Rahul Gandhi की रैली के ख़िलाफ़ BJP के व्यापारी और Godi Media! | Dekhi Jaayegi — Transcript
Full transcript
- 0:00अराजक हो गए राहुल गांधी। एक डेट अराजकता
- 0:03सेट जो चेंबर्स ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री है
- 0:05वह चिट्ठियां लिख रहा है कि भाई क्यों
- 0:06कारोबार चौपट कर रहे हो?
- 0:07एक रैली है 1 नवंबर की दिल्ली के रामलीला
- 0:10मैदान में। इसी रामलीला मैदान में अन्ना
- 0:12आंदोलन हुआ। तब कहां गया ट्रेड? क्योंकि
- 0:14तब लाभार्थी आप बन रहे थे तो तब तो आपको
- 0:16व्यापारी की याद नहीं आई। इतने क्यों
- 0:17घबराए हो एक रैली से?
- 0:18क्यों घबराए सर? राजदार की जब बात होती है
- 0:21सर। हरदीप पुरी अकेले राजदार तो नहीं
- 0:22होंगे। अभी तक जितने खुलासे एफसीन को लेके
- 0:26हुए हैं उसमें जो सबसे मेन नाम है वो यही
- 0:29नाम है। क्या पता पजल 16 यही हो।
- 0:31लेकिन अगर पज़ल 16 से इस तस्वीर का कोई
- 0:33जुड़ाव है तो आपकी बात सही होती है।
- 0:35नहीं इसकी कड़ी आगे जुड़ेगी।
- 0:37पता है कहां से जुड़ेगी? ट्रम्प के लिए 10
- 0:40मिनट का काम है हिंदुस्तान की राजनीति को
- 0:41बर्बाद करने में।
- 0:42हिंदुस्तान की राजनीति या मोदी की
- 0:44राजनीति?
- 0:47इनसाइडर्स कैसे डेवलप हो जाते हैं सर?
- 0:49खासतौर पे उस सरकार में जिस सरकार की सबसे
- 0:52बड़ी कैरेक्टरिस्टिक ही ब्यूरोक्रेसी पे
- 0:54कंट्रोल है।
- 0:54ऐसा पता कब होता है? आपका इकबाल घटने लगे।
- 0:57इकबाल जो खत्म हुआ क्या चुनाव ही उसका
- 0:59कारण है?
- 1:00मशीन रीडेबल डाटा नहीं दे सकते हम। पुराने
- 1:02रिकॉर्ड हम हटा देंगे। ईवीएम हम जला
- 1:04देंगे।
- 1:06राहुल गांधी कह रहे हैं क्रिमिनली
- 1:08डिस्ट्रॉय किया जा रहा है। निर्मला
- 1:10सीतारमण जवाब दे रही है कि भाई पॉलिटिसाइज
- 1:11मत किया करिए हर मामले को। क्यों कह रहे
- 1:13हैं राहुल गांधी ऐसा?
- 1:14टाटा के विधायकों की चोरी होगी। बेसिकली
- 1:16जो जो टाटा ट्रस्ट नहीं चाहता वो सारे काम
- 1:18टाटा सनंस में हो रहे हैं।
- 1:20बच पाएगा टाटा ज्ञानेश का मांगा जा रहा है
- 1:23इस्तीफा। राजदार की बात आपने की ज्ञानेश
- 1:26हटेंगे कैसे? ज्ञानेश तो पुरस्कृत होंगे।
- 1:28ऐसा नहीं है कि ज्ञानेश कुमार हटेंगे
- 1:30नहीं। देर सवेरे हटेंगे जरूर।
- 1:41नमस्कार दोस्तों, हमारे साप्ताहिक शो देखी
- 1:43जाएगी में आप सबका बहुत-बहुत स्वागत है।
- 1:45हमेशा की तरह हमारे कंसल्टिंग एडिटर आदेश
- 1:47रावल जी हमारे सामने बैठ चुके हैं।
- 1:49बहुत-बहुत स्वागत आदेश जी।
- 1:51थैंक यू जी।
- 1:51और एक एपिसोड के ब्रेक के बाद मैं वापस
- 1:54हूं। आप लोगों के संदेश मिले। आदेश जी का
- 1:56बड़ा शुक्रिया कि उन्होंने पहुंचाया आप तक
- 1:58कि मैं कहा था। बहरहाल शुरू करते हैं
- 2:01यात्रा करते हैं हम यात्रा इस बार भी
- 2:02होगी। एक मीटिंग में जाएंगे। जिस मीटिंग
- 2:04में आदेश जी तो गए थे। हम नहीं गए थे। तो
- 2:05आदेश जी बताएंगे मीटिंग में हुआ
- 2:07क्या-क्या? मीटिंग बहुत दिलचस्प है। तो
- 2:09उसके लिए तो आपको जुड़ना ही है। दूसरी बात
- 2:11यात्रा हम कर ही रहे हैं तो रामलीला मैदान
- 2:13की यात्रा करेंगे। रामलीला मैदान की
- 2:14यात्रा करेंगे तो चेंबर्स ऑफ़ ट्रेड एंड
- 2:16यूनियन में भी जाना पड़ेगा हमको। ट्रेड
- 2:18एंड इंडस्ट्री में भी कि वहां क्या चल रहा
- 2:19है? कौन से लोग चिट्ठी पत्री लिख रहे हैं।
- 2:22ज्ञानेश कुमार की बात नहीं होगी तो मामला
- 2:23खत्म कैसे होगा? आजकल तो जो भी चर्चा होगी
- 2:25ज्ञानेश जी की होगी। राज्यसभाओं में भी हम
- 2:28जाएंगे और एमएलसी इलेक्शंस के भी दौरे हम
- 2:30करेंगे और यात्रा करते-करते पहुंचेंगे देश
- 2:34के नमक के जरिए जिस नाम को हमने सुना था
- 2:37या हमारे बचपन में टाटा और बिरला होते थे
- 2:39अडानी अंबानी नहीं होते थे तो टाटा की भी
- 2:42बात होगी यहां पर क्रिमिनली डिस्ट्रॉय
- 2:44किया जा रहा है टाटा को राहुल गांधी कहते
- 2:46हैं निर्मला सीतारमण जवाब देती है बहुत
- 2:48कुछ हुआ है और सब कुछ ऐसा जिसके अंदर बहुत
- 2:51सारी खबरें हैं तो अंदर जितनी खबरें हैं
- 2:52आदेश जी बता ही देंगे तो शुरू करते हैं आप
- 2:55लोगों से गुजारिश यही अब सब्सक्राइब ना
- 2:56किया हो चैनल तो सब्सक्राइब कर लीजिएगा।
- 2:58आदेश जी शुरू करते हैं और शुरू कहां से
- 3:01करें यह तो बड़ा अजीब सा रहता है लेकिन
- 3:04शुरुआत उस मीटिंग से ही करते हैं साहब।
- 3:06राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष पत्रकारों से
- 3:09मिल रहे थे और कांग्रेस के नेता पत्रकारों
- 3:11से अगर मिले तो आदेश रावल का नाम तो होना
- 3:13ही बनता है। इतने सालों से आप
- 3:15कोई गारंटी नहीं होती।
- 3:18कार्यक्रमों में गारंटी नहीं होती।
- 3:19इवेंट्स में नहीं होती। वो तो कई बार
- 3:20बातचीत कर चुके हैं। लेकिन ऐसी जब
- 3:22पत्रकारीय मीटिंग होती है तो उसमें
- 3:24इनपुट्स तो आदेश जी के पास है तो गए थे आप
- 3:26मीटिंग में?
- 3:27हां, मैं गया था। बुलाया था।
- 3:28क्या रहा सर? कैसा रहा?
- 3:29देखिए क्या होता है राहुल गांधी समय-समय
- 3:31पे जो पत्रकार कांग्रेस बीट कवर करते हैं।
- 3:34कांग्रेस को सालों से कवर करते आ रहे हैं।
- 3:36उनसे इंटरेक्शन करते हैं।
- 3:37हम
- 3:38तो कल ये इंटरेक्शन था लगभग डेढ़ घंटे का।
- 3:42लेकिन उस मीटिंग के बारे में मैं कुछ बता
- 3:44नहीं पाऊंगा आपको। उससे मेरी मजबूरी यह है
- 3:47कि वह जो पूरी वार्तालाप होती है वह ऑफ
- 3:50रिकॉर्ड होती है। हम
- 3:51यानी उस मीटिंग की शर्त यह होती है कि उस
- 3:53उस मीटिंग में से हम कुछ भी कोट नहीं
- 3:56करेंगे बाहर। जो भी चर्चा होगी उसके अंदर
- 3:58थोड़ी बहुत तो
- 3:59नहीं नहीं कर सकते। मतलब
- 4:02आप समझ लो कि अगर ऐसा किया तो वो उल्लंघन
- 4:05होगा एक वादे का कि भाई हमने जो वायदा
- 4:09करके हम आपके पास बैठे हुए हैं आपसे बात
- 4:11कर रहे हैं अपनी बात कह रहे हैं उनकी बात
- 4:13सुन रहे हैं तो मुझे लगता है कि वो ठीक
- 4:16नहीं है।
- 4:17कल्पना के आधार पे भी नहीं कर सकते।
- 4:18नहीं कर सकते क्योंकि वो पता लग जाएगा कि
- 4:20कल कौन सी कल्पना किस तरफ जा रही है कवि
- 4:22की।
- 4:23चलिए
- 4:23तो इस मीटिंग की चर्चा नहीं हो सकती।
- 4:26मीटिंग जरूर हुई थी कल डेढ़ घंटे तक राहुल
- 4:28गांधी मिले पत्रकारों से जो लंबे समय से
- 4:31कांग्रेस बीट कवर कवर कर रहे हैं जो नए आए
- 4:33हैं रिपोर्टर्स उनके साथ भी तो ये जनरली
- 4:35हर पार्टी में होता है उधर अमित शाह जी
- 4:36मिलते हैं जो रिपोर्टर्स बीजेपी कवर करते
- 4:39हैं प्राइम मिनिस्टर वन टू वन मिलते हैं
- 4:42जिनसे मिलना होता है
- 4:44तो ये किसी भी पार्टी को कवर करने वाले
- 4:47पत्रकारों के लिए रूटीन है कि जब भी कोई
- 4:50बड़ा कार्यक्रम होता है या कुछ ऐसा ब्रीफ
- 4:53देना होता है तो लीडरशिप शिप मिलती है
- 4:56अपने-अपने हिसाब से तो उधर अमित शाह जी
- 4:58मिलते हैं। इधर राहुल गांधी जी मिले कल हम
- 5:01लोगों से।
- 5:01हम
- 5:02तो डेढ़ घंटे की बातचीत हुई लेकिन मैं
- 5:05उसमें से कुछ आपके साथ शेयर नहीं कर सकता।
- 5:07ये मेरी मजबूरी है।
- 5:08देखिए अब सर ने सबसे पहले ही बोल दिया।
- 5:10हालांकि बोलते आपको आदत की तो पता है
- 5:12लेकिन इस बार लग रहा है रिजेक्शन जो है वो
- 5:14दमदार है। अच्छा एक चीज तो बताइए सर कि
- 5:16मीटिंग जब हुई राहुल गांधी से तो शहजादे
- 5:18से मिले थे, राहुल बाबा से मिले थे या
- 5:21राहुल गांधी जी से मिले थे? अमित शाह जैसे
- 5:24कहते हैं अगर मैं कहूं
- 5:26नहीं नहीं राहुल गांधी से मिले थे और वो
- 5:28तो अब वो भी नहीं कहते अब तो अमित शाह भी
- 5:31नहीं कहते शहजादा या
- 5:32जो भी वो बोलते थे क्योंकि एक एक नैरेटिव
- 5:36बड़ा फास्ट चला है इस देश में कि जो जिसको
- 5:40आप शहजादा कहते हो वो तो सड़क पे घूम रहा
- 5:42है टीशर्ट और कारगो पहन के और जिसको आप
- 5:45कहते हो कि वो गरीब है वो चाय बेचने वाला
- 5:47है वो चल रहा है 8000 करोड़ के जहाज में
- 5:50और दिन में पांच ड्रेस चेंज करके तो मुझे
- 5:52लगता है कि अब जो वह नैरेटिव था वह राहुल
- 5:54गांधी पे चिपकता नहीं है।
- 5:56जिस तरीके से पहले करते थे और उसमें एक
- 5:58बहुत महत्वपूर्ण योगदान है उस भारत जोड़ो
- 6:01यात्रा का जिसमें उनकी जो छवि थी वो बाहर
- 6:04निकल के आई जो असली व्यक्ति थे और जिस
- 6:07तरीके से उनका प्रोजेक्ट किया गया था
- 6:09मीडिया सोशल मीडिया आईटी सेल के जरिए तो
- 6:14अब अब वो चीजें इतनी आसानी से चिपकती नहीं
- 6:16है। वो सिर्फ बीजेपी के इकोसिस्टम में
- 6:18रहती हैं कि विदेश चले गए विदेश चले गए और
- 6:22शहजादा कह दिया, राजा कह दिया या जो भी
- 6:25उनको कहना होता है। अब वो जो पहले वो
- 6:28ट्रेवल करती थी चीजें
- 6:30दूर तक अब वो सिर्फ बीजेपी के इकोसिस्टम
- 6:33में घूम के और वहीं मर जाती हैं वो उसे
- 6:36बाहर जा नहीं पाती।
- 6:36लोड नहीं ले रहे लोग अब
- 6:39चलिए सर लोड नहीं ले रहे। आपने एक जिक्र
- 6:42किया कि भारत जोड़ो यात्रा ने काफी
- 6:44तब्दीली की।
- 6:45एक चीज ये भी है भारत जोड़ो यात्रा के
- 6:47अराजक हो गए राहुल गांधी। देखिए हमारी
- 6:50फ्रेटरनिटी के एक एंकर है वो लिख रही है
- 6:52एक डेट एक एक डेट अराजकता सेट
- 6:56जो चेंबर्स ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री है वो
- 6:58चिट्ठियां लिख रहा है कि भाई क्यों
- 6:59कारोबार चौपट कर रहे हो क्यों हमें मार
- 7:01रहे हो मत करो ये सब तो अराजकता बढ़ा रहे
- 7:04हैं क्या राहुल गांधी
- 7:05भाई
- 7:07एक रैली है
- 7:08हम
- 7:091 नवंबर की दिल्ली के रामलीला मैदान में
- 7:12विपक्ष ने रैली बुलाई है मतलब बेसिकली
- 7:14कांग्रेस ने बुलाई है और कांग्रेस की
- 7:15कोशिश ये है कि इस रैली को उनको बहुत बड़ा
- 7:17करना है
- 7:18हम
- 7:19मेरा ऐसा अनुमान है कि एक दिन पहले ही कम
- 7:21से कम 20 30 हजार लोग दिल्ली में आके ठहर
- 7:24जाएंगे रात को और 1 लाख से ज्यादा की भीड़
- 7:27होनी चाहिए। अच्छा
- 7:29इतनी उस उस इस तरीके से मतलब व्यापक
- 7:33अरेंजमेंट्स और प्लानिंग की गई है। पंजाब
- 7:35से, हरियाणा से, वेस्टर्न यूपी से,
- 7:37राजस्थान से, दिल्ली से, मध्य प्रदेश से
- 7:40तेलंगाना तक से लोग आ रहे हैं।
- 7:41अक्रॉस
- 7:42हां अक्रॉस और सबकी विधायकों को, सांसदों
- 7:45को, कार्यकर्ताओं को जो भी ऑफिस बियरर्स
- 7:47हैं उनको और उसके अलावा एक टारगेट दिया
- 7:50गया है जो जितनी मेंबर ऑफ पार्लियामेंट जो
- 7:52दिल्ली से सटे हुए हैं उनको कहा गया है कि
- 7:54आप कम से कम 18 से 20,000 लोग लेके आइए।
- 7:57जो उसके पीछे हैं थोड़ा सा और पीछे हैं
- 7:59उनको और अलग टारगेट है। विधायकों का अलग
- 8:01टारगेट है। पार्लियामेंट के हिसाब से
- 8:02टारगेट दिए गए हैं। दिल्ली से स्पेशल
- 8:05ऑब्जर्वर भेजे गए हैं।
- 8:07हम
- 8:07पार्लियामेंट के लिहाज से कि एक
- 8:08पार्लियामेंट से एक ऑब्जर्वर जो एआईसीसी
- 8:10ने भेजा है
- 8:11और वो जाके वहां उन तैयारियों को देखेगा।
- 8:14यानी दिल्ली लीडरशिप की देखरेख में
- 8:17वेणुगोपाल की देखरेख में
- 8:20वो लोग गए हैं और वो रिपोर्ट देंगे कि इस
- 8:22जिले से इस पार्लियामेंट से इस विधानसभा
- 8:25से इतने लोग इतनी गाड़ी हमने यहां से
- 8:28भेजी हैं। तो बहुत निगरानी रखी जा रही है।
- 8:31मतलब जैसे वार सेट होता है वैसा
- 8:33निगरानी रखी जा रही है। तैयारी देखी जा
- 8:35रही है और इसमें कोई डील नहीं बरत रहे
- 8:38पहली बार। हम
- 8:39यानी एक बड़ा मैसेज देने की कोशिश है। अब
- 8:42आता हूं मैं आपकी बात पे।
- 8:43ट्रेड
- 8:44अराजकता ट्रेड
- 8:46देखिए अ
- 8:49सितंबर में तीन दिन का ब्रिक्स समिट हुआ
- 8:52हम
- 8:53जबकि वो भारत मंडप में हुआ था और वो एक
- 8:55अलग जगह है। और आपने तीन से चार दिन के
- 8:58लिए पूरी नई दिल्ली को बंद कर दिया।
- 9:02रे पटरी वाले तक भी जो चाय बेचते हैं जो
- 9:05वो पान सिगरेट जूस जो भी जितने लोग नई
- 9:08दिल्ली में बैठते हैं आपने सबको क्लोज कर
- 9:10दिया चार दिन के लिए तब आपको ट्रेड की याद
- 9:14नहीं आई व्यापारियों की याद नहीं आई आपको
- 9:17अब आता हूं दूसरी बात पे जिस दिन सीजेपी
- 9:20का प्रोटेस्ट था आपने रेल मेट्रो मार्केट
- 9:24सब बंद कर दिया
- 9:25तब व्यापारी कहां गए थे अब आपको ले चलता
- 9:29हूं इससे भी पहले
- 9:31इसी रामलीला मैदान में अन्ना आंदोलन हुआ
- 9:34हम
- 9:35महीनों चला था महीनों राइट
- 9:38तब कहां गया ट्रेड क्योंकि तब लाभार्थी आप
- 9:41बन रहे थे तो तब तो आपको व्यापारी की याद
- 9:43नहीं आई
- 9:44हम
- 9:44और ये जो चिट्ठी लिख रहे हैं ना ये ये पता
- 9:46कौन है सब ये जो प्रवीण खंडेलवाल एक आदमी
- 9:49है इनके जो व्यापार मंडल संभालते हैं पूरा
- 9:51पूरा चांदनी चौक का ये इन्हीं के लोग हैं
- 9:54हम
- 9:54और कांग्रेस इस बात की चिंता ही नहीं कर
- 9:56रही है वो जानते हैं कि ये लोग कौन है
- 9:59इनकी चिट्ठी इसका मकसद क्या है? अच्छा
- 10:02इसका इसका दूसरा पहलू भी तो है।
- 10:03इतने लोग आएंगे अगर वो चांदनी चौक से या
- 10:06सदर बाजार से या कश्मीरी गेट से या करोल
- 10:09बाग से कहीं कुछ शॉपिंग ही कर लें।
- 10:12हां
- 10:12ये पहलू भी तो हो सकता है इसका।
- 10:13बल्कि प्रोटेस्ट होते थे तो हम लोग जब
- 10:15जाते थे किसी रेडी वाले के पास आज तो मजे
- 10:17भाई आज तो खूब बिक्री हो रही है। कह रहा
- 10:18हां साहब
- 10:19तो इसका इसका ये थोड़ी है कि कोई लूटपाट
- 10:21करने आ रहा है वहां। दूसरा आपने ब्रिक्स
- 10:24समिट में तीन दिन नई दिल्ली बंद कर दी।
- 10:26आपने सीजेपी का प्रोटेस्ट भी बंद कर दी।
- 10:28अन्ना के आंदोलन में रामदेव वहां जाके बैठ
- 10:31गए थे जब रात को उठाया गया था चर्चा हमने
- 10:33पहले भी की थी
- 10:34तब आपको व्यापार की याद नहीं आई ये कुछ
- 10:36घंटों की रैली है यानी दोपहर में लोग
- 10:40इकट्ठे होंगे विपक्ष के जो नेता है वो
- 10:43अपना भाषण देंगे अब इतने क्यों घबराए हो
- 10:46आप एक रैली से
- 10:48क्यों घबराए सर
- 10:48क्या विपक्ष नहीं क्या विपक्ष अपनी बात
- 10:51कहना भी छोड़ दें
- 10:54ये क्या चाहते हैं कि राहुल गांधी यह कहे
- 10:55कि देखो तीन कार्यकाल में मोदी जी ने बड़ा
- 10:58कमाल कर दिया है
- 10:59और 2047 तक मैं नेता प्रतिपक्ष ही रहूंगा।
- 11:03सरकार बहुत बढ़िया काम कर रही है और अगले
- 11:05पीएम अमित शाह जी होंगे।
- 11:07हम
- 11:07क्या ये ये इसकी संभावना है क्या? विपक्ष
- 11:09ये बात कहेगा। विपक्ष का काम है सरकार की
- 11:12आलोचना करना। उसकी नीतियों की आलोचना
- 11:14करना। जो देश में गलत हो रहा है वो बताना।
- 11:16महंगाई कहां पहुंच गई है? बेरोजगारी कहां
- 11:17पहुंच गई है? वोट चोरी में क्या हो रहा
- 11:19है? पेपर लीक में क्या हो रहा है? ये काम
- 11:21है विपक्ष का। चेंज करवाना।
- 11:23इवन इवन मीडिया का भी काम है ये। वो तो
- 11:25अपना काम नहीं कर रहे हैं।
- 11:27विपक्ष तो करें कम से कम।
- 11:29अब अब महंगाई की बात आ गई। एक बड़ा
- 11:32इंटरेस्टिंग वो बताता हूं। फैक्ट जो मेरे
- 11:33साथ घटना घटी। मैं पिछले हफ्ते गांव गया
- 11:36तो वापस आ रहा था। तो रास्ते में ना एक
- 11:38मन्नत हवेली पड़ती है।
- 11:39हां।
- 11:39तो मैं वहां रुक गया।
- 11:4274 का एक ब्रेड पकौड़ा।
- 11:44₹74 का।
- 11:4574 ₹18 की एक लस्सी।
- 11:49आई थिंक शेरनी के दूध की होगी।
- 11:52₹74 का। अगर आप जब बल्क में स्त्री का आप
- 11:56प्रोडक्शन करते हो आपकी ₹1 भी कॉस्ट नहीं
- 11:58आती। कोई देखने वाला ही नहीं है।
- 12:02कोई फूड कंट्रोल, कोई फलाना कंट्रोल, कोई
- 12:04सरकार का कंट्रोल कितनी चीजें होती होंगी।
- 12:07स्टेट गवर्नमेंट की भी भाई साहब मैं देख
- 12:09के पागल हो गया।
- 12:11₹168 की लस्सी हरियाणा वाले।
- 12:13हरियाणा वाले पी रहे हैं। और ब्रेड पकौड़ा,
- 12:16₹74 का। ओ भाई साहब, कहां? हां, वापस
- 12:20लौटते हैं। छोड़ो।
- 12:21अमीर लोग, अमीर रेस्टोरेंट। नहीं मन्नत
- 12:24हवेली उसकी चैन है वहां पे वो लड़का है
- 12:26विधायक है वो ग्नौर का
- 12:28पहले कांग्रेस में होता था देवेंद्र
- 12:29काद्यान
- 12:30जी देवेंद्र काद
- 12:30उसकी है वो
- 12:31वो पूरा चैन ही है वो
- 12:33मैंने कहा भाई ऑलरेडी विधायक हो इतना कमा
- 12:35रहे हो जनता क्यों इतना लूट रहे हो
- 12:38ठीक
- 12:39तुम ही कर दो एहसान
- 12:40थोड़ा सा तुम ही एहसान कर दो
- 12:42कुछ सोचो यार जनता के बारे में जनता ने
- 12:44तुम्हें चुना है मतलब गदर काट रखा है यार
- 12:47और सरकार देखो ना क्या क्या कंट्रोल है
- 12:50गवर्नमेंट का
- 12:52जनता जनता लूट रही है। मजा आ रहा है।
- 12:54जनता खुश भी है ना? जनता आवाज उठाए तब और
- 12:57पहली बार ₹4 के ब्रेड पकोड़े पे आपने बात
- 12:59की है। मुझे लगता है ये बात दूर तक जाएगी
- 13:01और जो जो इस तरह की परेशानी हर राज्य में
- 13:04होगी। अलग-अलग मन्नत हवेलियां होंगी। आप
- 13:07जाहिर भी करिएगा अगर है तो।
- 13:08हां। तो हम बात वापस हम कहां थे? राजस्थान
- 13:11इंडस्ट्री इंडस्ट्री पे। इसकी कोई परवाह
- 13:13विपक्षी पार्टियां नहीं कर रही हैं।
- 13:15जितनी मर्जी चिट्ठी लिख लें। इनको उल्टा
- 13:17फायदा हो रहा है। इनका प्रचार हो रहा है।
- 13:19इनकी इनकी इन चिट्ठियों से जब ये चिट्ठी
- 13:22लिखते हैं तो खबर चलती है। और जब खुद
- 13:25बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन
- 13:27वो जा रहे हैं चांदनी चौक में ट्रेडर्स के
- 13:29पास यात्रा निकाल रहे हैं इतना नुकसान
- 13:31नहीं होगा ट्रेडर्स का।
- 13:33मतलब पता है क्या है इनका? तुम्हारा
- 13:34कुत्ता कुत्ता हमारा कुत्ता टॉमी
- 13:37कमाल है यार।
- 13:39रैली करना विपक्ष का अधिकार है। संविधान
- 13:42ने दिया है। लोकतांत्रिक देश है।
- 13:45जी।
- 13:46ठीक है।
- 13:48तो मुझे समझ नहीं आता कि अननेसेसरी इतना
- 13:50क्यों एक रैली से घबराए हुए हैं। ये कुछ
- 13:52नहीं होता यार। लोग आएंगे अपनी बात ये
- 13:54अपनी बात कहेंगे वो सुनेंगे अपने घर चले
- 13:56जाएंगे।
- 13:57रैली से घबराहट इस कारण भी तो हो सकती है
- 13:59ना कि भ रैली से पहले आप प्रेजेंटेशन रैली
- 14:01से पहले तो क्या पूरे आंदोलन से पहले अगर
- 14:03आप प्रेजेंटेशन दे देते हैं दिखा देते
- 14:04हैं। फिर आप कहते हैं नींद नहीं आने
- 14:06दूंगा। छ महीने में आप देख लेना क्या हालत
- 14:08हो जाएगी। मेरे पास वो जानकारी है और मेरे
- 14:11पास जो जानकारी है वो जानकारी मोदी के भी
- 14:14ज्ञान कुमार ज्ञानेश कुमार आजकल सोते नहीं
- 14:16है
- 14:16और मेरे पास वो सब है जिससे जो नहीं जो
- 14:22मेरे पास है वो मोदी जी को पता है
- 14:24कि मेरे पास है
- 14:25मेरे पास है
- 14:27इसलिए मुझसे नजर नहीं मिला पाते
- 14:29इसलिए घबराहट तो होती
- 14:30घबराहट भी होती होगी तो नेचुरल है लेकिन
- 14:33इस घबराहट का मैंने जो नमूना देखा है हम
- 14:38इस बार वो था हरदीप पुरी की राज्यसभा में
- 14:42हम
- 14:43उत्तर प्रदेश से आपने उनको राज्यसभा नहीं
- 14:45भेजा उस दिन क्लियर कट ये मैसेज था कि अब
- 14:48जो अपकमिंग कैबिनेट ऋषफल है उसमें हरदीप
- 14:51पुरी साहब को ड्रॉप कर देंगे पेट्रोलियम
- 14:52मिनिस्टर और उसका उसका बड़ा कारण अस्यूम
- 14:55कर रहे थे कि एस्टीन फाइल्स हो सकता है
- 14:58हम
- 14:58लेकिन जब 21 अक्टूबर को मार्को रूबियो आए
- 15:03और वो फोटो वो पहले रिलीज की थी या बाद
- 15:06में रिलीज हुई एक अलग विषय है। लेकिन जब
- 15:07वो फोटो आई पब्लिक डोमेन में उसके बाद
- 15:12उसके कुछ ही दिनों बाद
- 15:16मुर्गन जी का इस्तीफा होता है
- 15:18जी
- 15:19और वो मध्य प्रदेश के सांसद थे
- 15:22और फिर रिवॉर्ड दिया जाता है हरदीप पुरी
- 15:24साहब को
- 15:25हम
- 15:25कि क्योंकि आपकी एस्टीिन के साथ फोटो आई
- 15:28है जिसने जो मासूम बच्चों का शोषण करता था
- 15:32इसलिए हम आपको राज्यसभा भेजते हैं हम
- 15:34और आपका मंत्रालय भी पक्का है
- 15:36आपको कोई नहीं छेड़ करेगा।
- 15:39नैतिकता नाम की चीज नहीं बची हिंदुस्तान
- 15:41की राजनीति में।
- 15:42मैंने आपका ट्वीट भी मैंने पढ़ा। आपने इस
- 15:43बारे में लिखा भी था। अच्छा हम लोग जब
- 15:45बड़े हो रहे थे तो हम लाल बहादुर शास्त्री
- 15:47के किस्से हमने पढ़े कि भाई रेल हादसा हो
- 15:49गया। रेल मंत्री थे। इस्तीफा दे दिया।
- 15:51एक बात समझाइए मतलब हरदीप पुरी जैसे
- 15:54व्यक्ति जो लगातार झूठ बोलते रहे। जब पहली
- 15:56बार जिक्र हुआ तब भी कि नहीं नहीं मैं
- 15:58जानता ही नहीं कोई संबंध नहीं।
- 15:5911 फरवरी 2026
- 16:01हम
- 16:01इन्होंने कहा कि मैं डेलीगेशन में मिला था
- 16:04एफसीन से। वो झूठ था। इस फोटो ने साबित कर
- 16:08दिया कि नहीं आप व्यक्तिगत रूप से वन टू
- 16:10वन मिले थे एस्टीन के साथ जाफरी एस्टीन से
- 16:13पूरा बताना जरूरी है कि जो बच्चों का छोटे
- 16:17बच्चों का नाबालिक बच्चियों का शोषण करता
- 16:20था कन्विक्टेड था।
- 16:22हम
- 16:23और जिस-जिस के साथ उसका नाम और फोटो आई है
- 16:26पूरे वर्ल्ड में वहां उन सबके इस्तीफे
- 16:28हुए। उन्हें अपने पद छोड़ने पड़े।
- 16:30हमारे यहां पद की शोभा बढ़ाई जा रही है कि
- 16:33आपको वापस हम राज्यसभा देंगे। आप मंत्री
- 16:35बने रहेंगे क्योंकि आपकी फोटो जैफरीन के
- 16:38साथ आई है।
- 16:39क्यों होता है सर ऐसा?
- 16:40राजदार है।
- 16:43राजदार ऑफ़ नरेंद्र मोदी।
- 16:44सब जानता है। कौन मिला उससे? क्या मिला और
- 16:47और क्या-क्या उनके पास है? सब पता है
- 16:49उनको।
- 16:52देखो राजनीति में क्या होता है? ये सिर्फ
- 16:55मैं इस एक स्पेसिफिक केस की बात नहीं कर
- 16:57रहा हूं।
- 16:58राजधों को इतनी जल्दी कोई भी सत्ता हो या
- 17:02विपक्ष हो बाहर नहीं करता है।
- 17:05इनको यह लगा था कि एस्टीन ठंडा हो गया है।
- 17:07हम
- 17:08तो इसके राज रिपीट नहीं की। अब जब वो फोटो
- 17:11बाहर आई तो इनको रिपीट करनी पड़ गई कि
- 17:13इनको इनको नहीं पता ना कि उसमें आगे क्या
- 17:15आने वाला है।
- 17:16हम
- 17:18मेरा मैं ऐसा सोचता हूं कि वो जो फोटो थी
- 17:22उसके उसको अगर मैं डिकोड करने की कोशिश
- 17:24करूं तो उसका ये था कि बानगी भर है।
- 17:26हम
- 17:27पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त।
- 17:29ट्रेलर है केवल।
- 17:30आपने राजदार शब्द का प्रयोग किया है।
- 17:33राजदार जब आप सत्ता में होते हैं खासतौर
- 17:35पे सत्ता छोड़ दीजिए। जब हम जीवन जी रहे
- 17:37होते हैं तो बहुत सारे हमारे राजदार
- 17:38नाम लेके बात मत करना। नोटिस आ जाएगा
- 17:41डेफिनेशन का।
- 17:42नहीं नहीं
- 17:42ये पहले बता रहा हूं।
- 17:43नाम नहीं ले रहा हूं मैं। इसीलिए मैं
- 17:45फ्रेम उस तरीके से कर रहा हूं।
- 17:46आजकल और आजकल बहुत बड़े-बड़े लोग नोटिस
- 17:48भेज रहे हैं।
- 17:49हां उनसे
- 17:50उनको नमस्ते ही बोल सकते हैं। लड़ नहीं
- 17:51पाएंगे।
- 17:52लड़ नहीं पाएंगे। बोल पाएंगे लड़ नहीं
- 17:54पाएंगे।
- 17:55चलिए खैर लड़ते भी रहेंगे। ऐसी कोई बात
- 17:56नहीं है। राजदार की जो बात होती है ना सर
- 17:58जैसे स्कूल में हमारे बहुत राजदार होते
- 18:00हैं। कॉलेज में हमारे बहुत राजदार होते
- 18:02हैं। प्रोफेशन में बहुत राजदार होते हैं।
- 18:03तो हरदीप पुरी अकेले राजदार तो नहीं
- 18:05होंगे। तो जैसे हरदीप पुरी बचाए जा रहे
- 18:07हैं या पुरस्कृत किए जा रहे हैं। क्या
- 18:09आपको लगता है ऐसे सीरीज ऑफ लोग होंगे
- 18:11जिनको पुरस्कृत किया जाता हो? अधिकारी हो
- 18:13सकता है। नेता हो सकते हैं।
- 18:14नहीं अभी तक जितने खुलासे एफस्टीन को लेके
- 18:17हुए हैं। उसमें जो सबसे मेन नाम है वो यही
- 18:21नाम है।
- 18:22हम
- 18:23आप स्टार्टिंग से देख लो। यह पूरा साल इसी
- 18:25में आता चला गया है। एक ही नाम अभी तक
- 18:29बाहर आया है कि जो जिनकी व्यक्तिगत
- 18:32मुलाकात की फोटो उनके साथ सामने आई है।
- 18:34पब्लिक डोमेन में आ गई है। अब वो सबको पता
- 18:36है कि वो फोटो है।
- 18:38तो अभी तक हमें यह नहीं पता है कि इसके
- 18:41बाद क्या होगा और मैंने पिछले शो में कहा
- 18:43था निवेदिता को क्या पता पद 16 यही हो। हम
- 18:49क्या पता
- 18:50ठीक बात है
- 18:51और कई बार नेता प्रतिपक्ष ये बात बोल भी
- 18:53चुके हैं हम
- 18:55कि मेरे पास सब कुछ है उन्होंने क्यों कहा
- 18:58था पार्लियामेंट में कि पजल 16 को सॉल्व
- 19:02कर लो सब जवाब मिल जाएंगे कि अमेरिका के
- 19:04दबाव में क्यों है
- 19:05यही कहा था ना
- 19:06यही कहा था
- 19:08तो हो सकता है उनके पास भी वो सब जानकारी
- 19:11है
- 19:11लेकिन अगर पजल सक्सेस से इस तस्वीर का कोई
- 19:13जुड़ाव है तो आपकी बात सही होती है केवल
- 19:15ट्रेलर है
- 19:16हां क्योंकि इसमें बड़ा स्पष्ट
- 19:17नहीं इसकी कड़ी आगे जुड़ेगी।
- 19:19हम
- 19:20पता है कहां से जुड़ेगी?
- 19:23कहां से सर?
- 19:24ट्रेड से। यूएस
- 19:26ट्रेड डील
- 19:27ट्रेड डील कैसे जुड़ेगी?
- 19:31ये जुड़ेगी कि जब अमेरिका के दबाव में
- 19:34सरकार अगर
- 19:36एग्रीकल्चर सेक्टर खोल देगी हिंदुस्तान का
- 19:39तो मैं चीजें रिपीट नहीं करता हूं। जनरली
- 19:42मैंने लास्ट शो में ये बात कह दी थी।
- 19:44लेकिन इससे चीजें जुड़ जाएंगी। हम
- 19:47अगर यह फोटो तक आकर रुक जाती है और ट्रेड
- 19:50डील हो जाती है तो आप समझना कि यही पजल 16
- 19:53है।
- 19:54हम
- 19:56और फिर आगे और भी चीजें फिर बाकी रहेंगी
- 19:58क्योंकि आप एक बार जो
- 20:00वो तो स्क्रू टाइट करते हैं ना वो।
- 20:01हम
- 20:02उनको जब आगे इसके बाद जब जरूरत पड़ेगी तब
- 20:04वो
- 20:05तो थोड़ी सी चूड़ी और टाइट कर
- 20:06वो टाइट कर देंगे।
- 20:08अच्छा बदले में क्या कह रहे हैं वो? ऐसा
- 20:10नहीं है कि वो सिर्फ इसी से काम चला रहे
- 20:11हैं। वो ये कह रहे हैं कि अगर आपने हमारे
- 20:13साथ ये डील नहीं की तो हम हम जो एआई का जो
- 20:16सिस्टम है ना हम
- 20:17भाई एआई की टेक्नोलॉजी तो उन्हीं के पास
- 20:18है ना वो देंगे नहीं आपको। उन्होंने मना
- 20:20कर दिया
- 20:22हम
- 20:23तो आप टेक्नोलॉजिकली पिछड़ जाएंगे जो आप
- 20:25अफोर्ड नहीं कर सकते।
- 20:26और वो सब उनके पास है।
- 20:27चाहे जीपीटी हो ये हो एंथ्रोपिक हो जो भी
- 20:30है।
- 20:31जी
- 20:31आज तो तीन ही कंपनी है।
- 20:32हम
- 20:34तो वो सब तो उनके पास है ना। वो वाला तार
- 20:36काट देंगे वो।
- 20:38वो तो वो कैंची लेके बैठे हुए हैं। तार
- 20:41उनके सामने है। जो चाहेंगे वो काट देंगे।
- 20:42जब आप यह बात कह रहे हैं अचानक से ट्रंप
- 20:44साहब मेरे ज़हन में आते हैं
- 20:46कैड नॉट वांट टू डिस्ट्रॉय
- 20:48माय फ्रेंड्स करियर।
- 20:49माय फ्रेंड्स पॉलिटिकल करियर। हम्
- 20:51तो इस बात में और दम दिख रहा है फिर तो
- 20:54लगता है ऐसा
- 20:57और जो प्रमाण हैं जो साक्ष्य हैं आपके
- 21:01सामने मेरे सामने इस देश के सामने वो इस
- 21:04बात की तस्दीक करते हैं कि हां
- 21:07वो जो कह रहा है वो सही है
- 21:11और विपक्ष के कई नेता ये बात जानते भी हैं
- 21:13और बोलते भी हैं बंद कमरों में कि ट्रंप
- 21:16के लिए आई थिंक 10 मिनट का काम है
- 21:20हिंदुस्तान की राजनीति को बर्बाद करने
- 21:22में, बर्बाद करने में या एक्सपोज करने में
- 21:24या मुखौटा उतारने में
- 21:27ये बात मैंने कई जगह सुनी है।
- 21:29इसे क्या आप दुरुस्त करेंगे? मैं एक
- 21:30पेट्रियोटिक होते हुए ये बात कह रहा हूं
- 21:33आपसे। हिंदुस्तान की राजनीति या मोदी की
- 21:35राजनीति?
- 21:37देश की राजनीति, सत्ता की राजनीति, सत्ता
- 21:41पक्ष की राजनीति उसको डिस्ट्रॉय करने में
- 21:44उसको टाइम नहीं लगेगा।
- 21:46है उसके पास चाबी। बड़ी चाबी है।
- 21:51एक एक ही चोर चाबी है वो।
- 21:54एक चाबी से सारे ताले खुल जाएंगे।
- 21:59वो एक शो आता था ना खुल जा सिम सिम
- 22:01तो वो वाली चाबी है जो तमाम पेटियों
- 22:04वो जो वो जो एक ही चाबी बनाई है उन्होंने
- 22:06मास्टर की
- 22:08जो सब तालों में फिट हो जाएगी।
- 22:11और यह मैं नहीं कहता हूं। विपक्ष के कई
- 22:14सारे नेता बंद कमरों में कहते हैं।
- 22:15आप जब चाबी की बात
- 22:17बाहर तो नहीं बोल पाते वो लेकिन बंद कमरों
- 22:18में कहते हैं।
- 22:19आप जब चाबी
- 22:20बाहर बोलने वाला एक ही आदमी है जो ब्लंटली
- 22:21बोल देता है।
- 22:22वो राहुल गांधी है।
- 22:24लेकिन उन्होंने अभी तक नहीं कही है।
- 22:26जिससे व्यापार में नुकसान हो सकता है। वो
- 22:28बाहर बोल रहे हैं। आप चाबी की बात कर रहे
- 22:30हो ना तो एक चाबी देखिए नरेंद्र मोदी के
- 22:31पास भी ऐसा आरोप लगता है। वो चाबी है
- 22:34चुनाव जीतने की चाबी।
- 22:35और वो चाबी उन्होंने रखा हुआ है ज्ञानेश
- 22:37जी के पास। यह भी आरोप ही लगता है।
- 22:39पुरस्कृत हुए हैं हरदीप पुरी साहब।
- 22:41ज्ञानेश का मांगा जा रहा है इस्तीफा।
- 22:44राजदार की बात आपने की।
- 22:46अगर वोट चोरी हुई है, अगर आरोप सही है
- 22:48आदेश जी तो ज्ञानेश भी तो राजदार होंगे।
- 22:51हम
- 22:51तो ज्ञानेश हटेंगे कैसे? ज्ञानेश तो
- 22:54पुरस्कृत होंगे।
- 22:54देखिए आज की परिस्थिति में ये कोई नहीं
- 22:56मान सकता कि ज्ञानेश कुमार हटेंगे। हम
- 22:58किसी को नहीं लग रहा है। किसी को भी नहीं
- 23:01लग रहा है। लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि अह
- 23:04देर सवेेर चुनाव आयोग के भीतर से और
- 23:07ज्यादा खुलासे होंगे।
- 23:09जिस तरीके से ये लास्ट वाला खुलासा हुआ
- 23:11था। जिसमें चुनाव आयोग ने जो एफिडेविट
- 23:15दिया है सुप्रीम कोर्ट में उसमें यह कहा
- 23:17है कि नहीं तीनों चुनाव आयुक्तों के
- 23:19सर्वसम्मति से लिए गए फैसले हैं। लेकिन
- 23:22इसमें और कड़ियां जुड़ेंग आगे चलके
- 23:25और विपक्ष के पास इनफ
- 23:28प्रूफ है जो इस स्टोरी को आगे बढ़ा सके।
- 23:32इस बार एक्सप्रेस था अगली बार कोई और हो
- 23:35सकता है। हम
- 23:37ठीक है। लेकिन ऐसा नहीं है कि ज्ञानेश
- 23:39कुमार हटेंगे नहीं। देर सवेरे है। हटेंगे
- 23:42जरूर।
- 23:43लेकिन फिर वो राजदार वाला जो एक लॉजिक आता
- 23:45है वो तो खत्म हो जाएगा ना उस केस से। अब
- 23:47क्या होगा?
- 23:48उसके उस क्या ये आखिरी पोस्टिंग है सरकार
- 23:50में या इसके बाद पद नहीं है।
- 23:52हम
- 23:54गवर्नर हैं, एंबेसडर हैं। कितने और पद
- 23:57हैं? हम
- 23:57और कितने लोगों को दिए गए जिनको रिवॉर्ड
- 24:00दिए गए जो लॉयलिस्ट थे हम
- 24:02नहीं दिए गए क्या ज्ञानेश कुमार पहले ही
- 24:05है बेचारे
- 24:08तो ये कोई ऐसा नहीं है कि भाई इसके बाद
- 24:11उनको छोड़ देंगे छोड़ेंगे नहीं रखेंगे
- 24:13संभाल के
- 24:14थामे
- 24:15राजदार छोड़े नहीं जाते
- 24:16कार्यकर्ता छोड़ दिए जाते हैं सोशल मीडिया
- 24:19ट्रोल छोड़ दिए जाते हैं
- 24:20वो तो वो तो उनका तो काम यही है
- 24:22जैसे कई सोशल मीडिया ट्रोल तो बिलबिलाने
- 24:24भी लगे थे जब जेल गए थे कि हमको छोड़
- 24:26क्यों दिया गया? अच्छा ज्ञानेश वाली जो
- 24:28पूरी बात है इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट
- 24:30की बात आपने की और फिर कह रहे हैं कि कुछ
- 24:31और हो सकता है, कोई और अखबार हो सकता है,
- 24:33कुछ भी हो सकता है।
- 24:33नहीं नहीं मैं ये कह रहा हूं कि इस इस
- 24:35कड़ी में और ज्यादा डेवलपमेंट्स होंगी और
- 24:37चीजें बाहर आएंगी और प्रूफ्स आएंगे, सबूत
- 24:41आएंगे और उसके बाद इनका इस्तीफा होगा। एक
- 24:44बात आप भी कहते हैं। हम सब लोग कहते हैं।
- 24:46राहुल गांधी प्रेजेंटेशन में कहते हैं एक
- 24:47बात
- 24:48कि भाई अधिकारी लोग जो है वो मेरे साथ
- 24:50हैं।
- 24:50और ये भी कहा गया कि भ इस तरह की खबरें
- 24:52यूं ही तो बाहर नहीं आती है। कोई है अंदर
- 24:54का इंसाइडर जो ये खबरें दे रहा है।
- 24:57तो इंसाइडर्स कैसे डेवलप हो जाते हैं सर?
- 25:01क्यों हो जाते हैं? खासतौर पे उस सरकार
- 25:03में जिस सरकार की सबसे बड़ी
- 25:04कैरेक्टरिस्टिक ही ब्यूरोक्रेसी पे
- 25:06कंट्रोल है।
- 25:07हां। हूं क्योंकि इनकी सरकार में
- 25:09ब्यूरोक्रेसी ही देश चलाती है।
- 25:10हम
- 25:11ये मोदी का स्टाइल पॉलिटिक्स है। गुजरात
- 25:13से
- 25:13गुजरात से लेके यहां तक नहीं इवन जो इन
- 25:15मोदी जी के अलावा जो इन्होंने चीफ
- 25:17मिनिस्टर भी बनाए हैं
- 25:17आदित्यनाथ
- 25:18नहीं नहीं जितने भी बनाए हैं
- 25:20वहां भी इनके लोग ही एक या दो या तीन लोग
- 25:22जाके दिल्ली से सरकारें चलाते हैं।
- 25:25जितने स्टेट के बड़े फैसले होते हैं जो भी
- 25:27होते हैं वो सब वही करते हैं। अब आपने कहा
- 25:29कि ऐसा क्यों होता है कि जो राहुल गांधी
- 25:32ने कहा था प्रेस कॉन्फ्रेंस में कि भाई
- 25:34सारी इंफॉर्मेशन हमारे पास वही सरकार के
- 25:37भीतर से आती है। चुनाव आयोग के अंदर से
- 25:39आती है। फॉरेन मिनिस्ट्री से आती है। ईडी
- 25:40से आती है। सीबीआई से आती है। ऐसा पता कब
- 25:43होता है?
- 25:45जब
- 25:47कंट्रोल आपका कमजोर पड़ने लगे। आपका इकबाल
- 25:51घटने लगे। हम
- 25:53तब ऐसा होता है कि जो अफसरशाही होती है,
- 25:56जो ब्यूरोक्रेसी होती है, फिर वह
- 25:59यह बताने की कोशिश करती है विपक्ष को कि
- 26:02देखो हम लोग इस तरीके से इनवॉल्व नहीं है
- 26:05और वैसे भी बहुत सेक्टिव ब्यूरोक्रेट्स
- 26:08हैं जो इनके अपने हैं और जो लॉयलिस्ट हैं
- 26:12और जिनको रिवॉर्ड दिए जाते हैं।
- 26:13जो रेस्ट ऑफ द ब्यूरोक्रेसी है वो तो
- 26:16इंतजार ही कर रही है।
- 26:18इधर क्या चल रहा है? एक्सटेंशन पे
- 26:20एक्सटेंशन
- 26:20हम
- 26:21और
- 26:21एक ही व्यक्ति का बार
- 26:22एक ही व्यक्ति का बार-बार बार-ब बार-बार
- 26:24एक एक्सटेंशन में कई सारे अफसरों का जो
- 26:28भविष्य है उसको आप ताक पे रख देते हो तो
- 26:32वो जो ब्यूरोक्रेसी है वो लेकिन अब जब अब
- 26:36पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूं जो जब
- 26:38जितने भी जो टॉप टॉप ब्यूरोक्रेट्स हैं जो
- 26:42महत्वपूर्ण पदों पे बैठे हैं ऊपर जो देश
- 26:44चलाते हैं अब वो भी इनके संपर्क में है
- 26:48विपक्ष की बात की बात कर रहा हूं। राहुल
- 26:50गांधी की बात कर रहा हूं।
- 26:52कोई उदाहरण
- 26:53नहीं उदाहरण तो रहने दो।
- 26:56उनकी शामत आ सकती है।
- 26:57नहीं शामत तो किसकी क्या आएगी? अब देखो जो
- 27:00अधिकारी इस देश को चला रहे हैं टॉप पे बैठ
- 27:03के वो इतने बेवकूफ नहीं है कि उनकी शमत आ
- 27:04सके। वो आपकी श्यामत ला सकते हैं।
- 27:07दे नो हाउ टू सेव दिस।
- 27:09नहीं नहीं नॉट ओनली हाउ टू सेव दिस थिंग।
- 27:11दे नो हाउ टू डिस्ट्रॉय यू।
- 27:14जो उनके पास हो आपके पास थोड़ी है वो।
- 27:18वो परमानेंट है। चाहे ये हो चाहे वो
- 27:22हां
- 27:22जैसे टीवी मीडिया
- 27:23तो पांच साल के लिए आए थे ना
- 27:2510 हो गए 12 हो गए 15 हो जाएंगे हो सकता
- 27:28है 20 हो जाए
- 27:29हम
- 27:30वो तो उनका तो फिक्स है जब तक वो है तब तक
- 27:33वो हैं और उसके बाद भी एक्सटेंशन पे
- 27:36एक्सटेंशन
- 27:37हम
- 27:38और आप रिटायर हुए गए तो आपको दूसरा पद दे
- 27:40दिया
- 27:42तो ऐसा नहीं है वो उतने कमजोर लोग नहीं है
- 27:44तो पिछ ये ये पिछ सरकार के पिछले कुछ
- 27:48महीनों में जिस तरीके से इनका इकबाल घटा
- 27:51है या सरकार के अंदर से चीजें बाहर आने
- 27:54लगी है। खबरें बाहर आने लगी है सरकार के
- 27:56अंदर की और वो दिख रहा है कि हां अब कुछ
- 27:58अंदर ठीक नहीं चल रहा है।
- 28:01झगड़े भी हैं, ब्यूरोक्रेसी में भी हैं,
- 28:03सरकार के अंदर भी हैं। पार्टी के अंदर भी
- 28:06हैं। तो वो वही जो यूपी टू में हुआ था वो
- 28:09मोदी 3 में हो रहा है।
- 28:10पूरा बिखराव बिखराव है। इकबाल जो खत्म हुआ
- 28:13एक क्या चुनाव ही उसका कारण है या यह जो
- 28:16चीज़ कि भविष्य नहीं दिख रहा है।
- 28:18ब्यूरोक्रेसी की अगर हम केवल बात करें कि
- 28:20एक को एक्सटेंशन पे एक्सटेंशन आप देख रहे
- 28:21हैं भविष्य नहीं दिख रहा है। 204 के
- 28:23इलेक्शन पे हम लोग कई बार बात करते हैं कि
- 28:25वहां जो रहा उसके बाद मोदी की छवि में
- 28:27बहुत ज्यादा गिरावट आई है। लेकिन उसके बाद
- 28:30उन्होंने चुनाव दर चुनाव जीते तो हैं ही
- 28:32और ब्यूरोक्रेसी जितने आरोप मोदी पे लगते
- 28:34हैं अगर वो सही है तो ब्यूरोक्रेसी को ये
- 28:36भी पता है कि सत्ता से तो इतनी जल्दी ये
- 28:38बेदखल होंगे नहीं। तो ब्यूरोक्रेसी जो है
- 28:40कैसे रिएक्ट कर सकती है सर?
- 28:42नहीं आपको ये कैसे लग रहा है कि सत्ता से
- 28:44बेदखल नहीं होंगे। 2024 में होते रह गए हम
- 28:49लेकिन उसके बाद जो विधानसभा चुनाव हुए सर
- 28:51लगातार जीते
- 28:52पूरी विधानसभा चुनाव पे तो आरोप है वोट
- 28:54चोरी का हम
- 28:55वोट चोरी शुरू कहां से हो रही है ये जो ये
- 28:57जो पूरा खेल है एसआईआर का ये शुरू कब हुआ
- 29:00जब 24 के बाद ही तो हुआ
- 29:02उसके बाद हुआ है
- 29:03उससे पहले तो नहीं हुआ ना तो मैं वही तो
- 29:06कहना चाह रहा हूं आपको कि जो उसके बाद यह
- 29:08खेल शुरू हुआ है एसआईआर का अब आप देखो कि
- 29:10बंगाल में चुनाव होता है और बंगाल चुनाव
- 29:13के बाद 5000 ईवीएम जला दी जाती है हम
- 29:16क्यों भाई
- 29:17क्या जरूरत थी? जब महाराष्ट्र में वोट
- 29:20चोरी का आरोप लगता है तो यही चुनाव आयोग
- 29:23कहते हैं आयुक्त कहते हैं कि नहीं हम अ
- 29:26सीटीवी फुटेज दे नहीं सकते। उसमें हमारी
- 29:29बहन बेटियों की फुटेज है।
- 29:30अरे वोट ही तो डाल रही हैं।
- 29:33तुम खुद अपने सोशल मीडिया पे डालते हो।
- 29:35अगर सत्ता पक्ष की बहन बेटी हैं
- 29:37तो विपक्ष की बहन बेटी भी तो हैं।
- 29:40नहीं मान है ना।
- 29:42जो है वो सत्ता पक्ष की है।
- 29:43मशीन रेडेबल डाटा नहीं दे सकते हम।
- 29:46पुराने रिकॉर्ड हम हटा देंगे। ईवीएम हम
- 29:49जला देंगे। तो यह जो बार-बार अच्छा आप मान
- 29:52लो इनके ऊपर इतने गंभीर आरोप लगे कि दो
- 29:54चुनाव आयुक्तों ने
- 29:5710 महीने में 14 पत्र लिखे और विरोध दर्ज
- 30:01कराया फॉर्म 16 का। अब फॉर्म सिक्स जो है
- 30:04जो मैं 16 बोल रहा था फिर फॉर्म सिक्स है
- 30:06जो नए वोटर्स को ऐड करने के लिए होता है
- 30:08उसी पे क्लेरिटी नहीं है।
- 30:10हम
- 30:10अभी तक चुनाव आयोग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस
- 30:12करके ये क्यों नहीं बताया देश को कि हां
- 30:15हम तीनों इकट्ठे बैठते हैं। आप लोग सवाल
- 30:17पूछो जो आपके मन में है
- 30:19और जो एक्सप्रेस ने रिपोर्ट छापी है उसमें
- 30:21क्या है और हमारे अंदर क्या है? क्यों?
- 30:24क्योंकि अंदर चोर है।
- 30:25अंदर चोर है और इतनी
- 30:27आपके पास सवालों के जवाब नहीं है। हम
- 30:29आपने झूठ बोला जाके सुप्रीम कोर्ट में।
- 30:34तो इतना इजी नहीं है। जितना दिख रहा है।
- 30:37इसलिए मैं कह रहा हूं कि इसमें और खुलासे
- 30:38होंगे।
- 30:39अच्छा सर
- 30:40जाना पड़ेगा ज्ञानेश अंकल को। सरकार की
- 30:43डार्लिंग है वो।
- 30:46आप अंकल बोल रहे हैं। कह रहे हैं ज्ञानेश
- 30:48नहीं बचेगा। पुरस्कृत हो रहे हैं हरदीप
- 30:50पुरी। पता नहीं क्या होगा। वक्त तो बता ही
- 30:53देगा। एक चीज़ लेकिन बताएं इनफ इज़ इनफ। एक
- 30:55चीज़ होती है कि भाई बहुत हो गया। जब वोट
- 30:57चोरी हो रही थी या वोट चोरी का आरोप जब
- 31:00लगे लोकसभा 24 के बाद तो ये अधिकारी
- 31:04अधिकारी देख तो रहे होंगे तो कभी और आपने
- 31:06जैसा बोला ना कि नाम नहीं ले सकते हैं।
- 31:08इसका मतलब खबरें तो उनकी भी आपके पास है
- 31:10ही। तो कुछ तो होता है ना कि नहीं यार ये
- 31:13अब अति हो गई। तो ये अधिकारी वो
- 31:17उनके मन में सरकार की छवि कैसी होगी?
- 31:19इसीलिए वो जो इंफॉर्मेशन जिसकी मैं बात कर
- 31:21रहा हूं कि जो ब्यूरोक्रेसी के थ्रू बाहर
- 31:23आ रही है
- 31:24नेता प्रतिपक्ष तक राहुल गांधी तक वो
- 31:26इसीलिए आ रही है कि अब अति हो गई है
- 31:29और कई बार कई बार मैंने ये बात सुनी है
- 31:32विपक्ष की तरफ से कि अंदर-अंदर रिवोल्ट चल
- 31:36रहा है
- 31:38हम
- 31:40तो उसका उसका जो कारण है ना वो ये अति है
- 31:43हर जगह अति कर रखी है आपने
- 31:45हम
- 31:45हर चीज में अति कर रखी है आपने तो कभी कभी
- 31:48ना कभी अति का अंत होता है। हर चीज की एक
- 31:51एक्सपायरी डेट होती है।
- 31:54वो एक दौर था जब डॉ. मनमोहन सिंह थे तो
- 31:57इकनमी की और ग्रोथ की जीडीपी की बात होती
- 31:59थी। जब ये आए तो फिर इन्होंने हिंदू
- 32:01मुसलमान की बात करनी शुरू की।
- 32:03उससे इन्होंने चलाया 10 साल चलाया। अब एक
- 32:07चीज़ और देखो आप। मैं मुझे बड़ा अजीब लगता
- 32:09है। 2019 का लोकसभा चुनाव। हम
- 32:1319
- 32:1319 का उससे ठीक पहले
- 32:16पुलवामा हमला होता है। 300 किलो आरडीएक्स
- 32:18आती है। 300 किलो और 40 हमारे सीआरपीएफ के
- 32:22जवान उड़ा दिए जाते हैं।
- 32:25धमाका होता है। कहां से आया 300 किलो
- 32:28आरडीएक्स? उस केस में आज तक क्या हुआ?
- 32:30कहां तक पहुंचे? उस जांच में क्या हुआ?
- 32:34कितना बड़ा सिक्योरिटी फेलियर था कि आपके
- 32:37नेशनल सिक्योरिटी की सरकार है। यह कहती है
- 32:40कि हम राष्ट्रवादी सरकार है और आपके आपके
- 32:42राज्य में
- 32:44300 किलो आरडीएक्स देश में आ गया। आपको
- 32:46पता ही नहीं लगा।
- 32:48और वो जांच कहां तक पहुंची है? 2026 चल
- 32:52रहा है। सात साल हो गए। पूछ रहा है कोई।
- 32:56भाई कहते हैं हम राष्ट्रवादी हैं। हम
- 32:59पुलवामा हमले के बाद तो एक ही बात हुई कि
- 33:01जो चुनाव था उसको मोमेंटम बदल दिया गया और
- 33:03शहीदों के नाम पर वोट मांग लिए गए।
- 33:05मैं वो नहीं कहूंगा। हालांकि उस हमले के
- 33:08बाद जो मुझे याद है कि एक रैली हुई थी
- 33:10उसके बाद अलवर में दो या तीन दिन के बाद
- 33:12और उसके उस रैली में जब मोदी जी भाषण दे
- 33:14रहे थे उसके पीछे उन सब शहीदों की फोटो
- 33:16लगी हुई थी। राजस्थान में सबसे ज्यादा लोग
- 33:18हैं जो आर्मी आर्मी में जाते हैं उस इलाके
- 33:22में उस हिसाब से आपने वोट मांग ली
- 33:27और आपको याद है एक एक विषय उठाया था उसी
- 33:29दौरान कांग्रेस पार्टी ने कि जिम कॉर्बेट
- 33:32में
- 33:32हम
- 33:32शूट चल रहा था डिस्कवरी के लिए
- 33:35जी
- 33:35कौन सा शो है वो
- 33:37वो जो
- 33:38एनिमल वर्सेस वाइल्ड
- 33:39जो भी है वो एक डिस्कवरी पे शो आता है
- 33:42और जिम कॉर्बेट का है उत्तराखंड में और
- 33:44उधर 40 जवानों को उड़ा दिया गए और वहां
- 33:47शूट बंद नहीं हुआ था और पता है क्या बोला
- 33:50गया कि संपर्क नहीं हो पाया पीएम से
- 33:54जब 400 फीट पे जहाज उड़ते हैं ना आप तब भी
- 33:56संपर्क कर सकते हो पीएम से
- 33:58राइट पीएम इस नेवर
- 34:00और यहां जिम कॉर्बेट में नहीं हो पाया
- 34:01आपसे संपर्क पूरा शूट किया और उसके बाद वो
- 34:05डिस्कवरी पे वो डॉक्यूमेंट्री आई थी उनकी
- 34:10उसके बावजूद खबरें आती है कि 18 18 घंटे
- 34:12काम
- 34:1318 घंटे काम कर 18 घंटे काम कर रहे हैं ये
- 34:16सीआरपीएफ के जवान शहीद हो जाए। आपसे
- 34:19संपर्क नहीं हो पा रहा है। तो
- 34:21सात साल में वह जांच कहां तक आई बताओ कोई
- 34:23मुझे? कहां से आया था तीन स्कूल आरडीएस?
- 34:28पता है किसी को? मैंने तो कोई सुना नहीं
- 34:30आज तक ना मैं कोई खबर पढ़ पाता हूं कि हां
- 34:33इस इसमें हमने ये कर दिया। उसके बाद
- 34:36बैलगाम में घटना हुई। उस जांच का क्या
- 34:39हुआ? पता नहीं। उससे पहले उरी की हुई थी।
- 34:42आपने आईएसआई तक को बुला लिया था
- 34:44हिंदुस्तान कि वह जांच करेंग यहां आके।
- 34:47हां
- 34:48जो जो हमारे यहां आतंकी हमले करवा रहे हैं
- 34:52ये उन्हीं को जांच के लिए बुला रहे थे।
- 34:55उसमें क्या हुआ पता नहीं
- 34:57और फिर पेंट करते हैं नागरिकों को कि ये
- 34:59पाकिस्तानी है या पाकिस्तान परस्त है। लाल
- 35:02किले के सामने कार ब्लास्ट हुआ था। उसकी
- 35:03जांच करवा
- 35:04आत्मघाती ब्लास्ट हुआ था। हम
- 35:07देश की राजधानी में आईएसबीटी के पास लाल
- 35:10किले के ठीक सामने एक आत्मघाती हमला इस
- 35:13देश पे होता है राजधानी में और ये
- 35:15राष्ट्रवादी सरकार है।
- 35:18उस जांच में क्या हुआ पता नहीं
- 35:21कौन था कहां से आया था पता नहीं
- 35:23हम
- 35:27तो जांच तो तब नहीं होगा ना सर अगर
- 35:29बेनिफिट होती हो किसी चीज से
- 35:32यार आतंकवाद से किसका बेनिफिट हुआ है आज
- 35:34तक
- 35:37या तो आप अपने आप को यह मत कहो कि
- 35:38राष्ट्रवादी सरकार है। मैं यह हमेशा कहता
- 35:40हूं कि सरकार की सबसे बड़ी जो
- 35:42क्रेडेंशियल्स हैं, जो उसकी क्रेडिबिलिटी
- 35:44है वो ये है कि ये नेशनल सिक्योरिटी इस
- 35:48सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
- 35:50हम
- 35:51ये छोड़ेंगे नहीं। ये आंख में आंख डाल के
- 35:53बात करेंगे। ये आंख लाल करके बात करेंगे।
- 35:56ये सब कुछ करेंगे।
- 35:57हम
- 35:58लेकिन जो गलवान में हुआ आपने कुछ नहीं
- 36:00किया। आपकी जमीन कब्जा कर ली चीन ने। आपके
- 36:02लोगों को मारा। एमएम नरवा ने जब आपसे बात
- 36:05करना चाहते थे तो तब भी संपर्क नहीं हो पा
- 36:07रहा था।
- 36:07तब भी आपने बात नहीं की। आर्मी घंटे बाद
- 36:09आर्मी चीफ के आर्मी चीफ के साथ
- 36:12और फिर लास्ट में कई घंटे बाद यह कहा कि
- 36:14जो आप उचित समझो आप कर लो
- 36:17राजनाथ सिंह जी के थ्रू
- 36:18हम
- 36:20तो नेशनल सिक्योरिटी की जो सरकार है जिसकी
- 36:22जो जिसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यही है उसमें
- 36:26जब ऐसी घटनाएं होती हैं जिसमें आत्मघाती
- 36:28हमला दिल्ली के अंदर हो जाता है। पुलवामा
- 36:30में आपके 40 जवान शहीद हो जाते हैं। उनको
- 36:33उड़ा दिया जाता है। पहलगांव में आपके
- 36:35सिविलियंस को मारा जाता है। ठीक है? और
- 36:38फिर आप यह कहते हो कि नहीं
- 36:41इन इन इन केसेस में क्या हो रहा है या
- 36:43आपने क्या कारवाई की कुछ नहीं पता किसी को
- 36:47तो ये ये बड़े महत्वपूर्ण से सवाल हैं जो
- 36:51देश के लोगों को देश की मीडिया को या जो
- 36:53भी विपक्ष को जो भी ये काम कर सकते हैं
- 36:56उनको पूछना चाहिए
- 36:57इन सब के बीच क्या आपको लगता है कि मणिपुर
- 36:59पे भी बात तो होनी ही चाहिए ना सर
- 37:01मणिपुर में भी यार तीन साल हो गए आग लगी
- 37:04हुई है
- 37:05इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण समय तो कुछ
- 37:07नहीं होगा ना कि एक राज्य हमारा
- 37:09और आज तक
- 37:11पीएम ने कभी यह नहीं सोचा कि मैं एक बार
- 37:13मणिपुर हो के आऊं। मेरे देश का एक राज्य
- 37:15है। मैं प्रधानमंत्री हूं समूचे
- 37:17हिंदुस्तान का। वहां क्यों आग लगी हुई है?
- 37:20वहां क्यों इतनी हिंसा हो रही है? क्यों
- 37:21बेकसूर लोगों को मारा जा रहा है?
- 37:25और उससे किसका फायदा हो रहा है?
- 37:27आपने कभी सोचा है इस बारे में? किसका
- 37:29फायदा हो रहा है?
- 37:30नहीं मेरी मैंने सोचा नहीं लेकिन मैं आपसे
- 37:33वादा करता हूं कि अगले शो में बताऊंगा
- 37:34आपको। खनिजों के बारे में बड़ी बातचीत
- 37:36होती है। वहां बहुत वहां बहुत चीजें हैं।
- 37:40लेकिन इसका जवाब मैं आपको अगले शो में
- 37:41दूंगा कि मणिपुर की आग से किसको फायदा हो
- 37:44रहा है?
- 37:44मणिपुर डिर्व डिस्कशन और बहुत सारे
- 37:46डिस्कशन
- 37:47नहीं इस सही मायने में मणिपुर में जो आग
- 37:49लगी हुई है तीन साल से वो क्यों नहीं बुझ
- 37:51पा रही है? इससे किसका फायदा हो रहा है?
- 37:54इसका मैं आपसे वायदा कर रहा हूं। दर्शकों
- 37:56के साथ भी अगले हफ्ते बता दूंगा।
- 37:59तो मणिपुर से जुड़े सवाल जो है वो आपको
- 38:01ड्रॉप करने हैं। चलिए सर थोड़ा सा आगे
- 38:02बढ़ते हैं। आज मुझे लगता है भावुक ज्यादा
- 38:04हो रहे हैं।
- 38:05भावुक कई बार ना तकलीफ हो जाती है। है तो
- 38:08हम भी इंसान ही
- 38:09राइट हम
- 38:10हां वो जो शीर्ष पे बैठे होते हैं उनके
- 38:12अंदर भावनाएं नहीं होती। हम क्योंकि नीचे
- 38:13हैं तो हमारे थोड़ा थोड़े से हमारे अंदर
- 38:15भावनाएं हैं।
- 38:16हम तो देखिए अटल बिहारी वाजपेयी बेशक मैं
- 38:18प्रशंसक नहीं हूं। बात एक ठीक कहा था बंदे
- 38:20ने के सरकारें आएंगींगी देश बचा रहना
- 38:23चाहिए।
- 38:24साहब देश बचा रहे। इस यह तो ज़रूरी होती
- 38:26है। डेली आप शहीदों की जय शहीदों की जय
- 38:28बोल के शहीदों के प्रति सम्मान नहीं
- 38:30व्यक्त करते।
- 38:30आप सिर्फ उनके नाम पे ना राजनीति करते हो।
- 38:32राइट? रिवोल्ट की बात की थी सर आपने
- 38:34अधिकारियों के बीच में जो रिवोल्ट चल रहा
- 38:36है जिसकी बात आप कर रहे थे। एक रिवॉल्ट और
- 38:38है जिसकी बात आप कई बार कर चुके हैं।
- 38:40कॉर्पोरेट घरानों में रिवोल्ट
- 38:42हम्म
- 38:43अभी जो मैं सवाल पूछ रहा हूं, ये रिवॉल्ट
- 38:44की तो नहीं है। पर क्रिमिनली डिस्ट्रॉय
- 38:47किया जा रहा है एक ग्रुप को। उस ग्रुप को
- 38:49जिसको हम बचपन से सुनते आए। देश का नमक
- 38:51बनाती है वो। टाटा है टाटा बिरला हो गए हो
- 38:54क्या इस ताने में भी हमने उसका नाम सुना
- 38:57राहुल गांधी कह रहे हैं क्रिमिनली
- 38:58डिस्ट्रॉय किया जा रहा है निर्मला सीतारमण
- 39:01जवाब दे रही है कि भाई पॉलिटिसाइज मत किया
- 39:02करिए हर मामले को
- 39:04क्या एक कंपनी है कंपनी के कुछ फैसले हो
- 39:07रहे हैं क्रिमिनल डिस्ट्रक्शन कैसे है
- 39:09उसका क्यों कह रहे हैं राहुल गांधी साहब
- 39:12सबीर भाटिया की एक डॉक्यूमेंट्री आई देखी
- 39:14थी
- 39:14हां
- 39:15नहीं देखी थी
- 39:17नहीं नाम मत लो
- 39:19डॉक्यूमेंट्री आई थी
- 39:20हमने भी देखी थी उसमें उसमें किस तरीके से
- 39:22कंपनीज़ का टेकओवर हुआ वो उसमें बताया गया।
- 39:25किसने किया वो बताया गया। उसके बाद
- 39:30मामला कोर्ट गया और फिर उस डॉक्यूमेंट्री
- 39:32को हटाने के लोग पीछे चले गए। अब मैं टाटा
- 39:35पे आता हूं। टाटा बहुत भरोसे का नाम है
- 39:38हिंदुस्तान में। टाटा एक ऐसा कॉर्पोरेट
- 39:40हाउस है जिसके ऊपर देश के साथ लूट खसोट
- 39:44करने के आरोप कभी नहीं लगे।
- 39:45जी
- 39:46जो जनता के वेलफेयर के लिए भी काम करता
- 39:51है।
- 39:52अब यह हो क्या रहा है? टाटा सर्ंस और टाटा
- 39:56ट्रस्ट यह दो महत्वपूर्ण चीजें हैं इस
- 39:59पूरे ग्रुप में। टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन
- 40:03है नियोल टाटा
- 40:04और एन चंद्रशेखरन टाटा s के चेयरमैन हैं।
- 40:07उनका कार्यकाल पूरा हो गया था। लेकिन एकदम
- 40:10से उनको वापस दूसरा कार्यकाल दे दिया गया।
- 40:14टाटा ट्रस्ट की मर्जी के बगैर।
- 40:17लेकिन Tata ट्रस्ट मेजॉरिटी शेयर होल्डर
- 40:18है ना? टाटा ट्रस्ट के पास टाटा SS के 66
- 40:21फीसदी शेयर हैं। लेकिन वहां जो बोर्ड
- 40:23मेंबर्स थे उन्हें उनके हिसाब से वहां जो
- 40:27फैसला हुआ जो वोटिंग हुई वहां पे उसको
- 40:30उसमें मेनपुलेशन कर दी गई। इस लिहाज से
- 40:33राहुल गांधी ये कह रहे हैं कि क्रिमिनली
- 40:35डिस्ट्रॉय करने की कोशिश हो रही है ग्रुप
- 40:37को।
- 40:37मतलब आप ये कह रहे हैं जैसे विधायकों की
- 40:39चोरी होती है वैसे चोरी।
- 40:40हां टाटा टाटा के विधायकों की चोरी होगी।
- 40:42बेसिकली
- 40:43टाटा ट्रस्ट के
- 40:44टाटा ट्रस्ट नहीं टाटा सनंस के विधायकों
- 40:45की। टाटा ट्रस्ट की नहीं। अब टाटा ट्रस्ट
- 40:48जो है वो कोर्ट में है। ठीक है? अब एन
- 40:51चंद्रशेखरन जब चेयरमैन थे टाटा सनंस के तो
- 40:54उनको ये कहा गया कि आप एयर इंडिया परचेस
- 40:56कर लो।
- 40:58कर लिया। सरकार ने कहा फिर शायद कहा कि
- 41:02शायद सेमीकंडक्टर की बात की प्लांट लगाना
- 41:04है। बोला ठीक है लगा देंगे। तो जो जो ये
- 41:07कह रहे हैं वहां सब हो रहा है। कहां हो
- 41:08रहा है? Tata SS में हो रहा है।
- 41:09व्यापार बढ़ रहा है ना सर। एयर इंडिया आ
- 41:11रहा है। सेमीकंडक्टर का प्लांट लगेगा।
- 41:13उसमें नुकसान का सौदा है ना वो एयर इंडिया
- 41:16या घाटे का सौदा है
- 41:17हम
- 41:19और सेमीकंडक्टर जो ये जो ये जो अ मतलब
- 41:24फैक्ट्री लगानी है ये सरकार का सपना है ये
- 41:28उनकी योजना है उनकी प्लानिंग है ये वो
- 41:31चाहते हैं लेकिन वो टाटा के पैसे से हो
- 41:33रहा है जो Tata ट्रस्ट नहीं चाहता फिर कह
- 41:37रहे हैं कि बाजार में इस कंपनी को लिस्ट
- 41:38कर दो टाटा सस को
- 41:40टाटा ट्रस्ट उसके खिलाफ है
- 41:42जो जो टाटा ट्रस्ट नहीं चाहता वह सारे काम
- 41:45टाटा सनंस में हो रहे हैं। अब इस अब यह जो
- 41:48लड़ाई है यह
- 41:51राजनीतिक रूप ले लिया है इसने। तो मुझे
- 41:53ऐसा लगता है कि जो नेता प्रतिपक्ष ने लिखा
- 41:55है राहुल गांधी ने उसमें जो वो कह रहे हैं
- 41:58कि क्रिमिनल डिस्ट्रॉय करने की कोशिश हो
- 42:00रही है। बेसिकली जो अगर मैं उसको डिकोड
- 42:03करने की कोशिश करूं तो मुझे ऐसा लगता है
- 42:05कि अह
- 42:09उस डॉक्यूमेंट्री की तरह
- 42:11यहां पे भी एक-एक कंपनी को
- 42:16इनके सहारे मतलब सत्ता पक्ष के सहारे कोई
- 42:20आके खरीदना शुरू कर देगा। अरे छोड़िए कोई
- 42:23वही आप यहां बोल रहे Twitter पे तो आपने
- 42:25लिखा है ना प्रॉपर
- 42:26क्या लिखा है मैंने
- 42:27कि बाजार में लिस्ट हो जाएगी एक-एक करके
- 42:30नहीं नहीं मैं वही तो कह रहा हूं कि Tata
- 42:33ट्रस्ट नहीं चाहता कि आईपीओ आए
- 42:35हम
- 42:36या बाजार में कंपनी लिस्ट हो वो नहीं
- 42:38चाहते उसके विपरीत काम हो रहे हैं वहां
- 42:40तो जो Tata S सारे विपरीत काम कर रहा है
- 42:42ये किसके लिए कर रहा है किसके कहने से कर
- 42:45रहा है इससे किसका फायदा होगा यही तो
- 42:48डिकोड करना है और है क्या इसमें
- 42:50ये वो हैं
- 42:51हां ये वही हैं सबीर भाटिया वाले
- 42:54अच्छा जिनका नाम नहीं ले सकते आप ले सकते
- 42:57हैं आप लिख दीजिएगा कमेंट सेक्शन में
- 43:00बच पाएगा टाटा
- 43:03देखिए जिस हिसाब से इसमें राजनीति
- 43:06जैसे जब राहुल गांधी जंप इन करते हैं इस
- 43:08इशू में मुझे लगता है कांग्रेस में आपकी
- 43:10बात तो हुई होगी कुछ सोर्सेस से तो क्या
- 43:12विपक्ष का क्या प्लान है टाटा को बचाने की
- 43:15कोशिशों में विपक्ष भी जुटेगा
- 43:16हालांकि मैं आपको बताता हूं एक बात
- 43:18हालांकि आखिर में अह रतन टाटा बीजेपी के
- 43:21साथ हो गए थे हम
- 43:21जब से मोदी जी आए थे
- 43:23और जब जब यूपीए थी राहुल गांधी टाटा ग्रुप
- 43:28को एक बार जम्मू कश्मीर लेके गए थे वहां
- 43:30इन्वेस्टमेंट के लिए वो पुरानी बात होगी
- 43:32वो लेकिन अब टाटा के कुछ लोगों ने आई थिंक
- 43:35वो पुराने लोग हैं जो जुड़े हुए हैं या नए
- 43:38लोग हैं वो तो मुझे नहीं पता संपर्क किया
- 43:40है राहुल गांधी के साथ और उनको बताया है
- 43:42कि इस तरीके से होम मिनिस्टर के घर पे जो
- 43:45राहुल गांधी ने ट्वीट भी किया है
- 43:47कि टाटा सनंस और टाटा ट्रस्ट की मीटिंग
- 43:50कराने की कोशिश हुई मतलब मीटिंग हुई है
- 43:52होम मिनिस्टर के घर पे
- 43:55अगेन क्रिमिनली डिस्ट्रयड
- 43:58जो शब्द है कि वो कहां से आया वो अमित शाह
- 44:01के घर पे मीटिंग से आया निर्मला सीतारमण
- 44:03को पता ही नहीं था इस बात का जो उन्होंने
- 44:05ट्वीट कर दिया
- 44:06अच्छा
- 44:07अगर उनको ये पता होता कि मीटिंग हो चुकी
- 44:09है अमित शाह के घर पे तो उनको ये भी पता
- 44:11होगा कि राहुल गांधी को ये बात पता होगी
- 44:13हां
- 44:14तो अगर अगर निर्मला जी ट्वीट ट्वीट नहीं
- 44:16करती तो ये खबर बाहर ही नहीं आती अमित शाह
- 44:19के घर के मीटिंग वाली बात बाहर नहीं आती
- 44:20आती
- 44:21हम
- 44:23क्योंकि क्योंकि अमित शाह को पता था कि
- 44:25राहुल गांधी को पता है कि हमारे यहां
- 44:26मीटिंग हुई है।
- 44:27ना मोदी और शाह को पता है कि राहुल गांधी
- 44:29को क्या पता है। राहुल गांधी खुद बता देते
- 44:30हैं। निर्मला जी को नहीं पता होता।
- 44:33ज्यादती तो हो रही है सर मंत्रियों के साथ
- 44:34भी इस सरकार में।
- 44:35देखिए वहां
- 44:37सब कुछ नंबर वन है। जो है वही है। और जो
- 44:42होता है उन्हीं के लिहाज सबसे होता है।
- 44:44सरकार वही है। पार्टी वही है।
- 44:46आपने जानबूझ के किया है या मिस हुआ है?
- 44:48क्या
- 44:49सब कुछ वही है? नंबर वन आपने नंबर टू भी
- 44:51नहीं बोला।
- 44:52नहीं नंबर वन ही जो कुछ है।
- 44:54अब नंबर टू भी नहीं है।
- 44:55ये तो लोग कहते हैं ना। मैंने कब कहा?
- 44:58नंबर वन नंबर टू की बात तो होती ही थी सर।
- 45:01वो तो लोगों की बात होती है। मैं खुद की
- 45:03बात कर रहा हूं।
- 45:03अच्छा
- 45:04जो है नंबर वन है।
- 45:05देयर इज नो नंबर टू। भाई यही हेडलाइन ले
- 45:08लीजिए।
- 45:08ये तो लोग कहते हैं ना नंबर टू है, नंबर
- 45:10थ्री है।
- 45:12बल्कि नंबर टू पे तो एक आदमी बड़े भयंकर
- 45:15तरीके से कमट कर रहा है। अश्विनी वैष्णव
- 45:18हम
- 45:19नंबर टू के लिए वह आदमी बड़े भयंकर तरीके
- 45:22से कमपीट कर रहा है शाम दाम दंड भेद के
- 45:24साथ।
- 45:27नंबर टू की बात
- 45:28नंबर टू कुछ नहीं होता। नंबर वन
- 45:30होता है। नंबर वन होता है।
- 45:31चांद पे कौन गया था पहली बार?
- 45:33ठीक है। दूसरे आदमी का नहीं पता।
- 45:35नहीं पता ना? जो होता है नंबर वन ही होता
- 45:37है।
- 45:38और यहां जो नंबर वन है ना
- 45:40हम
- 45:41वही है जो है
- 45:44सरकार भी वही है, पार्टी भी वही है, नेता
- 45:47भी वही है, क्राउड कूलर भी वही है। सब कुछ
- 45:51वही है।
- 45:52सब कुछ उनके आसपास घूम के खत्म हो जाता
- 45:54है। और इसलिए मैं बार-बार कहता हूं कि
- 45:57मोदी जी की जो विरासत है वो उन तक ही
- 45:59सीमित रह जाएगी। वो आगे नंबर टू नंबर थ्री
- 46:01तक जा ही नहीं पाएगी और हर बड़ा आदमी ऐसे
- 46:04ही करता है।
- 46:04आइटम सॉन्ग से लेके हीरो और विलेन सब कुछ
- 46:06एक ही व्यक्ति है।
- 46:07आपने अश्विनी वैष्णव का नाम लिया। इसलिए
- 46:09मैं ये पूछ लेता हूं। मेरे ज़हन से तो हट
- 46:11गया था। इतनी सारी पॉलिटिकल बातचीत के बीच
- 46:14में संपादकों को बड़े-बड़े जो हैं टीवी
- 46:17चैनल वाले, प्रिंट वाले, अखबार वाले उनको
- 46:19अश्विनी वैष्णव जी बुला रहे हैं मिलने के
- 46:20लिए। एक एक्ट के संबंध में बातचीत के लिए।
- 46:23एक्ट डिजिटल डाटा प्रोटेक्शन वाला है। लोग
- 46:26कह रहे हैं खोजी पत्रकारिता
- 46:28बंद हो जाएगी। क्या लगता है आपको बचेगी?
- 46:31बंद हो जाएगी। क्या कमी
- 46:33ये तो ये तो कभी नहीं चाहते कि पत्रकारिता
- 46:35हो। तुम तो खोजी की बात कर रहे हो। ये तो
- 46:38पत्रकारिता नहीं चाहते कि हो।
- 46:39बेसिक वाली भी
- 46:40जो जो बेसिक है कि भाई सरकार ने ये कहा,
- 46:43विपक्ष ने ये कहा, विपक्ष ने ये सवाल
- 46:44पूछा, सरकार ने यह बोला ये तो वही नहीं
- 46:46चाहते कि वो हो। तुम तो खोजी की बात कर
- 46:48रहे हो। तो ये क्यों चाहेंगे? हम
- 46:50यह कह रहे हैं कि नहीं जो आपको सोर्स है
- 46:53वो रिवील करना पड़ेगा जर्नलिस्ट को हम
- 46:55इस प्रोट इस वाले बिल में हम
- 46:58तो मुझे लगता है कि जो आज सुभाष चंद्र ने
- 47:01भी ट्वीट किया है उनकी भी अंदर की आत्मा
- 47:04जागी है
- 47:05कि नहीं क्योंकि
- 47:06चंद्र जी की भी आत्मा रह के जाग जाती है।
- 47:07कई बार कई बार सो जाती है फिर जाग जाती
- 47:09है। अब क्योंकि उनका मैटर चल रहा है ना वो
- 47:11एनसीएलटी वाला
- 47:13जिसमें उन्होंने नाम लिया था मुकेश अंबानी
- 47:15का और उसके बाद से फिर ये फंस गए
- 47:17वो हो नहीं पाया है ना
- 47:20तो
- 47:22सरकार नहीं चाहेगी कि खोजी पत्रकारिता हो।
- 47:24वो कभी नहीं चाहती। जो आदमी बेसिक
- 47:26जर्नलिज्म नहीं चाहता तो उसको आप कैसे
- 47:28एक्सपेक्ट कर सकते हो कि ये हो। लेकिन
- 47:29मुझे लगता है कि जो हमारी फ्रेटनिटी के
- 47:32बड़े लोग हैं जो उस लेवल पे बैठे हुए हैं
- 47:34जिनको इसका अपोज करना चाहिए। सुप्रीम
- 47:36कोर्ट जाना चाहिए वो अपना काम करेंगे
- 47:37उसमें।
- 47:38हम
- 47:39इसका कर भी रहे हैं।
- 47:40कर भी रहे हैं।
- 47:41तो नंबर टू पे जो कम्पीट कर रहे हैं उस
- 47:44कंपटीशन का एक बड़ा हथियार यही है कि
- 47:46पत्रकारिता को कैसे खत्म करोगे? अह
- 47:49अश्विनी वैष्णव ने तो एक बार वह भी किया
- 47:51था जब पीएम ने एक खबर को डिनाई कर दिया
- 47:53था। याद है आपको? एक खबर आई थी उन्होंने
- 47:54डिनाई कर दिया था। उसके बाद इन्होंने
- 47:57संपादकों की एक बड़ी बैठक बुलाई थी और
- 47:59उसमें बड़े गर्म हो के इन्होंने कहा था कि
- 48:02नहीं ये ठीक नहीं है।
- 48:06तो वो नंबर टू के पद के लिए कमट कर रहे
- 48:08हैं। लेकिन वो कुछ होता नहीं है। नंबर टू
- 48:10जो होता है नंबर वन होता है। पूरे
- 48:12इकोसिस्टम का मालिक एक एक
- 48:15सबका मालिक एक।
- 48:16सबका मालिक एक सबका तो कैसे बोल दें?
- 48:18बहरहाल जो वहां बैठे हुए हैं।
- 48:20हां एक और ठीक सबका मालिक एक वो जरूरी है।
- 48:23कार्यकर्ता से ले नेताओं तक मंत्रियों तक
- 48:25सबका मालिक एक।
- 48:26अच्छा सर एक
- 48:28बेचारे नेताओं कार्यकर्ताओं को क्या मिल
- 48:30रहा है?
- 48:31आधी तो कांग्रेस भरी पड़ी है वहां।
- 48:33ठीक बात है।
- 48:34आधी
- 48:35मतलब मैं कई बार सोचता हूं दिलीप घोष के
- 48:37संघर्षों को क्या मिला? जब शुभेंदु
- 48:39अधिकारी सीएम बन गए।
- 48:41ऐसे बहुत सारे उदाहरण है।
- 48:42हेमता विश्वा शर्मा ये
- 48:44चौधरी देख लो। हेमंत विश्वा शर्मा देख लो।
- 48:48क्या मतलब क्या मिला बेचों को
- 48:50कार्यकर्ताओं को? सारे कांग्रेसी के
- 48:52मंत्री बन के बैठे हुए हैं। सांसद बन के
- 48:53बैठे हुए हैं। कोई लोकसभा में, कोई
- 48:55राज्यसभा में, कोई राज्य का मंत्री है।
- 48:57हम
- 48:58अभी तो अभी हरियाणा झाक लो
- 49:00हम
- 49:00रावेंद्रजीत सिंह की बेटी कैबिनेट मंत्री
- 49:02है।
- 49:02जी
- 49:02किरण चौधरी की बेटी कैबिनेट मंत्री हैं।
- 49:06सिंपल उदाहरण दे रहा हूं। बस में ये तो जो
- 49:08बेचारे जिन्होंने संघर्ष किया सालों तक जो
- 49:11बीजेपी के संघ के कार्यकर्ता थे उनको क्या
- 49:13मिला? कुछ भी नहीं मिला। और जिस दिन ये
- 49:16होगा कि भाई अ सत्ता में कुछ परिवर्तन
- 49:20होने वाला है वो सारे कांग्रेस वापस आ
- 49:22जाएंगे।
- 49:23ये ये बड़ी अच्छी बात आपने कही। यहां से
- 49:25मैं कहता हूं आप जब जवाब देते हैं तो सवाल
- 49:27अपने आप पैदा हो जाता है।
- 49:29सारे वापस आ जाएंगे। ले भी लिए जाएंगे।
- 49:31आपको क्या मतलब आप तो इस चरित्र को जानते
- 49:34हो ना। कांग्रेस जिस तरीके से फंक्शन करता
- 49:35है और आप मुझे आपकी एक बात याद है कि
- 49:37राहुल गांधी को मैं समझता हूं। मतलब
- 49:40नहीं समझता नहीं समझने की कोशिश करता हूं।
- 49:42हां समझते हैं।
- 49:43मैं दूर से समझने की कोशिश करता हूं। उनसे
- 49:45जो लोग उनसे मिलते हैं, जो उनको जानते
- 49:47हैं, जो उनके नेचर को समझते हैं, जो उनके
- 49:50काम करने के तरीकों को समझते हैं। तो उनके
- 49:52माध्यम से मैंने पिछले कुछ सालों से उनको
- 49:54डिकोड करने की कोशिश करी है। वो उसमें मैं
- 49:56कितना कामयाब हुआ हूं जो दर्शकों को पता
- 49:58होगा।
- 49:58डिकोड करने
- 49:59लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि अगर
- 50:04इसके बारे में राहुल गांधी क्या सोचते
- 50:05होंगे? मतलब अभी जानना चाहते हो। हां
- 50:06एक्सक्टली वही
- 50:07ये तो नहीं मुझे पता एक्सक्टली
- 50:09मान लीजिए जैसे सिंधिया साहब हो गए कोई और
- 50:11बड़े नाम जितन प्रसाद आप ले लें ये सब लोग
- 50:13जब जाएंगे कि बस भाई
- 50:14जितिन प्रसाद आरपीए सिंह मिलिंद देवड़ा और
- 50:18सिंधिया जी और और अशोक चौहान और और कितने
- 50:22हैं बहुत सारे लोग हैं मतलब लंबी फेहरिस्त
- 50:24है जगदंबिका पाल
- 50:27सामने देख के पता लगता है कि यहां इतने
- 50:28सारे हैं तो मुझे ऐसा लगता है कि जो जितने
- 50:33लोगों ने यहां संघर्ष किया है
- 50:36इन इन सालों में जो यह संघर्ष के साल थे
- 50:39और अगर आप उनको वापस ले लेते हो
- 50:42तो यह उनके साथ अन्याय होगा
- 50:45जो लोग बने रहे
- 50:47जो लोग बने रहे संघर्ष करते रहे और देखो
- 50:50हमेशा ना उस व्यक्ति का साथ देना चाहिए जो
- 50:52आपके साथ खराब टाइम में हो अच्छे टाइम में
- 50:55तो दुनिया जाती है
- 50:57ऐसा ऐसा राहुल गांधी सोचते होंगे
- 50:59लेकिन सत्ता तो
- 51:00ये मुझे नहीं पता ऐसा मैं मानता हूं
- 51:02जो आपने डिकोड किया राहुल गांधी के
- 51:04अंडरस्टैंडिंग को उस हिसाब से अभी बात कर
- 51:05लेकिन सत्ता को तो दुधारू गाय पसंद होगी
- 51:07ना मतलब जिसके नाम पे कुछ आ सकता है। अब
- 51:10मान लीजिए आप सत्ता में आ गए हैं जो
- 51:11संध्या जुड़ जाते हैं तो मध्य प्रदेश आपका
- 51:13और मजबूत हो जाएगा तो उनको जोड़ लीजिए कोई
- 51:15बात नहीं
- 51:16आप भी कितना मजबूत कर दिया बीजेपी जाके
- 51:18यहां तो आपको सीएम से कम बात नहीं कर रहे
- 51:20थे आप वहां आपके पास आप एिएशन मंत्री हो
- 51:23जहाज है नहीं वो टाटा को बेच दिए
- 51:26हम
- 51:28जो आदमी यहां पे उसको सिर्फ कांग्रेस
- 51:31पार्टी में जाके सीएम बनना है और जैसे वो
- 51:34वहां जाएगा ना वो बोलना छोड़ जाता है
- 51:38दरे बिछाना हमें मंजूर है। हम जमीनी
- 51:40कार्यकर्ता हैं।
- 51:41अच्छा मध्य प्रदेश में बीजेपी के पास जो
- 51:44एक लंबी फेहरिस्त है।
- 51:46नरोत्तम मिश्रा ही घर बैठे हुए हैं।
- 51:48नरेंद्र सिंह तोमर देख लो कहां है। शिवराज
- 51:50सिंह चौहान बेचारे घूम रहे हैं। अपनी
- 51:52कांस्टेंसी के लोगों के ऊपर हो रहे
- 51:54अत्याचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। अपनी
- 51:56सरकार के खिलाफ अपने मुख्यमंत्री के
- 51:57खिलाफ।
- 51:58हम
- 51:58सिंधिया जी तो बहुत दूर हैं उसमें उस
- 52:00फहरिस्त में। यहां थे ना यहां उनकी बहुत
- 52:03इज्जत थी।
- 52:05भाई साहब उनकी एक बोतल ग्रीन कलर की यूके
- 52:10नंबर रेंज रोवर है जिसको वो खुद चला के
- 52:12पहुंचते हैं दर्शन जनपद और सीधी गाड़ी
- 52:14अंदर ऐसे खोले छोड़ जाते थे सीधे एक दर्शन
- 52:16जनपद के अंदर जैसे इन्हीं का घर है ये
- 52:19इतना अधिकार था
- 52:20हे राहुल
- 52:22वो तो नॉर्मल सी बातें हैं उस पे तो मैं
- 52:25क्या ही कहूं
- 52:26हम
- 52:27लेकिन मैं वैसे बता रहा हूं आपको
- 52:29मतलब राहुल गांधी मैं वो ये समझना चाह रहा
- 52:31था जो आप
- 52:31मेरा ऐसा मानना है मेरा ऐसा मानना है कि
- 52:33अगर अगर ये लोग वापस आएंगे तो मुझे लगता
- 52:36है कि गांधी परिवार इसके ऊपर गहन मंथन
- 52:38करेगा। हालांकि उन लोगों के लिए वापस आना
- 52:41आसान है।
- 52:42बड़े लोगों के लिए।
- 52:43बड़े लोग हैं, बड़े घरों से हैं, वेल
- 52:45कनेक्टेड हैं, कॉर्पोरेट हाउसेस से जुड़े
- 52:47हुए हैं। इससे ज्यादा कुछ कहना नहीं
- 52:49चाहता।
- 52:51बहुत सारे फैक्टर्स जो हैं वो इसमें काम आ
- 52:54जाते हैं जो आपको हमको कई बार समझ
- 52:56एक इसमें एक फायदा भी हो सकता है कि जब जब
- 52:59कोई पार्टी कमजोर हो रही होती है ना उसके
- 53:02बाद से उससे लोग टूटने लगते हैं और वो
- 53:04दूसरी पार्टी में जाते हैं जो आ रही होती
- 53:06है उससे एक माहौल भी बनता है देश में
- 53:08हां
- 53:08है ना तो मुझे लगता है ये फैक्टर भी होगा
- 53:10वो तो सर्फोलॉजिस्ट वगैरह भी इस चीज को
- 53:12बड़ा आकते हैं ना किस पे जॉइनिंग ज्यादा
- 53:15कहां चले गए तो क्योंकि नेताओं को अच्छे
- 53:18से पता होता है कि जमीन पे क्या ठीक बात
- 53:20है।
- 53:20कौन सी पार्टी आ रही है, कौन सी जा रही
- 53:21है, उनसे बेटर कौन जानता है विधायकों को,
- 53:23सांसदों को। तो उस उस चीज का कोई फैक्टर
- 53:26हो तो मुझे पता नहीं। अदरवाइज गहन विचार
- 53:29मंथन होगा और इसके अलावा
- 53:32जो इज्जत, मान सम्मान
- 53:36यहां रह के मिलती। यानी अगर आप यहीं रह
- 53:38रहे होते हैं और कल सत्ता में आप आ जाते
- 53:40हो तो हो सकता है कि आपको टॉप फाइव में से
- 53:42आपको कहीं कुछ मिल जाता। टॉप फाइव
- 53:44मंत्रालय की बात कर रहा हूं।
- 53:45हो सकता है कि अब नीचे से टॉप में पांच
- 53:47मिल जाए। जो नीचे के पांच है उनमें से मिल
- 53:49जाए
- 53:50और क्या पता आए ही ना वापस यह भी तो हो ही
- 53:52सकता है ना एक संभावना तो बहुत
- 53:54नहीं इसकी मुझे संभावना कम लगती है
- 53:58बड़े लोग सत्ता के बगैर रह नहीं पाते
- 54:01ये जो लुटियंस के बंगले हैं ना
- 54:05हम
- 54:06चार-चार पांचप एकड़ के टाइप एट के इनकी
- 54:10आदत छूटती नहीं है। वो आप जब एक फ्लैट में
- 54:13रहने लगते हो ना एक फ्लोर पे या एक फ्लैट
- 54:15पे
- 54:16हम
- 54:16कितना बड़ा फ्लोर ले लोगे 5000 स्क्वायर
- 54:18फीट का ले लोगे
- 54:19हम
- 54:20वो पांच एकड़ का है
- 54:24वो आसानी से जाता नहीं है
- 54:27बहुत सारे लोग तो ऐसे हैं जिन्होंने घरों
- 54:29के लिए पार्टी छोड़ दी
- 54:31हां ठीक बात है घर की लड़ाई तो बहुत बड़ी
- 54:34लड़ाई है जो मधुबनी के किसी छोटे से गांव
- 54:37में भी होती है और लुटिया तक
- 54:38विचार विचारधारा अब बची नहीं है कल कोई
- 54:41मुझसे पूछ रहा था कि आपकी विचारधारा क्या
- 54:43है?
- 54:43हम
- 54:44मैंने कहा पहली बात तो पत्रकार की
- 54:46विचारधारा होनी नहीं चाहिए। हम
- 54:47पहली बात लेकिन आजकल जिस हिसाब से
- 54:50पोलराइजेशन हो रखा है समाज में और सरकार
- 54:52ने जो आके किया है मीडिया के साथ भी मैंने
- 54:55कहा मैं मैं नेहरू की तरह समाजवादी हूं।
- 55:00नेहरू समाजवादी क्यों थे?
- 55:03क्योंकि वो रिच थे।
- 55:05ऑटो में बैठ के समाजवाद नहीं आता। समाजवाद
- 55:08लैंड क्लोजर में ही आता है।
- 55:09शाहरुख खान भी कहता है ना पेट भरा हो तो
- 55:11दार्शनिकता बाहर आती है।
- 55:13नहीं मैं मैं तो इस बात को मानता हूं
- 55:15जी
- 55:16कि ऑटो में समाजवाद नहीं आएगा। समाजवाद
- 55:19आएगा लैंड क्रूज़र में
- 55:20हम
- 55:20जैसे अखिलेश यादव का है। तो मैं पंडित
- 55:23नेहरू की तरह समाजवादी हूं।
- 55:25ठीक है। तो बेचारा दादा आपने जान लिया है।
- 55:27एक आखरी सवाल ले लेते हैं साहब। एक
- 55:29इलेक्शंस हुए हैं। इलेक्शंस को तो हम कैसे
- 55:31मना कर सकते हैं और सारी स्थितियां आप
- 55:34देखते रहिए। आप कह रहे हैं ओरा डाउन हो
- 55:37गया। आप कह रहे हैं कि इनविंसिबल थे। अब
- 55:39इनविंसिबल नहीं रहे। आप कह रहे हैं जजी
- 55:41इनके खिलाफ हो गया है। सारा माहौल इनके
- 55:44खिलाफ एमएलसी इलेक्शंस होता है। झंडा गाड़
- 55:46देती है बीजेपी। बैलेट पेपर से चुनाव
- 55:48करवाइए। आप कहते रहते हैं। बैलेट से चुनाव
- 55:50हुए वहां भी शून्य। मोदी जी लिख भी रहे
- 55:52हैं। ये तो बैलेट से भी जीरो हैं।
- 55:55लेकिन आपको ये पता है कि जो मोदी जी की
- 55:58वाराणसी लोकसभा सीट है वहां से आप दोनों
- 56:00सीटें हार गए हो।
- 56:01आपको यह पता है कि जो आपका आरएसएस का हेड
- 56:03क्वार्टर है नागपुर आप वहां से भी हार गई
- 56:05है। बीजेपी प्रयागराज से भी हार गई है।
- 56:08आगरा से भी हार गई है। ऐसे बहुत सारी
- 56:11सीटें वो हार गई है। इन्होंने लिखने में
- 56:13जल्दी कर दी। रिजल्ट का इंतजार नहीं किया।
- 56:16पहली बात। दूसरी बात पीएम ने जो ट्वीट
- 56:19किया है मोदी जी ने ये कहा है कि नहीं
- 56:21बैलेट से भी हार गए हैं। ठीक है? दरअसल
- 56:24दर्शकों को बताना ये बहुत जरूरी है कि तीन
- 56:27चुनाव ऐसे हैं इस देश के राष्ट्रपति का
- 56:30चुनाव, इस देश के में राज्यसभा का चुनाव
- 56:34और विधान परिषद का चुनाव।
- 56:35विधान परिषद हर राज्य में नहीं है। बहुत
- 56:38कम राज्यों में है।
- 56:38जी
- 56:39जैसे हमारे यहां तो है ही नहीं। हरियाणा,
- 56:41पंजाब, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल,
- 56:44उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, मध्य
- 56:47प्रदेश,
- 56:49गुजरात यहां नहीं है विधान परिषद।
- 56:51बिहार में है, महाराष्ट्र में है, यूपी
- 56:53में है, ऐसे सिलेक्टिव राज्यों में है,
- 56:55कर्नाटका में है। तो इनका इनके जो चुनाव
- 56:58होते हैं राष्ट्रपति का, राज्यसभा का और
- 57:02विधान परिषद का ये ईवीएम पे नहीं हो सकता।
- 57:05इसका कारण क्या है कि इसमें प्रेफरेंस वोट
- 57:08पड़ती है। प्रेफरेंस वन, प्रेफरेंस टू,
- 57:10प्रेफरेंस थ्री।
- 57:12तो आपने एक तो लोगों को झूठ बोला कि बैलेट
- 57:15पेपर से भी हार गए। वो चुनाव बैलेट पेपर
- 57:17पे ही होना था। हम
- 57:18प्रधानमंत्री जी ट्रोल की तरह बिहेव कर
- 57:20रहे थे और खाली उन्होंने नहीं हर
- 57:23मुख्यमंत्री से ट्वीट कराए गए
- 57:26हर मीडिया हाउस के मालिक से ट्वीट कराए गए
- 57:28जी
- 57:29ठीक है एक नरेटिव बिल्ड अप करने के लिए और
- 57:31जब नागपुर सीट हार गए तो फिर महाराष्ट्र
- 57:33के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने अपना
- 57:35ट्वीट डिलीट कर लिया
- 57:37हम
- 57:37आप तो जीरो बोल रहे थे ना आप जब आप नागपुर
- 57:40ही हार जा रहे हो
- 57:41नागपुर
- 57:42जब आप पीएम की का्स में ही हार रहे हो
- 57:45और आप आप नरेटिव क्या बिल्ड अप कर रहे हो
- 57:48कि बैलेट से कांग्रेस
- 57:49चलो अच्छा इसका दूसरी बात इसका दूसरा पहलू
- 57:51भी है। मैं उस पे आता हूं। इसका दूसरा
- 57:53पहलू यह है कि जब आपको इतना विश्वास है कि
- 57:57विपक्ष जो बैलेट पे हार रहा है तो आप कह
- 57:59दो इस देश की जनता को कि अगला चुनाव जो
- 58:02होगा वो बैलेट पे होगा।
- 58:04इन लोगों को ईवीएम पे शक है ना।
- 58:07शक ही दूर कर देते हैं।
- 58:08कर देते हैं। मुझे भरोसा है अपनी
- 58:10लोकप्रियता पे। अगला चुनाव बैलेट पे होगा।
- 58:13मान जाओ।
- 58:14हम
- 58:14दिखा दो करके।
- 58:16लेकिन एक नरेटिव बिल्ड अप करेंगे। उसमें
- 58:18झूठ फरेब जोड़ेंगे फिर लोगों को लोगों को
- 58:20भ्रमित करेंगे। मुझे लगता है कि कम से कम
- 58:22इस देश के प्रधानमंत्री को ऐसा नहीं करना
- 58:24चाहिए। वो एक उनको ही शुड बी एबल लाइक अ
- 58:27स्टेट्समैन।
- 58:28हम
- 58:29आप झूठ मतलब ट्रोल की तरह बात कर रहे हो
- 58:31आप।
- 58:34तो मुझे वो देख के थोड़ी पीड़ा हुई। फिर
- 58:35मैंने लिखा भी कि यार ये कोई बात है।
- 58:38प्रेफरेंस की वोट ईवीएम पे कैसे पड़
- 58:39जाएंगी? हम
- 58:41है ही नहीं उसमें वो
- 58:44हमेशा से अब अब याद होगा तुम्हें हर बारी
- 58:47हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में क्या होता
- 58:48है कागज पे कभी शाई लग जाती है कभी पेन
- 58:52चेंज कर देते हैं क्यों होता है वो
- 58:55क्योंकि वो बैलेट पे होता है
- 58:56बैलेट पे होता है
- 58:57प्रेफरेंशियल वोट है वो ईवीएम में पड़ी
- 58:59ईवीएम में पढ़ नहीं सकते ना
- 59:00बेसिक सेंस है कॉमन सेंस
- 59:02लेकिन वो कॉमन सेंस लोगों में है तो नहीं
- 59:04मीडिया हाउसेस के मालिक ट्वीट कर रहे हैं
- 59:07तो ताली पीट रहे हैं
- 59:11मुझे देख के हैरानी होती है कि ये लोग
- 59:12अपने अंदर झागते नहीं है कि तुम लोग क्या
- 59:14कर रहे हो?
- 59:15देखिए क्यों नहीं झागते उसका जवाब ओम
- 59:17प्रकाश राजभर ने दे दिया था। उनको लगता है
- 59:19आम आदमी जो है वो अनपढ़ है। सुना था आपने
- 59:22वो जवाब कैसे हार गए? तो पढ़े लिखे लोग
- 59:25वोट देते हैं। पढ़े लिखे लोग बीजेपी
- 59:28ग्रेजुएट कांस्टेंसी में आप इसलिए हार गई
- 59:31बीजेपी के पढ़े लिखे वोट मत दे। लेकिन
- 59:33राजभर जी गलत बोल गए। पढ़े लिखे वो जो लोग
- 59:36हैं वो ज्यादा साथ हैं बीजेपी के। हम्।
- 59:39वह सारे अंकल जो गवर्नमेंट जॉब्स में थे
- 59:41कांग्रेस के टाइम पे और उनके टाइम की
- 59:43पेंशन भी खा रहे हैं।
- 59:44वह सारे
- 59:46इनके साथ
- 59:46उनको आप समझा नहीं सकते।
- 59:48हां असल में।
- 59:50हां। तो राजभर जी जो है ना वो अच्छे से
- 59:51डिकोड नहीं कर पा रहे हैं समाज को।
- 59:53पढ़े लिखे लोग वोट दे रहे हैं। राजभर जी
- 59:54ज्यादा चिंता नहीं करने का।
- 59:56आप ही का वोट बैंक करो।
- 59:57आप ही का वोट बैंक।
- 59:58जब तक आप भाजपा के साथ हो।
- 59:59हां और भाजपा के साथ नहीं तो विकास नहीं।
- 1:00:04ये तो खुद मोदी जी कहते हैं जब तक साथ
- 1:00:07रहेगा तब तक विकास रहेगा। बहरहाल बहुत
- 1:00:09सारे मुद्दों पे चर्चा हुई। यात्रा हमने
- 1:00:10जैसे आपको बताई थी वैसे करने की कोशिश की।
- 1:00:12मीटिंग में बैठने का मेरा मन तो था।
- 1:00:14मीटिंग में बिठाया ही नहीं। आदेश जी ने
- 1:00:16साफ-साफ मना कर दिया।
- 1:00:17पूरी है। अब राहुल गांधी के साथ बैठ के
- 1:00:19आपकी जो चर्चा हुई है अगर वो ये कहें कि
- 1:00:22ठीक है भैया ये ऑन रिकॉर्ड है इसको आप यूज़
- 1:00:23कर लो।
- 1:00:24तो मैं कर लूंगा। अब उन्होंने कह दिया कि
- 1:00:26नहीं ये ऑफ रिकॉर्ड है। इसके बारे में बात
- 1:00:28नहीं करनी है। तो तुम क्या चाहते हो? वो
- 1:00:30अगली बार मुझे बुलाए ना।
- 1:00:31ना आप चाहे तो जाते रहे साहब। लेकिन अगली
- 1:00:34बार जाए तो ऑन रिकॉर्ड भी कोई बात आ जाए
- 1:00:36तो मजा रहेगा। बहरहाल कोशिश की हमने जो
- 1:00:38समसामिक विषय हैं उसके बारे में चर्चा की
- 1:00:41जाए। आदेश जी के इनसाइट्स आप तक पहुंचाए
- 1:00:43जाए। पहुंचाने की कोशिश हमने की सुनी आपने
- 1:00:45कैसी लगी? कुछ सुलझा रह गया हो तो आप बता
- 1:00:48दीजिएगा लिख दीजिएगा। मणिपुर की का वादा
- 1:00:50किया है आदेश जी ने। तो मणिपुर से रिलेटेड
- 1:00:52कोई सवाल हो तो वो भी लिख दीजिएगा।
- 1:00:54बहुत-बहुत शुक्रिया देखने के लिए और
- 1:00:55बहुत-बहुत शुक्रिया आदेश जी।
- 1:00:56थैंक यू जी।
About this transcript
This page contains the full transcript of Rahul Gandhi की रैली के ख़िलाफ़ BJP के व्यापारी और Godi Media! | Dekhi Jaayegi by Molitics, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 11,589 words across 1,694 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
What you can do with it
Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.
Free YouTube transcript tool
YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.