भारत के संदर्भ में नियोजन और सतत पोषणीय विकास - One Shot Revision | Class 12 Geography Chapter 6 — Transcript
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- 0:00हेलो स्टूडेंट्स कैसे हैं आप सभी मैं शुभम पुरोहित आपका जियोग्राफी एजुकेटर स्वागत
- 0:05करता हूं आपके फेवरेट
- 0:17youtube1 तक की सभी कक्षाएं मिलती हैं इंग्लिश मीडियम में और छठवीं से लेकर
- 0:2212वीं तक हम आपको प्रोवाइड करते हैं हिंदी माध्यम में सभी कक्षाएं साथ ही साथ अगर आप
- 0:28ई नोट्स और ई बुक्स लेना चाह हैं तो लिंक है डिस्क्रिप्शन बॉक्स में हिंदी माध्यम
- 0:33में हम जिन बोर्ड्स को कवर करते हैं वह बोर्ड्स हैं दिल्ली बोर्ड बिहार बोर्ड
- 0:37यूपी बोर्ड एमपी बोर्ड और राजस्थान बोर्ड इन सभी बोर्ड्स में आप हमारी कक्षाएं अवेल
- 0:43कर सकते हैं स्टूडेंट्स हम लोग कक्षा 12वीं की बुक भारत लोग और अर्थव्यवस्था के
- 0:49चैप्टर नंबर सिक्स को पढ़ रहे हैं चैप्टर नंबर सिक्स है भारत के संदर्भ में नियोजन
- 0:54और सतत पोषणीय विकास इस चैप्टर को हम लोगों ने बहुत अच्छे से कंप्लीट कर लिया
- 1:00है इस चैप्टर के कंप्लीट होने के बाद हम लोगों ने एनसीआरटी सॉल्यूशंस भी डिस्कस कर
- 1:05लिए थे साथ ही साथ हम लोगों ने एमसी क्यूज और एमआई क्यूज क्वेश्चंस भी देख लिए थे आज
- 1:12के इस वीडियो में हम लोग इस चैप्टर का कंप्लीट रिवीजन करने वाले हैं वन शॉट
- 1:18दरअसल आप सभी स्टूडेंट्स की डिमांड रहती है कि सर एग्जाम टाइम में हम लोगों को
- 1:23चैप्टर्स को देखने के लिए एक-एक वीडियो को शिफ्ट एक-एक वीडियो पर हम लोगों को शिफ्ट
- 1:28होना पड़ता है क्योंकि इस चैप्टर को विभिन्न वीडियोस के माध्यम से कंप्लीट
- 1:32कराया गया है आप लोगों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है आप लोगों की असुविधा को
- 1:37ध्यान में रखते हुए मैग्नेट ब्रेंस हमेशा से हर चैप्टर के कंप्लीट होने के बाद उसका
- 1:42कंप्लीट चैप्टर रिवीजन लेकर आता है जो कि वन शॉट होता है ताकि आप लोगों को किसी भी
- 1:48दूसरी वीडियो पर शिफ्ट ना होना पड़े और एग्जाम टाइम में आप लोगों के समय की बचत
- 1:54हो सके तो हम लोग इस चैप्टर को बहुत बारीकियों के माध्यम से एक-एक डाउट क्लियर
- 1:59करते हुए बहुत अच्छे से इस चैप्टर का कंप्लीट रिवीजन करेंगे अगर आप लोगों को
- 2:05वीडियो पसंद आती है तो वीडियो को लाइक करना है अपने दोस्तों के साथ शेयर करना है
- 2:10और कोई डाउट होता है तो बिना हिचके कमेंट बॉक्स में कमेंट कर देना है ठीक है तो
- 2:16चलिए हम लोग कंप्लीट चैप्टर रिवीजन की इस वीडियो को स्टार्ट करते
- 2:23हैं देखिए सबसे पहले मैंने आप लोगों को नियोजन का अर्थ बताया था क्योंकि चैप्टर
- 2:28का नाम है नियोजन और सतत प य विकास वो भी भारत के संदर्भ में नियोजन की बात हो रही
- 2:33है हम लोग ग्लोबल स्तर पर बात नहीं कर रहे हैं क्योंकि चैप्टर या बुक का नाम क्या है
- 2:37भारत लोग और अर्थव्यवस्था और इस बुक में जितने भी टॉपिक्स जितने भी चैप्टर्स दिए
- 2:42गए हैं उनका रेफरेंस भारत के संदर्भ में ही दिया गया है और पहली जो बुक है आप
- 2:47लोगों की जिसका नाम है मानव भूगोल के मूल सिद्धांत उस बुक में ग्लोबल या वैश्विक
- 2:51स्तर पर चीजों को समझाया गया है तो भारत के संदर्भ में ही हम नियोजन को समझेंगे तो
- 2:57नियोजन का अगर मैं अर्थ लेमन लैंग्वेज में मैं अगर आप लोगों को नियोजन को समझाऊं तो
- 3:01नियोजन का मतलब सीधा सा होता है प्लानिंग मैंने जब इस चैप्टर को शुरू किया था तो आप
- 3:06लोगों ने आप लोगों को मैंने बताया था कि नियोजन या प्लानिंग आप लोग भी अपने स्तर
- 3:10पर हमेशा से करते आए हैं देखिए आप लोग 12थ क्लास में हैं तो आप लोगों की प्लानिंग
- 3:14होती है कि भाई किस तरीके से 12थ क्लास में अच्छे नंबर आएं हम लोगों की पढ़ाई जो
- 3:19है इतने अच्छे से हो सके कि हम बहुत अच्छे से पास हो सकें और सिर्फ पास ही ना हो हम
- 3:24लोग स्कूल में टॉप कर सकें तो एक प्लानिंग के तहत हम लोग आगे बढ़ते हैं और आप लोग भी
- 3:29अपना एक टाइम टेबल बनाते होंगे कि भाई रोज जो है पांच-छह घंटे पढ़ाई करनी है और
- 3:34रिवीजन करना है एंड सो ऑन आप लोगों की प्लानिंग होती होगी इसी तरीके से मान
- 3:38लीजिए आप घर में रहते हैं और आपके पापा मम्मी जो भी हैं वो नौकरी करते हैं तो
- 3:43पापा या मम्मी जो है अपनी एक फाइनेंशियल प्लानिंग करते होंगे हमेशा करते होंगे ना
- 3:48कि भाई अगर मान लीजिए पापा की जो इनकम है वो 50000 60000 जो भी व्हाट एवर कुछ भी हो
- 3:53सकती है उस इनकम के हिसाब से वो अपने एक्सपेंडिचर या खर्चों को मैनेज करते
- 3:57होंगे कि भाई स्कूल में बच्चे की फीस इत है कोचिंग की फीस इतनी है घर में जो
- 4:02किराना आ आने वाला है जो सामान आने वाला है वो इतने का आने वाला है अगर पेट्रोल
- 4:07लेगा तो इतने का डालेगा एक पूरी प्लानिंग होती है अगर प्लानिंग नहीं होगी तो फिर
- 4:12खर्चा मैनेज कैसे होगा क्योंकि वो तो एक फिक्स अमाउंट ही आपके पापा की सैलरी या
- 4:17मम्मी की आती है ना इसी तरीके से जब आपको पॉकेट मनी मिलती होगी घर में या पापा या
- 4:21मम्मी देते होंगे तब भी आप प्लानिंग करते होंगे कि भाई मान लीजिए आपको 1000 2000 जो
- 4:26भी मिला है उसमें आप लोगों को अपने खर्चे को किस तरीके से से मैनेज करना है तो
- 4:31प्लानिंग तो आप हमेशा से ही करते हैं तो उसी प्लानिंग को यहां पर भारत के संदर्भ
- 4:36में बताया गया है तो प्लानिंग जब इंडिविजुअल लेवल पर होती है पापा करते हैं
- 4:40आप करते हैं मम्मी करती हैं इसी तरीके से हमारे देश में भी प्लानिंग की जाती है
- 4:46क्योंकि हमारे देश की भी एक फिक्स इनकम है एक आय का स्रोत है इसी तरीके से हमारे देश
- 4:51के भी खर्चे हैं कि लोगों को सैलरी देना है सड़कें बनानी है स्कूल्स बनाने हैं
- 4:56हॉस्पिटल्स बनाने हैं एंड सो ऑन तो बहुत सारे खर्चे हमारे देश की सरकार भी करती है
- 5:02तो बिना प्लानिंग के खर्चे नहीं किए जा सकते नहीं तो उन्हें ट्रैक कैसे करेंगे हम
- 5:06लोग तो बस हमारी सरकार जो प्लानिंग करती है ना उसी प्लानिंग को हम लोग यहां पर
- 5:11नियोजन के अर्थ में समझेंगे अगर आसान भाषा में मैं आप लोगों को बोलूं तो जितने आपके
- 5:17पास संसाधन मौजूद हैं उनका कैसे आप यूज करेंगे इसी को हम लोग क्या बोलते हैं
- 5:22प्लानिंग या नियोजन बोलते हैं तो आइए हम लोग इसकी डेफिनेशन जो आपकी बुक में दी गई
- 5:28है ना वो समझ लेते हैं अभी आप आप लोगों को आसान भाषा में समझ में आया कि नहीं नियोजन
- 5:32बस इसी भाषा में हम लोग जो है बुक में क्या लिखा हुआ है एक बार देख लेते हैं तो
- 5:37आप लोगों को क्लेरिटी और अच्छे से हो जाएगी नियोजन का तात्पर्य सोच विचार की
- 5:42प्रक्रिया कार्यक्रम की र रूपरेखा तैयार करना तथा उद्देश्यों को प्राप्त करने के
- 5:47लिए गतिविधियों के क्रियान्वयन से है तो यहां पर देखिए दो-तीन टर्मिनोलॉजी दी गई
- 5:52है देख सकते हैं आप लोग कि सोच विचार की प्रक्रिया है भाई भाई जब भी आप प्लानिंग
- 5:57करते हैं तो बिना सोचे समझे प्लानिंग नहीं होती है आप लोगों को बहुत अच्छे से सोचना
- 6:02पड़ता है तो ये सोच विचार की प्रक्रिया है फिर आप क्या करते हैं कार्यक्रम की
- 6:06रूपरेखा तैयार करते हैं रूपरेखा तैयार करना मतलब यहां पर आप पूरा फॉर्मेट बनाते
- 6:11हैं कि भाई ये ये ये खर्चा है हम लोगों का इस महीने या आने वाले साल तो ये हो गई
- 6:16कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए उद्देश्यों को
- 6:21प्राप्त करने के लिए मतलब अगर हम भारत सरकार की बात करें तो भारत सरकार क्या
- 6:25करती है कि भाई आने वाला जो साल है उसमें हमें इतने स्कूल्स बनाने हैं इत
- 6:29हॉस्पिटल्स बनाने हैं इतने किलोमीटर सड़कें बनानी है तो यहां पर ये ऑब्जेक्टिव
- 6:33हो गए कि नहीं उद्देश्य हो गए कि नहीं आपके भी उद्देश्य होते हैं कि भाई मुझे
- 6:3712थ क्लास में इतने नंबरों से पास होना है फर्स्ट डिवीजन लाना है इतने परसेंटेज
- 6:42बनाने हैं तो वो क्या है उद्देश्य तो आपका उद्देश्य होता है ऐसा ही हमारे देश की
- 6:47सरकार और देश का भी उद्देश्य होता है तो इसमें सोच विचार की प्रक्रिया शामिल होती
- 6:51है एक फॉर्मेट या रूपरेखा तैयार होती है और साथ में उद्देश्यों को प्राप्त करने के
- 6:56लिए जो हम एक्शंस लेते हैं वो भी शामिल होते हैं एक बार हम फिर से डेफिनेशन पढ़
- 7:01लेते हैं कि नियोजन का तात्पर्य सोच विचार की प्रक्रिया कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार
- 7:07करना तथा उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए गतिविधियों के क्रियान्वयन से है मतलब
- 7:13यहां पर एक्शंस की बात की जा रही है इसी को हम लोग क्या बोलते हैं नियोजन बोलते
- 7:18हैं और कोई भी परिभाषा जो मैंने आप लोगों को बताई आप मन से उसको लिख सकते हैं तो यह
- 7:24हमारे देश में क्या है नियोजन का मतलब है देखिए जब हमारा देश 1900 47 में आजाद हुआ
- 7:30था ना तो आजादी के बाद हमें विरासत में गरीबी मिली थी मतलब अंग्रेज लोग जो छोड़कर
- 7:36गए थे हमारे लिए कोई विकसित भारत छोड़कर गए थे क्या नहीं हमारे देश की हालत बहुत
- 7:41खराब थी हमारे देश में गरीबी थी बेरोजगारी थी कृषि की स्थिति बहुत बेकार थी उद्योगों
- 7:47की स्थिति बहुत बेकार थी आधारभूत संरचना जिसको हम लोग इंफ्रास्ट्रक्चर बोलते हैं
- 7:51उसकी स्थिति बहुत खराब थी कुल मिलाकर अस्तव्यस्त हालत में हमारे देश को छोड़कर
- 7:57गए थे अंग्रेज ऐसे में में हमें एक प्लानिंग के तहत आगे बढ़ना ही था अगर हम
- 8:03प्लानिंग नहीं करते तो हम उसी स्थिति में रहते जिस स्थिति में हम 1947 में थे क्या
- 8:09हम इस स्थिति में आज की स्थिति में पहुंचे हैं तो 1947 से बेहतर स्थिति में है या
- 8:14नहीं हम बहुत बेहतर स्थिति में है अगर हम कंपैरिजन करें 1947 से अब तक तो ओबवियस सी
- 8:20बात है कि हमने कुछ ना कुछ प्लानिंग तो कही करी ही होगी हां ये बात सही है कि हम
- 8:25लोग उस अभी उस स्तर पर नहीं पहुंचे हैं जिस स्तर पर विकसित देश प लेकिन वो
- 8:30प्रक्रिया अभी भी जारी है जैसे हम लोगों को हमारी देश की सरकार का उद्देश्य है कि
- 8:36204 7 तक 204 7 तक हमारे देश को विकसित भारत की विकसित भारत जो है बनाना है हमारे
- 8:44देश की सरकार का उद्देश्य है कि जब हमारे देश को 100 साल आजादी के हो जाएंगे ना 204
- 8:497 में हो जाएंगे तब हम भारत को एक विकसित भारत के रूप में देखें हमारे देश की सरकार
- 8:54का आज के समय लक्ष्य है क्या इस लक्ष्य की प्राप्ति बिना नियोजन या प्लानिंग के हो
- 9:00सकती है ऐसा नहीं हो सकता बिना नियोजन या प्लानिंग के कुछ नहीं होता तो हमारे देश
- 9:05की सरकार भी 1947 से लगातार प्लानिंग कर रही है आप लोगों के मन में एक डाउट आएगा
- 9:11कि सर प्लानिंग के तहत हमारे देश की सरकार ने क्या किया तो आप लोगों के लिए मैं बता
- 9:16दूं जब हमारा देश 1947 में आजाद हुआ था ना तो आजादी के कुछ वर्षों बाद हम लोगों ने
- 9:24प्लानिंग करने के लिए 1950 में एक प्लानिंग कमीशन बनाया था प्लानिंग कमीशन
- 9:31को हिंदी में बोलते हैं योजना आयोग क्या बोलते हैं योजना आयोग ये आयोग या कमीशन
- 9:39क्या करता था ये आयोग या कमीशन करता था हमारे देश के लिए प्लानिंग कि भाई किस
- 9:45तरीके से हम लोग आगे बढ़ेंगे हर पांच-पांच साल की प्लानिंग होती थी इसको हम लोग
- 9:50बोलते हैं हिंदी में पंचवर्षीय योजना क्या बोलते हैं पंचवर्षीय योजना
- 9:57इंग्लिश में इसे बोला जाता है फाइव ईयर प्लानिंग पंचवर्षीय योजना के तहत हमारा
- 10:04देश जो था 1950 से आगे बढ़ा जैसे कि फॉर एग्जांपल अगर मैं आपको बताऊं कि पहली
- 10:10पंचवर्षीय योजना जो थी वो 1951 से 1956 के बीच आई मतलब इस पांच साल में हम लोगों ने
- 10:16प्लानिंग की कि हम लोग खेती में कैसे इन्वेस्ट करेंगे हम लोग कितनी सड़कें
- 10:21बनाएंगे हम लोग उद्योगों के लिए क्या करेंगे हम लोग शिक्षा के लिए क्या करेंगे
- 10:25इस तरीके से 5-5 साल की प्लानिंग करते हुए हमारे हमारा जो देश है ना वो आगे बढ़ा आप
- 10:31लोगों के लिए क्या याद रखना है आप लोगों को यह याद रखना है कि 19 50 में योजना
- 10:37आयोग की स्थापना हुई थी किसकी स्थापना हुई थी योजना आयोग यानी प्लानिंग कमीशन की
- 10:44स्थापना हुई थी किस उद्देश्य से हुई थी ये उद्देश्य था देश को आगे बढ़ाना और पाच पाच
- 10:51साल की प्लानिंग करते हुए आगे बढ़ना तो प्लानिंग मैंने जैसा कहा शुरुआत से ही जब
- 10:56हमारा देश आजाद हुआ था ना तब से ही आज तक लगातार प्लानिंग जो है वो हो रही है तो
- 11:031950 में मैंने बताया आप लोगों को योजना आयोग बना क्यों बना नियोजन के उद्देश्य से
- 11:10बना फिर अगर हम फास्ट फॉरवर्ड करते हैं हम लोग आ जाते हैं
- 11:142014 में तो 2014 में जब हमारे देश में नई सरकार आई ना तो उस सरकार ने अनाउंस किया
- 11:23कि भाई हम ये योजना आयोग को ना खत्म कर देंगे इस योजना आयोग को खत्म कर देंगे और
- 11:29अब हम प्लानिंग के लिए एक नई बॉडी एक नई संस्था बनाएंगे जिसका नाम होगा नीति आयोग
- 11:36एन आई टीआई नीति आयोग नीति शब्द वैसे हिंदी का है लेकिन
- 11:44इंग्लिश में भी इसका फुल फॉर्म है नेशनल इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया
- 11:49नीति आयोग बना और 1950 में जो योजना आयोग बना था ना उस योजना आयोग को हम लोगों ने
- 11:55खत्म कर दिया 20004 में और 2015 में जो था वह नीति आयोग
- 12:02की स्थापना हो गई 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग की स्थापना हुई जो नई सरकार आई थी
- 12:092014 में उसने अनाउंस कर दिया था और 2015 में नीति आयोग बन गया दोनों ही आयोग चाहे
- 12:18हम नीति आयोग की बात करें चाहे हम योजना आयोग की बात करें दोनों का उद्देश्य सेम
- 12:23था कि भाई हमारे देश के लिए प्लानिंग करना अभी तक जो भी मैंने आप लोग को समझाया है
- 12:29समझ में आ रहा है ना अगर समझ में आ रहा है तो फटाफट वीडियो को लाइक कर दीजिए चलिए
- 12:34फटाक से वीडियो को लाइक करना है अपने दोस्तों के साथ शेयर करना है और कोई डाउट
- 12:38होता है ना तो बिना हिचके कमेंट बॉक्स में कमेंट कर देना है तो मैंने क्या बोला
- 12:43मैंने बोला कि भाई 1977 में हमारा देश आजाद हुआ 1950 में योजना आयोग बना और यह
- 12:49पंचवर्षीय योजनाएं पांच-पांच साल की योजनाएं बनाता था और योजनाएं बनाते हुए हम
- 12:54लोग 2014 में आए 2014 की सरकार ने घोषणा की कि भाई हम योजना को खत्म करेंगे और
- 13:00प्लानिंग के लिए एक नया आयोग बनाएंगे जिसका नाम क्या होगा नीति आयोग होगा अब
- 13:05आपके मन में क्वेश्चन आ रहा होगा सर दोनों का उद्देश्य तो समान है योजना आयोग का
- 13:11उद्देश्य भी प्लानिंग करना है नीति आयोग का उद्देश्य भी प्लानिंग करना है तो फिर
- 13:15योजना आयोग को खत्म क्यों किया ऐसा क्वेश्चन आ रहा है ना तो मैं आप लोगों के
- 13:19लिए बता देता हूं कि योजना जो आयोग था ना इसमें एक दिक्कत ये थी कि यहां पर जो
- 13:25डिसीजन लिए जाते थे ना योजना आयोग में वो डिसीजन लिए जाते थे थे टॉप लेवल पर टॉप
- 13:30लेवल पर बैठे हुए अधिकारी या मंत्री डिसीजन लेते थे और उन डिसीजंस को लागू
- 13:35किया जाता था ग्रास रूट लेवल पर अब इसमें दिक्कत क्या होती थी कि ग्रास रूट लेवल पर
- 13:42जमीनी स्तर पर कुछ समस्या हैं उन समस्याओं का अंदाजा कई बार उच्च लेवल पर बैठे जो
- 13:48अधिकारी होते हैं मंत्री होते हैं उनको नहीं होता भाई मंत्री तो एसी कमरों में
- 13:52बैठे रहते हैं अधिकारी एसी कमरो में बैठे रहते हैं एक गांव में एक जनजातीय स्तर पर
- 13:58या खेतों में क्या समस्या है इनको कई बार इस बात का अंदाजा नहीं होता इस वजह से कुछ
- 14:04ना कुछ नियोजन में या प्लानिंग में हमेशा से दिक्कत आती रही थी इसलिए बात उठने लगी
- 14:11कि भाई ये योजना आयोग है ना ये इसको खत्म कर देना चाहिए और एक नई बॉडी बनाने की
- 14:15आवश्यकता है जो डिसीजन जो है ना जहां पर ग्रास रूट लेवल पर लिए जाए जमीनी स्तर पर
- 14:21डिसीजन लिए जाए और उनको फिर लागू किया जाए तो यही किया गया इस योजना आयोग को खत्म
- 14:27किया गया और एक एक नई बॉडी बनी जिसको बोलते हैं नीति आयोग और ये आयोग क्या करता
- 14:33था इस आयोग में जो डिसीजन लिए जाते थे ना वो जमीनी स्तर पर लिए जाते थे और उनको फिर
- 14:39ऊपरी स्तर पर लागू कराया जाता था तो ये काम होता है आज के समय में वर्तमान में
- 14:46अगर मैं योजनाओं की नियोजन की बात करूं ना तो डिसीजन लिए जाते हैं नीति आयोग के
- 14:53द्वारा तो देख लीजिए आप लोगों को योजना आयोग से नीति आयोग का सफर मैंने बहुत
- 14:58अच्छे से बता दिया है एक चीज और याद रखनी है कि योजना आयोग हो चाहे नीति आयोग हो
- 15:04दोनों का अध्यक्ष कौन होता है दोनों के अध्यक्ष होते हैं हमारे देश के
- 15:08प्रधानमंत्री अगर मैं आप लोगों से कहूं कि योजना आयोग के पहले अध्यक्ष कौन थे तो
- 15:14कमेंट बॉक्स में आप लोग कमेंट करके बताएंगे क्या चलिए आप लोगों के लिए
- 15:18होमवर्क है कि योजना आयोग के पहले अध्यक्ष कौन थे आप लोगों के लिए हिंट मैंने बता
- 15:24दिया है कि योजना आयोग के अध्यक्ष हमेशा भारत के प्रधानमंत्री होते हैं तो आज के
- 15:29समय में जो भारत के प्रधानमंत्री हैं वे नीति आयोग के अध्यक्ष हैं और 1951 में जब
- 15:35योजना आयोग के योजना आयोग ने पहली पंचवर्षीय योजना लागू की थी तो 1950 में
- 15:40जब योजना आयोग बना था तो इस योजना आयोग के पहले अध्यक्ष फर्स्ट चेयरमैन कौन थे आप
- 15:46लोग मुझे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बताइए समझ में आ रहा है ना प्लानिंग
- 15:51प्लानिंग का मतलब वही एक लेमल लैंग्वेज में आसान भाषा में यही है प्लानिंग का
- 15:55मतलब इसकी कोई साहित्यिक परिभाषा हो या ना हो आप लोग मन में ये समझ लें कि प्लानिंग
- 15:59का मतलब हमारे पास जो मौजूदा संसाधन है उनका हम कैसे यूज करें इसी के लिए इसकी
- 16:04इसी के लिए जो हम काम करते हैं ना इसी को प्लानिंग बोलते हैं ठीक
- 16:09है उम्मीद करता हूं कि अभी तक जो स्टोरी मैंने 1947 से आप लोगों को अभी तक बताई वह
- 16:16समझ में आ गई होगी देखिए अब आपकी बुक में लिखा गया है कि सामान्यता नियोजन के दो
- 16:22उपागम होते हैं उपागम का मतलब होता है
- 16:27अप्रोचेबल लेवल पर घर के स्तर पर आप अपनी प्लानिंग पापा की प्लानिंग मम्मी की
- 16:31प्लानिंग उसको छोड़ दीजिए अब प्लानिंग की बात होगी देश के स्तर पर अगर देश के स्तर
- 16:37पर प्लानिंग होती है ना तो उस प्लानिंग की दो एप्रोचे होती है दो उपागम इसको हिंदी
- 16:42में बोलते हैं तो नियोजन के दो उपागम होते हैं दोनों उपागम को नाम आप लोगों को याद
- 16:47रखना है एक उपागम है खंडी नियोजन जिसको हम सेक्टरल नियोजन बोलते हैं क्या बोलते हैं
- 16:54सेक्टरल नियोजन और दूसरा नियोजन होता है प्रादेशिक नियोजन क्या बोलते हैं
- 16:59प्रादेशिक नियोजन रीजनल इसको प्लानिंग भी जो है वह बोला जा सकता है तो सामान्यत
- 17:04नियोजन के दो उपागम होते हैं पहला उपागम है खंडी नियोजन और दूसरा उपागम है
- 17:09प्रादेशिक नियोजन अब आप पूछेंगे सर यह आपने क्या लिख दिया खंडी नियोजन या
- 17:15प्रादेशिक नियोजन हमें समझ में नहीं आया कोई बात नहीं मैं आया ही इसलिए हूं ताकि
- 17:20आप लोगों के डाउट्स क्लियर हो आप लोगों को बातें समझ में आए देखिए खंडी नियोजन या
- 17:25सेक्टोर नियोजन का मतलब होता है कि हमारी अर्थव्यवस्था के जो विभिन्न क्षेत्र है ना
- 17:31उनका हम कैसे विकास करेंगे इसकी प्लानिंग फॉर एग्जांपल हमारी अर्थव्यवस्था में
- 17:36क्या-क्या है भाई हमारी अर्थव्यवस्था में कृषि है कि हम कृषि का कैसे विकास करेंगे
- 17:41हमारी अर्थव्यवस्था में उद्योग है तो हम उद्योगों का कैसे विकास करेंगे हमारी
- 17:45अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र है सर्विस सेक्टर है हम सर्विस सेक्टर सेक्टर या
- 17:50सेवा क्षेत्र का कैसे विकास करेंगे हम शिक्षा का कैसे विकास करेंगे हम आधारभूत
- 17:55संरचनाओं का कैसे विकास करेंगे तो यह जो अलग-अलग क्षेत्र है ना कृषि उद्योग शिक्षा
- 18:01आधारभूत संरचना इसी को बोलते हैं सेक्टरल नियोजन या सेक्टरल प्लानिंग ये हमारे
- 18:06अर्थव्यवस्था के अलग-अलग सेक्टर्स है इनकी किस प्रकार प्लानिंग होगी इसी को बोला
- 18:12जाता है खंडी नियोजन बात समझ में आई और दूसरी जो नियोजन की प्रक्रिया है या
- 18:17अप्रोच है इसे हम बोलते हैं प्रादेशिक नियोजन क्या बोलते हैं प्रादेशिक नियोजन
- 18:23अब प्रादेशिक नियोजन का मतलब क्या होता है देखिए हमारा जो भारत है ना एक विविधताओं
- 18:29वाला देश है हमारा भारत विविधताओं वाला देश है आप लोग मुझे बताइए क्या भारत में
- 18:35हर क्षेत्र भारत का हर हिस्सा समान रूप से विकसित है क्या या उसका विकास जो है समान
- 18:40रूप से हुआ है क्या हम समान रूप से नहीं हुआ भाई आप क्लास में पढ़ते हैं आपकी
- 18:45क्लास में सपोज करिए मानकर चलिए कि मान लीजिए 50 बच्चे हैं तो क्या 50 बच्चे ही
- 18:51पढ़ने में अच्छे हैं क्या हो सकता है उन 50 बच्चों में 10 बच्चे ऐसे हो जो
- 18:55ब्रिलियंट हो 30 बच्चे ऐसे हो जो एवरेज हो और बाकी के जो बच्चे हैं जिन्हें
- 19:01एक्स्ट्रा मेहनत करने की जरूरत है या वीक हो हां यह बात सही है कि हो सकता है जो
- 19:06वीक बच्चे हैं वो किसी दूसरी एक्टिविटी में अच्छे हो हो सकता है खेल में अच्छे हो
- 19:10कोई व्यक्ति हो सकता है ना कि स्पोर्ट में अच्छा हो सकता है पढ़ाई लिखाई में अच्छा
- 19:13नहीं है लेकिन मैं एक पैमाना यहां पर सिर्फ पढ़ाई का मान लेता हूं कि पढ़ाई में
- 19:17हो सकता है कि 50 बच्चों की क्लास में सभी 50 बच्चे अच्छे नहीं हैं तो हम लोगों का
- 19:23उद्देश्य क्या होता है जब टीचर्स पढ़ाते हैं तो उनका उद्देश्य क्या होता है कि भाई
- 19:27जो वीक बच्चे हैं ना 10 इ के लिए कुछ करना पड़ेगा तो क्या किया जाता है भाई
- 19:31एक्स्ट्रा क्लास लगाई जाती है उन पर एक्स्ट्रा ध्यान दिया जाता
- 19:36है तो जैसे 50 जो क्लास में 50 बच्चे हैं वो एक समान नहीं होते ना उसी तरीके से
- 19:42हमारे देश में जो राज्य है ना हर राज्य समान रूप से विकसित नहीं है और एक राज्य
- 19:47के भी अलग-अलग हिस्से समान रूप से विकसित नहीं है हो सकता है अगर मध्य प्रदेश की
- 19:52अगर मैं बात करूं भारत में मध्य प्रदेश है बीचोंबीच एक राज्य है अगर मध्य प्रदेश की
- 19:56बात करूं तो मध्य प्रदेश में हो सकता है कि बीच वाला जो क्षेत्र है वो विकसित है
- 20:00और आसपास के जो क्षेत्र हैं वो उतने अच्छे विकसित नहीं है हो सकता है जो पूर्वी
- 20:05क्षेत्र है उसका विकास उतने अच्छे से नहीं हुआ है पश्चिमी क्षेत्र का विकास उतने
- 20:09अच्छे से नहीं हुआ सिर्फ बीच वाला जो क्षेत्र है उसका विकास अच्छे से हुआ है तो
- 20:14हमारा उद्देश्य क्या होगा कि भाई जो आजूबाजू के जो क्षेत्र है ना उनका जिनका
- 20:19विकास नहीं हुआ है उन पर ध्यान देने की आवश्यकता है तो जब हम जब हम प्रदेश के
- 20:25स्तर पर जब हम अलग-अलग क्षेत्रों के स्तर पर प्लानिंग करते हैं तो यहां पर एक
- 20:29क्षेत्र हो जाएगा मध्य प्रदेश इसी तरीके से हो सकता है महाराष्ट्र का भी उतने
- 20:33अच्छे से विकास ना हुआ हो हो सकता है उड़ीसा को भी बहुत ज्यादा ध्यान देने की
- 20:36जरूरत हो बिहार को भी और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हो उत्तर प्रदेश के कुछ
- 20:40हिस्सों को ध्यान देने की जरूरत हो तो जब अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग
- 20:44प्लानिंग की जाती है ना इसी को बोलते हैं प्रादेशिक नियोजन तो यहां पर प्रदेश की
- 20:50बात हो रही है यहां पर अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की बात हो रही है तो यह
- 20:56अंतर है खंडी नियोजन में और प्रादेशिक नियोजन में उम्मीद करता हूं अभी
- 21:03तक जो भी मैंने आप लोगों को समझाया है आप लोगों को बहुत अच्छे से समझ में आ गया
- 21:07होगा कोई डाउट होता है तो बिना हिच के आप कमेंट बॉक्स में कमेंट कर दीजिएगा ठीक है
- 21:11आपके उन डाउट्स को एड्रेस करना मेरा कर्तव्य है मैं डेफिनेटली आपके उन डाउट्स
- 21:16को एड्रेस करूंगा अगर वीडियो पसंद आई है तो वीडियो को लाइक जरूर करना है आप लोग
- 21:21वीडियो को लाइक नहीं करते चलिए फटाफट वीडियो को लाइक करिए और हम लोग क्या करते
- 21:26हैं हम लोग नेक्स्ट स्लाइड पर चलते हैं तो ये फर्स्ट स्लाइड में उम्मीद करता हूं आप
- 21:29लोगों को क्लियर हो गई होगी चलिए अब यहां पर जो मैंने बताया है खंडी नियोजन का मतलब
- 21:35और प्रादेशिक नियोजन का मतलब आपकी बुक में इनका मतलब क्या लिखा गया है एक बार हम लोग
- 21:40देख लेते हैं जो मैंने समझाया है ना वही बस इसमें लिखा हुआ है खंडी नियोजन का अर्थ
- 21:44है कि अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों जैसे खेती सिंचाई विनिर्माण यानी
- 21:49मैन्युफैक्चरिंग ऊर्जा निर्माण परिवहन संचार सामाजिक अवसर रचना और सेवाओं के
- 21:56विकास के लिए कार्यक्रम बनाना तथा उनको लागू करना तो कृषि का मतलब सिंचाई का मतलब
- 22:01विनिर्माण का मतलब क्या होता है मैन्युफैक्चरिंग होता है इरिगेशन मतलब
- 22:05सिंचाई होता है ऊर्जा मतलब एनर्जी निर्माण मतलब कंस्ट्रक्शन परिवहन मतलब
- 22:09ट्रांसपोर्टेशन संचार मतलब कम्युनिकेशन सामाजिक अव संरचना मतलब होता है सोशल
- 22:13इंफ्रास्ट्रक्चर इसमें शिक्षा आ जाता है स्वास्थ्य आ जाता है इनका हम विकास करें
- 22:18सेवा क्षेत्र यानी सर्विस सेक्टर का विकास करें तो अलग-अलग जो सेक्टर है ना जब हम
- 22:23अलग-अलग सेक्टर को टारगेट करके प्लानिंग करते हैं तो इसको बोला जाता है खंडी
- 22:30नियोजन ठीक है तो अलग-अलग अर्थव्यवस्था की जो क्षेत्र हैं उनके लिए जब प्लानिंग की
- 22:35जाती है तो इसे खंडी नियोजन कहा जाता है अब हम प्रादेशिक नियोजन देख लेते हैं तो
- 22:41प्रादेशिक नियोजन का मतलब क्या होता है कि किसी भी देश में सभी क्षेत्रों में एक
- 22:45समान आर्थिक विकास नहीं हुआ है कुछ क्षेत्र बहुत अधिक विकसित है तो कुछ
- 22:51पिछड़े हुए हैं जैसा कि मैंने अभी बताया था मध्य प्रदेश के एग्जांपल में आप लोगों
- 22:54को बताया था ना बस वही है कि कुछ क्षेत्र बहुत अधिक विकसित है तो कुछ क्षेत्र
- 22:58पिछड़े हुए हैं यानी बैकवर्ड हैं विकास का यह असमान प्रतिरूप जिसको हम पैटर्न बोलते
- 23:04हैं तो विकास का यह जो पैटर्न है ना यह सुनिश्चित करता है कि नियोजक एक स्थानीय
- 23:09परिपेक्ष अपनाएं तथा विकास में प्रादेशिक असंतुलन कम करने के लिए योजनाएं बनाएं तो
- 23:14नियोजक मतलब जो प्लानिंग कर रहा है उस व्यक्ति की बात हो रही है कि नियोजक एक
- 23:18स्थानिक परिप्रेक्ष्य अपनाए मतलब उसको ध्यान देने की जरूरत है एक पर्टिकुलर
- 23:22स्थान पर तो नियोजक एक स्थानिक परिप्रेक्ष्य अपनाए तथा विकास में
- 23:27प्रादेशिक जो असंतुलन है कि कोई क्षेत्र विकसित है मान लीजिए कोई क्षेत्र पंजाब है
- 23:32पंजाब विकसित है मध्य प्रदेश उतना विकसित नहीं है हो सकता है हरियाणा विकसित है
- 23:36उत्तर प्रदेश उतना विकसित नहीं है तो ये अलग या गुजरात इतना जितना विकसित है उतना
- 23:41विकसित जो है वो महाराष्ट्र नहीं है तो ये जो असंतुलन है ना इंबैलेंस है इसको कम
- 23:46करने की जरूरत है और इस असंतुलन को कम करने के लिए जो प्लानिंग होती है इसको
- 23:52बोला जाता है प्रादेशिक नियोजन ठीक है तो नियोजक एक स्थानिक
- 23:57परिप्रेक्ष्य अपनाए तथा विकास में प्रादेशिक असंतुलन कम करने के लिए योजनाएं
- 24:02बनाए इस प्रकार के नियोजन को प्रादेशिक नियोजन कहा जाता है उम्मीद करता हूं आप
- 24:09लोगों को खंडी नियोजन और प्रादेशिक नियोजन की यह जो परिभाषा आपकी बुक में दी गई है
- 24:13ना यह बहुत अच्छे से क्लियर हो गई होगी ठीक है चलिए हम लोग नेक्स्ट स्लाइड पर
- 24:20चलते
- 24:23हैं देख लीजिए जो मैंने आपको स्टोरी बताई थी ना योजना आयोग वाली नीति आयोग वाली उसी
- 24:28को यहां पर आपकी बुक में बॉक्स में दिया गया है कि स्वतंत्रता के बाद भारत में
- 24:33केंद्रीकृत योजनाओं को अपनाया गया लेकिन धीरे-धीरे विकेंद्रीकृत बहुस्तरीय योजनाओं
- 24:39की ओर कदम बढ़ाए मतलब जब हमारा देश आजाद हुआ था ना तो हमारे देश में जो प्लानिंग
- 24:43होती थी वो केंद्रीकृत स्तर पर होती थी मैंने बताया ना टॉप लेवल पर प्लानिंग
- 24:47देखने को मिलती थी लेकिन धीरे-धीरे हम लोगों ने विकेंद्रीकृत स्तर पर डी
- 24:52सेंट्रलाइज लेवल पर इस प्लानिंग को अपनाया मतलब मैंने बताया ना ग्रास रूट लेवल पर
- 24:56बाद में जो है डिसीजन लिए जाने लगे केंद्र राज्य तथा जिला स्तर पर योजनाओं को तैयार
- 25:03करने की जिम्मेदारी योजना आयोग की थी अभी बताया था मैंने प्लानिंग कमीशन बना था कब
- 25:07बना था 1950 में तो योजना आयोग की जिम्मेदारी थी कि केंद्र स्तर पर राज्य
- 25:13स्तर पर और जिले के स्तर पर प्लानिंग बनाई जाए परंतु 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग का
- 25:22स्थान नीति आयोग ने ले लिया अभी मैंने बताया था कि 2014 में जब नवीन सरकार आई थी
- 25:27तो उस सरकार सकार ने 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग को खत्म करके किसको बनाया किस
- 25:33संस्था को बनाया नीति आयोग को बनाया केंद्रीय तथा राज्य सरकारों को युक्ति गत
- 25:40तथा तकनीकी सलाह देने के लिए भारत के आर्थिक नीति निर्माण में राज्यों की जो
- 25:45भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नीति आयोग स्थापित किया गया था पहले जो
- 25:51योजना आयोग था ना उसमें डिसीजन टॉप लेवल पर लिए जाते थे राज्यों से बहुत ज्यादा
- 25:55चर्चा परिचर्चा नहीं की जाती थी लेकिन अब जब नीति आयोग बनाना तो इसमें राज्यों की
- 26:00भागीदारी भी सुनिश्चित होने लगी तो ये कमी थी योजना आयोग की कि राज्यों को नहीं पूछ
- 26:04रहे हैं सिर्फ टॉप लेवल पर जो लीडरशिप है जो नेतृत्व है वही लीडरशिप जो है वो
- 26:10डिसीजन ले रही है तो अब जो है डिसीजन जो लिए जा रहे हैं वो ग्रास रूट लेवल पर
- 26:14जमीनी स्तर पर लिए जा रहे हैं राज्यों से पूछकर लिए जा रहे हैं तो ये अंतर है नीति
- 26:21आयोग और योजना आयोग में तो ये जो स्लाइड है ना आप लोगों को याद रखना है एक चीज और
- 26:26इसमें याद रखनी है कि योजना आयोग हो चाहे फिर नीति आयोग हो दोनों के जो अध्यक्ष
- 26:32होते हैं वह कौन होते हैं भारत के प्रधानमंत्री होते हैं इस बात को आप लोगों
- 26:38को याद रखना है ठीक है चलिए नेक्स्ट स्लाइड पर चलते
- 26:45हैं अब हमें पढ़ना है लक्ष्य क्षेत्र नियोजन यानी टारगेट एरिया प्लानिंग के
- 26:51बारे में और यह बहुत महत्त्वपूर्ण चीज है आपके जो चैप्टर है इस चैप्टर में टारगेट
- 26:56एरिया प्लानिंग में चार चीजों को डिस्कस करना है वो चार चीजें कौन-कौन सी हैं एक
- 27:00बार हम लोग देख लेंगे पहले टारगेट एरिया प्लानिंग या लक्ष्य क्षेत्र नियोजन क्या
- 27:04होता है उसका अर्थ समझ लेते हैं तो जो क्षेत्र आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं उन
- 27:09क्षेत्रों में नियोजन प्रक्रम को विशेष ध्यान देना चाहिए एक क्षेत्र का आर्थिक
- 27:13विकास उसके संसाधनों पर आधारित होता है लेकिन कभी-कभी संसाधनों से भरपूर क्षेत्र
- 27:18भी पिछड़े रह जाते हैं देखिए यहां पर लिखा गया है कि जो क्षेत्र आर्थिक रूप से
- 27:24पिछड़े हुए हैं इकोनॉमिकली जो क्षेत्र जो एरिया बैकवर्ड है उन पर ज्यादा ध्यान देने
- 27:29की जरूरत है मैंने आप लोगों को क्लास का एग्जांपल बताया था ना कि 50 बच्चे हैं 10
- 27:33बच्चे ऐसे हैं मान लीजिए जो पढ़ने में कमजोर हैं तो उन पर ज्यादा ध्यान दिया
- 27:36जाता है कि भाई उन लोगों के लिए एक्स्ट्रा क्लास जो है लगाई जाए तो बस ऐसे ही हमारे
- 27:41देश में कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जो क्षेत्र इकोनॉमिकली थोड़े बैकवर्ड हैं पिछड़े हुए
- 27:47हैं उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है कई बार क्या होता है कि जो
- 27:52संसाधन होते हैं कोई हो सकता है कोई राज्य हो जिसके पास मिनरल रिसोर्सेस हो सकते हैं
- 27:56कि लोहा है सोना है खनिज संसाधन कोयला हो सकता है या जहां की आबादी ज्यादा पढ़ी
- 28:02लिखी होती है तो वो क्षेत्र आगे निकल जाते हैं लेकिन जिन क्षेत्रों के पास जिन
- 28:07राज्यों के पास संसाधन नहीं होते रिसोर्सेस नहीं होते तो वो क्षेत्र पीछे
- 28:11रह जाते हैं तो ये संसाधनों पर भी निर्भर करता है कि कोई क्षेत्र कोई रीजन डेवलप
- 28:16होगा या नहीं होगा तो लक्ष्य क्षेत्र नियोजन में हमको इसका ध्यान रखना पड़ता है
- 28:22लेकिन हां ये बात भी ये बात भी कई बार हो जाती है कि हो सकता है कि किसी राज्य के
- 28:27पास संसाधन हो इसके बाद भी व व्यक्ति जो है वो या जो वो राज्य जो है अच्छा परफॉर्म
- 28:33नहीं कर रहा है विकसित नहीं है आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है आप ऐसे समझिए कि कोई
- 28:38जरूरी नहीं है कि जिन व्यक्तियों के पास जिनकी मान लीजिए घर में बहुत अच्छी कंडीशन
- 28:42है बहुत पैसा है मान लीजिए उनके बच्चे हमेशा ही पढ़ाई में अच्छे होंगे ऐसा जरूरी
- 28:47होता है क्या नहीं कई बार ऐसा होता है कि घर में बहुत पैसा है दुकाने हैं पापा
- 28:52मम्मी बहुत कमा रहे हैं लेकिन बच्चा पढ़ने में कमजोर है तो यही बात है कि कई बार
- 28:57क्या होता कि संसाधन होते हैं लेकिन कभी-कभी संसाधनों से भरपूर क्षेत्र भी
- 29:02मतलब हो सकता है कि कई बार राज्यों के पास बहुत संसाधन हो लेकिन वो क्षेत्र पिछड़े
- 29:06रह जाते हैं इसका एग्जांपल बताऊं आप लोगों को देखिए भारत में कुछ राज्य ऐसे हैं जो
- 29:11विकसित है कुछ राज्य बहुत विकसित है जैसे कि गुजरात एक विकसित राज्य में आता है
- 29:16गोवा एक विकसित राज्य में आता है और कुछ राज्य मतलब इनके पास संसाधन भी है क्योंकि
- 29:20इनकी बाउंड्री जो है वो समुद्र से लगी हुई है गोवा जो है वो टूरिज्म जो है सेक्टर
- 29:26में बहुत अच्छा कर रहा है तो महाराष्ट्र की स्थिति अच्छी है या गुजरात की स्थिति
- 29:31अच्छी है पंजाब की स्थिति अच्छी है हरियाणा की स्थिति अच्छी है लेकिन बिहार
- 29:35की स्थिति उतनी अच्छी नहीं है उड़ीसा एक क्लासिकल एग्जांपल है उड़ीसा में तो देखिए
- 29:39संसाधन भी मौजूद है कितने सारे खनिज संसाधन उड़ीसा में मौजूद हैं लेकिन उड़ीसा
- 29:44संसाधनों के होने के बावजूद भी विकसित नहीं है देख लीजिए यहां पर कभी-कभी
- 29:48संसाधनों से भरपूर क्षेत्र भी क्या होते हैं पिछड़ जाते हैं तो उड़ीसा इसका
- 29:52एग्जांपल है उड़ीसा में संसाधन मौजूद है इसके बाद भी वो राज्य पिछड़ा हुआ है अब वो
- 29:57एक एक अलग प्रश्न बन जाएगा कि भाई संसाधन होने के बाद भी उड़ीसा पिछड़ा क्यों है
- 30:01इसके कारण बताइए वो हम खनिज संसाधन वाले चैप्टर में पढ़ते हैं लेकिन अभी मैं आप
- 30:05लोगों को सिर्फ एग्जांपल बता रहा हूं तो हम लोगों को जो क्षेत्र पिछड़े हुए
- 30:11हैं ना उन क्षेत्रों पर ध्यान देने की आवश्यकता है आर्थिक विकास के लिए संसाधनों
- 30:16के साथ तकनीक और निवेश की आवश्यकता होती है भाई कोई जरूरी थही ना है कि आर्थिक
- 30:21संसाधन अच्छे हैं तो आप लोग आप विकास ही करेंगे विकास के साथ तकनीक टेक्नोलॉजी भी
- 30:27होनी चाहिए मान लीजिए मैं जिस जगह पर खड़ा हूं उस जमीन के नीचे मुझे पता चल जाता है
- 30:32कि सोने के भंडार हैं तो मैं क्या करूं सोने के भंडार से सिर्फ पता होने से ही सब
- 30:37कुछ थोना होता है अगर उस सोने के भंडार को निकालने के लिए मेरे पास टेक्नोलॉजी नहीं
- 30:42है टेक्नीक नहीं है तो क्या मैं उनका यूज कर पाऊंगा इसी तरीके से हो सकता है मैं
- 30:47जहां खड़ा हूं उसके नीचे पेट्रोल लेकिन पेट्रोल को निकालने के लिए मान लीजिए मेरे
- 30:51पास टेक्नोलॉजी नहीं है तकनीक नहीं है तो कैसे काम चलेगा तो कोई मतलब नहीं है
- 30:57संसाधनों का भी इसी तरीके से इन्वेस्टमेंट यानी निवेश की जरूरत होती है भाई तकनीक
- 31:02कहां से आएगी जब कोई मुझे पैसा देगा तभी तो मैं टेक्नोलॉजी परचेस करूंगा ना तो
- 31:08संसाधनों होने के साथ-साथ टेक्निक भी होनी चाहिए और इन्वेस्टमेंट यानी निवेश की भी
- 31:13आवश्यकता होती है लगभग डेढ़ दशक के नियोजन अनुभवों से यह महसूस किया गया है कि
- 31:19आर्थिक विकास में क्षेत्रीय असंतुलन जो है वो प्रबत हो रहा है पिछले 15 सालों से
- 31:25डेढ़ दशक से अगर हम लोग देखें तो हमें ये महसूस मूस हो रहा है कि राज्यों के बीच जो
- 31:30खाई है ना वो बढ़ती जा रही है मतलब कुछ राज्य तो बहुत आगे निकल रहे हैं कुछ राज्य
- 31:34पिछड़ जा रहे हैं उनके बीच जो एक गैप है ना वो बहुत बढ़ता बढ़ते जा रहा है
- 31:39धीरे-धीरे ये गैप जो है वो क्रिएट होते जा रहे है ये अच्छी बात है क्या नहीं ये
- 31:44अच्छी बात नहीं है हमारे देश का जितने भी राज्य हैं वो सब हमारे भारत के राज्य हैं
- 31:49तो हमारी ये जिम्मेदारी है भारत की ये जिम्मेदारी है भारत सरकार की ये
- 31:53जिम्मेदारी है कि हर राज्य समान रूप से विकास करें यदि कोई राज्य पिछड़ जाता है
- 31:59यदि कोई राज्य पिछड़ जाता है वहां की जनसंख्या बेरोजगार रहती है अशिक्षित रहती
- 32:04है तो उस राज्य में बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा सामाजिक समस्याएं उत्पन्न होने
- 32:09लगती हैं हत्या की वारदात लूट डकैती चोरी ये सब जो है उस राज्य में बढ़ने लगता है
- 32:16क्यों क्योंकि लोगों के पास रोजगार नहीं है भाई क्या करेंगे पेट पालने के लिए कुछ
- 32:20ना कुछ तो करना पड़ेगा ना तो इन राज्यों में अक्सर यह देखा गया है कि जो राज्य
- 32:24पिछड़े रहते हैं जहां पर विकास नहीं हुआ है आर्थिक विकास नहीं हुआ है उन राज्यों
- 32:29में हिंसा की वारदातें चोरी की वारदातें डकैती की वारदातें अपराध जो हैं व ज्यादा
- 32:35होते हैं और जो राज्य थोड़े विकसित हैं वहां पर अपराध की जो संख्या है वह कम होती
- 32:40है आप एग्जांपल देख सकते हैं नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार अगर हम लोग
- 32:45देखें तो मान लीजिए गुजरात है गुजरात को मैंने बोला कि एक विकसित राज्य है गुजरात
- 32:49में अपराध उतने ज्यादा नहीं होते जितने अपराध बिहार में उत्तर प्रदेश में होते
- 32:54हैं क्यों क्योंकि यहां पर शिक्षा की बात आ जाती है विका विकास की बात आ जाती है जब
- 32:59देश विकास करता है राज्य विकास करते हैं तो जनसंख्या जो है वो इंगेज रहती है
- 33:03अपने-अपने कामों में लेकिन मैं ये नहीं बोल रहा कि भाई कि कोई राज्य विकास नहीं
- 33:07कर रहा है किस राज्य किसी राज्य की मान लीजिए दिक्कत है वहां पर संसाधन उपलब्ध
- 33:11नहीं है तो आप चोरी करने लगो टकती करने लगो नहीं यह मैं बिल्कुल नहीं बोल रहा मैं
- 33:15सिर्फ इतना बोल रहा हूं कि अगर कोई राज्य विकास नहीं करता है तो वहां पर अनेक तरीके
- 33:20की सामाजिक समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं इसीलिए तो सरकारों का ये दायित्व है
- 33:26रिस्पांसिबिलिटी है कि हर राज्य समान रूप से विकास करें कोई राज्य विकास की इस दौड़
- 33:32में पीछे ना रह जाए अगर कोई राज्य पीछे है तो उसे जो है ऊपर अपलिफ्ट करने की बहुत
- 33:38ज्यादा आवश्यकता है इसी तरीके से हम लोग आसपास देखते हैं कि कुछ लोग जो हैं कुछ
- 33:43लोग यहां पर अब मैं राज्यों की बात नहीं कर रहा हूं कुछ लोग कुछ समाज के कुछ
- 33:46हिस्से हमें पता है कि भारत में जातीय प्रथा बहुत प्रबत है आप सभी को पता है कि
- 33:51भारत में जाति प्रथा प्रीच होती है जाति प्रथा में बहुत से लोग विश्वास रखते हैं
- 33:55इस जाति प्रथा का खामियाजा जो है भारत के जो दलित वर्ग हैं या निचली जो कास्ट है
- 34:00शेड्यूल कास्ट जिसको हम लोग बोलते हैं अनुसूचित जाति उनको झेलना पड़ता है और
- 34:04आर्थिक रूप से आप लोग देखेंगे तो अपर जो कास्ट है ब्राह्मण है क्षत्रिय हैं वो
- 34:08विकसित हैं लेकिन अनुसूचित जाति की जो जनसंख्या है वो विकास नहीं कर पाई है
- 34:13क्योंकि पारंपारिक रूप से उनके साथ भेदभाव हुआ है तो यहां पर हम लोगों की भारत सरकार
- 34:18की ये जिम्मेदारी है कि उन लोगों को जिन लोगों को विकास की जिन लोगों तक विकास की
- 34:24रोशनी नहीं पहुंची है उन लोगों को अपलिफ्ट किया जाए उठाया जाए
- 34:28है ना तो बस हम लोगों को लक्ष्य क्षेत्र में बस इन्हीं क्षेत्रों को इन्हीं लोगों
- 34:33को टारगेट करने की आवश्यकता है कि इनका भी विकास हो और हम कर भी रहे हैं अभी मैं
- 34:38बताऊंगा आप लोगों को आने नेक्स्ट स्लाइड स्लाइड्स में कि वो क्षेत्र कौन से हैं वो
- 34:42ट्राइब्स कौन सी हैं जिनका विकास किया जा रहा है और जब हम उन परे ध्यान देते हैं तो
- 34:47वोह बहुत अच्छा परफॉर्म भी करते हैं ठीक है तो देख लीजिए कि मैंने बताया कि संसाधन
- 34:52होना ही काफी नहीं है संसाधन के साथ टेक्नोलॉजी होनी चाहिए संसाधन के साथ
- 34:56इन्वेस्टमेंट यानी निवेश की भी बहुत आवश्यकता होती
- 34:59है तो लगभग डेढ़ दशक से हम महसूस कर रहे हैं कि कुछ राज्य तो बहुत विकसित हो रहे
- 35:04हैं कुछ राज्य बहुत नीचे जा रहे हैं जैसे कि भारत की बात की जाए तो भारत में मध्य
- 35:08महाराष्ट्र गुजरात पंजाब हरियाणा गोवा ऐसे राज्य बहुत अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं ले
- 35:12कुछ राज्य जैसे मध्य प्रदेश हो गया उत्तर प्रदेश हो गया बिहार हो गया उनकी स्थिति
- 35:17अभी इन राज्यों की तुलना में अच्छी नहीं है और ये जो अंतर है ना ये बढ़ता ही जा
- 35:23रहा है ये देखिए लिखा गया है कि क्षेत्रीय असंतुलन ये जो है ये प्रबत हो रहा है
- 35:28क्षेत्रीय एवं सामाजिक विषमताओं की प्रबलता में को काबू में रखने के क्रम में
- 35:33योजना आयोग ने लक्ष्य क्षेत्र तथा लक्ष समूह योजना उपागम को प्रस्तुत किया तो भाई
- 35:38यह समस्या कोई जरूरी ई ना कि मुझे दिख रही है भाई ये समस्या तो सरकार को भी दिख रही
- 35:43है कि भाई हमारे देश के कुछ हिस्से पिछड़े हुए हैं कुछ जातियां कुछ लोग जो है वो
- 35:47पिछड़े हुए हैं इसलिए सरकार ने क्या किया है सरकार ने दो एप्रोचे लाई हैं वो दो
- 35:52अप्रोच आप लोगों को याद रखनी है पहली अप्रोच है लक्ष्य क्षेत्र लक्ष्य क्षेत्र
- 35:56मतलब टारगेट एरिया कि भाई ऐसे कौन से क्षेत्र हैं जो विकास नहीं कर पा रहे हैं
- 36:01उन क्षेत्रों को टारगेट किया जाए तो लक्ष्य क्षेत्रों की यहां पर बात होगी ऐसे
- 36:06कौन से समूह है ऐसे कौन से लोग हैं जो पिछड़े हुए हैं जिनका विकास नहीं हो पा
- 36:11रहा है इसके लिए लक्ष्य समूह योजना को अपनाया गया है तो क्षेत्रों को भी टारगेट
- 36:17कर रहे हैं लोगों को भी टारगेट कर रहे हैं और यह अप्रोच किसने लागू की है योजना आयोग
- 36:22ने लागू की है अब आने वाली स्लाइड्स में हम लोग देखेंगे कि लक्ष्य क्षेत्र में कौन
- 36:27से क्षेत्र आते हैं लक्ष्य समूह में कौन से क्षेत्र आते हैं और यह जो योजना है या
- 36:32जो योजना आयोग है वो किस प्रकार इनके जो अपलिफ्टमेंट है इनके उद्धार के लिए
- 36:36क्या-क्या करता है ठीक है अभी तक जो भी मैंने समझाया है वीडियो पसंद आ रही है तो
- 36:41वीडियो को लाइक कर दीजिए चलिए फटाफट वीडियो को लाइक करिए आपके लाइक करने भर से
- 36:45हमें मोटिवेशन मिलता है देखिए आपकी जो बुक है ना उसकी लैंग्वेज कई बार बहुत जटिल
- 36:50होती है टफ होती है उसको आसान भाषा में समझाने के लिए हम लोगों की बहुत मेहनत
- 36:54लगती है तो हम लोग चाहते हैं कि आप लोग उस मेहनत को सराहे वीडियो को जितना हो सके
- 36:59लाइक करना है आप लोगों को ज्यादा लोगों तक शेयर करना है और कोई डाउट होता है तो बिना
- 37:04हिच के कमेंट बॉक्स में कमेंट कर देना है चलिए नेक्स्ट स्लाइड पर चलते
- 37:11हैं लक्ष्य क्षेत्रों की ओर इंगित कार्यक्रमों के कुछ उदाहरणों में कमान
- 37:17नियंत्रित क्षेत्र विकास कार्यक्रम देखिए अब लक्ष्य क्षेत्रों की बात हो रही है
- 37:20लक्ष्य क्षेत्र कौन-कौन से हैं एक बार देख लेते हैं कमान नियंत्रित क्षेत्र विकास
- 37:25कार्यक्रम सूखा क्षेत्र सूखाग्रस्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम पर्वतीय क्षेत्र
- 37:30विकास कार्यक्रम यह लक्ष्य क्षेत्र हैं इसके साथ ही लघु कृषक विकास संस्था सीमांत
- 37:36किसान विकास संस्था आदि कुछ लक्ष्य समूह कार्यक्रम है मैंने बताया ना योजना आयोग
- 37:41ने दो स्कीम्स से दो एप्रोचे जो है वो फॉलो किए है एक लक्ष्य एरिया के लिए
- 37:46क्षेत्र के लिए और दूसरा समूह के लिए क्षेत्र कौन-कौन से हैं ऐसे क्षेत्र जहां
- 37:50पर सिंचाई सुविधाएं पहुंच गई है सचाई सुविधाएं विकसित है ऐसे क्षेत्रों को
- 37:54बोलते हैं कमान क्षेत्र दूसरे क्षेत्र ऐसे क्षेत्र हमारे देश में है जो जो जिन
- 37:59क्षेत्रों में लगातार फ्रीक्वेंसी
- 38:07हैं जो पर्वतीय क्षेत्र कहलाते हैं जैसे कि उत्तराखंड हो गया हिमाचल प्रदेश हो गया
- 38:12इन राज्यों को पर्वतीय राज्य बोलते हैं और पर्वतीय राज्यों के अपने-अपने कुछ
- 38:20चैलेंजेबल जाते हैं कोई भी चुनौती हो सकती है हो सकता है कि पर्वतीय क्षेत्रों तक वो
- 38:25सुख सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं जो मैं नी क्षेत्रों तक पहुंचती हैं कई बार
- 38:29पर्वतीय क्षेत्रों को बहुत नेचुरल डिजास्टर्स यानी प्राकृतिक आपदाओं का भी
- 38:33सामना करना पड़ता है तो कुछ समस्याएं पर्वतीय क्षेत्रों की होती हैं और उन
- 38:38क्षेत्रों उन क्षेत्रों में इन समस्याओं की वजह से लोगों का विकास नहीं हो पाता तो
- 38:42हम लोगों को क्षेत्रों के अंतर्गत तीन कार्यक्रमों को देखना है इस चैप्टर में
- 38:46पहला कार्यक्रम हम लोगों को कमान नियंत्रित क्षेत्र के अंतर्गत देखना है
- 38:49दूसरा कार्यक्रम होगा जब हम सूखा नियंत्रित सूखा ग्रस्त जो क्षेत्र हैं
- 38:53उनको टारगेट करेंगे और तीसरा जो क्षेत्र होगा वो पर्वतीय क्षेत्र होगा तीनों
- 38:57स्कीम्स को हम लोग विकास जो है विस्तार से देखने वाले हैं और फिर हम लोग देखेंगे
- 39:01समूह के अंतर्गत लघु कृषक विकास संस्था और किसान विकास संस्थाओं के बारे में ठीक है
- 39:09अब देखिए यहां पर एक पंचवर्षीय योजना बताई गई है आठवीं पंचवर्षीय योजना में पर्वतीय
- 39:13क्षेत्रों तथा उत्तर पूर्वी राज्यों जनजातीय एवं पिछड़े क्षेत्रों में अव
- 39:18संरचना को विकसित करने के लिए विशिष्ट क्षेत्र योजना को तैयार किया गया मैंने आप
- 39:24लोगों को बताया था कि जब योजना आयोग बना था 1950 में तो इसने 1951 से ही प्लानिंग
- 39:30स्टार्ट की थी जैसे कि 1951 से लेकर 1956 तक पंचवर्षीय योजना आई थी इसको हम लोग
- 39:36फर्स्ट पंचवर्षीय योजना बोलते हैं फ फर्स्ट फाइव ईयर प्लानिंग बोलते हैं सेकंड
- 39:40जो पंचवर्षीय योजना या द्वितीय पंचवर्षीय जो योजना थी वो 1956 से लेकर 1961 के मध्य
- 39:46थी तीसरी जो पंचवर्षीय योजना थी थंद्र थर्ड जो 1961 से लेकर 1966 के बीच थी तो
- 39:52ऐसे-ऐसे हमारे भारत में अलग-अलग पंचवर्षीय योजनाएं हर 5 साल में आई इनमें जो आठवी
- 39:58पंचवर्षीय योजना थी ना इस आठवीं पंचवर्षीय योजना में उत्तर पूर्वी राज्यों को और
- 40:04जनजाति और पिछड़े राज्यों में अव संरचना या इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए
- 40:10विशिष्ट क्षेत्र योजना को तैयार किया गया तो हम लोगों ने ऐसे क्षेत्रों को टारगेट
- 40:15किया जिनका विकास नहीं हो रहा था आठवीं पंचवर्षीय योजना में ऐसे लोगों को टारगेट
- 40:19किया जो विकास की पहुंच जिन लोगों तक नहीं पहुंच पाई है उम्मीद करता हूं वीडियो पसंद
- 40:26आ रही होगी स्लाइड आप लोगों को बहुत अच्छे से क्लियर हो गई होगी ये आठवीं पंचवर्षीय
- 40:30योजना याद रखना है कि किस योजना में ऐसा क्वेश्चन पूछा जा सकता है कि भाई किस
- 40:34योजना में जनजातीय क्षेत्रों को पर्वतीय क्षेत्रों को टारगेट किया गया ताकि उनका
- 40:38विकास हो सके तो आप लोग बताएंगे कि आठवीं पंचवर्षीय योजना में ठीक है चलिए नेक्स्ट
- 40:45स्लाइड पर चलते
- 40:48हैं पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के बारे में हम लोगों को पढ़ना है हिल एरिया
- 40:53डेवलपमेंट प्रोग्राम अब एक-एक करके हम अलग-अलग प्रोग्राम को देखने वाले हैं
- 40:58सूखाग्रस्त क्षेत्रों को देखेंगे पर्वतीय क्षेत्रों को देखेंगे कमान क्षेत्रों को
- 41:02देखेंगे जनजातीय क्षेत्रों के लिए क्या किया वोह हम देखने वाले हैं सबसे पहला जो
- 41:07नंबर है वो है पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम यानी हिल एरिया डेवलपमेंट
- 41:12प्रोग्राम का अब देखिए नाम से ही स्पष्ट है यहां पर कि पर्वतीय क्षेत्र मतलब ऐसे
- 41:16क्षेत्र जहां पर पर्वत श्रृंखलाएं मौजूद हैं पर्वतीय राज्य हमारे देश में मौजूद है
- 41:20ना तो जिन क्षेत्रों में जिन राज्यों में पर्वतीय हिस्से हैं या श्रृंखलाएं मौजूद
- 41:25हैं वो पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम का हि हो जाएंगे तो देख लेते हैं हम लोग
- 41:29पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रमों को पांचवीं पंचवर्षीय योजना में प्रारंभ किया
- 41:33गया और इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सारे पर्वतीय जिले अब उत्तर प्रदेश में भी कुछ
- 41:38जिले ऐसे हैं जहां पर पर्वत श्रृंखलाएं मौजूद हैं तो उत्तर प्रदेश के सारे
- 41:42पर्वतीय जिले जिन्हें हम वर्तमान में उत्तराखंड बोलते हैं देखिए एक समय ऐसा था
- 41:46जब उत उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश एक ही हुआ करते थे एक ही राज्य हुआ करते थे
- 41:51उत्तराखंड के उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जब एक राज्य हुआ करते थे तो तब के पर्वतीय
- 41:56जिलों को टारगेट किया गया हालांकि अब तो दोनों राज्य जो हैं वो अलग हो गए हैं
- 42:00उत्तराखंड अपने आप में एक स्वयं पर्वतीय राज्य बन गया है तो इसके अंतर्गत उत्तर
- 42:04प्रदेश के सारे पर्वतीय जिले यानी वर्तमान में अगर हम उत्तराखंड की बात कर लें मिकिर
- 42:09पहाड़ियां और असम की उत्तरी कछारी कछार की पहाड़ियां पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग
- 42:14जिला और तमिलनाडु के नीलगिरी आदि को मिलाकर कुल 15 जिले जो थे वो पर्वतीय
- 42:19क्षेत्र विकास कार्यक्रम में शामिल है अब आप लोगों से पूछा जा सकता है कि भाई
- 42:24पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम में कितने जिलों को टारगेट किया गया तो आप
- 42:27बोलेंगे 15 जिलों को टारगेट किया गया 1981 में पिछड़े क्षेत्रों पर
- 42:34राष्ट्रीय समिति ने उन सभी पर्वतीय क्षेत्रों को पिछड़े पर्वतीय क्षेत्रों
- 42:38में शामिल करने की सिफारिश की देखिए यह बहुत आईएमपीईएलएसवाईएस
- 42:57ऊंचाई 600 मीटर से अधिक है भाई पर्वतीय क्षेत्र बोलेंगे किसको कोई परिभाषा होनी
- 43:03चाहिए ना तो यह जो समिति थी जो 19 81 में बनी थी इस समिति ने बोला कि भाई ऐसे
- 43:08क्षेत्र जिनकी ऊंचाई ना 600 मीटर से अधिक है उन क्षेत्रों को हम पर्वतीय क्षेत्र
- 43:13बोलेंगे ऐसा करने से क्या हुआ क्षेत्रों की पहचान सुनिश्चित हो गई कि भाई ये
- 43:17क्षेत्र जो है 6 मीटर से ज्यादा हाइट पे है इस पर ध्यान देने की ज्यादा आवश्यकता
- 43:23है जैसे गरीबी की एक लाइन होती है जिसको हम गरीबी रेखा बोलते हैं कि भाई इतनी इनकम
- 43:27से नीचे का कोई व्यक्ति होगा उसको हम गरीब कंसीडर करेंगे और इतनी इनकम से ऊपर का अगर
- 43:31कोई व्यक्ति होगा तो उसे हम गरीब कंसीडर नहीं करेंगे इसी तरीके से क्षेत्रों के
- 43:35ऊपर है कि भाई भारत के सभी क्षेत्र किसको हम पर्वतीय क्षेत्र माने तो इस समिति ने
- 43:39बोला इसने बोला कि भाई 600 मीटर से हाइट आप एक स्टैंडर्ड पैमाना सेट कर दीजिए कि
- 43:45600 मीटर से ऊंचे जो क्षेत्र होंगे उन क्षेत्रों को हम पर्वतीय क्षेत्र बोलेंगे
- 43:49और उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के लिए पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम लागू
- 43:55करेंगे ठीक है और जिनमें जनजातीय उपयोजना लागू नहीं है
- 44:01तो इस समिति ने क्या बोला कि ऐसे क्षेत्र जिनकी हाइट 600 मीटर से ज्यादा है और जहां
- 44:06पर जन जनजाती उपयोजना लागू नहीं है ना देखिए लागू नहीं है बोला है उन क्षेत्रों
- 44:12में उन क्षेत्रों को हम पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल करेंगे
- 44:16यह जो जनजातीय उपयोजना है आने वाली स्लाइड्स में आप लोगों को बताऊंगा इसको
- 44:20याद रखना है बहुत अच्छे से जनजाति उपयोजना लागू नहीं होनी चाहिए वहां पर क्योंकि अगर
- 44:25जनजाति उपयोजना लागू होगी तो व एक अलग स्कीम का पार्ट जो है वो हो जाएंगे इसलिए
- 44:30ऐसे क्षेत्र जिनकी हाइट सिर्फ 600 मीटर से ज्यादा है और जहां पर जनजाति उपयोजना लागू
- 44:35नहीं है उन क्षेत्रों को हम पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत जो है
- 44:39व कंसीडर करेंगे और यह किसने बोला यह 1981 में बोला पिछड़े क्षेत्रों पर राष्ट्रीय
- 44:45समिति ने तो यह आप लोगों से पूछा जा सकता है कि पिछड़े क्षेत्रों पर राष्ट्रीय
- 44:49समिति कब बनी थी कौन से ईयर में इसने यह बात बोली थी तो उम्मीद करता हूं आप लोगों
- 44:54को यह स्लाइड बहुत अच्छे से क्लियर हो गई होगी चलिए नेक्स्ट स्लाइड पर चलते
- 45:00हैं पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए बनी राष्ट्रीय समिति ने निम्नलिखित बातों को
- 45:06ध्यान में रखकर पहाड़ी क्षेत्रों में विकास के लिए सुझाव दिए तो पिछले
- 45:10क्षेत्रों में पर जो राष्ट्रीय समिति बनी थी ना उसने कुछ रिकमेंडेशंस की सुझाव दिए
- 45:15सिफारिश की कि भाई ये ये चीज जो है इन क्षेत्रों में लागू करो ताकि उन क्षेत्रों
- 45:19का जो विकास जो है वो सुनिश्चित हो सके तो कौन कौन-कौन सी बातें इस समिति ने बोली वो
- 45:25बातें आप लोग को याद रखनी है क्वेश्चन आ सकता है कि समिति ने कौन-कौन सी सिफारिशें
- 45:30की थी उन सिफारिशों में से कोई पांच सिफारिशें बताए तो कम से कम आप बता सके
- 45:35पहली जो सिफारिश थी वो ये कि सभी लोग जो है वो लाभान्वित हो केवल
- 45:41प्रभावशाली व्यक्ति ही नहीं कई बार क्या होता है कि हम भलाई करने की सोचते हैं तो
- 45:46जिन लोगों के पास जिन किसानों के पास जिन जनजातियों के पास ज्यादा पैसा होता है ना
- 45:50वो तो सरकार की स्कीम्स का लाभ ले लेते हैं लेकिन जो किसान जो जनजाति लोग ऐसे
- 45:55होते हैं जिनके पास पैसा नहीं होता तो उनकी पहुंच जो है सरकार तक नहीं बन पाती
- 45:59और वह लाभान्वित नहीं होते इसलिए जरूरी है कि सभी लोग लाभान्वित हो क् ऐसा ना हो कि
- 46:06जो प्रभावशाली व्यक्ति हैं जो प्रभाव या सरकार पर दबाव डालते हैं उन्हीं लोगों को
- 46:10जो है वह लाभ मिल जाए नहीं सभी लोगों को लाभ मिलना चाहिए दूसरी जो सिफारिश इस
- 46:17समिति समिति ने की कि स्थानीय संसाधनों और प्रतिभाओं का विकास किया भाई लोकल लेवल पर
- 46:23जो रिसोर्सेस हैं उनका यूज हो जैसे कि मान लीजिए पर्वतीय क्षेत्र कोई है वहां पर
- 46:27टूरिज्म की संभावना है तो उन संसाधनों का यूज हो अगर पर्वतीय क्षेत्रों में खिलाड़ी
- 46:32बहुत अच्छे निकल रहे हैं तो उनका विकास करो भाई निकल भी रहे हैं हमारे देश में
- 46:35अच्छे-अच्छे खिलाड़ी जैसे मीराबाई चानू जी निकल रही है वो बहुत अच्छी खिलाड़ी हैं तो
- 46:40मीराबाई चानू हो गया या पर्वतीय क्षेत्रों में जो जो अच्छे खिलाड़ी निकल रहे हैं उन
- 46:44पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि उस क्षेत्र का विकास हो वहां के लोगों का विकास हो
- 46:49सके ठीक है मेरीकॉम जो है आप लोग देख सकते हैं मेरीकॉम निकल रही है जीविका निर्वाह
- 46:55अर्थव्यवस्था को वेश उन्मुखीकरण
- 47:27का शोषण ना हो भाई एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जब व्यापार होता है तो कई बार
- 47:32क्या करते हैं व्यापारी कि स्थानीय स्तर पर जो संसाधन होते हैं ना उनको सस्ते
- 47:37दामों पर जनजातियों को बेवकूफ बना के जो है सामान खरीद लिया जाता है भाई ऐसा ना हो
- 47:42जो स्थानीय लोग होते हैं उनका पिछड़ क्षेत्रों में जो लोग होते हैं उनका शोषण
- 47:46या एक्सप्लोइटेशन ना हो इस बात का ध्यान रखने की बहुत आवश्यकता है पांचवी जो
- 47:51रिकमेंडेशन उन्होंने की कि पिछड़े क्षेत्रों की बाजार अर्थव्यवस्था में
- 47:55सुधार करके श्रमिकों को लाभ पहुंचाना हमें वहां पर जो लेबर्स है ना जो लेबर्स एक जगह
- 48:01से दूसरी जगह चले जाते हैं रोजी रोटी कमाने के लिए उनको लाभ पहुंचाने की बहुत
- 48:06आवश्यकता है छठवीं जो रिकमेंडेशन उन्होंने बोली कि पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखना है
- 48:11ऐसा ना हो कि हम लोग पर्वतीय क्षेत्रों का जब विकास करें तो उस विकास में हम
- 48:16बड़ी-बड़ी इमारतें बिल्डिंग्स ब्रिजे सब बना दें और पर्यावरण को बहुत खतरनाक तरीके
- 48:22से नुकसान पहुंचा दें ऐसा भी नहीं करना है पारिस्थितिकी संतुलन यानी इकोलॉजिकल
- 48:28बैलेंस स्थापित करने की आवश्यकता है नहीं तो क्या होता है नहीं तो प्राकृतिक आपदाएं
- 48:32आती हैं हम लोगों ने केदारनाथ राजदी को देखा जो 2013 में आई थी कितनी बर्बादी हुई
- 48:37थी और कितने लोगों की जान गई थी तो पारिस्थितिकी संतुलन यानी इकोलॉजिकल
- 48:43बैलेंस बनाने की बहुत ज्यादा आवश्यकता है तो ये जो समिति थी इस समिति ने ये ये
- 48:50सुझाव दिए थे सारे सुझावों को आप लोगों को ध्यान में रखना है ठीक है पहाड़ी क्षेत्र
- 48:57के विकास की विस्तृत योजनाएं इनके स्थलाकृतिक पारिस्थितिकी सामाजिक व आर्थिक
- 49:02दशाओं को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए भाई एक ही लाठी से वो सब धान जो है वो
- 49:08बोलते हैं ना कि 22 पसेरी सबको एक जैसा नहीं तोलना चाहिए हमें अलग-अलग परिस्थिति
- 49:13के जो है अनुसार जो है वो अलग-अलग क्षेत्रों का विकास जो है वो करने की
- 49:17आवश्यकता है कि वहां की इला कृति कैसी है हो सकता है पर्वतीय क्षेत्रों में भी कुछ
- 49:21एरिया जो है वो प्लेन हो कुछ क्षेत्र जो है बिल्कुल ढलान पर स्थित हो तो स्थलाकृति
- 49:26के हिसाब से विकास करने की आवश्यकता है वहां की जो पारिस्थितिकी है उसके हिसाब से
- 49:30कि वहां का क्लाइमेट कैसा है उस हिसाब से भी विकास करने की आवश्यकता है हमें वहां
- 49:34पर लोग किस प्रकार रह रहे हैं उनकी इनकम किस प्रकार हो रही है इन सब बातों को
- 49:39ध्यान में रखकर ही योजनाएं बनाई जाने की आवश्यकता
- 49:43है यह कार्यक्रम पहाड़ी क्षेत्रों में बागवानी का विकास रोपण कृषि पशुपालन
- 49:48मुर्गी पालन वानि कीी लघु तथा ग्रामीण उद्योगों का विकास करने के लिए स्थानीय
- 49:54संसाधनों को उपयोग में लाने के उद्देश्य से बनाए गए तो इन क्षेत्रों में भाई
- 49:59बागवानी का विकास करना चाहिए रोपण कृषि जैसे चाय कॉफी की जो खेती होती है उनको
- 50:03रोपण कृषि बोलते हैं पशुपालन का विकास करना चाहिए मुर्गी पालन का विकास करना
- 50:08चाहिए वानिकी मतलब वन लगाना चाहिए ताकि चारागाह की या घास जो जानवर खाते हैं उन
- 50:13घास की व्यवस्था हो सके ग्रामीण उद्योग जो लघु और ग्रामीण उद्योग होते हैं उनका
- 50:17विकास करना चाहिए और इन सब बातों को लाने के लिए लागू करने के लिए जो स्थानीय लोकल
- 50:24लेवल पर जो रिसोर्सेस या संसाधन उपलब्ध देना उन संसाधनों को यूज करने की आवश्यकता
- 50:30है तो यह सब बातें हैं जो पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम का हिस्सा है आप लोगों को
- 50:35ध्यान में रखना है जो सिफारिश है पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम ने सॉरी जो
- 50:40सिफारिश राष्ट्रीय समिति ने की थी उन सिफारिशों में से कम से कम पांच तो आप लोग
- 50:43याद रखें उसके बाद हम लोगों को और अन्य किन बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है
- 50:48यह बातें भी आप लोग लिख सकते हैं वीडियो अगर पसंद आ रही है वीडियो को लाइक करना है
- 50:54अपने दोस्तों के साथ शेयर करना है और कोई डाउट है आप लोग समझ पा रहे हैं ना उम्मीद
- 50:58करता हूं मैं आसान भाषा में आप लोगों को समझा पा रहा हूं अगर आप समझ पा रहे हैं तो
- 51:02वीडियो को डेफिनेटली लाइक करें अपने दोस्तों के साथ शेयर करना है और कोई भी
- 51:06बात अगर समझ में नहीं आ रही है कोई पॉइंट समझ में नहीं आ रहा है तो कमेंट बॉक्स में
- 51:10कमेंट करके पूछ सकते हैं मैं डेफिनेटली आपके उन कमेंट्स को एड्रेस करूंगा चलिए
- 51:16नेक्स्ट स्लाइड पर चलते हैं देखिए पहली जो स्कीम्स थी पहले जो
- 51:21पहला जो क्षेत्र था वो था पर्वतीय क्षेत्र दूसरा जो क्षेत्र है वो है सूखा संभवी
- 51:26क्षेत्र विकास कार्यक्रम कौन सा क्षेत्र सूखा संभाव क्षेत्र विकास कार्यक्रम मतलब
- 51:32ऐसे क्षेत्र जहां पर सूखे की संभावनाएं होती हैं अगर सूखा पड़ता है तो होता क्या
- 51:37है भाई फसलें चौपट हो जाती हैं किसानों की इनकम यानी आय प्रभावित होती है तो सूखा
- 51:43संभाव क्षेत्र मतलब ऐसे क्षेत्र जहां पर सूखा पड़ रहा है या सूखा पड़ने की संभावना
- 51:49है ऐसे क्षेत्रों को भी टारगेट करने की आवश्यकता है इस कार्यक्रम की शुरुआत कब
- 51:55हुई थी पहली बात सूखा क्षेत्र विकास कार्यक्रम इसकी शुरुआत हुई थी चौथी
- 51:58पंचवर्षीय योजना में कब हुई थी चौथी पंचवर्षीय योजना में इस इसकी शुरुआत हुई
- 52:03थी इसका उद्देश्य सूखा संभाव क्षेत्रों में लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाना और
- 52:09सूखे के प्रभाव को कम करने के लिए उत्पादन के साधनों को विकसित करना
- 52:14है भाई सूखा संभावित क्षेत्र के अंतर्गत मान लीजिए कोई किसान है कोई व्यक्ति है
- 52:18मान लीजिए वह खेतीबाड़ी पे पूरी तरीके से डिपेंड है अगर कोई व्यक्ति खेतीबाड़ी पर
- 52:23पूरी तरीके से डिपेंड रहेगा खासकर उन क्षेत्रों में जहां पर सूखा सखा पड़ने की
- 52:27संभावना है तो इसकी इसके इसके दुष्परिणाम क्या होंगे मान लीजिए वहां पर सूखा पड़
- 52:31गया तो वो किसान की आय तो जो है वो ब पूरी तरीके से प्रभावित हो जाएगी फिर खाने
- 52:36कमाने के लिए उसके पास रहेगा क्या इसके लिए सरकार कोशिश करती है कि वैकल्पिक
- 52:41रोजगार जो है वो उपलब्ध कराया जाए वैकल्पिक रोजगार का मतलब होता है कि हां
- 52:45खेतीबाड़ी कर रहे हो ठीक है लेकिन एक अतिरिक्त रोजगार भी आपके पास उपलब्ध होना
- 52:50चाहिए ताकि कहीं ना कहीं से कुछ पैसा तो जो है वो आते रहे अगर एक ही चीज पर आप
- 52:55डिपेंड हो जाएंगे तो बहुत बड़ी दिक्कत हो जाएगी ठीक है तो सूखा संभाव क्षेत्रों के
- 53:00अंतर्गत लोगों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई पांचवी
- 53:06पंचवर्षीय योजना में इसके कार्यक्षेत्र को और विस्तृत किया गया प्रारंभ में इस
- 53:11कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसे सिविल निर्माण कार्यक्रमों पर बल दिया गया जिनमें अधिक
- 53:16श्रमिकों की आवश्यकता थी तो मैंने आप लोगों को बताया कि वैकल्पिक रोजगार के जो
- 53:21अवसर है वो क्रिएट करने की आवश्यकता है लेकिन वैकल्पिक रोजगार के अवसर जब क्रिएट
- 53:25किए गए ना तो ज्यादातर लोगों को किसमें खपा गया कहां पर इंगेज किया गया
- 53:30कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज में सिविल निर्माण कार्यों में जैसे कि ब्रिज बन रहे हैं
- 53:35नहरें बन रही हैं सड़कें बन रही हैं तो वहां पर लोगों को इंगेज करा दिया गया ताकि
- 53:41लोग जो हैं वो पैसा कमा सके तो अब ये बोला गया कि नहीं भाई आप अभी हालांकि शुरुआत
- 53:48में तो इनको सिर्फ ऐसे कामों में लगा गया सड़कों के काम में नेहरों के काम में
- 53:52ब्रिस के ब्रिजे वगैरह अगर कहीं बन रहे हैं पुल वगैरह बन रहे हैं तो वहां पर
- 53:56लोगों को खपा गया लेकिन धीरे-धीरे इनके लिए और अन्य रोजगार के अवसर भी क्रिएट किए
- 54:02गए तो सीधे तौर पर अगर मैं बोलूं तो सूखा संभाव क्षेत्र कार्यक्रम मतलब ऐसे क्षेत्र
- 54:06जहां पर सूखा पड़ने की संभावना है बचाने के लिए क्या किया गया उन लोगों को कि
- 54:11वैकल्पिक रोजगार की को कोई एक अतिरिक्त रोजगार जो है वो कर सके ताकि खाने कमाने
- 54:16की दिक्कत उन लोगों के पास ना हो इस बात का ध्यान रखा
- 54:22गया चलिए नेक्स्ट स्लाइड पर चलते हैं देखिए लिखा गया है कि परंतु बाद में इसमें
- 54:29सिंचाई परियोजनाओं भूमि विकास कार्यक्रमों वनीकरण चारागाह विकास और आधारभूत ग्रामीण
- 54:34अव संरचना जैसे विद्युत सड़कों बाजार ऋण सुविधाओं और सेवाओं पर जोर दिया गया तो
- 54:40जैसा मैंने कहा कि शुरुआत में सिर्फ कंस्ट्रक्शन जो एक्टिविटीज थी सिविल
- 54:43निर्माण जो कार्य थे वहां पर फोकस किया गया लेकिन बाद में जो है वह अन्य
- 54:47क्षेत्रों में भी लोगों को रोजगार उपलब्ध कराए गए पिछड़े क्षेत्रों के विकास की
- 54:52राष्ट्रीय समिति ने इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा की में यह पाया
- 54:57गया कि यह कार्यक्रम मुख्यतः कृषि तथा इससे संबंध सेक्टरों के विकास तक ही सीमित
- 55:02है और पर्यावरणीय संतुलन पुनः स्थापन पर इसमें विशेष बल दिया गया तो जब इसकी
- 55:08समीक्षा हुई कि भाई बाद में हम लोग पता तो करें कि भाई काम कितना हुआ है तो बाद में
- 55:12पता हुआ पिता पता किया कि भाई सिर्फ कृषि और से संबंधित जो व्यवसाय हैं वहीं पर
- 55:18मुख्य फोकस किया जा रहा है और अन्य क्षेत्रों पर हालांकि ध्यान नहीं दिया जा
- 55:22रहा है और पर्यावरणीय जो संतुलन है उसकी पुनः स्थापना पर इसमें जोर दिया जा रहा है
- 55:27कि भाई पर्यावरण को कोई नुकसान ना हो जनसंख्या वृद्धि के कारण लोग कृषि के
- 55:33लिए सीमांत भूमि का उपयोग करने के लिए बाध्य हैं जिससे पारिस्थितिकी निम्नीकरण
- 55:38हो रहा है भाई जैसे-जैसे जनसंख्या वृद्धि होती है लोग बढ़ते हैं परिवार में मान
- 55:42लीजिए दो सदस्य हैं अब दो से मान लीजिए पांच सदस्य हो गए तो वो क्या करते हैं कि
- 55:47बार-बार जब आप खेती बार-बार जोतते हो बार-बार खेतीबाड़ी करते हो तो इससे होता
- 55:51क्या है लैंड डिग्रेड होता है मतलब भूमि का निम्नीकरण होता है साथ में पारिस्थितिक
- 55:56कि निम्नीकरण होता है क्योंकि अब जनसंख्या बढ़ गई है आपको अपने लिए ज्यादा खाद्यान
- 56:01की आवश्यकता है तो आप हो सकता है फर्टिलाइजर ज्यादा यूज करोगे उर्वरक
- 56:05ज्यादा यूज करोगे तो इससे होगा ये कि पारिस्थितिकी असंतुलन जो है वो पैदा हो
- 56:10जाएगा और पारिस्थितिकी निम्नीकरण भूमि जो है वो बुरी स्थिति में आ जाएगी अतः सूखा
- 56:16संभाव क्षेत्रों में वैकल्पिक रोजगार अवसर पैदा करने की आवश्यकता है इन क्षेत्रों का
- 56:21विका इन क्षेत्रों का विकास करने की अन्य रणनीतियों में सूक्ष्म स्तर पर समन्वित जल
- 56:26संभर विकास कार्यक्रम अपनाना शामिल है सूखा संभाव क्षेत्रों के विकास की रणनीति
- 56:31में जल मिट्टी पौधों मानव पशु जनसंख्या के बीच पारिस्थितिकी संतुलन पुनः स्थापन पर
- 56:37मुख्य रूप से ध्यान देना चाहिए तो कुल मिलाकर हमें एक कंप्रिहेंसिव अप्रोच जो है
- 56:42अपनानी होगी जिसमें सिर्फ इंसानों का ध्यान ना रखा जाए मिट्टी का भी ध्यान रखा
- 56:46जाए जल का भी ध्यान रखा जाए जानवरों का भी ध्यान रखा जाए और ओवरऑल पूरी पारिस्थितिकी
- 56:52तंत्र का जब हम विकास करेंगे तभी क्षेत्रों का विकास होगा और इस तरीके से
- 56:57सूखा संभावित जो क्षेत्र हैं उनका विकास किया गया और यह कुछ सजेशंस जो हैं वो दिए
- 57:03गए हैं कि हां भाई यह करने की आवश्यकता है 1972 में सिंचाई आयोग ने 30 प्र सिंचित
- 57:11क्षेत्र का मापदंड लेकर सूखा संभाव क्षेत्रों का परिसीमन किया भाई जैसे हम
- 57:16लोगों ने पर्वतीय क्षेत्रों में माना था कि पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के
- 57:20अंतर्गत किसको हम पर्वतीय क्षेत्र मानेंगे तो हम लोगों ने क्या एक पैमाना सेट किया
- 57:24था हम लोगों ने सेट किया था पैमाना अ 600 मीटर वाला कि भाई ऐसे क्षेत्र जिनकी जो
- 57:29हाइट है 600 मी 600 मीटर से ज्यादा है उन क्षेत्रों को हम बोलेंगे कि भाई वह
- 57:34पर्वतीय क्षेत्र है राष्ट्रीय समिति ने यह बोला था इसी तरीके से ऐसे क्षेत्र किसको
- 57:39हम सूखा क्षेत्र मानेंगे तो सूखा क्षेत्र हम उन क्षेत्रों को मानेंगे जहां पर जो
- 57:44सिंचाई है वह सिर्फ 30 प्र तक हो रही है तो सिंचाई आयोग ने 1972 में 30 प्र सिंचित
- 57:51क्षेत्र का मापदंड निर्धारित किया कि भाई ऐसे क्षेत्र जहां पर सिर्फ 30 प्र सिचाई
- 57:56हो रही है और 70 प्र जो क्षेत्र है वो सूखा है ऐसे क्षेत्रों को हम सूखा संभाव
- 58:03क्षेत्र के अंतर्गत जो है वो काउंट करेंगे अब देखिए
- 58:08सूखा संभावित क्षेत्र कौन-कौन से हो सकते हैं तो जनरली आपके ध्यान में जब सूखा
- 58:12क्षेत्रों की बात की जाएगी तो आप लोग हर बार राजस्थान का नाम लेंगे तो भाई
- 58:15राजस्थान के अतिरिक्त भी अन्य क्षेत्र हैं जहां पर सूखा पड़ता है तो आप लोग ध्यान
- 58:20दीजिए ये क्वेश्चन पूछा जा सकता है कि कौन-कौन से सूखा संभाव क्षेत्र हैं भारत
- 58:24में सूखा संभाव क्षेत्र मुख्यतः राजस्थान गुजरात पश्चिमी मध्य प्रदेश महाराष्ट्र के
- 58:30मठ मराठवाड़ा क्षेत्र आंध्र प्रदेश के रॉयल सीमा और तेलंगना का पठार कर्नाटक का
- 58:35पठार तमिलनाडु की उच्च भूमि तथा आंतरिक भाग के शुष्क और अर्ध शुष्क भाग जो हैं ये
- 58:41सूखा संभाव क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं ठीक है सिर्फ राजस्थान नहीं है देख लीजिए
- 58:46राजस्थान के अतिरिक्त क्या है गुजरात है पश्चिमी मध्य प्रदेश है महाराष्ट्र का
- 58:50मराठवाड़ा क्षेत्र है आंध्र प्रदेश का रॉयल सीमा और तेलंगाना का पठार है कर्नाटक
- 58:55का पठार है और तमिलनाडु की उच्च भूमि और आंतरिक भाग के शुष्क और अर्ध शुष्क जो भाग
- 59:01हैं वो इस सूखा संभाव क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं पंजाब हरियाणा और उत्तरी राजस्थान
- 59:08के सूखा प्रभावित क्षेत्र सिंचाई के प्रसार के कारण सूखे से बच जाते हैं देखिए
- 59:13कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जो सूखे से बच जाते हैं जहां पर जो है वो सूखा नहीं पड़ता तो
- 59:20पंजाब हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के जो क्षेत्र है ना वहां पर पर्याप्त सिंचाई
- 59:24सुविधाएं विकसित हैं इसलिए वहां पर सूखा नहीं पड़ता सूखे के अंतर्गत आप लोगों को
- 59:30सिर्फ इन क्षेत्रों को जो है वह ध्यान में रखना है ठीक है उम्मीद करता हूं आप लोगों
- 59:36को यह स्लाइड बहुत अच्छे से क्लियर हो गई होगी अब देखिए हम लोगों ने दो क्षेत्र देख
- 59:43लिए हैं एक दो कार्यक्रम भी देख सकते हैं दो लक्ष्य क्षेत्र हम लोगों ने देखा था
- 59:48लक्ष्य भाई आप लोगों को याद याद आ रहा है ना मैंने आप लोगों को बताया था
- 59:52लक्ष्य क्षेत्र और
- 59:59लक्ष्य समूह यह दो नियोजन के अंतर्गत दो चीजों पर
- 1:00:04हम लोगों को ध्यान देना था लक्ष्य क्षेत्र और लक्ष्य समूह पर तो लक्ष्य क्षेत्र के
- 1:00:07अंतर्गत हम लोगों ने सूखा प्रभाव संभावित जो क्षेत्र है वो देख लिए हैं और साथ में
- 1:00:12हम लोगों ने पर्वतीय जो क्षेत्र है वह देख लिए हैं अब बारी आती है लक्ष्य समूह की तो
- 1:00:17लक्ष्य समूह कौन से हैं एक बार हम लोग देख लेते हैं लक्ष्य समूह के अंतर्गत हम लोगों
- 1:00:21को एक महत्त्वपूर्ण केस स्टडी के बारे में पढ़ना है और वो केस स्टडी होगी भरमौर
- 1:00:27क्षेत्र के बारे में क्या है भरमौर क्षेत्र में समन्वित जनजातीय विकास
- 1:00:31कार्यक्रम मतलब इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोग्राम इसको आप आई टी डी प
- 1:00:39भी बोल सकते हैं इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोग्राम मतलब समन्वित जनजातीय
- 1:00:44विकास कार्यक्रम इसके बारे में हम लोगों को केस स्टडी पढ़नी है क्षेत्र कौन सा है
- 1:00:49एक बार ध्यान से देख लीजिए भरमौर क्षेत्र अब आप लोग बोलेंगे कि सर ये भरमौर क्षेत्र
- 1:00:54क्या है दरअसल ये भरम भर जो क्षेत्र है यह भरमौर क्षेत्र हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले
- 1:01:00में पड़ता है वहां पर एक जनजाति विकास जनजाति जो है व निवास करती है जिसका नाम
- 1:01:04है गद्दी जनजाति कौन सी जनजाति गद्दी जनजाति जो गदियाली भाषा जो है बोलती है ये
- 1:01:10जनजाति एक समय बहुत ज्यादा पिछड़ी हुआ करती थी और हम लोगों ने जब इस जनजाति को
- 1:01:16टारगेट किया इस जनजाति के विकास पर ध्यान दिया तब इसने एक नए ही पैमाने जो है
- 1:01:22स्थापित कर दिए और विकास की ऊंचाइयों को छुआ हालांकि ये बात सही है कि अभी और कुछ
- 1:01:27और भी बहुत कुछ करना बाकी है लेकिन ये गद्दी जनजाति के बारे में आप लोगों को
- 1:01:33बहुत महत्त्वपूर्ण बातें डिस्कस करनी है ठीक है भरमौर क्षेत्र के बारे में हम लोग
- 1:01:39पढ़ रहे हैं ये भरमौर क्षेत्र कहां पर है ये भरमौर क्षेत्र पड़ेगा हिमाचल प्रदेश के
- 1:01:44अंतर्गत इस क्षेत्र के बारे में हम लोग समझ लेते
- 1:01:48हैं तो ये जो भरमौर जनजातीय क्षेत्र है इसके बारे में हम लोग पढ़ लेते हैं भरमौर
- 1:01:53जनजातीय क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की दो तहसीलें आती हैं भरमौर और
- 1:01:58होली ठीक है हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के अंतर्गत दो तहसीलें आती हैं कौन सी
- 1:02:03भरमौर और होली यह 21 नवंबर 1975 से अधिसूचित जनजातीय क्षेत्र है तो देख लीजिए
- 1:02:10ये क्वेश्चन आ सकता है कि यह जो क्षेत्र है कब से अधिसूचित जनजाति क्षेत्र है ये
- 1:02:1421 नवंबर 1975 से अधिसूचित मतलब नोटिफाइड ट्राइबल एरिया
- 1:02:21है देखिए जब किसी क्षेत्र को नोटिफाई कर दिया जाता है मतलब अधिसूचित कर दिया जाता
- 1:02:27है तो उस पर विशेष ध्यान दिया जाता है तो इसे कब अधिसूचित किया गया 21 नवंबर
- 1:02:331975 को अधिसूचित किया गया इस क्षेत्र में गद्दी जनजाति समुदाय का जो है आवास है
- 1:02:39मैंने बताया है ना इस क्षेत्र में कौन सी जनजाति निवास करती है गद्दी जनजाति निवास
- 1:02:44करती है इस समुदाय की हिमालय क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान है क्योंकि गद्दी लोग
- 1:02:51ऋतु प्रवास करते हैं तथा गदियाली भाषा का प्रयोग करते हैं देखिए ऋतु प्रवास का मतलब
- 1:02:57क्या होता है यह जो जनजाति है ना वो क्या करती है कि जब मान लीजिए गर्मी पड़ती है
- 1:03:01तो गर्मी के समय क्या करती है पहाड़ी ऊंचे जो क्षेत्र होते हैं वहां पर चली जाती है
- 1:03:05जब सर्दी पड़ती है तो ऊंचे क्षेत्रों से निचले मैदानी क्षेत्रों में आ जाती है तो
- 1:03:10एक जगह से दूसरी जगह मौसम के अनुसार स्थानांतरित होना इसी को बोला जाता है ऋतु
- 1:03:15प्रवास मतलब ऋतुओं के अनुसार प्रवास तो यह जो जनजाति है ना यह ऋतु प्रवास करती है और
- 1:03:21कौन सी भाषा बोलती है गदियाली भाषा बोलती है भरमौर जनजाति क्षेत्र में जलवायु जो है
- 1:03:27वह बहुत कठोर है आधारभूत संसाधन जो है वह बहुत कम है भाई पूछा जा सकता है कि भरमौर
- 1:03:34जो जनजाति है उसकी कौन-कौन सी समस्याए हैं तो आप बोलेंगे कि यहां पर जो जलवायु है
- 1:03:38बहुत कठोर है बहुत एक्सट्रीम वेदर है ठंड जहां पर बहुत ज्यादा पड़ती है तो जलवायु
- 1:03:43बहुत कठोर है साथ ही साथ यहां पर जो इंफ्रास्ट्रक्चर यानी आधारभूत सुविधाएं
- 1:03:48सड़कें हो गया पुल हो गए स्कूल हॉस्पिटल्स वो बहुत कम है और पर्यावरण यहां का जो है
- 1:03:54बहुत फरजा है भंगुर है कहीं भी लैंड स्लाइड या भूस्खलन जैसी घटनाएं हम लोगों
- 1:04:00को देखने को मिलती हैं इन कारकों ने इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और समाज को
- 1:04:05प्रभावित किया है भाई इतनी तरीके की अगर पर्यावरणीय समस्याएं अगर देखने को मिलेंगी
- 1:04:10तो ओबवियस सी बात है वो क्षेत्र पिछड़ा तो रहेगा ही और वो जनजाति विकास नहीं कर
- 1:04:16पाएगी तो हम लोगों ने अभी तक इस स्लाइड में क्या देखा हम लोगों ने देखा कि भाई
- 1:04:19भरमौर क्षेत्र के बारे में हम लोग पढ़ रहे हैं भरमौर क्षेत्र कहां पड़ता है ये भरमौर
- 1:04:23क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में पड़ता है है हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के अंतर्गत दो
- 1:04:28तहसीलें आती हैं एक भरमौर और दूसरी कौन सी है होली इस क्षेत्र को हम लोगों ने 21
- 1:04:34नवंबर 1975 हम लोगों ने मतलब मैंने नहीं हम लोगों ने मतलब मैं बोलता हूं सरकार ने
- 1:04:39सरकार ने 21 नवंबर 1955 को नोटिफाई किया अधिसूचित जनजातीय
- 1:04:44क्षेत्र के रूप में इस क्षेत्र में गद्दी जनजाति रहती है गदियाली भाषा बोलती है
- 1:04:48विशेषता क्या है कि ये ऋतु प्रवास करती है ऋतु प्रवास करने के अतिरिक्त इस जो
- 1:04:54क्षेत्र है यानी भरमौर क्षेत्र की जो जलवायु है बहुत कठोर है आधारभूत संरचनाएं
- 1:04:58जो हैं वह विकसित नहीं है साथ में यहां का जो पर्यावरण है बहुत ज्यादा भंगुर है यानी
- 1:05:04फ्रेजा है तो यह बातें कम से कम बैकग्राउंड आप लोगों को भरमौर क्षेत्र के
- 1:05:09बारे में पता चल गया होगा वीडियो अगर पसंद आ रही है तो वीडियो को लाइक करना है अपने
- 1:05:14दोस्तों के साथ शेयर करना है और कोई डाउट होता है तो बिना हिचके कमेंट बॉक्स में
- 1:05:19कमेंट कर देना है चलिए नेक्स्ट स्लाइड पर चलते हैं
- 1:05:252011 की जनगणना के अनुसार भरमौर उपमंडल की जनसंख्या जो है वो
- 1:05:313913 थी तो 2011 की जब जनगणना की बात होती है तो 2011 की जनगणना के अनुसार क्षेत्र
- 1:05:37की जनसंख्या कितनी थी 3913 थी अर्थात 21 व्यक्ति प्रति वर्ग
- 1:05:43किलोमीटर मतलब इस क्षेत्र इस जनजाति क्षेत्र में 21 लोग जो हैं वो 1 वर्ग
- 1:05:48किलोमीटर के क्षेत्र में रहते थे यह हिमाचल प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक रूप
- 1:05:53से सबसे पिछड़े इलाकों में से से एक है भाई भरमौर क्षेत्र पिछड़ा हुआ है तभी तो
- 1:05:58हम उसकी बात कर रहे हैं और इसके विकास के लिए ही हम लोग जो है वो काम करेंगे तो ये
- 1:06:03देख लीजिए यहां पर मैप बताया गया है आप लोगों को हिमाचल प्रदेश का और इस हिमाचल
- 1:06:07प्रदेश के जो चंबा जिले है उसकी बात जो है यहां पर की गई है तो आप छोटा मैप दे देख
- 1:06:13सकते हैं ये जो चंबा जिला है इस चंबा जिले का ये जो क्षेत्र है कोने वाला ये भरमौर
- 1:06:18क्षेत्र है कौन सा क्षेत्र है भरमौर क्षेत्र है आप लोग मैप में देख सकते हैं
- 1:06:22एनसीआरटी की बुक में ये बात या ये वाला जो मैप है ना वो बहुत अच्छे से दिया गया है
- 1:06:26चंबा जिले को यहां पर बताया गया है कि चंबा जिला कितना बड़ा है और चंबा जिले का
- 1:06:31जो दक्षिण पूर्वी हिस्सा है वो भरमौर क्षेत्र के अंतर्गत आता है जनसंख्या आप
- 1:06:37लोगों को याद रखनी है कई बार जनसंख्या पूछी जा सकती है क्योंकि सेपरेट केस स्टडी
- 1:06:41भरमौर क्षेत्र के बारे में दी गई है तो पूछा जा सकता है कि भाई जनसंख्या 2011 में
- 1:06:45कितनी थी तो 3913 यहां की जनसंख्या थी ऐतिहासिक तौर पर
- 1:06:51गद्दी जनजाति ने भौगोलिक और आर्थिक अलगाव का अनुभव किया है ऐतिहासिक तौर पर या
- 1:06:57हिस्टोरिकल हम लोग देखें तो यह जो जनजाति है वह पिछड़ेपन का शिकार हमेशा से रही है
- 1:07:04और सामाजिक आर्थिक विकास से यह जो जनजाति है वो वंचित रही है मैंने बताया ना कि
- 1:07:09यहां पर जो लोग हैं वो पिछड़े लोग हैं पहली बात तो जो भाषा बोलते हैं एक प्राचीन
- 1:07:15गदियाली भाषा बोलते हैं जिसका अस्तित्व धीरे-धीरे अब समाप्त हो रहा है साथ ही साथ
- 1:07:20क्या हो रहा है कि ये जो अ गद्दी जनजाति के लोग हैं यहां पर पर्यावरणीय जो जो
- 1:07:25समस्या है वो अलग है पर्यावरण अंगोर है आधारभूत संरचना विकसित नहीं है तो इ सारे
- 1:07:31तरीकों के कारण यह जो जनजाति है व वंचित जनजाति रही है इनका आर्थिक आधार मुख्य रूप
- 1:07:37से कृषि और इससे संबंधित क्रियाएं जैसे भेड़ और बकरी पालन है तो मुख्य व्यवसाय
- 1:07:43अगर मुख्य व्यवसाय की बात की जाए तो इस जनजाति का जो मुख्य व्यवसाय है वो क्या है
- 1:07:48भेड़ और बकरी पालन भरमौर जनजाति क्षेत्र में विकास की प्रक्रिया 1970 के दशक में
- 1:07:55शुरू हुई जब गद्दी लोगों को अनुसूचित जनजातियों क्षेत्र में शामिल किया गया तो
- 1:08:00मैंने बताया ना कि जब नोटिफाई किया गया ना तभी लोगों का या सरकार का ध्यान इस जनजाति
- 1:08:05की ओर गया अदर वाइज 1970 तक सोच कर देखिए कि 1947 से लेकर 1970 तक तो यह जो जनजाति
- 1:08:13थी इस तक पहुंची ही नहीं थी सरकार की और सरकार ध्यान ही नहीं दे रही थी बहुत
- 1:08:18पिछड़ी जनजाति बहुत पिछड़ा जो क्षेत्र था वो यह हुआ करता था और मुख्य रूप से
- 1:08:24लाइमलाइट में च में कब आया जब इसे नोटिफाई जनजाति क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया
- 1:08:30गया कब किया गया था अभी मैंने बताया था 1900 71 में इसे सॉरी 21 नवंबर 1975 को
- 1:08:37इसे अधिसूचित जनजातीय क्षेत्र के रूप में हम लोगों ने वर्गीकृत किया था तब जाकर इस
- 1:08:42पर ध्यान जो है वह गया तो उम्मीद करता हूं आप लोगों को यह स्लाइड बहुत अच्छे से
- 1:08:48क्लियर हो गई होगी चलिए नेक्स्ट स्लाइड पर चलते हैं
- 1:08:55देखिए भरमर जो जनजाति है भरमर शब्द जो है उसके बारे में कुछ बातें लिखी गई है कि
- 1:09:00भरमर संस्कृत शब्द ब्रमर का अपभ्रंश है मतलब मौलिक रूप से अगर हम लोग देखें तो
- 1:09:05भमोर को क्या किस भाषा से जो भमोर शब्द निकला हुआ था यह शब्द निकला हुआ था ब्रोर
- 1:09:11से ठीक है ब्राह्मण वाला तो भमोर संस्कृत शब्द ब्रोर का अपभ्रंश है इस पुस्तक में
- 1:09:17स्थानीय बोली की सुंदरता को बनाए रखने के लिए भमोर शब्द का प्रयोग किया गया मतलब हम
- 1:09:21लोगों ने भरमर शब्द यूज किया है लेकिन ओरिजिनल जो शब्द है वो क्या है ब्रमर है
- 1:09:27देख लीजिए यहां पर जो भरमौर क्षेत्र है उसके बारे में कुछ खास बातें बताई गई है
- 1:09:31कि यहां की जो जनजाति है वह किस प्रकार सीढ़ीदार जो खेती है वह करती थी पारंपरिक
- 1:09:36विधियों द्वारा गेहूं किस प्रकार यहां से निकाला जाता था प्राथमिक कार्यों में किस
- 1:09:41किस प्रकार लोग संलग्न होते थे किस प्रकार यहां पर आवासीय बस्तियां हैं और पारंपरिक
- 1:09:45वस्त्र में एक महिला जो है यहां पर बताई गई है बेसिकली आप लोगों को यह बताने की
- 1:09:49कोशिश हो रही है कि यह जो क्षेत्र है वह कितना पिछड़ा हुआ क्षेत्र है 195 74 में
- 1:09:55पांचवी पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत जनजातीय उपयोजना प्रारंभ हुई देख लीजिए आप
- 1:10:00लोगों ने इस योजना के बारे में थोड़ी देर पहले जो है वो सुना हुआ है जब हम लोगों ने
- 1:10:05पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम पढ़ा था तब मैंने आप लोगों को बताया था 1974 में
- 1:10:10पांचवी पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत जनजातीय उपयोजना प्रारंभ हुई थी और भरमौर
- 1:10:15को हिमाचल प्रदेश में पांच में से एक समन्वित जनजातीय विकास परियोजना मतलब
- 1:10:20आईटीडीपी वही आप लोगों को बताया था आईटीडीपी का मैंने फुल फॉर्म अभी कमेंट
- 1:10:25बॉक्स में मुझे कमेंट करके बताइए आईटीडीपी इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोग्राम
- 1:10:30भाई कितनी बार मैं बताऊं चलो ठीक है तो हिमाचल प्रदेश में पांच में से एक समन्वित
- 1:10:35जनजातीय विकास परियोजना का इसे दर्जा मिला और 1974 में पांचवी पंचवर्षीय योजना के
- 1:10:42तहत जो उपयोजना प्रारंभ हुई थी आप लोगों को याद रखनी है इस क्षेत्र विकास योजना का
- 1:10:47उद्देश्य क्या था क्योंकि यह जो उपयोजना थी इसका उद्देश्य था गद्दिया के जीवन स्तर
- 1:10:52में सुधार करना और भरमौर तथा हिमाचल प्रदेश के अन्य भागों के बीच में विकास
- 1:10:59में जो अंतर है वो कम करना कुल मिलाकर हिमाचल प्रदेश के जो अलग-अलग हिस्से हैं
- 1:11:05जहां पर अलग-अलग क्षेत्र जो विकसित है कोई क्षेत्र बहुत ज्यादा विकसित है कोई
- 1:11:09क्षेत्र कम विकसित है तो अलग-अलग क्षेत्रों का जो विकास है या क्षेत्रीय जो
- 1:11:13असंतुलन है उसको कम करने की कोशिश करना इस योजना के अंतर्गत परिवहन तथा संचार कृषि
- 1:11:20और इससे संबंधित क्रियाओं तथा सामाजिक व सामुदायिक सेवाओं के विकास को सर्वाधिक
- 1:11:25प्राथमिकता दी गई हम लोगों ने क्या फोकस किया कि भाई जो जो समस्याएं इस भरमौर
- 1:11:30जनजातीय क्षेत्र में है कौन-कौन सी समस्या हैं कि भाई परिवहन की समस्या है एक जगह से
- 1:11:35दूसरी जगह नहीं जाया जा सकता संचार की समस्या है लोग एक दूसरे से बात नहीं कर
- 1:11:39सकते एक एक जगह से दूसरी जगह इतनी दूर है कृषि और इससे संबंधित जो क्रियाएं हैं तथा
- 1:11:45सामाजिक व सामुदायिक सेवाएं हैं मतलब स्कूल्स नहीं है हॉस्पिटल्स नहीं है इसको
- 1:11:50बढ़ावा देने को प्राथमिकता दी गई तो टारगेट किन क्षेत्रों को किया गया मौर
- 1:11:55जनजातीय क्षेत्र में यह आप लोगों को बता देना है किस उपयोजना के तहत इनका विकास
- 1:12:00हुआ तो आप लोगों को याद रखना है 1974 में पांचवी पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत जो एक
- 1:12:04जनजाति उपयोजना प्रारंभ हुई थी उससे जो है इनका विकास प्रारंभ हुआ चलिए नेक्स्ट
- 1:12:11स्लाइड पर चलते हैं इस क्षेत्र में जनजातीय समन्वित विकास उपयोजना का सबसे
- 1:12:17महत्त्वपूर्ण योगदान क्या हुआ हम लोग देख लेते हैं क्या हुआ इस उपयोजना का योगदान
- 1:12:21कि यहां पर विद्यालय खुल गए यहां पर जन स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हो गई पे जल की
- 1:12:26व्यवस्था हो गई सड़कों का जाल बिच गया संचार और विद्युत के रूप में अव संरचना का
- 1:12:32विकास हुआ तो मैंने बताया कि 1947 से 1900 70 तक तो कोई बिल्कुल देख ही नहीं
- 1:12:40रहा था इस क्षेत्र को 1974 में जनजाति उपयोजना प्रारंभ हुई थी और इस उपयोजना के
- 1:12:45प्रारंभ होने का फायदा यह हुआ कि स्कूल खुल गए हॉस्पिटल्स खुल गए सड़कें बिच गई
- 1:12:50विद्युत की सुविधाएं वहां पर पहुंच गई तो ये जो क्षेत्र थे इन सब क्षेत्र का इन सब
- 1:12:56क्षेत्रों में जो है भरमौर क्षेत्र का विकास हुआ परंतु होली और खणी क्षेत्रों
- 1:13:01में रावी नदी के साथ बसे गांव अव संरचना विकास से सबसे अधिक लावान भित हुए तुध और
- 1:13:09कुगती क्षेत्र के दूर दराज के गांव अभी भी इस विकास की परिधि से बाहर है तो देखिए अब
- 1:13:15जब चि चंबा जला की बात करेंगे तो यहां पर भरमौर क्षेत्र है भरमौर क्षेत्र का विकास
- 1:13:20हुआ लेकिन यहां पर आप लोग दो क्षेत्रों की बात हुई है तुं और कुगती कौन से तुं और
- 1:13:25कुगती ये नॉर्थ के जो क्षेत्र थे इन क्षेत्रों का विकास नहीं हो पाया आप लोगों
- 1:13:30को मैंने मैप बताया था अभी देख लीजिए हिमाचल प्रदेश
- 1:13:34का ठीक है ये देख लीजिए यहां पर कुगती क्षेत्र है यहां पर ये कुगती क्षेत्र है
- 1:13:39इस क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया यहां पर यह तुं क्षेत्र है इस क्षेत्र का विकास
- 1:13:43नहीं हो पाया किन क्षेत्रों का विकास हुआ होली और खानी क्षेत्र और खासकर हम लोगों
- 1:13:48ने यहां पर ध्यान दिया भरमौर क्षेत्र इन क्षेत्रों का विकास हुआ लेकिन ंदा और कुगी
- 1:13:53जो क्षेत्र थे इन क्षेत्रों का विकास नहीं हो पाया तो ये भी क्वेश्चन पूछा जा सकता
- 1:13:57है कि भाई इस क्षेत्र में होली और खनी क्षेत्रों में रावी नदी के साथ बसे गांव
- 1:14:02अवसंरचना विकास से सबसे अधिक लाभान्वित हुए कौन से होली और खण क्षेत्र अी मैंने
- 1:14:07मैप में बताया ना आप लोगों को ये देखिए ये होली क्षेत्र और ये खनी क्षेत्र किस नदी
- 1:14:13के कारण ये देखिए यहां से रावी नदी निकल रही है ये देख लीजिए ये रावी नदी निकल रही
- 1:14:18है इस रावी नदी के कारण इन दोनों क्षेत्रों को तो लाभ हुआ लेकिन कुगती और
- 1:14:23जो तुं क्षेत्र थे ये क्षेत्र विकसित नहीं हो पाए या यहां पर जो जनजातियां मिल रही
- 1:14:29थी उनको लाभ नहीं पहुंच पाया जनजातीय समन्वित विकास उपयोजना लागू होने से हुए
- 1:14:36सामाजिक लाभों में साक्षरता दर में भी तेजी से वृद्धि हुई फ लिटरेसी रेट बढ़ गया
- 1:14:41मतलब अब लोग पढ़ने लिखने लगे लिंग अनुपात बढ़ गया सेक्स रेशो जो था उसमें बढ़ोतरी
- 1:14:46देखने को मिली और बाल विवाह रुक गए जो चाइल्ड मैरिजस हुआ करती थी ना उनमें भी
- 1:14:52सुधार हुआ अब वोह नहीं होती थी तो साक्षरता दर बढ़ी बाल विवाह रुकने लगे
- 1:14:58लिंग अनुपात में सुधार हुआ इसको हम लोग बोलते हैं सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर एक होता
- 1:15:02है फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में क्याक जाता है भाई
- 1:15:05रोड सड़कें ये सब आ जाए लेकिन सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर की जब बात आती है तो
- 1:15:10उनमें ये सब चीजें आ जाती हैं कि शिक्षा साक्षरता बाल विवाह लिंगानुपात जब इनमें
- 1:15:15सुधार होता है तो जनजातीय लेवल पर अगर हम लोग देखें भरमौर क्षेत्र में तो सोशल
- 1:15:20इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जो भौतिक अव संरचना यानी फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर है
- 1:15:24उनका तो विकास हुआ ही स्कूल भी खुल गए हॉस्पिटल्स भी खुल गए सब कुछ खुल गया और
- 1:15:28साथ में साक्षरता में भी वृद्धि हुई और अन्य जो चीजें थी उनमें भी सुधार देखने को
- 1:15:33मिला अब देख लीजिए सबूत दे देते हैं कि भाई कैसे साक्षरता दर में वृद्धि हुई तो
- 1:15:37इस क्षेत्र में जो स्त्री साक्षरता दर 1971 में थी वो कितनी थी 1.88 प्र मतलब
- 1:15:43100 में से मुश्किल से दो महिलाएं जो थी वो साक्षर थी और अब 2011 में ये बढ़कर
- 1:15:49कितनी हो गई 65 प्र मतलब अब 100 में से 65 प्र जो महिलाएं हैं वो पढ़ने लिखने लगी
- 1:15:57स्त्री और पुरुष साक्षरता दर में अंतर अर्थात साक्षरता में लिंग असमानता भी कम
- 1:16:02हुई पहले स्त्री और पुरुषों के मध्य जो संख्या में अंतर था वह बहुत ज्यादा हुआ
- 1:16:06करता था अब यह जो अंतर है वह कम होने लगा तो इसे बोलते हैं हम लोग कि लिंग अनुपात
- 1:16:12में सुधार हुआ गदि की पारंपरिक अर्थव्यवस्था जीवन निर्वाह कृषि पशु व पशु
- 1:16:19चारण पर कृषि व पशु चारण पर आधारित थी जिसमें खाद्यान्नों और पशुओं के उत्पादन
- 1:16:24पर बल दि दिया जाता था परंतु 20वीं शताब्दी के अंतिम 30 तीन दशकों के दौरान
- 1:16:30भरमौर क्षेत्र में दालों और अन्य नगदी फसलों की खेती में भी वृद्धि हुई पहले
- 1:16:35क्या होता था पहले सिर्फ खेती होती थी पशुपालन होता था पारंपरिक रूप से
- 1:16:39ट्रेडिशनल रूप से भरमर जनजाति सिर्फ यही करती थी लेकिन अब हम लोगों ने फसलों में
- 1:16:44भी वैरायटी जो है वो देखी कि भरमौर क्षेत्र के लोग अब दालों की खेती करने लगे
- 1:16:51अब नकदी फसलों की खेती पर बल दिया जाने लगा ठीक है और खेती में बढ़ोतरी हुई परंतु
- 1:16:58यहां खेती अभी भी पारंपरिक तकनी तकनीकों से ही की जाती है तो भाई खेती में
- 1:17:03परिवर्तन हुआ विविधीकरण आया नगदी फसलें पैदा होने लगी दालों की खेती होने लगी वो
- 1:17:07सब तो ठीक है एक दिक्कत यह है कि अभी भी पारंपरिक तरीकों से ही खेतीबाड़ी होती है
- 1:17:13अब पारंपरिक तरीकों से क्यों होती है क्योंकि पहाड़ी इलाका है भाई ट्रैक्टर
- 1:17:17हार्वेस्टर ये सब तो पहुंच नहीं पाएंगे हां लेकिन पहुंच सकते हैं अगर आधारभूत
- 1:17:21सुविधाएं बहुत अच्छी हो जाएं तो तो एक दिक्कत अभी ये है कि अभी भी पारंपरिक
- 1:17:26तकनीकों से ही खेती की जाती है तो उम्मीद करता हूं आप लोगों को यह स्लाइड बहुत
- 1:17:33अच्छे से क्लियर हो गई होगी इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में पशु चारण के घटते महत्व
- 1:17:38को इस बात से आंका जा सकता है कि आज कुल पारिवारिक इकाइयों का 10वां भाग ही ऋतु
- 1:17:44प्रवास करता है तो पहले हम लोगों ने देखा कि भरमौर जनजाति के जो लोग थे खासकर गद्दी
- 1:17:48जनजाति ये ऋतु प्रवास करती थी गर्मी में कहां चले गए पहाड़ी क्षेत्रों में चले गए
- 1:17:52ठंड में कहां मैदानी क्षेत्रों में आ गए क्योंकि जानवरों को भी चारे की जरूरत होती
- 1:17:56है ठंड में पहाड़ी क्षेत्रों पर तो चारा मिलेगा नहीं इसलिए कहां आ जाते थे मैदानी
- 1:18:00क्षेत्रों में आ जाते थे भाई मैदानी क्षेत्रों में कई बार गर्मी लगती थी
- 1:18:03जानवरों को तो फिर उनको पहाड़ी क्षेत्रों में ले जाना पड़ता था ग्रीष्म ऋतु में तो
- 1:18:08अब क्या है कि लोग जो हैं वो पशु चालन या फिर जिसको हम लोग बोलते हैं पशु चालन
- 1:18:14ग्रेजिंग जो है वो कम करने लगे इसका सबूत यह है कि अब हर पारिवारिक जो इकाई है एक
- 1:18:18परिवार की अगर हम लोग बात करें तो आज कुल अगर परिवारों की बात करें तो उनमें 10 में
- 1:18:23से सिर्फ एक परि ार ही ना वो ऋतु प्रवास करता है ठीक है तो आज कुल पारिवारिक
- 1:18:29इकाइयों का 10वां भाग ही ऋतु प्रवास करता है 100 में से 10 लोग जो हैं वह सिर्फ
- 1:18:34जाते होंगे मुश्किल से एक जगह से दूसरी जगह तो यह क्षेत्र का विकास हुआ पहले कृषि
- 1:18:41और पशुपालन तक ही जो जनजाति सीमित थी आज वह जनजाति दालों की खेती करने लगी नगदी
- 1:18:47फसलों की खेती करने लगी अन्य व्यवसाय करने लगी अब पशुपालन पर जो निर्भरता है इस
- 1:18:53जनजाति की कम होग गई पर परंतु गद्दी जनजाति आज भी बहुत
- 1:18:58गतिशील है क्योंकि इनकी एक बड़ी संख्या शरद ऋतु में कृषि और मजदूरी करके आजीविका
- 1:19:05कमाने के लिए कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में प्रवास करती है भाई पशुपालन
- 1:19:09के लिए प्रवास भले ही ना कर रहे हो लेकिन आज भी ये जनजाति है डायनेमिक है गतिशील है
- 1:19:14जब मजदूरी की बात आती है कृषि करने की बात आती है तो अभी भी यह जो गद्दी जनजाति के
- 1:19:18लोग हैं वो कांगड़ा और आसपास के जो इलाके हैं वहां पर प्रवास करती है मजदूरी करने
- 1:19:24के के लिए श्रमिकों की आपूर्ति जो है वो गद्दी जनजाति की तरफ से होती है और इस
- 1:19:30जनजाति की अभी एक यह समस्या बनी हुई है हां यह बात सही है कि हां वैकल्पिक रूप से
- 1:19:36रोजगार के साधन अब इनके पास उपलब्ध हैं तो उम्मीद करता हूं आप लोगों को
- 1:19:42वीडियो पसंद आ रही होगी हम लोगों ने भरमौर जनजाति के बारे में केस स्टडी पढ़ी भरमौर
- 1:19:47जनजाति एक अल्प विकसित जनजाति थी 1970 तक ध्यान नहीं था 1975 में जनजातीय अ योजना
- 1:19:54के तहत इसे अधिसूचित किया गया और अधिसूचित होने के बाद किस प्रकार विकास प्रक्रिया
- 1:20:00आगे बढ़ी खेतीबाड़ी कैसे इंप्रूव हुई इंफ्रास्ट्रक्चर आधारभूत संरचनाएं कैसे
- 1:20:04विकसित हुई हम लोगों ने देखा और आज यह एक आइडियल एग्जांपल है आदर्श उदाहरण है पूरे
- 1:20:10देश में कि किस प्रकार प्लानिंग के तहत अगर क्षेत्र को टारगेट किया जाता है तो वह
- 1:20:15क्षेत्र विकास की ऊंचाइयों को छू लेता है ठीक है तो उम्मीद करता हूं आप लोगों को
- 1:20:21भरमौर जनजाति के बारे में ये जो हम लोगों ने किस स्टडी पढी बहुत अच्छे से क्लियर हो
- 1:20:27गई होगी अब हमें जो टॉपिक पढ़ना है टॉपिक का नाम है सतत पोषणीय विकास यानी
- 1:20:34सस्टेनेबल डेवलपमेंट बहुत महत्त्वपूर्ण बहुत
- 1:20:40आईएमपीपी विकास या सस्टेनेबल डेवलपमेंट क्या होता है उम्मीद करता हूं आप लोगों को
- 1:20:46यह टॉपिक समझ में आएगा और आने वाले जो साल होंगे खासकर 12थ क्लास के ही लिए नहीं
- 1:20:52कॉम्पिटेटिव एग्जाम के लिए भी सतत पोषणीय विकास यानी सस्टेनेबल डेवलपमेंट बहुत
- 1:20:56महत्त्वपूर्ण है हम बहुत अच्छे से समझते हुए इस टॉपिक को पढ़ेंगे तो चलिए देखते
- 1:21:02हैं क्या लिखा हुआ है इसमें साधारणतया विकास शब्द से अभिप्राय
- 1:21:08समाज विशेष की स्थिति और उसके द्वारा अनुभव किए गए परिवर्तन की प्रक्रिया से
- 1:21:13होता है तो विकास का मतलब अगर देखिए हम लोग तो पढ़ रहे हैं वैसे सतत विकास सतत
- 1:21:18पोषणीय विकास हम लोग पढ़ रहे हैं लेकिन उसके पहले आप लोग को विकास का मतलब क्या
- 1:21:21होता है वो हम लोग देख लेते हैं देखिए विकास अपने आप में एक प्रक्रिया है कि हम
- 1:21:26लोगों ने प्राचीन समय से पुरातन समय से जो जिस तरीके से एक फेज को जिया है जिन
- 1:21:31अनुभवों को हम लोगों ने जिया किया जो है महसूस किया है उसी को हम लोग क्या बोलते
- 1:21:35हैं विकास बोलते हैं तो अपने आप में एक प्रोसेस है विकास मानव इतिहास के लंबे
- 1:21:40अंतराल में समाज और इसके जैव भौतिक पर्यावरण की निरंतर अंतः क्रियाएं समाज की
- 1:21:46स्थिति का निर्धारण करती हैं तो अगर हम प्राचीन समय से बात करें तो मानव इतिहास
- 1:21:51के लंबे अंतराल में बहुत लंबा अंतराल है हम लोग जिस प्रकार जीवन जीते हैं तो उसमें
- 1:21:55हमारा पर्यावरण के साथ एक परिस्थिति के साथ किस प्रकार का संबंध होता है उस
- 1:22:00निरंतरता को ही हम लोग क्या बोलते हैं विकास बोलते हैं मानव और पर्यावरण
- 1:22:05अंतःक्रिया की प्रक्रियाएं इस बात पर निर्भर करती हैं कि समाज ने किस प्रकार की
- 1:22:10प्रौद्योगिकी विकसित की है और किस प्रकार की संस्थाओं का जो है पोषण किया है कुल
- 1:22:16मिलाकर अगर हम लोग देखें तो विकास किस पर निर्भर जो है निर्भर करता है कि संस्थाएं
- 1:22:21किस प्रकार हैं संस्थाओं के हिसाब से हम लोग जो है हैं कैसे जी पा रहे हैं तो
- 1:22:26अलग-अलग समय की संस्थाओं के हिसाब से तकनीकों के हिसाब से ही विकास का निर्धारण
- 1:22:32होता है एक चीज मैं आप लोगों को बता दूं कि विकास शब्द से अ जो भी मतलब हो हम
- 1:22:38लोगों को इस चैप्टर के लिए ये इंपॉर्टेंट नहीं है हम लोगों को जो चीज पढ़नी है वो
- 1:22:42पढ़नी है सतत पोषणीय विकास के बारे में और सतत पोषणीय विकास का मतलब क्या होता है यह
- 1:22:47मैं आप लोगों को बता दे रहा हूं बहुत ध्यान से सुनिए सतत पोषणीय विकास यानी
- 1:22:52सस्टेनेबल डेवलपमेंट सस्टेनेबल डेवलपमेंट का होता है मतलब होता है कि आज हम जो
- 1:22:58हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं जो भी चाहे हम पानी से कर रहे हैं मिट्टी से
- 1:23:02कर रहे हैं हवा से कर रहे हैं जो भी है अगर हम जिस प्रकार की लाइफ जी रहे हैं
- 1:23:07वैसी ही लाइफ हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ियां भी जिए तो उन लोगों के लिए
- 1:23:13हम जो काम करते हैं उन लोगों के लिए हम जो छोड़कर जाते हैं इसी को हम लोग बोलते हैं
- 1:23:17सतत पोषणीय विकास एक और दूसरी भाषा में हम लोग समझ लेते हैं देखिए सतत पोषणीय विकास
- 1:23:22का मतलब होता है कि जो संसाधन हमारे पास उपलब्ध है उन संसाधनों का हम इस प्रकार
- 1:23:28यूज करें जो रिसोर्सेस हम लोगों के पास उपलब्ध है उन रिसोर्सेस का हम इस प्रकार
- 1:23:33इतने अच्छे तरीके से यूज करें कि आने वाली जो पीढ़ी है भविष्य की जो जनसंख्या है
- 1:23:39उनको कोई दिक्कत महसूस ना हो और वह जनसंख्या भी वह पीढ़ियां भी अपनी आवश्यकता
- 1:23:46की पूर्ति बहुत अच्छे से कर सके अगर हम आज के समय में स्वार्थी हो
- 1:23:52जाएंगे मान लीजिए हम पानी है पानी का बहुत ज्यादा दुरुपयोग करेंगे पानी को बहुत
- 1:23:57ज्यादा प्रदूषित करेंगे हवा है इतना ज्यादा प्रदूषण फैलाए कि हवा में जो है
- 1:24:02सांस लेना जो है आने वाली जनरेशन जो है पीढ़ियों के लिए बहुत मुश्किल हो जाएगा तो
- 1:24:07यह जो है पृथ्वी रहने लायक नहीं रहेगी तो हमें कुल मिलाकर स्वार्थी नहीं होना है
- 1:24:12सेल्फिश नहीं होना है हमें आने वाली जनरेशन का भी ध्यान रखना है और अगर मैं इस
- 1:24:18बुक के हिसाब से जो है बात करूं कि यहां पर सस्टेनेबल डेवलपमेंट यानी सतत विकास के
- 1:24:23बारे में क्या कहा गया है तो यह परिभाषा दी गई है कि हम अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति
- 1:24:28इस प्रकार करें कि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सके बिना
- 1:24:35कॉम्प्रोमाइज किए हुए इसी को हम लोग बोलते हैं सस्टेनेबल
- 1:24:40डेवलपमेंट प्रौद्योगिकी और संस्थाओं ने मानव पर्यावरण अंतःक्रिया को गति प्रदान
- 1:24:45की है तो इससे पैदा हुए संवेग ने प्रौद्योगिकी का स्तर ऊंचा उठाया है और
- 1:24:49अनेक संस्थाओं का निर्माण और रूपांतरण किया है अतः विकास एक बहुआयामी संकल्पना
- 1:24:55है और अर्थव्यवस्था समाज और पर्यावरण में सकारात्मक व उत्क्रमण क्रमणीक का तक है तो
- 1:25:02अगर हम लोग देखें प्रौद्योगिकी और संस्थाओं ने तो अलग-अलग टेक्नोलॉजी ने
- 1:25:06अलग-अलग इंस्टीट्यूशंस ने जो है इंसानों का विकास किया है और धीरे-धीरे ये जो
- 1:25:12विकास प्रक्रिया आगे बढ़ी है ये जो विकास प्रक्रिया है ये सकारात्मक व अनुत्क्रमणीय
- 1:25:17है इससे सकारात्मक प्रभाव तो पड़े हमारी लाइफ जो है इंप्रूव हुई है साथ में
- 1:25:21अनुत्क्रमणीय है मतलब आज के समय में हम चाहे कि पुराने फेज में हम लोग वापस चले
- 1:25:26जाएं ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि पुराने फेज में वापस जाना मतलब विकास अपने आप में एक
- 1:25:31पॉजिटिव चीज होती है एक सकारात्मक शब्द होता है और यह एक गतिक प्रक्रिया होती है
- 1:25:37विकास की संकल्पना गतिक है और इस संकल्पना का प्रदु प्रादुर्भाव 20वीं शताब्दी के
- 1:25:44उत्तरार्ध में हुआ द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत विकास की संकल्पना आर्थिक वृद्धि
- 1:25:49का पर्याय थी जिससे सकल राष्ट्रीय उत्पाद प्रति व्यक्ति आय और प्रति व्यक्ति उपभोग
- 1:25:53में समय के साथ बढ़ोतरी के रूप में मापा जाता था भाई पहले के समय में अगर हम पिछली
- 1:25:59शताब्दी की बात करें 20वीं शताब्दी के अंत मतलब 1999 91 93 की बात करें तो पहले के
- 1:26:04समय में क्या माना जाता था आज से 30 40 50 साल पहले पता है पहले के समय में माना
- 1:26:09जाता था कि किसी व्यक्ति के पास जितना ज्यादा पैसा है किसी देश की जीडीपी कितनी
- 1:26:14ज्यादा है उसके पास टेक्नोलॉजी कितनी है उस देश की पर कैपिटा इनकम यानी प्रति
- 1:26:19व्यक्ति आय कितनी है अगर इन सब पैमानों पर कोई देश बहुत अच्छा परफॉर्म करता था तो हम
- 1:26:24बोलते थे कि भाई उस देश का आर्थिक विकास हो रहा है इकोनॉमिकल डेवलपमेंट हो रहा है
- 1:26:31तो पहले के समय में पैसे से ही विकास को मापा जाता था लेकिन अब धीरे-धीरे
- 1:26:36अवधारणाएं चेंज हो रही हैं अब आर्थिक विकास का मतलब विकास नहीं होता हां पैसा
- 1:26:43एक पैमाना है लेकिन एक मात्र पैरामीटर या पैमाना नहीं है विकास का तो 20वीं शताब्दी
- 1:26:49में तो भाई ऐसा माना जाता था कि पर कैपिटा इनकम जीडीपी जिस देश की जितनी ज्यादा होगी
- 1:26:55वह देश उतना ज्यादा विकसित होगा आर्थिक अधिक आर्थिक वृद्धि वाले
- 1:27:02देशों में भी असमान वितरण के कारण गरीबी का स्तर बहुत तेजी से बढ़ा अतः 1970 के
- 1:27:07दशक में पुनर्वि तरण के साथ वृद्धि तथा वृद्धि और समानता जैसे वाक्यांश विकास की
- 1:27:13परिभाषा में शामिल किए गए तो भाई विकसित देशों की अगर बात की जाए जहां पर ग्रोथ
- 1:27:17रेट बहुत ज्यादा है जीडीपी बहुत ज्यादा है उन देशों में भी जो अमीर और गरीब है ना
- 1:27:23उनके बीच जो है वो बहुत गहरी होती गई अमीर और गरीब के बीच का जो डिस्टेंस है बहुत
- 1:27:28बढ़ गया तो अब 1970 के दशक में क्या बात उठने लगी 1970 के दशक में ये बात उठने लगी
- 1:27:34कि पुनर्वि तरण के साथ वृद्धि मतलब री डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ वेल्थ करो पैसे का
- 1:27:39वितरण सभी लोगों में समान रूप से होना चाहिए कोई व्यक्ति बहुत अमीर है कोई
- 1:27:44व्यक्ति बहुत गरीब है तो यह देश के लिए अहित कारी है अब बात उठने लगी वृद्धि और
- 1:27:49समानता की मतलब इकोनॉमिकल ग्रोथ तो होनी चाहिए वृद्धि होनी चाहिए लेकिन साथ ही साथ
- 1:27:55इक्वलिटी भी होनी चाहिए समानता भी होनी चाहिए पुनर्वि तरण और समानता के प्रश्नों
- 1:28:01से निपट हुए यह अनुभव किया गया कि विकास की संकल्पना को मात्र आर्थिक प्रक्षेत्र
- 1:28:07तक ही सीमित नहीं रखा जा सकता अब क्या बात उठने लगी कि भाई रेडिस्ट्रिक्टिंग
- 1:28:22कि किस किसी देश के पास कितना पैसा है कोई व्यक्ति कितना अमीर है उसको हम डेवलप्ड
- 1:28:27बोल देंगे नहीं इसमें लोगों के कल्याण और रहने के स्तर जन स्वास्थ्य शिक्षा समान
- 1:28:32अवसर राजनीतिक और नागरिक नागरिक अधिकारों से संबंधित मुद्दे भी शामिल किए गए मतलब
- 1:28:38अब क्या प्रश्न उठने लगा अब क्या बातें होने लगी कि भाई लोगों का जीवन स्तर कैसा
- 1:28:43है भाई लोग अच्छी लाइफ व्यतीत कर रहे हैं कि नहीं हो सकता है देश के पास तो पैसा है
- 1:28:48लेकिन वहां के लोगों की कंडीशन अच्छी नहीं है वहां पर लोगों की स्वास्थ्य सुविधाएं
- 1:28:52मान लीजिए अच्छी नहीं है वहां पर लोगों को शिक्षा नहीं दी जा रही है मान लीजिए लोगों
- 1:28:56के लिए समान अवसर नहीं है राजनीतिक और नागरिक अधिकारों को का प्रयोग नहीं होने
- 1:29:01दिया जा रहा लोग बोल नहीं पा रहे अपनी आवाज उठा नहीं पा रहे तो इसको हम विकास
- 1:29:05बोलेंगे क्या नहीं उसको हम विकास नहीं बोलेंगे तो पैसे होने के साथ-साथ अब ये सब
- 1:29:11चीजें भी होनी चाहिए अब इसकी बात भी उठने लगी अब आर्थिक विकास के अतिरिक्त इन
- 1:29:17क्षेत्रों में भी जो देश आगे जो है आगे बढ़ेगा तब हम बोलेंगे कि भाई उस देश का
- 1:29:23विकास हो रहा है तो अभी तक हम लोगों ने जितनी स्लाइड्स देखी है ना उसमें विकास की
- 1:29:27ही बात हो रही है और मैंने यह बताया कि विकास की संकल्पना धीरे-धीरे कैसे चेंज
- 1:29:31होती रही है विकास हम लोगों ने सोचा समझा कि एक गतिशील प्रक्रिया है डायनेमिक
- 1:29:35प्रोसेस है कोई एक स्थिति विशेष का नाम नहीं है कि हां भाई आज मैं विकास की
- 1:29:40स्थिति में हूं नहीं धीरे-धीरे ग्रेजुएट हुआ है उस डेवलपमेंट का नाम
- 1:29:45विकास है फिर हम लोगों ने देखा कि पहले के समय में 1990 के दशक में सिर्फ पैसे को ही
- 1:29:50विकास से तोल दिया जाता था कि कोई व्यक्ति है उसके पास पैसा है तो हम लोग बोलेंगे कि
- 1:29:54भाई विकसित देश है विकसित व्यक्ति है लेकिन अब संकल्पना एं चेंज होने लगी अब
- 1:29:59पैसे के साथ स्वास्थ्य साक्षरता नागरिक अधिकार इन सब चीजों की भी बातें होने लगी
- 1:30:05तो विकास के बारे में हम लोगों ने यहां तक जो है बातें डिस्कस कर ली
- 1:30:10है 1980 के दशक तक विकास एक बहुआयामी संकल्पना के रूप में उभरा जिसमें समाज के
- 1:30:17सभी लोगों के लिए वृहद स्तर पर सामाजिक और भौतिक कल्याण का समावेश
- 1:30:22है तो जैसे जैसे हम 19080 के दशक में आए ना अब बातें थोड़ी सी चेंज होने लगी अब
- 1:30:29मल्टी डायमेंशन बहुआयामी तरीके से सोचे जाने लगा कि सिर्फ पैसा ही नहीं बहुत सारी
- 1:30:34चीजें विकास के जो है मापदंड निर्धारित करती हैं 1960 के दशक के अंत में पश्चिमी
- 1:30:40दुनिया में पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर बढ़ती जागरूकता की सामान्य वृद्धि के कारण
- 1:30:45सतत पोषणीय धारणा का विकास हुआ ये लाइन बहुत महत्त्वपूर्ण है तो सबसे पहले
- 1:30:50वेस्टर्न वर्ल्ड जो पश्चिमी दुनिया थी ना इसने इसमें चिंतन शुरू हुआ पर्यावरण को
- 1:30:55लेकर 1960 के दशक में कि भाई पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर भी ध्यान देने की
- 1:31:00आवश्यकता है इसी समय 1970 80 के दशक में ही ओजोन छिद्र या ओजोन में जो छेद होता है
- 1:31:07ओजोन लेयर में उसकी बात सामने आई प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ने लगा क्योंकि वेस्टर्न
- 1:31:11वर्ल्ड पश्चिमी दुनिया ने विकास अ इतना ज्यादा तेजी से किया इंडस्ट्रीज इतनी
- 1:31:17ज्यादा लगा ली इंफ्रास्ट्रक्चर इतना ज्यादा क्रिएट कर लिया कि पर्यावरण जो है
- 1:31:22उसमें असंतुलन पैदा हो गया गया प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ गया एनवायरमेंटल डैमेज
- 1:31:27बहुत ज्यादा देखने को मिला तो वेस्टर्न वर्ल्ड में 1960 के दशक में अवेयरनेस जो
- 1:31:32है धीरे-धीरे धीरे-धीरे फैलने लगी इससे पर्यावरण पर औद्योगिक विकास के अनपेक्षित
- 1:31:38प्रभावों के विषय में लोगों की चिंता प्रकट होती थी लोग क्या थे अब डिस्कशन
- 1:31:43करने लगे कि भाई औद्योगिक विकास बहुत हो गया अब चिंता करने लगे लोग पर्यावरण की
- 1:31:48भाई हम कितना ही विकास कर ले और पर्यावरण प्रदूषित है हम सांस ही नहीं ले पा रहे
- 1:31:51हैं तो क्या मतलब ऐसे विकास 1968 में प्रकाशित एहरलिच की पुस्तक दी
- 1:31:57पॉपुलेशन बम और 1972 में मीडोज और अन्य द्वारा लिखी गई पुस्तक द लिमिट टू ग्रोथ
- 1:32:03के प्रकाशन ने इस विषय पर लोगों का और ज्यादा ध्यान खींचा तो ये दो पुस्तकें
- 1:32:08बहुत महत्त्वपूर्ण है एक व्यक्ति हैं जिनका नाम है एहरलिच इन्होंने एक पुस्तक
- 1:32:12लिखी थी जिसका नाम था दी पॉपुलेशन बॉम कुल मिलाकर अगर पॉपुलेशन बहुत ज्यादा बढ़ जाती
- 1:32:17है तो यह अपने आप में एक चलता फिरता बम होता है इसलिए हम लोग जनसंख्या विस्फोट
- 1:32:21जैसी शब्दावली हों का यूज करते हैं तो एहरलिच ने इस पुस्तक में बताया बताया कि
- 1:32:26किस प्रकार बढ़ती जनसंख्या पर्यावरण के लिए हानिकारक है इसी तरीके से दूसरी जो
- 1:32:31पुस्तक थी जिसका नाम था द लिमिट टू ग्रोथ इस पुस्तक में भी एनवायरमेंटल डैमेज की
- 1:32:37बात हुई कि अगर हम बहुत ज्यादा ग्रोथ करते हैं आर्थिक वृद्धि पर बहुत ज्यादा ध्यान
- 1:32:41देते हैं तो पर्यावरण और यदि पर्यावरण को इग्नोर करते हैं तो इसके क्या-क्या
- 1:32:47दुष्परिणाम हम लोगों को देखने को मिल सकते हैं तो इन सब बातों पर ध्यान दिया गया
- 1:32:53धीरे-धीरे ठीक है तो उम्मीद करता हूं आप लोगों को यह बात समझ में आ रही होगी कि
- 1:32:58कैसे विकास शब्द के अब पैमाने चेंज हो रहे हैं अब कैसे-कैसे धीरे-धीरे जो है लोगों
- 1:33:03के मध्य जागरूकता आ रही है यह जो स्लाइड अब हम पढ़ने वाले हैं इस स्लाइड में सतत
- 1:33:10पोषणीय विकास की बात होगी अब विकास की बात नहीं होगी और ब बहुत महत्त्वपूर्ण यह
- 1:33:15स्लाइड है ध्यान से पढ़िए इस घटनाक्रम के परिपेक्ष में विकास के एक नए मॉडल जिसे
- 1:33:22सतत पोषणीय विकास कहते हैं की शुरुआत हुई अब देखिए विकास में तो यह सब समस्याएं थी
- 1:33:27जागरूकता अब धीरे-धीरे लोगों के मन में आई और अब जो बात हो रही है अब सिर्फ विकास की
- 1:33:34डेवलपमेंट की नहीं हो रही है अब सस्टेनेबल डेवलपमेंट की बात हो रही है सतत पोषणीय
- 1:33:38विकास की बात हो रही है पर्यावरणीय मुद्दों पर विश्व समुदाय की बढ़ती चिंता
- 1:33:43को ध्यान में रखकर संयुक्त राष्ट्र संघ यानी यूएनओ ने विश्व पर्यावरण और विकास
- 1:33:48आयोग मतलब वर्ल्ड कमीशन ऑन एनवायरमेंट एंड डेवलपमेंट की स्थापना की जिसकी मुख नॉर्वे
- 1:33:54की प्रधानमंत्री गरो हरदम ब्रंटल थी ठीक है तो यूएनओ ने वर्ल्ड कमीशन ऑन
- 1:34:00एनवायरमेंट एंड डेवलपमेंट इसकी स्थापना की और इसकी जो अध्यक्ष थी वो कौन बनी नॉर्वे
- 1:34:05की प्रधानमंत्री अ ब्रंटल जो है बनी और इन्होंने
- 1:34:091987 में एक ब्रंटल रिपोर्ट जो थी वो पब्लिश की इस रिपोर्ट का टाइटल क्या था इस
- 1:34:16रिपोर्ट का टाइटल था आवर कॉमन फ्यूचर अवर कॉमन फ्यूचर नाम से इस रिपोर्ट का टाइटल
- 1:34:21था और इस रिपोर्ट में पहली पली बार सस्टेनेबल डेवलपमेंट यानी सतत पोषणीय
- 1:34:27विकास शब्द का यूज जो है वो किया गया तो मैंने आप लोगों को क्या बताया इस स्लाइड
- 1:34:32में इस स्लाइड में हम लोगों ने देखा कि कैसे-कैसे विकास को अब रिप्लेस किया गया
- 1:34:36सतत पोषणीय विकास से अब विकास की जगह किसकी बात होने लगी सतत पोषणीय विकास
- 1:34:41डेवलपमेंट की जगह सस्टेनेबल डेवलपमेंट की बात होने लगी हुआ क्या कि पर्यावरणीय
- 1:34:46मुद्दों पर बहुत ज्यादा चिंता बढ़ रही थी तो यूएनओ ने एक संस्था बनाई जिसका नाम था
- 1:34:50वर्ल्ड कमीशन ऑन एनवायरमेंट एंड डेवलपमेंट हिंदी में इसका नाम नाम था विश्व पर्यावरण
- 1:34:54और विकास आयोग इसकी प्रधानमंत्री नॉ इसकी जो अध्यक्ष थी वह नॉर्वे की प्रधानमंत्री
- 1:34:59थी सरनेम बस आप लोगों को याद रहता है तो बहुत अच्छी बात है ब्रंडटलैंड आप लोगों को
- 1:35:03सने में याद रखना है इस आयोग ने अपनी एक रिपोर्ट जो थी प्रस्तुत की जिसका नाम क्या
- 1:35:07था अवर कॉमन फ्यूचर जिसे ब्रंटल रिपोर्ट भी बोलते हैं कब आई 1987 में रिपोर्ट आई
- 1:35:14वेरी आईएमपीपी है स्टार मार्क कर लीजिएगा कि
- 1:35:18ब्रंटल रिपोर्ट कब आई 1987 में आई और इस रिपोर्ट ने सतत पोषणीय विकास की सीधी सरल
- 1:35:25और वृहद स्तर पर प्रयुक्त परिभाषा दी अब सतत पोषणीय जो विकास है उसकी परिभाषा क्या
- 1:35:32होती है वह तो मैं आप लोगों को पहले ही बता चुका हूं लेकिन इस रिपोर्ट ने पहली
- 1:35:36बार एक डिफाइन जो थी डेफिनेशन जो थी व प्रस्तुत की सतत पोषणीय विकास की तो हम
- 1:35:43लोग देख लेते हैं कि सतत पोषणीय विकास की क्या परिभाषा जो थी इस रिपोर्ट ने
- 1:35:48दी इस रिपोर्ट के अनुसार सतत पोषणीय विकास का अर्थ है एक ऐसा विकास ध्यान से पढ़िए
- 1:35:54एक ऐसा विकास जिसमें भविष्य में आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकता पूर्ति को प्रभावित
- 1:36:00किए बिना मतलब फ्यूचर में जो भी पीढ़ियां आएंगी जो भी जनरेशन आएगी उनकी आवश्यकता को
- 1:36:07हम लोगों को प्रभावित नहीं करना है और उस आवश्यकता को प्रभावित किए बिना वर्तमान
- 1:36:13पीढ़ी द्वारा अपनी आवश्यकताओं को पूरा किया जाना मतलब हम जो भी संसाधन यूज करें
- 1:36:19हम पानी यूज करें हम स्वच्छ हवा में जो है सांसें ले रहे हैं हम मिट्टी जो है स्वच्छ
- 1:36:24मिट्टी जो है उसमें अपने खाद्यान उपजा पा रहे हैं कुछ भी हम यूज करें बस इतना ध्यान
- 1:36:29रखें कुल मिलाकर कि आने वाली जो जनरेशन है पीढ़ियां है उनको दिक्कत ना हो अब फॉर
- 1:36:35एग्जांपल अगर मैं पानी की बात करूं जल की बात करूं अगर हम लोग ये देख ले कि यार आज
- 1:36:39की आज देखते हैं आने वाली पीढ़ी जो है अपनी समस्याओं को खुद जो है अपनी समस्याओं
- 1:36:44से खुद निपट लेगी तो ऐसा नहीं चलेगा कुल मिलाकर अगर पानी की बात की जाए तो हम अपनी
- 1:36:49पानी की आवश्यकताएं इस प्रकार पूरी करें कि आने वाली पीढ़ी भी अपनी आवश्यकता पूरी
- 1:36:54कर पाए एक साफ पानी उसको भी उपलब्ध हो पाए तो इसी को तो हम लोग क्या बोलते हैं
- 1:37:01सस्टेनेबल डेवलपमेंट एक बार मैं फिर से परिभाषा पढ़ दे रहा हूं रट लेना है यह
- 1:37:05परिभाषा डेफिनेशन बार-बार एग्जाम में पूछी जाएगी बार-बार एग्जाम में पूछी जाएगी आप
- 1:37:10लोगों से कोई भी व्यक्ति बोल सकता है भाई यह जो चैप्टर है चैप्टर का नाम ही है भारत
- 1:37:14के संदर्भ में नियोजन और सतत पोषणीय विकास आप सतत पोषणीय विकास से क्या समझते हैं
- 1:37:19परिभाषा ही बता दो चलो तो परिभाषा पता होना चाहिए तो तो एक ऐसा विकास जिसमें
- 1:37:24भविष्य में आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकता पूर्ति को प्रभावित किए बिना वर्तमान
- 1:37:30पीढ़ी द्वारा अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करना ठीक है उम्मीद करता हूं आप लोगों को
- 1:37:36सतत पोषणीय विकास के बारे में ये बात बहुत अच्छे से क्लियर हो गई
- 1:37:43होगी तो देख लीजिए हम लोग जो है वो कितने टॉपिक पढ़ चुके हैं एक बार मैं बता देता
- 1:37:48हूं आप लोगों को हम लोगों ने पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के बारे में पढ़ा
- 1:37:51हम लोगों ने सूखा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के बारे में पढ़ा हम लोगों ने भरमौर
- 1:37:56क्षेत्र का केस स्टडी या केस अध्ययन हम लोगों ने किया हम लोगों ने सतत पोषणीय
- 1:38:01विकास का मतलब क्या होता है यह जाना अब इस बुक का जो लास्ट टॉपिक है व हम लोग पढ़ते
- 1:38:07हैं यह भी अपने आप में एक केस स्टडी है केस स्टडी ये किस बात की है ये केस स्टडी
- 1:38:12है इंदिरा गांधी नहर के बारे में इंदिरा नहर या इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र के
- 1:38:19बारे में इस नहर ने किस प्रकार जो राज राजस्थान क्षेत्र था मुख्यतः मैं राजस्थान
- 1:38:25क्षेत्र की बात कह रहा हूं इस क्षेत्र की जनसंख्या को प्रभावित किया इस क्षेत्र की
- 1:38:29स्थलाकृति को प्रभावित किया और क्या-क्या चेंज इस नहर के कारण हमें देखने को मिले
- 1:38:35इन सब बातों का डिस्कशन हम लोगों को इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र के अंतर्गत
- 1:38:41पढ़ना है बहुत महत्त्वपूर्ण यह कांसेप्ट है बहुत महत्त्वपूर्ण नहर इवन भारत की जो
- 1:38:47सबसे बड़ी नहरों में से एक नहर है इंदिरा गांधी नहर अभी तक जो भी टॉपिक हम लोगों ने
- 1:38:54पढ़े हैं अगर वो आप लोगों को क्लियर हो गए हैं सारी बातें जो मैंने समझाई हैं वो आप
- 1:38:59तक पहुंची हैं तो वीडियो को लाइक कर दीजिए अपने दोस्तों के साथ वीडियो को शेयर करना
- 1:39:04है और कोई डाउट होता है तो बिना हिचके कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं तो
- 1:39:10चलिए अब हम इंदिरा गांधी नहर के बारे में बातें डिस्कस कर लेते हैं तो इंदिरा गांधी
- 1:39:16नहर का नाम आप लोगों को याद रखना है पहले इस नहर को क्या कहा जाता था पहले इस नहर
- 1:39:21का नाम था राजस्थान नहर क्या बोलते इसे राजस्थान नहर के नाम से जाना जाता था भारत
- 1:39:27में सबसे ब बड़े नहर तंत्रों में से एक नहर थी यह वाली 1948 में कवर सेन द्वारा
- 1:39:33संकल्पित यह नहर परियोजना 31 मार्च 1958 को आरंभ हुई आप लोगों से पूछा जा सकता है
- 1:39:39कि भाई इंदिरा गांधी नहर की संकल्पना किसने प्रस्तुत की थी तो एक व्यक्ति का
- 1:39:42नाम याद रखना है कवर सेन इन्होंने यह संकल्पना प्रस्तुत की थी इंदिरा गांधी नहर
- 1:39:47के बारे में और यह जो परियोजना थी यह जो प्रोजेक्ट
- 1:39:51था कब शुरू हुआ था 31 मार्च 1958 को इस प्रोजेक्ट की स्थापना हुई थी पहले
- 1:39:59राजस्थान नहर इसका नाम था लेकिन इंदिरा गांधी जी की हत्या के बाद इस नहर को
- 1:40:03इंदिरा गांधी नहर के नाम से जाना जाने लगा यह नहर पंजाब में हरि के बांध से निकलती
- 1:40:09है दरअसल पंजाब में दो नहरें या दो सॉरी नदियां आकर मिलती हैं व्यास और सतलज इन
- 1:40:16दोनों नदियों के संगम पर एक बांध बना हुआ है जिसे हम हरिके बांध या हरिके बैराज
- 1:40:22परियोजना बोलते हैं और यहां से एक नहर निकाली गई है इस नहर को क्या बोलते हैं इस
- 1:40:28नहर को बोला जाता है इंदिरा गांधी नहर यह जो नहर है वह नहर पंजाब हरियाणा होते हुए
- 1:40:35पश्चिमी राजस्थान के क्षेत्रों को कवर करती है तो देखिए यहां पर लिखा गया है कि
- 1:40:41यह नहर पंजाब में हरी के बांध से निकलती है और राजस्थान के थार मरुस्थल पाकिस्तानी
- 1:40:46सीमा के समानांतर 40 किमी की दूरी तय करती है इस नहर तंत्र की कुल नियोजित लंबाई
- 1:40:539060 किमी है इस नहर तंत्र की कुल लंबाई कितनी है 9060 किमी आप बोलेंगे कि सर इतना
- 1:41:00तो भारत की भारत की उत्तर से दक्षिण तक लंबाई नहीं है जितनी आप नहर की लंबाई बता
- 1:41:04रहे हैं भाई एक नहर जब चलती है ना तो मुख्य नहर के अतिरिक्त इसमें अन्य वितरिका
- 1:41:10एं जो है इस नहर की पानी देने के लिए विकसित हो जाती हैं भाई मुख्य नहर ये चल
- 1:41:14रही थी इस डायरेक्शन में तो छोटी-छोटी अन्य नहर भी बना दी जाती हैं खेतों तक
- 1:41:18पानी देने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों तक नहर का पानी पहुंचाने के लिए तो इन सब की
- 1:41:22लंबाई को भी जब हम काउंट कर लेते हैं ना तो टोटल जो लंबाई आती है वह आती है
- 1:41:279060 किलोमीटर और यह 19.6 3 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि या कृषि
- 1:41:35योग्य कमान क्षेत्र में इससे सिंचाई सुविधा प्रदान की जाती है तो आप लोगों से
- 1:41:39यह प्रश्न पूछा जा सकता है कि भाई कितने किलोमीटर क्षेत्र को ये कबर करती है तो
- 1:41:43भाई 9060 किलोमीटर कुल नियोजित लंबाई है कितने लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है
- 1:41:48इससे तो 19.6 3 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है इस नहर के द्वारा कुन कमान
- 1:41:55क्षेत्रों में से 70 प्र क्षेत्र प्रवाह नहर तंत्रों और शेष क्षेत्र लिफ्ट तंत्र
- 1:42:01द्वारा सिंचित किया जाता है तो देखिए यहां पर दो टर्मिनोलॉजी है एक है प्रवाह नहर
- 1:42:06तंत्र और दूसरी है लिफ्ट तंत्र ठीक है प्रवाह नहर और लिफ्ट दरअसल क्या है ये जो
- 1:42:11नहर बहती आती है ना तो ढाल के अनुरूप ये अपना पानी जो है विभिन्न क्षेत्रों में
- 1:42:16पहुंचा देती है लेकिन कई बार कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर पानी जो है वो निचले
- 1:42:22क्षेत्रों में बह रहा है और कोई खेत जो है वो ऊपर है इस इस स्थिति से निपटने के लिए
- 1:42:27क्या किया जाता है कि इस पानी को लिफ्ट किया जाता है उठाया जाता है और ऊंचे
- 1:42:31क्षेत्रों में पहुंचाया जाता है तो इसे बोला जाता है लिफ्ट इरिगेशन क्या बोलते
- 1:42:36हैं इसे लिफ्ट इरिगेशन या लिफ्ट जो है सिंचाई तंत्र कुल मिलाकर अगर मैं आप लोगों
- 1:42:42को समझाऊं तो यह देख लीजिए यह जो नहर है यह पंजाब से निकल रही
- 1:42:48है यह जो है पंजाब से निकल रही है इस डायरेक्शन में निकल रही है देखिए तीर
- 1:42:52मैंने बना दिया है इस डायरेक्शन में नहर निकल रही है सपोज करिए मैं खड़ा हूं इस
- 1:42:56डायरेक्शन में नहर निकल रही है तो नहर का जो दाया हिस्सा होगा वो कौन सा होगा ये
- 1:43:01वाला ये राइट होगा ठीक है दाया हिस्सा क्या होगा ये राइट वाला हिस्सा हो जाएगा
- 1:43:06और नहर का जो लेफ्ट वाला हिस्सा होगा वो कौन सा होगा ये वाला तो जो राइट वाला
- 1:43:11हिस्सा है ना मतलब ये वाला हिस्सा ये तो यहां पर ढाल के अनुरूप जो है सिचाई हो
- 1:43:15जाती है कि पानी जो है नहर का पहुंचा खेतों तक पहुंच गया छोटे-मोटे पंप लगाकर
- 1:43:19लेकिन जो वेस्ट सॉरी जो बाया हिस्सा है है ना जो लेफ्ट वाला हिस्सा है मतलब ये वाला
- 1:43:25हिस्सा ये कंपैरेटिव थोड़ा सा ऊंचा है नहर थोड़े निचले हिस्से में जा रही है और बाया
- 1:43:30हिस्सा है जमीन जो है यहां की थोड़ी ऊंची है इसलिए इस हिस्से में सिंचाई करने के
- 1:43:34लिए यहां से पानी नहर के पानी को उठाया जाता है सो 70 प्र क्षेत्र तो इससे कवर हो
- 1:43:41जाता है ढाल के अनुरूप लेकिन 30 प्र क्षेत्र के लिए जो है जल के लिए हमें पानी
- 1:43:45को उठाना पड़ता है और सिचाई करनी पड़ती है इसी को बोलते हैं लिफ्ट इरिगेशन यानी अ जो
- 1:43:51है लिफ्ट सिंचाई तंत्र ठीक है तो उम्मीद करता हूं आप लोगों को यह बात बहुत अच्छे
- 1:43:56से क्लियर हो गई होगी यह मैप आप लोगों को ध्यान में रखना है अब आप लोगों को यह
- 1:44:02बताया गया है कि इस नहर का जो निर्माण कार्य है वह किस तरीके से पूरा किया गया
- 1:44:06यह बहुत महत्त्वपूर्ण है आप लोगों को ध्यान में रखना है देखिए दो चरण में इस
- 1:44:10नहर का निर्माण काम जो है वह शुरू हुआ पहले चरण की अगर बात की जाए तो चरण एक का
- 1:44:16कमांड क्षेत्र गंगानगर हनुमानगढ़ और बीकानेर जिले के उत्तरी भाग में पड़ता है
- 1:44:22मतलब पहले चरण में पहली स्टेप में इस नहर को कहां-कहां तक पहुंचाया गया गंगानगर
- 1:44:27हनुमानगढ़ और बीकानेर के उत्तरी जिलों तक इस नहर को पहुंचाया गया डिस्ट्रिक्ट का
- 1:44:32नाम याद रखना है गंगानगर हनुमानगढ़ और बीकानेर इस चरण के कमान क्षेत्र का भूतल
- 1:44:38थोड़ा उबड़ खावण है और इसका कृषि योग्य कमान क्षेत्र लगभग कितना है
- 1:44:425.53 लाख हेक्टेयर तो इस नहर यह जो नहर है गंगानगर हनुमानगढ़ और बीकानेर तक पहुंचती
- 1:44:49है तो कितने लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करती है 5 दश 53 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को
- 1:44:55और यहां की जो भूमि है ना थोड़ी उबड़ खाबड़ देखने को मिलती है तो चरण एक में तो
- 1:45:01इन तीन जिलों को कवर किया गया बीकानेर को आधा आप ढाई समझ सकते हैं चरण दो में क्या
- 1:45:05हुआ चरण दो के अंतर्गत बीकानेर का जो बचा हुआ हिस्सा था क्योंकि उत्तरी हिस्सा तो
- 1:45:10चरण एक में कंप्लीट हो गया जो दक्षिणी हिस्सा था उसे चरण दो के अंतर्गत शामिल
- 1:45:14किया गया इसमें बीकानेर जैसलमेर बाड़मेर जोधपुर नागौर और चुरू जिलों में
- 1:45:2114.10 लाख र कृषि योग्य भूमि पर जो थी सिंचाई सुविधाएं विकसित की गई तो पहले चरण
- 1:45:28के अंतर्गत 5.53 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हुई और दूसरे चरण के अंतर्गत
- 1:45:3514.10 लाख हेक्टेयर जो भूमि थी उसे कवर किया गया तो उम्मीद करता हूं आप लोगों को
- 1:45:41यह स्लाइड बहुत अच्छे से क्लियर हो गई होगी इंदिरा गांधी नहर के बारे में हम लोग
- 1:45:45पढ़ रहे हैं देखिए अभी तो ज्योग्राफी समझ रहे हैं कुल मिलाकर हम यह इंदिरा गांधी
- 1:45:49नहर की कि कहां से निकलती है किन नदियों के संगम से निकलती है कि किन जिलों को कवर
- 1:45:53करती है अभी मैंने इस नहर के लाभ नहीं बताए हैं और नहर के क्या लाभ होते हैं तो
- 1:45:59भाई पश्चिमी राजस्थान का यह जो हिस्सा है ना यह तो पूरा मतलब मरुस्थलीय हिस्सा है
- 1:46:03इस नहर के बहुत ज्यादा जो थे लाभ यहां पर हुए खाद्यान पैदा होने लगे वो सब लाभ हम
- 1:46:08लोग अभी डिस्कस करेंगे अभी तक हम लोगों ने ज्योग्राफी समझी है इस नहर की कि नहर कहां
- 1:46:14से किन क्षेत्रों को कितने हेक्टेयर भूमि को कवर करती
- 1:46:19है इसमें स् स्थानांतरित बालू टिब्बी भी सम्मिलित है जहां स्थानांतरित बालू टिब्बी
- 1:46:26पाए जाते हैं और ग्रीष्म ऋतु में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस सेल्सियस तक पहुंच
- 1:46:31जाता है तो ये जो नहर है ना जब निकलती है ना तब पता चलता है कि ये नहर बीच-बीच में
- 1:46:37जो रेत के जो टापू टीले बने हुए हैं उनसे भी पास होती है साथ ही साथ ऐसे क्षेत्रों
- 1:46:42को भी कवर करती है जहां पर तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक टच हो जाता
- 1:46:47है लिफ्ट नहर में ढाल के विपरीत प्रवाह के लिए जल को बार-बार मशीनों से ऊपर उठाया
- 1:46:53जाता है ये मैं अभी पिछली स्लाइड में बता ही चुका हूं कि लिफ्ट इरिगेशन में जनरली
- 1:46:57क्या होता है इंदिरा गांधी नहर तंत्र में सभी लिफ्ट नहरें मुख्य नहर के बाएं किनारे
- 1:47:02से निकलती हैं अभी मैंने डायग्राम बताया था कि ये लेफ्ट वाला जो हिस्सा है ना बाया
- 1:47:06हिस्सा यहां पर लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम से सिंचाई जो है वो की जाती है जबकि मुख्य
- 1:47:12नहर के दाएं किनारे पर सभी नहरें प्रवाह प्रणाल हैं कुल मिलाकर ये जो दाया वाला
- 1:47:18हिस्सा है ये वाला यहां पर तो ढाल के अनुरूप ही पानी पहुंच जाता है ये हिस्सा
- 1:47:23थोड़ा सा लेफ्ट वाला जो हिस्सा है थोड़ा सा ऊंचा
- 1:47:26है चरण एक के कमान क्षेत्र में सिंचाई की जो शुरुआत है वोह कब हुई थी यह 1960 के
- 1:47:32दशक में हुई थी अगर चरण एक की बात की जाए तो चरण एक में कब हुई थी सिंचाई की शुरुआत
- 1:47:371960 के दशक में और चरण दो में जो सिचाई हुई थी वो 1980 के दशक में शुरू हुई थी तो
- 1:47:45उम्मीद करता हूं आप लोगों को यह बात क्लियर हो गई होगी कब-कब इन नहरों को शुरू
- 1:47:50किया कौन-कौन से चरणों में शुरू किया च चरण एक में 1960 के दशक में शुरू हुई और
- 1:47:55चरण दो में 1980 के दशक में इस नहर की शुरुआत
- 1:48:01हुई नहर सिंचाई के प्रसार ने इस शुष्क क्षेत्र की पारिस्थितिकी अर्थव्यवस्था और
- 1:48:07समाज को रूपांतरित कर दिया अब भाई अगर हम लाभों की बात करें तो क्या-क्या लाभ हुए
- 1:48:12इस नहर के ये पूछा जा सकता है आपसे एग्जाम में क्या-क्या लाभ हुए तो इस इस नहर के
- 1:48:17कारण सिंचाई के प्रसार से शुष्क क्षेत्र की पारिस्थितिकी चेंज हो गई यहां की
- 1:48:21अर्थव्यवस्था और समाज जो था वो रूपांतरित हो गया इससे इस क्षेत्र को पर्यावरणीय
- 1:48:27परिस्थितियों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों जो प्रभाव जो है वो झेलने पड़े तो
- 1:48:32यह जो नहर थी ना इस नहर के अपने आप में कुछ सकारात्मक प्रभाव भी हुए कुछ
- 1:48:37नकारात्मक प्रभाव भी हुए एक-एक करके हम लोगों को दोनों सकारात्मक और नकारात्मक
- 1:48:43प्रभावों को ध्यान से समझ लेना है तो अगर सकारात्मक प्रभावों की बात की
- 1:48:50जाए तो लंबी अवधि तक मृदा नमी उपलब्ध होने से और कमान क्षेत्र विकास कार्यक्रम के
- 1:48:55तहत शुरू किए गए वनीकरण और चारागाह विकास कार्यक्रमों से यहां की भूमि हरी भरी हो
- 1:49:00गई ब सीधी सी बात है नहर का पानी आएगा पानी की उपलब्धता बढ़ेगी तो वहां पर
- 1:49:06पेड़-पौधे भी बढ़ेंगे ग्रीनरी या जिसको हम लोग बोलते हैं कि हरियाली वो है जो छा
- 1:49:11जाएगी साथ ही साथ जो पशु है उनके लिए चारे की व्यवस्था हो जाएगी और चारागाह का मतलब
- 1:49:16चारे की व्यवस्था करना ही होता है जो पशु चारा खाते हैं उनके लिए चारा बोना ही
- 1:49:21चारागाह विकास कार्यक्रम के अंतर्गत गत आता है इससे वायु अपर्दन और नहरी तंत्र
- 1:49:25में बालू निक्षेप की प्रक्रियाएं भी धीमी पड़ गई भाई भूमि अगर शुष्क होती है सूखी
- 1:49:30होती है तो ऐसे में क्या होता है कि मृदा अपर्दन ज्यादा होता है अगर वायु चलती है
- 1:49:35हवाएं चलती हैं तो उन मृदा के कणों को उड़ाकर कहीं दूसरी जगह ले जाती हैं इसी को
- 1:49:40हम लोग क्या बोलते हैं इरोजन अपर्दन बोलते हैं लेकिन इस नहर से नमी जो है भूमि में
- 1:49:45छा गई और नमी से मृदा जो है वो भारी हो जाती है और अगर पेड़-पौधे उगते हैं तो वो
- 1:49:50मृदा को बांधे रखते हैं और इससे जो अपर्दन की प्रक्रिया होती है वह धीमी पड़ जाती है
- 1:49:56लेकिन यह तो हम लोगों ने पॉजिटिव देखे कुछ नकारात्मक प्रभाव भी पड़े कौन से
- 1:50:00नकारात्मक प्रभाव कि जैसे अगर बहुत ज्यादा सिंचाई कहीं पर मान लीजिए पानी की
- 1:50:05उपलब्धता ना हो कहीं पर पानी बिल्कुल ना मिल रहा हो और एकदम से मान लीजिए पानी आ
- 1:50:09जाए अब लोगों को आदत थी पहले बहुत क कम पानी वेस्ट करने की लेकिन जब ज्यादा पानी
- 1:50:14आ गया तो ज्यादा पानी वेस्ट करने लगे बहुत ज्यादा सिंचाई होने लगी सघन
- 1:50:20सिंचाई होने लगी और सघन सिंचाई के कारण क्या हो गया कि जगह जगह-जगह पानी भरने लगा
- 1:50:26जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो गई और एक समस्या जो बहुत महत्त्वपूर्ण है मृदा
- 1:50:30लवणता मतलब जो सोइल में जो है नमक की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ने लगी इसको बोलते
- 1:50:36हैं मृदा लवणता जब बहुत ज्यादा हम सिंचाई करते हैं तो केशिकत्व के कारण नमक की जो
- 1:50:41मात्रा है सतह पर बिछ जाती है और इस प्रक्रिया को मृदा लवणता कहा जाता है जो
- 1:50:47कि बहुत ज्यादा नुकसानदायक होता है पारिस्थितिकी तंत्र के लिए पेड़-पौधों के
- 1:50:52लिए तो यह दोहरी समस्याएं जो थी वह पर्यावरण में उत्पन्न हो गई कि मतलब एक तो
- 1:50:57गहन सिंचाई के कारण जल भराव हो गया और साथ ही साथ मृदा लवणता की समस्या भी पैदा हो
- 1:51:03गई तो ये हम लोगों ने कुछ पॉजिटिव और नेगेटिव पॉइंट्स देख लिए हैं चलते हैं
- 1:51:07नेक्स्ट स्लाइड पर नहरी सिंचाई के प्रसार से इस प्रदेश की कृषि व्यवस्था प्रत्यक्ष
- 1:51:14रूप में रूपांतरित हो गई इस क्षेत्र में सफलतापूर्वक फसलें उगाने के लिए मृदा नमी
- 1:51:19सबसे महत्त्वपूर्ण सीमा कारी कारक रहा व पहले बिल्कुल फसलें नहीं होती थी बहुत कम
- 1:51:24फसलें पैदा होती थी पानी की वजह से क्योंकि अब लेकिन जो पानी की मात्रा जो थी
- 1:51:28बढ़ गई अब फसल गहनता में वृद्धि हो गई अब साल में जो है तीन फसलें किसान जो थे वो
- 1:51:35लेने लगे पहले बड़ी मुश्किल से एक फसल ही ली जाती थी परंतु नेहरों द्वारा सिंचित
- 1:51:40क्षेत्र के विस्तार से बोए गए क्षेत्र में विस्तार हुआ और फसलों की सघनता में वृद्धि
- 1:51:44हुई यहां की पारंपरिक फसलों चना बाजरा और ज्वार का स्थान गेहूं कपास मूंगफली और
- 1:51:49चावल ने ले लिया लेकिन एक दिक्कत बहुत बड़ी पैदा ये हो गई कि जब पहले पानी नहीं
- 1:51:54होता था तो लोग मोटे अनाज बहुत ज्यादा पैदा करते थे मोटे अनाज क्योंकि पानी कम
- 1:52:00खपत करते हैं मोटे अनाज में क्या होता है मोटे अनाज में ज्वार ज्वार आ जाता है ठीक
- 1:52:06है जवार भी कई बार इसको बोलते हैं ज्वार आ जाता
- 1:52:10है मक्का आ जाता है ठीक है रागी आ जाता है तो मोटे अनाज वाली फसलें पैदा होती थी
- 1:52:17जैसे कि चना बाजरा ज्वार लेकिन अब पानी जब बहुत ज्यादा वहां पर आ गया नहर का पानी तो
- 1:52:24ऐसी फसलें पैदा होने लगी जिनमें पानी की आवश्यकता ज्यादा होती है जैसे कि गेहूं
- 1:52:29कपास मूंगफली चावल अब सीधी सी बात है फसलें तो दोनों ही महत्त्वपूर्ण है चाहे
- 1:52:34वो मोटे अनाज हो और चाहे वो गेहूं कपास मूंगफली और चावल हो लेकिन दिक्कत यह है कि
- 1:52:41वहां की पूरी पारिस्थितिकी बदल गई अब पहले लोग इन फसलों को पैदा करते थे इन फसलों की
- 1:52:47अच्छी उपज होती थी अब डायरेक्ट इन पर शिफ्ट होना पर्यावरण के लिए हानिकारक रहा
- 1:52:51भूमि के लिए हानिकारक रहा और किसानों की पूरी डिपेंडेंसी पूरी निर्भरता जो थी वो
- 1:52:57इस नहर के ऊपर बढ़ गई जो अच्छी बात नहीं थी यह सघन सिंचाई का परिणाम है निसंदेह
- 1:53:03सघन सिंचाई से आरंभ में कृषि और पशुपालन उत्पादकता में अत्यधिक वृद्धि हुई जल भराव
- 1:53:08और मृदा लवणता की समस्याएं उत्पन्न हुई और इस प्रकार लंबी अवधि के दौरान कृष कृषि की
- 1:53:13सतत पोषणीय पर ही प्रश्न उ चिन्ह उठ गए मतलब कुल मिलाकर यह बोला जा रहा है कि
- 1:53:18शुरुआत में इंदिरा गांधी नहर के कारण फायदा तो हुआ पॉजिटिव यह पॉइंट रहे कि
- 1:53:24वनीकरण बढ़ा फसलों के उत्पादन में वृद्धि हुई पशुपालन बढ़ा क्योंकि चारागाह हम
- 1:53:29लोगों ने बोला कि चारे की फसलें उगाई जाने लगी लेकिन कालांतर में समय के साथ कुछ
- 1:53:34समस्याएं भी पैदा हुई जैसे जल भराव की समस्या मृदा लवणता की समस्या और जो पैटर्न
- 1:53:39बदला था ना वो पैटर्न कुछ हद तक नुकसानदायक भी था जैसा कि मैंने अभी बताया
- 1:53:45तो उम्मीद करता हूं आप लोगों को ये स्लाइड बहुत अच्छे से क्लियर हो गई होगी सारे
- 1:53:49पॉजिटिव और नेगेटिव पॉइंट्स हम हम लोगों ने देख लिए हैं उम्मीद करता हूं आप लोगों
- 1:53:55को वीडियो पसंद आ रही होगी मजा आ रहा है ना अगर वीडियो अच्छी लग रही है तो चलिए
- 1:53:59फटाफट वीडियो को लाइक कर दीजिए अपने दोस्तों के साथ वीडियो को शेयर करना है और
- 1:54:04कोई डाउट होता है तो बिना हिच के कमेंट बॉक्स में कमेंट कर देना है अब बहुत अच्छा
- 1:54:09टॉपिक हम लोगों को पढ़ना है सतत पोषणीय विकास को बढ़ावा देने वाले उपाय अब हम
- 1:54:14लोगों ने ये देख लिया कि भाई हम लोग जबरन संसाधनों का प्रयोग करने लगे जिससे
- 1:54:19समस्याएं जैसे जल भराव या हम लोग मृदा लवणता की समस्याए झेल रहे थे लेकिन अगर
- 1:54:24हमें सतत पोषणीय विकास को बढ़ावा देना था या बढ़ावा देना है तो कुछ महत्त्वपूर्ण
- 1:54:30उपाय अपनाए जाने की आवश्यकता है इसके पहले आप लोगों को सतत पोषणीय विकास का मतलब भी
- 1:54:34पता होना चाहिए सतत पोषणीय विकास मतलब संसाधनों का प्रयोग इस प्रकार करना कोई से
- 1:54:40भी संसाधन हो सकते हैं वो वनीय संसाधन हो वो मृदा संसाधन हो वो जल संसाधन हो कुल
- 1:54:45मिलाकर संसाधनों का प्रयोग इतनी कुशलता से इतनी चतुराई से करना कि भविष्य की
- 1:54:51पीढ़ियों को कोई दिक्कत ना हो मतलब भविष्य की पीढ़ी की कीमत पर विकास ना हो भविष्य
- 1:54:57की पीढ़ी को साथ चलते हुए विकास भविष्य की पीढ़ी को साथ लेते हुए विकास किया जाए और
- 1:55:02ऐसे ही विकास को हम सतत पोषणीय विकास बोलते हैं तो हमें सतत पोषणीय विकास को
- 1:55:08बढ़ावा देने के कुछ उपाय देखने होंगे बहुत सारे उपाय हैं आप कम से कम पांच याद
- 1:55:13रखिएगा तो सबसे पहले बहुत से विद्वानों ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना की
- 1:55:17पारिस्थितिकी पोषणीय पर प्रश्न उठाए हैं जैसा कि मैंने बताया कि पॉज के साथ
- 1:55:23नकारात्मक कुछ प्रभाव भी पड़े तो सीधी सी बात है प्रश्न तो उठेंगे ही पिछले चार दशक
- 1:55:29में जिस तरह से इस क्षेत्र में विकास हुआ है और जिससे इससे जिस तरह भौतिक पर्यावरण
- 1:55:34का निम्नीकरण हुआ है ने विद्वानों को इस दृष्टिकोण से काफी हद तक विद्वानों के इस
- 1:55:39दृष्टिकोण को काफी हद तक सही ठहराया है मतलब विद्वान लोग जो बोल रहे हैं कि भैया
- 1:55:43बहुत ज्यादा दिक्कत हुई है इंदिरा गांधी नहर परियोजना से मतलब विद्वानों की बात
- 1:55:48कुछ हद तक सही भी है क्यों क्योंकि हम लोगों ने देखा है कि किस प्रकार लोगों का
- 1:55:51बिहे र लोगों का पैटर्न लोगों जो मिट्टी जो है सोइल का जो नेचर है वह परिवर्तित
- 1:55:57हुआ है तो विद्वानों ने ऐसी बात नहीं है कि कोई गलत बात बोली हो सही बात ही बोली
- 1:56:01है यह एक मान्य तथ्य है कि इस कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास का लक्ष्य
- 1:56:06प्राप्त करने के लिए मुख्य रूप से पारिस्थितिक के सतत पोषणीय पर बल देना
- 1:56:10होगा मतलब अगर हमें पूरे क्षेत्र को नुकसान होने से बचाना है पूरे क्षेत्र को
- 1:56:15फायदा पहुंचाना है तो अल्टीमेटली हम लोगों को सतत पोषणीय विकास पर बल देना ही हो
- 1:56:22होगा हमें ऐसा विकास करना होगा जिसमें भविष्य की पीढ़ियों को नुकसान ना हो इसलिए
- 1:56:28इस कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावित सात उपायों
- 1:56:32में से पांच उपाय पारिस्थितिकी संतुलन पुनः स्थापित करने पर बल देते हैं तो टोटल
- 1:56:38हमें सात उपाय पढ़ने हैं लेकिन पांच उपाय हम ऐसे पढ़ेंगे वो पांच उपाय पारिस्थितिकी
- 1:56:43संतुलन के बारे में होंगे पर्यावरण को बैलेंस करने के बारे में होंगे सबसे पहले
- 1:56:48अगर उपाय की बात की जाए तो पहली और सबसे महत्त्वपूर्ण आवश्यकता ये है कि जल
- 1:56:52प्रबंधन नीति का कठोरता से क्रियान्वयन करना इस नहर परियोजना के चरण एक में कमान
- 1:56:58क्षेत्र में फसल रक्षण सिंचाई और चरण दो में फसल उगाने और चारागाह विकास के लिए
- 1:57:02विस्तारित सिंचाई का प्रावधान है मतलब यह बोला जा रहा है कि हमें जो वाटर मैनेजमेंट
- 1:57:09पॉलिसी है जल प्रबंधन नीति है इसका कठोरता से क्रियान्वयन करना चाहिए अब कठोरता से
- 1:57:14क्रियान्वयन क्या कैसे होगा चरण एक में हम लोग क्या करेंगे कि बहुत रक्षित सिंचाई
- 1:57:19व्यवस्था अपनाएंगे र रक्षित सिंचाई व्यवस्था का मतलब होता है कि जिसमें हम
- 1:57:23लोग स्प्रिंकलर सचाई होती है ना बड़ी मुश्किल से पानी जो है फसलों को मिल जाता
- 1:57:26है बहुत ज्यादा पानी वेस्ट नहीं होता कई बार आप लोगों ने नहरों में देखा होगा पाइप
- 1:57:31लगा के बस छोड़ देते हैं और आराम से फसलों को पानी बह रहा है जितना फसलों को चाहिए
- 1:57:35उतना तो फसल ले लेती हैं लेकिन अतिरिक्त पानी बहता रहता है तो स्प्रिंकलर सिंचाई
- 1:57:40से बहुत सीमित मात्रा में पानी मिलता है या फिर हम लोग बोलते हैं टपक सिंचाई टपक
- 1:57:44सिंचाई में क्या होता है कि बूंद-बूंद पानी पौधों की जड़ों में जाया ले जाया
- 1:57:49जाता है इससे क्या होता है कि पानी की रक्षा होती होती है और यही है जल प्रबंधन
- 1:57:54तो चरण एक में कमान क्षेत्र में फसल रक्षण सिंचाई और चरण दो में हम लोग क्या करें
- 1:57:59फसल उगाने और चारागाह विकास के लिए विस्तारित सिंचाई का प्रावधान कर सकते हैं
- 1:58:03मतलब चरण दो में हम ठीक-ठाक पानी यूज कर सकते हैं लेकिन चरण एक में पानी बचाए जाने
- 1:58:09की आवश्यकता है और खासकर ऐसी फसलों के लिए जिनमें पानी कम लगता है कम से कम उन फसलों
- 1:58:14को तो हम कम पानी दें और जिनको ज्यादा चाहिए उनको तो हम चरण दो में ज्यादा पानी
- 1:58:19दे ही सकते हैं अगर चारागाह घास की अगर हमें व्यवस्था करनी है तो ज्यादा पानी
- 1:58:23लगेगा लेकिन चरण एक में पानी की बचत करने की आवश्यकता है दूसरा उपाय हम क्या कर
- 1:58:29सकते हैं कि इस क्षेत्र के सस्य प्रतिरूप में सामान्यतः जल सघन फसलों को नहीं बोजा
- 1:58:34जाना चाहिए मतलब पूरा जो क्षेत्र है उसकी पारिस्थितिकी ऐसी है कि वहां पर गेहूं
- 1:58:40चावल मूंगफली कपास इन फसलों को बोने की आवश्यकता ही नहीं है वहां की ज्योग्राफी
- 1:58:45वहां का भूगोल ऐसा है कि वहां पर मोटे अनाज बहुत अच्छी मात्रा में बोए जा सकते
- 1:58:50हैं और मोटे अनाज ऐसा तो है नहीं कि खाए नहीं जाते भाई मोटे अनाजों की जो
- 1:58:54न्यूट्रिशस वैल्यू होती है पोषण वैल्यू जो होती है ना वो गेहूं चावल की भी नहीं होती
- 1:59:00याद रखिए आज के समय में सरकार मिलेट्स यानी जो मोटे अनाज होते हैं उनके उत्पादन
- 1:59:06पर बहुत ज्यादा फोकस कर रही है लोगों से गुजारिश कर रही है बच्चों से गुजारिश कर
- 1:59:10रही है सरकार कि आप कृपया करके मोटे अनाज खाएं क्योंकि वो बहुत ज्यादा जरूरी होते
- 1:59:17हैं उनकी पोषण वैल्यू बहुत ज्यादा होती है लेकिन पानी ज्यादा मिलने से से हो क्या
- 1:59:22रहा है कि गेहूं चावल किसानों को लग रहा है कि इनमें ज्यादा फायदा है तो गेहूं
- 1:59:26चावल उगा रहे हैं और जबकि पानी कितना ज्यादा वेस्ट होता है गेहूं चावल कपास और
- 1:59:30मूंगफली में इसलिए इस क्षेत्र के जो फ सस्य प्रतिरूप मतलब जो फसल प्रतिरूप है
- 1:59:36पैटर्न है इसमें सामान्यत जल सघन फसलों को नहीं बोज बोजा जाना चाहिए मतलब गेहूं चावल
- 1:59:41को बोने की आवश्यकता नहीं है इसका पालन करते हुए बागानी कृषि के अंतर्गत खट्टे
- 1:59:46फलों की खेती करनी चाहिए अगर नई फसल उगाना ही है तो खट्टे फलों की खेती यहां की
- 1:59:52पारिस्थितिकी के हिसाब से की जा सकती है जैसे कि संतरे नींबू इनकी खेती की जा सकती
- 1:59:57है उम्मीद करता हूं आप लोगों को यह स्लाइड बहुत अच्छे से क्लियर हो गई होगी समझ में
- 2:00:02आ रहा है ना हम क्या पढ़ रहे हैं उम्मीद करता हूं आप लोगों को वीडियो क्लियर हो
- 2:00:06रही होगी हम लोग सतत पोषणीय विकास को बढ़ावा देने वाले उपाय पढ़ रहे हैं दो
- 2:00:10उपाय हम लोग देख चुके हैं चलिए तीसरा उपाय देख लेते हैं तीसरा उपाय है कमान क्षेत्र
- 2:00:17विकास कार्यक्रम जैसे नालों को पक्का करना भूमि विकास तथा संतुलन और बा बंदी पद्धति
- 2:00:22के कवान क्षेत्र में नहर के जल का समान वितरण प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया
- 2:00:27जाए ताकि बहते जल की क्षति मार्ग में कम हो सके भाई बहते हुए पानी को रोकना है इस
- 2:00:32चक्कर में क्या किया जा सकता है कि नालों को पक्का किया जा सकता है क्योंकि नाले
- 2:00:36अगर पक्के नहीं होते हैं तो मेड़ों को तोड़कर वो इधर-उधर पानी जो है वो फैल जाता
- 2:00:40है अगर नाला जो है हम पक्का कर दें तो एक सीधी रेखा में पानी जो है बहेगा अगर नाला
- 2:00:45पक्का नहीं होता तो पानी की जो धार है वो कहीं ना कहीं से लीक होती रहती है जाती
- 2:00:50रहती है और इससे पानी का बहुत ज्यादा नुकसान होता है हम मेड़ बना सकते हैं
- 2:00:54नालों को पक्का कर सकते हैं ताकि पानी का वेस्टेज ना हो जल की क्षति ना हो चौथा
- 2:01:00क्या किया जा सकता है इस प्रकार जलक्रांति एवं लवण से प्रभावित भूमि का पुनरुद्धार
- 2:01:05किया जा सकता है मतलब ऐसी भूमि जहां पर पानी बहुत ज्यादा फैला हुआ है ऐसी भूमि
- 2:01:10जहां पर जो है लवणता बहुत ज्यादा है भूमि लवणता की समस्या पैदा हो रही है वहां से
- 2:01:16उस समस्या से निपटा जा सकता है अगर हम पानी का जो वेस्टेज हो रहा है उसको रोक ले
- 2:01:21पांचवा हम लोग क्या कर सकते हैं वनीकरण वृक्षों की रक्षण मेखला का निर्माण और
- 2:01:26चारागाह विकास या चरण दो के भंगुर पर्यावरण में परितंत्र विकास के लिए अति
- 2:01:30आवश्यक है भाई जो सूखी भूमि है सूखी भूमि पर मैंने बताया मृदा अपर्दन बहुत ज्यादा
- 2:01:36होता है वायु जो है मिट्टी के कणों को उड़ाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाती है
- 2:01:39ऐसे में क्या किया जा सकता है ऐसे में वनीकरण किया जा सकता है अगर हम वृक्षों को
- 2:01:45उगाते हैं अगर हम खेत की मेड़ों पर पेड़ों को लगाते हैं तो हवा की वजह से मिट्टी के
- 2:01:50कण उड़कर नहीं जाएंगे पानी की वजह से मिट्टी के कण बहकर नहीं जाएंगे क्योंकि
- 2:01:54नमी की वजह से मिट्टी भारी हो जाती है पेड़ क्या करते हैं मिट्टी को बांधे रखते
- 2:01:59हैं और जो मृदा अपर्दन है वो रुक जाता है ध्यान रखिएगा मृदा या मिट्टी एक बहुत
- 2:02:05महत्त्वपूर्ण संसाधन है प्राकृतिक संसाधन जो हजारों लाखों साल बाद बनता है मिट्टी
- 2:02:11आप लैब में रातों-रात नहीं बना सकते बहुत लाखों सालों हजारों सालों की प्रक्रिया के
- 2:02:16बाद मिट्टी का निर्माण होता है तो मिट्टी को संरक्षित करने के लिए वनीकरण किया जा
- 2:02:21सकता है वृक्षों की रक्षण मेखला मतलब मेड़ पर अगर हम वृक्ष की रक्ष जो मेखला है यानी
- 2:02:27चेन जो है अगर बना दें तो यह बहुत अच्छी बात होगी अगर हम चारागाह विकास कर पाएं
- 2:02:32चारों का विकास कर पाएं तो ये बहुत अच्छी बात होगी यह चरण दो के भंगुर पर्यावरण में
- 2:02:37परितंत्र विकास के लिए अति आवश्यक है मतलब ऐसा पर्यावरण जो भंगुर है ऐसा पर्यावरण
- 2:02:44जहां की मिट्टी बहुत उबड़ खाबड़ है भुरभुरी मिट्टी है ऐसी मिट्टी को बांधने
- 2:02:49के लिए वनीकरण वृक्षों की रक्षण ण मेखला का निर्माण किया जा सकता है तो यह पांच
- 2:02:55पॉइंट हम लोगों ने देख लिए जो सतत विकास को बढ़ावा देने से संबंधित हैं अगर छठवें
- 2:02:59पॉइंट की बात की जाए तो इस प्रदेश में सामाजिक सतत पोषणीय का लक्ष्य तभी हासिल
- 2:03:04किया जा सकता है यदि निर्धन आर्थिक स्थिति वाले भू आवंटी को कृषि के लिए पर्याप्त
- 2:03:09मात्रा में वित्तीय और संस्थागत सहायता उपलब्ध हो सके अब हमें ध्यान रखना है
- 2:03:14सामाजिक रूप से ऐसे लोगों का ऐसे पिछड़े लोगों का जिनके पास भूमि नहीं है तो जिनके
- 2:03:19पास भूमि नहीं है अगर उन्हें भूमि प्रदान कर दिए जाए तो सीधी सी बात है वो कुछ अनाज
- 2:03:24पैदा कर सकते हैं अगर उन्हें जो है थोड़ा बहुत पानी प्रोवाइड कर दिया जाए वित्तीय
- 2:03:30सहायता प्रोवाइड कर दी जाए हालांकि सरकार कर भी रही है सरकार सस्ता लोन देती है अगर
- 2:03:35इस तरीके से गरीब लोगों की मदद हो जाए तो पूरी पारिस्थितिकी में सुधार हो सकता है
- 2:03:39साथ ही साथ लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आ सकता है सातवा और अंतिम पॉइंट हम
- 2:03:45लोग देख देख सकते हैं कि मात्र कृषि और पशुपालन के विकास से इस क्षेत्रों में
- 2:03:50आर्थिक सतत पोषणीय की अवधारणा को साकार नहीं किया जा सकता कृषि और इससे संबंधित
- 2:03:55क्रियाकलापों को अर्थव्यवस्था के अन्य सेक्टरों के साथ विकसित करना पड़ेगा इनसे
- 2:03:59इस क्षेत्र में आर्थिक विविधीकरण होगा तथा मूल आबादी गांव कृषि सेवा केंद्रों और
- 2:04:04विपर केंद्रों के बीच प्रक्रियात्मक संबंध स्थापित होगा और लास्ट में यह बोला जा रहा
- 2:04:09है कि पूरा फोकस मूल रूप से कृषि और पशुपालन पर नहीं करना चाहिए भाई इंदिरा
- 2:04:14गांधी नहर परियोजना का मुख्य रूप से उद्देश्य क्या था कि खेती की स्थिति बहुत
- 2:04:18खराब थी पशुपालन बहुत मुश्किल स्थिति में था इसलिए नहर का पानी गया ताकि पशुओं के
- 2:04:23लिए चारे की व्यवस्था हो सके और फसल अच्छी पैदा हो सके लेकिन अब हमें मुख्य रूप से
- 2:04:29सिर्फ कृषि और पशुपालन पर फोकस नहीं करना है वैसे ही बहुत ज्यादा लोग कृषि व्यवसाय
- 2:04:35में लगे हुए हैं अब आवश्यकता है कि लोगों का ध्यान किसी दूसरे व्यवसाय की तरफ ले
- 2:04:40जाया जाए अब कृषि गत अन्य उत्पादों को पैदा करने पर लोगों का ध्यान जो है वो
- 2:04:46डालना चाहिए लोगों से बोलना चाहिए कि सिर्फ आप कुछ सीमित फसलें ना उगाएं विविध
- 2:04:51कृत फस फस उगाएं मतलब अलग-अलग फसलें होगाए और अलग-अलग फसलों से संबंधित उद्योगों पर
- 2:04:56भी बल दिया जाना चाहिए जैसे कि सिर्फ मूंगफली उगा रहे है मान लीजिए कोई किसान
- 2:05:02तो उस पर फोकस नहीं मूंगफली के तेल की फैक्ट्री अगर कोई व्यक्ति लगा रहा है तो
- 2:05:06उस पर फोकस हो अगर मान लीजिए पशुपालन बड़ी मात्रा में हो रहा है तो सिर्फ नॉर्मली जो
- 2:05:10सिंपल दूध निकालकर मार्केट में बेचा जा रहा है इतना ना हो वहां पर अमूल की मदर
- 2:05:15डेरी की अगर फैक्ट्री स्थापित हो जाए तो ये बहुत अच्छी बात होगी अल्टीमेटली फायदा
- 2:05:19किसको होगा किसानों को होगा तो मुख्य रूप से जो फोकस है वह कृषि और इससे संबंधित
- 2:05:25क्रियाकलापों पर भी होना चाहिए मतलब उद्योगों की बात यहां पर की जा रही है वो
- 2:05:31ट्रेडिशनल अगर सिर्फ हम कृषि और पशुपालन पर फोकस करते हैं तो उद्धार नहीं होगा
- 2:05:36लोगों की इनकम नहीं बढ़ेगी फसल विविधीकरण पर फोकस करना पड़ेगा और लोगों की जो आबादी
- 2:05:42या ज्यादा जो किसान है वो अगर उद्योग में लगते हैं तो इससे वाणिज्य व्यापार को
- 2:05:45बढ़ावा मिलता है लोगों की आय की जो स्रोत है वो बढ़ते हैं तो आप लोगों को उम्मीद
- 2:05:51करता हूं यह बहुत अच्छे से क्लियर हो गया होगा लास्ट पॉइंट शुरुआत के पांच पॉइंट तो
- 2:05:56याद ही रखना है क्योंकि वो इस देश की इस मतलब पूरे क्षेत्र की
- 2:06:02पारिस्थितिक करने वाले पॉइंट्स हैं तो उम्मीद करता हूं आप लोगों को कंप्लीट
- 2:06:08चैप्टर से संबंधित यह वीडियो जिसे हम लोगों ने पूरी तरीके से चैप्टर को रिवाइज
- 2:06:12किया है पसंद आई होगी वीडियो अगर अच्छी लगी है तो चलिए फटाफट वीडियो को लाइक कर
- 2:06:17दीजिए अपने दोस्तों के साथ वीडियो को शेयर करना है और कोई डाउट होता है तो बिना हिच
- 2:06:22के कमेंट बॉक्स में कमेंट कर देना है इस तरीके से सीबीएससी बोर्ड के साथ दिल्ली
- 2:06:27बोर्ड बिहार बोर्ड यूपी बोर्ड एमपी बोर्ड और राजस्थान बोर्ड में मैग्नेट ब्रेंस आप
- 2:06:32लोगों को क्लासेस प्रोवाइड करता है साथ ही साथ वैदिक मैथ्स क्रैश कोर्स और स्पोकन
- 2:06:38इंग्लिश की क्लासेस भी मैगनेट बेंस चैनल द्वारा चलाई जा रही हैं www.mnre.gov.in
- 2:06:51इस अपडेटेड फॉर्म में सिंक्रोनाइज वे में आप लोगों को नजर आ जाएंगे किसी भी तरीके
- 2:06:57की कोई दिक्कत आप लोगों को महसूस नहीं होगी डे टू डे अपडेट्स के लिए आप हमारे
- 2:07:02सोशल मीडिया चैनल्स के साथ भी जुड़ सकते हैं जिन सोशल मीडिया चैनल्स पर हम उपलब्ध
- 2:07:06हैं वो है
- 2:07:21है तो बिना हिच के कमेंट बॉक्स में डाउट्स पूछ लेने हैं ई नोट्स और ई बुक्स के लिए
- 2:07:26आप डिस्क्रिप्शन बॉक्स चेक कर सकते हैं तो आज की इस वीडियो में इतना ही मिलते हैं
- 2:07:31नेक्स्ट वीडियो में थैंक यू थैंक यू सो मच
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