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भूसंसाधन तथा कृषि - One Shot Revision | Class 12 Geography Chapter 3 | NCERT 2024-25 — Transcript

by Magnet Brains Hindi Medium · 34,351 words · 2,073 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00हेलो स्टूडेंट्स कैसे हैं आप सभी मैं शुभम पुरोहित आपका जियोग्राफी एजुकेटर स्वागत
  2. 0:05करता हूं आपके फेवरेट
  3. 0:14youtube1 तक की सभी कक्षाएं मिलती हैं इंग्लिश मीडियम में और छठवीं से लेकर
  4. 0:1812वीं तक हम आपको प्रोवाइड करते हैं हिंदी माध्यम में सभी कक्षाएं साथ ही साथ अगर आप
  5. 0:24ई नोट्स और ई बुक्स लेना चाहते हैं तो लिंक है डिस्क्रिप्शन बॉक्स में हम लोग
  6. 0:27कक्षा 12वी की बुक जिसका नाम है भारत लोग और अर्थव्यवस्था इस बुक को पढ़ रहे थे इस
  7. 0:33बुक का जो तीसरा चैप्टर है तीसरे चैप्टर का नाम क्या है भू संसाधन तथा कृषि ये
  8. 0:38चैप्टर हम लोगों का बहुत अच्छे से कंप्लीट हो गया था इस चैप्टर के कंप्लीट होने के
  9. 0:42बाद हम लोगों ने एनसीआरटी सॉल्यूशंस एमसीक्यू एमआई क्यूज और अन्य जो प्रैक्टिस
  10. 0:48क्वेश्चंस होते हैं वो लगा लिए थे आप लोगों की डिमांड होती है कि सर आपकी
  11. 0:52वीडियोस जो है ना वो बहुत सारे लेक्चर में आई हैं कृपया करके कोई एक ऐसी वीडियो बना
  12. 0:57दीजिए जिसमें हमें अलग-अलग सेग गटे या सेपरेट पार्ट में य ये जो चैप्टर चैप्टर
  13. 1:01जो है कंप्लीट किया गया है आप एक ही वीडियो में वन शॉट जो है हमारे लिए रिवीजन
  14. 1:07कर सकें तो आज की जो ये वाली वीडियो होने वाली है इस वीडियो में हम वन शॉर्ट
  15. 1:11कंप्लीट चैप्टर रिवीजन जो है वो करने वाले हैं अगर आप लोगों ने उस वीडियो को जो हम
  16. 1:16लोगों ने पार्ट वाइज बनाई है उस वीडियो को अगर आप लोगों ने नहीं देखा है तो आप पूरी
  17. 1:21कंप्लीट इस वीडियो को भी देख सकते हैं एग्जाम टाइम में आप लोगों के लिए बहुत
  18. 1:26बेनिफिशियल होगी ठीक है अगर किसी तरीके का कोई डाउट होता है आप तुरंत जो है बेहिचक
  19. 1:30कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं वीडियो अगर पसंद आती है तो लाइक तो बनता है चलिए
  20. 1:36हम लोग चैप्टर स्टार्ट करते हैं चैप्टर जो है हम लोगों ने स्टार्ट किया था तो चैप्टर
  21. 1:40को सबसे पहले मैंने आप लोगों को बता दिया था कि अगर चैप्टर का मीनिंग अगर हमें हम
  22. 1:45लोगों को पता चल जाए तो चैप्टर पढ़ना आसान हो जाता है देखिए चैप्टर क्या बोल रहा है
  23. 1:50चैप्टर का नाम है भू संसाधन तथा कृषि भू संसाधन सबसे पहले आप लोगों को संसाधन का
  24. 1:57मतलब पता होना चाहिए कि संसाधन का मतलब क्या होता है देखिए संसाधन यानी कि
  25. 2:01रिसोर्सेस संसाधन का मतलब होता है कि ऐसी कोई चीज जो इंसान के काम आए या मनुष्यों
  26. 2:07के काम आए उसे हम लोग बोलते हैं संसाधन जैसे जल जल इंसानों के काम आता है तो हम
  27. 2:12उसको बोल देते हैं जल संसाधन जैसे कि मिट्टी मिट्टी अगर इंसानों के काम आती है
  28. 2:16तो हम लोग बोलते हैं मृदा संसाधन इंसान अगर इंसानों के काम आता है तो इसको हम लोग
  29. 2:21बोलते हैं मानव संसाधन अब चैप्टर का नाम क्या है भू संसाधन हमें पता है कि इंसान
  30. 2:28का अस्तित्व तो जमीन के ऊपर टिका हुआ है मतलब जमीन जो है या जिसको पर्यायवाची रूप
  31. 2:33में बोला जाता है भू या भूमि भूमि या जमीन हमारे लिए एक महत्त्वपूर्ण संसाधन है
  32. 2:38क्यों क्योंकि एक तो जमीन पर हम रहते हैं और सर्व प्रमुख एक्टिविटी जो हम जमीन पर
  33. 2:43करते हैं वो है कृषि हम हमारी प्राथमिक क्रियाओं को कहां पर करते हैं भाई कृषि
  34. 2:48हमारी जो प्राथमिक क्रिया है कृषि या पशुपालन या खनन जैसी कुछ एक्टिविटीज होती
  35. 2:53है वो कहां पर होती है वो भूमि पर ही होती है ना लेकिन इस चैप्टर में हम लोगों का
  36. 2:57प्राइम फोकस रहेगा वो रहेगा कृषि पर ठीक है तो इसके ही इर्दगिर्द जो है पूरा
  37. 3:02चैप्टर जो है वो घूमने वाला है खासकर कृषि के इर्दगिर्द उम्मीद करता हूं आप लोगों को
  38. 3:08चैप्टर का नाम जो है वो बहुत अच्छे से क्लियर हो गया होगा मैं आप लोगों को एक
  39. 3:12बार रोड मैप बता देता हूं कि इस चैप्टर में हम लोग पढ़ने क्या वाले हैं ठीक है
  40. 3:16क्योंकि अगर हम लोगों को टॉपिक्स पता होते हैं ना तो हमारा रास्ता जो होता है ना वो
  41. 3:20आसान होते जाता है बहुत सिंक्रोनाइज वे में जो है ये टॉपिक जो है आपके एनसीआरटी
  42. 3:25बुक में दिए गए हैं और हम इसी टॉपिक के हिसाब से जो है पढ़ने वाले हैं मैगनेट यही
  43. 3:30करता है कि आपकी सुविधा के अनुसार जो हमें लगता है कि आपके लिए एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू
  44. 3:34से बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है आपकी उसी सुविधा का विशेष ध्यान रखता है देखिए सबसे
  45. 3:39पहले हम लोगों को पढ़ना है भू उपयोग वर्गीकरण मतलब कि भूमि को कितने तरीके से
  46. 3:44हम वर्गीकृत कर सकते हैं हम इस टॉपिक के अंतर्गत पढ़ने वाले हैं फिर हम दूसरा
  47. 3:49टॉपिक पढ़ेंगे भारत में भू उपयोग परिवर्तन इसका मतलब यह है कि हम पुरातन काल से
  48. 3:54देखें और वर्तमान तक क्या भूमि एक ही तरीके से यूज हो रही है नहीं भूमि में भी
  49. 3:59परिवर्तन हो रहे हैं ना पहले हो सकता है हम कृषि ज्यादा भूमि पर कर रहे थे फिर हम
  50. 4:03लोगों ने उद्योग लगाने स्टार्ट कर दिए और कृषि भूमि जो हम ज्यादा एरिया में करते थे
  51. 4:07अब वो सिकुड़ करर कम रह गई ऐसे कुछ परिवर्तन तो हो सकते हैं ना तो इस टॉपिक
  52. 4:11के अंतर्गत हमें भारत में भू उपयोग जो परिवर्तन होता है हम जो भूमि को उपयोग में
  53. 4:16लाते हैं उसमें किस तरीके के परिवर्तन देखे गए हैं हम इसका डिस्कशन यहां पर करने
  54. 4:21वाले हैं इसके बाद हम लोग फोकस करेंगे साझा संपत्ति संसाधन देखिए नाम से स्पष्ट
  55. 4:26है साझा मतलब होता है कॉमन अगर कोई प्रॉपर्टी जो होती है है वो कॉमन होती है
  56. 4:31संपत्ति मतलब प्रॉपर्टी आप लोगों को पता है और संसाधन का मतलब मैं बता चुका हूं तो
  57. 4:34ऐसी एक प्रॉपर्टी जिस पर किसी एक व्यक्ति का अधिकार नहीं होता जिस पर कॉमन सभी का
  58. 4:39अधिकार होता है उसे हम लोग क्या बोलते हैं साझा संपत्ति संसाधन तो इस टॉपिक के
  59. 4:43अंतर्गत हम लोग समझेंगे कि भूमि जो है एक साझा संपत्ति संसाधन है सारी भूमि नहीं
  60. 4:48अगर मान लीजिए आपका घर है और आपके घर के साइड वाला प्लॉट आपने खरीद खरीद लिया है
  61. 4:52मान लीजिए तो वो तो साझा साझा संपत्ति संसाधन नहीं है वो तो निजी संपत्ति है हम
  62. 4:57यहां पर इस टॉपिक के अंतर्गत साझा सं पत्तियों के बारे में बहुत विस्तार से
  63. 5:01पढ़ेंगे नेक्स्ट हम लोगों को पढ़ना है कि भारत में कृषि भू उपयोग अभी हम लोगों ने
  64. 5:06पढ़ा था भारत में भू उपयोग परिवर्तन तो यहां पर सारी चीजें आ गई थी अब यहां पर
  65. 5:09हमें भू कृषि के लिए भूमि उपयोग जो है उसमें किस तरीके के परिवर्तन देखे गए हैं
  66. 5:14वो हमें देखना है नेक्स्ट टॉपिक के अंतर्गत हम लोगों को देखना है भारत में
  67. 5:18फसल ऋतुएं आप लोगों ने छोटी क्लासेस में पढ़ा होगा कि रबी की फसल क्या होती है
  68. 5:23हरीफ की फसल क्या होती है जायद की फसल क्या होती है आज इन फसल ऋतुओं को हम लोग
  69. 5:28विस्तार से जानेंगे हम लोग यह भी देखेंगे कि रबी खरीफ और जायद
  70. 5:32का यह जो वर्गीकरण है यह सिर्फ उत्तर भारत में काम करता है दक्षिण भारत में काम नहीं
  71. 5:37करता अब वो क्यों नहीं करता हम चैप्टर के अंतर्गत देखने वाले हैं फिर इसके बाद हम
  72. 5:41लोग देखने वाले हैं कृषि के प्रकार इसके अंतर्गत हम लोग देखेंगे कि भाई शुष्क कृषि
  73. 5:46क्या होती है हम देखेंगे आद्र कृषि क्या होती है हम देखेंगे सिंचाई कृषि अगर कृषि
  74. 5:52पद्धति ऐसी है जिसमें सिंचाई की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है तो वो किस तरीके
  75. 5:56से होती है तो सारी फसल ऋतुओं की बाद हम लोग कृषि के प्रकार को देखेंगे यहां पर
  76. 6:01इसके बाद सबसे इंपॉर्टेंट चीज आएगी खाद्यान फसलों के बारे में हमें पता है कि
  77. 6:06हम बहुत सी फसलों को खाते हैं जैसे खासकर अगर मैं बात करूं गेहूं चावल ये हमारे लिए
  78. 6:11मेन जो है फसल है जो हम लोग जो खाते हैं लेकिन सिर्फ गेहूं चावल तो नहीं खाते हैं
  79. 6:15हम लोग अन्य फसलों के बारे में चाहे वो रागी हो ज्वार हो मक्का हो गन्ना हो सारी
  80. 6:21फसलों के बारे में जो खाद्यान फसलें हैं हम उनके बारे में जानेंगे और सिर्फ
  81. 6:24खाद्यान फसलों ही नहीं इस टॉपिक के अंतर्गत हमें गैर खाद्यान फसलों पर भी
  82. 6:28फोकस करना है जैसे कि जूट हो गया कपास हो गया इन फसलों पर भी हमारा फोकस रहेगा इसके
  83. 6:34बाद जो नेक्स्ट टॉपिक हम लोग पढ़ेंगे वो पढ़ेंगे भारत में कृषि विकास इसका मतलब ये
  84. 6:38है कि भारत में आजादी के बाद से लेकर वर्तमान तक कृषि विकास हेतु एग्रीकल्चर
  85. 6:44डेवलपमेंट हेतु गवर्नमेंट ने कौन-कौन सी स्कीम्स जो हैं वो लॉन्च किए हैं और कृषि
  86. 6:49का विकास चरणबद्ध रूप से किस तरीके से हुआ है हम इस टॉपिक के अंतर्गत इस चीज को
  87. 6:54देखेंगे मोस्ट इंपॉर्टेंट टॉपिक है ये वाला और लास्ट वाला अब हमें पता है कि
  88. 6:58गवर्नमेंट ने अगर प्रयास किए हैं तो क्या हम उस माइलस्टोन तक हम हमारे गोल तक पहुंच
  89. 7:03गए हैं जहां कृषि जो है वो बहुत सारे लोगों का जब जहां पर रोजगार का साधन है तो
  90. 7:08क्या सभी की इनकम बढ़ गई है या फिर कृषि क्षेत्र या फिर एग्रीकल्चर सेक्टर में अभी
  91. 7:13भी प्रॉब्लम्स जो हैं वो विद्यमान है तो ये सारे टॉपिक्स हम लोगों को पढ़ने हैं
  92. 7:18सारे टॉपिक बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट हैं जो लोग ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं
  93. 7:23उन लोगों को बहुत सारी चीजें पहले से पता होंगी लेकिन यह भी तय है कि बहुत सारी
  94. 7:28चीजें नहीं भी भी पता होंगी तो इन सारे टॉपिक्स के अंतर्गत हम लोगों की परिचर्चा
  95. 7:32एं होने वाली हैं उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को एनसीआरटी के अंतर्गत जो जो
  96. 7:36टॉपिक्स दिए गए हैं वो सभी यहां पर मेंशन है और आप लोगों को यहां पर क्लियर हो गए
  97. 7:41होंगे अगर चीजें समझ में आ रही है तो वीडियो लाइक कर दीजिए चलिए हम लोग एक-एक
  98. 7:46करके सारे टॉपिक जो हैं वो स्टार्ट करते हैं सबसे पहले क्या पढ़ना है हम लोगों को
  99. 7:50भू उपयोग वर्गीकरण अब देखिए यहां पर जब हम इस टॉपिक को पढ़ते हैं तो यहां पर दो
  100. 7:55चीजें आप लोगों को ध्यान रखनी है एक हमारे भारत में दो संस्था एक एक संस्था का नाम
  101. 8:01है भारतीय सर्वेक्षण विभाग क्या नाम है भारतीय सर्वेक्षण विभाग जो पूरे भारत का
  102. 8:06नक्शा जो है वो तैयार करती है आपने भारत का नक्शा देखा होगा ना अगर आप भारत का
  103. 8:10नक्शे को जानते होंगे तो आप लोगों को पता होगा कि यहां पर एक उत्तर प्रदेश राज्य है
  104. 8:13यहां ऊपर जम्मू कश्मीर है यहां बिहार है यहां पश्चिम बंगाल है यहां नॉर्थ ईस्ट के
  105. 8:17स्टेट है यहां केरला है यहां तमिलनाडु है इस तरीके से आप लोगों ने पूरा भारत का
  106. 8:22नक्शा जाना होगा तो भारतीय सर्वेक्षण विभाग का काम होता है पूरे भारत के नक्शों
  107. 8:27को तैयार करना अब इसका काम आप लोग जान गए ऐसे ही एक संस्था होती है जिसका नाम है
  108. 8:32भारतीय भू राजस्व विभाग भू राजस्व विभाग का जो काम होता है वो यह काम होता है कि
  109. 8:38पूरे भारत की जो जमीन है ना वो किस-किस उपयोग में लाई जा रही है उसका वर्गीकरण
  110. 8:43तैयार करना अब देखिए एक चीज आप लोगों को पता चल रही होगी कि नक्शा जो है जो भारतीय
  111. 8:48सर्वेक्षण विभाग तैयार करता है वो नक्शा कभी परिवर्तित नहीं होता परिवर्तित कैसे
  112. 8:52नहीं होता जैसे कि आप लोगों ने 11वीं क्लास में पढ़ा होगा कि भारत का क्षेत्रफल
  113. 8:573287 263 वर्ग किलोमीटर है पता है ना चलिए नहीं भी पता है तो फिर मैं आप लोगों को
  114. 9:02बता ही दे रहा हूं कितना क्षेत्रफल है भारत का 3287 263 वर्ग किलोमीटर क्या ये
  115. 9:08क्षेत्रफल आज अगर 2024 चल रहा है तो 2024 में इतना है 2025 में चेंज हो जाएगा क्या
  116. 9:14नहीं क्या 2026 में चेंज हो जाएगा नहीं क्या 2005 में चेंज हो गया था नहीं मतलब
  117. 9:19अगर हम लोग देखें भारतीय सर्वेक्षण विभाग के हिसाब से भारत का जो क्षेत्रफल है वो
  118. 9:24परिवर्तित नहीं होता जब तक कोई देश जो है हमें अपनी भूमि ना दे दे और जो है किसी
  119. 9:30अन्य देश को अपनी भूमि ना दे दें तो ऐसा तो बहुत कम होता है होता है तो वो भी चेंज
  120. 9:34हो जाता है लेकिन इसके चांसेस जो होते हैं वो बहुत कम होते हैं और साल 20 25 30
  121. 9:40सालों में यह वाली घटना होती है जैसे कि सन 2000 जहां तक मैं सही हूं 2011 में हम
  122. 9:45लोगों ने बांग्लादेश को कुछ भूमि दी थी और बांग्लादेश से हमने कुछ भूमि ली थी 2013
  123. 9:50या 2011 की बात है ठीक है आप लोग नेट पर चेक कर सकते हैं लेकिन यह भूमि बहुत कम हम
  124. 9:55लोग जो है आदान प्रदान करते हैं अब मैंने आप लोगों को बात करी भू सर्वेक्षण विभाग
  125. 9:59की जिसका जिसके अनुसार क्षेत्रफल जो होता है वो कभी भी चेंज नहीं होता है लेकिन
  126. 10:04चैप्टर में हम लोगों को पढ़ना है भू राजस्व अभिलेख के बारे में देखिए भू
  127. 10:08राजस्व विभाग के अनुसार क्या होता है ना भूमि जो है वो उसको नौ तरीके से वर्गीकृत
  128. 10:12करता है मैंने आप लोगों को बताया भू राजस्व विभाग का काम होता है कि भूमि किस
  129. 10:17हेतु उपयोग की जा रही है अगर भूमि पर पेड़ लगे हुए हैं तो वो वर्गीकृत कर देंगे कि
  130. 10:22भाई इतनी भूमि पेड़ों के लिए जो है आरक्षित है अगर भूमि व्यर्थ पड़ी हुई है
  131. 10:26तो उसे व्यर्थ भूमि के अंतर्गत आरक्षित कर देंगे अगर किसी किसी भूमि पर मान लीजिए
  132. 10:30कोई फसलें जो हैं वो बोई जा रही हैं तो बोए गए क्षेत्र के अंतर्गत वो आएगा तो आप
  133. 10:35मुझे खुद दिमाग लगाकर बताइए क्या इस तरीके के वर्गीकरण में जो नौ वर्गीकरण भू राजस्व
  134. 10:40विभाग जो है बताता है क्या इस तरीके के वर्गीकरण में परिवर्तन होने की संभावनाएं
  135. 10:45हैं आप कहेंगे हां बिल्कुल है क्योंकि हो सकता है मान लीजिए भू राजस्व अभिलेख ने जो
  136. 10:50है या विभाग ने जो है वनों के अधीन क्षेत्र जो है मान लीजिए रख दिया अब वनों
  137. 10:55के अधीन क्षेत्र तो परिवर्तित हो सकता है ना हो सकता है सरकार बोल दे कि 50 पर जो
  138. 10:59भूमि है वो वनों के अधीन जो रहेगी वो आरक्षित रहेगी हो सकता है ऐसा और या फिर
  139. 11:04वन क्षेत्रफल मान लीजिए सच में बढ़ जाए और घट भी जाए दोनों साइड हो सकता है बोए गया
  140. 11:09क्षेत्र मान लीजिए आज से 2005 में मान लीजिए हम लोग ज्यादा एरिए पर ज्यादा
  141. 11:13क्षेत्रफल पर फस फसल जो है वो बोते थे आज क्षेत्रफल मान लीजिए 2024 में कम हो गया
  142. 11:17तो परिवर्तित हो रहा है ना तो भू राजस्व अभिलेख क्या करता है जो ये डाटा बताता है
  143. 11:23ये डटा परिवर्तित होता रहता है एक चीज तो आप लोग समझ गए कि भू सर्वेक्षण विभाग का
  144. 11:27जो डाटा होता है वो परिवर्तित नहीं होता और भू राजस्व अभिलेख द्वारा जो डाटा दिया
  145. 11:32जाता है वह परिवर्तित हो जाता है अगर यह चीज आप लोगों को समझ में आ गई है तो दूसरी
  146. 11:37चीज यह है कि भू राजस्व अभिलेख जो है वो नौ तरीके से भूमि को वर्गीकृत करता है उन
  147. 11:43नौ वर्गीकरण को हम लोगों को बहुत अच्छे से याद रखना है एक-एक करके हम लोग वर्गीकरण
  148. 11:48समझेंगे और उनके अंदर जो इंफॉर्मेशन है वो भी हम ध्यान से पढ़ेंगे सबसे पहला जो
  149. 11:53वर्गीकरण है वो है वनों के अधीन क्षेत्र पहला जो वर्गीकरण भूरा स्व विभाग करता है
  150. 11:59वो वो करता है वनों के अधीन क्षेत्र अब देखिए इसमें भी आप लोगों को दो चीजें याद
  151. 12:03रखनी है वनों के अधीन क्षेत्र मान लीजिए कोई क्षेत्रफल है मान लीजिए यह प्लॉट है
  152. 12:09ये गवर्नमेंट ने रिजर्व कर दिया आरक्षित कर दिया कि यहां पर जो है वो पेड़ होंगे
  153. 12:13अगर गवर्नमेंट ने यहां पर आरक्षित कर दिया और ये क्षेत्रफल है मान लीजिए 20 पर पूरे
  154. 12:18देश का जो है वो 20 पर ये वाला क्षेत्रफल है और गवर्नमेंट ने बोल दिया कि यहां पर
  155. 12:22जो है वो पेड़ ही लगेंगे अब गवर्नमेंट ने 20 पर क्षेत्र जो है आरक्षित कर दिया है
  156. 12:27लेकिन कोई जरूरी तो नहीं है ना यहां पर पेड़ लगे ही गवर्नमेंट ने तो एक बाउंड्री
  157. 12:31डिसाइड कर दी है कि भाई 20 पर ये क्षेत्र है यहां पर कोई कंस्ट्रक्शन नहीं
  158. 12:36होगा यहां पर रोड नहीं बनेगी यहां पर मकान नहीं बनेंगे यहां पर कोई इंडस्ट्री यानी
  159. 12:41उद्योग नहीं लगेंगे कुछ भी यहां पर नहीं होगा सिर्फ गवर्नमेंट ने क्या कर दिया है
  160. 12:45रिजर्व कर दिया है अब गवर्नमेंट क्या करती है ज्यादा फोकस गवर्नमेंट का रिजर्व करने
  161. 12:49के ऊपर होता है पेड़ों को लगाने पर गवर्नमेंट का ज्यादा फोकस नहीं होता लेकिन
  162. 12:53असली काम तो वहां होगा ना जहां पर पेड़ लगाए जाए क्योंकि पेड़ लगने बहुत ज्यादा
  163. 12:58इंपॉर्टेंट है लेकिन लगते नहीं है तो एक्चुअल जितने क्षेत्र पर पेड़ लगाए जाते
  164. 13:03हैं मान लीजिए एक्चुअल मान लीजिए सिर्फ इतने ही क्षेत्रफल पर मान लीजिए ये मैंने
  165. 13:07क्षेत्रफल यहां पर कर दिया ये राइट टिक जिसमें लगा हुआ है सिर्फ इतने ही
  166. 13:10क्षेत्रफल पर पेड़ लगे हुए हैं और बाकी जो है सिर्फ वनों के लिए आरक्षित भूमि है तो
  167. 13:15आप लोग क्या बोलेंगे आप बोलेंगे कि सर आप आपने जो एरिया ये वाला बनाया हुआ है ये
  168. 13:20वाला जो एरिया है ये वनों के अधीन एक्चुअल में या वास्तविक वनों का जो आवरण है वो ये
  169. 13:25बता रहा है ये वाला एरिया और ये जो पूरा एरिया बता रहा है ये पूरा एरिया वनों के
  170. 13:29अधीन जो आरक्षित क्षेत्र है वो बता रहा है तो गवर्नमेंट को पता है कि गवर्नमेंट इतने
  171. 13:34सारे पेड़ तो नहीं लगा सकती हालांकि गवर्नमेंट को लगाना चाहिए और सिर्फ
  172. 13:38गवर्नमेंट को नहीं आपको और हमको भी पेड़ लगाने चाहिए पेड़ों की इंपॉर्टेंस क्या है
  173. 13:43हमें पता है साल दर साल गर्मी बढ़ती जा रही है हीट वेव्स लू ये सब कांसेप्ट क्यों
  174. 13:47आ रहे हैं क्योंकि भैया गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ रही है और गर्मी से बचने का एक ही
  175. 13:51मात्र तरीका है कि आप अपने क्षेत्र का टेंपरेचर कैसे कम कर सकते हैं वो है
  176. 13:56वृक्षारोपण करके खैर वो एक अलग टॉपिक है अब मैंने आप लोगों को यह चीज बता दी अब हम
  177. 14:01वनों के अधीन जो क्षेत्र है उसको पढ़ लेते हैं देखिए यह जानना आवश्यक है कि वर्गीकृत
  178. 14:06वन क्षेत्र तथा वनों के अंतर्गत वास्तविक क्षेत्र दोनों पृथक हैं यही बात मैंने
  179. 14:10बताई यह है वर्गीकृत वन क्षेत्र जो पूरा बताया और वनों के अधीन जो वास्तविक
  180. 14:15क्षेत्र है वो ये वाला है तो ये जानना आवश्यक है कि वर्गीकृत वन क्षेत्र वनों के
  181. 14:19अंतर्गत वास्तविक क्षेत्र दोनों पृथक हैं सरकार द्वारा वर्गीकृत वन क्षेत्र का
  182. 14:23सीमांकन इस प्रकार किया जहां वन विकसित हो सकते हैं मतलब सरकार जो है वनों के अधीन
  183. 14:29जो वर्गीकृत क्षेत्र है उसका सीमांकन इस प्रकार करती है कि यहां वन विकसित हो सकते
  184. 14:33हैं एक्चुअल में विकसित नहीं है लेकिन यहां पर पॉसिबिलिटीज है कि यहां पर वन जो
  185. 14:38है वो विकसित हो सकते हैं भू राजस्व अभिलेखों में इसी परिभाषा को सतत अपनाया
  186. 14:42गया है इस प्रकार इस संवर्ग में संवर्ग मतलब ये जो हम लोगों ने वर्गीकरण किया है
  187. 14:47ये वाला इस संवर्ग के क्षेत्रफल में वृद्धि दर्ज हो सकती है परंतु इसका अर्थ
  188. 14:51यह नहीं है कि वहां वास्तविक रूप से वन पाए जाए देखिए ये लाइन क्या बोल रही है कि
  189. 14:56हो सकता है इस क्षेत्रफल में वृद्धि हो रही हो आज सरकार ने 20 % बोला है सरकार का
  190. 15:00एक्चुअल डाटा यह है कि भाई पूरे भारत का जितना क्षेत्रफल है ना उसके 33 प्र
  191. 15:05क्षेत्रफल पर वन होने चाहिए ये सरकार का कहना है कि जितना भी क्षेत्रफल होता है
  192. 15:10किसी देश का अगर मैं भारत की बात करूं तो उसके 33 प्र क्षेत्रफल जो है वन होने
  193. 15:16चाहिए अगर 33 प्र क्षेत्रफल पर वन होते हैं तो पर्यावरण संतुलन एनवायरमेंट बैलेंस
  194. 15:20रहता है ऑक्सीजन बहुत ज्यादा बहुत प्रदूषण जो होता है वो बहुत कम होता है और यहां पर
  195. 15:25सारी चीजें जो है बैलेंस रहती हैं क्लाइमेट चेंज एंड सो ऑन सारी चीजें
  196. 15:29रिलेटेड है मतलब कुल मिलाकर अगर किसी देश में उस देश के कुल क्षेत्रफल का 33 प्र वन
  197. 15:34क्षेत्र जो है आरक्षित होता है 33 प्र एक्चुअल में वहां पर वन होते हैं तो वो
  198. 15:38देश वो देश जो है पर्यावरण की दृष्टि से बहुत उत्तम जो है वो माना जाता है अब
  199. 15:43देखिए ये लाइन यहां पर लिखी हुई है कि इस संवर्ग के क्षेत्रफल में वृद्धि दर्ज हो
  200. 15:46सकती है क्यों क्योंकि अभी मान लीजिए 20 पर क्षेत्र सरकार ने आरक्षित किया है आगे
  201. 15:51चलके बोल सकती है 33 पर और हो सकता है बोल दे 40 पर तो ये तो क्षेत्रफल में वृद्धि
  202. 15:55सरकार कर सकती है लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि वहां वास्तविक रूप से वन पाए जाएंगे
  203. 16:02हो सकता है सिर्फ सरकार ने फोकस किया है आरक्षण पर कि इतने प्रतिशत क्षेत्र जो है
  204. 16:06वो आरक्षित रहेगा हो सकता है वहां पर वन नहीं पाए जाए खैर अभी आप लोगों को याद ये
  205. 16:11रखना है कि भू राजस्व अभिलेख के अनुसार भूमि जो है वो नौ तरीके से वर्गीकृत की गई
  206. 16:16है पहला जो वर्गीकरण है वो है वनों के अधीन क्षेत्र उम्मीद करता हूं आप लोगों को
  207. 16:21ये स्लाइड बहुत अच्छे से क्लियर हो गई होगी दूसरा जो वर्गीकरण है वो है बंजर व
  208. 16:26व्यर्थ भूमि बंजर और व्यर्थ भूमि का मतलब यह है कि ऐसी भूमि जो बेकार है जिसे आप
  209. 16:31टेक्नोलॉजी की मदद से जिसमें आप कितना ही उर्वरक छिड़क दें जितनी ही सिंचाई कर दें
  210. 16:36वो भूमि वापस कृषि में उपयोग नहीं आ सकती उसे हम लोग बोलते हैं बंजर और व्यर्थ भूमि
  211. 16:43इसमें कौन-कौन से एरिया आ सकते हैं इसमें हो सकता है मरुस्थल अब मरुस्थल में आप कुछ
  212. 16:46भी कर ले कितना भी सिंचाई कर लें कितने भी उर्वरक डाल लें कितने ही कीटनाशक डाल लें
  213. 16:51वो मरुस्थल जो है वो सामान्य भूमि में परिवर्तित नहीं हो सकता इसी तरीके से खड्ड
  214. 16:56जो बड़े-बड़े गड्ढे होते हैं यदि हम पहाड़ी भूभाग की बात करें वो वो भी जो है
  215. 17:00नॉर्मल भूमि में परिवर्तित नहीं हो सकते तो बंजर और व्यर्थ भूमि का मतलब यह है
  216. 17:05जिसको आप टेक्नोलॉजी की मदद से नॉर्मल जो जमीन होती है जिसमें पेड़-पौधे उगते हैं
  217. 17:09उसमें परिवर्तित नहीं कर सकते नेक्स्ट जो वर्गीकरण है तीसरे नंबर का उसे हम बोलते
  218. 17:13हैं गैर कृषि कार्यों में प्रयुक्त भूमि गैर कृषि कार्यों में प्रयुक्त भूमि का
  219. 17:17मतलब वो है कि जहां पर कृषि कार्यों के अतिरिक्त अन्य कार्य होते हैं जैसे कि मान
  220. 17:23लीजिए जमीन पर कोई जरूरी तो नहीं है ना कि खेती ही हो रही हो हो सकता है उस जमीन पर
  221. 17:27दुकान खुली हो हो सकता है उस जमीन पर सड़कें बनी हो हो सकता है उस जमीन पर
  222. 17:32इंडस्ट्रीज बनी हो तो ऐसी भूमि जो कृषि कार्यों के अतिरिक्त अन्य कार्यों के लिए
  223. 17:37प्रयुक्त की जाती है तो उसे बोला जाता है गैर कृषि कार्यों के लिए प्रयुक्त भूमि हो
  224. 17:41सकता है वहां पर क्या बनी हो सड़कें बनी हो नहरें बनी हो हो सकता है वहां पर कोई
  225. 17:46मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज बनी हो तो मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज को हम लोग कौन
  226. 17:49सा सेक्टर बोलते हैं सेकेंडरी सेक्टर बोलते हैं ठीक है तो इन कार्यों के लिए जो
  227. 17:53प्रयुक्त भूमि होती है उसे बोलते हैं गैर कृषि कार्यों में प्रयुक्त भूमि तो तीन
  228. 17:57वर्गीकरण हम लोगों ने पढ़ लिए पहला जो वर्गीकरण था वह था वनों के अधीन क्षेत्र
  229. 18:01दूसरा जो वर्गीकरण था वह था बंजर वा व्यर्थ भूमि और तीसरा जो वर्गीकरण था वह
  230. 18:06है गैर कृषि कार्यों में प्रयुक्त भूमि उम्मीद करता हूं आप लोगों को यह स्लाइड
  231. 18:10बहुत अच्छे से समझ में आ गई होगी चौथे वर्गीकरण पर चलें चलिए देखते हैं चौथा जो
  232. 18:14वर्गीकरण है व वर्गीकरण है स्थाई चारागाह क्षेत्र स्थाई चारागाह क्षेत्र का मतलब
  233. 18:19होता है ऐसी भूमि जो जानवरों के लिए चराने के लिए उपयोग की जाती है उसे बोलते हैं
  234. 18:25स्थाई चारागाह क्षेत्र इसके अंतर्गत क्या होता है आइए पढ़ लेते हैं इस प्रकार की
  235. 18:29अधिकतर भूमि पर ग्राम पंचायत या सरकार का स्वामित्व होता है इस भूमि का केवल एक
  236. 18:34छोटा भाग निजी स्वामित्व में होता है ग्राम पंचायत के स्वामित्व वाली भूमि को
  237. 18:38साझा संसाधन कहा जाता है देखिए स्थाई सारागा चारागाह क्षेत्र हो और इसी को बोला
  238. 18:43जाता है साझा संपत्ति संसाधन ये टॉपिक हम लोग विस्तार से पढ़ेंगे इसका मतलब ये होता
  239. 18:48है ये वाली जो भूमि होती है जिसको हम लोग बोल रहे हैं स्थाई चारागाह क्षेत्र इस
  240. 18:52भूमि पर चारागाह मतलब जानवरों को चराने के लिए भूमि उपयोग की जाती है पहली चीज दूसरी
  241. 18:57इस पर जो अधिकार होता है वो अधिकार होता है ग्राम पंचायत या फिर सरकार का ठीक है
  242. 19:03ग्राम पंंचायत या सरकार का जो है स्वामित्व होता है स्थाई चारागाह क्षेत्र
  243. 19:07वाली भूमि पर और इसी भूमि को साझा संपत्ति संसाधन कहा जाता है इस टॉपिक को हम लोगों
  244. 19:13को विस्तार से जो है वो पढ़ना है नेक्स्ट जो भूमि का वर्गीकरण है वो ये है विविध
  245. 19:18तरु फसलों व उपवन के अंतर्गत क्षेत्र मतलब कि इसमें वो क्षेत्र शामिल होता है जिसमें
  246. 19:24क्या होते हैं जिसमें गार्डेंस या फिर उद्यान होते हैं जिसमें फलदार वृक्ष लगे
  247. 19:28होते हैं मतलब फसलें नहीं बोई जाती फसलों के अतिरिक्त क्या बोया जा रहा है बोए जा
  248. 19:33रहे हैं उद्यान वहां पर लगे हुए हैं वहां पर फलदार वृक्ष लगे हुए हैं और इस तरीके
  249. 19:37की जो अधिकतर भूमि होती है ना वो निजी स्वामित्व में होती है मतलब आप लोगों ने
  250. 19:41देखा होगा कुछ लोग जिनके पास ज्यादा पैसा होता है वो क्या करते हैं उनको गार्डनिंग
  251. 19:45का शौक होता है तो वो अपने अंतर्गत या सरकार भी मान लीजिए कई बार मान लीजिए ऐसा
  252. 19:50फ सरकार का फोकस है कि इस क्षेत्र में गार्डन बनाया जाए तो ऐसे क्षेत्र जहां पर
  253. 19:54गार्डन बने हो या फिर ऐसा कोई व्यक्ति जो निजी व्यक्ति हो सकता है जिसने एक भूमि का
  254. 19:59एक हिस्सा जिसमें गार्डन बनाया हो या फिर फलदार वृक्ष लगाए हो या फार्म हाउस बनाया
  255. 20:04हो इस तरीके की जो भूमि होती है उसको बोलते हैं विविध तै फसलों व उपवन के
  256. 20:09अंतर्गत क्षेत्र इस वर्गीकरण में आप लोगों को एक चीज याद रखनी है कि इस वर्गीकरण में
  257. 20:14फसलों को जो बो फसलों के अंतर्गत जो बोया गया क्षेत्र होता है ना फसलों को वो शामिल
  258. 20:19नहीं होता इसलिए देख लीजिए यहां पर लिखा हुआ है जो बोए गए निवल क्षेत्र में
  259. 20:24सम्मिलित नहीं है मतलब इस भूमि के अंतर्गत वो क्षेत्र शामिल नहीं है जहां पर एक्चुअल
  260. 20:29में बुआई मतलब गेहूं चावल गन्ना कपास ये बोया जाता है वो वाली भूमि इसमें शामिल
  261. 20:34नहीं है इसमें सिर्फ वो शामिल भूमि शामिल है जिसमें उद्यान बने हो जिसमें फलदार
  262. 20:39वृक्ष लगे हो और वर्गीकरण का नाम क्या है वर्गीकरण का नाम है विविध तरु फसलों उपवन
  263. 20:44के अंतर्गत क्षेत्र अब आप बोलेंगे कि सर आपने इस वर्गीकरण को या फिर जो बोए गए
  264. 20:50क्षेत्र मतलब जहां पर एक्चुअल में गेहूं चावल की बुआई हो रही है वो क्षेत्र आपने
  265. 20:54इसमें शामिल क्यों नहीं किया क्योंकि हम अगले जो वर्गीकरण पढ़ने वाले हैं उसमें इन
  266. 20:58क्षेत्रों को शामिल करेंगे इसलिए यहां पर हम लोगों ने उस वर्गीकरण को या उस क्षेत्र
  267. 21:03को शामिल नहीं किया समझ गए ना आप अगर हम बोए गए क्षेत्र को भी इसमें शामिल कर लेते
  268. 21:07तो फिर चीजें वैसी नहीं रहती बोए गए क्षेत्र को हम लोग शामिल करेंगे जब हम
  269. 21:12अगला वर्गीकरण पढ़ेंगे ठीक है अब अगले वर्गीकरण का नाम क्या है वो व वर्गीकरण है
  270. 21:17जो छठवां वाला है वो है कृषि योग्य थ व्यर्थ भूमि इसका मतलब क्या होता है कृषि
  271. 21:22योग्य व्यर्थ भूमि मतलब ऐसी भूमि जो व्यर्थ पड़ी हुई है जो व्यर्थ पड़ी पड़ी
  272. 21:28हुई है लेकिन अगर उसमें कुछ हम चेंजेज करें मतलब अच्छी सिचाई सुविधाएं अपनाएं
  273. 21:32अच्छे कीटनाशक डालें अच्छे उर्वरक हम लोग उपयोग करें तो वो भी वो भूमि जो है कृषि
  274. 21:37योग्य अपनाई जा सकती है हो सकता है किसी का खेत जो है वो बहुत समय से खाली पड़ा हो
  275. 21:43खाली पड़ा हो मतलब बेकार पड़ा हो बेकार पड़ी हुई भूमि को हम लोग व्यर्थ भूमि
  276. 21:47बोलते हैं तो मान लीजिए सरकार के पास या किसी निजी व्यक्ति के पास ऐसी भूमि पड़ी
  277. 21:51हो जो बेकार पड़ी हो लेकिन उस भूमि को अगर हम टेक्नोलॉजी की मदद से उपयोग में ला
  278. 21:57सकते हैं और किस उपयोग में कृषि के उपयोग में अगर हम टेक्नोलॉजी के
  279. 22:01मदद से कृषि के उपयोग में ला सकते हैं तो ऐसी भूमि को हम लोग कृषि योग्य व्यर्थ
  280. 22:06भूमि में काउंट करेंगे बात समझ में आ रही है अगर देखिए इस ये जो वर्गीकरण है ये
  281. 22:11इससे डिफरेंस है किससे जिसमें हम लोगों ने बंजर भूमि बात करी थी बंजर भूमि को आप
  282. 22:16कैसे भी करके उपयोग में नहीं ला सकते क्योंकि मरुस्थल में आप कितनी ही सिंचाई
  283. 22:19कर लोगे तो बंजर भूमि अलग है और कृषि योग्य व्यर्थ भूमि अलग है आप लोग दोनों
  284. 22:24में डिफरेंस समझ पा रहे हैं ना व्यर्थ भूमि को आप उपयोग में ला सकते हैं और बंजर
  285. 22:27भूमि को आप उपयोग में नहीं नहीं ला सकते कुछ भी करके तो बंजर भूमि बिल्कुल उपयोग
  286. 22:31में नहीं आती व्यर्थ भूमि टेक्नोलॉजी की मदद से फर्टिलाइजर की मदद से और उर्वरकों
  287. 22:35की मदद से उपयोग में लाई जा सकती है अब अब इसमें याद करने वाली चीज क्या है देखिए
  288. 22:40छठवां जो वर्गीकरण है यानी वर्गीकरण का नाम क्या है कृषि योग्य व्यर्थ भूमि इसका
  289. 22:44मतलब ये होता है कि जो भूमि 5 साल कितने साल 5 साल या उससे अधिक समय तक खाली पड़ी
  290. 22:51हो 5 साल या उससे अधिक समय तक खाली पड़ी हो तब हम उस भूमि को कृषि योग्य व्यर्थ
  291. 22:57भूमि बोलेंगे अगर 5 साल या उससे अधिक समय तक कोई भूमि खाली पड़ी हो अब देखिए पा साल
  292. 23:02तक अगर कोई भूमि खाली पड़ी रहती है तो वहां पर अन्य तरह की वनस्पतियां हो जाती
  293. 23:05हैं अन्य तरीके के पेड़ उब जाते हैं हो सकता है वो भूमि उबड़ खाबड़ हो गई हो
  294. 23:09लेकिन वनस्पति उब गई पेड़ उग गए या उबड़ खाबड़ भूमि हो गई इसको आप टेक्नोलॉजी की
  295. 23:14मदद से समतल तो कर सकते हैं ना तो ऐसी भूमि जो 5 साल या उससे अधिक समय तक परती
  296. 23:18परती को बोलते हैं खाली परती या खाली पड़ी रहती है तो उसे हम लोग बोलते हैं कृषि
  297. 23:22योग्य व्यर्थ भूमि और इसको हम कृषि सुधार तकनीक द्वारा उपयोग में ला सकते हैं
  298. 23:28उम्मीद करता हूं आप लोगों को छठवां वर्गीकरण बहुत अच्छे से समझ में आ गया
  299. 23:32होगा अब सातवां वर्गीकरण क्या है देखिए सातवें वर्गीकरण का नाम है वर्तमान प्रति
  300. 23:37भूमि क्या नाम है वर्तमान प्रति भूमि देखिए प्रति का मतलब आप लोग समझ गए ना
  301. 23:41प्रति का मतलब होता है खाली ऐसी भूमि जो खाली पड़ी रहती है तो उसे हम लोग बोलते
  302. 23:44हैं पति भूमि आप लोगों ने देखा होगा गांव में कुछ जहां पर सिंचाई सुविधाएं बहुत
  303. 23:48अच्छी नहीं होती आप लोगों में से बहुत सारे स्टूडेंट्स के गांव या फिर अपने खेत
  304. 23:52रहे होंगे तो मान लीजिए जहां पर सिंचाई सुविधाएं अच्छी नहीं है या फिर मान लीजिए
  305. 23:55उनके बड़े-बड़े खेत हैं तो किसान क्या करते हैं कि एक साल में मान लीजिए एक ही
  306. 23:59फसल गेहूं बो दिया और अगले सीजन में वो कुछ नहीं बोते हैं और भूमि जो है वो खाली
  307. 24:03पड़ी रहती है खाली छोड़ने का मेन मकसद क्या होता है कि वहां पर जो भूमि है अपनी
  308. 24:08प्राकृतिक उर्वरता या फर्टिलिटी को फिर से प्राप्त कर ले अगर मान लीजिए आप
  309. 24:12कंटीन्यूअस खेती करेंगे आपने गेहूं लगा दिया फिर चावल लगा दिया फिर या फिर दाल
  310. 24:16लगा दी कुछ भी लगा दिया आप कंटीन्यूअस मान लीजिए खेती करते हैं कंटीन्यूअस करने से
  311. 24:20भूमि की उर्वरक जो क्षमता होती है कैपेसिटी जो होती है वो भूमि की वो
  312. 24:23धीरे-धीरे उसका रास होने लगता है वो क्षीण होने लगती है तो अगर हम भूमि को खाली
  313. 24:28छोड़ते हैं कुछ समय के लिए तो भूमि अपनी प्राकृतिक उर्वरता को जो होती है वो
  314. 24:33प्राप्त कर लेती है ठीक है ये बात तो आप लोग समझ गए अब वर्तमान प्रति भूमि का मतलब
  315. 24:37होता है ऐसी भूमि जो एक साल या उससे कम समय तक खाली पड़ी रहती है उसे हम लोग
  316. 24:42बोलते हैं वर्तमान प्रति भूमि जो भूमि एक साल या उससे कम समय तक खाली पड़ी रहती है
  317. 24:47उसे हम लोग बोलते हैं वर्तमान प्रति भूमि खाली हम क्यों छोड़ते हैं ताकि भूमि अपनी
  318. 24:51प्राकृतिक उर्वरता को फिर से प्राप्त कर ले या पौष्टिकता को फिर से प्राकृतिक रूप
  319. 24:55से प्राप्त कर ले ठीक है वर्तमान मतलब एक साल से कम समय तक खाली है और कृषियोग
  320. 25:00व्यर्थ भूमि जो 5 साल से या पा साल से अधिक समय तक खाली हो उसको बोलते हैं कृषि
  321. 25:05योगी व्यर्थ भूमि तो कितने वर्गीकरण हो गए हमारे वर्गीकरण हो गए सात पढ़ने कितने थे
  322. 25:09न तो दो वर्गीकरण और बचे हुए हैं चलिए पढ़ लेते हैं आठवा जो वर्गीकरण है वो है
  323. 25:14पुरातन प्रति भूमि क्या नाम है पुरातन प्रति भूमि पुरातन प्रति भूमि का मतलब
  324. 25:19होता है जो भूमि एक साल से अधिक और पा साल से कम खाली पड़ी हो ऐसी भूमि जो एक से
  325. 25:25अधिक एक से अधिक और 5 साल से पांच से कम समय तक अगर भूमि
  326. 25:33खाली पड़ी रहती है तो उसे हम लोग बोलते हैं पुरातन प्रति भूमि अब देखिए ये आप
  327. 25:38लोगों को याद रखना है हम लोगों ने पढ़ा पुरातन प्रति भूमि जो एक साल से अधिक और
  328. 25:42पा साल से कम खाली पड़ी रहती है उसे बोलते हैं पुरातन प्रति भूमि वर्तमान प्रति भूमि
  329. 25:46जो एक साल से कम समय तक खाली रहती है उसे हम लोग बोलते हैं वर्तमान प्रति भूमि और
  330. 25:50कृषि योग्य व्यर्थ भूमि जो 5 साल से अधिक समय तक खाली रहती है उसे हम लोग बोलते हैं
  331. 25:55कृषि योग्य व्यर्थ भूमि तीनों वर्गीकरण आप लोग को याद रखना है ये लास्ट वाले बस
  332. 25:59इनमें सालों का ही खेल है अगर एग्जाम में पूछ लिया गया अति लघु तरी कि भाई कृषि
  333. 26:03योगी व्यर्थ भूमि क्या है तो उसमें आप लोगों को ये टाइम पीरियड मेंशन करना बहुत
  334. 26:06ज्यादा जरूरी है नहीं तो कोई मतलब नहीं है क्वेश्चन आप लोगों का सही नहीं माना जाएगा
  335. 26:10तो टाइम पीरियड का ही खेल है कृषि योग्य व्यर्थ भूमि 5 साल से अधिक समय तक खाली है
  336. 26:14वर्तमान प्रति भूमि 1 साल से कम समय तक खाली है और पुरातन प्रतिभू जो 1 साल से
  337. 26:19अधिक और 5 साल से कम समय तक खाली है उसे हम लोग बोल रहे हैं पुरातन प्रति भूमि और
  338. 26:23लास्ट वर्गीकरण है वो है निविल बोया गया क्षेत्र इसको इंग्लिश में बोलते हैं नेट
  339. 26:28एरिया सोन इसका मतलब होता है एक्चुअल में एक्चुअल में जितने क्षेत्रफल जो है फसल की
  340. 26:35बुआई हो रही हो और फसल की कटाई हो रही हो एक्चुअल में जितने क्षेत्र पर फसल की बुआई
  341. 26:41फसल की कटाई हो रही हो उस क्षेत्र को बोलते हैं नेट ये नेट वर्ड याद रखना है
  342. 26:45निविल बोया गया क्षेत्र नेट एरिया सोन मतलब जहां पर एक्चुअल में बुआई और कटाई की
  343. 26:50जा रही है तो वह भूमि जिस पर फसलें उगाई और काटी जाती हैं वह निविल बोया गया
  344. 26:56क्षेत्र कहलाता है उम्मीद करता हूं आप लोगों को ये नौ वर्गीकरण बहुत अच्छे से
  345. 27:01समझ में आ गए होंगे अब देखिए यहां पर मैं एक चीज आप लोगों को यहीं पर क्लियर कर दूं
  346. 27:05एक चीज क्या है कि निविल बोया गया क्षेत्र आप लोगों को तो यह समझ में आ गया कि सर
  347. 27:10हां यहां पर एक्चुअल में बुआई और कटाई हो रही है इसको बोलते हैं निविल बोया गया
  348. 27:15क्षेत्र अब देखिए एक एक टर्मिनोलॉजी होती है जिसको बोलते हैं हम लोग
  349. 27:27सकल बोया गया क्षेत्र हम लोगों ने एक तो समझ लिया निविल
  350. 27:32बोया गया क्षेत्र अब दूसरा हम लोग समझ रहे हैं सकल बोया गया क्षेत्र अब शकल बोया गया
  351. 27:36क्षेत्र क्या होता है देखिए शकल में होता है कि जितनी जगह बुआई की और कटाई की
  352. 27:41संभावनाएं हैं इसमें हम लोग संभावना को भी काउंट करेंगे किसको काउंट करेंगे
  353. 27:46संभावनाओं को एक्चुअल में अगर बुआई और कटाई की कहीं
  354. 27:52पर संभावनाएं होती है ना तो उसको हम लोग बोलते हैं सकल बोया गया क्षेत्र तो नि
  355. 27:58बोया गया क्षेत्र जहां पर एक्चुअल में बुआई कटाई हो रही है और सकल बोया गया
  356. 28:01क्षेत्र जहां पर बुआई और कटाई की संभावनाएं होती हैं उसको हम लोग बोलते हैं
  357. 28:07सकल बोया गया क्षेत्र अब देखिए सकल बोया गया क्षेत्र मतलब कहां पर बुआई और कटाई की
  358. 28:12संभावना है आप लोग नोटिस करेंगे कि पुरातन प्रति भूमि यहां पर बुआई और कटाई की
  359. 28:17संभावना है क्यों क्योंकि पुरातन प्रति भूमि बस 1 साल से अधिक और 5 साल से कम ही
  360. 28:21तो समय तक तो खाली पड़ी है ना मतलब पुरातन प्रति भूमि को हम लोग यहां पर काउंट कर
  361. 28:25लेंगे लिख दूं ना यहां पर तो यहां पर लिख दे रहा हूं मैं पुरातन
  362. 28:29न पति भूमि देखिए यहां पर संभावना है भूमि
  363. 28:34की और किसमें संभावना है निवल बोया गया क्षेत्र इसमें तो है ही संभावना तो निविल
  364. 28:38भी यहां पर काउंट होगी निविल बोए गए क्षेत्र ये भी काउंट हो गया प्लस और कहां
  365. 28:42संभावना है खेती की और संभावना है वर्तमान प्रतिभू क्यों क्योंकि वर्तमान प्रतिभू एक
  366. 28:47साल से कम समय तक खाली रहती है इसलिए इसको हम काउंट कर देंगे वर्तमान प्रतिभू ये भी
  367. 28:52काउंट हो गया और कहां संभावना है एक संभावना और है कृषि योग्य व्यर्थ भूमि
  368. 28:56क्योंकि ये भूमि भी पा साल से अधिक समय तक खाली जरूर पड़ी है लेकिन इसमें भी संभावना
  369. 29:01है खेती होने की तो यहां पर हम लोग काउंट कर लेंगे कृषि योग्य व्यर्थ भूमि कृषि
  370. 29:08योग्य व्यर्थ भूमि तो इतनी सारी संभावनाओं को हम लोग
  371. 29:13काउंट कर लेते हैं तब हम उसको बोलते हैं सकल बोया गया क्षेत्र और अगर कहीं पर
  372. 29:17संभावना है वो भी काउंट करेंगे क्या और कहीं पर संभावना है देख लीजिए यहां पर
  373. 29:22संभावना है क्या नहीं क्योंकि यहां पर तो पहले से ही उद्यान और फलदार वृक्ष लगे हुए
  374. 29:25हैं तो यहां पर संभावना नहीं है चारागाह वो तो जा ों के लिए आरक्षित है तो वहां पर
  375. 29:29भी संभावना नहीं है और कृषि गैर कृषि कार्यों के लिए तो यहां पर तो आपने सड़कें
  376. 29:33नहरें बिल्डिंग्स बना ली तो यहां पर भी संभावना नहीं है क्या यहां पर संभावना है
  377. 29:37नहीं बंजर भूमि में तो संभावना नहीं है क्योंकि मैंने आप लोगों को बता दिया कि
  378. 29:41कितनी भी टेक्नोलॉजी यूज कर लो ये भूमि उपयोग में नहीं आ सकती और कहीं पर संभावना
  379. 29:45हो सकती है वनों के अधीन कोई क्षेत्र आरक्षित है वहां पर संभावना है क्या वो भी
  380. 29:48नहीं हो सकते क्योंकि वन भी जरूरी है सरकार को वनों के लिए आरक्षित करना जरूरी
  381. 29:52है यहां पर फसलें नहीं कर सकते नहीं तो पेड़ कहां जाएंगे पेड़ नहीं बचेंगे तो फिर
  382. 29:55तो सारी चीजें वैसे ही गड़बड़ हो जाएंगी तो हम लोगों ने देख लिखा कि संभावनाएं
  383. 29:59सिर्फ इन चार जगहों पर है इसलिए आप लोगों से पूछ लिया जाए कि सकल बोया गया क्षेत्र
  384. 30:03में कौन सी चीजें शामिल होती है तो सकल बोया गया क्षेत्र में पुरातन प्रति भूमि
  385. 30:06प्लस निविल बोया गया क्षेत्र प्लस वर्तमान प्रति भूमि प्लस कृ कृषि योग्य व्यर्थ
  386. 30:11भूमि इसको शामिल किया जाता है ये सकल बोया गया क्षेत्र है ना आगे हम लोगों के लिए
  387. 30:16बहुत काम की चीज है हम लोग आगे पढ़ेंगे लेकिन यहां पर वर्गीकरण में ही मैंने आप
  388. 30:20लोगों को समझा दिया है ताकि आगे जो है वो चीजें क्लियर हो जाए उम्मीद करता हूं आप
  389. 30:25लोगों को ये जो नौ वर्गीकरण है वो बहुत अच्छे से क्लियर हो गए होंगे अगर समझ में
  390. 30:29आ गए हैं तो वीडियो को लाइक कर दीजिए देखिए एक वन शॉर्ट वीडियो होने वाली है
  391. 30:34थोड़ी बड़ी जरूर होगी ये वाली वीडियो क्योंकि चैप्टर भी बड़ा है तो बड़ी वीडियो
  392. 30:37होगी मेहनत बहुत ज्यादा है आप लोगों को वीडियो को लाइक करना तो बनता ही है और अगर
  393. 30:42आप लोगों को दोस्तों के साथ शेयर करना है आप तुरंत जो है इस वीडियो को शेयर कर सकते
  394. 30:45हैं कोई चीज अगर आप लोगों को समझ नहीं आ रही तो बेहिचक कमेंट कर देना है मैं आप
  395. 30:49लोगों के उन डाउट्स को लाइव सेशन के दौरान या अभी जब हम नेक्स्ट वीडियो बनाएंगे तब
  396. 30:54मैं क्लियर कर दूंगा ठीक है अब जो नेक्स्ट टॉपिक हम लोगों को पढ़ना था वो है भारत
  397. 30:58में भू उपयोग परिवर्तन अब देखिए भू उपयोग परिवर्तन इसको इंग्लिश में बोला जाता है
  398. 31:03लैंड यूज चेंजेज इन इंडिया मतलब अगर हम लोग देखें कि पिछले कुछ समय से भारत में
  399. 31:08भूमि का जो उपयोग है उसमें परिवर्तन किस तरीके से होते रहे हैं उस चीज को हम लोगों
  400. 31:13को यहां पर पढ़ना है देखिए बहुत आसान टॉपिक है अगर हम लोग देखेंगे तब ये अगर हम
  401. 31:17लोग पढ़ेंगे तो वो आराम से चीजें जो है वो अपने आप क्लियर होते जाएंगी देखिए क्या
  402. 31:20लिखा हुआ है किसी क्षेत्र में भू उपयोग अधिकतर वहां की आर्थिक क्रियाओं की
  403. 31:24प्रवृत्ति पर निर्भर है मतलब अगर किसी देश का अ किसी देश की अर्थव्यवस्था का जो
  404. 31:28स्वरूप है ना वो तय करता है कि वहां पर भूमि का जो उपयोग होगा वो किस तरीके से
  405. 31:32होगा मान लीजिए कोई अर्थव्यवस्था ऐसी है जहां पर अधिक त अधिकतर लोग जो है वो
  406. 31:36खेतीबाड़ी में लगे हुए हैं खेतीबाड़ी में लगे हुए हैं ऐसी अर्थव्यवस्था को हम कृषि
  407. 31:40प्रधान अर्थव्यवस्था बोलते हैं ऐसी अर्थव्यवस्था को क्या बोलते हैं कृषि
  408. 31:43प्रधान अर्थव्यवस्था और ऐसे जो अधिकतर देश होते हैं वो या तो अल्प विकसित होते हैं
  409. 31:47या फिर विकासशील होते हैं जैसे कि भारत तो मान लीजिए अगर विकासशील देश है अल्प
  410. 31:52विकसित देश है तो वहां पर भूमि जो है वो प्राथमिक क्रियाओं के लिए या खेतीबाड़ी के
  411. 31:55लिए उपयोग की जाएगी मान लीजिए कोई विकसित देश है जैसे कि जापान है मान लीजिए
  412. 31:59सिंगापुर है अब जापान और सिंगापुर में अधिकतर जो भूमि होगी वो भूमि खेती कार्यों
  413. 32:04के लिए तो है ना प्रयुक्त होगी वो तो वो तो तैयार होगी कि भाई किस तरीके से वहां
  414. 32:08पर हम लोग जो हैं बड़ी-बड़ी इंडस्ट्रीज बिल्डिंग्स इस तरीके से आईटी हब्स जो है
  415. 32:12वो बना लें और हमारे देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़े तो हर देश की अर्थव्यवस्था के
  416. 32:17अनुसार या आर्थिक क्रियाओं के अनुसार वहां पर भूमि उपयोग में जो होता है परिवर्तन
  417. 32:22देखा जाता है ये निश्चित नहीं है कि किसी किसी कोई देश का क्षेत्रफल छोटा हो बड़ा
  418. 32:27उससे मतलब नहीं है जैसे जापान देखिए कितना छोटा देश है लेकिन वहां पर खेतीबाड़ी नहीं
  419. 32:31होती वहां पर वो चीजें होती है वो मैन्युफैक्चरिंग जो है वहां पर इंडस्ट्रीज
  420. 32:35बहुत स्ट्रांग है और आईटी सेक्टर जो है या टर्श सेक्टर जिसे हम तृतीय क्षेत्र बोलते
  421. 32:39हैं वो स्ट्रांग है प्राथमिक क्षेत्र वहां पर जरूरी नहीं है लेकिन भारत एक विकासशील
  422. 32:43देश है विकासशील देशों में ये देखा गया है कि वहां की जो भूमि है वो किस लिए आरक्षित
  423. 32:48होती है या वहां पर लोग जो है अधिकतर कृषि करते हैं इसलिए भूमि अधिकतर कृषि कार्यों
  424. 32:52के लिए आरक्षित होती है इसलिए यहां पर देखिए ये लाइन लिखी गई है कि अधिकतर वहां
  425. 32:56की आर्थिक क्रियाओं पर किसी देश का भूमि उपयोग जो है वो निर्भर करता है यद्यपि समय
  426. 33:00के साथ आर्थिक क्रियाओं में बदलाव आता रहता है लेकिन भूमि अन्य बहुत से संसाधनों
  427. 33:05की भाती क्षेत्रफल की दृष्टि से स्थाई है देखिए अर्थव्यवस्था में समय के अनुसार
  428. 33:09परिवर्तन होता रहता है हो सकता है आज भारत में अधिकतर जो भूमि है वो खेतीबाड़ी के
  429. 33:13लिए उपयोग की जा रही है आज से मान लीजिए 3040 साल के बाद भारत मैन्युफैक्चरिंग हब
  430. 33:18बन जाए वैसे भी हमारे देश में मुहीम चलाई जा रही है मेक इन इंडिया अगर मान लीजिए ये
  431. 33:21मुहीम सक्सेसफुल हो जाती है और भारत में मान लीजिए अधिकतर भूमि पर खेतीबाड़ी ना
  432. 33:26होकर मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज जो है वो एस्टेब्लिश हो जाती है तो परिवर्तन हो
  433. 33:29जाएगा ना तो साल दर साल जो है भूमि उपयोग में परिवर्तन देखा जाता है लेकिन भूमि का
  434. 33:34जो क्षेत्रफल होता है वो तो स्थाई ही रहता है भले ही आप उसमें कुछ भी कर लें अब
  435. 33:39देखिए मान लीजिए भूमि में उपयोग में परिवर्तन हो गया तो उपयोग में परिवर्तन हो
  436. 33:43गया तो मान लीजिए हम लोगों ने वहां पर इंडस्ट्री सेट अप कर ली तो इंडस्ट्री सेट
  437. 33:46अप कर ली तो इस भूम इस ये वाला जो वर्गीकरण है तीसरा वाला हम लोगों ने पढ़ा
  438. 33:50इसमें चेंज हो जाएंगे कि नहीं हां इसमें चेंज हो जाएंगे क्योंकि वहां पर
  439. 33:53इंडस्ट्रीज और टर्श सेक्टर के लिए भूमि उपयोग हो जाएगी और इसमें चेंज होंगे कि
  440. 33:57नहीं निबल बोया गया क्षेत्र इसमें चेंज हो जाएंगे क्योंकि अब वहां पर हम एक्चुअल में
  441. 34:01फसलें बोएंग और काटेंगे नहीं अब तो हम इंडस्ट्रीज लगाएंगे तो समय के साथ
  442. 34:05क्षेत्रफल भले ही चेंज नहीं होता लेकिन भूमि उपयोग में परिवर्तन तो चेंज हो जाता
  443. 34:10है ठीक है उम्मीद करता हूं आप लोगों को ये वाली जो लाइन है वो बहुत अच्छे से क्लियर
  444. 34:14हो गई होगी हमें भूमि उपयोग को प्रभावित करने वाले अर्थव्यवस्था के तीन परिवर्तनों
  445. 34:19को समझना जरूरी है देखिए हम सब लोग सबसे पहले तीन परिवर्तनों को समझ लेते हैं कि
  446. 34:23किस तरीके से भूमि में परिवर्तन देखे जाते हैं देखिए अर्थव्यवस्था का आकार पहली चीज
  447. 34:28तो है कि जिसे उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं या मूल्य के संदर्भ में समझा जाता है समय
  448. 34:33के साथ बढ़ता रहता है जो बढ़ती जनसंख्या बदलते आय स्तर उपलब्ध प्रौद्योगिकी वह इसी
  449. 34:37से मिलते-जुलते कारकों पर निर्भर है परिणाम स्वरूप समय के साथ भूमि पर दबाव
  450. 34:42बढ़ता है तथा सीमांत भूमि को भी उपयोग में लाया जाता है अब पूरी जो रामायण लिखी हुई
  451. 34:46है अब मैं आप लोगों को समझा देता हूं इसका मतलब यह है कि पहली चीज अर्थव्यवस्था का
  452. 34:50आकार जो होता है ना वो डिसाइड करता है कि भूमि में उपयोग किस तरीके से होगा मान
  453. 34:55लीजिए भारत की अर्थव्यवस्था जो जो है भारत की अर्थव्यवस्था और भारत की जो जनसंख्या
  454. 34:59है वो तेजी से बढ़ रही है भारत की जनसंख्या हमें पता है कि अगर हम एक्चुअल
  455. 35:03डटा की बात करू तो दूसरे नंबर पे विश्व में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश जो है
  456. 35:07वो चीन है और उसके बाद जो है भारत की रैंक है अब इतनी ज्यादा जनसंख्या होगी तो इतनी
  457. 35:11ज्यादा जनसंख्या को पेट भरने के लिए खाद्यान तो चाहिए ना खाद्यान बोएंग तो
  458. 35:15खाद्यान्न बोएंग तो भारत में अधिकतर भूमि कृषि कार्यों के लिए उपयोग की जाएगी और
  459. 35:19कृषि कार्यों के लिए उपयोग की जाएगी बल्कि बहुत जो है हम लोगों की जनसंख्या जिस
  460. 35:23हिसाब से बढ़ रही है जनसंख्या बढ़ने के कारण क्या हो रहा है कि अब इस जनस संख्या
  461. 35:28को और क्या चाहिए इस जनसंख्या को अच्छी सुविधाएं भी चाहिए इसको उद्योग भी चाहिए
  462. 35:31इसको स्कूल भी चाहिए इसको हॉस्पिटल भी चाहिए इस वजह से भी जो है भूमि उपयोग में
  463. 35:36परिवर्तन देखा जाता है और जब हम लोगों को बहुत ज्यादा खाद्यान की जरूरत होती है
  464. 35:41किसी देश की जनसंख्या बहुत ज्यादा होती है तो फोकस होता है कि भाई कैसे ना कैसे करके
  465. 35:45हर भूमि का एक मैक्सिमम यूटिलाइजेशन हम किस तरीके से उसको बेहतर उपयोग में ला
  466. 35:50सकते हैं इस बात पर फोकस किया जाता है चाहे हम कुछ भी करें तो इसके लिए क्या
  467. 35:55किया जाता है इसके लिए किया जाता है कि भाई सीमांत भूमि या ऐसी भूमि जो पहले
  468. 35:59उपयोग में नहीं की जा रही थी उस भूमि को भी हम लोग उपयोग में कर लें क्योंकि हमारे
  469. 36:02देश की जनसंख्या बहुत ज्यादा है कम से कम कुछ लोगों को तो फायदा होगा इसलिए ऐसी
  470. 36:07भूमि भी उपयोग में कर ली जाती है जहां पर खेतीबाड़ी नहीं हो रही थी कुछ सालों से
  471. 36:10लेकिन अब हमें खेतीबाड़ी करने की जरूरत है क्यों क्योंकि देश की जनसंख्या बढ़ रही है
  472. 36:14और उनको खाद्यान्न तो उपलब्ध कराना ही है तो देखिए अर्थव्यवस्था का जो आकार होता है
  473. 36:19ना वो डिसाइड करता है कि भूमि उपयोग में परिवर्तन किस प्रकार होगा तो पहली चीज तो
  474. 36:24हो गई अर्थव्यवस्था का आकार अब दूसरी चीज क्या होती दूसरा समय के साथ अर्थव्यवस्था
  475. 36:29की संरचना में बदलाव होता है दूसरे शब्दों में तृतीयक और द्वितीयक और तृतीयक
  476. 36:33सेक्टरों में प्राथमिक सेक्टर की अपेक्षा अधिक तीव्रता से वृद्धि होती है इस प्रकार
  477. 36:37के परिवर्तन भारत जैसे विकासशील देश में एक सामान्य बात है इस प्रक्रिया में
  478. 36:42धीरे-धीरे कृषि भूमि गैर कृषि कार्यों से संबंधित कार्यों में प्रयुक्त हो जाती है
  479. 36:46आप पाएंगे कि इस प्रकार के परिवर्तन शहरों के चारों तरफ अधिक तीव्र है जहां कृषि भम
  480. 36:51को इमारतों के लिए उपयोग किया जा रहा है अब देखिए दूसरा पॉइंट ये कहना चाह रहा है
  481. 36:55कि समय के साथ किसी देश की अर्थव्यवस्था अवथा में परिवर्तन होता है समय के साथ
  482. 36:59मतलब आज मान लीजिए आज से हम लोग तुलना करें 50 साल पहले की तो भारत में बहुत
  483. 37:03ज्यादा लोग खेतीबाड़ी किया करते थे कृषि पर निर्भर लोगों की जनसंख्या क्या थी
  484. 37:07ज्यादा थी लेकिन आज से हम 50 साल बाद अगर हम 2024 और 2025 की बात करें तो इस इस
  485. 37:13दौरान जो है अधिकतर लोग वो जो हैं उनको खेतीबाड़ी तो नहीं करना उनको इंडस्ट्रीज
  486. 37:18में जो है अपने हाथ पैर आजमाने हैं उनको इंडस्ट्रीज के साथ सर्विस सेक्टर में जाना
  487. 37:23है उनको अच्छे स्कूल चाहिए उनको अच्छी बिल्डिंग्स हॉस्पिटल चाहिए उनको अन्य
  488. 37:27सुविधाएं जो है रहने के लिए चाहिए बड़े-बड़े फ्लैट्स चाहिए तो जैसे-जैसे समय
  489. 37:32बीतता है ना किसी देश की अर्थव्यवस्था प्राथमिक
  490. 37:37क्षेत्र से या प्राइमरी सेक्टर से वो चेंज हो जाती
  491. 37:41है द्वितीयक की तरफ और द्वितीयक से चेंज हो जाती है तृतीयक की तरफ और ये विकास का
  492. 37:48सूचक भी है मान लीजिए कि कोई देश जो है वहां पर जनसंख्या या वहां के अधिकतर लोग
  493. 37:53मान लीजिए खेतीबाड़ी कर रहे हैं तो खेतीबाड़ी मान लीजिए अधिक कर रहे हैं ना
  494. 37:57तो आप पाएंगे कि वो देश या तो विकासशील होता है या अल्प विकसित होता है लेकिन
  495. 38:01जैसे ही अर्थव्यवस्था का स्वरूप चेंज हो जाता है और मान लीजिए उस देश में
  496. 38:05इंडस्ट्रीज लगने लगती हैं जैसे कि samsung-ro
  497. 38:27चाहे वह
  498. 38:57योगदान जो होता है वो बढ़ता जाता है जैसे कि हमारा सपना है भारत सरकार का सपना है
  499. 39:02कि 204 7 तक भारत को जो है विकसित देश की कैटेगरी में खड़ा करना है भारत एक डेवलप्ड
  500. 39:08नेश नेशन जो है वो होना चाहिए जैसे कि आज के समय में अमेरिका है जापान है सिंगापुर
  501. 39:13है जो है एक विकसित देश है या यूरोप के अधिकतर देश हैं वो विकसित देशों की
  502. 39:17कैटेगरी में आते हैं हमारा सपना है कि 204 7 तक जो है हम जो है एक विकसित देशों की
  503. 39:22जो है कैटेगरी में शामिल हो अगर हम विकसित देशों की कैटेगरी में या वर्गीकरण में
  504. 39:26शामिल हो होंगे तो आप मुझे बताइए तो क्या हम प्राथमिक क्षेत्र में या एग्रीकल्चर से
  505. 39:31सेक्टर में संलग्न होंगे या द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र में संलग्न होंगे आप आप
  506. 39:35पाएंगे कि हम प्राथमिक क्षेत्र में संलग्न ना होकर हम द्वितीयक और तृतीय क्षेत्र में
  507. 39:39संलग्न हो आप लोगों का कहना आप लोगों का मानना ये होगा कि सर ऐसा होना चाहिए कि आज
  508. 39:44हमारी कोई बड़ी कंपनी जो है वो ग्लोबल अगर हम स्टैंडर्ड के हिसाब से देखें तो बहुत
  509. 39:49बहुत कम ऐसी इंडियन कंपनीज हैं जो ग्लोबल ग्लोबली जो है वो अपना नाम कमा रही हैं
  510. 39:53अगर हम दो-तीन कंपनियों को छोड़ दें जैसे कि टा हो गया या
  511. 39:57या
  512. 40:26mahindra-ecat वजह से आगे नहीं वो आगे है द्वितीय क्षेत्र यानी मैन्युफैक्चरिंग
  513. 40:30सेक्टर की वजह से आज देखिए हर चाइना के द्वारा निर्मित चीज दूसरे देशों में भेजी
  514. 40:34जा रही है पूरा भारतीय बाजार भरा पड़ा है मेड इन चाइना प्रोडक्ट से तो जैसे-जैसे
  515. 40:39देश जो होता है प्रगति करता है वैसे-वैसे वहां की भूमि उपयोग परिवर्तनों में जो है
  516. 40:45भूमि का जो उपयोग है उसमें भी परिवर्तन देखा जाता है तो वहां इमारतों में भी लो
  517. 40:49अब लोगों की डिमांड बढ़ेगी कि भैया अब हम गांव में नहीं रहेंगे अब हम फ्लैट्स में
  518. 40:52रहेंगे चाहे दिल्ली मुंबई चेन्नई कोलकाता और बड़े-बड़े जो शहर हैं राजधानी शहर आप
  519. 40:56देख सकते हैं अब वहां पर इमारतें या फ्लैट्स जो हैं वो बनेंगे वहां की जो कृषि
  520. 41:00कार्यों के लिए प्रयुक्त भूमि है अब वो किसके लिए उपयोग की जाएगी वो की जाएगी कि
  521. 41:04वहां पर प्लॉट्स जो है कटने लगे वहां पर बिल्डिंग्स जो हैं वो बनने लगी दूसरा
  522. 41:08पॉइंट उम्मीद करता हूं आप लोगों को बहुत अच्छे से क्लियर हो गया होगा तीसरा पॉइंट
  523. 41:12देख लेते हैं यद्यपि समय के साथ कृषि क्रियाकलापों का अर्थव्यवस्था में योगदान
  524. 41:16सम कम होता जाता है भूमि पर कृषि क्रियाकलापों का दबाव कम नहीं होता कृषि
  525. 41:21भूमि पर बढ़ते दबाव के कारण देखिए देखिए ये तो हम लोगों ने समझ लिया कि बढ़ते समय
  526. 41:26के साथ जो है ना वो तो कृषि क्रियाकलापों का अर्थव्यवस्था में योगदान कम होते जाता
  527. 41:30है समय के साथ जैसे आज से अगर मैं 1950 51 की बात करूं तो हमारी जीडीपी में जीडीपी
  528. 41:35मतलब आप ऐसा समझ लीजिए कि राष्ट्रीय आय में अगर हमारे देश को ₹1 की कमाई होती थी
  529. 41:40ना अगर 1950 51 की मैं बात करूं हमारे देश को ₹1 की कमाई होती थी ना तो 50 किससे आते
  530. 41:46थे पता है आप लोगों को वो खेतीबाड़ी से आते थे 1950 51 में अगर मैं 2 24 और 2023
  531. 41:54की मान लीजिए बात करूं 2023 2024 की बात करूं तो हमारे देश में ₹1 में से पता है
  532. 42:00सिर्फ ₹1 ही खेतीबाड़ी से आते हैं तो समझ रहे हैं आप समय के साथ अर्थव्यवस्था में
  533. 42:05योगदान जो होता है वो खेतीबाड़ी का वो कम होता जाता है पहले 50 आ रहे थे अब देखिए
  534. 42:10मैं रुपए के सेंस में बता रहा हूं 50 पर आप मान सकते हैं अगर मान लीजिए 100 करोड़
  535. 42:14की अर्थव्यवस्था है तो मान लो ये 50 करोड़ खेती से आते थे 2023 24 में कितने आ रहे
  536. 42:19हैं सिर्फ 14 करोड़ ही 14 पर ही हमको जीडीपी में जो है योगदान दे पा रही है
  537. 42:23खेती लेकिन यहां पर दिक्कत हमारे साथ यह है कि भूमि पर दबाव जो है ना वो कम नहीं
  538. 42:28हो रहा मतलब लोग जो है ना वो अभी भी खेतीबाड़ी में लगे हुए हैं भले ही फायदा
  539. 42:32हो चाहे ना हो मान लीजिए कोई एक फैमिली है जिसमें मान लीजिए सिर्फ दो लोग रह रहे हैं
  540. 42:38पति-पत्नी रह रहे हैं उनके पास 10 एकड़ जमीन है ठीक है बाद में उन लोगों उन लोगों
  541. 42:43के बच्चे हो गए और मान लीजिए तीन बच्चे हो गए ठीक है दो लोग थे उन लोगों के जो है
  542. 42:48पति-पत्नी थे उनके कितने बच्चे हो गए उनके तीन बच्चे हो गए और तीन बच्चे होने के बाद
  543. 42:52कितनी जनसंख्या हो गई वो जनसंख्या हो गई उस परिवार की पांच फिर भी देखिए भूमि
  544. 42:56कितनी र वो 10 एकड़ ही रहेगी अब देखिए मान लीजिए यहां पर पांच लोग हो गए और 10 एकड़
  545. 43:01जमीन हो गई तो आप समझ रहे हैं ना पहले हर एक व्यक्ति के हिस्से में पाच पांच एकड़
  546. 43:05जमीन थी अब हर एक व्यक्ति के हिस्से में कितनी जमीन है दो दो एकड़ जमीन है मतलब
  547. 43:09भूमि पर जो दबाव है ना वो तो बढ़ते ही जा रहा है फिर जो मान लीजिए तीन लोग तीन
  548. 43:14बच्चे हुए उन तीन बच्चों की भी शादी होगी फिर उनके भी बच्चे होंगे लेकिन जिस अनुपात
  549. 43:18से जनसंख्या बढ़ रही है परिवार का साइज बढ़ रहा है उस अनुपात से जो परिवार है
  550. 43:22उसके पास भूमि जो है वो नहीं बढ़ रही 10 एकड़ है 10 से मान लीजिए ज्यादा से ज्यादा
  551. 43:2611 12 एकड़ जमी जो है भूमि वो ले लेगा लेकिन पर हेक्टेयर जो भूमि रहेगी किसी
  552. 43:31व्यक्ति के पास जब बंटवारा होगा ना तो प्रति हेक्टेयर जो प्रति व्यक्ति जो है ना
  553. 43:36जिसके पास भूमि रहेगी वो कम ही होती जाएगी इसी को बोलते हैं कि कृषि भूमि पर जो दबाव
  554. 43:40है ना वो बढ़ता जा रहा है अब ये दबाव क्यों बढ़ रहा है इसके कुछ कारण है आइए उन
  555. 43:45कारणों को समझ लेते हैं पहला कारण क्या है प्रायः विकासशील देशों में जहां जहां
  556. 43:50विकासशील वर्ड आ है ना वहां व आप लोगों को भारत समझ लेना है जैसे कि यहां पर मैं लिख
  557. 43:54दे रहा हूं कि भारत
  558. 43:58प्रायः विकासशील देशों में कृषि पर निर्भर व्यक्तियों का अनुपात अपेक्षाकृत
  559. 44:02धीरे-धीरे घटता है जबकि कृषि पर सकल घरेलू उत्पाद में योगदान तीव्रता से कम होता है
  560. 44:08देखिए क्या बोला जा रहा है कि विकासशील देशों में जैसे कि भारत में कृषि पर
  561. 44:12निर्भर व्यक्तियों का अनुपात अपेक्षाकृत धीरे-धीरे घटता है ये धीरे-धीरे वर्ड यहां
  562. 44:16पर बहुत इंपॉर्टेंट है कृषि पर निर्भर व्यक्ति कृषि पर जितने लोग डिपेंडेंट है
  563. 44:20ना जैसे आज से आप तुलना करिए आप सभी स्टूडेंट्स हैं अपनी फैमिली में अपने
  564. 44:24दादाजी या पापा जो हैं या उनके पहले की फैमिली देख ली या देखिएगा अधिकतर लोग
  565. 44:28खेतीबाड़ी करते थे अब खेतीबाड़ी से जो है वो धीरे-धीरे मूव कर रहे हैं अब दूसरे
  566. 44:33सेक्टर्स में जा रहे हैं लेकिन ये जो परिवर्तन है ये परिवर्तन बहुत ज्यादा
  567. 44:37धीरे-धीरे हो रहे हैं देखिए क्या लिखा हुआ है कि भारत जैसे देशों में कृषि पर निर्भर
  568. 44:40व्यक्तियों का अनुपात धीरे-धीरे घट रहा है लेकिन जबकि कृषि पर सकल घरेलू उत्पाद में
  569. 44:47जो योगदान है ना वो तीव्रता से कम होता है मतलब अर्थव्यवस्था में जो योगदान है कृषि
  570. 44:51का पैसे के हिसाब से अगर हम लोग देखें तो वो तेजी से घट जाता है मतलब लोग धीरे-धीरे
  571. 44:56घट रहे हैं लेकिन योगदान जो है ना वो तेजी से जो होता है वो कम हो जाता है अभी मैंने
  572. 45:00बताया था कि 1950 51 में योगदान कितना था % था 50 का था लेकिन अब 2023 24 में
  573. 45:06योगदान कितना है सिर्फ ₹1 का तो कितना तेजी से जो है वो जो है घटाव देखने को
  574. 45:11मिला है लेकिन कृषि में आप निर्भर लोगों को देखेंगे ना तो वो धीरे-धीरे घट रहे हैं
  575. 45:16तो ये दिक्कत है भारत के साथ बहुत बड़ी वह जनसंख्या जो कृषि सेक्टर पर निर्भर होती
  576. 45:20है प्रतिदिन बढ़ती ही जाती है अगर हम लोग देखें वह जनसंख्या जो खेती बन कृषि सेक्टर
  577. 45:25में या एग्रीकल्चर सेक्टर में निर्भर होती है वो धीरे-धीरे जो होती है प्रतिदिन
  578. 45:28बढ़ती जाती है क्यों क्योंकि मैंने आप लोगों को बताया बच्चे हो गए फिर बच्चों के
  579. 45:31बच्चे हो गए फिर बच्चों के बच्चों के बच्चे हो गए तो इस तरीके से परिवार का
  580. 45:35साइज अगर बढ़ता है तो उनकी जो निर्भरता है जो खेती पर क्योंकि खेत तो सीमित सीमित ही
  581. 45:40है उनकी निर्भरता जो है वो बढ़ती जाती है खेतीबाड़ी के ऊपर तो ये दिक्कत है क्या
  582. 45:46दिक्कत है यही कारण है कि भूमि पर कृषि पर दबाव जो है ना वो कम नहीं हो रहा उम्मीद
  583. 45:52करता हूं ये दो पॉइंट आप लोगों को समझ में आ गए होंगे ठीक है आप लोग यहां पर देख
  584. 45:56सकते हैं ये चार्ट मैंने आप लोगों के लिए लेकर आया हूं जो हम लोगों ने नौ वर्गीकरण
  585. 45:59पढ़े थे ना नौ वर्गीकरण में से ये अलग-अलग देखिए वर्गीकरण बताए गए हैं खासकर इसमें
  586. 46:04ईयर कौन सा बताया गया है एक
  587. 46:08सेकंड हां इसमें 2 साल का जो है तुलना जो है ना यहां पर दो सालों की तुलना बताई गई
  588. 46:15है एक साल है 1950 और 51 का और एक साल है 201415 का आप लोगों को डेटा याद नहीं रखना
  589. 46:21है यहां पर चीजें आप लोगों को क्लियर हो इस तरीके इसलिए जो है यहां पर चीजें जो है
  590. 46:26वो बताई गई है चीजें क्लियर होना बहुत जरूरी है इसलिए यहां पर कंपैरिजन किया गया
  591. 46:29है दो 1950 51 का और 201415 का देखिए हम लोगों ने भूमि का जिन नौ प्रकारों में
  592. 46:37वर्गीकरण किया था जो हम लोगों ने पढ़ा था कि भूरा स्व विभाग जो है वह नौ प्रकारों
  593. 46:41से भूमि को वर्गीकृत करता है उन नौ वर्गीकरण में पिछले कुछ सालों में क्या
  594. 46:45परिवर्तन देखे गए हैं हालांकि 1950 51 और 2015 और 1415 का ही डटा है लेकिन आप
  595. 46:51ट्रेंड जो है वो समझ सकते हैं जैसे कि वनों के अधीन क्षेत्र देखिए आप लोग वनों
  596. 46:56के अधीन क्षेत्र देखिए पहले 17 पर था अब कितना है 23.3 पर अगर मैं देखूं आप लोगों
  597. 47:02को गैर कृषि कार्यों में जो प्रयुक्त भूमि है पहले 3.2 प्र थी वो अब कितनी हो गई 8.7
  598. 47:07प्र अगर मैं बंजर और व्यर्थ भूमि की बात करूं वो 13.4 पर थी पहले अब कितनी कम हो
  599. 47:13गई है वो हो गई है 5.5 प्र तो बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं
  600. 47:18जिसमें परिवर्तन हुआ है पॉजिटिवली और बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं जिस पर जिसमें
  601. 47:22परिवर्तन हुआ हुआ है नेगेटिवली ये जो चार्ट है वो एनसीआरटी में दिया हुआ है है
  602. 47:27आप लोग देख सकते हैं लेकिन मैं आप लोगों से एक चीज
  603. 47:30कहूंगा हम लोगों ने सकल जो है ना सकल कृषि भूमि देखी थी मतलब
  604. 47:36नेट देखी थी तो नेट में हम लोगों ने क्या देखा था हम लोगों ने देखा था वर्तमान
  605. 47:40प्रति भूमि हम लोगों ने देखा था पुरातन प्रति भूमि हम लोगों ने निविल बोया गया
  606. 47:44क्षेत्र देखा था और हम लोगों ने कृषि योग्य व्यर्थ भूमि देखी थी ये चार देखे थे
  607. 47:48तो मैं आप लोगों से निवेदन करूंगा कि इन चार में क्या परिवर्तन हुए हैं कुछ सालों
  608. 47:52में खासकर 1950 51 से अगर मैं 1900 201415 की बात करूं तो इन चार क्षेत्रों के नाम
  609. 47:58जो है आप लोगों को पता होने चाहिए मतलब डाटा याद करने केलिए बोल रहा हूं इनमें
  610. 48:02ट्रेंड क्या रहा है क्या बढ़ा है क्या घटा है बेसिकली हालांकि अभी हम नेक्स्ट स्लाइड
  611. 48:07में देखने वाले हैं कि किसमें बढ़ोतरी और किसमें घटो तरी हुई है हम लोग वो चीज
  612. 48:11देखने वाले हैं अभी लेकिन आप लोग इन चार चार जो डाटा है या चार जो स्लाइड्स है उन
  613. 48:15पर नजर जो है वो बनाए रखिएगा अब देखिए यहां पर बताया गया है कि
  614. 48:20पिछले चार या पांच दशकों में भारत की अर्थव्यवस्था में मुख्य बदलाव आए हैं चार
  615. 48:24पाच दशकों में ओबवियसली बदलाव तो आएंगे ही इसने देश के भू उपयोग में भी परिवर्तन को
  616. 48:28प्रभावित किया है वर्ष 1950 51 और 201 1415 के दौरान हुए इस परिवर्तन को इस
  617. 48:34डायग्राम में ये वाला जो चित्र हम लोगों ने देखा इसमें दिखाया गया है ठीक है अगर
  618. 48:38हम लोग देखें चित्र से तो चित्र से पता चलता है कि चार संवर्ग में वृद्धि और चार
  619. 48:43संवर्ग के अनुपात में कमी हुई है मतलब कोई चार क्षेत्र ऐसे हैं ये चार भूमि ऐसी है
  620. 48:48जिसमें बढ़ोतरी हुई है और चार भूमि ऐसी है जिसमें कमी देखी गई आप बोलेंगे सर सर आपने
  621. 48:53तो नौ वर्गीकरण बताए थे चार और चार ये तो आठ हुआ दरअसल कोई दो वर्गीकरण को बीच में
  622. 48:57मिला दिया गया है जैसे कि आप देख सकते हैं यहां पर वर्तमान प्रति के अतिरिक्त जो
  623. 49:02प्रति भूमि है ना उसको यहां पर मिला दिया गया है इसलिए चार वर्गीकरण हो गए ठीक है
  624. 49:06अब कौन से चार वर्गीकरण है जिसमें ब हमें बढ़ोतरी देखी गई है वो हम लोग देख लेते
  625. 49:10हैं और किसमें कमी देखी गई है वो भी देख लेते हैं ठीक है वन क्षेत्रों गैर कृषि
  626. 49:15कार्यों में प्रयुक्त भूमि वर्तमान प्रति भूमि और निवल बोया गया क्षेत्र आदि के
  627. 49:19अनुपात में वृद्धि हुई है ठीक है कौन-कौन से क्षेत्र हैं जिसमें वृद्धि हुई है वन
  628. 49:22क्षेत्रों के अंतर्गत वृद्धि हुई है देख लीजिए मैंने आप लोगों को बताया वन के
  629. 49:25अंतर्गत वृद्धि हुई है ग्राफ देख लीजिए डार्क वाला जो है वो ऊपर जा रहा है वन
  630. 49:29क्षेत्रों में वृद्धि हुई है गैर कृषि कार्यों में प्रयुक्त जो भूमि है उसमें
  631. 49:34वृद्धि हुई है वर्तमान प्रति भूमि में वृद्धि हुई है और निविल बोया गया जो
  632. 49:37क्षेत्र है उसमें वृद्धि हुई है अब वृद्धि के कारण क्या है उन कारणों को हमको देखना
  633. 49:42है तो देखिए सबसे पहले देख लेते हैं गैर कृषि कार्यों में जो प्रयुक्त क्षेत्र दर
  634. 49:47अधिकतम है गैर कृषि कार्यों में जो प्रयुक्त भूमि है ना उसमें वृद्धि दर जो
  635. 49:50है ना वो अधिकतम है अब गैर कृषि कार्यों में प्रयुक्त भूमि कौन सी है ये वाली देख
  636. 49:54लीजिए इसमें बढ़ोतरी देखी गई है अब क्यों बढ़ोतरी देखी गई है उसका कारण देख लेते
  637. 49:59हैं हम लोग इसका कारण है भारतीय अर्थव्यवस्था की बदलती संरचना अब देखिए
  638. 50:04भारतीय अर्थव्यवस्था की बदलती संरचना जैसे जैसे लोग बढ़ेंगे जैसे जैसे लोग बढ़ेंगे
  639. 50:09तो लोगों की हॉस्पिटल्स की डिमांड स्कूल्स की डिमांड सड़कों की डिमांड बिल्डिंग्स की
  640. 50:13डिमांड जो है वो बढ़ेगी अब जैसे-जैसे ये डिमांड बढ़ेगी वैसे-वैसे गैर कृषि कार्यों
  641. 50:18में प्रयुक्त भूमि की डिमांड भी तो बढ़ेगी ना आज से 50 साल पहले क्या इतनी
  642. 50:22बिल्डिंग्स थी हमारे देश में आज से 50 साल पहले क्या इतनी कॉलोनी थी आज से 50 साल
  643. 50:27पहले क्या इतनी सड़कें जो थी वो इतनी घनी थी क्या इतने हॉस्पिटल्स थे क्या इतने
  644. 50:31स्कूल्स थे तो ऑब् वियस अगर जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था बढ़ती है वैसे-वैसे गैर कृषि
  645. 50:36कार्यों में प्रयुक्त भूमि भी जो है होती है बढ़ती है अब अगर आज से हम लोग 50 साल
  646. 50:40बाद की बात करें ये तो हम लोगों ने 50 साल पहले की देखा अगर हम 50 साल बाद की बात
  647. 50:44करें तो ओबवियसली नई कॉलोनी की जरूरत पड़ेगी नई बिल्डिंग्स की नई स्कूल की नए
  648. 50:48हॉस्पिटल्स की जरूरत पड़ेगी आज बन रहे हैं कि नहीं आज हम लोगों ने देखा एक मान लीजिए
  649. 50:52बुलेट ट्रेन बन रही है तो बुलेट ट्रेन कहां पर बनेगी कृषि कार्यों वाली जो भूमि
  650. 50:56होगी या गैर कृषि कार्यों वाली ही तो भूमि पर बनेगी ना तो इस तरीके से वो भूमि कम हो
  651. 51:00जाएगी तो ये देख लीजिए यहां पर गैर कृषि कार्यों में जो प्रयुक्त भूमि ना उसमें
  652. 51:04बढ़ोतरी देखी जाएगी क्योंकि डिमांड जो है ना अर्थव्यवस्था की समय के साथ बढ़ती जाती
  653. 51:09है तो गैर कृषि कार्यों में प्रयुक्त भूमि क्यों बढ़ रही है क्योंकि हमें समय के साथ
  654. 51:13भारत की जनसंख्या बढ़ रही है तो शहरों की बस्तियों की डिमांड जो होती है वो बढ़ती
  655. 51:18जा रही है अब देख लेते हैं देश में वन क्षेत्र में वृद्धि
  656. 51:22सीमांकन के कारण हुई है ना कि देश में वास्तविक अच्छादित क्षेत्र के कारण देख
  657. 51:26लीजिए अगर आप लोग ये चार्ट देखें तो आप लोग पाएंगे कि वन क्षेत्र में भी बढ़ोतरी
  658. 51:29हुई है 1950 51 में 17 पर थे अब 201415 में 23.3 पर अब आप बोलेंगे कि वन बहुत
  659. 51:36ज्यादा लग रहे हैं नहीं मैंने आप लोगों को बता दिया हूं कि वन ज्यादा नहीं लग रहे
  660. 51:39हैं वनों के अधीन जो आरक्षित क्षेत्र है ना उसमें बढ़ोतरी हुई है एक्चुअल में जो
  661. 51:44वन आवरण है उसमें बढ़ोतरी नहीं हुई है यही मैं बात आप लोगों को समझाना चाह रहा था
  662. 51:49अभी तक ठीक है और तीसरा कारण क्या है वर्तमान पति भूमि में वृद्धि को दो कारणों
  663. 51:54से समझा जा सकता है वर्तमान प्रति भूमि में क्षेत्र अनुसार समय अनुसार काफी उताव
  664. 51:59चराव की प्रवृत्ति रही है जो वर्षा की अनियमितता तथा फसल चक्र पर निर्भर है
  665. 52:03वर्तमान प्रति भूमि पहली बात होती क्या है वर्तमान प्रति भूमि जो एक साल से कम समय
  666. 52:07तक खाली रहती है अब उसमें बढ़ोतरी हो रही है मतलब ज्यादा हम भूमि को खाली छोड़ रहे
  667. 52:11हैं क्यों क्योंकि हमारी निर्भरता जो है ना वो पहली बात तो वर्षा पर बहुत ज्यादा
  668. 52:15है और वर्षा हमें पता है कभी आती है कभी नहीं हमें पता ये भी पता है कि जो खेती है
  669. 52:20उसे मानसून का जुआ कहा जाता है तो इसमें अनियमितता देखने को मिलती है इसलिए इसमें
  670. 52:24भी जो भूमि है वर्तमान प्रति भूमि उसमें भी हमें उतार चढ़ाव देखने को मिलता है और
  671. 52:28दूसरी बात कि फसल चक्र पर हम लोग क्या है निर्भर हैं मतलब हम बहुत ज्यादा फसल लगाते
  672. 52:32हैं एक चावल लगा लिया फिर गेहूं लगा लिया या कई बार हम खाली छोड़ देते हैं तो हम
  673. 52:36लोग जो है फसल चक्र पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं और उस निर्भरता की वजह से कई बार हमें
  674. 52:40भूमि जो है वो खाली छोड़नी पड़ती है तो ये जो चार हम लोगों ने क्षेत्र देखे उन चार
  675. 52:45क्षेत्रों में बढ़ोतरी के कारण क्या है उनमें हम उन चीजों को हम लोगों ने जान
  676. 52:49लिया अब कोई क्षेत्र ऐसे भी हैं जो जो हम लोगों ने जिनमें कमी देखी गई है लेकिन
  677. 52:53चौथी बात हम लोग यहां देख लेते हैं कि कृषि हेतु कृषियोग व्यर्थ भूमि के उपयोग
  678. 52:57के कारण निविल बोए गए क्षेत्र में वृद्धि एक वर्तमान परिघटना है देखिए निविल बोए गए
  679. 53:02क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है देख लीजिए आप दे ये जो लास्ट वाला क्षेत्र है वो
  680. 53:08निविल बोया गया क्षेत्र है ये निविल बोया गए क्षेत्र में देख लीजिए ग्राफ जो है वो
  681. 53:11ऊपर जा रहा है अब निबल बोया गया क्षेत्र क्या होता है ऐसा क्षेत्र जिसमें एक्चुअल
  682. 53:15में हमने बुआई और कटाई करी है अब एक्चुअल में बुआई और कटाई वाले क्षेत्र में
  683. 53:18बढ़ोतरी क्यों हुई है क्योंकि भाई जनसंख्या बढ़ गई है डिमांड बढ़ गई है तो
  684. 53:21हम लोगों ने उन भूमि को भी उपयोग में लाने लगे हैं जो भूमि कृषि कार्यों के लिए
  685. 53:25उपयोग नहीं थी जिसे हम लोग बोलते हैं कृषि कार्यों के लिए व्यर्थ भूमि कोई भूमि खाली
  686. 53:29पड़ी हो तो उस भूमि के कारण जो बोया गया क्षेत्र है उसमें हमें बढ़ोतरी देखने को
  687. 53:33मिल रही है क्योंकि हमें जनसंख्या का पेट भी तो भरना है ना अब देख लीजिए यहां पर
  688. 53:37कृषि हेतु कृषि योग्य व्यर्थ भूमि के उपयोग के कारण निविल बोए गए क्षेत्र में अ
  689. 53:42वृद्धि एक वर्तमान परिघटना है देखिए क्या लिखा हुआ है कृषि तो कृषि योग्य व्यर्थ
  690. 53:46भूमि कृषि योग्य व्यर्थ भूमि मतलब जो पहले खाली पड़ी हुई थी 5 साल से अधिक समय तक हम
  691. 53:51लोगों ने उस भूमि को भी उपयोग में लेना स्टार्ट कर दिया है इस अ इसीलिए जो है वो
  692. 53:56निविल क्षेत्र में वृद्धि हो रही है इससे पहले निविल बो गए क्षेत्र में धीमी गति से
  693. 54:01हास्य दर्ज किया गया था लेकिन हम लोग देखें इसके पहले अगर कुछ सालों की बात
  694. 54:05करें तो उसमें थोड़ा सा हमें गिरावट देखने को मिली थी ऐसे संकेत दिए गए हैं कि निविल
  695. 54:09गए निविल बोए गए क्षेत्र में न्यूनता का कारण और गैर कृषि कार्यों में प्रयुक्त
  696. 54:13भूमि के अनुपात में वृद्धि थी मतलब पहले ये वृद्धि थी लेकिन अब जो है अब उसमें
  697. 54:17धीरे-धीरे हमें गिरावट ही देखने को मिलेगी क्योंकि अब हमें पता है कि जहां-जहां खेत
  698. 54:21है वहां भी कॉलोनी कट जा रही है वहां भी उद्योग बन जा रहे हैं वहां भी स्कूल वहां
  699. 54:24भी हॉस्पिटल्स जो हैं वो बन बनते जा रहे हैं तो ये चार क्षेत्रों में वृद्धि क्यों
  700. 54:29हुई उसके कारण यहां पर बताए गए हैं आप लोग मन से भी ओबवियसली ये चीजें लिख सकते हैं
  701. 54:33कि भाई खेती के लिए जमीन के सड़क जो है सिकुड़ रही है या जो है अर्थव्यवस्था में
  702. 54:39परिवर्तन या आकार में परिवर्तन हो रहा है तो जमीन क सिकुड़ रही है वो सारे कारण आप
  703. 54:43मन से भी देख सकते हैं अब देखिए चार क्षेत्र ऐसे देख लिए जिसमें हमें बढ़ोतरी
  704. 54:46देखने को मिली है चार क्षेत्र ऐसे भी है ना जिसमें कमी देखने को मिली है आज उनके
  705. 54:50कारण भी देख लेते हैं कौन से क्षेत्र ऐसे हैं जिनमें कमी देखने को मिली है हमें
  706. 54:54देखने को मिली है बंजर भूमि में कमी हमें थ भूमि और कृषि योग्य व्यर्थ भूमि में कमी
  707. 54:58देखने को मिली है हमें चारागाह के अंतर्गत जो भूमि है उसमें कमी देखने को मिली है और
  708. 55:02हमें तरु भूमि जो है उसके अंतर्गत हमें कमी देखने को मिली है अब देखिए इन कमी के
  709. 55:06कारण क्या है वो हम लोग देख लेते हैं अगर आप लोग को ये जो ग्राफ है ना ये यहां
  710. 55:10क्लियर नहीं दिख रहा होगा तो आप एनसीआरटी की बुक ले और उन बुक में मार्क करें कि
  711. 55:14कौन-कौन से क्षेत्र ऐसे हैं जिसमें कमी है और कौन-कौन से क्षेत्र ऐसे हैं जिसमें
  712. 55:17वृद्धि है तभी आप लोगों को ये चीजें क्लियर होंगी ठीक है देख लेते हैं कमी के
  713. 55:22कारण क्या है समय के साथ जैसे-जैसे कृषि और गैर कृषि कार्य हेतु अ भूमि पर दबाव
  714. 55:27बड़ा है वैसे-वैसे व्यर्थ एवं कृषि योग्य व्यर्थ भूमि में समय अनुसार कमी इसकी
  715. 55:32साक्षी है देखिए समय के साथ क्या हुआ है कृषि और गैर कृषि कार्यों हेतु जो भूमि है
  716. 55:36उस पर दबाव बढ़ा है समय के साथ हमें पता है कि जनसंख्या बढ़ी है इसलिए जो जिस भूमि
  717. 55:40पर खेतीबाड़ी की जा रही थी या ऐसी भूमि जो भूमि खाली पड़ी हुई थी उस पर दबाव बड़ा है
  718. 55:45और वैसे-वैसे ही व्यर्थ भूमि और कृषि योग्य व्यर्थ भूमि इसमें कमी हो गई है
  719. 55:50क्यों क्योंकि व्यर्थ भूमि भी अब हम क्या करने लगे उसको उपयोग में लेने लगे हैं
  720. 55:54चाहे वो किसी भी कारण से लो और ऐसी भूमि भी हम उपयोग में लेने लगे हैं जो कृषि
  721. 55:58योग्य व्यर्थ भूमि हो तो समय के अनुसार जो है ऐसी भूमि पर दबाव बढ़ा अब मान लीजिए उस
  722. 56:03पर खेतीबाड़ी तो नहीं हो रही है लेकिन कोई और काम तो हम लोग कर सकते हैं ना तो ऐसी
  723. 56:07भूमि जो पहले खाली पड़ी हुई थी अब वो किसी ना किसी कार्यों के लिए उपयोग की जा रही
  724. 56:10है इसलिए उसमें क्या हो रहा है गिरावट देखी जा रही है चारागाह भूमि में भी कमी
  725. 56:14हो रही है चारागाह भूमि में कमी क्यों हो रही है मतलब ऐसी भूमि जो जानवरों के लिए
  726. 56:17आरक्षित थी उसमें भी कमी हो रही है क्योंकि लोग या तो कब्जा कर ले रहे हैं या
  727. 56:21फिर कोई निजी व्यक्ति जो है उसमें अतिक्रमण कर ले रहा है चारा का भूमि में
  728. 56:24कमी का कारण है कि कृषि भूमि पर दबाव बढ़ता जा रहा है साक्षी जो साझी जो
  729. 56:29चारागाह गैर कानूनी तरीके से कृषि भूमि का विस्तार ही इसकी न्यूनता का मुख्य कारण है
  730. 56:33मतलब गैर कानूनी तरीके से लोग उस पर कब्जा कर ले रहे हैं और या फिर ऐसी भूमि जो है
  731. 56:38वो कृषि भूमि पर दबाव मतलब जिन लोगों के पास भूमि नहीं है मान लीजिए कोई व्यक्ति
  732. 56:41आर्थिक जिस कोई व्यक्ति ऐसा है जिसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है जो गरीब
  733. 56:46इंसान है तो वो व्यक्ति क्या करेगा तो उसके पास कोई निजी प्रॉपर्टी तो नहीं है
  734. 56:49तो ऐसी प्रॉपर्टी पर नजर रखता है जो भूमि जो है कॉमन हो जो सभी की हो तो वो क्या
  735. 56:54करता है उस भूमि पर थोड़ी बहुत समय के लिए खे ख कर लेता है इसलिए जो चारागाह भूमि है
  736. 56:58वो कम पड़ जाती है क्योंकि वो ऐसे कार्य ऐसे लोग उसको उपयोग करने लगते हैं जो
  737. 57:02जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है या फिर लोग इस पर क्या कर लेते हैं कब्जा कर लेते
  738. 57:06हैं तो इन दो कारणों से चारागाह जो भूमि है उसमें भी कमी देखने को मिली है तो
  739. 57:11उम्मीद करता हूं किन चार क्षेत्रों में हमें कमी देखने को मिली है किन चार
  740. 57:14क्षेत्रों में बढ़ोतरी देखने को मिली है वो आप लोग याद कर लेंगे कुछ भी रटने जैसा
  741. 57:19नहीं है अगर समझ लिया आप लोगों ने वो आठ नौ वर्गीकरण अगर आप लोगों को समझ में आ गए
  742. 57:23वो ग्राफ समझ में आ गया तो आप मन से भी लिख सकते हैं हां ये जरूर आप लोग याद
  743. 57:27रखिएगा किसमें बढ़ोतरी और किसमें कमी हुई है कारणों को आप मन से निकलेंगे लेकिन कौन
  744. 57:31से क्षेत्रों में बढ़ोतरी और कौन से क्षेत्रों में कमी हुई है ये आप लोगों को
  745. 57:35देखना पड़ेगा खैर ये टॉपिक तो हम लोगों का
  746. 57:38कंप्लीट हो गया अब हम लोगों को समझना है कॉमन प्रॉपर्टी रिसोर्सेस या हम लोग
  747. 57:43सीपीआर जो है इसको बोलते हैं साझा संपत्ति संसाधन जो है इसको हम लोग समझ लेते हैं
  748. 57:47साझा संपत्ति संसाधन क्या होते हैं भूमि के स्वामित्व के आधार पर इसे मोटे तौर पर
  749. 57:51दो वर्गों में बांटा जा सकता है देखिए भूमि का स्वामित्व मतलब भूमि पर अधिकार
  750. 57:55किसका उसके आधार पर अगर हम लोग देखें तो किसी भी भूमि को हम लोग जो है वो दो तरीके
  751. 58:00से वर्गी वर्गीकृत जो है वो कर सकते हैं एक भूमि होती है निजी भूमि निजी भूमि का
  752. 58:05मतलब क्या होता है ऐसी भूमि जो निजी लोगों की होती है प्राइवेट लोगों की होती है उसे
  753. 58:08हम लोग बोलते हैं निजी भूमि जैसे कि आपका खुद का जो मकान है आपके मकान की साइड में
  754. 58:12अगर प्लॉट आपका है तो वो आपकी कौन सी भूमि है निजी भूमि है और ऐसी भूमि जो सभी लोगों
  755. 58:17की है उसको हम लोग बोलते हैं साझा संपत्ति अब निजी भूमि तो आप लोगों को नहीं पढ़ना
  756. 58:21है साझा संपत्ति क्या होती है उसको हम लोग पढ़ लेते हैं देखिए पहले वर्ग की भूमि पर
  757. 58:25व्यक्तियों का निजी सामित्व इस पर तो निजी स्वामित्व होता है अथवा कुछ व्यक्तियों का
  758. 58:28सम जो निजी भूमि होती है ना या तो इस पर किसी एक व्यक्ति का अधिकार होगा प्राइवेट
  759. 58:33व्यक्ति का या फिर दो-तीन लोग जो पार्टनरशिप में होंगे उन लोगों का अधिकार
  760. 58:38होगा लेकिन दूसरे वर्ग की जो भूमिया होती है वो सामुदायिक उपयोग हेतु राज्यों के
  761. 58:42सममित में होती है तो दूसरे तरीके की जो भूमि होती है ना जिसको हम लोग साझा
  762. 58:46संपत्ति संसाधन बोलते हैं ये सामुदायिक उपयोग की होती है अब सामुदायिक उपयोग क्या
  763. 58:51होता है सामुदायिक का मतलब होता है सभी लोग सामुदायिक का मतलब क्या होता है सभी
  764. 58:54लोग तो सामुदायिक उपयोग की भूमि होती है कौन सी भूमि साझा संपत्ति संसाधन इसको
  765. 59:00बोलते हैं ठीक है साझा संपत्ति संसाधन पशुओं के लिए चारा घरेलू उपयोग हेतु ईंधन
  766. 59:05लकड़ी और साथ ही अन्य वन उत्पाद जैसे फल रेशे गिरी औषधीय पौधे आदि उपलब्ध कराती है
  767. 59:11तो साजा संपत्ति भूमि होती है ना जिस पर सभी का अधिकार होता है वो भूमि जो है किस
  768. 59:16लिए उपयोग की जाती है वहां से लोग क्या कर लेते हैं चारा इकट्ठा कर लेते हैं जानवरों
  769. 59:19के लिए या फिर वहां से ईधन लकड़ी इकट्ठा कर लेती हैं गांव की जो महिलाएं हैं वहां
  770. 59:23से लकड़ियां जो है वो लाती हैं या फिर अन्य फल उत्पाद जैसे मान लीजिए वहां पर
  771. 59:27कोई फूल फल के पेड़ लगे हो या रेशेदार कुछ वृक्ष लगे हो या फिर कुछ औषधीय पौधे लगे
  772. 59:32हो वो इनकी जो है इन जगहों को उपयोग किया जाता है कौन सी जगह जो साझा संपत्ति
  773. 59:37संसाधन होती है ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन छोटे कृषकों तथा अन्य आर्थिक रूप
  774. 59:42से कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के जीवनयापन में इन भूमियों का विशेष महत्व है वही
  775. 59:47मैंने बोला कि ऐसे लोग जिनके आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती जो बहुत गरीब होते
  776. 59:52हैं अब गरीब लोग होते हैं तो उनके पास प्राइवेट प्रॉपर्टी प्राइवेट घर या
  777. 59:55प्राइवेट भूमि तो नहीं नहीं होती तो वो क्या करेंगे ऐसी भूमि पर जाएंगे जो भूमि
  778. 59:59सार्वजनिक हो कुल मिलाकर सरकार की हो तो सरकारी भूमि पर जाते हैं वहां मकान बना
  779. 1:00:02लेते हैं छोटे एरिया में खेतीबाड़ी जो है वो कर लेते हैं और उनके लिए जो है इस भूमि
  780. 1:00:07का विशेष महत्व है क्योंकि उनकी जो रोजी रोटी है वो इसी भूमि से चलती है क्योंकि
  781. 1:00:11इनमें से अधिकतर भूमिहीन होने के कारण पशुपालन से प्राप्त आजीविका पर निर्भर है
  782. 1:00:15क्योंकि साज संपत्ति संस्थान जो गरीब लोग होते हैं या तो उनके पास दो-तीन जानवर
  783. 1:00:19होते हैं उन जानवरों से ही उनका काम चलता है तो या तो वो दूध बेच देंगे या कुछ
  784. 1:00:23दूसरे प्रोडक्ट है तो पशुपालन से ही उनके जीविका चलती है इसलिए वो जमीन उन उस उन
  785. 1:00:28जमीन पर उनकी नजर रहती है जो भूमि जो होती है वो साझा लोगों की होती है जो सभी की
  786. 1:00:33रहती है और उस पर अधिकार किसका होता है या तो ग्राम पंचायत का होता है या राज्य
  787. 1:00:37सरकारों का होता है ये बात आप लोग याद रखिएगा देखिए बहुत माइन्यूट से माइन्यूट
  788. 1:00:42चीजें हम लोग पढ़ रहे हैं अगर वीडियो पसंद आ रही है तो वीडियो को लाइक करें कोई चीज
  789. 1:00:46अगर आप लोगों को डाउटफुल यदि ऐसा लग रहा है कि सर हमें ये चीज समझ नहीं आई
  790. 1:00:49कांसेप्ट क्लियर नहीं हो रहा है तो आप विचक जो है वहां पर कमेंट कर सकते हैं अगर
  791. 1:00:53चीजें क्लियर हो रही है तो डेफिनेटली आप लोगों को लाइक करना है महिलाओं के लिए भी
  792. 1:00:58इन भूमियों का विशेष महत्व महिलाओं के लिए जो घरों की महिलाएं होती हैं उनके लिए भी
  793. 1:01:01इन भूमियों का विशेष महत्व है क्यों क्योंकि भैया जो अपने घरों के लिए मान
  794. 1:01:04लीजिए लकड़ियां इकट्ठे करते हैं भाई पति तो जो है मान लीजिए खेत चले गए और महिलाओं
  795. 1:01:08की जिम्मेदारी होती है जो रात के खाने के लिए चूल्हे के लिए जो है लकड़ियां इकट्ठा
  796. 1:01:12करती हैं क्योंकि आज भी गांव में बहुत से घर ऐसे हैं जहां पर एलपीजी सिलेंडर नहीं
  797. 1:01:17है वो चूल्हे पर जहां पर है रोटियां बनती हैं क्योंकि ग्रामीण इलाकों में चारा और
  798. 1:01:21ईंधन लकड़ी के लिए एकत्रीकरण की जो जिम्मेदारी होती है वो महिलाओं की होती है
  799. 1:01:25इन भूमियों में कमी से उन्हें चारे तथा ईंधन की तलाश में दूर तक भटना भटकना पड़ता
  800. 1:01:29है अगर साझा संपत्ति संसाधन मतलब कॉमन प्रॉपर्टी जो होती है उसमें अगर कमी होती
  801. 1:01:33है तो इन महिलाओं को दूर तक जाना पड़ता है अपने घरों के लिए लकड़ी इकट्ठी करने या
  802. 1:01:38फिर चारा इकट्ठा करने साझा संपत्ति संसाधनों को सामुदायिक प्राकृतिक संसाधन
  803. 1:01:43भी कहा जाता है जहां सभी सदस्यों को इसके उपयोग का अधिकार होता है भाई साझा का मतलब
  804. 1:01:47होता है सभी उपयोग करेंगे तथा किसी विशेष के संपत्ति अधिकार ना होकर सभी सदस्यों के
  805. 1:01:52कुछ विशेष कर्तव्य भी हैं अब देखिए सबके अधिकार नहीं है सबके कर्तव्य भी होते हैं
  806. 1:01:56गांव में कि भाई वो उस प्रॉपर्टी की रक्षा करें वहां पर पेड़ लगाएं वहां पर साफ सफाई
  807. 1:02:01करें वहां पर प्रदूषण ना करें लेकिन मानता कौन है अब सब लोग अपना अधिकार ही जानते
  808. 1:02:06हैं कर्तव्य या ड्यूटी निभाना कोई नहीं जानता सामुदायिक वन चारागाह ग्रामीण जलीय
  809. 1:02:12क्षेत्र तथा अन्य सार्वजनिक स्थान साझा संपत्ति संसाधन के ऐसे उदाहरण है तो इसकी
  810. 1:02:17जगह क्या होता है मान लीजिए कॉमन प्रॉपर्टी के उदाहरण कौन से हो सकते हैं
  811. 1:02:20कि सामुदायिक मन मान लीजिए वहां पर बहुत सारे पेड़ पर्दे लगे हो मान लीजिए कोई
  812. 1:02:24भूमि जो जानवरों के चारे के लिए उपयोग की जा रही हो या ऐसी भूमि हां पर कोई तालाब
  813. 1:02:27वगैरह बना हो या फिर ऐसी भूमि जहां पर मंदिर वगैरह बने हो आप लोगों ने देखा होगा
  814. 1:02:31गांव में ऐसी भूमिया होती हैं ये सब इसके उदाहरण है जिसका उपयोग एक परिवार से बड़ी
  815. 1:02:36इकाई करती है इसका उपयोग कौन करती है कौन करता है कोई एक परिवार नहीं करता इससे
  816. 1:02:40बड़ी इकाई मतलब गांव के वो लोग करते हैं जो सभी लोग उस गांव में रहते हैं तथा यही
  817. 1:02:45उसके प्रबंधन के दायित्वों का निर्माण करती है मतलब यही लोग क्या करते हैं इसका
  818. 1:02:50प्रबंधन यानी मैनेजमेंट भी करते हैं तो उम्मीद करता हूं आप लोगों को साझा संपत्ति
  819. 1:02:54संसाधन बहुत अ अच्छे से क्लियर हो गए होंगे अब लास्ट चीज मतलब लास्ट तो नहीं
  820. 1:03:01मतलब जो नेक्स्ट टॉपिक हम लोगों को पढ़ना है टॉपिक का नाम है भारत में कृषि भूमि
  821. 1:03:05उपयोग एग्रीकल्चरल लैंड यूज इन इंडिया अब भारत में कृषि भूमि जो है उसका उपयोग किस
  822. 1:03:10तरीके से हो रहा है और उसमें उसमें चेंज किस तरीके से आ रहे हैं हम लोगों को इस
  823. 1:03:14टॉपिक को समझना है भू संसाधनों का महत्व उन लोगों के लिए अधिक है जिनकी आजीविका
  824. 1:03:18कृषि पर निर्भर है ओबवियस सी बात है कि जो उन व्यक्तियों के लिए भूमि का ज्यादा
  825. 1:03:23महत्व है ना जिनका जीवन ही भूमि से चल रहा है भाई मान लीजिए कोई व्यक्ति रेलवे में
  826. 1:03:27नौकरी कर रहा है तो उसे खेतीबाड़ी से क्या मतलब ऐसा कोई व्यक्ति जो टीचर है जिसके
  827. 1:03:31पास जमीन नहीं है उसे खेतीबाड़ी से क्या मतलब खेतीबाड़ी से मतलब तो उन्हीं लोगों
  828. 1:03:34को होगा ना जिनकी आजीविका जो है वो खेती पर निर्भर होगी द्वितीयक और तृतीयक आर्थिक
  829. 1:03:40क्रियाओं की अपेक्षा कृषि पूर्णतः भूमि पर आधार आधारित है देखिए क्या लिखा गया है
  830. 1:03:44द्वितीयक और तृतीयक आर्थिक क्रियाएं उसके अलावा जैसे हमें पता है किसकी आर्थिक
  831. 1:03:48क्रियाओं को हम तीन पार्ट में या तीन भागों में वर्गीकृत कर सकते हैं प्राथमिक
  832. 1:03:51आर्थिक क्रियाएं द्वितीयक और तृतीयक आर्थिक क्रियाएं प्राथमिक में क्या आता है
  833. 1:03:55खेतीबाड़ी और पशुपालन द्वितीयक में क्या आता है मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज आती है
  834. 1:03:59और तृतीयक में क्या आता है सर्विस सेक्टर आता है अब प्राथमिक की अपेक्षा जो
  835. 1:04:03द्वितीयक और तृतीयक क्रियाकलाप होते हैं जैसे कि मान लीजिए किसी ने
  836. 1:04:25उपयोग उतना नहीं है सिर्फ उतने ही उपयोग है कि जहां पर ये एस्टेब्लिश होते हैं और
  837. 1:04:30ये तो व्यर्थ भूमि में भी एस्टेब्लिश हो सकते हैं कोई बंजर भूमि कोई भाई कार की
  838. 1:04:34फैक्ट्री लगाने के लिए कोई ऐसी भूमि तो ना उपयोग में लाना जरूरी है जो उपजाऊ हो ऐसी
  839. 1:04:38भूमि भी ला सकते हैं जो बंजर हो लेकिन खेतीबाड़ी अगर कोई व्यक्ति करता है या
  840. 1:04:43प्राथमिक एक्टिविटी या प्राथमिक क्रियाएं जिसको हम लोग बोलते हैं वो तो जो है
  841. 1:04:46पूर्णतः भूमि पर निर्भर होते हैं मान लीजिए कोई फसल कोई बोता है गेहूं चावल तो
  842. 1:04:50उसके लिए तो भाई भूमि का बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंस उसके लिए भूमि की इंपॉर्टेंस
  843. 1:04:54बहुत ज्यादा है अन्य शब्दों में कृषि उत्पादन में भूमि का योगदान देखिए क्या
  844. 1:04:59लिखा हुआ है कृषि उत्पादन में भूमि का योगदान अन्य सेक्टरों में इसके योगदान से
  845. 1:05:04अधिक है ठीक है भूमि का योगदान जो है वो कृषि सेक्टर में एग्रीकल्चर सेक्टर में
  846. 1:05:08ज्यादा है अतः ग्रामीण क्षेत्र में भूमि हीनता प्रत्यक्ष रूप से वहां की गरीबी से
  847. 1:05:13संबंधित है इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में गांव में आप पाएंगे कि जिसके पास भूमि
  848. 1:05:17नहीं है डायरेक्टली उसका सीधा-सीधा संबंध है कि ओबवियसली वो व्यक्ति क्या है गरीब
  849. 1:05:21है तो गरीबी का और भूमि हीनता का प्रत्यक्ष यानी डायरेक्ट संबंध है अगर हम
  850. 1:05:26गांव की बात करें आप पाएंगे कि गांव में जो गरीब व्यक्ति है जनरली उसके पास भूमि
  851. 1:05:31नहीं होती या फिर बहुत कम होती है नेक्स्ट हम लोग देखते हैं भूमि की गुणवत्ता कृषि
  852. 1:05:36उत्पादकता को प्रभावित करती है जो अन्य कार्यों में नहीं है अगर हम लोग बात करें
  853. 1:05:40भूमि की गुणवत्ता भूमि की गुणवत्ता मतलब क्वालिटी अगर हम लोग देखें भूमि की कि
  854. 1:05:44वहां पर भाई वहां की उपजाऊ मिट्टी है कि नहीं वहां की जलो मिट्टी है कि नहीं ये
  855. 1:05:48कृषि को डायरेक्ट प्रभावित करती है मान लीजिए कहीं की बंजर मिट्टी है कहीं पर मान
  856. 1:05:52लीजिए रेतीली मिट्टी है कहीं पर मान लीजिए उबड़ खाबड़ भूमि है तो वहां जहां पर
  857. 1:05:56मैन्युफैक्चरिंग यूनिट एस्टेब्लिश करनी है जहां पर हॉस्पिटल बनाने हैं जहां पर स्कूल
  858. 1:06:00खोलने हैं वहां कोई उपजाऊ मिट्टी का होना तो जरूरी नहीं है इसलिए लिखा गया है कि
  859. 1:06:04भूमि की जो गुणवत्ता है वो कृषि उत्पादकता को प्रभावित करती है अन्य कार्यों में
  860. 1:06:09नहीं इसकी इंपॉर्टेंस या उत्पादकता जो होती है प्रभावित नहीं होती ग्रामीण
  861. 1:06:13क्षेत्रों में भू स्वामित्व का आर्थिक मूल्य के अतिरिक्त सामाजिक मूल्य भी है
  862. 1:06:16देखिए बहुत अच्छी लाइन लिखी हुई है ग्रामीण क्षेत्रों में मतलब गांव में अगर
  863. 1:06:19हम लोग देखें तो भूमि का आर्थिक मूल्य तो है ही मतलब उसकी एक इकोनॉमिक वैल्यू तो है
  864. 1:06:24ही जैसे कि ₹ लाख एकड़ जमीन है या ₹ लाख एकड़ जमीन है 40 लाख जो भी हो सकता है अगर
  865. 1:06:29बहुत इंपॉर्टेंट जमीन है हाईवे की जमीन है तो रेट भी बढ़ सकते हैं लेकिन इसकी
  866. 1:06:32इंपॉर्टेंस आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक भी है ये सोशल प्रेस्टीज का विषय होती है
  867. 1:06:37सामाजिक प्रतिष्ठा का विषय होती है गांव में कि भाई मेरे पास 50 एकड़ जमीन है मेरे
  868. 1:06:40पास 60 एकड़ जमीन है 100 एकड़ जमीन है 200 एकड़ जमीन है तो लोग इसको सामाजिक
  869. 1:06:45प्रतिष्ठा के साथ भी जोड़कर देखते हैं इसलिए इसका एक सामाजिक मूल्य भी है तथा
  870. 1:06:49प्राकृतिक आपदाओं या निजी विपत्ति में एक सुरक्षा के रूप में इसका विशेष महत्व होता
  871. 1:06:54है एवं समाज में प्रतिष्ठा को बढ़ाता है लोगों का क्या मानना है कि जिसके पास जमीन
  872. 1:06:58होती है भाई आप लोगों ने देखा होगा शादी व्याह में अगर शादी व्याह में लोग शादी
  873. 1:07:02वहां पसंद करना जा करना पसंद करते हैं जहां पर मान लीजिए लड़के के पास जमीन बहुत
  874. 1:07:06ज्यादा हो या प्रॉपर्टी बहुत ज्यादा हो तो क्यों करते हैं ताकि विपत्ति में अगर कोई
  875. 1:07:11मान लीजिए मुसीबत आए तो जमीन का कुछ हिस्सा बेचकर जो है वो चीजें जो है अपने
  876. 1:07:15आप ट्रैक पर जो है चल सकें समस्त कृषि भूमि संसाधनों का अनुमान अर्थात समस्त
  877. 1:07:20कृषि योग्य भूमि निविल बोया गया क्षेत्र तथा सभी प्रकार की पति भूमि और कृषि योग्य
  878. 1:07:24वृत भूमि की योग से लगाया जा सकता है अगर हम समस्त कृषि भूमि संसाधनों की बात करें
  879. 1:07:30मतलब वही याद रखिए सकल कृषि भूमि जिसको मैंने बताया था जिसमें मैंने चार चारों
  880. 1:07:35भूमि जहां पर पॉसिबिलिटीज थी फसलों को बोने की उसको हम लोग बोल सकते हैं सकल वो
  881. 1:07:41सॉरी समस्त कृषि भूमि संसाधन तो समस्त बोल लीजिए या सकल बोल लीजिए बात एक ही
  882. 1:07:47है देख लीजिए यहां पर ये चीज हम पहले ही समझ चुके हैं जो चीज अभी बाद में आ रही है
  883. 1:07:51मैंने आप लोगों को वही समझा दिया था जब हम लोगों ने वर्गीकरण पढ़ा था ये देख लीजिए
  884. 1:07:54यहां पर सकल कृषि योग्य भूमि और सकल कृषि योग्य भूमि में कौन-कौन सी चार भूमि शामिल
  885. 1:07:59होती हैं कृषि योग्य बंजर भूमि भी शामिल होती है पुरान पुरातन प्रति भूमि भी शामिल
  886. 1:08:04होती है वर्तमान प्रति भूमि भी शामिल होती है और निविल बोया गया क्षेत्र भी शामिल
  887. 1:08:09होता है तो देख लीजिए आप लोगों के लिए ये तालिका जो है वो बनी हुई है ये निष्कर्ष
  888. 1:08:13निकाला जाता है निकलता है कि पिछले वर्षों में समस्त रिपोर्टिंग क्षेत्र में कृषि
  889. 1:08:18भूमि का प्रतिशत कम हुआ है कृषि योग्य व्यर्थ भूमि संवर्ग में कमी के बावजूद
  890. 1:08:22कृषि योग्य भूमि में कमी आई है आप देख सकते हैं कि 1950 और 1951 में यह वाला
  891. 1:08:28देखिए ये वाला जो क्षेत्र बोला यह जा रहा है कि सम सकल जो कृषि योग्य भूमि है ना
  892. 1:08:33इसमें कमी दर्ज हुई है ये देख लीजिए 59.5 थी अब ये कितनी हो गई है 58 पर हो गई और
  893. 1:08:38इसमें कमी का कारण क्या है कमी का कारण ये है कि पहले देख लीजिए 1950 51 की अगर हम
  894. 1:08:43लोग बात करें कृषि योग्य बंजर जो भूमि थी ना वो 8 पर थी और 201415 में ये कितनी हो
  895. 1:08:48गई है 4 पर हो गई है तो यही बोला गया है कि सकल कृषि योग्य भूमि जो है ना उसमें
  896. 1:08:53कमी देखी गई है उसका कारण क्या है उसका कारण है कृषि योग्य बंजर भूमि में कमी
  897. 1:08:58होना ठीक है उम्मीद करता हूं आप लोगों को ये चीज समझ में आ गई होगी खासकर ये बहुत
  898. 1:09:03इंपॉर्टेंट है कि सकल कृषि योग्य जो भूमि है वो किन चार जगहों से मिलकर बनती है फिर
  899. 1:09:08से बता दे रहा हूं निवल बोया गया क्षेत्र मतलब यहां पर एक्चुअल में जो है खेती होती
  900. 1:09:12है और ये जो तीन है ना यहां पर खेती होने की संभावनाएं हैं इसलिए इन तीनों को इस
  901. 1:09:17क्षेत्र में ऐड किया गया है उम्मीद करता हूं आप लोगों को यह बात समझ में आ गई होगी
  902. 1:09:22उपरोक्त वर्णन से स्पष्ट है कि भारत में निविल बोए गए क्षेत्र में बढ़ोतरी की
  903. 1:09:25संभावनाएं सीमित है देखिए भारत में निविल बोया गया जो क्षेत्र है ना जहां पर
  904. 1:09:29एक्चुअल में बुआई और कटाई हो रही है अब उसमें बढ़ोतरी की संभावनाएं सीमित है मतलब
  905. 1:09:33आप किस एरिया को बंजर भूमि को आप काउंट कर नहीं सकते जहां पर स्कूल हॉस्पिटल बन गए
  906. 1:09:38वहां पर वहां उसको आप मिला नहीं सकते तो इसमें जो बढ़ोतरी की संभावनाए है ना वो अब
  907. 1:09:42बहुत ज्यादा लिमिटेड है सीमित है अत भूमि बचत प्रौद्योगिकी विकसित करना होगा अब
  908. 1:09:47देखिए हमें टे हमें जो है प्रोडक्शन भी बढ़ाना है हमें हमारे देश की जनसंख्या जो
  909. 1:09:51है बहुत ज्यादा बढ़ रही है और आप दूसरी तरफ बोल रहे हैं कि भाई जो है सकल निबल
  910. 1:09:55बोया गया जो क्षेत्र है उसमें बढ़ोतरी भी नहीं हो सकती अब भाई एक बात बताओ आने वाले
  911. 1:10:0050 सालों में अगर मैं 50 सालों की बात करूं ज्यादा लंबी नहीं सि 50 सालों की बात
  912. 1:10:04करता हूं तो लोगों की जनसंख्या तो हूबहू रहने वाली है भारत की जनसंख्या तो यही
  913. 1:10:07रहने वाली है अब उनके लिए खाद्यान उपलब्ध कराना एक चुनौती है चुनौती आप मानते हैं
  914. 1:10:12बिल्कुल कि उनको खाद्यान उपलब्ध कराना है और दूसरी तरफ हम बोल रहे हैं कि निविल
  915. 1:10:16बोया गया क्षेत्र मतलब जहां पर एक्चुअल में बुआई कटाई हो रही है उसमें बढ़ोतरी हो
  916. 1:10:20होने की जो संभावना है पॉसिबिलिटी वो बहुत सीमित है तो कैसे हम 50 साल बाद लोगों को
  917. 1:10:24खाद्यान उपलब्ध कराएंगे तो इसके दो तरीके हैं पहली चीज पहला जो है कि हम लोगों को
  918. 1:10:29प्रति हेक्टेयर जो है ना उसकी उत्पादकता बढ़ाना होगा प्रति हेक्टेयर मतलब अगर मान
  919. 1:10:33लीजिए आज के समय 1 हेक्टेयर मान लीजिए भूमि पर 10 बोरी मान लीजिए गेहूं निकल रहा
  920. 1:10:38है तो हमें 10 की जगह कोशिश करनी होगी कि इसमें कितनी बोरी जो है गेहूं निकले 20
  921. 1:10:43बोरी गेहूं निकले तो वो हम कैसे करेंगे तो इसके लिए हम लोगों को करना पड़ेगा गहन
  922. 1:10:48कृषि अब गहन कृषि का मतलब होता है कि एक साल में दो या दो से ज्यादा खेती करना दो
  923. 1:10:54या दो से ज्यादा फसलें उगाना उसे बोला जाता है गहन कृषि क्या बोलते हैं गहन कृषि
  924. 1:10:58तो या तो हमें प्रोडक्टिविटी बढ़ानी पड़ेगी मतलब 10 के बदले 20 बोरा करना
  925. 1:11:02पड़ेगा और प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी कैसे या प्रोडक्टिविटी आप नहीं बढ़ा रहे हैं 10 की
  926. 1:11:06जगह 20 बोरे आप नहीं कर पा रहे हैं तो आप एक काम करिए आप इंटेंस फॉर्मिंग करिए आप
  927. 1:11:10गहन कृषि करिए अब गहन कृषि कैसे होगी एक साल में अभी तक मान लीजिए कोई परिवार मान
  928. 1:11:15लीजिए एक ही फसल बो रहा था गेहूं ही गेहूं बो रहा था साल में और बाकी समय भूमि खाली
  929. 1:11:19छोड़ दे रहा था अब गेहूं नहीं अब आप बारिश के समय इसमें चावल भी बोही है अब मान
  930. 1:11:23लीजिए आपको पास दाल नहीं है तो आप दाल भी बोई जब आप इतनी अलग-अलग तरीके की खेती
  931. 1:11:29करेंगे ना तभी जो है जो है चीजें जो हैं वह ट्रैक पर आएंगी उम्मीद करता हूं आप
  932. 1:11:35लोगों को यह पॉइंट बहुत अच्छे से क्लियर हो गया होगा और दूसरी प्रौद्योगिकी का लाभ
  933. 1:11:39क्या है दूसरी प्रौद्योगिकी का लाभ क्या यह है कि इसमें सीमित भूमि से भी कुल
  934. 1:11:42उत्पादन बढ़ने के साथ श्रमिकों की मांग भी पर्याप्त रूप से बढ़ती है दूसरी दूसरी
  935. 1:11:47प्रौद्योगिकी का मतलब ये वाली दूसरी क्या थी एक कृषि वर्ष में गहन भूमि उपयोग से
  936. 1:11:52सभी फसलों का उत्पादन बढ़ाना जब हम एक कृष वर्ष में दो या दो से ज्यादा फसलें रहते
  937. 1:11:56हैं ना तो इसका लाभ क्या होता है जैसे मान लीजिए आपने पहले गेहूं ले रहे थे सिर्फ
  938. 1:12:01गेहूं ले रहे थे अब आपने गेहूं के साथ मान लीजिए बारिश के समय आप चावल की खेती भी
  939. 1:12:05करने लगे जब आप चावल की खेती करेंगे ना तो इसका लाभ क्या होगा इसका लाभ होगा कि इससे
  940. 1:12:09श्रमिकों की मांग बढ़ेगी श्रमिकों की मांग कैसे बढ़ेगी कि मान लीजिए यूपी और बिहार
  941. 1:12:13से जो धान के रोपे लगाने वाले लोग आएंगे उनको क्या मिलेगा रोजगार मिलेगा क्योंकि
  942. 1:12:18आप लोगों ने देखा होगा कि जब धान की फसलें बोई जाती हैं चावल बोया जाता है तो द यूपी
  943. 1:12:22और बिहार से मजदूर आते हैं और उसके रोपे लगाते हैं अब आप चावल बोएंग दाल बोएंग तो
  944. 1:12:26उर्वरक भी बढ़ेगा उर्वरक यानी जो फर्टिलाइजर होता है कीटनाशक उनकी भी
  945. 1:12:30डिमांड बढ़ेगी जब उर्वरक और कीटनाशकों की डिमांड बढ़ेगी तो इसकी फैक्ट्री में
  946. 1:12:34उत्पादन बढ़ेगा मतलब लोगों को क्या मिलेगा रोजगार मिलेगा तो दूसरी प्रौद्योगिकी का
  947. 1:12:38लाभ ये है मतलब दूसरी मतलब जब हम इंटेंस फार्मिंग करते हैं दो या दो से ज्यादा
  948. 1:12:41फसलें लेते हैं तो इसमें सीमित भूमि से भी कुल उत्पादन बढ़ने के साथ श्रमिकों की
  949. 1:12:46मांग जो होती है व पर्याप्त रूप से बढ़ती है उम्मीद करता हूं आप लोगों को चीजें
  950. 1:12:50बहुत अच्छे से क्लियर हो रही होंगी भारत जैसे देश में भूमि की कमी तथा श्रम की
  951. 1:12:55अधिकता अधिक है देखिए भारत का भारत की अगर हम लोग बात करें तो यहां पर भूमि की कमी
  952. 1:12:59है पहली चीज तो क्योंकि हम लोगों को ये भी पता है कि भाई क्षेत्रफल के हिसाब से हम
  953. 1:13:02सातवें नंबर पे हैं और अब जनसंख्या के हिसाब से हम कितने नंबर पे हैं दो नंबर पे
  954. 1:13:06हैं हमें पूरी दुनिया को पता है तो भारत जैसे देश में भूमि की कमी तथा श्रम की
  955. 1:13:10क्या है अधिकता है मतलब लोग बहुत ज्यादा है और भूमि क्या है कम है ऐसी स्थिति में
  956. 1:13:14फसल सघनता की आवश्यकता केवल भूमि उपयोग हेतु वांछित है ऐसे समय में हमें फसल
  957. 1:13:19सघनता को अपनाना होगा फसल सघनता मतलब फसल गहनता मतलब साल में दो या दो से ज्यादा
  958. 1:13:24फसलों को लगाना हो होगा अपितु ग्रामीण क्षेत्रों में
  959. 1:13:28बेरोजगारी जैसी आर्थिक समस्या को भी कम करने के लिए आवश्यक है तो ग्रामीण
  960. 1:13:32क्षेत्रों में जो बेरोजगारी होती है मतलब लोग क्या होते हैं या तो मौसमी रूप से
  961. 1:13:36मतलब एक-एक सीजन में या एक सीजन में काम मिल जाता है दूसरे सीजन में खाली बैठे
  962. 1:13:39रहते हैं या गांव में गरीब बहुत ज्यादा होते हैं तो उनका भी भला हो जाएगा अगर हम
  963. 1:13:43फसल सघनता को अपनाएंगे फसल गहनता को अपनाएंगे साल में दो या दो से ज्यादा
  964. 1:13:48फसलों को लेंगे ठीक है अब फसल गहनता या फिर कृषि गहनता उसका फार्मूला क्या होता
  965. 1:13:54है उसका फॉर्मूला आप लोगों को पहले से ही पता है क्योंकि टर्मिनोलॉजी आप लोगों को
  966. 1:13:57क्लियर है सकल बोया गया क्षेत्र अपॉन निविल बोया गया क्षेत्र * 100 अब ये मत
  967. 1:14:03पूछिए कि भैया सकल बोया गया क्षेत्र क्या होता है क्योंकि मैं बहुत अच्छे से क्लियर
  968. 1:14:07कर चुका हूं सकल बोया गया क्षेत्र क्या होता है निवल बोया गया क्षेत्र नेवल बोया
  969. 1:14:11गया क्षेत्र जहां पर एक्चुअल में बुआई और कटाई होती है और सकल बोया गया क्षेत्र
  970. 1:14:15जहां पर बुआई और कटाई एक्चुअल में तो होती है साथ में होने की संभावना है तो उसको हम
  971. 1:14:20लोग क्या बोलते हैं सकल बोया गया क्षेत्र इंटू जब हम 100 कर देंगे तो फार्मूला
  972. 1:14:24तैयार हो जाएगा कृषि गहनता या फसल गहनता का और इस फार्मूले को आप लोग आईएमपीडी
  973. 1:14:30आईएमपीएस पॉइंट ऑफ व्यू से यहां से डायरेक्ट एक अति लघ उत्तरी प्रश्न बनने की
  974. 1:14:35संभावना रहती है कि फसल गहनता या कृषि गहनता किसे बोला जाता है उम्मीद करता हूं
  975. 1:14:41आप लोगों को चीजें बहुत अच्छे से क्लियर हो गई होंगी ठीक है ये वाला टॉपिक हम
  976. 1:14:45लोगों का कंप्लीट हो चुका है अब हम नेक्स्ट टॉपिक की तरफ मूव कर रहे हैं
  977. 1:14:49टॉपिक का नाम क्या है टॉपिक का नाम है भारत में फसल ऋतुएं क्रॉपिंग सीजंस इन
  978. 1:14:57इंडिया हम लोगों ने छोटी क्लास में पढ़ा है हुआ है कि हमारे देश में तीन फसल ऋतुएं
  979. 1:15:02पाई जाती हैं रबी की फसल खरीफ की फसल और जायद की फसल बस इन्हीं फसलों के बारे में
  980. 1:15:07आज के इस हम लोगों को यहां पर जो है लेक्चर में पढ़ना है रबी खरीफ और जायद की
  981. 1:15:12फसलें कौन सी होती है पहली चीज याद रखने वाली बात ये है और दूसरी चीज ये कि कौन से
  982. 1:15:17सीजन मतलब किस महीनों में रबी खरीफ और जायद की फसलों को बोया जाता है ठीक है आप
  983. 1:15:22लोग समझ गए हैं एक चीज मैं आप लोगों के लिए बता दे रहा हूं कि रबी खरीफ और जायद
  984. 1:15:26का यह जो वर्गीकरण है यह वर्गीकरण उत्तर भारत के लिए प्रासंगिक है दक्षिण भारत के
  985. 1:15:31लिए प्रासंगिक नहीं है कारण यह है कि दक्षिण भारत की जो जलवायु है वो जलवायु
  986. 1:15:36लगभग समकारी जलवायु मतलब समकारी जलवायु का मतलब होता है क्योंकि आप लोग देखेंगे कि
  987. 1:15:40दक्षिण भारत के जो राज्य हैं वो तीन ओर से समुद्र से जो है वो पहली बात तो
  988. 1:15:44प्रायद्वीपीय भारत जो है वो तीन ओर से समुद्र से घिरा हुआ है तो समकारी मत
  989. 1:15:49समुद्र की जो जलवायु है या समुद्र का उन पर प्रभाव होता है कि यहां पर जो आद्रता
  990. 1:15:53जो है या मॉइश्चर या आप लोग देखेंगे कि जब आप साउथ के स्टेट्स में जाएंगे तो अजीब सा
  991. 1:15:57चिपचिपा पन जो है आप लोगों को हमेशा महसूस होगा तो इस वजह से यहां जो फसलें हैं वो
  992. 1:16:02साल भर जो है एक ही फसल जो है बोई जाती है जैसे कि अगर मैं चावल की बात करूं तो चावल
  993. 1:16:07की यहां पर तीन बार जो है फसलें साल में जो है वो बोई जाती हैं खैर हम लोग पहले
  994. 1:16:12रबी खरीफ और जायद को देख लेते हैं और उसके बाद ये चीज पर हम लोग फोकस करेंगे तो
  995. 1:16:16हमारे देश में उत्तरी और आंतरिक भागों में क्या लिखा हुआ है उत्तरी और आंतरिक भाग
  996. 1:16:20देखिए दक्षिण नहीं लिखा हुआ है तीन फसल ऋतुएं पाई जाती हैं एक रबी खरीफ और जायद
  997. 1:16:26खरीफ की फसलें अधिकतर दक्षिण पश्चिमी में मानसून के साथ बोई जाती हैं खरीफ की फसलें
  998. 1:16:30कौन सी होती हैं जो फसलें दक्षिण पश्चिम मानसून मतलब यहां पर जो मानसून की एंट्री
  999. 1:16:35होती है उसके साथ जो फसलें बोई जाती हैं अब दक्षिण पश्चिम जो मानसून होता है वो
  1000. 1:16:39मानसून आप लोगों को पता है इसकी दक्षिण पश्चिम डायरेक्शन क्यों है क्योंकि हम
  1001. 1:16:42लोगों को डायरेक्शन पता है ये है उत्तर ये दक्षिण ये है पूर्व और ये है पश्चिम जब हम
  1002. 1:16:47दो डायरेक्शन के बीच की बात करते हैं तो देख लीजिए यहां पर दक्षिण और पश्चिम इसलिए
  1003. 1:16:51जो है इसको दक्षिण पश्चिम डायरेक्शन बोला जाता है तो खरीफ इसको याद रखने का तरीका
  1004. 1:16:55मैंने आप लोगों को बताया था खरीफ मतलब आप ऐसे याद रख सकते हैं खरीफ मतलब शरीफ शरीफ
  1005. 1:16:59लोग कब पढ़ना स्टार्ट कर देते हैं भाई जून जुलाई में पढ़ना स्टार्ट कर देते हैं ऐसा
  1006. 1:17:03नहीं है कि जब एग्जाम आए अप्रैल मई में या मार्च अप्रैल में तब हम पढ़े तो खरीफ यानी
  1007. 1:17:08शरीफ शरीफ लोग जून जुलाई में पढ़ना स्टार्ट कर देते हैं इसलिए जो जून जुलाई
  1008. 1:17:12में फसलें बोई जाती हैं उनको हम लोग कौन सी फसल बोलते हैं उनको हम खरीफ की फसलें
  1009. 1:17:16बोलते हैं उदाहरण विशेषकर याद र याद रखना है आप लोगों को जैसे कि चावल कपास जूट
  1010. 1:17:21ज्वार बाजरा और अरहर ये इसके उदाहरण है रब की हम लोग बात करें तो रब की जो ऋतु है वह
  1011. 1:17:27शुरू हो जाती है अक्टूबर नवंबर में और इसके उदाहरणों की अगर मैं बात करूं तो
  1012. 1:17:31गेहूं जो चना मटर सरसों राई ये जो उदाहरण है ये जो रवि के उदाहरण है ठीक है तो खरी
  1013. 1:17:39खरीफ और रवि तो सबसे पहले तो डायरेक्ट ये क्वेश्चन यहां पर एमसीक्यू बन सकता है कि
  1014. 1:17:42भाई इनमें से कौन सी फसल रबी की फसल है इनमें से कौन सी फसल खरीफ की फसल है और
  1015. 1:17:46इनमें से इनमें से कौन सी फसल जायद की फसल है सीधा-सीधा क्वेश्चन कई बार यहां से बन
  1016. 1:17:50जाता है ठीक है ये देख लिए आप यहां पर देख सकते हैं खरीफ रबी और जायद
  1017. 1:17:55खरीफ जून से सितंबर के बीच बोई जाती है मतलब जून जुलाई में बोई जाती है सितंबर
  1018. 1:17:59अक्टूबर में काट ली जाती है रबी की फसल अक्टूबर में बोई जाती है मार्च में काट ली
  1019. 1:18:03जाती है और रबी के फसल के ही बाद जैसे कि मार्च मार्च में जब रबी की फसल कट जाती है
  1020. 1:18:08तो अप्रैल में जायद की फसल बोई जाती है जायद के उदाहरण कौन से हैं जितनी भी आप
  1021. 1:18:12सब्जियां जो है जायद में बोई जाएंगी फल जो है या चारा फसलें जो हैं या तरबूज खरबूज
  1022. 1:18:18जो होते हैं वो जायद फसलों के उदाहरण है तो रबी खरीफ इनका मौसन मौसम आप लोगों को
  1023. 1:18:23याद रखना है कि किस समय ये फसलें बोई जाती हैं और कौन सी फसलें रबी की हैं कौन सी
  1024. 1:18:27फसलें खरीफ की हैं और कौन सी फसलें जायद की है ये आप लोगों को याद रखना है जायद एक
  1025. 1:18:32अल्पकालिक ग्रीष्मकालीन फसल है अल्पकालिक मतलब जितना समय रबी और खरीफ की फसलों को
  1026. 1:18:37पकने में लगता है उतना समय जायद को फसले में नहीं जो होता है पकने में नहीं लगता
  1027. 1:18:42इसीलिए जायत को अल्पकालिक फसल बोला जाता है ग्रीष्मकालीन इसलिए क्योंकि गर्मी के
  1028. 1:18:47समय बोई जाती है जो रबी की कटाई के बाद प्रारंभ होती है इस ऋतु में तरबूज खरबूज
  1029. 1:18:52या खीरा ककड़ी सब्जियां चारे की फसलों को बोया जाता है यद्यपि इस प्रकार की पथक फसल
  1030. 1:18:58ऋतुएं देश के दक्षिणी भागों में नहीं बोई जाती वही चीज मैं आप लोगों को समझा रहा था
  1031. 1:19:03कि रबी खरीफ और जायद का ये जो वर्गीकरण है वो दक्षिण भारत के लिए प्रासंगिक नहीं है
  1032. 1:19:08यहां का अधिकतम तापमान वर्ष भर किसी भी उष्ण कटिबंधीय फसल की बुआई में सहायक है
  1033. 1:19:13क्योंकि यहां पर जो तापमान बना रहता है दक्षिण के जितने भी राज्य हैं वहां पर
  1034. 1:19:16तापमान आप देखेंगे लगभग लगभग सेम ही रहता है इसलिए वहां पर जो जलवायु अगर सेम रहती
  1035. 1:19:21है तो वहां पर कोई भी उष्ण कटिबंधीय जो फसल वहां पर जो अ बोई जाती है वह लगभग सेम
  1036. 1:19:26अलग-अलग सीजन में वही वही की वही जो फसल है वो उसको बो बोने का जो है चलन है इसके
  1037. 1:19:31लिए पर्याप्त आद्रता उपलब्ध होनी चाहिए इसलिए देश के इस भाग में जहां पर्याप्त
  1038. 1:19:36मात्रा में सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध हैं एक कृषि वर्ष में एक ही फसल तीन बार उगाई जा
  1039. 1:19:41सकती है दक्षिण भारत की बात यहां पर चल रही है उम्मीद करता हूं आप लोगों को ये
  1040. 1:19:46स्लाइड बहुत अच्छे से समझ में आ गई होगी फसल ऋतुओं को तो हमने हम लोगों ने समझ
  1041. 1:19:51लिया अब हम कृषि के प्रकार समझ लेते हैं कृषि के प्रकार और ये यहां पर इसको आप लोग
  1042. 1:19:57वेरी आईएमपीएस
  1043. 1:20:06आईएमपीडब्ल्यूकूल
  1044. 1:20:13समझ लीजिए ठीक है अब देखिए आद्रता के आधार पर अगर हम टाइप्स ऑफ फार्मिंग पढ़ रहे हैं
  1045. 1:20:18हम कृषि के प्रकार पढ़ रहे हैं तो आद्रता के आधार पर आद्रता मतलब आप लोगों को पता
  1046. 1:20:22है पानी आद्रता के आधार पर जो ना हम लोग कृषि को दो प्रकार से वर्गीकृत कर सकते
  1047. 1:20:27हैं एक वर्गीकरण है सिंचाई कृषि एक वर्गीकरण ऐसा है
  1048. 1:20:34सिंचाई कृषि मतलब ऐसी कृषि जो सिंचाई पर क्या है निर्भर है तो आद्रता के आधार पर
  1049. 1:20:40वर्गीकरण दो प्रकार का है एक है सिंचाई कृषि और एक होती है जो उसको हम लोग बोलते
  1050. 1:20:45हैं वर्षा कृषि वर्षा कृषि जिसको हम लोग बोलते
  1051. 1:20:52हैं बारानी कृषि अब क्या बोला मैंने आद्रता के आधार
  1052. 1:20:58पर आद्रता के आधार पर कृषि जो होती है वो दो प्रकार की होती है जहां पर सिचाई साधन
  1053. 1:21:03बहुत अच्छे हैं जैसे कि नहरें बहुत अच्छी हैं नलकूप बहुत अच्छे हैं या कुएं वगैरह
  1054. 1:21:07उसकी सुविधाएं बहुत अच्छी हैं तो वहां पर उस सिंचाई को हम लोग बोलते हैं सिंचाई
  1055. 1:21:11कृषि क्या बोलते हैं सिंचाई कृषि और जहां पर सिंचाई सुविधाएं बहुत अच्छी नहीं है और
  1056. 1:21:16वो फसल मान लीजिए कोई भी फसल वो वर्षा ऋतु पर निर्भर है तो उसे हम लोग बोलते हैं
  1057. 1:21:20वर्षा कृषि या बारानी कृषि उम्मीद करता हूं आप लोगों को ये बात समझ में आ गई होगी
  1058. 1:21:26ठीक है दिख रहा है यहां पर दिली ये देखिए आद्रता के उपलब्ध स्रोत के आधार पर कृषि
  1059. 1:21:31को सिंचित कृषि या सिंचाई कृषि और या फिर वर्षा निर्भर जिसको हम लोग बोलते हैं
  1060. 1:21:35बारानी कृषि में वर्गीकृत किया जाता है ठीक है अब देखिए यहां पर येय ये चीज अगर
  1061. 1:21:41समझ में आ गई तो अब देखिए सिंचाई का उद्देश्य ये देखिए सिंचाई वाली य सिंचित
  1062. 1:21:44कृषि की बात कर रहे हैं अगर सिंचाई का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि फसल की रक्षा
  1063. 1:21:50हो जाए मतलब सिंचाई का उद्देश्य अगर सिर्फ इतना है कि पौधा जो है वो सूखे नहीं सिर्फ
  1064. 1:21:55फसल की रक्षा हो जाए तो उसे बोला जाता है रक्षित सिंचाई कृषि क्या बोलेंगे
  1065. 1:22:01रक्षित सिंचाई
  1066. 1:22:05कृषि अगर सिंचाई का उद्देश्य सिर्फ जो है सिर्फ फसल की रक्षा करना है तो उसे हम लोग
  1067. 1:22:11बोलेंगे रक्षित सिंचाई कृषि और अगर सिंचाई का उद्देश्य फसल उत्पादकता को बढ़ाना है
  1068. 1:22:17तो उसे हम लोग बोलते हैं उत्पादक
  1069. 1:22:21उत्पादक सिंचाई
  1070. 1:22:28कृषि बात समझ में आ रहा है अगर हमारी सिंचाई का उद्देश्य क्या है सिर्फ इतना है
  1071. 1:22:33कि पौधा सुरक्षित रहे वो गले ना मतलब सॉरी सूखे ना तो उसे हम लोग बोलते हैं रक्षित
  1072. 1:22:38सिंचाई और अगर हमारा उद्देश्य ये है कि फसल जो है उसकी उत्पादकता को हमें बढ़ाना
  1073. 1:22:43है तो उसको हम लोग बोलते हैं उत्पादक सिंचाई कृषि ये वर्गीकरण है सिंचाई कृषि
  1074. 1:22:48का आप लोग याद रखिएगा दूसरा जो मैंने टाइप आप लोगों को बताया वर्षा कृषि बारानी कृषि
  1075. 1:22:54का तो बारानी कृषि देखिए पहले चलिए एक-एक करके हम लोग पूरे टाइप समझ लेते हैं सबसे
  1076. 1:22:58पहले मैंने आप लोगों को बता दिया कि आद्रता के आधार पर दो प्रकार की कृषि होती
  1077. 1:23:01है एक सिंचाई कृषि और एक बारानी कृषि सिंचित कृषि में भी सिंचाई के उद्देश्य के
  1078. 1:23:05आधार पर अंतर पाया जाता है जिसको मैंने बता दिया रक्षित सिंचाई और उत्पादक सिंचाई
  1079. 1:23:10रक्षित सिंचाई का मुख्य उद्देश्य क्या है वो देखिए उसका कि आद्रता की कमी के कारण
  1080. 1:23:14फसलों को नष्ट होने से बचाना मतलब फसल नष्ट ना हो बस जिसका अभिप्राय यह है कि
  1081. 1:23:19वर्षा के अतिरिक्त जल की कमी को सिंचाई द्वारा पूरा किया जाता है ठीक है अब अगर
  1082. 1:23:23मैं
  1083. 1:23:28ठीक है इस प्रकार की सिंचाई का उद्देश्य अधिकतम क्षेत्र को पर्याप्त आद्रता उपलब्ध
  1084. 1:23:32कराना है उत्पादक सिंचाई का उद्देश्य फसलों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध
  1085. 1:23:36कराकर अधिक उत्पादकता प्राप्त करना है उत्पादक सिंचाई में जल निवेश की मात्रा
  1086. 1:23:41देखिए क्या लिखा गया है उत्पादक सिंचाई में एक ब मिटा दे रहा हूं वो चार्ट आप लोग
  1087. 1:23:47याद रखिएगा हम लोगों ने देखिए दो वर्गीकरण पढ़ लिए सिंचाई कृषि वर्षा कृषि रक्षित
  1088. 1:23:53सिंचाई का उद्देश्य फसल को नष्ट होने से बचाना और उत्पादक सिंचाई का उद्देश्य
  1089. 1:23:57उत्पादकता को बढ़ाना देखिए ये बात यहां पर लिखी गई है कि उत्पादक सिंचाई का
  1090. 1:24:02उद्देश्य उत्पादक सिंचाई का उद्देश्य फसलों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध
  1091. 1:24:07कराकर अधिकतम उत्पादकता प्राप्त करना है उत्पादक सिंचाई में जल निवेश की मात्रा
  1092. 1:24:13रक्षित सिंचाई की अपेक्षा अधिक होती है भाई यहां पर तुम्हें फसल की सिर्फ रक्षा
  1093. 1:24:16करनी है तो पानी कम लगेगा लेकिन यहां पर तुम्हें उत्पादकता बढ़ानी है उत्पादकता
  1094. 1:24:21बढ़ानी है तो बार-बार पानी देना पड़ेगा तो ये तो क्वाइट ओबवियस है कि उत्पादक सिंचाई
  1095. 1:24:26कृषि में पानी की मात्रा अधिक लगेगी या जिसे हम लोग बोलते हैं जल निवेश जल निवेश
  1096. 1:24:30की मात्रा उत्पादक सिंचाई में रक्षित सिंचाई की अपेक्षा अधिक लगेगी अब वर्षा
  1097. 1:24:35निर्भर अगर मैं कृषि की बात करूं तो वर्षा निर्भर कृषि भी कृषि ऋतु में उपलब्ध
  1098. 1:24:40आद्रता के आधार पर दो वर्गों शुष्क भूमि कृषि और आद्र भूमि कृषि में बांट सकते हैं
  1099. 1:24:44मतलब वर्षा कृषि या बारानी कृषि को भी हम लोग दो दो टाइप से वर्गीकृत कर सकते हैं
  1100. 1:24:49एक कृषि को बोलते हैं शुष्क कृषि क्या बोलते हैं शुष्क कृषि और एक कृषि होती है
  1101. 1:24:54जिसे हम लोग बोलते हैं आद्र आर्द भी बोलते हैं इसे आद्र कृषि देखिए तो वर्षा कृषि या
  1102. 1:25:01फिर बारानी कृषि के भी दो टाइप होते हैं एक शुष्क कृषि और आद्र कृषि ये आप लोगों
  1103. 1:25:06को याद रखना है अब शुष्क कृषि के बारे में मैं बता देता हूं देखिए ऐसी कोई भी जगह
  1104. 1:25:10ऐसी कोई भी जगह जहां पर 75 सेंटीमीटर से कम बारिश हो रही हो ऐसी कोई भी जगह जहां
  1105. 1:25:17पर 75 सेंटीमीटर से कम बारिश हो रही हो तो उसे हम लोग बोलते हैं शुष्क कृषि और ऐसी
  1106. 1:25:23कोई भी जगह जहा जहां पर ज्यादा बारिश हो रही हो जहां पर आद्रता हमेशा उपलब्ध हो तो
  1107. 1:25:27उसे हम लोग बोलेंगे आद्र कृषि उम्मीद करता हूं आप लोगों को यह जो वर्गीकरण है पहले
  1108. 1:25:32दो वर्गीकरण हम लोगों ने जो है सिंचाई के आधार पर बांटे थे फिर हम लोगों ने सिंचाई
  1109. 1:25:37का उद्देश्य क्या है उसके आधार पर दो और वर्षा जो कृषि थी उसको हम लोगों ने दो
  1110. 1:25:41टाइप से वर्गीकृत किया शुष्क कृषि जहां पर 75 सेंटीमीटर से कम बारिश हो रही हो और
  1111. 1:25:45आद्र जहां पर मतलब होता है कि जहां पर पानी जो है पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है
  1112. 1:25:49देखिए शुष्क कृषि के बारे में यहां पर बताया गया है एक बार मैं पढ़ दे रहा
  1113. 1:25:53हूं शक कृषि की खेती सामान्यता उन प्रदेशों तक सीमित है जहां वार्षिक वर्षा
  1114. 1:25:5875 सेंटीमीटर से कम है इन क्षेत्रों में शुष्क होता सहन करने में सक्षम मतलब ये
  1115. 1:26:03यहां पर मतलब शुष्क कृषि उन क्षेत्रों में यहां पर ऐसी फसलों की खेती की जाती है
  1116. 1:26:09जहां पर जिनके लिए पानी की कम आवश्यकता होती है जैसे कि जितने भी मोटे अनाज है आप
  1117. 1:26:13लोगों ने देखा होगा ज्वार मक्का रागी यहां पर जो है ऐसी फसलें बोई जाती हैं जिनमें
  1118. 1:26:19जिनमें पानी कम लगता है और जो गर्मी सहन कर सकती हैं जैसे रागी बाजरा म चना ज्वार
  1119. 1:26:25ये फसलें यहां पर उगाई जाती हैं तथा इन क्षेत्रों में आद्रता संरक्षण मतलब यहां
  1120. 1:26:29पर कोशिश की जाती है कि पानी को संरक्षित किया जाए तथा वर्षा जल के उपयोग की अनेक
  1121. 1:26:33विधियां अपनाई जाती हैं क्योंकि भैया 75 सेंटीमीटर से कम बारिश हो रही है तो पानी
  1122. 1:26:37को सहेज कर तो रखना पड़ेगा ना और वर्षा का जो पानी थोड़ी बहुत भी जो बारिश होगी उसको
  1123. 1:26:42सहेज कर रखा जाता है तो सुस्क कृषि आप लोगों को समझ में आ गया अब आद्र कृषि समझ
  1124. 1:26:47लेते हैं आद्र कृषि के क्षेत्रों में वर्षा ऋतु के अंतर्गत वर्षा जल पौधों की
  1125. 1:26:51जरूरत से अधिक होता है मतलब जब हम आद्र कृषि की बात करते हैं तो यहां पर जो होती
  1126. 1:26:56है वर्षा जो जल जो होता है वो पौधों की जरूरत से ज्यादा मतलब यहां पर जो पानी की
  1127. 1:27:00जरूरत होती है मतलब पौधे का मान लीजिए पौधे को जरूरत है मान लीजिए एक बाल्टी
  1128. 1:27:04पानी की तो हमारी कोशिश होती है कि हम पौधे को दो या तीन बाल्टी पानी दें कुल
  1129. 1:27:09मिलाकर ये कहना चाह रहा हूं मैं कि आद्र कृषि में ऐसी फसलों को बोया जाता है ज ऐसी
  1130. 1:27:13फसलें जो पानी को सहन कर सके जो आद्रता सहन कर सके और जिनको पानी की जरूरत जो
  1131. 1:27:18होती है वो बहुत ज्यादा होती है इसलिए आप लोगों ने देखा होगा जब धान की फसल बोई
  1132. 1:27:22जाती है चावल की फसल बोई जाती है तो वो लगभग लगभग पानी में थोड़ी डूबी रहती है
  1133. 1:27:26मतलब जरूरत से ज्यादा उसको पानी जो है उस फसल को चाहिए होता है तो इसके जो उदाहरण
  1134. 1:27:31होंगे वो कौन से होंगे वो होंगे चावल वो होंगे जूट वो होंगे गन्ना तो आद्रित जो
  1135. 1:27:37कृषि होती है उसके उदाहरण चावल जूठ और गन्ना है तथा ताजे पानी की जल कृषि भी
  1136. 1:27:43यहां पर की जाती है उम्मीद करता हूं आप लोगों को ये पॉइंट्स और ये जो कृषि है वो
  1137. 1:27:48बहुत अच्छे से क्लियर हो गई होंगी हम लोगों ने बहुत अच्छे से पढ़ा हुआ है अगर
  1138. 1:27:51आप लोगों को वीडियो पसंद आ रही है तो वीडियो को लाइक करना है अपने दोस्तों के
  1139. 1:27:55साथ शेयर करना है और किसी भी चीज में आप लोगों को डाउट हो तो आप बेहिचक कमेंट कर
  1140. 1:27:59सकते हैं बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक हम लोग पढ़ रहे हैं कृषि के प्रकार यानी टाइप्स
  1141. 1:28:03ऑफ एग्रीकल्चर या फार्मिंग हम लोग बोल सकते हैं टाइप्स ऑफ फार्मिंग ठीक है
  1142. 1:28:08उम्मीद करता हूं आप लोगों को यहां तक वीडियो बहुत अच्छे से क्लियर हो गई होगी
  1143. 1:28:11मुझे पता है वीडियो थोड़ी लंबी जा रही है क्या करूं चैप्टर ही बहुत बड़ा है और
  1144. 1:28:15एक-एक चीज इंपॉर्टेंट है इसलिए मैं थोड़ा धीरे भी पढ़ा रहा हूं ताकि आप लोगों को
  1145. 1:28:18चीजें समझ में आए और एक ही वीडियो में सारी चीजें जो है क्लियर हो जाएंगी तो
  1146. 1:28:22बार-बार आप लोगों को अलग-अलग वीडियोस में शिफ्ट होने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी चलिए
  1147. 1:28:26खाद्यान फसल के बारे में हम लोग पढ़ लेते हैं खाद्यान मतलब जिसे हम खाते हैं उसे
  1148. 1:28:30खाद्यान्न फसल बोल रहे हैं भारतीय कृषी अर्थव्यवस्था में खाद्यान्नों की महत्ता
  1149. 1:28:34को इस तथ्य से मापा जा सकता है कि देश के समस्त बोए गए क्षेत्र के दो तिहाई भाग में
  1150. 1:28:39खाद्यान फसलें बोई जाती हैं मतलब हमारे देश में जितनी भी फसलें बोई जाती हैं चाहे
  1151. 1:28:43हम गेहूं चना ज्वार मिट्टी वो मिट्टी बोल रहा हूं गेहूं चना राई सरसों या कपास
  1152. 1:28:49गन्ना जितनी भी फसलें बोई जाती हैं चाय कॉफी उनमें सबसे ज्यादा मतलब 2 तिहाई
  1153. 1:28:53हिस्से में कौन सी फसल बोई जाती है जिसे हम खाते हैं मतलब ऐसी फसलें जिसे हम नहीं
  1154. 1:28:57खाते जैसे कपास कपास को हम लोग नहीं खाते तो वो 2 तिहाई हिस्से में काउंट नहीं होता
  1155. 1:29:01मतलब हमारे देश में खाद्यान्न फसलें जो होती हैं वो ज्यादा बोई जाती हैं देश के
  1156. 1:29:06सभी भागों में खाद्यान फसलें प्रमुख हैं भले ही वहां जीवी का निर्वाह अर्थव्यवस्था
  1157. 1:29:11या व्यापारिक कृषि अर्थव्यवस्था हो मतलब देश के सभी भाग हम कोई सा भी स्टेट ले लें
  1158. 1:29:16हर स्टेट में खाद्यान फसलें जो होती हैं वहां प्रमुखता से बोई जाती हैं भले ही
  1159. 1:29:21वहां के लोग जो हैं वो निर्वाह अर्थव्यवस्था के को विश्वास रख रहे हो
  1160. 1:29:25निर्वाह अर्थव्यवस्था का मतलब होता है ऐसी अर्थव्यवस्था या ऐसे लोग जो सिर्फ इतनी
  1161. 1:29:29फसल बोते हैं कि हमारा खाना हो जाए हमारे बच्चों का खाना हो जाए और कोई मतलब नहीं
  1162. 1:29:33है ऐसी अर्थव्यवस्था को बोलते हैं निर्वाह अर्थव्यवस्था या मान लीजिए कोई परिवार ऐसा
  1163. 1:29:37है जिसके पास बहुत कम जमीन है एक हेक्टेयर से मान लीजिए बहुत कम जमीन है अब उसके पास
  1164. 1:29:41तो खेती सिर्फ इतनी हो पाएगी कि वो अपने परिवार का पालन पोषण कर सके इतनी खेती तो
  1165. 1:29:45नहीं हो पाएगी ना कि वो बाजार में अपना सामान बेच सके तो ऐसे लोगों को बोलते हैं
  1166. 1:29:49कि वो लोग निर्वाह अर्थव्यवस्था में जी रहे हैं तो देश के सभी भागों में खाद्यान
  1167. 1:29:53फस फसले प्रमुख है भले ही वहां निर्वाह अर्थव्यवस्था या व्यापारिक कृषि
  1168. 1:29:57अर्थव्यवस्था हो तो जो लोग निर्वाह कृषि करते हैं या फिर जो लोग अपना सामान मान
  1169. 1:30:01लीजिए कोई मान लीजिए कपास भी बो रहा होगा ना तो मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में
  1170. 1:30:05खाद्यान फसलें ही बोई जाती हैं अनाज की संरचना के आधार पर खाद्यान्नों को अनाज और
  1171. 1:30:10दालों में वर्गीकृत किया जाता है अगर मैं सारे खाद्यान्नों की बात करूं तो हम उसे
  1172. 1:30:14दो टाइप से वर्गीकृत कर सकते हैं एक वर्गीकरण है अनाज क्या बोलते हैं एक
  1173. 1:30:18वर्गीकरण क्या है अनाज और दूसरा वर्गीकरण है दालें तो एक-एक करके हम लोग हम लोग
  1174. 1:30:23पूरे अनाज को कंप्लीट करेंगे और फिर फिर हम लोग देखेंगे दालों के बारे में अब
  1175. 1:30:26देखिए बेसिकली हम लोग यहां पर जो चीज देखने वाले हैं अभी हम लोगों को गेहूं
  1176. 1:30:30चावल ज्वार मटर सरसों दाल सब पर फोकस करना है आप लोगों को क्या ध्यान रखना है आप
  1177. 1:30:35लोगों को ध्यान रखना है कि कोई भी फसल है सपोज करिए चावल है तो पहली चीज तो आप
  1178. 1:30:39लोगों को ये याद रखना है कि भाई ये रबी की फसल है या खरीफ की फसल है पहली चीज दूसरी
  1179. 1:30:43चीज आप लोगों को याद रखना है कि इसके लिए जरूरत क्या है मतलब जरूरत कहने का मतलब
  1180. 1:30:47जैसे चावल है चावल के लिए पानी की जरूरत बहुत ज्यादा होती है तो आप लोगों को इतना
  1181. 1:30:51बस मोटा-मोटा याद रहे कि भाई ये अ पानी की फसल है मतलब आद्र कृषि यहां पर की जाती है
  1182. 1:30:56यहां पर इसको कम पानी की जरूरत है फिर यहां पर कुछ फसलें ऐसी हैं जिसमें रैंक दी
  1183. 1:31:00जाएगी रैंक मतलब कि वैश्विक स्तर पर मान लीजिए हमारी फर्स्ट रैंक है सेकंड रैंक है
  1184. 1:31:04तो ये आप लोगों को याद रखना है और स्टेट याद रखना है स्टेट बहुत
  1185. 1:31:08आईएमपीएस डेफिनेटली बनते हैं कि कौन से स्टेट की प्रमुख फसल कौन सी है ठीक है
  1186. 1:31:14जैसे कि मैं बात कर रहा हूं कॉफी कॉफी मान लीजिए मुख्य रूप से मैं बोलूं तो कर्नाटक
  1187. 1:31:17राज्य में बोई जाती है इसलिए कर्नाटक को कहवा स्टेट बोला जाता है कॉफी स्टेट बोला
  1188. 1:31:22जाता है तो ऐसे कुछ फैक्ट्स जो है ना आप लोगों को याद रखना है अभी हम लोग वर्गीकरण
  1189. 1:31:26पढ़ रहे हैं दो वर्गीकरण हम लोग खाद्यान फसलों का समझते हैं एक है अ एक एक को हम
  1190. 1:31:31लोग बोलते हैं अनाज और एक तालों तो पहले हम अनाज पढ़ेंगे फिर हम क्या पढ़ेंगे
  1191. 1:31:35तालों को पढ़ेंगे देखिए अनाज के बारे में पढ़ लेते
  1192. 1:31:38हैं भारत में कुल बोए गए क्षेत्र के लगभग 54 प्र भाग पर अनाज बोया जाता है देश का
  1193. 1:31:44अगर हम लोग 100% हिस्सा माने तो उसके 7 54 पर जो एरिया है अगर हम निविल बोए गए
  1194. 1:31:49क्षेत्र को मान लीजिए 100% माने निविल मतलब जहां पर एक्चुअल में बुआई और कटाई
  1195. 1:31:53होती है तो उस 100% के 54 पर पर क्या बोया जाता है अनाज बोया जाता है भारत विश्व का
  1196. 1:31:59लगभग 11 प्र अनाज उत्पन्न करके अमेरिका और चीन के बाद कौन से नंबर पे है तीसरे नंबर
  1197. 1:32:05पे है मतलब पूरे विश्व की अगर मैं बात करूं तो अमेरिका और चीन के बाद भारत की जो
  1198. 1:32:09रैंक है वो तीसरे नंबर पर आती है भारत विविध प्रकार के अनाजों का उत्पादन करता
  1199. 1:32:15है अब भारत में जो होते हैं ना बहुत सारे अनाज जो होते हैं वो पैदा करते हैं पैदा
  1200. 1:32:18होते हैं जिन्हें उत्तम अनाज तथा मोटे अनाजों में वर्गीकृत किया जा सकता है अगर
  1201. 1:32:23हम अनाज पहली बात तो हम पूरी फसलों को दो टाइप से वर्गीकृत कर दिया एक अनाज और एकस
  1202. 1:32:28एक अनाज और दूसरा हम लोगों ने वर्गीकरण किया दालों के बारे में तो सबसे पहले हम
  1203. 1:32:32क्या पढ़ रहे हैं अनाज के बारे में अब अनाज को भी दो दो तरीके से व वर्गीकृत कर
  1204. 1:32:36सकते हैं एक उत्तम अनाज जिसको हम लोग बोल सकते हैं चावल और गेहूं और फिर हम बोलेंगे
  1205. 1:32:41मोटे अनाज आप लोगों को कंफ्यूजन ना हो इसलिए मैं यहां पर बता देरहा हूं सबसे
  1206. 1:32:45पहले हम लोग पढ़ क्या रहे हैं हम लोग पढ़ रहे हैं
  1207. 1:32:49खाद्यान फसलों के बारे में तो ये मैंने खाद्यान फसल पढ़ लिया अब खाद्यान फसलों को
  1208. 1:32:54भी दो टाइप से वर्गीकृत कर सकते हैं एक अनाज और दूसरा क्या है दालें ठीक है अब
  1209. 1:33:02हमको पढ़ना है तो सबसे पहले हम पढ़ेंगे क्या अनाज के बारे में अब अनाज को भी दो
  1210. 1:33:07टाइप से वर्गीकृत किया जा सकता है कौन सा एक वर्गीकरण है उत्तम अनाज क्या नाम है
  1211. 1:33:14उत्तम अनाज और दूसरा जो वर्गीकरण है उसे हम लोग बोलते हैं मोटा अनाज क्या बोलते
  1212. 1:33:20हैं मोटा अनाज तो ये वर्गीकरण अगर आप लोगों को
  1213. 1:33:25समझ में आ गया तो एक-एक करके हम वही पढ़ रहे हैं सबसे पहले हम उत्तम अनाजों के
  1214. 1:33:28बारे में पढ़ेंगे और उत्तम अनाज कौन से अनाज होते हैं गेहूं और चावल ये भी
  1215. 1:33:31क्वेश्चन बन सकता है कि उत्तम अनाज कौन से होते हैं लिखें तो उत्तम अनाज गेहूं और
  1216. 1:33:36चावल को बोला जाता है और मोटे अनाज तो हम लोगों को पता ही है जो ज्वार बाजरा मक्का
  1217. 1:33:40बागी अच्छा मोटे अनाज में कई लोगों को ये लगता है कि भाई मोटे मतलब इनके दाने मोटे
  1218. 1:33:43होंगे नहीं ये एक्चुअली क्या इनका जो जिसको आप बोलते हैं डंठल बोल सकते हैं या
  1219. 1:33:48इसका तना जो बोल सकते हैं उसमें बहुत बारीक बारीक बहुत सारे दाने होते हैं
  1220. 1:33:52इसलिए इनको मोटा अनाज जो होता है वो बोला जाता है ठीक है ये चार्ट आप लोग याद
  1221. 1:33:55रखिएगा ये अध्ययन की सुविधा की दृष्टि से हम लोग पढ़ रहे हैं ठीक है तो सबसे पहले
  1222. 1:33:59हम लोगों को पढ़ना है जिस उत्तम अनाज के बारे में वो उत्तम अनाज है चावल बहुत
  1223. 1:34:03महत्त्वपूर्ण फसल भारत की भारत की अधिकतर जनसंख्या जो है वो प्रमुख भोजन के रू भोजन
  1224. 1:34:08के रूप में किसका उपयोग करती है चावल का ही उपयोग करती है यद्यपि यह एक उष्ण आद्र
  1225. 1:34:13कटिबंधीय फसल है उष्ण आद उष्ण का मतलब पता है आप लोगों को पता ही है उष्ण का मतलब
  1226. 1:34:17होता है गर्मी आद्र का मतलब होता है जहां पर पानी की जरूरत हो और उष्ण आद्र कटिबंध
  1227. 1:34:22का मतलब होता है कि ऐसी ऐसे उष्ण कटिबंध तो आप लोगों को मालूम ही है ना कर्क रेखा
  1228. 1:34:26से मकर रेखा के बीच का वो एरिया जो स्थित होता है उसको हम लोग बोलते हैं उष्ण
  1229. 1:34:30कटिबंध कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच का एरिया अब इस एरिया में भी जहां पानी की
  1230. 1:34:35उपलब्धता बहुत ज्यादा अच्छी होती है वहां पर ये वाली फसल खासकर चावल जो है वो बोई
  1231. 1:34:40जाती है इसकी 3000 से भी अधिक किस्में हैं चावल की अगर हम वैरायटी की बात करें तो
  1232. 1:34:44चावल की जो वैरायटी है लगभग 3000 से भी क्या है अधिक है चावल की वैरायटी का अगर
  1233. 1:34:48मैं बात करूं ठीक है जो विविध कृषि जलवायु प्रदेशों में उगाई जाती है इसकी कृषि
  1234. 1:34:54समुद्र तल से 2000 मीटर तक की ऊंचाई तक एवं पूर्वी भारत के आद्र भागों से लेकर
  1235. 1:34:59उत्तर पश्चिमी भारत के शुष्क परंतु सिंचित क्षेत्र जैसे पंजाब हरियाणा पश्चिमी उत्तर
  1236. 1:35:04प्रदेश उत्तर राजस्थान में सफलता पूर्वक की जाती है कहने का मतलब ये हो रहा है कि
  1237. 1:35:082000 मीटर से कम ऊंचाई जहां की होगी जिन क्षेत्रों की होगी 2000 मीटर तक की ऊंचाई
  1238. 1:35:13जो क्षेत्रों की होगी वहां पर ये फसल बोई जाती है और ऐसे क्षेत्रों में ये वाली फसल
  1239. 1:35:17बोई जाती है जहां पर सचाई सुविधाएं जो होती है वो बहुत अच्छी होती हैं या जहां
  1240. 1:35:20पर बारिश जो होती है वो बहुत अच्छी होती है जैसे पंजाब हरियाणा सिंचाई सुविधा बहुत
  1241. 1:35:24अच्छी है अगर मैं पूर्वी भारत की बात करूं जैसे मैं कोलकाता की बात करूं तो वहां पर
  1242. 1:35:28बारिश बहुत अच्छी होती है तो ऐसे ही क्षेत्रों में ये वाली फसल बोई जाती है
  1243. 1:35:31जहां पर आद्रता या पानी की जो उपलब्धता है वो बहुत ज्यादा हो तो दक्षिणी दक्षिणी
  1244. 1:35:36राज्यों तथा पश्चिम बंगाल में जलवायु अनुकूलता पश्चिम बंगाल और जो दक्षिणी
  1245. 1:35:41राज्य होते हैं ना वहां पर जो जलवायु है मैंने आप लोगों को बताया मॉडरेट है मतलब
  1246. 1:35:44वहां पर हमेशा जो है आद्रता बनी रहती है इसलिए वहां पर साल भर जो है वो चावल ही
  1247. 1:35:49बोया जाता है तो चावल की दो या दो से तीन फसलें जो हैं वहां पर बोई जाती हैं पश्चिम
  1248. 1:35:54बंगाल के किसान चावल की तीन फसलें बोते हैं और नाम आप लोगों को याद रखना है ओस
  1249. 1:35:58अमन और बोरो ये टाइप है किसके चावल के ओस अमन और बोरो ये पश्चिम बंगाल में चावल की
  1250. 1:36:04तीन फसलें बोई जाती हैं क्योंकि जलवायु अनुकूल है परंतु हिमालय अ तथा देश के
  1251. 1:36:10उत्तर पश्चिम भागों में दक्षिण पश्चिमी मानसून ऋतु में खरीफ का फसल के रूप में
  1252. 1:36:14बोई जाती है अगर मैं उत्तर भारत की बात करूं उत्तर पश्चिम भारत की बात करूं तो
  1253. 1:36:17खरीफ फसल के रूप में चावल बोया जाता है मतलब सिर्फ वर्षा ऋतु में ही चावल बोया
  1254. 1:36:22जाता है भारत वि का 22.07.19
  1255. 1:36:53इंपोर्टेंट है आप लोगों को याद रखना है एक है पहली बात तो पश्चिम बंगाल और उत्तर
  1256. 1:36:57प्रदेश और पंजाब तो कम से कम तीन स्टेट आप लोग याद रखिएगा पश्चिम बंगाल उत्तर प्रदेश
  1257. 1:37:02और पंजाब ये तीन स्टेट है जहां पर चावल जो होता है वो सबसे ज्यादा होता है उम्मीद
  1258. 1:37:07करता हूं आप लोगों को चीजें जो है वो बहुत अच्छे से क्लियर हो रही होंगी हम लोग जो
  1259. 1:37:12है उत्तम अनाजों की बात कर रहे हैं और उत्तम अनाजों में भी पहला अनाज हम लोग हम
  1260. 1:37:16लोगों ने देख लिया उसका उदाहरण क्या था वो था चावल ठीक है चावल की प्रति हेक्टेयर
  1261. 1:37:22पैदावार पंजाब तमिलनाडु हरियाणा आंध्र प्रदेश तेलंगाना पश्चिम बंगाल तथा केरल
  1262. 1:37:25राज्यों में अधिक होती है प्रति हेक्टे पर हेक्टेयर अगर हम लोग उत्पादकता की बात
  1263. 1:37:29करें तो इन राज्यों में सबसे ज्यादा होती है जिनमें से भी पहले चार राज्य मतलब कौन
  1264. 1:37:33से पंजाब तमिलनाडु हरियाणा और आंध्र प्रदेश संपूर्ण चावल क्षेत्र इनमें से भी
  1265. 1:37:38पहले चार राज्यों में लगभग संपूर्ण चावल क्षेत्र सिंचित है और पंजाब और हरियाणा
  1266. 1:37:42प्रारंभिक रूप से चावल उत्पादक राज्य नहीं है दरअसल क्या है कि पंजाब और हरियाणा में
  1267. 1:37:47है ना बहुत ज्यादा बारिश तो होती नहीं है लेकिन अच्छी बात यह है कि पंजाब और
  1268. 1:37:52हरियाणा में सिंचाई सुविधाएं बहुत अच्छी है पंजाब मतलब आप लोग समझ सकते हैं पंजाब
  1269. 1:37:55मतलब पांच नदियों का क्षेत्र अब वहां पर पानी बहुत ज्यादा है इसलिए परंपरागत रूप
  1270. 1:37:59से पंजाब और हरियाणा में जलवायु के हिसाब से देखें तो चावल होना नहीं चाहिए लेकिन
  1271. 1:38:04हो रहा है क्यों क्योंकि सिंचाई सुविधाएं जो हैं वो बहुत अच्छी हैं और खासकर जब
  1272. 1:38:08हरित क्रांति आई थी हमारे देश में 1970 में इसको हम डिटेल से जानेंगे जब हम कृषि
  1273. 1:38:13विकास के बारे में पढ़ेंगे हरित क्रांति के बाद क्या हुआ पंजाब और हरियाणा
  1274. 1:38:17क्षेत्रों में चावल की खेती होने लगी क्योंकि अच्छी क्वालिटी के बीज आए हमारे
  1275. 1:38:20देश में जिससे कि वहां पर चावल उत्पादकता अधिक प्रभावित हुई ठीक है तो हरित क्रांति
  1276. 1:38:26के अंतर्गत पंजाब हरियाणा के सिंचित क्षेत्रों में चावल की कृषि 1970 से
  1277. 1:38:30प्रारंभ की गई उत्तम किस्म के बीजों अपेक्षाकृत अधिक खाद और कीटनाशकों का
  1278. 1:38:34प्रयोग एवं शुष्क जलवायु के कारण फसलों में रोग प्रतिरोधकता इस प्रदेश में चावल
  1279. 1:38:39की अधिक पैदावार के लिए उत्तरदाई है तो भाई दिक्कत यह है कि भले ही अ पंजाब
  1280. 1:38:45हरियाणा में परंपरागत रूप से मतलब प्राचीन काल में चावल की खेती नहीं होती थी लेकिन
  1281. 1:38:49हरित क्रांति के बाद क्या हुआ उत्तम क्वालिटी के बीज आए अच्छे उर्वरक आए अच्छे
  1282. 1:38:53कीटनाशक आए तो यहां पर भी ये वाली फसलें जो हैं वो बोई जाने लगी इसकी प्रति
  1283. 1:38:58हेक्टेयर पैदावार मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ उड़ीसा के वर्षा पर निर्भर क्षेत्रों में
  1284. 1:39:02बहुत कम है मतलब अगर हम प्रति हेक्टेयर पैदावार की बात करें
  1285. 1:39:07तो प्रति हेक्टेयर पैदावार मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के वर्षा पर निर्भर
  1286. 1:39:12क्षेत्रों में बहुत कम है मतलब कुछ राज्य ऐसे हैं जहां पर प्रति हेक्टेयर पैदावार
  1287. 1:39:16बहुत ज्यादा है जैसे कि पश्चिम बंगाल की मैं बात करूं प्रति हेक्टेयर पैदावार
  1288. 1:39:19ज्यादा है लेन कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां जैसे मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ उड़ीसा मतलब
  1289. 1:39:23यहां पर पर हेक्टेयर जो प्रोडक्टिविटी है वो कम है ये क्षेत्र आप लोग देख सकते हैं
  1290. 1:39:28जो क्षेत्र बहुत ज्यादा डार्क है आप लोग एनसीआरटी में देख सकते हैं जो क्षेत्र
  1291. 1:39:32डार्क है तो डार्क क्षेत्र आप देख सकते हैं कौन-कौन से क्षेत्र हैं एक है पश्चिम
  1292. 1:39:36बंगाल एक है बिहार आप लोग देख सकते हैं उत्तर प्रदेश का क्षेत्र या पूर्वी मध्य
  1293. 1:39:40प्रदेश के क्षेत्र की बात करूं कुल मिलाकर आप कोस्टल एरिया की बात करिए कोस्टल एरिया
  1294. 1:39:44है तो जलवायु वहां के अनुकूल है तो ये जो क्षेत्र है प्रमुख चावल उत्पादक क्षेत्र
  1295. 1:39:48हैं और जो थोड़े हल्के पड़े हुए हैं मतलब जहां पर जो डार्क क्षेत्र नहीं है जो
  1296. 1:39:52हल्का क्षेत्र है वो क्षेत्र जो है वो गौण क्षेत्र है मतलब हम सेकेंडरी क्षेत्र बोल
  1297. 1:39:56सकते हैं यहां पर फसल उत्पादकता उतनी नहीं है जितनी की होनी चाहिए उम्मीद करता हूं
  1298. 1:40:01और ये जो राज्य हैं खासकर कौन से मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के भी जिन
  1299. 1:40:05क्षेत्रों में बारिश बहुत अच्छी हो रही है वहां पर पैदावार अधिक हो रही है और जिन
  1300. 1:40:08क्षेत्रों में बारिश अच्छी नहीं हो रही है वहां पर पैदावार कम हो रही है क्योंकि आप
  1301. 1:40:12देख सकते हैं एक ही स्टेट में डार्क एरिया भी है मतलब और एक क्षेत्र एक हिस्सा ऐसा
  1302. 1:40:17है जहां पर हल्का एरिया भी है ठीक है तो ये चार्ट आप लोग याद रखिएगा खासकर ये मैप
  1303. 1:40:21अगर मैं बात करूं तो मैप से आप आप लोगों को बहुत अच्छे से आईडिया मिल जाएगा अगर हम
  1304. 1:40:25दूसर दूसरी में उतर उत्तम फसल की बात करूं तो दूसरी जो उत्तम फसल है वो है गेहूं
  1305. 1:40:29भारत में चावल के पश्चात गेहूं दूसरा प्रमुख अनाज है भारत विश्व का 12.8 प्र
  1306. 1:40:34गेहूं उत्पादन करता है वहां पर कितना था 22 यहां पर 18 सॉरी 12 यह मुख्यत शीतोष्ण
  1307. 1:40:40कति बंधी फसल है इसे शरद ऋतु अर्थात रवि ऋतु में बोया जाता है मतलब ठंड में जो है
  1308. 1:40:44इस र गेहूं को जो है वो बोया जाता है इस फसल का 85 पर क्षेत्र भारत के उत्तरी मध्य
  1309. 1:40:50भारत तक केंद्रित है मतलब चावल तो हम लोगों ने देख लिया दक्षिण भारत पूर्वी
  1310. 1:40:53भारत सब जगह बो रहे हैं लेकिन गेहूं जो है ना गेहूं अधिकतर जो है ना ऐसी जगह बोया
  1311. 1:40:58जाता है जहां पर पहली बात तो ठंडी पड़ रही हो क्योंकि सिर्फ इतना ही एरिया हमें पता
  1312. 1:41:02है कि उष्ण कटिबंध में आता है अगर मैं बात करूं सिर्फ इतना एरिया ही उष्ण कटिबंध में
  1313. 1:41:06आता है इसके ऊपर कौन सा है शीतोष्ण कटिबंध इसलिए तो यहां पर लिखा गया है कि शीतोष्ण
  1314. 1:41:10कटिबंधीय फसल है पहली चीज क्लियर हो गई दूसरी चीज गेहूं जो है ना जहां पर चावल
  1315. 1:41:15दक्षिण भारत में भी बोया जाता है गेहूं जो है वो उत्तर भारत में और मध्य भारत में जो
  1316. 1:41:19है वो बोया जाता है ये बात आप लोगों को याद रखिएगा खासकर कौन से क्षेत्र उत्तर
  1317. 1:41:24गंगा का मैदान मालवा का पठार हिमालय पर्वतीय क्षेत्र में 2700 मीटर की ऊंचाई
  1318. 1:41:29तक जो क्षेत्र हैं वहां पर गेहूं की खेती की जाती है ठीक है उम्मीद करता हूं आप
  1319. 1:41:34लोगों को ये चीज बहुत अच्छे से क्लियर हो गई
  1320. 1:41:38होगी मैप में आप लोग देख सकते हैं पूरा उत्तर का ही एरिया है जहां पर गेहूं की
  1321. 1:41:42खेती हो रही है रबी फसल होने के कारण यह सिंचाई की सुविधा वाले क्षेत्रों में ही
  1322. 1:41:47उगाया जाता है लेकिन हिमालय के उच्च भागों में तथा मध्य प्रदेश के मालवा के पठारी
  1323. 1:41:51क्षेत्र में यह वर्षा प निर्भर फसल है तो मध्य प्रदेश के क्षेत्र बोलते हैं जैसे
  1324. 1:41:55मालवा के पठार तो यहां पर वर्षा पर निर्भर फसल है वर्षा थोड़ी बहुत होती है तो ये
  1325. 1:41:59फसल बहुत अच्छी हो जाती है या फिर सिंचाई सुविधाएं अच्छी होनी चाहिए ये याद रखना है
  1326. 1:42:03कि शीतोष्ण कटिबंधीय है देश के कुल कुल बोए गए क्षेत्र के लगभग 14 प्र भाग पर
  1327. 1:42:09गेहूं बोया जाता है गेहूं की प्रमुख उत्पादक राज्य कौन से हैं अगेन मेरी
  1328. 1:42:14आईएमपीपी हरियाणा और राजस्थान तो उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश पंजाब हरियाणा और
  1329. 1:42:19राजस्थान ऐसे राज्य हैं जो प्रमुख उत्पादक राज्य हैं किसके ग के यह मैप में आप बहुत
  1330. 1:42:25अच्छे से देख सकते हैं उम्मीद करता हूं गेहूं और चावल में जो बातें बताई गई है वो
  1331. 1:42:29आप लोगों को क्लियर हो गई होंगी पंजाब और हरियाणा में गेहूं की जो उत्पादकता है वो
  1332. 1:42:33अधिक है देखिए पंजाब और हरियाणा क्योंकि ओबवियस सी बात है कि सिंचाई सुविधाएं अधिक
  1333. 1:42:36हैं जबकि उत्तर प्रदेश राजस्थान और बिहार में प्रति हेक्टेयर पैदावार मध्यम स्तर की
  1334. 1:42:41है और मध्य प्रदेश की अगर मैं बात करूं तो मध्य प्रदेश हिमाचल प्रदेश और जम्मू
  1335. 1:42:44कश्मीर में गेहूं की कृषि वर्षा पर आधारित है तथा उत्पादकता जो है वो कम है तो कुल
  1336. 1:42:49मिलाकर अगर मैं बात करूं तो पंजाब हरियाणा में पैदावार बहुत ज्यादा है उत्पादकता
  1337. 1:42:53ज्यादा है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात करूं तो उत्पादकता मध्यम स्तर की है और
  1338. 1:42:58अगर मैं मध्य प्रदेश की बात करूं तो यहां पर जो उत्पादकता है वो लो है
  1339. 1:43:01प्रोडक्टिविटी जो है वो लो है ठीक है तो यहां पर हम लोगों ने उत्तम अनाजों को बहुत
  1340. 1:43:07अच्छे से कंप्लीट कर लिया है उत्तम अनाजों के बाद अब हम लोग पढ़ेंगे मोटे अनाजों के
  1341. 1:43:11बारे में तो मोटे अनाजों में जो पहला जो अनाज है वो है ज्वार ज्वार के बारे में हम
  1342. 1:43:15लोग पढ़ लेते हैं देश के कुल बोए गए क्षेत्र के 16.5 प्र भाग पर मोटे अनाज बोए
  1343. 1:43:21जाते हैं तो अगर हम लोग बात करें पूरे देश की तो 16 द जो 5 प्र भाग है वहां पर कौन
  1344. 1:43:27सा अनाज बोया जाता है मोटा अनाज जैसे कि ज्वार बोया जाता है जो बोए गए क्षेत्र के
  1345. 1:43:325.3 प्र भाग पर बोया जाता है मतलब मोटे अनाज की बात करूं तो 16.5 प्र भाग पर और
  1346. 1:43:37उनमें से भी अगर मैं ज्वार की बात करूं तो वो 5.3 प्र भाग पर बोया जाता है ये दक्षिण
  1347. 1:43:42और मध्य भारत के अर्ध शुष्क क्षेत्रों की प्रमुख खाद्य फसल है तो ये जो है दक्षिण
  1348. 1:43:47भारत और मध्य भारत के अर्ध शुष्क मतलब जहां पर गर्मी ज्यादा पड़ती है वहां पर ये
  1349. 1:43:51वाली फसल बोई जाती है महाराष्ट्र राज्य अकेला देश की आधे से अधिक ज्वार उत्पादन
  1350. 1:43:56करता है अगर मैं महाराष्ट्र राज्य की बात करूं तो आधे से ज्यादा ज्वार का उत्पादन
  1351. 1:44:00अकेला कौन कर देता है महाराष्ट्र राज्य कर देता है अन्य प्रमुख ज्वार उत्पादक
  1352. 1:44:05राज्यों में कर्नाटक मध्य प्रदेश आंध्र प्रदेश और तेलंगाना अन्य जो राज्य हैं वो
  1353. 1:44:10कौन-कौन से हैं वो है कर्नाटक मध्य प्रदेश आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तो ज्वार के
  1354. 1:44:14बारे में आप लोगों को याद रखना है एक मोटा अनाज है अब मुझे कमेंट करके बताइए आप लोग
  1355. 1:44:18कि मैंने आप लोगों को जो है सिंचाई के वर्गीकरण में आप लोगों को एक जो अ शुष्क
  1356. 1:44:23कृषि के बारे में बताया था बताया था कि नहीं बताया था तो शुष्क कृषि आद्र कृषि के
  1357. 1:44:27बारे में बताया था आप मुझे बताइए ज्वार जो फस जो फसल है ये शुष्क कृषि की फसल है या
  1358. 1:44:33आद्र कृषि की फसल है कमेंट करके मुझे तुरंत आप लोग आंसर दीजिए तो ज्वार के बारे
  1359. 1:44:37में इंपॉर्टेंट क्या है हम लोगों ने अनाज को हम लोगों ने देखिए पूरे खाद्यान फसल को
  1360. 1:44:40दो पार्ट में वर्गीकृत किया था एक हम लोगों ने वर्गीकृत किया था क्या अनाज और
  1361. 1:44:45दूसरा हम लोगों ने वर्गीकृत किया था दालों तो अनाज को भी मैंने दो पार्ट में
  1362. 1:44:48वर्गीकृत किया था पहला उत्तम अनाज और दूसरा मोटा अनाज उत्तम में गेहूं और चावल
  1363. 1:44:53हम लोग देख सकते हैं देख चुके हैं मोटे में हम लोग ज्वार बाजरा और मक्का के बारे
  1364. 1:44:58में तो ज्वार के बारे में एक लाइन और है वो और देख लेते हैं कि दक्षिणी राज्यों
  1365. 1:45:01में खरीफ और रब दोनों ऋतु में बोया जाता है परंतु उत्तर भारत में यह खरीफ की फसल
  1366. 1:45:06है अगर मैं दक्षिण भारत की बात करूं तो दक्षिण भारत में रबी और खरीफ दोनों ही
  1367. 1:45:09मौसम में जो है वो ज्वार बोया जाता है उत्तर भारत में लेकिन ये खरीफ के मौसम में
  1368. 1:45:12बोया जाता है तथा मुख्यतः चारा फसल के रूप में उपयोग किया जाता है मतलब पहले देखिए
  1369. 1:45:17एक समय था जब मोटे अनाजों को एक चारा फसल गरीबों की अनाज के रूप में माना जाता था
  1370. 1:45:22आज जो है ना वो मोटे अनाजों की इंपॉर्टेंस बहुत ज्यादा बढ़ गई है क्योंकि समय के साथ
  1371. 1:45:26डॉक्टरों ने यह बताया है कि मोटे अनाज में ज्यादा न्यूट्रिशन होते हैं वो आपकी हेल्थ
  1372. 1:45:31के लिए ज्यादा बेनिफिशियल होते हैं जैसे अगर मैं गेहूं चावल कि से तुलना करूं मोटे
  1373. 1:45:35अनाजों की तो गेहूं चावल की तुलना में ज्वार जौ बाजरा इनमें ज्यादा प्रोटीन
  1374. 1:45:40कार्बोहाइड्रेट विटामिंस जो होते हैं वो मिलते हैं इसलिए आप लोगों को याद होगा कि
  1375. 1:45:452023 203 जो हमारा निकला है उसे हम इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स के रूप में मना
  1376. 1:45:51चुके हैं मतलब मोटे अनाजों के रूप में मना चुके हैं भारत सरकार ने यूएन से निवेदन
  1377. 1:45:55किया था यूएनएस यूएनएस की मोटे अनाजों की इंपॉर्टेंस को देखते हुए 2000 कोई सा भी
  1378. 1:46:00एक साल है उसे आप मोटे अनाजों के ईयर के रूप में घोषित करें तो यूएन ने 2003 को जो
  1379. 1:46:04था इंटरनेशन 2023 को जो था इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स जो था वो मनाया था उम्मीद करता
  1380. 1:46:10हूं आप लोगों को यह बात समझ में आ गई होगी आप लोग भी घर में मोटे अनाज खाया करिए
  1381. 1:46:14बहुत ज्यादा फायदेमंद होते हैं चलिए नेक्स्ट फसल देख लेते हैं हम लोग बाजरा के
  1382. 1:46:18बारे में बाजरा जो है भारत के पश्चिम तथा उत्तर पश्चिम भागों में गर्म और शक जलवायु
  1383. 1:46:23में बाजरा बोया जाता है यह फसल इस क्षेत्र के शुष्क दौर सूखा सहन करने में सक्षम है
  1384. 1:46:28जितनी भी मोटी फसलें होती है ना वो सूखा सहन करने में सक्षम होती है क्योंकि एक तो
  1385. 1:46:31मोटी फसले इनमें पानी जो होता है ना एकद बार चल जाए तो ये फसलें जो होती है वो उग
  1386. 1:46:36जाती है यह एकल तथा मिश्रित फसल के रूप में भी बोया जाता है मतलब या तो आप बाजरा
  1387. 1:46:40को सिंगल बोद पूरे खेत में या फिर मिश्रित फसल के रूप में भी बो सकते हैं आधे खेत
  1388. 1:46:44में कोई दूसरी फसल और आधे खेत में बाजरे की
  1389. 1:46:47फसल यह फसल देश के कुल बोए गए क्षेत्र के लगभग 5.2 प्र भाग पर बोई जा ती है बाजरा
  1390. 1:46:53उत्पादक प्रमुख राज्य कौन से हैं महाराष्ट्र गुजरात उत्तर प्रदेश राजस्थान
  1391. 1:46:57और हरियाणा इनमें से भी आप लोगों को महाराष्ट्र राज्य जो है वो याद रखना है
  1392. 1:47:01क्योंकि महाराष्ट्र में देश का सबसे ज्यादा जो है वो ज्वार भी हो रहा था और
  1393. 1:47:05देख लीजिए बाजरा भी हो रहा है वर्षा निर्व फसल होने के कारण राजस्थान में इसकी
  1394. 1:47:09उत्पादकता कम है राजस्थान में जो होती है इसकी उत्पादकता कम है क्योंकि राजस्थान
  1395. 1:47:13में जो थोड़ी बहुत भी बारिश जो होती है वो नहीं होती है कुछ एरिया ऐसे हैं त तथा
  1396. 1:47:17इसमें अत्यधिक उतार चढ़ाव है कुछ वर्षों से सूखा प्रतिरोधक किस्मों के आगमन से तथा
  1397. 1:47:22गुजरात व हरियाणा में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से इस फसल की पैदावार में जो है
  1398. 1:47:26वृद्धि हुई है बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट लाइन नहीं है लेकिन आप लोग याद
  1399. 1:47:30रखिएगा मक्का अब मक्का पढ़ लेते हैं हम लोगों को तीन ही प्रमुख जो है मोटे अनाजों
  1400. 1:47:35के पर फोकस करना है एक ज्वार दूसरा फोकस करना है बाजरा पर और तीसरा हम लोगों को
  1401. 1:47:39फोकस करना है मक्का के बारे में मक्का एक खाद्य तथा चारा फसल है जो निम्न कोटि की
  1402. 1:47:44मिट्टी व अर्ध शुष्क जलवायु विक परिस्थितियों में उगाई जाती है पहली बात
  1403. 1:47:48तो मक्का आप लोगों ने सभी ने खाया होगा भुट्टा भी बोलते हैं कई लोग कॉर्न भी
  1404. 1:47:51बोलते हैं मक्का क्या है एक खाद्य मतलब मतलब खाने में फसल जो मक्के का आटा भी आता
  1405. 1:47:54है एक खाद्य फसल भी है और एक चारा फसल भी है जानवर जो लोग हैं उनको चारे के रूप में
  1406. 1:47:59उपयोग करते हैं जो एक निम्न कोटि की मिट्टी व अर्ध शुष्क जलवायु परिस्थितियों
  1407. 1:48:03में उगाई जाती है मतलब इसके लिए मिट्टी जो होती है वो बहुत अच्छी नहीं होनी मतलब
  1408. 1:48:07बहुत अच्छी जरूरत नहीं है और दूसरी बात जलवायु विक जो परिस्थितियां है वो अर्ध
  1409. 1:48:11शुष्क मतलब जहां पर गर्मी जो है वो थोड़ी पड़ती है यह फसल कुल बो बोए गए क्षेत्र के
  1410. 1:48:16लगभग 3.6 प्र भाग पर बोई जाती है अब देखिए हर बार ये फैक्ट याद नहीं रखना है कि ये
  1411. 1:48:20कितने प्रतिशत क्षेत्र पर बोई जाती है गेहूं चावल में याद कर लिया ठीक है मक्का
  1412. 1:48:24की कृषि किसी विशेष क्षेत्र में केंद्रित नहीं है यह पूर्वी तथा उत्तर पूर्वी भारत
  1413. 1:48:29को छोड़कर देश के लगभग सभी हिस्सों में बोई जाती है अगर मैं मक्का के क्षेत्र की
  1414. 1:48:32बात कर लूं तो पूर्वी क्षेत्र और उत्तर पूर्वी क्षेत्र की अगर को हम अगर छोड़ दें
  1415. 1:48:37यहां पर इतने क्षेत्र को अगर हम छोड़ दें तो पूरे भारत में मक्का जो है कहीं ना
  1416. 1:48:41कहीं बिट्स एंड पीसेज में बोया जाता है प्रमुख उत्पादक राज्यों की अगर मैं बात
  1417. 1:48:45करूं तो कर्नाटक हो गया मध्य प्रदेश बिहार आंध्र प्रदेश तेलंगाना राजस्थान उत्तर
  1418. 1:48:49प्रदेश ये प्रमुख उत्पादक राज्य हैं मक्का के अन्य मोटे अनाज की अपेक्षा इसकी
  1419. 1:48:53पैदावार अधिक है इसकी पैदावार दक्षिणी राज्यों में अधिक है जो मध्य भागों की ओर
  1420. 1:48:58कम होती जाती है तो दक्षिण राज्यों में जो कॉर्न है इसकी खेती अधिक होती है और
  1421. 1:49:02जैसे-जैसे हम लोग जो है ऊपर जाएंगे तो जो मक्के की खेती है जो वो जो है कम होती
  1422. 1:49:07जाती है इस तरीके से हम लोगों ने सारे मोटे अनाजों को एक बार देख लिया है अब हम
  1423. 1:49:11लोगों को देखिए अनाजों का जब वर्गीकरण हम लोगों ने किया था तो अनाज और दालों में
  1424. 1:49:15किया था अनाजों में हम लोगों ने उत्तम अनाज और मोटे अनाजों में किया था तो उत्तम
  1425. 1:49:19अनाज भी कंप्लीट हो गए हैं और मोटे अनाज भी कंप्लीट हो गए हैं अब हम लोगों को को
  1426. 1:49:22दालों पर फोकस करना है दालों हमें पता है कि प्रोटीन का एक मुख्य स्रोत है शाकाहारी
  1427. 1:49:27लोग जो है उनके लिए दाल जो है उनके आहार का एक प्रमुख भाग या प्रमुख हिस्सा जो
  1428. 1:49:31होते हैं होते हैं तो एक-एक करके अब हम लोग दालों पर फोकस चलिए एक-एक करके अब हम
  1429. 1:49:37लोग दालों को देख लेते हैं मैं बता चुका हूं कि प्रचुर मात्रा में प्रोटीन का
  1430. 1:49:40स्रोत होने के कारण दालें शाकाहारी भोजन के मुख्य संगठक है ये बात हम समझ चुके हैं
  1431. 1:49:45ये फलीदार फसलें हैं जो नाइट्रोजन योगीकृपा को बढ़ाती है आप लोगों ने ना 10थ
  1432. 1:49:51क्लास में पढ़ा हुआ पढ़ा हुआ है कि नाइट्रोजन योगीकृपा
  1433. 1:50:22तो यह बहुत इंपॉर्टेंट रोल प्ले करते हैं नाइट्रोजन ऑक्साइड में बदलने का और मिट्टी
  1434. 1:50:26की जो प्राकृतिक उर्वरता है उसको बढ़ाते हैं इसलिए कहा जाता है कि दालों को भी जो
  1435. 1:50:31गेहूं और चावल है उसके अंतराल में बोया जाना चाहिए भारत दालों का मुख्य उत्पादक
  1436. 1:50:35देश है देश में दालों की खेती अधिकतर दक्कन का
  1437. 1:50:38पठार मध्य पठारी भाग तथा उत्तर पश्चिम भागों के शुष्क भागों में जो है दालों की
  1438. 1:50:43खेती की जाती है तो यह एरिया जो है आप लोगों को याद रखना है देश के कुल बोए गए
  1439. 1:50:48क्षेत्र के लगभग 11 प्र भाग पर दालों को बोया जाता है शुष्क क्षेत्रों में वर्षा
  1440. 1:50:53आधारित फसल होने के कारण दालों की उत्पादकता कम है मतलब जहां पर गर्मी पड़ती
  1441. 1:50:56है वहां पर क्योंकि बारिश तो होती नहीं है इसलिए जब बारिश होती है तभी उन दालों की
  1442. 1:51:02पैदावार अच्छी होती है अदर वाइज वहां पर उत्पादकता कम होती है तथा इसमें वार्षिक
  1443. 1:51:05उतार चढ़ाव पाया जाता है चना और अरहर भारत की प्रमुख दालें हैं अगर मैं दो दालों की
  1444. 1:51:10बात करूं जो दालें भारत में सर्वाधिक खाई जाती हैं तो एक है चना और दूसरी है अरहर
  1445. 1:51:15और अरहर को ही तूर या फिर तुअर जो है वो कहा जाता है तो सबसे पहले हम लोग चना समझ
  1446. 1:51:20लेते हैं चना उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों की फसल है
  1447. 1:51:25यह मुख्यत वर्षा आधारित फसल है उपोष्ण कटिबंध आप समझ चुके हैं उष्ण कटिबंध के
  1448. 1:51:29ऊपर जो एरिया है उसे हम लोग उपोष्ण कटिबंध बोलते हैं यह वर्षा आधारित फसल है जो देश
  1449. 1:51:34के मध्य पश्चिमी तथा उत्तर पश्चिमी भागों में रबी की ऋतु में बोई जाती है तो रबी की
  1450. 1:51:39ऋतु मतलब जो मुख्य फसल रबी की ऋतु की मैं बात करूं तो गेहूं है तो गेहूं जो चना मटर
  1451. 1:51:43सरसों राई हम लोग को पता है ये रब की प्रमुख फसले हैं इस फसल सफलता पूर्वक
  1452. 1:51:48उगाने के लिए वर्षा की केवल एक या दो हल्की बछ एक या दो बार सिंचाई की आवश्यकता
  1453. 1:51:53होती है मतलब एक दो बार अगर अच्छी सिंचाई हो जाती है तो यह फसल हम उगा सकते हैं
  1454. 1:51:58हरियाणा पंजाब और उत्तरी राजस्थान में हरित क्रांति की शुरुआत से चने की फसल
  1455. 1:52:02क्षेत्रों में कमी आई है तथा इसके स्थान पर गेहूं की फसल बोई जाती है दरअसल पंजाब
  1456. 1:52:07और हरियाणा में हरित क्रांति के बाद गेहूं और चावल की फसल ज्यादा बोई जाती है इस
  1457. 1:52:12कारण वहां पर चने की पैदावार में जो है वो कमी देखने को आई है मतलब वहां पर चने की
  1458. 1:52:16फसल अब नहीं होती देश के कुल बोए गए क्षेत्र के 2.8 प्र भाग पर ही चने की खेती
  1459. 1:52:21की जाती है इस फसल के अगर मैं प्रमुख उत्पादक राज्यों की बात करूं जो आप लोगों
  1460. 1:52:25को एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू से याद रखना है व है मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र
  1461. 1:52:29आंध्र प्रदेश तेलंगना और राजस्थान इन सभी राज्यों के नाम आप याद रखिएगा इसकी
  1462. 1:52:34उत्पादकता कम है तथा संचित क्षेत्रों में भी इसकी उत्पादकता में एक वर्ष से दूसरे
  1463. 1:52:38वर्ष हमें उतार चढ़ाव देखने को मिलता है अब सबसे इंपॉर्टेंट चीज जो आप लोगों को
  1464. 1:52:43दालों में याद रखनी है चना तो चने की अगर हम लोग बात करें तो स्टेट आप लोगों को याद
  1465. 1:52:47रखने हैं ये जो स्टेट हम लोगों ने देखे उसके बाद आप लोगों को याद रखना है कि इनको
  1466. 1:52:51बारिश जो होती है या जो होता है वो कितना जरूरी होता है और सबसे इंपॉर्टेंट कि ये
  1467. 1:52:55रबी के साथ बोई जाती है ये तो आप लोगों को लिखना ही है रट लीजिए इसको दिमाग में भर
  1468. 1:52:59लीजिए क्योंकि अक्सर अगर मान लीजिए सिंपलेस्ट सिंपल से सिंपल अगर कोई
  1469. 1:53:03क्वेश्चन बनाना रहा तो सीधा एग्जाम में यही पूछा जा सकता है ये रबी की फसल है या
  1470. 1:53:07खरीफ की फसल है अरहर या तुवर की अगर मैं बात करूं तो ये देश की दूसरी प्रमुख दाल
  1471. 1:53:12है दूसरी प्रमुख दाल है इसे लाल चना भी बोलते हैं और इसे पीजन पी के नाम से भी
  1472. 1:53:16जाना जाता है यह देश के मध्य और दक्षिणी राज्यों के शुष्क भागों में वर्षा आधारित
  1473. 1:53:20परिस्थितियों तथा सीमांत भू क्षेत्रों में बोई जाती है भारत के कुल बोए गए क्षेत्र
  1474. 1:53:24की मैं बात करूं तो 2 प्र भाग पर अरहर यानी तुअर बोई जाती है और देश के अरहर के
  1475. 1:53:29कुल उत्पादन में यह देखिए इंपॉर्टेंट लाइन है देश के अरहर के कुल उत्पादन का लगभग 1
  1476. 1:53:34तिहाई भाग अकेले महाराष्ट्र से आता है मतलब अरहर उत्पादन या अरहर उत्पादन या
  1477. 1:53:38तुअर उत्पादन की बात की जाए तो महाराष्ट्र का नाम लिखना बहुत ज्यादा जरूरी है
  1478. 1:53:42क्योंकि 1 तिहाई अरहर या तुअर जो है वो तो अकेले महाराष्ट्र राज्य ही पैदा कर देता
  1479. 1:53:46है अन्य प्रमुख राज्यों की अगर हम लोग बात करें तो उत्तर प्रदेश कर्नाटक गुजरात और
  1480. 1:53:49मध्य प्रदेश या अन्य राज्य हैं इस फसल की खेती या इस फसल की प्रति हेक्टेयर
  1481. 1:53:54उत्पादकता कम है और अनियमित है इसलिए आप लोग देखेंगे कि दाल के जो रेट होते हैं
  1482. 1:53:58खासकर तुअर दाल जो दाल चावल में हम दाल खाते हैं ना वो जनरली अरहर या तुअर की ही
  1483. 1:54:04दाल होती है ठीक है और इस दाल में चूंकि इसका जो प्रोडक्शन होता है उसमें
  1484. 1:54:07फ्लकचुएशन उपता चराव देखने को मिलता है इसलिए आप लोग देखेंगे कि दाल के रेट जो है
  1485. 1:54:12ना कभी बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं और कभी बहुत ज्यादा कम हो जाते हैं तिलहन फसलों
  1486. 1:54:17की अगर हम लोग बात करें तिलहन मतलब जिन फसलों से तेल निकलता है उन पर हम लोग
  1487. 1:54:21देखते हैं तो खाद्य तेल निकालने के लिए तिलहन की खेती की जाती है मालवा का पठार
  1488. 1:54:25मराठवाड़ा का पठार गुजरात का पठार और राजस्थान के शुष्क भागों में तेलंगना व
  1489. 1:54:29आंध्र प्रदेश के रॉयल सीमा के प्रदेश भारत के प्रमुख तिलहन उत्पादक क्षेत्र हैं तो
  1490. 1:54:34इन पठार को आप लोगों को याद रखना है देश के कुल बोए गई क्षेत्र के लगभग 14 प्र भाग
  1491. 1:54:39पर तिलहन की फसलें बोई जाती हैं और कौन-कौन सी फसलें तिलहन फसलें हैं ये भी
  1492. 1:54:42बहुत आसान क्वेश्चन है जो बन जाता है तो देखिए मूंगफली तोरिया और सरसों इनके बीच
  1493. 1:54:47में ही अंतर होता है थोड़ा बहुत साइज में अदर वाइज दोन फसलें एक ही होती हैं
  1494. 1:54:51सोयाबीन और सूरज सर मुखी यह प्रमुख भारत की तिलहन फसलें हैं ठीक है जिनसे तेल जो
  1495. 1:54:56है वो निकलता है सूरजमुखी के बारे में आप लोगों को एक फन फैक्ट तो मालूम ही है कि
  1496. 1:54:59सूरज की दिशा जहां-जहां होती है वहां वहां सूरजमुखी अपने मुंह को जो है वो कर लेता
  1497. 1:55:04है तो ये तिलहन के बारे में हम लोगों ने बहुत अच्छे से समझ लिया मूंगफली बहुत
  1498. 1:55:08इंपॉर्टेंट तिलहन फसल है भारत में विश्व भारत विश्व में 18.8 प्र मूंगफली का
  1499. 1:55:14उत्पादन करता है देखिए मतलब पूरे विश्व में अगर 100% मूंगफली आ रही होगी तो 18.8
  1500. 1:55:18प्र तो भारत में ही होती है अगर हम लोग 2018 के डाटा के अनुसार अगर हम लोग बात
  1501. 1:55:23करें यह मुख्य शुष्क क्षेत्रों की वर्षा आधारित खरीफ फसल है कौन सी फसल है ये खरीफ
  1502. 1:55:28चावल ज्वार बाजरा मक्का कपास स तंबाकू मूंगफली ये सब खरीफ की फसलें हैं परंतु
  1503. 1:55:32दक्षिण भारत में यह रबी की ऋतु में बोई जाती है हालांकि मैं बता चुका हूं कि
  1504. 1:55:36दक्षिण भारत में रबी और खरीफ जैसा कोई क्लासिफिकेशन नहीं है वहां जो है कोई फसल
  1505. 1:55:41लगातार किसी मौसम में दो या तीन बार ली जाती है क्योंकि वहां पर सम जलवायु जो
  1506. 1:55:45होती है वो पाई जाती है देश के कुल बोए गए क्षेत्र के 3.6 प्र भाग पर मूंगफली बोई
  1507. 1:55:50जाती है इसमें जो स्टेट आप लोगों को याद रखना है वो याद रखना है गुजरात गुजरात में
  1508. 1:55:54बहुत ज्यादा मूंगफली होती है गुजरात राजस्थान तमिलनाडु आंध्र प्रदेश इसके
  1509. 1:55:58अग्रणी उत्पादक राज्य हैं तमिलनाडु में जहां भी यह फसल आंशिक रूप से सिंचित होती
  1510. 1:56:02है वहां इसकी पैदावार अधिक है परंतु आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में इसकी पैदावार कम है
  1511. 1:56:06खैर ये वाला फैक्ट आप लोगों को याद नहीं रखना पर स्टेट में अगर मैं बात करूं तो
  1512. 1:56:10गुजरात आप लोगों को याद रखना है क्योंकि गुजरात जो होता है वो मूंगफली उत्पादन में
  1513. 1:56:14पहले स्थान पर रहता है तोरिया और सरसों की अगर मैं बात करूं तो तोरिया और सरसों में
  1514. 1:56:19बहुत से तिलहन सम्मिलित हैं जैसे कि राई सरसों तोरिया तारा मीरा ये सभी तोरिया और
  1515. 1:56:24सरसों में शामिल होते हैं बीजों में थोड़ा बहुत अंतर होता है सरसों के खेत आप लोगों
  1516. 1:56:28ने देखे ही हैं शाहरुख खान की फिल्मों में डीडीएलजे में आप लोगों ने देखे होंगे ये
  1517. 1:56:31उपोषण कटिबंधीय फसलें हैं भारत के मध्य और उत्तर पश्चिमी भागों में रबी की फसलों के
  1518. 1:56:36साथ तोरिया और सरसों को बोया जाता है ये फसलें पाला सहन नहीं कर सकती मतलब यदि
  1519. 1:56:41बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है तो ये वाली फसलें खराब हो जाती हैं तथा इसके उत्पादन
  1520. 1:56:45में भी वार्षिक उतार चढ़ाव देखने को मिलता है जितनी भी दलहन फसलें तिलहन फसलें हैं
  1521. 1:56:49उनमें फ्लकचुएशन देखने को मिलता है उतार चढाव देखने को मिलता है इसलिए भारत के
  1522. 1:56:53अधिकतर किसान गेहूं चावल के ही पीछे लगे रहते हैं क्योंकि इनमें फसलों में
  1523. 1:56:57उत्पादकता किस साल कितनी रहेगी वो वो खुद भी नहीं कह सकते परंतु सिंचाई के प्रकार
  1524. 1:57:02बीज सुधार और प्रौद्योगिकी के साथ इसके उत्पादन में वृद्धि हुई है इन फसलों के
  1525. 1:57:07अंतर्गत क्षेत्र का लगभग दो तिहाई भाग सिंचित है मतलब जितनी भी तिलहन फसलें हैं
  1526. 1:57:12खासकर अगर मैं तोरिया और सरसों की बात करूं जिन क्षेत्रों में बोई जाती है वहां
  1527. 1:57:15लगभग सिचाई सुविधाएं जो हैं वो बहुत अच्छी हैं तिलहन देश के कुल बोए गए क्षेत्र के
  1528. 1:57:20लगभग 2.5 प्र भाग पर बोए जाते हैं इसके उत्पादन का 1 तिहाई भाग राजस्थान से आता
  1529. 1:57:25है आप लोगों ने सुना भी होगा कि राजस्थान में जो सरसों होती है वो बहुत ज्यादा होती
  1530. 1:57:29है तथा प्रमुख उत्पादक राज्य हरियाणा और मध्य प्रदेश है मध्य प्रदेश की अगर मैं
  1531. 1:57:33बात करूं तो जो नॉर्थ के स्टेट है सॉरी जिले हैं जैसे कि ग्वालियर शिवपुर मुरेना
  1532. 1:57:37वहां पर तिलहन फसलें खासकर सरसों और तोरिया पैदा किया जाता है इन फसलों की
  1533. 1:57:42प्रति हेक्टेयर उत्पादकता हरियाणा और पंजाब में अपेक्षाकृत अधिक है अच्छा पंजाब
  1534. 1:57:46और हरियाणा में लगभग लगभग हर फसल की प्रोडक्टिविटी या उत्पादकता अधिक है कारण
  1535. 1:57:51यह है कि पंजाब और हरियाणा में सिंचाई जल जो है वह बहुत ज्यादा उपलब्ध है इसलिए
  1536. 1:57:56हरित क्रांति भी जो है वह पंजाब और हरियाणा में सबसे ज्यादा सफल हुई थी हम
  1537. 1:57:59लोग उसको देखेंगे अन्य तिलहन की अगर हम लोग बात करें तो मूंगफली जो सोयाबीन और
  1538. 1:58:04सूरजमुखी है भारत के अन्य महत्त्वपूर्ण तिलहन है सोयाबीन अधिकतर कहां पर होता है
  1539. 1:58:08मध्य प्रदेश में होता है इसलिए मध्य प्रदेश को सोया स्टेट भी बोलते हैं
  1540. 1:58:11सोयाबीन अधिकतर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बोया जाता है और अगर हम दोनों राज्यों
  1541. 1:58:15की बात करें तो लगभग 90 पर सोयाबीन जो है वो दोनों राज्य मिलकर पैदा करते हैं
  1542. 1:58:20सूरजमुखी की फसल का सांद संकेंद्रण कहां पर है वो है राजस्थान में कर्नाटक में
  1543. 1:58:24आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इससे जुड़े हुए महाराष्ट्र के भागों में भी सूरजमुखी
  1544. 1:58:28की फसल बोई जाती है ठीक है देश के उत्तरी भागों में ये गौण फसल है मतलब उत्तर भारत
  1545. 1:58:33के अगर हम लोग बात करें तो वहां पर ये सेकेंडरी फसल आती है और लेकिन सिंचित
  1546. 1:58:36क्षेत्रों में जहां पर जहां पर सिचाई सुविधाएं अच्छी हैं वहां पर सूरजमुखी का
  1547. 1:58:40जो उत्पादन है वो बहुत अधिक होता है देख लीजिए यहां पर सोयाबीन की फसल जो है बो
  1548. 1:58:46रहे हैं अमरावती महाराष्ट्र में यह तस्वीर जो है आपके एनसीआरटी में दी हुई है आप लोग
  1549. 1:58:50इसको देख सकते हैं रेशेदार फसलों की अगर मैं बात करूं जिन फसलों से रेशे निकलते
  1550. 1:58:55हैं हम लोग अनाज देख चुके हैं अनाज में फिर हम लोगों ने दालों को देख लिया अब हम
  1551. 1:58:58रेशेदार फसलों की बात कर लेते हैं ये फसलें खाद्यान योग्य नहीं मतलब खाने योग्य
  1552. 1:59:02नहीं होती है पर इनसे बहुत इंपॉर्टेंट हमारे लिए कपड़े थैले जो बनते हैं वो
  1553. 1:59:06रेशेदार फसलों से ही बनते हैं ये फसलें हमें कपड़ा थैला बोरा और अन्य प्रकार के
  1554. 1:59:11सामान बनाने के लिए रेशा प्रदान करते हैं कपास तथा जूट भारत के प्रमुख रेशेदार फसल
  1555. 1:59:16वेरी आईएमपीएस और जूठ कपास की अगर हम लोग बात करें तो एक उष्ण कटिबंधीय फसल है जो
  1556. 1:59:22देश के अर्ध शुष्क भागों में खासकर खरीफ ऋतु में बोई जाती है देश के विभाजन के समय
  1557. 1:59:27भारत का बहुत बड़ा कपास उत्पादन क्षेत्र कहां पर चला गया था पाकिस्तान चला गया था
  1558. 1:59:30अगर आप मध्य प्रदेश की बात करें तो जो मालवा का क्षेत्र है वह महत्त्वपूर्ण कपास
  1559. 1:59:34उत्पादक क्षेत्र है कपास के लिए काली मिट्टी का होना बहुत ज्यादा जरूरी है काली
  1560. 1:59:38मिट्टी को हम लोग कौन सी मिट्टी बोलते हैं रेगर मिट्टी बोलते हैं आप लोगों ने
  1561. 1:59:41प्रीवियस क्लासेस में पढ़ा होगा यद्यपि पिछले 50 सालों में भारत में इसके
  1562. 1:59:45क्षेत्रफल में लगातार वृद्धि हुई है भारत छोटे रेशे वाली जिसे हम लोग भारतीय रेषा
  1563. 1:59:49बोलते हैं वह लंबे रेशे वाली जिसे हम लोग अमेरिका रेषा बोलते हैं दोनों ही प्रकार
  1564. 1:59:53के कपास का उत्पादन करता है अमेरिकन कपास को देश के उत्तर पश्चिमी भागों में नरमा
  1565. 1:59:58कहा जाता है यह वेरी आईएपी है याद रखिएगा नरमा आप लोगों से पूछ लिया जाएगा कि नरमा
  1566. 2:00:03इनमें से किस फसल का एक टाइप है तो नरमा जो है वो अमेरिकन कपास को बोला जाता है
  1567. 2:00:07देश के उत्तर पश्चिमी भागों में कपास पर फूल आने के समय आकाश जो होना चाहिए वो
  1568. 2:00:12बादल रहित होना चाहिए मतलब ऐसा मौसम नहीं होना चाहिए कि बारिश हो रही हो ऐसा मौसम
  1569. 2:00:16होना चाहिए साफ मौसम ठीक है भारत का कपास के उत्पादन में विश्व में चीन के पश्चात
  1570. 2:00:21दूसरा रैंक है देश के समस्त बोए गए क्षेत्र के लगभग 4.7 पर अगर हम क्षेत्र की
  1571. 2:00:26बात करें तो वहां पर कपास का उत्पादन किया जाता है ठीक है कपास के तीन प्रमुख
  1572. 2:00:31उत्पादक क्षेत्र हैं उत्तर पश्चिम उत्तर पश्चिम भारत में पंजाब और हरियाणा अगर मैं
  1573. 2:00:35इस क्षेत्र की बात करूं ठीक है उत्तरी राजस्थान पश्चिम में गुजरात और महाराष्ट्र
  1574. 2:00:40ये वाला जो क्षेत्र है यह कपास उत्पादन क्षेत्र है आप एनसीआरटी में देख सकते हैं
  1575. 2:00:43स्पष्ट डायग्राम यहां पर बताया गया है मैं लाल पेन से जो है यहां पर मार्क कर दे रहा
  1576. 2:00:47हूं तो ये कपास उत्पादक और जूट उत्पादक क्षेत्र हैं जूट उत्पादक क्षेत्र वहां पर
  1577. 2:00:51होते हैं जहां पर पानी बहुत ज्यादा उपलब्ध होता है खासकर ये पश्चिम बंगाल का जो
  1578. 2:00:54क्षेत्र है वो प्रमुख जूठ उत्पादक क्षेत्र है हम लोग जूठ भी जो है यहां पर डिस्कस
  1579. 2:00:59करने वाले हैं अगर मैं महाराष्ट्र की बात करूं तो महाराष्ट्र में इसका उत्पादन जो
  1580. 2:01:03है वो वर्षा निर्भर क्षेत्रों में व वर्षा पर निर्भर क्षेत्रों में बहुत कम है मतलब
  1581. 2:01:07जहां पर अ सिंचाई के साधन ज्यादा अच्छे हैं वहां पर ओबवियसली कोई फसल बहुत अच्छी
  1582. 2:01:11होती है और जहां पर सिंचाई के साधन उपलब्ध नहीं है वहां पर ये फसल अच्छी नहीं होती
  1583. 2:01:16है अगर मैं कपास की बात करूं आप लोगों को नरमा बहुत अच्छे से याद होना चाहिए उत्तर
  1584. 2:01:20पश्चिमी भागों में अमेरिकन कपास को कहा जाता है ठीक है अगर यह चीज समझ में आ गई
  1585. 2:01:25है तो हम लोग जूट पर चलते हैं जूठ का प्रयोग किसके लिए किया जाता है अब वस्त्र
  1586. 2:01:29के लिए किया जाता है थैले के लिए बोरे के लिए किया जाता है या अन्य सजावटी सामान
  1587. 2:01:33बनाने के लिए किया जाता है आप लोगों ने गांव में देखे होंगे जूठ की रस्सी जो
  1588. 2:01:36खटिया वगैरह पर यूज हो जाती है वो जूट ही होता है यह पश्चिम बंगाल तथा इससे
  1589. 2:01:40संस्पर्श पूर्वी भागों की एक व्यापारिक फसल है ये पश्चिम बंगाल का जो एरिया है इस
  1590. 2:01:45क्षेत्र में जूठ का जो उत्पादन है वो सर्वाधिक होता है और देश के अन्य कहीं
  1591. 2:01:48भागों में नहीं होता दरअसल जब हमारे देश का विभाजन हो गया तो हमें पता है कि
  1592. 2:01:52पाकिस्तान बना था एक पश्चिमी पाकिस्तान जो ये वाला था जो ओरिजिनल आज के समय
  1593. 2:01:56पाकिस्तान है और एक पूर्वी पाकिस्तान बना था जो यह वाला हिस्सा बना था ठीक है सॉरी
  1594. 2:02:01कुछ ज्यादा ही बड़ा बना दिया मैंने ये वाला जो हिस्सा था वो पूर्वी पाकिस्तान
  1595. 2:02:05बना हुआ था लेकिन 1971 में हमें पता है कि हमारे देश की सरकार ने पाकिस्तान को धूल
  1596. 2:02:11चटा दी और उसके दो हिस्से कर दिए तो यह पाकिस्तान तो सेम रहा लेकिन इसे
  1597. 2:02:15बांग्लादेश के रूप में पाकिस्तान को खोना पड़ा और पूर्वी पाकिस्तान अब बांग्लादेश
  1598. 2:02:19बन गया है तो भले ही वो पूर्वी पाकिस्तान हो बांग्लादेश हो लेकिन पहले तो भारत का
  1599. 2:02:23ही हिस्सा था और विभाजन के बाद यह वाला क्षेत्र चूंकि भारत से अलग हो गया इसलिए
  1600. 2:02:27हमारे लिए सबसे बड़े नुकसान की बात यह हुई कि प्रमुख जो जूट उत्पादक क्षेत्र थे वो
  1601. 2:02:32कहां चले गए बांग्लादेश में चले गए विभाजन के दौरान देश का विशाल जूट उत्पादक
  1602. 2:02:36क्षेत्र पूर्वी पाकिस्तान में चला गया आज भारत विश्व का लगभग 60 प्र जूट का उत्पादन
  1603. 2:02:42करता था करता है जो कि पहले 90 प्र से ज्यादा करता था सोच कर देखिए पश्चिम बंगाल
  1604. 2:02:47देश के इस उत्पादन का 3 चौथाई भाग जो है वो पैदा करता है बिहार और आम अन्य प्रमुख
  1605. 2:02:52झूठ उत्पादक क्षेत्र है मतलब कुल मिलाकर नॉर्थ ईस्ट या अ ईस्ट ईस्ट इंडिया की अगर
  1606. 2:02:56हम लोग बात करें तो वहीं पर जूठ की फसल ज्यादा पैदा की जाती है देश के कुल बोए गए
  1607. 2:03:01क्षेत्र की अगर हम लोग बात करें तो 0.5 प्र जो क्षेत्र होता है उस पर जूठ की फसल
  1608. 2:03:05जो होती है वो बोई जाती है अन्य फसलों को अब हम लोगों को देखना है
  1609. 2:03:11अन्य फसल कौन-कौन सी है अन्य फसल है गन्ना चाय और कॉफी तीनों ही महत्त्वपूर्ण फसल है
  1610. 2:03:15हमें पता है कि गन्ना शक्कर बनाने के काम आता है और चाय और कॉफी चाय के पीछे तो
  1611. 2:03:20पूरा भारत पागल है और कॉफी की अगर हम लोग बात करें तो बहुत स्टैंडर्ड ड्रिंक जो है
  1612. 2:03:24वो मानी जाती है हालांकि आजकल आम लोग भी इसे पीने लगे हैं गन्ना की अगर हम लोग
  1613. 2:03:29देखें तो गन्ना एक उष्ण कटिबंधीय फसल है वर्षा पर निर्भर फसल है यह बात याद रखिएगा
  1614. 2:03:34वर्षा पर निर्भर परिस्थितियों में ये केवल आद्र उपाद जलवायु वाले क्षेत्रों में ही
  1615. 2:03:38बोई जाती है परंतु भारत में इसकी खेती अधिकतर सिंचित क्षेत्रों में ही की जा
  1616. 2:03:42सकती है जब हम लोगों ने एमसीक्यू लगाए थे तब मैंने आप लोगों को बताया था कि गन्ने
  1617. 2:03:46की खेती के लिए वर्षा का होना या संचित क्षेत्रों का होना बहुत ज्यादा जरूरी है
  1618. 2:03:50सिंधु गंगा के मैदानी भागों में की अधिकतर बुआई की जाती है जो उत्तर प्रदेश तक सीमित
  1619. 2:03:54है पश्चिम बंगाल में गन्ना उत्पादक अ या पश्चिम भारत में गन्ना उत्पादक राज्यों की
  1620. 2:03:59अगर हम लोग बात करें तो महाराष्ट्र और गुजरात है तो आप लोगों को कौन सा स्टेट
  1621. 2:04:03याद रखना है आप लोगों को याद रखना है उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र और गुजरात
  1622. 2:04:06क्योंकि यहीं पर गन्ने की सबसे ज्यादा पैदावार जो होती है वो होती है तीन स्टेट
  1623. 2:04:11आप लोगों को याद रखना है ठीक है दक्षिण भारत में इसकी कृषि कहां पर
  1624. 2:04:16होती है कर्नाटक तमिलनाडु और तेलंगाना में होती है और आंध्र प्रदेश के उन भागों में
  1625. 2:04:20जहां पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होती है ब्राजील के बाद दूसरा प्रमुख गन्ना
  1626. 2:04:24उत्पादक जो देश है वह भारत है यह चीज वेरी आईएमपीसी पूछ लिया जाता है कि गन्ना
  1627. 2:04:29उत्पादन में भारत की रैंक कौन सी है तो दूसरी है फर्स्ट नंबर पे ब्राजील आता है
  1628. 2:04:33यहां विश्व के 19.7 प्र भाग पर गन्ने का उत्पादन होता है जो देश के बोए गए कुल
  1629. 2:04:38क्षेत्र का कितना है 2.4 प्र है उत्तर प्रदेश देश का 40 प्र गन्ना उत्पादन करता
  1630. 2:04:43है यह बात आप लोगों को याद रखना है देखिए जो स्टेट ऐसे हैं कि जो ज्यादा उत्पादन
  1631. 2:04:47करते हैं या जिनका नाम किसी फसल के लिए जाना जाता है अ तो वो फैक्ट आप लोगों को
  1632. 2:04:52पता होना चाहिए जैसे कि अगर मैं कर्नाटक की बात करूं तो कॉफी के लिए जाना जाता है
  1633. 2:04:56गुजरात की अगर मैं बात करूं तो मूंगफली के लिए जाना जाता है अगर मैं उत्तर प्रदेश के
  1634. 2:05:00लिए बात करूं तो वो गन्ना के लिए जाना जाता है तो उत्तर प्रदेश देश का 40 प्र जो
  1635. 2:05:04है गन्ना उसका उत्पादन करता है इसके अन्य प्रमुख उत्पादक राज्य कौन से हैं
  1636. 2:05:08महाराष्ट्र कर्नाटक और तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी गन्ना पैदा किया जाता है
  1637. 2:05:12जहां इसका उत्पादन स्तर अधिक है उत्तरी भारत में इसका उत्पादन कम है अब उत्तर
  1638. 2:05:16भारत में उसका उत्पादन कम क्यों है क्योंकि उत्तर भारत में गर्मी बहुत ज्यादा
  1639. 2:05:19पड़ती है और गन्ने के साथ दिक्कत यह है कि गने गन्ना अगर काटा जा रहा है कटने के बाद
  1640. 2:05:23उसको 24 घंटे के अंदर उसकी पिराई हो जानी चाहिए पिराई मतलब गन्ने का जूस निकल जाना
  1641. 2:05:28चाहिए क्योंकि गर्मी बहुत ज्यादा पड़ेगी तो गन्ने का रस जो होगा वो सूख जाएगा इतनी
  1642. 2:05:33गर्मी पड़ रही है इंसान सूख जाता है तो फिर गन्ना क्या है गन्ना भी सूख जाता है
  1643. 2:05:36और गन्ने का रस अगर सू जाएगा तो ओबवियसली शक्कर शक्कर अगर हम उससे बनाएंगे या गुड़
  1644. 2:05:41बनाएंगे तो उसकी क्वांटिटी भी कम हो जाएगी इसलिए इसका उत्पादन जो है वो उत्पादन अगर
  1645. 2:05:46हम स्तर की बात करें तो यहां पर उत्तर भारत में इसका उत्पादन जो होता है वो कम
  1646. 2:05:50हो पाता है सबसे महत्त्वपूर्ण चाय की अगर हम लोग बात
  1647. 2:05:54करें दिन की शुरुआत ही हम लोगों की चाय से होती है तो चाय एक रोपण कृषि है रोपा जाता
  1648. 2:05:58है इसे और जो पेय पदार्थ के रूप में प्रयोग की जाती है काली चाय की पत्तियां
  1649. 2:06:02कवित होती है मतलब इसका इसको हम लोग क्या बोलते हैं कवन को हम लोग फ्रेगमेंटेशन
  1650. 2:06:08बोलते हैं इसका जबकि चाय की हरी पत्तियां अकर्म होती हैं ठीक है चाय की पत्तियों
  1651. 2:06:12में कैफीन और टैनिन की प्रचुरता पाई जाती है इसलिए आप लोगों ने देखा होगा चाय की लत
  1652. 2:06:16लग जाती है चाय की लत क्यों लगती है भाई उसी चीज की लत होगी जिसमें नशा होगा तो
  1653. 2:06:20नशा किसके कारण होता है कैफीन वैसे टेक्निकली एनसीआरटी में एरर दी हुई है
  1654. 2:06:24दरअसल चाय में थीन होता है क्या होता है थीन और कॉफी में कैफीन होता है लेकिन
  1655. 2:06:29एनसीआरटी में चाय में भी कैफीन लिखा हुआ है तो आप लोग लिख सकते हैं चाय में क्या
  1656. 2:06:33होता है कैफीन और टैनिन की प्रचुरता होती है इसलिए हमें चाय की लत लगती है और
  1657. 2:06:36एनर्जी इसलिए फील होती है क्योंकि एक तो उसमें लत हो गई मतलब कैफी कैफीन उसमें
  1658. 2:06:41मिला हुआ है और दूसरी बात उसमें ग्लूकोज यानी शक्कर मिली होती है और जैसे ही आप
  1659. 2:06:44शक्कर की कोई चीज खाएंगे चॉकलेट खाएंगे या चाय पिएंगे तो आपको एनर्जेटिक जो होता है
  1660. 2:06:49फील होता है यह उत्तरी चीन के पहाड़ी क्षेत्रों में देशज फसल है मतलब उत्तर चीन
  1661. 2:06:53में ये वहां पर प्रॉपर वहीं पर बोई जाती थी भारत में तो ये अंग्रेजों के आने के
  1662. 2:06:58बाद जो है वो बोई जा रही है यह उष्ण आद्र और पोषण आद्र कटिबंधीय जलवायु वाले तरंगित
  1663. 2:07:03भागों पर मतलब ढलान वाले भागों पर अच्छे अपवाह वाली मिट्टी में बोई जाती है मतलब
  1664. 2:07:07चाय के उत्पादन के लिए आपको मुट्टी मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जो पानी को रोक कर ना रखे
  1665. 2:07:11इसलिए आप लोगों ने देखा होगा ढलान वाले इलाकों पर चाय की बुआई होती है क्योंकि
  1666. 2:07:15पानी उतना चाहिए कि बस मिट्टी से निकल जाए अगर थोड़ा सा भी पानी रुक गया मिट्टी में
  1667. 2:07:19तो चाय की जो फसल होती है वो ख खराब हो जाती है भारत में चाय की खेती 1840 में
  1668. 2:07:25असम की ब्रह्मपुत्र घाटी में प्रारंभ हुई थी जो आज देश का प्रमुख चाय उत्पादक
  1669. 2:07:29क्षेत्र है मतलब असम में सबसे ज्यादा चाय का उत्पादन होता है हमें पता है बाद में
  1670. 2:07:33इसकी कृषि पश्चिम बंगाल के उपम मायली क्षेत्रों जैसे कि दाजिलिंग जलपाईगुड़ी और
  1671. 2:07:37कूच बिहार वाले जिलों में की जाने लगी देश में चाय की खेती पश्चिमी घाट की नीलगिरी
  1672. 2:07:42और इलायची की पहाड़ियों के निचली ढलान पर की जाती है अगर हम निचली ढलान मतलब
  1673. 2:07:46नीलगिरी हिल्स आप लोगों को पता है कि जहां पर पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट मिलते हैं
  1674. 2:07:50उसको हम लोग नीलगिरी बोलते हैं तो नीलगिरी हिल्स पर भी चाय की खेती की जाती है
  1675. 2:07:54कार्डिस जिसे हम हिंदी में इलायची की पहाड़ियां बोलती हैं वहां पर भी चाय की
  1676. 2:07:58उत्पादन जो होता है वो होता है विश्व का लगभग 21.22 प्र चाय का उत्पादन जो है व
  1677. 2:08:03भारत करता है अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय चाय का भाग जो है वो घटा है इसका
  1678. 2:08:08कारण यह है कि भारत चाय का उत्पादन तो बहुत करता है लेकिन जितना उत्पादन करता है
  1679. 2:08:12उससे आधे ज्यादा खुद ही पी जाता है दिक्कत तो भारत के साथ यही है कि भारत निर्यात
  1680. 2:08:16नहीं कर पाता आप लोग देख लेंगे गांव में शहरों में हर नुक्कड़ पर
  1681. 2:08:21जो चाय होती है वह मिल जाती है तो छोटी-छोटी दुकानों पर भी चाय मिल जाती है
  1682. 2:08:25चाय का बहुत ज्यादा उपभोग करता है छोटा सा देख अगर हम श्रीलंका की बात करें श्रीलंका
  1683. 2:08:30में भी चाय होती है और निर्यात के मामले में हम लोग बात करें तो श्रीलंका आज के
  1684. 2:08:33समय में फर्स्ट नंबर पर आता है चाय निर्यात करने के मामले में भारत में इतनी
  1685. 2:08:37चाय पैदा हो रही है लेकिन भारत निर्यात के मामले में अपने पांव नहीं पसार पा रहा है
  1686. 2:08:42कारण यह है कि उपभोग चाय का भारत बहुत अधिक कर ले रहा है चाय निर्यातक देशों में
  1687. 2:08:47भारत चीन के पश्चात विश्व में द दूसरे स्थान पर है लेकिन यह 2018 की रैंक है असम
  1688. 2:08:52के कुल बोएगाय क्षेत्र के 53.2 प्र मतलब 100% अगर हम असम का एरिया मान ले तो उसके
  1689. 2:08:5853.2 प्र भाग पर चाय की खेती की जा रही है तथा देश के कुल उत्पादन में आधे से अधिक
  1690. 2:09:03भाग चाय असम जो है चाय पैदा करता है चाय के उन अन्य महत्त्वपूर्ण अगर मैं उत्पादक
  1691. 2:09:08राज्यों की बात करूं तो वो है पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु तो ये हम लोगों ने चाय
  1692. 2:09:12के बारे में बहुत इंपॉर्टेंट बात पढ़ी चाय आप लोगों को असम का नाम याद रखना है आप
  1693. 2:09:17लोगों को ये याद रखना है कि चाय में पाया क्या जा रहा है और भारत विश्व का कितने
  1694. 2:09:20प्रतिशत चाय का उत्पादन कर रहा है अगर ये दो-तीन फैक्ट आप लोगों को पता रहते हैं तो
  1695. 2:09:24चाय के बारे में आप लिख सकते हैं और चाय के लिए कौन सी जलवायु परिस्थितियां होनी
  1696. 2:09:28इंपॉर्टेंट होनी चाहिए वो आप लोगों को पता होना चाहिए कॉफी अगर हम लोग बात करें तो
  1697. 2:09:32कॉफी एक उष्ण कटिबंधीय रोपण कृषि है रोपण चाय भी थी और कॉफी भी एक रोपण कृषि है
  1698. 2:09:37रोपा जाता है चाय के पौधों को इसके बीजों को क्या किया जाता है भूना जाता है और फिर
  1699. 2:09:41पीसा जाता है और फिर एक पेय पदार्थ के रूप में उपयोग किया जाता है चाय की तीन
  1700. 2:09:46किस्में हैं और ये वेरी आईएमपीडी
  1701. 2:09:49आईएमपीएस में है एक है अरेबिका रोब स्टा और लिबरियम सेकंड और ये तीन किस्में आप
  1702. 2:09:55लोगों को पता होनी चाहिए अरेबिका रोब स्टा और
  1703. 2:09:58लिबरियम किस्म की कॉफी होती है अरेबिका इसका उत्पादन करता है जिसकी अंतरराष्ट्रीय
  1704. 2:10:03बाजार में बहुत ज्यादा डिमांड है परंतु भारत में विश्व का केवल 3.17 प्र कॉफी का
  1705. 2:10:08ही उत्पादन होता है भारत अरेबिका का उत्पादन तो करता है लेकिन डिमांड जो है
  1706. 2:10:13अगर हम लोग ग्लोबल सप्लाई की बात करें तो सिर्फ 3 द 17 प्र कॉफी का ही उत्पादन जो
  1707. 2:10:17है वो कॉफी का किया जाता है आप स्टेट देख सकते हैं यह कॉफी उत्पादक प्रमुख क्षेत्र
  1708. 2:10:22हैं अब देखिए यहां पर आप लोगों को याद रखना है कर्नाटक का नाम कर्नाटक फर्स्ट
  1709. 2:10:26नंबर पर आता है अगर मैं कॉफी की बात करूं इसलिए कर्नाटक को कहवा स्टेट भी कहा जाता
  1710. 2:10:31है ब्राजील वियतनाम इंडोनेशिया कोलंबिया होंडुरास इथोपिया और पेरू के बाद भारत
  1711. 2:10:36विश्व में आठवां स्थान रखता है कॉफी के उत्पादन की अगर हम लोग बात करें कर्नाटक
  1712. 2:10:42केरल तमिलनाडु में पश्चिम घाट की उच्च भूमि पर इसकी खेती की जाती है इसमें भी
  1713. 2:10:46कर्नाटक का नाम आप लोगों को पता होना चाहिए देश के समस्त कॉफी उत्पादन का 2
  1714. 2:10:50तिहाई से अधिक भाग अकेले कौन पैदा करता है कर्नाटक पैदा करता है और इसीलिए कर्नाटक
  1715. 2:10:55को क्या बोलते हैं कहवा स्टेट बोलते हैं तो इस तरीके से हम लोगों ने बहुत अच्छे से
  1716. 2:11:00सारी फसलों को जिसमें हम लोगों ने अनाज देखे दालें देखे गैर खाद्यान फसलें चाहे
  1717. 2:11:04वो गन्ना हो कॉफी हो चाय हो जूट हो इन सब के बारे में हम लोगों ने बहुत अच्छे से
  1718. 2:11:10डिस्कस कर लिया सेकंड लास्ट टॉपिक हम लोगों को इस बुक के या इस चैप्टर के बारे
  1719. 2:11:13में जो पढ़ना है वो पढ़ना है भारत में कृषि विकास के बारे में कृषि विकास मतलब
  1720. 2:11:17आजादी के बाद किस तरीके से हम लोगों ने कृषि का विकास या सरकारों ने कितना फोकस
  1721. 2:11:22कितना ध्यान जो है वो एग्रीकल्चर सेक्टर पर दिया अगर आप लोगों को अभी तक सारी
  1722. 2:11:27चीजें क्लियर हो तो प्लीज वीडियो को लाइक करना है आप लोगों को वीडियो को अधिक से
  1723. 2:11:30अधिक लोगों तक शेयर करना है और किसी भी तरीके का कोई डाउट होता है तो बेहिचक आप
  1724. 2:11:34कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं वीडियो मैंने फिर बताया थोड़ा सा लंबा हो रहा है
  1725. 2:11:39कारण यह है कि एक वन शॉर्ट वीडियो और इतना बड़ा चैप्टर अगर समेटने अगर हम लोग बैठते
  1726. 2:11:44हैं तो उसमें थोड़े मेहनत लगती है एफर्ट्स लगते हैं कोशिश हम लोगों की ये है कि एक
  1727. 2:11:48ही वीडियो में आप लोगों का पूरा चैप्टर जो है वो समाहित हो हो जाए ताकि आप लोगों को
  1728. 2:11:52मल्टीपल जो वीडियोस है उन पर शिफ्ट ना करना पड़े जंप ना करना पड़े चलिए भारत में
  1729. 2:11:58कृषि विकास की अगर हम लोग बात कर लेते हैं तो स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले भारतीय
  1730. 2:12:02कृषि एक जीविकोपार्जन मैं बता चुका हूं एक ऐसी अर्थव्यवस्था कि
  1731. 2:12:07अपना पेट भरा जाए दुनिया से कोई मतलब नहीं है निर्यात तो करना ही नहीं है ठीक है
  1732. 2:12:1120वीं शताब्दी के मध्य तक इसका प्रदर्शन बहुत ज्यादा दयनीय था बहुत ही बुरी स्थिति
  1733. 2:12:15थी हम लोगों की अगर हम लोग बात करें 1950 के आसपास तो इस समय क्या हो रहे थे भयंकर
  1734. 2:12:21अकाल भी पड़ रहे थे भयंकर सूखा भी जो था वो आ रहा था देश विभाजन के दौरान लगभग 1
  1735. 2:12:26तिहाई सिंचित भूमि पाकिस्तान में चली गई ये भी दिक्कत है स्वतंत्रता के बाद जैसे
  1736. 2:12:30ही हमको आजादी मिली एक तो कृषि की स्थिति अच्छी नहीं है क्योंकि सिंचाई हमारे देश
  1737. 2:12:34में वैसे ही सिंचित जो एरिया हैं वो बहुत कम है ऊपर से देश का जब विभाजन हुआ तो एक
  1738. 2:12:39तिहाई जो सिंचित एरिया है क्योंकि आप लोगों को पता होगा पाकिस्तान में पांच
  1739. 2:12:42प्रमुख नदियां जिनका जल जो होता है वो जाता है और पाकिस्तान की जमीन मिट्टी जो
  1740. 2:12:46है वो बहुत अच्छी है वहां पर कृषि जो है वो बहुत अच्छी होती है तो पाकिस्तान में
  1741. 2:12:51यह सिंचित एरिया चले गए इससे हमारी स्थिति और ज्यादा खराब हो गई परिणाम स्वरूप
  1742. 2:12:56स्वतंत्र भारत में सिंचित क्षेत्र का जो अनुपात था वह कम रह गया कम रह गया क्योंकि
  1743. 2:13:001 तिहाई क्षेत्र तो कहां पर चला गया पाकिस्तान में ही चला गया अब फिर भी हम
  1744. 2:13:04लोगों को जैसे-तैसे 1947 में जब आजादी मिली तो हम लोगों ने भैया फोकस किया कि हम
  1745. 2:13:09तीन प्रमुख काम करेंगे ताकि खेती की स्थिति और उसमें सुधार लाया जा सके क्या
  1746. 2:13:13फोकस था हम लोगों का कि वाणिज्यिक फसलों की जगह खाद्यान्नों का उत्पादन किया जाए
  1747. 2:13:18दरअसल जब हमारे देश में अंग्रेज आए थे तो उन्होंने क्या किया था गेहूं चावल दाल या
  1748. 2:13:22खाद्यान फसलों के स्थान पर ऐसी फसलें बोनी स्टार्ट कर दी थी जो उनके लिए फायदेमंद है
  1749. 2:13:26जैसे कपास हो गया नील हो गया जूठ हो गया चाय हो गया कॉफी हो गया अब देश का किसान
  1750. 2:13:32मान लीजिए उसके पास गेहूं चावल खाने के लिए नहीं है और आप उससे बोलो कि कपास की
  1751. 2:13:36खेती करो नील की खेती करो तो उससे भले ही कितने पैसे मिल जाए लेकिन वो तो खुद भूखा
  1752. 2:13:40मरेगा ना इसलिए हम लोगों ने फोकस किया कि व्यापारिक जो फसलें हैं जैसे जिन फसलों का
  1753. 2:13:44उदाहरण मैंने अभी आप लोगों को दिया उन फसलों की जगह किसकी खेती की जाए
  1754. 2:13:47खाद्यान्नों की तो पहले को तो खाने को हो जाए फिर हम बाद में नि याद करने की
  1755. 2:13:51सोचेंगे तो हम लोगों ने किस पे चाय कॉफी कपास गन्ना झूठ इन इनकी जगह हम लोगों ने
  1756. 2:13:57फोकस किया कि पहले भैया गेहूं चावल दाल की खेती करो उसके बाद हम लोगों ने फोकस किया
  1757. 2:14:02कि कृषि गहनता को बढ़ाया जाए कृषि गहनता का मतलब होता है ऐसा नहीं कि एक साल में
  1758. 2:14:05एक ही फसल ले रहे हो ऐसी फसलें भी लो कि ताकि एक साल में जो है दो या तीन फसलें भी
  1759. 2:14:10पैदा की जा सके जिससे खाद्यान उत्पादन भी बढ़े और किसानों की आय भी बढ़े क्योंकि एक
  1760. 2:14:15साल में आप दो या तीन फसले लोगे तो ओबवियसली इससे इनकम तो किसानों की बढ़नी
  1761. 2:14:19तय है तीसरा हम लोगों का हुआ कि जो बंजर भूमि पड़ी हुई है ऐसी भूमि जो उपयोग में
  1762. 2:14:24नहीं आ रही है जो कृषि उस पर हो सकती है जिसमें पॉसिबिलिटी है संभावना है कुछ उगने
  1763. 2:14:29की तो कम से कम उस भूमि को भी हम लोग क्या कर ले उपयोग में ले लें तो कृषि योग्य
  1764. 2:14:33बंजर और पती भूमि पति भूमि में जो खाली भड़ी खाली पड़ी भूमि को हम लोग क्या बोलते
  1765. 2:14:37हैं प्रति भूमि बोलते हैं इसको भी उपयोग में लाया जाए और इस पर भी खेती की जाए तो
  1766. 2:14:42ये तीन प्रमुख फोकस था हम लोगों का जब हमारा देश आजाद हुआ ये तीनों जो पॉइंट है
  1767. 2:14:47वो वेरी आईएमपीडब्ल्यूकूल आप लोगों से बोर्ड
  1768. 2:14:51परीक्षा में पूछा जा सकता है कि आजादी के बाद हम लोगों का प्राइम फोकस मुख्य जो
  1769. 2:14:56फोकस था वो किस क्षेत्र में था तो पहली बात तो एग्रीकल्चर ठ क्षेत्र में था उससे
  1770. 2:14:59ही संबंधित क्वेश्चन है और हम लोगों ने पहले जो स्टेप्स लिए वो क्या लिए तो हम
  1771. 2:15:04लोगों ने जो फोकस किया वो इन तीन स्टेप्स पर किया ये चीज आप लोगों को बहुत अच्छे से
  1772. 2:15:08याद रखनी है प्रारंभ में इस नीति से खाद्यान्नों का उत्पादन बढ़ा तो शुरुआत
  1773. 2:15:13में जब हम लोगों ने ये तीन चीजें की तो इससे उत्पादन तो बढ़ा लेकिन 1950 के दशक
  1774. 2:15:17मतलब लास्ट में जब हम 1957 58 तक आए तो इसका उत्पादन जो था वो स्टेबल हो गया
  1775. 2:15:22स्थिर हो गया अब उत्पादन नहीं बढ़ रहा था तो हम लोगों ने क्या किया दो प्रमुख
  1776. 2:15:26कार्यक्रम जो थे वो शुरू किए कार्यक्रमों का नाम बहुत इंपॉर्टेंट है एक कार्यक्रम
  1777. 2:15:30था गहन कृषि जिला कार्यक्रम और दूसरा जो कार्यक्रम था वो था गहन कृषि क्षेत्र
  1778. 2:15:34कार्यक्रम ये दो कार्यक्रम हम लोगों ने बहुत अच्छे से स्टार्ट किए दरअसल हम लोगों
  1779. 2:15:38ने क्या किया बाहर से अच्छी क्वालिटी के बीज लाए और उनको प्रायोगिक तौर पर
  1780. 2:15:42प्रैक्टिकल के लिए हम लोगों ने क्या किया कुछ जिलों में बोया हम लोगों ने देखा कि
  1781. 2:15:45वहां पर पैदावार अचानक बढ़ गई तो हम लोगों ने सोचा कि यार इस जिले में मान लीजिए
  1782. 2:15:49पैदावार बढ़ी है तो इसको थो थोड़ा और विस्तारित किया जाए तो पहले हम लोगों ने
  1783. 2:15:53छोटे थोड़े बहुत जिलों पर फोकस किया तो वहां पर हम लोगों ने गहन कृषि जिला
  1784. 2:15:56कार्यक्रम जो था वहां पर चलाया और कुछ जिलों में उन अच्छे बीजों की जो थी
  1785. 2:16:02पैदावार हम लोगों ने की बाद में हम लोगों ने ज्यादा जिलों पर इसको विस्तारित किया
  1786. 2:16:05तो फिर हम लोगों ने कार्यक्रम शुरू किया गहन कृषि क्षेत्र कार्यक्रम जहां पर हम
  1787. 2:16:09लोगों ने ज्यादा जिलों में इन बीजों को बोया लेकिन फिर भी क्या हुआ कि 1960 के
  1788. 2:16:15दशक तक हम लोग जैसे-तैसे आगे बढ़े तो हम लोगों को लगातार दो
  1789. 2:16:19अकालोली करें आज के समय अकाल हमारे देश में आते भी हैं तो सरकारें संभाल लेती हैं
  1790. 2:16:24क्योंकि उत्पादन बहुत ज्यादा बढ़ चुका है आज हम आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था हो चुके
  1791. 2:16:28हैं मान लीजिए किसी स्टेट में बाढ़ आ जाती है या फसलें चौपट भी हो जाती है तो अन्य
  1792. 2:16:32देशों से सामान आ जाता है लेकिन 1960 के दशक में कंटीन्यूअस जो थे वो दो अकाल पड़
  1793. 2:16:37गए अकाल मतलब ऐसा होता है अकाल मतलब इसको इंग्लिश में बोला जाता है फेमाइनस जिसमें
  1794. 2:16:42खाने के लाले पड़ गए और भुखमरी की स्थिति जो थी हंगर जो था वो बहुत ज्यादा लोगों का
  1795. 2:16:47उत्पन्न हो गया हंगर क्राइसिस जिसको हम लोग बोलते हैं भुखमरी की स्थिति उत्पन्न
  1796. 2:16:50हो गई और यह संकट हमारे देश के लिए बहुत ही ज्यादा त्रासदी भरा था क्योंकि इसमें
  1797. 2:16:55हजारों लोगों की जान जो थी वो चली गई और इसी समय पर हम लोगों को पता है कि
  1798. 2:16:59पाकिस्तान हमारे पीछे पड़ा हुआ था उल्टा 1965 में हम लोगों की लड़ाई भी हो रही है
  1799. 2:17:03पाकिस्तान से तो बहुत बहुत खतरनाक बहुत बेकार यह समय भारत के लिए था इस समय देश
  1800. 2:17:08के जो प्रधानमंत्री थे लाल बहादुर शास्त्री थे उन्होंने जैसे-तैसे जो थी
  1801. 2:17:13कमान संभाली देश की और बहुत अच्छे से देश को इस अन्य संकट से उन्होंने उभारा और
  1802. 2:17:19नारा कौन सा दिया था आप लोगों को पता ही है जय जवान जय किसान जय जवान फॉर
  1803. 2:17:23पाकिस्तान मतलब पाकिस्तान के लिए उन्होंने बोला भारत के जवानों को कि भैया कूट डालो
  1804. 2:17:27तो जय जवान और फिर किसानों को बोला जय किसान तो ये उस समय की स्थिति थी 1960 की
  1805. 2:17:34लेकिन अकाल तो पड़ गए फिर हम लोगों ने क्या किया इंदिरा गांधी हमारे देश की
  1806. 2:17:37प्राइम मिनिस्टर या प्रधानमंत्री बनी और उन्होंने फोकस किया हरित क्रांति पर और
  1807. 2:17:42हरित क्रांति के लिए सबसे पहले हम लोगों ने क्या किया गेहूं यानी गेहूं हम लोगों
  1808. 2:17:46ने मंगाया मेक्सिको से और चावल हम लोगों ने मंगाए फिलीपीन से इन दो अ देशों में जो
  1809. 2:17:51थी अच्छी क्वालिटी के गेहूं और चावल की किस्में पैदा की जाती थी जिनकी पर
  1810. 2:17:55हेक्टेयर प्रोडक्टिविटी जो थी बहुत ज्यादा थी हम लोगों ने क्या किया यहां से अच्छी
  1811. 2:17:59क्वालिटी के बीज मंगाए और देश के कुछ च चुनिंदा जो स्टेट थे कौन से स्टेट खासकर
  1812. 2:18:04अगर मैं बात करूं पंजाब हरियाणा पश्चिम उत्तर प्रदेश यहां पर इन बीजों को बोया
  1813. 2:18:09यहां पर बहुत प्राइम फोकस के साथ इन बीजों को बोया अब ये भी जो बीज थे इन बीजों को
  1814. 2:18:14कहा जाता है एच वाईवी बीज एच वाईवी एच वाईवी मतलब हाई यील्डिंग वैरायटी सीट्स
  1815. 2:18:19इनकी जो पैदावार थी वो बहुत ज्यादा थी मतलब एक फस मान लीजिए नॉर्मल एक गेहूं का
  1816. 2:18:24बीजा हम बोते हैं उससे 10 दाने मान लीजिए निकल रहे हैं इन बीजों को अगर हम बोंगे तो
  1817. 2:18:28एक बीजे से मान लीजिए 40 से 50 जो दाने हैं वो निकलने की संभावना थी इसलिए इसको
  1818. 2:18:33बोला जाता है एच वाईवी हाई यील्डिंग वैरायटी सीट्स तो ये हमारे लिए नई
  1819. 2:18:37टेक्नोलॉजी थी हम लोगों ने इन स्टेट में प्राइमर फोकस करके स्टेट के नाम आप लोगों
  1820. 2:18:42को याद रखने हैं पंजाब हरियाणा पश्चिमी उत्तर प्रदेश आंध्र प्रदेश और गुजरात के
  1821. 2:18:47वो क्षेत्र जहां पर सिंचाई सुविधाएं जो थी वो बहुत अच्छी थी तो आप लोगों को इन स्टेट
  1822. 2:18:52के नाम बहुत अच्छे से याद इसको हम लोग नई टेक्नोलॉजी बोलते हैं नई टेक्नोलॉजी
  1823. 2:18:57क्योंकि एच वाईवी सीड्स ये टेक्निकल ही बीज थे अब एक इन बीजों के साथ एक अच्छी
  1824. 2:19:02बात यह है कि इनकी पैदावार बहुत अच्छी होती है लेकिन इनके साथ एक बुरी बात यह है
  1825. 2:19:05इन बीजों के साथ कि इनको पानी बहुत ज्यादा लगता है जब इन बीजों को बोया जाता है
  1826. 2:19:10इसलिए आप लोगों को पता है कि पंजाब और हरियाणा एक सिंचित क्षेत्र है जहां पर
  1827. 2:19:14सिंचाई सुविधाएं अच्छी हैं इसलिए यहां पर इनकी पैदावार जो थी वो बहुत ज्यादा हुई
  1828. 2:19:18बंपर पैदावार हुई और इसी को नाम दिया गया हरित क्रांति का इंग्लिश में हम लोग बोलते
  1829. 2:19:23हैं ग्रीन रिवोल्यूशन और इसके बाद हम लोगों ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और तब
  1830. 2:19:28से लेकर आज तक हम अनाज के मामले में जो है वो आत्मनिर्भर हैं क्योंकि अनाज में
  1831. 2:19:33अभूतपूर्व वृद्धि हुई थी 1960 और 1970 के दशक में उस समय हम 1960 और 70 के दशक के
  1832. 2:19:40पहले हम लोगों की स्थिति खराब थी लेकिन बाद में ये स्थिति जो थी हम लोगों की सुधर
  1833. 2:19:44गई हरित क्रांति के बाद लेकिन देखिए मैंने आप लोगों को एक चिंताजनक चीज ये बताई कि
  1834. 2:19:49हरित क्रांति जो बीज हम फि फीनस और जो थे मेक्सिको से लाए थे उन बीजों को हम लोगों
  1835. 2:19:54ने जिन राज्यों में फोकस करके बोया राज्य कौन से थे पंजाब हरियाणा पश्चिमी उत्तर
  1836. 2:19:59प्रदेश और गुजरात के कुछ क्षेत्र साउथ के थोड़े बहुत क्षेत्र थे जिन जिन राज्यों
  1837. 2:20:03में हम लोगों ने इन बीजों को बोया वहां तो बहुत अच्छी पैदावार हुई बंपर पैदावार हुई
  1838. 2:20:08लेकिन अन्य राज्यों का क्या अन्य राज्य पिछड़ गए कुछ राज्यों में अच्छी पैदावार
  1839. 2:20:12हुई और कुछ राज्यों में बेकार पैदावार हुई और इस तरीके से एक असंतुलन पैदा हो गया
  1840. 2:20:17पूरे देश में इनक्व पैदा हो गई एक तरफ पंजाब हरियाणा के किसान बहुत अमीर हो गए
  1841. 2:20:22और दूसरी तरफ मध्य प्रदेश राजस्थान और महाराष्ट्र के किसान बहुत गरीब हो गए तो
  1842. 2:20:27ये असमानता पैदा हो गई आज भी आप पाएंगे पंजाब हरियाणा के किसान कितने अमीर हैं
  1843. 2:20:31सिद्धू मूसेवाला के गाने बजाते हैं ट्रैक्टर पे देख ले कितने मस्कुलर जब
  1844. 2:20:36हमारे देश में किसान आंदोलन हुआ तो पिज़्ज़ा बर्गर इनके जो थे वहां पर जो थे
  1845. 2:20:41आंदोलन के दौरान जो थे कैंप लग रहे थे और वहां पर ये सब चीजें जो हैं वो चल रही थी
  1846. 2:20:46क्योंकि पंजाब और हरियाणा के किसान बहुत जागरूक किसान हैं पहली चीज तो और दूसरी
  1847. 2:20:50बात यहां यहां पर प्रति हेक्टेयर पैदावार जो होती है वो बहुत ज्यादा होती है और
  1848. 2:20:53इसका फायदा हरित क्रांति का फायदा पंजाब हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जो
  1849. 2:20:57किसान थे उन्होंने सबसे ज्यादा उठाया लेकिन जो रीजनल इंबैलेंस जिसको हम लोग
  1850. 2:21:01बोलते हैं क्षेत्रीय असंतुलन जो पैदा हुआ था कि कुछ राज्य अमीर और कुछ राज्य गरीब
  1851. 2:21:06हो गए थे वो राज्य अमीर जैसे कि पंजाब हरियाणा पश्चिमी उत्तर प्रदेश ये अमीर हो
  1852. 2:21:10गए यहां के किसान और कुछ राज्य गरीब थे अब हम लोगों को ये खाई को भरना था हम लोगों
  1853. 2:21:14को उन राज्यों पर भी फोकस करना था जहां पर हरित क्रांति सफल नहीं हुई इसलिए 1970 के
  1854. 2:21:20दशक में हम लोगों ने फोकस किया कि हम उन राज्यों पर भी फोकस करेंगे जहां पर इसकी
  1855. 2:21:25पैदावार अच्छी नहीं है तो हम लोगों ने धीरे-धीरे यह टेक्नोलॉजी जो थी वो मध्य
  1856. 2:21:29भारत और पूर्वी भारत में भी फैलाई और हरित क्रांति का लाभ पूरे देश को मिला 1980 के
  1857. 2:21:36दशक में भारतीय योजना आयोग ने वर्षा आधारित क्षेत्रों की कृषि समस्याओं पर
  1858. 2:21:39ध्यान दिया योजना आयोग ने 1988 में कृषि विकास में प्रादेशिक संतुलन को
  1859. 2:21:44प्रोत्साहित करने हेतु कृषि जलवायु नियोजन प्रारंभ किया भारत सरकार की एक संस्था थी
  1860. 2:21:48जिसका नाम था योजना आयोग जिसके अध्यक्ष होते हैं प्राइम मिनिस्टर अब उसका नाम बदल
  1861. 2:21:53दिया गया है नाम क्या हो गया है नीति आयोग इस संस्था ने क्या किया पूरे देश को
  1862. 2:21:57अलग-अलग जलवायु क्षेत्रों में या क्लाइमेटिक जोन में बांट दिया और हर
  1863. 2:22:01क्लाइमेटिक जोन की कंडीशन के हिसाब से हर जलवायु विक क्षेत्र की परिस्थिति के हिसाब
  1864. 2:22:05से वहां की समस्याओं पर फोकस किया और वहां पर उन अच्छी फसलों को हम लोगों ने बोया
  1865. 2:22:10ठीक है तो ये चीज हमारे देश में बहुत अच्छी हुई और खाद्यान की पैदावार बढ़ी और
  1866. 2:22:14लास्ट चीज जिस पर हम लोगों ने मुहर लगाई वो था एल पीजी 1990 का का दशक था 1990 के
  1867. 2:22:22दशक में हमने हमारे देश की अर्थव्यवस्था के दरवाजे विश्व के देशों के लिए खोल दिए
  1868. 2:22:27जिसको हम लोग बोलते हैं ग्लोबलाइजेशन जी का मतलब यहां पर होता है ग्लोबलाइजेशन पी
  1869. 2:22:31का मतलब होता है प्राइवेटाइजेशन और एल का मतलब होता है लिबरलाइजेशन लिबरलाइजेशन
  1870. 2:22:35प्राइवेटाइजेशन और ग्लोबलाइजेशन इसको हिंदी में बोला जाता है लिबरलाइजेशन को हम
  1871. 2:22:39लोग बोलते हैं उदारीकरण क्या बोलते हैं उदारीकरण
  1872. 2:22:43पी का मतलब होता है प्राइवेटाइजेशन इसको हिंदी में बोला जाता है निजीकरण क्या
  1873. 2:22:47बोलते हैं निजीकरण और जी का मतलब होता है ग्लोबलाइजेशन इसको
  1874. 2:22:53हिंदी में बोला जाता है वैश्वीकरण तो हम लोगों ने क्या किया 1990 में हमने हमारे
  1875. 2:22:57देश की अर्थव्यवस्था के दरवाजे विश्व की देशों के लिए खोल दिए तो अच्छी टेक्नोलॉजी
  1876. 2:23:02जो थी वो भारत में आई और भारत से भी जो एक्स्ट्रा अनाज पैदा हो रहा था वो कहां
  1877. 2:23:06गया भारत हम लोगों ने भारत से हम लोगों ने निर्यात किया तो देश के किसानों को भी
  1878. 2:23:10फायदा हुआ और देश के किसानों से किसानों को जो टेक्नोलॉजी मिली उससे देश के
  1879. 2:23:15किसानों ने और ज्यादा पैदावार की तो ये पूरा ये पूरा चरण है या ये पूरे एक
  1880. 2:23:20क्रमबद्ध श्रंखला है जिसने हमारे देश में कृषि विकास को प्रोत्साहन दिया तो ये सब
  1881. 2:23:25प्रयास आप लोगों को याद रखने हैं सिलसिलेवार तरीके से आप लोगों को याद रखना
  1882. 2:23:29है कि कैसे हम लोगों की 1950 में स्थिति अच्छी नहीं थी पाकिस्तान में एक तिहाई
  1883. 2:23:33सिंचित एरिया चला गया था फिर अकाल भी पड़ रहे थे फिर हम लोगों ने जो थे अच्छे बीज
  1884. 2:23:38मंगाए लेकिन इस दौरान भी स्थिति अच्छी नहीं थी फिर हम लोगों ने हरित क्रांति के
  1885. 2:23:41लिए फिलिपींस और जो थे मेक्सिको वहां से अच्छे बीज मंगाकर पंजाब हरियाणा और
  1886. 2:23:47पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बोए पैदावार बढ़ी हरित क्रांति आई लेकिन फिर रीजनल
  1887. 2:23:51इंबैलेंस पैदा हो गया था या क्षेत्रीय असंतुलन पैदा हो गया था तो फिर हम लोगों
  1888. 2:23:55ने क्या किया देश के अन्य भागों पर फोकस किया 1970 के दशक में और बाद में हम लोगों
  1889. 2:24:00ने य ये जो है अ आप लोगों को योजना आयोग का जिक्र करना है जिसमें हम लोगों ने
  1890. 2:24:04अलग-अलग जलवायु विक क्षेत्रों में पूरे देश को बांट दिया और इसके बाद 1990 के दशक
  1891. 2:24:10में जब वैश्वीकरण का युग आया एलपीजी या उदारीकरण की जो नीति आई इसने भारतीय
  1892. 2:24:14अर्थव्यवस्था में कृषि विकास को एक नई जो थी ऊंचाइयों पर ले गए तो ये सब चरण ये सब
  1893. 2:24:19बातें आप लोगों को अपने आंसर में ऐड करनी है क्योंकि डायरेक्ट क्वेश्चन बड़ा
  1894. 2:24:23क्वेश्चन लघु तरी दीर्घ उत्तरी प्रश्न आ सकता है कि देश में कृषि विकास भारत में
  1895. 2:24:28कृषि विकास पर टिप्पणी करें उम्मीद करता हूं आप लोगों को यह बात बहुत अच्छे से
  1896. 2:24:33क्लियर हो गई होगी अब हम लोगों को लास्ट टॉपिक पढ़ना है और लास्ट टॉपिक का नाम जो
  1897. 2:24:37है वो
  1898. 2:24:40है भारतीय कृषि की समस्याएं ठीक है तो भारतीय कृषि की समस्याओं को आप लोगों को
  1899. 2:24:45देखना है हम लोगों ने ये तो देख लिया कृषि में विकास किस तरीके से हुआ लेकिन कृषि
  1900. 2:24:49विकास हो गया तो क्या आज हम उस माइलस्टोन तक उस ऊंचाई तक पहुंच चुके हैं जहां हमें
  1901. 2:24:54पहुंचना चाहिए क्या आज भारत के किसान बहुत अमीर हो चुके हैं लेकिन आप लोग पाएंगे कि
  1902. 2:24:58गांव में तो आज भी गरीबी है भारतीय किसानों की स्थिति तो आज भी बहुत ज्यादा
  1903. 2:25:02खराब है तो हम लोगों को आज भारतीय कृषि में क्या समस्याएं विद्यमान है हालांकि
  1904. 2:25:06पहले से हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं लेकिन आज क्या समस्याएं विद्यमान है हम
  1905. 2:25:10लोगों को उस पर फोकस करना है इसके पहले देखिए आप लोगों के लिए किसानों के लिए हम
  1906. 2:25:14लोगों ने क्या-क्या चीजें करी थी ना वो सब चीजें जो है इस स्लाइड में बताई गई है आप
  1907. 2:25:18लोग पढ़ लीजिएगा एनसीआरटी में जैसे ये मिशन हम लोगों ने चलाया जिसको हम लोग
  1908. 2:25:22बोलते हैं सतत कृषि के लिए राष्ट्रीय मिशन दरअसल क्या हुआ हम बहुत ज्यादा कीटनाशक का
  1909. 2:25:26यूज़ करने लगे थे तो उसके लिए हम लोगों ने बोला कि यार ऐसी टेक्नोलॉजी यूज़ करो
  1910. 2:25:29जिसमें कीटनाशक कम से कम लगे और उपजाऊ जो है या फसलें जो हैं वो बहुत अच्छी हो तो
  1911. 2:25:34इसके लिए हम लोगों ने ये किया और उसके बाद ये किसान पोर्टल कुल मिला के हम लोगों ने
  1912. 2:25:37एक चैनल बना दिया कि भाई एक सिंगल पोर्टल होना चाहिए जहां किसान जो है अपनी
  1913. 2:25:41समस्याएं सुलझा सकें अपनी समस्याएं बता सकें और सरकारों को भी अगर किसानों के लिए
  1914. 2:25:45कुछ करना है तो वो इस पोर्टल पर जाकर किसानों को इफॉर्म कर सकती है कि आप इस
  1915. 2:25:49पोर्टल पे जाएं जहां आपको सब चीज के बारे में पता चल जाएगा कि किसी अना किसी फसल की
  1916. 2:25:54पैदावार के वो किसी फसल को पैदा पैदा होने के बाद हम उसके रेट कितने देंगे आप आपको
  1917. 2:25:59इसमें कितने कीटनाशक डालने हैं इसको आप कहां पर बेच सकते हैं सारी चीजें अ भारत
  1918. 2:26:04सरकार ने किसानों के लिए लेकर आई तो ये सब चीजें जो है एक सिंगल अ खिड़की पर उपलब्ध
  1919. 2:26:09थी और इसका नाम क्या था भारत का किसान पोर्टल तो यह कृषि विकास के लिए यह चरण थे
  1920. 2:26:13आप लोग इसमें याद कर लीजिएगा हम लोगों को जो चीज फोकस करनी है जो चीज पढ़नी है जो
  1921. 2:26:18एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू से बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है वो है भारतीय कृषि की
  1922. 2:26:22समस्याएं मतलब मैंने वही बताया कि आज हालांकि पहले से अगर हम लोग फोकस करें तो
  1923. 2:26:27बहुत ज्यादा अच्छी स्थिति में लेकिन आज भी बहुत ज्यादा समस्या भारत में विद्यमान है
  1924. 2:26:32अगर हम किसानों की बात करें पहली समस्या क्या है कि अनियमित मानसून पर निर्भरता
  1925. 2:26:36मतलब भारत के आज भी किसान जो है ना वो मानसून पर डिपेंडेंट है मानसून पर
  1926. 2:26:40डिपेंडेंसी बहुत ज्यादा है इसलिए भारतीय कृषि को मानसून का जुआ बोलते हैं क्योंकि
  1927. 2:26:44आज भी बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर सिंचाई सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया है
  1928. 2:26:48और सिंचाई सुविधाओं का विकास नहीं हो हो पाया तो ओबवियसली बात है मान लीजिए नहर
  1929. 2:26:52में पानी आया तो तो उत्पादकता अच्छी होगी बारिश अच्छी हुई तो तो उत्पादकता अच्छी
  1930. 2:26:56होगी और अगर मान लो मानसून कमजोर हुआ बारिश नहीं हुई नहर में पानी नहीं आया
  1931. 2:27:00ग्राउंड वाटर सूख गया तो फसल बर्बाद हो जाएगी तो पहली प्रॉब्लम क्या है कि हमारे
  1932. 2:27:05यहां जो मानसून है वो बहुत ज्यादा अनियमित है ठीक है दूसरी तरफ अगर हम लोग बात करें
  1933. 2:27:10तो हम लोगों के यहां जो पैदावार है जिसको हम लोग बोलते हैं प्रोडक्टिविटी तो
  1934. 2:27:13प्रोडक्टिविटी अगर हम विश्व के अन्य देशों के साथ तुलना करें या विश्व के अन्य देशों
  1935. 2:27:18को छोड़ो अगर हम एक राज्य से दूसरे की तुलना करें तो हमारे यहां प्रोडक्टिविटी
  1936. 2:27:22बहुत कम है सपोज करिए मान लीजिए एक एकड़ खेत है ये अमेरिका का खेत है और एक एकड़
  1937. 2:27:26भारत का खेत है तो एक एकड़ खेत में मान लीजिए अमेरिका का किसान पैदा करता है तो
  1938. 2:27:31उसको बोरे निकलते हैं 12 से 15 किसी अनाज के और ऐसे ही भारत का अगर कोई किसान मान
  1939. 2:27:36लीजिए अनाज पैदा करता है तो उसको मात्र तीन दो से तीन बोरे ही मान लीजिए फसल हो
  1940. 2:27:41पाती है तो देख रहे हैं प्रोडक्टिविटी में कितना अंतर है ये है अमेरिका और ये क्या
  1941. 2:27:45है इंडिया तो हम लोगों को भैया प्रोडक्टिविटी पर फोकस करना है
  1942. 2:27:48प्रोडक्टिविटी टिविटी मतलब एरिया उतना ही है लेकिन उस
  1943. 2:27:52एरिया का हम कितना ज्यादा मैक्सिमम यूटिलाइजेशन कर सकते हैं उसका कितना उपयोग
  1944. 2:27:56कर सकते हैं अच्छी टेक्नोलॉजी यूज करें अच्छे बीज यूज करें अच्छे उर्वरक यूज करें
  1945. 2:28:01अच्छे फर्टिलाइजर और अच्छे कीटनाशक जिसको हम पेस्टिसाइड बोलते हैं वो अगर हम हम यूज
  1946. 2:28:05करेंगे तो उत्पादकता जो होगी वो प्रोडक्टिविटी जो होगी वो हाई हो जाएगी
  1947. 2:28:10लेकिन ये एक समस्या आज भी बनी हुई है भारत की अधिकतर जो है आबादी जो है वो कम
  1948. 2:28:15उत्पादकता पैदा करती है मतलब उसके खेत से गेहूं चावल दाल जो है है वो कम पैदा होता
  1949. 2:28:21है अगर हम अंतरराष्ट्रीय स्तरों की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर की तुलना में
  1950. 2:28:24भारत में जो फसलों की उत्पादकता जो है वो कम है और सारी फसलों की चाहे वो गेहूं हो
  1951. 2:28:29चाहे कपास हो चाहे वो चावल हो ठीक है उम्मीद करता हूं आप लोगों को चीजें समझ
  1952. 2:28:33में आ रही होंगी ठीक है मैं बहुत अच्छे से समझा रहा हूं अगर फिर भी मान लीजिए कोई
  1953. 2:28:37डाउट है आप लोगों को तो कमेंट बॉक्स में बेह चक कमेंट कर सकते हैं आप वीडियो अच्छी
  1954. 2:28:41लग रही है ना मजा तो आ रहा है ना बस थोड़ा समय और और वीडियो खत्म होने ही वाली है
  1955. 2:28:46अगर अच्छा लग रहा है तो वीडियो को एक बार लाइक कर देना है तीसरी अ प्रॉब्लम हमारे
  1956. 2:28:50साथ ये है वित्तीय संसाधनों की बाध्यता एं और ऋणग्बा
  1957. 2:29:20ऋण के जाल में फंसा लेते हैं इसी को बोला जाता है ऋण ग्रस्त तो भारत के अधिकतर
  1958. 2:29:25किसान जो हैं वो ऋण ग्रस्त हैं उनके पास उनके ऊपर जो है बहुत ज्यादा लोन जो है वो
  1959. 2:29:30चढ़ा हुआ होता है हालांकि स्थिति अब सुधर रही है अब सरकारों ने भी कहा है कि बैंकों
  1960. 2:29:35से अब किसान जो है वो आसानी से लोन ले सकते हैं लेकिन दिक्कत तो ये है कि बैंक
  1961. 2:29:38तक जाए कौन हमें ये भी पता है कि भारत के अधिकतर किसान जो है वो पढ़े लिखे नहीं
  1962. 2:29:42होते हैं अनपढ़ होते हैं उनके अंदर वित्तीय साक्षरता का अभाव होता है कि कहां
  1963. 2:29:46पर कितना परसेंट जो रेट पर लोन मिलता है और क्या गिरवी रखना होता है कितने परसेंट
  1964. 2:29:51ब्याज पर वो इस झमेले में नहीं पड़ना चाहते वो क्या चाहते हैं कि आसान दरों पर
  1965. 2:29:55कोई व्यक्ति उनको लोन दे दे तो ये प्रॉब्लम है भारतीय किसानों के साथ और
  1966. 2:30:00क्या प्रॉब्लम है एक प्रॉब्लम है भूमि सुधारों की कमी भूमि सुधारों की कमी मतलब
  1967. 2:30:04हमारे देश में क्या है ना आज भी मान लीजिए कोई किसान है उस किसान के पास एक भूमि
  1968. 2:30:08यहां पर है एक भूमि यहां पर है एक भूमि यहां पर है उसके पास टुकड़ों में भूमि
  1969. 2:30:12उपलब्ध है उसके पास भूमि जो है इकट्ठी उपलब्ध नहीं है कि वहां पर जो है अच्छी
  1970. 2:30:16टेक्नोलॉजी और अच्छे बीजों अच्छी सिचाई साधनों का उपयोग करके वो पैदावार कर सके
  1971. 2:30:21तो भारत में जो है ना हमेशा से जो भूमि सुधार या लैंड रिफॉर्म्स जो होने चाहिए वो
  1972. 2:30:26नहीं हो पाए अंग्रेजों के समय भारत में जो थी वो महालवाड़ी व्यवस्था थी रैयतवाड़ी
  1973. 2:30:30व्यवस्था थी जमीदारी व्यवस्था थी हालांकि ये व्यवस्थाएं इतिहास में हम लोग पढ़ते
  1974. 2:30:34हैं आपको इसमें काम नहीं है लेकिन फिर भी चलिए मैं शॉर्ट में बता देता हूं जमीदारी
  1975. 2:30:38व्यवस्था में क्या होता था अंग्रेज क्या करते थे किसी एक अमीर व्यक्ति को जमीदार
  1976. 2:30:43को बोल देते थे कि पूरे गांव का लगान वसूल करके उसको दे दे ठीक है और जमींदार से बोल
  1977. 2:30:47देते थे कि भाई हमको मान लीजिए ₹1 लाख इस गांव से चाहिए 10 लाख से ऊपर जितना तू
  1978. 2:30:52वसूल करेगा उतना तेरा तो जमींदार क्या करता था इस लालच में कि 10 लाख से ऊपर
  1979. 2:30:56जितना मिलेगा वो उसको मिलेगा वो किसानों को बहुत ज्यादा प्रताड़ित करता था क्योंकि
  1980. 2:31:00उसको लालच था कि 10 से ऊपर मान लो उसने 15 कर लिया तो 5 लाख उसकी जेब में जाएगा और
  1981. 2:31:05अंग्रेजों को तो कितना देना है सिर्फ 10 रैयतवाड़ी व्यवस्था क्या थी यहां पर किसान
  1982. 2:31:09डायरेक्ट अंग्रेजों के पास लगान जमा करते थे और महालवाड़ी व्यवस्था ये थी कि
  1983. 2:31:12अंग्रेजों ने बोला था कि गांव का कोई मुखिया होगा जिसे सरपंच टाइब और सरपंच
  1984. 2:31:16पूरे गांव से लगान वसूल करेगा और अंग्रेजों को दे देगा इस व्यवस्था को हम
  1985. 2:31:20लोग बोलते हैं महलवाड़ी इन तीनों ही जो व्यवस्थाएं थी इनमें किसानों का बहुत
  1986. 2:31:25ज्यादा शोषण हुआ क्योंकि अंग्रेजों ने ये व्यवस्थाएं बनाई थी भारतीयों ने तो बनाई
  1987. 2:31:29नहीं थी इसी तरीके से भारत में कोई किसान है उसकी अलग-अलग भूमि जो थी ऐसे बटी हुई
  1988. 2:31:34थी उसके पास कोई एक एक साथ भूमि नहीं थी एक साथ जब भूमि होती है तो आप टेक्नोलॉजी
  1989. 2:31:38का भी यूज कर सकते हो आप अच्छे सिंचाई साधनों का भी यूज कर सकते हो और आपकी
  1990. 2:31:42पैदावार भी जो होती है वो बहुत अच्छी होती है तो भूमि सुधारों की कमी आज भी भारत की
  1991. 2:31:47एक महत्त्वपूर्ण समस्या बनी हुई है ये देखिए छोटे खेत और विखंडित जत ये मैंने
  1992. 2:31:52अभी बताया छोटे-छोटे खेत हैं पहली बात तो और छोटे खेत तो हैं ही और दूसरी बात एक
  1993. 2:31:57साथ नहीं है अलग-अलग है जब खेत हम लोग अगर मान लीजिए ये कितना अच्छा हो कि मान लीजिए
  1994. 2:32:01कोई किसान है उसके तीन जगह अलग-अलग खेत हैं तो एक सरकार क्या करे उसको एक अलग
  1995. 2:32:05भूमि दे दे इन तीनों के बराबर और बोले कि तू इन तीनों को रख और तीनों जो है ये वाले
  1996. 2:32:10खेत सरकार रख ले इस क्षेत्र इस स्कीम को बोला जाता है चकबंदी क्या बोलते हैं
  1997. 2:32:15चकबंदी हालांकि आजादी के बाद सरकार ने चकबंदी पर भूमि सुधारों पर फोकस तो किया
  1998. 2:32:20लेकिन सरकार क्या थी बहुत ज्यादा आलसी थी कुछ स्टेट ने अच्छे काम किए कुछ स्टेट ने
  1999. 2:32:24बेकार काम किए और आज भी यह समस्या बनी हुई है और पिछली स्लाइड में यही बताया गया है
  2000. 2:32:29कि हमारे यहां राजनीतिक निर्णयों को लेने में टाला मटोली कोई सरकार को नहीं पड़ी
  2001. 2:32:34किसानों का हित करना है इस चक्कर में आज भी जो है भूमि सुधार नहीं हो पाया है और
  2002. 2:32:39इस चक्कर में आज भी जो है चकबंदी नहीं हो पाई है चकबंदी बहुत अच्छी चीज है जहां पर
  2003. 2:32:43अलग-अलग जो खेत होते हैं उनको एक साथ जोड़ के किसान को दे दिया जाता है आप लोगों को
  2004. 2:32:48स्लाइड भी पढ़ना है जो मैं बता रहा हूं ना वो चीजें यहां पर लिखी हुई है ऐसा कुछ भी
  2005. 2:32:52नहीं बता रहा हूं मैं कि यहां कुछ और लिखा है और मैं कुछ और बोल रहा हूं जो चीज
  2006. 2:32:56एनसीआरटी में लिखी हुई है मैं उसी को आसान भाषा में समझाकर आप लोगों को परोस रहा हूं
  2007. 2:33:01और मैग्नेट बस का तो काम ही ये है जो कठिन से कठिन बातें होती हैं उनको आसान भाषा
  2008. 2:33:05में समझाने का काम मैग्नेट बंस आप लोगों के लिए करता है कोई डाउट हो डेफिनेटली आप
  2009. 2:33:10पूछ सकते हैं कोई दिक्कत की बात नहीं है तो ये उस समय के जो समस्याएं थी उनको किस
  2010. 2:33:16तरीके से आर्टिकल्स में कवर किया गया था क्या-क्या उपाय सरकारों ने किए थे वो सारी
  2011. 2:33:20चीजें उस समय के अखबारों में छपा करती थी वो अखबारों की क्लिप्स भी मैंने लगा दी
  2012. 2:33:25हैं वाणिज्य करण का अभाव मतलब भारत के अधिकतर किसान मैंने कहा ना आज भी गेहूं
  2013. 2:33:29चावल गेहूं चावल गेहूं चावल के ही ऊपर डिपेंडेंट है अब तो हमारा देश आत्मनिर्भर
  2014. 2:33:33हो गया है कम से कम अब तो हम कपास अब तो हम चाय अब तो हम कॉफी अब तो हम जूट अब तो
  2015. 2:33:38हम गन्ना अब तो हम तंबाकू ये पैदा कर सकते हैं ना ताकि देश की इकॉनमी बढ़े लेकिन
  2016. 2:33:42नहीं गेहूं चावल गेहूं चावल के पीछे लगे हुए हैं और सब अगर गेहूं चावल पैदा करते
  2017. 2:33:46हैं तो पैदावार ज्यादा हो जाती है और इकॉनमी का एक प्रिंसिपल है जिस चीज की
  2018. 2:33:50सप्लाई ज्यादा होती है उसके रेट क्या होते हैं कम हो जाते हैं तो गेहूं चावल ज्यादा
  2019. 2:33:55पैदा हो जाता है तो उसके रेट क्या होते हैं कम और जो चीज ज्यादा पैदा नहीं होती
  2020. 2:33:58जैसे दाल तो दाल के रेट देखिए हाई रहते हैं ये बात किसानों को समझनी चाहिए लेकिन
  2021. 2:34:03किसान गेहूं चावल के पीछे पड़ते हैं और गेहूं चावल के अतिरिक्त जो फसलें हैं जैसे
  2022. 2:34:07कि चावल कपास सॉरी गेहूं चावल के अतिरिक्त जो कपास है तंबाकू है चाय है गन्ना है
  2023. 2:34:13इनको बोला जाता है वाणिज्यिक फसलें कौन सी फसलें वाणिज्यिक फसलें तो वाणिज्यिक फसलें
  2024. 2:34:18आज भी हमारे देश के किसान जो जो होते हैं वो नहीं बोते हैं बहुत कम किसान जो होते
  2025. 2:34:22हैं वो बोते हैं व्यापक अल्प बेरोजगारी भी देखने को मिलती है अनइंप्लॉयमेंट देखने को
  2026. 2:34:26मिलता है मतलब गांव में मान लीजिए दो लोग हैं दो लोगों के पास मान लीजिए दो एकड़
  2027. 2:34:31जमीन है दो एकड़ मान लीजिए जमीन है दो लोगों के पास पति-पत्नी के है इन दोनों के
  2028. 2:34:35बच्चे हो गए दो बच्चे और हो गए तो कितने लोग हो गए चार अब चार लोग भी क्या करेंगे
  2029. 2:34:39इसी दो एकड़ में मान लीजिए खेती कर रहे हैं क्यों क्योंकि इन्होंने कोई नई भूमि
  2030. 2:34:43तो नहीं खरीदी है इसी दो एकड़ में चार लोग हो गए हैं तो चारों लोग इसमें इंगेज लगे
  2031. 2:34:47हुए हैं इंगेज मतलब अपना काम कर रहे हैं अब इनको लग रहा है अन्य जो दो लोग दो
  2032. 2:34:52बच्चे लगे हुए हैं कि हमको तो रोजगार मिला हुआ है दरअसल रोजगार नहीं मिला हुआ है
  2033. 2:34:55उनका वहम है कि दो एकड़ में वो खेती कर रहे हैं क्योंकि पहले जब दो दो लोग थे वो
  2034. 2:35:00भी दो एकड़ कर रहे थे पैदावार उतनी हो रही थी चार लोग हैं उतनी ही पैदावार हो गई
  2035. 2:35:05क्योंकि जमीन की एक क्षमता है ना चाहे उस जमीन पर दो लोग काम करें चाहे 200 लोग काम
  2036. 2:35:08करें जमीन तो उतना ही पैदा कर सकती है ना तो ये जो दो दो लोग एक्स्ट्रा लगे हुए हैं
  2037. 2:35:14ये क्या है बेरोजगार नहीं है ये अल्प बेरोजगार है ठीक है या अल्प रोजगार भी
  2038. 2:35:18इनको बोला जा सकता है तो दिक्कत किसानों के साथ यही है अब एक बात यह भी है कि भारत
  2039. 2:35:23के कुछ किसान किसी मौसम में तो उनको रोजगार मिल जाता है और किसी मौसम में उन
  2040. 2:35:26लोगों को रोजगार नहीं मिलता जैसे कि मान लीजिए धान पैदा करने वाले किसान हैं धान
  2041. 2:35:30पैदा कर ली अब वो कर सिंचाई तो कभी कोई ना कोई मजदूर कर देगा बाकी समय क्या करते हैं
  2042. 2:35:35बेरोजगार रहते हैं इसी तरीके से गेहूं तो ये मौसमी बेरोजगारी जो है भारत में जिसको
  2043. 2:35:40हम लोग सीजनल अनइंप्लॉयमेंट बोलते हैं वो दिखाई देती है तो भारत का एक एवरेज किसान
  2044. 2:35:44चार से ठ महीने तक जो है वो बेरोजगार रहता है ठीक है ये बहुत इंपॉर्टेंट बात बात है
  2045. 2:35:49आप लोगों को यह बात याद रखनी है कृषि योग्य भूमि का निम्नीकरण आज क्या है देश
  2046. 2:35:54की जनसंख्या बढ़ रही है तो बढ़ती जनसंख्या के लिए स्कूल बनाने हैं हॉस्पिटल बनाने
  2047. 2:35:58हैं अच्छी सड़कें बनानी है उद्योग बनाने हैं तो कहां से आएगी जमीनें तो जहां पर
  2048. 2:36:02खेती हो रही है उन जमीनों पर भी बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर या आधारभूत संरचना के जो
  2049. 2:36:05बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स हैं वो बांध दिए जाते हैं ऐसे में जो भूमि है उसका क्या हो
  2050. 2:36:10रहा है लैंड डिग्रेडेशन हो रहा है मतलब भूमि या तो प्रदूषित हो रही है या फिर
  2051. 2:36:14एक्वायर कर ली जा रही है उसका अधिग्रहण हो रहा है सरकार के द्वारा सो कृषि योग्य
  2052. 2:36:18भूमि का निम्नी काण हो रहा है आज के समय यह भारत की एक प्रमुख समस्या है चाहे वह
  2053. 2:36:23प्रदूषण के कारण हो रही हो और चाहे वह बढ़ती जनसंख्या के कारण यह समस्या देखी जा
  2054. 2:36:28रही हो तो कीटनाशकों का प्रयोग बहुत ज्यादा हो रहा है जिससे मृदा परिच्छेद का
  2055. 2:36:32जिसको हम लोग सोइल प्रोफाइल बोलते हैं वो बहुत ज्यादा प्रदूषित हो रही है तो ये सब
  2056. 2:36:36कारण है हम लोगों ने बहुत अच्छे से देख लिए हैं हम लोगों ने कृषि विकास भी देख
  2057. 2:36:40लिया कृषि में समस्याएं भी देख ली कृषि समस्याओं में आप लोगों को पॉइंट पर फोकस
  2058. 2:36:44करना है याद रखिएगा अगर आप लोगों को पॉइंट याद है ना तो आप लोग अंदर की चीज तो लिख
  2059. 2:36:48ही लोगे लेकिन पॉइंट ही याद नहीं है और अंदर का पूरा रटक चले गए तो कोई मतलब नहीं
  2060. 2:36:52है आप लोगों को याद नहीं आने वाला एग्जाम में तो पॉइंट आप लोगों को याद रखना है
  2061. 2:36:58बहुत अच्छे से आसान भाषा में समझाने का काम जो है मैंने आप लोगों के लिए किया है
  2062. 2:37:01उम्मीद करता हूं आप लोगों को वीडियो बहुत पसंद आएगी और अगर आप लोगों को अच्छा लगा
  2063. 2:37:06है तो वीडियो को आप लोगों को लाइक करना है और आप सजेशन दे सकते हैं कि सर इतनी बड़ी
  2064. 2:37:10वीडियो जो है नहीं इसको आप कंपार्टमेंट बनाइए या ठीक है सर वन पार्ट वन सॉल्यूशन
  2065. 2:37:14वन शॉट मिल गया बहुत अच्छी बात है आप इस तरीके से लिखकर बता सकते हैं ताकि मुझे
  2066. 2:37:19मुझे और मैग्नेट ब्रेस को जो है व मार्गदर्शन मिल सके इसी तरीके से सीबीएससी
  2067. 2:37:24बोर्ड के साथ दिल्ली बोर्ड बिहार बोर्ड यूपी बोर्ड एमपी बोर्ड और राजस्थान बोर्ड
  2068. 2:37:27में मैग्नेट ब्रेंस आप लोगों के लिए क्लासेस लेकर आता है साथ ही साथ वैदिक
  2069. 2:37:31मैथ्स क्रैश कोर्स और स्पोकन इंग्लिश की क्लासेस भी मैग्नेट ब्रेंस चैनल पर चलाई
  2070. 2:37:35जा रही हैं www.mnit.ac.in
  2071. 2:37:49होने वाली डे टू डे अपडेट्स के लिए आप हमारे सोशल मीडिया चैनल्स को भी फॉलो कर
  2072. 2:37:53सकते हैं जिन सोशल मीडिया चैनल्स पर हम उपलब्ध हैं वो हैं
  2073. 2:38:16youtube1 वीडियो में थैंक यू थैंक यू सो मच

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