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Revision Series: AS Level Business Chapter 29|Business Finance|9609| Sir Saifullah [Premium Lecture] — Transcript

by Saifullah Ajaz · 8,500 words · 1,075 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:02तो यूनिट फाइ हमारा फाइनेंस डिपार्टमेंट
  2. 0:05के ऊपर बात करता है कि बेसिकली आपका जो
  3. 0:06फाइनेंस डिपार्टमेंट
  4. 0:09है वह बिजनेस के अंदर क्या करता है
  5. 0:12बेसिकली फाइनेंस डिपार्टमेंट जो है उसके
  6. 0:14बहुत सारे काम होते हैं बिजनेस में जैसे
  7. 0:16कि
  8. 0:17वो अपने ट्रांजैक्शन को रिकॉर्ड कर रहा
  9. 0:19होता है वो फाने फाइनेंशियल अकाउंट बना
  10. 0:22रहा होता है इनकम स्टेटमेंट पैलेंस शीट
  11. 0:25स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंसियल पोजीशन जिसे हम
  12. 0:26कहते ये चीज बना रहा होता है और साथ ही
  13. 0:28साथ वो सोर्सेस ऑ अरेंज कर रहा होता है
  14. 0:31बिजनेस के लिए अब सोर्सेस ऑफ फाइनेंस
  15. 0:33बेसिकली के बिजनेस के पास पैसे जो है व
  16. 0:35कहां से आ रहे हैं और यजली बिजनेस के पास
  17. 0:39पैसे जो है वो डिफरेंट सोर्सेस से ही आ
  18. 0:41रहे होते हैं वो सोर्सेस या तो इंटरनल
  19. 0:43होती है या तो एक्सटर्नल होती है तो इस
  20. 0:45चैप्टर में हम लोग यही डिस्कस करेंगे कि
  21. 0:47बेसिकली हाउ इज द मनी इन फ्लोइंग इन द
  22. 0:51कंट्री सॉरी इन द बिजनेस तो बिजनेस जो है
  23. 0:57उसको पैसों की सबसे पहले तो रिक्वायरमेंट
  24. 0:59क्
  25. 1:01बिजनेस को पैसों की रिक्वायरमेंट इसलिए
  26. 1:03होती है साहिर सी बात है टू सेट अप द
  27. 1:05बिजनेस आपको जो है वह स्टार्ट अप कैपिटल
  28. 1:08की नीड होती है व्ट इ स्टार्ट अप कैपिटल
  29. 1:09इट इ द कैपिटल ट नीडेड टू स्टार्ट अप द
  30. 1:12बिजनेस तो स्टार्ट अप करने के लिए आपको
  31. 1:15कैश की जरूरत होती है ताकि आप अपने
  32. 1:17एसेंशियल इक्विपमेंट परचेस कर सको
  33. 1:20प्रेमिसेस वगैरह खरीद सको लेबर को हायर कर
  34. 1:23सको र मटेरियल कंपोनेंट गगर खरीद सको ट फट
  35. 1:27ल एक्सपेंसेस टू मीट यू नीड स्टार्ट अप
  36. 1:30कैपिटल सेकंड ऑल बिजनेसेस नीड फाइनेंस टू
  37. 1:33फॉर देर वर्किंग कैपिटल ना व्हाट इज
  38. 1:34वर्किंग कैपिटल वर्किंग कैपिटल इज द
  39. 1:37कैपिटल दैट इज अवेलेबल टू पे द डे टू डे
  40. 1:39एक्सपेंसेस अपने रोज के खर्चों को पे ऑफ
  41. 1:43करने के लिए आपको क्या चाहिए होता है
  42. 1:45वर्किंग कैपिटल चाहिए होता है तो वर्किंग
  43. 1:47कैपिटल इज आल्सो नीडेड इन द बिजनेस और
  44. 1:50इसको भी सोर्स करने के लिए आपको पैसों की
  45. 1:52जरूरत होती है थर्डली व्हेन बिजनेस
  46. 1:55एक्सपेंड फर्द फाइनेंस विल बी नीडेड अब जब
  47. 1:57बिजनेस एक्सपेंड करता है तो जाहिर सी बात
  48. 1:59है एक्सपेंशन में उसको और ज्यादा कैपिटल
  49. 2:01इक्विपमेंट खरीदना पड़ता है और ज्यादा
  50. 2:03लेबर रखनी पड़ती है और ज्यादा जो है वो
  51. 2:06प्रेमिसेस वगैरह खरीदने पड़ते हैं तो
  52. 2:08बेसिकली व्हेन द बिजनेस एक्सपेंड इट्स
  53. 2:11प्रेमिसेस या दूसरी जगह प जाके वो अपना
  54. 2:13बिजनेस खोलता है तो उसके लिए भी क्या
  55. 2:15चाहिए पैसे
  56. 2:17चाहिए फोर्थ वी हैव एक्सपेंशन कैन बी अचीव
  57. 2:20बाय टेकिंग ओवर द अदर बिजनेस एज वेल तो
  58. 2:22अगर आप एक्सपेंड कर रहे हो अपनी खुद की
  59. 2:24ब्रांच खोल के नहीं बल्कि किसी और को टेक
  60. 2:26ओवर कर रहे हो तो टेक ओवर भी जो है वो
  61. 2:28पैसों का होता है मुफ्त का नहीं होता था
  62. 2:30उसके लिए भी आपको क्या चाहिए पैसे की
  63. 2:31जरूरत पड़ती है देन स्पेशल सिचुएशंस अब
  64. 2:36स्पेशल सिचुएशंस क्या है जैसे कोई वॉर हो
  65. 2:38गई अगर कंट्री के अंदर तो वॉर जब होती है
  66. 2:41कंट्री के अंदर तो उसके अंदर आपकी सेल्स
  67. 2:43बहुत जीरो हो जाती है और आपकी आपको बस वो
  68. 2:45पीरियड सरवाइव करना होता है जैसे कोविड आ
  69. 2:48गया था अभी 2019 में कोविड वाज अ स्पेशल
  70. 2:51सिचुएशन वेयर द वर्ल्ड इ वाज इन द पैंमिकन
  71. 2:55जो है वो रुक गई थी और कोई भी रेवेन्यू
  72. 2:58वगैरह जो है वो इतना ज्यादा जनरेट
  73. 3:00नहीं हो रहा था बिजनेसेस के लिए टू सरवाइव
  74. 3:03इन दैट सिचुएशन इन दस सिचुएशन यू नीड
  75. 3:06फाइनेंस ताकि आप इस सिचुएशन से जब निकल आओ
  76. 3:09एंड देन यू कैन स्टार्ट अर्निंग रेवेन्यू
  77. 3:11बट
  78. 3:17अंटच्ड यू नीड
  79. 3:20फाइनेंस एंड अपार्ट फ्रॉम परचेसिंग फिक्स
  80. 3:22एसेट फाइनेंस इ ऑफ यूज टू पे फॉर रिसर्च
  81. 3:24एंड डेवलपमेंट एस वेल आपको पैसों की जरूरत
  82. 3:27होती है ताकि आप रिसर्च एंड डेवलपमेंट कर
  83. 3:29सको नए प्रोडक्ट्स के अंदर नई मार्केटिंग
  84. 3:31स्ट्रेटेजी के अंदर आप इन्वेस्ट कर सको सो
  85. 3:34यू नीड टू रिसर्च द मार्केट यू नीड टू
  86. 3:36डेवलप न्यू प्रोडक्ट्स एंड फॉर दैट यू
  87. 3:39आल्सो नीड फाइनेंस सो दीज आर द सिक्स मेन
  88. 3:42रीजंस व्हाई फाइनेंस इज नीडेड इन द बिजनेस
  89. 3:45फॉर द स्टार्टअप कैपिटल फॉर योर वर्किंग
  90. 3:47कैपिटल टू पे योर डे टू डे एक्सपेंसेस फॉर
  91. 3:50एक्सपेंडिंग योर ओन प्रेमिसेस ओन ब्रांड
  92. 3:52नेम को आप एक्सपेंड कर ो डिफरेंट एरियाज
  93. 3:54में फॉर टेकिंग ओवर अदर बिजनेसेस फॉर
  94. 3:57स्पेशल सिचुएशन सच एज वर एंड कोविड
  95. 4:00और रिसेशन एंड आल्सो फॉर रिसर्च एंड
  96. 4:03डेवलपमेंट इनटू न्यू प्रोडक्ट्स एंड न्यू
  97. 4:06स्ट्रेटेजी नाउ देर इज अ डिफरेंस बिटवीन
  98. 4:09एक्सपेंडिचर्स एंड यूजुअली बिजनेस के अंदर
  99. 4:11यह दो तरीके के एक्सपेंडिचर्स आपके आते
  100. 4:13हैं देर इज अ कैपिटल एक्सपेंडिचर एंड अ
  101. 4:17रेवेन्यू एक्सपेंडिचर व्हाट इज द डिफरेंस
  102. 4:19बिटवीन कैपिटल एंड रेवेन्यू एक्सपेंडिचर
  103. 4:21कैपिटल एक्सपेंडिचर इज द परचेस ऑफ एसेट्स
  104. 4:24दैट आर एक्सपेक्टेड टू लास्ट फॉर मोर दन
  105. 4:26वन ईयर सच एज बिल्डिंग एंड मशीनरी जब भी
  106. 4:29आप कोई एसेट खरीदते हो और वो उसके ऊपर जब
  107. 4:32खर्चा करते हो उस एसेट के ऊपर उसको खरीदने
  108. 4:34का तोव खर्चा आपका एक साल से ज्यादा का
  109. 4:37होता है फॉर एग्जांपल आप कोई भी लेटस सपोज
  110. 4:39अपना फिक्स एसेट खरीदते हो कोई मशीनरी
  111. 4:41खरीदते हो आप टू मैन्युफैक्चर योर गुड्स
  112. 4:44वो मशीनरी जो है वो एक साल से ज्यादा आपके
  113. 4:46बिजनेस के अंदर ऑपरेट करती है वो बहुत देर
  114. 4:49में जाकर खराब होती है और उसके ऊपर जब आप
  115. 4:51दोबारा खर्चा करोगे तो वह काफी सालों बाद
  116. 4:53करोगे ऐसा नहीं है एक मशीन आप लेकर आए हो
  117. 4:56और एक महीने में वो खराब हो गई अब आप
  118. 4:57दूसरी मशीन खरीदने जा रहे हो नहीं मशीनस
  119. 5:00आर इन वारंटीज एंड उनकी अपनी वारंटी होती
  120. 5:02है और वो अगर खराब भी हो जाए तो वो
  121. 5:04रिप्लेस हो जाती है चेंज हो जाती है विद
  122. 5:05इन दैट स्पेसिफिक अमाउंट दैट यू हैव
  123. 5:07ऑलरेडी पेड कैपिटल एक्सपेंडिचर होता है
  124. 5:10आपका बड़ा खर्चा वो खर्चा जो आप एसेट्स
  125. 5:13खरीदने पे करते हो और वो खर्चा जो कि
  126. 5:16बार-बार नहीं आता यह सालों में एक बार आता
  127. 5:19है राइट ऑन द कांट्रेरी रेवेन्यू
  128. 5:22एक्सपेंडिचर क्या होता है यह आपका डे टू
  129. 5:25डे एक्सपेंस होता है यह खर्चा आपका डेली
  130. 5:27आता है तो वो खर्चे जो आपके डेली आते जैसे
  131. 5:30रॉ मटेरियल खरीदा था आपने उस सप्लायर को
  132. 5:33पैसे दे दिए सैलरीज एंड वेजेस पे कर दी
  133. 5:35सही है आपने रेंट पे कर दिया बिजली का बिल
  134. 5:38पे कर दिया यह सारे क्या है आपके रेवेन्यू
  135. 5:40एक्सपेंडिचर है सो ट पे ऑफ बोथ
  136. 5:43एक्सपेंडिचर एस वेल द बिजनेस रिक्वायर
  137. 5:45फाइनेंस कैपिटल एक्सपेंडिचर को भी पे ऑफ
  138. 5:47करने के लिए पैसों की जरूरत होती है
  139. 5:49रेवेन्यू एक्सपेंडिचर को भी पे ऑफ करने के
  140. 5:51लिए पैसों की जरूरत होती
  141. 5:54है फर हमने अभी वर्किंग कैपिटल डिस्कस करा
  142. 5:57तो वर्किंग कैपिटल होता क्या है देखिए
  143. 6:00वर्किंग कैपिटल इज वेरी इंपोर्टेंट फॉर
  144. 6:02एवरी बिजनेस अब फाइनेंस डिपार्टमेंट जो है
  145. 6:05वो वर्किंग कैपिटल को बहुत इफेक्टिवली
  146. 6:07मैनेज करने की कोशिश करता है द रीजन
  147. 6:09बिहाइंड वर्किंग कैपिटल को इफेक्टिवली
  148. 6:11मैनेज आपको इसलिए करना पड़ता है क्योंकि
  149. 6:12वर्किंग कैपिटल आपका वो पैसा होता है जो
  150. 6:15कि आपको डे टू डे एक्सपेंसेस को पे ऑफ
  151. 6:18करने के लिए चाहिए होता है और जहां पर
  152. 6:21आपका वर्किंग कैपिटल डिक्रीज हो गया या
  153. 6:23खत्म हो गया फिर आपका बिजनेस बंद हो जाएगा
  154. 6:27क्यों क्योंकि इफ यू डोंट हैव द मनी टू पे
  155. 6:29ऑफ योर डे टू डे एक्सपेंसेस योर बिजनेस
  156. 6:32विल नॉट बी एबल टू सरवाइव फॉर एग्जांपल
  157. 6:34सप्लायर को पैसे देने के लिए पैसे नहीं है
  158. 6:36आपके पास तो सप्लायर को पैसे देने के लिए
  159. 6:38पैसे नहीं है तो आपका बिजनेस बंद हो जाएगा
  160. 6:41सप्लायर उससे जो है वो सप्लाई करना बंद कर
  161. 6:43देगा और बिजनेस जो है वो फिर कैसे बनाएगा
  162. 6:45गुड्स सेकंड लेबर को वेजेस देने के लिए
  163. 6:48पैसे नहीं है तो लेबर जो है वो काम नहीं
  164. 6:50करेगी छोड़ के चली जाएगी लेबर छोड़ के चली
  165. 6:52जाएगी तो काम कौन करेगा बिजनेस में तो
  166. 6:54बिजनेस के ऑपरेशन जो है वो रुक सकते हैं
  167. 6:56अगर बिजनेस के पास वर्किंग कैपिटल नहीं है
  168. 7:00सो वर्किंग कैपिटल इज लाइक द लाइफ ब्लड ऑफ
  169. 7:02द बिजनेस जैसे इंसान है इंसान के जिस्म
  170. 7:05में खून है अब इंसान जो है वो इस खून जो
  171. 7:07ये पंप होता रहता है थ्रू आउट आपकी नर्व्स
  172. 7:09चलता रहता है जबी आपका जो है वो इंसान चल
  173. 7:12रहा होता है ऑपरेट कर रहा होता है लेकिन
  174. 7:14आप सारा ये खून निकाल दो तो इंसान जो है
  175. 7:16वो मर जाएगा इसी तरह बिजनेस का वर्किंग
  176. 7:19कैपिटल भी उसकी लाइफ ब्लड की तरह होता है
  177. 7:21बिजनेस में वर्किंग कैपिटल रहेगा बिजनेस
  178. 7:23ऑपरेट करता रहेगा चलता रहेगा चलता रहेगा
  179. 7:25लेकिन जहां आपने वर्किंग कैपिटल को जीरो
  180. 7:27कर दिया वहां पे आपका बिजनेस जो है वो बंद
  181. 7:30होना शुरू हो
  182. 7:31जाएगा सो वर्किंग कैपिटल इज वेरी एसेंशियल
  183. 7:35एंड वर्किंग कैपिटल हाउ इट इज कैलकुलेटेड
  184. 7:37इन द बिजनेस तो वर्किंग कैपिटल कैलकुलेट
  185. 7:39करने का फार्मूला है ट इज करंट एसेट माइनस
  186. 7:42करंट लायबिलिटी व्हाट आर करंट एसेट्स करंट
  187. 7:45एसेट्स आर योर शॉर्ट टर्म एसेट्स ये वो
  188. 7:48एसेट्स होते हैं जिनकी ओनरशिप आपकी होती
  189. 7:50है लेकिन एक साल के अंदर-अंदर ओनरशिप होती
  190. 7:52है एक साल बाद इनकी ओनरशिप खत्म हो जाती
  191. 7:54है आपकी सो करंट एसेट्स आर बेसिकली दोस
  192. 7:57एसेट्स च आर ओन फॉर पीरियड ऑफ टाइम एंड
  193. 8:01करंट लायबिलिटीज आर द डेट्स ऑफ द बिजनेस
  194. 8:03बिजनेस जो उधार लि बिजनेस ने लेकिन वो
  195. 8:06उधार जो है वो शॉर्ट टर्म के लिए कोई कम
  196. 8:08टाइम के लिए उधार लिया हुआ है तो जब आप कम
  197. 8:11टाइम के लिए उधार लेते हो उसको हम कहते
  198. 8:13हैं करंट लायबिलिटी तो करंट एसेट में से
  199. 8:15आप जब करंट लायबिलिटी माइनस करते हो तो जो
  200. 8:18पैसा आपके पास बचता है दैट इज बेसिकली योर
  201. 8:20वर्किंग कैपिटल एंड दैट इज यूज टू पे ऑफ
  202. 8:23योर डे टू डे एक्सपेंसेस सो अगर आपके पास
  203. 8:26सफिशिएंट वर्किंग कैपिटल नहीं होगा तो यू
  204. 8:29कैन नॉट पे योर सप्लायर्स यू कैन नॉट पे
  205. 8:32योर लेबर यू कैन नॉट पे योर रेंट यू कैन
  206. 8:35नॉट पे योर हीट एंड लाइट एक्सपेंसेस बिजली
  207. 8:38का बिल वगैरह नहीं पे कर सकते एंड दैट इज
  208. 8:40वई योर वर्किंग कैपिटल बिल इज एन एसेंशियल
  209. 8:44पार्ट फॉर योर बिजनेस ताकि बिजनेस चलता
  210. 8:47रहे बिजनेस ऑपरेट करता
  211. 8:49रहे नाउ यूजुअली बिजनेस के पास पैसे कहां
  212. 8:52से आएंगे तो बिजनेस के पास दो तरीके से
  213. 8:55पैसे आते हैं देर आर इंटरनल सोर्स ऑफ
  214. 8:57फाइनेंस एंड देर आर एक्सटर्नल सोर्स ऑफ
  215. 9:00फाइनेंस इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस क्या
  216. 9:02होता है बच्चों इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस
  217. 9:04इज द फाइनेंस दैट इज जेनरेटेड फ्रॉम विद
  218. 9:06इन द बिजनेस वो पैसा जो कि बिजनेस के अंदर
  219. 9:09से ही जनरेट कर लेते हो आप सो दैट इज
  220. 9:11बेसिकली योर इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस स
  221. 9:15फर्स्ट वन इज फॉर प्रॉफिट रिटेन इन द
  222. 9:16बिजनेस बिजनेस को जो प्रॉफिट बच जाते हैं
  223. 9:19आफ्टर पेइंग ऑल द एक्सपेंसेस ऑल द
  224. 9:21डिविडेंड सारे खर्चे पे करने के बाद जो
  225. 9:24पैसे बिजनेस के अंदर बच जाते हैं
  226. 9:27दोस दैट मनी इ बेसिकली प्रॉफिट और वो
  227. 9:30प्रॉफिट आप इस्तेमाल करते हो इन ऑर्डर टू
  228. 9:33रिइन्वेस्ट इन द बिजनेस तो बेसिकली वो जो
  229. 9:36प्रॉफिट आप रिइन्वेस्ट कर रहे हो वो क्या
  230. 9:38आपका सोर्स ऑफ फाइनेंस सो प्रॉफिट कहां से
  231. 9:41जनरेट होता है बिजनेस के अंदर से जनरेट
  232. 9:43होता है आफ्टर एक्सपेंस ल द एक्सपेंसेस आर
  233. 9:45पेड तोय बिजनेस का अपना ही अमाउंट होता है
  234. 9:48अपना ही प्रॉफिट होता है अपना ही जो नका
  235. 9:50प्रॉफिट होता है जो कि य रिइन्वेस्ट कर
  236. 9:52रहे होते हैं सो दिस न इंटरनल सोर्स ऑफ
  237. 9:54फाइनेंस देन वी हैव सेल ऑफ एसेट्स अब बहुत
  238. 9:57सारे ऐसे एसेट होते बिजनेस के अंदर जो
  239. 9:59इनका यूज खत्म हो जाता है जो कि पुराने हो
  240. 10:02जाते हैं या तो खराब हो जाते हैं तो
  241. 10:04यूजुअली फिर वो एसेट्स जो है वो बिजनेस के
  242. 10:06कोई काम केलिए रहते हैं और उन एसेट्स को
  243. 10:08बेच के आप जो है वो पैसे रिकवर कर सकते हो
  244. 10:11थोड़ा बहुत कैश बिजनेस के अंदर आ सकता है
  245. 10:14तो एसेट को बेचने के बाद आपके बिजनेस के
  246. 10:16अंदर जो है वो पैसा आता है क्योंकि एसेट
  247. 10:18जो है वो आप मार्केट में एट अ सर्टेन
  248. 10:20प्राइस सेल करते हो तो बिजनेस के अंदर कैश
  249. 10:22आएगा और वो कैश बिजनेस इस्तेमाल कर सकता
  250. 10:24है इन पेइंग ऑफ इट्स डे टू डे एक्सपेंसेस
  251. 10:27और इन परचेसिंग एनी अदर एसेट
  252. 10:30देन वी हैव रिडक्शन इन वर्किंग
  253. 10:32कैपिटल अब वर्किंग कैपिटल में रिडक्शन
  254. 10:35मतलब के आप जो है वो इन्वेंटरी की स्टोरेज
  255. 10:38कम कर दे इन्वेंटरी की स्टोरेज कम करेंगे
  256. 10:41तो क्या होगा कि आपके पास कैश ज्यादा
  257. 10:43रहेगा और इन्वेंटरी जो है व आपकी क्योंकि
  258. 10:46इन्वेंटरी जो है उसमें पैसा आपका हमेशा
  259. 10:48फसा रहता है जब तक इन्वेंटरी सेल नहीं
  260. 10:50होगी इन्वेंटरी जो है वह आपको पैसा रिकवर
  261. 10:53करके नहीं देगी तो इन्वेंटरी अगर आप कम
  262. 10:56कैश में रखोगे ना तो बिजनेस के पास कैश
  263. 10:58मौजूद होगा वो कैश किसी और जगह पर लगा
  264. 11:00सकता है तो इसलिए होल्डिंग लेस लेवल ऑफ
  265. 11:03इन्वेंटरी सेलिंग लेस ऑन क्रेडिट आप
  266. 11:06क्रेडिट पर कम बेचेंगे अगर फॉर एग्जांपल
  267. 11:08आपका कोई कस्टमर आता है वो हमेशा आपसे
  268. 11:10उधार पर खरीद के लेकर जाता है तो उधार अगर
  269. 11:12आप बंद कर दोगे तो क्या होगा कि कस्टमर को
  270. 11:15कैश पही खरीदना पड़ेगा तो बिजनेस में कैश
  271. 11:17आता रहेगा और बिजनेस जो है व उस कैश को
  272. 11:19इस्तेमाल करता रहेगा टू पे ऑफ द अदर डे टू
  273. 11:22डे एक्सपेंसेस तो बेसिकली देखा जाए तो
  274. 11:24इन्वेंटरी को स्टोरेज कम करने से और
  275. 11:28कस्टमर से जल्दी पैसे मांगने से आपका
  276. 11:31जो कैश ज्यादा आएगा बिजनेस में और इसकी
  277. 11:35वजह से आपका वर्किंग कैपिटल भी जो है व
  278. 11:37रिड्यूस होगा बिकॉज यू विल बी कीपिंग लेस
  279. 11:40क्रेडिट कस्टमर तो आपका रिसी वेबल कम हो
  280. 11:42जाएगा यू विल बी कीपिंग लेस अमाउंट ऑफ
  281. 11:45इवेंट तो आपकी इन्वेंटरी कम हो जाएगी और
  282. 11:47उसकी वजह से वर्किंग कैपिटल तो रिड्यूस
  283. 11:48होगा लेकिन अल्टीमेटली कैश आपके पास होगा
  284. 11:51वो कैश आप कहीं और इस्तेमाल कर सकते हो
  285. 11:54बिजनेस का एक्सपेंशन में इस्तेमाल कर सकते
  286. 11:56हो बिजनेस के दूसरे एसेट खरीदने में
  287. 11:58इस्तेमाल कर सकते सते हो सो दैट इज आल्सो
  288. 12:00अ सोर्स ऑफ
  289. 12:02फाइनेंस नाउ द बेनिफिट्स ऑफ इंटरनल
  290. 12:04सोर्सेस ऑफ फाइनेंस अब ये जितने भी इंटरनल
  291. 12:06सोर्सेस ऑफ फाइनेंस है इनका फायदा यह है
  292. 12:08कि देयर इज नो डायरेक्ट कॉस्ट टू द बिजनेस
  293. 12:11व्हाट डू वी मीन बाय डायरेक्ट
  294. 12:15कॉस्ट
  295. 12:17हम लोन लेते हैं तो लोन के साथ एक
  296. 12:21डायरेक्ट दैट इज इंटरेस्ट हम लोग जब
  297. 12:24शेयर्स इशू करते हैं तो शेयर्स के साथ एक
  298. 12:26डायरेक्ट कॉस्ट अटैच होती है दैट इज
  299. 12:27डिविडेंड्स डिविडेंड्स पे करने होंगे
  300. 12:29लेकिन यहां पे देखें देर इज नो डायरेक्ट
  301. 12:30कॉस्ट प्रॉफिट आपका अपना है एसेट बेचो
  302. 12:32अपना है रिटेन वर्किंग कैपिटल में रिडक्शन
  303. 12:35करो ये भी अ अपना ही व है तो इसके साथ कोई
  304. 12:38कॉस्ट एसोसिएटेड नहीं होती सो देयर इज नो
  305. 12:40डायरेक्ट कॉस्ट विच इंप्रूव्स द कैश फ्लोज
  306. 12:42ऑफ द बिजनेस के बेसिकली बिजनेस का कोई कैश
  307. 12:45फ्लो नहीं होता थ्रू इंटरनल सोर्स ऑफ
  308. 12:48फाइनेंस सेकंड इंटरनल फाइनेंस डज नॉट
  309. 12:50इंक्रीज द लायबिलिटीज और डेट्स ऑफ द
  310. 12:53बिजनेस अब आप लोन लेने जाते हो अगर तो लोन
  311. 12:55आपका क्या बढ़ाएगा लायबिलिटी और डेट
  312. 12:57बढ़ाएगा लेकिन यहां पे इंटरनल सोर्स ऑफ
  313. 13:00फाइनेंस में ये तीनों मेथड में आपका कभी
  314. 13:02भी जो है वह ना ही लायबिलिटी बढ़ती ना ही
  315. 13:05डेट
  316. 13:06बढ़ता एंड देयर इज नो रिस्क ऑफ लॉस ऑफ
  317. 13:09कंट्रोल बाय द ओरिजिनल ओनर्स और द एज देयर
  318. 13:11इज नो शेयर्स सोल्ड तो शेयर बेचने में एक
  319. 13:15और नुकसान आपको फेस करना पड़ता है दैट इज
  320. 13:17के ओनरशिप और कंट्रोल आपका जा सकता है
  321. 13:20लेकिन यहां पे ओनरशिप और कंट्रोल आपका
  322. 13:22नहीं जा रहा बिकॉज़ आपके इंटरनल सोर्स ऑफ
  323. 13:25फाइनेंस में देयर इज नो एक्सटर्नल बॉडी
  324. 13:27इवॉल्वड व्हिच कैन टेक ओवर र बिजनेस और
  325. 13:30टेक ओवर द
  326. 13:31कंट्रोल हाउ एवर डिसएडवांटेजेस क्या है इट
  327. 13:34इ नॉट अवेलेबल फॉर ल द कंपनी फॉर एपल वो
  328. 13:38कंपनी जो कि लॉस कर रही है उसके पास तो
  329. 13:40प्रॉफिट होगा ही नहीं व कंपनी जो वर्किंग
  330. 13:43कैपिटल नहीं रख रही उसके पास वर्किंग
  331. 13:45कैपिटल में रिडक्शन का ऑप्शन ही नहीं होगा
  332. 13:47और वो कंपनी जो
  333. 13:49के जिसके पास कोई एसेट नहीं है सही तो वो
  334. 13:52कंपनी जो है वो कैसे बेच के एसेट रिकवर
  335. 13:55करेगी तो आपके जो इंटरनल सोर्सेस ऑफ
  336. 13:57फाइनेंस है मोस्टली नॉट अवेलेबल फॉर ल द
  337. 14:00बिजनेसेस सेकली न्यूली फॉर्म वनस और
  338. 14:03अनप्रॉफिटेबल
  339. 14:04वनस विथ फ्यू स्पेयर एसेट्स विल नॉट बी
  340. 14:07अवेलेबल विल नॉट बी एबल टू यूज इंटरनल
  341. 14:09सोर्स ऑफ फाइनेंस अब फॉर एग्जांपल आपके नए
  342. 14:12कस्टमर्स बने तो नए कस्टमर्स अगर आपके है
  343. 14:14तो पहली बात आपका रेवेन्यू जनरेट ही नहीं
  344. 14:17होगा तो प्रॉफिट कैसे होगा आपको फिर वो
  345. 14:19बिजनेस जिनके पास कोई स्पेयर एसेट नहीं है
  346. 14:21वो एसेट जितने भी है बिजनेस के अंदर वो
  347. 14:23सारे इस्तेमाल में है तो वो कैसे बेच के
  348. 14:26एसेट को पैसे रेज करेंगे एंड डिपेंडिंग ऑन
  349. 14:30इंटरनल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस फॉर एक्सपेंशन
  350. 14:31कैन स्लो डाउन बिजनेस ग्रोथ अब यूजुअली जो
  351. 14:34आपके इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस होते हैं ना
  352. 14:36ये काफी लिमिटेड होते हैं काफी छोटे
  353. 14:38अमाउंट्स होते हैं राइट एसेट कितने का
  354. 14:40बिकेगा एक यूज्ड एसेट्स की वैल्यू कम होती
  355. 14:42है प्रॉफिट बिजनेस कितने ही कमा लेगा तो
  356. 14:45यूजुअली द अमाउंट दैट इज अवेलेबल इन द
  357. 14:48इंटरनल सोर्सेस दज आर ऑफें वेरी लो और यह
  358. 14:52लो अमाउंट होने की वजह से अगर आप सिर्फ
  359. 14:53इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस इस्तेमाल करते
  360. 14:55रहोगे अपने बिजनेस ग्रोथ के लिए तो फिर ये
  361. 14:58लो अमाउंट्स आपके बिजनेस ग्रोथ को स्लो
  362. 15:00डाउन कर देंगे क्योंकि आपके पास पैसे पहले
  363. 15:03जमा करने पड़ेंगे आपको जब बहुत सारे पैसे
  364. 15:05जमा होंगे फिर आप एक्सपेंड करेंगे फिर
  365. 15:07दोबारा वेट करेंगे पैसे जमा होने का फिर
  366. 15:09आप एक्सपेंड करेंगे सो इट इज क्वाइट अ
  367. 15:11स्लो प्रोसेस तो इंस्टेड ऑफ दैट यू कैन गो
  368. 15:14फॉर एक्सटर्नल सोर्स ऑफ फाइनेंस ताकि आपकी
  369. 15:16एक्सपेंशन वगैरह जो है वो तेजी से होती
  370. 15:20रहे देन वी हैव एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ
  371. 15:24फाइनेंस और एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस
  372. 15:26को यूजुअली हम क्लासिफाई करते हैं इनटू द
  373. 15:28टाइम पीरियड
  374. 15:29देर ज शॉर्ट टर्म सोर्स देर ज मीडियम टर्म
  375. 15:33सोर्स एंड देर ज लंग टर्म सोर्स अ शर्ट
  376. 15:36टर्म सोर्स विदन यर मतलब यह आपका जो पैसा
  377. 15:39है यह आपको मिलता तो है एक साल के अंदर
  378. 15:42अंदर और एक साल के अंदर अंदर आपको इसको
  379. 15:44वापस करना होता है या यह पैसा आप एक साल
  380. 15:47के अंदर अंदर इस्तेमाल कर सकते हैं शॉर्ट
  381. 15:50टर्म सोर्सेस में आते है सबसे पहले तो
  382. 15:51बैंक ओवरड्राफ्ट व्ट इ बैंक ओवरड्राफ्ट
  383. 15:55बैंक ओवरड्राफ्ट इ एन एग्रीमेंट विद द
  384. 15:57बैंक और जिसके अंदर आप क्या करते हो आप
  385. 15:59बैंक से य एग्रीमेंट कर लेते हो कि मैं
  386. 16:01अपने अकाउंट के बैलेंस से एक सर्टेन
  387. 16:03अमाउंट ज्यादा विड करा सकता हूं फॉर
  388. 16:06एग्जांपल एक कस्टमर मेरे पास आता है ले
  389. 16:08सपोज मेरे बैंक में जो है वो 00 ठीक है 00
  390. 16:12आर इन माय बैंक अकाउंट इन माय बिजनेस बैंक
  391. 16:14अकाउंट एंड एक कस्टमर आता है व कस्टमर जो
  392. 16:17है व मेरे
  393. 16:20से ले स कस्टमर नहीं सप्लायर कहते है 00
  394. 16:24मेरे अकाउंट में पड़े हु ठीक है सप्लायर आ
  395. 16:28मुझसे लेने के लिए आप बिल जो है व 00 का
  396. 16:32है सही है अब मैं मेरे अकाउंट में 00 दिए
  397. 16:37लेकिन मैं उसको एक चेक दे देता हूं 80000
  398. 16:39का सप्लायर को अब यह सप्लायर यह चेक बैंक
  399. 16:43लेकर जाता है 800 का अमाउंट है मेरे
  400. 16:46अकाउंट में 50000 है देखा जाए तो यह बैंक
  401. 16:49में जब य चेक लेकर जाएगा तो यह चेक जो है
  402. 16:51व बाउंस हो जाएगा क्योंकि मेरे अकाउंट में
  403. 16:54इतना पैसा है ही नहीं कि मैं इसका यह
  404. 16:57अमाउंट ऑफ कर सक लेकिन जब यह सप्लायर चेक
  405. 17:01लेकर जाता है तो चेक क्लियर हो जाता है अब
  406. 17:03चेक क्लियर कैसे हो गया मैंने बैंक के साथ
  407. 17:06एक एग्रीमेंट करा हुआ है कि जितना भी मेरा
  408. 17:09बैलेंस होगा उससे ऊपर मैं 30000 जो है वो
  409. 17:12एडिशनल बोरो करूंगा आपसे तो यहां पर 50000
  410. 17:16प्स 30000 एडिशन इ द 80000 अमाउंट तो तभी
  411. 17:20बैंक य सप्लायर का चेक बाउंस नहीं हुआ
  412. 17:22बल्कि क्लियर हो गया क बैंक से मैंने
  413. 17:24ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी ली हु थी सो दिस इज
  414. 17:27एन ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी अब क्या होगा कि
  415. 17:29एक महीने बाद दो महीने बाद या जब भी विदन
  416. 17:32ईयर मैं अपने बैंक अकाउंट में पैसे
  417. 17:34डालूंगा तो बैंक जो है वो अपना ओवरड्राफ्ट
  418. 17:37का अमाउंट कट करके मुझे जो है वो रिटर्न
  419. 17:41अपना इंटरेस्ट कट करके उतने पैसे मेरे
  420. 17:43अकाउंट में से निकाल लेगा दिस इ बेसिकली
  421. 17:45योर बैंक
  422. 17:47ओवरड्राफ्ट देन वी हैव ट्रेड क्रेडिटस अब
  423. 17:51ट्रेड क्रेडिट क्या होते हैं स आर द
  424. 17:53एग्रीमेंट विथ द क्रेडिटर टू बाय ऑन
  425. 17:56क्रेडिट आप जब अपने सलायर
  426. 18:00से जो एग्रीमेंट कर लेते हो कि भाई आप जो
  427. 18:03है आपसे मैं गुड तो अभी खरीदूंगा लेकिन
  428. 18:04पैसे आपको तीन चार महीने बाद दूंगा दिस इज
  429. 18:08बेसिकली योर सोर्स ऑफ फाइनेंस अब यह भी एक
  430. 18:10सोर्स ऑफ फाइनेंस इसलिए क्योंकि इसमें
  431. 18:12आपके पैसे तो नहीं आ रहे लेकिन उन पैसों
  432. 18:15की वर्थ अमाउंट ऑफ गुड्स आपके पास आ रहे
  433. 18:18और व पैसे भी आपको जो है वो वापस करने
  434. 18:21आफ्टर गेनिंग अ रेवेन्यू जब आप कमाना शुरू
  435. 18:24हो जाओगे तब आप जो है वो फिर वो पैसे वापस
  436. 18:27कर दोगे तो बेसिक यह भी एक तरीके का आपका
  437. 18:29ट्रेड क्रेडिट है कि बेसिकली आपको
  438. 18:31क्रेडिटर पैसे तो नहीं दे रहा लेकिन
  439. 18:32उन्हीं पैसों के बदले वो गुड्स दे रहा है
  440. 18:35रॉ मटेरियल दे रहा है और वो रॉ मटेरियल आप
  441. 18:37इस्तेमाल कर सकते हो इन द मैन्युफैक्चरिंग
  442. 18:38ऑफ गुड्स एंड सर्विसेस देन यू सेल देम एंड
  443. 18:41देन व्हेन एवर द मनी कम्स इन फिर आप उस
  444. 18:44क्रेडिटर को पैसे वापस कर देते हो तो यह
  445. 18:47भी आपका विदन अ ईयर होता
  446. 18:49है कि आपको विदन अ ईयर अपने क्रेडिटर को
  447. 18:51पैसे पे ऑफ करने होते हैं देन वी हैव डेट
  448. 18:55फैक्टरिंग अब डेट फैक्टरिंग भी एक
  449. 18:57इंटरेस्टिंग है काफी एक सोर्स ऑफ फाइंस अब
  450. 18:59इसमें होता यह है कि बहुत सारे कंट्रीज
  451. 19:01में दे डेट फैक्टरिंग
  452. 19:04कंपनी अब वो डेट फैक्टरिंग कंपनी होती
  453. 19:07क्या है बेसिकली सस डेट फैक्ट कंपनी
  454. 19:12यह कंपनी का डेटर खरीदने के लिए बैठी होती
  455. 19:15है डेट फैक्ट कंपनी होती है फॉर
  456. 19:20एग्जांपल मिस्टर ए है मिस्टर ए मेरे
  457. 19:24कस्टमर
  458. 19:26है ठीक है
  459. 19:32ये मेरा क्रेडिट कस्टमर क्रेडिट कस्टमर का
  460. 19:34मतलब क्या है ये मेरे से गुड उधार पर
  461. 19:36खरीदता है तो मेरी कंपनी के लिए क्या हुआ
  462. 19:39यह डेटर हुआ या इसको हम रिसी वेबल भी कहते
  463. 19:41हैं यह मेरा रिसी वेबल हो
  464. 19:45गया अब मिस्टर ए ने मुझे बोला कि सर आप
  465. 19:48मुझे जो है वो गुड्स भेज दो मैं आपको तीन
  466. 19:50महीने बाद पैसे दूंगा तो तीन महीने का
  467. 19:52क्रेडिट टाइम था तीन महीने बाद मैं इससे
  468. 19:54पैसे मांगने गया इसने मुझे नहीं दिया फिर
  469. 19:57इसने बोला दो महीने और दे दे दो महीने बाद
  470. 19:59में पैसे मांगने गया इसने मुझे नहीं दिया
  471. 20:01आन महीने हो गए और मुझे लगा कि अब यह जो
  472. 20:03है वो मेरा डेट इरिकवरेबल है यह जो कस्टमर
  473. 20:07है यह मुझे पैसे नहीं देगा यह कस्टमर मेरे
  474. 20:09पैसे लेके भाग गया तो अब मैं क्या करूंगा
  475. 20:13अब मिस्टर ए मेरा डेटर है सही है अब मैं
  476. 20:16एक डेट फैक्टरिंग कंपनी के पास
  477. 20:19जाऊंगा इस डेट फैक्टरी कंपनी से मैं बात
  478. 20:22करूंगा बोलूंगा भाई य मिस्टर ए मेरा डेटर
  479. 20:25है इसने मुझे मुझसे 0000 के गुड्स री थे
  480. 20:29सही है 00 के इसने मेरे से गुड खरीदे थे
  481. 20:33और आज आन महीने हो गए और इसने मुझे अभी तक
  482. 20:36य 300 वापस नहीं करे तो मैं यह आपको बेचना
  483. 20:39चाह रहा हूं तो डेट फैक्टरिंग कंपनी जो है
  484. 20:42बेसिकली व क्या करेगी व यह 30000 की वर्थ
  485. 20:46का डेटर जो है व मेरे से खरीद लेगी लेकिन
  486. 20:49डेट फैक्टरी कंपनी पूरे पैसों को नहीं
  487. 20:51खरीदेगी वो मुझे 30000 के बदले में तकरीबन
  488. 20:55लेट सपोज 20000 पे कर देगी
  489. 20:59कि 30000 का एसेट मैं आपसे खरीद रहा हूं
  490. 21:02फॉर
  491. 21:0420000 अब डेट फैक्टरिंग क्या करेगी अब डेट
  492. 21:07फैक्ट्री मिस्टर ए के पास जाएगी मिस्टर ए
  493. 21:09को कहीं से भी पकड़े गी मिस्टर ए से कहीं
  494. 21:12कैसे ना किसी किसी ना किसी तरह करके वो
  495. 21:150000 जो है वो रिकवर करवा लेगी तो डेट
  496. 21:19फैक्टरिंग कंपनी का काम क्या होता है कि
  497. 21:21वह कंपनी से के डेटर्स को खरीदता है और
  498. 21:24फिर खुद जो है वो पैसे रिकवर करवाता है
  499. 21:26फ्रॉम दैट पर्टिकुलर डेटर
  500. 21:29तो इससे होगा यह कि यह 300 जब इसके रिकवर
  501. 21:31हो जाएंगे डेट फैक्ट्री कंपनी के तो इस
  502. 21:34300 में जो 20000 इस डेट फैक्टरी कंपनी ने
  503. 21:36मुझे दिए थे यह भी रिकवर हो जाएंगे और 00
  504. 21:40जो है इसका प्रॉफिट हो जाएगा जो भी इसका
  505. 21:43खर्चा बर्चा हुआ है टू रिकवर द अमाउंट यह
  506. 21:46इसका प्रॉफिट हो जाएगा सो दिस इ हाउ डेट
  507. 21:49फैक्टरिंग वर्क्स न द फर्म सेल इट्स डेट
  508. 21:53और इरिकवरेबल डेट टू
  509. 21:57द डेट फ कंपनी और वो डेट फैक्ट कंपनी उसके
  510. 22:00अगेंस्ट में आपको पैसे देती है बिजनेस के
  511. 22:03अंदर पैसे आ गए डेट फैक्ट कंपनी खुद से
  512. 22:06जाके जो है वो रिकवरी कर लेती है लेकिन
  513. 22:08बिजनेस के अंदर 20000 तो आते तो ओनर यही
  514. 22:10सोचते है कि यार जहां पर मेरे 00 डूब रहे
  515. 22:12थे वहा 20000 तो रिकवर हो गए तो अपने लॉस
  516. 22:16को ओनर जो है व मिनिमाइज करने के लिए क्या
  517. 22:18करता है डेट फैक्टरिंग कर देता
  518. 22:21है देन वी हैव सोर्सेस ऑफ मीडियम टर्म
  519. 22:24फाइनेंस अ मीडियम टर्म फाइनेंस बेसिकली टू
  520. 22:28फ के दरमियान होता है यूजुअली और इसके
  521. 22:31अंदर आता है आपका हायर परचेस एंड लीजिंग
  522. 22:34अब दोनों में क्या डिफरेंस है देखिए दोनों
  523. 22:36में डिफरेंस य है कि हायर परचेस इज व्हेन
  524. 22:39यू बाय द एसेट ऑन इंस्टॉलमेंट्स टू ओन द
  525. 22:44एसेट एन एसेट इ सोल्ड टू अ कंपनी दैट
  526. 22:46एग्री टू पे फिक्स रीपेमेंट ओवर एन एग्रीड
  527. 22:49टाइम पीरियड द एसेट बिलोंग टू द कंपनी तो
  528. 22:52कंपनी जब जाके एसेट को खरीदना चाहती है ऑन
  529. 22:55इक्वल इंस्टॉलमेंट पे करके तो बेसिकली
  530. 22:59हायर
  531. 23:00परचेस और लीजिंग क्या होता है लीजिंग
  532. 23:02बेसिकली न द कंपनी ऑब्टेन द यूज ऑफ एसेट
  533. 23:05और व्हीकल्स एंड पे रेंटल और लीजिंग चार्ज
  534. 23:08ओवर फिक्स पीरियड एंड दिस अवॉइड द नीड ऑफ
  535. 23:10द बिजनेस टू रेज लंग टर्म कैपिटल टू बाय द
  536. 23:13एसेट ओनरशिप विद द लीजिंग कंपनी अभी अगर
  537. 23:17आप लोग कहीं लिख ले अपने पास तो हायर
  538. 23:21परचेस और लीजिंग में क्या फर्क होता है
  539. 23:23हायर
  540. 23:25परचेस इ न द कंपनी बा एसेट और
  541. 23:31इंस्टॉलमेंट तो इसमें कंपनी जो है व एसेट
  542. 23:35की ओनरशिप करना चाहती है वेर लीजिंग में
  543. 23:39भी आप इंस्टॉलमेंट मतलब मंथली लीज पेमेंट
  544. 23:41पे कर रहे होते हो लेकिन ओनली फॉर द यूज
  545. 23:44ऑफ द एसेट कंपनी का कोई इंटेंशन नहीं होता
  546. 23:47कि वह इस एसेट को खरीदे सो दिस इ द मेन
  547. 23:51डिफरेंस बिटवीन हायर परचेस ए ली यर परचे य
  548. 23:54पे इल इंस्टॉलमेंट मंथली इंस्टॉलमेंट टू
  549. 23:59बाय द एसेट वेरस लीजिंग में आप क्या करते
  550. 24:03हो य पे योर लीजिंग चार्ज और लीजिंग
  551. 24:07रेंटल टू यूज द
  552. 24:11एसेट सो हायर परचेस एसेट सोल्ड टू अ कंपनी
  553. 24:15ट एग्री टू पे फिक्स रीपेमेंट ओवर एन
  554. 24:17एग्री टाइम पीरियड द एसेट बिलंग टू द
  555. 24:19कंपनी वेरस लीजिंग इ ऑब्टेनिंग द यूज ऑफ
  556. 24:22इक्विपमेंट और व्हीकल्स एंड पेइंग अ रेंटल
  557. 24:24और लीजिंग चार्ज ओवर फिक्स पीरियड दिस
  558. 24:26अवॉइड द नीड फॉर द बिजनेस टू रे लग टर्म
  559. 24:28कैपिटल टू बाय द एसेट ओनरशिप रिमेंस विद द
  560. 24:31लीजिंग कंपनी तो यहां पर आप फॉर एग्जांपल
  561. 24:35किसी मैनेजर को आपने गाड़ी देनी है अब व
  562. 24:37मैनेजर आपको पता है कुछ सालों के लिए है
  563. 24:39कभी भी छोड़ के भी जा सकता है लेकिन आपको
  564. 24:41उसने उसको जो है व मोटिवेटेड भी रखना है
  565. 24:44तो आप जो है वो उस मैनेजर के लिए 30 4 लाख
  566. 24:47रुपए की गाड़ी खरीद के उसको एक साथ नहीं
  567. 24:49दोगे 30 4 लाख रुप बिजनेस में से निकल
  568. 24:51जाएंगे इंस्टेड आप क्या करते हो आप लीजिंग
  569. 24:53पर गाड़ी ले लेते
  570. 24:55हो जब तक मैनेजर है जब तक वो गाड़ी चला
  571. 24:58रहेगा और हम उसकी बिफ प लीजिंग पेमेंट पे
  572. 25:01करते रहेंगे तो थोड़ा-थोड़ा अमाउंट मंथली
  573. 25:02जाता रहेगा जैसे एक साथ 30 लाख के बजाय हर
  574. 25:06महीने 0000 का अमाउंट जा रहा है सो दैट इज
  575. 25:09एक्सेप्टेबल क्योंकि उसी दौरान बिजनेस फिर
  576. 25:12कमा भी लेता है अपना और भी पैसे जो है वो
  577. 25:13जनरेट कर लेता है हाउ एवर हायर परचेस में
  578. 25:16बिजनेस को जब एसेट खरीदना होता है फॉर
  579. 25:18एग्जांपल कोई मशीनरी उसको खरीदनी है अपनी
  580. 25:20फैक्ट्री के लिए तो फिर वो हायर परचेज
  581. 25:22इस्तेमाल करेगी क्योंकि उसको उस मशीन की
  582. 25:24ओनरशिप चाहिए वो मशीन जो है वो बिजनेस में
  583. 25:2610 साल 12 साल 15 साल जो है वो रहेगी तो
  584. 25:29उसकी उसको ओनरशिप चाहिए तो उस ओनरशिप के
  585. 25:31लिए वो क्या करेगा हायर परचेस की तरफ
  586. 25:33जाएगा सो डिपेंड्स ऑन कि आपको एसेट जो है
  587. 25:36वो कौन सा खरीदना है और किस तरीके से
  588. 25:38खरीदना है सो दिस आर योर टू मीडियम टर्म
  589. 25:41सोर्सेस ऑफ फाइनेंस फिर चलते हैं लॉन्ग
  590. 25:43टर्म सोर्सेस ऑफ फाइनेंस की तरफ लॉन्ग
  591. 25:45टर्म सोर्सेस ऑफ फाइनेंस आल्सो द फर्स्ट
  592. 25:48वन इ इक्विटी फाइनेंस इक्विटी फाइनेंस
  593. 25:51बेसिकली हम शेयर होल्डर्स को जब शेयर सेल
  594. 25:53करते हैं उसको हम कहते हैं इक्विटी
  595. 25:55फाइनेंस सो इट इज अ परमानेंट फाइनेंस रेज
  596. 25:57बाय कंपनी थ्रू द सेल ऑफ शेयर्स बेसिकली
  597. 26:01आप जब कंपनी के शेयर इशू करते हो टू द
  598. 26:04शेयर होल्डर्स टू रेज फाइनेंस दिस इज नोन
  599. 26:06एस इक्विटी फाइनेंस सो इक्विटी फाइनेंस के
  600. 26:09फायदे यह है कि इट इज अ परमानेंट कैपिटल य
  601. 26:12आपको वापस नहीं करना पड़ता जैसे लोन है
  602. 26:15लोन आपको वापस करना पड़ता है लेकिन यह
  603. 26:17आपको वापस नहीं करना पड़ता सेकंड
  604. 26:19डिविडेंड्स डू नॉट हैव टू बी पेड एवरी ईयर
  605. 26:21इन कंट्रास्ट इंटरेस्ट ऑन लोस मस्ट बी पेड
  606. 26:23व्हेन डिमांडेड बाय द लेंडर पले अब इसमें
  607. 26:27एक फायदा यह है कि आपको डिविडेंड्स तो पे
  608. 26:29नहीं करने डिविडेंड्स जो है वो आपको पे
  609. 26:31नहीं करने पड़ते जिस साल उस साल लॉस होता
  610. 26:34है बहुत दफा ऐसा होता है कि कंपनी लॉस
  611. 26:36करती है और कंपनी जब लॉस करती है तो इट इज
  612. 26:39नॉट ऑब्लिगेटेड फॉर द कंपनी टू पे द
  613. 26:41डिविडेंड्स टू द शेयर होल्डर्स शेयर
  614. 26:43होल्डर्स हमेशा प्रॉफिट में से दिया जाता
  615. 26:44है तो कंपनी जो प्रॉफिट कर रही है सही है
  616. 26:48और एक साल उसने लॉस कर दिया तो उस साल वो
  617. 26:50डिविडेंड पे नहीं करेगी वो डिविडेंड जमा
  618. 26:52होगा और अगले साल अगर कंपनी प्रॉफिट करेगी
  619. 26:54तो फिर अगले साल जो है वो प्रॉफिट पे
  620. 26:57करेगी
  621. 27:08देन वी हैव लॉन्ग टर्म लोस च इ आल्सो नोन
  622. 27:10एस डेट फाइनेंस डेट फाइनेंस इ बेसिकली जब
  623. 27:13आप लोन वगैरह लेते हो सही है और लोन को आप
  624. 27:15जो है व रिपे करते हो फॉर मोर देन अ ईयर
  625. 27:18मतलब यह पा साल 10 साल पा साल से ज्यादा
  626. 27:2110 साल तक यूली आप लोन वगैरह लेते बैंक से
  627. 27:24और लोन लेने से यह होता है कि बिजनेस के
  628. 27:27अंदर फौरी तौर परै
  629. 27:28आ जाता है फ्रॉम द बैक हावर लोन का फायदा
  630. 27:32यह है कि
  631. 27:34इसके जब आप शेयर इशू करते हो तो एक नुकसान
  632. 27:36यह होता है कि शेयर इशू करने से आपका
  633. 27:39कंट्रोल जा रहा होता है वेरस लोन लेने से
  634. 27:42आपका कोई कंट्रोल नहीं जाता लोन इ जस्ट एन
  635. 27:44एक्सटर्नल किसी एक्सटर्नल पार्टी से आपने
  636. 27:46पैसे बोरो करे और आप उसको व पैसे इंटरेस्ट
  637. 27:49के साथ वापस कर दोगे तो वह आपके बिजनेस के
  638. 27:53अंदर कुछ बोल नहीं सकता कुछ कर नहीं सकता
  639. 27:55उसकी ओनरशिप नहीं है बिजनेस की उससे बस
  640. 27:56आपने पैसे लिए
  641. 27:59सो द ओनरशिप इज नॉट डाइल्यूटेड डाइल्यूटेड
  642. 28:02मतलब द ओनरशिप इ नॉट डिवाइडेड सेकंड लोस
  643. 28:05लेने का एक और फायदा होता है कि लोन जो है
  644. 28:11वह आपको पे ऑफ करने होते हैं तो देर इज नो
  645. 28:15इंक्रीज इन परमानेंट लायबिलिटी आप अपनी
  646. 28:17लायबिलिटी को विद द पैसेज ऑफ टाइम कम कर
  647. 28:20सकते हो आपने लोन लिया लायबिलिटी एकदम से
  648. 28:22बढ़ गई लेकिन वक्त के साथ-साथ आप अपनी
  649. 28:24लायबिलिटी जो है वो पे ऑफ कर कर के अपनी
  650. 28:26लायबिलिटी को कम कर सकते हो लेकिन एक वक्त
  651. 28:29में एक पैसा तो आपके पास आ जाता है लेकिन
  652. 28:32अगेन लोन के ऊपर आपको इंटरेस्ट पे करना
  653. 28:34पड़ता है व्हिच इज अ डिसएडवांटेज कि आपका
  654. 28:36कैश जो है वो काफी ज्यादा आउटफ्लो होता
  655. 28:38रहेगा तो यूजुअली लॉन्ग टर्म सोर्सेस ऑफ
  656. 28:40फाइनेंस में आपका मेन जो दो सोर्स ऑफ
  657. 28:43फाइनेंस होते हैं दैट इज इक्विटी फाइनेंस
  658. 28:45इक्विटी फाइनेंस इज व्हेन यू शेयर इशू द
  659. 28:47शेयर्स टू द जनरल पब्लिक शेयर होल्डर्स
  660. 28:49आपके शेयर खरीदते हैं और वो पैसा आपके
  661. 28:51बिजनेस के अंदर आ जाता है एंड देन वी हैव
  662. 28:54द बैंक लोन और डेट फाइनेंस जिसके अंदर आप
  663. 28:58लोन लेते हो बैंक से या किसी इंडिविजुअल
  664. 29:00से और उसको आप रिपे करते हो ऑन इक्वल
  665. 29:03मंथली इंस्टॉलमेंट्स अलोंग विद इंटरेस्ट
  666. 29:05पेमेंट्स
  667. 29:07फिर आते हैं आपके लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स और
  668. 29:09डिबेंचर अब लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स और डिबेंचर
  669. 29:12क्या होते हैं डिबेंचर भी आपकी कंपनी ही
  670. 29:14इशू कर रही होती है और डिबेंचर बेसिकली तब
  671. 29:17इशू करती है जब कंपनी को इक्विटी और डेट
  672. 29:19फाइनेंसिंग नहीं करनी होती सो बॉन्ड्स
  673. 29:22इश्यूड बाय द कंपनीज टू रेज फाइनेंस ऑफें
  674. 29:24विथ अ फिक्स रेट ऑफ इंटरेस्ट तो बेसिकली
  675. 29:27कंपनी जब उसको इक्विटी फाइनेंस नहीं करना
  676. 29:29होता बिकॉज दे वांट टू कीप द कंट्रोल बहुत
  677. 29:31सारे ऐसे शेयर होल्डर्स होते हैं वो उनको
  678. 29:33अपना कंट्रोल रखना होता है या वो और शेयर
  679. 29:35इशू नहीं कर सकते क्योंकि अगर वो और शेयर
  680. 29:37इशू करेंगे तो उनका कंट्रोल चला जाएगा तो
  681. 29:40यूजुअली फिर वो लोग जो है वो डिबेंचर का
  682. 29:41इस्तेमाल करते हैं या फिर बहुत दफा ऐसा
  683. 29:43होता है कि कंपनी के ऊपर ऑलरेडी बहुत
  684. 29:45ज्यादा उधार चढ़ा हुआ होता है और बैंक्स
  685. 29:47वगैरह उसको लोन देने से मना कर देते हैं
  686. 29:49तो ऐसी सिचुएशन में वो डेट फाइनेंसिंग भी
  687. 29:51नहीं कर सकता तो उसको क्या करना पड़ता है
  688. 29:53डिबेंचर की तरफ जाना पड़ता है अब डिबेंचर
  689. 29:56बेसिकली बॉन्ड्स की तरह होते हैं जैसे
  690. 29:58गवर्नमेंट बॉन्स होते हैं ना कि आप
  691. 29:59गवर्नमेंट बॉन्ड खरीद लो सही है और
  692. 30:02गवर्नमेंट के पास पैसे चले जाएंगे
  693. 30:04गवर्नमेंट उस पैसों को इस्तेमाल करेगी और
  694. 30:05आपको मंथली जो है वो फिक्स रेंटल इनकम या
  695. 30:09फिक्स्ड चार्ज जो है वो देती रहेगी इसी
  696. 30:11तरह कंपनी भी बॉन्ड इशू करती हैं जिनको हम
  697. 30:14डिबेंचर कहते हैं और कंपनी जो है वो यह
  698. 30:17बॉन्ड इशू करती है और हाई नेटवर्थ
  699. 30:19इंडिविजुअल्स जिनको इन्वेस्टमेंट करनी
  700. 30:21होती है वो इस बॉन्ड को खरीदते हैं और वो
  701. 30:25बॉन्ड उनके पास रहता है और वो पैसे जो है
  702. 30:27वो कंपनी को दे देते हैं बंड के अगेंस्ट प
  703. 30:29और वह कंपनी जो है वो फिर इनको फिक्स रेट
  704. 30:31ऑफ इंटरेस्ट हर साल जो है वो पे कर रही
  705. 30:34होती है ऑन द बॉन्ड और कुछ सालों बाद अगर
  706. 30:37उस इंडिविजुअल को अब बॉन्ड नहीं रखना तो
  707. 30:40कंपनी को वह वापस सेल भी कर सकता है और
  708. 30:43कंपनी उसको वो पैसे वापस करेगी जो उसने
  709. 30:46कंपनी को दिए थे तो बॉन्ड कैन आल्सो बी
  710. 30:49रिटर्न टू द कंपनी कंपनी जो है वो अपना
  711. 30:51बॉन्ड बाय बैक भी कर सकती है तो यह आपका
  712. 30:55डिबेंचर होता है देन देयर आर अदर सोर्सेस
  713. 30:58ऑफ लॉन्ग टर्म फाइनेंस च् इंक्लूड्स वेंचर
  714. 31:00कैपिटल अब वेंचर कैपिटल क्या होता है इट
  715. 31:03इज द रिस्क कैपिटल इन्वेस्टेड इन बिजनेस
  716. 31:04स्टार्टअप्स और एक्सपेंडिंग स्मॉल
  717. 31:06बिजनेसेस दैट हैव गुड प्रॉफिट पोटेंशियल
  718. 31:08बट डू नॉट फाइंड इट इजी टू गेन फाइनेंस
  719. 31:10फ्रॉम अदर सोर्सेस जैसे आप सबने शार्क
  720. 31:12टैंक देखा होगा तो उसके अंदर जो भी आपके
  721. 31:15ओनर्स बैठे हुए होते हैं दे आर वेंचर
  722. 31:17कैपिटिस और वेंचर कैपिटिस का काम यह होता
  723. 31:19है कि यह लोग जो है यह अपने पोर्टफोलियो
  724. 31:23को बढ़ाने के लिए अपनी इन्वेस्टमेंट को
  725. 31:24इंक्रीज करने के लिए वो क्या करते हैं वो
  726. 31:27नहीं अपॉर्चुनिटी ढूंढते हैं वो स्मॉल
  727. 31:29बिजनेसेस को ढूंढते हैं कि यार ये जो
  728. 31:31बिजनेसेस है उनके अंदर प्रॉफिट पोटेंशियल
  729. 31:34है उन बिजनेसेस में वो फिर इन्वेस्ट करने
  730. 31:36की कोशिश कर रहे होते हैं देखिए एक
  731. 31:38एंटरप्रेन्योर का काम क्या होता है एक
  732. 31:39एंटरप्रेन्योर का काम होता है बिजनेस में
  733. 31:41इन्वेस्ट करना बिजनेस को चलाना बिजनेस को
  734. 31:44जो है वो ग्रो करवाना और यूजुअली यह जो
  735. 31:46वेंचर कैपिटल होते हैं इनका काम क्या होता
  736. 31:48है कि इनको यह शौक होता है कि बेसिकली ये
  737. 31:51छोटे से बिजनेस को सपोर्ट करके एक बड़ा
  738. 31:53बिजनेस बना के जो है वो ये इनकी
  739. 31:57सेटिस्फैक्ट्रिली ने समझ लिया तो बेसिकली
  740. 31:59ये वेंचर कैपिटल क्या करते हैं ये स्मॉल
  741. 32:00बिजनेसेस को देखते हैं कि कौन से ऐसे
  742. 32:02बिजनेस है जो छोड़ने हैं जिनको पैसों की
  743. 32:04जरूरत है और उनके अंदर पोटेंशियल बहुत
  744. 32:06ज्यादा है तो ऐसे बिजनेसेस को फिर यह
  745. 32:08इन्वेस्टमेंट देते हैं सही है और उनका एक
  746. 32:10सर्टेन प्रॉफिट एक सर्टेन परसेंटेज अपने
  747. 32:12पास रखते हैं और फिर इन बिजनेस को हेल्प
  748. 32:15करते हैं ये इन ग्रोइंग अप फिर आता है
  749. 32:18माइक्रो फाइनेंस माइक्रो फाइनेंस क्या
  750. 32:20होता है कि यूजुअली जो स्मॉल बिजनेसेस
  751. 32:22होते हैं जैसे फार्मिंग बिजनेस हो गया
  752. 32:24इनको कन्वेंशनल बैंक जो होते हैं ना जैसे
  753. 32:26एचबीएल अलफला ये आपके बड़े बैंक्स है यह
  754. 32:29लोग जो है वो लोन नहीं दे रहे होते इन लोग
  755. 32:30को क्योंकि इनका अमाउंट इतना छोटा होता है
  756. 32:33कि बैंक का इंटरेस्ट इतना कम बनता है कि
  757. 32:34बैंक बोलता है कि इनको लोन देने का फायदा
  758. 32:36ही नहीं है तो बैंक हमेशा बड़े बिजनेसेस
  759. 32:39को लोन इसलिए देता है क्योंकि वो जो बड़े
  760. 32:40बिजनेसेस अमाउंट लेते हैं ना एक बहुत सारा
  761. 32:43तो वो उस पर इंटरेस्ट काफी ज्यादा बन जाता
  762. 32:45है फॉर एग्जांपल फार्मर लेगा लेट सपोज
  763. 32:48फार्मर आपसे लोन मांगने आता है एक लाख रप
  764. 32:50का इंटरेस्ट रेट है 10 पर एक लाख प बैंक
  765. 32:55का इंटरेस्ट कितना बनेगा 00
  766. 32:58बड़ा बिजनेस लेने आता है 10 लाख का
  767. 33:01लोन उस पर 10 पर कितना
  768. 33:04बनेगा एक लाख तो बेसिकली यहां पर आपका एक
  769. 33:10लाख रप इनकम ज्यादा है एस कंपेयर टू दिस
  770. 33:13पर्टिकुलर अमाउंट तो छोटे छोटे लोन देके
  771. 33:16अपने अमाउंट को खराब नहीं करेगा बैंक कभी
  772. 33:18भी बैंक य अमाउंट एक एक लाख रुप जमा करके
  773. 33:20रखेगा ताकि जब कोई बड़ा बिजनेस आए लोन
  774. 33:22लेने के लिए एक साथ 10 लाख 15 लाख 20 लाख
  775. 33:25तो छोटे छोटे अमाउंट जमा करके उस बड़े
  776. 33:28बिजनेस को वो दे देगा तो माइक्रो फाइनेंस
  777. 33:31यूजुअली ये कन्वेंशनल बैंक्स तो नहीं करते
  778. 33:33तो इसलिए फिर माइक्रो फाइनेंस बैंक्स
  779. 33:35खुलते हैं जैसे इजी पैसा इजी पैसा से आप
  780. 33:38जो है वो 2 लाख 5 लाख तक का लोन ले सकते
  781. 33:41हैं आराम से और फिर उसको मंथली
  782. 33:43इंस्टॉलमेंट में पे बैक करेंगे विद स्मॉल
  783. 33:46फिक्स रेट ऑफ
  784. 33:47इंटरेस्ट सो माइक्रो फाइनेंस बैंक्स
  785. 33:49प्रोवाइड फाइनेंसियल सर्विसेस फॉर पुअर
  786. 33:51एंड लो इनकम कस्टमर्स हु डू नॉट हैव
  787. 33:53एक्सेस टू बैंकिंग सर्विसेस सच एज लोन एंड
  788. 33:56ओवरड्राफ्ट ऑफर्ड बाय ल कमर्शियल बैंक्स
  789. 33:59तो बेसिकली यह लोग जो है वो सिर्फ और
  790. 34:01सिर्फ माइक्रो फाइनेंस बैंक का टारगेट ही
  791. 34:03यही होता है कि ये छोटे लोगों को जो छोटे
  792. 34:05बिजनेसेस है उनको लोन देंगे सही है उन
  793. 34:07क्योंकि कन्वेंशनल बैंक्स उनको लोन नहीं
  794. 34:10दे रहे होते एंड देन वी हैव क्राउड फंडिंग
  795. 34:14अब क्राउड फंडिंग क्या होता है इट इज द
  796. 34:15यूज ऑफ स्मल अमाउंट ऑफ कैपिटल फ्रॉम अ
  797. 34:17लार्ज नंबर ऑफ इंडिविजुअल्स टू फाइनेंस अ
  798. 34:19न्यू बिजनेस
  799. 34:20वेंचर यजली थ्रू द इंटरनेट अब क्राउड
  800. 34:23फंडिंग क्या हो है जैसे आजकल रमजान में आप
  801. 34:25देख रहे होंगे जेडीसी का एक ऐड आ रहा है
  802. 34:27जेडीसी वाले जो बोल रहे हैं कि भाई हमें
  803. 34:29जो है वो यह फला हॉस्पिटल बनाना है और
  804. 34:31इसके लिए जो है वो आपकी डोनेशंस वगैरह जो
  805. 34:34है वो उसकी हमें रिक्वायरमेंट होगी सो दिस
  806. 34:36इज अ टाइप ऑफ क्राउड फंडिंग कि ओवर द
  807. 34:39इंटरनेट व अकाउंट में अपने पैसे बोल कि आप
  808. 34:42लोग जो है व इनन अकाउंट में पैसे भेज ताकि
  809. 34:44हम जो है वो यह हॉस्पिटल और यह सारा
  810. 34:46इंतजाम जो है वो चला सके कर सके तो यह
  811. 34:49क्या आपका यह है आपका क्राउड फंडिंग इसी
  812. 34:52तरह बहुत सारी ऐसी वेबसाइट बनी हुई है
  813. 34:54जैसे गो फंड मी अब गो फंड मी एक वेबसाइट
  814. 34:58है जहां पे इंडिविजुअल जिनको बिजनेस
  815. 35:00स्टार्ट करना होता है और उनका बिजनेस
  816. 35:02आईडिया बड़ा पोटेंशियल होता है उसके अंदर
  817. 35:04तो गो फंड में ना फंड म में बहुत सारे फंड
  818. 35:07फंड फंडर्स बैठे हुए होते हैं बेसिकली ये
  819. 35:09इन नए बिजनेसेस को सपोर्ट करना चाहते हैं
  820. 35:12तो वो जब आप अपने गो फंड में गो फंड मी प
  821. 35:15में आप जब अपना लेट सपोज बिजनेस का आईडिया
  822. 35:18देखोगे पिचन करोगे अपना पूरा बिजनेस प्लान
  823. 35:21डालोगे और वो जो भी फंडर्स होंगे वो
  824. 35:23देखेंगे उसको तो फिर वो अगर उनको आईडिया
  825. 35:25पसंद आता है तो फिर वो आपको ओवर द इंटरनेट
  826. 35:27जो है वो पैसे ट्रांसफर कर देते हैं एंड
  827. 35:30देन यू कैन स्टार्ट अप योर बिजनेस सो दिस
  828. 35:32इज योर क्राउड फंडिंग कि जब आप एक क्राउड
  829. 35:35से पैसा लेते हो टू टू स्टार्ट अप अ
  830. 35:39पर्टिकुलर बिजनेस तो यह सारे आपके
  831. 35:42एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस में आदत है
  832. 35:44तो एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस हैव बैंक
  833. 35:47ओवरड्राफ्ट ट्रेड क्रेडिट डेट फैक्टरिंग
  834. 35:50हायर परचेस लीजिंग इक्विटी फाइनेंस डेट
  835. 35:53फाइनेंस लॉन्ग टर्म बंड्स और डिबेंचर एंड
  836. 35:56अदर सोर्सेस ऑफ लॉन्ग टर्म फाइनेंस
  837. 35:57इंक्लूड वेंचर कैपिटल माइक्रो फाइनेंस एंड
  838. 36:00क्राउड
  839. 36:03फंडिंग देन वी हैव द मेन फाइनेंशियल
  840. 36:06स्टेकहोल्डर्स इनन द बिजनेस अब फाइनेंशियल
  841. 36:08स्टेकहोल्डर्स कौन होते हैं फाइनेंशियल
  842. 36:10स्टेकहोल्डर्स वो स्टेकहोल्डर्स होते हैं
  843. 36:12आपके जो कि आपके फाइनेंशियल डिसीजन से
  844. 36:14अफेक्ट होते हैं तो यूजुअली इनके बिजनेस
  845. 36:18में इंटरेस्ट होता है इन द फाइनेंस तो दिस
  846. 36:20इंक्लूड शेयर होल्डर्स शेयर होल्डर्स आपको
  847. 36:23पता है दे हैव द ओनरशिप ऑफ द कंपनी और
  848. 36:25ओनरशिप क्यों होती है क्योंकि य शेयर
  849. 36:27खरीदते हैं तो इनका ऑब्जेक्टिव क्या है टू
  850. 36:29रिसीव एन एनुअल डिविडेंड और प्लस इनके जो
  851. 36:32शेयर प्राइस है जो शेयर की वैल्यू है वो
  852. 36:34भी इंक्रीज होनी चाहिए तो शेयर होल्डर जो
  853. 36:36है वो बिजनेस में इसलिए इन्वेस्ट करते हैं
  854. 36:38ताकि वो डिविडेंड रिसीव कर सके और जो शेयर
  855. 36:40प्राइस है वो इंक्रीज हो जैसे $ का अगर
  856. 36:43इन्होंने शेयर खरीदा तो शेयर प्राइस जो है
  857. 36:45वो $0 की हो जानी चाहिए कंपनी इतना अच्छा
  858. 36:48परफॉर्म करे ताकि उनकी जो शेयर प्राइस है
  859. 36:50वो डबल हो जाए और उनका कैपिटल गेन हासिल
  860. 36:53हो देन बैंक्स भी जो है वो आपके मेन
  861. 36:56फाइनेंशियल स्टेक होल्डर होते हैं बिकॉज
  862. 36:57बैंक्स आपको लोन प्रोवाइड करते हैं और
  863. 37:00उनको जो है व इंटरेस्ट चाहिए होता है वापस
  864. 37:02और रीपेमेंट चाहिए होती है लोन की तो
  865. 37:04इसलिए वो भी आपके मेन फाइनेंशियल
  866. 37:05स्टेकहोल्डर होते हैं और वो आपके
  867. 37:06फाइनेंशियल डिसीजन से अफेक्ट हो रहे होते
  868. 37:09हैं देन मेन फाइनेंशियल स्टेकहोल्डर आर य
  869. 37:12क्रेडिटर एज वेल क्रेडिटर्स वो लोग होते
  870. 37:14हैं जो कि आपको उधार पर सप्लाई करते हैं
  871. 37:16रॉ मटेरियल या कंपोनेंट्स और इन लोग का भी
  872. 37:18यह राइट होता है कि यह बेसिकली आपके
  873. 37:20फाइनेंसियल डिसीजन से अफेक्ट इसलिए हो रहे
  874. 37:22होते हैं बिकॉज दे प्रोवाइड यू स्टॉक और
  875. 37:24रॉ मटेरियल ऑन
  876. 37:25क्रेडिट जो र मटेरियल वगर जो है य क्रेडिट
  877. 37:28में आपको जो दे रहे होते हैं तो इन रिटर्न
  878. 37:32इनको क्या चाहिए होता है इन रिटर्न जो है
  879. 37:34वो इनको टाइम पर जो है वो अपनी पेमेंट
  880. 37:36चाहिए होती है कि टाइम पर इनको जो है वो
  881. 37:38पैसा वापस मिल जाए तो यह टाइम पर पैसा
  882. 37:41वापस अगर चाहिए क्रेडिट को चाहिए तो यह
  883. 37:44आपके फाइनेंशियल डिसीजन से अफेक्ट हो रहा
  884. 37:46होता है सो दज आर द मेन फाइनेंसियल
  885. 37:49स्टेकहोल्डर इन द बिजनेस ंड दे हैव
  886. 37:52द दे आर अफेक्टेड बाय द फाइनेंशियल डिस ऑफ
  887. 37:55द बिजनेस एंड देर फॉर दे कीप ए इंट द
  888. 37:58फाइनेंस ऑफ द
  889. 37:59बिजनेस देन द फैक्टर्स इन्फ्लुएंस द
  890. 38:02सोर्सेस ऑफ फाइनेंस आप कौन सा सोर्स ऑफ
  891. 38:05फाइनेंस सेलेक्ट करेंगे एस बिजनेस अब देखि
  892. 38:07हमने इतने सारे सोर्सेस ऑफ फाइनेंस पढ़े
  893. 38:09इंटरनल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस पढ़े एक्सटर्नल
  894. 38:11सोर्सेस ऑफ फाइनेंस पढ़ा अब कौन सा सोर्स
  895. 38:14ऑफ फाइनेंस हम सेलेक्ट करेंगे डिपेंड करता
  896. 38:16है इन पर्टिकुलर फैक्टर्स पर तो सबसे पहला
  897. 38:19फैक्टर है कि यूज टू च फाइनेंस टू बी पुट
  898. 38:22फॉर एग्जांपल च अफेक्ट द टाइम पीरियड फॉर
  899. 38:24चच द फाइनेंस रिक्वायर्ड अब आपको जो भी
  900. 38:27पैसे चाहिए वो किस यूज के लिए चाहिए फॉर
  901. 38:30एग्जांपल इफ यू वांट टू बाय अ एसेट सो यू
  902. 38:33कैन गो फॉर हायर परचेस और
  903. 38:35लीजिंग क्योंकि वो ऑप्शन आपके लिए ज्यादा
  904. 38:37सूटेबल रहेगा क्योंकि वो आप जो है वो
  905. 38:39मंथली कमाते रहोगे और उसकी मंथली
  906. 38:41इंस्टॉलमेंट वगैरह पे करते रहोगे सो व्हाई
  907. 38:44शुड यू रेज फाइनेंस इंटरनली और व्हाई शुड
  908. 38:47यू रेज फाइनेंस थ्रू बैंक लोस और इक्विटी
  909. 38:49फाइनेंस वन यू कैन इजली परचेस एन एसेट
  910. 38:51थ्रू हायर परचेस और
  911. 38:53लीजिंग तो य आपको उस पैसों से करना क्या
  912. 38:57है वो फैक्टर आपको अफेक्ट करेगा कि अगर
  913. 38:59आपने जो है वो किसी ग्रोथ पर लगाने पैसे
  914. 39:03तो ग्रोथ पर लगाने के लिए आपको बैंक लोन
  915. 39:04ज्यादा सूटेबल रहेगा ग्रोथ पर पैसे लगाने
  916. 39:07के लिए इक्विटी फाइनेंस ज्यादा सूटेबल
  917. 39:09रहेगा लेकिन अगर आपको जो है
  918. 39:11वह किसी एसेट को खरीदने के लिए पैसे लगाने
  919. 39:15तो एसेट को खरीदने के लिए पैसे लगाने के
  920. 39:17लिए आपके लिए ज्यादा सूटेबल हायर परचेस या
  921. 39:19लीजिंग
  922. 39:25रहेगा देन
  923. 39:28द कॉस्ट ट यू आर एबल टू पे अब देखि हर एक
  924. 39:33एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस के साथ
  925. 39:35कॉस्ट एसोसिएटेड है वेरस इंटरनल सोर्सेस
  926. 39:38ऑफ फाइनेंस के साथ बिल्कुल भी कोई कॉस्ट
  927. 39:40अवेलेबल नहीं है बिकॉज इट इ कंपलीटली
  928. 39:43फ्री वेरस एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस
  929. 39:46के साथ देखें अगर आप शेयर इशू करते तो
  930. 39:48डिविडेंड पे करना है अगर आप लोन लेते हो
  931. 39:50तो उसके ऊपर इंटरेस्ट पे करना है तो
  932. 39:54एक्सटर्नल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस अगर आप
  933. 39:57इस्तेमाल करोगे तब आप जब आप कॉस्ट पेयर कर
  934. 39:59सकते हो मतलब आप लोन तभी लोगे जब आप उसका
  935. 40:02इंटरेस्ट पे कर सकते हो आप शेयर तभी इशू
  936. 40:04करोगे जब आप डिविडेंड पे कर सकते हो इ य
  937. 40:07नॉट एबल टू पे दिस कॉस्ट देन यू शुड गो
  938. 40:10फॉर इंटरनल सोर्स ऑफ
  939. 40:12फाइनेंस फिर उसके बाद कितना अमाउंट
  940. 40:14रिक्वायर्ड है स्मॉल अमाउंट चाहिए तो
  941. 40:16शॉर्ट टर्म सोर्स ऑफ फाइनेंस की तरफ चले
  942. 40:18जाए या इंटरनल सोर्सेस ऑफ फाइनेंस की तरफ
  943. 40:20चले जाए बिकॉज स्मल अमाउंट आ यूजुअली रेज
  944. 40:23थ्रू इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस स्मल अमाउंट
  945. 40:26सच एज सेल ऑफ एसेट करके आप आप थोड़ा छोटा
  946. 40:28बहुत छोटा अमाउंट रेज कर सकते हैं वेर एस
  947. 40:31इफ द अमाउंट यू नीड इज अ लार्जर अमाउंट
  948. 40:33बहुत बड़ा अमाउंट आपको चाहिए फिर तो आपको
  949. 40:36शेयर इशू
  950. 40:37और डिबेंचर वगैरह इशू करने पड़ेंगे ताकि
  951. 40:40आपको बड़ा अमाउंट मिल
  952. 40:42सके देन लीगल स्ट्रक्चर एंड डिजायर टू
  953. 40:46कंट्रोल अब देखिए लीगल स्ट्रक्चर प भी
  954. 40:48डिपेंड करता है फॉर एग्जांपल सोल ट्रेडर
  955. 40:50है पार्टनरशिप है वो शेयर इशू तो नहीं कर
  956. 40:52सकते ना और उनको लोन भी बड़ा मुश्किलों से
  957. 40:55मिलता है तो उनके पास फिर शॉर्ट टर्म और
  958. 40:58मीडियम टर्म सोर्सेस ऑफ फाइनेंस ही रह
  959. 40:59जाते हैं कि वो लीजिंग इस्तेमाल कर सकते
  960. 41:01हैं वो हायर परचेस इस्तेमाल कर सकते हैं
  961. 41:04वो ट्रेड क्रेडिट इस्तेमाल कर सकते हैं
  962. 41:06बैंक ओवरड्राफ्ट इस्तेमाल कर सकते हैं या
  963. 41:07फिर इंटरनल सोर्स ऑफ फाइनेंस क्योंकि डेट
  964. 41:10फाइनें डेट जो है वो उनको मिलेगा नहीं
  965. 41:13क्योंकि बिजनेस रिलेटिवली छोटा होता है और
  966. 41:16उसके साथ-साथ शेयर इशू करने का उनका लीगल
  967. 41:18स्ट्रक्चर इजाजत नहीं देता तो इसलिए देर
  968. 41:21आर लिमिटेड सोर्सेस ऑफ फाइनेंस अवेलेबल
  969. 41:23फॉर
  970. 41:24देम सेकंड द डिजायर टू रिटेन कंट्रोल फॉर
  971. 41:27एग्जांपल एक कंपनी के ओनर्स है इफ दे हैव
  972. 41:30हाई डिजायर टू रिटेन द कंट्रोल दे विल रेज
  973. 41:34वेरी लिटिल फाइनेंस फ्रॉम इशूंग शेयर्स
  974. 41:36बिकॉज दे हैव अ डिजायर टू रिटेन द कंट्रोल
  975. 41:39हाउ एवर इफ अ कंपनी ओनर्स डू नॉट हैव द
  976. 41:43डिजायर टू रिटेन द कंट्रोल देन दे माइट
  977. 41:45नॉट इशू दे माइट इशू मोर शेयर्स राद देन
  978. 41:48टेकिंग बैंक लोस और इशूंग डिबेंचर क्योंकि
  979. 41:51उनको जो है वो डिजायर नहीं है कंट्रोल
  980. 41:53करने रखने का तो वो शेयर ज्यादा इशू
  981. 41:56करेंगे मार्केट के
  982. 41:57टू रेज द
  983. 41:59फाइनेंस देन वी हैव द साइज ऑफ एसिस्टिंग
  984. 42:02बोरोंग अब साइज ऑफ एसिस्टिंग बोरोंग को हम
  985. 42:05कहते हैं गेरिंग ऑलरेडी आपके ऊपर कितना
  986. 42:07उधार मौजूद है सो गेरिंग इ बेसिकली टर्म
  987. 42:11यूज
  988. 42:12टू एक्सप्लेन यूज टू डिफाइन ट हाउ मच
  989. 42:16एसिस्टिंग बोंग द बिजनेस स फॉर एपल रि
  990. 42:20गेरिंग ऑफ बिजनेस 50 पर व्ट ड दिस मीन
  991. 42:25इसका मतलब यह है कि बिनेस का जो कैपिटल है
  992. 42:29वो 50 पर ऑन लोन है मतलब उसने बैंक से
  993. 42:32उधार लिया हुआ है और बाकी जो है वो उसका
  994. 42:35अपना कैपिटल है बाकी 50 पर जो है वह शेयर
  995. 42:39होल्डर इक्विटी
  996. 42:41है तो यूजुअली जब आपकी गियरिंग हाई होती
  997. 42:44है इसका मतलब आपने बहुत ज्यादा लोन लिया
  998. 42:46हुआ है और जब गियरिंग 50 पर से कम होती है
  999. 42:49तो दैट मींस आपका गेरिंग जो है वो कम है
  1000. 42:52तो यूजुअली अगर गेरिंग 50 पर या 50 पर से
  1001. 42:55ज्यादा होगी तो बिजनेस से टू बी हाईली गेड
  1002. 42:58और हाईली गेड बिजनेस को लोन मिलना बहुत
  1003. 43:01मुश्किल होता है क्योंकि एक बैंक है फॉर
  1004. 43:03एग्जांपल वो बैंक आपके बिजनेस को देखेगा
  1005. 43:05वो देखेगा कि ऑलरेडी इतना गियर्ड है
  1006. 43:07बिजनेस ऑलरेडी इतना लोन उसके ऊपर है 60 पर
  1007. 43:10इसके ऊपर लोन मौजूद है कि जितना पैसा इसने
  1008. 43:13लगाया बिजनेस में उसका 60 पर सिर्फ लोन का
  1009. 43:15है तो अब एक बैंक के लिए काफी रिस्की होगा
  1010. 43:18इस बिजनेस को लोन देने के लिए क्यों बैंक
  1011. 43:21को लगेगा कि यार यह जब पुराने लोन वापस
  1012. 43:23नहीं कर रहा तो हमारा लोन कैसे वापस करेगा
  1013. 43:25राइट तो साइज ऑफ एसिस्टिंग बोरोंग इफ इट
  1014. 43:28इज वेरी हाई देन बैंक लोन विल नॉट बी
  1015. 43:30पॉसिबल कि आपको जो है वो बैंक लोन बैंक
  1016. 43:34लोन देंगे सेकंड शेयर होल्डर्स दे विल
  1017. 43:37आल्सो नॉट इन्वेस्ट इन द कंपनी बाय लुकिंग
  1018. 43:39एट द हाय गियरिंग शेयर होल्डर भी देखेगा
  1019. 43:42बोलेगा कि यार जब इतना गेड है हाईली गेड
  1020. 43:44है बिजनेस तो सारे पैसे तो इसको इसके चले
  1021. 43:47जाएंगे इंटरेस्ट पेमेंट में मुझे डिविडेंड
  1022. 43:49कितना कम देगा
  1023. 43:50यह तो डिविडेंड्स वगैरह भी मुझे कम
  1024. 43:53मिलेंगे और सारे पैसे जो है यह वो इसमें
  1025. 43:55दे देगा इंटरेस्ट पे करने में क्योंकि ये
  1026. 43:57हाईली गेड है तो शेयर होल्डर भी इन्वेस्ट
  1027. 44:00नहीं
  1028. 44:01करेंगे हाउ एवर अगर आपका साइज ऑफ
  1029. 44:03एसिस्टिंग बोरोंग छोटा होगा तो फिर शेयर
  1030. 44:06होल्डर्स इन्वेस्ट कर सकते हैं बिकॉज दे
  1031. 44:07फील दैट दे विल रिसीव हायर डिविडेंड्स एंड
  1032. 44:09बैंक लोस कैन आल्सो गिव लोस बिकॉज दे फील
  1033. 44:12दैट के वो इंटरेस्ट पेमेंट वगैरह और
  1034. 44:14रीपेमेंट आराम से आप दे दोगे क्योंकि आपके
  1035. 44:16ऊपर इतना उधार नहीं चढ़ा
  1036. 44:18हु एंड देन वी हैव द फ्लेक्सिबल
  1037. 44:25फॉर एग्जांपल
  1038. 44:27एक कोई ऐसा बिजनेस है जहां पर 6 महीने
  1039. 44:30सेल्स होती है बहुत ज्यादा और 6 महीने
  1040. 44:33बिजनेस बंद रहता है अब ऐसी सिचुएशन में
  1041. 44:36आपको फ्लेक्सिबल लेकर आनी पड़ती है फॉर
  1042. 44:39एग्जांपल आप 6 महीने अपना पीरियड गुजारने
  1043. 44:42के लिए क्या करते हो एक शॉर्ट टर्म लोन ले
  1044. 44:44लेते हो या ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी ले लेते
  1045. 44:46हो कि यार आपका जो सिक्स मंथ्स का टाइम
  1046. 44:49पीरियड है जिसमें सेल्स नहीं होती वो आप
  1047. 44:51बैंक से शॉर्ट टर्म लोन लेके अपना कवर अप
  1048. 44:53कर लोगे एक्सपेंसेस वेयर एस जब आपका सीजन
  1049. 44:56आएगा तो तो सीजन में आपका रेवेन्यू काफी
  1050. 44:58अच्छा होता है और वो सीजन में फिर आप जो
  1051. 45:01है वो अपने पैसे वापस कर दोगे लोन
  1052. 45:03रीपेमेंट वापस कर दोगे अलोंग विद द
  1053. 45:05इंटरेस्ट तो आप देखते हो कि आपके बिजनेस
  1054. 45:08के अंदर कितनी फ्लेक्सिबल है जो बहुत सारे
  1055. 45:11सोर्सेस ऑफ फाइनेंस है उसके अंदर
  1056. 45:12फ्लेक्सिबल कम होती है जैसे ट्रेड क्रेडिट
  1057. 45:15है वो आपसे जल्दी पैसे मांगना शुरू कर
  1058. 45:17देगा लेकिन बैंक्स वगैरह जो है वो आपसे
  1059. 45:20डिले जितना होगा या जितना लंबा अरसा होगा
  1060. 45:22उतना ज्यादा इंटरेस्ट बनेगा बिजनेस बैंक्स
  1061. 45:25का तो बैंक्स जो है वो यूजुअली आपको काफी
  1062. 45:27फ्लेक्सिबल होते हैं क्योंकि वो एक साथ
  1063. 45:28आपको बहुत बड़ा अमाउंट भी दे देते हैं और
  1064. 45:30प्लस वह आपसे आपको जो है वो लंबा टाइम
  1065. 45:34पीरियड भी दे देते हैं टू पे ऑफ द बैक लोन
  1066. 45:36बिकॉज उनका इंटरेस्ट बनता रहता है सो दीज
  1067. 45:39आर द फैक्टर्स दैट अफेक्ट द चॉइस ऑफ सोर्स
  1068. 45:41ऑफ फाइनेंस दैट व्हिच सोर्स ऑफ फाइनेंस यू
  1069. 45:43आर गोइंग टू यूज एंड दिस एंड्स आवर चैप्टर
  1070. 45:46दैट इज सोर्स ऑफ फाइनेंस तो सोर्सेस ऑफ
  1071. 45:48फाइनेंस आपको पता होने चाहिए इसमें कि
  1072. 45:50कौन-कौन से सोर्सेस ऑफ फाइनेंस आपके होते
  1073. 45:52हैं और फैक्टर्स अफेक्टिंग द सोर्स ऑफ
  1074. 45:55फाइनेंस इज आल्सो इंपोर्टेंट इन दिस
  1075. 45:57चैप्टर नाउ एनी क्वेश्चंस गाइस कोई सवाल

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This page contains the full transcript of Revision Series: AS Level Business Chapter 29|Business Finance|9609| Sir Saifullah [Premium Lecture] by Saifullah Ajaz , generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 8,500 words across 1,075 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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