिटल बिल इज एन एसेंशियल
- 8:44पार्ट फॉर योर बिजनेस ताकि बिजनेस चलता
- 8:47रहे बिजनेस ऑपरेट करता
- 8:49रहे नाउ यूजुअली बिजनेस के पास पैसे कहां
- 8:52से आएंगे तो बिजनेस के पास दो तरीके से
- 8:55पैसे आते हैं देर आर इंटरनल सोर्स ऑफ
- 8:57फाइनेंस एंड देर आर एक्सटर्नल सोर्स ऑफ
- 9:00फाइनेंस इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस क्या
- 9:02होता है बच्चों इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस
- 9:04इज द फाइनेंस दैट इज जेनरेटेड फ्रॉम विद
- 9:06इन द बिजनेस वो पैसा जो कि बिजनेस के अंदर
- 9:09से ही जनरेट कर लेते हो आप सो दैट इज
- 9:11बेसिकली योर इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस स
- 9:15फर्स्ट वन इज फॉर प्रॉफिट रिटेन इन द
- 9:16बिजनेस बिजनेस को जो प्रॉफिट बच जाते हैं
- 9:19आफ्टर पेइंग ऑल द एक्सपेंसेस ऑल द
- 9:21डिविडेंड सारे खर्चे पे करने के बाद जो
- 9:24पैसे बिजनेस के अंदर बच जाते हैं
- 9:27दोस दैट मनी इ बेसिकली प्रॉफिट और वो
- 9:30प्रॉफिट आप इस्तेमाल करते हो इन ऑर्डर टू
- 9:33रिइन्वेस्ट इन द बिजनेस तो बेसिकली वो जो
- 9:36प्रॉफिट आप रिइन्वेस्ट कर रहे हो वो क्या
- 9:38आपका सोर्स ऑफ फाइनेंस सो प्रॉफिट कहां से
- 9:41जनरेट होता है बिजनेस के अंदर से जनरेट
- 9:43होता है आफ्टर एक्सपेंस ल द एक्सपेंसेस आर
- 9:45पेड तोय बिजनेस का अपना ही अमाउंट होता है
- 9:48अपना ही प्रॉफिट होता है अपना ही जो नका
- 9:50प्रॉफिट होता है जो कि य रिइन्वेस्ट कर
- 9:52रहे होते हैं सो दिस न इंटरनल सोर्स ऑफ
- 9:54फाइनेंस देन वी हैव सेल ऑफ एसेट्स अब बहुत
- 9:57सारे ऐसे एसेट होते बिजनेस के अंदर जो
- 9:59इनका यूज खत्म हो जाता है जो कि पुराने हो
- 10:02जाते हैं या तो खराब हो जाते हैं तो
- 10:04यूजुअली फिर वो एसेट्स जो है वो बिजनेस के
- 10:06कोई काम केलिए रहते हैं और उन एसेट्स को
- 10:08बेच के आप जो है वो पैसे रिकवर कर सकते हो
- 10:11थोड़ा बहुत कैश बिजनेस के अंदर आ सकता है
- 10:14तो एसेट को बेचने के बाद आपके बिजनेस के
- 10:16अंदर जो है वो पैसा आता है क्योंकि एसेट
- 10:18जो है वो आप मार्केट में एट अ सर्टेन
- 10:20प्राइस सेल करते हो तो बिजनेस के अंदर कैश
- 10:22आएगा और वो कैश बिजनेस इस्तेमाल कर सकता
- 10:24है इन पेइंग ऑफ इट्स डे टू डे एक्सपेंसेस
- 10:27और इन परचेसिंग एनी अदर एसेट
- 10:30देन वी हैव रिडक्शन इन वर्किंग
- 10:32कैपिटल अब वर्किंग कैपिटल में रिडक्शन
- 10:35मतलब के आप जो है वो इन्वेंटरी की स्टोरेज
- 10:38कम कर दे इन्वेंटरी की स्टोरेज कम करेंगे
- 10:41तो क्या होगा कि आपके पास कैश ज्यादा
- 10:43रहेगा और इन्वेंटरी जो है व आपकी क्योंकि
- 10:46इन्वेंटरी जो है उसमें पैसा आपका हमेशा
- 10:48फसा रहता है जब तक इन्वेंटरी सेल नहीं
- 10:50होगी इन्वेंटरी जो है वह आपको पैसा रिकवर
- 10:53करके नहीं देगी तो इन्वेंटरी अगर आप कम
- 10:56कैश में रखोगे ना तो बिजनेस के पास कैश
- 10:58मौजूद होगा वो कैश किसी और जगह पर लगा
- 11:00सकता है तो इसलिए होल्डिंग लेस लेवल ऑफ
- 11:03इन्वेंटरी सेलिंग लेस ऑन क्रेडिट आप
- 11:06क्रेडिट पर कम बेचेंगे अगर फॉर एग्जांपल
- 11:08आपका कोई कस्टमर आता है वो हमेशा आपसे
- 11:10उधार पर खरीद के लेकर जाता है तो उधार अगर
- 11:12आप बंद कर दोगे तो क्या होगा कि कस्टमर को
- 11:15कैश पही खरीदना पड़ेगा तो बिजनेस में कैश
- 11:17आता रहेगा और बिजनेस जो है व उस कैश को
- 11:19इस्तेमाल करता रहेगा टू पे ऑफ द अदर डे टू
- 11:22डे एक्सपेंसेस तो बेसिकली देखा जाए तो
- 11:24इन्वेंटरी को स्टोरेज कम करने से और
- 11:28कस्टमर से जल्दी पैसे मांगने से आपका
- 11:31जो कैश ज्यादा आएगा बिजनेस में और इसकी
- 11:35वजह से आपका वर्किंग कैपिटल भी जो है व
- 11:37रिड्यूस होगा बिकॉज यू विल बी कीपिंग लेस
- 11:40क्रेडिट कस्टमर तो आपका रिसी वेबल कम हो
- 11:42जाएगा यू विल बी कीपिंग लेस अमाउंट ऑफ
- 11:45इवेंट तो आपकी इन्वेंटरी कम हो जाएगी और
- 11:47उसकी वजह से वर्किंग कैपिटल तो रिड्यूस
- 11:48होगा लेकिन अल्टीमेटली कैश आपके पास होगा
- 11:51वो कैश आप कहीं और इस्तेमाल कर सकते हो
- 11:54बिजनेस का एक्सपेंशन में इस्तेमाल कर सकते
- 11:56हो बिजनेस के दूसरे एसेट खरीदने में
- 11:58इस्तेमाल कर सकते सते हो सो दैट इज आल्सो
- 12:00अ सोर्स ऑफ
- 12:02फाइनेंस नाउ द बेनिफिट्स ऑफ इंटरनल
- 12:04सोर्सेस ऑफ फाइनेंस अब ये जितने भी इंटरनल
- 12:06सोर्सेस ऑफ फाइनेंस है इनका फायदा यह है
- 12:08कि देयर इज नो डायरेक्ट कॉस्ट टू द बिजनेस
- 12:11व्हाट डू वी मीन बाय डायरेक्ट
- 12:15कॉस्ट
- 12:17हम लोन लेते हैं तो लोन के साथ एक
- 12:21डायरेक्ट दैट इज इंटरेस्ट हम लोग जब
- 12:24शेयर्स इशू करते हैं तो शेयर्स के साथ एक
- 12:26डायरेक्ट कॉस्ट अटैच होती है दैट इज
- 12:27डिविडेंड्स डिविडेंड्स पे करने होंगे
- 12:29लेकिन यहां पे देखें देर इज नो डायरेक्ट
- 12:30कॉस्ट प्रॉफिट आपका अपना है एसेट बेचो
- 12:32अपना है रिटेन वर्किंग कैपिटल में रिडक्शन
- 12:35करो ये भी अ अपना ही व है तो इसके साथ कोई
- 12:38कॉस्ट एसोसिएटेड नहीं होती सो देयर इज नो
- 12:40डायरेक्ट कॉस्ट विच इंप्रूव्स द कैश फ्लोज
- 12:42ऑफ द बिजनेस के बेसिकली बिजनेस का कोई कैश
- 12:45फ्लो नहीं होता थ्रू इंटरनल सोर्स ऑफ
- 12:48फाइनेंस सेकंड इंटरनल फाइनेंस डज नॉट
- 12:50इंक्रीज द लायबिलिटीज और डेट्स ऑफ द
- 12:53बिजनेस अब आप लोन लेने जाते हो अगर तो लोन
- 12:55आपका क्या बढ़ाएगा लायबिलिटी और डेट
- 12:57बढ़ाएगा लेकिन यहां पे इंटरनल सोर्स ऑफ
- 13:00फाइनेंस में ये तीनों मेथड में आपका कभी
- 13:02भी जो है वह ना ही लायबिलिटी बढ़ती ना ही
- 13:05डेट
- 13:06बढ़ता एंड देयर इज नो रिस्क ऑफ लॉस ऑफ
- 13:09कंट्रोल बाय द ओरिजिनल ओनर्स और द एज देयर
- 13:11इज नो शेयर्स सोल्ड तो शेयर बेचने में एक
- 13:15और नुकसान आपको फेस करना पड़ता है दैट इज
- 13:17के ओनरशिप और कंट्रोल आपका जा सकता है
- 13:20लेकिन यहां पे ओनरशिप और कंट्रोल आपका
- 13:22नहीं जा रहा बिकॉज़ आपके इंटरनल सोर्स ऑफ
- 13:25फाइनेंस में देयर इज नो एक्सटर्नल बॉडी
- 13:27इवॉल्वड व्हिच कैन टेक ओवर र बिजनेस और
- 13:30टेक ओवर द
- 13:31कंट्रोल हाउ एवर डिसएडवांटेजेस क्या है इट
- 13:34इ नॉट अवेलेबल फॉर ल द कंपनी फॉर एपल वो
- 13:38कंपनी जो कि लॉस कर रही है उसके पास तो
- 13:40प्रॉफिट होगा ही नहीं व कंपनी जो वर्किंग
- 13:43कैपिटल नहीं रख रही उसके पास वर्किंग
- 13:45कैपिटल में रिडक्शन का ऑप्शन ही नहीं होगा
- 13:47और वो कंपनी जो
- 13:49के जिसके पास कोई एसेट नहीं है सही तो वो
- 13:52कंपनी जो है वो कैसे बेच के एसेट रिकवर
- 13:55करेगी तो आपके जो इंटरनल सोर्सेस ऑफ
- 13:57फाइनेंस है मोस्टली नॉट अवेलेबल फॉर ल द
- 14:00बिजनेसेस सेकली न्यूली फॉर्म वनस और
- 14:03अनप्रॉफिटेबल
- 14:04वनस विथ फ्यू स्पेयर एसेट्स विल नॉट बी
- 14:07अवेलेबल विल नॉट बी एबल टू यूज इंटरनल
- 14:09सोर्स ऑफ फाइनेंस अब फॉर एग्जांपल आपके नए
- 14:12कस्टमर्स बने तो नए कस्टमर्स अगर आपके है
- 14:14तो पहली बात आपका रेवेन्यू जनरेट ही नहीं
- 14:17होगा तो प्रॉफिट कैसे होगा आपको फिर वो
- 14:19बिजनेस जिनके पास कोई स्पेयर एसेट नहीं है
- 14:21वो एसेट जितने भी है बिजनेस के अंदर वो
- 14:23सारे इस्तेमाल में है तो वो कैसे बेच के
- 14:26एसेट को पैसे रेज करेंगे एंड डिपेंडिंग ऑन
- 14:30इंटरनल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस फॉर एक्सपेंशन
- 14:31कैन स्लो डाउन बिजनेस ग्रोथ अब यूजुअली जो
- 14:34आपके इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस होते हैं ना
- 14:36ये काफी लिमिटेड होते हैं काफी छोटे
- 14:38अमाउंट्स होते हैं राइट एसेट कितने का
- 14:40बिकेगा एक यूज्ड एसेट्स की वैल्यू कम होती
- 14:42है प्रॉफिट बिजनेस कितने ही कमा लेगा तो
- 14:45यूजुअली द अमाउंट दैट इज अवेलेबल इन द
- 14:48इंटरनल सोर्सेस दज आर ऑफें वेरी लो और यह
- 14:52लो अमाउंट होने की वजह से अगर आप सिर्फ
- 14:53इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस इस्तेमाल करते
- 14:55रहोगे अपने बिजनेस ग्रोथ के लिए तो फिर ये
- 14:58लो अमाउंट्स आपके बिजनेस ग्रोथ को स्लो
- 15:00डाउन कर देंगे क्योंकि आपके पास पैसे पहले
- 15:03जमा करने पड़ेंगे आपको जब बहुत सारे पैसे
- 15:05जमा होंगे फिर आप एक्सपेंड करेंगे फिर
- 15:07दोबारा वेट करेंगे पैसे जमा होने का फिर
- 15:09आप एक्सपेंड करेंगे सो इट इज क्वाइट अ
- 15:11स्लो प्रोसेस तो इंस्टेड ऑफ दैट यू कैन गो
- 15:14फॉर एक्सटर्नल सोर्स ऑफ फाइनेंस ताकि आपकी
- 15:16एक्सपेंशन वगैरह जो है वो तेजी से होती
- 15:20रहे देन वी हैव एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ
- 15:24फाइनेंस और एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस
- 15:26को यूजुअली हम क्लासिफाई करते हैं इनटू द
- 15:28टाइम पीरियड
- 15:29देर ज शॉर्ट टर्म सोर्स देर ज मीडियम टर्म
- 15:33सोर्स एंड देर ज लंग टर्म सोर्स अ शर्ट
- 15:36टर्म सोर्स विदन यर मतलब यह आपका जो पैसा
- 15:39है यह आपको मिलता तो है एक साल के अंदर
- 15:42अंदर और एक साल के अंदर अंदर आपको इसको
- 15:44वापस करना होता है या यह पैसा आप एक साल
- 15:47के अंदर अंदर इस्तेमाल कर सकते हैं शॉर्ट
- 15:50टर्म सोर्सेस में आते है सबसे पहले तो
- 15:51बैंक ओवरड्राफ्ट व्ट इ बैंक ओवरड्राफ्ट
- 15:55बैंक ओवरड्राफ्ट इ एन एग्रीमेंट विद द
- 15:57बैंक और जिसके अंदर आप क्या करते हो आप
- 15:59बैंक से य एग्रीमेंट कर लेते हो कि मैं
- 16:01अपने अकाउंट के बैलेंस से एक सर्टेन
- 16:03अमाउंट ज्यादा विड करा सकता हूं फॉर
- 16:06एग्जांपल एक कस्टमर मेरे पास आता है ले
- 16:08सपोज मेरे बैंक में जो है वो 00 ठीक है 00
- 16:12आर इन माय बैंक अकाउंट इन माय बिजनेस बैंक
- 16:14अकाउंट एंड एक कस्टमर आता है व कस्टमर जो
- 16:17है व मेरे
- 16:20से ले स कस्टमर नहीं सप्लायर कहते है 00
- 16:24मेरे अकाउंट में पड़े हु ठीक है सप्लायर आ
- 16:28मुझसे लेने के लिए आप बिल जो है व 00 का
- 16:32है सही है अब मैं मेरे अकाउंट में 00 दिए
- 16:37लेकिन मैं उसको एक चेक दे देता हूं 80000
- 16:39का सप्लायर को अब यह सप्लायर यह चेक बैंक
- 16:43लेकर जाता है 800 का अमाउंट है मेरे
- 16:46अकाउंट में 50000 है देखा जाए तो यह बैंक
- 16:49में जब य चेक लेकर जाएगा तो यह चेक जो है
- 16:51व बाउंस हो जाएगा क्योंकि मेरे अकाउंट में
- 16:54इतना पैसा है ही नहीं कि मैं इसका यह
- 16:57अमाउंट ऑफ कर सक लेकिन जब यह सप्लायर चेक
- 17:01लेकर जाता है तो चेक क्लियर हो जाता है अब
- 17:03चेक क्लियर कैसे हो गया मैंने बैंक के साथ
- 17:06एक एग्रीमेंट करा हुआ है कि जितना भी मेरा
- 17:09बैलेंस होगा उससे ऊपर मैं 30000 जो है वो
- 17:12एडिशनल बोरो करूंगा आपसे तो यहां पर 50000
- 17:16प्स 30000 एडिशन इ द 80000 अमाउंट तो तभी
- 17:20बैंक य सप्लायर का चेक बाउंस नहीं हुआ
- 17:22बल्कि क्लियर हो गया क बैंक से मैंने
- 17:24ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी ली हु थी सो दिस इज
- 17:27एन ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी अब क्या होगा कि
- 17:29एक महीने बाद दो महीने बाद या जब भी विदन
- 17:32ईयर मैं अपने बैंक अकाउंट में पैसे
- 17:34डालूंगा तो बैंक जो है वो अपना ओवरड्राफ्ट
- 17:37का अमाउंट कट करके मुझे जो है वो रिटर्न
- 17:41अपना इंटरेस्ट कट करके उतने पैसे मेरे
- 17:43अकाउंट में से निकाल लेगा दिस इ बेसिकली
- 17:45योर बैंक
- 17:47ओवरड्राफ्ट देन वी हैव ट्रेड क्रेडिटस अब
- 17:51ट्रेड क्रेडिट क्या होते हैं स आर द
- 17:53एग्रीमेंट विथ द क्रेडिटर टू बाय ऑन
- 17:56क्रेडिट आप जब अपने सलायर
- 18:00से जो एग्रीमेंट कर लेते हो कि भाई आप जो
- 18:03है आपसे मैं गुड तो अभी खरीदूंगा लेकिन
- 18:04पैसे आपको तीन चार महीने बाद दूंगा दिस इज
- 18:08बेसिकली योर सोर्स ऑफ फाइनेंस अब यह भी एक
- 18:10सोर्स ऑफ फाइनेंस इसलिए क्योंकि इसमें
- 18:12आपके पैसे तो नहीं आ रहे लेकिन उन पैसों
- 18:15की वर्थ अमाउंट ऑफ गुड्स आपके पास आ रहे
- 18:18और व पैसे भी आपको जो है वो वापस करने
- 18:21आफ्टर गेनिंग अ रेवेन्यू जब आप कमाना शुरू
- 18:24हो जाओगे तब आप जो है वो फिर वो पैसे वापस
- 18:27कर दोगे तो बेसिक यह भी एक तरीके का आपका
- 18:29ट्रेड क्रेडिट है कि बेसिकली आपको
- 18:31क्रेडिटर पैसे तो नहीं दे रहा लेकिन
- 18:32उन्हीं पैसों के बदले वो गुड्स दे रहा है
- 18:35रॉ मटेरियल दे रहा है और वो रॉ मटेरियल आप
- 18:37इस्तेमाल कर सकते हो इन द मैन्युफैक्चरिंग
- 18:38ऑफ गुड्स एंड सर्विसेस देन यू सेल देम एंड
- 18:41देन व्हेन एवर द मनी कम्स इन फिर आप उस
- 18:44क्रेडिटर को पैसे वापस कर देते हो तो यह
- 18:47भी आपका विदन अ ईयर होता
- 18:49है कि आपको विदन अ ईयर अपने क्रेडिटर को
- 18:51पैसे पे ऑफ करने होते हैं देन वी हैव डेट
- 18:55फैक्टरिंग अब डेट फैक्टरिंग भी एक
- 18:57इंटरेस्टिंग है काफी एक सोर्स ऑफ फाइंस अब
- 18:59इसमें होता यह है कि बहुत सारे कंट्रीज
- 19:01में दे डेट फैक्टरिंग
- 19:04कंपनी अब वो डेट फैक्टरिंग कंपनी होती
- 19:07क्या है बेसिकली सस डेट फैक्ट कंपनी
- 19:12यह कंपनी का डेटर खरीदने के लिए बैठी होती
- 19:15है डेट फैक्ट कंपनी होती है फॉर
- 19:20एग्जांपल मिस्टर ए है मिस्टर ए मेरे
- 19:24कस्टमर
- 19:26है ठीक है
- 19:32ये मेरा क्रेडिट कस्टमर क्रेडिट कस्टमर का
- 19:34मतलब क्या है ये मेरे से गुड उधार पर
- 19:36खरीदता है तो मेरी कंपनी के लिए क्या हुआ
- 19:39यह डेटर हुआ या इसको हम रिसी वेबल भी कहते
- 19:41हैं यह मेरा रिसी वेबल हो
- 19:45गया अब मिस्टर ए ने मुझे बोला कि सर आप
- 19:48मुझे जो है वो गुड्स भेज दो मैं आपको तीन
- 19:50महीने बाद पैसे दूंगा तो तीन महीने का
- 19:52क्रेडिट टाइम था तीन महीने बाद मैं इससे
- 19:54पैसे मांगने गया इसने मुझे नहीं दिया फिर
- 19:57इसने बोला दो महीने और दे दे दो महीने बाद
- 19:59में पैसे मांगने गया इसने मुझे नहीं दिया
- 20:01आन महीने हो गए और मुझे लगा कि अब यह जो
- 20:03है वो मेरा डेट इरिकवरेबल है यह जो कस्टमर
- 20:07है यह मुझे पैसे नहीं देगा यह कस्टमर मेरे
- 20:09पैसे लेके भाग गया तो अब मैं क्या करूंगा
- 20:13अब मिस्टर ए मेरा डेटर है सही है अब मैं
- 20:16एक डेट फैक्टरिंग कंपनी के पास
- 20:19जाऊंगा इस डेट फैक्टरी कंपनी से मैं बात
- 20:22करूंगा बोलूंगा भाई य मिस्टर ए मेरा डेटर
- 20:25है इसने मुझे मुझसे 0000 के गुड्स री थे
- 20:29सही है 00 के इसने मेरे से गुड खरीदे थे
- 20:33और आज आन महीने हो गए और इसने मुझे अभी तक
- 20:36य 300 वापस नहीं करे तो मैं यह आपको बेचना
- 20:39चाह रहा हूं तो डेट फैक्टरिंग कंपनी जो है
- 20:42बेसिकली व क्या करेगी व यह 30000 की वर्थ
- 20:46का डेटर जो है व मेरे से खरीद लेगी लेकिन
- 20:49डेट फैक्टरी कंपनी पूरे पैसों को नहीं
- 20:51खरीदेगी वो मुझे 30000 के बदले में तकरीबन
- 20:55लेट सपोज 20000 पे कर देगी
- 20:59कि 30000 का एसेट मैं आपसे खरीद रहा हूं
- 21:02फॉर
- 21:0420000 अब डेट फैक्टरिंग क्या करेगी अब डेट
- 21:07फैक्ट्री मिस्टर ए के पास जाएगी मिस्टर ए
- 21:09को कहीं से भी पकड़े गी मिस्टर ए से कहीं
- 21:12कैसे ना किसी किसी ना किसी तरह करके वो
- 21:150000 जो है वो रिकवर करवा लेगी तो डेट
- 21:19फैक्टरिंग कंपनी का काम क्या होता है कि
- 21:21वह कंपनी से के डेटर्स को खरीदता है और
- 21:24फिर खुद जो है वो पैसे रिकवर करवाता है
- 21:26फ्रॉम दैट पर्टिकुलर डेटर
- 21:29तो इससे होगा यह कि यह 300 जब इसके रिकवर
- 21:31हो जाएंगे डेट फैक्ट्री कंपनी के तो इस
- 21:34300 में जो 20000 इस डेट फैक्टरी कंपनी ने
- 21:36मुझे दिए थे यह भी रिकवर हो जाएंगे और 00
- 21:40जो है इसका प्रॉफिट हो जाएगा जो भी इसका
- 21:43खर्चा बर्चा हुआ है टू रिकवर द अमाउंट यह
- 21:46इसका प्रॉफिट हो जाएगा सो दिस इ हाउ डेट
- 21:49फैक्टरिंग वर्क्स न द फर्म सेल इट्स डेट
- 21:53और इरिकवरेबल डेट टू
- 21:57द डेट फ कंपनी और वो डेट फैक्ट कंपनी उसके
- 22:00अगेंस्ट में आपको पैसे देती है बिजनेस के
- 22:03अंदर पैसे आ गए डेट फैक्ट कंपनी खुद से
- 22:06जाके जो है वो रिकवरी कर लेती है लेकिन
- 22:08बिजनेस के अंदर 20000 तो आते तो ओनर यही
- 22:10सोचते है कि यार जहां पर मेरे 00 डूब रहे
- 22:12थे वहा 20000 तो रिकवर हो गए तो अपने लॉस
- 22:16को ओनर जो है व मिनिमाइज करने के लिए क्या
- 22:18करता है डेट फैक्टरिंग कर देता
- 22:21है देन वी हैव सोर्सेस ऑफ मीडियम टर्म
- 22:24फाइनेंस अ मीडियम टर्म फाइनेंस बेसिकली टू
- 22:28फ के दरमियान होता है यूजुअली और इसके
- 22:31अंदर आता है आपका हायर परचेस एंड लीजिंग
- 22:34अब दोनों में क्या डिफरेंस है देखिए दोनों
- 22:36में डिफरेंस य है कि हायर परचेस इज व्हेन
- 22:39यू बाय द एसेट ऑन इंस्टॉलमेंट्स टू ओन द
- 22:44एसेट एन एसेट इ सोल्ड टू अ कंपनी दैट
- 22:46एग्री टू पे फिक्स रीपेमेंट ओवर एन एग्रीड
- 22:49टाइम पीरियड द एसेट बिलोंग टू द कंपनी तो
- 22:52कंपनी जब जाके एसेट को खरीदना चाहती है ऑन
- 22:55इक्वल इंस्टॉलमेंट पे करके तो बेसिकली
- 22:59हायर
- 23:00परचेस और लीजिंग क्या होता है लीजिंग
- 23:02बेसिकली न द कंपनी ऑब्टेन द यूज ऑफ एसेट
- 23:05और व्हीकल्स एंड पे रेंटल और लीजिंग चार्ज
- 23:08ओवर फिक्स पीरियड एंड दिस अवॉइड द नीड ऑफ
- 23:10द बिजनेस टू रेज लंग टर्म कैपिटल टू बाय द
- 23:13एसेट ओनरशिप विद द लीजिंग कंपनी अभी अगर
- 23:17आप लोग कहीं लिख ले अपने पास तो हायर
- 23:21परचेस और लीजिंग में क्या फर्क होता है
- 23:23हायर
- 23:25परचेस इ न द कंपनी बा एसेट और
- 23:31इंस्टॉलमेंट तो इसमें कंपनी जो है व एसेट
- 23:35की ओनरशिप करना चाहती है वेर लीजिंग में
- 23:39भी आप इंस्टॉलमेंट मतलब मंथली लीज पेमेंट
- 23:41पे कर रहे होते हो लेकिन ओनली फॉर द यूज
- 23:44ऑफ द एसेट कंपनी का कोई इंटेंशन नहीं होता
- 23:47कि वह इस एसेट को खरीदे सो दिस इ द मेन
- 23:51डिफरेंस बिटवीन हायर परचेस ए ली यर परचे य
- 23:54पे इल इंस्टॉलमेंट मंथली इंस्टॉलमेंट टू
- 23:59बाय द एसेट वेरस लीजिंग में आप क्या करते
- 24:03हो य पे योर लीजिंग चार्ज और लीजिंग
- 24:07रेंटल टू यूज द
- 24:11एसेट सो हायर परचेस एसेट सोल्ड टू अ कंपनी
- 24:15ट एग्री टू पे फिक्स रीपेमेंट ओवर एन
- 24:17एग्री टाइम पीरियड द एसेट बिलंग टू द
- 24:19कंपनी वेरस लीजिंग इ ऑब्टेनिंग द यूज ऑफ
- 24:22इक्विपमेंट और व्हीकल्स एंड पेइंग अ रेंटल
- 24:24और लीजिंग चार्ज ओवर फिक्स पीरियड दिस
- 24:26अवॉइड द नीड फॉर द बिजनेस टू रे लग टर्म
- 24:28कैपिटल टू बाय द एसेट ओनरशिप रिमेंस विद द
- 24:31लीजिंग कंपनी तो यहां पर आप फॉर एग्जांपल
- 24:35किसी मैनेजर को आपने गाड़ी देनी है अब व
- 24:37मैनेजर आपको पता है कुछ सालों के लिए है
- 24:39कभी भी छोड़ के भी जा सकता है लेकिन आपको
- 24:41उसने उसको जो है व मोटिवेटेड भी रखना है
- 24:44तो आप जो है वो उस मैनेजर के लिए 30 4 लाख
- 24:47रुपए की गाड़ी खरीद के उसको एक साथ नहीं
- 24:49दोगे 30 4 लाख रुप बिजनेस में से निकल
- 24:51जाएंगे इंस्टेड आप क्या करते हो आप लीजिंग
- 24:53पर गाड़ी ले लेते
- 24:55हो जब तक मैनेजर है जब तक वो गाड़ी चला
- 24:58रहेगा और हम उसकी बिफ प लीजिंग पेमेंट पे
- 25:01करते रहेंगे तो थोड़ा-थोड़ा अमाउंट मंथली
- 25:02जाता रहेगा जैसे एक साथ 30 लाख के बजाय हर
- 25:06महीने 0000 का अमाउंट जा रहा है सो दैट इज
- 25:09एक्सेप्टेबल क्योंकि उसी दौरान बिजनेस फिर
- 25:12कमा भी लेता है अपना और भी पैसे जो है वो
- 25:13जनरेट कर लेता है हाउ एवर हायर परचेस में
- 25:16बिजनेस को जब एसेट खरीदना होता है फॉर
- 25:18एग्जांपल कोई मशीनरी उसको खरीदनी है अपनी
- 25:20फैक्ट्री के लिए तो फिर वो हायर परचेज
- 25:22इस्तेमाल करेगी क्योंकि उसको उस मशीन की
- 25:24ओनरशिप चाहिए वो मशीन जो है वो बिजनेस में
- 25:2610 साल 12 साल 15 साल जो है वो रहेगी तो
- 25:29उसकी उसको ओनरशिप चाहिए तो उस ओनरशिप के
- 25:31लिए वो क्या करेगा हायर परचेस की तरफ
- 25:33जाएगा सो डिपेंड्स ऑन कि आपको एसेट जो है
- 25:36वो कौन सा खरीदना है और किस तरीके से
- 25:38खरीदना है सो दिस आर योर टू मीडियम टर्म
- 25:41सोर्सेस ऑफ फाइनेंस फिर चलते हैं लॉन्ग
- 25:43टर्म सोर्सेस ऑफ फाइनेंस की तरफ लॉन्ग
- 25:45टर्म सोर्सेस ऑफ फाइनेंस आल्सो द फर्स्ट
- 25:48वन इ इक्विटी फाइनेंस इक्विटी फाइनेंस
- 25:51बेसिकली हम शेयर होल्डर्स को जब शेयर सेल
- 25:53करते हैं उसको हम कहते हैं इक्विटी
- 25:55फाइनेंस सो इट इज अ परमानेंट फाइनेंस रेज
- 25:57बाय कंपनी थ्रू द सेल ऑफ शेयर्स बेसिकली
- 26:01आप जब कंपनी के शेयर इशू करते हो टू द
- 26:04शेयर होल्डर्स टू रेज फाइनेंस दिस इज नोन
- 26:06एस इक्विटी फाइनेंस सो इक्विटी फाइनेंस के
- 26:09फायदे यह है कि इट इज अ परमानेंट कैपिटल य
- 26:12आपको वापस नहीं करना पड़ता जैसे लोन है
- 26:15लोन आपको वापस करना पड़ता है लेकिन यह
- 26:17आपको वापस नहीं करना पड़ता सेकंड
- 26:19डिविडेंड्स डू नॉट हैव टू बी पेड एवरी ईयर
- 26:21इन कंट्रास्ट इंटरेस्ट ऑन लोस मस्ट बी पेड
- 26:23व्हेन डिमांडेड बाय द लेंडर पले अब इसमें
- 26:27एक फायदा यह है कि आपको डिविडेंड्स तो पे
- 26:29नहीं करने डिविडेंड्स जो है वो आपको पे
- 26:31नहीं करने पड़ते जिस साल उस साल लॉस होता
- 26:34है बहुत दफा ऐसा होता है कि कंपनी लॉस
- 26:36करती है और कंपनी जब लॉस करती है तो इट इज
- 26:39नॉट ऑब्लिगेटेड फॉर द कंपनी टू पे द
- 26:41डिविडेंड्स टू द शेयर होल्डर्स शेयर
- 26:43होल्डर्स हमेशा प्रॉफिट में से दिया जाता
- 26:44है तो कंपनी जो प्रॉफिट कर रही है सही है
- 26:48और एक साल उसने लॉस कर दिया तो उस साल वो
- 26:50डिविडेंड पे नहीं करेगी वो डिविडेंड जमा
- 26:52होगा और अगले साल अगर कंपनी प्रॉफिट करेगी
- 26:54तो फिर अगले साल जो है वो प्रॉफिट पे
- 26:57करेगी
- 27:08देन वी हैव लॉन्ग टर्म लोस च इ आल्सो नोन
- 27:10एस डेट फाइनेंस डेट फाइनेंस इ बेसिकली जब
- 27:13आप लोन वगैरह लेते हो सही है और लोन को आप
- 27:15जो है व रिपे करते हो फॉर मोर देन अ ईयर
- 27:18मतलब यह पा साल 10 साल पा साल से ज्यादा
- 27:2110 साल तक यूली आप लोन वगैरह लेते बैंक से
- 27:24और लोन लेने से यह होता है कि बिजनेस के
- 27:27अंदर फौरी तौर परै
- 27:28आ जाता है फ्रॉम द बैक हावर लोन का फायदा
- 27:32यह है कि
- 27:34इसके जब आप शेयर इशू करते हो तो एक नुकसान
- 27:36यह होता है कि शेयर इशू करने से आपका
- 27:39कंट्रोल जा रहा होता है वेरस लोन लेने से
- 27:42आपका कोई कंट्रोल नहीं जाता लोन इ जस्ट एन
- 27:44एक्सटर्नल किसी एक्सटर्नल पार्टी से आपने
- 27:46पैसे बोरो करे और आप उसको व पैसे इंटरेस्ट
- 27:49के साथ वापस कर दोगे तो वह आपके बिजनेस के
- 27:53अंदर कुछ बोल नहीं सकता कुछ कर नहीं सकता
- 27:55उसकी ओनरशिप नहीं है बिजनेस की उससे बस
- 27:56आपने पैसे लिए
- 27:59सो द ओनरशिप इज नॉट डाइल्यूटेड डाइल्यूटेड
- 28:02मतलब द ओनरशिप इ नॉट डिवाइडेड सेकंड लोस
- 28:05लेने का एक और फायदा होता है कि लोन जो है
- 28:11वह आपको पे ऑफ करने होते हैं तो देर इज नो
- 28:15इंक्रीज इन परमानेंट लायबिलिटी आप अपनी
- 28:17लायबिलिटी को विद द पैसेज ऑफ टाइम कम कर
- 28:20सकते हो आपने लोन लिया लायबिलिटी एकदम से
- 28:22बढ़ गई लेकिन वक्त के साथ-साथ आप अपनी
- 28:24लायबिलिटी जो है वो पे ऑफ कर कर के अपनी
- 28:26लायबिलिटी को कम कर सकते हो लेकिन एक वक्त
- 28:29में एक पैसा तो आपके पास आ जाता है लेकिन
- 28:32अगेन लोन के ऊपर आपको इंटरेस्ट पे करना
- 28:34पड़ता है व्हिच इज अ डिसएडवांटेज कि आपका
- 28:36कैश जो है वो काफी ज्यादा आउटफ्लो होता
- 28:38रहेगा तो यूजुअली लॉन्ग टर्म सोर्सेस ऑफ
- 28:40फाइनेंस में आपका मेन जो दो सोर्स ऑफ
- 28:43फाइनेंस होते हैं दैट इज इक्विटी फाइनेंस
- 28:45इक्विटी फाइनेंस इज व्हेन यू शेयर इशू द
- 28:47शेयर्स टू द जनरल पब्लिक शेयर होल्डर्स
- 28:49आपके शेयर खरीदते हैं और वो पैसा आपके
- 28:51बिजनेस के अंदर आ जाता है एंड देन वी हैव
- 28:54द बैंक लोन और डेट फाइनेंस जिसके अंदर आप
- 28:58लोन लेते हो बैंक से या किसी इंडिविजुअल
- 29:00से और उसको आप रिपे करते हो ऑन इक्वल
- 29:03मंथली इंस्टॉलमेंट्स अलोंग विद इंटरेस्ट
- 29:05पेमेंट्स
- 29:07फिर आते हैं आपके लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स और
- 29:09डिबेंचर अब लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स और डिबेंचर
- 29:12क्या होते हैं डिबेंचर भी आपकी कंपनी ही
- 29:14इशू कर रही होती है और डिबेंचर बेसिकली तब
- 29:17इशू करती है जब कंपनी को इक्विटी और डेट
- 29:19फाइनेंसिंग नहीं करनी होती सो बॉन्ड्स
- 29:22इश्यूड बाय द कंपनीज टू रेज फाइनेंस ऑफें
- 29:24विथ अ फिक्स रेट ऑफ इंटरेस्ट तो बेसिकली
- 29:27कंपनी जब उसको इक्विटी फाइनेंस नहीं करना
- 29:29होता बिकॉज दे वांट टू कीप द कंट्रोल बहुत
- 29:31सारे ऐसे शेयर होल्डर्स होते हैं वो उनको
- 29:33अपना कंट्रोल रखना होता है या वो और शेयर
- 29:35इशू नहीं कर सकते क्योंकि अगर वो और शेयर
- 29:37इशू करेंगे तो उनका कंट्रोल चला जाएगा तो
- 29:40यूजुअली फिर वो लोग जो है वो डिबेंचर का
- 29:41इस्तेमाल करते हैं या फिर बहुत दफा ऐसा
- 29:43होता है कि कंपनी के ऊपर ऑलरेडी बहुत
- 29:45ज्यादा उधार चढ़ा हुआ होता है और बैंक्स
- 29:47वगैरह उसको लोन देने से मना कर देते हैं
- 29:49तो ऐसी सिचुएशन में वो डेट फाइनेंसिंग भी
- 29:51नहीं कर सकता तो उसको क्या करना पड़ता है
- 29:53डिबेंचर की तरफ जाना पड़ता है अब डिबेंचर
- 29:56बेसिकली बॉन्ड्स की तरह होते हैं जैसे
- 29:58गवर्नमेंट बॉन्स होते हैं ना कि आप
- 29:59गवर्नमेंट बॉन्ड खरीद लो सही है और
- 30:02गवर्नमेंट के पास पैसे चले जाएंगे
- 30:04गवर्नमेंट उस पैसों को इस्तेमाल करेगी और
- 30:05आपको मंथली जो है वो फिक्स रेंटल इनकम या
- 30:09फिक्स्ड चार्ज जो है वो देती रहेगी इसी
- 30:11तरह कंपनी भी बॉन्ड इशू करती हैं जिनको हम
- 30:14डिबेंचर कहते हैं और कंपनी जो है वो यह
- 30:17बॉन्ड इशू करती है और हाई नेटवर्थ
- 30:19इंडिविजुअल्स जिनको इन्वेस्टमेंट करनी
- 30:21होती है वो इस बॉन्ड को खरीदते हैं और वो
- 30:25बॉन्ड उनके पास रहता है और वो पैसे जो है
- 30:27वो कंपनी को दे देते हैं बंड के अगेंस्ट प
- 30:29और वह कंपनी जो है वो फिर इनको फिक्स रेट
- 30:31ऑफ इंटरेस्ट हर साल जो है वो पे कर रही
- 30:34होती है ऑन द बॉन्ड और कुछ सालों बाद अगर
- 30:37उस इंडिविजुअल को अब बॉन्ड नहीं रखना तो
- 30:40कंपनी को वह वापस सेल भी कर सकता है और
- 30:43कंपनी उसको वो पैसे वापस करेगी जो उसने
- 30:46कंपनी को दिए थे तो बॉन्ड कैन आल्सो बी
- 30:49रिटर्न टू द कंपनी कंपनी जो है वो अपना
- 30:51बॉन्ड बाय बैक भी कर सकती है तो यह आपका
- 30:55डिबेंचर होता है देन देयर आर अदर सोर्सेस
- 30:58ऑफ लॉन्ग टर्म फाइनेंस च् इंक्लूड्स वेंचर
- 31:00कैपिटल अब वेंचर कैपिटल क्या होता है इट
- 31:03इज द रिस्क कैपिटल इन्वेस्टेड इन बिजनेस
- 31:04स्टार्टअप्स और एक्सपेंडिंग स्मॉल
- 31:06बिजनेसेस दैट हैव गुड प्रॉफिट पोटेंशियल
- 31:08बट डू नॉट फाइंड इट इजी टू गेन फाइनेंस
- 31:10फ्रॉम अदर सोर्सेस जैसे आप सबने शार्क
- 31:12टैंक देखा होगा तो उसके अंदर जो भी आपके
- 31:15ओनर्स बैठे हुए होते हैं दे आर वेंचर
- 31:17कैपिटिस और वेंचर कैपिटिस का काम यह होता
- 31:19है कि यह लोग जो है यह अपने पोर्टफोलियो
- 31:23को बढ़ाने के लिए अपनी इन्वेस्टमेंट को
- 31:24इंक्रीज करने के लिए वो क्या करते हैं वो
- 31:27नहीं अपॉर्चुनिटी ढूंढते हैं वो स्मॉल
- 31:29बिजनेसेस को ढूंढते हैं कि यार ये जो
- 31:31बिजनेसेस है उनके अंदर प्रॉफिट पोटेंशियल
- 31:34है उन बिजनेसेस में वो फिर इन्वेस्ट करने
- 31:36की कोशिश कर रहे होते हैं देखिए एक
- 31:38एंटरप्रेन्योर का काम क्या होता है एक
- 31:39एंटरप्रेन्योर का काम होता है बिजनेस में
- 31:41इन्वेस्ट करना बिजनेस को चलाना बिजनेस को
- 31:44जो है वो ग्रो करवाना और यूजुअली यह जो
- 31:46वेंचर कैपिटल होते हैं इनका काम क्या होता
- 31:48है कि इनको यह शौक होता है कि बेसिकली ये
- 31:51छोटे से बिजनेस को सपोर्ट करके एक बड़ा
- 31:53बिजनेस बना के जो है वो ये इनकी
- 31:57सेटिस्फैक्ट्रिली ने समझ लिया तो बेसिकली
- 31:59ये वेंचर कैपिटल क्या करते हैं ये स्मॉल
- 32:00बिजनेसेस को देखते हैं कि कौन से ऐसे
- 32:02बिजनेस है जो छोड़ने हैं जिनको पैसों की
- 32:04जरूरत है और उनके अंदर पोटेंशियल बहुत
- 32:06ज्यादा है तो ऐसे बिजनेसेस को फिर यह
- 32:08इन्वेस्टमेंट देते हैं सही है और उनका एक
- 32:10सर्टेन प्रॉफिट एक सर्टेन परसेंटेज अपने
- 32:12पास रखते हैं और फिर इन बिजनेस को हेल्प
- 32:15करते हैं ये इन ग्रोइंग अप फिर आता है
- 32:18माइक्रो फाइनेंस माइक्रो फाइनेंस क्या
- 32:20होता है कि यूजुअली जो स्मॉल बिजनेसेस
- 32:22होते हैं जैसे फार्मिंग बिजनेस हो गया
- 32:24इनको कन्वेंशनल बैंक जो होते हैं ना जैसे
- 32:26एचबीएल अलफला ये आपके बड़े बैंक्स है यह
- 32:29लोग जो है वो लोन नहीं दे रहे होते इन लोग
- 32:30को क्योंकि इनका अमाउंट इतना छोटा होता है
- 32:33कि बैंक का इंटरेस्ट इतना कम बनता है कि
- 32:34बैंक बोलता है कि इनको लोन देने का फायदा
- 32:36ही नहीं है तो बैंक हमेशा बड़े बिजनेसेस
- 32:39को लोन इसलिए देता है क्योंकि वो जो बड़े
- 32:40बिजनेसेस अमाउंट लेते हैं ना एक बहुत सारा
- 32:43तो वो उस पर इंटरेस्ट काफी ज्यादा बन जाता
- 32:45है फॉर एग्जांपल फार्मर लेगा लेट सपोज
- 32:48फार्मर आपसे लोन मांगने आता है एक लाख रप
- 32:50का इंटरेस्ट रेट है 10 पर एक लाख प बैंक
- 32:55का इंटरेस्ट कितना बनेगा 00
- 32:58बड़ा बिजनेस लेने आता है 10 लाख का
- 33:01लोन उस पर 10 पर कितना
- 33:04बनेगा एक लाख तो बेसिकली यहां पर आपका एक
- 33:10लाख रप इनकम ज्यादा है एस कंपेयर टू दिस
- 33:13पर्टिकुलर अमाउंट तो छोटे छोटे लोन देके
- 33:16अपने अमाउंट को खराब नहीं करेगा बैंक कभी
- 33:18भी बैंक य अमाउंट एक एक लाख रुप जमा करके
- 33:20रखेगा ताकि जब कोई बड़ा बिजनेस आए लोन
- 33:22लेने के लिए एक साथ 10 लाख 15 लाख 20 लाख
- 33:25तो छोटे छोटे अमाउंट जमा करके उस बड़े
- 33:28बिजनेस को वो दे देगा तो माइक्रो फाइनेंस
- 33:31यूजुअली ये कन्वेंशनल बैंक्स तो नहीं करते
- 33:33तो इसलिए फिर माइक्रो फाइनेंस बैंक्स
- 33:35खुलते हैं जैसे इजी पैसा इजी पैसा से आप
- 33:38जो है वो 2 लाख 5 लाख तक का लोन ले सकते
- 33:41हैं आराम से और फिर उसको मंथली
- 33:43इंस्टॉलमेंट में पे बैक करेंगे विद स्मॉल
- 33:46फिक्स रेट ऑफ
- 33:47इंटरेस्ट सो माइक्रो फाइनेंस बैंक्स
- 33:49प्रोवाइड फाइनेंसियल सर्विसेस फॉर पुअर
- 33:51एंड लो इनकम कस्टमर्स हु डू नॉट हैव
- 33:53एक्सेस टू बैंकिंग सर्विसेस सच एज लोन एंड
- 33:56ओवरड्राफ्ट ऑफर्ड बाय ल कमर्शियल बैंक्स
- 33:59तो बेसिकली यह लोग जो है वो सिर्फ और
- 34:01सिर्फ माइक्रो फाइनेंस बैंक का टारगेट ही
- 34:03यही होता है कि ये छोटे लोगों को जो छोटे
- 34:05बिजनेसेस है उनको लोन देंगे सही है उन
- 34:07क्योंकि कन्वेंशनल बैंक्स उनको लोन नहीं
- 34:10दे रहे होते एंड देन वी हैव क्राउड फंडिंग
- 34:14अब क्राउड फंडिंग क्या होता है इट इज द
- 34:15यूज ऑफ स्मल अमाउंट ऑफ कैपिटल फ्रॉम अ
- 34:17लार्ज नंबर ऑफ इंडिविजुअल्स टू फाइनेंस अ
- 34:19न्यू बिजनेस
- 34:20वेंचर यजली थ्रू द इंटरनेट अब क्राउड
- 34:23फंडिंग क्या हो है जैसे आजकल रमजान में आप
- 34:25देख रहे होंगे जेडीसी का एक ऐड आ रहा है
- 34:27जेडीसी वाले जो बोल रहे हैं कि भाई हमें
- 34:29जो है वो यह फला हॉस्पिटल बनाना है और
- 34:31इसके लिए जो है वो आपकी डोनेशंस वगैरह जो
- 34:34है वो उसकी हमें रिक्वायरमेंट होगी सो दिस
- 34:36इज अ टाइप ऑफ क्राउड फंडिंग कि ओवर द
- 34:39इंटरनेट व अकाउंट में अपने पैसे बोल कि आप
- 34:42लोग जो है व इनन अकाउंट में पैसे भेज ताकि
- 34:44हम जो है वो यह हॉस्पिटल और यह सारा
- 34:46इंतजाम जो है वो चला सके कर सके तो यह
- 34:49क्या आपका यह है आपका क्राउड फंडिंग इसी
- 34:52तरह बहुत सारी ऐसी वेबसाइट बनी हुई है
- 34:54जैसे गो फंड मी अब गो फंड मी एक वेबसाइट
- 34:58है जहां पे इंडिविजुअल जिनको बिजनेस
- 35:00स्टार्ट करना होता है और उनका बिजनेस
- 35:02आईडिया बड़ा पोटेंशियल होता है उसके अंदर
- 35:04तो गो फंड में ना फंड म में बहुत सारे फंड
- 35:07फंड फंडर्स बैठे हुए होते हैं बेसिकली ये
- 35:09इन नए बिजनेसेस को सपोर्ट करना चाहते हैं
- 35:12तो वो जब आप अपने गो फंड में गो फंड मी प
- 35:15में आप जब अपना लेट सपोज बिजनेस का आईडिया
- 35:18देखोगे पिचन करोगे अपना पूरा बिजनेस प्लान
- 35:21डालोगे और वो जो भी फंडर्स होंगे वो
- 35:23देखेंगे उसको तो फिर वो अगर उनको आईडिया
- 35:25पसंद आता है तो फिर वो आपको ओवर द इंटरनेट
- 35:27जो है वो पैसे ट्रांसफर कर देते हैं एंड
- 35:30देन यू कैन स्टार्ट अप योर बिजनेस सो दिस
- 35:32इज योर क्राउड फंडिंग कि जब आप एक क्राउड
- 35:35से पैसा लेते हो टू टू स्टार्ट अप अ
- 35:39पर्टिकुलर बिजनेस तो यह सारे आपके
- 35:42एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस में आदत है
- 35:44तो एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस हैव बैंक
- 35:47ओवरड्राफ्ट ट्रेड क्रेडिट डेट फैक्टरिंग
- 35:50हायर परचेस लीजिंग इक्विटी फाइनेंस डेट
- 35:53फाइनेंस लॉन्ग टर्म बंड्स और डिबेंचर एंड
- 35:56अदर सोर्सेस ऑफ लॉन्ग टर्म फाइनेंस
- 35:57इंक्लूड वेंचर कैपिटल माइक्रो फाइनेंस एंड
- 36:00क्राउड
- 36:03फंडिंग देन वी हैव द मेन फाइनेंशियल
- 36:06स्टेकहोल्डर्स इनन द बिजनेस अब फाइनेंशियल
- 36:08स्टेकहोल्डर्स कौन होते हैं फाइनेंशियल
- 36:10स्टेकहोल्डर्स वो स्टेकहोल्डर्स होते हैं
- 36:12आपके जो कि आपके फाइनेंशियल डिसीजन से
- 36:14अफेक्ट होते हैं तो यूजुअली इनके बिजनेस
- 36:18में इंटरेस्ट होता है इन द फाइनेंस तो दिस
- 36:20इंक्लूड शेयर होल्डर्स शेयर होल्डर्स आपको
- 36:23पता है दे हैव द ओनरशिप ऑफ द कंपनी और
- 36:25ओनरशिप क्यों होती है क्योंकि य शेयर
- 36:27खरीदते हैं तो इनका ऑब्जेक्टिव क्या है टू
- 36:29रिसीव एन एनुअल डिविडेंड और प्लस इनके जो
- 36:32शेयर प्राइस है जो शेयर की वैल्यू है वो
- 36:34भी इंक्रीज होनी चाहिए तो शेयर होल्डर जो
- 36:36है वो बिजनेस में इसलिए इन्वेस्ट करते हैं
- 36:38ताकि वो डिविडेंड रिसीव कर सके और जो शेयर
- 36:40प्राइस है वो इंक्रीज हो जैसे $ का अगर
- 36:43इन्होंने शेयर खरीदा तो शेयर प्राइस जो है
- 36:45वो $0 की हो जानी चाहिए कंपनी इतना अच्छा
- 36:48परफॉर्म करे ताकि उनकी जो शेयर प्राइस है
- 36:50वो डबल हो जाए और उनका कैपिटल गेन हासिल
- 36:53हो देन बैंक्स भी जो है वो आपके मेन
- 36:56फाइनेंशियल स्टेक होल्डर होते हैं बिकॉज
- 36:57बैंक्स आपको लोन प्रोवाइड करते हैं और
- 37:00उनको जो है व इंटरेस्ट चाहिए होता है वापस
- 37:02और रीपेमेंट चाहिए होती है लोन की तो
- 37:04इसलिए वो भी आपके मेन फाइनेंशियल
- 37:05स्टेकहोल्डर होते हैं और वो आपके
- 37:06फाइनेंशियल डिसीजन से अफेक्ट हो रहे होते
- 37:09हैं देन मेन फाइनेंशियल स्टेकहोल्डर आर य
- 37:12क्रेडिटर एज वेल क्रेडिटर्स वो लोग होते
- 37:14हैं जो कि आपको उधार पर सप्लाई करते हैं
- 37:16रॉ मटेरियल या कंपोनेंट्स और इन लोग का भी
- 37:18यह राइट होता है कि यह बेसिकली आपके
- 37:20फाइनेंसियल डिसीजन से अफेक्ट इसलिए हो रहे
- 37:22होते हैं बिकॉज दे प्रोवाइड यू स्टॉक और
- 37:24रॉ मटेरियल ऑन
- 37:25क्रेडिट जो र मटेरियल वगर जो है य क्रेडिट
- 37:28में आपको जो दे रहे होते हैं तो इन रिटर्न
- 37:32इनको क्या चाहिए होता है इन रिटर्न जो है
- 37:34वो इनको टाइम पर जो है वो अपनी पेमेंट
- 37:36चाहिए होती है कि टाइम पर इनको जो है वो
- 37:38पैसा वापस मिल जाए तो यह टाइम पर पैसा
- 37:41वापस अगर चाहिए क्रेडिट को चाहिए तो यह
- 37:44आपके फाइनेंशियल डिसीजन से अफेक्ट हो रहा
- 37:46होता है सो दज आर द मेन फाइनेंसियल
- 37:49स्टेकहोल्डर इन द बिजनेस ंड दे हैव
- 37:52द दे आर अफेक्टेड बाय द फाइनेंशियल डिस ऑफ
- 37:55द बिजनेस एंड देर फॉर दे कीप ए इंट द
- 37:58फाइनेंस ऑफ द
- 37:59बिजनेस देन द फैक्टर्स इन्फ्लुएंस द
- 38:02सोर्सेस ऑफ फाइनेंस आप कौन सा सोर्स ऑफ
- 38:05फाइनेंस सेलेक्ट करेंगे एस बिजनेस अब देखि
- 38:07हमने इतने सारे सोर्सेस ऑफ फाइनेंस पढ़े
- 38:09इंटरनल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस पढ़े एक्सटर्नल
- 38:11सोर्सेस ऑफ फाइनेंस पढ़ा अब कौन सा सोर्स
- 38:14ऑफ फाइनेंस हम सेलेक्ट करेंगे डिपेंड करता
- 38:16है इन पर्टिकुलर फैक्टर्स पर तो सबसे पहला
- 38:19फैक्टर है कि यूज टू च फाइनेंस टू बी पुट
- 38:22फॉर एग्जांपल च अफेक्ट द टाइम पीरियड फॉर
- 38:24चच द फाइनेंस रिक्वायर्ड अब आपको जो भी
- 38:27पैसे चाहिए वो किस यूज के लिए चाहिए फॉर
- 38:30एग्जांपल इफ यू वांट टू बाय अ एसेट सो यू
- 38:33कैन गो फॉर हायर परचेस और
- 38:35लीजिंग क्योंकि वो ऑप्शन आपके लिए ज्यादा
- 38:37सूटेबल रहेगा क्योंकि वो आप जो है वो
- 38:39मंथली कमाते रहोगे और उसकी मंथली
- 38:41इंस्टॉलमेंट वगैरह पे करते रहोगे सो व्हाई
- 38:44शुड यू रेज फाइनेंस इंटरनली और व्हाई शुड
- 38:47यू रेज फाइनेंस थ्रू बैंक लोस और इक्विटी
- 38:49फाइनेंस वन यू कैन इजली परचेस एन एसेट
- 38:51थ्रू हायर परचेस और
- 38:53लीजिंग तो य आपको उस पैसों से करना क्या
- 38:57है वो फैक्टर आपको अफेक्ट करेगा कि अगर
- 38:59आपने जो है वो किसी ग्रोथ पर लगाने पैसे
- 39:03तो ग्रोथ पर लगाने के लिए आपको बैंक लोन
- 39:04ज्यादा सूटेबल रहेगा ग्रोथ पर पैसे लगाने
- 39:07के लिए इक्विटी फाइनेंस ज्यादा सूटेबल
- 39:09रहेगा लेकिन अगर आपको जो है
- 39:11वह किसी एसेट को खरीदने के लिए पैसे लगाने
- 39:15तो एसेट को खरीदने के लिए पैसे लगाने के
- 39:17लिए आपके लिए ज्यादा सूटेबल हायर परचेस या
- 39:19लीजिंग
- 39:25रहेगा देन
- 39:28द कॉस्ट ट यू आर एबल टू पे अब देखि हर एक
- 39:33एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस के साथ
- 39:35कॉस्ट एसोसिएटेड है वेरस इंटरनल सोर्सेस
- 39:38ऑफ फाइनेंस के साथ बिल्कुल भी कोई कॉस्ट
- 39:40अवेलेबल नहीं है बिकॉज इट इ कंपलीटली
- 39:43फ्री वेरस एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस
- 39:46के साथ देखें अगर आप शेयर इशू करते तो
- 39:48डिविडेंड पे करना है अगर आप लोन लेते हो
- 39:50तो उसके ऊपर इंटरेस्ट पे करना है तो
- 39:54एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस अगर आप
- 39:57इस्तेमाल करोगे तब आप जब आप कॉस्ट पेयर कर
- 39:59सकते हो मतलब आप लोन तभी लोगे जब आप उसका
- 40:02इंटरेस्ट पे कर सकते हो आप शेयर तभी इशू
- 40:04करोगे जब आप डिविडेंड पे कर सकते हो इ य
- 40:07नॉट एबल टू पे दिस कॉस्ट देन यू शुड गो
- 40:10फॉर इंटरनल सोर्स ऑफ
- 40:12फाइनेंस फिर उसके बाद कितना अमाउंट
- 40:14रिक्वायर्ड है स्मॉल अमाउंट चाहिए तो
- 40:16शॉर्ट टर्म सोर्स ऑफ फाइनेंस की तरफ चले
- 40:18जाए या इंटरनल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस की तरफ
- 40:20चले जाए बिकॉज स्मल अमाउंट आ यूजुअली रेज
- 40:23थ्रू इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस स्मल अमाउंट
- 40:26सच एज सेल ऑफ एसेट करके आप आप थोड़ा छोटा
- 40:28बहुत छोटा अमाउंट रेज कर सकते हैं वेर एस
- 40:31इफ द अमाउंट यू नीड इज अ लार्जर अमाउंट
- 40:33बहुत बड़ा अमाउंट आपको चाहिए फिर तो आपको
- 40:36शेयर इशू
- 40:37और डिबेंचर वगैरह इशू करने पड़ेंगे ताकि
- 40:40आपको बड़ा अमाउंट मिल
- 40:42सके देन लीगल स्ट्रक्चर एंड डिजायर टू
- 40:46कंट्रोल अब देखिए लीगल स्ट्रक्चर प भी
- 40:48डिपेंड करता है फॉर एग्जांपल सोल ट्रेडर
- 40:50है पार्टनरशिप है वो शेयर इशू तो नहीं कर
- 40:52सकते ना और उनको लोन भी बड़ा मुश्किलों से
- 40:55मिलता है तो उनके पास फिर शॉर्ट टर्म और
- 40:58मीडियम टर्म सोर्सेस ऑफ फाइनेंस ही रह
- 40:59जाते हैं कि वो लीजिंग इस्तेमाल कर सकते
- 41:01हैं वो हायर परचेस इस्तेमाल कर सकते हैं
- 41:04वो ट्रेड क्रेडिट इस्तेमाल कर सकते हैं
- 41:06बैंक ओवरड्राफ्ट इस्तेमाल कर सकते हैं या
- 41:07फिर इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस क्योंकि डेट
- 41:10फाइनें डेट जो है वो उनको मिलेगा नहीं
- 41:13क्योंकि बिजनेस रिलेटिवली छोटा होता है और
- 41:16उसके साथ-साथ शेयर इशू करने का उनका लीगल
- 41:18स्ट्रक्चर इजाजत नहीं देता तो इसलिए देर
- 41:21आर लिमिटेड सोर्सेस ऑफ फाइनेंस अवेलेबल
- 41:23फॉर
- 41:24देम सेकंड द डिजायर टू रिटेन कंट्रोल फॉर
- 41:27एग्जांपल एक कंपनी के ओनर्स है इफ दे हैव
- 41:30हाई डिजायर टू रिटेन द कंट्रोल दे विल रेज
- 41:34वेरी लिटिल फाइनेंस फ्रॉम इशूंग शेयर्स
- 41:36बिकॉज दे हैव अ डिजायर टू रिटेन द कंट्रोल
- 41:39हाउ एवर इफ अ कंपनी ओनर्स डू नॉट हैव द
- 41:43डिजायर टू रिटेन द कंट्रोल देन दे माइट
- 41:45नॉट इशू दे माइट इशू मोर शेयर्स राद देन
- 41:48टेकिंग बैंक लोस और इशूंग डिबेंचर क्योंकि
- 41:51उनको जो है वो डिजायर नहीं है कंट्रोल
- 41:53करने रखने का तो वो शेयर ज्यादा इशू
- 41:56करेंगे मार्केट के
- 41:57टू रेज द
- 41:59फाइनेंस देन वी हैव द साइज ऑफ एसिस्टिंग
- 42:02बोरोंग अब साइज ऑफ एसिस्टिंग बोरोंग को हम
- 42:05कहते हैं गेरिंग ऑलरेडी आपके ऊपर कितना
- 42:07उधार मौजूद है सो गेरिंग इ बेसिकली टर्म
- 42:11यूज
- 42:12टू एक्सप्लेन यूज टू डिफाइन ट हाउ मच
- 42:16एसिस्टिंग बोंग द बिजनेस स फॉर एपल रि
- 42:20गेरिंग ऑफ बिजनेस 50 पर व्ट ड दिस मीन
- 42:25इसका मतलब यह है कि बिनेस का जो कैपिटल है
- 42:29वो 50 पर ऑन लोन है मतलब उसने बैंक से
- 42:32उधार लिया हुआ है और बाकी जो है वो उसका
- 42:35अपना कैपिटल है बाकी 50 पर जो है वह शेयर
- 42:39होल्डर इक्विटी
- 42:41है तो यूजुअली जब आपकी गियरिंग हाई होती
- 42:44है इसका मतलब आपने बहुत ज्यादा लोन लिया
- 42:46हुआ है और जब गियरिंग 50 पर से कम होती है
- 42:49तो दैट मींस आपका गेरिंग जो है वो कम है
- 42:52तो यूजुअली अगर गेरिंग 50 पर या 50 पर से
- 42:55ज्यादा होगी तो बिजनेस से टू बी हाईली गेड
- 42:58और हाईली गेड बिजनेस को लोन मिलना बहुत
- 43:01मुश्किल होता है क्योंकि एक बैंक है फॉर
- 43:03एग्जांपल वो बैंक आपके बिजनेस को देखेगा
- 43:05वो देखेगा कि ऑलरेडी इतना गियर्ड है
- 43:07बिजनेस ऑलरेडी इतना लोन उसके ऊपर है 60 पर
- 43:10इसके ऊपर लोन मौजूद है कि जितना पैसा इसने
- 43:13लगाया बिजनेस में उसका 60 पर सिर्फ लोन का
- 43:15है तो अब एक बैंक के लिए काफी रिस्की होगा
- 43:18इस बिजनेस को लोन देने के लिए क्यों बैंक
- 43:21को लगेगा कि यार यह जब पुराने लोन वापस
- 43:23नहीं कर रहा तो हमारा लोन कैसे वापस करेगा
- 43:25राइट तो साइज ऑफ एसिस्टिंग बोरोंग इफ इट
- 43:28इज वेरी हाई देन बैंक लोन विल नॉट बी
- 43:30पॉसिबल कि आपको जो है वो बैंक लोन बैंक
- 43:34लोन देंगे सेकंड शेयर होल्डर्स दे विल
- 43:37आल्सो नॉट इन्वेस्ट इन द कंपनी बाय लुकिंग
- 43:39एट द हाय गियरिंग शेयर होल्डर भी देखेगा
- 43:42बोलेगा कि यार जब इतना गेड है हाईली गेड
- 43:44है बिजनेस तो सारे पैसे तो इसको इसके चले
- 43:47जाएंगे इंटरेस्ट पेमेंट में मुझे डिविडेंड
- 43:49कितना कम देगा
- 43:50यह तो डिविडेंड्स वगैरह भी मुझे कम
- 43:53मिलेंगे और सारे पैसे जो है यह वो इसमें
- 43:55दे देगा इंटरेस्ट पे करने में क्योंकि ये
- 43:57हाईली गेड है तो शेयर होल्डर भी इन्वेस्ट
- 44:00नहीं
- 44:01करेंगे हाउ एवर अगर आपका साइज ऑफ
- 44:03एसिस्टिंग बोरोंग छोटा होगा तो फिर शेयर
- 44:06होल्डर्स इन्वेस्ट कर सकते हैं बिकॉज दे
- 44:07फील दैट दे विल रिसीव हायर डिविडेंड्स एंड
- 44:09बैंक लोस कैन आल्सो गिव लोस बिकॉज दे फील
- 44:12दैट के वो इंटरेस्ट पेमेंट वगैरह और
- 44:14रीपेमेंट आराम से आप दे दोगे क्योंकि आपके
- 44:16ऊपर इतना उधार नहीं चढ़ा
- 44:18हु एंड देन वी हैव द फ्लेक्सिबल
- 44:25फॉर एग्जांपल
- 44:27एक कोई ऐसा बिजनेस है जहां पर 6 महीने
- 44:30सेल्स होती है बहुत ज्यादा और 6 महीने
- 44:33बिजनेस बंद रहता है अब ऐसी सिचुएशन में
- 44:36आपको फ्लेक्सिबल लेकर आनी पड़ती है फॉर
- 44:39एग्जांपल आप 6 महीने अपना पीरियड गुजारने
- 44:42के लिए क्या करते हो एक शॉर्ट टर्म लोन ले
- 44:44लेते हो या ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी ले लेते
- 44:46हो कि यार आपका जो सिक्स मंथ्स का टाइम
- 44:49पीरियड है जिसमें सेल्स नहीं होती वो आप
- 44:51बैंक से शॉर्ट टर्म लोन लेके अपना कवर अप
- 44:53कर लोगे एक्सपेंसेस वेयर एस जब आपका सीजन
- 44:56आएगा तो तो सीजन में आपका रेवेन्यू काफी
- 44:58अच्छा होता है और वो सीजन में फिर आप जो
- 45:01है वो अपने पैसे वापस कर दोगे लोन
- 45:03रीपेमेंट वापस कर दोगे अलोंग विद द
- 45:05इंटरेस्ट तो आप देखते हो कि आपके बिजनेस
- 45:08के अंदर कितनी फ्लेक्सिबल है जो बहुत सारे
- 45:11सोर्सेस ऑफ फाइनेंस है उसके अंदर
- 45:12फ्लेक्सिबल कम होती है जैसे ट्रेड क्रेडिट
- 45:15है वो आपसे जल्दी पैसे मांगना शुरू कर
- 45:17देगा लेकिन बैंक्स वगैरह जो है वो आपसे
- 45:20डिले जितना होगा या जितना लंबा अरसा होगा
- 45:22उतना ज्यादा इंटरेस्ट बनेगा बिजनेस बैंक्स
- 45:25का तो बैंक्स जो है वो यूजुअली आपको काफी
- 45:27फ्लेक्सिबल होते हैं क्योंकि वो एक साथ
- 45:28आपको बहुत बड़ा अमाउंट भी दे देते हैं और
- 45:30प्लस वह आपसे आपको जो है वो लंबा टाइम
- 45:34पीरियड भी दे देते हैं टू पे ऑफ द बैक लोन
- 45:36बिकॉज उनका इंटरेस्ट बनता रहता है सो दीज
- 45:39आर द फैक्टर्स दैट अफेक्ट द चॉइस ऑफ सोर्स
- 45:41ऑफ फाइनेंस दैट व्हिच सोर्स ऑफ फाइनेंस यू
- 45:43आर गोइंग टू यूज एंड दिस एंड्स आवर चैप्टर
- 45:46दैट इज सोर्स ऑफ फाइनेंस तो सोर्सेस ऑफ
- 45:48फाइनेंस आपको पता होने चाहिए इसमें कि
- 45:50कौन-कौन से सोर्सेस ऑफ फाइनेंस आपके होते
- 45:52हैं और फैक्टर्स अफेक्टिंग द सोर्स ऑफ
- 45:55फाइनेंस इज आल्सो इंपोर्टेंट इन दिस
- 45:57चैप्टर नाउ एनी क्वेश्चंस गाइस कोई सवाल
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This page contains the full transcript of Revision Series: AS Level Business Chapter 29|Business Finance|9609| Sir Saifullah [Premium Lecture] by Saifullah Ajaz , generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 8,500 words across 1,075 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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