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NCERT | CBSE | RBSE | Class - 12 | इतिहास । विद्रोही और राज | अवध में विद्रोह — Transcript

by Ekaksha · 3,525 words · 427 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00तो देखिए बच्चों हम पढ़ रहे थे ट्वेल्थ
  2. 0:03क्लास की इतिहास की पाठ्य पुस्तक का भाग
  3. 0:05तीन जिसमें मुख्यतः आधुनिक भारत का इतिहास
  4. 0:07है और इसमें हमारा दूसरा पाठ चल रहा था
  5. 0:09जिसका नाम है विद्रोही और राज और इसका आज
  6. 0:13हम तीसरा भाग शुरू करेंगे इसी पाठ पिछले
  7. 0:16इसी पार्ट को हम पिछली दो कक्षाओं में
  8. 0:18इसका कुछ भाग पढ़ चुके हैं जिसमें हमने
  9. 0:20पढ़ा था 1857 की क्रांति का थोड़ा परिचय
  10. 0:22थोड़े कर्म को समझा था उसके बाद दूसरी
  11. 0:25कक्षा में हमने देखा था विद्रोह का दारा
  12. 0:27क्या था किस तरह विद्रोह शुरू हुआ कहां से
  13. 0:30शुरू हुआ फिर कहां फैला किस तरह विद्रोही
  14. 0:33विद्रोह कर रहे थे उनके बीच संचार के मध्य
  15. 0:35क्या थे ये सब हमने पिछली कक्षा में देखा
  16. 0:37तो इस कक्षा को अब आगे बढ़ते हुए अगला
  17. 0:40तीसरा भाग में हम पढ़ेंगे अवध के बड़े में
  18. 0:43अवध जो एक रियासत थी जिसे लोअर डलहौजी
  19. 0:47द्वारा कुछ आसन का आप लगाकर हड़प लिया गया
  20. 0:49था 1856 में वहां की कहानी पढ़ेंगे की
  21. 0:52वहां के लोग क्यों विद्रोही हो गए थे तो
  22. 0:54देखिए
  23. 0:56अवध की कहानी हम देखेंगे सबसे पहले अवध
  24. 0:59कहां पड़ता है आज का जो लखनऊ है आप जानते
  25. 1:01हैं उत्तर प्रदेश की राजधानी है लखनऊ तो
  26. 1:04लखनऊ उसे समय अवध रियासत की राजधानी हुआ
  27. 1:06करती थी अवध एक बहुत ही संपन्न रियासत थी
  28. 1:09यहां की भूमि बहुत ज्यादा उपजाऊ थी
  29. 1:11पर्याप्त मंत्र में कल नील तंबाकू ऐसी
  30. 1:14खेती यहां पर होती थी जो अंग्रेजन के लिए
  31. 1:17फायदेमंद खेती होती थी उनको वो निर्यात
  32. 1:19करते थे दूसरे डर में देश में और अच्छा
  33. 1:21मुनाफा कम आते थे तो अवध की कहानी देखते
  34. 1:24हैं
  35. 1:251801 में लॉर्ड वेलेजली के द्वारा अवध के
  36. 1:28नवाब से सहायक संधि की गई पिछले कक्षा में
  37. 1:30हमने देखा था की सहायक संधि कौन लेकर आया
  38. 1:32था लॉर्ड वेलेजली और सहायक संधि स्वीकार
  39. 1:35करने वाली पहले भारतीय रियासत की हैदराबाद
  40. 1:381801 में अवध में भी ये सहायक संधि
  41. 1:40स्वीकार कर ली थी अभद्र के नवाब और
  42. 1:42अंग्रेजन के बीच एक समझौते की संधि हो गई
  43. 1:45थी यह संधि क्यों की जाति थी इसके तहत
  44. 1:48क्या होता था तो देखिए की संधि की शर्तें
  45. 1:50मुख्य तो यही होती थी हर रियासत के साथ
  46. 1:53मुख्य थे इसके साथ भी कुछ यही शर्तें थी
  47. 1:56की नवाब अपनी सी खत्म कर देगा अंग्रेज
  48. 1:59कहते थे की नवाब साहब आप अवध के नवाब हो
  49. 2:02मां लो ये अवध है
  50. 2:05अवध के नवाब हो अब आप क्या समझौता हो गया
  51. 2:09है अंग्रेजन से सहायक संधि के बाद लोड
  52. 2:12वेलेजली ने कहा है की समझौता अंग्रेजन से
  53. 2:15कर रहे तो आपको अपनी सुरक्षा के बड़े में
  54. 2:17प्रवाह करने की जरूर नहीं है बाहरी शक्ति
  55. 2:20से आपकी सुरक्षा करने की जिम्मेदारी अब
  56. 2:22किसकी होगी हमारी होगी मतलब अंग्रेजन की
  57. 2:25होगी तो आप अपनी सी को भांग कर दीजिए तो
  58. 2:28नवाब अपनी सी खत्म कर दें पहले सर तो ये
  59. 2:31होती थी दूसरी रियासत में अंग्रेज
  60. 2:33टुकड़ियों की तैनाती की इजाजत दे मतलब
  61. 2:36अपनी सी तो खत्म कर दो और यहां पर एक सी
  62. 2:39रखोगे वह सी किसकी होगी ब्रिटिश सी यहां
  63. 2:42पर रहेगी अंग्रेजन की सी हमेशा आपके
  64. 2:44सुरक्षा में तैनात रहेगी अगर कोई भी आप पे
  65. 2:47हमला करता है तो वो आपकी सुरक्षा करेगी
  66. 2:49लेकिन इस सी का खर्चा भी आप ही डॉग
  67. 2:52क्योंकि आपकी सुरक्षा के लिए है समझना बात
  68. 2:55को ठीक है तो एक अंग्रेज सी यहां पर हमेशा
  69. 2:58तैनात रहेगी अगला राजदरबार में भी एक
  70. 3:02ब्रिटिश रेजिडेंट की नियुक्ति की जाएगी
  71. 3:05का जो राजदरबार है वहां पर जो भी फैसला
  72. 3:07लिए जाते हैं वहां अंग्रेजों का एक
  73. 3:09प्रतिनिधि एक अंग्रेज व्यक्ति हमेशा रहेगा
  74. 3:11जो दरबार की साड़ी खबरें कंपनी की
  75. 3:14अधिकारियों को पहुंचाएगा जिसको क्या कहते
  76. 3:16थे रेजिडेंट तो दरबार में एक रेजिडेंट के
  77. 3:19नियुक्ति की जाएगी और देखिए आगे नवाब इस
  78. 3:22की सलाह पर सारे कम करेगा तो एक तरह से
  79. 3:26नवाब के ऊपर एक नियंत्रण करने के लिए
  80. 3:28रेजिडेंट होगा रेजिडेंट को कंपनी के
  81. 3:31अधिकारी आदेश देंगे की नवाब से ऐसा ऐसा कम
  82. 3:34करवाना है ये आदेश पारित करवाना है नवाब
  83. 3:36पारित नहीं करता है तो जो सैनिक टुकड़ी है
  84. 3:39वो नवाब की नहीं है वो अंग्रेजन की है अब
  85. 3:42वो सैनिक टुकड़ी नवाब को हटा भी शक्ति है
  86. 3:45क्योंकि नवाब के पास तो सी है ही नहीं वो
  87. 3:47तो पुरी तरह अंग्रेजन की ताकत पे निर्भर
  88. 3:49है अंग्रेजन की सी पे निर्भर है तो ये जो
  89. 3:51सहायक संधि है ये बहुत ही गलत चीज साबित
  90. 3:55हुई भारतीय राजाओं के लिए नवाबों के लिए
  91. 3:57तो देखिए
  92. 3:59नवाब सैनिक ताकत से वंचित हो जान के बाद
  93. 4:03खुद की सैनिक ताकत से वन हो जान के बाद
  94. 4:06दोनों दिन अंग्रेजन पर निर्भर होते गए
  95. 4:09धीरे-धीरे करके सर कम अवध का अंग्रेजन ने
  96. 4:13अपने हाथ में ले लिया राजा भी कुछ आदेश
  97. 4:16निकलता था शासन करता था तो जैसा अंग्रेज
  98. 4:19चाहते थे वैसा ही वो सारे कार्य करता था
  99. 4:22ठीक है तो ये संधि कब की गई 1801 में
  100. 4:25लॉर्ड वेलेजली तो ध्यान रखना संधि की
  101. 4:28शर्तें क्या क्या थी ये आपको याद रखती है
  102. 4:31आगे बात करें की अवध एक संपन्न रियासत थी
  103. 4:35और बाद में गवर्नर जनरल आते हैं लोड
  104. 4:38डलहौजी कई बार नाम सुन चुके हैं आप राज्य
  105. 4:41हड़प नीति लेकर आया था इसकी गिद्ध जैसी
  106. 4:43नजरे थी अवध की रियासत पे की इसे तो मैं
  107. 4:46हद पंगा और एक बार ये बैठे थे किसी
  108. 4:48व्यक्ति के साथ जाम वगैरा पी रहे थे तो
  109. 4:51अवध के बड़े में चर्चा हो गई और इन्होंने
  110. 4:54कहा की ये अवध है ना ये तो देखना एक दिन
  111. 4:56खुद ही हमारे गिलास में आकर गिर जाएगा ऐसी
  112. 4:59मैं एक योजना बनाऊंगा तो देखिए डलहौजी ने
  113. 5:01क्या कहा था ये गिलास फल चेरी होता है
  114. 5:05उसके बड़े में बात कर रहे हैं एक दिन
  115. 5:07हमारे मुंह में आकर गिरेगी और ऐसा करके
  116. 5:111856 में लॉर्ड डलहौजी ने अवध का अधिग्रहण
  117. 5:14कर लिया
  118. 5:161856 में अवध रियासत को हड़प लिया गया
  119. 5:20किसके द्वारा लोड डलहौजी के द्वारा अवध के
  120. 5:23नवाब कौन थे उसे समय अवध के नवाब थे
  121. 5:28वाजिद अली शाह
  122. 5:33वाजिद अली शाह तो यह सारे कम संधि के बाद
  123. 5:37जो सहायक संधि अभी पड़ी अपने उसके बाद
  124. 5:40नवाब अपनी मर्जी से कोई कार्य नहीं कर रहा
  125. 5:43है जैसा अंग्रेज रेजिडेंट कहते हैं वैसा
  126. 5:45कर रहे हैं सर प्रशासन अंग्रेजन ने संभल
  127. 5:47रखा है फिर भी लॉर्ड डलहौजी ने कहा है की
  128. 5:51वाजिद अली शाह जो नवाब है ये अवध का शासन
  129. 5:55ठीक से नहीं चला रहे हैं तो हमें अवध को
  130. 5:58पुरी तरीके से अपने कंट्रोल में ले लेना
  131. 6:00चाहिए अपना कब्जा जमा लेना चाहिए नवाब को
  132. 6:03यहां से हटा देना चाहिए तो ध्यान से सुनिए
  133. 6:06की यह जो कंपनी के अधिकारी होते थे सबसे
  134. 6:09बड़ा अधिकारी होता था गवर्नर जनरल और वह
  135. 6:11कौन था इस समय लॉर्ड डलहौजी इनको कुछ भी
  136. 6:14जो कार्य करना होता था भारत में तो ऐसे
  137. 6:17बड़े कार्य जैसे अवध का अधिग्रहण करना है
  138. 6:19तो ऐसे बड़े कार्य के लिए लंदन में जो
  139. 6:22कंपनी के और बड़े अधिकारी बैठे हैं उनसे
  140. 6:24परमिशन लेनी होती थी तो लॉर्ड डलहौजी ने
  141. 6:27एक फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाई अवध के बड़े
  142. 6:30में और उसे रिपोर्ट को लिखकर अधिकारियों
  143. 6:33आसपास लंदन में भेजो देखिए रिपोर्ट के कुछ
  144. 6:36शब्द ऐसे थे लॉर्ड डलहौजी क्या लिख के
  145. 6:38भेजता है वहां के लोगों को की देखिए जो
  146. 6:41अवध रियासत है वहां का नवाब ठीक प्रकार से
  147. 6:44शासन नहीं कर रहा है कानून व्यवस्था
  148. 6:46बिगड़ी हुई है चोरी ल पार्ट बहुत ज्यादा
  149. 6:49बाढ़ गई है इसलिए वहां की जनता
  150. 6:54नवाब के शोषण पूर्ण शासन के नीचे पीस रही
  151. 6:57है अन्यायपूर्ण शासन के नीचे पीस रही है
  152. 7:00और क्योंकि अंग्रेज इस दुनिया के
  153. 7:02सर्वश्रेष्ठ लोग हैं वो किसी के साथ अन्य
  154. 7:05होता देख ही नहीं सकते इसलिए हमारा
  155. 7:08कर्तव्य बंता है की उन लाखों करोड़ अवध की
  156. 7:11जनता की भलाई के लिए अवध का शासन हम अपने
  157. 7:14हाथ में ले लेने नवाब को हटा दे मतलब अवध
  158. 7:17का अधिग्रहण कर लेने ऐसी फर्जी रिपोर्ट जब
  159. 7:20वो अधिकारी पढ़ेंगे ऐसे शब्द पढ़ेंगे की
  160. 7:22अंग्रेज तो सर्वश्रेष्ठ लोग हैं किसी के
  161. 7:25साथ अन्य होता है देख नहीं सकते तो वो भी
  162. 7:27थोड़े से गर्मी तो हो गए और उन्होंने वो
  163. 7:30परमिशन दे दी और उसके बाद अवध का विलय कर
  164. 7:33लिया गया जबकि नवाब काफी लोकप्रिय था वहां
  165. 7:36की जनता बहुत ज्यादा पसंद करती थी इस नवाब
  166. 7:38को लेकिन नवाब कुछ शासन कर भी नहीं रहा था
  167. 7:41शासन तो सर कंपनी ही चला रही है वहां की
  168. 7:43फिर भी एक बेबुनियाद से आप लगाया गया कुशल
  169. 7:46तो ध्यान रखना
  170. 7:50भारतीय रियासत अवध है जो 1856 में लॉर्ड
  171. 7:53डलहौजी ने हड़प लिए फर्जी आर्जी रिपोर्ट
  172. 7:55बनाकर अब देखिए इसका असर क्या हुआ
  173. 8:00नवाब वाजिद अली साहब पर कुछ आसन का आप
  174. 8:03लगाया गया और उन्हें कलकत्ता भेज दिया गया
  175. 8:06की आप अवध को छोड़िए कोलकाता जाके रही है
  176. 8:08पेंशन वेंसन हम भेज दिया करेंगे आपके खर्च
  177. 8:11पानी की अब देखिए अवध के बड़े में
  178. 8:14नवाब के निष्कासन से पैदा हुए दुख और
  179. 8:17अपमान के बड़े में एक ने लिखा है ये हमें
  180. 8:19बताता है की अवध का नवाब को जनता कितना
  181. 8:23पसंद करती थी ठीक है जब नवाब वहां से
  182. 8:27छोड़कर निकाल रहे हैं कोलकाता की तरफ जा
  183. 8:30रहे हैं तो बहुत साड़ी अवध की जनता उनके
  184. 8:33साथ-साथ रोटी हुई चल रही है ऐसा भी लिखा
  185. 8:36गया है लेखन के द्वारा की रास्ते में लखनऊ
  186. 8:40से कोलकाता जाना है तो बीच में कानपुर आता
  187. 8:43है अवध की बहुत साड़ी जनता तो राजा को
  188. 8:46विदा करने रोटी रोटी कानपुर तक गई थी फिर
  189. 8:48वापस आए अंग्रेज जनता की भी नहीं सुन रहे
  190. 8:51थे ठीक है पूरे शहर में शोक का माहौल था
  191. 8:55पूरे अवध में ही शोक का माहौल था तो देखिए
  192. 8:57क्या लिखना है एक लेखक इस निष्कासन बड़े
  193. 9:00में उसने डे से जान जा चुकी थी
  194. 9:03लिखना है की जी दिन वह निष्कासन हो रहा है
  195. 9:06नवाब का उसे दिन के बड़े में ऐसा ग रहा है
  196. 9:08की डे में जान ही नहीं है वो जा चुकी थी
  197. 9:11शहर की किया बजन थी कोई सड़क कोई बाजार घर
  198. 9:18ऐसा एन था जहां जान ए आलम से बिछड़ने पर
  199. 9:22विलाप वजोर नए गंज रहा हो ऐसा कोई शहर ऐसी
  200. 9:27कोई गली ऐसा कोई घर नहीं था जहां मातम ना
  201. 9:30मनाया जा रहा हो शौक नहीं मनाया जा रहा हो
  202. 9:32रो नहीं रहे हो लोग ऐसा लिखा है अवध के
  203. 9:35नवाब के बड़े में अब भारत के राजा और
  204. 9:37नवाबों का ऐसा अपमान हो रहा है तो जो
  205. 9:40क्रांति हुई उसे समय पुरी जनता की भावना
  206. 9:43इनके साथ थी और इनको ही क्रांतिकारी मैंने
  207. 9:46भी अपना नेता बनाया था ठीक है तो देखिए
  208. 9:49अवध की कहानी को आगे बढ़ते हैं
  209. 9:52क्या लिखा है की फिरंगी राज का आना और एक
  210. 9:56दुनिया का खत्म जब अंग्रेजन ने अवध का
  211. 9:59अधिग्रहण किया अवधकाई क्या पूरे भारत में
  212. 10:02जी भी रियासत का अधिग्रहण किया अंग्रेजन
  213. 10:04से पहले वहां एक शासन की व्यवस्था चलती थी
  214. 10:07वो व्यवस्था खत्म हो गई और एक नई शासन
  215. 10:10व्यवस्था थोप दी गई अवध के मामले में इसको
  216. 10:12समझते हैं की अंग्रेजन के आने से पहले
  217. 10:15वहां क्या व्यवस्था होती थी सबसे ऊपर है
  218. 10:17अवध का नवाब इसके नीचे बहुत सारे जागीरदार
  219. 10:22होते थे जैसे समझना के लिए मां लो यह अवध
  220. 10:25का राज्य है पूरे का स्वामी कौन है अवध का
  221. 10:28नवाब फिर इसमें बहुत साड़ी जागीर होती थी
  222. 10:32ठीक है यहां कौन होते थे यह क्षेत्र
  223. 10:34जागीरदारों के होते थे ठीक है इन्हें
  224. 10:37तालुकदार या जागीरदार कहते थे और इनकी
  225. 10:40जागीर होती थी इनके नियंत्रण में फिर कौन
  226. 10:44होते थे किसान या रैयत
  227. 10:46तो देखिए किसान तो इनको लगन देते थे यह
  228. 10:50अपने हिस का लगन रखकर कहां पहुंच देते थे
  229. 10:53अवध में तो इसको सुनकर कुछ बंगाल की
  230. 10:56व्यवस्था याद ए रही होगी जमींदारी
  231. 10:58व्यवस्था ऐसे ही होता था ना रैयत जमीदार
  232. 11:00को देता था और जमीदार अंग्रेजन को पहुंचना
  233. 11:02था लेकिन वहां पर जमीदार गोस्वामी नहीं
  234. 11:06होता था जमीदार को अगर समय पर लगा नहीं
  235. 11:09जमा कर आते थे तो हटा दिया जाता था
  236. 11:11सूर्यास्त कानून के तहत लेकिन यहां पर यह
  237. 11:14स्थाई रूप से होते थे ये अपने क्षेत्र के
  238. 11:17स्वामी होते थे अपनी भूमि अपनी जागीर के
  239. 11:19स्वामी होते थे देखिए अब आगे समझते हैं
  240. 11:22थोड़ा
  241. 11:23किसान और जागीरदार या तालुकदारों के
  242. 11:26व्यक्तिगत संबंध होते थे अच्छे से जानते
  243. 11:28थे यह लोग अपनी रैयत को अपने किसने को ऐसा
  244. 11:33भी होता था की इनको पता होता था की किसी
  245. 11:35किसान की बेटी की शादी थी इस वर्ष बहुत
  246. 11:38ज्यादा खर्चा हो गया इस वर्षों लगा नहीं
  247. 11:41दे पाएगा तो कई बार यह ताल्लुक द्वारा उसे
  248. 11:44किसान का लगन माफ भी कर देते थे
  249. 11:46को पता होता था की किसी साल बारिश नहीं
  250. 11:49हुई या बहुत ज्यादा हो गई फसल खराब हो गई
  251. 11:51काल के करण या अधिक बारिश के करण अगर फसल
  252. 11:54खराब हो गई खेतों में अच्छी पैदा नहीं हुई
  253. 11:56तो किसान कहां से लागंगा तो ये ऐसे समय
  254. 11:59में उनका लगन कम कर देते थे या माफ भी कर
  255. 12:02देते थे जबकि अंग्रेज ऐसा नहीं करते थे और
  256. 12:05साथ ही कोई बात त्योहार या ताल्लुकद्वार
  257. 12:08या जागीरदार का कोई जन्मदिन होता था तो
  258. 12:10उसे समय ये इन्हें पैसे भी बांट देते थे
  259. 12:14उधर भी देते थे बहुत सारे उपहार लोगों को
  260. 12:16बताते थे तो अच्छे संबंध होते थे किसान और
  261. 12:19ताल्लुकद्वार या जागीरदार के और इनके नवाब
  262. 12:22से अच्छे संबंध होते थे इनके पास सीन तक
  263. 12:25होती थी 12-12 हजार तक सी थी कई सारे
  264. 12:28ताल्लुकदार के पास तो जब नवाब कहानी युद्ध
  265. 12:30करने जाता था तो ये अपनी सी लेकर नवाब की
  266. 12:33मदद के लिए पहुंच जाते थे तो इस तरह के
  267. 12:35संबंध थे तो देखिए अब जब फिरंगी राज आया
  268. 12:39तो एक दुनिया समाप्त हो गई ये ये जो
  269. 12:42व्यवस्था थी ये खत्म हो गई अंग्रेजन के
  270. 12:44द्वारा नई व्यवस्था क्या लागू की गई की ना
  271. 12:46वेब को भी खत्म कर दिया इसको भी खत्म कर
  272. 12:49दिया बिचौलिए वर्ग को नवाब की जगह कौन ए
  273. 12:52गया अंग्रेज या उनकी ईस्ट इंडिया कंपनी अब
  274. 12:55वो लगन किस लगी सीधे किसने से लगन ले रही
  275. 13:00है किसी पर सकल पद गया तो भी लगन लेंगे
  276. 13:02फसल खराब हो गई तो भी लगन लेंगे अगर
  277. 13:06इन्हें किसी उधर वगैरा की जरूर होती थी तो
  278. 13:08भी अंग्रेजन से वो नहीं मिल पता था तो ये
  279. 13:10एक नई व्यवस्था लागू की जो लोगों को पसंद
  280. 13:13नहीं आई थी
  281. 13:15देखिए अंग्रेजन से पहले तालुकदार ही जनता
  282. 13:18का उत्पीड़न करते थे ऐसा नहीं है की
  283. 13:20तालुकदार हमेशा किसने को खुश रखते थे बहुत
  284. 13:22अच्छे थे कभी कभी वो किसने को पीटते थे
  285. 13:25परेशान करते थे लेकिन फिर भी देखिए लेकिन
  286. 13:27बुरे वक्त में किसने की मदद भी करते थे
  287. 13:30जबकि अंग्रेज या कंपनी के लोग कोई मदद
  288. 13:33नहीं करेंगे किसने की ठीक है अंग्रेजन ने
  289. 13:36इस दुनिया का खत्म कर दिया जो हमने अभी
  290. 13:39पिछली अच्छी है और ये ऊपर समझा है
  291. 13:42तालुकदारों की सत्ता को उखाड़ फेंका
  292. 13:44उन्होंने बिको लिए व को खत्म कर दिया नवाब
  293. 13:47को भी खत्म कर दिया तालुकदार को भी खत्म
  294. 13:49कर दिया अब नई व्यवस्था क्या है अब इस बात
  295. 13:52की कोई गारंटी नहीं थी की कठिन वक्त में
  296. 13:55या फसल खराब हो जान पर सरकार राजस्व की
  297. 13:58मांग में कोई कमी करेगी या वसूली वसूली को
  298. 14:01कुछ समय के लिए ताल देगी ऐसी कोई अब
  299. 14:04गारंटी नहीं थी नई व्यवस्था में की फसल
  300. 14:07खराब हो गई तो लगन माफ होगा या कुछ समय के
  301. 14:10लिए रियायत दे दे की भाई अगली साल जमा कर
  302. 14:12देना डबल लगाना इस तरह की कोई व्यवस्था
  303. 14:15नहीं होगी जो नई दुनिया है उसमें तो
  304. 14:17अंग्रेजन का आना और एक दुनिया का खत्म अब
  305. 14:20आगे हम पढ़ रहे हैं की अवध के तालुकदारों
  306. 14:23और किसने के मां में इस नई व्यवस्था के
  307. 14:26प्रति बहुत रोस्ट था कुछ तालुकदार तो हटा
  308. 14:28दिए थे कुछ बच्चे थे और किसान थे उनके मां
  309. 14:32में बहुत गुस्सा था और देखिए अवध में जब
  310. 14:34विद्रोह हुआ तो बहुत भयंकर विद्रोह हुआ था
  311. 14:37सैनिकों का साथ यहां की आम जनता ने बहुत
  312. 14:40ज्यादा साथ दिया आम जनता ने सैनिकों का
  313. 14:42यहां पे क्योंकि आम जनता में भी बहुत
  314. 14:45ज्यादा रोज था अंग्रेजन की नई व्यवस्था को
  315. 14:47लेकर हम अवध की कहानी पढ़ रहे हैं तो
  316. 14:50देखिए इसलिए उन्होंने अंग्रेजन के खिलाफ
  317. 14:52विद्रोह में बहुत बाढ़ चढ़कर भाग लिया था
  318. 14:55किसने ने आम जनता ने सैनिकों का साथ दिया
  319. 14:59और बहुत ज्यादा बाढ़ चढ़कर विद्रोह में
  320. 15:00भाग लिया था यहां के विद्रोह को दबाने में
  321. 15:03पसीने ए गए थे अंग्रेजन को बहुत जोर आया
  322. 15:05इस विद्रोह को दबाने में देखिए अब जो
  323. 15:08किसान होते थे उन्हें के बेटे तो सी में
  324. 15:10होते थे सैनिक
  325. 15:12तो वह भी विद्रोह करेंगे अपने घर की
  326. 15:14व्यवस्था उनको भी पता तो होती थी क्या हो
  327. 15:16रहा है हमारी अवध रियासत में अवध वो
  328. 15:19क्षेत्र था जहां से सबसे ज्यादा सैनिक
  329. 15:21ब्रिटिश सी में थे
  330. 15:23समझ रहे हो ना जो बंगाल की ब्रिटिश सी
  331. 15:27होती थी उसमें सबसे ज्यादा सैनिक किस
  332. 15:28रियासत के थे अवध रियासत के देखिए बंगाल
  333. 15:32की ब्रिटिश भारतीय सी में सर्वाधिक सैनिक
  334. 15:34अवध के ही थे और अवध के अवध को तो बंगाल
  335. 15:37की आर्मी की पौधशाला कहा जाता था बंगाल की
  336. 15:42आर्मी की पौधशाला मतलब ये पॉइंट ध्यान
  337. 15:44रखना की उसे समय ब्रिटिश सी में सर्वाधिक
  338. 15:47सैनिक अवध के ही थे तो सैनिक देख रहे थे
  339. 15:50की हमारे नवाब के साथ क्या हो रहा है
  340. 15:51तालुकदारों के साथ क्या हो रहा है किसने
  341. 15:54के साथ क्या हो रहा है इसलिए वो बड़ा
  342. 15:56गुस्सा थे तो देखिए विद्रोही क्या चाहते
  343. 15:59थे अगला पॉइंट है विद्रोहियों के मां में
  344. 16:01क्या था की वो विद्रोह कर रहे थे तो उनकी
  345. 16:03योजना क्या थी तो ऐसा हमें कोई दस्तावेज
  346. 16:06नहीं मिला है की उनकी अगली योजना क्या थी
  347. 16:08विद्रोह के साथ-साथ लेकिन उनकी कुछ
  348. 16:10घोषणाएं की गई
  349. 16:12कुछ नारे दिए गए उनसे हम अंदाज़ लगा सकते
  350. 16:15हैं की विद्रोही क्या चाहते थे तो देखिए
  351. 16:17विद्रोहियों के नजरिया को समझना के लिए
  352. 16:20हमारे पास उनके द्वारा जारी की गई घोषणाओं
  353. 16:24और इस त्योहार के शिवा कुछ ज्यादा चीज
  354. 16:26नहीं है विद्रोही जो लोग थे वो सामान्य
  355. 16:29लोग थे वो बहुत ज्यादा पढ़े हुए लिखे हुए
  356. 16:30नहीं थे की हर चीजों को लिखित रूप से
  357. 16:33लिखने रहे या संभल कर रखें केवल उनके
  358. 16:35द्वारा जो घोषणाएं जारी की गई जो इश्तिहार
  359. 16:38लगाएं गए उन्हें से हम अंदाज़ लगा सकते
  360. 16:40हैं तो देखिए इसलिए मजबूरन हमें अंग्रेजन
  361. 16:43के दस्तावेजों पर निर्भर रहना पड़ता है की
  362. 16:45अंग्रेज जो लिख गए उनके अधिकारी जो लिख गए
  363. 16:48इस आधार पर
  364. 16:49इतिहासकारों ने इस क्रांति का इतिहास लिखा
  365. 16:52है विद्रोहियों के कोई दस्तावेज हमें नहीं
  366. 16:55मिले हैं देखिए एक बात है की विद्रोही
  367. 16:57क्या चाहते थे तो विद्रोही एकता की कल्पना
  368. 17:00जरूर कर रहे थे की हिंदू और मुसलमान एक
  369. 17:03होके इस देश में रहेंगे ये जरूर वो चाहते
  370. 17:06थे ऐसा हमें पता चला है उनकी घोषणाओं से
  371. 17:09घोषणा में अफवाह में ये भी फैला था ना की
  372. 17:12भाई वी सूअर की चर्बी केवल गे की नहीं का
  373. 17:14केवल सूर्य की नहीं का गे वे सूअर की
  374. 17:16चर्बी हो दिखाना छह रहे हैं की हिंदू
  375. 17:18मुसलमान एक होके अंग्रेजन से लाडो तो एकता
  376. 17:21की चाहत ही उनमें तो इस विद्रोह को एक ऐसे
  377. 17:25युद्ध के रूप में पेस किया जा रहा था
  378. 17:26जिसमें हिंदू और मुसलमान दोनों का नफा
  379. 17:29नुकसान बराबर है इंदौर मुसलमान दोनों को
  380. 17:32लड़ाई में शामिल हो जान के लिए आह्वान
  381. 17:35किया गया था तो एकता की चाहत थी पहले क्या
  382. 17:38था नजरिया उनका क्या चाहते थे की एक तो एक
  383. 17:41रहे हिंदू मुसलमान एक होकर लड़े एक
  384. 17:43अंग्रेज ने कहा भी है की हमने हिंदू
  385. 17:45मुसलमान में हर जगह फुट डाली लेकिन इस
  386. 17:48मामले में 1857 की क्रांति के दौरान हम
  387. 17:51इनको आपस में लड़ने में सफल नहीं हो पे और
  388. 17:53हिंदू मुसलमान में फुट नहीं दाल पे
  389. 17:55क्योंकि विद्रोही पूरे ऐसे घोषणाएं करते
  390. 17:58जा रहे थे की हिंदू मुसलमान एक होकर लड़े
  391. 18:01इस लड़ाई को
  392. 18:02उत्पीड़न के प्रति के खिलाफ थे वह ब्रिटिश
  393. 18:06शासन के जो भी प्रतीक थे जो उत्पीड़न के
  394. 18:09प्रतीक थे इसके अलावा जो साहूकार और अमीर
  395. 18:11लोग थे वो भी उत्पीड़न के प्रतीक थे उनके
  396. 18:14भी वो खिलाफ थे यह भी हमें प्रमाण मिलता
  397. 18:16है तो देखिए ब्रिटिश राज्य से संबंधित हर
  398. 18:19चीज का विरोध कर रहे थे वो उनकी हर
  399. 18:21व्यवस्था को बादल देना छह रहे थे वापस से
  400. 18:24पुरानी व्यवस्था को लागू करना छह रहे थे
  401. 18:26फिरंगियों पर स्थापित और सुंदर जीवन शैली
  402. 18:30को नष्ट करने का आप लगाया गया की हमारी जो
  403. 18:33पुरानी व्यवस्था थी वो अच्छी थी सुंदर थी
  404. 18:35और उसको भांग किसने कर दिया अंग्रेजन ने
  405. 18:38ऐसा आप लगाया
  406. 18:39विद्रोही अपने इस दुनिया को दोबारा बहस
  407. 18:43करना चाहते थे जो पिछली दुनिया थी वही
  408. 18:46हमारे नेता होंगे जो पहले थे अंग्रेजन ने
  409. 18:48जिनको हटा दिया और वही साड़ी व्यवस्था हम
  410. 18:51दोबारा से स्थापित कर देंगे ऐसा कौन सा
  411. 18:53आते थे विद्रोही ऐसा इनका नजरिया थी ऐसा
  412. 18:56वो चाहते थे
  413. 18:57वैकल्पिक सत्ता की तलाश विद्रोह यह भी
  414. 19:00चाहते थे की जब हम अंग्रेजन को यहां से
  415. 19:01भाग देंगे तो फिर यहां के शासन कौन होंगे
  416. 19:04तो वैकल्पिक सत्ता तो देखिए विद्रोही नेता
  417. 19:0818वीं साड़ी की पूर्व ब्रिटिश दुनिया को
  418. 19:10पुनर्स्थापित करना चाहते थे मतलब सत्ता
  419. 19:13किसको दे देंगे हम अंग्रेजन के बाद अगर हम
  420. 19:15सफल रहे अंग्रेजन को भागने में तो सत्ता
  421. 19:17वापस से उन्हीं को सोप देंगे जो अंग्रेजन
  422. 19:19के आने से पहले हमारे यहां नेता थे शासन
  423. 19:22कर रहे थे ठीक है बच्चों तो ये हमने पढ़ा
  424. 19:25है इस कक्षा में की विद्रोही क्या चाहते
  425. 19:27थे और साथ में बहुत ही सुंदर कहानी पड़ी
  426. 19:29है अवध की उम्मीद आपको पसंद आई होगी मिलते
  427. 19:31हैं अगली कक्षा में धन्यवाद

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