Polity Score Booster - Complete Polity in 1 Lecture I UPPCS Prelims 2026 #uppcs #polity — Transcript
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- 0:01हेलो ऑफिसर्स स्टडी स्मार्ट आईएस पीसीएस
- 0:03में आपका स्वागत है। ठीक है? मेरा नाम
- 0:05आयुष है और आज हम पिटी को करेंगे। स्कोर
- 0:08बूस्टर पीडीएफ से आज हम इंडियन पिटी को
- 0:10कवर करेंगे। ठीक है? और पिटी में इसके
- 0:12अलावा आपको कुछ भी पढ़ने की जरूरत नहीं
- 0:14है। ठीक है? अगर आप अभी तक आपने कुछ पढ़
- 0:16रखा है तो बहुत बढ़िया है। आपको उल्टा
- 0:17हेल्प ही मिलेगी। ठीक है? अगर आपने नहीं
- 0:19भी कर रखा है पिटी तो आपको आज इस लेक्चर
- 0:22के अलावा और कहीं से पिटी पढ़ने की जरूरत
- 0:24नहीं है। इसमें सारी चीजें आपकी कवर
- 0:26रहेंगी। ठीक है? आप देख सकते हो सारे
- 0:28चैप्टर्स जितने भी सारे चैप्टर्स हैं वो
- 0:30सारे 40 चैप्टर्स आज हम पढ़ेंगे इस मैराथन
- 0:33सीरीज में। ठीक है? वीडियो की स्पीड स्लो
- 0:35लग रही हो तो फास्ट कर लेना। 1.5 पे कर
- 0:37लेना। ठीक है? ताकि चीजें जल्दी कवर हो
- 0:40जाए। एंड अगर आपने अभी इस वीडियो को खोल
- 0:43रखा है तो अब इसे पूरा कंप्लीट करके जाना।
- 0:45ठीक है? बाद में मत टालना क्योंकि बाद में
- 0:46कभी चीजें हो नहीं पाती हैं तो ये मत
- 0:48सोचना हां एग्जाम से पहले देख लेंगे। अब
- 0:50बहुत दिन पास बचे हैं। एक महीना बचा है।
- 0:52तो बस आइए स्टार्ट करते हैं। ठीक है?
- 0:55चैप्टर वन जो है कॉन्स्टिट्यूशनल
- 0:56डेवलपमेंट है। इसको हम लास्ट में करेंगे
- 0:58क्योंकि इसमें बहुत सारी फैक्चुअल चीजें
- 0:59हैं। उसको कैसे पढ़ना है वो हम लास्ट में
- 1:00बताएंगे। तो चैप्टर सेकंड से स्टार्ट करते
- 1:02हैं आइए जो कि है कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली
- 1:04एंड द मेकिंग ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन।
- 1:07कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली का मतलब है ऐसी
- 1:08असेंबली जो देश का कॉन्स्टिट्यूशन बना है
- 1:10उसे हम क्या बोलते हैं? कॉन्स्टिट्यूएंट
- 1:12असेंबली बोलते हैं। ठीक है? तो अब देखो
- 1:14इसका आईडिया सबसे पहले किसको मिला? आईडिया
- 1:16ऑफ़ अ कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली। कि
- 1:18कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली बनाया जाए। ये
- 1:19सबसे पहले आईडिया एमएन रॉय को मिला। 1934
- 1:22में। इसको कैसे याद रखना? एमए रॉय। रॉय से
- 1:24क्या होता है? राय। राय। राय मतलब क्या
- 1:26होता है? एक सजेशन या कोई आईडिया। ठीक है?
- 1:28तो सबसे पहले उस चीज का आईडिया या सजेशन
- 1:30किसे मिला? एमए राय को मिला। ठीक है? इसके
- 1:33बाद पहली फॉर्मल डिमांड अगर आप देखोगे।
- 1:35ठीक है? ये तो ऐसे ही नॉर्मली एमए रॉय जी
- 1:37ने बोल दिया। लेकिन कोई फॉर्मल डिमांड
- 1:39किसने करी थी? भारतीय जनता पार्टी या
- 1:40कॉकरोच जनता पार्टी ने नहीं करी थी।
- 1:42फॉर्मल डिमांड करी थी स्वराज पार्टी ने।
- 1:44क्योंकि उस समय स्वराज बड़ा इंपॉर्टेंट था
- 1:46ना। स्वराज मतलब क्या होता है? कमेंट
- 1:47सेक्शन में बताओ। स्वराज मतलब होता है
- 1:49सेल्फ रूल। मॉडर्न हिस्ट्री में पढ़ेंगे
- 1:50हम। ठीक है? मॉडर्न हिस्ट्री भी मैं ही
- 1:52आपको कवर कराऊंगा। ठीक है? ठीक है? स्कोर
- 1:53बूस्टर से तो मॉडर्न हिस्ट्री भी हम
- 1:55पढ़ेंगे। स्वराज। स्वराज मतलब सेल्फ रूल।
- 1:56तो पहली फॉर्मल डिमांड स्वराज पार्टी ने
- 1:58करी थी। ये कॉन्फ्रेंस था रांची में।
- 2:00रांची कहां है? झारखंड में है। ठीक है?
- 2:02उसके बाद ये भी 1934 में था। 1935 में
- 2:05इंडियन नेशनल कांग्रेस ने डिमांड किया
- 2:07कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली फॉर द फर्स्ट
- 2:08टाइम इन 1935। ठीक है? तो इंडियन नेशनल
- 2:11कांग्रेस ने पहली बार कॉन्स्टिट्यूएंट
- 2:12असेंबली की डिमांड कब करी थी? 1935 में
- 2:15करी थी। यहां तक क्लियर हो गया? कोई
- 2:16दिक्कत नहीं है। अब आ जाओ महात्मा गांधी।
- 2:19ठीक है? बापू ने क्या बोला? बापू ने एक
- 2:21आर्टिकल लिखा। उस आर्टिकल का क्या नाम था?
- 2:22द ओनली वे इस आर्टिकल में बापू ने कहा कि
- 2:25कॉन्स्टिट्यूशन इंडियंस की अपनी मर्जी से
- 2:27बनना चाहिए। ठीक है? द कॉन्स्टिटुएंट
- 2:29असेंबली अलोन कैन प्रोड्यूस अ
- 2:30कॉन्स्टिट्यूशन इंडीजीनियस टू द कंट्री
- 2:32एंड ट्रूली रिप्रेजेंटिंग द विल ऑफ द
- 2:34पीपल। कि जो कॉन्स्टिटुएंट असेंबली है वही
- 2:36एक हमारे देश का इंडीजीनियस
- 2:38कॉन्स्टिट्यूशन बना सकती है। ठीक है?
- 2:40हमारे ही असेंबली हमारा कॉन्स्टिट्यूशन
- 2:41बना सकती है। जो हमारे लोगों के जो विल
- 2:43हैं, जो डिमांड्स हैं उनको रिप्रेजेंट
- 2:45करेगी। इसके बाद 1938 में नेहरू चाचा ने
- 2:48क्या बोला? ऑन द बिहाफ ऑफ द इंडियन नेशनल
- 2:50कांग्रेस नेहरू चाचा ने हमारे कहा कि
- 2:52कांग्रेस की तरफ से डिमांड की कि फ्री
- 2:53इंडिया का कॉन्स्टिट्यूशन इंडियंस की
- 2:55कॉन्स्टिटुएंट असेंबली बनाए और उस पर
- 2:57आउटसाइड इंटरफेरेंस ना हो। तो देखो
- 2:59डिक्लेयर्ड द कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ़ फ्री
- 3:01इंडिया मस्ट बी फ्रेम्ड विदाउट आउटसाइड
- 3:03इंटरफेरेंस। कि ये नहीं ब्रिटिशर्स बोले
- 3:05आओ यार हम बताएंगे कैसे बनाना है। नहीं
- 3:07नहीं। ठीक है? तो ये ध्यान रखना किसने
- 3:09क्या चीज बोली थी। एग्जाम में हो सकता है
- 3:10आपको स्टेटमेंट उठा के दे दे और चार ऑप्शन
- 3:12दे दे कि नेहरू ने बोला था या गांधी जी ने
- 3:14बोला था या सुभाष चंद्र जी ने बोला था।
- 3:16किसने बोला था? तिलक ने बोला था। तो आपको
- 3:18ये ध्यान रखना है। ठीक है? नेहरू ने बात
- 3:20करी थी आउटसाइड इंटरफेरेंस नहीं होना
- 3:21चाहिए। गांधी जी ने क्या बात करी?
- 3:23इंडीजीनियस की बात करी थी। क्लियर है?
- 3:26डिमांड एक्सेप्टेड इन प्रिंसिपल द अगस्त
- 3:28ऑफर 1940। देखो ब्रिटिशर्स ने इंडियंस की
- 3:31जो डिमांड है ना कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली
- 3:32बनाने की वो डिमांड एक्सेप्ट कर ली थी
- 3:34अगस्त ऑफर 1940 में। ठीक है? अगस्त ऑफर
- 3:361940 हम मॉडर्न हिस्ट्री में पढ़ेंगे। बस
- 3:38इतना ध्यान रखना कब एक्सेप्ट करी थी?
- 3:39एक्सेप्ट करी थी। ठीक है? इंप्लीमेंट नहीं
- 3:41हुआ था। बस मान लिया था। कब माना था?
- 3:43अगस्त ऑफर 1940 में। ठीक है? अब इसके बाद
- 3:46आ जाओ क्रिप्स मिशन। आपने मॉडर्न हिस्ट्री
- 3:47में सुना होगा क्रिस मिशन कब आया था? 1942
- 3:50में आया था। और क्रिस मिशन कब आया? मार्च
- 3:531942 में। ठीक है? अगस्त 1942 में क्या
- 3:55आया? याद है? अरे क्विट इंडिया मूवमेंट डू
- 3:57और डाई करो या मरो का नारा दिया था ना
- 3:59गांधी जी ने इसमें। ठीक है? ये अगस्त में
- 4:01आया। मार्च में आया 1942 में। तो ध्यान
- 4:03रखना क्रिप्स मिशन कब आया था? होली के समय
- 4:05आया था। ठीक है? मार्च में हमारे यहां
- 4:06होली बनती है ना? और होली में क्या खेलते
- 4:07हैं? हम कलर खेलते हैं। सी से क्रिप्स सी
- 4:09से कलर। ठीक है? तो ये कब आया था? मार्च
- 4:11में आया था। तो ब्रिटिश गवर्नमेंट ने 1942
- 4:14में सर स्टेफर्ड क्रिप्स नाम के व्यक्ति
- 4:17को इंडिया भेजा। ठीक है? अब क्यों भेजा?
- 4:19देखो यार सीधी सी बात है। 1939 से लेके 45
- 4:22तक क्या चल रहा था? आपको पता है ना वर्ल्ड
- 4:24वॉर सेकंड चल रहा था। तो इंडियंस का
- 4:25सपोर्ट चाहिए था वर्ल्ड वॉर सेकंड में।
- 4:27भाई इंडियंस आर्मी भेजेंगे। वो सब आएंगे,
- 4:29लड़ेंगे ब्रिटिश की तरफ से। तो इंडियंस का
- 4:31सपोर्ट चाहिए था। इसीलिए ब्रिटिशर्स ने
- 4:32सोचा कि इंडियंस को ना कॉन्स्टिट्यूशनल
- 4:34प्रपोजल्स दे दो कुछ। ठीक है? कुछ लॉलीपॉप
- 4:36पकड़ा दो ताकि वो हमारी मदद कर दें। तो
- 4:38क्या-क्या लॉलीपॉप दिया गया? क्या-क्या
- 4:39प्रपोजल दिया गया ब्रिटिशर्स की तरफ से कि
- 4:41इंडिया को ना फ्यूचर में डोमिनियन स्टेटस
- 4:44देने का प्रपोजल दिया। डोमिनियन स्टेटस
- 4:46मतलब पता है क्या होता है? डोमिनियन
- 4:47स्टेटस की हम बात करें। देखो इंडियंस को
- 4:50भी कुछ चीजें कंट्रोल करेंगे और कुछ चीजें
- 4:51ब्रिटिशर्स भी करेंगे। ठीक है? ब्रिटिशर्स
- 4:53जाएंगे नहीं। ध्यान रखना आप अपना राज कर
- 4:55सकते हो। ठीक है? लेकिन ब्रिटिशर्स भी ऊपर
- 4:57से राज करेंगे। और क्या बोला कि वॉर के
- 4:59बाद जब ये वॉर खत्म हो जाएगा, वर्ल्ड वॉर
- 5:01खत्म हो जाएगा, इसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन
- 5:03बनाने के लिए कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली का
- 5:05गठन करेंगे। ठीक है? और प्रोविंसेस को
- 5:07ऑप्शन था। ये जो प्रोविंसेस थे ना आपके
- 5:10इंडिया है। इसमें बहुत सारे प्रोविंसेस
- 5:11हैं। स्टेट समझ लो इनको ऑप्शन था कि वो
- 5:13प्रोपोज्ड इंडियन यूनियन में ज्वाइन करें
- 5:15या ना करें। ठीक है? जो इंडियन यूनियन
- 5:17होगा जो पूरा इंडिया मिलके बनेगा। तो ये
- 5:18प्रोविंसेस की मर्जी है कि वो चाहे तो जॉइ
- 5:21करें या चाहे तो ना जॉइन करें। देख रहे हो
- 5:22इनका दिमाग कैसे चल रहा है। और जो
- 5:24प्रोविंस जॉइन ना करे उसके लिए सेपरेट
- 5:26कॉन्स्टिट्यूशन अरेंजमेंट भी पॉसिबल था।
- 5:28ठीक है? ये सारी चीजें बोली गई। तो देखो
- 5:30डोमिनेंस स्टेटस अ प्रोविंस अनविलिंग टू
- 5:32जॉइन द इंडियन डोमिनियन कुड फॉर्म अ
- 5:34सेपरेट यूनियन विथ इट्स ओन
- 5:35कॉन्स्टिट्यूशन। देख रहे हो भाई साहब अ
- 5:37कॉन्स्टिटुएंट असेंबली वुड बी फॉर्म टू
- 5:38फ्रेम अ न्यू कॉन्स्टिट्यूशन विद मेंबर्स
- 5:40इलेक्टेड बाय द प्रोविंशियल असेंबलीज़ एंड
- 5:42नॉमिनेटेड बाय द प्रिंसली स्टेट्स। ठीक
- 5:44है?
- 5:47क्लियर है यहां तक? और फिर ये आपका जो
- 5:49क्रिप्स मिशन था ना, यह फेल हो गया। ये
- 5:51क्रिप्स मिशन फेल क्यों हुआ? क्योंकि
- 5:52कांग्रेस को इमीडिएट सेल्फ गवर्नमेंट नहीं
- 5:54मिला। उनको सेल्फ गवर्नमेंट इमीडिएट चाहिए
- 5:56था। और ये बोला था वॉर के बाद हम देखेंगे।
- 5:58ये वॉर के बाद की बात कर रहा था जो आपका
- 6:00क्रिप्स मिशन था। ठीक है? और प्रोविंसेस
- 6:02को अलग रहने का ऑप्शन एक्सेप्टेबल नहीं
- 6:04था। ठीक है? और मुस्लिम लीग भी अपनी
- 6:05पाकिस्तान की डिमांड पर सेटिस्फाई मतलब वो
- 6:08पाकिस्तान के पीछे पड़ी थी। तो इसीलिए
- 6:10कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों को ये
- 6:11प्लान समझ नहीं आया। ठीक है? क्योंकि
- 6:13क्रिप्स मिशन वॉर के बाद कॉन्स्टिट्यूशन
- 6:15का प्रपोजल डिमांड कर रहा था। इसके बाद
- 6:17आता है आपका वेवल प्लान। ये आता है 1945
- 6:20में। ठीक है? उस समय वॉइसरॉय था जिसका नाम
- 6:23था ये काटो यार इसका ये। ठीक है? उस समय
- 6:24वॉइस था जिसका नाम था वेवल। ठीक है?
- 6:26इसीलिए उसके नाम पे प्लान आता है वेवल
- 6:28प्लान। ठीक है? वो कुछ लाता है लॉलीपॉप
- 6:30जिसे हम वेवल प्लान बोले बोलते हैं। ठीक
- 6:31है? अच्छा इसके पहले जो वायसराॉय था ना वो
- 6:34था लिथित गो। ठीक है? तो अगर ध्यान रखना
- 6:36है वैसे वायसराय की क्रोनोलॉजी तो मैंने
- 6:38बता बता रखी है आपको जब मैंने गवर्नर जनरल
- 6:40वायसराय बताया था। ठीक है? तो गो से काऊ।
- 6:43ठीक है? गाऊ है ना? जी ओ डब्ल्यू तो काऊ
- 6:45और वेवल से वेल हो गया। तो गांव में क्या
- 6:47होता है? गाय होती है। कुआं होता है। ठीक
- 6:48है? तो वेवल आता है और वेवल के पहले कौन
- 6:51था? लिलिदगो था। ठीक है? तो लॉर्ड बेबल
- 6:53अपना प्लान लाता है। उस समय इंडिया का
- 6:55वॉइस था। तो इसने क्या किया? गवर्नर जनरल
- 6:57की एग्जीक्यूटिव काउंसिल को रिस्ट्रक्चर
- 7:00करने का प्रपोजल दिया। ठीक है? गवर्नर
- 7:01जनरल इसकी एग्जीक्यूटिव काउंसिल होती है।
- 7:03ठीक है? कुछ मेंबर्स होते हैं,
- 7:04ब्रिटिशर्स, कुछ इंडियंस होते हैं। तो
- 7:05इसको रिस्ट्रक्चर करने का प्रपोजल दिया।
- 7:07इसने क्या बोला कि हिंदू और मुस्लिम को
- 7:09काउंसिल में बैलेंस रिप्रेजेंटेशन दिया।
- 7:11किसको? हिंदू और मुस्लिम को बैलेंस
- 7:13रिप्रेजेंटेशन दिया कि अगर 10 हिंदू होंगे
- 7:15तो 10 मुस्लिम भी होंगे। ठीक है? बराबर का
- 7:17दिया कि भाई लड़ाई ना हो। और बोला कि जो
- 7:19डिफेंस पोर्टफोलियो है। ठीक है? ठीक है?
- 7:21जो डिफेंस वाला पोर्टफोलियो है उसको
- 7:23छोड़कर बाकी पोर्टफोलियोस को इंडियंस को
- 7:25देने का प्रपोजल दिया। ठीक है? बाकी हम
- 7:27तुम्हें दे देंगे। डिफेंस का नहीं देंगे
- 7:28भाई साहब। ये तोप बारू तुमको नहीं देंगे
- 7:30नहीं तो तुम रिवोल्ट ऑफ 1857 कर दोगे। ठीक
- 7:32है? और इस प्रपोजल पर डिस्कशन के लिए
- 7:35शिमला कॉन्फ्रेंस बुलाई गई। ठीक है?
- 7:36क्योंकि ये अंग्रेज था तो भाई इसको गर्मी
- 7:38लग रही थी। कह रहा था यूपी बिहार में नहीं
- 7:40करेंगे और बढ़िया शिमला में बात करते हैं।
- 7:41तो शिमला कॉन्फ्रेंस भी बुलाई गई थी। समझ
- 7:44में आया? तो वेवल प्लान और शिमला
- 7:46कॉन्फ्रेंस दोनों एक ही है। दोनों 1945
- 7:48में आई थी। ठीक है? अब यह फेल क्यों हो गई
- 7:50शिमला कॉन्फ्रेंस? क्योंकि कांग्रेस और
- 7:51मुस्लिम लीग के बीच में मुस्लिम
- 7:53रिप्रेजेंटेटिव को नॉमिनेट करने पर
- 7:55डिसए्रीमेंट हो गया। ठीक है? बात समझे? जो
- 7:57मुस्लिम को हम नॉमिनेट करेंगे डिसए्रीमेंट
- 7:59हो गया। ये कह रही हम ही करेंगे। कांग्रेस
- 8:01कह रही नहीं हमको भी राइट होना चाहिए। ठीक
- 8:03है? समझ गए? मुस्लिम लीग क्या चाहती थी कि
- 8:05मुस्लिम मेंबर्स को नॉमिनेट करने का
- 8:06एक्सक्लूसिव राइट इन्हीं के पास हो। ठीक
- 8:08है? कांग्रेस इस बात से एग्री नहीं कर
- 8:09पाई। इसलिए क्या हुआ? फेल हो गया। बात
- 8:11क्लियर है? ये बेसिक रीडिंग तो आप कर ही
- 8:13लोगे ना। इसीलिए मैं समझा दे रहा हूं।
- 8:15बाकी वही चीज़ लिखी हुई है। मेरी आदत नहीं
- 8:17है उसे पीडीएफ वाला। बट मैं चलो बता देता
- 8:19हूं। प्रोपोज रीसिंग द गवर्नर जनरल
- 8:22एग्जीक्यूटिव काउंसिल विद बैलेंस
- 8:23रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द मेन कम्युनिटीज़
- 8:24इंक्लूडिंग इक्वल प्रोपोर्शन ऑफ़ द हिंदूज़
- 8:26एंड मुस्लिम। वही मैंने बात बताई कि हिंदू
- 8:28और मुस्लिम को बैलेंस अ मेंटेन करना। ठीक
- 8:31है? दोनों के बीच में क्या करना? बैलेंस
- 8:32मेंटेन करना। बैलेंस रिप्रेजेंटेशन मेंटेन
- 8:35करना काउंसिल में। ठीक है? इंक्लूडिंग
- 8:37इक्वल प्रोज़ हिंदू मुस्लिम ऑल
- 8:38पोर्टफोलियोज़ एक्सेप्ट डिफेंस। डिफेंस को
- 8:40छोड़ के। ठीक है? कॉन्फ्रेंस भी हुई शिमला
- 8:42में दैट द कॉन्स्टिट्यूशन वुड बी मेड बाय
- 8:44द इंडियंस आफ्टर द एंड ऑफ़ द वर्ल्ड वॉर
- 8:45सेकंड। वर्ल्ड वॉर सेकंड जब खत्म हो जाएगा
- 8:47इसके बाद इंडियंस के द्वारा ही
- 8:48कॉन्स्टिट्यूशन बनाया जाएगा। ठीक है?
- 8:50इंटेंडेड टू रिमूव द डेड लॉक ऑन
- 8:51कॉन्स्टिट्यूशन एंड पॉलिटिकल इशज़ एंड
- 8:53प्रमोट सेल्फ गर्नेंस बट वाज़ नेवर
- 8:54इंटेंडेड टू यूनाइट हिंदू मुस्लिम टू
- 8:56अवॉइड द पार्टीशन ऑफ़ इंडिया। ठीक है? वही
- 8:58बात बोल रहा है कि हम लॉलीपॉप लाया था
- 9:00लेकिन कभी नहीं चाहते थे कि भाई हिंदू और
- 9:01मुस्लिम इंडिया में कभी मिले। ब्रिटिशर्स
- 9:03तो नहीं चाहते थे। अब इसके बाद आता है
- 9:06आपका कैबिनेट मिशन। ये कब आता है? ये 1946
- 9:08में आता है। ठीक है? अभी इसको बेसिक
- 9:10रीडिंग करना। हम मॉडर्न हिस्ट्री में इसको
- 9:11और बढ़िया तरीके से पढ़ेंगे। हालांकि वैसे
- 9:14मैं आपको इसमें समझाता चलूंगा तो कोई चीज
- 9:15छूटेगी नहीं। बिल्कुल घबराना नहीं।
- 9:18कैबिनेट मिशन क्या था? यह मिशन ब्रिटिश
- 9:20गवर्नमेंट ने इंडिया को पावर ट्रांसफर
- 9:22करने और कॉन्स्टिट्यूशन बनाने का
- 9:24फ्रेमवर्क देने के लिए भेजा था। तीन
- 9:26मेंबर्स थे इसमें। ठीक है? पहला था पैथिक
- 9:28लॉरेंस। दूसरा स्टेफर्ड क्रिप्स। स्टेफर्ड
- 9:30क्रिप्स वही था जो क्रिप्स मिशन में आया
- 9:31था। ठीक है? ये वही सुसुरा था। और एवी
- 9:33एलेक्जेंडर ये मिशन कब आया था? ये भी होली
- 9:35में आया था। ठीक है? सी से कैबिनेट, सी से
- 9:37कलर। गॉट इट? क्रिप्स मिशन भी आपका मार्च
- 9:39में आया था। ये भी मार्च में आया था। डेट
- 9:41एग्जैक्ट याद रखने की जरूरत नहीं है।
- 9:42परेशान मत होना। ठीक है? याद हो तो कर
- 9:44लेना। वर नहीं तो इंपॉर्टेंट नहीं है। इस
- 9:46मिशन ने कॉन्स्टिटुएंट असेंबली बनाने का
- 9:47प्लान दिया था। ठीक है?
- 9:50मतलब अब कॉन्स्टिट्यूशन बनाने के लिए
- 9:52रिप्रेजेंटेटिव्स की असेंबली फॉर्म करने
- 9:54का प्रैक्टिकल प्लान दिया गया। ठीक है? तो
- 9:56हम देखते हैं क्या प्लान था। फॉर्मेशन एंड
- 9:58कंपोजिशन ऑफ द कॉन्स्टिटुएंट असेंबली। ठीक
- 10:01है? अब समझो कि असेंबली में मेंबर्स कैसे
- 10:03आए। पहला है रिप्रेजेंटेशन। पॉपुलेशन के
- 10:06बेसिस पर था। जो रिप्रेजेंटेशन था वह
- 10:09पॉपुलेशन के बेसिस था। मतलब हर 10 लाख
- 10:11पापुलेशन पर एक रिप्रेजेंटेटिव होगा। ठीक
- 10:14है? एक रिप्रेजेंटेटिव असेंबली में
- 10:15बैठेगा। ठीक है? हर 10 लाख में से एक को
- 10:17चुना जाएगा। समझ गए? इस तरह का प्रिंसिपल
- 10:20था। अब देखोगे ब्रिटिश इंडिया की सीट्स?
- 10:22तो ब्रिटिश इंडिया के लिए टोटल 296 सीट्स
- 10:25रखी गई थी। कितनी सीट्स रखी गई थी? 296।
- 10:29इसमें 292 जो थी वो गवर्नर प्रोविंसेस के
- 10:32लिए थी और चार सीट्स जो थी वो चीफ कमिश्नर
- 10:34प्रोविंसेस के लिए थी। ठीक है? तो 296 में
- 10:37से ऐसे पकड़ लो 29 ठीक है 29 और फिर इधर
- 10:40वाला टू उठा लेना तो 292 जो है वो गवर्नर
- 10:42प्रोविंसेस के लिए थी और बची फिर आपकी चार
- 10:44होंगी वो किस लिए थी वो चीफ कमिश्नर के
- 10:47लिए थी ठीक है चीफ कमिश्नर तो चीफ कमिश्नर
- 10:49के लिए कम होगा ना क्योंकि हाई पोस्ट है
- 10:50तो कम सीट्स होती हैं उसके लिए समझ गए
- 10:53अच्छा प्रिंसली स्टेट्स के लिए क्या था
- 10:55प्रिंसली स्टेट्स भी थे ना उस समय इंडिया
- 10:56में बहुत सारे रजवाड़े थे तो प्रिंसली
- 10:58स्टेट्स के रिप्रेजेंटेटिव्स को वहां के
- 11:00रूलर्स नॉमिनेट करने वाले थे ठीक है वहां
- 11:02के जो रूलर्स हैं वो नॉमिनेट करेंगे कि
- 11:04कौन जाएगा समझ गए
- 11:06ब्रिटिश प्रोविंसेस में क्या हो रहा था?
- 11:07रिप्रेजेंटेटिव जो थे वो इलेक्ट होते थे।
- 11:10ठीक है? जो मैंने बता दिया हर 10 लाख में
- 11:12से एक। प्रिंसली स्टेट्स में रूलर्स
- 11:14रिप्रेजेंटेटिव्स नॉमिनेट करते थे। गॉट
- 11:16इट? क्लियर है? फिर इलेक्शन होता है जुलाई
- 11:18अगस्त 1946 में। कांग्रेस को 208 सीट
- 11:21मिलती हैं और मुस्लिम लीग को 73 सीट्स
- 11:24मिलती हैं। गॉट इट? इंडिपेंडेंट और अदर को
- 11:26रिमेनिंग 15 सीट्स मिली। ठीक है? इतना समझ
- 11:29में आ गया? अच्छा, एक बात ध्यान रखना, यह
- 11:31इलेक्शन डायरेक्ट एडल्ट फ्रेंचाइजी से
- 11:33नहीं हुआ। डायरेक्ट एडल्ट फ्रेंचाइजी मतलब
- 11:35क्या होता है कि हर 18 साल से ऊपर बंदा जो
- 11:37है वो वोट कर सकता है। नहीं समझ गए?
- 11:39प्रोविंशियल लेजिस्लेचर्स के इलेक्टेड
- 11:41मेंबर्स ने रिप्रेजेंटेटिव्स को चुना था।
- 11:43जो प्रोविंशियल असेंबलीज़ थी। ठीक है? जैसे
- 11:45मान लो विधानसभा है। प्रोविंशियल असेंबलीज़
- 11:47के जो इलेक्टेड मेंबर्स हैं उन्होंने
- 11:48रिप्रेजेंटेटिव्स को इलेक्ट किया था। गॉट
- 11:50इट? क्लियर है? प्रिंसली स्टेट्स में अगर
- 11:53आप देखोगे तो प्रिंसली स्टेट्स ने
- 11:54इनिशियली पार्टिसिपेट नहीं किया था। बाद
- 11:56में उनके रिप्रेजेंटेटिव्स आने लगे थे।
- 11:58ठीक है? अब असेंबली में कौन-कौन था?
- 12:00असेंबली में अगर आप देखोगे यह मैंने बता
- 12:02दिया आपको नॉट बेस्ड ऑन एडल फ्रेंचाइजी।
- 12:04असेंबली में कांग्रेस थी, मुस्लिम लीग थी
- 12:07और इंडिपेंडेंट मेंबर्स के साथ माइनॉरिटी
- 12:09कम कम्युनिटीज के भी रिप्रेजेंटेटिव्स थे।
- 12:11जैसे क्रिश्चियंस हो गया, एंग्लो इंडियंस
- 12:13हो गया, पारसीज हो गए। तो ये सारे थे। गॉट
- 12:15इट? द असेंबली वाज़ टू बी पार्शियली
- 12:17इलेक्टेड एंड पार्शियली नॉमिनेटेड। देखो
- 12:19ब्रिटिश इंडिया प्रोविंसेस के
- 12:20रिप्रेजेंटेटिव्स जो थे वो इनडायरेक्टली
- 12:22इडक्ट हुए थे और प्रिंसली स्टेट्स के
- 12:24रिप्रेजेंटेटिव जो थे तो नॉमिनेट हुए थे।
- 12:26तो असेंबली में इसीलिए बता रहा है कि जो
- 12:27कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली थी उसमें कुछ
- 12:29मेंबर पार्शियली इलेक्ट हुए थे। ठीक है?
- 12:31जो कि प्रोविंसेस से थे एंड पार्शियली
- 12:32नॉमिनेट हुए थे जो कि प्रिंसली स्टेट से
- 12:34थे। यहां तक आपको कोई दिक्कत तो नहीं
- 12:36होगी। अब कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली बनी। अब
- 12:38इसकी क्या होगी? इसकी मीटिंग-व मीटिंग
- 12:39होगी नहीं होगी? पंचायत मूवी में नहीं
- 12:41बोलता है। मीटिंग पे मीटिंग कर रहा है।
- 12:42ठीक है? तो पहली मीटिंग इसकी होती है 9
- 12:44दिसंबर 1946 को। ठीक है? अब ध्यान रखो भाई
- 12:471947 को देश आजाद हुआ। तो देश आजाद से एक
- 12:50साल पहले ही हमारा कॉन्स्टिट्यूशन बना था।
- 12:51तो कब बना था? 1946 में। ठीक है? डेट क्या
- 12:54उठाना है? डेट उठा दो नौ। ठीक है? 9
- 12:56दिसंबर को 9 दिसंबर 1946 कौन सी जगह थी?
- 13:00कॉन्स्टिट्यूशन हॉल था जो नया दिल्ली में
- 13:02है ना? अरे आज का जो पार्लियामेंट है उसी
- 13:03को बोलते हैं। ठीक है? प्रेजेंटली द
- 13:05सेंट्रल हॉल ऑफ द ओल्ड पार्लियामेंट हाउस।
- 13:07ठीक है? क्योंकि अब नया पार्लियामेंट बन
- 13:08गया है ना तो पुराना जो पार्लियामेंट है
- 13:10वहां पे मीटिंग हुई थी। 207 मेंबर्स ने
- 13:12पार्टिसिपेट किया था। ठीक है? मतलब 207
- 13:14मेंबर्स ने पहली मीटिंग अटेंड करी थी।
- 13:16मुस्लिम लीग ने पहली मीटिंग बॉयकॉट कर दी।
- 13:18भाई उसको तो पाकिस्तान ही पाकिस्तान पीछे
- 13:20पड़ा था। पता नहीं क्या उसका दिल उसमें लग
- 13:22गया था। ठीक है? अब जो सच्चिदानंद सिन्हा
- 13:26थे ना यह टेंपरेरी प्रेसिडेंट थे असेंबली
- 13:28के। ठीक है? देखो यार अब 9 दिसंबर को
- 13:30असेंबली गठित हुई तो तुम क्या सोच रहे हो?
- 13:32उसी दिन सब इलेक्शन इलेक्शन हो जाए। नहीं
- 13:33यार इलेक्शन के लिए एक-द दिन का टाइम लगता
- 13:35है ना सारी चीजें अरेंज करनी पड़ती है। तो
- 13:37इसीलिए एक टेंपरेरी प्रेसिडेंट बना दिया
- 13:38गया था। ठीक है? ये यूपीएससी ने क्वेश्चन
- 13:40पूछा भी था आई गेस 2024 में पूछा था। समझ
- 13:42गए? तो सच्चिदानंद सिन्हा जो थे वो
- 13:44टेंपरेरी प्रेसिडेंट थे। ठीक है? अब ये
- 13:46फ्रेंच की प्रैक्टिस से बने थे। फ्रेंच
- 13:48प्रैक्टिस मतलब फ्रेंच में ये होता था कि
- 13:49ओल्डेस्ट मेंबर को बना दिया जाता था। तो
- 13:50सबसे ओल्डेस्ट मेंबर यही थे पूरी असेंबली
- 13:52में। ठीक है? सबसे बुजुर्ग व्यक्ति यही
- 13:54थे। तो इनको बना दिया गया था। उसके बाद
- 13:56देखो 9 दिसंबर को असेंबली थी तो दो दिन के
- 13:58लिए बने थे। दो दिन बाद सारे अरेंजमेंट हो
- 13:59गए थे। फिर इलेक्शन किया गया। इलेक्शन में
- 14:01डॉ. राजेंद्र प्रसाद जो थे ये परमानेंट
- 14:03प्रेसिडेंट बन गए। ठीक है? टेंपरेरी थे
- 14:05सच्चिदानंद से ना। उसके बाद परमानेंट हो
- 14:07गए आपके डॉ. राजेंद्र प्रसाद जो 11 दिसंबर
- 14:091946 को इलेक्ट किए गए थे। ठीक है? अब
- 14:12देखो एक टेंपरेरी डेपुटी चेयरमैन भी था।
- 14:14वो कौन था? वो एक ब्रिटिशर्स था जिसका नाम
- 14:16था फ्रैंक एंटोनी। तो फर्स्ट नॉमिनेटेड
- 14:18टेंपरेरी डिप्टी चेयरमैन। देखो अब इसको
- 14:20कैसे पकड़ना है? नॉमिनेटेड पूछा जाएगा
- 14:22एग्जाम में पहला नॉमिनेटेड तो आप समझ लो
- 14:23नॉमिनेटेड यानी लोकसभा राज्यसभा में क्या
- 14:25होता था? पहले नॉमिनेटेड होता था। एंग्लो
- 14:27इंडियंस वो सब नॉमिनेटेड वाला सिस्टम था
- 14:29ना। तो नॉमिनेटेड मतलब कोई अंग्रेजी होगा
- 14:31तो फ्रैंक ओंटेनी था। ठीक है? बात क्लियर
- 14:33है? इसके बाद अगर वाइस प्रेसिडेंट पूछा
- 14:35जाए देखो ये तो प्रेसिडेंट हो गए डॉ.
- 14:36राजेंद्र प्रसाद। परमानेंट वाइस
- 14:37प्रेसिडेंट कौन था? तो एच सी मुखर्जी थे।
- 14:39ठीक है? एच सी मुखर्जी थे। इसके बाद बी एन
- 14:42राव आपके कॉन्स्टिट्यूशनल एडवाइजर थे। बी
- 14:44एन राव कौन थे? कॉन्स्टिट्यूशनल एडवाइजर।
- 14:46ये सब डायरेक्ट पूछ लिया जाता है कि
- 14:48कॉन्स्टिट्यूशनल एडवाइजर कौन थे? बताओ। तो
- 14:49बी एन राव थे। पहले वाइस प्रेसिडेंट कौन
- 14:51एच सी मुखर्जी थे। फर्स्ट नॉमिनेटेड
- 14:53टेंपरेरी डिप्टी चेयरमैन कौन था? तो
- 14:55फ्रैंक अंटेनी था। इलेक्टेड परमानेंट
- 14:57प्रेसिडेंट कौन थे? डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- 14:59थे। एंड टेंपरेरी या प्रोविजनल प्रेसिडेंट
- 15:01डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा थे। क्लियर है?
- 15:04इनको पता होगा ना आपको टीचर्स डे मनाया
- 15:06जाता है। अब देखेंगे कुछ सेशंस एंड की
- 15:10डेट्स को। तो आइए सेशन एंड क्लिडेट्स करते
- 15:13हैं। देखो जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर
- 15:151946 को 13 दिसंबर 1946 को कॉन्स्टिटुएंट
- 15:20असेंबली में एक रेजोल्यूशन पेश किया। क्या
- 15:22पेश किया? एक रेजोल्यूशन पेश किया। ठीक
- 15:24है? इन द फिफ्थ मीटिंग ऑफ द फर्स्ट सेशन।
- 15:26भाई फिफ्थ ही मीटिंग हुई ना? नौ से 13 लगा
- 15:28लो। ठीक है? पांच पांचवा मीटिंग हुई पहला
- 15:31सेशन की। ठीक है? तो
- 15:32[नाक से की जाने वाली आवाज़] इन्हें पेश
- 15:34किया। समझ गए? अब क्या रेोल्यूशन था? इस
- 15:36रेोल्यूशन का नाम था ऑब्जेक्टिव
- 15:37रेज़ोल्यूशन। अब आप बोलोगे सर ये
- 15:39ऑब्जेक्टिव रेज़ोल्यूशन क्या था? देखो
- 15:41इसमें बताया गया था कि फ्यूचर में इस
- 15:44ऑब्जेक्टिव जो रेोल्यूशन है इसमें क्या
- 15:45बताया गया था कि फ्यूचर में इंडिया का
- 15:47कॉन्स्टिट्यूशन किन बेसिक प्रिंसिपल्स पर
- 15:50बनेगा और देश का एम क्या होगा इसके बारे
- 15:52में बताया गया था। ठीक है? और फिर क्या
- 15:53होता है? 22 जनवरी 1947 को। देखो इन्हने
- 15:56पेश किया था 13 दिसंबर 1946 को। और 22
- 15:58जनवरी 1947 को असेंबली के सभी मेंबर्स ने
- 16:01इसे एग्री करके एक्सेप्ट कर लिया। समझ गए?
- 16:03बाद में इसी रेजोल्यूशन के आइडियाज को यूज़
- 16:06करके कॉन्स्टिट्यूशन का प्रियमबल बनाया
- 16:09गया। बाद में समझ जो नेहरू ने ऑब्जेक्टिव
- 16:10रेोल्यूशन पेश किया था उसी के आइडियाज को
- 16:12यूज़ करके व्हिच लेटर बिकम द प्रियमबल। समझ
- 16:16गए? इस चीज को ध्यान रखना। नेहरू
- 16:18ऑब्जेक्टिव रेोल्यूशन और बाद में यही बन
- 16:20गया आपका प्रएमबल। गॉट इट?
- 16:26अब देखो कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली का जो
- 16:28पहला सेशन था वह 9 दिसंबर से ले 23 दिसंबर
- 16:311946 तक चला था। ठीक है? टोटल ड्यूरेशन की
- 16:34अगर बात करें तो कितना टाइम लगा था? 2
- 16:36साल, 11 महीने और 17 दिन लगे थे। ठीक है?
- 16:382 साल, 11 महीने और 17 दिन लग गए थे।
- 16:41कॉन्स्टिट्यूशन बनने में लगभग मान लो 3
- 16:43साल लग गए थे। ठीक है? और इस टाइम पे अगर
- 16:45आप देखोगे तो कितने मीटिंग्स हुई? कितने
- 16:47सेशंस हुए? तो 11 हुए हैं। ठीक है? और
- 16:49टोटल 165 दिन काम हुआ। टोटल 11 सेशंस हुए।
- 16:52ठीक है? पहला सेशन तो आपका 9 से 23 दिसंबर
- 16:54तक था। गॉट इट? क्लियर है? और टोटल 11
- 16:59सेशंस होते हैं। ठीक है?
- 17:03वैसे किताबों में दिया रहता है 201 साल 11
- 17:05में नहीं 18 दिन। ठीक है? तो ये आई गेस
- 17:07करेक्ट कर लेना थोड़ा सा। ठीक है? 18 दिन
- 17:10दिया रहता है। तो 17 यहां पे लिखा है। 18
- 17:12समझ लेना। ठीक है? समझना कि 18 ही है। तो
- 17:1418 मान लेना इसको करेक्ट कर लेना।
- 17:18कॉन्स्टिट्यूशन का जो फाइनल ड्राफ्ट पर
- 17:20आखिरी स्टेज की जो डिस्कशन थी वह 17 नवंबर
- 17:231949 को शुरू हुई और 26 नवंबर को कंप्लीट
- 17:26होती है। ठीक है? तो ये जो थी थर्ड रीडिंग
- 17:29ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन था या इसको हम बोलते
- 17:30हैं फाइनल ड्राफ्ट जो था वो 17 नवंबर से
- 17:3326 नवंबर 1949 तक कंप्लीट हुआ। ठीक है? और
- 17:3626 नवंबर 1949 को हमारा जो कॉन्स्टिट्यूशन
- 17:39था वो फॉर्मली एक्सेप्ट किया गया। ठीक है?
- 17:42तो प्रएमबल की लाइन भी है लास्ट डे ऑफ़ द
- 17:4411 सेशन। ठीक है? 11 सेशन हुए जो लास्ट डे
- 17:46था वो 26 नवंबर 1949 था। द कॉन्स्टिट्यूशन
- 17:49वाज़ अडॉप्टेड इनक्ट एंड गिफ्ट अस गिफ्ट टू
- 17:51देमसेल्व्स बाय द पीपल ऑफ द इंडिया। ठीक
- 17:53है? तो अगर आपसे एग्जाम में पूछ व्हेन वाज़
- 17:55कॉन्स्टिट्यूशन अडॉप्टेड? तो 24 जनवरी मत
- 17:57मार देना। 26 नवंबर है। व्हेन वाज़
- 17:58कॉन्स्टिट्यूशन इनक्टेड? तो 26 नवंबर 1949
- 18:01है। इसको ध्यान रखना। इसके बाद आता है 24
- 18:04जनवरी 1950। ठीक है? 26 जनवरी नहीं है। 24
- 18:07जनवरी है। 24 जनवरी 1950। मेंबर्स ने
- 18:10कॉन्स्टिट्यूशन पर अपने सिग्नेचर किए। ठीक
- 18:13है? क्लियर है? समझ गए? और नेशनल एंथम और
- 18:16नेशनल सॉन्ग भी इसी दिन अडॉप्ट किया गया।
- 18:1824 जनवरी 1950 को। ठीक है? क्या किया
- 18:21हमने? नेशनल एंथम और नेशनल सॉन्ग को
- 18:24फॉर्मली अडॉप्ट किया गया। ठीक है? इसी दिन
- 18:26डॉ. राजेंद्र प्रसाद को इंडिपेंडेंट
- 18:28इंडिया का पहला प्रेसिडेंट इलेक्ट किया
- 18:30गया था। तो 24 जनवरी को बहुत सारे
- 18:32इंपॉर्टेंट काम हुए थे। ध्यान रखना इसको।
- 18:34ठीक है? और फिर कॉन्स्टिट्यूशन आपका लागू
- 18:36कब से हुआ? तो लागू हुआ 26 जनवरी 1950।
- 18:39ठीक है? कॉन्स्टिट्यूशन देखो 25 को कुछ
- 18:42नहीं हुआ। 25 को ब्रेक था। 24 को काम हुआ।
- 18:45फिर 26 को लागू हो गया। ठीक है? तो
- 18:47असेंबली मेट वंस मोर। ठीक है? 24 जनवरी को
- 18:49मिली। आउटसाइड द 11 सेशन। 11 सेशन तो
- 18:51हमारे यहां खत्म हो गए थे। ठीक है? लास्ट
- 18:53डे ऑफ़ द 11 सेशन। इसके बाद 11 सेशन के बाद
- 18:55एक मीटिंग होती है 24 जनवरी को। नेशनल
- 18:57एंथम नेशनल सॉन्ग अडॉप्ट हुआ और डॉ.
- 19:00राजेंद्र प्रसाद जो थे वो पहले प्रेसिडेंट
- 19:02बने इंडिया के इसी दिन। क्लियर है? कमिटीज
- 19:05ऑफ द कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली। अब कुछ
- 19:07कमिटीज़ के बारे में देखते हैं। ठीक है?
- 19:09जिन्होंने कॉन्स्टिट्यूशन बनाया। ठीक है?
- 19:10पार्लियामेंट्स में बहुत सारी कमिटीज होती
- 19:12है ना जो पार्लियामेंट का काम करती है।
- 19:13ऐसे ही हमारे कॉन्स्टिट्यूएंट जो बनना था
- 19:15हमारा कॉन्स्टिट्यूशन बना था उसके पीछे
- 19:17बहुत सारी कमिटीज लगी थी जिनका अलग-अलग
- 19:19काम था। ठीक है? कमिटी का मतलब होता है
- 19:21किसी पर्टिकुलर काम को करने के लिए बनाई
- 19:23गई छोटी टीम। उसको हम क्या बोलते हैं?
- 19:25उसको हम कमेटी बोलते हैं। तो
- 19:27कॉन्स्टिट्यूशन बनाने के लिए कई कमिटीज
- 19:29बनाई गई। इनमें आठ मेजर कमिटीज थी और कई
- 19:31छोटी कमिटीज भी थी। ठीक है? आठ मेजर एंड
- 19:35सेवरल माइनर वंस। तो पहले देखते हैं
- 19:37ड्राफ्टिंग कमेटी। इस कमेटी के चेयरमैन
- 19:40कौन थे? डॉ. बी आर अंबेडकर चेयरमैन थे
- 19:43हमारी ड्राफ्टिंग कमेटी के। ठीक है? कमेटी
- 19:45की रिस्पांसिबिलिटी थी कॉन्स्टिट्यूशन का
- 19:47रिटेन ड्राफ्ट तैयार करना। ठीक है? पहला
- 19:49असेंबली देखो
- 19:52पहले असेंबली ने डिसाइड किया था कि देश के
- 19:54रूल्स कैसे होने चाहिए? जो हमारा भारत
- 19:56होगा, जो हमारा इंडिया होगा, जो देश होगा
- 19:57उसके रूल्स कैसे होने चाहिए? ड्राफ्टिंग
- 20:00कमेटी ने उन डिसीजंस को कॉन्स्टिट्यूशन के
- 20:02प्रॉपर रिटेन फॉर्म में तैयार किया। ठीक
- 20:03है? बस इतना है। इसके बाद दूसरे जो है
- 20:05आपके के एम मुंशी हैं। ठीक है? के एम
- 20:07मुंशी ड्राफ्टिंग कमेटी में कांग्रेस से
- 20:09जुड़े मेंबर थे। लेकिन इसमें क्या लिखा
- 20:11है? वाज़ द ओनली कांग्रेस मेंबर ऑफ द
- 20:13ड्राफ्टिंग कमेटी। ठीक है? ओनली कांग्रेस
- 20:16मेंबर वाली वर्डिंग देखो बोल रहा है कि जो
- 20:19के एम मुंशी थे वो ओनली कांग्रेस मेंबर थे
- 20:21ड्राफ्टिंग कमेटी की तरफ से। तो ठीक है?
- 20:22तो ध्यान रखना ड्राफ्टिंग कमेटी के मेंबर
- 20:24के एम मुंशी भी थे। डॉ. बी आर अंबेडकर तो
- 20:26थे ही और कौन थे? के एम मुंशी थे। इसके
- 20:28बाद और कौन मेंबर्स आते हैं? कृष्णाचारी
- 20:30आता है बीटी कृष्णाचारी। ठीक है? वह
- 20:32राजस्थान के एक प्रिंसली स्टेट्स के
- 20:33रिप्रेजेंटेटिव के रूप में असेंबली में
- 20:35थे। ठीक है?
- 20:37इसके बाद जवाहरलाल नेहरू वास अ चेयरमैन ऑफ
- 20:39द यूनियन कॉन्स्टिट्यूशन कमिटी। एक आपकी
- 20:41थी यूनियन कॉन्स्टिट्यूशन कमिटी। इसके
- 20:43चेयरमैन कौन थे? जवाहरलाल नेहरू थे। देखो
- 20:45यार इसको कैसे याद रखना है? यूनियन। ठीक
- 20:47है? उस समय यूनियन क्या था? इंडिया था। और
- 20:49यूनियन। यूनियन कौन संभालता था? आज यूनियन
- 20:51कौन संभाल रहा है? हमारे देश के प्राइम
- 20:52मिनिस्टर संभाल रहे हैं। तो उस समय यूनियन
- 20:53कौन संभालेगा? उस देश के जो उस समय के
- 20:55प्राइम मिनिस्टर थे। तो कौन थे? जवाहरलाल
- 20:57नेहरू थे पहले प्राइम मिनिस्टर। तो ही वाज़
- 20:59द चेयरमैन ऑफ़ द यूनियन कॉन्स्टिट्यूशन
- 21:01कमेटी। इस चीज को ध्यान रखना।
- 21:05अब हम देखेंगे इनफोर्समेंट एंड
- 21:06कॉन्स्टिट्यूशन डे जो कि यह है आपका देखो
- 21:0926 नवंबर 1949 की हमने बात कर रखी है। ठीक
- 21:12है? 26 नवंबर 1949 कॉन्स्टिट्यूशन के कुछ
- 21:15प्रोविज़ंस 26 नवंबर 1949 से ही लागू हो गए
- 21:19थे और बाकी प्रोविज़ंस 26 जनवरी से हुए थे।
- 21:22ठीक है? तो ये चीज ध्यान रखना। 26 नवंबर
- 21:241949 को ही कॉन्स्टिट्यूशन के कुछ
- 21:26प्रोविज़ंस लागू हो गए थे। कौन-कौन से
- 21:28प्रोविज़न थे? जैसे आपका सिटीजनशिप था। ठीक
- 21:30है? मतलब कौन इंडियन सिटीजन होगा? इसके
- 21:33बाद इंटरिम पार्लियामेंट था। ठीक है? मतलब
- 21:35टेंपरेरी पार्लियामेंट जो ट्रांजिशनल
- 21:36पीरियड में काम करेगा। ठीक है? इसके बाद
- 21:39कुछ आपके ट्रांजिशनल स्पेशल प्रोविज़ंस थे।
- 21:42पुराने सिस्टम से नए कॉन्स्टिट्यूशनल
- 21:43सिस्टम में जाने के जो रूल्स थे स्पेशल
- 21:45प्रोविज़ंस थे। कुछ स्पेशल सिचुएशनंस के
- 21:47लिए बनाए गए रूल्स थे। तो ये सब आपके 26
- 21:50नवंबर 1949 से ही लागू हो गया था। ठीक है?
- 21:52और जो कॉन्स्टिट्यूशन का बाकी हिस्सा था
- 21:54वो 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। इस दिन
- 21:57इंडिया ऑफिशियली एक रिपब्लिक बना। इसीलिए
- 21:59रिपब्लिक डे हम बनाते हैं 26 जनवरी 1950
- 22:01को। कॉन्स्टिट्यूशन डे कब मनाते हैं? 26
- 22:03नवंबर 1949 को। ठीक है? अब एक क्वेश्चन
- 22:06आता है कि 26 जनवरी ही क्यों चुना गया
- 22:08रिपब्लिक डे? तो देखो दिसंबर 1929 का
- 22:12लाहौर सेशन। ठीक है? वैसे हम हिस्ट्री में
- 22:14पढ़ेंगे अगर आपने नहीं पढ़ रखोगे या पहले
- 22:15पढ़ रखा होगा तो आपको पता होगा। दिसंबर
- 22:171929 में लाहौर सेशन में कांग्रेस ने
- 22:19पूर्ण स्वराज की बात करी थी। ठीक है?
- 22:21लाहौर सेशन हुआ था। कांग्रेस के सेशंस
- 22:23होते रहते थे ना। ठीक है? आपने हिस्ट्री
- 22:25मेरे से पढ़ रखा होगा वार रूम में। ठीक
- 22:27है? वारूम सीरीज मैंने हिस्ट्री कराई है।
- 22:28तो उसमें मैंने बताया था। ठीक है? इंडियन
- 22:30नेशनल कांग्रेस में जाना। मैंने सेशंस
- 22:31बताए थे। तो दिसंबर 1929 में क्या होता
- 22:34है? लाहौर सेशन होता है। गॉट इट?
- 22:37लाहौर सेशन में कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज
- 22:39की बात करी। यानी कंप्लीट इंडिपेंडेंस का
- 22:41गोल डिक्लेअ किया गया था। ठीक है? और
- 22:43लोगों से कहा गया था कि 26 जनवरी 19 देखो
- 22:451929 में सेशन हुआ था। ठीक है? दिसंबर में
- 22:48और बोला 26 जनवरी 1930। ठीक है? क्योंकि
- 22:50टाइम लगता है ना कोई भी चीज अप्लाई कर रहे
- 22:52हैं। तो 26 जनवरी 1930 को इंडिपेंडेंस डे
- 22:56के रूप में ऑब्जर्व किया जाएगा। ठीक है?
- 22:58तो इसीलिए अगर आप देखोगे तो 26 जनवरी जो
- 23:00है उसकी हिस्टोरिकलेंस को याद करने के लिए
- 23:03कॉन्स्टिट्यूशन को इसी डेट पर फुल्ली
- 23:05इंप्लीमेंट किया गया। ठीक है? वही सारी
- 23:07चीजें यहां पर लिखी हैं। आप बेसिक रीडिंग
- 23:09कर सकते हो। ठीक है? एंड इसके बाद क्या
- 23:11बोल रहा है कि हर साल 26 नवंबर को
- 23:14कॉन्स्टिट्यूशन डे मनाया जाता है। क्योंकि
- 23:16इसी दिन 1949 में कॉन्स्टिट्यूशन अडॉप्ट
- 23:18हुआ था या इनक्ट हुआ था। बोल सकते हो। और
- 23:212015 में गवर्नमेंट ने 26 नवंबर को
- 23:23कॉन्स्टिट्यूशन डे के रूप में सेलिब्रेट
- 23:25करने की अनाउंसमेंट करी थी। क्लियर है?
- 23:28बाय द मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड
- 23:30एमावरमेंट।
- 23:31अब इसके बाद हम बाबा राव अंबेडकर के बारे
- 23:33में पढ़ेंगे। ठीक है?
- 23:35[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 23:36अंबेडकर के बर्थ और डेथ के बारे में
- 23:38डिटेल्स दिया गया है। तो देखो
- 23:41हमारे अंबेडकर जी 14 अप्रैल को पैदा होते
- 23:44हैं अंबेडकर नगर मध्य प्रदेश में और 6
- 23:46दिसंबर 1956 को दिल्ली में डेथ कर जाते
- 23:49हैं। ठीक है? [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 23:51अब देखो अंबेडकर जी पहले 1946 में
- 23:53अनडिवाइडेड बंगाल के ईस्टर्न बंगाल रीजन
- 23:56से असेंबली के लिए इ हुए थे। मैंने क्या
- 23:58बोला कि जो हमारे बाबा राम अंबेडकर थे वो
- 24:011946 में अनडिवाइडेड बंगाल क्योंकि उसमें
- 24:03डिवाइड नहीं हुआ था ना अनडिवाइडेड बंगाल
- 24:04के ईस्टर्न बंगाल रीजन से असेंबली के लिए
- 24:07इलेक्ट हुए थे। पार्टीशन के बाद ईस्टर्न
- 24:09बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा बन गया था।
- 24:11इसीलिए अंबेडकर जी को बॉम्बे प्रेसिडेंसी
- 24:14से दोबारा असेंबली में इलेक्ट किया गया।
- 24:16ठीक है? तो इस चीज को ध्यान रखना कि पहले
- 24:18बंगाल से थे और उसके बाद बॉम्बे
- 24:20प्रेसिडेंसी से थे क्योंकि उस समय बॉम्बे
- 24:23में एमआर जैकर थे। तो बॉम्बे प्रेसिडेंसी
- 24:25में एमआर जैकर की सीट वेकेंट होने पर
- 24:27अंबेडकर जी वहां से इ हो गए। क्लियर है?
- 24:30इसके बाद इंटरिम गवर्नमेंट की बात करेंगे
- 24:321946। ठीक है? इंटरिम गवर्नमेंट का क्या
- 24:35मतलब है? इसका मतलब है टेंपरेरी गवर्नमेंट
- 24:38जो इंडिपेंडेंस से पहले ट्रांजिशन पीरियड
- 24:40में काम कर रही थी। गॉट इट? इंटरिंग
- 24:42गवर्नमेंट की अनाउंसमेंट 24 अगस्त को हुई
- 24:44और उसने 2 सितंबर 1946 को काम करना शुरू
- 24:48कर दिया था। ठीक है?
- 24:51क्लियर है? वायसरॉय अपने ऑफिशियल पोजीशन
- 24:53के कारण एग्जीक्यूटिव काउंसिल का
- 24:55प्रेसिडेंट होता था। और नेहरू इंटरिम
- 24:58गवर्नमेंट के वाइस प्रेसिडेंट थे और उस
- 25:00गवर्नमेंट के काम में सेंट्रल रोल भी
- 25:03निभाते थे। क्लियर है?
- 25:06अच्छा शुरू में मुस्लिम लीग ने इंटरिम
- 25:08गवर्नमेंट में पार्टिसिपेट नहीं किया था।
- 25:10ठीक है? बाद में 26 अक्टूबर 1946 को
- 25:14मुस्लिम लीग के पांच मेंबर्स को गवर्नमेंट
- 25:15में शामिल किया गया। ठीक है? और जो आपके
- 25:18डॉक्टर सर पर राधे कृष्ण है, एस राधाकृष्ण
- 25:20है वो इंटरिम गवर्नमेंट के मेंबर नहीं थे।
- 25:22वाज़ नॉट अ मेंबर ऑफ़ द इंटरम गवर्नमेंट। तो
- 25:24पूछ सकता है तो ये ध्यान रखना एग्जाम
- 25:25ट्रैप।
- 25:28अब इसमें दिया गया है इंटरिम गवर्नमेंट के
- 25:29कौन-कौन मिनिस्टर्स थे? तो इसमें सारे
- 25:31नहीं ध्यान रखना है। ठीक है? देखो
- 25:32जवाहरलाल नेहरू थे। ये एक्सटर्नल अफेयर्स
- 25:34के थे
- 25:37और कॉमनव्थ रिलेशन थे। सरदार वल्लभ भाई
- 25:40पटेल आपके होम इंफॉर्मेशन ब्रॉडकास्टिंग
- 25:42से थे। रविजन प्रसाद फूड एंड एग्रीकल्चर
- 25:44से थे। ठीक है? इसके बाद जगजीवन राव आपके
- 25:46लेबर से थे और लियाकत अली खान आपके
- 25:49फाइनेंस देख रहे थे। ठीक है? और राजा
- 25:51गोपालचारी एजुकेशन से रिलेटेड था। ठीक है?
- 25:53तो ये बस तीन चार ही देख लो। बाकी सारे
- 25:55देखने की जरूरत नहीं है। सारे इंपॉर्टेंट
- 25:56नहीं है। सारे आपको परेशान होने की जरूरत
- 25:58नहीं है। यूपीपीसीएस के लिए नेहरू जो थे
- 26:01वो एक्सटर्नल अफेयर्स। ठीक है? इसके बाद
- 26:04पटेल जो थे वो होम देख रहे थे। बस इतना
- 26:06ध्यान रखना है। ये एक्सटर्नल अफेयर्स। होम
- 26:08और जो राजेंद्र प्रसाद थे ये आपका फ़ूड एंड
- 26:11एग्रीकल्चर देख रहे थे। ठीक है? अ अगर
- 26:14डिफेंस भी पूछ लिया जाए तो बलदेव सिंह
- 26:15डिफेंस देख रहे थे। ठीक है? बलदेव सिंह
- 26:17सिख सिख जी हैं। तो भाई मजबूत आदमी डिफेंस
- 26:20देखेगा। और लियाकत अली खान जो है वो
- 26:21फाइनेंस देख रहे थे। ठीक है? 1 2 3 तीन
- 26:23चार पांच। बस यही पांच देख लेना। बाकी
- 26:25देखने की जरूरत नहीं है बिल्कुल भी।
- 26:28वुमेन मेंबर ऑफ द कॉन्स्टिटुएंट असेंबली।
- 26:30क्या कॉन्स्टिटुएंट असेंबली में कोई वुमेन
- 26:32मेंबर भी थी? बिल्कुल। 15 वुमेन मेंबर थी।
- 26:34ठीक है? कितनी मेंबर थी? 15 वुमेन। सारे
- 26:37याद नहीं रखने हैं। ठीक है? परेशान मत
- 26:39होना। आप सोच रहे होंगे सर सारे याद रखने
- 26:41हैं। बस इतना ध्यान रखना है 15 थी और एक
- 26:43नाम ध्यान रख लेना। दक्षयानी विलुवधन। ठीक
- 26:46है? दक्षयानी वेलयुधन इनको याद रखो
- 26:50क्योंकि ये कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली की
- 26:51प्रॉमिनेंट दलित मेंबर थी। ठीक है? बाकी
- 26:53याद रखने की आपको जरूरत नहीं है।
- 26:59तो आइए अब देखेंगे कुछ नोटेबल कोर्ट्स एंड
- 27:01एट्रिब्यूशंस। डॉ. राजेंद्र प्रसाद। ठीक
- 27:04है? यह प्रेसिडेंट भी थे पहले इंडिया के।
- 27:06इन्हने क्या बोला था? इन्हने बोला था अ
- 27:08कॉन्स्टिट्यूशन लाइक अ मशीन इज अ लाइफलेस
- 27:10थिंग। इट एक्वायर्स लाइफ बिकॉज़ ऑफ द मैन
- 27:12हु कंट्रोल इट। भाई सीधी बात क्या बोले कि
- 27:14कॉन्स्टिट्यूशन जो है एक मशीन की तरह है।
- 27:16मशीन कितनी भी अच्छी हो वो तभी अच्छा काम
- 27:18करेगी जब उसे चलाने वाले लोग अच्छे होंगे।
- 27:20ठीक है? उनका कहने का मतलब क्या था कि
- 27:22कॉन्स्टिट्यूशन अच्छा होना इनफ नहीं है।
- 27:24उसे इंप्लीमेंट करने वाले लीडर्स और
- 27:26सिटीजंस भी ऑनेस्ट होने चाहिए। ठीक है? ये
- 27:28वही चीज यहां पे बोल रहे हैं। मैंने आपको
- 27:29समझा दिया है। और क्या बात बोला? मौलाना
- 27:32आजाद एडवोकेटेड डिफरमेंट ऑफ एडल्ट
- 27:34फ्रेंचाइजी फॉर 15 इयर्स इन द असेंबली।
- 27:36ठीक है? इस पे क्या बोल रहा है कि मौलाना
- 27:38आजाद ने एडल्ट फ्रेंचाइजी को 15 साल के
- 27:40लिए पोस्टपोन करने का सजेशन दिया था।
- 27:42हालांकि डॉ. राजेंद्र प्रसाद और जवाहरलाल
- 27:44नेहरू ने तुरंत इसे अडॉप्ट करने को सपोर्ट
- 27:46किया। लेकिन मौलाना आजाद ने इसे 15 साल के
- 27:48लिए पोस्टपोन करने का सजेशन दिया था। ठीक
- 27:51है? एडल्ट फ्रेंचाइजी मतलब पता है ना
- 27:52आपको? वोटिंग करने का अधिकार उसे हम बोलते
- 27:54हैं एडल्ट फ्रेंचाइजी। गॉट इट? तो कुछ लोग
- 27:57वोटिंग राइट्स को डिले करना चाहते थे।
- 27:59लेकिन नेहरू और राजेंद्र प्रसाद जैसे लोग
- 28:00चाहते थे कि इसे जल्दी लागू किया जाए। अब
- 28:03महात्मा गांधी ने सजेस्ट किया था। महात्मा
- 28:06गांधी ने क्या सजेस्ट किया था? गांधी जी
- 28:07ने सजेस्ट किया था कि इंडिपेंडेंस के बाद
- 28:09जब हमें आजादी मिल जाएगी हमारे देश को
- 28:11उसके बाद इंडियन नेशनल कांग्रेस को
- 28:13पॉलिटिकल पार्टी के रूप में डिॉल्व कर
- 28:15देना चाहिए। ठीक है? देखो वही चीज लिखा है
- 28:17ना हैविंग अचीव्ड दिस पर्पस शुड बी
- 28:19डिसबैंडेड एज अ पॉलिटिकल पार्टी आफ्टर
- 28:21इंडिपेंडेंस। ठीक है? इंडिपेंडेंस के बाद
- 28:23इंडियन नेशनल कांग्रेस को पॉलिटिकल पार्टी
- 28:25के रूप में डिॉल्व कर देना चाहिए। क्योंकि
- 28:27उसका फ्रीडम स्ट्रगल वाला मेन पर्पस जो था
- 28:29वह पूरा हो गया। ठीक है? इसके बाद सर
- 28:32इवॉर्ज जेनिंग्स ने क्या बोला है? देखो
- 28:34उनका कहना था कि कॉन्स्टिट्यूशन बनाते
- 28:36वक्त फाउंडिंग लीडर्स ने माइनॉरिटीज के
- 28:38इंटरेस्ट और इमोशंस को उतनीेंस नहीं दी
- 28:41जितनी देनी चाहिए थी। ठीक है? ये इवॉर्ज
- 28:43जेनिंग्स का कहना था। ये बड़े परेशान थे
- 28:45इस चीज से लेके। इन्हने बोला कि
- 28:46माइनॉरिटीज कम्युनिटीज के जो राइट्स हैं
- 28:48और कंसर्न्स हैं उनको अच्छे से प्रोटेक्ट
- 28:50किया जा सकता था लेकिन वो नहीं हुआ। इसके
- 28:53बाद ग्रनवल ऑस्टन ने क्या कहा है? ग्रनुल
- 28:55ऑस्टिन ने बोला है कि जो इंडियन
- 28:56कॉन्स्टिट्यूशन है उनके अकॉर्डिंग
- 28:58कॉन्स्टिटुएंट असेंबली में कांग्रेस का
- 29:00इन्फ्लुएंस बहुत ज्यादा था और कांग्रेस को
- 29:02उस समय इंडिया के रिप्रेजेंटेटिव फोर्स के
- 29:05रूप में देखा जाता था। ठीक है? वही चीज
- 29:07लिखी है द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन द
- 29:08कॉन्स्टिट्यूट असेंबली वाज़ कांग्रेस एंड द
- 29:10कांग्रेस वाज़ इंडिया। ठीक है? मैं आपको
- 29:12समझा रहा हूं क्योंकि रीडिंग तो आप लोग कर
- 29:13ही लोगे। बेसिक रीडिंग। ठीक है? अगर मैं
- 29:15भी खाली ऐसे पढ़ के पढ़ के समझाऊंगा तो आपको
- 29:17मजा नहीं आएगा। इसीलिए मैं अपनी भाषा में,
- 29:18अपनी लैंग्वेज में आप लोग को समझा रहा
- 29:20हूं। बेसिक रीडिंग तो आप कर ही लोगे। ये
- 29:22मेन चीज समझने का खेल है। इसके बाद द
- 29:24इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन इज़ आल्सो कॉल्ड द
- 29:26अडॉप्टेड कॉन्स्टिट्यूशन। आपको पता ही है
- 29:27कि इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन को अडॉप्टेड
- 29:29कॉन्स्टिट्यूशन कहा गया है। क्योंकि इसे
- 29:31बनाते समय दूसरे देशों के कॉन्स्टिट्यूशन
- 29:33से भी कई प्रोविजन हमने लिए हैं। ठीक है?
- 29:35इंडिया ना जब अपना इंडिया ने अपना
- 29:37कॉन्स्टिट्यूशन बनाया तो आप देखोगे
- 29:39ब्रिटेन हो गया, यूएसए हो गया, आयरलैंड हो
- 29:40गया, कनाडा हो गया। इन सारे देशों से कुछ
- 29:43हमने आइडियाज को अडॉप्ट किया है।
- 29:46इसके बाद हम थर्ड राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस
- 29:48देखेंगे। यह कब होता है? यह ठंडी के टाइम
- 29:50होता है नवंबर दिसंबर में। 1932 में। ठीक
- 29:52है? थर्ड राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस लंदन में
- 29:55होता है 1932 में। गॉट इट? क्लियर है?
- 29:58इंडियन नेशनल कांग्रेस ने इस कॉन्फ्रेंस
- 30:00में पार्टिसिपेट नहीं किया। देखो तीन
- 30:01कॉन्फ्रेंस होती है टोटल। मॉडर्न हिस्ट्री
- 30:02जब मैं पढ़ाऊंगा तो उसमें हम पढ़ेंगे। तीन
- 30:04कॉन्फ्रेंस होती है। पहली, दूसरी, तीसरी।
- 30:06ठीक है? कांग्रेस पहली में नहीं गई थी,
- 30:08तीसरी में नहीं गई थी। सिर्फ दूसरी में
- 30:09कांग्रेस गई थी। ठीक है? समझ गए बात को?
- 30:12तो इंडियन नेशनल कांग्रेस ने इस
- 30:13कॉन्फ्रेंस में पार्टिसिपेट नहीं किया था
- 30:14थर्ड वाली में। और इस कॉन्फ्रेंस और
- 30:16रिलेटेड डिस्कशन से क्या हुआ होता है?
- 30:18गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 का रास्ता
- 30:20खुलता है। ठीक है? वही चीज लिखी हुई है।
- 30:22देखो यार मैं बता भी देता हूं। फिर आप
- 30:24कहोगे नवंबर दिसंबर 1932 इन लंदन द लास्ट
- 30:26ऑफ द थ्री राउंड टेबल कॉन्फ्रेंसेस द
- 30:28कांग्रेस डिड नॉट पार्टिसिपेट। वही चीज
- 30:30है। इट डिस्कशन लेड टू द प्लान फाइनलाइज
- 30:32इन द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935। ठीक
- 30:34है? गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 का
- 30:36रास्ता बना। इस एक्ट में ब्रिटिश इंडिया
- 30:38और प्रिंसली स्टेट्स को मिला कर ऑल इंडिया
- 30:41फ्रंटरेशन बनाने का प्रपोजल भी था। समझ
- 30:43गए? क्या बोला मैंने? कि इस एक्ट में
- 30:45ब्रिटिश इंडिया और प्रिंसली स्टेट्स को
- 30:47मिलाकर ऑल इंडिया फेडरेशन बनाने का
- 30:49प्रपोजल था। ठीक है? लेकिन ये फेडरेशन
- 30:51पूरी तरह इंप्लीमेंट नहीं हुआ था। क्लियर
- 30:53है? अब कुछ इंपॉर्टेंट कमिटीज के बारे में
- 30:56देखेंगे कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली की। ठीक
- 30:57है? इसमें आपको बेसिकली याद रखना है बस जो
- 31:00मेन-मेन चीजें मैं आपको बता देता हूं।
- 31:01देखो सबसे पहले यूनियन कॉन्स्टिट्यूशन
- 31:03कमिटी। एक बात बताओ। यूनियन क्या हुआ?
- 31:04इंडिया इज़ अ यूनियन। आपको पता है। ठीक है?
- 31:07यूनियन मैंने आपको एक अभी बताया भी था
- 31:09थोड़ी देर पहले कि यूनियन। अभी आज यूनियन
- 31:11का हेड कौन है? प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र
- 31:12मोदी। ठीक है? लेकिन उस समय यूनियन का हेड
- 31:14कौन था? जो उस समय का प्राइम मिनिस्टर था
- 31:16जवाहरलाल नेहरू। तो जवाहरलाल नेहरू आपका
- 31:18यूनियन कॉन्स्टिट्यूशन कमेटी के हेड थे।
- 31:20गॉट इट? क्लियर है? अब देखो राजेंद्र
- 31:23प्रसाद भाई पहले प्रेसिडेंट थे।
- 31:25प्रेसिडेंट क्या करता है? गाड़ी चलाता है।
- 31:26ठीक है? मतलब देश को चला रहा होता है ना
- 31:28एक तरीके से प्रेसिडेंट। हालांकि जो मेन
- 31:30काम होता है वो प्राइम मिनिस्टर का ही
- 31:32होता है। लेकिन प्रेसिडेंट भी चीजों को
- 31:33चलाता है। तो गाड़ी को कौन चलाएगा? गाड़ी
- 31:35की स्टीयरिंग है ये। स्टीयरिंग को कौन
- 31:37चलाएगा? जो प्राइम मिनिस्टर जो प्रेसिडेंट
- 31:39होगा प्रेसिडेंट कौन थे? डॉ. राजेंद्र
- 31:41प्रसाद। तो स्टेयरिंग कमेटी कौन हेड
- 31:42करेगा? डॉ. राजेंद्र प्रसाद। और जो
- 31:44स्टेयरिंग करवाएगा वो रूल्स भी संभालेगा।
- 31:46तो रूल्स और स्टेयरिंग। ठीक है? रूल्स
- 31:49मतलब समझे ना? रूल्स मतलब रूल्स ऑफ
- 31:50प्रोसीजर होता है। रूल्स ऑफ प्रोसीजर
- 31:52कमिटी मतलब होता है कि असेंबली कैसे काम
- 31:54करेगी? उसके रूल्स क्या होंगे? तो ये कौन
- 31:56संभाल रहा था? डॉ. राजेंद्र प्रसाद। इसके
- 31:58भीमराव अंबेडकर के बारे में मैंने आपको
- 31:59बता रखा है। ड्राफ्टिंग कमेटी के हेड थे।
- 32:01गॉट इट? क्लियर है? इसके बाद सरदार पटेल
- 32:04लेड कर रहे थे एडवाइज़री कमिटी। एडवाइज़री
- 32:06कमेटी किस-किस बेसिस पे थी? फंडामेंटल
- 32:08राइट्स पे थी, माइनॉरिटीज पे थी। ट्राइबल
- 32:10और एक्सक्लूडेड एरियाज थी। ठीक है? और
- 32:12इसमें चार सब कमिटीज भी थी। ठीक है? तो हम
- 32:14उसको भी देखेंगे। परेशान होने की जरूरत
- 32:16नहीं है बिल्कुल भी। क्लियर है?
- 32:21तो जो मेन कमिटीज को लेड कर रहे थे वो थे
- 32:23सरदार वल्लभ भाई पटेल। ठीक है? और इनकी सब
- 32:26कमिटीज भी थी। चार सब सब कमिटीज थी। जैसे
- 32:28फंडामेंटल राइट सब कमिटी। एक तो जो मेन
- 32:29कमिटी थी उसको हेड कर रहे थे पटेल जी। बट
- 32:31उसके अंदर जो सब कमिटी थी। इसमें जेबी
- 32:33कृपलानी। ठीक है? भगवान की जो कृपा है एक
- 32:36फंडा क्या है दुनिया का कि भगवान की जो
- 32:37कृपा है वो सब पर होगी। भगवान की जो कृपा
- 32:39है वो सब पर होगी। ये फंडा है दुनिया का।
- 32:41ठीक है? तो कृपा से कृपलानी, फंडा से
- 32:43फंडामेंटल राइट्स और सब पर होगी सब कमिटी।
- 32:45ठीक है? तो फंडामेंटल राइट्स जो मेन कमिटी
- 32:47थी वो तो पटेल जी थे। बट जो सब कमिटी थी
- 32:49वो जेबी कृपलानी थी। ठीक है? माइनॉरिटी सब
- 32:52कमिटी एक जो पूरी मेन कमिटी थी वो तो पटेल
- 32:54जी थे। बट जो सब कमिटी थी वो क्या होगा?
- 32:56मुखर्जी। एम से मुखर्जी एम से माइनॉरिटी।
- 32:58ठीक है? आपको पता है कि सरदार वल्लभ भाई
- 33:00पटेल ने कितना बड़ा काम किया था। सारे जो
- 33:02रजवाड़े थे उनको यूनाइट किया था। ठीक है?
- 33:04तो जो मेन होगा वो पटेल जी थे। उसके अंदर
- 33:07जो है छोटे-छोटे सब कमिटीज उसको हम देख
- 33:09रहे हैं। जैसे नॉर्थ ईस्टर्न फ्रंटियर
- 33:10ट्राइबल एक्सक्लूडेड एंड पार्शली
- 33:12एक्सक्लूडेड रीजन आसाम सब कमिटी। ठीक है?
- 33:14तो मतलब भाई ट्रेवल एंड एक्सक्लूडेड एरिया
- 33:15मेन कमिटीज पटेल जी थे। सब कमिटी कौन था?
- 33:17गोपी था। ठीक है? गोपी को ध्यान रखना है।
- 33:19ठीक है? इसके बाद एक्सक्लूडेड एंड पार्शली
- 33:22एक्सक्लूडेड रीजंस एवी थाकर थे। ठीक है?
- 33:24फिर प्रोविंश देखो भाई मैंने क्या बताया?
- 33:27सरदार वल्लभ भाई पटेल ने क्या किया था?
- 33:28रजवाड़ों को यानी जो हमारे स्टेट्स थे,
- 33:30प्रोविंसेस है सबको मिलाया था ना। तभी तो
- 33:32यूनियन बना था। सबको मिलाया ना हैदराबाद
- 33:34को इधर से पकड़ा। इधर से जूनाघर को पकड़ा,
- 33:35उधर से कश्मीर को पकड़ा, सबको मिलाया तो
- 33:38प्रोविंसेस को मिलाया। तो प्रोविंसेस का
- 33:39हेड कौन होगा? सरदार वल्लभ भाई पटेल।
- 33:41यूनियन का प्राइम मिनिस्टर कौन था?
- 33:42जवाहरलाल नेहरू। ये पकड़ लोगे ना? यूनियन
- 33:45जवाहरलाल नेहरू। ठीक है? इसको ध्यान रखना
- 33:47बस। अब बिजनेस कमेटी का कौन हेड होगा भाई?
- 33:49बिज़नेस कौन देखता है? मुंशी वगैरह सब
- 33:51बिज़नेस देखते हैं ना। जो मुंशी होते हैं,
- 33:52मुनीम होते हैं, वो बिज़नेस देखते हैं। ठीक
- 33:54है? तो वो ये हेड हो गए।
- 33:58और कुछ देख लो। एक दो पता भी इसी तरह में
- 34:00यह हाउस कमेटी थे। ठीक है? जेवी मवलंकर ये
- 34:04आपने सुना भी होगा ये पहले स्पीकर थे
- 34:06हमारे इंडिया के इंडिपेंडेंट इंडिया के
- 34:07पहले स्पीकर थे ठीक है तो ये
- 34:09कॉन्स्टिट्यूट असेंबली के फंक्शनंस कमेटी
- 34:10देखेंगे ठीक है पहले स्पीकर थे अच्छा
- 34:12जवाहरलाल नेहरू को एक चीज ध्यान रखना
- 34:13यूनियन प्लस स्टेट ठीक है प्राइम मिनिस्टर
- 34:16किसका होता है सिर्फ यूनियन का थोड़ी होता
- 34:17है यूनियन स्टेट दोनों का होता है तो
- 34:19यूनियन कमिटी और स्टेट कमेटी पूछे तो कहां
- 34:20आएगा जवाहरलाल नेहरू आएगा ठीक है बस बाकी
- 34:22इतना आपको ध्यान रखना है इसके बाद
- 34:24ड्राफ्टिंग कमेटी के बारे में देखेंगे
- 34:26ड्राफ्टिंग कमिटी कॉन्स्टिट्यूशन का
- 34:27ड्राफ्ट बनाने के लिए कमेटी बनाई गई थी 29
- 34:29अगस्त 1947 को बनाई गई थी डेट याद रखना
- 34:32वेरीेंट है। 29 अगस्त 1947 को बनाया गया
- 34:35था। डॉ. बी आर अंबेडकर जो हैं हमारे इस
- 34:37कमेटी के चेयरमैन थे। और कमेटी में टोटल
- 34:39कितने मेंबर्स थे? टोटल सात मेंबर्स थे।
- 34:41इसका नाम आपको याद रखना है। एक तो कृष्ण
- 34:43भगवान थे। ठीक है? पूरा नाम है अलादी
- 34:45कृष्ण स्वामी अय्यर। ठीक है? एक गोपाल थे।
- 34:47देखो कृष्ण के नाम क्या है? जो हमारे
- 34:49कान्हा जी हैं उनका नाम कृष्ण है। ठीक है?
- 34:50गोपाल भी तो उनका नाम है। गोविंद गोपाल।
- 34:53ठीक है? तो कृष्ण हो गया। गोपाल हो गया।
- 34:55ठीक है? इसमें मुंशी जी भी आ जाएंगे। और
- 34:58अह मोहम्मद आ गए। ठीक है? और बीएल मित्तल
- 35:01और केपी डेपी खेतान आ गए। ठीक है? अब ये
- 35:03दोनों ना क्या हुआ? बाद में ये दोनों डेथ
- 35:04हो गए थे। एक्सपायर कर गए थे। तो बीएल
- 35:06मित्तल की जगह फिर दूसरे आ गए माधवराव।
- 35:08ठीक है? माधव भी आपने सुना होगा कृष्ण
- 35:10भगवान का नाम है। माधव भी कृष्ण भगवान का
- 35:12नाम है। ठीक है? और फिर कृष्णा मचारी है।
- 35:14अगर ये आप नहीं याद रखना चाहते हो तो ये
- 35:16भी याद रख सकते हो। कोई दिक्कत नहीं है।
- 35:17ठीक है? तो माधव हो गया। कृष्ण हो गया। ये
- 35:19भी कृष्ण हो गया। ठीक है? फिर गोपाल हो
- 35:21गया। बाकी आपको क्या याद रखना है? बस
- 35:23मोहम्मद याद रखना है अलग से। ठीक है?
- 35:24मोहम्मद सारे कृष्ण भगवान हैं। हिंदू
- 35:26रिलीजन हो गया। एक तरफ मुस्लिम रिलिजन भी
- 35:28हो गया। मोहम्मद भी आ गए। ठीक है? तो ये
- 35:30सारे सात मेंबर्स थे। वेरीेंट है। एग्जाम
- 35:32में पूछ लेता है। इसको ध्यान रखना। कई बार
- 35:34पूछ रखा है यूपीपीसीएस में और बीपीएससी ने
- 35:36तो ना जाने कितनी बार पूछा है। अब देखेंगे
- 35:39एडॉक कमेटी ऑन द नेशनल फ्लैग। ठीक है?
- 35:41एडॉक [गला साफ़ करने की आवाज़] का मतलब
- 35:42क्या होता है? आपको पता है एडॉक का मतलब
- 35:43एडॉक का मतलब है किसी स्पेसिफिक पर्पस के
- 35:46लिए बनाई गई टेंपरेरी कमेटी को हम एडॉक
- 35:48बोलते हैं। ठीक है? नेशनल फ्लैग पर डिसीजन
- 35:50लेने के लिए कमेटी 23 जून 1947 को बनाई गई
- 35:54थी। ठीक है? नेशनल फ्लैग पर डिसीजन लेना
- 35:55था। अब चेयरमैन इसके कौन थे? डॉ. राजेंद्र
- 35:58प्रसाद वेरी इंपॉर्टेंट है। ध्यान रखना
- 36:00भाई प्रेसिडेंट ही चेयरमैन था इसका। ठीक
- 36:02है? और मेंबर्स में अगर आप देखोगे तो अबुल
- 36:04कलाम आजाद हो गए, सरोजनी नायडू हो गए,
- 36:06राजा गोपालचारी हो गए, के एम मुंशी हो गए
- 36:08एंड डॉ. बीराव अंबेडकर हो गए। ठीक है?
- 36:10मुंशी जी हर जगह आ रहे हैं। इसको नाम को
- 36:12आपको ध्यान रखना है। ठीक है? अगर आप
- 36:14देखोगे तो इससे पहले क्या बता रहा है कि
- 36:16इससे पहले कांग्रेस ने कराची सेशन में 2
- 36:18अप्रैल 1931 को एक अलग फ्लैग कमेटी बनाई
- 36:22थी। जिसके चेयरमैन कौन थे? सरदार वल्लभ
- 36:23भाई पटेल थे। समझ गए? ठीक है? ध्यान रखना।
- 36:261931 वाली कांग्रेस फ्लैग कमेटी और 1947
- 36:30वाली कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली कमेटी दोनों
- 36:32अलग कमिटीज़ थी। ठीक है? कंफ्यूज़ मत होना।
- 36:34बस बताया गया है कि पहले भी बनाया गया था।
- 36:36क्लियर है? अब इसके बाद सोर्सेस ऑफ़ द
- 36:39इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन देखेंगे। ठीक है?
- 36:41अब देखो ये सोर्सेस अगर यहां से एक-एक चीज़
- 36:43करके पढ़ोगे तो नहीं ध्यान रहा होगा। मैं
- 36:45आपको एकदम ट्रिक से सोर्सेस पढ़ाता हूं।
- 36:49एंड अगर आप देखोगे तो इसके बाद हमारा है
- 36:51पार्ट्स ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन। ठीक है? तो
- 36:53दोनों को हम कवर कर लेंगे। पहले सोर्सेस
- 36:55देख लेंगे। ठीक है? उसके बाद अगला है
- 36:57पार्ट्स ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन। तो इसको भी
- 36:59हम कर लेंगे।
- 37:01हम
- 37:03लिख लेना अपने अगर पीडीएफ है या कहीं कॉपी
- 37:06है रफ में लिख लेना या तो स्क्रीनशॉट ले
- 37:07लेना जैसे भी आपको सिंपल लगे। ठीक है? तो
- 37:09पहला टॉपिक हमारा क्या है? सोर्सेस ऑफ द
- 37:11कॉन्स्टिट्यूशन।
- 37:16सोर्सेस ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन।
- 37:24इसमें पहला आता है आपका आयरिश। ठीक है?
- 37:27मतलब आयरलैंड से हमने क्या लिया है? इसकी
- 37:29ट्रिक क्या है? एलीस जस्ट अ सेकंड हम
- 37:35एलीस डीपी इज नंबर वन। ठीक है? एक एली
- 37:38करके लड़की है। उसकी जो डीपी है वो नंबर
- 37:41वन है। बहुत अच्छी डीपी है। ठीक है?
- 37:44अब देखो इससे क्या होगा? एलली से क्या
- 37:46हुआ? एलली से आपका होगा इलेक्शन ऑफ
- 37:48प्रेसिडेंट। ठीक है? इलेक्शन ऑफ़
- 37:50प्रेसिडेंट। ठीक है? डीपी से क्या हो गया?
- 37:53डीपीएसपी। ठीक है? नंबर वन से क्या हो
- 37:56गया? नंबर वन से नॉमिनेशन ऑफ़ मेंबर्स टू
- 37:58राज्यसभा। भाई, लोकसभा, राज्यसभा में नंबर
- 38:00वन कौन है? राज्यसभा है ना? नॉमिनेशन ऑफ
- 38:02मेंबर्स टू राज्यसभा।
- 38:06ठीक है? यह ध्यान रखना। यह आयरलैंड का हो
- 38:08गया। इसके बाद दूसरा आता है आपका कनाडा।
- 38:12कनाडा की ट्रिक क्या है? कैन आई नो
- 38:18गवर्नर? फेड
- 38:21रेजिडेंशियल
- 38:23एड्रेस।
- 38:28ठीक है? एक गवर्नर फेड करके कोई है। एक
- 38:30गवर्नर है जिसका नाम है फेड। ठीक है? तो
- 38:32मैं बोल रहा हूं कैन आई नो? क्या मैं जान
- 38:34सकता हूं गवर्नर फेड का रेजिडेंशियल
- 38:35एड्रेस? तो कैन से हो जाएगा आपका कनाडा।
- 38:38ठीक है? किसकी ट्रिक है? ये कनाडा की
- 38:40ट्रिक है। कैन आई नो गवर्नर? गवर्नर से
- 38:42क्या होगा? अपॉइंटमेंट ऑफ गवर्नर। ये हमने
- 38:44कहां से लिया है? कनाडा से लिया।
- 38:46अपॉइंटमेंट ऑफ गवर्नर बाय सेंटर। कनाडा से
- 38:48भी है। ठीक है? फेड है। फेड से क्या होगा?
- 38:50फेडरेशन विद स्ट्रांग सेंटर। फेडरेशन विद
- 38:56स्ट्रांग सेंटर।
- 38:58लिखते रहना साथ-साथ। रेजिडेंशियल से क्या
- 39:00हो गया? रेजोडरी पावर्स। ठीक है?
- 39:04रेजिडरी पावर्स।
- 39:08एड्रेस। एड्रेस से क्या हो गया? एडवाइज़री
- 39:10जुरडिक्शन ऑफ सुप्रीम कोर्ट।
- 39:13एडवाइज़री
- 39:15जुरिसडिक्शन।
- 39:18ऑफ सुप्रीम कोर्ट। ठीक है? तो, यह हमारा
- 39:20हो गया आयरलैंड का एंड कनाडा का। इसके बाद
- 39:23हम देखेंगे यूएस का।
- 39:29यूएस का क्या ट्रिक है? प्रेसिडेंट नीड
- 39:33फंड
- 39:35फॉर रिमूवल ऑफ
- 39:39प्रेसिडेंट,
- 39:42वाइस प्रेसिडेंट एंड जजेस। ठीक है?
- 39:45प्रेसिडेंट को फंड चाहिए। क्यों फंड
- 39:46चाहिए? उसको निकालना है। किसको निकालना
- 39:48है? प्रेसिडेंट को खुद को निकालना है,
- 39:49वाइस प्रेसिडेंट को निकालना है और जजेस को
- 39:51निकालना है। क्लियर है? ठीक है? या
- 39:53प्रेसिडेंट को खुद को नहीं निकालना तो हटा
- 39:54सकते हो। प्रेसिडेंट नीड फंड फॉर रिमूवल
- 39:56ऑफ वाइस प्रेसिडेंट एंड जजेस। ठीक है?
- 39:58प्रेसिडेंट को फंड चाहिए क्योंकि उसे
- 39:59निकालना है वाइस प्रेसिडेंट को और जजेस
- 40:01को। ठीक है? प्रेसिडेंट से क्या होगा?
- 40:02प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया। कहां से लिया हमने?
- 40:04यूएसए से लिया है। फंड से क्या हो गया?
- 40:06फंड से हो गया आपका फंडामेंटल राइट्स।
- 40:08क्लियर है? ठीक है? रिमूवल से क्या होता
- 40:10है? रिमूवल मतलब क्या होता है? रिमूवल।
- 40:11रिमूवल को हम इंपीचमेंट भी बोलते हैं
- 40:13पॉलिटी में। ठीक है? आगे मैं पढ़ाऊंगा
- 40:15अभी। इंपीचमेंट। ठीक है? इंपीचमेंट किसका?
- 40:17प्रेसिडेंट का। और जजेस का। ठीक है? जजेस
- 40:22कौन? हाई कोर्ट एंड सुप्रीम कोर्ट। दोनों।
- 40:24क्लियर है? प्रेसिडेंट नीड फंड फॉर रिमूवल
- 40:26ऑफ प्रेसिडेंट। ठीक है? ऑफ वाइस
- 40:28प्रेसिडेंट एंड जजेस। ठीक है? तो वाइस
- 40:30प्रेसिडेंट मतलब वाइस प्रेसिडेंट की पोस्ट
- 40:31भी हमने यूएसए से ली है। ठीक है? जजेस से
- 40:34क्या हो गया? इंडिपेंडेंस ऑफ जुडिशरी।
- 40:36इंडिपेंडेंस ऑफ जुडिशरी।
- 40:40ठीक है? उसमें जुडिशियल रिव्यु भी ऐड कर
- 40:42सकते हो। दोनों चीजें। क्लियर है यहां तक?
- 40:46इसके बाद ऑस्ट्रेलिया आता है। यह मेरा
- 40:47फेवरेट है। पता है? क्यों फेवरेट है?
- 40:50क्योंकि यह मिलाने की बात करता है। यह
- 40:51हमेशा मिलाने की बात करता है। दो लोगों के
- 40:53मिलाने की बात करता है। जैसे सर मिलाने की
- 40:55बात करता है। क्या-क्या आता है इसमें?
- 40:56कॉनकरुंट लिस्ट। ठीक है? कॉनकरुंट लिस्ट
- 40:59हमेशा मिलाने की बात करता है ना? यूनियन
- 41:00और स्टेट दोनों को मिलाता है ना। दोनों एक
- 41:02साथ काम कर सकते हैं। और क्या है? जॉइंट
- 41:04सेटिंग है। जॉइंट सेटिंग में मिलाने का
- 41:06काम कर रहा है ना भाई? लोकसभा राज्यसभा
- 41:08दोनों मिलके बैठते हैं। इसके बाद और क्या
- 41:10आता है? फ्रीडम ऑफ़ ट्रेड एंड कॉमर्स। भाई
- 41:12व्यापार आप कब कर पाओगे? जब कस्टमर और जो
- 41:14बिजनेसमैन है वो दोनों मिलके काम करेंगे
- 41:16ना तभी तो व्यापार होगा। फ्रीडम ऑफ ट्रेड
- 41:19एंड कॉमर्स।
- 41:23ठीक है? तो ये तीनों मिलाने की बात कर रहा
- 41:25है। इसके बाद नेक्स्ट आता है आपका साउथ
- 41:27अफ्रीका। [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 41:31इसमें दो चीजें हैं। एक तो अमेंडमेंट ऑफ द
- 41:33कॉन्स्टिट्यूशन है।
- 41:38ऑफ राज्यसभा मेंबर्स।
- 41:43अब देखो इसको कैसे याद रखना है भाई? साउथ
- 41:46अफ्रीका में आपको पता है रेशियल
- 41:47डिस्क्रिमिनेशन बहुत ज्यादा था। अपरथाइट
- 41:49सिस्टम था। तो सबसे पहले पूरी दुनिया में
- 41:50अमेंडमेंट की किसको जरूरत है कि वहां पे
- 41:52चीजें सही हो। साउथ अफ्रीका को जरूरत है।
- 41:55ठीक है? और दो हाउस होते हैं। लोकसभा
- 41:57राज्यसभा। ठीक है? पढ़े लिखे लोग ज्यादा
- 41:59कहां होते हैं? राज्यसभा में होते हैं।
- 42:00ठीक है? वी ऑल नो दैट। तो इलेक्शन सबसे
- 42:03पहले कहां करा हो? राज्यसभा में। ठीक है?
- 42:05लेकिन किस कंट्री में सबसे ज्यादा जरूरत
- 42:06है? साउथ अफ्रीका में। तो इलेक्शन ऑफ
- 42:08राज्यसभा मेंबर्स हमने कहां से लिए? साउथ
- 42:10अफ्रीका में। ठीक है? ऐसे याद रख सकते हो
- 42:11यार।
- 42:15जापान। जापान से क्या है? प्रोसीजर
- 42:17एस्टैब्लिश्ड बाय लॉ। प्रोसीजर
- 42:19एस्टैब्लिश्ड बाय लॉ। इसका मतलब क्या होता
- 42:21है? कि जुडिशरी सिर्फ ये नहीं देखेगी कि
- 42:24जो प्रोसेस लॉ का बना है वो सही है या
- 42:25नहीं है। मतलब ये तो देखेगी ही। इसके साथ
- 42:27इंटेंशन भी देखेगी। ठीक है? प्रोसीजर
- 42:29एस्टैब्लिश बाय लॉ क्या होता है? सिर्फ
- 42:31प्रोसेस नहीं देखेगी। इंटेंशन भी देखेगी।
- 42:34दोनों चीजें देखेगी। ठीक है? मतलब जैसे
- 42:35मान लो फॉर एग्जांपल अ कोई एक्स व जेड
- 42:38पार्टी है। ठीक है? उसने कहा है कि सबको
- 42:40ना ऑरेंज टीशर्ट पहननी है इस दिन। ठीक है?
- 42:42तो अब वो बिल जाएगा लोकसभा में। फिर
- 42:44राज्यसभा के पास गया। फिर प्रेसिडेंट ने
- 42:46साइन किया। तो ये प्रोसेस है। इसको तो
- 42:48देखेगी सुप्रीम कोर्ट। बट इंटेंशन भी
- 42:50दिखेगी कि भाई ऑरेंज टीशर्ट क्यों पहना
- 42:51रहे हो कि अपनी पार्टी को प्रमोट कर रहे
- 42:53हो या कुछ और एडिशन आए। ठीक है? तो उसको
- 42:55हम बोलते हैं प्रोसीजर एस्टैब्लिश बाय लॉ।
- 42:57ये हमने कहां से लिया है? जापान से लिया
- 42:58है। क्लियर है? इसके बाद जर्मनी आता है।
- 43:01[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 43:02जर्मनी से हमने क्या लिया है? सस्पेंशन ऑफ
- 43:04फंडामेंटल राइट्स ड्यूरिंग इमरजेंसी।
- 43:06सस्पेंशन ऑफ फंडामेंटल राइट्स ड्यूरिंग
- 43:10इमरजेंसी।
- 43:13ठीक है? यह हमने जर्मनी से लिया है।
- 43:16इसके बाद आता है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट
- 43:181935।
- 43:22इससे हमने क्या लिया है? पीडीईएफ। ठीक है?
- 43:25ट्रिक याद रखना। पीडीएफ। पीडीएफ होता है
- 43:26ना? ई लगा दो बीच में। ठीक है? प्लस ऑफिस
- 43:29ऑफ गवर्नर
- 43:33प्लस जुडिशरी।
- 43:36ठीक है? यह चीजें बस ध्यान रखना। ऑफिस ऑफ़
- 43:38गवर्नर और जुडिशरी। पीडीएफ से क्या हो
- 43:40गया? पी से होता है आपका पब्लिक सर्विस
- 43:41कमीशन। ठीक है? डी से हो गया
- 43:43एडमिनिस्ट्रेटिव डिटेल्स।
- 43:46ई से हो गया इमरजेंसी प्रोविज़। देखो
- 43:48सस्पेंशन ऑफ इमरजेंसी फंडामेंटल राइट्स
- 43:51ड्यूरिंग इमरजेंसी जर्मनी से है। बट
- 43:52इमरजेंसी की जो प्रोविज़ंस है वो गवर्नमेंट
- 43:54ऑफ इंडिया एक्ट 1935 से लिया। और एफ से
- 43:56क्या हो गया? फेडरल स्कीम।
- 43:58ठीक है?
- 44:00अब इसके बाद जो कुछ बचता है वह सारा हो
- 44:02गया ब्रिटिश में। ठीक है? हमने ब्रिटिश से
- 44:05लिया है। इसके बाद जो कुछ भी बचता है तो
- 44:06ब्रिटिश के याद करने की जरूरत नहीं है। ये
- 44:08सारे याद कर लोगे हो जाएगा। ठीक है? आई
- 44:09होप क्लियर हो गया होगा। इसको आप लोग लिख
- 44:11लेना। ठीक है? पॉज कर लेना वीडियो या
- 44:13स्क्रीनशॉट ले लेना। आपको क्लियर हो गया
- 44:15होगा।
- 44:18अब हमें देखना है पार्ट्स ऑफ द
- 44:19कॉन्स्टिट्यूशन। इसको इरेज कर देते हैं।
- 44:30पार्ट्स ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन।
- 44:42ठीक है?
- 44:44इसकी ट्रिक क्या है? देखो
- 44:49उसको चाहा फिर देखा। ठीक है? किसी लड़की
- 44:53को आप चाहते हो और फिर उसे देखते हो। ठीक
- 44:55है? तो उसको चाहा फिर देखा। ठीक है? फिर
- 44:58उसको सोचा भी। समझ गए? आपने किसी लड़की को
- 45:02चाहा। ठीक है? तो उसको चाहा फिर देखा। फिर
- 45:05देखते हो ना? उसको चाहते हो फिर देखते हो।
- 45:07देखने के बाद क्या हुआ? कॉलेज के बाद अपने
- 45:08घर आ गए। फिर उसको सोचते भी हो ना? तो फिर
- 45:10उसको सोचा भी। उसने पर मुझे चोर समझा। अब
- 45:14भैया किसी को ऐसे देखोगे तो चोर ही समझे
- 45:15जाओगे ना। तो उसको चाहा फिर देखा। फिर
- 45:18उसको सोचा भी। उसने पर मुझे चोर समझा।
- 45:21क्लियर है यह ट्रिक याद रखना। इसके बाद है
- 45:24आर एफ टी एस टी ईपी क्या है? आर एफ टी एस
- 45:30टीईपी। ठीक है? और इसके बाद एक और याद
- 45:33रखना लीमैट्स लीड्स करके
- 45:40क्लियर है? उसको चाहा फिर देखा फिर उसको
- 45:44सोचा भी उसने पर मुझे चोर समझा। आर एफ टी
- 45:48एस टी ईपी और ये क्या है? लीमैट्स है। ठीक
- 45:51है? बस इतना याद रखना है सारे पार्ट्स
- 45:52आपके इसमें आ जाएंगे। आइए फिर करते हैं।
- 45:58हम देखो उसको चाहा उसको से क्या हो गया?
- 46:01आपका यूनियन हो गया। ठीक है? चाहा से हो
- 46:04गया सिटीजनशिप।
- 46:06उसको चाहा फिर देखा। फिर से क्या हो गया?
- 46:09फंडामेंटल राइट्स। ठीक है? और देखा से
- 46:11क्या हो गया आपका? डीपीएसपी। उसको चाहा
- 46:14फिर देखा। फिर उसको सोचा भी। ये क्या हो
- 46:17गया? फिर से फंडामेंटल ड्यूटीज। ठीक है?
- 46:19फिर उसको उसको से क्या हो गया? यूनियन
- 46:21गवर्नमेंट। सोचा भी सोचा एस से क्या हो
- 46:23गया? स्टेट गवर्नमेंट। ठीक है? बी से क्या
- 46:26हो गया? यह भैया अब रिपील हो गया है। ठीक
- 46:27है? ये स्टेट से जो पार्ट बी में थे तो
- 46:30अभी तो ये रिपील हो गया है। बट अब समझ
- 46:32लेना। ठीक है? उसको चाहा फिर देखा। फिर
- 46:34उसको सोचा भी उसने पर मुझे चोर समझा। ठीक
- 46:37है? अब क्या हो गया? यूनियन गवर्नमेंट हो
- 46:39गया। स्टेट गवर्नमेंट हो गया। अब यूनियन
- 46:40टेरिटरीज हो गई। ठीक है? पी से क्या हो
- 46:42गया? पंचायत हो गया। एम से क्या हो गया?
- 46:45मुनिसिपालिटीज हो गया। सी से क्या हो गया?
- 46:46कोऑपरेटिव सोसाइटीज हो गया। एस से क्या हो
- 46:49गया? शेड्यूल एंड ट्राइबल एरियाज।
- 46:52क्लियर है? उसको चाहा, फिर देखा, फिर उसको
- 46:55सोचा भी उसने पर मुझे चोर समझा। क्लियर
- 46:58है? अब इसके बाद क्या है? आर एफ टी,
- 47:00एसटीईपी। आर एफ आर से क्या हो गया?
- 47:02रिलेशनशिप हो गया। किसके बीच में
- 47:03रिलेशनशिप? आप और उसके बीच में नहीं
- 47:05यूनियन और स्टेट के बीच में। ठीक है? एफ
- 47:07से क्या हो गया? फाइनेंस हो गया। टी से
- 47:10क्या हो गया? ट्रेड हो गया। ठीक है?
- 47:13ट्रेड हो गया। इसके बाद आरएफटी एसटीईपी।
- 47:17एस से क्या हो गया? सर्विसेस हो गया
- 47:18बिटवीन द यूनियन एंड द स्टेट्स। टी से
- 47:21क्या होगा? ट्रिब्यूनल।
- 47:26ई से क्या होता है? इलेक्शंस।
- 47:30और पी से क्या होता है? स्पेशल प्रोविजंस।
- 47:36फिर आता है आपका लीमैट्स। एल से क्या
- 47:39होगा? लैंग्वेज। ऑफिशियल लैंग्वेज जो हैं।
- 47:43इसके बाद ई से क्या हो गया? इमरजेंसी
- 47:46प्रोविजंस।
- 47:48इसके बाद एम से आपका मिसलेनियस
- 47:53ए से क्या होगा? अमेंडमेंट
- 47:57टी से क्या होगा? टेंपरेरी प्रोविजंस है
- 48:00कुछ।
- 48:02और एस से क्या होगा? शॉर्ट टाइटल।
- 48:07ठीक है? ये सारे हमारे पार्ट्स कवर हो गए
- 48:09हैं। क्लियर है? कोई दिक्कत तो नहीं है
- 48:11आपको? क्या ट्रिक है? उसको चाहा, फिर
- 48:14देखा, फिर उसको सोचा भी। पहले हम किसी को
- 48:16चाहते हैं फिर उसको देखते हैं। ठीक है?
- 48:19फिर उसके बारे में सोचने लगते हैं। ठीक
- 48:21है? उसने पर मुझे चोर समझा। वो लड़की ने
- 48:23मुझे चोर समझ लिया। इसके बाद आर एफ टी एस
- 48:26टीईपी और इसके बाद क्या है आपका? लीमक्स
- 48:28है। क्लियर हो गया? ये बस आप अपने पास
- 48:30ध्यान रख लेना। इसको या तो लिख लो या तो
- 48:32आप वीडियो पॉज करके स्क्रीनशॉट ले सकते हो
- 48:35इसका।
- 48:39तो हमने सोर्सर्सेस देख लिए हैं। ठीक है?
- 48:41सारे हमने कवर कर लिए हैं। कोई भी चीज
- 48:43आपका नहीं छूटा है। बस अब रिवाइज कर लेना
- 48:45अच्छे से। अच्छा एक चीज ध्यान रखना
- 48:47लैंग्वेज ऑफ द प्रियमबल। ये इंपॉर्टेंट
- 48:49है। लैंग्वेज हमने प्रएमबल कहां से लिया?
- 48:50ऑस्ट्रेलिया से लिया है। ठीक है? इसको
- 48:52ध्यान रखना। लैंग्वेज ऑफ़ द प्रियमबल हमने
- 48:54कहां से लिया? ऑस्ट्रेलिया से लिया है।
- 48:55बाकी ऑस्ट्रेलिया की चीजें मैंने आपको बता
- 48:57रखी है। जैसे जॉइंट सिंग मिलाने का काम
- 48:59करता है। फ्रीडम ऑफ़ द ट्रेड एंड कॉमर्स
- 49:00है। ठीक है? प्रएमबल जरूर हमने अमेरिका से
- 49:02लिया है। अगर प्रियमबल पूछा जाए तो हमने
- 49:04अमेरिका से लिया है। ठीक है? बट लैंग्वेज
- 49:06ऑफ़ द प्रियमबल पूछ लिया जाए तो
- 49:08ऑस्ट्रेलिया से लिया है। इंपॉर्टेंट है
- 49:09इसको ध्यान रखना।
- 49:11इसके बाद पार्ट्स हमने अच्छे से कर लिए।
- 49:13उसको चाहा फिर देखा फिर उसको सोचा भी उसने
- 49:15पर मुझे चोर समझा। क्लियर है? आर एफ टी एस
- 49:20टी ई पी और इसके बाद है लीमैट्स एल
- 49:25ई एम ए टी एस। ठीक है?
- 49:29अब कुछ एडिशनल फैक्ट्स देख लेते हैं।
- 49:31आर्टिकल वन क्या बोलता है? हमारे
- 49:33कॉन्स्टिट्यूशन का आर्टिकल वन क्या बोलता
- 49:34है? इंडिया दैट इज़ भारत शैल बी अ यूनियन
- 49:36ऑफ़ स्टेट्स। ठीक है? यही तो बोलता है।
- 49:38मतलब इंडिया को स्टेट्स का यूनियन कहा गया
- 49:41है। इंडिया को क्या कहा गया है? इंडिया को
- 49:43स्टेट्स का यूनियन कहा गया है। जो स्टेट्स
- 49:45हैं उनका यूनियन कहा गया है।
- 49:46कॉन्स्टिट्यूशन में यूनियन वर्ड यूज़ हुआ
- 49:48है। ध्यान रखना। फेडरेशन नहीं हुआ है।
- 49:50अमेरिका इज़ अ फेडरेशन बट इंडिया इज़ नॉट अ
- 49:52फेडरेशन। ठीक है?
- 49:55और ये कहां से हमने ड्राइव किया? ब्रिटिश
- 49:57नॉर्थ अमेरिकन एक्ट 1867। इसको भी ध्यान
- 49:59रख लेना। क्लियर है? अब यूनियन वर्ड हमने
- 50:01क्यों चूज़ किया? भाई साहब फेडरेशन से क्या
- 50:03दिक्कत देखो इंडिया में सेंटर और स्टेट्स
- 50:05दोनों हैं लेकिन स्टेट्स को इंडिया से अलग
- 50:07होने का राइट नहीं है। इसीलिए
- 50:09कॉन्स्टिट्यूशन में यूनियन और स्टेट लिखा
- 50:11गया है। ठीक है? कॉनकरेंट लिस्ट अगर आप
- 50:13देखोगे कॉनकरेंट लिस्ट हमने कहां से लिया
- 50:14है? अभी बताओ कॉनकरेंट लिस्ट कमेंट में
- 50:16बताओ हमने कहां से लिया है? जल्दी बताओ
- 50:18ऐसे याद रहेगा। कॉनकरेंट लिस्ट मैंने आपको
- 50:20बताया था मिलाने की बात कर रहा है। तो
- 50:21मिलाने वाली चीज हमने कहां से ली थी?
- 50:23ऑस्ट्रेलिया से ली थी। क्लियर है? तो
- 50:26कॉनकरेंट लिस्ट में सेंटर और स्टेट्स
- 50:28दोनों लॉज़ बना सकते हैं। ठीक है? पहले
- 50:30इसमें 47 सब्जेक्ट्स थे। बाद में
- 50:32अमेंडमेंट से पांच सब्जेक्ट्स ऐड हुए।
- 50:34इसलिए टोटल अब कितने हो गए? 52 हो गए।
- 50:37क्लियर है? पहले 47 थे फिर पांच
- 50:38अमेंडमेंट्स से ऐड हुआ। टोटल 52 हो गए। तो
- 50:41अभी कितने हैं? 52 हैं। बस इतना दिमाग में
- 50:42रख लो। ठीक है? अच्छा आपको पता है ना
- 50:44लोकसभा, राज्यसभा डोमिनेटेड मेंबर्स
- 50:46किसमें होते हैं? राज्यसभा में होते हैं।
- 50:47तो प्रेसिडेंट राज्यसभा में आर्ट,
- 50:49लिटरेचर। ठीक है? साइंस और सोशल सर्विस।
- 51:06क्लास होता है ना? ठीक है? क्लास होता है।
- 51:10तो ये एल से क्या हो जाएगा आपका? एल से हो
- 51:13जाएगा लिटरेचर। ए से हो जाएगा आर्ट। ठीक
- 51:15है? एस से हो जाएगा
- 51:18साइंस और एस से हो गया सोशल सर्विस। ठीक
- 51:20है? तो सी का सी आपका साइलेंट रहेगा
- 51:23लास्ट। ठीक है? तो ये सारे मेंबर्स जो हैं
- 51:26प्रेसिडेंट जो है राज्यसभा में आर्ट,
- 51:28लिटरेचर, साइंस और सोशल सर्विस जैसे
- 51:30फील्ड्स में स्पेशल नॉलेज या एक्सपीरियंस
- 51:32रखने वाले मेंबर्स नॉमिनेट कर सकता है।
- 51:33ठीक है? और ये प्रोविजन आइलैंड के मॉडल से
- 51:35इंस्पायर्ड है। ठीक है? मैंने पढ़ाया था
- 51:38ना एललीस डीपी इज़ नंबर वन। नंबर वन से
- 51:40क्या हो गया? नॉमिनेशन ऑफ़ मेंबर्स टू
- 51:41राज्यसभा।
- 51:43इसके बाद आप देखोगे तो स्वर्ण सिंह कमिटी
- 51:45ने फंडामेंटल ड्यूटीज ऐड करने की
- 51:47रिकमेंडेशन दी थी। इन्हें 42
- 51:49कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट एक्ट 1976 से
- 51:52कॉन्स्टिट्यूशन में ऐड किया गया था। ठीक
- 51:53है? इंदिरा गांधी के टाइम पे 75 में
- 51:55इमरजेंसी लगी थी ना 76 में तो इंदिरा
- 51:56गांधी ही तो थी। अब देखो अब क्या बोल रहा
- 51:58है? इलेक्शन कमीशन का प्रोविजन बता रहा
- 52:00है। इलेक्शन कमीशन से संबंधित
- 52:02कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोविजन किसी दूसरे
- 52:04कंट्री के कॉन्स्टिट्यूशन से डायरेक्टली
- 52:06इंस्पायर्ड नहीं है। ध्यान रखना क्या
- 52:08बताया मैंने? कि इलेक्शन कमीशन से संबंधित
- 52:10कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोविजन किसी दूसरे
- 52:12कंट्री के कॉन्स्टिट्यूशन से डायरेक्टली
- 52:14इंस्पायर्ड नहीं है। हां, प्रेसिडेंट के
- 52:16इलेक्शन का मेथड जरूर हमने आइलैंड से
- 52:18बताया गया है। ठीक है? बाकी प्रोविजन नहीं
- 52:21है। अब देखो क्या बता रहा है? यूएसए के
- 52:23कॉन्स्टिट्यूशन के बारे बारे में बता रहा
- 52:25है कि यूएसए का कॉन्स्टिट्यूशन दुनिया का
- 52:26सबसे पुराना सर्वाइविंग रिटेन नेशनल
- 52:29कॉन्स्टिट्यूशन माना जाता है। ठीक है?
- 52:30इसके ओरिजिनल टेक्स्ट में अगर आप देखोगे
- 52:32तो कितने सिर्फ सात आर्टिकल्स हैं। हमारे
- 52:34में तो 300 प्लस है। 400 प्लस है
- 52:36एक्चुअली।
- 52:38और कुछ एडिशनल फैक्ट्स दिया गया है।
- 52:41[गला साफ़ करने की आवाज़] ओरिजिनली हमारे
- 52:42कॉन्स्टिट्यूशन में 22 पार्ट्स थे। 395
- 52:44आर्टिकल्स थे। आठ शेड्यूल थे। लेकिन अब
- 52:46प्रेजेंट कितने हैं? प्रेजेंट अगर आप
- 52:47देखोगे तो 25 पार्ट हैं। ठीक है? 425 कुछ
- 52:50आर्टिकल्स हैं। ठीक है? अभी देख लेना
- 52:52रीसेंट कितने हैं। और शेड्यूल 12 हैं। ठीक
- 52:54है? फोर पार्ट्स एडेड लेटर बाय द
- 52:56अमेंडमेंट। क्या बता रहा है कि कुछ चार
- 53:00पार्ट्स हैं वो अमेंडमेंट के द्वारा बाद
- 53:02में ऐड हुए थे। कौन से? पार्ट फोर ए।
- 53:03इसमें फंडामेंटल ड्यूटीज। अभी हमने देखा
- 53:05ना सोन सिंह कमेटी की रिकमेंडेशन पे ऐड
- 53:07हुए थे 4 अमेंडमेंट 1976 में। और क्या
- 53:10आपका 14 ए पार्ट ऐड हुआ जो ट्रिबुनल्स के
- 53:13बारे में है। ठीक है? इसके बाद पार्ट
- 53:14नाइंथ ए ऐड होता है। म्यनिसिपालिटीज के
- 53:16बारे में है। 74 अमेंडमेंट 1992 फिर पार्ट
- 53:19नाइन बी कोऑपरेटिव सोसाइटीज के बारे में
- 53:21है। 97 अमेंडमेंट 2011 से ऐड हुआ है। तो
- 53:24ये सारी चीजें ऐड हुई हैं। इसको ध्यान
- 53:26रखना। ठीक है? पार्ट 11 में देखोगे तो दो
- 53:28चैप्टर्स हैं। पार्ट 11 सेंटर और स्टेट के
- 53:31रिलेशन के बारे में बताता है। तो इसमें दो
- 53:32चैप्टर्स हैं। चैप्टर वन क्या कवर करता
- 53:34है? लेजिस लेजिसलेटिव रिलेशंस कवर करता
- 53:36है। कौन किस सब्जेक्ट पर लॉ बना सकता है?
- 53:38और जो चैप्टर सेकंड है वो एडमिनिस्ट्रेटिव
- 53:40रिलेशन कवर करता है। ठीक है? सेंटर और
- 53:42स्टेट के बीच में एडमिनिस्ट्रेटिव
- 53:43कोऑर्डिनेशन कैसा होगा? क्लियर है? इसके
- 53:46बाद पार्ट 12 में फाइनेंस, प्रॉपर्टी,
- 53:48कॉन्ट्रैक्ट्स और सूट्स के प्रोविजंस हैं।
- 53:50ठीक है? गवर्नमेंट के पैसे, प्रॉपर्टी और
- 53:52लीगल मैटर से संबंधित प्रोविजन है। इसके
- 53:54बाद अटर्नी जनरल ये सब हम आगे पढ़ेंगे।
- 53:56अटर्नी जनरल वगैरह। अटर्नी जनरल ऑफ इंडिया
- 53:58का प्रोविजन अगर आप देखोगे तो पार्ट फिफ्थ
- 53:59में है। ठीक है? आर्टिकल 76 में है। इसको
- 54:02ध्यान रखना। ठीक है?
- 54:05पंचायती राज 73 अमेंडमेंट 1992 से आया।
- 54:08पार्ट नाइन में है। इसको हम आगे डिटेल में
- 54:10देखेंगे। ठीक है? के बस कुछ फैक्ट्स
- 54:11एग्जाम ट्रैप है कि ऐसे करके एग्जाम में
- 54:13पूछ लेगा। जैसे मान लो अटर्नी जनरल तो
- 54:15पार्ट फिफ्थ में है। ठीक है? पार्ट 13 में
- 54:17नहीं है। 13 में तो ट्रेड कॉमर्स और
- 54:18इंटरकोर्स से है।
- 54:21अब हम देखेंगे आर्टिकल्स ऑफ द
- 54:23कॉन्स्टिट्यूशन। हमने सोर्सर्सेस कर लिया
- 54:24है। अब हम आर्टिकल्स देखेंगे।
- 54:28देखो आर्टिकल्स में कैसे क्या करना है?
- 54:31सबसे पहली बात है कि जो आर्टिकल्स जैसे
- 54:33मान लो आप वन से स्टार्ट करोगे तो यहां से
- 54:36लेके आपका जो फंडामेंटल राइट है, डीपीएसपी
- 54:38है। ठीक है? फंडामेंटल ड्यूटीज है टोटल
- 54:40आपका 51 ए तक है। यहां तक तो आपको रटा
- 54:43होना चाहिए। देखो यहां तक आर्टिकल्स बहुत
- 54:45इंपॉर्टेंट है। ये सारे आर्टिकल्स आपको
- 54:47रटे होने चाहिए। आप इसे स्किप नहीं कर
- 54:49सकते। ठीक है? वेरीेंट आर्टिकल्स हैं।
- 54:51मैक्सिमम जो क्वेश्चंस आएगा वो इसी से आता
- 54:52है। फंडामेंटल राइट्स हो गया, फंडामेंटल
- 54:54ड्यूटीज हो गया, डीपीएसपी हो गया। ठीक है?
- 54:56इसके बाद जो कुछ कैसे करना है आर्टिकल्स
- 54:58उसको मैं बताता हूं। हां जी। तो देखिए
- 55:03फंडामेंटल राइट्स तो आपको पता है। टोटल छह
- 55:05हैं। ठीक है? इसको ट्रिक क्या है? 5 42
- 55:08421 5 42 42 1 ठीक है? 5 42 42 1 ठीक है?
- 55:14फाइव क्या हो गया? आर्टिकल आपके 14 से 18
- 55:16हो गए। ठीक है? फोर क्या हो गया? 19 से 22
- 55:19हो गए। राइट टू फ्रीडम। ठीक है? फिर ये 23
- 55:21से 24 हो गए। ठीक है? फिर ये 25 से 28 हो
- 55:25गए। ठीक है? फिर ये 29 से 30 हो गए। और
- 55:27फिर ये आपका एक 32 हो गया। ठीक है? तो ये
- 55:29सारे फंडामेंटल आपके राइट्स के आर्टिकल्स
- 55:31हो गए। 51 ए तक तो आपको बिल्कुल ध्यान
- 55:33रखना है। अब आ जाओ मेन-मेन आर्टिकल्स
- 55:35देखते हैं जो एग्जाम्स में पूछते हैं।
- 55:36उसको कैसे याद रखना है? जैसे प्रेसिडेंट
- 55:38है। प्रेसिडेंट का आर्टिकल होता है 52।
- 55:41ठीक है? 52
- 55:43और इसका + 10 कर दो तो क्या हो गया? 62 +
- 55:451 कर दो 63। ये हो गया वाइस प्रेसिडेंट
- 55:48का। क्लियर है? इतना आपको पता है। क्लियर
- 55:51हो गया? इसके बाद और कुछ इंपॉर्टेंट
- 55:53आर्टिकल्स देखते हैं। प्रेसिडेंट और
- 55:55गवर्नर के।
- 55:58मतलब इस तरफ सेंटर का होगा, इस तरफ स्टेट
- 56:00का होगा। जैसे मान लो पारडरिंग पावर है।
- 56:04प्रेसिडेंट की पार्टरिंग पावर है। यह होता
- 56:06है आर्टिकल 72 में। ठीक है? और यहां पर
- 56:10यहां पर किस में होता है? आर्टिकल 161
- 56:11में। देखो अब ये यहां पर ना वन का खेल है।
- 56:14ठीक है? ये जो भी मैं यहां पे आर्टिकल्स
- 56:15बताऊंगा उसमें वन का खेल है। एक बार आपको
- 56:17वन को सिक्स से प्लस करना है। एक बार वन
- 56:19को वन से प्लस करना है। तो वन को सिक्स से
- 56:21प्लस करोगे तो क्या आएगा? सेवन आएगा। और
- 56:22वन को वन प्लस वन से प्लस करोगे तो क्या
- 56:24आएगा? टू आएगा। इसका मतलब प्रेसिंग की
- 56:26पार्टिंग पावर्स 72 होगी। गवर्नर की 161
- 56:28है। ठीक है? यहां पर जो भी खेल है वन का
- 56:30खेल है। इसके बाद आप देखोगे एक आर्टिकल
- 56:33होता है काउंसिल ऑफिस्टर्स का एड एंड
- 56:34एडवाइस का
- 56:37एड एंड एडवाइस। ठीक है? यहां पर क्या है?
- 56:40यहां पर 163 है। एक बार वन को सिक्स से
- 56:42प्लस करोगे, एक बार वन को थ्री से प्लस
- 56:44करोगे। ठीक है? तो से और 3 + 1 4 74 तो
- 56:48यहां पर आ जाएगा 74। ठीक है? प्रेसिडेंट
- 56:51जब एड एंड अडाइस करेगा तो 74 आएगा। जो
- 56:53गवर्नर करेगा तो 163 आएगा। इसके बाद आप आ
- 56:55जाओ अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया। ठीक है?
- 56:58अटॉर्नी जनरल का क्या आर्टिकल है? इसको भी
- 57:01वही करेंगे। यहां पर स्टेट का होता है।
- 57:03स्टेट का कौन होता है? एडवोकेट जनरल होता
- 57:05है। यहां पर आएगा 165। क्या करना है? वही
- 57:08करना है। एक बार वन को सिक्स से प्लस करना
- 57:09है। एक बार वन को फाइव से प्लस करना है।
- 57:11तो यहां हो जाएगा आपका 76। क्लियर है?
- 57:14इसके बाद ऑर्डिनेंस पावर आते हैं।
- 57:19से यहां पर होगा आपका 165। ठीक है? तो एक
- 57:22बार अह नहीं अह सॉरी ऑर्डिनेंस पावर है
- 57:25ना? हां। रुको ऑर्डिनेंस पावर का है 1 2 3
- 57:28ठीक है? अब यहां पर क्या करना है? यहां पर
- 57:29वन को बीच में ले आना है। तो 2 1 3 हो
- 57:31जाएगा। ठीक है? तो ये ऑर्डिनेंस पावर हो
- 57:33गया आपका गवर्नर का। ये हो गया प्रेसिडेंट
- 57:35का। समझ गए? अब इसी में अगर प्लस वन कर
- 57:37दोगे तो हो जाएगा 124। ये आर्टिकल हो जाता
- 57:39है सुप्रीम कोर्ट का। और इसी में प्लस वन
- 57:41कर दोगे तो हो जाता है 214। ठीक है? यह
- 57:43आपका आर्टिकल हो जाता है हाई कोर्ट का।
- 57:45क्लियर है? यहां तक कोई दिक्कत तो नहीं
- 57:47है? या तो इसको लिख लो या तो इसका
- 57:48स्क्रीनशॉट ले लो जैसे भी आपको कन्वीनिएंट
- 57:50लगे।
- 57:53अब इसके बाद यह जितने भी आर्टिकल्स बता
- 57:56रहा हूं यह इंपॉर्टेंट है। ठीक है? इसे बस
- 57:57कर लेना आपका अच्छे से हो जाएगा।
- 58:00इसके बाद सेंटर और स्टेट का देखते हैं।
- 58:06सेंटर एंड स्टेट। इसमें ना 89 का खेल है।
- 58:10इसमें क्या करना है? प्लस 89 करना है।
- 58:17जैसे मान लो पार्टनिंग पावर्स है। ठीक है?
- 58:19काउंसिल ऑफ मिनिस्टर हो गया। अटॉर्नी जनरल
- 58:21हो गया। ये सारे इंपॉर्टेंट आर्टिकल्स
- 58:22हैं। कितनी बार एग्जाम में पूछता है।
- 58:24ड्यूटीज ऑफ पीएम हो गया। ठीक है?
- 58:26पार्लियामेंट हो गया
- 58:28आपका और राइट ऑफ प्रेसिडेंट हो गया। ठीक
- 58:30है? जो यहां पर आर्टिकल सेंटर के हैं वो
- 58:32वहां पर स्टेट के होंगे। ठीक है? इसमें
- 58:34आपको करना है 72। ठीक है? 74 76 78 ठीक
- 58:39है? 79 और 86। ठीक है? ज्यादा नहीं + 2 +
- 58:432 है। फिर +1 ऐसे करके है। अब इसमें 89
- 58:45जोड़ दोगे तो कितना होता 72 में 89 जोड़ोगे
- 58:47तो 161 ये गवर्नर की पार्टिंग पावर्स है।
- 58:5074 में 89 जोड़ोगे तो 163 होता है। ठीक है?
- 58:53ये सेंटर का है। ये स्टेट का हुआ। अटर्नी
- 58:55जनरल में आप 89 जोड़ोगे तो कितना होता है?
- 58:5776 में 89 जोड़ोगे तो कितना होता है? 165।
- 59:00ये एडवोकेट जनरल का हो गया। 78 में 89
- 59:02जोड़ोगे तो 167 हो गया। ड्यूटीज़ ऑफ़ पीएम
- 59:04ड्यूटीज़ ऑफ़ चीफ मिनिस्टरर्स है।
- 59:06पार्लियामेंट 79 है। ठीक है? यहां पर
- 59:08जोड़ोगे तो कितना हो जाएगा? 89 168 ये
- 59:10लेजिसलेटिव का है। राइट ऑफ़ प्रेसेंट 86
- 59:13है। इसमें 89 जोड़ोगे तो कितना हो गया?
- 59:14135। यह राइट टू प्रेसिडेंट जब एड्रेस
- 59:16करता है और यह जो गवर्नर एड्रेस करेगा।
- 59:18ठीक है? तो यहां पर किसका खेल है? यहां पर
- 59:2089 का खेल है। यहां कोई दिक्कत तो नहीं आप
- 59:23लोग को? कुछ और भी हैं उनको भी लिख लेते
- 59:26हैं।
- 59:28डिसक्वालीिफिकेशन ऑफ मेंबर। ठीक है? जब
- 59:30मेंबर डिसक्वालीफाई होता है पार्लियामेंट
- 59:31से और उधर हो जाएगा लेजिसलेटिव असेंबली
- 59:33से। यहां 102 है। 89 जोड़ोगे तो 191। इसके
- 59:36बाद वोटिंग इन हाउस। हाउस में जो वोटिंग
- 59:38होती है, कोरम वगैरह होता है, यह 100 है।
- 59:40इसमें 89 जोड़ोगे तो कितना हो जाएगा? 189
- 59:43है। ठीक है? फिर आ जाओ मनी बिल। मनी बिल
- 59:45क्या है? 100 है सेंटर में। स्टेट में 89
- 59:48जोड़ोगे तो आपका अ यहां पे हां यहां पे 89
- 59:51199 होगा। बस इसको ध्यान रखना। ठीक है?
- 59:54यहां पर है एक्सेंट टू बिल। ठीक है? जब
- 59:56प्रेसिडेंट एसेंड करता है तो 111 है। 89
- 59:58जोड़ोगे तो कितना होगा? 200 होगा। यह
- 1:00:00गवर्नर एसेंड करेगा। ठीक है? क्लियर हो
- 1:00:02गया? इसको ध्यान रखना। इसमें आपको क्या
- 1:00:04करना है? इसमें आपको 89 जोड़ना है बस।
- 1:00:12और कुछ आर्टिकल्स देख लेते हैं। सारे
- 1:00:14आर्टिकल्स आपको नहीं पढ़ने हैं। आप लॉ लॉ
- 1:00:16तो कर नहीं रहे हो। ठीक है? आपको एडवोकेट
- 1:00:17तो बनना नहीं है। तो आपको सारे आर्टिकल्स
- 1:00:19नहीं पढ़ने हैं। अब आर्टिकल्स पढ़ते हैं
- 1:00:20जिसमें पैसे का मामला होता है। ठीक है?
- 1:00:22मनी से रिलेटेड चीजें होती हैं। उनको
- 1:00:24पढ़ते हैं। जैसे मान लो आपका बजट है। बजट
- 1:00:27112 में है। ठीक है? अब पैसे के मामले में
- 1:00:29क्या करना है? प्लस 90 कर देना है। ठीक
- 1:00:31है? पैसे के मामले में क्या करना है? +90
- 1:00:33कर देना है। 112 है तो यह कितना हो जाएगा?
- 1:00:36यह 202 हो जाएगा। इसके बाद एप्रोप्रिएशन
- 1:00:38बिल है आपका। ठीक है? यह आपका 144 है।
- 1:00:41इसमें 90 जोड़ोगे तो कितना हो जाएगा? 204
- 1:00:43हो जाएगा। यह सेंटर का है। ये स्टेट का
- 1:00:44है। ध्यान रखना। फाइनेंशियल बिल है।
- 1:00:46फाइनेंसियल बिल 117। इसमें 90 जोड़ोगे तो
- 1:00:49आपका 207 हो जाएगा। क्लियर है? तो इसमें
- 1:00:52पैसे के मामले में हमें क्या करना है?
- 1:00:53ध्यान रखना। 90 जोड़ देना है। तीनों पैसे
- 1:00:55का मामला है। बजट है, एप्रोप्रिएशन बिल
- 1:00:57है, फाइनेंस बिल है। इसके बाद कुछ
- 1:00:58इमरजेंसी प्रोविज़ंस के आर्टिकल्स देखते
- 1:01:00हैं।
- 1:01:04तो, यह आर्टिकल 352। ठीक है? इसमें चार
- 1:01:07जोड़ोगे तो कितना हो जाएगा? 356। इसमें चार
- 1:01:09जोड़ोगे तो कितना हो जाएगा? 360। ठीक है?
- 1:01:11इसमें +4 +4 करना है। ये जो 352 है ये
- 1:01:14नेशनल इमरजेंसी का है। 356 ये स्टेट
- 1:01:17इमरजेंसी का है। एंड 360 ये आपका
- 1:01:19फाइनेंसियल इमरजेंसी का है। बस इसको आपको
- 1:01:21ध्यान रखना है। और कुछ आर्टिकल्स देखेंगे।
- 1:01:22कैग के आर्टिकल्स देखोगे तो कितना होता
- 1:01:24है? 148 होता है। ठीक है? इसके बाद
- 1:01:27फाइनेंस कमीशन के। ये कुछ आर्टिकल्स हैं।
- 1:01:28इसको आप रट लेना प्लीज। ये जो मैं लिखवा
- 1:01:30रहा हूं। फाइनेंस कमीशन का कितना होता है?
- 1:01:32280 होता है। ठीक है? ऑल इंडिया सर्विज का
- 1:01:34कितना होता है? 312 होता है और कितनी ऑल
- 1:01:36इंडिया सर्विज होती है? तीन होती है।
- 1:01:37आईएस, आईपीएस एंड आईएफएस। ठीक है? तो
- 1:01:40इसमें प्लस थ्री कर दोगे तो क्या हो
- 1:01:41जाएगा? इसको कौन अपॉइंट करता है? 315।
- 1:01:44यूपीएससी अपॉइंट करता है ना सर्विज को। तो
- 1:01:45315 आर्टिकल किसका हो गया? यूपीएससी का हो
- 1:01:47गया। इलेक्शन कमीशन का कितना होता है? 324
- 1:01:50होता है। लैंग्वेज का आर्टिकल कितना होता
- 1:01:51है? लैंग्वेज का 343। ठीक है? भाषा भाषा।
- 1:01:55भाषा सेम होती है ना? तो 33 बीच में फोर।
- 1:01:57343 और अमेंडमेंट का आर्टिकल ध्यान रख लो
- 1:01:59एक और बस 368। ठीक है? तो ये कुछ
- 1:02:01आर्टिकल्स मैंने बताए हैं। आपको बस इसे
- 1:02:03पढ़ना है। ठीक है? सारे आर्टिकल्स नहीं
- 1:02:04पढ़ने। परेशान नहीं होना है कि हां 300
- 1:02:06आर्टिकल्स हैं। सर कैसे होगा वो करना ही
- 1:02:08नहीं है आपको। ठीक है? मैंने आपको बता
- 1:02:09दिया बस फंडामेंटल राइट्स, फंडामेंटल
- 1:02:11ड्यूटी और डीपीएसपी को अच्छे से पढ़ना है।
- 1:02:12बाकी उसके अलावा जितने मैंने आर्टिकल्स
- 1:02:14बताए हैं बस आपको उतना ही करना है। इसके
- 1:02:16अलावा आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है।
- 1:02:24ये ट्रिक के साथ जितने मैं आर्टिकल्स
- 1:02:25बताया हूं उसको मार्क कर लेना। ठीक है? जो
- 1:02:26जो भी मैंने बताया है उसको आप मार्क कर
- 1:02:28लेना। हो जाएगा आपका अच्छे से।
- 1:02:32कुछ एडिशनल फैक्ट्स देते हैं। ओरिजिनली द
- 1:02:34कॉन्स्टिट्यूशन हैड 22 पार्ट्स, 395
- 1:02:36आर्टिकल्स एंड एट शेड्यूल। जब शुरू में
- 1:02:38हमारा संविधान बना था तो 22 पार्ट थे। 395
- 1:02:41आर्टिकल्स थे और आठ शेड्यूल थे। आज अगर
- 1:02:43देखोगे तो 25 पार्ट हैं, 12 शेड्यूल हैं।
- 1:02:45क्लियर है?
- 1:02:47अब 371 में आर्टिकल्स देखोगे तो आप ए से
- 1:02:50जे तक हैं। ठीक है? यह आपके पार्ट 21 में
- 1:02:54है। इसको कैसे याद रखना है? देखो, इसका भी
- 1:02:55मैं बता देता हूं आपको।
- 1:03:00हम
- 1:03:03यही बता देते हैं। कोई बात नहीं। देखो
- 1:03:07इसकी ट्रिक एक ध्यान रखना आप मनामा
- 1:03:13अस्मा
- 1:03:15जीके। अब बोलोगे सर ये मनामा क्या है? भाई
- 1:03:17मनामा कुछ नहीं है। बहरेन सुना है ना?
- 1:03:19मिडिल ईस्ट में बहरेन कंट्री है। उसका
- 1:03:22कैपिटल है। ठीक है? मनामा क्या है? बहरेन
- 1:03:25का कैपिटल है। तो मनामा समझ में आ गया?
- 1:03:27उसके बाद अस्मा और जीके आपको ध्यान रखना
- 1:03:28है। ठीक है? अब आर्टिकल 371 में अगर
- 1:03:31देखोगे तो उठा लो। 1 मिनट
- 1:03:40एमए एमए से हो गया महाराष्ट्र और गुजरात।
- 1:03:43ठीक है? समझ गए? मानामा। एन से हो गया
- 1:03:46आपका नागालैंड। ठीक है? फिर ए से हो गया
- 1:03:48आपका आसाम।
- 1:03:52उसको दूर-दूर लिख देता हूं ताकि हो जाए।
- 1:04:00इससे क्या हो गया? महाराष्ट्र और गुजरात।
- 1:04:04ठीक है? इसके बाद इससे हो गया नागालैंड।
- 1:04:08ए से हो गया आपका आसाम।
- 1:04:12सॉरी एम से हो गया आपका मणिपुर।
- 1:04:17इससे हो गया आंध्र प्रदेश। ठीक है? आंध्र
- 1:04:19प्रदेश के साथ कौन आता है? तेलंगाना आता
- 1:04:21है। उसी से टूट के बना है। मनामा हो गया।
- 1:04:23इसके बाद अस्मा।
- 1:04:26और उसके बाद जीके ठीक है अस्मा ठीक है ए
- 1:04:31से हो गया आंध्र प्रदेश
- 1:04:33एस से हो गया आपका सिक्किम
- 1:04:36एम से हो गया आपका मिजोरम
- 1:04:39ए से हो गया अरुणाचल प्रदेश
- 1:04:44जी से हो गया गोवा
- 1:04:47के से हो गया आपका कर्नाटका ठीक है तो ये
- 1:04:50सारे आपके आर्टिकल 371 में आते हैं इनको
- 1:04:52आप ध्यान रख लेना ठीक है यह मैंने ट्रिक
- 1:04:54आपको बता दी मनामा अस्मा जीके
- 1:05:03अब हम शेड्यूल्स को देखेंगे तो 12
- 1:05:06शेड्यूल्स हैं। इसकी ट्रिक आपको पता ही
- 1:05:09है। टियर्स ऑफ ओल्ड पीएम।
- 1:05:11टियर्स ऑफ ओल्ड पीएम। ठीक है? टियर्स टी
- 1:05:15से क्या हो गया? टेरिटरीज़ की बात कर रहा
- 1:05:17है। ठीक है? फिर ई से एनरोलमेंट यानी पैसे
- 1:05:20की बात करता है। ठीक है? फिर ए से अमेशंस
- 1:05:23हो गया। यानी ओथ की बात करता है। ठीक है?
- 1:05:25फिर आर से हो गया आपका राज्यसभा। टी ई ए
- 1:05:27आर एस। एस से क्या हो गया? शेड्यूल एरियाज
- 1:05:29एंड शेड्यूल ट्राइब्स। ठीक है? टियर्स ऑफ
- 1:05:32ऑफ ओल्ड पीएम। ठीक है? तो ऑफ से हो गया
- 1:05:35अदर शेड्यूल एरियाज। यहां पे अदर शेड्यूल
- 1:05:37एरियाज आ जाते हैं।
- 1:05:39फिर आपका एफ। एफ से हो गया फेडरल लिस्ट
- 1:05:43टियर्स ऑफ ओल्ड पीएम।
- 1:05:46फिर एल से हो गया लैंडेज। ठीक है? फिर
- 1:05:49आपका एल से हो गया आपका लैंड अमेंडमेंट।
- 1:05:52ठीक है? फिर डी से हो गया आपका डिफेक्शन
- 1:05:55और पीएम। पी से पंचायत, एम से
- 1:05:58म्युनिसिपालिटी। तो ये ट्रिक याद रखना
- 1:05:59टियर्स ऑफ ओल्ड पीएम। अच्छा कुछ
- 1:06:01इंपॉर्टेंट चीजें आपको ध्यान रखनी है कि
- 1:06:03अगर पूछा जाए कि सेकंड शेड्यूल सैलरी की
- 1:06:05बात करता है और थर्ड शेड्यूल ओथ की बात
- 1:06:07करता है। तो इसमें कभी-कभी पूछ लेता है कि
- 1:06:09सेकंड शेड्यूल में किसकी-किसकी सैलरी कवर
- 1:06:11है और थर्ड शेड्यूल में अह किस-किस को ओथ
- 1:06:13जो दिए जाते हैं वो कवर है। ठीक है? तो
- 1:06:15सैलरी का ध्यान रखना तो प्रेसिडेंट की कवर
- 1:06:17है। ठीक है? गवर्नर की कवर है, स्पीकर की
- 1:06:20कवर है, जजेस की कवर है, कैग की कवर है।
- 1:06:23ठीक है? इन लोगों की सैलरी सेकंड शेड्यूल
- 1:06:25में कवर है। इसको ध्यान रखना। ओथ की बात
- 1:06:26करेंगे तो ओथ में अगर आप देखोगे तो यूनियन
- 1:06:29और स्टेट मिनिस्टर्स आ जाते हैं। इलेक्शन
- 1:06:31कैंडिडेट्स आ गए। एमपी एमएलए आ गए। फिर
- 1:06:33जजेस आ गए। ठीक है? और कैग आ गए। तो जजेस
- 1:06:35कैग इसमें भी थे। जजेस कैग इसमें भी थे।
- 1:06:37ठीक है? तो जज और कैग तो एकदम दोनों
- 1:06:41शेड्यूल में आएंगे। सेकंड में भी थर्ड में
- 1:06:43भी। जजेस एंड कैग विल कम ऑन बोथ। ठीक है?
- 1:06:46इतना क्लियर है? इसके बाद इसमें आपको
- 1:06:48ध्यान रखना है प्रेसिडेंट गवर्नर स्पीकर।
- 1:06:50ठीक है? तीनों हाई पोस्ट है। इसके बाद
- 1:06:51एमपी एमएलए आ गया। ठीक है? इसमें तो सारे
- 1:06:53मिनिस्टर्स आ गए। चाहे मिनिस्टर्स हैं।
- 1:06:55एमपी एमएलए हो गया। बस उसके बाद हाई कोर्ट
- 1:06:57एंड कैक। ठीक है? अच्छा प्रेसिडेंट की ओथ
- 1:07:01इसमें नहीं कवर है। ध्यान रखना।
- 1:07:02प्रेसिडेंट गवर्नर कुछ नहीं आता क्योंकि
- 1:07:04प्रेसिडेंट की ओथ आर्टिकल 60 में दी गई
- 1:07:06है। तो वो शेड्यूल में नहीं है।
- 1:07:11इसके बाद अमेंडमेंट का ध्यान रख लेना। 52
- 1:07:14अमेंडमेंट है एंटी डिफेक्शन लॉ से
- 1:07:15रिलेटेड। और यह पंचायत और मुनिसिपालिटी के
- 1:07:17पंचायत में 29 सब्जेक्ट्स आते हैं। इसमें
- 1:07:19यह ध्यान रख लेना। और म्युनिसिपालिटी में
- 1:07:2018 सब्जेक्ट्स आते हैं। इसको यह ध्यान रख
- 1:07:22लेना। फिर सेवंथ शेड्यूल हमने यहां पे पढ़ा
- 1:07:25है। सेवंथ शेड्यूल किससे रिलेटेड था?
- 1:07:27फेडरल लिस्ट से रिलेटेड है। यूनियन स्टेट
- 1:07:28कॉन्करेंट लिस्ट। उसको हम डिटेल में
- 1:07:30पढ़ेंगे। देखो यूनियन स्टेट क्या होता है?
- 1:07:32जिस पे सेंट्रल लॉ बना सकती है। स्टेट
- 1:07:34लिस्ट क्या होता है? जिस पे स्टेट लॉज़ बना
- 1:07:35सकती है। और कॉन्करेंट लिस्ट क्या होता
- 1:07:36है? जिसमें दोनों लॉज़ बना सकता है। यूनियन
- 1:07:38भी, स्टेट भी। ठीक है? तो अ शुरू में 97
- 1:07:41सब्जेक्ट्स अब 98 है। अब इसमें 59 है और
- 1:07:44इसमें 52 सब्जेक्ट्स हैं। क्लियर है? अब
- 1:07:46देखो जो भी आप बड़ी चीजें सुनते हो जैसे
- 1:07:48मान लो बैंकिंग है। बैंकिंग किसके अंदर
- 1:07:50आएगी? सेंट्रल गवर्नमेंट के अंदर आती है।
- 1:07:52रेलवेेज आ गए। सेंट्रल गवर्नमेंट के अंदर
- 1:07:54आती है। जो जॉब कर रहा होगा उससे पूछना।
- 1:07:55रेलवे डिपार्टमेंट है, डिफेंस डिपार्टमेंट
- 1:07:57है। सब बड़े-बड़े डिपार्टमेंट है। बैंकिंग
- 1:07:59हो गया, पोस्ट ऑफिस है, सेंस है। ठीक है?
- 1:08:01सेंस अगर स्टेट को दे दोगे, तो हर स्टेट
- 1:08:03अपने हिसाब से सेंस कराने लगेगा। तो ये
- 1:08:05किसमें आता है? सेंट्रल गवर्नमेंट में आता
- 1:08:06है। इंश्योरेंस आ गया। ठीक है? इसके बाद
- 1:08:09रेडियो वगैरह हो गया। स्टॉक एक्सचेंज इतनी
- 1:08:10बड़ी चीज है। फॉरेन अफेयर्स है। इसमें
- 1:08:12आपको पता है क्या करना है? इसमें आपको कोई
- 1:08:14भी दो याद रख लेना है। ठीक है? या तो
- 1:08:15यूनियन या स्टेट का पढ़ लो या तो यूनियन
- 1:08:16और कॉनकरेंट का पढ़ लो। और जो बचा होगा वो
- 1:08:19आप स्टेट लिस्ट में कर देना। ठीक है? तो
- 1:08:20मैं आपको यूनियन और कॉनकरेंट का बता
- 1:08:22दूंगा। कॉनकरेंट क्या करता है? देखो
- 1:08:24एजुकेशन हो गया। ठीक है? इसमें मैरिज आता
- 1:08:26है। मिलने की बात करता है। दो लोग मिलते
- 1:08:28हैं। मैरिज होता है। ठीक है? दो लोग अलग
- 1:08:29होंगे। डिवोर्स होगा और दो लोग की सहमति
- 1:08:31से अडॉप्शन होगा। इकोनॉमिक एंड सोशल
- 1:08:33प्लानिंग भी दोनों लोगों की वजह से होगा।
- 1:08:34पॉपुल पॉपुलेशन कंट्रोल भी दो लोग की वजह
- 1:08:37से होगा। जब लड़का और लड़की दोनों चाहेंगे
- 1:08:38तभी तो कंट्रोल होगा। ठीक है? फिर इसमें
- 1:08:40वाइल्ड लाइफफ़ आता है। इसको ध्यान रख लेना।
- 1:08:42ठीक है? जानवर से एडल्टरेशन ऑफ गुड्स आता
- 1:08:44है। ठीक है? तो एक दो चीजें हैं इसमें पढ़
- 1:08:46लेना। बाकी यूनियन का आपको दिमाग में
- 1:08:48क्लियर हो गया होगा। डिफेंस हो गया, रेलवे
- 1:08:50हो गया, बैंकिंग हो गया, इंश्योरेंस हो
- 1:08:51गया, एसेंशियल्स है, पोस्ट ऑफिस है,
- 1:08:53रेडियो है, स्टॉक एक्सचेंज है, टैक्सेस
- 1:08:55है, कॉरपोरेशन टैक्सेस हो गया, फॉरेन
- 1:08:56अफेयर्स है। ये सब यूनियन लिस्ट में आता
- 1:08:58है। ठीक है?
- 1:09:03कुछ एडिशनल फैक्ट्स हैं। एड शेड्यूल
- 1:09:05लैंग्वेज एडिशंस। ठीक है? सिंधी जो है वह
- 1:09:0821 अमेंडमेंट एक्ट से आई थी। अब इसको कैसे
- 1:09:10याद रखना है? सिंधी सिंधी ठीक है? सिंधी
- 1:09:13सिंधी हिंदी सिंधी जो है वो आज की भाषा
- 1:09:17है। 21वीं सदी की भाषा है। ठीक है? 21
- 1:09:19सेंचुरी की है। तो ये 21 अमेंडमेंट हो
- 1:09:21गया। इसके बाद नेपाली, मणिपुरी, कॉनकर्णी।
- 1:09:23ठीक है? ये 71 है। इसके बाद बोड, डोगरी,
- 1:09:26मैथिली, संथाली इसकी ट्रिक बना लेना। इसकी
- 1:09:28है 9 ओरिया का नाम बदल के ओडिया कर दिया
- 1:09:31गया था। 96 अमेंडमेंट के दौरान। ये
- 1:09:32अमेंडमेंट्स तो आपको एज़ इट इज़ याद रखने
- 1:09:34हैं। ठीक है? इसीलिए बहुत सारे नहीं
- 1:09:35लिखवाए जो जो इंपॉर्टेंट है लैंग्वेज के
- 1:09:37बार-बार पूछता है। इसको आपको याद करना ही
- 1:09:39करना है। ठीक है? और नाइन शेड्यूल किसके
- 1:09:41टाइम पे आया था? जवाहरलाल नेहरू जी के
- 1:09:42टाइम पे आया था।
- 1:09:47फर्स्ट अमेंडमेंट एक्ट 1951 देखो प्राइम
- 1:09:50मिनिस्टर जवाहरलाल नेहरू की गवर्नमेंट ने
- 1:09:51फर्स्ट अमेंडमेंट एक्ट 1951 के थ्रू लैंड
- 1:09:54रिफॉर्म्स और जमींदारी अबोलेशन सिस्टम जो
- 1:09:57था जमींदारी अबोलेशन लॉस था उसको जुडिशियल
- 1:09:59रिव्य्यू से प्रोटेक्ट करने की कोशिश करी।
- 1:10:01क्योंकि देखो क्या हुआ? तो जमींदारी
- 1:10:02सिस्टम को खत्म करके लैंड रिफॉर्म्स करने
- 1:10:04थे। ठीक है? तो कुछ लोगों ने इन लॉस को
- 1:10:06फंडामेंटल राइट्स के वलेशन के नाम पर
- 1:10:07कोर्ट में चैलेंज किया। तो गवर्नमेंट ने
- 1:10:09कुछ लॉस को प्रोटेक्शन देने के लिए
- 1:10:11कॉन्स्टिट्यूशन में अमेंडमेंट किया और
- 1:10:13नाइंथ शेड्यूल इंट्रोड्यूस किया। ठीक है?
- 1:10:15तो पहला अमेंडमेंट 1951 जो था वो नाइंथ
- 1:10:17शेड्यूल और लैंड रिफॉर्म्स का प्रोटेक्शन
- 1:10:20के लिए था। इसके बाद आपका आईआर केस आता है
- 1:10:242007। ठीक है? इसको मैं बोलता हूं आईआर
- 1:10:25खोलो केस। खोलो। ठीक है? तो सुप्रीम कोर्ट
- 1:10:27ने कहा कि नाइन शेड्यूल में रखे गए लॉज़ भी
- 1:10:29जुडिशियल रिव्य्यू से पूरी तरह इम्यून
- 1:10:31नहीं है। तो उसको खोलो। उसको भी हम
- 1:10:33जुडिशियल रिव्यु करेंगे। जो नाइन शेड्यूल
- 1:10:34में लॉज़ पड़े हुए हैं। ठीक है? समझ गए?
- 1:10:38और बोला कि अगर 24 अप्रैल 1973 के बाद
- 1:10:42नाइन शेड्यूल में ऐड किया गया कोई लॉ
- 1:10:44कॉन्स्टिट्यूशन के बेसिक स्ट्रक्चर को
- 1:10:45डैमेज करता है तो कोर्ट उसकी जांच कर सकता
- 1:10:47है। ठीक है?
- 1:10:50इसके बाद फिफ्थ शेड्यूल आता है। फिफ्थ
- 1:10:51शेड्यूल आपका आर्टिकल 2441 के अंडर आता
- 1:10:54है। शेड्यूल एरियाज और शेड्यूल ट्राइब के
- 1:10:55एडमिनिस्ट्रेशन से रिलेटेड है। ठीक है?
- 1:10:58ट्राइबल कम्युनिटीज के इंटरेस्ट और उनके
- 1:11:00एरियाज की एडमिनिस्ट्रेशन के लिए स्पेशल
- 1:11:02प्रोविजंस दिए गए हैं। गवर्नर को शेड्यूल
- 1:11:04एरियाज के एडमिनिस्ट्रेशन में स्पेशल रोल
- 1:11:05दिया गया है। गवर्नर प्रेसिडेंट को
- 1:11:07रिपोर्ट भेजता है। ट्राइब्स एडवाइज़री
- 1:11:09काउंसिल जो है ट्राइबल वेलफेयर से रिलेटेड
- 1:11:11मैटर्स पर एडवाइस देती है। शेड्यूल एरिया
- 1:11:14डिक्लेअ होने से स्टेट गवर्नमेंट की
- 1:11:15एग्जीक्यूटिव पावर ऑटोमेटिकली खत्म नहीं
- 1:11:18होती है। तो ये सारी चीजें इसमें बताया
- 1:11:19गया है।
- 1:11:21सिक्स शेड्यूल की बात करें तो यह आसाम,
- 1:11:23मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के स्पेसिफाइड
- 1:11:25ट्राइबल एरियाज पर अप्लाई होता है। इसके
- 1:11:27अंदर ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल और
- 1:11:29रीजनल काउंसिल्स बन सकती हैं। ठीक है?
- 1:11:30ऑटोनॉमस का मतलब होता है कि कुछ मैटर्स
- 1:11:32में अपने लेवल पर डिसीजन लेने की पावर।
- 1:11:37इसके बाद एंट्री 42 इसमें क्या बता रहा
- 1:11:40है? देखो एंट्री 42 जो पहले स्टेट लिस्ट
- 1:11:42में थी उसे 4क कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट
- 1:11:45एक्ट के थ्रू कॉनकरेंट लिस्ट में शिफ्ट कर
- 1:11:47दिया गया था। ठीक है? तो यही चीज इसमें
- 1:11:49बताया जा रहा है। फॉरेस्ट एजुकेशन और कुछ
- 1:11:52रिलेटेड सब्जेक्ट्स नहीं है बल्कि
- 1:11:54कॉनंक्रीट लिस्ट एंट्री 42 के अंदर
- 1:11:56इंटरस्ट ट्रेड और कॉम कॉमर्स से रिलेटेड
- 1:11:58है। ठीक है? तो किससे रिलेटेड है? इंटरस्ट
- 1:12:00एंड कॉमर्स से रिलेटेड है। इसको ध्यान
- 1:12:02रखना।
- 1:12:09प्रियमबल को देखते हैं। ऑब्जेक्टिव
- 1:12:11रेोल्यूशन की हमने बात करी थी। इसे किसने
- 1:12:13मूव किया था? पंडित जवाहरलाल नेहरू ने मूव
- 1:12:14किया था। कॉन्स्टिटुएंट असेंबली में 13
- 1:12:16दिसंबर 1946 को और फिर इसे अडॉप कब किया
- 1:12:19गया? 22 जनवरी 1947 को इसे अडॉप्ट कर दिया
- 1:12:22गया। यही बाद में आपका प्रिएमबल भी बनता
- 1:12:24है। तो इसमें आपको डेट ध्यान रखनी है।
- 1:12:26पीसीएस ना डेट के साथ बहुत खेला कर देता
- 1:12:28है। तो 13 दिसंबर को बेसिकली ऑब्जेक्टिव
- 1:12:30रजिस्ट्रेशन मूव किया गया था। ठीक है?
- 1:12:321946 में किया था और 47 में इसे बेसिकली
- 1:12:35अडॉप्ट कर लिया गया। ठीक है? और 22 जनवरी
- 1:12:37को ये अडॉप्ट हो गया। तो 13 दिसंबर को
- 1:12:39नेहरू जी ने मूव किया एंड 22 जनवरी को
- 1:12:41अडॉप्ट कर लिया गया। एक ही महीना बाद
- 1:12:43अडॉप्ट कर लिया गया। प्रियमबल अडॉप्टेड
- 1:12:45अलोंग वि द रेस्ट ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन ऑन
- 1:12:4726 नवंबर 1949। ठीक है? इस दिन अडॉप्ट
- 1:12:50हुआ। द कॉन्स्टिट्यूशन केम इंटू फोर्स ऑन
- 1:12:5226 जनवरी 1950। तो पूरा कॉन्स्टिट्यूशन फ़
- 1:12:55में कब आया था? 26 जनवरी 1950 को आया था।
- 1:12:5726 जनवरी 1950 को इंडिया का स्टेटस पर द
- 1:13:00प्रियमबल क्या था? अ सोवन डेमोक्रेटिक
- 1:13:02रिपब्लिक। ठीक है? क्योंकि बाद में सोवन
- 1:13:04सोशलिस्ट सेकुलर ये सब वर्ड बाद में ऐड
- 1:13:07हुए थे। ठीक है? ये हमारे पार्ट नहीं थे
- 1:13:08प्रियमबल के। यह बाद में 4क अमेंडमेंट
- 1:13:10लाया था इंदिरा गांधी जी ने तब ऐड किया
- 1:13:12था। देखो द वर्ड सोशलिस्ट एंड सेकुलर एंड
- 1:13:14इंटीग्रिटी। ठीक है? यह ऐड हुए थे बाय द
- 1:13:1742 अमेंडमेंट 1976 बेस्ड ऑन द स्वर्ण सिंह
- 1:13:20कमिटी रिकमेंडेशन। स्वर्ण सिंह कमेटी की
- 1:13:22रिकमेंडेशन पे ये ऐड हुआ था और आपका जो
- 1:13:25यूनिटी एंड नेशन है जो प्रियमबल में लिखा
- 1:13:27था उसको चेंज करके कर दिया। यूनिटी एंड
- 1:13:28इंटीग्रिटी ऑफ़ द नेशन क्योंकि सोशलिस्ट
- 1:13:30सेकुलर और इंटीग्रिटी तीन वर्ड हमारे
- 1:13:32प्रएमबल में ऐड हुए थे। तो प्रएमबल अभी तक
- 1:13:34कितने बार अमेंड हो रखा है? तो अभी तक एक
- 1:13:35ही बार प्रएमबल को अमेंड हमने किया है।
- 1:13:38इसके बाद स्ट्रक्चर ऑफ द प्रियमबल
- 1:13:40देखेंगे। इंडिया को डिक्लेअ करता है सोवन
- 1:13:42सोशलिस्ट सेकुलर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक। ये
- 1:13:44ऑर्डर ध्यान रखना बहुतेंट है। एग्जाम में
- 1:13:46पूछ लेता है। ठीक है? ट्रिपल एस डीआर
- 1:13:48सोशलिस्ट, सेकुलर। ठीक है? सोवन,
- 1:13:50सोशलिस्ट, सेकुलर, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक।
- 1:13:53काउंट ऑफ आइडियल, सिक्योर तीन टाइप ऑफ
- 1:13:54जस्टिस। जस्टिस कितने बार प्रकार के बताता
- 1:13:56है? तीन टाइप के। सोशल, इकोनमिक,
- 1:13:58पॉलिटिकल। देखो इसमें प्रएमबल दिया नहीं
- 1:13:59है। बट अगर आप Google में प्रएमबल देखोगे
- 1:14:02तो उसमें आपको क्लियर हो जाएगा। जस्टिस
- 1:14:03तीन प्रकार के हैं। फिर अगर आप देखोगे
- 1:14:05लिबर्टी तो पांच प्रकार की है। लिबर्टी ऑफ़
- 1:14:07थॉट, एक्सप्रेशन, बिलीफ, फेथ एंड वरशिप।
- 1:14:09फिर इक्वलिटी देखोगे तो दो प्रकार की
- 1:14:10इक्वलिटी है। कौन सी? स्टेटस और
- 1:14:13ओपोरर्चुनिटी। और फ्रेटरनिटी एक प्रकार की
- 1:14:15असोरिंग द डिग्निटी ऑफ द इंडिविजुअल और
- 1:14:16यूनिटी एंड इंटीग्रिटी ऑफ़ द नेशन। ठीक है?
- 1:14:19प्रियमबल किससे शुरुआत है? वी द पीपल ऑफ
- 1:14:21इंडिया। ठीक है? ये क्या दिखाता है? कि
- 1:14:23सबसे ज्यादा पावर किसी एक्सटर्नल सोर्स
- 1:14:24में नहीं है। बट वी द पीपल ऑफ इंडिया।
- 1:14:26यानी हमारी जनता में है। क्लियर है?
- 1:14:29फेडरल क्या है? फेडरल कहीं भी प्रिएमबल
- 1:14:31में मेंशन नहीं है। पब्लिक वेलफेयर मेंशन
- 1:14:33है। नहीं है। पीपल्स मेंशन है नॉट इन
- 1:14:35इंडियास प्रएमबल। दिस वर्ड अपीयरर्स इन
- 1:14:37चाइनास कॉन्स्टिट्यूशन। ठीक है? तो वी द
- 1:14:39पीपल ऑफ इंडिया पीपल्स नहीं है। इसके बाद
- 1:14:41इकोनमिक लिबर्टी के बारे में देखोगे तो
- 1:14:43लिबर्टी इन द प्रियमबल कवर्स थॉट,
- 1:14:45एक्सप्रेशन, बिलीव, फेथ एंड वरशिप ओनली
- 1:14:47नॉट इकोनॉमिक लिबर्ट। तो क्या इकोनॉमिक
- 1:14:48लिबर्ट प्रियमबल में है? नहीं है सर।
- 1:14:50प्रएमबल में हमने क्या बताया? पांच टाइप
- 1:14:52की लिबर्टी है। लिबर्टी ऑफ़ थॉट, लिबर्टी
- 1:14:54ऑफ़ एक्सप्रेशन, लिबर्टी ऑफ़ बिलीफ, लिबर्टी
- 1:14:57ऑफ़ फेथ एंड लिबर्टी ऑफ़ वरशिप। फिर
- 1:14:58रिलीजियस जस्टिस है। तो, जस्टिस इन द
- 1:15:00प्रियमबल कवर्स ओनली सोशियो, इकोनॉमिक एंड
- 1:15:02पॉलिटिकल। कोई रिलीजियस जस्टिस भी नहीं
- 1:15:04है। तो, यह सब नॉट वाले ध्यान रखना। यह
- 1:15:06सारे नॉट वाले हैं।
- 1:15:09इसके बाद जुडिशियल हिस्ट्री देखेंगे, कुछ
- 1:15:11केसेस देखेंगे। तो बेरूबरी केस आता है
- 1:15:131960 में। जैसे सुप्रीम कोर्ट में बोला कि
- 1:15:15जो प्रियमबल है हमारे कॉन्स्टिट्यूशन का
- 1:15:16पार्ट नहीं है। ठीक है? फिर गोलक क्लथ
- 1:15:18वैसे स्टेट ऑफ पंजाब आता है। इसमें क्या
- 1:15:20बोला? फंडामेंटल राइट्स कुड नॉट बी
- 1:15:22अमेंडेड बाय पार्लियामेंट। ठीक है? इसमें
- 1:15:24बोला कि जो फंडामेंटल राइट्स हैं उन्हें
- 1:15:25पार्लियामेंट भी अमेंड नहीं कर सकता है।
- 1:15:27बाद में केशवनंद भारती केस जब हम आगे
- 1:15:28पढ़ेंगे 1973 में यहां पे चेंज कर दिया।
- 1:15:31केशवनंद भारती केस में क्या बोला? 13 जज
- 1:15:33बेंच थी। ठीक है? और इन्हने बोला कि
- 1:15:35प्रियमबल हमारे कॉन्स्टिट्यूशन का पार्ट
- 1:15:36है। इट आइडियल्स हेल्प्स आइडेंटिफाई
- 1:15:38इलुमिनेट द फीचर्स ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन
- 1:15:40बेसिक स्ट्रक्चर। ठीक है? प्रएमबल हमारे
- 1:15:42पार्ट कॉन्स्टिट्यूशन का पार्ट है। ठीक
- 1:15:43है? और इसमें प्रियमबल जो है वो बेसिक
- 1:15:46स्ट्रक्चर है। क्या पूरा प्रियमबल बेसिक
- 1:15:47स्ट्रक्चर है? नहीं पूरा प्रियमबल बेसिक
- 1:15:49स्ट्रक्चर नहीं है। कुछ प्रियमबल के
- 1:15:50इंपॉर्टेंट प्रोविज़ंस हैं। दैट कंसीडर्ड
- 1:15:52टू द बेसिक स्ट्रक्चर ऑफ़ द
- 1:15:53कॉन्स्टिट्यूशन। इसके बाद एसआर बुमाई
- 1:15:55वर्सेस यूनियन अभी इंडिया आता है 1994।
- 1:15:58सुप्रीम कोर्ट ने रिअफॉर्म किया। दोबारा
- 1:16:00श्योर किया कि प्रियमबल जो है वो इंटीग्रल
- 1:16:02पार्ट है हमारे कॉन्स्टिट्यूशन का। ठीक
- 1:16:03है? बेरूबरी में बोला था नहीं है फिर बुमई
- 1:16:05में बोला है भाई है ठीक है इंटीग्रल पार्ट
- 1:16:08है
- 1:16:09तो इसको कैसे याद रखो बी के एल याद रख
- 1:16:11सकते हो बहुत काबिल लॉयर्स ठीक है तो पहला
- 1:16:13बेरूबरी दूसरा केशवंदन तीसरा था आपका एसआर
- 1:16:16बोमई ठीक है मतलब एलआईसी ऑफ इंडिया केस भी
- 1:16:18है उसमें भी यही बात बोली गई थी इसके बाद
- 1:16:20नोटेबल डिस्क्रिप्शन एंड कोर्ट्स हैं देखो
- 1:16:22ये तो आपको भाई साहब रटना पड़ेगा ठीक है
- 1:16:25बहुत इंपॉर्टेंट है अलादी कृष्णस्वामी
- 1:16:27अय्यर ने क्या बोला था कि द प्रियमबल टू
- 1:16:28आवर कॉन्स्टिट्यूशन एक्सप्रेससेस व्हाट वी
- 1:16:31हैड थॉट और ड्रीम सो लॉन्ग प्रएमबल क्या
- 1:16:33दर्शाता है कि हमने इतने सालों से जो सोचा
- 1:16:35है वह सारा किस में दर्शाया जाता है? वह
- 1:16:37हमारे प्रियमबल में दर्शाया जाता है। के
- 1:16:39एम मुंशी ने इसको बोला हॉरोस्कोप। तो
- 1:16:40हॉरोस्कोप किसने बोला था? मुंशी जी ने
- 1:16:42बोला था। पंडित जी ने नहीं मुंशी जी ने
- 1:16:44बोला था। सुभाष कश्यप क्या बोल रहा था? कि
- 1:16:46इफ द कॉन्स्टिट्यूशन इज़ द बॉडी द प्रिएमबल
- 1:16:48इज़ द सोल। अगर कॉन्स्टिट्यूशन हमारा शरीर
- 1:16:50है तो प्रियमबल उसकी आत्मा है। ठीक है?
- 1:16:54एंड इफ द कॉन्स्टिट्यूशन इज़ अ बिल्डिंग द
- 1:16:56प्रियमबल इज़ द फाउंडेशन स्टोन। अगर
- 1:16:58कॉन्स्टिट्यूशन एक इमारत है तो उसका पत्थर
- 1:17:00कौन है? प्रियमबल है। ठाकुर दास भार्गवा
- 1:17:02जी ने क्या बोला? प्रएमबल द सोल ऑफ द
- 1:17:04कॉन्स्टिट्यूशन। बी आर अंबेडकर ने दो
- 1:17:06सेपरेट ऑफेन कंफ्यूज स्टेटमेंट बोला। देखो
- 1:17:08पहले इन्हने आर्टिकल 32 को बोलते हैं
- 1:17:10हार्ट एंड सोल ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन। ठीक
- 1:17:12है? कॉल द कॉन्स्टिट्यूशन इटसेल्फ इज़ अ
- 1:17:13पायस पेपर। मतलब एक सैक्रेड डॉक्यूमेंट
- 1:17:15है। ठीक है? आईडिया ऑफ़ हैविंग अ प्रएमबल
- 1:17:17वाज़ इटसेल्फ अडप्टेड फ्रॉम द
- 1:17:18कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ़ द यूएसए। तो प्रियमबल
- 1:17:20का आईडिया कहां से आया था? अमेरिका से आया
- 1:17:22था। इसको ध्यान रखना। फिर लीगल नेचर एंड
- 1:17:24सिग्निफिकेंस देखते हैं। प्रएमबल नॉन
- 1:17:25जस्टिसिएबल है। ठीक है? इसके प्रोविजन को
- 1:17:27उठा के सीधा कोर्ट में नहीं ले जाओगे कि
- 1:17:29भैया इक्वालिटी की बात करी है तो हमको
- 1:17:30इक्वलिटी दो। इक्विटी क्यों नहीं मिल रही
- 1:17:32है? मैं तो गरीब हूं। सामने वाला मेरा
- 1:17:33पड़ोसी अमीर है। तो नॉन जस्टिसिएबल है।
- 1:17:35इसको ध्यान रखना। इज़ अ पार्ट ऑफ़ द
- 1:17:37कॉन्स्टिट्यूशन बट हैज़ नो लीगल इफ़ेक्ट
- 1:17:38इंडिपेंडेंटली ऑफ दी अदर पार्ट्स। ठीक है?
- 1:17:40मतलब कॉन्स्टिट्यूशन का पार्ट है। लेकिन
- 1:17:42उसका असर इंडिपेंडेंटली किसी और
- 1:17:44कॉन्स्टिट्यूशन के पार्ट्स पे नहीं होगा।
- 1:17:46ठीक है? द आइडियल्स एंड ऑब्जेक्टिव्स सेट
- 1:17:48आउट इन द प्रियमबल आर फर्दर इबोरेटेड इन द
- 1:17:50चैप्टर्स ऑन फंडामेंटल राइट्स, डीपीएसपी
- 1:17:52एंड फंडामेंटल ड्यूटीज़। क्या बोल रहा है
- 1:17:54कि जो आइडियल्स हैं, ऑब्जेक्टिव्स हैं, जो
- 1:17:56हमारे प्रएमबल में हैं वो फर्दर इैबोरेट
- 1:17:58किए जाते हैं। आगे जो हमारे चैप्टर्स
- 1:17:59आएंगे जैसे फंडामेंटल राइट्स आएंगे,
- 1:18:01डीपीएसपी आएंगे। सब में इकॉलिटी की बात
- 1:18:02करी है नहीं करी है? कहीं ना कहीं करी है।
- 1:18:04तो वही सारे उसके आइडियल्स और
- 1:18:05ऑब्जेक्टिव्स आपको आगे भी दिखेंगे।
- 1:18:07इकोनॉमिक जस्टिस स्पेसिफिकली इज
- 1:18:09प्रोवाइडेड फॉर बोथ इन द प्रिएमबल एंड
- 1:18:11डायरेक्टिव प्रिंस ऑफ़ स्टेट पॉलिसी।
- 1:18:13फंडामेंटल राइट्स में नहीं है। इसको ध्यान
- 1:18:14रखना। इकोनॉमिक जस्टिस जो है इकोनॉमिक
- 1:18:16जस्टिस के बारे में क्या बोल रहा है? कि
- 1:18:18जो आपका इकोनॉमिक जस्टिस है ये आपका
- 1:18:21प्रएमबल में है और डीपीएसपी में है। लेकिन
- 1:18:23नॉट इन द फंडामेंटल राइट्स। फंडामेंटल
- 1:18:25राइट्स में नहीं है सर ये। ठीक है? इसके
- 1:18:27बाद नेक्स्ट चैप्टर देखते हैं। द गवर्नेंस
- 1:18:29सिस्टम फॉर्म्स एन बेसिस ऑफ गवर्नमेंट।
- 1:18:31देखो एक स्टेट को अगर आप बोलते हो ना ये
- 1:18:34स्टेट है तो स्टेट को कहने के लिए ना
- 1:18:36बेसिकली चार एसेंशियल एलिमेंट्स जरूरी
- 1:18:38होते हैं। क्या-क्या? पहला उसमें पॉपुलेशन
- 1:18:40होनी चाहिए। एक टेरिटरी होनी चाहिए
- 1:18:42डिफाइंड। एक गवर्नमेंट होनी चाहिए और
- 1:18:43सोवनिटी होनी चाहिए। जब ये चार एलिमेंट
- 1:18:46होंगे देन यू विल कॉल अ स्टेट। ठीक है? तो
- 1:18:48स्टेट होने के लिए कौन से चार
- 1:18:49कैरेक्टरिस्टिक्स इंपॉर्टेंट है? पहली तो
- 1:18:51जनता होनी चाहिए। भाई जब जनता नहीं होगी
- 1:18:53तो वो स्टेट क्या इस काम का? ठीक है? फिर
- 1:18:55एक टेरिटरी होनी चाहिए
- 1:18:56[गला साफ़ करने की आवाज़] ना। ऐसा थोड़ी
- 1:18:57तो भाई सब कुछ कब्जा कर लिया। पाकिस्तान
- 1:18:58तक चलेगा। नहीं इंशाल्लाह पाकिस्तान हमारा
- 1:19:00होगा जल्दी। लेकिन एक टेरिटरी होनी चाहिए।
- 1:19:02ठीक है? फिर उसमें कुछ गवर्नमेंट होनी
- 1:19:04चाहिए। गवर्नमेंट कंट्रोल करेगी, रूल
- 1:19:05करेगी, लॉस बनाएगी और सोवनिटी होनी चाहिए,
- 1:19:07आजादी होनी चाहिए। ऐसा नहीं कि अमेरिका
- 1:19:09हमें कुछ बोल रहा है और हम कर रहे हैं।
- 1:19:10ठीक है? अमेरिका कहता था तू कौन है बे?
- 1:19:14सोवनिटी इज द मोस्टेंट। सबसेेंट क्या है?
- 1:19:16सोवनिटी वेरीेंट। इंडिया बिफोर 1947 वाज़
- 1:19:19नॉट अ सोवन इंडिपेंडेंट स्टेट। क्यों?
- 1:19:20क्योंकि भैया ब्रिटिश कंट्रोल में थे ना
- 1:19:22हम। तो 1947 के पहले इंडिया क्या सोवरन
- 1:19:24स्टेट था? नहीं था भाई साहब। उसके बाद में
- 1:19:26इंडिया आया। तो ध्यान रखो स्टेट के लिए
- 1:19:29कौन-कौन से चार एलिमेंट चाहिए होते?
- 1:19:30पॉपुलेशन, टेरिटरी, गवर्नमेंट एंड
- 1:19:32सोवनिटी। अब ऑटोक्रेसी क्या होता है?
- 1:19:35सुप्रीम पावर इन वन इंडिविजुअल। ठीक है?
- 1:19:37इसको हम ऑटोक्रेसी बोलते हैं। ऑटोक्रेसी
- 1:19:39में देखो क्या-क्या आएगा? ध्यान रखना।
- 1:19:41ऑटोक्रेसी सुप्रीम पावर इन वन इंडिविजुअल
- 1:19:43या वन एंटिटी को हम ऑटोक्रेसी बोलते हैं।
- 1:19:46एब्सोल्यूट मोनोकी। ठीक है? ऑटोक्रेसी में
- 1:19:48सब इंक्लूड है। एब्सोल्यूट मोनार्की मतलब
- 1:19:50पोस्ट ऑफ मोनार्की इनहेरिटेड कि राजा का
- 1:19:53बेटा ही राजा बनेगा। ठीक है भाई साहब?
- 1:19:55राजा का बेटा ही एक्चुअल में राजा बनेगा।
- 1:19:58तो वन ऑफ द ओल्डेस्ट फॉर्म ऑफ गवर्नमेंट
- 1:20:00थी। एब्सोल्यूट मोनार्की। पहले ये सब राजा
- 1:20:01वंशज़, मुगल वगैरह देख लो। ये सब तो चलता
- 1:20:03था। इसके बाद डिक्टेटरशिप आता है। ये क्या
- 1:20:06होता है? एन इंडिविजुअल होल्ड्स
- 1:20:07एब्सोल्यूट पावर विदाउट इफेक्टिव
- 1:20:09लिमिटेशन। भाई वो डिक्टेटरशिप हो गया।
- 1:20:11जैसे चाइना में है डिक्टेटरशिप है। क्लियर
- 1:20:13है? इसके बाद डेमोक्रेसी इज द मोस्ट
- 1:20:16वाइडली अडॉप्टेड सिस्टम टुडे। आज जो बहुत
- 1:20:18मैक्सिमम कंट्रीज फॉलो करती हैं वो किसको
- 1:20:20फॉलो करती हैं? डेमोक्रेसी को करती हैं।
- 1:20:22ठीक है? इसमें क्या होता है? जो फाइनल
- 1:20:24पावर होता है वो जनता के पास होता है।
- 1:20:26लोगों के पास होता है। दो मेन सिस्टम है
- 1:20:28गवर्नेंस के। क्या-क्या है भाई साहब? पहला
- 1:20:30है पार्लियामेंट्री और दूसरा है
- 1:20:31प्रेसिडेंशियल सिस्टम। ठीक है? तो दो
- 1:20:33सिस्टम याद रखना। पार्लियामेंट्री है एंड
- 1:20:35द सेकंड वन इज़ प्रेसिडेंशियल। इंडिया कौन
- 1:20:37सा फॉलो करता है? इंडिया पार्लियामेंट्री
- 1:20:39करता है ना। इंडिया कौन सा करता है?
- 1:20:40पार्लियामेंट्री करता है। पार्लियामेंट्री
- 1:20:42जो सिस्टम है ये यूके के मॉडल पे आया है
- 1:20:44और जो प्रेसिडेंशियल है वो हमने यूएसए से
- 1:20:46लिया है। ठीक है? तो ध्यान रखना
- 1:20:47पार्लियामेंट्री कहां का है?
- 1:20:48पार्लियामेंट्री यूके का है। एंड
- 1:20:49प्रेसिडेंशियल सिस्टम आपके अमेरिका का है।
- 1:20:52तो द पार्लियामेंट्री फॉर्म ऑफ गवर्नमेंट
- 1:20:53फर्स्ट इमर्ज इन ग्रेट ब्रिटेन। यूके में
- 1:20:55था और प्रेसिडेंशियल फॉर्म पहले कहां
- 1:20:57इमर्ज हुआ? अमेरिका में इमर्ज हुआ। यहां
- 1:20:58तक क्लियर है? पार्लियामेंट्री सिस्टम
- 1:21:00इसको हम कैबिनेट फॉर्म ऑफ़ सिस्टम भी बोलते
- 1:21:02हैं या रिस्पांसिबल गवर्नमेंट भी बोलते
- 1:21:04हैं। ठीक है? क्योंकि अगर कोई काम नहीं कर
- 1:21:06रहा है तो आप भाई उसको रिमूव भी कर सकते
- 1:21:08हो। ये सब प्रोसीजर अच्छा खासा रहता है।
- 1:21:10ठीक है? आगे हम जैसे-जैसे पढ़ेंगे
- 1:21:11पार्लियामेंट वगैरह पढ़ेंगे तो हम डिटेल
- 1:21:13में डिस्कस करेंगे। एग्जीक्यूटिव इज़ ड्रॉन
- 1:21:16फ्रॉम एन अकाउंटेबल टू द लेजिस्लेचर। जो
- 1:21:18एग्जीक्यूटिव होता है। एग्जीक्यूटिव कौन
- 1:21:19होता है? प्राइम मिनिस्टर हो गया। ठीक है?
- 1:21:21भाई एग्जीक्यूटिव मेनली एमपी एमएलए होता
- 1:21:23है ना? तो प्राइम मिनिस्टर कौन होता है?
- 1:21:24प्राइम मिनिस्टर एमपी होता है ना? ठीक है?
- 1:21:26प्राइम मिनिस्टर तो मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट
- 1:21:27होगा ही। तो एग्जीक्यूटिव जो है,
- 1:21:29एग्जीक्यूटिव इज़ ड्रॉन फ्रॉम एन अकाउंटेबल
- 1:21:31टू द लेजिस्लेचर। तो जो लेजिस्लेचर है
- 1:21:33उसमें अकाउंटेबल कौन रहता है?
- 1:21:34एग्जीक्यूटिव। तो ध्यान रखना एग्जीक्यूटिव
- 1:21:36इज़ अकाउंटेबल टू लेजिस्लेचर ईएल। ठीक है?
- 1:21:39गवर्नमेंट सर्वाइव्स ओनली व्हेन इट
- 1:21:41होल्ड्स मेजॉरिटी सपोर्ट इन द पॉपुलर
- 1:21:42हाउस। बिल्कुल सही बात है। अगर आज फॉर
- 1:21:44एग्जांपल आज आपकी गवर्नमेंट है बीजेपी।
- 1:21:46अगर इसके पास मेजॉरिटी नहीं होगी तो क्या
- 1:21:48ये टिक पाएगी? नहीं टिक पाएगी। तो
- 1:21:49मेजॉरिटी तो जरूरत होती ही है। और जो
- 1:21:51एग्जीक्यूटिव होते हैं वो किसको
- 1:21:52रिस्पांसिबल होते हैं? लेजिस्लेचर को
- 1:21:54रिस्पांसिबल होते हैं। ठीक है? ध्यान
- 1:21:55रखना। लेजिस्लेचर इज़ नॉट रिस्पांसिबिलिटी
- 1:21:57टू एग्जीक्यूटिव। एग्जीक्यूटिव इज़
- 1:21:58रिस्पांसिबल टू लेजिस्लेचर।
- 1:22:01इंडिया में द कैबिनेट इज हेडेड बाय द
- 1:22:03प्राइम मिनिस्टर। भाई कैबिनेट को कौन हेड
- 1:22:04करता है? प्राइम मिनिस्टर करता है। आज
- 1:22:06कैबिनेट में बहुत सारे मंत्री होते हैं ना
- 1:22:07अमित शाह हैं, नितिन गडकरी हैं, धर्मेंद्र
- 1:22:09प्रधान वो तो खैर चले ही गए। ठीक है? तो
- 1:22:11ये पूरा कैबिनेट को कौन हेड करता है?
- 1:22:13हमारे प्राइम मिनिस्टर करते हैं। ठीक है?
- 1:22:14तो प्राइम मिनिस्टर होता है, हेड ऑफ द
- 1:22:15गवर्नमेंट। जो सरकार है उसका जो हेड होता
- 1:22:17है, प्रतिनिधि होता है, वह होता है हमारा
- 1:22:19प्रधानमंत्री। और प्रेसिडेंट कौन होता है?
- 1:22:21प्रेसिडेंट इज़ द हेड ऑफ द स्टेट। क्लियर
- 1:22:23है? इसके बाद आर्टिकल 75 थ्री क्लॉज़ क्या
- 1:22:25बोलता है? देखो, यूनियन काउंसिल ऑफिस्टर्स
- 1:22:27इज़ कलेक्टिवली रिस्पांसिबल टू लोकसभा। तो
- 1:22:30जो यूनियन काउंसिल ऑफ मिनिस्टर हैं वो
- 1:22:32लोकसभा के प्रति रिस्पांसिबल रहते हैं। और
- 1:22:34आर्टिकल 1642 सेम प्रिंसिपल स्टेट्स के
- 1:22:37लिए बोलता है कि जो स्टेट्स काउंसिल ऑफ
- 1:22:38मिनिस्टर हैं वो रिस्पांसिबल होते हैं
- 1:22:40वहां की लेजिसलेटिव असेंबली के लिए। ठीक
- 1:22:42है? तो यूनियन काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स
- 1:22:44लोकसभा के लिए रिस्पांसिबल होंगे एंड जो
- 1:22:46आपके स्टेट्स काउंसिल ऑफ मिनिस्टर हैं वो
- 1:22:48लेजिसलेटिव असेंबली के रिस्पांसिबल होंगे।
- 1:22:50अब कुछ फीचर्स देख लो। क्या-क्या फीचर्स
- 1:22:52होते हैं पार्लियामेंट्री फॉर्म ऑफ
- 1:22:53गवर्नमेंट में। तो एग्जीक्यूटिव
- 1:22:54रिस्पांसिबल होता है। लेजिसलेचर को हमने
- 1:22:55देख रखा है। भाई मेजॉरिटी पार्टी रूल होगी
- 1:22:57तभी टिकेगी। बिल्कुल कलेक्टिव
- 1:22:59रिस्पांसिबिलिटी होती है। ठीक है? अगर
- 1:23:00किसी ने भी कुछ किया तो पूरी पार्टी पे
- 1:23:02कलंक होता है ना? तो पूरी पार्टी को
- 1:23:04रिजाइन करना पड़ेगा। अगर वो सब नो
- 1:23:06कॉन्फिडेंस मोशन वगैरह पास हो गया तो
- 1:23:07कलेक्टिव रिस्पांसिबिलिटी होती है। नॉमिनल
- 1:23:09एंड रियल एग्जीक्यूटिव होते हैं। नॉमिनल
- 1:23:11कौन है? आपके प्रेसिडेंट। और रियल कौन है?
- 1:23:14प्राइम मिनिस्टर। पॉलिटिकल होमोजेनिटी
- 1:23:16होती है। ठीक है? मतलब डिसीजन जो है वो सब
- 1:23:19लोग अपना क्योंकि भाई कोई भी चीज मानी
- 1:23:22जाएगी तो डिसीजन सब इकट्ठा लेके लिया जाता
- 1:23:24है। डबल मेंबरशिप होती है। पीएम लीडरशिप
- 1:23:27होती है। डिसोल्यूशन ऑफ द लोअर हाउस
- 1:23:29लोकसभा डिॉल्व हो सकता है। एंड सीक्रेसी
- 1:23:30ऑफ़ द प्रोसीजर होता है। ये सारे फीचर्स
- 1:23:32किसके होते हैं? ये सारे फीचर्स
- 1:23:34पार्लियामेंट्री फॉर्म ऑफ गवर्नमेंट के
- 1:23:35होते हैं। ध्यान रखना। प्रेसिडेंशियल
- 1:23:37सिस्टम के बारे में थोड़ा पढ़ लेते हैं।
- 1:23:38ये अमेरिका में होता है लेकिन पढ़ना है।
- 1:23:40प्रेसिडेंट इज़ बोथ द हेड ऑफ द स्टेट एंड द
- 1:23:42हेड ऑफ द गवर्नमेंट। देखा प्रेसिडेंशियल
- 1:23:44सिस्टम में क्या था कि हेड ऑफ द स्टेट और
- 1:23:45हेड ऑफ द गवर्नमेंट। दोनों वहां का
- 1:23:47प्रधानमंत्री वह राष्ट्रपति होता है जैसे
- 1:23:49आपका डोनाल्ड ट्रंप ठीक है बट इंडिया में
- 1:23:51क्या होता है इंडिया में हेड ऑफ द स्टेट
- 1:23:53कौन होता है प्रेसिडेंट होता है लेकिन हेड
- 1:23:55ऑफ द गवर्नमेंट कौन होता है प्राइम
- 1:23:56मिनिस्टर होता है क्लियर है इसका मतलब
- 1:23:58क्या है इसका मतलब ये है कि इंडिया जो है
- 1:24:01पार्लियामेंटरी सिस्टम फॉलो करता है
- 1:24:02पार्लियामेंट्री सिस्टम के कुछ कांसेप्ट्स
- 1:24:04अलग होते हैं एंड प्रेसिडेंशियल सिस्टम के
- 1:24:06कांसेप्ट अलग होते हैं। प्रेसिडेंशियल
- 1:24:07सिस्टम में एक ही आदमी राजा होता है। ऑल
- 1:24:10एग्जीक्यूटिव पावर वेस्ट इन द प्रेसिडेंट।
- 1:24:12सारी पावर किसके हाथ में होती है? हमारे
- 1:24:14राष्ट्रपति के हाथ में होती है।
- 1:24:15प्रेसिडेंट अपॉइंट हिज ओन कैबिनेट या
- 1:24:17सेक्रेटरीज बट कैन नॉट डिॉल्व द लेजिलेचर।
- 1:24:20क्या बोल रहा है कि प्रेसिडेंट जो है वो
- 1:24:21अपॉइंट करता है अपने ही कैबिनेट को
- 1:24:23सेक्रेटरीज को और लेजिस्लेचर को डिॉल्व
- 1:24:25नहीं कर सकता है। तो जो प्रेसिडेंट है वो
- 1:24:28प्रेसिडेंशियल सिस्टम में नॉर्मली
- 1:24:30लेजिस्लेचर को अपनी मर्जी से डिॉल्व नहीं
- 1:24:32कर सकता है। इसको ध्यान रखना वेरीेंट है।
- 1:24:34फीचर क्या है? सिंगल एग्जीक्यूटिविटी
- 1:24:36सेंट्रलाइज़ पावर भाई इसी के हाथ में है।
- 1:24:37प्रेसिडेंट के हाथ में है। इंडिया डिफर्स
- 1:24:38फ्रॉम द ब्रिटिश पार्लियामेंट्री सिस्टम
- 1:24:40मेनली इन हैविंग जुडिशियल रिव्यु। अच्छा
- 1:24:41एक और चीज़ ध्यान रखना। अब देखो
- 1:24:43पार्लियामेंट्री सिस्टम कहां से आया?
- 1:24:44मैंने आपको बताया ब्रिटेन से आया है, यूके
- 1:24:46से आया है। इंडिया में भी पार्लियामेंट्री
- 1:24:47सिस्टम है। तो क्या दोनों में सेम है? एक
- 1:24:49डिफरेंस है दोनों में। किस चीज का डिफरेंस
- 1:24:51है? जुडिशियल रिव्यू का डिफरेंस है।
- 1:24:52जुडिशियल रिव्य्यू मतलब कि अगर कोई भी लॉ
- 1:24:54पार्लियामेंट पास करेगा तो सुप्रीम कोर्ट
- 1:24:56उसे रिव्यू कर सकता है। हाई कोर्ट उसे
- 1:24:58रिव्यू कर सकता है। ठीक है? तो इंडिया जो
- 1:25:00है इंडिया डिफर्स फ्रॉम द ब्रिटिश
- 1:25:01पार्लियामेंट्री सिस्टम मेनली इन हैविंग
- 1:25:03जुडिशियल रिव्य्यू। क्योंकि जुडिशियल
- 1:25:04रिव्य्यू जो है वो अमेरिका का है। ठीक है?
- 1:25:06और ब्रिटिश पार्लियामेंट जो है उसके यहां
- 1:25:07कोई भी जुडिशियल रिव्य्यू का कांसेप्ट
- 1:25:09नहीं है। तो ब्रिटिश पार्लियामेंट सोवरेन
- 1:25:11है एंड इट्स एक्ट कैन नॉट बी स्टीक डाउन
- 1:25:12बाय द कोर्ट्स अनलाइक इन इंडिया। तो
- 1:25:14इंडिया में भी पार्लियामेंटरी सिस्टम है
- 1:25:16एंड यूके में भी एक डिफरेंस क्या है?
- 1:25:17जुडिशियल रिव्यू का डिफरेंस है।
- 1:25:22अब कुछ देखेंगे डिस्क्रिप्शन ऑन द इंडियन
- 1:25:24फेडरलिज्म। कुछ नहीं यार इसको थोड़ा रटना
- 1:25:26पड़ेगा। ग्रेवलिन ऑस्टेन है। ठीक है?
- 1:25:28इन्हने क्या बोला था? कोपरेटिव फेडरलिज्म।
- 1:25:31इंडिया फेडरलिज्म को क्या बोला था?
- 1:25:32कोपरेटिव फेडरलिज्म। देखो जो इंडिया का
- 1:25:34फेडरलिज्म है उसको अलग-अलग लोगों ने
- 1:25:36अलग-अलग तरीके से तराशा था। तो उसको
- 1:25:38अलग-अलग नाम दे दिया गया था। जैसे जे
- 1:25:39मॉरिस जोस देखोगे तो इन्हें बारगेनिंग
- 1:25:41फेडरलिज्म कहा था। केसी वियर ने क्या कहा
- 1:25:43था? क्वासी फेडरल कहा था। इवॉर्ज जेनिंग्स
- 1:25:45ने फेडरलिज्म विद सेंट्रलाइजिंग टेंडेंसी
- 1:25:47कहा था। डीडी बासू ने कहा था नाइदर प्योर
- 1:25:50फेडरल नॉर प्योरली एंटायर यूनिटी। दोनों
- 1:25:52का कॉम्बिनेशन है। और बी आर अंबेडकर ने
- 1:25:54नॉट सेट इन अ टाइड मोल्ड ऑफ़ फेडरलिज्म।
- 1:25:56फेडरल इन नॉर्मल टाइम्स कैपेबल ऑफ़ वर्किंग
- 1:25:58एज यूनिटरी ड्यूरिंग द वॉर एंड इमरजेंसी।
- 1:26:00देखो यूपीपीसीएस हर साल इसमें से क्वेश्चन
- 1:26:02पूछता है एंड इस बार भी आएगा पक्का 100%
- 1:26:05आएगा इसको कमेंट सेक्शन में लिख दो फटाक
- 1:26:07से याद कर लो ठीक है ऑस्टिन ने क्या बोला
- 1:26:09था कोपरेटिव
- 1:26:11ठीक है ऑस्टिन कोऑपरेटिव एसी ऑस्टिन
- 1:26:14कोपरेटिव इसके बाद मॉरिस जॉन्स तो मॉरिस
- 1:26:17ने क्या बोला था मुझे मोरा मोरा भीख दे दो
- 1:26:20बारगेनिंग ठीक है इसके बाद केसीवेयर केसी
- 1:26:23वेयर ने क्या बोला वेयर क्वासी फेडरल ठीक
- 1:26:25है वेयर ने क्या कहा था क्वासी फेडरल है
- 1:26:27इसके बाद जेनिंग जेनिंग ने क्या बोला था
- 1:26:29इवॉर्जनिंग फ़ेडरलिज़्म विथ अ सेंट्रलाइज़िंग
- 1:26:32टेंडेंसी। डीडी बासू ने क्या बोला था कि
- 1:26:34कॉम्बिनेशन है। डीडी बासू क्या बोले थे?
- 1:26:36कॉम्बिनेशन। ठीक है? डीडी बासू की पॉलिटी
- 1:26:39किताब पढ़ते हो ना? क्या बोलते हैं?
- 1:26:40कॉम्बिनेशन करो। लक्ष्मीकांत भी पढ़ो, मेरी
- 1:26:41भी पढ़ो। डीडी बासू ने कॉम्बिनेशन की बात
- 1:26:43की थी। है ना? अंबेडकर को तो आपको पता ही
- 1:26:45है। इसके बाद फेडरल वर्सेस यूनिटरी फीचर्स
- 1:26:48ऑफ़ द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन। देखो फेडरल
- 1:26:50फीचर्स क्या-क्या है?
- 1:26:53अब देखो मेन चीज ना अब एक इसमें से याद रख
- 1:26:55लो। अगर आपको एक याद होगा तो काम हो
- 1:26:57जाएगा।
- 1:27:02फेडरल फीचर्स में रिटन एंड पार्शियली
- 1:27:04रिजिड कॉन्स्टिट्यूशन डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ
- 1:27:06पावर की बात करी यूनियन और स्टेट के बीच
- 1:27:08में तो जहां दोनों की बात करी है वो मतलब
- 1:27:10फेडरल हो गया जहां एक की बात करेगा वो
- 1:27:12यूनिटरी हो गया ठीक है तो डिस्ट्रीब्यूशन
- 1:27:13ऑफ़ पावर तो दो लोग के बीच होगा फ्री
- 1:27:15जुडिशरी विद पावर ऑफ़ जुडिशियल रिव्यु ठीक
- 1:27:17है बाय कैमरा लेचर दो लोग ठीक है मतलब दो
- 1:27:20हाउसेस फिर यूनिटरी फीचर्स क्या है सिंगल
- 1:27:22सिटीजनशिप गवर्नर ऑफ़ स्टेट अपॉइंटेड बाय द
- 1:27:24प्रेसिडेंट तो गवर्नर को प्रेसिडेंट
- 1:27:26अपॉइंट करेगा यानी सेंटर ठीक है देख रहे
- 1:27:28इसके बाद इमरजेंसी प्रोविजन।
- 1:27:32इसके बाद पार्लियामेंट पावर टू लेजिलेट ऑन
- 1:27:34अ स्टेट बिल। तो देख रहे हो सब सेंटर की
- 1:27:35पावर आ रही है। ऑल इंडिया सर्विज अनकल
- 1:27:37रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ स्टेट्स इन राज्यसभा।
- 1:27:39इंटीग्रेटेड जुडिशियल सिस्टम सिंगल
- 1:27:41इंटीग्रेटेड इलेक्शन मशीनरी प्रेसिडेंट
- 1:27:44एक्सेंट रिक्वायर्ड फॉर सर्टेन स्टेट बिल।
- 1:27:46इंडियन फेडरलिज्म इज़ नॉट द रिजल्ट ऑफ़ एनी
- 1:27:48एग्रीमेंट अमंग द फेडरिंग यूनिट्स। ठीक
- 1:27:50है? किसने बोला था? डॉ. बी आर अंबेडकर ने
- 1:27:52बोला था। ठीक है? नोटेड दैट द चॉइस ऑफ़ द
- 1:27:54वर्ड यूनियन शोज़ दिस एंड आल्सो दैट नो
- 1:27:56यूनिट हैज़ द फ्रीडम टू सीए। ठीक है?
- 1:27:58इंडिया से अगर कोई भी सेपरेट होना चाहे तो
- 1:27:59क्या हो सकता है? नहीं हो सकता है।
- 1:28:00कॉन्स्टिट्यूशन में बैंड बैठती है एटलीस्ट
- 1:28:02फाइव जजेस की कॉन्स्टिट्यूटेड बाय द चीफ
- 1:28:04जस्टिस ऑफ़ इंडिया टू डिसाइड सब्सटेंशियल
- 1:28:06क्वेश्चन ऑफ़ द कॉन्स्टिट्यूशन
- 1:28:07इंटरप्रिटेशन। देखो ये क्या बोला है कि
- 1:28:09कॉन्स्टिट्यूशन पे कभी भी इंटरप्रिटेशन
- 1:28:10अगर किया जाएगा तो मिनिमम पांच जजेस की बन
- 1:28:13जरूरी है। क्लियर है? अब कुछ नेम
- 1:28:16एट्रिब्यूशनंस देखेंगे। तो गार्नर ने
- 1:28:18डिफाइन किया था स्टेट को एज अ कम्युनिटी
- 1:28:20ऑफ़ पर्सन परमानेंटली अपॉइंटिंग इन अ डे
- 1:28:22डेफिनेट टेरिटरी। तो गार्नर ने क्या बोला
- 1:28:24था? गार्डन ने क्या बोला था कि हम स्टेट
- 1:28:26किसको बोलेंगे? एक कम्युनिटी ऑफ़ पर्सन।
- 1:28:28ठीक है? ग्रुप ऑफ पर्सन जो परमानेंट एक
- 1:28:29जगह पर रह रहे हैं। एक डिफाइंड टेरिटरी
- 1:28:31में रह रहे हैं। कोई उनके ऊपर एक्सटर्नल
- 1:28:33कंट्रोल नहीं है और एक ऑर्गेनाइज्ड
- 1:28:34गवर्नमेंट है। ठीक है? समझ में आया?
- 1:28:38तो देखोगे इन्हने सबकी बात कर दी।
- 1:28:40पॉपुलेशन की, टेरिटरी की, सोवनिटी की,
- 1:28:42गवर्नमेंट की। चारों की बात कर दी इन्हने।
- 1:28:44एवी डीसी ने क्या बोला था? एवीडीसी ने रूल
- 1:28:46ऑफ लॉ प्रोपाउंड किया था। ठीक है? विद
- 1:28:48थ्री कोर एलिमेंट्स। कौन-कौन से? पहला
- 1:28:50लिमिटेशन ऑफ़ पावर। पावर का लिमिटेशन जरूरी
- 1:28:52है। इक्वलिटी बिफोर लॉ होना चाहिए और
- 1:28:54लिबर्टी और सिविल राइट्स होना चाहिए। तो
- 1:28:56ये तीन किसने दिया था? ए बी डीसी ने दिया
- 1:28:58था। इसके बाद साइमन ने क्या बोला था?
- 1:28:59हरबर्ट साइमन ने रिजेक्ट किया प्रिंसिपल
- 1:29:01ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन। ठीक है?
- 1:29:04एज मेरे मिथ एंड प्रोवर्ब्स। ठीक है? इसके
- 1:29:07बाद वीक ने क्या गिव द कांसेप्ट ऑफ़
- 1:29:09डेवलपमेंट एडमिनिस्ट्रेशन। फिर फयल ने
- 1:29:11क्या बोला था? फादर ऑफ़ मॉडर्न मैनेजमेंट।
- 1:29:1314 प्रिंसिपल दिए थे मैनेजमेंट पे। फिर
- 1:29:15डोहनम क्या बोला था? कि इफ आवर
- 1:29:17सिविलाइजेशन फेल्स इट विल मेनली बिकॉज़ ऑफ़
- 1:29:19अ ब्रेकडाउन ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन कि कभी भी
- 1:29:21हमारी सिविलाइजेशन फेल होती है तो वो
- 1:29:22क्यों होगी? एडमिनिस्ट्रेशन के फेल डाउन
- 1:29:24होने पे। ठीक है? करप्शन करोगे या कुछ
- 1:29:26करोगे तो उसकी वजह से होगा। महात्मा गांधी
- 1:29:28एंड जयप्रकाश नारायण बोथ प्रपोज पार्टीलेस
- 1:29:30डेमोक्रेसी इन इंडिया। तो पार्टीलेस
- 1:29:32डेमोक्रेसी इंडिया में किसने प्रपोज किया?
- 1:29:34जयप्रकाश नारायण एंड महात्मा गांधी।
- 1:29:36आईडिया ऑफ़ द प्रियमबल वाज़ बोरोड फ्रॉम द
- 1:29:38कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ़ द यूएसए। तो प्रियमबल
- 1:29:40का आईडिया हमने कहां लिया था? हम पहले भी
- 1:29:41बता रखे हैं। यूएसए से लिया था। और
- 1:29:43लैंग्वेज ऑफ़ द प्रियमबल हमने कहां से लिया
- 1:29:44था? ऑस्ट्रेलिया से लिया था। ये दोनों
- 1:29:46ध्यान रखना बहुतेंट है। हमने जो प्रियमबल
- 1:29:48से फीचर्स लिए थे मतलब आईडिया लिया था वो
- 1:29:50अमेरिका से लिया था। लेकिन प्रियमबल की
- 1:29:52लैंग्वेज ऑस्ट्रेलिया से लिया था। ये लोग
- 1:29:54गलत कर देते हैं। लोग लैंग्वेज को भी
- 1:29:55यूएसए कर देते हैं। तो प्लीज इसको ध्यान
- 1:29:57रखना।
- 1:29:59अब इंडिया यूएसए के कॉमन और कंट्रास्टिंग
- 1:30:02फीचर्स देखेंगे कुछ। तो देखो पहला है
- 1:30:04पॉकेट वीटो। पॉकेट वीटो इंडियन प्रेसिडेंट
- 1:30:06के पास भी है, अमेरिकन प्रेसिडेंट के पास
- 1:30:08भी है। लेकिन यूएस प्रेसिडेंट जो है ना
- 1:30:09उसको रिटर्न करना पड़ेगा बिल 10 दिन के
- 1:30:11अंदर। लेकिन इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन में
- 1:30:13इंडियन प्रेसिडेंट के पास कोई टाइम लिमिट
- 1:30:15नहीं है। भाई उसको मौज है। बिल रख लिया
- 1:30:17पॉकेट में जब मन हो तब करो। ठीक है? एक
- 1:30:18ज्ञानी जैल सिंह करके प्रेसिडेंट थे।
- 1:30:20पोस्ट ऑफिस का शायद कोई बिल था। वो अभी तक
- 1:30:22पड़ा हुआ है। ठीक है? पॉकेट पीटो में मतलब
- 1:30:24कोई एक्शन ही नहीं लिया गया। इसके बाद
- 1:30:26रेजडरी पावर्स हैं। यह किसके पास आएंगी?
- 1:30:28सेंटर के पास आएंगी। ठीक है? लेकिन यूएसए
- 1:30:30में क्या है? यूएसए में स्टेट्स के पास
- 1:30:32है। इंडिया में किसके पास है? सेंटर के
- 1:30:34पास है। ये फीचर ध्यान रखना। अपर हाउस
- 1:30:36मेंबरशिप ऑल यूएस सेनेट्स आर डायरेक्टली
- 1:30:38इलेक्टेड। देखो जो अपर हाउस है ना यूएस का
- 1:30:41जैसे हमारे यहां अपर हाउस राज्यसभा है तो
- 1:30:42वहां भी अपर हाउस है। तो वहां अप्पर हाउस
- 1:30:44में सारे जो होते हैं ना वो डायरेक्टली
- 1:30:45इलेक्टेड होते हैं। ठीक है? है कोई
- 1:30:47नॉमिनेशन का फीचर नहीं है। लेकिन इंडिया
- 1:30:48में राज्यसभा में 12 मेंबर्स जो हैं वो
- 1:30:50नॉमिनेट किए जाते हैं आर्ट, सोशल साइंस इन
- 1:30:52सब फील्ड से। इसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन,
- 1:30:55नेचर, रूल ऑफ लॉ एंड गुड गवर्नेंस के बारे
- 1:30:57में देखेंगे हम। इंडिया का जो
- 1:31:00कॉन्स्टिट्यूशन है वो पार्शली रिजिड है और
- 1:31:01पार्शियली फ्लैक्सिबल है। ठीक है? बहुत
- 1:31:03ज्यादा कुछ लॉज़ हैं जो रिजिड हैं। एंड कुछ
- 1:31:05है जो फ्लेक्सिबल हैं। कुछ फीचर्स उसके
- 1:31:07कैसे हैं? फ्लैक्सिबल हैं। क्लियर है?
- 1:31:11सम प्रोविज़ंस अमेंडेबल बाय सिंपल
- 1:31:13मेजॉरिटी। कुछ को सिंपल मेजॉरिटी की जरूरत
- 1:31:15है। अदर नीड्स अ स्पेशल 2/3 मेजॉरिटी अंडर
- 1:31:17आर्टिकल 368। कुछ हमारे जो कॉन्स्टिट्यूशन
- 1:31:20में अगर आप बदलाव करना है तो आप सिंपल
- 1:31:21मेजॉरिटी से कर सकते हो। बट कुछ को कुछ को
- 1:31:242/3 मेजॉरिटी लगती है। अंडर आर्टिकल 368।
- 1:31:27क्लियर है? केसीवेयर ने क्या कहा था?
- 1:31:28इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन एस्टैब्लिशज़ अ गुड
- 1:31:30बैलेंस बिटवीन रिजिडिटी एंड
- 1:31:32फ्लेक्सिबिलिटी। कॉन्स्टिट्यूशनलिज्म
- 1:31:34इफेक्टिवली मींस लिमिटेड ग्रोथ।
- 1:31:36कॉन्स्टिट्यूशनलिज्म का मतलब क्या होता
- 1:31:37है? लिमिटेड ग्रोथ। द चीफ पर्पस ऑफ़ अ
- 1:31:39कॉन्स्टिट्यूशन इज़ टू डिफाइन एंड लिमिट द
- 1:31:41गवर्नमेंटल पावर। इंस्टीट्यूशन दैट प्रमोट
- 1:31:44यूनिटी इन डायवर्सिटी इन इंडियन फेडरलिज्म
- 1:31:46इंटरस्टेट काउंसिल आर्टिकल 263 डिस्कसेस
- 1:31:49इंटरस्ट डिस्प्यूट पॉलिसी एंड द नेशनल
- 1:31:51डेवलपमेंट काउंसिल। क्लियर है? इसके बाद
- 1:31:53फाइनेंस कमीशन आर्टिकल 280 में आता है।
- 1:31:55एंड द यूनिटरी जुडिशियल प्लस ऑल इंडिया
- 1:31:57सर्विज आपकी किसमें? 312 में आती हैं। ठीक
- 1:31:59है? आर्टिकल्स तो हम डिस्कस कर ही रखे
- 1:32:01हैं। वही पढ़ लेना। सारी चीजें कवर हो
- 1:32:02जाएंगी। पार्लियामेंट्री सिस्टम इन इंडिया
- 1:32:04इज़ कंसीडर्ड टू हैव शिफ्टेड फ्रॉम
- 1:32:06सेंट्रलिज्म टू फेडरलिज्म ड्यूरिंग द 1970
- 1:32:09व्हेन द कांग्रेस पार्टी लॉस्ट पावर इन
- 1:32:11मेनी स्टेट्स। तो पार्लियामेंट्री सिस्टम
- 1:32:13हमारा पहले सेंट्रलिज्म की तरफ ज्यादा
- 1:32:14फोकस था। अब वो फेडरलिज्म पर आ गया है।
- 1:32:16ठीक है? सेकंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म
- 1:32:18कमीशन रिपोर्ट 12 क्या बोलती है? कि
- 1:32:20सिटीजन सेंट्रिक एडमिनिस्ट्रेशन होना
- 1:32:22चाहिए। द हार्ट ऑफ गवर्नेंस आइडेंटिफाई द
- 1:32:24बैरियर्स टू गुड गवर्नेंस इन इंडिया। ये
- 1:32:27मेंस में वैसे कोड कर सकते हो। प्रीलिम्स
- 1:32:29के लिए तो इंपॉर्टेंट नहीं है। इसके बाद
- 1:32:30हम नेशनल सिंबल्स देखेंगे। तो नेशनल फ्लैग
- 1:32:33जो है वो ट्राई कलर है। इसका रेक्टेंगुलर
- 1:32:35रेशियो याद रखना। एक बार यूपीएससी ने पूछा
- 1:32:37था। हां पूछा था। यूपीएससी ने प्रस 3:2
- 1:32:39है। ठीक है? सैफरॉन कलर है, वाइट कलर है
- 1:32:41एंड ग्रीन कलर। आपको पता ही है अशोक चक्र
- 1:32:43बीच में हैं। कितने अशोक चक्र हैं? 24
- 1:32:45हैं। ठीक है? इन द सेंटर ऑफ द वाइट बैंड
- 1:32:47फ्रॉम द सारनाथ लयन कैपिटल अबेकस। ठीक है?
- 1:32:49जो सारनाथ लयन है हमारा उसमें से हमने
- 1:32:51अशोक चक्र लिया था। ठीक है? अशोक चक्र
- 1:32:53क्या सिंबलाइज करता है? वेरीेंट जस्टिस
- 1:32:56करता है। ठीक है? और इसको किसने डिजाइन
- 1:32:58किया था? पिंगली वनक्या ने डिजाइन किया था
- 1:33:01नेशनल फ्लैग को। कब अडॉप्ट हुआ था? 22
- 1:33:02जनवरी। 22 जुलाई 1947। ठीक है? अब देखो
- 1:33:06इसकी एक मैं ट्रिक बताता हूं। फ्लैग एंथम
- 1:33:08यह सब कब बेसिकली ड्राइव हुआ था? इसकी
- 1:33:10ट्रिक है फेम।
- 1:33:12ठीक है? फेम। फेम से क्या होगा? सबसे पहले
- 1:33:14आपका फ्लैग अडॉप्ट हुआ था। तो मेनली ये
- 1:33:16डेट नहीं पूछेगा। क्रोनोलॉजी में पूछ
- 1:33:18लेगा। तो डेट याद ही मत करो। ट्रिक याद कर
- 1:33:19लो। ए से क्या होगा? ए से एंथम होगा। ठीक
- 1:33:22है? और आपका ई से एंबलम होगा। समझ गए? तो
- 1:33:25क्रोनोलॉजी में सबसे पहले फ्लैग आया। फिर
- 1:33:27एंथम आया और फिर आपका एंबलम हुआ।
- 1:33:31इसके बाद स्टेट एंबलम। देखो एडप्शन ऑफ़ द
- 1:33:34सारनाथ लाइन ऑफ़ कैपिटल अशोक। इसमें से
- 1:33:36लिया है। क्या डिनोट करता है? सत्यमेव
- 1:33:37जयते। सत्यमेव जयते हमने कहां से लिया है?
- 1:33:39मुंडिका उपनिषद से लिया है। ठीक है? यह
- 1:33:42डेट है 22 जनवरी। अच्छा इसको हमने कब किया
- 1:33:44था? 22 जनवरी 1950 को। नेशनल एंबलम अगर
- 1:33:47देखोगे तो नेशनल एंबलम सॉरी नेशनल एंथम।
- 1:33:50नेशनल एंथम हमारी क्या है? जन गण मन। ये
- 1:33:52किसने लिखा था? रबीन नाथ टैगोर ने लिखा
- 1:33:54था। ठीक है? फर्स्ट संघ पहली बार कब गया
- 1:33:56था? 1911 में हमने गाया था कोलकाता सेशन
- 1:33:58में आई एनसी में। उसके प्रेसिडेंट कौन थे?
- 1:34:00उस समय पंडित नारायणधर प्रेसिडेंट थे। ठीक
- 1:34:02है? कितना टाइम लगता है? इसका टोटल 52
- 1:34:04सेकंड लगता है। ठीक है? और शॉर्टर वर्जन
- 1:34:06इसका कितना है? 20 सेकंड्स है। इसके बाद
- 1:34:08नेशनल सॉन्ग हमारा क्या है? वंदे मातरम
- 1:34:10है। किसने कंपोज किया था? बंकिम चंद्र
- 1:34:12चट्टोपाध्याय ने कंपोज किया था अपनी नवेल
- 1:34:14आनंद मठ में। ठीक है? पहली बार ये 1896
- 1:34:16में क्या गया था? कांग्रेस के सेशन में।
- 1:34:18प्रेसिडेंट कौन थे? रहमतुल्लाह सयानी।
- 1:34:20इसके बाद नेशनल कैलेंडर आता है। यह शाखा
- 1:34:22एरा पे बेस्ड है। चैत्र अगर आप देखोगे तो
- 1:34:24पहला मंथ होता है और फाल्गुन जो होता है
- 1:34:25वो आखिरी महीना होता है कैलेंडर का। ठीक
- 1:34:27है? इसके बाद नेशनल फ्लावर हमारा क्या है?
- 1:34:30लोटस है। बट द गवर्नमेंट हैज़ स्टेटेड इन द
- 1:34:32राज्यसभा दैट नो ऑफ़िलशियल नोटिफ़िकेशन है
- 1:34:34एवर डिक्लेयर्ड अ नेशनल फ़्लावर। ठीक है?
- 1:34:35आज तक कभी भी कोई ऑफ़िशियली नोटिफ़िकेशन में
- 1:34:37नेशनल फ़्लावर नहीं डिपेक्ट है। नेशनल
- 1:34:39फ्रूट हमारा क्या है? मैंगो है।
- 1:34:41मैग्नीफेरा इंडिका इसका साइंटिफिक नेम है।
- 1:34:43नेशनल ट्री बनियन है। नेशनल एनिमल टाइगर
- 1:34:45है। पंथेरा टाइगरिस है। और प्रोजेक्ट
- 1:34:47टाइगर कब ल्च हुआ था? 1973 में हुआ था।
- 1:34:50नेशनल बर्ड हमारा पीकॉक है। नेशनल
- 1:34:52एक्वेटिक एनिमल हमारा क्या है? रिवर
- 1:34:54डॉल्फिन है। नेशनल रिवर हमारी गंगा। ये तो
- 1:34:56आप सबको पता होगा। नेशनल डेज इंडिपेंडेंस
- 1:34:58डे है, रिपब्लिक डे है, गांधी जयंती है।
- 1:35:00ठीक है? ये तीनों हैं। इसके बाद कुछ
- 1:35:02एडिशनल फैक्ट्स देखेंगे। द फ्लैग कोड ऑफ
- 1:35:05इंडिया 2002 टूक इफेक्ट फ्रॉम 26 जनवरी
- 1:35:082002 एंड इज़ इन तीन पार्ट। तीन पार्ट में
- 1:35:10है। पहला फ्लैग कोड क्या बोलता है? जनरल
- 1:35:12डिस्क्रिप्शन ऑफ़ द ट्राई कलर। ठीक है?
- 1:35:15ट्राई कलर का डिस्क्रिप्शन होगा। रूल्स
- 1:35:16फॉर डिस्प्ले बाय द पब्लिक प्राइवेट
- 1:35:18बॉडीज। रूल्स है कि कौन-कौन डिस्प्ले कर
- 1:35:20सकता है? एन एजुकेशन इंस्टीट्यूशन।
- 1:35:22मतलब रूल पब्लिक प्राइवेट बॉडीज एंड
- 1:35:24एजुकेशन इंस्टीट्यूशन के लिए। तीसरा क्या
- 1:35:26है? रूल फॉर डिस्प्ले बाय गवर्नमेंट एंड
- 1:35:27गवर्नमेंट बॉडीज। जो गवर्नमेंट या
- 1:35:29गवर्नमेंट बॉडी फ्लैग को डिस्प्ले करेंगी
- 1:35:31उससे रिलेटेड रूल्स है। इट परमिट अनरस्टेड
- 1:35:33डिस्प्ले ऑफ़ द फ्लैग एज़ अ लॉन्ग एज़ ऑनर
- 1:35:34एंड डिग्निटी आर रेस्पेक्टेड। भाई अगर ऑनर
- 1:35:37और डिग्निटी आप रिस्पेक्ट कर रहे हो तो आप
- 1:35:38कितनी बार भी कुछ भी मतलब इस पे
- 1:35:40रेस्ट्रिक्शन नहीं है। ठीक है? स्टैंड
- 1:35:42स्टैंडर्ड नेशनल फ्लैग साइज़ज़ रेंज फ्रॉम
- 1:35:44लार्जेस्ट। ठीक है? इतना बड़ा होता है और
- 1:35:46स्मालेस्ट इतना होता है। ठीक है? चाहो तो
- 1:35:48देख लेना। इंपॉर्टेंट नहीं है इतना।
- 1:35:58और डॉक्टर एस राधाकृष्ण डिस्क्रिप्शन दिया
- 1:36:00है सिग्निफिकेंस ऑफ़ फ्लैग थ्री कलर्स और
- 1:36:02चरखा इज़ रिप्रोड्यूस इन द फ्लैग कोड ऑफ़
- 1:36:05इंडिया। इसके बाद चैप्टर 11 देखेंगे स्टेट
- 1:36:07एंड यूनियन टेरिटरीज के बारे में। देखो
- 1:36:09इसको मैं अच्छे से समझाऊंगा। तो आप इसको
- 1:36:11ध्यान से समझना। इंडिया में स्टेट्स का
- 1:36:13फॉर्मेशन कैसे हुआ? हम इसको मेनली यहां पर
- 1:36:15ये देखेंगे। 1947 में इंडिपेंडेंस के टाइम
- 1:36:18इंडिया में ब्रिटिश प्रोविंस और प्रिंसली
- 1:36:20स्टेट्स थे। प्रिंसली स्टेट्स को इंडिया
- 1:36:21में इंटीग्रेट करना एक मेजर चैलेंज था। वो
- 1:36:24किसने लीड किया था? आपको पता है? सरदार
- 1:36:26वल्लभ भाई पटेल जी ने। ठीक है? सरदार
- 1:36:27वल्लभ भाई पटेल ने प्रिंसली स्टेट्स के
- 1:36:29इंटीग्रेशन में इंपॉर्टेंट रोल निभाया।
- 1:36:31वीपी मेनन ने भी इंटीग्रेशन प्रोसेस में
- 1:36:33इंपॉर्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव रोल प्ले
- 1:36:34किया। ठीक है? सरदार वल्लभ भाई पटेल थे और
- 1:36:36वीपी मेनन भी थे। दो लोग थे। ध्यान रखना
- 1:36:38इनको। बाद में स्टेट्स की बाउंड्रीज को
- 1:36:40लैंग्वेज और एडमिनिस्ट्रेशन के बेसिस पर
- 1:36:42रीऑर्गेनाइज किया गया। ठीक है? यही चीजें
- 1:36:44हम इसमें जो हैं वो पढ़ेंगे। तो मेनली यही
- 1:36:47चीजें दी गई हैं। इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट
- 1:36:491947 ने दो डोमिनेंट क्रिएट किया आपका।
- 1:36:51कौन-कौन सा? इंडिया एंड पाकिस्तान। क्लियर
- 1:36:53है?
- 1:36:54ओवर 560 प्रिंसली स्टेट्स व गेन थ्री
- 1:36:57ऑप्शन। देखो जितने भी प्रिंसली स्टेट्स थे
- 1:36:58करीब 560 थे उनके पास तीन ऑप्शन था। या तो
- 1:37:01इंडिया ज्वाइन करें या तो पाकिस्तान जॉइन
- 1:37:02करें या तो आजाद रहें, इंडिपेंडेंट रहें।
- 1:37:04तीन प्रिंसली स्टेट्स इनिशियली रिफ्यूज कर
- 1:37:06दिया इंडिया जॉइन करने को। ठीक है?
- 1:37:08हैदराबाद ने, जूनागढ़ ने और जम्मू कश्मीर
- 1:37:10ने। तो हैदराबाद को मिलिट्री एक्शन से
- 1:37:12लिया गया ऑपरेशन पोलो। ठीक है? यह लोग
- 1:37:14मिलिट्री वाले थे। पुलिस के कपड़ों में आए
- 1:37:15थे। जूनागढ़ में रेफरेंडम हुआ और जम्मू
- 1:37:18कश्मीर में इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन साइन
- 1:37:19किया गया बाय महाराजा हरि सिंह। क्लियर
- 1:37:22है? तो ये सारी चीजें हैं। 1950
- 1:37:24कॉन्स्टिट्यूशन में पहला शेड्यूल आया।
- 1:37:26इनिशियली रिकग्नाइज़ फोर कैटेगरीज ऑफ
- 1:37:27स्टेट या टेरिटरीज। तो चार कैटेगरीज थी।
- 1:37:30ठीक है? ए बी सी डी करके। कुछ फॉर्मर
- 1:37:32ब्रिटिश प्रोविंसेस थे। कुछ प्रिंसली
- 1:37:33स्टेट्स थे। ठीक है? कुछ प्रिंसली स्टेट्स
- 1:37:35पर चीफ कमिश्नर प्रोविंस थे। और पार्ट डी
- 1:37:37में ओनली द अंडमान एंड निकोबार आइलैंड्स
- 1:37:39था। क्लियर है? इसके बाद आर्टिकल वन
- 1:37:42देखेंगे। आर्टिकल वन क्या कहता है?
- 1:37:43आर्टिकल वन कहता है इंडिया दैट इज भारत
- 1:37:45शैल बी अ यूनियन ऑफ स्टेट नॉट अ फेडरेशन
- 1:37:47ऑफ स्टेट्स। देखो हमारा जो इंडिया है
- 1:37:49इंडिया में जितने भी स्टेट्स हैं दे आर अ
- 1:37:51यूनियन ऑफ स्टेट्स। क्लियर है? मतलब अगर
- 1:37:54कोई भी चाहे इंडिया से सेपरेट होना तो
- 1:37:56नहीं हो पाएगा। ठीक है? तो फेडरेशन नहीं
- 1:37:57है कि जिसकी मर्जी वो अलग हो गया। यूनियन
- 1:37:59ऑफ़ स्टेट्स है। आर्टिकल टू क्या बोलता है?
- 1:38:01आर्टिकल टू बोलता है न्यू स्टेट्स को
- 1:38:02एडमिट एडमिट करना या एस्टैब्लिश करना।
- 1:38:04पार्लियामेंट किसी नए स्टेट को इंडिया में
- 1:38:06एडमिट कर सकती है या नए स्टेट को
- 1:38:08एस्टैब्लिश कर सकती है कॉन्स्टिट्यूशन के
- 1:38:10प्रोविजन के अकॉर्डिंग। क्लियर है? इसके
- 1:38:12बाद आर्टिकल थ्री आपका क्या बोलता है?
- 1:38:14एकिस्टिंग स्टेट्स की बाउंड्री चेंज करना।
- 1:38:16पार्लियामेंट नया स्टेट बना सकती है। किसी
- 1:38:18स्टेट का एरिया बढ़ा या घटा सकती है और
- 1:38:20बाउंड्रीज चेंज कर सकती है। ठीक है? और
- 1:38:22स्टेट का नाम चेंज कर सकती है। तो ये सारी
- 1:38:24चीजें दी गई। एग्जांपल भी है। जैसे आंध्र
- 1:38:26प्रदेश से तेलंगाना का फॉर्मेशन 2014 में
- 1:38:28आर्टिकल थ्री के प्रोसेस से हुआ था।
- 1:38:30क्लियर है? आर्टिकल थ्री के अंडर अगर आप
- 1:38:33देखोगे ना तो बिल इंट्रोड्यूस करने के लिए
- 1:38:34प्रेसिडेंट की रिकमेंडेशन भी चाहिए होती
- 1:38:36है। ठीक है? अफेक्टेड जो अगर स्टेट
- 1:38:38लेजिस्लेचर्स होते हैं तो उनसे भी व्यूज
- 1:38:40मांगे जाते हैं। लेकिन उसकी कंसर्न
- 1:38:42पार्लियामेंट के लिए कोई बाइंडिंग नहीं
- 1:38:43होती है।
- 1:38:45इसके बाद रिऑर्गेनाइजेशन कमीशन एंड कमिटी
- 1:38:48तो स्टेट रिऑर्गेनाइजेशन कमीशन कुछ गठित
- 1:38:50हुए। पहला है आपका धर कमीशन। ये 1948 में
- 1:38:53हुआ था। इसको एस के धर कमीशन बोलते हैं।
- 1:38:54इस कमीशन ने स्टेट्स की बाउंड्रीज को
- 1:38:56रिऑर्गेनाइज करने के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव
- 1:38:58कन्वीनियंस कोेंस दी लैंग्वेज को
- 1:39:00प्रीमियरली बेसिस बनाने के बजाय। इसके बाद
- 1:39:03जेवीपी कमेटी आती है 1948 में। इसमें
- 1:39:05जवाहरलाल नेहरू, वल्लभ वल्लभ भाई पटेल,
- 1:39:08पताबी सीतारामैया शामिल थे। इसने
- 1:39:10लिंग्विस्टिक बेसिस पर स्टेट्स बनाने को
- 1:39:12तुरंत प्रायोरिटी नहीं दी। लेकिन आंध्रा
- 1:39:14मूवमेंट के बाद लिंग्विस्टिक
- 1:39:15रिऑर्गेनाइजेशन की डिमांड और ज्यादा
- 1:39:17स्ट्रांग होने लगी। इसके बाद आपका आता है
- 1:39:19फजल अली कमीशन। क्लियर है? फजल अली कमीशन।
- 1:39:22इसको स्टेट रिऑर्गेनाइजेशन कमीशन भी कहा
- 1:39:23जाता है। इसमें कौन-कौन से मेंबर्स थे?
- 1:39:25आपके फजल अली थे जो कि चेयरमैन थे। के एम
- 1:39:27पानीकर थे और एच एन कुंजरू थे। इस कमीशन
- 1:39:29की रिकमेंडेशन के बेसिस पर स्टेट
- 1:39:31रिऑर्गेनाइजेशन एक्ट 1956 आया। इससे
- 1:39:34स्टेट्स की बाउंड्री मेजोरिटीली
- 1:39:35रिऑर्गेनाइज हुई। क्लियर है? इसके बाद कुछ
- 1:39:38इंपॉर्टेंट स्टेट फॉर्मेशन हम डेट्स और
- 1:39:40टाइमलाइंस देखेंगे। आंध्रा स्टेट आपका 19
- 1:39:4456 में फॉर्म हुआ था। बेसिकली 1953 फॉर्म
- 1:39:481956। राजस्थान है आपका। इसके बाद
- 1:39:51महाराष्ट्र एंड गुजरात है, नागालैंड है,
- 1:39:53पंजाब है, हिमाचल प्रदेश है, मेघालय है,
- 1:39:56त्रिपुरा, मणिपुर है, सिक्किम है, मिजोरम
- 1:39:59है, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, छत्तीसगढ़,
- 1:40:01उत्तराखंड, झारखंड एंड तेलंगाना। ठीक है?
- 1:40:04कुछ स्टेट स्टेट फॉर्मेशन की हैं। जबकि
- 1:40:06कुछ फुल स्टेटहुड की हैं। तो दोनों में
- 1:40:08डिफरेंस ध्यान रखना। ठीक है? कुछ इसमें
- 1:40:10फॉर्मेशन के बताया है एंड कुछ किसकी बताया
- 1:40:12है? स्टेटहुड की बताया है। ठीक है? यहां
- 1:40:14तक आपको कोई दिक्कत तो नहीं है?
- 1:40:16इसके अगर आप लोग को कोई ट्रिक पता हो तो
- 1:40:18प्लीज कमेंट सेक्शन में बताइएगा। आई विल
- 1:40:20पिन इट। ठीक है? यह सारे स्टेट्स की। इसके
- 1:40:23बाद फॉर्मेशन
- 1:40:25इयर्स ऑफ अर्लियर यूनियन टेरिटरी जैसे
- 1:40:28आपका लक्षद्वीप 1956। इसके बाद दादरा,
- 1:40:31नागरा हवेली आता है 1961 में। पहले ये
- 1:40:33टेरिटरी पोर्चुगीज़ रूल के अंडर थी। 1954
- 1:40:36में लोकल फ्रीडम फाइटर्स और सपोर्टर्स ने
- 1:40:38पोर्तुगीज़ एडमिनिस्ट्रेशन को हटा दिया।
- 1:40:40बाद में 1961 में ऑफिशियली इंडिया का
- 1:40:42पार्ट बनी। ठीक है? समझ गए? तो पोर्चुगीज़
- 1:40:44रूल से लिबरेशन हुआ। 1954 में और इंडिया
- 1:40:46में इसका फॉर्मल इंटीग्रेशन होता है 1961
- 1:40:49में। दमन एंड द आपका 1962 में। दमन एंड द
- 1:40:52भी पोर्तुगीज़ रूल के अंडर था। 1961 में
- 1:40:54इंडियन फोर्स ने गोवा, दमन एंड द को
- 1:40:56पोर्चुगीज़ रूल से आजाद कराया, लिबरेट
- 1:40:58कराया। इसके बाद चंडीगढ़ आता है 1966। ठीक
- 1:41:01है? 1966 में पंजाब के रिऑर्गेनाइजेशन के
- 1:41:03बाद चंडीगढ़ को यूनियन टेरिटरी बनाया गया।
- 1:41:05आज चंडीगढ़ अगर आप देखोगे तो पंजाब की
- 1:41:07कैपिटल है। हरियाणा की भी कैपिटल है और
- 1:41:08खुद एक यूनियन टेरिटरी भी है। ठीक है?
- 1:41:11इसके बाद आपका आता है दिल्ली। दिल्ली की
- 1:41:13अगर बारे में बात करें तो दिल्ली नेशनल
- 1:41:15कैपिटल टेरिटरी तो दिल्ली एक यूनियन
- 1:41:17टेरिटरी है लेकिन इसे स्पेशल
- 1:41:18कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस अगर आप देखोगे तो
- 1:41:20कब मिला था? 69 कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट
- 1:41:23के द्वारा मिला था। ठीक है?
- 1:41:26इसके बाद आर्टिकल 240 क्या बोलता है?
- 1:41:28प्रेसिडेंट की पावर को बताता है। आर्टिकल
- 1:41:29240 के अंदर प्रेसिडेंट कुछ स्पेसिफाइड
- 1:41:32यूनियन टेरिटरीज के लिए रेगुलेशंस बना
- 1:41:33सकता है। क्लियर है?
- 1:41:36इसके बाद अगर आप देखोगे तो 241 में अंडमान
- 1:41:38निकोबार जैसे है। इन सब के लिए लक्षद्वीप
- 1:41:40हो गया आपका। 241 सी में दादर एंड नागरा
- 1:41:42हवेली है। ठीक है? 241 ई में पुडुचेरी है
- 1:41:45आपका। अब मैसूर का नाम कर्नाटका कब हुआ?
- 1:41:48तो पहले कर्नाटका स्टेट का नाम आपको पता
- 1:41:49है मैसूर था। ठीक है? 1973 में मैसूर का
- 1:41:52नाम कर्नाटका कर दिया गया। ठीक है? आप
- 1:41:54पढ़ते भी होंगे मॉडर्न हिस्ट्री में मैसूर
- 1:41:56वॉर, एंग्लो मैसूर वॉर। तो वो कर्नाटका की
- 1:41:58ही बात की जाती है। अब कुछ रीनेम स्टेट
- 1:42:00कैपिटल्स देखेंगे जैसे अगर आप देखोगे तो
- 1:42:04मद्रास पुराना नाम था। तमिलनाडु की बात कर
- 1:42:06रहे हैं। मद्रास पुराना नाम था। उसका नाम
- 1:42:08क्या कर दिया हमने? चेन्नई कर दिया। ठीक
- 1:42:09है? कोलकाता का नाम कोलकाता कर दिया।
- 1:42:11बॉम्बे का नाम मुंबई कर दिया। पोंडीचेरी
- 1:42:14का पुुडुचेरी कर दिया। ठीक है? बेंगलुरु
- 1:42:16का बेंगलुरु कर दिया। त्रिवेंद्रम का
- 1:42:18त्रिवेंद्रपुरम कर दिया। ठीक है? जो केरला
- 1:42:20का कैपिटल है। क्लियर है? इसके बाद एडिशनल
- 1:42:23फैक्ट्स देखेंगे। ये क्या बोलता है? देखो
- 1:42:25आंध्र प्रदेश की कैपिटल बताता है कि आंध्र
- 1:42:26प्रदेश का कैपिटल इशू थोड़ा कंफ्यूजिंग
- 1:42:28रहा है। क्योंकि तेलंगाना बनने के बाद
- 1:42:30हैदराबाद को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की
- 1:42:32जॉइंट कैपिटल के रूप में मैक्सिमम 10
- 1:42:34इयर्स के लिए प्रोविज़न किया गया था। तो
- 1:42:36आंध्र प्रदेश रिऑर्गेनाइजेशन एक्ट 2014 के
- 1:42:38अकॉर्डिंग हैदराबाद जो है वो तेलंगाना की
- 1:42:40कैपिटल बना। अमरावती को आंध्र प्रदेश की
- 1:42:42कैपिटल के रूप में डेवलप्ड किया गया। ठीक
- 1:42:44है? तो यही चीज इसमें बताया गया है। इसके
- 1:42:47बाद अगर आप देखोगे तो लिंग्विस्टिक
- 1:42:49रिऑर्गेनाइजेशन की शुरुआत बताया है कि
- 1:42:50जैसे फॉर एग्जांपल 1920 में इंडियन नेशनल
- 1:42:53कांग्रेस के नागपुर सेशन में प्रोविंशियल
- 1:42:55कांग्रेस कमेटी को लिंग्विस्टिक बेसिस पर
- 1:42:57रिऑर्ग्नाइज करने का डिसीजन लिया गया।
- 1:42:58लिंग्विस्टिक बेसिस का मतलब क्या होता है?
- 1:43:00लिंग्विस्टिक बेसिस का मतलब सर होता है कि
- 1:43:03लैंग्वेज के बेसिस पर एडमिनिस्ट्रेटिव
- 1:43:05यूनिट्स या कमेटी बनाना। क्लियर है? जैसे
- 1:43:06मराठी स्पीकिंग लोगों के लिए मराठी
- 1:43:08लैंग्वेज बेस्ड एडमिनिस्ट्रेशन आइडेंटी
- 1:43:10करना। ठीक है? तो ये सब चीजें इसमें बताई
- 1:43:12गई हैं। इसके बाद हम सिटीजनशिप पढ़ेंगे
- 1:43:14चैप्टर 12। ठीक है? काफी इंपॉर्टेंट है।
- 1:43:17कॉन्स्टिट्यूशनल बेसिस देखेंगे। तो इंडियन
- 1:43:19कॉन्स्टिट्यूशन में सिटीजनशिप अगर आप
- 1:43:20देखोगे तो पार्ट सेकंड में दिया गया है।
- 1:43:23आर्टिकल पांच से 11 है। ठीक है? इसको
- 1:43:24ध्यान रखना। अब सिटीजनशिप का मतलब क्या
- 1:43:27होता है? सिटीजनशिप का सिंपल मतलब होता है
- 1:43:29कि किसी कंट्री को ली का जो लीगली
- 1:43:31रिकॉग्नाइज्ड मेंबर होना। ठीक है? आप कोई
- 1:43:34कंट्री है उसका आप लीगली रिकॉग्नाइज्ड
- 1:43:35मेंबर हो। ठीक है? अगर तुम मान लो इंडियन
- 1:43:37सिटीजन हो तो तुम्हें कॉन्स्टिट्यूशन और
- 1:43:39लॉस के अकॉर्डिंग इंडियन सिटीजनशिप से
- 1:43:40जुड़े राइट्स और ड्यूटीज मिलते हैं।
- 1:43:43क्लियर है? अब एक कांसेप्ट होता है सिंगल
- 1:43:44सिटीजनशिप। देखो यहां भी दिया भी गया है।
- 1:43:46इंडिया लाइक ब्रिटेन अडॉप्टेड द सिस्टम ऑफ
- 1:43:48सिंगल सिटीजनशिप। तो इंडिया में सिंगल
- 1:43:50सिटीजनशिप है। मान लो अगर आप यूपी के
- 1:43:52रेजिडेंट हो या महाराष्ट्र के हो तो
- 1:43:54तुम्हारी सिटीजनशिप इंडियन है। यूपी या
- 1:43:56महाराष्ट्र वाली नहीं है। ठीक है? तो
- 1:43:58इंडिया में अलग से यूपी सिटीजनशिप या
- 1:43:59महाराष्ट्र सिटीजनशिप नहीं होती है। इसका
- 1:44:01अपोजिट यूएसए में है। यूएसए में क्या है?
- 1:44:03फेडरल और स्टेट सिटीजनशिप दोनों है। समझ
- 1:44:05गए? तो इंडिया में सिंगल सिटीजनशिप है
- 1:44:07बल्कि यूएसए में डुअल सिटीजनशिप है। यानी
- 1:44:09फेडरल प्लस स्टेट दोनों। ध्यान रखना। अब
- 1:44:12हम इसको आर्टिकल्स देखेंगे। तो हम
- 1:44:13क्रोनोलॉजी से आर्टिकल्स पढ़ते हैं। ठीक
- 1:44:15है? ज्यादा क्लियर हो जाएगा। सारी चीजें
- 1:44:17कवर हो जाएंगी। पहले आर्टिकल फिफ्थ देखो
- 1:44:19क्या बोलता है। आर्टिकल फिफ्थ बोलता है कि
- 1:44:20कॉन्स्टिट्यूशन शुरू होने के समय कौन-कौन
- 1:44:22सिटीजनशिप था। ठीक है? जो कॉन्स्टिट्यूशन
- 1:44:24शुरू होने के समय सिटीजनशिप है। आर्टिकल
- 1:44:26सिक्स क्या बोलता है? पाकिस्तान से इंडिया
- 1:44:28माइग्रेट करने वाले कुछ लोगों की
- 1:44:30सिटीजनशिप के बारे में बताता है। आर्टिकल
- 1:44:32सेवन इंडिया से पाकिस्तान माइग्रेट करने
- 1:44:34वालों के लोगों की सिटीजनशिप बताता है।
- 1:44:35सिक्स में क्या था? पाकिस्तान से इंडिया।
- 1:44:37सेवन में क्या है? इंडिया से पाकिस्तान
- 1:44:38है। आर्टिकल आठ क्या बोलता है? इंडिया के
- 1:44:41बाहर रहने वाले इंडियन ओरिजिन के कुछ लोग।
- 1:44:43आर्टिकल नाइन क्या बोलता है? है वंटरी
- 1:44:45फॉरेन सिटीजनशिप लेने पर इंडियन सिटीजनशिप
- 1:44:47आपको नहीं मिलेगी। आर्टिकल 10 क्या बोलता
- 1:44:49है? सिटीजनशिप राइट की कंटीन्यूएशन
- 1:44:52सब्जेक्ट टू लॉ। और आर्टिकल 11
- 1:44:54पार्लियामेंट सिटीजनशिप पर लॉ जो है वो
- 1:44:56बना सकती है। क्लियर है? यहां तक कोई
- 1:44:58दिक्कत तो नहीं है? वही सारी चीजें यहां
- 1:45:00पर दिया गया है। ठीक है? अब देखो
- 1:45:03सिटीजनशिप एक्वायर करने के मेनली पांच
- 1:45:05तरीके होते हैं। ठीक है? इसको कैसे याद रख
- 1:45:07सकते हो? बी डी आर एन। ठीक है? बद्रीनाथ
- 1:45:10बी डी आर एन ऐसे करके आखिरी में टी भी लगा
- 1:45:13सकते बीडीआरए टी तो देखो बाय बर्थ सबसे
- 1:45:16पहले इंडिया में बर्थ होने पर सिटीजनशिप
- 1:45:18आपको मिल सकती है लेकिन यह बर्थ की डेट और
- 1:45:19एप्लीकेबल लीगल कंडीशंस पर डिपेंड करता
- 1:45:22है। हर इंडिया में बोर्न पर्सन ऑटोमेटिकली
- 1:45:24सिटीजन नहीं होता है। बाय डिसेंट। ठीक है?
- 1:45:27इंडिया के बाहर पैदा हुए पर्सन को इंडियन
- 1:45:29सिटीजनशिप मिल सकती है अगर उसके पेरेंट
- 1:45:31इंडियन सिटीजन हो और एप्लीकेबल लीगल
- 1:45:33कंडीशंस जो होती हैं वो पूरी हो जाए। इसके
- 1:45:35बाद बाय रजिस्ट्रेशन। कुछ एलिजिबल
- 1:45:37कैटेगरीज के लोग प्रिस्राइब कंडीशन पूरी
- 1:45:39करके रजिस्ट्रेशन के थ्रू सिटीजनशिप ले
- 1:45:41सकते हैं। इसके बाद है बाय नेचुरलाइजेशन।
- 1:45:43किसी फॉरेन नेशनल को प्रिस्राइब्ड कंडीशंस
- 1:45:46जैसे आपका क्वालिफाइंग रेजिडेंस और अदर
- 1:45:48लीगल रिक्वायरमेंट्स पूरी करने पर
- 1:45:50सिटीजनशिप मिल सकती है। इसके बाद है बाय
- 1:45:52इनकरपोरेशन ऑफ टेरिटरी। अगर कोई टेरिटरी
- 1:45:54इंडिया का पार्ट बन जाती है तो गवर्नमेंट
- 1:45:56नोटिफाई कर सकती है कि उस टेरिटरी के कौन
- 1:45:59से लोग इंडियन सिटीजनशिप बनेंगे। क्लियर
- 1:46:02है? और सिटीजनशिप लूज़ करने के क्या तरीके
- 1:46:04हैं? तो तीन तरीके हैं। ठीक है? टीडीआर
- 1:46:06इसको याद रख लो। टर्मिनेशन, डेप्रिवेशन
- 1:46:09एंड रनसिएशन। ठीक है? रनंसिएशन मतलब क्या
- 1:46:11होता है? इंसान वंटरीली अपनी इंडियन
- 1:46:13सिटीजनशिप छोड़ देता है प्रिस्राइब
- 1:46:15प्रोसीजर के अकॉर्डिंग। टर्मिनेशन मतलब
- 1:46:17क्या होता है? अगर इंडियन सिटीजन वॉलंटरी
- 1:46:19किसी फॉरेन कंट्री की सिटीजनशिप एक्वायर
- 1:46:22करता है तो एप्लीकेबल लॉ के अकॉर्डिंग
- 1:46:23इंडियन सिटीजनशिप टर्मिनेट हो सकती है।
- 1:46:26इसके बाद डेप्रिवेशन है। डेप्रिवेशन मतलब
- 1:46:28कुछ स्पेसिफाइड लीगल ग्राउंड्स पर सेंट्रल
- 1:46:30गवर्नमेंट सिटीजनशिप डिप्र्राइव कर सकती
- 1:46:32है। यह जनरली नेचुरलाइजेशन या रजिस्ट्रेशन
- 1:46:35से सिटीजन बने पर्सन पर एप्लीकेबल कंडीशंस
- 1:46:37के अंडर ही होता है। क्लियर है?
- 1:46:41अब सिटीजनशिप एक्ट 1955 देखेंगे।
- 1:46:43अमेंडमेंट्स एंड ओसीआई देखेंगे। देखो
- 1:46:47सिटीजनशिप एक्ट 1955 में 1986 मेनली ठीक
- 1:46:51है। 1992, 2003, 2005, 2015 और 2019 समेत
- 1:46:56कई अमेंडमेंट्स हुए हैं। ओसीआई का फुल
- 1:46:58फॉर्म क्या है? ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया।
- 1:47:00ओसीआई कार्ड होल्डर को कुछ स्पेशल
- 1:47:02इमीग्रेशन और अदर कुछ स्टचुरी बेनिफिट्स
- 1:47:05मिलते हैं। लेकिन ओसीआई ड्यूल सिटीजनशिप
- 1:47:07नहीं है। ओसीआई कार्ड होल्डर इंडियन
- 1:47:09सिटीजन नहीं होता है और इंडियन इलेक्शन
- 1:47:12में वोट नहीं कर सकता। इसको ध्यान रखना।
- 1:47:14ठीक है? इंडियन सिटीजनशिप के लिए
- 1:47:15रजिस्ट्रेशन की रेजिडेंस कंडीशंस, कैटेगरी
- 1:47:17स्पेसिफिक होती हैं। ठीक है? सेवन इयर्स
- 1:47:20वाला पीरियड जो है वो एपिकेंट पर हर बार
- 1:47:22अप्लाई नहीं होता है। मतलब हर एपेंट पर
- 1:47:24अप्लाई नहीं होता है। क्लियर है?
- 1:47:30ओसीआई का मतलब देखो समझ में आ गया? ओसीआई
- 1:47:32का ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया। अब ये जो
- 1:47:34प्रोविजन है ये कुछ ऐसे फॉरेन सिटीजंस को
- 1:47:36ओसीआई कार्ड के लिए एलिजिबल बनाता है
- 1:47:38जिनका इंडिया से कुछ कनेक्शन रहा हो। ठीक
- 1:47:40है? ठीक है? तो ओसीआई के लिए एलिजिबल
- 1:47:42कैटेगरीज में ये लोग आ सकते हैं। क्या है
- 1:47:44कि जो 15 अगस्त 1947 के बाद इंडिया के
- 1:47:46सिटीजन या सिटीजनशिप
- 1:47:49के लिए एलिजिबल थे जो किसी टेरिटरी से
- 1:47:51बिलोंग करते थे जो बाद में इंडिया का
- 1:47:53पार्ट बनी। ऐसे पर्सन के चिल्ड्रन, ग्रैंड
- 1:47:56चिल्ड्रन या ग्रेट ग्रैंड चिल्ड्रन हो या
- 1:47:58कुछ केसेस में इंडियन सिटीजन या एलिजिबल
- 1:48:00ओसीआई कार्ड होल्डर के माइनर चिल्ड्रन हो।
- 1:48:02समझ गए? यह सारी चीजें इसमें दी गई हैं।
- 1:48:09अब हम सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट 2019
- 1:48:12देखेंगे। ठीक है? देखो सी डबल ए क्या है?
- 1:48:15सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट 2019। इसने क्या
- 1:48:18किया था? सिटीजनशिप एक्ट 1955 में
- 1:48:20अमेंडमेंट्स किया। इसका मेन प्रोविजन कुछ
- 1:48:22स्पेसिफाइड रिलीजियस माइनॉरिटीज के लिए
- 1:48:24इंडियन सिटीजनशिप पाने का रूट आसान करना
- 1:48:27था। इस एक्ट में तीन नेबरिंग कंट्रीज और
- 1:48:29छह रिलीजियस कम्युनिटीज़ का मेंशन है। तीन
- 1:48:31कंट्रीज कौन-कौन सी हैं? पाकिस्तान,
- 1:48:32बांग्लादेश और अफगानिस्तान है। ठीक है? और
- 1:48:34छह रिलीजियस कम्युनिटीज़ कौन सी हैं?
- 1:48:36हिंदू, सिख, बुद्धिस्ट, जैन, पारसी एंड
- 1:48:39क्रिश्चियन। देखो, मैं आपको मेनली समझा
- 1:48:41देता हूं। ठीक है? पीडीएफ तो आप रीड कर ही
- 1:48:42लोगे। अगर लाइन बाय लाइन करके पढ़ाऊंगा, तो
- 1:48:44आप लोग के लिए ही बोरिंग हो जाएगा। ठीक
- 1:48:45है? और एग्जाम का टाइम भी बहुत पास है। तो
- 1:48:48आपको खुद से ज्यादा चीजें पढ़नी है। ठीक
- 1:48:50है? एंड खुद से ज्यादा चीजें आपको रिवाइज
- 1:48:52करनी है। अगर आपने पहले कोई पिटी का चीज
- 1:48:54पढ़ रखा हो, तो आप इसको देख के सिर्फ
- 1:48:57रिवाइज कर सकते हो। ठीक है? दोबारा इसे
- 1:48:58पढ़ने की जरूरत नहीं है। अभी कोई नई चीज
- 1:49:00मत पढ़ना। ठीक है? हालांकि सब गो थ्रू
- 1:49:02करके एक ही होता है। लेकिन फिर भी आपको
- 1:49:04अगर आप पहले से कुछ पढ़ रहे हो तो आप उसी
- 1:49:06को फॉलो करना। अब देखो सिटीजनशिप
- 1:49:08अमेंडमेंट एक्ट की मेन प्रोविजंस क्या है?
- 1:49:10क्या कंडीशंस हैं? इस एक्ट के रेवेलेंट
- 1:49:12प्रोविजंस के अकॉर्डिंग इन छह कम्युनिटीज
- 1:49:14को एलिजिबल माइग्रेंट्स को बेनिफिट मिल
- 1:49:16सकता है। अगर वो पाकिस्तान, बांग्लादेश या
- 1:49:18अफगानिस्तान से आए हो, इंडिया में 31
- 1:49:20दिसंबर 2014 या उससे पहले एंटर की हो,
- 1:49:22सिटीजनशिप के लिए एप्लीकेबल लीगल कंडीशंस
- 1:49:24पूरी करते हो, तो इन एलिजिबल पर्सन को
- 1:49:26स्पेसिफाइड कंडीशन के अंडर इललीगल
- 1:49:28माइग्रेंट नहीं माना जाएगा। और
- 1:49:30रजिस्ट्रेशन या नेचुरलाइजेशन के थ्रू
- 1:49:32सिटीजनशिप इनको मिल सकता है। ठीक है? सीएए
- 1:49:34के अंडर सिटीजनशिप ऑटोमेटिकली नहीं मिलती।
- 1:49:36एलिजिबिलिटी और प्रिस्राइब प्रोसेस फॉलो
- 1:49:38करना होता है। ठीक है? सी डबल ए सिटीजनशिप
- 1:49:40एंड एक्ट किन एरियाज में अप्लाई नहीं होता
- 1:49:43है? तो देखो दो एक्सक्लूजन दिए हैं। पहला
- 1:49:45आपका आसाम। [नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 1:49:46ठीक है? मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के
- 1:49:48सिक्स शेड्यूल के स्पेसिफाइड ट्राइबल
- 1:49:50एरियाज में और दूसरा इनर लाइन परमिट रीजम
- 1:49:52के अंदर। ठीक है? वहां अप्लाई नहीं होता
- 1:49:54है। क्लियर है?
- 1:49:59इसके बाद एडिशनल फैक्ट्स आर्टिकल 371 से
- 1:50:01लेकर 371 जे तक बताया गया है। यह
- 1:50:03कॉन्स्टिट्यूशन के स्पेशल प्रोविजंस हैं
- 1:50:05जो कुछ स्टेट्स की रीजनल, कल्चरल और
- 1:50:07एडमिनिस्ट्रेटिव नीड को एड्रेस करते हैं।
- 1:50:09क्लियर है? कुछ स्टेट्स देखो एग्जांपल
- 1:50:11समझो। जैसे कुछ स्टेट्स की यूनिक ट्राइबल
- 1:50:13ट्रेडिशंस हैं। लैंग्वेज है या रिलीजनल
- 1:50:15डेवलपमेंट की नीड्स होती हैं। इसलिए
- 1:50:17कॉन्स्टिट्यूशन उनके लिए स्पेशल प्रोविजन
- 1:50:19प्रोवाइड करता है। तो इन स्टेट्स का मेंशन
- 1:50:20है जैसे आपका महाराष्ट्र, गुजरात है,
- 1:50:22नागालैंड है, आसाम है, मणिपुर है, आंध्र
- 1:50:24प्रदेश है। ठीक है? तो ये कई सारे आपके
- 1:50:26स्टेट्स हैं। क्लियर है?
- 1:50:29इसके बाद हम देखेंगे मोस्ट इंपॉर्टेंट
- 1:50:31चैप्टर बहुत इंपॉर्टेंट है। फंडामेंटल
- 1:50:33राइट्स। एकदम अपनी बेल्ट जो है वो कस लो।
- 1:50:36देखो फंडामेंटल राइट्स की पहली एक्सप्लसिट
- 1:50:38डिमांड किसने करी थी? तो वो आई थी फ्रॉम द
- 1:50:41कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया बिल 1895
- 1:50:43इंस्पायर्ड बाय बाल गंगाधर तिलक। मोतीलाल
- 1:50:45नेहरू रिपोर्ट ने डिमांड किया था इलनेबल
- 1:50:48फंडामेंटल राइट्स। कांग्रेस ने अडॉप्ट
- 1:50:50किया था एक रेजोल्यूशन फंडामेंटल राइट्स
- 1:50:52पे। कराची सेशन 1931 में जिसको प्रिसाइड
- 1:50:54किया था सरदार वल्लभ भाई पटेल ने। जो
- 1:50:56हमारे फंडामेंटल राइट्स हैं वो इनसाइड है
- 1:50:58पार्ट थर्ड में आर्टिकल 12 से 35 और पार्ट
- 1:51:01थर्ड को मैग्नाट ऑफ इंडिया भी कहते हैं और
- 1:51:03इसे हम कंपेयर करते हैं यूएस बिल ऑफ
- 1:51:04राइट्स में। ठीक है? जहां के वहां के
- 1:51:06फंडामेंटल राइट्स जिसमें लिखे हुए हैं।
- 1:51:08ओरिजिनली सेवन फंडामेंटल राइट्स प्रोवाइड
- 1:51:10हुए थे और राइट टू प्रॉपर्टी जो था उसको
- 1:51:11डिलीट कर दिया था 44 अमेंडमेंट से। ठीक
- 1:51:13है? क्योंकि राइट टू प्रॉपर्टी पहले
- 1:51:15फंडामेंटल राइट्स था। तो जिसकी सरकार जमीन
- 1:51:17मान लो ले रही थी। सरकार को डेवलपमेंट भी
- 1:51:19करना है। तो जमीन ले रही थी तो लोग क्या
- 1:51:20कर रहे लोग सीधा कोर्ट में चले जा रहे थे।
- 1:51:23ठीक है? जिस वजह से क्या होता था? सरकार
- 1:51:25कोई डेवलपमेंट नहीं कर पाती थी। तो बाद
- 1:51:27में गवर्नमेंट ने क्या किया? इसको
- 1:51:28फंडामेंटल राइट्स हटा के 44 अमेंडमेंट में
- 1:51:30रख दिया। ठीक है? अब ये एक लीगल राइट है
- 1:51:32अंडर कॉन्स आर्टिकल 300 ए। पहले आर्टिकल
- 1:51:3519 में था। अब 300 ए में है। जिस वजह से
- 1:51:37अब छह फंडामेंटल राइट्स हैं। शुरू में सात
- 1:51:39फंडामेंटल राइट्स हैं। फंडामेंटल राइट्स
- 1:51:42जो हैं ये जस्टिसबल हैं। यानी आप अगर आपका
- 1:51:44फंडामेंटल राइट नल एनवॉइड करता है या फिर
- 1:51:47अगर इसके खिलाफ आपको आवाज उठानी है तो आप
- 1:51:49कोर्ट में जा सकते हो। ठीक है? अगर स्टेट
- 1:51:51कोई एक्शन लेते हो तो आप कोर्ट में जा
- 1:51:52सकते हो। आर्टिकल 358 ऑटोमेटिकली सस्पेंड
- 1:51:55आर्टिकल 19। ठीक है? 358 क्या करता है?
- 1:51:58358 आपका 19 को सस्पेंड कर देता है जब
- 1:52:00नेशनल इमरजेंसी आती है। ठीक है? नेशनल
- 1:52:02इमरजेंसी आर्टिकल 356 में है। लेकिन
- 1:52:04आर्टिकल 358 में लिखा है कि जैसे नेशनल
- 1:52:06इमरजेंसी आएगी आर्टिकल 19 सस्पेंड हो
- 1:52:08जाएगा। भाई आर्टिकल 19 में बहुत सारी
- 1:52:10चीजें हैं। राइट टू प्रोटेस्ट है। पता चला
- 1:52:11है नेशनल इमरजेंसी चल रही है। वॉर चल रहा
- 1:52:13है। तुम बाहर रोड पे जाके प्रोटेस्ट कर
- 1:52:14रहे हो। तो ये सस्पेंड हो जाएगा ऑन द
- 1:52:16ग्राउंड्स ऑफ़ वॉर या एक्सटर्नल इग्रेशन।
- 1:52:19आर्टिकल 359 क्या बोलता है? लेट द
- 1:52:20प्रेसिडेंट सस्पेंड बाय ऑर्डर द
- 1:52:22इनफोर्समेंट ऑफ स्पेसिफाइड फंडामेंटल
- 1:52:24राइट्स ड्यूरिंग अ नेशनल इमरजेंसी। क्लियर
- 1:52:26है? बट द इनफोर्समेंट ऑफ़ आर्टिकल 20 एंड
- 1:52:2821 कैन नेवर बी सस्पेंडेड अंडर आर्टिकल
- 1:52:30359। आर्टिकल 20 और 21 कभी भी नहीं
- 1:52:33सस्पेंड हो सकते हैं। इसको ध्यान रखना।
- 1:52:34ठीक है? क्योंकि काफी इंपॉर्टेंट
- 1:52:35आर्टिकल्स हैं। अगर आप देखोगे आर्टिकल 21
- 1:52:37राइट टू लाइफ है। तो भाई जिंदगी से बड़ा
- 1:52:39कोई नेशनल इमरजेंसी थोड़ी होता है। और
- 1:52:41आर्टिकल 20 आपका पनिशमेंट वगैरह से
- 1:52:43रिलेटेड है। हम आगे जब फंडामेंटल राइट्स
- 1:52:44पढ़ेंगे तो मैं आपको बताऊंगा।
- 1:52:47पंडित जवाहरलाल नेहरू ने क्या बोला? अ
- 1:52:49फंडामेंटल राइट शुड बी लुक्ड अपॉन नॉट
- 1:52:51फ्रॉम द पॉइंट ऑफ व्यू ऑफ एनी पर्टिकुलर
- 1:52:53डिफिकल्टी ऑफ द मूवमेंट बट एस समथिंग दैट
- 1:52:55यू वांट टू मेक परमानेंट इन द
- 1:52:56कॉन्स्टिट्यूशन। और एस राधाकृष्ण जी ने
- 1:52:58क्या बोला कि फंडामेंटल राइट्स क्या है?
- 1:53:00अप्लेज टू वर पीपल एंड अ पैक्ड विद द
- 1:53:02सिविलाइज्ड वर्ल्ड। क्लियर है? छह
- 1:53:04फंडामेंटल राइट्स हैं। टोटल राइट टू
- 1:53:06इक्वलिटी 14 से 18। अब इसको कैसे याद रखना
- 1:53:08है? 5 4 2
- 1:53:124 2 1 ठीक है? 5 42 42 1 क्लियर है? फाइव
- 1:53:16मतलब राइट टू इक्वालिटी में 14 से 18 यानी
- 1:53:18पांच आर्टिकल्स हैं। इसमें चार आर्टिकल्स
- 1:53:20हैं। इसमें दो आर्टिकल्स हैं। 23 24 इसमें
- 1:53:22भी चार आर्टिकल्स हैं। इसमें दो आर्टिकल्स
- 1:53:24हैं 29 30 और इसमें एक आर्टिकल है 32। तो
- 1:53:26पहला आता है राइट टू इक्विटी। फिर राइट टू
- 1:53:28फ्रीडम, राइट अगेंस्ट एक्सप्लइटेशन, राइट
- 1:53:30टू फ्रीडम ऑफ रिलीजन, कल्चरल एंड एजुकेशनल
- 1:53:32राइट्स, राइट टू कॉन्स्टिट्यूशन रेमेडीज़
- 1:53:34एंड राइट टू प्रॉपर्टी जिसको बाद में
- 1:53:35डिलीट कर दिया गया था। अब तो यह नहीं है।
- 1:53:37इसको हटा दिया गया है। 44 अमेंडमेंट में आ
- 1:53:39गया बाय आर्टिकल 300 के अंदर। अब हम
- 1:53:41फंडामेंटल राइट्स देखेंगे वन बाय वन करके।
- 1:53:45आर्टिकल 12 जो है वो डेफिनेशन देता है
- 1:53:46स्टेट की कि स्टेट में क्या-क्या
- 1:53:48इंक्लूडेड है। बट आर्टिकल 13 क्या है?
- 1:53:50आर्टिकल 13 बेसिकली जुडिशियल रिव्य्यू की
- 1:53:52बात करता है कि कोई भी ऐसा लॉ जो पार्ट
- 1:53:54थर्ड से वायलेट करता है। ठीक है? उसको
- 1:53:56क्या करेगा? उसको कोर्ट नल एंड वॉइड कर
- 1:53:58देगा। ठीक है? इसके बाद आर्टिकल 14 क्या
- 1:54:00बोलता है? इक्वलिटी बिफोर लॉ एंड इक्वल
- 1:54:01प्रोटेक्शन ऑफ लॉ। देखो ये दोनों कांसेप्ट
- 1:54:03हैं। इनको ध्यान रखना। इक्वलिटी बिफोर लॉ
- 1:54:06मतलब क्या होता है? कि कानून की नजर में
- 1:54:08सब बराबर हैं। ठीक है? एंड इक्वल
- 1:54:09प्रोटेक्शन ऑफ लॉ क्या होता है? जैसे मान
- 1:54:11लो अगर आपने कोई क्राइम किया है, आपकी
- 1:54:12उम्र मान लो 24 साल है। ठीक है? और किसी
- 1:54:1518 साल के मान लो 16 साल के बच्चे ने
- 1:54:17क्राइम किया है तो इसको अलग सजा मिलेगी।
- 1:54:19इसको अलग सजा मिलेगी। इसको जुनाइल कोर्ट
- 1:54:20में रखा जाएगा। तो यही होता है इक्वल
- 1:54:22प्रोटेक्शन ऑफ लॉ कि तुम इंसान देखकर सजा
- 1:54:24दो। ठीक है? उम्र देख कर दो। तो अवेलेबल
- 1:54:26टू ऑल पर्सन सिटीजंस एंड फॉरेन। कॉनंसेप्ट
- 1:54:28ऑफ इक्वल प्रोटेक्शन बोरोड फ्रॉम द यूएस
- 1:54:30कॉन्स्टिट्यूशन। ये जो है ना इक्वल
- 1:54:31प्रोटेक्शन ये हमने कहां लिया है? यूएस
- 1:54:32कॉन्स्टिट्यूशन से लिया है। और ये जो
- 1:54:34दूसरा है वो हमने यूके से लिया है। क्लियर
- 1:54:36है? अच्छा एक चीज ध्यान रखना कौन से ऐसे
- 1:54:38आर्टिकल्स हैं जो सिटीजंस को ही अवेलेबल
- 1:54:40है? तो 15, 16, 19, 29, 30 ठीक है? यह जो
- 1:54:44हैं आर्टिकल्स दे आर अवेलेबल टू सिटीजंस।
- 1:54:47क्लियर है? उसके अलावा जो बचते हैं वो
- 1:54:49सिटीजंस और फॉरेनर्स दोनों को मिलते हैं।
- 1:54:51ठीक है? जैसे 14 हो गया, 17 हो गया। ठीक
- 1:54:53है? फिर इसके बाद 20 हो गया, 21 हो गया,
- 1:54:5522 हो गया, 23 हो गया, 24 हो गया, 25 हो
- 1:54:58गया, 26 हो गया, 27 हो गया, 28 हो गया।
- 1:55:01ठीक है? तो ये सबको अवेलेबल है। इसके बाद
- 1:55:04आर्टिकल 15 ये क्या बोलता है? प्रोहिबिशन
- 1:55:06ऑफ डिस्क्रिमिनेशन ऑन ग्राउंड्स ओनली ऑफ
- 1:55:08रिलीजन, रेस, कास्ट, सेक्स, प्लेस ऑफ़
- 1:55:09बर्थ। ठीक है? कि कोई भी डिस्क्रि
- 1:55:11डिस्क्रिमिनेशन नहीं होगा। किस बेसिस पर?
- 1:55:13रिलीजन के बेसिस पर? रेस, कास्ट, सेक्स या
- 1:55:16प्लेस ऑफ़ बर्थ के बेसिस पर। क्लॉज़ फोर जो
- 1:55:18है एडेड बाय द फर्स्ट अमेंडमेंट 1951। ठीक
- 1:55:21है? हमने जो क्लॉज़ फोर है, वो फर्स्ट
- 1:55:22अमेंडमेंट 1951 से ऐड किया है जो कि अलाउ
- 1:55:25करता है रिजर्वेशन फॉर सोशली एजुकेशनली
- 1:55:27बैकवर्ड क्लासेस और एससी एसटी को। क्लॉज़
- 1:55:29सिक्स जो क्लॉज़ फाइव है, यह इंसर्ट किया
- 1:55:31गया है 93 अमेंडमेंट एक्ट से। यह इनेबल
- 1:55:33करता है स्पेशल प्रोविजन यानी रिजर्वेशन
- 1:55:35फॉर एससी एसटी और सोशली इकोनॉमिक बैकवर्ड
- 1:55:39क्लासेस। ठीक है? एजुकेशन इंस्टीटशंस में
- 1:55:41और इंक्लूड करता है प्राइवेट अनएडेड
- 1:55:43इंस्टीट्यूशन को भी। माइनॉरिटी इंस्टीटशंस
- 1:55:45को छोड़ के स्पेसिफिक जो है 27% ओबीसी
- 1:55:48कोटा जो है वो सेंट्रल एजुकेशन
- 1:55:49इंस्टीट्यूशन में आया है फ्रॉम द सेंट्रल
- 1:55:51एजुकेशन इंस्टीट्यूशन एक्ट 2006 के
- 1:55:54द्वारा।
- 1:55:56आर्टिकल 16 क्या बोलता है? आर्टिकल 16
- 1:55:58बोलता है इक्विटी ऑफ़ अपॉर्चुनिटी इन
- 1:55:59पब्लिक एंप्लॉयमेंट। पब्लिक एंप्लॉयमेंट
- 1:56:01में इक्वलिटी ऑफ अपोरर्चुनिटी मिलेगी। ठीक
- 1:56:03है? क्लॉज़ फोर बात करता है रिजर्वेशन फॉर
- 1:56:05बैकवर्ड क्लासेस। फोर एडेड बाय द 77
- 1:56:08अमेंडमेंट एक्ट 1995। ये रिजर्वेशन की बात
- 1:56:11करता है इन प्रमोशन फॉर एससी एसटी। ठीक
- 1:56:13है? इसके बाद आर्टिकल 17 अबोलेशन ऑफ़
- 1:56:15अनटचेबिलिटी की बात करता है। ठीक है? और
- 1:56:17ये प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स 1955 से एक
- 1:56:19पनिशेबल ऑफेंस भी है। अगर आप अनटचेबिलिटी
- 1:56:21को प्रैक्टिस करोगे। आर्टिकल 18 अबुलेशन
- 1:56:24ऑफ़ टाइटल्स की बात करता है कि कोई भी
- 1:56:26टाइटल नहीं रख सकता है। नाम के आगे पहले
- 1:56:27लोग महाराजा राजा लगा देते थे ना। हां।
- 1:56:29हां अगर कोई मिलिट्री या एकेडमिक टाइटल है
- 1:56:31तो आप रख सकते हो। जैसे मान लो पीएचडी है
- 1:56:33या डॉक्टर लगा लेते हैं लोग वो अलग बात
- 1:56:34है। इसके बाद आर्टिकल 19। आर्टिकल 19 जो
- 1:56:38है वो उससे छह सिक्स फ्रीडम देता है। ठीक
- 1:56:40है? पहला इज़ फ्रीडम ऑफ़ स्पीच एंड
- 1:56:42एक्सप्रेशन। फ्रीडम टू असेंबल पीसफुली
- 1:56:44विदाउट आर्म्स। फ्रीडम टू फॉर्म एसोसिएशंस
- 1:56:46एंड यूनियन। फ्रीडम टू मूव फ्रीली थ्रूउ द
- 1:56:48इंडिया। फ्रीडम टू रिसाइड एंड सेटल
- 1:56:51एनीवेयर इन इंडिया। प्रैक्टिस एनी
- 1:56:53प्रोफेशन ऑक्यूपेशन ट्रेड या बिज़नेस। तो
- 1:56:55ये सारे किसके द्वारा मिलते हैं? हमें
- 1:56:56आर्टिकल 19 के द्वारा मिलते हैं। पहले
- 1:56:58आर्टिकल 19 एफ में राइट टू प्रॉपर्टी भी
- 1:57:00था बट उसको 44 अमेंडमेंट एक्ट से हटा दिया
- 1:57:02गया। इसके बारे में बता रखा हूं। अच्छा ये
- 1:57:04ना कुछ रेस्ट्रिकशंस पे बेस्ड है। ऐसा
- 1:57:05नहीं कि फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड एक्सप्रेशन
- 1:57:07है। तो आपने कुछ भी बोल दिया। बोलने का
- 1:57:09अधिकार आपको जरूर है लेकिन आप कुछ भी नहीं
- 1:57:10बोल सकते हो। तो सोवनिटी एंड इंटीग्रिटी
- 1:57:12ऑफ़ इंडिया पे खतरा नहीं होना चाहिए।
- 1:57:14सिक्योरिटी ऑफ़ स्टेट नहीं होना चाहिए।
- 1:57:15फ्रेंडली रिलेशंस विद फॉरेन स्टेट्स नहीं
- 1:57:17होना चाहिए। पब्लिक ऑर्डर नहीं होना
- 1:57:19चाहिए। डिसेंसी मोरालिटी नहीं होना चाहिए।
- 1:57:21कंटेंट ऑफ़ कोर्ट नहीं होना चाहिए।
- 1:57:22डिफेमेशन नहीं होना चाहिए। एंड इनसाइटमेंट
- 1:57:24टू एन ऑफेंस। यह चीजें नहीं होनी चाहिए।
- 1:57:26क्लियर है? इसके बाद आर्टिकल 20 आता है।
- 1:57:28प्रोटेक्शन इन रिस्पेक्ट फॉर कन्वेक्शन टू
- 1:57:30ऑफेंसेस। नो एक्सपोज फैक्टो लॉ, नो डबल
- 1:57:32जुपाडी। ठीक है? अब देखो इसमें क्या बोलता
- 1:57:34है कि अगर कोई बंदा जेल में है तो या उसको
- 1:57:37कोई सजा हो रही है। ठीक है? तो नो एक्सपोज
- 1:57:39फैक्टो लॉ। जैसे मान लो पहले अगर मान लो
- 1:57:41किसी ने चोरी करी तो मुगल के समय चोरी का
- 1:57:43क्या कानून ताकि हाथ काट देते थे तो अब
- 1:57:45तुम वो नहीं करोगे। ठीक है? अब जो लॉ
- 1:57:47बनाया है उस हिसाब से करोगे। पहले के लॉ
- 1:57:49नहीं चलेंगे। डबल जियो पार्टी नहीं होगा।
- 1:57:51समझ गए? एक ही क्राइम के लिए दोबारा दो
- 1:57:52बार सजा नहीं होगी। नो कंपल्शन टू बी
- 1:57:54विटनेस अगेंस्ट हिमसेल्फ। ठीक है? इंसान
- 1:57:56खुद के खिलाफ गवाही नहीं दे पाएगा। एंड
- 1:57:58टॉर्चर यहां पर नहीं कवर्ड है। इसको ध्यान
- 1:57:59रखना। टॉर्चर जो है वो आर्टिकल 21 में
- 1:58:01आपका कवर है जो कि हम नेक्स्ट पढ़ेंगे।
- 1:58:04आर्टिकल 21 क्या बोलता है? प्रोटेक्शन ऑफ
- 1:58:06लाइफ एंड पर्सनल लिबर्टी की बात करता है।
- 1:58:08एंड आर्टिकल जो मैंने बताया आपको 21 है वो
- 1:58:10आपका नेशनल इमरजेंसी पे भी नहीं सस्पेंड
- 1:58:12हो सकता। कौन-कौन से नहीं हो सकते? 20 एंड
- 1:58:1421। इसके बाद 21 ए आता है। ये फ्री एंड
- 1:58:17कंपलसरी एजुकेशन की बात करता है बच्चों के
- 1:58:19लिए जो छ से 14 साल की उम्र के हैं। ठीक
- 1:58:20है? ठीक है? और इसको इंसर्ट किया था 86
- 1:58:22कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट एक्ट के द्वारा।
- 1:58:24आर्टिकल 22 बात करता है प्रोटेक्शन
- 1:58:26अगेंस्ट अरेस्ट एंड डिटेंशन। ठीक है? कि
- 1:58:28जो अरेस्ट हो रहे हैं उनके खिलाफ बात करता
- 1:58:30है कि उनको एक लॉयर रख सकते हैं अपने पास
- 1:58:32लीगल प्रैक्टिशनर रख सकते हैं फॉर
- 1:58:35डिफेंडिंग देयर केस। आर्टिकल 22 वन बात
- 1:58:38करता है प्रोडक्शन बिफोर अ मैजिस्ट्रेट।
- 1:58:39अगर किसी ने आपको अरेस्ट किया तो 24 घंटे
- 1:58:41के अंदर उसे मैजिस्ट्रेट के पास जज के पास
- 1:58:43आपको लाना होगा। प्रिवेंटिव डिटेंशन में
- 1:58:45यह 3 महीना हो जाता है। ठीक है? 3 महीने
- 1:58:47तक आप उसे अरेस्ट कर सकते हो। ठीक है? 3
- 1:58:48महीने से ज्यादा अगर करना है तो आपको
- 1:58:50एडवाइज़री बोर्ड से परमिशन लेनी पड़ती है।
- 1:58:52एडवाइज़री बोर्ड में मेनली हाई कोर्ट के
- 1:58:53जजेस होते हैं। ठीक है? इसके बाद 22 चार
- 1:58:56बोलता है ग्राउंड्स ऑफ़ प्रिवेंटिव डिटेंशन
- 1:58:57मस्ट बी कम्युनिकेटेड टू द डिटेन। क्लियर
- 1:59:00है? उसको कम्युनिकेशन बताना पड़ेगा।
- 1:59:03आर्टिकल 23 क्या है? प्रोहिबिशन ऑफ़
- 1:59:05ट्रैफिक इन ह्यूमन बीइंग्स एंड फोर्स
- 1:59:07लेबर। ये ह्यूमन बीइंग्स में ट्रैफिक और
- 1:59:08फ़ोर्स लेबर की बात करता है कि जबरदस्ती
- 1:59:10ह्यूमन बीइंग्स का फोर्स लेबर नहीं आप
- 1:59:12किसी को जबरदस्ती का काम नहीं करा सकते।
- 1:59:14ठीक है? और ट्रैफिकिंग नहीं कर सकते। तो
- 1:59:16ये एक्ट के अंदर कवर होता है बॉन्डेड लेबर
- 1:59:18सिस्टम अबॉलिशन एक्ट 1976।
- 1:59:22इसके बाद आर्टिकल 24 है। ये बात करता है
- 1:59:24प्रोहिबिशन ऑफ एंप्लॉयमेंट ऑफ चिल्ड्रन
- 1:59:26बिलो 14 इयर्स ऑफ एज इन फैक्ट्री माइंस और
- 1:59:28अदर हज़ार्डियस एंप्लॉयमेंट। 14 साल से कम
- 1:59:30उम्र को आप कम उम्र के बच्चों को आप नहीं
- 1:59:33लगा सकते हो। ठीक है? ऐसे एंप्लॉयमेंट में
- 1:59:34जो फैक्ट्रीज वगैरह हैं जो माइन वगैरह हैं
- 1:59:36या कोई ऐसा हडाज़ियस हज़ार्डियस एंप्लॉयमेंट
- 1:59:39है। देखो अगर कोई बच्चा उसमें जा रहा है,
- 1:59:41एक्टिंग वगैरह में जा रहा है तो उसे अलाउड
- 1:59:42है। ठीक है? आप देखोगे ना जूनियर एक्टर्स
- 1:59:44होते हैं उन्हें अलाउड है लेकिन ऐसे काम
- 1:59:46में नहीं अलाउड है। ठीक है?
- 1:59:48इसके बाद आर्टिकल 25 बोलता है धर्म की
- 1:59:51आजादी देता है फ्रीडम ऑफ कंसाइन एंड प्री
- 1:59:53प्रोपगेशन। ठीक है? आपके जो मर्जी आप वो
- 1:59:55धर्म चुन सकते हो। आप हिंदू धर्म हो आपको
- 1:59:57मुसलमान धर्म पसंद आए उसमें जा सकते हो।
- 1:59:59प्रैक्टिस एंड प्रोपगेशन ऑफ रिलीजन। कोई
- 2:00:01भी धर्म आप प्रैक्टिस कर सकते हो,
- 2:00:02प्रोपगेट कर सकते हो। लेकिन सब्जेक्ट टू
- 2:00:04पब्लिक मोरालिटी है। ठीक है? एंड मोरालिटी
- 2:00:07एंड हेल्थ नॉट ह्यूमैनिज्म। एक्सप्लेनेशन
- 2:00:09इन डीम्स कैरिंग वेरिंग ऑफ देखो सिक्स को
- 2:00:11अलाउड होता है इसी आर्टिकल के द्वारा कि
- 2:00:12वह कृपान अपने साथ रख सकते हैं। ठीक है?
- 2:00:15फॉर द स्पेसिफिक पर्पस ऑफ आर्टिकल 25
- 2:00:17क्लॉज़ टू। द वर्ड हिंदू। हिंदू में
- 2:00:19कौन-कौन आता है? सिक्स, जैन एंड बुद्धिस्ट
- 2:00:21आता है। लेकिन पारसी हिंदू में नहीं कवर
- 2:00:22है। तो ये इंपॉर्टेंट इंपोर्टेंट चीज़ है।
- 2:00:24इनको ध्यान रखना। आपको पूरा ऐसे आर्टिकल
- 2:00:26एक्सप्लेन करने के लिए नहीं पूछेगा।
- 2:00:27मेन-मेन चीज़ पूछ लेगा कि हिंदू में
- 2:00:29कौन-कौन कवर है। आर्टिकल 26 क्या बोलता
- 2:00:31है? आर्टिकल 26 बोलता है जो भी रिलीजियस
- 2:00:33डिनॉमिनेशन है जो भी रिलीजियस ग्रुप है
- 2:00:35उनके पास अपना राइट है कि वो इस्टैब्लिश
- 2:00:36कर सकते हैं मेंटेन कर सकते हैं एजुकेशन
- 2:00:38इंस्टीट्यूशन रिलीजियस और चैरिटेबल पर्पस
- 2:00:40के लिए अपने रिलीजियस अफेयर्स को मैनेज कर
- 2:00:42सकते हैं सब्जेक्ट टू अगेन रेस्ट्रिक्शन
- 2:00:44है पब्लिक ऑर्डर होना चाहिए मोरालिटी और
- 2:00:46हेल्थ को देखना चाहिए आल्सो इंटैक्ट विद
- 2:00:48अदर कॉन्स्टिट्यूशनल गारंटी एंड जुडिशियल
- 2:00:50डॉक्ट्राइन ठीक है इन सब चीजों के बाद दे
- 2:00:52कैन एस्टैब्लिश आर्टिकल 27 क्या बोलता है
- 2:00:55नो पर्सन कंपेल्ड टू पे टैक्स फॉर द
- 2:00:57प्रमोशन ऑफ़ एनी पर्टिकुलर रिलीजन अब सरकार
- 2:00:59किसी धर्म को प्रमोट करने के लिए टैक्स
- 2:01:01नहीं मान सकती है। आर्टिकल 28 क्या बोलता
- 2:01:03है? फ्रीडम फ्रॉम रिलीजियस इंस्ट्रक्शन इन
- 2:01:05सर्टेन एजुकेशन इंस्टीट्यूशन। जो भी
- 2:01:07एजुकेशन इंस्टीट्यूशन है उसमें हमें
- 2:01:09फ्रीडम मिले रिलीजियस इंस्ट्रक्शन देने के
- 2:01:11लिए। आर्टिकल 29 क्या बोलता है?
- 2:01:13प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ माइनॉरिटीज।
- 2:01:15माइनॉरिटीज के प्रोटेक्शन के लिए बात करता
- 2:01:17है कि किसी भी सिटीजन का राइट है। अगर वो
- 2:01:20उसके पास कोई डिस्टिंक्ट लैंग्वेज है,
- 2:01:21स्क्रिप्ट है, कल्चर है, उसे कंजर्व कर
- 2:01:23सकता है। ठीक है? यही हमने बात करा
- 2:01:25आर्टिकल 29 में। इसके बाद आर्टिकल 30 आता
- 2:01:29है।
- 2:01:30आर्टिकल 30 क्या बात करता है? राइट ऑफ ऑल
- 2:01:33माइनॉरिटीज। ठीक है? चाहे वह रिलीजियस है,
- 2:01:35चाहे लिंग्विस्टिक हैं। वह इस्टैब्लिश कर
- 2:01:37सकते हैं। एडम एडमिनिस्टर कर सकते हैं
- 2:01:38अपना एजुकेशन इंस्टीट्यूशन अपनी मर्जी का।
- 2:01:41ठीक है? और माइनॉरिटी जो है वो डिफाइन
- 2:01:42नहीं है आर्टिकल 30 में। कॉन्स्टिट्यूशन
- 2:01:44रिकॉग्नाइज़ ओनली रिलीजियस एंड
- 2:01:45लिंग्विस्टिक माइनॉरिटी। एथनिक माइनॉरिटी
- 2:01:47नहीं क्लासिफाई करता है। आर्टिकल 31 को
- 2:01:50रिपील कर दिया गया है। एक्वज़िशन ऑफ़
- 2:01:51प्रॉपर्टी था 44 अमेंडमेंट 1938 से। इसको
- 2:01:54रिपील कर दिया गया है। आर्टिकल 32 क्या
- 2:01:55बोलता है? राइट टू कॉन्स्टिट्यूशन रेमेडीज़
- 2:01:57की बात करता है। ठीक है? इसमें कुछ
- 2:02:00रेमेडीज हैं उनको हम आगे बढ़ेंगे। बेसिकली
- 2:02:02ये फाइव रिट्स आती हैं। इसमें आर्टिकल 32
- 2:02:03में कवर है। और डॉक्टर बी आर अंबेडकर ने
- 2:02:05इस इस आर्टिकल को क्या बोला है? द हार्ट
- 2:02:07एंड सोल ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन। क्लियर है?
- 2:02:09आर्टिकल 33 क्या बोलता है? पार्लियामेंट
- 2:02:11कोई भी फंडामेंटल राइट को रेस्ट्रिक्ट कर
- 2:02:12सकता है। एब्रोगेट कर सकता है इन
- 2:02:14एप्लीकेशन टू आर्म फोर्सेस। ठीक है?
- 2:02:16पैरामिलिट्री फोर्सेस और पुलिस के लिए।
- 2:02:18आर्टिकल 34 क्या बोलता है? रेस्ट्रिक्शन
- 2:02:20ऑफ़ फंडामेंटल राइट्स व्हाइल मार्शल लॉ इज़
- 2:02:22इन फोर्स इन एनी एरिया। तो फंडामेंटल
- 2:02:24राइट्स रेस्ट्रिक्ट हो जाएगा उस एरिया में
- 2:02:25जहां पे मार्शल लॉ लगा होगा। जैसे आसाम
- 2:02:27वगैरह में अगर लगता है आर्टिकल 25 मणिपुर
- 2:02:30वगैरह में आर्टिकल 35 क्या बोलता है? पावर
- 2:02:32टू गिव इफेक्ट टू सर्टेन फंडामेंटल राइट्स
- 2:02:3416 32 33 34 एक्सक्लूसिव द पार्लियामेंट
- 2:02:37नॉर द स्टेट लेजिस्लेचर। ठीक है? तो
- 2:02:39सर्टेन फंडामेंटल राइट्स को पावर देना
- 2:02:40इफ़ेक्ट देना है। पार्लियामेंट के हाथ में
- 2:02:41है। स्टेट लेजिस्लेचर के हाथ में नहीं है।
- 2:02:43अब फाइव रिट्स हम कवर करेंगे। आर्टिकल 32
- 2:02:46में है। और हाई कोर्ट की किस में है?
- 2:02:48आर्टिकल 226 में है। और आर्टिकल 32 में
- 2:02:50किसकी है? सुप्रीम कोर्ट की है। क्लियर
- 2:02:52है?
- 2:02:54हैबियस कॉरपस क्या बोलता है? टू हैव द
- 2:02:55बॉडी ऑफ़। देखो भाई अगर किसी ने आपको
- 2:02:57जबरदस्ती बंद कर लिया है। ठीक है? अच्छा
- 2:02:59ये जो है ना ये पाइप पब्लिक और प्राइवेट
- 2:03:01प्रॉपर्टीज दोनों पे लगता है। ठीक है? मान
- 2:03:03लो पुलिस ने आपको जबरदस्ती पकड़ लिया और
- 2:03:0424 घंटे के अंदर मैजिस्ट्रेट के सामने
- 2:03:06प्रोड्यूस करना होता है। लेकिन पुलिस ने
- 2:03:08नहीं किया तो आप हैबियस कॉर्पस की रिट लगा
- 2:03:11सकते हो। ठीक है? या आपके पड़ोसी ने ही
- 2:03:13आपको पकड़ लिया। आप प्राइवेट एंटिटी पे भी
- 2:03:15लगा सकते हो। तो यह क्या है? टू हैव द
- 2:03:17बॉडी ऑफ़। कोर्ट रेट इशू करता है दैट कि
- 2:03:19सिक्योर द रिलीज़ ऑफ़ अ पर्सन इललीगली
- 2:03:21डिटेन कि आपने उसे इललीगली डिटेन किया।
- 2:03:23उसे जल्दी छोड़ो। और यह अगेंस्ट पब्लिक
- 2:03:25एंड प्राइवेट अथॉरिटीज दोनों पे लगता है।
- 2:03:27रिगार्डेड एज द ग्रेटेस्ट सेफ गार्ड ऑफ़
- 2:03:29पब्लिक लिबर्टी। इसके बाद मैडमस है। मैडमस
- 2:03:31क्या बोलता है? वी कमांड। ठीक है? जैसे
- 2:03:33मान लो फॉर एग्जांपल कोई सरकारी स्कूल का
- 2:03:35मास्टर है और वो पढ़ा नहीं रहा है। वो क्या
- 2:03:37कर रहा है? तंबाकू बना रहा है। ठीक है? वो
- 2:03:38बच्चों को नहीं पढ़ा रहा है। तो कोर्ट क्या
- 2:03:40रेट इशू करेगा? वी कमांड कि हम कमांड कर
- 2:03:42रहे हैं कि तुम अपना काम करो। ऑफिशियल
- 2:03:44ड्यूटी में तुम फेल हो गए हो। ठीक है? तो
- 2:03:45ये डायरेक्ट सब पब्लिक ऑफिशियल बॉडी कोर्ट
- 2:03:48गवर्नमेंट। तो ये पब्लिक अथॉरिटीज़ को दे
- 2:03:50दिया जाता है। प्राइवेट को नहीं दे सकते
- 2:03:51आप। प्राइवेट कोई यह था बट यह पब्लिक है।
- 2:03:54इसके बाद आता है प्रोहिबिशन। प्रोहिबिशन
- 2:03:56क्या बोलता है? जैसे मान लो कोई भी कोर्ट
- 2:03:58है वह अपनी मान लो फॉर एग्जांपल जैसे मान
- 2:04:00लो आपका डिस्ट्रिक्ट कोर्ट है। वो किसी को
- 2:04:02फांसी की सजा सुना रहा है तो हायर कोर्ट
- 2:04:03प्रोहिबिशन का रेट इशू करेगा कि भाई तुम
- 2:04:05अपनी लिमिट को क्रॉस कर रहे हो। इसके बाद
- 2:04:07सर्टाई है। सर्टाई मतलब टू बी सर्टिफाइड।
- 2:04:09इसमें क्या है? एक हायर कोर्ट लोअर कोर्ट
- 2:04:11को इशू करेगा। लैक ऑफ जुरिडिक्शन कि एक तो
- 2:04:13तुमने अपनी लिमिट को क्रॉस किया और फिर
- 2:04:16गलतियां बताएगा और बोलेगा केस हम पे दे
- 2:04:18दो। तो एक तरह से ये होता है प्रोहिबिशन
- 2:04:20होता है प्रिवेंटिव। और यह प्रिवेंटिव और
- 2:04:22क्यूरेटिव दोनों होता है। ठीक है? यह
- 2:04:23रोकेगा भी और तरीका भी बताएगा। इसके बाद
- 2:04:26क्यूबेंटो क्या होता है? बाय व्हाट
- 2:04:27अथॉरिटी। जैसे मान लो फॉर एग्जांपल आप
- 2:04:29ट्रेन में ट्रैवल कर रहे हो। ठीक है? अब
- 2:04:31ट्रेन में कौन टिकट चेक कर सकता है? टीटी
- 2:04:33चेक कर सकता है। लेकिन टीटी की जगह मान लो
- 2:04:34आरपीएफ रेलवे का स्टाफ आ गया। वो चेक करने
- 2:04:37लगा तो आप कोर्ट में जाके कोर्ट उसे फिर
- 2:04:39क्या करेगा? कोर्ट को रेट इशू करेगा। भाई
- 2:04:41किस अथॉरिटी से तुम कैसे चेक कर रहे हो?
- 2:04:44ठीक है? तो जब कोई इललीगल काम करता है।
- 2:04:45ठीक है? तब उसके लिए होता है कि भाई करना
- 2:04:48चाहिए दरोगा को चेक और हवलदार कर रहा है
- 2:04:51लोगों का लाइसेंस चेक। क्लियर है? इसके
- 2:04:54बाद है अमेंडेबिलिटी ऑफ फंडामेंटल राइट्स।
- 2:04:58ए के गोपालन केस में क्या बोला? ए के
- 2:05:00गोपालन ने वैसे स्टेट ऑफ मद्रास के 1950
- 2:05:02में बोला कि नैरो इंटरप्रिटेशन दिया
- 2:05:04किसका? पर्सनल लिबर्टी का आर्टिकल 21 के
- 2:05:06अंदर। तो ए के गोपालन में समझ गए ना? नैरो
- 2:05:10इंटरप्रिटेशन दिया कि सिर्फ एग्जिस्टेंस
- 2:05:12की बात करी थी राइट टू लाइफ में कि सिर्फ
- 2:05:14जीना के अधिकारी राइट टू लाइफ है। इसके
- 2:05:17बाद स्टेट ऑफ मद्रास वर्सेस चंपकम दुराई
- 2:05:19राजन। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो
- 2:05:21फंडामेंटल राइट्स हैं ये प्रिवेल होते हैं
- 2:05:23डीपीएसपी के ऊपर इन केस ऑफ कॉन्फ्लिक्ट कि
- 2:05:25फंडामेंटल राइट्स और डीपीएसपी में अगर
- 2:05:26कॉन्फ्लिक्ट हो जाता है। हम आगे पढ़ेंगे
- 2:05:28डीपीएसपी के बारे में। तो कौन प्रिवेल
- 2:05:30करेगा? फंडामेंटल राइट्स प्रिवेल करेगा।
- 2:05:32यह चंपकम दुराई राजन केस में सुप्रीम
- 2:05:34कोर्ट ने बोला है। क्लियर है? इसके बाद
- 2:05:36शंकरी प्रसाद वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया और
- 2:05:38सज्जन सिंह आता है। ठीक है? इसमें सुप्रीम
- 2:05:40कोर्ट ने बोला कि पार्लियामेंट कैन अमेंड
- 2:05:42द फंडामेंटल राइट्स। पहले पार्लियामेंट को
- 2:05:43पावर नहीं दी थी कि फंडामेंटल राइट्स
- 2:05:45अमेंड कर सकता है। लेकिन इसमें क्या बोला
- 2:05:47कि पार्लियामेंट जो है वो अमेंड कर सकता
- 2:05:48है। गोलकनाथ में क्या बोला कि सुप्रीम
- 2:05:50कोर्ट ने डिसीजन रिवर्स कर दिया। देखो भाई
- 2:05:52इसमें बोला था कर सकता है। बाद में बोला
- 2:05:54नहीं कर सकता है। कैन नॉट अमेंड। यह पावर
- 2:05:55सिर्फ कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली के पास थी
- 2:05:57और पार्लियामेंट के पास कॉन्स्टिट्यूएंट
- 2:05:59यह जो फंडामेंटल राइट्स हैं हमारे
- 2:06:00कॉन्स्टिट्यूशन में इसको अमेंड करने का
- 2:06:01पावर नहीं है।
- 2:06:04इसके बाद केशवानंद भारती वैसे स्टेट ऑफ
- 2:06:06केरला आता है 1973 13 जज बेंच था। इसने
- 2:06:09पार्लियामेंट की अमेंडिंग पावर को वाइड कर
- 2:06:11दिया। ठीक है? बट अनलिमिटेड नहीं किया।
- 2:06:13समझ गए? इसने क्या कहा कि इट कैन अमेंड
- 2:06:15फंडामेंटल राइट्स बट कैन नॉट डिस्ट्रॉय द
- 2:06:17कॉन्स्टिट्यूशन बेसिक स्ट्रक्चर। केशवन
- 2:06:19भारती केस आप सबको पता है बहुत फेमस केस
- 2:06:21है। इसमें बेसिक स्ट्रक्चर डॉक्ट्राइन के
- 2:06:22बारे में बताया गया है कि जो पार्लियामेंट
- 2:06:24है वो सारी चीजें अमेंड कर सकता है। पूरे
- 2:06:26कॉन्स्टिट्यूशन में कुछ भी चीज अमेंड कर
- 2:06:28सकता है। बट जो बेसिक स्ट्रक्चर होगा उसके
- 2:06:29साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता। वो नीव है
- 2:06:31कॉन्स्टिट्यूशन का। इसके बाद मिलने मिल
- 2:06:33वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया आता है। इसने
- 2:06:35अप्रूव कर दिया बेसिक स्ट्रक्चर
- 2:06:37डॉक्ट्राइन को टिक लगा दिया। अब करंट
- 2:06:39पोजीशन क्या है कि पार्लियामेंट जो है वो
- 2:06:40अमेंड कर सकता है फंडामेंटल राइट्स को और
- 2:06:42उसका अमेंड बस कॉन्स्टिट्यूशन के बेसिक
- 2:06:44स्ट्रक्चर को डैमेज नहीं करना चाहिए।
- 2:06:46क्लियर है? इसके बाद राइट्स रीड इनू
- 2:06:48आर्टिकल 21 बाय द सुप्रीम कोर्ट। अब
- 2:06:50आर्टिकल 21 काफी वाइड आर्टिकल है। इसके
- 2:06:53अंदर कौन-कौन से आर्टिकल्स आते हैं हम
- 2:06:54उनको देखेंगे या कौन-कौन से क्राइटेरियास
- 2:06:56फुलफिल होते हैं हम उसको भी पढ़ेंगे
- 2:06:58इसमें। तो राइट टू ट्रैवल अब्रॉड देखो जब
- 2:07:02हम इंडिया के अंदर ट्रैवल करने की बात
- 2:07:03करते हैं वो आपका आर्टिकल 19 में कवर है।
- 2:07:06लेकिन जब आउटसाइड इंडिया की बात करते हैं
- 2:07:07तो वो आपका आर्टिकल 21 में कवर है। इसको
- 2:07:10ध्यान रखना। सतवंत सिंह साहनी केस फर्दर
- 2:07:12अफर्म्ड एंड वाइडन बाय मेनका गांधी वर्सेस
- 2:07:14यूनियन ऑफ़ इंडिया। द लैंडमार्क केस दैट
- 2:07:16आल्सो एस्टैब्लिश प्रोसीजर एस्टैब्लिश बाय
- 2:07:18लॉ। तो प्रोसीजर एस्टैब्लिश बाय लॉ कौन से
- 2:07:20केस से आया है? तो मेनका गांधी केस से आया
- 2:07:22है। आर्टिकल 14, 19 21 आर नॉट म्यूचुअली
- 2:07:24एक्सक्लूसिव। राइट टू लाइफ इंक्लूड्स राइट
- 2:07:26टू लाइफ विद डिग्निटी। देखो इसमें क्या
- 2:07:28बोला कि राइट टू लाइफ सिर्फ राइट टू लाइफ
- 2:07:30नहीं है। राइट टू लाइफ मतलब सिर्फ जीना
- 2:07:31नहीं है। राइट टू लाइफ विद डिग्निटी है।
- 2:07:33बट ए के गोपालन ने क्या बोला कि सिर्फ
- 2:07:35जीना है। एग्ज़िस्टेंस की बात करी थी। राइट
- 2:07:37टू शेल्टर भी आर्टिकल 21 में आता है। कौन
- 2:07:39से केस में बोला सुप्रीम कोर्ट ने? चमेली
- 2:07:40सिंह वर्सेस स्टेट ऑफ़ उत्तर प्रदेश। राइट
- 2:07:42टू प्राइवेसी भी इसमें कवर है। क्लियर है?
- 2:07:45कौन-कौन से राइट कवर है? मेनली आपको वो
- 2:07:47देखना है। किस केस में बोला? के एस
- 2:07:48पुूस्वामी केस में बोला। देखो अगर सब
- 2:07:50चीजें पढ़ते चले जाओगे तो आपको रिवाइज
- 2:07:51नहीं होंगी। एंड अल्टीमेटली आपका पेपर
- 2:07:53बहुत पास है। हार्डली एक महीना बचा है। तो
- 2:07:55अभी आपको सिर्फ जो जो चीजें हैं इस पे
- 2:07:57पढ़नी है। एंड पीवाईक्यूस पे पिटी के
- 2:07:59पीवाईक्यूस उठाओ 10 साल के और उस पे फोकस
- 2:08:01करो कंप्लीटली। इसके बाद राइट टू एजुकेशन
- 2:08:03आता है। ये कौन से केस में बोला था? यूननी
- 2:08:06कृष्णन वर्सेस स्टेट ऑफ़ आंध्र प्रदेश।
- 2:08:08राइट टू मैरी अ पर्सन ऑफ़ वन चॉइस। यह आपका
- 2:08:10लता सिंह वर्सेस स्टेट ऑफ यूपी में बोला
- 2:08:11था। राइट टू मेडिकल एड फ्रॉम अ डॉक्टर यह
- 2:08:14आपका परमानंद कतरा वर्सेस यूनियन ऑफ
- 2:08:16इंडिया। प्रोटेक्शन फ्रॉम सेक्सुअल
- 2:08:18हरासमेंट एट वर्क प्लेस विशाखा वर्सेस
- 2:08:20स्टेट ऑफ राजस्थान में। एंड राइट टू क्लीन
- 2:08:22पोल्यूशन फ्री एनवायरमेंट आपका सुभाष
- 2:08:24कुमार वर्सेस स्टेट ऑफ़ बिहार में बोला था।
- 2:08:25ठीक है? पर्टिकुलर केस नहीं पूछता है।
- 2:08:27मेनली राइट टू एजुकेशन का ध्यान रखना।
- 2:08:28प्राइवेसी का ध्यान रखना। शेल्टर का ध्यान
- 2:08:30रखना। बाकी कौन-कौन से कवर होते हैं इसको
- 2:08:32ध्यान रख लेना।
- 2:08:34अदर राइट्स रीड इनू आर्टिकल 21। देखो और
- 2:08:36कौन-कौन से हैं? राइट टू क्लीन वाटर भी
- 2:08:37इसमें कवर्ड है। फ्रीडम फ्रॉम नॉइज़
- 2:08:39पोल्यूशन, राइट टू लाइव्लीहुड, राइट टू
- 2:08:41स्पीडी ट्रायल, राइट टू फूड, नॉट कवर्ड
- 2:08:43अंडर आर्टिकल 21। कौन-कौन से नहीं? कैपिटल
- 2:08:45पनिशमेंट हेल्ड वलेटिव अंडर आर्टिकल 21।
- 2:08:47ठीक है? फिर राइट टू डाई इज़ आल्सो
- 2:08:49रिकॉग्नाइज़ एज़ अ जनरल फंडामेंटल राइट। दो
- 2:08:51कॉमन कॉज़ दिस इज़ यूनि ऑफ़ इंडिया
- 2:08:52रिकॉग्नाइज़ अ राइट टू डाई विद डिग्निटी इन
- 2:08:54द एंड ऑफ़ लाइव कॉन्टेक्स्ट। ठीक है? जो
- 2:08:56आपका यूथनेशिया होता है। बेसिकली पैसिव
- 2:08:58यूथनेशिया आपने सुना होगा। इंक्लूडिंग
- 2:09:00पैसिव यूथनेशिया एंड एडवांसेस डायरेक्टिव
- 2:09:02सब्जेक्ट टू सेफ गार्ड्स। ठीक है? राइट टू
- 2:09:04डाई है। राइट टू डाई पैसिव यूथनेशिया को
- 2:09:06हम कहते हैं। ठीक है? अपनी मर्जी से हम
- 2:09:08सुसाइड नहीं कर सकते। हु कैन क्लेम व्हिच
- 2:09:10राइट्स? देखो सिटीजंस को कौन-कौन से राइट
- 2:09:12मिले? हम बात कर रखे हैं। 15, 16, 19, 29,
- 2:09:1430 मिले हैं। आर्टिकल 30 जो है एक
- 2:09:15डिस्ट्रिक्ट राइट है रिलीजियस और
- 2:09:17लिंग्विस्टिक माइनॉरिटी का एंड शुड बी टॉट
- 2:09:19सेपरेटली नॉट ग्रुप्ड एज अ सिंपल सिटीजन
- 2:09:21ओनली प्रोविज़न। इसके बाद जो सबको अवेलेबल
- 2:09:24है तो 15, 16, 19, 29, 30 को छोड़ के जो
- 2:09:27भी बचे आर्टिकल्स हैं वो सबको हैं। मतलब
- 2:09:28सबको मतलब सिटीज़ंस को भी एंड फॉरेनर्स को
- 2:09:31भी। अ फॉरेनर नेशनल इंडिया कैन नॉट क्लेम
- 2:09:33आर्टिकल 19 वन जी फ्रीडम ऑफ टेरिट
- 2:09:35प्रोफेशन बट क्लेम आर्टिकल 14 21 25 वही
- 2:09:38बात बताई गई है 15 16 19 29 30 तो सिटीजंस
- 2:09:42के हैं। नो स्पेशल कॉन्स्टिट्यूशनल
- 2:09:45प्रोविजन रिप्रेजेंटेशन ऑटो इज़ गिवन टू
- 2:09:47एनी लिंग्विस्टिक या रिलीजियस माइनॉरिटी अ
- 2:09:50रिकॉग्नाइज़्ड नेशनल माइनॉरिटी कैन हाउ
- 2:09:52एस्टैब्लिश एडमिनिस्टर इट्स ओन
- 2:09:54एजुकेशनेशनल इंस्टीट्यूशन एंड ड्रॉ
- 2:09:55बेनिफिट्स फ्रॉम प्रोग्राम लाइक पीएम्स 15
- 2:09:59पॉइंट प्रोग्राम। ठीक है? अब देखो एडिशनल
- 2:10:02फैक्ट्स देख लो उतना इंपॉर्टेंट नहीं है
- 2:10:03वो राइट टू प्रॉपर्टी ओरिजिनली फंडामेंटल
- 2:10:06राइट्स था आर्टिकल 19F में ठीक है और 44
- 2:10:09अमेंडमेंट से इसको रिपील कर दिया गया अब
- 2:10:10आर्टिकल 300 में है आर्टिकल 300 जो डील
- 2:10:13करता है फ्रीडम ऑफ ट्रेड कॉमर्स से
- 2:10:14इंटरकोर्स करता है नॉट विद द राइट ऑफ़
- 2:10:16प्रॉपर्टी तो ये 300 में है 3001 में नहीं
- 2:10:19है ध्यान रखना राइट विदाउट ड्यूटीज़ आर
- 2:10:21लाइक मैन विदाउट शैडोज़ ठीक है बिना राइट
- 2:10:23के देखो राइट्स एंड ड्यूटीज़ अगर आप देखोगे
- 2:10:25तो सेम अह साइड्स हैं दोनों कॉइन की तो
- 2:10:27बोल रहा है कि राइट विदाउट ड्यूटीज़ आर
- 2:10:29लाइक मैन विदाउट शैडोज़ ठीक है? बिना परछाई
- 2:10:31के इंसान है। किसने बोला था? बर्कर ने
- 2:10:33बोला था। राइट्स एंड ड्यूटीज़ आर कोरिलेटिव
- 2:10:35इन द इंडियन कॉन्टेक्स्ट। इसके बाद इमायल
- 2:10:38बेसिस स्टेट ऑफ़ केरला में क्या बोला?
- 2:10:39सुप्रीम कोर्ट टेल्ड दैट नो वन कैन कंपेल
- 2:10:41टू सिंग द नेशनल एंथम। किसी को कंपेल नहीं
- 2:10:43किया जा सकता। एक्सपेलिंग स्टूडेंट फॉर
- 2:10:45नॉट सिंगिंग। ठीक है? वलेटेड आर्टिकल 19
- 2:10:47क्लॉज़ वन। क्लियर है? नो प्रोविज़न ऑफ़ लॉ
- 2:10:50ऑब्लाइज़ एनीवन टू सिंग नेशनल एंथम।
- 2:10:51जबरदस्ती आप किसी को नहीं कह सकते। इसके
- 2:10:53बाद एमसी मेहता वैसे स्टेट ऑफ तमिलनाडु
- 2:10:55है। सुप्रीम कोर्ट ने हेल्ड किया
- 2:10:56एंप्लॉयमेंट ऑफ चिल्ड्रन बिफोर 14 इयर्स
- 2:10:59ऑफ एज इन हज़ार्डियस वर्क इज
- 2:11:00अनकॉन्स्टिट्यूशनल। क्लियर है? राइट टू
- 2:11:03सर्विस कांसेप्ट ओरिजिनेटेड हुआ था ग्रेट
- 2:11:05ब्रिटेन यूके में। मध्य प्रदेश वाज़ द
- 2:11:07फर्स्ट इंडियन स्टेट जिसने इंप्लीमेंट
- 2:11:08किया था राइट टू सर्विस एक्ट फॉललोड बाय
- 2:11:10बिहार। क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर देखोगे तो
- 2:11:12पंजाब है, आसाम है, गुजरात है, महाराष्ट्र
- 2:11:14है, पंजाब पहले आता है। उसके बाद आसाम
- 2:11:16गुजरात आता है। क्लियर है? इंडियन
- 2:11:18कॉन्स्टिट्यूशन कैसा है? क्वासी फेडरल है।
- 2:11:21यह मोटा-मोटा फंडामेंटल राइट्स के बारे
- 2:11:23में था। अब आप पीवाईक्यूस गो थ्रू करिए।
- 2:11:24प्लीज पीवाईक्यूस आप ग्रो थ्रू करिए। आप
- 2:11:26देखोगे सारी चीजें जो है वो कवर हो गई
- 2:11:28हैं। जो नहीं कवर है वो आपको पीवाईक्यू से
- 2:11:30एडिशनली पढ़ना पड़ेगा। ऑलदो बहुत रेयर कोई
- 2:11:33स्टेटमेंट वाला क्वेश्चन आ जाए तो भले ना
- 2:11:34कवर हो लेकिन सारी चीजें जो है वो आपको
- 2:11:36यहां पे कवर मिलेंगी। इसके बाद डीपीएसपी
- 2:11:38आता है। डायरेक्ट प्रिंसिपल्स ऑफ स्टेट
- 2:11:40पॉलिसी। ये पार्ट फोर में है। आर्टिकल 36
- 2:11:42से लेके 51 तक है। ठीक है? अब ये आपको
- 2:11:45डीपीएसपी ध्यान करना है। मैंने आपको जब
- 2:11:46आर्टिकल्स पढ़ाया था तो मैंने क्या बोला
- 2:11:48था? मैंने बोला था आपको फंडामेंटल ड्यूटीज
- 2:11:50तक सारी चीजें याद होनी चाहिए। आर्टिकल 51
- 2:11:52ए तक सब याद होना चाहिए आपको क्योंकि
- 2:11:54इसमें कोई ट्रिक काम नहीं आती। कभी भी कुछ
- 2:11:56भी पूछता है एग्जाम में इतना प्रेशर होता
- 2:11:57है आप नहीं ध्यान रख पाओगे। वहां पे जाओगे
- 2:11:59एग्जाम हॉल में सब भूल जाओगे इतना प्रेशर
- 2:12:01में। आर्टिकल 37 डीपीएसपी जो है नॉन
- 2:12:04जस्टिसबल है। 37 क्या बोलता है? डीपीएसपी
- 2:12:06नॉन जस्टिसबल है। अब देखो डीपीएसपी एंबॉयड
- 2:12:10द कॉन्सेप्ट ऑफ़ वेलफेयर स्टेट। वेलफ़ेयर
- 2:12:12स्टेट की बात करता है। सबका उत्थान हो।
- 2:12:14ठीक है? इनका जो कोर पर्पस है इस टू
- 2:12:15स्टैब्लिश सोशल एंड इकोनमिक डेमोक्रेसी
- 2:12:18है। लेकिन फंडामेंटल राइट्स का पर्पस कैसा
- 2:12:19था? पॉलिटिकल डेमोक्रेसी को इस्टैब्लिश
- 2:12:21करना। नॉट फॉर्मली क्लासिफाइड इन द
- 2:12:23कॉन्स्टिट्यूशन इटसेल्फ बट कन्वेंशनली
- 2:12:25ग्रुप्ड फॉर स्टडी इंटू थ्री कैटेगरीज।
- 2:12:27देखो कॉन्स्टिट्यूशन में इनको डिवाइड नहीं
- 2:12:28किया गया तीन टैग कैटेगरीज में। लेकिन हम
- 2:12:30अपने पढ़ने के लिए बेसिकली इनको डिवाइड
- 2:12:32करते हैं सोशलिस्ट, गांधियन और लिबरल,
- 2:12:34इंटेलेक्चुअल डीपीएसपी प्रिंसिपल्स में।
- 2:12:36क्लियर है? केटी शाह जो कि फेमस है इन्हें
- 2:12:38क्रिटिसिज्म किया था कि जो डीपीएसपी ऑफ़ अ
- 2:12:40स्टेट पॉलिसी इज़ अ चेक व्हिच इज़ पेएबल एट
- 2:12:42अ बैंक्स कन्वीनियंस। ठीक है? ठीक है? तो
- 2:12:44किसने बोला था? केटी शाह ने बोला था। ये
- 2:12:45फैक्चुअल है। इनको ध्यान रखना। इसके बाद
- 2:12:48फंडामेंटल राइट्स और डीपीएसपी में क्या
- 2:12:49डिफरेंस होता है? ये जस्टिसबल होते हैं
- 2:12:51आपके नॉन जस्टिसबल होते हैं। ये मोस्टली
- 2:12:53नेगेटिव होते हैं नेचर में। आपके डीपीएसपी
- 2:12:55पॉजिटिव होते हैं। लीगल सेंशंस लग सकता
- 2:12:57है। इसमें मोरल और पॉलिटिकल सेंशंस लगता
- 2:12:59है। एम टू स्टैब्लिश पॉलिटिकल डेमोक्रेसी
- 2:13:01फंडामेंटल राइट्स और ये सोशल एंड इकोनमिक
- 2:13:03डेमोक्रेसी। ये वेलफेयर प्रमोट करते हैं
- 2:13:04इंडिविजुअल का। और ये कम्युनिटी के बारे
- 2:13:06में बात करते हैं। ऑटोमेटिकली इनफोर्स
- 2:13:08होते हैं और इसके लिए लेजिसलेशन
- 2:13:09रिक्वायर्ड होता है इनफोर्स करने के लिए।
- 2:13:11क्लियर है?
- 2:13:13अब यह लाइन से डीपीएसपी दिए गए हैं।
- 2:13:14आर्टिकल 37 एप्लीकेशन ऑफ डीपीएसपी
- 2:13:16प्रिंसिपल क्या बोलता है? नॉन जस्टिसबल।
- 2:13:1838 क्या बोलता है? स्टेट को एक सोशल ऑर्डर
- 2:13:20मेंटेन करना होगा फॉर द प्रमोशन ऑफ
- 2:13:22वेलफेयर ऑफ द पीपल। लोगों के उत्थान के
- 2:13:24लिए वेलफेयर के लिए एक सोशल ऑर्डर किसको
- 2:13:26मेंटेन करना होगा? स्टेट को मेंटेन करना
- 2:13:28होगा। आर्टिकल 39 क्या बोलता है? स्टेट
- 2:13:30सिक्योर करेगा एडवोकेट लाइवलीहुड सभी
- 2:13:32सिटीजंस के लिए। डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़
- 2:13:33मटेरियल रिसोर्सेज फॉर कॉमन गुड एंड
- 2:13:35प्रिवेंट ऑफ द कंसंट्रेशन ऑफ वेल्थ। ठीक
- 2:13:37है? इन चीजों का ध्यान रखिएगा। इक्वल पे
- 2:13:39फॉर इक्वल वर्क भी इसमें इंक्लूडेड है।
- 2:13:40इसके बाद प्रोटेक्शन ऑफ वर्कर्स है एंड
- 2:13:42प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन एंड यूथ फ्रॉम
- 2:13:44एक्सप्लइटेशन। इसके बाद आर्टिकल 39 ए आता
- 2:13:46है इक्वल जस्टिस एंड फ्री लीगल एड की बात
- 2:13:48करता है। ये 4क कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट
- 2:13:50एक्ट 1976 से कवर है। इसके बाद 40 आता है
- 2:13:53ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ विलेज पंचायत की बात करता
- 2:13:56है। 41 राइट टू वर्क एजुकेशन की बात करता
- 2:13:58है। 42 ह्यूमन कंडीशंस ऑफ़ वर्क कि आदमी
- 2:14:01काम कर रहा है तो कंडीशन सही होनी चाहिए
- 2:14:02और मैटरनिटी रिलीफ के लिए बात करता है
- 2:14:04वुमेन के लिए। 43 लिविंग वेजेस की बात
- 2:14:06करता है और डिसेंट कंडीशंस वर्कर्स की बात
- 2:14:08करता है। कॉटेज इंडस्ट्री को भी प्रमोशन
- 2:14:10करने की बात करता है। 43 ए देखोगे तो देखो
- 2:14:13ये जो बाद में ए बी आते हैं ना ये बाद में
- 2:14:14ऐड हुए हैं। जैसे 4क अमेंडमेंट्स ऐड हुए
- 2:14:16हैं। तो 43 ए पार्टिसिपेशन ऑफ़ वर्कर्स की
- 2:14:18बात करता है। इंडस्ट्रीज में 43 बी अगर आप
- 2:14:21देखोगे तो फंक्शनिंग ऑफ़ कोऑपरेटिव
- 2:14:22सोसाइटीज की बात करता है। 44 आपका
- 2:14:24यूनिफॉर्म सिविल कोर्ट की बात करता है। 45
- 2:14:27जो है अर्ली चाइल्डहुड केयर की बात करता
- 2:14:28है। एजुकेशन करता है फॉर द चिल्ड्रन बिलो
- 2:14:30द एज ऑफ़ सिक्स इयर्स। 46 प्रमोशन ऑफ
- 2:14:32एजुकेशनल इकोनॉमिक इंटरेस्ट ऑफ एससी, एसटी
- 2:14:34एंड अदर वीकर सेक्शंस की बात करता है। 47
- 2:14:37न्यूट्रिशन लेवल्स की बात करता है।
- 2:14:38स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग की बात करता है। 48
- 2:14:40जो है एग्रीकल्चर की बात करता है। एनिमल
- 2:14:42हस्बेंडरी की बात करता है। 48 ए पे आप
- 2:14:45आओगे तो यह वाइल्ड लाइफफ़ की बात करता है।
- 2:14:4649 अगर आप देखोगे तो मोन्यूमेंट्स की बात
- 2:14:49करता है। 50 सेपरेशन ऑफ जुडिशरी फ्रॉम द
- 2:14:51एग्जीक्यूटिव। इन दोनों को सेपरेट करने की
- 2:14:53बात करता है। 51 देखोगे तो प्रमोशन ऑफ
- 2:14:55इंटरनेशनल पीस एंड सिक्योरिटी की बात करता
- 2:14:57है। ठीक है? तो यह डीपीएसपी हैं। इनको
- 2:14:59आपको ध्यान में रखना है।
- 2:15:014 अमेंडमेंट एक्ट 1976 एडिशन टू डीपीएसपी।
- 2:15:04देखो कुछ एडिशन हैं। आर्टिकल 39 एफ
- 2:15:06प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन यूथ फ्रॉम
- 2:15:08एक्सप्लइटेशन ऐड हुआ है। आर्टिकल 39 ए
- 2:15:10इक्वल जस्टिस और फ्री लीगल एड। किसी के
- 2:15:12पास वकील या पैसे नहीं है तो उसे फ्री
- 2:15:13लीगल एड दिया जाएगा गवर्नमेंट के द्वारा।
- 2:15:1543 ए पार्टिसिपेशन ऑफ़ वर्कर्स इन
- 2:15:17मैनेजमेंट की बात करता है। 48 ए
- 2:15:19प्रोटेक्शन ऑफ़ एनवायरमेंट की बात करता है।
- 2:15:21अब कौन-कौन से 4 कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट
- 2:15:23एक्ट्स ऐड नहीं हुए? तो आर्टिकल 44 ऐड
- 2:15:25नहीं हुआ है। यूनिफॉर्म सिविल कोड। देखो
- 2:15:27कभी-कभी ऐसे एग्जाम में क्वेश्चन डाल देता
- 2:15:28है इसलिए दिया। हालांकि इतना कोई
- 2:15:30इंपॉर्टेंट ऐसा इस कंस्ट्रेंस नहीं है अलग
- 2:15:32से बट इतना समझ लो कि भाई 44 जो है वो ऐड
- 2:15:35नहीं किया गया है। ये ओरिजिनली
- 2:15:37कॉन्स्टिट्यूशन का पार्ट था।
- 2:15:40अब कुछ एडिशनल फैक्ट्स देखेंगे। देखो राइट
- 2:15:42अगेंस्ट एक्सप्लइटेशन जो डीबीएसपी में
- 2:15:44प्रोटेक्शन देता है। ये चिल्ड्रन, वुमेन
- 2:15:46और ट्राइबल्स के लिए है। द वर्ड दलित
- 2:15:48इटसेल्फ डज़ नॉट अपीयर एनीवन इन द
- 2:15:50कॉन्स्टिट्यूशन। तो दलित कहीं भी
- 2:15:51कॉन्स्टिट्यूशन में नहीं है। तो ये अगर
- 2:15:52आपसे पूछ लिया जाए एक्सप्लइटेशन किसका कवर
- 2:15:54है? वुमेन का, चिल्ड्रन का और दलित का कवर
- 2:15:56है। तो दलित नहीं है। ट्राइबल वर्ड है। द
- 2:15:59कॉन्स्टिट्यूशन इज साइलेंट ऑन एडल्ट
- 2:16:00एजुकेशन इन अ डीपीएसपी लिव। देखो भाई
- 2:16:02बच्चों के लिए तो बात कर रहा है पढ़ाई के
- 2:16:04लिए लेकिन एडल्ट एजुकेशन के लिए
- 2:16:06कॉन्स्टिट्यूशन साइलेंट है। क्लियर है? इट
- 2:16:08डज़ नॉट कवर लिविंग वेजेस। लिविंग वेजेस
- 2:16:09कवर नहीं है। फ्री लीगल एड एन अर्ली
- 2:16:11चाइल्डहुड अप टू एज ऑफ़ सिक्स इयर्स।
- 2:16:14आर्टिकल 350 ए क्या बोलता है? यह मदर टंग
- 2:16:16में इंस्ट्रक्शन की बात करता है। एट अ
- 2:16:18प्राइमरी स्टेज कि प्राइमरी स्टेज में जो
- 2:16:19होगा उसमें मदर टंग में एजुकेशन दी जाए।
- 2:16:21इंस्ट्रक्शन दिया जाए।
- 2:16:24आर नॉट अ पार्ट ऑफ डीपीएसपी। तो आर्टिकल
- 2:16:26350 ये है डीपीएसपी का पार्ट नहीं है।
- 2:16:27एनवायरमेंट प्रोटेक्शन अपीयर्स इन वोट
- 2:16:29डीपीएसपी एंड फंडामेंटल ड्यूटी। इसको
- 2:16:31ध्यान रखना। जो एनवायरमेंट के बारे में है
- 2:16:32ये आपका डीपीएसपी एंड फंडामेंटल ड्यूटीज
- 2:16:34दोनों में अपीयर है। इसके बाद नेशनल सोशल
- 2:16:36असिस्टेंस प्रोग्राम जो है ये 1995 में
- 2:16:39लांच हुआ था। ओरिजिनली इंक्लूडेड इन द
- 2:16:41नेशनल ओल्ड एज पेंशन स्कीम यहां पर कवर्ड
- 2:16:43है। इसके बाद नेशनल फैमिली बेनिफिट स्कीम
- 2:16:45में भी कवर है। एंड नेशनल मेटरनिटी
- 2:16:47बेनिफिट स्कीम एनएमबीएस में भी कवर है।
- 2:16:49इसके बाद गांधी एंड डीपीएसपी देखोगे तो
- 2:16:51कौन-कौन से गांधी एंड डीपीएसपी हैं? तो
- 2:16:52आर्टिकल 40 विलेज पंचायत गांधी जी पंचायत
- 2:16:54की बात करते थे। 47 न्यूट्रिशन कवर है। 48
- 2:16:57काऊ प्रोटेक्शन कवर है। जो जो गांधी जी
- 2:16:58बात करते थे 3090 इक्वल पे कवर है एंड 41
- 2:17:02राइट टू वर्क भी कवर है। क्लियर है? अब
- 2:17:05देखो जो 41 कुछ गांधियन है एंड ये देखो 41
- 2:17:08आर क्लासिफाइड एज सोशलिस्ट नॉट गांधीियन।
- 2:17:10ठीक है?
- 2:17:12इसके बाद है मनरेगा। महात्मा गांधी नेशनल
- 2:17:15रूलर एंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट। यह मोर
- 2:17:17डायरेक्टली लिंक है आर्टिकल 41 डीपीएसपी
- 2:17:19राइट टू वर्क से। देन टू आर्टिकल 43। ये
- 2:17:21एक डीबीएसपी ड्रिवन स्टैचू है। नॉट अ
- 2:17:23पार्ट फॉर एट फंडामेंटल राइट। क्लियर है?
- 2:17:26इसके बाद आ जाओ फंडामेंटल ड्यूटीज पे।
- 2:17:28ओरिजिन एंड कॉन्स्टिट्यूशनल बेसिस।
- 2:17:29फंडामेंटल ड्यूटीज जो है ये इंस्पायर्ड है
- 2:17:31कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ यूएसएसआर से। क्लियर
- 2:17:33है? एडेड ऑन द रिकमेंडेशन ऑफ़ द स्वर्ण
- 2:17:35सिंह कमेटी। यह स्वर्ण सिंह कमेटी के
- 2:17:37रिकमेंडेशन पे ऐड हुआ है। 12 मेंबर्स से
- 2:17:391976 में। कांग्रेस पार्टी ने सेटअप किया
- 2:17:41था ड्यूरिंग द नेशनल या इंटरनल इमरजेंसी
- 2:17:43जो हुई थी। क्लियर है? तो 42
- 2:17:45कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट 1976 से ऐड हुए
- 2:17:48हैं। एंड पार्ट फोर ए में है जिसको कौन सा
- 2:17:50आर्टिकल मिला है? 51 ए मिला है। ये आपके
- 2:17:52फंडामेंटल ड्यूटीज को ओरिजिनली 10 ड्यूटी
- 2:17:54थे। फिर 11 ड्यूटी आर्टिकल 51 ए से ऐड हुआ
- 2:17:57है बाय द 8थ अमेंडमेंट एक्ट 2002
- 2:18:02फंडामेंटल ड्यूटीज भी नॉन जस्टिसिएबल एकदम
- 2:18:04डीपीएसपी की तरह एंड नॉट इनफोर्सिएबल बाय
- 2:18:07एनी रिट या कोर्ट एक्शन है एंड नॉट
- 2:18:08कोरिलेटिव टू लीगल ड्यूटीज़ हैं। हाउएवर
- 2:18:10कोर्ट कैन यूज़ देम टू इंटरप्रेट एंबगस
- 2:18:12स्टेटस एंड कैन बी प्रमोटेड ओनली थ्रू
- 2:18:14कॉन्स्टिट्यूशन मेथड। कोर्ट चाहे तो अपने
- 2:18:16इंटरप्रिटेशन के लिए यूज़ कर सकता है।
- 2:18:17लेकिन इनफोर्सिएबल या जस्टिसबल ये सब नहीं
- 2:18:19है। फंडामेंटल ड्यूटीज़ आर नॉट द पार्ट ऑफ़
- 2:18:21द फंडामेंटल राइट्स। ध्यान रखना वो अलग है
- 2:18:23ना दोनों। फंडामेंटल ड्यूटीज़ कौन सी हैं?
- 2:18:25पहले है कॉन्स्टिट्यूशन को अबाइड करना है।
- 2:18:27उसके नेशनल एंथम को हमें और नेशनल फ्लैग
- 2:18:29को रिस्पेक्ट करना है। उसके बाद नोबल
- 2:18:31आइडियाज़ को हमें अह चैरिश करना है। जो
- 2:18:33फ्रीडम स्ट्रगल में दिए गए हैं। अपने
- 2:18:35इंडिया की सोवनिटी, यूनिटी और इंटीग्रिटी
- 2:18:37को प्रोटेक्ट करना है। अपनी कंट्री को
- 2:18:38हमें डिफेंड करना है। हार्मोनी को प्रमोट
- 2:18:40करना है। स्पिरिट ऑफ़ कॉमन ब्रदरहुड लोगों
- 2:18:42के बीच में प्रमोट करना है। रिच हेरिटेज
- 2:18:44को हमें प्रिजर्व करके रखना है। टू
- 2:18:46प्रोटेक्ट एंड इंप्रूव द नेचुरल इन
- 2:18:48एनवायरमेंट। ठीक है? जैसे फॉरेस्ट,
- 2:18:50लेकक्स, रिवर्स, वाइल्ड लाइफफ़ इनको हमें
- 2:18:51प्रोटेक्ट करके रखना है। डेवलप द
- 2:18:53साइंटिफिक टेंपर और ह्यूमैनिज्म। पब्लिक
- 2:18:55प्रॉपर्टी को सेफगार्ड करना है। एक्सीलेंस
- 2:18:57की तरफ जाना है। सारे स्फीयर्स ऑफ
- 2:18:58इंडिविजुअल में। ठीक है? और उसके बाद ये
- 2:19:00आपका राइट टू एजुकेशन की बात करता है। छ
- 2:19:02से 14 साल के बच्चों के बीच में।
- 2:19:06अब देखो कॉमन एग्जाम ट्रैप नॉट फंडामेंटल
- 2:19:08ड्यूटीज़। क्या वोट करना, पब्लिक इलेक्शन
- 2:19:10में फंडामेंटल ड्यूटी है? तो नहीं है।
- 2:19:11मोन्यूमेंट्स को प्रोटेक्ट करना। ठीक है?
- 2:19:13ये सब क्या फंडामेंटल ड्यूटी है? तो ये
- 2:19:15फंडा डायरेक्टिव प्रिंसिपल है। नॉट अ
- 2:19:17फंडामेंटल ड्यूटी। विलेज पंचायत नहीं भाई
- 2:19:19डीपीएसपी आर्टिकल 14 में पढ़ा था अबोलेशन
- 2:19:21ऑफ अनडिसेबिलिटी के फंडामेंटल ड्यूटी नहीं
- 2:19:23आर्टिकल 17 में फंडामेंटल राइट है ठीक है
- 2:19:25तो इसको ध्यान रख लेना बस रिस्पेक्ट वन
- 2:19:27पेरेंट्स एंड टीचर्स तो ये आर्टिकल 51 ए
- 2:19:29में है नहीं है भाई चाइल्ड लेबर का
- 2:19:31प्रोहिबिशन करना बिलो 14 इयर्स इन
- 2:19:32फैक्ट्रीज तो ये फंडामेंटल राइट है लेकिन
- 2:19:34फंडामेंटल ड्यूटी है डीबीएसपी नहीं है कुछ
- 2:19:37एडिशनल फैक्ट देखेंगे स्वर्ण सिंह कमिटी
- 2:19:39में 12 मेंबर्स थे ठीक है मेंबर्स याद
- 2:19:40रखने की जरूरत नहीं है पार्ट फिफ्थ ऑफ़ द
- 2:19:42कॉन्स्टिट्यूशन इज़ अबाउट द यूनियन
- 2:19:43एग्जीक्यूटिव तो पार्ट फिफ्थ किसकी बात
- 2:19:45करता है यूनियन एग्जीक्यूटिव की बात करता
- 2:19:47है नॉट फंडामेंटल ल ड्यूटीज़ क्लियर है?
- 2:19:49ओवरलैप विद अदर पार्ट्स टू प्रोटेक्ट एंड
- 2:19:51इंप्रूव द नेचुरल एनवायरमेंट अपीयरर्स बोथ
- 2:19:53एज़ फंडामेंटल ड्यूटी। इसके बारे में बात
- 2:19:54रखे हैं। बात कर रखे हैं। एंड डीपीएसपी।
- 2:19:56तो एनवायरमेंट के बारे में फंडामेंटल
- 2:19:58ड्यूटी एंड डीपीएसपी दोनों में कवर है।
- 2:20:00इसके बाद हम नेक्स्ट चैप्टर पढ़ेंगे
- 2:20:01प्रेसिडेंट के बारे में। हमारे राष्ट्रपति
- 2:20:03के बारे में। आर्टिकल 52 क्या बोलता है?
- 2:20:06कि देयर शैल बी प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया। ठीक
- 2:20:08है? आर्टिकल 350 बोलता है कि एग्जीक्यूटिव
- 2:20:11पावर जो यूनियन की है, जो सेंटर की है, वो
- 2:20:13किसके पास होगी? प्रेसिडेंट के पास होगी।
- 2:20:14एक्सरसाइज डायरेक्टली और थ्रू सबोर्डिनेट
- 2:20:16ऑफिसर्स। या तो वो पावर डायरेक्टली
- 2:20:18एक्सरसाइज करेगा या जो उसके नीचे ऑफिसर्स
- 2:20:20हैं वो करेंगे। द प्रेसिडेंट रिपेंट्स
- 2:20:23रिप्रेजेंट द नेशन बट द रियल एग्जीक्यूटिव
- 2:20:25पावर लाइज़ विद द पीएम। प्रेसिडेंट जो है
- 2:20:27एक तौर पे नेशन को रिप्रेजेंट करता है।
- 2:20:28लेकिन आपको पता है असली पावर किसके पास
- 2:20:30है? प्रधानमंत्री के पास है। आर्टिकल 54
- 2:20:32क्या बोलता है? इेड बाय एंड प्रेसिडेंट का
- 2:20:34इलेक्शन कैसे होता है? इलेक्टेड और कॉलेज
- 2:20:35होता है जिसमें इलेक्टेड मेंबर्स होते हैं
- 2:20:37बोथ द हाउसेस ऑफ़ पार्लियामेंट। ठीक है?
- 2:20:38लोकसभा भी, राज्यसभा भी। लेकिन इलेक्टेड
- 2:20:40मेंबर्स। तो नॉमिनेटेड की बात नहीं हो रही
- 2:20:42है। एंड इलेक्टेड मेंबर्स ऑफ़ स्टेट
- 2:20:44लेजिसलेटिव असेंबली। नॉमिनेटेड मेंबर्स
- 2:20:46एंड मेंबर्स ऑफ़ लेजिसलेटिव काउंसिल डू नॉट
- 2:20:48पार्टिसिपेट। इसको ध्यान रखना बहुत
- 2:20:49इंपॉर्टेंट है। 7th कॉन्स्टिट्यूशनल
- 2:20:51अमेंडमेंट एक्ट 1992 एडेड इलेक्टेड
- 2:20:53मेंबर्स ऑफ़ द दिल्ली एंड पुडुचेरी
- 2:20:55असेंबलीज़ टू द इलेक्ट्रोल कॉलेज। ठीक है?
- 2:20:56तो अभी दो यूनियन टेरिटरी इंक्लूडेड हैं।
- 2:20:58जम्मू कश्मीर यूटी अभी इंक्लूडेड नहीं है।
- 2:21:00ठीक है? कौन-कौन सी दो हैं? दिल्ली एंड
- 2:21:02पुुडुचेरी। आर्टिकल 55 क्या बोलता है?
- 2:21:04इलेक्शन जो होगा वो प्रोपोर्शनल
- 2:21:05रिप्रेजेंटेशन से होगा। पीआर मेथड होगा
- 2:21:07बाय सिंगल ट्रांसफरेबल वोट। सीक्रेट बैलेट
- 2:21:10होगा। कोई जान नहीं पाएगा किसने किस
- 2:21:11प्रेसिडेंट को वोट किया है। एंड वोट
- 2:21:13वैल्यू ऑफ एन एमएलए जो होगी अपॉन 1000।
- 2:21:16ठीक है? वैसे काउंट किया जाता है।
- 2:21:19अब आर्टिकल 58 देखोगे एलिजिबिलिटी सिटीजन
- 2:21:24ऑफ़ इंडिया होना चाहिए। 35 साल की उम्र
- 2:21:25होनी चाहिए। क्वालिफाइड फॉर इलेक्शन टू
- 2:21:27लोकसभा एंड नॉट होल्डिंग एनी ऑफिस ऑफ़
- 2:21:29प्रॉफिट। सिटीजनशिप बाय बर्थ इज़ नॉट
- 2:21:31रिक्वायर्ड। ध्यान रखना प्रेसिडेंट जिम
- 2:21:32में सिटीज़नशिप बाय बर्थ इज़ नॉट
- 2:21:34रिक्वायर्ड। नॉमिनेशन रिक्वायर्स कितना
- 2:21:36देखो भाई, कोई भी इलेक्शन लड़ रहा है तो
- 2:21:37उसके लिए नॉमिनेशन कितने लोग का चाहिए? 50
- 2:21:39इर्स एस प्रपोजर्स एंड 50 इज़ एस
- 2:21:41सेकेंडर्स। तो 100 लोग होने चाहिए टोटल और
- 2:21:4315,000 की डिपॉजिट देना होगा। ठीक है? और
- 2:21:46यह जब्त कर ली जाएगी अगर जो वोट्स हैं वो
- 2:21:4816 से कम आते हैं। ठीक है? तो कोई बहुत
- 2:21:50ज्यादा तो है नहीं सिक्योरिटी डिपॉजिट
- 2:21:52जप्त कर लो भाई। आर्टिकल 57 क्या बोलता
- 2:21:54है? अ पर्सन मे बी रीइलेक्टेड एज़
- 2:21:55प्रेसिडेंट एनी नंबर ऑफ़ टाइम्स। कई बार भी
- 2:21:57बन सकता है। आर्टिकल 59 बोलता है अ
- 2:21:59सिंगिंग एमपी एमएलए इलेक्टेड प्रेसिडेंट
- 2:22:01इज़ डीम्ड टू हैव वेकेटेड एस देयर हाउस सीट
- 2:22:03ऑन द डेट दे एंटर द ऑफिस एज़ प्रेसिडेंट।
- 2:22:06अगर कोई सिंग एमपी एमएलए है वो प्रेसिडेंट
- 2:22:08बन जाता है तो जैसे वो प्रेसिडेंट के ऑफिस
- 2:22:10में आएगा उसको अपनी कुर्सी वहां पर छोड़नी
- 2:22:11होगी। आर्टिकल 60 ओथ की बात करता है। ठीक
- 2:22:14है? ओथ प्रेसिडेंट को कौन दिलाता है? चीफ
- 2:22:15जस्टिस ऑफ इंडिया दिलाता है। अगर यह
- 2:22:17एब्सेंट है तो इनकी जगह कोई सीनियर मोस्ट
- 2:22:20अवेलेबल सुप्रीम कोर्ट जज दिलाएगा।
- 2:22:21आर्टिकल 71 बोलता है जितने भी डाउट डाउट
- 2:22:24या डिस्प्यूट्स हैं प्रेसिडेंट या वाइस
- 2:22:26प्रेसिडेंट के इलेक्शन से रिलेटेड वो सब
- 2:22:27कहां जाएंगे? वह सब सुप्रीम कोर्ट में
- 2:22:29जाएंगे। उसका डिसीजन फाइनल है।
- 2:22:32इसके बाद टर्म वैकेंसी रेजिग्नेशन एंड
- 2:22:34रिमूवल को देखते हैं। आर्टिकल 56 टर्म ऑफ़
- 2:22:36फाइव ईयर फ्रॉम द डेट ऑफ एंटरिंग ऑफिस।
- 2:22:39प्रेसिडेंट का कितना टर्म होता है? 5 साल
- 2:22:41का होता है। और अगर उसको रिजाइन करना है
- 2:22:43तो अपना रेजिग्नेशन किसको देगा? वाइस
- 2:22:44प्रेसिडेंट को देगा। क्लियर है? और फिर
- 2:22:46वाइस प्रेसिडेंट इनफॉर्म करेगा द स्पीकर
- 2:22:48ऑफ लोकसभा को। आर्टिकल 61 क्या बोलता है?
- 2:22:50इंपीचमेंट के बारे में बोलता है कि अगर
- 2:22:51प्रेसिडेंट ने कॉन्स्टिट्यूशन का वलेशन
- 2:22:53किया है। ठीक है? वलेशन क्या होता है? वो
- 2:22:55अभी कॉन्स्टिट्यूशन में डिफाइन नहीं है।
- 2:22:56ठीक है? तो प्रेसिडेंट को इंपीच किया
- 2:22:58जाएगा। अभी तक कोई प्रेसेंट इंपीच नहीं
- 2:23:00हुआ है। यह भी ध्यान रखना।
- 2:23:02इसके बाद जो चार्जेस हैं वो कोई भी हाउस
- 2:23:04इनिशिएट कर सकता है। या तो आपका लोकसभा कर
- 2:23:07सकता है या राज्यसभा करता है। स्टेट
- 2:23:09लेजिस्लेचर का इसमें कोई रोल नहीं है।
- 2:23:10ध्यान रखना प्रेसिडेंट को प्रेसिडेंट एक
- 2:23:12बहुत हायर पोस्ट है दोस्त। ठीक है? तो
- 2:23:14उसको इंपीच करने की पावर सिर्फ और सिर्फ
- 2:23:16अगर आप देखोगे तो पार्लियामेंट के पास है।
- 2:23:18क्लियर है? तो किसी भी हाउस में उसका
- 2:23:20रिमूवल मूव हो सकता है। या तो लोकसभा में
- 2:23:22राज्यसभा में। लेकिन वाइस प्रेसिडेंट का
- 2:23:23होगा तो सिर्फ राज्यसभा में मूव होगा। आगे
- 2:23:25हम पढ़ेंगे। अब देखो नीड 14 डेज प्रयोर
- 2:23:28नोटिस। अगर आप रिमूवल मूव कर रहे हो तो 14
- 2:23:30दिन के पहले आपको नोटिस देना पड़ेगा
- 2:23:31प्रेसिडेंट को। ठीक है? और वो साइन होना
- 2:23:34चाहिए 1/4 ऑफ़ दैट हाउस टोटल मेंबरशिप।
- 2:23:36क्लियर है? रेजोल्यूशन जो है वो दैट मस्ट
- 2:23:38बी पास बाय टू थर्ड मेजॉरिटी ऑफ़ द टोटल
- 2:23:40मेंबरशिप ऑफ़ द ओरिजनेटिंग हाउस। 2/3
- 2:23:42मेजॉरिटी होनी चाहिए। देन इज़
- 2:23:43इन्वेस्टिगेटेड बाय द अदर हाउस। फिर अदर
- 2:23:45हाउस जो है उसकी इन्वेस्टिगेशन करेगा। इफ
- 2:23:47इट आल्सो पाससेस द चार्ज बाय टू थर्ड
- 2:23:49मेजॉरिटी। अगर दूसरे हाउस ने भी थर्ड
- 2:23:51मेजॉरिटी से पास कर दिया तो प्रेसिडेंट जो
- 2:23:53है वो रिमूव हो जाएगा। आर्टिकल 62 किसकी
- 2:23:55बात करता है? एनी वैकेंसी मान लो डेथ हो
- 2:23:57गई, रेज़िग्नेशन हो गया, रिमूवल हो गया,
- 2:23:59उसको 6 महीने के अंदर-अंदर फिल करना होगा।
- 2:24:01ठीक है? प्रेसिडेंट एक बहुत इंपॉर्टेंट
- 2:24:02पोस्ट है। 6 महीने से ज्यादा उसकी कुर्सी
- 2:24:04खाली नहीं रह सकती है।
- 2:24:08आर्टिकल 65 क्या बोलता है? जो वाइस
- 2:24:10प्रेसिडेंट है वो प्रेसिडेंट की कुर्सी पे
- 2:24:11बैठेगा। अगर कोई वैकेंसी हो जाएगी। ठीक
- 2:24:13है? अगर मान लो प्रेसिडेंट जो है टेंपरेरी
- 2:24:15एब्सेंट है। इलनेस है या एब्सेंस है। इफ
- 2:24:17बोथ द प्रेसिडेंट एंड वाइस प्रेसिडेंट।
- 2:24:19अगर दोनों नहीं है तो कौन बैठेगा? चीफ
- 2:24:20जस्टिस ऑफ इंडिया। अगर चीफ जस्टिस ऑफ
- 2:24:22इंडिया भी नहीं है तो कौन बैठेगा? सुप्रीम
- 2:24:23कोर्ट का सीनियर मोस्ट जज क्लियर है?
- 2:24:25आर्टिकल 361 क्या बोलता है? कि कोई भी
- 2:24:27क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स इनिशिएट नहीं करी
- 2:24:30जा सकती प्रेसिडेंट के ऊपर। ठीक है?
- 2:24:31ड्यूरिंग द टर्म। जब तक वो अपने टर्म में
- 2:24:33है तो कोई भी प्रोसीडिंग्स नहीं आपका
- 2:24:36इनिशिएट करी जा सकती। अगर करोगे तो 2
- 2:24:38महीने की उसे नोटिस देनी पड़ेगी। इसके बाद
- 2:24:40पावर्स ऑफ प्रेसिडेंट देखेंगे।
- 2:24:41एग्जीक्यूटिव पावर क्या है? सारी यूनियन
- 2:24:43एग्जीक्यूटिव एक्शन जो भी होंगे उसके नाम
- 2:24:44से होंगे। उसका नाम होगा सबसे ऊपर। पीएम
- 2:24:47को अपॉइंट करता है। अदर मिनिस्टर्स को
- 2:24:48करता है। अटॉर्नी जनरल कैग को अपॉइंट करता
- 2:24:50है। गवर्नर को करता है। फाइनेंस कमीशन के
- 2:24:52चेयरमैन को करता है। ठीक है? यूनियन
- 2:24:53टेरिटरी के चीफिनिस्टर्स को करता है। एंड
- 2:24:55कैन मेक प्रोविज़न फॉर अ गवर्नर ड्यूटीज इन
- 2:24:57अ कंटिंजेंसी। ठीक है? डज़ नॉट अपॉइंट
- 2:24:59स्टेट चीफ मिनिस्टरर्स। ध्यान रखना स्टेट
- 2:25:01चीफ मिनिस्टर को नहीं अपॉइंट करता है। वो
- 2:25:02किसका रोल है? वो गवर्नर का रोल है। और द
- 2:25:04वाइस प्रेसिडेंट वाइस प्रेसिडेंट को भी
- 2:25:06नहीं करता क्योंकि वाइस प्रेसिडेंट हु इज़
- 2:25:07इक्टेड। वो इलेक्टेड होता है। इसके बाद
- 2:25:09लेजिसलेटिव फंक्शनंस क्या है? समवन या
- 2:25:11प्रोरोग द पार्लियामेंट। ठीक है?
- 2:25:13पार्लियामेंट को बुलाता है या सेशन एंड
- 2:25:14करता है। डिॉल्व कर सकता है लोकसभा को।
- 2:25:16क्लियर है? नॉर्मली ऑन द एडवाइस ऑफ़ द
- 2:25:18काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर। काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर
- 2:25:19की एडवाइस पे करता है। अपनी मर्जी से नहीं
- 2:25:21करता है। जॉइंट सिंग को समन कर सकता है
- 2:25:23दोनों हाउसेस की। क्लियर है? पार्लियामेंट
- 2:25:26को एड्रेस करता है। अ बिल बिकम्स एन एक्ट
- 2:25:27ओनली आफ्टर ह एसेंट। जब वो साइन करेगा तो
- 2:25:30कोई भी बिल जो होगा वो एक्ट बन जाएगा।
- 2:25:31ऑर्डिनेंस प्रोमोगेट कर सकता है। जब
- 2:25:33पार्लियामेंट सेशन में नहीं होगा। कुछ
- 2:25:35फाइनेंसियल पावर्स भी हैं। मनी बिल जो है
- 2:25:37वो इंट्रोड्यूस हो सकता है लोकसभा में ही।
- 2:25:39ठीक है? सिर्फ इसकी रिकमेंडेशन पे ऑन ह
- 2:25:41प्रोर रिकमेंडेशन कॉज़ द यूनियन बजट
- 2:25:43फाइनेंस कमीशन रिकमेंडेशन कैग रिपोर्ट एंड
- 2:25:46द नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल कास्ट रिपोर्ट
- 2:25:47सब प्रेसिडेंट के पास आती है टू लेट बिफोर
- 2:25:49द पार्लियामेंट नॉट द पब्लिक अकाउंट्स
- 2:25:51कमिटी रिपोर्ट ये रिपोर्ट नहीं आती है
- 2:25:53क्लियर है जुडिशियल अपॉइंट्स द चीफ जस्टिस
- 2:25:56ऑफ इंडिया एंड अदर सुप्रीम कोर्ट एंड हाई
- 2:25:58कोर्ट जजेस पार्निंग पावर है आर्टिकल 72
- 2:26:00के अंदर सुप्रीम कोर्ट को कंसल्ट कर सकता
- 2:26:02है प्रेसिडेंट कोई भी अगर क्वेश्चन है लॉ
- 2:26:04पे या फैक्ट पे ठीक है लेकिन उसके ओपिनियन
- 2:26:06से बाउंड नहीं है प्रेसिडेंट की सुप्रीम
- 2:26:08कोर्ट ने अगर कुछ एडवाइस दिया तो उसको
- 2:26:09करना नहीं करना है। कैन नॉट रिमूव अ
- 2:26:10सुप्रीम कोर्ट जज हिमसेल्फ। अपनी मर्जी से
- 2:26:12कोई सुप्रीम कोर्ट जज नहीं निकाल सकता है।
- 2:26:14इसके बाद मिलिट्री एंड डिप्लोमेटिक देखते
- 2:26:16हैं। सुप्रीम कमांडर होता है डिफेंस
- 2:26:17फोर्सेस का। ठीक है? अपॉइंट्स एंबेसडर्स
- 2:26:21एंड हाई कमिश्नर्स। इसके बाद इमरजेंसी में
- 2:26:23कैन प्रोक्लेम द नेशनल इमरजेंसी,
- 2:26:24प्रेसिडेंट रूल एंड फाइनेंसियल इमरजेंसी।
- 2:26:27यह प्रेसिडेंट की पावर्स हैं मोटी-मोटी।
- 2:26:30इसके बाद कॉन्स्टिट्यूशनल पावर्स अगर आप
- 2:26:32देखोगे तो बिल रिटर्न कर सकता है मनी बिल
- 2:26:34को छोड़ के रिकंसीडरेशन के लिए टू विथ
- 2:26:37होल्ड पॉकेट अ बिल टू आस्क फॉर द पीएम
- 2:26:39पीएम को एडवाइस कर एडवाइस ले सकता है या
- 2:26:40पूछ सकता है किसी भी चीज के बारे में
- 2:26:42एडवाइस तो नहीं लेगा मतलब पूछ सकता है ठीक
- 2:26:44है टू आस्क द पीएम फॉर द इनफेशन ऑन एनी
- 2:26:46मैटर टू आस्क द काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर टू
- 2:26:48रिकंसीडर इट एडवाइस काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर
- 2:26:50को एडवाइस रिकंसीडर के लिए बोल सकता है
- 2:26:52क्लियर है थ्रो बाउंड टू एक्ट पज़ अ एडवाइस
- 2:26:54रेंटर्ड फॉर सच रिकंसीडरेशन अगर एक बार
- 2:26:56कोई एडवाइस वापस आ गई तो प्रेसेंट को फॉलो
- 2:26:58करनी इसके बाद बिल्स, वीटो पावर्स एंड
- 2:27:01ऑर्डिनेंसेस को देखते हैं। अगर कोई भी बिल
- 2:27:03पार्लियामेंट ने पास कर दिया है और
- 2:27:04प्रेजेंट हो गया प्रेसिडेंट के पास तो
- 2:27:05प्रेसिडेंट उस पे अपना एक्शन ले सकता है
- 2:27:07या कुछ टाइम के लिए रोक भी सकता है या
- 2:27:09उसको रिकंसीडरेशन के लिए भेज भी सकता है।
- 2:27:11क्लियर है?
- 2:27:13इसके बाद अगर आप देखोगे तो
- 2:27:17इफ द पार्लियामेंट रिपासेस अगर उसने
- 2:27:19दोबारा भेजा है जिसको हम सस्पेंसिव वीटो
- 2:27:20बोलते हैं और पार्लियामेंट ने दोबारा पास
- 2:27:22कर दिया है चाहे चेंजेस के साथ चाहे बिना
- 2:27:24चेंजेस के साथ तो प्रेसिडेंट को अपना साइन
- 2:27:26करना ही होगा। ठीक है? क्लियर है?
- 2:27:28अबब्सोल्यूट
- 2:27:30वीडियो हैज़ बीन यूज्ड मोर देन वंस। एक बार
- 2:27:31से ज्यादा यूज़ हो सकती है। ठीक है? मतलब
- 2:27:33हुई है एग्जांपल जैसे प्रेसिडेंट डॉ.
- 2:27:35राजेंद्र प्रसाद थे। पेप्सू एप्रोप्रिएशन
- 2:27:37बिल पे प्रेसिडेंट आर वेंकटरमन थे विथ
- 2:27:40होल्डिंग एक्सटेंट फॉर द सैलरी अलाउंस एंड
- 2:27:42पेंशन ऑफ़ मेंबर्स पार्लियामेंट बिल। तो यह
- 2:27:44दो बार यूज़ हुआ है। पॉकेट विटो यूज़ हुआ
- 2:27:46है। एक ही बार हुआ है अभी तक। प्रेसिडेंट
- 2:27:48ज्ञानी जैल सिंह थे। तो इंडियन पोस्ट ऑफिस
- 2:27:50बिल पे उन्होंने पॉकेट विटो लगाया था।
- 2:27:52आर्टिकल 123 आता है। यह ऑर्डिनेंस मेकिंग
- 2:27:54पावर है। और स्टेट की कौन सी है? जरा
- 2:27:55कमेंट में बताओ। मैंने आपको आर्टिकल में
- 2:27:57बताया था। ऑर्डिनेंस मेकिंग पावर है व्हेन
- 2:27:58पार्लियामेंट इज नॉट इन सेशन जब
- 2:28:00पार्लियामेंट सेशन में ना हो स्टेट की है
- 2:28:01213 क्लियर है तो ये इसका जो ऑर्डिनेंस
- 2:28:06होता है इसका सेम फ़ होता है एज एन एक्ट ऑफ़
- 2:28:08पार्लियामेंट और ये अप्रूव होना चाहिए
- 2:28:10पार्लियामेंट के द्वारा छ वीक ऑफ द
- 2:28:11रिसेंटली जब पार्लियामेंट मिलती है तो
- 2:28:13उसके छ हफ्ते के अंदर-अंदर होना चाहिए
- 2:28:14वरना ऑर्डिनेंस आपका कैंसिल हो जाएगा
- 2:28:16लैप्स हो जाएगा क्लियर है एंड ऑर्डिनेंस
- 2:28:19को जो प्रेसिडेंट है कभी भी विथड्रॉ कर
- 2:28:20सकता है वापस ले सकता है
- 2:28:24अब प्रेसिडेंट ऑफ इंडियास देखेंगे कौन-कौन
- 2:28:26से प्रेसिडेंट है तो डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- 2:28:28थे सबसे पहले। उसके बाद सर्वपाली
- 2:28:29राधाकृष्णन थे। फिर जाकिर हुसैन थे, वीवी
- 2:28:32गिरी थे। क्लियर है? उसके बाद भी यह थे।
- 2:28:34फकरुद्दीन अली अहमद थे। बी डी जटी थे।
- 2:28:36नीलम संजीवी रेड्डी थे। ज्ञानी जैल सिंह
- 2:28:39थे। वेंकट रम थे। एंड शंकर दयाल शर्मा भी
- 2:28:41थे। इसके बाद के आर नारायण थे। एपीजे
- 2:28:44अब्दुल कलाम थे, प्रतिभा पाटिल थी, प्रणव
- 2:28:46मुखर्जी, रामनाथ कोविंद एंड द्रोपदी
- 2:28:49मुर्मू। तो अभी-अभी तक 16% हो चुके हैं
- 2:28:52हमारे। क्लियर है? एडिशनल फैक्ट देखेंगे।
- 2:28:54राष्ट्रपति भवन वास डिज़ बाय द ब्रिटिश
- 2:28:57आर्किटेक्ट जो आर्किटेक्ट था एडविन
- 2:28:59लुटियंस। तो राष्ट्रपति भवन को किसने
- 2:29:01डिजाइन किया? इनफैक्ट पूरी दिल्ली को
- 2:29:02ज्यादातर देखोगे तो लूटियंस ने ही डिजाइन
- 2:29:04किया है। जो आपका सीपी वगैरह कन्नॉट प्लेस
- 2:29:06के आसपास एरिया हो गया उसको लूटियंस ने
- 2:29:09बेसिकली आर्किटेक्ट किया है। डिजाइन किया
- 2:29:11है। राष्ट्रपति भवन को वायसरॉय हाउस कहते
- 2:29:13थे 15 अगस्त 1947 तक। इसको बाद में
- 2:29:15गवर्नमेंट हाउस रिनेम किया। सी
- 2:29:17राजगोपालचारी पहले इंडियन थे जो इसमें
- 2:29:19रिजाइड हुए थे। ठीक है? 21 जून 1948 को।
- 2:29:22प्रेसिडेंट कॉन्स्टिट्यूशनल पोजीशन इज़ ऑफन
- 2:29:24समराइज़्ड एज फॉर्मल ट्यूटलर डीजरी ये सब
- 2:29:26प्रेसिडेंट के लिए यूज़ होता है। नॉमिनल
- 2:29:28अथॉरिटी 42 कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट एक्ट
- 2:29:301976 प्रेसिडेंट को बाउंड किया है बाय द
- 2:29:32काउंसिल ऑफ मिनिस्टर एडवाइस। ठीक है? 44
- 2:29:35अमेंडमेंट क्या बोलता है? प्रेसिडेंट को
- 2:29:36अलाउ किया। देखो इसमें क्या कर दिया था?
- 2:29:37बाउंड कर दिया था कि अगर काउंसिल ऑफ
- 2:29:39मिनिस्टर ने कोई एडवाइस दी है तो
- 2:29:40प्रेसिडेंट उसको फॉलो करेगा। फिर 44th
- 2:29:42कॉन्स्टिट्यूशन में अमेंडमेंट लाया गया
- 2:29:45जिसमें प्रेसिडेंट को अलाउ किया टू सेंड द
- 2:29:46एडवाइस बैक वन फॉर रिकंसीडरेशन। एक बार
- 2:29:48रिकंसीडरेशन के लिए भेज सकता है। लेकिन
- 2:29:50अगर दोबारा वापस आ गई तो उसको मानना
- 2:29:52पड़ेगा। प्रेसिडेंट एड्रेस टू
- 2:29:53पार्लियामेंट इज़ प्रिपयर्ड बाय द यूनियन
- 2:29:55कैबिनेट नॉट बाय द प्रेसिडेंट हिमसेल्फ।
- 2:29:56ठीक है? जो प्रेसिडेंट का एड्रेस है वो
- 2:29:58कौन जो पार्लियामेंट में एड्रेस करते हैं,
- 2:29:59स्पीच देते हैं कौन प्रिपेयर करता है?
- 2:30:00यूनियन कैबिनेट करता है। क्लियर है? इसके
- 2:30:02बाद हम आएंगे वाइस प्रेसिडेंट पर।
- 2:30:05ऑफिस ऑफ़ द वाइस प्रेसिडेंट इज़ मॉडल ऑन द
- 2:30:08अमेरिकन वाइस प्रेसिडेंट। तो जो इंडिया के
- 2:30:09वाइस प्रेसिडेंट का ऑफिस है, वो किसके
- 2:30:11लाइंस पे मॉडल है? अमेरिकन वाइस
- 2:30:12प्रेसिडेंट के। आर्टिकल 63 क्या बोलता है?
- 2:30:14देयर शैल बी अ वाइस प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया।
- 2:30:16सेकंड हाईएस्ट कॉन्स्टिट्यूशनल डिग्नेटरी
- 2:30:18है प्रेसिडेंट के बाद। ठीक है? आर्टिकल 64
- 2:30:21क्या बोलता है? द वाइस प्रेसिडेंट इज द
- 2:30:23एक्स ऑफिशिय चेयरमैन ऑफ द काउंसिल ऑफ
- 2:30:25स्टेट्स
- 2:30:27राज्यसभा। दो ही इज़ नॉट द मेंबर ऑफ इट।
- 2:30:28राज्यसभा का मेंबर नहीं है लेकिन एक्स
- 2:30:30ऑफिस चेयरमैन है। व्हाइल एक्टिंग एज अ
- 2:30:32प्रेसिडेंट ही डज़ नॉट परफॉर्म द राज्यसभा
- 2:30:34चेयरमैन ड्यूटी। देखो वैसे तो राज्यसभा का
- 2:30:36चेयरमैन है। लेकिन मान लो प्रेसिडेंट की
- 2:30:38कुर्सी खाली है तो वो प्रेसिडेंट की जगह
- 2:30:39बैठेगा। लेकिन जब वो प्रेसिडेंट की जगह
- 2:30:41बैठेगा तब वो राज्यसभा के चेयरमैन का
- 2:30:44फंक्शनंस नहीं परफॉर्म करेगा। क्लियर है?
- 2:30:46और उसको जो सैलरी है वो प्रेसिडेंट की ही
- 2:30:48मिलेगी। इलेक्टोरल कॉलेज देखोगे तो
- 2:30:50कौन-कौन चुनाव करता है? कंसिस्ट ऑफ़ द
- 2:30:52मेंबर्स बोथ इेड एंड नॉमिनेटेड।
- 2:30:53प्रेसिडेंट में ओनली इलेक्टेड था। इसमें
- 2:30:55इलेक्टेड और नॉमिनेटेड है बोथ हाउस ऑफ़ द
- 2:30:57पार्लियामेंट। इसमें स्टेट लेजिस्लेचर का
- 2:30:59कोई काम नहीं है। सिर्फ पार्लियामेंट का
- 2:31:00काम है। लेजिस्लेचर नो प्लेज़ नो रोल इन द
- 2:31:02वाइस प्रेसिडेंट इलेक्शन। 16 वाइस
- 2:31:05प्रेसिडेंट इलेक्शन जो हुआ था 2022 में
- 2:31:06इलेक्टेड कॉलेज का साइज कितना था? 788।
- 2:31:09233 इलेक्टेड थे। 12 नॉमिनेटेड राज्यसभा
- 2:31:11से और 543 लोकसभा से। इलेक्शन मेथड कैसा
- 2:31:14होता है? प्रेसिडेंट की तरह ही होता है।
- 2:31:15प्रोपोर्शनल
- 2:31:16बाय सिंगल ट्रांसफरेबल बोर्ड सीक्रेट
- 2:31:18बैलेट होता है और इलेक्शन का कोई भी
- 2:31:19डिस्प्यूट होगा सुप्रीम कोर्ट जाएगा जिसका
- 2:31:21डिसीजन जो है वो फाइनल होगा। एलिजिबिलिटी
- 2:31:23क्या होती है? 35 साल का होना चाहिए एंड
- 2:31:25क्वालीिफाइड टू बी अ मेंबर ऑफ़ राज्यसभा।
- 2:31:27प्रेसिडेंट का भी सेम था 35 साल है लेकिन
- 2:31:29क्वालीिफाइड एज अ मेंबर ऑफ़ लोकसभा।
- 2:31:32सैलरी कितनी मिलेगी? 4 लाख पर मंथ इन हज़
- 2:31:34कैपेसिटी एज अ एक्स ऑफिस चेयरमैन ऑफ़ द
- 2:31:36राज्यसभा। द कॉन्स्टिट्यूशन डज़ नॉट
- 2:31:38सेपरेटली फिक्स एनमेंट फॉर द ऑफिस ऑफ़ द
- 2:31:40वाइस प्रेसिडेंट। कॉन्स्टिट्यूशन में कोई
- 2:31:41फिक्स नहीं कर रखा है। टर्म्स एंड रिमूवल
- 2:31:44देखोगे तो आर्टिकल 67 टर्म 5 साल का होना
- 2:31:47चाहिए। क्लियर है? आर्टिकल 67 ए बोलता है
- 2:31:49मे रिजाइन बाय राइटिंग एड्रेस टू द
- 2:31:51प्रेसिडेंट। तो वाइस प्रेसिडेंट रिजाइन कर
- 2:31:53सकता है। ठीक है? इन राइटिंग में
- 2:31:55प्रेसिडेंट को देगा। ठीक है?
- 2:31:57आर्टिकल 67 बी बोलता है रिमूवल प्रोसेस
- 2:31:59अगर आप देखोगे तो कोई फॉर्मल इंपीचमेंट
- 2:32:01नहीं होगा प्रेसिडेंट की तरह। एक इसमें
- 2:32:03क्या होगा? रेोल्यूशन जो है वो इंपीच
- 2:32:04होगा। मतलब जो पास होगा बाय द राज्यसभा
- 2:32:07बाय अ मेजॉरिटी ऑफ़ ऑल द देन मेंबर्स जिसको
- 2:32:09हम एब्सोल्यूट मेजॉरिटी बोलते हैं। और ये
- 2:32:11जो रेजोल्यूशन है इसको लोकसभा बाद में
- 2:32:13एग्रीड करेगा। सिंपल मेजॉरिटी से मतलब
- 2:32:15समझे पहले राज्यसभा से मूव होगा। राज्यसभा
- 2:32:17से एब्सोल्यूट मेजॉरिटी होगी। फिर लोकसभा
- 2:32:19के पास जाएगा। लोकसभा में कौन सी मेजॉरिटी
- 2:32:20लगेगी? सिंपल मेजॉरिटी लगेगी। एटलीस्ट 14
- 2:32:23डेज प्रयर नोटिस ऑफ़ द इंटेंशन टू मूव द
- 2:32:24रेोल्यूशन इज़ रिक्वायर्ड। 14 दिन की पहले
- 2:32:27नोटिस भी लेनी पड़ेगी। ओनली द राज्यसभा कैन
- 2:32:29ओरिजनेट दिस रेोल्यूशन अनलाइक द
- 2:32:31प्रेसिडेंट इंपीचमेंट। केवल राज्यसभा जो
- 2:32:33है इस रेोल्यूशन को ओरिजनेट कर सकता है
- 2:32:36व्हिच इदर हाउस कैन इनिशिएट इफ द
- 2:32:38प्रेसिडेंट इज़ एक्टिंग इफ द वाइस
- 2:32:40प्रेसिडेंट इज़ एक्टिंग एज़ प्रेसिडेंट एंड
- 2:32:42रिज़ाइन ड्यूरिंग दैट पीरियड द चीफ जस्टिस
- 2:32:43ऑफ़ इंडिया डिसज द प्रेसिडेंट फंक्शन। वही
- 2:32:45बात है कि भाई प्रेसिडेंट नहीं है तो वाइस
- 2:32:47प्रेसिडेंट बैठेगा। और वाइस प्रेसिडेंट भी
- 2:32:48नहीं है तो कौन बैठेगा? चीफ जस्टिस ऑफ़
- 2:32:50इंडिया बैठेगा। वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया
- 2:32:52देख लो कौन-कौन है? तो सर्वपाली
- 2:32:54राधाकृष्णन है। इसके बाद आपके जाकिर हुसैन
- 2:32:56है। ठीक है? फिर वीवी गिरी हैं आपके।
- 2:32:59गोपाल स्वरूप पाठक बी डी जति हिदायतुल्लाह
- 2:33:04वेंकटरम शंकर दयाल शर्मा ठीक है नारायणणा
- 2:33:08कृष्णाकांत शेखावत मोहम्मद हामिद वेंकैया
- 2:33:12नायडू जदीक धाकर और सीपी राधाकृष्ण क्लियर
- 2:33:15है कुछ एडिशनल फैक्ट्स देखोगे तो
- 2:33:18राधाकृष्ण देन प्रेसिडेंट एंड वीवी गिरी
- 2:33:20आर द क्लासिक प्राइ वाइस प्रेसिडेंट हु
- 2:33:23बिकम द प्रेसिडेंट तो ये दोनों वाइस
- 2:33:24प्रेसिडेंट है जो प्रेसिडेंट बने थे
- 2:33:26क्लियर है बियरिंग क्वेश्चंस पूछ लेता है
- 2:33:30और हिदायतुल्लाह सिर्फ वाइस प्रेसिडेंट
- 2:33:31थे। अभी प्रेसिडेंट नहीं बने हैं। और
- 2:33:33एक्टिंग प्रेसिडेंट दो ही वास एक्टिंग
- 2:33:35प्रेसिडेंट। क्लियर है? अब एंबेसडर्स हाई
- 2:33:37कमिशर्स हु लेटर बिकम द वाइस प्रेसिडेंट।
- 2:33:42तो कौन-कौन से आपके हाई कमिश्नर्स थे जो
- 2:33:45वाइस प्रेसिडेंट बने? तो आपके राधाकृष्णन
- 2:33:47जी। ठीक है? वीवी गिरी एंड के आर नारायणन।
- 2:33:50इसके बाद राज्यसभा के बारे में देखोगे तो
- 2:33:52राज्यसभा इज़ द ओनली हाउस ऑफ़ पार्लियामेंट
- 2:33:53प्रोसाइडेड ओवर बाय समवन हु इज़ नॉट इट्स
- 2:33:56ओन मेंबर। ठीक है? तो राज्यसभा को कौन
- 2:33:57प्रोसाइड करता है? वाइस प्रेसिडेंट जिसको
- 2:33:59हम एक्स ऑफिस चेयरमैन भी कहते हैं और यह
- 2:34:00राज्यसभा का मेंबर नहीं होता है। इसके बाद
- 2:34:03चैप्टर 18 देखेंगे काउंसिल ऑफ मिनिस्टर। द
- 2:34:06सेंट्रल काउंसिल ऑफिस्टर्स इंक्लूड द
- 2:34:08प्राइम मिनिस्टर, कैबिनेटिस्टर्स,
- 2:34:10ऑफ स्टेट एंडस्टर्स ऑफ स्टेट इंडिपेंडेंट
- 2:34:13चार्जेस। ठीक है? तो ये ये लोग आपके
- 2:34:14काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स में इंक्लूड होते
- 2:34:16हैं। एक तो प्राइम मिनिस्टर होता है। इसके
- 2:34:17बाद कुछ कैबिनेट मिनिस्टर्स होते हैं। फिर
- 2:34:19मिनिस्टर्स ऑफ स्टेट होते हैं और कुछ
- 2:34:20मिनिस्टर्स ऑफ स्टेट होते हैं जो
- 2:34:21इंडिपेंडेंट चार्ज होते हैं। किसी के अंडर
- 2:34:23काम नहीं कर रहे होते हैं। द
- 2:34:24कॉन्स्टिट्यूशन इटसेल्फ डज़ नॉट क्लासिफाई
- 2:34:26मिनिस्टर्स इंटू दिस रैंक। अब देखो
- 2:34:27कॉन्स्टिट्यूशन इनको इन रैंक में
- 2:34:29क्लासिफाई नहीं करता है। दिस क्लासिफिकेशन
- 2:34:31इज़ अ ब्रिटिश पार्लियामेंट्री कन्वेंशन।
- 2:34:34ठीक है? कन्वेंशन के आधार पर है। एक
- 2:34:35मान्यता चली आ रही है। फिर आर्टिकल 74
- 2:34:39क्लॉज़ वन। यह आर्टिकल बोलता है कि देयर
- 2:34:41शैल बी अ काउंसिल ऑफिस्टर्स विद द प्राइम
- 2:34:43मिनिस्टर। एक काउंसिल ऑफिस्टर्स होगा
- 2:34:45किसके साथ? प्राइम मिनिस्टर के साथ। और
- 2:34:46प्राइम मिनिस्टर इसे हेड करेगा। ठीक है?
- 2:34:49टू एड एंड एडवाइस द प्रेसिडेंट। ठीक है?
- 2:34:50तो एक काउंसिल ऑफ मिनिस्टर होगा जिसको हेड
- 2:34:52करेगा पीएम। और यह क्या करेंगे? एड एंड
- 2:34:54एडवाइस करेंगे किसको? प्रेसिडेंट को। हु
- 2:34:56शैल एक्ट एन अकॉर्डेंस विद सच एडवाइस। द
- 2:34:59प्रेसिडेंट जो है इसकी एडवाइस को मानेगा।
- 2:35:01प्रेसिडेंट जो है मे रिक्वायर द काउंसिल
- 2:35:02ऑफ़ मिनिस्टर सच एडवाइस वंस। अगर
- 2:35:04प्रेसिडेंट को नहीं समझ में आया तो एक बार
- 2:35:05रिकंसीडर के लिए भेज देगा। ठीक है? बट
- 2:35:08मस्ट एक्ट इन अकॉर्डेंस विद द एडवाइस
- 2:35:10गिवेन आफ्टर रिकंसीडरेशन। लेकिन अगर फिरन
- 2:35:12ने कुछ एडवाइस दी है तो प्रेसिडेंट को
- 2:35:13माननी पड़ेगी। आर्टिकल 74 क्लॉज़ टू। अच्छा
- 2:35:16ये जो है ना दोबारा ये रिकंसीडरेशन वाला
- 2:35:18ये 44 कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट एक्ट से
- 2:35:20मिला था। इसके बाद आर्टिकल 74 क्लॉज़ टू
- 2:35:23क्या बोलता है? द एडवाइस टेंडर्ड बाय द
- 2:35:24मिनिस्टर्स टू द प्रेसिडेंट कैन नॉट बी
- 2:35:26इंक्वायर्ड इंटू एनी कोर्ट। जो एडवाइस
- 2:35:28मिनिस्टरर्स देंगे प्रेसिडेंट को वो कोर्ट
- 2:35:30में इंक्वायरी नहीं हो सकती। कोर्ट इसमें
- 2:35:31नहीं घुस सकता है। आर्टिकल 75 क्लॉज़ वन
- 2:35:33बोलता है, द प्राइम मिनिस्टर इज़
- 2:35:34अपॉइंटंटेड बाय द प्रेसिडेंट। वेरीेंट।
- 2:35:36प्राइम मिनिस्टर को कौन अपॉइंट करता है?
- 2:35:37प्रेसिडेंट। अदर मिनिस्टर्स आर अपॉइंटंटेड
- 2:35:39बाय द प्रेसिडेंट ऑन द एडवाइस ऑफ़ द प्राइम
- 2:35:41मिनिस्टर। देखो, प्राइम मिनिस्टर को
- 2:35:43प्रेसिडेंट अपॉइंट करता है। लेकिन जो अदर
- 2:35:44मिनिस्टर्स हैं उनको भी प्रेसिडेंट अपॉइंट
- 2:35:47करता है। लेकिन प्राइम मिनिस्टर बताता है
- 2:35:48किसे करना है, किसे नहीं करना है। आर्टिकल
- 2:35:5075 वन ए क्या बोलता है? इंसर्ट बाय द 91
- 2:35:53कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट एक्ट 2003।
- 2:35:55इसमें बोला है कि टोटल नंबर ऑफिस्टर्स
- 2:35:57कितने होने चाहिए? इंक्लूडिंग द पीएम शैल
- 2:35:59नॉट एक्सीड 15% ऑन द टोटल स्ट्रेंथ ऑफ द
- 2:36:01लोकसभा। ठीक है? लोकसभा में जितनी
- 2:36:03स्ट्रेंथ है उसका 15% ज्यादा नहीं होना
- 2:36:05चाहिए। जब पता चला प्राइम मिनिस्टर ने
- 2:36:06एकदम पूरे अपने पूरे गांव को ही ले लिया
- 2:36:08काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स में तो वो नहीं कर
- 2:36:10सकता है। क्लियर है?
- 2:36:12और सेम 91 अमेंडमेंट दैट इंसर्टेड एन
- 2:36:14आइडेंटिकल 15% कैप फॉर स्टेट्स वाया
- 2:36:16आर्टिकल 164 क्लॉज़ वन। तो स्टेट और उसके
- 2:36:19दोनों के लिए है। आर्टिकल 75 क्लॉज़ टू
- 2:36:21बोलता है मिनिस्टर्स होल्ड ऑफिस ड्यूरिंग
- 2:36:23द प्लेज़र ऑफ़ द प्रेसिडेंट। क्लियर है? तो
- 2:36:25मिनिस्टर्स ऑफिस कब तक होल्ड करते हैं?
- 2:36:26ड्यूरिंग द प्लेज़ ऑफ़ द प्रेसिडेंट। 753
- 2:36:28बोलता है द काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर्स इज़
- 2:36:30कलेक्टिवली रिस्पांसिबल टू लोकसभा ओनली।
- 2:36:32तो काउंसिल ऑफ मिनिस्टर लोकसभा को
- 2:36:33रिस्पांसिबल है। नॉट द राज्यसभा एंड नॉट द
- 2:36:36पार्लियामेंट एज अ होल। ध्यान रखना
- 2:36:37काउंसिल ऑफ मिनिस्टर सिर्फ लोकसभा को
- 2:36:39रिस्पांसिबल है। नॉट द पार्लियामेंट एंड
- 2:36:41नॉट द राज्यसभा। 75 क्लॉज़ फाइव। अ पर्सन
- 2:36:44हु इज़ नॉट अ मेंबर ऑफ़ इदर हाउस द कैन बी
- 2:36:46अपॉइंटंटेड अ मिनिस्टर्स इंक्लूडिंग पीएम
- 2:36:48बट सीज़ टू बी मिनिस्टर्स आफ्टर सिक्स।
- 2:36:50देखो क्या बोल रहा है कि भाई अगर कोई
- 2:36:52मेंबर ना लोकसभा का है ना राज्यसभा का है।
- 2:36:54क्या वो कोई मिनिस्टर बन सकता है? बन सकता
- 2:36:56है। वो मिनिस्टर बन सकता है। लेकिन जब वो
- 2:36:58मिनिस्टर बन गया तो 6 महीने के अंदर-अंदर
- 2:37:00उसे लोकसभा या राज्यसभा में एक सीट अपनी
- 2:37:02सिक्योर करनी होगी। द वर्ड कैबिनेट
- 2:37:07अपीयरर्स इन द कॉन्स्टिट्यूशन ओनली वंस।
- 2:37:09कैबिनेट अगर आप देखोगे तो सिर्फ एक ही बार
- 2:37:10दिया गया। वो भी आर्टिकल 32 में इमरजेंसी
- 2:37:12में। 44 कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट एग्जाम
- 2:37:15ट्रैप इट डिड नॉट अपीयर एनीवेयर इन द
- 2:37:17ओरिजिनल लैंडिंग कॉन्स्टिट्यूशन। तो यह
- 2:37:18कहीं भी ओरिजिनल कॉन्स्टिट्यूशन में नहीं
- 2:37:20था। ध्यान रखना। आर्टिकल 300 बोलता है द
- 2:37:22लीगल नेम ऑफ द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया इज द
- 2:37:24यूनियन ऑफ इंडिया। लीगल नेम क्या है
- 2:37:25गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का? यूनियन ऑफ इंडिया
- 2:37:27है। द कॉन्स्टिट्यूशन स्पेसिफाई दैट नो
- 2:37:29सेपरेट मिनिमम एज फॉर द प्राइम मिनिस्टर।
- 2:37:31द प्राइम मिनिस्टर मस्ट बी और बिकम अ
- 2:37:33मेंबर ऑफ़ द पार्लियामेंट विद इन सिक्स मंथ
- 2:37:35ऑफ़ अपॉइंटमेंट। कोई भी स्पेसिफाई अ सेपरेट
- 2:37:36मिनिमम एज अ फॉर द प्राइम मिनिस्टर। नहीं
- 2:37:38कॉन्स्टिट्यूशन स्पेसिफाई करता है व्हिच
- 2:37:40इफेक्टिवली मींस 25 वायर द लोकसभा रूट और
- 2:37:4330 इयर्स बाय द राज्यसभा रूट। तो वही है
- 2:37:45प्राइम मिनिस्टर मेंबर होना चाहिए। लोकसभा
- 2:37:46का तो 30 25 मिनिमम हो गया भाई। उससे पहले
- 2:37:48तो क्या ही बन पाएगा लोकसभा का मेंबर होना
- 2:37:50जरूरी है इनडायरेक्टली है आर्टिकल 74 ठीक
- 2:37:53है ये आर्टिकल 75 77 78 164 एंड 352 पढ़
- 2:37:58रखे हैं इसको ध्यान से देख लेना इसके बाद
- 2:38:01मिनिस्टर्स कैबिनेट सेक्रेटेट एंड कैबिनेट
- 2:38:04कमेटी को देखेंगे नंबर ऑफिस्टर्स एट द
- 2:38:06सेंटर 18 थे ऑन 15 अगस्त 1947 53 हुए आज
- 2:38:112026 में क्लियर है कैबिनेट सेक्रेटेट
- 2:38:14फंक्शनंस डायरेक्टली अंडर द प्राइम
- 2:38:15मिनिस्टर ठीक है इट इज़ अ डिस्ट्रिक्ट
- 2:38:17इंस्टीट्यूशन फ्रॉम द पीएमओ। पीएमओ से अलग
- 2:38:19है आपका कैबिनेट सेक्रेट। ठीक है? और यह
- 2:38:21प्राइम मिनिस्टर के अंडर काम करता है। और
- 2:38:22यह पीएमओ के सुपरविज़न में नहीं आता है।
- 2:38:24ध्यान रखना। इट एडमिनिस्ट्रेटिव हेड इज़ द
- 2:38:26कैबिनेट सेक्रेटरी। कैबिनेट सेक्रेटेट को
- 2:38:28कौन हेड करेगा? कैबिनेट सेक्रेटरी जो कि
- 2:38:30एक सीनियर आईएएस ऑफिसर होता है। हु इज़
- 2:38:33आल्सो द एक्स ऑफिशियल चेयरमैन ऑफ़ द सिविल
- 2:38:34सर्विस बोर्ड एंड द हाईएस्ट रैंकिंग सिविल
- 2:38:36सर्वेंट ऑफ़ द सेंट्रल गवर्नमेंट। फ़ंक्शंस
- 2:38:38क्या हैं कैबिनेट सेक्रेटेट के? तो
- 2:38:40सेक्रेटेरिएट असिस्टेंस टू द कैबिनेट एंड
- 2:38:42कैबिनेट कमिटीज़। कमिटी को देखेगा। एजेंडा
- 2:38:44पेपर्स, रिकॉर्डिंग, सर्कुलेटिंग डिस्कशंस
- 2:38:46को देखेगा। वाचिंग इंप्लीमेंटेशन ऑफ
- 2:38:48डिसीजंस एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ द रूल्स ऑफ
- 2:38:50बिज़नेस प्रमोशन ऑफ इंटरमिनिस्ट्रियल
- 2:38:52कोऑर्डिनेशन रीऑर्गेनाइजेशन ऑफ द यूनियन
- 2:38:54कैबिनेट इज़ बेस्ड ऑन द रिपोर्ट ऑफ़ एन
- 2:38:56गोपालास्वामी अयंगर। तो रीऑर्गेनाइजेशन
- 2:38:58अगर होगा यूनियन कैबिनेट का वो किस पे
- 2:39:00बेस्ड है? ऑन द रिपोर्ट ऑफ़ एन
- 2:39:01गोपालास्वामी अयंगर का। कैबिनेट कमिटीज़ जो
- 2:39:04होती है, यह क्या होती है? एक्स्ट्रा
- 2:39:05कॉन्स्टिट्यूशनल होती हैं। सेट अप बाय द
- 2:39:07प्राइम मिनिस्टर। क्लियर है? अंडर द रूल्स
- 2:39:09ऑफ़ बिज़नेस। इफ द प्राइम मिनिस्टर इज़ अ
- 2:39:11मेंबर ऑफ़ अ कमेटी, ही इज़ नेसेसरी इट्स
- 2:39:13चेयरमैन। अगर प्राइम मिनिस्टर मेंबर का
- 2:39:15कमेटी है तो वह नेसेसरी क्या होगा? उसका
- 2:39:17चेयरमैन होगा। क्लियर है यहां तक? द ऑफिस
- 2:39:19ऑफ़ डिप्टी प्राइम मिनिस्टर इज़ एक्स्ट्रा
- 2:39:20कॉन्स्टिट्यूशनल। डिप्टी प्राइम मिनिस्टर
- 2:39:22का ऑफिस जो है वो एक्स्ट्रा
- 2:39:23कॉन्स्टिट्यूशनल है। क्लियर है? एंड
- 2:39:25कंफर्स नो एडिशनल पावर्स। इंडियास फर्स्ट
- 2:39:28डिप्टी प्राइम मिनिस्टर कौन थे? सरदार
- 2:39:29वल्लभ भाई पटेल जी थे। हु आल्सो हेल्ड द
- 2:39:31होम पोर्टफोलियो एंड लेड द इंटीग्रेशन ओवर
- 2:39:34500 प्रिंसली स्टेट्स।
- 2:39:37इसके बाद हम नो कॉन्फिडेंस एंड कॉन्फिडेंस
- 2:39:39मोशंस को पढ़ते हैं। नाइदर अ नो कॉन्फिडेंस
- 2:39:42मोशन नर अ कॉन्फिडेंस मोशन इज मेंशंड
- 2:39:45एनीवेयर इन द कॉन्स्टिट्यूशन। क्लियर है?
- 2:39:47द प्रोसीजर फॉर अ नो कॉन्फिडेंस मोशन इज़
- 2:39:49लेड डाउन इन द रूल 198 ऑफ़ द रूल्स ऑफ़
- 2:39:51प्रोसीजर एंड कंडक्ट ऑफ़ बिज़नेस ऑफ़ लोकसभा।
- 2:39:53तो कहीं भी नो कॉन्फिडेंस मोशन या
- 2:39:55कॉन्फिडेंस मोशन मेंशन नहीं है
- 2:39:56कॉन्स्टिट्यूशन में। नो कॉन्फिडेंस मोशन
- 2:39:58कैन बी मूव्ड ओनली इन द लोकसभा। तो नो
- 2:39:59कॉन्फिडेंस मोशन आपका सिर्फ लोकसभा में
- 2:40:01मूव होता है। इसको ध्यान रखना। एंड नीड्स
- 2:40:03द सपोर्ट ऑफ़ एटलीस्ट 50 मेंबर्स। 50
- 2:40:05मेंबर्स का इसको सपोर्ट चाहिए होता है टू
- 2:40:07बी एडमिटेड एडमिट करने के लिए। अ
- 2:40:09कॉन्फिडेंस मोशन इज़ बूम बाय द गवर्नमेंट
- 2:40:10इटसेल्फ टू प्रूव इट्स मेजॉरिटी। मेजॉरिटी
- 2:40:13प्रूव करने के लिए होता है। द फर्स्ट नो
- 2:40:14कॉन्फिडेंस मोशन कब मूव हुआ था? 1963 में
- 2:40:17थर्ड लोकसभा की बात है। थर्ड लोकसभा में।
- 2:40:19किसने मूव किया था भाई? आचार्य जेबी
- 2:40:21कृपलानी अगेंस्ट द जवाहरलाल नेहरू
- 2:40:22गवर्नमेंट। टिल 15th अगस्त 2023 28 नो
- 2:40:26कॉन्फिडेंस मोशन एंड 11 कॉन्फिडेंस मोशन
- 2:40:28हैज़ बीन डिस्कस्ड। क्लियर है? 12 ऑफ द 28
- 2:40:31नो कॉन्फिडेंस मोशन वेयर मूव अगेंस्ट द
- 2:40:33गवर्नमेंट हेडेड बाय इंदिरा गांधी। इंदिरा
- 2:40:35गांधी के टाइम पे 12 नो कॉन्फिडेंस मोशन
- 2:40:37मूव हुए थे। बाय कन्वेंशन मतलब ये
- 2:40:39कॉन्स्टिट्यूशन में नहीं दिया गया है। द
- 2:40:41प्राइम मिनिस्टर रिजाइन ऑन लूजिंग
- 2:40:43मेजॉरिटी सपोर्ट इन द लोकसभा। अगर
- 2:40:45मेजॉरिटी सपोर्ट लोकसभा में लूज़ हो रहा है
- 2:40:48मोशन पास हो गया है तो प्राइम मिनिस्टर जो
- 2:40:50है रिजाइन करता है। अ कॉन्सक्वेंस ऑफ़ द
- 2:40:52आर्टिकल 753 कलेक्टिव रिस्पांसिबिलिटी
- 2:40:54रूल। क्योंकि प्राइम मिनिस्टर क्या एक
- 2:40:55कलेक्टिव रिस्पांसिबिलिटी है। द प्राइम द
- 2:40:57प्रेसिडेंट रूल इज़ नॉट ऑटोमेटिकली इंपोज्ड
- 2:40:59ऑन अ रेगोनेशन ऑफ़ काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स।
- 2:41:02इसके बाद प्राइम मिनिस्टरर्स इंडिया के जो
- 2:41:04जो आए हैं नेहरू आए हैं। ठीक है? गुजारी
- 2:41:06लाल नंदा हो गए, लाल बहादुर शास्त्री,
- 2:41:08इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, चरण सिंह,
- 2:41:10राजीव गांधी, वीपी सिंह। इसके बाद
- 2:41:12चंद्रशेखर इसके बाद पीवी नरसिम्हा राव,
- 2:41:15अटल बिहारी वाजपेयी हो गए आपके, एच डी
- 2:41:17देवी गोडवा हो गए, ई के आई के गुजराल हो
- 2:41:19गए, मनमोहन सिंह एंड द लेटेस्ट इज़ नरेंद्र
- 2:41:22मोदी। क्लियर है? एडिशनल फैक्ट्स देखेंगे।
- 2:41:24पहला लॉ मिनिस्टर ऑफ इंडिपेंडेंट इंडिया
- 2:41:26कौन थे? डॉ. बी आर अंबेडकर थे। इसको ध्यान
- 2:41:28रखना वेरीेंट है। पहले फाइनेंस मिनिस्टर
- 2:41:31इंडिपेंडेंट इंडिया के आर के शमुखम चेटी
- 2:41:35अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया इज़ नॉट अ मिनिस्टर
- 2:41:37एंड इज़ नॉट द पार्ट ऑफ़ द काउंसिल ऑफ
- 2:41:39मिनिस्टर। ध्यान रखना। यह तो आपका बेसिकली
- 2:41:42गवर्नमेंट की तरफ से केस लड़ता है ना।
- 2:41:43अटॉर्नी जनरल। आगे हम इसके बारे में
- 2:41:45पढ़ेंगे भी इस चैप्टर में। तो आइए द अटर्नी
- 2:41:47जनरल एंड द कैक।
- 2:41:50अटर्नी जनरल जो आपका है यह हाईएस्ट फर्स्ट
- 2:41:52लॉ ऑफिसर होता है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का
- 2:41:54एंड इट्स चीफ लीगल एडवाइजर ही इज़ द पार्ट
- 2:41:57ऑफ द यूनियन एग्जीक्यूटिव दो नॉट अ
- 2:41:59मिनिस्टर एंड नॉट अ फुल टाइम गवर्नमेंट
- 2:42:00सर्वेंट ना ही मिनिस्टर होता है ना ही
- 2:42:02गवर्नमेंट सर्वेंट होता है विद परमिशन ही
- 2:42:04में आल्सो इंगेज इन प्राइवेट लीगल
- 2:42:05प्रैक्टिस। ठीक है? वकील है ही यह तो अपना
- 2:42:07परमिशन के साथ प्राइवेट लीगल प्रैक्टिस
- 2:42:08में भी इंगेज हो सकता है। आर्टिकल 76
- 2:42:10क्लॉज़ वन क्या बोलता है? प्रेसिडेंट
- 2:42:12अपॉइंट करता है अ पर्सन क्वालिफाइड टू बी
- 2:42:14अपॉइंटंटेड एस अ जज ऑफ़ अ सुप्रीम कोर्ट एज़
- 2:42:16अटॉर्नी जनरल। तो किसे अटॉर्नी जनरल
- 2:42:18अपॉइंट करेगा? जिसकी क्वालिफिकेशन इक्वल
- 2:42:20होगी टू दैट ऑफ अ सुप्रीम कोर्ट जज।
- 2:42:22आर्टिकल 124 क्लॉज़ थ्री बोलता है अ सिटीजन
- 2:42:24ऑफ़ इंडिया हु हैज़ बीन अ हाई कोर्ट जज फॉर
- 2:42:27फाइव इयर्स और अ हाई कोर्ट एडवोकेट फॉर 10
- 2:42:29इयर्स और इज़ इन द प्रेसिडेंट ओपिनियन एन
- 2:42:32एमिनेंट जरिस्ट। उसको अपॉइंट हो सकता है
- 2:42:34एज़ एन अटॉर्नी जनरल। आर्टिकल 76 क्लॉज़ टू
- 2:42:37बोलता है ड्यूटी टू एडवाइस द गवर्नमेंट ऑफ़
- 2:42:39इंडिया ऑन लीगल मैटर्स एंड परफॉर्म अदर
- 2:42:41लीगल ड्यूटीज़। किसका काम होता है? अटर्नी
- 2:42:43जनरल का। रिफर्ड असाइन बाय द प्रेसिडेंट।
- 2:42:45राइट ऑफ ऑडियंस इन ऑल कोर्ट्स इन द
- 2:42:46टेरिटरी ऑफ इंडिया। सारे कोर्ट में जाकर
- 2:42:48बैठ सकता है, पेशी सुन सकता है। जज नहीं
- 2:42:51बनेगा। आर्टिकल 76 क्लॉज़ फोर क्या बोलता
- 2:42:53है? होल्ड्स ऑफ इट ड्यूरिंग द प्लेज़र ऑफ़ द
- 2:42:55प्रेसिडेंट। कैन बी रिमूव्ड एट एनी टाइम
- 2:42:57नो रिमूवल प्रोसेस ग्राउंड अस प्रेसाइड इन
- 2:42:58द कॉन्स्टिट्यूशन। कोई रिमूवल प्रोसीजर
- 2:43:00नहीं कि लोकसभा में मिल जाएगा, राज्यसभा
- 2:43:02में जाएगा, जब प्रेसिडेंट की मर्जी होगी,
- 2:43:03इसको हटा दिया जाएगा। ठीक है? रिमूव लाइक
- 2:43:05अ नॉट रिमूव लाइक अ सुप्रीम कोर्ट जज। ऐसा
- 2:43:07मत समझना कि सुप्रीम कोर्ट की तरह की
- 2:43:08क्वालिफिकेशंस है तो यह सुप्रीम कोर्ट जज
- 2:43:10की तरह रिमूव होगा। नो। आर्टिकल 88 बोलता
- 2:43:14है द अटर्नी जनरल लाइक ए्री मिनिस्टर हैज़
- 2:43:15अ राइट टू स्पीक एंड टेक पार्ट इन द
- 2:43:17प्रोसीडिंग ऑफ बोथ हाउसेस एनी जॉइंट
- 2:43:19सिंग्स एंड एनी पार्लियामेंट्री कमेटी ऑफ
- 2:43:21व्हिच ही इज़ नेम्ड एज अ मेंबर तो अटॉर्नी
- 2:43:23जनरल जो है उसके पास राइट है कि वो किसी
- 2:43:25भी प्रोसीडिंग्स में हाउस की बैठ सकता है
- 2:43:26लोकसभा राज्यसभा में किसी भी जॉइंट सिटी
- 2:43:28में बैठ सकता है। ठीक है? बस वो वोट नहीं
- 2:43:30कर सकता है। ठीक है? ही आल्सो एंजॉयस ऑल
- 2:43:33प्रिविलजेस एंड इम्यूनिटीज़ अवेलेबल टू अ
- 2:43:35मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट। जो एमपी को
- 2:43:37प्रिविलजेस एंड इम्युनिटीज़ मिलती है, वह
- 2:43:38सारी इस बंदे को भी मिलेंगी। ही इज़ नॉट द
- 2:43:41ओनली नॉन मेंबर ऑफिसर विद दिस एक्सिस। द
- 2:43:44वाइस प्रेसिडेंट कैन आल्सो स्पीक इन द
- 2:43:45राज्यसभा इन स्पेसिफिक सरकमस्ट्ससेस।
- 2:43:47क्लियर है? ही इज़ नॉट द ओनली नॉन मेंबर
- 2:43:49ऑफिसर विद दिस एक्सेस। वाइस प्रेसिडेंट
- 2:43:51कैन आल्सो स्पीक इन द राज्यसभा इन
- 2:43:53स्पेसिफिक सरकमस्ट्ससेस। क्लियर है? नो
- 2:43:55एक्सप्लसिट कॉन्स्टिट्यूशनल रिक्वायरमेंट
- 2:43:57दैट द अटर्नी जनरल रिाइनंस ऑटोमेटिकली
- 2:43:59व्हेन द गवर्नमेंट दैट अपॉइंटंटेड हिम
- 2:44:01रिज़ाइंस। तो ऐसा कहीं एक्सप्लसली
- 2:44:03कॉन्स्टिट्यूशनल रिक्वायरमेंट नहीं है।
- 2:44:05इसके बाद जैसे अटॉर्नी जनरल यूनियन के लिए
- 2:44:07होता है वैसे एडवोकेट जनरल होता है। स्टेट
- 2:44:09के लिए होता है। एंड उसको असिस्ट करता है
- 2:44:11सॉलिटर जनरल। आर्टिकल 165 क्लॉज़ वन क्या
- 2:44:14बोलता है? द गवर्नर ऑफ ईच स्टेट्स अपॉइंट
- 2:44:16अ पर्सन क्वालीिफाइड टू बी अ हाई कोर्ट जज
- 2:44:18एस एडवोकेट जनरल फॉर द स्टेट। देखो उसमें
- 2:44:20क्या था? सुप्रीम कोर्ट जनरल था अटॉर्नी
- 2:44:22जनरल के लिए। इसमें क्या है? हाई कोर्ट जज
- 2:44:24होना चाहिए फॉर द एडवोकेट जनरल ऑफ़ द
- 2:44:26स्टेट। नॉट अपॉइंटंटेड बाय द प्रेसिडेंट।
- 2:44:28ध्यान रखना। प्रेसिडेंट नहीं अपॉइंट करता।
- 2:44:29एंड ही इज़ अ स्टेट्स फर्स्ट लीगल एडवाइज़र।
- 2:44:31स्टेट का पहला लीगल एडवाइजर होता है। 165
- 2:44:34क्लॉज़ टू क्या बोलता है? ड्यूटी टू एडवाइस
- 2:44:35द स्टेट गवर्नमेंट ऑन लीगल मैटर्स। भाई वो
- 2:44:37सेंट्रल गवर्नमेंट को कर रहा था। यह स्टेट
- 2:44:38गवर्नमेंट को करेगा। क्लियर है? असाइन बाय
- 2:44:41द गवर्नर। जो उसको ड्यूटी मिलेगी उसे रेफर
- 2:44:43या असाइन करेगा बाय द गवर्नर। आर्टिकल 165
- 2:44:45क्लॉज़ थ्री क्या बोलता है? होल्ड ऑफिस
- 2:44:47ड्यूरिंग द प्लेज़र ऑफ द गवर्नर। अटर्नी
- 2:44:48जनरल क्या था? प्रेसिडेंट। आर्टिकल 177 द
- 2:44:52एडवोकेट जनरल मे स्पीक एंड इंटेक
- 2:44:54प्रोसीडिंग्स इन द स्टेट लेजिस्लेचर। तो
- 2:44:55भाई यह भाई वो पार्लियामेंट में कर सकता
- 2:44:56है। स्टेट लेजिलेचर में बैठ सकता है, बोल
- 2:44:58सकता है। लेकिन राइट टू वोट नहीं है इसके
- 2:45:00पास। ध्यान रखना
- 2:45:02सॉलिटर जनरल ऑफ इंडिया क्या है? सेकंड लॉ
- 2:45:04ऑफिसर ऑफ द कंट्री सबोर्डिनेट टू एन
- 2:45:06असिस्ट द अटर्नी जनरल। अटर्नी जनरल को
- 2:45:08असिस्ट करता है आपका सॉलिटियर जनरल एंड इज़
- 2:45:11हिमसेल्फ असिस्टेड बाय सेवरल एडिशनल
- 2:45:13सॉलिटर जनरल। अब यह भी बड़ा आदमी होता है।
- 2:45:15इसको भी कुछ लोग असिस्ट कर रहे होते हैं
- 2:45:16जिनको हम बोलते हैं एडिशनल सॉलिटर जनरल्स।
- 2:45:19क्लियर है?
- 2:45:21इसके बाद देखेंगे अटॉर्नी जनरल वर्सेस
- 2:45:23एडवोकेट जनरल वर्सेस कैग। कंपैरिजन है।
- 2:45:26देखो अटर्नी जनरल आर्टिकल 76 है। एडवोकेट
- 2:45:28जनरल आर्टिकल 165 है। सॉलिटर जनरल जो है
- 2:45:31गवर्नमेंट ऑर्डर है। कोई आर्टिकल नहीं है
- 2:45:32इसका डेडिकेटेड एंड सेकंड लॉ ऑफिसर है
- 2:45:34सबोर्डिनेट टू अटॉर्नी जनरल। इसके बाद
- 2:45:36कंप्यूटर कंप्यूटरल एंड ऑडिटर जनरल कैग
- 2:45:38है। इसका आर्टिकल है 148। इसको प्रेसेंट
- 2:45:40अपॉइंट करता है। इसके बारे में पढ़ेंगे।
- 2:45:42रिमूव ओनली लाइक अ सुप्रीम कोर्ट जज। इसका
- 2:45:44प्रोसेस वैसा ही है सुप्रीम कोर्ट जज की
- 2:45:46तरह। अटॉर्नी जनरल वाला नहीं है कि अपनी
- 2:45:47मर्जी से निकाल दिया। पूरा प्रोसेस होता
- 2:45:49है इसको निकालने का। द कंट्रोलर एंड ऑडिटर
- 2:45:52जनरल ऑफ इंडिया कैग। तो इसी के बारे में
- 2:45:53पढ़ते हैं। आर्टिकल है 148 देयर शैल बी अ
- 2:45:55कैक अपॉइंटंटेड बाय द प्रेसिडेंट। ठीक है?
- 2:45:57रिमूवल ओनली लाइक द मैनर एंड द ग्राउंड्स
- 2:46:00एज अ सुप्रीम कोर्ट जज। जैसे सुप्रीम
- 2:46:02कोर्ट जज निकाला जाएगा वैसे ही इस बंदे को
- 2:46:04आप रिमूव कर सकते हो। वाया प्रेसिडेंशियल
- 2:46:07ऑर्डर आफ्टर एन एड्रेस बाय बोथ हाउसेस विद
- 2:46:09स्पेशल मेजॉरिटी। दोनों हाउसेस में स्पेशल
- 2:46:11मेजॉरिटी होगी। उसके बाद ही इसको निकाल
- 2:46:12सकते हो। 148 क्लॉज़ थ्री में क्या है?
- 2:46:14सैलरी एंड कंडीशंस है सर्विस की।
- 2:46:16डिटरमाइंड बाय पार्लियामेंट ऑफ़ लॉ अंटिल
- 2:46:18सो डिटरमाइंड एज़ स्पेसिफाइड इन पार्ट ई ऑफ़
- 2:46:20द सेकंड शेड्यूल। सैलरी इज इक्वल टू दैट
- 2:46:22ऑफ अ सुप्रीम कोर्ट जज। इसकी जो सैलरी है
- 2:46:23वो सुप्रीम कोर्ट जज के बराबर होगी। 148
- 2:46:27क्लॉज़ फोर क्या बोलता है? नॉट एलिजिबल फॉर
- 2:46:29फदर ऑफिस अंडर द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया और
- 2:46:31एनी स्टेट्स आफ्टर सीजिंग टू होल्ड द
- 2:46:32ऑफिस। ठीक है? एलिजिबल नहीं होगा फदर ऑफिस
- 2:46:34के लिए अंडर द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया।
- 2:46:36एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपेंसेस ऑफ हज़ ऑफिस आर
- 2:46:38चार्ज टू द कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया।
- 2:46:40इसकी जो तनख्वा है वो कंसोलिडेटेड फंड ऑफ
- 2:46:41इंडिया से चार्ज होगी। आप इसकी तनख्वाह को
- 2:46:43काट नहीं सकते हो। टेन्योर कितना है? 6
- 2:46:45साल है या 65 इयर्स जो भी जल्दी पूरा हो
- 2:46:47जाए। व्हिच एवर इज अर्लियर। ठीक है?
- 2:46:51पावर टू ग्रांट या रिफ्यूज द कैग लीफ। ठीक
- 2:46:53है? यह सब किस पर डिपेंड होता है?
- 2:46:55प्रेसिडेंट पर डिपेंड होता है। ऑफिस ऑफ द
- 2:46:56कैग जो है वह कॉन्स्टिट्यूशन के द्वारा
- 2:46:58क्रिएट हुआ है। कोई पार्लियामेंट से नहीं
- 2:46:59क्रिएट है। डॉ. बी आर अंबेडकर ने क्या
- 2:47:01बोला है? डॉ. बी आर अंबेडकर ने कैग को
- 2:47:03प्रोबब्ली द मोस्टेंट ऑफिसर बोला है अंडर
- 2:47:05द कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ़ इंडिया। ही इज़ द
- 2:47:06गार्डियन ऑफ़ द पब्लिक पर्स, पब्लिक
- 2:47:08फाइनेंस एंड द हेड ऑफ़ द इंडियन एडल्ट एंड
- 2:47:10अकाउंट डिपार्टमेंट। ही इज़ कॉल्ड द फ्रंट
- 2:47:12फिलॉसफर एंड गाइड ऑफ़ द पब्लिक अकाउंट्स
- 2:47:14कमेटी। ही अटेंड्स पब्लिक अकाउंट कमिटी।
- 2:47:16सिंगिंग्स उसकी अटेंड करेगा, असेस करेगा।
- 2:47:18पब्लिक अकाउंट कमेटी एग्जामिन करेगा कैग
- 2:47:20की रिपोर्ट एंड फाइंडिंग्स टू द
- 2:47:22पार्लियामेंट। क्लियर है? इसके बाद कुछ
- 2:47:25आर्टिकल्स देखेंगे। गवर्निंग द कैक। 48
- 2:47:27में आपको पता है अपॉइंटमेंट है। 49 में
- 2:47:29ड्यूटीज एंड पावर्स है। 150 में फॉर्म ऑफ
- 2:47:32अकाउंट्स ऑफ द यूनियन एंड द स्टेट्स है।
- 2:47:33151 में ऑडिट रिपोर्ट है जो प्रेजेंट को
- 2:47:35सबमिट करेगा।
- 2:47:38इसके बाद हम कैग के फंक्शनंस रिपोर्ट्स
- 2:47:40एंड 1956 रिफॉर्म्स को पढ़ते हैं। पहला
- 2:47:43फंक्शन है कि ऑडिट करता है ऑल मिनिस्टर्स
- 2:47:45डिपार्टमेंट ऑफ द यूनियन एंड द स्टेट्स
- 2:47:47पीएसयूस को ऑटोनॉमस बॉडीज को अथॉरिटी को
- 2:47:49जो फाइनेंस है गवर्नमेंट फंड्स है। ऑल
- 2:47:51रिसेप्ट ऑफ द यूनियन और स्टेट्स अकाउंट
- 2:47:53स्टोर्स एंड स्टॉक्स कंपनी एंड कोऑपरेशन।
- 2:47:56इसके बाद ब्रॉड ऑब्जेक्टिव देखेंगे ऑडिट
- 2:47:58का तो लीगलिटी है, रेगुलैरिटी, इकोनमी है,
- 2:48:00एफिशिएंट है, इफेक्टिवनेस है। इतना
- 2:48:02इंपॉर्टेंट नहीं है। ड्यूरिंग अ नेशनल या
- 2:48:04फाइनेंसियल इमरजेंसी कैग एक्सरसाइजज़ द
- 2:48:07एक्सोर कंट्रोल ऑन द बिहाफ ऑफ़ द
- 2:48:08पार्लियामेंट। कैग रिपोर्ट फाइंडिंग्स कैन
- 2:48:10आल्सो बी यूज़्ड बाय इन्वेस्टिगेटिंग
- 2:48:12एजेंसीज़ टू प्रेस चार्जेस ओवर मिसयूज़ ऑफ़
- 2:48:14पब्लिक फंड्स। तो, इसकी जो रिपोर्ट्स है,
- 2:48:16वह एजेंसी जो है, इन्वेस्टिगेशन एजेंसी
- 2:48:18होती है, वह भी इस्तेमाल कर सकती हैं। दो
- 2:48:20द कैग हिमसेल्फ हैज़ नो जुडिशियल या
- 2:48:23प्रोसीक्यूटरल पावर्स। कैग ड्यूटीज एंड
- 2:48:25पावर कंडीशन ऑफ सर्विस एक्ट केम इनू
- 2:48:29इफेक्ट इन 1971
- 2:48:31स्प्रेड अकाउंट्स फ्रॉम ऑडिट ऑफ द यूनियन
- 2:48:32लेवल द कैग वाज़ रिलीव्ड ऑफ द टास्क ऑफ़
- 2:48:34कंपाइलिंग अकाउंट्स एंड कंफ टू ऑडिटिंग
- 2:48:36देम एट द स्टेट लेवल द कैग स्टिल परफॉर्म
- 2:48:39बोथ अकाउंटिंग एंड ऑडिटिंग। तो सेंट्रल
- 2:48:41लेवल पे सिर्फ ऑडिटिंग करता है। एंड स्टेट
- 2:48:43लेवल पे कैग जो है अकाउंटिंग एंड ऑडिटिंग
- 2:48:45दोनों करता है। थ्री कैग की रिपोर्ट होती
- 2:48:47हैं। वह सबमिट होती हैं प्रेसिडेंट को ऑन
- 2:48:49एप्रोप्रिएशन अकाउंट, ऑन फाइनेंस अकाउंट
- 2:48:51एंड ऑन पब्लिक अंडरटेिंग। ये तीनों जो हैं
- 2:48:53पार्लियामेंट में ले डाउन होती है आफ्टर
- 2:48:55व्हिच उसके बाद पब्लिक अकाउंट कमेटी
- 2:48:57उन्हें एग्जामिन करती है। क्लियर है? संजय
- 2:48:59मूर्ति जो है 15th कैग है इंडिपेंडेंट
- 2:49:01इंडिया के। इनके प्रेसिडेंसर कौन है?
- 2:49:03गिरीश चंद्र मुर्मू। ये थे 14 कैग।
- 2:49:08इसके बाद एडिशनल फैक्ट्स है। ऑफिसर टू
- 2:49:10इंस्टीट्यूशन एसोसिएशन वाइस प्रेसिडेंट जो
- 2:49:12है एक्स ऑफिसर चेयरमैन है राज्यसभा का।
- 2:49:14कैग जो है यह फ्रेंड फिलॉसफर एंड गाइड है
- 2:49:16पब्लिक अकाउंट कमेटी का। बेसिक-बेसिक
- 2:49:18चीजें हैं। सॉलिटर जनरल प्रीमियरली
- 2:49:20प्रैक्टिससेस बिफोर द सुप्रीम कोर्ट।
- 2:49:21अटर्नी जनरल राइट टू पार्टिसिपेट इन द
- 2:49:23प्रोसीडिंग्स मीटिंग ऑफ़ बोथ हाउसेस ऑफ़ द
- 2:49:25पार्लियामेंट। अटर्नी जनरल एंड द वाइस
- 2:49:27प्रेसिडेंट आर द टू कॉमनली टेस्टेड नॉन
- 2:49:29मेंबर्स हु मे टेक पार्ट इन द
- 2:49:30पार्लियामेंट्री प्रोसीडिंग विदाउट बीइंग
- 2:49:32मेंबर्स। तो ये दोनों हैं जो मेंबर नहीं
- 2:49:34है और पार्लियारी जो प्रोसीडिंग्स होती है
- 2:49:35उसमें पार्टिसिपेट भी कर सकते हैं। द
- 2:49:37अटर्नी जनरल इन बोथ हाउसेस द वाइस
- 2:49:39प्रेसिडेंट ऑर्डरली इन द राज्यसभा।
- 2:49:40अटॉर्नी जनरल दोनों हाउसेस में कर सकता है
- 2:49:42और वाइस आपका ओनली सिर्फ राज्यसभा में कर
- 2:49:45सकता है। इसके बाद ऑर्डर ऑफ द प्रेसिडेंस
- 2:49:47है। ये क्रोनोलॉजी पूछा जाता है। ठीक है?
- 2:49:49इट हैज़ नो एप्लीकेशन इन द डे टू डे
- 2:49:50फंक्शनिंग इससे कोई मतलब नहीं है। करंट
- 2:49:52नोटिफिकेशन इट वाज़ रिलीज़्ड इन 1979। तो
- 2:49:55शुरू के चार पांच ध्यान रख लो। पहला
- 2:49:57प्रेसिडेंट आता है। दूसरा वाइस
- 2:49:58प्रेसिडेंट। तीसरा आपका प्राइम मिनिस्टर
- 2:50:00हो गया।
- 2:50:01देन आपका गवर्नर्स हो गया। फिर फॉर्मर
- 2:50:03प्रेसिडेंट हो गया। फिर डिप्टी प्राइम
- 2:50:04मिनिस्टर हो गया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया
- 2:50:06स्पीकर ऑफ लोकसभा। ये दोनों एक ही स्केल
- 2:50:08पर आते हैं। सेवन में कैबिनेट मिनिस्टर्स
- 2:50:10हो गए। इसके बाद होल्डर्स ऑफ भारत रत्न हो
- 2:50:12गए। इसके बाद आपके एंबेसडर्स और हाई
- 2:50:14कमिश्नर्स हो गए। जजेस ऑफ सुप्रीम कोर्ट
- 2:50:16हो गया। फिर चेयरमैन यूपीएससी। ठीक है?
- 2:50:17मोटा-मोटा 11 नंबर पे अटॉर्नी जनरल आता
- 2:50:20है। कुछ एडिशनल फैक्ट्स हैं। चीफ जस्टिस
- 2:50:23ऑफ इंडिया और जो स्पीकर ऑफ लोकसभा है, यह
- 2:50:25इक्वली रैंक है सिक्स्थ पोजीशन पे। हमने
- 2:50:27देखा भी है चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एंड
- 2:50:29स्पीकर ऑफ लोकसभा।
- 2:50:32इमीडिएटली बिलो द फॉर्मर प्रेसिडेंट एंड
- 2:50:34डिप्टी प्राइम मिनिस्टर जो डिप्टी प्राइम
- 2:50:35मिनिस्टर हैं उनकी रैंक पे चेयरमैन ऑफ
- 2:50:37यूपीएससी चीफ इलेक्शन कमीशन यह रैंक है
- 2:50:39इक्वली 9A में ठीक है कैबिनेट सेक्रेटरी
- 2:50:42जो है टॉप मोस्ट सिविलियन होता है नॉन
- 2:50:43इलेक्टेड ऑफिसर होता है गवर्नमेंट ऑफ
- 2:50:44इंडिया में अ गवर्नर रैंक्स अबव द चीफ
- 2:50:47जस्टिस ऑफ़ इंडिया ओनली विद इन हज़ हर ओन
- 2:50:48स्टेट अपने स्टेट में वो जो है गवर्नर जो
- 2:50:51है वो चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया से अबव रैंक
- 2:50:53करता है आउटसाइडे इट अ चीफ मिनिस्टर या
- 2:50:54गवर्नर ड्रॉप रैंक्स टू एट करेक्ट
- 2:50:57सीक्वेंस देखो यहां से भी देख सकते हो
- 2:50:59इतना आप बस याद कर लेना प्रेसिडेंट वाइस
- 2:51:01प्रेसिडेंट, प्राइम मिनिस्टर, गवर्नर,
- 2:51:03फॉर्मर प्रेसिडेंट, डिप्टी प्राइम
- 2:51:04मिनिस्टर
- 2:51:06आपका चीफ जस्टिस एंड स्पीकर ऑफ लोकसभा एक
- 2:51:08ही स्केल में आते है। आइए अब नेक्स्ट
- 2:51:10चैप्टर 21 पार्लियामेंट को देखते हैं।
- 2:51:13आर्टिकल 79 से 120 तक पार्ट फिफ्थ जो है
- 2:51:16वो पार्लियामेंट से डील करता है। आर्टिकल
- 2:51:1779 क्या बोलता है? कि पार्लियामेंट जो है
- 2:51:20इट कंसिस्ट ऑफ द प्रेसिडेंट और दो हाउसेस।
- 2:51:23तो पार्लियामेंट किससे मिलके बना है?
- 2:51:24प्रेसिडेंट और दो हाउसेस। कौन से दो
- 2:51:25हाउसेस? लोकसभा एंड राज्यसभा। द हाउस ऑफ द
- 2:51:28पीपल जिसको लोकसभा कहते हैं एंड द काउंसिल
- 2:51:30ऑफ द स्टेट्स जिसको हम राज्यसभा कहते हैं।
- 2:51:32लोकसभा की मैक्सिमम जो स्ट्रेंथ है वो 550
- 2:51:34है। क्लियर है? जो 530 स्टेट से आती है
- 2:51:37एंड 20 जो आपकी यूनियन टेरिटरी से आती है
- 2:51:39एस पर आर्टिकल 81। करंट एक्चुअल स्ट्रेंथ
- 2:51:41जो है वो 543 है। नॉमिनेशन ऑफ़ टू एंग्लो
- 2:51:44इंडियन मेंबर्स। दो एंग्लो इंडियन मेंबर्स
- 2:51:46लोकसभा से नॉमिनेट होते हैं। हालांकि अब
- 2:51:47वो प्रोविजन हट गया है। ठीक है? क्लियर
- 2:51:50है? 104 अमेंडमेंट से इसको हटा दिया गया
- 2:51:52है। सीट एलोकेशन अमोंग स्टेट्स इज़ बेस्ड
- 2:51:56ऑन द 1971 सेंस। 1971 के सेंसस पे था।
- 2:51:59आर्टिकल 82 बोलता है फ्रोजन टिल द फर्स्ट
- 2:52:01सेंस टेकन आफ्टर 2026। ठीक है? 84
- 2:52:04अमेंडमेंट से हमने क्या कर दिया? उसको
- 2:52:062026 तक कर दिया। तो अभी जो सीट्स हैं
- 2:52:07पार्लियामेंट में वो 1971 के सेंस पर
- 2:52:10बेस्ड हैं। क्वालिफिकेशंस टू बी अ लोकसभा
- 2:52:12मेंबर। क्या-क्या क्वालिफिकेशन होना चाहिए
- 2:52:13पार्लियामेंट में? टू बी अ लोकसभा मेंबर,
- 2:52:15सिटीजन ऑफ़ इंडिया नॉट लेस देन 25 इयर्स ऑफ़
- 2:52:18एज। ये लोकसभा का है। मस्ट मेक एंड
- 2:52:19सब्सक्राइब टू एन ओथ एंड पोज़ेस अदर
- 2:52:22क्वालिफिकेशन पार्लियामेंट प्रिस्क्राइब
- 2:52:23बाय लॉ। ओथ होना ओथ लेगा वो। और जो भी
- 2:52:25पार्लियामेंट अह रूल्स एंड कंडीशन
- 2:52:28प्रिस्राइब करेगा उसको फॉलो करेगा।
- 2:52:31इसके बाद आर्टिकल 330 अगर आप देखोगे तो ये
- 2:52:34सब रिजर्वेशन की बात करते हैं। एससी एसटी
- 2:52:36का रिजर्वेशन होगा लोकसभा में। 84 सीट्स
- 2:52:38होंगी एससी के लिए। 47 होगी आपकी एसटी के
- 2:52:41लिए। आफ्टर द 2008 का लिमिटेशन। क्लियर
- 2:52:43है? अप टू 79 एंड 41 रिजर्व सीट्स एमपी आर
- 2:52:47इेड बाय ऑल वोटर्स इन द कॉन्स्टिट्यूएंसी
- 2:52:50विद नो सेपरेट इलेक्टोरेट। मध्य प्रदेश
- 2:52:52में जो है हाईएस्ट एसटी रिजर्व सीट है। ये
- 2:52:54पूछ लेगा ये ज्यादा इंपॉर्टेंट है। क्लियर
- 2:52:55है? नो एसटी रिजर्वेशन इन उत्तर प्रदेश,
- 2:52:58बिहार, केरला एंड तमिलनाडु। यहां पर एससी
- 2:53:00रिजर्वेशन है। एसटी रिजर्वेशन नहीं
- 2:53:01क्योंकि शेड्यूल कास्ट यहां पर ज्यादा
- 2:53:03नहीं है। शेड्यूल कास्ट है ही नहीं मेनली
- 2:53:04उत्तर प्रदेश में ज्यादातर। मतलब शेड्यूल
- 2:53:06ट्राइब। क्लियर है? तो, नहीं दिया गया
- 2:53:09रिजर्वेशन। यह कुछ आर्टिकल्स हैं
- 2:53:11पार्लियामेंट के। इनको आप देख लेना। काफी
- 2:53:13इंपॉर्टेंट है। आर्टिकल 79 बोलता है कि
- 2:53:15पार्लियामेंट में कौन-कौन होगा?
- 2:53:16प्रेसिडेंट, लोकसभा और राज्यसभा होगा।
- 2:53:18इसके बाद 81 में कंपोजिशन ऑफ लोकसभा की
- 2:53:20बात करता है। मैक्सिमम 530 होंगे स्टेट से
- 2:53:22और 20 होंगे आपके यूनियन टेरिटरी से। 83
- 2:53:24क्लॉज़ टू बार करता है। नॉर्मल टर्म फाइव
- 2:53:26इयर्स होगा। पहली मीटिंग जब होगी जो
- 2:53:29लोकसभा गठित होगा 5 साल होगा और वो एक साल
- 2:53:31एक्सटेंड भी हो सकता है। अगर मान लो
- 2:53:32इमरजेंसी लग गई तो। क्लियर है? 84 बोलता
- 2:53:36है क्वालिफिकेशन मेंबर पार्लियामेंट के
- 2:53:37लिए 25 साल उम्र होनी चाहिए लोकसभा के
- 2:53:39लिए। 30 साल होनी चाहिए राज्यसभा के लिए।
- 2:53:4185 आर्टिकल में क्या बोलता है कि
- 2:53:42प्रेसिडेंट जो है वो समन कर सकता है,
- 2:53:44प्रोरोग कर सकता है, डिॉल्व कर सकता है
- 2:53:46हाउस को और दो सेशन के बीच में कितना गैप
- 2:53:48होना चाहिए? मैक्सिमम सिक्स मंथ्स। 93,
- 2:53:5094, 95, 96 ये इलेक्शन, रेज़िग्नेशन,
- 2:53:53रिमूवल पावर्स, रिमूवल रेोल्यूशन,
- 2:53:55प्रोसीजर फॉर स्पीकर इन सब से रिलेटेड बात
- 2:53:58करते हैं। क्लियर है? इसके बाद हम आर्टिकल
- 2:54:0198 देखेंगे। तो, लोकसभा सेक्रेटेरिएट की
- 2:54:03बात करता है। स्टाफिंग रूल्स फ्रेम बाय द
- 2:54:05प्रेसिडेंट आफ्टर कंसल्टिंग द स्पीकर। 100
- 2:54:07क्लॉज़ थ्री बात करता है। कोरम ऑफ ईच हाउस
- 2:54:09कितना होना चाहिए? 110 ऑफ द टोटल मेंबरशिप
- 2:54:11330 331 बात करता है एससी एसटी रिजर्वेशन
- 2:54:14लोकसभा में और एंग्लो इंडियन नॉमिनेशन की
- 2:54:16बात करता है। क्लियर है? जो कि हटा दिया
- 2:54:19गया था 104 कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट
- 2:54:21एक्ट 2019 से। स्पीकर एंड डिप्टी स्पीकर
- 2:54:24की बात करेंगे। आर्टिकल 93 क्या बोलता है?
- 2:54:26स्पीकर और डिप्टी स्पीकर दोनों लोकसभा में
- 2:54:28होते हैं। बोथ आर चूजन बाय लोकसभा फ्रॉम
- 2:54:30अमंगस्ट ओन मेंबर्स। मेंबर्स चूज़ करते
- 2:54:31हैं। ध्यान रखना चूज़न होते हैं। इ नहीं
- 2:54:33किया जाता है। ठीक है? नॉट इेड बाय द
- 2:54:35पब्लिक। लोग जाके स्पीकर के इलेक्शन में
- 2:54:36वोट नहीं करते हैं और नॉमिनेट भी नहीं
- 2:54:39किया जाता है। नाइदर टेक्स एन ओथ ऑफ ऑफिस
- 2:54:41अ कॉमन ट्रैप। कोई ओथ ऑफ ऑफिस नहीं लेगा।
- 2:54:43सिंस द प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट,
- 2:54:45प्राइम मिनिस्टर एंड सुप्रीम कोर्ट, जजेस
- 2:54:46ऑल डू। ये सब लोग करते हैं। आर्टिकल 94 बी
- 2:54:48क्या होता है? स्पीकर जो है रिजाइन करेगा।
- 2:54:50अगर उसको रेगोनेशन देना होगा तो डिप्टी
- 2:54:52स्पीकर को देगा। और डिप्टी स्पीकर को करना
- 2:54:53होगा तो स्पीकर को देगा। ये लोग
- 2:54:54प्रेसिडेंट को नहीं देते हैं। ध्यान रखना।
- 2:54:5794 सी क्लॉज़ में आपका रिमूवल है कि
- 2:54:59रेोल्यूशन चाहिए। एक मेजॉरिटी ऑफ़ ऑल द
- 2:55:01मेंबर्स ऑफ़ द हाउस ऑफ़ द लोकसभा और 14 डज़
- 2:55:03नोटिस देना पड़ेगा जब आपको स्पीकर या
- 2:55:05डिप्टी स्पीकर को निकालना है। मतलब स्पीकर
- 2:55:07को निकालना है। अब देखो जब भी इनका मोशन
- 2:55:09होगा स्पीकर का डिप्टी स्पीकर का तो ये
- 2:55:11प्रसाइड नहीं कर सकते हाउस लेकिन इनके पास
- 2:55:13राइट टू स्पीक होगा। यह प्रोसीडिंग्स में
- 2:55:15पार्ट ले सकते हैं और फर्स्ट इंस्टेंस में
- 2:55:17वोट कर सकते हैं। क्लियर है? जब भी इनका
- 2:55:18रिमूवल प्रोसेस होगा निकालने का, तो यह
- 2:55:20फर्स्ट इंस्टेंस में वोट कर सकते हैं।
- 2:55:22आर्टिकल 96 में है। आर्टिकल 100 क्लॉज़ वन
- 2:55:24में क्या है? द स्पीकर डज नॉट वोट इन द
- 2:55:26इंस्टेंस इन ऑर्डिनरी बिज़नेस बट एक्सरसाइज
- 2:55:28अ कास्टिंग वोट ओनली इन द केस ऑफ़ टाइम।
- 2:55:30देखो स्पीकर कभी अपनी मर्जी से वोट नहीं
- 2:55:32करेगा। ठीक है? पार्लियामेंट में वो कब
- 2:55:34वोट करेगा? जब मान लो वोट बराबर हो
- 2:55:35जाएंगे। ठीक है? मान लो वोट पार्लियामेंट
- 2:55:38में किसी चीज पे वोट हुआ और बराबर वोट हो
- 2:55:39गए हैं। तो स्पीकर जिस पे वोट कर देगा वो
- 2:55:41एक प्लस हो जाएगा। तो कब वो वोट करेगा जब
- 2:55:44वो टाई की सिचुएशन आ जाती है। ऑन द
- 2:55:47डिसोल्यूशन ऑफ़ लोकसभा, द स्पीकर डज़ नॉट
- 2:55:48वेकेट द ऑफिस। स्पीकर अपना ऑफिस खाली नहीं
- 2:55:51करेगा। कंटिन्यूज़ अंटिल इमीडिएटली बिफोर द
- 2:55:53फर्स्ट मीटिंग ऑफ़ द न्यूली इलेक्टेड हाउस।
- 2:55:55प्रोटर्म स्पीकर के बारे में देखेंगे। यह
- 2:55:56सीनियर मोस्ट मेंबर होता है न्यूली
- 2:55:58इलेक्टेड लोकसभा का। स्पीकर इसे अपॉइंट
- 2:56:00करता है जो कि एडमिनिस्टर करता है ओथ टू
- 2:56:02न्यू मेंबर्स एंड कंडक्ट्स प्रोसीडिंग टिल
- 2:56:04अ रेगुलर स्पीकर इज़ चूज़। जब तक कोई स्पीकर
- 2:56:06नहीं चूज़ होता है तब तक प्रोटर्म स्पीकर
- 2:56:07जो है असेंबली को हैंडल करता है।
- 2:56:10द स्पीकर प्रसाइड्स ओवर जॉइंट सिंग ऑफ़ बोथ
- 2:56:13द हाउसेस। तो कौन प्रिसाइड करता है?
- 2:56:14स्पीकर करता है। प्रेसेंट नहीं करता है।
- 2:56:15ध्यान रखना। देखो पिटी में जितनी भी चीजें
- 2:56:17हैं ना ज्यादातर चीजें फ़क्चुअल हैं। ठीक
- 2:56:19है? कुछ चीजें समझने की भी होती हैं।
- 2:56:21लेकिन पिटी में जो गलतियां होंगी आपसे
- 2:56:23फैक्ट्स में ज्यादा गलती होंगी। तो इसीलिए
- 2:56:25पिटी को ब्रश अप बार-बार करना पड़ेगा।
- 2:56:27आपको बार-बार चीजें पढ़नी पड़ेंगी।
- 2:56:29बार-बार उसको याद करना पड़ेगा। बार-बार
- 2:56:31उसे रिवाइज करना पड़ेगा। यही तरीका है
- 2:56:33पॉलिटी को पढ़ने का। क्लियर है? अब देखो,
- 2:56:36आर्टिकल 108 क्लॉज़ फोर सर्टिफाइज़ मनी बिल
- 2:56:38अंडर आर्टिकल 110 क्लॉज़ फोर। क्या बोलता
- 2:56:40है कि लोकसभा सेक्रेटेट फंक्शनंस
- 2:56:42डायरेक्टली अंडर द स्पीकर। तो जो लोकसभा
- 2:56:44सेक्रेटेट है वो स्पीकर के अंडर फंक्शन
- 2:56:46करता है। इसके बाद जीवी मलवंकर यह पहले
- 2:56:48स्पीकर इनको फादर ऑफ द लोकसभा भी कहा जाता
- 2:56:50है। पहला नो कॉन्फिडेंस मोशन अगेन अ
- 2:56:52स्पीकर वाज़ मूव्ड अगेंस्ट हिम। ठीक है? तो
- 2:56:54कोई स्पीकर जिसके खिलाफ नो कॉन्फिडेंस
- 2:56:56मोशन मूव हुआ था वो इन्हीं के खिलाफ था।
- 2:56:581954 में रिजेक्ट हो गया। मीरा कुमार पहली
- 2:57:01वुमेन स्पीकर थी। ध्यान रखना पी ए संगमा
- 2:57:03पहले ट्राइबल स्पीकर थे। ये सारे ध्यान
- 2:57:05रखना। ओम बिरला आज प्रेजेंट स्पीकर हैं।
- 2:57:07इडी लोकसभा के दूसरा टर्म चल रहा है इनका।
- 2:57:09और डिप्टी स्पीकर पोस्ट अभी 2019 से
- 2:57:12वेकेंट है। क्लियर है? तो अभी कोई डिप्टी
- 2:57:13स्पीकर नहीं है। अब स्पीकर ऑफ द लोकसभा
- 2:57:15क्रोनोलॉजी में ध्यान नहीं रखना है। जीवी
- 2:57:17मनकर पहले थे ध्यान रख लो। ठीक है? और ओम
- 2:57:19बिरला अभी हैं आपके। इसके बाद सेशंस कोरम
- 2:57:23टर्म एंड डिसोल्यूशन देखेंगे। देखो ये
- 2:57:25क्या बताता है आर्टिकल 85 क्लॉज़ वन कि
- 2:57:27प्रेसिडेंट जो है वो समन कर सकता है ईच
- 2:57:29हाउस को और जो गैप होना चाहिए दो सेशन के
- 2:57:31वो दो 6 महीने से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
- 2:57:33ठीक है? मान लो पार्लियामेंट के सेशन होते
- 2:57:34हैं ना बजट सेशन होता है, मानसून सेशन
- 2:57:36होता है, विंटर सेशन होता है तो इनके बीच
- 2:57:38में जो गैप है दो सेशन के बीच में गैप है
- 2:57:40वो 6 महीने से ज्यादा नहीं होना चाहिए। और
- 2:57:43कॉन्स्टिट्यूशन में यह भी लिखा गया है कि
- 2:57:44पार्लियामेंट को कम से कम ट्वाइस अ ईयर
- 2:57:46यानी साल में दो बार मिलना ही मिलना है।
- 2:57:48पर वो तीन बार मिलता है, बजट में भी मिलता
- 2:57:49है, मानसून में मिलता है, विंटर में मिलता
- 2:57:51है। कोरम 100 क्लॉज़ थ्री में क्या दिया है
- 2:57:53कि 110 मेंबर्स जो टोटल मेंबरशिप के हैं
- 2:57:55वो दोनों हाउसेस है। क्लियर है? मतलब कोरम
- 2:57:57क्या है कि जो पार्लियामेंट की प्रोसीडिंग
- 2:57:59है वो तभी स्टार्ट होगी जब 110 मेंबरशिप
- 2:58:02होगी। मतलब इतने लोग प्रेजेंट होने चाहिए
- 2:58:04इंक्लूडिंग द स्पीकर।
- 2:58:06सिंग ऑफ लोकसभा एंड्स बाय एड्जॉर्मेंट।
- 2:58:08देखो अब लोकसभा को खत्म करना है। मान लो
- 2:58:10उसका टर्म पूरा हो गया तो क्या हो गया?
- 2:58:12एड्जॉर्नमेंट होगा। यह कौन करेगा? यह
- 2:58:13स्पीकर करता है। ठीक है? या प्रोरोगेशन
- 2:58:15होगा, डिसोल्यूशन होगा। यह कौन करता है?
- 2:58:17यह प्रेसिडेंट करता है। ध्यान रखना। ठीक
- 2:58:19है? तो आपका एड्जॉइनमेंट स्पीकर करेगा। बट
- 2:58:21प्रोरोगेशन एंड डिसोल्यूशन आपका
- 2:58:23प्रेसिडेंट करेगा। नॉर्मल टर्म देखोगे तो
- 2:58:255 साल होता है फ्रॉम द डेट ऑफ द फर्स्ट
- 2:58:26मीटिंग मे बी एक्सटेंडेड बाय पार्लियामेंट
- 2:58:28बाय लॉ। तो लॉ से उसको एक्सटेंड भी कर
- 2:58:30सकते हैं वन ईयर एट अ टाइम। ठीक है?
- 2:58:33ड्यूरिंग अ प्रोक्केलेप्शन ऑफ इमरजेंसी।
- 2:58:34वैसे 5 साल होता है बट एक साल इमरजेंसी के
- 2:58:36टाइम पे आप उसे एक्सटेंड भी कर सकते हो।
- 2:58:38उस समय कहां इलेक्शन वगैरह वोटिंग वगैरह
- 2:58:40कराओगे। क्लियर है? फिफ्थ लोकसभा जो है ये
- 2:58:42रन फॉर अबाउट सिक्स इयर्स। छ साल तक होता
- 2:58:44है ड्यू टू इमरजेंसी एयर एक्सटेंशन। द 13
- 2:58:46लोकसभा इज़ द क्लासिक एग्जांपल ऑफ़ नॉट
- 2:58:48कंप्लीटिंग इट्स फुल फाइव ईयर टर्म। इसके
- 2:58:51बाद लोकसभा इज़ डिॉल्व बाय द प्रेसिडेंट ऑन
- 2:58:53द एडवाइस या रेकमेंडेशन ऑफ़ द प्राइम
- 2:58:54मिनिस्टर। लोकसभा को प्रेसिडेंट की एडवाइस
- 2:58:57पे मतलब प्रेसिडेंट डिॉल्व कर सकता है ऑन
- 2:58:59द एडवाइस ऑफ द प्राइम मिनिस्टर जो कि
- 2:59:01हेडेड बाय काउंसिल ऑफ मिनिस्टरर्स होता
- 2:59:02है। ठीक है? प्रेसेंट का खुद का
- 2:59:04डिस्क्रीशन नहीं होता है। इसको भी ध्यान
- 2:59:05रखना। इसके बाद इलेक्शन सीट एंड
- 2:59:08रिप्रेजेंटेशन देखेंगे तो पहला लोकसभा
- 2:59:10इलेक्शन आपका 1951 में हुआ था। क्लियर है?
- 2:59:1425 अक्टूबर से मतलब 1952 तक 21 फरवरी अगले
- 2:59:17साल तक चला था। 489 सीट्स के लिए हुआ था।
- 2:59:19पहली सिंग वही 1952 में बैठी थी 13 मई को।
- 2:59:23इंडियन नेशनल कांग्रेस को इतनी सीट्स मिली
- 2:59:25थी। 364 ये सिंगल लार्जेस्ट पार्टी थी उस
- 2:59:26समय और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया सेकंड
- 2:59:28थी। तो इसको ध्यान रखना एग्जाम में ये पूछ
- 2:59:30लेता है कि पहली पार्टी कौन थी? तो सबको
- 2:59:32पता है कांग्रेस। लेकिन दूसरी कौन थी?
- 2:59:34कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया थी। इसको 16
- 2:59:35सीट्स मिली थी। ठीक है? 204 लोकसभा
- 2:59:37इलेक्शन जो था वो सात फज़ में हेल्ड हुआ
- 2:59:39था। क्लियर है?
- 2:59:42इसके बाद रिजल्ट डिक्लेयर्ड इन 4 जून
- 2:59:442024। रिजल्ट 4 जून 2024 को डिक्लेअ हुआ
- 2:59:47था। ठीक है? अ कितनी-कितनी सीट्स हैं अगर
- 2:59:50आप देखोगे तो उत्तर प्रदेश की 80 सीट्स
- 2:59:51हैं लोकसभा में। महाराष्ट्र की 48 हैं।
- 2:59:54वेस्ट बंगाल की 42 हैं। बिहार की 40 है।
- 2:59:56क्लियर है? तमिलनाडु की 39 है। मध्य
- 2:59:59प्रदेश की 29 है। गुजरात की 26 है।
- 3:00:02राजस्थान आंध्र प्रदेश की 25 है। दोनों की
- 3:00:04तेलंगाना की 17 है। आसाम की 14 है। पंजाब
- 3:00:07छत्तीसगढ़ का 13 है और छत्तीसगढ़ का 11
- 3:00:10है। उत्तराखंड की पांच है। तो ध्यान रखना
- 3:00:12उत्तराखंड की पांच है। बहुत कम सीट्स हैं।
- 3:00:13क्योंकि उत्तराखंड में तो दो ही
- 3:00:14डिस्ट्रिक्ट हैं। कुमायूं एक गढ़वाल है।
- 3:00:18अब स्टेट्स हैं यूनियन टेरिटरीज विद ओनली
- 3:00:20वन लोकसभा सीट्स। तो कौन-कौन सी स्टेट्स
- 3:00:22हैं यूनियन टेरिटरी? जिनके पास एक ही
- 3:00:23लोकसभा सीट है। तो चंडीगढ़ हो गया,
- 3:00:25सिक्किम है, मिजोरम है, अंडमान है,
- 3:00:27निकोबार आइलैंड्स है, लक्षद्वीप है,
- 3:00:29नागालैंड है, पुुडुचेरी है, त्रिपुरा है,
- 3:00:31अरुणाचल प्रदेश है, गोवा है, मणिपुर है और
- 3:00:33मेघालय है। ठीक है? अब देखो जो आपका
- 3:00:36मणिपुर, मेघालय, मेघालय ईच हैव टू।
- 3:00:39मणिपुर, मेघालय एक-एक। लार्जेस्ट
- 3:00:41कॉन्स्टिट्यूएंसी बाय एरिया। सबसे बड़ी
- 3:00:43कॉन्स्टिट्यूएंसी कौन सी है? तो ध्यान
- 3:00:44रखना लद्दाख है। ठीक है? ठीक है? और सबसे
- 3:00:46छोटी बोला जाए तो चांदनी चौक दिल्ली में
- 3:00:48जो है। ठीक है? मालगांव जो है मालूगम ये
- 3:00:51कहां पर है? ये अरुणाचल प्रदेश में है।
- 3:00:53हैड अ सिंगल वोटर पोलिंग बोथ इन द 2024
- 3:00:55इलेक्शन। सिंगल यहां पे एक आदमी वोट करने
- 3:00:57आया था। शोमपेन ट्राइब ऑफ ग्रेट निकोबार
- 3:01:00वोटेड फॉर द फर्स्ट टाइम इन 204। जो आपकी
- 3:01:02शोपेन ट्राइब है ना अंडमान निकोबार में
- 3:01:04है। ये बेसिकली वन लेबर ट्राइब है। तो ये
- 3:01:07पहली बार इसने वोट किया था 2024 में।
- 3:01:09अंडमान एंड निकोबार सीट के लिए। तो कौन सी
- 3:01:11ट्राइब ने किया था? इंपॉर्टेंट है पूछ
- 3:01:12सकता। तो शमपेन ट्राइब शैंपू मत कर देना
- 3:01:15शमपेन है। पोल एक्सपेंडिचर लिमिट अगर
- 3:01:17देखोगे लोकसभा की तो कितनी है? 95 लैक्स
- 3:01:19है। स्टेट असेंबली की कितनी है? 40 लाख
- 3:01:21है। सिक्योरिटी डिपॉजिट देखोगे तो लोकसभा
- 3:01:23का 25,000 है। ये सिक्योरिटी डिपॉज़िट में
- 3:01:26ध्यान नहीं रखना है। बस 1/6 अगर वोट नहीं
- 3:01:29सिक्योर हो पाया नहीं जीत पाए तो जो आपका
- 3:01:32सिक्योरिटी है वो जप्त हो जाएगी। 1/6 अगर
- 3:01:34वोट आपका इससे कम आया तो सिक्योरिटी जप्त
- 3:01:36हो जाएगी। इलेक्शन जो होते हैं वो फर्स्ट
- 3:01:38पाथ द पोस्ट सिस्टम में होते हैं। लेकिन
- 3:01:40प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट के किस पे
- 3:01:41होते हमने पढ़ा था प्रोपोर्शनल
- 3:01:42रिप्रेजेंटेशन पे होते हैं। दोनों मेथड
- 3:01:44अलग है। ठीक है? इसमें क्या होता है? जिस
- 3:01:46कैंडिडेट के सबसे ज्यादा वोट होंगे वो जीत
- 3:01:47जाएगा। ठीक है? नॉट 50 मेजॉरिटी। 50% वाला
- 3:01:50कोई रोल नहीं होता है। अब हम लीडर ऑफ द
- 3:01:53हाउस, लीडर ऑफ़ द अपोजिशन एंड वुमेन का
- 3:01:55रिप्रेजेंटेशन देखेंगे। देखो जो प्राइम
- 3:01:56मिनिस्टर होता है ना, जनरली होता है लीडर
- 3:01:58ऑफ़ द लोकसभा। इफ द प्राइम मिनिस्टर इज़ अ
- 3:02:00राज्यसभा मेंबर, ही नॉमिनेट्स एन मिनिस्टर
- 3:02:02एज़ अ लीडर ऑफ़ द हाउस। प्राइम मिनिस्टर
- 3:02:04जनरली द लीडर ऑफ द लोकसभा होता है। अगर
- 3:02:06प्राइम मिनिस्टर राज्यसभा का मेंबर है तो
- 3:02:08वो किसी को एज अ लीडर ऑफ हाउस अपॉइंट कर
- 3:02:10सकता है। जैसे प्रणव मुखर्जी जो थे वो
- 3:02:11लीडर ऑफ लोकसभा थे। जबकि मनमोहन सिंह जो
- 3:02:13उस समय प्राइम मिनिस्टर थे। ये एक
- 3:02:15राज्यसभा के मेंबर थे। समझ गए? तो लीडर
- 3:02:17कहां से होगा? लीडर ऑफ़ द हाउस फ्रॉम द
- 3:02:18लोकसभा। फॉर्मल रिकॉग्निशन एज़ द लीडर ऑफ़
- 3:02:20अपोज़िशन इज़ कन्वेंशनली ट्रेडज़ एज़ अ
- 3:02:22रिक्वायरिंग पार्टी टू होल्ड एटलीस्ट 10%
- 3:02:24ऑफ़ द लोकसभा टोटल स्ट्रेंथ। देखो, लीडर ऑफ़
- 3:02:26अपोज़िशन क्या होगा? कौन होगा? जिसके पास
- 3:02:28मिनिमम 10% सीट्स होंगी। इतनी ही तो होनी
- 3:02:30चाहिए। ठीक है? मतलब मान लो 555 है तो 55
- 3:02:33सीट्स तो होनी ही चाहिए 10% ठीक है?
- 3:02:35हाउएवर द सैलरी एंड अलाउंससेस ऑफ लीडर्स
- 3:02:37ऑफ़ अपोजिशन इन द पार्लियामेंट एक्ट डज़ नॉट
- 3:02:39इटसेल्फ प्रिस्क्राइब एनी 10% ट्रेशोल्ड।
- 3:02:41ठीक है? वन 10 फिगर्स क्रम फ्रॉम द हाउस
- 3:02:43रिकॉग्निशन प्रैक्टिस फर्स्ट फ्रॉमली
- 3:02:45रिकग्नाइज़्ड इन 1969। तो पहली बार लीडर ऑफ़
- 3:02:47अपोज़िशन कब रिकॉग्नाइज़ हुआ था? 1969 में
- 3:02:49हुआ था। ठीक है? द पोस्ट ट्रेड वेकेंट
- 3:02:51थ्रू द 16 एंड 17 लोकसभा। 16 एंड 17
- 3:02:54लोकसभा में सीट खाली थी। अंटिल राहुल
- 3:02:57गांधी बिकम द लीडर ऑफ़ अपोज़िशंस इन 18
- 3:02:59लोकसभा। तो 16 17 में खाली थी। 18 में
- 3:03:01राहुल गांधी बने थे।
- 3:03:02सर बहुत मेजॉरिटी थी गवर्नमेंट की और सब
- 3:03:04छोटा-मोटा गठबंधन में थे। किसी पार्टी के
- 3:03:06पास 10% सीट्स नहीं सिक्योर हो पाई थी।
- 3:03:09वुमेन एमपी लोकसभा देखोगे तो लोएस्ट था
- 3:03:111977 में 90 मेंबर्स थे। अभी भी कोई बहुत
- 3:03:14ज्यादा हाईएस्ट नहीं है। 2019 में 78
- 3:03:16मेंबर्स हुए हैं। ठीक है? और 106
- 3:03:18कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट एक्ट 2023 के
- 3:03:20तहत रिजर्व कर रखा है वन थर्ड सीट्स वुमेन
- 3:03:22के लिए। कहां-कहां? लोकसभा, स्टेट
- 3:03:24लेजिसलेटिव असेंबली एंड दिल्ली लेजिसलेटिव
- 3:03:27असेंबली। क्लियर है? इसमें ध्यान रखना यह
- 3:03:29लेजिसलेटिव काउंसिल में नहीं है।
- 3:03:31इंक्लूडिंग विद इन द एससी एसटी रिजर्व
- 3:03:32सीट्स नॉट येट इंप्लीमेंटेड एज अभी तक
- 3:03:35इंप्लीमेंट नहीं हुआ है।
- 3:03:37इसके बाद पार्लियामेंट के बारे में ही है।
- 3:03:39बेसिकली राज्यसभा के बारे में हम देखेंगे।
- 3:03:41राज्यसभा को हम अपर हाउस बोलते हैं यानी
- 3:03:43काउंसिल ऑफ स्टेट्स बोलते हैं। आर्टिकल 80
- 3:03:45क्या बोलता है? मैक्सिमम स्ट्रेंथ 250
- 3:03:47होगी। जिसमें से 12 जो है वो प्रेसिडेंट
- 3:03:49नॉमिनेट करेगा अलग-अलग फील्ड में।
- 3:03:50नॉमिनेटेड कौन-कौन से मेंबर्स होंगे?
- 3:03:52जिनके पास एक्सपीरियंस होगा लिटरेचर में,
- 3:03:54साइंस में, आर्ट्स में और सोशल सर्विस
- 3:03:56में। 2014 नॉमिनीज़ कौन-कौन थे? तो सतनाम
- 3:03:58सिंह संधू थे। ठीक है? एंड सुधामूर्ति थी।
- 3:04:00क्लियर है? सुधा मूर्ति के बारे में पता
- 3:04:02होगा इनके। अगर आपने किताबें पढ़ी होंगी।
- 3:04:04ओनली थ्री ऑफ़ द इंडियन यूनियन टेरिटरीज़ आर
- 3:04:06रिप्रेजेंटेड इन राज्यसभा। तीन सिर्फ
- 3:04:08इंडियन यूनियन टेरिटरीज़ राज्यसभा में
- 3:04:10रिप्रेजेंटेड है। कौन-कौन सी? दिल्ली,
- 3:04:11पुुडुचेरी एंड आपका जम्मू एंड कश्मीर।
- 3:04:14दिल्ली में तीन सीट है। पुुडुचेरी में एक
- 3:04:15सीट है। जम्मू कश्मीर में चार सीट्स हैं।
- 3:04:17क्लियर है? तो टोटल कितनी सीट्स हो गई?
- 3:04:19टोटल पूरा तीन यूनियन टेरिटरीज मिलाके आठ
- 3:04:21सीट्स हो गई। स्टेट रिप्रेजेंटेटिव जो
- 3:04:23होते हैं वो इनडायरेक्टली इलेक्टेड होते
- 3:04:25हैं बाय द इलेक्टेड मेंबर्स ऑफ द स्टेट
- 3:04:26लेजिसलेटिव असेंबली। तो अगर राज्यसभा में
- 3:04:28देखोगे तो वोट करते हैं बेसिकली स्टेट
- 3:04:30लेजिसलेटिव असेंबली के मेंबर्स वाया
- 3:04:32प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन बाय सिंगल
- 3:04:34ट्रांसफर रोल। लोकसभा में कैसा हो रहा था?
- 3:04:35फर्स्ट पास द पोस्ट सिस्टम से वोट हो रहा
- 3:04:37था। यहां पर प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन से
- 3:04:39वोट हो रहा है। सिंस द 2003 अमेंडमेंट टू
- 3:04:42द रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट 1951 अ
- 3:04:45राज्यसभा कैंडिडेट नीड ओनली बी एन इलेक्टर
- 3:04:48फॉर द पार्लियामेंट्री कॉन्स्टिट्यूएंसी
- 3:04:49एनीवेयर इन इंडिया। ठीक है? तो क्या बोल
- 3:04:51रहा है कि 2003 अमेंडमेंट से क्या हुआ?
- 3:04:53राज्यसभा कैंडिडेट जो है इलेक्टर होना
- 3:04:55चाहिए किसी भी पार्लियामेंट्री
- 3:04:56कॉन्स्टिट्यूएंसी से। पहले था कि इसी
- 3:04:58स्टेट से होना चाहिए। अब ऐसा कोई
- 3:04:59रिक्वायरमेंट नहीं है। द अर्लियर
- 3:05:00रिक्वायरमेंट ऑफ़ बीइंग एन इलेक्टर इन द
- 3:05:02सेम स्टेट वाज़ रिमूव्ड। ठीक है? कि कहां
- 3:05:04जहां से ये सब आपके जो विधायक वगैरह हैं
- 3:05:08सब वोट कर रहे हैं वहीं से होना चाहिए। बट
- 3:05:09ऐसा अब कुछ नहीं है। क्वालिफिकेशन देखोगे
- 3:05:11तो सिटीजन ऑफ़ इंडिया होना चाहिए। 30 साल
- 3:05:13से कम उम्र नहीं होनी चाहिए। एंड मस्ट बी
- 3:05:15एन इलेक्टर फॉर अ पार्लियामेंट्री
- 3:05:16कॉन्स्टिट्यूएंसी इन इंडिया। राज्यसभा वाज़
- 3:05:18द फर्स्ट कॉन्स्टिट्यूटेड ऑन 3 अप्रैल
- 3:05:201952। इट वाज़ अ परमानेंट हाउस एंड नॉट
- 3:05:22सब्जेक्ट टू डिसोल्यूशन। राज्यसभा जो था
- 3:05:24पहली बार 1952 में कॉन्स्टिट्यूट हुआ था
- 3:05:26और ये परमानेंट हाउस है। डिॉल्व नहीं हो
- 3:05:27सकता है। ठीक है? इसके 1/3 जो मेंबर्स हैं
- 3:05:30वो रिटायर होते हैं हर दो साल पे। क्लियर
- 3:05:32है? ईच मेंबर का टर्म जो होता है वो छ साल
- 3:05:35होता है। राज्यसभा देखो ध्यान रखना।
- 3:05:37राज्यसभा का कोई टर्म नहीं है। लेकिन
- 3:05:39मेंबर्स का टर्म है छ साल। फोर शेड्यूल जो
- 3:05:42है कॉन्स्टिट्यूशन का ये एलोकेट करता है
- 3:05:43राज्यसभा को सीट्स। ठीक है? अमंग द
- 3:05:45स्टेट्स एंड यूनियन टेरिटरीज़। ठीक है? ठीक
- 3:05:47है? तो फोर शेड्यूल आपने पढ़ा भी रखा होगा
- 3:05:48टीई आर एस टियर्स ऑफ ओल्ड पीएम। तो आर से
- 3:05:50क्या होता है? राज्यसभा सीट्स के बारे में
- 3:05:51बात करता है। अब इसके बाद राज्यसभा
- 3:05:53चेयरमैन एंड डिप्टी चेयरमैन के बारे में
- 3:05:55देखेंगे। तो चेयरमैन कौन होता है? यू ऑल
- 3:05:57नो दैट वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया जो है
- 3:05:58एक्स ऑफिस वो चेयरमैन होता है। ही इज़ नॉट
- 3:06:01द मेंबर ऑफ द हाउस व्हाइल एक्टिंग एज द
- 3:06:02प्रेसिडेंट। ठीक है? मेंबर नहीं होता है।
- 3:06:06अगर वो प्रेसिडेंट के तौर पर एक्ट कर रहा
- 3:06:07है। मान लो प्रेसिडेंट नहीं है। ही
- 3:06:08फॉरगॉट्स अ चेयरमैन सैलरी एंड ड्रॉस द
- 3:06:10प्रेसिडेंट सैलरी इन स्टेट। अगर
- 3:06:11प्रेसिडेंट की कुर्सी पे बैठ रहा है तो
- 3:06:12उसको चेयरमैन की सैलरी नहीं मिलेगी। तब
- 3:06:14प्रेसिडेंट की मिलेगी भाई। वही काम कर रहा
- 3:06:15है तो उसकी मिलेगी। डेपुटी चेयरमैन क्या
- 3:06:17होता है? इेड बाय द राज्यसभा फ्रॉम अमंग
- 3:06:19हज़ ओन मेंबर्स रिजाइन इन राइटिंग टू
- 3:06:21चेयरमैन। किसको रिजाइन करके देगा? चेयरमैन
- 3:06:23को देगा। परफॉर्म द चेयरमैन ड्यूटीज़ व्हेन
- 3:06:24द मान लो चेयरमैन नहीं है यानी वाइस
- 3:06:26प्रेसिडेंट नहीं है तो डिप्टी चेयरमैन जो
- 3:06:27राज्यसभा का है वो उसकी ड्यूटी परफॉर्म
- 3:06:29करेगा। एक्सरसाइज़ ओनली अ कास्टिंग वोट इन
- 3:06:31केस ऑफ़ अ टाइबाइल प्रोसाइडिंग। तो वोट
- 3:06:33कैसे दे सकता है? कास्टिंग वोट दे सकता है
- 3:06:34स्पीकर की तरह। रिमूवल ऑफ़ डिप्टी चेयरमैन।
- 3:06:36तो अगर इसको भी रिमूव करना है तो आपको एक
- 3:06:38रेज़ोल्यूशन पास करना पड़ेगा एब्सोल्यूट
- 3:06:40मेजॉरिटी से। ठीक है? ठीक है? ऑफ ऑल द
- 3:06:41मेंबर्स ऑफ द राज्यसभा और 14 दिन की नोटिस
- 3:06:44भी देनी पड़ेगी। नोटेबल चेयरमैन अगर
- 3:06:46देखोगे तो डॉ. एस राधाकृष्णन है और
- 3:06:48मोहम्मद अहमद अंसारी दे आर ओनली टू टू हैव
- 3:06:51सर्व टू क्सक्यूटिव टर्म एस चेयरमैन। ठीक
- 3:06:53है? दो क्सक्यूटिव टर्म में ये लोग
- 3:06:54चेयरमैन रहे हैं। सात से 17 कोरम देखोगे
- 3:06:57तो 110 मेंबर्स होना चाहिए भाई। ठीक है?
- 3:07:00लोकसभा की तरह सेम है। स्पेशल एंड
- 3:07:02एक्सक्लूसिव पावर ऑफ़ राज्यसभा। आर्टिकल
- 3:07:04249 क्या बोलता कि अगर राज्यसभा ने
- 3:07:05रेोल्यूशन पास कर दिया है टू थर्ड
- 3:07:07मेजॉरिटी से ऑफ द मेंबर्स प्रेजेंट इन
- 3:07:09वोटिंग तो पार्लियामेंट मे लेजिसलेट ऑन अ
- 3:07:11स्टेट लिस्ट सब्जेक्ट ऑन द नेशनल इंटरेस्ट
- 3:07:13देखो अगर कोई नेशनल इंटरेस्ट पे बात है
- 3:07:15ठीक है मान लो कोई स्टेट लिस्ट है ठीक है
- 3:07:17अब वो स्टेट लिस्ट पे मैंने आपको बताया था
- 3:07:19स्टेट कानून बना सकता है लेकिन अगर
- 3:07:20राज्यसभा ने रेजोल्यूशन पास कर दिया तो
- 3:07:22पार्लियामेंट भी बना सकता है ठीक है अगर
- 3:07:24मान लो वो नेशनल इंटरेस्ट के हित में है
- 3:07:26और राज्यसभा ने पास कर दिया तो
- 3:07:27पार्लियामेंट कैन आल्सो मेक ठीक है ऐसा
- 3:07:29रेजोल्यूशन जो है ना वो एक ही साल के लिए
- 3:07:30वैलिड है इसको भी ध्यान रखना आर्टिकल 312
- 3:07:34क्या बोलता है कि राज्यसभा की जो
- 3:07:35एक्सक्लूसिव पावर है टू ऑथराइज़ अ क्रिएशन
- 3:07:37ऑफ़ वन और मोर ऑल इंडिया सर्विज बाय
- 3:07:40रेोल्यूशन सपोर्टेड बाय नॉट लेस देन टू
- 3:07:42थर्ड ऑफ़ द मेंबर्स प्रेजेंट इन वोटिंग।
- 3:07:44देखो मैंने आपको बताया था ऑल इंडिया
- 3:07:46सर्विज पे अगर बिल लाना है मान लो
- 3:07:48गवर्नमेंट को एक और पोस्ट कोई क्रिएट करनी
- 3:07:50है तो वो बिल राज्यसभा में जाएगा क्योंकि
- 3:07:52राज्यसभा के पास पावर है। पहले राज्यसभा
- 3:07:54में जाएगा। तो राज्यसभा में कितने मेंबर्स
- 3:07:56उसको वोट करेंगे? 20000 ऑफ द मेंबर्स
- 3:07:58प्रेजिटेंट एंड वोटिंग। ध्यान रखना
- 3:08:00प्रेजेंट एंड वोटिंग है। टोटल मेंबरशिप
- 3:08:01नहीं है। एग्जाम में डाल देगा टोटल
- 3:08:02मेंबरशिप और आपका गलत हो जाएगा। तो ये
- 3:08:04ध्यान रखना। राज्यसभा एंड लोकसभा हैव
- 3:08:07इक्वल पावर्स ओवर द ऑर्डिनरी लेजिसलेशन।
- 3:08:09कोई भी ऑर्डिनरी लेजिसलेशन है तो राज्यसभा
- 3:08:11और लोकसभा दोनों के पास बराबर ही पावर है।
- 3:08:13कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट्स आर्टिकल 368
- 3:08:15क्या बोलता है? इंपीचमेंट के बारे में एंड
- 3:08:16मेनी अदर कॉन्स्टिट्यूशन फंक्शनंस के बारे
- 3:08:19में बात करता है। जैसे राज्यसभा इज़ अनकल।
- 3:08:21राज्यसभा कहीं-कहीं इक्वल नहीं है। जैसे
- 3:08:23मनी बिल के केस में लोकसभा के पास ज़्यादा
- 3:08:24पावर है। डिमांड फॉर ग्रांट्स में लोकसभा
- 3:08:26के पास ज़्यादा पावर है। एग्जीक्यूटिव
- 3:08:28रिस्पांसिबिलिटी। तो लोकसभा कलेक्टिव
- 3:08:29रिसोंसिबिलिटी किसके पास होती है? लोकसभा
- 3:08:31के हित में होती है ना? जो मिनिस्टर्स की
- 3:08:33कलेक्टिव रिस्पांसिबिलिटी है। दैट इज़ ओनली
- 3:08:34टू लोकसभा एंड नॉट टू राज्यसभा। फॉर अ
- 3:08:37कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट बिल इट मे बी
- 3:08:38इंट्रोड्यूस इन इदर हाउस। अगर
- 3:08:39कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट बिल की बात करें
- 3:08:41तो दोनों हाउस के पास इक्वल पावर होती है।
- 3:08:43क्योंकि वो बिल किसी भी हाउस में
- 3:08:44इंट्रोड्यूस हो सकता है। एंड नीड्स अ
- 3:08:45मेजॉरिटी ऑफ़ टोटल मेंबरशिप प्लस 23/3 ऑफ़ द
- 3:08:48मेंबर्स प्रेजेंट एंड वोटिंग इन ईच हाउस।
- 3:08:50आर्टिकल 250 क्या बोलता है कि
- 3:08:51पार्लियामेंट मे लेजिस्ट्रेट ऑन एनी स्टेट
- 3:08:53लिस्ट मैटर व्हाइल अ प्रोक्लेमेशन ऑफ
- 3:08:55इमरजेंसी इज़ एन ऑपरेशन कि पार्लियामेंट जो
- 3:08:57है वो लेजिस्ट्रेट कर सकता है किसी भी
- 3:08:58स्टेट लिस्ट के मैटर में अगर कहीं
- 3:09:00इमरजेंसी लगी है एंड दिस पावर ऑटोमेटिकली
- 3:09:02लैप्स सिक्स मंथ्स आफ्टर द इमरजेंसी
- 3:09:04सीजेस। ठीक है? 6 महीने बाद यह पावर
- 3:09:06ऑटोमेटिकली लैप्स कर जाती है। आर्टिकल 252
- 3:09:08क्या बोलता है? कि पार्लियामेंट मे
- 3:09:10लेजिस्ट्रेट फॉर टू और मोर स्टेट्स बाय
- 3:09:11बीइंग देयर कंसर्न अडॉप्टेबल बाय अदर
- 3:09:13स्टेट्स टू। मतलब पार्लियामेंट जो है वह
- 3:09:17दो या दो से स्टेट से अगर मान लो
- 3:09:20कि पार्लियामेंट को यह पावर देता है कि वो
- 3:09:22लॉ बना सकता है जो स्टेट लेस में सब्जेक्ट
- 3:09:25है। अगर दो या दो से ज्यादा स्टेट
- 3:09:26लेजिस्लेचर उसे ये लॉ बनाने के लिए बोल
- 3:09:28रहे हैं। क्लियर है? राज्यसभा हैज़ नो पावर
- 3:09:31टू रिजेक्ट और अमेंड अ मनी बिल। भाई मनी
- 3:09:32बिल में एक्सक्लूसिव पावर है लोकसभा के
- 3:09:34पास। तो राज्यसभा के पास पावर नहीं है कि
- 3:09:36वो मनी बिल को अमेंड कर सकता है या
- 3:09:38रिजेक्ट कर सकता है। रिकमेंडेशन दे सकता
- 3:09:39है 14 दिन के अंदर-अंदर। ठीक है? बट कोई
- 3:09:42वोट ऑन डिमांड फॉर ग्रांट्स नहीं कर सकता
- 3:09:43है ना डिस्कस कर सकता है। ठीक है? अ मनी
- 3:09:46बिल कैन बी इंट्रोड्यूस ओनली इन द लोकसभा।
- 3:09:47सबसे पहले लोकसभा में आएगा। नेवर राज्यसभा
- 3:09:49में कभी नहीं आएगा। नो कॉन्स्टिट्यूशनल
- 3:09:51कॉन्सक्वेंस फॉलोज़ इफ द गवर्नमेंट इज़
- 3:09:52डिफिटेड इन द राज्यसभा। ठीक है? सिंस द
- 3:09:55काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर इज़ कलेक्टिवली
- 3:09:56रिसोंसिबल ओनली टू लोकसभा। कह रहा है कि
- 3:09:58कोई कॉन्स्टिट्यूशनल कॉन्सिक्वेंस फॉलो
- 3:10:00नहीं होगा इफ द गवर्नमेंट इज़ डिफिटेड इन द
- 3:10:02राज्यसभा। राज्यसभा में डिफिट करती है
- 3:10:03क्योंकि काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर लोकसभा में
- 3:10:05रिस्पांसिबल होते हैं ना। तो लोकसभा मैटर
- 3:10:06करता है। हु आर इन द राज्यसभा मेंबर्स मे
- 3:10:09पार्टिसिपेट इन द लोकसभा डेलिब्रेशन टू।
- 3:10:11जो भी मिनिस्टर राज्यसभा में मेंबर्स हैं
- 3:10:13वो लोकसभा के डेलिबेरेशन में पार्टिसिपेट
- 3:10:15कर सकते हैं। मीटिंग में पार्टिसिपेट कर
- 3:10:16सकते हैं। बट वोट नहीं कर सकते हैं। वोट
- 3:10:18वहीं जाके करेंगे। जब वोटिंग होगी तब निकल
- 3:10:20जाएंगे अपने हाउस में। ठीक है? नॉमिनेटेड
- 3:10:22मेंबर्स ऑफ ईदर हाउस कैन नॉट वोट इन द
- 3:10:23प्रेसिडेंशियल इलेक्शन। नॉमिनेटेड मेंबर्स
- 3:10:25जो हैं हाउस के प्रेसिडेंट इलेक्शन में
- 3:10:27वोट नहीं कर सकते। क्योंकि हमने देखा था
- 3:10:28प्रेसिडेंट प्रेसिडेंट के इलेक्शन में भी
- 3:10:30हमने देखा था ना सिर्फ इलेक्टेड मेंबर्स
- 3:10:31होते हैं। बट दे कैन वोट इन द वाइस
- 3:10:34प्रेसिडेंट इलेक्शन। अब राज्यसभा सीट
- 3:10:36देखेंगे। ने लोकसभा सीट दे रखे। यूपी में
- 3:10:3831 है। महाराष्ट्र में 19 है। तमिलनाडु
- 3:10:40में 18 है। बिहार वेस्ट बंगाल में 16 है।
- 3:10:43कर्नाटका में 12 है। आंध्र प्रदेश गुजरात
- 3:10:45में दोनों में 11 है। मध्य प्रदेश में 11
- 3:10:47है। राजस्थान में 10 है। उड़ीसा में भी
- 3:10:49आपका 10 है।
- 3:10:51इसके बाद केरला में नौ है। तेलंगाना पंजाब
- 3:10:53में दोनों में सात है। झारखंड में छह है।
- 3:10:55छत्तीसगढ़ में पांच है। उत्तराखंड हिमाचल
- 3:10:57प्रदेश में तीन है। लोएस्ट अमंग द स्टेट्स
- 3:10:59एंड दिल्ली और जम्मू कश्मीर पुडुचेरी में
- 3:11:01तीन चार एक है। टोटल आठ।
- 3:11:04तो कुछ एडिशनल फैक्ट्स देखेंगे। अब
- 3:11:06आर्टिकल 108 क्या बोलता है कि जॉइंट सिंग
- 3:11:08के बारे में बात करता है। बोथ हाउसेस की
- 3:11:10जॉइंट सिंग होगी। अभी तक तीन ही बार हो
- 3:11:12रखी है। ठीक है? कौन-कौन से बिल में
- 3:11:14इंपॉर्टेंट एग्जाम में पूछता है। लडरी
- 3:11:16प्रोहिबिशन बिल दहेज वाले पे हुई थी।
- 3:11:18बैंकिंग सर्विस कमीशन बैंक वाले पे हुई थी
- 3:11:20एंड प्रिवेंशन ऑफ़ टेररिज्म। टेररिज्म पे
- 3:11:22हुई थी। क्लियर है? नरगिस दत्त वाज़ द
- 3:11:25फर्स्ट इंडियन एक्टर्स नॉमिनेटेड टू
- 3:11:27राज्यसभा। तो पहली इंडियन एक्टर्स जिनको
- 3:11:28राज्यसभा में नॉमिनेट किया था कौन थी?
- 3:11:30नरगिस दत्त थी। अनदर नॉमिनेटेड एक्ट्रेस
- 3:11:33कौन थी? वैजंतीवाला थी। ठीक है? बाय
- 3:11:37कंट्रास्ट वाज़ इेड टू द राज्यसभा फ्रॉम
- 3:11:38तमिलनाडु। अगर जय ललिता के बारे में
- 3:11:41देखोगे तो ये इ हुई थी राज्यसभा से
- 3:11:43तमिलनाडु से नॉट नॉमिनेटेड। ठीक है? इसके
- 3:11:46बाद राज्यसभा इज़ द ओनली हाउस हुस
- 3:11:47प्रिसाइडिंग ऑफिसर इज़ नॉट अ मेंबर ऑफ़ दैट
- 3:11:49हाउस। हम ये बहुत बार बात कर रखे हैं। ठीक
- 3:11:51है? जबकि लोकसभा की अगर हम बारे में बात
- 3:11:53करें तो मेंबर है। एक्सक्लूसिव पावर
- 3:11:55लोकसभा की क्या-क्या है? वर्सेस इज़
- 3:11:56राज्यसभा। तो इंट्रोडक्शन, रिजेक्शन,
- 3:11:58अमेंडमेंट ऑफ मनी बिल एंड द अकाउंटेबिलिटी
- 3:12:00ऑफ काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स। ये पावर किसके
- 3:12:02पास है? ये पावर है आपकी सिर्फ लोकसभा के
- 3:12:04पास। एक्सक्लूसिव पावर राज्यसभा की देखोगे
- 3:12:06तो क्या-क्या है? ऑथराइजिंग क्रिएशन ऑफ ऑल
- 3:12:08इंडिया सर्विसेस। ठीक है? आर्टिकल 312
- 3:12:11आर्टिकल 249 रेोल्यूशन ऑन स्टेट लिस्ट
- 3:12:13सब्जेक्ट।
- 3:12:15इसके बाद देखेंगे द पार्लियामेंट कंडक्ट
- 3:12:17ऑफ बिज़नेस एंड लेजिसलेटिव प्रोसीजर।
- 3:12:19पार्लियामेंट ऑफ़ इंडिया। पार्लियामेंट में
- 3:12:20कौन-कौन आता है? प्रेसिडेंट आता है,
- 3:12:22लोकसभा आता है एंड राज्यसभा आता है। द
- 3:12:24प्रेसिडेंट इज़ नॉट अ मेंबर एंड डज़ नॉट सीट
- 3:12:26इन पार्लियामेंट बट इज़ एन इंटीग्रल पार्ट
- 3:12:27ऑफ़ इट। द वाइस प्रेसिडेंट इज़ नॉट अ पार्ट
- 3:12:29ऑफ़ अ पार्लियामेंट। क्लियर है? ऑफिस
- 3:12:31ऑफिसर्स ऑफ़ द पार्लियामेंट कौन-कौन होते
- 3:12:33हैं? सो स्पीकर एंड डिप्टी स्पीकर होते
- 3:12:34हैं दोनों लोकसभा से। चेयरमैन होता है जो
- 3:12:37कि एक्स ऑफिसर होता है एंड वाइस
- 3:12:39प्रेसिडेंट भी होता है। डिप्टी चेयरमैन
- 3:12:42राज्यसभा का एंड द सेक्रेटरी जनरल ऑफ़ ईच
- 3:12:44हाउस। यह सब ऑफिसर्स ऑफ़ पार्लियामेंट है।
- 3:12:46ध्यान रखना। आर्टिकल 87 क्या बोलता है? है
- 3:12:48द प्रेसिडेंट एड्रेसेस बोथ हाउस असेंबल
- 3:12:50टुगेदर एट द सार्ट ऑफ़ द फर्स्ट सेशन आफ्टर
- 3:12:52ईच जनरल इलेक्शन। क्या बोल रहा है कि जो
- 3:12:54प्रेसिडेंट है वो एड्रेस करेगा दोनों
- 3:12:55हाउसेस को जब वो एक साथ बैठेंगे पहले सेशन
- 3:12:57में और आफ्टर ईच जनरल सेशन। ठीक है? हर 5
- 3:13:00साल पे। तो साल में एक बार और हर पांच साल
- 3:13:02पे प्रेसिडेंट करेगा। क्लियर है? आर्टिकल
- 3:13:0698 ईच हाउस हैड इट्स ओन सेपरेट
- 3:13:08सेक्रेटेरिएट इंडिपेंडेंट ऑफ द गवर्नमेंट।
- 3:13:10हर हाउस का अपना सेक्रेटेरिएट है। अब यह
- 3:13:12आईडिया पहले किसने दिया था? वित्तल भाई
- 3:13:14पटेल ने दिया था जो कि पहले स्पीकर थे
- 3:13:15सेंट्रल लेजिसलेटिव असेंबली के 1925 में।
- 3:13:19कॉमन पोस्ट जो हैं दैट कैन बी क्रिएटेड
- 3:13:21फॉर बोथ सेक्रेटेरिएट। जो कॉमन पोस्ट हैं
- 3:13:22वो दोनों के लिए होंगी। एंड पार्लियामेंट
- 3:13:24रेगुलेट्स देयर रिक्रूटमेंट एंड सर्विस
- 3:13:26कंडीशन बाय लॉ। इसके बाद पार्लियामेंट्री
- 3:13:28सोवनिटी जो है ये रेस्ट्रिक्टेड होती है
- 3:13:30जुडिशियल रिव्यू से। लॉ कैन नॉट वायलेट द
- 3:13:32बेसिक स्ट्रक्चर ऑफ़ द कॉन्स्टिट्यूशन। जो
- 3:13:33लॉ है आपका बेसिक स्ट्रक्चर ऑफ़ द
- 3:13:35कॉन्स्टिट्यूशन वो वायलेट नहीं कर सकता
- 3:13:37है। इसके बाद गोल्डन जुबली ऑफ़ इंडियन
- 3:13:38पार्लियामेंट ये सेलिब्रेट होती है 13 मई
- 3:13:402002 को। न्यू पार्लियामेंट बिल्डिंग जो
- 3:13:42थी इसको किसने डिजाइन किया था? आर्किटेक्ट
- 3:13:45विमल पटेल ने। ठीक है? सरदार वल्लभ भाई
- 3:13:47पटेल ने नहीं किया था। विमल पटेल ने किया
- 3:13:48था। ध्यान रखना। क्लियर है? और जो पुरानी
- 3:13:51बिल्डिंग थी मैंने बता रखा है लुटियंस।
- 3:13:52लुटियंस एंड बेकर ने कर रखा है। मोस्ट ऑफ
- 3:13:54द दिल्ली इन्हीं ने कर रखा है। आपका कैनोड
- 3:13:56प्लेस हो गया। वो सब इन्हीं ने कर रखा है।
- 3:13:59इसके बाद हम मेंबरशिप वेकेशन ऑफ़ सीट्स एंड
- 3:14:01प्रिविलेजेस के बारे में देखते हैं।
- 3:14:03आर्टिकल 1001 क्लॉज़ फोर क्या बोलता है? अ
- 3:14:05मेंबर एब्सेंट फ्रॉम ऑल मीटिंग्स ओवर अ
- 3:14:07हाउस फॉर 60 डेज। ठीक है? अगर 2 महीने से
- 3:14:09कोई गायब है मीटिंग से बिना परमिशन के तो
- 3:14:12उसकी सीट ऑटोमेटिकली खाली हो जाएगी।
- 3:14:14फर्स्ट एमपी डिसक्वालीिफाइड ऑन दिस
- 3:14:15ग्राउंड। इसमें पहला एमपी पता है कौन था?
- 3:14:17बरजिंदर सिंह थे। बरजिंदर सिंह हमदर्द।
- 3:14:19ठीक है? पता नहीं क्या भाई छोले भटूरे खा
- 3:14:21के सो गए होंगे। क्लियर है? राज्यसभा से
- 3:14:24थे 2000 की बात है। आर्टिकल 1001 क्लॉज़ टू
- 3:14:27क्या बोलता है? अ पर्सन इलेक्टेड टू बोथ
- 3:14:29पार्लियामेंट एंड अ स्टेट लेजिस्लेचर मस्ट
- 3:14:30रिजाइन द सीट विद इन 14 डेज और द
- 3:14:32पार्लियामेंट सीट्स बिकम वॉइड। अगर कोई
- 3:14:34बंदा पार्लियामेंट से और स्टेट लेजिस्लेचर
- 3:14:36दोनों से चुनाव जीत गया। दोनों से उसकी
- 3:14:38सीट है तो उसको 14 दिन के अंदर एक ना एक
- 3:14:40जगह से सीट वेकेंट करनी पड़ेगी वरना उसकी
- 3:14:42पार्लियामेंट वाली सीट चली जाएगी। क्लियर
- 3:14:44है? आर्टिकल 102 क्लॉज़ वन ए क्या बोलता
- 3:14:47है? डिसक्वालीफाइज़ अ पर्सन फ्रॉम
- 3:14:49पार्लियामेंट मेंबरशिप फॉर होल्डिंग एन
- 3:14:50ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट। यह डिसक्वालीफाई करता है
- 3:14:52एक पर्सन को पार्लियामेंट मेंबरशिप से अगर
- 3:14:54वो ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट होल्ड करता है। अंडर द
- 3:14:56यूनियन और द स्टेट। द टर्म इज़ नॉट डिफाइंड
- 3:14:58इन द कॉन्स्टिट्यूशन। ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट अगर
- 3:15:00आप देखोगे तो कॉन्स्टिट्यूशन में डिफाइन
- 3:15:02नहीं है। द पार्लियामेंट प्रिवेंशन ऑफ
- 3:15:04डिसक्वालीिफिकेशन एक्ट 1959 लिस्ट
- 3:15:06एग्ेंप्ट ऑफिसिसेस एंड हैज़ बीन अमेंडेड
- 3:15:08फाइव टाइम्स।
- 3:15:10आर्टिकल 103 क्या बोलता है? कि प्रेसिडेंट
- 3:15:13डिसाइड्स ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट
- 3:15:14डिसक्वालीिफिकेशन क्वेश्चन। प्रेसिडेंट जो
- 3:15:16है ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट के डिसक्वालिफिकेशन
- 3:15:18क्वेश्चंस को डिफाइन करेगा ऑन द एडवाइस ऑफ़
- 3:15:20द इलेक्शन कमीशन। किसकी एडवाइस पे?
- 3:15:22इलेक्शन कमीशन के एडवाइस पे। ठीक है? और
- 3:15:24जो गवर्नर है वो स्टेट लेजिसलेटिव्स का
- 3:15:26करेगा अंडर आर्टिकल 192। इसके बाद आर्टिकल
- 3:15:28105 क्या बोलता है? ये प्रिविलजेस और
- 3:15:30इम्यूनिटीज देता है हमारे मेंबर ऑफ
- 3:15:32पार्लियामेंट को। कलेक्टिव प्रिविलेजेस
- 3:15:34कुछ हैं जैसे एक्सक्लूडिंग स्ट्रेंजर्स,
- 3:15:36रेगुलेटिंग इंटरनल प्रोसीजर्स। ठीक है?
- 3:15:38प्रोहिबिशन पब्लिकेशंस ऑफ कोई भी चीज अगर
- 3:15:40तुम्हें पब्लिश करना है तो बिना परमिशन के
- 3:15:42नहीं कर सकते हो। ठीक है? तो ये सारी
- 3:15:44चीजें हैं। फ्रीडम फ्रॉम अटेंडेंस एज अ
- 3:15:46विटनेस इज़ एन इंडिविजुअल। अगर मान लो किसी
- 3:15:48का सेशन चल रहा है तो वो कोर्ट में एज अ
- 3:15:50विटनेस गवाही देने के लिए मना कर सकता है।
- 3:15:52ठीक है?
- 3:15:54ये इंडिविजुअल प्रिविलेज है। ये वाला
- 3:15:55कलेक्टिव नहीं है। क्लियर है? इसके बाद
- 3:15:57आर्टिकल 122 क्या बोलता है? कोर्ट्स आर
- 3:15:59बैड फ्रॉम इंक्वायरिंग इंटू द
- 3:16:00प्रोसीडिंग्स ऑफ द पार्लियामेंट। देखो ना
- 3:16:02पार्लियामेंट कोर्ट की प्रोसीडिंग्स में
- 3:16:04जा सकता है ना कोर्ट पार्लियामेंट्स की
- 3:16:06प्रोसीडिंग में जा सकता है। प्रिविलज मोशन
- 3:16:08प्रिविलज मोशन मे बी रेस् अगेंस्ट अ
- 3:16:09मिनिस्टर हु विथोल्ड्स फैक्ट और ऑफ अ केस
- 3:16:12और गिव्स अ डिसऑर्डेड वर्जन ऑफ़ फैक्ट्स।
- 3:16:14प्रिविलज मोशन किसके खिलाफ जा सकता है? उस
- 3:16:16मिनिस्टर के खिलाफ जा सकता है जो विथडल्ड
- 3:16:18कर रहा है कोई फैक्ट्स किसी केस का या कोई
- 3:16:21गलत फैक्ट दे रहा है। लेजिसलेटिव प्रोसीजर
- 3:16:24देखेंगे, बिल टाइप्स देखेंगे। ऑर्डरनी
- 3:16:26बिल, मनी बिल, फाइनेंसियल बिल, क्लॉज़ वन,
- 3:16:28फाइनेंसियल बिल, क्लॉज़ टू और
- 3:16:29कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट बिल। देखो
- 3:16:30ऑर्डरनी बिल जो है यह किसी भी हाउस में
- 3:16:32इंट्रोड्यूस हो सकता है और सिंपल मेजॉरिटी
- 3:16:34चाहिए इसको पास होने में। अगर दोनों में
- 3:16:36विवाद हो जाता है लोकसभा और राज्यसभा में
- 3:16:38तो जॉइंट सिंग भी हो सकती है। इसके बाद
- 3:16:40मनी बिल आपका आर्टिकल 110 में आता है। ये
- 3:16:42सिर्फ आपका लोकसभा में इंट्रोड्यूस हो
- 3:16:44सकता है और मनी बिल इंट्रोड्यूस करने के
- 3:16:45लिए प्रेसिडेंट की रिकमेंडेशन चाहिए।
- 3:16:47क्लियर है? राज्यसभा जो है ये अमेंड नहीं
- 3:16:50कर सकता ना ही रिजेक्ट कर सकता है। और अगर
- 3:16:52राज्यसभा को कोई सजेशन देना हुआ तो 14 दिन
- 3:16:55के अंदर रिकमेंडेशन दे सकता है। अगर 14
- 3:16:57दिन तक इसने कोई आवाज नहीं उठाई, चुप्पी
- 3:16:59साधी रही तो वो बिल ऑटोमेटिकली जो है वो
- 3:17:01पास हो जाएगा। क्लियर है? मनी बिल में कोई
- 3:17:04जॉइंट सिंग नहीं हो सकती है। और स्पीकर का
- 3:17:06जो डिसीजन होगा कि यह मनी बिल है या नहीं
- 3:17:08है वह फाइनल होगा। उस पर कोई क्वेश्चन
- 3:17:10नहीं कर सकता है। इसके बाद फाइनेंसियल बिल
- 3:17:12क्लॉज़ वन आता है। यह कंटेन करता है मनी
- 3:17:14बिल टाइप प्रोविज़ प्लस अदर मैटर। इसमें तो
- 3:17:17मनी बिल वाले प्रोविज़न आते हैं और मनी बिल
- 3:17:18के कुछ अलावा अगर पैसे से रिलेटेड संबंधित
- 3:17:20प्रोविज़न है तो वो फाइनेंसियल बिल क्लॉज़
- 3:17:22वन में आएंगे। यह सिर्फ आपका लोकसभा में
- 3:17:24इंट्रोड्यूस हो सकता है ओनली ऑन द
- 3:17:26प्रेसिडेंट रिकमेंडेशन। प्रेसिडेंट की
- 3:17:27रिकमेंडेशन पे बट कैन बी अमेंडेड
- 3:17:29रिजेक्टेड बाय द राज्यसभा लाइक एन ऑर्डर
- 3:17:31बिल। इसको अमेंड किया जा सकता है, रिजेक्ट
- 3:17:33किया जा सकता है राज्यसभा के द्वारा
- 3:17:35ऑर्डर्ड बिल की तरह। फाइनेंसियल बिल को
- 3:17:36रिजेक्ट कर सकती है। राज्यसभा मनी बिल को
- 3:17:38कर रही थी। नहीं मनी बिल को नहीं कर सकती
- 3:17:39है। सिर्फ सजेशन दे सकती है। वो भी 14 दिन
- 3:17:41के अंदर। इसके बाद फाइनेंसियल बिल क्लॉज़
- 3:17:44टू आता है। इसमें इनवॉल्व होता है
- 3:17:46एक्सपेंडिचर फ्रॉम द कंसोलिडेटेड फंड बट
- 3:17:48नो आर्टिकल 110 मैटर। देखो मनी बिल वाले
- 3:17:50कोई मैटर इसमें नहीं आते हैं। मे बी
- 3:17:52इंट्रोड्यूस इन इदर हाउस। ये भी किसी भी
- 3:17:53हाउस में जा सकता है। क्लियर है?
- 3:17:55प्रेसिडेंट रिकमेंडेशन नीडेड ओनली बिफोर
- 3:17:57कंसीडरेशन। इंट्रोडक्शन में नहीं चाहिए।
- 3:17:59कंसीडरेशन के लिए चाहिए कि सर ऐसा-ऐसा कुछ
- 3:18:01सोच रहे हैं। इसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन
- 3:18:02अमेंडमेंट बिल है। किसी भी हाउस में आ
- 3:18:04सकता है और इसको मेजॉरिटी चाहिए टोटल
- 3:18:06मेंबरशिप 2/3 ऑफ मेंबर्स प्रेजेंट एंड
- 3:18:08वोटिंग इन ईच हाउस सेपरेटली अलग-अलग
- 3:18:11चाहिए। 2/3 लोकसभा में, 2/3 राज्यसभा में।
- 3:18:14और इसमें कोई जॉइंट सिंग एप्लीकेबल नहीं
- 3:18:16होती है। इसके बाद जॉइंट सिंग बिल
- 3:18:17लैप्सिंग एंड द लेजिसलेटिव प्रोसेस को हम
- 3:18:19देखेंगे। आर्टिकल 108 क्या बोलता है? द
- 3:18:21प्रेसिडेंट मे समवन अ जॉइंट सिंग टू
- 3:18:23रिॉल्व अ डेड लॉक। अगर कोई डेडल लॉक को
- 3:18:25रिॉल्व करना है तो प्रेसिडेंट जो है वह
- 3:18:26जॉइंट सेटिंग बुला सकता है। ओनली फॉर एन
- 3:18:28ऑर्डनी बिल और अ फाइनेंसियल बिल। नेवर फॉर
- 3:18:31अ मनी बिल। मनी बिल के लिए नहीं बुला सकता
- 3:18:32है। ठीक है? या कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट
- 3:18:34बिल के लिए भी नहीं बुला सकता है। तो
- 3:18:35किसके लिए जॉइंट सिंग बुला सकता है? किसके
- 3:18:37लिए नहीं बुला सकता है? इसको प्लीज ध्यान
- 3:18:39में रखना।
- 3:18:41इसके बाद जो जॉइंट सिंग है उसको कौन
- 3:18:44प्रोसाइड करेगा? स्पीकर ऑफ लोकसभा करेगा।
- 3:18:46अगर वो नहीं है तो डेपुटी स्पीकर करेगा।
- 3:18:48अगर डिपुटी स्पीकर भी नहीं है तो डेपुटी
- 3:18:50चेयरमैन ऑफ राज्यसभा करेगा। ठीक है?
- 3:18:52चेयरमैन नहीं करेगा। डिपुटी चेयरमैन ऑफ
- 3:18:54राज्यसभा करेगा। ये पास्ड होगा सिंपल
- 3:18:56मेजॉरिटी से। ठीक है? तो अगर पूछा जाएगा
- 3:18:58ना जॉइंट सिंग में जो जॉइंट सिंग में
- 3:19:00डिसीजन होता है पास किया जाएगा। कौन सी
- 3:19:01मेजॉरिटी लगेगी? तो इसमें लगेगी आपकी
- 3:19:03सिंपल मेजॉरिटी। तीन जॉइंट सिंग अभी तक हो
- 3:19:06रखी है। मैं बता भी रखा हूं आपको। डायरी
- 3:19:07पे हुआ है, बैंकिंग पे हुआ है और टेररिज्म
- 3:19:09पे हुआ है। अगर लोकसभा डिॉल्व हो गई आफ्टर
- 3:19:11द प्रेसिडेंट हैज़ नोटिफाइड इंटेंट टू समवन
- 3:19:13अ जॉइंट सिंग। ठीक है? अगर प्रेसिडेंट ने
- 3:19:16जॉइंट सिंग समवन कर दिया है और लोकसभा
- 3:19:19डिॉल्व हो गई है तो द सिंग स्टिल गोज़ अहेड
- 3:19:21एंड द बिल डज़ नॉट लैप। तो वो बिल लैप्स
- 3:19:23नहीं होगा जिस पे हुई है और सिंग होएगी।
- 3:19:25आर्टिकल 107 क्या बोलता है? अ बिल पेंडिंग
- 3:19:28इन लोकसभा लैप्सेस ऑन इट्स रेोल्यूशन। अगर
- 3:19:30कोई बिल है लोकसभा में पेंडिंग है दैट
- 3:19:32लैप्सेस ऑन इट्स रेोल्यूशन। देखो
- 3:19:34[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 3:19:35अ बिल अब कैसे-कैसे लैप्स होता है या नहीं
- 3:19:38होता है। अ बिल पास बाय लोकसभा बट पेंडिंग
- 3:19:40इन राज्यसभा आल्सो लैप्स। कोई बिल है
- 3:19:42लोकसभा ने पास कर दिया है लेकिन राज्यसभा
- 3:19:44में पेंडिंग है और उससे पहले ही
- 3:19:45पार्लियामेंट आपका या लोकसभा जो है वो
- 3:19:48डिॉल्व हो गया। तो बिल आपका लैप्स हो
- 3:19:50जाएगा। बट अ बिल पेंडिंग इन राज्यसभा दैट
- 3:19:52द लोकसभा हैज़ नॉट येट पास्ड डज नॉट लैप।
- 3:19:55अगर कोई बिल राज्यसभा में पेंडिंग है। मान
- 3:19:56लो राज्यसभा से ही शुरू हुआ जैसे ऑल
- 3:19:58इंडिया सर्विज का बिल है या स्टेट पे कोई
- 3:20:00लॉ बनाना है नेशनल इंटरेस्ट के लिए उसके
- 3:20:02लिए बिल आया तो क्या होगा? वो बिल
- 3:20:04राज्यसभा में आया। एंड लोकसभा में आपका
- 3:20:06जाते ही वो बिल अगर लोकसभा में नहीं
- 3:20:08पहुंचा। अभी राज्यसभा में है तो और लोकसभा
- 3:20:10डिॉल्व हो गई तो क्या होगा? वो बिल लैप्स
- 3:20:12नहीं करेगा। क्लियर है? एंड नो बिल लैप्स
- 3:20:15मेरी ऑन प्रोरोगेशन। ठीक है? जो
- 3:20:17प्रोरोगेशन कर दिया जाता है हाउस का उस पे
- 3:20:18भी लैप्स नहीं होगा। थ्री रीडिंग्स होती
- 3:20:20हैं बिल की। पहला होता है इंट्रोडक्शन,
- 3:20:22दूसरा होता है जनरल डिस्कशन, क्लॉज़ बाय
- 3:20:23क्लॉज़। और तीसरा होता है फाइनल डिबेट।
- 3:20:25क्लियर है? आर्टिकल 120 क्या बोलता है?
- 3:20:27पार्लियामेंट्री बिज़नेस इज़ कंडक्टेड इन
- 3:20:29हिंदी और इंग्लिश। या तो हिंदी में आपका
- 3:20:31होगा या तो इंग्लिश में होगा। बट द स्पीकर
- 3:20:33चेयरमैन मे परमिट अ मेंबर टू एड्रेस द
- 3:20:35हाउस इन देयर मदर टंग। स्पीकर से परमिशन
- 3:20:37लेके आप अपनी मदर टंग भाषा में भी बोल
- 3:20:39सकते हो। किसी की तमिल होगी, कन्नड़ होगी।
- 3:20:41तो बोल सकता है, कोई दिक्कत नहीं है।
- 3:20:42आर्टिकल 248 क्या बोलेगा? पहले
- 3:20:44पार्लियामेंट हैज़ एक्सक्लूसिव रेजोडरी
- 3:20:46पावर्स टू लेजिसलेट ऑन सब्जेक्ट्स नॉट इन
- 3:20:48द स्टेट और कॉनकरेंट लिस्ट। क्लियर है?
- 3:20:50पार्लियामेंट के पास ये रेजोडरी पावर्स है
- 3:20:52कि कोई मैटर अगर स्टेट या कॉनकरेंट लिस्ट
- 3:20:53में नहीं है तो उसको रेजोडरी लिस्ट में
- 3:20:55डाला जाएगा और पार्लियामेंट उस पे लॉ बना
- 3:20:57सकता है।
- 3:21:01इसके बाद बजट फंड्स एंड फाइनेंसियल
- 3:21:03कंट्रोल देखें।
- 3:21:05आर्टिकल 112 क्या बोलता है कि जो एनुअल
- 3:21:08फाइनेंसियल स्टेटमेंट है देखो
- 3:21:09कॉन्स्टिट्यूशन में बजट वर्ड देखोगे ना तो
- 3:21:12कहीं मेंशन नहीं है। नॉट अपीयर इन द
- 3:21:14कॉन्स्टिट्यूशन। क्या मेंशन है? एनुअल
- 3:21:15फाइनेंसियल स्टेटमेंट। ये दोनों हाउसेस के
- 3:21:18ऊपर लेड होता है। मतलब दोनों हाउसेस के
- 3:21:19सामने लेड होता है फॉर ईच फाइनेंसियल ईयर।
- 3:21:22ठीक है? कब से होता है? 1 अप्रैल से लेके
- 3:21:2331 मार्च तक। तो 1 अप्रैल को लेड होता है।
- 3:21:25कौन प्रेजेंट करता है इसे? फाइनेंस
- 3:21:27मिनिस्टर प्रोड्यूस करती हैं ऑन द
- 3:21:28प्रेसिडेंट बिहाफ। प्रेसिडेंट के बिहाफ
- 3:21:30पे। यह काम वैसे प्रेसिडेंट का होता है।
- 3:21:32बट इसे कौन करता है? फाइनेंस मिनिस्टर
- 3:21:34आर्टिकल 265 क्या बोलता है? नो टैक्स कैन
- 3:21:36बी लेवड या कलेक्टेड एक्सेप्ट बाय अथॉरिटी
- 3:21:39ऑफ़ लॉ। कोई भी टैक्स आपसे बिना अथॉरिटी ऑफ़
- 3:21:41लॉ के कलेक्ट नहीं किया जाएगा। आर्टिकल
- 3:21:44266 बोलता है कि कंसोलिडेटेड फंड ऑफ
- 3:21:46इंडिया जिसमें ऑल गवर्नमेंट रेवेन्यू लोनस
- 3:21:49रेज़्ड एंड लोन रीपेमेंट है। नो मनी कैन बी
- 3:21:51विथड्रॉन विदाउट पार्लियामेंट ऑथराइज़ेशन।
- 3:21:53बिना पार्लियामेंट के ऑथराइज़ेशन से
- 3:21:55कंसोलिडेटेड फंड ऑफ़ इंडिया से ₹1 नहीं
- 3:21:57निकाल सकते हो। आर्टिकल 267 क्या बोलता
- 3:21:59है? कंटिंजेंसी फंड ऑफ़ इंडिया बोलता है।
- 3:22:01यह किसके हाथ में होता है? ये प्रेसिडेंट
- 3:22:02के हाथ में होता है। ये जब कुछ इमरजेंसी
- 3:22:04आती है ना जो अनफोर्ड एक्सपेंडिचर्स है कि
- 3:22:06कभी मतलब इमरजेंसी आ गई वॉर हो गया या कोई
- 3:22:08भी सिचुएशन हो गई उसमें यूज़ होता है
- 3:22:10कंटिंजेंसी फंड। इसमें करीब ₹500 करोड़ हैं
- 3:22:13फिलहाल और उसको बढ़ाने की भी बात हो रही
- 3:22:15है। एडवांसेस कैन बी मेड विदाउट प्योर
- 3:22:17पार्लियामेंट्री ऑथराइजेशन। बिना
- 3:22:19पार्लियामेंट्री के ऑथराइजेशन के भी हो
- 3:22:20सकता है। इसके बाद चार्ज एक्सपेंडिचर ऑन द
- 3:22:23कॉन्सिलेटेड फंड बट नॉट वोटेड बाय एनी
- 3:22:25पार्लियामेंट। यह डिस्कस कर सकते हैं
- 3:22:27कॉन्सिलेटरी फंड पे बट इसको वोट नहीं कर
- 3:22:29सकते हैं। प्रेसिडेंट का इन्वॉल्वमेंट्स
- 3:22:31देखो इसमें क्या-क्या कवर है
- 3:22:32कॉन्सिलिटेटिव फंड ऑफ इंडिया में
- 3:22:33प्रेसिडेंट की तनख्वाह हो गई। सैलरी
- 3:22:35अलाउसेस ऑफ द राज्यसभा चेयरमैन हो गया।
- 3:22:37डिप्टी चेयरमैन हो गया। लोकसभा का स्पीकर
- 3:22:39और आपका डिप्टी स्पीकर हो गया। सैलरीज
- 3:22:42पेंशन हो गई सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट
- 3:22:43जजेस की। कैग की सैलरी हो गई। डेप्ट
- 3:22:45चार्जेस हो गए। कोर्ट ट्रिब्यूनल जजमेंट
- 3:22:47हो गया। ठीक है? द वाइस प्रेसिडेंट ओन
- 3:22:49सैलरी अलाउसेस इज़ चार्ज। बट इज़ ऑफेन मिस्ड
- 3:22:52एज़ एन एक्सेप्शन। ठीक है? वाइस प्रेसिडेंट
- 3:22:54की खुद की सैलरी अलाउसेस भी चार्ज होते
- 3:22:56हैं। ठीक है? ऑफेन मिस मिसटेस्टेड एज़ एन
- 3:22:58एक्सेप्शन। आर्टिकल 113 क्या बोलता है?
- 3:23:00एस्टीमेट ऑफ़ एक्सपेंडिचर आर वोटेड बाय
- 3:23:02लोकसभा एज़ डिमांड फॉर ग्रांट्स। तो जो भी
- 3:23:04एस्टीमेट रहता है एक्सपेंडिचर का वो वोट
- 3:23:06होता है लोकसभा के द्वारा एज़ डिमांड फॉर
- 3:23:08ग्रांट्स। क्लियर है? नो डिमांड कैन बी
- 3:23:10मेड एक्सेप्ट ऑन द प्रेसिडेंट रिकमेंडेशन।
- 3:23:12बिना प्रेसिडेंट के रिकमेंडेशन के कोई भी
- 3:23:15आपका
- 3:23:16डिमांड फॉर ग्रांट नहीं हो सकता। आर्टिकल
- 3:23:18116 क्या बोलता है? अ वोट ऑन अकाउंट लेट्स
- 3:23:20द गवर्नमेंट विथड्रॉ मनी फ्रॉम द
- 3:23:22कॉन्सिलेटेड फंड ऑफ़ इंडिया फॉर अ लिमिटेड
- 3:23:23पीरियड व्हेन द एप्रोप्रिएशन बिल इज़ंट
- 3:23:26पास। देखो अगर एप्रोप्रिएशन बिल पास नहीं
- 3:23:27हुआ है और गवर्नमेंट को पैसे की जरूरत है
- 3:23:29तो क्या होगा? वोट ऑन अकाउंट जो है वो
- 3:23:31गवर्नमेंट को अलाउ करेगा कि वो पैसा
- 3:23:33विथड्रॉ कर सकता है फ्रॉम द कंसोलेटेड फंड
- 3:23:35ऑफ इंडिया। क्लियर है? अगर आपका
- 3:23:38एप्रोप्रिएशन बिल पास नहीं हुआ। ठीक है?
- 3:23:39एप्रोप्रिएशन बिल पास होता है तभी आप बजट
- 3:23:41से पैसा निकाल सकते हो। क्लियर है? सिक्स
- 3:23:45स्टेजेस होती हैं बजट की पार्लियामेंट
- 3:23:46में। प्रेजेंटेशन होता है। फिर डिस्कशन
- 3:23:48होता है। स्क्रूटनी होती है। छानबीन करना
- 3:23:50होता है। फिर वोटिंग ऑन डिमांड्स होता है।
- 3:23:51और फिर पासिंग ऑफ द एप्रोप्रिएशन बिल।
- 3:23:53इंपॉर्टेंट है। उसके बाद होता है पासिंग
- 3:23:55ऑफ द फाइनेंस बिल। क्लियर है? एस्टीमेट
- 3:23:58कमेटी जो है लार्जेस्ट फाइनेंसियल कमेटी
- 3:24:00है पार्लियामेंट की। 30 मेंबर्स हैं टोटल
- 3:24:02और सारे कहां से होते हैं? लोकसभा से होते
- 3:24:03हैं। राज्यसभा के कोई भी मेंबर नहीं होते
- 3:24:06हैं। इफ द एनुअल बजट इज़ नॉट पास्ड बाय द
- 3:24:08लोकसभा। इस इट इज़ स्टेटेड एज अ लॉस ऑफ़
- 3:24:10कॉन्फिडेंस। ठीक है? कि अगर एनुअल बजट
- 3:24:12लोकसभा के द्वारा पास नहीं होता है तो उसे
- 3:24:14लॉस ऑफ कॉन्फिडेंस माना जाता है और जो
- 3:24:15काउंसिल मिनिस्टर्स है इंक्लूडिंग द पीएम
- 3:24:18उसको रिजाइन करना पड़ता है। अ डजन और सो
- 3:24:20प्राइवेट मेंबर्स बिल हैव बीन पास्ड सिंस
- 3:24:22इंडिपेंडेंस। देखो एक होता है गवर्नमेंट
- 3:24:23बिल और एक होता है प्राइवेट मेंबर बिल। तो
- 3:24:25प्राइवेट मेंबर विल भी अगर आप देखोगे तो
- 3:24:27इंडिपेंडेंस से काफी ज्यादा पास हो रखे
- 3:24:28हैं। क्लियर है? अ प्राइवेट मेंबर इज़
- 3:24:30सिंपली एनी एमपी हु इज़ नॉट अ मिनिस्टर। जो
- 3:24:32मिनिस्टर नहीं है। जैसे मिनिस्टर्स हो गए
- 3:24:34ना जैसे राजनाथ सिंह हो गया अमित शाह सब
- 3:24:35मिनिस्टर्स हैं। तो जो एमपी है वो
- 3:24:37मिनिस्टर नहीं है उसे हम प्राइवेट मेंबर
- 3:24:38बोलेंगे। तो प्राइवेट मेंबर रूलिंग पार्टी
- 3:24:40से भी हो सकता है। क्लियर है? नॉट
- 3:24:42स्पेसिफिकली अ नॉमिनेटेड मेंबर अ कॉमन
- 3:24:44ट्रैप। ठीक है? नॉमिनेटेड मेंबर नहीं
- 3:24:46होगा। द इकोनॉमिक सर्वे इज़ प्रेजेंटेड इन
- 3:24:48पार्लियामेंट एव्री ईयर बिफोर द यूनियन
- 3:24:50बजट। देखो यूनियन बजट से एक दिन पहले आया
- 3:24:51था इकोनॉमिक सर्वे। अब दोनों में क्या
- 3:24:53डिफरेंस है? बजट आगे का बताता है कि हमें
- 3:24:55एक साल बाद क्या करना है। इकोनॉमिक सर्वे
- 3:24:58पहले का बताता है कि एक साल में क्या-क्या
- 3:25:00हुआ है। क्लियर है? इसके बाद
- 3:25:02पार्लियामेंट्री नोशंस एंड डिवाइसेस ऑफ
- 3:25:04कंट्रोल को देखते हैं। पहला ज़ीरो आवर है।
- 3:25:06ये एक इंडियन इनोवेशन है। ठीक है? ये देखो
- 3:25:09जब पार्लियामेंट शुरू होता है तो सबसे
- 3:25:10पहले क्वेश्चन आवर होता है। क्वेश्चन आवर
- 3:25:12के बाद आपका जीरो आवर होता है लोकसभा में।
- 3:25:14क्लियर है? यहां पे जीरो आवर में आपका जो
- 3:25:18अर्जेंट मैटर होता है वो रेज किया जाता
- 3:25:20है। इसके बाद क्वेश्चन आवर होता है जो
- 3:25:21सबसे पहले होता है। फर्स्ट सिटी में होता
- 3:25:23है। यहां पे दो टाइप के क्वेश्चन होते
- 3:25:24हैं। एक मतलब स्टार्ट। स्टार्ट मतलब क्या
- 3:25:26हो गया? ओरल क्वेश्चंस हो गए। ठीक है?
- 3:25:27मतलब जिनका ओरल आंसर दिया जाता है।
- 3:25:29सप्लीमेंट्री क्वेश्चन अलाउड नहीं है। एक
- 3:25:30बार दे दिया दोबारा नहीं पूछ सकते।
- 3:25:32अनस्टार्ट होता है। ठीक है? अनस्टार्ट में
- 3:25:34क्या होता है? रिटन होता है। इसमें कोई
- 3:25:35सप्लीमेंट्री नहीं होता है। इसके बाद
- 3:25:36शॉर्ट नोटिस क्वेश्चन होता है। यह अर्जेंट
- 3:25:38या शॉर्ट नोटिस में देना है। यह ओरल होता
- 3:25:40है विद सप्लीमेंट्री। इसके बाद कॉलिंग
- 3:25:43अटेंशन है। यह भी एक इंडियन इनोवेशन है। अ
- 3:25:45मेंबर्स कॉल्स द मिनिस्टर अटेंशन टू अ
- 3:25:47देखो जब भी कोई पार्लियामेंट में कोई
- 3:25:49अर्जेंट पब्लिकेंस होगी। उस पे जब एक जो
- 3:25:53मिनिस्टर का हमें ध्यान रखना है कि भैया
- 3:25:55यह महामारी चल रही है, यह दिक्कत चल रही
- 3:25:57है या पोलियो से ये दिक्कत हो रही है। इस
- 3:25:59पे आप अटेंशन दीजिए तो हम लाएंगे कॉलिंग
- 3:26:01अटेंशन मोशन। इसके बाद एड्जोनेंट मोशन
- 3:26:03होता है। ड्रॉस गवर्नमेंट अटेंशन टू एन
- 3:26:05अर्जेंट पब्लिकेंट मैटर। क्लियर है? इसके
- 3:26:08लिए 50 मेंबर्स का सपोर्ट चाहिए। क्लियर
- 3:26:10है? इसके लिए कितना चाहिए? मिनिमम 50
- 3:26:12मेंबर्स का सपोर्ट चाहिए। इसके बाद आपका
- 3:26:14सेंसर मोशन आता है। सेंसर मोशन क्या बोलता
- 3:26:17है? कि गवर्नमेंट की किसी पर्टिकुलर
- 3:26:18डिसीजन या पॉलिसी की क्रिटिसिज्म करता है।
- 3:26:21क्लियर है? कट मोशन क्या बोलता है? कट
- 3:26:23मोशन आपका बजट में गवर्नमेंट की किसी
- 3:26:25मिनिस्ट्री की डिमांड फॉर ग्रांट्स को कम
- 3:26:27करने का प्रपोजल है। मान लो गवर्नमेंट ने
- 3:26:29हेल्थ मिनिस्ट्री के लिए 1000 करोड़
- 3:26:31मांगे। तो अपोजिशन कहती है कि मिनिस्ट्री
- 3:26:33ने अच्छा काम नहीं किया है इसलिए अमाउंट
- 3:26:35कम होना चाहिए। क्लियर है? इसके बाद आपका
- 3:26:37क्लोज़र मोशन आता है। ये होता है मतलब सम
- 3:26:39आपका समापन प्रस्ताव। डिबेट को स्टॉप करके
- 3:26:42मैटर पर वोटिंग करने का प्रपोजल होता है।
- 3:26:44मान लो पार्लियामेंट में किसी बिल पर 5
- 3:26:46घंटे से डिस्कशन चल रहा है। एक मेंबर कहता
- 3:26:49है कि अब डिस्कशन बंद करो और वोटिंग करो।
- 3:26:50इसको हम बोलते हैं क्लोज़र मोशन। कुछ
- 3:26:52एडिशनल फैक्ट्स देखेंगे। ईल्डिंग द फ्लोर
- 3:26:54जो स्पीकर है, चेयरमैन है, यह स्टॉप करता
- 3:26:57है एक मेंबर को जब वह बहुत मतलब काफी बोल
- 3:26:59लिया होता है। ठीक है? और अदर मेंबर को
- 3:27:02अलव करता है बोलने के लिए। तो उसे हम
- 3:27:03बोलते हैं क्रॉसिंग द फ्लोर। एन एमपी
- 3:27:05स्विचेस पॉलिटिकल पार्टी अलायंस। क्लियर
- 3:27:07है? एलिगेंस
- 3:27:09मतलब समझ गए? ईल्डिंग द फ्लोर मतलब जब कोई
- 3:27:11एमपी अपनी स्पीच रोक कर किसी दूसरे मेंबर
- 3:27:14को बोलने का मौका देता है। और क्रॉसिंग द
- 3:27:16फ्लोर जब कोई एमपी अपनी पॉलिटिकल पार्टी
- 3:27:18को छोड़कर दूसरी पार्टी में चला जाता है।
- 3:27:20तो यह पार्लियामेंट्री वोटिंग में अपनी
- 3:27:22पार्टी के अगेंस्ट वोट करता है, तो इसे
- 3:27:24कॉमनली क्रॉसिंग द फ्लोर कहते हैं। क्लियर
- 3:27:26है? इंटरप्रेशन द पार्लियामेंट्री
- 3:27:28प्रोसीजर ऑफ डिमांडिंग दैट अ गवर्नमेंट
- 3:27:30ऑफिशियल एक्सप्लेन एन एक्ट और पॉलिसी। ठीक
- 3:27:32है? यह पार्लियामेंट्री प्रोसीजर होता है
- 3:27:34ऑफ डिमांडिंग कि जो गवर्नमेंट ऑफिशियल है
- 3:27:36वो किसी एक्ट या पॉलिसी को समझा,
- 3:27:38एक्सप्लेन करे। रूल 377 लोकसभा का क्या
- 3:27:40बोलता है? लेट्स मेंबर्स रेस मैटर नॉट
- 3:27:42कवर्ड बाय क्वेश्चंस कॉलिंग अटेंशन मोशन।
- 3:27:44द डेली कैप वाज़ रेज़ फ्रॉम 30 टू 30 मैटर्स
- 3:27:47पर डे इन 2015। ठीक है? तो देखो इसमें ऐसे
- 3:27:50बोल रहा है कि मेंबर्स जो हैं वो ऐसे
- 3:27:53मैटर्स जो हैं वो रेज कर सकते हैं जो
- 3:27:55क्वेश्चन आवर या कॉलिंग अटेंशन मोशन के
- 3:27:57अंडर कवर नहीं होते हैं। अगर कोई मान लो
- 3:27:59एमपी है। ठीक है? तो उसको कोई इंपॉर्टेंट
- 3:28:01पब्लिक इशू उठाना है। लेकिन उस इशू को रेज़
- 3:28:04करने का नॉर्मल प्रोसीजर अवेलेबल नहीं है
- 3:28:06तो वह रूल 377 का यूज़ कर सकता है। इसमें
- 3:28:09यही बात आपका बोला गया है। ठीक है? अब
- 3:28:12इंडियन पार्लियामेंट्री ग्रुप देखो फॉर्म
- 3:28:141949 पूरी दुनिया के अलग-अलग दुनिया से
- 3:28:17पार्लियामेंट्री ग्रुप आते हैं। ठीक है?
- 3:28:18तो इंडिया का भी है इंडियन
- 3:28:19पार्लियामेंट्री ग्रुप 1949 में फॉर्म हुआ
- 3:28:21था। एक ऑटोनॉमस बॉडी है। मेंबरशिप है ओपन
- 3:28:24टू बोथ सिंग एंड फॉर्मर एमपी। सिंग एमपी
- 3:28:26और जो पुराने फॉर्मर एमपी दोनों के लिए
- 3:28:28ओपन है। स्पीकर ऑफ द लोकसभा जो होता है
- 3:28:30इसका एक्स ऑफिस जो प्रेसिडेंट होता है। इट
- 3:28:32इज़ इंडियास नेशनल ग्रुप ऑफ द इंटर
- 3:28:34पार्लियामेंट्री यूनियन। इंटर
- 3:28:35पार्लियामेंट्री यूनियन में पूरी दुनिया
- 3:28:36के पार्लियामेंट होते हैं। ठीक है? तो ये
- 3:28:38इंडिया का नेशनल ग्रुप है इंडियन
- 3:28:39पार्लियामेंट्री यूनियन एंड द मेन ब्रांच
- 3:28:41ऑफ द कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन
- 3:28:43इन इंडिया। आर्टिकल 253 क्या बोलता है?
- 3:28:46लेट्स पार्लियामेंट लेजिसलेट ऑन अ
- 3:28:47स्टेटलेस सब्जेक्ट टू इंप्लीमेंट एनी
- 3:28:49इंटरनेशनल ट्रीटी एग्रीमेंट विदाउट नीडिंग
- 3:28:51एनी स्टेट कंसेंट। ठीक है? आर्टिकल 253
- 3:28:54में क्या बोला है कि पार्लियामेंट जो है
- 3:28:55अगर मान लो कोई चीज अ नेशनल उसके
- 3:28:58इंपॉर्टेंट है। मतलब इंटरनेशनल के लिए
- 3:29:01इंटरनेशनल कोई हमने ट्रीटी कर ली है। ठीक
- 3:29:03है? जैसे मान लो फॉर एग्जांपल अ हमारे
- 3:29:05प्राइम मिनिस्टर ने बात कर लिया कि
- 3:29:06तमिलनाडु में हम जो है एरोस्पेस के लिए
- 3:29:09कुछ काम करेंगे। जर्मनी से जाके बात कर
- 3:29:11ली। अब तमिलनाडु की स्टेट की नहीं भाई हम
- 3:29:12अपनी जमीन नहीं देंगे। तो भाई वहां पे
- 3:29:14इंटरनेशनल ट्रीटी करके आए हैं। तुम यहां
- 3:29:15बेइज्जती कर रहे हो हमारी। तो समझ गए? तो
- 3:29:18इसीलिए जो पार्लियामेंट है वो कर सकता है
- 3:29:20विदाउट द नीडिंग एनी स्टेट कंसेंट। स्टेट
- 3:29:22की कंसेंट जरूरी नहीं है। कंट्रास्ट विद
- 3:29:24आर्टिकल 252 नीड्स कंसेंट ऑफ द स्टेट
- 3:29:26कंसर्न। 252 में स्टेट की कंसर्न
- 3:29:28रिक्वायर्ड होता है। तो अलग-अलग चीजें
- 3:29:30हैं। एंड 249 में क्या बोला है? 23
- 3:29:32मेजॉरिटी चाहिए। अगर कोई राज्यसभा
- 3:29:33रेोल्यूशन पास करता है स्टेट लिस्ट पे लॉ
- 3:29:35बनाने के लिए। इसके बाद हम चैप्टर 24
- 3:29:38पार्लियामेंट्री कमिटीज को पढ़ते हैं।
- 3:29:41देखो पार्लियामेंट्री कमिटीज क्या होता
- 3:29:43है? देखो पार्लियामेंट में ना बहुत सारे
- 3:29:46काम होते हैं। बजट चेक करना, गवर्नमेंट के
- 3:29:48डिपार्टमेंट्स का काम देखना, एक्सपेंडिचर
- 3:29:50चेक करना। तो हर एमपी के लिए पार्लियामेंट
- 3:29:52में हर टॉपिक को डिटेल में एग्जामिन करना
- 3:29:54पॉसिबल नहीं होता। इसलिए एमपी की
- 3:29:56छोटी-छोटी टीम्स बनाई जाती हैं। जिन्हें
- 3:29:58हम पार्लियामेंट्री कमेटी कहते हैं।
- 3:29:59क्लियर है? इनके मेंबर्स पार्लियामेंट के
- 3:30:02हाउसेस से सेलेक्ट या इलेक्ट या नॉमिनेट
- 3:30:04किए जाते हैं। यह स्पीकर, चेयरमैन के
- 3:30:06डायरेक्शन में काम करते हैं। और अपनी
- 3:30:08रिपोर्ट को अगर आप देखोगे यह जो है अपनी
- 3:30:10रिपोर्ट पार्लियामेंट को देते हैं या हाउस
- 3:30:12सेशन में ना हो तो स्पीकर या चेयरमैन को
- 3:30:15देते हैं। पार्लियामेंट्री कमिटीज कितने
- 3:30:17प्रकार की होती है? तो दो प्रकार की होती
- 3:30:18हैं। एक आपकी स्टैंडिंग कमेटी होती है।
- 3:30:20दूसरी आपकी एडॉक कमेटी होती है। क्लियर
- 3:30:22है? अब देखो, स्टैंडिंग कमिटी को देखेंगे।
- 3:30:25स्टैंडिंग कमिटी क्या होता है? या रेगुलर
- 3:30:27कमिटी होती हैं। इन्हें हर साल यह टाइम टू
- 3:30:30टाइम कंस्टीट्यूट किया जाता है और यह
- 3:30:31कंटीन्यूअसली काम करती हैं। जैसे आपकी
- 3:30:33पब्लिक अकाउंट्स कमेटी है। अब एडॉक कमिटी
- 3:30:35जो अगर आप देखोगे तो ये टेंपरेरी कमेटी
- 3:30:37होती हैं। इन्हें किसी पर्टिकुलर टास्क के
- 3:30:40लिए बनाया जाता है। टास्क कंप्लीट होते ही
- 3:30:42कमिटी जो है वो खत्म हो जाती हैं। क्लियर
- 3:30:43है? जैसे आपकी जॉइंट पार्लियामेंट्री
- 3:30:45कमिटी है। अब ये जो आपकी स्टैंडिंग कमिटी
- 3:30:47है, इसके भी छह कैटेगरीज होते हैं।
- 3:30:49फाइनेंसियल कमिटी होता है, डिपार्टमेंटल
- 3:30:51स्टैंडिंग कमिटी होता है। अलग-अलग होता
- 3:30:52है। फाइनेंसियल कमिटी क्या होता है? देखो
- 3:30:54फाइनेंसियल कमिटी मतलब होता है गवर्नमेंट
- 3:30:56के पैसे और एक्सपेंडिचर को चेक करती है।
- 3:30:58इसके बाद डिपार्टमेंट रिलेटेड स्टैंडिंग
- 3:31:00कमिटी मिनिस्ट्रीज और डिपार्टमेंट के काम
- 3:31:02को एग्जामिन करती हैं। कमिटी ऑफ़ इंक्वायरी
- 3:31:05किसी मैटर की जांच करती है। कमिटी टू
- 3:31:07स्क्रूटनाइज एंड कंट्रोल गवर्नमेंट के
- 3:31:09एकशंस, रूल्स और प्रोसीजर को चेक करती है।
- 3:31:11कमिटी ऑन डे टू डे बिज़नेस पार्लियामेंट के
- 3:31:14डेली प्रोसीडिंग्स और बिज़नेस को मैनेज
- 3:31:16करने में हेल्प करती है। और हाउसकीपिंग
- 3:31:18सर्विस कमिटी एमपी को फैसिलिटेट और हाउस
- 3:31:20की इंटरनल जो सर्विज होती है उससे रिलेटेड
- 3:31:22मैटर को देखती है। क्लियर है? अच्छा
- 3:31:25डिपार्टमेंट रिलेटेड स्टैंडिंग कमिटी जो
- 3:31:27हैं उनकी टोटल जो संख्या है वो 24 है।
- 3:31:29इसको ध्यान रखना।
- 3:31:35अब देखो कमेटी में लोकसभा और राज्यसभा के
- 3:31:38मेंबर का अगर आप रेशियो देखोगे तो मोस्ट
- 3:31:40स्टैंडिंग कमिटीज में लोकसभा और राज्यसभा
- 3:31:43मेंबर का रेश्यो 2:1 होता है। मतलब अगर 15
- 3:31:45मेंबर लोकसभा से हैं तो सात मेंबर
- 3:31:47राज्यसभा से होंगे। तो टोटल आपके 22 हो
- 3:31:49गए। लेकिन एक्सेप्शन भी है हर कमिटी की
- 3:31:51कंपोजिशन जो कि सेम नहीं होता है। ठीक है?
- 3:31:53अब देखो डिपार्टमेंट रिलेटेड स्टैंडिंग
- 3:31:55कमिटी टोटल 24 होती हैं। अब इसमें से
- 3:31:58देखना जो 16 कमिटीज होती हैं लोकसभा के
- 3:32:00जुरिडिक्शन के अंदर होती हैं और जो आठ
- 3:32:02कमेटी होती हैं वो राज्यसभा के अंडर होती
- 3:32:04हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि कमेटी सिर्फ
- 3:32:07उसी हाउस के एमपी से बनी है। इसका मतलब है
- 3:32:09कि उस कमेटी का एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल
- 3:32:11किस हाउस के अंडर है। क्लियर है? जैसे
- 3:32:14हेल्थ और फैमिली वेलफेयर की बात करें तो
- 3:32:16राज्यसभा के अंडर आ जाता है। सोशल जस्टिस
- 3:32:18और एंपावरमेंट की बात करें तो लोकसभा के
- 3:32:20अंदर आ जाता है। अर्बन डेवलपमेंट की बात
- 3:32:22करें तो यह भी लोकसभा के अंदर आता है। और
- 3:32:24आपका लेबर वाले के बारे में बात करें तो
- 3:32:26यह भी लोकसभा के अंदर आता है। इसके बाद
- 3:32:29वेलफेयर ऑफ़ माइनॉरिटीज की बात कर रहा है।
- 3:32:31ठीक है? माइनॉरिटीज के वेलफेयर के लिए
- 3:32:34स्पेसिफिकली कोई पार्लियामेंट्री कमेटी
- 3:32:35नहीं है। माइनॉरिटीज़ के वेलफेयर से
- 3:32:37रिलेटेड काम नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज़
- 3:32:39करता है। ठीक है? ध्यान रखना। नेशनल कमीशन
- 3:32:42फॉर माइनॉरिटीज जो है यह आपका एक स्टचुरी
- 3:32:44बॉडी है। पार्लियामेंट्री कमिटी नहीं है।
- 3:32:47अब तीन फाइनेंसियल आपकी कमिटी देखेंगे।
- 3:32:49फाइनेंसियल कमिटी तीन प्रकार की होती हैं।
- 3:32:51पब्लिक अकाउंट्स कमिटी, एस्टीमेट कमिटी
- 3:32:53एंड कमिटी ऑन पब्लिक अंडरटेिंग। इसको
- 3:32:55ध्यान रखना। पूछ लेगा कितने प्रकार की
- 3:32:57हैं। पब्लिक अकाउंट्स कमिटी में 22 मेंबर
- 3:32:59होते हैं। 15 लोकसभा से होते हैं। सात
- 3:33:01राज्यसभा से होते हैं। गवर्नमेंट के
- 3:33:02एक्सपेंडिचर और अकाउंट्स को एग्जामिन करती
- 3:33:04है। कैग की रिपोर्ट्स एग्जामिन करने में
- 3:33:06इंपॉर्टेंट रोल है। चेयरमैन स्पीकर अपॉइंट
- 3:33:09करता है। ठीक है? और 1967 68 से कन्वेंशन
- 3:33:12के अकॉर्डिंग चेयरमैन जो है अपोजिशन से
- 3:33:15होता है। मिनिस्टरर्स इसके मेंबर नहीं हो
- 3:33:17सकते और टेन्योर कितना होता है? 1 साल
- 3:33:19होता है। इसको ध्यान रखना। एस्टीमेट कमेटी
- 3:33:21के बाद बारे में बात करें तो 30 मेंबर्स
- 3:33:23होते हैं और सारे मेंबर्स लोकसभा से होते
- 3:33:25हैं। राज्यसभा से इसमें कोई भी मेंबर नहीं
- 3:33:27होता है। गवर्नमेंट एक्सपेंडिचर में
- 3:33:28इकॉनमी और एफिशिएंसी इंप्रूव करने के
- 3:33:30सजेशन देती है। अल्टरनेट पॉलिसी सजेस्ट कर
- 3:33:33सकती है और चेयरमैन जो होगा मतलब जो
- 3:33:35स्पीकर होगा वह अपॉइंट करता है। क्लियर
- 3:33:37है? टेन्योर कितना होगा? एक साल होगा।
- 3:33:38कमेटी ऑन पब्लिक अंडरटेिंग है। टोटल 22
- 3:33:41मेंबर्स होते हैं। 15 लोकसभा से होंगे।
- 3:33:43सात राज्यसभा से होंगे। पब्लिक सेक्टर
- 3:33:44अंडरटेिंग के अकाउंट्स और रिपोर्ट जो हैं
- 3:33:46वो एग्जामिन करती है। जैसे जो पीएसयूस हो
- 3:33:48गए हैं आपके भेल वाले ये सब उसको एग्जामिन
- 3:33:50करती है। यह देखती है कि पीएसयूस जो हैं
- 3:33:52वो एफिशिएंटली और साउंड बिनेस प्रिंसिपल्स
- 3:33:55के अकॉर्डिंग काम कर रहे हैं या नहीं है।
- 3:33:56मिनिस्टर्स इसके मेंबर्स नहीं हो सकते।
- 3:33:58ध्यान रखना। और इसका टेन्योर कितना है? 1
- 3:34:00साल है। ठीक है? क्लियर है? तो पब्लिक
- 3:34:03अकाउंट्स कमेटी 22 मेंबर है। पैसा स्पेंड
- 3:34:06होने के बाद अकाउंट चेक करती है। एस्टीमेट
- 3:34:08कमेटी में 30 हैं। फ्यूचर एस्टीमेट और
- 3:34:10एक्सपेंडिचर में सेविंग्स देखती है। और
- 3:34:13आपकी कमेटी ऑन पब्लिक अंडरटेिंग है। 22
- 3:34:15मेंबर्स होते हैं। पब्लिक सेक्टर
- 3:34:16अंडरटेिंग को चेक करना चेक करने का काम
- 3:34:19करती है। क्लियर है?
- 3:34:25कमिटी ऑफ इंक्वायरी एंड अदर स्टैंडिंग
- 3:34:29कमिटीज। इसको पढ़ते हैं। देखो, कमिटी ऑन
- 3:34:32पिटीशन। इसका मतलब क्या होता है? कि
- 3:34:34पब्लिक की कंप्लेंट्स और रिक्वेस्ट को
- 3:34:35एग्जाम करने वाली कमेटी। जैसे किसी सिटीजन
- 3:34:38को गवर्नमेंट की किसी पॉलिसी से प्रॉब्लम
- 3:34:40है और वो पार्लियामेंट को पिटीशन भेजता है
- 3:34:42तो कमेटी उस पिटीशन को एग्जामिन करती है।
- 3:34:44कितने मेंबर्स होते हैं? देखो 15 मेंबर्स
- 3:34:46लोकसभा के होते हैं। 10 मेंबर राज्यसभा के
- 3:34:48होते हैं। मिनिस्टर्स इसके मेंबर नहीं हो
- 3:34:50सकते। कैंसिल कर देंगे भाई। समझ गए? तो
- 3:34:52पिटीशन मतलब समझ गए? कमेटी ऑन पिटीशन।
- 3:34:54पब्लिक की कंप्लेंट या रिक्वेस्ट को देखती
- 3:34:56है। इसके बाद कमेटी ऑन प्रिविलजेस है।
- 3:34:59एमपीस के पार्लियामेंट्री प्रिविलजेस का
- 3:35:01वलेशन हुआ है या नहीं हुआ है यह एग्जामिन
- 3:35:03करती है। जैसे मान लो किसी एमपी के
- 3:35:04पार्लियामेंट्री ड्यूटीज परफॉर्म करने में
- 3:35:06इललीगल ऑब्स्ट्रक्शन किया गया है। तो
- 3:35:08प्रिविलजेस का क्वेश्चन उठ सकता है।
- 3:35:10क्लियर है? इसके बाद आपकी एथिक्स कमेटी
- 3:35:12आती है। ये एमपीस के एथिकल कंडक्ट यानी
- 3:35:15उनके बिहेवियर और इंटीग्रिटी से रिलेटेड
- 3:35:17कंप्लेंट्स को एग्जामिन करती है। ठीक है?
- 3:35:19इसको ध्यान रखना। इंपॉर्टेंट फैक्ट है।
- 3:35:21राज्यसभा की एथिक्स कमेटी जो है वो 1997
- 3:35:23में गठित हुई थी। ठीक है? इंडियन
- 3:35:25लेजिस्लेचर में पहली ऐसी कमेटी थी। लोकसभा
- 3:35:28की एथिक्स कमेटी 2000 में हुई थी। क्लियर
- 3:35:30है?
- 3:35:32लोकसभा की 2000 में पहली बार एडॉक कमेटी
- 3:35:35के रूप में बनी थी। और लोकसभा में यह 2015
- 3:35:37में परमानेंट कमेटी बन गई। इसको भी ध्यान
- 3:35:39रखना। नॉन मेंबर भी कंप्लेंट कर सकते हैं।
- 3:35:41लेकिन कंप्लेंट किसी मेंबर के थ्रू
- 3:35:43फॉरवर्ड करनी होती है। सबजुडिस मैटर पर
- 3:35:47कमेटी रेस्ट्रिकशंस के अंडर काम करती है।
- 3:35:50अब देखो अब हम प्रिविलेजेस वर्सेस एथिक्स
- 3:35:53के बारे में बात करेंगे। प्रिविलेज कमेट
- 3:35:54और एथिक्स कमेटी के बारे में क्या डिफरेंस
- 3:35:57है? देखो
- 3:35:59प्रिविलेज कमेटी जो है ना यह
- 3:36:00पार्लियामेंट्री प्रिविलजेस का वायलेशन
- 3:36:02उसके लिए होता है। जैसे मान लो
- 3:36:03पार्लियामेंट्री राइट्स में कोई
- 3:36:04ऑब्स्ट्रक्शन हो गया। बट जो आपकी एथिक्स
- 3:36:06कमेटी है यह एमपीस के एथिकल कंडक्ट इशू
- 3:36:09जैसे एमपी के अगेंस्ट एमपी के कंडक्ट के
- 3:36:12अगेंस्ट कंप्लेंट हो गया। क्लियर है? उस
- 3:36:14मैटर में होता है। इसके बाद है कमेटी ऑन
- 3:36:16सबोर्डिनेट लेजिसलेशन। पार्लियामेंट
- 3:36:18कभी-कभी गवर्नमेंट को डिटेल रूल्स और
- 3:36:20रेगुलेशन बनाने की पावर देती है। इसको
- 3:36:23डेलीगेटेड लेजिसलेशन कहते हैं। यह कमेटी
- 3:36:25चेक करती है कि गवर्नमेंट ने रूल्स बनाते
- 3:36:27वक्त पार्लियामेंट द्वारा दी गई पावर का
- 3:36:29सही यूज़ किया है या नहीं किया है। जैसे
- 3:36:31फॉर एग्जांपल पार्लियामेंट एक एक्ट पास
- 3:36:33करती है और मिनिस्ट्री उस एक्ट को
- 3:36:35इंप्लीमेंट करने के लिए रूल्स बनाती है।
- 3:36:37तो कमेटी चेक करती है कि मिनिस्ट्री ने
- 3:36:39अपनी लिमिट्स क्रॉस तो नहीं की है। हर
- 3:36:41हाउस में 15 मेंबर्स होते हैं।
- 3:36:43मिनिस्टरर्स इसके मेंबर नहीं होते हैं।
- 3:36:45क्लियर है? तो सबोर्डिनेट लेजिसलेशन क्या
- 3:36:47करेगा? गवर्नमेंट के बनाए रूल्स की चेकिंग
- 3:36:49करेगा। इसके बाद कमेटी ऑन गवर्नमेंट
- 3:36:51एश्योरेंसेस है। देखो जब मिनिस्टर
- 3:36:53पार्लियामेंट में कोई प्रॉमिस या
- 3:36:54एश्योरेंस देता है तो यह कमेटी चेक करती
- 3:36:56है कि उस प्रॉमिस पर एक्शन हुआ है या नहीं
- 3:36:59हुआ है। जैसे एग्जांपल मान लो मिनिस्टर
- 3:37:00कहता है कि हम 6 मंथ्स में इस प्रॉब्लम का
- 3:37:03स्यूशन निकालेंगे। तो कमेटी फॉलो अप करेगी
- 3:37:05कि प्रॉमिस इंप्लीमेंट हुआ है या नहीं हुआ
- 3:37:07है। इसके बाद आपका रूल्स कमिटी आता है। यह
- 3:37:09पार्लियामेंट के रूल्स और प्रोसीजर और
- 3:37:11कंडक्ट ऑफ बिजनेस को एग्जामिन करती है और
- 3:37:13चार्जेस रिकमेंड कर सकती है। जैसे मान लो
- 3:37:15पार्लियामेंट में प्रोसीडिंग्स को और
- 3:37:16एफिशिएंट बनाने के लिए रूल्स में
- 3:37:18अमेंडमेंट की जो रिकमेंडेशन है वो दे सकती
- 3:37:21है। ठीक है? तो रूल्स कमेटी मतलब हाउस के
- 3:37:23रूल्स। इसके बाद आपका बिजनेस एडवाइज़री
- 3:37:25कमेटी आता है। इसके बारे में देखते हैं।
- 3:37:27देखो ये हाउस का लेजिसलेटिव और दूसरे
- 3:37:29बिजनेस के लिए टाइम एलोकेशन और प्रोग्राम
- 3:37:32डिसाइड करने में हेल्प करती है। जैसे मान
- 3:37:34लो किसी बिल पर डिस्कशन के लिए कितना टाइम
- 3:37:36दिया जाए या डिसाइड करने में कमिटी रोल
- 3:37:38प्ले करती है। ठीक है? ये सब चीजें करती
- 3:37:40है। इसके बाद कंसल्टेटिव कमिटीज़ ऑफ एमपीस
- 3:37:43फॉर रेलवे ज़ोन। यह रेलवे जोन और एमपीस के
- 3:37:46बीच कंसल्टेशन का प्लेटफार्म है। जहां
- 3:37:48रेलवे रिलेटेड पब्लिक इशूज़ डिस्कस किए जा
- 3:37:51सकते हैं। जैसे मिनिस्ट्री ऑफ
- 3:37:52पार्लियामेंट्री अफेयर्स कंस्टीट्यूट करती
- 3:37:54है। एमपीस कंसर्न रेलवे ज़ोन से रिलेटेड
- 3:37:56इशू रेज करते हैं। ये मिनिस्ट्री ऑफ
- 3:37:58रेल्वेज की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग
- 3:38:00कमेटी नहीं है। बस इसको ध्यान रखना।
- 3:38:03इसके बाद नोटेबल एडॉक या जॉइंट
- 3:38:05पार्लियामेंट्री कमेटीज़ को देखेंगे।
- 3:38:07जेपीसी यह लोकसभा और राज्यसभा के मेंबर्स
- 3:38:09की जॉइंट कमेटी होती है जिसे किसी
- 3:38:11स्पेसिफिक मैटर के इन्वेस्टिगेशन या
- 3:38:13एग्जामिनेशन के लिए बनाया जा सकता है। ठीक
- 3:38:16है? दो एग्जांपल भी इसमें दिए गए हैं।
- 3:38:19जैसे आपका हर्षद मेहता सिक्योरिटी स्कैम
- 3:38:21जेपीसी हुआ था। ठीक है? जो 2G स्पेक्ट्रम
- 3:38:24स्कैम था। सिक्योरिटी स्कैम की
- 3:38:25इन्वेस्टिगेशन के लिए बनाई गई थी।
- 3:38:27फाइनेंशियल इररेगुलेटरी और सिक्योरिटीज
- 3:38:30मार्केट से रिलेटेड इशू एग्जामिन किए गए
- 3:38:32थे। इसके बाद आपकी दूसरी आती है जो है वो
- 3:38:35है कौन सी है वो आपकी केतन पारिक
- 3:38:37सिक्योरिटी स्कैम है ये जेपीसी बेसिकली
- 3:38:40हुआ था उससे रिलेटेड है तो ये सारी हैं
- 3:38:42कुछ एडिशनल फैक्ट्स देखेंगे स्टैंडर्ड
- 3:38:44लिस्ट मैचिंग क्वेश्चंस आ जाते हैं जैसे
- 3:38:46पब्लिक अकाउंट कमिटी क्या है तो एक
- 3:38:48फाइनेंसियल कमिटी है कमिटी ऑन पिटीशन क्या
- 3:38:50है अदर स्टैंडिंग कमिटी है तो ये सारी
- 3:38:52चीजें ध्यान रखना अब देखो कैग के बारे में
- 3:38:54बोला गया है कैग जो है एक कॉन्स्टिट्यूशनल
- 3:38:56अथॉरिटी है पार्लियामेंट्री कमिटी नहीं है
- 3:38:58इसको ध्यान रखना कैग गवर्नमेंट अकाउंट्स
- 3:39:01ऑडिट करता है और रिपोर्ट्स सबमिट करता है।
- 3:39:03उसकी रिपोर्ट्स को पब्लिक अकाउंट्स जो है
- 3:39:06ना वह जैसी कमेटीज़ एग्जामिन करती है।
- 3:39:08पब्लिक अकाउंट्स कमेटी जैसी कमेटी उसको
- 3:39:10एग्जामिन करती हैं। तो इसको प्लीज ध्यान
- 3:39:13रखना।
- 3:39:17इसके बाद बोल रहा है द मिनिस्ट्री ऑफ़
- 3:39:19पार्लियामेंट्री अफेयर्स वर्क्स अंडर द
- 3:39:20ओवरऑल डायरेक्शन ऑफ़ द कैबिनेट कमिटीज़ ऑन
- 3:39:23पार्लियामेंट्री अफेयर्स। तो जो भी
- 3:39:24मिनिस्ट्रीज़ हैं पार्लियामेंट्री अफेयर्स
- 3:39:25की वो किसके डायरेक्शन पे वर्क करती हैं?
- 3:39:27कैबिनेट कमिटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स
- 3:39:30सीसीपीए। ठीक है? एंड इट्स मिनिस्टर
- 3:39:32नॉमिनेट्स एमपीस टू वेरियस गवर्नमेंट
- 3:39:34कमिटी। इसके जो मिनिस्टर हैं, वो एमपीस को
- 3:39:36नॉमिनेट करते हैं अलग-अलग कमिटीज़ में,
- 3:39:38काउंसिल्स में, बोर्ड्स में और कमीशन में।
- 3:39:40पार्लियामेंट जो है एक्सरसाइज़ करता है
- 3:39:41एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल मेनली थ्रू दीज़
- 3:39:43कमिटी। तो, पार्लियामेंट कहां से
- 3:39:45एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल हैंडल करता है?
- 3:39:46इन कमिटीज़ से। नॉट बाय कंपेलिंग द
- 3:39:48एग्जीक्यूटिव टू इशू रेट्स नॉर बाय एडॉक
- 3:39:50मिनिस्ट्री, एडवाइज़री बॉडीज़। और किसी से
- 3:39:52नहीं, इन्हीं से करता है। क्लियर है?
- 3:39:55इसके बाद चैप्टर 25 पार्लियामेंट्री एक्ट
- 3:39:58देखेंगे। प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स एक्ट
- 3:40:001955 आता है। देखो यह एक्ट अनटिचेबिलिटी
- 3:40:03यानी छुआछूत की प्रैक्टिस को पनिश करने के
- 3:40:05लिए बनाया गया था। जैसे मान लो अगर किसी
- 3:40:07पर्सन को कास्ट के बेसिस पर किसी पब्लिक
- 3:40:09प्लेस, शॉप या एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में
- 3:40:12जाने से रोका जाता है, तो सरकमस्ट्ससेस के
- 3:40:14अकॉर्डिंग इस एक्ट के प्रोविजन अप्लाई हो
- 3:40:16सकते हैं। क्लियर है? मेन फैक्ट्स क्या
- 3:40:20दिया गया है? देखो, पर्पस क्या है? कि
- 3:40:21अनडिटसेबिलिटी को प्रैक्टिस करना और उससे
- 3:40:23रिलेटेड डिसेबिलिटीज को इनफोर्स करने पर
- 3:40:26पनिशमेंट है। इसके बाद सेक्शन थ्री देखो
- 3:40:29किस में आता है तो वो बात करता है पब्लिक
- 3:40:31प्लेसेस ऑफ वरशिप एंड में एंट्री से
- 3:40:32रिलेटेड प्रोविजंस। सेक्शन फाइव
- 3:40:34हॉस्पिटल्स, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और
- 3:40:36पब्लिक सर्विस से रिलेटेड है। सेक्शन सेवन
- 3:40:38जो है अनटचेबिलिटी से रिलेटेड ऑफेंसेस और
- 3:40:40उसके पनिशमेंट बताता है। तो इस एक्ट के
- 3:40:42ऑफेंसेस जनरली जो है वो कॉग्नजेबल हैं एंड
- 3:40:45नॉन नॉन कंपाउंडेबल है। क्लियर है?
- 3:40:49वही चीज है इसमें। इसके बाद एससी एसटी
- 3:40:51प्रिवेंशन ऑफ़ एट्रोसिटीज़ एक्ट 1989 है। यह
- 3:40:55एक्ट शेड्यूल कास्ट और शेड्यूल ट्राइब्स
- 3:40:58के मेंबर्स के अगेंस्ट एट्रोसिटीज़ को
- 3:40:59प्रिवेंट करने और ऑफेंडर्स को पनिश करने
- 3:41:02के लिए बनाया गया है। जैसे मान लो किसी
- 3:41:03एससी एसटी पर्सन को कास्ट बेस्ड अब्यूज
- 3:41:06होता है, ह्यूमिलिएशन होता है, वायलेंस
- 3:41:07होता है या दूसरे स्पेसिफाइड एट्रोसिटी के
- 3:41:10थ्रू टारगेट किया जाता है। तो फैक्ट्स के
- 3:41:12अकॉर्डिंग इस एक्ट के प्रोविज़न अप्लाई हो
- 3:41:14सकते हैं। क्लियर है? कब इनक्ट हुआ था?
- 3:41:161989 में हुआ था। फ़ में कब आया? 30 जनवरी
- 3:41:181990 को आया। सेक्शन थ्री जो है
- 3:41:20एट्रोसिटीज के ऑफेंसेस और पनिशमेंट देखता
- 3:41:22है। सेक्शन फोर पब्लिक सर्वेंट द्वारा
- 3:41:25ड्यूटीज की विलफुल नेगलेक्ट से रिलेटेड
- 3:41:27ऑफेंस देखता है। सेक्शन 14 जो है स्पेशल
- 3:41:29कोर्ट्स और एक्सक्लूसिव स्पेशल कोर्ट्स को
- 3:41:31देखता है। सेक्शन 15 ए इसमें है वो किसको
- 3:41:34देखेगा? वो आपका विक्टिम्स और विटनेस के
- 3:41:36राइट्स देखेगा। सेक्शन 18 जो है सर्टेन
- 3:41:38एंटीिसिपेटरी बिल प्रोविज़ंस पर
- 3:41:40रेस्ट्रिकशंस को देखता है।
- 3:41:44वही इसमें चीजें कही गई हैं। इसके बाद
- 3:41:46राइट टू इंफॉर्मेशनेशन एक्ट 2005 है। बहुत
- 3:41:48ज्यादा इसमें डिटेल में नहीं जाना है। ठीक
- 3:41:49है? जो जो एग्जाम के लिए पूछता है उसी पे
- 3:41:51मैं ज्यादा फोकस करूंगा। बाकी चीजों का
- 3:41:53आपको इतना ज्यादा फोकस नहीं कराऊंगा। ठीक
- 3:41:56है? इसीलिए मैं चीजें बार-बार जो
- 3:41:58अनइंपॉर्टेंट है उसको अननेसेसरी नहीं पढ़ा
- 3:42:00रहा हूं। वो स्किप करते जा रहा हूं। राइट
- 3:42:02टू इंफॉर्मेशनेशन एक्ट 2005 देखेंगे। देखो
- 3:42:04आरटीआई का मतलब है राइट टू इंफॉर्मेशन
- 3:42:06यानी सिटीजंस का पब्लिक अथॉरिटी से
- 3:42:08इंफॉर्मेशन मांगने का राइट। तुम किसी
- 3:42:10गवर्नमेंट डिपार्टमेंट से पूछ सकते हो कि
- 3:42:12किसकी जो रोड प्रोजेक्ट के लिए कितना बजट
- 3:42:15एलोकेट हुआ है और उस पर कितना खर्च हुआ
- 3:42:17है। ठीक है? समझ गए? जैसे लोकसभा ने पास
- 3:42:19किया 11 मई 2005 को। राज्यसभा ने मान लो
- 3:42:23पास किया 2005 को। प्रेसिडेंट का
- 3:42:25एक्सीडेंट हो गया। फिर वो फ़ में आ गया था
- 3:42:262005 में। क्लियर है? आरटीआई के बारे में
- 3:42:29बता रहा हूं कि कब पास हुआ था। क्लियर है?
- 3:42:31लोकसभा ने पास किया 2005 में। मान लो
- 3:42:33राज्यसभा ने भी उसी साल में पास किया। मान
- 3:42:35लो क्या मानो वही था प्रेसिडेंट का
- 3:42:37एक्सेंट हुआ फिर 2005 में। ठीक है? और
- 3:42:39फुल्ली आ गया 12 अक्टूबर 2005 में। क्लियर
- 3:42:42है? समझ गए? 120 दिन बाद आया आफ्टर
- 3:42:44एक्सेंट। आरटीआई एक फंडामेंटल राइट क्या
- 3:42:47है? इसमें बोला है कि आरटीआई एक फंडामेंटल
- 3:42:49राइट है। लीगल स्टेटस क्या है उसका? देखो,
- 3:42:51आरटीआई एक्ट खुद एक स्टचुरी लॉ है। लेकिन
- 3:42:53इंफॉर्मेशनेशन पाने का राइट फ्रीडम ऑफ़
- 3:42:55स्पीच एंड एक्सप्रेशन के अंडर आर्टिकल 191
- 3:42:57क्लॉज़ ए से लिंक भी माना गया है। ठीक है?
- 3:43:00जैसे मान लो सिंपल बताता हूं। डेमोक्रेसी
- 3:43:02में सिटीजंस को गवर्नमेंट का काम के बारे
- 3:43:03में इंफॉर्मेशन मिलनी चाहिए ताकि
- 3:43:05ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी बनी रहे।
- 3:43:07आरटीआई के ऑब्जेक्टिव्स क्या हैं?
- 3:43:09ट्रांसपेरेंसी होनी चाहिए। सबसे
- 3:43:11इंपॉर्टेंट क्या है? ट्रांसपेरेंसी।
- 3:43:12गवर्नमेंट का काम क्लियर हो।
- 3:43:14अकाउंटेबिलिटी हो। ऑफिशियल्स अपने काम के
- 3:43:17लिए जवाबदेह हो। इंफॉर्मेशन सिटीजनरी हो।
- 3:43:19सिटीजन के पास इंफॉर्मेशन हो। करप्शन को
- 3:43:21रिड्यूस करने में हेल्प हो। सेक्शन सिक्स
- 3:43:24क्लॉज़ टू क्या बोलता है? कि आरटीआई
- 3:43:25एप्लीकेशन देते वक्त एपेंट को इंफॉर्मेशन
- 3:43:28मांगने का रीज़ बताना जरूरी नहीं है।
- 3:43:30क्लियर है? जैसे मान लो तुम एलडीए से किसी
- 3:43:33पब्लिक प्रोजेक्ट का एक्सपेंडिचर की
- 3:43:34डिटेल्स मांग रहे हो। तो तुम्हें जस्टिफाई
- 3:43:36करने की जरूरत नहीं है कि तुम इंफॉर्मेशन
- 3:43:38क्यों मांग रहे हो। ठीक है? क्लियर है?
- 3:43:40इसके बाद सेंट्रल इंफॉर्मेशनेशन कमीशन आता
- 3:43:42है। ये सीआईसी जो है सेंट्रल गवर्नमेंट के
- 3:43:45पब्लिक अथॉरिटी से रिलेटेड आरटीआई मैटर्स
- 3:43:48में इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है। इसमें
- 3:43:49भी कुछ सेक्शंस आते हैं। जैसे आपके
- 3:43:51सेक्शंस 18 हो गया। कंप्लेंट रिसीव और
- 3:43:54इंक्वायरी करने की पावर होती है। सेक्शन
- 3:43:5619 अपील से रिलेटेड होता है। सेक्शन 20
- 3:43:58सर्टेन केसेस में पेनाल्टी इंपोज करने की
- 3:44:00पावर है। सेक्शन 25 जो है इंप्लीमेंटेशन
- 3:44:03और कंपाइलेंस से रिलेटेड रिपोर्टिंग का
- 3:44:05बताता है। इसके बाद स्टेट इंफॉर्मेशन
- 3:44:07कमीशन है।
- 3:44:09अब देखो ये जो आपका है ना स्टेट चीफ
- 3:44:12इंफॉर्मेशन कमिश्नर ये स्टेट बेसिकली
- 3:44:14स्टेट लेवल पब्लिक अथॉरिटी से रिलेटेड
- 3:44:17आरटीआई मैटर्स हैंडल करता है। क्लियर है?
- 3:44:19अगर आप देखोगे तो 15 क्लॉज़ सेक्शन थ्री के
- 3:44:22बारे में। इसमें स्टेट स्टेट चीफ इलेक्शन
- 3:44:25कमिश्नर और स्टेट इंफॉर्मेशन कमिशनर की
- 3:44:27अपॉइंटमेंट के लिए रिकमेंडेशन कमेटी का
- 3:44:29जिक्र है। इस कमेटी में चीफ मिनिस्टर होता
- 3:44:31है एज अ चेयर पर्सन। लेजिसलेटिव असेंबली
- 3:44:33में लीडर ऑफ अपोजिशन होता है। चीफ
- 3:44:35मिनिस्टर द्वारा नॉमिनेट किया गया कैबिनेट
- 3:44:37मिनिस्टर होता है। ठीक है? और हाई कोर्ट
- 3:44:40के चीफ जस्टिस इस कमेटी के मेंबर नहीं
- 3:44:41होते। ध्यान रखना। क्लियर है? अब देखो
- 3:44:44क्या एमपी स्टेट चीफ इंफॉर्मेशन कमिश्नर
- 3:44:46बन सकता है? तो देखो आरटीआई एक्ट के अंडर
- 3:44:49सेंट्रल या स्टेट चीफ इनेशन कमिश्नर और
- 3:44:51इंफॉर्मेशन कमिश्नर्स के लिए एलिजिबिलिटी
- 3:44:53और रेस्ट्रिकश दी गई है। इन ऑफिसिसेस के
- 3:44:56लिए एमपी या स्टेट या यूटी लेजिस्लेचर का
- 3:44:58मेंबर होना अलाउड नहीं है। इसके बाद
- 3:45:01आरटीआई अमेंडमेंट एक्ट 2019 क्या बोलता
- 3:45:03है? 2019 अमेंडमेंट ने इंफॉर्मेशन
- 3:45:09कमिश्नर्स के टेन्योर और सर्विस कंडीशन से
- 3:45:12रिलेटेड प्रोविज़ंस चेंज किए। ओरिजिनल एक्ट
- 3:45:14में टेन्योर 5 इयर्स या एज 65 था। मतलब जो
- 3:45:18भी जल्दी हो जाता है। ठीक है? वो था।
- 3:45:19अमेंडमेंट के बाद टेन्योर सेंट्रल
- 3:45:21गवर्नमेंट के प्रिस्राइब रूल्स के
- 3:45:23अकॉर्डिंग होता है। तो करंट नोटिफाइड
- 3:45:24रूल्स के अकॉर्डिंग टेन्योर 3 साल या 65
- 3:45:26डेज जो भी जल्दी हो गया हो। एक इंपॉर्टेंट
- 3:45:29केस है नमित शर्मा वर्सेस यूनियन ऑफ़
- 3:45:31इंडिया 2012। अब देखो यह क्या है? यह
- 3:45:35आरटीआई और इंफॉर्मेशन कमिश्नर्स कमीशन से
- 3:45:38रिलेटेड है। मेनली अगर आप देखोगे
- 3:45:42तो यह आरटीआई और इंफॉर्मेशन कमीशन से
- 3:45:44रिलेटेड सुप्रीम कोर्ट केस है। इस केस में
- 3:45:46इंफॉर्मेशनेशन कमीशनंस के फंक्शनिंग और
- 3:45:48कंपोज़िशन से रिलेटेड इशूज़ एग्जामिन किए गए
- 3:45:50हैं। इसके बाद आपका मजदूर किसान शक्ति
- 3:45:53संगठन आता है। एमकेएसएस एक ग्रास रूट
- 3:45:56ऑर्गेनाइजेशन है जिसने राजस्थान में
- 3:45:58ट्रांसपेरेंसी और गवर्नमेंट रिकॉर्ड तक
- 3:45:59एक्सेस के डिमांड के पॉपुलर बनाने में
- 3:46:01इंपॉर्टेंट रोल प्ले किया है। तो अरुणा
- 3:46:03रॉय और निखिल दे जैसे एक्टिविटीज
- 3:46:05एक्टिविट्स जो हैं वो इस मूवमेंट से जुड़े
- 3:46:07थे। अब क्या बोला है कि आर्टिकल 370 के
- 3:46:10बाद आरटीआई 2019 के चेंजेस के बाद आरटीआई
- 3:46:13एक्ट जम्मू और कश्मीर और लद्दाख यूनियन
- 3:46:15टेरिटरीज पर भी अप्लाई होता है। इसको
- 3:46:17ध्यान रखना।
- 3:46:22अब हम देखेंगे एनवायरमेंट एंड फॉरेस्ट
- 3:46:23रिलेटेड एक्ट्स। देखो इनको ना बहुत डिटेल
- 3:46:26में नहीं पढ़ना है क्योंकि आपको क्वेश्चन
- 3:46:27नहीं पूछेगा। बट पार्ट ऑफ द सिलेबस है
- 3:46:29हमारे। तो अब हम चीजों को नहीं छोड़ सकते।
- 3:46:31हम चीजों को कंटिन्यू करके पढ़ेंगे। बट
- 3:46:33बहुत ज्यादा फोकस नहीं करना है। ठीक है?
- 3:46:34आपको पीसीएस का एग्जाम दे रहे हो उस हिसाब
- 3:46:36से जितनी भी चीजें हैं उसी हिसाब से आपको
- 3:46:39पीवाईक्यूस आप देखोगे तो ये सब चीजें बहुत
- 3:46:41ज्यादा नहीं पूछी जाती है। ठीक है? देखो
- 3:46:44इसमें आता है फॉरेस्ट राइट एक्ट 2006।
- 3:46:46क्लियर है? इसका पूरा नाम है शेड्यूल
- 3:46:48ट्राइब्स एंड अदर ट्रेडिशनल फॉरेस्ट
- 3:46:50ज्वेलर्स रिकॉग्निशन ऑफ़ फॉरेस्ट एक्ट
- 3:46:522006। क्लियर है? पर्पस क्या था इसका? कि
- 3:46:55फॉरेस्ट में रहने वाले ट्राइबल कम्युनिटीज़
- 3:46:56और एलिजिबल ट्रेडिशनल फॉरेस्ट ज्वेलर्स के
- 3:46:59फॉरेस्ट राइट्स को रिकॉग्नाइज़ करना। जैसे
- 3:47:01मान लो एग्जांपल एक ट्राइबल फैमिली जो है
- 3:47:03वो जनरेशन से फॉरेस्ट एरिया में रहती है
- 3:47:05और फॉरेस्ट रिसोर्सेज पर ही डिपेंड करती
- 3:47:08है। तो एक्ट के प्रोविजन के अकॉर्डिंग
- 3:47:10उसके एलिजिबल राइट्स रिकॉग्नाइज हो सकते
- 3:47:12हैं। ठीक है? नोडल मिनिस्ट्री कौन सी आती
- 3:47:14है? मिनिस्ट्री ऑफ़ ट्राइबल अफेयर्स आता
- 3:47:15है। ग्राम सभा फॉरेस्ट राइट्स क्लेम की
- 3:47:17प्रोसेस इनिशिएट करती है। सेक्शन सी जो है
- 3:47:20वह फॉरेस्ट राइट्स डिटरमिनेशन की प्रोसीजर
- 3:47:23से रिलेटेड है। क्लियर है? इसके बाद आपका
- 3:47:25नेशनल ग्रीड ट्रिब्यूनल आता है 2010।
- 3:47:27एनजीटी एनवायरमेंट से रिलेटेड केसेस को
- 3:47:29क्विकली डिसाइड करने के लिए बनाया गया।
- 3:47:31स्पेशलाइज़ ट्रिब्यूनल है। जैसे मान लो
- 3:47:33किसी फैक्ट्री से रिवर पोल्यूशन हो रहा है
- 3:47:35और एनवायरमेंटल डैमेज हो रहा है तो
- 3:47:37एलिजिबल केस में एनजीटी अप्रोच किया जा
- 3:47:39सकता है। एनजीटी आपका 18 अक्टूबर 2010 में
- 3:47:42इस्टैब्लिश हुआ था। आर्टिकल 21 के हेल्दी
- 3:47:44एनवायरमेंट इंटरप्रिटेशन से एनवायरमेंटल
- 3:47:46प्रोटेक्शन लिंक है। एनजीटी जो है नेचुरल
- 3:47:48जस्टिस के प्रिंसिपल फॉलो करता है। यह
- 3:47:50स्ट्रिक्टली सिविल प्रोसीजर कोर्ट से
- 3:47:52बाउंड नहीं है। और एनजीटी के ऑर्डर के
- 3:47:54अगेंस्ट सुप्रीम कोर्ट में जनरली 90 डेज
- 3:47:56के अंदर अपील की जा सकती है सब्जेक्ट टू द
- 3:47:58एक्ट। क्लियर है? इसके बाद फॉरेस्ट
- 3:48:01कंजर्वेशन एक्ट है। 1980 में गठित हुआ था।
- 3:48:04इस एक्ट का पर्पस फॉरेस्ट लैंड को नॉन
- 3:48:06फॉरेस्ट पर्पस के लिए डायवर्ट करने पर
- 3:48:08कंट्रोल रखना है। ठीक है? इस एक्ट का नाम
- 3:48:102023 अमेंडमेंट के बाद वन अधिनियम 1980
- 3:48:14हुआ। ठीक है? वन जो संरक्षण इवान संवर्धन
- 3:48:17अधिनियम 1980 होता है। ठीक है? फॉरेस्ट
- 3:48:19कंजर्वेशन एक्ट की बात बता रहा हूं। तो
- 3:48:21इसका फोकस फॉरेस्ट लैंड के डायवर्जन को
- 3:48:23रेगुलेट करना है। इसके बाद बायोलॉजिकल
- 3:48:25डायवर्सिटी एक्ट 2002 आता है। इंडिया की
- 3:48:27बायोडायवर्सिटी को कंजर्व करना और
- 3:48:29बायोलॉजिकल रिसोर्सेज को सस्टेनेबल यूज़
- 3:48:32प्रमोट करना इसका पर्पस है। ये 2002 में
- 3:48:34एक्ट बना था और फोर्स में 2003 में आया
- 3:48:36था। तो बायोलॉजिकल डायवर्सिटी अमेंडमेंट
- 3:48:38एक्ट 2023 में भी आपका हो रखा है। क्लियर
- 3:48:40है? 2023 अमेंडमेंट के कुछ कंप्लायंस
- 3:48:44प्रोविजंस और ट्रेडिशनल नॉलेज से रिलेटेड
- 3:48:46रूल्स में चेंज किए गए हैं। इसके बाद आपका
- 3:48:49वाइल्ड लाइफफ़ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 आता
- 3:48:51है। इसका पर्पस है वाइल्ड एनिमल्स, बर्ड्स
- 3:48:53और प्लांट्स की प्रोटेक्शन और कंजर्वेशन
- 3:48:55को देखना। कम्युनिटी रिजर्व के अगर कुछ
- 3:48:57फैक्ट्स देखोगे तो उसमें आता है सेक्शन 36
- 3:48:59सी। ये कम्युनिटी रिजर्व डिक्लेअर करने से
- 3:49:01रिलेटेड है। फिर सेक्शन 36 डी ये
- 3:49:03कम्युनिटी रिजर्व मैनेजमेंट कमिटी से
- 3:49:05रिलेटेड है। कमिटी रिजर्व की डिक्लेरेशन
- 3:49:08स्टेट गवर्नमेंट करती है।
- 3:49:09[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 3:49:10इसके बाद प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वैरायटीज
- 3:49:12एंड फार्मर्स राइट एक्ट 2001। यह एक्ट
- 3:49:15प्लांट वैरायटीज और फार्मर्स के राइट्स को
- 3:49:18प्रोटेक्ट करता है। जैसे मान लो एग्जांपल
- 3:49:20फार्मर या कोई है उसने कोई नई प्लांट
- 3:49:23वैरायटी डेवलप की है। तो एक्ट एलिजिबल
- 3:49:25सरकमस्ट्ससेस में उसके राइट्स प्रोटेक्ट
- 3:49:28कर सकता है। इसके बाद आपका पंचायत
- 3:49:30एक्सटेंशन टू शेड्यूल एरियाज एक्ट 1996
- 3:49:34इसको पेसा एक्ट भी बोला जाता है। ठीक है?
- 3:49:37ये शेड्यूल एरियाज में ग्रामभा और लोकल
- 3:49:38कम्युनिटीज की सेल्फ गवर्नेंस को
- 3:49:40स्ट्रेंडन करता है। तो ध्यान रखना।
- 3:49:44इसके बाद बिजनेस एंड लेबर लॉ देखेंगे।
- 3:49:46कुछ-कुछ डेट्स हैं। इंडियन कॉन्ट्रैक्ट
- 3:49:48एक्ट आपका 1872 में आता है। सेल्स ऑफ
- 3:49:50गुड्स एक्ट 1930 में आता है। इंडिया
- 3:49:52पार्टनरशिप एक्ट 1932 में आता है। कंपनीज़
- 3:49:54एक्ट 2013 में आता है। कोड ऑन वेजेस 2019
- 3:49:58में आता है। ठीक है?
- 3:50:01इसके बाद कॉलोनियल एरा एक्ट्स देखेंगे तो
- 3:50:04[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 3:50:05इसमें आता है आपका रिलीजियस डिसेबिलिटी
- 3:50:07एक्ट। 1850 में आता है रिलीजन चेंज करने
- 3:50:10पर इनहेरिटेंस या प्रॉपर्टी राइट से
- 3:50:12रिलेटेड प्रोटेक्शन। इसके बाद बंगाल
- 3:50:14टेनेंसी एक्ट आता है 1885 में। ये बंगाल
- 3:50:16में टेनेंट्स और जमींदारी रिलेटेड टेनेंसी
- 3:50:18राइट से रिलेटेड है। इंडियन यूनिवर्सिटी
- 3:50:20एक्ट्स आता है। ये 1940 में यूनिवर्सिटी
- 3:50:22की एडमिनिस्ट्रेशन और कंट्रोल में
- 3:50:24रिफॉर्म्स करने के लिए है।
- 3:50:27[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 3:50:28इसके बाद आप देखोगे आपका प्रिवेंशन ऑफ
- 3:50:31सेडिशन मीटिंग्स एक्ट आता है। सर्टेन
- 3:50:33सेडिशंस मीटिंग्स पर रेस्ट्रिकशंस के लिए
- 3:50:361907 में आया था। इसके बाद आपका
- 3:50:38एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट आता है 1980
- 3:50:40में। एक्सप्लोसिव सब्सटेंस से रिलेटेड
- 3:50:42ऑफेंसेस। ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट आता है
- 3:50:441923 में। ऑफिशियल सीक्रेट और अनऑथोराइज्ड
- 3:50:47डिस्क्लोज़र के लिए। इसके बाद लैंड
- 3:50:49एक्वज़िशन एक्ट आता है 1984 पब्लिक पर्पस
- 3:50:51के लिए लैंड एक्वज़िशन करना। ठीक है? 2013
- 3:50:54एक्ट ने इसे रिप्लेस भी किया था। इसके बाद
- 3:50:56क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट आता है 1871 में
- 3:50:59कॉलोनियल लॉ जिसने सर्टेन कम्युनिटीज़ को
- 3:51:01क्रिमिनल ट्राइब्स के रूप में क्लासिफाई
- 3:51:03किया था। तो बाद में यह रिपील हुआ। इसके
- 3:51:06बाद हम डिजास्टर मैनेजमेंट देखेंगे।
- 3:51:08डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 होता है। इस
- 3:51:10एक्ट का पर्पस डिजास्टर को मैनेज करने के
- 3:51:12लिए लीगल फ्रेमवर्क बनाना है। जैसे मान लो
- 3:51:14फ्लड, अर्थक्वेक या किसी मेजर डिजास्टर के
- 3:51:16टाइम अथॉरिटीज के रोल और कोऑर्डिनेशन को
- 3:51:19ऑर्गेनाइज करना। प्रेसिडेंट एक्सेंट दिया
- 3:51:21था इसे 23 दिसंबर 2005 को। नेशनल डिजास्टर
- 3:51:23मैनेजमेंट अथॉरिटी इस्टैब्लिश करने का
- 3:51:25प्रोविजन है एनडीएमए। और एनडीएमए का एक
- 3:51:27एक्स ऑफिशियल चेयर पर्सन होगा जो होगा
- 3:51:29प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया। चेयर पर्सन के
- 3:51:31अलावा एक्ट में अप टू नाइन अदर मेंबर्स का
- 3:51:33भी प्रोविजन है। मेंबर्स का टेन्योर कितना
- 3:51:35है? 5 साल सब्जेक्ट टू द एक्ट एंड
- 3:51:36एप्लीकेबल रूल्स। क्लियर है?
- 3:51:41एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1897 देखो कोविड-19
- 3:51:44के दौरान इसका यूज़
- 3:51:45[गला साफ़ करने की आवाज़] 11 मार्च 2020
- 3:51:47से किया गया था। वही चीज इसमें बता रहा
- 3:51:49है।
- 3:51:50इसके बाद डिजिटल गवर्नेंस एक्ट है। आधार
- 3:51:53एक्ट 2016 आ जाता है। इसमें कवर किया जाता
- 3:51:55है।
- 3:51:57अब देखो इसका पूरा नाम है आधार टारगेटेड
- 3:52:00डिलीवरी ऑफ़ फाइनेंसियल एंड अदर सब्सिडीज
- 3:52:02बेनिफिट्स एंड सर्विस एक्ट 2016। क्लियर
- 3:52:06है? देखो इसमें सेक्शन नौ आता है। आधार
- 3:52:08नंबर प्रूफ ऑफ सिटीजनशिप या डोमिसाइल नहीं
- 3:52:10है। आधार आइडेंटिटी इस्टैब्लिश करने के
- 3:52:12लिए यूज होता है। लेकिन यह सिटीजनशिप का
- 3:52:14प्रूफ नहीं है। इसके बाद सेक्शन 23 आता
- 3:52:17है। यह इशू अथॉरिटी को स्पेसिफाइड
- 3:52:19सरकमस्ट्ससेस में आधार नंबर डीएक्टिवेट
- 3:52:21करने या ओमिट करने की पावर देता है।
- 3:52:23क्लियर है? इसके बाद आपका इंफॉर्मेशनेशन
- 3:52:25टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 आता है। यह एक्ट
- 3:52:27इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स, इलेक्ट्रॉनिक
- 3:52:29सिग्नेचर और ई गवर्नेंस को लीगल
- 3:52:31रिकॉग्निशन देता है। क्लियर है? इसमें
- 3:52:33सेक्शन फोर आता है जो इलेक्ट्रॉनिक
- 3:52:34रिकॉर्ड्स को लीगल रिकॉग्निशन देता है।
- 3:52:36सेक्शन फाइव क्या करता है? इलेक्ट्रॉनिक
- 3:52:38सिग्नेचर्स को लीगल रिकॉग्निशन देता है।
- 3:52:40सेक्शन सिक्स क्या करता है? गवर्नमेंट
- 3:52:42डिपार्टमेंट्स में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स
- 3:52:43और सिग्नेचर का यूज़ करना। और सेक्शन एट
- 3:52:46आपका क्या करेगा? इलेक्ट्रॉनिक गैजेट में
- 3:52:47रूल्स रेगुलेशन पब्लिश करना। इसके बाद
- 3:52:50आपका सोशल वेलफेयर एंड कंज्यूमर
- 3:52:52प्रोटेक्शन एक्ट आता है। राइट टू एजुकेशन
- 3:52:542009 इसमें कवर है। यह छ से 14 साल के
- 3:52:56बच्चों को फ्री और कंपलसरी एलिमेंट्री
- 3:52:58एजुकेशन प्रोवाइड करने का फ्रेमवर्क से
- 3:53:00रिलेटेड है। कॉन्स्टिट्यूशनल बेसिस का
- 3:53:02क्या है? आर्टिकल 21 ए है। ध्यान रखना।
- 3:53:04मिनिमम टीचर क्वालिफिकेशन के लिए एनसीटीई
- 3:53:07के रूल्स इंपॉर्टेंट है। क्लियर है?
- 3:53:10नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट 2013 आता है।
- 3:53:12यह तो आपको पता ही है। इस एक्ट का पर्पस
- 3:53:14एलिजिबल हाउसहोल्ड को सब्सिडाइज फूड
- 3:53:16ग्रेंस प्रोवाइड करने का फ्रेमवर्क को
- 3:53:17इस्टैब्लिश करना है। इसके बाद कंज्यूमर
- 3:53:20प्रोटेक्शन एक्ट आता है। ये एक्ट कंज्यूमर
- 3:53:21के राइट्स और कंज्यूमर डिस्प्यूट्स के लिए
- 3:53:23एक रिड्रेसल की तरह फ्रेमवर्क प्रोवाइड
- 3:53:26करता है।
- 3:53:27इसके बाद देखोगे तो 1986 के ऐड को रिप्लेस
- 3:53:30किया था। प्रेसिडेंट का एक्सेंट 2019 में
- 3:53:32पड़ा था। ठीक है? तो मेजर प्रोविजन जो है
- 3:53:34वह 20 जुलाई 2020 से इफेक्टिव हुआ लागू
- 3:53:37हुआ। ठीक है? ठीक है? मान लो जैसे अगर
- 3:53:38डिफेक्टिव प्रोडक्ट या डिफेक्टिव सर्विस
- 3:53:41की वजह से कंज्यूमर का लॉस होता है तो
- 3:53:42फैक्ट्स के अकॉर्डिंग कंज्यूमर फोरम या
- 3:53:44कमीशन में कंप्लेंट किया जा सकता है।
- 3:53:46क्लियर है? वही चीज यहां बता रहा है। तो
- 3:53:48इसमें ध्यान रखना है फॉरेस्ट एक्ट जैसे
- 3:53:492006 में आया। एनजीटी एक्ट 2010 में आया।
- 3:53:52फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट 1980 में आया।
- 3:53:54बायोलॉजिकल डायवर्सिटी एक्ट 2002 में आया।
- 3:53:56वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 में
- 3:53:58आया। पेसा 1996 में आया। ये डेट्स आपको
- 3:54:01याद रखनी है मेनली। ठीक है?
- 3:54:06वही चीज बताई गई कि कंप्लेंट फाइल कर सकता
- 3:54:08है ऑन द बिहाफ ऑफ द डिसीज कंज्यूमर अंडर द
- 3:54:111986 एक्ट। इसके बाद कंज्यूमर डिस्प्यूट
- 3:54:15रिवर्सल जुरिसडिक्शन देखेंगे। देखो
- 3:54:19इसमें क्या बोलता है? कंज्यूमर डिस्प्यूट
- 3:54:21रिसेल कमीशंस के बारे में बोलता है कि अगर
- 3:54:23मान लो वही बात है कि आप कोई प्रोडक्ट
- 3:54:25खरीदते हो और सेलर डिफेक्टिव प्रोडक्ट
- 3:54:27देता है या सर्विस में डिफिशिएंसी होती है
- 3:54:29तो कंज्यूमर कंप्लेंट कर सकता है।
- 3:54:30कंज्यूमर डिस्प्यूट को तीन लेवल पर हैंडल
- 3:54:32किया जाता है। पहला होता है डिस्ट्रिक्ट
- 3:54:34कमीशन उसके बाद आपका स्टेट होता है और फिर
- 3:54:36नेशनल कमीशन होता है। ठीक है? डिस्ट्रिक्ट
- 3:54:38जो डिस्ट्रिक्ट लेवल पे करेगा, स्टेट
- 3:54:40स्टेट लेवल पे करेगा एंड नेशनल कमीशन
- 3:54:41नेशनल लेवल पे करेगा। इसके बाद वर्क
- 3:54:43अमेंडमेंट एक्ट 2025 आता है। वर्क से
- 3:54:46रिलेटेड लॉ में 2025 में अमेंडमेंट्स किए
- 3:54:48गए। इसका संबंध वर्क प्रॉपर्टीज के
- 3:54:50एडमिनिस्ट्रेशन, रजिस्ट्रेशन और गवर्नेंस
- 3:54:52से है। वर्क एक्ट का ओरिजिनल ईयर 1995 है।
- 3:54:54अमेंडमेंट 2025 में हुआ था। इसको ध्यान
- 3:54:57रखना। कुछ एडिशनल फैक्ट्स हैं। मीसा
- 3:54:59मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट 1971
- 3:55:01इसका फुल फॉर्म है। यह इंटरनल सिक्योरिटी
- 3:55:04और प्रिवेंटिव डिटेंशन से रिलेटेड लॉ था।
- 3:55:06इसे 1977 में रिपील कर दिया गया था। ठीक
- 3:55:09है? ध्यान रखना। मीसा एक सिक्योरिटी लॉ
- 3:55:11था। सोशल वेलफेयर लॉ नहीं था। इसके बाद है
- 3:55:14प्रिवेंशन ऑफ़ फूड एल्टरेशन एक्ट 1954।
- 3:55:17इसका इसका पर्पस क्या कि फूड में मिलावट
- 3:55:19को प्रिवेंट करना था। ठीक है? यह एक्ट
- 3:55:211955 में इफेक्टिव हुआ और बाद में फूड
- 3:55:24सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के
- 3:55:25फ्रेमवर्क के बाद 2011 से रिपील हो गया।
- 3:55:29इसके बाद हम चैप्टर 26 देखेंगे। सुप्रीम
- 3:55:31कोर्ट। कोर्ट के बारे में पढ़ेंगे। देखो
- 3:55:33कॉन्स्टिट्यूशनल बेसिस कंपोजिशन एंड जजेस।
- 3:55:35सुप्रीम कोर्ट इंडिया की हाईएस्ट कोर्ट
- 3:55:37है। इसके पास कॉन्स्टिट्यूशन के
- 3:55:38इंटरप्रिटेशन, फंडामेंटल राइट्स की
- 3:55:40प्रोटेक्शन और सेंटर स्टेट डिस्प्यूट जैसे
- 3:55:42इंपॉर्टेंट मैटर्स की जो रिजक्शन है।
- 3:55:44सुप्रीम कोर्ट का प्रोविजन आर्टिकल 124
- 3:55:46में दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 28
- 3:55:48जनवरी 1950 को फंक्शनिंग स्टार्ट करी थी।
- 3:55:50इसने फेडरल कोर्ट ऑफ इंडिया को रिप्लेस
- 3:55:52किया था। सुप्रीम कोर्ट के जजेस की संख्या
- 3:55:54पार्लियामेंट लॉ के थ्रू डिसाइड कर सकता
- 3:55:56है। ठीक है?
- 3:55:58सुप्रीम कोर्ट में कितने जजेस होते हैं?
- 3:56:00तो देखो 2026 में अमेंडमेंट से रेफरेंस
- 3:56:03अगर आप देखोगे तो करेंटली 38 जजेस हैं
- 3:56:05टोटल मतलब 37 जज हैं और एक आपका चीफ
- 3:56:08जस्टिस ऑफ इंडिया है। क्लियर है?
- 3:56:11अमेंडमेंट होते रहे सालों पहले 11 था, 14
- 3:56:13थे, 18 थे, 26 हुआ, फिर 31 हुआ। धीरे-धीरे
- 3:56:16अब 37 जजेस हैं। प्लस वन चीफ जस्टिस। यानी
- 3:56:19टोटल कितने हैं? 38 हैं। अपॉइंटमेंट कौन
- 3:56:21करता है जजेस का? तो सुप्रीम कोर्ट के
- 3:56:23जजेस को प्रेसिडेंट अपॉइंट करता है। लेकिन
- 3:56:24अपॉइंटमेंट प्रैक्टिकली अगर आप देखोगे तो
- 3:56:26कलीजियम सिस्टम की रिकमेंडेशन के
- 3:56:28अकॉर्डिंग होता है। जैसे प्रेसिडेंट
- 3:56:30फॉर्मल अपॉइंटमेंट करता है। लेकिन जजेस
- 3:56:32सेलेक्ट करने की रिकमेंडेशन जुडिशियल
- 3:56:33कोजियम प्रोसेस से आती है। वो पहले ही
- 3:56:35डिसाइड कर लेते हैं। इसके बाद आर्टिकल 124
- 3:56:39क्लॉज़ थ्री क्या बोलता है? सुप्रीम कोर्ट
- 3:56:40जज बनने के लिए क्या-क्या रिक्वायरमेंट्स
- 3:56:43हैं? तो इंडिया का सिटीजन हो। कम से कम या
- 3:56:45तो 5 साल तक हाई कोर्ट जज रहा हो या कम से
- 3:56:48कम 10 साल तक हाई कोर्ट वकील रहा हो और
- 3:56:51प्रेसिडेंट के ओपिनियन में एक
- 3:56:53डिस्टिंग्विश जरिस्ट हो इनमें से कोई भी
- 3:56:55क्वालिफिकेशन सफिशिएंट है। क्लियर है?
- 3:56:57अच्छा सुप्रीम कोर्ट जज के लिए
- 3:56:59कॉन्स्टिट्यूशन मिनिमम एज क्वालीफाई नहीं
- 3:57:01करता है। मिनिमम एज आप 21 में बन जाओ, 20
- 3:57:03में बन जाओ। हालांकि उतने में बन नहीं
- 3:57:04पाओगे। लॉ लगेगा 5 साल तो कम से कम आपको
- 3:57:06बीएलएलबी लगेगा ही लगेगा। या आप एलएलबी 3
- 3:57:08साल की करोगे तो उसके पहले ग्रेजुएशन
- 3:57:10करोगे तो आराम से आप मान के चलो तो भाई एज
- 3:57:12तो आराम से 23 24 हो ही जाती है। ठीक है?
- 3:57:15किसी का जल्दी हो गया हो स्कूलिंग कंप्लीट
- 3:57:16हो गया तो बात अलग है। इसके बाद
- 3:57:18रिटायरमेंट रेिग्नेशन और सैलरी के बारे
- 3:57:20में देखेंगे तो रिटायरमेंट एज कितनी है?
- 3:57:2265 साल है। और रेज़िग्नेशन प्रेसिडेंट को
- 3:57:24देते हैं रिटन लेटर देकर। सैलरी और सर्विस
- 3:57:27कंडीशन पार्लियामेंट से रेगुलेट होता है।
- 3:57:29और जजेस की सैलरी जो है वो कॉन्सुलेटेड
- 3:57:31फंड ऑफ इंडिया पे चार्ज होती है। मतलब
- 3:57:32वोटिंग करके आप सैलरी काट नहीं सकते हो।
- 3:57:34हाई कोर्ट हाई कोर्ट की जजेस की रिक
- 3:57:36रिटायरमेंट एज कितनी है? 62 है और सुप्रीम
- 3:57:38कोर्ट की 65 है। इसको ध्यान रखना डिफरेंस।
- 3:57:41अब देखो रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज क्या
- 3:57:43कर सकता है? रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज
- 3:57:45किसी भी कोर्ट या अथॉरिटी के सामने
- 3:57:46प्रैक्टिस नहीं कर सकता। आर्टिकल 124
- 3:57:48क्लॉज़ सेवन में लिखा हुआ है। लेकिन
- 3:57:50रिटायर्ड जज को सुप्रीम कोर्ट में बैठने
- 3:57:52और एक्ट करने के लिए रिक्वेस्ट की जा सकती
- 3:57:54है कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 128 के
- 3:57:56अकॉर्डिंग। क्लियर है?
- 3:57:58इसके बाद एक्टिंग चीफ जस्टिस है। यह
- 3:58:00आर्टिकल 126 में बताया गया है कि अगर चीफ
- 3:58:02जस्टिस ऑफ इंडिया का पोस्ट वेकेंट हो या
- 3:58:04चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया अपने ड्यूटीज
- 3:58:06परफॉर्म नहीं कर सकता है तो प्रेसिडेंट
- 3:58:08सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को एक्टिंग चीफ
- 3:58:10जस्टिस अपॉइंट कर सकता है। तो आर्टिकल 126
- 3:58:13में है। इसके बाद आपको मिलेगा एडॉक् जज।
- 3:58:15एडॉक जज का एक कांसेप्ट एडॉग जज क्या होता
- 3:58:17है? देखो क्लियर कर देता हूं मैं। आर्टिकल
- 3:58:20127 में दिया गया है। जैसे कभी-कभी क्या
- 3:58:23होता है ना कि कभी सुप्रीम कोर्ट में किसी
- 3:58:26केस की हियरिंग के लिए रिक्वायर्ड नंबर ऑफ
- 3:58:28जजेस अवेलेबल नहीं होते हैं। ऐसे में हाई
- 3:58:30कोर्ट के क्वालिफाइड जज को टेंपरेरी बेसिस
- 3:58:33पर सुप्रीम कोर्ट में बैठने के लिए
- 3:58:34रिक्वेस्ट किया जा सकता है। सीजीआई
- 3:58:36प्रेसिडेंट की प्रोर कंसेंट से कंसर्न हाई
- 3:58:39कोर्ट चीफ जस्टिस से कंसल्टेशन के बाद
- 3:58:41रिक्वेस्ट करता है। यह परमानेंट
- 3:58:42अपॉइंटमेंट नहीं होता। ध्यान रखना
- 3:58:43टेंपरेरी होता है। क्लियर है? कोई दिक्कत
- 3:58:46तो नहीं यहां तक। इसके बाद अगर आप देखोगे
- 3:58:48रिटायर्ड जज के बारे में बात करेंगे।
- 3:58:49आर्टिकल 128 सीजीआई प्रेसिडेंट की प्योर
- 3:58:52कंसर्न और कंसर्न रिटायर्ड जज की कंसर्न
- 3:58:54से रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट या एलिजिबल हाई
- 3:58:56कोर्ट जज को सुप्रीम कोर्ट में बैठने और
- 3:58:58एक्ट करने के लिए रिक्वेस्ट कर सकता है।
- 3:59:00ठीक है? डिफरेंस याद रखना। 126 में
- 3:59:01एक्टिंग चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया। 127 में
- 3:59:03एडॉग जज और 128 में रिटायर्ड जज को
- 3:59:06सुप्रीम कोर्ट में बैठने के लिए बुलाना।
- 3:59:09क्लियर है? यह सारे आपके यहां पर दिए हुए
- 3:59:11हैं।
- 3:59:16इसके बाद कलीजियम सिस्टम है। कलीजियम जजेस
- 3:59:18की अपॉइंटमेंट और ट्रांसफर के लिए
- 3:59:19रिकमेंडेशन करने वाला जुडिशियल सिस्टम है।
- 3:59:21सुप्रीम कोर्ट अपॉइंटमेंट के लिए कलीजियम
- 3:59:23में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और सुप्रीम
- 3:59:25कोर्ट के चार सीनियर मोस्ट जजेस होते हैं।
- 3:59:26यानी टोटल कितने? पांच मेंबर्स होते हैं।
- 3:59:28कलीजियम सिस्टम कॉन्स्टिट्यूशन में
- 3:59:29एक्सप्लसिटली रिटेन नहीं है। ये सुप्रीम
- 3:59:31कोर्ट के जजमेंट से डेवलप हुआ। इंपॉर्टेंट
- 3:59:33केसेस देखोगे तो कुछ इंपॉर्टेंट केसेस भी
- 3:59:36आए। जैसे फर्स्ट जजेस केस आपका आता है
- 3:59:38उसमें एग्जीक्यूटिव को अपॉइंटमेंट में
- 3:59:39ग्रेटरेंस दिया गया। सेकंड जजेस केस 1993
- 3:59:42में आता है। इसमें कलेजियम सिस्टम
- 3:59:44एस्टैब्लिश हुआ और थर्ड जजेस केस जो आपका
- 3:59:461998 में आता है वो जो कॉलेजियम है उसका
- 3:59:50कंपोज़शन क्लासिफाई हुआ इसमें। ठीक है?
- 3:59:52क्लेरिफाई हुआ एक तरीके से। इसके बाद
- 3:59:54नेशनल जुडिशियल अपॉइंटमेंट कमीशन एनजेएसी
- 3:59:57का पर्पस जुडिशियल अपॉइंटमेंट में
- 3:59:58एग्जीक्यूटिव और जुडिशरी की पार्टिसिपेशन
- 4:00:00को कंबाइन करना था। 99थ कॉन्स्टिट्यूशन
- 4:00:03अमेंडमेंट आया 2014 से इंट्रोड्यूस हुआ।
- 4:00:05सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में इसे अनकट्यूशनल
- 4:00:07डिक्लेअ कर दिया। इसके बाद कोजन सिस्टम
- 4:00:09कंटिन्यू रहा। क्लियर है?
- 4:00:12सुप्रीम कोर्ट की अगर मेनली जुरिसडिक्शन
- 4:00:14देखेंगे तो जुरिसडिक्शन का मतलब क्या होता
- 4:00:16है? जुरिक्शन मतलब होता है कि किसी टाइप
- 4:00:17के केस को सुनने का कोर्ट को लीगल पावर।
- 4:00:20उसको हम जुरिडिक्शन बोलते हैं। तो ओरिजिनल
- 4:00:22जुरिडिक्शन सुप्रीम कोर्ट के आर्टिकल 131
- 4:00:24में है। यानी केस जो है वो डायरेक्टली
- 4:00:26सुप्रीम कोर्ट में शुरू होता है। इसमें
- 4:00:28ठीक है? इसमें कौन-कौन से आते हैं? जैसे
- 4:00:30सेंटर और स्टेट के बीच। ठीक है? लीगल
- 4:00:32डिस्प्यूट या दो स्टेट के बीच। क्लियर है?
- 4:00:34तो यह जुरिसडिक्शन एक्सक्लूसिव है। लेकिन
- 4:00:36हर सेंटर स्टेट डिसए्रीमेंट इसके अंडर
- 4:00:38नहीं आता है। यह भी ध्यान रखना। एपिलेट
- 4:00:39जुरिडिक्शन आता है आर्टिकल 132 से 134
- 4:00:42लोअर कोर्ट के डिसीजन के अगेंस्ट अपील
- 4:00:44करना। एग्जांपल हाई कोर्ट के किसी
- 4:00:45क्वालीिफाइंग कॉन्स्टिट्यूशनल सिविल या
- 4:00:48क्रिमिनल मैटर के जजमेंट के अगेंस्ट
- 4:00:49सुप्रीम कोर्ट में अपील करना। इसके बाद
- 4:00:51आपका आता है स्पेशल पिटीशन लीव। यह भी
- 4:00:53ध्यान रखना। स्पेशल पिटीशन लीव आर्टिकल
- 4:00:55136 में है। सुप्रीम कोर्ट किसी कोर्ट या
- 4:00:58ट्रिब्यूनल के जजमेंट के अगेंस्ट स्पेशल
- 4:01:00लीव ग्रांट कर सकता है। सब्जेक्ट टू
- 4:01:01कॉन्स्टिट्यूशनल एक्सेप्शन। यह ऑर्डिनरी
- 4:01:03अपील को ऑटोमेटिक राइट नहीं है। ठीक है?
- 4:01:05मतलब जैसे मान लो किसी का केस पड़ा है,
- 4:01:07सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल गिव किया तो उसका
- 4:01:08डायरेक्ट कोर्ट जो है वो सुप्रीम कोर्ट
- 4:01:09में आ जाएगा। मतलब उसका जो केस है वो
- 4:01:11डायरेक्ट सुप्रीम कोर्ट में आ जाएगा। इसके
- 4:01:13बाद एडवाइज़री जुरिसिक आता है आर्टिकल 143
- 4:01:15में प्रेसिडेंट किसी इंपॉर्टेंट क्वेश्चन
- 4:01:17ऑफ लॉ या फैक्ट पर सुप्रीम कोर्ट की
- 4:01:19ओपिनियन मांग सकता है। जैसे मान लो किसी
- 4:01:20इंपॉर्टेंट कॉन्स्टिट्यूशनल क्वेश्चन पर
- 4:01:22प्रेसिडेंट कोर्ट से एडवाइस मांगे। कोर्ट
- 4:01:24कुछ सरकमस्टेंसेस में ओपिनियन देने से मना
- 4:01:26भी कर सकता है।
- 4:01:29इसके बाद आपका रिव्य्यू जजमेंट आता है
- 4:01:30आर्टिकल 137। सुप्रीम कोर्ट अपने जजमेंट
- 4:01:32या ऑर्डर को रिव्यू कर सकता है
- 4:01:34कॉन्स्टिट्यूशनल और एप्लीकेबल रूल्स के
- 4:01:36अकॉर्डिंग।
- 4:01:39एनलार्जमेंट ऑफ जुरिसडिक्शन आता है आपका
- 4:01:41आर्टिकल 138 में। पार्लियामेंट लॉ के थ्रू
- 4:01:43सुप्रीम कोर्ट की जुरिसडिक्शन को एनलार्ज
- 4:01:46कर सकता है। कॉन्स्टिट्यूशन के प्रोविजन
- 4:01:47के अकॉर्डिंग।
- 4:01:50क्यूरेटिव प्रिटेंशन आर्टिकल 142 में आती
- 4:01:53है। यह आपकी इवॉल्व हुई थी रूपा अशोक
- 4:01:54खुर्रा वर्सेस अशोक खुर्रा 2002 केस में।
- 4:01:57ठीक है? यह सुप्रीम कोर्ट में फाइल्ड होती
- 4:01:59है अंडर आर्टिकल 142। इवन आफ्टर अ रिव्यु
- 4:02:02पिटीशन इट्स डिसमिस। ठीक है? अगर रिव्यु
- 4:02:03पिटीशन डिसमिस हो गई तो यह सुप्रीम कोर्ट
- 4:02:05में फाइल हो सकती है। केस ट्रांसफर आता है
- 4:02:07आर्टिकल 139 क्लॉज़ ए में। सुप्रीम कोर्ट
- 4:02:09जो है वो विथड्रॉ कर सकता है या डिस्पोज़
- 4:02:11कर सकता है केस जो इनवॉल्व कर रहा है
- 4:02:13सब्सटेंशियली द सेम क्वेश्चन ऑफ़ लॉ
- 4:02:14पेंडिंग बिफोर मल्टीपल हाई कोर्ट। बहुत
- 4:02:16सारे हाई कोर्ट में सेम क्वेश्चन ऑफ़ लॉ
- 4:02:18पेंडिंग है। रिट जुडिक्शन की बात करें।
- 4:02:21आर्टिकल 32 में आता है नॉट एक्सप्लोसिव टू
- 4:02:23सुप्रीम कोर्ट। यह सुप्रीम कोर्ट को नहीं
- 4:02:25है। हाई कोर्ट भी रिट इशू कर सकते हैं।
- 4:02:26अंडर आर्टिकल 226। क्लियर है? इसके बाद
- 4:02:29कॉन्स्टिट्यूशन बेंच है। मिनिमम फाइव
- 4:02:30[गला साफ़ करने की आवाज़] जजेस होते हैं
- 4:02:31इसमें एंड फॉर एनी केस इनवॉल्विंग अ
- 4:02:34सब्सटैंशियल क्वेश्चन ऑन द इंटरप्रिटेशन
- 4:02:35ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन। क्लियर है कि कोई भी
- 4:02:38सब्जेक्ट मैटर जो कॉन्स्टिट्यूशन के
- 4:02:39इंटरप्रिटेशन इन्वॉल्व है उस पे अगर जजेस
- 4:02:42इंक्वायरी कर रहे हैं तो मिनिमम पांच जजेस
- 4:02:44रिक्वायर्ड हैं। इसके बाद हम कोर्ट ऑफ
- 4:02:45रिकॉर्ड कंटेंप्ट एंड लैंग्वेज को
- 4:02:47देखेंगे। देखो सुप्रीम कोर्ट आर्टिकल 129
- 4:02:49जो कहता है कि सुप्रीम कोर्ट एक कोर्ट ऑफ
- 4:02:51रिकॉर्ड है। इसका मतलब है कि उसके
- 4:02:53जजमेंट्स और जुडिशियल रिकॉर्ड्स ऑफिशियल
- 4:02:55रिकॉर्ड्स होते हैं और उनकी एविडेंटरी
- 4:02:57वैल्यू होती है। सुप्रीम कोर्ट को अपनी
- 4:02:59कंटेंट ऑफ कोर्ट के लिए पनिशमेंट देने की
- 4:03:01पावर भी है। जैसे एग्जांपल मान लो कि अगर
- 4:03:03कोई जानबूझकर कोर्ट की अथॉरिटी को अंडर
- 4:03:05मीन करता है तो सरकमस्टेंसेस के अकॉर्डिंग
- 4:03:07क्या होगा? कंटेंप्ट प्रोसीडिंग्स हो सकती
- 4:03:09हैं। आर्टिकल 129 सुप्रीम कोर्ट कोर्ट ऑफ
- 4:03:12रिकॉर्ड है। 215 हाई कोर्ट भी कोर्ट ऑफ
- 4:03:15रिकॉर्ड है। यह दिया हुआ है। इसको ध्यान
- 4:03:17रखना आर्टिकल।
- 4:03:19इसके बाद कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1971 आता
- 4:03:22है। यह एक्ट कंटेंप्ट को डिफाइन करता है
- 4:03:24और उससे रिलेटेड लीगल फ्रेमवर्क देता है।
- 4:03:26कंटेंप्ट रलीड अगर आप देखोगे तो ब्रॉडली
- 4:03:29दो टाइप के होते हैं। एक होता है सिविल
- 4:03:30कंटेंप्ट, एक होता है क्रिमिनल कंटेंप्ट।
- 4:03:32सिविल कंटेंप्ट यानी कोर्ट के ऑर्डर को
- 4:03:33विलफुली डिसओबे करना। और क्रिमिनल कंटेंट
- 4:03:36ऐसा एक्ट जो कोर्ट की अथॉरिटी को सीरियसली
- 4:03:38अंडरमीन करे, जुडिशियल प्रोसीडिंग्स के
- 4:03:40प्रिजड्यूस करे या जस्टिस एडमिनिस्ट्रेशन
- 4:03:42में इंटरफेयर करे। हर क्रिटिसिज्म
- 4:03:44कंटेंप्ट नहीं होता है। फेयर क्रिटिसिज्म
- 4:03:46और जुडिशियल अकाउंटेबिलिटी के लिए भी लीगल
- 4:03:48प्रोटेक्शन होते हैं। क्लियर है? इसके बाद
- 4:03:51अगर आप देखोगे तो सुप्रीम कोर्ट की
- 4:03:52लैंग्वेज आर्टिकल 348 में दिया गया है कि
- 4:03:55सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में
- 4:03:56प्रोसीडिंग्स की लैंग्वेज जनरली इंग्लिश
- 4:03:58होती है। सब्जेक्ट टू कॉन्स्टिट्यूशनल
- 4:03:59प्रोविजन और एप्लीकेबल लॉज़। तो इसको ध्यान
- 4:04:01रखना। सुप्रीम कोर्ट की सीट आर्टिकल 130
- 4:04:03में दिया गया है कि सुप्रीम कोर्ट जो है
- 4:04:07तो दिल्ली में बैठता है लेकिन चीफ जस्टिस
- 4:04:09ऑफ इंडिया प्रेसिडेंट के अप्रूवल के साथ
- 4:04:11किसी और प्लेस को भी सुप्रीम कोर्ट के सीट
- 4:04:13में रूप में अपॉइंट कर सकता है। ठीक है?
- 4:04:15कोई और जगह भी अपॉइंट हो सकती है। इसके
- 4:04:17बाद जुडिशियल रिव्य्यू एंड द बेसिक
- 4:04:19स्ट्रक्चर डॉक्टराइन को देखेंगे। जुडिशियल
- 4:04:21रिव्य्यू के बारे में पता है। जुडिशियल
- 4:04:22रिव्य्यू का मतलब है कि कोर्ट्स चेक कर
- 4:04:24सकते हैं कि गवर्नमेंट का लॉ या एक्शन
- 4:04:26कॉन्स्टिट्यूशन के अकॉर्डिंग है या नहीं
- 4:04:28है। एग्जांपल के तौर पे ले लो। जैसे मान
- 4:04:30लो पार्लियामेंट कोई लॉ बनाती है तो जो
- 4:04:32फंडामेंटल राइट्स वलेट करता है अगर
- 4:04:34पार्लियामेंट ऐसा कोई लॉ बनाती है तो
- 4:04:36सुप्रीम कोर्ट उस लॉ को अनकॉन्स्टिट्यूशनल
- 4:04:37डिक्लेअर कर सकता है अगर लीगल कंडीशन
- 4:04:40सेटिस्फाई होते हैं। क्लियर है? इसके बाद
- 4:04:43अगर आप देखोगे तो एक आता है आपका बेसिक
- 4:04:45स्ट्रक्चर डॉक्ट्राइन। दैट इज़ वेरीेंट। इस
- 4:04:47डॉक्ट्राइन का मतलब है कि पार्लियामेंट
- 4:04:48कॉन्स्टिट्यूशन अमेंड कर सकती है लेकिन
- 4:04:50उसके बेसिक स्ट्रक्चर को डिस्ट्रॉय नहीं
- 4:04:52कर सकती है। जैसे पार्लियामेंट
- 4:04:53कॉन्स्टिट्यूशन अमेंड करके जुडिशियल
- 4:04:54रिव्य्यू को कंप्लीटली रिमूव करना चाहे तो
- 4:04:56अमेंडमेंट बेसिक स्ट्रक्चर के अगेंस्ट है
- 4:04:58ये नहीं कर सकती है। इंपॉर्टेंट केसेस में
- 4:05:00केशवती वैसे स्टेट ऑफ़ केरला आता है। 13 जज
- 4:05:03की बेंच बैठी थी इसमें। ठीक है? डिसीजन
- 4:05:057/6 मेजॉरिटी आया था। सात फेवर में थे।
- 4:05:08सात अनफेवर में थे। और इससे आपका बेसिक
- 4:05:10स्ट्रक्चर डॉक्ट्राइन एस्टैब्लिश हुआ था।
- 4:05:12पार्लियामेंट की अमेंडमेंट पावर अनलिमिटेड
- 4:05:14नहीं है। ऐसा इसमें कहा गया था। इसके बाद
- 4:05:17आपका इंदिरा नेहरू इंदिरा गांधी इंदिरा
- 4:05:19नेहरू गांधी वर्सेस राज नारायण का भी केस
- 4:05:22आता है। बहुत फेमस केस है। आपने सुन रखा
- 4:05:24होगा फ्री एंड फेयर इलेक्शंस की जिसमें
- 4:05:26बात करी जाती है। इसके बाद आपका मिनरवा
- 4:05:28मिल केस आता है। इसके बारे में तो आप लोग
- 4:05:30को 100% पता ही होगा। लिमिटेड अमेंडिंग
- 4:05:33पावर और फंडामेंटल राइट्स और डीपीएसपी के
- 4:05:35बीच बैलेंस को प्रोटेक्ट किया गया है।
- 4:05:37इसके बाद गोलकनाथ वर्सेस स्टेट ऑफ पंजाब
- 4:05:391967 आता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि
- 4:05:41फंडामेंट जो पार्लियामेंट है वो फंडामेंटल
- 4:05:43राइट्स अमेंड नहीं कर सकती है। बाद में
- 4:05:45केशानंद भारती ने इस पोजीशन को मॉडिफाई
- 4:05:47किया और बेसिक स्ट्रक्चर टेस्ट एस्टैब्लिश
- 4:05:49किया। क्लियर है? कुछ लैंडमार्क केसेस
- 4:05:54हैं। इनको जल्दी-जल्दी देखेंगे। जैसे आपका
- 4:05:56गोपालन है। इसमें देखो प्रिवेटिव डिटेंशन
- 4:05:58और पर्सनल लिबर्टी की अर्ली इंटरप्रिटेशन
- 4:06:01था। रोमेश थापर वर्सेस स्टेट ऑफ मद्रास।
- 4:06:04स्टेट ऑफ़ मद्रास वाला। रोमेश थापर वाला ये
- 4:06:06किससे रिलेटेड था? यह आपका रेस्ट्रिक्शन
- 4:06:09ऑन फ्रीडम और स्पीच से। शंकरी प्रसाद
- 4:06:11वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया। पार्लियामेंट की
- 4:06:12पावर है कि वो कॉन्स्टिट्यूशन को अमेंड कर
- 4:06:14सकता है। चंपकम दुराई राजन स्टेट ऑफ
- 4:06:16मद्रास फंडामेंटल राइट्स और रिजर्वेशन की
- 4:06:18बात करता है। फर्स्ट अमेंडमेंट का
- 4:06:19बैकग्राउंड है। आईसी गुलनग अगर आप देखोगे
- 4:06:22तो पहले ये कामेश्वर सिंह वर्सेस स्टेट ऑफ़
- 4:06:24बिहार और रिलेटेड टू जमींदारी अबोलेशन
- 4:06:26सिस्टम इंदिरा साहनी जो है ओबीसी
- 4:06:28रिजर्वेशन की बात करता है गवर्नमेंट जॉब
- 4:06:30में और 50% रिजन को एज अ लिमिट सेट करता
- 4:06:33है। इसके बाद आपका मेनका गांधी केस है। यह
- 4:06:36आर्टिकल 21 की ब्रॉड इंटरप्रिटेशन देता है
- 4:06:39फेयर जस्ट एंड रीज़नेबल प्रोसीजर के साथ।
- 4:06:42इसके बाद आपका मिनरमा मिल केस आता है। वह
- 4:06:44भी आपने सुन ही रखा होगा जो लिमिटेड
- 4:06:46अमेंडिंग पावर की बात करता है। इसके बाद
- 4:06:48आप देखोगे तो आपका इंदिरा साहनी केस ये भी
- 4:06:50इंपॉर्टेंट है। जो जो इंपॉर्टेंट है काफी
- 4:06:52ज्यादा वो नहीं देखेंगे। ओबीसी रिजर्वेशन
- 4:06:54मैं आपको बता रखा हूं। 50% कैप वाली की
- 4:06:56बात किया है। इसके बाद विशाखा वर्सेस
- 4:06:58स्टेट ऑफ राजस्थान यह भी इंपॉर्टेंट है।
- 4:06:59वर्क प्लेस सेक्सुअल हरासमेंट के रिलेटेड
- 4:07:01गाइडलाइंस है। इसके बाद आपका श्रेया करके
- 4:07:04है। शायरा बानो केस है। ट्रबल तलाक की बात
- 4:07:08करता है। अनकॉन्स्टिट्यूशनल डिक्लेअ करता
- 4:07:10है। फूल गेट स्कैम है। सुप्रीम कोर्ट
- 4:07:12सीबीआई को एक केस्ड पैरेट बोलता है। इसमें
- 4:07:15क्लियर है? होमोसेक्सुअलिटी जो जजमेंट
- 4:07:17सेक्शन 377 ऑफ़ द आईपीसी से रिलेटेड है। अब
- 4:07:21इसके बाद देखेंगे पीआईएल पब्लिक इंटरेस्ट
- 4:07:23लिटिगेशन। लिटिगेशन मतलब मुकदमा और
- 4:07:26जुडिशियल एक्टिविज्म को भी पढ़ेंगे।
- 4:07:29पीआईएल का मतलब क्या है? देखो जब किसी इशू
- 4:07:32से पब्लिक या डिसएडवांटेज सेक्शन के
- 4:07:34राइट्स अफेक्ट होते हैं तो पब्लिक
- 4:07:36इंटरेस्ट में कोर्ट अप्रोच किया जा सकता
- 4:07:38है। जैसे एग्जांपल किसी एरिया में
- 4:07:40पोल्यूटेड वाटर सप्लाई हो रही है और
- 4:07:41अफेक्टेड लोग कोर्ट तक नहीं पहुंच पा रहे
- 4:07:43हैं। तो एलिजिबल सरकमस्टेंसेस में कोई
- 4:07:45पब्लिक पर्सन या ऑर्गेनाइजेशन पीआईएल फाइल
- 4:07:48कर सकता है। ठीक है? इंडिया पे अगर देखोगे
- 4:07:50तो पीआईएल का डेवलपमेंट कब हुआ है? 19780
- 4:07:53में हुआ है। ठीक है? मैं आपको बताता
- 4:07:54रहूंगा। आप सुनते रहना। ठीक है? अगर आपके
- 4:07:56पास पीडीएफ होगी तो बहुत अच्छा है। आप
- 4:07:57साथ-साथ बाद में पढ़ भी सकते हो। ठीक है?
- 4:08:01अब देखो जस्टिस पीएन भगवती और जस्टिस वी
- 4:08:03आर कृष्ण अय्यर ने पीआईएल डेवलप करने में
- 4:08:06इंपॉर्टेंट रोल प्ले किया है। पीआईएल
- 4:08:07सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 32 और हाई
- 4:08:09कोर्ट में आर्टिकल 226 के अंडर फाइल किया
- 4:08:12जा सकता है। हर पर्सनल डिस्प्यूट पीआईएल
- 4:08:14नहीं होता है। ध्यान रखना जेन्युइन पब्लिक
- 4:08:16इंटरेस्ट होना चाहिए। जैसा मैंने आपको
- 4:08:18बताया। अब देखो जुडिशियल एक्टिविज्म भी एक
- 4:08:20वर्ड समझ लो क्या होता है? जुडिशियल
- 4:08:22एक्टिविज्म का मतलब है कि जब जुडिशरी
- 4:08:24कॉन्स्टिट्यूशन और लॉस की इंटरप्रिटेशन
- 4:08:26करते हुए राइट्स प्रोटेक्ट करने और
- 4:08:28गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी इंश्योर करने में
- 4:08:30एक्टिव रोल प्ले करता है। जैसे एग्जांपल
- 4:08:32विशाखा केस वाला आपको पता है ना सुप्रीम
- 4:08:34कोर्ट ने वर्क प्लेस सेक्सुअल हरासमेंट को
- 4:08:36एड्रेस करने के लिए गाइडलाइंस इशू की थी।
- 4:08:38समझ गए बात को?
- 4:08:43अब देखो जस्टिस एएस आनंद ने क्या बोला था?
- 4:08:46जुडिशियल एक्टिविज़्म शुड नॉट बिकम
- 4:08:47जुडिशियल एडवेंचरिज्म कि हर बार नहीं
- 4:08:50ट्राई करना है। अब चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया
- 4:08:52कुछ फैक्ट्स हैं। शॉर्टेस्ट सर्विंग
- 4:08:54सीजेआई कौन है? कमल है। लॉन्गेस्ट सर्विंग
- 4:08:56सीजेआई कौन है? यशवंत है। फर्स्ट वुमेन
- 4:08:59सुप्रीम कोर्ट जज फातिमा बीवी। सिंग
- 4:09:01सुप्रीम कोर्ट जजेस करंट तो बेला त्रिवेदी
- 4:09:04हैं। और बी एन आपका बीवी नागरत्ना है।
- 4:09:07इसके बाद फर्स्ट जज एलिवेटेड डायरेक्टली
- 4:09:08फ्रॉम द बार तो नागेश्वर राव हैं। ये कुछ
- 4:09:11फैक्ट्स हैं। मोटा-मोटा ऊपर के देख लेना।
- 4:09:13वुमेन वाले देख लेना। देखो इसीलिए मैं
- 4:09:15बोलता हूं पीवाईक्यू देखो। पीवाईक्यू से
- 4:09:16पता क्या होता है? आपको पता चलेगा कौन सी
- 4:09:18चीज पढ़नी है कौन नहीं पढ़नी है। ऐसे ही
- 4:09:19यह पूरी पीडीएफ खोल के बैठोगे या पूरी
- 4:09:21पॉलिटी की खोल के बैठोगे तो एक-एक चीज
- 4:09:22इसमें पढ़नी नहीं है। दोस्त यूपीपीसीएस के
- 4:09:25हिसाब से क्या इंपॉर्टेंट है वो आपको
- 4:09:26देखना है। उत्तराखंड के हिसाब से क्या
- 4:09:27इंपॉर्टेंट है वो आपको देखना है। बीपीएससी
- 4:09:29के हिसाब से क्या इंपॉर्टेंट है वो आपको
- 4:09:31देखना है। समझ गए? अब ये नहीं कि इसका
- 4:09:33पूरा रटने चले गए ना।
- 4:09:36ठीक है? एएस आनंद 29 चीफ जस्टिस अभी ने
- 4:09:38बोला था ना जुडिशियल एक्टिविज़्म जुडिशियल
- 4:09:41एडवेंचरिज्म नहीं होना चाहिए। क्लियर है?
- 4:09:43अब इसके बाद और कुछ एडिशनल फैक्ट्स देखते
- 4:09:46हैं।
- 4:09:48इसमें दिया है टीडी सेट टेलीकॉम डिस्प्यूट
- 4:09:51सेटलमेंट एंड एप्लीट ट्राइबनल अंडर द
- 4:09:53अमेंडमेंट ट्राई एक्ट 1997 2000 ऑर्डर्स
- 4:09:56करता है किस पे? पे टेलीकॉम पे,
- 4:09:57ब्रॉडकास्टिंग पे, एयरपोर्ट ट्रैफ मैटर्स
- 4:09:59पे। दैट आर एप्लीकेबल टू द सुप्रीम कोर्ट।
- 4:10:01क्लियर है? इसके बाद थर्ड शेड्यूल है।
- 4:10:03थर्ड शेड्यूल प्रिस्राइब करता है 10
- 4:10:05फॉर्म्स ऑफ़ फोर्थ। कौन-कौन सा? इंक्लूडिंग
- 4:10:07वन कॉमन फॉर्म फॉर द चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया
- 4:10:09एंड द कमटोरियल ऑर्डिनर जनरल ऑफ़ इंडिया।
- 4:10:11जुडिशियल रिव्य्यू एक डॉक्ट्राइन है जो कि
- 4:10:13ऑरिजनेट हुआ था यूएसए में
- 4:10:16मारबारी वर्सेस मेडिसिन 1803 चीफ जस्टिस
- 4:10:20जॉन मार्शल थे इट इज़ प्रैक्टिस्ड इन बोथ
- 4:10:21इंडिया एंड द यूएसए नॉट इन द यूके वेयर
- 4:10:24पार्लियामेंट इज सुप्रीम क्लियर है? अब
- 4:10:26इसके बाद चैप्टर 27 गवर्नर का है। हम
- 4:10:28गवर्नर को देखेंगे। कॉन्स्टिट्यूशनल बेसिस
- 4:10:30आर्टिकल 153 से 167 कवर है। गवर्नर स्टेट
- 4:10:33का कॉन्स्टिट्यूशनल हेड होता है। जैसे
- 4:10:34इंडिया में प्रेसिडेंट कॉन्स्टिट्यूशनल
- 4:10:36हेड है वैसे ही इंडिया का प्रेसिडेंट है
- 4:10:38और स्टेट में गवर्नर कॉन्स्टिट्यूशन हेड
- 4:10:40होता है। जैसे यूपी में गवर्नर स्टेट का
- 4:10:42कॉन्स्टिट्यूशनल हेड है। जबकि चीफ
- 4:10:44मिनिस्टर गवर्नमेंट का प्रैक्टिकली लीड
- 4:10:46करता है। क्लियर है? तो प्रेसिडेंट होता
- 4:10:48है यूनियन लेवल पे एंड आपका गवर्नर होता
- 4:10:50है स्टेट लेवल पे। और प्राइम मिनिस्टर
- 4:10:52होता है यूनियन गवर्नमेंट का हेड, चीफ
- 4:10:53मिनिस्टर होता है स्टेट गवर्नमेंट का हेड।
- 4:10:55इंडिया में पार्लियामेंट्री सिस्टम है।
- 4:10:56इसलिए गवर्नर जनरली काउंसिल ऑफ मिनिस्टर
- 4:10:58की एडवाइस पर काम करता है। आर्टिकल 153 है
- 4:11:02गवर्नर से रिलेटेड। ठीक है? हर स्टेट के
- 4:11:04लिए गवर्नर होगा। इसमें बोला गया है।
- 4:11:05लेकिन सेवंथ कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट
- 4:11:07एक्ट 1957 के बाद क्या बोला गया कि एक ही
- 4:11:09पर्सन दो या दो से ज्यादा स्टेट का गवर्नर
- 4:11:11अपॉइंट किया जा सकता है। ठीक है? कि इतने
- 4:11:13गवर्नर नहीं मिल पाते हैं तो ठीक है भाई।
- 4:11:14एक आदमी को एक दो स्टेट का बना दो तो बंद।
- 4:11:16अगर नहीं जगह है तो बन जाएगा। कोई दिक्कत
- 4:11:18नहीं है। ठीक है? जैसे मान लो एक पर्सन है
- 4:11:20वो यूपी और उत्तराखंड दोनों का गवर्नर हो
- 4:11:22सकता है। वही चीज बताई गई है। आर्टिकल 155
- 4:11:24अपॉइंटमेंट की बात करता है। अपॉइंटमेंट ऑफ
- 4:11:26गवर्नर। गवर्नर को प्रेसिडेंट अपॉइंट करता
- 4:11:28है। अपॉइंटमेंट वॉर एट अंडर द हैंड एंड द
- 4:11:30सील ऑफ द प्रेसिडेंट से होती है। ठीक है?
- 4:11:31गवर्नर इलेक्टेड नहीं होता है। गवर्नर को
- 4:11:33प्रेसिडेंट अपॉइंट करता है। गवर्नर स्टेट
- 4:11:35का कॉन्स्टिट्यूशन हेड होता है। इसको
- 4:11:37ध्यान रखना। आर्टिकल 157 क्वालिफिकेशंस की
- 4:11:40बात करता है। गवर्नर बनने के लिए दो बेसिक
- 4:11:42क्वालिफिकेशन है। पर्सन इंडिया का सिटीजन
- 4:11:44होना चाहिए और उसकी मिनिमम एज जो है वो 35
- 4:11:46साल होनी चाहिए। ठीक है? अच्छा गवर्नर
- 4:11:49स्टेट का रेजिडेंट हो यह कंपलसरी नहीं है
- 4:11:51अब। ठीक है? दिल्ली में रहने वाले इंडियन
- 4:11:54सिटीजन भी उत्तर प्रदेश के गवर्नर अपॉइंट
- 4:11:56किए जा सकते हैं। क्लियर है? इसके बाद
- 4:11:58आर्टिकल आपका 158 आता है। यह कंडीशन और
- 4:12:01ऑफिस की बात बताता है कि गवर्नर जो है
- 4:12:02पार्लियामेंट या स्टेट लेजिस्लेटर का
- 4:12:04मेंबर नहीं हो सकता है। अगर एमपी या एमएलए
- 4:12:06अपॉइंट होता है तो गवर्नर का ऑफिस एंटर
- 4:12:08करते ही उसकी सीट जो है वो वेकेंट मानी
- 4:12:11जाती है। कोई और ऑफिस और प्रॉफिट होल्ड
- 4:12:13नहीं कर सकता है। उसे ऑफिशियल रेजिडेंस और
- 4:12:15प्रिस्राइब सैलरी इन्वॉल्वमेंट्स मिलते
- 4:12:17हैं। यह है। ठीक है? गवर्नर का टेन्योर
- 4:12:20अगर देखोगे तो कितना होता है? टेन्योर 5
- 4:12:22साल होता है। ठीक है? है लेकिन वह
- 4:12:23प्रेसिडेंट के प्लेजर के ड्यूरिंग ऑफिस
- 4:12:25होल्ड करता है। इसका मतलब नॉर्मल टर्म 5
- 4:12:27साल है। प्रेसिडेंट गवर्नर को 5 साल
- 4:12:29कंप्लीट होने से पहले भी रिमूव कर सकता
- 4:12:30है। गवर्नर प्रेसिडेंट को रिटर्न
- 4:12:32रेिग्नेशन दे दे सकता है। ठीक है? अगर
- 4:12:34गवर्नर को रिजाइन करना है तो प्रेसिडेंट
- 4:12:37को रिटर्न रेिग्नेशन देगा। ठीक है?
- 4:12:39सक्सेसर [गला साफ़ करने की आवाज़] के ऑफिस
- 4:12:40एंटर करने तक गवर्नर कंटिन्यू कर सकता है।
- 4:12:42इसको ध्यान रखना।
- 4:12:44अच्छा प्रेसिडेंट को निकालने के लिए
- 4:12:46इंपीचमेंट प्रोसेस होता है। आपको पता ही
- 4:12:47है। लेकिन गवर्नर को रिमूव करने के लिए
- 4:12:49इंपीचमेंट की जरूरत नहीं होती है। आर्टिकल
- 4:12:51159 में अगर आप देखोगे तो गवर्नर का ओथ
- 4:12:54दिया है। ठीक है? गवर्नर को कौन ओथ देगा?
- 4:12:56तो भाई साहब गवर्नर को ओथ देगा आपका
- 4:12:58कंसर्न हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस जो उस
- 4:13:00स्टेट का हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस होगा।
- 4:13:02ठीक है? वो दिलाएगा। अगर चीफ जस्टिस
- 4:13:04अवेलेबल नहीं है तो हाई कोर्ट के सीनियर
- 4:13:06मोस्ट जज अवेलेबल होंगे। वह होगा। ठीक है?
- 4:13:08ओथ में गवर्नर जो है वह कॉन्स्टिट्यूशन को
- 4:13:10प्रिजर्व प्रोटेक्ट और डिफेंड करने के
- 4:13:12लोगों की सर्विस करने का प्रॉमिस करता है।
- 4:13:14क्लियर है? इसके बाद आर्टिकल 161 है। दैट
- 4:13:17इज आल्सोेंट। ये सारे आर्टिकल्स बेसिकली
- 4:13:19कवर हो गए हैं। देखोगे मैंने वही सारा
- 4:13:21पढ़ा दिया है आपको। अपॉइंटमेंट हो गया,
- 4:13:22टर्म हो गया। ठीक है? एग्जीक्यूटिव पावर
- 4:13:25हो गई। गवर्नर होना चाहिए एक स्टेट का।
- 4:13:26सेवंथ अमेंडमेंट ने कहा कि दो से ज्यादा
- 4:13:28स्टेट्स का भी हो सकता है। हां, आर्टिकल
- 4:13:30161 पार्डिंग पावर की बात करता है। ठीक
- 4:13:32है? जैसे प्रेसिडेंट के पास पार्डिंग पावर
- 4:13:34है, वैसे गवर्नर के पास भी है। कौन-कौन सी
- 4:13:35है? पार्डन है। पार्डन मतलब पनिशमेंट को
- 4:13:38माफ़ कर देना। दूसरी है रिप्राइव। रिप्राइव
- 4:13:40मतलब पनिशमेंट एग्जीक्यूट करने को
- 4:13:42टेंपरेरी पोस्टपोन करना। इसके बाद है
- 4:13:44रेस्पाइट। रेस्पाइट मतलब स्पेशल
- 4:13:46सरकमस्ट्ससेस में लाइटर पनिशमेंट देना।
- 4:13:48इसके बाद है रिमिशन। रिमिशन मतलब पनिशमेंट
- 4:13:51की ड्यूरेशन कम करना। इसके बाद है आपका
- 4:13:53कम्यूटेशन। कम्यूटेशन मतलब पनिशमेंट को
- 4:13:55लेस सीवियर पनिशमेंट में बदलना। क्लियर
- 4:13:58है?
- 4:13:59आर्टिकल 361 गवर्नर की इम्युनिटी की बात
- 4:14:02करता है अगर आपको पता होगा। ठीक है? इसके
- 4:14:05बाद 164 जो है गवर्नर अपॉइंट करेगा सीएम
- 4:14:08को 165 गवर्नर अपॉइंट करेगा एडवोकेट जनरल
- 4:14:10को 166 क्लॉज़ थ्री वो तो जो मैंने आपको
- 4:14:12आर्टिकल्स बता दिए मेनली मेनली आपको वही
- 4:14:14पढ़ना है ठीक है बहुत ज्यादा चीजें आपको
- 4:14:16नहीं याद करनी है
- 4:14:19दिया वही चीज़ है 163 में वही है कि
- 4:14:21काउंसिल ऑफ मिनिस्टर की एडवाइस ठीक है चीफ
- 4:14:23मिनिस्टर का अपॉइंटमेंट दिया है 164 में
- 4:14:26165 में एडवोकेट जनरल की गवर्नर स्टेट के
- 4:14:28एडवोकेट जनरल को अपॉइंट करता है 171 क्लॉज़
- 4:14:30थ्री ई में दिया गया है कि जिन स्टेट्स
- 4:14:32में लेजिसलेटिव काउंसिल है वहां गवर्नर
- 4:14:34काउंसिल के टोटल मेंबर्स का लगभग 166
- 4:14:36नॉमिनेट करता है। आर्टिकल 200 और 2001
- 4:14:40बिल्स पर गवर्नर की पावर। जब स्टेट
- 4:14:42लेजिस्लेचर कोई बिल पास करती है तो गवर्नर
- 4:14:44के पास कॉन्स्टिट्यूशनल ऑप्शंस होते हैं।
- 4:14:46क्लियर है? जैसे एसेंट देना या एसेंट
- 4:14:48विथड्रोल्ड करना या मनी बिल को छोड़कर
- 4:14:50किसी बिल को रिकंसीडरेशन के लिए रिटर्न
- 4:14:52करना, सर्टेन बिल्स को प्रेसिडेंट की
- 4:14:54कंसीडरेशन के लिए रिजर्व करना। ये सारी
- 4:14:56चीजें क्लियर है? आर्टिकल 202 जो है वो
- 4:14:58स्टेट बजट के बारे में बताता है कि गवर्नर
- 4:15:00स्टेट लेजिस्लेचर के सामने एन1 फाइनेंसियल
- 4:15:02स्टेटमेंट यानी स्टेट बजट प्रेजेंट करवाने
- 4:15:05का कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोसेस इंश्योर करता
- 4:15:07है। बात क्लियर है?
- 4:15:12आर्टिकल 23 यह ऑर्डिनेंस मेकिंग पावर
- 4:15:15बताता है गवर्नर कि जब स्टेट लेजिस्लेचर
- 4:15:17सेशन में नहीं होता है और तुरंत एक्शन
- 4:15:18लेना जरूरी होता है तो गवर्नर ऑर्डिनेंस
- 4:15:20प्रोमोगेट कर सकता है। ठीक है? समझ में
- 4:15:22आया? इसके बाद आपका आर्टिकल 356 है। ये
- 4:15:25प्रेसिडेंट रूल की रिकमेंडेशन देता है कि
- 4:15:27अगर गवर्नर को लगता है कि स्टेट गवर्नमेंट
- 4:15:28कॉन्स्टिट्यूशन के अकॉर्डिंग नहीं चल रही
- 4:15:31है तो वो प्रेसिडेंट को रिपोर्ट भेज सकता
- 4:15:33है। ठीक है? प्रेसिडेंट कंसल्ट
- 4:15:35कॉन्स्टिट्यूशनल कंडीशन सेटिस्फाई होने पर
- 4:15:37प्रेसिडेंट रूल प्रोक्लेम कर सकता है।
- 4:15:43आर्टिकल 361 इम्यूनिटी देता है प्रेसिडेंट
- 4:15:45को और गवर्नर को कुछ लीगल प्रोसीडिंग्स
- 4:15:47में। ठीक है? इसके बाद हम देखेंगे पावर
- 4:15:49डिस्क्रीशन एंड अपॉइंटमेंट। तो देखो
- 4:15:50गवर्नर किन-किन को अपॉइंट करता है? तो चीफ
- 4:15:52मिनिस्टर को करेगा और अदर स्टेट मिनिस्टर
- 4:15:55को करेगा। लेकिन जो अदर स्टेट मिनिस्टर को
- 4:15:57करेगा वो चीफ मिनिस्टर के एडवाइस पे
- 4:15:59करेगा। एडवोकेट जनरल को करता है। स्टेट
- 4:16:01पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन और
- 4:16:02मेंबर्स को करता है। लेजिसलेटिव काउंसिल
- 4:16:04के अभी हमने देखा वन सिक्स नॉमिनेटेड
- 4:16:06मेंबर्स को करता है और हाई कोर्ट के जजेस
- 4:16:08को करता है। ठीक है? हालांकि प्रेसिडेंट
- 4:16:10से कंसल्टेशन प्रोसेस के बाद ही
- 4:16:13जजेस को अपॉइंट करेगा। इसके बाद अगर आप
- 4:16:15देखोगे तो स्टेट गवर्नमेंट के जो
- 4:16:17एग्जीक्यूटिव एक्शंस होते हैं वो गवर्नर
- 4:16:18के नाम पर एक्सप्रेस किए जाते हैं। इसका
- 4:16:20मतलब यह नहीं है कि गवर्नर पर्सनली हर
- 4:16:22गवर्नमेंट फाइल डिसाइड करता है। गवर्नमेंट
- 4:16:25का एडमिनिस्ट्रेटिव बिज़नेस
- 4:16:26कॉन्स्टिट्यूशनल रूल्स के अकॉर्डिंग
- 4:16:28कंडक्ट होता है। इसके बाद एंग्लो इंडियन
- 4:16:30नॉमिनेशन और 104 अमेंडमेंट पहले गवर्नर
- 4:16:32स्टेट लेजिसलेटिव असेंबली में एक एंग्लो
- 4:16:34इंडियन मेंबर नॉमिनेट कर सकता था। अगर
- 4:16:36कम्युनिटी के एडवोकेट रिप्रेजेंटेशन नहीं
- 4:16:38मिला है। लेकिन 104 कॉन्स्टिट्यूशन
- 4:16:40अमेंडमेंट एक्ट 2019 के थ्रू ये स्पेशल
- 4:16:42रिप्रेजेंटेशन प्रोविजन जनवरी 2020 में
- 4:16:45एंड हो गया। अच्छा दिल्ली और यूनियन
- 4:16:47टेरिटरीज की बात करें तो क्या है? दिल्ली
- 4:16:48के चीफ मिनिस्टरर्स को गवर्नर नहीं
- 4:16:50प्रेसिडेंट अपॉइंट करता है। दिल्ली में
- 4:16:52एलजी होता है ना लेफ्टिनेंट गवर्नर। तो
- 4:16:54सिमिलरली यूनियन टेरिटरीज में
- 4:16:56एडमिनिस्ट्रेशन के रूल्स अलग होते हैं। हर
- 4:16:58यूटी में गवर्नर नहीं होता है। ठीक है?
- 4:17:00समझ में आ गया?
- 4:17:03अब अगर आप देखोगे कुछ नोटेबल गवर्नर्स और
- 4:17:05पहले तो सरोजनी नायडू इंडिपेंडेंट इंडिया
- 4:17:08में फर्स्ट बेसिकली वुमेन गवर्नर थी आपकी
- 4:17:11यूनाइटेड प्रोविंस यूपी की। ध्यान रखना
- 4:17:13वेस्ट बंगाल की पहली वुमेन गवर्नर पडमाजा
- 4:17:16नायडू थी। ठीक है? इसके बाद मध्य प्रदेश
- 4:17:19की अगर पहली देखोगे तो सरला अगेवाल थी।
- 4:17:21इसके बाद तमिलनाडु के गवर्नर के रूप में
- 4:17:23ऑफिस रिमूव किए जाने वाले अर्ली एग्जांपल
- 4:17:25में से एक आपका आता है प्रभुदास पटवारी।
- 4:17:28क्लियर है?
- 4:17:36हम इसके बाद फर्स्ट एलटी गवर्नर ऑफ जम्मू
- 4:17:39कश्मीर तो गिरीश चंद्र मुर्मू ठीक है एलटी
- 4:17:41गवर्नर ऑफ लद्दाख राधाकृष्ण माथुर ये इतना
- 4:17:44ज्यादा इंपॉर्टेंट नहीं है तो यू कैन
- 4:17:45इग्नोर दिस हरियाणा का चीफ मिनिस्टर भगवत
- 4:17:47दयाल शर्मा मेनली यूपी का आपसे यूपीपीसीएस
- 4:17:49में पूछा जाएगा ठीक है सरकारिया कमीशन
- 4:17:52इसने रिकमेंड किया था गवर्नर को कि
- 4:17:54एमिनेंट पर्सन फ्रॉम आउटसाइड द स्टेट कि
- 4:17:56स्टेट के बाहर का होना चाहिए क्योंकि अगर
- 4:17:57उसी स्टेट का होगा तो दादागिरी करेगा ठीक
- 4:18:00है? और पॉलिटिक्स से ज्यादा उसका लिंक
- 4:18:02नहीं होना चाहिए। एंड नॉट फ्रॉम द रूलिंग
- 4:18:03पार्टी। और रूलिंग पार्टी से तो गवर्नर
- 4:18:05होना ही नहीं चाहिए था। ठीक है? स्टेट
- 4:18:06सीएम शुड हैव अ सी इन द अपॉइंटमेंट। और
- 4:18:08सीएम का भी मतलब भागीदार होना चाहिए। मतलब
- 4:18:11कुछ ना कुछ सीएम का रोल होना चाहिए गवर्नर
- 4:18:13को अपॉइंट करने में। कुछ एडिशनल फैक्ट्स
- 4:18:15हैं। देखो आर्टिकल 61 नो प्रोसीजर फॉर अ
- 4:18:18गवर्नर रिमूवल इज़ लेड ऑन द
- 4:18:19कॉन्स्टिट्यूशन। द प्रेसिडेंट। प्रेसिडेंट
- 4:18:21रिमूव करेगा। वही बात है। गवर्नर जो होता
- 4:18:23है स्टेट लेजिस्लेचर का मेंबर नहीं होता
- 4:18:24लेकिन उसका इंटीग्रल पार्ट होता है
- 4:18:25प्रेसिडेंट की तरह। 74 क्लॉज़ टू बोलता है
- 4:18:28कोर्ट जो है इंक्वायर नहीं कर सकते हैं।
- 4:18:29कोई भी अगर एडवाइस मिनिस्टरर्स प्रेसिडेंट
- 4:18:31को देते हैं। ठीक है? और यही चीज गवर्नर
- 4:18:34के में भी नहीं कर सकते। आर्टिकल 163
- 4:18:35क्लॉज़ थ्री गवर्नर का है और 742
- 4:18:37प्रेसिडेंट का है। जो मेंबर्स होंगे स्टेट
- 4:18:39लेजिस्लेचर के उनको इम्यूनिटी मिलती है
- 4:18:41कोर्ट प्रोसीडिंग से या फिर उन्होंने कुछ
- 4:18:43भी अगर बोला है या कहा या वोट दिया अपने
- 4:18:45हाउस में पार्लियामेंट ने तो वो
- 4:18:46एब्सोल्यूट है बट लिमिटेड टू इनहाउस
- 4:18:48कंडक्ट। क्लियर है? इसके बाद देखते हैं
- 4:18:50स्टेट लेजिस्लेचर के बारे में। देखो
- 4:18:52आर्टिकल 168 से 212 आया है। तो 168 क्या
- 4:18:54बोलता है स्टेट लेजिस्लेचर की स्ट्रक्चर।
- 4:18:56स्टेट लेजिस्लेचर में गवर्नर और दो हाउसेस
- 4:18:58होते हैं। कहीं-कहीं एक होते हैं, कहीं दो
- 4:19:00होते हैं। ठीक है? गवर्नर प्लस विधानसभा
- 4:19:02होता है या तो कहीं-कहीं गवर्नर प्लस
- 4:19:03विधानसभा प्लस विधान परिषद होता है। तो
- 4:19:05जहां गवर्नर प्लस विधानसभा प्लस विधान
- 4:19:07परिषद होता है, उसको हम बायकमरल बोलते
- 4:19:09हैं। और जहां सिर्फ गवर्नर और विधानसभा
- 4:19:11होता है, वहां हम यूनिकमरल बोलते हैं।
- 4:19:13इंडिया में किन स्टेट्स में लेजिसलेटिव
- 4:19:14काउंसिल है? तो देखो छह स्टेट में है।
- 4:19:16इसको कैसे याद रखना है? तुम कब? तुम कब?
- 4:19:21ठीक है? टी से क्या हो गया? तेलंगाना। यू
- 4:19:23से उत्तर प्रदेश, एम से महाराष्ट्र, के से
- 4:19:26कर्नाटका, ए से क्या होगा? आंध्र प्रदेश
- 4:19:29और बी से आपका बिहार। तो तुम कब? ये ध्यान
- 4:19:31रखना ये ट्रिक है। लेजिसलेटिव काउंसिल
- 4:19:33क्या अबॉलिश हो सकती है? तो देखो हां
- 4:19:35आर्टिकल 169 के तहत यह बोला गया है। क्या
- 4:19:38बोला गया है? आर्टिकल 169 में यह बोला गया
- 4:19:40है कि पार्लियामेंट लॉ बनाकर लेजिलेटिव
- 4:19:42काउंसिल को क्रेट या अबॉलिश कर सकती है।
- 4:19:44लेकिन पहले कंसर्न स्टेट की लेजिसलेटिव
- 4:19:46असेंबली को प्रिस्राइब स्पेशल मेजॉरिटी से
- 4:19:48रेोल्यूशन को पास रखना पड़ेगा। मतलब पास
- 4:19:50करना पड़ेगा। ठीक है? ठीक है? डिफरेंस याद
- 4:19:52रखना। विधान परिषद अबॉलिश हो सकती है।
- 4:19:54डिॉल्व नहीं होती है और विधानसभा डिॉल्व
- 4:19:56हो सकती है। ठीक है? राज्यसभा की तरह वही
- 4:19:59चीज है।
- 4:20:03देखो हमने दो हाउस बोल रखे थे। विधान
- 4:20:05परिषद और विधानसभा। अब देखो विधान परिषद
- 4:20:08यानी लेजिसलेटिव काउंसिल। ये कैसे बनती
- 4:20:10है? क्रिएशन देखेंगे। तो देखो आर्टिकल 169
- 4:20:13के अकॉर्डिंग पार्लियामेंट लॉ बनाकर किसी
- 4:20:15स्टेट में लेजिसलेटिव काउंसिल क्रिएट या
- 4:20:17अबॉलिश कर सकती है। प्रोसेस याद रखना।
- 4:20:19स्टेट लेजिसेटिव असेंबली एक स्पेशल
- 4:20:21मेजॉरिटी से रेोल्यूशन पास करती है।
- 4:20:22पार्लियामेंट उसके बाद लॉ पास करती है और
- 4:20:25प्रेसिडेंट के एक्सेंट के बाद लॉ जो है वो
- 4:20:27इफेक्टिव होता है। क्लियर है? कंपोज़िशन
- 4:20:30आर्टिकल 171 विधान परिषद की मैक्सिमम
- 4:20:32स्ट्रेंथ विधानसभा की टोटल मेंबरशिप के
- 4:20:341/3 से ज्यादा नहीं हो सकती है। मिनिमम
- 4:20:36स्ट्रेंथ जनरली 40 मेंबर होती है। ठीक है?
- 4:20:39मेंबर को डिफरेंट कैटेगरीज में देखा है।
- 4:20:41जैसे लोकल अथॉरिटीज 1/3 होते हैं।
- 4:20:42ग्रेजुएट्स 11 12 होते हैं। टीचर्स 11 12
- 4:20:45होते हैं। एमएलए इलेक्ट करते हैं 133 और
- 4:20:48गवर्नर को नॉमिनेट करता है 16। तो 1313
- 4:20:501612 112 ऐसे ध्यान रखना। ठीक है? गवर्नर
- 4:20:53जो है नॉमिनेट करेगा लिटरेचर साइंस, आर्ट,
- 4:20:55कोऑपरेटिव मूवमेंट और सोशल सर्विस से
- 4:20:57रिलेटेड। क्लियर है?
- 4:21:00इसके बाद टेन्योर अगर मेंबरशिप की बात
- 4:21:02करें कितना टेन्योर होता है? क्या चीज
- 4:21:04होती है? तो विधान परिषद एक परमानेंट हाउस
- 4:21:06है। ये डिॉल्व नहीं होती है। हर दो साल
- 4:21:08में लगभग 1/3 मेंबर्स रिटायर होते हैं।
- 4:21:10मेंबर का नॉर्मल टर्म सिक्स इयर्स होता
- 4:21:12है। मिनिमम एज 30 साल होती है। राज्यसभा
- 4:21:14की तरह विधान परिषद भी परमानेंट हाउस है।
- 4:21:17इसके बाद लेजिसलेटिव असेंबली को देखेंगे
- 4:21:18यानी विधानसभा को देखेंगे। विधानसभा स्टेट
- 4:21:21का डायरेक्टली इलेक्टेड हाउस है। मेंबर्स
- 4:21:23को पब्लिक डायरेक्टली इलेक्ट करती है।
- 4:21:25नॉर्मल टर्म 5 साल है। जब तक पहले डिसॉल्व
- 4:21:28ना हो। ठीक है? कि अगर 5 साल से पहले हो
- 4:21:29गए बात अलग है। वरना नॉर्मल टर्म 5 साल
- 4:21:31है। मिनिमम एज जहां पे 25 साल चाहिए होता
- 4:21:33है। विधान परिषद में 30 साल चाहिए होता
- 4:21:34है। ठीक है? स्टेट गवर्नमेंट विधानसभा के
- 4:21:37प्रति कलेक्टिवली रिस्पांसिबल होती है। जो
- 4:21:39वहां पे अ बेसिकली लोकसभा से रिस्पांसिबल
- 4:21:42थी ना जो काउंसिल ऑफ मिनिस्टर थे। और यहां
- 4:21:44होंगे जो यहां के स्टेट गवर्नमेंट है किस
- 4:21:46रिस्पांसिबल होंगे? विधानसभा के। क्लियर
- 4:21:48है?
- 4:21:50इसके बाद स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के बारे
- 4:21:52में देखेंगे। प्रोसीजर देखेंगे। देखो
- 4:21:53स्पीकर के मेनली फंक्शन क्या होते हैं?
- 4:21:55विधानसभा अपने मेंबर्स में से स्पीकर और
- 4:21:57डिप्टी स्पीकर एलेट करता है। स्पीकर के
- 4:21:58फंक्शन क्या होते हैं? हाउस की
- 4:21:59प्रोसीडिंग्स को कंडक्ट कराता है। मेंबर्स
- 4:22:01को बोलने का मौका देता है। हाउस में ऑर्डर
- 4:22:03को मेंटेन करता है। ठीक है? मनी बिल के
- 4:22:05क्वेश्चन में सर्टिफिकेशन करना, टाई होने
- 4:22:08पर कास्टिंग वोट करना। ये सब काम किसका
- 4:22:10है? ये सब स्पीकर का काम है। स्पीकर
- 4:22:11रिजाइन या रिमूव कैसे होता है? तो देखो
- 4:22:13स्पीकर जो है वो डिप्टी स्पीकर को अपना
- 4:22:16रेग्लेशन देता है और डिप्टी स्पीकर स्पीकर
- 4:22:17को देता है। स्पीकर को असेंबली के ऑल द
- 4:22:20देन मेंबर्स की मेजॉरिटी से रेोल्यूशन पास
- 4:22:22करके रिमूव भी किया जा सकता है और रिमूवर
- 4:22:24रेलवेशन के लिए कम से कम 14 दिन पहले
- 4:22:26नोटिस देना होगा। जो वहां पर सारा उसका था
- 4:22:28स्पीकर का लोकसभा में वो यहां से विधानसभा
- 4:22:31में कोई डिफरेंस नहीं है।
- 4:22:33क्लियर है?
- 4:22:36इसके बाद अगर आप देखोगे तो मनी बिल आपका
- 4:22:38दिया गया है आर्टिकल 199 में बहुत
- 4:22:40इंपॉर्टेंट है। बाकी सारी चीजें हम डिस्कस
- 4:22:42कर रखे हैं। यही आपका ज्यादा इंपॉर्टेंट
- 4:22:44है। मनी बिल स्टेट लेजिस्लेचर में सिर्फ
- 4:22:46विधानसभा में इंट्रोड्यूस किया जा सकता
- 4:22:48है। विधान परिषद मनी बिल इंट्रोड्यूस नहीं
- 4:22:50कर सकता है। विधान परिषद मनी बिल को
- 4:22:51मैक्सिमम 14 दिन तक रख सकता है। काउंसिल
- 4:22:54सिर्फ रिकमेंडेशन दे सकती है। विधानसभा
- 4:22:56रिकमेंडेशन एक्सेप्ट या रिजेक्ट कर सकती
- 4:22:58है। ठीक है? स्पीकर डिसाइड करता है कि मनी
- 4:23:00बिल है या नहीं है। एज़ प्रोवाइडेड अंडर
- 4:23:02आर्टिकल 199। क्लियर है? ये सारे
- 4:23:04आर्टिकल्स एक बार ध्यान रखना बहुत
- 4:23:05इंपॉर्टेंट है। ठीक है? एग्जाम में
- 4:23:07बार-बार पूछा जाता है।
- 4:23:11क्रिएशन, अबॉलिशन, कंपोज़िशन ये सारे एक
- 4:23:13बार आप अच्छे से देख लेना।
- 4:23:16तो आइए देखते हैं लेजिसलेटिव प्रोसीजर
- 4:23:18क्या रहता है। ऑर्डिनरी बिल जो है अगर वो
- 4:23:21मनी बिल नहीं है। ऑर्डिनरी बिल की बात कर
- 4:23:22रहे हैं हम। मनी बिल की बात नहीं कर रहे
- 4:23:24हैं। अगर असेंबली ने पास किया है और
- 4:23:25काउंसिल को भेज दिया है तो वो डिटेन हो
- 4:23:27सकता है अप टू 3 मंथ्स ऑन द फर्स्ट
- 4:23:29ट्रांसमिशन। ठीक है? एंड अप टू वन मोर मंथ
- 4:23:32पास अगेन बाय द असेंबली एंड रीट्रांस। ठीक
- 4:23:34है? अगर पास हो गया है और दोबारा वापस
- 4:23:35भेजा गया है तो 1 महीने और तक रह सकता है।
- 4:23:37अ टोटल मैक्सिमम डिले ऑफ़ चार महीना। चार
- 4:23:39महीने तक रह सकते हैं। मनी बिल जो है वो
- 4:23:41इंट्रोड्यूस हो सकता है। सिर्फ लेजिसलेटिव
- 4:23:43असेंबली में काउंसिल में नहीं जा सकता।
- 4:23:44जैसे लोकसभा में वहां मनी बिल होता था।
- 4:23:46राज्यसभा में नहीं होता था। और गवर्नमेंट
- 4:23:47की रिकमेंडेशन भी चाहिए गवर्नर की। इसको
- 4:23:50ध्यान रखना। ठीक है? और यह जो काउंसिल है
- 4:23:53अगर इसके पास बिल गया तो 14 दिन के अंदर
- 4:23:55इसको वापस करना पड़ेगा बिल। अगर कोई
- 4:23:57रिकमेंडेशन देनी है तो नहीं की है इसने
- 4:23:58चुपचाप रखा तो वो बिल पास मान लिया जाएगा।
- 4:24:01ठीक है? और काउंसिल उसे एक्सेप्ट करेगा या
- 4:24:03रिजेक्ट नहीं कर सकता। ठीक है? असेंबली
- 4:24:05उसे एक्सेप्ट या रिजेक्ट करेगी काउंसिल के
- 4:24:06रिकमेंडेशन को। स्पीकर ऑफ़ द लेजिलेटिव
- 4:24:09असेंबली डिसाइड वेदर अ बिज़ मनी बिल और
- 4:24:11नॉट। वही जो लोकसभा में हो रहा था यही
- 4:24:12यहां हो रहा है। कंटिंजेंसी फंड ऑफ़ द
- 4:24:14स्टेट एस्टैब्लिश्ड बाय द स्टेट
- 4:24:15लेजिस्लेचर बाय लॉ प्लेस्ड एट द अ गवर्नर
- 4:24:17डिस्पोज़ल टू मीट अनफोर्सन एक्सपेंडिचर।
- 4:24:19वही चीज़ है। कंटिंजेंसी फंड वहां पे अह
- 4:24:21यूनियन का उसके पास था। प्रेसिडेंट के
- 4:24:23पास। यहां पर किसके पास है? गवर्नर के पास
- 4:24:25है। क्लियर है? अब चीफ मिनिस्टर एंड
- 4:24:27काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर को देखेंगे। देखो,
- 4:24:28अपॉइंटमेंट ऑफ़ चीफ मिनिस्टर आर्टिकल 164
- 4:24:31क्लॉज़ वन में दिया गया है। स्टेट में चीफ
- 4:24:32मिनिस्टर को फॉर्मली गवर्नर अपॉइंट करता
- 4:24:34है। लेकिन गवर्नर उस लीडर को सीएम अपॉइंट
- 4:24:36करता है जो लेजिसलेटिव असेंबली में
- 4:24:37मेजॉरिटी सपोर्ट रखता है। इसको भी ध्यान
- 4:24:39रखना। ठीक है? मिनिस्टर्स की मैक्सिमम और
- 4:24:42मिनिमम संख्या अगर देखोगे तो 91
- 4:24:44कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट एक्ट 2003 का
- 4:24:46रेफरेंस है कि स्टेट के टोटल मिनिस्टर्स
- 4:24:48इंक्लूडिंग सीएम असेंबली की टोटल मेंबरशिप
- 4:24:50के 15% से ज्यादा नहीं हो सकते हैं। लेकिन
- 4:24:52मिनिस्टर की संख्या 12 से कम नहीं हो सकती
- 4:24:55है। इसको भी ध्यान रखना। ठीक है? और नॉन
- 4:24:57मेंबर को क्या मिनिस्टर बनाया जा सकता है?
- 4:24:59अगर कोई व्यक्ति स्टेट लेजिस्लेचर का
- 4:25:00मेंबर नहीं है तब भी उसे मिनिस्टर बनाया
- 4:25:03जा सकता है। लेकिन उसे सिक्स क्सक्यूटिव
- 4:25:05मंथ के अंदर छ यानी 6 महीने के अंदर स्टेट
- 4:25:07लेजिस्लेचर का मेंबर बनना होगा। अगर वो
- 4:25:09मेंबर नहीं बनता है तो 6 महीने कंप्लीट
- 4:25:11होने पर उसका मिनिस्टर को उसका ऑफिस
- 4:25:13छोड़ना होगा। ठीक है? कलेक्टिव
- 4:25:14रिस्पांसिबिलिटी है। आर्टिकल 164 क्लॉज़ टू
- 4:25:16में दिया गया है। काउंसिल ऑफ मिनिस्टर
- 4:25:18कलेक्टिवली रिस्पांसिबल होती है
- 4:25:19लेजिसलेटिव असेंबली के प्रति। ठीक है?
- 4:25:21मिनिस्टर्स मिलकर गवर्नमेंट चलाते हैं।
- 4:25:23अगर असेंबली में गवर्नमेंट कॉन्फिडेंस खो
- 4:25:25देती है तो नॉर्मली पूरी काउंसिल ऑफ
- 4:25:27मिनिस्टर को रिजाइन करना पड़ता है। क्लियर
- 4:25:28है?
- 4:25:30इसके बाद मिनिस्टरर्स की सैलरी अगर देखोगे
- 4:25:32आर्टिकल 164 क्लॉज़ फाइव में दिया गया है
- 4:25:34तो मिनिस्टर की सैलरी और अलाउंस स्टेट
- 4:25:36लेजिस्लेचर लॉ के थ्रू डिटरमाइन करती है।
- 4:25:38मतलब इसके लिए कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोविजन
- 4:25:40के साथ रेलेवेंट स्टेट लॉ भी इंपॉर्टेंट
- 4:25:42है। चीफ मिनिस्टर की ड्यूटी आर्टिकल 167
- 4:25:44में दी गई है। चीफ मिनिस्टर की गवर्नर के
- 4:25:47प्रति कुछ कॉन्स्टिट्यूशनल ड्यूटीज होती
- 4:25:49हैं। स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन और लेजिसलेटिव
- 4:25:50प्रपोजल के डिसीजन गवर्नर को कम्युनिकेट
- 4:25:53करना। गवर्नर जब इंफॉर्मेशन मांगे तो
- 4:25:55देना। अगर किसी मिनिस्टर ने कोई डिसीजन
- 4:25:57लिया है और गवर्नर कहे कि मैटर काउंसिल ऑफ़
- 4:26:00मिनिस्टर के सामने रखो तो ऐसा करना। ठीक
- 4:26:02है? तो यह सारी चीजें होती हैं।
- 4:26:06अब कोर्ट जो है कोर्ट मिनिस्टर की एडवाइस
- 4:26:08जो है वो इन्वेस्टिगेट नहीं कर सकता है।
- 4:26:10ठीक है? आर्टिकल 163 क्लॉज़ थ्री में दिया
- 4:26:12गया है कि मिनिस्टर ने गवर्नर को क्या
- 4:26:14एडवाइस दी है? इस बात पर इंक्वायरी कोर्ट
- 4:26:16नहीं कर सकता है। कुछ नोटेबल फर्स्ट एंड द
- 4:26:19स्टेट फैक्ट देखेंगे। पहली वुमेन चीफ
- 4:26:21मिनिस्टर कौन थी? सुचित्रा कपलानी थी। ठीक
- 4:26:23है? कहां की थी? यूपी की ध्यान रखना यूपी
- 4:26:25का पूछा जाएगा। पहले चीफ मिनिस्टर मध्य
- 4:26:27प्रदेश के अगर पूछ लिया जाए तो रविशंकर
- 4:26:29शुक्ला पंडित रविशंकर शुक्ला क्लियर है?
- 4:26:32ओनली स्टेट विद प्री एक्जिस्टिंग कॉमन
- 4:26:34सिविल कोड तो गोवा है। अब उत्तराखंड हो
- 4:26:36गया है। ठीक है? 2025 है। समर बाय पहले
- 4:26:40क्या थे? सेवन बाईकमरल स्टेट्स थे। अब
- 4:26:42कितने हैं? अब छह बचे हैं। यूपी है, बिहार
- 4:26:46है, महाराष्ट्र है। नहीं, महाराष्ट्र नहीं
- 4:26:48है। स्टेट असेंबली नॉट डिसॉल्व आफ्टर 1992
- 4:26:50अयोध्या इंसिडेंट। बिहार ठीक है? ठीक है?
- 4:26:52बिहार डिड नॉट कम अंडर द प्रेसिडेंट रूल
- 4:26:54इन 1995।
- 4:26:57इसके बाद देखेंगे हाई कोर्ट के बारे में।
- 4:26:59इंपॉर्टेंट चैप्टर है। सुप्रीम कोर्ट हमने
- 4:27:00पढ़ लिया है। वही सारी चीजें हाई कोर्ट की
- 4:27:02हैं। देखो पॉलिटी में क्या रहता है ना जब
- 4:27:04आप एक फज़ तैयार कर लेते हो तो दूसरा फज़
- 4:27:05आपका आराम से तैयार हो जाता है। हाई कोर्ट
- 4:27:08की कॉन्स्टिट्यूशनल बेसिस अगर देखोगे तो
- 4:27:10आर्टिकल 214 क्या बोलता है? कि हर स्टेट
- 4:27:12के लिए हाई कोर्ट होना चाहिए। ठीक है?
- 4:27:14इसके बाद अगर आप देखोगे तो आर्टिकल 215
- 4:27:16क्या बोलता है? हाई कोर्ट जो है कोर्ट ऑफ
- 4:27:18रिकॉर्ड है। वही जो मैं आपको सुप्रीम
- 4:27:19कोर्ट में बता रखा हूं बताया हूं। बार-बार
- 4:27:20रिपीट नहीं करूंगा। देखो यार हर चीजों को
- 4:27:23लाइन बाय लाइन समझाऊंगा। इससे आपका टाइम
- 4:27:25बहुत वेस्ट होगा। एग्जाम उसी का निकलेगा
- 4:27:27जो सेल्फ स्टडी करेगा। ठीक है? कितनी
- 4:27:29वीडियोस देख लो आपका पेपर नहीं निकलने
- 4:27:30वाला। ये बहुत इंपॉर्टेंट फैक्ट बता रहा
- 4:27:32हूं। वीडियोस देखने से कभी पेपर नहीं
- 4:27:34निकलता है। बहुत बच्चे लाइब्रेरी में
- 4:27:36बैठ-बैठ के अपने लैपटॉप में टैब में
- 4:27:37वीडियो ही देखते हैं। लेकिन जो बच्चा खुद
- 4:27:39बिटवीन द लाइंस रीड करेगा उसको ज्यादा
- 4:27:41क्लियर होगा। इन बिटवीन द लाइंस चीजों को
- 4:27:44रीड किया करो। चीजों को पढ़ा करो। जहां
- 4:27:45कोई दिक्कत हो अपना चैट जेपीटी है या कोई
- 4:27:47भी एआई है उससे डाल के पेजेस पूछ लो कि
- 4:27:50भाई मुझे यह समझा दो कि मुझे नहीं समझ में
- 4:27:52आया। आप खुद से पढ़ोगे आप ज्यादा टाइम दे
- 4:27:55पाओगे इस चीज को और ज्यादा रिटेंशन होगी।
- 4:27:57ठीक है? तो ध्यान रखना आर्टिकल 216 कोर्ट
- 4:27:59ऑफ रिकॉर्ड है। आर्टिकल 217 क्या बोलता
- 4:28:02है? कि जजेस की अपॉइंटमेंट और कंडीशन ऑफ
- 4:28:04ऑफिस की बात करता है। आर्टिकल 222 क्या
- 4:28:07बोलता है? जजेस का ट्रांसफर। आर्टिकल 224
- 4:28:09क्या बोलता है? 224 क्या बोलता है? कि
- 4:28:12एडिशनल और एक्टिंग जजेस। ठीक है? 2 साल के
- 4:28:15लिए। फिर 226 आपका आता है। ठीक है? 223
- 4:28:19में वही है प्रेसिडेंट अपॉइंट करता है हाई
- 4:28:20कोर्ट के जजेस को जो मैं बता रखा हूं
- 4:28:21बार-बार रिपीट नहीं करूंगा। ठीक है? फिर
- 4:28:24उससे आपका टाइम ज्यादा खाएगा। आर्टिकल 227
- 4:28:27क्या बोलता है कि सबऑर्डिनेट कोर्ट पर
- 4:28:28सुपरिटेंडेंस कर सकता है। देखो आर्टिकल
- 4:28:31214 हर स्टेट के लिए एक हाई कोर्ट होना
- 4:28:33चाहिए। ठीक है? लेकिन इसका मतलब ये नहीं
- 4:28:35कि हर स्टेट का अपना सेपरेट हाई कोर्ट ही
- 4:28:36हो। कॉन्स्टिट्यूशन कॉमन हाई कोर्ट भी
- 4:28:38इस्टैब्लिश कर सकता है। ठीक है?
- 4:28:42तो अब हाई कोर्ट की जुरिडिक्शन पावर्स एंड
- 4:28:44रिट्स को देखेंगे। देखो
- 4:28:46[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 4:28:47रिट जुरिडिक्शन आर्टिकल का 226 आर्टिकल
- 4:28:50में है। हाई कोर्ट के हाई कोर्ट फंडामेंटल
- 4:28:52राइट्स इनफोर्स करने के लिए और एनी अदर
- 4:28:54पर्पस के लिए रिट्स इशू कर सकता है। मान
- 4:28:56लो अगर किसी पर्सन के लीगल राइट्स वायलेट
- 4:28:58हुए हैं तो वह एप्रोप्रियेट केस में हाई
- 4:29:01कोर्ट जा सकता है उसे एप्रोप्रियट केस
- 4:29:02में। समझ गए? इसके बाद सुपरिटेंडेंस आता
- 4:29:05है 227 में। अच्छा, कमेंट सेक्शन बताओ
- 4:29:07सुप्रीम कोर्ट के पास कौन सा रेट है? यह
- 4:29:09आता है आपका 227 में। ठीक है? हाई कोर्ट
- 4:29:12अपनी टेरिटोरियल जुरिसडिक्शन के अंदर
- 4:29:13सबऑर्डिनेट कोर्ट्स और सर्टेन ट्रिबनल्स
- 4:29:15पर सुपरिटेंडेंस एक्सरसाइज कर सकता है।
- 4:29:18यानी हाई कोर्ट जो है लोअर कोर्ट के
- 4:29:20फंक्शनिंग पर सुपरवाइज़री कंट्रोल रखता है।
- 4:29:23क्लियर है? इसके बाद हाई कोर्ट की
- 4:29:25एडमिनिस्ट्रेटिव कैपेसिटी अगर आप देखोगे
- 4:29:27तो हाई कोर्ट सिर्फ केसेस डिसाइड नहीं
- 4:29:29करता है। उसके पास सबोर्डिनेट जुडिशरी के
- 4:29:31एडमिनिस्ट्रेशन से रिलेटेड पावर्स भी हैं।
- 4:29:33समझ गए? जैसे एग्जांपल मान लो डिस्ट्रिक्ट
- 4:29:35जुडिशरी के एडमिनिस्ट्रेशन और जजेस के
- 4:29:38सर्विस रिलेटेड मैटर्स में
- 4:29:39कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोविज़न के अकॉर्डिंग
- 4:29:41हाई कोर्ट का इंपॉर्टेंट रोल होता है।
- 4:29:42क्लियर गए? अब देखो पांच इंपॉर्टेंट रिट
- 4:29:45होती है। मैं आपको ये एक्सप्लेन कर रखा
- 4:29:46हूं रिट तो मैं दोबारा नहीं एक्सप्लेन
- 4:29:47करूंगा। आई ऑलरेडी एक्सप्लेन यू ऑल दिस।
- 4:29:49हैबियस कॉर्पस मेंडमस प्रोहिबिशन सर्टरी
- 4:29:53एंड क्यूवेंटो। ठीक है? कमेंट में बताओ
- 4:29:54कौन सी रिट है जो आपको बहुत तंग करती है।
- 4:29:57टेल मी कौन सी है जो याद नहीं होती? वैसे
- 4:29:59तो सारी आसान है बट इज़ देयर एनीथिंग? अब
- 4:30:01देखो हाई कोर्ट ऑफ इंडिया कुछ की फैक्ट्स
- 4:30:04देखते हैं। हाई कोर्ट का ओरिजिन तो पहला
- 4:30:05हाई कोर्ट इंडिया के पहले हाई कोर्ट जो है
- 4:30:07वो 1862 में इस्टैब्लिश हुए थे।
- 4:30:08कहां-कहांक, बॉम्बे, मद्रास तीनों
- 4:30:10प्रेसिडेंसी में मद्रास, बॉम्बे एंडक।
- 4:30:13इलाहाबाद हाईकोर्ट जो है तो नॉर्थ
- 4:30:15वेस्टर्न प्रोविंस के हाईको का रेफरेंस
- 4:30:17है। 1866 में आगरा में इस्टैब्लिश हुआ और
- 4:30:191869 में वो इलाहाबाद में शिफ्ट हुआ।
- 4:30:21ध्यान रखना पहले आगरा में था। फिर अद में
- 4:30:23शिफ्ट हुआ। आज इलाहाबाद हाईकोर्ट उत्तर
- 4:30:25प्रदेश का हाईकोर्ट है। इसकी लखनऊ में भी
- 4:30:27बेंच है। ठीक है? टोटल हाई कोर्ट कितने
- 4:30:29हैं? टोटल हाई कोर्ट अगर आप देखोगे तो 25
- 4:30:31हाई कोर्ट का फिगर दिया गया है। ठीक है?
- 4:30:33तो टोटल कॉमन हाई कोर्ट की अगर बात करें
- 4:30:36तो आर्टिकल 231 कॉमन हाई कोर्ट की बात
- 4:30:38करता है। 231 के अंदर पार्लियामेंट दो या
- 4:30:40दो से ज्यादा स्टेट्स के लिए कॉमन हाई
- 4:30:42कोर्ट इस्टैब्लिश कर सकता है। जैसे पंजाब
- 4:30:43और हरियाणा का हाई कोर्ट एक है। गुवाहाटी
- 4:30:45हाईकोर्ट जिसका जुरिसडिक्शन नॉर्थ ईस्टर्न
- 4:30:47स्टेट्स तक रहा है। ठीक है? बॉम्बे हाई
- 4:30:50कोर्ट जो महाराष्ट्र और गोवा के साथ
- 4:30:51यूनियन टेरिटरी भी कवर करता है। तो ये चीज
- 4:30:54है।
- 4:30:56ये कुछ न्यूएस्ट हाई कोर्ट हैं। मेघालय,
- 4:30:59मणिपुर, त्रिपुरा का डॉट ऑफ गुवाहाटीज़ हाई
- 4:31:01कोर्ट जुरिडिक्शन। इसको देख लेना। इसके
- 4:31:03बाद डिस्ट्रिक्ट जुडिशरी एंड सबोर्डिनेट
- 4:31:05कोर्ट्स को पढ़ते हैं। आर्टिकल 233 क्या
- 4:31:07बोलता है? डिस्ट्रिक्ट जजेस की अपॉइंटमेंट
- 4:31:09की बात करता है कि डिस्ट्रिक्ट जजेस की
- 4:31:10अपॉइंटमेंट पोस्टिंग और प्रमोशन गवर्नर
- 4:31:13करता है कंसर्न हाई कोर्ट से कंसल्टेशन के
- 4:31:15बाद। क्लियर है? आर्टिकल 235 क्या बोलता
- 4:31:17है? कंट्रोल ओवर सबऑर्डिनेट कोर्ट्स यानी
- 4:31:20हाई कोर्ट को स्टेट के सबोर्डिनेट कोर्ट्स
- 4:31:22पर कंट्रोल दिया गया है।
- 4:31:27इसके बाद 236 है। ये डिस्ट्रिक्ट जज का
- 4:31:29मतलब बताता है कि डिस्ट्रिक्ट जज की
- 4:31:30डेफिनेशन के अंडर सेवरल जुडिशियल पोस्ट
- 4:31:32मेंशन है। जैसे डिस्ट्रिक्ट जज हो गया,
- 4:31:34एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज हो गया, जॉइंट
- 4:31:36डिस्ट्रिक्ट जज हो गया, असिस्टेंट
- 4:31:37डिस्ट्रिक्ट जज हो गया, सिटी सिविल कोर्ट
- 4:31:39जज हो गया, एडिशनल सेशन जज हो गया। तो ये
- 4:31:41सारी चीजें इंक्लूडेड हैं। इसके बाद बार
- 4:31:43काउंसिल क्या होता है? देखो बार काउंसिल
- 4:31:45का फ्रेमवर्क एडवोकेट्स एक्ट 1961 के अंडर
- 4:31:48है। क्लियर है?
- 4:31:50इनका काम एडवोकेट्स और लीगल प्रोफेशन से
- 4:31:52रिलेटेड रेगुलेशन करना है। जैसे एनरोलमेंट
- 4:31:55हो गया, प्रोफेशनल कंडक्ट हो गया और
- 4:31:56डिसिप्लिनरी मैटर्स हो गया। जैसे मान लो
- 4:31:58अगर एडवोकेट प्रोफेशनल मिसकंडक्ट करता है
- 4:32:00तो रेलेवेंट बार काउंसिल के डिसिप्लिनरी
- 4:32:03फ्रेमवर्क के अंडर मैटर कंसीडर किया जा
- 4:32:05सकता है। ठीक है? इसके बाद अगर आप देखोगे
- 4:32:07तो प्रजंस आते हैं। ये स्टेट लिस्ट में
- 4:32:08आते हैं। प्रजन जो है वो स्टेट लिस्ट का
- 4:32:10सब्जेक्ट है। एंट्री चार में है। इसका
- 4:32:11मतलब प्रज़न और रिलेटेड एडमिनिस्ट्रेशन में
- 4:32:13स्टेट गवर्नमेंट का प्राइमरी
- 4:32:15एडमिनिस्ट्रेटिव रोल होता है कंसिलशन और
- 4:32:17एप्लीकेबल लॉस के सब्जेक्ट के अकॉर्डिंग।
- 4:32:20इसके बाद पुलिस कस्टडी वर्सेस जुडिशियल
- 4:32:21कस्टडी डिफरेंस आपको पता ही होना चाहिए।
- 4:32:23पुलिस कस्टडी एक्यूज़ पुलिस की कस्टडी में
- 4:32:26होता है। और एक्यूज़ जो है जुडिशियल कस्टडी
- 4:32:28में जुडिशियल अथॉरिटी के ऑर्डर पर जेल या
- 4:32:30ऑथराइज़ कस्टडी में होता है। समझ गए? पुलिस
- 4:32:32कस्टडी ऑटोमेटिक नहीं होती है और जुडिशियल
- 4:32:35कस्टडी कंपटेंट कोर्ट के ऑर्डर और लीगल
- 4:32:37रूल्स के अंडर होती है। समझ गए? इसके बाद
- 4:32:40एक्सेस टू जस्टिस अल्टरनेटिव मैकेनिज्म
- 4:32:42देखेंगे। लोक अदालत आप सबको पता है। देखो
- 4:32:44लोक अदालत का पर्पस डिस्प्यूट को सेटलमेंट
- 4:32:47के थ्रू जल्दी रॉल्व करना और जस्टिस को
- 4:32:49एक्सेसबल बनाना होता है। पेंडिंग केसेस और
- 4:32:51प्रीलिटिगेशन डिस्प्यूट दोनों कंसीडर किए
- 4:32:53जा सकते हैं। सिविल मैटर और कंपाउंडेबल
- 4:32:56क्रिमिनल मैटर में एप्लीकेबल लॉ के
- 4:32:57अकॉर्डिंग सेटलमेंट होता है। नॉर्मल लोक
- 4:32:59अदालत में सेटलमेंट के लिए पार्टीज की
- 4:33:01कंसेंट इंपॉर्टेंट है। लोक अदालत का
- 4:33:03अवार्ड जो है वो सिविल कोर्ट डिग्री के
- 4:33:05बराबर माना जाता है और ऑर्डिनरी फाइनल और
- 4:33:07बाइंडिंग होता है। ध्यान रखना ये भी ये
- 4:33:10आया था 1987 लोक अदालत एक्ट 1987 के थ्रू।
- 4:33:13इसके बाद आपका एक इसमें कांसेप्ट होता है
- 4:33:15परमानेंट लोक अदालत। परमानेंट लोक अदालत
- 4:33:17ऑर्डिनरी लोक अदालत से अलग मैकेनिज्म है।
- 4:33:19यह स्पेसिफाइड पब्लिक यूटिलिटी सर्विस से
- 4:33:21रिलेटेड डिस्प्यूट्स में प्रीलिटिगेशन
- 4:33:23स्टेज पर काम करती है। कंसिलिएशन फेल होने
- 4:33:26पर या स्टचुरी कंडीशंस के अंडर कुछ केसेस
- 4:33:29में मेरिट्स पर डिसीजन भी दे सकती है।
- 4:33:31क्लियर है? इसके बाद ग्राम न्यायालय एक्ट
- 4:33:342008 आता है। इस एक्ट का पर्पस रूलर
- 4:33:36एरियाज में दो स्टेप जस्टिस प्रोवाइड करना
- 4:33:38है। विलेज लेवल एक्सेस टू जस्टिस इंप्रूव
- 4:33:41करना। स्पेसिफाइड सिविल और क्रिमिनल
- 4:33:43मैटर्स डील करना। लोकल कॉन्टेक्स्ट में
- 4:33:45डिस्प्यूट्स को एक्सेसबल मैनर में हैंडल
- 4:33:47करना। क्लियर है?
- 4:33:50इसके बाद मोबाइल कोड्स आता है। मोबाइल
- 4:33:52कोड्स का कांसेप्ट रूलर और रिमोट एरियाज
- 4:33:54में जस्टिस की एक्सेस इंप्रूव करने के लिए
- 4:33:56यूज किया गया है। ठीक है?
- 4:33:59हरियाणा के मेवाड़ डिस्ट्रिक्ट में अगस्त
- 4:34:012007 के मोबाइल कोड का एग्जांपल भी दिया
- 4:34:03गया है। ठीक है? बेसिक पर्पस क्या है? कि
- 4:34:06कोर्ट को लोगों के क्लोजर लाना ताकि
- 4:34:08ट्रैवल और एक्सेस की डिफिकल्टीज कम हो
- 4:34:10सके। प्रिवेंटिव डिटेंशन है। प्रिवेंटिव
- 4:34:13डिटेंशन का पर्पस किसी पर्सन को फ्यूचर
- 4:34:15में पॉसिबबली हार्मफुल एक्टिविटीज
- 4:34:16प्रिवेंट करने के लिए डिटेन करना होता है।
- 4:34:18ये सब्जेक्ट टू कॉन्स्टिट्यूशनल सेफगार्ड
- 4:34:20और एप्लीकेबल लॉ होता है। क्लियर है? इसके
- 4:34:22बाद कुछ एडिशनल फैक्ट देखेंगे। अह इसमें
- 4:34:25दिया है जस्टिस एचआर खन्ना। लॉ कमीशन के
- 4:34:27ए्थ चेयरमैन थे। जस्टिस एचआर खन्ना ने
- 4:34:29रिकमेंड किया था कि हाई कोर्ट के जजेस में
- 4:34:31कम से कम 1/3 दूसरे स्टेट से होने चाहिए
- 4:34:34थे। ठीक है? क्लियर है? इसके बाद जस्टिस
- 4:34:37सुमित्रा सेन येक हाईकोर्ट के जस्टिस
- 4:34:40सुमित्रा सेन का रेफरेंस है। उनके अगेंस्ट
- 4:34:422011 में राज्यसभा ने इंपीचमेंट मोशन पास
- 4:34:45किया था। लेकिन लोकसभा के वोट से पहले
- 4:34:47उन्होंने रेिग्नेशन दे दिया। क्लियर है?
- 4:34:49इसके बाद बाबरी मस्जिद या राम जन्मभूमि
- 4:34:51डिस्प्यूट इलाहाबाद हाई कोर्ट के सामने
- 4:34:54बाबरी मस्जिद या राम जन्मभूमि डिस्प्यूट
- 4:34:56एक टाइटल सूट था। टाइटल सूट का मतलब होता
- 4:34:58है प्रॉपर्टी पर ओनरशिप या लीगल टाइटल
- 4:35:01डिसाइड करने वाला सिविल सूट। ठीक है? रिड
- 4:35:03पिटीशन और टाइटल सूट अलग लीगल
- 4:35:05प्रोसीडिंग्स होती हैं। इसके बाद आपको
- 4:35:08ट्रिपल तलाक वाला पता होगा। इलाहाबाद हाई
- 4:35:10कोर्ट रेफरेंस है। ठीक है? रहमतुल्लाह व
- 4:35:12स्टेट ऑफ यूपी 1994
- 4:35:16और इस ट्रिपल तलाक पर बाद में सुप्रीम
- 4:35:19कोर्ट जजमेंट भी आया जो कि था शायरा भानो
- 4:35:21वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया 2017 और मुस्लिम
- 4:35:24वुमेन एक्ट 2019 भी इंपॉर्टेंट है। तो
- 4:35:27इसको ध्यान रख लेना बस। इसके बाद हम जो
- 4:35:29मेन है वो पढ़ेंगे चैप्टर 30 द सेंट्रल
- 4:35:31स्टेट रिलेशंस।
- 4:35:34तो सेंट्रल स्टेट रिलेशन में देखते हैं।
- 4:35:36आर्टिकल 245 से 255 लेजिसलेटिव रिलेशन के
- 4:35:39बारे में बताता है। ठीक है? देखो इंडिया
- 4:35:41में लॉस बनाने की पावर सेंटर और स्टेट के
- 4:35:43बीच में डिवाइड की गई है। कॉन्स्टिट्यूशन
- 4:35:45के सेवन शेड्यूल में तीन लिस्ट है।
- 4:35:47कौन-कौन सी? यूनियन लिस्ट, स्टेट लिस्ट और
- 4:35:49कॉनकरेंट लिस्ट। आपको पता ही है यूनियन,
- 4:35:50स्टेट, कॉनकरेंट लिस्ट। आर्टिकल 245 बोलता
- 4:35:53है एक्सटेंट ऑफ लॉज़। ठीक है? पार्लियामेंट
- 4:35:55पूरे इंडिया या किसी पार्ट के लिए लॉ बना
- 4:35:58सकता है। स्टेट लेजिस्लेचर अपने स्टेट के
- 4:36:00पूरे या किसी पार्ट के लिए लॉ बना सकता
- 4:36:02है। जैसे यूपी लेजिस्लेचर उत्तर प्रदेश के
- 4:36:04लिए एप्लीकेबल स्टेट लॉज़ बना सकती है। ठीक
- 4:36:06है? पार्लियामेंट के लॉ इंडिया के बाहर भी
- 4:36:08अप्लाई हो सकता है। इसको हम एक्स्ट्रा
- 4:36:10टेरिटोरियल ऑपरेशंस कहते हैं। ठीक है?
- 4:36:12आर्टिकल 246 क्या बोलता है?
- 4:36:14डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ लेजिसलेटिव पावर्स। ये
- 4:36:16आर्टिकल बताता है कि किस लिस्ट के
- 4:36:18सब्जेक्ट पर कौन लॉ बनाएगा। जैसे यूनियन
- 4:36:20लिस्ट पर पार्लियामेंट बनाएगा। स्टेट
- 4:36:22लिस्ट पर स्टेट लेजिस्लेचर और कॉनकरेंट
- 4:36:24लिस्ट पर पार्लियामेंट और स्टेट
- 4:36:25लेजिस्लेचर दोनों बनाएंगे। 248 क्या बात
- 4:36:28करता करता है रेजिडरी पावर्स की बात करता
- 4:36:29है। ऐसे सब्जेक्ट्स जो यूनियन स्टेट या
- 4:36:31कॉनकरेंट लिस्ट में स्पेसिफिकली मेंशन
- 4:36:33नहीं है उन पर लॉ बनाने की रेजोडरी पावर
- 4:36:35पार्लियामेंट के पास होती है। जैसे कोई
- 4:36:37नया सब्जेक्ट डेवलप होता है तो जो लिस्ट
- 4:36:39में कवर नहीं है उस पर लॉ बनाने की पावर
- 4:36:41जनरली पार्लियामेंट के पास होगी। क्लियर
- 4:36:43है? 246 ए जो बात करता है जीएसटी की बात
- 4:36:46करता है। ये आर्टिकल 101 कॉन्स्टिट्यूशन
- 4:36:49अमेंडमेंट एक्ट 2016 से इंट्रोड्यूस हुआ
- 4:36:50था। इसके अंडर पार्लियामेंट और स्टेट
- 4:36:52लेजिस्लेचर को जीएसटी के संबंध में लॉ
- 4:36:54मेकिंग पावर दी गई हैं। ठीक है? 249 जो है
- 4:36:57राज्यसभा नेशनल इंटरेस्ट रेोल्यूशन की बात
- 4:36:59करता है। नॉर्मली स्टेट लिस्ट पर स्टेट्स
- 4:37:01लॉ बनाते हैं। लेकिन राज्यसभा अगर नेशनल
- 4:37:03इंटरेस्ट में स्पेशल रेजोल्यूशन जो है पास
- 4:37:06करके तो पार्लियामेंट जो है अगर वो पास
- 4:37:08करे तो पार्लियामेंट स्टेट लिस्ट के
- 4:37:10स्पेसिफाइड सब्जेक्ट पर लॉ बना सकता है।
- 4:37:13ठीक है? क्लियर है? इसके बाद आर्टिकल 250
- 4:37:15जो है वो नेशनल इमरजेंसी की बात करता है
- 4:37:17कि जब नेशनल इमरजेंसी इन ऑपरेशन हो तो
- 4:37:19पार्लियामेंट स्टेट लिस्ट के सब्जेक्ट पर
- 4:37:20भी लॉ बना सकता है। क्लियर है? आर्टिकल
- 4:37:24251 इनकंसिस्टेंसी की बात करता है। अगर
- 4:37:26आर्टिकल 249 या 250 के अंडर पार्लियामेंट
- 4:37:30का लॉ और स्टेट लॉ कॉन्फ्लिक्ट करते हैं
- 4:37:32तो कॉन्फ्लिक्टिंग एसेंट तक
- 4:37:33पार्लियामेंट्री लॉ प्रिवेल करेगा। 252
- 4:37:36क्या बोलता है? दो या दो से ज्यादा
- 4:37:37स्टेट्स की रिक्वेस्ट। अगर दो या दो से
- 4:37:39ज्यादा स्टेट्स रिक्वेस्ट करें तो
- 4:37:40पार्लियामेंट उन स्टेट्स के लिए स्टेट
- 4:37:42लिस्ट सब्जेक्ट पर लॉ बना सकता है। बाद
- 4:37:44में दूसरे स्टेट्स भी रेोल्यूशन पास करके
- 4:37:46उस लॉ को अडॉप्ट कर सकते हैं। क्लियर है?
- 4:37:49आर्टिकल 253 बात करता है इंटरनेशनल
- 4:37:51एग्रीमेंट की। पार्लियामेंट इंटरनेशनल
- 4:37:53ट्रीटीज एग्रीमेंट्स और कन्वेंशन
- 4:37:55इंप्लीमेंट करने के लिए किसी भी सब्जेक्ट
- 4:37:57पर लॉ बता सकता है। ठीक है? इंक्लूडिंग
- 4:37:59स्टेट लिस्ट मैटर्स 247 है। एडिशनल
- 4:38:02कोर्ट्स की बात करता है। पार्लियामेंट
- 4:38:04यूनियन लिस्ट लॉस के बेटर एडमिनिस्ट्रेशन
- 4:38:06के लिए एडिशनल कोड्स एस्टैब्लिश करने का
- 4:38:08प्रोविजन कर सकता है। क्लियर है? इसके बाद
- 4:38:10एडमिनिस्ट्रेटिव रिलेशंस आते हैं आपके।
- 4:38:13आर्टिकल 256 से 263 आते हैं। यहां
- 4:38:15क्वेश्चन क्या आता है कि लॉ बनाने के बाद
- 4:38:17उनको इंप्लीमेंट कैसे किया जाएगा? तो 256
- 4:38:20बात करता है स्टेट्स की ऑब्लिगेशन। स्टेट
- 4:38:22की एग्जीक्यूटिव पावर ऐसे एक्सरसाइज होनी
- 4:38:24चाहिए कि पार्लियामेंट के लॉज़ और
- 4:38:25एप्लीकेबल एकिस्टिंग लॉज़ कंप्लाई कंप्लाई
- 4:38:28हो। ठीक है? यूनियन कॉन्स्टिट्यूशन के
- 4:38:29प्रोविजन के अकॉर्डिंग और स्टेट्स को
- 4:38:31नेसेसरी डायरेक्शन दे सकता है। क्लियर है?
- 4:38:33257 क्या बात करता है? यूनियन का कंट्रोल।
- 4:38:36स्टेट की एग्जीक्यूटिव पावर ऐसे एक्सरसाइज
- 4:38:38नहीं होनी चाहिए कि यूनियन की
- 4:38:39एग्जीक्यूटिव पावर इंपीड या प्रिजुडिस हो।
- 4:38:41सेंटर कुछ मैटर्स में स्टेट्स को
- 4:38:43डायरेक्शन दे सकता है। जैसे नेशनल या
- 4:38:45मिलिट्रीेंस के कम्युनिकेशन में। 258 क्या
- 4:38:48बात करता है? यूनियन फंक्शन स्टेट्स को
- 4:38:50देना। प्रेसिडेंट स्टेट गवर्नमेंट की
- 4:38:52कंसर्न से यूनियन के कुछ एग्जीक्यूटिव
- 4:38:54फंक्शन स्टेट गवर्नमेंट को इंटरेस्ट कर
- 4:38:56सकता है। क्लियर है?
- 4:38:58इसके बाद आर्टिकल 262 है। यह इंटरस्ट वाटर
- 4:39:01डिस्प्यूट की बात करता है कि पार्लियामेंट
- 4:39:03इंटरस्ट रिवर या रिवर वैलीज के वाटर से
- 4:39:05रिलेटेड डिस्प्यूट्स के एजुकेशन के लिए लॉ
- 4:39:08बना सकता है। पार्लियामेंट लॉ के थ्रू
- 4:39:09कोर्ट्स की जुरिडिक्शन को एक्सक्लूड करने
- 4:39:11का प्रोविजन भी कर सकता है। आर्टिकल 263
- 4:39:14जो है ये इंटरस्ट काउंसिल की बात करता है।
- 4:39:16प्रेसिडेंट पब्लिक इंटरेस्ट में स्टेट्स
- 4:39:18के बीच कोऑर्डिनेशन और डिस्प्यूट्स पर
- 4:39:20इंक्वायरी एडवाइस के लिए इंटरस्ट काउंसिल
- 4:39:22एस्टैब्लिश कर सकता है। अगर
- 4:39:23कॉन्स्टिट्यूशन में प्रिस्राइब्ड कंडीशन
- 4:39:25सेटिस्फाई होती हैं तो समझ में आया?
- 4:39:29इसके बाद कोऑपरेटिव बॉडीज़ कुछ देखेंगे। वो
- 4:39:32हम बोल रखे हैं जैसे इंटरस्टेट काउंसिल की
- 4:39:33बात कर रखे हैं। आर्टिकल 263 में है। इसके
- 4:39:35बाद ज़ोनल काउंसिल है। स्टैचुरी बॉडीज हैं।
- 4:39:37अंडर स्टेट रिग्नेशन एक्ट 1956। इसके बाद
- 4:39:40नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल है। ये स्टचुरी
- 4:39:42बॉडी है। अंडर नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल
- 4:39:441971। इसके बाद आपका नेशनल डेवलपमेंट
- 4:39:46काउंसिल है। यह भी नॉन कॉन्स्टिट्यूशनल और
- 4:39:48नॉन स्टचुरी बॉडी है। कॉन्स्टिट्यूशनल
- 4:39:50नहीं है। ध्यान रखना। यह क्वेश्चन आ
- 4:39:51जाएगा। नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल
- 4:39:53एग्जीक्यूटिव क्रिएटेड बॉडी है। ये
- 4:39:55एस्टैब्लिश नहीं हुई है बाय अ स्पेसिफिक
- 4:39:56कॉन्स्टिट्यूशनल। ठीक है? ये किससे
- 4:39:58इस्टैब्लिश हुई है? नॉटस्टैब्लिश बाय अ
- 4:40:00स्पेसिफिक कॉन्स्टिट्यूशनल आर्टिकल।
- 4:40:02इसके बाद फाइनेंसियल रिलेशन देखेंगे।
- 4:40:04लेजिसलेटिव देख लिया, एडमिनिस्ट्रेटिव देख
- 4:40:06लिया। अब फाइनल देखेंगे फाइनेंसियल। अब
- 4:40:08समझो सेंटर और स्टेट्स के बीच पैसा कैसे
- 4:40:10कलेक्ट और डिस्ट्रीब्यूट होता है। आर्टिकल
- 4:40:12265 बात करता है नो टैक्स विदाउट अथॉरिटी
- 4:40:14ऑफ़ लॉ। ठीक है? गवर्नमेंट बिना लीगल
- 4:40:17अथॉरिटी के टैक्स नहीं लगा सकती है और ना
- 4:40:19ही कलेक्ट कर सकती है। गवर्नमेंट को किसी
- 4:40:21पर्सन से टैक्स कलेक्ट करने के लिए वैलिड
- 4:40:23लीगल बेसिस चाहिए। आर्टिकल 266 किस चीज की
- 4:40:26बात करता है? कॉन्सिलेटेड फंड की बात करता
- 4:40:28है। इस आर्टिकल में कॉन्सिलेटेड फंड ऑफ
- 4:40:30इंडिया और स्टेट्स का प्रोविजन है।
- 4:40:31कॉन्सिलेटेड फंड ऑफ इंडिया यूनियन का
- 4:40:33रेवेन्यूज़, लोन रेस्ट और लोन रीपेमेंट से
- 4:40:36रिलेटेड रिसीप्ट्स हैं। कॉन्सिलेटेड फंड
- 4:40:38ऑफ़ अ स्टेट स्टेट के कॉस्पोंडिंग रेवेन्यू
- 4:40:40और बोरोइंग से रिलेटेड है। आर्टिकल 267
- 4:40:42कंटिंजेंसी फंड की बात करता है। बता रखा
- 4:40:44हूं। आर्टिकल 268 ड्यूटीज लेवड बाय द
- 4:40:47यूनियन की बात करता है। इस आर्टिकल के
- 4:40:49अंडर स्पेसिफाइड स्टैंप ड्यूटीज यूनियन
- 4:40:51लेवी करता है। लेकिन स्टेट कलेक्ट और
- 4:40:53एप्रोप्रिएट करता है। कॉन्स्टिट्यूशन के
- 4:40:54प्रिस्राइब्ड फ्रेमवर्क के अकॉर्डिंग
- 4:40:57269 क्लॉज़ ए वही बात है। इंटरस्ट जीएसटी
- 4:41:00की बात करता है। इंटरस्टेट ट्रेड और
- 4:41:01कॉमर्स में सप्लाई पर इंटीग्रेटेड जीएसटी
- 4:41:04जिसे हम आईजीएसटी बोलते हैं वो लेवी और
- 4:41:06कलेक्ट करने का कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोविज़न
- 4:41:07है। आर्टिकल 270 जो है टैक्स शेयरर्ड
- 4:41:10बिटवीन सेंटर एंड स्टेट की बात करता है।
- 4:41:12इस आर्टिकल के अंडर स्पेसिफाइड यूनियन
- 4:41:14टैक्स और ड्यूटी का डिवीजनल पोर्शन सेंटर
- 4:41:16और स्टेट्स के बीच में डिस्ट्रीब्यूट होता
- 4:41:18है। कॉन्स्टिट्यूशनल एक्सक्लूजन के
- 4:41:20सब्जेक्ट टू। इसके बाद 274 प्रेसिडेंट की
- 4:41:23रिकमेंडेशन सर्टेन टैक्सेशन रिलेटेड बिल्स
- 4:41:26जो स्टेट के इंटरेस्ट को अफेक्ट करते हैं।
- 4:41:28पार्लियामेंट में इंट्रोड्यूस या मूव करने
- 4:41:30से पहले प्रेसिडेंट की रिकमेंडेशन
- 4:41:32रिक्वायर करते हैं। क्लियर है? आर्टिकल
- 4:41:34275 ग्रांट्स इन एड की बात करता है कि
- 4:41:37यूनियन सर्टेन स्टेट्स को ग्रांट इन एड
- 4:41:40प्रोवाइड करता है कॉन्स्टिट्यूशन के
- 4:41:41अकॉर्डिंग। ठीक है? इस ग्रांट का पर्पस
- 4:41:43मेनली स्टेट की फाइनेंसियल नीड्स और
- 4:41:45स्पेसिफाइड रिक्वायरमेंट्स को सपोर्ट करना
- 4:41:47होता है।
- 4:41:49आर्टिकल 276 प्रोफेशनल टैक्स की बात करता
- 4:41:52है। प्रोफेशनल ट्रेड टैक्स की मैक्सिमम
- 4:41:54लिमिट 2500 पर ईयर है। देखो स्टेट
- 4:41:56गवर्नमेंट कुछ प्रोफेशनल और बिजनेस पर
- 4:41:58प्रोफेशनल टैक्स लगा सकती है। जैसे किसी
- 4:42:00स्टेट में सैलरी एंप्लॉयड या प्रोफेशनल पर
- 4:42:02प्रोफेशनल टैक्स लग सकता है। लॉ के
- 4:42:05अकॉर्डिंग मैक्सिमम लिमिट ₹2500 पर पर्सन
- 4:42:07है। यह लिमिट 60थ कॉन्स्टिट्यूशन
- 4:42:09अमेंडमेंट एक्ट 1988 से ₹250 से बढ़ाकर
- 4:42:12₹500 कर दी गई थी। ठीक है? आर्टिकल 279 ए
- 4:42:15जीएसटी काउंसिल की बात करता है। जीएसटी
- 4:42:17काउंसिल का प्रोविज़न 1001 अमेंडमेंट एक्ट
- 4:42:192016 से आया है। सेंटर और स्टेट्स मिलकर
- 4:42:21जीएसटी से रिलेटेड इंपॉर्टेंट डिसीजन लेने
- 4:42:24के लिए एक काउंसिल में बैठते हैं। क्लियर
- 4:42:26है? आर्टिकल 280 जो है वो फाइनेंस कमीशन
- 4:42:28की बात करता है। फाइनेंस कमीशन को
- 4:42:30प्रेसिडेंट कॉन्स्टिट्यूट करता है।
- 4:42:31कॉन्स्टिट्यूशन के कमेंसमेंट के 2 साल के
- 4:42:33अंदर पहला फाइनेंस कमीशन बनाना था। उसके
- 4:42:37बाद जनरली हर 5 साल पर या उससे पहले भी
- 4:42:40बनाया जा सकता है। यह सेंटर और स्टेट्स के
- 4:42:42बीच टैक्स रेवेन्यू डिस्ट्रीब्यूशन के
- 4:42:44बारे में रिकमेंडेशन देता है। क्लियर है?
- 4:42:47इसके बाद 281 फाइनेंस कमीशन की रिपोर्ट के
- 4:42:49बारे में बताता है कि फाइनेंस कमीशन की
- 4:42:51रिकमेंडेशन प्रेसिडेंट पार्लियामेंट के
- 4:42:53दोनों हाउसेस के सामने रखवाते हैं। साथ
- 4:42:55में एक एक्सप्लनेटरी मेमोरेंडम भी दिया
- 4:42:57जाता है जिसमें बताया जाता है कि
- 4:42:58रिकमेंडेशन पर क्या एक्शन लिया गया है।
- 4:43:01आर्टिकल 282 जो है डिस्क्रीशनरी ग्रांट्स
- 4:43:03के बारे में बताता है। सेंटर या स्टेट
- 4:43:04गवर्नमेंट किसी भी पब्लिक गवर्नमेंट पर्पस
- 4:43:07के लिए ग्रांट दे सकती हैं। चाहे उस मैटर
- 4:43:10पर उसकी लेजिसलेटिव कंपिटेंस ना भी हो।
- 4:43:12क्लियर है? आर्टिकल 293 क्लॉज़ वन क्या
- 4:43:15बोलता है? स्टेट बोरोइंग के बारे में
- 4:43:16बताता है। स्टेट गवर्नमेंट इंडिया के
- 4:43:17टेरिटरी के अंदर बोरोविंग कर सकती है।
- 4:43:20स्टेट अपने कॉन्सोलिडेट फंड ऑफ द स्टेट की
- 4:43:22सिक्योरिटी पर लोन ले सकती है। स्टेट
- 4:43:25डायरेक्टली फॉरेन कंट्री से लोन लेने के
- 4:43:27लिए आर्टिकल 293 के अंडर एंपावर्ड नहीं
- 4:43:29है। आर्टिकल 131 सुप्रीम कोर्ट के ओरिजिनल
- 4:43:32जुरडिक्शन के बारे में बताता है। इसके
- 4:43:33बारे में पढ़ रखे हैं। आर्टिकल 300 सूट्स
- 4:43:36एंड प्रोसीडिंग्स के बारे में बताता है कि
- 4:43:37यूनियन गवर्नमेंट और स्टेट गवर्नमेंट अपने
- 4:43:39रिस्पेक्टिव ऑफिशियल नेम्स में सु कर सकती
- 4:43:42हैं और उनके अगेंस्ट सूट फाइल भी हो सकता
- 4:43:44है। क्लियर है? आर्टिकल 301 से 307 फ्रीडम
- 4:43:47ऑफ ट्रेड और कॉमर्स की बात बताता है। यह
- 4:43:49आर्टिकल इंडिया के अंदर ट्रेड, कॉमर्स और
- 4:43:51इंटरकोर्स की फ्रीडम से रिलेटेड है।
- 4:43:54ठीक है? अब इसके बाद कुछ कमिटीज देखेंगे।
- 4:43:57सेंट्रल स्टेट रिलेशंस कमिटीज एंड कमीशन
- 4:43:59ऑन द सेंट्रल स्टेट रिलेशन। सरकार कमीशन
- 4:44:02है। 1983 में आता है। चेयरमैन कौन थे? आर
- 4:44:04एस सकारिया थे। सेंट्रल स्टेट रिलेशन का
- 4:44:06रिव्यु है। रिपोर्ट 1988 में सबमिट की गई
- 4:44:08थी। इंटरस्टेट काउंसिल एस्टैब्लिश करने की
- 4:44:10रिकमेंडेशन दी थी। ठीक है? मोटा-मोटा
- 4:44:11ध्यान रखना है। इसके बाद राजमन्नार कमेटी
- 4:44:13आई थी 1969 में। तमिलनाडु गवर्नमेंट ने
- 4:44:15अपॉइंट की थी। सेंटर स्टेट रिलेशन और
- 4:44:17स्टेट ऑटोनॉमी के इशूज़ एग्जामिन किए थे।
- 4:44:20इसके बाद 2007 में पूछी कमीशन आता है।
- 4:44:22चेयरमैन जस्टिस मदन मोहन पूछी थे। सेंटर
- 4:44:25स्टेट रिलेशन पर रिव्यु किया है। इसकी
- 4:44:26रिपोर्ट 2010 में सबमिट हुई थी। क्लियर
- 4:44:28है? नॉट अ सेंटर स्टेट रिलेशन बॉडी। तो
- 4:44:32इंद्र इंद्रजीत गुप्ता कमेटी जो कि डील
- 4:44:34करती है सेंटर आपका स्टेट फंडिंग ऑफ
- 4:44:37इलेक्शन से। तो ये कोई सेंटर स्टेट रिलेशन
- 4:44:39बॉडी नहीं है। इसको ध्यान रखना। कुछ
- 4:44:40एडिशनल फैक्ट्स हैं। जैसे पार्ट 11 है। ये
- 4:44:42सेंटर स्टेट लेजिसलेटिव और
- 4:44:44एडमिनिस्ट्रेटिव रिलेशन बताता है। पार्ट
- 4:44:4612 फाइनेंस, प्रॉपर्टी, कॉन्ट्रैक्ट और
- 4:44:48सूट्स के बारे में बताता है। मैंने आपको
- 4:44:49पार्ट पढ़ाया था ना शुरू की वीडियो में
- 4:44:51ट्रिक्स है। उसको चाहा फिर देखा फिर उसको
- 4:44:53सोचा अभी तो वो ट्रिक्स आप याद कर लेना।
- 4:44:55पार्ट 13 ट्रेड कॉमर्स और इंटरकोर्स की
- 4:44:57बात करता है। झारखंड एरिया ऑटोनॉमस
- 4:44:59काउंसिल 8 अगस्त 1995 को फॉर्म की गई थी।
- 4:45:02नेशनल इंटीग्रेशन काउंसिल 1962 में
- 4:45:05इस्टैब्लिश हुई थी। क्लियर है? इसको ध्यान
- 4:45:07रखना। इसके बाद अब देखते हैं इमरजेंसी
- 4:45:09प्रोविजंस मोस्टेंट देखो इमरजेंसी
- 4:45:11प्रोविजन कॉन्स्टिट्यूशन के पार्ट किसमें
- 4:45:13है बताओ जरा कमेंट में पार्ट 18 में है
- 4:45:16आर्टिकल 352 से लेके 360 में ठीक है जब
- 4:45:19देश या किसी स्टेट में बहुत सीरियस
- 4:45:21सिचुएशन आ जाती है तब कॉन्स्टिट्यूशन
- 4:45:23गवर्नमेंट को स्पेशल पावर्स देता है तीन
- 4:45:25टाइप की इमरजेंसी है बाय नेशनल इमरजेंसी
- 4:45:27है प्रेसिडेंट रूल है और फाइनेंसियल
- 4:45:29इमरजेंसी इसको स्टेट इमरजेंसी भी कहते
- 4:45:30हैं। नेशनल इमरजेंसी आर्टिकल 352 में है।
- 4:45:33ये 356 में है और ये 360 में है। मैंने
- 4:45:35आपको ट्रिक भी बताया था। प्लस प्लस फोर
- 4:45:37करते चले जाओगे हो जाएगा आपका। ठीक है?
- 4:45:40नेशनल इमरजेंसी कब लगती है? जब कोई वॉर
- 4:45:42एक्सटर्नल रेग्रेशन या आर्म्ड रेबेलियन
- 4:45:44हो। प्रेसिडेंट रूल कब लगता है? जब किसी
- 4:45:46स्टेट की गवर्नमेंट कॉन्स्टिट्यूशन के
- 4:45:48अकॉर्डिंग नहीं चल पाती है। फाइनेंशियल
- 4:45:50इमरजेंसी जब इंडिया या उसके किसी पार्ट की
- 4:45:53फाइनेंसियल स्टेबिलिटी या क्रेडिट को
- 4:45:55थ्रेट हो। क्लियर है?
- 4:45:57आर्टिकल 355 सेंटर की ड्यूटी बोलता है।
- 4:45:59355 कहता है कि यूनियन की ड्यूटी है कि
- 4:46:01स्टेट को एक्सटर्नल अग्रेशन और इंटरनल
- 4:46:04डिस्टरबेंस से प्रोटेक्ट करना। इंश्योर
- 4:46:05करना कि स्टेट गवर्नमेंट कॉन्स्टिट्यूशन
- 4:46:07के अकॉर्डिंग चले। क्लियर है? ये दिया
- 4:46:09आर्टिकल 355 में। नेशनल इमरजेंसी के बारे
- 4:46:12में बात किया। आर्टिकल 352 में क्या किस
- 4:46:14ग्राउंड पे लग सकती है? कब लग सकती है? या
- 4:46:16तो वॉर हो या तो एक्सटर्नल अग्रेशन हो या
- 4:46:18आर्म रेबेलियन हो। ठीक है? आर्डन रेबेलियन
- 4:46:20का मतलब है आर्म्ड फोर्स के थ्रू
- 4:46:21ऑर्गेनाइज़्ड रेबेलियन या विद्रोह हो जाए।
- 4:46:23ठीक है? इसके बाद प्रेसिडेंट रूल अगर आप
- 4:46:25देखोगे तो आर्टिकल 352 क्लॉज़ थ्री में है।
- 4:46:28प्रेसिडेंट नेशनल इमरजेंसी तभी प्रोक्लेम
- 4:46:29कर सकता है जब यूनियन कैबिनेट का डिसीजन
- 4:46:31रिटेन फॉर्म में प्रेसिडेंट को कम्युनिकेट
- 4:46:34किया गया हो। यहां यूनियन कैबिनेट का मतलब
- 4:46:36प्राइम मिनिस्टर और कैबिनेट रैंक मिनिस्टर
- 4:46:37का ग्रुप है। सिर्फ पीएम की पर्सनल एडवाइस
- 4:46:39नहीं है। ध्यान रखना पार्लियामेंट्री
- 4:46:41अप्रूवल इमरजेंसी प्रोक्लमेशन को
- 4:46:43पार्लियामेंट के दोनों हाउसेस से एक मंथ
- 4:46:45के अंदर अप्रूव करना होता है। अप्रूवल के
- 4:46:47लिए टोटल मेंबरशिप का मेजॉरिटी और
- 4:46:48प्रेजेंट एंड वोटिंग मेंबर्स का एटलीस्ट
- 4:46:50टू थर्ड मेजॉरिटी दोनों कंडीशन सेटिस्फाई
- 4:46:52होनी चाहिए। अब इमरजेंसी कितने समय तक
- 4:46:54होती है? तो देखो पार्लियामेंट से अप्रूवल
- 4:46:56मिलने के बाद इमरजेंसी 6 महीने तक
- 4:46:58कंटिन्यू कर सकती है। उसके बाद हर 6 महीने
- 4:47:00में दोनों हाउसेस से फिर फ्रेश अप्रूवल
- 4:47:02चाहिए। इसका मतलब यह नहीं कि इमरजेंसी
- 4:47:04ऑटोमेटिकली 6 महीने में खत्म हो जाती है।
- 4:47:06फ्रेश पार्लियामेंट्री अप्रूवल मिलता रहे
- 4:47:08तो कंटिन्यू कर सकती है। अगर लोकसभा
- 4:47:10डिॉल्व हो जाए यह भी एक दिक्कत है। अगर
- 4:47:11लोकसभा डिॉल्व हो जाए तो क्या होगा? को
- 4:47:13अगर प्रोक्लेमेशन
- 4:47:15के अप्रूवल के समय लोकसभा डिॉल्व हो और
- 4:47:17राज्यसभा अप्रूवल दे दे तो न्यूली
- 4:47:19कॉन्स्टिट्यूटेड लोकसभा की फर्स्ट सीटिंग
- 4:47:21से 30 दिन के अंदर अप्रूवल लेना जरूरी है।
- 4:47:23कोई दिक्कत नहीं चल जाएगी लेकिन जब नई
- 4:47:24लोकसभा है तो 30 दिन के अंदर अप्रूवल ले
- 4:47:26लेना। इमरजेंसी रिवोक कैसे होती है? तो
- 4:47:28प्रेसिडेंट प्रोक्लेमेशन रिवोक कर सकता
- 4:47:31है। साथ ही लोकसभा अगर डिसए्रूवल
- 4:47:33रेज़ोल्यूशन पास कर दे तो प्रेसिडेंट को
- 4:47:35इमरजेंसी रिवोक करनी होती है। 44
- 4:47:37अमेंडमेंट के बाद लोकसभा के कम से कम वन
- 4:47:4010थ मेंबर्स रिटेन नोटिस देकर स्पेशल
- 4:47:43सीटिंग बुलवाने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं
- 4:47:44ताकि इमरजेंसी कंटिन्यू करने के अगेंस्ट
- 4:47:47रेज़ोल्यूशन कंसीडर हो सके। क्लियर है?
- 4:47:51इसके बाद अगर आप देखोगे नेशनल इमरजेंसी के
- 4:47:53इफेक्ट क्या होते हैं सेंटर स्टेट रिलेशंस
- 4:47:55पे? तो देखो लेजिसलेटिव रिलेशंस पे अगर हम
- 4:47:57बात करें तो इमरजेंसी के दौरान
- 4:47:58पार्लियामेंट स्टेट लिस्ट के सब्जेक्ट्स
- 4:48:00पर भी लॉ बना सकती है। नॉर्मल सिचुएशन में
- 4:48:03क्या होता था? स्टेट लिट पर स्टेट लिस्ट
- 4:48:05पर स्टेट लेजिस्लेचर लॉ बनाती है। लेकिन
- 4:48:06इमरजेंसी सिचुएशन पर पार्लियामेंट को
- 4:48:08एडिशनल पावर्स दी गई हैं। रेवेन्यू
- 4:48:10डिस्ट्रीब्यूशन की बात करें जो कि आर्टिकल
- 4:48:12354 में आता है। प्रेसिडेंट सेंटर और
- 4:48:14स्टेट्स के बीच में कॉन्स्टिट्यूशन
- 4:48:16रेवेन्यू डिस्ट्रीब्यूशन के प्रोविजन का
- 4:48:18ऑपरेशन को मॉडिफाई कर सकता है। लेकिन
- 4:48:20स्पेसिफाइड कॉन्स्टिट्यूशन लिमिट्स के
- 4:48:21अंदर। फिर लोकसभा का टर्म आर्टिकल 83
- 4:48:23क्लॉज़ टू में दिया गया है। नेशनल इमरजेंसी
- 4:48:25के दौरान पार्लियामेंट लोकसभा का टर्म एक
- 4:48:28बार में मैक्सिमम एक ईयर तक बढ़ा सकती है।
- 4:48:30ये एक्सटेंशन बार-बार किया जा सकता है।
- 4:48:32लेकिन इमरजेंसी खत्म होने के 6 महीने से
- 4:48:34ज्यादा कंटिन्यू नहीं कर सकती है। क्लियर
- 4:48:37है?
- 4:48:39फंडामेंटल राइट्स पे क्या इफ़ेक्ट होता है?
- 4:48:41देखो, आर्टिकल 19 जो है वो ऑटोमेटिकली
- 4:48:43सस्पेंड होता है। लेकिन सिर्फ तब जब नेशनल
- 4:48:45एनजेंसी वॉर या एक्सटर्नल अग्रेशन के
- 4:48:47ग्राउंड पर प्रोक्लेम की गई हो। क्लियर
- 4:48:49है? इसके बाद इफेक्ट ऑन फंडामेंटल राइट्स
- 4:48:51आर्टिकल 359 इसमें क्या बोल रहा है कि
- 4:48:54प्रेसिडेंट ऑर्डर इशू करके स्पेसिफाइड
- 4:48:56फंडामेंटल राइट्स को कोर्ट में इनफोर्स
- 4:48:58करने के राइट को सस्पेंड कर सकते हैं।
- 4:49:00लेकिन कॉन्स्टिट्यूशन के रूल्स के
- 4:49:02अकॉर्डिंग आर्टिकल 20 और 21 की भी बात करी
- 4:49:04गई है। को इस 20 और 21 को आप सस्पेंड नहीं
- 4:49:08कर सकते। 20 किस लिए था? कमेंट में बताओ।
- 4:49:09प्रोटेक्शन एंड रिस्पेक्ट फॉर कन्वेक्शन
- 4:49:11फॉर ऑफिसेंसेस एंड आर्टिकल 21 प्रोटेक्शन
- 4:49:14ऑफ़ लाइफ एंड पर्सनल लिबर्टी। इसके बाद
- 4:49:17प्रेसिडेंट रूल देखेंगे जिसको हम स्टेट
- 4:49:18इमरजेंसी भी बोलते हैं। जब किसी स्टेट में
- 4:49:20गवर्नमेंट कॉन्स्टिट्यूशन के प्रोविजन के
- 4:49:22अकॉर्डिंग नहीं चल पाती है तब प्रेसिडेंट
- 4:49:24रूल लगाया जा सकता है। इसको स्टेट
- 4:49:26इमरजेंसी भी कहते हैं। क्या ग्राउंड होता
- 4:49:27है कि प्रेसिडेंट को गवर्नर की रिपोर्ट
- 4:49:31मिल सकती है। ठीक है? लेकिन गवर्नर की
- 4:49:33रिपोर्ट होना कंपलसरी नहीं है। प्रेसिडेंट
- 4:49:35दूसरे रेलेवेंट मैटर्स के बेसिस पर भी
- 4:49:37एक्ट कर सकते हैं। इसके बाद इफेक्ट
- 4:49:40क्या-क्या होगा? तो प्रेसिडेंट रूल लगने
- 4:49:41पर प्रेसिडेंट स्टेट गवर्नमेंट के
- 4:49:43फंक्शनंस अपने पास ले सकते हैं। स्टेट
- 4:49:45काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स को डिसमिस किया जा
- 4:49:46सकता है। स्टेट लेजिस्लेचर की पावर्स
- 4:49:48पार्लियामेंट एक्सरसाइज कर सकती है और हाई
- 4:49:50कोर्ट की पावर्स प्रेसिडेंट अपने पास नहीं
- 4:49:53ले सकते हैं। क्लियर है? इसके बाद
- 4:49:54पार्लियामेंट्री अप्रूवल देखेंगे।
- 4:49:56प्रेसिडेंट रूल को प्रोक्लेम इशू होने के
- 4:49:582 मंथ के अंदर पार्लियामेंट के दोनों
- 4:50:00हाउसेस से अप्रूव करवाना होता है। अप्रूवल
- 4:50:02जो होता है वो सिंपल मेजॉरिटी से होता है।
- 4:50:04ड्यूरेशन देखेंगे। अप्रूवल मिलने के बाद
- 4:50:06प्रेसिडेंट रूल सिक्स मंथ्स तक कंटिन्यू
- 4:50:08कर सकता है। हर 6 महीने में एक्सटेंशन
- 4:50:10पॉसिबल है। लेकिन जनरली मैक्सिमम 3 साल तक
- 4:50:13एक साल से आगे एक्सटेंशन के लिए स्पेशल
- 4:50:15कॉन्स्टिट्यूशन कंडीशंस अप्लाई होती हैं।
- 4:50:17जैसे नेशनल इमरजेंसी का रेलेवेंट ऑपरेशन
- 4:50:20और इलेक्शन कमीशन का सर्टिफिकेशन की
- 4:50:22इलेक्शन कराना डिफिकल्ट है। तभी हो सकता
- 4:50:24है। जुडिशियल रिव्य्यू की बात करें तो
- 4:50:26सुप्रीम कोर्ट ने एसआर बोई वर्सेस यूनियन
- 4:50:27ऑफ़ इंडिया 1994 में इस्टैब्लिश किया कि
- 4:50:30आर्टिकल 356 के अंडर प्रेसिडेंशियल
- 4:50:32प्रोक्लेमेशन जुडिशियल रिव्य्यू के
- 4:50:33सब्जेक्ट में है। मतलब प्रेसिडेंट रूल का
- 4:50:35डिसीजन कॉन्स्टिट्यूशन से अबव नहीं है।
- 4:50:37कोर्ट्स कॉन्स्टिट्यूशन लिमिट्स के
- 4:50:39वायलेशन को एग्ज़ामिन कर सकते हैं। इसके
- 4:50:42बाद फाइनेंसियल इमरजेंसी आर्टिकल 360 में
- 4:50:44आता है। ग्राउंड्स क्या होने चाहिए? जब
- 4:50:46प्रेसिडेंट सेटिस्फाई हो कि इंडिया या
- 4:50:48उसके किसी पार्ट की फाइनेंसियल स्टेबिलिटी
- 4:50:50या क्रेडिट थ्रेटेंड है। तब आर्टिकल 360
- 4:50:52के अंदर फाइनेंसियल इमरजेंसी प्रोक्लेम की
- 4:50:54जा सकती है। क्लियर है? पार्लियामेंट्री
- 4:50:56अप्रूवल प्रोक्लेमेशन के 2 मंथ्स के अंदर
- 4:50:58अप्रूवल चाहिए। पार्लियामेंट के दोनों
- 4:51:00हाउसेस में सिंपल मेजॉरिटी से। ड्यूरेशन
- 4:51:02देखोगे तो फाइनेंसियल इमरजेंसी के लिए
- 4:51:04कॉन्स्टिट्यूशन कोई फिक्स मैक्सिमम
- 4:51:06ड्यूरेशन प्रिस्राइब नहीं करता है। एक बार
- 4:51:07पार्लियामेंट से अप्रूव होने के बाद यह जब
- 4:51:09तक कंटिन्यू कर सकती है जब तक रिवोक ना
- 4:51:12हो। इफेक्ट देखा जाए अगर तो फाइनेंसियल
- 4:51:14इमरजेंसी में सेंटर स्टेट्स को फाइनेंसियल
- 4:51:16मैटर पर डायरेक्शन दे सकती है। गवर्नमेंट
- 4:51:19एंप्लाइजज़ की सैलरी और अलाउंसेस रिड्यूस
- 4:51:21करने के डायरेक्शन दिए जा सकते हैं।
- 4:51:23डायरेक्शन सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट
- 4:51:24जजेस की सैलरी के बारे में भी हो सकते
- 4:51:26हैं। स्टेट लेजिस्लेचर के मनी बिल या
- 4:51:28दूसरे स्पेसिफाइड फाइनेंसियल बिल
- 4:51:29प्रेसिडेंट के कंसीडरेशन के लिए रिजर्व
- 4:51:32करने की रिक्वायरमेंट भी आ सकती है।
- 4:51:34क्लियर है?
- 4:51:37ये सारे आपके आर्टिकल्स यही चीज़ दिए गए
- 4:51:39हैं। हम इनको पढ़ रखे हैं। इसके बाद
- 4:51:41देखेंगे फाइनेंस कमीशन। नेक्स्ट चैप्टर
- 4:51:44फाइनेंस कमीशन आपके आर्टिकल 280 में है।
- 4:51:46ठीक है? फाइनेंस कमीशन एक कॉन्स्टिट्यूशनल
- 4:51:48बॉडी है। सेंटर और स्टेट्स के बीच में
- 4:51:50टैक्स रेवेन्यू का डिस्ट्रीब्यूशन कैसे
- 4:51:52होना चाहिए? इस पर रिकमेंडेशन देने वाली
- 4:51:54बॉडी है। प्रेसिडेंट फाइनेंस कमीशन को
- 4:51:56जनरली 5 साल में कॉन्स्टिट्यूट करता है या
- 4:51:59जरूरत पड़ने पर या उससे पहले भी कर सकता
- 4:52:01है। ठीक है? कंपोज़शन देखेंगे तो फाइनेंस
- 4:52:03कमीशन में एक चेयरमैन होते हैं और चार अदर
- 4:52:05मेंबर्स होते हैं। यानी टोटल पांच मेंबर्स
- 4:52:07होते हैं। इन सभी को प्रेसिडेंट अपॉइंट
- 4:52:09करते हैं। अब क्या चेयरमैन या मेंबर्स का
- 4:52:11जज होना कंपलसरी है? तो नहीं। मेंबर्स की
- 4:52:14क्वालिफिकेशन कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल
- 4:52:16280 क्लॉज़ टू में दी गई है। ठीक है? इसके
- 4:52:19बाद क्वालिफिकेशंस की बात करोगे तो एक्ट
- 4:52:221951 के तहत है और चेयरमैन जो है ऐसा
- 4:52:25पर्सन को सेलेक्ट किया जाता है जिसे
- 4:52:27पब्लिक अफेयर्स का एक्सपीरियंस हो। अदर
- 4:52:29मेंबर्स जो हैं मेंबर्स में ऐसे लोग हो
- 4:52:32सकते हैं जो जिन्हें हाई कोर्ट जज बनने की
- 4:52:34क्वालिफिकेशन हो या रही हो गवर्नमेंट
- 4:52:37फाइनेंस और अकाउंट्स का स्पेशलाइज नॉलेज
- 4:52:39हो और फाइनेंसियल मैटर्स और
- 4:52:40एडमिनिस्ट्रेशन का एक्सपीरियंस हो या
- 4:52:42इकॉनमी का स्पेशल नॉलेज हो। क्लियर है?
- 4:52:44रीअपॉइंटमेंट की बात करें तो फाइनेंस
- 4:52:45कमीशन के चेयरमैन को दोबारा अपॉइंट किया
- 4:52:47जा सकता है। पहले चेयरमैन की बात करें तो
- 4:52:49पहले चेयरमैन कौन थे? केसी नियोगी थी।
- 4:52:52बहुत बार यूपीपीसीएस ने पूछ रखा है।
- 4:52:54इंडिया के पहले फाइनेंस कमीशन के चेयरमैन
- 4:52:56थे।
- 4:52:57फिर कॉन्स्टिट्यूशनल व स्टचुरी बॉडी
- 4:52:59देखेंगे तो फाइनेंस कमीशन एक
- 4:53:01कॉन्स्टिट्यूशनल बॉडी है क्योंकि इसका
- 4:53:02प्रोविजन कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 280
- 4:53:05में है। ठीक है? ये स्टचुरी बॉडी नहीं है।
- 4:53:07ध्यान रखना इसकी रिकमेंडेशन प्रेसिडेंट को
- 4:53:09दी जाती है और रिकमेंडेशन एडवाइज़री नेचर
- 4:53:11की होती है। इसका मतलब गवर्नमेंट को
- 4:53:13रिकमेंडेशन पर एक्शन लेना होता है। लेकिन
- 4:53:15हर रिकमेंडेशन ऑटोमेटिकली बाइंडिंग लॉ
- 4:53:17नहीं बन जाती है। क्लियर है?
- 4:53:21फिर कुछ फंक्शनंस देखेंगे। पहला है टैक्स
- 4:53:23डिस्ट्रीब्यूशन। फाइनेंस कमीशन रिकमेंड
- 4:53:25करता है कि सेंटर और स्टेट्स के बीच में
- 4:53:27डिविज़िबल टैक्स रेवेन्यू का
- 4:53:28डिस्ट्रीब्यूशन कैसा हो। जैसे यूनियन के
- 4:53:30शेयर्स और स्टेट्स के शेयर का डिटरमिनेशन।
- 4:53:33इसके बाद है ग्रांट इन एड। फाइनेंस कमीशन
- 4:53:35ग्रांट इन एड के प्रिंसिपल रिकमेंड करता
- 4:53:37है। आर्टिकल 275 के अंडर स्टेट्स को
- 4:53:39कंसोलेटेड फंड ऑफ इंडिया से ग्रांट्स इन
- 4:53:41एंड देने के प्रिंसिपल्स इसके इंपॉर्टेंट
- 4:53:43वर्क में आते हैं। क्लियर है?
- 4:53:48पंचायत और मुनिसिपालिटी आता है। तो देखो
- 4:53:50फाइनेंस कमीशन रिकमेंड करता है कि पंचायती
- 4:53:53राज इंस्टीट्यूशन और म्युनिसिपालिटी को
- 4:53:54फाइनेंसली स्ट्रांग बनाने के लिए क्या
- 4:53:56स्टेप्स लेने चाहिए। तो पंचायत जो है वो
- 4:53:59विलेज लेवल लोकल गवर्नमेंट देखिएगा
- 4:54:01म्यनिसिपालिटी जो है अर्बन लोकल गवर्नमेंट
- 4:54:03होता है। तो फाइनेंस कमीशन सजेस्ट करता है
- 4:54:05कि स्टेट्स को अपने रिसोर्सेज कैसे बढ़ाने
- 4:54:07चाहिए ताकि लोकल बॉडीज को फंड मिल सके।
- 4:54:10क्लियर है? कुछ अदर मैटर्स भी दिखता है।
- 4:54:12प्रेसिडेंट फाइनेंस कमीशन को कोई और मैटर
- 4:54:15भी रेफर कर सकता है अगर वह साउंड फाइनेंस
- 4:54:18के इंटरेस्ट में हो। क्लियर है? इसके बाद
- 4:54:20नॉट इट्स फंक्शन। तो फाइनेंस कमीशन का काम
- 4:54:22यह डिसाइड करना नहीं है कि गवर्नमेंट को
- 4:54:24अपने कंसोलिडेट फंड से पैसा कब विथड्रॉ
- 4:54:26करना चाहिए। यह हर टैक्स को बजट के
- 4:54:29अकॉर्डिंग कलेक्ट किया जा रहा है या नहीं
- 4:54:31है। तो ये सब भी नहीं है। ठीक है? तो नॉट
- 4:54:33फंक्शन तो ध्यान रखना। लेइंग ऑफ
- 4:54:35रिकमेंडेशन आर्टिकल 281 आर्टिकल 281 के
- 4:54:38अकॉर्डिंग प्रेसिडेंट फाइनेंस कमीशन के
- 4:54:40रिकमेंडेशन को पार्लियामेंट के दोनों
- 4:54:41हाउसेस के सामने रखवाता है। इसके साथ एक
- 4:54:43एक्सप्लनेटरी मेमोरेंडम भी दिया जाता है
- 4:54:46जिसमें बताया जाता है कि गवर्नमेंट ने
- 4:54:47रिकमेंडेशन पर क्या एक्शन लिया। फाइनेंस
- 4:54:50कमीशन ने रिकमेंड किया है कि स्टेट्स को
- 4:54:52टैक्स रेवेन्यू का एक पर्टिकुलर शेयर
- 4:54:54मिलना चाहिए। गवर्नमेंट को पार्लियामेंट
- 4:54:55को बताना होगा कि रिकमेंडेशन पर क्या
- 4:54:57एक्शन लिया। ठीक है? क्लियर है?
- 4:55:02इसके बाद कुछ फाइनेंस कमीशन है उनके
- 4:55:04चेयरमैन है पहले के केसी नियोगी थे 12
- 4:55:07फाइनेंस कमीशन के डॉक्टर सी रंगराजजन थे
- 4:55:09यह क्रोनोलॉजी में कभी-कभी पूछ लेता है
- 4:55:11मैच द फॉलोइंग में यह तो पूछ लेता है पूछा
- 4:55:14भी गया है 14 फाइनेंस कमीशन में 13 में
- 4:55:16आपके हैं विजय किलकर 14 में वाईवी रेड्डी
- 4:55:20हैं। ठीक है? 15 में आपके एन के सिंह हैं
- 4:55:22और 16 में अरविंद पनारगिया हैं। ठीक है?
- 4:55:25तो यह बस ध्यान रखना आप इंपॉर्टेंट है।
- 4:55:27स्टेट फाइनेंस कमीशन आर्टिकल 243 वन में
- 4:55:30आता है। हर स्टेट का गवर्नर स्टेट फाइनेंस
- 4:55:32कमीशन कॉन्स्टिट्यूट करता है। यह कमीशन
- 4:55:34पंचायत के फाइनेंसियल पोजीशन रिव्य्यू
- 4:55:35करता है और गवर्नर को रिकमेंडेशन देता है।
- 4:55:38इसका पर्पस है कि विलेज लेवल लोकल
- 4:55:40गवर्नमेंट को फंड्स और फाइनेंसियल
- 4:55:41रिसोर्सेज मिल सके। तो कितने टाइम पर बनता
- 4:55:44है? पहले स्टेट फाइनेंस कमीशन जो था आप
- 4:55:46देखोगे 73 कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट के
- 4:55:48बाद कॉन्स्टिट्यूशन के रेलेवेंट प्रोविज़ंस
- 4:55:50के कमेंसमेंट से 1 साल के अंदर। ठीक है?
- 4:55:53फिर उसके बाद हर 5 साल आर्टिकल 243 व क्या
- 4:55:56बोलता है? ये म्युनिसिपालिटी की
- 4:55:57फाइनेंसियल पोजीशन के रिव्यू से रिलेटेड
- 4:55:59प्रोविजन है। ठीक है? 243 आई पंचायत है और
- 4:56:02243 व आपका म्युनिसिपालिटी है।
- 4:56:08एडिशनल फैक्ट्स हैं। आर्टिकल 280
- 4:56:09कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ द फाइनेंस कमीशन 283
- 4:56:12इसके फंक्शनंस हैं। 81 लिंग ऑफ द
- 4:56:13रिकमेंडेशंस है। 243 आई स्टेट फाइनेंस
- 4:56:16कमीशन पंचायत 275 ग्रांट इन एड यही सब
- 4:56:18दिया गया है। फाइनेंस कमीशन जो है आपका
- 4:56:20डिसिस्टिंग फ्रॉम द नीति आयोग। ठीक है?
- 4:56:22नीति आयोग से अलग है। एंड द इंटरस्टेट
- 4:56:25काउंसिल द फाइनेंस कमीशन अलोन रिकमेंड्स द
- 4:56:27डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ नेट टैक्सेस। तो
- 4:56:28फाइनेंस कमीशन अलोन रिकमेंड करता है
- 4:56:30डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ नेट टैक्सेस बिटवीन
- 4:56:32यूनियन एंड द स्टेट्स। क्लियर है? इसके
- 4:56:34बाद हम देखेंगे नेक्स्ट प्लानिंग कमीशन।
- 4:56:38नीति आयोग भी कहा जाता था। क्या था ये?
- 4:56:40देखो प्लानिंग कमीशन आपका 1950 को यूनियन
- 4:56:43कैबिनेट के रेोल्यूशन से इस्टैब्लिश होता
- 4:56:44है। 15 मार्च 1950 को। इसका काम इंडिया की
- 4:56:47इकोनमिक प्लानिंग करना था।
- 4:56:48कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस की अगर बात करते
- 4:56:50हैं तो प्लानिंग कमीशन ना कॉन्स्टिट्यूशनल
- 4:56:53बॉडी था ना स्टचुरी बॉडी था। यह एक्स्ट्रा
- 4:56:55कॉन्स्टिट्यूशनल नॉन स्टचुरी बॉडी था।
- 4:56:57क्लियर है? एक्स्ट्रा कॉन्स्टिट्यूशनल नॉन
- 4:57:00स्टचुरी बॉडी। क्लियर है? चेयरमैन देखोगे
- 4:57:03तो प्राइम मिनिस्टर इसका एक्स ऑफिशियल
- 4:57:05चेयरमैन होता था और इंडिया के फर्स्ट
- 4:57:07प्राइम मिनिस्टर जवाहरलाल नेहरू प्लानिंग
- 4:57:08कमीशन के पहले चेयरमैन थे। डिप्टी चेयरमैन
- 4:57:11की बात करें तो डिप्टी चेयरमैन प्लानिंग
- 4:57:13वर्क कोऑर्डिनेट करता था। यह प्राइम
- 4:57:14मिनिस्टर के बराबर नहीं होता था। इसका
- 4:57:16रैंक और रोल अलग था। मेन फंक्शन देखोगे तो
- 4:57:18प्लानिंग कमीशन फाइव ईयर प्लांस प्रिपेयर
- 4:57:20करता था और देश के रिसोर्सेज को बैलेंस
- 4:57:23डेवलपमेंट के लिए यूज करने की प्लानिंग
- 4:57:25करता था। जैसे आपका एग्रीकल्चर,
- 4:57:27इंडस्ट्रीज, रोड, एजुकेशन और हेल्थ में
- 4:57:28कितना डेवलपमेंट करना है इसकी प्लानिंग
- 4:57:31फाइव ईयर प्लान के थ्रू होती थी। अबोलेशन
- 4:57:33की बात करें तो प्लानिंग कमीशन को 2014
- 4:57:35में डिस्कंटिन्यू
- 4:57:37करने की अनाउंसमेंट हुई थी और 1 जनवरी
- 4:57:402015 से नीति आयोग ने रिप्लेस कर दिया।
- 4:57:42क्लियर है? तो यह एस्टैब्लिशमेंट है।
- 4:57:45चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन सब हो गया है।
- 4:57:47इसके बाद मेनली अब नीति आयोग देखेंगे।
- 4:57:49नीति आयोग 1 जनवरी 2015 से आया है। फुल
- 4:57:51फॉर्म क्या है? नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर
- 4:57:53ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया। क्लियर है? ये
- 4:57:56यूनियन कैबिनेट के रेोल्यूशन से बना था।
- 4:57:58किसी एक्ट ऑफ पार्लियामेंट से नहीं था।
- 4:58:00कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस देखोगे तो नीति
- 4:58:02आयोग भी कॉन्स्टिट्यूशनल बॉडी नहीं है।
- 4:58:03स्टैचुरी बॉडी नहीं है। एक्स्ट्रा
- 4:58:05कॉन्स्टिट्यूशनल और नॉन स्टैचुरी बॉडी है।
- 4:58:07प्लानिंग कमीशन और नीति आयोग दोनों का
- 4:58:09स्टेटस सेम कैटेगरी में आता है। क्लियर
- 4:58:11है? इसमें आप देखोगे तो चेयर पर्सन है
- 4:58:13प्राइम मिनिस्टर नीति आयोग का एक्स ऑफिस
- 4:58:15चेयर पर्सन होता है। एक्स ऑफिसो का मतलब
- 4:58:17है कि किसी दूसरे ऑफिशियल पोजीशन को होल्ड
- 4:58:19करने की वजह से ये पोजीशन मिलना। मतलब
- 4:58:21पीएम होने के कारण ही पर्सन नीति आयोग का
- 4:58:24चेयरमैन होता है। वाइस चेयरमैन की बात
- 4:58:26करें, चेयर पर्सन की बात करें तो वाइस
- 4:58:28चेयर पर्सन को प्राइम मिनिस्टर अपॉइंट
- 4:58:30करता है। यह पोजीशन पीएम की इक्वल नहीं
- 4:58:32है। यह नीति आयोग के वर्क को कोऑर्डिनेट
- 4:58:34करने में हेल्प करती है। ठीक है? इसके बाद
- 4:58:36सीईओ होता है। सीईओ का फुल फॉर्म चीफ
- 4:58:38एग्जीक्यूटिव ऑफिसर। सीईओ ऑर्गेनाइजेशन के
- 4:58:40एडमिनिस्ट्रेटिव और ऑपरेशनल वर्क को मैनेज
- 4:58:42करता है। क्लियर है? इसके बाद गाइडिंग
- 4:58:44प्रिंसिपल कोऑपरेटिव फेडरलिज्म। इसका मतलब
- 4:58:46है सेंटर और स्टेट्स मिलकर डेवलपमेंट के
- 4:58:48लिए काम करें। गवर्निंग काउंसिल होती है।
- 4:58:51नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल में
- 4:58:53स्टेट्स के चीफ मिनिस्टर और यूनियन
- 4:58:54टेरिटरीज के कुछ रिप्रेजेंटेटिव शामिल
- 4:58:57होते हैं। इसका पर्पस सेंटर और स्टेट के
- 4:58:58बीच पॉलिसी कोऑर्डिनेशन को इंप्रूव करना
- 4:59:01है। मेनली
- 4:59:03तो देखेंगे नेशनल डेवलपमेंट काउंसिल को।
- 4:59:05यह कब इस्टैब्लिश हुआ था? 6 अगस्त 1952 को
- 4:59:08हुआ था। तो एनडीसी को 6 अगस्त 1952 को
- 4:59:11यूनियन गवर्नमेंट के एक एग्जीक्यूटिव
- 4:59:13ऑर्डर से इस्टैब्लिश किया गया। गवर्नमेंट
- 4:59:15ने अपना एडमिनिस्ट्रेटिव डिसीजन से इसे
- 4:59:17बनाया था। इसको कॉन्स्टिट्यूशन में
- 4:59:18इस्टैब्लिश नहीं किया गया था। ध्यान रखना
- 4:59:20यह कॉन्स्टिट्यूशनल बॉडी है। नहीं स्टचुरी
- 4:59:22बॉडी है। नहीं एक्स्ट्रा कॉन्स्टिट्यूशनल
- 4:59:25नॉन स्टचुरी बॉडी है। क्लियर है? कंपोजिशन
- 4:59:28अगर देखोगे तो एनडीसी का चेयरमैन प्राइम
- 4:59:30मिनिस्टर होता है। इसमें चीफ मिनिस्टर ऑफ
- 4:59:31ऑल स्टेट्स, यूनियन टेरिटरीज के रेलेवेंट
- 4:59:34रिप्रेजेंटेटिव और यूनियन कैबिनेट
- 4:59:35मिनिस्टरर्स शामिल होते हैं। इसका पर्पस
- 4:59:38था कि सेंटर और स्टेट मिलकर नेशनल
- 4:59:40डेवलपमेंट पर डिस्कशन कर सकें। सेक्रेटरी
- 4:59:43देखोगे तो प्लानिंग कमीशन का सेक्रेटरी
- 4:59:44एनडीसी का भी एक्स ऑफिशयो सेक्रेटरी होता
- 4:59:47है। एक्स ऑफिशयो का मतलब है किसी पर्सन को
- 4:59:49उसके एग्जिस्टिंग पोस्ट के कारण दूसरी
- 4:59:51रिस्पांसिबिलिटी मिलना। क्लियर है?
- 4:59:53फंक्शनंस देखेंगे हम। तो एनडीसी के
- 4:59:55इंपॉर्टेंट फंक्शनंस क्या थे? नेशनल प्लान
- 4:59:57बनाने की गाइडलाइंस पर डिस्कशन करना,
- 4:59:58इकोनॉमिक और सोशल डेवलपमेंट से जुड़े
- 5:00:00इंपॉर्टेंट इशूज़ पर विचार करना और
- 5:00:03डेवलपमेंट टारगेट्स अचीव करने के लिए
- 5:00:04सजेशन देना। सेंटर और स्टेट के बीच
- 5:00:06कोऑर्डिनेशन करना।
- 5:00:09हिस्टोरिकल रोल अगर आप देखोगे तो एनडीसी
- 5:00:11फाइव ईयर प्लान को अप्रूव करना और सेंटर
- 5:00:14स्टेट कोऑर्डिनेशन में इंपॉर्टेंट रोल
- 5:00:15प्ले करता है। लेकिन प्लानिंग कमीशन के
- 5:00:17अबोलेशन के बाद इसका एक्टिव रोल भी खत्म
- 5:00:20हो गया है। क्लियर है? कुछ और एडिशनल
- 5:00:22फैक्ट्स अब हम देखेंगे। सेंटर स्टेट
- 5:00:24रिलेशन ज़ोनल काउंसिल की बात करते हैं।
- 5:00:26ज़ोनल काउंसिल कॉन्स्टिट्यूशन में मेंशन
- 5:00:28नहीं है। यह स्टेट्स रिऑर्गेनाइजेशन एक्ट
- 5:00:301956 के अंडर स्टचुरी बॉडीज हैं। एनडीसी
- 5:00:33हो गया आपका नॉन स्टैचुरी बॉडी। ज़ोनल
- 5:00:35काउंसिल क्या हो गया? स्टैचुरी बॉडीज हो
- 5:00:37गया। और फाइनेंस कमीशन कॉन्स्टिट्यूशनल
- 5:00:39बॉडी। क्लियर है?
- 5:00:42इसके बाद अब हम देखेंगे मेनली लोकपाल एंड
- 5:00:44इंपॉर्टेंट कमीशंस के बारे में।
- 5:00:47ओबर्ट्समैन कहते हैं। बेसिकली देखो स्वीडन
- 5:00:49में 1809 में ओबर्ट्समैन इंस्टीट्यूशन
- 5:00:52एस्टैब्लिश हुआ था। ओबर्ट्समैन का बेसिक
- 5:00:54काम होता है पब्लिक अथॉरिटीज के अगेंस्ट
- 5:00:56कंप्लेंट को एग्जामिन करना और
- 5:00:58एडमिनिस्ट्रेटिव इनजस्टिस या मिसकंडक्ट पर
- 5:01:00एक्शन की रिकमेंडेशन करना। जैसे फॉर
- 5:01:02एग्जांपल अगर किसी गवर्नमेंट ऑफिसर ने
- 5:01:04अपनी पावर का मिसयूज़ किया तो कंप्लेंट
- 5:01:06एग्जामिन करने के लिए ऑब्समन टाइप
- 5:01:08इंस्टीट्यूशन का रोल हो सकता है। इंडिया
- 5:01:10का मॉडल देखोगे तो कैसा इंडिया में
- 5:01:12ओबड्समैन के इक्वल इंस्टीटशंस हैं। पहला
- 5:01:14है लोकपाल और दूसरा है लोकायुक्त। जो
- 5:01:17लोकपाल है यह सेंट्रल लेवल पर होता है और
- 5:01:19लोकायुक्त स्टेट लेवल पर होता है। ठीक है?
- 5:01:21लोकपाल और लोकायुक्त का इंपॉर्टेंट जो काम
- 5:01:23है वो करप्शन रिलेटेड कंप्लेंट्स की
- 5:01:24इन्वेस्टिगेशन से रिलेटेड है।
- 5:01:27इसके बाद लोकपाल का ओरिजिन देखेंगे,
- 5:01:29कंपोज़िशन देखेंगे एंड पावर्स देखेंगे। तो
- 5:01:32देखो फर्स्ट जो एडमिनिस्ट्रेट रिफॉर्म
- 5:01:34कमीशन है, तो पहला एडमिनिस्ट्रेट रिफॉर्म
- 5:01:36कमीशन 1966 में इस्टैब्लिश हुआ था। इसने
- 5:01:39अपनी इंटरिम रिपोर्ट में लोकपाल और लोका
- 5:01:41जैसे इंस्टीट्यूशन रिकमेंड किए। बिल
- 5:01:43हिस्ट्री में क्या बताता है कि लोकपाल बिल
- 5:01:45पहली बार 1968 में इंट्रोड्यूस हुआ था। कई
- 5:01:48बार बिल इंट्रोड्यूस हुआ लेकिन लॉ बनने
- 5:01:50में काफी डिले हुआ। आखिरकार लोकपाल एंड
- 5:01:53लोकायुक्त एक्ट 2013 इनक्ट हुआ और 16
- 5:01:55जनवरी 2014 से इफेक्टिव हुआ। इनक्टमेंट
- 5:01:59देखेंगे तो लोकपाल एक स्टचुरी
- 5:02:00इंस्टीट्यूशन है जो 2013 के एक्ट के अंदर
- 5:02:02एस्टैब्लिश हुआ। इसलिए लोकपाल को
- 5:02:04कॉन्स्टिट्यूशनल बॉडी नहीं कहना चाहिए।
- 5:02:06क्लियर है?
- 5:02:09कंपोजशन देखेंगे [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 5:02:11तो चेयरमैन होंगे और मैक्सिमम आठ मेंबर्स
- 5:02:13होंगे। ठीक है? नॉट मोर देन आठ मेंबर्स।
- 5:02:16अब इसमें सिलेक्शन और एलिजिबिलिटी से
- 5:02:18रिलेटेड प्रोविजन है। सिलेक्शन कमेटी जो
- 5:02:20होती है वह लोकपाल के चेयर पर्सन और
- 5:02:22मेंबर्स को सेलेक्ट करती है। सिलेक्शन
- 5:02:24कमेटी में प्राइम मिनिस्टर, लोकसभा
- 5:02:25स्पीकर, लीडर ऑफ अपोजिशन इन लोकसभा, चीफ
- 5:02:28जस्टिस ऑफ इंडिया या उनके नॉमिनी सुप्रीम
- 5:02:31कोर्ट जज और एक एमिनेंट जरिस्ट शामिल होते
- 5:02:33हैं। एमिनेंट जरिस्ट जो प्रेसिडेंट
- 5:02:35सिलेक्शन कमेटी के रिकमेंडेशन पर नॉमिनेट
- 5:02:37करता है। क्लियर है? एलिजिबिलिटी को
- 5:02:39देखेंगे तो चेयर पर्सन और मेंबर्स के लिए
- 5:02:41एक्ट में प्रिस्राइब क्वालिफिकेशन और एज
- 5:02:43रिलेटेड कंडीशंस है। अब देखो मेन चीज
- 5:02:47एलिजिबिलिटी देखो चेयर पर्सन और मेंबर्स
- 5:02:48के लिए एक्ट में प्रिस्राइब क्वालिफिकेशन
- 5:02:50और एज रिलेटेड कंडीशंस है। जुरिसडिक्शन
- 5:02:53अगर हम देखें तो लोकपाल के जुरिसडिक्शन
- 5:02:55में स्पेसिफाइड पब्लिक सर्वेंट्स आते हैं।
- 5:02:57जिनमें प्राइम मिनिस्टर भी सर्टेन
- 5:02:58सेफगार्ड्स और स्टचुरी एक्सेप एक्सेप्शनंस
- 5:03:01के सब्जेक्ट में आते हैं। क्लियर है?
- 5:03:04फर्स्ट एंड करंट लोकपाल दिया। तो पहला
- 5:03:06लोकपाल ऑफ इंडिया कौन थे? जस्टिस पिनाकी
- 5:03:08चंद्र घोष और करंट चेयर पर्सन जस्टिस अजय
- 5:03:12मानकी राव क्लियर है
- 5:03:16लोकायुक्त स्टेट लेवल फैक्ट्स दिए हैं
- 5:03:18देखो पहला स्टेट टू इस्टैब्लिश तो
- 5:03:20महाराष्ट्र था इसको ध्यान रखना पहला स्टेट
- 5:03:22टू पास अ लोकायुक्त एक्ट बट डिलेड
- 5:03:24इनफोर्समेंट तो वो उड़ीसा था पास पहले कर
- 5:03:26दिया था बाद में फिर डिली हो गया था
- 5:03:27इनफोर्स नहीं हो पाया था सीक्वेंस ऑफ़
- 5:03:29इस्टैब्लिशमेंट तो पहले महाराष्ट्र था फिर
- 5:03:30बिहार है फिर यूपी है उत्तर प्रदेश लोकायत
- 5:03:331975 लोकायत रिपोर्ट सबमिट करता है गवर्नर
- 5:03:36को जो कि प्रेजेंट करता है दोनों हाउसेस
- 5:03:38के स्टेट लेजिस्लेचर में टेन्योर वाज़ 8
- 5:03:40इयर्स। ठीक है? उसके बाद फाइव इयर्स और 70
- 5:03:42व्हिच एवर इज़ अर्लियर 204 में अमेंड कर
- 5:03:45दिया गया। उत्तराखंड पहला स्टेट था जिसने
- 5:03:48पास किया लोकायुक्त बिल 1 नवंबर 2011 को
- 5:03:51राजस्थान और इसका दिया है चीफ मिनिस्टर
- 5:03:53इंक्लूजन दिया है कि स्टेट हैव ब्रॉट द
- 5:03:54सीएम विथ इन देयर लोकायुक्त एक्ट एंबेट
- 5:03:57इंक्लूड हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश,
- 5:03:58मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, उड़ीसा
- 5:04:00एंड पंजाब। इसके बाद नेशनल ह्यूमन राइट्स
- 5:04:04कमीशन देखेंगे। एनएचआरसी एनएचआरसी का
- 5:04:07एस्टैब्लिशमेंट प्रोटेक्शन ऑफ ह्यूमन
- 5:04:09राइट्स एक्ट 1993 के अंडर हुआ था। नेचर
- 5:04:12कैसा है? स्टचुरी बॉडी है। इस्टैब्लिशमेंट
- 5:04:14कब हुआ? 12 अक्टूबर 1993। पर्पस क्या है?
- 5:04:17ह्यूमन राइट्स की प्रोटेक्शन और प्रमोशन।
- 5:04:19ह्यूमन राइट्स का सिंपल मीनिंग है कि वो
- 5:04:21बेसिक राइट जो हर ह्यूमन बीइंग को
- 5:04:22डिग्निटी और फ्रीडम के साथ जीने के लिए
- 5:04:24मिलने चाहिए। क्लियर है? अपॉइंटिंग कमेटी
- 5:04:27देखेंगे। एनएचआरसी के चेयर पर्सन और
- 5:04:29मेंबर्स को प्रेसिडेंट अपॉइंट करता है
- 5:04:31प्रिस्राइब सिलेक्शन कमेटी की रिकमेंडेशन
- 5:04:33पर।
- 5:04:352019 अमेंडमेंट चेंजेस अगर देखा जाए तो
- 5:04:37प्रोटेक्शन ऑफ ह्यूमन राइट्स एक्ट 2019 के
- 5:04:39थ्रू एनएचआरसी के कंपोजिशन और एलिजिबल
- 5:04:41प्रोविजन में कुछ चेंजेस किए गए थे। ठीक
- 5:04:44है? जैसे चेयर पर्सन के लिए एलिजिबिलिटी
- 5:04:45को ब्रॉड इन किया गया। एक्सपर्ट मेंबर्स
- 5:04:47की संख्या बढ़ाई गई। वुमेन रिप्रेजेंटेशन
- 5:04:50से रिलेटेड प्रोविज़ंस ऐड किए गए। चेयर
- 5:04:52पर्सन और मेंबर्स का जो टर्म है उसको 5
- 5:04:54साल से 3 साल किया गया या एज 70 इयर्स तक
- 5:04:57जो भी अर्लियर है तो ये सारे चेंजेस हुए
- 5:05:00हैं।
- 5:05:02नेचर ऑफ़ पावर देखो एनएचआरसी का जो काम है
- 5:05:05वो मेनली रिकमेंडेशन देना है। ये
- 5:05:07गवर्नमेंट को सजेस्ट करता है कि ह्यूमन
- 5:05:09राइट्स वलेशन के केस में क्या एक्शन लेना
- 5:05:12चाहिए? अगर पुलिस किसी पर्सन को इललीगली
- 5:05:14टॉर्चर करती है तो एनएचआरसी इन्वेस्टिगेशन
- 5:05:16करके गवर्नमेंट को एक्शन लेने की
- 5:05:18रिकमेंडेशन दे सकता है। क्लियर है? इसके
- 5:05:20बाद आर्म फोर्सर्सेस कंप्लेंट तो आर्म
- 5:05:22फोर्सर्सेस के खिलाफ ह्यूमन राइट्स फॉलशन
- 5:05:24की कंप्लेंट आने पर एनएचआरसी की इंक्वायरी
- 5:05:26पावर्स लिमिटेड है। एनएचआरसी खुद
- 5:05:28डायरेक्टली नॉर्मल केसेस की तरह इंक्वायरी
- 5:05:29नहीं करता है। यह सेंट्रल गवर्नमेंट से
- 5:05:31रिपोर्ट मांग सकता है। रिपोर्ट मिलने के
- 5:05:33बाद रिकमेंडेशन दे सकता है। क्लियर है?
- 5:05:35यहां आर्म्ड फोर्सेस का मतलब है यूनियन की
- 5:05:37आर्म फोर्सेस जैसे नेवी, आर्मी एंड एयर
- 5:05:39फोर्स। एक्स ऑफिसर मेंबर्स। एक्स ऑफिस का
- 5:05:42सिंपल मीनिंग मैंने आपको बता रखा है कि
- 5:05:44किसी दूसरे ऑफिशियल पोस्ट पर होने के कारण
- 5:05:46मिलने वाली मेंबरशिप। क्लियर है?
- 5:05:49तो कुछ कमीशंस के चेयर पर्सन का मेंशन है।
- 5:05:52जैसे नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज। ठीक है?
- 5:05:54नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट, शेड्यूल
- 5:05:56ट्राइब्स, नेशनल कमीशन फॉर वुमेन, नेशनल
- 5:05:58कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेस, नेशनल कमीशन
- 5:06:00फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स, चीफ
- 5:06:02कमिश्नर फॉर पर्सन विद डिसेबिलिटी। क्लियर
- 5:06:05है? इसके बाद स्पेशल पब्लिक प्रोसीकटर है।
- 5:06:08ह्यूमन राइट्स कोर्ट में केसेस कंडक्ट
- 5:06:10करने के लिए स्टेट गवर्नमेंट एक एडवोकेट
- 5:06:11को स्पेशल पब्लिक प्रोसकटर अपॉइंट करती
- 5:06:13है। ठीक है? एडवोकेट के पास कम से कम 7
- 5:06:16साल की प्रैक्टिस होनी चाहिए।
- 5:06:19फर्स्ट एंड रीसेंट चेयर पर्सन तो पहले
- 5:06:21चेयर पर्सन जस्टिस रंगनाथ मिश्रा ध्यान
- 5:06:24रखना इसको क्लियर है और जस्टिस वी रामा
- 5:06:28सुब्रमण्यम जो है वो 30 दिसंबर 2024 से
- 5:06:31चेयर पर्सन हैं रिसेंट तो ये नेशनल था। अब
- 5:06:34हम देखेंगे स्टेट ह्यूमन राइट कमीशन। वही
- 5:06:36चीज़ है अपॉइंटमेंट क्या है? एसएआरसी के
- 5:06:38चेयर पर्सन और मेंबर्स को गवर्नर अपॉइंट
- 5:06:40करता है। लेकिन एक कमेटी की रिकमेंडेशन पर
- 5:06:42इस कमेटी में मेनली कौन-कौन होते हैं? चीफ
- 5:06:45मिनिस्टर हेड होते हैं, लेजिसलेटिव
- 5:06:46असेंबली के स्पीकर होते हैं। स्टेट होम
- 5:06:48मिनिस्टर होते हैं और लेजिसलेटिव असेंबली
- 5:06:50में लीडर ऑफ अपोजिशन होते हैं। अगर स्टेट
- 5:06:53में लेजिसलेटिव काउंसिल भी है तो उसके
- 5:06:55चेयरमैन और लीडर ऑफ अपोजिशन भी रेलेवेंट
- 5:06:57कमेटी में शामिल होते हैं। क्लियर है?
- 5:06:59एलिजिबिलिटी की अगर हम बात किया जाए तो
- 5:07:02चेयर पर्सन और मेंबर्स की जुडिशियल
- 5:07:03क्वालिफिकेशन का मेंशन है। चेयर पर्सन के
- 5:07:05लिए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस चीफ या जज से
- 5:07:08रिलेटेड प्रिस्राइब एलिजिबिलिटी है।
- 5:07:10मेंबर्स के लिए एप्लीकेबल लीगल
- 5:07:11क्वालिफिकेशन और प्रिस्राइब कंसल्टेशन
- 5:07:13रिक्वायरमेंट भी है। रिमूवल की अगर हम बात
- 5:07:16किया जाए तो एचएसआरसी के चेयर पर्सन या
- 5:07:19मेंबर को रिमूव करने की पावर प्रेसिडेंट
- 5:07:21के पास होती है। अपॉइंट गवर्नर करता है।
- 5:07:23लेकिन रिमूव की पावर प्रेसिडेंट के पास
- 5:07:25है। गवर्नर के पास नहीं है। क्लियर है?
- 5:07:27इसको ध्यान रखना। वैकेंसी इन चेयर पर्सन
- 5:07:30ऑफिस अगर चेयर पर्सन का पोस्ट वेकेंट हो
- 5:07:32जाता है या चेयर पर्सन ड्यूटी परफॉर्म
- 5:07:34नहीं कर सकता है तो गवर्नर किसी मेंबर को
- 5:07:36एक्टिंग चेयर पर्सन की रिस्पांसिबिलिटी दे
- 5:07:38सकता है। कवरेज एंड रिपोर्टिंग देखेंगे।
- 5:07:4125 स्टेट्स ने एचएसआरसी कंस्टीट्यूट हुए
- 5:07:43हैं। ठीक है? यह फिगर समय-समय के साथ चेंज
- 5:07:45होता है। एचएसआरसी अपनी एनुअल रिपोर्ट
- 5:07:47स्टेट गवर्नमेंट को देता है। स्टेट
- 5:07:49गवर्नमेंट इसे स्टेट लेजिस्लेचर के सामने
- 5:07:51एक्शन टेकन मेमोरेंडम के साथ रखवाती है।
- 5:07:54क्लियर है? फंक्शनंस देखेंगे। एचएसआरसी के
- 5:07:57इंपॉर्टेंट फंक्शन ह्यूमन राइट्स वलेशन की
- 5:07:59इंक्वायरी करना, सुओोटो एक्शन लेना यानी
- 5:08:02खुद से किसी मैटर का कॉग्निजेंस लेना,
- 5:08:04जेल्स का विजिट करके प्रिजनर्स की कंडीशन
- 5:08:06रिव्य्यू करना, ह्यूमन राइट सेफगार्ड की
- 5:08:08वर्किंग चेक करना। इसके बाद यूनियन एंड
- 5:08:11स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन को देखेंगे।
- 5:08:13ठीक है? अब देखो, इसमें आता है आर्टिकल
- 5:08:15315। यह बोलता है एस्टैब्लिशमेंट ऑफ
- 5:08:18पब्लिक सर्विस कमीशंस। यूनियन के लिए
- 5:08:20यूपीएससी और हर स्टेट के लिए स्टेट पब्लिक
- 5:08:22सर्विस कमीशन का प्रोविजन है। दो या दो से
- 5:08:24ज्यादा स्टेट्स के लिए जॉइंट स्टेट पब्लिक
- 5:08:26सर्विस भी बनाया जा सकता है। ये आर्टिकल
- 5:08:28315 बोलता है। 316 क्या बोलता है?
- 5:08:31अपॉइंटमेंट ऑफ़ टेन्योर की बात करता है।
- 5:08:33यूपीएससी और जॉइंट जो पीसीएस के चेयरमैन
- 5:08:36या मेंबर्स को प्रेसिडेंट अपॉइंट करता है।
- 5:08:38स्टेट पीसीएस के चेयरमैन या मेंबर्स को
- 5:08:39गवर्नर अपॉइंट करता है। टेन्योर जनरली 6
- 5:08:42साल एज लिमिट तक होता है जो पहले आ जाए।
- 5:08:46यूपीएससी के लिए 65 और स्टेट पीसीएस के
- 5:08:48लिए 62। क्लियर है? 317 में अगर आप देखोगे
- 5:08:51तो रिमूवल और सस्पेंशन की बात किया है।
- 5:08:53पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन या मेंबर
- 5:08:55को रिमूव करने की पावर प्रेसिडेंट के पास
- 5:08:56होती है। ध्यान रखना रिमूव प्रेसिडेंट कर
- 5:08:58सकता है। प्रूव्ड मिस बिहेवियर के केस में
- 5:09:00सुप्रीम कोर्ट इंक्वायरी का प्रिस्राइब्ड
- 5:09:02प्रोसेस फॉलो करता है। 318 में कंडीशन ऑफ
- 5:09:05सर्विस है। प्रेसिडेंट या गवर्नर
- 5:09:07एप्लीकेबल कमीशन के अकॉर्डिंग मेंबर्स और
- 5:09:09स्टाफ की सर्विस कंडीशंस और स्टाफ
- 5:09:11स्ट्रक्चर के बारे में रेगुलेशन बना सकता
- 5:09:13है। 320वें फंक्शन के बारे में पब्लिक
- 5:09:16सर्विस कमीशन रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन
- 5:09:18कंडक्ट करते हैं और रिक्रूटमेंट मेथड्स
- 5:09:20अपॉइंटमेंट्स और प्रमोशन जैसे मैटर्स पर
- 5:09:23कॉन्स्टिट्यूशन के अकॉर्डिंग एडवाइस देते
- 5:09:25हैं। आर्टिकल 321 एक्सटेंशन ऑफ फंक्शनंस
- 5:09:27पार्लियामेंट या स्टेट लेजिस्लेचर लॉ के
- 5:09:29थ्रू कमीशन के फंक्शनंस को एक्सटेंड कर
- 5:09:32सकती है। 322 में एक्सपेंसेस दिया है।
- 5:09:34कमीशन के एक्सपेंसेस रिस्पेक्टिव
- 5:09:36कंसोलेटेड फंड पर चार्ज होते हैं। 323 में
- 5:09:39देखोगे तो एनुअल रिपोर्ट है। यूपीएससी
- 5:09:40अपनी रिपोर्ट प्रेसिडेंट को देता है और
- 5:09:42स्टेट पीसीएस अपनी रिपोर्ट गवर्नर को देता
- 5:09:44है। क्लियर है?
- 5:09:47क्या-क्या सोर्सर्सेस हैं यूपीएससी के
- 5:09:48फंक्शन के? तो ये चार हैं। एक बार शायद
- 5:09:50यूपीएससी में पूछा भी था ये
- 5:09:51कॉन्स्टिट्यूशन, पार्लियामेंट्री लॉ,
- 5:09:53एग्जीक्यूटिव रूल्स एंड एस्टैब्लिश
- 5:09:55कन्वेंशंस। क्लियर है? हिस्ट्री एंड
- 5:09:57फर्स्ट क्या है? पहला पब्लिक सर्विस कमीशन
- 5:09:591 अक्टूबर 1926 में हुआ था। अंडर अ
- 5:10:01गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 199। रिनेम्ड कर
- 5:10:04दिया गया था फेडरल पब्लिक सर्विस कमीशन
- 5:10:05अंडर द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935।
- 5:10:07पहली वुमेन चेयरमैन यूपीएससी की रोज
- 5:10:09मीरियम बेथवे थी। ठीक है? मध्य प्रदेश
- 5:10:11पीसीएस ने कंस्टीट्यूट किया था अंडर
- 5:10:13सेक्शन 118 ग्लॉसरी ऑफ़ द स्टेट रेशन एक्ट
- 5:10:161956 विद अ मैक्सिमम ऑफ़ फाइव मेंबर्स।
- 5:10:19क्लियर है? इंपॉर्टेंट कमीशन एंड कमिटीज़
- 5:10:21देखेंगे तो मंडल कमीशन सोशली एंड
- 5:10:24एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस की
- 5:10:25आइडेंटिफिकेशन और रिजर्वेशन से रिलेटेड
- 5:10:27रिकमेंडेशन दिया था।
- 5:10:29वोरा कमेटी 1993 पॉलिटिक्स क्रिमिनल्स और
- 5:10:32ब्यूरोक्रेट्स के नेक्सेस की स्टडी
- 5:10:33राजमन्नार कमिटी सेंट्रल स्टेट रिलेशंस के
- 5:10:36रिव्यु तमिलनाडु गवर्नमेंट से एसोसिएटेड
- 5:10:37था। स्वर्ण सिंह कमिटी 1976 फंडामेंटल
- 5:10:40ड्यूटीज को कॉन्स्टिट्यूशन में इंक्लूड
- 5:10:42करने से रिलेटेड रिकमेंडेशन था। सनातन
- 5:10:44कमिटी 1962 64 करप्शन प्रिवेंशन इसकी
- 5:10:48रिकमेंडेशन से सेंट्रल विजिलेंस कमीशन
- 5:10:50एस्टैब्लिश हुआ था। फर्स्ट लॉ कमीशन ऑफ
- 5:10:52इंडिपेंडेंट इंडिया चेयरमैन एमसी सेता थे।
- 5:10:56लीगल रिफॉर्म्स पर रिकमेंडेशन। इसके बाद
- 5:10:58नेशनल कमीशन टू रिव्यू द वर्किंग ऑफ द
- 5:11:00कॉन्स्टिट्यूशन।
- 5:11:02कॉन्स्टिट्यूशन के वर्किंग को रिव्यू
- 5:11:04करना। चेयरमैन जस्टिस एमएन वेंटा चलिए आप
- 5:11:07इसके बाद सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड
- 5:11:09पोल्यूशन कंट्रोल और एनवायरमेंट
- 5:11:11प्रोटेक्शन से रिलेटेड काम करना।
- 5:11:16इसके बाद नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज़। इस
- 5:11:18कमीशन का काम रिलीजियस माइनॉरिटीज के
- 5:11:20राइट्स और इंटरेस्ट को प्रोटेक्ट करने से
- 5:11:22रिलेटेड मैटर्स देखना है। इंडिया में छह
- 5:11:24नोटिफाइड रिलीजियस माइनॉरिटी कम्युनिटी
- 5:11:26हैं। आपकी मुस्लिम्स, क्रिश्चियंस, सिख्स,
- 5:11:28बुद्धिस्ट, पारसीज एंड जैन। क्लियर है?
- 5:11:31नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज़ को नेशनल
- 5:11:33कमीशन फॉर मॉनिटरिज्म एक्ट 1992 के थ्रू
- 5:11:36स्टैचुरी स्टेटस मिला। स्टचुरी बॉडी का
- 5:11:37मतलब है ऐसी बॉडी जो पार्लियामेंट के बनाए
- 5:11:39लॉ के थ्रू एस्टैब्लिश होती है। स्पेशल
- 5:11:42ऑफिसर फॉर लिंग्विस्टिक माइनॉरिटी। यह
- 5:11:43आर्टिकल 350 बी में है। ठीक है? इसका मेन
- 5:11:46पर्पस लिंग्विस्टिक माइनॉरिटी के लिए
- 5:11:47कॉन्स्टिट्यूशनल सेफगार्ड्स को
- 5:11:49इन्वेस्टिगेट करना और प्रेसिडेंट को
- 5:11:51रिपोर्ट देना है। अगर किसी लिंग्विस्टिक
- 5:11:54माइनॉरिटी को लैंग्वेज रिलेटेड
- 5:11:55कॉन्स्टिट्यूशनल सेफगार्ड का बेनिफिट नहीं
- 5:11:57मिल रहा है तो ये ऑफिसर उस मैटर को एग्जाम
- 5:11:59करता है। ठीक है? तो याद रखना आर्टिकल 350
- 5:12:01ए है। ठीक है? 350 ए क्या बोलता है?
- 5:12:04लिंग्विस्टिक माइनॉरिटी के चिल्ड्रन को
- 5:12:06प्राइमरी स्टेज पर मदर टंग में एजुकेशन की
- 5:12:08फैसिलिटी देता है। और 350 बी स्पेशल ऑफिसर
- 5:12:11फॉर लिंग्विस्टिक माइनॉरिटी की बात करता
- 5:12:12है। तो 350 बी में है वो। ठीक है? नेशनल
- 5:12:15कमीशन फॉर वुमेन इसका काम वुमेन के
- 5:12:17कॉन्स्टिट्यूशनल और लीगल सेफगार्ड को
- 5:12:19रिव्यू करना और वुमेन से रिलेटेड इशूज़ पर
- 5:12:21रिकमेंडेशन देना है। नेशनल कमीशन फॉर
- 5:12:23वुमेन एक्ट 1990 कमीशन 1992 में ऑपरेशनल
- 5:12:26हुआ।
- 5:12:27इसके बाद नेशनल कमीशन फॉर एससी एसटी देखो
- 5:12:31[गला साफ़ करने की आवाज़] शेड्यूल कास्ट
- 5:12:32और शेड्यूल ट्राइब्स के अगेंस्ट
- 5:12:33डिस्क्रिमेशन, एक्सप्लॉयटेशन और एट्रोसिटी
- 5:12:35से रिलेटेड कंसर्न देखता है। ठीक है?
- 5:12:37नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल कास्ट और नेशनल
- 5:12:39कमीशन फॉर शेड्यूल ट्राइब की प्रेजेंट
- 5:12:41कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस अलग-अलग है।
- 5:12:43आर्टिकल 338 में नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल
- 5:12:45कास्ट आता है। 338 ए में नेशनल कमीशन फॉर
- 5:12:48शेड्यूल ट्राइब्स आता है। एंड 338 बी में
- 5:12:51नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेस आता है।
- 5:12:53क्लियर है? अब पीसी होता कमिटी ने क्या
- 5:12:56बोला है? यह सिविल सर्विस रिफॉर्म से
- 5:12:57रिलेटेड थी। इसका फोकस सिविल सर्विस की
- 5:12:59एफिशिएंसी, अकाउंटेबिलिटी और
- 5:13:01एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म पर था।
- 5:13:05कुछ इंपॉर्टेंट बॉडी देखेंगे। नेशनल
- 5:13:07डेवलपमेंट काउंसिल 1952, सेंट्रल विजिलेंस
- 5:13:11कमीशन 1964, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ
- 5:13:13इन्वेस्टिगेशन 1964
- 5:13:16ठीक है? सॉरी 19 आपका सीबीआई का कब? 1963,
- 5:13:20इनफोर्समेंट डायरेक्टरेट 1956, प्रिवेंशन
- 5:13:23ऑफ करप्शन एक्ट 1988, नेशनल ह्यूमन राइट्स
- 5:13:26कमीशन 1993, इंटरस्ट काउंसिल 1990। ये सब
- 5:13:30ध्यान रखना डेट। ठीक है? आर्टिकल 310 क्या
- 5:13:34बोलता है? डॉक्ट्राइन ऑफ प्लेजर की बात
- 5:13:35करता है। देखो इसको मैं समझाता हूं। इसका
- 5:13:38मीनिंग है कि यूनियन और स्टेट के सिविल
- 5:13:40सर्वेंट्स
- 5:13:41जनरली प्रेसिडेंट या गवर्नर के प्लेजर के
- 5:13:43दौरान ऑफिस होल्ड करते हैं। सब्जेक्ट टू
- 5:13:45कॉन्स्टिट्यूशनल सेफगार्ड और एक्सेप्शनंस।
- 5:13:47इसका मतलब यह नहीं है कि गवर्नमेंट किसी
- 5:13:48भी सिविल सर्वेंट को बिना रूल्स फॉलो किए
- 5:13:50कभी भी डिसमिस कर सकती है। आर्टिकल 311
- 5:13:53सिविल सर्वेंट्स को डिसमिसल, रिमूवल और
- 5:13:55रिडक्शन इन रैंक के मैटर्स में इंपॉर्टेंट
- 5:13:57सेफगार्ड देता है। सिविल सर्विस डे कब
- 5:13:59होता है? है तो सिविल सर्विस डे ध्यान
- 5:14:00रखना 21 अप्रैल को होता है। पहले कब
- 5:14:02ऑब्जर्व किया गया था? 2006 में किया था।
- 5:14:04यह सिविल सर्वेंट्स के कंट्रीब्यूशन को
- 5:14:06रिकॉग्नाइज़ करने के लिए ऑब्जर्व होता है।
- 5:14:08इसके बाद यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ ह्यूमन
- 5:14:10राइट्स यूडीएचआर देखो यूनाइटेड नेशन जनरल
- 5:14:14असेंबली ने इसे 10 दिसंबर 1948 को अडॉप्ट
- 5:14:17किया। इसमें 30 आर्टिकल्स हैं। ठीक है? 3
- 5:14:19से 21 जो है सिविल एंड पॉलिटिकल राइट्स
- 5:14:21हैं। 22 से 27 जो है इकोनॉमिक सोशल एंड
- 5:14:23कल्चरल राइट्स हैं। जैसे राइट टू लाइफ,
- 5:14:25फ्रीडम ऑफ एप्रोशन, राइट टू वर्क, राइट टू
- 5:14:26एजुकेशन ये सारे सब हैं। ठीक है? अब इसके
- 5:14:30बाद देखो यह वही बताया है इंडियन
- 5:14:33कॉन्स्टिट्यूशन रिफ्लेक्ट्स यूडीआर
- 5:14:35प्रिंसिपल जैसे प्रएमबल फंडामेंटल राइट्स
- 5:14:37में राइट टू लाइफ है वही चीज है आर्टिकल
- 5:14:394500 ईपीएसपी में राइट टू एजुकेशन है और
- 5:14:41फंडामेंटल ड्यूटीज में ड्यूटीज टू द
- 5:14:43कम्युनिटी है राइट टू द सिटी इज़ नॉट अ येट
- 5:14:45अ फॉर्मली एग्रीड यूएन राइट ध्यान रखना
- 5:14:47हां ये तो पता ही चल जाएगा आपको
- 5:14:51अब देखो इसके बाद टेंपरेरी ट्रांजिशन एंड
- 5:14:53स्पेशल प्रोविज़ंस देखेंगे आर्टिकल 370
- 5:14:55बहुत इंपॉर्टेंट है भाई जम्मू एंड कश्मीर
- 5:14:58के बारे में आर्टिकल 370 हिस्टोरिकली
- 5:15:00जम्मू एंड कश्मीर को स्पेशल
- 5:15:01कॉन्स्टिट्यूशन अरेंजमेंट प्रोवाइड्स करता
- 5:15:03है। ठीक है? पहले जम्मू एंड कश्मीर के लिए
- 5:15:05स्पेशल कॉन्स्टिट्यूशन अरेंजमेंट थे।
- 5:15:06जम्मू एंड कश्मीर का अपना कॉन्स्टिट्यूशन
- 5:15:09भी था। लेकिन 5 से 6 अगस्त 2019 के
- 5:15:11कॉन्स्टिट्यूशनल एक्शंस के बाद आर्टिकल
- 5:15:13370 के पुराने स्पेशल अरेंजमेंट्स
- 5:15:15इफेक्टिवली इनऑपरेट हो गए। ठीक है? दूसरा
- 5:15:18आपका आता है जम्मू एंड कश्मीर
- 5:15:19रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट 2019।
- 5:15:22इसमें क्या था? इसमें कुछ नहीं था। जम्मू
- 5:15:24एंड कश्मीर को दो यूनियन टेरिटरीज में
- 5:15:26ऑर्गेनाइज किया गया। जम्मू एंड कश्मीर
- 5:15:28लेजिसलेटिव असेंबली के साथ एंड लद्दाख
- 5:15:30बिना लेिसिव असेंबली के। क्लियर है?
- 5:15:32रीऑर्गेनाइजेशन 30 अक्टूबर 2019 से
- 5:15:34इफेक्टिव हुआ। इसको ध्यान रखना। ठीक है?
- 5:15:39अब अगर क्रोनोलॉजी मैं आपको बता देता हूं।
- 5:15:41सब मिक्स अप है तो मैं अलग से समझाता हूं।
- 5:15:43और 26 अक्टूबर 1947 को महाराजा हर सिंह ने
- 5:15:46इंस्ट्रूमेंट ऑफ़ एक्सेशन साइन किया। 1956
- 5:15:49में जम्मू एंड कश्मीर अडॉप हुआ। 1957 में
- 5:15:51जम्मू एंड कश्मीर कॉन्स्टिट्यूशन इफेक्टिव
- 5:15:53हुआ। और 2019 में आर्टिकल 370 से रिलेटेड
- 5:15:56मेजर कॉन्स्टिट्यूशनल चेंजेस हुए हैं। और
- 5:15:572019 में दो यूनियन टेरिटरीज आपकी फॉर्म
- 5:16:00हुई हैं। ठीक है? ये क्रोनोलॉजी समझ गए?
- 5:16:03अब देखो आर्टिकल 371 सीरीज स्पेशल
- 5:16:06प्रोविज़न फॉर स्टेट्स। अब इसमें क्या है?
- 5:16:08371 में महाराष्ट्र गुजरात है। 371 ए में
- 5:16:11नागालैंड है। बी में आसाम है। ठीक है?
- 5:16:13मणिपुर है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना है।
- 5:16:15फिर ई में है आपका आंध्र प्रदेश। फिर एफ
- 5:16:19में सिक्किम है। ठीक है?
- 5:16:22जी में क्या है आपका? आपका मिजोरम है। एच
- 5:16:23में अरुणाचल प्रदेश है। आई में गोवा है
- 5:16:25एंड जे में आपका कर्नाटका है। ठीक है?
- 5:16:28स्पेशल कैटेगरी स्टेटस की बात करेंगे।
- 5:16:30देखो स्पेशल कैटेगरी स्टेटस हिस्टोरिकली
- 5:16:32कुछ स्टेट्स को डेवलपमेंट रिलेटेड
- 5:16:34असिस्टेंस और स्पेशल ट्रीटमेंट देने के
- 5:16:36लिए यूज़ किया जाता है। ठीक है? इंपॉर्टेंट
- 5:16:38पॉइंट्स देखो ये कॉन्स्टिट्यूशन में
- 5:16:40एक्सप्रेसिवली प्रोवाइडेड कैटेगरी नहीं
- 5:16:42था। हिस्टोरिकली जम्मू एंड कश्मीर, आसाम
- 5:16:44और नागालैंड को 1969 में स्पेशल कैटेगरी
- 5:16:47स्टेटस मिलता है। इस स्टेटस से रिलेटेड
- 5:16:49असिस्टेंस और फंडिंग अरेंजमेंट टाइम के
- 5:16:51साथ चेंज हुए हैं। क्लियर है?
- 5:16:54इसकी बात कर रहा है।
- 5:16:57अब देखो पहला स्टेट जिसने ग्रांट किया
- 5:17:00आपका स्पेशल कैटेगरी स्टेट है जम्मू एंड
- 5:17:02कश्मीर, आसाम, नागालैंड। क्लियर है? 11
- 5:17:04स्टेट्स हैव बीन अकॉर्डेड एससीएस इन टोटल।
- 5:17:06कौन? आसाम, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश,
- 5:17:07मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, त्रिपुरा
- 5:17:09अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, उत्तराखंड एंड
- 5:17:11तेलंगाना। तेलंगाना वाज़ नॉट ऑटोमेटिकली
- 5:17:13ग्रांटेड स्टेटस बेयरली बिकॉज़ इट वाज़
- 5:17:15कार्ड आउट ऑफ़ आंध्र प्रदेश। हिस्टोरिकली
- 5:17:17आपका स्पेशल कैटेगरी स्टेटस शुड बी
- 5:17:20डिस्टिंग्विश फ्रॉम पोस्ट 14 फाइनेंस
- 5:17:22कमीशन फिसिकल एजेंट फॉर सच स्टेट। बिहार
- 5:17:24हैज़ नेवर बीन ग्रांटेड स्पेशल कैटेगरी
- 5:17:26स्टेटस। बात करता है लेकिन इसको नहीं दिया
- 5:17:28गया है। 14 फाइनेंस कमीशन ने डिस्कंटिन्यू
- 5:17:30कर दिया स्पेशल कैटेगरी स्टेटस। को यह भी
- 5:17:31ध्यान रखना। ठीक है? इसके बाद आ जाएंगे हम
- 5:17:34चैप्टर 36 इलेक्शन कमीशन। आर्टिकल 324 से
- 5:17:37329 तक है। इंपॉर्टेंट है। पार्ट 15 में
- 5:17:39है। ठीक है? इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन में
- 5:17:41इलेक्शन से रिलेटेड प्रोविजन जो है वो
- 5:17:42पार्ट 15 में दिए गए हैं। आर्टिकल 324
- 5:17:45क्या बोलता है? इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया
- 5:17:47को इलेक्शन सुपरवाइज डायरेक्ट और कंट्रोल
- 5:17:49करने की पावर देता है। आर्टिकल 325 क्या
- 5:17:52बोलता है? 325 आपका जो है रिलीजन रेस,
- 5:17:55कास्ट या सेक्स के बेसिस पर किसी को
- 5:17:56इलेक्टोरल रोल से एक्सक्लूड नहीं किया जा
- 5:17:59सकता। इसकी बात करता है। आर्टिकल 326 क्या
- 5:18:01बोलता है? कि लोकसभा और स्टेट लेजिसलेटिव
- 5:18:04असेंबली के इलेक्शंस एडल्ट सफरेज के बेसिस
- 5:18:06पर होएंगे। ठीक है? 327 क्या बोलता है?
- 5:18:09पार्लियामेंट इलेक्शंस के लिए लॉ बना सकती
- 5:18:11है। 328 क्या बोलता है? स्टेट लेजिस्लेचर
- 5:18:14अपने स्टेट के इलेक्शंस के लिए लॉ बना
- 5:18:16सकती है। सब्जेक्ट टू पार्लियामेंट्री
- 5:18:17लॉज़। 329 क्या बोलता है? इलेक्शन से
- 5:18:19रिलेटेड सर्टेन मैटर्स में कोर्ट के
- 5:18:21इंटरफेरेंस पर रेस्ट्रिक्शन है। इसकी बात
- 5:18:23करता है।
- 5:18:25यह एक परमानेंट कॉन्स्टिट्यूशनल बॉडी है
- 5:18:27जो कि इस्टैब्लिश हुई थी 25 जनवरी 1950
- 5:18:29को। परमानेंट एंड इंडिपेंडेंट इलेक्शन
- 5:18:32कमीशन कंपोजशन देखेंगे तो देखो इलेक्शन
- 5:18:34कमीशन में कौन होता है? चीफ इलेक्शन
- 5:18:36कमिश्नर होगा और अदर इलेक्शन कमिश्नर
- 5:18:38होंगे अगर अपॉइंट किए जाए। प्रेसिडेंट
- 5:18:40अपॉइंट करता है सब्जेक्ट टू जो भी रहता है
- 5:18:42कॉन्स्टिट्यूशनल सेफ गार्ड वगैरह। ठीक है?
- 5:18:45अगर हम बात करें टेन्योर रिमूवल इन सब
- 5:18:47चीजों की तो देखो चीफ इलेक्शन कमीशन और
- 5:18:50इलेक्शन कमिश्नर का टेन्योर जनरली छ इयर्स
- 5:18:52या 65 ईयर होता है। मतलब जो भी जल्दी आ
- 5:18:54गया। ठीक है? अब देखो चीफ इलेक्शन कमिश्नर
- 5:18:57को सुप्रीम कोर्ट जज की तरह रिमूवल
- 5:18:59प्रोटेक्शन मिलती है। अदर इलेक्शन कमिश्नर
- 5:19:02को चीफ इलेक्शन कमिश्नर की रिकमेंडेशन के
- 5:19:04बिना रिमूव नहीं किया जा सकता। क्लियर है
- 5:19:06बात को?
- 5:19:08इक्वल पावर्स हैं। चीफ इलेक्शन कमीशन और
- 5:19:10जो अदर इलेक्शन कमीशन होंगे उन सबकी पावर
- 5:19:12इक्वल होगी। ठीक है? सैलरी भी इक्वल ही
- 5:19:15होगी। इसके बाद फंक्शनंस अगर बात किया जाए
- 5:19:18तो इलेक्शन कमीशन का काम इलेक्शन को
- 5:19:20प्रॉपर्ली कंडक्ट कराना है। यही तो काम है
- 5:19:22भाई आपके इलेक्शन कमिश्नर का। ठीक है? कि
- 5:19:24प्रॉपर्ली इलेक्शन को कंडक्ट कराना। ठीक
- 5:19:26है? लोकसभा और राज्यसभा इलेक्शन, स्टेट
- 5:19:28लेजिसलेटिव असेंबली और लेजिसलेटिव काउंसिल
- 5:19:30के इलेक्शन, प्रेसिडेंट और वाइस
- 5:19:32प्रेसिडेंट के इलेक्शन, पॉलिटिकल पार्टीज
- 5:19:34की रिकॉग्निशन और इलेक्शन सिंबल से
- 5:19:35रिलेटेड फंक्शनंस, मॉडल कंड ऑफ़ ये जो मॉडल
- 5:19:38कोड ऑफ कंडक्ट होता है उसको इनफोर्स करना
- 5:19:40ये सब काम होता है। ठीक है? तो इसको पढ़
- 5:19:42लेना बेसिक चीजें हैं। इसके बाद एडल्ट
- 5:19:44सफरेज एंड द राइट टू वोट। आर्टिकल 326 जो
- 5:19:47है आपका वो वोटिंग
- 5:19:48[गला साफ़ करने की आवाज़] एज 21 से
- 5:19:49रिड्यूस करके 18 इयर्स की गई है। बाय द 64
- 5:19:52कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट एक्ट 1988।
- 5:19:54वोटिंग राइट स्टचुरी फ्रेमवर्क से गवर्न
- 5:19:56है। इसे अनरिस्ट्रिक्टेड फंडामेंटल राइट
- 5:19:58नहीं माना जाता। एलिजिबल वोटर्स इलेक्टोरल
- 5:20:01रोल में रजिस्टर्ड होने चाहिए। क्लियर है
- 5:20:03बात? यही बात इसमें बता रहा है बेसिकली।
- 5:20:09इसके बाद हम देखेंगे डीलिमिटेशन कमीशन।
- 5:20:11देखो डीलिमिटेशन कमीशन का काम क्या है?
- 5:20:14कमीशन लोकसभा और स्टेट असेंबली
- 5:20:16कॉन्स्टिट्यूएंसीज की बाउंड्री को रिड्रॉ
- 5:20:18करता है। डीलिमिटेशन का मतलब है इलेक्शन
- 5:20:20के लिए कॉन्स्टिट्यूएंसी की बाउंड्री को
- 5:20:22दोबारा डिसाइड करना। ठीक है? इसका एक
- 5:20:24इंपॉर्टेंट प्रिंसिपल है वन वोट वन
- 5:20:26वैल्यू। इसको ध्यान रखना। मतलब हर वोट की
- 5:20:29वैल्यू अप्रोक्समेटली इक्वल होनी चाहिए।
- 5:20:31कमीशन एससी और एसटी के लिए रिजर्व सीट्स
- 5:20:33की संख्या और लोकेशन भी डिटरमाइन करता है।
- 5:20:35तो डीलिमिटेशन कमीशन एक स्टचुरी बॉडी है
- 5:20:38जिसे पार्लियामेंट के लॉ के अंडर
- 5:20:39एस्टैब्लिश किया गया है। कॉन्स्टिट्यूटेड
- 5:20:42देखोगे तो कमीशन कब-कब बना? तो 1952 में
- 5:20:44पहला डीलिमिटेशन कमीशन बना। 1963 में
- 5:20:47दूसरा बना। 1973 में तीसरा बना और 2002
- 5:20:51में चौथा कमीशन बनता है। क्लियर है?
- 5:20:542002 के कमीशन के चेयरमैन जस्टिस आपके
- 5:20:57जस्टिस कुलदीप सिंह थे। एक और कमीशन मार्च
- 5:21:002020 में इस्टैब्लिश किया गया था जिसके
- 5:21:01चेयरमैन जस्टिस
- 5:21:04रंजना प्रकाश देसाई थे। इनका काम जम्मू
- 5:21:07कश्मीर और नॉर्थ ईस्टर्न स्टेट्स के कुछ
- 5:21:09डीलिमिटेशन मैटर से रिलेटेड था। इसके बाद
- 5:21:12डिफर नॉर्थ इंडिया स्टेट्स के बारे में
- 5:21:14बात करेंगे तो नॉर्थ इंडिया के स्टेट्स
- 5:21:16जैसे आसाम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और
- 5:21:18मणिपुर में डीलिमिटेशन को सिक्योरिटी
- 5:21:20रिलेटेड कंसर्न्स के कारण पोस्टपोन भी
- 5:21:22किया गया था। बाद में 2020 में रेलेवेंट
- 5:21:24प्रेसिडेंशियल ऑर्डर्स रिवोक किए गए। जब
- 5:21:27मेनली यही होता है कि जब सिक्योरिटी
- 5:21:29कंडीशंस की वजह से डीलिमिटेशन कराना
- 5:21:31डिफिकल्ट हो तो प्रोसेस पोस्टपोन किया जा
- 5:21:33सकता है। लीगल स्टेटस ऑफ़ ऑर्डर देखेंगे तो
- 5:21:35डीलिमिटेशन कमीशन के ऑर्डर्स को कोर्ट में
- 5:21:37चैलेंज नहीं किया जा सकता और पार्लियामेंट
- 5:21:39या स्टेट असेंबली भी उन्हें मॉडिफिकेशन
- 5:21:41नहीं कर सकती है। इसका कॉन्स्टिट्यूशनल
- 5:21:43बेसिस आर्टिकल 329 ए में है। क्लियर है?
- 5:21:46करंट रिजर्वेशन की बात करेंगे तो 543
- 5:21:50लोकसभा सीट्स में 84 सीट्स शेड्यूल कास्ट
- 5:21:52के लिए रिजर्व हैं और 47 सीट्स शेड्यूल
- 5:21:55ट्राइब्स के लिए रिजर्व हैं। क्लियर है?
- 5:21:59अब हम की एक्टोरल रिफॉर्म्स के बारे में
- 5:22:01बात करेंगे। ईवीएम है जो आपका
- 5:22:02इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन देखो पहला
- 5:22:04एक्सपेरिमेंटल यूज़ अगर आप देखोगे तो इसका
- 5:22:0719 मई 1982 82 में किया गया था। ठीक है?
- 5:22:10पारूर असेंबली कॉन्स्टिट्यूएंसी मतलब जो
- 5:22:12केरला में है वहां पे हुआ था। सुप्रीम
- 5:22:13कोर्ट के एसी जोश वर्सेस सिवाई पिलाई केस
- 5:22:16में ईवीएम के यूज के लिए लीगल बैकिंग का
- 5:22:18इशू आया था। ईवीएम एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन
- 5:22:20है जिसके थ्रू वोटर अपना वोट कास्ट करता
- 5:22:22है। क्लियर है? एपिक इलेक्टोरल फोटो
- 5:22:25आइडेंटिटी कार्ड। देखो इलेक्शन कमीशन ने
- 5:22:281993 में एपिक स्कीम स्टार्ट की। एपिक का
- 5:22:31फुल फॉर्म है इलेक्टर्स फोटो आइडेंटिटी
- 5:22:33कार्ड। क्लियर है? इसके बाद आता है
- 5:22:35वीवीपैड।
- 5:22:37वोटर वेरिफेयबल पेपर ऑडिट ट्रायल। वीवीपैड
- 5:22:40का यूज़ जो है 2013 को नागालैंड के नोकसेन
- 5:22:42असेंबली बाय इलेक्शन में हुआ।
- 5:22:47नोटा के बारे में बात करें तो सुप्रीम
- 5:22:49कोर्ट 27 सितंबर 2013 के डायरेक्शंस के
- 5:22:52बाद ईवीएम में नोटा ऑप्शन इंट्रोड्यूस
- 5:22:54हुआ। अगर किसी मतलब वोटर है तो किसी भी
- 5:22:57कैंडिडेट को पसंद नहीं करता है तो वो नोटा
- 5:22:58चूज़ कर सकता है। क्लियर है? इसके बाद
- 5:23:01इंपॉर्टेंट इलेक्शन रिलेटेड कमिटीज़ और
- 5:23:02बॉडीज़ देखेंगे। दिनेश गोस्वामी कमेटी। यह
- 5:23:05कमेटी 1990 में इलेक्टोरल रिफ़ॉर्म से
- 5:23:07रिलेटेड थी। इसने इलेक्शन रिफॉर्म्स,
- 5:23:09इलेक्शन एक्सपेंडिचर और पॉलिटिकल फंडिंग
- 5:23:11जैसे मैटर्स पर रिकमेंडेशन भी थी। इसके
- 5:23:13बाद आरपीए अमेंडमेंट एक्ट 1996 आरपीए का
- 5:23:16फुल फॉर्म है रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल्स
- 5:23:17एक्ट। ठीक है? इस अमेंडमेंट के अंडर
- 5:23:19इलेक्शन रिलेटेड प्रोविज़ंस और इलेक्टोरल
- 5:23:21ऑफेंसेस के कॉन्सिक्वेंसेस का मेंशन है।
- 5:23:25इसके बाद आपका हाई लेवल कमेटी आती है ऑन
- 5:23:27साइमलटेनियस इलेक्शन। देखो
- 5:23:29[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 5:23:302 सितंबर 2030 को कॉन्स्टिट्यूटेड कमेटी
- 5:23:33का मेंशन है जिसके चेयरमैन फॉर्मर
- 5:23:35प्रेसिडेंट रामनाथ कोविंद थे। इसका
- 5:23:37सब्जेक्ट था साइमलटेनियस इलेक्शन यानी
- 5:23:38लोकसभा और स्टेट असेंबली इलेक्शन को एक
- 5:23:41साथ कंडक्ट करने की पॉसिबिलिटी। कमेटी ने
- 5:23:43मार्च 204 में अपनी रिपोर्ट सबमिट करी।
- 5:23:46कुछ एडिशनल फैक्ट देखेंगे। पहले चीफ
- 5:23:48इलेक्शन कमिश्नर कौन थे? तो पहले चीफ
- 5:23:50इलेक्शन कमिश्नर आपके सुकुमार सेन थे।
- 5:23:53उनका जो टेन्योर है वो बेसिकली 21 मार्च
- 5:23:561950 से लेके 1958 तक था। पहली वुमेन चीफ
- 5:23:59इलेक्शन कमिश्नर कौन दी थी? वी एस रामा
- 5:24:02देवी थी। इनका भी नाम ध्यान रखना। ठीक है?
- 5:24:05यह पहली वुमेन चीफ इलेक्शन कमिश्नर थी।
- 5:24:07इनका टेन्योर 1990 में था। सिक्योरिटी
- 5:24:09डिपॉजिट फॉरफचर की बात करता है कि अगर
- 5:24:12कैंडिडेट को रिक्वायर्ड मिनिमम वैलिड
- 5:24:13वोट्स नहीं मिलते हैं तो उसकी इलेक्शन
- 5:24:15सिक्योरिटी डिपॉजिट हो सकती है। ठीक है?
- 5:24:17डिपॉजिट फॉरफिट कहते हैं वो हो सकता है।
- 5:24:20इसके बाद आपका एग्जिट पोल आता है। एग्जिट
- 5:24:22पोल और ओपिनियन पोल में क्या डिफरेंस होता
- 5:24:24है? एग्जिट पोल वोटर्स के वोट देने के बाद
- 5:24:27उनसे पूछकर एस्टीमेट बनाया जाता है। उसको
- 5:24:29हम एग्जिट पोल बोलते हैं। बताते हैं कि
- 5:24:31लोगों ने एलिडली क्या वोट दिया है?
- 5:24:33ओपिनियन पोल क्या होता वोटिंग से पहले
- 5:24:35वोटर्स की प्रेफरेंस पूछी जाती है। यह
- 5:24:37बताता है कि लोगों का वोटिंग इंटेंशन क्या
- 5:24:39है? तो यह होता है ओपिनियन पोल एंड एग्जिट
- 5:24:41पोल। क्लियर है? इसके बाद प्रोपोर्शनल
- 5:24:43रिप्रेजेंटेशन की बात करें तो इस सिस्टम
- 5:24:45का ऐ डिफरेंट ग्रुप्स को उनके वोट शेयर के
- 5:24:47अकॉर्डिंग रिप्रेजेंटेशन देना है। इंडिया
- 5:24:49में लोकसभा इलेक्शन मेनली फर्स्ट पास द
- 5:24:51पोस्ट सिस्टम से होता है। क्लियर है?
- 5:24:56इसके बाद चैप्टर 37 पॉलिटिकल पार्टी की
- 5:24:58बात करता है। पॉलिटिकल पार्टी सिस्टम क्या
- 5:25:00होता है? देखो
- 5:25:02पॉलिटिकल पार्टीज लोगों के सपोर्ट से
- 5:25:04इलेक्शन लड़ती हैं और गवर्नमेंट बनाने की
- 5:25:06कोशिश करती हैं। जैसे आपको पता भी है
- 5:25:08बीजेपी, कांग्रेस वगैरह हैं। तो पॉलिटिकल
- 5:25:10पार्टीज के थ्रू लोग अपने रिप्रेजेंटेटिव
- 5:25:12चूज़ करते हैं और गवर्नमेंट की पॉलिसीज
- 5:25:14इन्फ्लुएंस करते हैं। इसके बाद आपने सुना
- 5:25:16होगा रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ पीपल एक्ट 1951।
- 5:25:19रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट 191 पॉलिटिकल
- 5:25:21पार्टीज के रजिस्ट्रेशन से रिलेटेड
- 5:25:22प्रोविजन देता है। पॉलिटिकल पार्टी का
- 5:25:24रजिस्ट्रेशन इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के
- 5:25:26पास होता है। 5 सेकंड कॉन्स्टिट्यूशन
- 5:25:29अमेंडमेंट एक्ट 1985 बहुतेंट है। इस
- 5:25:31अमेंडमेंट ने कॉन्स्टिट्यूशन में 10थ
- 5:25:33शेड्यूल ऐड किया। 10थ शेड्यूल को एंटी
- 5:25:35डिफेक्शन लॉ भी कहते हैं। अगर एमपी या
- 5:25:37एमएलए पार्टी बदलता है या पार्टी
- 5:25:39डिसिप्लिन के अगेंस्ट सर्टेन एक्शन लेता
- 5:25:41है तो प्रिस्राइब कंडीशन में उसकी
- 5:25:43मेंबरशिप डिसक्वालीफाई हो सकती है। इस
- 5:25:45अमेंडमेंट ने आर्टिकल्स 101, 102, 190 और
- 5:25:50191 में चेंजेस किए हैं। क्लियर है? इसके
- 5:25:52बाद है इनर पार्टी डेमोक्रेसी। इसका मतलब
- 5:25:55है पॉलिटिकल पार्टी के अंदर डेमोक्रेटिक
- 5:25:57प्रोसेस होना। यह पार्टी के इंटरनल
- 5:25:59फंक्शनिंग को डेमोक्रेटिक बनाने का एक
- 5:26:01तरीका होता है।
- 5:26:03इसके बाद नेशनल एंड स्टेट पार्टी
- 5:26:05रिकग्निशन देखेंगे। देखो इलेक्शन कमीशन ऑफ
- 5:26:07इंडिया इलेक्शन सिंबल्स जैसे रिजर्वेशन
- 5:26:09एंड अलॉटमेंट ऑर्डर 1968 के रूल्स के
- 5:26:12अकॉर्डिंग पार्टीज को नेशनल पार्टी या
- 5:26:14स्टेट पार्टी का रिकग्निशन देता है। नेशनल
- 5:26:16पार्टी बनने का क्या क्राइटेरिया होता है?
- 5:26:18देखो पार्टी को इनमें से कोई एक कंडीशन
- 5:26:20फुलफिल करनी होती है। अगर उसे नेशनल
- 5:26:21पार्टी बनना है। लोकसभा इलेक्शन में कम से
- 5:26:24कम चार स्टेट में छह वैलिड वोट्स मिले और
- 5:26:27साथ में कम से कम चार लोकसभा सीट्स जीते।
- 5:26:30ठीक है? दूसरा क्या होगा? लोकसभा इलेक्शन
- 5:26:32में कम से कम तीन स्टेट से टोटल लोकसभा
- 5:26:35सीट्स 2% जीते और तीसरा क्या होगा? कम से
- 5:26:37कम चार स्टेट में स्टेट पार्टी के रूप में
- 5:26:40रिकॉग्नाइज हो। ठीक है? नेशनल पार्टी
- 5:26:42रिकॉग्निशन के लिए ये अल्टरनेटिव्स हैं।
- 5:26:44तीनों कंडीशन एक साथ फुलफिल करना जरूरी
- 5:26:46नहीं होता। ठीक है? अल्टरनेटिव है। स्टेट
- 5:26:48पार्टी बनने के क्या क्राइटेरिया होते
- 5:26:49हैं? इसको भी जान लो भाई। देखो स्टेट
- 5:26:52असेंबली इलेक्शन में कम से कम 6% वैलिड
- 5:26:54वोट्स और कम से कम दो असेंबली सीट्स होनी
- 5:26:57चाहिए। स्टेट असेंबली इलेक्शन में कम से
- 5:26:59कम 6% वैलिड वोट्स और कम से कम एक लोकसभा
- 5:27:02सीट होनी चाहिए। स्टेट असेंबली की टोटल
- 5:27:04सीट्स का कम से कम 3% या तीन सीट्स जो भी
- 5:27:08ज्यादा हो। हर 25 लोकसभा सीट्स पर एक
- 5:27:10लोकसभा सीट या उसके फ्रैक्शन के लिए एक
- 5:27:13सीट फ्रॉम दैट स्टेट होनी चाहिए। स्टेट
- 5:27:15में लोकसभा या असेंबली इलेक्शन में
- 5:27:16प्रिस्राइब वोट शेयर और सीट रिलेटेड
- 5:27:18क्राइटेरिया फुलफिल करना होता है। यह
- 5:27:20क्राइटेरिया इलेक्शन सिंबल ऑर्डर के
- 5:27:22प्रिस्राइब अल्टरनेटिव पर बेस्ड होता है।
- 5:27:24क्लियर है?
- 5:27:27इसके बाद करेंटली रिकॉग्नाइज नेशनल
- 5:27:29पार्टीज। तो छह पार्टी हैं। इंडियन नेशनल
- 5:27:30कांग्रेस, बीजेपी, बहुजन समाज पार्टी,
- 5:27:32कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया,
- 5:27:34मार्क्सिस्ट, आम आदमी पार्टी एंड नेशनल
- 5:27:36पीपल पार्टी। ये छह नेशनल पार्टीज हैं।
- 5:27:38ठीक है? क्लियर है? स्टेट रीजनल पार्टीज
- 5:27:41के भी एग्जांपल हैं। जैसे आपका सिरोमानी
- 5:27:44अकाली दल पंजाब में है। तेलुगु देसाम
- 5:27:46पार्टी, आंध्र प्रदेश में है। समाजवादी
- 5:27:48पार्टी उत्तर प्रदेश में है। समाजवादी
- 5:27:49पार्टी क्या है? स्टेट पार्टी है। अब इसके
- 5:27:52बाद मेजर पॉलिटिकल पार्टीज देखेंगे।
- 5:27:54इंडियन नेशनल कांग्रेस 1885 में फॉर्म हुई
- 5:27:56थी। मॉडर्न हिस्ट्री में आपने पढ़ा होगा
- 5:27:58पहले प्रेसिडेंट डब्ल्यू सी बनर्जी थे।
- 5:27:59शुरुआत में कांग्रेस एक ऑल इंडिया
- 5:28:01पॉलिटिकल प्लेटफार्म था। ब्रिटिश रूल के
- 5:28:03अगेंस्ट पॉलिटिकल डिमांड रखना और इंडियंस
- 5:28:05को पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेशन दिलाना इसका
- 5:28:07इंपॉर्टेंट रोल था। इसके बाद भारतीय जनता
- 5:28:09पार्टी आता है। 6 अप्रैल 1980 में पहले
- 5:28:11प्रेसिडेंट अटल बिहारी वाजपेयी जी थे।
- 5:28:13बीजेपी की पॉलिटिकल रूट्स भारतीय जनघ से
- 5:28:15भी जुड़ी हैं। जिसे 1951 में डॉ. श्यामल
- 5:28:18प्रसाद मुखर्जी ने इस एस्टैब्लिश किया था।
- 5:28:20इसके बाद अगर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया
- 5:28:22आता है। 1920 ताशकंद में हुआ था। सीपीआई
- 5:28:24और सीपीआई एम को सेम पार्टी मत समझना।
- 5:28:27सीपीआई एम का फॉर्मेशन 1964 में हुआ था।
- 5:28:29जबकि सीबीआई का फॉर्मेशन 1920 में हुआ था।
- 5:28:32बहुजन समाज पार्टी आती है। 1984 में फॉर्म
- 5:28:35हुई थी। किस कौन था फाउंडर? कांशीराम। ठीक
- 5:28:37है? पार्टी का फोकस बहुजन कम्युनिटीज़ के
- 5:28:39पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेशन पर रहा है। इसके
- 5:28:42बाद आपका नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी आती
- 5:28:44है। एनसीपी 199 में फॉर्म हुई। इसके
- 5:28:46फाउंडर थे शरद पवार, पी ए संगमा और तारिक
- 5:28:49अनवर। कांग्रेस से पॉलिटिकल डिफरेंसेस के
- 5:28:51बाद यह पार्टी बनी थी। इसके बाद ऑल इंडिया
- 5:28:54आपकी तृणमूल कांग्रेस आती है। 1998 में
- 5:28:57फॉर्म हुई थी। ठीक है? इसके फाउंडर कौन
- 5:28:59थे? ममता बनर्जी थी। ठीक है? ममता बनर्जी।
- 5:29:03इसका मेन पॉलिटिकल बेस वेस्ट बंगाल रहा
- 5:29:05है। नेशनल पीपल्स पार्टी ये 2013 में
- 5:29:08फॉर्म हुई थी। इसका पॉलिटिकल बेस नॉर्थ
- 5:29:09ईस्ट इंडिया पर्टिकुलरली मेघालय में
- 5:29:12इंपॉर्टेंट है। आपकी नेशनल पीपल पार्टी
- 5:29:13आपने सुना भी होगा। इसके बाद समाजवादी
- 5:29:15पार्टी 1992 में हुआ था। इसके फाउंडर
- 5:29:17मुलायम सिंह यादव थे। ये लखनऊ में फॉर्म
- 5:29:19हुई थी। क्लियर है? इसके बाद तेलुगु दसम
- 5:29:22पार्टी 1982 में हुई। इसके फाउंडर कौन थे?
- 5:29:24एन टी रामराव। आंध्र प्रदेश की इंपॉर्टेंट
- 5:29:26रीजनल पार्टी है। इसके बाद इंडिपेंडेंट
- 5:29:28लेबर पार्टी 1936 में हुई थी। फाउंडर कौन
- 5:29:30है? डॉ. बी आर अंबेडकर। लेबर्स और ऑपरेस
- 5:29:33कम्युनिटीज के इशज़ पर फोकस करती है।
- 5:29:37इसके बाद हम देखेंगे एंटी डिफेक्शन लॉ 10थ
- 5:29:39शेड्यूल। देखो इनकमेंट कब हुआ था? एंटी
- 5:29:42डिफेक्शन लॉ को 52 कॉन्स्टिट्यूशनल
- 5:29:44अमेंडमेंट एक्ट 1985 से इंट्रोड्यूस किया
- 5:29:46गया। इसके थ्रू कॉन्स्टिट्यूशन में 10
- 5:29:48शेड्यूल ऐड हुआ। एमएलए या एमपी को पार्टी
- 5:29:50बदलने के केसेस में डिसक्वालीफाई किया जा
- 5:29:53सकता है। उसी के बारे में बताता है। अच्छा
- 5:29:54लॉ किन सिचुएशन में अप्लाई होता है? तो
- 5:29:56देखो अगर कोई एमएलए अपनी पॉलिटिकल पार्टी
- 5:29:58की मेंबरशिप वंटरीली छोड़ देता है तो
- 5:30:00डिसक्वालीिफिकेशन हो सकता है। क्लियर है?
- 5:30:02सिर्फ रिटन रेिग्नेशन देना ही जरूरी नहीं
- 5:30:04है। कंडक्ट से भी वंटरी मेंबरशिप छोड़ना
- 5:30:07एस्टैब्लिश हो सकता है। पार्टी विप के
- 5:30:09अगेंस्ट अगर उसने वोटिंग कर दी। ठीक है?
- 5:30:11अगर उसने क्या किया? पार्टी विप के
- 5:30:13अगेंस्ट वोटिंग कर दिया। अगर एमपी एमएलए
- 5:30:15पार्टी के डायरेक्शन के अगेंस्ट वोट करता
- 5:30:17है या वोट करने से एब्सें करता है,
- 5:30:18एब्सेंट हो जाता है तो डिसक्वालीिफिकेशन
- 5:30:20हो सकता है। अनलेस पार्टी 15 दिन के अंदर
- 5:30:22उस एक्शन को कंडेम कर दे। इंडिपेंडेंट
- 5:30:25मेंबर अगर कोई इंडिपेंडेंट कैंडिडेट
- 5:30:26इलेक्शन जीतने के बाद किसी पॉलिटिकल
- 5:30:28पार्टी को जॉइ करता है तो
- 5:30:30डिसक्वालीिफिकेशन हो सकता है। इसके बाद
- 5:30:32नॉमिनेटेड मेंबर्स हैं। नॉमिनेटेड मेंबर
- 5:30:33हाउस में सीट लेने के सिक्स मंथ्स के अंदर
- 5:30:36पार्टी जॉइ कर सकता है। उसके बाद पार्टी
- 5:30:38ज्वाइन करने पर डिसक्वालीफिकेशन का रिस्क
- 5:30:40होता है। मर्जर आपका एक्सेप्शन है। ठीक
- 5:30:42है? कि मर्जर एक्सेप्शन तब अप्लाई होता है
- 5:30:45जब लेजिस्लेचर पार्टी के कम से कम 2/3
- 5:30:47मेंबर्स मर्जर के लिए एग्री करते हो। ठीक
- 5:30:49है? जैसे मान लो किसी पार्टी के 30 एमएलए
- 5:30:51हैं। अगर 20 एमएलए मर्जर के लिए एग्री
- 5:30:53करते हैं तो 2 थर्ड कंडीशन सेटिस्फाई हो
- 5:30:55जाती है। फिर आप उस केस में डिफेक्शन नहीं
- 5:30:57लगा सकते। क्लियर है?
- 5:31:01अब देखो मर्जर हो गया। इसके बाद
- 5:31:03प्रोसाइडिंग ऑफिसर एक्सेप्शन स्पीकर,
- 5:31:05डिप्टी स्पीकर, चेयरमैन या डिप्टी चेयरमैन
- 5:31:07अगर अपना ओरिजिनल पार्टी मेंबरशिप छोड़ते
- 5:31:09हैं या ऑफिस संभालने के बाद पार्टी रिजॉइन
- 5:31:11करते हैं तो स्पेसिफाइड कंडीशन में उनके
- 5:31:13लिए एक्सेप्शन हो सकता है। इसके बाद
- 5:31:15नॉमिनेटेड मेंबर्स नॉमिनेटेड एमपी अगर
- 5:31:17अपॉइंटमेंट के सिक्स मंथ के अंदर पॉलिटिकल
- 5:31:20पार्टी जॉइ कर लेता है तो उसे
- 5:31:21डिसक्वालीिफिकेशन नहीं होता है। लेकिन
- 5:31:24सिक्स मंथ के बाद पार्टी जॉइ करने पर एंटी
- 5:31:26डिफेक्शन लॉ अप्लाई हो सकता है। क्लियर
- 5:31:29है?
- 5:31:31फर्स्ट सच लॉ इन इंडिया तो जम्मू एंड
- 5:31:33कश्मीर के 1979 लॉ के मेंशन करती है। ठीक
- 5:31:37है? जम्मू कश्मीर के 1979 लॉ का मेंशन
- 5:31:40करती है जो 1985 के सेंट्रल एंटी डिफेक्शन
- 5:31:42लॉ से पहले का स्टेट लेवल एग्जांपल था।
- 5:31:45इसके बाद पॉलिटिकल पार्टी सिस्टम एंड
- 5:31:46रिलेटेड फैक्ट्स देखेंगे। वन पार्टी
- 5:31:48डोमिनेंट सिस्टम पॉलिटिकल साइंटिस्ट आपके
- 5:31:50रजनी कोठारी ने इंडिया अर्ली पोस्ट
- 5:31:52इंडिपेंडेंस पॉलिटिकल सिस्टम को वन पार्टी
- 5:31:55डोमिनेंट सिस्टम के रूप में डिस्क्राइब
- 5:31:56किया है। इंडिया में मल्टीपल पार्टीज थी
- 5:31:58लेकिन कांग्रेस बहुत डोमिनेंट थी। इसका
- 5:32:00मतलब यह नहीं है कि इंडिया में सिर्फ एक
- 5:32:01ही लीगल पार्टी थी। इसके बाद आपका कमराज
- 5:32:04प्लान आता है 1963 में। ये क्या था सर?
- 5:32:06कमराज प्लान का एम कांग्रेस ऑर्गेनाइजेशन
- 5:32:08को स्ट्रांग बनाना था। इस प्लान के अंडर
- 5:32:11कुछ सीनियर कांग्रेसिस्टर्स ने
- 5:32:12मिनिस्ट्रियलियर पोस्ट छोड़कर पार्टी
- 5:32:14ऑर्गेनाइजेशन के लिए काम करने का प्रपोजल
- 5:32:16एक्सेप्ट किया। इसके बाद आपका ट्रेड
- 5:32:18यूनियन पार्टी एफिलिएशंस आता है। तो जैसे
- 5:32:20आपका भारतीय मजदूर संघ है। ठीक है? तो
- 5:32:23ट्रेड यूनियन है। किससे? पॉलिटिकल
- 5:32:25एसोसिएशन बीजेपी से है। इंडियन नेशनल
- 5:32:27ट्रेड यूनियन कांग्रेस कांग्रेस से है। ऑल
- 5:32:28इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस सीपीआई से
- 5:32:30है। यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस
- 5:32:32रेिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी से है। तो
- 5:32:34ट्रेड यूनियन वर्कर के राइट्स, वेजेस और
- 5:32:36वर्किंग कंडीशन के लिए काम करते हैं। इसके
- 5:32:38बाद प्रेशर ग्रुप्स आता है। प्रेशर
- 5:32:41ग्रुप्स
- 5:32:43गवर्नमेंट की पॉलिसीज इन्फ्लुएंस करने की
- 5:32:45कोशिश करते हैं। लेकिन जनरली इलेक्शंस में
- 5:32:47पॉलिटिकल पार्टीज की तरह कैंडिडेट कंटेस्ट
- 5:32:49करना इनका मेन पर्पस नहीं होता है। जैसे
- 5:32:51ट्रेड यूनियन हो गया, फार्मर्स
- 5:32:52ऑर्गेनाइजेशन हो गया, बिज़नेस ऑर्गेनाइजेशन
- 5:32:54हो गया। 1989 लोकसभा इलेक्शन क्या बोलता
- 5:32:56है? 1989 इलेक्शन ने कांग्रेस को लॉन्ग
- 5:33:00पीरियड ऑफ डोमिनेंस को वीकेंडन किया। जो
- 5:33:02कांग्रेस का लॉन्ग पीरियड ऑफ़ डोमिनेंस चल
- 5:33:03रहा आ रहा था उसको वीकेंन किया। कांग्रेस
- 5:33:05सबसे बड़ी पार्टी बनी लेकिन अपने दम पर
- 5:33:07गवर्नमेंट नहीं बना सकी।
- 5:33:09ठीक है? नेशनल फ्रंट गवर्नमेंट वीपी सिंह
- 5:33:11के लीडरशिप में बनी जिसे आउटसाइड सपोर्ट
- 5:33:14मिला। इसके बाद आपका फर्स्ट पास द पोस्ट
- 5:33:16सिस्टम आता है। इंडिया के लोकसभा इलेक्शन
- 5:33:18में फर्स्ट पास द पोस्ट सिस्टम यूज़ होता
- 5:33:20है। एक कॉन्स्टिट्यूएंसी में मान लो
- 5:33:22कैंडिडेट को 35% 33% और 32% वोट मिलते
- 5:33:25हैं। तो 35% वाला कैंडिडेट जीत जाएगा। इवन
- 5:33:28दो उससे टोटल वोट्स अगर देखोगे तो 50% इन
- 5:33:32दोनों का मिला लोगे तो 50% से ज्यादा हो
- 5:33:34गया। ठीक है? इसको सिर्फ 33 लोगों ने पसंद
- 5:33:37किया लेकिन फिर भी जीत जाएगा क्योंकि इनसे
- 5:33:38ज्यादा है। इसके बाद भूप पुराथम होता है।
- 5:33:42देखो आंध्र प्रदेश के लैंड स्ट्रगल
- 5:33:44मूवमेंट का मेंशन है जिसमें लैंडलेस जो
- 5:33:46वर्कर्स के लिए एग्रीकल्चर लैंड और हाउस
- 5:33:48साइट्स की डिमांड उठाई गई थी।
- 5:33:50इसके बाद आपका कम्युनिस्ट पार्टी का सोशल
- 5:33:53बेस तो कम्युनिस्ट पार्टी का ट्रेडिशनल
- 5:33:54सोशल बेस्ड वर्कर्स, एग्रीकल्चर लेबर्स,
- 5:33:56एजुकेटेड ग्रुप्स और यूथ में रहा है। ठीक
- 5:33:58है? कुछ इंपॉर्टेंट है कुछ नहीं है। अब
- 5:34:01देखो ऑफिशियल ऑपोजिशन इन लोकसभा तो लीडर
- 5:34:03ऑफ़ ऑोजिशन का फॉर्मल रिकॉग्निशन के लिए
- 5:34:05कन्वेंशनल बेंचमार्क कितना है? 10% सीट्स
- 5:34:07रहा है। मतलब 543 सीट वाली लोकसभा में 10%
- 5:34:11कितना हुआ? 55 सीट होना चाहिए कम से कम।
- 5:34:13ठीक है?
- 5:34:19तो अब हम देखेंगे चैप्टर 38
- 5:34:20कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट्स के बारे में।
- 5:34:22देखो आर्टिकल 368 में आते हैं
- 5:34:24कॉन्स्टिट्यूशन। अमेंडमेंट का मतलब है कि
- 5:34:26कॉन्स्टिट्यूशन में बदलाव करना। जैसे कोई
- 5:34:28नया प्रोविजन ऐड करना या पुराने प्रोविजन
- 5:34:30को मॉडिफाई करना। इंडिया में
- 5:34:32कॉन्स्टिट्यूशन को अमेंड करने के तीन मेन
- 5:34:34मेथड होते हैं। पहला आपका होता है सिंपल
- 5:34:36मेजॉरिटी। ठीक है? पार्लियामेंट में
- 5:34:37प्रेजेंट और वोटिंग करने वाले मेंबर्स के
- 5:34:39सिंपल मेजॉरिटी से डिसीजन पास होता है।
- 5:34:41जैसे एग्जांपल मान लो अगर 100 मेंबर्स
- 5:34:44प्रेजेंट हैं और वोट करते हैं तो 51 वोट
- 5:34:47से प्रपोजल पास हो सकता है। ठीक है? सिंपल
- 5:34:49मेजॉरिटी। समझ गए?
- 5:34:52यह टेक्निकली आर्टिकल 368 के अंदर
- 5:34:54कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट नहीं माना जाता
- 5:34:56है। जैसे एग्जांपल नए स्टेट बनाने या
- 5:34:59स्टेट की बाउंड्रीज बदलना आर्टिकल थ्री के
- 5:35:01प्रोविजन के अकॉर्डिंग होता है। इसके बाद
- 5:35:03दूसरा आता है स्पेशल मेजॉरिटी।
- 5:35:06इसमें दोनों कंडीशन सेटिस्फाई होनी चाहिए।
- 5:35:08पहला हाउस की टोटल मेंबरशिप की मेजॉरिटी
- 5:35:10प्लस दूसरा प्रेजेंट एंड वोटिंग मेंबर्स
- 5:35:13के एटलीस्ट 2/3 मेजॉरिटी। जैसे मान लो फॉर
- 5:35:16एग्जांपल हाउस की टोटल मेंबरशिप 500 है और
- 5:35:18300 मेंबर्स प्रेजेंट और वोटिंग कर रहे
- 5:35:20हैं। मतलब प्रेजेंट भी हैं और वोटिंग भी
- 5:35:22कर रहे हैं। तो टोटल मेंबरशिप का मेजॉरिटी
- 5:35:24कितना हुआ? 251 और प्रेजेंट और वोटिंग का
- 5:35:26हुआ 2/3 यानी 200। ठीक है? तो दोनों
- 5:35:29कंडीशन सेटिस्फाई होनी चाहिए। इसीलिए
- 5:35:32मिनिमम 251 वोट्स चाहिए। क्लियर है?
- 5:35:36इसके बाद तीसरा होता है आपका स्पेशल
- 5:35:38मेजॉरिटी प्लस रैटिफिकेशन ऑफ स्टेट्स। अब
- 5:35:41इसमें क्या होता है? देखो इस मेथड में
- 5:35:43पार्लियामेंट की स्पेशल मेजॉरिटी के साथ
- 5:35:45कम से कम आधे स्टेट लेजिस्लेचर की अप्रूवल
- 5:35:47भी चाहिए। जैसे अगर इंडिया में 28 स्टेट्स
- 5:35:49हैं तो कम से कम 14 स्टेट्स की अप्रूवल
- 5:35:52रिक्वायर्ड है। ये उन अमेंडमेंट्स के लिए
- 5:35:54है जो फेडरल स्ट्रक्चर को अफेक्ट करते
- 5:35:56हैं। जैसे प्रेसिडेंट के इलेक्शन से
- 5:35:57रिलेटेड प्रोविजन, यूनियन और स्टेट के
- 5:35:59एग्जीक्यूटिव पावर, सुप्रीम कोर्ट और हाई
- 5:36:02कोर्ट, सेंट्रल, स्टेट लेजिसलेटिव
- 5:36:04रिलेशंस, सेवन शेड्यूल की लिस्ट,
- 5:36:06पार्लियामेंट में स्टेट्स का
- 5:36:07रिप्रेजेंटेशन और आर्टिकल 368 खुद ये सब
- 5:36:10आपके इसी में आएंगे। ठीक है? अब कुछ
- 5:36:13कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट बिल से रिलेटेड
- 5:36:15देखते हैं। देखो,
- 5:36:18कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट बिल के
- 5:36:19क्या-क्या रूल्स होते हैं? बिल
- 5:36:21पार्लियामेंट की किसी भी हाउस में
- 5:36:22इंट्रोड्यूस हो सकता है। ठीक है? जो बिल
- 5:36:24है वो पार्लियामेंट के किसी भी हाउस में
- 5:36:26इंट्रोड्यूस हो सकता है। दोनों हाउसेस को
- 5:36:28बिल सेपरेटली पास करना होता है और जॉइंट
- 5:36:30सिंग का प्रोविज़ नहीं है। प्रेसिडेंट को
- 5:36:32बिल पर एक्सेंट देना मैंडेटरी है और
- 5:36:35प्रेसिडेंट बिल को रिकंसीडरेशन के लिए
- 5:36:37रिटर्न नहीं कर सकता है। ठीक है? समझ गए?
- 5:36:39याद रखो। को ऑर्डिनरी बिल और
- 5:36:40कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट बिल के रूल्स
- 5:36:42सेम नहीं है। इसके बाद कुछ इंपॉर्टेंट
- 5:36:45कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट देखेंगे। ठीक
- 5:36:46है? मोटा-मोटा फर्स्ट अमेंडमेंट 1951 में
- 5:36:49हुआ था लैंड रिफॉर्म्स को प्रोटेक्शन और
- 5:36:51नाइन शेड्यूल इसमें ऐड हुआ। इसके बाद 15
- 5:36:53अमेंडमेंट 1963 में हुआ था। हाई कोर्ट
- 5:36:55जजेस की रिटायरमेंट एज 60 से 62 इयर्स।
- 5:36:59इसके बाद 16 अमेंडमेंट 1963 में हुआ था।
- 5:37:01सोवनिटी एंड इंटीग्रिटी ऑफ़ इंडिया की
- 5:37:03प्रोटेक्शन। इसके बाद 18th अमेंडमेंट 1966
- 5:37:06में हुआ था। आर्टिकल थ्री में स्टेट की
- 5:37:08डेफिनेशन क्लेरिफाई की। फिर 24 अमेंडमेंट
- 5:37:111971 प्रॉपर्टी राइट्स और डीपीएसपी से
- 5:37:13रिलेटेड चेंजेस। फिर आपका देखोगे तो 26
- 5:37:16अमेंडमेंट आता है। 1971 में फॉर्मर रूल्स
- 5:37:19के प्रिव्यू पर पर्सेस अबॉलिश किए थे। ठीक
- 5:37:21है? 38 अमेंडमेंट आता है 1975 इमरजेंसी
- 5:37:25प्रोक्लमेशन पर जुडिशियल रिव्य्यू को
- 5:37:27रेस्ट्रिक्ट करने का अटेम्प्ट किया था।
- 5:37:28फिर आपका 39 अमेंडमेंट आता है। 1975 में
- 5:37:32सर्टेन हाई ऑफिसिसेस के इलेक्शन
- 5:37:33डिस्प्यूट्स पर स्पेशल प्रोविज़ था। इसके
- 5:37:35बाद आपका 4 अमेंडमेंट 1976 आता है। मिनी
- 5:37:38कॉन्स्टिट्यूशन कहते हैं। प्रएमबल में
- 5:37:40सोशलिस्ट सेकुलर इंटीग्रिटी ऐड किए थे।
- 5:37:42इसके बाद 44 अमेंडमेंट 1978 आता है। राइट
- 5:37:45टू प्रॉपर्टी को फंडामेंटल राइट से लीगल
- 5:37:47राइट बनाया। इसके बाद 52 अमेंडमेंट 1985
- 5:37:50आता है। एंटी डिफेक्शन लॉ 10थ शेड्यूल।
- 5:37:53इसके बाद 58थ अमेंडमेंट 1987 आता है।
- 5:37:55कॉन्स्टिट्यूशन का अथॉरिटेटिव हिंदी टैक्स
- 5:37:58के बारे में बताता है। 61 अमेंडमेंट आता
- 5:38:00है आपका 1988। यह वोटिंग एज 21 से 18 साल
- 5:38:04करता है। 69 अमेंडमेंट 1991 आता है।
- 5:38:07दिल्ली को नेशनल कैपिटल टेरिटरी का स्टेटस
- 5:38:09देता है। 73 अमेंडमेंट 1992 पंचायती राज
- 5:38:12इंस्टीट्यूशन को बताता है। 74 अमेंडमेंट
- 5:38:14आपका म्युनिसिपालिटी को बताता है। 75th
- 5:38:16अमेंडमेंट 1994 ड्रेंट ट्रिब्यूनल से
- 5:38:19रिलेटेड प्रोविजन बताता है।
- 5:38:22इसके बाद 79 अमेंडमेंट 1999 लोकसभा और
- 5:38:26स्टेट असेंबली में एससी एसटी रिजर्वेशन को
- 5:38:2810 साल तक एक्सटेंड करता है। 8थ अमेंडमेंट
- 5:38:31आपका सेंटर के टैक्सेस को स्टेट के साथ
- 5:38:35डिस्ट्रीब्यूट करने के सिस्टम में चेंजज़
- 5:38:36किया था। 10थ फ़ेंस कमीशन के रिकमेंडेशन के
- 5:38:39अकॉर्डिंग। फिर 81 अमेंडमेंट आता है 2000।
- 5:38:41एससी एसटी के अनफुलफिल्ड रिजर्व वैकेंसी
- 5:38:44को बैकलग वैकेंसी माना और उन्हें सेपरेट
- 5:38:46कैटेगरी में ट्रीट करने का प्रोविज़न दिया।
- 5:38:49इसके बाद 83 आपका 2000 में आता है। यह
- 5:38:52अरुणाचल प्रदेश में पंचायत के लिए एससी
- 5:38:54रिजर्वेशन के प्रोविज़न से एग्ेंपशन दी थी।
- 5:38:56क्योंकि वहां एससी पॉपुलेशन नहीं थी। फिर
- 5:38:5886 अमेंडमेंट 2002 आता है। छ से 14 साल
- 5:39:01बच्चों के लिए एजुकेशन को फंडामेंटल राइट
- 5:39:04बनाया। आर्टिकल 21 ए के अंडर 89 अमेंडमेंट
- 5:39:07आता है 2003 में। नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल
- 5:39:09कास्ट और नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल ट्राइब
- 5:39:11को अलग-अलग बॉडीज बनाया। इसके बाद 91
- 5:39:14अमेंडमेंट 2003 आता है। काउंसिल ऑफ
- 5:39:16मिनिस्टर का साइज लिमिट किया। सेंटर में
- 5:39:18लोकसभा की टोटल स्ट्रेंथ का मैक्सिमम 15%
- 5:39:21स्टेट्स में असेंबली स्ट्रेंथ का मैक्सिमम
- 5:39:2315% लेकिन मिनिमम 12 मिनिस्टर्स। क्लियर
- 5:39:26है? 93 अमेंडमेंट 2005 एक्ट 2006 में पास
- 5:39:30हुआ था। एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में सोशली
- 5:39:31और एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस एससी एसटी
- 5:39:34के लिए एडमिशन रिजर्व रिजर्वेशन के लिए
- 5:39:36आर्टिकल 155 ऐड किया गया। माइनॉरिटीज
- 5:39:39इंस्टीट्यूशन एग्ेंप्ट है। क्लियर है?
- 5:39:43फिर आपका 94 अमेंडमेंट 2006 कुछ स्टेट्स
- 5:39:46में ट्राइबल वेलफेयर मिनिस्टर से रिलेटेड
- 5:39:48आर्टिकल 164 के प्रोविजन में चेंजेस किए।
- 5:39:51फिर 95th अमेंडमेंट 2009 आता है। लोकसभा
- 5:39:54और स्टेट असेंबली में एससी एसटी रिजर्वेशन
- 5:39:56को 2020 तक एक्सटेंड किया। इसके बाद 96
- 5:39:592011 एट शेड्यूल में लैंडविच का नाम ओडिया
- 5:40:02से ओडिया कर दिया।
- 5:40:04क्लियर है? फिर 97 2011 में आता है
- 5:40:07कोऑपरेटिव सोसाइटी से रिलेटेड प्रोविज़न ऐड
- 5:40:09किए हैं। इसके बाद 99 2014 में आता है।
- 5:40:12नेशनल जुडिशियल अपॉइंटमेंट कमीशन
- 5:40:14एस्टैब्लिश करने का प्रोविज़न किया। लेकिन
- 5:40:16सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में इसे
- 5:40:17अनकॉन्स्टिट्यूशनल डिक्लेअ कर दिया। इसके
- 5:40:19बाद हैंडरथ आता है 2015 में। इंडिया
- 5:40:22बांग्लादेश लैंड बाउंड्री एग्रीमेंट
- 5:40:23इंप्लीमेंट किया। इंक्लेव्स का एक्सचेंज
- 5:40:25भी हुआ। 101 अमेंडमेंट 2016 में आता है।
- 5:40:28जीएसटी इंट्रोड्यूस करने का
- 5:40:29कॉन्स्टिट्यूशन फ्रेमवर्क बनाया। फिर इसके
- 5:40:31बाद 102 आता है नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड
- 5:40:34क्लासेस को कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस दिया।
- 5:40:36फिर 103 होता है। ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के
- 5:40:39लिए एजुकेशन और पब्लिक एंप्लॉयमेंट में
- 5:40:4010% का रिजर्वेशन प्रोविज़न दिया। 104
- 5:40:43अमेंडमेंट 2019 लोकसभा और स्टेट असेंबलीज
- 5:40:46में एससी एसटी रिजर्वेशन को 2030 तक
- 5:40:48एक्सटेंड किया। एंग्लो इंडियन नॉमिनेटेड
- 5:40:51सीट्स का प्रोविजन कंटिन्यू नहीं हुआ।
- 5:40:53क्लियर है?
- 5:40:57इसके बाद 105 अमेंडमेंट आता है 2021। देखो
- 5:41:00स्टेट्स की ओबीसी लिस्ट बनाने की पावर है।
- 5:41:02इस अमेंडमेंट ने स्टेट्स और यूनियन
- 5:41:03टेरिटरीज की पावर रिस्टोर या क्लेरिफाई
- 5:41:06किया ताकि वो अपने पर्पस के लिए सोशली एंड
- 5:41:08एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस की लिस्ट
- 5:41:10आइडेंटिफाई और मेंटेन कर सके। 106 2023
- 5:41:14में लेटेस्ट है नारी शक्ति वंदन अधिनियम।
- 5:41:17लोकसभा स्टेट लेजिसलेटिव असेंबली और
- 5:41:19दिल्ली असेंबली में वुमेन के लिए 1/3 सीट
- 5:41:21रिजर्वेशन का प्रोविजन किया। इसमें एससी
- 5:41:23एसटी रिजर्व सीट्स के अंदर भी वुमेन के
- 5:41:25लिए 1/3 रिजर्वेशन इंक्लूडेड है। क्लियर
- 5:41:28है? रिजर्वेशन सेंसेस के बाद डीलिमिटेशन
- 5:41:30एक्सरसाइज होने के बाद यह इंप्लीमेंट
- 5:41:32होगा। क्लियर है? इसके बाद आता है आपका
- 5:41:34बेसिक स्ट्रक्चर डॉक्टाइन अंडर लैंडमार्क
- 5:41:36केस। बेसिक स्ट्रक्चर डॉक्ट्राइन का मतलब
- 5:41:38क्या है? कि पार्लियामेंट कॉन्स्टिट्यूशन
- 5:41:39को अमेंड कर सकती है लेकिन कॉन्स्टिट्यूशन
- 5:41:41के बेसिक स्ट्रक्चर को डिस्ट्रॉय नहीं कर
- 5:41:43सकती है। लैंडमार्क कुछ केसेस हैं जैसे
- 5:41:45आपका गोलकनाथ वर्सेस स्टेट ऑफ़ पंजाब 1967।
- 5:41:48सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पार्लियामेंट
- 5:41:49फंडामेंटल राइट्स को अमेंड नहीं कर सकती।
- 5:41:51यह पोजीशन बाद में केशवानंद भारती केस में
- 5:41:53चेंज हुई थी। इसके बाद केशवंद भारती केस
- 5:41:561973 आता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि
- 5:41:58पार्लियामेंट कॉन्स्टिट्यूशन के किसी भी
- 5:41:59पार्ट इंक्लूडिंग फंडामेंटल राइट्स को
- 5:42:01अमेंड कर सकती है लेकिन बेसिक स्ट्रक्चर
- 5:42:03को डिस्ट्रॉय नहीं कर सकती है। इसके बाद
- 5:42:05आपका मिनरमा मिल वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया
- 5:42:07आता है। सुप्रीम कोर्ट ने पार्लियामेंट की
- 5:42:09अनलिमिटेड अमेंडमेंट पावर को रिजेक्ट किया
- 5:42:11और फंडामेंटल राइट्स और डीपीएसपी के बीच
- 5:42:13बैलेंस को इंपॉर्टेंट माना। इसके बाद आपका
- 5:42:17कि होतो होलान केस आता है। एंटी डिफेक्शन
- 5:42:19लॉ को ब्रॉडली अपहोल्ड किया लेकिन स्पीकर
- 5:42:21चेयरमैन का डिसक्वालीिफिकेशन डिसीजन
- 5:42:23जुडिशियल रिव्य्यू के अंडर हो सकता है।
- 5:42:25क्लियर है? इसके बाद एनजीएसी केस आता है
- 5:42:282015। सुप्रीम कोर्ट ने 99
- 5:42:29कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट और एनजीएसी
- 5:42:31एक्ट को अनकॉन्स्टिट्यूशनल डिक्लेअ कर
- 5:42:33दिया। इसे पुराना जो कॉलेजियम सिस्टम था
- 5:42:36उसी को कंटिन्यू रखा। क्लियर है? कुछ
- 5:42:39लैंडमार्क केसेस एंड द अमेंडमेंट जो
- 5:42:41उन्होंने चैलेंज किया था। इंदिरा गांधी
- 5:42:43वर्सेस राज नारायण ने कौन सा अमेंडमेंट
- 5:42:44चैलेंज किया था? 39 क्लियर है? मिनरल मिल
- 5:42:47वर्सेस यूनियन ऑफ़ इंडिया 42 कतोहलान ने 52
- 5:42:50एंटी डिवक्शन। ठीक है? पी अ संभाूर्ति ने
- 5:42:54कौन सा किया था? 32 अमेंडमेंट।
- 5:42:59फिर बता रहा है नाइन शेड्यूल जो था वो
- 5:43:01फर्स्ट अमेंडमेंट एक्ट से ऐड हुआ था।
- 5:43:03क्लियर है? और 10 शेड्यूल 52 से रिलेटेड
- 5:43:05है। उससे ऐड हुआ था। इसके बाद चैप्टर 39
- 5:43:08देखेंगे पंचायती राज एंड द कम्युनिटी
- 5:43:09डेवलपमेंट। को पंचायती राज का मतलब है कि
- 5:43:12विलेज लेवल पर लोगों की अपनी इलेक्टेड
- 5:43:14गवर्नमेंट जो लोकल प्रॉब्लम सॉल्व करती
- 5:43:16है। जैसे गांव में रोड बनवानी है, नाली
- 5:43:18साफ करवाना है या ड्रिंकिंग वाटर की
- 5:43:20प्रॉब्लम सॉल्व करानी है। इन कामों में
- 5:43:22ग्राम पंचायत इंपॉर्टेंट रोल जो है वो
- 5:43:24प्ले करती है। आर्टिकल देखोगे तो 243 से
- 5:43:27लेके 243 ओ कॉन्स्टिट्यूशन के पार्ट नाइन
- 5:43:30में पंचायती राज से रिलेटेड प्रोविजन है।
- 5:43:32ठीक है? समझ में आया? 73 कॉन्स्टिट्यूशन
- 5:43:35अमेंडमेंट एक्ट 1992 इसने पंचायती राज
- 5:43:37इंस्टीट्यूशन को कॉन्स्टिट्यूशन स्टेटस
- 5:43:39दिया। यह अमेंडमेंट जो है वो 14th अप्रैल
- 5:43:411993 से इफेक्टिव हुआ। इसीलिए हर साल 24
- 5:43:45अप्रैल को नेशनल पंचायती राज डे मनाया
- 5:43:47जाता है। क्लियर है? कोई दिक्कत तो नहीं
- 5:43:49यहां तक?
- 5:43:51लोकल सेल्फ गवर्नमेंट की बात करता है।
- 5:43:53लोकल सेल्फ गवर्नमेंट का मतलब है कि लोकल
- 5:43:55पीपल अपने एरिया के मैटर्स में खुद
- 5:43:57इलेक्टेड रिप्रेजेंटेटिव के थ्रू डिसीजन
- 5:43:59लें। इसका पर्पस है कि पावर को सिर्फ
- 5:44:01सेंट्रल या स्टेट गवर्नमेंट तक लिमिटेड ना
- 5:44:03रखें। बाकी विलेज लेवल तक भी पहुंचे। ठीक
- 5:44:06है?
- 5:44:07आर्टिकल 40 देखोगे तो स्टेट को विलेज
- 5:44:09पंचायत ऑर्गेनाइज करने और उन्हें से
- 5:44:11गवर्नमेंट के लिए नेसेसरी पावर्स देने का
- 5:44:13डायरेक्शन देता है। यह एक डीपीएसपी है।
- 5:44:15पार्ट नाइन के बारे में बात करोगे तो
- 5:44:16पार्ट नाइन पंचायत से रिलेटेड
- 5:44:18कॉन्स्टिट्यूशन प्रोविजन बताता है। सेवंथ
- 5:44:20शेड्यूल की बात करोगे तो सेवन शेड्यूल
- 5:44:22यूनियन, स्टेट और कॉनकरेंट लिस्ट में
- 5:44:23सब्जेक्ट्स डिवाइड करता है। ठीक है? समझ
- 5:44:26गए बात को? इसके बाद महात्मा गांधी ने
- 5:44:28सजेस्ट किया था तो नोमेनक्लेचर पंचायती
- 5:44:30राज फॉर रूरल लोकल गवर्नमेंट। ठीक है?
- 5:44:32किसने? महात्मा गांधी ने। कुछ आर्टिकल्स
- 5:44:34देखेंगे। 243 डेफिनेशन की बात करता है
- 5:44:36पंचायती राज की। 243 ए ग्राम सभा की बात
- 5:44:39करता है। 243 बी पंचायत का
- 5:44:41कॉन्स्टिट्यूशन। 243 सी पंचायत का
- 5:44:44कंपोज़िशन। 243 डी सीट्स की बात करता है।
- 5:44:48243 ई पंचायत के टेन्योर की बात करता है।
- 5:44:51243 एफ आपका मेंबरशिप की डिसक्वालिफिकेशन
- 5:44:54की बात करता है। 243 जी आपका पावर्स
- 5:44:57अथॉरिटी और रिस्पांसिबिलिटी ऑफ़ पंचायत की
- 5:44:59बात करता है। 243 एच टैक्सेस और पंचायत
- 5:45:02फंड की बात करता है। 243 आई टैक्स स्टेट
- 5:45:05फाइनेंस कमीशन की बात करता है। 243 के
- 5:45:08स्टेट इलेक्शन कमीशन की बात करता है। 243
- 5:45:11एम आपका कुछ एरियाज पर पार्ट नाइन अप्लाई
- 5:45:13नहीं होता। उसकी बात करता है। क्लियर है?
- 5:45:16अब देखो, अब ग्राम सभा को हम देखेंगे।
- 5:45:18ग्राम सभा में विलेज के उन सभी लोगों को
- 5:45:20इंक्लूड किया जाता है जिनका नाम उस विलेज
- 5:45:23एरिया की इलेक्टोरल रूल्स में रजिस्टर्ड
- 5:45:25है। क्लियर है?
- 5:45:27अब देखो डिफरेंस पहले समझो। ग्राम सभा और
- 5:45:30ग्राम पंचायत में क्या डिफरेंस होता है?
- 5:45:33ग्राम सभा रजिस्टर्ड वोटर्स की बॉडी होती
- 5:45:35है। सभी एलिजिबल वोट रजिस्टर्ड वोटर्स
- 5:45:37इंक्लूडेड होते हैं। डायरेक्ट
- 5:45:38पार्टिसिपेशन होता है। लेकिन ग्राम पंचायत
- 5:45:40इलेक्टेड रिप्रेजेंटेटिव की बॉडी होती है।
- 5:45:42मुखिया, सरपंच और अदर इलेक्टेड मेंबर्स
- 5:45:45होते हैं। इलेक्टेड रिप्रेजेंटेटिव के
- 5:45:46थ्रू एडमिनिस्ट्रेशन होता है। ग्राम
- 5:45:48पंचायत का कंपोज़िशन देखोगे तो पंचायत के
- 5:45:50मेंबर्स का इलेक्शन होता है। स्टेट
- 5:45:52लेजिस्लेचर लॉ बनाकर पंचायत की कंपोज़िशन
- 5:45:54और इलेक्शन रिलेटेड डिटेल्स डिसाइड कर
- 5:45:57सकती है। पंचायत में एससी एसटी रिजर्वेशन
- 5:45:59और वुमेन रिजर्वेशन के कॉन्स्टिट्यूशन
- 5:46:01प्रोविज़न है। आर्टिकल 243 डी के अंडर
- 5:46:04वुमेन के लिए कम से कम 1/3 रिजर्व सीट्स
- 5:46:07होती हैं। इंक्लूडिंग एससी एसटी वुमेन की
- 5:46:09रिजर्व सीट। क्लियर है? कुछ स्टेट्स में
- 5:46:11वुमेन रिजर्वेशन पर 50% तक भी प्रोवाइड
- 5:46:14किया जाता है। अब अगर पंचायत का आप
- 5:46:16टेन्योर देखोगे तो 5 साल होता है। बेसिकली
- 5:46:19टेन्योर। ठीक है? 5 साल। अगर पंचायत
- 5:46:22डिॉल्व हो जाए तो जनरली 6 महीने के अंदर
- 5:46:24इलेक्शन कंप्लीट करना होता है। एक्सेप्शन
- 5:46:26है कि अगर रिमेनिंग मान लो छ ही महीने बचे
- 5:46:28हो तो फिर फ्रेश इलेक्शन कराना जरूरी है।
- 5:46:30तो फ्रेश इलेक्शन होगा। ठीक है?
- 5:46:33इसके बाद अब अगर आप देखोगे तो पेसा एक्ट
- 5:46:35आता है आपका जो कि काफी इंपॉर्टेंट है।
- 5:46:38पेसा एक्ट 1996 पंचायत एक्सटेंशन टू
- 5:46:42शेड्यूल एरियाज एक्ट 1996। इस एक्ट का
- 5:46:44पर्पस शेड्यूल एरियाज में ट्राइबल
- 5:46:45कम्युनिटीज को लोकल सेल गवर्नमेंट के थ्रू
- 5:46:47ग्रेटर पार्टिसिपेशन देना है। यह फिफ्थ
- 5:46:49शेड्यूल के शेड्यूल एरियाज से रिलेटेड है।
- 5:46:51ग्राम सभा को ट्राइबल ट्रेडिशन कम्युनिटी
- 5:46:54रिसोर्स और लोकल डेवलपमेंट मैटर्स में
- 5:46:57इंपॉर्टेंट पावर्स दी गई हैं। पेसा को
- 5:46:58सिक्स शेड्यूल के ट्राइबल एरियाज के साथ
- 5:47:00कंफ्यूज मत करना। ठीक है?
- 5:47:07कुछ कमिटीज देखेंगे पंचायत की। ये ज्यादा
- 5:47:09इंपॉर्टेंट है। बलवंत राय मेहता कमेटी
- 5:47:111987 में थ्री टायर पंचायती राज को
- 5:47:13रिकमेंड किया है। अशोक मेहता कमिटी 1977
- 5:47:16टू टायर सिस्टम को रिकमेंड किया था। जीवी
- 5:47:18के राव कमेटी जो आपकी 1985 पंचायती राज
- 5:47:21इंस्टीट्यूशन को डेवलपमेंट में इंपॉर्टेंट
- 5:47:23रोल बताया है। एलएम सिंघवी कमेटी 1986
- 5:47:25पंचायत को कॉन्स्टिट्यूशनल रेग्निशन देने
- 5:47:28की बात है। एंड आपका जो इंपॉर्टेंट इसके
- 5:47:30बाद आती है वो पीके थंगन कमेटी आती है जो
- 5:47:33कि 1988 में कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस और
- 5:47:36रेगुलर इलेक्शन की बात किया है। इसके बाद
- 5:47:38आपकी गार्डगिल कमेटी है। गार्डगिल कमेटी
- 5:47:40ने 1988 में पंचायती राज को
- 5:47:42कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोटेक्शन देने के
- 5:47:44प्रपोजल की बात की है। ठीक है? बाकी ये
- 5:47:46इंपॉर्टेंट नहीं है। ठीक है? ये बाकी आपका
- 5:47:48इंपॉर्टेंट नहीं है। जो इंपॉर्टेंट है वही
- 5:47:50मैं बता रहा हूं। तो इसीलिए बता रहा हूं
- 5:47:52कि बहुत सारी इसमें चीजें लिखी हैं जो
- 5:47:54यूपीपीसीएस के लिए इंपॉर्टेंट नहीं है।
- 5:47:55हालांकि क्योंकि ये जो आपकी स्कोर बूस्टर
- 5:47:57बनी है ये यूपीपीसीएस प्लस अदर स्टेट
- 5:47:59एग्जाम के लिए रेलेवेंट है। ठीक है? मतलब
- 5:48:01यूपीपीसीएस के लिए तो है ही है। प्लस अदर
- 5:48:03स्टेट एग्जाम के लिए भी है। तो आपको
- 5:48:04यूपीपीसीएस के हिसाब से चीजें फिगर आउट
- 5:48:06करनी है। ठीक है?
- 5:48:09क्रोनोलॉजी एंड लैंडमार्क फैक्ट्स। देखो
- 5:48:12कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम की बात आता
- 5:48:13है। कब शुरू हुआ था? 1952 में। पर्पस क्या
- 5:48:15था? रूलर डेवलपमेंट, एग्रीकल्चर,
- 5:48:18इंप्रूवमेंट और विलेजेस में बेसिक
- 5:48:21फैसिलिटी को प्रोवाइड करना। क्लियर है?
- 5:48:23इसके बाद नेशनल एक्सटेंशन सर्विस आती है।
- 5:48:25यह 1953 में शुरू हुई थी। पर्पस इसका रूरल
- 5:48:28डेवलपमेंट प्रोग्राम को ज्यादा विलेजेस तक
- 5:48:30पहुंचाना। पंचायती राज की जो फॉर्मल
- 5:48:32बिगिनिंग है वो 1959 में नागौर
- 5:48:34डिस्ट्रिक्ट राजस्थान में पंचायती राज ल्च
- 5:48:36हुआ था। आंध्र प्रदेश दूसरा स्टेट था जहां
- 5:48:38पंचायती राज सिस्टम डेवलप हुआ।
- 5:48:41इसके बाद नेशनल पंचायती राज डे हर साल 24
- 5:48:45अप्रैल को मनाया जाता है। ठीक है? क्योंकि
- 5:48:4773 कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट 24 अप्रैल
- 5:48:491993 को इफेक्टिव हुआ था। इसके बाद
- 5:48:52पंचायती राज के कुछ इंपॉर्टेंट
- 5:48:53कॉन्स्टिट्यूशनल फैक्ट्स देखेंगे। अह जैसे
- 5:48:5573 अमेंडमेंट 1982 पंचायत को
- 5:48:57कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस देता है। पार्ट
- 5:49:00नाइन आर्टिकल 243 से लेके 243 ओ तक है। 11
- 5:49:03शेड्यूल पंचायत से रिलेटेड 29 सब्जेक्ट्स
- 5:49:06बताता है। आर्टिकल 243 डी सीट्स का
- 5:49:09रिजर्वेशन की बात करता है। 243 ई पंचायत
- 5:49:12को फाइव ईयर टर्म टेन्योर की बात करता है।
- 5:49:15एंड 243 के स्टेट इलेक्शन कमीशन की बात
- 5:49:18करता है। क्लियर है? अब देखो कौन से एरिया
- 5:49:22में पार्ट नाइन ऑटोमेटिकली अप्लाई नहीं
- 5:49:24होता है। तो देखो आर्टिकल 243 एम के अंडर
- 5:49:27कुछ एरियाज एक्सक्लूडेड हैं। इंक्लूडिंग
- 5:49:29सर्टेन शेड्यूल एरियाज एंड ट्राइबल
- 5:49:30एरियाज। क्लियर है?
- 5:49:32लेकिन ध्यान रहे एक्सक्लूजन का मतलब यह
- 5:49:34नहीं कि वहां लोकल सेल गवर्नमेंट बिल्कुल
- 5:49:36नहीं होता है। वहां अलग कॉन्स्टिट्यूशनल
- 5:49:37या लीगल अरेंजमेंट हो सकते हैं। 106
- 5:49:40कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट और वुमेन
- 5:49:42रिजर्वेशन की बात करते हैं जिसको नारी
- 5:49:44शक्ति वंदन अधिनियम कहा जाता है। अभी हमने
- 5:49:46इसके बारे में बात भी कर रखा है। इसका मेन
- 5:49:47प्रोविजन वही चीजें यहां पे रिपीट करी गई
- 5:49:49हैं। क्लियर है? इसके बाद पंचायत समिति
- 5:49:53एंड जिला परिषद। देखो ग्राम पंचायत जो
- 5:49:56होता है वह विलेज लेवल पर होता है। मैंने
- 5:49:57आपको बता रखा है। गांव की लोकल गवर्नमेंट,
- 5:50:00लोकल रोड, सैनिटेशन और विलेज लेवल
- 5:50:02डेवलपमेंट में रोल होता है। पंचायत समिति
- 5:50:05जो होती है वह इंटरमीडिएट लेवल पर होती
- 5:50:07है। ब्लॉक लेवल पर काम करती है। ग्राम
- 5:50:09पंचायत के डेवलपमेंट वर्क कोऑर्डिनेट करने
- 5:50:11में हेल्प करती है। इसके बाद जिला परिषद
- 5:50:13जो है वो डिस्ट्रिक्ट लेवल पर होता है।
- 5:50:15डिस्ट्रिक्ट लेवल पर पंचायती राज और रूलर
- 5:50:17डेवलपमेंट प्लानिंग में इंपॉर्टेंट रोल
- 5:50:19निभाती है। क्लियर है?
- 5:50:22स्टेट फाइनेंस कमीशन वर्सेस स्टेट इलेक्शन
- 5:50:25कमीशन। देखो स्टेट फाइनेंस कमीशन जो है
- 5:50:27आर्टिकल आपका 243 आई में ही 243 के में
- 5:50:31है। इसको गवर्नर अपॉइंट करेगा एंड इसको
- 5:50:33गवर्नर अपॉइंट करेगा विद द स्टेट इलेक्शन
- 5:50:37कमीशन। अपॉइंट्स द स्टेट इलेक्शन कमीशन।
- 5:50:38दोनों को गवर्नर ही अपॉइंट करता है। मेन
- 5:50:40वर्क क्या होता है? यह देखोगे तो लोकल
- 5:50:42बॉडीज की फाइनेंसियल पोजीशन को रिव्य्यू
- 5:50:44करता है और यह पंचायत इलेक्शन बेसिकली
- 5:50:46सुपरवाइज, डायरेक्ट और कंट्रोल करता है।
- 5:50:49यह हर 5 साल पे होता है। यह इलेक्शन के
- 5:50:51कॉन्स्टिट्यूशन शेड्यूल के अकॉर्डिंग होता
- 5:50:52है। इसका फोकस बेसिकली फाइनेंस पे होगा
- 5:50:55एंड इसका फोकस इलेक्शन पे होगा। क्लियर
- 5:50:57है?
- 5:51:00ये सब वही बता रखा हूं। रिव्यु करेगा
- 5:51:01पंचायत को। यह सुब्रिडेंट डायरेक्शन
- 5:51:03कंट्रोल करता है। इसके बाद एडिशनल फैक्ट्स
- 5:51:05देखेंगे इलेक्शन पे एंड मेंबरशिप पे। तो
- 5:51:0773 कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट है। इस
- 5:51:10अमेंडमेंट ने पंचायती राज इंस्टीट्यूशन को
- 5:51:12कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस दिया और पंचायत
- 5:51:14इलेक्शन के लिए कॉन्स्टिट्यूशनल फ्रेमवर्क
- 5:51:15भी इस्टैब्लिश किया। अब देखो दूसरा पॉइंट
- 5:51:18क्या बोलता है कि अगर इलेक्शन में एक
- 5:51:20कैंडिडेट की डेथ हो जाती है तो पोलिंग हर
- 5:51:23सिचुएशन में ऑटोमेटिकली पोस्टपोन नहीं
- 5:51:24होती है। ठीक है? अगर कैंडिडेट की डेथ के
- 5:51:27बाद सिर्फ एक कैंडिडेट बचता है तो पोलिंग
- 5:51:29पोस्टपोन की जाती है। वुमेन सरपंच के बारे
- 5:51:31में बात करें तो एक वुमेन सरपंच अपने
- 5:51:33हस्बैंड को अपनी ग्राम अपनी जगह ग्राम
- 5:51:36पंचायत की मीटिंग्स अटेंड करने के लिए
- 5:51:37नॉमिनेट नहीं कर सकती है। जो आजकल देख रहे
- 5:51:40हो ना यही होता है। तो अ वूमेन सर्विस कैन
- 5:51:42नॉट नॉमिनेट हर हस्बैंड। इसको ध्यान रखना।
- 5:51:47अब हम म्यनिसिपालिटी को पढ़ेंगे जो पार्ट
- 5:51:49नाइन ए में है। 74 कॉन्स्टिट्यूशनल
- 5:51:51अमेंडमेंट एक्ट 1992। इस अमेंडमेंट ने
- 5:51:53म्यनिसिपालिटी को कॉन्स्टिट्यूशनल स्टेटस
- 5:51:55दिया। इसमें कॉन्स्टिट्यूशन में पार्ट 9 ए
- 5:51:58में जो कि आर्टिकल्स आपके 243 पी से लेके
- 5:52:02243
- 5:52:03जेड जी तक ऐड किए गए हैं। ठीक है? 12
- 5:52:07शेड्यूल में म्यनिसिपालिटी के 18th
- 5:52:08सब्जेक्ट्स दिए गए हैं। क्लियर है? अब
- 5:52:12देखो म्युनिसिपालिटी देखोगे ना तो तीन
- 5:52:14टाइप की होती हैं। आर्टिकल 243 क्यू में
- 5:52:17बोला गया है। पहला नगर पंचायत, दूसरा
- 5:52:18म्युनिसिपल काउंसिल, तीसरा म्युनिसिपल
- 5:52:20कॉरपोरेशन। नगर पंचायत ऐसे एरिया जो रूलर
- 5:52:23से अर्बन एरिया में ट्रांजिशन कर रहे हो।
- 5:52:25म्यनिसिपल काउंसिल एक स्मॉलर अर्बन एरिया
- 5:52:27को एडमिनिस्टर करता है और म्युनिसिपल
- 5:52:29कॉरपोरेशन एक लार्जर अर्बन एरिया को
- 5:52:31एडमिनिस्टर करता है। क्लियर है?
- 5:52:35टेरिटोरियल एरिया की बात करें तो
- 5:52:37म्युनिसिपल एरिया को गवर्नर नोटिफिकेशन के
- 5:52:39थ्रू स्पेसिफाई करता है। रिजर्वेशन की बात
- 5:52:41करें तो एससी एसटी के लिए पॉपुलेशन के
- 5:52:43प्रोपोर्शन के अकॉर्डिंग सीट्स रिजर्व
- 5:52:45होती हैं। टोटल डायरेक्टली इलेक्टेड सीट्स
- 5:52:47का कम से कम 1/3 वुमेन के लिए रिजर्व्ड
- 5:52:50होता है। जिसमें एससी, एसटी वुमेन के
- 5:52:52रिजर्व सीट्स भी इंक्लूडेड होती हैं। चेयर
- 5:52:54पर्सन ऑफिसिसेस में रिजर्वेशन का डिटेल
- 5:52:56रूल स्टेट लॉ के थ्रू प्रिस्राइब किया
- 5:52:58जाता है। इसके बाद एज क्वालिफिकेशन
- 5:53:00देखेंगे तो म्युनिसिपालिटी का काउंसलर या
- 5:53:02मेंबर बनने के लिए मिनिमम एज 21 इयर्स है।
- 5:53:05ठीक है? सिर्फ 25 इयर्स की एज होने की
- 5:53:07कंडीशन नहीं है। मिनिमम एज 21 इयर्स है।
- 5:53:10स्टेट लॉ कुछ स्पेसिफिक ऑफिसर्स के लिए
- 5:53:12एडिशनल कंडीशन प्रिस्राइब कर सकता है।
- 5:53:15इसके बाद टेन्योर की बात करेंगे तो
- 5:53:17म्यनिसिपालिटी का नॉर्मल टेन्योर 5 साल
- 5:53:19होता है। ठीक है? टेन्योर पहली मीटिंग के
- 5:53:22डेट से कैलकुलेट होता है। अगर
- 5:53:23म्यनिसिपालिटी को टाइम से पहले डिॉल्व कर
- 5:53:25दिया जाता है तो जनरली सिक्स मंथ के अंदर
- 5:53:28इलेक्शन करवाना होता है। अगर डिॉल्व
- 5:53:29म्युनिसिपालिटी का रिमेनिंग टेन्योर सिक्स
- 5:53:31मंथ से कम है तो फ्रेश इलेक्शन करवाना
- 5:53:34नेसेसरी नहीं होता है। क्लियर है? इसके
- 5:53:37बाद हम वार्ड कमिटीज़ के बारे में देखेंगे।
- 5:53:39जिन म्युनिसिपालिटीज़ की पॉपुलेशन 3 लाख या
- 5:53:41उससे ज्यादा है उनमें वार्ड कमिटीज़
- 5:53:43कंस्टीट्यूट करना मैंडेटरी है। वार्ड
- 5:53:45कमिटी क्या करती हैं? अपने वार्ड की लोकल
- 5:53:47प्रॉब्लम को एड्रेस करना। सफाई, रोड और
- 5:53:49लोकल सिविक सर्विज जैसे मैटर पर काम करना।
- 5:53:52ठीक है? रेजिडेंट्स और म्यनिसिपल
- 5:53:54एडमिनिस्ट्रेशन के बीच में कोऑर्डिनेशन
- 5:53:55इंप्रूव करना।
- 5:53:57स्टेट इलेक्शन कमीशन। म्युनिसिपल इलेक्शन
- 5:54:00का सुपरविज़न, डायरेक्शन और कंट्रोल स्टेट
- 5:54:02इलेक्शन कमीशन के पास होता है। आर्टिकल
- 5:54:04243 के में पंचायत का इलेक्शन था और 243
- 5:54:07जेड ए में आपका म्युनिसिपल का इलेक्शंस
- 5:54:10है। इसके बाद स्टेट फाइनेंस कमीशन। तो
- 5:54:12स्टेट फाइनेंस कमीशन म्युनिसिपालिटी की
- 5:54:14फाइनेंसियल पोजीशन रिव्य्यू करता है और
- 5:54:15गवर्नर को रिकमेंडेशन देता है। इसके बाद
- 5:54:18डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग कमिटी है।
- 5:54:19डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग कमेटी डिस्ट्रिक्ट
- 5:54:21के अंदर पंचायत और म्यनिसिपालिटीज़ के
- 5:54:22डेवलपमेंट प्लान को कंसोलिडेट करता है और
- 5:54:25डिस्ट्रिक्ट के लिए ड्राफ्ट डेवलपमेंट
- 5:54:27प्लान प्रिपेयर करता है। क्लियर है? इसके
- 5:54:29बाद आप मेट्रोपॉलिटन मेट्रोपॉलिटन
- 5:54:31प्लानिंग कमिटी देखोगे तो मेट्रोपॉलिटन
- 5:54:33एरिया के लिए ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान
- 5:54:35प्रिपेयर करना इसका मेन रूल है। ये अर्बन
- 5:54:37डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लानिंग के
- 5:54:39डिफरेंट एस्पेक्ट्स को कोऑर्डिनेट करती
- 5:54:41है। ठीक है? समझ गए? इसके बाद हम रूलर
- 5:54:44एंप्लॉयमेंट गारंटी रजिस्ट्रेशन देखेंगे।
- 5:54:47देखो इसमें जो आता है वह आपका आता है
- 5:54:49मनरेगा 2005 ओरिजिनली नेशनल रूलर
- 5:54:52एंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट 2005 को रूलर
- 5:54:54हाउसहोल्ड्स को वेज एंप्लॉयमेंट प्रोवाइड
- 5:54:56करने के लिए बनाया गया था। इसका
- 5:54:58इंप्लीमेंटेशन 2006 में शुरू हुआ था।
- 5:55:00ओरिजिनली एलिजिबल रूलर हाउसहोल्ड्स को हर
- 5:55:02फाइनेंसियल ईयर में एटलीस्ट 100 डेज का
- 5:55:04गारंटीड वेज एंप्लॉयमेंट दिया जाता था। 2
- 5:55:07अक्टूबर 2009 को इसका काम इसका नाम जो था
- 5:55:10वो महात्मा गांधी नेशनल रूलर एंप्लॉयमेंट
- 5:55:12गारंटी एट मनरेगा कर दिया गया था। ठीक है?
- 5:55:14अब ग्राम पंचायत का क्या रोल है? ग्राम
- 5:55:16पंचायत लोकल डेवलपमेंट वर्क्स को
- 5:55:18आइडेंटिफाई और इंप्लीमेंट करने में
- 5:55:20इंपॉर्टेंट रोल प्ले करती है। ग्राम सभा
- 5:55:22की रिकमेंडेशन को कंसीडर करके डेवलपमेंट
- 5:55:24वर्क प्लान किया जाता है। जैसे वाटर
- 5:55:25कंजर्वेशन, पोंड का रिपेयर, रूलर
- 5:55:28इंफ्रास्ट्रक्चर से रिलेटेड काम हो गया।
- 5:55:30ठीक है? अब अगर आप देखोगे तो लेटेस्ट लीगल
- 5:55:32अपडेट मनरेगा से क्या है कि गवर्नमेंट ऑफ
- 5:55:34इंडिया के ऑफिशियल अनाउंसमेंट के
- 5:55:36अकॉर्डिंग विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार
- 5:55:38एंड आजीविका मिशन। ठीक है?
- 5:55:412025 1 जुलाई 2026 से लागू हुआ और मनरेगा
- 5:55:442005 को रिप्लेस कर दिया। ठीक है? वही
- 5:55:47बताया गया है। क्लियर है? इसके बाद हम
- 5:55:49नेक्स्ट चैप्टर देखेंगे। स्पेशल प्रोविजन
- 5:55:50रिलेटिंग टू सर्टेन क्लासेस। ये हमारा
- 5:55:52लास्ट चैप्टर है। पार्ट 16 में आर्टिकल
- 5:55:54330 से 342 ए तक है। क्लियर है? अब देखो अ
- 5:55:59पार्ट 16 में एससी, एसटी, एंग्लो इंडियन
- 5:56:02कमिटी और सोशली एंड एजुकेशनली बैकवर्ड
- 5:56:04क्लासेस से रिलेटेड स्पेशल
- 5:56:06कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोविजन दिए गए हैं। 106
- 5:56:09आपका जो कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट एक्ट
- 5:56:102023 है आपको पता है नारी शक्ति वधनम
- 5:56:13अधिनियम दो-तीन बार आ रखा है। उसी से
- 5:56:15रिलेटेड बताया गया है। ठीक है? कुछ की
- 5:56:17आर्टिकल्स हैं। 330 आपका क्या बोलता है?
- 5:56:20रिजर्वेशन ऑफ सीट्स फॉर एससी एसटी इन द
- 5:56:22हाउस ऑफ द पीपल। लोकसभा में एससी एसटी के
- 5:56:25लिए रिजर्वेशन ऑफ सीट्स की बात करता है।
- 5:56:28आर्टिकल 330 ए लोकसभा में वुमेन रिजर्वेशन
- 5:56:31से रिलेटेड बात करता है। 331 लोकसभा में
- 5:56:33एंग्लो इंडियन नॉमिनेशन का पुराना
- 5:56:35प्रोविजन। 332 स्टेट लेजिसलेटिव असेंबली
- 5:56:38में एससी एसटी रिजर्वेशन। 332 ए स्टेट
- 5:56:40लेजिसलेटिव असेंबली में वुमेन रिजर्वेशन।
- 5:56:42333 आपका स्टेट असेंबली में एंग्लो इंडियन
- 5:56:45नॉमिनेशन का पुराना प्रोविज़ था। आपका 334
- 5:56:48जो है एससी एसटी रिजर्वेशन और एंग्लो
- 5:56:50इंडियन रिप्रेजेंटेशन की टाइम लिमिट से
- 5:56:52रिलेटेड प्रोविजन था। 334 ए जो है वुमेन
- 5:56:55रिजर्वेशन कब इंप्लीमेंट होगा उससे
- 5:56:57रिलेटेड था। 338 जो है नेशनल कमीशन फॉर
- 5:57:00शेड्यूल कास्ट। 338 ए नेशनल कमिशन फॉर
- 5:57:03शेड्यूल ट्राइब्स। 333 बी आपका नेशनल
- 5:57:06कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेस। इसके बाद 340
- 5:57:09जो है बैकवर्ड क्लासेस की कंडीशन
- 5:57:10इन्वेस्टिगेट करने के लिए कमीशन बना। 341
- 5:57:13शेड्यूल्ड कास्ट की लिस्ट और 342
- 5:57:15शेड्यूल्ड ट्राइब्स की लिस्ट। क्लियर है?
- 5:57:17इसके बाद रिजर्वेशन फॉर शेड्यूल कास्ट एंड
- 5:57:19शेड्यूल ट्राइब्स को देखेंगे। देखो इसका
- 5:57:22मतलब है कि लोकसभा में एससी और एसटी
- 5:57:23कम्युनिटीज़ के लिए कुछ सीट्स रिजर्व होती
- 5:57:25हैं। जैसे मान लो फॉर एग्जांपल अगर किसी
- 5:57:27स्टेट में एससी पॉपुलेशन का प्रोपोर्शन
- 5:57:29ज्यादा है तो उसके हिसाब से एससी रिजर्व
- 5:57:31कॉन्स्टीट्यूएंसीज़ हो सकती हैं। ठीक है?
- 5:57:33तो आर्टिकल 330 में लोकसभा का है और
- 5:57:36आर्टिकल 332 में स्टेट लेजिसलेटिव असेंबली
- 5:57:38का है। ठीक है? याद रखना एससी एसटी के लिए
- 5:57:41राज्यसभा में ऐसी सीट रिजर्वेशन का
- 5:57:43प्रोसेस नहीं है। ठीक है? अगर आप देखोगे
- 5:57:46तो जम्मू कश्मीर का स्पेशल पॉइंट क्या है?
- 5:57:48जम्मू एंड कश्मीर रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट
- 5:57:502019 के बाद जम्मू एंड कश्मीर की
- 5:57:52लेजिसलेटिव काउंसिल खत्म हो गई है। अब
- 5:57:54जम्मू एंड कश्मीर की लेजिलेटिव असेंबली
- 5:57:56में एससी एसटी रिजर्वेशन का प्रोविजन है।
- 5:57:58क्लियर है?
- 5:58:00अब देखो लेजिसलेटिव काउंसिल और लेजिसलेटिव
- 5:58:02असेंबली अलग होते हैं। काउंसिल को अपर
- 5:58:04हाउस और असेंबली को लोअर हाउस कहा जाता
- 5:58:05है। इतना आपको पता ही होगा। ठीक है? एससी
- 5:58:08एसटी लिस्ट कौन बनाता है? तो
- 5:58:09कॉन्स्टिट्यूशन के अकॉर्डिंग आर्टिकल 341
- 5:58:11और 342 के अकॉर्डिंग 341 में शेड्यूल
- 5:58:14कास्ट की लिस्ट है एंड 342 में शेड्यूल
- 5:58:16ट्राइब की लिस्ट है। प्रेसिडेंट पब्लिक
- 5:58:18नोटिफिकेशन के थ्रू किसी स्टेट या यूनियन
- 5:58:20टेरिटरी के लिए एससी एसटी कम्युनिटी
- 5:58:22स्पेसिफाई करते हैं। लेकिन बाद में लिस्ट
- 5:58:24में किसी कम्युनिटी को ऐड या रिमूव करने
- 5:58:26की पावर पार्लियामेंट के पास होती है।
- 5:58:28क्लियर है? अब क्या एससी एसटी पूरे इंडिया
- 5:58:30में सेम होता है? स्टेटस जो है एससी एसटी
- 5:58:33का क्या पूरे इंडिया में सेम होता है?
- 5:58:34नहीं। एससी एसटी स्टेटस स्टेट स्पेसिफिक
- 5:58:36हो सकता है। मतलब किसी कम्युनिटी को स्टेट
- 5:58:38ए में एससी स्टेटस मिला है तो जरूरी नहीं
- 5:58:40है कि वो कम्युनिटी स्टेट बी में भी एसटी
- 5:58:42हो। ठीक है? समझ गए? गवर्नर अकेला किसी
- 5:58:45कम्युनिटी को एससी एसटी डिक्लेअ नहीं कर
- 5:58:47सकता। इसके लिए कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोविजन
- 5:58:49फॉलो करना पड़ता है। समझ में आया? ये सब
- 5:58:51चीजें इंपॉर्टेंट है। अब देखो क्या रिलीजन
- 5:58:54के बेसिस पर एसटी स्टेटस खत्म हो जाता है?
- 5:58:57देखो शेड्यूल ट्राइब स्टेटस के लिए
- 5:58:59कॉन्स्टिट्यूशन में ऐसा जनरल रिलीजन बेस
- 5:59:01एक्सप्लोजन नहीं है। जैसे शेड्यूल कास्ट
- 5:59:03के करंट लीगल फ्रेमवर्क में है। ठीक है?
- 5:59:05इसको ध्यान रखना।
- 5:59:12अगर हम अब एंग्लो इंडियन की बात करें तो
- 5:59:14देखो इसमें क्या बोल रहा है? एंग्लो
- 5:59:15इंडियन कौन होते हैं? हिस्टोरिकली एंग्लो
- 5:59:17इंडियन कम्युनिटी का कनेक्शन इंडिया एंड
- 5:59:19यूरोपियन एनसेेस्ट्री से रहा है।
- 5:59:20कॉन्स्टिट्यूशन में इनके रिप्रेजेंटेशन के
- 5:59:22लिए स्पेशल नॉमिनेशन प्रोविज़ थे। जैसे
- 5:59:24आर्टिकल 331 लोकसभा में एंग्लो इंडियन
- 5:59:27मेंबर्स नॉमिनेट करने का प्रोविजन था। अब
- 5:59:29हट गया है। ठीक है? और इसके बाद आर्टिकल
- 5:59:31333 स्टेट असेंबली लेजिसलेटिव असेंबली में
- 5:59:34एंग्लो इंडियन मेंबर्स नॉमिनेट करने का
- 5:59:36पुराना प्रोविजन था। अब क्या सिचुएशन है?
- 5:59:38104 कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट एक्ट 2019
- 5:59:41ने एंग्लो इंडियन नॉमिनेटेड रिप्रेजेंटेशन
- 5:59:44को एक्सटेंड नहीं किया। इसलिए लोकसभा और
- 5:59:46स्टेट असेंबली में यह नॉमिनेशन अरेंजमेंट
- 5:59:4825 जनवरी 2020 के बाद डिस्कंटिन्यू हो गया
- 5:59:52है। ठीक है? इसके बाद नेशनल कमीशन देखेंगे
- 5:59:54अंडर पास्ट 16। ठीक है? पार्ट 16 में
- 5:59:56क्या-क्या है? देखो आर्टिकल 338 है। ये
- 5:59:59नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल टास्क की बात
- 6:00:01करता है। एससी कम्युनिटी इसके सेवगार्ड्स
- 6:00:03और कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोटेक्शन को मॉनिटर
- 6:00:05करता है। कंप्लेंट्स की इंक्वायरी करता है
- 6:00:06और गवर्नमेंट को रिकमेंडेशन देता है। इसके
- 6:00:09बाद नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल ट्राइब्स।
- 6:00:11आर्टिकल 338 ए में है। यह एसटी कम्युनिटीज
- 6:00:14के कॉन्स्टिट्यूशन सेफगार्ड्स को मॉनिटर
- 6:00:15करता है और उनसे रिलेटेड कंप्लेंट्स और
- 6:00:18वेलफेयर इशूज़ देखता है। इसके बाद आर्टिकल
- 6:00:21338 बी है। यह सोशली एंड एजुकेशनेशनली
- 6:00:23बैकवर्ड क्लास के सेफगार्ड्स को मॉनिटर
- 6:00:25करता है और कंप्लेंट्स और वेलफेयर रिलेटेड
- 6:00:27मैटर्स पर काम करता है। ठीक है? समझ में आ
- 6:00:30गया? अगर हम बैकवर्ड क्लासेस कमीशन की बात
- 6:00:34करें तो प्रेसिडेंट सोशली एंड एजुकेशनली
- 6:00:36बैकवर्ड क्लासेस की कंडीशन इन्वेस्टिगेट
- 6:00:38करने के लिए कमीशन अपॉइंट कर सकता है।
- 6:00:40इसका पर्पस होता है कि बैकवर्ड क्लासेस की
- 6:00:42डिफिकल्टीज को आइडेंटिफाई करना। उनकी सोशल
- 6:00:44और एजुकेशनेशनल कंडीशन को स्टडी करना।
- 6:00:46इंप्रूवमेंट के लिए रिकमेंडेशन देना। पहला
- 6:00:48बैकवर्ड क्लासेस कमीशन के चेयरमैन कौन थे?
- 6:00:51आपके काला काका केलकर। ठीक है? 1953 में
- 6:00:54अपॉइंट हुआ था। समझ गए बात को? इनको
- 6:00:57फर्स्ट बैकवर्ड क्लासेस कमीशन या फर्स्ट
- 6:00:58बैकवर्ड क्लासेस कमीशन के तौर पर या
- 6:01:01कालकेरकर कमीशन के तौर पर कहा जाता है।
- 6:01:03ठीक है? तो कालकेकर जो है पहला बैकवर्ड
- 6:01:05क्लासेस कमीशन है। इसको ध्यान रखना। ठीक
- 6:01:08है? कुछ एडिशनल फैक्ट्स दिए गए हैं। जैसे
- 6:01:12अह आपका इलेक्शन कमीशन आर्टिकल 324 है।
- 6:01:15इसके बाद नेशनल कमीशन शेड्यूल कास्ट 338
- 6:01:18है। फाइनेंस कमीशन 280 है। बैकवर्ड
- 6:01:20क्लासेस 338 बी है। ठीक है? तो ये सारी
- 6:01:23चीजें दी गई हैं। तो हमारा पिटी देखो खत्म
- 6:01:25हो गया है। पिटी को आपको जो है अब लाइन
- 6:01:28बाय लाइन चीजें पढ़नी है एंड रिवाइज करनी
- 6:01:30है। ठीक है? सबसे पहले पीवाईक्यूस को
- 6:01:32उठाना। जो भी कर रहे हो उस चैप्टर के
- 6:01:34पीवाईक्यूस उठाओ और पीवाईक्यूस को साथ-साथ
- 6:01:35देखो कि क्या चीज पूछी गई क्या इंपॉर्टेंट
- 6:01:37है। पिटी में सब पढ़ने बैठोगे तो सब नहीं
- 6:01:40पढ़ना है। ठीक है? एग्जाम अब बहुत पास आ
- 6:01:42गया है। हार्डली मन अंतरा है और खाली आपको
- 6:01:44पिटी नहीं करनी है दोस्त। आपको पिटी,
- 6:01:46हिस्ट्री, ज्योग्राफी, इकोनॉमी, साइंस।
- 6:01:48ठीक है? करंट अफेयर्स फिर आपका सीसट बहुत
- 6:01:51सारे सब्जेक्ट्स करने हैं आपको। तो आप
- 6:01:53स्मार्ट वे से तैयारी करो। ठीक है?
- 6:01:54स्मार्ट वे से चीजों को पढ़ो एंड सारी
- 6:01:57चीजें आपकी फुलफिल हो जाएंगी। तो थैंक यू
- 6:01:59सो मच। अच्छे से रिवाइज करना। ध्यान रखना
- 6:02:01अपना प्लीज। ठीक है? मिलते हैं जल्दी। टेक
- 6:02:03केयर। जय हिंद।
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