दीपावली का रहस्य: लक्ष्मी, दीप, और हमारी आत्मा की यात्रा | Podcast | Dr. Vineet Aggarwal — Transcript
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- 0:00हमारी संस्कृति हमारे संस्कार सदा रहें
- 0:03हमारे साथ सब्सक्राइब करें तिलक
- 0:10त्यौहार है ना वो सीजन से रिलेटेड है तो
- 0:12धनतेरस चौदस और अमावस
- 0:15और ये तीन दिन तो आपको जलाने ही चाहिए यम
- 0:17दीपक ये अकाल मृत्यु से घर वालों को बचाने
- 0:20के लिए
- 0:20सो यहां हेल्थ और वेल्थ दोनों इकट्ठे आ
- 0:22रही है
- 0:23धनतेरस के दिन तो हमें दोनों पे फोकस करना
- 0:25चाहिए जैसे लक्ष्मी आती है और एक अलक्ष्मी
- 0:28होती है
- 0:28जो मिसफर्च्यून ले आती है
- 0:30तो अलक्ष्मी को भगाना है लक्ष्मी को
- 0:32बुलाना है और अलक्ष्मी को भगाना है तो
- 0:34विष्णु जी उठेंगे देव उठानी एकादशी में जो
- 0:37बाद में आती है दीपावली के
- 0:40सो उसके पहले लक्ष्मी जी को उठाया जाता
- 0:42है।
- 0:42राम जी का जन्म और उनकी जो लाइफ की जो भी
- 0:45जर्नी रही है वो क्या सिखाने के लिए
- 0:47एक्सजेक्टली उनका ये अवतार हुआ?
- 0:49आज की डेट में सेक्सुअल हरासमेंट की
- 0:51विक्टिम को भी अपना सकता है क्या?
- 0:56स्वागत करते हैं डॉक्टर विनीत अग्रवाल का।
- 0:59नमस्ते विनीत जी।
- 1:00नमस्ते।
- 1:00दिवाली के पीछे सेलिब्रेट करने के पीछे भी
- 1:03कोई रीज़न है?
- 1:04दिवाली भी एक बहुत बड़ा पर्व है।
- 1:06हम
- 1:07अगर आप अलग-अलग रीजंस में देखेंगे तो
- 1:10अलग-अलग मान्यताएं भी है उससे जुड़ी हुई।
- 1:12हम
- 1:12पुराणों के हिसाब से पांच दिन की या छ दिन
- 1:15की होती है दिवाली। हम
- 1:16सो पद्म पुराण के हिसाब सेस
- 1:20नरक चौदस दीपावली
- 1:22उसके अगले दिन गोवर्धन पूजा
- 1:24और जिसको बलि प्रतिपदा भी कहते हैं और फिर
- 1:27भाईदूज
- 1:28जिसको यम द्वितीय कहते हैं। तो ये पांच
- 1:30दिन होते हैं।
- 1:32स्कंद पुराण के हिसाब से एक दिन पहले
- 1:34धनतेरस के पहले वाले दिन से शुरू होता है।
- 1:36तो द्वादशी से शुरू होती है। तो वत्स
- 1:38द्वादशी से शुरू होता है। ओके।
- 1:40सो इसमें जो हमें मेनली समझ में आता है जो
- 1:43अगर आप पुराणों में पढ़ोगे डिस्क्रिप्शन
- 1:45तो उसमें पता चलता है एक तो अमावस जो है
- 1:47वो हमेशा पितरों के लिए होती है। हर अमावस
- 1:50पे पितरों के लिए श्राद्ध करना होता है।
- 1:52सो अगर आप पुराणों में देखेंगे तो हम तो
- 1:54सेलिब्रेशन से शुरू करते हैं दिवाली।
- 1:56सो पुराणों में पद्म पुराण में, स्कंद
- 1:58पुराण में बताया गया कि दीपावली वाले दिन
- 2:01सुबह आपको सबसे पहले पितरों के लिए
- 2:03श्राद्ध करना चाहिए।
- 2:04ओके।
- 2:05और पूरा दिन फास्टिंग रखनी चाहिए।
- 2:07ओके। और फिर शाम को सेलिब्रेशन शुरू होती
- 2:09है।
- 2:10सो आई थिंक एक-एक करके जाते हैं। तो पहले
- 2:12धनतेरस से शुरू करते हैं। तो धन त्रयोदशी
- 2:15क्योंकि 13वां दिन है ये। हम
- 2:17तो धनतेरस के दिन मान्यता ऐसी है कि उस
- 2:20दिन समुद्र मंथन में से
- 2:22हम
- 2:22जो हम पहले क्षीर सागर की बात कर रहे थे
- 2:24जिसमें समुद्र मंथन हुआ था।
- 2:26तो समुद्र मंथन में से सारी रिचेस निकली
- 2:28थी।
- 2:28हम
- 2:29तो लक्ष्मी जी भी उसमें से प्रकट हुई थी।
- 2:32और अमृत भी उसमें से निकला था। तो अमृत
- 2:35लेके धन धनवंतरी एक अवतार हैं विष्णु जी
- 2:38के
- 2:38जो अमृत कलश लेके प्रकट हुए थे।
- 2:41ओके।
- 2:41तो उस दिन लक्ष्मी जी की और धनवंतरी जी की
- 2:44पूजा करनी चाहिए।
- 2:45एंड वो दिन जो था वो धनतेरस का दिन था।
- 2:47धनतेरस का दिन था। जिस दिन वो उसमें से
- 2:49समुद्र में से प्रकट हुए थे।
- 2:51सो काफी लोग सिर्फ लक्ष्मी जी की पूजा
- 2:53करते हैं। धनवंतरी को भूल जाते हैं।
- 2:55सो काफी लोगों का होता है कि शॉपिंग करनी
- 2:57है, गोल्ड खरीदना है, नए यूटेंसिल्स
- 3:00खरीदने हैं या जैसे अक्षय तृतीया पे भी
- 3:01सेम कासेप्ट होता है।
- 3:03पर धन तेरस के दिन धनवंतरी जी की उपासना
- 3:06करनी चाहिए और वो हेल्थ के देवता आयुर्वेद
- 3:08के देवता है वो हम
- 3:10सो जैसे हम इंग्लिश में प्रभाव है हेल्थ
- 3:12इज वेल्थ हम
- 3:13सो यहां हेल्थ और वेल्थ दोनों इकट्ठे आ
- 3:15रही है
- 3:16धनतेरस के दिन तो हमें दोनों पे फोकस करना
- 3:18चाहिए
- 3:18हम
- 3:19नरद चतुर्दशी की एक बहुत इंटरेस्टिंग
- 3:21कहानी है उसमें दो चीजें हैं। एक तो हमें
- 3:24यम दीपक जलाना होता है।
- 3:25ओके
- 3:25तो यमराज के लिए तीन दिन दीपक जलाने होते
- 3:28हैं। अच्छा।
- 3:29सो
- 3:31अकाल मृत्यु से बचने के लिए।
- 3:33ओके।
- 3:33तो पुराणों के हिसाब से ये जो दिन है
- 3:35इनमें आपको यम दीपक जरूर जलाने चाहिए रात
- 3:38के टाइम।
- 3:39और वो तीन दिन कौन से होते हैं?
- 3:41ये चौदस का, अमावस का और उसका अगला दिन।
- 3:44यानी कि नरक चौदस, दिवाली।
- 3:46एक्चुअली त्रयोदशी से भी शुरू कर सकते
- 3:48हैं।
- 3:48धनतेरस से।
- 3:49हां धनतेरस से। तो धनतेरस, चौदस और अमावस
- 3:52हम
- 3:52और ये तीन दिन तो आपको जलाने ही चाहिए। यम
- 3:55दीपक
- 3:55एक घर में एक दीपक कोई भी जगह
- 3:57हां घर के बाहर रखते हैं हम साउथ की
- 3:58डायरेक्शन में
- 3:59हां
- 3:59और यमराज के लिए और ये अकाल मृत्यु से घर
- 4:04वालों को बचाने के लिए
- 4:05होते हैं उस दिन एक बहुत इंटरेस्टिंग
- 4:07कहानी एसोसिएटेड है जो महाभारत से
- 4:09एसोसिएटेड है
- 4:10हम
- 4:10सो नरकासुर एक राक्षस था
- 4:12हम
- 4:13जो यू नो नॉर्थ ईस्ट में था कंट्री के
- 4:17हम हम
- 4:18और वो भी रावण जैसे मैंने बताया कि वो
- 4:20जहां भी जाता था जिस भी किंगडम पे अटैक
- 4:22करता था वहां से वो स्त्रियां अबडक्ट करता
- 4:24था
- 4:24हम
- 4:25तो नरकासुर का भी वही चलन था
- 4:28हम
- 4:28और वो भी उसने हाहाकार मचाया हुआ था हम
- 4:31पृथ्वी पे और उसने 16100
- 4:35स्त्रियों को बंदी बनाया हुआ था
- 4:37गॉट
- 4:37इमेजिन तो 16100
- 4:40स्त्रियां उसकी बंदी थी और कृष्ण जी फिर
- 4:44अटैक करते हैं उसकी राजधानी पे राज
- 4:47ज्योतिषपुर पे
- 4:48और वहां वो नरकासुर को मार के उन सबको
- 4:51रिलीज करते हैं
- 4:52तो ये माना जाता है कि वो तो ये नरक
- 4:54चतुर्दशी वाले दिन ये इंसिडेंट हुआ था।
- 4:56इवन आज की डेट में एक्सेप्टेंस नहीं होती।
- 4:59राइट? अगर कोई विक्टिम है
- 5:02तो भी सोसाइटी उसको एक्सेप्ट नहीं करती
- 5:04है।
- 5:05सो ये 16100 स्त्रियां जो थी हम
- 5:08जिनकी फैमिली ने उनको एक्सेप्ट नहीं किया
- 5:11या उनको डर था एक्सेप्ट नहीं करेंगी। हम
- 5:14तो वो कृष्ण जी से प्रे करती हैं कि आप ही
- 5:17हमें एक्सेप्ट करो।
- 5:18हम
- 5:19क्योंकि और कोई हमें एक्सेप्ट नहीं करेगा।
- 5:21हम
- 5:21और कृष्ण जी वो 16100 स्त्रियों को अपनी
- 5:26रानी का दर्जा देते हैं।
- 5:28वो उन सबको द्वारका लेके जाते हैं। उन
- 5:30सबके लिए अलग-अलग महल बनाए जाते हैं।
- 5:33ओके।
- 5:33तो इमेजिन कीजिए जो कृष्ण जी के बारे में
- 5:35हम बात करते हैं जनरली यू नो बहुत हंसीज़ाक
- 5:38में बात होती है।
- 5:39के यू नो गोपियां थी, रासलीला थी, वो पर
- 5:42कोई ये समझता नहीं है कि उन्होंने कितना
- 5:44बड़ा कार्य किया। आज की डेट में एक इंसान
- 5:49एक सेक्सुअल हरासमेंट की विक्टिम को भी
- 5:52अपना सकता है क्या?
- 5:53हम
- 5:54उन्होंने 16100
- 5:57स्त्रियों को वो मान दिया वो दर्जा दिया
- 6:00जो उनकी अपनी पत्नी का था। रुक्मणी का था।
- 6:03हम
- 6:03सो वो एक बहुत ही बड़ा एक इवेंट है
- 6:08जो सेलिब्रेट होता है नरक चतुर्दशी वाले
- 6:10दिन।
- 6:10हम्म। और नरक चतुर्दशी पे साउथ में जाओगे
- 6:13तो उनको ज्यादा कहानी कृष्ण जी की ही पता
- 6:15है।
- 6:15ओके
- 6:15राम जी की कम मान्यता है वहां पे कृष्ण जी
- 6:19की स्टोरी की ज्यादा है दीपावली से
- 6:21रिलेटेड।
- 6:22अच्छा
- 6:22और ये तीनों ही दिन दीपक तो जलाने ही होते
- 6:25हैं आपको रात में। यम दीपक तो है ही
- 6:27पर चौराहों पे मंदिरों में घरों में हर
- 6:32जगह दीपक पूरी सिटी को रोशन करना होता है
- 6:36और उसका एक कारण आप समझ सकते हैं जो हमारे
- 6:38त्यौहार है ना वो सीजन से रिलेटेड है
- 6:41हम
- 6:41सो आप देखेंगे अगर होली है तो होली में हम
- 6:44रंगों से खेलते हैं
- 6:45राइट
- 6:45पिचकारियों से खेलते हैं क्यों क्योंकि
- 6:47मौसम खुल रहा है
- 6:48स्प्रिंग का टाइम है फूल खिल रहे हैं
- 6:51फूलों से गुलाल बनता था पहले
- 6:53पलाश के फूलों से गुलाल बनाया जाता
- 6:55सो कामदेव की पूजा की जाती थी। स्प्रिंग
- 6:58का टाइम है। फ्रेशनेस का टाइम है।
- 7:01दीपावली के टाइम विंटर शुरू होने वाली है।
- 7:03ऑटम सीजन है।
- 7:05तो अंधकार छाने लगा है। तो अंधकार को
- 7:07हटाने के लिए हमें रिमाइंडर दिया जाता है
- 7:09कि आप दीपक जलाओ। पहले के जमाने में
- 7:12इलेक्ट्रिसिटी थोड़ी होती थी। तो दीपक जला
- 7:14के ही रोशनी मिलती थी। हम हम
- 7:15सो दीपक जलाने की प्रथा ही बहुत ज्यादा
- 7:19स्टंगली एसोसिएटेड है।
- 7:22और उसके अलावा फूलझड़ियों का भी यूज़ मेंशंड
- 7:25है।
- 7:26पुराणों में
- 7:27सो उनको उल्का हस्त बोलते हैं।
- 7:30तो उल्का इज लाइक अ मीिटोर।
- 7:32उल्का पिंड बोलते हैं हिंदी में मीटियोस
- 7:34को। तो वो मतलब जो स्पार्कल कर रहा है और
- 7:38हाथ में पकड़ा हुआ उल्का। हम
- 7:40सो सॉर्ट ऑफ़ लाइक जो फूलझड़ी है आज की
- 7:43हम
- 7:43तो वो भी जलाने का उसमें ट्रेडिशन था
- 7:47हम
- 7:47कि वो जला के आप पितरों को बेसिकली आप
- 7:50रास्ता दिखा रहे हो
- 7:51हम
- 7:51वापस पितृ लोग जाने का क्योंकि अमावस के
- 7:53दिन पित आते हैं।
- 7:54हम हम
- 7:55सो ये अलग-अलग ट्रेडिशन एसोसिएटेड है।
- 7:57फिर दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन है।
- 8:00तो ऑफ कोर्स शुरू में जैसे मैंने बताया
- 8:01सुबह के टाइम आप श्राद्ध करते हैं पितरों
- 8:04के लिए। फिर शाम में लक्ष्मी जी की पूजा
- 8:07अर्चना की जाती है और जो घर की स्त्रियां
- 8:09होती हैं उसके पहले जो दो-तीन दिन है वत्स
- 8:12द्वादशी त्रयोदशी चौदस में जो घर के पुरुष
- 8:15हैं
- 8:16वो दीपक जलाते हैं वो आरतियां करते हैं
- 8:20इनफैक्ट घर के सारे मेंबर्स की आरती
- 8:23उतारते हैं वो
- 8:24अच्छा
- 8:24घर के पशुओं की पूजा होती है जो घर के
- 8:27बड़े बूढ़े हैं माता की पूजा होती है घर
- 8:30की स्त्रियों की पूजा होती है
- 8:31एज अ ग्रेटट्यूड
- 8:32एज अ ग्रेटट्यूड और यह दीपावली वाले दिन
- 8:36दीपावली अमावस वाले दिन जो घर की
- 8:39स्त्रियां हैं
- 8:40वो लक्ष्मी जी की पूजा करती हैं। सबसे
- 8:42पहले ऐसा माना जाता है चातुर्मास में
- 8:44विष्णु जी योग निद्रा में हैं। राइट? तो
- 8:46विष्णु जी के साथ-साथ लक्ष्मी जी भी योग
- 8:48निद्रा में है।
- 8:49अच्छा।
- 8:49तो विष्णु जी उठेंगे देव उठानी एकादशी में
- 8:52जो बाद में आती है दीपावली के। सो उसके
- 8:55पहले लक्ष्मी जी को उठाया जाता है।
- 8:57ओके। जी
- 8:58तो घर की स्त्रियां जो है वो लक्ष्मी जी
- 8:59की पूजा करके उनके लिए एक स्पेशल मिठाई
- 9:02बनती है जो मेंशंड है पुराणों में दूध
- 9:04जयफल शक्कर
- 9:07लौंग इलायची
- 9:10करपूर ये सब उबाल के मतलब उसको उसके लड्डू
- 9:14बनाए जाते हैं।
- 9:14ये खीर की फॉर्म में
- 9:16हां बट उसके लड्डू बनाए जाते हैं। तो उसको
- 9:17काढ़ के और उसको उसके लड्डू बनाए जाते हैं
- 9:19जो लक्ष्मी जी को ऑफर किए जाते हैं। कमल
- 9:22के फूल उनको चढ़ाए जाते हैं पूजा अर्चना
- 9:24में
- 9:24और फिर सारी फैमिली जॉइ होती है उस पूजा
- 9:27में
- 9:28और रात में जाग के जो घर की स्त्रियां
- 9:31होती है क्योंकि पहले तो सबके मवेशी होते
- 9:33थे गाय भैंस सबके घरों में होती थी तो वो
- 9:36जो ट्रेडिशंस थे तो उसमें आपको अपने जो
- 9:40नहाता है जहां पे पशु बंधे हुए होते हैं
- 9:43वहां पे स्त्रियों को ऐसा माना जाता है कि
- 9:45वो अलक्ष्मी जैसे लक्ष्मी आती है और एक
- 9:48अलक्ष्मी होती हैं जो मिसफॉर्च्यून लेके
- 9:50आती
- 9:53कोना
- 9:59और लक्ष्मी को भगाने के लिए एक ड्रम लेके
- 10:02वो पीटते थे
- 10:03अच्छा
- 10:03रात को 12:00 बजे
- 10:04ये पहले होते थे ऐसे
- 10:06पहले होते थे ये सब पुराणों में मेंशन है
- 10:08ट्रेडिशन जो अब हमें पता भी नहीं है
- 10:10अनफॉर्चुनेटली
- 10:11और ये जो आरती वाला आपने बताया जो घर के
- 10:14आदमी जो होते हैं तीन दिन आरती करते वो कब
- 10:17वो अभी भी होता है कहीं पर या अब नहीं
- 10:18होता
- 10:19मैंने तो नहीं का
- 10:22मैं वही
- 10:23लेकिन ये पुराणों में जो मेंशन है
- 10:24ट्रेडिशन जो हमें फॉलो करने चाहिए उसके
- 10:26बाद जो अगला दिन है बलि प्रतिपदा का वो
- 10:29एसोसिएटेड है बलि महाराज से
- 10:31अच्छा
- 10:31जो वामन अवतार में विष्णु जी ने उनको
- 10:33सबड्यू करके जो बलि महाराज थे वो दैत्य थे
- 10:36एक असुर थे
- 10:37और उन्होंने इंद्र को हरा के स्वर्ग पे
- 10:39कब्जा कर लिया था तो विष्णु जी ने उनसे
- 10:41वापस लिया स्वर्ग वामन अवतार में
- 10:43पर वो उनसे इतने प्रसन्न थे उन्होंने
- 10:46वरदान दिया बलि को
- 10:47हम
- 10:47के अगले मनवंतर ंतर में जैसा मैंने कहा हर
- 10:50मनवंतर में चेंज होते हैं लीडर्स
- 10:52तो अगले मनवंतर में बलि महाराज इंद्र
- 10:55बनेंगे तो ये एक पहला इंसिडेंट होगा जब एक
- 10:57असुर इंद्र की पोजीशन पे आएगा
- 11:00नाउ जब भी
- 11:01नेक्स्ट मनवंतर में
- 11:02और उस दिन मतलब बलि ने वरदान मांगा था कि
- 11:05एक दिन
- 11:06कम से कम एक दिन साल में
- 11:09मुझे वापस आने की अनुमति हो
- 11:11मेरे किंगडम में हम
- 11:13सो एक्चुअली ओनम का जो फेस्टिवल मनाते हैं
- 11:15केरला में उसमें भी उनकी यही मान्यता है
- 11:17कि बलि उस दिन वापस वापस आते हैं।
- 11:19बट उस दिन एक्चुअली वामन जयंती होती है।
- 11:22अच्छा
- 11:22तो ये ये वो दिन है पुराणों के हिसाब से
- 11:25जब बलि वापस आते हैं एक दिन के लिए बलि
- 11:28प्रतिपदा हम
- 11:29तो उस दिन सुबह गोवर्धन पूजा होती है
- 11:32जिसमें हम एनवायरमेंट को की पूजा कर रहे
- 11:34हैं। अपने एनवायरमेंट को थैंक्स गिविंग कर
- 11:36रहे हैं।
- 11:36प्रकृति की पूजा
- 11:37प्रकृति की पूजा कर रहे हैं। जो पहाड़
- 11:39हैं, पेड़ हैं जिनके कारण हम बचे हुए
- 11:41हमारा इकोसिस्टम है।
- 11:43तो उसकी हम वैल्यू कर रहे हैं। हम्म।
- 11:45और रात में फिर बलि महाराज की और उनके
- 11:49एसोसिएट्स की रंगोलियां बनाई जाती है।
- 11:52अच्छा।
- 11:52हां।
- 11:53और उनकी पूजा की जाती थी।
- 11:56ये कहां पर होता है? अभी भी
- 11:57अभी तो पता नहीं कहां होता है। पर पुराणों
- 11:59में ये कहा गया है करने के लिए। बरि
- 12:02प्रतिपदा और उस दिन एक्चुअली आफ्टरनून में
- 12:04बहुत सारे कॉन्टेस्ट होते थे।
- 12:07ऐसा है सबको बांटने का जो कपड़े पहनने का
- 12:11जो है दिवाली पे
- 12:13वो वहां उस आ रहा है कि बलि प्रतिपदा में
- 12:16क्योंकि एक नई शुरुआत हुई है
- 12:18हां
- 12:18बलि वापस आता है और बलि वाज अ वेरी
- 12:20बेनोबिलेंट किंग
- 12:22तो जो राजा थे उनको कहा जाता है अपने सारे
- 12:25मिनिस्टर्स को अपनी प्रजा में
- 12:28अपने जो उनके सैनिक हैं उनके जो
- 12:31मिनिस्टर्स हैं उनके जो
- 12:34जानवरों को जो पालते यू नो हाथी घोड़े बहुत
- 12:37होते थे।
- 12:38उन सबको उन सबको गिफ्ट्स मिलते हैं।
- 12:41कॉन्टेस्ट अरेंज किए जाते थे। टग ऑफ वॉर
- 12:43का्टेस्ट होते थे।
- 12:45और एक और ही बहुत ही अमेजिंग ट्रेडिशन था
- 12:48जिसमें
- 12:50म्यूजिक वगैरह सुनाया जाता था एनिमल्स को।
- 12:53आई थिंक ये जो बलि थे असुर राज बलि राइट?
- 12:57ये बहुत दानवीर काइंड ऑफ़ थी। ठीक है? तो
- 13:00इनके अंदर असुरों के गुण बहुत मतलब असुरों
- 13:03के गुण और
- 13:06पर वो क्योंकि देखिए प्रहलाद जो थे
- 13:08प्रहलाद के एक्चुअली पोते हैं बलि
- 13:11अच्छा
- 13:11हां तो वो रिलेशनशिप में वो आ ही रहे हैं
- 13:14वो उनकी विरासत में है
- 13:16भक्ति
- 13:17तो ये पहले ऐसे कोई असुर होंगे जिनकी पूजा
- 13:20मतलब की जाती है जस्ट बिकॉज़ ही ओनली वन है
- 13:24ना
- 13:24जिनके लिए पूरा फेस्टिवल है जो बलि
- 13:27प्रतिपदा बलि महाराज के लिए है
- 13:29और वो क्योंकि क्योंकि फ्यूचर इंद्र
- 13:30बनेंगे। हम
- 13:32और फिर उसके अगले दिन जो है वो यमद्वितीया
- 13:34है जिसको हम भाईदूज बोलते हैं।
- 13:35अच्छा।
- 13:36और उस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए
- 13:39थे।
- 13:39हम
- 13:40और अगेन ये जो स्टोरीज जो है ना वो बहुत
- 13:43सारे हमारे रिलेशनशिप्स बताती हैं। जैसे
- 13:45शिव पार्वती की स्टोरीज में हस्बैंड वाइफ
- 13:47का था।
- 13:47तो इसमें है कि यम और यमुना सूर्य के
- 13:50बच्चे हैं।
- 13:51और यमुना उनको बुलाती रहती है कि मेरे घर
- 13:54आओ। हम
- 13:55और यमराज कहते हैं कि मेरे पास तो बहुत
- 13:57काम है।
- 13:58ऑब्वियसली सबको लेकर आना है।
- 14:00तो यमराज कहते हैं कि मुझे मेरे पास टाइम
- 14:03ही नहीं है। जैसे होता है हम देखते हैं
- 14:05नॉर्मल लाइफ में। राइट?
- 14:06फिर यमराज उस दिन टाइम निकाल के यमुना के
- 14:09घर जाते हैं।
- 14:10अच्छा।
- 14:11तो वो यम द्वितीया मनाई जाती है। दैट इज
- 14:13एक्चुअली द सेलिब्रेशन ऑफ़ ब्रदर सिस्टर
- 14:16रिलेशनशिप।
- 14:17व्हिच वी कॉल भाईदूज।
- 14:18व्हिच वी कॉल भाईदूज।
- 14:19अच्छा। तो उस दिन सब भाइयों को अपनी बहन
- 14:21के घर जाना ही होता है।
- 14:24और बहनें उनके लिए गिफ्ट वगैरह ले जाना
- 14:26होता है और बहनें उनके लिए खाना बनाती
- 14:28हैं।
- 14:28और ये जो ट्रेडिशंस है तो अलग-अलग
- 14:30कहानियां पांच दिन की छ दिन की जो अलग-अलग
- 14:33कहानियां है वो है और हां गोवर्धन पूजा
- 14:35वाले दिन अगेन गाय और जो मवेशी है उनकी भी
- 14:38पूजा की जाती है।
- 14:39अच्छा और दिवाली पे जैसे आपने लक्ष्मी जी
- 14:42के लिए बताया कि उनको जगाया जाता है। तो
- 14:44लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा क्यों
- 14:47की जाती है? सो वो पुराणों में तो मेंशन
- 14:49नहीं है वैसा पर गणेश जी तो आप देखिए हर
- 14:52पूजा में आपको पहले उनकी अर्चना करनी ही
- 14:54होती है। किसी भी
- 14:55अनुष्ठान में सबसे पहले गणपति की ही पूजा
- 14:58की जाती है।
- 14:59पर उसके साथ-साथ गणपति भी एसोसिएटेड है
- 15:01गुड फॉर्च्यून से।
- 15:03राइट? तो आपको उनके जो पुत्र हैं गणेश जी
- 15:07के उनको उनका नाम है शुभ और लाभ।
- 15:09हां।
- 15:10तो वो ऑस्पिशियसनेस एंड प्रॉफिट। हम
- 15:12वो दोनों उनसे एसोसिएटेड है।
- 15:15तो जब आप लक्ष्मी की पूजा कर रहे हैं,
- 15:17आपके पास धन आएगा पर आपको विज़डम भी चाहिए
- 15:19वो धन को यूटिलाइज करने के लिए।
- 15:21तो इसलिए गणेश जी की भी उनके साथ पूजा की
- 15:24जाती है।
- 15:25और जैसे कि जो हम सब जानते हैं कि दिवाली
- 15:28के दिन श्री राम जी वापस आए थे। ठीक है?
- 15:30ये एक बड़ी चीज जो सब जानते हैं। ठीक है?
- 15:32आइडियली मतलब उस दिन राम जी की पूजा का
- 15:36उतना विधान नहीं है। लेकिन लक्ष्मी जी और
- 15:39गणेश जी की पूजा का है। तो ये किस रीज़न से
- 15:42क्या
- 15:42सो आई थिंक ये जो ट्रेडिशन है क्योंकि ये
- 15:44बहुत पुराने ट्रेडिशंस हैं। पुराणों के
- 15:46टाइम से ट्रेडिशंस बने हुए हैं।
- 15:48तो ये मे बी प्री रामायण ट्रेडिशंस हैं।
- 15:50सो वो उस दिन दीपावली राम जी के वापस आने
- 15:54के पहले भी मनाई जाती थी।
- 15:56अभी आपने एक चीज बोली थी कि कृष्ण जी की
- 15:58जो वाइफ थी मतलब है रुक्मणी जी मानी जाती।
- 16:01ठीक है। एंड राधा जी आल्सो वी नो कि उनके
- 16:05साथ में कैसे तो राधा जी भी लक्ष्मी जी का
- 16:08रूप थी एंड रुक्मणी जी भी लक्ष्मी जी का
- 16:11रूप थी
- 16:12अलग-अलग शक्तियों एक तरीके से
- 16:14अलग-अलग शक्तियां थी अलग-अलग देवी भागवत
- 16:17पुराण में तो राधा जी को एक अलग अवतार ही
- 16:19बताया गया है देवी का
- 16:20अच्छा ओके
- 16:22और रुक्मणी को लक्ष्मी का अवतार बताया गया
- 16:24है तो राधा और कृष्ण एक अलग ही
- 16:28लेवल का वो है कनेक्शन
- 16:29अच्छा अच्छा ओके ओके
- 16:30सो अलग-अलग
- 16:32कहानियों में अलग-अलग तरह बताया गया पर
- 16:33सेम ही शक्ति के अंश है।
- 16:36तो आपके हिसाब से राम जी का जन्म और उनकी
- 16:39जो लाइफ की जो भी जर्नी रही है वो क्या
- 16:41सिखाने के लिए एक्सजेक्टली उनका ये अवतार
- 16:43हुआ। सिर्फ ऐसा नहीं होगा कि रावण का वध
- 16:46करना था। ऑब्वियसली कुछ और भी रीज़ंस
- 16:49होंगे। तो आपने क्योंकि इतना पढ़ा है तो
- 16:51आपके हिसाब से और क्या रीज़न होंगे जो हमें
- 16:54जानना चाहिए।
- 16:54सी जैसा मैंने पहले भी कहा था आई थिंक कि
- 16:56मर्यादा पुरुषोत्तम है वो। तो वो दिखाते
- 16:59हैं हमें एडवर्सरी में भी। आप देखिए वो
- 17:01राजकुमार थे
- 17:03हम
- 17:03है ना और वो उन्होंने बचपन से बचपन में वो
- 17:07पले बड़े अच्छा गुरु वशिष्ठ के यहां पड़े
- 17:11गुरुकुल में रहे होंगे तो राजमहल में उनका
- 17:14जन्म हुआ पर वो बड़े हुए गुरुकुल में
- 17:16हम्म
- 17:17फिर वो
- 17:1816 साल के भी नहीं थे जब विश्वामित्र आ गए
- 17:20उनको लेने के लिए
- 17:21ओके
- 17:21जंगल ले जाने के लिए
- 17:23वो बड़े-बड़े राक्षसों से लड़े वो ताड़का
- 17:26सुबाहु मरीच
- 17:28हम
- 17:28एंड ही वाज़ अ टीनएजर हम
- 17:30राम और लक्ष्मण बच्चे थे लिटरली
- 17:33तो उस टाइम में विश्वामित्र जी ने जो एक
- 17:36भूमिका निभाई
- 17:38के वशिष्ठ ने उनको सारा किताबी ज्ञान दिया
- 17:42है। प्रैक्टिकल नॉलेज जो है वो
- 17:43विश्वामित्र जी ने दी उनको।
- 17:45उनको ट्रैवल करवाया अपने कंफर्ट ज़ोन से
- 17:47बाहर। राक्षसों से उनका सामना करवाया कि
- 17:49ये देखो फ्यूचर में तुम्हें ये सब देखना
- 17:51पड़ेगा।
- 17:52तो उनको इंट्रोड्यूस कराया उस रियलिटी ऑफ़
- 17:56लाइफ जो हम बोलते हैं उससे। हम
- 17:58और राम जी ने हर स्टेप पे
- 18:01सीखा
- 18:03तो आप कहीं पे भी नहीं देखोगे लक्ष्मण जी
- 18:05हमेशा गुस्से में दिखाए जाते हैं कि वो
- 18:06बोलते हैं ऐसा क्यों वैसा क्यों दशरथ ने
- 18:08ऐसा क्यों कहा लक्ष्मण जी बहुत गुस्से में
- 18:10होते हैं जब दशरथ उनको बोल देते हैं राम
- 18:12जी को वनवास जाने
- 18:13लक्ष्मण जी शेषनाग का है राइट
- 18:15तो राम जी हर जगह उन्होंने आइडियल धर्म
- 18:19निभाया है
- 18:20जो भी उस सिचुएशन में उनको करना चाहिए था
- 18:23तो उन्होंने विश्वामित्र के सामने भी
- 18:25उन्होंने बोला जो आप मेरे को आज्ञा दोगे
- 18:27वो मैं करूंगा उनके पास कोई नॉलेज नहीं
- 18:30कुछ नहीं था उनका ओबिडियंस देख के
- 18:32विश्वामित्र ने उनको दिव्य अस्त्रों की
- 18:33नॉलेज दी। फिर वो दिव्य अस्त्र उन्होंने
- 18:35यूज़ किए ताड़का मारीच वगैरह से लड़ने के
- 18:37लिए।
- 18:37हम
- 18:38और उसके बाद विश्वामित्र इतने खुश हुए। वो
- 18:40उनको लेके गए मिथिला हम
- 18:43जहां पे सीता जी का स्वयंवर चल रहा था।
- 18:45अब आप देखिए सीता जी का जो स्वयंवर जो
- 18:47दिखाया जाता है ना सीरियल्स में वो ऐसा
- 18:48होता है कि स्वयंवर चल रहा है। वहां पे सब
- 18:50राजा बैठे हुए हैं। कोई उठा नहीं पा रहा
- 18:51है। हम
- 18:52इनफैक्ट वैसा नहीं था। स्वयंवर जो था वो
- 18:55एक साल पहले से चल रहा था।
- 18:58जब राम जी वहां पहुंचते हैं।
- 19:00हां।
- 19:00कोई भी राजा क्योंकि वो धनुष उठाने शिव जी
- 19:03का धनुष था वो।
- 19:04वो शिवजी का धनुष उठा नहीं पाया था। सब के
- 19:07सब फेल हो गए थे।
- 19:08एक बहुत ही पैकुल सी सिचुएशन थी वहां पे।
- 19:11जनक अब फंस गए हैं। जनक ने वचन दिया है कि
- 19:13जो ये धनुष उठाएगा उसी के साथ मैं अपनी
- 19:15बेटी का विवाह करूंगा।
- 19:16हम
- 19:16सीता जी इज वेटिंग कि भाई कोई उठाएगा ये
- 19:19धनुष।
- 19:20हम
- 19:20एक साल हो गया है। नोबडी इस एबल टू डू इट।
- 19:23हम हम
- 19:23तो राम जी वहां जाके जो हार चुके थे
- 19:27सूटर्स वो अटैक कर देते हैं मिथिला पे तो
- 19:30जनक के छोटे भाई है कुष्यध्वज वो एक्चुअली
- 19:32लड़ाई लड़ रहे होते हैं उस टाइम जब
- 19:34विश्वामित्र उनको लेके जाते हैं वहां पे
- 19:36और जनक ये सब बताते हैं उनको
- 19:38हम
- 19:38तो विश्वामित्र बोलते हैं कि ठीक है वो
- 19:40धनुष यहां लेके आओ
- 19:41हम हम
- 19:42और जब वो धनुष लेके आया जाता है वहां पे
- 19:44तब राम जी उसको हंसते-हंसते उठा लेते हैं
- 19:47तो राम जी ने सिर्फ वो धनुष ही नहीं उठाया
- 19:49उन्होंने जनक को सीता जी को वो जो एक साल
- 19:53से टॉर्चर था उससे उन्होंने मुक्त किया जो
- 19:56अनसर्टेनिटी थी उसके बाद दे हैव अ वेरी
- 19:58गुड लाइफ अयोध्या में जब तक उनका कोरोनेशन
- 20:01नहीं होता तब तक वो सारे सुख भोगते हैं
- 20:04अयोध्या के
- 20:05हम्म
- 20:05और ही इज़ द आइडियल सन मतलब सबसे ज्यादा
- 20:08प्यार उनको कैकई करती है जब तक मंथरा उनका
- 20:11उनकी मति भ्रष्ट नहीं कर देती कैकई के
- 20:13फेवरेट होते हैं वो
- 20:14हम हम
- 20:15और आप देखिए रावण का अपना भाई विभीषण
- 20:18कुंभकरण
- 20:19वो उसको समझाते हैं वो कभी नहीं सुनता
- 20:21उनकी उनकी बात
- 20:22जो उसके सगे भाई हैं।
- 20:23हम
- 20:24राम जी के जो भाई हैं वो सारे उनके स्टेप
- 20:25ब्रदर्स हैं। उनके सगे भाई नहीं है।
- 20:28अलग-अलग माताओं के पुत्र हैं ना।
- 20:30जितना प्यार उन भाइयों में है, स्टेप
- 20:32ब्रदर्स में है। दैट इज एन आइडियल जो रियल
- 20:34ब्रदर्स में नहीं है।
- 20:35हम
- 20:35जो हम देख रहे हैं रावण, कुंभकरण, मेघनाद
- 20:38में वाली और सुग्रीव जो असली भाई हैं, सगी
- 20:40भाई हैं उनमें उतना प्यार नहीं है।
- 20:42हम
- 20:42पर इन भाइयों में जो स्टेम ब्रदर्स हैं
- 20:44उनमें कितना प्यार है।
- 20:45हम
- 20:46वहीं से बचपन से ही उन्होंने जो दिखाना
- 20:48शुरू किया था कि आइडियल सिचुएशन कैसी होनी
- 20:50चाहिए। हम
- 20:51आपको एक भाई के रूप में दोस्त के रूप में
- 20:54आपको एक पुत्र के रूप में आपके पिता ने
- 20:57आपको आज्ञा दी है तो किसी भी तरह की आज्ञा
- 20:59हो आपको माननी है और उसके बाद जब वो वन
- 21:01में चले जाते हैं भरत जब उनको बुलाने आते
- 21:03हैं वो बोलते हैं कि हमारे पिता की मृत्यु
- 21:05हो गई है
- 21:06और उनको एक ऋषि जवाली वो समझाते हैं कि
- 21:08भाई जब तुम्हारे पिता जिनको तुमने वचन
- 21:10दिया था वो ही नहीं रहे
- 21:12हम्म
- 21:12तो अब कौन सा वचन?
- 21:13हम्म
- 21:14वचन भी खत्म हो गया ना पिता के साथ अब तुम
- 21:16वापस आ जाओ। हम
- 21:17तब राम जी बोलते हैं कि नहीं जो वचन मैंने
- 21:19दिया था वह रहेगा पिता रहे या ना रहे
- 21:21हम
- 21:22तो मैं अब वो वचन पूरा करूंगा क्योंकि
- 21:25मैंने अपने पिता को दिया था स्वर्गीय पिता
- 21:26को वचन दिया है तो मैं उनकी मेमोरी को
- 21:28झूठा नहीं कराऊंगा झुठलाऊंगा नहीं
- 21:30हम
- 21:31ये मैं पूरा करूंगा अपना जो मेरा प्राण है
- 21:33और पूरे टाइम वो फॉलो करते हैं कंप्लीटली
- 21:38कि भाई तुम्हें किसी शहर में कदम नहीं
- 21:40रखना है
- 21:41तुम्हें जंगलों में ही रहना है वो पूरा
- 21:43टाइम जंगलों में ही रहते हैं किसी शहर में
- 21:44एंटर नहीं करते लंका के अंदर भी वो एंटर
- 21:46नहीं करते।
- 21:47लंका में भी बाहर से ही सारी लड़ाई होती
- 21:49है। और उसके बाद जो काफी कंट्रोवर्सी
- 21:52कंट्रोवर्शियल जो सिचुएशन आती है ना लोगों
- 21:54को लगता है कि सीता जी को क्यों त्याग
- 21:56किया या उनकी अग्नि परीक्षा क्यों की वो
- 21:58भी बहुत ज्यादा गलत तरीके से बताई गई है
- 22:00हमें। क्योंकि अगर आप वाल्मीकि रामायण
- 22:03पढ़ेंगे तो राम जी आप विश्वास नहीं कर
- 22:06सकते कि कोई इंसान इतना ओपन माइंडेड हो
- 22:09सकता है
- 22:10हम
- 22:10कि वो जब सीता जी को ले आया जाता है उनके
- 22:13सामने तब वो सीता जी को ऑप्शन देते हैं वो
- 22:16बोलते हैं कि मैं तुम्हारा पति हूं ये
- 22:18मेरा कर्तव्य था तुम्हें छुड़ाना लेकिन अब
- 22:20तुम्हारी क्या इच्छा है अगर तुम चाहती हो
- 22:23यहीं रहना तो तुम यहां रह सकती हो
- 22:25हम्म
- 22:26अगर तुम्हें कहीं और जाना है तो तुम जा
- 22:27सकती हो अगर तुम्हें अयोध्या आना है तो
- 22:29तुम आ सकती हो हम
- 22:31वो ऑप्शंस देते हैं सीता को पर ऑफ कोर्स
- 22:33वो थोड़ा रुडली बोलते हैं क्योंकि वो सारे
- 22:36जो उनके साथ आए हैं लोग उनको दिखाना चाहते
- 22:39हैं कि सीता कितनी पवित्र है और सीता जी
- 22:41बुरा मानती है कि आपने ऐसा सोचा भी कैसे
- 22:44कि मैं आपके साथ नहीं जाऊंगी
- 22:46हम्म
- 22:47और वो लक्ष्मण को आर्डर करती है कि मेरे
- 22:49लिए चिता तैयार करो
- 22:50हम
- 22:50तो अग्नि परीक्षा जो है वो सीता जी बोलती
- 22:52है करने के लिए राम जी नहीं बोलते अग्नि
- 22:54परीक्षा देने के लिए
- 22:55या शायद वो कहीं ना कहीं समझ रही है कि
- 22:58प्रभु श्री राम क्यों ऐसा कर रहे उनका
- 23:00कनेक्शन बहुत ज्यादा स्टंग था। उनको पता
- 23:02था एक दूसरे का उनको मतलब यू नो अगेन
- 23:05सोलमेट्स वाली बात थी। उनको पता है कि ये
- 23:07किस सिचुएशन में है। तो वो सीता जी खुद ही
- 23:09बोलती है कि मैं अग्नि परीक्षा दूंगी।
- 23:11जैसा आप पहले पूछ रहे थे कि राम जी ने
- 23:12सुपर नेचुरल कभी वो नहीं दिखाया।
- 23:14तो सब देवता आते हैं वो अग्नि परीक्षा के
- 23:16जब हो रही होती है तब वो आते हैं राम जी
- 23:18को बोलने कि मतलब ये आप क्या होने दे रहे
- 23:20हो?
- 23:21तो वो बोलते हैं मैं एक इंसान हूं। एक
- 23:23नॉर्मल इंसान की तरह बिहेव कर रहा हूं
- 23:25मैं।
- 23:25तब वो बोलते हैं कि नहीं आप इंसान नहीं
- 23:27हो। आप प्रभु नारायण हो। तब अग्निदेव
- 23:29प्रकट होते हैं सीता जी को लेके। सो
- 23:31सिचुएशंस जो है वो हमें बहुत ही गलत तरीके
- 23:33से बताई गई है।
- 23:35और आप एक्चुअली उनका कैरेक्टर देखोगे तो
- 23:38बहुत स्ट्रांग कैरेक्टर है कि उन्होंने
- 23:40कभी भी धर्म का साथ नहीं छोड़ा। लेकिन जो
- 23:43एक डिफरेंस है आप देखेंगे राम जी और कृष्ण
- 23:45जी में
- 23:46हम्म।
- 23:46उस टाइम के लिए जब वो एक त्रेता युग में
- 23:49थे।
- 23:49उस टाइम के लिए धर्म का पालन करना अच्छी
- 23:52बात थी।
- 23:53जब वो द्वापर युग हो गया। युग चेंज हो
- 23:55गया। उस टाइम भी एक व्यक्ति था जो धर्म का
- 23:57पालन करता था युधिष्ठिर।
- 23:59ओके।
- 24:00लेकिन वो हमेशा मुसीबत में फंसा धर्म का
- 24:02पालन करने से। तो तब कृष्ण जी ने हमेशा
- 24:05दिखाया कि जब रूल्स बहुत रिजिड हो जाते
- 24:07हैं। आपको उनको तोड़ना चाहिए। कृष्ण जी ने
- 24:09सारे रूल्स तोड़े।
- 24:10हमेशा उन्होंने महाभारत की लड़ाई में भी
- 24:13रूल्स तोड़े। उन्होंने पहले भी रूल्स
- 24:14तोड़े, बाद में भी रूल्स तोड़े। तो राम और
- 24:16कृष्ण में ये डिफरेंस है
- 24:18कि राम जी ने रूल्स सेट किए थे उस सोसाइटी
- 24:21के लिए
- 24:22जो धर्म को फॉलो करती है।
- 24:24जहां सारे लोग धर्म को फॉलो करते हैं।
- 24:26धर्म डस नॉट मीन रिलजन।
- 24:28धर्म मींस राइट कंडक्ट। आपकी उस स्टेज में
- 24:31लाइफ में आपके लिए क्या सही कर्तव्य है वो
- 24:33है आपका धर्म। उन्होंने धर्म के रूल्स सेट
- 24:35किए। एग्जांपल सेट किए और कृष्ण जी ने
- 24:38सारे रूल्स तोड़े।
- 24:39ये दिखाने के लिए कि रूल्स आर नॉट मोरेंट
- 24:43देन ह्यूमैनिटी। जैसे अह जब द्रोपदी का
- 24:46चीर हरण हो रहा था
- 24:47तो सब लोग इसी कंट्रोवर्सी में थे कि रूल
- 24:49क्या है
- 24:49हम
- 24:49कि भाई युधिष्ठिर ने खुद को दांव पे लगाया
- 24:51फिर द्रोपदी को लगाया तो लीगलिटी क्या है
- 24:54और कृष्ण जी ने आके बचा लिया द्रोपदी को
- 24:56हम
- 24:57तो उन्होंने दिखाया कि भ ह्यूमैनिटी ऊपर
- 24:59है
- 25:00हम
- 25:01रूल्स सेकेंडरी है
- 25:02हम
- 25:03और राम जी के टाइम उल्टा था
- 25:05राइट
- 25:05सोसाइटी आपके अराउंड कैसी है उस हिसाब से
- 25:08आपको बिहेव करना है
- 25:10वो भी हमें ये अलग-अलग अवतार बताते
- 25:12क्योंकि शायद कृष्ण जी को यह भी पता था कि
- 25:15आने वाला समय कलयुग कलयुग ऐसा होने वाला
- 25:17है। इस वजह से
- 25:19उस चीज को सिखाने के लिए उन्होंने सारी
- 25:21लीलाएं रची। राइट? अच्छा राम जी के जो
- 25:24आराध्य हैं भगवान शिव उनका जो रूप है जो
- 25:27निराकार रूप जो शिवलिंग है वही फॉर्म
- 25:30क्यों शिव जी का पूजा जाता है? या फिर ये
- 25:32कह लीजिए कि भगवान शिव ने वही फॉर्म क्यों
- 25:35चुना? एज अ शिवलिंग जो हम देखते हैं।
- 25:37शिवलिंग एक्सैक्टली है क्या? जी बहुत
- 25:39लोगों को ये गलतफहमी होती है कि शिवलिंग
- 25:42एक्चुअली है क्या और काफी लोग अलग-अलग
- 25:45उसके यू नो तात्पर्य निकालते हैं।
- 25:48हम
- 25:48शिव पुराण के हिसाब से जो शिवलिंग है
- 25:51देखिए लिंग क्या होता है? एक चिन्ह है।
- 25:54हम
- 25:54अगर आप संस्कृत में या हिंदी में आप
- 25:57पढ़ोगे पुल्लिंग और स्त्रीलिंग।
- 25:59हम
- 25:59राइट? तो जो मार्कर है कि ये वर्ड्स
- 26:02मैस्कुलिन है उसको हम पुलिंग बोलते हैं।
- 26:05स्त्रीलिंग के ये फेमिनिन वर्ड्स हैं।
- 26:08सो लिंग इज अ चिन्ह
- 26:09इज अ मार्क।
- 26:10और शिव पुराण के हिसाब से जो स्टोरी है
- 26:12उसमें जैसे हमने शुरू में बात की थी कि
- 26:14अलग-अलग कल्पों में अलग-अलग भगवान के
- 26:17फॉर्म सुप्रीम थे। हम हम
- 26:19तो शिव पुराण के हिसाब से एक जो वो दिन था
- 26:22जिस दिन शिव पुराण की कहानियां हुई है
- 26:25तो उस दिन में ब्रह्मा और विष्णु जी के
- 26:28बीच में एक डिबेट हो रहा था कि उनमें से
- 26:30कौन पहले प्रकट हुआ?
- 26:31हम्म
- 26:32अब ब्रह्मा जी ऑफ कोर्स विष्णु जी के नेवल
- 26:34से जो कमल निकलता है उसमें से निकलते हैं।
- 26:36पर वो मानने से इंकार कर देते हैं कि
- 26:39वो बोलते हैं मैं ही क्रिएटर हूं। मैंने
- 26:41ही सारी दुनिया बनाई है।
- 26:43मैं सुप्रीम हुआ। हम हम
- 26:44सो उस डिबेट में उन दोनों के बीच में
- 26:47सडनली एक पिलर ऑफ फायर निकलता है।
- 26:50हम
- 26:50सो एक आग का स्तंभ है।
- 26:53हम
- 26:53और वो जो एनर्जी का स्तंभ है ना वो ऊपर की
- 26:56तरफ शूट कर रहा है।
- 26:57हम
- 26:57सो ऑब्वियसली उसकी जो शेप है वो ऐसे है।
- 27:00ओके।
- 27:00राइट? सो दैट्स अ पिलर ऑफ़ फायर जो ऊपर की
- 27:03तरफ शूट करता जा रहा है।
- 27:04और वो दोनों देख के हैरान हो जाते हैं
- 27:06कि सडनली ये कहां से आया पिलर? फिर विष्णु
- 27:09जी वरा का रूप लेके उसका नीचे का छोर
- 27:12ढूंढने निकलते हैं।
- 27:13और ब्रह्मा जी एक हंस का रूप लेके उसका
- 27:15ऊपर का छोर ढूंढने निकलते हैं। तो उन
- 27:17दोनों को ही छोर मिलते नहीं है।
- 27:20और फिर उस स्तंभ में से जो अग्नि स्तंभ है
- 27:23उसमें से शिवजी प्रकट होते हैं और वो
- 27:25बोलते हैं कि ये मैं हूं। मैंने ही
- 27:26तुम्हें बनाया है।
- 27:28क्योंकि उस दिन के लिए शिवजी ही सुप्रीम
- 27:31ने थे।
- 27:32हम्म। सो वो जो शिवलिंग है वो वो अग्नि
- 27:36स्तंभ का प्रतीक है
- 27:38भगवान शिव का
- 27:39और भगवान शिव के कई रूप है मल्टीपल रूप है
- 27:43उनके
- 27:44उसमें से जो निराकार रूप है वो है शिवलिंग
- 27:47और भगवान की उपासना के लिए जो बताया जाता
- 27:50है शिव पुराण में तो उनकी इस फॉर्म में
- 27:53उपासना ही उनको ज्यादा प्रिय है
- 27:57क्योंकि जैसा मैंने शुरू में भी कहा था कि
- 27:58एक परबह्म है। अलग-अलग वो फॉर्म्स लेते
- 28:01हैं। हमारी अंडरस्टैंडिंग के लिए देखिए एक
- 28:03इंसान के लिए एक एब्स्ट्रैक्ट कांसेप्ट से
- 28:06कनेक्ट करना बहुत मुश्किल होता है कि हम
- 28:08सोचें कि एक एनर्जी बीम है
- 28:11या एक ज्योति पुंज है जो भगवान है
- 28:15तो आप उससे कनेक्ट नहीं कर पाते हो उस उस
- 28:18तरह से अगर आप कंपेयर करो कि आप एक भगवान
- 28:22की फॉर्म ले रहे हो कि एक शिव जी है
- 28:24उनके गले में सर्प है उनके मस्तक पे
- 28:26चंद्रमा है उनके हाथ में त्रिशूल है एक
- 28:28हाथ में डमरू है तो आप यू कैन इमेज इमेजिन
- 28:31कि एक फॉर्म है और आप कनेक्शन इजी हो जाता
- 28:34है।
- 28:35किसी भी कांसेप्ट को समझने के लिए अगर एक
- 28:37इमेज हो तो वो आपके लिए इजी बनाती है। तो
- 28:40भगवान से कनेक्ट करने के लिए हम अलग-अलग
- 28:42फॉर्म्स जो है उनकी भी पूजा कर सकते हैं।
- 28:45या आप इस निराकार जो रूप है उनका जो
- 28:47शिवलिंग है उसकी भी उपासना कर सकते हैं।
- 28:49तो भगवान एक जब वो स्वरूप लेते हैं तो
- 28:53उसमें भी आप उनकी पूजा कर सकते हैं और
- 28:55अरूप में भी उनकी पूजा कर सकते हो। और यही
- 28:57उसका पर्पस है। यही उसका सिग्निफिकेंस है।
- 29:00तो इसलिए हम क्योंकि वो अग्नि स्तंभ है
- 29:01उसमें जल चढ़ाया जाता है। उनको शांत रखने
- 29:04के लिए उन कूलिंग जो चीजें होती है वो
- 29:06चढ़ाई जाती है।
- 29:07और जैसे हनुमान जी को भगवान शिव का अंश
- 29:09माना जाता है। ठीक है? तो शिव जी की एक
- 29:12फॉर्म है पंचमुखी शिव और हनुमान जी की भी
- 29:15एक फॉर्म है पंचमुखी हनुमान जी। जी
- 29:17तो क्या
- 29:18है या फिर नहीं एक्चुअली कनेक्टेड नहीं है
- 29:21शिवजी तो जैसे मैंने कहा शिवजी के भी
- 29:23अलग-अलग रूप है तो एक तो उनका निराकार
- 29:25फॉर्म उनका जो शिवलिंग है जो अग्नि स्तंभ
- 29:27है और उसके अलावा उनका एक रूप है जिसको हम
- 29:30बोलते हैं सदा शिव
- 29:31हम्म
- 29:31और सदा शिव में उनके पांच मुख होते हैं
- 29:34ओके
- 29:35पंचमुखी जो शिव है वो सदा शिव रूप है उनका
- 29:37जिसमें शिव जी इनकर्पोरेट करते हैं
- 29:40ब्रह्मा और विष्णु को भी तो उनके जो मुख
- 29:42है वो अलग-अलग चीजें दिखाते हैं उसमें तीन
- 29:45रूप शिव जी के हां
- 29:47और दो रूप ब्रह्मा और विष्णु जी के
- 29:50इनकपोरेटेड है उसमें।
- 29:51ओके। सो क्रिएशन डिस्ट्रक्शन वो दोनों
- 29:54आस्पेक्ट भी शिवजी के अंदर ही आ जाते हैं।
- 29:56इसमें इनफ अगर आप एलिफेंटा केव जाएंगे जो
- 30:00मुंबई के पास में है वहां पे जो मेन
- 30:02मूर्ति है त्रिमूर्ति की है। तो काफी
- 30:04लोगों को वो लगता है कि ये ब्रह्मा शिव
- 30:07शिव जी और विष्णु जी की डिपिक्शन है।
- 30:10एक्चुअली शिव जी का ही डिपिक्शन है।
- 30:12जिसमें उनके तीन चेहरे दिखाई देते हैं और
- 30:15दो पीछे की तरफ है।
- 30:17तो वो पंचमुखी जो शिव है वो सदा शिव का
- 30:20डिप्शन है। ओके
- 30:21जो इनका सबसे सुप्रीम फॉर्म है और फिर सदा
- 30:24शिव के अलग फॉर्म्स है जिसमें रुद्र अवतार
- 30:28आते हैं
- 30:28और रुद्र अवतारों में से 11 रुद्रों में
- 30:31से एक है शिव
- 30:33जो कैलाश पे रहते हैं जो कैलाशपति शिव है
- 30:35ओके
- 30:36और पंचमुखी जो हनुमान है वो एक अलग स्टोरी
- 30:38से रिलेटेड है जिसमें वो अहिरावण की कहानी
- 30:40है पर वो वाल्मीकि रामायण में नहीं है
- 30:42ओके
- 30:43कहा जाता है कि अहिरावण एक कजिन था रावण
- 30:46का
- 30:47और वो पाताल में रहता था और वो राम जी और
- 30:50लक्ष्मण जी को डक्ट करके ले जाता है वहां।
- 30:52तो उनको छुड़ाने के लिए हनुमान जी को पांच
- 30:54अलग-अलग
- 30:56चिराग जो थे लैंप्स जो थे उनको बुझाना था।
- 30:59हां।
- 31:00तो वो साइमलटेनियसली फाइव फसेस से वो
- 31:03बुझाते हैं। वो साथ में बुझेंगे तभी वो
- 31:05रावण की मृत्यु होगी।
- 31:06श्रीमद्भगवत गीता
- 31:08ठीक है। एक लाइफ बुक कही जाती है जिस पे
- 31:11आज हम लोग जो भी अपने जीवन जी रहे हैं
- 31:13कहीं ना कहीं उससे एक सीखते हैं बहुत कुछ।
- 31:16ठीक है? तो मैं चाहती हूं कि आपको अगर
- 31:18उसका कोई भी एक श्लोक आप बताएं और उसको
- 31:21हमारी आज की लाइफ से रिलेट करके एक मैसेज
- 31:23दे सकके।
- 31:24बहुत सारे श्लोक हैं भगवत गीता के। तो यू
- 31:26नो मेरे भी फेवरेट्स बहुत सारे हैं। बट एक
- 31:29जो हमेशा जो मैं अपने ध्यान में रखने की
- 31:31कोशिश करता हूं जो हमें बताता है कि आपकी
- 31:34ये जो लाइफ है ना दिस इज जस्ट एन
- 31:35इमपरमानेंट फेस।
- 31:37ये एक फेज है आपकी जर्नी का। आपकी जो सोल
- 31:40की जर्नी है वो बहुत लंबी है। ये जो एक
- 31:43लाइफ है ये एक पड़ाव है बस इसमें कि नैन
- 31:46छिंदती शस्त्राण नम दहति पावक न चनम
- 31:50क्लेदंत आपो न शोषति मारुतः
- 31:52ये सोल जो है आपकी उसको ना अस्त्र काट
- 31:55सकते हैं ना अग्नि झुलसा सकती है ना वायु
- 31:58सुखा सकती है ना पानी उसको गीला कर सकता
- 32:00है फिजिकल फॉर्म अपनी समझ रहे हो कि ये
- 32:03मैं हूं
- 32:03ये आप हो ही नहीं
- 32:05ये सिर्फ एक टेंपरेरी कवरिंग है जो आपकी
- 32:08सोल ने पहनी हुई है
- 32:10जैसे एक इंसान और दूसरा एक श्लोक वैसा ही
- 32:13है ना कि वासानी यथाय नवानी ग्रहणाती
- 32:16नरोपानी मतलब जिस तरह एक इंसान पुराने
- 32:19कपड़े उतार के नए कपड़े पहन लेता है
- 32:22उसी तरह जो हमारी आत्मा है वो एक शरीर
- 32:25छोड़ के दूसरा शरीर ग्रहण कर लेती है
- 32:27तो वो आई थिंक मुझे हमेशा याद दिलाता है
- 32:30कि ये जो इस लाइफ की ट्रबल्स हैं हर एक के
- 32:33लाइफ में कुछ ना कुछ डिफिकल्टीज आती है।
- 32:35राइट? अप्स एंड डाउन्स आते हैं। तो ये
- 32:36बहुत टेंपरेरी है
- 32:38और ये इस बॉडी से रिलेटेड है। सोल से
- 32:40रिलेटेड नहीं है।
- 32:41जैसे ही आपकी बॉडी खत्म हुई सोल कोई और
- 32:43बॉडी में चली जाएगी नई लाइफ आपकी शुरू हो
- 32:45जाएगी। ये सारी ट्रबल्स आपकी वहीं रह
- 32:47जाएंगी।
- 32:48हम्म।
- 32:48सो आई थिंक वो आज की सोसाइटी में जहां हम
- 32:51बहुत टेंस रहते हैं। बहुत स्ट्रेस में
- 32:53रहते हैं। स्ट्रेस में रहते हैं। आप कितने
- 32:55आप सुनते हैं यू नो स्टूडेंट्स ने सुसाइड
- 32:57किया। आई थिंक बहुत सारी सिचुएशन ऐसी
- 32:59हमारी लाइफ में आती है जिसमें हम बहुत
- 33:01ओवरवेल्म हो जाते हैं और भगवत गीता आपको
- 33:04ये बताती है कि ये तो टेंपरेरी चीजें हैं
- 33:07फेस हैं
- 33:08और ये इन द लार्जेस्ट स्कीम ऑफ़ थिंग्स कुछ
- 33:10भी नहीं है।
- 33:11राइट?
- 33:12तो आपको उसको अपने ऊपर हावी नहीं होने
- 33:15देना है।
- 33:15और कैसे आपको डील करना है सिचुएशन से बाय
- 33:18विद पेशेंस
- 33:19जो आपकी ड्यूटीज है आप वो अच्छे से करो।
- 33:22जैसे भगवान अर्जुन को बोलते हैं जो कर्म
- 33:24योग का कांसेप्ट है। आई थिंक वो सबसे
- 33:26ज्यादा रेलेवेंट है हमारे टाइम के लिए।
- 33:29क्योंकि आपको अपनी ड्यूटीज निभानी है।
- 33:32लेकिन उसमें आपको वो डिजायर नहीं रखना है
- 33:34कि मुझे ये फल चाहिए ही चाहिए।
- 33:37क्योंकि जब वो फल नहीं मिलता है तभी आपको
- 33:40डिसपॉइंटमेंट होती है। एंगर आता है,
- 33:41रिेंटमेंट आती है, दुख होता है।
- 33:44ईर्ष्या होती है कि किसी और को कैसे मिल
- 33:46गया?
- 33:47आपने पूरा एफर्ट किया वही आपका कर्म था।
- 33:49हां हां हां
- 33:50बाकी जो आपको मिलना है वो आपके कर्मों के
- 33:52फल आपको मिलेंगे ही और हमारी लाइफ की
- 33:55जर्नी बहुत लंबी है। वो सिर्फ इस एक छोटी
- 33:57सी जिंदगी में समा नहीं सकती है।
- 34:00आई थिंक दैट इज द बिगेस्ट टेक अवे फॉर मी
- 34:02फ्रॉम द भगवत गीता।
- 34:04थैंक यू सो मच विनीत जी।
- 34:06प्लेजर थैंक यू फॉर द क्वेश्चन। आपने इतने
- 34:09सारे क्वेश्चन पूछे अलग-अलग टॉपिक्स के।
- 34:11आई थिंक
- 34:11बट सबसे ज्यादा इंटरेस्टिंग ये था कि आपने
- 34:14हमेशा की तरह इतना मुस्कुराते हुए इतना
- 34:16सारा ज्ञान, इतनी सारी नॉलेज शेयर की।
- 34:18थैंक यू सो मच।
- 34:19थैंक यू।
- 34:22[संगीत]
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This page contains the full transcript of दीपावली का रहस्य: लक्ष्मी, दीप, और हमारी आत्मा की यात्रा | Podcast | Dr. Vineet Aggarwal by Tilak Varta - The Sanatan Podcast, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 6,431 words across 1,012 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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