ये तीन मूर्तियां पूजा घर में भूलकर भी न रखें? भयंकर दोष निर्माण करती है! Premanand ji maharaj — Transcript
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- 0:00चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन अपने पूजा मंदिर
- 0:03में कुछ मूर्तियां कभी ना रखें वरना आपको
- 0:05भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इससे घर
- 0:08में गरीबी और कंगाली आ सकती है। वास्तु
- 0:11शास्त्र के अनुसार कुछ चीजें ऐसी होती हैं
- 0:14जिन्हें पूजा मंदिर में भूलकर भी नहीं
- 0:17रखना चाहिए। हो सकता है कि आप भी अपने
- 0:20मंदिर में ऐसी चीजें रख चुके हो जिनकी वजह
- 0:23से घर में तरक्की नहीं हो रही। धन की कमी
- 0:25बनी हुई है और बार-बार मेहनत करने के
- 0:28बावजूद सफलता नहीं मिल रही। इसका कारण यह
- 0:31हो सकता है कि आपने बिना जानकारी के अपने
- 0:34पूजा मंदिर में कुछ ऐसी चीजें रख दी हैं
- 0:36जो नकारात्मक असर डाल रही हैं। बाद में
- 0:39हमें इसका पछतावा होता है। आज हम आपको
- 0:42बताएंगे कि पूजा मंदिर में किन चीजों को
- 0:44रखना शुभ होता है और किन चीजों को रखने से
- 0:47बचना चाहिए। साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे
- 0:50दीपक जलाने का सही समय और जलाते समय कौन
- 0:53सा मंत्र बोलना चाहिए। घंटी कब बजानी
- 0:56चाहिए? सुबह या शाम शंख कितनी बार और कब
- 0:59बजाना चाहिए? और शंख बजाते समय कौन सा
- 1:02मंत्र पढ़ना चाहिए? पूजा मंदिर में जलने
- 1:05वाले दीपक को रोज धोना चाहिए या नहीं?
- 1:07मंदिर में कितनी मूर्तियां रखनी चाहिए? इन
- 1:10सभी सवालों के जवाब हम आज आपको देंगे। एक
- 1:13बहन ने हमसे पूछा था गुरु जी हम पूजा पाठ
- 1:16तो बहुत करते हैं। फिर भी हमें उसका कोई
- 1:19फल नहीं मिलता बल्कि उल्टा नुकसान होता
- 1:21है। तो आज हम इस प्रवचन में इसके पीछे के
- 1:26रहस्यों को भी उजागर करेंगे। पूजा हमारे
- 1:28जीवन का अहम हिस्सा होती है। हर कोई किसी
- 1:31ना किसी देवी देवता की पूजा जरूर करता है।
- 1:34कोई देवी देवताओं की पूजा करता है तो कोई
- 1:37भगवान श्री हरि विष्णु की उपासना करता है
- 1:40और उनकी पूजा का फल भी मिलता है। लेकिन
- 1:42क्या आप जानते हैं कि कई बार छोटी-छोटी
- 1:45गलतियां हमारी पूजा का पूरा फल मिलने में
- 1:48रुकावट बन जाती हैं। ये गलतियां अनजाने
- 1:51में हो जाती है और हम इन्हें मामूली समझकर
- 1:54नजरअंदाज कर देते हैं। हमारे शास्त्रों
- 1:57में इन बातों का विशेष उल्लेख किया गया है
- 2:00ताकि हम अपनी पूजा का पूरा फल प्राप्त कर
- 2:03सकें। आज के इस प्रवचन में हम उन सात
- 2:06चीजों के बारे में बात करेंगे जिन्हें
- 2:08पूजा मंदिर में भूलकर भी नहीं रखना चाहिए।
- 2:12और उन पांच चीजों के बारे में भी बताएंगे
- 2:14जो पूजा मंदिर में जरूर होनी चाहिए। इन
- 2:17सभी सवालों के जवाब आपको आज के प्रवचन में
- 2:20मिलेंगे। आजकल हर घर में एक मंदिर होता
- 2:23है। लेकिन क्या आपको पता है कि उसमें क्या
- 2:26रखना चाहिए और क्या नहीं? यह जानकारी आपके
- 2:29परिवार की तरक्की और माता लक्ष्मी के
- 2:31आशीर्वाद के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अगर
- 2:33आपके घर के मंदिर में गणेश जी की मूर्ति
- 2:36या तस्वीर के अलावा ये तीन मूर्तियां रखी
- 2:38हैं तो कान खोलकर सुनो। आज भी कई लोग
- 2:42मंदिर के सामने ऐसी गलतियां कर बैठते हैं
- 2:44जो उन्हें दुख और परेशानियों की ओर ले
- 2:47जाती हैं। कुछ लोग घर के मंदिर के सामने
- 2:50ही अनुचित कार्य कर देते हैं। यह एक
- 2:52नकारात्मक कर्म है जो परिवार को मुश्किलों
- 2:55में डाल सकता है। अक्सर देखा जाता है कि
- 2:58पति पत्नी बिना सही समय का ध्यान रखे जब
- 3:02चाहे घर के मंदिर के पास आपस में व्यवहार
- 3:06करने लगते हैं। ऐसे लोग अनजाने में, खुद
- 3:09को और अपने परिवार को कष्ट में डाल देते
- 3:12हैं। और वे कौन सी सात चीजें हैं जिन्हें
- 3:16आपको अपने घर के मंदिर में बिल्कुल नहीं
- 3:18रखना चाहिए। पूजा घर में कुछ चीजें रखने
- 3:20का बहुत महत्व होता है। अगर आप चाहते हैं
- 3:23कि आपके घर में धन, सुख और समृद्धि आए तो
- 3:26यह जरूरी है कि आप अपने पूजा घर में सही
- 3:30चीज रखें। शास्त्रों के अनुसार यदि पूजा
- 3:33घर में कुछ अशुभ चीजें रखी जाए तो यह आपके
- 3:36घर के वातावरण को नकारात्मक बना सकती हैं
- 3:38और माता लक्ष्मी भी ऐसे घर से दूर हो जाती
- 3:41हैं। आज हम जानेंगे उन विशेष चीजों के
- 3:44बारे में जिनका पूजा घर में होना बहुत
- 3:46जरूरी है। अगर आप घर में सुख और समृद्धि
- 3:49की कामना करते हैं तो यह तीन चीज पूजा घर
- 3:53में जरूर रखें। स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने
- 3:55भी कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर
- 3:58में एक छोटा सा पूजा घर या मंदिर बनाना
- 4:02चाहिए। जहां वह अपनी श्रद्धा और विश्वास
- 4:05के अनुसार अपने प्रिय देवी देवताओं की
- 4:07तस्वीरें, पूजा सामग्री और अन्य
- 4:10महत्वपूर्ण चीजों रख सके। लेकिन हमारे
- 4:13शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि
- 4:15जितना कुछ चीजों को मंदिर में रखना शुभ
- 4:18होता है उतना ही कुछ चीजों को रखना अशुभ
- 4:21भी हो सकता है। कुछ ऐसी वस्तुएं होती हैं
- 4:24जिनसे घर में नकारात्मकता बनी रहती है।
- 4:27परिवार में लड़ाई झगड़े होते हैं और धन की
- 4:30हानि हो सकती है। आज के प्रवचन में हम
- 4:33उन्हीं अशुभ चीजों के बारे में जानेंगे
- 4:35जिन्हें लोग कई बार अनजाने में अपने घर के
- 4:38मंदिर में रख देते हैं। अगर आपके घर के
- 4:40मंदिर में भी ऐसी चीजें रखी हुई हैं तो
- 4:42उन्हें तुरंत वहां से हटा दें और किसी
- 4:44दूसरे स्थान पर रख दें। लेकिन भूलकर भी
- 4:47पूजा घर में ना रखें। कुछ लोग ऐसा इसलिए
- 4:50करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यह
- 4:51चीज धार्मिक है और इनकी पूजा की जानी
- 4:53चाहिए। लेकिन सच यह है कि इन चीजों को
- 4:57मंदिर में रखना आपके घर के वातावरण को
- 5:00नकारात्मक बना सकता है और यह परिवार के
- 5:03लिए हानिकारक हो सकता। आज हम इस प्रवचन
- 5:06में हम जानेंगे कि कौन सी वे चीजें हैं
- 5:10जिन्हें आपको अपने पूजा घर से हटाकर कहीं
- 5:12और रख देना चाहिए। ध्यान से समझें कि क्या
- 5:16आपके घर के मंदिर में कोई ऐसी वस्तु तो
- 5:19नहीं रखी हुई है जो आपकी परेशानियों का
- 5:23कारण बन रही है। भगवान श्री कृष्ण ने कहा
- 5:25था कि कलयुग में लोग कुछ अशुद्ध चीजों को
- 5:29धार्मिक मानकर उनकी पूजा करेंगे। जबकि
- 5:31शास्त्रों में उन्हें वर्जित माना गया है।
- 5:34यह भविष्यवाणी उन्होंने पहले ही कर दी थी।
- 5:37आजकल लोग भटक जाते हैं और गलत चीजों को
- 5:40धार्मिक मानकर पूजा करने लगते हैं। भगवान
- 5:43श्री कृष्ण के अनुसार हमारे देश की परंपरा
- 5:46मिट्टी से जुड़ी हुई है। इसलिए पूजा घर
- 5:49में पारंपरिक मिट्टी का दीपक जरूर होना
- 5:51चाहिए। अगर आप मिट्टी का दीपक नहीं रख
- 5:54सकते तो धातु के दीपक का उपयोग करें और
- 5:56अगर आपकी भगवान में गहरी आस्था है तो आप
- 5:59उपला का दीपक जलाकर उसमें गुड़ और घी डाल
- 6:02सकते हैं। इससे घर में सुख शांति बनी रहती
- 6:05है। अब हम जानेंगे उन चीजों के बारे में
- 6:08जो पूजा घर में जरूर होनी चाहिए। सबसे
- 6:11पहले स्वस्तिक घर में सौभाग्य और समृद्धि
- 6:14का प्रतीक माना जाता है। आप इसे रोली से
- 6:17बना सकते हैं। इसके बाद आता है कलश। भगवान
- 6:20श्री कृष्ण ने कहा है कि कलश सुख और
- 6:23समृद्धि का प्रतीक होता है। पूजा घर में
- 6:26रोली और कुमकुम से स्वस्तिक बनाकर कलश
- 6:28जरूर रखें। इससे घर में धन, वैभव और शांति
- 6:32बनी रहती है। तीसरी चीज है शंख। शंख
- 6:35समुद्र मंथन के 14 रत्नों में से एक है और
- 6:39यह मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। शंख
- 6:42की ध्वनि से सकारात्मक ऊर्जा का संचार
- 6:44होता है जिससे घर में समृद्धि बनी रहती
- 6:47है। फिर आता है घंटी। जब घर के मंदिर में
- 6:50घंटी बजती है तो वातावरण शुद्ध और पवित्र
- 6:54होता है। इससे नकारात्मक शक्तियां दूर
- 6:57होती हैं और घर में सुख समृद्धि के द्वार
- 7:00खुलते हैं। इसके अलावा शंख, गोमती चक्र और
- 7:03जल रखना भी बहुत शुभ माना जाता है। शंख से
- 7:06भगवान का आशीर्वाद मिलता है। गोमती चक्र
- 7:09से घर में समृद्धि आती है और जल रखने से
- 7:13घर की ऊर्जा शुद्ध होती है। ध्यान दें कि
- 7:16इस जल को नियमित रूप से बदलते रहें और शंख
- 7:19गोमती चक्र को भी साफ रखें ताकि घर का
- 7:22माहौल हमेशा सकारात्मक बना रहे। अब अगली
- 7:25बात शिवलिंग के बारे में है। अगर आप घर
- 7:27में शिवलिंग रखते हैं तो यह बहुत पवित्र
- 7:30माना जाता है। लेकिन ध्यान रखें कि
- 7:33शिवलिंग को हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में
- 7:36रखें। इसे ऐसे स्थान पर रखें जहां ज्यादा
- 7:38हलचल ना हो और यह हमेशा स्वच्छ रहे। इससे
- 7:41पूजा का प्रभाव अधिक लाभकारी होता है। अब
- 7:44हम उन चीजों के बारे में बात करेंगे
- 7:46जिन्हें पूजा घर में नहीं रखना चाहिए।
- 7:49सबसे पहले गणेश जी की विषम संख्या में
- 7:53मूर्तियां तीन या पांच की संख्या में ना
- 7:56रखें। दो गणेश जी की मूर्तियां रखना शुभ
- 7:59माना जाता है। यदि आप अपने मंगल की कामना
- 8:03करते हैं तो गणेश जी की मूर्ति को मुख्य
- 8:05द्वार पर अंदर की ओर मुंह करके रखें। बाहर
- 8:08की ओर नहीं। दूसरी चीज है टूटे हुए चावल।
- 8:12पूजा घर में कभी भी टूटे हुए चावल ना रखें
- 8:14क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का संचार करते
- 8:18हैं। पुराने चए हुए चावल भी ज्यादा समय तक
- 8:21नहीं रखने इन्हें समय-समय पर हटा देना
- 8:23चाहिए। तीसरी चीज है पूर्वजों की तस्वीर।
- 8:27पूजा घर में मृत पूर्वजों की तस्वीर रखना
- 8:30अशुभ माना जाता है। क्योंकि मृतकों का
- 8:33स्थान देवताओं के बराबर नहीं होता। इसे
- 8:36अलग स्थान पर रखना चाहिए ताकि पूजा घर की
- 8:39पवित्रता बनी रहे। इससे घर के वातावरण में
- 8:42नकारात्मकता आ सकती है। चौथी चीज है साधु
- 8:45संतों की मूर्तियां। अगर आप किसी साधु संत
- 8:48को मानते हैं तो उनकी तस्वीर दीवार पर लगा
- 8:50सकते हैं। लेकिन पूजा घर में नहीं रखनी
- 8:53चाहिए। इसी तरह भैरव जी, शनिदेव और काली
- 8:56माता की मूर्तियां भी पूजा घर में नहीं
- 8:59रखनी चाहिए। साथ ही माता लक्ष्मी की खड़ी
- 9:02हुई मूर्तियां की पूजा भी नहीं करनी
- 9:04चाहिए। माता लक्ष्मी हमेशा बैठी हुई
- 9:06मुद्रा में होनी। ध्यान रखें कि घर के
- 9:09पूजा मंदिर में एक से ज्यादा देवी देवताओं
- 9:12की तस्वीरें या मूर्तियां नहीं रखनी
- 9:14चाहिए। इससे पूजा की ऊर्जा का संतुलन
- 9:17बिगड़ सकता है और उसका प्रभाव कम हो सकता
- 9:20है। एक ही देवी देवता की तस्वीर या मूर्ति
- 9:23रखें ताकि पूजा के समय उनकी ऊर्जा सही
- 9:26तरीके से आपके जीवन में पहुंचे। भगवान की
- 9:29मूर्तियां और तस्वीरें हमेशा अच्छी स्थिति
- 9:32में रखें। अगर किसी मूर्ति या तस्वीर में
- 9:35कोई टूटफूट हो जाए तो उसे तुरंत पूजा स्थल
- 9:38से हटा दें। टूटी हुई मूर्तियां घर की
- 9:42ऊर्जा को नकारात्मक बना सकती हैं और पूजा
- 9:45स्थल की पवित्रता भी कम कर सकती हैं। तो
- 9:48यह है वह चीजें जो आपके पूजा घर में नहीं
- 9:51होनी चाहिए। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान
- 9:54रखकर आप अपने घर को सुख, समृद्धि और
- 9:57आशीर्वाद से भर सकते हैं। अब हम जान लेते
- 9:59हैं पूजा मंदिर से जुड़े कुछ जरूरी नियमों
- 10:02के बारे में। पहले बात पूजा करते समय आपका
- 10:04मुख हमेशा पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए।
- 10:07यह दिशा बहुत शुभ मानी जाती है। क्योंकि
- 10:10इससे आपके आसपास सकारात्मक ऊर्जा का
- 10:12प्रवाह होता है। हालांकि अगर पश्चिम दिशा
- 10:15में बैठकर पूजा करनी हो तो भी कर सकते
- 10:18हैं। लेकिन पूर्व दिशा में बैठना अधिक
- 10:20लाभकारी होता है। घर की सीढ़ियों के पास
- 10:24पूजा घर बनाना अच्छा नहीं माना जाता। ऐसा
- 10:27करने से पूजा स्थल में नकारात्मक ऊर्जा आ
- 10:29सकती है। इसलिए कोशिश करें कि पूजा घर को
- 10:33घर के शांत और एकांत स्थान पर बनाएं।
- 10:36भगवान का आसन हमेशा ऊंचा होना चाहिए। यानी
- 10:39जहां आप बैठते हैं भगवान का स्थान उससे कम
- 10:42से कम 10 से 11 इंच ऊंचा होना चाहिए।
- 10:45भगवान की मूर्ति या प्रतिमा को जमीन पर
- 10:48रखना अशुभ माना जाता है। इसलिए उनका आसन
- 10:52ऊंचा रखें ताकि पूजा स्थल में सकारात्मक
- 10:55ऊर्जा बनी रहे और ऊर्जा का प्रवाह सही
- 10:58दिशा में हो। जब आप पूजा करें तो हमेशा
- 11:00किसी चटाई या कालीन पर बैठे। इससे ना
- 11:03सिर्फ आपको आराम मिलेगा बल्कि पूजा में
- 11:06आपकी एकाग्रता और मनोबल भी बढ़ेगा। ध्यान
- 11:08रखें कि आपका आसन भगवान के आसन से ऊंचा ना
- 11:12हो क्योंकि ऐसा करने से श्रद्धा और सम्मान
- 11:15की भावना मजबूत होती है। पूजा घर में कभी
- 11:18भी सड़े गले या मुरझाए हुए फूल नहीं रखने
- 11:21चाहिए। ऐसे फूल पूजा में शामिल करना अशुभ
- 11:24माना जाता है। हमेशा ताजे और खिले हुए
- 11:27फूलों का ही उपयोग करें। जब फूल मुरझा जाए
- 11:30तो उन्हें मिट्टी में दबा दें ताकि घर में
- 11:33नकारात्मक ऊर्जा ना फैले और पवित्रता बनी
- 11:36रहे। कभी भी अपने सोने के कमरे में पूजा
- 11:39घर ना बनाएं। यदि सोने के कमरे में मंदिर
- 11:42बनाना जरूरी हो तो सुनिश्चित करें कि रात
- 11:44के समय मंदिर को ढक कर रखें। आप मंदिर पर
- 11:47पर्दा भी लगा सकते हैं ताकि वहां से
- 11:49निकलने वाली है। सकारात्मक ऊर्जा आपके
- 11:52सोने की जगह को प्रभावित ना करें। सनातन
- 11:55परंपरा के अनुसार पूजा करते समय काले
- 11:58कपड़े नहीं पहनने चाहिए। ऐसा माना जाता है
- 12:01कि काले कपड़े पहनने से मन में
- 12:04नकारात्मकता आ सकती है जो पूजा की ऊर्जा
- 12:07को प्रभावित कर सकती है। इसलिए हमेशा
- 12:09हल्के और शुभ रंग के कपड़े पहने ताकि मन
- 12:12में शांति और सकारात्मकता बनी रहे। तो यह
- 12:15कुछ जरूरी नियम थे जिनका पालन करके आप
- 12:18अपने पूजा स्थल को और भी पवित्र और
- 12:21प्रभावशाली बना सकते हैं। इन नियमों का
- 12:24पालन करें और अपने जीवन में शांति,
- 12:26समृद्धि और सकारात्मकता का अनुभव करें। अब
- 12:30हम जान लेते हैं पूजा मंदिर में दीपक
- 12:32जलाने से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियमों के
- 12:35बारे में। दीपक जलाना एक बहुत ही शुभ
- 12:38कार्य माना जाता है। लेकिन इसे सही तरीके
- 12:41से करना बेहद जरूरी है। सही तरीके से दीपक
- 12:45जलाने से भगवान की कृपा मिलती है और घर
- 12:48में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। दीपक
- 12:52का स्थान बहुत महत्वपूर्ण होता है। दीपक
- 12:55को हमेशा भगवान की मूर्ति के सामने रखें
- 12:58ताकि उसकी रोशनी भगवान के आशीर्वाद और
- 13:01कृपा का प्रतीक बने। इससे दीपक का प्रकाश
- 13:04आपके पूजा स्थल को पवित्र और ऊर्जा से भरा
- 13:06हुआ रखता है। हिंदू धर्म में दीपक जलाने
- 13:10के कुछ खास नियम बताए गए हैं। जैसे कभी भी
- 13:14खंडित दीपक नहीं जलाना चाहिए। खंडित दीपक
- 13:18से पूजा अपवित्र हो सकती है। पूजा करते
- 13:21समय दो दीपक एक साथ नहीं जलाने चाहिए। ऐसा
- 13:24करने से ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है और
- 13:27पूजा का असर कम हो सकता है। तेल और घी का
- 13:30दीपक एक साथ नहीं जलाना चाहिए। इन दोनों
- 13:33की ऊर्जा अलग-अलग होती है और ऐसा करने से
- 13:36पूजा की शक्ति पर नकारात्मक असर पड़ सकता
- 13:39है। दीपक को हमेशा उन समयों में जलाना
- 13:42चाहिए जब भगवान जग रहे हो। जैसे सुबह और
- 13:46शाम के समय सुबह पूजा करते समय दीपक जलाएं
- 13:50और फिर शाम की आरती के लिए भी दीपक जलाएं।
- 13:53यह समय पूजा और ध्यान के लिए सर्वोत्तम
- 13:55होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घी का
- 13:58दीपक हमेशा बाई तरफ और तेल का दीपक दाई
- 14:01तरफ रखें। इस प्रकार दीपक को सही दिशा में
- 14:04रखने से पूजा स्थल में ऊर्जा का संतुलन
- 14:08बना रहता है और घर में सकारात्मक प्रभाव
- 14:11आता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दीपक
- 14:14को कभी भी पश्चिम दिशा में नहीं रखना
- 14:16चाहिए। पश्चिम दिशा को नकारात्मक ऊर्जा की
- 14:19दिशा माना जाता है और इस दिशा में दीपक
- 14:22रखने से पूजा का प्रभाव कम हो सकता है।
- 14:25दीपक को हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में
- 14:28रखें क्योंकि यह दिशाएं पूजा में
- 14:30सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करती हैं और
- 14:33आपकी पूजा को फलदाई बनाती है। दीपक जलाते
- 14:36समय ध्यान रखें कि उसकी बाती का मुंह
- 14:39हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ हो। यह
- 14:42दिशा सकारात्मक ऊर्जा की दिशा मानी जाती
- 14:44है और इससे आपकी पूजा में शक्ति और प्रभाव
- 14:47बढ़ता है। साथ ही जब आप दीपक जलाएं तो
- 14:51ध्यान दें कि घी के दीपक में रुई की बाती
- 14:55और तेल के दीपक में लाल मोली वाली बत्ती
- 14:57का उपयोग करें। मां दुर्गा और मां लक्ष्मी
- 15:00के सामने गोल बाती का दीपक ना जलाएं। इससे
- 15:02पूजा में अनिष्ट प्रभाव उत्पन्न होगा। घी
- 15:05का दीपक जलाने के बाद तुरंत तेल का दीपक न
- 15:08जलाएं। दोनों दीपकों के बीच थोड़ा अंतर
- 15:11होना चाहिए ताकि वातावरण में शुद्धता और
- 15:13संतुलन बना रहे।
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