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Real History Of Taboot E Sakina | Taboot e Sakina kya Hai | Islamic History | Almufeed islamic — Transcript

by Al Mufeed Islamic · 4,104 words · 500 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00ताबूत सकीना बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
  2. 0:03अस्सलाम वालेकुम यकीनन तमाम तारीफें
  3. 0:07अल्लाह के लिए हैं हम उसकी तारीफ बयान
  4. 0:10करते हैं उसी से मदद के तलबगार हैं मैं
  5. 0:14गवाही देता हूं कि अल्लाह के सिवा कोई
  6. 0:16माबूद बरहक नहीं नाजरीन आज की इस वीडियो
  7. 0:20में हम तस्करा करेंगे ताबूत सकीना और
  8. 0:23हैकले सुलेमानी का हम आपको बताएंगे कि
  9. 0:26ताबूत सकीना क्या है यह इस वक्त कहां
  10. 0:29मौजूद है और इसको लेकर मुख्तलिफ
  11. 0:37मजाबहराता मीर किया और इसको लेकर
  12. 0:40मुसलमानों और यहूदियों के क्या अकाय हैं
  13. 0:42वीडियो बहुत ही मालूमात होने वाली है
  14. 0:45लिहाजा आपने वीडियो को स्किप नहीं करना और
  15. 0:47आखिर तक हमारे साथ रहना है नाजरीन सबसे
  16. 0:50पहले अगर तजक करें ताबूत सकीना का अगर
  17. 0:53तारीख के तनाज में देखा जाए तो इसराइल को
  18. 0:56इस्लामी
  19. 0:58ममालाकंडम जज तो अपने नाजायज वजूद को
  20. 1:02बलाकर मुसलमानों में जायज हैसियत दिलाकर
  21. 1:05मुसलमानों से माशी
  22. 1:09फवाइव की पेश बंदी है जिसका जिक्र कुरान
  23. 1:12शरीफ में और तौरा में मौजूद है दूसरी तरफ
  24. 1:16मखी तौर पर इसे ताबूत सकीना की भी तलाश है
  25. 1:19जिसके जरिए यहूदी अपनी खोई हुई ताकत
  26. 1:22दोबारा हासिल करके दुनिया में फिर से अपना
  27. 1:24तसत कायम करना चाहते हैं क्या आप जानते
  28. 1:27हैं कि ताबूत सकीना क्या है और इसमें
  29. 1:30क्या-क्या चीजें थी यह एक ऐसा सवाल है
  30. 1:33जिसके बारे में मुसलमानों की नई नस्ल ना
  31. 1:35वाकिफ है जो कि तमाम मुसलमानों के लिए
  32. 1:38लमहा फिकिया है नाजरीन यह एक ऐसी करामाती
  33. 1:41ताबूत है जिसे हासिल करने वाला दुनिया फतह
  34. 1:45कर सकता है वह ताबूत जिसकी तलाश में आज तक
  35. 1:48यहूदियों ने हजारों मकामा खोज डाले इस
  36. 1:52ताबूत में ऐसी क्या चीज रखी है यह ताबूत
  37. 1:55तारीख में किसके पास थी और इसे कयामत से
  38. 1:57कबल कौन हासिल करेगा हम आज दुनिया के सबसे
  39. 2:01कृष्मा संदूक ताबूत सकीना के बारे में
  40. 2:03जानेंगे हर दौर में दोस्तों याद रखिए
  41. 2:06मुसलमान ईसाई और यहूदी एक दूसरे से
  42. 2:09मुखालिफ रहे हैं मगर एक जगह पर जिस पर
  43. 2:12तीनों मजहिर मुत्त फिक हैं वह ताबूत सकीना
  44. 2:15है यह एक मोज जाती और करामाती ताबूत है जो
  45. 2:19मोमिनो के दिलों में सुकून और करार की गरज
  46. 2:22से नाजिल हुआ था और हजरत आदम अलैहि सलाम
  47. 2:25से खात उल अंबिया सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम
  48. 2:27की मीराज रही जिसकी वजह से इसकी अजमत और
  49. 2:31हुरमत बहुत ज्यादा है इस संदूक को ताबूत
  50. 2:34सकीना इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस ताबूत
  51. 2:37के जरिए लोगों के दिलों में तसल्ली
  52. 2:39इत्मीनान और सुकून हासिल होता है इसे
  53. 2:43ताबूत इसलिए कहते हैं कि जो चीज इसमें से
  54. 2:46निकाली जाती थी वह फिर वापस उसी में चली
  55. 2:49जाती थी इसके मुतालिक मुख्तलिफ अकवाले हैं
  56. 2:53बनी इसराइल इस संदूक को बड़ा मुतबललिस्ट
  57. 3:00उनके हाथ से निकल गया तो पूरी कौम की
  58. 3:02हिम्मत जवाब दे गई और हर एक इसराइली यह
  59. 3:05सोचने लगा कि खुदा की रहमत हमसे दूर हो गई
  60. 3:08और अब हमारे बुरे दिन आ गए यहूदियों और
  61. 3:11मसी हों के नजरिए के मुताबिक ताबूत सकीना
  62. 3:14मूसा अलैहि सलाम ने खुदा के कहने पर बनाया
  63. 3:17था और इसमें वह पत्थर की लोहे लाकर रखी थी
  64. 3:21जो उनको खुदा ने कोहे सीना पर दी थी और
  65. 3:24जिन में यहूदी मजा हैब की
  66. 3:26[संगीत]
  67. 3:28तालीमाबाद ह मूसा अल सलाम का आसा और मनो
  68. 3:32सलवा भी रखा गया था जो बनी इस्राइल के
  69. 3:35लोगों के लिए अल्लाह ताला ने आसमान से
  70. 3:37नाजिल किया था यह बहुत मुकद्दस ताबूत
  71. 3:40शुमार किया जाता था और हमेशा मजहबी रहनुमा
  72. 3:43इसको उठाया करते थे और इसकी हिफाजत के लिए
  73. 3:46फौज का एक दस्ता भी हमेशा साथ रहता था नीज
  74. 3:50य बनी इसराइल के नजदीक फतह और बरकत की
  75. 3:53अलामत था इसको जंगो के दौरान में लश्कर से
  76. 3:56आगे रखा जाता था और यह समझा जाता था कि इस
  77. 3:59बूद की बरकत की वजह से जीत हमेशा बनी
  78. 4:02इसराइल की होगी जब बनी इसराइल अल्लाह ताला
  79. 4:05के अह कामात की नाफरमानी करने लगे और
  80. 4:08खुलमखुला वह काम करने लगे जिनसे अल्लाह ने
  81. 4:10उन्हें मना किया था तो यह ताबूत उनसे एक
  82. 4:13जंग के दौरान में खो गया और उन्हें शिकस्त
  83. 4:16का सामना करना पड़ा यह ताबूत हजरत तालू के
  84. 4:20जमाने में वापस मिल गया इसी बारे में
  85. 4:22कुराने मजीद में बीर शद है उन लोगों से
  86. 4:25उनके नबी ने कहा कि तालू के बादशाह होने
  87. 4:28की अलामत यह है कि तुम्हारे पास वह संदूक
  88. 4:31वापस आ जाएगा जिसमें तुम्हारे रब की तरफ
  89. 4:34से तस्कीन कल्ब का सामान है और वह कुछ
  90. 4:37अश्या हैं जो मूसा और हारून छोड़ गए थे
  91. 4:40उनको फरिश्ते उठाकर लाएंगे और बिला शुभ
  92. 4:44उसमें तुम्हारे लिए बड़ी निशानी है अगर
  93. 4:46तुम ईमान रखते हो यह ताबूत जब तक मुशरिकीन
  94. 4:49के पास रहा तब तक उसकी वजह से उन पर
  95. 4:52मुश्किलात नाजिल होती नहीं और आखिरकार
  96. 4:55उन्होंने तंग आकर एक बैल गाड़ी पर रखकर
  97. 4:57अपने इलाके से बाहर निकाल दिया और
  98. 5:00फरिश्तों ने उस बैल गाड़ी को हका कर वापस
  99. 5:03बनी इसराइल तक पहुंचा दिया और लिबान इसी
  100. 5:06बात की तरफ कुरान मजीद में भी इशारा किया
  101. 5:08गया है हजरत दाऊद के जमाने तक इस ताबूत को
  102. 5:11रखने के लिए कोई खास इंतजाम नहीं था और
  103. 5:14इसके लिए पड़ाव की जगह पर एक अलग
  104. 5:18खैमाह जरत दाऊद ने खुदा के हुक्म से खुदा
  105. 5:21का घर बनाना शुरू किया जो ऐन उस मुकाम पर
  106. 5:24है जहां आज मस्जिदए अक्सा मौजूद है लेकिन
  107. 5:28यह आलीशान घर के बेटे हजरत सुलेमान के अहद
  108. 5:31में मुकम्मल हुआ और इसको हैकले सुलेमानी
  109. 5:34के नाम से जाना जाता है इस घर की तामीर के
  110. 5:37बाद ताबूत सकीना को यहां से पूरे एहतराम
  111. 5:39के साथ रख दिया गया और इस तरह यह मुकाम
  112. 5:43यहूदियों का मुकद्दस तरीन मकाम बन गया बाद
  113. 5:46के जमाने में होने वाली जंगो ने इस हैकल
  114. 5:48को बहुत नुकसान पहुंचाया लेकिन बाबल के
  115. 5:51बादशाह बक्त नसर बनू कद नसीर ने इसको
  116. 5:54मुकम्मल तौर पर तबाह कर दिया और इसको आग
  117. 5:57लगा दी व यहां से मारे गनीमत के साथ-साथ
  118. 6:00ताबूत सकीना भी ले गया था इस तबाही के
  119. 6:03नतीजे में आज असली हैकल की कोई चीज बाकी
  120. 6:06नहीं है इन तमाम तबाही हों के नतीजे में
  121. 6:09ताबूत सकीना कहीं गायब हो गया और उसका कोई
  122. 6:12निशान नहीं मिला इस संदूक में क्या है
  123. 6:15बाइबल के मुताबिक इसमें हजरत यूसुफ का
  124. 6:17जसने मुबारिक और बाइबल ही की बाज रवाया की
  125. 6:20रू से हड्डियां और कपड़े थे और इसे हजरत
  126. 6:23मूसा अलैहि सलाम मिस्र से अपने साथ लाए थे
  127. 6:27नाजरीन कसल अंबिया में है कि इस मुत संदूक
  128. 6:30में रात का असल नुस्खा हजरत मूसा और हारून
  129. 6:33के असाओ पैरहन और मन का मर्तबान महफूज थे
  130. 6:37फलस्तीनियंस से छीनकर अपने मंदर बैतो जून
  131. 6:41में रख दिया था कुराने मजीद में इसके बारे
  132. 6:44में
  133. 6:45तसरीना इलयों के हाथों से यह संदूक निकल
  134. 6:48गया तो फरिश्ते इसकी हिफाजत पर मामूर थे
  135. 6:51और उसमें आले मूसा और आले हारून के छोड़े
  136. 6:54हुए तबकात थे जिनमें पत्थर की वह तख्तियां
  137. 6:57जो तौर सीना पर अल्लाह ताला ने हजरत मूसा
  138. 7:00अलैहि सलाम को दी थी इसके अलावा तौरा का
  139. 7:03वह असल नुस्खा है जिसे हजरत मूसा ने लिखवा
  140. 7:06करर बनी लावा की हिफाजत में दे दिया था एक
  141. 7:09बोतल जिसमें मन भरकर महफूज कर दिया था
  142. 7:12ताकि आने वाली नस्लें अल्लाह ताला के इस
  143. 7:15एहसान को याद करें जो सहरा में उनके बाप
  144. 7:18दादाओ पर किया गया था और लिबान मूसा अलैहि
  145. 7:21सलाम का असा भी उसी संदूक के अंदर था आज
  146. 7:24भी बहुत सारे माहिरे आसार कदीमा और खुसूस
  147. 7:27यहूदी मजहब से ताल्लुक रखने वा वाले माहिर
  148. 7:30उसकी तलाश में सरकता हैं ताकि उसको ढूंढकर
  149. 7:33वह अपनी उसी रूहानियत को वापस पा सकें जो
  150. 7:37कभी उनको अता की गई थी ताबूत सकीना की
  151. 7:39मौजूदा जगह के बारे में मुख्तलिफ लोग कयास
  152. 7:42अराइयां करते रहते हैं कुछ के नजदीक उसको
  153. 7:45अफ्रीका ले जाया गया और एक मशहूर माहिरे
  154. 7:48आसार कदीमा रान वाइट का कहना है कि यह
  155. 7:51मशरिक वस्ता में मौजूद है और कुछ लोगों के
  156. 7:54मुताबिक उसको ढूंढने की कोशिश इंग्लैंड के
  157. 7:57इलाके में करनी चाहिए बहरहाल कोशिश जारी
  158. 8:00है लेकिन ता हाल इन्हें नाकामी का सामना
  159. 8:02है सूर सबा की तफसीर में उलमा एकराम
  160. 8:05फरमाते हैं बैतुल मुकद्दस की तामीर जो
  161. 8:08हजरत दाऊद अलैहि सलाम ने शुरू की फिर हजरत
  162. 8:11सुलेमान अलैहि सलाम ने इसकी तकल फरमाई
  163. 8:14इसमें कुछ काम तामीर का बाकी था और यह
  164. 8:16तामीर का काम जिन्नात के सपुत था जबकि
  165. 8:19तबीयत में सरकश गालिब थी हजरत सुलेमान
  166. 8:22अलैहि सलाम के खौफ से तामीर करते उनकी
  167. 8:25वफात का जिन्नात को इल्म हो जाए तो फौरन
  168. 8:27काम को छोड़ बैठे और आमीर रह जाएगी इसका
  169. 8:31इंतजाम हजरत सुलेमान अलैहि सलाम ने बाजन
  170. 8:34रबानी यह किया कि जब मौत का फरिश्ता आया
  171. 8:37तो मौत की तैयारी के लिए अपने मेहराब में
  172. 8:39दाखिल हो गए जो शफाफ शीशे से बनी हुई थी
  173. 8:42बाहर से अंदर की जानिब सब चीजें नजर आती
  174. 8:45थी और अपने मामूल के मुताबिक इबादत के लिए
  175. 8:48एक सहारा लेकर खड़े हो गए कि रूह परवाज
  176. 8:51करने के बाद भी जिस्म इसी आसा के सहारे
  177. 8:53अपनी जगह पर जमा रहे सुलेमान अलैहि सलाम
  178. 8:56की रूह वक्त मुकर्रर पर कब्ज कर ली गई मगर
  179. 9:00वह अपने असा के सहारे अपनी जगह जमे हुए
  180. 9:02बाहर ऐसे नजर आते थे कि इबादत में मशगूल
  181. 9:05हैं जिन्नात की यह मजाल ना थी कि पास आकर
  182. 9:09देख सकें कि हजरत सुलेमान अलैहि सलाम को
  183. 9:12जिंदा समझकर काम में मशगूल रहे यहां तक कि
  184. 9:15साल भर गुजर गया और तामीर बैतुल्लाह का
  185. 9:17बकिया काम पूरा हो गया तो अल्लाह ताला ने
  186. 9:20घुन के कीड़े को जिसको फारसी में दय और
  187. 9:23उर्दू में दीमक कहा जाता है और कुरान करीम
  188. 9:26ने इसको दावल अर्ज के नाम से
  189. 9:29आसाए सुलेमानी पर मुसल्लत कर दिया दीमक ने
  190. 9:32आसा की लकड़ी को अंदर से खाकर कमजोर कर
  191. 9:34दिया आसा का सहारा खत्म हुआ तो सुलेमान
  192. 9:37अलैहि सलाम गिर गए उस वक्त जिन्नात को
  193. 9:40उनकी मौत की खबर हुई ताबूत सकीना के बारे
  194. 9:43में सूरतुल बकरा आयत नंबर 248 में अल्लाह
  195. 9:46सुभान हु ताला का इरशाद ग्रामी है और
  196. 9:49उन्हें उनके नबी ने कहा उस तालू की
  197. 9:52बादशाही की निशानी यह है तुम्हारे पास
  198. 9:59है और आले मूसा और आले हारून ने जो कुछ
  199. 10:02छोड़ा था उसमें से बाकी चीजें मानदा हैं
  200. 10:05उसे फरिश्ते उठाए हुए होंगे बेशक उसमें
  201. 10:08तुम्हारे लिए यकीनन एक निशानी है अगर तुम
  202. 10:11मोमिन हो इस आयत मुबारका से वाज होता है
  203. 10:14कि वह संदूक अल्लाह ताला की तरफ से तालू
  204. 10:17के बादशाह मुकर्रर होने की निशानदेही थी
  205. 10:19अल्लाह ताला की तरफ से एक तसल्ली थी उसमें
  206. 10:22मूसा और हारून की आल के तरका की बाकी मादा
  207. 10:25शिया थी बेशक इस आयत में ताबूत का कोई नाम
  208. 10:28नहीं दिया गया मगर यह वाज अल्फाज में बता
  209. 10:31दिया गया इसमें तुम्हारे रब की तरफ से
  210. 10:34सकीना है लफ्ज सकीना सुकून के मादे से है
  211. 10:37और तस्कीन आराम के माने में मुस्ता हमिल
  212. 10:40है यहां इससे मुराद जानो दिल का सुकून और
  213. 10:43इत्मीनान है इसलिए इसको ताबूत सकीना के
  214. 10:47नाम से जाना जाता है यह संदूक शमशाद की
  215. 10:50लकड़ी से बनाया गया है जो अंदर से बाहर तक
  216. 10:52सोने से मढ़ा हुआ है यहां तक कि इसका
  217. 10:55ढक्कन भी सोने से छुपा है तीन गज लंबा और
  218. 10:58दो गज चोड़ा एक संदूक जिस पर दो परिंदे
  219. 11:01बैठे हैं इस ताबूत सकीना या ताबूत के अंदर
  220. 11:05बहुत ज्यादा इख्तिलाफ राय और बहुत सी
  221. 11:07रवाया हैं कुछ मुसद का रवाया के मुताबिक
  222. 11:11ये हजरत आदम अलैहि सलाम पर नाजिल हुआ था
  223. 11:13यानी जन्नत से आपके साथ ही जमीन पर उतारा
  224. 11:16गया था और ता मर्ग आपके पास रहा फिर नस्ल
  225. 11:20दर नस्ल बतौर वरासत यके बाद आज दीगर आपकी
  226. 11:24औलाद तक मुंत किल होता रहा यहां तक कि यह
  227. 11:27हजरत याकूब अलैहि सलाम तक पहुंचा और फिर
  228. 11:29हजरत मूसा अलैहि सलाम से हजरत यस अलैहि
  229. 11:32सलाम को मिला और आपके बाद बनी इसराइल ने
  230. 11:35इस पर कब्जा कर लिया बहुत दिलचस्प बात यह
  231. 11:38है कि हजरत ईसा अलैहि सलाम और हजरत
  232. 11:40मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के हवाले
  233. 11:43से इस ताबूत की मुंत किली के ठो शवा हैद
  234. 11:46या कोई तहरीर नुस्खे नहीं मिले लेकिन उलमा
  235. 11:49कराम की राय के मुताबिक यह 1 लाख अंबिया
  236. 11:51की मीराज थी जो हजरत आदम अलैहि सलाम से
  237. 11:55तमन नबीन सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तक चली
  238. 11:58जब खात नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के
  239. 12:01नायब इमाम महदी के पास है जो दुनिया को
  240. 12:03उसकी रमाई करवाएंगे और तालू की बादशाहत की
  241. 12:07तरह यह ताबूत भी इमामत की गवाही देगा जिस
  242. 12:10पर तकरीबन तमाम
  243. 12:16मजाबहराता से शादी के बाद अपने वतन एक्सम
  244. 12:19गई वहां आपके यहां खूबसूरत बेटे की पैदाइश
  245. 12:22हुई उसका नाम इब्ने हकीम रखा जब आप 22 साल
  246. 12:26के हुए तो अपने वालिद से मिलने यरूशलम गए
  247. 12:29जब आपने वापसी का कसदार सुलेमान अलैहि
  248. 12:32सलाम ने आपके साथ कुछ दरबारी और ताबूत
  249. 12:35सकीना भी रवाना किया हजरत बिल्कीस की वफात
  250. 12:38के बाद आप बादशाह बने तारीख आपको मैनलिंग
  251. 12:41अव्वल के नाम से जानती है आप निहायत बुर्
  252. 12:44बार अकलमंद और ताकतवर बादशाह थे आपने अपनी
  253. 12:47सल्तनत को खूब तरक्की दी और 2000 साल तक
  254. 12:50ताबूत सकीना के वारिस रहे इस सुंदू में वह
  255. 12:5310 एह कामात मौजूद थे जो अल्लाह पाक ने
  256. 12:56नाजिल किए थे और कोहे सीना पर हजरत म
  257. 12:59अलैहि सलाम को इसके जरिए अह कामात मिले
  258. 13:02कहा जाता है कि खुदा मूसा से अहद के संदूक
  259. 13:05पर बने दो कुबियो में से बातें करता था यह
  260. 13:08संदूक और हैकल सुलेमानी बनी इसराइल की
  261. 13:11ताकत और खूबसूरती का सबब है हजरत सैयदना
  262. 13:15मूसा अलैहि सलाम जंग में इस संदूक को
  263. 13:18आगे-आगे रखते थे इससे बनी इसराइल को सुकून
  264. 13:20नसीब होता था बनी इसराइल को जब भी कोई
  265. 13:23मुश्किल पेश आती तो वह इस संदूक को सामने
  266. 13:25रखकर दुआ करते थे दुश्मनों के मुकाबले में
  267. 13:28इस की बरकत से फतह पाते जब आपस में
  268. 13:31इख्तिलाफ होता तो संदूक से फैसला करवाते
  269. 13:34संदूक से फैसले की आवाज आती थी बलाए और
  270. 13:38आफत संदूक की बरकत से टल जाया करती थी
  271. 13:40इसराइली ताबूत सकीना को अपने कबीला के तौर
  272. 13:43पर भी इस्तेमाल करते थे तारीख की किताबों
  273. 13:46के मुताबिक हजरत दाऊद अलैहि सलाम ने ताबूत
  274. 13:49सकीना के तहफ्फुज के लिए एक मजबूत इमारत
  275. 13:52तामीर करने का फैसला किया यह इमारत हजरत
  276. 13:55सुलेमान अलैहि सलाम के दौर में मुकम्मल
  277. 13:57हुई और इसे है ले सुलेमानी का नाम दिया
  278. 14:00गया जब बनी इसराइल अल्लाह ताला की बहुत
  279. 14:03ज्यादा नाफरमानी करने लगे तो उन पर यह गजब
  280. 14:06हुआ कि कौम अमालिका के बहुत बड़े लश्कर ने
  281. 14:10हमला करके उनकी बस्तियां तबाह कर डाली और
  282. 14:13यह अनोखा संदूक भी उठाकर ले गए इसके बाद
  283. 14:16कौम अमलका ने संदूक को गंदी जगह रखकर
  284. 14:19बेअदबी की जिसके नतीजे में वह मुख्तलिफ
  285. 14:22बीमारियों का शिकार हो गए और उनकी पांच
  286. 14:25बस्तियां हलाक हो गई उन्हें यह यकीन हो
  287. 14:27गया कि यह सब मुकद संदूक की बेअदबी का
  288. 14:30नतीजा है चुना चा उन्होंने संदूक को एक
  289. 14:32बैल गाड़ी पर रखकर बनी इसराइल की बस्तियों
  290. 14:35की तरफ छोड़ दिया वह संदूक चार फरिश्तों
  291. 14:38की निगरानी में उस वक्त के नबी हजरत
  292. 14:41सैयदना शमैल अलैहि सलाम तक पहुंचा यूं बनी
  293. 14:44इसराइल को दोबारा यह अजीम नेमत हासिल हो
  294. 14:47गई इस वाकए के बाद बनी इसराइल ने हैकले
  295. 14:50सुलेमानी को दोबारा तामीर किया बाद अजा
  296. 14:53रोमियो ने हमला किया और इसे एक बार फिर
  297. 14:56निशाना बनाया बाज तारीख दानों का कहना है
  298. 14:59कि अहले बाबिल इसे अपने साथ ले गए जबकि एक
  299. 15:02राय यह भी है कि इसे आसमानों पर उठा लिया
  300. 15:05गया जबकि यह भी कहा जाता है कि कयामत के
  301. 15:08करीब हजरत सैयदना इमाम महदी जब तशरीफ
  302. 15:11लाएंगे तो इस संदूक को फलस्तीन की तबिया
  303. 15:13नाम के एक मशहूर झील से निकालेंगे जबकि एक
  304. 15:17कौल के मुताबिक आप उसे तुर्की के शहर इंता
  305. 15:19किया की किसी गार से निकालेंगे जब हजरत
  306. 15:22उमर रजि अल्लाह ताला अन्हो ने इस सरजमीन
  307. 15:25को फतह किया तो रोमियो के कलीसाई
  308. 15:29जहां मस्जिदए अक्सा की तामीर की गई है
  309. 15:31यहूदी दावा करते हैं कि जिस जगह मस्जिदए
  310. 15:34अक्सा वाकया है वहां उनका माब था मुसलमान
  311. 15:38इस जगह को अपने लिए मुकद्दस जानते हैं मगर
  312. 15:40यहूदियों का अकीदा है कि मस्जिद को शहीद
  313. 15:43करके इसकी जगह हैकले सुलेमानी की दोबारा
  314. 15:46तामीर की जाएगी वह हैकल की एक पसमांदा
  315. 15:49दीवार में वाक दरवाजे के मुतालिक भी समझते
  316. 15:51हैं कि यह कयामत से कबल उनके बादशाह की
  317. 15:54वापसी का रास्ता है वह समझते हैं कि जब इस
  318. 15:57दरवाजे से उनका बादशाह निकलेगा
  319. 15:59तो उसके पीछे तमाम मुर्दे उठ खड़े होंगे
  320. 16:02अलबत्ता मुस्लिम रवाया के मुताबिक
  321. 16:04यहूदियों का बादशाह दज्जाल है बाइबल के
  322. 16:06मुताबिक इसमें हजरत यूसुफ का जसने मुबारिक
  323. 16:09और बाइबल ही की बाज रवाया की रू से
  324. 16:11हड्डियां और कपड़े थे और इसे हजरत मूसा
  325. 16:14अलैहि सलाम मिस्र से अपने साथ लाए थे कसल
  326. 16:17अंबिया में है कि इस
  327. 16:19मुतबललिस्ट
  328. 16:27की औलाद बाद है हजरत इस्माइल के भाई हजरत
  329. 16:31इक ने बैतुल मुकद्दस में इबादत गाह बनाए
  330. 16:35जबकि हजरत इस्माइल अलैहि सलाम ने खाना
  331. 16:37काबा की बुनियाद रखी हजरत इक की औलाद यानी
  332. 16:41हजरत इक के बेटे हजरत याकूब ने अपना लकब
  333. 16:44इसराइल रखकर अपने अहले खाना के साथ मौजूदा
  334. 16:47फलस्तीन और बैतुल मुकद्दस को अपना वतन
  335. 16:50बनाया जबकि हजरत इस्माइल अलैहि सलाम की
  336. 16:53औलाद ने खाना काबा को अपने वतन के तौर पर
  337. 16:56चुना जब याकूब अलैहि सलाम के बेटे हजरत
  338. 16:59याकूब के बेटे हजरत यूसुफ थे जो बाद में
  339. 17:02भाइयों की बेवफाई की वजह से कुए में डाले
  340. 17:05गए और गुलाम बनाकर मिस्र में फरोख्त हुए
  341. 17:08हजरत यूसुफ बाद अजा अजीज मिस्र की जगह
  342. 17:11फिरौन के वजीर आजम बने और मिस्र के वाली
  343. 17:14कहलाए हजरत यूसुफ अलैहि सलाम के मिस्र के
  344. 17:17वाली बनने के बाद वह अपनी कौम यानी बनी
  345. 17:20इसराइल को अपने आबाई वतन फलस्तीन से मिस्र
  346. 17:23ले गए जहां अगले वक्त में फिरौन ने गुलाम
  347. 17:26बना लिया था और उनसे मुशक्कल थे
  348. 17:29मिस्र में हजरत मूसा ने बनी इसराइल को
  349. 17:31फिरौन की कैद से निजात दिलाई और उन्हें
  350. 17:34आबाई वतन बैतुल मुकद्दस यानी फलस्तीन ले
  351. 17:37आए सालों बाद बनी इसराइल को एक और कौम ने
  352. 17:40गुलाम बना लिया और फलस्तीन पर कब्जा कर
  353. 17:43लिया सिनाई के इलाके में हजरत दाऊद अलैहि
  354. 17:46सलाम पैदा हुए जिन्होंने बैतुल मुकद्दस पर
  355. 17:49काब बादशाह की बैरून हमलावरों के मुकाबले
  356. 17:51में मदद की और ईरानी हमलावर बादशाह और
  357. 17:54इंतहा ताकतवर जालूद को जंग में कत्ल कर
  358. 17:58दिया फलस्तीन के बादशाह सूर ने अपनी बेटी
  359. 18:01की शादी हजरत दाऊद अलैहि सलाम से कर दी
  360. 18:04जिसके मरने के बाद हजरत दाऊद फलस्तीन के
  361. 18:06बादशाह बन गए और बनी इसराइल फिर से बैतुल
  362. 18:09मुकद्दस में आबाद हो गए हजरत दाऊद के
  363. 18:12इंतकाल के बाद हजरत सुलेमान फलस्तीन के
  364. 18:15बादशाह बने और यह दौर तारीख का वाहिद दौर
  365. 18:17है जिसमें यहूदी इंतहा ताकतवर सल्तनत के
  366. 18:21मालिक बन गए जबकि हजरत इस्माइल अलैहि सलाम
  367. 18:24की औलाद कुफर में डूब गई खाना काबा में
  368. 18:26बुत रख दिए गए बे खान मा हो गई हजरत
  369. 18:29सुलेमान ने बैतुल मुकद्दस में इस जगह
  370. 18:32हैकले सुलेमानी तामीर करवाया जहां हजरत इक
  371. 18:35ने बनी इसराइल के लिए इबादत गाह की
  372. 18:38बुनियाद रखी दोस्तों जो संदूक एक ना दो
  373. 18:41बल्कि पूरे 124000 अंबिया कराम की मीरास
  374. 18:44रहा हो तो उसकी अजमत कितनी बुलंद होगी और
  375. 18:47उस संदूक को रखने के लिए उतनी ही बुलंद
  376. 18:49मर्तबा और बरकत वाली जगह की जरूरत थी
  377. 18:52जिसके लिए अल्लाह ताला ने अपने कलाम बलावत
  378. 18:55में इरशाद फरमाया पाक है वह जात जो अपने
  379. 18:58बंदे को रात ही रात में मस्जिदए हराम से
  380. 19:00मस्जिदए अक्सा ले गई जिसके पास हमने बरकत
  381. 19:03दे रखी थी उसके लिए हमने उसे अपनी कुदरत
  382. 19:06के बाज नमूने दिखाए यकीनन अल्लाह ताला
  383. 19:09बहुत ही खूब सुनने वाला और देखने वाला है
  384. 19:12जैसा कि अल्लाह ताला ने इस जमीन को बरकत
  385. 19:14वाला कहा तो साबित भी कर दिया इस जमीन को
  386. 19:17अंबिया की सरजमीन का नाम दिया और इस जगह
  387. 19:20को अंबिया की पैदाइश गाह बना दिया जिनमें
  388. 19:23हजरत याकूब अलैहि सलाम हजरत यूसुफ अलैहि
  389. 19:26सलाम हजरत दाऊद अल सलाम हजरत सुलेमान
  390. 19:30अलैहि सलाम हजरत यया अलैहि सलाम हजरत मूसा
  391. 19:34अलैहि सलाम हजरत ईसा अलैहि सलाम और दीगर
  392. 19:37अंबिया इस पाक जमीन में पैदा हुए या बाहर
  393. 19:40से आकर आबाद हुए इस जमीन में अनगिनत
  394. 19:43अंबिया के मद फन भी हैं यह मुकाम फलस्तीन
  395. 19:46है जो मौजूदा इसराइल कहलाता है हजरत याकूब
  396. 19:49अलैहि सलाम ने हुक्म खुदा वंदी के मुताबिक
  397. 19:52मस्जिदए बैतुल मुकद्दस मस्जिदए अकसा की
  398. 19:55बुनियाद डाली इसी वजह से बैतुल मुकद्दस
  399. 19:58आबाद हु
  400. 19:59आपका नाम इस्राइल अलैहि सलाम भी था आप ही
  401. 20:02की औलाद बनी इस्राइल कहलाती है हजरत मूसा
  402. 20:05अलैहि सलाम ने बरसों सराए सीना में फिरने
  403. 20:07के बाद अपनी कौम के लिए एक इबादत का खैमाह
  404. 20:11यह 25 फुट लंबा 5 फुट चौड़ा और 15 फुट
  405. 20:15ऊंचा था इसमें कयाम इबादत ओज सोज और ताबूत
  406. 20:19सकीना की जगह थी हजरत जालूद के दौर तक
  407. 20:21यहूद खैम का रुख करके इबादत करते जैसे यह
  408. 20:25उनका किबला हो हजरत दाऊद अलैहि सलाम का
  409. 20:27दौरे हुकूमत 33 साल था आपने
  410. 20:30खैमाह मुकद्दस में कोहे सहय में एक जगह
  411. 20:35मुस्तकिल तौर पर नसबी उस जगह का नाम बैत
  412. 20:39ऐल यानी अल्लाह का घर पड़ गया इसी मुकाम
  413. 20:42पर खुदा वंद करीम हजरत दाऊद अलैहि सलाम से
  414. 20:45हम कलाम हुआ और उस जगह का नाम हजरत दाऊद
  415. 20:48अलैहि सलाम ने हिब्रू रखा था हजरत सुलेमान
  416. 20:51अलैहि सलाम का दौर 39 साल आपने इस खैम
  417. 20:55इबादत की जगह हैकल की मुस्तकिल इमारत
  418. 20:58बनवाई जिसमें आपने जिन्नात की मदद ली और
  419. 21:02इसमें कीमती पत्थरों को रसवा कर लगवा दिया
  420. 21:04जिनमें याकूत जमुर और सोने चांदी की
  421. 21:07तख्तियां की दीवारें हैं जिनमें आला दर्जे
  422. 21:10के मौती लगे हुए हैं फिरोजा का फर्श याकूत
  423. 21:13के सतन और जवाहरात की जुड़वा छत थी जिनकी
  424. 21:17चमक और रोशनी इस कदर थी कि रात में भी
  425. 21:20रोशनी की जरूरत ना पड़ती थी एक मख सूस
  426. 21:23कमरा ताबूत सकीना के लिए वक्फ हुआ जिसका
  427. 21:26नाम कदसिद्धेश्वर
  428. 21:2820 साल में मुकम्मल हुई नाजरीन सवाल यह
  429. 21:31पैदा होता है कि आखिर इस लकड़ी के संदूक
  430. 21:33में ऐसा क्या है जो यहूदी दीवाना वारिस की
  431. 21:36तलाश में जमीनी जोक दीमक बने हुए हैं एक
  432. 21:39संदूक जो बनी इसराइल से दूसरे तक मुंत किल
  433. 21:42होता आया और उसके अंदर अंबिया की जाती और
  434. 21:45करामाती अश्या रखते हो इसके साथ-साथ इस
  435. 21:48संदूक को रखने के लिए इसी सरजमीन का
  436. 21:50इंतखाब हुआ जिसे खुदा वंद करीम बरकत वाली
  437. 21:53जमीन कहे जिस जमीन को अंबिया की जमीन का
  438. 21:56नाम मिले जो सबसे पाक बतर मुकाम हो उस
  439. 21:59ताबूत को रखने के लिए मुकाम को भी खुद नबी
  440. 22:02तैयार करवाएं खुदा वंद ताला अपने कलाम में
  441. 22:05इसे दिल का सुकून कहे मोमिनो ईमान वालों
  442. 22:08की निशानियां बताए इस संदूक की अहमियत
  443. 22:10क्या बयान हो सकती है यह तो समंदर को कूज
  444. 22:13में भरने के मस्क हुआ इसकी अहमियत तो ला
  445. 22:16महदूद है तभी आज दुनिया भर की अकवाले हो
  446. 22:20ईसाई हो या यहूदी इसकी तलाश और जुस्तजू
  447. 22:24में सरगद हैं क्योंकि यह सिर्फ एक संदूक
  448. 22:27नहीं बल्कि फता कामयाबी की अलामत है यह
  449. 22:30इतना अहम है कि आज 3000 साल बाद भी इसकी
  450. 22:33तलाश क्यों जारी है नाजरीन ताबूत सकीना और
  451. 22:36हैकले सुलेमानी दोनों का तस्करा साथ-साथ
  452. 22:39ही आता है अब हैकले सुलेमानी के बारे में
  453. 22:41कुछ तफसील आपको बताते हैं दोस्तों यह हजरत
  454. 22:44सुलेमान अलैहि सलाम की तामीर करदा इबादत
  455. 22:47गाह का नाम है जो मौजूदा बैतुल मुकद्दस
  456. 22:49यानी मस्जिदए अकसा के मुकाम पर थी तो सबसे
  457. 22:52पहले आप नाजरीन से सुलेमान अलैहि सलाम का
  458. 22:55तस्करा करेंगे दोस्तों सुलेमान अलैहि सलाम
  459. 22:57अल्लाह के बरगुर नबी थे सुलेमान अलैहि
  460. 23:00सलाम दाऊद अलैहि सलाम के बेटे थे समझा
  461. 23:03जाता है कि उन्होंने मुत इदा इसराइल पर
  462. 23:05कबल अ मसीह से लेकर 931 कबल अ मसीह तक
  463. 23:09हुकूमत की उनके बाद मुल्क इसराइल के दो
  464. 23:12हिस्से शुमाली और जनूबी हो गए सुलेमान
  465. 23:14अलैहि सलाम का सिलसिला नसबी यानी औलादे
  466. 23:18याकूब के वास्ते से याकूब से जा मिलता है
  467. 23:20कुराने पाक में उन्हें औलाद इब्राहीम
  468. 23:23शुमार किया गया है सुलेमान अल सलाम की
  469. 23:25हुकूमत का एक बहुत बड़ा इमतियाज जो कायनात
  470. 23:28में किसी और को नसीब नहीं हुआ यह था कि
  471. 23:31उनके जेरे नगीन सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि
  472. 23:33जिन और हैवान भी ताबे थे और यह हजरत
  473. 23:36सुलेमान अलैहि सलाम के हाक माना
  474. 23:39इक्दर्म थे हक ताला ने जिनको ऐसी मखलूक
  475. 23:43बनाया है जो मुश्किल से मुश्किल और सख्त
  476. 23:46से सख्त काम अंजाम दे सकती है इसलिए हजरत
  477. 23:49सुलेमान अलैहि सलाम ने यह इरादा फरमाया कि
  478. 23:51मस्जिद यानी हैकल के चार जानिब एक अजीम उ
  479. 23:54शन शहर आबाद किया जाए और मस्जिद की तामीर
  480. 23:57भी अ सरन की जाए उनकी ख्वाहिश यह थी कि
  481. 24:00मस्जिद और शहर को बेश कीमत पत्थरों से
  482. 24:03बनवाएं और उसके लिए बद से बद अदरा से हसीन
  483. 24:07और बड़े-बड़े पत्थर मंगवाए जाहिर है कि उस
  484. 24:10जमाना के रसूलो रसाय के महदूद और मुख्तसर
  485. 24:13वसाय सुलेमान अलैहि सलाम की ख्वाहिश की
  486. 24:16तक्मी के लिए काफी नहीं थे यह काम सिर्फ
  487. 24:18जिन ही अंजाम दे सकते थे लिहाजा उन्होंने
  488. 24:21जिन्नात से ही यह खिदमा ली चुनांचे वह
  489. 24:24दूर-दूर से खूबसूरत और पत्थर जमा करके
  490. 24:27लाते और बैतुल मुकद्दस की तामीर का काम
  491. 24:29अंजाम देते नाजरीन हैकले सुलेमानी और इसकी
  492. 24:32तामीर का तजक रात और इंजील में भी मौजूद
  493. 24:35है नाजरीन यह थी हमारी आज की वीडियो हम
  494. 24:38उम्मीद करते हैं कि आपको हमारी आज की यह
  495. 24:40वीडियो जरूर पसंद आई होगी अगर आपको हमारी
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