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Nihilism | जानलेवा Philosophy जो लोगों को पागल कर देती है — Transcript

by Book Tuber Hindi · 3,503 words · 426 segments · language hi · Watch on YouTube

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  1. 0:00नमस्कार दोस्तों, मैं हूं सौरभ और स्वागत
  2. 0:03है आपका बुक ट्यूबर हिंदी पर। क्या आपने
  3. 0:06कभी रात को जागते हुए छत को घूरते हुए खुद
  4. 0:09से यह सवाल पूछा है? क्या मेरी जिंदगी का
  5. 0:11मतलब सिर्फ सुबह उठना, दिन भर काम की
  6. 0:14चक्की में पिसना, कुछ बिल भरना, थोड़ी
  7. 0:16बहुत खुशियां और गम महसूस करना। और फिर एक
  8. 0:19दिन चुपचाप इस दुनिया से चले जाना है।
  9. 0:22क्या हम खरबों सितारों से भरी इस अनंत
  10. 0:25कायनात में धूल के एक कण से भी छोटे इस
  11. 0:28ग्रह पर बस एक जैविक दुर्घटना है? एक ऐसी
  12. 0:31जैविक मशीन जो कुछ सालों के लिए चलती है
  13. 0:34और फिर हमेशा के लिए बंद हो जाती है। अगर
  14. 0:37इन सवालों ने आपके अंदर एक अजीब सी
  15. 0:39बेचैनी, एक खालीपन पैदा कर दिया है तो आप
  16. 0:43अकेले नहीं हैं। आप उस खतरनाक और गहरे सच
  17. 0:46के दरवाजे पर खड़े हैं। जिसे दुनिया
  18. 0:49निहायलिज्म या शून्यवाद कहती है। यह वह
  19. 0:52विचार है जो कहता है जिंदगी का कोई मतलब
  20. 0:54नहीं है। कुछ भी मायने नहीं रखता। सही और
  21. 0:58गलत, अच्छा और बुरा यह सब इंसानी मन के
  22. 1:01बनाए हुए वहम है और अंत में सब कुछ शून्य
  23. 1:05हो जाता है। आज हम किसी किताबी फिलॉसफी की
  24. 1:08बात नहीं करेंगे। आज हम उस खाई में
  25. 1:11उतरेंगे जिसमें झांकने से भी डर लगता है।
  26. 1:14हम उस सच का सामना करेंगे जो हमारी पूरी
  27. 1:16दुनिया को हिला कर रख सकता है। यह वीडियो
  28. 1:19शायद आपको असहज कर दे। यह शायद आपकी रातों
  29. 1:23की नींद उड़ा दे। लेकिन अगर आप हिम्मत
  30. 1:25करके अंत तक बने रहे तो शायद आपको उस
  31. 1:28अंधेरे के पार आजादी की एक नई रोशनी भी
  32. 1:31नजर आ जाए। तो चलिए शुरू करते हैं
  33. 1:34निहाइलिज्म के सच का यह सफर। सदियों से
  34. 1:38हजारों सालों से इंसान ने इस खालीपन से
  35. 1:41बचने के लिए एक खूबसूरत कहानी बनाई थी। एक
  36. 1:44कहानी जिसमें एक ऊपर वाला था, एक बनाने
  37. 1:47वाला था जो हम सब पर नजर रखे हुए था।
  38. 1:50हमारी जिंदगी उसकी एक बड़ी योजना का
  39. 1:53हिस्सा थी। हमारे अच्छे कामों का फल
  40. 1:55मिलेगा और बुरे कामों की सजा। मौत अंत
  41. 1:59नहीं बल्कि एक नई शुरुआत थी। यह कहानी एक
  42. 2:03गर्म कंबल की तरह थी जो हमें ब्रह्मांड की
  43. 2:06ठंडी और बेरहम सच्चाई से बचाती थी। यह एक
  44. 2:09जहाज था जो हमें यकीन दिलाता था कि हम इस
  45. 2:12अनजान समंदर में अकेले नहीं है। कोई है जो
  46. 2:15हमें सही रास्ते पर ले जाएगा। इस जहाज ने
  47. 2:19हमें सुरक्षा दी। एक समुदाय दिया। जीने का
  48. 2:22एक मकसद दिया। इसने हमें बताया कि क्या
  49. 2:25सही है और क्या गलत। इसने हमारे दुखों को
  50. 2:28एक मतलब दिया कि यह एक इम्तिहान है। एक
  51. 2:31परीक्षा है। इस यकीन की छांव में जिंदगी
  52. 2:34आसान लगती थी। लेकिन फिर 19वीं सदी में एक
  53. 2:38जर्मन फिलॉसोफर आया जिसके शब्द एक हथौड़े
  54. 2:41की तरह थे। उसका नाम था फ्रेडरिक नीतशे।
  55. 2:45उसने दुनिया के सामने आकर एक ऐसा ऐलान
  56. 2:48किया जो किसी भूचाल से कम नहीं था। उसने
  57. 2:51कहा गॉड इज डेड। गॉड रिमेंस डेड एंड वी
  58. 2:55हैव किल्ड हिम। यह कोई मजाक नहीं था। नीतश
  59. 2:59यह नहीं कह रहा था कि कोई आसमान में रहने
  60. 3:01वाला इंसान मर गया है। वह कह रहा था कि
  61. 3:03विज्ञान, तर्क और आधुनिक सोच की लहर ने उस
  62. 3:06विश्वास की नींव को ही हिला दिया है जिस
  63. 3:09पर हमारी पूरी सभ्यता, हमारे सारे नैतिक
  64. 3:12मूल्य, हमारी जिंदगी का पूरा मतलब टिका
  65. 3:14हुआ था। हमने खुद ही सवाल पूछ-पूछ कर सबूत
  66. 3:18मांग मांग कर उस गर्म कंबल को अपने ऊपर से
  67. 3:20खींच कर फेंक दिया था। हमने खुद ही उस
  68. 3:23जहाज को धक्का देकर दूर भेज दिया था और
  69. 3:26चिल्लाकर कहा था कि हमें तुम्हारी जरूरत
  70. 3:29नहीं और अब हम उस ठंडे बेरहम समंदर के
  71. 3:33किनारे अकेले खड़े हैं। वह जहाज दूर
  72. 3:36अंधेरे में गायब हो रहा है और हमारे सामने
  73. 3:39है एक अंतहीन शून्य एक खालीपन द वॉइड। नीच
  74. 3:43ने भविष्यवाणी की थी कि ईश्वर की मौत के
  75. 3:46बाद इंसानियत एक भयानक संकट में पड़
  76. 3:49जाएगी। इस संकट का नाम है निहाइलिज्म
  77. 3:52शून्यवाद। जब सबसे ऊंचे मूल्य सबसे बड़ी
  78. 3:56मान्यताएं खुद अपनी कीमत खो देती हैं। जब
  79. 3:59जिंदगी का कोई लक्ष्य नहीं बचता। जब हमारे
  80. 4:02सबसे बड़े सवाल क्यों का कोई जवाब नहीं
  81. 4:05मिलता। कल्पना कीजिए आप एक रेगिस्तान में
  82. 4:09खड़े हैं। दूर-दूर तक कुछ नहीं है। कोई
  83. 4:11दिशा नहीं, कोई मंजिल नहीं, कोई रास्ता
  84. 4:13नहीं। ऊपर जलता हुआ सूरज है और नीचे
  85. 4:17अंतहीन रेत। आपको पता नहीं आप कहां से आए
  86. 4:20हैं, कहां जाना है और इस सफर का मतलब क्या
  87. 4:22है। यह एहसास यही निहाइलिज्म का पहला चरण
  88. 4:26है। यह एहसास कि आपकी जिंदगी, आपकी मेहनत,
  89. 4:29आपके रिश्ते, आपके सपने, सब कुछ उस
  90. 4:33रेगिस्तान की रेत पर बने पैरों के निशान
  91. 4:35की तरह हैं जिसे वक्त की हवा का एक झोंका
  92. 4:37मिटाकर रख देगा। जानवर और पेड़-पौधे इस
  93. 4:41व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट लगते हैं।
  94. 4:43वह इस दुनिया में आते हैं। अपना काम करते
  95. 4:45हैं और बिना कोई सवाल पूछे चले जाते हैं।
  96. 4:48लेकिन हम इंसान अपनी इस हायर इंटेलिजेंस
  97. 4:51की वजह से इस श्राप से ग्रसित हैं कि हम
  98. 4:54हमेशा पूछते हैं। क्यों? मैं यहां क्यों
  99. 4:57हूं? मुझे क्या करना चाहिए? इस सब का मकसद
  100. 5:00क्या है?
  101. 5:04अगर जिंदगी का कोई मतलब नहीं है, अगर अंत
  102. 5:06में सब शून्य ही होना है, तो फिर क्यों ना
  103. 5:09इस छोटी सी जिंदगी के हर पल को निचोड़
  104. 5:12लिया जाए। क्यों ना सिर्फ और सिर्फ अपनी
  105. 5:15इंद्रियों को खुश करने में लग जाए। यही
  106. 5:18हेडोनिज्म का रास्ता है। यह लोग कहते हैं
  107. 5:22ईट, ड्रिंक एंड बी मैरी फॉर टुमारो वी
  108. 5:25डाई। खाओ पियो और मौज करो क्योंकि कल तो
  109. 5:29मर ही जाना है। यह रास्ता हमें अंतहीन
  110. 5:32डिस्ट्रैक्शंस की दुनिया में ले जाता है।
  111. 5:34देर रात तक चलने वाली पार्टियां, नशे में
  112. 5:37डूबना, बिंज वाचिंग शोज़, सोशल मीडिया पर
  113. 5:40घंटों तक अपनी जिंदगी को दूसरों से कंपेयर
  114. 5:42करना, लेटेस्ट गैजेट खरीदने की होड़,
  115. 5:45फास्ट फूड का नशा। यह सब उस अंदर के
  116. 5:48खालीपन की आवाज को दबाने के तरीके हैं। यह
  117. 5:51उस शोर की तरह है जो उस भयानक खामोशी को
  118. 5:54भरने के लिए पैदा किया जाता है। लेकिन यह
  119. 5:57एक प्यास है जो कभी नहीं बुझती। हर पार्टी
  120. 6:00के बाद की सुबह और खाली लगती है। हर नया
  121. 6:02फोन कुछ ही हफ्तों में पुराना हो जाता है।
  122. 6:05हर वेब सीरीज खत्म होने पर एक और बड़ा
  123. 6:08शून्य छोड़ जाती है। यह एक ट्रेडमल पर
  124. 6:11भागने जैसा है। आप थक जाते हैं, पसीने से
  125. 6:14भीग जाते हैं, पर पहुंचते कहीं नहीं।
  126. 6:16तीसरा रास्ता है बड़ी विचारधाराओं का
  127. 6:19गुलाम बन जाना। स्लेवरी टू आईडियोलॉजीस।
  128. 6:23जब ईश्वर मर जाता है तो उसकी जगह लेने के
  129. 6:25लिए नए ईश्वर पैदा हो जाते हैं। यह नए
  130. 6:28ईश्वर हैं। राष्ट्रवाद, नेशनलिज्म,
  131. 6:31फांसीवाद, फैसिज्म, साम्यवाद, कम्युनिज्म
  132. 6:35या कोई भी इज्म जो आपको एक बड़ी पहचान और
  133. 6:38एक महान मकसद का हिस्सा होने का एहसास
  134. 6:40दिलाता है। यह विचारधाराएं आपको बताती हैं
  135. 6:44कि आप अकेले नहीं हैं। आप एक महान
  136. 6:46राष्ट्र, एक महान जाति या एक महान क्रांति
  137. 6:50का हिस्सा हैं। आपका जीवन अब सिर्फ आपका
  138. 6:52नहीं है बल्कि एक बड़े लक्ष्य के लिए
  139. 6:54समर्पित है। यह आपको दुश्मन देती हैं
  140. 6:57जिनसे आप नफरत कर सकते हैं और हीरो देती
  141. 7:00हैं जिनकी आप पूजा कर सकते हैं। यह
  142. 7:02निहालिज्म के खालीपन का सबसे खतरनाक जवाब
  143. 7:05है। क्योंकि जब आप अपनी सोचने की क्षमता
  144. 7:08किसी और के हाथ में दे देते हैं तो आप कुछ
  145. 7:12भी करने को तैयार हो जाते हैं। इतिहास
  146. 7:14गवाह है। 20वीं सदी के सबसे बड़े नरसंहार
  147. 7:18इन्हीं विचारधाराओं के नाम पर हुए। उन
  148. 7:21लोगों द्वारा जो अपनी जिंदगी के खालीपन को
  149. 7:24किसी महान मकसद के नाम पर खून बहाकर भरना
  150. 7:27चाहते थे। यह तीनों रास्ते चाहे वह अंधी
  151. 7:31आस्था हो, अंतहीन मजा हो या किसी
  152. 7:34विचारधारा की गुलामी असल में एक ही काम
  153. 7:37करते हैं। आपको उस भयानक सच का सामना करने
  154. 7:40से रोकते हैं कि आप इस ब्रह्मांड में
  155. 7:43अकेले हैं और आपकी जिंदगी का कोई पहले से
  156. 7:46तयशुदा मतलब नहीं है। लेकिन क्या होगा अगर
  157. 7:49आप भागना बंद कर दें? क्या होगा अगर आप उस
  158. 7:53खाई के किनारे खड़े होकर उसकी गहराई में
  159. 7:56झांकने की हिम्मत करें? अब हम निहाइलिज्म
  160. 7:59के सबसे अंधेरे सबसे खतरनाक पहलू में उतर
  161. 8:02रहे हैं। एक ऐसी जगह जहां नैतिकता खत्म हो
  162. 8:05जाती है और इंसानियत दम तोड़ देती है। इसे
  163. 8:09कहते हैं मोरल नैतिक निहालिज्म। इसका
  164. 8:12सिद्धांत बहुत सरल है। अगर कोई ऊपर वाला
  165. 8:16नहीं है, कोई ब्रह्मांडीय नियम नहीं है,
  166. 8:18कोई कर्म का सिद्धांत नहीं है, तो फिर सही
  167. 8:21और गलत जैसी कोई चीज असल में मौजूद ही
  168. 8:24नहीं है। यह सिर्फ शब्द हैं। समाज द्वारा
  169. 8:27बनाए गए नियम है ताकि लोग एक दूसरे को मार
  170. 8:30ना डालें और व्यवस्था बनी रहे। सोचिए इस
  171. 8:34बात की गहराई को।
  172. 8:36एक नैतिक निहालिस्ट के लिए किसी भूखे को
  173. 8:39खाना खिलाना और किसी का गला काट देना। इन
  174. 8:42दोनों कामों में स्वाभाविक रूप से कोई
  175. 8:44नैतिक अंतर नहीं है। दया और क्रूरता में
  176. 8:48कोई एक दूसरे से बेहतर नहीं है। वफादारी
  177. 8:51और धोखा सिर्फ दो अलग-अलग रणनीतियां हैं।
  178. 8:54माफी और बदला में कोई एक स्वाभाविक रूप से
  179. 8:56अच्छा नहीं है। यह सब सिर्फ इंसानी राय
  180. 9:00है। कोई सार्वभौमिक सत्य नहीं। यह वह सोच
  181. 9:03है जो इतिहास के सबसे क्रूर तानाशाहों,
  182. 9:06सीरियल किलर्स और अपराधियों को जन्म देती
  183. 9:08है। अगर कोई स्वर्ग नहीं है जिसके लिए
  184. 9:11अच्छे काम करने हैं और कोई नर्क नहीं है
  185. 9:13जिससे डरना है तो फिर मुझे अच्छा क्यों
  186. 9:16बनना चाहिए? अगर मैं किसी का हक मारकर
  187. 9:19किसी को धोखा देकर आगे बढ़ सकता हूं और
  188. 9:22मुझे पकड़ा नहीं जाता तो मुझे ऐसा क्यों
  189. 9:24नहीं करना चाहिए? महान रूसी लेखक फदौर
  190. 9:27दोस्तोस्की ने अपने उपन्यास द ब्रदर्स
  191. 9:30करामाजोफ में एक किरदार से कहलवाया था। इफ
  192. 9:33गॉड डज नॉट एक्सिस्ट एवरीथिंग इज परमिटेड।
  193. 9:37अगर ईश्वर मौजूद नहीं है तो सब कुछ जायज
  194. 9:39है। सब कुछ जायज है। यह तीन शब्द इंसानियत
  195. 9:43को तबाह करने की ताकत रखते हैं। पॉप कल्चर
  196. 9:47में इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है द डार्क
  197. 9:49नाइट का द जोकर। वो पैसे के लिए केओस नहीं
  198. 9:53फैलाता। वह ताकत के लिए नहीं लड़ता।
  199. 9:58वह बस दुनिया को यह साबित करना चाहता है
  200. 10:01कि सभ्यता, नियम और नैतिकता का यह मुखौटा
  201. 10:04बहुत पतला है। बस एक बुरा दिन, एक धक्का
  202. 10:08और कोई भी इंसान हैवान बन सकता है। जोकर
  203. 10:11एक प्योर मोरल नाहिलिस्ट है। वो कहता है
  204. 10:14सम मैन जस्ट वांट टू वॉच द वर्ल्ड बर्न।
  205. 10:17कुछ लोग बस दुनिया को जलते हुए देखना
  206. 10:20चाहते हैं। क्यों? क्योंकि जलने और ना
  207. 10:22जलने में कोई फर्क ही नहीं है। सब एक मजाक
  208. 10:26है। फिल्म फाइट क्लब का टाइलर डर्डन भी
  209. 10:30इसी निहाइलिज्म से पैदा होता है। वो
  210. 10:32कंज्यूमरिज्म, कॉर्पोरेट जॉब्स और आधुनिक
  211. 10:35जिंदगी की निरर्थकता के खिलाफ एक हिंसक
  212. 10:38विद्रोह शुरू करता है। उसका मकसद है सब
  213. 10:41कुछ तोड़ देना, सब कुछ शून्य पर ले आना
  214. 10:44ताकि कुछ नया बनाया जा सके।
  215. 10:47लेकिन खतरा सिर्फ बड़े विलंस या ऐतिहासिक
  216. 10:50घटनाओं में नहीं है। यह खतरा हमारे अंदर
  217. 10:53भी है। जब कोई युवा डिप्रेशन में जाकर
  218. 10:56कहता है, व्हाट्स द पॉइंट? कुछ भी करने का
  219. 10:59क्या फायदा? वो एग्जिस्टेंशियल नाहिलिज्म
  220. 11:01की गिरफ्त में है। उसे लगता है कि उसकी
  221. 11:04जिंदगी की कोई कीमत नहीं। उसके होने या ना
  222. 11:07होने से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। यह
  223. 11:10निराशा, यह उदासी, यह उम्मीद का मरजाना यह
  224. 11:12भी निहालिज्म का ही एक रूप है। यह वह
  225. 11:15पैसिव निहालिज्म है जो आपको लड़ने से पहले
  226. 11:18ही हरा देता है। एक तरफ एक्टिव निहाइलिस्ट
  227. 11:22है जो कहता है अगर कुछ मायने नहीं रखता तो
  228. 11:25मैं सब कुछ तबाह कर दूंगा। दूसरी तरफ
  229. 11:28पैसिव निहालिस्ट है जो कहता है अगर कुछ
  230. 11:30मायने नहीं रखता तो मैं कुछ करूंगा ही
  231. 11:32क्यों? दोनों ही रास्ते तबाही की ओर जाते
  232. 11:35हैं। एक दुनिया को तबाह करता है दूसरा खुद
  233. 11:38को। तो क्या यही हमारा अंत है? क्या हम या
  234. 11:42तो किसी झूठे यकीन में जिंदगी गुजारने के
  235. 11:45लिए मजबूर हैं या फिर इस निराशा और तबाही
  236. 11:47के अंधेरे में डूब जाने के लिए क्या कोई
  237. 11:50तीसरा रास्ता नहीं है? नीतशे जिसने इस
  238. 11:54संकट की भविष्यवाणी की थी। उसका मानना था
  239. 11:57कि एक रास्ता है। एक बहुत मुश्किल बहुत
  240. 12:00अकेला लेकिन एक शानदार रास्ता।
  241. 12:04यहां कहानी एक नाटकीय मोड़ लेती है। जहां
  242. 12:06ज्यादातर लोग निहायलिज्म को एक अंत एक फुल
  243. 12:09स्टॉप मानते हैं। वहीं नीतश और कुछ अन्य
  244. 12:12फिलॉसोफर्स के लिए यह एक शुरुआत थी। एक
  245. 12:15ग्रेजुएशन नीतश ने कहा था इसका मतलब है
  246. 12:18निहाइलिज्म का आना क्यों जरूरी हो गया है?
  247. 12:21क्योंकि जिन मूल्यों के सहारे हम अब तक
  248. 12:24जीते आए हैं उनका अंतिम परिणाम यही होना
  249. 12:27था। हमें निहालिज्म का अनुभव करना ही होगा
  250. 12:30ताकि हम जान सके कि उन पुराने मूल्यों की
  251. 12:33असल में कीमत क्या थी। नीतशे के लिए
  252. 12:36निहाइलिज्म एक बीमारी नहीं बल्कि एक
  253. 12:38ट्रांजिशनल फेस है। यह उस प्रक्रिया का
  254. 12:41हिस्सा है जहां इंसान अपनी पुरानी उधार ली
  255. 12:44हुई दूसरों की दी हुई बैसाखियों को फेंक
  256. 12:46कर अपने पैरों पर खड़ा होना सीखता है।
  257. 12:49कल्पना कीजिए कि आपको बचपन से एक नक्शा
  258. 12:51दिया गया है और बताया गया है कि यही
  259. 12:54जिंदगी का एकमात्र सही रास्ता है। आप
  260. 12:57सालों तक उस नक्शे पर चलते हैं। फिर एक
  261. 13:00दिन आपको पता चलता है कि वह नक्शा झूठा
  262. 13:02है। वह जगह, वह मंजिल जिसका वादा किया गया
  263. 13:06था वह कहीं है ही नहीं। ज्यादातर लोग वहीं
  264. 13:09बैठकर रोने लगेंगे। वह कहेंगे सब बर्बाद
  265. 13:13हो गया। लेकिन एक इंसान होगा जो उस नक्शे
  266. 13:16को फाड़ कर फेंक देगा। चारों तरफ देखेगा
  267. 13:18और कहेगा अच्छा है। अब मैं अपना रास्ता
  268. 13:22अपनी मंजिल खुद बनाऊंगा। यह इंसान नीचे की
  269. 13:25भाषा में उबेरमेंश सुपर ह्यूमन बनने की
  270. 13:27राह पर है। उबेमच कोई सुपर हीरो नहीं है
  271. 13:30जिसके पास अलौकिक शक्तियां हैं। उबेमच वो
  272. 13:33इंसान है जो यह समझ चुका है कि जिंदगी का
  273. 13:36कोई पहले से तयशुदा मतलब नहीं है और इस
  274. 13:38बात से दुखी होने के बजाय वह इसे एक मौके
  275. 13:41की तरह देखता है। वह समझता है कि अगर
  276. 13:44जिंदगी एक खाली कैनवास है तो यह रोने की
  277. 13:47नहीं बल्कि अपनी मास्टरपीस बनाने की बात
  278. 13:49है। वह दूसरों के बनाए सही और गलत के
  279. 13:53नियमों से नहीं चलता। वह अपने मूल्य खुद
  280. 13:56बनाता है। वह भीड़ का हिस्सा बनकर नहीं
  281. 13:58जीता। वह अपनी जिंदगी को एक कला की तरह एक
  282. 14:02मास्टर पीस की तरह गढ़ता है। वह अपने
  283. 14:05दुखों और अपनी मुश्किलों को कोसता नहीं
  284. 14:08बल्कि उन्हें अपनी ताकत बनाता है। वह
  285. 14:11जानता है कि वह इस ब्रह्मांड में अकेला है
  286. 14:14और यही अकेलापन उसे आजाद करता है। वह अब
  287. 14:16किसी का गुलाम नहीं है। ना किसी गॉड का ना
  288. 14:19किसी विचारधारा का ना समाज का। निहायलिज्म
  289. 14:23कहता है कुछ भी मायने नहीं रखता। उबेरमच
  290. 14:26जवाब देता है तो मैं तय करूंगा कि क्या
  291. 14:29मायने रखेगा। यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी
  292. 14:33है। भीड़ के साथ चलना आसान है। अपना
  293. 14:36रास्ता बनाना मुश्किल। लेकिन यही इंसान
  294. 14:38होने की सबसे बड़ी चुनौती और सबसे बड़ा
  295. 14:41सम्मान है। एक और फिलॉसोफर अल्बर्ट कामू
  296. 14:45ने इस समस्या को एक अलग नजरिए से देखा।
  297. 14:51कामू ने कहा कि इंसान की जिंदगी में एक
  298. 14:53मूलभूत विरोधाभास फंडामेंटल कॉन्फ्लिक्ट
  299. 14:56है। उन्होंने इसे द अब्सर्ड कहा। द
  300. 15:00अब्सर्ड क्या है? यह दो चीजों के बीच की
  301. 15:02लड़ाई है। इंसान की गहरी कभी ना खत्म होने
  302. 15:06वाली इच्छा कि जिंदगी का कोई मतलब हो, कोई
  303. 15:09मकसद हो। ब्रह्मांड की ठंडी, खामोश और
  304. 15:12उदासीन सच्चाई कि उसका कोई मतलब नहीं है।
  305. 15:14हम मतलब के लिए चीखते हैं और ब्रह्मांड
  306. 15:17खामोश रहता है। यह टकराव ही द अब्सर्ड है।
  307. 15:20कामू ने कहा कि इस अब्सर्ड से बचने के तीन
  308. 15:23रास्ते हैं। पहला खुद को नुकसान पहुंचाना।
  309. 15:27खेल ही खत्म कर देना। कामू ने इसे कायरता
  310. 15:30कहा। दूसरा फिलोसोफिकल यानी किसी झूठे
  311. 15:33विश्वास या धर्म में अंधी आस्था कर लेना।
  312. 15:36कामू ने इसे खुद को धोखा देना कहा। फिर
  313. 15:39तीसरा रास्ता क्या है? कामू कहते हैं
  314. 15:43तीसरा रास्ता है रिवोल्ट विद्रोह। उस
  315. 15:46अब्सर्ड को स्वीकार करो। हां, जिंदगी का
  316. 15:49कोई मतलब नहीं है। हां, हम सब एक दिन मर
  317. 15:52जाएंगे। हां, ब्रह्मांड को हमारी परवाह
  318. 15:54नहीं है। इस सच को पूरी हिम्मत से स्वीकार
  319. 15:57करो। और फिर इसके खिलाफ विद्रोह करो।
  320. 16:00कैसे? जिंदगी को पूरी शिद्दत से जीकर।
  321. 16:04कामू ने ग्रीक माइथोलॉजी के एक किरदार
  322. 16:06सिसिफस का उदाहरण दिया। सिसिफस को देवताओं
  323. 16:09ने सजा दी थी कि उसे रोज एक भारी पत्थर को
  324. 16:12पहाड़ की चोटी तक धकेलना होगा और जैसे ही
  325. 16:15वह चोटी पर पहुंचेगा पत्थर वापस नीचे
  326. 16:17लुढ़क जाएगा। उसे यह काम अनंत काल तक करना
  327. 16:20था। यह एक पूरी तरह से निरर्थक पॉइंटलेस
  328. 16:24काम है। यह हमारी जिंदगी का प्रतीक है। हम
  329. 16:27रोज मेहनत करते हैं और अंत में सब कुछ
  330. 16:30वहीं आ जाता है। लेकिन कामू कहते हैं वी
  331. 16:34मस्ट इमेजिन सिसिफस हैप्पी। हमें सिसिफस
  332. 16:37को खुश कल्पना करना चाहिए। क्यों? क्योंकि
  333. 16:40जिस पल से सिफस यह स्वीकार कर लेता है कि
  334. 16:43यही उसकी हकीकत है और उस पत्थर को धकेलने
  335. 16:46के काम में ही अपनी पूरी ताकत अपना पूरा
  336. 16:48ध्यान लगा देता है। वह देवताओं से ज्यादा
  337. 16:51ताकतवर हो जाता है। वह अपनी सजा को अपने
  338. 16:54काम में बदल देता है। उसका विद्रोह उसके
  339. 16:56पॉइंटलेस काम को पूरी तरह से जीने में है।
  340. 17:00हमारे लिए इसका मतलब है जिंदगी का मतलब
  341. 17:02ढूंढना बंद करो और जिंदगी को जीना शुरू
  342. 17:05करो। इस बात से निराश होने के बजाय कि सब
  343. 17:08कुछ निरर्थक है। इस बात से खुश हो कि तुम
  344. 17:11कुछ भी करने के लिए आजाद हो। तुम्हें किसी
  345. 17:14के बनाए रास्ते पर चलने की जरूरत नहीं है।
  346. 17:17हर पल, हर अनुभव, हर खुशी, हर गम, सब कुछ
  347. 17:21कीमती है। इसलिए नहीं कि वह किसी बड़े
  348. 17:24मकसद का हिस्सा है। बल्कि इसलिए क्योंकि
  349. 17:27वह बस है और तुम्हारे पास उसे महसूस करने
  350. 17:30के लिए यह कुछ साल हैं। तो अब हम वापस उसी
  351. 17:33सवाल पर आते हैं जहां से हमने शुरू किया
  352. 17:35था। अगर कुछ भी मायने नहीं रखता तो हम
  353. 17:38जीते क्यों हैं? अब हमारे पास इसके कुछ
  354. 17:41संभावित जवाब हैं। एक जवाब है कि हम किसी
  355. 17:44कहानी में यकीन कर लें ताकि हमें इस सवाल
  356. 17:47का सामना ही ना करना पड़े। दूसरा जवाब है
  357. 17:50कि हम निराशा में डूब जाए या दुनिया को
  358. 17:53तबाह करने निकल पड़े। लेकिन एक तीसरा
  359. 17:56ज्यादा मुश्किल और ज्यादा खूबसूरत जवाब भी
  360. 17:58है। शायद जिंदगी का कोई मतलब नहीं है और
  361. 18:02यह कोई श्राप नहीं बल्कि एक वरदान है। यह
  362. 18:05एक खाली किताब है और कलम आपके हाथ में है।
  363. 18:08दूसरे लोग आपको बताएंगे कि आपको क्या
  364. 18:11लिखना है। समाज, परिवार, धर्म, देश सब
  365. 18:14आपको अपनी-अपनी तैयार कहानियां देंगे।
  366. 18:17लेकिन आपके पास यह चुनने की आजादी है कि
  367. 18:20आप अपनी कहानी खुद लिखें। इस बात को
  368. 18:23भारतीय दर्शन के एक गहरे सिद्धांत से भी
  369. 18:25जोड़ा जा सकता है। गीता में निष्काम कर्म
  370. 18:29का सिद्धांत है। कर्म करो फल की चिंता मत
  371. 18:33करो। इसका एक मतलब यह भी है कि काम को
  372. 18:35किसी बाहरी मकसद या नतीजे के लिए मत करो।
  373. 18:38उस काम को करने के आनंद के लिए करो। जीने
  374. 18:42का मकसद किसी मंजिल पर पहुंचना नहीं बल्कि
  375. 18:44सफर का हर कदम पूरी जागरूकता और आनंद के
  376. 18:48साथ लेना है। यह निहायलिज्म के अंधेरे का
  377. 18:51एक शक्तिशाली जवाब है। जब आप नतीजे की
  378. 18:54परवाह किए बिना अपना काम करते हैं तो आप
  379. 18:56निरर्थकता के डर से आजाद हो जाते हैं।
  380. 18:59आपका काम ही आपका इनाम बन जाता है। तो अब
  381. 19:03गेंद आपके पाले में है। आप अपनी जिंदगी के
  382. 19:07खालीपन को देखकर क्या करेंगे? क्या आप उस
  383. 19:10शून्य से डर कर भागेंगे और किसी पुराने
  384. 19:12आरामदायक झूठ में पनाह लेंगे? क्या आप उस
  385. 19:15शून्य के गुस्से में दुनिया को या खुद को
  386. 19:17नुकसान पहुंचाएंगे या फिर आप उस शून्य को
  387. 19:21एक कैनवास की तरह देखेंगे। एक ऐसा कैनवास
  388. 19:24जिस पर कोई पहले से कुछ बनाकर नहीं गया
  389. 19:27है। और अब आपके पास यह मौका है कि आप उस
  390. 19:29पर अपने रंगों से, अपनी कल्पना से, अपने
  391. 19:33सपनों से वह तस्वीर बनाएं जो आप हमेशा से
  392. 19:36बनाना चाहते थे। यह रास्ता आसान नहीं है।
  393. 19:40इस रास्ते पर कोई गाइड बुक नहीं मिलती।
  394. 19:45आपको अपने फैसले खुद लेने होंगे। अपनी
  395. 19:47गलतियों से खुद सीखना होगा और अपनी जीत का
  396. 19:50जश्न भी अकेले ही मनाना होगा। यह आजादी
  397. 19:53डराती है। लेकिन यही सच्ची आजादी है। नीचे
  398. 19:57ने कहा था ही हु हैज़ अ वाई टू लिव फॉर कैन
  399. 20:01बेयर ऑलमोस्ट एनी हाउ। जिस इंसान के पास
  400. 20:05जीने के लिए एक क्यों होता है, वह लगभग हर
  401. 20:08कैसे को सह सकता है। निहालिज्म ने हमसे
  402. 20:11हमारा पुराना क्यों छीन लिया? उसने हमें
  403. 20:13बताया कि ब्रह्मांड ने हमें कोई क्यों
  404. 20:15नहीं दिया है। लेकिन उसने हमें यह मौका
  405. 20:18दिया है कि हम अपना क्यों खुद बनाएं? अपना
  406. 20:20मकसद खुद चुने। अपनी जिंदगी को एक मतलब
  407. 20:23दें। चाहे वह मतलब सिर्फ हमारे लिए ही
  408. 20:25क्यों ना हो। तो अगली बार जब आप रात को
  409. 20:28जागते हुए छत को देखें और वह खालीपन आपको
  410. 20:31घेरने की कोशिश करें तो उससे डरिएगा मत।
  411. 20:34उसकी आंखों में आंखें डालकर कहिएगा हां
  412. 20:37तुम हो मैं जानता हूं। लेकिन अब इस कहानी
  413. 20:39का लेखक मैं हूं। शायद जिंदगी का कोई पहले
  414. 20:42से तयशुदा मतलब नहीं है। और शायद यही इसकी
  415. 20:46सबसे खूबसूरत और आजाद करने वाली बात है।
  416. 20:49क्योंकि अब आप आजाद हैं। अपना मतलब खुद
  417. 20:52गढ़ने के लिए। देखने के लिए शुक्रिया। अगर
  418. 20:55इस वीडियो ने आपको सोचने पर मजबूर किया तो
  419. 20:58इसे लाइक करें और अपने उन दोस्तों के साथ
  420. 21:01शेयर करें जो जिंदगी के बड़े सवालों में
  421. 21:03उलझे रहते हैं और कमेंट्स में जरूर बताएं
  422. 21:06कि आपके लिए जिंदगी का क्या मतलब है। बुक
  423. 21:09ट्यूबर हिंदी को सब्सक्राइब करना ना भूलें
  424. 21:11क्योंकि हम ऐसे ही गहरे सवालों के जवाब
  425. 21:13ढूंढते रहेंगे। मिलते हैं अगले वीडियो
  426. 21:15में। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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