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Operation Meghdoot | How India Captured Siachen | Siachen History — Transcript

by Mighty Monk · 4,808 words · 613 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:0013th अप्रैल 1984 यह वह दिन था जब भारत के
  2. 0:03वीड सैनिक ऑपरेशन मेघदूत को सफल करने के
  3. 0:06लिए बर्फ की मोटी चादर से ढकी सियाचिन की
  4. 0:09पहाड़ियों के लिए निकल पड़े थे यह एक ऐसा
  5. 0:11ऑपरेशन था जिसे भारत के जाबा सिपाहियों ने
  6. 0:14हजारों किलोमीटर्स की ऊंचाइयों पर
  7. 0:16एग्जीक्यूट किया था वह ऊंचाई जहां ना कोई
  8. 0:18इंसान ना कोई जानवर और ना कोई पेड़-पौधे
  9. 0:21पाए जाते थे सफेद चादरों में लिपटी बर्फ
  10. 0:24की पहाड़ियों से सूरज की रोशनी टकराने के
  11. 0:27कारण अगर ज्यादा देर तक बर्फ को देखा जाए
  12. 0:29तो आंखें खराब हो सकती थी यहां लड़ना तो
  13. 0:32दूर सांस लेना भी एक बड़ी बात थी ऊंचाई के
  14. 0:34कारण टेंपरेचर -70 डिग्री तक भी चला जाया
  15. 0:38करता था ठंड इतनी थी कि शरीर की हड्डियां
  16. 0:40भी गल जाए ऐसी कठोर और गंभीर परिस्थिति
  17. 0:43में भी भारत के वीर पीछे नहीं हटे और डटकर
  18. 0:46अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए आगे
  19. 0:48बढ़ते रहे ऑपरेशन को पूरा करने के लिए इस
  20. 0:51वक्त भारतीय सैनिकों के सामने दुश्मन तो
  21. 0:53नहीं था लेकिन दुश्मन के रूप में सियाचिन
  22. 0:55का डिफिकल्ट टेरेन और वहां की वेदर कंडीशन
  23. 0:58जरूर थी पर खुद पर विश्वास रखते हुए सैनिक
  24. 1:01आगे बढ़ते रहे इस ऑपरेशन के दौरान सभी
  25. 1:03सैनिकों को अलग-अलग टुकड़ियों में बांटा
  26. 1:05गया था जिससे वोह सियाचिन ग्लेशियर के
  27. 1:07साल्टोरो रिच की सभी हाईएस्ट पीक्स पर
  28. 1:10अपना कंट्रोल एस्टेब्लिश कर सके लेकिन तभी
  29. 1:12एक तूफान आता है जो इंसानों पर कोई तरस
  30. 1:15नहीं करता यह तूफान कोई ऐसा वैसा तूफान
  31. 1:17नहीं था बल्कि बर्फ का एक ऐसा तूफान था
  32. 1:20जिसने भारतीय सैनिकों को चारों तरफ से घेर
  33. 1:23लिया था इस तूफान के कारण इंडियन आर्मी का
  34. 1:25आर्मी हेड क्वार्टर से कनेक्शन टूट गया और
  35. 1:28भारतीय सैनिकों को बर्फ से होने वाली
  36. 1:30बीमारियों और परेशानियों ने घेर लिया ऐसे
  37. 1:33में भारतीय वीरों के पास दो रास्ते थे
  38. 1:35पहला या तो वह गिव अप कर वापस लौट जाए और
  39. 1:38दूसरा वह यही रहकर अपने देश की रक्षा के
  40. 1:40लिए अपने प्राण को न्योछावर कर दे लेकिन
  41. 1:43भारतीय वीरों ने दूसरा रास्ता चुना और
  42. 1:45सियाचिन पर अपने देश के नाम का झंडा हमेशा
  43. 1:48के लिए गाड़
  44. 1:52दिया भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के
  45. 1:55लिए सियाचिन इतना इंपॉर्टेंट क्यों है यह
  46. 1:57जानने से पहले आपको इस ग्लेशियर के बारे
  47. 1:59में जानना जरूरी है सियाचिन एक ऐसा
  48. 2:01ग्लेशियर है जो ट्रांस हिमालयन की ईस्टर्न
  49. 2:03काराकोरम रेंज में लोकेट करता है यह
  50. 2:06ग्लेशियर पॉइंट nj9842 के नॉर्थ ईस्ट में
  51. 2:09पड़ता है जहां इंडिया एंड पाकिस्तान के
  52. 2:11बीच लाइन ऑफ कंट्रोल खत्म होती है 76 किमी
  53. 2:14लंबा होने के कारण सियाचिन ग्लेशियर
  54. 2:17काराकोरम में लांगेस्ट और वर्ल्ड के नॉन
  55. 2:19पोलर एरियाज में सेकंड लांगेस्ट ग्लेशियर
  56. 2:21माना जाता है इस ग्लेशियर का नॉर्थ मोस्ट
  57. 2:24पॉइंट इंदिरा कॉल है जो कि सी लेवल से
  58. 2:26करीबन 911 फीट ऊंचा है इसका सबसे निचला
  59. 2:30हिस्सा भी 11000 फीट ऊंचा है और हाईएस्ट
  60. 2:33मैन पोस्ट की ऊंचाई 22000 फीट ऊंची है इन
  61. 2:37सबके अलावा सियाचिन ग्लेशियर को दुनिया के
  62. 2:39सबसे हाईएस्ट एंड कोल्डेस्ट बैटलफील्ड के
  63. 2:42रूप में जाना जाता है जो वेस्ट में
  64. 2:43साल्टोरो रिज और ईस्ट में काराकोरम पर्वत
  65. 2:46श्रृंखला से घिरा हुआ है सियाचिन भारत के
  66. 2:49लिए कई मायनों में जरूरी है इस लोकेशन की
  67. 2:51स्ट्रेटेजिक इंपॉर्टेंस को देखते हुए ही
  68. 2:53भारत ने ऑपरेशन मेघदूत को लॉन्च किया था
  69. 2:56अपनी ऊंचाई के कारण यह ग्लेशियर सेंट्रल
  70. 2:58एशिया में एक अहम भूमिका निभा भाता है
  71. 3:00लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच इस
  72. 3:02ग्लेशियर की इंपॉर्टेंस इसकी बाउंड्री के
  73. 3:04कारण ही है सियाचिन ग्लेशियर सेंट्रल
  74. 3:06एशिया को इंडियन सबकॉन्टिनेंट से अलग करता
  75. 3:08है वही इसके एक तरफ पाकिस्तान की सीमा है
  76. 3:11तो दूसरी तरफ चीन की जिस कारण अगर कभी भी
  77. 3:14पाकिस्तान सियाचिन पर कब्जा करता है तो
  78. 3:16पाकिस्तान को चीन से सीधी कनेक्टिविटी मिल
  79. 3:18जाएगी और साथ ही लद्दाख रीजन एंड ले
  80. 3:21श्रीनगर हाईवे पर पाकिस्तान की
  81. 3:23स्ट्रेटेजिक निगरानी भी बढ़ जाएगी जिस
  82. 3:25कारण भारत के लिए एक सीरियस थ्रेट पैदा हो
  83. 3:27जाएगा जिसका एक एग्जांपल हमें कार गिल वॉर
  84. 3:30के दौरान देखने को मिला था जब पाकिस्तानी
  85. 3:32सैनिकों ने घुसपैठ कर कारगिल के कई
  86. 3:34स्ट्रेटेजिक पीक्स को कैप्चर कर लिया था
  87. 3:37जनवरी 2020 में देन आर्मी चीफ जनरल मनोज
  88. 3:40मुकुंद नरवणे ने सियाचिन को वह प्लेस
  89. 3:43बताया था जहां से चीन और पाकिस्तान की
  90. 3:45मिली भगत से भारत को सबसे अधिक खतरा था
  91. 3:48ईस्टर्न लद्दाख में चीन के साथ 2020 के
  92. 3:50क्लैशेस और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर
  93. 3:53जारी तनाव ने सियाचिन के इंपॉर्टेंस को और
  94. 3:55अधिक जटिल बना दिया है सियाचिन ग्लेशियर
  95. 3:58पाकिस्तान और चाइना के बीच भारत के लिए एक
  96. 4:00स्ट्रांग बैरियर के रूप में खड़ा है जिस
  97. 4:02कारण दोनों ही देश भारत के साथ वॉर के
  98. 4:04दौरान बैकल श फील कर सकते हैं साल्टोरो
  99. 4:07रिज पाकिस्तान और चाइना के बीच एक डिवीजन
  100. 4:10के रूप में काम करता है और पाकिस्तान
  101. 4:12ऑक्यूपाइड कश्मीर को चीन के साथ सीधे
  102. 4:14जुड़ने से रोकता है इसी कारण साल्टोरो रिच
  103. 4:17की ज्योग्राफिक इंपॉर्टेंस को देखते हुए
  104. 4:19भारत ने 1984 में उनकी सभी ऊंची चोटियों
  105. 4:22पर अपना कब्जा कर लिया था सियाचिन
  106. 4:24ग्लेशियर और साल्टोरो रिच की पहाड़ियों पर
  107. 4:26कब्जा करने के कारण भारत आसानी से
  108. 4:28पाकिस्तान और चाइना के एरिया पर 24 घंटे
  109. 4:31नजर रख सकता है यानी फ्यूचर में अगर कभी
  110. 4:33भी इन दोनों देशों में से कोई भी देश भारत
  111. 4:36की ओर मार्च करता है तो भारत पहले से ही
  112. 4:38अलर्ट हो जाएगा इसके अलावा सियाचिन
  113. 4:40ग्लेशियर को इंडियन सबकॉन्टिनेंट का सिंगल
  114. 4:43लार्जेस्ट सोर्स ऑफ फ्रेश वाटर भी माना
  115. 4:45जाता है यहीं से नुब्रा रिवर निकलती है और
  116. 4:47आगे चलकर इंडस रिवर में मिल जाती है इंडस
  117. 4:50रिवर पाकिस्तान के पंजाब प्लेंस के लिए एक
  118. 4:52इंपॉर्टेंट वाटर सोर्स है जो वहां के
  119. 4:54एरियाज को इरिगेट करने के लिए काफी जरूरी
  120. 4:57है भारत और पाकिस्तान के बीच इस रिवर को
  121. 4:59लेकर एक ट्रीटी भी है जिसे इंडस वाटर्स
  122. 5:02ट्रीटी के नाम से जाना जाता है अगर भारत
  123. 5:04और पाकिस्तान के बीच निकलने वाली इस रिवर
  124. 5:06के सोर्स पर भारत का कब्जा होगा तो आने
  125. 5:09वाले समय में किसी भी वॉर की सिचुएशन में
  126. 5:11भारत अपनी शर्तों को पाकिस्तान के सामने
  127. 5:14रख सकता है नॉलेज के साथ-साथ अगर आपको
  128. 5:16अपने बिजनेस को भी उड़ान देनी हो तो ओडू
  129. 5:18डेफिनेटली आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन है
  130. 5:20क्योंकि बिजनेस चलाना कोई आसान काम नहीं
  131. 5:22है यहां आपको मार्केटिंग कस्टमर्स और
  132. 5:25इन्वेंटरी को मैनेज करने के साथ-साथ
  133. 5:26इन्वॉइसिंग अकाउंटिंग और ऑर्डर ट्रैकिंग
  134. 5:29ऐसे तमाम काम करने होते हैं जिसमें आपका
  135. 5:31कीमती समय और अच्छा खासा पैसा लगता है
  136. 5:34क्योंकि इन सब के लिए आपको अलग-अलग सर्विस
  137. 5:36प्रोवाइडर्स की जरूरत पड़ती है और यहां ू
  138. 5:38आपके बिजनेस के डेली ऑपरेशन को आसान करने
  139. 5:41और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद कर सकता
  140. 5:43है ू एक बिजनेस मैनेजमेंट प्लेटफार्म है
  141. 5:45जहां आपको 70 प्लस एप्स मिलेंगी जो डेली
  142. 5:48बेसिस पर आपके बिजनेस के हर एक एस्पेक्ट
  143. 5:50को मैनेज करने में आपकी मदद करेगा यहां पर
  144. 5:53आप सीआरएम सेल्स इन्वॉइसिंग अकाउंटिंग और
  145. 5:56प्रोजेक्ट मैनेजमेंट से लेकर ह्यूमन
  146. 5:58रिसोर्स और इन्वेंटरी मैनेजमेंट तक कर
  147. 6:00सकते हैं साथ ही यहां आप खुद से अपनी
  148. 6:02वेबसाइट भी बना सकते हैं यही नहीं स्ट्रेट
  149. 6:04फॉरवर्ड u य की वजह से इसकी एप्लीकेशंस को
  150. 6:07कोई भी आसानी से यूज कर सकता है वो भी
  151. 6:09बिना किसी टेक्निकल नॉलेज के ू के किसी भी
  152. 6:12एक एप्लीकेशन को आप लाइफ टाइम फ्री में
  153. 6:13यूज कर सकते हैं वो भी अनलिमिटेड यूजर्स
  154. 6:16होस्टिंग और सपोर्ट के साथ इसके साथ आप
  155. 6:19अपने पूरे बिजनेस को बस एक ही प्लेटफॉर्म
  156. 6:21से चला सकते हैं चाहे आप एक इंडिविजुअल हो
  157. 6:24स्टार्टअप हो या कोई मिड साइज बिजनेस हो ड
  158. 6:26हर किसी के लिए एक एक्सीलेंट चॉइस है
  159. 6:28ज्यादा जानकारी के लिए डिस्क्रिप्शन में
  160. 6:30दिए हुए लिंक को विजिट करें देखा जाए तो
  161. 6:33आजादी के कई सालों बाद तक भी सियाचिन पर
  162. 6:36किसी भी देश का कब्जा नहीं था इस एरिया की
  163. 6:38हार्श एंड एक्सट्रीम वेदर कंडीशंस को
  164. 6:40देखते हुए कभी किसी देश को लगा भी नहीं कि
  165. 6:43सी लेवल से हजारों किलोमीटर की ऊंचाई पर
  166. 6:45सैनिक भेजने की जरूरत है लेकिन उम्मीद से
  167. 6:48परे पाकिस्तान ने कुछ ऐसे कदम उठाए जिसे
  168. 6:50देखते हुए भारत ने ऑपरेशन मेग दूत को
  169. 6:53लॉन्च किया
  170. 6:56था सियाचिन डिस्प्यूट का बैकग्राउंड भी
  171. 6:58इसकी लोकेशन की स्ट्रेटेजिक इंपॉर्टेंस को
  172. 7:01देखते हुए ही हुआ पाकिस्तान इस एरिया की
  173. 7:03इंपॉर्टेंस को काफी अच्छे से समझता था और
  174. 7:05इसी कारण उसने इस एरिया को अपना बनाना
  175. 7:07चाहा लेकिन तभी बीच में भारत आ खड़ा हुआ
  176. 7:10दरअसल हुआ यूं था कि आजादी के बाद भारत और
  177. 7:13पाकिस्तान के बीच जब पहला वॉर हुआ तो
  178. 7:15युद्ध पर विराम लगाते हुए दोनों देशों के
  179. 7:17बीच 1949 में कराची एग्रीमेंट साइन किया
  180. 7:21गया इस एग्रीमेंट के हिसाब से दोनों देशों
  181. 7:23के रिप्रेजेंटेटिव्स ने जम्मू एंड कश्मीर
  182. 7:25के मैप्स पर साउथ में मानवर से लेकर नॉर्थ
  183. 7:28में खोर तक एक सीज फायर लाइन तय की जिसके
  184. 7:31हिसाब से दोनों देशों की एग्जैक्ट
  185. 7:33बाउंड्री तय की गई लेकिन बाउंड्री बनाते
  186. 7:35समय दोनों ही देशों ने अंग्रेजों की तरह
  187. 7:37सियाचिन वाले एरिया को इग्नोर कर दिया
  188. 7:39जिसका कारण वहां का एक्सट्रीम वेदर
  189. 7:41कंडीशंस एंड डिफिकल्ट टेरेन ही था हालांकि
  190. 7:44इसके बाद 1965 में एक बार फिर
  191. 7:46इंडिया-पाकिस्तान वॉर हुआ इस बार भी एक
  192. 7:49एग्रीमेंट साइन हुआ जिसे ताशकंद एग्रीमेंट
  193. 7:51के नाम से जाना जाता है इस एग्रीमेंट को
  194. 7:53प्राइम मिनिस्टर लाल बहादुर शास्त्री एंड
  195. 7:56पाकिस्तान प्रेसिडेंट अयूब खान ने साइन
  196. 7:58किया था जिसके हिसाब बब से सीज फायर लाइन
  197. 8:00को लाइन ऑफ कंट्रोल का नाम मिला और
  198. 8:02सियाचिन वाले एरिया को नो मैनस लैंड का
  199. 8:05नाम मिला इसके बाद एक बार फिर भारत और
  200. 8:07पाकिस्तान के बीच 1971 में वॉर होती है
  201. 8:10जिसके बाद 2 जुलाई 1972 को दोनों देशों के
  202. 8:14बीच एक पीस ट्रीटी साइन की जाती है जिसे
  203. 8:16शिमला एग्रीमेंट के नाम से जाना जाता है
  204. 8:18इस एग्रीमेंट के हिसाब से दोनों देशों ने
  205. 8:21नॉर्थ में एनजे 9842 पॉ तक अपनी बाउंड्री
  206. 8:24को एक्सेप्ट किया और उसके बाद वाले एरिया
  207. 8:26यानी सियाचिन ग्लेशियर को किसी भी देश के
  208. 8:29मैप में लोकेट नहीं किया गया और इन्हें
  209. 8:31अनमार्क्ड छोड़ दिया गया हालांकि इस वक्त
  210. 8:33भारत 1947 के जम्मू एंड कश्मीर एक्सेशन
  211. 8:36एग्रीमेंट और 1949 के कराची एग्रीमेंट के
  212. 8:40आधार पर सियाचिन वाले एरिया पर अपना दावा
  213. 8:42करता है जो एनजे 9842 से आगे सीज फायर
  214. 8:45लाइन को नॉर्थ वर्ड्स टू द ग्लेशियर्स तक
  215. 8:48डिफाइन करता है दूसरी ओर पाकिस्तान
  216. 8:50साल्टोरो रिज से आगे और सियाचिन से आगे के
  217. 8:53एरिया को अपना क्लेम करने के लिए इसको
  218. 8:55अपने हिसाब से इंटरप्रेट करते हुए बताता
  219. 8:57है कि सियाचिन से नॉर्थ ईस्ट वट्स तक उसका
  220. 9:00एरिया है इस बीच पाकिस्तान कई बार इस बात
  221. 9:02का दावा करता रहा कि उसकी बाउंड्री लाइन
  222. 9:05केवल पॉइंट ए ज 9842 पर ही खत्म नहीं होती
  223. 9:08बल्कि नॉर्थ में काराकोरम पास तक जाती है
  224. 9:11जो चाइना की बाउंड्री पर पड़ता है पर भारत
  225. 9:13इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं था
  226. 9:15भारत का मानना था कि सियाचिन वाला एरिया
  227. 9:17वेकेंट है और वहां किसी का कब्जा नहीं है
  228. 9:20और पाकिस्तान की बाउंड्री केवल साल्टोरो
  229. 9:22रिच तक ही है इस डिस्प्यूट को कई सालों तक
  230. 9:25नहीं सुलझाया गया लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ
  231. 9:27जिसने भारत को शौक कर दिया
  232. 9:32दरअसल पाकिस्तान हमेशा से सियाचिन वाले
  233. 9:35एरिया को अपना बनाना चाहता था और इसके लिए
  234. 9:37पाकिस्तान ने अपने दावों में विश्वसनीयता
  235. 9:39जोड़ने के लिए सियाचिन के
  236. 9:41अनक्लेमद का हिस्सा बनाने का एक सुनहरा
  237. 9:44मौका देखा जिसके तहत 1970 और 1980 के दशक
  238. 9:47में पाकिस्तान ने अपनी ओर से माउंटेनियर्स
  239. 9:50के लिए माउंटेनियरिंग एक्सपीडिशंस को शुरू
  240. 9:52कर दिया और अपनी साइड से सियाचिन रीजन के
  241. 9:54कई पीक्स को क्लाइम करने की परमिशन देने
  242. 9:57लगा पाकिस्तान के इस एक्शन को देखकर भारत
  243. 9:59अलर्ट हो गया क्योंकि अगर अनऑथराइज्ड
  244. 10:01एरिया में पाकिस्तान माउंटेनियर्स को
  245. 10:03क्लाइम करने की परमिशन देता रहा तो
  246. 10:05ऑटोमेटिक वो एरिया पाकिस्तान के पोजीशन
  247. 10:07में आने लगता भारत ने पाकिस्तान की इस
  248. 10:10हरकत का जवाब देते हुए 1978 में एक
  249. 10:12स्ट्रांग मिलिट्री माउंटेनियरिंग
  250. 10:14एक्सपेडिन को प्लान किया जिसके तहत भारत
  251. 10:16ने सियाचिन ग्लेशियर के ईस्ट और वेस्ट
  252. 10:19साइड में सीरीज ऑफ पीक्स को क्लाइम करवाना
  253. 10:21शुरू कर दिया इस माउंटेनियरिंग एक्सपीडिशन
  254. 10:23को संभालने की जिम्मेदारी कर्नल नरेंद्र
  255. 10:26बुल कुमार को दी गई जो इंडियन आर्मी के एक
  256. 10:28वेल नोन माउ टेनियर थे इस एक्सपेडिन के
  257. 10:30दौरान साल्टोरो कांगी इंदिरा कॉल और अपसरा
  258. 10:33सस कांग्रा पीक्स को क्लाइम किया गया था
  259. 10:36साथ ही अब इंडियन आर्मी सियाचिन के एरियाज
  260. 10:38में अपने माउंटेनियर्स को लॉन्ग रेंज
  261. 10:40पेट्रोल्स करने के लिए भी भेजने लगी लेकिन
  262. 10:42तभी कर्नल नरेंद्र ने एक मैप में कुछ ऐसा
  263. 10:45नोटिस किया जिसके बाद केवल एक्सपेडिन और
  264. 10:48पेट्रोलिंग से ही काम नहीं चलने वाला था
  265. 10:50और अब भारत को कठोर कदम उठाने का समय आ
  266. 10:52गया था दरअसल 1977 में कुछ जर्मन
  267. 10:55माउंटेनियर्स भारत से साल्टोरो रेंज को
  268. 10:58क्लाइम करने के लिए परमिशन लेने के लिए आए
  269. 11:00थे साल्टोरो रेंज को क्लाइम करने का
  270. 11:02रास्ता पाकिस्तान की ओर से आसान था लेकिन
  271. 11:04भारत की ओर से काफी कठिन हालांकि फिर भी
  272. 11:07अपने क्लाइम को एक नया चैलेंज देने के लिए
  273. 11:09इन माउंटेनियर्स ने भारत की ओर से चढ़ने
  274. 11:11का रास्ता चुना था पर परमिशन देने के लिए
  275. 11:14जब इन माउंटेनियर्स की कर्नल नरेंद्र से
  276. 11:16मुलाकात हुई तो कर्नल नरेंद्र ने जर्मन के
  277. 11:18पास मौजूद मैप में बहुत बड़ी गलती देखी
  278. 11:21जर्मन के पास जो मैप था उसमें सियाचिन
  279. 11:24ग्लेशियर को पाकिस्तान का पार्ट बताया गया
  280. 11:26था यह देखकर कर्नल नरेंद्र चौकन ने हो गए
  281. 11:28और उन्होंने ने बात की गंभीरता को समझते
  282. 11:30हुए मैप को जर्मन से खरीद लिया इसके बाद
  283. 11:33कर्नल नरेंद्र ने देर ना करते हुए फौरन
  284. 11:36लूटने जनरल एमएल छिब्बर को पाकिस्तान के
  285. 11:38इस नापाक कदम के बारे में आगाह किया लूटने
  286. 11:41जनरल एमएल छिब्बर और कुछ बड़े अधिकारियों
  287. 11:43ने सभी पुराने मैप्स को स्टडी किया जिसके
  288. 11:46बाद भारत को समझ आ गया कि मैप पर लाइंस
  289. 11:48कलर ड्रॉ की गई है और पिछले 15 सालों से
  290. 11:51सियाचिन को पाकिस्तान का पार्ट दिखाया जा
  291. 11:53रहा है यह जानने के बाद मिलिट्री हेड
  292. 11:55क्वार्टर्स में हड़कंप मच गया था सभी सोच
  293. 11:57में पड़े थे कि पाकिस्तान का का अगला कदम
  294. 11:59क्या होने वाला है तभी इंटेलिजेंस एजेंसीज
  295. 12:02ने आर्मी को पाकिस्तान के ऑपरेशन अबाबील
  296. 12:04के बारे में बताया यह ऑपरेशन सियाचिन के
  297. 12:06एरिया पर कब्जा करने के लिए लॉन्च किया
  298. 12:08जाना था इस ऑपरेशन को ध्यान में रखते हुए
  299. 12:10इंडियन आर्मी भी सियाचिन पर अपना कंट्रोल
  300. 12:17टैब्लिक्स को एक सुझाव दिया उन्होंने
  301. 12:20सियाचिन रीजन में भारत की एक परमानेंट
  302. 12:22पोस्ट बनाने की बात कही सभी को कर्नल
  303. 12:25नरेंद्र का यह आईडिया काफी पसंद आया और
  304. 12:27इसी कारण कर्नल नरेंद्र को को सेवियर ऑफ
  305. 12:30सियाचिन के नाम से सम्मानित किया
  306. 12:34गया अब भारत सियाचिन वाले रीजन को अपने
  307. 12:37कंट्रोल में लाने के लिए प्लानिंग करने
  308. 12:39लगा सबसे पहले सियाचिन को कैप्चर करने का
  309. 12:41आइडिया आर्मी हेड क्वार्टर्स में डिस्कस
  310. 12:43किया गया बेशक सियाचिन को कैप्चर करना
  311. 12:45आसान नहीं था लेकिन भारत किसी भी हाल में
  312. 12:48सियाचिन रीजन को पाकिस्तान के हाथों में
  313. 12:50नहीं सौंप सकता था जिस कारण देन चीफ ऑफ
  314. 12:52आर्मी स्टाफ अरुण वैद्य कैबिनेट कमिटी ऑन
  315. 12:55सिक्योरिटी और इंदिरा गांधी ने सियाचिन
  316. 12:57में एक ऑपरेशन को कंडक्ट करने की परमिशन
  317. 12:59दे दी इस ऑपरेशन के तहत इंडियन आर्मी
  318. 13:02साल्टोरो रिच की सभी जरूरी और ऊंची पीक्स
  319. 13:04को कैप्चर करने वाली थी प्लान की
  320. 13:06प्रिपरेशन शुरू करने से पहले भारत ने इस
  321. 13:08ऑपरेशन को ऑपरेशन मेघदूत का नाम दिया
  322. 13:11इंडियन आर्मी ने डिसाइड किया कि वो
  323. 13:13ग्लेशियर एरियाज में कुछ ट्रूप्स को
  324. 13:14डेप्लॉय करेंगे जो नदन लद्दाख रीजन और
  325. 13:17पैरामिलिट्री फोर्सेस से सेलेक्ट किए जाने
  326. 13:19थे इन ट्रूप्स में अधिकतर ट्रूप्स को 1982
  327. 13:22के अंटार्कटिका ट्रेनिंग एक्सपीडिशन में
  328. 13:25से चूज किया गया था क्योंकि इन ट्रूप्स को
  329. 13:27पहले से सियाचिन ग्लेशियर जैसी ठंड और
  330. 13:29टेरेन को झेलने की ट्रेनिंग मिली हुई थी
  331. 13:31हालांकि इसी दौरान 1983 में पाकिस्तानी
  332. 13:34जनरल्स ने भी अपने ट्रूप्स को सियाचिन
  333. 13:36ग्लेशियर के एरियाज में
  334. 13:40डिप्लॉयड कर सके पाकिस्तान को डर था कि
  335. 13:42भारत अपने पहले भेजे गए एक्सपेडिएंस का
  336. 13:45इस्तेमाल करके सियाचिन ग्लेशियर के की
  337. 13:47रेजेस एंड माउंटेन पासेस को आसानी से
  338. 13:49कैप्चर कर लेगा और इसलिए पाकिस्तान ने
  339. 13:51भारत से पहले ही अपने ट्रूप्स को ग्लेशियर
  340. 13:54पर भेजने का प्लान बनाना शुरू कर दिया
  341. 13:56हालांकि प्लान को सक्सेसफुल बनाने के लिए
  342. 13:58पहले पाकिस्तान ट्रूप्स को सियाचिन
  343. 14:00ग्लेशियर में इस्तेमाल होने वाले कपड़े और
  344. 14:02जूतों की जरूरत थी जिस कारण उन्होंने लंदन
  345. 14:05के सेम उसी सप्लायर के पास अपना ऑर्डर
  346. 14:07प्लेस कर दिया जो भारत को आर्कटिक वेदर
  347. 14:09गियर सप्लाई किया करता था सेम सप्लायर को
  348. 14:12ऑर्डर देने के कारण ही पाकिस्तान सियाचिन
  349. 14:14को कैप्चर करने में नाकाम हुआ क्योंकि जब
  350. 14:16भारत की ओर से लंडन के सप्लायर को सेम
  351. 14:18ऑर्डर दिया गया तो उन्होंने यह कहते हुए
  352. 14:20भारत का ऑर्डर लेने से मना कर दिया कि
  353. 14:22उनके पास पाकिस्तान की ओर से पहले से ही
  354. 14:25एक बड़ा ऑर्डर है जिस कारण वह अभी भारत को
  355. 14:27सप्लाई नहीं कर सकते इंडियन ये सुनकर
  356. 14:29चौकन्ना हो गई और उन्होंने अपने ऑपरेशन को
  357. 14:31और तेज कर दिया इस ऑपरेशन को लेकर कई
  358. 14:34पाकिस्तानी ऑफिसर्स ने हमेशा अपने बयान
  359. 14:36में कहा भी है कि वह केवल कुछ दिनों से
  360. 14:38सियाचिन की चढ़ाई करने में भारत से पीछे
  361. 14:41रह गए थे अब इंडियन आर्मी ने देर ना करते
  362. 14:43हुए 13th अप्रैल 1984 को ऑपरेशन मेघदूत को
  363. 14:47लॉन्च करने का प्लान बनाया इस ऑपरेशन को
  364. 14:49लूटने जनरल पीएन हून की लीडरशिप में किया
  365. 14:52जाना था इस ऑपरेशन के तहत साल्टोरो रिच पर
  366. 14:54कब्जा करने का काम 26 सेक्टर के कमांडर
  367. 14:57ब्रिगेडियर विजय चन्ना को दिया गया था
  368. 15:00जिन्हें 10th से 30th अप्रैल के बीच
  369. 15:02ऑपरेशन शुरू करने का काम सौंपा गया था
  370. 15:04कमांडर ब्रिगेडियर विजय चन्ना ने अपने
  371. 15:06ऑपरेशन को शुरू करने के लिए 13th अप्रैल
  372. 15:09का दिन चुना क्योंकि उस दिन बैसाखी का दिन
  373. 15:11था और पाकिस्तान कभी यह नहीं सोच सकता था
  374. 15:14कि भारत बैसाखी के दिन किसी ऑपरेशन को
  375. 15:16लॉन्च कर सकता है ऑपरेशन को कंडक्ट करने
  376. 15:18के लिए इसकी प्रिपरेशन ट्रूप्स एंड
  377. 15:20सप्लाइको एयरलिफ्ट करने के साथ शुरू हो गई
  378. 15:23सप्लाइको एयरलिफ्ट करने का काम इंडियन
  379. 15:25एयरफोर्स ने संभाला था इस ऑपरेशन को
  380. 15:27स्टार्ट करने से पहले सभी ट्रूप्स को कई
  381. 15:30हफ्तों की ट्रेनिंग प्रोवाइड की गई थी इस
  382. 15:32ट्रेनिंग में सभी ट्रूप्स को आइस क्राफ्ट
  383. 15:34स्नो क्राफ्ट सर्वाइवल फिजिकल फिटनेस और
  384. 15:37मेंटल रोब्स जैसी स्पेसिफिक चीजों की
  385. 15:39ट्रेनिंग मिली
  386. 15:42थी इस ऑपरेशन की लीडरशिप लूटने जनरल मनोहर
  387. 15:46लाल छिब्बर लूटने जनरल पीएन हून एंड मेजर
  388. 15:49जनरल शिव शर्मा को सौंपी गई ऑपरेशन मे एक
  389. 15:52दूत का प्राइमरी ऑब्जेक्टिव पाकिस्तानी
  390. 15:54आर्मी को सियाला एंड बिला फन ला को कैप्चर
  391. 15:57ना करने देने का था इस ऑपरेशन के तहत
  392. 15:59साल्टोरो रिच के फोर इंपॉर्टेंट पासेस को
  393. 16:02कैप्चर किया जाना था जिनमें सियाला बिला
  394. 16:04फोन ला ग्योंग ला एंड लंगला शामिल थे इन
  395. 16:08सभी पासेस को कैप्चर करने का मतलब था
  396. 16:10इंदिरा कॉल पर कंट्रोल जो सियाचिन का नदन
  397. 16:13मोस्ट पॉइंट है पाकिस्तान को रोकने के लिए
  398. 16:15इन सभी पासेस को कैप्चर करना काफी जरूरी
  399. 16:17था और इसी कारण भारत ने कड़ी ठंड में भी
  400. 16:20इन पासेस को कैप्चर करने के लिए अपनी जीजन
  401. 16:22लगा दी ऑपरेशन शुरू करने से पहले सभी
  402. 16:25ऑफिसर्स को उनका टास्क सौंपा गया जनरल
  403. 16:28पीएन हून ने ने नदन कमांड और 15 कॉप्स को
  404. 16:31साल्टोरो रिच पर तैनात किया था लद्दाख
  405. 16:33स्काउट्स और फोर कुमाऊं की भी एक टीम को
  406. 16:36एम ए यूनिट एयरफोर्स के चीता हेलीकॉप्टर्स
  407. 16:38के साथ तैनात किया गया कई चेन ऑफ कमांड्स
  408. 16:41बनाई गई लूटने कर्नल पुष्कर चंद को टास्क
  409. 16:43फोर्स कमांडर बनाया गया और उनके साथ थे
  410. 16:46कैप्टन संजय कुलकर्णी जो फोर्थ कुमाऊ से
  411. 16:49बिला फॉन ला तक के हेड थे मेजर ए के
  412. 16:51बहुगुणा लद्दाख स्काउट से सिया ला को हेड
  413. 16:54करने वाले थे और लूटने कर्नल डी के खन्ना
  414. 16:57ग्योंग ला में 19 को माऊ के साथ जाने वाले
  415. 17:00थे इस पूरे ऑपरेशन का मेन टारगेट इंदिरा
  416. 17:02कॉल था जो भारत के लिए सबसे जरूरी था
  417. 17:05ऑपरेशन के फर्स्ट फेज में 13 अप्रैल को
  418. 17:07सुबह 5:30 बजे सबसे पहले चीता हेलीकॉप्टर
  419. 17:10ने कैप्टन संजय कुलकर्णी और मेजर आर एस
  420. 17:12संधू के साथ बेस कैंप से बिला फन ला के
  421. 17:15लिए उड़ान भरी हालांकि बिला फन ला पहुंचने
  422. 17:18तक विजिबिलिटी काफी कम हो गई थी और
  423. 17:20टेंपरेचर भी काफी कम था लेकिन फिर भी
  424. 17:23हेलीकॉप्टर ने एक-एक करके पूरे 17 राउंड्स
  425. 17:26मारे और दिन तक सभी इंडियन ट्रूप्स को
  426. 17:28बिला फन ला तक पहुंचा दिया सभी उड़ान भरने
  427. 17:31वाली हेलीकॉप्टर्स में एयरफोर्स के आ 76
  428. 17:34ए1 an32 mi1 mi8 और चेतक हेलीकॉप्टर शामिल
  429. 17:40थे बिला फन ला पर सभी 27 ट्रूप्स के उतरने
  430. 17:43के केवल 3 घंटे के अंदर ही भारत के एक
  431. 17:45सैनिक को हाई एल्टीट्यूड पलमोनरी एडिमा से
  432. 17:48जूझना पड़ा हाई एल्टीट्यूड पलमोनरी एडिमा
  433. 17:50का शिकार हुआ यह सैनिक रेडियो ऑपरेटर था
  434. 17:53हालांकि बिला फन ला पर पहुंचने के बाद ही
  435. 17:55कैप्टन कुलकर्णी की टीम और बाहरी दुनिया
  436. 17:58में कोई संपर्क नहीं हो सका जिसका मेन
  437. 18:00कारण एक भयानक बर्फीला तूफान था पूरे तीन
  438. 18:03दिनों तक तूफान का सामना करने के बाद 16
  439. 18:06अप्रैल को भारतीय सैनिकों को कुछ मेडिसिंस
  440. 18:08और बाकी की सहायता भेजी जा सकी हालांकि तब
  441. 18:11तक एक सैनिक की
  442. 18:18हाइपोक्लोराइट बाइट की परेशानी देखी गई थी
  443. 18:20लेकिन फिर भी बर्फ और तूफान का सामना करते
  444. 18:23हुए 15 अप्रैल तक सभी सैनिकों ने बिला फन
  445. 18:26ला पर कुछ कैंप्स बना लिए थे इसके बाद 17
  446. 18:29अप्रैल को पांच चीता और दो mi8
  447. 18:31हेलीकॉप्टर्स ने सियाला के लिए पूरी 32
  448. 18:34उड़ाने भरी जिसके बाद फाइनली बिला फॉन ला
  449. 18:37और सिया ला की चोटियों पर भारत का तिरंगा
  450. 18:39लहराने लगा 17 अप्रैल तक लगभग 300 इंडियन
  451. 18:42ट्रूप्स ने सियाचिन ग्लेशियर के क्रिटिकल
  452. 18:45पीक्स एंड पासेस को कैप्चर कर लिया था वही
  453. 18:47लूटने कर्नल डी के खन्ना ने 19 कुमाऊ के
  454. 18:50साथ ग्योंग ला की ओर अपनी चढ़ाई शुरू कर
  455. 18:52दी थी इस चढ़ाई को धीरे गति से किया गया
  456. 18:55क्योंकि ग्योंग ला साल्टोरो रिच की सबसे
  457. 18:57ऊंची और खत नाक पीक थी इसे कैप्चर करना भी
  458. 19:00आसान नहीं था लेकिन अपने विश्वास और मेहनत
  459. 19:03के साथ सभी लगातार अपने गोल की ओर बढ़ते
  460. 19:05रहे चढ़ाई कर रहे सभी ट्रूप्स को लगा था
  461. 19:08कि वह जून के पहले हफ्ते तक ग्योंग ला को
  462. 19:10कैप्चर कर लेंगे लेकिन 17 अप्रैल को ही
  463. 19:13पाकिस्तानी आर्मी का भी सियाचिन पर चढ़ाई
  464. 19:15करने का समय था जिस कारण अब इंडियन आर्मी
  465. 19:18के ट्रूप्स उनकी नजरों में आने लगे थे
  466. 19:20वैसे पाकिस्तान को इंडियन आर्मी के बारे
  467. 19:22में रेडियो यूज करने के कारण पहले ही पता
  468. 19:24चल चुका था वो ऐसे कि जब भारत का एक जवान
  469. 19:27ठंड के कारण शहीद हो गया तो ट्रूप्स ने
  470. 19:29आर्मी हेड क्वार्टर से संपर्क करने के लिए
  471. 19:32रेडियो का इस्तेमाल किया था जिससे जवान की
  472. 19:34बॉडी को सही समय पर सम्मान सहित विदा कर
  473. 19:37दिया जाए सभी सैनिक जानते थे कि ऐसा करने
  474. 19:39से पाकिस्तान को उनकी भनक लग जाएगी लेकिन
  475. 19:42फिर भी उस वक्त उनके लिए जो जरूरी था
  476. 19:44उन्होंने वही किया भारतीय सैनिकों के इस
  477. 19:46एक्शन से जिस बात का डर था वही हुआ
  478. 19:49पाकिस्तान को उनकी मूवमेंट के बारे में
  479. 19:51पता चल गया था और उन्होंने साल्टोरो रिच
  480. 19:53के साथ बिला फॉन ला पर कब्जा करने के लिए
  481. 19:56एक फोर्स को तैयार किया इस फोर्स का नाम
  482. 19:58बुर्जिल फोर्स था जो ऑपरेशन अबाबील के तहत
  483. 20:01तैयार की गई थी पाकिस्तान ने हमला करने के
  484. 20:03लिए 23 जून का दिन चुना और सुबह के करीब
  485. 20:065:30 बजे के आसपास पाकिस्तान की ओर से
  486. 20:08भारतीय सेना पर हमला हुआ इस हमले की
  487. 20:11शुरुआत बिला फोन ला से हुई जहां कैप्टन
  488. 20:13कुलकर्णी अपनी फोर्स के साथ अपने पैर जमा
  489. 20:16चुके थे बिला फोन ला में अब तक भारत के कई
  490. 20:18कैंप्स थे जिनकी मदद से भारत ने यहां अपनी
  491. 20:21तेज नजर बनाई हुई थी निगरानी के लिए पास
  492. 20:23ही की एक चोटी पर घंटों के हिसाब से एक-एक
  493. 20:26सैनिक को तैनात किया जाता था जो आज पास के
  494. 20:29एरिया पर नजर रखता था जिस दिन पाकिस्तान
  495. 20:31भारत पर अटैक करता है उस दिन निगरानी की
  496. 20:33ड्यूटी पर लैंस नायक चंचल सिंह थे ड्यूटी
  497. 20:36के दौरान चंचल सिंह अचानक से बिला फॉन ला
  498. 20:39के नीचे पाकिस्तानी सोल्जर्स की हलचल को
  499. 20:41देखते हैं यह देखते ही वह फौरन संजय
  500. 20:43कुलकर्णी को दुश्मन के अटैक की खबर देते
  501. 20:46हैं खबर मिलते ही सभी भारतीय सैनिक
  502. 20:48अपनी-अपनी पोजीशंस लेकर दुश्मन का सामना
  503. 20:51करने के लिए तैयार हो गए लेकिन पाकिस्तान
  504. 20:53की फायरिंग काफी तेज और खतरनाक थी इस
  505. 20:55फायरिंग के दौरान ही एक पाकिस्तानी सोल्जर
  506. 20:58ला नायक चंचल सिंह पर गोली चला देता है
  507. 21:00गोली लगने के कारण चंचल सिंह की ऑन द
  508. 21:03स्पॉट मौत हो गई और वह शहीद हो गए अपने
  509. 21:05सैनिक को मरता देख भारतीयों का खून खोल
  510. 21:08गया और उन्होंने पाकिस्तान को धूल चटाने
  511. 21:10की ठान ली हमले में सबसे पहले एक भारतीय
  512. 21:12जवान ने उस पाकिस्तानी के सिर में गोली
  513. 21:14मारी जिसने लैंस नायक चंचल सिंह को गोली
  514. 21:17मारी थी कुछ समय के लिए सियाचिन जैसी हाइट
  515. 21:19पर भी गोलियां चलती रही लेकिन भारत ने इस
  516. 21:22हमले में पाकिस्तान को बुरी तरह हरा दिया
  517. 21:24इस हमले में पाकिस्तान के 26 सैनिक मारे
  518. 21:27गए और भारत का केवल एक यहां हारने के बाद
  519. 21:30भी पाकिस्तानी रुके नहीं और एक बार फिर
  520. 21:32जून में ही भारतीय सैनिकों पर हमला बोला
  521. 21:35पर इस हमले में भी पाकिस्तान को भारत की
  522. 21:37ओर से करारी हार का सामना करना पड़ा अगस्त
  523. 21:401984 में दो और हमले किए गए पर इन हमलों
  524. 21:43को भी भारतीय सैनिकों ने रौंद दिया और
  525. 21:46पाकिस्तान के 30 सैनिक मारे गए इन सभी के
  526. 21:48बीच 5700 मीटर की ऊंचाई पर ग्योंग ला पर
  527. 21:52भी कैप्टन डी के खन्ना और उनकी टीम ने जीत
  528. 21:54हासिल कर ली थी भारत के साल्टर रिच की
  529. 21:57चारों पीक्स यानी सियाला बिला फोन ला
  530. 22:00ग्योंग ला एंड चलु ला पर जीत हासिल कर ली
  531. 22:02थी और अब सियाचिन भारत का था सियाचिन पर
  532. 22:05अपना कंट्रोल स्टैब्स करना भारत के लिए
  533. 22:07आसान नहीं था यहां भारत के लिए सबसे बड़ी
  534. 22:10डिफिकल्टी दुश्मन नहीं बल्कि ठंड थी वह
  535. 22:12ठंड जो आपके और हमारे जैसे लोग तो कभी
  536. 22:14बर्दाश्त ही नहीं कर सकते पर अपने साहस और
  537. 22:17परिश्रम से इंडियन आर्मी ने सियाचिन पर
  538. 22:19अपने देश का नाम उजागर कर दिया इंडियन
  539. 22:22आर्मी ने जीत के कुछ समय बाद ही अपने सभी
  540. 22:24कैंप्स को परमानेंट पोस्ट में तब्दील कर
  541. 22:27दिया और लगातार यहां पर पहरा देने
  542. 22:31लगे ऑपरेशन मेघदूत भारतीय सेना और सियाचिन
  543. 22:35के हॉस्टाइल्स के बीच एक ऐसी जंग थी
  544. 22:38जिसमें दुश्मन की गोलियों से ज्यादा वेदर
  545. 22:40कंडीशंस और ठंड के मारे हमारे जवान शहीद
  546. 22:43हो गए इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने
  547. 22:45सियाचिन को कैप्चर करने के लिए कई
  548. 22:47अटेम्प्ट्स किए लेकिन भारतीय सैनिकों ने
  549. 22:49ऐसा होने नहीं दिया हालांकि अप्रैल 1986
  550. 22:52में पाकिस्तान आर्मी बिला फन ला के साउथ
  551. 22:55में सियाचिन ग्लेशियर की सबसे ऊंची चोटी
  552. 22:57पर कंट्रोल स्टैप प्लिश कर वहां मिलिट्री
  553. 22:59पोस्ट को सेट अप कर कायद पोस्ट बनाता है
  554. 23:02लेकिन पाकिस्तान की इस दुस्साहस के जवाब
  555. 23:04में भारतीय सेना ने जून 1987 में ऑपरेशन
  556. 23:07राजीव को लॉन्च किया और एक बार फिर
  557. 23:09पाकिस्तानी फोर्स को मार भगाया इस ऑपरेशन
  558. 23:12को लीड करने वाले नायब सूबेदार बाना सिंह
  559. 23:15के सम्मान में कायद पोस्ट का नाम बदलकर
  560. 23:17बाना टॉप कर दिया एक बार फिर 1987 में ही
  561. 23:20पाकिस्तानी आर्मी के ब्रिगेडियर जनरल
  562. 23:22परवेज मुशर्रफ ने कायद पोस्ट को दोबारा से
  563. 23:25अपने कब्जे में लेने के लिए ऑपरेशन कादत
  564. 23:28को लच किया लेकिन इस बार भी भारतीय
  565. 23:30सैनिकों ने ऑपरेशन वज्र शक्ति को लॉन्च
  566. 23:32किया और पाकिस्तान को मंकी खानी पड़ी
  567. 23:35मार्च 1989 में इंडियन आर्मी ने चुमे
  568. 23:37ग्लेशियर की ओर देखने वाली पाकिस्तानी
  569. 23:39पोस्ट को कैप्चर करने के लिए ऑपरेशन
  570. 23:41आईबक्स को लॉन्च किया था एक बार फिर 1992
  571. 23:44में इंडियन आर्मी ने चिलु में बहादुर
  572. 23:46पोस्ट की रक्षा के लिए ऑपरेशन त्रिशूल
  573. 23:49शक्ति को लॉन्च किया इस ऑपरेशन को लॉन्च
  574. 23:51करने का मकसद पाकिस्तानी असोल्ट टीम का
  575. 23:53हमला था बात यही नहीं रुकती बल्कि एक बार
  576. 23:56फिर 1995 में बैटल ऑफ त्याक्षी पोस्ट होती
  577. 23:59है जिसमें पाकिस्तान इस बार साल्टोरो
  578. 24:01डिफेंस लाइन के सदर्न बॉर्डर्स में पड़ने
  579. 24:03वाली त्याक्षी पोस्ट पर हमला करता है
  580. 24:06लेकिन इस बार भी जीत भारत की ही होती है
  581. 24:08इस पूरे ऑपरेशन के खत्म होने के बाद भी
  582. 24:10पाकिस्तान भारत को सियाचिन में हराने के
  583. 24:13लिए कई और कोशिशें करता है लेकिन उसे एक
  584. 24:15बार भी सफलता नहीं मिलती है हर बार भारत
  585. 24:18वीरों ने पाकिस्तानी आर्मी को मार भगाया
  586. 24:20ऑपरेशन मेघदूत के जरिए भारत ने पाकिस्तान
  587. 24:23द्वारा कब्जा किए गए एरिया को वापस से जीत
  588. 24:25लिया था जिसका रिजल्ट यह निकला कि आज के
  589. 24:27समय में सियाचिन ग्लेशियर के करीबन 76
  590. 24:31किमी एंड 2500 स्क्वा किमी एरिया को
  591. 24:34कंट्रोल करता है हालांकि पाकिस्तान ने
  592. 24:361999 में कारगिल वॉर को भी इसी उम्मीद में
  593. 24:39छेड़ा था कि शायद वह सियाचिन को भी कैप्चर
  594. 24:41कर सके लेकिन रिजल्ट तो आप सबको पता ही है
  595. 24:44इस वॉर में भी पाकिस्तान को मुंह की खानी
  596. 24:46पड़ी थी सियाचिन पर कंट्रोल बनाए रखना
  597. 24:48आसान नहीं है क्योंकि सियाचिन की रक्षा
  598. 24:50भारत के सैनिकों का बलिदान मांगती है जब
  599. 24:53से भारत ने यहां का कंट्रोल संभाला है तब
  600. 24:55से आज तक करीबन हज भारतीय जवानों ने या चन
  601. 24:58की रक्षा में अपने प्राण गवाए हैं यहां
  602. 25:01सैनिकों को कई परेशानियों का सामना करना
  603. 25:03पड़ता है जिसमें हाई विंड्स एल्टीट्यूड
  604. 25:05सिकनेस फ्रॉस्ट बाइट एंड टेंपरेचर शामिल
  605. 25:07है लेकिन अपने देश की सुरक्षा के लिए
  606. 25:09हमारे जवान हर चुनौती को झेलने के लिए
  607. 25:11तैयार है हम आशा करते हैं कि आपको हमारा
  608. 25:14यह वीडियो पसंद आया होगा आगे हम और भी ऐसे
  609. 25:16ही इंफॉर्मेशन वीडियोस आपके लिए लाते
  610. 25:18रहेंगे तब तक के लिए हमारा वीडियो लाइक कर
  611. 25:20दें और ऐसे ही इंटरेस्टिंग वीडियोस के लिए
  612. 25:22हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर
  613. 25:27लें i

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