Real History of the Mughal Empire । सभी ताक़तवर मुग़ल बादशाहों की असली कहानी - R.H Network — Transcript
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- 0:05[संगीत]
- 0:10आज की वीडियो में बात होगी जहीर दीन बाबर
- 0:13के बारे में यह वह बहादुर और होशियार
- 0:15इंसान था जिसने हिंदुस्तान की सबसे मजबूत
- 0:18और सबसे लंबे वक्त तक कायम रहने वाली
- 0:21सल्तनत यानी मुगलिया सल्तनत की बुनियाद
- 0:24रखी थी दोस्तों यह बात तो हम में से किसी
- 0:27से भी छुपी हुई नहीं है कि हमारे देश भारत
- 0:30पर अगर सबसे ज्यादा लंबे वक्त तक किसी ने
- 0:32सल्तनत की है तो वह है मुगलिया खानदान
- 0:35यानी सल्तनत मुगल मुगलों ने ना सिर्फ
- 0:38हमारे देश भारत को एक जगह पर इकट्ठा किया
- 0:41बल्कि साथ-साथ इस देश को हद से ज्यादा
- 0:43मजबूत और ताकतवर भी बनाया लेकिन ना जाने
- 0:46ऐसा क्या हो गया कि आज मुगल सल्तनत का जब
- 0:49भी जिक्र किया जाता है तो जहां एक तरफ कुछ
- 0:52लोग उनका नाम सुनकर खुश होते हैं वहीं
- 0:55दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो उनका नाम
- 0:57सुनकर गुस्सा करने लगते हैं और इन तमाम
- 1:00चीजों की वजह एक ही है वो है हिस्ट्री
- 1:03क्योंकि मुगलों के बारे में हर एक को
- 1:05अलग-अलग तरीके से हिस्ट्री पढ़ाई जाती है
- 1:07जहां एक तरफ कुछ लोगों को मुगलों का सिर्फ
- 1:10साफ किरदार दिखाया जाता है और काले किरदार
- 1:13को छुपा लिया जाता है तो वहीं दूसरी तरफ
- 1:16कुछ लोगों को मुगलों का सिर्फ काला किरदार
- 1:18दिखाया जाता है और सफेद किरदार को उनसे
- 1:21छुपा लिया जाता है लेकिन दोस्तों आज की इस
- 1:24वीडियो में हम आपको मुगलों की रियल
- 1:26हिस्ट्री बताएंगे और इस वीडियो में उनके
- 1:29पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों पॉइंट्स को
- 1:31रखेंगे क्योंकि आज की इस वीडियो को हम जिस
- 1:33हिस्ट्री की बुक से बना रहे हैं उस बुक का
- 1:36नाम है बाबरनामा ये वो किताब है जो खुद
- 1:40मुगल सल्तनत के पहले सुल्तान यानी बाबर ने
- 1:43अपने हाथों से लिखी थी तो दोस्तों आज की
- 1:46इस वीडियो में हम जानेंगे कि आखिर बाबर
- 1:48कौन था और बाबर हिंदुस्तान में कैसे आया
- 1:52था और आखिर हिंदुस्तान में आने के बाद
- 1:54उसने इतनी छोटी फौज के साथ इतनी मजबूत और
- 1:58बड़ी सल्तनत को कैसे फतह कर लिया था साथ
- 2:01ही हम जानेंगे कि आखिर बाबर का बाबरी
- 2:04मस्जिद के साथ क्या कनेक्शन था दोस्तों
- 2:06बाबर का जन्म 14 फरवरी 1483 में एक ऐसे
- 2:10शहर में हुआ था जो शहर आज उज्बेकिस्तान
- 2:13देश में पाया जाता है बाबर का पूरा नाम
- 2:16जहीरुल मोहम्मद बाबर था बाबर के बारे में
- 2:19सबसे खास बात यह है कि बाबर का रिश्ता बाप
- 2:22की तरफ से ऊपर जाकर अमीर तैमूर से मिलता
- 2:25था जो अपने दौर का पूरी दुनिया का बहुत
- 2:28बड़ा सुल्तान था वहीं दूसरी तरफ बाबर का
- 2:31उसकी मां की तरफ से अगर रिश्ता देखा जाए
- 2:33तो ऊपर जाकर मंगोलों के सबसे बड़े सरदार
- 2:36चंगेज खां से मिलता था यानी आसान लफ्जों
- 2:39में अगर यह कहा जाए तो गलत नहीं होगा कि
- 2:41जहीरुल बाबर को अमीर तैमूर और चंगेज खां
- 2:45की बहादुरी विरासत में मिली थी दोस्तों आप
- 2:48लोग यह तो जानते ही होंगे कि अमीर तैमूर
- 2:50की बहुत बड़ी सल्तनत थी लेकिन जब अमीर
- 2:53तैमूर का इंतकाल हुआ तो उसकी सल्तनत को
- 2:55उसके बेटों ने कई हिस्सों में बांट लिया
- 2:57था उन्हीं बटी हुई सल्तनत में से एक
- 3:00सल्तनत उज्बेकिस्तान के इलाके में भी थी
- 3:03यह सल्तनत अमीर तैमूर की पांच नस्लों के
- 3:05बाद आकर जहीर दीन बाबर के बाप के हिस्से
- 3:09में आई थी और फिर बाबर के वालिद के मर
- 3:11जाने के बाद यह सल्तनत बाबर के हिस्से में
- 3:14आई जिस वक्त बाबर अपने वालिद की सल्तनत की
- 3:17गद्दी पर बैठा उस वक्त इसकी उम्र सिर्फ 13
- 3:19साल थी लेकिन फिर अचानक से बाबर के चाचा
- 3:22ने उसके खिलाफ बगावत कर दी ना चाहते हुए
- 3:25भी बाबर को अपने चचा से लड़ाई करना पड़ी
- 3:28और बाबर के हाथों से वो सल्तनत चली गई
- 3:31उसके बाद बाबर कई सालों तक जंगलों में
- 3:33फिरता रहा बाबर ने अपनी 30 साल तक की उम्र
- 3:37जंगलों में भटक भटक कर ही गुजार दी थी
- 3:40बाबर के लिए कई दिन तो ऐसे मुश्किल से भरे
- 3:43हुए गुजरे थे कि बाबर को जंगलों में दो
- 3:45वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हुआ करती थी
- 3:48लेकिन बाबर ने कभी हार नहीं मानी बाबर को
- 3:51जब महसूस हुआ कि वह अपने वालिद की सल्तनत
- 3:54को वापस नहीं ले पाएगा तो उसने अपनी
- 3:56सल्तनत को वापस लेने के बजाय अफगानिस्तान
- 3:59न को फतह करने का इरादा बनाया बाबर ने
- 4:02सबसे पहले अफगानिस्तान के कुछ इलाकों को
- 4:04फतह किया और उन इलाकों को फतह करने के बाद
- 4:08हिंदुस्तान की तरफ रवाना हुआ दोस्तों कहा
- 4:11जाता है कि जिस वक्त बाबर हिंदुस्तान को
- 4:13फतह करने के लिए हिंदुस्तान में दाखिल हुआ
- 4:16था उस वक्त बाबर के पास सिर्फ 13000 की ही
- 4:19फौज थी और उसका मुकाबला था पठान सल्तनत के
- 4:22सरदार यानी इब्राहिम लोदी से इब्राहिम
- 4:25लोदी के पास तकरीबन 1 लाख की फौज थी
- 4:28इब्राहिम लोदी को को भी यही लग रहा था कि
- 4:30वह बाबर को आसानी के साथ हरा सकता है
- 4:33क्योंकि इब्राहिम लोदी के पास 1 लाख की
- 4:36फौज के साथ-साथ हजारों की तादाद में हाथी
- 4:39भी मौजूद थे हालांकि बाबर के पास हाथी भी
- 4:42नहीं थे दोस्तों हर चीज बाबर के पास
- 4:45इब्राहीम लोदी के मुकाबले में कम थी
- 4:47सिपाही भी कम थे हथियार भी कम थे और हाथी
- 4:50भी नहीं थे लेकिन उसके बावजूद भी बाबर को
- 4:53पूरा कॉन्फिडेंस था कि वो इब्राहिम लोदी
- 4:55को आसानी से हरा देगा क्योंकि बाबर के पास
- 4:57एक ऐसा हथियार था जो आज से पहले
- 5:00हिंदुस्तान में किसी ने नहीं देखा था और
- 5:02ना ही उस जंग से पहले हिंदुस्तान की किसी
- 5:05जंग में वह हथियार इस्तेमाल किया गया था
- 5:08और व हथियार था बाबर की खतरनाक तोपें
- 5:11आखिरकार एक दिन पानीपत के मैदान में
- 5:14जहीरुल बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच
- 5:17घमासान की जंग शुरू हो गई इब्राहिम लोदी
- 5:19ने जब देखा कि मेरी फौज बाबर के मुकाबले
- 5:22में हद से ज्यादा है तो उसने अपनी पूरी
- 5:24फौज को एक साथ खुले मैदान में हमला करने
- 5:27का ऑर्डर जारी किया लेकिन शायद यह
- 5:29इब्राहिम लोदी की सबसे बड़ी गलती थी
- 5:32क्योंकि बाबर ने जब देखा कि इब्राहिम लोदी
- 5:34की पूरी फौज खुलकर एक साथ हमला कर रही है
- 5:38तो बाबर ने भी अपने सारे तोप चलाने वालों
- 5:40को तोप चलाने का ऑर्डर दे दिया बाबर के
- 5:43पास उस जंग में तकरीबन 10 तोपें थी बाबर
- 5:46की जब सारी तोपों ने एक साथ गोले बरसाना
- 5:49शुरू किए तो उसकी गरज से इब्राहिम लोदी के
- 5:53सारे हाथी पागल हो गए तोपों की गरज सुनकर
- 5:56इब्राहिम लोदी के हाथी ना सिर्फ उल्टे
- 5:58पांव भागने लगे बल्कि भागते हुए खुद
- 6:00इब्राहिम लोदी के हजारों सिपाहियों को
- 6:03कुचल चले गए जिसकी वजह से लोदी की पूरी
- 6:07फौज में भगदड़ मच गई बाबर ने जब अपनी
- 6:09दुश्मन फौज के ऐसे हालात देखे तो अपनी
- 6:12छोटी सी जो 13000 की फौज थी उसे एक साथ
- 6:15हमला करने का ऑर्डर दिया बाबर का यह हमला
- 6:18इतना तेज था कि लोदी चाहकर भी उस हमले को
- 6:21नहीं रोक सका और इस जंग में लोदी खुद भी
- 6:24मारा गया इस तरह से हिंदुस्तान में बाबर
- 6:27को पहली फतह नसीब हो गई थी और इस जंग को
- 6:30जीतने के साथ ही बाबर ने हिंदुस्तान में
- 6:33मुगल सल्तनत की बुनियाद रख दी थी लोदी को
- 6:36हराने के बाद जहीरुल बाबर पूरी शानो शौकत
- 6:39के साथ दिल्ली में दाखिल हुआ उस वक्त
- 6:42देहली के सारे किलों पर लोदी की फैमिली का
- 6:45ही कब्जा था लेकिन बाबर ने इब्राहिम लोदी
- 6:47की मां से इस शर्त के साथ वह किले खाली
- 6:50करवा लिए कि मैं लोदी की फैमिली के किसी
- 6:53भी मेंबर को कुछ नहीं कहूंगा और ना ही
- 6:55किसी को कोई जानी माली नुकसान पहुंचाया
- 6:58जाएगा बाबर नाम में खुद बाबर ने भी यही
- 7:01लिखा है कि वह इब्राहिम लोदी की मां को
- 7:03हमेशा मां का दर्जा दिया करता था और
- 7:05उन्हें मां कहकर ही बुलाया करता था लेकिन
- 7:08फिर कुछ सालों के बाद इब्राहिम लोदी की
- 7:10मां ने बाबर से अपने बेटे इब्राहिम लोदी
- 7:13की हार का बदला लेने के लिए बगावत कर दी
- 7:16यहां तक कि बाबर के खाने में जहर भी मिलवा
- 7:19दिया था लेकिन बाबर को जब इस बात की खबर
- 7:21हुई तो बाबर ने उन्हें कैद करवा दिया और
- 7:24उसके बाद कहा जाता है कि कुछ दिनों के बाद
- 7:26कैद खाने में ही इब्राहिम लोदी की मां का
- 7:29इंतकाल हो गया था दोस्तों दिल्ली की
- 7:31सल्तनत पर बैठने के बाद बाबर के सामने जो
- 7:34सबसे पहली मुसीबत थी वो थी मेवाड़ का राजा
- 7:38राना सांगा क्योंकि राना सांगा बाबर की
- 7:41सल्तनत को कबूल करने के लिए हरगिज तैयार
- 7:44नहीं था हालांकि आपको जानकर हैरानी होगी
- 7:46कि बाबर को हिंदुस्तान में राना सांगा ने
- 7:49ही बुलाया था राना सांगा ने बाबर को यह खत
- 7:52लिखा था कि तुम भारत आओ और भारत को जालिम
- 7:55के हाथों से छुड़ा लो क्योंकि राणा सांगा
- 7:57यह सोच रहा था कि शायद बाबर भी अपने जद्दे
- 8:00अमजद यानी अमीर तैमूर की तरह हिंदुस्तान
- 8:03को सिर्फ फतह करके और इसे लूट करके वापस
- 8:05चला जाएगा और जब लोदी सल्तनत लुट जाएगी तो
- 8:08हम सब राजपूत मिलकर एक साथ एक बड़ी सल्तनत
- 8:11कायम कर लेंगे लेकिन उसे इस बात का जर्रा
- 8:14बराबर भी शक नहीं था कि बाबर इब्राहिम
- 8:16लोदी को हराकर हिंदुस्तान में ही रहकर
- 8:19सल्तनत करने लगेगा लिहाजा जब बाबर ने
- 8:21दिल्ली पर सल्तनत करना शुरू की तो राणा
- 8:24सांगा ने बाबर की सल्तनत से इंकार कर दिया
- 8:27साथ ही साथ आपको बताते चलें कि राणा सांगा
- 8:29ने ना सिर्फ बाबर को भारत में बुलाया था
- 8:32बल्कि साथ-साथ यह भी कहा था कि वह
- 8:34इब्राहिम लोदी के खिलाफ बाबर का जंग में
- 8:37साथ भी देगा लेकिन जब बाबर हिंदुस्तान में
- 8:40इब्राहिम लोदी के खिलाफ जंग कर रहा था तो
- 8:43राणा सांगा अपने इलाके में ही बैठकर यह सब
- 8:45कुछ देख रहा था और बाबर की मदद नहीं कर
- 8:48रहा था इस वजह से भी बाबर राना सांगा से
- 8:52ज्यादा नाराज था आखिरकार दिल्ली का
- 8:54सुल्तान बनने के एक साल बाद ही यानी 1527
- 8:58को राणा सांगा और बाबर के बीच एक जबरदस्त
- 9:01जंग हुई इस जंग में भी बाबर ने अपनी
- 9:04जबरदस्त होशियारी और तोपों के जरिए से
- 9:07राना सांगा की फौज को चंद लम्हों में ही
- 9:10हरा दिया था राना सांगा को जब यह महसूस
- 9:12हुआ कि वह अब इस जंग में नहीं बच पाएगा तो
- 9:15वह बीच में ही जंग छोड़कर पीठ दिखाकर
- 9:17भागने लगा लेकिन बाबर ने राणा सांगा का
- 9:20पीछा नहीं किया कहा जाता है कि बाबर से
- 9:23हारने के ठीक एक साल के बाद ही राणा सांगा
- 9:26की मौत हो गई थी और फिर एक दो साल के बाद
- 9:29ही यानी 1530 में खुद बाबर की भी मौत हो
- 9:33गई थी दोस्तों अगर बात की जाए बाबर की कबर
- 9:36के बारे में तो क्योंकि बाबर ने यह नसीहत
- 9:38की थी कि उसको मरने के बाद उसके पुराने
- 9:41वतन यानी काबुल में ही दफनाया जाए तो
- 9:43इसलिए बाबर को उसके बेटे हुमायूं ने काबुल
- 9:46में ही दफनाया था आज भी बाबर की कब्र
- 9:49काबुल शहर में मौजूद है दोस्तों बाबर की
- 9:52मौत के बारे में एक यह कहानी भी मशहूर है
- 9:55कि बाबर का बेटा यानी हुमायूं जिससे बाबर
- 9:58बहुत प्यार करा करता था था एक बार बीमार
- 10:00हो गया था हुमायूं को बीमार देखकर बाबर
- 10:03बहुत ज्यादा परेशान रहा करता था बाबर
- 10:05हमेशा रो-रो कर यही दुआ करता था कि ऐ
- 10:08अल्लाह तू मेरे बेटे हुमायूं को ठीक कर दे
- 10:11चाहे तो हुमायूं के बदले में मेरी जिंदगी
- 10:13ले ले यानी मेरी उम्र भी मेरे बेटे
- 10:16हुमायूं को लग जाए और कहा जाता है कि
- 10:18अचानक से एक दिन हुमायूं ठीक हो गया जिस
- 10:21दिन हुमायूं ठीक हुआ उसी दिन से बाबर
- 10:23बीमार रहने लगा और आखिरकार कुल 47 साल की
- 10:27उम्र में बाबर का इंतकाल हो गया था
- 10:29दोस्तों आज के दौर में अगर बाबर बादशाह से
- 10:32जुड़ी कोई चीज सबसे ज्यादा मशहूर है तो वह
- 10:34बाबरी मस्जिद है क्योंकि बाबरी मस्जिद
- 10:37बावर के ही एक अजीम सेनापति यानी मीर बाकी
- 10:40ने बनवाई थी बहुत से लोग इस गलतफहमी में
- 10:43भी रहते हैं कि बाबरी मस्जिद को मुगलों के
- 10:45पहले बादशाह यानी बाबर ने बनवाया था
- 10:48हालांकि ये उनकी गलत फहमी है क्योंकि ये
- 10:50मस्जिद बाबर ने नहीं बनवाई थी बल्कि बाबर
- 10:52का तो अयोध्या में कभी आने का भी कोई सबूत
- 10:56नहीं मौजूद है दोस्तों अगर बात की जाए इस
- 10:58मुद्दे पर कि बाबर एक जालिम किस्म का
- 11:00इंसान था या फिर एक रहम दिल तो इस टॉपिक
- 11:03पर आज भी आपको बहुत सारे अलग-अलग राय रखने
- 11:06वाले लोग आपको मिल जाएंगे जहां एक तरफ कुछ
- 11:09लोग उसकी तारीफ करेंगे उसे रहम दिल
- 11:11बताएंगे तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग उसे एक
- 11:14जालिम किस्म का इंसान बताएंगे यानी यह एक
- 11:17ऐसा टॉपिक है जो आज तक नहीं सुलझ सका है
- 11:20क्योंकि दोस्तों हिस्ट्री में जहां एक तरफ
- 11:22बाबर की कुछ रहम दिली का जिक्र आया है तो
- 11:25वहीं कुछ जुल्म का भी जिक्र आया है बाबर
- 11:27नामे में खुद बाबर ने लि लिखा है कि जब
- 11:30उसने भारत देश को फतह किया था तो उसके कुछ
- 11:32सिपाहियों ने गरीबों के साथ लूटमार की थी
- 11:35उनके जानवरों को छीन लिया था उनका पैसा और
- 11:38माल वगैरह भी छीन लिया था इस बात की खबर
- 11:41जब बाबर को लगी थी तो बाबर ने ना सिर्फ उन
- 11:43फौजियों को सजा दी बल्कि उनमें से कुछ तो
- 11:46ऐसे थे जिन्हें मौत की सजा भी सुनाई गई थी
- 11:49इसके अलावा जब बाबर ने भारत को फतह किया
- 11:51था तो इब्राहिम लोदी के घर की जितनी भी
- 11:53औरतें थी और बच्चे थे उनके साथ भी बहुत
- 11:56अच्छा सुलूक किया था जो इस बात को साबित
- 11:58करता है कि वह एक रहम दिल इंसान था लेकिन
- 12:01वहीं दूसरी तरफ हिस्ट्री में कुछ इसके उलट
- 12:04चीजें भी मिलती हैं कुछ इतिहासकार जहीर
- 12:06दीन बाबर के ऊपर हमेशा से ही सिक्खों के
- 12:09एक बड़े गुरु को कत्ल करने का इल्जाम
- 12:12लगाते आए हैं तो दोस्तों उम्मीद करते हैं
- 12:14आज की यह वीडियो आपके लिए जरूर यूजफुल
- 12:17साबित हुई होगी अगर आपको इस वीडियो से कोई
- 12:19शिकायत है या हमारे लिए कोई और एडवाइस है
- 12:22तो आप कमेंट्स बॉक्स में अपनी कमेंट जरूर
- 12:24दें साथ ही साथ आप कमेंट बॉक्स में यह भी
- 12:27बताएं कि आप बाबर को को किस तरह से देखते
- 12:30हैं यानी वो एक जालिम किस्म का इंसान था
- 12:32या फिर एक रहम दिल इंसान था दोस्तों आज की
- 12:35इस वीडियो में हमने डिस्कस किया है मुगलों
- 12:37के पहले सुल्तान यानी बाबर के बारे में
- 12:40मुगल सल्तनत सीरीज की नेक्स्ट वीडियो में
- 12:43हम डिस्कस करेंगे मुगलों के दूसरे सुल्तान
- 12:46यानी हुमायूं के बारे में मुगल सल्तनत
- 12:48सीरीज की पहली वीडियो में हम आपको बाबर के
- 12:51बारे में बता चुके हैं क्या आखिर बाबर किस
- 12:53तरह से हिंदुस्तान में आया था और वह किस
- 12:56तरह से इतनी मजबूत और बड़ी सल्तनत को
- 12:59हराकर मुगल सल्तनत की बुनियाद रखने में
- 13:01कामयाब हो गया था दोस्तों आज की इस वीडियो
- 13:04में हम जानने वाले हैं कि आखिर मुगल
- 13:06सल्तनत का दूसरा सुल्तान यानी हुमायूं कौन
- 13:09था उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी कैसे गुजारी
- 13:11और उनके दौर में मुगल सल्तनत का कैसा हाल
- 13:14रहा साथ ही साथ हम यह भी जानेंगे कि इतनी
- 13:17बड़ी सल्तनत का सुल्तान होने के बावजूद भी
- 13:20आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया था कि हुमायूं
- 13:23को दो वक्त की रोटी भी नहीं मिल पा रही थी
- 13:26उसने अपनी आधी उम्र जंगलों में ही भटक भटक
- 13:28कर गुजार दी थी साथ ही साथ हम यह भी
- 13:31जानेंगे कि आखिर बहुत से लोग जो यह दावा
- 13:33करते हैं कि मुगल सल्तनत के सारे के सारे
- 13:36राजा हिंदुस्तान में सिर्फ और सिर्फ गैर
- 13:39मुस्लिमों को मुसलमान बनाने आए थे तो उनके
- 13:41दावे में क्या सच्चाई है क्या सच में सारे
- 13:44मुगल सुल्तान हिंदुस्तान में मुसलमानों की
- 13:47आबादी बढ़ाने आए थे पूरे हिंदुस्तान को
- 13:49मुसलमान बनाने आए थे तो इस तरह की तमाम
- 13:52चीजें आज की इस वीडियो में हम जानने वाले
- 13:54हैं दोस्तों हुमायूं की पैदाइश 1508 में
- 13:57काबुल शहर में हुई थी जो आज अफगानिस्तान
- 14:00देश में मौजूद है हुमायूं के वालिद यानी
- 14:03फादर का नाम जहीरुल बाबर था जो हिंदुस्तान
- 14:06में मुगल सल्तनत के फाउंडर माने जाते हैं
- 14:08हुमायूं के तीन भाई थे कहा जाता है कि जब
- 14:11हुमायूं की उम्र सिर्फ 15 साल थी तभी से
- 14:14ही वह अपने वालिद यानी बाबर को सल्तनत के
- 14:17मामले में मशवरे देने लगा था और जहीरुल
- 14:19बाबर भी हुमायूं की इतनी कम उम्र होने के
- 14:22बावजूद भी उसके मशवरे को बहुत अहमियत दिया
- 14:25करता था हिस्ट्री की बहुत सारी बुक से यह
- 14:28बात मालूम चलती है है कि जब जहीरुल बाबर
- 14:30ने भारत पर हमला किया था और भारत को फतह
- 14:33किया था तो उस जंग में भी हुमायूं का बहुत
- 14:36अहम किरदार था हर मौके पर हुमायूं ने अपने
- 14:39फादर यानी जहीरुल बाबर की बहुत मदद की थी
- 14:43भारत की जीत में बाबर की सबसे अहम और सबसे
- 14:46बड़ी जंग जिसे हम पानीपत की जंग के नाम से
- 14:49जानते हैं उसकी जीत में भी बाबर की तरफ से
- 14:51हुमायूं ने बड़ा अहम किरदार अदा किया था
- 14:54कहा जाता है कि जब बाबर ने 1526 की लड़ाई
- 14:57में इब्राहिम लोदी को हरा दिया था और उसके
- 15:00बाद वह दिल्ली की सल्तनत पर कब्जा करने के
- 15:02लिए दिल्ली की तरफ रवाना हुआ तो आगरा में
- 15:05उसकी मुलाकात उसके बेटे हुमायूं से हुई
- 15:08हुमायूं ने अपने वालिद बाबर को कीमती
- 15:10खजानो के साथ-साथ कोहेनूर हीरा भी पेश
- 15:14किया लेकिन बाबर ने हुमायूं की बहादुरी और
- 15:17होशियारी से खुश होकर कोहेनूर हीरे के
- 15:20साथ-साथ वह सारा माल तोहफे के तौर पर
- 15:23हुमायूं को ही वापस कर दिया था 1528 में
- 15:27जहीरुल बाबर ने हिसाब और फिरोजा जैसे अपनी
- 15:30सल्तनत के कीमती इलाकों को अपने बेटे
- 15:33हुमायूं के सुपुर्द कर दिया था जो इस बात
- 15:36की तरफ इशारा था कि बाबर भी मरने के बाद
- 15:38अपने सारे बेटों में से हुमायूं को ही
- 15:41अपना अगला सुल्तान बनाना चाहता है कहा
- 15:43जाता है कि बाबर ने अपने बेटे हुमायूं को
- 15:46मरने से पहले यह नसीहत की थी कि ऐ हुमायूं
- 15:49अगर मेरे मरने के बाद मेरी सल्तनत
- 15:52तुम्हारे पास आ जाए तो तुम अपने भाइयों के
- 15:54साथ अच्छा सुलूक करना यानी उनके साथ जुल्म
- 15:57और सितम ना करना हुमय ने भी अपने बाप यानी
- 16:00जहीरुल बाबर से यह वादा कर लिया था कि जब
- 16:03उसके पास यह सल्तनत आएगी तो वह अपने
- 16:05भाइयों का बहुत अच्छी तरह से ख्याल रखेगा
- 16:08आखिरकार 1530 में बाबर की वफात हो गई जिस
- 16:12वक्त बाबर की वफात हुई उस वक्त हुमायूं की
- 16:14उम्र सिर्फ 22 साल थी यानी 22 साल की उम्र
- 16:17में ही हुमायूं मुगल सल्तनत का दूसरा
- 16:20सुल्तान बना दिया गया था बाबर के बाद जैसे
- 16:23ही हुमायूं मुगल सल्तनत का अगला सुल्तान
- 16:26बना वैसे ही बागियों ने अपने सर उठा ठाना
- 16:29शुरू कर दिए किसी इलाके में बाबर के दौर
- 16:32के आला अफसर बगावत कर रहे थे तो किसी
- 16:35इलाके में तो खुद हुमायूं के भाई ही उसके
- 16:37खिलाफ बगावत कर रहे थे जिन भाइयों के साथ
- 16:40हुमायूं ने अच्छा सुलूक करने का अपने
- 16:42वालिद से वादा लिया था अब वो भाई ही
- 16:45हुमायूं के खिलाफ बगावत कर बैठे थे लेकिन
- 16:47कहा जाता है कि हुमायूं एक मस्त और सुस्त
- 16:50किस्म का इंसान था यही वजह थी कि ऐसी
- 16:53कंडीशन में जहां हुमायूं को चाहिए था कि
- 16:56वह सतर्क रहता और अपनी होशियारी और
- 16:58बहादुरी के जरिए से सारी बगावत को कुचलना
- 17:01शुरू करता लेकिन वहीं दूसरी तरफ हुमायूं
- 17:04ने सुस्ती दिखाई और उसने कोई भी ऐसा कड़ा
- 17:06कदम नहीं उठाया कि जिससे वह अपनी बगावत को
- 17:09दबा सके इस सुस्ती का नतीजा यह हुआ कि
- 17:12धीरे-धीरे हुमायूं के हाथों से सल्तनत चली
- 17:15गई और एक वक्त वो आया कि जब देहली सल्तनत
- 17:18पर भी शेर खान नाम के एक सूबेदार का कब्जा
- 17:21हो गया जिसे आज हम सब शेरशाह सूरी के नाम
- 17:24से जानते हैं दोस्तों जब हुमायूं के हाथों
- 17:26से मुगल सल्तनत चली गई तो मायों अपनी जान
- 17:30बचाने के लिए भागकर काबुल चला गया जो इस
- 17:32वक्त अफगानिस्तान देश में मौजूद है 1540
- 17:36से लेकर 1555 तक यानी तकरीबन 15 साल तक
- 17:40उसने अपनी पूरी जिंदगी जंगलों में ही भटक
- 17:43भटक कर गुजार दी थी य हुमायूं के लिए बड़ा
- 17:45ही मुश्किल दौर था और इसी मुश्किल वक्त
- 17:48में ही हुमायूं के सबसे ताकतवर और होशियार
- 17:51बेटे यानी अकबर की भी पैदाइश हुई थी लेकिन
- 17:54ऐसे संजीदा हालात में भी हुमायूं ने कभी
- 17:56हार नहीं मानी वह पूरी कोशिश करता रहा कि
- 17:59आखिर किस तरह से अपने वालिद यानी बाबर की
- 18:02सल्तनत को दोबारा से हासिल किया जाए
- 18:04आखिरकार 15 साल की तैयारी के बाद वह एक
- 18:07बड़ी फौज लेकर अपनी सल्तनत को हासिल करने
- 18:10के लिए दोबारा दिल्ली सल्तनत की तरफ रवाना
- 18:13हुआ दूसरी तरफ से सूरी सल्तनत का सुल्तान
- 18:16यानी सिकंदर शाहब 80000 की फौज लेकर
- 18:19हुमायूं के मुकाबले के लिए निकल पड़ा 18
- 18:22जून 1555 यह वो दिन था कि जिस दिन भारत
- 18:25देश में मुगल सल्तनत की किस्मत का फैसला
- 18:28हो चुका था यानी उस दिन हुमायूं की फौज ने
- 18:31तादाद में कम होने के बावजूद भी सूरी
- 18:33सल्तनत की 80000 फौज को बड़ी खतरनाक
- 18:36शिकस्त दी थी और उसके बाद मुगल सल्तनत
- 18:39भारत देश पर इस तरह से काबिज हो गई थी कि
- 18:42अगले 300 सालों तक मुगल सल्तनत को जर्रा
- 18:45बराबर भी कोई भी नहीं हिला सका था लेकिन
- 18:48शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था जिस
- 18:50सल्तनत को दोबारा हासिल करने के लिए
- 18:53हुमायूं ने अपनी 15 साल की जिंदगी जंगलों
- 18:55में भटक भटक कर गुजार दी थी जब वह सल्तनत
- 18:591555 में हुमायूं को वापस मिली तो ठीक
- 19:02उसके एक साल बाद यानी 1556 में ही हुमायूं
- 19:05का इंतकाल हो गया था लेकिन हां हुमायूं ने
- 19:09अपनी आने वाली नस्लों के लिए इस सल्तनत को
- 19:12फिर से हरा भरा कर दिया था दोस्तों बहुत
- 19:14सारे लोग आज भी यह सोचते हैं कि मुगल
- 19:17सुल्तानों ने हिंदुस्तान पर जो हुकूमत की
- 19:19थी वह शायद गैर मुस्लिम यानी हिंदू सिख
- 19:23जैन ईसाई जैसे धर्मों के लोगों को मुसलमान
- 19:26बनाने के लिए की थी यानी धर्म परिवर्तन
- 19:29करने के लिए की थी लेकिन इसमें कोई सच्चाई
- 19:31नहीं है क्योंकि आज की यह वीडियो देखकर भी
- 19:34आपको यह अच्छी तरह से मालूम हो चुका होगा
- 19:37कि यह सारे के सारे दावे झूठ हैं क्योंकि
- 19:39अगर मुगल सुल्तान हिंदुस्तान में हिंदुओं
- 19:42को मुसलमान बनाने के लिए आए होते तो वह
- 19:45कभी भी मुस्लिम राजाओं पर हमला नहीं करते
- 19:47हालांकि हैरान करने वाली बात यह है कि
- 19:50मुगल सल्तनत का पहला सुल्तान यानी बाबर जब
- 19:53हिंदुस्तान को फतह करने के लिए आया था तो
- 19:55उसका सबसे पहला मुकाबला एक मुस्लिम बा से
- 19:59हुआ था जिसका नाम इब्राहिम लोदी था यानी
- 20:02मुगलों के आने से पहले भी भारत पर
- 20:04मुसलमानों का ही राज था साथ ही साथ धर्म
- 20:07परिवर्तन वाली बात झूठ है इसका एक सबूत यह
- 20:09भी है कि मुगल सल्तनत के दूसरे सुल्तान
- 20:12यानी हुमायूं से जिस इंसान ने सल्तनत छीनी
- 20:15थी वह भी एक मुसलमान था जिसका नाम शेरशाह
- 20:18सूरी था और फिर उसके ठीक 15 साल बाद फिर
- 20:21से हुमायूं ने एक मुसलमान से ही अपनी
- 20:24सल्तनत को दोबारा से छीन लिया था यानी इस
- 20:27पूरी हिस्ट्री से यह मालूम ता है कि यह
- 20:29तमाम की तमाम लड़ाई सियासत और सल्तनत की
- 20:32थी अगर यह लड़ाई धर्म की होती तो मुगल
- 20:35सुल्तान कभी भी मुसलमानों की ही फौज पर
- 20:37हमला नहीं करते यह सारी हिस्ट्री यह साबित
- 20:40करती है कि जो लोग भी यह सोचते हैं कि
- 20:42मुगलों ने हिंदुस्तान पर राज हिंदुओं को
- 20:45मुसलमान बनाने के लिए किया था वह एक झूठ
- 20:48है
- 20:54[संगीत]
- 20:59दोस्तों आज की इस वीडियो में बात होगी
- 21:01मुगल सल्तनत के तीसरे सुल्तान यानी
- 21:04जलालुद्दीन अकबर के बारे में हां उसी अकबर
- 21:07के बारे में कि जिसे मुगल हिस्ट्री का
- 21:09सबसे महान राजा माना जाता है दोस्तों भारत
- 21:13देश में मुगल सल्तनत की बुनियाद भले ही
- 21:15अकबर के दादा यानी जहीरुल बाबर ने रखी थी
- 21:18लेकिन मुगल सल्तनत की नी को मजबूत करने
- 21:21वाले इंसान का नाम जलालुद्दीन अकबर ही था
- 21:24अकबर ने अपनी जिंदगी में मुगल सल्तनत को
- 21:27आधे से ज्यादा हिंदुस्तान पर फैला दिया था
- 21:29और अपने मरने से पहले इस काबिल बना दिया
- 21:32था कि उसकी आने वाली कई नस्लों ने उस पर
- 21:34राज किया था दोस्तों आज की इस वीडियो में
- 21:37हम जानेंगे कि आखिर अकबर कौन था और आखिर
- 21:40अकबर में ऐसी क्या खास बात थी कि वह अपने
- 21:43दौर में अपनी पूरी सल्तनत के लोगों के लिए
- 21:45देवता बन गया था लोग उसके दरबार में आके
- 21:48मन्नतें मांगा करते थे लोग उसके सामने आकर
- 21:51अपने सरों को झुकाया करते थे यहां तक कि
- 21:54वोह अपनी सल्तनत में रहने वाले लोगों की
- 21:56नजरों में इतना बाइज्जत और कीमती हो चुका
- 21:59था कि उसने अपना ही एक अलग धर्म बना लिया
- 22:03था और इन तमाम चीजों की वजह से ही उसका
- 22:05नाम हमेशा हमेशा के लिए अकबर दी ग्रेड पड़
- 22:09गया था साथ ही साथ हम जानेंगे कि आखिर
- 22:11हल्दी घाटी के युद्ध में क्या हुआ था
- 22:14क्योंकि आज भी बहुत से लोग हल्दी घाटी के
- 22:16युद्ध के बारे में बहुत सी अवाए फैलाते
- 22:18हैं कोई कहता है हल्दी घाटी का युद्ध अकबर
- 22:20ने जीता था तो कोई कहता है महाराणा प्रताप
- 22:23ने जीता था आज की इस वीडियो में हम आपको
- 22:26उस युद्ध की सच्चाई बताएंगे दोस्तों अकबर
- 22:29की पैदाइश 15 अक्टूबर 1542 को उमरकोट के
- 22:33इलाके में उस वक्त हुई थी जब अकबर के
- 22:35वालिद यानी नसीरुद्दीन हुमायूं शेरशाह
- 22:38सूरी के हाथों अपनी दिल्ली सल्तनत गवाने
- 22:40के बाद जंगलों में भटक रहे थे क्योंकि
- 22:43हुमायूं के वालिद उस दौर में जंगलों में
- 22:45भटका करते थे इसी वजह से अकबर की परवरिश
- 22:48अकबर के चाचा कामरान मिर्जा ने की थी जो
- 22:50काबुल इलाके के गवर्नर हुआ करते थे अकबर
- 22:53के बारे में ज्यादातर इतिहासकार यह मानते
- 22:56हैं कि बचपन से ही अकबर बहुत जहीन और तेज
- 22:59था लेकिन अकबर को पढ़ने लिखने का जर्रा
- 23:02बराबर भी शौक नहीं था पढ़ाई लिखाई से अकबर
- 23:05हमेशा दूर भागा करता था लेकिन हुनरमंद
- 23:08इतना था कि उसने 10 साल की छोटी सी उम्र
- 23:11से भी पहले ही तलवारबाजी नेजा बाजी
- 23:14घुड़सवारी जैसी चीजें बहुत अच्छी तरह से
- 23:16सीख ली थी व छोटी सी उम्र में ही अपने से
- 23:19बड़े-बड़े उम्र के लोगों को कुश्ती में
- 23:21चैलेंज किया करता था और हैरानी की बात तो
- 23:24यह है कि उन बड़े-बड़े लोगों को भी अकबर
- 23:27इतनी कम उम्र में हरा भी दिया करता था
- 23:29आखिरकार 1555 में अकबर के वालिद यानी
- 23:32हुमायूं ने सूरी खानदान से अपनी देहली
- 23:35सल्तनत को दोबारा से छीन लिया था जिस वक्त
- 23:38हुमायूं ने अपनी सल्तनत को दोबारा हासिल
- 23:40किया उस वक्त अकबर की उम्र सिर्फ 13 साल
- 23:43थी ठीक उसके एक साल बाद ही हुमायूं की
- 23:46अपनी लाइब्रेरी की सीढियों से गिरकर मौत
- 23:48हो गई जिस वक्त हुमायूं की मौत हुई उस
- 23:51वक्त अकबर की उम्र सिर्फ 14 साल थी
- 23:53हुमायूं की मौत के बाद मुगल दरबार में
- 23:55रहने वाले लोगों को यह डर सताने लगा था कि
- 23:58कि कहीं मुगल सल्तनत में बगावत ना हो जाए
- 24:01और यकीनन यह डर सच साबित हुआ धीरे-धीरे
- 24:04जगह-जगह से बगावत उठना शुरू हो गई हुमायूं
- 24:07का एक बहुत वफादार सिपाही और दोस्त था
- 24:10जिसका नाम बैरम खान था उसने वक्त को
- 24:12भांपते हुए एक सही फैसला लिया और हुमायूं
- 24:15के सिर्फ 14 साल के एक नासमझ बेटे यानी
- 24:18अकबर को अगला सुल्तान घोषित कर दिया
- 24:21दोस्तों भले ही अकबर को खतरे को देखते हुए
- 24:24सुल्तान घोषित कर दिया गया था लेकिन अकबर
- 24:26अभी ना समझ था इसी वजह से सुल्तान भले ही
- 24:29अकबर बन चुका था लेकिन पूरी सल्तनत को
- 24:32बैरम खान ही चलाया करता था सल्तनत का हर
- 24:35हुक्म बैरम खान ही जारी किया करता था अकबर
- 24:38सिर्फ नाम का सुल्तान था लेकिन बगावत के
- 24:41जिस खतरे को देखते हुए बैरम खान ने एक
- 24:44छोटी सी उम्र के अकबर को सुल्तान बना दिया
- 24:46था वो खतरा अकबर के सुल्तान बनने के बाद
- 24:49भी नहीं टला वही सूरी सल्तनत कि जिससे चंद
- 24:53दिन पहले ही अकबर के वालिद यानी हुमायूं
- 24:55ने अपनी सल्तनत को वापस छीना था उसी सतन
- 24:58के एक हिंदू सिपा सालार जिसका नाम हेमू था
- 25:02उसने बगावत कर दी व अपनी पूरी फौज लेकर
- 25:04दिल्ली की तरफ रवाना हुआ दूसरी तरफ मुगल
- 25:07सल्तनत चलाने वाले बैरम खान को जब इस बात
- 25:10की खबर हुई कि हेमू अपनी बड़ी फौज लेकर
- 25:13हमारी सल्तनत की तरफ रवाना हो गया है तो
- 25:16वह भी अपनी फौज लेकर दिल्ली से रवाना हो
- 25:18गया दोनों फौजों का आमना-सामना पानीपत के
- 25:22इतिहासिक मैदान में हुआ बड़ी जबरदस्त जंग
- 25:25लड़ी गई शुरू में तो ऐसा महसूस होने लगा
- 25:27था कि हेमू की फौज मुगल फौज को बड़ी आसानी
- 25:30से ही हरा देगी लेकिन फिर अचानक से मुगल
- 25:33सल्तनत की तरफ से चलाया हुआ एक तीर
- 25:36डायरेक्ट हेमू के जिस्म पर चाकर लगा जिसकी
- 25:38वजह से हेमू की मौत हो गई हेमू के
- 25:41सिपाहियों को जब इस बात की खबर हुई कि
- 25:43हेमू की मौत हो चुकी है तो उन्होंने पीठ
- 25:45दिका कर भागना शुरू कर दिया और इस तरह से
- 25:48बैरम खान की सिपे सलारी में मुगल सल्तनत
- 25:51की फौज को जीत हासिल हुई कहा जाता है कि
- 25:54जिस तीर से हेमू की मौत हुई थी वो तीर
- 25:57शायद अकबर ने ही चलाया था दोस्तों 1556 से
- 26:00लेकर 1560 तक यानी तकरीबन 4 साल तक अकबर
- 26:05भले ही शहंशाह की गद्दी पर बैठा रहा लेकिन
- 26:08पूरी सल्तनत को बैरम खान ही चलाता रहा
- 26:10लेकिन जब धीरे-धीरे अकबर की उम्र 17-18
- 26:13वर्ष की हुई और अकबर समझदार हुआ तो अकबर
- 26:16को यह महसूस होने लगा कि बैरम खान मुझे
- 26:18गलत तरीके से कंट्रोल करने की कोशिश कर
- 26:20रहा है क्योंकि बैरम खान ऐसे बहुत सारे
- 26:23फैसले खुद जारी कर दिया करता था जिस पर
- 26:25अकबर राजी नहीं हुआ करता था और जाहिर है
- 26:28कि अब अकबर समझदार हो चुका था इसलिए वह भी
- 26:31चुप बैठने वाला नहीं था अकबर को जब महसूस
- 26:34हुआ कि बैरम खान की तरफ से पानी सर से ऊपर
- 26:36जा चुका है तो उसने बैरम खान को वजीर आजम
- 26:40के पद से हटा दिया और बैरम खान को बहुत
- 26:43सारा माल और दौलत देकर यह मशवरा दिया कि
- 26:45आप हज करने चले जाएं क्योंकि भले ही अकबर
- 26:48सियासी मामले में बैरम खान से मुखालिफ हो
- 26:50चुका था लेकिन वो बैरम खान की बहुत इज्जत
- 26:53किया करता था और बैरम खान को बाबा कहा
- 26:56करता था क्योंकि जाहिर है कि बैरम खान ने
- 26:59उसकी -4 साल परवरिश की थी अकबर ने जब बैरम
- 27:02खान को वजीर आजम की पोस्ट से हटा दिया तो
- 27:04यह बात बैरम खान को बड़ी नागवार गुजरी
- 27:07क्योंकि बैरम खान यह सोचता था कि अकबर अभी
- 27:10भी नादान है इसी वजह से उसने यह अजीब सा
- 27:13फैसला लिया है लिहाजा बैरम खान ने अकबर के
- 27:16खिलाफ बगावत कर दी लेकिन क्योंकि अकबर
- 27:18समझदार हो चुका था उसने चंद लम्हों में ही
- 27:21बैरम खान को शिकस्त दे दी अकबर के सिपाही
- 27:24बैरम खान को पकड़कर अकबर के सामने लेकर आए
- 27:27क्योंकि अकबर बैरम खान की बहुत इज्जत किया
- 27:29करता था इसीलिए उसने दोबारा बगावत करने के
- 27:32बावजूद भी बैरम खान के खिलाफ कोई भी हुक्म
- 27:35जारी नहीं किया बल्कि उनको इज्जत के साथ
- 27:38बिठाकर दोबारा मशवरा दिया कि बराय
- 27:40मेहरबानी आप हज करने चले जाएं इस बार बैरम
- 27:44खान इज्जत के साथ हज करने के लिए रवाना हो
- 27:46गए लेकिन कहा जाता है कि रास्ते में ही
- 27:49उनके काफिले पर किसी ने हमला कर दिया था
- 27:51जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई थी दोस्तों
- 27:54अकबर जितना बहादुर था उससे कहीं ज्यादा
- 27:57होशियार था और यही वजह थी कि वह अपने
- 27:59दुश्मन को मैदान में हराने की बजाय उसे
- 28:02दिमागी तौर पर हराने को ज्यादा तरजीह दिया
- 28:05करता था उसने हिंदुस्तान के ज्यादातर
- 28:07इलाके अपनी ताकत के जरिए से ही जीत लिए थे
- 28:10लेकिन जिन इलाकों के बारे में उसे यह
- 28:12महसूस होता था कि वह उनको ताकत के जरिए से
- 28:14नहीं जीत सकता है उन तमाम इलाकों को उसने
- 28:18सियासत के जरिए से जीत लिया था उसने
- 28:20राजपूतों की एक बेटी जिसका नाम जोधाबाई था
- 28:23उससे शादी कर ली थी जिसकी वजह से महाराणा
- 28:26प्रताप के अलावा हिंदुस्तान तान के तमाम
- 28:28राजपूतों ने अकबर की बादशाहत को कबूल कर
- 28:31लिया था अकबर ने अपने महलों में गैर
- 28:34मुस्लिमों को बहुत बड़े-बड़े पद दे रखे थे
- 28:37उसकी सल्तनत के दौर में उसके महल में
- 28:39बड़ी-बड़ी पोस्ट पर हिंदू लोग बैठे हुए थे
- 28:42यहां तक कि अकबर की वो खास टीम जिसे नौरतन
- 28:45के नाम से जाना जाता है यानी जिसमें नौ
- 28:47वजीर थे उनमें भी तकरीबन तीन लोग हिंदू थे
- 28:51जिनमें से एक का नाम बीरबल एक का नाम
- 28:53मानसिंह और एक का नाम राजा टोडरमल था कहा
- 28:57जाता है कि अकबर कोई भी बड़ा कदम उठाने से
- 28:59पहले अपनी टीम के इन्हीं नौ लोगों से
- 29:02मशवरा लिया करता था और यह नौ लोग भी हमेशा
- 29:05ही अकबर के साथ जुड़े रहते थे बैरम खान की
- 29:08मौत के बाद जब अकबर सल्तनत चलाने के लिए
- 29:11पूरी तरह से आजाद हुआ तो उसे यह महसूस हुआ
- 29:14कि मुगल दरबार में इस्लामी आलिम का बड़ा
- 29:17अच्छा बोलबाला है यानी हर हुक्म इस्लामी
- 29:20आलिम की मर्जी के बाद ही जारी किया जाता
- 29:23है इस बात से अकबर को थोड़ी चिड़सी होने
- 29:26लगी थी जिसकी वजह से उसने एक हुकमनामा
- 29:28जारी किया जिसमें यह ऐलान किया गया था कि
- 29:31आज से ही हमेशा के लिए अकबर का हुकम
- 29:34इस्लाम के बड़े से बड़े आलिम के हुकम से
- 29:37बड़ा माना जाएगा इस हुकम के जारी होने के
- 29:40बाद अकबर सियासी फैसलों के साथ-साथ मजहबी
- 29:43फैसले भी खुद करने लगा था और जाहिर है वह
- 29:46कोई आलिम दीन तो था नहीं इसलिए उसके लिए
- 29:48यह मुनासिब नहीं था इसीलिए मजहबी लोगों ने
- 29:51उसकी मुखालिफत करना शुरू कर दी और पूरी
- 29:53सल्तनत में एक बगावत का माहौल तैयार होने
- 29:56लगा था अकबर ने जब जब अपनी सल्तनत में ऐसा
- 29:59माहौल देखा तो उसने इस्लामी बड़े-बड़े
- 30:01आलिम को चुनचुन कर कत्ल करवाना शुरू कर
- 30:04दिया जिसके बारे में भी उसे यह खबर लगती
- 30:07कि फलां आलिम उसके बारे में कोई गलत बयान
- 30:09या हुकम जारी कर रहा है वो उसे कत्ल करवा
- 30:12दिया करता था जिसकी वजह से बहुत से आलिम
- 30:15ने निडर होकर उसके ऊपर कुफ्र के फतवे जारी
- 30:18किए अकबर ने यहीं पर ही बस नहीं की बल्कि
- 30:21अकबर ने अपने नौरतन में से एक वजीर जिसका
- 30:24नाम अबुल फजल था उससे मशवरा करके एक नए
- 30:27दीन की स्थापना की जिसका नाम दीन इलाही था
- 30:31अकबर का यह मानना था कि हर मजहब में कोई
- 30:33ना कोई अच्छी बातें जरूर हैं तो इसीलिए
- 30:36क्यों ना हर मजहब की कुछ-कुछ अच्छी बातों
- 30:38को निकालकर एक नया मजहब तैयार किया जाए
- 30:41जिसके जरिए से तमाम मजहबी झगड़े भी खत्म
- 30:43हो जाएंगे लिहाजा अकबर ने इसी सोच को
- 30:46मद्दे नजर रखते हुए दीन इलाही नाम के एक
- 30:49मजहब को तैयार किया इस मजहब में इस्लाम के
- 30:52साथ-साथ और दूसरे मजहब की बहुत सारी चीजों
- 30:55को भी शामिल किया गया था जिसे अकबर अच्छा
- 30:57मान ता था अकबर के इस मजहब को सबसे पहले
- 31:00बीरबल और अबुल फजल जैसे उसके वजीर ने ही
- 31:03कबूल किया था लेकिन हां अकबर के इस मजहब
- 31:06को हिंदुस्तान में रहने वाले लोगों ने
- 31:08पसंद नहीं किया था अकबर के दौर में हिंदू
- 31:11धर्म से ताल्लुक रखने वाले लोग अकबर को
- 31:13बहुत ज्यादा अच्छा मानने लगे थे बहुत से
- 31:16लोग अकबर की पूजा किया करते थे अकबर के
- 31:18बारे में कहा जाता है कि अकबर के दरबार के
- 31:21बाहर लोग मन्नतें मांगने आया करते थे
- 31:23क्योंकि अकबर का यह नजरिया था कि हर मजहब
- 31:26में अच्छाई और बुराई दोनों चीज चीजें होती
- 31:28हैं इसीलिए वो ईसाइयों के साथ भी पूजा
- 31:30किया करता था और हिंदुओं के साथ भी पूजा
- 31:33किया करता था और मुसलमानों के साथ
- 31:35मस्जिदों में नमाज भी अदा किया करता था
- 31:38दोस्तों अब अगर बात की जाए हल्दी घाटी की
- 31:40जंग के बारे में कि आखिर हल्दी घाटी की
- 31:42जंग जीता कौन था महाराणा प्रताप या फिर
- 31:46अकबर दोस्तों जैसा कि मैंने आपको शुरू में
- 31:48ही बताया था कि महाराणा प्रताप के अलावा
- 31:51हिंदुस्तान के तमाम राजपूतों ने अकबर की
- 31:54बहादुरी और होशियारी को देखकर अकबर की
- 31:57बादशाहत को को कबूल कर लिया था लेकिन
- 31:59महाराणा प्रताप एक ऐसे राजा थे जो आखिर तक
- 32:03अकबर को बादशाह मानने के लिए तैयार नहीं
- 32:06थे भले ही महाराणा प्रताप अकबर के खिलाफ
- 32:08कामयाब नहीं हो पाए लेकिन वह अपनी आखिरी
- 32:11जिंदगी तक अकबर के खिलाफ लड़ते रहे जिससे
- 32:14यकीनन उनकी बहादुरी साबित होती है दोस्तों
- 32:17आज बहुत से लोग हल्दी घाटी के उस युद्ध को
- 32:20हिंदू वर्सेस मुस्लिम के तौर पर देखते हैं
- 32:22लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है आपको
- 32:25जानकर शायद थोड़ी हैरानी हो कि जिस वक्त
- 32:28महाराणा प्रताप की मुगलों से जंग हुई थी
- 32:30उस वक्त मुगल फौज में अकबर खुद मौजूद नहीं
- 32:33था बल्कि अकबर की फौज को उस वक्त अकबर के
- 32:36नौ खास वजीर में से एक वजीर जिसका नाम
- 32:39मानसिंह था वह लीड कर रहा था जो मजहबी
- 32:42ऐतबार से एक हिंदू था इस बात से यह बात तो
- 32:45क्लियर हो जाती है कि इस जंग में दोनों
- 32:48फौजों के कमांडर हिंदू ही थे जिससे
- 32:50मुस्लिम वर्सेस हिंदू का सवाल तो पैदा ही
- 32:52नहीं होता और दूसरी हैरानी की बात यह है
- 32:55कि जहां एक तरफ इस जंग में मुग लो की
- 32:58आर्मी में बहुत सारे हिंदू मौजूद थे जो
- 33:00महाराणा प्रताप के खिलाफ लड़ रहे थे तो
- 33:03वहीं दूसरी तरफ महाराणा प्रताप की आर्मी
- 33:06में भी कुछ मुस्लिम मौजूद थे बल्कि
- 33:08महाराणा प्रताप की फौज में तो हकीम खान
- 33:11सूर जैसे बड़े-बड़े मुस्लिम सरदार भी
- 33:13मौजूद थे जो इस बात को साबित करते हैं कि
- 33:16यह लड़ाई हिंदू वर्सेस मुस्लिम की नहीं थी
- 33:19लेकिन हां अगर बात की जाए इस लड़ाई के
- 33:21नतीजे के बारे में तो यह लड़ाई मानसिंह
- 33:24यानी मुगल फौज ने जीत ली थी और महाराणा
- 33:27प्रताप की इस जंग में हार हुई थी और इस
- 33:30हार के साथ ही मुगलों के रास्ते की सबसे
- 33:32बड़ी रुकावट यानी महाराणा प्रताप भी हट
- 33:35चुका
- 33:41[संगीत]
- 33:45था दोस्तों मुगल सल्तनत हिंदुस्तान की उन
- 33:49सल्तनत में से एक है कि जिन्होंने
- 33:51हिंदुस्तान की जमीन पर सबसे लंबे वक्त तक
- 33:54हुकूमत की थी मुगल सल्तनत का तरक्की का
- 33:57दौर 1526 से लेकर 1707 तक जाना जाता है इस
- 34:02पूरे दौर में जहीरुल बाबर से लेकर औरंगजेब
- 34:05आलमगीर तक कुल छह लोगों ने बादशाहत की थी
- 34:09और अगर इन छह बादशाहों में से मुगल सल्तनत
- 34:12के किसी बादशाह को सबसे ज्यादा मस्त और
- 34:15सबसे ज्यादा अयाश किस्म का किसी को जाना
- 34:18जाता है तो वो है जलालुद्दीन अकबर का बेटा
- 34:21जहांगीर दोस्तों आज की हमारे वीडियो का
- 34:23टॉपिक भी जहांगीर ही होगा क्योंकि पिछली
- 34:26वीडियो में हमने बात की थी मुगल सल्तनत के
- 34:29तीसरे सुल्तान यानी जलालुद्दीन अकबर के
- 34:31बारे में इसीलिए आज की इस वीडियो में हम
- 34:34बात करेंगे मुगल सल्तनत के चौथे सुल्तान
- 34:37नूरुद्दीन मोहम्मद सलीम यानी जहांगीर के
- 34:40बारे में हम जानने वाले हैं कि आखिर
- 34:42जहांगीर कौन था उसने अपनी पूरी जिंदगी
- 34:44कैसे गुजारी साथ ही साथ हम यह भी जानेंगे
- 34:47कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि जहांगीर ने
- 34:50अपनी पूरी सल्तनत की बागडोर एक औरत के हाथ
- 34:53में दे दी थी यानी जहांगीर अपनी बादशाहत
- 34:56के दौर में दिल्ली के तख्त पर तो जरूर
- 34:58बैठा करता था लेकिन पूरी मुगल सल्तनत को
- 35:01एक औरत चलाया करती थी आखिर यह औरत कौन थी
- 35:04और जहांगीर ने अपनी सल्तनत को इस औरत को
- 35:07दिया क्यों था तो दोस्तों इस तरह की तमाम
- 35:10चीजें आज की इस वीडियो में हम जानने वाले
- 35:12हैं दोस्तों जहांगीर मुगल सल्तनत के तीसरे
- 35:15सुल्तान यानी जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर का
- 35:18बेटा था जहांगीर की पैदाइश 1569 में
- 35:21फतेहपुर सीकरी में हुई थी क्योंकि अकबर को
- 35:24शेख सलीम चिश्ती से बहुत ज्यादा अकीदत थी
- 35:27इस वजह से अकबर ने अपने बेटे का नाम भी
- 35:30नूरुद्दीन मोहम्मद सलीम रखा था जहांगीर
- 35:33जलालुद्दीन अकबर की उसी राजपूत बीवी के
- 35:36पेट से पैदा हुआ था जो इतिहास में जोधाबाई
- 35:39के नाम से फेमस है तो इस लिहाज से जहांगीर
- 35:42भी अपनी मां की तरफ से एक राजपूत था अकबर
- 35:46ने जहांगीर की बहुत अच्छी तरह से परवरिश
- 35:48कराई थी जहांगीर एक अच्छा शायर होने के
- 35:51साथ साथ कई सब्जेक्ट में भी महारत रखा
- 35:54करता था लेकिन जहांगीर की सबसे बड़ी
- 35:56कमजोरी शराब थी क्योंकि जहांगीर शराब का
- 35:59बहुत ज्यादा शौकीन था कहा जाता है कि अकबर
- 36:02ने मरने से पहले ही अपने दरबारियों के
- 36:05सामने यह ऐलान कर दिया था कि मेरे मरने के
- 36:08बाद मेरी सल्तनत का अगला सुल्तान सलीम ही
- 36:11होगा इसी वजह से 1605 में जैसे ही अकबर की
- 36:15मौत हुई उसके फौरन बाद 1605 में ही सलीम
- 36:19मुगल सल्तनत के तख्त पर बैठ गया था सलीम
- 36:22ने जैसे ही मुगल सल्तनत के तख्त को संभाला
- 36:24उसने अपना नाम जहांगीर रख लिया और इसी नाम
- 36:27से ही वह हिस्ट्री में हमेशा हमेशा के लिए
- 36:30मशहूर हो गया जहांगीर ने हिंदुस्तान पर 22
- 36:33साल हुकूमत की और कहा जाता है यह 22 के 22
- 36:37साल हिंदुस्तान में रहने वाले लोगों के
- 36:39लिए बड़ी खुशी और चैन के साथ गुजरे थे
- 36:41लेकिन दोस्तों हैरानी की बात यह है कि इन
- 36:4422 सालों में जहांगीर ने शुरू के कुछ
- 36:47सालों में ही हुकूमत की वरना बचे हुए बाकी
- 36:49तमाम सालों में जहांगीर नाम के लिए बादशाह
- 36:52रहा था पूरी सल्तनत को उसकी एक बीवी जिसका
- 36:56नाम नूरजहां था वो संभाला करती थी और
- 36:59सल्तनत का हर अच्छा और बुरा हुकम वही जारी
- 37:02किया करती थी नूरजहां जहांगीर से शादी
- 37:05करने से पहले एक विधवा औरत थी जिससे
- 37:07जहांगीर ने 1611 में शादी की थी कहा जाता
- 37:10है कि जहांगीर को इससे हद से ज्यादा
- 37:13मोहब्बत हो गई थी जिसकी वजह से जहांगीर
- 37:16नूरजहां के हर फैसले को मानने के लिए
- 37:19हमेशा तैयार रहता था लेकिन दोस्तों अब
- 37:21सवाल यह है कि हिंदुस्तान के सबसे बड़े
- 37:24सुल्तान यानी जहांगीर ने एक बिदवा औरत से
- 37:27शादी क्यों की और आखिर नूरजहां में ऐसी
- 37:30क्या खास बात थी कि जहांगीर उससे हद से
- 37:33ज्यादा मोहब्बत किया करता था दोस्तों
- 37:35जहांगीर और नूरजहां की शादी को लेकर सभी
- 37:38इतिहासकार दो अलग-अलग तरह की कहानियां
- 37:41सुनाते आए हैं कुछ इतिहासकारों का मानना
- 37:43है कि जिस वक्त मुगल सल्तनत के तख्त पर
- 37:46अकबर बैठा हुआ था उस वक्त नूरजहां अपनी
- 37:49पूरी फैमिली के साथ अकबर के महल में ही
- 37:52रहा करती थी एक दिन अचानक से 13 साल की
- 37:55नूरजहां का सामना अकबर के बेटे सलीम से
- 37:58हुआ सलीम को नूरजहां को देखते ही इश्क हो
- 38:01गया था लेकिन जब सलीम के वालिद अकबर को इस
- 38:04बात की खबर लगी कि मेरे बेटे जहांगीर को
- 38:07नूरजहां से इश्क हो गया है तो अकबर को यह
- 38:10डर सताने लगा था कि कहीं ऐसा तो नहीं कि
- 38:13नूरजहां का वालिद अपनी बेटी का सहारा लेकर
- 38:16मेरी सल्तनत के खिलाफ बगावत करने के मूड
- 38:18में है क्योंकि हो सकता है कि वह नूरजहां
- 38:21की शादी जहांगीर से कराकर मुगल सल्तनत पर
- 38:24कब्जा करना चाहता हो इसी डर से अकबर ने
- 38:26नूरजहां के वालिद के ऊपर जोर डालकर
- 38:29नूरजहां की शादी अपने एक ईरानी कमांडर
- 38:32जिसका नाम शेर अफ गन था उससे करा दी थी
- 38:35शेर अफगान से नूरजहां की शादी कराने के
- 38:37बाद अकबर ने नूरजहां और शेर अफगान दोनों
- 38:40को बंगाल की रियासत देखकर बंगाल की तरफ
- 38:43रवाना कर दिया शेर अफ गन अपनी बीवी
- 38:46नूरजहां के साथ वहां पर सुकून से रहने लगा
- 38:49शेर अफ गन और नूरजहां की एक बेटी भी पैदा
- 38:52हुई जिसका नाम लडली बेगम रखा गया था
- 38:55दोस्तों भले ही बंगाल में नूरजहां अपनी एक
- 38:57चैन की जिंदगी गुजार रही थी लेकिन दूसरी
- 39:00तरफ जहांगीर अभी तक नूरजहां को नहीं भूल
- 39:03पाया था लिहाजा इसी वजह से नूरजहां की
- 39:06शादी के ठीक 11 साल बाद जब अकबर के बाद
- 39:09मुगल सल्तनत का अगला सुल्तान जहांगीर बना
- 39:12तो उसने सबसे पहले अपनी मोहब्बत नूरजहां
- 39:15को दोबारा हासिल करने का इरादा किया कहा
- 39:18जाता है कि जहांगीर ने अपने एक सौतेले भाई
- 39:21जिसका नाम कुतुबुद्दीन था उसे बंगाल की
- 39:24तरफ रवाना किया कुतुबुद्दीन ने बंगाल जाकर
- 39:26शेर अफ से यह कहा कि तुम बादशाह की इज्जत
- 39:29और मोहब्बत के लिए अपनी बीवी को तलाक दे
- 39:32दो क्योंकि बादशाह जहांगीर उससे शादी करना
- 39:35चाहता है जहांगीर के भाई कुतुबुद्दीन की
- 39:37यह बात सुनकर शेर अफ गन गुस्से से लाल हो
- 39:40गया उसने गुस्से में तलवार निकाली और
- 39:42कुतुबुद्दीन को कत्ल कर दिया लेकिन जवाबी
- 39:45कारवाई में कुतुबुद्दीन के सिपाहियों ने
- 39:47भी शेर अफगान को वहीं पर ढेर कर दिया था
- 39:50और उसके बाद नूरजहां को कैदी बनाकर आगरा
- 39:53के शाही महल में लाया गया था कहा जाता है
- 39:56कि नूरजहां ने कैदी बनने के बाद शुरू में
- 39:59एक दो साल तक तो जहांगीर से शादी करने पर
- 40:02रजामंदी नहीं दिखाई लेकिन धीरे-धीरे जब
- 40:05नूरजहां का गम कम होता चला गया तो वह
- 40:08जहांगीर से शादी करने पर राजी हो गई और
- 40:10उसके बाद धीरे-धीरे वह जहांगीर की सबसे
- 40:13प्यारी बीवी बन गई थी लेकिन दोस्तों कुछ
- 40:16इतिहासकार इस कहानी को गलत बताते हैं वह
- 40:19कहते हैं कि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है
- 40:22जहांगीर और नूरजहां की शादी से पहले कभी
- 40:24मुलाकात हुई ही नहीं थी बल्कि जहांगीर र
- 40:27और नूरजहां की शादी की जो कहानी है वह यह
- 40:30है कि जहांगीर के बेटों में से एक बेटे
- 40:32खुसरो ने उसके खिलाफ बगावत कर दी थी लेकिन
- 40:35जहांगीर अपने बेटे खुसरो की बगावत को
- 40:38कुचलने में कामयाब हो गया था बगावत कुचलने
- 40:40के बाद जहांगीर ने उन तमाम लोगों को कत्ल
- 40:43करवाना शुरू कर दिया था जो भी बगावत में
- 40:46उसके बेटे खुसरो के साथ थे लिहाजा जहांगीर
- 40:49के बेटे खुसरो का साथ देने वाले लोगों में
- 40:51नूरजहां का एक भाई भी था जिसकी वजह से
- 40:54उसके भाई और बाप को भी गिरफ्तार कर लिया
- 40:56गया था और नूरजहां भी कैदी बनाकर आगरा के
- 40:59शाही महल में लाई गई थी जहांगीर जब अपने
- 41:03कैदियों से मिल रहा था तो उसकी नजर अचानक
- 41:05से नूरजहां पर पड़ गई थी और पहली नजर में
- 41:08ही नूरजहां जहांगीर को इतनी पसंद आई कि वह
- 41:11उससे इश्क कर बैठा और बाद में उसने उससे
- 41:14शादी कर ली थी दोस्तों भले ही जहांगीर और
- 41:17नूरजहां की शादी की दोनों कहानियों में से
- 41:20कोई भी कहानी सच हो लेकिन दोनों कहानियों
- 41:22से यह बात तो साबित हो जाती है कि नूरजहां
- 41:25जहांगीर की हस से ज्यादा प्यारी बीवी थी
- 41:28जहांगीर अपनी बीवी नूरजहां के लिए कुछ भी
- 41:31कर जाने के लिए तैयार रहा करता था यही वजह
- 41:34थी कि जहांगीर ने नूरजहां से शादी करने के
- 41:37बाद सल्तनत का तमाम सिस्टम नूरजहां के ही
- 41:40हवाले कर दिया था बल्कि जहांगीर खुद ही
- 41:43कहा करता था कि मैंने अपनी पूरी सल्तनत तो
- 41:46अपनी प्यारी बीवी नूरजहां के हवाले कर दी
- 41:48है अब मुझे जिंदगी बताने के लिए सिर्फ
- 41:51थोड़ा सा गोश्त और थोड़ी सी शराब चाहिए है
- 41:53जहांगीर को शराब के साथ-साथ शिकार करने का
- 41:56भी बहुत बहुत शौक था वह हाथी और शेरों का
- 41:59शिकार किया करता था शिकार पर जाते वक्त वह
- 42:02ज्यादातर अपनी बीवी नूरजहां को भी साथ
- 42:04लेकर जाया करता था एक बार की बात है कि
- 42:07जहांगीर हाथी पर बैठकर शेरों का शिकार कर
- 42:10रहा था उस हाथी पर उसकी बीवी नूरजहां भी
- 42:13सवार थी लेकिन गफलत में अचानक से एक टाइगर
- 42:16ने उछलकर हाथी पर सवार जहांगीर पर हमला
- 42:19किया लेकिन शेर जहांगीर को कब्जे में ले
- 42:22पाता उससे पहले ही पास ही में बैठी
- 42:24नूरजहां ने बंदूक से शेर के ऊपर हमला कर
- 42:27दिया गोली लगते ही शेर वहीं पर ढेर हो गया
- 42:31जिसकी वजह से जहांगीर की जान बच गई थी
- 42:34जहांगीर ने इस हादसे के फौरन बाद नूरजहां
- 42:37को अपनी जान बचाने की वजह से बहुत ज्यादा
- 42:39शुक्रिया अदा किया था दोस्तों नूरजहां ने
- 42:42जहांगीर की मुगल सल्तनत को कितना ज्यादा
- 42:45अपने कंट्रोल में कर लिया था इस बात का
- 42:48अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है
- 42:51कि नूरजहां ने खुद अपने नाम के पूरी
- 42:53सल्तनत में सिक्के चलवा दिए थे हालांकि
- 42:56किसी भी सल्तनत में में सिक्के उसी के नाम
- 42:58के चलते हैं कि जो सल्तनत का सुल्तान होता
- 43:01है मुगल सल्तनत का जो भी हुकम जारी हुआ
- 43:04करता था उस हुकम नामे पर मुगल सल्तनत के
- 43:08सुल्तान के सिग्नेचर की जगह पर खुद
- 43:10नूरजहां के दस्तखत हुआ करते थे नूरजहां की
- 43:13इजाजत के बगैर मुगल सल्तनत में कोई भी
- 43:16छोटा या बड़ा कदम नहीं उठाया जा सकता था
- 43:19दोस्तों जहांगीर की बीवी नूरजहां होशियार
- 43:22होने के साथ-साथ बहुत बहादुर भी थी और
- 43:25उसकी बहादुरी का सबूत जहांगीर के आखिरी
- 43:28दिनों की इस कहानी को पढ़कर मिलता है कहा
- 43:31जाता है कि जहांगीर के आखिरी दिनों में
- 43:33उसके एक जनरल जिसका नाम महाबत खान था उसने
- 43:36उसके खिलाफ बगावत कर दी थी बगावत करने के
- 43:39साथ-साथ महाबत खान ने जहांगीर को अपना
- 43:42कैदी भी बना लिया था लेकिन जहांगीर की
- 43:45प्यारी बीवी यानी नूरजहां ने अपनी बहादुरी
- 43:48के बलबूते पर ना सिर्फ महाबत खां को
- 43:50शिकस्त दी बल्कि जहांगीर को उससे जिंदा भी
- 43:53बचा लिया था लेकिन इस हादसे के कुछ दिनों
- 43:56के बाद ही जहांगीर का इंतकाल हो गया था
- 43:59नूरजहां ने जहांगीर की मोहब्बत में लाहौर
- 44:02में जहांगीर का एक आलीशान मकबरा तैयार
- 44:05करवाया था जहांगीर के इस मकबरे को मुगलों
- 44:08की टॉप इमारतों में से एक इमारत माना जाता
- 44:17[संगीत]
- 44:21है दोस्तों स्क्रीन पर आप इस वक्त जिस
- 44:24खूबसूरत इमारत को देख रहे हैं यह भारत में
- 44:27मौजूद दुनिया के सात अजूबों में से एक
- 44:30अजूबा ताजमहल है और इसे बनवाया था
- 44:33हिंदुस्तान की मुगल सल्तनत के बादशाह
- 44:35शहाबुद्दीन मोहम्मद शाहजहानी दोस्तों
- 44:38शाहजहां बादशाह ने हिंदुस्तान में सिर्फ
- 44:40ताजमहल ही नहीं बनवाया बल्कि ताजमहल जैसी
- 44:43खूबसूरत बेशुमार इमारतें बनवाई हैं
- 44:46हिंदुस्तान की खूबसूरत इमारतों में से 80
- 44:48पर इमारतें ऐसी हैं कि जब आप उनके
- 44:51बैकग्राउंड को पढ़ना शुरू करेंगे यानी
- 44:54उनकी हिस्ट्री को देखेंगे तो आपको उन
- 44:56इमारतों के तार कहीं ना कहीं शाहजहां से
- 44:58जुड़े हुए मिलेंगे यानी या तो उनको
- 45:01शाहजहां ने बनवाया होगा या फिर उनकी
- 45:03खूबसूरती को और बढ़ाया होगा फिलहाल
- 45:05दोस्तों मुगल सीरीज की इस पांचवी वीडियो
- 45:08में आज हम बात करेंगे शहाबुद्दीन मोहम्मद
- 45:11शाहजहां के बारे में हम जानेंगे कि
- 45:13शाहजहां कौन था और पैदा होने से लेकर उसकी
- 45:17मौत तक का सफर उसके लिए कितना मुश्किल और
- 45:20कितना आसान रहा उसने हिंदुस्तान की मुगल
- 45:22सल्तनत को किस तरह संभाला और आखिर उसकी
- 45:25मौत कैसे हुई साथ ही साथ आजकल सोशल मीडिया
- 45:28पर होने वाले उस दावे की सच्चाई को भी
- 45:31जानने की हम कोशिश करेंगे जिस दावे में यह
- 45:33कहा जाता है कि शाहजहां बादशाह के अपनी ही
- 45:36सगी बेटी के साथ नाजायज रिश्ते थे तो
- 45:39दोस्तों शाहजहां से जुड़ी ऐसी बहुत सारी
- 45:41चीजें आज की इस वीडियो में हम जानने वाले
- 45:44हैं यह कहानी है उस दौर की कि जब
- 45:46हिंदुस्तान पर मुगल बादशाह अकबर का राज
- 45:49हुआ करता था 5 जनवरी 1592 को अकबर बादशाह
- 45:53के यहां पोता पैदा हुआ अकबर ने अपने पोते
- 45:56को खुशी से में लिया और उसका नाम खुरम रखा
- 45:59यह वही बच्चा था जो आगे जाकर पूरी दुनिया
- 46:02में शाहजहां के नाम से मशहूर हुआ शाहजहां
- 46:05को बचपन से ही तीरंदाजी घुड़सवारी और
- 46:08तलवारबाजी जैसी चीजों का बहुत शौक था
- 46:10लेकिन वह इन तमाम चीजों के साथ-साथ पढ़ाई
- 46:13में भी बड़ी दिलचस्पी रखा करता था उसे
- 46:15बहुत सारे सब्जेक्ट्स में महारत हासिल थी
- 46:18अभी शाहजहां की उम्र बमुश्किल 14-15 साल
- 46:20ही थी कि अचानक से उसकी जिंदगी में एक
- 46:23खूबसूरत औरत की एंट्री हुई जिसका नाम था
- 46:26र्ज मंद बानो बेगम यह वही औरत थी जो आगे
- 46:29जाकर मुमताज महल के नाम से मशहूर हुई थी
- 46:32और शाहजहां ने इसके मरने के बाद इसकी
- 46:35मोहब्बत में एक ऐसी इमारत बनवाई जो पूरी
- 46:38दुनिया में हमेशा-हमेशा के लिए मशहूर हो
- 46:41गई थी कुछ वक्त बीतने के बाद ही शाहजहां
- 46:43ने अर्जुनन बानू बेगम यानी मुमताज महल से
- 46:46शादी कर ली थी लेकिन हां शाहजहां अपने
- 46:49वालिद जहांगीर की तरह एक औरत से मोहब्बत
- 46:52करने की वजह से अपनी सल्तनत की
- 46:54जिम्मेदारियों को नहीं भूला करता था बल्कि
- 46:57वह मुमताज महल की मोहब्बत के साथ-साथ अपनी
- 47:00सल्तनत के तमाम कामों पर भी हद से ज्यादा
- 47:03फोकस किया करता था और यही वजह थी कि जब
- 47:05अकबर की मौत के बाद मुगल सल्तनत का अगला
- 47:08सुल्तान जहांगीर यानी शाहजहां का वालिद
- 47:10बना तो जहांगीर ने अपने बेटे शाहजहां को
- 47:13सल्तनत की बहुत बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां
- 47:15दी थी जिन्हें शाहजहां ने भी अपने बाप
- 47:18जहांगीर की उम्मीद के मुताबिक बड़ी अच्छी
- 47:21तरह से निभाया था 1614 में जहांगीर ने
- 47:24अपने बेटे खुरम यानी शाहजहां को 12000 की
- 47:28फौज लेकर मेवाड़ की तरफ रवाना किया ताकि
- 47:31वह मेवाड़ को फतह कर सके शाहजहां ने 12000
- 47:34की फौज से चंद दिनों में ही अपनी होशियारी
- 47:37और बहादुरी को साबित करते हुए मेवाड़ को
- 47:40जीत लिया था मेवाड़ को जीतने के साथ-साथ
- 47:42उसने हिंदुस्तान के बहुत सारे इलाकों में
- 47:45होने वाली उन बगावत को भी कुचल दिया था जो
- 47:48मुगलों के खिलाफ हो रही थी जहांगीर अपने
- 47:51बेटे खुर्रम यानी शाहजहां की इन तमाम
- 47:54होशियारिया और बहादुरी हों से बहुत खुश
- 47:56हुआ और जहांगीर ने अपने बेटे से खुश होकर
- 47:591617 में अपने बेटे को एक नया नाम दिया और
- 48:03वह नाम था शाहजहां जिस नाम से उसका बेटा
- 48:06हमेशा हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में
- 48:09मशहूर हो गया लेकिन जैसे-जैसे शाहजहां को
- 48:12बड़ी-बड़ी कामयाब यां हाथ लग रही थी
- 48:14वैसे-वैसे शाहजहां के मन ही मन में खुद
- 48:17शहंशाह बनने की ख्वाहिश जगती जा रही थी
- 48:20लेकिन क्योंकि जहांगीर की सबसे प्यारी और
- 48:22करीबी बीवी यानी नूरजहां जहांगीर के दूसरे
- 48:25बेटे जो उसका खुद का दामाद भी था जिसका
- 48:28नाम शहरयार था उसे अगला सुल्तान बनाना
- 48:31चाहती थी और जाहिर है जैसा कि हमने पिछली
- 48:34वीडियो में बताया था कि जहांगीर नूरजहां
- 48:37की किसी भी बात का इंकार नहीं कर पाता था
- 48:39इसीलिए शाहजहां को यह खतरा सताने लगा था
- 48:42कि कहीं ऐसा ना हो कि जहांगीर के बाद मेरा
- 48:45भाई शहरयार मुगल सल्तनत का अगला सुल्तान
- 48:48बन जाए इसी डर से शाहजहां ने अचानक से
- 48:51अपने बाप यानी जहांगीर के खिलाफ बगावत कर
- 48:54दी लेकिन शाहजहां की यह बगावत नाकाम रही
- 48:57और कुछ ही अरसे में शाहजहां के वालिद
- 49:00जहांगीर ने अपने बेटे शाहजहां की बगावत को
- 49:02पूरी तरह से कुचल दिया अब शाहजहां को यह
- 49:05खतरा महसूस होने लगा था कि कभी भी मुझे
- 49:07कत्ल करने का ऑर्डर जारी हो सकता है
- 49:10इसीलिए उसने अपने वालिद यानी जहांगीर को
- 49:12माफी नाम लिखना शुरू कर दिए और उसने अपने
- 49:16सबसे काबिल दो बेटे यानी औरंगजेब और दारा
- 49:19शिकू को भी अपने वालिद जहांगीर की खिदमत
- 49:21में पेश करके मुफी की दरख्वास्त की
- 49:24जहांगीर ने शाहजहां के ऊपर तरस खा कर
- 49:27शाहजहां को माफ कर दिया शाहजहां अपने
- 49:29वालिद के महल में वापस आ गया और फिर से एक
- 49:32नॉर्मल जिंदगी गुजारने लगा लेकिन कुछ ही
- 49:34अरसे के बाद जहांगीर का इंतकाल हो गया
- 49:37जहांगीर के इंतकाल के बाद ही मुगल सल्तनत
- 49:39का अगला सुल्तान बनने के लिए लड़ाइयां
- 49:42शुरू हो गई जहांगीर के चार बेटों में से
- 49:45दो बेटे तो जहांगीर की जिंदगी में ही वफात
- 49:48पा चुके थे अब सल्तनत की लड़ाई सिर्फ दो
- 49:50भाइयों में रह गई थी शाहजहां और शहरयार
- 49:53लेकिन जिस वक्त जहांगीर की मौत हुई थी उस
- 49:56वक्त जहां दकन यानी हैदराबाद के इलाके में
- 49:59था जो लाहौर से काफी दूर हुआ करता था
- 50:01इसीलिए जहांगीर की मौत के फौरन बाद
- 50:04शाहजहां के ससुर यानी आसिफ जा ने अपनी बहन
- 50:07नूरजहां को नजरबंद करा दिया ताकि वह अपने
- 50:10दामाद यानी शहरियार की कोई मदद ना कर सके
- 50:13और आसिफ जाह ने शाहजहां को फौरन यह खत
- 50:15भेजा कि वह तेजी के साथ आगरा की तरफ चला
- 50:18आए और आसिफ जा खुद भी एक बड़ी फौज लेकर
- 50:21लाहौर की तरफ रवाना हो गया जहां पर पहले
- 50:24ही शाहजहां का दूसरा भाई यानी शहरे अपनी
- 50:27बादशाहत का ऐलान कर चुका था शहर आर को
- 50:29अपनी बादशाहत का ऐलान किए हुए अभी कुछ ही
- 50:32वक्त गुजरा था कि शाहजहां का ससुर यानी
- 50:35आसिफ जाह एक बड़ी फौज लेकर लाहौर में
- 50:37दाखिल हो गया शहरयार की फौज और शाहजहां के
- 50:40ससुर आसिफ जाह की फौज में बड़ी जबरदस्त
- 50:43जंग हुई और इस जंग में शहरयार को हार नसीब
- 50:46हुई आसिफ जा ने शहरयार को फौरन कैदी बनाकर
- 50:49आगरा की तरफ रवाना कर दिया और शाहजहां के
- 50:51पहुंचने से पहले ही वहां पर शाहजहां की
- 50:54हुकूमत का ऐलान करवा दिया शाहजहां के नाम
- 50:57का खुतबा पढ़ा गया और आखिरकार 14 फरवरी
- 51:001628 में शाहजहां के पहुंचने पर उसकी
- 51:03ताजपोशी भी कर दी गई और इस तरह से शाहजहां
- 51:06मुगल सल्तनत का पांचवां बादशाह बना बादशाह
- 51:09बनने के बाद शाहजहां ने अपनी सौतेली मां
- 51:12यानी जहांगीर की सबसे प्यारी बीवी नूरजहां
- 51:16जो खुद शाहजहां के सुल्तान बनने के खिलाफ
- 51:18थी उसका 20 लाख वजीफा मुकर्रर कर दिया
- 51:22शाहजहां ने 1628 से लेकर 1658 तक हुकूमत
- 51:26की और यह पूरा का पूरा दौर हिंदुस्तान में
- 51:29रहने वाले लोगों के लिए बड़ी अमन और शांति
- 51:31के साथ गुजरा आपको जानकर शायद हैरानी होगी
- 51:34कि मुगल हिस्ट्री में शाहजहां की बादशाहत
- 51:37के दौर को ही मुगलों का गोल्डन एज माना
- 51:40जाता है क्योंकि इसके दौर में हिंदुस्तान
- 51:42में बहुत खूबसूरत खूबसूरत इमारतें बनवाई
- 51:45गई थी चाहे आगरा का ताज महल हो दिल्ली की
- 51:48जामा मस्जिद या फिर दिल्ली का लाल किला और
- 51:51इस जैसी बहुत सारी इमारतें जो दुनिया में
- 51:53मशहूर हैं वह शाहजहां ने ही बनवाई थी
- 51:56दोस्तों आज के दौर में दिल्ली के जिस
- 51:58इलाके को पुरानी देहली के नाम से जाना
- 52:00जाता है वह भी शाहजहां ने ही बसाया था और
- 52:03उसका असली और पहला नाम भी शाहजहां आबाद था
- 52:07क्योंकि उसे शाहजहां ने ही आबाद किया था
- 52:09इसके अलावा शाहजहां ने अपना एक तख्त भी
- 52:12बनवाया था शाहजहां इसी तख्त पर ही बैठा
- 52:15करता था यह तख्त बड़ा ही कीमती था इस तख्त
- 52:18के दोनों साइड में एक-एक मोर बनाए गए थे
- 52:20और हर मोर की चोंच में एक-एक हीरे की लड़ी
- 52:23पिरोई गई थी खास बात यह है कि इस तख्त के
- 52:26चारों के चारों पाय सोने के बने हुए थे इस
- 52:29तख्त को तख्त ताऊस के नाम से जाना जाता है
- 52:32वैसे तो शाहजहां की पूरी बादशाहत का दौर
- 52:34ही बड़ी ही खुशहाली के साथ गुजरा लेकिन
- 52:37खुद शाहजहां बादशाह को उस वक्त सबसे बड़ा
- 52:40झटका लगा जब उसके शहंशाह बनने के सिर्फ
- 52:43दो-तीन साल बाद ही उसकी सबसे प्यारी बीवी
- 52:46यानी मुमताज महल का इंतकाल हो गया क्योंकि
- 52:49मुमताज महल से शाहजहां बेपनाह मोहब्बत
- 52:51किया करता था इसलिए उसके इंतकाल के बाद व
- 52:54हमेशा रोता रहता था मुमताज महल के इंतकाल
- 52:57के बाद शाहजहां ने रंगीन कपड़े भी पहनना
- 53:00बंद कर दिए थे वह हमेशा सफेद और सादा
- 53:03लिबास पहना करता था शाहजहां ने मुमताज महल
- 53:06के इंतकाल के बाद अपना दरबार लगाना भी बंद
- 53:09कर दिया था ज्यादा रोने और हमेशा गम में
- 53:12रहने की वजह से शाहजहां के सर और दाढ़ी के
- 53:15सारे बाल सफेद पड़ने लगे थे उसने अपनी
- 53:18सल्तनत के सारे काम अपने वजीर यानी अपने
- 53:20ससुर आसिफ जा के हवाले कर दिए थे और वह
- 53:23खुद ज्यादातर बड़ी-बड़ी इमारतों को बना
- 53:26बनवाने में ही बिजी रहा करता था लेकिन
- 53:28दोस्तों हैरानी की बात यह है कि शाहजहां
- 53:31ने जिस तरह खुद बादशाह बनने के लिए अपने
- 53:33सगे भाई से ही जंग की थी ठीक उसी तरह जब
- 53:36वह बूढ़ा हुआ तो उसके चारों बेटों में भी
- 53:39बादशाह बनने के लिए जंग हुई थी और वह अपनी
- 53:42आंखों से सब कुछ देख रहा था लेकिन कुछ भी
- 53:45नहीं कर पा रहा था दोस्तों बात यह थी कि
- 53:48शाहजहां के चार बेटे थे जिनमें से सबसे
- 53:51बड़े बेटे का नाम दारा शिको था शाहजहां
- 53:53दारा शको से सबसे ज्यादा मोहब्बत किया
- 53:56करता ता था और अपने बाद अगला सुल्तान भी
- 53:59दारा शिको को ही बनाना चाहता था लेकिन वजह
- 54:01यह थी कि दारा शिको से शाहजहां के तमाम
- 54:04दरबार में रहने वाले लोग खिलाफ रहा करते
- 54:06थे क्योंकि दारा आशिकों के मजहबी खयालात
- 54:09बहुत ही गलत थे वो किसी भी मजहब को नहीं
- 54:12माना करता था उसकी नजर में सब कुछ बराबर
- 54:15था इसीलिए शाहजहां के दरबार में रहने वाले
- 54:17सभी लोग यह नहीं चाहते थे कि दारा श को
- 54:20मुगल सल्तनत का अगला सुल्तान बने दरबार के
- 54:23तमाम लोगों ने औरंगजेब आलमगीर से अंदरूनी
- 54:26तौर पर मिलना शुरू कर दिया था ताकि हम
- 54:29अपना अगला सुल्तान औरंगजेब आलमगीर को बना
- 54:32सकें दोस्तों क्योंकि दिली में शाहजहां के
- 54:34साथ सिर्फ दारा श को ही रहा करता था बाकी
- 54:37के बचे हुए तीनों भाई अलग-अलग सूबों में
- 54:39रहा करते थे औरंगजेब आलमगीर दकन में थे तो
- 54:42कोई बंगाल में था और कोई दूसरे इलाके में
- 54:45था 1658 में जब शाहजहां अचानक से बीमार हो
- 54:48गया और अपना दरबार ना लगा सका तो औरंगजेब
- 54:51आलमगीर ने दारा शिकों पर यह इल्जाम लगाया
- 54:54कि वह हुकूमत को हासिल करने की वजह से
- 54:57हमारे वालिद यानी शाहजहां की बीमारी को
- 54:59छुपा रहा है लेकिन दारा शिकों ने इस
- 55:01इल्जाम को झूठा करार दिया औरंगजेब आलमगीर
- 55:04के साथ-साथ दिली दरबार में रहने वाले
- 55:06ज्यादातर दरबारियों का भी यही मानना था कि
- 55:09दारा श को हुकूमत हासिल करने की वजह से
- 55:11खुद अपने वालिद की बीमारी को छुपा रहा है
- 55:14इसी वजह से औरंगजेब आलमगीर अपने चार
- 55:17भाइयों में से एक भाई जिसका नाम मुराद था
- 55:19उसके साथ एक बड़ी फौज लेकर दारा शिको के
- 55:22मुकाबले में निकल पड़े दारा शिको और
- 55:24औरंगजेब की फौज में बड़ी जबरदस्त लड़ाई
- 55:27हुई और इस जंग में दारा शिकों को शिकस्त
- 55:29हुई शिकस्त के साथ ही अगला सुल्तान
- 55:32औरंगजेब आलमगीर को बना दिया गया उसके बाद
- 55:35शाहजहां के एक और बेटे जिसका नाम शाह शोजा
- 55:38था उसने भी औरंगजेब आलमगीर के खिलाफ बगावत
- 55:40की लेकिन औरंगजेब आलमगीर ने उसे भी बड़ी
- 55:43ही जबरदस्त शिकस्त दी जिसकी वजह से
- 55:46धीरे-धीरे बड़ी बहादुरी और होशियारी के
- 55:48साथ-साथ लोगों की सपोर्ट की वजह से अब
- 55:51औरंगजेब आलमगीर के बादशाह बनने का रास्ता
- 55:54लगभग साफ हो चुका था लेकिन बूढ़ा और बीमार
- 55:57शाहजहां लाहौर के किले से अपने तमाम बेटों
- 56:00को एक दूसरे के खिलाफ तलवार उठाते हुए देख
- 56:03रहा था और परेशान होकर दिन बदिरा बीमार
- 56:06होता जा रहा था बादशाह बनने के बाद
- 56:09औरंगजेब आलमगीर ने अपने बूढ़े बाप यानी
- 56:12शाहजहां की खिदमत के लिए आगरा के महल में
- 56:14बहुत सारे नौकर चाकर दे रखे थे वो सारे
- 56:17नौकर चाकर शाहजहां के साथ बिल्कुल वैसा ही
- 56:20बर्ताव किया करते थे जैसे एक शहंशाह के
- 56:22साथ किया जाता है उन नौकरों के साथ-साथ
- 56:24शाहजहां के साथ उस की बेटी जिसका नाम जहां
- 56:27आ रहा था वो भी हमेशा उसी महल में ही रहा
- 56:30करती थी और अपने बूढ़े और बीमार बाप की
- 56:33खिदमत करती रहती थी शाहजहां आगरा के किले
- 56:36में लेटे-लेटे ही अपनी बीवी की याद यानी
- 56:39ताजमहल को देखता रहता था और आखिरकार इसी
- 56:42तरह धीरे-धीरे बीमारी की हालत में ही उसकी
- 56:45मौत हो गई थी दोस्तों आखिरी बात यह कि
- 56:47आपने भी सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोगों
- 56:50को यह दावा करते हुए सुना होगा कि शाहजहां
- 56:53बादशाह के अपनी ही बेटी यानी जहां आरा से
- 56:56नाजायज रिश्ते थे तो दोस्तों अगर इस दावे
- 56:58की सच्चाई के बारे में बात की जाए तो यह
- 57:01भी बिल्कुल झूठ है क्योंकि दोस्तों अगर आप
- 57:03इस दावे की गहराई में जाएंगे तो आपको
- 57:06मालूम चलेगा कि यह दावा किसी भी
- 57:08हिंदुस्तानी राइटर चाहे वह हिंदू हो या
- 57:11मुस्लिम हो उसने नहीं किया है और ना ही यह
- 57:13गंदा दावा किसी अरेबियन और पर्शियन
- 57:16हिस्टोरियन ने किया है बल्कि यह दावा
- 57:18सिर्फ और सिर्फ कुछ ब्रिटिश हिस्टोरियन ने
- 57:21किया है और उसकी सिर्फ एक ही वजह है वजह
- 57:23यह है कि जहां आरा शाहजहां की सबसे से
- 57:26प्यारी बेटियों में से एक बेटी थी वो उससे
- 57:28हद से ज्यादा मोहब्बत किया करता था
- 57:30दोस्तों जहां आरा खूबसूरत होने के साथ-साथ
- 57:33बहुत होशियार भी थी और होशियारी की वजह ही
- 57:35थी कि शाहजहां ने अपनी सल्तनत के बहुत
- 57:38सारे जरूरी काम उनके हवाले कर रखे थे
- 57:41शाहजहां आबाद जिसे आज हम पुरानी देहली के
- 57:43नाम से जानते हैं उसमें शाहजहां के दौर
- 57:46में बनाई गई सारी इमारतों में से ज्यादातर
- 57:48इमारतें जहां आराब बेगम की निगरानी में ही
- 57:51बनाई गई थी ज्यादातर हिस्टोरियन का यह भी
- 57:53मानना है कि पुरानी देहली को जब शाहजहां
- 57:55ने आबाद किया था तो उसका नक्शा भी जहां
- 57:59आरा ने ही तैयार किया था इन तमाम चीजों के
- 58:01साथ-साथ जहां आरा बिजनेस का सारा सिस्टम
- 58:04भी देखा करती थी मार्केटिंग सारा सिस्टम
- 58:06शाहजहां के दौर में जहां आरा के ही हवाले
- 58:08था क्योंकि उसी दौर में अंग्रेजों ने
- 58:11हिंदुस्तान में बिजनेस करना शुरू किया था
- 58:13इसीलिए वह यहां से ज्यादा मुनाफा कमाने की
- 58:16कोशिश किया करते थे और उसी दौर में ही
- 58:18अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी के जरिए से
- 58:21यहां पर अपने पैर पसारने की भरपूर कोशिश
- 58:23कर रहे थे अंग्रेज हिंदुस्तान में आकर
- 58:26बिजनेस के मामलात में अपनी मनमानी करने की
- 58:28कोशिश किया करते थे लेकिन जहां आरा की वजह
- 58:30से वह इन तमाम चीजों में नाकाम होते रहे
- 58:33और यही उनके गुस्से की सबसे बड़ी वजह बनी
- 58:36उन लोगों ने जहां आरा से अपनी नफरत
- 58:38निकालने के लिए शाहजहां और जहां आरा के
- 58:41बारे में अवाए फैलाना शुरू कर दी थी और
- 58:43उन्हीं हवाओं की वजह से ही वहीं के कुछ
- 58:45राइटर्स ने इस चीज को अपनी बुक्स में भी
- 58:48लिखा है लेकिन हैरानी की बात यह है कि
- 58:50हिंदुस्तानी राइटर्स ने तो इस बात को
- 58:52अव्वा बताया ही है बल्कि साथ-साथ ज्यादातर
- 58:55ब्रिटिश हिस्टोरियन ने भी इस बात को अब्बा
- 58:58और गलत बताया है उनका मानना है कि यह
- 59:00सिर्फ हवा में तीर चलाए गए हैं इस दावे
- 59:03में कोई भी सच्चाई नहीं है दोस्तों क्या
- 59:06आप लोगों ने कभी सोचा कि आखिर इतिहास में
- 59:09वो कौन सा खास वक्त था कि जब हमारा यह
- 59:12हिंदुस्तान पूरी ही दुनिया में सबसे
- 59:14ज्यादा अमीर हुआ करता था हिंदुस्तान सोने
- 59:17की चिड़िया था सोने की चिड़िया था यह बात
- 59:19तो आप लोगों ने बार-बार सुनी होगी लेकिन
- 59:22क्या आपने सोचा कि यह सोने की चिड़िया था
- 59:24कब आखिर वह कौन सा दौर और था कि जब
- 59:26हिंदुस्तान की आर्मी पूरी दुनिया में सबसे
- 59:29बड़ी और सबसे ताकतवर हुआ करती थी तो
- 59:32दोस्तों हमारे इन सारे ही सवालों का सिर्फ
- 59:35और सिर्फ एक ही जवाब है और वह जवाब है
- 59:37बादशाह औरंगजेब आलमगीर का द ग्रेट मुगल
- 59:41एंपायर भारत के इतिहास का एक ऐसा बादशाह
- 59:43कि जिसको आप पसंद कर सकते हैं नापसंद कर
- 59:46सकते हैं जिससे आप नफरत भी कर सकते हैं या
- 59:49कुछ भी कर सकते हैं लेकिन अगर कुछ नहीं कर
- 59:51सकते तो वो है इस इंसान को इग्नोर करना
- 59:54क्योंकि इस एक इंसान ने ने भारत के इतिहास
- 59:56पर जो प्रभाव जो इन्फ्लुएंस छोड़ा है वो
- 59:59इतना ज्यादा और इतना हैवी है कि जिसको ना
- 1:00:01तो किसी भी तरीके से भुलाया जा सकता है और
- 1:00:04ना ही इतिहास की किताबों से हटाया जा सकता
- 1:00:07है पहले नजर डालें थोड़ा पर्सनल लाइफ पर
- 1:00:09तो औरंगजेब आलमगीर का जो असली नाम था वो
- 1:00:12मुहियुद्दीन मोहम्मद था और इनका जन्म 1618
- 1:00:16में आज के दौर के गुजरात में हुआ था
- 1:00:18मां-बाप की बात करें तो वालिद वो थे कि
- 1:00:21जिन्होंने ताजमहल बनवाया था और मां वो थी
- 1:00:23कि जिनके लिए ताजमहल बनवाया गया था था
- 1:00:26मतलब के शाहजहां और मुमताज महल औरंगजेब
- 1:00:29आलमगीर ने 31 जुलाई 1658 को अपने फादर
- 1:00:32शाहजहां के बाद छठे मुगल बादशाह के तौर पर
- 1:00:35गद्दी संभाली और फिर यह गद्दी 1707 मतलब
- 1:00:38अगले 50 साल तक सिर्फ औरंगजेब आलमगीर के
- 1:00:41पास ही रही और इस तरह से पूरे ही इतिहास
- 1:00:44में किसी भी एक शासक के द्वारा हिंदुस्तान
- 1:00:47पर सबसे लंबे वक्त तक राज करने का रिकॉर्ड
- 1:00:50भी बादशाह औरंगजेब आलमगीर के खाते में गया
- 1:00:53क्योंकि कोई भी शासक इतिहास में ना तो
- 1:00:55पहले ऐसा सका था और ना ही औरंगजेब आलमगीर
- 1:00:58के बाद में ऐसा हो सका वैसे यह गद्दी
- 1:01:00हासिल करने की कहानी भी बड़ी ही अजीबोगरीब
- 1:01:03और खून से रंगी हुई है क्योंकि औरंगजेब
- 1:01:06आलमगीर के अलावा इस गद्दी के शाहजहां के
- 1:01:08तीन और बेटे भी दावेदार थे और यह चारों ही
- 1:01:11भाई आईडियोलॉजिकली मतलब के सोच विचार के
- 1:01:13मामले में एक दूसरे से बिल्कुल अपोजिट थे
- 1:01:16पर्सनली शाहजहां की यह ख्वाहिश थी कि उनका
- 1:01:18बेटा दारा श को गद्दी पर बैठे इसीलिए बहुत
- 1:01:21सारे इतिहासकार तो यह भी इल्जाम लगाते हैं
- 1:01:23कि औरंगजेब से खतरा महसूस करते हुए बहुत
- 1:01:26कम उम्र से ही बादशाह शाहजहां ने यह
- 1:01:28कोशिशें शुरू कर दी थी कि औरंगजेब आलमगीर
- 1:01:31को सल्तनत की राजधानी और महल से जितना
- 1:01:33ज्यादा हो सके दूर ही रखा जाए तो बेहतर
- 1:01:36होगा उसकी वजह यह थी कि कहीं औरंगजेब
- 1:01:38आलमगीर का इन्फ्लुएंस राजधानी या फिर महल
- 1:01:40में बढ़ ना सके इससे उलट दारा शको का यह
- 1:01:43इन्फ्लुएंस यह प्रभाव बढ़ता चला जाए और इस
- 1:01:46चीज को मुमकिन बनाने के लिए ही बहुत कम
- 1:01:48उम्र से ही औरंगजेब आलमगीर को कभी तो
- 1:01:51मुश्किल से मुश्किल इलाकों में मिलिट्री
- 1:01:53कैंपेन के लिए भेज दिया जाता था तो कभी
- 1:01:55ऐसे इलाको में जिम्मेदारियां दी जाती थी
- 1:01:57और गवर्नर लगा दिया जाता था कि जो आगरा और
- 1:01:59दिल्ली जैसे इलाकों से काफी दूर हुआ करते
- 1:02:02थे मगर साथियों हुआ यह कि शाहजहां और दारा
- 1:02:05शको के लिए यही चीज मुसीबत जबकि औरंगजेब
- 1:02:08आलमगीर के लिए यही चीज वरदान साबित हुई वो
- 1:02:11इसलिए क्योंकि औरंगजेब आलमगीर ने शुरुआती
- 1:02:13दौर से ही जो ज्यादा से ज्यादा वक्त अपनी
- 1:02:15आर्मी के साथ गुजारा और मुश्किल से
- 1:02:17मुश्किल इलाकों में जो कैंपेन की इस चीज
- 1:02:20ने औरंगजेब आलमगीर को मिलिट्री के फील्ड
- 1:02:22में जीनियस बना दिया नतीजा यह हुआ कि 1658
- 1:02:25में जब फाइनली गद्दी हासिल करने के लिए
- 1:02:27जंग शुरू हुई तो फिर इन भाइयों में से कोई
- 1:02:30भी औरंगजेब आलमगीर के सामने टिक ही नहीं
- 1:02:32सका किसी ने बड़े-बड़े पतरे अपनाए तो कोई
- 1:02:35बाहर से फौज लेकर आया तो किसी के पास शाही
- 1:02:37फौज का पूरा सपोर्ट था सारे हथियार थे
- 1:02:40लेकिन उसके बावजूद भी औरंगजेब आलमगीर ने
- 1:02:42बारी-बारी से अपने सारे ही भाइयों को
- 1:02:44हराकर खत्म कर दिया और इस तरह से अगले 50
- 1:02:47साल तक लगातार कायम रहने वाला बादशाह
- 1:02:50औरंगजेब आलमगीर का दौर शुरू हुआ वैसे वर्त
- 1:02:53नोटिसिंग बात यह है कि अगर आप लोग
- 1:02:55या फिर चैट जीपीटी जैसी किसी भी जगह पर
- 1:02:57जाकर यह सवाल पूछेंगे कि भारत के पूरे
- 1:03:00इतिहास का सबसे ताकतवर बादशाह कौन था
- 1:03:02स्ट्रांगेस्ट एंपरर कौन था तो सीधा सा
- 1:03:05जवाब आपको औरंगजेब आलमगीर के ही रूप में
- 1:03:07मिलेगा उसके पीछे कई ओबवियस रीजंस भी हैं
- 1:03:10जैसा कि हम पहले ही जान चुके हैं कि
- 1:03:11औरंगजेब आलमगीर ने सबसे लंबे वक्त तक
- 1:03:14गद्दी संभाली और इसके अलावा इसी दौर में
- 1:03:16ही मुगल एंपायर की जो सीमाएं थी जो सरहदें
- 1:03:19थी वो इतनी तेजी के साथ बढ़ना शुरू हुई कि
- 1:03:21इतने बड़े इलाके पर यह राज कायम हो गया था
- 1:03:24कि जितने बड़े इलाके पर पर पहले भारत के
- 1:03:26किसी भी शासक ने राज नहीं किया था इवन आज
- 1:03:29के दौर में मीडिया या सोशल मीडिया के ऊपर
- 1:03:31हम जिस अखंड भारत के कांसेप्ट के बारे में
- 1:03:33पढ़ते सुनते और देखते रहते हैं वह अखंड
- 1:03:36भारत भी अगर किसी दौर में वाकई पॉसिबल हुआ
- 1:03:39था तो वह दरअसल औरंगजेब आलमगीर का यही दौर
- 1:03:42था कि जब हिंदुस्तान की सीमाएं आज के
- 1:03:44अफगानिस्तान के काबुल से लेकर नीचे
- 1:03:46तमिलनाडु तक फैली हुई थी मिलिट्री तो सबसे
- 1:03:49बड़ी और सबसे स्ट्रांग थी ही जबकि इकोनॉमी
- 1:03:52का भी हाल यह था कि पूरी दुनिया की जो
- 1:03:54इकॉनमी थी उसमें से 25 पर शेयर तो सिर्फ
- 1:03:56और सिर्फ मुगल एंपायर का था मतलब पूरी
- 1:03:59दुनिया में जितनी दौलत मौजूद थी उसमें से
- 1:04:0225 पर के करीब दौलत उस दौर में सिर्फ
- 1:04:04हिंदुस्तान के इसी मुगल एंपायर के पास
- 1:04:07मौजूद थी दुनिया के पूरे ट्रेड पर भी भारत
- 1:04:09की ही तोती बोला करती थी चाहे एग्रीकल्चर
- 1:04:12का फील्ड हो टेक्सटाइल्स हो स्पाइसे हो
- 1:04:14सिल्क हो हर चीज में ही सबसे आगे भारत
- 1:04:17खड़ा हुआ नजर आता था अब वैसे तो हमेशा
- 1:04:20औरंगजेब आलमगीर को भी बिल्कुल वैसे ही याद
- 1:04:22किया जाना चाहिए था कि जैसे दुनिया के
- 1:04:24बड़े-बड़े मशहूर या फिर हिंदुस्तान के भी
- 1:04:26बड़े-बड़े और मशहूर हुक्मरानों को याद
- 1:04:29किया जाता है मतलब उनकी पांच क्वालिटीज
- 1:04:31यानी अच्छी चीजें गिनाई जाती और पांच बुरी
- 1:04:33चीजें गिनाई जाती मतलब कहा जाता कि इनके
- 1:04:35दौर में ये ये काम अच्छे हुए और इनके दौर
- 1:04:38में यह ये काम गलत हुए लेकिन बादशाह
- 1:04:40औरंगजेब आलमगीर के केस में तो कुछ और ही
- 1:04:43चल रहा है खास तौर से पिछले कुछ सालों से
- 1:04:45तो बादशाह औरंगजेब आलमगीर का इस्तेमाल
- 1:04:47राजनीतिक तौर पर खूब किया गया है हर साल
- 1:04:50सिनेमा हॉल में भी एक ना एक ऐसी नई फिल्म
- 1:04:53रिलीज कर ही दी जाती है जिसमें विलन का
- 1:04:55नाम हो ता है बादशाह औरंगजेब आलमगीर और
- 1:04:58फिर पूरी फिल्म में बस यही मैसेज दिया
- 1:05:00जाता है कि यह जो औरंगजेब आलमगीर नाम का
- 1:05:03बादशाह था इसके अंदर तो अगर 10 चीजें थी
- 1:05:05तो वह सारी बुरी की बुरी थी इस इंसान के
- 1:05:08अंदर तो कोई भी खूबी हो ही नहीं सकती थी
- 1:05:10और इससे उलट इसके मुकाबले में उस दौर में
- 1:05:12खड़े होने वाले जितने भी लोग थे उनके अंदर
- 1:05:15तो सारी की सारी खूबियां थी कोई बुराई हो
- 1:05:17ही नहीं सकती थी और साथ ही में इस पूरे
- 1:05:19मैटर को फिर हिंदू मुस्लिम का एंगल भी
- 1:05:21दिया जाता है ताकि जो मेन मकसद है मतलब कि
- 1:05:24नफरत फैलाना वो कामयाब हो सके लेकिन अगर
- 1:05:27आप लोग इन तमाम चीजों की छानबीन लॉजिकल वे
- 1:05:29में करेंगे और इन तमाम चीजों को इतिहासिक
- 1:05:31तौर पर देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि ऐसा
- 1:05:34तो कुछ था ही नहीं कि जो हमको बताया जाता
- 1:05:36है बल्कि वहां तो कुछ और ही चल रहा था और
- 1:05:39व जो सब कुछ था वह अपने जाती फायदे के लिए
- 1:05:42अपनी सल्तनत और अपनी रियासतों के लिए या
- 1:05:44अपने पॉलिटिकल फायदे के लिए था मिसाल के
- 1:05:46तौर पर बादशाह औरंगजेब आलमगीर के ऊपर अपने
- 1:05:49दौर में बहुत सारे मंदिरों को तोड़ने का
- 1:05:51हुक्म देने का इल्जाम लगाया जाता है और इस
- 1:05:54बात में कोई शक भी भी नहीं है कि बादशाह
- 1:05:56औरंगजेब आलमगीर के हुकम पर कुछ मंदिरों को
- 1:05:59तोड़ा गया था और इस बात में भी कोई शक
- 1:06:01नहीं है कि वह चाहे औरंगजेब आलमगीर हो या
- 1:06:04दुनिया का कोई भी हुक्मरान हो उसकी तरफ से
- 1:06:06किसी भी रिलीजियस प्लेस को किसी भी
- 1:06:08धार्मिक जगह को तोड़ना या उसको नुकसान
- 1:06:10पहुंचाना बहुत बड़ा अपराध है लेकिन एक
- 1:06:13अपराध एक गुनाह तो यह भी है कि जो लोग
- 1:06:15सोशल मीडिया पर आपको यह सब कुछ बता रहे
- 1:06:17होते हैं वह दरअसल यह नहीं बता रहे होते
- 1:06:19हैं कि टूटने वाले मंदिरों से बड़ी लित तो
- 1:06:22उन मंदिरों की है कि जिनको या तो औरंगजेब
- 1:06:24आलमगीर की तरफ से जमीन दान की गई थी या
- 1:06:27फिर उसको बनाने के लिए बहुत बड़ी रकम दी
- 1:06:29गई थी या फिर उसकी फंडिंग की गई थी जिसमें
- 1:06:32बनारस वृंदावन और गुजरात जैसे बड़े-बड़े
- 1:06:35नाम भी शामिल हैं और तो और वह लोग आपको यह
- 1:06:38भी नहीं बता रहे होते हैं कि इतिहासिक
- 1:06:40किताबों में तो कुछ ऐसी खास मस्जिदों का
- 1:06:42भी जिक्र है कि जिनको औरंगजेब आलमगीर के
- 1:06:44हुकुम पर तोड़ा गया था हमें अंदाजा है कि
- 1:06:47आप लोग कंफ्यूज हो रहे होंगे कि आखिर यह
- 1:06:49कैसे हो सकता है कि एक ही इंसान मंदिर
- 1:06:51तुड़वा आता भी है बनवा आता भी है मस्जिद
- 1:06:54तुड़वा आता भी है और उससे ज्यादा मस्जिदें
- 1:06:56बनवा आता भी है तो दोस्तों इस सारी
- 1:06:58कंफ्यूजन का एक ही जवाब है और व है
- 1:07:00पॉलिटिकल मोटिव दरअसल हमको पता होना चाहिए
- 1:07:03कि उस दौर में आज की तरह यह जो मंदिर हुआ
- 1:07:05करते थे यह सिर्फ पूजा करने की जगह ही
- 1:07:07नहीं हुआ करते थे बल्कि यह तो पावर सेंटर
- 1:07:10भी हुआ करते थे मतलब इनको पॉलिटिकल वे में
- 1:07:12भी इस्तेमाल कर लिया जाता था इसीलिए
- 1:07:15जिन-जिन इलाकों में या जिन खास मंदिरों को
- 1:07:17उस दौर में निशाना बनाया गया था उनके बारे
- 1:07:19में इतिहासिक किताबों में यही मिलता है कि
- 1:07:21वहां से या तो औरंगजेब आलमगीर के खिलाफ
- 1:07:23बगावत उठी थी या फिर बगावत की तैयारी की
- 1:07:26गई थी मतलब बगावत उठने वाली थी या फिर
- 1:07:28औरंगजेब आलमगीर को ऐसा कुछ होने का डर था
- 1:07:31या फिर कभी बादशाह औरंगजेब आलमगीर का कोई
- 1:07:34बड़ा दुश्मन वहां पर जाकर छिप गया था
- 1:07:36बिल्कुल ऐसा ही मामला कुछ मसाजिद के केस
- 1:07:38में भी नजर आता है जैसा कि इतिहासकारों ने
- 1:07:40गोलकोंडा की जामा मस्जिद का जिक्र किया है
- 1:07:43कि वहां के जब अपने दुश्मन हुक्मरान से
- 1:07:45बादशाह औरंगजेब आलमगीर ने निपटने का फैसला
- 1:07:47किया और जो हुक्मरान दरअसल धर्म से
- 1:07:49मुस्लिम ही था और जिसके बारे में बाद में
- 1:07:52औरंगजेब आलमगीर को यह भी खबर मिली कि इसने
- 1:07:54अपना बहुत सारा खजाना जमीन के नीचे दफनाकर
- 1:07:57उसके ऊपर जामा मस्जिद को तामीर कर दिया है
- 1:07:59तो फिर यहां के इलाके को फतह करने के बाद
- 1:08:02यहां के इलाके को कंट्रोल में लेने के बाद
- 1:08:04औरंगजेब आलमगीर के इशारे पर इस जामा
- 1:08:06मस्जिद को भी तोड़ा गया था जबकि हमें पता
- 1:08:09होना चाहिए कि यह वही बादशाह था कि जिसके
- 1:08:11इशारे पर भारत के अलग-अलग इलाकों में
- 1:08:14बेशुमार मस्जिदें तामीर भी हुई थी बिल्कुल
- 1:08:16ऐसे ही बुरहानपुर की एक शेख पीर मोहम्मद
- 1:08:19मॉस्क का भी जिक्र मिलता है जिसको बादशाह
- 1:08:22औरंगजेब आलमगीर की फौज ने पॉलिटिकल
- 1:08:24मोटिव्स की वजह से निशाना बनाया और तो और
- 1:08:26आप में से शायद बहुत सारे लोगों को जानकर
- 1:08:28हैरानी होगी कि जिस मराठा एंपायर को मुगल
- 1:08:31एंपायर के सामने खड़ा करके फिर फिल्म्स के
- 1:08:33अंदर हिंदू मुस्लिम का रंग दिया जाता है
- 1:08:36उस मराठा एंपायर की तरफ से भी इतिहास में
- 1:08:39कई मंदिरों को निशाना बनाए जाने का जिक्र
- 1:08:41मिलता है और जाहिर है यह सब कुछ भी
- 1:08:43अपने-अपने पॉलिटिकल मोटिव्स के लिए हो रहा
- 1:08:45था मिसाल के तौर पर 1740 से लेकर 1750 के
- 1:08:49बीच मराठा एंपायर की तरफ से जो बंगाल में
- 1:08:51रेट्स की गई थी उन रेट्स में कुछ मंदिरों
- 1:08:54को लूटने उनको निशाना बनाने या उनको
- 1:08:56डिस्ट्रॉय करने का जिक्र मिलता है बल्कि
- 1:08:59अभी रुकिए इससे भी ज्यादा हैरान कर देने
- 1:09:01वाली बात आपको बता देते हैं कि किसी दौर
- 1:09:03में जब मराठा एंपायर हैदर अली और टीपू
- 1:09:06सुल्तान की जो मैसूर रियासत थी उस पर
- 1:09:08रेड्स कर रहा था मतलब उसको फतह करने की या
- 1:09:11उसको हराने की कोशिश कर रहा था तो उस दौर
- 1:09:13में मैसूर रियासत के भी कई मंदिरों को
- 1:09:15मराठा एंपायर की फौजों के द्वारा निशाना
- 1:09:18बनाया गया था मतलब सोचिए कि यह कितनी अजीब
- 1:09:20बात है कि दो मुस्लिम हुक्मरान मतलब कि
- 1:09:22हैदर अली और टीपू सुल्तान को नीचा दिखाने
- 1:09:25या उनको हराने के लिए उनकी रियासत के
- 1:09:27मंदिरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा था
- 1:09:30दूसरी तरफ यह दो हुक्मरान अपनी रियासत और
- 1:09:32अपनी इज्जत को बचाए रखने के लिए इन
- 1:09:34मंदिरों की हिफाजत कर रहे थे साथियों
- 1:09:36बिल्कुल इसी तरह से ही यह भी दावे किए
- 1:09:38जाते हैं कि बादशाह औरंगजेब आलमगीर के दौर
- 1:09:41में बहुत सारा भेदभाव होता था मतलब पूरे
- 1:09:43भारत में सिर्फ हिंदू मुसलमान ही चल रहा
- 1:09:45था उसके अलावा तो मानो कुछ था ही नहीं
- 1:09:48जबकि हकीकत तो यह है कि उस दौर में बादशाह
- 1:09:50औरंगजेब आलमगीर के महल में या बाकी
- 1:09:52एडमिनिस्ट्रेशन में भी जो बड़ी-बड़ी
- 1:09:54पोजीशंस थी जो बड़ी-बड़ी गद्दिया थी उन पर
- 1:09:57बेशुमार हिंदू लोग बैठे हुए थे खुद
- 1:09:59अंग्रेज और हिंदू इतिहासकारों ने भी यह
- 1:10:01नंबर लगभग 30 से 35 प्रतिशत के करीब माना
- 1:10:04है जो मुगल सल्तनत के उस दौर से भी ज्यादा
- 1:10:06था कि जिस दौर में गद्दी पर एक सेकुलर छवि
- 1:10:09रखने वाला बादशाह अकबर बैठा हुआ करता था
- 1:10:12उस दौर की मुगल एंपायर की जिस बड़ी
- 1:10:14इकोनॉमी के बारे में हमने शुरू में जाना
- 1:10:16क्या आप लोगों को पता है कि औरंगजेब
- 1:10:18आलमगीर के दौर में मुगल एंपायर की इस बड़ी
- 1:10:20इकोनॉमी की देखभाल कौन कर रहा था मतलब
- 1:10:23दूसरे शब्दों में कहें तो बात शह औरंगजेब
- 1:10:26आलमगीर का फाइनेंस मिनिस्टर कौन था तो
- 1:10:28इसका सीधा सा जवाब है राजा रघुनाथ रॉय हां
- 1:10:31दोस्तों एक हिंदू इतना ही नहीं बाकी
- 1:10:34पोजीशंस और गद्दिया को तो छोड़ ही दीजिए
- 1:10:36बल्कि मिलिट्री जो किसी भी सल्तनत की सबसे
- 1:10:38अहम चीज हुआ करती थी उस मिलिट्री के भी
- 1:10:40बड़े-बड़े पदों पर बेशुमार हिंदू लोग बैठे
- 1:10:43हुए थे औरंगजेब आलमगीर की पूरी जिंदगी में
- 1:10:46पूरे दौर में वह चंद मिलिट्री कमांडर्स और
- 1:10:48वह चंद मिलिट्री जनरल्स के जो उस दौर में
- 1:10:51सबसे ज्यादा कामयाब और सबसे ज्यादा
- 1:10:53होशियार माने जाते थे और जिन के ऊपर
- 1:10:55औरंगजेब आलमगीर ने सबसे ज्यादा भरोसा किया
- 1:10:58था उनमें कई नाम हिंदू हुआ करते थे जिसमें
- 1:11:01राम सिंह राजा राम सिंह फर्स्ट राजा राम
- 1:11:04सिंह टू और महाराजा शाहू सिंह जैसे
- 1:11:06बेशुमार नाम शामिल हैं जिस मिलिट्री
- 1:11:09कमांडर ने किसी दौर में शिवाजी को कैप्चर
- 1:11:11करके औरंगजेब आलमगीर के महल में पेश किया
- 1:11:14था वो भी दरअसल इन्हीं हिंदू मिलिट्री
- 1:11:15कमांडर में से एक इंसान था मराठा एंपायर
- 1:11:18के खिलाफ जो पूरी कैंपेन चलाई गई थी और
- 1:11:21बड़े-बड़े इलाकों को जीतकर जो मुगल एंपायर
- 1:11:23में मिलाया जा रहा था उसमें यह सारे हिंदू
- 1:11:25मिलिट्री कमांडर्स भी सबसे अहम रोल प्ले
- 1:11:28कर रहे थे बिल्कुल इसी तरह से मराठा
- 1:11:30एंपायर के इतिहास में भी आप लोगों को
- 1:11:32मुस्लिम मिलिट्री कमांडर्स का जिक्र मिल
- 1:11:34जाएगा कि जो मुगलों के खिलाफ लड़ रहे थे
- 1:11:36और ऐसी फौजों का भी जिक्र मिल जाएगा कि जो
- 1:11:39थी तो मुस्लिम लेकिन मराठा एंपायर के साथ
- 1:11:41खड़ी हुई थी या फिर इनके अंदर मर्ज होकर
- 1:11:43ही मुगलों के खिलाफ लड़ रही थी आखिर में
- 1:11:46जहां तक मामला बचता है अपने भाइयों को
- 1:11:48कत्ल करके गद्दी हासिल करने का तो जाहिर
- 1:11:51सी बात है यह वैसे तो बहुत खतरनाक चीज है
- 1:11:53और जब भी हम लोग सुनते हैं तो आज के दौर
- 1:11:55में तो खास तौर से हम लोगों की रूह काप
- 1:11:57जाती है लेकिन मामला यह है कि उस दौर में
- 1:11:59यह चीज कोई यूनिक नहीं थी बल्कि बाकी
- 1:12:02सल्तनत बाकी हुकूम तों और बाकी अंपायर्स
- 1:12:05में भी गद्दी हासिल करने के लिए यही सब
- 1:12:07कुछ चल रहा था वह चाहे मुस्लिम दुनिया की
- 1:12:09ही सुपर पावर माना जाने वाला ऑटोमन एंपायर
- 1:12:11हो या फिर भारत की जमीन पर ही हजारों साल
- 1:12:14पहले वजूद रखने वाला वह मोरिया एंपायर हो
- 1:12:17कि जिसके हुक्मरान जिसके शासक अशोका कि
- 1:12:19जिसको आमतौर पर अशोका द ग्रेट के नाम से
- 1:12:22भी जाना जाता है जिसके शासक अशोका ने
- 1:12:24गद्दी हास हासिल करने के लिए इतिहासकारों
- 1:12:26के मुताबिक अपने लगभग 999 भाइयों को कत्ल
- 1:12:30कर डाला था अब जाहिर है इस नंबर के आगे तो
- 1:12:33औरंगजेब आलमगीर जैसे हुक्मरान दूर-दूर तक
- 1:12:35कहीं नहीं टिकते हैं वैसे यहां पर एक
- 1:12:37इंटरेस्टिंग बात यह है कि भारत के इतिहास
- 1:12:40में जिस एक हुक्मरान को बादशाह औरंगजेब
- 1:12:42आलमगीर की टक्कर का माना जाता है या जिसको
- 1:12:45औरंगजेब आलमगीर के मुकाबले में रखा जाता
- 1:12:47है वह हुक्मरान भी कोई और नहीं बल्कि यही
- 1:12:50अशोका द ग्रेट हैं बल्कि बेशुमार ऐसे लोग
- 1:12:53कि जो दिन रात सोशल मीडिया पर औरंगजेब
- 1:12:55आलमगीर के खिलाफ लिखते रहते हैं वह ना
- 1:12:58सिर्फ अशोका को औरंगजेब आलमगीर से ज्यादा
- 1:13:00ताकतवर और कामयाब साबित करते हैं बल्कि
- 1:13:02उसकी तारीफें भी करते हैं जबकि उनको इस
- 1:13:05बात का अंदाजा नहीं होता है कि वह तीन के
- 1:13:07मुकाबले में 999 को भूल चुके हैं वैसे
- 1:13:10यहां पर हमारा मकसद इतिहास के किसी भी एक
- 1:13:12हुक्मरान की एक तरफा बुराई करना या एक
- 1:13:15तरफा तारीफ करना नहीं है बल्कि सिर्फ आप
- 1:13:17लोगों को इतना समझाना है कि आंखों से
- 1:13:20हिंदू मुस्लिम की जो नफरत का चश्मा है
- 1:13:22उसको हटाकर देखिए तो आपको महसूस होगा कि
- 1:13:24इतिहास में पाए जाने वाले ये जितने भी
- 1:13:26हुक्मरान थे इनमें से कोई भी किसी से कम
- 1:13:29नहीं था
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This page contains the full transcript of Real History of the Mughal Empire । सभी ताक़तवर मुग़ल बादशाहों की असली कहानी - R.H Network by R.H NETWORK, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 13,591 words across 1,622 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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