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दीपावली का रहस्य: लक्ष्मी, दीप, और हमारी आत्मा की यात्रा | Podcast | Dr. Vineet Aggarwal — Transcript

by Tilak Varta - The Sanatan Podcast · 6,431 words · 1,012 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00हमारी संस्कृति हमारे संस्कार सदा रहें
  2. 0:03हमारे साथ सब्सक्राइब करें तिलक
  3. 0:10त्यौहार है ना वो सीजन से रिलेटेड है तो
  4. 0:12धनतेरस चौदस और अमावस
  5. 0:15और ये तीन दिन तो आपको जलाने ही चाहिए यम
  6. 0:17दीपक ये अकाल मृत्यु से घर वालों को बचाने
  7. 0:20के लिए
  8. 0:20सो यहां हेल्थ और वेल्थ दोनों इकट्ठे आ
  9. 0:22रही है
  10. 0:23धनतेरस के दिन तो हमें दोनों पे फोकस करना
  11. 0:25चाहिए जैसे लक्ष्मी आती है और एक अलक्ष्मी
  12. 0:28होती है
  13. 0:28जो मिसफर्च्यून ले आती है
  14. 0:30तो अलक्ष्मी को भगाना है लक्ष्मी को
  15. 0:32बुलाना है और अलक्ष्मी को भगाना है तो
  16. 0:34विष्णु जी उठेंगे देव उठानी एकादशी में जो
  17. 0:37बाद में आती है दीपावली के
  18. 0:40सो उसके पहले लक्ष्मी जी को उठाया जाता
  19. 0:42है।
  20. 0:42राम जी का जन्म और उनकी जो लाइफ की जो भी
  21. 0:45जर्नी रही है वो क्या सिखाने के लिए
  22. 0:47एक्सजेक्टली उनका ये अवतार हुआ?
  23. 0:49आज की डेट में सेक्सुअल हरासमेंट की
  24. 0:51विक्टिम को भी अपना सकता है क्या?
  25. 0:56स्वागत करते हैं डॉक्टर विनीत अग्रवाल का।
  26. 0:59नमस्ते विनीत जी।
  27. 1:00नमस्ते।
  28. 1:00दिवाली के पीछे सेलिब्रेट करने के पीछे भी
  29. 1:03कोई रीज़न है?
  30. 1:04दिवाली भी एक बहुत बड़ा पर्व है।
  31. 1:06हम
  32. 1:07अगर आप अलग-अलग रीजंस में देखेंगे तो
  33. 1:10अलग-अलग मान्यताएं भी है उससे जुड़ी हुई।
  34. 1:12हम
  35. 1:12पुराणों के हिसाब से पांच दिन की या छ दिन
  36. 1:15की होती है दिवाली। हम
  37. 1:16सो पद्म पुराण के हिसाब सेस
  38. 1:20नरक चौदस दीपावली
  39. 1:22उसके अगले दिन गोवर्धन पूजा
  40. 1:24और जिसको बलि प्रतिपदा भी कहते हैं और फिर
  41. 1:27भाईदूज
  42. 1:28जिसको यम द्वितीय कहते हैं। तो ये पांच
  43. 1:30दिन होते हैं।
  44. 1:32स्कंद पुराण के हिसाब से एक दिन पहले
  45. 1:34धनतेरस के पहले वाले दिन से शुरू होता है।
  46. 1:36तो द्वादशी से शुरू होती है। तो वत्स
  47. 1:38द्वादशी से शुरू होता है। ओके।
  48. 1:40सो इसमें जो हमें मेनली समझ में आता है जो
  49. 1:43अगर आप पुराणों में पढ़ोगे डिस्क्रिप्शन
  50. 1:45तो उसमें पता चलता है एक तो अमावस जो है
  51. 1:47वो हमेशा पितरों के लिए होती है। हर अमावस
  52. 1:50पे पितरों के लिए श्राद्ध करना होता है।
  53. 1:52सो अगर आप पुराणों में देखेंगे तो हम तो
  54. 1:54सेलिब्रेशन से शुरू करते हैं दिवाली।
  55. 1:56सो पुराणों में पद्म पुराण में, स्कंद
  56. 1:58पुराण में बताया गया कि दीपावली वाले दिन
  57. 2:01सुबह आपको सबसे पहले पितरों के लिए
  58. 2:03श्राद्ध करना चाहिए।
  59. 2:04ओके।
  60. 2:05और पूरा दिन फास्टिंग रखनी चाहिए।
  61. 2:07ओके। और फिर शाम को सेलिब्रेशन शुरू होती
  62. 2:09है।
  63. 2:10सो आई थिंक एक-एक करके जाते हैं। तो पहले
  64. 2:12धनतेरस से शुरू करते हैं। तो धन त्रयोदशी
  65. 2:15क्योंकि 13वां दिन है ये। हम
  66. 2:17तो धनतेरस के दिन मान्यता ऐसी है कि उस
  67. 2:20दिन समुद्र मंथन में से
  68. 2:22हम
  69. 2:22जो हम पहले क्षीर सागर की बात कर रहे थे
  70. 2:24जिसमें समुद्र मंथन हुआ था।
  71. 2:26तो समुद्र मंथन में से सारी रिचेस निकली
  72. 2:28थी।
  73. 2:28हम
  74. 2:29तो लक्ष्मी जी भी उसमें से प्रकट हुई थी।
  75. 2:32और अमृत भी उसमें से निकला था। तो अमृत
  76. 2:35लेके धन धनवंतरी एक अवतार हैं विष्णु जी
  77. 2:38के
  78. 2:38जो अमृत कलश लेके प्रकट हुए थे।
  79. 2:41ओके।
  80. 2:41तो उस दिन लक्ष्मी जी की और धनवंतरी जी की
  81. 2:44पूजा करनी चाहिए।
  82. 2:45एंड वो दिन जो था वो धनतेरस का दिन था।
  83. 2:47धनतेरस का दिन था। जिस दिन वो उसमें से
  84. 2:49समुद्र में से प्रकट हुए थे।
  85. 2:51सो काफी लोग सिर्फ लक्ष्मी जी की पूजा
  86. 2:53करते हैं। धनवंतरी को भूल जाते हैं।
  87. 2:55सो काफी लोगों का होता है कि शॉपिंग करनी
  88. 2:57है, गोल्ड खरीदना है, नए यूटेंसिल्स
  89. 3:00खरीदने हैं या जैसे अक्षय तृतीया पे भी
  90. 3:01सेम कासेप्ट होता है।
  91. 3:03पर धन तेरस के दिन धनवंतरी जी की उपासना
  92. 3:06करनी चाहिए और वो हेल्थ के देवता आयुर्वेद
  93. 3:08के देवता है वो हम
  94. 3:10सो जैसे हम इंग्लिश में प्रभाव है हेल्थ
  95. 3:12इज वेल्थ हम
  96. 3:13सो यहां हेल्थ और वेल्थ दोनों इकट्ठे आ
  97. 3:15रही है
  98. 3:16धनतेरस के दिन तो हमें दोनों पे फोकस करना
  99. 3:18चाहिए
  100. 3:18हम
  101. 3:19नरद चतुर्दशी की एक बहुत इंटरेस्टिंग
  102. 3:21कहानी है उसमें दो चीजें हैं। एक तो हमें
  103. 3:24यम दीपक जलाना होता है।
  104. 3:25ओके
  105. 3:25तो यमराज के लिए तीन दिन दीपक जलाने होते
  106. 3:28हैं। अच्छा।
  107. 3:29सो
  108. 3:31अकाल मृत्यु से बचने के लिए।
  109. 3:33ओके।
  110. 3:33तो पुराणों के हिसाब से ये जो दिन है
  111. 3:35इनमें आपको यम दीपक जरूर जलाने चाहिए रात
  112. 3:38के टाइम।
  113. 3:39और वो तीन दिन कौन से होते हैं?
  114. 3:41ये चौदस का, अमावस का और उसका अगला दिन।
  115. 3:44यानी कि नरक चौदस, दिवाली।
  116. 3:46एक्चुअली त्रयोदशी से भी शुरू कर सकते
  117. 3:48हैं।
  118. 3:48धनतेरस से।
  119. 3:49हां धनतेरस से। तो धनतेरस, चौदस और अमावस
  120. 3:52हम
  121. 3:52और ये तीन दिन तो आपको जलाने ही चाहिए। यम
  122. 3:55दीपक
  123. 3:55एक घर में एक दीपक कोई भी जगह
  124. 3:57हां घर के बाहर रखते हैं हम साउथ की
  125. 3:58डायरेक्शन में
  126. 3:59हां
  127. 3:59और यमराज के लिए और ये अकाल मृत्यु से घर
  128. 4:04वालों को बचाने के लिए
  129. 4:05होते हैं उस दिन एक बहुत इंटरेस्टिंग
  130. 4:07कहानी एसोसिएटेड है जो महाभारत से
  131. 4:09एसोसिएटेड है
  132. 4:10हम
  133. 4:10सो नरकासुर एक राक्षस था
  134. 4:12हम
  135. 4:13जो यू नो नॉर्थ ईस्ट में था कंट्री के
  136. 4:17हम हम
  137. 4:18और वो भी रावण जैसे मैंने बताया कि वो
  138. 4:20जहां भी जाता था जिस भी किंगडम पे अटैक
  139. 4:22करता था वहां से वो स्त्रियां अबडक्ट करता
  140. 4:24था
  141. 4:24हम
  142. 4:25तो नरकासुर का भी वही चलन था
  143. 4:28हम
  144. 4:28और वो भी उसने हाहाकार मचाया हुआ था हम
  145. 4:31पृथ्वी पे और उसने 16100
  146. 4:35स्त्रियों को बंदी बनाया हुआ था
  147. 4:37गॉट
  148. 4:37इमेजिन तो 16100
  149. 4:40स्त्रियां उसकी बंदी थी और कृष्ण जी फिर
  150. 4:44अटैक करते हैं उसकी राजधानी पे राज
  151. 4:47ज्योतिषपुर पे
  152. 4:48और वहां वो नरकासुर को मार के उन सबको
  153. 4:51रिलीज करते हैं
  154. 4:52तो ये माना जाता है कि वो तो ये नरक
  155. 4:54चतुर्दशी वाले दिन ये इंसिडेंट हुआ था।
  156. 4:56इवन आज की डेट में एक्सेप्टेंस नहीं होती।
  157. 4:59राइट? अगर कोई विक्टिम है
  158. 5:02तो भी सोसाइटी उसको एक्सेप्ट नहीं करती
  159. 5:04है।
  160. 5:05सो ये 16100 स्त्रियां जो थी हम
  161. 5:08जिनकी फैमिली ने उनको एक्सेप्ट नहीं किया
  162. 5:11या उनको डर था एक्सेप्ट नहीं करेंगी। हम
  163. 5:14तो वो कृष्ण जी से प्रे करती हैं कि आप ही
  164. 5:17हमें एक्सेप्ट करो।
  165. 5:18हम
  166. 5:19क्योंकि और कोई हमें एक्सेप्ट नहीं करेगा।
  167. 5:21हम
  168. 5:21और कृष्ण जी वो 16100 स्त्रियों को अपनी
  169. 5:26रानी का दर्जा देते हैं।
  170. 5:28वो उन सबको द्वारका लेके जाते हैं। उन
  171. 5:30सबके लिए अलग-अलग महल बनाए जाते हैं।
  172. 5:33ओके।
  173. 5:33तो इमेजिन कीजिए जो कृष्ण जी के बारे में
  174. 5:35हम बात करते हैं जनरली यू नो बहुत हंसीज़ाक
  175. 5:38में बात होती है।
  176. 5:39के यू नो गोपियां थी, रासलीला थी, वो पर
  177. 5:42कोई ये समझता नहीं है कि उन्होंने कितना
  178. 5:44बड़ा कार्य किया। आज की डेट में एक इंसान
  179. 5:49एक सेक्सुअल हरासमेंट की विक्टिम को भी
  180. 5:52अपना सकता है क्या?
  181. 5:53हम
  182. 5:54उन्होंने 16100
  183. 5:57स्त्रियों को वो मान दिया वो दर्जा दिया
  184. 6:00जो उनकी अपनी पत्नी का था। रुक्मणी का था।
  185. 6:03हम
  186. 6:03सो वो एक बहुत ही बड़ा एक इवेंट है
  187. 6:08जो सेलिब्रेट होता है नरक चतुर्दशी वाले
  188. 6:10दिन।
  189. 6:10हम्म। और नरक चतुर्दशी पे साउथ में जाओगे
  190. 6:13तो उनको ज्यादा कहानी कृष्ण जी की ही पता
  191. 6:15है।
  192. 6:15ओके
  193. 6:15राम जी की कम मान्यता है वहां पे कृष्ण जी
  194. 6:19की स्टोरी की ज्यादा है दीपावली से
  195. 6:21रिलेटेड।
  196. 6:22अच्छा
  197. 6:22और ये तीनों ही दिन दीपक तो जलाने ही होते
  198. 6:25हैं आपको रात में। यम दीपक तो है ही
  199. 6:27पर चौराहों पे मंदिरों में घरों में हर
  200. 6:32जगह दीपक पूरी सिटी को रोशन करना होता है
  201. 6:36और उसका एक कारण आप समझ सकते हैं जो हमारे
  202. 6:38त्यौहार है ना वो सीजन से रिलेटेड है
  203. 6:41हम
  204. 6:41सो आप देखेंगे अगर होली है तो होली में हम
  205. 6:44रंगों से खेलते हैं
  206. 6:45राइट
  207. 6:45पिचकारियों से खेलते हैं क्यों क्योंकि
  208. 6:47मौसम खुल रहा है
  209. 6:48स्प्रिंग का टाइम है फूल खिल रहे हैं
  210. 6:51फूलों से गुलाल बनता था पहले
  211. 6:53पलाश के फूलों से गुलाल बनाया जाता
  212. 6:55सो कामदेव की पूजा की जाती थी। स्प्रिंग
  213. 6:58का टाइम है। फ्रेशनेस का टाइम है।
  214. 7:01दीपावली के टाइम विंटर शुरू होने वाली है।
  215. 7:03ऑटम सीजन है।
  216. 7:05तो अंधकार छाने लगा है। तो अंधकार को
  217. 7:07हटाने के लिए हमें रिमाइंडर दिया जाता है
  218. 7:09कि आप दीपक जलाओ। पहले के जमाने में
  219. 7:12इलेक्ट्रिसिटी थोड़ी होती थी। तो दीपक जला
  220. 7:14के ही रोशनी मिलती थी। हम हम
  221. 7:15सो दीपक जलाने की प्रथा ही बहुत ज्यादा
  222. 7:19स्टंगली एसोसिएटेड है।
  223. 7:22और उसके अलावा फूलझड़ियों का भी यूज़ मेंशंड
  224. 7:25है।
  225. 7:26पुराणों में
  226. 7:27सो उनको उल्का हस्त बोलते हैं।
  227. 7:30तो उल्का इज लाइक अ मीिटोर।
  228. 7:32उल्का पिंड बोलते हैं हिंदी में मीटियोस
  229. 7:34को। तो वो मतलब जो स्पार्कल कर रहा है और
  230. 7:38हाथ में पकड़ा हुआ उल्का। हम
  231. 7:40सो सॉर्ट ऑफ़ लाइक जो फूलझड़ी है आज की
  232. 7:43हम
  233. 7:43तो वो भी जलाने का उसमें ट्रेडिशन था
  234. 7:47हम
  235. 7:47कि वो जला के आप पितरों को बेसिकली आप
  236. 7:50रास्ता दिखा रहे हो
  237. 7:51हम
  238. 7:51वापस पितृ लोग जाने का क्योंकि अमावस के
  239. 7:53दिन पित आते हैं।
  240. 7:54हम हम
  241. 7:55सो ये अलग-अलग ट्रेडिशन एसोसिएटेड है।
  242. 7:57फिर दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन है।
  243. 8:00तो ऑफ कोर्स शुरू में जैसे मैंने बताया
  244. 8:01सुबह के टाइम आप श्राद्ध करते हैं पितरों
  245. 8:04के लिए। फिर शाम में लक्ष्मी जी की पूजा
  246. 8:07अर्चना की जाती है और जो घर की स्त्रियां
  247. 8:09होती हैं उसके पहले जो दो-तीन दिन है वत्स
  248. 8:12द्वादशी त्रयोदशी चौदस में जो घर के पुरुष
  249. 8:15हैं
  250. 8:16वो दीपक जलाते हैं वो आरतियां करते हैं
  251. 8:20इनफैक्ट घर के सारे मेंबर्स की आरती
  252. 8:23उतारते हैं वो
  253. 8:24अच्छा
  254. 8:24घर के पशुओं की पूजा होती है जो घर के
  255. 8:27बड़े बूढ़े हैं माता की पूजा होती है घर
  256. 8:30की स्त्रियों की पूजा होती है
  257. 8:31एज अ ग्रेटट्यूड
  258. 8:32एज अ ग्रेटट्यूड और यह दीपावली वाले दिन
  259. 8:36दीपावली अमावस वाले दिन जो घर की
  260. 8:39स्त्रियां हैं
  261. 8:40वो लक्ष्मी जी की पूजा करती हैं। सबसे
  262. 8:42पहले ऐसा माना जाता है चातुर्मास में
  263. 8:44विष्णु जी योग निद्रा में हैं। राइट? तो
  264. 8:46विष्णु जी के साथ-साथ लक्ष्मी जी भी योग
  265. 8:48निद्रा में है।
  266. 8:49अच्छा।
  267. 8:49तो विष्णु जी उठेंगे देव उठानी एकादशी में
  268. 8:52जो बाद में आती है दीपावली के। सो उसके
  269. 8:55पहले लक्ष्मी जी को उठाया जाता है।
  270. 8:57ओके। जी
  271. 8:58तो घर की स्त्रियां जो है वो लक्ष्मी जी
  272. 8:59की पूजा करके उनके लिए एक स्पेशल मिठाई
  273. 9:02बनती है जो मेंशंड है पुराणों में दूध
  274. 9:04जयफल शक्कर
  275. 9:07लौंग इलायची
  276. 9:10करपूर ये सब उबाल के मतलब उसको उसके लड्डू
  277. 9:14बनाए जाते हैं।
  278. 9:14ये खीर की फॉर्म में
  279. 9:16हां बट उसके लड्डू बनाए जाते हैं। तो उसको
  280. 9:17काढ़ के और उसको उसके लड्डू बनाए जाते हैं
  281. 9:19जो लक्ष्मी जी को ऑफर किए जाते हैं। कमल
  282. 9:22के फूल उनको चढ़ाए जाते हैं पूजा अर्चना
  283. 9:24में
  284. 9:24और फिर सारी फैमिली जॉइ होती है उस पूजा
  285. 9:27में
  286. 9:28और रात में जाग के जो घर की स्त्रियां
  287. 9:31होती है क्योंकि पहले तो सबके मवेशी होते
  288. 9:33थे गाय भैंस सबके घरों में होती थी तो वो
  289. 9:36जो ट्रेडिशंस थे तो उसमें आपको अपने जो
  290. 9:40नहाता है जहां पे पशु बंधे हुए होते हैं
  291. 9:43वहां पे स्त्रियों को ऐसा माना जाता है कि
  292. 9:45वो अलक्ष्मी जैसे लक्ष्मी आती है और एक
  293. 9:48अलक्ष्मी होती हैं जो मिसफॉर्च्यून लेके
  294. 9:50आती
  295. 9:53कोना
  296. 9:59और लक्ष्मी को भगाने के लिए एक ड्रम लेके
  297. 10:02वो पीटते थे
  298. 10:03अच्छा
  299. 10:03रात को 12:00 बजे
  300. 10:04ये पहले होते थे ऐसे
  301. 10:06पहले होते थे ये सब पुराणों में मेंशन है
  302. 10:08ट्रेडिशन जो अब हमें पता भी नहीं है
  303. 10:10अनफॉर्चुनेटली
  304. 10:11और ये जो आरती वाला आपने बताया जो घर के
  305. 10:14आदमी जो होते हैं तीन दिन आरती करते वो कब
  306. 10:17वो अभी भी होता है कहीं पर या अब नहीं
  307. 10:18होता
  308. 10:19मैंने तो नहीं का
  309. 10:22मैं वही
  310. 10:23लेकिन ये पुराणों में जो मेंशन है
  311. 10:24ट्रेडिशन जो हमें फॉलो करने चाहिए उसके
  312. 10:26बाद जो अगला दिन है बलि प्रतिपदा का वो
  313. 10:29एसोसिएटेड है बलि महाराज से
  314. 10:31अच्छा
  315. 10:31जो वामन अवतार में विष्णु जी ने उनको
  316. 10:33सबड्यू करके जो बलि महाराज थे वो दैत्य थे
  317. 10:36एक असुर थे
  318. 10:37और उन्होंने इंद्र को हरा के स्वर्ग पे
  319. 10:39कब्जा कर लिया था तो विष्णु जी ने उनसे
  320. 10:41वापस लिया स्वर्ग वामन अवतार में
  321. 10:43पर वो उनसे इतने प्रसन्न थे उन्होंने
  322. 10:46वरदान दिया बलि को
  323. 10:47हम
  324. 10:47के अगले मनवंतर ंतर में जैसा मैंने कहा हर
  325. 10:50मनवंतर में चेंज होते हैं लीडर्स
  326. 10:52तो अगले मनवंतर में बलि महाराज इंद्र
  327. 10:55बनेंगे तो ये एक पहला इंसिडेंट होगा जब एक
  328. 10:57असुर इंद्र की पोजीशन पे आएगा
  329. 11:00नाउ जब भी
  330. 11:01नेक्स्ट मनवंतर में
  331. 11:02और उस दिन मतलब बलि ने वरदान मांगा था कि
  332. 11:05एक दिन
  333. 11:06कम से कम एक दिन साल में
  334. 11:09मुझे वापस आने की अनुमति हो
  335. 11:11मेरे किंगडम में हम
  336. 11:13सो एक्चुअली ओनम का जो फेस्टिवल मनाते हैं
  337. 11:15केरला में उसमें भी उनकी यही मान्यता है
  338. 11:17कि बलि उस दिन वापस वापस आते हैं।
  339. 11:19बट उस दिन एक्चुअली वामन जयंती होती है।
  340. 11:22अच्छा
  341. 11:22तो ये ये वो दिन है पुराणों के हिसाब से
  342. 11:25जब बलि वापस आते हैं एक दिन के लिए बलि
  343. 11:28प्रतिपदा हम
  344. 11:29तो उस दिन सुबह गोवर्धन पूजा होती है
  345. 11:32जिसमें हम एनवायरमेंट को की पूजा कर रहे
  346. 11:34हैं। अपने एनवायरमेंट को थैंक्स गिविंग कर
  347. 11:36रहे हैं।
  348. 11:36प्रकृति की पूजा
  349. 11:37प्रकृति की पूजा कर रहे हैं। जो पहाड़
  350. 11:39हैं, पेड़ हैं जिनके कारण हम बचे हुए
  351. 11:41हमारा इकोसिस्टम है।
  352. 11:43तो उसकी हम वैल्यू कर रहे हैं। हम्म।
  353. 11:45और रात में फिर बलि महाराज की और उनके
  354. 11:49एसोसिएट्स की रंगोलियां बनाई जाती है।
  355. 11:52अच्छा।
  356. 11:52हां।
  357. 11:53और उनकी पूजा की जाती थी।
  358. 11:56ये कहां पर होता है? अभी भी
  359. 11:57अभी तो पता नहीं कहां होता है। पर पुराणों
  360. 11:59में ये कहा गया है करने के लिए। बरि
  361. 12:02प्रतिपदा और उस दिन एक्चुअली आफ्टरनून में
  362. 12:04बहुत सारे कॉन्टेस्ट होते थे।
  363. 12:07ऐसा है सबको बांटने का जो कपड़े पहनने का
  364. 12:11जो है दिवाली पे
  365. 12:13वो वहां उस आ रहा है कि बलि प्रतिपदा में
  366. 12:16क्योंकि एक नई शुरुआत हुई है
  367. 12:18हां
  368. 12:18बलि वापस आता है और बलि वाज अ वेरी
  369. 12:20बेनोबिलेंट किंग
  370. 12:22तो जो राजा थे उनको कहा जाता है अपने सारे
  371. 12:25मिनिस्टर्स को अपनी प्रजा में
  372. 12:28अपने जो उनके सैनिक हैं उनके जो
  373. 12:31मिनिस्टर्स हैं उनके जो
  374. 12:34जानवरों को जो पालते यू नो हाथी घोड़े बहुत
  375. 12:37होते थे।
  376. 12:38उन सबको उन सबको गिफ्ट्स मिलते हैं।
  377. 12:41कॉन्टेस्ट अरेंज किए जाते थे। टग ऑफ वॉर
  378. 12:43का्टेस्ट होते थे।
  379. 12:45और एक और ही बहुत ही अमेजिंग ट्रेडिशन था
  380. 12:48जिसमें
  381. 12:50म्यूजिक वगैरह सुनाया जाता था एनिमल्स को।
  382. 12:53आई थिंक ये जो बलि थे असुर राज बलि राइट?
  383. 12:57ये बहुत दानवीर काइंड ऑफ़ थी। ठीक है? तो
  384. 13:00इनके अंदर असुरों के गुण बहुत मतलब असुरों
  385. 13:03के गुण और
  386. 13:06पर वो क्योंकि देखिए प्रहलाद जो थे
  387. 13:08प्रहलाद के एक्चुअली पोते हैं बलि
  388. 13:11अच्छा
  389. 13:11हां तो वो रिलेशनशिप में वो आ ही रहे हैं
  390. 13:14वो उनकी विरासत में है
  391. 13:16भक्ति
  392. 13:17तो ये पहले ऐसे कोई असुर होंगे जिनकी पूजा
  393. 13:20मतलब की जाती है जस्ट बिकॉज़ ही ओनली वन है
  394. 13:24ना
  395. 13:24जिनके लिए पूरा फेस्टिवल है जो बलि
  396. 13:27प्रतिपदा बलि महाराज के लिए है
  397. 13:29और वो क्योंकि क्योंकि फ्यूचर इंद्र
  398. 13:30बनेंगे। हम
  399. 13:32और फिर उसके अगले दिन जो है वो यमद्वितीया
  400. 13:34है जिसको हम भाईदूज बोलते हैं।
  401. 13:35अच्छा।
  402. 13:36और उस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए
  403. 13:39थे।
  404. 13:39हम
  405. 13:40और अगेन ये जो स्टोरीज जो है ना वो बहुत
  406. 13:43सारे हमारे रिलेशनशिप्स बताती हैं। जैसे
  407. 13:45शिव पार्वती की स्टोरीज में हस्बैंड वाइफ
  408. 13:47का था।
  409. 13:47तो इसमें है कि यम और यमुना सूर्य के
  410. 13:50बच्चे हैं।
  411. 13:51और यमुना उनको बुलाती रहती है कि मेरे घर
  412. 13:54आओ। हम
  413. 13:55और यमराज कहते हैं कि मेरे पास तो बहुत
  414. 13:57काम है।
  415. 13:58ऑब्वियसली सबको लेकर आना है।
  416. 14:00तो यमराज कहते हैं कि मुझे मेरे पास टाइम
  417. 14:03ही नहीं है। जैसे होता है हम देखते हैं
  418. 14:05नॉर्मल लाइफ में। राइट?
  419. 14:06फिर यमराज उस दिन टाइम निकाल के यमुना के
  420. 14:09घर जाते हैं।
  421. 14:10अच्छा।
  422. 14:11तो वो यम द्वितीया मनाई जाती है। दैट इज
  423. 14:13एक्चुअली द सेलिब्रेशन ऑफ़ ब्रदर सिस्टर
  424. 14:16रिलेशनशिप।
  425. 14:17व्हिच वी कॉल भाईदूज।
  426. 14:18व्हिच वी कॉल भाईदूज।
  427. 14:19अच्छा। तो उस दिन सब भाइयों को अपनी बहन
  428. 14:21के घर जाना ही होता है।
  429. 14:24और बहनें उनके लिए गिफ्ट वगैरह ले जाना
  430. 14:26होता है और बहनें उनके लिए खाना बनाती
  431. 14:28हैं।
  432. 14:28और ये जो ट्रेडिशंस है तो अलग-अलग
  433. 14:30कहानियां पांच दिन की छ दिन की जो अलग-अलग
  434. 14:33कहानियां है वो है और हां गोवर्धन पूजा
  435. 14:35वाले दिन अगेन गाय और जो मवेशी है उनकी भी
  436. 14:38पूजा की जाती है।
  437. 14:39अच्छा और दिवाली पे जैसे आपने लक्ष्मी जी
  438. 14:42के लिए बताया कि उनको जगाया जाता है। तो
  439. 14:44लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा क्यों
  440. 14:47की जाती है? सो वो पुराणों में तो मेंशन
  441. 14:49नहीं है वैसा पर गणेश जी तो आप देखिए हर
  442. 14:52पूजा में आपको पहले उनकी अर्चना करनी ही
  443. 14:54होती है। किसी भी
  444. 14:55अनुष्ठान में सबसे पहले गणपति की ही पूजा
  445. 14:58की जाती है।
  446. 14:59पर उसके साथ-साथ गणपति भी एसोसिएटेड है
  447. 15:01गुड फॉर्च्यून से।
  448. 15:03राइट? तो आपको उनके जो पुत्र हैं गणेश जी
  449. 15:07के उनको उनका नाम है शुभ और लाभ।
  450. 15:09हां।
  451. 15:10तो वो ऑस्पिशियसनेस एंड प्रॉफिट। हम
  452. 15:12वो दोनों उनसे एसोसिएटेड है।
  453. 15:15तो जब आप लक्ष्मी की पूजा कर रहे हैं,
  454. 15:17आपके पास धन आएगा पर आपको विज़डम भी चाहिए
  455. 15:19वो धन को यूटिलाइज करने के लिए।
  456. 15:21तो इसलिए गणेश जी की भी उनके साथ पूजा की
  457. 15:24जाती है।
  458. 15:25और जैसे कि जो हम सब जानते हैं कि दिवाली
  459. 15:28के दिन श्री राम जी वापस आए थे। ठीक है?
  460. 15:30ये एक बड़ी चीज जो सब जानते हैं। ठीक है?
  461. 15:32आइडियली मतलब उस दिन राम जी की पूजा का
  462. 15:36उतना विधान नहीं है। लेकिन लक्ष्मी जी और
  463. 15:39गणेश जी की पूजा का है। तो ये किस रीज़न से
  464. 15:42क्या
  465. 15:42सो आई थिंक ये जो ट्रेडिशन है क्योंकि ये
  466. 15:44बहुत पुराने ट्रेडिशंस हैं। पुराणों के
  467. 15:46टाइम से ट्रेडिशंस बने हुए हैं।
  468. 15:48तो ये मे बी प्री रामायण ट्रेडिशंस हैं।
  469. 15:50सो वो उस दिन दीपावली राम जी के वापस आने
  470. 15:54के पहले भी मनाई जाती थी।
  471. 15:56अभी आपने एक चीज बोली थी कि कृष्ण जी की
  472. 15:58जो वाइफ थी मतलब है रुक्मणी जी मानी जाती।
  473. 16:01ठीक है। एंड राधा जी आल्सो वी नो कि उनके
  474. 16:05साथ में कैसे तो राधा जी भी लक्ष्मी जी का
  475. 16:08रूप थी एंड रुक्मणी जी भी लक्ष्मी जी का
  476. 16:11रूप थी
  477. 16:12अलग-अलग शक्तियों एक तरीके से
  478. 16:14अलग-अलग शक्तियां थी अलग-अलग देवी भागवत
  479. 16:17पुराण में तो राधा जी को एक अलग अवतार ही
  480. 16:19बताया गया है देवी का
  481. 16:20अच्छा ओके
  482. 16:22और रुक्मणी को लक्ष्मी का अवतार बताया गया
  483. 16:24है तो राधा और कृष्ण एक अलग ही
  484. 16:28लेवल का वो है कनेक्शन
  485. 16:29अच्छा अच्छा ओके ओके
  486. 16:30सो अलग-अलग
  487. 16:32कहानियों में अलग-अलग तरह बताया गया पर
  488. 16:33सेम ही शक्ति के अंश है।
  489. 16:36तो आपके हिसाब से राम जी का जन्म और उनकी
  490. 16:39जो लाइफ की जो भी जर्नी रही है वो क्या
  491. 16:41सिखाने के लिए एक्सजेक्टली उनका ये अवतार
  492. 16:43हुआ। सिर्फ ऐसा नहीं होगा कि रावण का वध
  493. 16:46करना था। ऑब्वियसली कुछ और भी रीज़ंस
  494. 16:49होंगे। तो आपने क्योंकि इतना पढ़ा है तो
  495. 16:51आपके हिसाब से और क्या रीज़न होंगे जो हमें
  496. 16:54जानना चाहिए।
  497. 16:54सी जैसा मैंने पहले भी कहा था आई थिंक कि
  498. 16:56मर्यादा पुरुषोत्तम है वो। तो वो दिखाते
  499. 16:59हैं हमें एडवर्सरी में भी। आप देखिए वो
  500. 17:01राजकुमार थे
  501. 17:03हम
  502. 17:03है ना और वो उन्होंने बचपन से बचपन में वो
  503. 17:07पले बड़े अच्छा गुरु वशिष्ठ के यहां पड़े
  504. 17:11गुरुकुल में रहे होंगे तो राजमहल में उनका
  505. 17:14जन्म हुआ पर वो बड़े हुए गुरुकुल में
  506. 17:16हम्म
  507. 17:17फिर वो
  508. 17:1816 साल के भी नहीं थे जब विश्वामित्र आ गए
  509. 17:20उनको लेने के लिए
  510. 17:21ओके
  511. 17:21जंगल ले जाने के लिए
  512. 17:23वो बड़े-बड़े राक्षसों से लड़े वो ताड़का
  513. 17:26सुबाहु मरीच
  514. 17:28हम
  515. 17:28एंड ही वाज़ अ टीनएजर हम
  516. 17:30राम और लक्ष्मण बच्चे थे लिटरली
  517. 17:33तो उस टाइम में विश्वामित्र जी ने जो एक
  518. 17:36भूमिका निभाई
  519. 17:38के वशिष्ठ ने उनको सारा किताबी ज्ञान दिया
  520. 17:42है। प्रैक्टिकल नॉलेज जो है वो
  521. 17:43विश्वामित्र जी ने दी उनको।
  522. 17:45उनको ट्रैवल करवाया अपने कंफर्ट ज़ोन से
  523. 17:47बाहर। राक्षसों से उनका सामना करवाया कि
  524. 17:49ये देखो फ्यूचर में तुम्हें ये सब देखना
  525. 17:51पड़ेगा।
  526. 17:52तो उनको इंट्रोड्यूस कराया उस रियलिटी ऑफ़
  527. 17:56लाइफ जो हम बोलते हैं उससे। हम
  528. 17:58और राम जी ने हर स्टेप पे
  529. 18:01सीखा
  530. 18:03तो आप कहीं पे भी नहीं देखोगे लक्ष्मण जी
  531. 18:05हमेशा गुस्से में दिखाए जाते हैं कि वो
  532. 18:06बोलते हैं ऐसा क्यों वैसा क्यों दशरथ ने
  533. 18:08ऐसा क्यों कहा लक्ष्मण जी बहुत गुस्से में
  534. 18:10होते हैं जब दशरथ उनको बोल देते हैं राम
  535. 18:12जी को वनवास जाने
  536. 18:13लक्ष्मण जी शेषनाग का है राइट
  537. 18:15तो राम जी हर जगह उन्होंने आइडियल धर्म
  538. 18:19निभाया है
  539. 18:20जो भी उस सिचुएशन में उनको करना चाहिए था
  540. 18:23तो उन्होंने विश्वामित्र के सामने भी
  541. 18:25उन्होंने बोला जो आप मेरे को आज्ञा दोगे
  542. 18:27वो मैं करूंगा उनके पास कोई नॉलेज नहीं
  543. 18:30कुछ नहीं था उनका ओबिडियंस देख के
  544. 18:32विश्वामित्र ने उनको दिव्य अस्त्रों की
  545. 18:33नॉलेज दी। फिर वो दिव्य अस्त्र उन्होंने
  546. 18:35यूज़ किए ताड़का मारीच वगैरह से लड़ने के
  547. 18:37लिए।
  548. 18:37हम
  549. 18:38और उसके बाद विश्वामित्र इतने खुश हुए। वो
  550. 18:40उनको लेके गए मिथिला हम
  551. 18:43जहां पे सीता जी का स्वयंवर चल रहा था।
  552. 18:45अब आप देखिए सीता जी का जो स्वयंवर जो
  553. 18:47दिखाया जाता है ना सीरियल्स में वो ऐसा
  554. 18:48होता है कि स्वयंवर चल रहा है। वहां पे सब
  555. 18:50राजा बैठे हुए हैं। कोई उठा नहीं पा रहा
  556. 18:51है। हम
  557. 18:52इनफैक्ट वैसा नहीं था। स्वयंवर जो था वो
  558. 18:55एक साल पहले से चल रहा था।
  559. 18:58जब राम जी वहां पहुंचते हैं।
  560. 19:00हां।
  561. 19:00कोई भी राजा क्योंकि वो धनुष उठाने शिव जी
  562. 19:03का धनुष था वो।
  563. 19:04वो शिवजी का धनुष उठा नहीं पाया था। सब के
  564. 19:07सब फेल हो गए थे।
  565. 19:08एक बहुत ही पैकुल सी सिचुएशन थी वहां पे।
  566. 19:11जनक अब फंस गए हैं। जनक ने वचन दिया है कि
  567. 19:13जो ये धनुष उठाएगा उसी के साथ मैं अपनी
  568. 19:15बेटी का विवाह करूंगा।
  569. 19:16हम
  570. 19:16सीता जी इज वेटिंग कि भाई कोई उठाएगा ये
  571. 19:19धनुष।
  572. 19:20हम
  573. 19:20एक साल हो गया है। नोबडी इस एबल टू डू इट।
  574. 19:23हम हम
  575. 19:23तो राम जी वहां जाके जो हार चुके थे
  576. 19:27सूटर्स वो अटैक कर देते हैं मिथिला पे तो
  577. 19:30जनक के छोटे भाई है कुष्यध्वज वो एक्चुअली
  578. 19:32लड़ाई लड़ रहे होते हैं उस टाइम जब
  579. 19:34विश्वामित्र उनको लेके जाते हैं वहां पे
  580. 19:36और जनक ये सब बताते हैं उनको
  581. 19:38हम
  582. 19:38तो विश्वामित्र बोलते हैं कि ठीक है वो
  583. 19:40धनुष यहां लेके आओ
  584. 19:41हम हम
  585. 19:42और जब वो धनुष लेके आया जाता है वहां पे
  586. 19:44तब राम जी उसको हंसते-हंसते उठा लेते हैं
  587. 19:47तो राम जी ने सिर्फ वो धनुष ही नहीं उठाया
  588. 19:49उन्होंने जनक को सीता जी को वो जो एक साल
  589. 19:53से टॉर्चर था उससे उन्होंने मुक्त किया जो
  590. 19:56अनसर्टेनिटी थी उसके बाद दे हैव अ वेरी
  591. 19:58गुड लाइफ अयोध्या में जब तक उनका कोरोनेशन
  592. 20:01नहीं होता तब तक वो सारे सुख भोगते हैं
  593. 20:04अयोध्या के
  594. 20:05हम्म
  595. 20:05और ही इज़ द आइडियल सन मतलब सबसे ज्यादा
  596. 20:08प्यार उनको कैकई करती है जब तक मंथरा उनका
  597. 20:11उनकी मति भ्रष्ट नहीं कर देती कैकई के
  598. 20:13फेवरेट होते हैं वो
  599. 20:14हम हम
  600. 20:15और आप देखिए रावण का अपना भाई विभीषण
  601. 20:18कुंभकरण
  602. 20:19वो उसको समझाते हैं वो कभी नहीं सुनता
  603. 20:21उनकी उनकी बात
  604. 20:22जो उसके सगे भाई हैं।
  605. 20:23हम
  606. 20:24राम जी के जो भाई हैं वो सारे उनके स्टेप
  607. 20:25ब्रदर्स हैं। उनके सगे भाई नहीं है।
  608. 20:28अलग-अलग माताओं के पुत्र हैं ना।
  609. 20:30जितना प्यार उन भाइयों में है, स्टेप
  610. 20:32ब्रदर्स में है। दैट इज एन आइडियल जो रियल
  611. 20:34ब्रदर्स में नहीं है।
  612. 20:35हम
  613. 20:35जो हम देख रहे हैं रावण, कुंभकरण, मेघनाद
  614. 20:38में वाली और सुग्रीव जो असली भाई हैं, सगी
  615. 20:40भाई हैं उनमें उतना प्यार नहीं है।
  616. 20:42हम
  617. 20:42पर इन भाइयों में जो स्टेम ब्रदर्स हैं
  618. 20:44उनमें कितना प्यार है।
  619. 20:45हम
  620. 20:46वहीं से बचपन से ही उन्होंने जो दिखाना
  621. 20:48शुरू किया था कि आइडियल सिचुएशन कैसी होनी
  622. 20:50चाहिए। हम
  623. 20:51आपको एक भाई के रूप में दोस्त के रूप में
  624. 20:54आपको एक पुत्र के रूप में आपके पिता ने
  625. 20:57आपको आज्ञा दी है तो किसी भी तरह की आज्ञा
  626. 20:59हो आपको माननी है और उसके बाद जब वो वन
  627. 21:01में चले जाते हैं भरत जब उनको बुलाने आते
  628. 21:03हैं वो बोलते हैं कि हमारे पिता की मृत्यु
  629. 21:05हो गई है
  630. 21:06और उनको एक ऋषि जवाली वो समझाते हैं कि
  631. 21:08भाई जब तुम्हारे पिता जिनको तुमने वचन
  632. 21:10दिया था वो ही नहीं रहे
  633. 21:12हम्म
  634. 21:12तो अब कौन सा वचन?
  635. 21:13हम्म
  636. 21:14वचन भी खत्म हो गया ना पिता के साथ अब तुम
  637. 21:16वापस आ जाओ। हम
  638. 21:17तब राम जी बोलते हैं कि नहीं जो वचन मैंने
  639. 21:19दिया था वह रहेगा पिता रहे या ना रहे
  640. 21:21हम
  641. 21:22तो मैं अब वो वचन पूरा करूंगा क्योंकि
  642. 21:25मैंने अपने पिता को दिया था स्वर्गीय पिता
  643. 21:26को वचन दिया है तो मैं उनकी मेमोरी को
  644. 21:28झूठा नहीं कराऊंगा झुठलाऊंगा नहीं
  645. 21:30हम
  646. 21:31ये मैं पूरा करूंगा अपना जो मेरा प्राण है
  647. 21:33और पूरे टाइम वो फॉलो करते हैं कंप्लीटली
  648. 21:38कि भाई तुम्हें किसी शहर में कदम नहीं
  649. 21:40रखना है
  650. 21:41तुम्हें जंगलों में ही रहना है वो पूरा
  651. 21:43टाइम जंगलों में ही रहते हैं किसी शहर में
  652. 21:44एंटर नहीं करते लंका के अंदर भी वो एंटर
  653. 21:46नहीं करते।
  654. 21:47लंका में भी बाहर से ही सारी लड़ाई होती
  655. 21:49है। और उसके बाद जो काफी कंट्रोवर्सी
  656. 21:52कंट्रोवर्शियल जो सिचुएशन आती है ना लोगों
  657. 21:54को लगता है कि सीता जी को क्यों त्याग
  658. 21:56किया या उनकी अग्नि परीक्षा क्यों की वो
  659. 21:58भी बहुत ज्यादा गलत तरीके से बताई गई है
  660. 22:00हमें। क्योंकि अगर आप वाल्मीकि रामायण
  661. 22:03पढ़ेंगे तो राम जी आप विश्वास नहीं कर
  662. 22:06सकते कि कोई इंसान इतना ओपन माइंडेड हो
  663. 22:09सकता है
  664. 22:10हम
  665. 22:10कि वो जब सीता जी को ले आया जाता है उनके
  666. 22:13सामने तब वो सीता जी को ऑप्शन देते हैं वो
  667. 22:16बोलते हैं कि मैं तुम्हारा पति हूं ये
  668. 22:18मेरा कर्तव्य था तुम्हें छुड़ाना लेकिन अब
  669. 22:20तुम्हारी क्या इच्छा है अगर तुम चाहती हो
  670. 22:23यहीं रहना तो तुम यहां रह सकती हो
  671. 22:25हम्म
  672. 22:26अगर तुम्हें कहीं और जाना है तो तुम जा
  673. 22:27सकती हो अगर तुम्हें अयोध्या आना है तो
  674. 22:29तुम आ सकती हो हम
  675. 22:31वो ऑप्शंस देते हैं सीता को पर ऑफ कोर्स
  676. 22:33वो थोड़ा रुडली बोलते हैं क्योंकि वो सारे
  677. 22:36जो उनके साथ आए हैं लोग उनको दिखाना चाहते
  678. 22:39हैं कि सीता कितनी पवित्र है और सीता जी
  679. 22:41बुरा मानती है कि आपने ऐसा सोचा भी कैसे
  680. 22:44कि मैं आपके साथ नहीं जाऊंगी
  681. 22:46हम्म
  682. 22:47और वो लक्ष्मण को आर्डर करती है कि मेरे
  683. 22:49लिए चिता तैयार करो
  684. 22:50हम
  685. 22:50तो अग्नि परीक्षा जो है वो सीता जी बोलती
  686. 22:52है करने के लिए राम जी नहीं बोलते अग्नि
  687. 22:54परीक्षा देने के लिए
  688. 22:55या शायद वो कहीं ना कहीं समझ रही है कि
  689. 22:58प्रभु श्री राम क्यों ऐसा कर रहे उनका
  690. 23:00कनेक्शन बहुत ज्यादा स्टंग था। उनको पता
  691. 23:02था एक दूसरे का उनको मतलब यू नो अगेन
  692. 23:05सोलमेट्स वाली बात थी। उनको पता है कि ये
  693. 23:07किस सिचुएशन में है। तो वो सीता जी खुद ही
  694. 23:09बोलती है कि मैं अग्नि परीक्षा दूंगी।
  695. 23:11जैसा आप पहले पूछ रहे थे कि राम जी ने
  696. 23:12सुपर नेचुरल कभी वो नहीं दिखाया।
  697. 23:14तो सब देवता आते हैं वो अग्नि परीक्षा के
  698. 23:16जब हो रही होती है तब वो आते हैं राम जी
  699. 23:18को बोलने कि मतलब ये आप क्या होने दे रहे
  700. 23:20हो?
  701. 23:21तो वो बोलते हैं मैं एक इंसान हूं। एक
  702. 23:23नॉर्मल इंसान की तरह बिहेव कर रहा हूं
  703. 23:25मैं।
  704. 23:25तब वो बोलते हैं कि नहीं आप इंसान नहीं
  705. 23:27हो। आप प्रभु नारायण हो। तब अग्निदेव
  706. 23:29प्रकट होते हैं सीता जी को लेके। सो
  707. 23:31सिचुएशंस जो है वो हमें बहुत ही गलत तरीके
  708. 23:33से बताई गई है।
  709. 23:35और आप एक्चुअली उनका कैरेक्टर देखोगे तो
  710. 23:38बहुत स्ट्रांग कैरेक्टर है कि उन्होंने
  711. 23:40कभी भी धर्म का साथ नहीं छोड़ा। लेकिन जो
  712. 23:43एक डिफरेंस है आप देखेंगे राम जी और कृष्ण
  713. 23:45जी में
  714. 23:46हम्म।
  715. 23:46उस टाइम के लिए जब वो एक त्रेता युग में
  716. 23:49थे।
  717. 23:49उस टाइम के लिए धर्म का पालन करना अच्छी
  718. 23:52बात थी।
  719. 23:53जब वो द्वापर युग हो गया। युग चेंज हो
  720. 23:55गया। उस टाइम भी एक व्यक्ति था जो धर्म का
  721. 23:57पालन करता था युधिष्ठिर।
  722. 23:59ओके।
  723. 24:00लेकिन वो हमेशा मुसीबत में फंसा धर्म का
  724. 24:02पालन करने से। तो तब कृष्ण जी ने हमेशा
  725. 24:05दिखाया कि जब रूल्स बहुत रिजिड हो जाते
  726. 24:07हैं। आपको उनको तोड़ना चाहिए। कृष्ण जी ने
  727. 24:09सारे रूल्स तोड़े।
  728. 24:10हमेशा उन्होंने महाभारत की लड़ाई में भी
  729. 24:13रूल्स तोड़े। उन्होंने पहले भी रूल्स
  730. 24:14तोड़े, बाद में भी रूल्स तोड़े। तो राम और
  731. 24:16कृष्ण में ये डिफरेंस है
  732. 24:18कि राम जी ने रूल्स सेट किए थे उस सोसाइटी
  733. 24:21के लिए
  734. 24:22जो धर्म को फॉलो करती है।
  735. 24:24जहां सारे लोग धर्म को फॉलो करते हैं।
  736. 24:26धर्म डस नॉट मीन रिलजन।
  737. 24:28धर्म मींस राइट कंडक्ट। आपकी उस स्टेज में
  738. 24:31लाइफ में आपके लिए क्या सही कर्तव्य है वो
  739. 24:33है आपका धर्म। उन्होंने धर्म के रूल्स सेट
  740. 24:35किए। एग्जांपल सेट किए और कृष्ण जी ने
  741. 24:38सारे रूल्स तोड़े।
  742. 24:39ये दिखाने के लिए कि रूल्स आर नॉट मोरेंट
  743. 24:43देन ह्यूमैनिटी। जैसे अह जब द्रोपदी का
  744. 24:46चीर हरण हो रहा था
  745. 24:47तो सब लोग इसी कंट्रोवर्सी में थे कि रूल
  746. 24:49क्या है
  747. 24:49हम
  748. 24:49कि भाई युधिष्ठिर ने खुद को दांव पे लगाया
  749. 24:51फिर द्रोपदी को लगाया तो लीगलिटी क्या है
  750. 24:54और कृष्ण जी ने आके बचा लिया द्रोपदी को
  751. 24:56हम
  752. 24:57तो उन्होंने दिखाया कि भ ह्यूमैनिटी ऊपर
  753. 24:59है
  754. 25:00हम
  755. 25:01रूल्स सेकेंडरी है
  756. 25:02हम
  757. 25:03और राम जी के टाइम उल्टा था
  758. 25:05राइट
  759. 25:05सोसाइटी आपके अराउंड कैसी है उस हिसाब से
  760. 25:08आपको बिहेव करना है
  761. 25:10वो भी हमें ये अलग-अलग अवतार बताते
  762. 25:12क्योंकि शायद कृष्ण जी को यह भी पता था कि
  763. 25:15आने वाला समय कलयुग कलयुग ऐसा होने वाला
  764. 25:17है। इस वजह से
  765. 25:19उस चीज को सिखाने के लिए उन्होंने सारी
  766. 25:21लीलाएं रची। राइट? अच्छा राम जी के जो
  767. 25:24आराध्य हैं भगवान शिव उनका जो रूप है जो
  768. 25:27निराकार रूप जो शिवलिंग है वही फॉर्म
  769. 25:30क्यों शिव जी का पूजा जाता है? या फिर ये
  770. 25:32कह लीजिए कि भगवान शिव ने वही फॉर्म क्यों
  771. 25:35चुना? एज अ शिवलिंग जो हम देखते हैं।
  772. 25:37शिवलिंग एक्सैक्टली है क्या? जी बहुत
  773. 25:39लोगों को ये गलतफहमी होती है कि शिवलिंग
  774. 25:42एक्चुअली है क्या और काफी लोग अलग-अलग
  775. 25:45उसके यू नो तात्पर्य निकालते हैं।
  776. 25:48हम
  777. 25:48शिव पुराण के हिसाब से जो शिवलिंग है
  778. 25:51देखिए लिंग क्या होता है? एक चिन्ह है।
  779. 25:54हम
  780. 25:54अगर आप संस्कृत में या हिंदी में आप
  781. 25:57पढ़ोगे पुल्लिंग और स्त्रीलिंग।
  782. 25:59हम
  783. 25:59राइट? तो जो मार्कर है कि ये वर्ड्स
  784. 26:02मैस्कुलिन है उसको हम पुलिंग बोलते हैं।
  785. 26:05स्त्रीलिंग के ये फेमिनिन वर्ड्स हैं।
  786. 26:08सो लिंग इज अ चिन्ह
  787. 26:09इज अ मार्क।
  788. 26:10और शिव पुराण के हिसाब से जो स्टोरी है
  789. 26:12उसमें जैसे हमने शुरू में बात की थी कि
  790. 26:14अलग-अलग कल्पों में अलग-अलग भगवान के
  791. 26:17फॉर्म सुप्रीम थे। हम हम
  792. 26:19तो शिव पुराण के हिसाब से एक जो वो दिन था
  793. 26:22जिस दिन शिव पुराण की कहानियां हुई है
  794. 26:25तो उस दिन में ब्रह्मा और विष्णु जी के
  795. 26:28बीच में एक डिबेट हो रहा था कि उनमें से
  796. 26:30कौन पहले प्रकट हुआ?
  797. 26:31हम्म
  798. 26:32अब ब्रह्मा जी ऑफ कोर्स विष्णु जी के नेवल
  799. 26:34से जो कमल निकलता है उसमें से निकलते हैं।
  800. 26:36पर वो मानने से इंकार कर देते हैं कि
  801. 26:39वो बोलते हैं मैं ही क्रिएटर हूं। मैंने
  802. 26:41ही सारी दुनिया बनाई है।
  803. 26:43मैं सुप्रीम हुआ। हम हम
  804. 26:44सो उस डिबेट में उन दोनों के बीच में
  805. 26:47सडनली एक पिलर ऑफ फायर निकलता है।
  806. 26:50हम
  807. 26:50सो एक आग का स्तंभ है।
  808. 26:53हम
  809. 26:53और वो जो एनर्जी का स्तंभ है ना वो ऊपर की
  810. 26:56तरफ शूट कर रहा है।
  811. 26:57हम
  812. 26:57सो ऑब्वियसली उसकी जो शेप है वो ऐसे है।
  813. 27:00ओके।
  814. 27:00राइट? सो दैट्स अ पिलर ऑफ़ फायर जो ऊपर की
  815. 27:03तरफ शूट करता जा रहा है।
  816. 27:04और वो दोनों देख के हैरान हो जाते हैं
  817. 27:06कि सडनली ये कहां से आया पिलर? फिर विष्णु
  818. 27:09जी वरा का रूप लेके उसका नीचे का छोर
  819. 27:12ढूंढने निकलते हैं।
  820. 27:13और ब्रह्मा जी एक हंस का रूप लेके उसका
  821. 27:15ऊपर का छोर ढूंढने निकलते हैं। तो उन
  822. 27:17दोनों को ही छोर मिलते नहीं है।
  823. 27:20और फिर उस स्तंभ में से जो अग्नि स्तंभ है
  824. 27:23उसमें से शिवजी प्रकट होते हैं और वो
  825. 27:25बोलते हैं कि ये मैं हूं। मैंने ही
  826. 27:26तुम्हें बनाया है।
  827. 27:28क्योंकि उस दिन के लिए शिवजी ही सुप्रीम
  828. 27:31ने थे।
  829. 27:32हम्म। सो वो जो शिवलिंग है वो वो अग्नि
  830. 27:36स्तंभ का प्रतीक है
  831. 27:38भगवान शिव का
  832. 27:39और भगवान शिव के कई रूप है मल्टीपल रूप है
  833. 27:43उनके
  834. 27:44उसमें से जो निराकार रूप है वो है शिवलिंग
  835. 27:47और भगवान की उपासना के लिए जो बताया जाता
  836. 27:50है शिव पुराण में तो उनकी इस फॉर्म में
  837. 27:53उपासना ही उनको ज्यादा प्रिय है
  838. 27:57क्योंकि जैसा मैंने शुरू में भी कहा था कि
  839. 27:58एक परबह्म है। अलग-अलग वो फॉर्म्स लेते
  840. 28:01हैं। हमारी अंडरस्टैंडिंग के लिए देखिए एक
  841. 28:03इंसान के लिए एक एब्स्ट्रैक्ट कांसेप्ट से
  842. 28:06कनेक्ट करना बहुत मुश्किल होता है कि हम
  843. 28:08सोचें कि एक एनर्जी बीम है
  844. 28:11या एक ज्योति पुंज है जो भगवान है
  845. 28:15तो आप उससे कनेक्ट नहीं कर पाते हो उस उस
  846. 28:18तरह से अगर आप कंपेयर करो कि आप एक भगवान
  847. 28:22की फॉर्म ले रहे हो कि एक शिव जी है
  848. 28:24उनके गले में सर्प है उनके मस्तक पे
  849. 28:26चंद्रमा है उनके हाथ में त्रिशूल है एक
  850. 28:28हाथ में डमरू है तो आप यू कैन इमेज इमेजिन
  851. 28:31कि एक फॉर्म है और आप कनेक्शन इजी हो जाता
  852. 28:34है।
  853. 28:35किसी भी कांसेप्ट को समझने के लिए अगर एक
  854. 28:37इमेज हो तो वो आपके लिए इजी बनाती है। तो
  855. 28:40भगवान से कनेक्ट करने के लिए हम अलग-अलग
  856. 28:42फॉर्म्स जो है उनकी भी पूजा कर सकते हैं।
  857. 28:45या आप इस निराकार जो रूप है उनका जो
  858. 28:47शिवलिंग है उसकी भी उपासना कर सकते हैं।
  859. 28:49तो भगवान एक जब वो स्वरूप लेते हैं तो
  860. 28:53उसमें भी आप उनकी पूजा कर सकते हैं और
  861. 28:55अरूप में भी उनकी पूजा कर सकते हो। और यही
  862. 28:57उसका पर्पस है। यही उसका सिग्निफिकेंस है।
  863. 29:00तो इसलिए हम क्योंकि वो अग्नि स्तंभ है
  864. 29:01उसमें जल चढ़ाया जाता है। उनको शांत रखने
  865. 29:04के लिए उन कूलिंग जो चीजें होती है वो
  866. 29:06चढ़ाई जाती है।
  867. 29:07और जैसे हनुमान जी को भगवान शिव का अंश
  868. 29:09माना जाता है। ठीक है? तो शिव जी की एक
  869. 29:12फॉर्म है पंचमुखी शिव और हनुमान जी की भी
  870. 29:15एक फॉर्म है पंचमुखी हनुमान जी। जी
  871. 29:17तो क्या
  872. 29:18है या फिर नहीं एक्चुअली कनेक्टेड नहीं है
  873. 29:21शिवजी तो जैसे मैंने कहा शिवजी के भी
  874. 29:23अलग-अलग रूप है तो एक तो उनका निराकार
  875. 29:25फॉर्म उनका जो शिवलिंग है जो अग्नि स्तंभ
  876. 29:27है और उसके अलावा उनका एक रूप है जिसको हम
  877. 29:30बोलते हैं सदा शिव
  878. 29:31हम्म
  879. 29:31और सदा शिव में उनके पांच मुख होते हैं
  880. 29:34ओके
  881. 29:35पंचमुखी जो शिव है वो सदा शिव रूप है उनका
  882. 29:37जिसमें शिव जी इनकर्पोरेट करते हैं
  883. 29:40ब्रह्मा और विष्णु को भी तो उनके जो मुख
  884. 29:42है वो अलग-अलग चीजें दिखाते हैं उसमें तीन
  885. 29:45रूप शिव जी के हां
  886. 29:47और दो रूप ब्रह्मा और विष्णु जी के
  887. 29:50इनकपोरेटेड है उसमें।
  888. 29:51ओके। सो क्रिएशन डिस्ट्रक्शन वो दोनों
  889. 29:54आस्पेक्ट भी शिवजी के अंदर ही आ जाते हैं।
  890. 29:56इसमें इनफ अगर आप एलिफेंटा केव जाएंगे जो
  891. 30:00मुंबई के पास में है वहां पे जो मेन
  892. 30:02मूर्ति है त्रिमूर्ति की है। तो काफी
  893. 30:04लोगों को वो लगता है कि ये ब्रह्मा शिव
  894. 30:07शिव जी और विष्णु जी की डिपिक्शन है।
  895. 30:10एक्चुअली शिव जी का ही डिपिक्शन है।
  896. 30:12जिसमें उनके तीन चेहरे दिखाई देते हैं और
  897. 30:15दो पीछे की तरफ है।
  898. 30:17तो वो पंचमुखी जो शिव है वो सदा शिव का
  899. 30:20डिप्शन है। ओके
  900. 30:21जो इनका सबसे सुप्रीम फॉर्म है और फिर सदा
  901. 30:24शिव के अलग फॉर्म्स है जिसमें रुद्र अवतार
  902. 30:28आते हैं
  903. 30:28और रुद्र अवतारों में से 11 रुद्रों में
  904. 30:31से एक है शिव
  905. 30:33जो कैलाश पे रहते हैं जो कैलाशपति शिव है
  906. 30:35ओके
  907. 30:36और पंचमुखी जो हनुमान है वो एक अलग स्टोरी
  908. 30:38से रिलेटेड है जिसमें वो अहिरावण की कहानी
  909. 30:40है पर वो वाल्मीकि रामायण में नहीं है
  910. 30:42ओके
  911. 30:43कहा जाता है कि अहिरावण एक कजिन था रावण
  912. 30:46का
  913. 30:47और वो पाताल में रहता था और वो राम जी और
  914. 30:50लक्ष्मण जी को डक्ट करके ले जाता है वहां।
  915. 30:52तो उनको छुड़ाने के लिए हनुमान जी को पांच
  916. 30:54अलग-अलग
  917. 30:56चिराग जो थे लैंप्स जो थे उनको बुझाना था।
  918. 30:59हां।
  919. 31:00तो वो साइमलटेनियसली फाइव फसेस से वो
  920. 31:03बुझाते हैं। वो साथ में बुझेंगे तभी वो
  921. 31:05रावण की मृत्यु होगी।
  922. 31:06श्रीमद्भगवत गीता
  923. 31:08ठीक है। एक लाइफ बुक कही जाती है जिस पे
  924. 31:11आज हम लोग जो भी अपने जीवन जी रहे हैं
  925. 31:13कहीं ना कहीं उससे एक सीखते हैं बहुत कुछ।
  926. 31:16ठीक है? तो मैं चाहती हूं कि आपको अगर
  927. 31:18उसका कोई भी एक श्लोक आप बताएं और उसको
  928. 31:21हमारी आज की लाइफ से रिलेट करके एक मैसेज
  929. 31:23दे सकके।
  930. 31:24बहुत सारे श्लोक हैं भगवत गीता के। तो यू
  931. 31:26नो मेरे भी फेवरेट्स बहुत सारे हैं। बट एक
  932. 31:29जो हमेशा जो मैं अपने ध्यान में रखने की
  933. 31:31कोशिश करता हूं जो हमें बताता है कि आपकी
  934. 31:34ये जो लाइफ है ना दिस इज जस्ट एन
  935. 31:35इमपरमानेंट फेस।
  936. 31:37ये एक फेज है आपकी जर्नी का। आपकी जो सोल
  937. 31:40की जर्नी है वो बहुत लंबी है। ये जो एक
  938. 31:43लाइफ है ये एक पड़ाव है बस इसमें कि नैन
  939. 31:46छिंदती शस्त्राण नम दहति पावक न चनम
  940. 31:50क्लेदंत आपो न शोषति मारुतः
  941. 31:52ये सोल जो है आपकी उसको ना अस्त्र काट
  942. 31:55सकते हैं ना अग्नि झुलसा सकती है ना वायु
  943. 31:58सुखा सकती है ना पानी उसको गीला कर सकता
  944. 32:00है फिजिकल फॉर्म अपनी समझ रहे हो कि ये
  945. 32:03मैं हूं
  946. 32:03ये आप हो ही नहीं
  947. 32:05ये सिर्फ एक टेंपरेरी कवरिंग है जो आपकी
  948. 32:08सोल ने पहनी हुई है
  949. 32:10जैसे एक इंसान और दूसरा एक श्लोक वैसा ही
  950. 32:13है ना कि वासानी यथाय नवानी ग्रहणाती
  951. 32:16नरोपानी मतलब जिस तरह एक इंसान पुराने
  952. 32:19कपड़े उतार के नए कपड़े पहन लेता है
  953. 32:22उसी तरह जो हमारी आत्मा है वो एक शरीर
  954. 32:25छोड़ के दूसरा शरीर ग्रहण कर लेती है
  955. 32:27तो वो आई थिंक मुझे हमेशा याद दिलाता है
  956. 32:30कि ये जो इस लाइफ की ट्रबल्स हैं हर एक के
  957. 32:33लाइफ में कुछ ना कुछ डिफिकल्टीज आती है।
  958. 32:35राइट? अप्स एंड डाउन्स आते हैं। तो ये
  959. 32:36बहुत टेंपरेरी है
  960. 32:38और ये इस बॉडी से रिलेटेड है। सोल से
  961. 32:40रिलेटेड नहीं है।
  962. 32:41जैसे ही आपकी बॉडी खत्म हुई सोल कोई और
  963. 32:43बॉडी में चली जाएगी नई लाइफ आपकी शुरू हो
  964. 32:45जाएगी। ये सारी ट्रबल्स आपकी वहीं रह
  965. 32:47जाएंगी।
  966. 32:48हम्म।
  967. 32:48सो आई थिंक वो आज की सोसाइटी में जहां हम
  968. 32:51बहुत टेंस रहते हैं। बहुत स्ट्रेस में
  969. 32:53रहते हैं। स्ट्रेस में रहते हैं। आप कितने
  970. 32:55आप सुनते हैं यू नो स्टूडेंट्स ने सुसाइड
  971. 32:57किया। आई थिंक बहुत सारी सिचुएशन ऐसी
  972. 32:59हमारी लाइफ में आती है जिसमें हम बहुत
  973. 33:01ओवरवेल्म हो जाते हैं और भगवत गीता आपको
  974. 33:04ये बताती है कि ये तो टेंपरेरी चीजें हैं
  975. 33:07फेस हैं
  976. 33:08और ये इन द लार्जेस्ट स्कीम ऑफ़ थिंग्स कुछ
  977. 33:10भी नहीं है।
  978. 33:11राइट?
  979. 33:12तो आपको उसको अपने ऊपर हावी नहीं होने
  980. 33:15देना है।
  981. 33:15और कैसे आपको डील करना है सिचुएशन से बाय
  982. 33:18विद पेशेंस
  983. 33:19जो आपकी ड्यूटीज है आप वो अच्छे से करो।
  984. 33:22जैसे भगवान अर्जुन को बोलते हैं जो कर्म
  985. 33:24योग का कांसेप्ट है। आई थिंक वो सबसे
  986. 33:26ज्यादा रेलेवेंट है हमारे टाइम के लिए।
  987. 33:29क्योंकि आपको अपनी ड्यूटीज निभानी है।
  988. 33:32लेकिन उसमें आपको वो डिजायर नहीं रखना है
  989. 33:34कि मुझे ये फल चाहिए ही चाहिए।
  990. 33:37क्योंकि जब वो फल नहीं मिलता है तभी आपको
  991. 33:40डिसपॉइंटमेंट होती है। एंगर आता है,
  992. 33:41रिेंटमेंट आती है, दुख होता है।
  993. 33:44ईर्ष्या होती है कि किसी और को कैसे मिल
  994. 33:46गया?
  995. 33:47आपने पूरा एफर्ट किया वही आपका कर्म था।
  996. 33:49हां हां हां
  997. 33:50बाकी जो आपको मिलना है वो आपके कर्मों के
  998. 33:52फल आपको मिलेंगे ही और हमारी लाइफ की
  999. 33:55जर्नी बहुत लंबी है। वो सिर्फ इस एक छोटी
  1000. 33:57सी जिंदगी में समा नहीं सकती है।
  1001. 34:00आई थिंक दैट इज द बिगेस्ट टेक अवे फॉर मी
  1002. 34:02फ्रॉम द भगवत गीता।
  1003. 34:04थैंक यू सो मच विनीत जी।
  1004. 34:06प्लेजर थैंक यू फॉर द क्वेश्चन। आपने इतने
  1005. 34:09सारे क्वेश्चन पूछे अलग-अलग टॉपिक्स के।
  1006. 34:11आई थिंक
  1007. 34:11बट सबसे ज्यादा इंटरेस्टिंग ये था कि आपने
  1008. 34:14हमेशा की तरह इतना मुस्कुराते हुए इतना
  1009. 34:16सारा ज्ञान, इतनी सारी नॉलेज शेयर की।
  1010. 34:18थैंक यू सो मच।
  1011. 34:19थैंक यू।
  1012. 34:22[संगीत]

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This page contains the full transcript of दीपावली का रहस्य: लक्ष्मी, दीप, और हमारी आत्मा की यात्रा | Podcast | Dr. Vineet Aggarwal by Tilak Varta - The Sanatan Podcast, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 6,431 words across 1,012 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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