NED 2026 Computer Marathon | NED Computer Important MCQs 2026 | NED 2026 Paper Solution | NED Prep — Transcript
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- 0:00अस्सलाम वालेकुम क्लास। दिस इज मोहम्मद
- 0:01हाशमिया एंड यू गाइस आर वाचिंग मैथ्स बाय
- 0:03हाशमजिया। और यू कैन कॉल इट फिजिक्स दैट्स
- 0:06अ ब्रांड नेम। मेरे प्यारे बच्चों आप तमाम
- 0:08लोग जो एनईटी यूनिवर्सिटी की तैयारी कवर
- 0:10कर रहे हैं तो एनईटी के लिए अब ये टाइम
- 0:11बड़ा क्रूशियल है। भाई बकरा ईद का मौका है।
- 0:14जानवरों को आपने चारा भी खिलाना है। त्का
- 0:16बोटी भी खानी है। क्या जुल्मो ज्यादती है
- 0:18इस कौम के बच्चे के साथ। ना घर वाले चैन
- 0:20से बैठने देते हैं, ना बकरा ईद को एंजॉय
- 0:22करने देते हैं। ना यूनिवर्सिटी वाले त्का
- 0:24बोटी करने देते हैं। ना यूनिवर्सिटी वाले
- 0:26टेस्टों को आगे बढ़ाते हैं। तो बड़ा ही
- 0:27कसमापुर्शी का आलम है कि भैया अब आपके
- 0:29इंटर और ए लेवल्स के एग्जाम से अभी आप
- 0:31फारिग हो रहे हो और साथ-साथ तमाम
- 0:33यूनिवर्सिटीज के टेस्ट स्टार्ट हो रहे
- 0:34हैं। एनएटी यूनिवर्सिटी का टेस्ट हो। आपके
- 0:36पास एनएटी यूनिवर्सिटी का राउंड नंबर वन
- 0:3812 से 15 जून के ऊपर मौजूद है। इससे अभी
- 0:41फारिग होगे 13 जून से नर्स का नेट नंबर
- 0:43फोर स्टार्ट है। उससे फारग होगे? 12 जुलाई
- 0:46को दाऊद का टेस्ट है। 29 जून से फास्ट
- 0:48यूनिवर्सिटी का टेस्ट स्टार्ट है। आईबी का
- 0:49राउंड नंबर टू 21 जून से स्टार्ट है। गज़
- 0:52ये है कि भैया कोई चैन से बैठने नहीं
- 0:54देता। वो हमारे बड़े मशहूर मोहक ने फरमाया
- 0:56था ना कि भैया चैन तो सिर्फ कब्र में है।
- 0:58वो भी अगर आमालों का नियत हमारी अच्छी हो
- 1:00तो फिर शायद मिल सकता है हमें। तो बताने
- 1:02का मकसद ये है कि भाई हर बच्चा परेशान चल
- 1:04रहा है। इस वक्त ऐसा तैयारी कैसे करें?
- 1:06अभी हमारे पास अब पेपर्स में कुछ गैप तो
- 1:08मिल रहा है। किसी के पेपर 4 जून को एंड हो
- 1:10रहे हैं। किसी के 9 जून को एंड हो रहे
- 1:12हैं। और जिनके 22 मई को एंड होने थे 22 मई
- 1:15को ए लेवल्स के पेपर एंड होने थे। उनका
- 1:16माशाल्लाह से पेपर ही आउट हो गया। अब उनका
- 1:18एक पेपर जून में चला गया है कुछ बच्चों
- 1:20का। तो भाई बताने का मकसद ये है कि बच्चा
- 1:22बड़ा परेशान है। बच्चा बड़ा जो है ना इस
- 1:23वक्त जो है ना कस्मा कुर्सी के आलम के
- 1:25अंदर बैठा हुआ है कि सर क्या करें? क्या
- 1:27ना करें? तो भैया आप लोगों के लिए
- 1:29फिजिकोमेटिक्स की टीम ने बड़ी दिन रात
- 1:30मेहनत करी है। लास्ट फोर डेज आई वास
- 1:32स्लीपिंग इन माय ऑफिस। अल्हम्दुलिल्लाह घर
- 1:34वाले पकड़ के मुझे घर से निकालने वाले
- 1:36हैं। सो भैया ये बताने का मकसद ये है कि
- 1:37भई हमारी तरफ से आप लोगों के लिए एक सदका
- 1:39जारिया है। भाई हमारी लाइव क्लासेस तो आप
- 1:41लोगों को मिल रही होती हैं। जो बैच के
- 1:43बच्चे बैठे हुए होंगे भाई लाइव क्लासेस के
- 1:45अंदर आपने देखा होगा पाकिस्तान के बेहतरीन
- 1:46असतजा आपको पढ़ा रहे हैं, टीचिंग कर रहे
- 1:48हैं। मगर इन मैराथोंस का फायदा क्या होता
- 1:51है? इन पेपर्स की सीरीज का फायदा क्या
- 1:52होता है? दीज़ आर टर्म एस दी चेरी ऑन द
- 1:54टॉप। ये मेरा बड़ा मशहूर एक मुहावरा है।
- 1:56कि भाई देखो लाइव क्लासेस में तो आपको
- 1:58प्रोफेसर आफताब जो मेरे भी उस्ताद हैं वो
- 2:00तो आपको पढ़ा रहे हैं। आप उनकी बड़ी
- 2:02वाहवाह करते हो। प्रोफेसर राशिद हो,
- 2:03प्रोफेसर रोड विलफर्ड हो, प्रोफेसर जीशान
- 2:05काजमी हो, प्रोफेसर आपके पास एतशाम उल हक
- 2:08साहब हो या फिर प्रोफेसर आपके पास राशिद
- 2:10साहब हो, प्रोफेसर बिलाल हो, आपको
- 2:11पाकिस्तान के बेहतरीन असदत आजम प्रोवाइड
- 2:13कर रहे होते हैं। मगर इन मैराथों्स का
- 2:15फायदा क्या होता है कि ये जो मैराथों्स
- 2:16होती हैं, ये चेरी ऑन द टॉप होती हैं कि
- 2:18जब आपने लाइव क्लासेस के साथ-साथ हमारे
- 2:20पेपर्स को लिया हुआ है। तो साथ-साथ आपको
- 2:22हम एक वन शॉट के ऊपर तमाम पास्ट पेपर्स गो
- 2:24थ्रू करवा रहे होते हैं। तो ये बड़ी एक
- 2:26हेल्पफुल चीज होती है दो तरीकों से। वो
- 2:28तमाम बच्चे जो बैच के हैं उनका जो तैयारी
- 2:31का आखिरी तड़का होता है ये वो होता है और
- 2:33जो बच्चे बैच में नहीं है उनको जलाने के
- 2:35लिए होती है कि भैया आपने किन चीजों को
- 2:37मिस किया हमसे ना पढ़कर ताकि आपको आईडिया
- 2:39हो सके कि भाई पाकिस्तान के बेहतरीन असतजा
- 2:41किस तरीके से हमारे इदारे में पढ़ा रहे
- 2:43होते हैं। तो इसका दो ही फायदे होते हैं।
- 2:45अगर हम एनएटी यूनिवर्सिटी के टेस्ट की बात
- 2:47करें तो भाई एनएटी यूनिवर्सिटी का इस दफा
- 2:49जो आपके पास राउंड नंबर वन आ रहा है। तो
- 2:51भैया एनएटी [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 2:52यूनिवर्सिटी का राउंड नंबर वन कब आ रहा
- 2:53है? 12 से लेके 15 जून को। यानी कि आपके
- 2:56पास अब बा मुश्किल बा मुश्किल 20 से 25
- 2:58दिन का टाइम अवेलेबल है। हमारा अभी एक
- 3:00न्यू बैच स्टार्ट हो रहा है जिसमें हम
- 3:02कंप्लीट तैयारी अभी कवर अप करवाएंगे राउंड
- 3:03वन की भी राउंड टू की भी। एनईटी का राउंड
- 3:05वन हो रहा है 12 से 15 जून को। अच्छा यहां
- 3:08पे दो बच्चों की कंफ्यूजन है। कुछ बच्चे
- 3:10ऐसे हैं जो सोच रहे हैं सिर्फ मैं राउंड
- 3:12नंबर टू दूंगा। तो मैं उन लोगों के लिए
- 3:13अर्ज़ कर देता हूं कि एनईटी की वेबसाइट के
- 3:15ऊपर राउंड नंबर टू का शेड्यूल भी आ चुका
- 3:16है और ये आपके पास हो रही है 6 से लेके 8
- 3:19जुलाई के ऊपर। यानी कि एनएटी का राउंड
- 3:21नंबर टू कब हो रहा है? 6 से लेके 8 जुलाई
- 3:23के ऊपर। तो भैया आपके पास एनईडी का राउंड
- 3:26वन और राउंड टू बिल्कुल सर पे है। साथ ही
- 3:28नस का नेट नंबर फोर स्टार्ट है।
- 3:29इस्लामाबाद वाला और कराची वाला जुलाई मिड
- 3:31के अंदर होता है। फास्ट का टेस्ट 29 जून
- 3:33से स्टार्ट है। जीआईकेआई जो पाकिस्तान की
- 3:35एक और बड़ी बेहतरीन यूनिवर्सिटी है उसका
- 3:37टेस्ट भी 4 5 जुलाई से स्टार्ट है। तो
- 3:38भैया आपके तमाम टेस्ट एक साथ ही आ रहे
- 3:40हैं। अक्सर बच्चे मुझसे क्वेश्चन पूछते
- 3:43हैं जो मैं इस मैराथॉन के तवस्सु से देना
- 3:45चाहूंगा क्योंकि काफी बच्चे मैराथॉन का
- 3:46वेट करते हैं। अगर आपका कोई दोस्त आपसे ये
- 3:48कहते हैं ना कि मैं सिर्फ एक राउंड दूंगा।
- 3:50एक ही राउंड मैं तो सिर्फ देना चाहूंगा।
- 3:51मैं राउंड नंबर टू दे दूंगा तैयारी करके।
- 3:53ऐसा दोस्त आपका दोस्त नहीं है। वो आपको
- 3:55वर्गला रहा है। वो शैतान है। उसके पीछे
- 3:57रीज़न ये है कि बेटा एनईटी के अंदर
- 3:58डिफिकल्टी लेवल क्या है? एनएडी
- 4:00यूनिवर्सिटी के अंदर आते हैं चार
- 4:01सब्जेक्ट। मैं आपको एक बड़े मजे की चीज
- 4:03बताता हूं कि मेरे प्यारे बच्चों एनएटी
- 4:05यूनिवर्सिटी के टेस्ट के अंदर क्या आते
- 4:07हैं? चार सब्जेक्ट्स आते हैं। एनएडी
- 4:09यूनिवर्सिटी के जब हम टेस्ट की बात करते
- 4:10हैं तो एनईडी यूनिवर्सिटी का आप कोई भी
- 4:12टेस्ट दिए। चाहे आप प्रीमेडिकल बैकग्राउंड
- 4:13के हैं, चाहे प्री इंजीनियरिंग बैकग्राउंड
- 4:15के हैं, चाहे कंप्यूटर साइंस बैकग्राउंड
- 4:16के हैं, चाहे आप आर्ट्स के बैकग्राउंड के
- 4:17हैं। हर बच्चा एनईडी का टेस्ट दे सकता है।
- 4:19हर बच्चे के टेस्ट में चार सेक्शन होंगे।
- 4:21हर बच्चे के टेस्ट में क्या होते हैं? चार
- 4:23सेक्शन। तो भाई अगर आप प्री इंजीनियरिंग
- 4:24बैकग्राउंड के हो तो आपके टेस्ट के अंदर
- 4:26मैथ्स होगी। आपके टेस्ट के अंदर फिजिक्स
- 4:28होगी। आपके टेस्ट के अंदर केमिस्ट्री
- 4:30होगी। आपके टेस्ट के अंदर पर्टिकुलरली
- 4:32क्या होगी? आपके टेस्ट के अंदर इंग्लिश का
- 4:34सेक्शन भी होगा। सही है? अगर आप प्री
- 4:36इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के अंदर हैं तो
- 4:37चार सेक्शन ये आ रहे होंगे। ईच सेक्शन
- 4:39कैरी 25 नंबर। हर सेक्शन जो होता है ना
- 4:42भैया वो आपके पास 25 नंबर कैरी करता है।
- 4:4525 नंबर कैरी करता है। 25 एमसीक्यूस कैरी
- 4:47करता है। तो चार सेक्शन अगर 25 एमसीक्यूस
- 4:49कैरी कर रहे हैं तो टोटल ये बनते हैं 100
- 4:51एमसीक्यूस। और 100 एमसीक्यूस आपको सॉल्व
- 4:53करने होते हैं 120 मिनट के ऊपर। एनईटी के
- 4:56अंदर ऑलदो नेगेटिव मार्किंग नहीं है। मगर
- 4:58एनईटी का टेस्ट डिफिकल्ट क्यों है?
- 4:59क्योंकि मेरे प्यारे बच्चों एनईटी का
- 5:01टेस्ट कंप्राइज्ड है। बहुत सारे बच्चों के
- 5:03पेपर के अंदर 10 के 10 क्वेश्चन आपके पास
- 5:05आ गए। लेट्स सपोज इंटीग्रेशन के। बाकी आठ
- 5:08क्वेश्चन आ गए कॉनिकक्स के। चार क्वेश्चंस
- 5:10आ गए मैट्रिससेस के। 25 में से आधा पेपर
- 5:12सिर्फ तीन चैप्टर से आ गया। क्योंकि
- 5:13कंप्यूटराइज्ड टेस्ट है। कंप्राइ टेस्ट का
- 5:15मतलब ये होता है कि लेट्स सपोज मेरे पास
- 5:17ये लैपटॉप पड़ा हुआ है। मेरे पास ये
- 5:18लैपटॉप पड़ा हुआ है। मैं इस लैपटॉप के ऊपर
- 5:20जाता हूं। हूं। लैपटॉप के ऊपर जाने के बाद
- 5:21मैं अपना रोल नंबर वगैरह डालूंगा। एनईडी
- 5:23का अपना कंप्यूटर होगा। भाई यह मत
- 5:24सोचिएगा। आपको अपना लेकर जाना होगा। आप
- 5:26उसके अंदर जाओगे। आपके पास ऑटोमेटिकली
- 5:28सॉफ्टवेयर ओपन होगा। उसमें जाके अपना रोल
- 5:30नंबर वगैरह आप डालते हो। आपको प्रोवाइड
- 5:32करता है आपका एग्जामिनर। उसके बाद आपका
- 5:34टेस्ट स्टार्ट हो जाएगा। पहले कौन सा
- 5:35सेक्शन आएगा ये भी डिसाइडेड नहीं होता। ये
- 5:38भी चेंज हो जाता है बहुत दफा। फिर सबके
- 5:40क्वेश्चन शफल्ड होते हैं। यानी कि लेट्स
- 5:41सपोज मेरे साथ जो बच्चा बैठा हुआ होगा
- 5:43उसका टेस्ट डिफरेंट होगा। मेरा टेस्ट
- 5:45डिफरेंट होगा। उसके क्वेश्चंस ही टोटली
- 5:46डिफरेंट होंगे। मेरे क्वेश्चंस टोटली
- 5:48डिफरेंट होंगे। यानी कि हर बच्चे का पेपर
- 5:50दूसरे से मुख्तलिफ होता है। और दूसरे नंबर
- 5:52के ऊपर हर सेक्शन के अंदर 25 एमसीक्यूस
- 5:55होते हैं। तो भाई आपके पास टोटल चार
- 5:56सेक्शन होते हैं। तो इट मेक्स अ सम ऑफ
- 5:58100। तो 100 एमसीक्यूस का पेपर आता है
- 6:00एनईडी का और आपको ये टेस्ट पास नहीं करना।
- 6:02कुछ इतने भोले भाले से हमारे बच्चे होते
- 6:04हैं वो कहते हैं सर पासिंग नंबर क्या है
- 6:06एनईडी के? देयर इज़ नो पासिंग नंबर। आप 50
- 6:09नंबर लेकर आ जाओगे। मैं आपको बैठ के मेडल
- 6:11थोड़ी पहनाऊंगा। मैं तो बेटा जूते लगाऊंगा
- 6:12अगर आपके पेरेंट्स की जगह पर हुआ। क्योंकि
- 6:14एनईडी के टेस्ट के अंदर अगर आपने 90 से कम
- 6:17स्कोर किया तो आपका सपना सपना रह जाएगा।
- 6:20मेरे प्यारे बच्चों एनईडी के टेस्ट में
- 6:22आपको 90 प्लस नंबर लेकर आने हैं। आपको
- 6:24लगेगा शायद ये डिफिकल्ट होगा। नहीं लास्ट
- 6:26ईयर सिर्फ हमारे बैजेस से 131 से ज्यादा
- 6:29बच्चों ने 90 या 90 से ज्यादा नंबर लिए
- 6:31थे। लास्ट ईयर 131 से ज्यादा बच्चों ने 85
- 6:34प्लस बेतहाशा ने लिए थे। 80 प्लस बेतहाशा
- 6:37हज़ारों ने लिए थे। उनका हम गिनती भी नहीं
- 6:39कर सकते। जो पहली मेरिट लिस्ट लास्ट ईयर
- 6:41क्लोज हुई थी एनईडी की वो 73 के मेरिट पे
- 6:43हुई थी। ये दुनिया का पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड
- 6:45होगा एनईडी का। क्यों? क्योंकि आज से चार
- 6:48साल पहले 58 के ऊपर क्लोज होती थी। तो
- 6:50आहिस्ता-आहिस्ता कंपटीशन का रुझान बहुत
- 6:52ज्यादा है। तो बताने का मकसद क्या है कि
- 6:54मेरे प्यारे बच्चों जब आप एनईडी का टेस्ट
- 6:56दे रहे हो तो आपने दोनों राउंड्स को क्यों
- 6:58देना जरूरी है? भाई दोनों राउंड इसलिए
- 7:00देना जरूरी है अगर आपने राउंड नंबर वन में
- 7:0268 का स्कोर किया तो आप उस टेस्ट के नंबर
- 7:05को इंक्रीस कर लेते हो दूसरे राउंड के
- 7:07अंदर। आप उस टेस्ट के स्कोर को 90 पे कर
- 7:09ला सकते हो। हमारे ऐसे कई बच्चे थे मैं
- 7:12इन्हीं बच्चों के अंदर से कई बच्चे ऐसे थे
- 7:14जिन्होंने राउंड वन के अंदर 93 स्कोर किया
- 7:17और फिर सेकंड राउंड के अंदर 96 का स्कोर
- 7:19किया। 97 का स्कोर किया। मुझे आज भी अपनी
- 7:21एक स्टूडेंट याद है कंजुल ईमान लास्ट ईयर
- 7:23की। भाई मुझे अपने बच्चे याद रहते हैं।
- 7:24ऑलदो मैं उस बैच में पढ़ाऊं या ना पढ़ाऊं
- 7:26या मेरे टीचर्स पढ़ाएं। मैं एक-एक बच्चे
- 7:28की मैनेजमेंट मैं खुद देख रहा होता हूं।
- 7:29तो मेरी एक स्टूडेंट है यहां पे कंजुल
- 7:31ईमान। सही है ना? उसने राउंड नंबर टू में
- 7:3396 का स्कोर किया। जबकि इसी बच्ची का
- 7:35राउंड नंबर वन में स्कोर था 92 का। तो अगर
- 7:38तो वो आपकी बात को मान ले तो वो बच्चे जो
- 7:40सोचते हैं ना सिर्फ एक राउंड दे देते हैं।
- 7:41तो अगर तो ये बच्ची आपकी बात को मान लेती
- 7:43ना तो ये तो बैठ के बैठ जाती आराम से कि
- 7:45भाई मैं तो कोई तैयारी नहीं कर रही। राउंड
- 7:47वन में मेरा 92 का स्कोर आ गया। बस एडमिशन
- 7:49हो गया। नहीं। अगर आप टॉप वन टू थ्री में
- 7:52आते हो एनईटी के टेस्ट के अंदर। आपको 100%
- 7:54स्कॉलरशिप है। बिल्कुल फ्री के अंदर आप
- 7:55तालीम हासिल करोगे अगले चार साल। तो भाई
- 7:57हर बच्चा जो 90 में नंबर लेकर आता है ना
- 8:00वो भी अपने मार्क्स को इंक्रीस करता है।
- 8:02तो भाई बेस्ट ऑफ टू स्कोर काउंट होगा। तो
- 8:04आज के बाद अगर आपका कोई दोस्त आपको वरगलाए
- 8:06या आपको ये मशवरा भी दे ना तो बेटा ऐसे
- 8:09दोस्त की दोस्ती छोड़ दो। ऐसे नादान दोस्त
- 8:11से बेहतर दाना दुश्मन है। ये बड़ी मशहूर
- 8:13कहावत है। तो राउंड वन और राउंड टू देना
- 8:15क्यों जरूरी है? क्योंकि एनईडी में
- 8:16कंपटीशन बहुत ज्यादा है। जो बच्चा 90 में
- 8:19स्कोर लेकर आता है वो भी दूसरा राउंड देता
- 8:21है। मोहम्मद सप्तैन की एग्जांपल आपके
- 8:23सामने है। इसने दोनों राउंड्स में 92 का
- 8:24स्कोर किया। मैंने इससे बाद में पूछा कोई
- 8:26रिग्रेट है। कहते हैं नहीं सर मैंने अपना
- 8:27बेस्ट दिया। मुझे फक्र है इस बात के ऊपर।
- 8:29ये हमारे इवेंट के ऊपर भी आया था। आपने
- 8:30इवेंट्स की पिक्चर हमारी देखी होंगी।
- 8:32थ्रूउ पाकिस्तान में जो बच्चे हमारे
- 8:33टॉपर्स होते हैं चाहे वो इस्लामाबाद के
- 8:35हो, चाहे वो लाहौर के अंदर हो। तो हमारे
- 8:36डिफरेंट ऑफिससेस उनके इवेंट्स को अरेंज
- 8:38करते हैं। कराची के अंदर हमारा जो इवेंट
- 8:40हुआ था उसमें सत्यानान आया भी था। इसके
- 8:41राउंड वन में भी 92 थे, राउंड टू टू में
- 8:44भी 92 थे। तो भैया आपने दोनों राउंड्स
- 8:46क्यों देने हैं? क्योंकि एनईडी के अंदर
- 8:48सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग 88 के मेरिट पे
- 8:50क्लोज हुई थी। इसका मतलब 88 के मेरिट का
- 8:52मतलब है कि जितने बच्चों का टेस्ट में 90
- 8:54प्लस है सिर्फ उनका सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग
- 8:55में एडमिशन हुआ था। उनका सिर्फ कंप्यूटर
- 8:57की फील्ड में एडमिशन होगा। तो भैया आपको
- 8:59टेस्ट के अंदर अच्छे से अच्छे नंबर लेकर
- 9:01आने हैं। ऑब्वियसली इंटर की परसेंटेज भी
- 9:02मैटर कहीं ना कहीं बहुत कम करेगी क्योंकि
- 9:04टेस्ट का 60% वेटेज है। तो अच्छा इसी
- 9:07तरीके से वो तमाम बच्चे जो कंप्यूटर साइंस
- 9:10बैकग्राउंड के होंगे उनके टेस्ट में मैथ्स
- 9:12होगी, फिजिक्स होगी मगर केमिस्ट्री नहीं
- 9:14होगी, कंप्यूटर का पोर्शन होगा और इंग्लिश
- 9:16का सेक्शन होगा। जो बच्चे प्रीमेडिकल
- 9:18बैकग्राउंड के होते हैं उनके टेस्ट के
- 9:19अंदर बायो होती है और हमने आपको बायो के
- 9:21सारे पास्ट पेपर्स भी कवर करवाए हैं और
- 9:23साथ-साथ बायो की आपको स्पेशल तरीके से
- 9:25तैयारी भी कवर करवाई थी। हमारे जितने
- 9:27एमडीकैड के बच्चे थे हमारे जितने
- 9:28प्रीमेडिकल बैकग्राउंड के बच्चे थे हमने
- 9:30उनको ना सिर्फ एनईडी हो ना सप्लाइड
- 9:33साइंसेस हो या फिर आपके पास एयू हो या फिर
- 9:35आपके पास नम्स हो या फिर एमडीकैड हो हम
- 9:38आपको हर चीज का सॉल्यूशन प्रोवाइड कर रहे
- 9:40थे। इसके अलावा फिजिक्स का पोर्शन आता है।
- 9:42फिर केमिस्ट्री का पोर्शन आता है। फिर
- 9:43इंग्लिश का पोर्शन आता है। जो बच्चे
- 9:45कॉमर्स बैकग्राउंड किए होते हैं उनके
- 9:46टेस्ट के अंदर बेसिक मैथ्स आती है। उनके
- 9:48टेस्ट के अंदर इंग्लिश आती है। उनके टेस्ट
- 9:50के अंदर अकाउंट एंड स्टैट्स आती है। उनके
- 9:51टेस्ट में इकोनॉमिक्स का पोर्शन आ रहा
- 9:52होता है। तो मेरे प्यारे बच्चों एनईटी का
- 9:54टेस्ट आप किसी भी ग्रुप से देते हो। आपके
- 9:56टेस्ट में चार सेक्शन आएंगे। तो भैया इन
- 9:58चारों सेक्शंस के ऊपर हम आपकी वर्किंग
- 9:59करवा रहे होते हैं। हम आपको एक-एक चीज
- 10:01बहुत डिटेल में पढ़ाते हैं। हम आपको एक-एक
- 10:03चीज कवर अप करवाते हैं। देखो सिर्फ
- 10:05मैराथों्स कवर करके नहीं जाना। मैं हमेशा
- 10:07ये बात कहता हूं। दोबारा ये बात कहूंगा।
- 10:09कल को मुझे ये जुमला सुनने को ना मिले। सर
- 10:11हम तो मैराथन करके गए थे। अच्छा स्कोर
- 10:13क्यों नहीं हुआ? तुम बेटा बेवकूफ हो। इट्स
- 10:15अ वेरी सिंपल थिंग। मैंने 10 घंटे बैठ के
- 10:1750 घंटे बैठ के मैराथॉन जरूर बनाइए। मगर
- 10:19मैं हमेशा बच्चों को कहता हूं कि भैया
- 10:21आपने तैयारी अपनी पूरी करनी है। हम कोई
- 10:23खुदा तो हैं नहीं ना? हम अपनी तरफ से
- 10:24मेहनत कर सकते हैं। हम आपके लिए बिल्कुल
- 10:26बेतहाशा मेहनत कर रहे हैं। मेरे प्यारे
- 10:28बच्चों, हमने इन तमाम बच्चों में मेहनत
- 10:30करी है। इनमें से कोई भी बच्चा सिर्फ
- 10:31मैराथॉन वाला नहीं होगा। ये वो तमाम बच्चे
- 10:33हैं जो हमारे पास स्टार्टिंग से बैठ के
- 10:35तैयारी कर रहे होते हैं जो प्रॉपर लाइव
- 10:36क्लासेस को लेते हैं। भाई आपने मैराथन को
- 10:38नहीं लिया। आप हमारे पास मैराथन के लिए
- 10:40नहीं आए। हम अपनी स्पेशल मैराथों्स अपने
- 10:42सिर्फ बैच के बच्चों को ऑलदो देते हैं।
- 10:44मगर आप हमारे पास लाइव क्लासेस के लिए आए।
- 10:46हमने लाइव क्लासेस के अंदर आपका कोर्स अभी
- 10:48कंप्लीट कवर करवा रहे हैं। वो तमाम बच्चे
- 10:50जो अभी भी ज्वाइन कर रहे हैं, हम आपको
- 10:52लाइव क्लासेस में आपका ना सिर्फ कंप्लीट
- 10:54कोर्स कवर कर रहे हैं बल्कि साथ-साथ जो भी
- 10:56लाइव क्लास कंडक्ट होती है अगर आपसे वो
- 10:58क्लास मिस हो जाए आपको रिकॉर्डिंग देते
- 10:59हैं। इसके अलावा जितने एनईडी के ऑथेंटिक
- 11:02पास्ट पेपर्स थे आपको हमने वो टॉपिक वाइज
- 11:04शीट के ऊपर प्रोवाइड करे विद वीडियो
- 11:06सॉल्यूशन। आपको थाउजेंड्स ऑफ एमसीक्यूस
- 11:08हमने विद वीडियो सॉलशंस प्रोवाइड करे।
- 11:10आपको हमने चैप्टर वाइज टेस्ट प्रोवाइड
- 11:12करे। आपको हमने मॉक टेस्ट प्रोवाइड करे।
- 11:14आपको हमने टॉपिक वाइज टेस्ट प्रोवाइड करे।
- 11:16इसके अलावा एनईडी के ऑथेंटिक फुल लेंथ
- 11:18पेपर्स हमने प्रोवाइड करे। ज़हन में रखिएगा
- 11:20मैराथॉन का फायदा सिर्फ उस वक्त होगा जब
- 11:22आपने प्रॉपर्ली कांसेप्ट्स को लिया हुआ
- 11:24है। अगर आपने हमारे कांसेप्ट्स को नहीं
- 11:25लिया हुआ। आपको पता ही नहीं है शॉर्टकट
- 11:27क्या है। मैं एग्जांपल देता हूं। भाई
- 11:28मैंने आप लोगों को एक क्वेश्चन पढ़ाया।
- 11:30मैंने आप लोगों को कोई कांसेप्ट दिया।
- 11:32मैंने आपको कोई तरीकेकार बताया। मैंने
- 11:34आपको कोई शॉर्टकट बताया। अब अगर आपको
- 11:36नॉर्मली उसका क्वेश्चन नहीं पता। आपको
- 11:38उसकी ट्रिक नहीं पता। आप कैसे सॉल्व
- 11:40करोगे? मैराथॉन के अंदर जो टीचर है उसको
- 11:42डायरेक्टली आपको ट्रिक बता देगा। या एक
- 11:43तरीकेकार समझा देगा। तो जब तक आप उस जैसे
- 11:46हजारों क्वेश्चंस को हमारे प्लेटफार्म पे
- 11:47प्रैक्टिस नहीं करोगे, एप्लीकेशन पे
- 11:49प्रैक्टिस नहीं करोगे, आप कैसे आगे
- 11:50बढ़ोगे? मेरे प्यारे बच्चों, एनएडी मेरा
- 11:52अपना घर है। एनएडी के अंदर हर साल जितने
- 11:54एडमिशनंस होते हैं ना मुझसे ज्यादा किसी
- 11:55के नहीं होते। जो इदारा आपसे कहता है ना
- 11:57कि उसके एनईडी में एडमिशंस हैं। उनको
- 11:58बोलिएगा सर हाशिश के साथ एक दफा एनएडी
- 12:00विजिट कर लें। कितने लोग उन्हें जानते
- 12:01होंगे और कितने लोग मुझे जानते होंगे वो
- 12:03खुद आपको पता चल जाएगा। एक एक बंदे थे वो
- 12:06बड़ा फक्र से बता रहे थे एनएडी के 2011 से
- 12:08लेके अब तक के पेपर्स डाल दिए गए हैं। तो
- 12:10मेरे भाई हमने 2004 5 6 7 8 9 10 11 12 13
- 12:1614 15 16 17 18 19 20 21 मेरे चैनल पे
- 12:20जाओगे मैंने आज से छ साल पहले डाल दिए थे
- 12:22और हमारे बैच के बच्चों को हम भी होम
- 12:23साथ-साथ करवा रहे होते हैं। तो भाई आपको
- 12:25सबसे बड़ा फायदा ही ये होता है कि भ मैं
- 12:26आपको लाइव क्लासेस के अंदर एक-एक चीज़ कवर
- 12:28अप करवा बताने का मकसद क्या है? एनईटी के
- 12:30अंदर कंपटीशन अब बहुत ज्यादा है। जब एनईटी
- 12:32में कंपटीशन बहुत ज्यादा है तो आपको दोनों
- 12:34राउंड्स को देना बेतहाशा कंपलसरी है। ये
- 12:36तमाम बच्चे जिनको आप यहां पर देख रहे हो
- 12:38ये आप जैसे घरों से बिलोंग करते हैं।
- 12:39इनमें से कई बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने
- 12:41दोनों राउंड्स को दिया। इनमें से कई बच्चे
- 12:43ऐसे हैं जिनका राउंड वन में 80ज में स्कोर
- 12:45था या 70ज में स्कोर था या 60 में स्कोर
- 12:47था और राउंड टू के अंदर इन्होंने इंप्रूव
- 12:49कर दिया। असना इफ्तखार का राउंड वन का
- 12:51स्कोर नहीं होगा यहां पे क्योंकि वो 90ज
- 12:52में नहीं थी राउंड वन में। मगर राउंड टू
- 12:54में वो मौजूद है। फॉर एग्जांपल अरीबा का
- 12:56राउंड वन का स्कोर आपको नहीं दिख रहा
- 12:57होगा। राउंड टू का दिख रहा हो। तो इसका
- 12:59मतलब क्या है? इसका मतलब ये है कि इस
- 13:01बच्ची ने राउंड टू में स्कोर को इंक्रीस
- 13:02किया। मैं अस्का को जानता हूं। अस्का
- 13:04माशा्लाह से सीएस के अंदर गई थी कंप्यूटर
- 13:05साइंस के अंदर। इसका राउंड वन का स्कोर
- 13:07शायद होगा वो 90ज के अंदर था और स्टिल
- 13:09इसने राउंड नंबर टू भी दिया था। तो भाई
- 13:11बताने का मकसद क्या है कि अगर आप दोनों
- 13:13राउंड्स को देते हो तो आपके चांसेस ऑफ़
- 13:15एडमिशन ज्यादा से ज्यादा होते हैं। हम
- 13:17आपकी इसी तरीके से तैयारी कवर अप करवाते
- 13:19हैं कि भाई हम आपसे कहते हैं कि देखो
- 13:20सिर्फ मैराथों्स कवर नहीं करनी। हम जो
- 13:22आपको क्रैश के ऊपर पढ़ा रहे हैं उसके अंदर
- 13:24आपको सारे एनईडी के ऑथेंटिक पास्ट पेपर्स,
- 13:26टॉपिकल वाइज पास्ट पेपर्स, चैप्टर वाइज
- 13:28टेस्ट एक-एक चीज कवर अप करवा रहे हैं।
- 13:30हमारा एक न्यू बैच अभी फोर्थ ऑफ़ जून से
- 13:32स्टार्ट हो रहा है जिसमें एनएडी राउंड
- 13:33नंबर वन, राउंड नंबर टू दोनों कवर अप
- 13:34होंगे। मगर अगर आप आज रजिस्ट्रेशन करवाते
- 13:36हो, आप कल से लाइव क्लासेस का हिस्सा बन
- 13:38सकते हो। आप ऑनगोइंग बैच का हिस्सा बन
- 13:40सकते हो। तो आपको सबसे बड़ा फायदा क्या
- 13:41मिलता है कि भाई आपको कंप्लीट कोर्स हम
- 13:43कवर अप करवाते हैं। भाई आपने सिर्फ
- 13:45मैराथों्स नहीं कवर करनी। मैराथॉन के
- 13:47साथ-साथ आपने कांसेप्ट्स को भी लेना है।
- 13:49आपने कंप्लीट कोर्स के टॉपिक्स को भी
- 13:50समझना है। ये बच्चे आप जैसे हैं। ये बच्चे
- 13:52आप जैसे घरों से बिलोंग करते हैं। तो भाई
- 13:54मेरी टीम ने ये एक स्पेशल सीरीज आप लोगों
- 13:56के लिए क्रिएट करी है। अच्छा एक और बड़ी
- 13:58मजे की चीज कि भाई अक्सर बच्चों का ये
- 14:00शिकवा होता है कि सर आप लोग कवर कैसे
- 14:02करवाते हैं? आप लोगों के इदारे से इतनी
- 14:04परसेंटेजेस कैसी आ जाती हैं? भाई लास्ट
- 14:06ईयर अगर हमारे पास से एनईडी के टेस्ट के
- 14:09अंदर 131 से ज्यादा बच्चों ने 90 या 90 के
- 14:12प्लस नंबर लिए तो लोगों का शिकवा होता है
- 14:14सर हम तो ₹7000 दे के पढ़ रहे थे। हमारे
- 14:17इदारे से तो इतने सारे बच्चों का 90 प्लस
- 14:18स्कोर नहीं आया। आप किसी भी बेकार इदारे
- 14:21में अगर बैठे हुए होगे ना मैं उनकी हरकतें
- 14:22भी आपको भी बता दूं क्या हरकतें आजकल
- 14:24हमारे खिलाफ कर रहे हैं। मगर आप किसी भी
- 14:26इदारे में अगर बैठे हुए हो तो भैया उनसे
- 14:28जरा जाके पूछ लीजिएगा एनईडी में कितने
- 14:30बच्चों का 90 प्लस स्कोर था 2025 के अंदर
- 14:32मुश्किल से 10 का भी नहीं होगा। चलो 2025
- 14:34को छोड़ दो। पाकिस्तान का सबसे डिफिकल्ट
- 14:36टेस्ट होता है इंजीनियरिंग में नस्ट का।
- 14:38जिस इदारे को शौक है ना कि भाई वो हमारे
- 14:40इदारे के जो है ना एनडी में यह पोजीशन थी
- 14:41वो पोजीशन थी। आप यकीन मानिए अभी नस्ट के
- 14:44नेट नंबर फोर के लिए अपना कोर्स बेच रहे
- 14:45थे। दो बच्चों का खाली 160 प्लस का स्कोर
- 14:47था। दो का भी नहीं था। और अभी नेट नंबर
- 14:49थ्री हो, नेट नंबर टू हो, नेट नंबर वन हो,
- 14:51अल्हम्दुलिल्लाह जितनी पोजीशन आई है, वो
- 14:53हमारे पास से आई। प्यारे बच्चों, ऐसा क्या
- 14:54हम पढ़ाते हैं? तो भाई, हम ऐसा आपको क्या
- 14:56पढ़ाते हैं? हम आपको अपनी एप्लीकेशन का
- 14:58एक्सेस देते हैं। आपको हमारी एप्लीकेशन के
- 15:00ऊपर लाइव क्लासेस मिलती हैं। आपको सबसे
- 15:02बड़ा फायदा हमारे बैजेस के अंदर क्या
- 15:04मिलता है कि मेरे प्यारे बच्चों एक पहली
- 15:06चीज जो हम आपको प्रोवाइड करते हैं सबसे
- 15:07पहले नंबर के ऊपर कि भाई हम आपको लाइव
- 15:10क्लासेस के ऊपर कंप्लीट कोर्स कवर करवाते
- 15:12हैं। आपको लाइव क्लासेस के ऊपर मल्टीपल
- 15:14एक्सपर्ट टीचर्स मिलते हैं। आप पाकिस्तान
- 15:16के किसी भी इदारे में बैठे हुए भी होगे।
- 15:18आपके साथ मजाक क्या होता है? ₹70,000 आपसे
- 15:20चार्ज किए जाते हैं। स्कॉलरशिप का
- 15:21स्कैमिंग टेस्ट होता है। उसके बाद 100%
- 15:23स्कॉलरशिप मिलती है। न्यू फीस आपकी
- 15:25₹60,000, ₹4,000 या ₹00 हो जाती है। और
- 15:27उसके बाद आपको एक टीचर पढ़ा रहा होता है।
- 15:29हम अपने बच्चे को हर बैच के अंदर मल्टीपल
- 15:31प्रोफेसर्स प्रोवाइड करते हैं। वही
- 15:33प्रोफेसर जब आप उस इदारे में पढ़ा रहा है।
- 15:34₹70,000 चार्ज किए जा रहे हैं। हमारे पास
- 15:36पढ़ा रहे हैं तो आपकी बहुत मिनिमम सी फीस
- 15:38होती है। अल्हम्दुलिल्लाह हमने उनको
- 15:38प्रॉपर हायर किया हुआ होता है। तो अब ये
- 15:40इदारे क्या करते हैं? उन टीचर को धमकियां
- 15:42दे रहे होते हैं। मेरे पास वॉइस नोट्स
- 15:43अवेलेबल हैं। सही है? खैर। तो लाइव
- 15:45क्लासेस के ऊपर आपका कंप्लीट कोर्स कवर
- 15:47होता है। उसके बाद आपको पर्टिकुलरली हर
- 15:49लाइव क्लास की रिकॉर्डिंग भी मिलती है। इन
- 15:50केस अगर कोई क्लास आपकी मिस हो गई आपको
- 15:52उसकी रिकॉर्डिंग भी मिलेगी। तो भाई हम
- 15:53आपको क्या कंटेंट देते हैं? अपने वालदैन
- 15:55को दिखाएं कि भाई आपकी प्रॉपर हमारी लाइव
- 15:57क्लासेस कंडक्ट कैसे होती हैं कि भाई अगर
- 15:59जो हमारा अभी न्यू बैच स्टार्ट हो रहा है
- 16:00फोर्थ ऑफ जून से उसके अंदर आपको हमारी
- 16:02डिटेल लेक्चर्स का एक्सेस भी मिलेगा और
- 16:04साथ-साथ हम आपको यहां पे कंप्लीट कोर्स भी
- 16:06कवर करवाएंगे। जैसे कि फॉर एग्जांपल एक
- 16:07टॉपिक है फिजिक्स का। लेट्स सपोज एक टॉपिक
- 16:09है फिजिक्स का। अब फिजिक्स के अंदर आप
- 16:11किसी भी दायरे से पढ़ रहे होंगे। वो आपको
- 16:12एक टीचर देंगे। हम आपको मल्टीपल टीचर्स
- 16:15देते हैं। हमारे डिटेल बैचेस के अंदर
- 16:16प्रोफेसर रोड विलफ ने पढ़ाया था। प्रोफेसर
- 16:18बिलाल जिया ने पढ़ाया था। और अभी हमारे
- 16:20क्रैश बैच में प्रोफेसर राशिद साहब पढ़ा
- 16:21रहे हैं जो कि अगेन एक बहुत बड़ा नाम है
- 16:23फिजिक्स का। तो भाई आपकी लाइव क्लासेस
- 16:24कैसे होती हैं? तो भाई अगर आप सिंपल तरीके
- 16:26से मैं एग्जांपल दिखाता हूं। मैं हीट एंड
- 16:28थर्मोडायनेमिक्स के ऊपर गया। आपको ये जो
- 16:30भी लाइव क्लास कंडक्ट होगी साथ में आपको
- 16:31उसकी प्रैक्टिस शीट भी प्रॉपर्ली मिल रही
- 16:33होती है। ये लाइव क्लासेस का एक्सेस आप
- 16:34सिर्फ हमारे एप्लीकेशन के जरिए कर सकते
- 16:36हो। तो आपकी लाइव क्लासेस कैसे कंडक्ट
- 16:38होती हैं उसका मैं आपको नमूना दिखा देता
- 16:39हूं। हमारी तमाम की तमाम जो लाइव क्लासेस
- 16:41कंडक्ट होती हैं व स्मार्ट बोर्ड के थ्रू
- 16:43कंडक्ट होती हैं। आपके सामने टीचर खड़ा
- 16:45होता है। आपकी आंखों के सामने वो मौजूद
- 16:46होता है। हमारी राइट हैंड साइड पे स्क्रीन
- 16:48होती है जहां पे आपके क्वेश्चन हमारे
- 16:49सामने आ रहे होते हैं। आपकी क्वेरीज हमारे
- 16:50सामने आ रही होती है। एंड सो ऑन। इसी
- 16:52तरीके से अगर मैं बैक साइड पे चला जाऊं तो
- 16:55भाई लाइव क्लास के अंदर जो भी टॉपिक आपको
- 16:57पढ़ाया जाता है, आपको उसकी प्रैक्टिस शीट
- 16:58प्रोवाइड की जाती है। उस क्लास के नोट्स
- 17:00आपको मिलते हैं। और हम अपने बच्चों के
- 17:02फीडबैक से बड़ा सीखते हैं। नर्स के नेट
- 17:04नंबर टू में कराची से हमारे बच्चे ने अभी
- 17:06हाईएस्ट स्कोर किया था। उसका नाम था
- 17:07मोहम्मद हसान खान। ए लेवल्स बैकग्राउंड का
- 17:09था। तो भाई हमारे पास ए लेवल्स बैकग्राउंड
- 17:11के बहुत बच्चे आते हैं। अल्हम्दुलिल्लाह।
- 17:12हम समझते हैं ए लेवल्स वाला कहां पे वीक
- 17:14है। उस बच्चे के ए लेवल्स के अंदर भी खैर
- 17:15आठ के करीब ए स्टार्स थे। उस बच्चे ने
- 17:17फीडबैक दिया था। सर मुझे आप लोगों की सबसे
- 17:19अच्छी बात ये लगती है जो लाइव क्लास
- 17:21कंडक्ट होती है उसके नोट्स भी आप लोग हमें
- 17:22देते हैं। तो अगर मेरे पास टाइम की
- 17:24शॉर्टेज हो तो मैं उन नोट्स को पहले गो
- 17:25थ्रू कर लेता हूं कि भाई कोई ऐसा टॉपिक तो
- 17:27नहीं है जो मुझे ना आता हो ताकि मैं फिर
- 17:29लाइव क्लास को या उस क्लास की रिकॉर्डिंग
- 17:30को मैं देख लूं अगर मुझे देखनी है। इसके
- 17:32अलावा आपको सबसे बड़ा फायदा जो हमारे
- 17:34बैजेस के अंदर मिलता है जो मैं समझता हूं
- 17:36वो कोई भी नहीं प्रोवाइड कर रहा ताकि
- 17:38दूसरे लोग भी देख सकें। वो आपको डाउट
- 17:39क्लासेस का फीचर भी मिलता है कि भाई आपकी
- 17:41हर वीक हर सब्जेक्ट की लाइव डाउट क्लास
- 17:43कंडक्ट होती है। लाइव डाउट क्लास का मतलब
- 17:45ये होता है कि भाई इन केस अगर आपका आपको
- 17:48लाइव क्लासेस के अंदर दो-दो प्रोफेसर्स
- 17:50पढ़ा रहे हैं। अपना कोर्स कवर करवा रहे
- 17:51हैं। हर टीचर आपको अपना इटसेल्फ प्रैक्टिस
- 17:53मटेरियल देगा विद वीडियो सॉल्यूशन। यानी
- 17:56कि देखो प्रोफेसर रोनाल्ड विल्फर्ड का।
- 17:58प्रोफेसर रोनाल्ड विल्फर्ड का प्रैक्टिस
- 17:59मटेरियल अधा है विद वीडियो सॉल्यूशन। विद
- 18:02वीडियो सॉल्यूशन। हर सब्जेक्ट के अंदर यही
- 18:04होगा। मैं एक सब्जेक्ट आपको खाली दिखा रहा
- 18:05हूं। प्रोफेसर रोनाल्ड का वीडियो
- 18:07प्रैक्टिस शीट विद वीडियो सॉल्यूशन अधा
- 18:08है। इसके अलावा आपके पास सर बिलाल जिया का
- 18:11प्रैक्टिस मटेरियल विद वीडियो सशन अदा
- 18:13होगा। प्रोफेसर रोनाल्ड है कौन मैं वो भी
- 18:14दिखा देता हूं आपको। एक उनका टॉपिक आपको
- 18:16दिखाता हूं। पाकिस्तान का एक बहुत बड़ा
- 18:18नाम अल्हम्दुलिल्लाह आपको हमारे
- 18:19प्लेटफार्म के ऊपर दिखता है। तो भाई सिंपल
- 18:21तरीके से प्रोफेसर रोनाल्ड विल्फर्ड आपको
- 18:23दिख जाएंगे पढ़ाते हुए। ही इज़ अ लेजेंड ऑफ़
- 18:25फिजिक्स। बहुत सीनियर प्रोफेसर हमारे
- 18:27उस्तादों के उस्ताद हैं भैया। बहुत
- 18:28खूबसूरत आदमी हैं। तो भाई प्रोफेसर
- 18:30रोनाल्ड विल्फर्ड आपको इस तरीके से आपकी
- 18:32कंप्लीट तैयारी करवा रहे होंगे। और हमें
- 18:33इसका बड़ा पॉजिटिव फीडबैक भी मिला।
- 18:34अल्हम्दुलिल्लाह पंजाब के बच्चों ने बहुत
- 18:36पसंद किया। केपीके के बच्चों ने बहुत पसंद
- 18:37किया। सिंध के बच्चों ने बड़ा पसंद किया।
- 18:39ही इज़ अ वेरी सीनियर प्रोफेसर जो दारे का
- 18:41हिस्सा रहे। इसके अलावा भैया जो भी आपको
- 18:43टीचर क्लास में टॉपिक पढ़ाएगा, अपनी
- 18:44प्रैक्टिस शीट भी प्रोवाइड करेगा और साथ
- 18:46में उसका वीडियो सॉल्यूशन भी आपको मिल रहा
- 18:47होगा। तो जो भी टॉपिक आपको क्लास में
- 18:49पढ़ाया जाएगा उसका प्रैक्टिस मटेरियल विद
- 18:51वीडियो सॉल्यूशन आपको मिलेगा। हर टीचर का
- 18:53अपना टॉपिक होगा। हर टीचर का अपना
- 18:54प्रैक्टिस मटेरियल होगा। विद वीडियो
- 18:56सॉल्यूशन। तो आपको थाउजेंड्स ऑफ एमसीक्यूस
- 18:58वीडियो सॉल्यूशन मिल रहे होते हैं। आपको
- 19:00थाउजेंड्स ऑफ एमसीक्यूस वीडियो सशन मिलते
- 19:01हैं। चाहूं के बादशाह आदमी भाई मेरे भी जो
- 19:03उस्ताद रहे मेरे उस्तादों के उस्ताद रहे
- 19:06मुझे बड़ा फक्र है कि यार जाहिर सी बात है
- 19:08जब मैं मैनेजमेंट साइट के ऊपर हूं तो मैं
- 19:10बहुत सारे टीचर्स से मिलना मिलाना तभी मैं
- 19:12अपनी इतनी एफर्ट्स टीचर्स को करने के लिए
- 19:14इस पूरे सिस्टम को रन करने के लिए करनी
- 19:15पड़ती है। तो मेरे जो उस्तादों के उस्ताद
- 19:17हैं एचओटी मैथमेटिक्स में खुद नहीं बना
- 19:19अपने अपने इदारे के अंदर। मैंने एक बहुत
- 19:21सीनियर प्रोफेसर को बनाया जो मुझे लगता था
- 19:23सबसे काबिल है और उससे भी ज्यादा काबिल
- 19:24हैं। प्रोफेसर आफताब साहब आप उनको बड़ा
- 19:26पसंद फरमाते हैं और इन्होंने इस साल मेरे
- 19:28साथ तमाम बैजेस के अंदर पढ़ाया। तो एक
- 19:30साइड से मैं दो क्लासेस लेता था। एक साइड
- 19:32से सरफ साहब छह क्लासेस लेते थे। तो
- 19:33इन्होंने बहुत पढ़ाया। इसके अलावा
- 19:35प्रोफेसर फयाज़ साहब हो, प्रोफेसर अवैस
- 19:38साहब हो, प्रोफेसर बिलाल साहब हो,
- 19:40प्रोफेसर प्रोफेसर फैजान साहब हो। ये तमाम
- 19:44असदजा बैक साइट के ऊपर अवेलेबल होते थे
- 19:45प्रैक्टिस मटेरियल को क्रिएट करने के
- 19:47अंदर। आप लोगों की एफर्ट्स को करने के
- 19:48लिए। तो मेरे प्यारे बच्चों जैसे कि मैं
- 19:49आपको कोई भी टॉपिक दिखा दूं। प्रोफेसर
- 19:51आफताब कैसे पढ़ाते थे तो आप लोग इनको बड़ा
- 19:53पसंद फरमाते हैं और आप लोगों को भी क्रैश
- 19:55बैच के अंदर ही प्रोफेसर आफताब पढ़ा रहे
- 19:57हैं और आप लोगों को जो 4 जून से क्रैश बैच
- 19:59स्टार्ट होगा उसमें भी पढ़ाएंगे। अभी रात
- 20:00के 2:00 बजे इनफैक्ट रात के 2:00 बजे अभी
- 20:02मैं सर के साथ बैठा हुआ था बाहर टेरेस के
- 20:05ऊपर ही। सर की स्मोकिंग की आदत है। तो मैं
- 20:08भी जरा उनके साथ था। तो ही इज़ अ वैरी नाइस
- 20:10गाए। बहुत दिल के अच्छे और मुझे अपने वो
- 20:12जिंदगी के कुछ बातें बता रहे थे। तो अभी
- 20:14मेरे साथ बैठे हुए थे। अभी नस की
- 20:15रिकॉर्डिंग कर रहे जब आप ये वीडियो देख
- 20:17रहे होंगे उसके बाद वो वीडियो आएगी
- 20:18इंशाल्लाह ताला तो आपको ये प्रोफेसर भी
- 20:20मिलते हैं। तो पाकिस्तान के जितने बेहतरीन
- 20:22असतजा हैं हम आपको वो प्रोवाइड कर रहे
- 20:24हैं। अपनी तरफ से हम बेस्ट कोशिश कर रहे
- 20:25हैं कि आपको बेस्ट से बेस्ट फैसिलिटीज़
- 20:27प्रोवाइड कर सकें। हम जो कंटेंट आपको पढ़ा
- 20:29रहे हैं ना मैं आपको चैलेंज कर सकता हूं।
- 20:31आप पूरे पाकिस्तान के अंदर आप खुद अगर
- 20:33किसी दूसरे इदारे में बैठे हुए हैं या
- 20:34आपका कोई दोस्त किसी और इदारे में बैठा
- 20:36हुआ है। मैं कोई नाराजगी का इज़हार नहीं कर
- 20:38रहा। आप सिंपल जो है ना नोटबुक उठाइएगा।
- 20:40अपनी कॉपी उठाइएगा। जो आपको क्लास के अंदर
- 20:42कंटेंट पढ़ाया गया है, क्लास में टॉपिक
- 20:43पढ़ाया गया है और हमने जो आपको क्लास में
- 20:45टॉपिक पढ़ाया ना, उन दोनों को मैच कर
- 20:46लीजिएगा। बेटा, कोई तो वजह है ना कि हमारी
- 20:48नस के अंदर इस साल सारी पोजीशंस हैं। नस
- 20:50जो पाकिस्तान का सब मेरा एनएडी के अंदर
- 20:52मेरे 131 से ज्यादा 90 प्लस मार्क्स वाले
- 20:54बच्चे जरूर होंगे। एनडीटी में हजारों
- 20:55बच्चे मेरे शागिदर् बैठे होंगे। एनईटी के
- 20:57तुम किसी भी डिपार्टमेंट में जाओगे ना,
- 20:58किसी लैब वाले से भी पूछोगे ना बच्चा कहां
- 21:00से तैयारी करके आते हो? मेरा नाम लेगा।
- 21:02मगर फिर भी जो एनईटी का लेवल और जो नस का
- 21:04लेवल है उसमें डिफरेंस है। नस का टेस्ट
- 21:06सबसे डिफिकल्ट होता है। इस साल के जितने
- 21:07नस के एडमिशन हुए हैं वो सारे हमारे पास
- 21:09होंगे। अल्हम्दुलिल्लाह अभी तक 819 से
- 21:11ज्यादा हमारे बच्चों ने नस में एडमिशन
- 21:12हासिल कर ली है। हमने इसके स्टैट्स वगैरह
- 21:14डाले थे आपको दिख भी गए होंगे। आपने जरूर
- 21:15देखे होंगे वो स्टैट्स वगैरह हमारे कि
- 21:17आपको वो देखे भी होंगे। अगर आप सिंपल
- 21:19तरीके से यहां पे जाओगे ना पोस्ट के
- 21:20सेक्शन में अभी तक हमारे 819 से ज्यादा
- 21:23बच्चों का नस के अंदर एडमिशन हो चुका है।
- 21:24819 से ज्यादा अल्हम्दुलिल्लाहजल और सिर्फ
- 21:27ये नस के नेट नंबर थ्री के टॉपर्स हैं
- 21:29हमारे। नस का टेस्ट एनईटी से कई गुना
- 21:31डिफिकल्ट होता है। भाई एनएटी की अगर
- 21:32तैयारी करी हुई है ना तो नस का टेस्ट बैठ
- 21:34भी नहीं सकते। अगर आपने जिस इदारे ₹10,000
- 21:36दिए ना आपको हो सकता है मेरी बात चुभे। हो
- 21:38सकता है आपको मेरी बात बुरी लगे बट मैं
- 21:40आपको चैलेंज कर सकता हूं। आपने एनएडी की
- 21:41तैयारी करी है ना किसी इदारे से ₹70,000
- 21:43देके आप उसी तैयारी के बलबूते पे नस का
- 21:45नेट नंबर फोर जो कराची में होगा ना जरा
- 21:47जाके देखिएगा अगर आप टेस्ट भी क्लियर कर
- 21:49लो फिर मुझे बताइएगा 140 प्लस का स्कोर भी
- 21:51कर लो क्योंकि नस का टेस्ट आहिस्ता
- 21:52आहिस्ता हस्ते से ज्यादा डिफिकल्ट होता जा
- 21:53रहा है तो ये हमारे सिर्फ नर्स के नेट फोर
- 21:55के टॉपर हैं सिर्फ नर्स के नेट फोर के
- 21:57सिर्फ नर्स के नेट फोर के
- 21:58अल्हम्दुलिल्लाहजल ये सिर्फ हमारे नस के
- 22:01नेट नंबर फोर के टॉपर्स आ रहे हैं मेरे
- 22:02प्यारे बच्चों ये सिर्फ वो स्टूडेंट हैं
- 22:04जिन्होंने नर्स का भी नेट नंबर थ्री दिया
- 22:06है नस के सिर्फ नेट नंबर थ्री के हमारे
- 22:08अचीवर्स हैं नर्स के नेट नंबर टू के और
- 22:10नेट नंबर वन के हमारे हाई अचीवर्स ऑलरेडी
- 22:12मेंशन होंगे वो इसके अलावा हैं। मोर देन
- 22:1477 स्टूडेंट से ज्यादा बच्चों ने 140 प्लस
- 22:18का स्कोर किया है। ये ये हाईएस्ट वर्ल्ड
- 22:20रिकॉर्ड है भैया। ये हाईएस्ट रिकॉर्ड है।
- 22:21अल्हम्दुलिल्लाह। इतने बच्चे नस्ट के जो
- 22:23किसी इदारे के अंदर बैठे भी नहीं होंगे
- 22:24भाई। जितने हमारे पास है इन्होंने 140
- 22:26प्लस का सिर्फ स्कोर किया है। तो दैट्स द
- 22:28रीज़न कि देखो आपको सबसे बड़ा फीचर ही क्या
- 22:30मिलता है कि भाई जो भी टीचर लाइव क्लास
- 22:32में टॉपिक कवर करवाएगा ना, आपको उसकी
- 22:34प्रैक्टिस शीट भी मिलेगी और साथ में उस
- 22:35प्रैक्टिस शीट का वीडियो सलूशन भी मिलेगा।
- 22:37यानी कि आपको थाउजेंड्स ऑफ एमसीक्यूस
- 22:39वीडियो सॉल्यूशन मिल रहे होते हैं। इसके
- 22:41अलावा आपके पास केमिस्ट्री है, कंप्यूटर
- 22:43है तो भ आपको हर सब्जेक्ट के अंदर यही
- 22:45पैटर्न फॉलो होगा। हमारे पास से हर
- 22:47सब्जेक्ट के अंदर आपको यही पैटर्न मिल रहा
- 22:49होगा। तो आपको जब एप्लीकेशन का एक्सेस
- 22:51मिलता है तो उस एप्लीकेशन के एक्सेस के
- 22:53ऊपर आपको हम लोग तमाम चीजें प्रोवाइड करते
- 22:55हैं। जैसे कि केमिस्ट्री है। केमिस्ट्री
- 22:56में मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। प्रोफेसर
- 22:58साद वकार हो गए या प्रोफेसर शरियार हो गए।
- 23:01सेम पैटर्न आपको यहां पे भी मिलेगा। तो
- 23:03भाई मैं अक्सर देखता हूं कुछ इदारे होते
- 23:04हैं। कई इदारे होते हैं। मैं किसी का नाम
- 23:06तो नहीं लूंगा। तो भाई कई दायरे ऐसे होते
- 23:08हैं जो आपको सिर्फ रिकॉर्डेड क्लासेस का
- 23:09कोर्स ₹40 में बेच रहे होते हैं। और जब
- 23:11पेपर करीब आ जाता है तो नंबर ऑफ सेल्स को
- 23:13इंक्रीस करने के लिए ₹5,000 के ऊपर
- 23:14₹10,000 पे ले जाते हैं। तो भाई हम आपको
- 23:16कंप्लीट कोर्स की रिकॉर्डिंग तो वैसे ही
- 23:17दे रहे हैं। वो तो फ्री में दे रहे होते
- 23:18हैं अपने बच्चों को कि भाई आपको में से जो
- 23:20बच्चे भी हमें ज्वाइन करते हैं आपके पास
- 23:22हमारे लास्ट ईयर के कंप्लीट कोर्स की
- 23:24रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। इस साल की हमारे
- 23:26जो डिटेल बैजेस थे उनके कोर्स की
- 23:28रिकॉर्डिंग भी अवेलेबल है। मगर आप हमारे
- 23:29पास रिकॉर्डिंग लेने के लिए नहीं आ रहे।
- 23:31आप हमारे पास कांसेप्ट्स के लिए आ रहे हो।
- 23:32आप हमारे पास लाइव क्लासेस के लिए आ रहे
- 23:34हो। तो आपको सबसे बड़ा फायदा क्या है कि
- 23:35भाई आप कंप्लीट लाइव क्लासेस के ऊपर आपका
- 23:37कोर्स कवर अप होगा। तो आपको वैसे कोर्स की
- 23:39रिकॉर्डिंग तो हमारे पास जो इस साल के
- 23:41हमारे डिटेल बैचज़ थे उनका एक्सेस भी
- 23:42अवेलेबल है। प्रोफेसर शरियार हो गए। मेरे
- 23:44बड़े अच्छे दोस्त हैं और बहुत आप लोग पसंद
- 23:46करते हो इस प्रोफेसर को भी। तो भाई आपने
- 23:48इनकी लाइव क्लासेस भी देखनी हो। तो हमारे
- 23:50तमाम के तमाम टीचर्स की जो क्लासेस होती
- 23:52हैं वो स्मार्ट बोर्ड के थ्रू कंडक्ट होती
- 23:54हैं। तो आपके सामने टीचर अवेलेबल होता है।
- 23:55आप उससे अपना क्वेश्चन पूछ सकते हो। अपनी
- 23:57क्वेरीज़ को पूछ सकते हो। सेम गोज़ फॉर दी
- 23:58कंप्यूटर साइंस, सेम गोज़ फॉर दी इंग्लिश,
- 24:00सेम गोज़ फॉर दी एमडीकड साइड एंड सो ऑन। तो
- 24:03बताने का मकसद क्या है कि भाई हम आपको हर
- 24:04सब्जेक्ट के अंदर पाकिस्तान की बेस्ट
- 24:06टीचर्स की टीम प्रोवाइड करते हैं। मैं ये
- 24:08सारी बातें क्यों बता रहा हूं? मैं उसके
- 24:09पीछे आ रहा हूं। उसके पीछे एक रीज़न है। एक
- 24:11इदारे की तरफ से मैं बात करूंगा। मगर उससे
- 24:13पहले सेम गोज़ फॉर द इंग्लिश। अच्छा जो
- 24:15बच्चे हमारे पास टेस्टिंग के लिए आते हैं
- 24:17तो भाई आपको हम टेस्टिंग सिस्टम अपना बहुत
- 24:19बेहतरीन देते हैं। हमें जरूरत नहीं पड़ती
- 24:21कि हम पूरा साल ₹80,000 के ऊपर अपना
- 24:22पोर्टल बेचे और जब टेस्ट करीब आ जाए तो
- 24:24नंबर ऑफ़ सेल्स को इंक्रीज़ करने के लिए
- 24:26₹4,000 का पोर्टल भेजें। नहीं हमारी तमाम
- 24:28चीजें आपको हमारे बैजेस के अंदर जो मिलती
- 24:29हैं वो बेहतरीन टॉप क्लास क्या होती हैं?
- 24:31कि देखो जब आप एग्जामिनेशन डिपार्टमेंट
- 24:33204-25 में जाओगे तो आपको यहां पे तमाम
- 24:36चैप्टर सब्जेक्ट्स के चैप्टर वाइज कंप्लीट
- 24:38टेस्ट मिल जाते हैं। आपको हर सब्जेक्ट के
- 24:39क्या मिल जाएंगे? चैप्टर वाइज टेस्ट विद
- 24:41वीडियो सॉलशंस। तो आपको यहां पे हर
- 24:42सब्जेक्ट के चैप्टर वाइज टेस्ट प्रॉपर मिल
- 24:44जाएंगे। इसके अलावा सबसे बड़ा फायदा जो हम
- 24:47आपको देते हैं कि भाई चैप्टर वाइज टेस्ट
- 24:49विद सॉलशंस अदा हैं। टॉपिक वाइज़ टेस्ट
- 24:51हमारे अधा हैं। हर सब्जेक्ट के अंदर आपको
- 24:53एक और सबसे बड़ा फायदा क्या मिलता है कि
- 24:55अगर आप ईकैट एग्जामिनेशन डिपार्टमेंट 25
- 24:5726 में जाओगे तो यहां पे देखो आपको हर
- 25:00सब्जेक्ट के वीकली टेस्ट भी मिल जाएंगे।
- 25:02वीकली टेस्ट का मतलब क्या है कि भैया आपको
- 25:04टॉपिक वाइज टेस्ट टॉपिक वाइज टेस्ट विद
- 25:06वीडियो सॉल्यूशन वो भी आपके लिए अवेलेबल
- 25:08होगा। पहले आप सिलेबस देख सकते हो कि भ इस
- 25:10टेस्ट के अंदर कौन से टॉपिक्स पूछे हुए
- 25:11हैं, कहां चीजें आ रही हैं। तो हर चैप्टर
- 25:13के आपको डिफरेंट टॉपिक वाइज़ टेस्ट भी सारे
- 25:15मिल जाएंगे। इसके अलावा आपको बहुत बड़ा
- 25:16प्रैक्टिस ज़ोन मिलता है एफएलपीस का जिसको
- 25:18हम फुल लेंथ पेपर्स कहते हैं। तो हमने
- 25:20थाउजेंड्स ऑफ एमसीक्यूस वीडियो सॉलशंस के
- 25:22तौर के ऊपर आपके लिए शेयर अप किए। जैसे कि
- 25:24भाई जो बच्चे आपके पास इंजीनियरिंग साइट
- 25:26पे अप्लाई कर रहे हैं तो मैं आपको सिंपल
- 25:28सी बात बताता हूं। भाई वो तमाम बच्चे जो
- 25:30इंजीनियरिंग साइट पर अप्लाई कर रहे हैं।
- 25:32भाई पाकिस्तान में सबसे डिफिकल्ट तरीन
- 25:33टेस्ट क्या होता है? नस का होता है ना।
- 25:34हमारे बच्चों ने सबसे ज्यादा कामयाबी
- 25:36हासिल करी उसमें। तो आपको 100्स एफएलपीस
- 25:38हम प्रोवाइड कर रहे होते हैं। 100्स ऑफ़
- 25:40एफएफलपीस। प्रीमियम एफएलपीस हमारे अधा
- 25:42हैं। इसके अलावा हमारे प्रीमियम टेस्ट
- 25:43पैक्स अधा चल रहे होते हैं जो एग्जैक्टली
- 25:45ऑथेंटिक पास्ट पेपर्स के ऊपर होते हैं। तो
- 25:47आपको हर सब्जेक्ट के अंदर यही फैसिलिटीज़
- 25:49मिलती हैं। और इन तमाम की जो बड़ी मिनिमल
- 25:51सी कीमत होती है। आपको हमारे बैजेस के
- 25:53अंदर ये तमाम फैसिलिटीज़ मिलती हैं। तो
- 25:55भाई, हम आपको क्या-क्या चीजें प्रोवाइड कर
- 25:56रहे हैं? हम आपको यहां पे सिंपल तरीके से
- 25:58दो बातें बताते हैं कि भैया हम जो आपको
- 26:00क्वालिटी दे रहे हैं ना हम आपको गारंटी दे
- 26:02सकते हैं। आप पूरे पाकिस्तान में कहीं भी
- 26:04विजिट करते हो और आप हमारी क्लासेस के
- 26:06अंदर जो आपको टॉपिक्स पढ़ाए जाते हैं जो
- 26:08कंटेंट पढ़ाया जाता है थ्रूउ पाकिस्तान
- 26:10में किसी भी इदारे के पास आप पढ़ रहे हो
- 26:11या आपका कोई दोस्त पढ़ रहा है ना आप सिर्फ
- 26:13जाके उन कॉपीज को मैच कर लीजिएगा। आपको
- 26:15हमारी क्वालिटी में और उस क्वालिटी में
- 26:17जमीन आसमान का डिफरेंस दिख जाएगा। आपको
- 26:18समझ में आ जाएगा क्या रीज़न है हमारे पास
- 26:20नस की सारी पोजीशंस हैं। क्या रीज़न है
- 26:22हमारे पास एनएडी की पोजीशंस हैं? फ़स्ट की
- 26:23है, जीआईआई की है, यूईटी की है, मैरान की
- 26:25है, कॉमसेट्स की है, आईबी की हैं। एमडीकैट
- 26:27की फर्स्ट पोजीशन है। क्यों? रीज़न आपको
- 26:29समझ में आ जाएगा। तो आपको लाइव क्लासेस भी
- 26:31मिलती हैं। आपको लाइव क्लासेस के अंदर जो
- 26:33टॉपिक पढ़ाया जाता है, उसकी रिकॉर्डिंग भी
- 26:34मिलती है। आपको कंप्लीट क्लास के नोट्स भी
- 26:36प्रोवाइड किए जाते हैं। इन केस आपकी कोई
- 26:38क्लास मिस हो जाए, आपको उसकी रिकॉर्डिंग
- 26:39भी मिलती है। आपको कंप्लीट कोर्स की
- 26:41रिकॉर्डिंग भी मिलती है। अलग से कुछ नहीं
- 26:42खरीदना होता। इसके अलावा आपको प्रैक्टिस
- 26:44पेपर्स, प्रैक्टिस सेशंस अदा से मिलते
- 26:46हैं। आपको हम लोग चैप्टर वाइज टेस्ट आपके
- 26:48अदा कंडक्ट होते हैं। आपके चैप्टर वाइज
- 26:51टेस्ट अधा कंडक्ट होते हैं विद वीडियो
- 26:52सॉल्यूशन। आपके टॉपिक वाइज टेस्ट आपको अधा
- 26:55मिलते हैं। इसके अलावा आपको सबसे बढ़कर जो
- 26:57सबसे बड़ा फायदा होता है, चैप्टर वाइज
- 26:59टेस्ट अदा होते हैं। टॉपिक वाइज टेस्ट अधा
- 27:00होते हैं। आपको फुल लेंथ पेपर्स अधा मिलते
- 27:02हैं। इसके अलावा सबसे बढ़कर आपके पास
- 27:04एकेडमिक काउंसलर की सपोर्ट अवेलेबल होती
- 27:06है। जिनके ऊपर आप जो आपको एकेडमिक काउंसलर
- 27:08प्रोफेसर हंसला बुखारी हमारे इदारे के
- 27:10कोऑर्डिनेटर हैं। एकेडमिक काउंसलर ही इज़ अ
- 27:11वेरी जेन्युइन गाय। आपके लिए वो हमने वो
- 27:14ऑल फिजिक्स के बड़े मशहूर एक इदारे के
- 27:16टीचर थे और हमने उनको सिर्फ अपने इदारे के
- 27:18अंदर एज अ एकेडमिक काउंसलर लेकर आए जिसको
- 27:20आप बड़ा पसंद करते हैं। आपकी बैजेस के
- 27:22हवाले से आपकी यूनिवर्सिटीज के हवाले से
- 27:23कोई भी क्वेरीज होती है आप एकेडमिक
- 27:25काउंसलर प्रोफेसर हजला बुखारी से पूछ सकती
- 27:26हैं। उनकी पूरी टीम आपको गाइड कर रही होती
- 27:28है। प्रोफेसर जीशान कामी साहब की पूरी टीम
- 27:30आपको गाइड कर रही होती है इदारे के अंदर।
- 27:32तो आपको मल्टीपल फैसिलिटीज़ मिलती हैं।
- 27:33इसके अलावा सबसे बड़ा फीचर आपको बैजेस में
- 27:35मिलता है सब्जेक्ट डाउट का। आपका कोई भी
- 27:37डाउट है, कोई भी क्वेरी है, आप सब्जेक्ट
- 27:39वाइज़ डाउट यहां पे पूछ सकते हो। ये हमारे
- 27:40सिर्फ चार-चार घंटे के अंदर ये 101 डाउट्स
- 27:42आ रहे होते हैं। अल्हम्दुलिल्लाह।
- 27:43अल्हम्दुलिल्लाहजल हमारी एक बहुत बड़ी टीम
- 27:45इसको बैठ के रिॉल्व करने में लगी हुई होती
- 27:47है। बच्चों के डाउट्स को। यूनिवर्सिटी
- 27:48रिगार्डिंग गाइडेंस है, चीजें हैं, नोटिस
- 27:50बोर्ड है, इन हाउस आपको चैट का फीचर मिलती
- 27:52है, चीजें मिलती हैं। तो ये तमाम फीचर्स
- 27:54आपको बैजेस में मिलते हैं। तो ये जो
- 27:56लेक्चर सीरीज हम आपके लिए लेकर आ रहे हैं।
- 27:57दिस इज़ जस्ट द चेरी ऑन द टॉप। ये
- 27:59मैराथों्स जो हैं हम अपने बैच के बच्चों
- 28:01को कंप्लीटली देते हैं। सेकंडली आप
- 28:03मैराथों्स के लिए हमारे पास नहीं हो। आप
- 28:05हमारे पास कंप्लीट कोर्स कवर करने के लिए।
- 28:06आप हमारे पास ऑथेंटिक पास्ट पेपर्स कवर
- 28:08करने के लिए हो। आप हमारे पास कंप्लीट
- 28:10लाइव क्लासेस के लिए हो जिसमें हम आपको
- 28:11क्वालिटी कंटेंट दे रहे हैं। जैसे हम आपको
- 28:13यूनिवर्सिटी की तैयारी कवर करवा रहे हैं।
- 28:14मैराथों्स में 200, 300, 400, 500, 600
- 28:17क्वेश्चन भी होंगे। मगर याद रखिएगा
- 28:19कांसेप्ट का आना बहुत जरूरी है। मैराथॉन
- 28:21बाद में आती है। पहले कांसेप्ट आता है।
- 28:23मेरे प्यारे बच्चों मैं बार-बार आप लोगों
- 28:25को खाली एक चीज बताता हूं कि देखो बेटा
- 28:28मैराथॉन से ज्यादा इंपॉर्टेंट क्या है?
- 28:29सबसे पहली चीज ये है कि आपके पास कंप्लीट
- 28:31कांसेप्ट अवेलेबल हो। आप या आप यकीन
- 28:34मानिएगा वो तमाम स्टूडेंट जो मेरी इस
- 28:36वीडियो को देख रहे होंगे ना इस मैराथन को
- 28:37देख रहे होंगे। मेरी कोई भी मैराथॉन देख
- 28:39रहे होंगे। आप में से जितने बच्चे बैच के
- 28:41स्टूडेंट हैं या आपका कोई दोस्त अगर जानने
- 28:42वाला होगा ना उसको बोलिएगा अगर आप एनईटी
- 28:45की तैयारी कर रहे हो उस मैराथन को देख के
- 28:46और वो बैठ के हंसेगा। वो बोलेगा सर ये
- 28:49क्या क्वेश्चन है? हमने तो इससे कहीं
- 28:51ज्यादा डिफिकल्ट क्वेश्चन आपने हमें कवर
- 28:53करवाए थे। तो याद रखिएगा भाई आपको लाइव
- 28:56क्लासेस को लेना कंपलसरी है। लाइव क्लासेस
- 28:58जब आप लेते हो तो आपके लिए ये मैराथों
- 29:00सेकेंडरी हो जाती है। प्राइमरी फंक्शन
- 29:02नहीं रहता। प्राइमरी फंक्शन हमारा क्या
- 29:05था? प्राइमरी फंक्शन हमारा ये था कि भाई
- 29:07हम लाइव क्लासेस में कोर्स को कवर अप करें
- 29:08जो कि हम कवर कर रहे हैं और आपको अभी
- 29:10मल्टीपल टाइम्स दोबारा कवर करवाएंगे एनएटी
- 29:12राउंड वन के लिए भी और राउंड टू के लिए
- 29:14भी। तभी हम लोग फोर्थ जून से आपका एक और
- 29:16दफा कोर्स स्टार्ट कर रहे हैं जिसको तमाम
- 29:18बच्चे ज्वाइन करेंगे अभी फोर्थ ऑफ जून से।
- 29:20जो बच्चे अभी से आज से जॉइ करना चाहते हैं
- 29:22आप आज से भी ज्वाइन कर सकते हैं ताकि आप
- 29:24फर्स्ट क्लास से ज्वाइन हो जाए और आप
- 29:26फोर्थ जून से पहले आपको कोर्स का एक्सेस
- 29:28मिल जाए और आप अभी जो हमारी ऑनगोइंग
- 29:30क्लासेस हैं उसका हिस्सा बन जाए। मगर याद
- 29:32रखिएगा जब आपने लाइव क्लासेस ली हुई है ना
- 29:34तो आपके लिए मैराथन मजाक है क्योंकि हमने
- 29:37इससे कई गुना डिफिकल्ट क्वेश्चंस करे हुए
- 29:39हैं। आपको मैं गारंटी देता हूं। आपका कोई
- 29:41फ्रेंड होगा ना जो किसी दूसरे इदारे में
- 29:43एनईडी की तैयारी कर रहा होगा। नर्स की
- 29:44तैयारी कर रहा होगा। वो अपनी तैयारी के
- 29:46बेसिस पे नर्स का टेस्ट भी क्लियर नहीं कर
- 29:47सकता। जबकि हमारी तैयारी के बेसिस पे वो
- 29:49एनडी में भी टॉप करेगा नर्स के ऊपर भी टॉप
- 29:51करेगा। क्योंकि हमने जो आपको कंटेंट पढ़ाया
- 29:53हुआ है ना उसको देख के आपको मैराथॉन के
- 29:55क्वेश्चन लिटरली मज़ाक लगेंगे। ये मेरी
- 29:57आपको गारंटी है। मेरी इस बात को मैं
- 29:59बार-बार अपनी वीडियो में डालूंगा। बीच-बीच
- 30:00में डालूंगा ताकि तुम लोग बैठ के सोच सको
- 30:02कि समझ सको कि हमने जो तुम्हें कंटेंट
- 30:04पढ़ाया है वो किस लेवल का पढ़ाया है।
- 30:05तुम्हें वो बात समझ में आएगी और तुम्हें
- 30:07लगेगा कि यार ये क्वेश्चन कैसे हैं? सर ये
- 30:09तो बहुत ही हम मजाक से ईजीली कर सकते हैं
- 30:11क्योंकि हमने आपको मल्टीपल टाइम्स ना
- 30:14सिर्फ कोर्स कवर करवाया बल्कि आपको तमाम
- 30:16यूनिवर्सिटीज के लिए प्रिपेयर किया
- 30:17अल्हम्दुलिल्लाह। तो अगर आपका कोई फ्रेंड
- 30:18है कोई जॉइ करना चाहता है उसको बताइएगा कि
- 30:21सर हाशिम का एक न्यू बैच फोर्थ ऑफ़ जून से
- 30:23स्टार्ट हो रहा है और अगर आप 23 मई को आज
- 30:25रजिस्ट्रेशन करवाते हो तो भाई सिंपल तरीके
- 30:27से तरीकेकार क्या है? इस नंबर के ऊपर आपने
- 30:30पर्टिकुलरली मैसेज करना है। ये हमारे एड
- 30:31टेक इदारे का नंबर है। इस नंबर के ऊपर आप
- 30:33मैसेज करेंगे। पे मैसेज करके आपको डिटेल्स
- 30:35वगैरह मिल जाएंगी और आप आज से बैच का
- 30:37हिस्सा बन सकते हो ताकि जो ऑनगोइंग बैच है
- 30:39आप उसका एक्सेस भी हासिल कर लीजिए और फिर
- 30:41जब न्यू बैच स्टार्ट होगा वो भी आपको फ्री
- 30:43के अंदर मिल रहा होगा जिसमें हम एनईटी
- 30:45राउंड वन राउंड टू दोनों की तैयारी
- 30:46करेंगे। इसके अलावा प्याज यूनिवर्सिटी के
- 30:48राउंड नंबर थ्री की बाय द वे प्याज
- 30:50यूनिवर्सिटी के टेस्ट में भी हमारे बच्चों
- 30:51का 99.9 का एग्रीगेट है। परसेंटाइल है।
- 30:53मेरे पास कहीं पे उसकी पिक्चर पड़ी भी
- 30:55होगी मैं दिखा देता हूं। प्याज
- 30:56यूनिवर्सिटी के अंदर जो इस्लामाबाद में
- 30:58टेस्ट हुआ था उसके अंदर भी 97.93 का
- 31:00एग्रीगेट था भाई। प्याज यूनिवर्सिटी का जो
- 31:02टेस्ट अभी कंडक्ट हुआ था वो भी दिखा देता
- 31:04हूं। 99.4 का एग्रीगेट था। 99.4 का। तो
- 31:08प्याज यूनिवर्सिटी के टेस्ट में भी हमारे
- 31:09पास ये पोजीशन थी। तो पूछो ना भाई जिन
- 31:11इदारों में बैठ के 70,000 जाया करते हो
- 31:13अपने मां-बाप से सवाल क्यों नहीं पूछते
- 31:15आपके मां-बाप जाके वहां पे? क्या कर रहे
- 31:16हैं वो इदारे? क्यों नहीं आती उनके पास से
- 31:18रिजल्ट? क्यों नहीं होती उनके पास से
- 31:19पढ़ाई? तो उसके चाचा के सवाल आपने पूछना
- 31:21है भाई। ये सवाल पूछना आपकी जिम्मेदारी
- 31:23है। नहीं पूछते तो आप ज्यादती करते हो
- 31:25अपने मां-बाप के ऊपर कि भाई आपने जहां से
- 31:27भी तैयारी करी है क्या रीज़न है कि नहीं हो
- 31:29सका? तो ये आपने काम लाजमी तौर पे करना ही
- 31:31करना है। तो मेरे प्यारे बच्चों मैराथॉन
- 31:32का आगाज़ करेंगे। मैराथन के ऊपर मूव
- 31:34करेंगे। लास्ट बट नॉट द लीस्ट दोबारा एक
- 31:36बात कहूंगा। मैराथों्स आर नॉट दी सॉल्यूशन
- 31:39फॉर योर एग्जामिनेशन क्लीयरेंस। याद
- 31:42रखिएगा। मैराथों्स आर नॉट दी सॉल्यूशन फॉर
- 31:44योर एग्जामिनेशन क्लीयरेंस। और यू कैन से
- 31:47कि मैराथों्स के बेसिस के ऊपर आपका एग्जाम
- 31:49क्लियर नहीं हो सकता। आपको प्रॉपर तैयारी
- 31:51करनी होगी। मैराथों्स आर जस्ट आर दी चेरी
- 31:54ऑन द टॉप। दे आर जस्ट अ डिफरेंट थिंग। दे
- 31:56आर जस्ट दी पास्ट पेपर्स। आपको अगर लाइव
- 31:58क्लासेस के अंदर कांसेप्ट्स क्लियर होंगे
- 32:00तो मैराथन फायदेमंद है। सिर्फ मैराथॉन
- 32:02करके जाओगे तो कोई बेवकूफ तरीन इंसान होगा
- 32:05जो आपको बोलेगा सर हाशिम की मैराथॉन करने
- 32:07के ऊपर एग्जाम क्लियर हो जाएगा। आपके ज़हन
- 32:09में अगर सिर्फ ये चीज है तो आपसे बड़ा कोई
- 32:11बेवकूफ आदमी दुनिया में नहीं है। सर हाशिम
- 32:13खुद ही आपसे कह रहे हैं जिसकी मैराथॉन है
- 32:14भाई। वो खुद आपको बताएगा ना बेहतर क्या
- 32:16है? तो मैं आपसे कहूंगा कि भाई कोर्स जब
- 32:18तक पूरा कवर नहीं करोगे मैराथॉन फायदा
- 32:20नहीं करेगी। फिर तुम बैठ के रो रहेगे सर
- 32:22मैराथॉन से तो आया नहीं। हालांकि दूसरे
- 32:24बच्चे के पेपर में मैराथॉन से ही आया
- 32:25होगा। तुम्हारे साथ वाले की तुम्हारे पेपर
- 32:27में नहीं आया होगा। क्यों नहीं आया होगा?
- 32:28तुमने कोई कंप्लीट तैयारी नहीं करी। तुम
- 32:29पिक ही नहीं कर सके कि भाई उस जैसा कोई और
- 32:31क्वेश्चन अगर आ जाएगा तो उसको कैसे सॉल्व
- 32:33करना है? तो तैयारी अपनी पूरी करनी है।
- 32:35एंड में मैराथों्स को करना है। या तैयारी
- 32:37अपनी पूरी करनी है। साथ-साथ मैराथों्स को
- 32:39करना है। तैयारी अपनी पूरी करनी है। डे वन
- 32:41से मैराथन को देखना है। तैयारी अपनी पूरी
- 32:43करनी है। लाइव क्लासेस को लेना है। तैयारी
- 32:45अपनी पूरी करनी है। साथ-साथ कंप्लीट कोर्स
- 32:47कवर अप करना है। तैयारी अपनी पूरी करनी
- 32:49है। साथ-साथ प्रैक्टिस टेस्टों को देना
- 32:50है। तैयारी अपनी पूरी करनी है। साथ-साथ
- 32:51चैप्टर वाइज टेस्टों को देना है। तैयारी
- 32:53अपनी पूरी करनी है और आपने भी इस साल
- 32:56रिकॉर्ड ब्रेक कर देना है। और आपने इन
- 32:57बच्चों में शुमार होना है। मेरे प्यारे
- 32:59बच्चों ये आप जैसे बच्चे हैं। ये जो बच्चे
- 33:01आपके सामने खड़े हुए हैं ये आप जैसे हैं।
- 33:03इनमें से कोई खास चीज नहीं थी। कोई इनमें
- 33:05सुरखाब के पड़ नहीं लगे हुए। आप यकीन मानो
- 33:07ये नॉर्मल मां-बाप के बच्चे हैं और ये
- 33:09सारे के सारे बहुत नॉर्मल घरों के बच्चे
- 33:11हैं। मुझे बड़े पसंद हैं।
- 33:12अल्हम्दुलिल्लाहजल चाहे हानी इमरान हो,
- 33:14सज्जाद हुसैनी हो कोई भी बच्चा हो। यकीन
- 33:17मानें हमारे पास 80 प्लस स्कोर क्लियर
- 33:20करने वाले इतने सारे बच्चे थे कि हम उनका
- 33:21रिजल्ट डाल नहीं सके थे। इतने बच्चे हमारे
- 33:23पास 80 प्लस वाले थे कि हम उनका रिजल्ट ही
- 33:25डाल नहीं सकते थे। क्योंकि इतना बच्चा था,
- 33:26इतना बच्चा था हम सोच नहीं सकते थे। और
- 33:27बाकी इदारे वाले आप जिन इदारों में बैठे
- 33:30हुए होगे ना वो 70 प्लस वालों के रिजल्ट
- 33:31डाल रहे थे। उनको उनके पास रिजल्ट ही नहीं
- 33:33थे। हमारे पास सिर्फ 90 वाले मेरे पास
- 33:35इतने बच्चों के रिजल्ट होते हैं कि उनका
- 33:36नाम नहीं बता सकता मैं कि अल्हम्दुलिल्लाह
- 33:3790 प्लस वाले सिर्फ इतने थे कि 90 प्लस
- 33:39वाले इतने सारे थे कि मेरे पास ये भी बहुत
- 33:41सारे हैं इनका रिजल्ट दिखाने के लिए। 80
- 33:43प्लस वाले तो इतने सारे थे उनको रिजल्ट भी
- 33:44दिखा नहीं सकता मैं क्योंकि मेरे पास इतना
- 33:46टाइम नहीं होता भैया। तो 90 प्लस वाले
- 33:47इतने सारे थे। तो भाई आपने तैयारी पूरी
- 33:49करनी है। तैयारी के अंदर कोई बोलचुक नहीं
- 33:51है। मेरे प्यारे बच्चों बकरा ईद कोई काम
- 33:53की नहीं है। सुनते इब्राहिमी है। गले के
- 33:56ऊपर छोरी आपके घर वाले फेर सकते हैं। आपका
- 33:58वहां पे बैठ के त्का बोटी बनाना कसाई बनना
- 34:00जरूरी नहीं है। आपने तैयारी पे फोकस करना
- 34:02है। मेरे बच्चों ईद उस दिन होगी जिस दिन
- 34:04आप कामयाब हो जाओगे। जब तक कामयाब नहीं
- 34:06होते ना तुम्हारी जिंदगी में कोई ईद ईद
- 34:08नहीं होनी चाहिए। कोई रिशेदारी रिश्तेदारी
- 34:10होनी चाहिए। दोस्तियां छोड़ दो।
- 34:11रिश्तेदारों को छोड़ दो। मेरी नजर में कोई
- 34:13कीमत नहीं रखता। अगर चार दिन बैठ के मैं
- 34:16लगातार इस मैराथन पर काम कर सकता हूं
- 34:18क्योंकि मैं सीरियस हूं ना यार अपने काम
- 34:19को लेकर मैं सीरियस हूं तभी आई आई वास
- 34:21वर्किंग ऑन दिस थिंग। सो द पॉइंट इज दैट
- 34:23आप भी काम कर सकते हो भाई। आप भी मेहनत कर
- 34:25सकते हो। ये जो इंसान है ये इंसान के
- 34:27बच्चे हैं। ये हैवान नहीं है। ये आप जैसे
- 34:28घरों से बिलोंग करते हैं। इनमें से कई की
- 34:30शक्लें बहुत नॉर्मल हैं। कई की शक्लें
- 34:32बहुत नॉर्मल है। कोई ब्यूरोक्रेट का बच्चा
- 34:33नहीं है। वो नॉर्मल फैमिली से हैं। तो भाई
- 34:36एक चीज खाली इनको आपसे मुनफरेद बनाती है
- 34:38कि अगर ये मंडियों को छोड़ सकते हैं ना।
- 34:40यह बार्बी पार्टीज को छोड़ सकते हैं। यह
- 34:42शादियों को छोड़ सकते हैं, तो आप भी छोड़
- 34:44सकते हो। खुदारा मेहनत करो। यह टाइम
- 34:45दोबारा नहीं आएगा। यह जो टाइम है, बड़ा
- 34:47क्रूशियल है। मई का मिड मई का एंड चल रहा
- 34:50है। तकरीबन 22-23 मई चल रही है। फिर आपके
- 34:52पास आपके पास क्या आ रहा है? आपके पास जून
- 34:54है, फिर जुलाई है, फिर अगस्त है। ये लास्ट
- 34:57के जो दो महीने हैं, इसमें जितना ग्राइंड
- 34:58कर सकते हो, ग्राइंड करो। रिश्तेदारों को
- 35:00छोड़ना पड़ता है, छोड़ो। किसी मोहब्बत को
- 35:02छोड़ना पड़ता है, छोड़ो। ये मोहब्बतें-वें
- 35:03मोहब्बतें सब वापस आ जाएंगी। पर्सनल लाइफ
- 35:05से बता रहा हूं। आई वाज़ आल्सो अ टॉपर एट
- 35:07माय टाइम। तभी बेटा दुनिया की बेहतरीन
- 35:08यूनिवर्सिटी टैक्सेस स्टेट यूनिवर्सिटी
- 35:09तालीम हासिल करी मैंने। तभी मैंने
- 35:11पर्टिकुलरली खुद एनडी से मैं ग्रेजुएट
- 35:13हुआ। फिर टैक्सेस स्टेट के ऊपर गया।
- 35:14जीएसके के अंदर काम किया। 10 चीजें करी
- 35:15मैंने अल्हम्दुलिल्लाह। जिंदगी में बड़ा
- 35:16सक्सेसफुल मेरा करियर अल्हम्दुलिल्लाह।
- 35:18अल्लाह ने बहुत इज्जत दी। तो भाई एक चीज़
- 35:20बता देता हूं। सारी चीजें वापस मिल
- 35:21जाएंगी। रिश्तेदार भी वापस आ जाएंगे। जब
- 35:23तुम कामयाब हो गए ना यही रिश्तेदार दावत
- 35:24ही तुम्हारी करेंगे। अभी का जो टाइम है
- 35:26बड़ा क्रूशियल है। गैप ईयर के ऊपर मत जाओ।
- 35:28गैप ईयर एक अज़ाब होता है। खुदाारा गैप ईयर
- 35:31के ऊपर मत जाओ। इसी साल जान मारनी है।
- 35:32अगले साल का कोई टाइम नहीं है। जो घरवाले
- 35:35कहते हैं ना गैप ईयर कर लीजिएगा। वो नादान
- 35:36है भैया। क्योंकि गैप ईयर के ऊपर जब तीन
- 35:38साल बच्चा एक ही किताब को देख रहा होता है
- 35:40ना फर्स्ट ईयर, सेकंड ईयर फिर एक गैप ईयर
- 35:41भी ले लिया तो चीजें अज़ाब बन जाती हैं।
- 35:43मेरे बच्चों ये बात समझो। चीजें अज़ाब बन
- 35:45जाती है। ये बात कोई नहीं बताएगा आपको।
- 35:47मैं बता रहा हूं कि देखो शिकस्त हमेशा
- 35:49यतीम होती है। मगर जो जीत होती है उसके कई
- 35:51बाप निकल कर आ जाते हैं। जब तुम हारोगे ना
- 35:53तो यही रिश्तेदार तुम्हें गालियां देंगे।
- 35:54यही रिश्तेदार बोलेंगे मेरे बच्चे के साथ
- 35:56में बैठा करो। खराब कर दोगे। यही
- 35:57रिश्तेदार तुम्हें बैठ के ताने देंगे। जिस
- 35:59दिन कामयाब हो जाओगे ना तो यही मोहल्ले के
- 36:01अमजद भाई भी आके जो है ना बोलेंगे तालियां
- 36:03बजाएंगे। मेरे बच्चे को भी थोड़ा सा है ना
- 36:04ट्यूशन पढ़ा दो आप। मेरे प्यारे बच्चों
- 36:06मैंने भी जिंदगी का पहला फोन तब लिया था
- 36:08जब मैं यूनिवर्सिटी के अंदर गया था जो
- 36:09पैसे वैसे मेरे थे जमा करके लिया था। भाई
- 36:11बताने का मकसद ये है कि भाई जब तुम कामयाब
- 36:12होगे ना हर चीज तुम्हें मिलेगी। तो अभी का
- 36:15जो टाइम है बड़ा क्रूशियल है। ये मंडी
- 36:16मंडी छोड़ दो। रातों में बैठना छोड़ दो।
- 36:18अभी सिर्फ पढ़ाई करो। तुम्हें जान मार
- 36:20देनी है। तुमने अपने तमाम टॉपिक्स को कवर
- 36:22करना है। तुमने इस बात का तहैया कर लेना
- 36:24है। ये टाइम बड़ा कीमती है। वापस नहीं
- 36:25आएगा। रिश्तेदार वापस आ जाएंगे। शादियां
- 36:27वापस आ जाएंगी। बारबीक्यू पार्टियां वापस
- 36:29आ जाएंगी। अभी कोई बेवकूफ बोलेगा कोई
- 36:31लेजेंड किस्म का बच्चा होगा सर पेपर भी तो
- 36:33दोबारा आ जाएगा बेटा तुम्हारा पेपर वापस
- 36:35नहीं आएगा मेरी बात लिख के रख लेना
- 36:37तुम्हारा एक साल वो जाया हो जाएगा गैप ईयर
- 36:39पे चले जाओगे गैप ईयर तुम्हारे अंदर
- 36:40नेगेटिव रोल क्रिएट ज्यादा करता है एज़
- 36:42कंपेयर टू द पॉजिटिव वन बिकॉज़ उस पे 10
- 36:44नंबर भी तुम्हारे कटेंगे तो भाई टाइम बड़ा
- 36:46क्रूशियल है उसके ऊपर वर्किंग करो मेरी
- 36:48तरफ से बहुत सारी दुआएं जजाक अल्लाह खैर
- 36:50मेरी तरफ से टीम ने बड़ी मेहनत करी है मेरे
- 36:52टीचर्स ने बहुत एफर्ट्स करी है सुबह 6:00
- 36:54बजे से लेके रात के 9:00 बजे तक ये काम
- 36:56किया है 12 12:00 बजे तक काम किया है तो
- 36:58बहुत सारी दुआएं टीचर्स के लिए अल्लाह
- 37:00ताला इनका और हमारा साथ हमेशा कायम और
- 37:01दायम फरमाए। तो आइए चलते हैं इस मैराथन की
- 37:03सीरीज के ऊपर। अगेन ये फ्री सीरीज है ताकि
- 37:06आपके दोस्त जो हमसे नहीं पढ़ते वो कंफ्यूज
- 37:08हो सके कि भाई तालीम का लेवल क्या होता है
- 37:10ताकि उनको समझ में आए कि स्टैंडर्ड ऑफ़
- 37:12अटेक हमने पाकिस्तान में क्या सेट करा है।
- 37:14जजाक अल्लाह खैर। थैंक यू सो मच। हाशम
- 37:16जिया
- 37:18बिस्मिल्लाह रहमा रहीम। अस्सलाम वालेकुम
- 37:21बच्चों। क्या हाल है आपके? सब खैर खैरियत
- 37:23से? ठीक हैं? और दिस इज़ सर अब्दुल कादिर
- 37:25योर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर। अच्छा बेटा आज
- 37:28जो है हम आज से शुरू कर रहे हैं एक मैराथन
- 37:31यू कैन से जिस तरह एक रनिंग मैराथन होता
- 37:34है लेकिन ये एक नॉलेज मैराथॉन है। ठीक है?
- 37:37इसमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा आपको और
- 37:39एमसीक्यूस की सूरत में और बहुत सारी चीजों
- 37:42को हम देखेंगे इंशाल्लाह। ठीक है? और
- 37:45कंप्यूटर के हवाले से काफी कुछ आप लर्न भी
- 37:48करोगे। तो स्टार्ट लेते हैं और देखते हैं
- 37:51और अच्छा एक और बात कि यह आपको हेल्प आउट
- 37:54करेगा जैसे कि रिकक्रिएशन जैसे पास्ट पेपर
- 37:56से हमने इसको क्रैक किया है और इसके
- 37:59साथ-साथ अलोंग विद द रिकक्रिएशन भी है
- 38:01इसके अंदर ये जो जिस पैटर्न से ह्यूमन
- 38:04एमसीक्यूस दिए जाते हैं तो उसके अंदर हमने
- 38:06रिकक्रिएशन भी किया जो आपको बड़ा हेल्प
- 38:08आउट करेगा आपके कॉनसेप्ट बिल्डिंग में भी
- 38:10और आपके लिए इंपॉर्टेंट भी होगा। तो यह एक
- 38:13हमने एक पूरा आप लोगों के लिए एक जबरदस्त
- 38:16तरीके से एफर्ट्स किए हैं। तो उम्मीद है
- 38:17आपके लिए बड़ा एक प्रोडक्टिव सेशन रहेगा।
- 38:21ठीक है? तो स्टार्ट लेते हैं और देखते हैं
- 38:24नंबर वन। तो लुक एट एमसीक्यू नंबर वन के
- 38:28जिसमें
- 38:31चैप्टर बैबेज वाज़ अ बेटा देखो इसमें चार
- 38:34ऑप्शन आपको दिए हुए हैं। मैथमेटिशियन,
- 38:37फिजिशियंस, म्यूजिशियंस एंड क्रिकेटर। ठीक
- 38:40है? अब जाहिर है कि इसमें से अच्छा अब
- 38:42इसमें एक चीज है कि क्योंकि चार्ल्स बैविच
- 38:44जो है हिस्ट्री में अगर आप देखेंगे तो ये
- 38:46एक मैकेनिकल इंजीनियर भी है। अब ये डिपेंड
- 38:48करेगा ऑप्शन पे। अभी तो ऑप्शन में सारे
- 38:50मैकेनिकल इंजीनियर मौजूद नहीं है।
- 38:51मैथमेटिशियन तो है। तो इस हिसाब से आपका
- 38:54जो राइट आंसर है वो मैथमेटिशियन होगा।
- 38:56लेकिन अगर इसमें ऑप्शन में अगर मैकेनिकल
- 38:59इंजीनियर भी होगा तो ऑब्वियसली बोथ का
- 39:01ऑप्शन भी आपको अह देखना पड़ेगा। मतलब इसके
- 39:05मतलब एमसीक्यूस में हमें बड़ा एक सोच समझ
- 39:08के इन चीजों को देखना होगा। ठीक है? तो
- 39:10अभी बहाल हमारे पास मैथमेटिशियन है तो
- 39:12इसमें तो राइट अवे आपके पास जो राइट ऑप्शन
- 39:15है वो क्या है? जी
- 39:19मैथमेटिशियन। ठीक है? लेकिन इस बात को
- 39:21समझे अगर ऑप्शन में मैकेनिकल इंजीनियर भी
- 39:24होगा तो ऑब्वियसली इसमें ऑप्शन होगा बोथ ए
- 39:27एंड बी या कुछ इस तरह से ऑप्शन होगा। ठीक
- 39:28है? क्योंकि ये बेसिकली मैकेनिकल इंजीनियर
- 39:30भी थे। अच्छा अब ये मैकेनिकल इंजीनियर थे।
- 39:33तो अब इसका क्या लिंक है? तो ये मैंने
- 39:36क्यों बताया? तो ऑब्वियसली अभी हम बात
- 39:39करते हैं क्योंकि ये वो व्यक्ति थे। ठीक
- 39:42है? मतलब एक बहुत ही जबरदस्त तरीके से
- 39:45जैसा हम मैंने आप एलिममेंट्री या शुरू में
- 39:48पढ़ते आ रहे हैं कि एवोल्यूशन ऑफ़ कंप्यूटर।
- 39:51ठीक है ना? एववोल्यूशन ऑफ़ कंप्यूटर के
- 39:53हवाले से अगर आप देखें तो हमें बहुत सारी
- 39:57कैलकुलेटिंग डिवाइस नज़र आती हैं। ठीक है
- 40:00ना?
- 40:04बहुत सारी
- 40:06कैलकुलेटिंग डिवाइसेस
- 40:09नजर आती हैं। जैसे कि अबकस है।
- 40:13ओके? स्लाइड रूल है।
- 40:20ठीक है? और इस तरह बहुत सारी हैं। ठीक है?
- 40:23तो ये सब कैलकुलेट डिवाइसेस जो है वो
- 40:25इंट्रोड्यूस हो गई। लेकिन अब ये जाहिर है
- 40:27कि कैलकुलेशन का अमल जो है या प्रोसेस जो
- 40:29है बड़ा आसान होता गया विद द पैसेज ऑफ़
- 40:32टाइम। ठीक है?
- 40:34लेकिन अब इसमें जो मेरी एक स्टडी है जो
- 40:37मैंने इसमें गौर किया और ऑब्जरवेशन की कि
- 40:40अबकर्स को ले लें आप स्लट रूल नो डाउट कि
- 40:42कैलकुलेशन का जो एक अमल था बहुत ही इजी हो
- 40:45चुका था उस दौर के हिसाब से लेकिन कुछ
- 40:48इसमें यूं समझ लो कि कमी क्या थी कि सबसे
- 40:52पहली बात कि डेटा स्टोरिंग की अगर हम बात
- 40:54करें और एक कंट्रोलिंग की बात करें डेटा
- 40:57को एज अ सेंट्रल अह किस तरह से ऑर्गेनाइज
- 41:00किया जाए कंट्रोल किया जाए वो इन तमाम
- 41:03डिवाइसेस के अंदर एक नज़र नहीं आ रहा था।
- 41:05ठीक है ना? तो ये इस शख्स को क्रेडिट जाता
- 41:08है यबीच को। इन्होंने दो ऐसी मशीनंस को
- 41:11इंट्रोड्यूस किया। ठीक है? जिसमें खुसूसन
- 41:14मैं अगर बात करूं पहले तो हम देख रहे हैं
- 41:16कि वो दो मशीनंस कौन सी हैं। जी। ठीक है?
- 41:22ये
- 41:27इन्होंने एक तो डिफरेंस इंजन
- 41:45जी एक डिफरेंस
- 41:51इसको हटा देते हैं।
- 42:00ये हम मिटा के इसको
- 42:04जी
- 42:08एक तो इन्होंने
- 42:11डिफरेंस इंजन
- 42:19एंड सेकंड वन इज एनालिटिकल इंजन।
- 42:31ये दो इन्होंने कैलकुलेटिंग डिवाइसेस को
- 42:34इंट्रोड्यूस किया। ठीक है? अच्छा। अब
- 42:36इसमें डिफरेंस इंजन जो था ये जो डिवाइस थी
- 42:39बड़ी हैवी थी और बड़ी पावरफुल एक डिवाइस
- 42:42उन्होंने इंट्रोड्यूस की थी डेवलप की और
- 42:45जाहिर है कि उस दौर में आप लोग
- 42:47एलिममेंट्री से पढ़ते आ रहे हो यानी
- 42:49सेकेंडरी लेवल पे भी आपको बताया जाता है
- 42:52कि
- 42:54मैकेन मतलब एवोल्यूशन ऑफ़ कंप्यूटर को तीन
- 42:56हिस्सों में डिवाइड किया हुआ है। ठीक है
- 42:57ना? तो आई एम टॉकिंग अबाउट मैकेनिकल एरा।
- 43:02मैकेनिकल अरा का जो एक दौर था जाहिर है कि
- 43:05उस वक्त इलेक्ट्रिसिटी डिस्कवर्ड नहीं हुई
- 43:07थी। तो यह जो मशीन थी डिफरेंस इंजन अब जा
- 43:11रहा है कि इलेक्ट्रिसिटी तो नहीं थी लेकिन
- 43:13अब सवाल ये है कि किस तरह से ये अपना काम
- 43:15मतलब किस तरह ऑपरेट होती थी? ओके इसकी
- 43:18रनिंग पोजीशन क्या थी? क्या स्टेटस था? तो
- 43:20ये स्टीम इंजन के जरिए इसको ऑपरेट किया
- 43:23जाता था। मतलब चार्ल्स बाबी ने इसका एक
- 43:25ऐसा जबरदस्त मैकेनिज़्म आपने देखी होंगी
- 43:27पिक्चर्स भी। बुक्स वगैरह में पढ़ते आ रहे
- 43:29हो। तो एक बड़ी हैवी सी मशीन आपको नजर
- 43:31आएगी। ठीक है? तो ये उस दौर में
- 43:33इलेक्ट्रिसिटी नहीं थी तो ये स्टीम इंजन
- 43:35से ऑपरेट होती थी। ठीक है? और डिफरेंशियल
- 43:38इक्वेशंस वगैरह इस तरह की कैलकुलेशन को
- 43:41सॉल्व कर सकते। बड़ी कॉम्प्लेक्स सी मशीन
- 43:43थी। लेकिन इसको मज़द इसने एनहांस किया।
- 43:46मतलब
- 43:48और वो एनालिटिकल इंजन की जरूरत में। अब
- 43:50एनालिटिकल इंजन क्या है? अब ये एक्चुअली
- 43:53यूं समझ लो इसको तो हिस्टोरियन या
- 43:55कंप्यूटर एक्सपर्ट जो हैं वो बेसिकली
- 43:59एक पहला यानी कि फर्स्ट
- 44:03जनरल
- 44:06पर्पस
- 44:09कंप्यूटर भी किया था।
- 44:12ये उस दौर का एक पहला जनरल पर्पस
- 44:15कंप्यूटर। ठीक है? एनालिटिकल इंजन की बात
- 44:17हो रही है। ठीक है? क्यों? आखिर डिफरेंस
- 44:20इंजन भी तो था। ज़हन में सवाल आया कि भाई
- 44:23सर डिफरेंस इंजन भी तो कहा जा सकता है।
- 44:25वही बात है ना कि इंसान जो है जब कुछ
- 44:27चीज़ों डिज़ करता है, इन्वेंट करता है तो
- 44:30जाहिर है वो उसमें कुछ चीज़ रह जाती हैं।
- 44:32उसको मज़ उसको एक तरह से रिफाइन करता है।
- 44:35तो एनालिटिकल इंजन जो है वो इस सिलसिले
- 44:38में बैग ने खुद से एक और मशीन को
- 44:41इंट्रोड्यूस किया और इसने एक बड़ा जबरदस्त
- 44:43आईडिया दिया। उसने आईडिया क्या दिया कि इस
- 44:46मशीन के अंदर उसने तीन इस मशीन को तीन
- 44:48हिस्सों में डिवाइड किया।
- 44:51मेमोरी यूनिट, कंट्रोल यूनिट की सूरत में
- 44:54एंड एएलयू यानी कि इसके तीन यूनिट्स थे
- 44:56बेसिक। अब मजे की बात यह है कि यह जो तीन
- 45:00यूनिट्स ना आपने देखे और आपको ज़हन में आया
- 45:02कि यार यह तो आज के कंप्यूटर जो है हमारा
- 45:04जो मॉडर्न कंप्यूटर है उसके लिए बहुत ही
- 45:06इंपॉर्टेंट और
- 45:09मेजर कंपोनेंट्स हैं। बिल्कुल सही बात है।
- 45:12तो यहीं पे मैं आपको लाना चाह रहा था।
- 45:14थोड़ी सी लंबी हो गई। सॉरी लेकिन क्या
- 45:16करूं? थोड़ी हिस्ट्री जो होती है वैसे ही
- 45:18बोरिंग होती है। लेकिन बताना पड़ रहा है
- 45:19क्योंकि एमसीक्यू पहले ऐसा आ गया कि उसमें
- 45:22हमें जरूरत है कि थोड़ा सा आपको हिस्ट्री
- 45:24में ले आना पड़ा। ठीक है? तो ये सारी
- 45:26चीजें आपके लिए इंपॉर्टेंट है। बहाल मैं
- 45:28इसको शॉर्ट करते हुए आपको समझाना चाह रहा
- 45:30हूं कि यार इस शख्स ने उस दौर में यानी कि
- 45:33कम से कम 200 250 साल पहले की बात कर रहा
- 45:35हूं। पहला कंप्यूटर इंट्रोड्यूस होने से
- 45:37पहले ठीक है? तकरीबन ये इतना टाइम बनता
- 45:39है। तो उस वक्त इस शख्स ने एक मॉडर्न
- 45:42कंप्यूटर मतलब एक सही मायने में अगर हम
- 45:45कहें तो ट्रू कॉन्सप्ट ऑफ़ कंप्यूटर का
- 45:48इसने आईडिया दिया। तो इसलिए कहा गया इनको
- 45:50फादर ऑफ़ कंप्यूटर। यह मैं आपको बताना
- 45:53चाहता हूं जो आप पढ़ते आ रहे हैं ना
- 45:55सेकेंडरी लेवल से आपने देखा होगा मतलब
- 45:57कॉलेज में या स्कूल में आपको बताया जाता
- 45:59है ना कभी चार्ल्स बेबेज ओके वाज़ द फादर
- 46:01ऑफ़ कंप्यूटर तो उसकी वजह क्या है? वो इसकी
- 46:03वजह ये थी कि उसने इलेक्ट्रिकल इंजन जो है
- 46:06ये एक मशीन डिज़ाइन की थी और इसमें बेसिक
- 46:08जो है ये तीन यूनिट्स थे। ओके? ये तीन
- 46:11यूनिट थे जिसकी वजह से इनको रिकमेंड किया
- 46:15गया कि भाई वाकई में यानी कि आज के जब इस
- 46:18मशीनंस को ऑपरेट किया गया कंप्यूटर
- 46:20एक्सपर्ट ने इसको स्टडी किया तो वो हैरान
- 46:22हो गए और उन्होंने फिर वाकई में कहा कि
- 46:24भाई कि भाई ही वाज़ एक्चुअली अ फादर ऑफ़
- 46:28कंप्यूटर हु गिव द ट्रू कॉनसेप्ट ऑफ़
- 46:30कंप्यूटर। यानी कंप्यूटर पर तक पहुंचने के
- 46:34लिए इस शख्स को क्रेडिट जाता है। तो बहाल
- 46:36ये छोटी सी बात थी। उम्मीद है आपके पास
- 46:38समझ में आ गई होगी। तो बहरहाल बात यहां से
- 46:40चली थी कि चार्ल्स बैबेज वाज़ अ
- 46:42मैथमेटिशियन है, फिजिशियन है या
- 46:44म्यूजिशियन है? तो इसका राइट आंसर क्या
- 46:46है? मैथमेटिशियन। ठीक है? देखिए मैंने
- 46:49आपको ये भी बता दिया कि ये एक मैकेनिकल
- 46:52इंजीनियर भी थे। तो आपको समझ में आ गया
- 46:53होगा आपके ज़हन में होगा ना सर मैथमेटिशियन
- 46:56थे। तो फिर इनका ताल्लुक लेना देना क्या
- 46:57है? इनका क्या लेना देना इस मशीन से? तो
- 47:00जाहिर है वो मैकेनिकल इंजीनियर भी थे। तो
- 47:02इसलिए ये देखना आप कि इन्होंने तभी तो ये
- 47:03दो मशीनंस को डिज़ाइन किया होगा ना। ठीक
- 47:05है? तो और यह भी मैंने आपको बता दिया कि
- 47:09डिपेंड्स ऑन द ऑप्शन। ऑप्शंस में अगर
- 47:11मैथमेटिशियन ही है देख लें हम यहां पर
- 47:12मैकेनिकल इंजीनियर नहीं है तो ऑब्वियसली
- 47:14फिर आप मैथमेटिशियन कहोगे। अगर एमसीक्यूस
- 47:17में ऑप्शंस के अंदर आप देखोगे मैकेनिकल
- 47:19इंजीनियर तो ऑब्वियसली फिर आप सिर्फ ही
- 47:21सोचोगे। मतलब एमसीक्यूस में याद रखो बेटा
- 47:24कि इन चीजों को देखना है और बड़ा सोच समझ
- 47:26के आपको ऑप्शंस को देखते हुए आंसर देना
- 47:29होता है। ठीक है? 1 1/2 मिनट तो होता है
- 47:30आपके पास। कम से कम 1 मिनट तो होता है। तो
- 47:331 मिनट बहुत है। अगर आप इसको रियलाइज़ कर
- 47:35रहे हो तो। अच्छा जी उम्मीद है आपको बात
- 47:37समझ में आ गई होगी। नाउ नंबर टू नाउ लुक
- 47:40एट
- 47:42व्हिच ऑफ द फॉलोइंग डिवाइस वाज़
- 47:44रिस्पांसिबल फॉर ट्रांजिशन
- 47:48व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग डिवाइस वाज़
- 47:49रिस्पांसिबल फॉर ट्रांजिशन फ्रॉम फर्स्ट
- 47:52टू सेकंड जनरेशन ऑफ़ कंप्यूटरटर्स। ए ऑप्शन
- 47:55चिप, बी ट्रांज़िस्टर, सी वैक्यूम ट्यूब
- 47:58एंड डी लार्ज स्केल इंटीग्रेशन। अच्छा अब
- 48:01इसको समझाने से पहले जाहिर है कि आपको एक
- 48:04बात तो ज़हन में आ रही होगी कि भाई ये
- 48:06जनरेशन ऑफ कंप्यूटर के हवाले से आपने पढ़ा
- 48:09था और हम भी आपको बता देते हैं कि
- 48:14जी जनरेशन
- 48:20ऑफ़ कंप्यूटर
- 48:22अब जाहिर है स्टार्टिंग जनरेशन को तो हम
- 48:24डिस्कस नहीं करेंगे लेकिन एक मैं रेफरेंस
- 48:25के तौर पे बात कर रहा हूं। ठीक है ना? तो
- 48:27जनरेशंस ऑफ कंप्यूटर के हवाले से आपको पता
- 48:29है कि आप सेकेंडरी लेवल पर पढ़ रहे हो और
- 48:33आपने पढ़ा कि सिक्स में, सेवन में, एट में
- 48:36नाइंथ तक इवन 10थ में और फर्स्ट ईयर में
- 48:38भी आपने देखा होगा कि पांच जनरेशंस में हम
- 48:41हम बात करते हैं फर्स्ट जनरेशन, सेकंड
- 48:43जनरेशन। तो ये एक्चुअली ये क्या है? एक
- 48:45एववोल्यूशन है। मतलब कंप्यूटर का एक एक
- 48:49रफ्तार रफ्ता ग्रेजुअली जो कंप्यूटर किस
- 48:51तरह से उसने तरक्की की। पहले कंप्यूटर की
- 48:54एक उसका मास उसकी जो आउटलुक थी क्या थी ना
- 48:57हर लिहाज से इन टर्म्स ऑफ स्पीड इन टर्म्स
- 48:59ऑफ़ मेमोरी ओके इन टर्म्स ऑफ़ बॉडी ओके साइज़
- 49:04ओके उसकी कैपेबिलिटी उसकी वर्सटालिटी तो
- 49:06ये सारी चीजें मिलला के जनरेशन और
- 49:09कंप्यूटर में कंपैरिजन कर रहे होते हैं कि
- 49:11यार फर्स्ट जनरेशन में ये था तो सेकंड में
- 49:13ये हुआ तो ये कुछ कंप्यूटर की हालत बदल दी
- 49:16गई और आज आप देख लीजिए कि आज सुरते हाल ये
- 49:19है कि आज आप जो है वो पॉकेट में लिए घूमते
- 49:23हैं। ठीक है ना? जैसे कि अब ये देखो अब ये
- 49:25एक हम गैजेट जो है आपको भी आपके पास भी है
- 49:28स्मार्टफोन की स्रोत में। आज पूरी दुनिया
- 49:30को हम पॉकेट में ले लिए घूम रहे हैं। आज
- 49:32ये कंप्यूटर है। ठीक है ना? बल्कि ये भी
- 49:33एक बहुत बड़ी एग्जांपल है। इन फ्यूचर क्या
- 49:36होगा? बहुत ही जबरदस्त तरीके से हम देख
- 49:39रहे होंगे। उसप हम बात करेंगे इंशाल्लाह
- 49:40आगे। अच्छा तो बात हो रही थी फर्स्ट
- 49:42जनरेशन का जनरेशन ऑफ़ कंप्यूटर की। तो
- 49:44फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर जो थे वो बेसिकली
- 49:47वैक्यूम ट्यूल्स थे। मतलब उनकी अगर हम
- 49:50इनोवेशन देखें तो फ़र्स्ट जनरेशन कंप्यूटर
- 49:52के अंदर जो बेसिकली जो उसका ऑपरेशन था वह
- 49:54वैक्यूम ट्यूब्स पर था। ओके? यानी जैसे आज
- 49:57का जो कंप्यूटर है बेसिकली जो ऑपरेटर है
- 49:59वो माइक्रोपर है। लेकिन उस दौर में कोई
- 50:01देयर वाज़ नो एनी कॉनसेप्ट। ओके? अबाउट
- 50:03माइक्रोपर और ये सारी चीज़ तो चिप का तो एक
- 50:06था ही नहीं दौर के ट्रांजिस्टर्स सॉरी
- 50:10वैक्यूम ट्यूब्स वगैरह इस तरह के
- 50:11कंपोनेंट्स थे या डिज़िस्टर्स वगैरह। तो यह
- 50:14वैक्यूम ट्यूब्स जो है फर्स्ट जनरेशन से
- 50:17रिलेट करता है क्योंकि वो बड़े हैवी
- 50:20कंप्यूटरटर्स होते थे और और वैक्यूम
- 50:22ट्यूब्स क्या थे जस्ट लाइक आपने देखे
- 50:23होंगे पुराने अभी भी अवेलेबल है येलो कलर
- 50:27के आपने बल्ब देखे होंगे इतने बड़े-बड़े
- 50:28साइज में ये वैक्यूम ट्यूब्स होते थे और
- 50:30आपको आपने देखा होगा कि यार ये बल्ब जो है
- 50:34ठीक है अब ये थोड़ी देर जो है कुछ देर भी
- 50:36आप इसको ऑन रखें और उसके बाद इसको टच करें
- 50:38तो आपको हीट जब फील होगा तो आप खुद सोचें
- 50:40कि उधर अब उस दौर में यानी इतने बड़े बड़े
- 50:43वैक्यूम ट्यूब्स, बल्ब लाइट साइज़ जो है वो
- 50:46होते थे तो उसका साइज़ ऑब्वियसली बढ़ेगा।
- 50:48यानी कि यूं समझ लो कि एक ठीक-ठाक एरिया
- 50:50जो है हमें चाहिए होता था उन कंप्यूटरटर्स
- 50:52के लिए। तो ये एक छोटी सी स्पीड। तो उस
- 50:55दौर में जो फर्स्ट जनरेशन के कंप्यूटर तो
- 50:57वैक्यूम ट्यूब इस्तेमाल करते थे। तो
- 50:58लिहाज़ा ये तो नहीं हो सकता। ठीक है? और
- 51:01इसी तरह चिप मेमोरी का मैंने आपको बता
- 51:03दिया कि फर्स्ट जनरेशन में तो अभी कोई ऐसा
- 51:06इसका अह एक कासेप्ट या उस वक्त तक सोचा
- 51:10नहीं गया था चिप के हवाले से, चिप मेमोरी
- 51:11के हवाले से। तो ऑब्वियसली बात लार्ज
- 51:13डिस्क इंटीग्रेशन भी नहीं होगा। तो सेकंड
- 51:15जनरेशन जो कंप्यूटरटर्स थे वो बेसिकली
- 51:18ट्रांजिस्टर बेस्ड थे। ठीक है ना? क्योंकि
- 51:21सेकंड जनरेशन एक तरह से फर्स्ट जनरेशन से
- 51:24बहुत ही रिलायबल हो गई थी। यानी कंप्यूटर
- 51:27रिलायबल हो गए थे। क्योंकि फर्स्ट जनरेशन
- 51:30जैसे मैंने आपको बताया था ना वैक्यूम
- 51:31ट्यूब्स एक बड़े-बड़े साइज के और हीट अप
- 51:34हो जाते थे। तो इलेक्ट्रिसिटी भी कंज्यूम
- 51:37बहुत करते थे। अब इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूम
- 51:39करने से क्या होता था कि जल्द हीट अप हो
- 51:42जाते थे। ओके? और जल्द हीट अप होने की वजह
- 51:45से गुजर रहा है। हार्डवेयर कंटीन्यूअस यू
- 51:47कैन से कि कंटीन्यूअस हार्डवेयर फेलियर
- 51:49थे। तो इन दिस वे तो कई चीजें और भी हैं।
- 51:52अब जाहिर है वो डिटेल हो जाएगी। लेकिन फिर
- 51:54बात कहीं से और निकल जाएगी। आउट ऑफ
- 51:56कॉन्टेक्स्ट भी हो जाएंगे। कम टू पॉइंट।
- 51:58तो ट्रांजिस्टर पे कंप्यूटर बनने से क्या
- 52:01हुआ? सबसे पहली चीज़ क्या हुआ? कि
- 52:03रिलायबिलिटी बढ़ गई। कंप्यूटर की
- 52:04वर्सटाइलिटी बढ़ गई। और जल्द हीट अप नहीं
- 52:06होते थे। ये ट्रांजिस्टर यू नो के कूल
- 52:08कंपोनेंट होता है और इसकी डिटेल में नहीं
- 52:11आ रही। आपको फिजिक्स में डेफिनेटली टीचर्स
- 52:13बता रहे होंगे बताते हैं। तो ट्रांजिस्टर
- 52:15क्या तो हमारा टॉपिक तो ट्रांजिस्टर नहीं
- 52:17है। इसकी वर्किंग तो नहीं है। हमारा सिर्फ
- 52:19हियर टू द पॉइंट। अच्छा जी। तो ये हो गया
- 52:21इसका आंसर ट्रांजिस्टर। ठीक है? तो सेकंड
- 52:22जनरेशन जो थे वो तब्दील हो गए वैक्यूम
- 52:25ट्यूब से ट्रांजिस्टर की तरफ। उम्मीद है
- 52:28ये आपको समझ में आया।
- 52:31उसके बाद नेक्स्ट
- 52:34थर्ड एमसीक्यू की तरफ बढ़ते हैं और बड़ा
- 52:37दिलचस्प है। ठीक है? बड़ा ट्रिकी है और बड़ा
- 52:39मजे का है इन माय राइट कि अ कंप्यूटर ए
- 52:44ऑप्शन में कि इज़ एन इंटेलिजेंट मशीन। एकदम
- 52:47ज़हन में आया कि हां यार इंटेलिजेंट मशीन।
- 52:49बिलकुल बी कैन गेट टायर्ड इज़ली। उसके बाद
- 52:52सी मे फॉरगेट इफ यू गिव इट टू मच डेटा एंड
- 52:56डी नन ऑफ़ द अबव। अच्छा अब जाहिर है कि
- 52:59कंप्यूटर
- 53:01ठीक है कंप्यूटर जो है आज एक ऐसी मशीन जो
- 53:05पूरी दुनिया में हुकूमत कर रही है ये मेरा
- 53:07एक पॉइंट ऑफ व्यू मेरा क्या आप भी
- 53:09माशा्लाह बच्चे समझते हो कि आज कंप्यूटर
- 53:11की वजह से पूरी दुनिया में क्या कुछ नहीं
- 53:13हो रहा एक तरक्की और उस दुनिया इस दुनिया
- 53:15को आप देखो इसकी फॉर्म ही चेंज हो चुकी
- 53:18है। ठीक है? एआई को आप देख लें।
- 53:19आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जो है वो एक
- 53:21टेक्नोलॉजी और वर्चुअल रियलिटी और इस तरह
- 53:24की क्या-क्या चीजें हमें सामने मिल रही
- 53:26है। तो कंप्यूटर में आप क्या कुछ नहीं
- 53:29करते? यानी कि मतलब व्हाटएवर यू एंटर द
- 53:32कंप्यूटर कंप्यूटर प्रोवाइड्स यू। है ना?
- 53:35तो कंप्यूटर समझ में आया कि कंप्यूटर एक
- 53:38ऐसी मशीन है। नो डाउट द इनक्रेडिबल मशीन
- 53:41है। ठीक है? लेकिन इंसान तो इंसान है ना
- 53:44यार। यहां पर मैं एक बात करूंगा कि आपने
- 53:48सुना होगा अमेरिकन प्रेसिडेंट बड़ा पॉपुलर
- 53:51प्रेसिडेंट गुजरा जॉन एफ केनेजी ये
- 53:54microsoft की इनोगेशन हो रही थी जब तो
- 53:57उसने एक जुमला कहा था ठीक है ना उस
- 54:00इनोगेशन
- 54:02टाइम पर उसने एक जबरदस्त जुमला कहा था जो
- 54:04हिस्ट्री का हिस्सा बन गया और उसने बड़ा
- 54:06प्यारा जुमला कहा था इस प्लेन में उसने
- 54:08कहा कि भाई अ मैन ठीक है मैं लिख भी रहा
- 54:12हूं अ मैन इज
- 54:15टेबल
- 54:18एंड एक्स्ट्रा
- 54:21ऑर्डिनरी
- 54:25कंप्यूटर
- 54:29फॉर
- 54:32तो ये तो बातें हो गई। तो बड़ा जबरदस्त
- 54:34जुमला कहा ना कि इंसान का तो कोई
- 54:36अल्टरनेटिव नहीं है। क्योंकि इतनी जबरदस्त
- 54:38हेल्थ एंगेज मशीन जो कंप्यूटर है ये भी
- 54:40इंसान ने ही तो बनाई है भाई। ठीक है? तो
- 54:43इसका मतलब ये हुआ इसका मतलब ये है कि
- 54:44इंसान जो है ना अभी भी एक एक्स्ट्रा
- 54:46ऑर्डिनरी कंप्यूटर है। फाइनली मैंने कहा
- 54:48आपसे शेयर करूं। तो अब इसका इससे तालमेल
- 54:51क्या है? वो ये है कि भ मान लिया कि
- 54:54कंप्यूटर नो डाउट कि एक ड्रास्टिक और बड़ी
- 54:56हेलमेट मशीन है और बड़ी स्पीड अप मशीन है।
- 54:59ओके? बहुत ही फास्ट मशीन है। लेकिन जो भी
- 55:02कुछ काम कर रहा है। ओके? ऑलरेडी
- 55:04प्रीडफाइंड कुछ प्रीडफाइंड फ़ूलाज़ हैं।
- 55:07प्रीडफाइंड कुछ रूटीनंस हैं। ओके? के
- 55:10प्रीडफाइन है कोई डेफिनेशनंस हैं उस पे तो
- 55:12काम कर रहा है। इसका मतलब ये हुआ कि अभी
- 55:14तक इसका अपना तो आईक्यू ना हुआ ना मतलब नो
- 55:17आईक्यू इज़ दैट। तो जो भी इंटेलिजेंसी है
- 55:20वो हम उसको प्रोवाइड कर रहे हैं। अब वो
- 55:22आगे हम देखेंगे 25 साल के बाद या कोई आगे
- 55:25की कहानी उसको तो हम बात नहीं कर रहे। वी
- 55:26डोंट डिस्कस। तो इसलिए हम ये नहीं कह सकते
- 55:29कि कंप्यूटर इज़ अ इंटेलिजेंट मशीन।
- 55:31इंटेलिजेंट मशीन इसलिए नहीं हो सकती
- 55:32क्योंकि इंटेलिजेंट तो हम बना रहे हैं
- 55:34इसको। भाई इंटेलिजेंट तो हम लोग हैं। ठीक
- 55:36है? हम अपने काम को थोड़ा इजी और कंफर्ट
- 55:39करने के लिए कन्वीनिएंट करने के लिए हम
- 55:41कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। उसको
- 55:42डिज़ाइन किया है। तो याद रखो तो इसलिए ये
- 55:45नहीं हो सकता। इसी तरह कैन गेट टायर्ड
- 55:47इज़ली मशीन है तो टायर्ड तो होती नहीं है
- 55:49भाई। ठीक है? इस पे जितना भी लोड लो एंड
- 55:51मे फॉरगेट डायरे को भूलने का भी कोई नहीं
- 55:53है कि इसकी अपनी स्टोरेज डायरे के हमने सब
- 55:55कुछ डिज़ाइन किया है। इसकी जो मेमोरी की भी
- 55:57बात करें तो वो मेमोरी भी उसी हिसाब से
- 55:59प्रीडफाइंड है और इसका फार्मूला इसका साइज
- 56:02वगैरह जो भी कहें तो आई मीन के राइट आंसर
- 56:06क्या हो गया फिर इसमें नन ऑफ़ अबव इस सिने
- 56:10में ये बात समझ में आ गई होगी आपको कि भ
- 56:14हम ठग से ये नहीं सोचेंगे कि हां ये
- 56:16इंटेलिजेंट मशीन है तो यार लॉजिकल रॉन्ग
- 56:18हो जाएगा ना क्योंकि अपनी तो इसका कोई
- 56:20आईक्यू नहीं है ना तो इसलिए हम कह रहे हैं
- 56:23बात समझ में आई कि नहीं आई उम्मीद है कि
- 56:26आपको क्लियर हुआ होगा।
- 56:28फिर भी अगर कोई क्वेश्चन हो और आप जो है
- 56:30जब इसको इस रिकॉर्डिंग मेनी एमसीक्यूस को
- 56:33आप जब सुनेंगे समझेंगे कोई क्वेश्चन हो तो
- 56:37आप जरूर पूछेंगे इंशाल्लाह।
- 56:39ठीक है?
- 56:45अब आते हैं हम
- 56:48अपने नेक्स्ट पर।
- 56:50नंबर फाइव। बड़ा अच्छा एमसीक्यू है अनदर।
- 56:53बड़ा इंपॉर्टेंट है। अमूमन यह आपके
- 56:55ऐप्टीट्यूड में हर बोर्ड के अंदर यह पूछा
- 56:59जाता है और वो है टर्मिनल्स का। ठीक है?
- 57:01मतलब अ डम टर्मिनल। देखिए जरा पहले इसको
- 57:04पढ़ लेते हैं। फिर उसके बाद इस पर बात
- 57:06करते हैं। अ डम टर्मिनल ए कैन नॉट बी
- 57:09प्रोग्राम्ड बाय द यूजर। बी कैन एडिट
- 57:12डेटा। सी कैन प्रोसेस डेटा बायसेल्फ एंड
- 57:15डी कैन इंटैक्ट विद द यूजर इन इंग्लिश।
- 57:18अच्छा बेटा अब इसको समझने से पहले यानी
- 57:21इसका आंसर बताने से पहले डायरेक्ट कि पहले
- 57:23आपको समझना होगा ना कि ये डम टर्मिनल होता
- 57:27क्या है? ठीक है? अच्छा डम टर्मिनल से भी
- 57:29पहले एक और बात समझनी होगी कि आईआर
- 57:32टर्मिनल्स की भी कोई टाइप्स होती हैं। है
- 57:34ना? और फिर उससे उससे भी पहले हमें देखना
- 57:36होगा कि टर्मिनल क्या होता है भाई? है ना?
- 57:39अब एक टर्मिनल को हम कह सकते हैं कि एक
- 57:40ऐसा कंप्यूटर या एक ऐसी डिवाइस जो कि किसी
- 57:44भी एक मेन उसका एक कनेक्शन हो।
- 57:47[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 57:47ठीक है ना? एक टर्मिनल। ठीक है? आगे हम
- 57:50पढ़ेंगे इंशाल्लाह और आपने भी पढ़ा होगा
- 57:52टोपोलॉजीस, लेंस, नेटवर्किंग वगैरह। तो
- 57:55उसमें हम देखते हैं कि कंप्यूटरटर्स जो है
- 57:57वो कनेक्ट होते हैं किसी एक पर्टिकुलर न
- 57:59से। मतलब एक किसी सर्वर की अगर स्टार्ट
- 58:01टोपोलॉजी की बात करें तो ये सारे जो है एक
- 58:04टर्मिनल से काम कर रहे होते हैं। तो
- 58:06टर्मिनल्स तीन तरह के होते हैं। अगर हम
- 58:09देखें तो टर्मिनल्स की बेसिक अगर हम देखें
- 58:13टर्मिनल्स टाइप
- 58:18टर्मिनल्स की टाइप जो है वह एक होता है डम
- 58:20टर्मिनल जो कि हमें
- 58:23मिल ही गया और दूसरा होता है स्मार्ट
- 58:25टर्मिनल
- 58:28एंड थर्ड वन इज़ इंटेलिजेंट
- 58:31ठीक है
- 58:35ओ सॉरी तीसरा है इंटेलिजेंट
- 58:42अच्छा अब ये तीन तरह के टर्मिनल्स होते
- 58:46हैं। ठीक है बच्चों? अब ये तीन तरह के
- 58:48इसमें डम टर्मिनल की अगर हम बात करें तो
- 58:50याद रखो डम टर्मिनल जो है ये वो टर्मिनल
- 58:54होता है बेटा कि इसका अपना कोई भी
- 58:56प्रोसेसिंग इसकी पावर नहीं होती है। मतलब
- 58:58इसको कोई अपना प्रोसेसिंग जो क्राइटेरिया
- 59:01नहीं होता उससे प्रोसेस नहीं कर सकता।
- 59:02डेटा को ये सिर्फ लेता है। ओके? इट्स जस्ट
- 59:06कैरिंग। ओके? मतलब इसमें कोई अपनी मेमोरी
- 59:09स्टोरेज मीडिया भी नहीं होता। ठीक है? एक
- 59:11लिमिटेड अगर होगी तो एक लिमिटेड स्टोरेज
- 59:14होगी लेकिन अपने लेवल पे एक बड़े ही फ्री
- 59:18लेवल पे काम नहीं कर रहा होता। ये टर्म
- 59:20टर्मिनल का मतलब ये होता है। मतलब इसमें
- 59:22अगर और मैं अगर काम करूं इसको और
- 59:24सिंपलीफाई करूं तो इस इस टर्मिनल की अगर
- 59:27हम बात करते हैं तो इसमें सिर्फ और सिर्फ
- 59:29आपको कीबोर्ड मिलेगा और मॉनिटर मिलेगा। बस
- 59:31दैट्स इट। ठीक है? अब इसकी एग्जांपल में
- 59:34आपके पास बेस्ट एग्जांपल है कि जैसे कि
- 59:36डेबिट कार्ड मशीनंस आपने देखी होंगी कि
- 59:38डेबिट कार्ड जो है वो एक डम टर्मिनल का
- 59:40काम कर रहा है। आप देखते हो उसमें कार्ड
- 59:42स्वाइप करते हो तो वो क्या है? उसमें
- 59:44कीवर्ड होता है एक मॉनिटर है। आप पिन कोड
- 59:46डालते हो तो देन वो सिर्फ क्या करता है?
- 59:47आपका कार्ड फर्स्ट एचबीएल से। अब वो आपके
- 59:50HBL के नेटवर्क से कनेक्ट हो जाएगा। तो वो
- 59:54जो जो भी डाटा जो भी इंफॉर्मेशन हमें जो
- 59:57रिस्ट्रिक्ट की सूरत में मिलती है तो वो
- 1:00:00बकायदा मेन जो सर्वर है जैसे फर्स्ट के
- 1:00:02HBL का गार्ड है उसके एक मेन सर्वर से वेब
- 1:00:05सर्वर से कनेक्ट हुआ एंड देन वो उस मशीन
- 1:00:07में उस टर्मिनल में आ गया तो वो उसको
- 1:00:09एक्सट्रैक्ट कर रहा है एंड देन आपको दे
- 1:00:10रहा है। तो ये डम टर्मिनल है। ठीक है? तो
- 1:00:14साबित हुआ कि डम टर्मिनल जो है ये एक इसका
- 1:00:17अपनी कोई प्रोसेसिंग और अपनी प्रोसेसिंग
- 1:00:19और मेमोरी स्टोरेज वगैरह नहीं होती है। ये
- 1:00:21डम टर्म लेकिन स्मार्ट टर्मिनल जो है ये
- 1:00:24क्या है? ये किसी हद तक इसकी अपनी एक
- 1:00:26मेमोरी भी होती है और अपनी एक प्रोसेसिंग
- 1:00:28कैपेबिलिटी भी होती है। ठीक है? इसको हम
- 1:00:30कहते हैं स्मार्ट टर्मिनल। ओके? और ये
- 1:00:33बैंकिंग सिस्टम के अंदर देखे जा सकते हैं
- 1:00:35इस तरह से। लेकिन एक होता है इंटेलिजेंट
- 1:00:37टर्मिनल। इंटेलिजेंट टर्मिनल याद रखो बेटा
- 1:00:40कि ये इट इज़ द मोस्ट कॉमन। यह टर्मिनल
- 1:00:44आपको मिलेगा इट इज
- 1:00:46द मोस्ट
- 1:00:48कॉमन
- 1:00:51एंड पॉपुलर।
- 1:00:53ठीक है? कॉमन एंड
- 1:00:56पॉपुलर टर्मिनल होता है। कौन सा?
- 1:00:58इंटेलिजेंट। ओके? इंटेलिजेंट जो टर्मिनल
- 1:01:01है ये हमको हमें जो है वो एक आमतौर पे
- 1:01:04कॉमनली हम इसको देखते हैं। ठीक है? क्यों?
- 1:01:06इसकी वजह ये है कि इसकी अपनी एक
- 1:01:08प्रोसेसिंग कैपेबिलिटी होती है। मेमोरी
- 1:01:10स्टोरेज और मेन मतलब जो भी कुछ स्टोरिंग
- 1:01:13करेगा, प्रोसेस करेगा बल्कि इवन एक सर्वर
- 1:01:16के अंदर फर्स्ट एक नेटवर्किंग सिस्टम है।
- 1:01:18उसमें एक एज अ इंटेलिजेंट टर्मिनल जो है
- 1:01:20वो दूसरों को डेटा शेयर भी करेगा और डेटा
- 1:01:23को स्टोर भी करेगा। तो ये एक वर्सटाइल
- 1:01:25टर्मिनल आप कह सकते हो। तो इस एमसीक्यू के
- 1:01:28मुताबिक हम क्या कह सकते हैं? डंक टर्मिनल
- 1:01:31ए तो जाहिर है कि इसमें ए कैन नॉट बी
- 1:01:33प्रोग्राम बाय द यूजर। क्योंकि प्रोग्रामर
- 1:01:36जो है इसको कुछ भी इससे मैं प्रोग्राम
- 1:01:40नहीं कर सकता क्योंकि डम टर्मिनल में
- 1:01:42मैंने आपको बता दिया है कि इसका अपना एक
- 1:01:43कीबोर्ड एंड जस्ट एक मॉनिटर होता है और ये
- 1:01:45इंस्ट्रक्शंस को एक्सट्रैक्ट करता है
- 1:01:47सिर्फ और सिर्फ ये रोटेट करता है। ओके?
- 1:01:49इसका अपनी कोई मेमोरी, स्टोरेज या
- 1:01:51प्रोसेसिंग कैपेबिलिटी नहीं होती है।
- 1:01:53दैट्स इट। उम्मीद है आपको समझ में आ गया
- 1:01:55होगा।
- 1:01:58अब आगे बढ़ते हैं। नंबर सिक्स। नंबर सिक्स
- 1:02:01में देखिए लार्ज कंप्यूटर वि कैन प्रोसेस
- 1:02:03ह्यूज डाटा एट हाई स्पीड्स आर नोन एज ए
- 1:02:07नेटवर्थ बी मिनी कंप्यूटरटर्स सी माइक्रो
- 1:02:10कंप्यूटरटर्स एंड डी मेनफ्रेंस अच्छा अब
- 1:02:12ये जाहिर है कि ये एक और टॉपिक जो टॉपिक
- 1:02:15चल रहा है तो ये बेसिकली क्लासिफिकेशन ऑफ़
- 1:02:18कंप्यूटर अगर आपको याद हो आपने भी पढ़ा
- 1:02:21होगा अपने-अपने लेवल्स पर कि कंप्यूटर को
- 1:02:25क्लासिफाई किया गया है। तो क्लासिफिकेशन
- 1:02:28ऑफ कंप्यूटर की जब बात होती है
- 1:02:31तो उसको तीन हिस्सों में डिवाइड किया हुआ
- 1:02:34है। है ना? क्लासिफिकेशन ऑफ कंप्यूटर को
- 1:02:37या उसकी क्लासिफिकेशन की अगर हम बात करते
- 1:02:39हैं तो कंप्यूटर को तीन हिस्सों में
- 1:02:41क्लासिफाई किया हुआ है। ओके? इसकी
- 1:02:43कैटेगरीज अगर हम देखते हैं तो आपको याद
- 1:02:45होगा बाय पर्पस।
- 1:02:48ठीक है? फिर उसके बाद बाय डाटा हैंडलिंग।
- 1:02:54बाय डाटा हैंडलिंग।
- 1:03:03एंड लास्ट वन इज बाय साइज और कैपेसिटी।
- 1:03:09तो ये जो एमसीक्यू है
- 1:03:12ये रेफर कर रहा है बेसिकली
- 1:03:17बाय साइज और कैपेसिटी। ठीक है ना? इन तीन
- 1:03:20क्लासिफिकेशन [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 1:03:21में ये जो एमसीक्यू है जो रिलेट है ये
- 1:03:24बेसिकली बात कर रहा है हमारे थर्ड वन बाय
- 1:03:26साइज और कैपेसिटी को। ठीक है? अच्छा अब
- 1:03:29बाय स्टाइल और कैपेसिटी को देखें। अच्छा
- 1:03:31अब जाहिर है कि बाय पर्पस बाय डाटा एंड
- 1:03:33लिंक अब इसकी डिटेल में अभी नहीं जा रहे
- 1:03:35और आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट हो जाएगा। अभी हम
- 1:03:38टू दैट पॉइंट अगर हम बात करें तो नंबर
- 1:03:40सिक्स जो एमसीक्यू है वो रिलेट कर रहा है
- 1:03:42आपके बाय साइज और कैपेसिटी को। और बाय
- 1:03:44साइज और कैपेसिटी में अगर हम देखें तो मज़द
- 1:03:46उसको क्लासिफाई किया गया है। मतलब
- 1:03:47कैटेगराइज़ किया गया है। और वो चार
- 1:03:49कंप्यूटरटर्स में डिवाइड है। जैसे माइक्रो
- 1:03:50कंप्यूटर हो गया, मिनी कंप्यूटर है, मेन
- 1:03:53फ्रेम है एंड फाइनली सुपर कंप्यूटर। तो,
- 1:03:55यहां पर क्या कह रहा है? लार्ज
- 1:03:56कंप्यूटरटर्स व्हिच कैन प्रोसेस ह्यूज
- 1:03:58डेटा एट हाई स्पीड्स आर नोन ऐज़। अब याद
- 1:04:00होगा कि इस सिनेरियो में ये बहुत ही
- 1:04:02इंपॉर्टेंट जुमला है। इसको बेटा जरा
- 1:04:04समझिएगा कि इस सिनेरियो में अगर हम बात कर
- 1:04:06रहे हैं क्योंकि वर्ड उसने यूज़ किया हुआ
- 1:04:08है लार्ज कंप्यूटरटर्स का। ठीक है ना? अब
- 1:04:10लार्ज कंप्यूटर की अगर हम बात करते हैं
- 1:04:12एंड डिपेंड्स ऑन द ऑप्शन। अभी मैंने थोड़ी
- 1:04:14देर पहले आई टोल्ड यू बिफोर कि भाई आपको
- 1:04:16बहुत ही तरीके से इस चीज़ को एमसीक्यूज़ को
- 1:04:19ज़रा अंडरस्टैंड करना होगा। जल्दी नहीं
- 1:04:21करनी होती बल्कि देखना होता है कि
- 1:04:23स्टेटमेंट को पढ़ें एंड देन फिर चार ऑप्शन
- 1:04:25यानी ऑप्शंस पे भी गौर करें। ठीक है? तो
- 1:04:27समटाइम वो डिस्ट्रैक्ट भी करते होंगे।
- 1:04:29जैसे एमसीक्यू देंगे डिस्ट्रैक्ट करने के
- 1:04:31लिए भी और ट्रिक के भी हो सकते हैं। तो
- 1:04:33यहां पर देखो आपको नेटवर्क की बात कर रहा
- 1:04:34है। ए में नेटवर्क है, मिनी कंप्यूटर जा
- 1:04:36रहा है, कंप्यूटरटर्स की बात कर रहा है।
- 1:04:38तो यहां पर नेटवर्क तो हो नहीं सकता। ठीक
- 1:04:40है? नेटवर्क तो एक सिस्टम को रेफर कर रहा
- 1:04:43है। मिनी कंप्यूटर रह जैसे अभी हमने कहा
- 1:04:46तो मिनी कंप्यूटर इस सूरत में इस सिनेरियो
- 1:04:49में नहीं हो सकता। माइक्रो कंप्यूटर यू नो
- 1:04:51के मैं और आप एक जस्ट लाइक पर्सनल
- 1:04:55कंप्यूटर के हवाले से अगर हम बात करें तो
- 1:04:57इसको फुलफिल करता है। तो राइट आंसर जो इस
- 1:05:00सिनेरियो में बार-बार ये मैं जुमला यूज़ कर
- 1:05:02रहा हूं और इसको समझिए प्लीज़। इट डिपेंड्स
- 1:05:04ऑन द ऑप्शन। अभी ऑप्शंस में हमें मेन
- 1:05:07फ्रेम मिल रहा है, मिनी कंप्यूटर मिल रहा
- 1:05:08है माइक्रो। तो इस सिनेरियो में मेन फ्रेम
- 1:05:10इज द राइट आंसर। ठीक है? अगर फर्ज कर लोगे
- 1:05:13यहां पे ऑप्शन में सुपर कंप्यूटर होता तो
- 1:05:15ऑब्वियसली फिर मेन फ्रेम नहीं होगा बल्कि
- 1:05:16फिर सुपर कंप्यूटर को आप टिक करोगे। मेरा
- 1:05:18मतलब कहने का ये है। ठीक है? उम्मीद है
- 1:05:21आपको मेरी बात समझ में आ गई होगी।
- 1:05:25अब आते हैं नेक्स्ट पर।
- 1:05:28जी। नंबर सेवन।
- 1:05:33अच्छा नंबर सेवन में
- 1:05:41अच्छा बेटा तो नाउ एमसीक्यू नंबर सेवन
- 1:05:43देखिए व्हिच ऑफ द फॉलोइंग क्वालिटीज़ कैन
- 1:05:46नॉट बी एट्रिब्यूटेड टू कंप्यूटर बड़ा
- 1:05:49अच्छा एमसीक्यू है और ये भी अमूमन जो है
- 1:05:51बड़ा इन है और पूछा जाता है और है तो सिंपल
- 1:05:54सा डायरेक्ट है बीइंग अ कंप्यूटर स्टूडेंट
- 1:05:56यू नो कि कंप्यूटर एक मशीन का नाम है।
- 1:05:58अच्छा अब थोड़ा सा डिस्प्यूट शायद हो आप
- 1:06:00सोचेंगे तो बिल्कुल आप ऑर्ग्यू करेंगे तो
- 1:06:03अच्छी बात होती है। एक इल्मी जो डिस्कशन
- 1:06:06होती है तो वह बड़ी अच्छी होती है। तो
- 1:06:08पहले मैं डिस्कशन कर लेता हूं। अच्छा अब
- 1:06:10इसमें देखो चार ऑप्शन है। हाई स्पीड हो
- 1:06:12गया और मतलब भी उर्दू में बता देते हैं कि
- 1:06:16इसमें से कौन सी क्वालिटी है जो कि
- 1:06:19कंप्यूटर से रिलेटेड नहीं है। जिसको हम
- 1:06:21नहीं कह सकते यार ये कंप्यूटर के अंदर
- 1:06:23नहीं है। ठीक है? एट्रिब्यूटेड नहीं है।
- 1:06:25तो जाहिर है कि हाई स्पीड कंप्यूटर एक हाई
- 1:06:28स्पीड मशीन है। ओके? इमोशन हो गया,
- 1:06:30जज्बात, फीलिंग्स वगैरह सब इसमें आ रहे
- 1:06:32हैं। उसके बाद जितनी भी एब्स्ट्रैक्शंस है
- 1:06:34यू कैन से और एक्यूरेसी है, वर्सटाइलिटी
- 1:06:36है। तो जाहिर है ईजी भी है। आप समझ तो गए
- 1:06:39होंगे के सर ये तो कोई मसला नहीं था। ये
- 1:06:42तो बड़ा ईजी एमसीक्यू है। और बिल्कुल आप
- 1:06:44सही कह रहे हो कि इमोशन इज़ द राइट वन।
- 1:06:48लेकिन एक थोड़ा सा वो मैं जो कह रहा था ना
- 1:06:50कि यार थोड़ा सा डिस्प्यूट हो। आप सोचें
- 1:06:53कि आज जैसे कि रोबोट्स की बात करें आप
- 1:06:56जापान और चाइनीस की बात कर रहे हैं तो
- 1:06:58उनके पास ऐसेसे रिपोर्ट्स उन्होंने बना
- 1:07:00लिए हैं कि जो कि बकायदा तौर पे उनके अंदर
- 1:07:02इमोशंस हैं। ठीक है? वो बकायदा तौर पे भाग
- 1:07:06रहे हैं, दौड़ रहे हैं। आप देखते होंगे और
- 1:07:08उन्होंने टेस्ट भी किए हैं इस पे और यानी
- 1:07:10फ्यूचर और जापान तो वो मुल्क है ना जो कि
- 1:07:13पूरी दुनिया से 25 इयर्स आगे बढ़ रहा है।
- 1:07:15यानी 2050 में जिंदगी गुजार रहे हैं। तो
- 1:07:17उनके उन्होंने ऐसेसे रोबोट्स बनाए जो कि
- 1:07:18इमोशंस रखते हैं। बकायदा हंसते हैं।
- 1:07:21बकायदा आपको लतीफे सुनाएंगे, जोक्स
- 1:07:23सुनाएंगे, आप उनसे आप गमजदा बात करें तो
- 1:07:26रोना शुरू कर देंगे। तो देखो आप उनकी
- 1:07:28तरक्की। तो ये भी एक मैंने कहा उसको मैं
- 1:07:30अपडेट करूं। लेकिन बहरहाल एक कंप्यूटर की
- 1:07:33बात हो रही है तो कंप्यूटर के अंदर इमोशंस
- 1:07:36नहीं है। इट डज़ नॉट ओके रिलेटेड टू द
- 1:07:40कंप्यूटर। तो उम्मीद है आपको ये बात समझ
- 1:07:43में आ गई होगी।
- 1:07:45नाउ नंबर एट द मेन कररेक्टरिस्टिक्स ऑफ़
- 1:07:47फिफ्थ जनरेशन कंप्यूटर इज़ अभी हमने थोड़ी
- 1:07:50देर पहले बात की थी ना जनरेशंस ऑफ़
- 1:07:52कंप्यूटर की आई थिंक एमसीक्यू नंबर टू। तो
- 1:07:56यह उसी से एक और एक उसकी कड़ी है कि फिफ्थ
- 1:07:59जनरेशन की अगर हम बात करें तो मेन
- 1:08:01कररेक्टरिस्टिक आप क्या कहोगे? यानी उस
- 1:08:04जनरेशन के अंदर क्या ऐसा जबरदस्त काम हुआ?
- 1:08:07और बिल्कुल के इसमें पहले हम पढ़ लेते हैं
- 1:08:09कि ए में देखो कह रहा है कि नो यूज़ ऑफ़
- 1:08:11माइक्रोपर्स इन देम। ठीक है? बिल्कुल ऐसा
- 1:08:14नहीं है। जाहिर है माइक्रोपर्स थे। बी
- 1:08:17देयर फिनोमिनल स्पीड। ओके? स्पीड के बारे
- 1:08:20में से अगर हम बात करें तो कोई ऐसी
- 1:08:22लिमिटेशंस नहीं थी बल्कि उसमें इज़ाफा ही
- 1:08:24हुआ। एंड एक्सट्रीमली लो कॉस्ट तो नहीं
- 1:08:27रहे। ठीक है? फिफ्थ जनरेशन। क्यों?
- 1:08:29क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- 1:08:31इंट्रोड्यूस हुई ना। फिफ्थ जनरेशन में जो
- 1:08:33बहुत ही जबरदस्त एक काम हुआ वो
- 1:08:36आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जो कि आज आप देख
- 1:08:38लो एआई का दौर है। ठीक है? एआई में कितना
- 1:08:40काम हो रहा है। एआई टूल्स देख लें। एक से
- 1:08:42एक सॉफ्टवेयर आ गए और क्या ही कुछ नहीं हो
- 1:08:45रहा। ठीक है? बल्कि आर्टिफिशियल
- 1:08:47इंटेलिजेंस जो है इस एआई को तो मैं
- 1:08:52एक नाम दिया मैंने। इसको मैं कहता हूं कि
- 1:08:55यह आज के दौर का एक टेक्नोलॉजिकल
- 1:09:00एक टेक्नोलॉजिकल
- 1:09:08दज्जाल से कम नहीं है भाई ये
- 1:09:10क्यों इसलिए
- 1:09:13क्योंकि आप देखते हो कि एई के सूरत में
- 1:09:16क्या कुछ नहीं हो रहा। ठीक है? एक बड़ी
- 1:09:18फेक आपने डी फेक सॉफ्टवेयर का नाम सुना
- 1:09:20होगा। तो इसके एक नेगेटिव एस्पेक्ट भी
- 1:09:22बहुत ज्यादा मौजूद है। जहां पर इसको
- 1:09:24प्रॉब्लम है इसके क्स भी हैं। तो ये एक
- 1:09:26मैंने एक इसके बारे में एक सोचा कि यार ये
- 1:09:29आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अगर आप नेगेटिव
- 1:09:30भी देखें तो ये एक तरह से इससे कम नहीं है
- 1:09:32भाई। तो क्या ऐसे लोग जो कि शैतानी या एक
- 1:09:35तरह से इस तरह की ज़हनियत रखते हैं तो क्या
- 1:09:37कुछ नहीं कर रहे। उसको गलत तरीके से भी
- 1:09:39इस्तेमाल किया जा रहा है। तो मेरे बच्चों
- 1:09:41आप लोगों को मैं सजेस्ट करूंगा कि बिल्कुल
- 1:09:43टेक्नोलॉजी को सीखना है। ओके? टेक्नोलॉजी
- 1:09:46को सीखना है। इसके बगैर तो हमारा गुजारा
- 1:09:47नहीं है। लेकिन इसको बहुत ही अच्छे और
- 1:09:50पॉजिटिव पर्सपेक्टिव में इन चीजों को
- 1:09:53देखिएगा। ठीक है? बिल्कुल आपने सीखे ना
- 1:09:55सीखना है और यही दौर है भाई और आगे तो है
- 1:09:57ही इसका फ्यूचर। तो
- 1:09:58[गला साफ़ करने की आवाज़] साथ-साथ ये
- 1:09:59चीजें भी चलती रहेंगी ताकि आपके लिए
- 1:10:01गाइडलाइन रहे। तो उम्मीद है मेरी ये बात
- 1:10:03समझ में आ गई होगी। नेक्स्ट नंबर नाइन। अ
- 1:10:07कंप्यूटर डिवाइस कैन बी कॉल्ड
- 1:10:09प्रोग्रामेबल इफ। बड़ा अच्छा एमसीक्यू है
- 1:10:12और थोड़ा सा एक टेक्निकल भी है। तो पहले पढ़
- 1:10:15लेते हैं इसके ऑप्शंस। इट्स ऑपरेशन इज़
- 1:10:17फिक्स्ड
- 1:10:19ए और बी में देखें इट्स ऑपरेशन कैन बी
- 1:10:22चेंज बाय चेंज ऑफ़ कमांड्स। सी इट कैन नॉट
- 1:10:25अडॉप्ट टू मेनी
- 1:10:31जी। थोड़ा सा इसमें
- 1:10:35एक काम करते हैं पहले तो
- 1:10:39ये एप्लीकेशन वर्ड है। ठीक है?
- 1:10:44आपने याद रखना है। ठीक है? बाय डिफरेंट
- 1:10:46प्रोग्राम्स और डी है नन ऑफ द अबव। अच्छा
- 1:10:51अब ये कह रहा है कि कंप्यूटर एक डिवाइस
- 1:10:53है। कैन बी कॉल्ड प्रोग्रामेबल। इसको हम
- 1:10:55प्रोग्रामेबल मशीन भी कहते हैं। कंप्यूटर
- 1:10:56इज़ एन इलेक्ट्रॉनिक मशीन। बचपन से पढ़ते आ
- 1:10:59रहे हो। बिल्कुल ठीक बात है। लेकिन इसके
- 1:11:01साथ-साथ यह प्रोग्रामेबल मशीन भी है। और
- 1:11:03आप जानते हो माशा्लाह कि प्रोग्रेबल मशीन
- 1:11:05क्या है कि इसको सेट ऑफ इंस्ट्रक्शंस की
- 1:11:07जरूरत होती है। हम प्रोवाइड करते हैं।
- 1:11:09ओके? मुख्तलिफ अंदाज मुख्तलिफ लैंग्वेज की
- 1:11:11सूरत में है। चाहे वो लो लेवल हो, चाहे वो
- 1:11:13हाई लेवल लैंग्वेज की बात हो। इंशाल्लाह
- 1:11:14आगे जाके हम इस पे बात करेंगे। तो ये
- 1:11:17बेसिकली इसका ऑपरेशन फिक्स तो हो नहीं
- 1:11:20सकता। जाहिर है कि कोई लिमिटेड नहीं है।
- 1:11:22लिमिटेड। अब वो बहुत ज्यादा हम आगे बढ़
- 1:11:25जाएंगे कि अगर हम हार्डवेयर के हिसाब से
- 1:11:27देखें तो कंप्यूटरटर्स को उसके हिसाब से
- 1:11:29फिर फिक्स किया जाता है या उसकी
- 1:11:31कैपेबिलिटी के हिसाब से मेमोरी के हिसाब
- 1:11:33से वो एक अलग बात है। लेकिन यहां पर वो कह
- 1:11:36रहा है कि कॉल्ड प्रोग्रामेबल है। तो ये
- 1:11:38राइट ऑप्शंस का है इट्स ऑपरेशन कैन बी
- 1:11:40चेंज बाय चेंज ऑफ़ कमांड्स। डायरेक्ट के हर
- 1:11:44कमांड देने पर इसका ऑपरेशन डिफरेंट से
- 1:11:46डिफरेंट होता है। जो आप कमांड देते हो उसी
- 1:11:48हिसाब से बिहेव करता है। तभी तो हम कहते
- 1:11:49हैं ना कंप्यूटर इज़ अ वर्सटाइल मशीन। ठीक
- 1:11:51है ना? कंप्यूटर कंप्यूटर जो है वो उसकी
- 1:11:54कई कैपेबिलिटीज़ में कैपेबिलिटी ये भी तो
- 1:11:56है ना कि वर्सटाइलिटी है इसके अंदर मतलब
- 1:11:58हर फंड वाला जिसे कहते हैं कि ये हर काम
- 1:12:01हर टास्क आपको देगा ठीक है इल्ला ये कि वो
- 1:12:04लॉजिकल हो इलॉजिकल सेंस जो होता है उसको
- 1:12:06वेलकम नहीं करता कंप्यूटर जो कि आपने सी
- 1:12:09लैंग्वेज या पाइथन लैंग्वेज के अंदर सीखा
- 1:12:11होगा जब आपने एरर्स डिस्कस किए होंगे तो
- 1:12:14एरर्स के अंदर हमने पढ़ा है ना कि भ
- 1:12:15लॉजिकल एरर जो होता है वो इलॉजिकल सेंस
- 1:12:18होता है तो इसलिए कंप्यूटर उसको
- 1:12:19आइडेंटिफाई नहीं करता तो लिहाजा बी ऑप्शन
- 1:12:22इज़ द राइट वन इस सिलसिले में। ठीक है?
- 1:12:26इसी तरह
- 1:12:29नेक्स्ट पे आते हैं। नंबर 10
- 1:12:33व्हिच स्टेटमेंट इज़ ट्रू अबाउट यूनिवक वन?
- 1:12:36अब ये एक और हिस्टोरिकल या हिस्ट्री का एक
- 1:12:38क्वेश्चन आ गया कि भाई व्हिच स्टेटमेंट इज़
- 1:12:41ट्रू अबाउट यूनिवक। अच्छा यूनिवक को पहले
- 1:12:43तो आपने समझ लेना है इसका फुल फॉर्म लिख
- 1:12:46लें।
- 1:12:50यूनिवर्सल
- 1:12:53यूनिवर्सल
- 1:12:57ऑटोमेटिक
- 1:13:01कंप्यूटर
- 1:13:04ठीक है ना पहले तो आपने ये रखना है ठीक है
- 1:13:07कि यूनिवक मतलब यूनिवर्सल ऑटोमेटिक
- 1:13:10कंप्यूटर अच्छा अब ये जनरेशन के हवाले से
- 1:13:13बात हो तो फर्स्ट जनरेशन का जब आगाज़ हुआ
- 1:13:15तो उसमें डिफरेंट कंप्यूटरटर्स बदले आम
- 1:13:18जैसे कि इनक हो गया ठीक ठीक है? यह फर्स्ट
- 1:13:21जनरेशन कंप्यूटर था।
- 1:13:23ठीक है?
- 1:13:25इनक हो गया। फिर उसी में ही फिर यूनivक
- 1:13:31ठीक है? यूनivक वन इफ आई से। ठीक है? ये
- 1:13:35फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर और भी थे। ठीक है?
- 1:13:37आईबीएम जो कंपनी है उन्होंने कंप्यूटरर्स
- 1:13:40को इंट्रोड्यूस किया इस फर्स्ट जनरेशन
- 1:13:41में। IBM 360 सीरीज इस तरह से। लेकिन
- 1:13:45यूनिवर्सल जो यूनिवक वन था यह बेसिकली
- 1:13:48कंसीडर किया जाता है। इट वाज़
- 1:13:53द फर्स्ट कमर्शियली अवेलेबल कंप्यूटर फॉर
- 1:13:56बिज़नेस मशीनंस या बिज़नेस एप्लीकेशन। तो
- 1:13:59याद रखिएगा कि यूनिवग वन जो है ये पहला एक
- 1:14:03बिज़नेस एप्लीकेशनेशंस के हवाले से पहला
- 1:14:06कंप्यूटर कंसीडर किया जाता है। ठीक है?
- 1:14:08बकायदा तौर पे जिसको आप कह सकते हो
- 1:14:09क्योंकि देखो इसका मतलब यह है एक और कि
- 1:14:12क्योंकि फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर की बात है
- 1:14:14तो फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर उस वक्त उस उस
- 1:14:17दौर के कंप्यूटर जो थे वो ऐसे थोड़ी थे कि
- 1:14:19हर कोई इसका इस्तेमाल कर रहा हो एक आम
- 1:14:21यूजर जो है उसका इस्तेमाल कर रहा हो मी और
- 1:14:23आप नो ऐसा कुछ नहीं था बल्कि
- 1:14:24रिस्ट्रिक्टेड थे ओके यानी एक
- 1:14:27रिस्ट्रिक्टेड तरीके से इंडस्ट्रीज जो है
- 1:14:29और स्पेसिफिक लोग जो इसका इस्तेमाल कर
- 1:14:31सकते थे हर कोई तो इसका इस्तेमाल कर ही
- 1:14:33नहीं सकता था ठीक है तो ये एक खास तौर पे
- 1:14:36आपको बात समझ
- 1:14:39उम्मीद है आपको [संगीत]
- 1:14:49[संगीत]
- 1:14:54[संगीत]
- 1:15:01[संगीत]
- 1:15:14[संगीत]
- 1:15:31[संगीत]
- 1:15:37[संगीत]
- 1:15:46[संगीत]
- 1:15:52[संगीत]
- 1:15:58[संगीत]
- 1:16:07[संगीत]
- 1:16:16[संगीत]
- 1:16:21[संगीत]
- 1:16:28[संगीत]
- 1:16:36[संगीत]
- 1:16:42[संगीत]
- 1:16:51[संगीत]
- 1:17:01[संगीत]
- 1:17:08[संगीत]
- 1:17:16[संगीत]
- 1:17:20[संगीत]
- 1:17:27[संगीत]
- 1:17:36[संगीत]
- 1:17:42[संगीत]
- 1:17:48[संगीत]
- 1:17:56[संगीत]
- 1:18:03[संगीत]
- 1:18:13[संगीत]
- 1:18:18[संगीत]
- 1:18:26[संगीत]
- 1:18:33[संगीत]
- 1:18:39[संगीत]
- 1:18:45[संगीत]
- 1:18:53[संगीत]
- 1:19:00[संगीत]
- 1:19:07समझ में आ गया होगा। नेक्स्ट पे आते हैं।
- 1:19:10नंबर 11 हु अमंग द फॉलोइंग कुड परफॉर्म
- 1:19:13ड्यूटीज विद लीस्ट मिस्टेक्स रिमेन
- 1:19:15अनटायर्ड एंड येट नॉट कंप्लेन। यानी कि
- 1:19:19थोड़ा सा आपको इंग्लिश को भी समझना है।
- 1:19:22ठीक है? कि भाई आपसे क्या पूछना चाह रहा
- 1:19:24है। कह रहा है कि कौन सा ऐसा इनमें से है
- 1:19:26कि जो कि एक तो मिस्टेक्स भी कम करता है।
- 1:19:30ठीक है? और अनटायर्ड रहता है। यानी थकता
- 1:19:33नहीं है। और कोई अगर आप उसको कुछ कहते हो
- 1:19:36या कुछ भी आप उसको कह लें तो वो कोई
- 1:19:38कंप्लेन भी नहीं करेगा भाई। ठीक है ना? तो
- 1:19:40इसका मतलब ये हुआ कि एक सिस्टम एनालिस्ट
- 1:19:42जो है अगर ए को देखें तो अ सिस्टम
- 1:19:44एनालिस्ट जो है एक जाहिर है कि ह्यूमन
- 1:19:46बीइंग को रेफर कर रहा है। एक सिस्टम
- 1:19:47एनालिस्ट जो एक डेज़िग्नेशन है तो एक
- 1:19:49ह्यूमन बीइंग ही हुआ ना। तो आप जरा सोचें
- 1:19:52कि एक सिस्टम एनालिस्ट से फिर गलती भी हो
- 1:19:54सकती है भाई। ठीक है ना? और अगर आप इसको
- 1:19:56कुछ बिहेवियर करेंगे तो डायरेक्ट आपको
- 1:19:58रिसोंड भी करेगा। एक सिस्टम एनालिस्ट है
- 1:20:00भाई चीफ है बॉस है तो लिहाजा ये तो हो
- 1:20:02नहीं सकता प्रोग्रामर भी एक ह्यूमन बीइंग
- 1:20:03को रेफर कर रहा है ठीक है कोई मशीन तो
- 1:20:06रेफर नहीं कर रहा इस तरह आप ईडीपी मैनेजर
- 1:20:07को देखें तो इलेक्ट्रॉनिक डेटा प्रोसेसिंग
- 1:20:09ठीक है ईडीबी क्या है इलेक्ट्रॉनिक
- 1:20:15इलेक्ट्रॉनिक डेटा प्रोसेसिंग ये एक इदारे
- 1:20:18के अंदर एक बहुत ही अहम शोबा होता है कि
- 1:20:21डेटा को किस तरह से मैनेज करना है तो इसको
- 1:20:24इसके लिए भी एक ऐसा स्पेशलिटी और स्पेशल
- 1:20:27ऐसे लोग चाहिए होते हैं। ठीक है ना? इसको
- 1:20:28मैंने तो बताया था कि मैनेजर भी किसको
- 1:20:30रेफर हो रहा है? ह्यूमन बीइंग को हो रहा
- 1:20:31है। तो लिहाजा ये तीनों तो कट गए। तो रह
- 1:20:33गया क्या? रोबोट। तो रोबोट ही तो एक ऐसा
- 1:20:36एक ऐसी एंटिटी है जो कि ना ही यानी एक तो
- 1:20:39एक ये लीज़ मिस्टेक करेगा और ना ही ये
- 1:20:41अनटायर्ड होता है। ठीक है? मशीन है भाई।
- 1:20:43ओके? और ना ही अगर आप इसको कुछ भी कहें तो
- 1:20:45ये क्या जवाब देगा? ये तो वही काम करेगा
- 1:20:47ना जो कि ऑलरेडी इसके अंदर डिज़ है। तो
- 1:20:49लिहाज़ा द राइट आंसर इज़ अ रोबोट। ठीक है?
- 1:20:53तो ये इसकी मेन्यू तो हो गई। तो उम्मीद है
- 1:20:55आपको यह बात समझ में आ गई होगी।
- 1:20:59नाउ नेक्स्ट नंबर 12 द टाइम टेकन टू
- 1:21:02परफॉर्म एन ऑपरेशंस बाय अ प्रेजेंट डे
- 1:21:05कंप्यूटर इज़ अबाउट यानी कि कंप्यूटर की
- 1:21:07स्पीड की बात कर रहा है भाई। ठीक है? अब
- 1:21:09इसमें जाहिर है कि बीइंग अ कंप्यूटर
- 1:21:11स्टूडेंट आप लोगों को पता होना चाहिए कि भ
- 1:21:13कंप्यूटर की स्पीड्स का भी एक दौर था। हर
- 1:21:15चीज़ का एक भाई कंप्यूटर की अगर आप
- 1:21:16हिस्ट्री को देखें तो कंप्यूटर का एक
- 1:21:18एवववोल्यूशन है। ठीक है ना? तो कंप्यूटर
- 1:21:20के एवोल्यूशन में आपके साइज़ के हवाले से
- 1:21:22अगर आप देखो तो साइज़ किस तरह से ये थोड़ी
- 1:21:24होगा कि भ एकदम से जो आज हम देखते हैं
- 1:21:25लैपटॉप की सूरत में डेस्कटॉप के जो साइज
- 1:21:28हमें देखते हैं तो ऐसा तो नहीं था। ठीक
- 1:21:30है? आज से आप 50 साल 60- 60 चले जाओ तो
- 1:21:33कंप्यूटर जो एक मैसिव एक साइज में होते
- 1:21:36थे। अगर हम उसकी मेमोरी की बात करें तो ये
- 1:21:39थोड़ी कि आज जो हम GB एंड टीवी की बातें
- 1:21:42कर रहे हैं। ठीक है? तो ऐसा तो नहीं है।
- 1:21:44बल्कि अगर आप पास्ट में जरा नजर मारो तो
- 1:21:46आपको मिलेगा कि भाई किलोबाइट्स और बाइट्स
- 1:21:48तक की मेमोरी थी भाई। एक शॉर्ट मेमोरी पे
- 1:21:50काम हो रहा था। तो यह एक एवोल्यूशन या
- 1:21:53हिस्ट्री है। तो इसी तरह से स्पीड के
- 1:21:56हवाले से भी बात तो अगर मैं बात करूं कि
- 1:21:58फर्स्ट जनरेशन ऑफ कंप्यूटरटर्स की तो
- 1:22:00फर्स्ट जनरेशन ऑफ़ कंप्यूटरटर्स यानी
- 1:22:02जनरेशंस के हवाले से बात हो तो स्पीड्स के
- 1:22:05हवाले से एक उसकी हायरार्की आपको समझनी
- 1:22:07होगी। वो क्या हायरार्की थी कि
- 1:22:10कंप्यूटरटर्स जो पहले के कंप्यूटरटर्स थे
- 1:22:12वो मिलीसेकंड्स पर थे। ठीक है? फिर इसमें
- 1:22:17इसको रिफाइंड किया गया। मज़द इसको इसके
- 1:22:19अंदर रिफॉर्म हुई। तो फिर ये माइक्रो
- 1:22:21सेकंड पे आ गए।
- 1:22:25ठीक है? और फिर उसके बाद ये नैनो सेकंड पे
- 1:22:31मौजूद है। और पिको सेकंड ये एक फीचर
- 1:22:36कंप्यूटर काहे कि इस स्पीड पे स्पीड ऑफ
- 1:22:38रेट पे काम करेंगे। अच्छा मिली सेकंड
- 1:22:40बेसिकली क्या इन सबको अगर हम देखते हैं तो
- 1:22:42मिलीसे को अगर आप देखते हो तो ये बेसिकली
- 1:22:451000 ऑफ़ अ सेकंड की बात करता है।
- 1:22:48इसको हम न्यूमेरिकल भी लिख सकते हैं। ठीक
- 1:22:51है? 1000 ऑफ़ अ सेकंड।
- 1:22:55और इसको अगर हम देखें तो ये 1 मिलियन ऑफ़ अ
- 1:22:57सेकंड
- 1:23:02ऑफ़ अ सेकंड।
- 1:23:0610 टू पावर यानी मिली सेकंड को आप
- 1:23:08मैथमेटिकली देखें तो 10 टू पावर -3
- 1:23:10माइक्रो कूल 10 टू पावर -6 ओके और नैनो
- 1:23:12सेकंड जो है 1 मिलियन सेकंड
- 1:23:19ये भी इंपॉर्टेंट है। ओके ये भी आपसे
- 1:23:22एमसीक्यू में पूछा जा सकता है।
- 1:23:25और पिको सेकंड 1 ट्रिलियंट ऑफ अ सेकंड
- 1:23:311 ट्रिलियंट
- 1:23:34ऑफ अ सेकंड
- 1:23:38यानी कि ये एक हरार्की है। मैंने कहा ये
- 1:23:40आपको बताऊं और ये एमसीक्यूस के लिए भी
- 1:23:42इंपॉर्टेंट है। ऐसे नहीं है बल्कि ये
- 1:23:44एमसीक्यूस के हवाले से भी आपसे पूछा जा
- 1:23:46सकता है कि भाई मिलीसे इक्वल्स टू ओके
- 1:23:49इसकी स्पीड को आप कैसे डिफाइन करोगे और
- 1:23:51मैथमेटिकली भी लिख देता हूं यहां पे आपकी
- 1:23:53आसानी के लिए कि 10 टू पावर -3 ये हो गया
- 1:23:56और
- 1:23:58अगर ये सही करके लिख दिया जाए
- 1:24:0310 टू पावर -3 हो गया इसको आप कह सकते हो
- 1:24:0710 टू पावर -6
- 1:24:09और यह 10 टू पावर -9
- 1:24:12और ये ऑब्वियसली 10 टू पावर -12 तो ये
- 1:24:16मैथमेटिकली है। बहाल दोनों बता दिए। ठीक
- 1:24:18है? तो ये देख लो आप कि यार क्या दौर था
- 1:24:21यानी कि फर्स्ट जनरेशन अगर आप देख लो तो
- 1:24:23कंप्यूटर का जो रेट ऑफ स्पीड था वो 1
- 1:24:26सेकंड के हजार हिस्से पे काम कर रहा था।
- 1:24:29तो अगर आप उस टाइम के हिसाब से देखें तो
- 1:24:32दैट वाज़ फास्टर। इसमें कोई शक नहीं है।
- 1:24:34ठीक है ना? लेकिन आज के हिसाब से आप
- 1:24:36कंपेयर करोगे तो कि फिर हम कहते हैं भाई
- 1:24:38बहुत ही ज्यादा सुस्त है भाई। हां
- 1:24:40डायरेक्ट कि आज आप देख लो आज इससे कंपेयर
- 1:24:42करो तो बहुत ही ज्यादा स्विस कंप्यूटर से
- 1:24:44लेकिन इसमें रिफॉर्म हुई रिफॉर्म हो के 1
- 1:24:46मिलियंस पे आ गए मिलियंस मतलब ये कि फिर
- 1:24:47एक सेकंड के लाखों हिस्से पे काम करना
- 1:24:49शुरू किया कंप्यूटर ने मतलब बहुत जबरदस्त
- 1:24:52एक बहुत ही कहना चाहिए कि एक प्रोमिनेंट
- 1:24:55ठीक है एक फर्क आया कि कहां हजारवा हिस्सा
- 1:24:59और कहां पे कंप्यूटर की स्पीड जो है वो
- 1:25:01लाख हिस्से तक पहुंच गई लेकिन बातें यहां
- 1:25:03पे खत्म नहीं हुई कंप्यूटर एक्सपर्ट्स यू
- 1:25:05नो कि साइंटिस्ट तो आपको पता है ना कि
- 1:25:07फ्यूचरिस्टिक होता है कि वो तो नेक्स्ट टू
- 1:25:09देख रहा है भाई और कंप्यूटर जैसी मशीन पे
- 1:25:11तो फिर समझ लो कि उन्होंने काम करना शुरू
- 1:25:13किया और आज तक हो रहा है क्योंकि कंप्यूटर
- 1:25:15एक ऐसी मशीन उनके लिए हो गया ना कि भाई बस
- 1:25:17अब हमारे एक ऐसा साथी मिल गया एक ऐसा एक
- 1:25:20समझ लो कि एंटिटी हो गई कि जो कि हमारे हर
- 1:25:23काम को आसान कर सकती है यानी ये उनका एक
- 1:25:26पर्सपेक्टिव है और नो डाउट कि जाहिर है कि
- 1:25:28वो जिस तरह से वो लोग कंप्यूटर को यानी
- 1:25:30यूरोप साइट पे कंप्यूटर का इस्तेमाल करते
- 1:25:32हैं हम तो खैर बहुत पीछे हैं। तो नैनो
- 1:25:34सेकंड्स में आया तो 1 बिलियन मतलब 1 सेकंड
- 1:25:36के करोड़ों हिस्से पे आप कंप्यूटर जो है
- 1:25:38वो स्पीड ऑफ रेट पे है और फ्यूचरिस्टिक जो
- 1:25:41है फिर आप अंदाजा लगा लें कि 1 सेकंड का
- 1:25:43अरबों हिस्सा तो यार अब यहीं से फिर एक
- 1:25:47सवाल भी आ गया ऑटोमेटिकली तो फिर हम ये
- 1:25:50सोचते हैं कि यार कंप्यूटर ब्रेन इज़ मोर
- 1:25:52फास्टर या फिर ह्यूमन ब्रेन इज़ मोर
- 1:25:54फास्टर। ठीक है? ये क्वेश्चन आप लोगों के
- 1:25:56लिए रखा है। जब आप इसको देखो तो मुझे
- 1:25:58बताना कि फीडबैक जो है वो आप इसके बारे
- 1:26:01में क्या कहते हो कि कंप्यूटर ब्रेन इज़
- 1:26:03मोर फास्टर या ह्यूमन ब्रेन इज़ मोर फास्ट।
- 1:26:05ये इसका जवाब मैं नहीं दे रहा बल्कि आप
- 1:26:07इसको सोचना और मुझे आप कमेंट्स पे जरूर
- 1:26:10बताना। तो इस तरह से समझ ठीक है। अच्छा
- 1:26:12जी। तो आपको इसका
- 1:26:15जवाब मिल गया होगा कि द टाइम टेकन टू
- 1:26:17परफॉर्म ऑपरेशन बाय प्रेजेंट डे
- 1:26:19कंप्यूटरटर्स तो वो है आपका नैनो सेकंड।
- 1:26:22ठीक है जी। तो यह मैंने कहा छोटी सी
- 1:26:25आते हैं नेक्स्ट पर।
- 1:26:27नंबर 13
- 1:26:30द यह भी एक हिस्ट्री का क्वेश्चन आ गया। द
- 1:26:32फर्स्ट इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर ऑफ़ द फर्स्ट
- 1:26:34जनरेशन वाज़ पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर जो
- 1:26:38है अब जाहिर है कि इसमें यूनivक वन जो
- 1:26:40जैसे कि मैंने अभी आपको प्रीवियसली बताया
- 1:26:42यूनिवर्सल ऑटोमेटिक कंप्यूटर बी इनाइक ये
- 1:26:45फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर है। सी मार्क वन
- 1:26:47एंड आईबीएम। अच्छा अब इस इनके बारे में दो
- 1:26:51तीन के बारे में जरूर बताना चाहूंगा। जैसे
- 1:26:52कि मार्क वन है इसके हवाले से एमसीक्यू
- 1:26:54पूछा जा जाता है अमूमन इस पर एमसीक्यू भी
- 1:26:57आ सकता है। ठीक है? मार्क वन के हवाले से
- 1:26:59तो ये आपने याद रखना है बेटा कि मार्क वन
- 1:27:02जो है इसको कंप्यूटर एक्सपर्ट ने कहा है
- 1:27:04कि द फर्स्ट
- 1:27:08इलेक्ट्रोमैकेनिकल कंप्यूटर।
- 1:27:12इट इज़ अ फर्स्ट इलेक्ट्रो
- 1:27:15मैकेनिकल
- 1:27:18कंप्यूटर।
- 1:27:21यह इसको कंसीडर किया जाता है। किसको?
- 1:27:22मार्क वन को। ठीक है? तो फर्स्ट
- 1:27:25इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर की बात हो रही है।
- 1:27:27तो दैट वाज़ द यूनivक वन। ठीक है? ये आपको
- 1:27:31याद रखना है कि यूनivक एक पहला बिज़नेस
- 1:27:35कंप्यूटर भी था बिज़नेस एप्लीकेशनेशंस के
- 1:27:36हवाले से और पहला इलेक्ट्रो इलेक्ट्रॉनिक
- 1:27:40कंप्यूटर भी था। लेकिन मार्क वन के हवाले
- 1:27:42से पूछा जा सकता है कि भाई व्हिच ऑफ़ द
- 1:27:43फॉलोइंग इज़ द फर्स्ट इलेक्ट्रोमकेल
- 1:27:45कंप्यूटर? तो आपका आंसर होगा मार्क वन।
- 1:27:48लेकिन इसमें आपने याद रखना है कि ए
- 1:27:50यूनिवर्सल कंप्यूटर है। मतलब हिस्ट्री का
- 1:27:52क्वेश्चन है। ये आपको याद रखना है। 14
- 1:27:56व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट ट्रू अबाउट इनक
- 1:27:59कंप्यूटर। अच्छा जी। अब अगेन एक हिस्ट्री
- 1:28:02का क्वेश्चन है कि इनक हमें पता है
- 1:28:04इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटेड
- 1:28:06ऑटोमेटिक कंप्यूटर। इसके बारे में आप लिख
- 1:28:09लो यहां पर। फुल फॉर्म्स भी आ सकती हैं।
- 1:28:13इसलिए मैं आपको बता रहा हूं। ठीक है?
- 1:28:18इलेक्ट्रॉनिक
- 1:28:20न्यूमेरिक इलेक्ट्रॉनिकल भी बोलते हैं।
- 1:28:23इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल
- 1:28:26इंटीग्रेटेड
- 1:28:32ऑटोमेटिक
- 1:28:37ठीक है। कंप्यूटर अच्छा बाज़ बुक्स में
- 1:28:40कंप्यूटर भी है। बाज़ बुक्स में कैलकुलेटर
- 1:28:42भी रेफर है। लेकिन ज्यादातर जो है
- 1:28:44कंप्यूटर ही रेफर है। ठीक है? लेकिन मैंने
- 1:28:46दोनों लिख दिए। अब डिपेंड करता है कि आपको
- 1:28:48अगर फुल फॉर्म दिया हुआ है तो ऑप्शन में
- 1:28:50अगर कैलकुलेटर चल रहा है तो आप समझ जाना
- 1:28:52कि भाई कैलकुलेटर है। ठीक है? अगर
- 1:28:53कंप्यूटर होता तो दोनों बता लेकिन
- 1:28:55ज्यादातर ये भी बता रहा हूं साथ में कि
- 1:28:57कंप्यूटर ज्यादातर रिकमेंडेड है। सही है?
- 1:29:00तो ये एक अच्छा अब ट्रू अबाउट द इनएक्ट
- 1:29:03कंप्यूटर के बारे में नॉट ट्रू है। इज़ नॉट
- 1:29:06ट्रू अबाउट इनेक्ट कंप्यूटर। तो ए ऑप्शन
- 1:29:09में देखिए कह रहा है इट बिलोंग्स टू
- 1:29:10फर्स्ट जनरेशन। ठीक है? ये तो बात ट्रू है
- 1:29:12क्योंकि इन in जो कंप्यूटर जैसे मैंने अभी
- 1:29:15बताया था कि univag 1 हो गया इनाइक हो गया
- 1:29:17ये सब जो है ये दोनों कंप्यूटर फर्स्ट
- 1:29:18जनरेशन से लिंक करते हैं तो ये बात तो
- 1:29:20ट्रू मतलब ये नहीं है कि ये ट्रू नहीं है
- 1:29:22ये ट्रू है बी इट वाज़ द फर्स्ट
- 1:29:24प्रोग्रामेबल कंप्यूटर क्या ये पहला
- 1:29:27प्रोग्रामेबल कंप्यूटर कहलाया जाता है या
- 1:29:29इट वाज़ मेड बाय एकड एंड मॉशले एंड डी ये
- 1:29:32साइंटिस्ट है दो जिन्होंने कंप्यूटर बनाया
- 1:29:34ये भी बात ट्रू नहीं है ये ट्रू है बात कि
- 1:29:36इनेक जो इन्होंने डिज़ किया एंड इट
- 1:29:39कंज्यूम्ड 150 kवाट ऑफ़ पावर पावर एंड
- 1:29:41वेटेज 27 टन्स। तो जाहिर है कि ये भी बात
- 1:29:44इसलिए ट्रू है कि उस दौर के कंप्यूटरटर्स
- 1:29:46जो थे आपने भी पढ़ा होगा सेकेंडरी लेवल से
- 1:29:48आपको पढ़ बताया जा रहा है कि भाई फर्स्ट
- 1:29:50जनरेशन कंप्यूटर्स जो है बहुत ही हैवी
- 1:29:52होते थे। ठीक है ना? मतलब टर्न्स के हिसाब
- 1:29:54से कंप्यूटरटर्स होते थे। यानी एक टन जो
- 1:29:56है समझ लो कि एक हाथी जो है एक टन का होता
- 1:29:58है भाई। अब अंदाजा लगा लो आप लोग। ठीक है?
- 1:30:00इसको आप इस तरह से समझ लें कि एक हाथी को
- 1:30:02तो देखा है ना तो एक हाथी का वजन कम से कम
- 1:30:05एप्रोक्स जो है 1 टन होता है। तो 1 टन इस
- 1:30:08इस इतने हैवी होते थे। ओके? तो ये भी एक
- 1:30:11दौर गुजरा देखो बेटा और आज आप पूरी दुनिया
- 1:30:13को अपनी जेब में लिए घूम रहे हैं। ऐसा है
- 1:30:16बल्कि इवन अपनी कलाई पे लिए घूम रहे हैं।
- 1:30:18मतलब कंप्यूटरटर्स की स्रोत में तो ये भी
- 1:30:20एक दौर है। एक ये भी दौर था भाई। हां पूरा
- 1:30:22एक 1500 या 2000 गज का एक पूरा एरिया
- 1:30:25चाहिए होता था कंप्यूटर को फिक्स करने के
- 1:30:27लिए इंस्टॉल करने के लिए। और आपको मैं अब
- 1:30:30बात चली है तो एक और बात बताऊं कि आपको
- 1:30:32सुन के शायद हैरानगी होगी। उस दौर के
- 1:30:33कंप्यूटरटर्स जो थे उनको ऑपरेट करने के
- 1:30:36लिए कोई एक शख्स नहीं था बल्कि एक
- 1:30:38कंप्यूटर को चलाने के लिए पूरा एक ग्रुप
- 1:30:41ऑफ़ पीपल होता था। यानी लगभग 20 से 25
- 1:30:44अफराद जो है उस पे काम करते थे और वो
- 1:30:47एक्सपर्ट्स होते थे। यानी आम इंसान थोड़ी
- 1:30:49आम यूज़ थोड़ी उस पे काम कर सकता था। बहुत
- 1:30:51ही टिपिकल था। कॉम्प्लेक्स डिज़ाइन था।
- 1:30:53यानी कि कुछ इसका स्ट्रक्चर जो था इतना
- 1:30:56ज्यादा इजी नहीं था जो आज के आप कंप्यूटर
- 1:30:58में देखते हो। बहाल फिर बाद से बात चलेगी।
- 1:31:01तो इसका राइट आंसर जो है यह याद रखिए कि
- 1:31:04यह एक प्रॉपर प्रोग्रामेबल जो है कंप्यूटर
- 1:31:07नहीं था इन के हवाले से। ठीक है? क्योंकि
- 1:31:10यूनivक को ज्यादातर प्रोग्रामेबल कंप्यूटर
- 1:31:14कंसीडर किया जाता है।
- 1:31:1815 में देखिए व्हिच अमंग द फॉलोइंग इज़ नॉट
- 1:31:21करेक्ट। अब ये भी हिस्ट्री का ही क्वेश्चन
- 1:31:23है। तो आपसे पूछ रहा है अगेन कि भाई इनमें
- 1:31:25से कौन सी स्टेटमेंट है जो कि ठीक नहीं
- 1:31:28है? अगर आप ए में देंगे तो बैबेज
- 1:31:30इन्वेंटेड एनालिटिक इंजन। तो जाहिर है कि
- 1:31:32हम बात कर चुके हैं अभी पहले एमसीक्यू में
- 1:31:35कि बेबेज जो थे चार्ल्स बैबेज जो कि मदद
- 1:31:38ऑफ़ कंप्यूटर हैं। तो उन्होंने एनालिटिकल
- 1:31:40इंजन इजाद किया। तो ये बात दुरुस्त है। बी
- 1:31:42एकेड मेड द एनक कंप्यूटर ये भी नहीं है।
- 1:31:45उसके बाद सिस्टम 360 कंप्यूटर बिलोंग्स टू
- 1:31:48थर्ड जनरेशन। ये भी बात दुरुस्त है। ठीक
- 1:31:50है? थर्ड जनरेशन में पहला आईबीएम ने 360
- 1:31:53कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर के में
- 1:31:54इंट्रोड्यूस किया और बी एकेडो हम बात कर
- 1:31:56चुके हैं। यह साइंटिस्ट है जिन्होंने एक्ट
- 1:31:58को डिज़ किया अलोंग विद मोशले जो इनका एक
- 1:32:01साथी था। तो इसका मतलब है डी वन न्यूमैन
- 1:32:04के बारे में पढ़ेंगे इंशाल्लाह हम कि हु इज़
- 1:32:06वन न्यू मैन। ठीक है? ये वो अभी बात लंबी
- 1:32:10हो जाएगी और टू द पॉइंट नहीं होगी। ठीक
- 1:32:11है? लेकिन इस पे हम बात करेंगे। लेकिन
- 1:32:14बहरहाल वन न्यू मैन डेवलप पर्सनल
- 1:32:16कंप्यूटर। ये बात दुरुस्त नहीं है क्योंकि
- 1:32:17इसने पहला पर्सन कंप्यूटर नहीं बनाया
- 1:32:20बल्कि इसने पहला [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 1:32:21एक स्टैंडर्डाइज़ एक मेमोरी बेस्ड कंप्यूटर
- 1:32:24नहीं है। इसने मेमोरी पे काम किया।
- 1:32:25कंप्यूटर की मेमोरी जो आप रैम की बात करते
- 1:32:28हो रजिस्टर्स ये सारी चीजें तो इस
- 1:32:30इंशाल्लाह बात करेंगे तो वरना बात इधर-उधर
- 1:32:32हो जाएगी। ये हम आगे बढ़ते हैं इंशाल्लाह
- 1:32:35तो फिर बात होगी। लेकिन वन न्यू मैन को हम
- 1:32:38ये नहीं कहेंगे कि इसने पर्सनल कंप्यूटर
- 1:32:40पे काम किया। नो। यह आईबीएम को क्रेडिट
- 1:32:43जाता है। तो यह हो गया आपका स्टेटमेंट दैट
- 1:32:46इज नॉट करेक्ट।
- 1:32:49नंबर 16 द लॉगरथमस वर्क डेवलप्ड बाय अब एक
- 1:32:53और हिस्ट्री का क्वेश्चन आ गया। ठीक है?
- 1:32:55आप हिस्ट्री में देखें एवोल्यूशन ऑफ़
- 1:32:56कंप्यूटर की अगर हम बात करें तो एवोल्यूशन
- 1:32:58ऑफ़ कंप्यूटर में हमने कैलकुलेशन डिवाइस
- 1:33:00आपने भी पढ़ी कि भाई किस तरह से एक
- 1:33:03कैलकुलेशन का अमल जो है ईजी से ईजी होता
- 1:33:05गया। ठीक है? जैसे के हम अबकस को देखते
- 1:33:08हैं। फिर स्लैड रूल है। तो उनमें से एक
- 1:33:10डिवाइस थी नेपियर ब्रॉट्स या नेपियर
- 1:33:12बों्स। उनमें एक शख्स थे जॉन नेपियर। ठीक
- 1:33:14है ना? तो ये जॉन नेपियर जो था इसने एक
- 1:33:17ऐसी डिवाइस बनाई थी कि जो कि लॉगरिथमिक
- 1:33:20कैलकुलेशन वगैरह इनको ये सॉल्व कर सकता
- 1:33:22था। मतलब मल्टीप्लाई डिवाइड पे भी काम
- 1:33:23करती थी वो डिवाइस लेकिन उसके साथ-साथ
- 1:33:25अलोंग विद लॉगरिथम्म वैल्यूज़ को भी तो जॉन
- 1:33:27एपीयर इज़ द राइट आंसर।
- 1:33:30बाकी यह जाहिर है कि यह इस पर मीट नहीं
- 1:33:33करता है।
- 1:33:36उसके बाद नेक्स्ट
- 1:33:3917 अ मेन फ्रेम इज़ जनरली मोर पावरफुल देन
- 1:33:43मिनी कंप्यूटर बट लेस पावरफुल देन अ तो
- 1:33:46इसने खुद ही आसान कर दिया एक तरह से कि
- 1:33:49मेन फ्रेम कंप्यूटरटर्स जाहिर है कि
- 1:33:50पावरफुल तो हैं मिनी कंप्यूटर से लेकिन
- 1:33:52लेस पावरफुल होंगे क्योंकि अब ऑप्शंस के
- 1:33:54अंदर आपको इसका जवाब मिल जाएगा क्योंकि
- 1:33:57पर्सनल कंप्यूटर तो हो नहीं सकता। सही है
- 1:33:59ना? ओके। और माइक्रो कंप्यूटर भी
- 1:34:01ऑब्वियसली नहीं हो सकता। तो बचा क्या?
- 1:34:04सुपर कंप्यूटर। तो सुपर कंप्यूटर तो सबसे
- 1:34:06हैविएस्ट है ना। सुपर कंप्यूटर इज़ द मोस्ट
- 1:34:09पावरफुल। ओके? यानी साइज़ को अगर आप देखें
- 1:34:12तो साइज़ के हिसाब से भी लार्ज हैं। और अगर
- 1:34:14इसकी डेटा प्रोसेसिंग देखें तो बहुत
- 1:34:16ज्यादा पावरफुल तरीके से काम करती है। और
- 1:34:19यू नो के सुपर कंप्यूटर वो कंप्यूटरटर्स
- 1:34:21हैं जो कि हाइली कॉस्टल। ठीक है ना? मतलब
- 1:34:24इसकी कॉस्ट के हिसाब से देखें और इसका
- 1:34:27इंफ्रास्ट्रक्चर देखें। फिर इसको काम करने
- 1:34:29के लिए स्पेशल यानी हाईली स्किल
- 1:34:31प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है। आम
- 1:34:33[गला साफ़ करने की आवाज़] इसमें
- 1:34:33इंजीनियर्स जो होते हैं इस चीयर्स के अगर
- 1:34:35वो सोचें कि वो काम करेंगे वो भी नहीं
- 1:34:37जरूरत बल्कि एक्सपीरियंस्ड लोग होते हैं
- 1:34:39और बहुत ही जबरदस्त तरीके से। तो बहरहाल
- 1:34:41इसका राइट आंसर है कि मेन फ्रेम ऑब्वियसली
- 1:34:44मिनी कंप्यूटर से तो पावरफुल है लेकिन
- 1:34:46सुपर कंप्यूटर से लेस है।
- 1:34:4918 अ लेमैन
- 1:34:52सबसे पहले तो आपके सामने आता है ये लेमनैन
- 1:34:54कौन होता है? ठीक है ना? व्हेन द थिंग्स
- 1:34:56ऑफ ऑटोमेशन इज़ जनरली रिमाइंडर ऑफ। अच्छा
- 1:35:00लेमन बेसिकली क्या है कि दैट
- 1:35:04नॉट
- 1:35:06नो हाउ। ठीक है ना?
- 1:35:09अबाउट कंप्यूटर या कुछ इतनी खास नॉलेज ना
- 1:35:12रखता हो।
- 1:35:16एक क्लेम वो है एक सिंपल एक जरूरी नहीं कि
- 1:35:20हर एक को कंप्यूटर के बारे में तो इतना
- 1:35:21नहीं पता होता ना। ठीक है? तो ऐसा शेख कि
- 1:35:23जो कि कंप्यूटर के बारे में इतनी डीप
- 1:35:25नॉलेज ना रखता हो। कई मीनिंग्स हो सकते
- 1:35:26हैं भाई। ठीक है? तो उसके बारे में कह रहे
- 1:35:29हैं कि भ एक ऑटोमेशन एक कंप्यूटर के अंदर
- 1:35:32बड़ी जबरदस्त टर्म है। ऑटोमेशन किसे कहते
- 1:35:33हैं? हम इस पे भी बात होगी। ऑफिस ऑटोमेशन
- 1:35:36अगर आपने नाम सुना हो।
- 1:35:38अगर आपने
- 1:35:42ऑफिस ऑटोमेशन की बात ये टर्म से आप गुजरे
- 1:35:46हो आपको पता हो
- 1:35:49ऑफिस ऑटोमेशन ये ऑफिस ऑटोमेशन को अगर मैं
- 1:35:53इजी कर दूं ठीक है ना बहुत ही इज़िएस्ट वे
- 1:35:56में अगर हम इसको समझना चाहें तो हम कह
- 1:35:59सकते हैं कंप्यूटराइज्ड डाटा प्रोसेसिंग
- 1:36:03कंप्यूटराइज्ड
- 1:36:05डेटा
- 1:36:07प्रोसेसिंग।
- 1:36:11ठीक है? कंप्यूटराइज डाटा प्रोसेसिंग का
- 1:36:14अमल। भाई देखो ना डाटा प्रोसेसिंग दो
- 1:36:15तरीके से होती है। एक
- 1:36:17[गला साफ़ करने की आवाज़] है मैनुअल डेट
- 1:36:18प्रोसेसिंग और एक है कंप्यूटराइज्ड डेटा
- 1:36:19प्रोसेसिंग। ठीक है ना? अब ये भी एक
- 1:36:21क्वेश्चन है और ये मैं क्वेश्चन ये भी मैं
- 1:36:24दे रहा हूं। इसको भी सोचिएगा कि आप क्या
- 1:36:26समझते हो कि इन फ्यूचर यानी अगले कितने
- 1:36:28सालों में अगर मैं कहूं कि मैनुअल डाटा
- 1:36:30प्रोसेसिंग को आप क्या बिल्कुल खत्म देखते
- 1:36:33हो। मतलब है कि सर बिल्कुल ही फिनिश हो
- 1:36:35जाएगा या फिर रेयर हो जाएगा या फिर लेस हो
- 1:36:38जाएगा। ठीक है? तो ये क्वेश्चन है छोटा
- 1:36:40सा। तो इस पे भी सोचना। अच्छा तो ऑफिस
- 1:36:42ऑटोमेशन बेसिकली किस पे काम करता है? ये
- 1:36:44मैनुअल डेटा प्रोसेसिंग पे काम नहीं करता
- 1:36:47बल्कि इसका बेसिक जो फोकस्ड है वो है
- 1:36:49कंप्यूटराइज़्ड डेटा प्रोसेसिंग। और
- 1:36:51कंप्यूटराइज़्ड डेटा प्रोसेसिंग पे क्यों
- 1:36:52है? क्योंकि इट्स यूज़ज़ सॉफ्टवेयर्स।
- 1:36:56यानी हम जब भी मेरा मतलब कहने का यह है कि
- 1:37:00जब भी आप कंप्यूटराइज डाटा प्रोसेसिंग की
- 1:37:02बात करते हो इन टर्म्स ऑफ ऑफिस ऑटोमेशन।
- 1:37:04ठीक है? तो ये विद द हेल्प ऑफ सॉफ्टवेयर्स
- 1:37:08यानी सॉफ्टवेयर्स के जरिए हम जब सॉफ्टवेयर
- 1:37:11का इस्तेमाल करते हैं तो ऑब्वियसली
- 1:37:12ऑटोमेटिकली क्या हो जाता है? वो ऑटोमेटिक
- 1:37:15हो गया ना? मतलब कंप्यूटराइज्ड हो गया।
- 1:37:16क्योंकि कंप्यूटर से आप जुड़ गए और फिर वो
- 1:37:18जो भी काम हो रहा है अभी आप देखो ना अभी
- 1:37:20हम लेक्चर्स दे रहे हैं अभी मैं
- 1:37:21रिकॉर्डिंग करवा रहा हूं तो उसके लिए उसके
- 1:37:22पीछे एक सॉफ्टवेयर है मतलब कंप्यूटरर्स की
- 1:37:24दो ही तो रिसोर्सेज है ना सॉफ्टवेयर एंड
- 1:37:26हार्डवेयर अब इन दोनों का कॉम्बिनेशन होता
- 1:37:29है अब ये कैसे होता है उसके पीछे फिर एक
- 1:37:31कहानी फिर शुरू हो जाएगी हां ऑपरेटिंग
- 1:37:33सिस्टम है फिर कर्नाल सिस्टम है ये सब
- 1:37:35आएंगे अभी एमसीक्यू डोंट वरी उसप हम बात
- 1:37:37करेंगे तो ये ऑफिस ऑटोमेशन ये ऑटोमेशन का
- 1:37:40मतलब ये है तो वो ये कह रहा है कि एक लेमन
- 1:37:42जो है जो कि एक ज्यादा नॉलेज नहीं रखता
- 1:37:44दैट डज़ नॉट हैव द साउंड नॉलेज अबाउट अबाउट
- 1:37:46द कंप्यूटर तो वो ऑटोमेशन को किस तरह
- 1:37:49देखता है या वो नेटवर्क कम्युनिकेशन समझता
- 1:37:51है इसको या वो कंप्यूटर ग्राफिक्स समझता
- 1:37:54है या वो रोबोट समझेगा या फिर कैट कॉम तो
- 1:37:56एक्चुअली वो उसके ज़हन में आएगा कि वो एक
- 1:37:59रोबोट्स को डिस्कस हो रहा है यानी ऑटोमेशन
- 1:38:02का मतलब ऑटोमेटिक यानी उसके ज़हन में आएगा
- 1:38:04कि यार ये रोबोट्स की बात हो रही है।
- 1:38:06कंप्यूटर ग्राफ़िक्स तो उसको अंडरस्टैंड
- 1:38:08कर जाएगा। भाई ग्राफिक्स के हवाले से बात
- 1:38:10हो रही है या नेटवर्क का एक ज़हन में आ
- 1:38:12जाएगा। इतना इसको सेंस होगा। लेकिन जब वो
- 1:38:15ऑटोमेशन पे सोचेगा तो खट से उसके ज़हन में
- 1:38:18और कुछ नहीं आएगा। वो सोचेगा कि रोबोट्स
- 1:38:20हैं। ठीक है? तो ये एक उसके ज़हन में आएगा।
- 1:38:23उम्मीद है आपको ये बात समझ में आई होगी।
- 1:38:27उसके बाद 19
- 1:38:30उसके बाद 19 में देखें तो स्टेटमेंट है
- 1:38:34व्हिच आर द फॉलोइंग इज इनकरेक्ट इनमें से
- 1:38:38कौन सी स्टेटमेंट है जो इनकरेक्ट है वही
- 1:38:41बात है हिस्ट्री का एक क्वेश्चन आ गया ठीक
- 1:38:44है
- 1:38:48इसमें हिस्ट्री का एक क्वेश्चन आ गया और
- 1:38:53यह मैं जरा
- 1:38:56पहले इसको मैं हटा देता हूं। यह एक वर्ड
- 1:38:59बाय क्लेरिकल मिस्टेक हो गई।
- 1:39:04ये नहीं है। ओके।
- 1:39:08अच्छा
- 1:39:11अच्छा अब इसमें देखें कि
- 1:39:15व्हिच आर द अच्छा। अब इसमें ए देखेंगे।
- 1:39:16Intel 8085 ये प्रोसेसर है भाई। ठीक है?
- 1:39:21यह प्रोसेसर है।
- 1:39:24Intel
- 1:39:26सॉरी यह एक प्रोसेसर का नाम है। ठीक है
- 1:39:29ना? Intel और Intel क्या है? ये Intel एक
- 1:39:31कंपनी है भाई। ठीक है? Intel जो है आपको
- 1:39:34मैं एक बात बताऊं कि कंप्यूटर की अगर मैं
- 1:39:37कहूं कि उसकी तरक्की में उसकी
- 1:39:39प्रोडक्टिविटी में ठीक है। उसकी
- 1:39:41इन्वेस्टमेंट की अगर हम बात करें तो दो
- 1:39:42कंपनीज़ बड़े ही प्रोमिनेंट तरीके से सामने
- 1:39:45आती है। एक क्या जी एक तो आपको मशहूर
- 1:39:48मारूफ आपने नाम सुना होगा आईबीएम
- 1:39:51microsoft तो अभी की बराबर है भाई ठीक है
- 1:39:54ना वो तो 80 की बात हो रही है ना तो अगर
- 1:39:57मैं बात करूं जरा हिस्टोरिकल तो आईबीएम जो
- 1:39:59है इंटरनेशनल बिनेस मशीन ये वो कंपनी है
- 1:40:02और आज भी है भाई एक ब्रांड है अब
- 1:40:04पाकिस्तान में इतने नजर नहीं आते क्योंकि
- 1:40:06हर कोई तो इसके पहली बात है कि किसी
- 1:40:08प्रोडक्ट खरीद भी नहीं सकता भाई ठीक है
- 1:40:09मतलब पेड होते हैं इसके सॉफ्टवेयर्स हैं
- 1:40:12कोई परेसी परेड सॉफ्टवेयर इसमें इस्तेमाल
- 1:40:13नहीं हो सकते और क्या ही बात है तो आईबी
- 1:40:15एक ब्रांड का नाम है। पहली बात एक तो
- 1:40:17कंप्यूटर की जब भी बात होगी उसकी तरक्की
- 1:40:20में तो आईबीएम का एक ग्रेटर शेयर है और
- 1:40:24उसके बाद आता है Intel
- 1:40:27Intel कॉरपोरेशन ये कंपनी है जो कि
- 1:40:30माइक्रोपर्स डिजाइन करने में बड़ी पॉपुलर
- 1:40:32है। ठीक है ना? तो ये मैंने कहा आपसे शेयर
- 1:40:34करूं। और एक और बात कि Intel वो कंपनी है
- 1:40:37कि जिसने पहला माइक्रोपर जो है ये इसी ने
- 1:40:39ही इसको क्रेडिट जाता है। ठीक है? पहला
- 1:40:42बाकायदा एक रेगुलर माइक्रोपर जो
- 1:40:44कंप्यूटरटर्स में डिजाइन किया वो Intel
- 1:40:46कॉरपोरेशन की तरफ से आया। तो ये भी चीजें
- 1:40:49हैं बेटा छोटी हिस्ट्री की चीजें आ सकती
- 1:40:51हैं। इसलिए मैं साइड बाय साइड आपको बता
- 1:40:53रहा हूं। अच्छा नंबर टू देखिए द एबकसद
- 1:40:55स्टिल बीइंग यूज़्ड फॉर एडिशन। तो ये भी
- 1:40:58बिल्कुल बात दुरुस्त है। असल में एबकस जो
- 1:41:00है ये आज भी इस्तेमाल होता है। अब आप लोग
- 1:41:02इस्तेमाल नहीं करते तो हम क्या करें?
- 1:41:04लेकिन जापान जैसी कंट्री हो गई, चाइना हो
- 1:41:05गई। हम उनके सामने कुछ नहीं है। अभी हमने
- 1:41:07आपको बताया ना कि जापान वो मुल्क है जो
- 1:41:09पूरी दुनिया से 25 साल आगे जिंदगी गुजार
- 1:41:11रहा है। तो हम तो उनके सामने कुछ ना हुए
- 1:41:13ना फिर। हम तो अंडर डेवलप्ड कंट्री है
- 1:41:15भाई। और वो जो है वो अंदाजा लगाओ कि पूरी
- 1:41:18दुनिया में आपको पता है यूरोप भी आता है
- 1:41:20और यूरोप के अंदर कौन-कौन से मुालिक आते
- 1:41:22हैं। हां तो अंदाजा लगाओ कि जापान जो है
- 1:41:24वो 2050 में जिंदगी गुजार रहा है। तो आई
- 1:41:28मीन ये मैंने जो इतनी लंबी की है थोड़ी सी
- 1:41:30उसका मतलब ही आपको समझाऊं कि जापान जैसी
- 1:41:33हाईली डेवलप्ड कंट्री भी आज भी अपने
- 1:41:35स्टूडेंट्स को अबकस से कैलकुलेशन सिखाती
- 1:41:38है। तो इसलिए ये भी बात दुरुस्त नहीं हो
- 1:41:40सकती। ठीक है? एपकेसिंग बड़ी जबरदस्त
- 1:41:42डिवाइस है। आप इसको सीखेंगे तो आपकी
- 1:41:44कैलकुलेशन का जो एक मेथड है ना वो बड़ा
- 1:41:47फास्ट हो सकता है। ये मेरी एक सजेशन है।
- 1:41:49अच्छा उसके बाद सी पे देखें द फर्स्ट
- 1:41:50जनरेशन कंप्यूटरर्स यूज़ ट्रांजिस्टर तो
- 1:41:53जाहिर है कि यही नजर आ रहा है। लेकिन डी
- 1:41:56को भी पढ़ लेते हैं। होलथ इन्वेंटेड द पंच
- 1:41:58कार्ड मशीन। अच्छा ये मैं इस तक इसलिए
- 1:42:00पहुंचा हूं कि ये होरेथ जो है यह होलथ
- 1:42:02साहब जो हैं इनका पूरा नाम है हरमैन
- 1:42:04होरेथ। ठीक है?
- 1:42:07इसमें श दिया हुआ है लेकिन
- 1:42:11पूरा अगर हम कंप्लीट नाम देखें तो हरमैन
- 1:42:14ऑलरेथ ठीक है हरमैन होथ जो है और ये वो
- 1:42:19शख्स हैं ये जो अभी मैंने बताया आईबीएम का
- 1:42:21जो मैंने आपको बताया ये इन्हीं की ही
- 1:42:23कंपनी है भाई ठीक है ये हरमैन होथ जो है
- 1:42:26इन्होंने पहली मशीन को इंट्रोड्यूस किया
- 1:42:28था और ये हरमैन होरेथ जो है इनकी कंपनी का
- 1:42:31नाम आईबीएम उस दिन से पड़ा है ये 18 मिड ऑफ़
- 1:42:3419 सेंचुरी से इन्होंने आगाज़ किया लगभग आई
- 1:42:36थिंक 1880 की बात है कि जब इन्होंने अपनी
- 1:42:39पहली मशीन को इंट्रोड्यूस किया टैबलेटिंग
- 1:42:41मशीन की सूरत में। तो वहीं से फिर मशीन का
- 1:42:43एक आईडिया आया और वहीं से फिर इस कंपनी का
- 1:42:45भी वजूद हुआ। ठीक है? तो ये मैंने कहा
- 1:42:47छोटी सी हिस्ट्री है। तो हमारा ये भी
- 1:42:49करेक्ट है। ये कर इनकरेक्ट नहीं है। तो
- 1:42:51इनकरेक्ट क्या है? सी ऑप्शन क्या? द
- 1:42:53फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर यूज़्ड
- 1:42:55ट्रांजिस्टर। हम अभी बात कर चुके हैं। अभी
- 1:42:57सेकंड एमसीक्यू थर्ड में था ऊपर। आप
- 1:42:59देखेंगे तो फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर
- 1:43:01वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल करता था।
- 1:43:05उम्मीद है कि आपको यह समझ में आ गया होगा।
- 1:43:10उसके बाद नंबर 20
- 1:43:12अ डिजिटल कंप्यूटर इज बेस्ड ऑन डिजिटल
- 1:43:15कंप्यूटर की बात हो रही है तो जाहिर है कि
- 1:43:17इसके ऑप्शन पे आप अगर गौर करें तो मैंने
- 1:43:20आपको अभी थोड़ी देर पहले क्लासिफिकेशन और
- 1:43:22कंप्यूटर के बारे में बताया है ना
- 1:43:23क्लासिफिकेशन कंप्यूटर की बात करें तो तीन
- 1:43:25उसमें डिवाइड है उनमें से एक डिवीज़ है
- 1:43:27हमारे पास क्या बाय डाटा हैंडलिंग बाय
- 1:43:29टेक्नोलॉजी तो ये उसके रेफरेंस पे बात हो
- 1:43:31रही है कि डिजिटल कंप्यूटर की जब हम बात
- 1:43:33करते हैं तो इट बिलोंग्स टू बाय
- 1:43:37डाटा
- 1:43:39यह डाटा हैंडलिंग के हवाले से कंप्यूटर की
- 1:43:43कैटेगरी है। सही है ना? बट डाटा हैंडलिंग
- 1:43:46को अगर हम देखें तो तीन तरह के
- 1:43:47कंप्यूटरटर्स या चार तरह के कंप्यूटर
- 1:43:49मौजूद है। तीन कंप्यूटर इसलिए बोल रहा हूं
- 1:43:51कि अमूमन बुक्स वगैरह में और आपको बताया
- 1:43:53जाता है एनालॉग कंप्यूटर, डिजिटल कंप्यूटर
- 1:43:55एंड हाइब्रिड कंप्यूटर। लेकिन एक और भी
- 1:43:57होता है जो शायद मैट्रिक सिस्टम वाले तो
- 1:44:00नहीं पता लेकिन कैमरेज और फेडरल बोर्ड्स
- 1:44:03में जरूर बताया होगा। ऑप्टिकल कंप्यूटर भी
- 1:44:05होते हैं। सही बात पर कॉमन जो है वो तीन
- 1:44:07होते हैं। तो डिजिटल कंप्यूटर बेसिकली
- 1:44:10उसके अंदर क्या होता है? बेसिकली
- 1:44:11अर्थमैटिक एंड लॉजिक यूनिट बेस्ड होते
- 1:44:13हैं। ठीक है? जाहिर है कि मल्टीप्लिकेशन
- 1:44:15उसी में आ जाएगा। अर्थमैटिक का मतलब क्या
- 1:44:17होता है? ये चारों ऑपरेशंस होते हैं। मतलब
- 1:44:19पांच मॉड्यूलस मल्टीप्लाई डिवाइड एंड
- 1:44:21काउंटिंग भी उसी को मेजर कर रहा है।
- 1:44:23मेज़रमेंट भी उसी को देगा। तो बेसिक जो एक
- 1:44:26राइट आंसर है, जो लॉजिकल है, वो क्या है?
- 1:44:28अर्थमैटिक एंड लॉजिक यूनिट। यह एक डिजिटल
- 1:44:32कंप्यूटर में होता है।
- 1:44:42[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 1:44:43जी बेटा अच्छा तो 21 तो 20 तक आपको उम्मीद
- 1:44:48है कि समझ में आ गए होंगे। अच्छा 21 में
- 1:44:51देखें अ हाइब्रिड कंप्यूटर अभी थोड़ी देर
- 1:44:52पहले इस पर बात हो रही थी कि हाइब्रिड
- 1:44:54कंप्यूटर इज वन ऑफ हैविंग कंबाइंड
- 1:44:56प्रॉपर्टीज ऑफ तो अभी मैंने कहा था ना कि
- 1:44:59अगर हम बात करते हैं बाय मतलब
- 1:45:01क्लासिफिकेशन ऑफ़ कंप्यूटर तो उसमें एक है
- 1:45:04बाय डेटा हैंडलिंग तो उसी में फिर एक और
- 1:45:06कंप्यूटर हमारे पास हाइब्रिड कंप्यूटर ठीक
- 1:45:09है अच्छा अब हाइब्रिड कंप्यूटर को समझने
- 1:45:12से पहले हमें ये जानना होगा कि भाई व्हाट
- 1:45:14इज हाइब्रिड
- 1:45:16ठीक है ना व्हाट इज हाइब्रिड सिस्टम एक
- 1:45:20हाइब्रिड सिस्टम क्या होता है? बीइंग अ
- 1:45:23सीरियस स्टूडेंट कहो या बीइंग अ साइंस
- 1:45:26स्टूडेंट कहो। ठीक है? तो दोनों लेवल्स पे
- 1:45:29आपको ये जानना चाहिए कि यार हाइब्रिड किसे
- 1:45:31कहते हैं? आपने हाइब्रिड कार का नाम सुना
- 1:45:33होगा। तो अमूमन कंप्यूटर के स्टूडेंट को
- 1:45:37सॉरी टू से इसमें आप लोगों का जाहिर कसूर
- 1:45:39नहीं है। तो कुछ एक लिमिटेड कर देते हैं
- 1:45:43कि भ इसको सिर्फ और सिर्फ हम कंप्यूटर की
- 1:45:45नजरों से देख सकते हैं। वो तो सही बात है
- 1:45:48कि एक ऐसा कंप्यूटर जो कि दो कॉम्बिनेशन
- 1:45:51रखता हो एट द सेम टाइम एनालॉग एंड डिजिटल।
- 1:45:54ओके? दैट इज़ ओके।
- 1:45:56लेकिन थोड़ी सी नॉलेज गेनिंग करें तो
- 1:45:58हाइब्रिड सिस्टम क्या होता है कि जो कि टू
- 1:46:01यानी कि टू और
- 1:46:06मोर देन
- 1:46:10फीचर्स एट अ टाइम।
- 1:46:15यानी कि अगर कोई भी एक ऐसी डिवाइस जो कि
- 1:46:19दो या दो से ज्यादा फीचर्स रखती हो उसको
- 1:46:21हाइब्रिड सिस्टम कहते हैं। भाई अब इसकी
- 1:46:24मैं वन टू थ्री का एग्जांपल बताऊं तो सबसे
- 1:46:26बेहतरीन एग्जांपल आपके पास है कि फर्ज कर
- 1:46:28लो कि कंप्यूटर है। एक कंप्यूटर के अंदर
- 1:46:30जो है हार्ड डिस्क भी मौजूद है और एक
- 1:46:32कंप्यूटर के अंदर आपके पास एसएसडी भी है।
- 1:46:35अब देखो ना सीएस स्टूडेंट की ऐसे आपको पता
- 1:46:37है कि इस पे भी बात होगी इंशाल्लाह। अभी
- 1:46:40रेफरेंस के तौर पर बात कर रहा हूं कि अगर
- 1:46:42हम हार्ड डिस्क को देखते हैं तो मैग्नेटिक
- 1:46:44मटेरियल है। मतलब मैग्नेटिक डिस्क है और
- 1:46:46मैग्नेटिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है
- 1:46:48मैग्नेटाइज्ड एंड डीमैग्नेटाइज। और एसएसडी
- 1:46:51की बात करें तो चिप मेमोरी में आती है। तो
- 1:46:52यार टेक्नोलॉजी में डिफरेंस हुआ है कि
- 1:46:54नहीं हुआ? ठीक है? अब होता क्या है कि अगर
- 1:46:56आपके पास एसएसडी जो है एज अ मेन सोर्स ऑफ़
- 1:46:59डेटा स्टोरिंग है। और अब आप कंप्यूटर उसको
- 1:47:02शिफ्ट करेगा मैग्नेटिक डिस्क में। तो यार
- 1:47:04टेक्नोलॉजी डिफरेंस है कि नहीं है? लेकिन
- 1:47:06कंप्यूटर क्या करता है? एट द सेम टाइम उन
- 1:47:08दोनों फीचर्स को हैंडल करता है। तो यार
- 1:47:10दैट इज़ कॉल्ड हाइब्रिड। ओके? ये एक
- 1:47:12हाइब्रिड सिस्टम के जरिए हो रहा है कि एक
- 1:47:14ही वक्त में कई सिस्टम जो है वो क्या हो
- 1:47:17रहे हैं? मैनपुलेट हो रहे हैं और प्रोसेस
- 1:47:20हो रहे हैं। इन दिस वे यू कैन अंडरस्टैंड
- 1:47:22हाइब्रिड कार है। ठीक है ना? जैसे कि हम
- 1:47:24कह रहे हैं कि भ बैटरी है, बैटरी सिस्टम
- 1:47:26है और एक पेट्रोलिंग है। तो ये हाइब्रिड
- 1:47:28कार्ड्स को हम देखते हैं तो ये भी एक
- 1:47:29हाइब्रिड सिस्टम को हम कहते हैं। और
- 1:47:30हाइब्रिड कंप्यूटर की बात करें तो उसमें
- 1:47:32हम एनालॉग एंड डिजिटल एट द सेम टाइम जो
- 1:47:35कंप्यूटर हैंडल करते हैं वो हाइब्रिड
- 1:47:37सिस्टम कहलाते हैं या हाइब्रिड कंप्यूटर
- 1:47:39होते हैं। तो लिहाज़ा इसका राइट आंसर क्या
- 1:47:42हुआ? आपको मिल गया होगा कि एनालॉग एंड
- 1:47:44डिजिटल कंप्यूटरटर्स। यानी वह तमाम
- 1:47:46कंप्यूटर जो कि एनालॉग और डिजिटल
- 1:47:50क्वांटिटीज को एट द सेम टाइम हैंडल करते
- 1:47:52हैं उसको हम कहते हैं। ठीक है?
- 1:47:56[संगीत]
- 1:48:05[संगीत]
- 1:48:11[संगीत]
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- 1:52:05[संगीत]
- 1:52:12[संगीत]
- 1:52:2422 व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज़ नॉट ट्रू अबाउट
- 1:52:27माइक्रो कंप्यूटर यानी इनमें से कौन सा है
- 1:52:30जो कि माइक्रो कंप्यूटर के हवाले से अह
- 1:52:35करेक्ट नहीं है या सूटेबल नहीं है
- 1:52:37स्टेटमेंट ए में देखें कैन यूज़ ऑपरेशन
- 1:52:39सिस्टम बी दे वर इंट्रोड्यूस विद थर्ड
- 1:52:42जनरेशन कंप्यूटरटर्स ओके एंड सी दे कैन
- 1:52:45नॉट यूज़ हाई लेवल लैंग्वेजज़ एंड बोथ ए एंड
- 1:52:49सी ओके सॉरी बोथ बी एंड सी ओके अबव आर नॉट
- 1:52:53ट्रू अबाउट माइक्रो कंप्यूटर तो जाहिर है
- 1:52:56कि याद रखें कि व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट
- 1:52:59ट्रू अबाउट माइक्रो कंप्यूटर की जब हम बात
- 1:53:01करते हैं तो इनमें से कौन सी स्टेटमेंट
- 1:53:03है? तो ये कहना कि जी दे कैन नॉट यूज़ हाई
- 1:53:06लेवल लैंग्वेजज़ तो ये दुरुस्त ना होगा।
- 1:53:08ठीक है ना? तो इसलिए यह बात दुरुस्त नहीं
- 1:53:10है। बाकी तो सब ठीक है ना कि दे कैन यूज़
- 1:53:13ऑपरेशन सिस्टम एंड दे वर इंट्रोड्यूस विद
- 1:53:15थर्ड जनरेशन दैट थर्ड जनरेशन। अभी मैंने
- 1:53:17बात की थी थोड़ी देर पहले कि आईबीएम जो है
- 1:53:19ठीक है? उसने पहला एक माइक्रो और पर्सनल
- 1:53:22कंप्यूटर को इंट्रोड्यूस किया एक ऑफिशियल
- 1:53:26तरीके से।
- 1:53:28बात समझ में आ रही है? नहीं आ रही है? तो
- 1:53:30इसलिए राइट वन जो है दे कैन नॉट यूज़ हाई
- 1:53:32लेवल लैंग्वेज। अगर हम कहते हैं तो ये बात
- 1:53:34दुरुस्त नहीं है। पहले लैंग्वेज का भी
- 1:53:37इस्तेमाल होता है तो भाई प्रोग्रामिंग भी
- 1:53:38कर सकते हो। ठीक है? डिफरेंट लैंग्वेज पे
- 1:53:40काम कर सकते हो।
- 1:53:43नेक्स्ट 23 एन एनालॉग टू डेटर कन्व्टर डज़
- 1:53:47द कन्वर्ज़ंस फ्रॉम अभी हम बात कर चुके हैं
- 1:53:49और किसी हद तक आपको क्लियर हो गया होगा कि
- 1:53:51एनालॉग क्वांटिटी एंड डिजिटल क्वांटिटीज़
- 1:53:53क्या होती हैं? है ना? एनालॉग क्वांटिटीज़
- 1:53:55किसे कहते हैं? डिजिटल क्वांटिटीज़ किसे
- 1:53:57कहते हैं? अगर मैं फिजिक्स में भी आपने
- 1:53:59पढ़ा होगा एनालॉग
- 1:54:01एक एनालॉग सिग्नल होता है जो कि इस तरह से
- 1:54:05ये साइन वेव पे होता है। और अगर हम डिजिटल
- 1:54:08को देखते हैं।
- 1:54:11ठीक है ना? डिजिटल सिग्नल जो होता है वो
- 1:54:13इस तरह से स्क्वायर वेव साइन में होता है।
- 1:54:15है ना? तो एक तो वाज़ फर्क हो गया। तो ये
- 1:54:18एनालॉग एंड डिजिटल। तो इसका मतलब यह हो
- 1:54:21गया एनालॉग जो एक कंटिन्यूस वेरिंग सिग्नल
- 1:54:24को मेजर करता है। कंटिन्यूस वेरिंग
- 1:54:29एक शॉर्ट फॉर्म में बात कर रहे हैं और
- 1:54:31जबकि
- 1:54:32ये डिस्क्रीट
- 1:54:37नंबर्स ठीक है ना?
- 1:54:40तो इसलिए तो ये राइट ऑप्शन क्या है?
- 1:54:43डिजिटल टू एनालॉग। ये तो सूटेबल ही नहीं
- 1:54:46है ना? डिजिटल टू एनालॉग तो पूछ रहा है
- 1:54:48मतलब एनालॉग टू डिजिटल कन्व्टर की बात कर
- 1:54:51रहा है। तो इसलिए इसमें राइट आंसर क्या
- 1:54:53होगा? डी डायरेक्ट टू अल्टरनेट करंट। सही
- 1:54:56है? जब भी हम बात करें एनालॉग टू डिजिटल
- 1:54:58कन्व्टर की तो एक्चुअली बात ये रेफर कर
- 1:55:01रहा है डायरेक्ट करंट टू एन इलेक्ट्र
- 1:55:03अल्टरनेट करंट मतलब डीसी टू एसी।
- 1:55:08उसके बाद 24 द ओल्डेस्ट डिवाइस फॉर
- 1:55:10परफॉर्मिंग कैलकुलेशन व्हिच इज़ यूज़्ड इवन
- 1:55:13नाउ। अगर आपको याद हो अगर आपकी मेमोरी
- 1:55:16अच्छी है बेटा तो आई टोल्ड यू बिफोर अभी
- 1:55:18पिछले एमसीक्यू में हमने बात की थी एकस के
- 1:55:20हवाले से कि अबकस जो है वो कैसी आज भी
- 1:55:23जैसे जापान की मैंने एग्जांपल दी थी आपको
- 1:55:26तो आज भी यूज़ हो रही है तो ये एबकस ही तो
- 1:55:28है क्योंकि आज भी इनू्ड है। ओके। इवन
- 1:55:32मुख्तलिफ़ इदारों में कैलकुलेशंस के हवाले
- 1:55:34से आजकल आप देखते होंगे Facebook पे
- 1:55:38मुख्तलफ़ क्लिप्स पे बच्चों को ट्रेन
- 1:55:39स्कूल्स का दिखाया जा रहा होता है कि वो
- 1:55:41एबकस से उनको ट्रेनिंग दी जा रही है और
- 1:55:43फिर वो कंपैरिजन करते हैं कि कैलकुलेटर से
- 1:55:46कर रहा है और एक वो एबकस से उसने ट्रेनिंग
- 1:55:48हासिल की है बच्चा वो बड़ा फास्टर है। तो,
- 1:55:50यह भी आपके पास समझने की चीज़ है। तो
- 1:55:53बहरहाल इसका जो राइट आंसर है वो कहता है
- 1:55:57कि आज भी जो इनमें से कौन सी पुरानी
- 1:55:59डिवाइस है जो कि आज भी यूज़ हो रही है। ठीक
- 1:56:01है?
- 1:56:0325 प्रेजेंट डे कंप्यूटरटर्स आर बेस्ड ऑन
- 1:56:06आज के जो कंप्यूटर हैं ठीक है वो किस
- 1:56:10टेक्नोलॉजी पे हैं? तो जाहिर है प्रेजेंट
- 1:56:11डे कंप्यूटरटर्स आर बेस्ड ऑन प्रेजेंट डे
- 1:56:13कंप्यूटरटर्स जो हैं वो डिजिटल टेक्नोलॉजी
- 1:56:16पे बेस्ड करते हैं भाई। जाहिर है कि
- 1:56:18डिजिटल कंप्यूटरटर्स हैं और डिजिटल
- 1:56:20इलेक्ट्रॉनिक्स हैं और 10 सबसे बड़ी बात
- 1:56:23डिजिटल टेक्नोलॉजी से मुराद यहां पर जब भी
- 1:56:26हम डिजिटल जो है डिजिट से निकला है ना है
- 1:56:29ना और कंप्यूटर के डिजिट्स क्या हैं? वन
- 1:56:34और ज़ीरो। है ना? स्विचेस भी कहते हैं हम
- 1:56:36इनको।
- 1:56:38ये स्विचेस हैं।
- 1:56:42सही है ना? यानी कंप्यूटर का जो डिजिट है
- 1:56:44वो या तो वन और ज़ीरो है और इन्हीं स्विचेस
- 1:56:46पे काम होता है। ये जो बिट्स होती हैं ये
- 1:56:48वन एक बिट है। इसको बिट भी कहते हैं। वन
- 1:56:50एक बिट का नाम है। ज़ीरो एक बिट का नाम है।
- 1:56:52तो इन बिट्स का कॉम्बिनेशन होता है। तो तब
- 1:56:55एक एड्रेस बनता है। एंड देन फिर आगे फिर
- 1:56:57कहानी फिर रो मेमोरी साइज़ और फिर कन्वर्ज़
- 1:57:00KB बाइट्स वगैरह-वगैरह बिट निबल्स ये सब
- 1:57:03चीज़ फिर आती हैं। तो इस पे हम बात कर रहे
- 1:57:06होंगे इंशाल्लाह आगे।
- 1:57:08तो इसलिए प्रेजेंट डे कंप्यूटर जो है वो
- 1:57:11डिजिटल टेक्नोलॉजी पर बेस कर रहे हैं।
- 1:57:13उम्मीद है आपको समझ में आ गया होगा।
- 1:57:16कोई भी क्यूरी हो तो वो आप मुझे रिकॉर्ड
- 1:57:19जब आप लेक्चर सुनोगे तो उसमें कमेंट्स पे
- 1:57:21आप मुझे मुझसे क्वेश्चन कर सकते हो भाई।
- 1:57:24ओके? अच्छा 26 इन अ कम्युनिकेशन सिस्टम द
- 1:57:27टर्म सिंक
- 1:57:29डायरेक्ट कि आपको पता है कि जिस तरह की
- 1:57:31जिस तरह की फील्ड होती है और जिस तरह
- 1:57:34सब्जेक्ट होता है तो उनकी टर्म्स होती
- 1:57:35हैं। जैसे कि फिजिक्स की बात करें फिजिक्स
- 1:57:37में आपने देखा कि एक टर्म बड़ी कॉमन है।
- 1:57:39है ना? और वो है बॉडी। ठीक है ना? यानी
- 1:57:41बॉडी जो टर्म है वो बड़ी कॉमन है। तो बॉडी
- 1:57:44का हम इस्तेमाल कर रहे होते हैं। जैसे
- 1:57:45केमिस्ट्री की बात करें उसमें प्रॉपर्टीज
- 1:57:46एक टर्मिनोलॉजी का इस्तेमाल होता है।
- 1:57:48प्रॉपर्टीज को हम अमन इस्तेमाल कर रहे
- 1:57:51होते हैं। और कंप्यूटर की बात करें तो
- 1:57:53कंप्यूटर के अंदर भी कुछ टर्मिनोलॉजीस
- 1:57:55मौजूद हैं भाई। है ना? जैसे कि हम
- 1:57:58अल्फाबेट्स की बात करते हैं। पिक्चर्स ये
- 1:58:00वो फला फला जो भी है। तो इसको एक नाम देते
- 1:58:03हैं हम डेटा। है ना? कि भाई कंप्यूटर में
- 1:58:05डेटा मतलब बेसिकली कंप्यूटर जो है किस पे
- 1:58:07काम करता है? डेटा पे काम करता है। इसको
- 1:58:09डेटा प्रोवाइड करते रहो। अब वो डेटा कोई
- 1:58:11क्लासिफिकेशन होती है वो एक अलग चीज़ है।
- 1:58:13लेकिन बुनियादी तौर पे तो आप डेटा ही की
- 1:58:15टर्म यूज़ कर रहे हो ना। ठीक है ना? तो ये
- 1:58:18एक टर्म जो कंप्यूटर के लिए खास है। ठीक
- 1:58:20है? और जगह पे भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- 1:58:22वो एक अलग चीज़ है। लेकिन ये कंप्यूटर
- 1:58:24लेकिन इसी तरह सिंक तो सिंक बेसिकली क्या
- 1:58:26है? द रिसीविंग यूनिट। ये रेफर करता है
- 1:58:29किसको? रिसीविंग यूनिट के लिए। सिंक का जब
- 1:58:32भी बात होती है तो ये रिसीविंग यूनिट जो
- 1:58:33डाटा रिसीव कर रहा है उसको कहते हैं। बाकी
- 1:58:36ऑप्शन रॉन्ग है। 27 व्हिच स्टेटमेंट इज़
- 1:58:39करेक्ट अबाउट अ कंप्यूटर सिस्टम? व्हिच इज़
- 1:58:42स्टेटमेंट करेक्ट अबाउट द कंप्यूटर
- 1:58:44सिस्टम? कंप्यूटर सिस्टम के हवाले से
- 1:58:46इनमें कौन सा ऑप्शन है? जैसे कि ए अ द
- 1:58:49फर्स्ट स्टेज इन सिस्टम डेवलपमेंट
- 1:58:51इंप्लीमेंटेशन।
- 1:58:53सही है ना?
- 1:58:55और बी द लास्ट स्टेप इन सिस्टम एनालिसिस
- 1:58:59इज़ सिस्टम फ्लो चार्ट। मतलब यह कंप्यूटर
- 1:59:02सिस्टम की डेवलपमेंट के हवाले से अगर हम
- 1:59:03देखें तो एसडीएलसी
- 1:59:06हम में से केमिस्ट्री सिस्टम के
- 1:59:07स्टूडेंट्स जानते हैं एसडीएलसी क्या है?
- 1:59:11एसडीएलसी एसटीएलसी क्या है? सिस्टम
- 1:59:18फिर डी फॉर डेवलपमेंट
- 1:59:24और एल फॉर लाइफ
- 1:59:27और सी साइकिल। ठीक है ना? सिस्टम
- 1:59:30डेवलपमेंट लाइफ साइकिल ओके या सॉफ्टवेयर
- 1:59:33डेवलपमेंट लाइफ साइकिल भी कहते हैं। ठीक
- 1:59:35है? मतलब अगर हम सॉफ्टवेयर में काम कर रहे
- 1:59:37हैं तो फिर एचडीएलसी है लेकिन उसको हम कह
- 1:59:39देंगे सॉफ्टवेयर और जब हम हार्डवेयर पे
- 1:59:42काम कर रहे होते हैं कंप्यूटर की
- 1:59:43मैन्युफैक्चरिंग के हवाले से तो फिर हम
- 1:59:45उसको कहते हैं सिस्टम डेवलपमेंट लाइफ
- 1:59:47साइकिल। ठीक है? ये फर्क है। ठीक है? तो
- 1:59:49इसमें कंफ्यूजन मत होना। तो अब आप कहेंगे
- 1:59:51सर हमें कैसे पता लगेगा कि वो सिस्टम पूछ
- 1:59:53रहा है या सॉफ्टवेयर के बारे में तो भाई
- 1:59:56सारे ऑप्शन तो उसी हिसाब से होंगे ना। ठीक
- 1:59:58है? तो वो फिर आप उसको डिफरेंस कर सकते
- 2:00:00होगे ऐसा इतना नहीं इतना भी डिस्प्यूटेड
- 2:00:03भाई नहीं देते ऐसा कुछ नहीं है तो बल ये
- 2:00:06कंप्यूटर सिस्टम है तो ए कह रहे हैं द
- 2:00:08फर्स्ट स्टेज इन सिस्टम डेवलपमेंट इज़
- 2:00:10इंप्लीमेंटेशन ठीक है तो ये करेक्ट नहीं
- 2:00:13है इंप्लीमेंटेशन ये पहला स्टेज नहीं होता
- 2:00:16और बी द लास्ट स्टेप इन सिस्टम एनालिस
- 2:00:19सिस्टम फ्लो चार्ट ठीक है ये भी बात
- 2:00:21दुरुस्त नहीं है मतलब एसडीएलसी में सबसे
- 2:00:24पहले तो एनालिसिस होता है ना ठीक है द
- 2:00:27लास्ट स्टेप नहीं होता एनालिसिस जो है ये
- 2:00:28पहला स्टेज होता है। जैसे आपको प्रॉब्लम
- 2:00:30सॉल्विंग हम करते हैं। ठीक है? तो पहले हम
- 2:00:32एनालाइज़ करते हैं चीजों को ना प्रॉब्लम
- 2:00:34देखते हैं कि क्या है? किस प्रोजेक्ट पे
- 2:00:36काम करना है। ये लास्ट स्टेज नहीं है। सी
- 2:00:39जो है सिस्टम डिज़ाइन कैन बी बिगेन ओनली
- 2:00:41आफ्टर सिस्टम एनालिसिस। ठीक है? तो सिस्टम
- 2:00:45डिज़ कैन बिगेन। तो ऐसा नहीं है। लेकिन डी
- 2:00:48जो है सिस्टम डेवलपमेंट मींस ग्रीक ये
- 2:00:51ग्रीक नहीं है। ओके?
- 2:00:56यह जरा थोड़ा सा इसको हम
- 2:01:04देखें तो ये है डेवलपमेंट एंड दिस मींस
- 2:01:07डेवलपमेंट्स ऑफ न्यू सिस्टम्स। ठीक है ना?
- 2:01:10या ग्रोथ ऑफ न्यू सिस्टम। ये भी कह सकते
- 2:01:13हैं हम
- 2:01:16ग्रोथ। ठीक है?
- 2:01:20ग्रोथ ऑफ न्यू सिस्टम एंड डिस्कारिंग ओल्ड
- 2:01:23वंस कि सिस्टम की जब हम एसडीएलसी की बात
- 2:01:27करते हैं तो एसडीएल का मतलब है कि सिस्टम
- 2:01:29जो है एक न्यू सिस्टम्स को ग्रोथ करना या
- 2:01:31उसको डिजाइन करना और पुराने जो है उनको
- 2:01:34खत्म करना डिस्कार्ट करना डिस्कार मींस वो
- 2:01:36खत्म कर देना ठीक है ताकि वो आगे बता रहा
- 2:01:39है कि टेक्नोलॉजी चेंज होती है तो पुराने
- 2:01:41सिस्टम जो होते हैं टेक्नोलॉजी उसकी कोई
- 2:01:43वर्थ तो नहीं रहती है ना इस सेंस में कहा
- 2:01:45जाता तो इसका राइट ऑप्शन हमें डी मिलता द
- 2:01:48सिस्टम डेवलपमेंट मीन्स ग्रोथ ऑफ़ न्यू
- 2:01:51सिस्टम्स एंड डिस्कारिंग ओल्ड वंस।
- 2:01:56उसके बाद 28 ऑन माइक्रो कंप्यूटर द नंबर
- 2:01:59ऑफ़ डिफरेंट एप्लीकेशन पैकेजेस अवेलेबल इन
- 2:02:02मार्केट इज़ अबाउट थोड़ा सा मार्केटिंग साइट
- 2:02:05पे अगर हम देखें तो माइक्रो कंप्यूटरटर्स
- 2:02:06की जो प्रोडक्ट्स है तो वो पैकेजेस जो
- 2:02:10होते हैं जो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट होती है,
- 2:02:12सॉफ्टवेयर डिज़ होते हैं तो वो 1000 में
- 2:02:14होती है। ठीक है? लगभग
- 2:02:18थाउजेंड्स ऑफ कॉपीज जो है वह मार्केट्स
- 2:02:20में अवेलेबल होती है।
- 2:02:23अगर हम नेक्स्ट को देखें 29 अ वर्ड
- 2:02:26प्रोसेसर कैन बी यूज़्ड। अब वर्ड प्रोसेसर
- 2:02:28क्या होता है? पहली बात तो ये है यानी
- 2:02:31वर्ड प्रोसेसर सॉफ्टवेयर
- 2:02:34वर्ड प्रोसेसर का मतलब क्या है? कि जैसे
- 2:02:36कि इसकी एग्जांपल में हमारे पास आ सकते
- 2:02:38हैं MS Word। ओके?
- 2:02:42नोटपड आपने देखा होगा ऑलरेडी बिल्ट इन
- 2:02:45होता है। Windows के अंदर वर्डपड मौजूद
- 2:02:47है। ठीक है? और आगे बढ़े तो वर्ड स्टार
- 2:02:51पुराने अर्लियर वर्जन में चले जाएं तो ये
- 2:02:54सब वर्ड या वर्ड परफेक्ट वगैरह और भी हैं।
- 2:02:57तो ये वर्ड प्रोसेसर सॉफ्टवेयर्स हैं।
- 2:02:58वर्ड प्रोसेसर सॉफ्टवेयर्स क्या होते हैं?
- 2:03:00जो कि हमें डॉक्यूमेंटेशन में बड़ी हेल्प
- 2:03:02आउट करते हैं। ठीक है? रिपोर्ट्स तैयार
- 2:03:05करनी है, लेटर्स राइटिंग है, बिजनेस
- 2:03:06कॉस्पोंडेंस में हरबारी जो वह खतो खिताबत
- 2:03:10जिसे आप कहते हो बिजनेस कोस्पोंडेंस उसके
- 2:03:12लिए आज जो है इस लेटेस्ट ठीक है? इस दौर
- 2:03:15इस एरो में ये वर्ड प्रोसेसर सॉफ्टवेयर जो
- 2:03:17है बड़ीेंस रखते हैं। ठीक है ना? तो आज वो
- 2:03:20दौर तो खत्म हो चुका है ना कि मैनुअली जो
- 2:03:22है वो लिखा जाए। नो। अब जो है वो हर चीज
- 2:03:24चेंज हो चुकी है और कंप्यूटर के आने से
- 2:03:26सॉफ्टवेयर के आने से दुनिया बदल चुकी है।
- 2:03:29तो वर्ड प्रोसेसर सॉफ्टवेयर वो है जो कि
- 2:03:31आपको डॉक्यूमेंट्स में एडिट का भी काम
- 2:03:33करते हैं। लेटर्स को प्रिपेयर करने में भी
- 2:03:35काम देते हैं। प्रिंट डॉक्यूमेंट
- 2:03:37प्रिंटिंग का भी काम करते हैं। लिहाज़ा
- 2:03:39इसका मतलब है कि हमें ऑल ऑफ़ द अबव जॉब्स
- 2:03:43नज़र आ रही हैं। ये सारे के सारे काम
- 2:03:45सूटेबल है।
- 2:03:4930 पे देखिए। इफ अ होम कंप्यूटर यूजर वांट
- 2:03:51एक्सेस टू नेशनल नेटवर्क अह ही एटलीस्ट
- 2:03:55रिक्वायर्स कह रहा है कि अगर होम
- 2:03:57कंप्यूटरर्स की बात करें तो उसको एक्सेस
- 2:04:00करना हो नेशनल नेटवर्क एक नेशनल नेटवर्क
- 2:04:03के हवाले से एक नेटवर्किंग सिस्टम से
- 2:04:05जुड़ना हो तो उसको हम क्या कहेंगे सही है
- 2:04:07ना उसके हवाले से बात कर रहा है कि उसको
- 2:04:09क्या-क्या रिक्वायरमेंट्स हो सकती है भाई
- 2:04:11उसको कंप्यूटर की जरूरत है वो की जरूरत है
- 2:04:13टेलीफोन लाइंस की जरूरत है ठीक है या फिर
- 2:04:16माइक्रो कंप्यूटर की जरूरत है टेलीप्रिंटर
- 2:04:18या टेलीफोन लेंस तो टेलीप्रिंटर की तो
- 2:04:20जरूरत ही नहीं है। तो ये ऑप्शन भी गया और
- 2:04:22ऊपर वाला ऑप्शन जो है इसमें भी कमी है। सी
- 2:04:26में देखें माइक्रो कंप्यूटर कम्युनिकेशन
- 2:04:27सॉफ्टवेयर अ टेलीफोन ये भी नहीं हो सकता।
- 2:04:30डी हमें नजर आता है गौर करो कि एक माइक्रो
- 2:04:33कंप्यूटर की जरूरत पड़ेगी आपको। है ना? वम
- 2:04:36की जरूरत पड़ेगी। कम्युनिकेशंस सॉफ्टवेयर
- 2:04:38की जरूरत पड़ेगी एंड टेलीफोन लाइंस। तो
- 2:04:41मेरा ख्याल है कि इसमें यह सारे हमें
- 2:04:45फुलफिल हो रहे हैं। यानी अगर हम सॉरी अगर
- 2:04:48हमें इसमें देखें तो ये सारी
- 2:04:52रिक्वायरमेंट्स हमारी पूरी हो रही हैं। जब
- 2:04:54भी हम किसी नेशनल नेटवर्क की बात करते हैं
- 2:04:57तो अगर आप एक नेटवर्क से जुड़ना चाहते हो
- 2:05:00तो ये रिक्वायरमेंट्स जरूरी है। मतलब इसको
- 2:05:02हम कॉम्पोनेंट्स भी कह सकते हैं। यानी यू
- 2:05:04कैन से कि लेंस कॉम्पोनेंट। ओके?
- 2:05:0931 वि ऑफ द फॉलोइंग प्रोग्राम इज यूजफुल
- 2:05:12फॉर मर्जिंग नेम्स एंड एड्रेस विद
- 2:05:15रिपीिटेटिव लेटर्स फॉर मास मेलिंग।
- 2:05:20अच्छा जी अब इसमें
- 2:05:22ए में देखेंगे अगर हम तो वर्ड प्रोसेसिंग
- 2:05:25एंड डेटाबेस इंटीग्रेटेड प्रोग्राम है।
- 2:05:27डेटाबेस मैनेजमेंट एंड स्प्रेडशीट
- 2:05:29प्रोग्राम है। ग्राफिक्स प्रोग्राम एंड
- 2:05:31कम्युनिकेशन प्रोग्राम्स। तो बड़ा अच्छा एक
- 2:05:33एमसीक्यू है। लेकिन गौर करेंगे तो बात समझ
- 2:05:35में आ जाएगी कि वि ऑफ द फॉलोइंग प्रोग्राम
- 2:05:38इज यूज़फुल फॉर मर्जिंग नेम्स एंड एड्रेस
- 2:05:41विद रेपिटेटिव लेटर्स फॉर मास मेलिंग। तो
- 2:05:45इसके लिए हमें एक ऐसे सॉफ्टवेयर्स जिसमें
- 2:05:48हम टाइपिंग भी कर सकें। है ना? और फिर हम
- 2:05:51उसको रिट्रीव भी कर सकें और मास मेलिंग का
- 2:05:54मतलब ये होता है कि उसको बड़े लेवल पर उसको
- 2:05:56हम मेल भी कर सकें। ठीक है? तो ये एक
- 2:06:01ए जो ऑप्शन इट इज द राइट वन कि वर्ड
- 2:06:03प्रोसेसिंग एंड डेटाबेस इंटीग्रेटेड
- 2:06:05प्रोग्राम्स। आज का दौर जो है ना बेसिकली
- 2:06:07बेटा डेटाबेस का दौर है। मतलब आज इस दौर
- 2:06:11में हर कंपनी जो है वो डेटाबेस पे मौजूद
- 2:06:14है। डेटाबेस की इंप्लीमेंटेशन जगह-जगह है।
- 2:06:18ठीक है? हॉस्पिटल्स को देख लो। एक इदारे
- 2:06:21बड़े कंपनीज़ हैं। ऑर्गेनाइजेशंस हैं। ठीक
- 2:06:23है? क्लाउड कंप्यूटिंग की बात करें आप
- 2:06:26Google की बात करें, Facebook है,
- 2:06:28Instagram, WhatsApp ये सारी एग्जांपल्स
- 2:06:30हैं कि जिसमें डेटाबेस बड़े ही बेहतरीन
- 2:06:33तरीके से इस्तेमाल हो रही है। आगे हम इस
- 2:06:36पे बात करेंगे डेटाबेस की। लेकिन डेटाबेस
- 2:06:38क्या है? डेटाबेस एक बहुत ही ऑर्गेनाइजिंग
- 2:06:41ऑर्गेनाइजिंग फॉर्म ऑफ़ डेटा है। मतलब
- 2:06:43जिसमें हम डेटा को बड़े ऑर्गेनाइज़ तरीके से
- 2:06:45हैंडल करते हैं। जिसके जरिए आप डेटा को
- 2:06:48रिट्रीव करते हो। बड़े ऑर्गेनाइज़ तरीके से।
- 2:06:50मतलब एक बेहतरीन ऑर्गेन ऑर्गेनाइजेशन जो
- 2:06:53देता है वो डेटाबेस सॉफ्टवेयर देता है। इस
- 2:06:55करंट एरा में हमें नजर आता है। ठीक है ना?
- 2:06:58बात समझ में आ रही है? अच्छा अब इसमें तो
- 2:07:01इसलिए हम कह रहे हैं कि वर्ड प्रोसेसिंग
- 2:07:03तो ऑब्वियस है लेकिन उसके साथ-साथ डेटाबेस
- 2:07:05इंटीग्रेटेड प्रोग्राम्स भी मौजूद हैं। तो
- 2:07:08ये इसका राइट ऑप्शन है। 32 में देखिए कैट
- 2:07:11कैम इज़ ओरिएंटेड टुवर्ड्स। ठीक है? कैट और
- 2:07:14कैम क्या है भाई? बड़ा इंपॉर्टेंट कैट
- 2:07:20और कैन
- 2:07:22ठीक है तो कैट जो है बेसिकली क्या है
- 2:07:25कंप्यूटर
- 2:07:29एडिट
- 2:07:32डिज़ या डिजाइनिंग
- 2:07:38और कंप्यूटर
- 2:07:42एडिट
- 2:07:45मैन्युफैक्चरिंग
- 2:07:52ठीक है ना? पहली बात तो यह हो गई कंप्यूटर
- 2:07:54एडिट डिजाइनिंग एंड कंप्यूटर एडेड
- 2:07:56मैन्युफैक्चरिंग। ठीक है? लेकिन अब इसमें
- 2:08:00एक दो बातें मैं बताना चाहूंगा कि एक और
- 2:08:02बात ध्यान रखना बेटा कि ये दोनों जो हैं
- 2:08:05है ये सॉफ्टवेयर्स इनका ताल्लुक सॉफ्टवेयर
- 2:08:08से है
- 2:08:12थोड़ा सा वर्किंग में फर्क है वो क्या कि
- 2:08:15ये जो कैट है ठीक है ना अगर आप कैट को
- 2:08:18देखते हो तो कैट जो है वो पार्ट्स की
- 2:08:20डिजाइनिंग के लिए आज इस जैसे कि हमने बात
- 2:08:23की कंप्यूटर सॉफ्टवेयर्स के आने से जिंदगी
- 2:08:25क्या हो गई आसान हो गई ना जिंदगी जिंदगी
- 2:08:28जो हमारी बड़ी आसान हो गई और
- 2:08:30मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज जो है उनके
- 2:08:32काम भी बड़े आसान हो गए इन इन जैसे एक विन
- 2:08:36सॉफ्टवेयर के जरिए अब कैट जो है वो
- 2:08:38डिजाइनिंग का एक पर्सेस्पेक्टिव के हिसाब
- 2:08:40से मतलब उस मकसद के हिसाब से इस्तेमाल
- 2:08:42किया जाता है कि जो भी डिजाइनिंग हो
- 2:08:43पार्ट्स की डिजाइनिंग करनी हो आज मिलियंस
- 2:08:45ऑफ़ डिजाइनिंग आप कैट के थ्रू कर सकते हो
- 2:08:48लेकिन वो जो डिज़ाइन हुआ है तो अब उसको
- 2:08:49जाहिर है के क्या करना है उसको उसी तरह
- 2:08:52डालना है ढालना भी है मतलब मोल्ड करना है
- 2:08:54तो उसके लिए फिर मशीनंस भी ऐसी चाहिए तो
- 2:08:56उनको कंट्रोल कैसे करें? वो फिर कैम से
- 2:08:58होता है। यानी कंप्यूटर एडिट
- 2:09:00मैन्युफैक्चरिंग। ठीक है? इसको आप यूं
- 2:09:02समझेंगे ना जैसे कि माउस है। है ना? अब
- 2:09:04माउस है तो माउस की हैंडिंग जो है। अब
- 2:09:06माउस कैसे हैंडल होगा? अब उसके लिए उसका
- 2:09:08सॉफ्टवेयर है डिवाइस ड्राइवर। है ना? यानी
- 2:09:11सिस्टम सॉफ्टवेयर के अंदर हम समझ पढ़ते
- 2:09:13हैं ना? एक डिवाइस ड्राइवर है जो कि जिसका
- 2:09:15ड्राइवर जो है सॉफ्टवेयर मौजूद है जो कि
- 2:09:17माउस को कंट्रोल किए हुए है। कीबोर्ड है।
- 2:09:19कीबोर्ड कनेक्ट तो कर दिया। अब उसकी
- 2:09:21कंट्रोलिंग उसको कंट्रोल भी तो करना है।
- 2:09:23किस तरह से इनपुट करेगा? किस तरह से डेटा
- 2:09:26हम टाइपिंग करेंगे। तो ये थोड़ी होता है
- 2:09:28कि कम की कीबोर्ड कनेक्ट किया एंड देन यू
- 2:09:30स्टार्ट टाइपिंग। जी नहीं बल्कि उसके पीछे
- 2:09:33क्या है? उसका पूरा एक सॉफ्टवेयर है जो
- 2:09:34उसको कंट्रोल भी कर रहा है। इस तरह से आप
- 2:09:36इसको थोड़ा एक एग्जांपल के तौर पे समझाने
- 2:09:39के लिए कि कैडर कैम को आप किस तरह समझ
- 2:09:41सकते हो। एक आईडिया एक जनरल आईडिया देने
- 2:09:42के लिए। उम्मीद है आपको ये बात समझ में आई
- 2:09:45होगी। तो उस सिनेरियो में पूछ रहा है कि
- 2:09:47कैडर कैम इज़ ओरिएंटेड टुवर्ड्स ये एक
- 2:09:50सॉफ्टवेयर है जो कि मैंने आपको बताया। है
- 2:09:53तो हार्डवेयर का इससे इसका कोई ताल्लुक
- 2:09:54नहीं है। उम्मीद है आपको समझ में आ गया
- 2:09:56होगा। 33 द इन्वेंशंस इन द फील्ड ऑफ़
- 2:09:59इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन हैव कॉस्ट
- 2:10:02इंक्रीस इन द कह रहा है कि अगर हम देखें
- 2:10:05इलेक्ट्रॉनिक्स की फील्ड में इन्वेंशंस को
- 2:10:07देखें हम और उसकी कम्युनिकेशन के हवाले से
- 2:10:10बात करें तो आज क्या है? स्पीड ऑफ़ इनफेशन
- 2:10:12कम्युनिकेशन हो गया या डिस्टेंस टू व्हिच
- 2:10:15कम्युनिकेशन कैन बी मेड या नंबर ऑफ़ पीपल
- 2:10:17हु कैन इंटैक्ट ओवर लार्ज एरिया या ऑल अबव
- 2:10:20अबव। तो जाहिर है ये सारे के सारे ऑप्शन
- 2:10:23नजर आ रहे हैं हमें कि ये सारे ये सारी
- 2:10:26रिफॉर्म्स हुई हैं। है ना? कि भाई
- 2:10:28इंफॉर्मेशनेशन स्पीड अप हो गई है।
- 2:10:30डिस्टेंस कोई मैटर नहीं रहा। है ना? बिकॉज़
- 2:10:32ऑफ़ इंटरनेट की सूरत में। और नंबर ऑफ़ पीपल
- 2:10:36इंटैक्ट हैं लार्ज एरिया आज दुनिया में।
- 2:10:38आज अभी देख लो कि हम अपनी
- 2:10:43स्टडी के हवाले से बात करें हैं ना।
- 2:10:45एजुकेशन के हवाले से बात करें तो आज
- 2:10:46एजुकेशन सिस्टम जो है आप पाकिस्तान में
- 2:10:49मौजूद हो और दुनिया के किसी भी पर
- 2:10:51स्टूडेंट मौजूद हैं और हम उनको क्या कर
- 2:10:55रहे हैं? डील कर रहे हैं और हमारी जो
- 2:10:57ऑनलाइन क्लासेस हैं एक बेस्ट एग्जांपल है।
- 2:10:59तो ये सब कुछ और ऑल ऑफ़ दीज़
- 2:11:0334
- 2:11:05व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग कंडीशन इज़ नॉट नेसेसरी
- 2:11:09फॉर कंप्यूटर टेलीकॉन्फ्रेंसिंग?
- 2:11:11टेलीकॉन्फ्रेंसिंग का मतलब जाहिर है कि
- 2:11:15टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम के जरिए कौन मतलब
- 2:11:17ऑनलाइन लाइक जैसे वीडियो कॉल्स होती हैं।
- 2:11:20ओके? इसी तरह वीडियो चिट चैट होता है। ये
- 2:11:24सब चीजें इसमें शामिल हैं। तो इसके हवाले
- 2:11:27से कह रहा है कि द ग्रुप मेंबर्स यानी
- 2:11:30इसमें से कौन सी कंडीशन है जो कि नॉट
- 2:11:33नेसेसरी फॉर कंप्यूटर टेलीकॉन्फ्रेंसिंग।
- 2:11:35टेली कॉन्फ्रेंसिंग में इनमें कौन सी ऐसी
- 2:11:39चीज़ है या कैरेक्टरिस्टिक जो कि जरूरी
- 2:11:40नहीं है। मतलब
- 2:11:43जरूरी नहीं है कि भ वो हो। ठीक है? उससे
- 2:11:45कोई फर्क ना पड़े। तो ए में देखें द ग्रुप
- 2:11:48ऑफ़ मेंबर मस्ट पार्टिसिपेट एट द सेम टाइम
- 2:11:51या द ग्रुप ऑफ़ मेंबर मस्ट बी कनेक्टेड टू
- 2:11:55ई देयर। तो ये तो ज़र है। नज़र आ रहा है।
- 2:11:57क्यों? बी ऑप्शन हमें नज़र आ रहा है कि यार
- 2:11:59नहीं। भाई जाहिर है कि जब टेलीकॉन्फ़ेंसिंग
- 2:12:02की बात करेंगे तो कनेक्ट तो होना जरूरी है
- 2:12:03ना। सी अ ग्रुप मेंबर्स शुड नो द पासवर्ड
- 2:12:07फॉर ऑथराइज जा रहा है कि ऑथराइज एक्सेस आप
- 2:12:09जैसे zूम की बात कर रहे हैं तो एक ज़ूम की
- 2:12:11एग्जांपल दी है तो उसमें जाहिर है कि आपको
- 2:12:14लॉगिन होना है मतलब इंटैक्ट होना है क्लास
- 2:12:16में आना है तो आपको बकायदा तौर पे आपको एक
- 2:12:18लॉग इन पासवर्ड पासवर्ड दिया जाता है ना
- 2:12:20तभी तो आप ऑथराइज्ड रहोगे तो इसका मतलब ये
- 2:12:24हुआ कि मेंबर्स का मस्ट पार्टिसिपेट एट द
- 2:12:26सेम टाइम ये जरूरी भी नहीं है ना आगे पीछे
- 2:12:29हो सकते हैं ठीक है तो ये एक इसका राइट
- 2:12:32ऑप्शन हमें नजर आ रहा है ऑल ऑफ़ अबव नहीं
- 2:12:34हो सकता। वह कह रहे हैं ना इज़ नॉट
- 2:12:36नेसेसरी। इसलिए ऑल ऑफ़ अबव भी नहीं हो
- 2:12:38सकता। तो लिहाज़ा ए जो है द ग्रुप मेंबर्स
- 2:12:41मस्ट पार्टिसिपेट एट द सेम टाइम। तो ये एक
- 2:12:44कंडीशन जो है वो नेसेसरी नज़र नहीं आती।
- 2:12:49भाई हर एक ऑन टाइम नहीं हो सकता। ठीक है?
- 2:12:52ये जरूरी भी नहीं है। कोशिश की जा सकती है
- 2:12:55भाई। हां वो एक अलग चीज़ है।
- 2:12:5935 ग्राफिक आउटपुट्स आर समटाइ्स प्रेफर्ड
- 2:13:03ओवर टेक्स्ट आउटपुट बिकॉज़ भाई इसका तो
- 2:13:06समझाने से पहले आपको एक और बात बताऊं कि
- 2:13:10माशा्लाह समझदार बच्चे हो आप लोग। आप इस
- 2:13:12चीज को समझ सकते हो बड़े ईजीली। के
- 2:13:16कंप्यूटर जैसे वर्ड प्रोसेसर की बात करें
- 2:13:18MS Word की तो MS Word में आपने देखा होगा
- 2:13:20चार्ट्स का एक फीचर है। है ना? तो चार्ट्स
- 2:13:24को हम किसी भी अगर
- 2:13:28डॉक्यूमेंट्स के अंदर अटैच करते हैं यानी
- 2:13:30ग्राफिकल प्रेजेंटेशन देते हैं। जैसे
- 2:13:32अटेंडेंस ऑफ किसी भी स्टूडेंट्स की
- 2:13:34अटेंडेंस के हवाले से बात हो पंक्अलिटी की
- 2:13:36उसको हम ग्राफिकली रिप्रेजेंट करें। यानी
- 2:13:39कि एक न्यूमेरिकल डेटा को अगर हम ग्राफिकल
- 2:13:41ले आते हैं तो वो बहुत ही ज्यादा एट
- 2:13:42अंडरस्टैंड हो जाता है। यानी एट अ ग्लेंस
- 2:13:44हो जाता है। ठीक है ना? यानी फ़ौरन हम उसको
- 2:13:47समझ जाते हैं। एट अ ग्लेंस चीजों को समझ
- 2:13:49जाते हैं। तो वो कह रहा है कि ग्राफ
- 2:13:50ग्राफिक्स आउटपुट जो होते हैं समटाइ
- 2:13:53टेक्सचुअल बेस्ड डेटा जो होता है उससे
- 2:13:55ज्यादा एक बेहतर हमें प्रेफर किया जाता
- 2:13:57है। उसकी वजह क्या हो सकती है? वो ये कह
- 2:13:59रहा है कि इट इज़ इज़ियर टू जनरेट ग्राफिक्स
- 2:14:02देन टेक्स्ट। एक तो वजह ये नज़र आती है।
- 2:14:04ठीक है? के इसमें हम ज्यादातर ग्राफिक्स
- 2:14:07को अ
- 2:14:09जनरेट कर सकते हैं। टेक्स्ट इसमें ज्यादा
- 2:14:12नहीं होता या बी ग्राफिक्स इज़ प्रोड्यूस्ड
- 2:14:14इन मल्टी कलर्स वेयर एज टेक्स्ट इज़ ऑलवेज
- 2:14:17इन बैक। तो ये दोनों जो है ना इसलिए
- 2:14:20दुरुस्त नजर नहीं आ रहे हैं कि ये तो
- 2:14:22ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर को रिप्रेजेंट कर रहा
- 2:14:25है। यानी ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर्स में भाई
- 2:14:28ये चीजें होती हैं। उसकी उनकी
- 2:14:29कैरेक्टरिस्टिक को रेफर कर रहा है। जबकि
- 2:14:32पूछ क्या रहा है कि प्रेफरेंस क्या है? है
- 2:14:34ना? तो इसलिए सी ग्राफिक्स आर कंडेंस एंड
- 2:14:38क्विकली अंडरस्टैंडेबल और डी टेक्स लगर टू
- 2:14:41जनरल टेक्स्ट। तो ये तो हो नहीं सकता। तो
- 2:14:44लिहाजा ग्राफिक्स आर कंडेंस एंड क्विकली
- 2:14:47अंडर जो मैं अभी बात कर रहा था कि
- 2:14:49ग्राफिक्स जो है वो पिक्चर प्रेजेंटेशन
- 2:14:51होती है। ग्राफिक्स डिजाइनिंग होती है। तो
- 2:14:53उसमें हम चीजों को क्या करते हैं? एक तो
- 2:14:55कंडेंस करता है चीजों को और दूसरा कि
- 2:14:57अंडरस्टैंडेबल होता है। क्विकली
- 2:14:58अंडरस्टैंडेबल हो जाते हैं। भाई लोगो
- 2:15:01क्यों बनाए जाते हैं? ये क्वेश्चन आ गया
- 2:15:03ना जबरदस्त। इसको समझना है कि भाई यही
- 2:15:05क्यों सीखे
- 2:15:07कंपनीज़ लोगों क्यों बनाती है? अब एक चीज
- 2:15:09भाई इसका कंपनी अपने मकसद या अपने
- 2:15:11ऑब्जेक्टिव को शो करना चाहती है तो एक
- 2:15:14जमाने में हुआ करता होगा ना भाई हर चीज तो
- 2:15:16फॉरेन नहीं हुई ना ये तो आप समझते हो कि
- 2:15:19कंपनीज़ जो है अगर हम कंपनीज़ की बात करें
- 2:15:21बिज़नेस प्रोस्पेक्टिव से तो यार कंपनीज़
- 2:15:23शायद और अपना एक पूरा एक मैसेज दिया करती
- 2:15:27होंगी अपने आपको मार्केट में लाने के लिए।
- 2:15:31तो अब अपने इमोशंस या उनके कुछ एक इंटेंशन
- 2:15:35है उसको वो वर्ड्स में लेती थी। लेकिन फिर
- 2:15:38ज़हन में ख्याल आया होगा ना कि यार इसी को
- 2:15:40हम थोड़ा शॉर्ट कर लें। यानी किसी पिक्चर
- 2:15:43की सूरत में या किसी इमेज की सूरत में हम
- 2:15:45बयान करना चाहें। ठीक है? हमारा एक मतलब
- 2:15:48दो काम हो जाए। एक तो ब्रांड हमारी पहचान
- 2:15:50बन जाए यानी उस साइन से और लोगों को
- 2:15:53अंडरस्टैंड हो जाए। ठीक है? तो आजकल आप
- 2:15:57देखते हो कंपनीज़ की एक लोगो बड़ा
- 2:15:59इंपॉर्टेंट किरदार अदा करते हैं। ठीक है
- 2:16:01ना? किसी भी कंपनी में उसका आप जैसे देखो
- 2:16:03Microsoft है। उसका अपना एक लोगो है। मतलब
- 2:16:05ग्राफिक्स है। उससे हमें क्या आप फौरन समझ
- 2:16:08जाते हैं कि यार ये प्रोडक्ट जो है वो
- 2:16:09Microsoft की है। तो इस तरह आप इस
- 2:16:12सिनेरियो में समझने की कोशिश करें। तो फिर
- 2:16:14आपको क्लियर होगा कि ग्राफिक्स आर कंडेंस।
- 2:16:17एक तो कि बहुत ही कंडेंस होते हैं। मतलब
- 2:16:20ज्यादा आपको डिटेल नहीं देनी। लोगो को आप
- 2:16:22डिज़ करते हो। तो ऑटोमेटिकली लोग समझ रहे
- 2:16:24हैं कि हां यार एक ब्रांड है और
- 2:16:26अंडरस्टैंडेबल है।
- 2:16:29तो इसलिए हम कह रहे हैं इस तरह में।
- 2:16:30उम्मीद है आपको ये बात समझ में आई होगी कि
- 2:16:33टेक्स्ट में एक डिटेल है और ग्राफिक्स
- 2:16:35क्या है? कंडेंस कर रहा है और चीजों को
- 2:16:37बेहतर तरीके से रिप्रेजेंट करने की एक
- 2:16:39सलाहत रखता है। तो ये ग्राफिक्स का दौर है
- 2:16:42और ग्राफिकल प्रेजेंटेशन इसलिए बड़ी
- 2:16:44प्रेफरेंस या प्रेफर करते हैं लोग।
- 2:16:4936 में देखिए मैनेजर्स हु हैव नो टेक्निकल
- 2:16:51नॉलेज अबाउट अ कंप्यूटर कैन बी इली ट्रेंड
- 2:16:54टू ऑपरेट। अब वो मैनेजर हजरात की बात हो
- 2:16:56रही है कि जो कि इतनी खास कंप्यूटर के
- 2:16:59हवाले से टेक्नोलॉजी नहीं रखते। तो किन
- 2:17:01कंप्यूटरटर्स पे ज्यादा काम करना अपने
- 2:17:03आपको फ्लैक्स मतलब एक इजी फील करते हैं।
- 2:17:06ठीक है? तो मिनी कंप्यूटर तो हो नहीं
- 2:17:07सकता। ठीक है ना? और इसी तरह से आपका सुपर
- 2:17:10कंप्यूटर तो सवाल ही पैदा नहीं होता। और
- 2:17:13ये मिड कंप्यूटर कुछ नहीं होता भाई। ठीक
- 2:17:15है? मैंने आपको बताया ना कि कुछ ऐसे
- 2:17:17ऑप्शंस भी हैं कि दिए जा सकते हैं या दिए
- 2:17:20जाते हैं ऑब्वियसली कि जो कि डिस्ट्रैक्ट
- 2:17:22करें आपको। ठीक है? जिसके कोई मीनिंग्स
- 2:17:23नहीं होते हैं। लेकिन डिस्ट्रैक्ट करने के
- 2:17:26लिए तो अमूमन ये दिए जाते हैं। तो
- 2:17:28कंप्यूटर मतलब ऐपटीट्यूड टेस्ट में तो
- 2:17:31इसका भी जरा आप ध्यान रखिएगा। सही है?
- 2:17:35तो इसलिए राइट आंसर क्या है? पर्सनल
- 2:17:37कंप्यूटर। ये पर्सनल कंप्यूटर है। ठीक है?
- 2:17:39तो हम पी लगाना भूल गए यहां पे।
- 2:17:42तो यह पर्सनल कंप्यूटर है। थोड़ा और अच्छा
- 2:17:45कर लेते हैं इसको।
- 2:17:49थोड़ा सा इसको हम अच्छा कर लेते हैं। और
- 2:17:53ये अच्छा हो नहीं रहा। अभी हो जाएगा।
- 2:17:58हम ये हम ये पर्सनल है। ठीक है? तो ये
- 2:18:03पर्सनल कंप्यूटर की बात हो रही है। तो दिस
- 2:18:05इज़ द राइट वन।
- 2:18:08ठीक है? उम्मीद है आपको ये बात समझ में आ
- 2:18:10गई होगी। नेक्स्ट देखते हैं व्हाट इज़
- 2:18:12नेक्स्ट 37 द यूज़ ऑफ़ कंप्यूटर फॉर रूटीन
- 2:18:15प्रोसेसिंग ऑफ़ अ फर्म्स डाटा इज़ कॉल्ड
- 2:18:18यानी एक फर्म की बात हो रही है। फर्म मतलब
- 2:18:20एक कंपनी एक इंडस्ट्री का एक हिस्सा एक
- 2:18:23इंडस्ट्री कह लो मैन्युफैक्चरिंग
- 2:18:25इंडस्ट्री। ठीक है? अब बिज़नेस
- 2:18:27एडमिनिस्ट्रेशन तो नहीं पढ़ रहे भाई। बहाल
- 2:18:29एक फर्म से मुराद तो यही है। एक इंडस्ट्री
- 2:18:32की बात करें तो बेसिकली वो रूटीन
- 2:18:34प्रोसेसिंग किसमें करता है? होम एप्लाय
- 2:18:36एप्लीकेशनेशंस पे गेम एप्लीकेशन बिनेस
- 2:18:38एप्लीकेशन या न तो जाहिर है कि बिजनेस है
- 2:18:40भाई तो बिनेस एप्लीकेशन पे ही करेगा ना
- 2:18:42क्यों तो ये बिनेस एप्लीकेशनेशंस पे ही
- 2:18:45काम होता है जितने भी फर्म्स हैं वो
- 2:18:48बिज़नेस एप्लीकेशनेशंस पे काम करती हैं इन
- 2:18:50दिस वर्ल्ड
- 2:18:52यानी समझ में आ गई बात कि नहीं बिज़नेस
- 2:18:54एप्लीकेशन बना दिया है कि वो तमाम
- 2:18:56सॉफ्टवेयर जो कि बिनेस उनके कारोबारी
- 2:18:58मामलात को टैकल करना जिस जिन सॉफ्टवेयर्स
- 2:19:02के थ्रू बिनेस के मामलात को आसानी से
- 2:19:06रेगुलर तरीके से कंट्रोल की जा सके। उनको
- 2:19:09हैंडल किया जा सके। यानी काम आसान हो जाए।
- 2:19:12अब उसमें एग्जांपल्स कई हो सकती है ना?
- 2:19:14जैसे कि डेटाबेस सॉफ्टवेयर्स की बात करें।
- 2:19:19ठीक है? डेटाबेस सॉफ्टवेयर्स हैं। उसका
- 2:19:21इस्तेमाल किया जाता है। स्प्रेडशीट
- 2:19:24सॉफ्टवेयर्स हैं।
- 2:19:27स्प्रेडशीट
- 2:19:29सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- 2:19:31अभी थोड़ी देर पहले हमने बात की है वर्ड
- 2:19:33प्रोसेसर की।
- 2:19:35वर्ड प्रोसेसर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया
- 2:19:37जा सकता है। अभी हमने बात की कैड कैम की
- 2:19:40है ना? तो ये आप समझ रहे होंगे
- 2:19:46इन सब चीजों को कि ये मतलब है बिज़नेस
- 2:19:49एप्लीकेशन से मुराद यही है कि इस तरह के
- 2:19:51सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती है फर्म्स
- 2:19:53अपने-अपने हिसाब से। ठीक है ना? तो उम्मीद
- 2:19:56है आपको ये बात समझ में आ गई होगी। अब
- 2:19:58नेक्स्ट देखते हैं। व्हाट इज नेक्स्ट?
- 2:20:02अच्छा बेटा 38 है। द बेस्ट यूज़ ऑफ़ C अब
- 2:20:05वही आ गया। द बेस्ट यूज़ ऑफ़ C टेक्नोलॉजी
- 2:20:08इज़ मेड इन C को हम बता चुके हैं C व्हाट
- 2:20:11डज़ स्टैंड फॉर। ठीक है? और C जो है एक
- 2:20:14सॉफ्टवेयर है जो कि किस टेक्नोलॉजी यानी
- 2:20:17कि C टेक्नोलॉजी इज़ मेड इन यानी इसका
- 2:20:20इस्तेमाल जो बेस्ट यूज़ है वो कहां पे होता
- 2:20:22है? कि मैन्युफैक्चरिंग कंसर्न जो है वो
- 2:20:24इसी में होता है। ठीक है ना? ड्राफ्टिंग
- 2:20:26का ताल्लुक तो आपको पता है कि वर्ड
- 2:20:28ड्राफ्टिंग बेसिकली क्या है कि ये मतलब ये
- 2:20:30कॉस्पोंडिंग होती है ना जो एप्लीकेशन लेटर
- 2:20:33वगैरह ड्राफ्टिंग में आता है। सही है और
- 2:20:35ऐसे लोग चाहिए होते तो वर्ड प्रोसेसर में
- 2:20:37आ जाता है। न्यूमेरिकल कंट्रोल मॉडलिंग जो
- 2:20:39है ये एक कैलकुलेशन और डेटाबेस या
- 2:20:42स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर की साइट पे आ जाता
- 2:20:44है। ज्योमेट्रिक में आपके पास वो ग्राफिक
- 2:20:46डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर आ सकते हैं। अह
- 2:20:49इस्तजाब तो बी जो है इट इज़ द राइट वन। यह
- 2:20:52मैन्युफैक्चरिंग के हवाले से हमने बात की
- 2:20:55थी ना कि कंट्रोलिंग करता है कैम होता है
- 2:20:57सॉफ्टवेयर लेकिन ये मशीनंस को कंट्रोल
- 2:20:59करना इस तरह से उनको हैंडल करना है। तो इस
- 2:21:02तरह से जी बेटा। तो अब आते हैं हम नेक्स्ट
- 2:21:06एमसीक्यू पे। तो 38 पे आपको समझ में आ गया
- 2:21:09होगा कि कैम टेक्नोलॉजी हमने बात की। जैसे
- 2:21:11मैन्युफैक्चरिंग कंसर्न ओके जितने भी हैं।
- 2:21:13अब हम आगे बढ़ते हैं। ठीक है? 39 पे। अब
- 2:21:16देखें अब वही कैट कैम के हवाले से बात हो
- 2:21:19रही है। ठीक है? कि कैट और कैम इज द
- 2:21:22रिलेशनशिप बिटवीन। अब इसका जो रिलेशनशिप
- 2:21:24है इसके बारे में पूछ रहा है कि बेसिकली
- 2:21:27इसका रिलेशनशिप किस नाम समझ सकते हैं? तो
- 2:21:29हम ऑब्वियसली अगर आपने मेरे लेक्चर को
- 2:21:32सुना हो गौर से अभी अभी तक तो आप इसका
- 2:21:34जवाब दे सकते हो बड़ा इज़ली कि कैट और कैन
- 2:21:37दोनों सॉफ्टवेयर से हैं। लेकिन एक का
- 2:21:39ताल्लुक डिजाइनिंग से है और एक का
- 2:21:41मैन्युफैक्चरिंग कंट्रोलिंग से है। ओके?
- 2:21:43तो इसलिए सी ऑप्शन इज़ द राइट वन
- 2:21:46मैन्युफैक्चरिंग एंड डिज़िंग। क्लियर? तो
- 2:21:49यह आपको ज़हन रखना है। मैं फिर कह रहा हूं
- 2:21:52बेटा एक दफा और कि कैड और C वन एक
- 2:21:54स्टूडेंट के ज़हन में आता है कि यार CAT जो
- 2:21:56है वो एक सॉफ्टवेयर का नाम है। तो CA एक
- 2:21:58हार्डवेयर से रिलेटेड है। ये एक थोड़ा सा
- 2:22:00मिसकसेप्शन है। ऐसा नहीं है बल्कि दोनों
- 2:22:03का ताल्लुक आपके सॉफ्टवेयर से लेकिन उसकी
- 2:22:05थोड़ी सी हैंडलिंग में फर्क है जो कि हमने
- 2:22:08बात की है। नेक्स्ट पे आते हैं। नंबर 40
- 2:22:12यह बहुत इंटरेस्टिंग है कि फॉर क्रिएटिंग
- 2:22:15एंड एडिटिंग लीगल डॉक्यूमेंट्स व्हिच
- 2:22:16एप्लीकेशनेशंस पैकेज वुड बी मोस्ट यूज़फुल
- 2:22:20स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर्स हैं या फिर
- 2:22:22ग्राफिक सॉफ्टवेयर्स हैं वर्ड प्रोसेसिंग
- 2:22:24है या फिर डी कम्युनिकेशन है तो जाहिर है
- 2:22:27के और क्रिएटिंग और एडिटिंग लीगल
- 2:22:29डॉक्यूमेंट्स की जब भी हम बात करते हैं तो
- 2:22:31उसके लिए डॉक्यूमेंट्स की एडिटिंग के
- 2:22:34हवाले से बात हो रही है उसको हैंडलिंग की
- 2:22:36बात हो रही है तो यार स्प्रेडशीट तो हो
- 2:22:38नहीं सकता क्योंकि इसका जो कंसर्न है
- 2:22:40बेसिकली ये जो सॉफ्टवेयर होते हैं
- 2:22:42स्प्रेडशीट ये नंबरिंग मतलब न्यूमेरिकल अह
- 2:22:46पर ज्यादा फोकस करते हैं। जैसे MS Excel
- 2:22:49हो गया। ठीक है? और इसी तरह सुपर CLK हो
- 2:22:52गया। उसके बाद और भी सॉफ्टवेयर लॉटिस्ट हो
- 2:22:56गया। एक पॉपुलर स्प्रेडशीट। तो इसका जो
- 2:22:59राइट आंसर है वो है एडिटिंग और लीगल
- 2:23:01डॉक्यूमेंट्स को मेंटेन करना। हुआ है।
- 2:23:03आजकल वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर का
- 2:23:05इस्तेमाल हो रहा है। मैनुअल भी हो रहा है।
- 2:23:08टैबलेटिंग मशीन देखी होंगी आप लोगों ने
- 2:23:10ऑर्डिनरी एक ओल्डर उसमें भी डॉक्यूमेंटेशन
- 2:23:13होती है। लेकिन अब क्योंकि वही बात कि MS
- 2:23:15ऑफिस या ऑफिस ऑटोमेशन का दौर है। दोबारा
- 2:23:19और ग्राफिक्स का ताल्लुक जाहिर है कि
- 2:23:22ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर जो एनिमेशंस पे काम
- 2:23:24करते हैं। ग्राफिक्स पे काम करते हैं।
- 2:23:26कम्युनिकेशंस ज़हरा है आपके ईमेल यानी जो
- 2:23:29कम्युनिकेशन के हवाले से यूज़ हो रहे हैं।
- 2:23:30WhatsApp हो गया है ना इस तरह की
- 2:23:32एप्लीकेशनेशंस हैं।
- 2:23:36[संगीत]
- 2:23:43[संगीत]
- 2:23:53[संगीत]
- 2:24:02[संगीत]
- 2:24:10[संगीत]
- 2:24:15[संगीत]
- 2:24:23[संगीत]
- 2:24:32[संगीत]
- 2:24:40[संगीत]
- 2:24:49[संगीत]
- 2:24:57[संगीत]
- 2:25:02[संगीत]
- 2:25:12[संगीत]
- 2:25:22[संगीत]
- 2:25:27[संगीत]
- 2:25:33[संगीत]
- 2:25:41[संगीत]
- 2:25:47[संगीत]
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- 2:25:59[संगीत]
- 2:26:05[संगीत]
- 2:26:15[संगीत]
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- 2:27:04[संगीत]
- 2:27:11[संगीत]
- 2:27:19[संगीत]
- 2:27:25[संगीत]
- 2:27:35[संगीत]
- 2:27:43[संगीत]
- 2:27:50[संगीत]
- 2:27:57[संगीत]
- 2:28:03जी इसका 41 में देखेंगे
- 2:28:0741 द टू इंजीनियर इंजीनियरिंग डिसिप्लिंस
- 2:28:10दैट जनरली शेयर कॉमन डेटाबेसिस एंड
- 2:28:12सिस्टम्स आर। ठीक है? तो दो एक डिजाइनिंग
- 2:28:17के हवाले से बात हो रही है।
- 2:28:19आप ये भी एक तरह से समझे इस पर गौर करें
- 2:28:22तो आप जवाब दे दोगे इज़ली। द टू
- 2:28:24इंजीनियरिंग डिसिप्लिंस। इंजीनियरिंग
- 2:28:26डिसिप्लिंसों की बात हो रही है दैट जनरली
- 2:28:29शेयर कॉमन डेटाबेस एंड सिस्टम्स। तो जाहिर
- 2:28:32है के ये कैट और कैम को ही रेफर कर रहा है
- 2:28:35भाई। क्योंकि इन दोनों के अंदर ये एक
- 2:28:37कॉम्बिनेशन आ रहा है इंजीनियरिंग का। ठीक
- 2:28:39है? एक डिजाइनिंग का शोबा और एक
- 2:28:41मैन्युफैक्चरिंग को डील कर रहा है। तो
- 2:28:43जाहिर है कि एक इंजीनियरिंग इसके अंदर
- 2:28:45इनवॉल्व है। तो कैड कैम इज़ द राइट आंसर।
- 2:28:4942 देखें। द कॉनंसेप्ट ऑफ सेंडिंग,
- 2:28:51रिसीविंग टैक्स एक्सट्रा ऑन कंप्यूटर
- 2:28:54नेटवर्क इज़ कॉल्ड ओवर द कंप्यूटर नेटवर्क।
- 2:28:56जब हम टैक्स को सेंड भी करते हैं, रिसीव
- 2:29:00भी करते हैं। तो, यह किसको रेफर कर रहा
- 2:29:02है? जाहिर है कि ये एक टेक्नोलॉजी जो आजकल
- 2:29:04बड़ी इन है और वो है इलेक्ट्रॉनिक मेल
- 2:29:07यानी ईमेल जो है जिसको आप कहते हो शॉर्ट
- 2:29:09में है ना तो आजकल आप देख लेंगे भ
- 2:29:12इलेक्ट्रॉनिक मेल जो है कितना एक पावरफुल
- 2:29:14टूल है और क्या ही बात है तो आज आप
- 2:29:17सेकंड्स में एक दूसरे को मेल्स कर सकते हो
- 2:29:21बिनेस कॉरेस्पोंडेंस में अमूमन जो है अगर
- 2:29:25एक कॉस्पोंडेंस करनी है तो अमूमन उसको
- 2:29:28ईमेल के जरिए हम प्रेफर कर रहे होते हैं।
- 2:29:32ठीक है? और वैसे WhatsApp भी इसकी एक
- 2:29:35अल्टरनेटिव शक्ल है। लेकिन ईमेल जो है एक
- 2:29:38सिक्योरिटी के हिसाब से ज्यादा प्रेफर
- 2:29:40होता है।
- 2:29:43नंबर 43 है। द प्रोग्राम यूज़्ड विद अ वर्ड
- 2:29:45प्रोसेसिंग पैकेज और ऑटोमेटिक इंस ऑफ़ नेम,
- 2:29:49एड्रेस एक्सट्रा इन सीरीज ऑफ़ लेटर इज़
- 2:29:52कॉल्ड। भाई देखो अब यह बेसिकली एक बहुत ही
- 2:29:56इंपॉर्टेंट बात करने जा रहा है और आपसे
- 2:29:59पूछ रहा है। यह एक बात कर रहा है असल में
- 2:30:02वर्ड प्रोसेसिंग में एक फीचर को रेफर कर
- 2:30:05रहा है। ठीक है ना? वर्ड प्रोसेसिंग के एक
- 2:30:08फीचर को रेफर कर रहा है और वर्ड
- 2:30:10प्रोसेसिंग में MS Word के सॉफ्टवेयर जो
- 2:30:13है उसके अंदर एक फीचर है। यह उसको रेफर कर
- 2:30:16रहा है। MS Word जो है एक वर्ड प्रोसेसर
- 2:30:18है ना।
- 2:30:20तो बेटा इसके कई फीचर्स हैं। हां। फोंट्स
- 2:30:23को काम करना फोंट्स पे काम करना है।
- 2:30:26टेबल्स पे काम करना है। ठीक है? या फिर
- 2:30:29आपने इसके टेक्स्ट में ग्राफिक्स किसी हद
- 2:30:32तक इसमें मौजूद है। उस पे काम करना है। और
- 2:30:35भी बड़ी जबरदस्त जबरदस्त इसके फीचर्स हैं।
- 2:30:37उनमें से एक फीचर बड़ा जबरदस्त है और वो
- 2:30:39है मेल मर्ज का।
- 2:30:42कौन सा? जी मेल
- 2:30:45मर्ज। अब ये मेल मर्ज इतना जबरदस्त फीचर
- 2:30:48है। पता है इसको आप यूं समझ सकते हो कि
- 2:30:50मेल मर्ज का मतलब यह होता है
- 2:30:53टू सर्कुलेट
- 2:30:58मैसेज
- 2:31:02फॉर एवरीवन
- 2:31:06ओके एट अ टाइम
- 2:31:09यानी ऑर्गेनाइजेशन में क्या होता है कि
- 2:31:11अगर फर्ज करो डायरेक्टर ने अपने असिस्टेंट
- 2:31:13से कहा कि भ ये एक मैसेजेस को सर्कुलेट
- 2:31:17करना है तमाम एंप्लाइजज़ को। ठीक है? तो
- 2:31:21मेल मर्ज बेस्ट चॉइस है। तो वर्ड प्रोसेसर
- 2:31:23में जो काम करने वाले लोग हैं जो जानते
- 2:31:25हैं तो वह इसमें मेल मर्ज का इस्तेमाल कर
- 2:31:28सकते हैं। मेल मर्ज में इंशाल्लाह इसको
- 2:31:30मैं कोशिश करूंगा प्रैक्टिकल भी आपको
- 2:31:32समझाऊंगा लेकिन मेल मर्ज जो है क्या इसके
- 2:31:35जरिए होता है कि आपने क्या करना है? सिर्फ
- 2:31:37और सिर्फ नेम ठीक है और उनके एड्रेसेस ठीक
- 2:31:40है वो आपने एंटर करना है और एक ही वक्त
- 2:31:43में क्लिक करना है तो वो सबको जो है वो एट
- 2:31:45अ टाइम पहुंच जाएगा। तो ये देखो अब इसमें
- 2:31:48गौर करो। कह रहा है ना पैकेज फॉर ऑटोमेटिक
- 2:31:50इंसशन। ठीक है? नेम्स एड्रेस वगैरह-वगैरह
- 2:31:54इन सीरीज़ ऑफ़ लेटर। तो हम क्या करते हैं कि
- 2:31:56उसकी लिस्ट बना के उसको टेक्स्ट कर देते
- 2:31:58हैं। तो क्या होता है ऑटोमेटिक वो एक ही
- 2:32:00वक्त में बजायज के कि हमें अलग-अलग करना
- 2:32:01हो हम क्या करते हैं? एक साथ अगर हमें
- 2:32:03भेजना है तो ये मेल मर्ज के थ्रू हो सकता
- 2:32:05है। इसलिए राइट आंसर है मेल मर्जिंग।
- 2:32:10उम्मीद है आपको ये बात समझ में आ गई होगी।
- 2:32:12उसके बाद नंबर 44 देखेंगे। कॉन्फ्रेंसिंग
- 2:32:15इन रिलेशंस टू कंप्यूटर सिस्टम मीन्स
- 2:32:18कॉन्फ्रेंसिंग
- 2:32:20इन रिलेशंस टू कंप्यूटर सिस्टम मीन्स के
- 2:32:24एक कॉन्फ्रेंसिंग की जब हम बात करते हैं
- 2:32:26तो इसको हम कंप्यूटर सिस्टम में क्या नाम
- 2:32:28देंगे? क्या मतलब होगा इसका? ये ए में
- 2:32:31देखेंगे ट्रांसफर ऑफ़ डॉक्यूमेंट्स
- 2:32:33इलेक्ट्रॉनिकली बाय कंप्यूटरटर्स लिंक्स
- 2:32:35टू ईच अदर। हम एक दूसरे डॉक्यूमेंट अह
- 2:32:40इलेक्ट्रॉनिकली शेयर कर रहे होते हैं। तो
- 2:32:42ये तो मतलब ना हो। ये तो ईमेल को रेफर कर
- 2:32:44रहा है। बी गेटिंग
- 2:32:47हुक्ड टू एन इंटरनेशनल नेटवर्क ऑफ़
- 2:32:50कंप्यूटर डेटा। तो एक तरह से इंटरनेशनल
- 2:32:53नेटवर्क के अंदर कंप्यूटर डेटा को हम
- 2:32:55हासिल करना चाहें या कोई भी चीजें
- 2:32:57एक्सट्रैक्ट करना चाहें तो मेरा ख्याल है
- 2:32:59ये भी इतना सूटेबल नजर नहीं आ रहा या
- 2:33:02हैविंग अनअथराइज़्ड एक्सेस ये तो हो ही
- 2:33:03नहीं सकता। अन ऑथराइज़्ड एक्सेस तो जाहिर
- 2:33:07है कि ये यहीं पे फ्लॉप हो गया।
- 2:33:09डी हमें कुछ वजनी नजर आ रहा है। मतलब ये
- 2:33:11प्रोडक्टिव और सूटेबल नजर आ रहा है। कैसे?
- 2:33:14डी लिखा ना ऑनलाइन मीटिंग्स यूजिंग
- 2:33:17कंप्यूटरटर्स लिंक टू ईच अदर। गौर करो
- 2:33:19कॉन्फ्रेंसिंग एंड रिलेशन। कॉन्फ्रेंसिंग
- 2:33:21एंड रिलेशंस टू कंप्यूटर सिस्टम मीन्स। तो
- 2:33:23जब आप कॉन्फ्रेंसिंग करते हो तो इसका मतलब
- 2:33:26नेटवर्क सिनेरियो में अंडरस्टुड है। तो वो
- 2:33:28ऑनलाइन मीटिंग्स यूजिंग कंप्यूटर लिंक्स
- 2:33:31टू ईच अदर। जब कंप्यूटर एक दूसरे से
- 2:33:32लिंक्ड होते हैं, फिर हम अह कह रहे होते
- 2:33:35हैं कि ये ऑनलाइन मीटिंग्स को रेफर कर रहा
- 2:33:37है। ये इसका है राइट आंसर। उम्मीद है आपको
- 2:33:39बात समझ में आ गई होगी।
- 2:33:4245
- 2:33:44द यूज़ ऑफ़ कंप्यूटर वर्क स्टेशंस टू सेंड
- 2:33:46एंड रिसीव मैसेज इज़ नोन ऐज़ है कि द यूज़ ऑफ़
- 2:33:50कंप्यूटर वर्क स्टेशंस टू सेंड एंड रिसीव
- 2:33:53मैसेज इज़ नोन एज इलेक्ट्रॉनिक फंड
- 2:33:56ट्रांसफर इसलिए नहीं हो सकता क्योंकि यह
- 2:33:58सिर्फ सिर्फ रेमिटेंसेस को रेफर कर रहा
- 2:34:00है।
- 2:34:01किसको जी रेमिटेंस रेमिटेंस का मतलब कि
- 2:34:05मनी ट्रांसफर ठीक है ना और इलेक्ट्रॉनिक
- 2:34:08मैसेज स्विचिंग तो जाहिर है कि स्विचिंग
- 2:34:12की बात हो रही है लेकिन जबकि C को अगर आप
- 2:34:14देखें तो इलेक्ट्रॉनिक मेल क्योंकि वर्क
- 2:34:15स्टेशंस टू सेंड रिसीव एंड मैसेजेस तो दिस
- 2:34:18इज़ द राइट वन क्योंकि इसके थ्रू क्या हो
- 2:34:20रहा है कि
- 2:34:23मैसेजेस को हम सेंड भी करते हैं और रिसीव
- 2:34:26भी करते हैं इलेक्ट्रॉनिक में।
- 2:34:28इलेक्ट्रॉनिक से मुराद आप समझ रहे हो कि
- 2:34:29जब आप कंप्यूटर या नेटवर्क का इस्तेमाल कर
- 2:34:32रहे हो तो दिस इज़ द वे।
- 2:34:36उम्मीद है आपको बात समझ में आई होगी। नाउ
- 2:34:38द वर्ड इज़ नेक्स्ट
- 2:34:43व्हाट इज़ व्हिच टाइप ऑफ़ कंप्यूटरटर्स हैव
- 2:34:45रियली ब्रॉट द एडवांटेजेस ऑफ़ कंप्यूटरटर्स
- 2:34:49टू होम्स एंड स्मॉल बिज़नेसेस।
- 2:34:52अब देखो बेटा
- 2:34:55एज यूजुअल क्या ए मिनी कंप्यूटरटर्स बी
- 2:34:58माइक्रो कंप्यूटरटर्स सी सुपर कंप्यूटर
- 2:35:00एंटी मेन फ्रेम अभी हमने बात की थी कुछ
- 2:35:02देर पहले कि क्लासिफिकेशन ऑफ़ कंप्यूटर के
- 2:35:04हवाले से बात हो रही थी। ठीक है? अब
- 2:35:05क्लासिफिकेशन ऑफ़ कंप्यूटरटर्स में अगर हम
- 2:35:07देखें तो चार तरह के कंप्यूटरटर्स मौजूद
- 2:35:09हैं। हां माइक्रो कंप्यूटर है, मिनी
- 2:35:11कंप्यूटर है, मेन फ्रेम है। ओके? एंड देन
- 2:35:14मिनी कंप्यूटर। ये चार तरह के
- 2:35:16कंप्यूटरटर्स हैं। अब यहां पे क्या कह रहा
- 2:35:17है? व्हिच टाइप ऑफ़ कंप्यूटर हैव रियली
- 2:35:19ब्रॉट द एडवांटेज ऑफ़ कंप्यूटरर्स टू होम्स
- 2:35:21एंड स्मॉल। तो होम्स और स्मॉल बिज़नेसेस के
- 2:35:24अंदर या स्मॉल एरिया में या घरों की बात
- 2:35:26करें तो उसमें जो बेस्ट कंप्यूटर है वो
- 2:35:28आपके पास माइक्रो कंप्यूटर है। जाहिर है
- 2:35:31कि मिनी कंप्यूटरटर्स तो होने से रहा। ठीक
- 2:35:33है? सुपर कंप्यूटर, मेन फ्रेम ये हैवी और
- 2:35:35लार्ज कंप्यूटरटर्स को रेफर कर रहे हैं।
- 2:35:37ठीक है? और सबसे बड़ी बात कि कॉस्ट को तो
- 2:35:40हम बाद में देखेंगे ना। तो एक्चुअली तो
- 2:35:42यूज़ की बात है ना भाई। अब जाहिर है कि जो
- 2:35:44इस्तेमाल है तो वही हम करेंगे। अब मिनी
- 2:35:46कंप्यूटर तो हमारा इस्तेमाल थोड़ी है। ये
- 2:35:47तो ऑर्गेनाइजेशंस हैं। सुपर कंप्यूटर, मेन
- 2:35:49फ्रेम ये सब जो है वो ऑर्गेनाइजेशनंस जो
- 2:35:51होती हैं उनके इस्तेमाल में आती हैं। तो
- 2:35:53हमारी जो नीड पूरी कर रही हैं वो हमारे
- 2:35:56माइक्रो कंप्यूटरटर्स हैं या दूसरे लफज़ों
- 2:35:58में हम कहें डेस्कटॉप कंप्यूटरटर्स या फिर
- 2:35:59लैपटॉप कंप्यूटरटर्स। तो इसलिए राइट ऑप्शन
- 2:36:03माइक्रो कंप्यूटर।
- 2:36:06ओके?
- 2:36:10नाउ व्हाट इज़ नेक्स्ट?
- 2:36:14अ कंप्यूटर कैन बी यूज्ड फॉर अब यह एक
- 2:36:17जनरल सा इन्होंने एमसीक्यू पूछा कि
- 2:36:20कंप्यूटर कैन बी यूज्ड फॉर एनीथिंग दैट अ
- 2:36:22ह्यूमन बीइंग कैन नॉट डू या फिर एनी बी
- 2:36:25ऑप्शन है एनीथिंग दैट अ ह्यूमन बीइंग कैन
- 2:36:28नॉट डू कैन डू ओके यानी दोनों डिफरेंस
- 2:36:31हैं। ओके एक में कह रहा है कि अह ह्यूमन
- 2:36:34बीइंग जो जो नहीं कर सकता इसलिए कंप्यूटर
- 2:36:36का इस्तेमाल करता है या फिर जो ह्यूमन
- 2:36:38बीइंग कर सकता है। ठीक है? जब कर सकता है
- 2:36:41तो फिर कंप्यूटर की जरूरत ही नहीं तो यह
- 2:36:42भी नहीं हो सकता। तो एनीथिंग दैट अ ह्यूमन
- 2:36:44बीइंग कैन नॉट डू यानी वो तमाम काम जो कि
- 2:36:47कंप्यूटर यानी ह्यूमन बीइंग नहीं कर सकता
- 2:36:49तो इसलिए कंप्यूटर का इस्तेमाल करता है या
- 2:36:51फिर वो काम कि जो कि कंप्यूटर सब कुछ कर
- 2:36:54सकता है या डूइंग कैलकुलेशंस ओनली। अब
- 2:36:58देखें तो A अगर मैं सिंपलीफाई करूं तो A
- 2:37:01और D इन दोनों में कोई एक नजर आ रहा है।
- 2:37:06ठीक है ना? ऐसे बी एंड डी सॉरी यानी बी और
- 2:37:10डी में अगर हम देखें तो एनीथिंग दैट अ
- 2:37:12ह्यूमन बीइंग कैन डू यानी कंप्यूटर यूज़ हो
- 2:37:16सकता है कि एनीथिंग दैट अ ह्यूमन बीइंग
- 2:37:18कैन डू इंसान जो कर सकता है वही कंप्यूटर
- 2:37:22इस्तेमाल कर रहा है तो मेरा ख्याल है कि
- 2:37:23फिर हम सोचते हैं कि यार जब इंसान कर सकता
- 2:37:25है फिर कंप्यूटर की जरूरत नहीं है। तो
- 2:37:27हमें डी ऑप्शन राइट नजर आ रहा है क्योंकि
- 2:37:30कंप्यूटिंग
- 2:37:32स्टोरिंग
- 2:37:34कंप्यूटिंग का मतलब कैलकुलेशन वगैरह
- 2:37:36स्टोरिंग का, कंपेयरिंग का एंड रिटिविंग
- 2:37:39डाटा। तो यह एक रेलेवेंट नजर आ रहा है।
- 2:37:43मतलब डी ऑप्शन जो है ज्यादा रेलेवेंट है
- 2:37:46क्योंकि जिसमें हमें नजर आ रहा है कि
- 2:37:47कंप्यूटर को हम इसलिए इस्तेमाल करते हैं
- 2:37:49हम भाई हमारी इतनी मेमोरी नहीं है। हम
- 2:37:51कितनी चीजों को याद रखेंगे। अभी देख लो ना
- 2:37:53यार कि अभी जो हमारा दूसरा घंटा होने वाला
- 2:37:56है यानी 47 तक हम पहुंच चुके हैं। अब इसके
- 2:37:59दौरान भाई आप ये तो मुझे बता दोगे ना कि
- 2:38:01ऑप्शंस तो आप राइट मुझे बता दोगे। लेकिन
- 2:38:04उसके दरमियान में जो एक्सप्लेनेशन है तो
- 2:38:06ये और मेरी और आपकी मेमोरी है कि हम वर्ड
- 2:38:08टू वर्ड उस चीज को तो हम अ नहीं बता सकते
- 2:38:11ना। यानी इतनी हमारी मेमोरी जो इतनी
- 2:38:13ज्यादा ऑर्गेनाइज नहीं है मतलब हम उसको कर
- 2:38:16नहीं सकते। बस इंसान है लिमिटेशंस हैं।
- 2:38:19लेकिन कंप्यूटर के अंदर सब कुछ है। यानी
- 2:38:21इसकी जिंदा मिसाल देख लो। अभी ये लेक्चर
- 2:38:24रिकॉर्ड हो रहा है। तो एक-एक चीज यानी
- 2:38:27मेरी जो बॉडी मैं जेस्टर्स हैं। ठीक है?
- 2:38:30जो भी मेरे जो है वो आवाज है और उसका
- 2:38:33साउंड उसकी पेच अल्फाज़ एक-एक चीज रिकॉर्ड
- 2:38:37हो रही है। ठीक है? और ये कंप्यूटर में
- 2:38:39महफूज़ हो रही है। अब समझे बात को नहीं? तो
- 2:38:42हर चीज जो है देखिए यार ये तो इस ये सारी
- 2:38:45जो फीचर्स हैं इस वजह से ही तो फिर इंसान
- 2:38:48बेबस है ना यहां पर। ठीक है? कितनी
- 2:38:50कैलकुलेशन कर सकता है भाई या कितने ही
- 2:38:53स्टोर कर सकता है डाटा या कितना कंपैरिजन
- 2:38:55इसके अंदर सलाहियत है भाई प्रेडिक्शनंस के
- 2:38:58हवाले से या फिर कंपैरिजन के हवाले से या
- 2:39:00कितना ही डेटा रिट्रीव कर सकता है वो सब
- 2:39:02लिमिटेड है इसलिए फिर वो कंप्यूटर को
- 2:39:04देखता है कि कंप्यूटर बड़े जबरदस्त तरीके
- 2:39:06से काम कर सकता है। उम्मीद है आपको ये बात
- 2:39:08समझ में आ गई होगी।
- 2:39:1248 पे देखेंगे। द कैट कैम इज़ मेकिंग
- 2:39:14लार्जेस्ट इंपैक्ट इन व्हिच फील्ड? तो
- 2:39:17इनमें कौन सी फील्ड है जो कैड कैम जो है
- 2:39:20वह हमें बहुत ही इंपॉर्टेंटली नजर आता है।
- 2:39:23तो एक अगर डायरेक्ट वे आंसर दिया जाए तो
- 2:39:26इलेक्ट्रॉनिक्स के अंदर इसका जाहिर है कि
- 2:39:28इंपैक्ट है कि इलेक्ट्रॉनिक्स में जाहिर
- 2:39:30है आपको पता है डिफरेंट पार्ट्स हैं। ठीक
- 2:39:32है? और मेडिकल का शोभा जो है वो तो एक अलग
- 2:39:35ही हो जाता है। हॉस्पिटल्स हैं। ठीक है?
- 2:39:37स्पेस एक अलग ही सिनेरियो है भाई। ठीक है?
- 2:39:40और एजुकेशन सिस्टम में एस सच कोई
- 2:39:42डिजाइनिंग या कोई मैन्युफैक्चरिंग का एक
- 2:39:45एक वो नहीं होता। मतलब टेंजिबली नहीं
- 2:39:47होता। इनटेंजिबल आप कह सकते हो भाई कि हम
- 2:39:50टीचर्स और स्टूडेंट जो है टीचर क्या कर
- 2:39:52रहा है? एक इंडस्ट्री है। है ना? टीचर जो
- 2:39:55है वो एक एजुकेशन और स्टूडेंट्स को ग्रोथ
- 2:39:58करता है। वो एक अलग इनटेंजिबल बात है।
- 2:40:02लेकिन एक्चुअली जो है वो इलेक्ट्रॉनिक्स
- 2:40:03इज़ द राइट वन।
- 2:40:07अच्छा जी। व्हाट इज़ नेक्स्ट?
- 2:40:0949 एन एल्गोरिथ्म बेसिकली इज आउट अब यह
- 2:40:12प्रोग्रामिंग कंसर्न है। प्रोग्रामिंग के
- 2:40:14बारे से हम बात करें।
- 2:40:18अगर हम प्रोग्राम डेवलपमेंट की बात करते
- 2:40:20हैं।
- 2:40:25प्रोग्राम डेवलपमेंट की बात करते हैं तो
- 2:40:26उसमें हम देखते हैं कि जब भी हम सॉफ्टवेयर
- 2:40:29या किसी प्रोग्राम को हम लेते हैं एक
- 2:40:31प्रोग्रामिंग या प्रोग्राम बनाते हैं या
- 2:40:33सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट करते हैं तो उसके
- 2:40:35डिफरेंट स्टेजेस होते हैं। प्रॉब्लम
- 2:40:37प्रॉब्लम सॉल्विंग टूल्स कहते हैं हम
- 2:40:38उसको। ठीक है?
- 2:40:40या फिर हम उसको एक
- 2:40:43प्रॉब्लम्स यानी प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर
- 2:40:46डेवलपमेंट के कुछ पार्ट्स होते हैं जिसको
- 2:40:48हम नाम देते हैं। अभी हमने बताया था ना
- 2:40:50आपको सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल है
- 2:40:53ना? तो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल
- 2:40:55के कुछ हिस्से होते हैं। तो आगाज़ किससे
- 2:40:58होता है? सबसे पहले हम प्रॉब्लम को
- 2:41:00एनालाइज़ करते हैं। उस पे हम बात मतलब उसको
- 2:41:03सोचते हैं। थिंकिंग प्रोसेस चलाते हैं कि
- 2:41:05यार इस प्रोजेक्ट को कैसे लेके चलना है?
- 2:41:08तो वो फिर होता है हमारा प्रोसीजर टू
- 2:41:11सॉल्व अ प्रॉब्लम। तो उसके लिए हम
- 2:41:13एल्गोरिथ्म डिजाइन करते हैं। ठीक है ना?
- 2:41:15एक एल्गोरिथम जो है डिज़ाइन किया जाता है
- 2:41:17और एल्गोरिथम क्यों डिज़ाइन किया जाता है?
- 2:41:19वो ये पूछ रहा है इसलिए कि ताकि हम एक
- 2:41:22प्रोसीजर बनाएं टू सॉल्व अ प्रॉब्लम।
- 2:41:24एल्गोरिथ्म बनाया इसलिए जाता है कि ताकि
- 2:41:27हम किसी भी प्रोसीजर को प्रॉब्लम को सॉल्व
- 2:41:30कर सकें
- 2:41:32एक सीक्वेंस के साथ। ठीक है?
- 2:41:35एल्गोरिथ्म
- 2:41:38हम कहते ही ऐसे इसलिए हैं एल्गोरथ्म क्या
- 2:41:42है बेसिकली द
- 2:41:51इसको बल्कि और अच्छा कर ले तो के
- 2:41:56स्टेप बाय स्टेप
- 2:41:59ये बेहतर होगी डेफिनेशन
- 2:42:03स्टेप बाय स्टेप
- 2:42:06रिटर्न प्रोसीजर
- 2:42:21ठीक है
- 2:42:26तो ये है हमारे पास तो इसका राइट आंसर
- 2:42:29क्या होगा
- 2:42:30ए प्रोसीजर टू सॉल्व अ प्रॉब्लम। ठीक है?
- 2:42:36तो बाकी बी ऑप्शन में क्या लिखा हुआ है?
- 2:42:38सॉल्यूशन ड्रॉ प्रॉब्लम। जाहिर है कि
- 2:42:40प्रॉब्लम जो है वो सॉल्यूशन तो नहीं होता
- 2:42:42क्योंकि जाहिर है उसको अभी हम सॉल्व कर
- 2:42:43रहे होते हैं। प्रॉब्लम का मतलब ही होता
- 2:42:45है उसको हमें सॉल्व करना है। ठीक है?
- 2:42:47इसलिए ये स्टेटमेंट करेक्ट नहीं है। ठीक
- 2:42:49है? और सी में देखिए स्टेटमेंट ऑफ़ अ
- 2:42:51प्रॉब्लम। ये स्टेटमेंट ऑफ़ अ प्रॉब्लम भी
- 2:42:54नहीं है भाई। ठीक है? एक ऑब्जेक्ट है।
- 2:42:56एल्गोरिथ्म जो है यह एक तरह से
- 2:43:01एक स्टेप बाय स्टेप प्रोसीजर है।
- 2:43:03स्टेटमेंट ऑफ प्रॉब्लम नहीं है।
- 2:43:06एल्गोरिथ्म नाम है। यानी जब आप स्टेटमेंट
- 2:43:09की बात करते हो तो प्रॉब्लम है ना।
- 2:43:11एल्गोरिथ्म की बात कर रहा है वो।
- 2:43:13एल्गोरिथ्म जो है एक प्रोसीजर का नाम है।
- 2:43:15एक स्टेप स्टेप प्रोसीजर का नाम है। तो
- 2:43:17लिहाज़ा इसलिए राइट आंसर जो है वो ए है।
- 2:43:2150 को देखेंगे तो कम्युनिकेशन बिटवीन
- 2:43:23ह्यूमन बीइंग इज़ मेड थ्रू। यानी
- 2:43:26कम्युनिकेशन बिटवीन ह्यूमन बीइंग इज़ मेड
- 2:43:28थ्रू। कम्युनिकेशन जो होता है ह्यूमन
- 2:43:29बीइंग
- 2:43:31आपस में कम्युनिकेशन करता है। ओके? ह्यूमन
- 2:43:35बीइंग वो किस-किस तरह से कर सकता है? लाइक
- 2:43:37साउंड है, लाइट है, ठीक है? टच है। ओके?
- 2:43:41तो ऑब्वियसली ये सारे के सारे मेथड्स जो
- 2:43:44हैं इसके जरिए कम्युनिकेशन हो रहा है। अभी
- 2:43:46देख लें आप साउंड आजकल आप देखते हो ऐसे
- 2:43:48सॉफ्टवेयर्स हैं। वॉइस टेकिंग रिलेशन
- 2:43:50सिस्टम इसकी एक मिसाल है भाई। ओके? के
- 2:43:53बकायदा हम कुछ इन करते हैं। तो ये भी एक
- 2:43:56टेक्नोलॉजी आ गई। लाइट। ठीक है? लाइट से
- 2:43:59मुराद यह है कि आजकल ऐसे मतलब लाइट सेंसर
- 2:44:02आप देख लो कि ऑटोमेटिक डोर सिस्टम हो गया।
- 2:44:05ओके? या एक टेक्नोलॉजी के हवाले से अगर हम
- 2:44:09देखें कि दो तरह के दौर है ना कि एक आईओ
- 2:44:12एच।
- 2:44:14ठीक है?
- 2:44:19एक आईओ एच और एक आई ओटी है। तो हम किस दौर
- 2:44:24से गुजर रहे हैं? अब हम आईoटी में मौजूद
- 2:44:26हैं कि इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स इंटरनेट
- 2:44:32इंटरनेट ऑफ थिंग्स
- 2:44:37ठीक है ये दौर जो है वो है इंटरनेट ऑफ़
- 2:44:40ह्यूमन
- 2:44:46मतलब मैं आपको टू द पॉइंट बात करना चाह
- 2:44:47रहा हूं। मैं आपको सिर्फ ये समझाना चाह
- 2:44:49रहा हूं कि आखिर लाइट से कम्युनिकेशन कैसे
- 2:44:51है? तो यार मैं सिर्फ डायरेक्ट इस पे आ
- 2:44:53रहा हूं कि आईoटी का मतलब इंटरनेट ओपनिंग
- 2:44:56आज आप देख लो ना आज थिंग्स इधर यानी
- 2:44:58ह्यूमन इंटरनेशन लेस हो गया है और
- 2:45:00ऑटोमेटिक सिस्टम हो गया है आप किसी
- 2:45:02बड़े-बड़े मॉल्स में जाए तो ऑटोमेटिक डोर
- 2:45:04सिस्टम है ओके अलार्म सिस्टम है ओके
- 2:45:07स्कूल्स कॉलेजेस के अंदर टाइमिंग होती है
- 2:45:10तो ऑटोमेटिकली अलार्म अलार्म होता है ठीक
- 2:45:12है यूनिट्स को एक एंट देने के लिए एक
- 2:45:16अलार्म होता है फायर अलार्म ऑटोमेटिक
- 2:45:18सिस्टम ये सब क्या है एक लाइट और एक्स का
- 2:45:21एक सेंस सिस्टम है। इस तरह टच सिस्टम आपने
- 2:45:23देखा टच स्क्रीन सिस्टम है। एटीएम मशीन
- 2:45:25इसकी एग्जांपल है। हमारे स्मार्टफोनस हैं।
- 2:45:27तो ये कम्युनिकेशन ही तो है भाई। तो इसलिए
- 2:45:29मेरा ख्याल है कि ऑल ऑफ़ अबव इज़ द राइट
- 2:45:32आंसर। ठीक है ना?
- 2:45:38ठीक है?
- 2:45:47इसका
- 2:45:49राइट आंसर जो है वो है
- 2:46:01जी
- 2:46:03से एक मिनट
- 2:46:11इसका राइट आंसर हो गया हमारे पास
- 2:46:14कम्युनिकेशन बिटवीन ह्यूमन बीइंग्स इज़ मेड
- 2:46:16थ्रू ऑल ऑफ़ अबव इस तरह से। ठीक है? उम्मीद
- 2:46:19है आपको ये बात ये जो थोड़ी सी मैंने
- 2:46:21डिस्कशन की आपको समझ में आई होगी।
- 2:46:25उसके बाद 51 पे आ जाए। तो 51 में देखें इफ
- 2:46:28अ टर्मिनल इज़ लिंक डायरेक्टली टू अ
- 2:46:30कंप्यूटर इट इज़ एन एग्जांपल ऑफ। ठीक है?
- 2:46:34अगर एक टर्मिनल जो है वो डायरेक्टली
- 2:46:36कंप्यूटर से लिंक है। तो इसको हम क्या
- 2:46:38कहेंगे? ऑफलाइन कहेंगे। ऑफलाइन तो हो नहीं
- 2:46:40सकता। ठीक है? डायरेक्ट एक्सेस। बात समझ
- 2:46:43में आ रही है? हां। ये टर्मिनल इज़ लिंक
- 2:46:46डायरेक्टली टू अ कंप्यूटर। इट इज़ एन
- 2:46:48एग्जांपल ऑफ़ तो डायरेक्ट एक्सिस बात समझ
- 2:46:50में आ रही है। स्टील एक्सिस हो नहीं सकता।
- 2:46:52ये एक मेथड है। ओके? इसलिए हम इसको प्रेफर
- 2:46:56नहीं करेंगे। हां जब हम बात कर रहे हैं कि
- 2:47:00एक टर्मिनल की बात हो रही है ना और
- 2:47:02टर्मिनल की जब बात करते हैं ना बेटा ये
- 2:47:04देखो B भी आपको शायद लगे कि यार सर B हो
- 2:47:07सकता है। मान लिया मैंने कि B पे आप थोड़ी
- 2:47:09देर के लिए रुक जाए। लेकिन अभी हमने थोड़ी
- 2:47:12देर पहले अगर आपको याद हो तो टर्मिनल के
- 2:47:14बारे में से बात की थी ना। एक टर्मिनल का
- 2:47:16मतलब क्या होता है? जब यह कनेक्ट होता है,
- 2:47:18टर्मिनल कनेक्ट
- 2:47:21विद द
- 2:47:25मेन नेटवर्क है ना
- 2:47:28एक मेन नेटवर्क से
- 2:47:32कनेक्ट होता है। यानी कनेक्ट मतलब जॉइंट
- 2:47:35है। तो एक टर्मिनल को हम देखते हैं। डेबिट
- 2:47:37कार्ड मशीन देख लो आप किसी भी एक नेटवर्क
- 2:47:39से। एक टर्मिनल जो कि एक नेटवर्क से
- 2:47:41जुड़ता है। तो मेरा ख्याल ये ऑनलाइन तो
- 2:47:44ज्यादातर मतलब आई मीन ऑनलाइन को अगर हम
- 2:47:46देखें सोचे तो ऑनलाइन ज्यादा मतलब सूटेबल
- 2:47:49है। ठीक है? एक बात और समझा दूं यहां पर
- 2:47:51एक और चीज कि आपको कभी-कभी ऐसे ऑप्शन भी
- 2:47:54दे दिए जाएंगे। मतलब मे बी कि आप को ऐसा
- 2:47:57लगेगा कि भ दो और दोनों ऑप्शन ही करेक्ट
- 2:47:59लग रहे हैं भाई। पर जबकि बोथ का ऑप्शन भी
- 2:48:01आपको नजर नहीं आ रहा होगा। तो यहां पर फिर
- 2:48:03थोड़ा सा आपको ट्रिकी होना पड़ेगा या
- 2:48:06थोड़ा टेक्निकली हम बेस्ट वन को ढूंढेंगे।
- 2:48:09तो यही चीज आप समझ लो के बेस्ट वन जो
- 2:48:13हमारे पास ऑनलाइन
- 2:48:15नजर आ रहा है। ठीक है? उम्मीद है आपको ये
- 2:48:18बात समझ में आई होगी।
- 2:48:2052 में देखें। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग
- 2:48:22एडवांटेजेस आर नॉट अवेलेबल विद
- 2:48:24डीसेंट्रलाइज़्ड डाटा प्रोसेसिंग? तो पहले
- 2:48:27तो हमें समझना होगा कि
- 2:48:30सेंट्रलाइज्ड
- 2:48:36ओके और डिसेंट्रलाइज्ड
- 2:48:44ये क्या सिस्टम है? एक सेंट्रलाइज्ड
- 2:48:46सिस्टम और एक डिसेंट्रलाइज्ड है। तो
- 2:48:48सेंट्रलाइज़ की जब हम बात करते हैं ना बेटा
- 2:48:50तो ये रेफर करता है क्लाइंट सर्वर को।
- 2:48:55यह क्लाइंट सर्वर मॉडल को रेफर करता है और
- 2:48:58डीसेंट्रलाइज की अगर हम बात करें तो यह
- 2:49:01पेयर टू पेयर ये जितने भी मेरे
- 2:49:06प्यारे स्टूडेंट्स कैंब्रriज के एस लेवल्स
- 2:49:09के ओ लेवल्स के मैट्रिक सिस्टम या एना आन
- 2:49:14बोर्ड वगैरह सब ने पढ़ा होगा कि दो तरह के
- 2:49:17लेंस मॉडल होते हैं। एक क्लाइंट सर्वर
- 2:49:19मॉडल होता है और एक पेयर टू पेयर होता है।
- 2:49:21ठीक है ना? तो अगर आप क्लाइंट सर्वर की
- 2:49:23बात करते हो तो एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम
- 2:49:25होता है। ठीक है? जो कि एक सेंट्रलाइज्ड
- 2:49:27सिस्टम पर काम कर रहा होता है। और
- 2:49:28डिसेंट्रलाइज जो होता है इसमें एक मेनली
- 2:49:31कोई सर्वर नहीं होता। ठीक है? हर एंड पे
- 2:49:34अपने ही खुद से वो एक एज अ सर्वर काम कर
- 2:49:37रहा होता है। जैसे कि क्लाइंट सर्वर की
- 2:49:39एग्जांपल आप एटीएम मशीनंस को देख लो। है
- 2:49:42ना? Google है आपके पास। ओके? ये सारे जो
- 2:49:45है वो क्लाइंट सर्वर मॉडल्स पे आ रहे हैं।
- 2:49:48ईमेल, क्लाइंट सर्वर हो गया। यह सब
- 2:49:51डिसेंट्रलाइज में पेयर टू पेयर में देखो
- 2:49:53ना जैसे Facebook में ग्रुप्स बनते हैं
- 2:49:55WhatsApp में है मतलब यह ग्रुपिंग यह पेयर
- 2:49:57टू पेयर मॉडल के तहत है। तो ये वही कह रहा
- 2:50:00है कि अब उम्मीद है कि आपको क्लियर हुआ
- 2:50:02होगा। अब आपको इसका जवाब देना आसान होगा
- 2:50:05कि भाई व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग एडवांटेजेस आर
- 2:50:07नॉट अवेलेबल? ये जो एडवांटेजेस हैं एक
- 2:50:10डिसेंट्रलाइज्ड सिस्टम में हमें नज़र नहीं
- 2:50:12आता। ठीक है? एक तो हम सेविंग ऑफ़ कॉस्ट।
- 2:50:15ठीक है ना? कॉस्ट की बात करें। पीरियड
- 2:50:17सस्ता होता है। ठीक है? कॉस्ट को हम ट्रेल
- 2:50:20कर सकते हैं। ठीक है? तो इसमें हमें ऑल द
- 2:50:24डेटा फाइल नीडेड कैन बी केप्ट एट वन प्लेस
- 2:50:27या ग्रेटर सिक्योरिटी एंड कंट्रोल ऑफ़
- 2:50:29डेटा। ये भी हम कर सकते हैं भाई एडवांटेज
- 2:50:32डिसेंट्रलाइज़ एंड रिडक्शन ऑफ़ बैक लॉक्स।
- 2:50:35ठीक है? बैकल का मतलब ये है कि उसमें जो
- 2:50:37भी खराबियां हो तो उसको हम ठीक कर सकें।
- 2:50:40तो बेहतर जो है क्या है? ऑल डेटा फाइल्स
- 2:50:43नीडेड कैन बी केप्ट एट वन प्लेस। यानी
- 2:50:46पेयर टू पेयर में तो फाइल जो है वो घूमती
- 2:50:48रहती है। मतलब एक फाइल जो कोई भी शेयर
- 2:50:50करता है एक दूसरे को तो चल रही होती है।
- 2:50:52तो इसमें हमें एडवांटेज जो है वो ये है कि
- 2:50:55भाई जो नजर नहीं आता वो
- 2:50:59वो ये है कि ऑल द डेटा फाइल नीडेड कैन बी
- 2:51:02केप्ट एट वन प्लेस। एक जगह तो जमा नहीं
- 2:51:04होती ना क्योंकि सेंट्रलाइज सिस्टम नहीं
- 2:51:05होता। तो फाइल इधर-उधर कहीं भी हम मूव कर
- 2:51:09सकते हैं या रूम हो रही होती है। रूमिंग
- 2:51:10हो रही होती है।
- 2:51:13बात समझ में आई?
- 2:51:16अब आगे बढ़ते हैं। नेक्स्ट देखते हैं।
- 2:51:19व्हाट इज नेक्स्ट? व्हाट इज नॉट ट्रू
- 2:51:21अबाउट बैच मोड ऑफ कंप्यूटर ऑपरेशंस? बैच
- 2:51:24प्रोसेसिंग होती है ऑपरेटिंग सिस्टम के
- 2:51:28अंदर।
- 2:51:30बैच प्रोसेसिंग
- 2:51:33ऑपरेटिंग सिस्टम है। ठीक है ना? तो यह
- 2:51:37बैचेस पे काम करता है और बेसिकली ऑपरेटिंग
- 2:51:40सिस्टम की टाइप्स में यह बड़ा एक कॉमन है।
- 2:51:42मतलब बैच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम जो
- 2:51:44है ये इस तरह से वर्क करता है कि भ व्हाट
- 2:51:47इज़ नॉट ट्रू अबाउट बैच। अब ये बैच सिस्टम
- 2:51:50के हवाले से कौन सा इसमें ट्रू नहीं है।
- 2:51:52ठीक है? कि इट इज़ यूज़फुल फॉर लॉन्ग
- 2:51:54प्रोग्राम। प्रोग्राम्स आर रन सीरी या
- 2:51:57यूज़र्स आर ऑन ऑनलाइन। तो व्हिच इज़ नॉट
- 2:52:00ट्रू। बैच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम के
- 2:52:03हवाले से बात हो रही है।
- 2:52:06तो यह बेसिकली
- 2:52:10एक तो ऑनलाइन तो इसमें मौजूद है। बैच
- 2:52:12प्रोसेसिंग एक ऑनलाइन है। ठीक है? बिल्कुल
- 2:52:15और प्रोग्राम्स आर रन सीरियली। प्रोग्राम
- 2:52:17जो है वो एक सीरियली रन होता है। बैजेस
- 2:52:19में होता है। एक जॉब कई जॉब्स आती हैं तो
- 2:52:22फिर वो वन बाय वन यूं एक सीक्वेंस से चल
- 2:52:24रहा होता है। तो लिहाज़ा इट इज़ यूज़फुल फॉर
- 2:52:26लॉन्ग प्रोग्राम्स। अगर यह कहें कि भाई ये
- 2:52:28लॉन्ग प्रोग्राम्स के लिए होता है तो ऐसा
- 2:52:30नहीं है।
- 2:52:35इसके बाद नेक्स्ट को देखेंगे 54 टू
- 2:52:37प्रोसेस डाटा द डाटा प्रोसेसिंग मशीन नीड
- 2:52:41टू बी फेड विद
- 2:52:45टू प्रोसेस डेटा द डेटा प्रोसेसिंग मशीनंस
- 2:52:48नीड टू बी फेड फेड का मतलब होता है इनपुट
- 2:52:51करना ठीक है ना फीडिंग मींस होता है इनपुट
- 2:52:53ठीक है ओनली डेटा ओनली इंस्ट्रक्शंस या
- 2:52:56डेटा एंड इंस्ट्रक्शंस बोथ जाहिर है कि जब
- 2:52:58आप प्रोसेसिंग डेटा की बात करते हो डेटा
- 2:53:00प्रोसेसिंग की बात करते हो तो उसमें हमें
- 2:53:02किन चीजों की जरूरत होती है? हमें उसमें
- 2:53:04डेटा की भी जरूरत पड़ती है भाई और उसमें
- 2:53:06हमें इंस्ट्रक्शंस की भी जरूरत होती है।
- 2:53:07तो इसका मतलब है जो वही बात अभी हमने
- 2:53:09थोड़ी देर पहले की थी कि जो बेस्ट आंसर है
- 2:53:12वो हमारा सी है।
- 2:53:15क्या करें? यानी डेटा और इंस्ट्रक्शंस।
- 2:53:17ठीक है? इन दोनों की हमें
- 2:53:20डेटा और इंस्ट्रक्शंस हमें इन दोनों की
- 2:53:23जरूरत पड़ती है। तो दिस इज़ द राइट वन।
- 2:53:25उम्मीद है कि ये आपको समझ में आ गया होगा।
- 2:53:29ठीक है?
- 2:53:32जी बेटा तो यह उम्मीद है आपको समझ में आ
- 2:53:36गया होगा क्योंकि अगर हम देखते हैं डेटा
- 2:53:39को तो अभी मैंने कहा कि भाई बेस्ट आंसर जो
- 2:53:42है हमें नजर आ रहा है वो ये है कि डेटा
- 2:53:44एंड इंस्ट्रक्शंस बोथ ठीक है ये आपके पास
- 2:53:48आंसर है। उसके बाद देखते हैं व्हाट इज़
- 2:53:49नेक्स्ट
- 2:53:5155 में देखें अरेंजिंग डाटा इन अ प्रीड अह
- 2:53:54प्रीडटरमाइंड सीक्वेंस इज़ कॉल्ड
- 2:53:56प्रीडटरमाइंड मतलब अरेंजिंग डेटा इन अ
- 2:53:58प्रीडटरमाइंड सीक्वेंस इज़ कॉल्ड यानी जब
- 2:54:02आप डेटा की बात करते हो तो याद रखो
- 2:54:04कंप्यूटर के अंदर जब हम फाइलिंग सिस्टम की
- 2:54:06बात करते हैं तो प्रीडटरमाइंड जो सिस्टम
- 2:54:09है वो क्या है? उसको हम सॉर्टिंग कहेंगे,
- 2:54:11अपडेटिंग कहेंगे और तो जाहिर है सॉर्टिंग
- 2:54:14एक अरेंजिंग जो होती है यह प्रीडफाइन है।
- 2:54:16मतलब एक सीक्वेंस में अपडेटिंग नहीं हो
- 2:54:19सकता। सॉर्टिंग इज़ द राइट आंसर। सॉर्टिंग
- 2:54:22का मतलब ये होता है या वो एसेंडिंग
- 2:54:24सीक्वेंस होगा या फिर उसका डिसेंडिंग
- 2:54:25ऑर्डर होगा। यानी कोई ना कोई एक सीक्वेंस
- 2:54:27तो होगा ना। तो उसको हम सॉर्टिंग कहते
- 2:54:29हैं। ये सॉर्टिंग के जरिए होता है। यानी
- 2:54:31अगर इदारे जो हैं वो एक अल्फाबेटिकली होते
- 2:54:33हैं ना कुछ। जैसे इसकी मिसाल दूं कॉलेज
- 2:54:37में स्कूल्स में अटेंडेंस जो होती है
- 2:54:38बच्चों की जो नाम लिखे जाते हैं कुछ उसको
- 2:54:41आप अल्फाबेटिकली हम सेट कर रहे होते हैं
- 2:54:43सही है ना तो इस तरह भी होता है तो ये एक
- 2:54:46सॉर्टिंग है ओके एसेंडिंग कुछ है
- 2:54:49डिसेंडिंग एक ऑर्डर है तो है तो वो भी ना
- 2:54:52सॉर्टिंग तो इसलिए वो इस पे बात कर रहा है
- 2:54:5656 में देखेंगे द प्रोसेस ऑफ़ प्रोडक्शन ऑफ़
- 2:54:59कस्टमर लिस्ट इन अल्फाबेटिकल ऑर्डर फॉल्स
- 2:55:02अंडर द कैटेगरी ऑफ़ तो हम बात कर चुके हैं
- 2:55:04ये हमें प्रीवियस एमसीक्यू में तो ये
- 2:55:07स्टार्टिंग को रेफर कर रहा है ऑब्वियसली
- 2:55:10क्योंकि एसेंडिंग और अल्फाबेटिकल ऑर्डर जो
- 2:55:13है वो असेंडिंग ऑर्डर को रेफर कर रहा है
- 2:55:15ना या फिर वो अल्फाबेटिकली
- 2:55:17किस ऑर्डर में है असेंडिंग में डिसेंडिंग
- 2:55:19में तो है तो सॉर्टिंग ही ना ये बात है।
- 2:55:22ठीक है? इसलिए इसका भी आंसर सॉर्टिंग है।
- 2:55:26अपडेटिंग अगर आप सोच रहे हो कोई अगर
- 2:55:29अपडेटिंग ज़हन में हो कि सर अपडेटिंग क्यों
- 2:55:31नहीं है? असल में अपडेटिंग जो है ना अपडेट
- 2:55:33का मतलब यह होता है कि हम उसको नहीं सीजते
- 2:55:36कोई उसमें
- 2:55:38रिकॉर्ड को हम अपडेट जैसे कि एक स्टूडेंट
- 2:55:40है ठीक है अब उसने जो है वो अपने नाम को
- 2:55:43चेंज करना है तो वो अपडेट हो रहा है एक
- 2:55:45तरह से तो उसके नाम को आपने चेंज कर दिया
- 2:55:48या अब वो न्यू क्लास है उसको अपडेट नहीं
- 2:55:50हुआ अब वो न्यू क्लास में आ चुका है तो
- 2:55:52उसका रिकॉर्ड अपडेट करना ठीक है इस तरह से
- 2:55:54हम इसको समझ सकते हैं अपडेटिंग को तो उसका
- 2:55:57ताल्लुक इस तरह से अल्फाबेटिकल ऑर्डर से
- 2:56:01नहीं हो रहा। एडिटिंग जो है वो ये होती है
- 2:56:04कि जैसे स्पेलिंग मिस्टेक हो जाती है।
- 2:56:06टाइपिंग करते क्लेरिकल मिस्टेक्स जो होती
- 2:56:08हैं तो उस सेंस में हम उसको ले रहे होते
- 2:56:11हैं। ठीक है? कैलकुलेशन तो आप समझ रहे हो।
- 2:56:13तो ये असल में बात है। ठीक है? सॉरी ये
- 2:56:15मैं शायद बताना भूल गया था। ये मैंने कहा
- 2:56:17आपको क्लियर कर दूं कि भाई सॉर्टिंग ही
- 2:56:20क्यों है? एडिटिंग या अपडेटिंग क्यों नहीं
- 2:56:22है? सही है? तो मेरे ख्याल अब आपको समझ
- 2:56:24में आ गया होगा कि एडिटिंग एक दफा फिर कह
- 2:56:26रहा हूं। एडिटिंग का ताल्लुक किससे हो रहा
- 2:56:28है? क्लेरिकल मिस्टेक्स जो होती हैं, इसको
- 2:56:30रेफर करता है। ठीक है? लिख भी देता हूं
- 2:56:32आपके लिए मैं। एडिटिंग
- 2:56:36रेफर्स
- 2:56:40क्लेरिकल मिस्टेक्स। ठीक है?
- 2:56:47और जबकि अपडेटिंग जो है
- 2:56:54अपडेटिंग रेफर्स
- 2:57:00अपडेटिंग क्या वो रेफर करता है किसको
- 2:57:06टू
- 2:57:10मेंटेन
- 2:57:13रिकॉर्ड्स। ठीक है?
- 2:57:16ऑफ
- 2:57:18अ फाइल या जो भी आप कहें
- 2:57:21तो इसलिए सॉर्टिंग इज द राइट आंसर। आपको
- 2:57:24समझ में आ गया होगा।
- 2:57:27नेक्स्ट देखते हैं व्हाट इज नेक्स्ट इन अ
- 2:57:29टाइम शेयरर्ड कंप्यूटर सिस्टम।
- 2:57:33टाइम शेयरर्ड कंप्यूटर सिस्टम का मतलब
- 2:57:34क्या है? टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम।
- 2:57:36ये भी एक ऑपरेटिंग सिस्टम की टाइप्स होती
- 2:57:38है बेटा। ये आप याद रखें। जब हम ऑपरेटिंग
- 2:57:41सिस्टम की बात करते हैं। अब ऑपरेटिंग
- 2:57:43सिस्टम क्या होता है? इस पे आगे आएगा
- 2:57:45एमसीक्यू। लेकिन अभी आपको मैं समझाने के
- 2:57:48लिए आपको पता भी है माशा्लाह कि ऑपरेटिंग
- 2:57:51सिस्टम जो है इज
- 2:57:54अ मास्टर
- 2:57:57कंट्रोल
- 2:58:01प्रोग्राम। ठीक है ना?
- 2:58:07ऑपरेटिंग सिस्टम एक मास्टर कंट्रोल
- 2:58:08प्रोग्राम होता है। अब इसके मुख्तलिफ
- 2:58:11टाइप्स होती है। ठीक है? अब टाइप्स में एक
- 2:58:14टाइप जो होती है
- 2:58:16वह है टाइम शेयरिंग।
- 2:58:22इनमें से एक टाइप है हमारी
- 2:58:26टाइम शेयरिंग।
- 2:58:29टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? ये
- 2:58:31वर्क करता है टाइम स्लाइस पे।
- 2:58:37ठीक है ना? मतलब एक ही वक्त में अगर एक
- 2:58:40नेटवर्क है, एक ऑपरेटिंग सिस्टम टाइम
- 2:58:43शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम काम कर रहा है।
- 2:58:45और उस नेटवर्क में और वो एक ही वक्त में
- 2:58:48उसको टाइम एक टास्क जो है वो डिफरेंट
- 2:58:50नेटवर्क कोर्स को प्रोवाइड करना है। तो
- 2:58:53फिर ये टाइम स्लशेस पर काम करता है। ठीक
- 2:58:56है? इसको हम क्वांटम टाइम भी कहते हैं।
- 2:58:59तो वो ये बात कर रहे हैं कि इन अ टाइम
- 2:59:01शेयर्ड कंप्यूटर सिस्टम में क्या होता है
- 2:59:02कि नंबर ऑफ़ टर्मिनल्स कैन बी कनेक्टेड
- 2:59:04समनियसली टू अ सेंट्रल कंप्यूटर। एक तो ये
- 2:59:07बात सही है। या फिर नंबर ऑफ़ प्रॉब्लम्स
- 2:59:10कैन बी सॉल्वड बाय द कंप्यूटर सेटअसल या
- 2:59:12बोथ A एंड B या नेदर। तो इसमें जो राइट वन
- 2:59:16है तो एक टाइम शेयरर्ड कंप्यूटर सिस्टम
- 2:59:18में क्या होता है? नंबर ऑफ टर्मिनल्स कैन
- 2:59:20बी कनेक्टेड समलटेनियसली टू अ सेंट्रल
- 2:59:23पार्ट या नंबर ऑफ़ प्रॉब्लम्स कैन बी
- 2:59:24सॉल्वड बाय द कंप्यूटर समलटेनियसली। तो
- 2:59:27मेरा ख्याल है के जो सूटेबल अब वही बात आ
- 2:59:29गई ना कि आपको ए भी लग रहा होगा। सही है
- 2:59:31ना? आपको ए ऑप्शन भी लग रहा होगा, बी भी
- 2:59:34लग रहा होगा। अब सोच रहे होंगे यार इसमें
- 2:59:36बोथ ए एंड बी होना चाहिए। है ना? तो
- 2:59:39बिल्कुल सही कह रहे हैं आप कि नंबर ऑफ
- 2:59:41टर्मिनल्स कैन बी कनेक्टेड समटेनियसली टू
- 2:59:44अ सेंट्रल कंप्यूटर। एक सेंट्रल कंप्यूटर
- 2:59:46से कनेक्टेड है और दूसरा नंबर ऑफ़
- 2:59:48प्रॉब्लम्स कैन बी सॉल्वड बाय द कंप्यूटर
- 2:59:51समटेनियसली। यानी कि एक साथ जो है वो
- 2:59:55सॉल्व करना। ठीक है? ये भी है। तो बोथ A
- 2:59:58एंड B भी हो सकता है। बिल्कुल। ठीक है? और
- 3:00:01B भी इसका आंसर हो सकता है। लेकिन बोथ A
- 3:00:04एंड B हम देखें तो इसको हम समझ सकते हैं।
- 3:00:07बिल्कुल ठीक है।
- 3:00:13उसके बाद
- 3:00:1658
- 3:00:19अ कंप्यूटर जनरली प्रोसेस
- 3:00:22अ कंप्यूटर जनरली प्रोसेस इनेशन प्रोग्राम
- 3:00:26डेटा आउटपुट यानी कंप्यूटर जो है आमतौर पे
- 3:00:28क्या प्रोसेस करता है भाई डेटा को प्रोसेस
- 3:00:31करता है इनेशन को अब इनेशन इसलिए नहीं हो
- 3:00:33सकता बेटा इनेशन तो एक लास्ट स्टेज है
- 3:00:36मतलब इनेशन का मतलब क्या होता है
- 3:00:37ऑर्गेनाइज़ फॉर्म ऑफ़ डेटा। सही है? मतलब
- 3:00:40अगर मैं इसको लिख दूं यहां पे कि इनफेशन
- 3:00:42बेसिकली क्या है कि ऑर्गेनाइज्ड
- 3:00:48ऑर्गेनाइज्ड फॉर्म ऑफ डेटा।
- 3:00:53इसको हम कहते हैं इनेशन। प्रोग्राम यू नो
- 3:00:55कि एक सेट ऑफ़ इंस्ट्रक्शन का नाम है। हां।
- 3:00:59सेट ऑफ इंस्ट्रक्शंस।
- 3:01:04डाटा जो है तो जाहिर है आउटपुट तो हो नहीं
- 3:01:08सकता। इसका तो हम जनरली तो इस पे काम नहीं
- 3:01:11आउटपुट कैसे आएगा? जाहिर है सवाल तो ये है
- 3:01:13ना फिर तो बेसिकली आउटपुट पे काम नहीं हो
- 3:01:16रहा बल्कि बेसिकली कंप्यूटर जनरली प्रोसेस
- 3:01:19किसको प्रोसेस प्रोसेसिंग की बात हो रही
- 3:01:21है ना? तो डेटा को प्रोसेस करता है। तो
- 3:01:24डेटा यू नो के हर चीज जो कंप्यूटर में फीड
- 3:01:27हो रही है। है ना? एवरीथिंग
- 3:01:34ओके दैट
- 3:01:36फीड
- 3:01:38डायरेक्टली
- 3:01:42टू द सीपीयू
- 3:01:45यानी कि डायरेक्टली जो सीपीयू में फीड हो
- 3:01:47रहा है तो जाहिर है वो क्या हुआ डेटा तो
- 3:01:48जाहिर है कि डेटा भी तो काम होगा ना बट
- 3:01:50डेट जब तक नहीं होगा तो राइट आंसर जो है
- 3:01:53वो हमारा आई मीन डेटा
- 3:01:57बात समझ में आई
- 3:02:06आते हैं हम नेक्स्ट पे। ठीक है? सॉरी। अब
- 3:02:10आते हैं नेक्स्ट पे।
- 3:02:12व्हाट इज़ नेक्स्ट?
- 3:02:1659 पे देखें। करेक्शंस ऑफ़ एरर्स एंड
- 3:02:18मॉडिफिकेशंस ऑफ़ सॉफ्टवेयर इज़ द जॉब ऑफ़।
- 3:02:21ठीक है? यानी करेक्शंस ऑफ़ एरर्स एंड
- 3:02:24मॉडिफिकेशंस ऑफ़ सॉफ्टवेयर इज़ द जॉब ऑफ। ये
- 3:02:27डेटा एंट्री ऑपरेटर कहलाता है या सिस्टम
- 3:02:29एनालिस्ट या मेंटेनेंस प्रोग्रामर या
- 3:02:31कंप्यूटर ऑपरेटर। ठीक है? ये बड़ा अच्छा
- 3:02:34एमसीक्यू है कि करेक्शंस करना ऑफ एर्स एंड
- 3:02:37मॉडिफिकेशंस करना। ठीक है? ये किसका काम
- 3:02:40है? तो ये एक बेसिकली डेटा एंट्री ऑपरेटर
- 3:02:42की अगर हम बात करें तो इसका काम होता है
- 3:02:44डेटा को फीड करना। जस्ट डेटा को एंट्री
- 3:02:48करना। सिस्टम एनालिस्ट जो होता है एक बड़ा
- 3:02:50एक सिस्टम एनालिस्ट का मतलब है कि एक
- 3:02:52इदारे में जो पूरे एक सिस्टम को देख रहा
- 3:02:54होता है। ठीक है? जिसका काम इनडायरेक्ट
- 3:02:57होता है। मतलब ये भी तमाम चीजों को देख
- 3:03:00रहा होता है। लेकिन ये लेता है काम और
- 3:03:02बताता है कि भ किस तरह से सॉफ्टवेयर में
- 3:03:04अगर एरर्स है तो उसको ठीक करो। तो
- 3:03:06इनडायरेक्ट इनवॉल्व रहता है। ठीक है?
- 3:03:09लेकिन इसकी नजर पूरे एक सिस्टम पे रहती
- 3:03:12है। पूरे एक सिस्टम जो ऑर्गेनाइजेशन में
- 3:03:14चल रहा है सिस्टम जो कंप्यूटर का है।
- 3:03:16मेंटेनेंस प्रोग्रामर। ठीक है ना? तो राइट
- 3:03:18आंसर क्या मेंटेनेंस प्रोग्रामर जो होता
- 3:03:20है वो इसका काम होता है कि जो कि करेक्शंस
- 3:03:22एरर मॉडिफिकेशंस करनी हो तो फिर इससे रुजू
- 3:03:25किया जाता है
- 3:03:27मेंटेनेंस प्रोग्रामर्स से। देखिए
- 3:03:28कंप्यूटर ऑपरेटर का ताल्लुक भी लगभग जैसे
- 3:03:32फाइलिंग को हैंडल करना हो सही है और इस
- 3:03:35तरह की चीजों को तो सॉफ्टवेयर की बात हो
- 3:03:38रही है ना किसी भी उसकी तो सॉफ्टवेयर का
- 3:03:40मतलब यही होता है कि उस सॉफ्टवेयर के अंदर
- 3:03:42जो भी अगर क्रैक्शंस करनी हो तो वही कर
- 3:03:45सकता है ना जो कि प्रोग्रामिंग के आइडियाज
- 3:03:46रखता हो। क्यों? कंप्यूटर ऑपरेटर जो है एक
- 3:03:49तरह से एक्सपर्ट तो नहीं होता। मतलब उसको
- 3:03:51प्रोग्रामिंग की इतनी नो हाउ नहीं होती
- 3:03:53है। उसे हैंडलिंग कंप्यूटर को हैंडल कैसे
- 3:03:55करना है उसके एक्सेसरीज के हवाले से या
- 3:03:58किसी भी एक स्पेसिफिक सॉफ्टवेयर को हैंडल
- 3:04:00करना हो तो उस पे आ जाता है। ठीक है? और
- 3:04:03डेटा एंट्री का बता दिया कि सिंपली उसको
- 3:04:05डाटा एंटर करना होता है या जैसे बिलिंग
- 3:04:07सिस्टम है उसकी एंट्री करनी है तो उसके
- 3:04:09लिए फिर हमें इस तरह के लोग चाहिए। तो
- 3:04:11बेस्ट आंसर जो है भारत क्योंकि सॉफ्टवेयर
- 3:04:13की बात कर रहा है और सॉफ्टवेयर का ताल्लुक
- 3:04:15जो है वो एक प्रोग्राम से होता है। तो ये
- 3:04:17प्रोग्रामर जो है वो बड़े बेहतर तरीके से
- 3:04:19कर सकते हैं। उम्मीद है बात समझ में आई
- 3:04:23होगी।
- 3:04:2560 पे देखेंगे। द कांसेप्ट ऑफ डिवाइडिंग
- 3:04:28कंप्यूटर टाइम व्हेन ईच यूजर थिंक्स दैट
- 3:04:31कंप्यूटर इज़ कॉल्ड। ठीक है? अब ये
- 3:04:35द कॉनसेप्ट ऑफ़ डिवाइडेड कंप्यूटर टाइम
- 3:04:39व्हेन ईच थिंग्स दैट कंप्यूटर इज़ कॉल्ड।
- 3:04:41अब ये बेसिकली टाइम शेयरिंग को रेफर कर
- 3:04:43रहा है क्योंकि टाइम की बात हो रही है। तो
- 3:04:45दिस इज़ द आंसर टाइम शेयरिंग। ठीक है ना?
- 3:04:48ये टाइम शेयरिंग की बदौलत है ना? द
- 3:04:51कॉनंसेप्ट ऑफ़ डिवाइडेड कंप्यूटर टाइम।
- 3:04:53कंप्यूटर के टाइम को डिवाइडेड करना। इसको
- 3:04:57मैं यूं समझाता हूं कि मैंने अभी थोड़ी
- 3:04:59देर पहले आपको बताया था कि टाइम शेयरिंग
- 3:05:01जो है
- 3:05:07टाइम शेयरिंग बेसिकली
- 3:05:09टाइम स्लाइस पर काम करता है।
- 3:05:13है ना? टाइम स्लाइस मतलब एक टाइम स्लाइस
- 3:05:18का मतलब ये है कि एक ही वक्त में अगर एक
- 3:05:21नेटवर्क में डेटा शेयरिंग करनी है तो ये
- 3:05:23टाइम स्लाइसेस के जरिए यानी कंप्यूटर का
- 3:05:26एक शेड्यूलिंग सिस्टम होता है। ठीक है ना?
- 3:05:28उस शेड्यूल सिस्टम पे ही रहते हुए
- 3:05:31कंप्यूटर अपनी सारी जॉब्स को परफॉर्म कर
- 3:05:33रहा होता है। ठीक है ना? तो ये टाइम
- 3:05:35स्लाइस जो है जिसको हम कहते हैं क्वांथम
- 3:05:37टाइम भी
- 3:05:44ये मैं कहना चाह रहा हूं। ठीक है ना? तो
- 3:05:46इसलिए हम कह रहे हैं कि बेस्ट आंसर जो है
- 3:05:48वो टाइम शेयरिंग है। कंप्यूटर टाइम का
- 3:05:50मतलब यहां पर क्या है? एक टाइम शेयरिंग के
- 3:05:52जरिए ऐसा होता है। ठीक है?
- 3:06:01[संगीत]
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- 3:10:20[संगीत]
- 3:10:2761 पे देखेंगे इफ अ सीपीयू कैन हैंडल
- 3:10:30रिलेटेड प्रोसेस एट द सेम टाइम इज़ सेट टू
- 3:10:33बी कैपेबल ऑफ़ अगर एक कंप्यूटर जो है
- 3:10:36सीपीयू से मुराद यहां पे एक कंप्यूटर जो
- 3:10:38है अगर एक ही वक्त में ठीक है एंड रिलेटेड
- 3:10:43सॉ प्रोसेस यानी रिलेटेड सॉफ्टवेयर
- 3:10:46प्रोसेस को प्रोसेस कर रहा है। यानी
- 3:10:48रिलेटेड जो टास्क हैं उनको प्रोसेस कर रहा
- 3:10:50है एट द सेम टाइम। ओके? इसको हम क्या
- 3:10:52कहेंगे? मल्टी प्रोसेसिंग कहेंगे। मल्टी
- 3:10:55लिंकिंग कहेंगे, नेटवर्किंग कहेंगे या
- 3:10:57मल्टीटास्किंग कहेंगे। अब ये बड़ा एक
- 3:10:59इंपॉर्टेंट टॉपिक है कि मल्टी प्रोसेसिंग
- 3:11:02का मतलब क्या होता है? मल्टी प्रोसेसिंग
- 3:11:04रेफर करता है कि जब एक ही वक्त में कई
- 3:11:06प्रोसेसर्स में टास्क डिवाइड हो। मल्टी
- 3:11:09प्रोसेसिंग। यानी इसकी बेस्ट एग्जांपल हम
- 3:11:11कह सकते हैं सुपर कंप्यूटरटर्स।
- 3:11:14ठीक है ना? सुपर कंप्यूटरटर्स जो हैं सुपर
- 3:11:17कंप्यूटर के अंदर जो है थाउजेंड्स ऑफ
- 3:11:19प्रोसेसर्स जो हैं एट द सेम टाइम जो है वो
- 3:11:21इंस्टॉल्ड होते हैं। तो वो क्या होता है
- 3:11:23वो टास्क जो है वो एक प्रोसेस जो है वो
- 3:11:25डिवाइड होता है। तो कई प्रोसेसर्स जो है
- 3:11:28वो टास्क को लेते हैं उसको और फिर उसको
- 3:11:30प्रोसेस करते हैं। ठीक है? मल्टीलिंकिंग
- 3:11:33एक टर्म है। मतलब जिसमें कई कंप्यूटरटर्स
- 3:11:36को लिंक किया जा रहा है। ठीक है? वो उस
- 3:11:38सेंस में आ सकता है। लेकिन बहाल कुछ ऐसी
- 3:11:41प्रॉपर टर्म नहीं है। नेटवर्किंग तो एक
- 3:11:44सिस्टम है भाई। नेटवर्किंग
- 3:11:46को आप समझ सकते हो कि प्रोसेस को तो ज़हन
- 3:11:48नहीं कर रहा। हां मल्टीटास्किंग बिल्कुल
- 3:11:51है कि दिस इज़ द राइट आंसर। क्यों? अब जरा
- 3:11:54समझोगे, पढ़ोगे दोबारा तो समझ में आएगा कि
- 3:11:56सीपीयू मल्टीटास्किंग का मतलब ये होता है
- 3:11:58कि एक ही वक्त में कई टास्क करना है। लिखा
- 3:12:00है ना इफ अ सीपीयू कैन हैंडल रिलेटेड
- 3:12:03प्रोसेस एट द सेम टाइम। ठीक है? यानी एक
- 3:12:06ही वक्त में कई प्रोसेस जो कर रहा हो ठीक
- 3:12:09है हैंडल कर रहा हो वो मल्टीटास्किंग में
- 3:12:11आता है
- 3:12:13किसमें मल्टी टास्क अब मल्टीटास्क
- 3:12:16ऑपरेटिंग सिस्टम के होते हैं कुछ होते हैं
- 3:12:18सिंगल टास्क कुछ होते हैं मल्टीटास्क कुछ
- 3:12:21होते हैं मल्टी यूजर कुछ होते हैं सिंगल
- 3:12:23यूजर ठीक है तो ये एक अलग सिनेरियो है
- 3:12:29जैसे सिंगल
- 3:12:32यूजर
- 3:12:34और एक है मल्टी
- 3:12:38यूजर अगर सिंगल यूजर को देखें तो वन
- 3:12:42डिवाइस वन पर्सन
- 3:12:51वन डिवाइस
- 3:12:54वन पर्सन के लिए यह सिंगल यूजर है और
- 3:12:57मल्टी यूजर में क्या है वन डिवाइस
- 3:13:03वन डिवाइस
- 3:13:06मेनी पर्संस
- 3:13:11यानी इसकी बेस्ट एग्जांपल क्या है?
- 3:13:13एग्जांपल में आप कह सकते हो ना
- 3:13:18नेटवर्क
- 3:13:20से जुड़ी हुई एक डिवाइस है ना जिसमें एक
- 3:13:25नेटवर्क से एक कंप्यूटर जुड़ा हुआ है और
- 3:13:26उसमें कनेक्ट है आई मीन और फिर उससे कई
- 3:13:30कंप्यूटरर्स जो है वो कनेक्ट है तो एक ही
- 3:13:32वक्त में कई लोग काम कर रहे हैं। तो ये
- 3:13:34फिर मल्टी यूजर में आ जाता है। इसी तरह
- 3:13:36सिंगल टास्क है। सिंगल टास्क का मतलब क्या
- 3:13:39हुआ कि एक वक्त में एक टास्क
- 3:13:52सिंगल टास्क का मतलब है वन टास्क। ठीक है
- 3:13:54ना?
- 3:13:58वन टास्क हो गया। और
- 3:14:01मल्टीटास्किंग का मतलब क्या हो गया?
- 3:14:07ठीक है? मेनी टास्क एट अ टाइम।
- 3:14:14एट अ
- 3:14:18टाइम
- 3:14:20तो इसलिए हम इसको रेफर कर रहे हैं। उम्मीद
- 3:14:25है आपको समझ में आया होगा। 62 में
- 3:14:27देखेंगे। अ प्रोग्राम नीडिंग मोर देन द
- 3:14:30मेन मेमोरी ऑफ़ अ कंप्यूटर मे बी रन बाय
- 3:14:33यूजिंग। अच्छा अब ये बड़ा अच्छा वो है एक
- 3:14:37एमसीक्यू बड़ा टेक्निकल। तो इसमें बेसिकली
- 3:14:40हम देखें तो राइट आंसर वो है आपका ओवरलेज़
- 3:14:46और ओवरलेज़ एक टर्म है जिसको आप जरूर नोट
- 3:14:49रखें
- 3:14:51कि ओवरले रेफर्स आसान लफज़ में अगर हम
- 3:14:54देखें ऑन टॉप ऑफ ठीक है पहली बात तो ये है
- 3:15:00यानी होता यूं है कि अगर टास्क है ठीक है
- 3:15:03कंप्यूटर की एक उसकी एक अपनी एक उसका एक
- 3:15:06हायरार्की है और उसका एक डिज़ाइन है ठीक है
- 3:15:08ना बाय डिफ़ॉल्ट कंप्यूटर में अगर हम
- 3:15:10मेमोरी की बात करें तो
- 3:15:14मेमोरी में जो करंट जॉब होगी ठीक है ना जो
- 3:15:17भी प्रोसेस एंटर होता है अब फर्ज किया कि
- 3:15:20एक प्रोसेस है ये
- 3:15:24रैम है ठीक है
- 3:15:26मेमोरी है अब फर्ज पहले आपने एक गेम जो है
- 3:15:30वो लोड किया
- 3:15:32ठीक है तो एक गेम जो है वो रैम में आया
- 3:15:36लेकिन अब पता लगा दूसरा प्रोसेस जो दाखिल
- 3:15:38हुआ किसी भी
- 3:15:43डॉक्यूमेंट्स की सूरत में
- 3:15:46तो यह हरकी के मुताबिक गेम जो है वो नीचे
- 3:15:49है और ऊपर जो है आपके डॉक्यूमेंट आ गया।
- 3:15:54यह ओवरले मतलब एक ऑन टॉप ऑफ इस तरह से
- 3:15:57ओवरले कह रहा है। तो यह कह रहा है कि
- 3:15:58प्रोग्राम नीडिंग मोर देन द मेन मेमोरी ऑफ़
- 3:16:02अ कंप्यूटर मे बी रन बाय यूजिंग यानी किस
- 3:16:04तरह से वो रन करता है मेमोरी में जो भी
- 3:16:07लोडेड होता है डायरेक्टली आपको पता है ये
- 3:16:09एक सीएस के स्टूडेंट की हैसियत से कि ए्री
- 3:16:11डेटा मस्ट बी लोडेड इंटू द रैम इंटू द
- 3:16:14मेमोरी। सही है? तो वो फिर लोडेड होता है।
- 3:16:17तो अब वो जो जो प्रोग्राम लोडेड हो रहा है
- 3:16:18तो वो एक ओवरले बन रही है। मतलब एक उसकी
- 3:16:21एक ऑन टॉप ऑफ़ आता जा रहा है। तो ऑन टॉप ऑफ़
- 3:16:25आता जा रहा है तो देन फिर वह प्रोसेस होता
- 3:16:27जा रहा है। यह मतलब है इसका। तो इसलिए
- 3:16:29राइट आंसर ओवरलेज़ है।
- 3:16:32ठीक है? टाइम शेयरिंग एक अलग आईडिया है जो
- 3:16:34हम बात कर चुके हैं। मल्टी प्रोसेसिंग भी
- 3:16:38एक अलग आईडिया है। ठीक है ना? जो कि एक
- 3:16:41ऑपरेटिंग सिस्टम के हवाले से बात हो रही
- 3:16:43है या अलग सिनेरियो है। अब आते हैं हम 63
- 3:16:45पे।
- 3:16:48ये हो गया। हां। 63
- 3:16:5163 में देखेंगे तो इनकोडिंग ऑफ़ अ इनेशन इज़
- 3:16:54डन सो दैट कि इंफॉर्मेशनेशन इनकोडिंग जब
- 3:16:57होती है तो इनफेशन इज़ कनवर्टेड टू अ फॉर्म
- 3:16:59ऑफ़ ईजी टू फॉर ट्रांसमिशन या प्राइवेसी इज़
- 3:17:02प्रोवाइडेड द एफिशिएंसी ऑफ़ इनेशन ट्रांसफर
- 3:17:05इज़ इंक्रीज़्ड। तो इंकोडिंग ऑफ़ अ इनेशन इज़
- 3:17:09डन। सो दैट इनकोडिंग क्यों होती है? ताकि
- 3:17:12इनेशन इज़ कन्व्टेड टू अ फॉर्म ईज़ फॉर
- 3:17:15ट्रांसमिशन हो या फिर प्राइवेसी इज़
- 3:17:17प्रोवाइडेड टू द इनेशन या एफिशिएंसी ऑफ़
- 3:17:20इनेशन ट्रांसफर इज़ इंक्रीज़्ड।
- 3:17:28ठीक है?
- 3:17:36तो इसको भी हम श्रेणी में देखते हैं।
- 3:17:49एक मैच।
- 3:17:53अच्छा जी। तो इंकोडिंग का मतलब पहले तो
- 3:17:56हमें देखना होगा कि व्हाट इज़ एक्चुअली
- 3:18:00इंकोडिंग?
- 3:18:19जी तो एक्चुअली 63 पे अगर आप देखें तो
- 3:18:24इंकोडिंग ऑफ इंफॉर्मेशनेशन इज डन सो दैट
- 3:18:28इसको समझने से पहले हमें
- 3:18:32देखना होगा कि व्हाट इज इंकोडिंग एंड
- 3:18:34डिकोडिंग
- 3:18:35ठीक है ना? इनकोडिंग किसे कहते हैं?
- 3:18:41इनकोडिंग बेसिकली क्या होती है? और
- 3:18:43डिकोडिंग क्या होती है? सही है?
- 3:18:50देखो बेटा आसान लफ्जों में अगर हम देखें
- 3:18:52एक इनकोडिंग को तो इनकोडिंग जो है एक
- 3:18:56ओरिजिनल
- 3:19:01जो टेक्स्ट है आपका या डेटा है जब वो एक
- 3:19:04कोड में एक स्पेसिफिक कोड्स में कन्वर्ट
- 3:19:08हो
- 3:19:11ठीक है
- 3:19:13क्या मतलब एग्जांपल
- 3:19:17एग्जांपल अगर हम देखेंगे जैसे हम कंप्यूटर
- 3:19:19की बात कर रहे हैं ना तो A हमने प्रेस
- 3:19:21किया A तो मैं और आप जानते हैं कंप्यूटर
- 3:19:23तो नहीं जाता कंप्यूटर अंडरस्टैंड्स ओनली
- 3:19:25इन 0 1 0 1 तो वो उसको क्या करेगा इंक्लूड
- 3:19:28करेगा मतलब 1 0 1 0
- 3:19:32यानी इमिनरी जरूरी नहीं कि यही हो मतलब एक
- 3:19:34मैं इमिनरी एक एग्जांपलरी बता रहा हूं तो
- 3:19:37ये जो है ना ये ये एक इनकोड हुआ है मतलब
- 3:19:40ये बाइनरी में ठीक है इसको हम कहेंगे
- 3:19:42इनकोडिंग यानी A तो ओरिजिनल है ठीक है जो
- 3:19:45आपने टाइप किया आपने एंटर किया लेकिन
- 3:19:47कंप्यूटर उसको क्या कर रहा है एक प्रोसेस
- 3:19:49से गुजारेगा जिसको हम कहेंगे इनकोडिंग तो
- 3:19:51कंप्यूटर उसको समझ रहा है एक मखसूस एक कोड
- 3:19:53की सूरत में ठीक है माइनरी कोडिंग स्कीम
- 3:19:56होती है ठीक है आपने पढ़ी होगी और आगे
- 3:19:59आएगा अभी इंशाल्लाह उस पे हम बात करेंगे
- 3:20:02ठीक है अभी आगे चलके तो इसलिए मैं इस पे
- 3:20:04यहां पे नहीं बता रहा बागे एमसीक्यूस आ
- 3:20:06रहे हैं अभी अपकमिंग तो ये इनकोडिंग है अब
- 3:20:09लेकिन इसी को अगर आप कर दें कि जब एक कोड
- 3:20:13से
- 3:20:14आप ओरिजिन िरिनल डेटा पे आ रहे हो यानी
- 3:20:18उसी का
- 3:20:21ओरिजिनल डेटा पे आ रहे हो है ना जो उसकी
- 3:20:23अपनी आदत है तो उसको हम कह रहे हैं एक
- 3:20:25डिकोडिंग ठीक है मतलब उसका रिवर्स कर लो
- 3:20:28मतलब डिकोडिंग एक इनकोडिंग का रिवर्स
- 3:20:30एक्शन है कि आप इसको यूं समझ लें कि 1 0
- 3:20:35अब ये तो कंप्यूटर ने समझ लिया अब हमें तो
- 3:20:38इस तरह नहीं देगा ना कंप्यूटर कंप्यूटर तो
- 3:20:40हमें ऑन द स्क्रीन हमें शो करेगा a तो ये
- 3:20:43डिकोड हो गया तो मतलब ये एक आसान ये
- 3:20:45इनकोडिंग एंड डिकोडिंग प्रोसेस होता है।
- 3:20:47या आपने देखा होगा WhatsApp पे
- 3:20:49इंक्रिप्टेड एंड डिक्रिप्टेड।
- 3:20:52सही है? इस पे भी बात होगी। ठीक है? कि
- 3:20:54व्हाट इज़ इंक्रिप्टेड? व्हाट इज़
- 3:20:56डिक्रिप्टेड? इंक्रिप्टेड मींस कि जो एक
- 3:20:58बड़ी ही अह कहना चाहिए कि एक स्पाई फॉर्म
- 3:21:02मतलब बड़ी टेक्निकल और बड़ी एक
- 3:21:08सैफर फॉर्म जिसे आप कह सकते हैं। क्योंकि
- 3:21:10आम आदमी इसको समझ नहीं सकता। ना ही उसको
- 3:21:13अंडरस्टैंड कर सकता है। ठीक है? एक ऐसे
- 3:21:16इंक्रिप्टेड फॉर्म में डेटा होता है जो कि
- 3:21:18हर एक के लिए बड़ा सीक्रेट होता है। मतलब
- 3:21:20सीक्रेट कोड्स में होता है। वो एक तरह से
- 3:21:23हम इसको समझ सकते हैं इनकोडिंग को
- 3:21:24डिक्रिप्टिव मींस के एक प्लेन टेक्स्ट उस
- 3:21:28सिनेरियो में बात कर रहा हूं। मतलब
- 3:21:30WhatsApp में जो मैसेजिंग के हवाले से बात
- 3:21:31हो रही है। एक रेफरेंस के तौर पे। ठीक है?
- 3:21:35तो बहाल अब आते हैं वापस एमसीक्यू पे। अब
- 3:21:37शायद आपको समझना आसान होगा। तो इनकोडिंग
- 3:21:39ऑफ़ इनेशन इज़ डन बाय। सो दैट इनकोडिंग
- 3:21:42इनेशन की इनकोडिंग जो होती है वो क्यों
- 3:21:44होती है ताकि इनेशन इज़ कन्वर्टेड टू अ
- 3:21:47फॉर्म ईजी फॉर ट्रांसमिशन। डायरेक्ट ये
- 3:21:50हमें इस बात को रेफर कर रहा है कंप्यूटर
- 3:21:52के हवाले से अगर आप कोई इनेशन दे रहे हो
- 3:21:55तो ताकि उसकी ट्रांसमिशन ईजी हो जाए।
- 3:21:57प्राइवेसी इज़ प्रोवाइडेड टू द इनेशन। अभी
- 3:22:00हमने WhatsApp की बात की कि प्राइवेसी
- 3:22:02प्राइवेसी मेंटेन रहे और एफिशिएंसी इनेशन
- 3:22:05ट्रांसफर इज़ इंक्रीज़्ड ताकि इनेशन की
- 3:22:08एफिशिएंसी जो है वो भी बरकरार रहे। तो
- 3:22:10मेरा ख्याल है कि ऑल ऑफ दी इज द राइट
- 3:22:12आंसर। यह सूटेबल लग रहा है। ठीक है ना?
- 3:22:16उम्मीद है बात समझ में आ गई होगी। मेरी
- 3:22:19कोशिश है कि आपको ज्यादा कम से कम वक्त
- 3:22:23में ज्यादा ज्यादा नॉलेज दी जाए। ठीक है
- 3:22:25बेटा? तो बाकी आप क्यूरीज़ में भी सेटल हम
- 3:22:29कर सकते हैं। व्हाट इज़ नेक्स्ट?
- 3:22:32इंफॉर्मेशन इज बेसिकली भाई अभी हम इसका
- 3:22:35जवाब दे चुके हैं। अगर आपने थोड़ी देर
- 3:22:37पहले अगर आप लेक्चर सुन रहे हैं तो मैंने
- 3:22:39आपको भी याद होगा एक एमसीक्यू में अगर हम
- 3:22:42देख सकें
- 3:22:45अगर हम इसको
- 3:22:47आपको हम रेफरेंस के तौर पे बता सकें।
- 3:22:54हां ये रहा ये देख रहे हो ना यह वाली ये
- 3:22:5858 में हमने बात की थी ना कि अ कंप्यूटर
- 3:23:01जनरली प्रोसेस तो इनेशन में अगर आपको याद
- 3:23:04होगा तो ऑर्गेनाइज्ड फॉर्म ऑफ़ डेटा ठीक है
- 3:23:06ना याद आया तो इनेशन एक होती है
- 3:23:08ऑर्गेनाइज़्ड फॉर्म ऑफ़ डेटा क्लियर तो ये
- 3:23:10मैंने कहा आपको रेफरेंस दूं तो वापस आते
- 3:23:13हैं अपने
- 3:23:18ये देखें तो इनेशन इज़ बेसिकली के लिए क्या
- 3:23:21है? रॉ डेटा तो हो नहीं सकता। रॉ फॉर्म
- 3:23:23नहीं है। डेटा दैट कैन बी यूज़्ड। तो इसका
- 3:23:25मतलब है डेटा दैट इज़ अनऑर्गेनाइज़्ड। यह भी
- 3:23:27नहीं हो सकता। तो डेटा कैन बी यूज़्ड फॉर
- 3:23:30डिसीजन मेकिंग। तो जाहिर है कि डेटा वो
- 3:23:33डेटा जो कि डिसीजन मेकिंग के लिए यूज़
- 3:23:35होगा। तो वो डिसीजन मेकिंग के लिए यूज़ कौन
- 3:23:36सा डेटा होगा जो कि ऑर्गेनाइज़्ड होगा ना।
- 3:23:39यानी कि जो कि यानी प्रॉपर तरीके से आपने
- 3:23:42एक प्रोग्राम के अंदर उसको लिखा होगा। तो
- 3:23:45यार वो डिसीज़ तभी तो होगा ना। यानी
- 3:23:47कंपैरिजन उस पे अप्लाई हो सकता है या उसके
- 3:23:49जो भी एक फर्दर जो उसके प्रोसीजर होंगे तो
- 3:23:52एक रॉ फॉर्म भी नहीं हो सकता। रॉ डाटा तो
- 3:23:55मतलब जो मीनिंगलेस है। अभी उसकी कोई
- 3:23:57मीनिंग्स नहीं है। तो सूटेबल जो है डेटा
- 3:24:01ठीक है? दैट डेटा दैट कैन बी यूज़्ड फॉर
- 3:24:05डिसीजन मेकिंग। ठीक है ना? तो तभी तो एक
- 3:24:08डिसीजन मेकिंग हो सकती है ना उस पे
- 3:24:10क्योंकि ऑर्गेनाइज्ड है, मीनिंगफुल है।
- 3:24:13तभी हम उसको कंप्यूटर को अंडरस्टैंड कर
- 3:24:15रहा है एंड देन फिर आपको प्रॉपर कोई
- 3:24:16रिजल्ट देगा। क्या ख्याल है? एक इनेशन है
- 3:24:21आप उसको वेदर फॉरकास्ट करने जा रहे हो
- 3:24:23भाई। तो आप वेदर फॉरकास्टिंग के लिए आप
- 3:24:26जाहिर है कि प्रॉपर रीडिंग तो दोगे ना। है
- 3:24:28ना? तभी तो डिसीजन होगा ना। तभी तो
- 3:24:30कंपैरिजन होगा कि पता लगा प्रीवियस से
- 3:24:33कंपेयर करना है पिछले दिन से आज को। है
- 3:24:35ना? तो फिर तभी तो वह आपका डाटा इनपुटिंग
- 3:24:40प्रॉपर होगा। तो फिर वह आपको बताएगा ना कि
- 3:24:42पिछले दिन के हिसाब से आज जो है गर्मी है,
- 3:24:44सर्दी है, क्या है? ठीक है?
- 3:24:47ये है और ये तो हो नहीं सकता। डेटा दैट इज़
- 3:24:50अनऑर्गेनाइज़्ड तो नहीं हो सकता ना। हां
- 3:24:52ऑर्गेनाइज़्ड हो तो फिर हम सोचते।
- 3:24:55जी। 65 में देखेंगे कि व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग
- 3:24:58इज़ ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट एन। ठीक है? तो
- 3:25:02इसमें
- 3:25:04पहले हम एक काम कर लेते हैं।
- 3:25:10तो वि ऑफ द फॉलोइंग
- 3:25:15तो
- 3:25:17पहले तो हम इसको
- 3:25:23एक्चुअली
- 3:25:25स्टेटमेंट ये है। ठीक है ना? कि व्हिच ऑफ
- 3:25:28द फॉलोइंग इज नॉट एन। ठीक है? पहले तो हम
- 3:25:31इसको समझ लें।
- 3:25:37ज्यादा बोल्ड हो गया।
- 3:25:47व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट एन ये एक्चुअली
- 3:25:50स्टेटमेंट है। ठीक है?
- 3:25:53इज़ नॉट एन। अच्छा आगे भी है। सॉरी मैंने
- 3:25:57देखा नहीं। इज़ नॉट एन एडवांटेज यूजली
- 3:26:00एसोसिएटेड विद टाइम शेयरिंग। अब यह
- 3:26:05आपको बता रहा है कि भाई आपसे पूछ रहा है
- 3:26:08कि व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज नॉट एन एडवांटेज
- 3:26:10यूजली एसोसिएटेड विद टाइम शेयरिंग
- 3:26:11ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में हमने बात की
- 3:26:13थी। तो उसके पॉइंट्स ध्यान में रखते हुए
- 3:26:16ठीक है? क्या बात हुई थी कि टाइम शेयरिंग
- 3:26:18जो है वो समलटेनियसली
- 3:26:20एक वक्त में कई टर्मिनल्स को जो है वो
- 3:26:24उनकी जो उनकी जो क्यूरीज़ हैं या जो भी
- 3:26:28उनको उनकी तरफ से एक रिक्वेस्ट है उनको
- 3:26:31प्रोवाइड करना। जैसे Google में आप देखो
- 3:26:33ना कि एक ही वक्त में हम कई क्लाइंट्स जो
- 3:26:35होते हैं क्लाइंट्स जो है वो भेजते हैं तो
- 3:26:37उनको फैसिलिटेट किया जा रहा होता है। तो
- 3:26:39इनमें से कौन सा ऐसा एडवांटेज है जो कि
- 3:26:42यूजुअली एसोसिएट नहीं है। टाइम शेयरिंग
- 3:26:44में नहीं आता। आई मीन तो कह रहे हैं कि
- 3:26:46मेनी यूज़र्स कैन वर्क समटेनियसली। या तो
- 3:26:49ये है कि कई यूज़र्स सेलटेनियसली काम कर
- 3:26:51रहे होते हैं। या सीबीयू टाइम इज़ यूज़्ड
- 3:26:53मोर इफेक्टिवली। ओके? एंड मोर इफेक्टिवली
- 3:26:56थ्रू पुट इज़ हायर। कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम्स
- 3:26:59कैन बी सॉल्वड ईज़ली।
- 3:27:01तो कहने का मतलब है अब पहले एक बात सुन लो
- 3:27:05कि थ्रू पुट क्या होता है? सही है ये थ्रू
- 3:27:09पुट
- 3:27:21ट्रूपट किसे कहते हैं बेटा? यह पहले समझ
- 3:27:24लेते हैं। ट्रूपट
- 3:27:26कंप्यूटर की एक बड़ी अच्छी टर्म है।
- 3:27:34यानी थ्रू पुट ये होता है कि एक बार में
- 3:27:37कितना
- 3:27:39एक यानी वर्क डन इन अ पर यूनिट टाइम। ठीक
- 3:27:42है ना? यानी इसको आप यू कह लें इसकी आसान
- 3:27:45डेफिनेशन बन सकती है।
- 3:27:47इट रेफर्स
- 3:27:54वर्क डन
- 3:27:59पर यूनिट टाइम।
- 3:28:06यानी कि ट्रूपट एक कंप्यूटर में इसको
- 3:28:09स्पेशली स्पेसिफिकली यूज़ किया जाता है
- 3:28:10थ्रूपट का। मतलब क्या है कि कोई भी काम जो
- 3:28:14है वह एक पर यूनिट टाइम पर कंप्लीट हो रहा
- 3:28:16हो। इसकी एग्जांपल जैसे समझ लो कि आगे हम
- 3:28:19बात करेंगे जैसे
- 3:28:22डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर है एक।
- 3:28:28अब डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर की जो प्रिंटिंग
- 3:28:31उसकी जो स्पीड है वो है 500 लगभग अप्रोक्स
- 3:28:34500 cps
- 3:28:37तो ये 500 cps क्या है? ये एक थ्रूप है
- 3:28:40इसका यानी कि करैक्टर पर सेकंड यानी कि पर
- 3:28:44सेकंड में 1 सेकंड में 500 करैक्टर पर
- 3:28:46सेकंड के हिसाब से ये प्रिंटिंग करता है
- 3:28:49डॉट मैट्रिक्स। ठीक है? डॉट मैट्रिक्स की
- 3:28:51बात हो रही है। तो ये इसका थ्रूप हो गया
- 3:28:53या लेजर प्रिंटर जो है या प्रिंटर
- 3:28:55प्रिंटिंग कर रहा है वो 20 पेजेस
- 3:28:59पर मिनट
- 3:29:03है ना? तो ये इसका क्या हो गया? ट्रुप हो
- 3:29:06गया। यह मतलब है थ्रूपट का। तो थ्रूपट इज़
- 3:29:10हायर। तो थ्रूपट इसका हायर नहीं हो सकता।
- 3:29:12सही है? मतलब शेयरिंग होती है या
- 3:29:14कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम कैन बी सॉल्वड ईज़ली।
- 3:29:17यानी एडवांटेज यूजली एसोसिएट विद नॉट इज़
- 3:29:19नॉट एसोसिएट। तो ये कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम
- 3:29:22कैन बी सॉल्वड ईज़ली। ये जरा इसमें
- 3:29:25एडवांटेज हमें नज़र नहीं आता। ठीक है ना?
- 3:29:30क्लियर?
- 3:29:34उसके बाद 66 द एवरेज नंबर ऑफ जॉब्स अ
- 3:29:37कंप्यूटर कैन परफॉर्म इन अ गिवन टाइम इज
- 3:29:40नोन एज तो मेरा ख्याल है कि इसका जवाब तो
- 3:29:42आपको मिल ही गया होगा। अभी मैंने
- 3:29:45प्रीवियसली आपको बता दिया कि आउटपुट हो
- 3:29:47नहीं सकता। स्पीड एक रेट को स्पीड ऑफ़ यानी
- 3:29:51उसकी
- 3:29:52एक पेस को रेफर कर रहा है ना कि कितने पेस
- 3:29:55पे काम हो रहा है। तो थ्रू पुट इज़ द राइट
- 3:29:57आंसर कि कह रहा है द एवरेज नंबर ऑफ़ जॉब्स
- 3:30:00अ कंप्यूटर कैन परफॉर्म इन अ गिवन टाइम।
- 3:30:03तो मतलब जैसे हमने बात की कि 20 पेजेस पर
- 3:30:06मिनट पे एक कम प्रिंटर जो है वो काम कर
- 3:30:09रहा है यानी न्यू दे रहा है। तो वही क्या
- 3:30:10कहलाता है? उसका टूप पुट कहलाता है। ठीक
- 3:30:14है जी।
- 3:30:23हां ये इसका एक मिनट ये तो हो गया सही है
- 3:30:27ना? अब 67
- 3:30:30अब देखते हैं हम आउटपुट।
- 3:30:33ठीक है? आउटपुट फ्रॉम कंप्यूटर व्हिच इज़
- 3:30:36ऑर्गेनाइज़ यूज़फुल एंड मीनिंगफुल इज़ कॉल्ड।
- 3:30:39तो इस पर बात हो चुकी है। आपको मैंने बता
- 3:30:42दिया कि इंफॉर्मेशन के हवाले से कि इन
- 3:30:44प्रोग्राम तो एक सेट ऑफ इंस्ट्रक्शन का
- 3:30:46नाम है। ठीक है? डाटा जो है रॉ डाटा को
- 3:30:48रिप्रेजेंट करता है। टेक्स्ट कोई भी
- 3:30:50टेक्स्ट आपका लेटर्स की स्रोत में जो भी
- 3:30:52है। तो इनेशन क्योंकि ऑर्गेनाइज़ कह रहा है
- 3:30:55ना यूज़फुल एंड मीनिंगफुल। तो ऑर्गेनाइज़ भी
- 3:30:58होता है, यूज़फुल भी है और मीनिंगफुल भी।
- 3:31:00ये सारी चीजें किसमें मिलेंगी आपको? उसको
- 3:31:02हम क्या कहेंगे? जी इंफॉर्मेशनेशन। है ना?
- 3:31:06इंफॉर्मेशन ऑर्गेनाइज्ड भी होती है,
- 3:31:08मीनिंगफुल भी होती है और एक यूज़फुल भी है।
- 3:31:11डायरेक्ट के ऑर्गेनाइज्ड होगी तो हमारे
- 3:31:13लिए यूज़फुल होगी ना। ठीक है? इतना आप
- 3:31:16समझेंगे।
- 3:31:18उसके बाद देखेंगे 68। ठीक है? 6 कंप्यूटर
- 3:31:22हुज़ इनपुट आउटपुट डिवाइसेस आर वर्किंग
- 3:31:24अराउंड द क्लॉक बट ओनली पार्ट ऑफ़ द टाइम
- 3:31:27इज़ सेड टू बी। अच्छा अब यह भी एक
- 3:31:30स्पेसिफिकली कंप्यूटर कल को आप इंशाल्लाह
- 3:31:32इंजीनियरिंग में जाओगे तो इन चीजों को
- 3:31:35सबको आप डिटेल में पढ़ोगे। होता यूं है कि
- 3:31:37कंप्यूटर का एक कर्नल सिस्टम है। उसकी एक
- 3:31:40एक मैन्युफैक्चरिंग इस तरह से बनाया। बड़े
- 3:31:43एक हाइली सिस्टमैटिक लेवल पे इसको डिजाइन
- 3:31:46किया गया है ना। यानी कंप्यूटर को
- 3:31:48मैन्युफैक्चर जो किया गया है इसके अंदर
- 3:31:50हार्डवेयर सॉफ्टवेयर की इंप्लीमेंटेशन जो
- 3:31:53है वो एक बड़ी एक हाईली यानी कहते हैं ना
- 3:31:56हाईली कंसंट्रेटेड लेवल पर है। कंप्यूटर
- 3:31:59की जो मैन्युफैक्चरिंग है। ओके? अगर मैं
- 3:32:01कहूं कि कंप्यूटर डिजाइनिंग
- 3:32:05यानी कंप्यूटर डिजाइनिंग
- 3:32:10इज़
- 3:32:14बेस्ड
- 3:32:16ऑन
- 3:32:24हाईली कंसंट्रेटिंग
- 3:32:30बल्कि इसको हम और अच्छा कर लें तो बेहतर
- 3:32:33होगा। कंप्यूटर डिजाइनिंग इज हाईली
- 3:32:35कंसंट्रेटिक।
- 3:32:44इज़ हाइली कंसंट्रेटिक। ठीक है? बड़ी आला
- 3:32:47जहानत के साथ के जरिए इसको डिज़ किया गया
- 3:32:51है। चाहे वो सॉफ्टवेयर की बात हो, चाहे वो
- 3:32:52हार्डवेयर की बात हो। आपको मैं बता चुका
- 3:32:55हूं कि कंप्यूटर की दो रिसोर्सेज
- 3:32:58सॉफ्टवेयर हार्डवेयर ये दोनों हैं। अच्छा
- 3:33:00तो ये कह क्या रहा है? कंप्यूटर हुस इनपुट
- 3:33:03आउटपुट डिवाइसेस जब इनपुट आउटपुट डिवाइसेस
- 3:33:05अपना काम करती है ना तो उस वक्त एक राउंड
- 3:33:08द क्लॉक बट ओनली पार्ट ऑफ़ द टाइम इज़ सेड
- 3:33:11टू बी। क्योंकि उसको क्या टाइम? जब इनपुट
- 3:33:14आउटपुट डिवाइसेस अपना काम करती हैं तो उस
- 3:33:16वक्त क्या होता है? एक टाइम जो होता है
- 3:33:18उसको बाउंड कर दिया जाता है। मतलब इसका जो
- 3:33:22मेन जो फ़िनोमना है वो यह है आपके ज़हन में
- 3:33:24आया होगा सर एक्सट्रीमली बिजी तो लेकिन वो
- 3:33:27कह रहा है कि डिवाइसेस आर वर्किंग अराउंड
- 3:33:29द क्लॉक बट ओनली पार्ट ऑफ़ द टाइम इज़ सेड
- 3:33:32टू बी तो स्पेसिफिक टाइम उस टाइम को हम
- 3:33:34क्या कहते हैं? जब इनपुट और आउटपुट डिवाइस
- 3:33:36अपना काम कर रही होती हैं तो उस टाइम को
- 3:33:38एक नाम दिया गया है। ठीक है? तो उसको नाम
- 3:33:40दिया जाता है इनपुट आउटपुट बाउंडिंग मतलब
- 3:33:42बाउंड करना। मतलब वो टाइम उस टाइम को आपने
- 3:33:45रेफर कर दिया।
- 3:33:47आई हो इनपुट एंड आउटपुट बाउंडिंग की सूरत
- 3:33:50में यह इसका राइट आंसर है।
- 3:33:53इसी तरह 69 है तो अ कंप्यूटर सिस्टम दैट
- 3:33:56हैज़ अ लार्ज सीपीयू एंड सपोर्ट्स पेफरल
- 3:33:58इक्विपमेंट सेट टू बी सेड टू हैव ठीक है
- 3:34:03कह रहा है कि कंप्यूटर सिस्टम दैट हैज़ अ
- 3:34:04लार्ज सीपीयू एंड सपोर्ट्स पेरिफल
- 3:34:07इक्विपमेंट इज़ सेट टू हैव कह रहा है कि एक
- 3:34:10लार्ज सिस्टम की जब बात होती है ओके और जब
- 3:34:12वो डिपेंड कर रहे हो किसी एक सेंट्रलाइज़
- 3:34:14ये असल में बेसिकली रेफर कर रहा है
- 3:34:17सेंट्रलाइज़्ड सिस्टम को ठीक है कि जिसमें
- 3:34:19एक कंप्यूटर है जिस जो कि कई इक्विपमेंट्स
- 3:34:23को हील कर रहा है। ठीक है ना? थोड़ा सा
- 3:34:25इसने साइलेंट है। मतलब ओपन नहीं किया
- 3:34:28जुमले को। थोड़ा सा इसने दबे अल्फ़ाज़ में
- 3:34:30बात कर रहा है या कंप्यूटर सिस्टम अगर
- 3:34:33थोड़ा सा हम इस पे कंसंट्रेट करें तो हमें
- 3:34:35बात समझ में आएगी या कंप्यूटर सिस्टम दैट
- 3:34:38हैज़ अ लार्ज CPU एंड सपोर्ट। डायरेक्ट के
- 3:34:41एक ऐसा कंप्यूटर सिस्टम जिसका एक बहुत ही
- 3:34:43हैवी और लार्ज सीपीयू है और जो कि डिफरेंट
- 3:34:47पेरी इक्विपमेंट्स को कंट्रोल कर रहा है।
- 3:34:49ठीक है? है और सपोर्ट करता है। तो मेरा
- 3:34:51ख्याल है कि डिसेंट्रलाइज़्ड सिस्टम तो
- 3:34:53नहीं हो सकता। ठीक है? और स्टैंड अलोन
- 3:34:56स्ट्रक्चर भी नहीं हो सकता। स्टैंड अलोन
- 3:34:58स्ट्रक्चर क्या होता है? ठीक है? स्टैंड
- 3:35:00अलोन कंप्यूटर किसे कहते हैं बेटा? तो ये
- 3:35:02भी आपको बीइंग अ सीएस स्टूडेंट आपको पता
- 3:35:06होना चाहिए कि स्टैंड अलोन एक डिवाइस किसे
- 3:35:09कहते हैं कि दैट इज़
- 3:35:13नॉट
- 3:35:15अ पार्ट ऑफ नेटवर्क।
- 3:35:18ठीक है जी। यानी एक ऐसी डिवाइस कंप्यूटर
- 3:35:21भी हो है या कोई भी गैजेट जो कि
- 3:35:24डायरेक्टली जो है वो
- 3:35:28हम
- 3:35:30तो जो कि एक ऐसी डिवाइस या कोई कंप्यूटर
- 3:35:34जो है जो कि डायरेक्टली जो है किसी
- 3:35:35नेटवर्क का हिस्सा नहीं हो तो उसको हम
- 3:35:37कहते हैं स्टैंड अलोन कंप्यूटर। तो जाहिर
- 3:35:39है कि यह भी नहीं हो सकता। तो मेरा ख्याल
- 3:35:40है कि द राइट वन इज़ अ सेंट्रलाइज़
- 3:35:44स्ट्रक्चर। ठीक है? कि जो कि एक बड़ा ही
- 3:35:49हैवी और एक क्लाइंट सर्वर जैसे अभी हमने
- 3:35:51बात की थी थोड़ी देर पहले कि क्लाइंट
- 3:35:53सर्वर मॉडल जो होता है एक जिसमें एक मेन
- 3:35:56से सिस्टम होता है सर्वर होता है एंड देन
- 3:35:58वो डिफरेंट टर्म्स को डील कर रहा होता है।
- 3:36:02उसके बाद
- 3:36:0570 में देखते हैं। नेक्स्ट वन द प्रोसेस
- 3:36:08ऑफ़ मैनपुलेटिंग द डेटा टू अचीव सम मिलीफुल
- 3:36:12रिजल्ट्स इज़ कॉल्ड। अब प्रोसेस ऑफ
- 3:36:15मैनपुलेटिंग द डाटा टू अचीव सम मीिंगफुल
- 3:36:19मतलब कंप्यूटर के अंदर जब डाटा को प्रोसेस
- 3:36:22किया जाता है जब वो मैनपुलेट होता है
- 3:36:24मैनपुलेशन का मतलब ये है कि ढलना एक डेटा
- 3:36:26की डिफरेंट फॉर्म्स होती है ना डिफरेंट
- 3:36:28स्टेजेस होते हैं तो मुख्तलिफ हालतों में
- 3:36:31जब वो जाता है तो उसको आप मैनपुलेट कहते
- 3:36:32हैं प्रोसेस और मैनपुलेटिंग में यही फर्क
- 3:36:34है ठीक है डेटा का प्रोसेस होना और डेटा
- 3:36:37का मैनपुलेट होना ठीक है ये बीइंग अ स्टे
- 3:36:40स्टूडेंट आपको पता होना चाहिए या इसमें
- 3:36:42डिफरेंट रखें जरा कि डेटा प्रोसेसिंग और
- 3:36:45डेटा मैनपुलेटिंग एक बड़ा ही बारीक-बीन जो
- 3:36:48है जैसे कहना चाहिए फर्क है। ठीक है? तो
- 3:36:50वो कह रहा है कि इनफेशन हेल्डिंग में आएगा
- 3:36:51या फिर डेटा शेयरिंग में आएगा, डेटा
- 3:36:53डिस्ट्रीब्यूशन या डेट प्रोसेसिंग में
- 3:36:54आएगा। तो प्रोसेस ऑफ़ मैनपुलेटिंग जब वो
- 3:36:58मैनपुलेटिंग के प्रोसेस से गुजर रहा होता
- 3:37:00है तो उसको हम क्या कहते हैं? बेसिकली
- 3:37:02डेटा प्रोसेसिंग का अमल कह रहे होते हैं।
- 3:37:08िंग
- 3:37:10हो गया।
- 3:37:12नेक्स्ट व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट ट्रू
- 3:37:15अबाउट डीसेंट्रलाइज़्ड डेटा प्रोसेसिंग
- 3:37:18इंस्टॉलेशन। अच्छा डिसेंट्रलाइज़्ड सिस्टम
- 3:37:21हम बात कर चुके हैं। जैसे कि पीओ टू
- 3:37:23पेयरिस की एग्जांपल है। हां, प्रीवियसली
- 3:37:25हमने बात की है। तो उसके हवाले से बात कर
- 3:37:27रहा है कि एक डिसेंट्रलाइज़ अगर सिस्टम है
- 3:37:30तो उसमें इसमें से कौन सा है जो नॉट ट्रू
- 3:37:32है। या तो इट हैज़ टू इट्स ओन डेटाबेस है
- 3:37:35या फिर इट कैन नॉट हैव इट्स ओन ऑपरेटिंग
- 3:37:37सिस्टम। इट हैज़ टू बी कंपैटिबल। यह बाकी
- 3:37:40सब दुरुस्त है सिवाय बी के। जाहिर है कि
- 3:37:43इट कैन नॉट हैव इट्स ओन ऑपरेटिंग सिस्टम।
- 3:37:45जाहिर है कि ऑपरेटिंग सिस्टम के बगैर तो
- 3:37:47कुछ नहीं हो सकता ना। ये बात दुरुस्त नहीं
- 3:37:49है कि भ इट कैन नॉट हैव इट्स ओन ऑपरेटिंग
- 3:37:52सिस्टम। तो ऑपरेटिंग सिस्टम तो एक बेसिक
- 3:37:54टूल है। तो ठीक है जी।
- 3:38:02जी स्टूडेंट।
- 3:38:06ओके। तो 72 में हमने देखा कि व्हिच ऑफ़ द
- 3:38:09फॉलोइंग इज़ नॉट ट्रू अबाउट डिसेंट्रलाइज़्ड
- 3:38:12डेटा प्रोसेसिंग इंस्टॉलेशन।
- 3:38:14तो इसमें हमने देखा कि बी इज़ द राइट वन।
- 3:38:17ओके? अच्छा अब आगे आगाज़ करते हैं। चल
- 3:38:19बिस्मिल्लाह रहमा रहीम। तो नेक्स्ट पे
- 3:38:22देखते हैं कि व्हाट इज़ इट? एक्चुअली 73.
- 3:38:25व्हेन अ बैंक टेलर यूज़ज़ अ कंप्यूटर
- 3:38:27टर्मिनल्स टू नो द बैलेंस इन कस्टमर्स
- 3:38:30अकाउंट इट इज़ एन एग्जांपल ऑफ़। ठीक है?
- 3:38:33अच्छा। अब ये एक जनरल फिनोमिना है। ओके?
- 3:38:36यानी मतलब आमतौर पे बैंकिंग सिस्टम के
- 3:38:38अंदर अह किस तरह से एक एटीएम मशीनंस आपने
- 3:38:42पता ही होगा आपको। एटीएम मशीन क्या होती
- 3:38:44है? जी
- 3:38:48एटीएम ऑटोमेटिक टेलर मशीन। हां।
- 3:38:52ये मैं उनके लिए भी लिख रहा होता हूं।
- 3:38:53जैसे कोई मेडिकल से रिटर्न हो रहा है। ठीक
- 3:38:57है? वुमन तो उनके लिए भी कुछ जानकारी हो
- 3:38:59जाए। तो यह बेसिकली ऑटोमेटिक
- 3:39:04टेलर
- 3:39:07मशीन है। ओके
- 3:39:10जो कि आप आज जो डिजिटल बैंकिंग ऑनलाइन
- 3:39:14बैंकिंग में आप देखते हो हर जगह इंस्टॉल्ड
- 3:39:16है। हर बैंकिंग सिस्टम ये प्रोवाइड करता
- 3:39:17है। अच्छा एटीएम मशीन याद रखना कि किसी भी
- 3:39:20बैंक का ये एक सेकेंडरी फंक्शन है। पहले
- 3:39:23तो आपको यह याद रखना है एक ऐसे आपकी नॉलेज
- 3:39:27के लिए बता रहा हूं कि यह एक सेकेंडरी
- 3:39:29फंक्शन में आता है।
- 3:39:33अच्छा अब यह और बात है कि इट कन्वर्ट इनू
- 3:39:35नाउ प्राइमरी फंक्शन। भाई आजकल यह नीड हो
- 3:39:38चुकी है। आजकल कोई भी बैंक ये अगर वो
- 3:39:41फैसिलिटी प्रोवाइड नहीं कर रहा या सर्विस
- 3:39:43नहीं दे रहा तो बैंकिंग सिस्टम में पीछे
- 3:39:45रह जाएगा। ठीक है ना? पर एक छोटी सी एक
- 3:39:48बात थी ऐसे कि कोई आपका कोई वो नहीं कर
- 3:39:50सकता। लेकिन नॉलेज भी जरूरी होती है। अब
- 3:39:53इसमें वो ये कह रहा है कि भ बैंक टेलर जो
- 3:39:55है
- 3:39:56टर्मिनल्स टू नो द बैलेंस इंक्वायरी। तो
- 3:39:58ये बेसिकली कौन सी इंक्वायरी में आएगा?
- 3:40:00बताइए इसमें क्या हो रहा है? बताइए ऑनलाइन
- 3:40:02अपडेटिंग में आ रहा है या ऑफलाइन
- 3:40:04प्रोसेसिंग में आ रहा है। उसको हम क्या
- 3:40:06नाम देंगे? इसके लिए बेसिकली एक टर्म है
- 3:40:08वो है ऑनलाइन क्यूरी। ठीक है? क्या है जी?
- 3:40:11ऑनलाइन ये क्यूरी में बेसिकली
- 3:40:15डील होता है। इसको हम ऑनलाइन क्यूरी कहते
- 3:40:18हैं। क्यूरी का मतलब क्या है? मतलब कोई भी
- 3:40:21एक क्वेश्चन कह लें। ठीक है ना? तो कोई भी
- 3:40:24क्वेश्चंस कह लें या फिर एक यू कैन यू
- 3:40:28वांट टू नो अबाउट समथिंग ओके तो कुछ
- 3:40:32क्वेश्चन है या कोई आपका कोई कंसर्न है
- 3:40:35ठीक है जो कि आप पूछना चाहते हो एक बैलेंस
- 3:40:38इंक्वायरी है ना ये तो ये कह रहा है द
- 3:40:40बैलेंस इन अ कस्टमर्स अकाउंट इट इज़ एन
- 3:40:42एग्जांपल ऑफ़ जब बैलेंस इंक्वायरी का मालूम
- 3:40:44हो तो ये एक ऑनलाइन क्यूरी में आता है।
- 3:40:47ठीक है? ये कहना चाह रहा हूं। 74 देखें।
- 3:40:51वंस अ डीबीएमएस इज़ इंस्टॉल्ड इट्स
- 3:40:53मेंटेनेंस एंड अपडेटिंग कैन जनरली बी
- 3:40:56असाइन टू। अच्छा जी। अब आते हैं टोटली
- 3:40:58चेंज हो गया सिनेरियो और डीबीएमएस में आ
- 3:41:02गए। ठीक है जी। यानी कि एकदम से सिनेरियो
- 3:41:04चेंज हो गए। डीबीएमएस में आ गए। अब
- 3:41:06डीबीएमएस क्या होता है? तो जो सीएस के
- 3:41:08स्टूडेंट हैं रेगुलर तो वो तो पढ़ चुके अगर
- 3:41:12आप में से कोई जैसे अभी मैंने कहा कि
- 3:41:14मेडिकल से या कोई इंजीनियरिंग से पास आउट
- 3:41:16हो के मतलब रिटर्न होता है तो उसके लिए
- 3:41:18शायद
- 3:41:20समझना थोड़ा सा मुश्किल हो कि व्हाट इज
- 3:41:24डाटाबेस? तो यह डाटा बेस डीबीएमएस है।
- 3:41:26डाटा
- 3:41:28बेस मैनेजमेंट
- 3:41:32डेटाबेस मैनेजमेंट
- 3:41:34सिस्टम का नाम है जी।
- 3:41:38ओके। डेटाबेस सॉफ्टवेयर डेटाबेस मैनेजमेंट
- 3:41:41सिस्टम का नाम है। और ये क्या कुछ कर सकता
- 3:41:44है? है हमने थोड़ी देर पहले अगर आपको याद
- 3:41:46हो तो बात की थी डेटा रिट्रीविंग
- 3:41:48ऑर्गेनाइजिंग स्टोरिंग ओके एक्सट्रैक्टिंग
- 3:41:51ऑफ़ डेटा और ये हर जगह मतलब Windows वगैरह
- 3:41:54डिफरेंट सॉफ्टवेयर्स बड़े-बड़े जो जैसे
- 3:41:56मैंने आपसे बात की Google है ठीक है और
- 3:41:59क्लाउड कंप्यूटिंग में आप देख लो इसका
- 3:42:01इन्वॉल्वमेंट है इसका इस्तेमाल होता है और
- 3:42:04सर्चिंग ऑफ रिकॉर्ड्स ठीक है आप देखते हो
- 3:42:07ना कि आप Google पे चैट जीपीटी जैसे एआई
- 3:42:10टूल्स हैं तो वह किस तरह से एक्सट्रैक्ट
- 3:42:12होता है डाटा तो यह बेहतरीन
- 3:42:14डेटाबेस सिस्टम है ना और हॉस्पिटल में चले
- 3:42:17जाए अब तो आप बकायदा तौर पे उनको एक
- 3:42:21सीएनएस वो सीएनएससी नंबर रिक्वायर्ड होता
- 3:42:23है या पूछते हैं या फोन नंबर तो हमारे उस
- 3:42:26फोन नंबर से या सीएनएससी से वो डेटा को
- 3:42:28हमारे रैट जो है वो एक्सट्रैक्ट करते हैं
- 3:42:30और उनको अपडेट हो जाता है कि हां यार ये
- 3:42:33बंदा इसने कब लास्ट विजिट किया था। ठीक है
- 3:42:36ना? तो ये एक सब कुछ और आज बैंकिंग सिस्टम
- 3:42:40के अंदर डेटाबेस सिस्टम इनवॉल्वड है भाई।
- 3:42:42बहुत ही जबरदस्त तरीके से बहाल तो ये कह
- 3:42:46रहा है कि डीबीएमएस जो है इंस्टॉल्ड होता
- 3:42:48है यानी इंस्टॉल्ड है उसकी मेंटेनेंस को
- 3:42:50देखना उसको अपडेट रखना ये किसका काम है
- 3:42:53ठीक है तो एक्चुअली डीबीएमएस स्पेसिफिक कर
- 3:42:56दिया ठीक है तो इसलिए सिस्टम एनालिसिस
- 3:42:58नहीं हो सकता सही है सिस्टम एनालिसिस जो
- 3:43:01एक जनरल एक सिनेरियो है एक जनरल फील्ड है
- 3:43:04जो जो कि हम देख रहे हो टॉप लेवल
- 3:43:06मैनेजमेंट जो है जरूरी नहीं है भाई ठीक है
- 3:43:09तो टॉप लेवल मैनेजमेंट का काम नहीं होता
- 3:43:11जैसे डायरेक्टर है तो जरूरी थोड़ी है कि
- 3:43:14वो डीबीएमएस में एक्सपर्ट हो। सही है? असल
- 3:43:17में इसके लिए अच्छा डेटा एंट्री ऑपरेटर जो
- 3:43:18है ये स्पेसिफिक है भाई। इसका काम सिर्फ
- 3:43:21और सिर्फ डेटा की एंट्री से होता है। इसका
- 3:43:24ताल्लुक सिर्फ फर्ज कर लो कि अब भाई हमारे
- 3:43:26पास आते हैं ना बिजली के बिल आते हैं,
- 3:43:27टेलीफोन बिल्स हैं। ठीक है? तो आपने देखा
- 3:43:30उसमें एक कस्टमर आईडी लिखा होता। तो आखिर
- 3:43:31वो नंबर कोई ना कोई एंटर करता होगा। अब
- 3:43:34करोड़ों बिल्स हैं भाई। अब उसके अंदर
- 3:43:36एंट्री करनी है। ओके? तो ये डाटा फीडिंग
- 3:43:38है तो इसके लिए एक डिपार्टमेंट होता है हर
- 3:43:41इदारे में वो डाटा एंट्री ऑपरेटर्स कहलाते
- 3:43:43हैं। टीसीएस देखो ना कूरियर सर्विज में
- 3:43:45आपने देखा मकसूद एक उनके डिलीवरी नंबर कुछ
- 3:43:48ऐसे होते हैं कस्टमर आईडी बड़े मामलात
- 3:43:51हैं। तो इसको अलग-अलग फील्ड्स में डिवाइड
- 3:43:55कर दिया गया। तो ये इसका ताल्लुक नहीं तो
- 3:43:57रह गया डेटाबेस। तो एक डेटाबेस
- 3:43:58एडमिनिस्ट्रेटर होता है एक्चुअली जो कि
- 3:44:01डीबीएमएस को इंस्टॉल करने से लेके उसकी
- 3:44:04मेंटेनेंस और अपडेट करने पर असाइन होता
- 3:44:06है। तो इसी को ऐसे बंदे चाहिए होते हैं जो
- 3:44:09कि डेटाबेस पर काम करना जानते हो। तो
- 3:44:12इसलिए इसका राइट आंसर डेटाबेस
- 3:44:14एडमिनिस्ट्रेटर है। ठीक है ना?
- 3:44:17उम्मीद है आपको मेरी बात समझ में आ गई
- 3:44:19होगी और आ रही होगी। और नेक्स्ट देखते
- 3:44:22हैं।
- 3:44:24[संगीत]
- 3:44:33[संगीत]
- 3:44:40[संगीत]
- 3:44:45[संगीत]
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- 3:45:29[संगीत]
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- 3:45:37ये
- 3:45:42[संगीत]
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- 3:48:45[संगीत]
- 3:48:53हां सही है। उसके बाद 75 कह रहे हैं कि 75
- 3:48:58में अ डेटा एंट्री ऑपरेटर्स ये जाहिर है
- 3:49:01बात तो कर चुके हैं। अगर आपने मेरे लेक्चर
- 3:49:03को गौर से सुन सुन रहे हैं। अभी मैंने
- 3:49:06थोड़ी देर पहले आपको समझा दिया उससे पहले
- 3:49:07भी कि डाटा एंट्री ऑपरेटर्स कौन होते हैं
- 3:49:10कि डिज़ाइन एंड मेंटेंस द डेटाबेस फ़ द
- 3:49:12ऑर्गेनाइज़ेशन। यह होता ही नहीं है। इसका
- 3:49:14ताल्लुक नहीं है इस तरह से। और फीड्स द
- 3:49:17डेटा इंटू अ कंप्यूटर सिस्टम। ओके? या फिर
- 3:49:20रंस द कंप्यूटर या फिर डज़ ऑल द अबव जॉब्स।
- 3:49:23तो जाहिर है कि यह भी नहीं हो सकता। और
- 3:49:25रंस द कंप्यूटर। यह भी नहीं हो सकता। इसका
- 3:49:28काम सिर्फ और सिर्फ क्या है? स्पेसिफिकली
- 3:49:29फीड्स द डेटा इंटू अ कंप्यूटर सिस्टम। जो
- 3:49:32कि मैंने अभी आपको बताया इसका काम क्या
- 3:49:34होता है? डेटा को एंट्री करना। ठीक है ना?
- 3:49:36डेटा को फीड करना। अब वो फीडिंग जाहिर है
- 3:49:39कि मुख्तलिफ सिनेरियो है। मतलब अगर वो
- 3:49:42बिलिंग सिस्टम पे काम हो रहा है तो बिलिंग
- 3:49:44नंबर होता है। हर एक का आईडी होता है
- 3:49:46डिफरेंट तो उसको एंटर करना। ये वो
- 3:49:50नेक्स्ट देख लेते हैं। अच्छा जी। अब फिर
- 3:49:53एकदम से चेंज हुआ और डेटा रिप्रेजेंटेशन
- 3:49:56पे आ गए आप। ठीक है? अब ये 76 जो है यह एक
- 3:49:59एमसीक्यू जो है अब थोड़ा सा चेंज होता है।
- 3:50:02मूड भी चेंज अच्छी बात है। थोड़ा सा मूड
- 3:50:04आपका भी चेंज हो जाएगा। तो डेसिमल नंबर
- 3:50:071000 व्हेन कन्वर्टेड टू बाइनरी
- 3:50:10इक्विवेलेंट विल बी। अच्छा अब इसको समझने
- 3:50:12से पहले हमें देखना होगा ना कि इट इज़ अ
- 3:50:15पार्ट ऑफ़ डेटा रिप्रेजेंटेशन। और डेटा
- 3:50:18रिप्रेजेंटेशन में एक बहुत ही इंपॉर्टेंट
- 3:50:21चीज वो है टॉपिक जो हमारा वो नंबर सिस्टम
- 3:50:23है।
- 3:50:25कौन सा है? जी नंबर
- 3:50:28नंबर सिस्टम को और नंबर सिस्टम में अगर हम
- 3:50:32देखें तो उसमें हमें डेसिमल या डेनरी नंबर
- 3:50:36सिस्टम मिलता है। है ना? फिर बाइनरी मिलता
- 3:50:40है।
- 3:50:43ओके? और फिर हमारे पास हेक्साडेसिमल मिलता
- 3:50:46है।
- 3:50:48इसको हम आगे बताएंगे। यानी सबको हम अभी
- 3:50:51एमसीक्यू आएंगे। फिर एक ऑक्टेल होता है।
- 3:50:54तो ये कुछ चार तो बुनियादी नंबर सिस्टम
- 3:50:56है। ठीक है? अभी हम बात कर रहे हैं किसकी?
- 3:50:58डेसिमल टू बाइनरी। आप ध्यान रखो कि डेनरी
- 3:51:00या डेसिमल।
- 3:51:05ठीक है? डेनरी या डेसिमल नंबर सिस्टम।
- 3:51:09ओके? तो ये हम इसको कहते हैं। तो बेसिकली
- 3:51:12इसमें हम
- 3:51:16डेनरी या डेसिमल नंबर सिस्टम। अब इसको
- 3:51:18डेरी भी कहते हैं, डेसिमल नंबर सिस्टम भी
- 3:51:20कहते हैं। अब ये आपसे कह रहा है कि यह एक
- 3:51:23डेसिमल नंबर सिस्टम है। इसको हमें बाइनरी
- 3:51:25में कन्वर्ट करना है। तो बेटा इसका तरीके
- 3:51:27जो है कई मेथड्स हैं। ठीक है? लेकिन इसमें
- 3:51:31से जो कॉमन मेथड है वो हम बात कर लेते
- 3:51:34हैं। कि अगर आपको दिया जा रहा है डेसिमल
- 3:51:38में। तो जैसे कि अब ये डेसिमल में है तो
- 3:51:42आप क्या करोगे? एलसीएम मेथड के थ्रू इसको
- 3:51:45टू से डिवाइड करते जाओगे। तो आपको
- 3:51:47रिक्वायर्ड इसमें से रिजल्ट मिल जाएगा।
- 3:51:50जैसे कि 2 * 5
- 3:51:5310 है। है ना? फिर ये 2 * 2 फिर ये चल रहा
- 3:51:57है ऐसा।
- 3:52:03ठीक है?
- 3:52:052 * 6 फिर 2 * 2 आप सोच रहे होंगे सर आगे
- 3:52:09रिमाइंडर है। वो मैं बता रहा हूं। 2 * 3
- 3:52:12फिर 2 * 1 हो गया। ठीक है? ठीक है? फिर 2
- 3:52:15* 1 फिर 2 * 5 हो गया। सही है ना? इस तरह
- 3:52:18ये चलता जा रहा है। 2 7 हो गया।
- 3:52:23और इसी तरह
- 3:52:25फिर 2 * 3
- 3:52:28ओके? एंड फाइनली 2 * 1
- 3:52:33अब देखो इसमें होता यूं है कि जितने भी
- 3:52:35आपके पास डिवाइड करते जा रहे हो ना हर एंड
- 3:52:37पर तो ये रिमाइंडर सेक्शन होता है। तो
- 3:52:40यहां पर रिमाइंडर कुछ नहीं बचा। ज़ीरो हो
- 3:52:42गया यहां पर।
- 3:52:43यहां पर भी 0 हो गया। ठीक है? और यहां पर
- 3:52:46भी 0 मिल गया आपको।
- 3:52:49और यहां पर देखो 2 * 6 = 12 और 2 तो ये वन
- 3:52:51हो गया। है ना? और यहां पर आपको
- 3:52:56ज़ीरो मिल गया।
- 3:52:59और यहां पर आपको वन मिल गया। जा रहा है 2
- 3:53:01* 1 = 2 सही है ना? और ये 2 * 5 = 10 वन
- 3:53:06रिमाइंडर हो गया। फिर उसके बाद 2 * 7 = 14
- 3:53:10तो वन बच गया। फिर यहां पर 2 6 तो 1 बच
- 3:53:13गया। सही है ना? ये वन है।
- 3:53:20ये वन है। ठीक है? और 2 * 1 = 2 हो गया।
- 3:53:24तो
- 3:53:25ये मैं यहां पे कर लेता हूं। अगर तो
- 3:53:28ज्यादा आपके लिए अच्छा हो जाएगा।
- 3:53:31इसमें है
- 3:53:35ठीक है ये
- 3:53:41ये टू है और बाकी मैं यहां कर देता हूं
- 3:53:452 * 7 ठीक है ना
- 3:53:4814 हुआ तो वन आ गया और 2 * 3
- 3:53:53सॉरी
- 3:53:582 * 3 = 1 हो गया और 2 * 1 = 2
- 3:54:04ये हो गया। ठीक है? और इसको आगे बढ़ाएंगे
- 3:54:06आप तो 2 0 और ये वन शिफ्ट हो गया। और मज़द
- 3:54:12इसको आगे बढ़ाएंगे तो 2 0
- 3:54:16और ज़ीरो। ठीक है? तो अगर आप इसको ज़ीरो पर
- 3:54:19ले आएंगे लास्ट तो फिर ये अपवर्ड चलेगा
- 3:54:21यूं। ठीक है ना? यू अपवर्ड चलेगा ज़ीरो 1 1
- 3:54:24अब इसमें आप देखेंगे कि व्हिच इज़ सूटेबल।
- 3:54:27कौन सा आंसर है जो सूटेबल हमें लग रहा है।
- 3:54:30ठीक है ना?
- 3:54:32तो यहां पर देखेंगे आप तो 1 1 2 3 4 1 2 3
- 3:54:384
- 3:54:40यहां पर कौन सा आंसर है? 1 2 3 4 हां 5 1
- 3:54:452 3 4 5 ठीक है? फिर उसके बाद क्या है?
- 3:54:48ज़ीरो फिर 1 फिर 0 0 यानी मतलब गौर करें।
- 3:54:53यानी अगर हम इसको अपवर्ड चलते हैं u
- 3:54:56ये अपवर्ड चलेंगे आप।
- 3:54:59सही है? तो यहां से शुरू करेंगे आप तो 0
- 3:55:05फिर वन
- 3:55:071 2
- 3:55:12फिर 0
- 3:55:14ठीक है? फिर वन फिर 0 0 मैच करो कौन सा आ
- 3:55:18रहा है। तो जाहिर है कि लेफ्ट पे ज़ीरो है
- 3:55:20इसलिए इसने इग्नोर किया। ठीक है? बाकी देख
- 3:55:22लो। 1 2 3 4 5 यह देखो।
- 3:55:251 2 3 4 5 ठीक है राइट हो गया और फिर 0 1
- 3:55:32ये देखो 0 1 फिर इसका
- 3:55:36मैं थोड़ा इधर रुक जाऊं कि फिर ये देखो 0
- 3:55:400 फिर ये देखो 0 0 इसका मतलब है जो राइट
- 3:55:45ऑप्शन है वो हमारे पास ये आ रहा है। ठीक
- 3:55:48है ना इस तरह भी हम इसको देख सकते हैं।
- 3:55:53ठीक है जी। तो ये एक मेथड है जो कि हम
- 3:55:58डेसिमल से बाइनरी में कन्वर्ट कर सकते
- 3:56:01हैं। ठीक है?
- 3:56:05अच्छा एक और भी मेथड हो सकता है अगर आपको
- 3:56:08इससे मैं ऑप्शन
- 3:56:14जो आपको हेल्प कर सकता है।
- 3:56:20ठीक है?
- 3:56:25एक मिनट रुकिएगा इसको मैं
- 3:56:31ठीक है ना कोई भी मेथड हो सकता है अगर ये
- 3:56:35आ जाए तो अगर आपको वो पिछला जो मेथड है
- 3:56:38शायद थोड़ा सा एक
- 3:56:42हैक्टिक लग रहा हो ओके थोड़ा परेशान हो सर
- 3:56:44इतना अटेम्प्ट तो नहीं होगा तो
- 3:56:48ये है कि आपके पास जो डेसिमल वैल्यू दी
- 3:56:51हुई ठीक है ना? वो आपको ज़हन में रखनी है।
- 3:56:53क्या है? 1000 है। तो अब आप इन बाइनरी
- 3:56:56नंबर्स पे ना इन पे आ जाओ डायरेक्ट। और इन
- 3:56:59पे एक और मेथड होता है बाइनरी के अंदर बड़ा
- 3:57:02एक पॉपुलर पैटर्न है। उसको हम कहते हैं
- 3:57:04बाइनरी पैटर्न। कंप्यूटर में एक पैटर्न
- 3:57:08होता है जिसको हम कहते हैं बाइनरी पैटर्न।
- 3:57:13ये बाइनरी पैटर्न क्या है?
- 3:57:161 2 4 8 16 32 ठीक है। 1 2 4 8 16 32 64
- 3:57:26ठीक है। फिर 128
- 3:57:30फिर 256 फिर 512
- 3:57:34सही है। ये इस तरह चल रहा है। मतलब ये ऐसे
- 3:57:36चलता जा रहा है। मतलब आप गौर करें तो ये
- 3:57:38बाइनरी पैटर्न कैसे मतलब हमने इसको जनरेट
- 3:57:41किया है। वन पावर यानी वन लगा के बाकी टू
- 3:57:45का डेमल जनरेट करना है सिंपली। ठीक है?
- 3:57:47जैसे वन लगाया आपने वन अप्लाई किया। एंड
- 3:57:49देन 2 * 1 = 2 यानी हर नेक्स्ट नंबर जो
- 3:57:52हमें मिल रहा है टू से उसको मल्टीप्लाई
- 3:57:55करने से। ठीक है? 2 * 2 = 4 मिल रहा है।
- 3:57:58फिर 2 * 4 = 8 मिल रहा है। फिर 2 * 8 = 16
- 3:58:00मिल रहा है। आगे आप इसका हिसाब किताब लगा
- 3:58:02लेंगे। ठीक है? तो इसको आप जो है ना इस पे
- 3:58:05अप्लाई करो। यानी ये आपको पिछले मेथड से
- 3:58:07शायद इंशाल्लाह मतलब एक कम टाइम पर भी आप
- 3:58:12इसको सॉल्व कर सकोगे। अब वो क्या है? आप
- 3:58:15क्या करोगे? पहले चेक करोगे कि राइट वन से
- 3:58:18राइट से शुरू करना। ठीक है? इस बाइनरी
- 3:58:20पैटर्न को अप्लाई कर देंगे। जैसे 1 2 4
- 3:58:24ठीक है? 8
- 3:58:2616 है ना? 32 और
- 3:58:3164 है ना? फिर 2 1 8 फिर 26 इस तरह से अब
- 3:58:38बेटा इसमें एक याद रखो कि जो जीरो हैं
- 3:58:42जीरो पावर जो होंगी यानी ज़ीरो के ऊपर जो
- 3:58:44पावर है वो कैलकुलेट नहीं होती है। वो
- 3:58:46मैटर नहीं करती यानी उसको हम जो है वो ऐड
- 3:58:49नहीं करते। सिर्फ वंस पावर ऐड होती है। अब
- 3:58:51यहां पर देखो आखिरी जो नंबर है
- 3:58:54ठीक है ना? 256 के बाद
- 3:58:58ये 256 है। और अगला नंबर क्या हो गया?
- 3:59:01512।
- 3:59:03कुछ देख लें कि नंबर क्या है? 1000 है।
- 3:59:05इसका मतलब ये तो कैंसिल हो जाएगा ना। ठीक
- 3:59:07है ना? तो ये तो ऐड ही नहीं होंगे पावर्स।
- 3:59:09तो लिहाजा 5 तो इसका मतलब ये ऑप्शन तो
- 3:59:11नहीं हो सकता।
- 3:59:13ठीक है? बात समझ में आई? इसमें आप इसको
- 3:59:16देखेंगे तो 1 2 4 8 बाकी सब क्या? ज़ीरो
- 3:59:21हैं। अब पावर मैं टाइम को सेव कर रहा हूं।
- 3:59:23आप समझ गए होंगे कि पावर लगाएंगे तो यार
- 3:59:26ज़ीरो। तो उसमें टाइम जाय करने की जरूरत ही
- 3:59:27नहीं है। आपको मिल रहा है तो इसका मतलब ये
- 3:59:29भी नहीं हो सकता क्योंकि आपके पास चेक बिट
- 3:59:31नहीं आ रही है ना आपके पास जो कंपैरिजन आ
- 3:59:34रहा है तो वो नहीं आ रहा। अब इस पे आते
- 3:59:35हैं। अब यहां पे गौर करें। इसको मैं अलग
- 3:59:37से लिखता हूं। 1 2 3 4 5 ठीक है? फिर 0
- 3:59:42फिर 1 फिर 1 2 3 अब इसको अप्लाई करो। 1 2
- 3:59:464 8 16 32 फिर 64 फिर 1 2 8 फिर 256 एंड
- 3:59:55फिर है 512 है ना बेटा अब इसमें मैंने
- 3:59:59आपको जैसे बताया तरीके के ज़ीरोज़ कैंसिल हो
- 4:00:00जाएंगे। ये कैंसिल हो गया। ठीक है? फिर ये
- 4:00:03भी कैंसिल हो गया। बचा क्या आपके पास? 512
- 4:00:0756 ठीक है? 128
- 4:00:1164 32 और इसको वन को इधर ही ले आते हैं
- 4:00:15हम।
- 4:00:18है ना? ये 64 है।
- 4:00:22ठीक है?
- 4:00:27चलो ठीक है। ऐसे कर लो भाई। फिर 64 है और
- 4:00:33ये 32 और + 1 कर लेते हैं। डायरेक्ट नहीं
- 4:00:378 भी तो है। 32 + 8 जो है कितना हो गया?
- 4:00:4040 और
- 4:00:4332 + 40 40 + 1 41 अब देखो इसको ऐड कर लो
- 4:00:48बस। तो 6 8 6 14 15 16 ठीक है? 16 और 4
- 4:00:586 और 6 8 16 16 और 4 20 20 और एक 21
- 4:01:05ये गलत क्यों हो रहा है
- 4:01:09हां ज़ीरो भी तो है ना सॉरी यहां पे ज़ीरो
- 4:01:11भी आएगा
- 4:01:161 2 3 4 5 1 2 3 4 5 एक बार चेक कर लेते
- 4:01:22हैं। ज़ीरो फिर वन और फिर तीन ज़ीरो 1 2 4 8
- 4:01:2816 32 64
- 4:01:32फिर 128
- 4:01:35फिर 256
- 4:01:37और फिर 512
- 4:01:39तो इसको हम प्रॉपर तरीके से देख लें। अगर
- 4:01:42512
- 4:01:44और 256
- 4:01:48और यहां पर देखो 32 है।
- 4:01:52हां यह भी मैं ऐड कर रहा था ना इसको यह
- 4:01:55गलती हो रही थी मुझसे
- 4:01:57128
- 4:01:59वही मैं कह रहा हूं कि आंसर क्यों नहीं आ
- 4:02:01रहा प्रॉपर और 32 32 और प्लस ये हो गया 40
- 4:02:07ठीक है बेटा अब देखना तो a 6 + 2 8 8 और 8
- 4:02:1216 और 4 20 ये ज़ीरो आया टू यहां पे आया
- 4:02:15ठीक है अब 5 6 7 8 9 10 16 और 4 20 ये आ
- 4:02:21गया ये टू फिर 7 8 9 10 ये आ गया नहीं आ
- 4:02:25गया रिक्वायर्ड रिजल्ट 1000 ठीक है ना तो
- 4:02:28यूं तो ये भी एक मेथड है तो अगर चाहो तो
- 4:02:31आप इस मेथड से
- 4:02:34ये भी एक मेथड है तो ये तो अभी जाहिर है
- 4:02:36समझाया तो उसमें टाइम लग रहा है ना लेकिन
- 4:02:38आप इसको अगर फॉलो अप करोगे तो इंशाल्लाह
- 4:02:40ताला काफी हेल्पफुल होगा सही है ना तो
- 4:02:43दोनों मेथड बता दिए हैं दोनों में से जो
- 4:02:45आपको इजी लगे तो इस तरह से अगर आपके पास
- 4:02:46डेसिमल में आता है और उसको बाइनरी में
- 4:02:48कन्वर्ट करोगे तो तो आप इस तरह कर सकते
- 4:02:51हो। मैं क्विकली एक तरह से आपको रिककैप कर
- 4:02:54देता हूं। मैं ये कह रहा हूं कि अगर आपके
- 4:02:56पास डेसिमल है, डेसिमल से बाइनरी में जाना
- 4:02:58है। एक तो एक कि डिवीज़ मेथड है हमारे पास।
- 4:03:00एलसीएम डिवीज़ आप टू से डिवाइड करते जाओ।
- 4:03:02अगर वो आपको वो बहुत ज्यादा लॉन्ग मेथड लग
- 4:03:04रहा है तो फिर एक मेथड ये है कि बाइनरी
- 4:03:06नंबर्स जो हैं उनप आप बाइनरी पैटर्न
- 4:03:08अप्लाई कर लो। ठीक है ना? तो दैट इज़
- 4:03:10कंपैरेटिवली ईज़िएस्ट वन। ठीक है? थोड़ी
- 4:03:12प्रैक्टिस करोगे तो आपको खुद अंदाजा हो
- 4:03:14जाएगा। डोंट वरी। सही है? तो इस तरह से हम
- 4:03:16इसको देख सकते हैं। क्लियर हो गया? उम्मीद
- 4:03:18हो यह बात समझ में आ गई होगी। नेक्स्ट
- 4:03:21देखते हैं। घर पे इसकी प्रैक्टिस करना हो।
- 4:03:24अच्छा जी। उसके बाद फिर आ गया हमारे पास
- 4:03:26नंबर सिस्टम के हवाले से। 77 देखें।
- 4:03:29हेक्साडेसिमल सिस्टम हैज़ अ बेस ऑफ़ अब मैं
- 4:03:32आपको यहां पे रेफर करना चाहूंगा कि
- 4:03:36हेक्साडेसिमल जो नंबर सिस्टम है हेक्सा
- 4:03:42डेसिमल। ठीक है? इसकी जो काउंटिंग है वो 0
- 4:03:461 2 3 4 5 6 7 8 9 ठीक है 0 टू 9 ठीक है
- 4:03:53नंबर एंड देन फिर ये गेट चेंज इनू लेटर्स
- 4:03:57ए बी सी डी ई और एफ ये अब थोड़ा गौर करो
- 4:04:04इसको हम क्या कह रहे हैं नाम क्या है इसका
- 4:04:05हेक्साडेसिमल हेक्सा मींस होता है सिक्स
- 4:04:10और डेसिमल मींस होता है 10 तो 10 10 + 16
- 4:04:1510 + 6 क्या हो गया? 16 ओके? ज़ीरो से f तक
- 4:04:19काउंट करोगे तो इसलिए हम इसको कहते हैं
- 4:04:20बेस 16 भी। ये बेस 16 भी कहलाता है। नाइन
- 4:04:25के बाद इट गेट्स चेंज इंटू लेटर्स और ये
- 4:04:28लेटर्स जो एक तरह से इक्विवेलेंट टू अब
- 4:04:32इसको यूं कह सकते हो कि ये 10 हो गया। ये
- 4:04:3511 ये 12
- 4:04:37ये 13 ये 14 और ये 15। तो ज़ीरो से आप 15
- 4:04:42तो
- 4:04:43एक तो ये आपको बताना था जाहिर है कि इस ये
- 4:04:46भी आपको जानना जरूरी है क्योंकि इसमें भी
- 4:04:47एमसीक्यू आपसे पूछे जा सकते हैं। बन सकते
- 4:04:50हैं इसमें। अब यहां पे असल में क्या पूछ
- 4:04:52रहा है? हेक्साडेसिमल सिस्टम हैज़ अ बेस ऑफ़
- 4:04:54तो जाहिर है इसका आंसर अब आपको मिल गया कि
- 4:04:56ये 16 बेस कहलाता है। ठीक है?
- 4:05:00तो उम्मीद है ये बात भी समझ में आ। अच्छा
- 4:05:01हेक्साडेसिमल
- 4:05:03को अगर हम मजीद थोड़ा सा इसके बारे में अगर
- 4:05:06एक दो चीज़ बताऊं कि हेक्साडेसिमल का
- 4:05:08इस्तेमाल कहां-कहां होता है। ठीक है? ये
- 4:05:10बड़े इंपॉर्टेंट। एक तो ये कि भाई इसका
- 4:05:12मैग्नेट डेसिमल का इस्तेमाल जो है कलर
- 4:05:14कोडिंग में कंप्यूटर में कलर कोडिंग्स जो
- 4:05:17होती हैं कोड्स वगैरह बनते हैं वो वहां पे
- 4:05:19इसका इस्तेमाल आपको मिलता है। ठीक है?
- 4:05:22असेंबली लैंग्वेज में इसका इस्तेमाल होता
- 4:05:25है।
- 4:05:29ठीक है ना? इस तरह से और इसी तरह
- 4:05:32एड्रेसिंग असोस मैं यहां पे बात करूं
- 4:05:34नेटवर्क एड्रेसिंग में फिजिकल एड्रेस। ठीक
- 4:05:37है? जो फिजिकल एड्रेस होता है यह बात
- 4:05:45मैंने कहा आपको बताऊं।
- 4:05:48नेक्स्ट अब आपसे एक और वही डाटा
- 4:05:53रिप्रेजेंटेशन की सीरीज़ चल रही है। तो 78
- 4:05:56में देखेंगे द टूस कॉम्प्लीमेंट इन बाइनरी
- 4:05:58सिस्टम इज़ यूज़फुल फॉर एक्सप्रेसिंग
- 4:06:00पॉजिटिव नंबर, नेगेटिव नंबर, बोथ पॉजिटिव
- 4:06:02एंड नेगेटिव नंबर्स, नीदर पॉजिटिव नॉर
- 4:06:05नेगेटिव। तो ये तो हो नहीं सकता। ठीक है?
- 4:06:08और अभी हम ये तो हम बात करते हैं खैर। ठीक
- 4:06:10है? लेकिन पहले हमें समझना जरूरी होगा कि
- 4:06:13यार ये टूस कॉम्प्लीमेंट क्या होता है?
- 4:06:15लाइन में सवाल आया कि सर ये टूस
- 4:06:18कॉम्प्लीमेंट क्या है? अच्छा टूस
- 4:06:20कॉम्प्लीमेंट से भी पहले हमें देखना होगा
- 4:06:22कि वंस कॉम्प्लीमेंट क्या होता है? सही है
- 4:06:24ना? तो ये दोनों चीजें जरा पहले समझ लें
- 4:06:27तो फिर आपको आसानी हो जाएगी। ठीक है?
- 4:06:29अच्छा कॉम्प्लीमेंट्स क्या होते हैं? अब
- 4:06:31जाहिर है कि कॉम्प्लीमेंट जो है एक ऐसा
- 4:06:33अमल है कंप्यूटर के अंदर जाहिर है कि हम
- 4:06:37आमतौर पे जब मैथ्स में नंबर्स वगैरह लिखते
- 4:06:39हैं तो यार हम प्लस का भी इस्तेमाल करते
- 4:06:42हैं जैसे ठीक है और माइनस का भी इस्तेमाल
- 4:06:44करते हैं तो कंप्यूटर यू नो ईच एंड एव्री
- 4:06:47डेटा अंडरस्टैंड्स इन बाइनरी नंबर्स ठीक
- 4:06:50है ना तो सिर्फ और सिर्फ वो ये a या b ठीक
- 4:06:54है या ये स्पेशल कररेक्टर्स या नंबर्स ठीक
- 4:06:57है सिर्फ इन्हीं को बाइनरी में कन्वर्ट
- 4:06:59नहीं करता उसको यह साइन जो हम देते हैं
- 4:07:02प्लस और माइनस ये भी बाइनरी में कन्वर्ट
- 4:07:06होता है। यानी ये भी बाइनरी में कन्वर्ट
- 4:07:08होगा। अंडरस्टैंड होगा। कंप्यूटर को तो
- 4:07:10नहीं पता ना कि वैल्यू प्लस में है या
- 4:07:12माइनस में है। तो उसको कैसे समझेगा? तो
- 4:07:14उसके लिए फिर हम ये एक कांसेप्ट है
- 4:07:16कॉम्प्लीमेंट्स का। अब इसमें
- 4:07:18कॉम्प्लीमेंट्स में फिर दो कॉम्प्लीमेंट्स
- 4:07:20वुमन वंस एंड चूज़ कॉम्प्लीमेंट
- 4:07:23देते हैं। अभी जो बात हो रही है इसकी।
- 4:07:26ठीक है? अब इसको समझते हैं जरा
- 4:07:29पहले।
- 4:07:34ठीक है ना? तो इसको हम देख लेते हैं कि
- 4:07:38वंस और टूस कॉम्प्लीमेंट क्या होता है? ये
- 4:07:41भी एक क्वेश्चन आ जाता है। मतलब वन पूछा
- 4:07:43जाता है कि जी आपको एक बाइनरी नंबर दे
- 4:07:46दिया
- 4:07:48और किया। ठीक है?
- 4:07:51ये और आपसे कहा जा रहा है भाई कि कन्वर्ट
- 4:07:53इंटू वंस कॉम्प्लीमेंट। ठीक है? यानी
- 4:07:57कन्वर्ट
- 4:08:01इन
- 4:08:03वंस कॉम्प्लीमेंट सही है।
- 4:08:081 *
- 4:08:10वंस कॉम्प्लीमेंट
- 4:08:16इंटू वंस
- 4:08:19कॉम्प्लीमेंट
- 4:08:24तो ये आपको दिया हुआ है। ठीक है? फॉर
- 4:08:25एग्जांपल अब इसको तुम्हें वंस में लाना तो
- 4:08:28वंस कॉम्प्लीमेंट में कन्वर्ट करना बड़ा
- 4:08:30ईजी है। मतलब आप जस्ट क्या करेंगे? इसको
- 4:08:32स्विचिंग करेंगे। इसके फ्लिप फ्लॉप जिसे
- 4:08:33आप कह सकते हो कि अब वन है तो ये ज़ीरो ये
- 4:08:37वन ये ज़ीरो ये वन 0 वन ये ज़ीरो। ये जो है
- 4:08:42कन्वर्ट हो गया किसमें? वंस कॉम्प्लीमेंट
- 4:08:44में। ठीक है? अच्छा। अब दूसरा अब फर्ज कर
- 4:08:48लो आपका कहा भाई कि टूस कॉम्प्लीमेंट में
- 4:08:50कन्वर्ट करो। जी।
- 4:08:55टूस कॉम्प्लीमेंट में तो टूस कॉम्प्लीमेंट
- 4:08:57क्या है? जी अगर फर्ज के आपको एक
- 4:09:05ये दे दिया तो आपसे कह रहे हैं इसको टूस
- 4:09:07कॉम्प्लीमेंट में लाओ। है ना? इसको टूस्प
- 4:09:10तो आपको याद रखना है बेटा कि टूस
- 4:09:12कॉम्प्लीमेंट डायरेक्ट नहीं हो होगा बल्कि
- 4:09:14इसको पहले वंस कॉम्प्लीमेंट से आप
- 4:09:16गुजारोगे। मतलब वंस कॉम्प्लीमेंट का मतलब
- 4:09:18ये ज़ीरो। ठीक है? और फिर ये बल्कि एक काम
- 4:09:23करते हैं। इसको करते हैं हम ज़ीरो।
- 4:09:28ये दोबारा मैं लिखता हूं। ये 0
- 4:09:33और वन और ये ज़ीरो। ठीक है? तो अब इसको
- 4:09:36हमें टूस कॉम्प्लीमेंट में लाना है। ठीक
- 4:09:38है ना? इसको इस बाइनरी बिट्स ये जो बिट्स
- 4:09:41हैं तो पहले हम क्या करेंगे? इसको वंस में
- 4:09:43लाएंगे। तो वंस में कैसे जाएगा? यह वन।
- 4:09:47ठीक है? ये 0 ये वन ये सब वन ये जीरो और
- 4:09:51ये जीरो ये वंस में आ गया। ठीक है? ये वंस
- 4:09:55में कन्वर्ट हो गया।
- 4:09:58ये वंस में
- 4:10:01कन्वर्ट हो गया। अब इसको हम क्या करेंगे?
- 4:10:050 0 1 1
- 4:10:120 और 1 अब इसको हम क्या करेंगे कि राइट
- 4:10:16मोस्ट जो बिट है हमारी। ठीक है ना? राइट
- 4:10:18पहुंचती है। तो इसमें +1 कर देंगे।
- 4:10:22अब आप वन वन अब अच्छा अब इसमें बाइनरी
- 4:10:25एडिशन आ जाएगी। इनवॉल्व हो जाएगी। ठीक है?
- 4:10:27अब बाइनरी एडिशन क्या होती है? बाइनरी
- 4:10:29एडिशन का जो उसूल है वो बेसिकली बेटा ये
- 4:10:32होता है कि आमतौर पे हम 1 + 0 1 करते हैं
- 4:10:35तो इसमें भी वन है। ये 0 + 1 है तो ये भी
- 4:10:38वन होगा। लेकिन जो आमतौर पे 1 + 1 करते
- 4:10:42हैं तो हम टू होता है ना। लेकिन यहां पे
- 4:10:45बाइनरी में टू नहीं होगा। यहां पे 1 + 1 0
- 4:10:481 होगा। ठीक है? और इसी तरह अगर तीन वन है
- 4:10:52इसको मैं अलग कर दूं।
- 4:10:54अगर तीन वन ऐड होने जा रहे हैं तो आमतौर
- 4:10:57पे तो थ्री होता है लेकिन बाइनरी में क्या
- 4:10:58हो जाएगा? ये वन वन हो जाएगा।
- 4:11:01ये उसूल याद रखना है। तो यही उसूल जो है
- 4:11:04बाइनरी एडिशन का वो यहां पे इंप्लीमेंट हो
- 4:11:06रहा है। कि अगर दो वन है तो दो वन क्या दे
- 4:11:08रहे हैं हमें? ज़ीरो वन। राइट वर्ड यू नो
- 4:11:10कि सम वैल्यू ये ज़ीरो इधर आ गया और वन
- 4:11:12कैरी वैल्यू हो गई। सही है? तो अब ये वन
- 4:11:16का वन हो गया। बाकी सब एज इट इज़ रहेंगे। 0
- 4:11:21सही है ना? तो ये मतलब है। अब ये मैंने एक
- 4:11:25टॉपिक भी आपको करवा दिया। वंस और टूस को
- 4:11:27भी आ सकता है। अब आते हैं
- 4:11:31अपना एमसीक्यू पे कि कह रहा है द टूस
- 4:11:33कॉम्प्लीमेंट इन बाइनरी सिस्टम इज़ यूज़फुल
- 4:11:35फॉर एक्सप्रेसिंग। तो टूस कॉम्प्लीमेंट जो
- 4:11:38है अब आपको समझना आसान होगा। तो याद रखो
- 4:11:41जब आप टूस कॉम्प्लीमेंट में कन्वर्ट करते
- 4:11:43हो तो वेरीेंट थिंग बेटा अगर आपने ट्रूस
- 4:11:47कॉम्प्लीमेंट आपके पास मौजूद है और लेफ्ट
- 4:11:49मोस्ट बिट को देखना है लेफ्ट मोस्ट बिट
- 4:11:52में अगर
- 4:11:56अगर लेफ्ट मोस्ट बिट में ये मैं ज़ीरो सही
- 4:11:59तरह से लिख देता हूं। अगर लेफ्ट मोस्ट बिट
- 4:12:03जो है अगर वो ज़ीरो है। अब जैसे अभी देखो
- 4:12:05लेफ्ट मोस्ट जो बिट है वो आपकी क्या है?
- 4:12:07जीरो है। तो याद रखो यह रेफर करता है
- 4:12:10पॉजिटिव को। यानी ज़ीरो जो है वो रेफर करता
- 4:12:15है
- 4:12:17पॉजिटिव को
- 4:12:22और वन रेफर करता है
- 4:12:25नेगेटिव को।
- 4:12:29यानी वो वो नंबर जो है ठीक है? कोई भी जो
- 4:12:33नंबर है वो पॉजिटिव में है या नेगेटिव
- 4:12:34में। जैसे अभी -27 है। ये तो डेसिमल में
- 4:12:37है ना। इसको मैं बाइनरी में लिखूंगा तो जब
- 4:12:39उसको कन्वर्ट करूंगा बाइनरी में तो उसके
- 4:12:42लास्ट में लेफ्ट मोस्ट जो बिट होगी ना वो
- 4:12:44लास्ट में किस में आनी चाहिए? वन में। ठीक
- 4:12:47है? अगर वो प्लस में होगा तो इसका मतलब
- 4:12:49क्या होगा कि लेफ्ट मोस्ट बिट जो है उसमें
- 4:12:52जो डिजिट होगा बिट होगी वो ज़ीरो होनी
- 4:12:54चाहिए। ये चेक बिट हो जाएगी एक तरह से। तो
- 4:12:57ये मतलब है। तो इसका मतलब ये हुआ कि इसका
- 4:12:58आंसर आसान हो गया नहीं हो गया। तो पॉजिटिव
- 4:13:01नंबर में भी होता है, नेगेटिव में भी होता
- 4:13:02है। इसलिए बोथ ये सी ऑप्शन इसका राइट वन
- 4:13:06होगा। उम्मीद है कि आपको मेरी बात समझ में
- 4:13:09आ गई होगी। ठीक है? ये हो गया आपका 78।
- 4:13:14अब आते हैं 79 पे कि भाई व्हिच ऑफ़ द
- 4:13:18फॉलोइंग टेक्निक्स आर यूज़्ड? ओके?
- 4:13:23इन बाइनरी सिस्टम टू ट्रांसफॉर्म
- 4:13:25सब्ट्रैक्शन इंटू एडिशन। तो जाहिर है कि
- 4:13:29इसमें वंस एंड टू कॉम्प्लीमेंट दोनों का
- 4:13:31इस्तेमाल होता है। अभी मैंने आपको बताया
- 4:13:33कि बाइनरी में एडिशन भी होता है। ठीक है?
- 4:13:36तो साथ-साथ सब्ट्रैक्शन भी होता है। ठीक
- 4:13:38है? आगे क्वेश्चन आएंगे उसमें हम बात
- 4:13:40करेंगे। लेकिन ये आपको याद रखना है बोथ
- 4:13:43वंस एंड टू कॉम्प्लीमेंट का इस्तेमाल
- 4:13:45दोनों से गुजरता है।
- 4:13:49उसके बाद 80 हाउ मेनी मिनिमम बिट्स आर
- 4:13:52सफिशिएंट टू इंकोड ऑल द अल्फाबेट्स ज़ीरो
- 4:13:55टू नाइन नंबर्स एंड 40 स्पेशल करैक्टर्स।
- 4:13:58अच्छा जी। अब इसको समझने से पहले कंप्यूटर
- 4:14:01में कुछ बाइनरी कोडिंग स्कीम होती है। सही
- 4:14:03है ना? बाइनरी
- 4:14:10बाइनरी कोडिंग
- 4:14:14स्कीम
- 4:14:17अब बाइनरी कोडिंग स्कीम जो है कितने तरह
- 4:14:19की होती है? एक होता है बीसीडी।
- 4:14:23फिर एक होता है अस्की।
- 4:14:30ठीक है? फिर एक होता है एब्सिटिक।
- 4:14:36फिर एक होता है यूनिकोड।
- 4:14:40यह बाइनरी कोडिंग स्कीम है। ठीक है ना? अब
- 4:14:43बाइनरी कोडिंग स्कीम में ये जो रेफर कर
- 4:14:45रहा है बेसिकली एस्की कोड्स को रेफर कर
- 4:14:47रहा है। ठीक है ना? एस्की कोड सिस्टम जो
- 4:14:49है ना वो एक्चुअली ये बाइनरी कोडिंग स्कीम
- 4:14:51जो है अच्छा सबको ही बता देता हूं। वैसे
- 4:14:53मैं कि बीसीडी की बात करें तो यह फोर
- 4:14:56बिट्स पे होता है। अगर हम बिट्स अरेंजमेंट
- 4:14:59देखें तो बीसीडी फोर बिट्स पे और अस्की जो
- 4:15:03है वह पुराना जो अस्की कोडिंग सिस्टम वो
- 4:15:05से बिट्स
- 4:15:07और एनहांस हो के 8 बिट्स हुआ है। ठीक है?
- 4:15:12और एस्टेडिक जो है ठीक है? ये 8 बिट्स से
- 4:15:16लेके 16 बिट्स तक।
- 4:15:20ठीक है? और यूनिकोड सिस्टम जो है वो 32
- 4:15:24बिट से 64 बिट्स तक।
- 4:15:27यूनिवर्सल कोडिंग जिसे कहते हैं। तो यहां
- 4:15:29पे क्या कह रहा है?
- 4:15:32कि हाउ मेनी मिनिमम बिट्स आर सफिशिएंट टू
- 4:15:35इनकोड ऑल द अल्फाबेट्स 0 टू नंबर्स एंड 40
- 4:15:38स्पेशल कररेक्टर्स। तो ये बेसिकली क्योंकि
- 4:15:41असकी कोड में हमने अभी आपको बताया ना कि
- 4:15:43एक ओल्ड मेथड था सेवन बिट्स का तो ये उसको
- 4:15:46रेफर कर रहा है। ठीक है? लाइक क्योंकि लोड
- 4:15:49केस लेटर्स ओके? अल्फाबेट्स। ठीक है ना?
- 4:15:52ऑल द अल्फाबेट्स एंड ज़ीरो टू नंबर एंड 40
- 4:15:55स्पेशल कररेक्टर्स। तो ये लिमिटेड था। ठीक
- 4:15:58है? एक बिट्स आया तो फिर उसको एनहांस हुआ।
- 4:16:01ठीक है मजीद इसको लेकिन यह से बिट्स की
- 4:16:04बात कर रहा है
- 4:16:07तो यह अकी कोड को रेफर कर रहा है बेसिकली
- 4:16:13[संगीत]
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- 4:20:35[संगीत]
- 4:20:40अच्छा बेटा तो ये था हमारा एमसीक्यू नंबर
- 4:20:4318 ठीक है जिसमें हमने देखा कि बेसिकली ये
- 4:20:47बाइनरी कोडिंग विद स्कीम जो मैंने बताया
- 4:20:49क्योंकि कंप्यूटर का वे ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग
- 4:20:52जो है यानी ये बाइनरी कोडिंग स्कीम को अगर
- 4:20:54हम इज़िएस्ट वे में समझें तो ये बेसिकली
- 4:20:57किसको रेफर कर रहा है कि बाइनरी
- 4:21:00मतलब कंप्यूटर का एक वे ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग
- 4:21:02है। कंप्यूटर किस तरह से अंडरस्टैंड करता
- 4:21:04है? डेटा इंस्ट्रक्शंस जो भी है व्हाटएवर
- 4:21:06यू आर एंटरिंग इन द इंटू द कंप्यूटर। सही
- 4:21:09है ना? अच्छा अब आगे बढ़ते हैं।
- 4:21:1381 81 बड़ा इंटरेस्टिंग है। अब वो आपसे कह
- 4:21:18रहा है कि दी द रिजल्ट ऑफ ट्रंकेटिंग। ठीक
- 4:21:20है?
- 4:21:24रिजल्ट ऑफ़ ट्रंकेटिंग द डेसिमल नंबर -
- 4:21:2822.5
- 4:21:2956 अह 56 वैसे होना चाहिए। 22.56 पढ़ पढ़ा
- 4:21:35जाना चाहिए। ओके? अच्छा। तो अब बहाल आई एम
- 4:21:38नॉट अ मैथमेटिक्स टीचर। अब इसमें आपको
- 4:21:41बताया गया ट्रंकेटिंग करना है इसको। तो
- 4:21:42ट्रंकेट माशा्लाह आप मैथमेटिक्स जानते हो
- 4:21:44बेटा कि मैथमेटिक्स के अंदर एक चीज़ है
- 4:21:47उसमें से एक है ट्रंकेट द वैल्यू। है ना?
- 4:21:50ट्रंकेट द वैल्यू।
- 4:21:54अब ये आपको समझना है कि ये ट्रंकेशन क्या
- 4:21:57होता है। इसको प्रोग्रामिंग के अंदर भी
- 4:21:59इस्तेमाल किया जाता है। ठीक है? दोबारा
- 4:22:02देख लेते हैं।
- 4:22:04असल में ट्रंकेटिंग
- 4:22:08वैल्यू क्या होती है? ठीक है? अगर फर्ज कर
- 4:22:12लूं कि अगर मैं कहता हूं जी 24
- 4:22:1756
- 4:22:197 तो इसको हम ईजी वे में समझ सकते हैं
- 4:22:22ट्रगनिफ के भाई विदाउट
- 4:22:27राउंडिंग ऑफ
- 4:22:29या राउंड ऑफ
- 4:22:32ट्रंकेट में क्या होता है कि यह विदाउट
- 4:22:34राउंड ऑफ जो है एक तो यह बेसिक कांसेप्ट
- 4:22:37है कि भाई विदाउट राउंडिंग ऑफ द वैल्यू हम
- 4:22:39इसको ट्रंकेट करते हैं या फिर स्पेसिफिक
- 4:22:42करते हैं। कभी हमें ट्रंकेट कितनी प्लेसेस
- 4:22:45में लेना है। ठीक है? ये भी एक इसका
- 4:22:46आईडिया है। ओके? मतलब कि बकायदा तौर पे
- 4:22:49स्पेसिफिकली अगर होगा तो आपसे कहा जाएगा
- 4:22:51कभी ट्रंकेट द वैल्यू ओके बाय फर्स्ट
- 4:22:55प्लेसेस या विद टू प्लेसेस या थ्री
- 4:22:57प्लेसेस। इस तरह से तो अभी तो ऐसा इसमें
- 4:22:59कुछ नहीं है। लेकिन अभी मैं आपको समझाने
- 4:23:01के लिए बता रहा हूं कि अगर ट्रंकेटिंग है
- 4:23:03और उसमें लिखा हुआ है कि भ ट्रंकेट कर लो
- 4:23:05विद विद वन प्लेस वन डेसिमल प्लेस तो फिर
- 4:23:09हम इसको यूं कर देंगे 24
- 4:23:125 तो ये एक ट्रंकेशन हो जाएगा। यानी
- 4:23:16जिसमें हम राउंड ऑफ नहीं कर रहे। ये मैं
- 4:23:18कह रहा हूं। लेकिन अगर साइलेंट है जिसमें
- 4:23:20कोई भी इस तरह की कोई स्पेसिफिक आपको नहीं
- 4:23:22दी गई भाई कितने प्लेसेस तक चाहिए आपको
- 4:23:24ट्रंकेशन करना है तो फिर क्या होगा? सिर्फ
- 4:23:26और सिर्फ आपको पता है कि दो पार्ट होते
- 4:23:27हैं। ये इंटीजर पार्ट जो है जब इसको आप
- 4:23:29लिख दोगे। ठीक है? तो लिहाज़ा आपके पास जो
- 4:23:32राइट आंसर है इसका वो ए है यानी -2 यानी
- 4:23:36विदाउट राउंडिंग ऑफ ये है ट्रंकेशन।
- 4:23:39उम्मीद है आपको ये बात समझ में आ गई होगी।
- 4:23:42उसके बाद 82 देखते हैं। और इसमें है कि अ
- 4:23:45ग्रुप ऑफ़ करक्टर्स दैट हैज़ सम मीनिंग एज अ
- 4:23:47यूनिट इज़ नोन एज। अब बेटा इसको समझाने से
- 4:23:50पहले डायरेक्ट इसमें बैकग्राउंड हमें
- 4:23:51चाहिए होगा। ठीक है? और वो बैकग्राउंड
- 4:23:54क्या है कि एक्चुअली जिसने डायरेक्ट आया
- 4:23:56है यह डेटाबेस सिस्टम पर। ठीक है ना?
- 4:23:59डेटाबेस सिस्टम डेटाबेस सॉफ्टवेयर या
- 4:24:01डेटाबेस के अंदर काम करने का एक तरीका है।
- 4:24:05मतलब एक सिस्टम है। एक बड़ा ही सिस्टेटिक
- 4:24:08मैनर है उसके अंदर जो कि हम देख रहे होते
- 4:24:10हैं। ठीक है? मतलब ये कि जैसे आम वर्ड
- 4:24:13प्रोसेसर के अंदर भी किसी भी सॉफ्टवेयर के
- 4:24:15अंदर काम करने के कोई ना कुछ उसके हैंडल
- 4:24:17करने के तरीके हैं। तो इसी तरह डेटाबेस
- 4:24:19सॉफ्टवेयर के अंदर भी जब आप काम शुरू करते
- 4:24:21हो तो उसके कुछ तरीके हैं। ओके?
- 4:24:23सही है? तो वो क्या तरीका है जी? कि
- 4:24:26डेटाबेस के अंदर जब भी आप काम करो किसी भी
- 4:24:28डेटाबेस सॉफ्टवेयर में तो एक बहुत ही मेजर
- 4:24:30कॉम्पोनेंट होता है। और भी कॉम्पोनेंट्स
- 4:24:32हैं लेकिन उनमें से एक मेजर कॉम्पोनेंट
- 4:24:34होता है टेबल।
- 4:24:36ठीक है? पहली बात तो ये है। अब टेबल किसको
- 4:24:40रेफर करता है? जी कॉम्बिनेशन ऑफ़ रोज़।
- 4:24:44रो एंड कॉलम।
- 4:24:49ठीक है? टेबल रो एंड कॉलम को रेफर करता
- 4:24:51है। ठीक है? ये टेबल है। अब टेबल भी बना
- 4:24:54देते हैं आप लोगों के लिए। ये लो इस तरह
- 4:24:57से।
- 4:24:59ये ठीक है? ये एक टेबल हो गया। तो डेटाबेस
- 4:25:04के अंदर जब हम रिकॉर्ड्स या एंट्री करते
- 4:25:06हैं या जो भी डेटा के हवाले से हम स्टार्ट
- 4:25:09लेते हैं तो पहले हम टेबल पे काम करते
- 4:25:11हैं। मतलब टेबल ज़रूरी है। दिस इज़ द मेन
- 4:25:14प्लेटफार्म। इफ आई से अगर मैं कहूं कि जी
- 4:25:17ये एक मेन प्लेटफार्म है। ठीक है? तो उधर
- 4:25:20तक आप काम नहीं कर सकते। टेबल तो पहले
- 4:25:22आपके लिए एक मेजर कॉम्पोनेंट हो गया।
- 4:25:24अच्छा अब खाली टेबल से तो काम नहीं चल
- 4:25:27रहा। ठीक है ना? अब इसमें हम क्या करते
- 4:25:30हैं? फिर हम एट्रिब्यूट सेट करते हैं। ठीक
- 4:25:32है? अकॉर्डिंग टू टेबल मतलब अगर फर्ज कर
- 4:25:34लो कि एक टेबल हम बनाने जा रहे हैं
- 4:25:36स्टूडेंट प्रोग्रेस रिपोर्ट का तो
- 4:25:38स्टूडेंट से रेलेवेंट जितने भी इनेशंस हैं
- 4:25:41मतलब जितने भी एट्रिब्यूट्स हैं वो हम
- 4:25:43पहले सेट करेंगे। सही है बेटा? मतलब
- 4:25:47शायद आपको समझ में नहीं आई बात तो मैं एक
- 4:25:50काम करता हूं। पहले एक सिंपल वैल्यू एक
- 4:25:53सिंपल सा टेबल बना के आपको समझाता हूं।
- 4:25:55मतलब ये कहने का फर्ज कर लो कि ये एक टेबल
- 4:25:58है। इसको थोड़ी देर के लिए रहने दो। सही
- 4:25:59है? फर्ज कर लो कि आपने देखा होगा टाइम
- 4:26:02टेबल होता है। है ना? आपके स्कूल में
- 4:26:05कॉलेजेस में टाइम टेबल शेड्यूल बनता है
- 4:26:07ना? तो उसमें टेबल होता है। तो अब फर्ज कर
- 4:26:09लो मैंने आपका एक शेड्यूल बनाया। सही है?
- 4:26:11मैंने कहा भाई फिजिक्स होगी और फिर मैथ्स
- 4:26:15होगी। ठीक है? फिर कंप्यूटर होगा देन
- 4:26:20इंग्लिश कर लें। ओके? फिर इंग्लिश और
- 4:26:25[गला साफ़ करने की आवाज़] फिजिक्स।
- 4:26:27अब ये आपका शेड्यूल है। तो मैंने कहा भई
- 4:26:29आप आप पढ़ोगे फिजिक्स फॉर मैथ्स। और उसके
- 4:26:31बाद पढ़ोगे कंप्यूटर साइंस एंड इंग्लिश और
- 4:26:33फिर इंग्लिश फिजिक्स। तो आप बेख्तियार
- 4:26:36कहोगे ना कि सर ठीक है फिजिक्स और मैथ्स
- 4:26:39पढ़ेंगे। लेकिन किस डे है ना? दिन कौन सा
- 4:26:41होगा? तो मैं फिर आपको बताऊंगा। तो मैं
- 4:26:43यहां पर सेट करूंगा ना यहां पर लिख दूंगा
- 4:26:45मंडे। तो अब बात क्लियर हो गई कि मंडे को
- 4:26:48आपका फिजिक्स और मैथ्स होगा और इसी तरह
- 4:26:50ट्यूसडे है। इसी तरह वेडनेसडे है। तो यार
- 4:26:53ये जो है ना ये ये आपने क्या किया? ये
- 4:26:56आपने एक एट्रिब्यूट सेट कर दिया। यानी डज़
- 4:26:58के हवाले से आपने क्या किया कि भाई आपने
- 4:27:01सब्जेक्ट्स लिए उसमें कंफ्यूजन हो रहा है।
- 4:27:02भाई कौन सा सब्जेक्ट इज़ यानी जो दो-दो
- 4:27:04सब्जेक्ट्स हैं इज़ हैं। तो ये इसकी मिसाल
- 4:27:07है। तो ये एट्रिब्यूट्स इस तरह से आप इसको
- 4:27:08समझो। ठीक है? ये मैं आपको समझाना चाह रहा
- 4:27:11हूं। तो कम टू हियर अगेन कि टेबल आप बना
- 4:27:16रहे हो तो उसमें एट्रिब्यूट्स का मतलब
- 4:27:18क्या है? एट्रिब्यूट्स का मतलब है कि हम
- 4:27:20फील्ड्स को सेट करते हैं यानी टेबल के
- 4:27:23हिसाब से या जो भी डेटा होगा तो ये जो
- 4:27:25जैसे स्टूडेंट आईडी हो गया आपने फर्ज किया
- 4:27:27स्टूडेंट आईडी तो ये एक एट्रिब्यूट होगा।
- 4:27:29ठीक है? या स्टूडेंट नेम हो गया। ये एक
- 4:27:32एट्रिब्यूट का काम करेगा स्टूडेंट नेम।
- 4:27:34ओके? और इसी तरह क्लास हो गया।
- 4:27:38फिर और भी हो सकता है। एड्रेस हो गया। ये
- 4:27:40सब क्या है? एट्रिब्यूट सेट किए हैं इस
- 4:27:41टेबल के अंदर। तो ये एट्रिब्यूट्स को हम
- 4:27:43फील्ड्स भी कहते हैं। एट्रिब्यूट्स को हम
- 4:27:45कॉलम्स भी कहते हैं। मतलब इसके दो-तीन नाम
- 4:27:47है। ओके? तो ये डेटाबेस के अंदर मैंने कहा
- 4:27:50पहले इसका बैकग्राउंड बताऊं कि जब भी हम
- 4:27:52डेटाबेस पे काम करते हैं तो हम
- 4:27:54एट्रिब्यूट्स को टेबल पहले और टेबल पर फिर
- 4:27:56हम एट्रिब्यूट्स को सेट करते हैं या
- 4:27:58फील्ड्स को कह लो या कॉलम्स। देखो ना इसका
- 4:28:01ताल्लुक जो कॉलम से ही है। अगर हम इसको
- 4:28:04देखें तो यह स्टूडेंट
- 4:28:07अपना एट्रिब्यूट जो है ये यूं एक कॉलम्स
- 4:28:10को रेफर कर रहे हैं और यूं हॉरिजॉन्टल जो
- 4:28:12है ये किसको रेफर कर रहे हैं? रेट्स को।
- 4:28:14ठीक है? तो अब आप पढ़ेंगे तो आपको समझ में
- 4:28:18आएगा कि अ ग्रुप ऑफ़ कररेक्टर दैट हैज़ सम
- 4:28:21मीनिंग्स एज अ यूनिट इज़ नोन ऐज़। तो जाहिर
- 4:28:24है कि वर्ड नहीं हो सकता, रैकेट नहीं हो
- 4:28:26सकता, फाइल नहीं हो सकता। अभी इन सबको
- 4:28:29बताता हूं। ठीक है? तो राइट आंसर क्या
- 4:28:31होना चाहिए? अ फील्ड। पहली बात तो ये है
- 4:28:34फील्ड क्यों है? क्योंकि जाहिर है फील्ड
- 4:28:36का तो आपको जवाब मिल गया कि फील्ड्स आप
- 4:28:38सेट करोगे। ठीक है? तो ग्रुप ऑफ
- 4:28:40कररेक्टर्स। अब जाहिर है कि स्टूडेंट आईडी
- 4:28:42में फर्स्ट क्या आपने लिख दिया 1 2 3 फिर
- 4:28:44यहां पे लिख दिया 1 2 4 ओके? फिर स्टूडेंट
- 4:28:47नेम में आपने x और y ये कोई नाम हो गए।
- 4:28:50ठीक है? ये आपकी क्लास हो गई। ठीक है? और
- 4:28:53एड्रेस हो गया समथिंग अर 20b टू वगैरह
- 4:28:58इमेजिनरी। तो अब [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 4:29:00देखो अब वर्ड क्या है? अब जाइए वर्ड जो है
- 4:29:02ये तो सब वर्ड हो गए। इसको तो आप छोड़ते
- 4:29:04हैं। लेकिन आप गौर करें हर फील्ड में नंबर
- 4:29:07ऑफ़ कररेक्टर ग्रुप ऑफ कररेक्टर्स। तो
- 4:29:09ग्रुप ऑफ कररेक्टर्स हैं। तो ये
- 4:29:11हॉरिजॉन्टल अगर आप देखें तो ये एक रै होता
- 4:29:13है। इसको हम रैकर बोलते हैं। सही है? और
- 4:29:18फील्ड को हम बता चुके हैं। और फाइल क्या
- 4:29:21होगी? अब फर्ज किया कि आपने इस टेबल को
- 4:29:23सेव किया तो एक फाइल इस में सेव हो जाएगा।
- 4:29:27ठीक है ना? तो ये एक फर्क है। तो यहां पर
- 4:29:29जो राइट आंसर है हमारा वो क्या है? फील्ड
- 4:29:32या एट्रिब्यूट भी आ सकता है। लेकिन इसके
- 4:29:34आगे हम अगर लिखना चाहें
- 4:29:40तो ये एट्रिब्यूट को भी रेफर कर रहा है।
- 4:29:44तो ये डेटाबेस में काम होता है इस तरह से।
- 4:29:46और बाकी डिटेल आगे भी आएगी इंशाल्लाह और
- 4:29:48कुछ आपको आईडिया भी है माशा्लाह। आप लोग
- 4:29:50पढ़ चुके होंगे ऑलरेडी।
- 4:29:54नेक्स्ट देखते हैं। द मैक्सिमम डिफरेंट
- 4:29:56नंबर्स अ 16 बिट बाइनरी सिग्नल कैन
- 4:30:00रिप्रेजेंट। अब यह बड़ा टेक्निकल है, बड़ा
- 4:30:02अच्छा है। देखो, बेसिकली आपको पता है कि
- 4:30:05कंप्यूटर में जो एक लॉजिकल डिज़ाइन है जो
- 4:30:09कि प्रीडफाइंड है और जो लॉजिकल मेमोरी
- 4:30:12डिज़ाइन है वो 8 बिट्स होता है। ठीक है ना?
- 4:30:14मतलब 8 बिट्स जो है स्टैंडर्ड है। यानी कि
- 4:30:16कंप्यूटर के अंदर डेटा जो स्टोर होता है।
- 4:30:18ठीक है? वो इसके लिए एक जो ग्रुप है वो है
- 4:30:208 बिट्स। मतलब वन बाइट।
- 4:30:25यह तो हो गया एक बेसिक स्केल मेमोरी का।
- 4:30:28ठीक है? अब इसमें कह रहा है कि 16 बिट का
- 4:30:31मतलब क्या है? 16 बिट इक्वल्स टू व्हाट?
- 4:30:33ठीक है? तो एक्चुअली 2 टू पावर अगर मैं
- 4:30:37यहां पे 16 करता हूं। सही है? तो इसका
- 4:30:39मतलब क्या होता है? कि 2 टू पावर 16 का
- 4:30:42मतलब ये है कि टू को 16 से आप मल्टीप्लाई
- 4:30:45करोगे तो आपको लिमिट मिल जाएगी। अच्छा। अब
- 4:30:47ये एक बात क्लियर रखना। ये बेसिकली 65535
- 4:30:52है। तो ये 0 से
- 4:30:56ये एक्चुअली ये मीनिंग्स हैं। ठीक है?
- 4:30:5865535
- 4:31:01और इसकी यहां पे हो सकता है कि ये भी आ
- 4:31:03सकता है 6500 300
- 4:31:0965000
- 4:31:11500 और 36 ठीक है? तो ये भी हो सकता है।
- 4:31:15ठीक है? अगर इन दोनों में से किसी एक की
- 4:31:18बात हो तो यह एक्चुअली यह जो नंबर आपको
- 4:31:20दिया है ना d यह एक्चुअली जीरो से काउंट
- 4:31:22कर रहा है तो इसलिए ठीक है तो बात कोई
- 4:31:24नहीं तो थोड़ा सा अंडरस्टैंडिंग में फर्क
- 4:31:27है
- 4:31:29तो मतलब 16 बिट का मतलब क्या है मैं आपको
- 4:31:32ये कहना चाह रहा हूं कि 16 बिट का मतलब ये
- 4:31:34है कि जैसे 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13
- 4:31:4114 15 16 ठीक है ये 16 बिट्स हैं। अब 16
- 4:31:45बिट्स जो है आपको पता है कि एक बिट जो
- 4:31:47होती है ठीक है वो एक बिट जो है एक स्विच
- 4:31:51का काम करती है। ठीक है? बिट जो है वो वन
- 4:31:53और ज़ीरो ये सब ये क्या है? ये बिट्स हैं।
- 4:31:56अब इसको आप कन्वर्ट कर देंगे अगर 2 पावर
- 4:31:5916 तो ये मतलब है। अब 2 टू पावर 16 को जब
- 4:32:02आप मल्टीप्लाई करते जाओगे तो वो आपको आंसर
- 4:32:05क्या देगा? या तो आप ज़ीरो से फाइव अगर आप
- 4:32:07कर रहे हो ज़ीरो से ले रहे हो तो फिर यही
- 4:32:09है। ठीक है? अदरवाइज़ 65536
- 4:32:13है। ठीक है? तो ये मीनिंग्स है इसके। अगर
- 4:32:1632 होता तो फिर क्या होता? डायरेक्ट 2
- 4:32:19पावर 32 हो जाता। यानी यहां पर अगर 32
- 4:32:21बिट्स हैं तो इसका मतलब क्या हो गया? 2 टू
- 4:32:23पावर 32। इसका मतलब मीनिंग्स क्या है? कि
- 4:32:26टू जो है 32 टाइम मल्टीप्लाई होगा तो जो
- 4:32:28भी होगा यहां पर वैल्यू आपको मिल रही
- 4:32:30होगी। ठीक है? वो कैलकुलेट कर लीजिएगा
- 4:32:32अपने तौर पे एनहांस करने के लिए। तो ये
- 4:32:34चीज़ है। या 2 टू पावर अगर 64 बिट्स होगा
- 4:32:37तो इसकी मीनिंग क्या हो जाएंगे? 2 टू पावर
- 4:32:3964 बिट्स।
- 4:32:42उम्मीद है कि आपको यह बात समझ में आ गई
- 4:32:44होगी।
- 4:32:47अब इसी तरह 84 देखें। द अनसाइंड डेसिमल
- 4:32:50इक्विवेलेंट ऑफ़ बाइनरी कोड 100 इज़। ठीक
- 4:32:53है? अच्छा अब ये बड़ा इंटरेस्टिंग है। इसको
- 4:32:57समझने से पहले बेटा पहले हमें देखना होगा
- 4:32:59कि साइन और अनसाइंड बिट क्या होती है? ठीक
- 4:33:01है ना? अनसाइंड बिट किसे कहते हैं और साइन
- 4:33:04बिट किसे कहते हैं?
- 4:33:07व्हाट इज
- 4:33:10अनसाइन
- 4:33:17बिट ठीक है व्हाट इज़ अनसाइंड बिट
- 4:33:54जी हमें कहते हैं कि व्हाट इज अनसाइन?
- 4:33:58यानी इसको समझने से पहले हमें पहले देखना
- 4:34:00होगा कि व्हाट इज़ साइन बिट एंड व्हाट इज़
- 4:34:02अनसाइन बिट? ठीक है? तो पहले हम व्हाट इज़
- 4:34:05मतलब अनसाइंड बिट किसे कहते हैं? प्यारे
- 4:34:08बच्चों याद रखना के अनसाइन बिट तो एक
- 4:34:11नॉर्मली जैसे हम 8 बिट्स जो लिखते हैं ना
- 4:34:14जैसे किसी भी डेटा को रिप्रेजेंट करने के
- 4:34:16लिए अभी हमने थोड़ी देर पहले बताया कि हम
- 4:34:19एट बिट्स एक स्टैंडर्ड है मेमोरी का जो एक
- 4:34:22स्टैंडर्ड है जो कंप्यूटर के अंदर डिज़ है
- 4:34:25वो है एट बिट्स वन जैसे फ़ज़ किया
- 4:34:30ये अब ये एट बिट्स है तो डेटा कोई भी
- 4:34:33करैक्टर या कोई भी डेटा जो रिप्रेजेंट
- 4:34:35होगा 8 बिट्स पे यह तो यह हो गया। ठीक है?
- 4:34:38दैट्स सिंपल। यह अनसाइन बिट हो गया। लेकिन
- 4:34:41अब कंप्यूटर अगर आपको याद हो इससे पहले भी
- 4:34:44हमने बात की थी ऊपर अ पॉजिटिव एंड नेगेटिव
- 4:34:48कॉम्प्लीमेंट्स टू कॉम्प्लीमेंट इसलिए
- 4:34:50इस्तेमाल होता है। तो ये वही चीज़ है।
- 4:34:51लेकिन अगर मुझे नंबर जो है वो नेगेटिव या
- 4:34:53पॉजिटिव देना है तो उसके लिए फिर हम क्या
- 4:34:55करते हैं? एक इज़ाफी एक एडिशनल बिट का
- 4:34:57इस्तेमाल किया जाता है। ठीक है? वन और
- 4:35:00ज़ीरो की सूरत में। ठीक है? वो पहचान करता
- 4:35:02है कि आया ये जो डेटा है वो या नंबर है वो
- 4:35:06माइनस में है या प्लस में। ठीक है? तो
- 4:35:09इसके बारे में हमने बात कर ली थी कि लेफ्ट
- 4:35:11मोस्ट बिट जो है ठीक है? अगर वो ज़ीरो है।
- 4:35:15ठीक है? लेफ्ट यहां पर ठीक है? लेफ्ट
- 4:35:17मोस्ट बिट जो है मोस्ट सिग्निफिकेंट जिसे
- 4:35:19हम कहते हैं। अगर वो ज़ीरो है तो इट मींस
- 4:35:21कि रेफर्स पॉजिटिव और अगर वन है तो वो
- 4:35:23माइनस हो जाएगा। मतलब नेगेटिव रेफर होगा।
- 4:35:26बस उसके बाद बाकी जो एट बिट्स होंगी वो
- 4:35:28अपना मेमोरी के अंदर स्टोर हो जाएंगी। ये
- 4:35:31मतलब है। ठीक है? तो ये होती है अनसाइंड
- 4:35:34और ये होती है साइंड। अब साइंड को अगर हम
- 4:35:36देख लेंगे
- 4:35:39तो व्हाट इज़ साइन? जैसे कि मैंने बता दिया
- 4:35:41आपको।
- 4:35:43अब साइन बिट में एक हम ऐड करते हैं। एक
- 4:35:46एडिशनल बिट
- 4:35:51जो है वो ऐड होती है। ठीक है ना? एडिशनल
- 4:35:53बिट। मतलब अगर फर्ज कर लो कि यह इसी की
- 4:35:55बात कर लेते हैं कि 1 0 1 2
- 4:36:04यह है। ठीक है? अब फर्ज कर लो इसके लेफ्ट
- 4:36:06मोस्ट पे जीरो है। तो इसका मतलब है अब ये
- 4:36:09नंबर बल्कि इसको और अच्छा कर लेते हैं।
- 4:36:12बल्कि वो तो क्वेश्चन में पूछा हुआ है।
- 4:36:13ठीक है ना? तो ये ज़ीरो जो है यहां पर देखो
- 4:36:16लेफ्ट मोस्ट है। तो इसका मतलब ये हुआ कि
- 4:36:18कोई भी एक डिजिट होगा जो कि प्लस में
- 4:36:21होगा।
- 4:36:22ठीक है ना? तो ये साइन बिल्ड हो जाती है।
- 4:36:25अब यहां पर क्या पूछ रहा है? अनफाइंड
- 4:36:27डेसिमल इक्विवेलेंट ऑफ़ बाइनरी कोड दिस वन।
- 4:36:30ठीक है? तो कल आपको याद होगा कि हमने
- 4:36:44हम इसको मिटा दें।
- 4:36:48और फिर बात करते हैं।
- 4:36:52अच्छा अब इसमें देखें आपसे कह रहा है
- 4:36:56अनइंड एक डेसिमल इक्विवेलेंट जो है वह कौन
- 4:36:59सा होगा इसमें से क्योंकि यहां पर लिखा
- 4:37:02हुआ है 10
- 4:37:15तो 1 0 1 0 0 1 1 ठीक है अब अनसेंड बिट के
- 4:37:22बारे में बात हो रही है ठीक है तो इसका
- 4:37:24मतलब है कि एक अनसेंड बेटा तो आप इसका आप
- 4:37:26आंसर बिल्कुल ईज़ली दे सकते हो। कल हमने
- 4:37:28बात की थी बाइनरी पैटर्न के हिसाब से कि 1
- 4:37:302 4 8
- 4:37:3416 है फिर ये 32
- 4:37:3764 एंड फाइनली 128 सही है? और हमने बात की
- 4:37:41थी ना कि इससे पहले
- 4:37:46ठीक है? ये ज़ीरोज़ विल बी कैंसिल्ड। ओनली
- 4:37:49वन पावर्स विल बी एडेड।
- 4:37:55ये थ्री कर लें। ठीक है? इनको प्लस कर
- 4:37:58लेते हैं एक साथ। तो अब आप इसको प्लस
- 4:38:00करेंगे तो 8 9 10 और 13। ठीक है? 13 हो
- 4:38:05गया बेटा। और ये हो गया 3 और 3 6 और ये
- 4:38:10वन। तो ये देखिए आंसर क्या आ रहा है? 163।
- 4:38:13तो राइट आंसर इसके हिसाब से क्या होगा?
- 4:38:16163।
- 4:38:17ठीक है? तो ये था अनसाफंड डेसिमल के हवाले
- 4:38:21से। ठीक है? अगर साइन होता तो फिर उसी
- 4:38:23हिसाब से फिर उसको कन्वर्ट करेंगे। अगर हम
- 4:38:25आगे देखते हैं।
- 4:38:28अच्छा जी। 85 में देखें। द डेसिमल नंबर
- 4:38:30157 इज़ इक्वल्स टू द हेक्साडेसिमल नंबर।
- 4:38:33अब हेक्साडेसिमल नंबर सिस्टम आ गया और
- 4:38:37यानी कि एक डेसिमल नंबर सिस्टम है। उसको
- 4:38:39हमें हेक्साडेसिमल में लाना है। इससे पहले
- 4:38:41हमने याद है अभी पिछले प्रीवियस जो
- 4:38:44एमसीक्यूस में हमने हेक्साडेसिमल के हवाले
- 4:38:46से बात की थी। आपको जस्ट रिकॉल करने के
- 4:38:50लिए आपको सिर्फ यह पता होना चाहिए क्योंकि
- 4:38:53यह बहुत जरूरी है कि आपको इसके न्यूमेरल्स
- 4:38:56इसकी काउंटिंग जो है वो पता होनी चाहिए।
- 4:38:58ये है ये हेक्सा है।
- 4:39:02ये हेक्साडेसिमल है। ठीक है ना? अच्छा अब
- 4:39:04आपसे कह रहा है कि भाई इस डेसिमल को
- 4:39:07हेक्सा में लाना है। तो जाहिर है कि इसके
- 4:39:08कई मेथड हैं। तो हमें तो एक ऐसा मेथड
- 4:39:10चाहिए कि जो कि जिसके जरिए हम यानी कि
- 4:39:13मतलब एक इज़िएस्ट वे में और एक मीनिंगफुल
- 4:39:17हो। मतलब उसका एक कॉनसेप्चुअल भी हो और
- 4:39:19विद इन अ शॉर्ट टर्म हम उसको सॉल्व कर
- 4:39:21लें। अब वो क्या है? जी
- 4:39:24जैसे 157 है। अब या तो पहले आप इसको
- 4:39:30हेक्साडेसिमल में कन्वर्ट करना है अगर तो
- 4:39:32एक तरीका ये है कि आप इसको हर डिजिट को
- 4:39:34डेसिमल के हर डिजिट को आप क्या करें कि जी
- 4:39:42यानी इसको आप 16 से डिवाइड करते जाएं। एक
- 4:39:48तो तरीका ये है। ठीक है ना? यानी डेसिमल
- 4:39:50को आप 16 से डिवाइड करते जाएं तो 16 का
- 4:39:54टेबल आना चाहिए। ये भी एक तरीका मौजूद है।
- 4:39:56अब जैसे 157 है तो टेबल हम यहां पे लिख
- 4:39:59लेते हैं अपनी आसानी के लिए। 16 16 फिर 32
- 4:40:03फिर 48 सही है। फिर 64
- 4:40:08फिर 80 फिर 96
- 4:40:11ओके। और फिर उसके बाद
- 4:40:1442 11 12 आई थिंक हां। उसके बाद फिर 8 128
- 4:40:21144 ये टेबल है। अब आपको आसानी हो जाएगी
- 4:40:25के अगर मुझे डेसिमल से हेक्साडेसिमल में
- 4:40:28लाना है। ठीक है? वो जो मैं पहले सोच रहा
- 4:40:31था वो मेथड बहुत लेंथी हो जाएगा। ठीक है?
- 4:40:33ये बेहतर है। अच्छा अब 16 को आप देखें
- 4:40:37इक्विवेलेंट किसके हमें लग रहा है कि न से
- 4:40:40अगर हम करते हैं 16 * 9 तो 144 हो रहे
- 4:40:43हैं। अब 144 ठीक है? अब 157 में से 144
- 4:40:47माइनस कर दें।
- 4:40:49157 में से
- 4:40:55157 में से आप 144 माइनस करने जा रहे हैं।
- 4:40:58जी तो ये थ्री बच गया।
- 4:41:02ठीक है? और यहां पे
- 4:41:05ज़ीरो हो गया। ठीक है?
- 4:41:12सॉरी
- 4:41:145 में से 4 गया 1 13 आ गया। ठीक है? और ये
- 4:41:160 तो क्या बच गया? 13। अब यहां पर सिंपली
- 4:41:21आपके पास क्योंकि नाइन जो है वो लेस दैन
- 4:41:23है तो आगे नहीं हो सकता। अब इसमें एक बड़ी
- 4:41:25इंपॉर्टेंट बात आपके पास क्या आया? नाइन।
- 4:41:28ठीक है? और लुक एट 13। अब आप हेक्सा में
- 4:41:32ला रहे हो। तो हेक्सा में 13 जो है [हंसी]
- 4:41:35क्योंकि काउंटिंग आपकी नाइन तक है। ठीक
- 4:41:38है?
- 4:41:39[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 4:41:40यानी हमारे पास जो डिजिट्स हैं आप देख लो
- 4:41:43कि 0 टू न तक तो न्यूमरल्स हैं। लेकिन
- 4:41:46उसके बाद जो है वैल्यू जो है वो न से आगे
- 4:41:48है तो वो अल्फाबेट्स में है। ठीक है? ये
- 4:41:49मैं कह रहा हूं। तो अब यहां पे 13 जो है
- 4:41:51गौर करो यहां पर। अब यहां पे हम 13 नहीं
- 4:41:53लिखेंगे बल्कि इसको इक्विवेलेंट ढूंढेंगे।
- 4:41:54जैसे ये 10 ये 11 ये 12 और ये 13 तो इसका
- 4:41:58मतलब ये हुआ इसको मैं क्या लिखूंगा? 9d
- 4:42:01एक्चुअली। तो ये हमारा हेक्साडेसीिमल में
- 4:42:04कन्वर्ट हो गया। तो चेक आउट द नंबर ओके 90
- 4:42:08तो राइट आंसर हमारा क्या है
- 4:42:119 डी इट इज़ द राइट आंसर
- 4:42:15उम्मीद है मेरी बात समझ में आ गई होगी
- 4:42:17आपको इस तरह से हम इसको कर सकते हैं एक और
- 4:42:20मेथड भी है इसका अगर आप चाहे तो उससे भी
- 4:42:23कर सकते हो भाई
- 4:42:28ठीक है ना
- 4:42:38से भी हम इसको कर सकते हैं।
- 4:42:56तो यह हम अगर इसको मिटाएं तो एक और मेथड
- 4:43:00भी इसका मौजूद है। अगर वह आपको अच्छा लगे
- 4:43:04तो उससे भी कर सकते हो भाई। आपके ये बताना
- 4:43:07चाह रहा हूं। वरना ये मेथड तो आप बिल्कुल
- 4:43:10फॉलो कर सकते हैं।
- 4:43:17ठीक है जी।
- 4:43:20अब देखें अब इसमें ये तो हो गया। लेकिन
- 4:43:24अगर आपको एक और मेथड है 157 तो आप पहले
- 4:43:28क्या करो इसको बाइनरी में कन्वर्ट कर लो
- 4:43:30ठीक है यानी कि 150 157 को आप पहले किस
- 4:43:34में ले आओ इसको बाइनरी में कन्वर्ट करो
- 4:43:36बाइनरी से कन्वर्ट करके देन फिर इसको आप
- 4:43:38एक डेसिमल में कन्वर्ट कर सकते हो ठीक है
- 4:43:41अब इसका मेथड जो है वही है कि टू से
- 4:43:43डिवाइड करोगे जैसे हमने अभी प्रीवियसली
- 4:43:46हमने किया कि पहले आप इसको बाइनरी में
- 4:43:48कन्वर्ट करके देन फिर हम इसके पेयर्स बना
- 4:43:51लेंगे तो मेरा ख्याल है कि वो आपको लेंथी
- 4:43:53लगेगा
- 4:43:54तो दिस इज़ बेटर कि इसको रहने दीजिए। वही
- 4:43:57मेथड बेहतर है कि आप सिर्फ सिंपली क्या
- 4:43:59करो? 16 से डिवाइड करो और ये आंसर ले आओ।
- 4:44:04तो ये हो गया आपका 8
- 4:44:07जी। अब आते हैं हम 86 पे। ठीक है?
- 4:44:10एमसीक्यू नंबर 86 है और इसमें देखें लिखा
- 4:44:13हुआ है द मैक्सिमम सिंगल डिजिट इन द हेक्स
- 4:44:16डेसिमल नंबर सिस्टम इन डेसिमल इज़। अच्छा
- 4:44:19थोड़ा सा ये ट्रिकी इन्होंने किया है और
- 4:44:21इसको हम थोड़ा समझ लेते हैं। पहले तो वही
- 4:44:25एक रिकॉल करें हम और आपको मैंने जैसे
- 4:44:28बताया कि इसका जो नंबर सिस्टम है
- 4:44:31तो ज़ीरो से स्टार्ट है एंड देन 4 5 6 7 8
- 4:44:369 ठीक है? हेक्साडेसिमल की बात कर रहा
- 4:44:38हूं। फिर नाइन के बाद क्या होता है? a b c
- 4:44:43d e और f। ठीक है ना? अब इसको समझें। आपको
- 4:44:48चार ऑप्शन दिए हुए हैं। इसमें देखो गौर
- 4:44:50करो 10 और * 10 2 टू पावर 0 अब जाहिर है
- 4:44:54कि हेक्साडेसिमल नंबर सिस्टम का
- 4:44:56इक्विवेलेंट चाहिए हमें डेसिमल में। ठीक
- 4:44:58है ना? तो अगर आप ज़ीरो से अब तक काउंट करो
- 4:45:02तो आप देखोगे नाइन और फिर एक है ये 10 ठीक
- 4:45:06है? ये 10 ये 11 ये 12 ये 13 ये 14 और
- 4:45:13फाइनली 15। तो इसका मतलब है कि जो
- 4:45:18मैक्सिमम डिजिट है वो हमारे पास 15 आ रहा
- 4:45:20है। ठीक है? अगर आप बेस के हिसाब से देखो
- 4:45:22तो 16 है और मैक्सिमम जो डिजिट हमें क्या
- 4:45:26मिल रहा है? 15। तो इस सिनेरियो में हमें
- 4:45:28इसका जवाब देना है। तो तब अब आपको इजी हो
- 4:45:30जाएगा। तो अगर हम a को देखते हैं तो a तो
- 4:45:33किसी सूरत भी करेक्ट नहीं है। ठीक है ना?
- 4:45:35क्योंकि 10 टू पावर मैथमेटिक्स के हिसाब
- 4:45:38से और 2 टू पावर 0 का मतलब क्या हो गया?
- 4:45:41यू नो वेरी वेल कि 10 और * 1 हो गया। तो
- 4:45:4410 * 1 10 है। तो इसका मतलब है यह
- 4:45:46मैक्सिमम डिजिट तो ना हुआ। लेकिन जब आप 15
- 4:45:49बी ऑप्शन को देखते हो तो 15 * 16 पावर 0
- 4:45:54तो वही उसूल अपनाया जाएगा अलजेब्रा के
- 4:45:57हवाले से कि 16 पावर 0 है तो ये वन हो गया
- 4:46:00तो 15 * 1 = 15 तो 15 जो है इसका मैक्सिमम
- 4:46:05डिजिट है। बाकी जो है जाहिर है आप समझ रहे
- 4:46:07हो कि ये भी जो है वो एप्रोप्रियट नहीं
- 4:46:10है। तो इस लिहाज से राइट ऑप्शन जो हमारा
- 4:46:13वो बी है क्योंकि 15 हमें मैक्सिमम वैल्यू
- 4:46:17दे रहा है डेसिमल के इक्विवेलेंट। ठीक है?
- 4:46:21तो उम्मीद है ये बात आपको समझ में आई
- 4:46:23होगी। इसके बाद
- 4:46:26एमसीक्यू नंबर 87 पे देखें। द बाइनरी कोड
- 4:46:30डेसिमल कोड। ठीक है? और यह पूरा एक आपको
- 4:46:36बाइनरी कोड दिया हुआ है। 0 1 1 0 0 ये सब
- 4:46:40एंड इज़ इक्वल टू द डेसिमल डिजिटल कोड। ठीक
- 4:46:44है? मतलब मतलब मतलब ये है कि ये बीसीडी के
- 4:46:49इक्विवेलेंट आपको इसको देखना है। ठीक है
- 4:46:51ना? यानी आपको इसको किस तरह से कन्वर्ट
- 4:46:53करना है कि डेसिमल के इक्विवेलेंट हो जाए।
- 4:46:56हम बात कर चुके हैं कि जब भी हम बीसीडी की
- 4:47:01बात करते हैं तो बाइनरी के वो चार-चार
- 4:47:03डिजिट्स पे इक्विवेलेंट होता है। ठीक है
- 4:47:05ना? यानी कि फोर बिट्स।
- 4:47:09ओके? तो यहां पर देखो आपको दिया हुआ है 0
- 4:47:121 1 और 1 5 1 2 3 4 5 अब मुझे इसके डेसिमल
- 4:47:20के इक्विवेलेंट देखना है इस बाइनरी कोड
- 4:47:24डेसिमल को। ठीक है ना? और डेसिमल कोड जो
- 4:47:26है वो तो यहां से हमने चार हिस्से लिए।
- 4:47:29ठीक है? ये चार बिट्स ली। तो ये 0 ये तो
- 4:47:32जाहिर है कि तो 0 ही हो गया। अब ये फोर
- 4:47:35आपने ये हिस्सा अलग किया। अब इसमें अगर हम
- 4:47:38बाइनरी पैटर्न का इस्तेमाल करते हैं तो
- 4:47:41हमें देखो ज़ीरो तो कैंसिल हो जाएगा। 4 + 2
- 4:47:43कितना हो गया? सिक्स। तो क्या आ गया? 6 0
- 4:47:46तो इसलिए दिस वन द राइट आंसर। ठीक है ना?
- 4:47:51इस तरह से हम इसको समझ रहे हैं। उम्मीद है
- 4:47:54कि यह बात आपको समझ में आई होगी।
- 4:47:59बात है।
- 4:48:01दैट इज़ द डेसिमल 86 फ्लाइट द डेसिमल
- 4:48:05इक्विवेलेंट ऑफ़ द हेक्साडेसिमल नंबर 38 इज़
- 4:48:08अब ये एक हेज़क्साडेसिमल नंबर है और हमने
- 4:48:11डेसिमल इक्विवेलेंट ढूंढना है। सही है ना?
- 4:48:15थ्री
- 4:48:17E
- 4:48:19और 8
- 4:48:21ओके। अब हमने आपके पास हेक्साडेसिमल नंबर
- 4:48:25सिस्टम में मौजूद है। हमें इसे डेसिमल
- 4:48:28नंबर सिस्टम के इक्विवेलेंट देखना है। तो
- 4:48:30इसका तरीका क्या होगा? अब इसके लिए भी दो
- 4:48:34तीन मेथड हैं। लेकिन एक अच्छा तरीका जो है
- 4:48:37वो क्या है कि हम क्या करें? पहले इसको
- 4:48:41बाइनरी में कन्वर्ट कर दें। ठीक है?
- 4:48:44बाइनरी में कन्वर्ट करने के बाद देन इट इज
- 4:48:46इजी फॉर अस कि हम इसको आराम से डेसिमल में
- 4:48:50ला सकते हैं। ठीक है? कैसे हो गया? जी? अब
- 4:48:53इसका तरीका ये होता है कि
- 4:48:55पहले हम इसको हेक्साडेसिमल से बाइनरी में
- 4:48:58ला रहे हैं। तो इसके लिए बेटा एक रूल है
- 4:49:00मतलब कि स्केल है कि वन हेक्सा
- 4:49:04बल्कि यहां पे लिख देता हूं
- 4:49:08कि वन हेक्सा
- 4:49:11डेसिमल
- 4:49:13नंबर जो है बराबर होता है 4 बिट्स के।
- 4:49:17यह एक इसका स्केल है। ठीक है?
- 4:49:20तो यहां पर आप क्या करोगे? फोर बिट्स का
- 4:49:22मतलब क्या है? ठीक है? आप क्या करना है कि
- 4:49:25हर डिजिट पे वन बाय वन। ठीक है? 1 2 4 8
- 4:49:31ये आपने अरेंजमेंट कर देना है। सही है?
- 4:49:34इसको एक काम करते हैं। थोड़ा और अच्छा
- 4:49:36करके
- 4:49:38अज्ञान के लिए इजी रहे।
- 4:49:43और यहां पे हम लिख देते हैं E थोड़ा गैप के
- 4:49:46साथ
- 4:49:47और इसको लिख लेते हैं एट। ठीक है? अब मैं
- 4:49:50कह रहा हूं कि हर डिजिट में आप क्या
- 4:49:51करोगे? 1 2 4 8 सही है? यहां पर भी 1 2 4
- 4:49:578 और यहां पे भी आपने लिख दिया 1 2 4 8 ये
- 4:50:01बाइनरी पैटर्न के हिसाब से हमने इसमें बात
- 4:50:04की है। ठीक है? हमने बिट्स जो है वो अरेंज
- 4:50:06कर दी। ठीक है?
- 4:50:09अब आप इसको देखेंगे कि इन बिट्स में वो
- 4:50:11कौन सी बिट्स हैं जो कि मिलके एट दे रही
- 4:50:13हैं। ये नंबर दे रही हैं। ठीक है? तो मेरा
- 4:50:15ख्याल है एट ही है। तो जो दे रहा है ना
- 4:50:17मतलब जो गिवन नंबर दे रहा है जो वैल्यू है
- 4:50:20तो वो वन हो जाएगा। बाकी रेस्ट ऑफ़ जो
- 4:50:22बिट्स होंगे वो ज़ीरो ज़ीरो अप्लाई कर
- 4:50:24देंगे। जैसे एट पे वन हो जाएगा। बाकी सब
- 4:50:26ये क्या हो जाएंगे? ज़ीरो हो जाएंगे। ये
- 4:50:27मैं कह रहा हूं। ठीक है? ये अभी एट जो
- 4:50:30आपने बाइनरी में कन्वर्ट किया। अब e जो है
- 4:50:33आपको पता है e जो है वो डेसिमल में
- 4:50:35इक्विवेलेंट क्या होता है? 14। ठीक है ना?
- 4:50:37नहीं ज़हन में रखते हुए। अब 14 है तो आप
- 4:50:39इसमें देखें इन बिट्स में जो है कौन सी
- 4:50:43बिट्स हैं जो मिलके 14 कर रही हैं। यानी
- 4:50:4514 दे रही है हमें। तो देखिए 8 + 4 12 और
- 4:50:4812 + 2 14 तो ये क्या हो जाएंगी? वन वन और
- 4:50:52बाकी वन जो है ये ज़ीरो हो जाएगा।
- 4:50:56ये बात समझ में आई? ठीक है? फिर इसी तरह
- 4:50:59यहां पर देखिए आप कि यहां पर भी आपने 1 2
- 4:51:014 8 अप्लाई किया। सही है? और अब देखो कि
- 4:51:05आपके पास नंबर क्या थ्री है। तो इनमें से
- 4:51:07कौन सी बिट्स हैं जो कि मिलके आपको थ्री
- 4:51:09दे रही हैं? तो डायरेक्ट 2 + 1 जो अगर
- 4:51:12करते हैं तो ये थ्री दे रहे हैं। तो इसका
- 4:51:14मतलब है ये ज़ीरो रहेंगे 8 और फोर पे बाकी
- 4:51:17ये दोनों क्या हो जाएंगे? वन वन हो
- 4:51:18जाएंगे।
- 4:51:20मतलब आपको मैं रिपीट कर रहा हूं कि जब भी
- 4:51:22अगर आपको हेक्सामल दिया हो और उसको आपने
- 4:51:26डेसिमल में कन्वर्ट करना हो तो इसका एक
- 4:51:29तरीका यानी कि मतलब दो तीन तरीके हैं जैसे
- 4:51:32कहा तो मुझे ये बेहतर लगता है और इजी भी
- 4:51:36है कि आप क्या करो कि बाइनरी पैटर्न
- 4:51:37अप्लाई करो लेकिन उसमें स्केल याद रखना है
- 4:51:40कि एक हेक्साडेसिमल जो है वो फोर बिट्स के
- 4:51:42इक्वल है। इसलिए आपने क्या किया? फोर
- 4:51:44बिट्स का मतलब है कि आप बाइनरी पैटर्न को
- 4:51:46फोर बिट्स तक लेके जाओगे। मतलब वन फिर टू
- 4:51:49फिर फोर फिर एट इस तरह। ठीक है? वन टू अगर
- 4:51:52किसी के ज़हन में कि वन टू के बाद सर थ्री
- 4:51:54क्यों नहीं हुआ? तो मैं वही तो अर्ज कर
- 4:51:55रहा हूं कि बाइनरी पैटर्न की बात हो रही
- 4:51:57है। ठीक है? एक नॉर्मल सीक्वेंस की बात
- 4:51:59नहीं हो रही है। बाइनरी पैटर्न का जो एक
- 4:52:01सीक्वेंस है वो ये होता है कि एक कंपाउंड
- 4:52:03चल रहा है। मतलब डबल इस तरह से हो रहा है।
- 4:52:05मतलब टू का टेबल चलाओ। दैट्स ये होता है
- 4:52:08बाइनरी पैटर्न। ठीक है? इन दिस वे आपको
- 4:52:11समझ।
- 4:52:13अच्छा। अब जब ये हो गया तो ये बाइनरी में
- 4:52:16आ गया। तो आपने लिख लिया
- 4:52:19इसको अरेंज करके
- 4:52:23अब आप क्या करो? सिंपली इसमें बैनरी
- 4:52:26पैटर्न अगेन अप्लाई करो तो आपको गिवन नंबर
- 4:52:28मिल जाएगा। सही है ना? अब कैसे मिलेगा? जी
- 4:52:31ये देखो जैसे 1 2 4 8
- 4:52:3616 32
- 4:52:39फिर 64 फिर 1 2 8 सही है ना?
- 4:52:48हम इसको थोड़ा सा बहुत क्लोज हो गया।
- 4:52:51थोड़ा
- 4:52:54डिस्टेंस से लिख लेते हैं।
- 4:52:58और
- 4:53:03ये है इस पे अप्लाई करो। 1 2 4 8 16
- 4:53:0932
- 4:53:1164 1 2 8 फिर इसके बाद क्या आएगा? 256 है
- 4:53:15ना? और फिर आएगा 512
- 4:53:19बाकी इसको ना भी करो। ठीक है? टाइम को सेव
- 4:53:23करेंगे क्योंकि लेफ्ट है। तो इसलिए हम इस
- 4:53:25पे नहीं आते। यहां पे ज़ीरो कैंसिल कर दो।
- 4:53:27यहां से ये कैंसिल हो गया। ये सब कैंसिल
- 4:53:30है। बस सिर्फ ये वाली पावर्स हैं। यानी 5
- 4:53:321 2
- 4:53:35ठीक है? 512 + 256
- 4:53:39+ 128
- 4:53:42और + 64 एंड + 32 इन सबको आप ऐड कर लोगे
- 4:53:46तो आपको मिल जाएगा क्या? डेसिमल नंबर। अब
- 4:53:49इसको कर लेते हैं
- 4:53:52यहां पे
- 4:53:59और 64 और 32 अब अगर हम प्लस करें तो 6 और
- 4:54:032 8 8 16 16 और 4 क्या हो गया
- 4:54:12दोबारा देख लें कि 1 2 4 8 16 32 64
- 4:54:18128
- 4:54:20256 एंड 512 512
- 4:54:24ठीक है। मैं चेक कर रहा था कितन
- 4:54:28कोई वो गलती तो नहीं है। अब इसको हम देखते
- 4:54:30हैं 6 + 8 और फिर 8 16
- 4:54:35+
- 4:54:374 20 और 22
- 4:54:40फिर 2 3 4 5 6 7 8 फिर 9 10 16 17 18 19
- 4:54:48और 6 7 8 992
- 4:54:52अब इसमें वैल्यू जो है
- 4:54:57मीट नहीं कर रही। इसका मतलब कहीं पे
- 4:54:58गड़बड़ है। इसको चेक करते हैं दोबारा। 1 2
- 4:55:014 8 तो यहां पे एट हो गया। ज़ीरो ज़ीरो हो
- 4:55:04गया। ठीक है? ये 14 है। 1 2 4 8 तो 8 12
- 4:55:09और 2 14 ये हो गया। बिलकुल ठीक है। और
- 4:55:13उसके बाद फिर ये 1 2 हो गया। हम इसको या
- 4:55:17तो फिर ऑप्शन में भी हो सकता है। अभी देख
- 4:55:21लेते हैं।
- 4:55:25इसको हम
- 4:55:31जी अब देखें इसको हम
- 4:55:35तो ये हमने इसको
- 4:55:38चेक किया और 0 1 2 4 8 अब ये हमारे पास एक
- 4:55:47हिस्सा आ गया। यह एक हो गया। यह एक हो
- 4:55:49गया। ठीक है ना?
- 4:55:52अब हम इसको दोबारा से देख लेते हैं।
- 4:55:551
- 4:55:562 4 8
- 4:55:59फिर ये 16 है। फिर ये
- 4:56:0232 फिर ये 64
- 4:56:05फिर 1 8 64
- 4:56:11इसके बाद 128 फिर 256
- 4:56:1656 और
- 4:56:19512
- 4:56:22तो कहीं ऐड में मसला हो रहा है देख लेते
- 4:56:24हैं।
- 4:56:278 और
- 4:56:3016 17 18 19 20 21 22
- 4:56:416 7 8 92 आना चाहिए इसका। ये ऑप्शंस में
- 4:56:46यहां पे गड़बड़ है।
- 4:56:54इसको भी हम देखते हैं।
- 4:57:19जी इसमें
- 4:57:22992 आ रहा है। ठीक है? तो दिस इज नॉट अ वे
- 4:57:27इसको हम
- 4:57:29आप भी इसको
- 4:57:32एक्सटेंड कर लीजिएगा हो जाता है ये सीधे
- 4:57:38इसको हम राइट करते हैं। ठीक है? तो आपने
- 4:57:41आंसर याद रखना है ए
- 4:57:45992 सही है।
- 4:57:48ये हमारे पास आंसर है। 992 इसका राइट आंसर
- 4:57:52है। ठीक है?
- 4:57:56उसके बाद नेक्स्ट
- 4:57:58एप्स्थेडिक रेफर्स टू द साइज ऑफ इंटरनल
- 4:58:02मेमोरी ऑफ अ कंप्यूटर
- 4:58:05एंड इंटरनेशनल कोड फॉर ट्रांसमिशन। अच्छा
- 4:58:07अब ये एथेडिक क्या होता है? ये भी बाइनरी
- 4:58:09कोडिंग स्कीम है। सही है ना? ये भी बाइनरी
- 4:58:11कोडिंग स्कीम का एक हिस्सा है।
- 4:58:15मैंने आपको अभी प्रीवियसली हमने बात की थी
- 4:58:18बाइनरी कोडिंग स्कीम ये अस्की कोड्स हो
- 4:58:21गया। एसिडिक है, यूनिकोड ओके औरडी ये बन
- 4:58:24कोडिंग स्कीम है। उनमें से एक है ए्सिक।
- 4:58:27यह एस्टेटिक बेसिकली एक्सटेंडेड इसको अगर
- 4:58:30हम
- 4:58:32इसका फुल फॉर्म भी पूछा जा सकता है।
- 4:58:37ये एक एक्सटेंडेड बाइनरी कोडेड डेसिमल है।
- 4:58:45स्टैंडर्ड
- 4:58:49बाइनरी
- 4:58:52ऑडिट
- 4:58:55डेसिमल
- 4:59:00इंटरचेंज
- 4:59:05इंटरचेंज कोड।
- 4:59:08सही है? तो ये बेसिकली इंटरचेंज कोड है।
- 4:59:12इसलिए
- 4:59:14इस चीज़ को रेफर कर रहा है इंटरफ़ेस ऑफ़
- 4:59:16कनेक्टिंग इनपुट आउटपुट कंप्यूटर या फिर अ
- 4:59:18कोड ऑफ़ इंटरचेंज ऑफ़ इनेशन। तो जाहिर है कि
- 4:59:20राइट आंसर हमारा क्या होगा? अ कोड ऑफ़
- 4:59:24इंटरचेंज कोड। देखा ना इसमें लास्ट में
- 4:59:26लिखा है ना इंटरचेंज कोड तो इसलिए द साइज
- 4:59:29ऑफ़ इंटरनल मेमोरी ऑफ़ अ कंप्यूटर डायरेक्ट
- 4:59:32कि ये इसलिए नहीं हो सकता क्योंकि आपके
- 4:59:34पास असकी कोड्स भी है। सही है? बाइनरी
- 4:59:37कोडिंग की स्कीम में हमारे पास यूनिकोड भी
- 4:59:39है एक सिस्टम। तो इसलिए राइट आंसर जो है
- 4:59:43हमारा इंटरचेंज कोड। इसका मेन जो मकसद है
- 4:59:46वो क्या है? इंटरचेंज करना कोड्स को। ठीक
- 4:59:48है? और इसका जो पैटर्न होता है मिनिमम वो
- 4:59:50x वो क्या होता है? 8 बिट्स।
- 4:59:54यह शायद आगे आएगा। ठीक है? हमारे पास
- 5:00:00एमसीक्यू में
- 5:00:03उसके बाद देखिए 90 एस्टेडिक वाज़ डेवलप्ड
- 5:00:06बाय। अब ये किसने डेवलप किया? जैसे अस्की
- 5:00:08कोड जो है वो अमेरिकन स्टैंडर्ड कोर्ट्स
- 5:00:10हैं। ठीक है? अमेरिकनंस ने इसको
- 5:00:11इंट्रोड्यूस किया। तो सिमिलरली एफstick जो
- 5:00:14है यह आईबीएम कंपनी है। ठीक है? इंटरनेशनल
- 5:00:17बिज़नेस मशीन इन्होंने इंट्रोड्यूस किया।
- 5:00:19ठीक है? आईबीएम
- 5:00:22इंट्रोड्यूस्ड
- 5:00:27एथिडिक
- 5:00:32और मेन फ्रेम कंप्यूटरटर्स
- 5:00:35ये इन्होंने मेन फ्रेम
- 5:00:38कंप्यूटरटर्स के लिए यूज़ किया।
- 5:00:42मेन फ्रेम कंप्यूटरटर्स के लिए यूज किया।
- 5:00:58ठीक है बेटा तो ये आईबीएम जो है वो एप्सिक
- 5:01:01जो है बेसिकली तो आईबीएम कंपनी है उसने
- 5:01:04फॉर स्पेशली मेन फ्रेम कंप्यूटरटर्स के
- 5:01:06लिए इसका इसको इंट्रोड्यूस किया ओके तो ये
- 5:01:09इसका एक राइट आंसर होगा नेक्स्ट देखते हैं
- 5:01:10व्हाट इज़ नेक्स्ट
- 5:01:1391 द नंबर एट ई इज़ रिटेन इन ये 8 जो कह
- 5:01:18रहा है कि रिटन है ये किस नंबर सिस्टम में
- 5:01:21है? तो ऑब्वियसली यहां पर एट और एट के साथ
- 5:01:23आपको नजर आ रहा है ई। तो हम अभी बात कर
- 5:01:25चुके हैं अभी थोड़ी देर पहले कि
- 5:01:27हेक्साडेसिमल नंबर सिस्टम की जो काउंटिंग
- 5:01:29सिस्टम है वो क्या है? ज़ीरो से नाइन एंड
- 5:01:30देन ए बी सी डी ई एफ। ओके? तो ये है तो
- 5:01:34इसलिए बड़ा आसान हो गया आपको इसका जवाब
- 5:01:37देना। तो ये है हेक्सा डेसिमल में। तो और
- 5:01:41कोई नंबर सिस्टम तो मीट ही नहीं कर रहा।
- 5:01:43इसमें तो कोई ऐसा इशू नहीं है। उसके बाद
- 5:01:46नेक्स्ट पे आए।
- 5:01:48द नंबर A B C इन हेक्साडेसिमल नंबर सिस्टम
- 5:01:51इन हेक्साडेसिमल सिस्टम इज़ इक्विवेलेंट टू
- 5:01:53व्हिच नंबर इन चार ऑप्शंस हैं। अब इसको
- 5:01:57देखभाल के अगर मैं डी से शुरू करूं तो
- 5:01:59ज्यादा बेहतर होगा। तो अब इसमें देखो कि
- 5:02:01डी ऑप्शन में अगर आप A ठीक है ये मान लिया
- 5:02:03हेक्साडेसिमल का पार्ट है। उसका डिजिट है।
- 5:02:06लेकिन आगे देखें तो मल्टीप्लाई बाय क्या
- 5:02:08हो रहा है? 100 हो रहा है। तो इसलिए तो ये
- 5:02:10तो यहीं से ही हमारा जो है वो कैंसिल हो
- 5:02:12गया। उसके बाद C पे गौर करें तो C में अगर
- 5:02:16आप देखेंगे तो 10:16 है। तो इसका मतलब है
- 5:02:18कि ये एक वैल्यू को इंक्रीस कर रहा है।
- 5:02:2010:6 का मतलब 160 हो गया। फिर 11 16 से
- 5:02:24मल्टीप्लाई हो रहा है। फिर 12 16 से
- 5:02:26मल्टीप्लाई हो रहा है। तो इसका मतलब है ये
- 5:02:28भी हमें वो राइट आंसर हेग्राडेसिमल में
- 5:02:32इक्विवेलेंट नहीं लग रहा। ठीक है? और यह
- 5:02:34सेम उसी तरह जैसे अभी हमने पहले बात की।
- 5:02:38बिल्कुल D की तरह कि 10 * 100 हो गया। फिर
- 5:02:42यहां पर 10 हो गया। तो लिहाजा ये बेस जो
- 5:02:45है वो हेक्सामल की नहीं होती है। तो
- 5:02:47लिहाजा ये भी कैंसिल हो गया। लेकिन a पे
- 5:02:49गौर करें तो a हमें बिल्कुल राइट इस तरह
- 5:02:52से मिलता है। आप सोच रहे होंगे सर 256 है।
- 5:02:54तो भाई इसको देखो यूं देखें आप कि 10 रेफर
- 5:02:58कर रहा है a को
- 5:03:00इंटू 256 का मतलब क्या हो गया?
- 5:03:03इक्विवेलेंट टू 16 पावर 2 हो गया। है ना?
- 5:03:07और जब ये पावर में आ गया तो 11 * 16 तो ये
- 5:03:12वन होगा ऑब्वियसली और उसके बाद + 12 और
- 5:03:16ऑब्वियसली 16 की पावर क्या होनी चाहिए?
- 5:03:17ज़ीरो होनी चाहिए क्योंकि पावर्स यूं
- 5:03:19इंक्रीस होंगी ना। तो ज़ीरो राइट से शुरू
- 5:03:22करें तो बेस ये 16 बेस है। यू नो तो यहां
- 5:03:25पर ज़ीरो हो गया। ये वन हो गया। एंड देन
- 5:03:27फिर टू हो गया। और
- 5:03:28[गला साफ़ करने की आवाज़] ये A के साथ ये
- 5:03:29B हो गया। ये इक्विवेलेंट टू B हो गया। और
- 5:03:31ये आपके पास C हो गया। ठीक है? बात समझे?
- 5:03:34तो इस तरह से आप इसको देखेंगे तो मेरा
- 5:03:37ख्याल है तो ये हमें क्योंकि 16 पावर ये
- 5:03:40मैथमेटिक्स का रूल है। आप जानते हो कि जो
- 5:03:42भी बेस हैविंग ज़ीरो पावर तो दैट इज़
- 5:03:44इक्वल्स टू 1 तो 12 * 1 क्या हो गया? 12
- 5:03:46ये देखो यहां पे 12 आ गया। तो इसका मतलब
- 5:03:49है A जो है इस हिसाब से A जो ऑप्शन है
- 5:03:53हमारे पास वो राइट है। ठीक है?
- 5:03:57मैं रिपीट कर रहा हूं। एक बार तो आप लोगों
- 5:03:59के लिए दोबारा से मैं बता रहा हूं कि ए
- 5:04:02ऑप्शन जो है उसमें आप देखेंगे 26 है। तो
- 5:04:05एक्चुअली ये एग्जैक्ट 16 को अगर हम टू
- 5:04:08पावर देते हैं तो ये 16 16 क्या होता है?
- 5:04:1126 अब जब ये पावर में आपने डिनोट कर दिया।
- 5:04:15ओके? तो डेफिनेटली फिर ये नेक्स्ट जो 11 *
- 5:04:1716 के ऊपर पावर क्या होनी चाहिए? वन होनी
- 5:04:19चाहिए। ठीक है? और 12 कैसे आ रहा है?
- 5:04:21ऑब्वियसली 16 हैविंग पावर ज़ीरो। तो फिर ये
- 5:04:25उसूल है ना? मतलब कन्वर्ज़ का और पावर्स
- 5:04:27नोटेशंस हम जब अप्लाई करते हैं तो राइट से
- 5:04:30ज़ीरो हो गया। फिर ये वन हो गया एंड देन
- 5:04:32टू। तो ये एक प्रॉपर और स्टैंडर्ड फॉर्म आ
- 5:04:35गई हेक्साडेसिमल के हवाले से।
- 5:04:42[संगीत]
- 5:04:51[संगीत]
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- 5:09:03[संगीत]
- 5:09:06उम्मीद है आपको ये बात समझ में आई होगी।
- 5:09:09अब नेक्स्ट देखते हैं।
- 5:09:13द वैल्यू ऑफ बाइनरी नंबर दिस ये बाइनरी
- 5:09:16नंबर इन हेक्सा
- 5:09:19डेसिमल सिस्टम इज़। ठीक है? अब ये बाइनरी
- 5:09:22से हमें इसको चेक करना है कि कौन सा है कि
- 5:09:25जो कि मीट कर रहा है। मतलब हेक्साडेसिमल
- 5:09:27को। तो इसको चेक करने का आसान तरीका यह है
- 5:09:30कि 1 1 0 1 अब हमें अभी थोड़ी देर पहले
- 5:09:36हमने बात की थी कि अगर मुझे हेग डेसिमल से
- 5:09:39जाना है बाइनरी में तो हम क्या करते हैं
- 5:09:42फोर फोर बिट्स है स्केल तो यहां पर भी यही
- 5:09:44होगा फ्रॉम द राइट साइड हम क्या करेंगे
- 5:09:46अगर आपको बाइनरी नंबर दिया हुआ है और आपको
- 5:09:48हेग्राडेसीिमल में जाना है तो हम फ्रॉम द
- 5:09:50राइट साइड यानी ये फ्रॉम राइट टू लेफ्ट ये
- 5:09:53डायरेक्शन मत भूलिएगा यहां से हम क्या
- 5:09:56करेंगे इसकी पेयर मेकिंग करेंगे।
- 5:09:58ये एक एक पेयर में चार-चार बिट्स होंगी।
- 5:10:01अब इसमें आपके पास थ्री बिट्स हैं तो आपने
- 5:10:04अपनी तरफ से लेफ्ट मोस्ट साइड पर आपने
- 5:10:06ज़ीरो ऐड कर देना है। ये
- 5:10:10ठीक है? अब हम इस पे बाइनरी पैटर्न अप्लाई
- 5:10:12कर देंगे। ये देखो वन फिर ये टू ये फोर और
- 5:10:15ये एट। सही है? ज़ीरो कैंसिल हुआ तो यहां
- 5:10:18पे आपको मिल गया नाइन। ठीक है? अब यहां पे
- 5:10:20भी इसी तरह 1 2 4 और ये एट है। तो ज़ीरो
- 5:10:24कैंसिल किया तो यहां पर क्या मिल गया
- 5:10:26आपको? सेवन। तो क्या आ गया आपके पास? 79
- 5:10:28तो चेक करते हैं। ये रहा सी। तो 79 हमारा
- 5:10:32ये आंसर हो गया। मतलब ये किस में आपने
- 5:10:34कन्वर्ट किया? फ्रॉम बाइनरी टू
- 5:10:36हेक्साडेसिमल। ठीक है? तो ये प्रैक्टिस पे
- 5:10:39होगा। प्रैक्टिस करोगे तो इंशाल्लाह ताला
- 5:10:42और इंप्रूव हो जाएगा।
- 5:10:45उसके बाद नेक्स्ट देखते हैं। द मैक्सिमम
- 5:10:47नंबर ऑफ़ करैक्टर्स दैट कैन बी
- 5:10:48रिप्रेजेंटेड बाय यूजिंग एब्स्टेटिक कोड
- 5:10:50इज़। अब हमें जाहिर है कि बेसिकली अगर आपको
- 5:10:54या तो इससे पहले अभी हमने ऊपर हमने इसलिए
- 5:10:57हमने किया थािंग स्कीम में असकी कोर्स को
- 5:11:00अगर हमने देखा तो वो बेसिकली इसका जो
- 5:11:02स्टैंडर्ड है उसका जो स्केल है वो सेवन
- 5:11:04बिट्स है। ठीक है? और एक्सटेंडेड जो है हम
- 5:11:08उसको ले जा सकते हैं एट बिट्स तक।
- 5:11:10एक्सटेंड कर सकते हैं। मतलब ये है। लेकिन
- 5:11:13एथेटिक जो है वो एट बिट्स पे है।
- 5:11:17अब एट बिट्स का मतलब क्या है? हमने अभी
- 5:11:20बात की 2 पावर 8 इसका मतलब यह है कि टू को
- 5:11:228 टाइम मल्टीप्लाई करो 2 * 2 = 4 4 * 2 =
- 5:11:258 2 16 2 32 64 इस तरह करते हो तो 256
- 5:11:29मतलब 8 बिट्स का मतलब ये है कि 2 पावर 8 =
- 5:11:33256 ठीक है तो लिहाजा ये 256 तक जो इसकी
- 5:11:38रेंज है ये इसके मीनिंग्स हैं।
- 5:11:41रिप्रेजेंटेड बाय यूजिंग एफसीडी कोड इज़
- 5:11:44क्लियर।
- 5:11:47इसी तरह हर बाइनरी कोडिंग स्कीम का अपना
- 5:11:49एक स्टैंडर्ड है। उसको रिप्रेजेंट करने का
- 5:11:52तरीका है। उसके बाद नेक्स्ट देखें। द
- 5:11:54डेसिमल इक्विवेलेंट ऑफ़ द साइन बाइनरी कोड
- 5:11:57इज़। ठीक है? अब ये साइन अनसाइंड हमने बात
- 5:12:00की है अभी प्रीवियसली। ठीक है? उम्मीद
- 5:12:02मेरा ख्याल है कि उसमें हमें बार-बार जाने
- 5:12:04की जरूरत नहीं है। लेकिन असल जो पॉइंट है
- 5:12:06वो आप समझ लो। यहां पर देखो आपको लिखा 1 0
- 5:12:091 0 0 1 0 0 ठीक है तो पहली बात तो ये है
- 5:12:14कि ये साइन है तो लेफ्ट मोस्ट बिट जो है
- 5:12:18हमारे पास उसको चेक कर लो कि वो क्या है
- 5:12:21वन है तो वन है तो इसका मतलब क्या हो गया
- 5:12:22वन रेफर करता है किसको माइनस को ठीक है तो
- 5:12:26अब पहले इसको चेक कर लेते हैं 1 2 3 4 5 6
- 5:12:297 8 तो पहले तो आपने अप्लाई कर दिया
- 5:12:38यह बाइनरी पैटर्न आपने अप्लाई कर दिया।
- 5:12:40ठीक है? अब इसमें
- 5:12:42128 तो इसका मतलब ये हुआ कि ये sin बिट
- 5:12:45है। तो sin बिट का मतलब है कि माइनस में
- 5:12:47ही आंसर इसका आएगा। ठीक है?
- 5:12:56ठीक है? तो इसलिए इक्विवेलेंट टू क्या हो
- 5:12:59जाएगा? - 92
- 5:13:02तो दिस इज द वे।
- 5:13:06उसके बाद 96 में देखिए डेसिमल नंबर 80 कैन
- 5:13:08बी रिप्रेजेंटेड इन बीसीडी कोड एज
- 5:13:13अब ये बीसीडी बाइनरी कोडेड डेसिमल ठीक है
- 5:13:16ये एक बाइनरी कोडिंग स्कीम है जिसमें जो
- 5:13:19स्टैंडर्ड है वो है फोर बिट्स यानी कि
- 5:13:22बीसीडी
- 5:13:24जब भी हम बात करते हैं तो एक डेसिमल नंबर
- 5:13:27सिस्टम जो है इक्वल्स टू फोर बिट्स के
- 5:13:30इक्विवेलेंट होता है मतलब बीसीडी में तो
- 5:13:32अब यहां पर आपको बाइनरी दिए हुए और आपको
- 5:13:34इसको क्या करना है? द डेसिमल नंबर 80 जो
- 5:13:37आपको गिवन है और इसको हमें बीसीडी में
- 5:13:40कन्वर्ट करना है। ठीक है? तो इसका आसान
- 5:13:42तरीका ये है कि 8 0 अब ये ज़ीरो है तो 1 2
- 5:13:473 4 और यहां पर देखिए आपका एट है। तो ज़ीरो
- 5:13:52का तो ज़ीरो होगा। अब एट को आप टू से
- 5:13:54डिवाइड करते जाओ।
- 5:13:572 * 4 = 8
- 5:14:00ठीक है? फिर 2 * 2 = 4
- 5:14:04फिर 2 * 1 2 तो देखो 1 2 3 4 तो इसका मतलब
- 5:14:08है 1 0 ठीक है तो चेक करते हैं व्हिच इज़
- 5:14:14मीटिंग तो मेरा ख्याल है कि ये मीट कर रहा
- 5:14:17है
- 5:14:19ठीक है ये देख लो चार ज़ीरो और ये आपके पास
- 5:14:21तो मेरा ख्याल है डी इज़ ऑप्शन इज़ द राइट
- 5:14:24वन ठीक है
- 5:14:31उम्मीद है आपको ये बात समझ में आई होगी।
- 5:14:33ठीक है? आई रिपीट वंस अगेन कि मतलब ये है
- 5:14:36कि आपको डेसिमल दिया हुआ है। इसका तरीका
- 5:14:38ये होता है कि आप इसको क्या करते हो? दो
- 5:14:40हिस्से में डिवाइड करते हो। एंड देन फिर
- 5:14:42फोर फोर बिट्स में इसको डिवाइड करो। मतलब
- 5:14:44टू से उसको डिवाइड करोगे। फोर बिट्स आपको
- 5:14:46मिलनी चाहिए। ठीक है? एंड देन फिर उसको
- 5:14:48कंबाइन कर दोगे तो वो आपका बीसीडी में
- 5:14:50कन्वर्ट हो जाएगा। ठीक है?
- 5:14:54उसके बाद देखेंगे आप नेक्स्ट द मोस्ट
- 5:14:56कॉमनली यूज़्ड करैक्टर कोड। ओके? फॉर
- 5:14:58ट्रांसमिशन इज़ अच्छा। अब इसमें जाहिर है
- 5:15:01के यहां पर थोड़ा सा इस एमसीक्यू में ये
- 5:15:04भी आ सकता है। थोड़ा सा मैं आपको वेरिएंट
- 5:15:06कर रहा हूं। में रिकक्रिएट भी कर सकते हैं
- 5:15:08कि द मोस्ट कॉमनली यूज़्ड कररेक्टर्स कोड
- 5:15:11या ओके इन माइक्रो कंप्यूटरटर्स या पर्सनल
- 5:15:15कंप्यूटरटर्स ये भी लिखा हुआ आ सकता है तो
- 5:15:18इसमें ये चीज़ तो नहीं है लेकिन अंडरस्टुड
- 5:15:20ये एस्की कोड्स की बात कर रहा है ये मोस्ट
- 5:15:22कॉमनली जो कंप्यूटरटर्स में आपको मिलेगा
- 5:15:24वो एस्की कोड्स मिलेंगे क्योंकि एफसीडी का
- 5:15:27हम बात कर चुके हैं मेन फ्रेम के लिए
- 5:15:30इस्तेमाल होता है नेक्स्ट देखिए व्हिच ऑफ़
- 5:15:32द फ़ॉलोइंग इज़ एन एग्ज़ांपल ऑफ़ न्यूमेरिकल
- 5:15:34डाटाज़ न्यूमेरिकल डाटा सिंपल
- 5:15:37कौन सा है? जैसे एम्प्लाइज़ नेम है।
- 5:15:38एम्प्लाइज़ नेम जो है कोड्स में होता है।
- 5:15:40अगर मैं यहां पे आ जाऊं तो एंप्लाइजज़ नेम
- 5:15:42जो है वो बेसिकली करक्टर्स पर होते हैं।
- 5:15:46ठीक है ना? जाहिर है स्प्रिंग है भाई। और
- 5:15:50फोटोग्राफी जाहिर है कि ये इमेज है। ओके?
- 5:15:52या पिक्चर फॉर्म है। तो इसलिए ये भी नहीं
- 5:15:55हो सकता। वीआईपी एड्रेसिंग जो है ये एक
- 5:15:59कोडिंग सिस्टम भी हो सकता है। मतलब
- 5:16:00अल्फाबेट्स में भी इसमें आ सकता है। ओके?
- 5:16:03ये नंबर्स भी हो सकते हैं एट द सेम टाइम।
- 5:16:05यह प्योरली न्यूमेरिकल नहीं हो सकता।
- 5:16:06क्रिकेट टेस्ट स्कोर क्रिकेट की बात करें
- 5:16:10तो क्रिकेट आप जानते हो उसमें नंबरिंग जो
- 5:16:12होती है, स्कोरिंग होती है वो प्योरली
- 5:16:13न्यूमेरिक में होती है। याद दिस इज़ द राइट
- 5:16:16वन। ठीक है?
- 5:16:18ना फ्लोट वैल्यू में होता है ना रियल डाटा
- 5:16:20में। डेसिमल में तो होता ही नहीं। तो इस
- 5:16:22तरह से आप इसको समझ कभी भी कोड जो है वो
- 5:16:25ऐसा तो नहीं होगा कि 4.2 है या 6.2
- 5:16:27समथिंग। ऐसा तो नहीं होता।
- 5:16:31उसके बाद देखें 99। नेक्स्ट है हमारे पास
- 5:16:33डेटा आइटम्स आर जनरली क्लासिफाइड इंटू
- 5:16:35व्हिच टाइप ऑफ़ कोड्स। अब डेटा की जब हम
- 5:16:38बात करते हैं कल मतलब इससे पहले ऊपर
- 5:16:41प्रीवियसली हमने देखा कि डेटा की कितनी
- 5:16:44फॉर्म्स होती हैं। ठीक है? डेटा बेसिकली
- 5:16:46कंप्यूटर के अंदर जो मेन जो वर्क है वो
- 5:16:48डेटा का है। ओके? कि हम जो भी कुछ फीड
- 5:16:51करते हैं कंप्यूटर में वो डेटा ही तो है।
- 5:16:53अब वो डेटा नंबर्स की सूरत में भी हो सकता
- 5:16:55है। ठीक है? अल्फा न्यूमेरिक की सूरत में
- 5:16:58भी हो सकता है। फ्लोट वैल्यूस भी हो सकती
- 5:17:00हैं। पिक्चर्स, इमेजज़ ओके? व्हाटएवर यू
- 5:17:03कैन से। तो इसका राइट आंसर क्या हो जाएगा?
- 5:17:06न्यूमेरिक भी है, अथवा न्यूमेरिक भी हो
- 5:17:08सकता है, कररेक्टर्स भी होता है। इट मींस
- 5:17:09ऑल ऑफ़ अबव इज़ द राइट आंसर। ठीक है?
- 5:17:15मतलब ये कोई ज्यादा ट्रिकी नहीं था। ईजी
- 5:17:17था। तो इसमें यही बहुत है। उसके बाद अगर
- 5:17:21हम देखते हैं नेक्स्ट पे तो बड़ा अच्छा आ
- 5:17:23गया। द बाइनरी नंबर दिस वन। ये बाइनरी
- 5:17:26नंबर आपको दिया हुआ है और इज़ इक्वल्स टू द
- 5:17:28हेक्साडेसिमल नंबर अगेन कि भाई इसको हमने
- 5:17:31चेक करना है कि ये हेक्सा डेसिमल नंबर के
- 5:17:34किस ये कौन सा ऑप्शन है जो कि मीट कर रहा
- 5:17:37है। तो हम बात कर चुके हैं।
- 5:17:42ठीक है? तो इसका तरीकाकार हम इस तरह करें
- 5:17:44कि फ्रॉम द राइट साइड। ठीक है ना? ये चार
- 5:17:47इस पे हो गए। ठीक है? एक पार्ट और फिर ये
- 5:17:50दूसरा पार्ट। अब इस पे अप्लाई कर देंगे। 1
- 5:17:532 4 8 ठीक है? ज़ीरो कैंसिल 8 + 4 कितना
- 5:17:57होता है? 12 एंड + 1 13 अब 13 इक्विवेलेंट
- 5:18:01टू हेक्सा। अब ये आपको याद रखना है। तो A
- 5:18:04इक्वेंट टू 10 हो गया। B 11 C 12 और D 13
- 5:18:10ठीक है ना? तो ये हो गया D। अब यहां पर भी
- 5:18:131 2 4 8 आपने अप्लाई किया तो ज़ीरो कैंसिल
- 5:18:16हो के 8 + 1 9 दे रहा है। तो क्या आंसर आ
- 5:18:18गया? 90. तो चेक करते हैं। बिल्कुल 90 सी।
- 5:18:22ठीक है? ये हमारे पास राइट ऑप्शन आ गया।
- 5:18:24ठीक है? उम्मीद है आपको समझ में आ गई होगी
- 5:18:27बात। अभी मैंने बात की जैसे कि प्रैक्टिस
- 5:18:29करोगे तो और अच्छा हो जाएगा। इसमें ग्रिप
- 5:18:32हो जाएगी इंशाल्लाह।
- 5:18:34उसके बाद एकदम से चेंज हुआ है सिनेरियो।
- 5:18:36लैंग्वेजज़ की बात करते हैं और लैंग्वेजज़
- 5:18:38में इसको समझाने से पहले देखिए लिखा हुआ
- 5:18:41है द सेलेक्ट क्लॉज़ इन कुबोल इज़ फॉर्म्ड
- 5:18:44इन। अच्छा कुबोल बेसिकली क्या है? पहले तो
- 5:18:46आपको ये देखना है कि
- 5:18:49मैंने आपसे कहा ना कि एमसीक्यूस जो है वो
- 5:18:52उसमें फुल फॉर्म भी आ सकती हैं। एक्रोनिम
- 5:18:54वगैरह भी दे सकते हैं। उस लिहाज से ये
- 5:18:56इंपॉर्टेंट हो जाएगा। तो इसको अगर आपने
- 5:18:58याद रखना है कि कॉमन
- 5:19:01बिनेस
- 5:19:04ओरिएंटेड
- 5:19:09कॉमन बिनेस ओरिएंटेड
- 5:19:12लैंग्वेज।
- 5:19:17ठीक है? अच्छा अब ये कुबोल क्या है बेटा?
- 5:19:19याद रखना कि कुबोल जो है एक बड़ी जबरदस्त
- 5:19:22लैंग्वेज और ये पहली लैंग्वेज उस लिहाज़ से
- 5:19:24कंसीडर की जाती है जो कि बिज़नेस एप्लीकेशन
- 5:19:26थे। ठीक है? यानी प्रोग्रामिंग के हवाले
- 5:19:29से जब आगाज़ हुआ जैसे कि हम अभी हम बात
- 5:19:32करेंगे शायद एमसीक्यू आए फ़्रान के हवाले
- 5:19:34से तो फर्ट्रान दैट वाज़ द फर्स्ट एवर हाई
- 5:19:36लेवल लैंग्वेज। उसके बाद फिर एक सिलसिला
- 5:19:39शुरू हुआ। ठीक है ना? मतलब एक जब कंप्यूटर
- 5:19:41एक्सपर्ट्स ने लैंग्वेजज़ को इंट्रोड्यूस
- 5:19:44करना शुरू किया। हाई लेवल लैंग्वेज पे काम
- 5:19:45होना शुरू हुआ। तो उसमें से एक कुबोल है
- 5:19:47और कुबोल जो है ना एक वो लैंग्वेज है कि
- 5:19:49जो कि एक बड़ी स्टैंडर्ड इंग्लिश लाइक
- 5:19:51प्रेजेंटेशन में है। पहली फर्स्ट एवर
- 5:19:53लैंग्वेज है जो कि एक फ्रेंडली यू कैन से
- 5:19:58उसके बाद फिर जा पास्कल आया फिर बेस्टिक
- 5:20:00वगैरह लैंग्वेज आई। फिर आप देख लें अब
- 5:20:02आपके सामने के न्यूरस लैंग्वेज हैं। ठीक
- 5:20:05है? लेकिन बहाल कुबुल जो है इस सिलसिले
- 5:20:09में एक बड़ी जबरदस्त लैंग्वेज है। और ये
- 5:20:11बिज़नेस एप्लीकेशन है यानी जितने भी बिज़नेस
- 5:20:12अफीयर्स हैं मतलब मामलात होते हैं तो वो
- 5:20:15इस लैंग्वेजज़ में जो है वो सॉल्व किए जाते
- 5:20:18थे। लेकिन अब जाहिर है कि ये बहुत ज्यादा
- 5:20:21अर्लियर लैंग्वेज है। तो अब नित नई
- 5:20:24लैंग्वेजज़ आ गई हैं। तो अब इसकी इतनी
- 5:20:25जरूरत नहीं है। लेकिन बाहर पूछा गया है तो
- 5:20:28इसमें किस तरह से काम होता है? ये आपसे
- 5:20:30पूछ रहा है। इसमें जो ऑप्शन आपको नज़र आ
- 5:20:32रहे हैं। ठीक है? आइडेंटिफिकेशन डिवीज़ है,
- 5:20:35एनवायरमेंट डिवीज़ है, डेटा डिवीज़ है और
- 5:20:37प्रोसीजर डिवीज़। यह सारे डिवीज़ंस जो है
- 5:20:40डिवीज़ंस पे ही काम होता है। पहली तो बात
- 5:20:42आपने याद रखनी है। बोल में एक टर्म यूज़
- 5:20:45होती है डिवीज़ंस। मतलब इसमें काम करने का
- 5:20:46तरीका अगर मैं कहूं बोल जो एक लैंग्वेज है
- 5:20:49इसके अंदर जो काम करने का तरीका वो है एक
- 5:20:52डिवीज़ंस में। जिस तरह C लैंग्वेज आप सीख
- 5:20:55रहे हो। है ना? C के कोर्स में आपने देखा
- 5:20:58होगा कि उसमें हम स्ट्रक्चर लैंग्वेज हैज़
- 5:21:00C। तो हम उसमें क्या करते हैं? एक मेन
- 5:21:02क्लॉज़ होती है। मेन फंक्शन को हम फिर उसके
- 5:21:04बाद ब्लॉक ऑफ कोड होता है। वो हम उसको
- 5:21:07डिवाइड करते हैं। पहले डिक्लेरेशन होती
- 5:21:09है। फिर देन फिर हम वेरिएबल असाइन करते
- 5:21:11हैं। फिर एक रूटीन बनाते हैं। तो उसका ये
- 5:21:14उसका तरीका है। ठीक है? ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड
- 5:21:16क्लास में आ जाओगे तो वहां पे भी हम क्या
- 5:21:19करते हैं? अलग उसका एक तरीकाकार है। उसका
- 5:21:21एक स्टैंडर्ड है। तो यहां पर कुबोल में
- 5:21:23डिवीज़ंस पे काम होता है। कि अगर मुझे
- 5:21:26प्रोग्रामिंग स्टार्ट लेनी है तो उसमें
- 5:21:27सबसे पहले हम जो है उस प्रोग्राम का नाम
- 5:21:29लिखते हैं। ठीक है? ठीक है? ये एक डिवीज़
- 5:21:31हो जाता है। फिर हम वेरिएबल्स को डिक्लेअ
- 5:21:33करते हैं तो उसको एक नाम दिया जाता है।
- 5:21:35ठीक है? वो होता है एनवायरमेंट डिवीज़। ठीक
- 5:21:37है? भाई और फिर एक फाइलिंग उस फाइल का नेम
- 5:21:40यानी पूरा एक हम डिवीज़ंस पे काम कर रहे
- 5:21:43होते हैं हिस्टो में। लाइक इसको आप यूं कह
- 5:21:45सकते हो। इसलिए इसका राइट आंसर है
- 5:21:48एनवायरमेंट डिवीज़।
- 5:21:51इसको मैं इंशाल्लाह प्रैक्टिकली भी समझा
- 5:21:53दूंगा कि बाय लुकिंग ये कैसे इस पे काम
- 5:21:56होता है।
- 5:21:58आगे चलके। अब आगे आते हैं। तो अ कीवर्ड इन
- 5:22:02अ कंप्यूटर लैंग्वेज कीवर्ड बेसिकली क्या
- 5:22:04होता है? एक रिजर्व वर्ड भी कहते हैं
- 5:22:05इसको। ठीक है? कीवर्ड का मतलब रिजर्व वर्ड
- 5:22:07भी है भाई। ठीक है? मजे की बात ये है कि
- 5:22:12ये कीवर्ड जो है हर लैंग्वेज में चाहे वो
- 5:22:14स्ट्रक्चरर्ड है, चाहे वो अनस्ट्रक्चरर्ड
- 5:22:16है। आपको यही वर्ड मिलेगा। कीवर्ड है।
- 5:22:18मतलब प्रीडफाइंड। कीवर्ड मींस ये है कि
- 5:22:21कुछ ऐसे वर्ड जो कि ऑलरेडी डिफाइंड है।
- 5:22:23मतलब प्रोग्रामर्स ने उन लैंग्वेज बिज़नेस
- 5:22:25में ऑलरेडी प्रीडफाइन किए हुए हैं। ठीक
- 5:22:27है? जिसको आप चेंज नहीं कर सकते और जिस
- 5:22:30फॉर्म में है चाहे वो अपर में है या लोअर
- 5:22:32में है। ठीक है? तो आप उसको बिल्कुल इसमें
- 5:22:35एडिटिंग या कुछ भी चेंज नहीं कर सकते और
- 5:22:37वो रिजर्व होते हैं। हर एक का कीवर्ड का
- 5:22:39अपना एक फंक्शन है। उसका अपना एक मकसद है।
- 5:22:42तो अ कीवर्ड इन अ कंप्यूटर लैंग्वेज इज़
- 5:22:45ठीक है? लैंग्वेज डिफाइन कॉमन टू ऑल
- 5:22:47लैंग्वेज यूजर डिफाइन। ठीक है? नन। तो
- 5:22:50यूजर डिफाइन तो हो नहीं सकता। ठीक है? अभी
- 5:22:52हमने बात की क्योंकि जो लैंग्वेज बनाते
- 5:22:54हैं ठीक है? ठीक है? जो प्रोग्रामर्स हैं
- 5:22:56वो इसको डिजाइन करते हैं। तो लिहाजा
- 5:22:58लैंग्वेज डिफाइंड है। राइट आंसर हमारा
- 5:23:01क्या है? लैंग्वेज डिफाइंड।
- 5:23:05उसके बाद
- 5:23:08नेक्स्ट देखें अगर हम
- 5:23:14अ लेबल ऑफ़ अ स्टेटमेंट इन कंप्यूटर मस्ट
- 5:23:16बी। ठीक है? अब ये लेबल का मतलब ये होता
- 5:23:20है कि मुख्तलिफ लैंग्वेज के हिसाब से लेबल
- 5:23:23हम देते हैं। ठीक है? अगर हम सी लैंग्वेज
- 5:23:26की बात करें
- 5:23:31जैसे हम इंट मेन
- 5:23:37और यहां पे हमने फर्ज किया
- 5:23:42एक लेवल दे दिया।
- 5:23:49प्रिंट ठीक है और यहां पर हमने लिख दिया
- 5:23:52प्रिंट एफ
- 5:23:55एबीसी
- 5:23:59और यहां पे हमने एक लेबल डिफाइन कर दिया
- 5:24:04गो टू
- 5:24:07प्रिंट
- 5:24:10और इसको हमने सेमी कॉललन से तो ये एक सी
- 5:24:13लैंग्वेज में लेवल का एक तरीका
- 5:24:15यानी कि हर लैंग्वेज में
- 5:24:17[गला साफ़ करने की आवाज़] ऐसा नहीं होता।
- 5:24:18ठीक है? तो आपने एक लेबल दे दिया कि भाई
- 5:24:19गो टू प्रिंट। अब भाई प्रिंट पे जाएगा
- 5:24:21मतलब ये जंप करेगा। यानी लेबल का मतलब ये
- 5:24:23होता है कि प्रोग्राम के किसी भी हिस्से
- 5:24:25से आप किसी भी स्टेटमेंट पे जंप कर सकते
- 5:24:27हो। ठीक है? तो हर लैंग्वेज में लेबल देने
- 5:24:30का तरीका डिफरेंट होता है। तो इसलिए यहां
- 5:24:32पर देखो न्यूमेरिक में भी हो सकता है। ठीक
- 5:24:34है? यहां पर देखो हमने करक्टर्स पे दिया
- 5:24:36हुआ है और अगर हम बेसिक की बात करें जीW
- 5:24:38बेसिक जैसे अभी अपकमिंग एमसीक्यूस हमें
- 5:24:41मिलेंगे तो वहां पे हम गो टू 20 लाइन
- 5:24:44नंबर्स के हिसाब से दे देते हैं मतलब नंबर
- 5:24:45भी हो सकता है लैंग्वेज तो एनी ऑफ़ अबव हो
- 5:24:48सकता है ये मतलब है कहने का। ठीक है? मतलब
- 5:24:50कोई इसमें यानी डिपेंड कर रहा है लैंग्वेज
- 5:24:52पे कि किस लैंग्वेज में हम काम कर रहे
- 5:24:54हैं।
- 5:24:56उसके बाद नेक्स्ट देखें कि वेदर अ
- 5:24:58पर्टिकुलर कंप्यूटर लैंग्वेज कैन बी
- 5:25:00इंप्लीमेंटेड ऑन अ कंप्यूटर मे डिपेंड
- 5:25:02अपॉन द तो जब भी हम लैंग्वेज की बात करते
- 5:25:05हैं तो उसका इनसार किस पर होता है? ठीक
- 5:25:07है? मतलब डिपेंडेंट। यानी अगर हम किसी भी
- 5:25:10लैंग्वेज को इंप्लीमेंट कर रहे हैं आसान
- 5:25:11लफ्जों में तो क्या वो काइंड ऑफ इनपुट
- 5:25:14आउटपुट डिवाइस यूज बाय द कंप्यूटर तो हम
- 5:25:17उसी हिसाब से इनपुट आउटपुट डिवाइसेस का
- 5:25:18इस्तेमाल करते हैं। ऐसा कुछ नहीं है। ठीक
- 5:25:20है? किसी भी लैंग्वेज में हो आप कोई भी
- 5:25:22इनपुट और आउटपुट डिवाइस का इस्तेमाल कर
- 5:25:23सकते हो। भाई कोई रिस्ट्रिक्शन नहीं होती
- 5:25:25है। ठीक है? मेक ऑफ द कंप्यूटर कंप्यूटर
- 5:25:28को डिज़ाइन करने की भी बात नहीं करता
- 5:25:29क्योंकि इसका ताल्लुक हमारी इंस्ट्रक्शन
- 5:25:31से होता है। ठीक है? और टाइप ऑफ़ सेकेंडरी
- 5:25:33स्टोरेज डिवाइसेस इट यूज़ज़। और इसमें यह भी
- 5:25:36ऐसी बात नहीं है कि आप किस डिवाइस
- 5:25:38सेकेंडरी स्टोरेज का इस्तेमाल करोगे। तो
- 5:25:40लिहाजा ये तीनों ऑप्शन जो है सूटेबल नहीं
- 5:25:42है। तो लिहाजा नन ऑफ़ दीज़ इज़ द राइट आंसर।
- 5:25:46ठीक है? तो इसमें से कोई भी ऑप्शन जो है
- 5:25:48हमें सूट नहीं कर रहा।
- 5:25:51उसके बाद देखिए नेक्स्ट ऑब्जेक्ट
- 5:25:52प्रोग्राम इज़ इन। ये अगर आप C या C++,
- 5:25:56Python ठीक है? आप इस पे काम कर रहे हैं
- 5:25:59तो हम देख रहे हैं कि जब भी हम हाई लेवल
- 5:26:02लैंग्वेजज़ पे बात करते हैं तो हाई लेवल
- 5:26:03लैंग्वेजज़ क्या होती इंग्लिश ओरिएंटेड है।
- 5:26:05ओके? ऑल हाई लेवल लैंग्वेजज़। ये आपको एक
- 5:26:08बात ध्यान रखनी है। ये नोट करके आपने रखना
- 5:26:11है कि ऑल हाई लेवल लैंग्वेज ये मैं शॉर्ट
- 5:26:14में लिख रहा हूं। एचएलएल ठीक है? हाई लेवल
- 5:26:15लैंग्वेज। ऑल हाई लेवल लैंग्वेजज़ आर
- 5:26:20इंग्लिश ओरिएंटेड।
- 5:26:28ठीक है? इंग्लिश ओरिएंटेड क्यों के इसमें
- 5:26:30हम जो स्टेटमेंट्स और फंक्शनंस देखते हैं
- 5:26:33वो सब क्या है? इंग्लिश फॉर्म में होते
- 5:26:34हैं। ठीक है? जैसे आप C लैंग्वेज से
- 5:26:37अवेयरनेस आपको है। ठीक है? आप उस पे काम
- 5:26:38कर रहे हो या C++ में या Python में तो आप
- 5:26:41उसमें देख रहे हो कि जितने भी कीवर्ड्स
- 5:26:42हैं और हम जो प्रोग्रामिंग करते हैं तो वो
- 5:26:44इंग्लिश में ही होते हैं। इंग्लिश लाइक
- 5:26:45होते हैं। तो इंग्लिश एक एक ह्यूमन क्लज़
- 5:26:48है। मतलब ह्यूमन रीडेबल भी है और फ्रेंडली
- 5:26:51भी है। ठीक है? तो उस सेंस में। तो लिहाजा
- 5:26:54ऑब्जेक्ट अब इसमें होता यूं है कि जैसे C
- 5:26:56लैंग्वेज कोई एग्जांपल ले लेते हैं कि C
- 5:26:58लैंग्वेज में जब आप एक प्रोग्राम टाइप
- 5:27:00करते हो तो एक्चुअली वो एक इंग्लिश
- 5:27:01ओरिएंटेड होता है और वो एक सोर्स
- 5:27:04प्रोग्राम कहलाता है। मतलब एक इंग्लिश
- 5:27:06ओरिएंटेड होता है। सोर्स प्रोग्राम कहेंगे
- 5:27:07उसको हम लेकिन अब जाहिर है कि कंप्यूटर
- 5:27:10अंडरस्टैंड्स इन 00101 तो बकायदा उसको हम
- 5:27:12क्या करते हैं? कंपाइल करते हैं। अब वो
- 5:27:14कंपाइलेशन के प्रोसेस में जाता है तो
- 5:27:16बकायदा वो क्या होता है? एक उसका उसकी एक
- 5:27:18अनदर फाइल जो है वो क्रिएट होती है जिसको
- 5:27:21हम कहते हैं ऑब्जेक्ट कोड। क्या कहते हैं?
- 5:27:23और ऑब्जेक्ट कोड जब में जाता है तो उसमें
- 5:27:25वो 01 में कन्वर्ट हो जाता है। तो इसका
- 5:27:28राइट आंसर क्या है? ऑब्जेक्ट प्रोग्राम इज
- 5:27:30इन इसमें होगा जी असेंबली में हो नहीं
- 5:27:32सकता। तो मशीन लैंग्वेज या बाइनरी
- 5:27:34लैंग्वेज एक ही बात है। ठीक है? तो
- 5:27:36ऑब्जेक्ट प्रोग्राम जो है बेसिकली मशीन
- 5:27:38लैंग्वेज में होता है। मतलब ज़ीरो फॉर्म
- 5:27:41है। ये है इसका मतलब।
- 5:27:43अगर सोर्स कोड होता यहां पे लिखा होता कि
- 5:27:46सोर्स प्रोग्राम या सोर्स कोड इज़ इन तो हम
- 5:27:48क्या कह रहे होते? अलव लैंग्वेज। ठीक है?
- 5:27:52उम्मीद है बात समझ में आ गई होगी आपको।
- 5:27:56अब नेक्स्ट देखते हैं।
- 5:27:59कंपाइलर कैन डायग्नोस। अच्छा जी अब आ गया
- 5:28:02बिल्कुल लैंग्वेज ट्रांसलेट पर अब बात हो
- 5:28:04रही है। लैंग्वेज
- 5:28:08ट्रांसलेटर।
- 5:28:12अब लैंग्वेज ट्रांसलेट प्रोग्राम यू नो
- 5:28:14इनका मेन [गला साफ़ करने की आवाज़] मकसद
- 5:28:15क्या होता है? लैंग्वेज ट्रांसलेटर्स का
- 5:28:17प्रोग्राम इस प्रोग्राम का जो मकसद है वो
- 5:28:19क्या है? कि सोर्स कोड को
- 5:28:22सोर्स कोड कन्वर्ट
- 5:28:27टू ऑब्जेक्ट कोड। ये मेन ऑब्जेक्टिव है।
- 5:28:32या और अगर इसको आसान कर दें कि हाई लेवल
- 5:28:34लैंग्वेज प्रोग्राम कन्वर्ट
- 5:28:36[गला साफ़ करने की आवाज़] इंटू लो लेवल
- 5:28:37लैंग्वेज। मतलब एक मशीन लैंग्वेज में आ
- 5:28:39जाए या मशीन अंडरस्टैंडेबल हो जाए। हाई
- 5:28:42लेवल लैंग्वेज क्या होती हैं? वो ह्यूमन
- 5:28:44रीडेबल होती हैं और लो लेवल जो होती है
- 5:28:46मशीन रीडेबल होती हैं। यानी इस तरह से
- 5:28:48मतलब जिस अंदाज से और जो भी एक कांसेप्ट
- 5:28:52हो उस लेवल पे आप उसका स्टैंडर्ड रख के
- 5:28:54समझ सकते हो। बस ये है कि कांसेप्ट ठीक
- 5:28:58हो। अच्छा जी। अब यहां पर देखो कंपाइलर जो
- 5:29:01है एक लैंग्वेज ट्रांसलेटर है। ठीक है? और
- 5:29:03कंपाइलर बेसिकली क्या करता है? कंपाइलेशन
- 5:29:05बेसिकली जितने भी कोई भी लैंग्वेज है चाहे
- 5:29:08वो आप Python पे हो, C, C++ ठीक है? या
- 5:29:11जावा वगैरह जिस पे भी काम कर रहे हो तो हर
- 5:29:13लैंग्वेज के यू नो के अपने-अपने सेट ऑफ़
- 5:29:15रूल्स होते हैं। मतलब उस पे काम करने के
- 5:29:17तरीके होते हैं। यार इसको मैं यूं बताऊं
- 5:29:19ना अगर कि भ एक जनरली आमतौर पे जैसे हम
- 5:29:22लैंग्वेजज़ बात करते हैं उर्दू है,
- 5:29:23इंग्लिश, जैपनीज़, चाइनीज़ वगैरह। ठीक है?
- 5:29:26तो यार ये लैंग्वेज है और हर लैंग्वेज यू
- 5:29:28नो के हर लैंग्वेज का अपना एक तरीकाकार
- 5:29:30है। उसके बोलने का तरीका है। अब जैसे
- 5:29:32उर्दू की बात करें उर्दू में अगर हम छोटी
- 5:29:35उम्र के बच्चे हैं तो उसको हम तू भी कह
- 5:29:37सकते हैं। तुम भी कह सकते हैं। बड़ों को
- 5:29:39हम आप करके पुकार रहे होते हैं। तो ये एक
- 5:29:41उर्दू है। लेकिन इंग्लिश में आप गौर करें
- 5:29:43चाहे वो छोटा या बड़ा हम क्या कहते हैं?
- 5:29:45यू ही कहेंगे हम उसको। ठीक है? तो मतलब ये
- 5:29:47एक इंग्लिश लैंग्वेज का एक तरीकाकार है।
- 5:29:49ठीक है? सिंगुलर प्लुरल का भी फर्क। ये
- 5:29:51सारी चीज़ है। तो ये उसके सेट ऑफ़ रूल्स हो
- 5:29:54गए। इसी तरह कंप्यूटर की लैंग्वेज की बात
- 5:29:56करते हैं तो कंप्यूटर लैंग्वेज में भी काम
- 5:29:58करने के सेट ऑफ रूल्स हैं। यानी जो
- 5:30:01तरीकाकार C लैंग्वेज में काम करने का है
- 5:30:03तो वो जरूरी नहीं कि आप उसको एग्जैक्टली
- 5:30:05आप C++ में भी कर रहे हो या फिर उसको हम
- 5:30:08फॉलो अप कर रहे हैं Python में। नो। ठीक
- 5:30:10है? हर लैंग्वेज का अपना-अपना सेट ऑफ रूल
- 5:30:12है। अच्छा अब ये जो मैंने इतनी डिटेल दी
- 5:30:14है उसका मकसद यही तो है कि कंपाइलर जो
- 5:30:17होता है अब ये देख रहा है कि भाई किस
- 5:30:21लैंग्वेज में काम हो रहा है। अब अगर फर्ज
- 5:30:23कर लो C लैंग्वेज की बात करते हैं तो C
- 5:30:25लैंग्वेज में अगर मुझे
- 5:30:28आउटपुट
- 5:30:30किसी भी प्रोग्राम का आउटपुट चाहिए तो मैं
- 5:30:33एक रिजर्व वर्ड यूज़ करता हूं वो है
- 5:30:36प्रिंटf। अब ये प्रिंटf को रिप्रेजेंट
- 5:30:39करने का एक तरीका यह है। मतलब सी लैंग्वेज
- 5:30:42में हम इसको लोअर केस में और ये इसकी एक
- 5:30:44फॉर्म है। लेकिन आपने इसको यूं दे दिया
- 5:30:48यानी अपर केस में यानी सी लैंग्वेज में
- 5:30:50रहते हुए। तो भाई ये अब क्या हो गया? अब
- 5:30:52ये सेट ऑफ़ रूल्स के अगेंस्ट जा रहे हो। तो
- 5:30:54अब ये कौन पकड़ेगा? ये इसको पकड़ेगा
- 5:30:56कंपाइलर। ठीक है? कंपाइलर फॉर इसको
- 5:30:58एग्जैक्टली जो है जज करेगा कि हां यार
- 5:31:00तुमने सी लैंग्वेज में हो और सी लैंग्वेज
- 5:31:02में प्रिंट एफ को इस तरह डिस्प्ले नहीं
- 5:31:04करते। तो दिस इज़ सिंटेक्स एरर। ओके? और
- 5:31:08यहां पर राइट आपको शायद ऑप्शन मिल गया
- 5:31:10होगा कि ग्रामेटिकल एरर्स ने कहा है। तो
- 5:31:12ग्रामेटिकल एरर्स का मतलब यहां पर यही है
- 5:31:14कि सिंटेक्सिस कि जब हम ग्रामेटिकल का
- 5:31:17मतलब यही होता है ना कि जब आप किसी
- 5:31:18लैंग्वेज में ग्रामेटिकल मिस्टेक करते हो
- 5:31:21तो पकड़ी जाती है। तो इसी तरह यानी इंसान
- 5:31:23जो ह्यूमन बीइंग जो है उसको देखता है जो
- 5:31:25जानता है। मतलब एक ऐसा शख्स जो कि इंग्लिश
- 5:31:27को जानता है और आप उसके सामने इंग्लिश बोल
- 5:31:29रहे हो और आप ग्रामेटिकल मिस्टेक कर रहे
- 5:31:31हो तो फ़ौरन आपको टोकेगा कि भाई आप यहां पे
- 5:31:33मिस्टेक कर रहे हो। तो इसी तरह कंप्यूटर
- 5:31:35के अंदर जितनी भी लैंग्वेज हैं अगर उसमें
- 5:31:37आप सेट ऑफ रूल्स के अगेंस्ट जाओगे तो फिर
- 5:31:39वो कौन पकड़ेगा? ह्यूमन बीइंग नहीं बल्कि
- 5:31:41कंपाइलर मतलब लैंग्वेज ट्रांसलेटर है जो
- 5:31:43कि उसको फौरन पकड़ करेगा। तो लिहाजा इसका
- 5:31:46राइट आंसर जो है वो ग्रामेटिकल एरर्स
- 5:31:49ओनली। लॉजिकल एरर्स बेसिकली आगे हम बात
- 5:31:52करेंगे इसलिए मैं रुक गया। इसको नहीं
- 5:31:54बताया कि लेकिन लॉजिकल एरर जो है वो एरर
- 5:31:57है कि जो कि कंप्यूटर मशीन तो इसको
- 5:31:59डिटेक्ट नहीं कर सकती बल्कि इसको ह्यूमन
- 5:32:01बीइंग ही इसको डिटेक्ट करता है। कैसे करता
- 5:32:03है इसको हम आगे बात करेंगे। इसलिए ये बी
- 5:32:06नहीं हो सकता। सी ऑप्शन भी नहीं हो सकता
- 5:32:09क्योंकि ग्रामेटिकल एज वेल ऐज़ लॉजिकल एरर।
- 5:32:11तो ये दोनों काम तो हो नहीं सकते भाई। ठीक
- 5:32:13है? और डी क्या कह रहा है कि आइदर
- 5:32:16ग्रामेटिकल नॉर लॉजिकल एरर। तो मतलब ये एक
- 5:32:19तरह से या तो ये या तो वो तो ऐसा तो नहीं
- 5:32:21है। ठीक है? तो इसके अंदर भी मिसकंसेप्शन
- 5:32:23है। तो राइट आंसर इसलिए ये है कि कंपाइलर
- 5:32:26सिर्फ और सिर्फ ग्रामेटिकल या सेट ऑफ़
- 5:32:29रूल्स के अगेंस्ट जाओगे तो उसको वो डिडक्ट
- 5:32:31करता है।
- 5:32:33उम्मीद है कि आपको ये बात समझ में आई
- 5:32:34होगी। ठीक है?
- 5:32:41नेक्स्ट देख लेते हैं। अ कंप्यूटर
- 5:32:43प्रोग्राम रिटन इन अ हाई लेवल लैंग्वेज इज
- 5:32:45कॉल्ड अ गाइस इसका जवाब हम दे चुके हैं।
- 5:32:49अभी आपने थोड़ी देर पहले अगर लेक्चर गौर
- 5:32:51से सुना हो तो मैं इसका जवाब दे ही चुका
- 5:32:53हूं कि जब भी हम प्रोग्राम टाइप करते हैं
- 5:32:55तो वो जो फॉर्म होती है किसी भी लैंग्वेज
- 5:32:58में जैसे C या C++ Python तो वो एक जो इस
- 5:33:01पे आप टाइप करते हो वो एक एडिट सोर्स कोड
- 5:33:03होता है। क्या होता है? क्योंकि इंग्लिश
- 5:33:05में होता है। ठीक है? तो इसलिए लिहाजा
- 5:33:07इसका आंसर है हमारे पास सोर्स प्रोग्राम।
- 5:33:11ठीक है जी। बाकी आप समझ रहे हो ऑब्जेक्ट
- 5:33:13प्रोग्राम क्या है? मशीन लैंग्वेज हम बात
- 5:33:14कर चुके हैं। बाइनरी में होता है। नन ऑफ़
- 5:33:16अबव हो नहीं सकता।
- 5:33:19उसके बाद देखेंगे नेक्स्ट टू द फर्स्ट
- 5:33:21इंग्लिश लाइक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज वाज़।
- 5:33:24अभी मैंने कोबोल के हवाले से बात की थी ना
- 5:33:26कि कोबोल एक कंसीडर की जाती है पहली एक
- 5:33:29स्टैंडर्ड
- 5:33:31इंग्लिश लाइक लैंग्वेज। और ट्रांस जो है
- 5:33:33याद रखना है इस सिलसिले में। फर्ट्र इसमें
- 5:33:35है भी नहीं खैर ऑप्शन में लेकिन फर्ट्रान
- 5:33:38जो थी वो पहली हाई लेवल लैंग्वेज है लेकिन
- 5:33:40वो एग्जैक्टली इंग्लिश मैरिट में नहीं थी
- 5:33:42क्योंकि वो एक बड़ी स्पेसिफिक लैंग्वेज है
- 5:33:44जो कि फार्मूलाज़ और साइंटिफिक कैलकुलेशंस
- 5:33:46को मेजर करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
- 5:33:48ठीक है? तो लिहाज़ा पहली जो एक स्टैंडर्ड
- 5:33:50और इंग्लिश लाइक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज
- 5:33:52कहा जाता है वो कुबोल को ही कहा जाता है।
- 5:33:54क्यों? कि इसके अंदर जो कीवर्ड्स का
- 5:33:57इस्तेमाल होता है किया गया तो वो एक बड़ी
- 5:34:00सिंपल इंग्लिश में हम इसको बयान करते हैं।
- 5:34:02जैसे कि फर्ज किया मुझे अगर आउटपुट देना
- 5:34:04है तो मैं इसके अंदर मौजूद है डिस्प्ले।
- 5:34:07ठीक है? डिस्प्ले ओके एंड एबीसी फॉर
- 5:34:11एग्जांपल। तो अभी ये देखो डिस्प्ले एक
- 5:34:13कॉमन इंग्लिश वर्ड है। इस तरह से इसके
- 5:34:16अंदर काम के आ रहा होता है।
- 5:34:20डिबे एक डेटाबेस सॉफ्टवेयर है। ठीक है? और
- 5:34:23बेसिक भी इंग्लिश लाइक और पास्कल भी है।
- 5:34:26लेकिन अभी बात हो रही है कि पहली फर्स्ट
- 5:34:27एवर क्या है जो कि इसमें मेंशन नहीं है
- 5:34:30लेकिन हम आपको बता रहे हैं। ठीक है? वाज़
- 5:34:32है ना इसलिए
- 5:34:34अब आते हैं नेक्स्ट पे। व्हिच ऑफ़ द
- 5:34:36फॉलोइंग इज़ नॉट अ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज?
- 5:34:37इनमें से कौन सी ये प्रोग्रामिंग लैंग्वेज
- 5:34:39नहीं है। ठीक है? तो जाहिर है कि इन सब
- 5:34:42में ये फोर्थ हो गया। एड C ये सारी
- 5:34:44लैंग्वेज है एक्सेप्ट िक्स। िक्स बिकॉज़
- 5:34:47िक्स क्या है? जी ये एक ऑपरेटिंग सिस्टम
- 5:34:50है यू नो
- 5:34:52और इस पे हमने बात की थी इट इज़ अ ऑपरेटिंग
- 5:34:54सिस्टम ये एक मल्टी यूजर मल्टी
- 5:34:56प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम है भाई
- 5:35:00मल्टी यूजर एंड
- 5:35:04मल्टी प्रोग्रामिंग
- 5:35:11ऑपरेटिंग सिस्टम है तो इसलिए राइट वन िक्स
- 5:35:15है यानी बाकी सब लैंग्वेज है
- 5:35:22यह जी बेटा तो यह इस तरह से मतलब िक्स जो
- 5:35:27है वो बेसिकली इट इज़ नॉट अ लैंग्वेज और ये
- 5:35:29एक बड़ा ही पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम है। तो
- 5:35:32इसके बारे में हमने बात की थी और मज़द आगे
- 5:35:34देखेंगे इंशाल्लाह। लेकिन मैंने आपको कुछ
- 5:35:36बता भी दिया। इट इज़ अ मल्टी यूज़र एंड
- 5:35:40मल्टी प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम। और
- 5:35:43इसके बारे में एक चीज और मैं बताना
- 5:35:44चाहूंगा कि यूनिक्स जो है वह पहले तो
- 5:35:47सीएलआई बेस्ड था लेकिन अब यह एनहांस हो
- 5:35:49गया है। जीयूआई हो गया है। मतलब ग्राफिकल
- 5:35:52यूजर इंटरफ़ेस हो गया। ठीक है? इस पे अभी
- 5:35:55एमसीक्यूस आएंगे तो उस पे मज़द डिटेल में
- 5:35:57बात करेंगे अपकमिंग।
- 5:36:00अच्छा जी। नेक्स्ट देखते हैं। द लैंग्वेज
- 5:36:03जनरली यूज़ फॉर साइंटिफिक इंजीनियरिंग एंड
- 5:36:06मैथमेटिकल एप्लीकेशनेशंस। और यह भी मैं एक
- 5:36:09तरह से बात कर चुका हूं कि इसमें जितनी भी
- 5:36:11लैंग्वेज हैं जैसे बेसिक कुबूल बेसिक तो
- 5:36:14एक जनरल बिगिनर्स लैंग्वेज है। ओके कुबोल
- 5:36:17हम बात कर चुके हैं बिज़नेस जितने भी
- 5:36:19मामलात है या बिज़नेस एप्लीकेशन है या
- 5:36:21लैंग्वेज है और पास्कर जो एक स्ट्रक्चर है
- 5:36:23और फर्ट्रान जो है इस सिलसिले में एक
- 5:36:26इंजीनियरिंग और मैथमेटिकल पर्पस के लिए
- 5:36:28इस्तेमाल होती है और फर्ट्रान का फुल
- 5:36:30फॉर्म जो है यह भी आपको याद रखना है
- 5:36:32फार्मूला ट्रांसलेट
- 5:36:36फार्मूला
- 5:36:39ट्रांसलेशन। ठीक है?
- 5:36:43फुल फॉर्म भी दिए जा सकते हैं। इसलिए आपको
- 5:36:46याद रखना है। बेसिक पे अभी हम बात करते
- 5:36:48हैं इसका भी फुल फॉर्म आगे जाके। ठीक है?
- 5:36:52इसी तरह नेक्स्ट देखें। बड़ा अच्छा है। एक
- 5:36:55जनरल इन्होंने मतलब यह एक जनरल स्टेटमेंट
- 5:36:59है। एक आपसे
- 5:37:02देखा जा रहा है कि भ आप कितने ज़हीन हो और
- 5:37:04सीएस के स्टूडेंट की हैसियत से आप किस तरह
- 5:37:08इस चीज को देखते हो। ठीक है? ये एमसीक्यू
- 5:37:10के हवाले से बात हुई। जैसे लिखा हुआ है कि
- 5:37:12ईगोलेस प्रोग्रामिंग मींस दैट अब ईगोलेस
- 5:37:15यू नो कि ईगोलेस का मतलब क्या है? कि कोई
- 5:37:18आपके अंदर
- 5:37:20अगर मैं यूं कहूं यानी इसको बात को अगर
- 5:37:22मैं कंपाइल करूं तो बेटा याद रखो कल को आप
- 5:37:24प्रैक्टिकली प्रोफेशनल लेवल पे जाओगे तो
- 5:37:27एक चीज जो है बड़ी जबरदस्त है एक होता है
- 5:37:30वर्ड आई ठीक है ना और एक है जी वी
- 5:37:35सही है ना थोड़ी सी हट के बात हो रही है
- 5:37:37लेकिन इसको मैं कनेक्ट कर रहा हूं कि आई
- 5:37:39जैसे कहते हैं ना मैं अगर आपके अंदर मैं
- 5:37:42है तो आप कभी भी अपने आप को आगे नहीं बढ़ा
- 5:37:45सकोगे। ठीक है? अगर आप एक किसी इदारे से
- 5:37:48जुड़ गए हो ना तो ये बड़ी एक टैक्टिक्स
- 5:37:50मैं बात कर रहा हूं टेक्निकल और कामयाबी
- 5:37:52का एक राज भी कह सकते हो आप इसको कि अगर
- 5:37:55आपके अंदर आई एटीट्यूड है तो मेरा ख्याल
- 5:37:58है ये थोड़ा सा ये आपके लिए नेगेटिव होता
- 5:38:00जाएगा सही है लेकिन अगर आप वी एटीट्यूड को
- 5:38:04अपनाएंगे यानी वी का मतलब है कि हां
- 5:38:06जिसमें आपकी शख्सियत जो होती है वो भी
- 5:38:09इनवॉल्व रहती है और यानी पर्टिकुलर नहीं
- 5:38:11होता कि सिर्फ मैं ही बल्कि वी का मतलब है
- 5:38:13हम एक साथ मिलकर एक काम कर रहे हैं। अगर
- 5:38:16आपने कोई प्रोजेक्ट है तो अगर आप उस पे
- 5:38:18काम कर रहे हो तो अगर आप यह कहते हो कि
- 5:38:20नहीं यार यह हम सब ने मिलके किया है तो
- 5:38:21मेरा ख्याल है इसके अंदर एक अच्छा जेस्चर
- 5:38:23जा रहा है और एक पॉजिटिव वेज़ आ रही है।
- 5:38:25ठीक है ना? ऐसा ही है ना? तो ये तो एक
- 5:38:27जनरल बात हो गई। लेकिन एक बहुत ही
- 5:38:31इंपॉर्टेंट बात जिस तरह हर काम में एथिक्स
- 5:38:34होते हैं ना। हर चीज के कुछ एथिक्स होते
- 5:38:36हैं। इसमें कंप्यूटर के भी एथिक्स होते
- 5:38:38हैं। तो ये चीज एक्चुअली एथिक्स में आती
- 5:38:40है। कंप्यूटर प्रोफेशनल एथिक्स की बात कर
- 5:38:42रहा है बेसिकली कि प्रोफेशनल एथिक्स क्या
- 5:38:45है कि आपके अंदर इगुलस प्रोग्रामिंग मींस
- 5:38:48दैट कि आपके अंदर वो मैं का एक जज्बा ना
- 5:38:51हो बल्कि एक टीम वर्क का एक जज्बा हो। तो
- 5:38:54इसमें आप देखें द प्रोग्राम ए ऑप्शन में
- 5:38:56कि द प्रोग्राम्स आर नॉट द प्रॉपर्टी ऑफ़ अ
- 5:38:59सिंगल प्रोग्रामर। ठीक है? बात तो यहीं पे
- 5:39:01खत्म हो जाती है कि ए ऑप्शन ही दुरुस्त है
- 5:39:04क्योंकि प्रोग्राम्स जो है वो किसी भी
- 5:39:07यानी कि एक सिंगल प्रोग्रामर की प्रॉपर्टी
- 5:39:09नहीं होती है। आप किस जब सॉफ्टवेयर
- 5:39:10डेवलपमेंट पे काम करते हो सॉफ्टवेयर पे
- 5:39:12काम करते हो तो अगर तुमने ये समझ लिया कि
- 5:39:15भ सिर्फ और सिर्फ इसमें मैंने ही काम किया
- 5:39:17है तो मेरा ख्याल है कि ये एक बड़ी एक
- 5:39:18सेंसलेस सी बात है। तो लिहाजा ए ऑप्शन जो
- 5:39:21है दुरुस्त है। बाकी भी देख लेते हैं। बी
- 5:39:23में देखिए कह रहा है प्रोग्राम्स आर रिटन
- 5:39:25बाय आवर प्रोग्रामर्स हु हैज़ नो नो ईगो।
- 5:39:28ठीक है? ये ईगो है। ठीक है? बेसिकली
- 5:39:35ठीक है ना? तो ये बेसिकली
- 5:39:39ईगो। ठीक है?
- 5:39:42इसको हम इस तरह देख सकते हैं।
- 5:39:48रिटन बाय अ प्रोग्रामर। ओके? हु हैज़ नो
- 5:39:51ईगो। अब यहां पर प्रोग्राम्स जो है वो
- 5:39:54लिखे जा रहे हैं। लेकिन उसमें ईगो ना हो।
- 5:39:56लेकिन सी में देखें ऑल द प्रोग्राम्स आर
- 5:39:59रिटन बाय अ सिंगल प्रोग्रामर यह हो नहीं
- 5:40:01सकता और डी द प्रोग्राम्स आर नॉट कॉपी
- 5:40:03प्रोटेक्टेड सही है और ये भी जाहिर है कि
- 5:40:06एक बात बिल्कुल सेंस सेंसिबल नहीं लग रही
- 5:40:10ठीक है तो लिहाजा जो बेस्ट आंसर है
- 5:40:13हालांकि बी को भी अगर आप गौर करें तो
- 5:40:15प्रोग्राम्स आर रिटेन ओके बाय अ
- 5:40:18प्रोग्रामर हु हैज़ नो ईगो तो इसमें मान
- 5:40:21लिया कि ईगो का वर्ड आ रहा है कि उसके
- 5:40:23अंदर ईगो नहीं है लेकिन एक एलिमेंट जर्न
- 5:40:25के हिसाब सिर्फ वही उस प्रोग्राम पे काम
- 5:40:28कर रहा है। तो इसलिए थोड़ा सा वीक हो रहा
- 5:40:29है। लेकिन ए पे अगर आप गौर करें द
- 5:40:31प्रोग्राम्स आर नॉट द प्रॉपर्टी ऑफ़ अ
- 5:40:34सिंगल प्रोग्रामर। तो यह बिलकुल एक क्लियर
- 5:40:36कर रहा है कि भाई जो प्रोग्राम है वह किसी
- 5:40:37एक फर्दे वाहिद को क्रेडिट नहीं जा रहा
- 5:40:40होता बल्कि पूरा एक टीम वर्क होता है।
- 5:40:42आपको याद होगा आपने सी लैंग्वेज सेकंड ईयर
- 5:40:44में आपने पढ़ा होगा प्रॉब्लम सॉल्विंग
- 5:40:47टूल्स यानी मतलब स्टेजेस होते हैं ना
- 5:40:49एसडीएलसी जिसे हम कहते हैं कल अभी हमने
- 5:40:51बात की अपकमिंग पिछले उसमें कि सिस्टम
- 5:40:55सॉरी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल के
- 5:40:57अंदर तो पूरा एक टीम वर्क होता है। तो
- 5:41:00इसलिए ए ऑप्शन इज़ द राइट वन। उम्मीद है
- 5:41:02आपको ये बात समझ में आ गई होगी।
- 5:41:07उसके बाद नेक्स्ट देखते हैं। द यूजर कैन
- 5:41:09इंटैक्ट विद द कंपाइलर विद द हेल्प ऑफ
- 5:41:12व्हिच पार्ट ऑफ द कंप्यूटर सिस्टम सीआरटी
- 5:41:16टर्मिनल इंटरप्रेटर सीपीयू मेमोरी। बहुत
- 5:41:19अच्छा एमसीक्यू है भाई। थोड़ा समझने वाला
- 5:41:21है और मे बी कि आपको थोड़ा सा इसके अंदर
- 5:41:23कॉन्फ्लिक्ट हो। लेकिन हम इंशााल्लाह
- 5:41:26समझाते हैं आपको। द यूजर कैन इंटैक्ट विद
- 5:41:29द कंपाइलर। कंपाइलर जब आप कंपाइलर का
- 5:41:32इस्तेमाल करते हो तो जाहिर है कि कंपाइलर
- 5:41:34क्या करता है? उसके जरिए आपको अभी हमने
- 5:41:37बात की कि सेट ऑफ रूल्स के तहत जहां-जहां
- 5:41:40एरर्स होंगे वो आपको शो करेगा। अब सवाल ये
- 5:41:42है कि कहां देखते हो? मतलब उस चीज को आप
- 5:41:45डिस्प्ले करता है ना तो डिस्प्ले होती है
- 5:41:47तो देन आप समझते हो कि हां यार इस
- 5:41:49प्रोग्राम में यहां जहां मिस्टेक्स हैं।
- 5:41:51ठीक है ना? तो इट मींस कि एक मॉनिटर। ठीक
- 5:41:53है? मॉनिटर जो है ये काम कर रहा है। तो
- 5:41:55इसका मतलब है कि सीपीयू जाहिर है
- 5:41:58ऑब्वियसली प्रोसेसिंग तो वहीं पे हो रही
- 5:42:00है लेकिन वो प्रोसेसिंग हो रही है। लेकिन
- 5:42:03आप उसको समझ तो नहीं सकते कि कहां पे हमें
- 5:42:06एरर मिल रहा है। तो डिस्प्ले क्या होगा?
- 5:42:08कह रहा है द यूजर कैन इंटैक्ट। जो
- 5:42:10इंटरेक्शन दे रहा है, इंटरफ़ेस बन रहा है
- 5:42:12वो सीआरटी टर्मिनल भी है, इंटरप्रेटर भी
- 5:42:14है, मेमोरी से भी है। तो, राइट आंसर क्या
- 5:42:16होगा? सीआरटी टर्मिनल। ठीक है? मतलब
- 5:42:19सीआरटी का मतलब यहां पर है मॉनिटर। कि
- 5:42:21मॉनिटर जो एक इंटैक्ट कर रहा है। द यूजर
- 5:42:23कैन इंटैक्ट विद द कंपाइलर विद द हेल्प ऑफ
- 5:42:26वि पार्ट ऑफ द कंप्यूटर सिस्टम। ठीक है?
- 5:42:29इन दिस व्हिच यू कैन अंडरस्टैंड।
- 5:42:33उसके बाद
- 5:42:35113 एन एप्लीकेशन पैकेज इज़ यूज़्ड टू एन
- 5:42:39एप्लीकेशन पैकेज इज़ यूज़्ड टू मीट
- 5:42:41स्पेसिफिक नीड्स ऑफ़ अ यूजर या रन।
- 5:42:44एप्लीकेशन पैकेज का मतलब यह है कि
- 5:42:45एप्लीकेशन जो है बेसिकली यह एंड यूजर
- 5:42:50भी इसको हम कहते हैं। एंड यूजर सॉफ्टवेयर
- 5:42:52भी कहते हैं इसको हम। ठीक है ना? एंड यूजर
- 5:42:56सॉफ्टवेयर भी कहते हैं। तो लिहाजा इसमें
- 5:42:59मीट स्पेसिफिक नीड्स ऑफ़ अ यूजर या रन द
- 5:43:01कंप्यूटर सिस्टम बेटर या रन द कंपाइलर
- 5:43:04स्मूथली या इनेबल ऑपरेटिंग सिस्टम वगह के
- 5:43:07एंड यूज़र से रिलेटेड है। लिहाजा मीट
- 5:43:10स्पेसिफिक नीड्स ऑफ़ अ यूजर। यानी यूजर की
- 5:43:13जो भी एक स्पेसिफिक नीड्स हैं हर
- 5:43:15एप्लीकेशन पैकेज जो है वो एक डेडिकेटेड यू
- 5:43:19कैन से ये डेडिकेटेड सॉफ्टवेयर्स कहलाते
- 5:43:22हैं जिसके अंदर अपने-अपने हिसाब से जैसे
- 5:43:24MS Word हो गया Photoshop हो गया। ठीक है?
- 5:43:26AOP इलस्ट्रेटर हो गया। ये सारे इस तरह के
- 5:43:29और सॉफ्टवेयर्स हैं। हर एक का अपना-अपना
- 5:43:31एक मकसद है जो कि यूजर की नीड्स को पूरा
- 5:43:34कर रहा होता है। ये इसके मीनिंग्स हैं।
- 5:43:39तो ए ऑप्शन इज़ करेक्ट। उसके बाद देखिए
- 5:43:42स्कैनिंग अ फाइल फॉरवर्ड एंड बैकवर्ड्स ऑन
- 5:43:44अ टर्मिनल इज टेक्नोलॉजी इज टेक्निकली
- 5:43:47सॉरी कॉल्ड व्यूइंग एडिटिंग मैपिंग
- 5:43:50स्क्रॉलिंग कह रहा है कि स्कैनिंग अ फाइल
- 5:43:52फॉरवर्ड एंड बैकवर्ड ऑन अ टर्मिनल इज़
- 5:43:55टेक्निकली कॉल्ड तो जाहिर है कि ये हम
- 5:43:57स्क्रॉलिंग की बात कर रहे हैं। ठीक है?
- 5:43:59व्यूंग तो एक देखने को कह रहे हैं। मैपिंग
- 5:44:01एक अलग चीज़ है। ठीक है? एडिटिंग में हम
- 5:44:03एडिटिंग कर रहे होते हैं। तो एक्चुअली
- 5:44:05सिर्फ कह रहा है कि स्कैनिंग। एक स्कैनिंग
- 5:44:07जब होती है तो उसको एक नाम देते हैं और
- 5:44:10उसको हम कहते हैं हम स्क्रॉलिंग। ठीक है?
- 5:44:12ये टेक्निकली इसको नाम दिया गया है।
- 5:44:1615 है द पार्ट ऑफ द कंप्यूटर सिस्टम व्हिच
- 5:44:19परफॉर्म्स इज़ फंक्शन इज़ कॉल्ड। ठीक है?
- 5:44:23द पार्ट ऑफ द कंप्यूटर सिस्टम व्हिच
- 5:44:25परफॉर्म्स
- 5:44:27फंक्शन इज़ कॉल्ड। यानी कि कंप्यूटर सिस्टम
- 5:44:29के अंदर जो जितने भी फंक्शनंस होते हैं,
- 5:44:32वह कौन कंट्रोल कर रहा है? हमने अभी
- 5:44:34प्रीवियस यानी पीछे बहुत एमसीक्यूस थे।
- 5:44:37उसमें हमने पढ़ा था ना कि ऑपरेटिंग सिस्टम
- 5:44:39के हवाले से जब उसके हमने टाइप्स भी देखे
- 5:44:41उसमें एमसीक्यूस थे कि ऑपरेटिंग सिस्टम एक
- 5:44:44ऐसा प्रोग्राम है कंप्यूटर के अंदर जो कि
- 5:44:47लाइक एडमिनिस्ट्रेटर के काम करता है।
- 5:44:52एक एडमिनिस्ट्रेटर का काम करता है भाई। है
- 5:44:55ना? ऑपरेटिंग सिस्टम जस्ट लाइक एक
- 5:44:58एडमिनिस्ट्रेटर का काम करता है। ओके? तो
- 5:45:00इसलिए जितने भी ऑपरेशंस होते हैं कंप्यूटर
- 5:45:02के अंदर। ओके? वो सब कुछ ऑपरेटिंग सिस्टम
- 5:45:05जो है पीछे एक उस सारे सिस्टम को कंट्रोल
- 5:45:08कर रहा होता है। ठीक है? लिहाजा इसमें जो
- 5:45:10राइट आंसर है वो है आपका पास ऑपरेटरिंग
- 5:45:13सिस्टम। ठीक है? अब इंटरप्रेटर की अगर हम
- 5:45:15बात करें कंपाइलर असेंबलर। ठीक है? ये जो
- 5:45:18आपको ऑप्शन नजर आ रहे हैं तो ये इट इज़ अ
- 5:45:21पार्ट ऑफ़ लैंग्वेज ट्रांसलेटर। ठीक है ना?
- 5:45:23इट इज़ अ पार्ट ऑफ़ लैंग्वेज ट्रांसलेट। अब
- 5:45:25लैंग्वेज ट्रांसलेटर भी जाहिर है किसका
- 5:45:27पार्ट है? सिस्टम सॉफ्टवेयर का। ओके? और
- 5:45:29सिस्टम सॉफ्टवेयर का पार्ट हो गया। तो
- 5:45:30इसको भी कौन कंट्रोल करता है? ऑपरेटिंग
- 5:45:32सिस्टम जो है वो इसमें क्या होता है?
- 5:45:36इसमें असिस्ट करता है। तो लिहाजा राइट
- 5:45:38ऑप्शन जो है वो हमारा ऑपरेटिंग सिस्टम है।
- 5:45:40उम्मीद है आपको ये बात समझ में आई होगी।
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- 5:50:11उसके बाद देखते हैं नेक्स्ट कि व्हिच
- 5:50:13अमोंग द फॉलोइंग लैंग्वेजज़ हैज़ सिंटेक्स
- 5:50:15सिमिलर टू इंग्लिश। अब इसमें
- 5:50:18आपके पास बेसिक भी मौजूद है। कुबोल है
- 5:50:20फ़्रॉन। अभी हमने थोड़ी देर पहले इस पे बात
- 5:50:23की थी कि बेसिक भी एक लैंग्वेज है। ठीक
- 5:50:26है? प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। कुबोल है,
- 5:50:27फ़्रॉन है। लेकिन कुबोल जो है इस सिलसिले
- 5:50:29में राइट आंसर इसलिए होगा। दिस इज़ द
- 5:50:32फर्स्ट एवर इंग्लिश लाइक लैंग्वेज। ओके?
- 5:50:34क्योंकि पास्कल हो गई, बेसिक हो गई। ये
- 5:50:36बाद की लैंग्वेजज़ हैं। इसलिए हम कोबोल ये
- 5:50:39कॉमन बिज़नेस ओरिएंटेड लैंग्वेज इसको कहा
- 5:50:42जाता है। और जितने भी बिनेस अफेयर्स हैं
- 5:50:44उसमें हम इसी को ही इस्तेमाल कर रहे होते
- 5:50:46हैं। ठीक है? इस सेंस में हम उसके बाद 117
- 5:50:51देखें। कंपाइलर्स आर जनरली रिटन बाय
- 5:50:54कंप्यूटर मैन्युफैक्चरर, कंप्यूटर यूज़र्स,
- 5:50:56प्रोफेशनल प्रोग्रामर्स या सिस्टम
- 5:50:58एनालिस्ट। तो जाहिर है कंप्यूटर
- 5:51:00मैन्युफैक्चर का ताल्लुक तो इससे नहीं
- 5:51:01होता। उनका ताल्लुक जो है हार्डवेयर
- 5:51:03कंसर्न है। लिहाजा यह तो नहीं हो सकता।
- 5:51:06उसके बाद कंप्यूटर यूज़र्स जो है अब
- 5:51:08कंप्यूटर यूज़र्स यहां पर ये भी सूट नहीं
- 5:51:10कर रहा क्योंकि कंप्यूटर यूज़र्स से मुराद
- 5:51:11क्या है कि एक आम यूजर हो गया जो कि मैं
- 5:51:14हो सकता हूं आप हो सकते हो। ठीक है? तो हम
- 5:51:17भी एक प्रोफेशनल्स पे नहीं आते। कंप्यूटर
- 5:51:20में दो तरह के यूज़र्स होते हैं। एक जनरल
- 5:51:22यूज़ यूजर होते हैं और एक प्रोफेशनल यूजर
- 5:51:24होते हैं। ठीक है ना? जनरल यूजर में मैं
- 5:51:26और आप आ सकते हैं। आते हैं। ठीक है? और
- 5:51:29प्रोफेशनल यूजर जो होते हैं जो एक हाई
- 5:51:32लेवल पे या ऑफिसेस कंपनीज़ वगैरह में एज अ
- 5:51:35एक्सपर्टीज के काम कर रहे होते हैं। तो
- 5:51:37लिहाजा कंपाइलर्स एंड जनरल विथ ये
- 5:51:39प्रोफेशनल प्रोग्रामर्स ही तो होते हैं जो
- 5:51:42के इस पे काम करते हैं। ठीक है? हर कोई तो
- 5:51:45इसको डिजाइन नहीं कर सकता ना। एक बड़े
- 5:51:47एक्सपीरियंस्ड लोग होते हैं और जिन्होंने
- 5:51:49बड़ा सालों साल वक्त दिया होता है और फिर
- 5:51:51वो उस पे काम करते हैं। और सिस्टम एनालिस
- 5:51:53हम कल अपना अभी हमने प्रीवियसली बात की थी
- 5:51:57कि ये एक फील्ड है जो कि पूरे कंपनी के
- 5:52:00किसी भी एक कंप्यूटर सिस्टम और उसकी जो
- 5:52:03डेटा एनालिसिस है उसको देख रहा होता है।
- 5:52:06डेटा की एक फ्लो को और पूरे सिस्टम में
- 5:52:09डेटा बेस्ड सिस्टम को चेक कर रहा होता है।
- 5:52:12यानी के बर्ड्स आई रुकता है। वो सिस्टम
- 5:52:15एनालिस्ट होता है। लिहाजा इसका तो ताल्लुक
- 5:52:17ही नहीं है इससे। लिहाजा राइट आंसर क्या
- 5:52:20है? प्रोफेशनल प्रोग्रामर्स।
- 5:52:26नेक्स्ट देखते हैं व्हाट इज नॉट ट्रू
- 5:52:27अबाउट हाई लेवल लैंग्वेज। इसमें कौन सा है
- 5:52:30जो कि ट्रू नहीं है के जैसे द इंस्ट्रशंस
- 5:52:34आर कोडेड इन बाइनरी नंबर्स या फिर द
- 5:52:38इंस्ट्रक्शन रिेंबल ऑर्डिनरी इंग्लिश
- 5:52:40स्टेटमेंट या सिंबॉलिक नेम्स मे बी यूज्ड
- 5:52:44टू लेवल कंप्यूटर मेमोरी लोकेशन दे आर इजी
- 5:52:47टू लर्न एंड यूज़। व्हाट इज़ नॉट ट्रू अबाउट
- 5:52:50हाई लेवल लैंग्वेज। इसमें जाहिर है कि दे
- 5:52:54आर अगर मैं डी से शुरू करूं तो दे आर इजी
- 5:52:56टू लर्न एंड यूज़। यह तो ट्रू है। जाहिर है
- 5:52:58कि जितनी भी हाई लेवल लैंग्वेज होती हैं
- 5:53:00वो इजी भी होती हैं और इजीली
- 5:53:02अंडरस्टैंडेबल होती हैं। सी को देखें
- 5:53:05सिंबॉलिक नेम्स मे बी यूज़्ड टू लेवल
- 5:53:08कंप्यूटरटर्स मेमोरी लोकेशनेशंस। ठीक है?
- 5:53:11और
- 5:53:14ये सिंबॉलिक मतलब इसका मतलब है कि रिजर्व
- 5:53:16वर्ड्स कीवर्ड वगैरह इसमें इस्तेमाल होते
- 5:53:19हैं जो कि एज अ वेरिएबल की जैसे हम
- 5:53:21इस्तेमाल करते हैं वो भी हम हाई लेवल
- 5:53:22लैंग्वेज में करते हैं। ये भी बात दुरुस्त
- 5:53:24है। द इंस्ट्रक्शन रिेंबल्ड ऑर्डिनरी
- 5:53:26इंग्लिश स्टेटमेंट ये भी बात दुरुस्त है।
- 5:53:27क्योंकि इसमें हम जो भी प्रोग्रामिंग करते
- 5:53:29हैं तो वो इंग्लिश स्टेटमेंट में होती है।
- 5:53:31तो मेरा ख्याल है कि पता लगा कि ए ऑप्शन
- 5:53:33पे आप गौर करें। द इंस्ट्रक्शंस आर कोडेड
- 5:53:35इन बाइनरी नंबर। तो हम इसमें इंस्ट्रक्शन
- 5:53:37जो करते हैं कोडेड वो बाइनरी में करते
- 5:53:39हैं। तो ये बात दुरुस्त नहीं है।
- 5:53:42उम्मीद है आपको ये बात समझ में आई होगी।
- 5:53:45ठीक है?
- 5:53:47उसके बाद देखें 119 अ प्रोग्रामर बाय
- 5:53:50मिस्टेक राइट्स एंड इंस्ट्रक्शंस टू
- 5:53:52डिवाइड इंस्टेड टू मल्टीप्लाई सच एरर कैन
- 5:53:54बी डिडक्टेड बाय कंपाइलर इंटरप्रेटर।
- 5:53:57कंपाइलर और इंटरप्रेटर बोथ। ठीक है? या
- 5:53:59नेदर कंपाइलर ऑ नॉर। मतलब अगर हमने फर्ज
- 5:54:03कर लो इसका मतलब यह है थोड़ी इंग्लिश इसकी
- 5:54:06समझ लो कि प्रोग्रामर बाय मिस्टेक जो है
- 5:54:08वो उसने डिवाइड करना था। ठीक है? डिवाइड
- 5:54:12लिखना था इंस्टेड टू मल्टीप्लाई।
- 5:54:14मल्टीप्लाई की बजाय उसको डिवाइड लिखना था।
- 5:54:16सच एरर कैन बी डिटेक्टेड बाय। तो जाहिर है
- 5:54:20कि ये एक ऐसा एरर है जो कि कंप्यूटर तो
- 5:54:24इसको डिटेक्ट नहीं कर सकता। ठीक है? तो
- 5:54:27नीदर कंपाइलर नॉर इंटरप्रेटर ना ही ये
- 5:54:33कंपाइलर डिटेक्ट कर सकता है और ना ही
- 5:54:36इंटरप्रेटर। अगर आपको ये बात समझ में नहीं
- 5:54:38आई तो जरा मैं इसको थोड़ा और मैं वाज़ करता
- 5:54:41हूं। ठीक है? जैसे फर्ज कर लो
- 5:54:45आप सी लैंग्वेज में प्रोग्राम बना रहे हो।
- 5:54:50आपने इंट
- 5:54:53a = 10 फॉर एग्जांपल और b
- 5:54:57Q सही है
- 5:55:00और आपने इसको करना था डिवाइड।
- 5:55:05अब ये देखो 10 और 2 कि आपने A और B जो है
- 5:55:09इनको आपस में क्या करना था? डिवाइड। लेकिन
- 5:55:13आप प्रोग्राम में क्या कर रहे हो? यानी
- 5:55:14एक्चुअली अगर हम देखें तो हम हमें ये करना
- 5:55:17था। ये ठीक है जी। लेकिन हुआ क्या? अब
- 5:55:22आपने
- 5:55:26जो है वो
- 5:55:33आपने यहां पर मल्टीप्लाई कर दिया। अब
- 5:55:36जाहिर है कि कंप्यूटर प्रोग्राम कंप्यूटर
- 5:55:38जो है वो तो इसको डिटेक्ट मतलब एज अ एरर
- 5:55:41नहीं करेगा ना। यानी कंप्यूटर तो समझ
- 5:55:42जाएगा भाई ठीक है। एक कैलकुलेशन है भाई।
- 5:55:44वो आपकी इंटेंशन तो नहीं जानता ना।
- 5:55:46कंप्यूटर कोई इंटेलिजेंट मशीन तो नहीं है।
- 5:55:48हमने अभी प्रीवियसली एक एमसीक्यू देखा था
- 5:55:51ना कि कंप्यूटर की इंटेलिजेंट मशीन उस
- 5:55:53सेंस में नहीं है। तो हमारी इंटेंशन को तो
- 5:55:54नहीं जानता। अभी कंप्यूटर इतना एडवांस तो
- 5:55:56नहीं हुआ भाई। इतनी इसके अंदर तरक्की तो
- 5:55:58नहीं हुई। तो लिहाज़ा आपने इसको दे दिया पढ़
- 5:56:00का मल्टीप्लाई। तो आपके हिसाब से जो आंसर
- 5:56:03आना चाहिए था। ठीक है? वो फाइव आना चाहिए
- 5:56:05था। लेकिन ये आपको क्या दे रहा है? 20। तो
- 5:56:07आप यहां पर सोचने लग गए यार ये कैसे आ रहा
- 5:56:10है? तो पता लगा कि ये आप देखोगे ना ये
- 5:56:13कंप्यूटर थोड़ी देखेगा। भैया कंपाइलर या
- 5:56:15इंटरप्रेटर थोड़ी इसको जज करेगा। हां, किसी
- 5:56:17किस्म का कोई सिंटेक्स एरर होगा तो तब तो
- 5:56:20हम देखेंगे। जैसे फर्ज किया हमने बीच में
- 5:56:21सेमी कॉललन का यूज़ कर लिया। ठीक है? ये
- 5:56:23यहां पर हमने सेमी कॉललन जो है वो नहीं
- 5:56:27यूज़ किया फॉर एग्जांपल। ठीक है?
- 5:56:30ओके? यहां पर आपने
- 5:56:35यहां पर आपने जो है वो अ सेमी कॉललन का
- 5:56:38इस्तेमाल नहीं किया। मतलब इस तरह के जो
- 5:56:39एरर्स होंगे वो या यहां पे आपने सेमी
- 5:56:41कॉललन यूज़ कर लिया। तो ये तो ऑब्वियसली
- 5:56:44इंटरप्रेटर या फिर कंपाइलर जो इसको
- 5:56:47डिटेक्ट करेगा लेकिन अदरवाइज तो नहीं कर
- 5:56:49सकता ना। क्यों?
- 5:56:51तो इसलिए [नाक से की जाने वाली आवाज़] ये
- 5:56:52आपको समझना है। तो उम्मीद है आपको ये बात
- 5:56:54समझ में आ गई होगी।
- 5:56:57उसके बाद देखिए डिस्प्ले ऑफ़ टेक्स्ट वाइडर
- 5:56:59देन द वीडियो स्क्रीन इज़ अचीव्ड थ्रू। ये
- 5:57:02एक टेक्निकल सा और ये वो चीज़ है जो
- 5:57:05एमसीक्यू है जो कि अमूमन हम देखते हैं
- 5:57:06ऑब्ज़र्व करते हैं। मॉनिटर पे होता यूं है।
- 5:57:08ये फर्ज करो ये मॉनिटर स्क्रीन है। ओके?
- 5:57:11यह मॉनिटर स्क्रीन है। आपने देखा होगा MS
- 5:57:13Word की अगर हम बात करें तो MS Word के
- 5:57:15बॉटम पे एक इस तरह से एरो होता है। मतलब
- 5:57:18एक वर्टिकल स्क्रॉलिंग होती है। है ना? या
- 5:57:22आप स्क्रॉलिंग करते हो पेज अप पेज डाउन जो
- 5:57:24है। ठीक है? वही वर्टिकल है। लेकिन एक
- 5:57:26होती है हॉरिजॉन्टल। स्क्रीन पे अब कुछ
- 5:57:28डेटा आपको नज़र आ रहा है। पेज है। ठीक है?
- 5:57:30लेकिन अभी लाइन आ गई है तो वो छुप रहा है।
- 5:57:32तो अब उसको देखना है तो आप यहां पे इसको
- 5:57:34वर्टिकल सॉरी हॉरिजॉन्टल जो है इस पे
- 5:57:37क्लिक करते हो तो हॉरिजॉन्टल स्क्रॉलिंग
- 5:57:38चल रही है। राइट वर्ड एंड देन लेफ्टवर्ड।
- 5:57:41तो इसका मतलब क्या है? कि यह हॉरिजॉन्टल
- 5:57:43स्कोरिंग की बात कर रहा है। ठीक है?
- 5:57:48वर्टिकल स्कोरिंग का मतलब नहीं क्योंकि
- 5:57:50डिस्प्ले अ टेक्स्ट वाइडर देन द वाइडर है
- 5:57:53ना? ठीक है? ठीक है? वाइडर की बात हो रही
- 5:57:55है तो इसलिए
- 5:58:00तो ये आपको समझ में आ गया होगा। इसी तरह
- 5:58:03121 द कंप्यूटर लैंग्वेज जनरली अनसूटेबल
- 5:58:06फॉर अ प्रोग्रामर इज़। ठीक है? यानी कौन सी
- 5:58:10कंपनी लैंग्वेज है जो कि आमतौर पे
- 5:58:13प्रोग्रामर्स जो उसको यूं कह लो कि भाई
- 5:58:16ड्राई समझते हैं या इतना ज्यादा उसको
- 5:58:18सीखने की वो कोशिश ही नहीं करते या उनके
- 5:58:22लिए सूटेबल नहीं है। लाइक तो ज्यादातर जो
- 5:58:24है वो मशीन लैंग्वेज पर अवॉयड ही करते
- 5:58:27हैं। मतलब प्रोग्रामर्स जो हैं वो
- 5:58:29ज्यादातर हाई लेवल लैंग्वेज को ज्यादातर
- 5:58:30कंसीडर करते हैं। उसकी वजह हम बात कर चुके
- 5:58:33हैं कि यूजर फ्रेंडली भी है, इंग्लिश
- 5:58:35ओरिएंटेड है और मतलब यह नहीं कि एक कोई
- 5:58:38पीस ऑफ केक नहीं है। ऐसे भी नहीं है कि
- 5:58:41बिल्कुल ही कोई मसला नहीं है। मुश्किल तो
- 5:58:43होती है लेकिन कंपेरेटिवली मशीन लैंग्वेज
- 5:58:45के लो लेवल लैंग्वेज के ये इजी होती हैं।
- 5:58:49ठीक है? कंपैरिजन अगर करें हम।
- 5:58:52ठीक है? ये उस सेंस में कह रहा है। इसका
- 5:58:55मतलब ये नहीं है कि हाई लेवल लैंग्वेज जो
- 5:58:56है बड़ी आसानी से आप समझ जाते हो। ऐसा
- 5:58:58नहीं है। ठीक है? इट्स अ गेम ऑफ़ लॉजिक।
- 5:59:01आपको स्ट्रांग लॉजिक्स देनी होती हैं।
- 5:59:04लेकिन कंपैरेटिवली लो लेवल लैंग्वेज के हम
- 5:59:06कह रहे हैं। यह इजी होती है। और इसलिए लो
- 5:59:09लेवल लैंग्वेज को अमूमन प्रोग्रामर जो
- 5:59:11अवॉइड करता है इस पर हाथ डाल लेते हैं।
- 5:59:15लेकिन सीखी जाए तो अच्छी बात है। बीइंग अ
- 5:59:17प्रोग्रामर अगर हम इसको सीखें तो एक अच्छी
- 5:59:20अप्रोच है। अच्छा बेटा अब नेक्स्ट पे
- 5:59:24देखते हैं।
- 5:59:26व्हाट इज़ नॉट ट्रू अबाउट फर्ट्रान? ठीक
- 5:59:28है? ठीक है? अब वोटन के हवाले से बात हो
- 5:59:30रही है कि इनमें से कौन सा है जो कि
- 5:59:32सूटेबल नहीं है। तो एक को अगर आप देखें तो
- 5:59:35इट इज़ यूज़फुल फॉर साइंटिफिक। ये तो बात
- 5:59:36दुरुस्त है। बात कर चुके हैं। ठीक है? और
- 5:59:39इट इज़ लेस सूटेबल फॉर बिज़नेस। जाहिर है
- 5:59:42बिज़नेस पर्पस के लिए इस्तेमाल नहीं होती।
- 5:59:43ये बात भी ट्रू है। और सी में देखें इट इज़
- 5:59:46जनरली नॉट यूज़्ड फॉर बिज़नेस एप्लीकेशन।
- 5:59:47वही बात है तकरीबन। लेकिन डी में अगर आप
- 5:59:49देखें इट इज़ स्टैंड फ्रॉम। मैं आपको बता
- 5:59:51चुका हूं अभी। रूम में कि फ़्रrान मींस
- 5:59:53क्या होता है? फ़ूला ट्रांसलेशन। और जबकि
- 5:59:55यहां पे लिखा हुआ है फ़ूला ट्रांज़िशन।
- 5:59:57इसलिए ये हो गया राइट ऑप्शन उस सेंस में
- 6:00:00कि इट इज नॉट ट्रू। सही है?
- 6:00:04इसमें कोई इतनी डिटेल की जरूरत नहीं थी
- 6:00:06इसलिए।
- 6:00:08अच्छा जी। अब नेक्स्ट देखते हैं। अच्छा अब
- 6:00:11थोड़ा सा ज़हन में रखिएगा हमारा अब जो जितने
- 6:00:14भी एमसीक्यूस हैं। ये एक लैंग्वेज है
- 6:00:17बेसिक। ओके? पहले मैं चाहूंगा कि इन
- 6:00:21एमसीक्यूस को करने से पहले बेसिक को थोड़ा
- 6:00:24सा मैं आपके लिए समझा दूं। वैसे तो जो आन
- 6:00:28बोर्ड के स्टूडेंट्स हैं ओके पसन ठीक है
- 6:00:31और इसी तरह और बोर्ड में बेसिक को पढ़ाया
- 6:00:34भी जाता है मैं आन बोर्ड की अगर बात करूं
- 6:00:37तो उसमें बेसिक को भी पढ़ाया जाता है या
- 6:00:40मेहरान यूनिवर्सिटीज हो गई वहां पर भी
- 6:00:42इसके सिलेबस में ये क्वेश्चंस आ जाते हैं।
- 6:00:46तो क्यों ना इसको पहले हम थोड़ा सा एक
- 6:00:49ग्लस इसको हम देख लें और समझने की कोशिश
- 6:00:52करें। तो बेसिक बेसिकली
- 6:00:56पहली बात तो यह है यह एक हाई लेवल
- 6:00:59लैंग्वेज है। ठीक है? पहला नोट इट इज हाई
- 6:01:03लेवल लैंग्वेज। ठीक है जी?
- 6:01:07और अच्छा बेसिक को सॉरी पहले मुझे ये बता
- 6:01:10देना चाहिए कि ये इसका फुल फॉर्म आपको याद
- 6:01:12रखना बेटा कि बेसिक स्टैंड्स फॉर ये भी
- 6:01:15अमूमन आ जाता है। ठीक है? पहले हम इसको
- 6:01:17देख लेते हैं और फिर वहीं से हम कंटिन्यू
- 6:01:20करते हैं।
- 6:01:24बेसिक यानी स्टैंड फॉर होता है बिगिनर्स
- 6:01:30बिगिनर्स ऑल
- 6:01:33पर्पस
- 6:01:37सिंबॉलिक
- 6:01:41इंस्ट्रक्शन
- 6:01:47कोड
- 6:01:50ठीक है जी पहले तो बेटा आपको समझ लेना है
- 6:01:53इसको याद रखना ठीक है बिगिनर्स ऑल पर्पस
- 6:01:55सिंबॉलिक इंस्ट्रक्शन कोड ज़हन में सवाल
- 6:01:57आया कि सर इसको हम बिगिनर्स ऑल पर्पस
- 6:01:58क्यों कहते हैं बिल्कुल अच्छा सवाल है और
- 6:02:01कई इसमें चीजें समझी जा सकती हैं या कही
- 6:02:04जाती हैं कि असल में अच्छा एक और चीज पहले
- 6:02:09आपको ये भी समझा देता हूं कि बेसिक को
- 6:02:11इंट्रोड्यूस किसने किया तो जॉन कैम कैमनी
- 6:02:14एंड थॉमस कर्ट्स ये दो प्रोफेसर्स हैं।
- 6:02:17ठीक है? जॉन कैमनी
- 6:02:20ये भी आ सकता है। हिस्ट्री के क्वेश्चन
- 6:02:21आते हैं भाई। आपने देखा कि ये भी पूछे जा
- 6:02:24सकते हैं। और थॉमस कर्ट्स प्रोफेसर ये
- 6:02:27दोनों प्रोफेसर्स
- 6:02:29थॉमस कर्ट्स।
- 6:02:31ये दो प्रोफेसर्स हैं। ये इनका कारनामा है
- 6:02:33भाई। ठीक है? इन्होंने 1960 समथिंग कुछ
- 6:02:36बुक्स में 1960 है। बाज़ में 1965 भी है।
- 6:02:39ठीक है? तो दो रीडिंग्स हैं। तो लिहाजा यह
- 6:02:43आपको
- 6:02:50कॉमर्स ठीक है तो ये दो प्रोफेसर
- 6:02:53जिन्होंने इस बेसिक पे काम किया और इसको
- 6:02:55इंट्रोड्यूस किया। ठीक है? पहली बात ये ये
- 6:02:57भी हो गई। यानी इसका फुल फॉर्म भी आ गया।
- 6:03:00ठीक है? एंड देन हु डेवलप्ड दिस लैंग्वेज।
- 6:03:03ओके? ये भी हमने बता दिया। अब आते हैं हम
- 6:03:05इसके मेन पर्पस पे कि व्हाई इट वास
- 6:03:11डेवलप्ड या व्हाट वास द रीज़न?
- 6:03:14तो बेटा ये जो लैंग्वेज है ना बेसिक ये
- 6:03:17बड़ा इसने राज किया। ओके? यानी कि यूं समझ
- 6:03:20लो के बड़ा एक एक पावरफुल लैंग्वेज के तौर
- 6:03:24पे इसने बड़ा अपना नाम अह कमाया और इस पे
- 6:03:27काम किया गया। स्कूल्स कॉलेजेस में उसको
- 6:03:30बड़ा इस्तेमाल किया गया और उसको सीखा गया।
- 6:03:32मेरे हिसाब से जो अपना एक्सपीरियंस है यह
- 6:03:34बेसिक जो है एक प्रोग्रामिंग के
- 6:03:36कांसेप्ट्स को समझने के लिए और आइडियाज को
- 6:03:40बनाने के लिए बेस्ट लैंग्वेज है। ठीक है?
- 6:03:42बेसिक। ठीक है? अगर हमें प्रोग्रामिंग की
- 6:03:45फील्ड के अंदर यानी दो लैंग्वेज अगर मैं
- 6:03:46कहूं एक तो सी लैंग्वेज और ये बेसिक। अगर
- 6:03:50हम दो लैंग्वेज में बड़ा काम करते हैं।
- 6:03:52मान लिया कि बेसिक में अब इतना काम नहीं
- 6:03:53होता। बिल्कुल नहीं होता। लेकिन मैं बात
- 6:03:55कर रहा हूं कि अगर हमें बेसिक आइडियाज
- 6:03:57चाहिए तो बेसिक भी एक बड़ा अच्छी लैंग्वेज
- 6:04:00है। ओके? और सी लैंग्वेज तो ऑब्वियसली तो
- 6:04:04बेसिक जो है ये एक हाई लेवल लैंग्वेज है।
- 6:04:06ओके और दूसरी बात कि ये इजी टू
- 6:04:12लर्न और अंडरस्टैंड
- 6:04:20और वेरीेंट
- 6:04:22इट इज़
- 6:04:24नॉट
- 6:04:26अ केस सेंसिटिव।
- 6:04:29यह केस सेंसिटिव लैंग्वेज नहीं है। अब केस
- 6:04:32सेंसिटिव
- 6:04:37लैंग्वेज का मतलब क्या होता है?
- 6:04:41ठीक है? जैसे केस C लैंग्वेज की बात करें।
- 6:04:44C++ Python दे आर ऑल केस सेंसिटिव। ठीक
- 6:04:47है? और आपको पता है कि केस सेंसिटिव का
- 6:04:50मतलब क्या है? कुछ को मालूम होगा लेकिन
- 6:04:52मैं एक जनरली सबको सबके लिए रिफ्रेश कर
- 6:04:55देता हूं कि अगर मैं सी लैंग्वेज की बात
- 6:04:57कर रहा हूं C प्लस तो ये केस सेंसिटिव इस
- 6:04:59सेंस में है कि इसमें जो जो कीवर्ड वर्ड
- 6:05:02जो है जैसे सी लैंग्वेज है उसमें हम लोअर
- 6:05:05केस में उसको करते हैं तो अगर आप उसको
- 6:05:07कैपिटल में अपपर में ले आओगे तो जाहिर है
- 6:05:09ऑब्वियसली वो आपको एरर देगा। पहली बात तो
- 6:05:12ये हो गई। दूसरी बात अगर उसमें वेरिएबल
- 6:05:14डिक्लेअ करते हो फर्ज किया आपने एज अ
- 6:05:17कॉनंस्टेंट a = 10 किया है। ये मैं सी
- 6:05:19लैंग्वेज की बात कर रहा हूं। ओके। यह मैं
- 6:05:22C लैंग्वेज की बात कर रहा हूं कि दे आर
- 6:05:24केस सेंसिटिव का मतलब क्या है? अगर आपने a
- 6:05:27= 10 किया है और एक जो है आपने अपर केस
- 6:05:30में a = 10 किया तो याद रखो स्टी लैंग्वेज
- 6:05:33में दे आर ट्रीटेड एज़ डिफरेंट। मतलब a एक
- 6:05:36डिफरेंट वेरिएबल होगा और कैपिटल अपर केस
- 6:05:40में a है तो ये एक डिफरेंट वेरिएबल एज़ अ
- 6:05:42ट्रीटेड होगा। ठीक है? ये मतलब होता है
- 6:05:44केस सेंसिटिव। ये आसान लफज़ों में समझाया
- 6:05:46मैंने आपको। लेकिन अगर हम बेसिक की बात
- 6:05:49करते हैं तो बेसिक में जितने भी वर्ड
- 6:05:51रिजर्व वर्ड्स हैं ठीक है चाहे आप उसको
- 6:05:53लोअर केस में लिखो या अपर केस में लिखो नो
- 6:05:56प्रॉब्लम ओके वो ट्रीटेड उसको एक ही सेम
- 6:05:59करता है ये मतलब है इसका कि इट इज़ नॉट अ
- 6:06:02केस सेंसिटिव लैंग्वेज मतलब कैसे ये मैं
- 6:06:05आपको
- 6:06:07इसको भी थोड़ा आईडिया देता हूं ये मैं
- 6:06:09इंशा्लाह प्रैक्टिकली
- 6:06:12भी आपको आगे
- 6:06:15बता देंगे
- 6:06:18तो यह अगर फर्ज कर ला कि भाई हमने प्रिंट
- 6:06:21आउट देना यह इसका एक रिजर्व वर्ड है
- 6:06:23प्रिंट आपने प्रिंट किया
- 6:06:26ठीक है और कोई भी आपने स्ट्रिंग दिया या
- 6:06:30आपने इसको यूं लिख दिया
- 6:06:33ठीक है
- 6:06:36तो ये दोनों को एक्सेप्ट करेगा क्योंकि
- 6:06:38केस सेंसिटिव नहीं है। ठीक है? ये है
- 6:06:40बेसिक में काम करने का तरीका और ये मतलब
- 6:06:43है इसका केस सेंटिव। अच्छा जी ये हो गया
- 6:06:45थोड़ा-थोड़ा इंट्रोडक्शन।
- 6:06:48बेसिक में इसका जो फॉर्मेट है वो क्या है?
- 6:06:50ये लाइन नंबर्स पे काम होता है। ठीक है?
- 6:06:52बेसिक जो एक लैंग्वेज है इसमें बकायदा तौर
- 6:06:55पे लाइन नंबर्स होते हैं। लाइक 10,
- 6:06:5820 30 मतलब 10 दे के फिर आप कोई स्टेटमेंट
- 6:07:01आगे यूज़ करोगे। जैसे के
- 6:07:04सीएलएस ओके फिर 20 पे आपने लिख दिया जी अह
- 6:07:08प्रिंट। ओके? समथिंग और कोई भी प्रिंट हो
- 6:07:12गया इस तरह से। ओके? लाइन नंबर्स जरूरी
- 6:07:15नहीं कि 10 20 हो। आप 1 2 3 भी कर सकते
- 6:07:17हो। 1 फिर टू फिर 3 ठीक है? 0 1 0 2 इस
- 6:07:21तरह से। मतलब शर्त क्या है? नंबर्स होंगे।
- 6:07:23ठीक है? लाइन नंबर्स का इस्तेमाल किया
- 6:07:25जाएगा। हां, इसमें प्लस माइनस के साथ आप
- 6:07:28नहीं दे सकते। ठीक है? और कोई भी लेटर
- 6:07:30वगैरह यूज़ नहीं किया जा सकता। सिर्फ और
- 6:07:32सिर्फ नंबर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है
- 6:07:34और लाइन नंबर जरूरी है। ठीक है? ये एक
- 6:07:37बेसिक है। अच्छा दूसरी बात ये वेरीेंट।
- 6:07:39एंड दिस इज़ अनदरेंट थिंग के बेसिक जो है
- 6:07:42एक लैंग्वेज है तो ऑब्वियसली जाहिर है हाई
- 6:07:45लेवल लैंग्वेज है तो ये लैंग्वेज
- 6:07:47ट्रांसलेट कौन सा इस्तेमाल करती है मतलब
- 6:07:49इसकी बेस क्या है ठीक है चाहे ये कंपाइलर
- 6:07:51बेस्ड है या फिर ये इंटरप इंटरप्रेटर
- 6:07:54बेस्ड है तो वेरीेंट ये आपने लिख लेना है
- 6:07:57भाई और इसको याद रखना ये एमसीक्यू का एक
- 6:08:00बहुत ही यूं कह लो कि फेवरेट क्वेश्चन भी
- 6:08:03बन सकता है ठीक है
- 6:08:08तो
- 6:08:09[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 6:08:16तो बेसिक जो है ये वेरीेंट
- 6:08:24जी तो ये लिख लीजिए
- 6:08:28कि बेसिक
- 6:08:31लैंग्वेज
- 6:08:35इज़
- 6:08:38इंटरप्रेटर
- 6:08:43यहां पर लिखना है यूज
- 6:08:47यूज इंटरप्रेटर
- 6:08:51टू
- 6:08:54ट्रांसलेट
- 6:08:57कोड
- 6:08:58इन
- 6:09:01मशीन
- 6:09:03लैंग्वेज। ठीक है?
- 6:09:07और इंटरप्रेटर आपको पता है क्या मतलब हुआ?
- 6:09:09लैंड बाय लाइन। ठीक है? कंपाइलर जो है होल
- 6:09:12प्रोग्राम एट वंस लेता है और इंटरप्रेटर
- 6:09:15जो है वो लाइन बाय लाइन चलता है। मतलब
- 6:09:17इसको समझाना मैं जरूरी समझूंगा कि हम ये
- 6:09:21आप नोट कर लीजिएगा
- 6:09:24कि अगर फर्ज कर लो कि हमने
- 6:09:29एक प्रोग्राम लिखना है छोटा सा जैसे 10
- 6:09:34cls
- 6:09:3520
- 6:09:37इनपुट
- 6:09:40और
- 6:09:43शॉर्ट कर लेते हैं जरा मेन आईडिया देना है
- 6:09:45आपको जनरल आईडिया
- 6:09:49इनपुट A ठीक है। 30 पे आपने प्रिंट कर
- 6:09:53दिया प्रिंट A सही है और 40 पे एंड कर
- 6:09:57दिया फॉर एग्जांपल ये एक छोटा सा
- 6:09:59प्रोग्राम हमने बनाया है समझाने के लिए।
- 6:10:00अब देखो इसका तरीका क्या होगा कि होता यूं
- 6:10:04है कि जब आप इसको लिख लोगे अब ये जाहिर है
- 6:10:05कि इंग्लिश ओरिएंटेड में है। सही है ना?
- 6:10:07अब इसको जाहिर है कि कंपाइल किया जाएगा।
- 6:10:09मतलब आई मीन का ट्रांसलेट किया जाएगा। तो
- 6:10:12अब इसमें कंपाइलर नहीं बल्कि ये इंटरप्रेट
- 6:10:14होगा। लाइन बाय लाइन चलेगा। और बेसिक में
- 6:10:16एक और चीज है कि जो भी लाइन आप टाइप करते
- 6:10:18हो, ठीक है? जैसे पढ़ के ये स्टेटमेंट आपने
- 6:10:21दी है। तो यू मस्ट एंटर एट एव्री लाइन। ये
- 6:10:25जुमला फिर से सुन लो। एक बेसिक जो
- 6:10:28लैंग्वेज है जब इसमें आप काम करते हो। ठीक
- 6:10:30है? जब आपने एक स्टेटमेंट टाइप की है ना
- 6:10:33तो आप एरो की जो होती है ना कीबोर्ड की
- 6:10:35उससे आप नीचे नहीं आओगे। बल्कि आपने एंटर
- 6:10:38की का इस्तेमाल करना है। जब तक एंटर नहीं
- 6:10:40करोगे तो वो एक तरह से इंटरप्रेट नहीं
- 6:10:42होगी। तो ये मतलब है पता है हर लाइन पे
- 6:10:45आपको एंटर की का इस्तेमाल करना होता है।
- 6:10:47तो ये आपको मैं किस सवाल से बात कर रहा
- 6:10:50हूं? बेसिक या इसका एक और वर्जन होता है
- 6:10:52GW बेसिक। ठीक है?
- 6:10:56ये दोनों वर्जनंस में। हालांकि इसके और भी
- 6:10:59वर्जन है। जैसे क्यू बेसिक हो गया। ओके?
- 6:11:01और बेसिक का वगैरह ये सब वर्जनंस हैं
- 6:11:03इसके। ये मैं आगे बता दूंगा आपको अभी अह
- 6:11:06अपकमिंग अह उसमें एमसीक्यूस में। तो बहाल
- 6:11:09अभी बात चल रही थी कि ये इंटरप्रेटेड बेस
- 6:11:12कैसे है कि ये लाइन बाय लाइन चलता है इस
- 6:11:13सेंस में कि आप यू मस्ट एंटर की ओके एट
- 6:11:17एव्री लाइन स्टेटमेंट अगर आपने नहीं किया
- 6:11:20तो वो उसको स्टोर नहीं करता है ये मतलब है
- 6:11:21इसका ये चीज़ है ठीक है तो ये बात भी आपको
- 6:11:25समझ में आ गई तो अब हम इस पोजीशन पे हैं
- 6:11:28कि इसका हम जवाब दे सकते हैं अह कि ये आप
- 6:11:31गौर करो कि द स्टेटमेंट फॉर i = 1 टू n
- 6:11:34बिलोंग्स टू अब ये किस लैंग्वेज में लिखा
- 6:11:37हुआ है तो बेसिकली ये बेसिक लैंग्वेज में
- 6:11:39लिखा हुआ है। ये जो स्टेटमेंट आपको नज़र आ
- 6:11:41रही है और यहां देखो ना फॉर का इस्तेमाल
- 6:11:43Python में भी होता है। ठीक है? C
- 6:11:45लैंग्वेज में भी है। C++ में जावा में हर
- 6:11:48लैंग्वेज में लूपिंग स्टेटमेंट का
- 6:11:49इस्तेमाल होता है। लेकिन डिफरेंट वही बात
- 6:11:51सेट ऑफ़ रूल्स डिफरेंट है। है ना? पython
- 6:11:53में फॉर का इस्तेमाल डिफरेंट अंदाज़ा से
- 6:11:55होगा। C में डिफरेंट से होगा। अब यहां देख
- 6:11:57लो बेसिक की बात करें तो बेसिक में इस तरह
- 6:12:00से होता है कि फॉर i = 1 n इस तरह हम इसको
- 6:12:03लिखते हैं। तो बल उम्मीद है कि यह बात
- 6:12:06आपको समझ में आ गई होगी।
- 6:12:10उसके बाद देखें व्हाट इज नॉट ट्रू अबाउट
- 6:12:12सिंटेक्स एंड सिमेंटेक्स पार्ट्स ऑफ
- 6:12:15कंप्यूटर लैंग्वेज। अच्छा अब इसमें
- 6:12:18सिंटेक्स एरर और सिमेंटेटक्स पार्ट्स ऑफ
- 6:12:21कंप्यूटर लैंग्वेज का मतलब तो हम बाद में
- 6:12:24देखेंगे। पहले आपको बिल्कुल पता होना
- 6:12:26चाहिए कि सिंटेक्स एरर क्या होता है?
- 6:12:31एक सिंटेक्स किसे कहते हैं? सिंटेक्स एरर
- 6:12:33या सिंटेक्स और सिमेंटिक क्या होता है?
- 6:12:40ठीक है? तो सिंटेक्स तो जाहिर है कि सेट
- 6:12:43ऑफ रूल्स को रेफर करता है।
- 6:12:47तो जब भी आप सेट ऑफ़ रूल्स को फॉलो नहीं
- 6:12:49करोगे प्रोग्रामर बीइंग अ प्रोग्रामर तो
- 6:12:51उस वक्त जो एरर देगा वो सिंटेक्स एरर
- 6:12:53देगा। और सिमेंटेक्स का मतलब ये इट इज़ द
- 6:12:55पार्ट ऑफ़ लॉजिकल एरर भाई। ठीक है? जब भी
- 6:12:57आप इलॉजिकल सिमेंटिंग्स मींस के ये लॉजिकल
- 6:13:02चीजों को रेफर करता है। लॉजिकली आपने अगर
- 6:13:06उसको डिफाइन किया हुआ है तो ठीक। अदरवाइज
- 6:13:09आपको एरर देगा। तो सिमेंटेटक्स जो होते
- 6:13:12हैं इसका ताल्लुक जो है लॉजिकल एरर से
- 6:13:14होता है। इसके दो पार्ट्स हैं लॉजिकल एरर
- 6:13:16के। एक सिमेंटेक्स है और एक रन टाइम है।
- 6:13:18ये दोनों कैटेगरीज जो है बेसिकली लॉजिकल
- 6:13:21एरर की कैटेगरीज होती हैं। सही है? लेकिन
- 6:13:24अमूमन शायद आप लोग इसको समझते नहीं है या
- 6:13:28बताया नहीं जाता। तो उस सेंस में कह रहा
- 6:13:30है कि ए में देखो कि सिंटेक्स इज जनरली
- 6:13:33चेक्ड बाय द प्रोग्रामर। ठीक है? यानी कि
- 6:13:36सिंटेक्स इज़ जनरली चेक्ड बाय द
- 6:13:38प्रोग्रामर। सिंटेक्स जो है जनरली
- 6:13:39प्रोग्रामर के जरिए चेक होता है या
- 6:13:40सिमेंट्स इज़ द रिस्पांसिबिलिटी ऑफ़ द
- 6:13:42प्रोग्रामर। या सिमेंटिक्स इज़ चेक्ड
- 6:13:45मैकेनिकली बाय अ कंप्यूटर। सही है? तो अब
- 6:13:49इसमें कह रहा है व्हाट इज़ नॉट ट्रू? तो
- 6:13:50जाहिर है कि सिमेंटिक्स इज़ चेक्ड
- 6:13:52मैकेनिकली बाय अ कंप्यूटर। तो यह चीज नहीं
- 6:13:56हो सकती क्योंकि कंप्यूटर क्योंकि अभी
- 6:13:59मैंने आपको बता दिया कि सिंटेक्स का
- 6:14:00ताल्लुक भी लॉजिकल की कैटेगरी से लॉजिकल
- 6:14:03एरर की कैटेगरी से तो लिहाजा किसी तरह भी
- 6:14:06कंप्यूटर तो इसको जज नहीं करेगा मैकेनिकली
- 6:14:08और ना इसको चेक कर सकता है। ठीक है? यानी
- 6:14:12आपको शो नहीं करेगा। ठीक है? मतलब
- 6:14:14सिमेंटिक एरर जो है अगर आपने कोई फार्मूला
- 6:14:17मिस्टेक किया है तो उस तरह से आप इसको समझ
- 6:14:19सकते हो। आपने एरिया ऑफ़ रेक्टेंगल मालूम
- 6:14:21करना है। अब एरिया ऑफ रेक्टेंगल का
- 6:14:24फार्मूला क्या होता है?
- 6:14:27इसको आप यू समझे कि एरिया ऑफ रेक्टेंगल का
- 6:14:29फार्मूला जो है a = लेंथ * ब्रेड्थ है।
- 6:14:32ठीक है ना? ये है। लेकिन आप यूज़ कर रहे हो
- 6:14:35प्रोग्राम के अंदर l + b तो यार कंप्यूटर
- 6:14:38तो इसको नहीं जानता ना। कंप्यूटर उसको एक
- 6:14:40फार्मूला या इसको कैलकुलेशन समझ रहा है।
- 6:14:41तो ये इस तरह के जो एरर जब आप रॉन्ग फ़ूला
- 6:14:44पुट करते हो ये सिमेंटिक एरर में आता है।
- 6:14:46ठीक है? अमूमन लेकिन हम उसको लिए क्या यूज़
- 6:14:48करते हैं? लॉजिकल एरर। ठीक है?
- 6:14:49स्पेसिफिकली हम सिमेंटिक एरर नहीं कह रहे
- 6:14:51होते। यानी 12
- 6:14:54तो यह इसका राइट आंसर है। उम्मीद है आपको
- 6:14:56बात समझ में आई होगी। उसके बाद देखें
- 6:14:59इंप्लीमेंटेशन ऑफ अ प्रोग्राम इनवॉल्व्स
- 6:15:01कंपाइलेशन, डिबगिंग, टेस्टिंग ऑल ऑफ़ दीज़
- 6:15:04यानी इंप्लीमेंटेशन ऑफ़ अ प्रोग्राम
- 6:15:05इनवॉल्व्स। जब आप प्रोग्राम को इंप्लीमेंट
- 6:15:08करते हो तो बेसिकली उसके अंदर कंपाइलेशन
- 6:15:10है, डिबगिंग है, टेस्टिंग है। तो मेरे
- 6:15:13ख्याल है सारी की सारी चीजें मौजूद हैं।
- 6:15:15क्योंकि एक प्रोग्राम जब इंप्लीमेंट होता
- 6:15:17है उसमें हम कंपाइल भी करते हो। तो फिर
- 6:15:20उसके अंदर कंपाइलेशन होती है तो फिर
- 6:15:22डिबगिंग प्रोसेस शुरू होता है। डिबगिंग का
- 6:15:25मतलब ये होता है कि एरर मतलब जब आप इन अ
- 6:15:28प्रोसेस ऑफ रिमूविंग एरर्स जब हम टेस्टिंग
- 6:15:31के मराइल पे आते हैं और एरर्स को रिमूव
- 6:15:34करते हैं उसको हम डिबग कहते हैं। सही है?
- 6:15:36डिब मींस
- 6:15:40अ प्रोसेस
- 6:15:45ऑफ
- 6:15:49रिमूविंग एरर्स
- 6:15:52ठीक है फ्रॉम
- 6:15:55प्रोग्राम
- 6:16:01ये है इसका ऑल ऑफ़ दीज़ अच्छा जी 126 देखते
- 6:16:04हैं मोस्ट सूटेबल लैंग्वेज फॉर स्ट्रक्चर
- 6:16:06प्रोग्रामिंग इज़ तो इस तरह से इस ऑप्शन के
- 6:16:09हिसाब से जो स्ट्रक्चर लैंग्वेज है हमारी
- 6:16:11वो हमारे पास पास्कल है। ठीक है?
- 6:16:15मोस्ट सूटेबल सूटेबल की वर्ड की बात कर
- 6:16:18रहा है। इसलिए हम इसको पास्कल का नाम दे
- 6:16:20रहे हैं। ठीक है? इसमें अगर सी लैंग्वेज
- 6:16:22होता ऑप्शंस पे बेस्ड करता है। मैंने अभी
- 6:16:25आपको पहले भी समझाया था। अगर आपको याद हो
- 6:16:28तो एमसीक्यूस में एक चीज का ख्याल रखना है
- 6:16:30कि डिपेंड करेगा ऑप्शंस पे। ठीक है?
- 6:16:33ऑप्शंस को देखते हुए ही हमें डिसाइड करना
- 6:16:36होता है। अभी बहाल ऑप्शन में पास्कल है
- 6:16:38इसलिए ये राइट है। ठीक है?
- 6:16:42उसके बाद देखें व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट
- 6:16:44ट्रू अबाउट एल्गोरिथ्म? व्हाट इज़
- 6:16:47एल्गोरिथम? हमने पहले भी बात की
- 6:16:49एल्गोरिथ्म क्या है? एक स्टेप बाय स्टेप
- 6:16:51प्रोसीजर का नाम है। है ना? तो उसके हवाले
- 6:16:53से कह रहा है कि व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़
- 6:16:55नॉट ट्रू? नॉट ट्रू है। ठीक है? अब नॉट
- 6:16:57ट्रू में सबसे पहले देख लो कि इट मस्ट हैव
- 6:16:59फाइनाइट नंबर ऑफ़ स्टेप्स। तो जाहिर है कि
- 6:17:02ये तो बात दुरुस्त है। ठीक है ना? इट इज़
- 6:17:03ट्रू। ठीक है? और अगर हम बी को देखें, इट
- 6:17:06मस्ट हैव एटलीस्ट वन आउटपुट। ये भी
- 6:17:08दुरुस्त है। और सी इट्स ईच स्टेप मस्ट बी
- 6:17:11वेल डिफाइंड। ये भी दुरुस्त है। तो इसका
- 6:17:13मतलब ये है कि इसमें कोई भी ऐसी स्टेटमेंट
- 6:17:15नहीं है जो कि ट्रू नहीं है। बल्कि ये
- 6:17:17सारे के सारे ट्रू हैं। ठीक है? ये सब
- 6:17:19क्या है? ये ट्रू है भाई। ठीक है?
- 6:17:24क्योंकि एक प्रॉब्लम एल्गोरिथ्म जब बनाया
- 6:17:26जाता है तो उसको एक उसकी कोई हद तो होगी
- 6:17:30ना भाई। ठीक है? ठीक है? इनफाइनाइट थोड़ी
- 6:17:32होगा बल्कि वो फाइनाइट सेट ऑफ रूल यानी
- 6:17:34उसको एक ऑब्जेक्ट को जब आप शुरू करते हो
- 6:17:36उसका एंड भी होगा भाई। तो इनफाइनाइट तो हो
- 6:17:38नहीं सकता। सही है? तो इसलिए ये इसमें
- 6:17:41सारे ट्रू हैं।
- 6:17:44128 अ डायग्राम ऑफ़ एन एल्गोरिथम इज़ कॉल्ड
- 6:17:47यानी जब आप एल्गोरिथम बना लेते हो तो वेरी
- 6:17:51नेक्स्ट स्टेप जो होता है हमारा फ्लो
- 6:17:52चार्ट्स होता है। ठीक है? बेसिकली
- 6:17:57क्या होता है जी? फ्लो चार्ट। ओके?
- 6:18:00तो यह दो मर्तबा आ गया है। इसको हम
- 6:18:07यह फ्लो चार्ट्स है। ठीक है? और फ्लो
- 6:18:08चार्ट बेसिकली क्या है? एक ग्राफिकल
- 6:18:10प्रेजेंटेशन का नाम है। ओके? ग्राफिकल
- 6:18:13प्रेजेंटेशन का नाम है।
- 6:18:16जब भी हम
- 6:18:18फ्लो चार्ट की बात करते हैं तो इट इज़ अ
- 6:18:21ग्राफिकल और प्रैक्टिकोरियल।
- 6:18:25रेफिगर और
- 6:18:28पिक्टोरियल प्रेजेंटेशन का नाम है।
- 6:18:35ठीक है? इसको हम कहते हैं फ्लो चार्ट। तो
- 6:18:37दिस इज़ द राइट वन कि एल्गोरिथम की जो एक
- 6:18:40डायग्राम फॉर्म है वो आपका फ्लो चार्ट
- 6:18:43होता है। ठीक है? फ्लो चार्ट बनाने के बाद
- 6:18:44देन हम कोडिंग का प्रोग्राम की तरफ बढ़ते
- 6:18:46हैं।
- 6:18:48उसके बाद नेक्स्ट देखते हैं जी। व्हाट इज़
- 6:18:50नेक्स्ट? 129 डॉक्यूमेंटेशन ओवर प्रोग्राम
- 6:18:53मींस। ठीक है? जब भी हम डॉक्यूमेंटेशन की
- 6:18:56बात करते हैं, ठीक है? तो उसका मतलब क्या
- 6:18:58होता है? रिकॉर्डिंग डिटेल्स ऑन पेपर या
- 6:19:01रिकॉर्डिंग डिटेल्स ऑन मैग्नेटिक मीडिया
- 6:19:03या असेंबलिंग सब रूटीनंस या आइदर ए और बी
- 6:19:07अबव। ठीक है? तो
- 6:19:11डायरेक्ट कि इसमें ए भी दुरुस्त है और बी
- 6:19:14भी दुरुस्त है। रिकॉर्डिंग डिटेल्स ऑन
- 6:19:16पेपर भी हो सकता है भाई। या फिर
- 6:19:17रिकॉर्डिंग डिटेल्स ऑन मैग्नेटिक मीडिया
- 6:19:19में भी हो सकता है। ठीक है? ठीक है? हार्ड
- 6:19:21डिस्क वगैरह एसएसडी भी हो सकता है। ठीक
- 6:19:23है? ऐसी बात नहीं है। तो मेरा ख्याल है
- 6:19:25इदर ठीक है? आइदर ए और बी अबव इन दोनों
- 6:19:29में से कोई एक जो है वो राइट हो सकता है।
- 6:19:33उसके बाद देखें आप नेक्स्ट तो व्हिच ऑफ़ द
- 6:19:36फॉलोइंग स्टेटमेंट इज़ नॉट ट्रू अबाउट
- 6:19:38डिसीजन टेबल। ठीक है? डिसीज़ टेबल्स के
- 6:19:40हवाले से अगर हम बात करें तो इसमें हम
- 6:19:43देखते हैं कि ये सारी की सारी जो है दे आर
- 6:19:46इज़ टू ड्रॉ देन फ्लो चार्ट्स। ठीक है? एंड
- 6:19:48दे आर यूज़फुल व्हेन सेवरल कंडीशंस आर
- 6:19:51टेस्टेड एंड टेबल हैज़ ट्रू पोर्शनंस। ऑल
- 6:19:55ऑफ़ द अबव आर ट्रू अबाउट डिसीजन टेबल्स।
- 6:19:57ठीक है? तो इसमें हमें लगता है कि सारे के
- 6:20:01सारे ट्रू हैं। इज़ नॉट ट्रू तो कोई भी
- 6:20:03नहीं है। क्योंकि जब भी आप डिसीजन टेबल की
- 6:20:06बात करते हो तो एक तो ये इजी टू ड्रॉ देन
- 6:20:09फ्लो चार्ट। ये डिसीजन टेबल होता है ना।
- 6:20:11यह जब भी आप डिसीजन बॉक्स की बात करते हैं
- 6:20:14तो यह यू
- 6:20:17इसकी दो लाइंस होती हैं। यह यस हो गया, ये
- 6:20:20नो हो गया।
- 6:20:22ठीक है? इस तरह से हम इसको समझ सकते हैं।
- 6:20:26तो इसके दो पार्ट्स होते हैं। ठीक है? एक
- 6:20:28ट्रू होता है। ठीक है? एक अ फॉल्स होता है
- 6:20:31या यस या नो भी कह सकते हो। ये टू पार्ट्स
- 6:20:34का मतलब ये है। टू पोर्शनंस का मतलब यही
- 6:20:36है कि एक चीज़ ट्रू होगी या फिर फॉल्स
- 6:20:38होगी। ठीक है? या फिर दे आर यूज़फुल व्हेन
- 6:20:40सेवरल कंडीशंस आर टेस्टेड। तो यहीं से फिर
- 6:20:43हम सेवरल कंडीशंस को भी टेस्ट कर सकते
- 6:20:45हैं। अगर वो यस नहीं है तो नो की तरफ
- 6:20:47जाएगा। फिर अगेन दो कंडीशन फिर अनदर दो
- 6:20:49कंडीशन। तो मतलब ये इस तरह से मतलब आगे
- 6:20:53बढ़ता जाएगा। जैसे आपको याद होगा ना एल्स
- 6:20:55इफ यानी एक तो होता है ना इफ एल्स या अगर
- 6:20:57हम एल्स इफ का इस्तेमाल करते हो तो आप फिर
- 6:20:59इसको एक लेटर लाइक आगे बढ़ाते जाते हो।
- 6:21:01ठीक है? ये मतलब है इसका। ठीक है? उम्मीद
- 6:21:05है बात समझ में आई होगी। तो लिहाजा ये
- 6:21:07इसमें आपके पास डी ऑप्शन है।
- 6:21:13उसके बाद 131 है। कॉनसेप्चुअल एरर इन अ
- 6:21:15प्रोग्राम इज़ कॉनसेप्चुअल एरर जो है किसको
- 6:21:18कहते हैं? कॉनसेप्चुअल एरर जो है जाहिर है
- 6:21:20कि लॉजिकल एरर को कहते हैं। क्यों?
- 6:21:23क्योंकि ये वो एरर होता है जो कि कंप्यूटर
- 6:21:25इसको डिटेक्ट नहीं करता। बल्कि ये ह्यूमन
- 6:21:28बीइंग इसको करता है। मतलब मेरा ऑफ़ यूजर या
- 6:21:30प्रोग्रामर। ठीक है? क्योंकि कंप्यूटर
- 6:21:33इसको डिटेक्ट करने की सलाह नहीं रखता अभी
- 6:21:35तक फिलहाल। ठीक है? इसलिए लॉजिकल एरर इट
- 6:21:37इज़ अ कॉनसेप्चुअल एरर।
- 6:21:43उसके बाद देखते हैं। द प्रोसेस ऑफ़
- 6:21:45फाइंडिंग आउट एंड करेक्टिंग सिंटेक्स एंड
- 6:21:47लॉजिकल एरर्स इन अ प्रोग्राम इज़ कॉल्ड
- 6:21:49मेंटेनेंस, टेस्टिंग, डिबगिंग, डिबगिंग या
- 6:21:52नन ऑफ़ दीज़। यानी हम इसको क्या नाम देंगे?
- 6:21:54जो सूटेबल नेम है वो क्या होना चाहिए? द
- 6:21:57प्रोसेस ऑफ़ फाइंडिंग आउट एंड करेक्टिंग
- 6:21:59सिंटेक्स एंड लॉजिकल एरर्स इन अ
- 6:22:02प्रोग्राम। ये स्टार्ट प्रोसेस जो होता है
- 6:22:04एक तरह से डिबगिंग प्रोसेस होता है कि
- 6:22:07जिसमें हम बेसिकली ठीक है ना तो हम इसको
- 6:22:11कह सकते हैं कि डिबगिंग प्रोसेस में हम
- 6:22:14सारे के सारा एरर्स को हम करेक्ट कर रहे
- 6:22:16होते हैं। सिंटेक्सेस को ठीक कर रहे होते
- 6:22:18हैं। ये सारा पार्ट इसी का ही है।
- 6:22:22ये अभी हमने बात भी की। उसके बाद कह रहा
- 6:22:24है मॉड्यूल इन अ स्ट्रक्चर प्रोग्राम। एक
- 6:22:27मॉड्यूल जो है वो स्ट्रक्चर प्रोग्राम का
- 6:22:29क्या होता है? परफॉर्म्स अ पर्टिकुलर
- 6:22:31फंक्शन मे बी असाइंड अ नेम या कंसिस्ट ऑफ़
- 6:22:35सब मॉड्यूल्स ऑल ऑफ़ द अबव।
- 6:22:40एक स्ट्रक्चर मॉड्यूल क्या होता है? एक
- 6:22:42पर्टिकुलर फंक्शन रखता है। ठीक है?
- 6:22:44मॉड्यूल इन अ स्ट्रक्चर प्रोग्रामिंग के
- 6:22:46अंदर परफॉर्म्स अ पर्टिकुलर फंक्शन। ठीक
- 6:22:49है?
- 6:22:51या इसमें मे बी असाइन अ नेम इन दिस वे आप
- 6:22:56इसको समझ सकते हो कि यह
- 6:23:00ऑल ऑफ दी सारे इसमें हमें क्रैक नजर आ रहे
- 6:23:04हैं कि कंसिस्ट ऑफ सब मॉड्यूल्स भी बनाते
- 6:23:06हैं। इसमें हम छोटे-छोटे टुकड़े कर लेते
- 6:23:08हैं या मे बी असाइंड अ नेम या परफॉर्म्स अ
- 6:23:11पर्टिकुलर फंक्शनंस।
- 6:23:17इसके बाद
- 6:23:20134 प्रोग्राम मेंटेनेंस मींस मेंटेनिंग
- 6:23:23एग्जैक्टली एज़ डेवलप्ड चेंजिंग अ
- 6:23:25प्रोग्राम ड्यू टू चेंजेस इन द
- 6:23:26ऑर्गेनाइजेशन
- 6:23:28अ न्यू प्रोग्राम या रिमूविंग द एरर्स
- 6:23:30फ्रॉम अ प्रोग्राम। प्रोग्राम मेंटेनेंस
- 6:23:32से मुराद बेसिकली क्या है? जब हम
- 6:23:35प्रोग्राम को मेंटेन करते हैं। तो दैट इज़
- 6:23:36रिमूविंग द एरर्स फ्रॉम प्रोग्राम। सिंपली
- 6:23:39इसका यह जवाब
- 6:23:43उसके बाद 135 एंड एल्गोरिथ्म इज अ
- 6:23:45सीक्वेंस ऑफ इंस्ट्रक्शन व्हिच आर
- 6:23:47एग्जीक्यूटेबल फाइनाइट इन नंबर प्रोडक्टिव
- 6:23:50ऑल ऑफ़ दीज़ यानी सभी नज़र आ रहे हैं क्योंकि
- 6:23:53एग्जीक्यूटेबल हो एक तो यानी एल्गोरिथम
- 6:23:56ऐसा हो डायरेक्ट एल्गोरिथम ठीक होगा तो
- 6:23:59वही चीज़ फिर आप उसको कोडिंग में लेके आओगे
- 6:24:02उसका फ्लो चार्ट भी उसी हिसाब से देन फिर
- 6:24:05उसकी कोडिंग तो एग्जीक्यूटेबल होगा ठीक है
- 6:24:08और फ़ाइनाइट सेट ऑफ़ नंबर अभी हमने बात की
- 6:24:11थी और प्रोडक्टिव होना चाहिए। तो इसका
- 6:24:13मतलब है ऑल ऑफ़ दीज़ ही सूटेबल नज़र आ रहा
- 6:24:15है।
- 6:24:17उसके बाद द प्रोसेस ऑफ़ फ्लो चार्ट सिंबल।
- 6:24:20द प्रोसेस फ्लो चार्ट सिंबल इज़ फ्लो चार्ट
- 6:24:23के हवाले से बात हो रही है। अच्छा फ्लो
- 6:24:25चार्ट के हवाले से बात हो रही है। तो फ्लो
- 6:24:27चार्ट्स ये जो सिंबल हैं फ्लो चार्ट
- 6:24:33जो सिंबल्स हैं
- 6:24:35ये किसने इंट्रोड्यूस किए स्टैंडर्ड फ्लो
- 6:24:37चार्ट सिंबल सिंबल्स इंट्रोड्यूस्ड बाय
- 6:24:46एमसी
- 6:24:48ये एक इधारा है। ठीक है? अमेरिकन
- 6:24:55नेशनल
- 6:24:59स्टैंडर्ड
- 6:25:03इंस्टट्यूट
- 6:25:16ठीक है।
- 6:25:19को
- 6:25:23इंस्टट्यूट
- 6:25:29ठीक है? यह अमेरिकन नेशनल स्टैंडर्ड
- 6:25:31इंस्टट्यूट
- 6:25:33एक इदारा है जिसने एक बकायदा स्टैंडर्ड
- 6:25:36फ्लो चार्ट सिंबल्स जो इंट्रोड्यूस किए।
- 6:25:38ठीक है? यह भी पूछा जा सकता है। बहा इसमें
- 6:25:42अब हर सिंबल जो है अपना अपना एक पर्पस
- 6:25:44रखता है। जैसे आपको याद भी होगा जैसे ये
- 6:25:47सिंबल है। ठीक है? अब ये जो है हमारे पास
- 6:25:55इसके लिए हम एक काम करते हैं। स्टैंडर्ड
- 6:25:58जैसे कि अब यह है
- 6:26:10होल शेप
- 6:26:26जी
- 6:26:29ये एक आपको पता है कि ये जो शेप होती है
- 6:26:32ये स्टार्ट और एंड के लिए इस्तेमाल होता
- 6:26:34है। ठीक है? यानी फ्लो चार्ट का स्टार्ट
- 6:26:37और एंड इसी से होता है। फिर एक जो सिंबल
- 6:26:41होता है ये वाला होता है दिस वन।
- 6:26:44ठीक है? इसको हम कहते हैं पैरेललोग्राम
- 6:26:46यानी इनपुट एंड आउटपुट के लिए होता है ये।
- 6:26:49इनपुट
- 6:26:51और आउटपुट।
- 6:26:55रीड एंड राइट भी कह सकते हैं। और यह जो
- 6:26:58सिंबल है
- 6:27:01यह प्रोसेस के लिए होता है। ठीक है? मतलब
- 6:27:04यह रेक्टेंगल कहते हैं इसको हम। यह
- 6:27:06प्रोसेस के लिए होता है।
- 6:27:11सही है ना? इसका राइट जो आंसर है वो क्या
- 6:27:15है? रेक्टेंगल। ठीक है?
- 6:27:18इसी तरह और भी सिंबल होते हैं। तो वो आगे
- 6:27:22आगे हम इंशाल्लाह बात करेंगे। अच्छा जी। द
- 6:27:24बिल्डिंग ब्लॉक ऑफ अ फ्लो चार्ट इज़
- 6:27:26सीक्वेंसिंग, रिपीटीशन, सिलेक्शन ऑल ऑफ द
- 6:27:30अबव। यानी कि एक फ्लो चार्ट की जो
- 6:27:34बिल्डिंग ब्लॉक है वो क्या होना चाहिए?
- 6:27:36सीक्वेंस में होना चाहिए। रिपीटीशन होनी
- 6:27:38चाहिए सिलेक्शन। तो ये फ्लो चार्ट जो है
- 6:27:39वो रिपीटीशन में भी होता है। मतलब यानी
- 6:27:42अट्रैक्टिव स्ट्रक्चर में भी हो सकता है
- 6:27:45और डिसीजन मेकिंग मतलब सिलेक्शन या
- 6:27:47कंडीशनल फ्लो चार्ट भी हो सकते हैं या
- 6:27:49सिंपल एक फ्लो चार्ट में भी हो सकता है।
- 6:27:51तो ये कह रहा है मतलब जरूरी नहीं है कि
- 6:27:54सिर्फ सीक्वेंस में हो। सीक्वेंसी का मतलब
- 6:27:56यहां पर कि सिंपल फ्लो चार्ट स्ट्रेट
- 6:27:57फॉरवर्ड भी कहते हैं इसको। इसमें हम किसी
- 6:27:59किस्म की कोई अटरेशन या कोई अप्लाई नहीं
- 6:28:02कर रहे। एडिशंस अप्लाई नहीं कर रहे। ये
- 6:28:07उम्मीद है बात समझ में आई होगी।
- 6:28:12[संगीत]
- 6:28:17[संगीत]
- 6:28:22[संगीत]
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- 6:32:35[संगीत]
- 6:32:40इसी तरह 138 द ओनली टू वर्ड्स वन माइट सी
- 6:32:44इन एन ओवेल इन अ फ्लो चार्ट्स आर। ठीक है?
- 6:32:47अब यह बेसिकली जो टर्म यूज़ की यहां पर
- 6:32:50कीवर्ड्स का इस्तेमाल किया गया। पहले तो
- 6:32:52क्लियर कर दूं। यह बेसिक जो अभी हम बात कर
- 6:32:54रहे थे ना ये बेसिक लैंग्वेज के हवाले से
- 6:32:56ये कीवर्ड्स का इस्तेमाल हुआ हुआ है। ठीक
- 6:32:58है? तो उस सिनेरियो में पूछ रहा था द ओनली
- 6:33:01टू वर्ड्स माइट सी इन एन ओवेल। ठीक है? उस
- 6:33:04हिसाब से बात कर रहा है। तो रीड एंड
- 6:33:07प्रिंट का इस्तेमाल हो सकता है या फिर
- 6:33:10बिगेन एंड एंड का इस्तेमाल हो सकता है या
- 6:33:13फिर एंड एंड स्टॉप का इस्तेमाल हो सकता है
- 6:33:15या फिर रीड एंड डेटा। तो राइट आंसर इसमें
- 6:33:18जैसे कि मैंने आपको बताया यह जीरो बेसिक
- 6:33:20के हवाले से बात कर रहा है। तो हम इनपुट
- 6:33:22के लिए रीड का इस्तेमाल करते हैं। आउटपुट
- 6:33:24के लिए प्रिंट का इस्तेमाल करते हैं।
- 6:33:26इसलिए ए इज़ द राइट ऑप्शन।
- 6:33:31उसके बाद देखिए व्हिच स्टेटमेंट इज़ नॉट
- 6:33:33कॉमन बिटवीन स्ट्रक्चर एंड अनस्ट्रक्चर
- 6:33:35प्रोग्राम? यानी इनमें से कौन सी
- 6:33:38स्टेटमेंट है जो कि इज नॉट कॉमन है? मतलब
- 6:33:42जिसको हम एक ही तरह से इस्तेमाल करते हैं।
- 6:33:46ये वो कह रहा है। तो याद रखो इसमें देखो
- 6:33:49इफ का इस्तेमाल जो है हम यूज़ कर रहे होते
- 6:33:52हैं बिल्कुल सेम मैनर पे। यानी इफ की मैं
- 6:33:55बात करूं तो चाहे वो जावा में काम कर रहे
- 6:33:56हो। ठीक है? चाहे आप पython पे काम कर रहे
- 6:33:59हो, C में काम कर रहे हो, C++ में इफ का
- 6:34:01ही इस्तेमाल। इसी तरह से इफ का इस्तेमाल
- 6:34:03होता है। रीड का इस्तेमाल भी हम कर रहे
- 6:34:06होते हैं डिफरेंट लैंग्वेज में। बोल के
- 6:34:09अंदर भी है तो रीड है। पास्कल के अंदर भी
- 6:34:11है। लेकिन स्ट्रक्चर अनस्ट्रक्चर
- 6:34:14का फर्क। लेकिन गो टू का इस्तेमाल जो है
- 6:34:16वो हम डिफरेंट तरीके से कर रहे होते हैं।
- 6:34:18मतलब सेम नहीं है। इज़ नॉट कॉमन। ठीक है?
- 6:34:20डिफरेंट अंदाज़ है। गो टू का इस्तेमाल जो
- 6:34:22है वो डिफरेंट तरीके से किया जाता है। ठीक
- 6:34:25है? कहीं पे इसको हम अपर केस में दे रहे
- 6:34:28होते हैं। जैसे बेसिक की बात करें। बेसिक
- 6:34:30में हम जैसे 20 जैसे 10 है
- 6:34:34और 30 तो यहां पे हमने लिखा हुआ है प्रिंट
- 6:34:38ठीक है एबीसी
- 6:34:40और यहां पे मैंने लिख दिया गो टू 20 अब ये
- 6:34:44बेसिक का अंदाज है गो टू को हम इस तरह से
- 6:34:46इस्तेमाल कर रहे हैं ठीक है या फिर हम
- 6:34:51इसको हम यूं भी इस्तेमाल कर सकते हैं भाई
- 6:34:54अपर केस में यूं लेकिन अगर हम सीएल
- 6:34:57लैंग्वेज में होंगे तो सी लैंग्वेज में हम
- 6:34:58इस तरह से इस्तेमाल नहीं कर रहे होंगे तो
- 6:35:00नॉट कॉमन। ठीक है?
- 6:35:03तो इसलिए
- 6:35:06तो गो टू इज़ द राइट वन। उसके बाद देखिए
- 6:35:09व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट अ जनरल
- 6:35:12कन्वेंशन। ओके? इन फ्लो चार्ट। कन्वेंशन
- 6:35:14का मतलब ये होता है कि हम इसको
- 6:35:18यूं कह लो कि जो तरीकाकार है। ठीक है ना?
- 6:35:22कि ओनली वन फ्लो लाइन शुड एंटर अ डिसीज़
- 6:35:25सिंबल। यानी कि कह रहे कि वि ऑफ द फॉलोइंग
- 6:35:28इज नॉट जनरल कन्वेंशन फ्लो चार्टिंग। फ्लो
- 6:35:31चार्ट के अंदर आपके पास चार ऑप्शन है।
- 6:35:33जैसे कह रहे हैं ओनली वन फ्लो लाइन शुड
- 6:35:35एंटर अ प्रोसेस सिंबल। ठीक है? एक सिर्फ
- 6:35:39फ्लो लाइन प्रोसेस सिंबल में दाखिल होती
- 6:35:41है। बिल्कुल ठीक है। ओनली वन फ्लो लाइन
- 6:35:44शुड लीव अ प्रोसेस सिंबल। फिर एक एरो लाइन
- 6:35:47जो है वह प्रोसेस सिंबल से निकलती है या
- 6:35:50ओनली वन फ्लो लाइन शुड एंटर अ डिसीजन
- 6:35:52सिंबल या ओनली वन फ्लो लाइन शुड लीव अ
- 6:35:55डिसीजन सिंबल। ठीक है? तो इसमें कह रहा है
- 6:35:57कि कौन इज़ नॉट अ जनरल कन्वेंशन इन फ्लो
- 6:36:01चार्टिंग है। फ्लो चार्ट इसको समझने से
- 6:36:03पहले यानी आंसर से पहले हमें देखना होगा
- 6:36:06कि क्या कह रहा है? तो ये देखो जैसे
- 6:36:09प्रोसेस सिंबल है। आपने बनाया तो यहां पर
- 6:36:11ये एक एरो आप बना रहे हो। ठीक है? एक एरो
- 6:36:15ठीक है उसके बाद फिर आपने एक और प्रोसेस
- 6:36:18सिंबल बनाया
- 6:36:21ठीक है ये लेकिन उसके बाद डिसीजन सिंबल है
- 6:36:25सही है अब यहां से एक एरो यहां से निकल
- 6:36:29रहा है और एक यहां ये मतलब ये दो एरोस
- 6:36:33आपके पास हैं। अब यहां पे गौर करो क्या कह
- 6:36:36रहा है?
- 6:36:38ओनली वन फ्लो लाइन शुड एंटर अ डिसीजन
- 6:36:40सिंबल। तो ये तो बात दुरुस्त लग रही है।
- 6:36:43लेकिन ओनली वन फ्लो लाइन शुड लीव अ डिसीजन
- 6:36:46सिंबल। ठीक है? ऐसा नहीं हो रहा। ठीक है?
- 6:36:49मतलब आप देखें कि ओनली वन फ्लो लाइन शुड
- 6:36:52एंटर अ प्रोसेस सिंबल। तो ये एक फ्लो लाइन
- 6:36:56एंटर हो रही है। बिल्कुल ठीक। ओनली वन
- 6:36:58फ्लो लाइन शुड लीव अ प्रोसेस सिंबल। ठीक
- 6:37:01है? और एक एरो का ही इस्तेमाल हो रहा है
- 6:37:04एरो लाइंस का। और उसके बाद यह भी बात मतलब
- 6:37:06यह सूटेबल नहीं है। और सी में देखें ओनली
- 6:37:09वन फ्लो लाइन शुड एंटर अ डिसीजन सिंबल।
- 6:37:12ठीक है? तो ये भी बात दुरुस्त है। लेकिन
- 6:37:14ये बात दुरुस्त नजर नहीं आ रही कि ओनली वन
- 6:37:17फ्लो लाइन शुड लीव अ डिसीजन सिंबल। तो एक
- 6:37:20फ्लो लाइन जो है वो अह लीव नहीं कर रही
- 6:37:23बल्कि दो फ्लो लाइंस है ना। ठीक है? ये
- 6:37:25देखो मैं दोबारा यहां पे भी बना देता हूं
- 6:37:26कि अगर हम डिसीजन सिंबल को देखें। ठीक है?
- 6:37:29है तो ये एक फ्लो लाइन है और एक ये फ्लो
- 6:37:31लाइन है। ठीक है? या तो यस होगा या तो नो
- 6:37:34होगा। तो मेरा ख्याल है कि ये एक इज़ नॉट अ
- 6:37:37जनरल कन्वेंशन। तो आमतौर पे हम ये एक
- 6:37:42तरीका नहीं है जिसको आप कहना चाहिए। तो ये
- 6:37:44एक तरीका है। ये स्टैंडर्ड है। तो इसलिए
- 6:37:47डी ऑप्शन जो है इस तरस में राइट नजर आ रहा
- 6:37:50है। उम्मीद है आपको ये बात समझ में आई
- 6:37:52होगी। ठीक है बेटा?
- 6:37:55उसके बाद देखें एल्गोरिथ्म मीन्स
- 6:37:57एल्गोरिथ्म का मतलब क्या है कि सॉल्विंग अ
- 6:38:00प्रॉब्लम विद सॉरी एयर टेकिंग
- 6:38:04लॉगरिथम ऑफ़ ऑल द मैथमेटिकल क्वांटिटीज़ इन
- 6:38:07अ प्रॉब्लम या फिर सॉल्विंग अ प्रॉब्लम
- 6:38:09विद वेल डिफाइंड प्रोसीजर्स बेस्ड ऑन
- 6:38:11मैथमेटिकल फ़ूलाज़
- 6:38:14या प्रोसेसिंग ऑफ डेटा बाय कंप्यूटर। ओके?
- 6:38:18एंड डी सॉल्विंग अ प्रॉब्लम विद द हेल्प
- 6:38:20ऑफ अ कंप्यूटर। ठीक है? अब इसमें जो राइट
- 6:38:24वन है वो क्या हो सकता है? ठीक है ना? एक
- 6:38:27स्टैंडर्ड
- 6:38:29अगर हम देखें तो इसको हम
- 6:38:34इतना समझ सकते हैं एल्गोरिथम को हम एक जो
- 6:38:37इसमें सूटेबल है वो क्या है? इट्स
- 6:38:39सॉल्विंग अ प्रॉब्लम विद वेल डिफाइंड
- 6:38:41प्रोसीजर्स। ओके? बेस्ड ऑन मैथमेटिकल
- 6:38:43फ़ूलाज़। तो मेरा ख्याल है कि बी एक सही
- 6:38:46हमें नज़र आ रहा है कि इट इज़ अ सूटेबल। कि
- 6:38:50हम एक वेल डिफाइंड प्रोसीजर होता है।
- 6:38:54एल्गोरिथ्म वेल डिफाइंड नहीं होगा। तो हम
- 6:38:56किस तरह से प्रॉब्लम को सॉल्व करेंगे?
- 6:38:59यानी एक प्रॉब्लम की डेफिनेशन है ना कि अ
- 6:39:01प्रॉब्लम शुड बी वेल डिफाइंड। यानी कि
- 6:39:03प्रॉब्लम जो है
- 6:39:05अ प्रॉब्लम
- 6:39:11ओके? मस्ट बी
- 6:39:17अन्बिगस।
- 6:39:25ठीक है ना? एक प्रॉब्लम जो है वो
- 6:39:27अन्बिगियस होना चाहिए। ए्बियस ना हो। ठीक
- 6:39:30है? मतलब कॉन्फ्लिक्ट ना हो उसमें किसी
- 6:39:32किस्म का कंफ्यूजन ना हो।
- 6:39:38उसके बाद स्टूडो कोड इज़ अ ऑपरेशन कोड है,
- 6:39:42लिमिटेशन ऑफ़ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कोड है
- 6:39:44या नन ऑफ़ अबव। तो याद रखो कि स्टूडो कोड
- 6:39:46बेसिकली है क्या? बेटा को सूडोक कोड
- 6:39:49बेसिकली क्या है? सूडोक
- 6:39:53यह दो वर्ड है बेसिकली
- 6:39:56मींस होता है फेक
- 6:40:01और कोड मींस प्रोग्राम। ठीक है? या कोई
- 6:40:04स्क्रिप्ट।
- 6:40:06अब ये फेक का मतलब यहां पे ये नहीं है
- 6:40:08गलत। फेक का मतलब है कि ये एक्चुअली एक
- 6:40:11प्रोग्राम नहीं होता। लेकिन यह किसी भी ह
- 6:40:14लैंग्वेज में कोड करने के लिए बहुत ही
- 6:40:17हेल्पफुल हो जाता है। मतलब यूं कह लो कि
- 6:40:19आपका 70 टू 80% काम जो हो जाता है। आपका
- 6:40:22आईडिया बन जाता है। आपको एक जनरल आईडिया
- 6:40:24मिल जाता है। आप जब इसको स्टूडो कोड बना
- 6:40:26लेते हो तो बस सिर्फ और सिर्फ आप सेट ऑफ
- 6:40:29रूल्स का ख्याल रखते हुए उस स्टूडो कोड को
- 6:40:31आप उस हिसाब से फिर आप किसी भी लैंग्वेज
- 6:40:34में इजीली ट्रांसफॉर्म कर सकते हो। यह
- 6:40:37सूडो कोड का फायदा होता है और
- 6:40:41ओ लेवल्स या एज लेवल्स के अंदर तो बड़ा ही
- 6:40:43इंपॉर्टेंट टॉपिक है। इसमें ये अमूमन
- 6:40:46क्वेश्चन पूछे जाते हैं स्टूडो कोड के
- 6:40:47हवाले से। जैसे मैट्रिक सिस्टम में
- 6:40:50एल्गोरिथम को मून पढ़ाया जाता है। लेकिन
- 6:40:53इसमें सूडो कोड है। तो इसमें ऑपरेशन कोड
- 6:40:56है। इसको ऑपरेशन कोड भी नहीं कहते। ना
- 6:40:57ऑपरेंट है। ये है सी लिमिटेशंस ऑफ़ अ
- 6:40:59प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कोड। ये जो मैं बात
- 6:41:01कर रहा हूं ना ये मतलब इसमें एग्जजेक्टली
- 6:41:04प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के कीवर्ड्स का
- 6:41:06इस्तेमाल नहीं होता। इसके अपने कुछ होते
- 6:41:08हैं कीवर्ड लेकिन वो पूरे के पूरे
- 6:41:10इंप्लीमेंट हम नहीं कर सकते किसी भी
- 6:41:13लैंग्वेज में। ठीक है? वो आपको एक आईडिया
- 6:41:16जरूर दे रहा होता है। सही है? जैसे कि
- 6:41:18आपने स्टार्ट लेना है, स्टूड कोड बनाना
- 6:41:20है। तो हम बाकायदा तौर पे एक कीवर्ड का
- 6:41:22इस्तेमाल कर रहे होते हैं कि इनिशियलाइज़।
- 6:41:24ठीक है ना? इनिशियलाइजर
- 6:41:29इनिशलाइजर करेंगे आप कि मतलब क्या आपने
- 6:41:32ड्यूरेशन करनी है वेरिएबल कितने इस्तेमाल
- 6:41:34करने हैं ठीक है और फिर उसके बाद आप इनपुट
- 6:41:38का कीवर्ड का इस्तेमाल कर सकते हो ठीक है
- 6:41:40इनपुट ए ठीक है ओके फिर इसी तरह आउटपुट के
- 6:41:45लिए आप आउटपुट की कीवर्ड का इस्तेमाल कर
- 6:41:47सकते हो आउटपुट ए इस तरह से हम इसको दे
- 6:41:50रहे होते हैं अगर हम इफ का इस्तेमाल कर
- 6:41:52रहे हैं ठीक है ना तो इफ का इस्तेमाल करके
- 6:41:54के जॉइंट्स को हम जैसे हम सी लैंग्वेज में
- 6:41:59इसको
- 6:42:05इसको हम यूज़ समझें। जैसे C लैंग्वेज में
- 6:42:08आपने देखा है कि ना इफ का इस्तेमाल करते
- 6:42:10हैं हम। तो इफ A
- 6:42:14> B तो इसको ओपन करते हैं। है ना? फिर उसी
- 6:42:17तरह स्टेटमेंट देके फिर इसको क्लोज़ करते
- 6:42:19हैं। अब इसका सूडू कोड इस्तेमाल बनाना है।
- 6:42:21तो सूडू कोड में हम इफ देंगे। ठीक है ना?
- 6:42:24इफ ठीक है a और फिर > b है तो जो भी
- 6:42:29स्टेटमेंट देंगे और फिर हम इसको यहां पे
- 6:42:32बकायदा लिखेंगे एंड इफ ये मतलब है कहने का
- 6:42:36मतलब इसमें सिंबल्स नहीं होंगे यानी
- 6:42:39स्टूडो कोड यही चीज़ अगर मैं स्टूडो कोड
- 6:42:41में रिप्रेजेंट करूंगा बकायदा इफ को मुझे
- 6:42:43एंड कहना है तो मैं कीवर्ड लूंगा एंड इफ।
- 6:42:46ठीक है? इसी तरह अगर और भी है जैसे एंड इफ
- 6:42:48है तो एंड वाइल लूप है जैसे डू वाइल का
- 6:42:51इस्तेमाल करना है तो ये सारी चीजें फिर हम
- 6:42:53इस तरह से देख रहे होते हैं। ये सूड कोड
- 6:42:57होता है और लिमिटेशंस पे काम करता है।
- 6:42:59मतलब ये ये लिमिटेड है। 143 राइटिंग ऑफ़ अ
- 6:43:04प्रोग्राम आफ्टर अ फ्लो चार्ट इज़ ड्रॉन इज़
- 6:43:06नोन एज जब आप फ्लो चार्ट बना लेते हो तो
- 6:43:08वेरी नेक्स्ट स्टेप क्या होता है? जी
- 6:43:10कोडिंग अ प्रोग्राम। सही है ना? याद रखना
- 6:43:12है कि जब आप फ्लो चार्ट डिज़ाइन कर लेते हो
- 6:43:14यानी एल्गोरिथम बनाने के बाद उसके बाद
- 6:43:17फ्लो चार्ट ड्रॉ करने के बाद तो फिर हम
- 6:43:19कोडिंग द प्रोग्राम की तरफ बढ़ते हैं। ठीक
- 6:43:21है? एंड दिस इज़ वेरीेंट। ओके? अनदर स्टेप।
- 6:43:25उसके बाद स्ट्रक्चर प्रोग्रामिंग इज़
- 6:43:27यूज़फुल फॉर डेवलपिंग प्रोग्राम्स व्हिच आर
- 6:43:30एरर फ्री या टेक लेस डेवलपमेंट टाइम आर
- 6:43:32मोर अंडरस्टैंडेबल। असल में स्ट्रक्चर
- 6:43:35लैंग्वेज के बारे में तो जाहिर है मशहूर
- 6:43:37है कि होती तो मुश्किल है लेकिन जबरदस्त
- 6:43:40आपको लॉजिक्स देती है या नहीं अगर हमें
- 6:43:42प्रोग्रामिंग अभी मैंने कुछ देर पहले ये
- 6:43:45बात की थी ना कि स्ट्रक्चर प्रोग्रामिंग
- 6:43:48जैसे सी लैंग्वेज है अगर हमें
- 6:43:49प्रोग्रामिंग के कांसेप्ट्स और
- 6:43:50प्रोग्रामिंग के एथिक्स को समझना है तो
- 6:43:53स्ट्रक्चर लैंग्वेज बड़ी हेल्पफुल करती
- 6:43:55है। ठीक है? बड़ी मददगार साबित होती हैं।
- 6:43:57अगर आपको प्रोग्रामिंग की फील्ड में कुछ
- 6:43:59करना है। ओके? तो इसलिए एक तो ये थोड़ी
- 6:44:03मेहनत तो होती है इसमें। ठीक है? और बड़ी
- 6:44:06डिटेल भी इसमें हम करते हैं क्योंकि
- 6:44:08स्ट्रक्चर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जो है
- 6:44:10बेसिकली बेटा ये दो तरह की अप्रोच का
- 6:44:13इस्तेमाल कर रही होती है और वो होती है एक
- 6:44:16टॉप डाउन अप्रोच होती है
- 6:44:19एक होती है टॉप डाउन अप्रोच
- 6:44:23और एक होती है बॉटम अप।
- 6:44:29टॉप डाउन अप्रोच एंड बॉटम
- 6:44:33अप्रोच।
- 6:44:34ठीक है? टॉप डाउन अप्रोच जो है वो मतलब
- 6:44:37इसको आप कहेंगे कि टॉप डाउन का मतलब ये है
- 6:44:39कि जब हम एक मेन प्रोग्राम को स्कैटर करते
- 6:44:42हैं। मतलब स्मॉल प्रोग्राम फिर स्मॉलर
- 6:44:44प्रोग्राम मज़द डिवाइड होता जाए। ठीक है?
- 6:44:47या फिर इसी तरह बॉटम अप जो है यूं कह लो
- 6:44:49कि आप उसको रिवर्स एक्शन कह लो इसका टॉप
- 6:44:52डाउन का रिवर्स एक्शन कि भाई मुख्तलिफ जो
- 6:44:54स्मॉलर प्रोग्राम्स हैं वो कंपोज होते
- 6:44:57जाएं। ठीक है? और मेन प्रोग्राम की तरफ
- 6:44:59बढ़ रहे हो। तो दोनों अप्रोच हैं और
- 6:45:02ज्यादातर जो है वो टॉप स्ट्रक्चर में हम
- 6:45:04टॉप डाउन का ही इस्तेमाल कर रहे होते हैं
- 6:45:06कि जिसमें एक मेन प्रोग्राम जो होता है वो
- 6:45:09क्लासेस में और मतलब डिफरेंट मॉड्यूल्स
- 6:45:12में डिवाइड होता जाता है। ठीक है? तो वो
- 6:45:14ये कह रहा है कि इसमें क्या फायदा मतलब
- 6:45:16स्ट्रक्चर प्रोग्रामिंग के वजह से यूज़फुल
- 6:45:18कैसे है? लेकिन सभी हमें नज़र आ रहे हैं।
- 6:45:20एरर फ्री हमें करता है क्योंकि चीजों को
- 6:45:22हम बड़े डीप में देख रहे होते हैं। है ना?
- 6:45:25उसको स्कैटर कर रहे होते हैं। तो चीजें
- 6:45:27जितनी स्कैटर होंगी तो उसको समझना फिर
- 6:45:29उसको मान लिया कि टाइम लगेगा। लेकिन फिर
- 6:45:32भी एक
- 6:45:35अह अच्छा हो जाएगा। ठीक है ना? और
- 6:45:37अंडरस्टैंडेबल हो जाएगा। तो लिहाज़ा हमारे
- 6:45:40पास सी ऑप्शन ऑल ऑफ़ द अबव सूटेबल है।
- 6:45:45उसके बाद देखिए 145 अ पैरेललोग्राम इज़ अभी
- 6:45:48हमने फ्लो चार्ट सिंबल्स की बात की है।
- 6:45:50ठीक है? फ्लो चार्ट सिंबल्स में मुख्तलिफ
- 6:45:52स्टैंडर्ड जो फ्लो चार्ट सिंबल्स हैं। तो
- 6:45:54जैसे प्रोसेस की बात की अब पैरेललोग्राम
- 6:45:56जो है। ठीक है? वो क्या है? अच्छा ये बात
- 6:45:58फिर मैं बता दूं कि ये जो आपसे एमसीक्यूस
- 6:46:01में ऑप्शंस में दिया हुआ है ना ये इन
- 6:46:03टर्म्स ऑफ़ बेसिक की बात कर रहा है। ठीक
- 6:46:05है? ये एक्चुअली बेसिक जो लैंग्वेज है ये
- 6:46:09उसके हवाले से बात कर रहा है। ठीक है? ये
- 6:46:11जो कीवर्ड्स का इस्तेमाल हुआ हुआ है ना जो
- 6:46:13आप देख रहे हो ये ना C लैंग्वेज में है और
- 6:46:15ना ये C++ या Python की बात कर रहा है। ये
- 6:46:18बेसिक जो लैंग्वेज है ये उसमें जो
- 6:46:21कीवर्ड्स इस्तेमाल हो रहे हैं ये उसके
- 6:46:22हैं। ये प्लीज इसको अपने ज़हन में रखना है।
- 6:46:26वरना आप कंफ्यूज होगे कि यार ये तो होता
- 6:46:27ही नहीं है। ये कहां देखते हैं हम ये वो
- 6:46:29फला फला इस्लाम। तो अब पैरेललोग्राम जो है
- 6:46:32वो बेसिकली किस मकसद के लिए इस्तेमाल होता
- 6:46:33है? अभी हमने बताया था आपको कि रीड एंड
- 6:46:37इनपुट सॉरी एस से शुरू करें। रीड एंड
- 6:46:39प्रिंट है तो रीड माने रीड रेफर करता है
- 6:46:42इनपुट को और प्रिंट करता है आउटपुट को।
- 6:46:44फिर इसी तरह रीड इनपुट है तो एंड इनपुट ये
- 6:46:47भी सेम है। तो इसका मतलब ये तो हो नहीं
- 6:46:48सकता। और बिगेन स्टार्ट बिगेन का मतलब
- 6:46:53शुरुआत और एंड माने। ठीक है? जाहिर है कि
- 6:46:56एंड होना किसी चीज का तो यह भी सूटेबल
- 6:46:58नहीं लग रहा। और फॉर एंड नेक्स्ट तो यह
- 6:47:00लूपिंग के लिए है। तो लिहाजा ए इज़ द बेस्ट
- 6:47:04वन क्योंकि पैरेललोग्राम जो है रीडिंग एंड
- 6:47:06राइटिंग रीड और राइट का मतलब रीड का मतलब
- 6:47:08इनपुट और राइट मींस आउटपुट यहां पर प्रिंट
- 6:47:10का इस्तेमाल किया जा रहा है तो ये बेसिक
- 6:47:12के हवाले से बात हो रही है तो दिस इज़ द
- 6:47:14राइट ऑप्शन और सिंबल मैंने आपको बता दिया
- 6:47:17पैरेललोग्राम कि इस तरह से
- 6:47:21ये सिंबल होता है ठीक है इनेबल थोड़ा सा
- 6:47:25ये आप देख सकते ठीक है
- 6:47:29उसके बाद देखेंगे एन अर्थमैटिक एक्सप्रेशन
- 6:47:31इन बेसिक मे कंसिस्ट ऑफ वही बेसिक के
- 6:47:33हवाले से बात हो रही है। बेसिक ये देख रहे
- 6:47:35हो जब भी ये यूं सब कैपिटल में लिखे होंगे
- 6:47:38ना तो समझ जाना कि लैंग्वेज के हवाले से
- 6:47:40बात हो रही है। तो बेसिक मेक कंसिस्ट ऑफ़
- 6:47:43एक अरथमैटिक एक्सप्रेशन में वेरिएबल
- 6:47:45फंक्शन कांस्टेंट तो जाहिर है ये सब कुछ
- 6:47:48ही शामिल है। ओके? ऑल ऑफ दीज़
- 6:47:52यानी एज अ यानी कि अरथमैटिक एक्सप्रेशन जब
- 6:47:56भी हम बनाएंगे तो वो एज अ वेरिएबल भी
- 6:47:58इस्तेमाल हो सकता है। एज अ हम वैल्यू को
- 6:48:00फिक्स भी कर सकते हैं। ये देखो ये अगर
- 6:48:03तुमने a =
- 6:48:07अब ये 10 ठीक है? या आपने इनपुट
- 6:48:11a कर दिया। हां 10 20 सही है। तो ये एज अ
- 6:48:15कांस्टेंट भी इस्तेमाल हो रहा है। एज अ
- 6:48:17इनपुट भी इस्तेमाल हो रहा है। ठीक है?
- 6:48:19यानी एज अ वेरिएबल अननोन वैल्यू सही है?
- 6:48:22और एज अ फंक्शन के भी हम इसको इस्तेमाल कर
- 6:48:25सकते हैं। ऑल ऑफ़ दिस
- 6:48:30147 में देखेंगे। इन बेसिक अ कॉन्स्टेंट
- 6:48:32कैन बी ऑफ़ द टाइप इन बेसिक। अ कांस्टेंट
- 6:48:36कैन बी ऑफ द टाइप इन द स्ट्रिंग है या
- 6:48:39न्यूमेरिक है न्यूमेरिक और स्ट्रिंग है या
- 6:48:40नन ऑफ़ ऑफ़ द अबव है। ठीक है? एक कांस्टेंट
- 6:48:43की बात कर रहा है कि वो किस टाइप में हो
- 6:48:46सकता है? स्ट्रिंग में हो सकता है या
- 6:48:48न्यूममेरिक में हो सकता है या फिर
- 6:48:49न्यूममेरिक और स्ट्रिंग दोनों में हो सकता
- 6:48:51है। जाहिर है तो न्यूममेरिक भी हो सकता है
- 6:48:53और स्ट्रिंग भी ये हो सकता है। ठीक है?
- 6:48:57क्या आप न्यूमेरिक जैसे अभी मैंने बात की।
- 6:48:59ठीक है? ये देखो अगर 10 a = या 20 पे अगर
- 6:49:04आप स्ट्रिंग दे रहे हो $
- 6:49:07और
- 6:49:09abc ठीक है स्ट्रिंग को हम इनवर्टेड कॉमाज़
- 6:49:13में देते हैं तो ये मतलब है उसके बाद कह
- 6:49:16रहा है द सिस्टम कमांड यूज़्ड इन बेसिक
- 6:49:19बेसिक के अंदर रहते हुए हम सिस्टम कमांड
- 6:49:22की बात कर रहे हैं तो सिस्टम कमांड जो है
- 6:49:24किस लिए इस्तेमाल होती है जैसे आप देखते
- 6:49:25हो ना Windows में Windows में अगर हमने
- 6:49:28उसको क्लज़ क्लोज़ करना है तो शट डाउन करते
- 6:49:30हैं या हर एप्लीकेशन में देख लो आप फाइल
- 6:49:33पे क्लिक करते हो तो क्लोज का ऑप्शन लिखा
- 6:49:34हुआ आता है या उससे क्विट होने के लिए तो
- 6:49:37इस तरह जी बेसिक या बेसिक के अंदर एक
- 6:49:39कमांड होती है और इसको हम कहते हैं सिस्टम
- 6:49:41तो सिस्टम कमांड की अप्लाई करने से क्या
- 6:49:43होता है जैसे फर्ज़ कि आप GW बेसिक के
- 6:49:45एनवायरमेंट में हो ना ओके तो अब आपने
- 6:49:47प्रोग्रामिंग कर ली अब आपको इससे क्विट
- 6:49:49होना है ठीक है तो डायरेक्ट क्लोज नहीं
- 6:49:51बल्कि आप बकायदा तौर पे इसके लिए एक कमांड
- 6:49:54होती है पहले आप सिस्टम ये लिखते हो और
- 6:49:58एंटर करते हो। जैसे ही एंटर करते हो तो ये
- 6:50:00कंप्लीटली आपको परमानेंटली क्विट कर देता
- 6:50:03है। ठीक है ना? यानी परमानेंटली आप जीलो
- 6:50:05बेसिक से क्विट कर जाते हो। इसका मतलब ये
- 6:50:08है कि अब आपको अगर वापस आना है बेसिक पे
- 6:50:10तो यू हैव टू लोड अगेन। सही है? ये मतलब
- 6:50:12है इसका। तो इसलिए एक थोड़ा सा आपका एक
- 6:50:16चेंज करने के लिए कि भ क्या ये चेंज होता
- 6:50:18है? इसको हम चेंज करने के लिए यूज़ करते
- 6:50:21हैं या फिर एंड करने के लिए यूज़ करते हैं।
- 6:50:22प्रोग्राम को एंड करने के लिए मतलब इसके
- 6:50:25लिए तो यूज़ नहीं होता। या गो टू नो बर के
- 6:50:29बाय बाय का मतलब यहां पर क्या वही चीज कि
- 6:50:31परमानेंटली मतलब होता है ना जैसे हम चले
- 6:50:33जाते हैं तो इतना अगर हमें बेसिक से
- 6:50:35निकलना है जाना है तो ये उस सेंस में कह
- 6:50:38रहा है तो बाय
- 6:50:43नेक्स्ट है अ सीक्वेंस ऑफ़ कररेक्टर्स इन
- 6:50:45रेफरेंस टू बेसिक इज़ कॉल्ड सीक्वेंस ऑफ़
- 6:50:48कररेक्टर्स हैं भाई जाहिर है तो ये नंबर
- 6:50:50ऑफ़ कररेक्टर्स को रेफर कर रहा है तो इसलिए
- 6:50:52स्ट्रिंग में आएगा। ठीक है? स्प्रिंग का
- 6:50:55मतलब यही है कि मल्टी कररेक्टर्स। ओके?
- 6:51:01फिर आता है व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज़ नॉट अ
- 6:51:03कमांड इन बेसिक? अच्छा। अब यहां पर थोड़ा
- 6:51:07सा आपको बताना है मुझे। ठीक है?
- 6:51:12कि बेसिक में दो तरह के मोड्स होते हैं।
- 6:51:22ठीक है ना? कमांड मोड्स
- 6:51:28यानी एक होता है डायरेक्ट मोड
- 6:51:32और एक होता है इनडायरेक्ट मोड।
- 6:51:36ठीक है? तो अभी हम बात करेंगे कमांड की।
- 6:51:38तो कमांड जितनी भी हैं याद रखिएगा जितनी
- 6:51:41भी कमांड्स हैं वो डायरेक्ट मोड पे होती
- 6:51:42हैं। सही है? और जितने भी स्टेटमेंट है वो
- 6:51:45इनडायरेक्ट पे होती हैं। मतलब लाइन नंबर्स
- 6:51:47यानी विदाउट लाइन नंबर हम इस्तेमाल करेंगे
- 6:51:49कमांड्स को। तो कमांड्स बहुत सारी हैं
- 6:51:51भाई। ठीक है? रन हो गया। उसके बाद आपके
- 6:51:54पास लिस्ट है। ठीक है? और इस तरह सेव
- 6:51:58वगैरह ये लोड ओके फाइल्स ये सब कमांड्स
- 6:52:02हैं। सिस्टम में अभी हमने पढ़ा इस तरह
- 6:52:03स्टेटमेंट भी अलग हैं। तो स्टेटमेंट्स का
- 6:52:05काम अलग होता है और कमांड्स का काम अलग
- 6:52:09होता है। तो इसमें पूछ रहा है आपसे। अब ये
- 6:52:11इसके लिए आपको याद रखनी होंगी। इसके लिए
- 6:52:13ट्रिक यही है कि आप एक लिस्ट जो है
- 6:52:16कमांड्स की वो वो याद रखें और स्टेटमेंट
- 6:52:20कौन सी होती है वो याद रखें। तो यह इसका
- 6:52:22जवाब आपको आसानी से मिल जाएगा। तो इसमें
- 6:52:25जो है इज़ नॉट अ कमांड इन बेसिक है। तो रन
- 6:52:27एक कमांड है। रीड एक स्टेटमेंट है। लिस्ट
- 6:52:30एक कमांड है। सेव एक कमांड। तो राइट ऑप्शन
- 6:52:32क्या है? रीड। क्योंकि रीड का इस्तेमाल जो
- 6:52:35होता है विद लाइन नंबर होता है। जैसे फर्ज़
- 6:52:36किया 10 और मैं लिखूंगा रीड। ओके? एंड ए
- 6:52:40और बी। इस तरह से। तो ये एक विद लाइन नंबर
- 6:52:43इस्तेमाल की जाती है। इसलिए ये कमांड में
- 6:52:46एज अ ट्रीट नहीं होती है।
- 6:52:49[संगीत]
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- 6:57:17नेक्स्ट देखें तो इफ वन वांट वांट्स टू
- 6:57:19एंटर डेटा इंटू अ बेसिक प्रोग्राम बाय अ
- 6:57:21टर्मिनल देन वन जनरली यूजज़। तो ये
- 6:57:24एक्चुअली रेफर कर रहा है कि अगर मुझे एक
- 6:57:29डेटा को एंटर करना है बेसिक के अंदर और
- 6:57:32ताकि फिर मैं इसका इस्तेमाल कर रहे हो
- 6:57:34ताकि टर्मिनल जो है एज अ डेटा को चेंज भी
- 6:57:37करना चाह रहा हूं। तो उसके लिए हम क्या
- 6:57:39यूज़ करेंगे? उसके लिए बड़ी कॉमन सी
- 6:57:41स्टेटमेंट है इनपुट स्टेटमेंट। इनपुट
- 6:57:43स्टेटमेंट का इस्तेमाल जो है हमें क्या
- 6:57:45देता है? इफ वन वांट्स टू एंटर डेटा इंटू
- 6:57:48अ बेसिक। देखो रीड भी इनपुट का काम करती
- 6:57:50है। लेकिन इसमें हम प्रोग्राम इसमें रीड
- 6:57:53में और इनपुट में फर्क है। ठीक है ना? रीड
- 6:57:55में हम मेंशन कर देते हैं। मतलब प्रोग्राम
- 6:57:57के अंदर ही हम रीड लिख के बकायदा
- 6:58:00वेरिएबल्स को डिफाइन करते हैं और उसी के
- 6:58:04नीचे डेटा ठीक है? ये लिख के देन डेटा
- 6:58:07फर्ज किया ab न्यूमेरिक है तो 10 और 20 कर
- 6:58:10देंगे। तो ये गिवन है। आपने प्रोग्राम के
- 6:58:12अंदर इसको डिफाइन कर दिया। ठीक है? लेकिन
- 6:58:14इनपुट आपको क्या प्रोवाइड करता है? ये
- 6:58:16आफ्टर एग्जीक्यूशन वर्क करता है। यानी
- 6:58:18प्रोग्राम एग्जीक्यूट करते हैं। तो फिर ये
- 6:58:20आपसे पूछ रहा है। तो एंटरिंग हो रही है
- 6:58:22जैसे अब आप उसमें डेटा को एंटर कर सकते हो
- 6:58:25अपनी मर्जी से। ठीक है? अकॉर्डिंग टू
- 6:58:27प्रोग्राम यानी वेरिएबल्स यानी न्यूममेरिक
- 6:58:29या स्ट्रिंग जो भी है। उम्मीद है ये बात
- 6:58:31समझ में आई होगी। तो ये फर्क है। ठीक है?
- 6:58:35ज़हन में सवाल आया होगा ना कि यार रीड मनी
- 6:58:37में तो सर इनपुट होता है। नो वो तो ठीक है
- 6:58:40लेकिन इसकी जो एग्जीक्यूशन इसकी जो काम है
- 6:58:42उसके फंक्शन में फर्क है। ठीक है? वो ये
- 6:58:44है जो मैंने आपको बताया कि रीड में हम
- 6:58:46प्रोग्राम के अंदर ही डेटा को मतलब
- 6:58:48वेरिएबल्स में सेंड कर देते हैं और फिर
- 6:58:50उसमें डेटा रीड और डेटा दोनों कंपाउंड
- 6:58:52स्टेटमेंट है। दोनों एक साथ वर्क करती
- 6:58:54हैं। अलोन वर्क नहीं कर सकती बेसिक में।
- 6:58:58उसके बाद देखिए इन द एक्सप्रेशन दिस वन ये
- 6:59:00बड़ा एक मैथमेटिकल सवाल आ गया जी। ठीक है?
- 6:59:03ये वाला ये पूरी एक एक्सप्रेशन है। देख
- 6:59:05रहे हैं आप? ठीक है? तो कह रहे हैं बेसिक
- 6:59:08व्हिच ऑपरेशन विल बी परफॉर्म फर्स्ट। तो
- 6:59:11इसका सिंपल जवाब यही बन सकता है पहले तो
- 6:59:14कि ऑर्डर ऑफ़ प्रेसिडेंस।
- 6:59:18कंप्यूटर के अंदर एक पॉपुलर है। ऑर्डर ऑफ़
- 6:59:23प्रेसिडेंस। दूसरे लफ्ज़ों में मैथमेटिक्स
- 6:59:25के स्टूडेंट हो तो आपको बताया जाता है ना
- 6:59:29कि कुछ डिमास रूल है। एक डिमास होता है।
- 6:59:32बमास होता है। फिर एक और भी होता है। वह
- 6:59:36मैं आगे आगे बताऊंगा। अभी अभी एक एमसीक्यू
- 6:59:38आएगा वहां पे शूट करेगा। तो आप इसको यह तो
- 6:59:41मैथमेटिक्स है। लेकिन बीइंग अ कंप्यूटर
- 6:59:42स्टूडेंट आपको ये याद रखना है कि ये टर्म
- 6:59:44ऑर्डर ऑफ़ प्रेसिडेंस होती है एक चीज़। ठीक
- 6:59:46है? जब आप प्रोग्रामिंग के थ्रू अरथमैटिक
- 6:59:48ऑपरेशन को सॉल्व करने जा रहे होते हो तो
- 6:59:50उसके लिए फिर आपको ध्यान रखना है कि
- 6:59:53कंप्यूटर जो है प्रायोरिटी लेता है। मतलब
- 6:59:54लो प्रायोरिटी एंड हाई प्रायोरिटी। ठीक
- 6:59:56है? ऑपरेटर्स की कुछ प्रायोरिटी होती है
- 6:59:58और ऑपरेटर्स प्रायोरिटी बेस्ड जो है वो
- 7:00:00सॉल्व होते हैं। कंप्यूटर जो है उनको अपनी
- 7:00:02प्रायोरिटी से सेट करते हुए उसको सॉल्व
- 7:00:04करता है। तो अब इसमें आपके पास अर्थमैटिक
- 7:00:06ऑपरेटर्स कौन-कौन से हैं? देखो प्लस भी
- 7:00:07है, माइनस भी है और डिवाइड भी है। अगर ये
- 7:00:10होगा तो याद रखना है कि सबसे पहले इस
- 7:00:12एक्सप्रेशन में डिवाइड जो है पहले सॉल्व
- 7:00:15होगा। ये आपको याद रखना है। तो डिवीज़
- 7:00:17सिंबल जो है वो विल बी परफॉर्म फर्स्ट। इस
- 7:00:20लिहाज से हां डिवाइड नहीं है तो फिर जाहिर
- 7:00:22है कि प्लस एंड देन माइनस।
- 7:00:25आपको लग रहा होगा सर यह तो डिमा से भी हो
- 7:00:28सकता है या बॉटमस भी आप फॉलो कर रहे हैं?
- 7:00:30नहीं एग्जैक्टली बॉटमस या डिमा रूल याद
- 7:00:32रखना ऑर्डर ऑफ प्रेसिडेंस में फॉलो नहीं
- 7:00:34होता। ठीक है? इसकी अभी आगे वजह मैं आपको
- 7:00:37बताऊंगा।
- 7:00:40उम्मीद है ये बात समझ में आई होगी आपको।
- 7:00:46जी।
- 7:00:50ठीक है बेटा? तो ये देखें। तो इसमें आपको
- 7:00:53ख्याल रखना है कि कंप्यूटर जो है वो ऑर्डर
- 7:00:55ऑफ प्रेसिडेंस पर काम करता है और
- 7:00:57प्रायोरिटी वाइज। ठीक है? अगर एक्सप्रेशन
- 7:00:59में प्लस माइनस डिवाइड हो तो पहले इस
- 7:01:01हिसाब से ऑर्डर ऑफ़ प्रेसिडेंट ऑर्डर ऑफ़
- 7:01:03प्रेसिडेंस के लिहाज़ से पहले डिवीज़न सिंबल
- 7:01:06सॉल्व होगा। देन फिर फ़दर आगे ऑपरेटर्स
- 7:01:09होंगे। ठीक है?
- 7:01:11उसके बाद नेक्स्ट देखें। तो व्हिच ऑफ़ द
- 7:01:13फॉलोइंग इज़ एन इनकरेक्ट बेसिक एक्सप्रेशन?
- 7:01:16अब बेसिक के हवाले से बात हो रही है। तो
- 7:01:18जी बेसिक यू नो के इसके अपने सेट ऑफ रूल्स
- 7:01:21होते हैं। अब इसमें आप देखो तो बी अगर मैं
- 7:01:24बी डी से अगर मैं शुरू करूं तो इसमें कह
- 7:01:28रहा है कि जी ऑल ऑफ द अबव आर करेक्ट
- 7:01:31एक्सप्रेशन। ऐसा तो नहीं है। तो ये तो हो
- 7:01:33नहीं सकता क्योंकि इसमें कोई ना कोई एक
- 7:01:34ऐसा है कि जो कि इनकरेक्ट है। अब सी में
- 7:01:38देखो तो सी बिल्कुल ठीक है। ओके? इट इज़
- 7:01:40राइट वन। बी में देखें तो बिल्कुल डिवीज़
- 7:01:42सिंबल का इस्तेमाल हो रहा है प्रॉपर्ली।
- 7:01:45लेकिन अगर आप देखें यहां पर A को तो A में
- 7:01:48एक्चुअली ये होना चाहिए था U
- 7:01:51X
- 7:01:55X और फिर स्टेरिक का इस्तेमाल करके देन Y
- 7:01:59+ Z अब वो लोअर केस अपर केस का कोई इशू
- 7:02:04नहीं है। ये हम बात कर चुके हैं। लिहाजा
- 7:02:06ये इनकरेक्ट है। ठीक है?
- 7:02:09बाकी यह
- 7:02:11रॉन्ग है।
- 7:02:14उसके बाद इन अ बेसिक एक्सप्रेशन वि ऑफ द
- 7:02:17फॉलोइंग इज करेक्ट? इनमें से कौन सा
- 7:02:20करेक्ट हमें ऑपरेशन नजर आ रहा है? अब इसके
- 7:02:24लिए जो मैंने अभी आपको थोड़ी देर पहले
- 7:02:25बताया कि एक तो आपको पता है कि डीमैस रूल
- 7:02:28होता है।
- 7:02:31फिर एक बडस होता है।
- 7:02:36लेकिन फिर एक होता है इसको समझने के लिए।
- 7:02:37इसके लिए होता है एक पेनदास।
- 7:02:42ठीक है? तो ये आप बेहतर समझ लोगे क्योंकि
- 7:02:44इसमें देखो लिखा है कि मल्टीप्लिकेशन इज़
- 7:02:46परफॉर्म बिफोर एक्सप्पोनेंशियल। ठीक है?
- 7:02:49तो यहां पर ये जो पेंदास है बेसिकली ये
- 7:02:51पैरेंथेसिस पी फॉर पैरेंथेसिस है। ठीक है?
- 7:02:54और ई एक्सप्पोनेंट को जाहिर करता है। ठीक
- 7:02:56है?
- 7:02:58एक्सप्पोनेंट
- 7:03:00और एम फॉर मल्टीप्लिकेशन। ठीक है? और ये
- 7:03:06ये डिवीजन
- 7:03:10ये एडिशन
- 7:03:15और ये सबट्रैक्शन
- 7:03:21तो इस हिसाब से अब आप देख लें। अब इसको
- 7:03:23अगर आप ध्यान में रखोगे तो आपके लिए आसान
- 7:03:25हो जाएगा। इस फ़ूले को अगर आप देख लो तो
- 7:03:28मल्टीप्लिकेशन इज़ परफॉर्म्ड बिफोर
- 7:03:30एक्सपोनेंशियल। ठीक है? तो मल्टीप्लिकेशन
- 7:03:34जो है वो एक्सपोनेंट से पहले सॉल्व हो रहा
- 7:03:38है। तो ये बात आपके पास दुरुस्त नहीं है।
- 7:03:41तो हमें तो करेक्ट ढूंढना है ना। तो इसलिए
- 7:03:43ये तो नहीं हो सकता। उसके बाद बी देखें।
- 7:03:45एडिशन इज़ परफॉर्म बिफोर मल्टीप्लिकेशन। तो
- 7:03:48यहां पर गौर करो कि एडिशन जो है वो
- 7:03:49मल्टीप्लिकेशन से पहले परफॉर्म हो रहा है।
- 7:03:51ऐसा भी नहीं है। तो ये बात दुरुस्त नहीं
- 7:03:53है। हमें तो करेक्ट ढूंढना है। अब सी
- 7:03:55देखो। एक्सप्पोनेंशियल इज़ परफॉर्म बिफोर
- 7:03:57डिवीज़। तो एक्सप्पोनेंशियल परफॉर्म बिफोर
- 7:04:00डिवीज़। ठीक है? गौर करो। तो एक्सपोनेंशियल
- 7:04:03जो बिफोर डिवीज़ जो है वो सॉल्व हो रहा है।
- 7:04:05तो ये अभी आप हैंग ऑन रखें और डी को
- 7:04:08देखें। एक्सपोनेंशियल इज़ परफॉर्म आफ्टर
- 7:04:10डिवीज़ तो इसका मतलब ये बात दुरुस्त नहीं
- 7:04:12है। तो करेक्ट स्टेटमेंट हमें लग रही है
- 7:04:13C। लग रही क्या? एग्जैक्टली यही है
- 7:04:16क्योंकि एक्सपोनेंशियल जो है वो अगर
- 7:04:19एक्सप्रेशन में मौजूद है और डिवीज़ भी है
- 7:04:22तो पहले एक्सप्पोनेंशियल सॉल्व हो रहा है
- 7:04:23एंड देन फिर हम डिवीज़न की तरफ जा रहे हैं।
- 7:04:26तो इसलिए सी ऑप्शन आपका राइट है।
- 7:04:37इसी तरह
- 7:04:39155 अ वेरिएबल इन अ बेसिक प्रोग्राम एक
- 7:04:42वेरिएबल जो है वो किस तरह से डिफाइन किया
- 7:04:45जा सकता है बेसिक में मस्ट अस्यूम डिफरेंट
- 7:04:47वैल्यूज़ एट डिफरेंट प्लेसेस या मेर मे नॉट
- 7:04:50अस्यूम डिफरेंट वैल्यूज़ या मस्ट नॉट
- 7:04:52अस्यूम डिफरेंट वैल्यूज़ एट डिफरेंट
- 7:04:53प्लेसेस इज़ ऑलवेज एंटर्ड थ्रू डेटा
- 7:04:56स्टेटमेंट। तो यह स्टेटमेंट हम किस तरह
- 7:05:01समझ सकते हैं कि वेरिएबल क्या होता है?
- 7:05:03पहले तो हमें देखना होगा ना। तो वेरिएबल
- 7:05:05को आसान लफज़ में हम कह सकते हैं
- 7:05:29और कांस्टेंट भी लिख देता हूं।
- 7:05:54ठीक है बेटा? तो वेरिएबल जो है बेसिकली
- 7:05:56अननोन वैल्यू को रेफर करता है क्योंकि हम
- 7:05:58इसमें डिफाइन करते हैं तो वैल्यू तो नहीं
- 7:06:00होती। तो हम आफ्टर एग्जीक्यूशन प्रोग्राम
- 7:06:02हम वैल्यूस को एंटर करते हैं। जबकि
- 7:06:04कांस्टेंट हम प्रोग्राम के अंदर ही उसको
- 7:06:06असाइन कर देते हैं। यानी कुछ इस तरह से
- 7:06:09अगर आप समझना चाहें तो ये
- 7:06:13इसको मिटाते हैं।
- 7:06:18यहां पे मैं आपको बता देता हूं।
- 7:06:22जैसे बेसिक के हवाले से बात हो रही है।
- 7:06:26a10 a = 4 है। ठीक है? और अगर वेरिएबल में
- 7:06:32दूंगा तो इनपुट
- 7:06:34b कर दूंगा तो गौर करें। दोनों में फर्क
- 7:06:37कि कांस्टेंट दिया तो उसमें वैल्यू असाइन
- 7:06:39है। और इनपुट में b है तो अननोन है। b
- 7:06:41हमें नहीं मालूम कि b की वैल्यू क्या है।
- 7:06:43तो इसलिए मस्ट अस्यूम डिफरेंट वैल्यूज़ एट
- 7:06:46डिफरेंट प्लेसेस। ठीक है? तो दिस इज द
- 7:06:49राइट ऑप्शन।
- 7:06:54उसके बाद नेक्स्ट है द प्रोडक्ट ऑफ़ x एंड
- 7:06:57y इज़ टू बी असाइन टू अ वेरिएबल z इज़ यानी
- 7:07:01वही बेसिक के हवाले से ये बेसिक के
- 7:07:03रेफरेंस से सारी बातें होनी है। फिर मैं
- 7:07:05कह रहा हूं कि इसको आप किसी और लैंग्वेज
- 7:07:07में मत अस्यूम कर लीजिएगा कि भ सी C
- 7:07:08लैंग्वेज में तो सर ऐसा नहीं होता या C++
- 7:07:11में हमने ऐसा नहीं पढ़ा। ठीक है? या Python
- 7:07:13में ऐसा नहीं पढ़ा। तो वो वही मैं कह रहा
- 7:07:14हूं कि बार-बार आपको मैं एक बात समझा रहा
- 7:07:16हूं कि ये जो जितने एमसीक्यू अभी ये चल
- 7:07:18रहे हैं ये सब बेसिक जो लैंग्वेज है उसके
- 7:07:21रेफरेंस से बात हो रही है। तभी आप इसको
- 7:07:23अंडरस्टैंड करोगे सही तरह। ठीक है? तो अगर
- 7:07:26वो कह रहा है कि अगर x और y दो वेरिएबल
- 7:07:29हैं। अगर इसको मैं प्रोडक्ट की सूरत में
- 7:07:31लूंगा तो कैसे मैं इसको इस्तेमाल कर सकता
- 7:07:33हूं। तो डी ऑप्शन इज़ द राइट वन। बिकॉज़ जब
- 7:07:37भी हम बेसिक की बात करते हैं तो उसमें हम
- 7:07:39लेट स्टेटमेंट होती है जो कि ऑप्शनल होती
- 7:07:42है। हालांकि आप इसको ना भी दो। लेकिन बहाल
- 7:07:45इसको हम इस्तेमाल कहां करते हैं? यह जब हम
- 7:07:47कोई फार्मूला
- 7:07:50या कोई एक्सप्रेशन हम यूज़ कर रहे होते हैं
- 7:07:52प्रोग्राम में तो उस वक्त लेट का इस्तेमाल
- 7:07:55करते हैं। तो लेट z इक्व टू एक जा रहा है
- 7:07:58कि x और y को हम प्रोडक्ट दे रहे हैं तो
- 7:07:59बीच में स्टेरिक का इस्तेमाल हो रहा है।
- 7:08:01बाकी जो है वो रॉन्ग है। देखो ना कि लेट
- 7:08:03का इस्तेमाल करके z इक्व टू होना चाहिए
- 7:08:05था। यहां पे माइनस हो गया। तो इसलिए ये
- 7:08:07रॉन्ग हो गया। और यहां पर z = x y मान
- 7:08:10लिया कि मैंने अभी कहा कि लेट का इस्तेमाल
- 7:08:12ना भी करें। लेकिन यहां पे मिस्टेक क्या
- 7:08:14हो रही है? बीच में आपके पास ऑपरेटर मौजूद
- 7:08:17नहीं है। इसलिए ये रॉन्ग हो गया। और बाकी
- 7:08:20ये तो आप समझ गए होंगे कि लेट x वगैरह ये
- 7:08:23एक बिल्कुल अनडिफाइंड है। तो इसलिए राइट
- 7:08:25वन जो है वो डी है। ठीक है?
- 7:08:29उसके बाद देखें व्हाट इज़ मोस्ट
- 7:08:30एप्रोप्रियट फॉर बेसिक लैंग्वेज? इट
- 7:08:32रिक्वायर्स यानी कौन से स्टेटमेंट इनमें
- 7:08:35से एप्रोप्रियट है, मुनासिब है या सूटेबल
- 7:08:37है? इट रिक्वायर्ड ए ऑप्शन में देखो। इट
- 7:08:39रिक्वायर्स डेप्थ नॉलेज ऑफ द कंप्यूटर या
- 7:08:42इट रिक्वायर्स अ लार्ज कंप्यूटर। इट इज़ एन
- 7:08:45इंटर इंटक्टिंग लैंग्वेज या नन ऑफ द अबव।
- 7:08:48तो मतलब इसमें से कौन सा बेसिक लैंग्वेज
- 7:08:51के हवाले से एक एप्रोप्रियट लग रहा है,
- 7:08:53सूटेबल जुमला लग रहा है कि इट रिक्वायर्स
- 7:08:57डेप्थ नॉलेज ऑफ़ द कंप्यूटर। यानी ये एक
- 7:09:00चीज़ हमें जरूरी नहीं है कि बहुत ही ज्यादा
- 7:09:02डेप्थ नॉलेज की हमें जरूरत नहीं है। कुछ
- 7:09:04नुवाहों की जरूरत है। और इट रिक्वायर्स
- 7:09:07लार्ज कंप्यूटर। ऐसी बात भी नहीं है। ये
- 7:09:09लेस मेमोरी में काम करता है भाई। ठीक है?
- 7:09:11इसके लिए लार्ज कंप्यूटर या हैवी कंप्यूटर
- 7:09:13इससे मुराद ये है। ठीक है? तो इंटरेक्टिंग
- 7:09:16लैंग्वेज है। मतलब एक बड़ी सादा सी
- 7:09:18लैंग्वेज है और इंटरेक्शन है। मतलब एक तरह
- 7:09:20से फ्रेंडली इसको आप यूरो फ्रेंडली भी कह
- 7:09:23सकते हैं। ओके? इसलिए दिस इज़ सूटेबल एंड
- 7:09:26एप्रोप्रियट सेंटेंस
- 7:09:29इन टर्म्स ऑफ़ बेसिक लैंग्वेज।
- 7:09:33इन अ वेरिएबल नेम इन बेसिक देयर मस्ट बी
- 7:09:35एटलीस्ट टू अल्फाबेट कररेक्टर्स। यानी
- 7:09:38इसका मतलब यह है कि वेरिएबल जैसे C
- 7:09:39लैंग्वेज, Python, C++ में हम वेरिएबल या
- 7:09:42आइडेंटिफायर को डिक्लेअ करते हैं तो उसके
- 7:09:44कुछ सेट ऑफ रूल्स होते हैं ना। यानी कि
- 7:09:46कुछ रूल्स हैं। तो इसी तरह बेसिक में भी
- 7:09:48वही चीज़ है कि जब आप वेरिएबल्स को असाइन
- 7:09:50करते हो तो उसके कुछ रूल्स होंगे ना यार।
- 7:09:52तो ऐसे थोड़ी हम उसको करेंगे। जैसे आप A
- 7:09:54में तो कोई कह रहा है देयर मस्ट बी
- 7:09:55एटलीस्ट टू अल्फाबेट करैक्टर्स या दे द
- 7:09:58फर्स्ट करैक्टर मे बी एन अल्फाबेट और अ
- 7:10:00पॉज़िटिव इंटीजर या फिर द फर्स्ट करैक्टर
- 7:10:02मस्ट बी एन अल्फाबेट या नन ऑफ़ दीज़। तो
- 7:10:05जाहिर है कि इसमें सूटेबल क्या है? पहला
- 7:10:07हमेशा हमारा लेटर ही होगा। मतलब अगर
- 7:10:11तुम्हें जैसे आपने इनपुट
- 7:10:14और कोई वेरिएबल देना है तो आपने a टू कर
- 7:10:17देना है। यानी लेटर से स्टार्ट होगा। आगे
- 7:10:19आप नंबर दे सकते हो। लेकिन अगर आपने इनपुट
- 7:10:22ये तो राइट हो गया। लेकिन अगर आपने इनपुट
- 7:10:262a किया तो ये रॉन्ग है। सही है ना? ये कह
- 7:10:29रहा है वो।
- 7:10:32उसके बाद देखेंगे 159 बेसिक प्रोग्राम इज
- 7:10:35ट्रांसलेटेड इनू मशीन लैंग्वेज बाय तो
- 7:10:37बेसिक प्रोग्राम जो है वह ट्रांसलेटेड
- 7:10:39होता है किसके थ्रू हम बात कर चुके हैं
- 7:10:41मैंने आपको बता दिया था शुरू में ही के
- 7:10:43बेसिक जो है वो एक इंटरप्रेटर बेस्ड
- 7:10:46लैंग्वेज है तो ये इंटरप्रेटर का इस्तेमाल
- 7:10:48करती है और इंटरप्रेटर क्या होता है जो कि
- 7:10:50वर्क करता है लाइन बाय लाइन ठीक है लाइन
- 7:10:54बाय लाइन
- 7:10:59ठीक है?
- 7:11:01यानी इमीडिएट इफेक्ट रखता है। ओके? यानी
- 7:11:03कि इंटरप्रेटर और कंपाइलर जो है अगर इसमें
- 7:11:06हम फर्क देखें
- 7:11:12कंपाइलर और इंटरप्रेटर।
- 7:11:19कंपाइलर इंटरप्रेटर में अगर हम डिफरेंस
- 7:11:21देख लें
- 7:11:24तो
- 7:11:26कंपाइलर जो है वो एग्जीक्यूशन के हिसाब से
- 7:11:29इट इज़
- 7:11:32फास्टर
- 7:11:35इन एग्जीक्यूशन।
- 7:11:40ठीक है? जबकि ये
- 7:11:44इट इज़
- 7:11:47फास्टर इन डिबगिंग।
- 7:11:52तो ये एक बड़ा टेक्निकल जुमला आपको याद
- 7:11:54रखना है। बीइंग अ सीएस यानी
- 7:11:57स्टूडेंट या प्रोग्रामर कि अगर आप
- 7:11:59एग्जीक्यूशन इन टर्म्स ऑफ़ एग्जीक्यूशन बात
- 7:12:01करते हो तो कंपाइलर फास्टर है और अगर इन
- 7:12:03टर्म्स ऑफ़ डिबगिंग है तो फिर वो
- 7:12:05इंटरप्रेटर फास्टर है। तो ऑटोमेटिकली
- 7:12:07दूसरा पॉइंट आपको खुद ही समझ में आ गया
- 7:12:09होगा। कि इसका मतलब यह हो गया कंपाइलर की
- 7:12:11डिबगिंग स्लोअर है और इंटरप्रेटर की
- 7:12:14एग्जीक्यूशन स्लोअर है। ठीक है ना? तो यह
- 7:12:16एक आपको याद रखना है टेक्निकल एस्पेक्ट के
- 7:12:20तौर पे और ये भी एज अ एमसीक्यू में आपसे
- 7:12:22अगर पूछा जाए तो आप बता सकते हो। ठीक है?
- 7:12:24ये भी है। अच्छा जी।
- 7:12:30160 देखिए। द बेसिक स्टेटमेंट फॉर
- 7:12:32ट्रांसफर द वैल्यूज़ स्टर्ड इन P टू Q कुड
- 7:12:35बी। ये एक तरह से आपको रूल के हवाले से
- 7:12:40बात कर रहा है। असल में होता यूं है कि जब
- 7:12:42भी याद रखना है कि इक्वल साइन आता है बीच
- 7:12:44में। ये एक असाइनमेंट ऑपरेटर है। एक्चुअली
- 7:12:46ये क्या है? ये इक्वल साइन जो है
- 7:12:52एक्चुअली ये जो इक्वल साइन है ये एज अ
- 7:12:56असाइनमेंट ऑपरेटर है।
- 7:13:01यह क्या है? असाइनमेंट
- 7:13:07ऑपरेटर है। ठीक है? और यह असाइनमेंट
- 7:13:10ऑपरेटर जो है फ्रॉम
- 7:13:13राइट टू
- 7:13:17फ्रॉम राइट टू लेफ्ट
- 7:13:19वर्क करता है। राइट टू लेफ्ट। ठीक है ना?
- 7:13:22तो इसलिए अगर आप इस जुमले को समझ ही गए
- 7:13:24होंगे तो फिर ये आप आंसर दे सकते हो बड़े
- 7:13:26आराम से। इसमें जो है वो क्या कह रहा है
- 7:13:29कि ट्रांसफर द वैल्यू स्टर्ड इन p टू q
- 7:13:32कुड बी। अगर मैं P से Q पे वैल्यू को
- 7:13:37स्टोर करना चाह रहा हूं। P में जो वैल्यू
- 7:13:39है वो स्टोर हो रही है। तो मेरा ख्याल है
- 7:13:41कि डी ऑप्शन इज़ द राइट वन। क्योंकि ये
- 7:13:43राइट टू लेफ्ट वर्क कर रहा है ना जो ये इस
- 7:13:46सेंस में। ठीक है ना?
- 7:13:50उम्मीद है ये बात समझ में आई होगी आपको।
- 7:13:52बाकी जाहिर है आप खुद समझ रहे हो। ठीक है?
- 7:13:54के यहां पे तो इनपुट है तो ये तो ये तो
- 7:13:57काम ही नहीं करेगा। अगर इसमें देखें लेट
- 7:14:00तो है लेकिन q यहां पर q आ रहा है तो q
- 7:14:02अपनी वैल्यू रेफर कर रहा है जबकि यहां पर
- 7:14:04क्या है p टू q है और ये तो जाहिर है ये
- 7:14:06भी एक रोंग है एक्सप्रेशन सिंटेक्स एरर है
- 7:14:09दिस इज़ राइट वन ये ठीक है
- 7:14:15उसके बाद देखेंगे एव्री स्टेटमेंट इज़
- 7:14:17स्टैंडर्ड बेसिक हर स्टेटमेंट जो है मस्ट
- 7:14:20हैव अ स्टेटमेंट नंबर डिवीज़न डिविज़िबल बाय
- 7:14:2310 या मस्ट प्रसीज अ रैम स्टेटमेंट या
- 7:14:25मस्ट बी असाइंड अ लेबल नन ऑफ़ द अबव ऑफ़ ठीक
- 7:14:29है? मतलब इसमें कह रहा है कि मस्ट हैव अ
- 7:14:31स्टेटमेंट नंबर डिविज़िबल बाय 10। ये जरूरी
- 7:14:34नहीं है कि वो डिविज़िबल बाय 10 हो। मस्ट
- 7:14:36प्रोसीड अ रैेम स्टेटमेंट। ऐसा भी नहीं।
- 7:14:38अब रेम स्टेटमेंट क्या होती है? इसको हम
- 7:14:40आगे बात करते हैं। अभी आएगा। ठीक है? मस्ट
- 7:14:43बी असाइंड अ लेबल। जरूरी भी नहीं है। तो
- 7:14:46मतलब ये कह रहा है कि लाइन नंबर जब आप
- 7:14:48देते हो तो 10 है तो फिर 100 भी हो सकता
- 7:14:51है भाई। ये 20 भी हो सकता है। ज़रूरी थोड़ी
- 7:14:53है कि डिविज़िबल बाय 10 हो। यहां पे आप
- 7:14:55इसको 25 भी कर सकते हो। सही है? ये मतलब
- 7:14:58है और जरूरी नहीं है कि रैंप का इस्तेमाल
- 7:15:01करो। रैम क्या होती है? अभी हम बात
- 7:15:03करेंगे। लिहाजा इसमें से कोई भी नहीं है।
- 7:15:06ठीक है? एम्री स्टेटमेंट इज़ स्टैंडर्ड
- 7:15:08बेसिक।
- 7:15:10इसके हवाले से इसमें कुछ भी नहीं है। उसके
- 7:15:12बाद देखिए लाइन नंबर बेसिक अंडर डॉस कैन
- 7:15:15नॉट बी ग्रेटर दैन ये तो एक परमानेंट एक
- 7:15:18आपको याद रखना है। बस रट्टा लगा लेना है।
- 7:15:21इसकी एक लिमिट है। अगर डॉस एनवायरमेंट में
- 7:15:24है। ठीक है? D ऑपरेटेड है मतलब सीए सेल आई
- 7:15:27बेस्ड। तो यह आपको याद रखना है। इसमें मैं
- 7:15:30एक और बात बताऊं के आउटपुट जो इसकी
- 7:15:34स्क्रीन होती है DS शेल जो है जब हम बेसिक
- 7:15:37पे काम करते हैं उसमें हम आउटपुट जब लेते
- 7:15:39हैं तो उधर जो आउटपुट आता है आपके पास जो
- 7:15:41स्क्रीन पर जो स्क्रीन है तो उसकी विड्थ
- 7:15:44जो है वो भी आप याद रखें 25 / 80
- 7:15:48ठीक है? मतलब उसके स्क्रीन की जो विड्थ है
- 7:15:50ये 25 जो है रोज़ होती हैं
- 7:15:54और 80 कॉलम्स होते हैं।
- 7:15:57ठीक है ना? ये
- 7:16:00इसके बाद
- 7:16:03नेक्स्ट देखें। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ आर
- 7:16:06असाइनमेंट ऑपरेटर। इनमें से कौन सा जो
- 7:16:08असाइनमेंट ऑपरेटर है? ईजी है। असाइनमेंट
- 7:16:10ऑपरेटर हमारा इक्वल साइन है। ठीक है? दिस
- 7:16:12वन C इक्व टू तो इसमें जो ये C नहीं है।
- 7:16:16ओके? यह अगर हम इसको हटा दें यहां से तो
- 7:16:20ज्यादा बेहतर है।
- 7:16:24ठीक है? ये इक्वल सा है।
- 7:16:34दिस वन इज़ राइट। ठीक है? तो इक्वल साइन जो
- 7:16:37है एक एज अ असाइनमेंट ऑपरेटर काम करता है।
- 7:16:41जो मैंने आपको समझा ही दिया था। उसके बाद
- 7:16:43नेक्स्ट है एन एग्जांपल ऑफ बेसिक कमांड इज
- 7:16:45इनमें से कौन सी जो बेसिक कमांड है ठीक है
- 7:16:47लेट एक स्टेटमेंट है डेट भी एक एज अ
- 7:16:49स्टेटमेंट काम करती है एंड भी स्टेट तो
- 7:16:51इसमें से कोई भी नहीं है ठीक है इसमें से
- 7:16:54कोई भी ऐसा नहीं है जो कमांड है
- 7:16:57उसके बाद हु अमोंग द फॉलोइंग इज़ आर
- 7:16:59एसोसिएटेड विद द डेवलपमेंट ऑफ़ बेसिक
- 7:17:02लैंग्वेज ये मैंने आपको अभी अगर आपने
- 7:17:05तवज्जो से सुनी हो मेरी बात तो मैंने आपको
- 7:17:07बता दिया था कि हु डेवलप्ड द बेसिक तो
- 7:17:10इसमें दो हजरात हैं। ठीक है? जॉन कैमनी
- 7:17:12एंड थॉमस कर्ट्स। ठीक है? थॉमस
- 7:17:17कर्ट्स। तो
- 7:17:20इसको भी जरा देख लेते हैं।
- 7:17:24ये
- 7:17:27थॉमस कट्स
- 7:17:34ये
- 7:17:39इसको हम
- 7:17:41से थोड़ा सा लाइट कर लें तो बेहतर है।
- 7:17:50ये इसकी स्पेलिंग है सही। तो बोथ ऑफ द अबव
- 7:17:54यानी कि बोथ दिया ये मतलब जॉन कैमनी एंड
- 7:17:56थॉमस कर्ट्स। राइट आंसर इसका ये है। ठीक
- 7:18:00है?
- 7:18:02उसके बाद द लेवल ऑफ अ स्टेटमेंट इन बेसिक
- 7:18:05मस्ट बी साइड पॉजिटिव और नेगेटिव इंटीजर
- 7:18:08नंबर या नेगेटिव इंटीजर नंबर या एनी रियल
- 7:18:11नंबर या नन ऑफ़ ऑफ द भाई जाहिर है कि इनमें
- 7:18:14से कोई भी नहीं है क्योंकि हम बात कर चुके
- 7:18:16हैं लाइन नंबर्स जो होंगी सिंपली इस तरह
- 7:18:19से एक पॉजिटिव ठीक है में होंगी यानी
- 7:18:24उसमें कोई वो नहीं होगा और रियल नंबर पे
- 7:18:26होगा यानी कि डेसिमल नंबर नहीं होगी जैसे
- 7:18:28ये ये राइट वे है ठीक है या ये सब राइट
- 7:18:32हैं या इसको हम यूं भी लिख सकते हैं। ये
- 7:18:35सब राइट हैं। लेकिन हम यूं लिखना चाहें
- 7:18:38ठीक है? तो ये रॉन्ग है। ये ब्रैकेट देना
- 7:18:40चाहें लाइक तो ये भी रॉन्ग वे है। ठीक है?
- 7:18:44-10 वगैरह देना चाहे ये सब रॉन्ग है।
- 7:18:46इसलिए इसमें से कोई भी नहीं है।
- 7:18:51उसके बाद द सेम स्टेटमेंट इन बेसिक
- 7:18:53ट्रांसफर ट्रांसफरर्स प्रोग्राम फ्रॉम। जब
- 7:18:56आप सेव का इस्तेमाल करते हो जी बेसिक में
- 7:18:59अब जैसे आपने एक प्रोग्राम टाइप किया
- 7:19:02ठीक है आपने एक प्रोग्राम को टाइप किया जी
- 7:19:08आपने ये लिखा और
- 7:19:11एंड कर दिया अब इसको आपने सेव करना है तो
- 7:19:15यहां पे आप सेव करोगे तो फर्ज किया x y z
- 7:19:18के नाम से आपने इसको सेव किया
- 7:19:22तो अब ये जब सेव होगा तो ये प्रोग्राम अभी
- 7:19:25क्या है मॉनिटर पे यानी रैम में आई मीन
- 7:19:26लोडेड है। लेकिन जैसे ही आप सेव करते हो
- 7:19:29तो क्या होगा? जाहिर है कि प्राइमरी रैम
- 7:19:32से या मेमोरी से वो सेकेंडरी स्टोरेज की
- 7:19:34तरफ जाएगा। इसमें हमें ज्यादा इतना आगे
- 7:19:39बढ़ने की जरूरत नहीं है। सिंपल सी बात है
- 7:19:42कि प्राइमरी स्टोरेज से वो प्रोग्राम
- 7:19:44सेकेंडरी स्टोरेज में परमानेंटली स्टोर हो
- 7:19:46जाएगा। ठीक है? रोम टू रैम हो नहीं सकता।
- 7:19:48रोम का ताल्लुक ही नहीं है। ओके? और उसका
- 7:19:50वन सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस टू अनदर
- 7:19:52सिस्टम ऐसा भी नहीं है। ओके? ओके एंड
- 7:19:55सिक्योरिटी स्टोर टू प्राइमरी तो हो नहीं
- 7:19:56सकता। डायरेक्ट प्रोग्राम जो होता है वो
- 7:19:59पहले रैम में ही होता है मेमोरी में एंड
- 7:20:01देन फिर वो वहां से शिफ्ट होता है। ठीक
- 7:20:03है? यहां पे
- 7:20:05एक चीज मैं आपको समझा देता हूं। लिख लिखवा
- 7:20:10भी देता हूं। बड़ी इंपॉर्टेंट है। बीइंग अ
- 7:20:12सीएस स्टूडेंट
- 7:20:19और वह क्या है
- 7:20:22वह देख लेते हैं।
- 7:20:28थोड़ा सा लाइट करते हैं और थोड़ा सा कलर
- 7:20:30भी चेंज करते हैं।
- 7:20:35ये अ प्रोसेस
- 7:20:43ऑफ
- 7:20:54और डाटा
- 7:20:57फ्रॉम
- 7:21:00मेमोरी
- 7:21:03टू
- 7:21:09सेकेंडरी स्टोरेज
- 7:21:14कॉल्ड
- 7:21:16सेविंग
- 7:21:25सेविंग अ फाइल
- 7:21:28सही है।
- 7:21:30और इसी तरह
- 7:21:35अ प्रोसेस
- 7:21:37ऑफ
- 7:21:43फ्रॉम
- 7:21:47सेकेंडरी
- 7:21:51स्टोरेज
- 7:21:54टू मेमोरी
- 7:21:58कॉल्ड
- 7:22:03लोडिंग फाइल
- 7:22:07सही है।
- 7:22:09तो ये एक आपको याद रखना है।
- 7:22:12तो मैंने कहा ये भी आपसे शेयर कर दूं।
- 7:22:15उसके बाद इन कांटेक्ट इन कॉन्टेक्स्ट और
- 7:22:18बेसिक व्हाट इज कॉमन?
- 7:22:21ठीक है? इन कॉन्टेक्स्ट और बेसिक व्हाट इज
- 7:22:23कॉमन बिटवीन न्यूरल्स, इंटीजर्स, रियल
- 7:22:25नंबर्स एंड
- 7:22:31[संगीत]
- 7:22:38[संगीत]
- 7:22:45[संगीत]
- 7:22:53[संगीत]
- 7:23:03[संगीत]
- 7:23:08[संगीत]
- 7:23:16[संगीत]
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- 7:24:04[संगीत]
- 7:24:10[संगीत]
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- 7:25:17[संगीत]
- 7:25:21[संगीत]
- 7:25:32[संगीत]
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- 7:25:49[संगीत]
- 7:25:57[संगीत]
- 7:26:04[संगीत]
- 7:26:12[संगीत]
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- 7:26:27[संगीत]
- 7:26:35[संगीत]
- 7:26:43[संगीत]
- 7:26:51[संगीत]
- 7:26:54स्ट्रिंग्स ठीक है मतलब इन कंटेंट्स ऑफ
- 7:26:58बेसिक के हवाले से बात हो रही है। कॉमन
- 7:27:02बिटवीन न्यूमेरल्स, इंटजर्स, रियल नंबर्स
- 7:27:04एंड स्ट्रिंग। ऑल आर टाइप्स ऑफ़
- 7:27:06कांस्टेंट्स या ऑल आर टाइप्स ऑफ़ वेरिएबल
- 7:27:08या ऑल टाइप्स ऑफ़ नंबर्स या ऑल आर टाइप्स
- 7:27:10ऑफ़ अल्फाबेट्स। तो इनमें से क्या चीज़ है?
- 7:27:14तो ये सब के सब कांस्टेंट्स में आएंगे।
- 7:27:16ठीक है? याद रखना। यानी कि जब आप बेसिक के
- 7:27:19कॉन्टेक्स्ट पर बात करते हो तो एक वैल्यू
- 7:27:22जो है वो यह चाहे वो नंबर्स पे हो या
- 7:27:25इंटजर्स पे हो तो वो एक कांस्टेंट्स ऑल आर
- 7:27:28टाइप्स ऑफ़ कांस्टेंट्स हैं। ठीक है? एज अ
- 7:27:31बिहेव करते हैं बाय नेचर। ठीक है? बाय
- 7:27:33डिफ़ॉल्ट। यानी कॉमनली हम इसको एज अ
- 7:27:36कांस्टेंट ट्रीट कर रहे होते हैं।
- 7:27:39उसके बाद देखिए व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ अ
- 7:27:41करेक्ट बेसिक एक्सप्रेशन? इनमें से करेक्ट
- 7:27:43एक्सप्रेशन कौन सी है? तो जाहिर है कि अगर
- 7:27:46आप उस पर गौर करें तो बेटा इसमें एक गलती
- 7:27:49है यह इसके दरमियान जो है वो स्टेरिक नहीं
- 7:27:52है। है ना? तो स्टेरिक होता तो ये बात
- 7:27:54दुरुस्त हो जाती।
- 7:27:57और इसी तरह अब यहां पर देखें तो इसके
- 7:27:59दरमियान भी ये भी रॉन्ग है। तो इसके
- 7:28:01दरमियान भी क्या है? इसको यू होना चाहिए
- 7:28:02था। बेसिकली स्टैटरिक एंड देन c बाकी
- 7:28:06इसमें माइनस आ गया। चलो वो तो एक्सेप्टेबल
- 7:28:09हो ही जाएगा। लेकिन ये ऑपरेटर मिस्टेक हो
- 7:28:11गई। लेकिन ये बिल्कुल करेक्ट है क्योंकि a
- 7:28:14प्लस और ब्रैकेट में भी दे सकते हो। तो
- 7:28:16दिस इज़ नॉट इशू। ठीक है? प्लस साइन तो आ
- 7:28:18गया ना? तो लिहाजा ये राइट है। ठीक है?
- 7:28:23उसके बाद व्हाट इज़ नॉट ट्रू अबाउट बेसिक
- 7:28:26लैंग्वेज। इनमें से कौन सी है जो बेसिक
- 7:28:28लैंग्वेज के हवाले से ट्रू नहीं है। इट इज़
- 7:28:30क्वाइट इजी टू लर्न। ये इजी है। ये बात तो
- 7:28:33हमारी ट्रू है। इट इज़ एन इंटरेक्टिव
- 7:28:36लैंग्वेज। ये भी ट्रू है। ईच लाइन ऑफ़ अ
- 7:28:37प्रोग्राम जनरली हैज़ वन स्टेटमेंट ओनली या
- 7:28:41ब्लैंक स्पेसेस इन अ स्टेटमेंट आर नॉट
- 7:28:43इग्नोर्ड। तो इसमें ये बात दुरुस्त नहीं
- 7:28:46है। ब्लैंक स्पेस जो है वो इग्नोर होता
- 7:28:48है। क्या मतलब? यानी इसमें अगर हम दैट
- 7:28:52सिंपल 10 पे अगर हम प्रिंट दे दें सिर्फ
- 7:28:57सिर्फ जस्ट ये प्रिंट दे दें
- 7:29:01तो इग्नोर होगा। ठीक है? तो ब्लैंक स्पसेस
- 7:29:05इन अ स्टेटमेंट आर नॉट इग्न। इसमें लिखा
- 7:29:08हुआ है। लेकिन ऐसी बात नहीं है। तो लिहाजा
- 7:29:10यह बात दुरुस्त नहीं है। तो राइट आंसर
- 7:29:13हमारा ये है।
- 7:29:16उसके बाद 171 इन द लेट स्टेटमेंट इन बेसिक
- 7:29:19इफ देयर इज़ अ स्ट्रिंग वेरिएबल ऑन द लेफ्ट
- 7:29:21साइड ऑफ़ द इक्वल साइन। द राइट साइड मस्ट
- 7:29:25देन बी। तो इसमें कह रहा है कि अगर फर्ज
- 7:29:28किया कि आपने एक स्ट्रिंग वेरिएबल का
- 7:29:30इस्तेमाल किया है। ठीक है? और उसके राइट
- 7:29:33साइड पे कौन सा होगा? जाहिर है वो भी
- 7:29:35स्ट्रिंग कांस्टेंट ही होना चाहिए।
- 7:29:39अच्छा यहां पर हम बात कर लें तो ज्यादा
- 7:29:42बेहतर होगा
- 7:29:44के जब आप कांस्टेंट देते हो स्ट्रिंग
- 7:29:48कांस्टेंट
- 7:29:52अगर हम एक सिंपल कांस्टेंट की बात कर रहे
- 7:29:55हैं।
- 7:29:58सिंगल करैक्टर की बात कर रहे हैं तो वह हम
- 7:30:00सिंगल कोटेशन में देते हैं। ठीक है ना?
- 7:30:03सिंगल
- 7:30:12जबकि स्ट्रिंग कांस्टेंट जो होता है
- 7:30:20वो हम डबल कोटेशन में देते हैं।
- 7:30:23ठीक है? डबल कोटेशन।
- 7:30:30तो ये आपका
- 7:30:32आंसर।
- 7:30:34उसके बाद कह रहा है कि इनपुट स्टेटमेंट इन
- 7:30:36बेसिक कैन बी यूज फॉर एंटरिंग बी यूज्ड
- 7:30:38फॉर एंटरिंग
- 7:30:40फॉर एंटरिंग
- 7:30:43पहले इसको थोड़ा सा हम सही कर लें। ठीक
- 7:30:46है?
- 7:30:53इनपुट स्टेटमेंट बेसिक कैन बी यूज्ड फॉर
- 7:30:57एंटरिंग। ठीक है ना?
- 7:30:59तो इसको हम हटा देते हैं। यह थोड़ा सा
- 7:31:04सेंटेंस जो है वो
- 7:31:07आपको कंफ्यूज करेगा।
- 7:31:10तो इसलिए हम इसको मिटा रहे हैं। ठीक है
- 7:31:13ना? अब ये मीनिंगफुल हो जाएगा। थोड़ा
- 7:31:16अंडरस्टैंडिंग में आपके इजी हो जाएगा। ठीक
- 7:31:18है?
- 7:31:21अब देखें इनपुट स्टेटमेंट इन बेसिक कैन बी
- 7:31:24यूज्ड फॉर एंटरिंग ओनली वन डेट आइटम या
- 7:31:26ओनली टू डेट आइटम सेवरल डेट आइटम्स नन ऑफ़
- 7:31:30अबव। तो इनपुट स्टेटमेंट में हम कई डेटा
- 7:31:34हम दे सकते हैं। इनपुट स्टेटमेंट जब
- 7:31:36इस्तेमाल करते हैं तो कई मर्तबा हम इसको
- 7:31:38कर सकते हैं। ठीक है? वो ये कह रहा है।
- 7:31:44दिस वन एक राइट। ठीक है?
- 7:31:47उसके बाद स्ट्रिंग कास्टेंट बेसिक इज अ
- 7:31:50कररेक्टर स्ट्रिंग इंक्लोज्ड इन कोटेशन
- 7:31:53मार्क्स या कररेक्टर स्ट्रिंग विदाउट
- 7:31:56कोटेशन मार्क्स या कररेक्टर इंक्लोज्ड इन
- 7:31:58कोटेशन मार्क्स या नन ऑफ़ द अबव। तो
- 7:32:00कररेक्टर स्ट्रिंग इंक्लोज्ड इन कोटेशन
- 7:32:02मार्क्स। मतलब इसमें कोटेशन मार्क्स का
- 7:32:05सिर्फ वर्ड क्या है? कॉमन है। तो कोटेशन
- 7:32:07का मतलब यहां पे मैं बता चुका हूं। डबल
- 7:32:09कोटेशन में होना चाहिए। ठीक है?
- 7:32:14उसके बाद व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज अ करेक्ट
- 7:32:16वे ऑफ यूजिंग रैेम स्टेटमेंट। अब RAM
- 7:32:18स्टेटमेंट क्या होती है? यह आपको समझ लेना
- 7:32:21है कि व्हाट इज़ RAM स्टेटमेंट इन बेसिक?
- 7:32:24तो याद रखो बेटा कि RAM जो है ना ये एक
- 7:32:26नॉन एग्जीक्यूटेबल स्टेटमेंट होती है।
- 7:32:31ठीक है? नॉन एग्जीक्यूटेबल
- 7:32:37स्टेटमेंट कहते हैं इसको।
- 7:32:39सही है? तो यह जस्ट फॉर रिमार्क्स
- 7:32:42इस्तेमाल होती है। ठीक है? एक और इसका जो
- 7:32:46आपको याद रखना है इसको हम प्रोग्राम के
- 7:32:48अंदर रिमार्क्स के लिए इस्तेमाल करते हैं।
- 7:32:51ठीक है? अच्छा अब ये हो गया। तो इसलिए
- 7:32:54व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ करेक्ट वे टू
- 7:32:56यूजिंग। अब इसका इस्तेमाल जो है वो
- 7:32:58तरीकाकार क्या होता है? तो जब भी आप
- 7:33:00रिमार्क्स का इस्तेमाल करोगे तो आप जस्ट
- 7:33:03रम दोगे। ठीक है? ओके? और फिर आगे कुछ भी
- 7:33:07लिख दो। तो ये इसका तरीका है। बस सिंपल।
- 7:33:09तो इसलिए दिस इज द राइट वन।
- 7:33:13बाकी सब रॉन्ग है। रैम के आगे कभी कॉलन
- 7:33:15नहीं होगा। कोई आप इसको
- 7:33:19एपॉस्टोफी नहीं दोगे। हां ये है कि आप
- 7:33:21इसका शॉर्टकट हो सकता है एक दूसरा तरीका
- 7:33:23अल्टरनेटिव कि rेम अगर आपको देखना है जैसे
- 7:33:25पढ़ के 10 है तो अगर हम ये एपॉस्ट्रोफी
- 7:33:27साइन ये देखें अगर कुछ लेंगे तो जस्ट लाइक
- 7:33:30ये rेम का ही काम करती है। ठीक है? ये एक
- 7:33:33आपको बताया है इसका शॉर्टकट। ठीक है?
- 7:33:38उसके बाद वि ऑफ द फॉलोइंग सिंथेटिकली
- 7:33:40इनकरेक्ट स्टेटमेंट इन बेसिक तो इसको अगर
- 7:33:43हम देखें तो हमें बताना है कि सिंटेक्स के
- 7:33:47हिसाब से कौन सा कौन सी स्टेटमेंट है जो
- 7:33:51कि हमें सिंटेक्स के हिसाब से रॉन्ग लग
- 7:33:54रही है। ठीक है ना? तो अगर हम देखें इसको
- 7:33:57गौर से तो लेट j - k तो लेट j = k होना
- 7:34:02चाहिए था। ठीक है ना? तो इसलिए और इसके
- 7:34:06हिसाब से हमारे पास सिंथेिकली इनकरेक्ट
- 7:34:09स्टेटमेंट इन बेसिक बेसिक के हवाले से बात
- 7:34:12हो रही है। ठीक है? तो ये है राइट वन।
- 7:34:18उसके बाद व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग बेसिक फंक्शन
- 7:34:20इज़ यूज्ड टू कंट्रोल द प्रिंट पोजीशन?
- 7:34:24अच्छा। अब इसमें दो चीजें समझनी होंगी।
- 7:34:29के एक बेसिक में टैब फंक्शन होता है।
- 7:34:35सही है? टैब फंक्शन जो है वो कर्सर की
- 7:34:38पोजीशन को लोकेट करता है। मतलब ये कि जैसे
- 7:34:40फर्ज कर लो मैं चाह रहा हूं के जी
- 7:34:45पाकिस्तान
- 7:34:48स्क्रीन है। जैसे
- 7:34:50अब इसको मैं एक पर्टिकुलर पोजीशन पे
- 7:34:52प्रिंट करना चाह रहा हूं। यानी कि स्क्रीन
- 7:34:54की कुछ इस तरह से नजर आए। ठीक है? तो इसके
- 7:34:58लिए मैं क्या करूंगा
- 7:35:03इमेज 10
- 7:35:06इधर देके देन प्रिंट
- 7:35:12अब फर्ज करोगे ये जो भी आप कॉलम ले लें
- 7:35:14टैब जो है ना कॉलम को रेफर करता है। ठीक
- 7:35:17है ना? रेफर्स
- 7:35:20कॉलम स्पेस
- 7:35:25ये आपको याद रखना है। ठीक है ना? ये
- 7:35:28कॉलम्स यानी रिक्वायर्ड कॉलम पे जंप
- 7:35:30करवाता है। तो प्रिंट टैब देकर
- 7:35:33आप जो है वो यहां पे फर्ज के आपने दे दिया
- 7:35:3530।
- 7:35:37ठीक है? और अब यहां पे लिख दिया
- 7:35:40पाकिस्तान।
- 7:35:47ठीक है ना?
- 7:35:50तो
- 7:35:54पाकिस्तान। ठीक है? तो ये क्या होगा इससे?
- 7:35:58एग्जैक्टली टैब जो है वो 30 है। तो ये 30
- 7:36:01पे जाके पाकिस्तान को प्रिंट कर देगा। तो
- 7:36:03इसका मतलब है कि कंट्रोल द क्या कर रहा
- 7:36:06है? व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग बेसिक फंक्शन इज़
- 7:36:08यूज़्ड टू कंट्रोल द प्रिंट पोजीशन? तो
- 7:36:09प्रिंट पोजीशन को कंट्रोल कर रहा है वो है
- 7:36:11टैब। इसलिए राइट आंसर यह होगा टैब। ठीक है
- 7:36:14ना? बाकी तो कोई रिलेटेड नहीं है। प्रिंट
- 7:36:17देख लें आप प्रिंट का काम। हालांकि थोड़ा
- 7:36:20ये सिंटेक्स भी रॉन्ग है।
- 7:36:23उसके बाद देखें व्हिच कमांड इन बेसिक इट
- 7:36:28इज़ नॉट एग्जीक्यूटेबल। तो बात कर चुके हैं
- 7:36:31हम। बता दी है मैंने आपको इनमें से कौन सी
- 7:36:34है जो कि व्हिच कमांड इन बेसिक इट इज़ नॉट
- 7:36:37एग्जीक्यूटेबल। इनमें से कौन सी जो नॉट
- 7:36:39एग्जीक्यूटेबल है? वो है रम।
- 7:36:43ठीक है?
- 7:36:48178 इन अ बेसिक प्रोग्राम।
- 7:36:52कमेंट्स आर इंसल्टेड बाय द यूज़ ऑफ़ रीड
- 7:36:55स्टेटमेंट, रिस्टोर स्टेटमेंट, रिस्टोर
- 7:36:57स्टेटमेंट या नन ऑफ़ दीज़। यानी के बेसिक
- 7:37:00में जो कमेंट्स होते हैं वो इसके जरिए हम
- 7:37:03दे सकते हैं। कोई भी इसमें से नहीं है
- 7:37:06क्योंकि रैम खुद से अलोन जो है वो हम दे
- 7:37:09सकते हैं।
- 7:37:12उसके बाद 179 व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग
- 7:37:14स्टेटमेंट्स कैन बी यूज़्ड इन बेसिक फॉर
- 7:37:16डिस्प्लेइंग इनेशन फ्रॉम कंप्यूटर ऑन टू
- 7:37:18स्क्रीन। डायरेक्ट कि ये प्रिंट की बात कर
- 7:37:21रहा है कि प्रिंट के जरिए हम क्या कर सकते
- 7:37:24हैं? किसी भी प्रोग्राम के आउटपुट को किसी
- 7:37:28भी प्रोग्राम के आउटपुट को हम ऑन द
- 7:37:30स्क्रीन शो कर सकते हैं। देखो यहां पर एक
- 7:37:32बात समझ लो ये बेसिक की कमांड है रन। ठीक
- 7:37:37है ना? और एक है प्रिंट। ठीक है ना? इन
- 7:37:39दोनों में फर्क है।
- 7:37:41रन क्या करता है? रन जो है वो एग्जीक्यूट
- 7:37:46अ प्रोग्राम।
- 7:37:51और प्रिंट क्या करता है?
- 7:38:06ठीक है ना? इन दोनों में ये फर्क है।
- 7:38:10तो ये मैंने कहा बता दूं आपको।
- 7:38:13उसके बाद देखिए व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ अ
- 7:38:16सेंटिकली करेक्ट बेसिक स्टेटमेंट?
- 7:38:18सेंटिकली इसमें जो करेक्ट स्टेटमेंट है वो
- 7:38:22क्या है? अब जाहिर है कि इसमें कोई भी ऐसी
- 7:38:24नहीं है। बिकॉज़ सिंटेकली रॉन्ग है।
- 7:38:27रिस्टोर
- 7:38:29डेटा में हम कभी भी डेटा एक अलग से
- 7:38:31स्टेटमेंट है इसलिए रॉन्ग हो गया। रिस्टोर
- 7:38:35ठीक है ना? रेस ये कोई ये सिंटेकली रॉन्ग
- 7:38:38हो गया। ठीक है? अगर हम एक वक्त में कई
- 7:38:41वेरिएबल इनपुट्स लेना चाह रहे हैं तो हम
- 7:38:43इसको यूं देंगे। इनपुट
- 7:38:47ठीक है?
- 7:38:49इनपुट A तो फिर B
- 7:38:55यह देखो इनपुट A कॉमा का इस्तेमाल करेंगे।
- 7:38:59ये ठीक है? सेमी कॉलन का इस्तेमाल नहीं
- 7:39:01करेंगे। इसलिए यहां पर ये राइट हो गया कि
- 7:39:05इसमें से कोई भी ऐसा नहीं है कि जो कि
- 7:39:06सिंथेकली करेक्ट हो। सही है?
- 7:39:11उसके बाद 81 में देखें। द रिस्टोर
- 7:39:13स्टेटमेंट इन बेसिक इज़ यूज़्ड टू रीड टू
- 7:39:15रीड डेटा स्टेटमेंट। रिस्टोर का मतलब भी
- 7:39:18देख लो। रिस्टोर का मतलब क्या होता है? के
- 7:39:20किसी भी डाटा को दोबारा से उसको
- 7:39:24बैकअप एज अ बैकअप के तौर पर काम करना। तो
- 7:39:27यह राइट ऑप्शन हमारा टू री रीड डेटा
- 7:39:30स्टेटमेंट है। ठीक है? आउटपुट के लिए
- 7:39:33इस्तेमाल नहीं होता और टू टेक डेटा ऑफ़ अ
- 7:39:36प्रोग्राम नहीं होता बल्कि ये सिर्फ और
- 7:39:37सिर्फ रीडिट के लिए इस्तेमाल होता है।
- 7:39:40बेसिक के हवाले से बात हो रही है।
- 7:39:44उसके बाद इन बेसिक वन कररेक्टरिस्टिक ऑफ़
- 7:39:46इनपुट स्टेटमेंट
- 7:39:48कंपयर्ड
- 7:39:50टू रीड स्टेटमेंट इज दैट इट परमिट्स इनपुट
- 7:39:53वैल्यूस आफ्टर द प्रोग्राम बिगिंस टू
- 7:39:55एग्जीक्यूट या रिक्वायर्स इनपुट यानी बड़ा
- 7:39:57सोच समझ के जवाब देना है यानी रीड और
- 7:40:00इनपुट का आपको कंपैरिजन दे रहा है तो इन
- 7:40:03बेसिक वन कररेक्टरिस्टिक्स ऑफ़ इनपुट
- 7:40:05स्टेटमेंट कंपेयर टू रीड स्टेटमेंट। इनपुट
- 7:40:10को ज़हन में रखते हुए आपको जवाब देना है कि
- 7:40:13भाई इनपुट एक तो ये है कि भ परमिट्स इनपुट
- 7:40:16वैल्यूस आफ्टर द प्रोग्राम बिगिंस। टू
- 7:40:19एग्जीक्यूट या रिक्वायर्स इनपुट वैल्यू
- 7:40:22बिफोर द प्रोग्राम बिगिंस टू एग्जीक्यूट
- 7:40:24या रिक्वायर्स इनपुट वैल्यू बिफोर द
- 7:40:26प्रोग्राम बिगिंस टू एग्जीक्यूट। ठीक है?
- 7:40:29या नन ऑफ़ द अबव। तो इसका मतलब है कि कौन
- 7:40:32सा इसमें है कि जो कि इनपुट के हवाले से
- 7:40:34सूटेबल है। तो मेरा ख्याल है कि परमिट्स
- 7:40:38इनपुट वैल्यूज़ आफ्टर द प्रोग्राम बिगिंस
- 7:40:40टू एग्जीक्यूट। जब प्रोग्राम को हम
- 7:40:41एग्जीक्यूट करते हैं तो उस वक्त ये आपको
- 7:40:45क्या देता है? इनपुट
- 7:40:48देने की एक आपको परमिशन देता है या इसमें
- 7:40:50परमिशन है। रीड में ऐसा नहीं है। रीड में
- 7:40:53प्रोग्राम के अंदर ही वेरिएबल्स असाइन कर
- 7:40:55देते हैं और फिर हम उसको देख रहे होते
- 7:40:57हैं। ठीक है?
- 7:41:00उसके बाद व्हाट टाइप ऑफ़ एरर इज़
- 7:41:02एक्सपेक्टेड ड्यू टू द फॉलोइंग टू
- 7:41:04स्टूडेंट बेसिक रीड एक्स वz डेटा 10 ए बी
- 7:41:07सी? भाई यह जाहिर है कि एक तो पहले तो हम
- 7:41:12देख लेते हैं कि रीड और डेटा का इस्तेमाल
- 7:41:13कैसे हम कर सकते हैं प्रोग्राम में।
- 7:41:16पर आपने रीड का इस्तेमाल किया और दो आपने
- 7:41:20वेरिएबल असाइन किए ab
- 7:41:23रीड ab है
- 7:41:28तो इसमें हम फिर डेटा का इस्तेमाल करते
- 7:41:31हैं
- 7:41:33ठीक है हमने यहां पे 10 दिया और यहां पे
- 7:41:35इसको 20 दे दिया सही ना अच्छा अब यहां पे
- 7:41:39वेरीेंट थिंग ये इसका राइट सिंटेक्स है
- 7:41:41अच्छा अब आप सोच रहे होंगे सर यहां पे
- 7:41:43आपने नंबर ही लिखे हैं तो आप यहां पे कोई
- 7:41:45लेटर वगैरह क्यों नहीं लिख रहे? तो अब ये
- 7:41:47बड़ी इंपॉर्टेंट आपकी आपका एक क्वेश्चन है
- 7:41:49यार। रुको बेसिक की बात हो रही है। जी
- 7:41:52डब्ल्यू बेसिक या बेसिक के अंदर अगर आप
- 7:41:54सिर्फ लेटर्स देते हो तो ये न्यूमेरिक को
- 7:41:56जाहिर करता है। लेकिन आप साथ में इसको
- 7:41:58डॉलर के साथ असाइन करते हो। यानी फर्ज
- 7:42:01किया कि हम मैं ए के साथ डॉलर का साइन यूज़
- 7:42:03करूंगा ना तो ये फिर स्ट्रिंग मतलब
- 7:42:05कररेक्टर्स को रेफर करेगा। सही है? ये एक
- 7:42:08खास बात है इसमें कि जब भी हम कोई
- 7:42:11कररेक्टर्स डेटा को इस्तेमाल करेंगे या
- 7:42:13अल्फा न्यूमेरिक को दोनों को तो अल्फा
- 7:42:15न्यूमेरिको यानी कि यह डॉलर का साइनम यह
- 7:42:18किसके लिए यूज़ हो रहा है? या तो
- 7:42:20कररेक्टर्स के लिए
- 7:42:24या फिर अल्फा न्यूमेरिक दोनों के लिए।
- 7:42:30लेकिन न्यूममेरिक के लिए हम क्या यूज़ कर
- 7:42:32रहे हैं? सिर्फ A और B विदाउट डॉलर साइन।
- 7:42:34तो इसलिए ऐसा हो रहा है। बहाल ये मैंने
- 7:42:36कहा एक बात बताऊं आपको। इसको आपने जरा ज़हन
- 7:42:38में रखना है। तो इस लिहाज से डायरेक्ट आप
- 7:42:41समझ गए होंगे कि
- 7:42:44दो चीजें इसमें दो चीजें इसमें कवर हुई।
- 7:42:48एक तो यह है कि a और b दो वेरिएबल हैं।
- 7:42:51ठीक है ना? दो वेरिएबल तो दो ही डेटा है।
- 7:42:53सही है? अब यहां पे गौर करो। यहां पे आप x
- 7:42:57y z तीन वेरिएबल हैं। ओके? और यहां पे डेट
- 7:42:59क्या है? 10 और दूसरी बात एक तो मिस्टेक
- 7:43:01ये है कि a b c दिया हुआ है। फर्स्ट वन इज़
- 7:43:04लेकिन और दूसरा इसमें मिस्टेक क्या हो रही
- 7:43:06है? तीन डेट है। क्योंकि तीन वेरिएबल है
- 7:43:07तो तीन हमें यहां पे डेटा में असाइन करने
- 7:43:11चाहिए थे। तो लिहाजा इसमें आउट ऑफ डाटा का
- 7:43:13मैसेज आपको मिलेगा। ठीक है? ऐप मिसमैच अलग
- 7:43:17चीज होती है। एग्जीक्यूशन एरर एक अलग चीज
- 7:43:19है। वो फिर रन टाइम या लॉजिकल एरर में आ
- 7:43:21जाता है। ठीक है? तो इसमें आउट ऑफ डेटा का
- 7:43:23मैसेज आपको देगा। ठीक है?
- 7:43:28उम्मीद है ये बात समझ में आई होगी और कुछ
- 7:43:30चीजें प्रैक्टिकली भी हमें समझ में आएंगी
- 7:43:33तो इंशाल्लाह वो मैं बताऊंगा।
- 7:43:36उसके बाद 184 में व्हाट इज ट्रू अबाउट द
- 7:43:39क्लोज स्टेटमेंट इन बेसिक तो इट गारंटीस
- 7:43:42दैट द लास्ट डाटा रिकॉर्ड इन ट्रांसफरर्ड
- 7:43:44करेंटली इट इज़ यूज्ड टू ओपन फाइल या आफ्टर
- 7:43:47इट इज़ यूज़्ड द फाइल कैन स्टिल बी रीड या
- 7:43:49जनरेट्स टू बैकअप्स ऑफ़ द फाइल क्लोज्ड। अब
- 7:43:52ये क्लोज एक फाइलिंग सिस्टम होता है। ठीक
- 7:43:56है? तो इट गारंटीज़ दैट द लास्ट डेटा
- 7:43:58रिकॉर्ड इज़ ट्रांसफरर्ड करेंटली। तो इट इज़
- 7:44:02यूज़्ड टू ओपन अ फाइल। डायरेक्ट ये तो हो
- 7:44:04नहीं सकता क्योंकि क्लज़ है और आफ्टर इट इज़
- 7:44:07यूज़ द फाइल कैन स्टिल बी रेडी बाय रीड
- 7:44:10स्टेटमेंट पास। ठीक है? तो ये आपका फर्स्ट
- 7:44:14वन ही करेक्ट है। ये गारंटी देता है कि
- 7:44:18फाइल जो है लास्ट जो रिकॉर्ड हुई है वो
- 7:44:20ट्रांसफर करता है करंटली।
- 7:44:26व्हिच स्टेटमेंट इन बेसिक इज़ यूज़्ड टू
- 7:44:28कमेंट्स एंड क्लेरिफाई सेक्शंस एंड सब
- 7:44:30रूटीनंस इन प्रोग्राम्स? तो वि स्टेटमेंट
- 7:44:34इन बेसिक इज यूज्ड टू कमेंट ओके एंड
- 7:44:37क्लेरिफाई सेशंस एंड सब रूटीनंस मतलब यह
- 7:44:40कि जैसे बड़े-बड़े प्रोग्राम जब बनाए जाते
- 7:44:43हैं इसमें आप कई जैसे क्या एक अरथमैटिक
- 7:44:45ऑपरेशन का प्रोग्राम बनाएं तो जिसमें आपने
- 7:44:48फर्ज किया पहला आप हिस्सा उसका बना रहे हो
- 7:44:51तो आपने रैम रिमार्क्स के तौर पे दिया कि
- 7:44:54जी एडिशन प्रोग्राम ठीक है ना ऐड तो आपने
- 7:44:5820 पे यहां पे फर्स्ट किया ये एडिशन का
- 7:45:02प्रोग्राम हो गया। फिर आपने यहां पे एक
- 7:45:04रिमार्क दे दिया कि जी दिस इज़ एंड हियर।
- 7:45:07है ना? एक रूटीन है जो कि एंड हो गई। अब
- 7:45:11आप नेक्स्ट पे आ रहे हो तो अब आपने शुरू
- 7:45:13किया दूसरा प्रोग्राम यानी इसी प्रोग्राम
- 7:45:15के अंदर। तो आपने रैम दिया प्रोडक्ट
- 7:45:18प्रोग्राम। ठीक है?
- 7:45:20सही है? फिर 60 पे आपने यहां पर तो मतलब
- 7:45:23एक सब सेक्शंस बना रहे हो आप। तो ये किसके
- 7:45:26थ्रू बना रहे हो? रेम के थ्रू। तो
- 7:45:28रिमार्क्स जो है वो हमें हेल्प आउट कर रहा
- 7:45:30है। मतलब रिमार्क स्टेटमेंट जो है हमें एक
- 7:45:33ही प्रोग्राम के अंदर अगर हम एक लार्ज
- 7:45:35प्रोग्रामिंग कर रहे हैं तो उसमें हम उसको
- 7:45:37डिवाइड कर रहे हैं तो और एक प्रोग्राम जो
- 7:45:39होता है बेसिकली हम सेकंड यूजर के लिए
- 7:45:42बनाते हैं तो उसको रूटीन समझने में आसानी
- 7:45:44हो जाए। तो इसलिए हम ऐसा कर रहे होते हैं।
- 7:45:51उसके बाद 183 द डेटा स्टेटमेंट इन बेसिक
- 7:45:54इज़ यूज़्ड फॉर द डेटा स्टेटमेंट इज़ बेसिक
- 7:45:57इज़ यूज़्ड फॉर एक्सट्रैक्टिंग डेटा फ्रॉम द
- 7:45:59प्राइमरी स्टोरेज। ठीक है? या फिर
- 7:46:02जनरेटिंग आउटपुट डेटा। तो खुद से तो
- 7:46:04कंप्यूटर कोई दे ही नहीं सकता ना। तो
- 7:46:06इसलिए ए तो हो नहीं सकता। या फिर बी
- 7:46:09जनरेटिंग आउटपुट डेटा आउटपुट के लिए
- 7:46:11इस्तेमाल नहीं होता क्योंकि डेटा में तो
- 7:46:14हम रीड से हम उसको एक्सट्रैक्ट करते हैं
- 7:46:16एंड देन फिर प्रिंट के जरिए उसको हम
- 7:46:18डिस्प्ले कर सकते हैं। तो ये भी दुरुस्त
- 7:46:20नहीं है। ठीक है? उसके बाद सी प्रिंटिंग द
- 7:46:23इनपुट डेटा। जाहिर है अभी ये उसी के अंदर
- 7:46:26हो गया कि ये प्रिंट तो नहीं करता। हां एक
- 7:46:28काम जरूर कर सकता है कि ये सप्लाई
- 7:46:34सप्लाई सप्लाइंग डेटा टू द प्रोग्राम।
- 7:46:37प्रोग्राम के लिए डाटा
- 7:46:39को प्रोवाइड करता है, सप्लाई करता है। यह
- 7:46:41डाटा स्टेटमेंट का काम होता है बेसिक के
- 7:46:43अंदर। ठीक है? बार-बार एक बात कह रहा हूं
- 7:46:45कि आप लोग ये मत सोचिएगा कि भाई ये C
- 7:46:48लैंग्वेज में तो सर ऐसा नहीं हो रहा या
- 7:46:50Python हमने नहीं पढ़ा। तो भाई हम बेसिक जो
- 7:46:53लैंग्वेज है उसके सिनेरियो में बात कर रहे
- 7:46:56हैं। ठीक है ना?
- 7:47:00उसके बाद देखेंगे इन एन इनपुट स्टेटमेंट
- 7:47:02इन बेसिक द वेरिएबल मस्ट बी सेपरेटेड बाय।
- 7:47:06ठीक है? अब जब भी हम बात करते हैं कि भाई
- 7:47:09हम इनपुट स्टेटमेंट का इस्तेमाल करते हैं
- 7:47:11बेसिक के अंदर तो इनपुट
- 7:47:14स्टेटमेंट का इस्तेमाल करेंगे। अगर आप
- 7:47:16सिंपल वेरिएबल दे रहे हो तो वो तो सिंपल
- 7:47:18यही है। लेकिन ये किस सिनेरियो में बात कर
- 7:47:20रहा है। ठीक है? हालांकि ये स्टेटमेंट
- 7:47:22थोड़ी सी इनकंप्लीट है। लेकिन बहाल मैं
- 7:47:24आपको समझा रहा हूं कि अगर हम इनपुट दे रहे
- 7:47:26हैं तो इसको फर्ज के आप मैसेज के साथ दे
- 7:47:29रहे हो। जैसे एंटर नंबर
- 7:47:33एंटर नंबर इनवाइट कॉमाज़ और फिर कॉमा तो
- 7:47:36कॉमा से आप सेपरेट करते हो वेरिएबल को और
- 7:47:38आगे आपने a दे दिया तो इसलिए कॉमा का
- 7:47:41इस्तेमाल किया जाता है। ठीक है?
- 7:47:46उसके बाद
- 7:47:48इन बेसिक द रीड स्टेटमेंट मस्ट बी अ
- 7:47:50कंप्लेंड बाय डायरेक्ट कि रीड स्टेटमेंट
- 7:47:52मैं आपको बता चुका हूं। यह रीड
- 7:47:56डॉटेड डाटा ये दोनों एज द सेम टाइम एट द
- 7:48:01सेम टाइम एक प्रोग्राम के अंदर क्या करती
- 7:48:04हैं? वर्क करती हैं। ठीक है? इसलिए
- 7:48:08इसका राइट ऑप्शन हो गया आपका बी डेटा
- 7:48:11स्टेटमेंट।
- 7:48:24[संगीत]
- 7:48:36[संगीत]
- 7:48:46[संगीत]
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- 7:52:14[संगीत]
- 7:52:22[संगीत]
- 7:52:29[संगीत]
- 7:52:36[संगीत]
- 7:52:4389 द इनपुट स्टेटमेंट इन बेसिक नीड्स द
- 7:52:46डेटा स्टेटमेंट इज़ यूज़्ड टू प्रिंट
- 7:52:47रिपोर्ट्स इन जनरली यूज़्ड इन प्लेस ऑफ़ रीड
- 7:52:50इनेबल्स द यूज़र टू इंटैक्ट विथ कंप्यूटर।
- 7:52:53डायरेक्ट के रीट अलग चीज है और इनपुट
- 7:52:56स्टेटमेंट अलग है। तो इसलिए इज जनरली
- 7:52:59यूज्ड इन रिप्लेस का तो काम नहीं करता
- 7:53:01बल्कि ये इनेबल करती है द यूजर टू इंटैक्ट
- 7:53:04विद कंप्यूटर। सही है ना? मतलब आप फिर
- 7:53:08इसकाबल होते हो कि आप इनपुट दे रहे हो तो
- 7:53:10आपका इंटरेक्शन बढ़ता है। ठीक है? और आप
- 7:53:14अगेन एंड अगेन जो है वो डेटा एंटर कर सकते
- 7:53:18हो। सही है ना?
- 7:53:21इन दिस वे यू कैन अंडरस्टैंड।
- 7:53:25उसके बाद देखें द प्रिंट एंड एल प्रिंट
- 7:53:28ओके कमांड्स एंड बेसिक रीड
- 7:53:32आउटपुट रिस्पेक्टिवली। अच्छा अब ये बड़ी
- 7:53:35इंपॉर्टेंट बात है के अगर मैं
- 7:53:43प्रिंट लिखता हूं। ठीक है ना? जैसे प्रिंट
- 7:53:46A लिख दिया
- 7:53:49और फिर मैंने एल प्रिंट कर दिया।
- 7:53:54तो अगर तो 10 प्रिंट A लिखा तो ये
- 7:53:58स्टेटमेंट जो है इस इस स्टेटमेंट के थ्रू
- 7:54:01ये आउटपुट जो देगा वो देगा ऑन द स्क्रीन
- 7:54:08ऑन द स्क्रीन इन द फॉर्म ऑफ़ सॉफ्ट कॉपी और
- 7:54:11एल प्रिंट जो है अगर आप दोगे तो यह ऑन द
- 7:54:18पेपर
- 7:54:20ठीक है मतलब दूसरे लफ्जों में हम कह सकते
- 7:54:22हैं ये हार्ड कॉपी प्रोवाइड करता है
- 7:54:27और ये हमें सॉफ्ट कॉपी प्रोवाइड करता है।
- 7:54:33सही है ना?
- 7:54:38तो इस तरह से हम इसको समझ सकते हैं।
- 7:54:46तो बेटा यह 190 पे है। इस तरह से आपको
- 7:54:50ध्यान रखना है कि प्रिंट और एल प्रिंट में
- 7:54:52डिफरेंस है जो कि हमने बात की कि प्रिंट
- 7:54:55जो है वो सॉफ्ट कॉपी प्रोवाइड करता है और
- 7:54:58जबकि एल प्रिंट अगर हम देते हैं तो ये ऑन
- 7:55:00द पेपर हमें वही आउटपुट हमें शो करेगा।
- 7:55:03लेकिन ये हमें पता होना चाहिए कि व्हनेवर
- 7:55:06वी वॉच एनी आउटपुट ऑन द स्क्रीन तो दैट इज़
- 7:55:09कॉल्ड सॉफ्ट कॉपी। एंड अदरवाइज इन द फॉर्म
- 7:55:12ऑफ पेपर कॉल्ड हार्ड कॉपी। ठीक है? तो, यह
- 7:55:16एक आपको याद रखना है। आते हैं नेक्स्ट पे।
- 7:55:21उसके बाद व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट अ
- 7:55:23बेसिक स्टेटमेंट टू प्रोवाइड डेटा इन अ
- 7:55:26प्रोग्राम।
- 7:55:28तो, इसमें से कौन सी स्टेटमेंट है जो
- 7:55:30बेसिक स्टेटमेंट नहीं कहलाएगी? जाहिर है
- 7:55:32कि रीड एक स्टेटमेंट है। ओके?
- 7:55:37डाटा भी एक स्टेटमेंट है और इनपुट भी है।
- 7:55:40तो इसका मतलब है दिस वन यह एक प्रॉपर
- 7:55:44हमारे पास स्टेटमेंट नहीं है। मतलब इट इज़
- 7:55:47नॉट इंक्लूडेड। ओके? इस तरह आप समझे।
- 7:55:52उसके बाद 192 मतलब इसमें एक चीज़ मैं समझा
- 7:55:55दूं। ये ये जो एमसीक्यू है अभी मैंने
- 7:55:58थोड़ी देर पहले आपको समझाया था ना। तो
- 7:56:00इसमें आपको फिर कह रहा हूं कि बेसिक के
- 7:56:02हवाले से आप यह याद रखना कि कुछ कमांड्स
- 7:56:05कौन-कौन सी होती है उनके नाम और
- 7:56:07स्टेटमेंट्स उनके नाम याद रखो ताकि इस तरह
- 7:56:09के एमसीक्यूस का जवाब आप दे सको। अगर आपको
- 7:56:12पता नहीं होगा कि यार कौन सी स्टेटमेंट है
- 7:56:14या कौन सा कमांड है जो नहीं है मतलब उसके
- 7:56:17नाम ही याद नहीं है तो आप कैसे उसका जवाब
- 7:56:19दोगे?
- 7:56:22उसके बाद आते हैं हम
- 7:56:27नेक्स्ट पे। अल्फा न्यूमेरिक डेटा कैन बी
- 7:56:29रीड बाय यूज़ ऑफ़ कह रहा है क्या? अल्फा
- 7:56:31न्यूमेरिक डेटा हो या कोई भी डेटा हो
- 7:56:33इसमें अल्फा नोमेरिक की बात कर रहा है तो
- 7:56:35प्रोवाइड होता है इनपुट स्टेटमेंट से। ठीक
- 7:56:37है? और बोथ तो हो नहीं सकता क्योंकि डेटा
- 7:56:40का काम सिर्फ और सिर्फ डेटा एक्सट्रैक्ट
- 7:56:42करना होता है रीड स्टेटमेंट से जो रीड में
- 7:56:44मेंशन होता है। ठीक है? तो ये इसका आंसर
- 7:56:47है। उसके बाद 93 में देखिए। द प्रिंट
- 7:56:50यूजिंग स्टेटमेंट। ये बड़ी इंटरेस्टिंग है।
- 7:56:52ये असल में इसको एक व्यू समझे कि अगर मुझे
- 7:56:56फर्ज किया
- 7:56:58कोई
- 7:57:00वैल्यू है
- 7:57:02जैसे 49 49
- 7:57:0523 ठीक है। अच्छा पहले मैं एक काम करता
- 7:57:09हूं। पहले इसको मैं सी लैंग्वेज की
- 7:57:11स्टैंडर्ड से समझाता हूं। क्योंकि अमूमन
- 7:57:13जो स्टूडेंट जो सी लैंग्वेज सीख रहा है और
- 7:57:15उसने पढ़ी है तो आपको भी जरा आसान हो
- 7:57:17जाएगा। डायरेक्ट अगर समझ रहा हूं कि शायद
- 7:57:19मे भी प्रॉब्लम हो कि अगर आपके पास दो
- 7:57:22वैल्यू्यूज हैं। एक मैंने एक फ्लोट वैल्यू
- 7:57:25दी है। ठीक है? अब मैं चाहता हूं कि यार
- 7:57:27मैं C लैंग्वेज के हवाले से कि पॉइंट के
- 7:57:30बाद में ये टू प्लेसेस सिर्फ शो करना चाह
- 7:57:33रहा हूं। तो आप को पता होना चाहिए कि इसको
- 7:57:37मैं
- 7:57:39इस तरह शो करूंगा कि मैं फ्लोट दूंगा।
- 7:57:43फ्लोट
- 7:57:44a = 25
- 7:57:4849
- 7:57:52हम
- 7:57:5559.49
- 7:57:5823 ठीक है। अब मैं यहां पे प्रिंट एफ का
- 7:58:01इस्तेमाल करते हुए मैंने क्या कहा कि मुझे
- 7:58:07पॉइंट के बाद टू प्लेसेस चाहिए। तो मैं C
- 7:58:09लैंग्वेज में इस तरह करता हूं कि पॉइंट
- 7:58:12यानी पर्सेंट D ये पर्सन D है। पॉइंट टू
- 7:58:19और F ये लगाऊंगा एंड देन A तो इसके जरिए
- 7:58:24क्या होगा कि जो वैल्यू है फ्लोट वैल्यू
- 7:58:28वो प्रिंट होगी। लेकिन इसका आउटपुट हमें
- 7:58:30हमें क्या मिलेगा? 25
- 7:58:3349 ठीक है ना? इस तरह से यह वैल्यू देगा।
- 7:58:37ठीक है?
- 7:58:39मतलब पॉइंट के बाद टू प्लेसेस आपको देगा।
- 7:58:41लेकिन यही काम अगर हम बेसिक में करेंगे तो
- 7:58:44इसके लिए हम यूज़ करते हैं प्रिंट यूजिंग।
- 7:58:48प्रिंट यूजिंग
- 7:58:51प्रिंट यूजिंग का इस्तेमाल करते हैं।
- 7:58:53बकायदा हम ये हैश सिंबल इस्तेमाल करेंगे।
- 7:58:56ठीक है? पॉइंट#श
- 7:58:59जितने हैश देंगे तो इसका मतलब उतने
- 7:59:01प्लेसेस हमें मिल जाएंगे। तो ये है सिंबल
- 7:59:03का इस्तेमाल किया जाता है। अगर हम इस
- 7:59:06हवाले से बात करें तो कह रहा है कि द
- 7:59:08प्रिंट यूजिंग स्टेटमेंट इन बेसिक इज़ यूज़
- 7:59:10फॉर प्रिसाइज़ पोजीशनिंग ऑफ़ आउटपुट
- 7:59:12वैल्यूज़। ये इसका एक
- 7:59:16आउटपुट वैल्यूज़ को प्रिसाइज़ करने के लिए
- 7:59:19समझता है। इनपुट के लिए नहीं बल्कि आउटपुट
- 7:59:21वैल्यूज़। ठीक है?
- 7:59:27इसके बाद
- 7:59:30नेक्स्ट है द प्रिंट S पे। एसपीसी
- 7:59:33स्टेटमेंट इन बेसिक इज यूज फॉर गिविंग
- 7:59:34ब्लैंक्स ऑन अ प्रिंट लाइन या स्केपिंग अ
- 7:59:37प्रिंट लाइन या गिविंग टैब्स ऑन अ प्रिंट
- 7:59:39लाइन। तो यहां पर आपको ये समझना है टैब।
- 7:59:44ठीक है? और एसपीसी फंक्शन में फर्क क्या
- 7:59:47है? सही है ना? यानी के टैब क्या करता है?
- 7:59:52किसी भी डेटा को प्रिंट ऑन अ स्पेसिफिक
- 7:59:54कॉलम।
- 7:59:56प्रिंट
- 7:59:59मैसेज
- 8:00:03ऑन
- 8:00:06स्पेसिफिक
- 8:00:09कॉलम।
- 8:00:12ठीक है? जबकि स्पेस क्या करता है? ये कॉलम
- 8:00:16स्पसेस देता है।
- 8:00:19कॉलम
- 8:00:24कॉलम स्पेसेस
- 8:00:28बिटवीन
- 8:00:32कररेक्टर्स।
- 8:00:36ठीक है? तो, यह अगर आपको समझना है, तो
- 8:00:38इसको मैं एक प्रोग्राम के जरिए यूज़ समझा
- 8:00:40सकता हूं। अगर हम इसको देखना चाहें।
- 8:00:57ठीक है ना? तो ये एक प्रोग्राम के जरिए हम
- 8:01:01इसको समझ लेते हैं।
- 8:01:10अब देखें
- 8:01:12कि एक्चुअली इसको किस तरह हम यूज़ करेंगे।
- 8:01:16इन दोनों को हम डिफरेंस देख रहे हैं कि
- 8:01:18अगर मैं टैब 10 से लिख के
- 8:01:2320 प्रिंट
- 8:01:26और टैब देता हूं
- 8:01:29और यहां पे लिखता हूं 10
- 8:01:33a ठीक है
- 8:01:36और फिर मैं यहां पे यूज़ करता हूं एसपीसी
- 8:01:38फंक्शन और यहां पे भी मैं 10 ही लिखता
- 8:01:42हूं। ठीक है?
- 8:01:46और यहां पर मैं देता हूं B.
- 8:01:49ठीक है ना?
- 8:01:51तो अब ये फर्क क्या होगा? मतलब ये जो टैप
- 8:01:5610 है ना ये इसके जरिए क्या होगा? स्क्रीन
- 8:02:01में क्या करेगा? ये एग्जैक्टली यू समझें
- 8:02:04मैंने अभी आपको बताया था ना 25 / 80
- 8:02:0825 कॉलम होते हैं। 25 रोज़ होती हैं और 80
- 8:02:12कॉलम्स होते हैं। ठीक है ना? तो यह
- 8:02:14स्क्रीन को आप व्यू देखिए कि जीरो से शुरू
- 8:02:16है। 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 मतलब ये आपको
- 8:02:24समझाने के लिए। ठीक है? फिर उसके बाद 11
- 8:02:2712
- 8:02:2813 14 15
- 8:02:3116 ठीक है? इसको थोड़ा हम
- 8:02:39एक्सटेंड कर देते हैं लाइन को ताकि समझना
- 8:02:42आसान हो जाएगा। ठीक है ना?
- 8:02:46ये फर्स्ट की स्क्रीन है। ठीक है?
- 8:02:50इसको हटा देते हैं।
- 8:02:54यू तो
- 8:03:01ये है 17 18
- 8:03:0519 20 और इसी तरह 80 तक। ठीक है? अब जरा
- 8:03:08समझिएगा कि टैब 10 A की सूरत में क्या
- 8:03:10होगा? एग्जैक्टली A जो है ना वो यहां से
- 8:03:13गिनता हुआ टैप पोजीशन जो है लेगा और यूं
- 8:03:1710 कॉलम पे आ जाएगा। किस पे आ जाएगा? ये
- 8:03:20एक प्रिंट होगा। लेकिन अब यहां पे देखो
- 8:03:22स्पेस है जो ये 10 कॉलम नहीं है बल्कि
- 8:03:24इतने स्पेसेस लेगा। यानी यूं समझ लो कि 10
- 8:03:28और 10 तो यहां से ये क्या है? स्पेसेस
- 8:03:30देगा। 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ठीक है? तो
- 8:03:35मतलब स्पेसेस देगा और यहां पे भी प्रिंट
- 8:03:38होगा। तो मतलब कॉलम नहीं हो रहे बल्कि ये
- 8:03:41उतने स्पेसेस लेगा। मतलब अगर आपके ज़हन में
- 8:03:43सर ये स्पसेस ही तो हैं कॉलम। ऐसा नहीं है
- 8:03:47बेटा। असल में इसको जो समझे मैं आपको यू
- 8:03:49समझाता हूं कि अगर मैं इसको मिटाऊं और
- 8:03:53यहां पर लिख देता अगर फाइव
- 8:03:56ठीक है ना तो अब क्या होगा अब जाहिर है कि
- 8:03:58आप समझे ये स्पेस जो है उतने प्रोवाइड
- 8:04:02करेगा ठीक है ना ये उतने स्पेस प्रोवाइड
- 8:04:06करेगा मतलब ये यहां से अब फाइव है ना तो
- 8:04:10फाइव स्पेससेस कॉलम स्पेस देगा 1 2 3 4 5
- 8:04:15यानी पांच है तो यहां पर बी प्रिंट हो
- 8:04:17जाएगा। ये है मतलब इसका। तो एसपीसी और टैब
- 8:04:20में ये फर्क है कि टैब जो है वो कॉलम
- 8:04:22स्पेससेस एग्जैक्टली पोजीशन देता है। और
- 8:04:25जबकि एसपीसी जो है वो क्या करता है?
- 8:04:28डिबिंग गिविंग टैब्स ऑन अ प्रिंट लाइन।
- 8:04:31ठीक है? या गिविंग ब्लैंक्स प्रिंट लाइन।
- 8:04:33तो इसमें बेसिकली गिविंग टैब्स ऑन अ
- 8:04:36प्रिंट लाइन। प्रिंट जो लाइन है उसमें ये
- 8:04:39टैब्स को प्रोवाइड करता है।
- 8:04:44उसके बाद
- 8:04:46व्हाट डज़ बेसिक स्टैंड फॉर शुरू में मैंने
- 8:04:48आपको बता दिया था जब आप बेसिक के ये
- 8:04:50एमसीक्यूस शुरू हुए थे तो इसमें कौन सा
- 8:04:53दुरुस्त था आप जानते हो? बिगिनर्स ऑल
- 8:04:54पर्पस सिंबॉलिक इंस्ट्रक्शन कोर्ट। ये एक
- 8:04:57राइट वन हो गया। उसके बाद देखेंगे बेसिक
- 8:05:01196 के बेसिक लैंग्वेज इज़ वेल इंस्टटेड
- 8:05:04फॉर कंप्यूटर हैविंग। मतलब यह है कि बेसिक
- 8:05:06लैंग्वेज जो है यह कोई ज्यादा हैवी
- 8:05:08लैंग्वेज नहीं है। तो लिहाजा यह लेस
- 8:05:10मेमोरी में भी काम करती है और ईजीली
- 8:05:12इंस्टॉल्ड होती है और कोई मसला नहीं होता।
- 8:05:15उसके बाद F1 फंक्शन की इज़ यूज़्ड इन बेसिक
- 8:05:18फॉर। तो बेटा याद रखो एक्चुअली बहुत सारी
- 8:05:21स्टेटमेंट है। तो उनमें से एक हमारे पास
- 8:05:25जो
- 8:05:27एक कमांड है हमारे पास जीरो बेसिक में या
- 8:05:30बेसिक में अगर लाइंस नंबर है जैसे
- 8:05:3510 20 30
- 8:05:40और इसके मैंने एक प्रोग्राम बनाया
- 8:05:43100 लाइन का। ठीक है? अब ये आप
- 8:05:48आगे हमने स्टेटमेंट दी हुई है। सही है? अब
- 8:05:52फर्ज किया बेसिक के अंदर ये फैसिलिटी है
- 8:05:54कि अगर यूजर को अपनी रिक्वायरमेंट के
- 8:05:56मुताबिक लाइन नंबर्स देखनी है तो वो देख
- 8:05:58सकता है और वो किसके थ्रू दे सकता है?
- 8:06:01लिस्ट।
- 8:06:03तो इसकी जो शॉर्टकट की है वो F1 है। मतलब
- 8:06:05F1 भी आप प्रेस कर सकते हो। और यह लिस्ट
- 8:06:08कमांड करते क्या है कि अगर तुम लिस्ट
- 8:06:10लिखकर
- 8:06:12यहां पर 20 लिखते हो तो एग्जैक्टली
- 8:06:14देखेंगे आप जैसे ही एंटर करोगे तो यहां पे
- 8:06:1820 लाइन नंबर आ जाएगी। लेकिन आप ये चाहते
- 8:06:21हो कि सर मैं 40 से और 100 तक देना चाह
- 8:06:25रहा हूं। लिखना चाह रहा हूं। तो मैं लिस्ट
- 8:06:2840 से लेके और 100 ये लिखूंगा तो आप
- 8:06:32देखेंगे सिर्फ और सिर्फ 40 से लेके और 100
- 8:06:35तक लाइन नंबर्स आएंगी। ठीक है ना? तो ये
- 8:06:37लिस्ट को देखने के तरीके हैं। ये भी एक
- 8:06:39ऐसा एमसीक्यू में आपको बेसिक के हवाले से
- 8:06:43पूछे जा सकते हैं। ठीक है? तो इसकी
- 8:06:46शॉर्टकट की जो है वो ये है। ठीक है ना?
- 8:06:49अच्छा इसके अलावा और भी है अगर मैं एक
- 8:06:51एनहांस करूं आपकी नॉलेज में F1 तो हो गया
- 8:06:54लिस्ट के लिए
- 8:06:57तो F2 जो होती है फंक्शन की वो बेसिक के
- 8:07:01अंदर प्रोग्राम को रन करने के लिए
- 8:07:03इस्तेमाल होती है। F3 जो है वो लोड के लिए
- 8:07:08इस्तेमाल होती है। प्रोग्राम को लोड करना
- 8:07:10हो और F4 जो है वो प्रोग्राम को सेव करने
- 8:07:15के लिए हम इस्तेमाल कर रहे होते हैं। ठीक
- 8:07:17है?
- 8:07:18कैसे इस्तेमाल कर रहे होते हैं
- 8:07:23वह भी हम आपको दिखा देते हैं।
- 8:07:29ठीक है?
- 8:07:32कैसे इस्तेमाल करते हैं? जैसे अगर मुझे
- 8:07:34कोई प्रोग्रामिंग आपने सेव किया हुआ है।
- 8:07:37एक प्रीवियसली xyz के नाम से तो बेसिक में
- 8:07:40हम डायरेक्टली जो उस पे काम नहीं कर सकते।
- 8:07:43जब तक कि उसको हम लोड नहीं करें। मेमोरी
- 8:07:44में लोडेड नहीं करेंगे। तो उसके लिए F3
- 8:07:46लिख F3 जैसे ही प्रेस करोगे ठीक है तो आप
- 8:07:49देखेंगे लोड लिखा हुआ आ जाएगा पूरा
- 8:07:51सिंटेक्स यू अब यहां पे आपने इसमें फाइल
- 8:07:55नेम देनी है और एक्सटेंशन बी एएस
- 8:07:59और एंटर तो आप देखेंगे एकदम ओके आएगा ठीक
- 8:08:03है ये ओके क्या है अभी हम बताते हैं ठीक
- 8:08:05है और येb क्यों दिया है इस पे भी बात
- 8:08:08करते हैं अभी इंशाल्लाह ओके आएगा तो अब आप
- 8:08:11क्या करोगे जस्ट लिस्ट एंटर करोगे तो जैसे
- 8:08:14ही तो ये प्रोग्राम जो है आपको उसकी लिस्ट
- 8:08:16पूरी आपको दे देगा। ठीक है? ये एक
- 8:08:18तरीकाकार होता है लोड का इस्तेमाल हमने
- 8:08:21बताया। और इसी तरह आपको सेव करना है। कोई
- 8:08:23प्रोग्राम है अगर इसमें एक बात का ख्याल
- 8:08:27रखिएगा कि बेसिक में एक
- 8:08:31एक चीज है जो आप इसका ड्रॉबैक को या जो भी
- 8:08:34कि जो भी आपने चेंजेस किए हैं तो लाजमन
- 8:08:36उसे आप सेव करोगे एव्री टाइम। ठीक है?
- 8:08:39मतलब आपने जो भी अमेंडमेंट की है, एडिटिंग
- 8:08:41की है तो आप एव्री टाइम उसको सेव करोगे तो
- 8:08:44वहीं पर करंट समझा जाएगा। ठीक है? तो अब
- 8:08:47आप इसको जो भी प्रोग्राम में एडिटिंग करके
- 8:08:50अब आपको सेव करना है तो आप अगर F4 प्रेस
- 8:08:53करोगे।
- 8:08:54ठीक है ना? F4 तो आप देखोगे कि सेव का
- 8:08:58पूरा एक इसका सिंटेक्स आ जाएगा। अब आप
- 8:09:00इसको XY Z2 के नाम से सेव करना चाहते हो
- 8:09:04एक और BS लिख के एंटर। तो अब ये प्रोग्राम
- 8:09:07इस तरह सेव हो जाएगा विद न्यू चेंजज़
- 8:09:09अमेंडमेंट्स। ठीक है?
- 8:09:12अब बात करते हैं इसमें आपने देखा
- 8:09:16कि
- 8:09:21हमने
- 8:09:23इसमें एक दो चीजें लिख लो
- 8:09:28के
- 8:09:31द बेसिक
- 8:09:35एक्सटेंशन
- 8:09:41द बेसिक एक्सटेंशन ऑफ
- 8:09:46अ प्रोग्राम
- 8:09:51इज़ डॉट
- 8:09:53बीएएस याद रखिएगा। यानी कि इसका मतलब ये
- 8:09:57है कि बेसिक में जब आप प्रोग्राम सेव करते
- 8:09:59हो तो उसको बेसिक का जो एक्सटेंशन है वो
- 8:10:02जितने भी प्रोग्राम्स है वो BAएस के नाते।
- 8:10:04जैसे C लैंग्वेज है। अब C का जो एक्सटेंशन
- 8:10:06है वो होता है डॉट C है ना? Python में
- 8:10:09आपने देखा होगा Py ठीक है ना? इस तरह से
- 8:10:12यह एक एक्सटेंशन है। तो बीएएस जो है बेसिक
- 8:10:16में जो भी फाइल जस्ट प्रोग्राम सेव होता
- 8:10:18है तो वो डॉट बीएएस के नाम से एक्सटेंशन
- 8:10:22के नाम से होता है। एक तो ये भी आ सकता है
- 8:10:25और ओके जो है ये एक बाय डिफ़ॉल्ट बेसिक में
- 8:10:29आप देखोगे कि आपका प्रोग्राम या आपका जो
- 8:10:32भी टास्क है सक्सेसफुली हुआ है या
- 8:10:34अनसक्सेसफुल दोनों सूरतों में आपको यह ओके
- 8:10:37नजर आएगा। ओके क्या होता है? याद रखो इस
- 8:10:39पे भी एमसीक्यू पूछा जा सकता है। तो ये
- 8:10:41मैं लिख रहा हूं कि ओके बेसिकली क्या है
- 8:10:44कि दिस इज़
- 8:10:47द
- 8:10:49प्र्प्ट
- 8:10:52ऑफ
- 8:10:55बेसिक या जीW बेसिक।
- 8:10:58ठीक है? ये प्र्ट ऑफ बेसिक कहलाता है।
- 8:11:01मतलब प्र्ट का मतलब आपको पता है कि ये
- 8:11:03जहां से आप स्टार्ट लेते हो तो ये ओके एक
- 8:11:05तरह से आपके प्र्ट का काम करता है। ठीक
- 8:11:08है? जी रूल में बेसिक वर्जन में काम कर
- 8:11:10रहे हो या बेसिक में काम कर रहे हो आपको
- 8:11:12एव्री टाइम ये आपको ओके जो कीवर्ड है या
- 8:11:15बाय डिफॉल्ट ये वर्ड आपको नजर आएगा। ठीक
- 8:11:18है? तो ये मैंने कहा आपको आपसे मैं शेयर
- 8:11:21करूं और उम्मीद है आपको समझ में आया होगा।
- 8:11:24इसके बाद देखें नेक्स्ट है द फंक्शन की
- 8:11:26फॉर एग्जीक्यूटिंग अ प्रोग्राम। ये मैं
- 8:11:28आपको अभी बता चुका हूं कि अगर मुझे
- 8:11:30एग्जीक्यूट करना है उसके लिए शॉर्टकट की
- 8:11:32फंक्शन की का इस्तेमाल करूंगा तो मैं कौन
- 8:11:34सा करूंगा? F2। ठीक है? बाकी मैंने आपको
- 8:11:36समझा दिए। F3 लोड के लिए होता है। F4 सेव
- 8:11:39के लिए होता है और F1 जो है वो फॉर कॉलिंग
- 8:11:42लिस्ट होता है। ठीक है? इसी तरह नेक्स्ट
- 8:11:46देखें। हाउ मेनी मोड्स ऑपरेशंस आर देयर?
- 8:11:49ये बड़ा इंपॉर्टेंट है। पहले हमें देखना
- 8:11:51होगा कि हाउ मेनी बेसिक मोड्स। ठीक है ना?
- 8:11:54बेसिक के अंदर कितने मोड्स पे काम होता
- 8:11:57है। यानी कौन से आएंगे? वो तो आपसे पूछ
- 8:12:00रहे हैं कितने हैं। लेकिन वो नाम कौन से
- 8:12:02हैं? मतलब मोड्स जो है बेसिकली ये मैं
- 8:12:04पहले आंसर भी बता देता हूं कि टू मोड्स
- 8:12:07होते हैं और लेकिन वो कौन-कौन से होते
- 8:12:08हैं? एक होता है डायरेक्ट मोड।
- 8:12:13ठीक है? एक डायरेक्ट मोड होता है
- 8:12:16और एक जो है वो
- 8:12:22इनडायरेक्ट मोड होता है। अच्छा अब इन
- 8:12:24दोनों में फर्क क्या है? इन दोनों में
- 8:12:26फर्क ये है कि डायरेक्ट मोड का मतलब ये
- 8:12:28होता है कि जितनी भी कमांड्स हैं। ओके?
- 8:12:32यानी जो कमांड्स हैं
- 8:12:35वह सब डायरेक्ट मोड पर होती है। अच्छा
- 8:12:38डायरेक्ट मोड्स में जितनी भी कमांड्स हैं
- 8:12:41वो डायरेक्ट मोड पे हैं। इसका मतलब ये है
- 8:12:42कि वो विदाउट लाइन नंबर जो है वो
- 8:12:44एग्जीक्यूट होती हैं। जैसे कि फॉर
- 8:12:45एग्जांपल अगर मैं लोड करना चाह रहा हूं ना
- 8:12:48तो मैं जस्ट लोड लिखूंगा और इनवर्टेड
- 8:12:52कॉमाज़ और कोई भी फाइल नेम देके और एंटर कर
- 8:12:54दूंगा। मतलब इसमें लैंड नंबर देने की
- 8:12:56जरूरत नहीं है। अगर सेव करना है या लिस्ट
- 8:12:58कॉल करनी है ये सब कमांड है तो इसमें लैंड
- 8:13:01नंबर देने की जरूरत नहीं है। ये मतलब होता
- 8:13:02है। लेकिन इनडायरेक्ट बॉन्ड जो होती है
- 8:13:04जितनी भी स्टेटमेंट्स हैं ओके? जितनी भी
- 8:13:07स्टेटमेंट्स हो गई बेसिक के अंदर
- 8:13:12या फंक्शनंस हो गए।
- 8:13:16ठीक है? ये सब जो है वो इनडायरेक्ट मोड पे
- 8:13:19थे। क्या मतलब? जैसे कि मैं 10 अब मुझे
- 8:13:22इनपुट देना है तो इनपुट को मैं विद लाइन
- 8:13:25नंबर दूंगा इससे ज्यादा लाइन नंबर देकर
- 8:13:27एंड देन इनपुट का इस्तेमाल करूंगा। ठीक
- 8:13:29है? 20 जैसे रीड हमने अभी बात की थी तो
- 8:13:32रीड उसके लिए मैं लाइन नंबर दूंगा। अगर
- 8:13:35मैं डेटा का इस्तेमाल कर रहा हूं उसके लिए
- 8:13:37भी लाइन नंबर दूंगा। एंड सो मेनी
- 8:13:39एग्जांपल्स मतलब इस तरह से आप इसको समझ
- 8:13:41सकते हो। तो ये है तो इसलिए हम कहते हैं
- 8:13:44कि दो मॉडल डायरेक्ट और इनडायरेक्ट। ठीक
- 8:13:47है? तो
- 8:13:50इस तरह से हम इसको देख रहे हैं।
- 8:13:55अच्छा बेटा तो ये था हमारा एमसीक्यू 199
- 8:13:59और जिसमें हमने देखा कि भाई किस तरह से
- 8:14:01मोड जो है वो जीरो बेसिक के अंदर हम जब
- 8:14:04वर्क करते हैं तो जाहिर है कि दो लेवल्स
- 8:14:06पे काम हो रहा होता है विद लाइन नंबर भी
- 8:14:08होता है और विदाउट लाइन नंबर भी होता है।
- 8:14:10ठीक है? अब हम आखिरी आगे बढ़ते हैं और
- 8:14:14देखते हैं कि व्हाट इज नेक्स्ट और यह
- 8:14:16हमारा आखरी एमसीक्यू है इस सिलसिले का
- 8:14:20हमारे इस नॉलेज मैराथन का इफ आई से कह रहा
- 8:14:24है व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग स्पेशल करैक्टर इज़
- 8:14:26अल्टरनेट फॉर रैेम स्टेटमेंट इन बेसिक। अब
- 8:14:30हमें पता है कि जैसे कि हम जानते हैं कि
- 8:14:31rेम जो है rेम जो स्टेटमेंट है इट इज़
- 8:14:36यूज़्ड फॉर रिमार्क्स। ओके?
- 8:14:39यह रिमार्क्स के लिए इस्तेमाल होती है। तो
- 8:14:42इस तरह के ट्रिकी क्वेश्चन भी आ सकते हैं।
- 8:14:44आपसे पूछे जा सकते हैं भाई के अब ये तो
- 8:14:46ठीक है कि आप प्रोग्राम के अंदर रैेम
- 8:14:50स्टेटमेंट देते हो। ठीक है? आगे आप जो भी
- 8:14:52दोगे इट इज़ अ पार्ट ऑफ़ रिमार्क्स। लेकिन
- 8:14:56अब पूछ रहा है कि कोई स्पेशल करैक्टर है
- 8:14:58जरूरी नहीं कि हम rेम लिखें। अगर हम
- 8:15:00शॉर्टकट हम बात करें तो इसका भी कोई हल
- 8:15:02है? बिल्कुल है। तो अगर मैं बेसिक के अंदर
- 8:15:06सिर्फ और सिर्फ यह ना भी लिखूं स्टेटमेंट
- 8:15:09और मैं अगर ये एपिस्टोफी दे दूं एक सिंगल
- 8:15:11कोटेशन जिसे हम कहते हैं। तो ये लिख के और
- 8:15:14आगे मैं फर्ज किया लिख दूं यहां पे
- 8:15:17प्रोग्राम
- 8:15:19नंबर वन ए लाइक। ओके? तो यह जस्ट लाइक
- 8:15:23रिमार्क्स का ही काम करता है। तो लिहाजा
- 8:15:27इस सिलसिले में सिंगल कोटेशन जो है इसका
- 8:15:29राइट आंसर है कि यह स्पेशल करैक्टर है जो
- 8:15:32कि हम इस्तेमाल कर रहे थे। तो डिअ
- 8:15:36स्टूडेंट्स तो ये था हमारा एक पूरा एक सफर
- 8:15:38जो कि अभी हमने कंप्लीट किया है जिसको आप
- 8:15:41नॉलेज मैराथॉन भी कह सकते हो। इसमें
- 8:15:44उम्मीद है कि आपने सीखा भी होगा और ये एक
- 8:15:46इंपॉर्टेंट एक सेशन था हमारा जो कि हमने
- 8:15:49किया। ठीक है? तो इसमें इसके हवाले से अगर
- 8:15:52कोई भी अगर कोई क्वेश्चन वगैरह हो तो
- 8:15:54प्लीज बिल्कुल आप अपना फीडबैक दीजिएगा।
- 8:15:57थैंक यू वेरी मच।
- 8:16:02[संगीत]
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