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तुम ज्यादा सोचते हो तो यह वीडियो तुम्हें खतरनाक बना देगी | Nietzsche & Machiavelli — Transcript

by Think Beyonders · 2,379 words · 298 segments · language hi · Watch on YouTube

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  1. 0:00एक कमरे में दो लोग बैठे हैं। दोनों
  2. 0:02इंटेलिजेंट है। दोनों कैपेबल है। एक जो कम
  3. 0:06सोचता है वो बोलता है। एक्ट करता है। आगे
  4. 0:09बढ़ता है। दूसरा जो ज्यादा सोचता है वह
  5. 0:12चुप रहता है। दुनिया कहती है दूसरा कमजोर
  6. 0:15है। दुनिया गलत है। वो दूसरा इंसान जो चुप
  7. 0:20बैठा था जो सोच रहा था। वो उस पहले इंसान
  8. 0:23की हर चाल तीन कदम पहले देख चुका था।
  9. 0:27ओवरथिंकिंग वीकनेस नहीं है। यह उस इंसान
  10. 0:30की सुपर पावर है जो अभी तक यह जानता ही
  11. 0:32नहीं। आज इस वीडियो में मैं तुम्हें वो
  12. 0:36चार रूल्स दूंगा जो इस सोच को खतरनाक ताकत
  13. 0:38में बदल देंगे। और वीडियो के आखिर में तीन
  14. 0:42ऐसी गलतियां जो अभी इस ताकत को बर्बाद कर
  15. 0:45रही हैं। अगर वो गलतियां नहीं पहचानी तो
  16. 0:48यह सब बेकार है। 10,513
  17. 0:51फ्लोरेंस, इटली। मैक्यावेली को जेल से
  18. 0:54रिहा किया गया। टॉर्चरर्ड, ह्यूमिलिएटेड,
  19. 0:58जॉबलेस। उसके दुश्मनों ने सोचा यह खत्म हो
  20. 1:01गया। मैक्यावेली ने क्या किया? वो बैठ गया
  21. 1:05और सोचने लगा। हर उस लीडर के बारे में जो
  22. 1:08कभी पावरफुल था। हर उस एंपायर के बारे में
  23. 1:11जो कभी गिरी, हर उस आदमी के बारे में
  24. 1:14जिसने पावर खोई और क्यों खोई? जिसे लोगों
  25. 1:17ने बेकार समझा था। उसी सोच से निकली एक
  26. 1:21किताब [संगीत]
  27. 1:22द प्रिंस। जो किताब आज भी दुनिया के सबसे
  28. 1:25पावरफुल लोगों की डेस्क पर होती है। और
  29. 1:28दूसरी तरफ फ्रेडरिक नीचे अकेला बीमार
  30. 1:32सालों तक रिजेक्ट हुआ। उसकी बुक्स नहीं
  31. 1:35बिकती थी। लोग उसे पागल कहते थे। लेकिन वो
  32. 1:38रुका नहीं। वो सोचता रहा, लिखता रहा। अपने
  33. 1:42दिमाग को और शार्प करता रहा। यह दोनों
  34. 1:45इंसान ओवरथिंकर्स थे।
  35. 1:47लेकिन उन्होंने उस सोच को पावर में बदला,
  36. 1:50कंट्रोल में बदला, डोमिनेंस में बदला और
  37. 1:53अब तुम्हारी बारी है। नियम नंबर [संगीत]
  38. 1:56एक जंगल में आग लगी है। वो आग काम कर रही
  39. 1:59है, बर्न कर रही है, स्प्रेड हो रही है,
  40. 2:03एनर्जी रिलीज कर रही है हर तरफ। लेकिन उसे
  41. 2:07पता नहीं वह कहां जा रही है। वो दुश्मन को
  42. 2:09नहीं जला रही। वो खाना नहीं बना रही। वो
  43. 2:12रोशनी नहीं दे रही। वह सब कुछ जला रही है
  44. 2:16जिसमें खुद वह पेड़ भी हैं जिन पर वह टिकी
  45. 2:18है। यही तुम्हारी ओवरथिंकिंग है। वह रुकी
  46. 2:21नहीं है। वो काम कर रही है हर वक्त। रात
  47. 2:24को जब तुम सोने की कोशिश करते हो वह चल
  48. 2:27रही है। किसी से बात करते वक्त वह [संगीत]
  49. 2:29चल रही है। किसी काम के बीच में वह चल रही
  50. 2:32है। लेकिन वो किस डायरेक्शन में जा रही
  51. 2:34है। तुम यह जानते ही नहीं। और इसीलिए वह
  52. 2:38तुम्हें एग्जॉस्ट करती है। वह तुम्हें एशस
  53. 2:40करती है। वह तुम्हारे खिलाफ काम करती है।
  54. 2:43तुम्हारे लिए नहीं। यह तुम्हारी गलती नहीं
  55. 2:46है। लेकिन यह तुम्हारी जिम्मेदारी है।
  56. 2:48फ्रेडरिक नीचे ने इसे समझा था। उसके पास
  57. 2:51भी वही आग थी। वह भी रात को सोता नहीं था।
  58. 2:54वो भी हर चीज को इतने डीपली सोचता था कि
  59. 2:57लोग उसे पागल कहते थे। लेकिन फ्रेडरिक
  60. 3:00नीडशे ने एक काम किया जो बाकी लोग नहीं
  61. 3:02करते। उसने उस आग को एक डायरेक्शन दिया।
  62. 3:06उसने डिसाइड किया यह एनर्जी किस चीज को
  63. 3:09जलाएगी। फ्रेडरिक नीडशे ने कहा था अपने
  64. 3:12अंदर केओस रखना जरूरी है। लेकिन उस केओस
  65. 3:15से एक डांसिंग [संगीत] स्टार पैदा होना
  66. 3:17चाहिए। अभी तुम्हारे अंदर केओस है। वो आग
  67. 3:21जल रही है। सवाल यह नहीं है उसे बुझाओ
  68. 3:24कैसे? सवाल यह है उसे एम कहां करो? और
  69. 3:28यहां मैक्यावेली आता है। मैक्यावेली ने द
  70. 3:30प्रिंस में एक बात लिखी थी जो जनरल्स के
  71. 3:33लिए थी। लेकिन वह तुम्हारे लिए भी है। जो
  72. 3:36इंसान अपने आसपास की हर चीज को कॉन्शियसली
  73. 3:39देखता है, उसे असेस करता है, उसे यूज करता
  74. 3:42है, वो इंटेलिजेंट होता है। तुम्हारी
  75. 3:45ओवरथिंकिंग यही करने की कोशिश कर रही है।
  76. 3:48हर चीज को असेस करना, हर एंगल देखना, हर
  77. 3:51पॉसिबिलिटी कैलकुलेट करना। अब इसे और आसान
  78. 3:54शब्दों में समझो। प्रॉब्लम यह है वो आग
  79. 3:58अभी हर डायरेक्शन में जा रही है। उसे एक
  80. 4:00नोजल चाहिए, एक फोकस चाहिए। तो अब से जब
  81. 4:04भी वह आग भड़के जब भी माइंड रेज करने लगे
  82. 4:08एक ही सवाल पूछो खुद से। यह सोच मुझे किस
  83. 4:11पोजीशन में रखती है? क्या यह सोच मुझे उस
  84. 4:14इंसान के बारे में कुछ ऐसा बता रही है
  85. 4:16जिसे मैं यूज कर सकता हूं? क्या यह सोच
  86. 4:19मुझे कोई ऐसा एंगल दे रही है जो किसी और
  87. 4:21को नहीं दिखता? क्या यह सोच मुझे आगे ले
  88. 4:24जा रही है या सिर्फ मुझे अंदर से खा रही
  89. 4:27है? अगर आगे ले जा रही है उसे जलने दो।
  90. 4:30उसे और तेज करो। उसे अपना वेपन बनाओ। अगर
  91. 4:34सिर्फ खा रही है तो उसे वहीं खत्म कर दो।
  92. 4:37इससे पहले कि वह तुम्हारी एनर्जी खा जाए।
  93. 4:40जंगल की आग तबाही है। डायरेक्टेड आग वो
  94. 4:43इंजन है जिसने दुनिया बदली। तुम्हारे अंदर
  95. 4:46इंजन है। बस अभी तक कोई स्टीयरिंग व्हील
  96. 4:48नहीं था। यह रूल तुम्हारा स्टीयरिंग व्हील
  97. 4:51है। नियम नंबर दो। पैटर्न पहचानना सीखो।
  98. 4:56ज्यादातर लोग भविष्य जानना चाहते हैं।
  99. 4:59लेकिन इतिहास के सबसे शक्तिशाली लोग
  100. 5:02भविष्य जानने की कोशिश नहीं करते थे। वे
  101. 5:05पैटर्न समझते थे। और पैटर्न भविष्य से
  102. 5:09ज्यादा शक्तिशाली चीज है। मान लो कोई
  103. 5:12इंसान तुम्हारे साथ पांच बार झूठ बोल चुका
  104. 5:14है। क्या छठी बार उसके झूठ बोलने की
  105. 5:17संभावना ज्यादा है? बिल्कुल। यह
  106. 5:20भविष्यवाणी नहीं है। यह पैटर्न पहचानना
  107. 5:23है। मान लो कोई व्यक्ति सिर्फ तब तुम्हें
  108. 5:25याद करता है जब उसे काम होता है। फिर गायब
  109. 5:29हो जाता है। फिर जरूरत पड़ने पर वापस आता
  110. 5:32है। क्या यह संयोग है? नहीं, यह पैटर्न
  111. 5:36है। और जिंदगी में ज्यादातर लोग संयोग
  112. 5:38ढूंढते रहते हैं। जबकि शक्तिशाली [संगीत]
  113. 5:41लोग पैटर्न ढूंढते हैं। मैक्यावेली ने यही
  114. 5:44किया था। उसने हजारों लोगों को देखा,
  115. 5:47राजाओं को, सैनिकों को, धार्मिक नेताओं
  116. 5:51को, व्यापारियों को। और फिर उसने एक चीज
  117. 5:54समझी। इंसान बदलते कम है, दोहराते ज्यादा
  118. 5:58हैं। यहीं से शक्ति पैदा होती है। क्योंकि
  119. 6:01जब तुम पैटर्न देख लेते हो तो लोगों के
  120. 6:04अगले कदम का अंदाजा लगाना आसान हो जाता
  121. 6:06है। अब ध्यान से सुनो। तुम्हारी
  122. 6:09ओवरथिंकिंग की असली ताकत क्या है? तुम
  123. 6:12सामान्य लोगों से ज्यादा चीजें नोटिस करते
  124. 6:14हो। समस्या सिर्फ यह है कि तुम उन चीजों
  125. 6:18को जोड़ते नहीं। तुम उन्हें डर में बदल
  126. 6:20देते हो। कोई जवाब देर से आया। तुम सोचते
  127. 6:24हो शायद वह मुझसे नाराज है। लेकिन रणनीतिक
  128. 6:28सोच क्या पूछेगी? क्या यह पहली बार हुआ
  129. 6:31है? क्या यह उसका नियमित पैटर्न है? क्या
  130. 6:34इसके पीछे कोई और कारण हो सकता है?
  131. 6:37यहीं पर भावनात्मक सोच खत्म होती है और
  132. 6:40विश्लेषणात्मक शक्ति शुरू होती है। याद
  133. 6:43रखो एक घटना कुछ नहीं बताती। दो घटनाएं
  134. 6:47संकेत देती हैं। लेकिन तीन बार दोहराया
  135. 6:50गया व्यवहार एक पैटर्न बन जाता है। और जो
  136. 6:53इंसान पैटर्न देख लेता है, वह अक्सर
  137. 6:56दूसरों से पहले खतरा देख लेता है। मौका
  138. 6:59देख लेता है और धोखा भी देख लेता है। यही
  139. 7:02कारण है कि कुछ लोग हमेशा तैयार दिखाई
  140. 7:05देते हैं। क्योंकि वे भविष्य नहीं देखते।
  141. 7:08वे पैटर्न देखते हैं। लेकिन यहां एक
  142. 7:10समस्या है। जितना ज्यादा तुम पैटर्न
  143. 7:13देखोगे, उतना ज्यादा तुम्हें खतरे भी
  144. 7:16दिखाई देंगे। उतना ज्यादा तुम्हें संभावित
  145. 7:19असफलताएं भी दिखाई देंगी। और अगर तुमने उस
  146. 7:22डर को संभालना नहीं सीखा तो वही ताकत
  147. 7:25तुम्हारे खिलाफ काम करने लगेगी। यहीं से
  148. 7:28शुरू होता है तीसरा नियम। सबसे खतरनाक
  149. 7:31नियम क्योंकि यह सिखाता है कि डर को
  150. 7:34कमजोरी नहीं रणनीति में कैसे बदला जाता
  151. 7:37है। नियम नंबर तीन डर को रणनीति [संगीत]
  152. 7:40में बदलो। ज्यादातर लोग डर को दुश्मन
  153. 7:43मानते हैं लेकिन मैक्यावेली डर को जानकारी
  154. 7:46मानता था। सोचो अगर तुम्हें किसी फैसले से
  155. 7:50डर लग रहा है तो उसका मतलब क्या है? क्या
  156. 7:53इसका मतलब है कि तुम्हें रुक जाना चाहिए?
  157. 7:56हमेशा नहीं। कई बार डर सिर्फ यह बताता है
  158. 8:00कि दांव बड़ा है कि यह चीज तुम्हारे लिए
  159. 8:02महत्वपूर्ण है कि यहां गलती की कीमत हो
  160. 8:05सकती है। लेकिन कमजोर लोग क्या करते हैं?
  161. 8:09वे डर देखते हैं और पीछे हट जाते हैं।
  162. 8:12रणनीतिक लोग क्या करते हैं? वे डर देखते
  163. 8:15हैं और योजना बनाते हैं। अगर यह असफल हुआ
  164. 8:19तो दूसरा रास्ता क्या है? अगर यह इंसान
  165. 8:22भरोसेमंद नहीं निकला तो बैकअप क्या है?
  166. 8:25अगर यह अवसर नकली निकला तो मेरी सुरक्षा
  167. 8:28कहां है? यही फर्क है। कमजोर आदमी डर से
  168. 8:32भागता है। रणनीतिक आदमी डर से सीखता है।
  169. 8:36इतिहास के सबसे सफल रणनीतिकार निडर नहीं
  170. 8:39थे। वे तैयार थे। और तैयारी हमेशा डर को
  171. 8:43देखकर पैदा होती है। उसे नजरअंदाज करके
  172. 8:46नहीं। आज से एक बात याद रखना। डर को मत
  173. 8:49हटाओ। उसे सवालों में बदलो। और जब तुम ऐसा
  174. 8:53करोगे तो तुम्हारा डर तुम्हारा नौकर बन
  175. 8:56जाएगा मालिक नहीं। लेकिन अभी सबसे
  176. 8:59महत्वपूर्ण नियम बाकी है। वो नियम जो तय
  177. 9:02करता है कि तुम्हारी सारी समझ शक्ति बनेगी
  178. 9:06या सिर्फ एक और अधूरा विचार बनकर रह
  179. 9:08जाएगी। चौथा नियम एक तलवार जो जंग खा रही
  180. 9:13हो वो उठती है हिलती है और फिर वहीं रुक
  181. 9:17जाती है। लेकिन वह कभी चली नहीं। उसे पता
  182. 9:20ही नहीं कि वह कितनी खतरनाक है। वह कितनी
  183. 9:23धारदार है। और यही चीज उसे जंग लगने पर
  184. 9:26मजबूर कर रही है। यही तुम्हारी सबसे बड़ी
  185. 9:29गलती है। सिर्फ सोचना काफी नहीं है। वार
  186. 9:33करना भी जरूरी है। और तुम क्या कर रहे हो?
  187. 9:36कभी खुद के पूरी तरह सही होने का इंतजार,
  188. 9:40कभी दूसरों की मंजूरी का इंतजार, कभी किसी
  189. 9:43निर्णय का इंतजार, इंतजार [संगीत] मत करो।
  190. 9:46यह शायद सबसे महत्वपूर्ण नियम है। और सबसे
  191. 9:49दर्दनाक भी। क्योंकि ज्यादातर ओवरथिंकर्स
  192. 9:53यहीं हारते हैं। वे सब कुछ समझ लेते हैं।
  193. 9:56वे खतरे देख लेते हैं। वे मौके देख लेते
  194. 9:59हैं। वे पैटर्न भी देख लेते हैं। लेकिन वे
  195. 10:03कदम नहीं उठाते। वे और जानकारी चाहते हैं
  196. 10:07और यकीन चाहते हैं और भरोसा चाहते हैं और
  197. 10:10सही समय चाहते हैं। फिर क्या होता है? कोई
  198. 10:14दूसरा वही मौका छीन लेता है। याद रखो
  199. 10:18दुनिया में बहुत कम फैसले परफेक्ट होते
  200. 10:20हैं। लेकिन एक चीज लगभग हमेशा गलत होती
  201. 10:23है। अनंत इंतजार मैक्यावली समझता था कि
  202. 10:28युद्ध में सबसे बड़ा खतरा गलत फैसला नहीं
  203. 10:30होता। फैसला ना लेना होता है। क्योंकि जब
  204. 10:34तुम फैसला नहीं लेते तब हालात तुम्हारे
  205. 10:37लिए फैसला लेने लगते हैं। लोग तुम्हारे
  206. 10:39लिए फैसला लेने लगते हैं। समय तुम्हारे
  207. 10:42लिए फैसला लेने लगता है और तब नियंत्रण
  208. 10:45तुम्हारे हाथ से निकल जाता है। इसलिए याद
  209. 10:48रखो अधूरा निर्णय भी जीत दिला [संगीत]
  210. 10:51सकता है। लेकिन लिया ही ना गया निर्णय कभी
  211. 10:54जीत नहीं दिलाता।
  212. 10:56यही नियम नंबर चार है। लेकिन रुको। अब तक
  213. 11:00जो कुछ बताया गया वह तुम्हें मजबूत बना
  214. 11:03सकता है। लेकिन एक समस्या अभी भी बाकी है।
  215. 11:07क्योंकि कुछ लोग यह चारों नियम सुनेंगे,
  216. 11:10समझेंगे भी और फिर भी वहीं रहेंगे जहां आज
  217. 11:13हैं। क्यों? क्योंकि वे तीन गलतियां करते
  218. 11:16हैं। और यह तीन गलतियां किसी [संगीत] भी
  219. 11:19ओवरथिंकर की पूरी ताकत को खत्म कर सकती
  220. 11:22हैं। पहली गलती बिना जानकारी के सोचते
  221. 11:25रहना। यह सबसे कॉमन गलती है और सबसे
  222. 11:29खतरनाक भी क्योंकि ज्यादातर लोगों को पता
  223. 11:32भी नहीं चलता कि वह यह गलती कर रहे हैं।
  224. 11:36कोई तुम्हें जवाब नहीं देता और तुम्हारा
  225. 11:38दिमाग उसी वक्त कहानी बनाना शुरू कर देता
  226. 11:41है। शायद वो नाराज है। शायद उसे अब मेरी
  227. 11:44परवाह नहीं। शायद मैंने कुछ गलत कह दिया।
  228. 11:48शायद वह मुझे इग्नोर कर रहा है। लेकिन रुक
  229. 11:51कर एक सवाल पूछो। तुम्हें यह सब किसने
  230. 11:54बताया? उसने या तुम्हारे दिमाग ने यही जगह
  231. 11:58है जहां ज्यादातर ओवरथिंकर्स हार जाते
  232. 12:01हैं। उन्हें लगता है कि वह सोच रहे हैं
  233. 12:04लेकिन असल में वह सोच नहीं रहे होते। वह
  234. 12:07गेस कर रहे होते हैं और गेसिंग और
  235. 12:09स्ट्रेटेजिक थिंकिंग में उतना ही फर्क है
  236. 12:12जितना तीर चलाने और आंख बंद करके तीर
  237. 12:15फेंकने में होता है। तुम्हारे पास कोई
  238. 12:18जानकारी नहीं है। कोई फैक्ट नहीं है। कोई
  239. 12:21प्रूफ नहीं है। फिर भी तुम्हारा दिमाग
  240. 12:24फैसला सुना चुका होता है। याद रखो जिस
  241. 12:27इंसान को फैक्ट्स [संगीत] से ज्यादा
  242. 12:29स्टोरीज पसंद आने लगती हैं, वह धीरे-धीरे
  243. 12:32रियलिटी से दूर होने लगता है। और दुनिया
  244. 12:35में बहुत लोग दुश्मनों से नहीं हारते। वह
  245. 12:38अपनी ही बनाई हुई कहानियों से हार जाते
  246. 12:40हैं। स्ट्रेटेजिक [संगीत] लोग गेस नहीं
  247. 12:42करते। वह ऑब्जर्व करते हैं। जानकारी
  248. 12:45इकट्ठा करते हैं। फिर फैसला लेते हैं।
  249. 12:49क्योंकि अधूरी जानकारी पर लिया गया फैसला
  250. 12:52अक्सर गलत जानकारी से भी ज्यादा खतरनाक
  251. 12:54होता है। इसलिए अगली बार जब तुम्हारा
  252. 12:57दिमाग कोई कहानी बनाना शुरू करे तो खुद से
  253. 13:00सिर्फ एक सवाल पूछना। मुझे यह पता है या
  254. 13:04मैं सिर्फ मान रहा हूं। यही सवाल तुम्हें
  255. 13:07भीड़ से अलग कर सकता है। दूसरी गलती यह और
  256. 13:11भी ज्यादा खतरनाक है। कोई तुमसे कुछ बोलता
  257. 13:14है। तुम तुरंत एक्सप्लेन करने लगते हो। मत
  258. 13:18करो। अपनी सोच जस्टिफाई करना बंद करो। हर
  259. 13:22बात पर खुद को प्रूव करना बंद करो। अपनी
  260. 13:25फीलिंग सबको बताना बंद करो। हर सवाल का
  261. 13:28जवाब देना बंद करो।
  262. 13:30मैक्यावेली का सबसे पावरफुल रूल था।
  263. 13:34कभी नहीं बताता वह कहां जा रहा है।
  264. 13:36क्योंकि जिस दिन शिकार को रास्ता पता चल
  265. 13:39गया खेल खत्म हो जाता है। लायन कभी नहीं
  266. 13:42बताता वो कितना भूखा है। क्योंकि ताकत
  267. 13:45अपनी हालत अनाउंस नहीं करती। जो लोग खुद
  268. 13:48को हाइड करना जानते हैं वो हमेशा एडवांटेज
  269. 13:52में होते हैं। क्योंकि लोग उनके वर्ड्स
  270. 13:54नहीं पढ़ पाते। लोग उनकी नेक्स्ट मूव नहीं
  271. 13:57पढ़ पाते और जिसे पढ़ा ना जा सके उसे
  272. 14:00कंट्रोल भी नहीं किया जा सकता। अब तीसरी
  273. 14:04गलती यह सबसे ज्यादा नुकसान करती है।
  274. 14:07लेकिन यह गलती तुम खुद नहीं करते। यह
  275. 14:10तुमसे करवाई जाती है। और उस गलती का नाम
  276. 14:13है उन लोगों की राय को पावर देना जो
  277. 14:16तुम्हें सिर्फ कमियां गिनाते हैं। सोचो।
  278. 14:20वो इंसान जिसने कहा बहुत सोचते हो। वो
  279. 14:23इंसान जिसने कहा यह नहीं होगा तुमसे उनकी
  280. 14:27खुद की जिंदगी में कितना है जिसके पास खुद
  281. 14:30कुछ नहीं उसकी राय तुम्हारी रियलिटी कैसे
  282. 14:33बन सकती है लेकिन यही होता है तुम्हारा
  283. 14:37दिमाग जो हर चीज को डीपली प्रोसेस करता है
  284. 14:40उस एक लाइन को अंदर ले जाता है घुमाता है
  285. 14:44और धीरे-धीरे [संगीत] वह फैक्ट बन जाती है
  286. 14:47मैकवली ने लिखा था दुश्मन वो नहीं जो
  287. 14:50सामने से वार करे दुश्मन वो है जो तुम्हें
  288. 14:53खुद पर शक करवा दे। क्योंकि जिस दिन तुमने
  289. 14:56खुद पर [संगीत] शक किया किसी दुश्मन की
  290. 14:58जरूरत नहीं रहती। इसलिए आज से एक रूल जिस
  291. 15:03इंसान की जिंदगी तुम नहीं चाहते उसकी राय
  292. 15:05को अंदर मत आने दो। क्योंकि भीड़ हमेशा उस
  293. 15:08इंसान पर हंसती है जो वहां पहुंचने की
  294. 15:11कोशिश कर रहा होता है। जहां तक भीड़
  295. 15:13[संगीत] कभी पहुंच ही नहीं सकती। और
  296. 15:16फ्रेडरिक नीचे ने कहा था जितना ऊंचा तुम
  297. 15:19उड़ते हो उतने ही छोटे तुम दिखाई देते हो
  298. 15:22उन लोगों को जो उड़ नहीं सकते।

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This page contains the full transcript of तुम ज्यादा सोचते हो तो यह वीडियो तुम्हें खतरनाक बना देगी | Nietzsche & Machiavelli by Think Beyonders, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 2,379 words across 298 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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