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Rahul Gandhi की रैली के ख़िलाफ़ BJP के व्यापारी और Godi Media! | Dekhi Jaayegi — Transcript

by Molitics · 11,589 words · 1,694 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00अराजक हो गए राहुल गांधी। एक डेट अराजकता
  2. 0:03सेट जो चेंबर्स ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री है
  3. 0:05वह चिट्ठियां लिख रहा है कि भाई क्यों
  4. 0:06कारोबार चौपट कर रहे हो?
  5. 0:07एक रैली है 1 नवंबर की दिल्ली के रामलीला
  6. 0:10मैदान में। इसी रामलीला मैदान में अन्ना
  7. 0:12आंदोलन हुआ। तब कहां गया ट्रेड? क्योंकि
  8. 0:14तब लाभार्थी आप बन रहे थे तो तब तो आपको
  9. 0:16व्यापारी की याद नहीं आई। इतने क्यों
  10. 0:17घबराए हो एक रैली से?
  11. 0:18क्यों घबराए सर? राजदार की जब बात होती है
  12. 0:21सर। हरदीप पुरी अकेले राजदार तो नहीं
  13. 0:22होंगे। अभी तक जितने खुलासे एफसीन को लेके
  14. 0:26हुए हैं उसमें जो सबसे मेन नाम है वो यही
  15. 0:29नाम है। क्या पता पजल 16 यही हो।
  16. 0:31लेकिन अगर पज़ल 16 से इस तस्वीर का कोई
  17. 0:33जुड़ाव है तो आपकी बात सही होती है।
  18. 0:35नहीं इसकी कड़ी आगे जुड़ेगी।
  19. 0:37पता है कहां से जुड़ेगी? ट्रम्प के लिए 10
  20. 0:40मिनट का काम है हिंदुस्तान की राजनीति को
  21. 0:41बर्बाद करने में।
  22. 0:42हिंदुस्तान की राजनीति या मोदी की
  23. 0:44राजनीति?
  24. 0:47इनसाइडर्स कैसे डेवलप हो जाते हैं सर?
  25. 0:49खासतौर पे उस सरकार में जिस सरकार की सबसे
  26. 0:52बड़ी कैरेक्टरिस्टिक ही ब्यूरोक्रेसी पे
  27. 0:54कंट्रोल है।
  28. 0:54ऐसा पता कब होता है? आपका इकबाल घटने लगे।
  29. 0:57इकबाल जो खत्म हुआ क्या चुनाव ही उसका
  30. 0:59कारण है?
  31. 1:00मशीन रीडेबल डाटा नहीं दे सकते हम। पुराने
  32. 1:02रिकॉर्ड हम हटा देंगे। ईवीएम हम जला
  33. 1:04देंगे।
  34. 1:06राहुल गांधी कह रहे हैं क्रिमिनली
  35. 1:08डिस्ट्रॉय किया जा रहा है। निर्मला
  36. 1:10सीतारमण जवाब दे रही है कि भाई पॉलिटिसाइज
  37. 1:11मत किया करिए हर मामले को। क्यों कह रहे
  38. 1:13हैं राहुल गांधी ऐसा?
  39. 1:14टाटा के विधायकों की चोरी होगी। बेसिकली
  40. 1:16जो जो टाटा ट्रस्ट नहीं चाहता वो सारे काम
  41. 1:18टाटा सनंस में हो रहे हैं।
  42. 1:20बच पाएगा टाटा ज्ञानेश का मांगा जा रहा है
  43. 1:23इस्तीफा। राजदार की बात आपने की ज्ञानेश
  44. 1:26हटेंगे कैसे? ज्ञानेश तो पुरस्कृत होंगे।
  45. 1:28ऐसा नहीं है कि ज्ञानेश कुमार हटेंगे
  46. 1:30नहीं। देर सवेरे हटेंगे जरूर।
  47. 1:41नमस्कार दोस्तों, हमारे साप्ताहिक शो देखी
  48. 1:43जाएगी में आप सबका बहुत-बहुत स्वागत है।
  49. 1:45हमेशा की तरह हमारे कंसल्टिंग एडिटर आदेश
  50. 1:47रावल जी हमारे सामने बैठ चुके हैं।
  51. 1:49बहुत-बहुत स्वागत आदेश जी।
  52. 1:51थैंक यू जी।
  53. 1:51और एक एपिसोड के ब्रेक के बाद मैं वापस
  54. 1:54हूं। आप लोगों के संदेश मिले। आदेश जी का
  55. 1:56बड़ा शुक्रिया कि उन्होंने पहुंचाया आप तक
  56. 1:58कि मैं कहा था। बहरहाल शुरू करते हैं
  57. 2:01यात्रा करते हैं हम यात्रा इस बार भी
  58. 2:02होगी। एक मीटिंग में जाएंगे। जिस मीटिंग
  59. 2:04में आदेश जी तो गए थे। हम नहीं गए थे। तो
  60. 2:05आदेश जी बताएंगे मीटिंग में हुआ
  61. 2:07क्या-क्या? मीटिंग बहुत दिलचस्प है। तो
  62. 2:09उसके लिए तो आपको जुड़ना ही है। दूसरी बात
  63. 2:11यात्रा हम कर ही रहे हैं तो रामलीला मैदान
  64. 2:13की यात्रा करेंगे। रामलीला मैदान की
  65. 2:14यात्रा करेंगे तो चेंबर्स ऑफ़ ट्रेड एंड
  66. 2:16यूनियन में भी जाना पड़ेगा हमको। ट्रेड
  67. 2:18एंड इंडस्ट्री में भी कि वहां क्या चल रहा
  68. 2:19है? कौन से लोग चिट्ठी पत्री लिख रहे हैं।
  69. 2:22ज्ञानेश कुमार की बात नहीं होगी तो मामला
  70. 2:23खत्म कैसे होगा? आजकल तो जो भी चर्चा होगी
  71. 2:25ज्ञानेश जी की होगी। राज्यसभाओं में भी हम
  72. 2:28जाएंगे और एमएलसी इलेक्शंस के भी दौरे हम
  73. 2:30करेंगे और यात्रा करते-करते पहुंचेंगे देश
  74. 2:34के नमक के जरिए जिस नाम को हमने सुना था
  75. 2:37या हमारे बचपन में टाटा और बिरला होते थे
  76. 2:39अडानी अंबानी नहीं होते थे तो टाटा की भी
  77. 2:42बात होगी यहां पर क्रिमिनली डिस्ट्रॉय
  78. 2:44किया जा रहा है टाटा को राहुल गांधी कहते
  79. 2:46हैं निर्मला सीतारमण जवाब देती है बहुत
  80. 2:48कुछ हुआ है और सब कुछ ऐसा जिसके अंदर बहुत
  81. 2:51सारी खबरें हैं तो अंदर जितनी खबरें हैं
  82. 2:52आदेश जी बता ही देंगे तो शुरू करते हैं आप
  83. 2:55लोगों से गुजारिश यही अब सब्सक्राइब ना
  84. 2:56किया हो चैनल तो सब्सक्राइब कर लीजिएगा।
  85. 2:58आदेश जी शुरू करते हैं और शुरू कहां से
  86. 3:01करें यह तो बड़ा अजीब सा रहता है लेकिन
  87. 3:04शुरुआत उस मीटिंग से ही करते हैं साहब।
  88. 3:06राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष पत्रकारों से
  89. 3:09मिल रहे थे और कांग्रेस के नेता पत्रकारों
  90. 3:11से अगर मिले तो आदेश रावल का नाम तो होना
  91. 3:13ही बनता है। इतने सालों से आप
  92. 3:15कोई गारंटी नहीं होती।
  93. 3:18कार्यक्रमों में गारंटी नहीं होती।
  94. 3:19इवेंट्स में नहीं होती। वो तो कई बार
  95. 3:20बातचीत कर चुके हैं। लेकिन ऐसी जब
  96. 3:22पत्रकारीय मीटिंग होती है तो उसमें
  97. 3:24इनपुट्स तो आदेश जी के पास है तो गए थे आप
  98. 3:26मीटिंग में?
  99. 3:27हां, मैं गया था। बुलाया था।
  100. 3:28क्या रहा सर? कैसा रहा?
  101. 3:29देखिए क्या होता है राहुल गांधी समय-समय
  102. 3:31पे जो पत्रकार कांग्रेस बीट कवर करते हैं।
  103. 3:34कांग्रेस को सालों से कवर करते आ रहे हैं।
  104. 3:36उनसे इंटरेक्शन करते हैं।
  105. 3:37हम
  106. 3:38तो कल ये इंटरेक्शन था लगभग डेढ़ घंटे का।
  107. 3:42लेकिन उस मीटिंग के बारे में मैं कुछ बता
  108. 3:44नहीं पाऊंगा आपको। उससे मेरी मजबूरी यह है
  109. 3:47कि वह जो पूरी वार्तालाप होती है वह ऑफ
  110. 3:50रिकॉर्ड होती है। हम
  111. 3:51यानी उस मीटिंग की शर्त यह होती है कि उस
  112. 3:53उस मीटिंग में से हम कुछ भी कोट नहीं
  113. 3:56करेंगे बाहर। जो भी चर्चा होगी उसके अंदर
  114. 3:58थोड़ी बहुत तो
  115. 3:59नहीं नहीं कर सकते। मतलब
  116. 4:02आप समझ लो कि अगर ऐसा किया तो वो उल्लंघन
  117. 4:05होगा एक वादे का कि भाई हमने जो वायदा
  118. 4:09करके हम आपके पास बैठे हुए हैं आपसे बात
  119. 4:11कर रहे हैं अपनी बात कह रहे हैं उनकी बात
  120. 4:13सुन रहे हैं तो मुझे लगता है कि वो ठीक
  121. 4:16नहीं है।
  122. 4:17कल्पना के आधार पे भी नहीं कर सकते।
  123. 4:18नहीं कर सकते क्योंकि वो पता लग जाएगा कि
  124. 4:20कल कौन सी कल्पना किस तरफ जा रही है कवि
  125. 4:22की।
  126. 4:23चलिए
  127. 4:23तो इस मीटिंग की चर्चा नहीं हो सकती।
  128. 4:26मीटिंग जरूर हुई थी कल डेढ़ घंटे तक राहुल
  129. 4:28गांधी मिले पत्रकारों से जो लंबे समय से
  130. 4:31कांग्रेस बीट कवर कवर कर रहे हैं जो नए आए
  131. 4:33हैं रिपोर्टर्स उनके साथ भी तो ये जनरली
  132. 4:35हर पार्टी में होता है उधर अमित शाह जी
  133. 4:36मिलते हैं जो रिपोर्टर्स बीजेपी कवर करते
  134. 4:39हैं प्राइम मिनिस्टर वन टू वन मिलते हैं
  135. 4:42जिनसे मिलना होता है
  136. 4:44तो ये किसी भी पार्टी को कवर करने वाले
  137. 4:47पत्रकारों के लिए रूटीन है कि जब भी कोई
  138. 4:50बड़ा कार्यक्रम होता है या कुछ ऐसा ब्रीफ
  139. 4:53देना होता है तो लीडरशिप शिप मिलती है
  140. 4:56अपने-अपने हिसाब से तो उधर अमित शाह जी
  141. 4:58मिलते हैं। इधर राहुल गांधी जी मिले कल हम
  142. 5:01लोगों से।
  143. 5:01हम
  144. 5:02तो डेढ़ घंटे की बातचीत हुई लेकिन मैं
  145. 5:05उसमें से कुछ आपके साथ शेयर नहीं कर सकता।
  146. 5:07ये मेरी मजबूरी है।
  147. 5:08देखिए अब सर ने सबसे पहले ही बोल दिया।
  148. 5:10हालांकि बोलते आपको आदत की तो पता है
  149. 5:12लेकिन इस बार लग रहा है रिजेक्शन जो है वो
  150. 5:14दमदार है। अच्छा एक चीज तो बताइए सर कि
  151. 5:16मीटिंग जब हुई राहुल गांधी से तो शहजादे
  152. 5:18से मिले थे, राहुल बाबा से मिले थे या
  153. 5:21राहुल गांधी जी से मिले थे? अमित शाह जैसे
  154. 5:24कहते हैं अगर मैं कहूं
  155. 5:26नहीं नहीं राहुल गांधी से मिले थे और वो
  156. 5:28तो अब वो भी नहीं कहते अब तो अमित शाह भी
  157. 5:31नहीं कहते शहजादा या
  158. 5:32जो भी वो बोलते थे क्योंकि एक एक नैरेटिव
  159. 5:36बड़ा फास्ट चला है इस देश में कि जो जिसको
  160. 5:40आप शहजादा कहते हो वो तो सड़क पे घूम रहा
  161. 5:42है टीशर्ट और कारगो पहन के और जिसको आप
  162. 5:45कहते हो कि वो गरीब है वो चाय बेचने वाला
  163. 5:47है वो चल रहा है 8000 करोड़ के जहाज में
  164. 5:50और दिन में पांच ड्रेस चेंज करके तो मुझे
  165. 5:52लगता है कि अब जो वह नैरेटिव था वह राहुल
  166. 5:54गांधी पे चिपकता नहीं है।
  167. 5:56जिस तरीके से पहले करते थे और उसमें एक
  168. 5:58बहुत महत्वपूर्ण योगदान है उस भारत जोड़ो
  169. 6:01यात्रा का जिसमें उनकी जो छवि थी वो बाहर
  170. 6:04निकल के आई जो असली व्यक्ति थे और जिस
  171. 6:07तरीके से उनका प्रोजेक्ट किया गया था
  172. 6:09मीडिया सोशल मीडिया आईटी सेल के जरिए तो
  173. 6:14अब अब वो चीजें इतनी आसानी से चिपकती नहीं
  174. 6:16है। वो सिर्फ बीजेपी के इकोसिस्टम में
  175. 6:18रहती हैं कि विदेश चले गए विदेश चले गए और
  176. 6:22शहजादा कह दिया, राजा कह दिया या जो भी
  177. 6:25उनको कहना होता है। अब वो जो पहले वो
  178. 6:28ट्रेवल करती थी चीजें
  179. 6:30दूर तक अब वो सिर्फ बीजेपी के इकोसिस्टम
  180. 6:33में घूम के और वहीं मर जाती हैं वो उसे
  181. 6:36बाहर जा नहीं पाती।
  182. 6:36लोड नहीं ले रहे लोग अब
  183. 6:39चलिए सर लोड नहीं ले रहे। आपने एक जिक्र
  184. 6:42किया कि भारत जोड़ो यात्रा ने काफी
  185. 6:44तब्दीली की।
  186. 6:45एक चीज ये भी है भारत जोड़ो यात्रा के
  187. 6:47अराजक हो गए राहुल गांधी। देखिए हमारी
  188. 6:50फ्रेटरनिटी के एक एंकर है वो लिख रही है
  189. 6:52एक डेट एक एक डेट अराजकता सेट
  190. 6:56जो चेंबर्स ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री है वो
  191. 6:58चिट्ठियां लिख रहा है कि भाई क्यों
  192. 6:59कारोबार चौपट कर रहे हो क्यों हमें मार
  193. 7:01रहे हो मत करो ये सब तो अराजकता बढ़ा रहे
  194. 7:04हैं क्या राहुल गांधी
  195. 7:05भाई
  196. 7:07एक रैली है
  197. 7:08हम
  198. 7:091 नवंबर की दिल्ली के रामलीला मैदान में
  199. 7:12विपक्ष ने रैली बुलाई है मतलब बेसिकली
  200. 7:14कांग्रेस ने बुलाई है और कांग्रेस की
  201. 7:15कोशिश ये है कि इस रैली को उनको बहुत बड़ा
  202. 7:17करना है
  203. 7:18हम
  204. 7:19मेरा ऐसा अनुमान है कि एक दिन पहले ही कम
  205. 7:21से कम 20 30 हजार लोग दिल्ली में आके ठहर
  206. 7:24जाएंगे रात को और 1 लाख से ज्यादा की भीड़
  207. 7:27होनी चाहिए। अच्छा
  208. 7:29इतनी उस उस इस तरीके से मतलब व्यापक
  209. 7:33अरेंजमेंट्स और प्लानिंग की गई है। पंजाब
  210. 7:35से, हरियाणा से, वेस्टर्न यूपी से,
  211. 7:37राजस्थान से, दिल्ली से, मध्य प्रदेश से
  212. 7:40तेलंगाना तक से लोग आ रहे हैं।
  213. 7:41अक्रॉस
  214. 7:42हां अक्रॉस और सबकी विधायकों को, सांसदों
  215. 7:45को, कार्यकर्ताओं को जो भी ऑफिस बियरर्स
  216. 7:47हैं उनको और उसके अलावा एक टारगेट दिया
  217. 7:50गया है जो जितनी मेंबर ऑफ पार्लियामेंट जो
  218. 7:52दिल्ली से सटे हुए हैं उनको कहा गया है कि
  219. 7:54आप कम से कम 18 से 20,000 लोग लेके आइए।
  220. 7:57जो उसके पीछे हैं थोड़ा सा और पीछे हैं
  221. 7:59उनको और अलग टारगेट है। विधायकों का अलग
  222. 8:01टारगेट है। पार्लियामेंट के हिसाब से
  223. 8:02टारगेट दिए गए हैं। दिल्ली से स्पेशल
  224. 8:05ऑब्जर्वर भेजे गए हैं।
  225. 8:07हम
  226. 8:07पार्लियामेंट के लिहाज से कि एक
  227. 8:08पार्लियामेंट से एक ऑब्जर्वर जो एआईसीसी
  228. 8:10ने भेजा है
  229. 8:11और वो जाके वहां उन तैयारियों को देखेगा।
  230. 8:14यानी दिल्ली लीडरशिप की देखरेख में
  231. 8:17वेणुगोपाल की देखरेख में
  232. 8:20वो लोग गए हैं और वो रिपोर्ट देंगे कि इस
  233. 8:22जिले से इस पार्लियामेंट से इस विधानसभा
  234. 8:25से इतने लोग इतनी गाड़ी हमने यहां से
  235. 8:28भेजी हैं। तो बहुत निगरानी रखी जा रही है।
  236. 8:31मतलब जैसे वार सेट होता है वैसा
  237. 8:33निगरानी रखी जा रही है। तैयारी देखी जा
  238. 8:35रही है और इसमें कोई डील नहीं बरत रहे
  239. 8:38पहली बार। हम
  240. 8:39यानी एक बड़ा मैसेज देने की कोशिश है। अब
  241. 8:42आता हूं मैं आपकी बात पे।
  242. 8:43ट्रेड
  243. 8:44अराजकता ट्रेड
  244. 8:46देखिए अ
  245. 8:49सितंबर में तीन दिन का ब्रिक्स समिट हुआ
  246. 8:52हम
  247. 8:53जबकि वो भारत मंडप में हुआ था और वो एक
  248. 8:55अलग जगह है। और आपने तीन से चार दिन के
  249. 8:58लिए पूरी नई दिल्ली को बंद कर दिया।
  250. 9:02रे पटरी वाले तक भी जो चाय बेचते हैं जो
  251. 9:05वो पान सिगरेट जूस जो भी जितने लोग नई
  252. 9:08दिल्ली में बैठते हैं आपने सबको क्लोज कर
  253. 9:10दिया चार दिन के लिए तब आपको ट्रेड की याद
  254. 9:14नहीं आई व्यापारियों की याद नहीं आई आपको
  255. 9:17अब आता हूं दूसरी बात पे जिस दिन सीजेपी
  256. 9:20का प्रोटेस्ट था आपने रेल मेट्रो मार्केट
  257. 9:24सब बंद कर दिया
  258. 9:25तब व्यापारी कहां गए थे अब आपको ले चलता
  259. 9:29हूं इससे भी पहले
  260. 9:31इसी रामलीला मैदान में अन्ना आंदोलन हुआ
  261. 9:34हम
  262. 9:35महीनों चला था महीनों राइट
  263. 9:38तब कहां गया ट्रेड क्योंकि तब लाभार्थी आप
  264. 9:41बन रहे थे तो तब तो आपको व्यापारी की याद
  265. 9:43नहीं आई
  266. 9:44हम
  267. 9:44और ये जो चिट्ठी लिख रहे हैं ना ये ये पता
  268. 9:46कौन है सब ये जो प्रवीण खंडेलवाल एक आदमी
  269. 9:49है इनके जो व्यापार मंडल संभालते हैं पूरा
  270. 9:51पूरा चांदनी चौक का ये इन्हीं के लोग हैं
  271. 9:54हम
  272. 9:54और कांग्रेस इस बात की चिंता ही नहीं कर
  273. 9:56रही है वो जानते हैं कि ये लोग कौन है
  274. 9:59इनकी चिट्ठी इसका मकसद क्या है? अच्छा
  275. 10:02इसका इसका दूसरा पहलू भी तो है।
  276. 10:03इतने लोग आएंगे अगर वो चांदनी चौक से या
  277. 10:06सदर बाजार से या कश्मीरी गेट से या करोल
  278. 10:09बाग से कहीं कुछ शॉपिंग ही कर लें।
  279. 10:12हां
  280. 10:12ये पहलू भी तो हो सकता है इसका।
  281. 10:13बल्कि प्रोटेस्ट होते थे तो हम लोग जब
  282. 10:15जाते थे किसी रेडी वाले के पास आज तो मजे
  283. 10:17भाई आज तो खूब बिक्री हो रही है। कह रहा
  284. 10:18हां साहब
  285. 10:19तो इसका इसका ये थोड़ी है कि कोई लूटपाट
  286. 10:21करने आ रहा है वहां। दूसरा आपने ब्रिक्स
  287. 10:24समिट में तीन दिन नई दिल्ली बंद कर दी।
  288. 10:26आपने सीजेपी का प्रोटेस्ट भी बंद कर दी।
  289. 10:28अन्ना के आंदोलन में रामदेव वहां जाके बैठ
  290. 10:31गए थे जब रात को उठाया गया था चर्चा हमने
  291. 10:33पहले भी की थी
  292. 10:34तब आपको व्यापार की याद नहीं आई ये कुछ
  293. 10:36घंटों की रैली है यानी दोपहर में लोग
  294. 10:40इकट्ठे होंगे विपक्ष के जो नेता है वो
  295. 10:43अपना भाषण देंगे अब इतने क्यों घबराए हो
  296. 10:46आप एक रैली से
  297. 10:48क्यों घबराए सर
  298. 10:48क्या विपक्ष नहीं क्या विपक्ष अपनी बात
  299. 10:51कहना भी छोड़ दें
  300. 10:54ये क्या चाहते हैं कि राहुल गांधी यह कहे
  301. 10:55कि देखो तीन कार्यकाल में मोदी जी ने बड़ा
  302. 10:58कमाल कर दिया है
  303. 10:59और 2047 तक मैं नेता प्रतिपक्ष ही रहूंगा।
  304. 11:03सरकार बहुत बढ़िया काम कर रही है और अगले
  305. 11:05पीएम अमित शाह जी होंगे।
  306. 11:07हम
  307. 11:07क्या ये ये इसकी संभावना है क्या? विपक्ष
  308. 11:09ये बात कहेगा। विपक्ष का काम है सरकार की
  309. 11:12आलोचना करना। उसकी नीतियों की आलोचना
  310. 11:14करना। जो देश में गलत हो रहा है वो बताना।
  311. 11:16महंगाई कहां पहुंच गई है? बेरोजगारी कहां
  312. 11:17पहुंच गई है? वोट चोरी में क्या हो रहा
  313. 11:19है? पेपर लीक में क्या हो रहा है? ये काम
  314. 11:21है विपक्ष का। चेंज करवाना।
  315. 11:23इवन इवन मीडिया का भी काम है ये। वो तो
  316. 11:25अपना काम नहीं कर रहे हैं।
  317. 11:27विपक्ष तो करें कम से कम।
  318. 11:29अब अब महंगाई की बात आ गई। एक बड़ा
  319. 11:32इंटरेस्टिंग वो बताता हूं। फैक्ट जो मेरे
  320. 11:33साथ घटना घटी। मैं पिछले हफ्ते गांव गया
  321. 11:36तो वापस आ रहा था। तो रास्ते में ना एक
  322. 11:38मन्नत हवेली पड़ती है।
  323. 11:39हां।
  324. 11:39तो मैं वहां रुक गया।
  325. 11:4274 का एक ब्रेड पकौड़ा।
  326. 11:44₹74 का।
  327. 11:4574 ₹18 की एक लस्सी।
  328. 11:49आई थिंक शेरनी के दूध की होगी।
  329. 11:52₹74 का। अगर आप जब बल्क में स्त्री का आप
  330. 11:56प्रोडक्शन करते हो आपकी ₹1 भी कॉस्ट नहीं
  331. 11:58आती। कोई देखने वाला ही नहीं है।
  332. 12:02कोई फूड कंट्रोल, कोई फलाना कंट्रोल, कोई
  333. 12:04सरकार का कंट्रोल कितनी चीजें होती होंगी।
  334. 12:07स्टेट गवर्नमेंट की भी भाई साहब मैं देख
  335. 12:09के पागल हो गया।
  336. 12:11₹168 की लस्सी हरियाणा वाले।
  337. 12:13हरियाणा वाले पी रहे हैं। और ब्रेड पकौड़ा,
  338. 12:16₹74 का। ओ भाई साहब, कहां? हां, वापस
  339. 12:20लौटते हैं। छोड़ो।
  340. 12:21अमीर लोग, अमीर रेस्टोरेंट। नहीं मन्नत
  341. 12:24हवेली उसकी चैन है वहां पे वो लड़का है
  342. 12:26विधायक है वो ग्नौर का
  343. 12:28पहले कांग्रेस में होता था देवेंद्र
  344. 12:29काद्यान
  345. 12:30जी देवेंद्र काद
  346. 12:30उसकी है वो
  347. 12:31वो पूरा चैन ही है वो
  348. 12:33मैंने कहा भाई ऑलरेडी विधायक हो इतना कमा
  349. 12:35रहे हो जनता क्यों इतना लूट रहे हो
  350. 12:38ठीक
  351. 12:39तुम ही कर दो एहसान
  352. 12:40थोड़ा सा तुम ही एहसान कर दो
  353. 12:42कुछ सोचो यार जनता के बारे में जनता ने
  354. 12:44तुम्हें चुना है मतलब गदर काट रखा है यार
  355. 12:47और सरकार देखो ना क्या क्या कंट्रोल है
  356. 12:50गवर्नमेंट का
  357. 12:52जनता जनता लूट रही है। मजा आ रहा है।
  358. 12:54जनता खुश भी है ना? जनता आवाज उठाए तब और
  359. 12:57पहली बार ₹4 के ब्रेड पकोड़े पे आपने बात
  360. 12:59की है। मुझे लगता है ये बात दूर तक जाएगी
  361. 13:01और जो जो इस तरह की परेशानी हर राज्य में
  362. 13:04होगी। अलग-अलग मन्नत हवेलियां होंगी। आप
  363. 13:07जाहिर भी करिएगा अगर है तो।
  364. 13:08हां। तो हम बात वापस हम कहां थे? राजस्थान
  365. 13:11इंडस्ट्री इंडस्ट्री पे। इसकी कोई परवाह
  366. 13:13विपक्षी पार्टियां नहीं कर रही हैं।
  367. 13:15जितनी मर्जी चिट्ठी लिख लें। इनको उल्टा
  368. 13:17फायदा हो रहा है। इनका प्रचार हो रहा है।
  369. 13:19इनकी इनकी इन चिट्ठियों से जब ये चिट्ठी
  370. 13:22लिखते हैं तो खबर चलती है। और जब खुद
  371. 13:25बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन
  372. 13:27वो जा रहे हैं चांदनी चौक में ट्रेडर्स के
  373. 13:29पास यात्रा निकाल रहे हैं इतना नुकसान
  374. 13:31नहीं होगा ट्रेडर्स का।
  375. 13:33मतलब पता है क्या है इनका? तुम्हारा
  376. 13:34कुत्ता कुत्ता हमारा कुत्ता टॉमी
  377. 13:37कमाल है यार।
  378. 13:39रैली करना विपक्ष का अधिकार है। संविधान
  379. 13:42ने दिया है। लोकतांत्रिक देश है।
  380. 13:45जी।
  381. 13:46ठीक है।
  382. 13:48तो मुझे समझ नहीं आता कि अननेसेसरी इतना
  383. 13:50क्यों एक रैली से घबराए हुए हैं। ये कुछ
  384. 13:52नहीं होता यार। लोग आएंगे अपनी बात ये
  385. 13:54अपनी बात कहेंगे वो सुनेंगे अपने घर चले
  386. 13:56जाएंगे।
  387. 13:57रैली से घबराहट इस कारण भी तो हो सकती है
  388. 13:59ना कि भ रैली से पहले आप प्रेजेंटेशन रैली
  389. 14:01से पहले तो क्या पूरे आंदोलन से पहले अगर
  390. 14:03आप प्रेजेंटेशन दे देते हैं दिखा देते
  391. 14:04हैं। फिर आप कहते हैं नींद नहीं आने
  392. 14:06दूंगा। छ महीने में आप देख लेना क्या हालत
  393. 14:08हो जाएगी। मेरे पास वो जानकारी है और मेरे
  394. 14:11पास जो जानकारी है वो जानकारी मोदी के भी
  395. 14:14ज्ञान कुमार ज्ञानेश कुमार आजकल सोते नहीं
  396. 14:16है
  397. 14:16और मेरे पास वो सब है जिससे जो नहीं जो
  398. 14:22मेरे पास है वो मोदी जी को पता है
  399. 14:24कि मेरे पास है
  400. 14:25मेरे पास है
  401. 14:27इसलिए मुझसे नजर नहीं मिला पाते
  402. 14:29इसलिए घबराहट तो होती
  403. 14:30घबराहट भी होती होगी तो नेचुरल है लेकिन
  404. 14:33इस घबराहट का मैंने जो नमूना देखा है हम
  405. 14:38इस बार वो था हरदीप पुरी की राज्यसभा में
  406. 14:42हम
  407. 14:43उत्तर प्रदेश से आपने उनको राज्यसभा नहीं
  408. 14:45भेजा उस दिन क्लियर कट ये मैसेज था कि अब
  409. 14:48जो अपकमिंग कैबिनेट ऋषफल है उसमें हरदीप
  410. 14:51पुरी साहब को ड्रॉप कर देंगे पेट्रोलियम
  411. 14:52मिनिस्टर और उसका उसका बड़ा कारण अस्यूम
  412. 14:55कर रहे थे कि एस्टीन फाइल्स हो सकता है
  413. 14:58हम
  414. 14:58लेकिन जब 21 अक्टूबर को मार्को रूबियो आए
  415. 15:03और वो फोटो वो पहले रिलीज की थी या बाद
  416. 15:06में रिलीज हुई एक अलग विषय है। लेकिन जब
  417. 15:07वो फोटो आई पब्लिक डोमेन में उसके बाद
  418. 15:12उसके कुछ ही दिनों बाद
  419. 15:16मुर्गन जी का इस्तीफा होता है
  420. 15:18जी
  421. 15:19और वो मध्य प्रदेश के सांसद थे
  422. 15:22और फिर रिवॉर्ड दिया जाता है हरदीप पुरी
  423. 15:24साहब को
  424. 15:25हम
  425. 15:25कि क्योंकि आपकी एस्टीिन के साथ फोटो आई
  426. 15:28है जिसने जो मासूम बच्चों का शोषण करता था
  427. 15:32इसलिए हम आपको राज्यसभा भेजते हैं हम
  428. 15:34और आपका मंत्रालय भी पक्का है
  429. 15:36आपको कोई नहीं छेड़ करेगा।
  430. 15:39नैतिकता नाम की चीज नहीं बची हिंदुस्तान
  431. 15:41की राजनीति में।
  432. 15:42मैंने आपका ट्वीट भी मैंने पढ़ा। आपने इस
  433. 15:43बारे में लिखा भी था। अच्छा हम लोग जब
  434. 15:45बड़े हो रहे थे तो हम लाल बहादुर शास्त्री
  435. 15:47के किस्से हमने पढ़े कि भाई रेल हादसा हो
  436. 15:49गया। रेल मंत्री थे। इस्तीफा दे दिया।
  437. 15:51एक बात समझाइए मतलब हरदीप पुरी जैसे
  438. 15:54व्यक्ति जो लगातार झूठ बोलते रहे। जब पहली
  439. 15:56बार जिक्र हुआ तब भी कि नहीं नहीं मैं
  440. 15:58जानता ही नहीं कोई संबंध नहीं।
  441. 15:5911 फरवरी 2026
  442. 16:01हम
  443. 16:01इन्होंने कहा कि मैं डेलीगेशन में मिला था
  444. 16:04एफसीन से। वो झूठ था। इस फोटो ने साबित कर
  445. 16:08दिया कि नहीं आप व्यक्तिगत रूप से वन टू
  446. 16:10वन मिले थे एस्टीन के साथ जाफरी एस्टीन से
  447. 16:13पूरा बताना जरूरी है कि जो बच्चों का छोटे
  448. 16:17बच्चों का नाबालिक बच्चियों का शोषण करता
  449. 16:20था कन्विक्टेड था।
  450. 16:22हम
  451. 16:23और जिस-जिस के साथ उसका नाम और फोटो आई है
  452. 16:26पूरे वर्ल्ड में वहां उन सबके इस्तीफे
  453. 16:28हुए। उन्हें अपने पद छोड़ने पड़े।
  454. 16:30हमारे यहां पद की शोभा बढ़ाई जा रही है कि
  455. 16:33आपको वापस हम राज्यसभा देंगे। आप मंत्री
  456. 16:35बने रहेंगे क्योंकि आपकी फोटो जैफरीन के
  457. 16:38साथ आई है।
  458. 16:39क्यों होता है सर ऐसा?
  459. 16:40राजदार है।
  460. 16:43राजदार ऑफ़ नरेंद्र मोदी।
  461. 16:44सब जानता है। कौन मिला उससे? क्या मिला और
  462. 16:47और क्या-क्या उनके पास है? सब पता है
  463. 16:49उनको।
  464. 16:52देखो राजनीति में क्या होता है? ये सिर्फ
  465. 16:55मैं इस एक स्पेसिफिक केस की बात नहीं कर
  466. 16:57रहा हूं।
  467. 16:58राजधों को इतनी जल्दी कोई भी सत्ता हो या
  468. 17:02विपक्ष हो बाहर नहीं करता है।
  469. 17:05इनको यह लगा था कि एस्टीन ठंडा हो गया है।
  470. 17:07हम
  471. 17:08तो इसके राज रिपीट नहीं की। अब जब वो फोटो
  472. 17:11बाहर आई तो इनको रिपीट करनी पड़ गई कि
  473. 17:13इनको इनको नहीं पता ना कि उसमें आगे क्या
  474. 17:15आने वाला है।
  475. 17:16हम
  476. 17:18मेरा मैं ऐसा सोचता हूं कि वो जो फोटो थी
  477. 17:22उसके उसको अगर मैं डिकोड करने की कोशिश
  478. 17:24करूं तो उसका ये था कि बानगी भर है।
  479. 17:26हम
  480. 17:27पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त।
  481. 17:29ट्रेलर है केवल।
  482. 17:30आपने राजदार शब्द का प्रयोग किया है।
  483. 17:33राजदार जब आप सत्ता में होते हैं खासतौर
  484. 17:35पे सत्ता छोड़ दीजिए। जब हम जीवन जी रहे
  485. 17:37होते हैं तो बहुत सारे हमारे राजदार
  486. 17:38नाम लेके बात मत करना। नोटिस आ जाएगा
  487. 17:41डेफिनेशन का।
  488. 17:42नहीं नहीं
  489. 17:42ये पहले बता रहा हूं।
  490. 17:43नाम नहीं ले रहा हूं मैं। इसीलिए मैं
  491. 17:45फ्रेम उस तरीके से कर रहा हूं।
  492. 17:46आजकल और आजकल बहुत बड़े-बड़े लोग नोटिस
  493. 17:48भेज रहे हैं।
  494. 17:49हां उनसे
  495. 17:50उनको नमस्ते ही बोल सकते हैं। लड़ नहीं
  496. 17:51पाएंगे।
  497. 17:52लड़ नहीं पाएंगे। बोल पाएंगे लड़ नहीं
  498. 17:54पाएंगे।
  499. 17:55चलिए खैर लड़ते भी रहेंगे। ऐसी कोई बात
  500. 17:56नहीं है। राजदार की जो बात होती है ना सर
  501. 17:58जैसे स्कूल में हमारे बहुत राजदार होते
  502. 18:00हैं। कॉलेज में हमारे बहुत राजदार होते
  503. 18:02हैं। प्रोफेशन में बहुत राजदार होते हैं।
  504. 18:03तो हरदीप पुरी अकेले राजदार तो नहीं
  505. 18:05होंगे। तो जैसे हरदीप पुरी बचाए जा रहे
  506. 18:07हैं या पुरस्कृत किए जा रहे हैं। क्या
  507. 18:09आपको लगता है ऐसे सीरीज ऑफ लोग होंगे
  508. 18:11जिनको पुरस्कृत किया जाता हो? अधिकारी हो
  509. 18:13सकता है। नेता हो सकते हैं।
  510. 18:14नहीं अभी तक जितने खुलासे एफस्टीन को लेके
  511. 18:17हुए हैं। उसमें जो सबसे मेन नाम है वो यही
  512. 18:21नाम है।
  513. 18:22हम
  514. 18:23आप स्टार्टिंग से देख लो। यह पूरा साल इसी
  515. 18:25में आता चला गया है। एक ही नाम अभी तक
  516. 18:29बाहर आया है कि जो जिनकी व्यक्तिगत
  517. 18:32मुलाकात की फोटो उनके साथ सामने आई है।
  518. 18:34पब्लिक डोमेन में आ गई है। अब वो सबको पता
  519. 18:36है कि वो फोटो है।
  520. 18:38तो अभी तक हमें यह नहीं पता है कि इसके
  521. 18:41बाद क्या होगा और मैंने पिछले शो में कहा
  522. 18:43था निवेदिता को क्या पता पद 16 यही हो। हम
  523. 18:49क्या पता
  524. 18:50ठीक बात है
  525. 18:51और कई बार नेता प्रतिपक्ष ये बात बोल भी
  526. 18:53चुके हैं हम
  527. 18:55कि मेरे पास सब कुछ है उन्होंने क्यों कहा
  528. 18:58था पार्लियामेंट में कि पजल 16 को सॉल्व
  529. 19:02कर लो सब जवाब मिल जाएंगे कि अमेरिका के
  530. 19:04दबाव में क्यों है
  531. 19:05यही कहा था ना
  532. 19:06यही कहा था
  533. 19:08तो हो सकता है उनके पास भी वो सब जानकारी
  534. 19:11है
  535. 19:11लेकिन अगर पजल सक्सेस से इस तस्वीर का कोई
  536. 19:13जुड़ाव है तो आपकी बात सही होती है केवल
  537. 19:15ट्रेलर है
  538. 19:16हां क्योंकि इसमें बड़ा स्पष्ट
  539. 19:17नहीं इसकी कड़ी आगे जुड़ेगी।
  540. 19:19हम
  541. 19:20पता है कहां से जुड़ेगी?
  542. 19:23कहां से सर?
  543. 19:24ट्रेड से। यूएस
  544. 19:26ट्रेड डील
  545. 19:27ट्रेड डील कैसे जुड़ेगी?
  546. 19:31ये जुड़ेगी कि जब अमेरिका के दबाव में
  547. 19:34सरकार अगर
  548. 19:36एग्रीकल्चर सेक्टर खोल देगी हिंदुस्तान का
  549. 19:39तो मैं चीजें रिपीट नहीं करता हूं। जनरली
  550. 19:42मैंने लास्ट शो में ये बात कह दी थी।
  551. 19:44लेकिन इससे चीजें जुड़ जाएंगी। हम
  552. 19:47अगर यह फोटो तक आकर रुक जाती है और ट्रेड
  553. 19:50डील हो जाती है तो आप समझना कि यही पजल 16
  554. 19:53है।
  555. 19:54हम
  556. 19:56और फिर आगे और भी चीजें फिर बाकी रहेंगी
  557. 19:58क्योंकि आप एक बार जो
  558. 20:00वो तो स्क्रू टाइट करते हैं ना वो।
  559. 20:01हम
  560. 20:02उनको जब आगे इसके बाद जब जरूरत पड़ेगी तब
  561. 20:04वो
  562. 20:05तो थोड़ी सी चूड़ी और टाइट कर
  563. 20:06वो टाइट कर देंगे।
  564. 20:08अच्छा बदले में क्या कह रहे हैं वो? ऐसा
  565. 20:10नहीं है कि वो सिर्फ इसी से काम चला रहे
  566. 20:11हैं। वो ये कह रहे हैं कि अगर आपने हमारे
  567. 20:13साथ ये डील नहीं की तो हम हम जो एआई का जो
  568. 20:16सिस्टम है ना हम
  569. 20:17भाई एआई की टेक्नोलॉजी तो उन्हीं के पास
  570. 20:18है ना वो देंगे नहीं आपको। उन्होंने मना
  571. 20:20कर दिया
  572. 20:22हम
  573. 20:23तो आप टेक्नोलॉजिकली पिछड़ जाएंगे जो आप
  574. 20:25अफोर्ड नहीं कर सकते।
  575. 20:26और वो सब उनके पास है।
  576. 20:27चाहे जीपीटी हो ये हो एंथ्रोपिक हो जो भी
  577. 20:30है।
  578. 20:31जी
  579. 20:31आज तो तीन ही कंपनी है।
  580. 20:32हम
  581. 20:34तो वो सब तो उनके पास है ना। वो वाला तार
  582. 20:36काट देंगे वो।
  583. 20:38वो तो वो कैंची लेके बैठे हुए हैं। तार
  584. 20:41उनके सामने है। जो चाहेंगे वो काट देंगे।
  585. 20:42जब आप यह बात कह रहे हैं अचानक से ट्रंप
  586. 20:44साहब मेरे ज़हन में आते हैं
  587. 20:46कैड नॉट वांट टू डिस्ट्रॉय
  588. 20:48माय फ्रेंड्स करियर।
  589. 20:49माय फ्रेंड्स पॉलिटिकल करियर। हम्
  590. 20:51तो इस बात में और दम दिख रहा है फिर तो
  591. 20:54लगता है ऐसा
  592. 20:57और जो प्रमाण हैं जो साक्ष्य हैं आपके
  593. 21:01सामने मेरे सामने इस देश के सामने वो इस
  594. 21:04बात की तस्दीक करते हैं कि हां
  595. 21:07वो जो कह रहा है वो सही है
  596. 21:11और विपक्ष के कई नेता ये बात जानते भी हैं
  597. 21:13और बोलते भी हैं बंद कमरों में कि ट्रंप
  598. 21:16के लिए आई थिंक 10 मिनट का काम है
  599. 21:20हिंदुस्तान की राजनीति को बर्बाद करने
  600. 21:22में, बर्बाद करने में या एक्सपोज करने में
  601. 21:24या मुखौटा उतारने में
  602. 21:27ये बात मैंने कई जगह सुनी है।
  603. 21:29इसे क्या आप दुरुस्त करेंगे? मैं एक
  604. 21:30पेट्रियोटिक होते हुए ये बात कह रहा हूं
  605. 21:33आपसे। हिंदुस्तान की राजनीति या मोदी की
  606. 21:35राजनीति?
  607. 21:37देश की राजनीति, सत्ता की राजनीति, सत्ता
  608. 21:41पक्ष की राजनीति उसको डिस्ट्रॉय करने में
  609. 21:44उसको टाइम नहीं लगेगा।
  610. 21:46है उसके पास चाबी। बड़ी चाबी है।
  611. 21:51एक एक ही चोर चाबी है वो।
  612. 21:54एक चाबी से सारे ताले खुल जाएंगे।
  613. 21:59वो एक शो आता था ना खुल जा सिम सिम
  614. 22:01तो वो वाली चाबी है जो तमाम पेटियों
  615. 22:04वो जो वो जो एक ही चाबी बनाई है उन्होंने
  616. 22:06मास्टर की
  617. 22:08जो सब तालों में फिट हो जाएगी।
  618. 22:11और यह मैं नहीं कहता हूं। विपक्ष के कई
  619. 22:14सारे नेता बंद कमरों में कहते हैं।
  620. 22:15आप जब चाबी की बात
  621. 22:17बाहर तो नहीं बोल पाते वो लेकिन बंद कमरों
  622. 22:18में कहते हैं।
  623. 22:19आप जब चाबी
  624. 22:20बाहर बोलने वाला एक ही आदमी है जो ब्लंटली
  625. 22:21बोल देता है।
  626. 22:22वो राहुल गांधी है।
  627. 22:24लेकिन उन्होंने अभी तक नहीं कही है।
  628. 22:26जिससे व्यापार में नुकसान हो सकता है। वो
  629. 22:28बाहर बोल रहे हैं। आप चाबी की बात कर रहे
  630. 22:30हो ना तो एक चाबी देखिए नरेंद्र मोदी के
  631. 22:31पास भी ऐसा आरोप लगता है। वो चाबी है
  632. 22:34चुनाव जीतने की चाबी।
  633. 22:35और वो चाबी उन्होंने रखा हुआ है ज्ञानेश
  634. 22:37जी के पास। यह भी आरोप ही लगता है।
  635. 22:39पुरस्कृत हुए हैं हरदीप पुरी साहब।
  636. 22:41ज्ञानेश का मांगा जा रहा है इस्तीफा।
  637. 22:44राजदार की बात आपने की।
  638. 22:46अगर वोट चोरी हुई है, अगर आरोप सही है
  639. 22:48आदेश जी तो ज्ञानेश भी तो राजदार होंगे।
  640. 22:51हम
  641. 22:51तो ज्ञानेश हटेंगे कैसे? ज्ञानेश तो
  642. 22:54पुरस्कृत होंगे।
  643. 22:54देखिए आज की परिस्थिति में ये कोई नहीं
  644. 22:56मान सकता कि ज्ञानेश कुमार हटेंगे। हम
  645. 22:58किसी को नहीं लग रहा है। किसी को भी नहीं
  646. 23:01लग रहा है। लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि अह
  647. 23:04देर सवेेर चुनाव आयोग के भीतर से और
  648. 23:07ज्यादा खुलासे होंगे।
  649. 23:09जिस तरीके से ये लास्ट वाला खुलासा हुआ
  650. 23:11था। जिसमें चुनाव आयोग ने जो एफिडेविट
  651. 23:15दिया है सुप्रीम कोर्ट में उसमें यह कहा
  652. 23:17है कि नहीं तीनों चुनाव आयुक्तों के
  653. 23:19सर्वसम्मति से लिए गए फैसले हैं। लेकिन
  654. 23:22इसमें और कड़ियां जुड़ेंग आगे चलके
  655. 23:25और विपक्ष के पास इनफ
  656. 23:28प्रूफ है जो इस स्टोरी को आगे बढ़ा सके।
  657. 23:32इस बार एक्सप्रेस था अगली बार कोई और हो
  658. 23:35सकता है। हम
  659. 23:37ठीक है। लेकिन ऐसा नहीं है कि ज्ञानेश
  660. 23:39कुमार हटेंगे नहीं। देर सवेरे है। हटेंगे
  661. 23:42जरूर।
  662. 23:43लेकिन फिर वो राजदार वाला जो एक लॉजिक आता
  663. 23:45है वो तो खत्म हो जाएगा ना उस केस से। अब
  664. 23:47क्या होगा?
  665. 23:48उसके उस क्या ये आखिरी पोस्टिंग है सरकार
  666. 23:50में या इसके बाद पद नहीं है।
  667. 23:52हम
  668. 23:54गवर्नर हैं, एंबेसडर हैं। कितने और पद
  669. 23:57हैं? हम
  670. 23:57और कितने लोगों को दिए गए जिनको रिवॉर्ड
  671. 24:00दिए गए जो लॉयलिस्ट थे हम
  672. 24:02नहीं दिए गए क्या ज्ञानेश कुमार पहले ही
  673. 24:05है बेचारे
  674. 24:08तो ये कोई ऐसा नहीं है कि भाई इसके बाद
  675. 24:11उनको छोड़ देंगे छोड़ेंगे नहीं रखेंगे
  676. 24:13संभाल के
  677. 24:14थामे
  678. 24:15राजदार छोड़े नहीं जाते
  679. 24:16कार्यकर्ता छोड़ दिए जाते हैं सोशल मीडिया
  680. 24:19ट्रोल छोड़ दिए जाते हैं
  681. 24:20वो तो वो तो उनका तो काम यही है
  682. 24:22जैसे कई सोशल मीडिया ट्रोल तो बिलबिलाने
  683. 24:24भी लगे थे जब जेल गए थे कि हमको छोड़
  684. 24:26क्यों दिया गया? अच्छा ज्ञानेश वाली जो
  685. 24:28पूरी बात है इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट
  686. 24:30की बात आपने की और फिर कह रहे हैं कि कुछ
  687. 24:31और हो सकता है, कोई और अखबार हो सकता है,
  688. 24:33कुछ भी हो सकता है।
  689. 24:33नहीं नहीं मैं ये कह रहा हूं कि इस इस
  690. 24:35कड़ी में और ज्यादा डेवलपमेंट्स होंगी और
  691. 24:37चीजें बाहर आएंगी और प्रूफ्स आएंगे, सबूत
  692. 24:41आएंगे और उसके बाद इनका इस्तीफा होगा। एक
  693. 24:44बात आप भी कहते हैं। हम सब लोग कहते हैं।
  694. 24:46राहुल गांधी प्रेजेंटेशन में कहते हैं एक
  695. 24:47बात
  696. 24:48कि भाई अधिकारी लोग जो है वो मेरे साथ
  697. 24:50हैं।
  698. 24:50और ये भी कहा गया कि भ इस तरह की खबरें
  699. 24:52यूं ही तो बाहर नहीं आती है। कोई है अंदर
  700. 24:54का इंसाइडर जो ये खबरें दे रहा है।
  701. 24:57तो इंसाइडर्स कैसे डेवलप हो जाते हैं सर?
  702. 25:01क्यों हो जाते हैं? खासतौर पे उस सरकार
  703. 25:03में जिस सरकार की सबसे बड़ी
  704. 25:04कैरेक्टरिस्टिक ही ब्यूरोक्रेसी पे
  705. 25:06कंट्रोल है।
  706. 25:07हां। हूं क्योंकि इनकी सरकार में
  707. 25:09ब्यूरोक्रेसी ही देश चलाती है।
  708. 25:10हम
  709. 25:11ये मोदी का स्टाइल पॉलिटिक्स है। गुजरात
  710. 25:13से
  711. 25:13गुजरात से लेके यहां तक नहीं इवन जो इन
  712. 25:15मोदी जी के अलावा जो इन्होंने चीफ
  713. 25:17मिनिस्टर भी बनाए हैं
  714. 25:17आदित्यनाथ
  715. 25:18नहीं नहीं जितने भी बनाए हैं
  716. 25:20वहां भी इनके लोग ही एक या दो या तीन लोग
  717. 25:22जाके दिल्ली से सरकारें चलाते हैं।
  718. 25:25जितने स्टेट के बड़े फैसले होते हैं जो भी
  719. 25:27होते हैं वो सब वही करते हैं। अब आपने कहा
  720. 25:29कि ऐसा क्यों होता है कि जो राहुल गांधी
  721. 25:32ने कहा था प्रेस कॉन्फ्रेंस में कि भाई
  722. 25:34सारी इंफॉर्मेशन हमारे पास वही सरकार के
  723. 25:37भीतर से आती है। चुनाव आयोग के अंदर से
  724. 25:39आती है। फॉरेन मिनिस्ट्री से आती है। ईडी
  725. 25:40से आती है। सीबीआई से आती है। ऐसा पता कब
  726. 25:43होता है?
  727. 25:45जब
  728. 25:47कंट्रोल आपका कमजोर पड़ने लगे। आपका इकबाल
  729. 25:51घटने लगे। हम
  730. 25:53तब ऐसा होता है कि जो अफसरशाही होती है,
  731. 25:56जो ब्यूरोक्रेसी होती है, फिर वह
  732. 25:59यह बताने की कोशिश करती है विपक्ष को कि
  733. 26:02देखो हम लोग इस तरीके से इनवॉल्व नहीं है
  734. 26:05और वैसे भी बहुत सेक्टिव ब्यूरोक्रेट्स
  735. 26:08हैं जो इनके अपने हैं और जो लॉयलिस्ट हैं
  736. 26:12और जिनको रिवॉर्ड दिए जाते हैं।
  737. 26:13जो रेस्ट ऑफ द ब्यूरोक्रेसी है वो तो
  738. 26:16इंतजार ही कर रही है।
  739. 26:18इधर क्या चल रहा है? एक्सटेंशन पे
  740. 26:20एक्सटेंशन
  741. 26:20हम
  742. 26:21और
  743. 26:21एक ही व्यक्ति का बार
  744. 26:22एक ही व्यक्ति का बार-बार बार-ब बार-बार
  745. 26:24एक एक्सटेंशन में कई सारे अफसरों का जो
  746. 26:28भविष्य है उसको आप ताक पे रख देते हो तो
  747. 26:32वो जो ब्यूरोक्रेसी है वो लेकिन अब जब अब
  748. 26:36पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूं जो जब
  749. 26:38जितने भी जो टॉप टॉप ब्यूरोक्रेट्स हैं जो
  750. 26:42महत्वपूर्ण पदों पे बैठे हैं ऊपर जो देश
  751. 26:44चलाते हैं अब वो भी इनके संपर्क में है
  752. 26:48विपक्ष की बात की बात कर रहा हूं। राहुल
  753. 26:50गांधी की बात कर रहा हूं।
  754. 26:52कोई उदाहरण
  755. 26:53नहीं उदाहरण तो रहने दो।
  756. 26:56उनकी शामत आ सकती है।
  757. 26:57नहीं शामत तो किसकी क्या आएगी? अब देखो जो
  758. 27:00अधिकारी इस देश को चला रहे हैं टॉप पे बैठ
  759. 27:03के वो इतने बेवकूफ नहीं है कि उनकी शमत आ
  760. 27:04सके। वो आपकी श्यामत ला सकते हैं।
  761. 27:07दे नो हाउ टू सेव दिस।
  762. 27:09नहीं नहीं नॉट ओनली हाउ टू सेव दिस थिंग।
  763. 27:11दे नो हाउ टू डिस्ट्रॉय यू।
  764. 27:14जो उनके पास हो आपके पास थोड़ी है वो।
  765. 27:18वो परमानेंट है। चाहे ये हो चाहे वो
  766. 27:22हां
  767. 27:22जैसे टीवी मीडिया
  768. 27:23तो पांच साल के लिए आए थे ना
  769. 27:2510 हो गए 12 हो गए 15 हो जाएंगे हो सकता
  770. 27:28है 20 हो जाए
  771. 27:29हम
  772. 27:30वो तो उनका तो फिक्स है जब तक वो है तब तक
  773. 27:33वो हैं और उसके बाद भी एक्सटेंशन पे
  774. 27:36एक्सटेंशन
  775. 27:37हम
  776. 27:38और आप रिटायर हुए गए तो आपको दूसरा पद दे
  777. 27:40दिया
  778. 27:42तो ऐसा नहीं है वो उतने कमजोर लोग नहीं है
  779. 27:44तो पिछ ये ये पिछ सरकार के पिछले कुछ
  780. 27:48महीनों में जिस तरीके से इनका इकबाल घटा
  781. 27:51है या सरकार के अंदर से चीजें बाहर आने
  782. 27:54लगी है। खबरें बाहर आने लगी है सरकार के
  783. 27:56अंदर की और वो दिख रहा है कि हां अब कुछ
  784. 27:58अंदर ठीक नहीं चल रहा है।
  785. 28:01झगड़े भी हैं, ब्यूरोक्रेसी में भी हैं,
  786. 28:03सरकार के अंदर भी हैं। पार्टी के अंदर भी
  787. 28:06हैं। तो वो वही जो यूपी टू में हुआ था वो
  788. 28:09मोदी 3 में हो रहा है।
  789. 28:10पूरा बिखराव बिखराव है। इकबाल जो खत्म हुआ
  790. 28:13एक क्या चुनाव ही उसका कारण है या यह जो
  791. 28:16चीज़ कि भविष्य नहीं दिख रहा है।
  792. 28:18ब्यूरोक्रेसी की अगर हम केवल बात करें कि
  793. 28:20एक को एक्सटेंशन पे एक्सटेंशन आप देख रहे
  794. 28:21हैं भविष्य नहीं दिख रहा है। 204 के
  795. 28:23इलेक्शन पे हम लोग कई बार बात करते हैं कि
  796. 28:25वहां जो रहा उसके बाद मोदी की छवि में
  797. 28:27बहुत ज्यादा गिरावट आई है। लेकिन उसके बाद
  798. 28:30उन्होंने चुनाव दर चुनाव जीते तो हैं ही
  799. 28:32और ब्यूरोक्रेसी जितने आरोप मोदी पे लगते
  800. 28:34हैं अगर वो सही है तो ब्यूरोक्रेसी को ये
  801. 28:36भी पता है कि सत्ता से तो इतनी जल्दी ये
  802. 28:38बेदखल होंगे नहीं। तो ब्यूरोक्रेसी जो है
  803. 28:40कैसे रिएक्ट कर सकती है सर?
  804. 28:42नहीं आपको ये कैसे लग रहा है कि सत्ता से
  805. 28:44बेदखल नहीं होंगे। 2024 में होते रह गए हम
  806. 28:49लेकिन उसके बाद जो विधानसभा चुनाव हुए सर
  807. 28:51लगातार जीते
  808. 28:52पूरी विधानसभा चुनाव पे तो आरोप है वोट
  809. 28:54चोरी का हम
  810. 28:55वोट चोरी शुरू कहां से हो रही है ये जो ये
  811. 28:57जो पूरा खेल है एसआईआर का ये शुरू कब हुआ
  812. 29:00जब 24 के बाद ही तो हुआ
  813. 29:02उसके बाद हुआ है
  814. 29:03उससे पहले तो नहीं हुआ ना तो मैं वही तो
  815. 29:06कहना चाह रहा हूं आपको कि जो उसके बाद यह
  816. 29:08खेल शुरू हुआ है एसआईआर का अब आप देखो कि
  817. 29:10बंगाल में चुनाव होता है और बंगाल चुनाव
  818. 29:13के बाद 5000 ईवीएम जला दी जाती है हम
  819. 29:16क्यों भाई
  820. 29:17क्या जरूरत थी? जब महाराष्ट्र में वोट
  821. 29:20चोरी का आरोप लगता है तो यही चुनाव आयोग
  822. 29:23कहते हैं आयुक्त कहते हैं कि नहीं हम अ
  823. 29:26सीटीवी फुटेज दे नहीं सकते। उसमें हमारी
  824. 29:29बहन बेटियों की फुटेज है।
  825. 29:30अरे वोट ही तो डाल रही हैं।
  826. 29:33तुम खुद अपने सोशल मीडिया पे डालते हो।
  827. 29:35अगर सत्ता पक्ष की बहन बेटी हैं
  828. 29:37तो विपक्ष की बहन बेटी भी तो हैं।
  829. 29:40नहीं मान है ना।
  830. 29:42जो है वो सत्ता पक्ष की है।
  831. 29:43मशीन रेडेबल डाटा नहीं दे सकते हम।
  832. 29:46पुराने रिकॉर्ड हम हटा देंगे। ईवीएम हम
  833. 29:49जला देंगे। तो यह जो बार-बार अच्छा आप मान
  834. 29:52लो इनके ऊपर इतने गंभीर आरोप लगे कि दो
  835. 29:54चुनाव आयुक्तों ने
  836. 29:5710 महीने में 14 पत्र लिखे और विरोध दर्ज
  837. 30:01कराया फॉर्म 16 का। अब फॉर्म सिक्स जो है
  838. 30:04जो मैं 16 बोल रहा था फिर फॉर्म सिक्स है
  839. 30:06जो नए वोटर्स को ऐड करने के लिए होता है
  840. 30:08उसी पे क्लेरिटी नहीं है।
  841. 30:10हम
  842. 30:10अभी तक चुनाव आयोग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस
  843. 30:12करके ये क्यों नहीं बताया देश को कि हां
  844. 30:15हम तीनों इकट्ठे बैठते हैं। आप लोग सवाल
  845. 30:17पूछो जो आपके मन में है
  846. 30:19और जो एक्सप्रेस ने रिपोर्ट छापी है उसमें
  847. 30:21क्या है और हमारे अंदर क्या है? क्यों?
  848. 30:24क्योंकि अंदर चोर है।
  849. 30:25अंदर चोर है और इतनी
  850. 30:27आपके पास सवालों के जवाब नहीं है। हम
  851. 30:29आपने झूठ बोला जाके सुप्रीम कोर्ट में।
  852. 30:34तो इतना इजी नहीं है। जितना दिख रहा है।
  853. 30:37इसलिए मैं कह रहा हूं कि इसमें और खुलासे
  854. 30:38होंगे।
  855. 30:39अच्छा सर
  856. 30:40जाना पड़ेगा ज्ञानेश अंकल को। सरकार की
  857. 30:43डार्लिंग है वो।
  858. 30:46आप अंकल बोल रहे हैं। कह रहे हैं ज्ञानेश
  859. 30:48नहीं बचेगा। पुरस्कृत हो रहे हैं हरदीप
  860. 30:50पुरी। पता नहीं क्या होगा। वक्त तो बता ही
  861. 30:53देगा। एक चीज़ लेकिन बताएं इनफ इज़ इनफ। एक
  862. 30:55चीज़ होती है कि भाई बहुत हो गया। जब वोट
  863. 30:57चोरी हो रही थी या वोट चोरी का आरोप जब
  864. 31:00लगे लोकसभा 24 के बाद तो ये अधिकारी
  865. 31:04अधिकारी देख तो रहे होंगे तो कभी और आपने
  866. 31:06जैसा बोला ना कि नाम नहीं ले सकते हैं।
  867. 31:08इसका मतलब खबरें तो उनकी भी आपके पास है
  868. 31:10ही। तो कुछ तो होता है ना कि नहीं यार ये
  869. 31:13अब अति हो गई। तो ये अधिकारी वो
  870. 31:17उनके मन में सरकार की छवि कैसी होगी?
  871. 31:19इसीलिए वो जो इंफॉर्मेशन जिसकी मैं बात कर
  872. 31:21रहा हूं कि जो ब्यूरोक्रेसी के थ्रू बाहर
  873. 31:23आ रही है
  874. 31:24नेता प्रतिपक्ष तक राहुल गांधी तक वो
  875. 31:26इसीलिए आ रही है कि अब अति हो गई है
  876. 31:29और कई बार कई बार मैंने ये बात सुनी है
  877. 31:32विपक्ष की तरफ से कि अंदर-अंदर रिवोल्ट चल
  878. 31:36रहा है
  879. 31:38हम
  880. 31:40तो उसका उसका जो कारण है ना वो ये अति है
  881. 31:43हर जगह अति कर रखी है आपने
  882. 31:45हम
  883. 31:45हर चीज में अति कर रखी है आपने तो कभी कभी
  884. 31:48ना कभी अति का अंत होता है। हर चीज की एक
  885. 31:51एक्सपायरी डेट होती है।
  886. 31:54वो एक दौर था जब डॉ. मनमोहन सिंह थे तो
  887. 31:57इकनमी की और ग्रोथ की जीडीपी की बात होती
  888. 31:59थी। जब ये आए तो फिर इन्होंने हिंदू
  889. 32:01मुसलमान की बात करनी शुरू की।
  890. 32:03उससे इन्होंने चलाया 10 साल चलाया। अब एक
  891. 32:07चीज़ और देखो आप। मैं मुझे बड़ा अजीब लगता
  892. 32:09है। 2019 का लोकसभा चुनाव। हम
  893. 32:1319
  894. 32:1319 का उससे ठीक पहले
  895. 32:16पुलवामा हमला होता है। 300 किलो आरडीएक्स
  896. 32:18आती है। 300 किलो और 40 हमारे सीआरपीएफ के
  897. 32:22जवान उड़ा दिए जाते हैं।
  898. 32:25धमाका होता है। कहां से आया 300 किलो
  899. 32:28आरडीएक्स? उस केस में आज तक क्या हुआ?
  900. 32:30कहां तक पहुंचे? उस जांच में क्या हुआ?
  901. 32:34कितना बड़ा सिक्योरिटी फेलियर था कि आपके
  902. 32:37नेशनल सिक्योरिटी की सरकार है। यह कहती है
  903. 32:40कि हम राष्ट्रवादी सरकार है और आपके आपके
  904. 32:42राज्य में
  905. 32:44300 किलो आरडीएक्स देश में आ गया। आपको
  906. 32:46पता ही नहीं लगा।
  907. 32:48और वो जांच कहां तक पहुंची है? 2026 चल
  908. 32:52रहा है। सात साल हो गए। पूछ रहा है कोई।
  909. 32:56भाई कहते हैं हम राष्ट्रवादी हैं। हम
  910. 32:59पुलवामा हमले के बाद तो एक ही बात हुई कि
  911. 33:01जो चुनाव था उसको मोमेंटम बदल दिया गया और
  912. 33:03शहीदों के नाम पर वोट मांग लिए गए।
  913. 33:05मैं वो नहीं कहूंगा। हालांकि उस हमले के
  914. 33:08बाद जो मुझे याद है कि एक रैली हुई थी
  915. 33:10उसके बाद अलवर में दो या तीन दिन के बाद
  916. 33:12और उसके उस रैली में जब मोदी जी भाषण दे
  917. 33:14रहे थे उसके पीछे उन सब शहीदों की फोटो
  918. 33:16लगी हुई थी। राजस्थान में सबसे ज्यादा लोग
  919. 33:18हैं जो आर्मी आर्मी में जाते हैं उस इलाके
  920. 33:22में उस हिसाब से आपने वोट मांग ली
  921. 33:27और आपको याद है एक एक विषय उठाया था उसी
  922. 33:29दौरान कांग्रेस पार्टी ने कि जिम कॉर्बेट
  923. 33:32में
  924. 33:32हम
  925. 33:32शूट चल रहा था डिस्कवरी के लिए
  926. 33:35जी
  927. 33:35कौन सा शो है वो
  928. 33:37वो जो
  929. 33:38एनिमल वर्सेस वाइल्ड
  930. 33:39जो भी है वो एक डिस्कवरी पे शो आता है
  931. 33:42और जिम कॉर्बेट का है उत्तराखंड में और
  932. 33:44उधर 40 जवानों को उड़ा दिया गए और वहां
  933. 33:47शूट बंद नहीं हुआ था और पता है क्या बोला
  934. 33:50गया कि संपर्क नहीं हो पाया पीएम से
  935. 33:54जब 400 फीट पे जहाज उड़ते हैं ना आप तब भी
  936. 33:56संपर्क कर सकते हो पीएम से
  937. 33:58राइट पीएम इस नेवर
  938. 34:00और यहां जिम कॉर्बेट में नहीं हो पाया
  939. 34:01आपसे संपर्क पूरा शूट किया और उसके बाद वो
  940. 34:05डिस्कवरी पे वो डॉक्यूमेंट्री आई थी उनकी
  941. 34:10उसके बावजूद खबरें आती है कि 18 18 घंटे
  942. 34:12काम
  943. 34:1318 घंटे काम कर 18 घंटे काम कर रहे हैं ये
  944. 34:16सीआरपीएफ के जवान शहीद हो जाए। आपसे
  945. 34:19संपर्क नहीं हो पा रहा है। तो
  946. 34:21सात साल में वह जांच कहां तक आई बताओ कोई
  947. 34:23मुझे? कहां से आया था तीन स्कूल आरडीएस?
  948. 34:28पता है किसी को? मैंने तो कोई सुना नहीं
  949. 34:30आज तक ना मैं कोई खबर पढ़ पाता हूं कि हां
  950. 34:33इस इसमें हमने ये कर दिया। उसके बाद
  951. 34:36बैलगाम में घटना हुई। उस जांच का क्या
  952. 34:39हुआ? पता नहीं। उससे पहले उरी की हुई थी।
  953. 34:42आपने आईएसआई तक को बुला लिया था
  954. 34:44हिंदुस्तान कि वह जांच करेंग यहां आके।
  955. 34:47हां
  956. 34:48जो जो हमारे यहां आतंकी हमले करवा रहे हैं
  957. 34:52ये उन्हीं को जांच के लिए बुला रहे थे।
  958. 34:55उसमें क्या हुआ पता नहीं
  959. 34:57और फिर पेंट करते हैं नागरिकों को कि ये
  960. 34:59पाकिस्तानी है या पाकिस्तान परस्त है। लाल
  961. 35:02किले के सामने कार ब्लास्ट हुआ था। उसकी
  962. 35:03जांच करवा
  963. 35:04आत्मघाती ब्लास्ट हुआ था। हम
  964. 35:07देश की राजधानी में आईएसबीटी के पास लाल
  965. 35:10किले के ठीक सामने एक आत्मघाती हमला इस
  966. 35:13देश पे होता है राजधानी में और ये
  967. 35:15राष्ट्रवादी सरकार है।
  968. 35:18उस जांच में क्या हुआ पता नहीं
  969. 35:21कौन था कहां से आया था पता नहीं
  970. 35:23हम
  971. 35:27तो जांच तो तब नहीं होगा ना सर अगर
  972. 35:29बेनिफिट होती हो किसी चीज से
  973. 35:32यार आतंकवाद से किसका बेनिफिट हुआ है आज
  974. 35:34तक
  975. 35:37या तो आप अपने आप को यह मत कहो कि
  976. 35:38राष्ट्रवादी सरकार है। मैं यह हमेशा कहता
  977. 35:40हूं कि सरकार की सबसे बड़ी जो
  978. 35:42क्रेडेंशियल्स हैं, जो उसकी क्रेडिबिलिटी
  979. 35:44है वो ये है कि ये नेशनल सिक्योरिटी इस
  980. 35:48सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
  981. 35:50हम
  982. 35:51ये छोड़ेंगे नहीं। ये आंख में आंख डाल के
  983. 35:53बात करेंगे। ये आंख लाल करके बात करेंगे।
  984. 35:56ये सब कुछ करेंगे।
  985. 35:57हम
  986. 35:58लेकिन जो गलवान में हुआ आपने कुछ नहीं
  987. 36:00किया। आपकी जमीन कब्जा कर ली चीन ने। आपके
  988. 36:02लोगों को मारा। एमएम नरवा ने जब आपसे बात
  989. 36:05करना चाहते थे तो तब भी संपर्क नहीं हो पा
  990. 36:07रहा था।
  991. 36:07तब भी आपने बात नहीं की। आर्मी घंटे बाद
  992. 36:09आर्मी चीफ के आर्मी चीफ के साथ
  993. 36:12और फिर लास्ट में कई घंटे बाद यह कहा कि
  994. 36:14जो आप उचित समझो आप कर लो
  995. 36:17राजनाथ सिंह जी के थ्रू
  996. 36:18हम
  997. 36:20तो नेशनल सिक्योरिटी की जो सरकार है जिसकी
  998. 36:22जो जिसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यही है उसमें
  999. 36:26जब ऐसी घटनाएं होती हैं जिसमें आत्मघाती
  1000. 36:28हमला दिल्ली के अंदर हो जाता है। पुलवामा
  1001. 36:30में आपके 40 जवान शहीद हो जाते हैं। उनको
  1002. 36:33उड़ा दिया जाता है। पहलगांव में आपके
  1003. 36:35सिविलियंस को मारा जाता है। ठीक है? और
  1004. 36:38फिर आप यह कहते हो कि नहीं
  1005. 36:41इन इन इन केसेस में क्या हो रहा है या
  1006. 36:43आपने क्या कारवाई की कुछ नहीं पता किसी को
  1007. 36:47तो ये ये बड़े महत्वपूर्ण से सवाल हैं जो
  1008. 36:51देश के लोगों को देश की मीडिया को या जो
  1009. 36:53भी विपक्ष को जो भी ये काम कर सकते हैं
  1010. 36:56उनको पूछना चाहिए
  1011. 36:57इन सब के बीच क्या आपको लगता है कि मणिपुर
  1012. 36:59पे भी बात तो होनी ही चाहिए ना सर
  1013. 37:01मणिपुर में भी यार तीन साल हो गए आग लगी
  1014. 37:04हुई है
  1015. 37:05इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण समय तो कुछ
  1016. 37:07नहीं होगा ना कि एक राज्य हमारा
  1017. 37:09और आज तक
  1018. 37:11पीएम ने कभी यह नहीं सोचा कि मैं एक बार
  1019. 37:13मणिपुर हो के आऊं। मेरे देश का एक राज्य
  1020. 37:15है। मैं प्रधानमंत्री हूं समूचे
  1021. 37:17हिंदुस्तान का। वहां क्यों आग लगी हुई है?
  1022. 37:20वहां क्यों इतनी हिंसा हो रही है? क्यों
  1023. 37:21बेकसूर लोगों को मारा जा रहा है?
  1024. 37:25और उससे किसका फायदा हो रहा है?
  1025. 37:27आपने कभी सोचा है इस बारे में? किसका
  1026. 37:29फायदा हो रहा है?
  1027. 37:30नहीं मेरी मैंने सोचा नहीं लेकिन मैं आपसे
  1028. 37:33वादा करता हूं कि अगले शो में बताऊंगा
  1029. 37:34आपको। खनिजों के बारे में बड़ी बातचीत
  1030. 37:36होती है। वहां बहुत वहां बहुत चीजें हैं।
  1031. 37:40लेकिन इसका जवाब मैं आपको अगले शो में
  1032. 37:41दूंगा कि मणिपुर की आग से किसको फायदा हो
  1033. 37:44रहा है?
  1034. 37:44मणिपुर डिर्व डिस्कशन और बहुत सारे
  1035. 37:46डिस्कशन
  1036. 37:47नहीं इस सही मायने में मणिपुर में जो आग
  1037. 37:49लगी हुई है तीन साल से वो क्यों नहीं बुझ
  1038. 37:51पा रही है? इससे किसका फायदा हो रहा है?
  1039. 37:54इसका मैं आपसे वायदा कर रहा हूं। दर्शकों
  1040. 37:56के साथ भी अगले हफ्ते बता दूंगा।
  1041. 37:59तो मणिपुर से जुड़े सवाल जो है वो आपको
  1042. 38:01ड्रॉप करने हैं। चलिए सर थोड़ा सा आगे
  1043. 38:02बढ़ते हैं। आज मुझे लगता है भावुक ज्यादा
  1044. 38:04हो रहे हैं।
  1045. 38:05भावुक कई बार ना तकलीफ हो जाती है। है तो
  1046. 38:08हम भी इंसान ही
  1047. 38:09राइट हम
  1048. 38:10हां वो जो शीर्ष पे बैठे होते हैं उनके
  1049. 38:12अंदर भावनाएं नहीं होती। हम क्योंकि नीचे
  1050. 38:13हैं तो हमारे थोड़ा थोड़े से हमारे अंदर
  1051. 38:15भावनाएं हैं।
  1052. 38:16हम तो देखिए अटल बिहारी वाजपेयी बेशक मैं
  1053. 38:18प्रशंसक नहीं हूं। बात एक ठीक कहा था बंदे
  1054. 38:20ने के सरकारें आएंगींगी देश बचा रहना
  1055. 38:23चाहिए।
  1056. 38:24साहब देश बचा रहे। इस यह तो ज़रूरी होती
  1057. 38:26है। डेली आप शहीदों की जय शहीदों की जय
  1058. 38:28बोल के शहीदों के प्रति सम्मान नहीं
  1059. 38:30व्यक्त करते।
  1060. 38:30आप सिर्फ उनके नाम पे ना राजनीति करते हो।
  1061. 38:32राइट? रिवोल्ट की बात की थी सर आपने
  1062. 38:34अधिकारियों के बीच में जो रिवोल्ट चल रहा
  1063. 38:36है जिसकी बात आप कर रहे थे। एक रिवॉल्ट और
  1064. 38:38है जिसकी बात आप कई बार कर चुके हैं।
  1065. 38:40कॉर्पोरेट घरानों में रिवोल्ट
  1066. 38:42हम्म
  1067. 38:43अभी जो मैं सवाल पूछ रहा हूं, ये रिवॉल्ट
  1068. 38:44की तो नहीं है। पर क्रिमिनली डिस्ट्रॉय
  1069. 38:47किया जा रहा है एक ग्रुप को। उस ग्रुप को
  1070. 38:49जिसको हम बचपन से सुनते आए। देश का नमक
  1071. 38:51बनाती है वो। टाटा है टाटा बिरला हो गए हो
  1072. 38:54क्या इस ताने में भी हमने उसका नाम सुना
  1073. 38:57राहुल गांधी कह रहे हैं क्रिमिनली
  1074. 38:58डिस्ट्रॉय किया जा रहा है निर्मला सीतारमण
  1075. 39:01जवाब दे रही है कि भाई पॉलिटिसाइज मत किया
  1076. 39:02करिए हर मामले को
  1077. 39:04क्या एक कंपनी है कंपनी के कुछ फैसले हो
  1078. 39:07रहे हैं क्रिमिनल डिस्ट्रक्शन कैसे है
  1079. 39:09उसका क्यों कह रहे हैं राहुल गांधी साहब
  1080. 39:12सबीर भाटिया की एक डॉक्यूमेंट्री आई देखी
  1081. 39:14थी
  1082. 39:14हां
  1083. 39:15नहीं देखी थी
  1084. 39:17नहीं नाम मत लो
  1085. 39:19डॉक्यूमेंट्री आई थी
  1086. 39:20हमने भी देखी थी उसमें उसमें किस तरीके से
  1087. 39:22कंपनीज़ का टेकओवर हुआ वो उसमें बताया गया।
  1088. 39:25किसने किया वो बताया गया। उसके बाद
  1089. 39:30मामला कोर्ट गया और फिर उस डॉक्यूमेंट्री
  1090. 39:32को हटाने के लोग पीछे चले गए। अब मैं टाटा
  1091. 39:35पे आता हूं। टाटा बहुत भरोसे का नाम है
  1092. 39:38हिंदुस्तान में। टाटा एक ऐसा कॉर्पोरेट
  1093. 39:40हाउस है जिसके ऊपर देश के साथ लूट खसोट
  1094. 39:44करने के आरोप कभी नहीं लगे।
  1095. 39:45जी
  1096. 39:46जो जनता के वेलफेयर के लिए भी काम करता
  1097. 39:51है।
  1098. 39:52अब यह हो क्या रहा है? टाटा सर्ंस और टाटा
  1099. 39:56ट्रस्ट यह दो महत्वपूर्ण चीजें हैं इस
  1100. 39:59पूरे ग्रुप में। टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन
  1101. 40:03है नियोल टाटा
  1102. 40:04और एन चंद्रशेखरन टाटा s के चेयरमैन हैं।
  1103. 40:07उनका कार्यकाल पूरा हो गया था। लेकिन एकदम
  1104. 40:10से उनको वापस दूसरा कार्यकाल दे दिया गया।
  1105. 40:14टाटा ट्रस्ट की मर्जी के बगैर।
  1106. 40:17लेकिन Tata ट्रस्ट मेजॉरिटी शेयर होल्डर
  1107. 40:18है ना? टाटा ट्रस्ट के पास टाटा SS के 66
  1108. 40:21फीसदी शेयर हैं। लेकिन वहां जो बोर्ड
  1109. 40:23मेंबर्स थे उन्हें उनके हिसाब से वहां जो
  1110. 40:27फैसला हुआ जो वोटिंग हुई वहां पे उसको
  1111. 40:30उसमें मेनपुलेशन कर दी गई। इस लिहाज से
  1112. 40:33राहुल गांधी ये कह रहे हैं कि क्रिमिनली
  1113. 40:35डिस्ट्रॉय करने की कोशिश हो रही है ग्रुप
  1114. 40:37को।
  1115. 40:37मतलब आप ये कह रहे हैं जैसे विधायकों की
  1116. 40:39चोरी होती है वैसे चोरी।
  1117. 40:40हां टाटा टाटा के विधायकों की चोरी होगी।
  1118. 40:42बेसिकली
  1119. 40:43टाटा ट्रस्ट के
  1120. 40:44टाटा ट्रस्ट नहीं टाटा सनंस के विधायकों
  1121. 40:45की। टाटा ट्रस्ट की नहीं। अब टाटा ट्रस्ट
  1122. 40:48जो है वो कोर्ट में है। ठीक है? अब एन
  1123. 40:51चंद्रशेखरन जब चेयरमैन थे टाटा सनंस के तो
  1124. 40:54उनको ये कहा गया कि आप एयर इंडिया परचेस
  1125. 40:56कर लो।
  1126. 40:58कर लिया। सरकार ने कहा फिर शायद कहा कि
  1127. 41:02शायद सेमीकंडक्टर की बात की प्लांट लगाना
  1128. 41:04है। बोला ठीक है लगा देंगे। तो जो जो ये
  1129. 41:07कह रहे हैं वहां सब हो रहा है। कहां हो
  1130. 41:08रहा है? Tata SS में हो रहा है।
  1131. 41:09व्यापार बढ़ रहा है ना सर। एयर इंडिया आ
  1132. 41:11रहा है। सेमीकंडक्टर का प्लांट लगेगा।
  1133. 41:13उसमें नुकसान का सौदा है ना वो एयर इंडिया
  1134. 41:16या घाटे का सौदा है
  1135. 41:17हम
  1136. 41:19और सेमीकंडक्टर जो ये जो ये जो अ मतलब
  1137. 41:24फैक्ट्री लगानी है ये सरकार का सपना है ये
  1138. 41:28उनकी योजना है उनकी प्लानिंग है ये वो
  1139. 41:31चाहते हैं लेकिन वो टाटा के पैसे से हो
  1140. 41:33रहा है जो Tata ट्रस्ट नहीं चाहता फिर कह
  1141. 41:37रहे हैं कि बाजार में इस कंपनी को लिस्ट
  1142. 41:38कर दो टाटा सस को
  1143. 41:40टाटा ट्रस्ट उसके खिलाफ है
  1144. 41:42जो जो टाटा ट्रस्ट नहीं चाहता वह सारे काम
  1145. 41:45टाटा सनंस में हो रहे हैं। अब इस अब यह जो
  1146. 41:48लड़ाई है यह
  1147. 41:51राजनीतिक रूप ले लिया है इसने। तो मुझे
  1148. 41:53ऐसा लगता है कि जो नेता प्रतिपक्ष ने लिखा
  1149. 41:55है राहुल गांधी ने उसमें जो वो कह रहे हैं
  1150. 41:58कि क्रिमिनल डिस्ट्रॉय करने की कोशिश हो
  1151. 42:00रही है। बेसिकली जो अगर मैं उसको डिकोड
  1152. 42:03करने की कोशिश करूं तो मुझे ऐसा लगता है
  1153. 42:05कि अह
  1154. 42:09उस डॉक्यूमेंट्री की तरह
  1155. 42:11यहां पे भी एक-एक कंपनी को
  1156. 42:16इनके सहारे मतलब सत्ता पक्ष के सहारे कोई
  1157. 42:20आके खरीदना शुरू कर देगा। अरे छोड़िए कोई
  1158. 42:23वही आप यहां बोल रहे Twitter पे तो आपने
  1159. 42:25लिखा है ना प्रॉपर
  1160. 42:26क्या लिखा है मैंने
  1161. 42:27कि बाजार में लिस्ट हो जाएगी एक-एक करके
  1162. 42:30नहीं नहीं मैं वही तो कह रहा हूं कि Tata
  1163. 42:33ट्रस्ट नहीं चाहता कि आईपीओ आए
  1164. 42:35हम
  1165. 42:36या बाजार में कंपनी लिस्ट हो वो नहीं
  1166. 42:38चाहते उसके विपरीत काम हो रहे हैं वहां
  1167. 42:40तो जो Tata S सारे विपरीत काम कर रहा है
  1168. 42:42ये किसके लिए कर रहा है किसके कहने से कर
  1169. 42:45रहा है इससे किसका फायदा होगा यही तो
  1170. 42:48डिकोड करना है और है क्या इसमें
  1171. 42:50ये वो हैं
  1172. 42:51हां ये वही हैं सबीर भाटिया वाले
  1173. 42:54अच्छा जिनका नाम नहीं ले सकते आप ले सकते
  1174. 42:57हैं आप लिख दीजिएगा कमेंट सेक्शन में
  1175. 43:00बच पाएगा टाटा
  1176. 43:03देखिए जिस हिसाब से इसमें राजनीति
  1177. 43:06जैसे जब राहुल गांधी जंप इन करते हैं इस
  1178. 43:08इशू में मुझे लगता है कांग्रेस में आपकी
  1179. 43:10बात तो हुई होगी कुछ सोर्सेस से तो क्या
  1180. 43:12विपक्ष का क्या प्लान है टाटा को बचाने की
  1181. 43:15कोशिशों में विपक्ष भी जुटेगा
  1182. 43:16हालांकि मैं आपको बताता हूं एक बात
  1183. 43:18हालांकि आखिर में अह रतन टाटा बीजेपी के
  1184. 43:21साथ हो गए थे हम
  1185. 43:21जब से मोदी जी आए थे
  1186. 43:23और जब जब यूपीए थी राहुल गांधी टाटा ग्रुप
  1187. 43:28को एक बार जम्मू कश्मीर लेके गए थे वहां
  1188. 43:30इन्वेस्टमेंट के लिए वो पुरानी बात होगी
  1189. 43:32वो लेकिन अब टाटा के कुछ लोगों ने आई थिंक
  1190. 43:35वो पुराने लोग हैं जो जुड़े हुए हैं या नए
  1191. 43:38लोग हैं वो तो मुझे नहीं पता संपर्क किया
  1192. 43:40है राहुल गांधी के साथ और उनको बताया है
  1193. 43:42कि इस तरीके से होम मिनिस्टर के घर पे जो
  1194. 43:45राहुल गांधी ने ट्वीट भी किया है
  1195. 43:47कि टाटा सनंस और टाटा ट्रस्ट की मीटिंग
  1196. 43:50कराने की कोशिश हुई मतलब मीटिंग हुई है
  1197. 43:52होम मिनिस्टर के घर पे
  1198. 43:55अगेन क्रिमिनली डिस्ट्रयड
  1199. 43:58जो शब्द है कि वो कहां से आया वो अमित शाह
  1200. 44:01के घर पे मीटिंग से आया निर्मला सीतारमण
  1201. 44:03को पता ही नहीं था इस बात का जो उन्होंने
  1202. 44:05ट्वीट कर दिया
  1203. 44:06अच्छा
  1204. 44:07अगर उनको ये पता होता कि मीटिंग हो चुकी
  1205. 44:09है अमित शाह के घर पे तो उनको ये भी पता
  1206. 44:11होगा कि राहुल गांधी को ये बात पता होगी
  1207. 44:13हां
  1208. 44:14तो अगर अगर निर्मला जी ट्वीट ट्वीट नहीं
  1209. 44:16करती तो ये खबर बाहर ही नहीं आती अमित शाह
  1210. 44:19के घर के मीटिंग वाली बात बाहर नहीं आती
  1211. 44:20आती
  1212. 44:21हम
  1213. 44:23क्योंकि क्योंकि अमित शाह को पता था कि
  1214. 44:25राहुल गांधी को पता है कि हमारे यहां
  1215. 44:26मीटिंग हुई है।
  1216. 44:27ना मोदी और शाह को पता है कि राहुल गांधी
  1217. 44:29को क्या पता है। राहुल गांधी खुद बता देते
  1218. 44:30हैं। निर्मला जी को नहीं पता होता।
  1219. 44:33ज्यादती तो हो रही है सर मंत्रियों के साथ
  1220. 44:34भी इस सरकार में।
  1221. 44:35देखिए वहां
  1222. 44:37सब कुछ नंबर वन है। जो है वही है। और जो
  1223. 44:42होता है उन्हीं के लिहाज सबसे होता है।
  1224. 44:44सरकार वही है। पार्टी वही है।
  1225. 44:46आपने जानबूझ के किया है या मिस हुआ है?
  1226. 44:48क्या
  1227. 44:49सब कुछ वही है? नंबर वन आपने नंबर टू भी
  1228. 44:51नहीं बोला।
  1229. 44:52नहीं नंबर वन ही जो कुछ है।
  1230. 44:54अब नंबर टू भी नहीं है।
  1231. 44:55ये तो लोग कहते हैं ना। मैंने कब कहा?
  1232. 44:58नंबर वन नंबर टू की बात तो होती ही थी सर।
  1233. 45:01वो तो लोगों की बात होती है। मैं खुद की
  1234. 45:03बात कर रहा हूं।
  1235. 45:03अच्छा
  1236. 45:04जो है नंबर वन है।
  1237. 45:05देयर इज नो नंबर टू। भाई यही हेडलाइन ले
  1238. 45:08लीजिए।
  1239. 45:08ये तो लोग कहते हैं ना नंबर टू है, नंबर
  1240. 45:10थ्री है।
  1241. 45:12बल्कि नंबर टू पे तो एक आदमी बड़े भयंकर
  1242. 45:15तरीके से कमट कर रहा है। अश्विनी वैष्णव
  1243. 45:18हम
  1244. 45:19नंबर टू के लिए वह आदमी बड़े भयंकर तरीके
  1245. 45:22से कमपीट कर रहा है शाम दाम दंड भेद के
  1246. 45:24साथ।
  1247. 45:27नंबर टू की बात
  1248. 45:28नंबर टू कुछ नहीं होता। नंबर वन
  1249. 45:30होता है। नंबर वन होता है।
  1250. 45:31चांद पे कौन गया था पहली बार?
  1251. 45:33ठीक है। दूसरे आदमी का नहीं पता।
  1252. 45:35नहीं पता ना? जो होता है नंबर वन ही होता
  1253. 45:37है।
  1254. 45:38और यहां जो नंबर वन है ना
  1255. 45:40हम
  1256. 45:41वही है जो है
  1257. 45:44सरकार भी वही है, पार्टी भी वही है, नेता
  1258. 45:47भी वही है, क्राउड कूलर भी वही है। सब कुछ
  1259. 45:51वही है।
  1260. 45:52सब कुछ उनके आसपास घूम के खत्म हो जाता
  1261. 45:54है। और इसलिए मैं बार-बार कहता हूं कि
  1262. 45:57मोदी जी की जो विरासत है वो उन तक ही
  1263. 45:59सीमित रह जाएगी। वो आगे नंबर टू नंबर थ्री
  1264. 46:01तक जा ही नहीं पाएगी और हर बड़ा आदमी ऐसे
  1265. 46:04ही करता है।
  1266. 46:04आइटम सॉन्ग से लेके हीरो और विलेन सब कुछ
  1267. 46:06एक ही व्यक्ति है।
  1268. 46:07आपने अश्विनी वैष्णव का नाम लिया। इसलिए
  1269. 46:09मैं ये पूछ लेता हूं। मेरे ज़हन से तो हट
  1270. 46:11गया था। इतनी सारी पॉलिटिकल बातचीत के बीच
  1271. 46:14में संपादकों को बड़े-बड़े जो हैं टीवी
  1272. 46:17चैनल वाले, प्रिंट वाले, अखबार वाले उनको
  1273. 46:19अश्विनी वैष्णव जी बुला रहे हैं मिलने के
  1274. 46:20लिए। एक एक्ट के संबंध में बातचीत के लिए।
  1275. 46:23एक्ट डिजिटल डाटा प्रोटेक्शन वाला है। लोग
  1276. 46:26कह रहे हैं खोजी पत्रकारिता
  1277. 46:28बंद हो जाएगी। क्या लगता है आपको बचेगी?
  1278. 46:31बंद हो जाएगी। क्या कमी
  1279. 46:33ये तो ये तो कभी नहीं चाहते कि पत्रकारिता
  1280. 46:35हो। तुम तो खोजी की बात कर रहे हो। ये तो
  1281. 46:38पत्रकारिता नहीं चाहते कि हो।
  1282. 46:39बेसिक वाली भी
  1283. 46:40जो जो बेसिक है कि भाई सरकार ने ये कहा,
  1284. 46:43विपक्ष ने ये कहा, विपक्ष ने ये सवाल
  1285. 46:44पूछा, सरकार ने यह बोला ये तो वही नहीं
  1286. 46:46चाहते कि वो हो। तुम तो खोजी की बात कर
  1287. 46:48रहे हो। तो ये क्यों चाहेंगे? हम
  1288. 46:50यह कह रहे हैं कि नहीं जो आपको सोर्स है
  1289. 46:53वो रिवील करना पड़ेगा जर्नलिस्ट को हम
  1290. 46:55इस प्रोट इस वाले बिल में हम
  1291. 46:58तो मुझे लगता है कि जो आज सुभाष चंद्र ने
  1292. 47:01भी ट्वीट किया है उनकी भी अंदर की आत्मा
  1293. 47:04जागी है
  1294. 47:05कि नहीं क्योंकि
  1295. 47:06चंद्र जी की भी आत्मा रह के जाग जाती है।
  1296. 47:07कई बार कई बार सो जाती है फिर जाग जाती
  1297. 47:09है। अब क्योंकि उनका मैटर चल रहा है ना वो
  1298. 47:11एनसीएलटी वाला
  1299. 47:13जिसमें उन्होंने नाम लिया था मुकेश अंबानी
  1300. 47:15का और उसके बाद से फिर ये फंस गए
  1301. 47:17वो हो नहीं पाया है ना
  1302. 47:20तो
  1303. 47:22सरकार नहीं चाहेगी कि खोजी पत्रकारिता हो।
  1304. 47:24वो कभी नहीं चाहती। जो आदमी बेसिक
  1305. 47:26जर्नलिज्म नहीं चाहता तो उसको आप कैसे
  1306. 47:28एक्सपेक्ट कर सकते हो कि ये हो। लेकिन
  1307. 47:29मुझे लगता है कि जो हमारी फ्रेटनिटी के
  1308. 47:32बड़े लोग हैं जो उस लेवल पे बैठे हुए हैं
  1309. 47:34जिनको इसका अपोज करना चाहिए। सुप्रीम
  1310. 47:36कोर्ट जाना चाहिए वो अपना काम करेंगे
  1311. 47:37उसमें।
  1312. 47:38हम
  1313. 47:39इसका कर भी रहे हैं।
  1314. 47:40कर भी रहे हैं।
  1315. 47:41तो नंबर टू पे जो कम्पीट कर रहे हैं उस
  1316. 47:44कंपटीशन का एक बड़ा हथियार यही है कि
  1317. 47:46पत्रकारिता को कैसे खत्म करोगे? अह
  1318. 47:49अश्विनी वैष्णव ने तो एक बार वह भी किया
  1319. 47:51था जब पीएम ने एक खबर को डिनाई कर दिया
  1320. 47:53था। याद है आपको? एक खबर आई थी उन्होंने
  1321. 47:54डिनाई कर दिया था। उसके बाद इन्होंने
  1322. 47:57संपादकों की एक बड़ी बैठक बुलाई थी और
  1323. 47:59उसमें बड़े गर्म हो के इन्होंने कहा था कि
  1324. 48:02नहीं ये ठीक नहीं है।
  1325. 48:06तो वो नंबर टू के पद के लिए कमट कर रहे
  1326. 48:08हैं। लेकिन वो कुछ होता नहीं है। नंबर टू
  1327. 48:10जो होता है नंबर वन होता है। पूरे
  1328. 48:12इकोसिस्टम का मालिक एक एक
  1329. 48:15सबका मालिक एक।
  1330. 48:16सबका मालिक एक सबका तो कैसे बोल दें?
  1331. 48:18बहरहाल जो वहां बैठे हुए हैं।
  1332. 48:20हां एक और ठीक सबका मालिक एक वो जरूरी है।
  1333. 48:23कार्यकर्ता से ले नेताओं तक मंत्रियों तक
  1334. 48:25सबका मालिक एक।
  1335. 48:26अच्छा सर एक
  1336. 48:28बेचारे नेताओं कार्यकर्ताओं को क्या मिल
  1337. 48:30रहा है?
  1338. 48:31आधी तो कांग्रेस भरी पड़ी है वहां।
  1339. 48:33ठीक बात है।
  1340. 48:34आधी
  1341. 48:35मतलब मैं कई बार सोचता हूं दिलीप घोष के
  1342. 48:37संघर्षों को क्या मिला? जब शुभेंदु
  1343. 48:39अधिकारी सीएम बन गए।
  1344. 48:41ऐसे बहुत सारे उदाहरण है।
  1345. 48:42हेमता विश्वा शर्मा ये
  1346. 48:44चौधरी देख लो। हेमंत विश्वा शर्मा देख लो।
  1347. 48:48क्या मतलब क्या मिला बेचों को
  1348. 48:50कार्यकर्ताओं को? सारे कांग्रेसी के
  1349. 48:52मंत्री बन के बैठे हुए हैं। सांसद बन के
  1350. 48:53बैठे हुए हैं। कोई लोकसभा में, कोई
  1351. 48:55राज्यसभा में, कोई राज्य का मंत्री है।
  1352. 48:57हम
  1353. 48:58अभी तो अभी हरियाणा झाक लो
  1354. 49:00हम
  1355. 49:00रावेंद्रजीत सिंह की बेटी कैबिनेट मंत्री
  1356. 49:02है।
  1357. 49:02जी
  1358. 49:02किरण चौधरी की बेटी कैबिनेट मंत्री हैं।
  1359. 49:06सिंपल उदाहरण दे रहा हूं। बस में ये तो जो
  1360. 49:08बेचारे जिन्होंने संघर्ष किया सालों तक जो
  1361. 49:11बीजेपी के संघ के कार्यकर्ता थे उनको क्या
  1362. 49:13मिला? कुछ भी नहीं मिला। और जिस दिन ये
  1363. 49:16होगा कि भाई अ सत्ता में कुछ परिवर्तन
  1364. 49:20होने वाला है वो सारे कांग्रेस वापस आ
  1365. 49:22जाएंगे।
  1366. 49:23ये ये बड़ी अच्छी बात आपने कही। यहां से
  1367. 49:25मैं कहता हूं आप जब जवाब देते हैं तो सवाल
  1368. 49:27अपने आप पैदा हो जाता है।
  1369. 49:29सारे वापस आ जाएंगे। ले भी लिए जाएंगे।
  1370. 49:31आपको क्या मतलब आप तो इस चरित्र को जानते
  1371. 49:34हो ना। कांग्रेस जिस तरीके से फंक्शन करता
  1372. 49:35है और आप मुझे आपकी एक बात याद है कि
  1373. 49:37राहुल गांधी को मैं समझता हूं। मतलब
  1374. 49:40नहीं समझता नहीं समझने की कोशिश करता हूं।
  1375. 49:42हां समझते हैं।
  1376. 49:43मैं दूर से समझने की कोशिश करता हूं। उनसे
  1377. 49:45जो लोग उनसे मिलते हैं, जो उनको जानते
  1378. 49:47हैं, जो उनके नेचर को समझते हैं, जो उनके
  1379. 49:50काम करने के तरीकों को समझते हैं। तो उनके
  1380. 49:52माध्यम से मैंने पिछले कुछ सालों से उनको
  1381. 49:54डिकोड करने की कोशिश करी है। वो उसमें मैं
  1382. 49:56कितना कामयाब हुआ हूं जो दर्शकों को पता
  1383. 49:58होगा।
  1384. 49:58डिकोड करने
  1385. 49:59लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि अगर
  1386. 50:04इसके बारे में राहुल गांधी क्या सोचते
  1387. 50:05होंगे? मतलब अभी जानना चाहते हो। हां
  1388. 50:06एक्सक्टली वही
  1389. 50:07ये तो नहीं मुझे पता एक्सक्टली
  1390. 50:09मान लीजिए जैसे सिंधिया साहब हो गए कोई और
  1391. 50:11बड़े नाम जितन प्रसाद आप ले लें ये सब लोग
  1392. 50:13जब जाएंगे कि बस भाई
  1393. 50:14जितिन प्रसाद आरपीए सिंह मिलिंद देवड़ा और
  1394. 50:18सिंधिया जी और और अशोक चौहान और और कितने
  1395. 50:22हैं बहुत सारे लोग हैं मतलब लंबी फेहरिस्त
  1396. 50:24है जगदंबिका पाल
  1397. 50:27सामने देख के पता लगता है कि यहां इतने
  1398. 50:28सारे हैं तो मुझे ऐसा लगता है कि जो जितने
  1399. 50:33लोगों ने यहां संघर्ष किया है
  1400. 50:36इन इन सालों में जो यह संघर्ष के साल थे
  1401. 50:39और अगर आप उनको वापस ले लेते हो
  1402. 50:42तो यह उनके साथ अन्याय होगा
  1403. 50:45जो लोग बने रहे
  1404. 50:47जो लोग बने रहे संघर्ष करते रहे और देखो
  1405. 50:50हमेशा ना उस व्यक्ति का साथ देना चाहिए जो
  1406. 50:52आपके साथ खराब टाइम में हो अच्छे टाइम में
  1407. 50:55तो दुनिया जाती है
  1408. 50:57ऐसा ऐसा राहुल गांधी सोचते होंगे
  1409. 50:59लेकिन सत्ता तो
  1410. 51:00ये मुझे नहीं पता ऐसा मैं मानता हूं
  1411. 51:02जो आपने डिकोड किया राहुल गांधी के
  1412. 51:04अंडरस्टैंडिंग को उस हिसाब से अभी बात कर
  1413. 51:05लेकिन सत्ता को तो दुधारू गाय पसंद होगी
  1414. 51:07ना मतलब जिसके नाम पे कुछ आ सकता है। अब
  1415. 51:10मान लीजिए आप सत्ता में आ गए हैं जो
  1416. 51:11संध्या जुड़ जाते हैं तो मध्य प्रदेश आपका
  1417. 51:13और मजबूत हो जाएगा तो उनको जोड़ लीजिए कोई
  1418. 51:15बात नहीं
  1419. 51:16आप भी कितना मजबूत कर दिया बीजेपी जाके
  1420. 51:18यहां तो आपको सीएम से कम बात नहीं कर रहे
  1421. 51:20थे आप वहां आपके पास आप एिएशन मंत्री हो
  1422. 51:23जहाज है नहीं वो टाटा को बेच दिए
  1423. 51:26हम
  1424. 51:28जो आदमी यहां पे उसको सिर्फ कांग्रेस
  1425. 51:31पार्टी में जाके सीएम बनना है और जैसे वो
  1426. 51:34वहां जाएगा ना वो बोलना छोड़ जाता है
  1427. 51:38दरे बिछाना हमें मंजूर है। हम जमीनी
  1428. 51:40कार्यकर्ता हैं।
  1429. 51:41अच्छा मध्य प्रदेश में बीजेपी के पास जो
  1430. 51:44एक लंबी फेहरिस्त है।
  1431. 51:46नरोत्तम मिश्रा ही घर बैठे हुए हैं।
  1432. 51:48नरेंद्र सिंह तोमर देख लो कहां है। शिवराज
  1433. 51:50सिंह चौहान बेचारे घूम रहे हैं। अपनी
  1434. 51:52कांस्टेंसी के लोगों के ऊपर हो रहे
  1435. 51:54अत्याचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। अपनी
  1436. 51:56सरकार के खिलाफ अपने मुख्यमंत्री के
  1437. 51:57खिलाफ।
  1438. 51:58हम
  1439. 51:58सिंधिया जी तो बहुत दूर हैं उसमें उस
  1440. 52:00फहरिस्त में। यहां थे ना यहां उनकी बहुत
  1441. 52:03इज्जत थी।
  1442. 52:05भाई साहब उनकी एक बोतल ग्रीन कलर की यूके
  1443. 52:10नंबर रेंज रोवर है जिसको वो खुद चला के
  1444. 52:12पहुंचते हैं दर्शन जनपद और सीधी गाड़ी
  1445. 52:14अंदर ऐसे खोले छोड़ जाते थे सीधे एक दर्शन
  1446. 52:16जनपद के अंदर जैसे इन्हीं का घर है ये
  1447. 52:19इतना अधिकार था
  1448. 52:20हे राहुल
  1449. 52:22वो तो नॉर्मल सी बातें हैं उस पे तो मैं
  1450. 52:25क्या ही कहूं
  1451. 52:26हम
  1452. 52:27लेकिन मैं वैसे बता रहा हूं आपको
  1453. 52:29मतलब राहुल गांधी मैं वो ये समझना चाह रहा
  1454. 52:31था जो आप
  1455. 52:31मेरा ऐसा मानना है मेरा ऐसा मानना है कि
  1456. 52:33अगर अगर ये लोग वापस आएंगे तो मुझे लगता
  1457. 52:36है कि गांधी परिवार इसके ऊपर गहन मंथन
  1458. 52:38करेगा। हालांकि उन लोगों के लिए वापस आना
  1459. 52:41आसान है।
  1460. 52:42बड़े लोगों के लिए।
  1461. 52:43बड़े लोग हैं, बड़े घरों से हैं, वेल
  1462. 52:45कनेक्टेड हैं, कॉर्पोरेट हाउसेस से जुड़े
  1463. 52:47हुए हैं। इससे ज्यादा कुछ कहना नहीं
  1464. 52:49चाहता।
  1465. 52:51बहुत सारे फैक्टर्स जो हैं वो इसमें काम आ
  1466. 52:54जाते हैं जो आपको हमको कई बार समझ
  1467. 52:56एक इसमें एक फायदा भी हो सकता है कि जब जब
  1468. 52:59कोई पार्टी कमजोर हो रही होती है ना उसके
  1469. 53:02बाद से उससे लोग टूटने लगते हैं और वो
  1470. 53:04दूसरी पार्टी में जाते हैं जो आ रही होती
  1471. 53:06है उससे एक माहौल भी बनता है देश में
  1472. 53:08हां
  1473. 53:08है ना तो मुझे लगता है ये फैक्टर भी होगा
  1474. 53:10वो तो सर्फोलॉजिस्ट वगैरह भी इस चीज को
  1475. 53:12बड़ा आकते हैं ना किस पे जॉइनिंग ज्यादा
  1476. 53:15कहां चले गए तो क्योंकि नेताओं को अच्छे
  1477. 53:18से पता होता है कि जमीन पे क्या ठीक बात
  1478. 53:20है।
  1479. 53:20कौन सी पार्टी आ रही है, कौन सी जा रही
  1480. 53:21है, उनसे बेटर कौन जानता है विधायकों को,
  1481. 53:23सांसदों को। तो उस उस चीज का कोई फैक्टर
  1482. 53:26हो तो मुझे पता नहीं। अदरवाइज गहन विचार
  1483. 53:29मंथन होगा और इसके अलावा
  1484. 53:32जो इज्जत, मान सम्मान
  1485. 53:36यहां रह के मिलती। यानी अगर आप यहीं रह
  1486. 53:38रहे होते हैं और कल सत्ता में आप आ जाते
  1487. 53:40हो तो हो सकता है कि आपको टॉप फाइव में से
  1488. 53:42आपको कहीं कुछ मिल जाता। टॉप फाइव
  1489. 53:44मंत्रालय की बात कर रहा हूं।
  1490. 53:45हो सकता है कि अब नीचे से टॉप में पांच
  1491. 53:47मिल जाए। जो नीचे के पांच है उनमें से मिल
  1492. 53:49जाए
  1493. 53:50और क्या पता आए ही ना वापस यह भी तो हो ही
  1494. 53:52सकता है ना एक संभावना तो बहुत
  1495. 53:54नहीं इसकी मुझे संभावना कम लगती है
  1496. 53:58बड़े लोग सत्ता के बगैर रह नहीं पाते
  1497. 54:01ये जो लुटियंस के बंगले हैं ना
  1498. 54:05हम
  1499. 54:06चार-चार पांचप एकड़ के टाइप एट के इनकी
  1500. 54:10आदत छूटती नहीं है। वो आप जब एक फ्लैट में
  1501. 54:13रहने लगते हो ना एक फ्लोर पे या एक फ्लैट
  1502. 54:15पे
  1503. 54:16हम
  1504. 54:16कितना बड़ा फ्लोर ले लोगे 5000 स्क्वायर
  1505. 54:18फीट का ले लोगे
  1506. 54:19हम
  1507. 54:20वो पांच एकड़ का है
  1508. 54:24वो आसानी से जाता नहीं है
  1509. 54:27बहुत सारे लोग तो ऐसे हैं जिन्होंने घरों
  1510. 54:29के लिए पार्टी छोड़ दी
  1511. 54:31हां ठीक बात है घर की लड़ाई तो बहुत बड़ी
  1512. 54:34लड़ाई है जो मधुबनी के किसी छोटे से गांव
  1513. 54:37में भी होती है और लुटिया तक
  1514. 54:38विचार विचारधारा अब बची नहीं है कल कोई
  1515. 54:41मुझसे पूछ रहा था कि आपकी विचारधारा क्या
  1516. 54:43है?
  1517. 54:43हम
  1518. 54:44मैंने कहा पहली बात तो पत्रकार की
  1519. 54:46विचारधारा होनी नहीं चाहिए। हम
  1520. 54:47पहली बात लेकिन आजकल जिस हिसाब से
  1521. 54:50पोलराइजेशन हो रखा है समाज में और सरकार
  1522. 54:52ने जो आके किया है मीडिया के साथ भी मैंने
  1523. 54:55कहा मैं मैं नेहरू की तरह समाजवादी हूं।
  1524. 55:00नेहरू समाजवादी क्यों थे?
  1525. 55:03क्योंकि वो रिच थे।
  1526. 55:05ऑटो में बैठ के समाजवाद नहीं आता। समाजवाद
  1527. 55:08लैंड क्लोजर में ही आता है।
  1528. 55:09शाहरुख खान भी कहता है ना पेट भरा हो तो
  1529. 55:11दार्शनिकता बाहर आती है।
  1530. 55:13नहीं मैं मैं तो इस बात को मानता हूं
  1531. 55:15जी
  1532. 55:16कि ऑटो में समाजवाद नहीं आएगा। समाजवाद
  1533. 55:19आएगा लैंड क्रूज़र में
  1534. 55:20हम
  1535. 55:20जैसे अखिलेश यादव का है। तो मैं पंडित
  1536. 55:23नेहरू की तरह समाजवादी हूं।
  1537. 55:25ठीक है। तो बेचारा दादा आपने जान लिया है।
  1538. 55:27एक आखरी सवाल ले लेते हैं साहब। एक
  1539. 55:29इलेक्शंस हुए हैं। इलेक्शंस को तो हम कैसे
  1540. 55:31मना कर सकते हैं और सारी स्थितियां आप
  1541. 55:34देखते रहिए। आप कह रहे हैं ओरा डाउन हो
  1542. 55:37गया। आप कह रहे हैं कि इनविंसिबल थे। अब
  1543. 55:39इनविंसिबल नहीं रहे। आप कह रहे हैं जजी
  1544. 55:41इनके खिलाफ हो गया है। सारा माहौल इनके
  1545. 55:44खिलाफ एमएलसी इलेक्शंस होता है। झंडा गाड़
  1546. 55:46देती है बीजेपी। बैलेट पेपर से चुनाव
  1547. 55:48करवाइए। आप कहते रहते हैं। बैलेट से चुनाव
  1548. 55:50हुए वहां भी शून्य। मोदी जी लिख भी रहे
  1549. 55:52हैं। ये तो बैलेट से भी जीरो हैं।
  1550. 55:55लेकिन आपको ये पता है कि जो मोदी जी की
  1551. 55:58वाराणसी लोकसभा सीट है वहां से आप दोनों
  1552. 56:00सीटें हार गए हो।
  1553. 56:01आपको यह पता है कि जो आपका आरएसएस का हेड
  1554. 56:03क्वार्टर है नागपुर आप वहां से भी हार गई
  1555. 56:05है। बीजेपी प्रयागराज से भी हार गई है।
  1556. 56:08आगरा से भी हार गई है। ऐसे बहुत सारी
  1557. 56:11सीटें वो हार गई है। इन्होंने लिखने में
  1558. 56:13जल्दी कर दी। रिजल्ट का इंतजार नहीं किया।
  1559. 56:16पहली बात। दूसरी बात पीएम ने जो ट्वीट
  1560. 56:19किया है मोदी जी ने ये कहा है कि नहीं
  1561. 56:21बैलेट से भी हार गए हैं। ठीक है? दरअसल
  1562. 56:24दर्शकों को बताना ये बहुत जरूरी है कि तीन
  1563. 56:27चुनाव ऐसे हैं इस देश के राष्ट्रपति का
  1564. 56:30चुनाव, इस देश के में राज्यसभा का चुनाव
  1565. 56:34और विधान परिषद का चुनाव।
  1566. 56:35विधान परिषद हर राज्य में नहीं है। बहुत
  1567. 56:38कम राज्यों में है।
  1568. 56:38जी
  1569. 56:39जैसे हमारे यहां तो है ही नहीं। हरियाणा,
  1570. 56:41पंजाब, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल,
  1571. 56:44उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, मध्य
  1572. 56:47प्रदेश,
  1573. 56:49गुजरात यहां नहीं है विधान परिषद।
  1574. 56:51बिहार में है, महाराष्ट्र में है, यूपी
  1575. 56:53में है, ऐसे सिलेक्टिव राज्यों में है,
  1576. 56:55कर्नाटका में है। तो इनका इनके जो चुनाव
  1577. 56:58होते हैं राष्ट्रपति का, राज्यसभा का और
  1578. 57:02विधान परिषद का ये ईवीएम पे नहीं हो सकता।
  1579. 57:05इसका कारण क्या है कि इसमें प्रेफरेंस वोट
  1580. 57:08पड़ती है। प्रेफरेंस वन, प्रेफरेंस टू,
  1581. 57:10प्रेफरेंस थ्री।
  1582. 57:12तो आपने एक तो लोगों को झूठ बोला कि बैलेट
  1583. 57:15पेपर से भी हार गए। वो चुनाव बैलेट पेपर
  1584. 57:17पे ही होना था। हम
  1585. 57:18प्रधानमंत्री जी ट्रोल की तरह बिहेव कर
  1586. 57:20रहे थे और खाली उन्होंने नहीं हर
  1587. 57:23मुख्यमंत्री से ट्वीट कराए गए
  1588. 57:26हर मीडिया हाउस के मालिक से ट्वीट कराए गए
  1589. 57:28जी
  1590. 57:29ठीक है एक नरेटिव बिल्ड अप करने के लिए और
  1591. 57:31जब नागपुर सीट हार गए तो फिर महाराष्ट्र
  1592. 57:33के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने अपना
  1593. 57:35ट्वीट डिलीट कर लिया
  1594. 57:37हम
  1595. 57:37आप तो जीरो बोल रहे थे ना आप जब आप नागपुर
  1596. 57:40ही हार जा रहे हो
  1597. 57:41नागपुर
  1598. 57:42जब आप पीएम की का्स में ही हार रहे हो
  1599. 57:45और आप आप नरेटिव क्या बिल्ड अप कर रहे हो
  1600. 57:48कि बैलेट से कांग्रेस
  1601. 57:49चलो अच्छा इसका दूसरी बात इसका दूसरा पहलू
  1602. 57:51भी है। मैं उस पे आता हूं। इसका दूसरा
  1603. 57:53पहलू यह है कि जब आपको इतना विश्वास है कि
  1604. 57:57विपक्ष जो बैलेट पे हार रहा है तो आप कह
  1605. 57:59दो इस देश की जनता को कि अगला चुनाव जो
  1606. 58:02होगा वो बैलेट पे होगा।
  1607. 58:04इन लोगों को ईवीएम पे शक है ना।
  1608. 58:07शक ही दूर कर देते हैं।
  1609. 58:08कर देते हैं। मुझे भरोसा है अपनी
  1610. 58:10लोकप्रियता पे। अगला चुनाव बैलेट पे होगा।
  1611. 58:13मान जाओ।
  1612. 58:14हम
  1613. 58:14दिखा दो करके।
  1614. 58:16लेकिन एक नरेटिव बिल्ड अप करेंगे। उसमें
  1615. 58:18झूठ फरेब जोड़ेंगे फिर लोगों को लोगों को
  1616. 58:20भ्रमित करेंगे। मुझे लगता है कि कम से कम
  1617. 58:22इस देश के प्रधानमंत्री को ऐसा नहीं करना
  1618. 58:24चाहिए। वो एक उनको ही शुड बी एबल लाइक अ
  1619. 58:27स्टेट्समैन।
  1620. 58:28हम
  1621. 58:29आप झूठ मतलब ट्रोल की तरह बात कर रहे हो
  1622. 58:31आप।
  1623. 58:34तो मुझे वो देख के थोड़ी पीड़ा हुई। फिर
  1624. 58:35मैंने लिखा भी कि यार ये कोई बात है।
  1625. 58:38प्रेफरेंस की वोट ईवीएम पे कैसे पड़
  1626. 58:39जाएंगी? हम
  1627. 58:41है ही नहीं उसमें वो
  1628. 58:44हमेशा से अब अब याद होगा तुम्हें हर बारी
  1629. 58:47हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में क्या होता
  1630. 58:48है कागज पे कभी शाई लग जाती है कभी पेन
  1631. 58:52चेंज कर देते हैं क्यों होता है वो
  1632. 58:55क्योंकि वो बैलेट पे होता है
  1633. 58:56बैलेट पे होता है
  1634. 58:57प्रेफरेंशियल वोट है वो ईवीएम में पड़ी
  1635. 58:59ईवीएम में पढ़ नहीं सकते ना
  1636. 59:00बेसिक सेंस है कॉमन सेंस
  1637. 59:02लेकिन वो कॉमन सेंस लोगों में है तो नहीं
  1638. 59:04मीडिया हाउसेस के मालिक ट्वीट कर रहे हैं
  1639. 59:07तो ताली पीट रहे हैं
  1640. 59:11मुझे देख के हैरानी होती है कि ये लोग
  1641. 59:12अपने अंदर झागते नहीं है कि तुम लोग क्या
  1642. 59:14कर रहे हो?
  1643. 59:15देखिए क्यों नहीं झागते उसका जवाब ओम
  1644. 59:17प्रकाश राजभर ने दे दिया था। उनको लगता है
  1645. 59:19आम आदमी जो है वो अनपढ़ है। सुना था आपने
  1646. 59:22वो जवाब कैसे हार गए? तो पढ़े लिखे लोग
  1647. 59:25वोट देते हैं। पढ़े लिखे लोग बीजेपी
  1648. 59:28ग्रेजुएट कांस्टेंसी में आप इसलिए हार गई
  1649. 59:31बीजेपी के पढ़े लिखे वोट मत दे। लेकिन
  1650. 59:33राजभर जी गलत बोल गए। पढ़े लिखे वो जो लोग
  1651. 59:36हैं वो ज्यादा साथ हैं बीजेपी के। हम्।
  1652. 59:39वह सारे अंकल जो गवर्नमेंट जॉब्स में थे
  1653. 59:41कांग्रेस के टाइम पे और उनके टाइम की
  1654. 59:43पेंशन भी खा रहे हैं।
  1655. 59:44वह सारे
  1656. 59:46इनके साथ
  1657. 59:46उनको आप समझा नहीं सकते।
  1658. 59:48हां असल में।
  1659. 59:50हां। तो राजभर जी जो है ना वो अच्छे से
  1660. 59:51डिकोड नहीं कर पा रहे हैं समाज को।
  1661. 59:53पढ़े लिखे लोग वोट दे रहे हैं। राजभर जी
  1662. 59:54ज्यादा चिंता नहीं करने का।
  1663. 59:56आप ही का वोट बैंक करो।
  1664. 59:57आप ही का वोट बैंक।
  1665. 59:58जब तक आप भाजपा के साथ हो।
  1666. 59:59हां और भाजपा के साथ नहीं तो विकास नहीं।
  1667. 1:00:04ये तो खुद मोदी जी कहते हैं जब तक साथ
  1668. 1:00:07रहेगा तब तक विकास रहेगा। बहरहाल बहुत
  1669. 1:00:09सारे मुद्दों पे चर्चा हुई। यात्रा हमने
  1670. 1:00:10जैसे आपको बताई थी वैसे करने की कोशिश की।
  1671. 1:00:12मीटिंग में बैठने का मेरा मन तो था।
  1672. 1:00:14मीटिंग में बिठाया ही नहीं। आदेश जी ने
  1673. 1:00:16साफ-साफ मना कर दिया।
  1674. 1:00:17पूरी है। अब राहुल गांधी के साथ बैठ के
  1675. 1:00:19आपकी जो चर्चा हुई है अगर वो ये कहें कि
  1676. 1:00:22ठीक है भैया ये ऑन रिकॉर्ड है इसको आप यूज़
  1677. 1:00:23कर लो।
  1678. 1:00:24तो मैं कर लूंगा। अब उन्होंने कह दिया कि
  1679. 1:00:26नहीं ये ऑफ रिकॉर्ड है। इसके बारे में बात
  1680. 1:00:28नहीं करनी है। तो तुम क्या चाहते हो? वो
  1681. 1:00:30अगली बार मुझे बुलाए ना।
  1682. 1:00:31ना आप चाहे तो जाते रहे साहब। लेकिन अगली
  1683. 1:00:34बार जाए तो ऑन रिकॉर्ड भी कोई बात आ जाए
  1684. 1:00:36तो मजा रहेगा। बहरहाल कोशिश की हमने जो
  1685. 1:00:38समसामिक विषय हैं उसके बारे में चर्चा की
  1686. 1:00:41जाए। आदेश जी के इनसाइट्स आप तक पहुंचाए
  1687. 1:00:43जाए। पहुंचाने की कोशिश हमने की सुनी आपने
  1688. 1:00:45कैसी लगी? कुछ सुलझा रह गया हो तो आप बता
  1689. 1:00:48दीजिएगा लिख दीजिएगा। मणिपुर की का वादा
  1690. 1:00:50किया है आदेश जी ने। तो मणिपुर से रिलेटेड
  1691. 1:00:52कोई सवाल हो तो वो भी लिख दीजिएगा।
  1692. 1:00:54बहुत-बहुत शुक्रिया देखने के लिए और
  1693. 1:00:55बहुत-बहुत शुक्रिया आदेश जी।
  1694. 1:00:56थैंक यू जी।

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