NCERT | CBSE | RBSE | Class - 12 | इतिहास । विद्रोही और राज | विद्रोह का ढर्रा — Transcript
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- 0:00तो बच्चों हम पढ़ रहे थे ट्वेल्थ क्लास की
- 0:02इतिहास की पाठ्य पुस्तक का भाग तीन जिसमें
- 0:04मुख्य रूप से आधुनिक भारत का इतिहास है और
- 0:07जो तीसरी पुस्तक है उसका दूसरा पार्ट हम
- 0:09पढ़ रहे थे जिसका नाम है विद्रोही और राज
- 0:12और इसका पहले भाग हमने पिछली कक्षा में
- 0:14पढ़ा था जिसने हमने 1857 की क्रांति के
- 0:17बड़े में कुछ समझा था उसके कर्म की भी
- 0:19बच्चा की थी अपन ने और प्लासी के युद्ध के
- 0:21बाद कैसे 100 साल बाद यह विद्रोह क्यों
- 0:24हुआ ये भी हमने समझा था बहुत सारे करण तो
- 0:26करण में हमने ये भी बात की थी की जब
- 0:29प्लासी का युद्ध हुआ था 1757 में सबसे
- 0:32लेकर 1857 के बीच इन 100 सालों के दरमियां
- 0:36औपनिवेशिक सरकार या अंग्रेजन ने भारत का
- 0:38जी तरह शोषण किया हर वर्ग का शोषण किया तो
- 0:42उन शोषण लोगों ने एकदम से विद्रोह किया
- 0:44100 साल बाद मतलब 1857 में जब औपनिवेशिक
- 0:47शासन के सो वर्ष पूरे हो गए तो 100 वर्ष
- 0:49बाद ही क्यों हुआ इसके लिए हमने कर्म में
- 0:53लास्ट में देखा था एक तात्कालिक करण और
- 0:55तात्कालिक करण में हमने चर्चा की थी चर्बी
- 0:57वाले कारतूसों की की सी कुछ नए कारतूस
- 1:01लागू किया गए थे और उनमें गए हुए सूअर की
- 1:03चर्बी मिले होने की खबर फेल गई थी जिसके
- 1:06करण सारे सैनिक भड़क गए थे और विद्रोह
- 1:08शुरू हो गया था तो वहीं से आज हम इस कक्षा
- 1:11को आगे बढ़ाएंगे तात्कालिक करण की एक बार
- 1:13फिर से चर्चा करेंगे तो देखिए बच्चों
- 1:161897 की क्रांति का तात्कालिक करण जो था
- 1:19वो था चर्बी वाले कार्टूंस कुछ कारतूस
- 1:21होते थे जिम गए हुए सूअर की चर्बी मिली
- 1:23होती थी समझते हैं क्या था सैनिक पहले
- 1:26पुरानी राइफल का प्रयोग करते थे जिसका नाम
- 1:29था ब्राउन बेस राइफल यह क्या थी यह पुरानी
- 1:32राइफल थी जिसका की सैनिक प्रयोग करते थे
- 1:36है तो पुरानी राइफल जिसका सैनिक प्रयोग
- 1:39करते थे कौन सी होगी ब्राउन बेस राइफल
- 1:41उसकी जगह अंग्रेजन के द्वारा सी में नई
- 1:44राइफल लागू की गई जो आधुनिक टेक्नोलॉजी की
- 1:47रही होगी उसे समय जिसका नाम क्या था एन
- 1:50फील्ड फिल्म ठीक है ये नई थी तो एनफील्ड
- 1:52राइफल में जो कारतूस प्रयोग होते थे उनके
- 1:54ऊपर चिकनी चमड़े का कर चड्ढा होता था उसे
- 1:58कर को पहले दांत से काटना होता था और फिर
- 2:00बंदूक की नाली में दाल के चलाना होता था
- 2:02तो दांत से काटने की जो बात थी यही से वो
- 2:06अफवाह शुरू हुई की इस जो चिकनी चमड़े का
- 2:11कर है इसमें गे भैंस सूअर की चर्बी मिली
- 2:13हुई है यह गे वे सूअर की चर्बी से बना हुआ
- 2:16है देखिए गे और सूअर मतलब गे हिंदुओं के
- 2:19लिए पवित्र और सूअर मुसलमान के लिए वर्जित
- 2:22इसलिए यह बात फैली और हिंदू और मुसलमान
- 2:24दोनों सैनिक एक साथ भटक गए और विद्रोह
- 2:26शुरू हो गया तो तात्कालिक करण क्या था
- 2:28चर्बी युक्त कारतूस और चर्बी युक्त कारतूस
- 2:31कौन सी राय फिल्में प्रयोग होते थे ये भी
- 2:33ध्यान रखना है और फूल राइफल में ठीक है
- 2:35यही पर कर संयुक्त कारतूस इस्तेमाल होते
- 2:38थे तो यह था करण अब इन चर्बी वाले
- 2:41कारतूसों के खिलाफ सबसे पहले विद्रोह
- 2:43किसने किया इस विद्रोह की पहले चिंगारी
- 2:46कहां से शुरू हुई तो देखिए ये अपना भारत
- 2:50का नक्शा है ठीक है और उसमें ये बंगाल का
- 2:53जो क्षेत्र है इस बंगाल के क्षेत्र में एक
- 2:55जगह हैं यहां पर बर्फ पूरा आपको दिखे रहा
- 2:57होगा चित्र में बैरकपुर तो ये बैरकपुर एक
- 3:00छावनी थी और यहां पर 34वीं बंगाल नेटिव
- 3:04इन्फेंट्री के सैनिक मंगल पांडे के द्वारा
- 3:07सबसे पहले उन चर्बी युक्त कारतूसों का
- 3:10प्रयोग करने से माना कर दिया था और
- 3:13क्योंकि जबरदस्ती प्रयोग करवाया गया था उन
- 3:17कारतूसों का तो सैनिक ने सोचा मंगल पांडे
- 3:19जो ब्राह्मण था उसने सोचा की अपना धर्म
- 3:21भ्रष्ट कर दिया है अंग्रेजन ने और उसने
- 3:24विद्रोह कर दिया और दो अंग्रेज अधिकारियों
- 3:26को भी गली मार दी ठीक है तो देखते हैं
- 3:28अगले में मंगल पांडे तो यह है मंगल पांडे
- 3:31जिन्होंने बैरकपुर छावनी में विद्रोह किया
- 3:33ऊपर लिखा हुआ है मंगल पांडे और यह विद्रोह
- 3:37कब हुआ तो देखिए 29 मार्च 1857 को मंगल
- 3:41पांडव ने अंग्रेजन के खिलाफ आवाज उठाई
- 3:44सबसे पहले इन्होंने उठाई इन्होंने दो
- 3:46अंग्रेज अधिकारियों की हत्या कर दी थी
- 3:48बैरकपुर छावनी में फिर बाद में इनको
- 3:50गिरफ्तार कर लिया अंग्रेजन ने और इन्हें
- 3:52क्या दी फैंसी की सजा देखिए 8 अप्रैल 1857
- 3:56को मंगल पांडे को बैरकपुर परेड ग्राउंड
- 3:59में फैंसी पर मटका दिया गया सबके सामने
- 4:02इसलिए लटकाया जाता था सबके सामने की बाकी
- 4:06लोग दहशत में रहे की अंग्रेजन के खिलाफ
- 4:08विद्रोह करने का नतीजा होता है सजा मौत तो
- 4:11ये है मंगल पांडे तो विद्रोह की प्रथम
- 4:14चिंगारी बैरकपुर छावनी से शुरू हुई देखिए
- 4:18ये है बैरकपुर और इसको शुरू करने वाले
- 4:20व्यक्ति कौन थे मंगल पांडे जिन्होंने सबसे
- 4:22पहले चर्बी वाले कारतूसों के खिलाफ
- 4:25विद्रोह किया कब किया 29 मार्च 1857 को 8
- 4:29अप्रैल को इन्हें फैंसी दे दी गई ठीक है
- 4:31तो ये है मंगल पांडे बाकी चीज आप देख सकते
- 4:33हो की इनका जन्म कब हुआ था 19 जुलाई 1827
- 4:37ईस्ट इंडिया कंपनी की सी में कब भारती हुई
- 4:40है 1849 में और यह कारतूस जो है जो चिकनी
- 4:45करतू से जिन्हें सी में ग्रीस कारतूस कहा
- 4:47जाता है इनका सी में इस्तेमाल कब शुरू हुआ
- 4:511856 में तो सब शुरू हो गया था कारतूस
- 4:54होगा लेकिन ये अफवाह का फैली ये इनमें
- 4:56चर्बी है ये फैली फरवरी 1857 में कारतूसों
- 5:01में जानवर की जानवरों की चर्बी के
- 5:03इस्तेमाल से रोस्ट फेल गया और फिर मंगल
- 5:05पांडे ने विद्रोह कर दिया और इन्हें फैंसी
- 5:07दे दी गई तो विद्रोह की पहले चिंगारी जलन
- 5:10वाले कौन हो गए मंगल पांडे देखिए
- 5:14सैया विद्रोह फिर कैसे शुरू हुआ शुरुआत
- 5:17में सैनिकों के द्वारा ये विद्रोह शुरू
- 5:19किया गया था तो इसे सैया विद्रोह कहते हैं
- 5:21बाद में आम जनता भी इसमें शामिल होती गई
- 5:23तो फिर एक जान विद्रोह का रूप ले लिया था
- 5:25इसने तो देखिए सबसे पहले देखो चर्बी वाले
- 5:29कारतूसों के खिलाफ पहले विद्रोह मंगल
- 5:31पांडे ने किया कहां किया बैरकपुर छावनी
- 5:34में 29 मार्च 18
- 5:36उनको लेकिन 1857 की क्रांति भारत में शुरू
- 5:40कब हुई अगर यह प्रश्न आता है तो शुरू कब
- 5:43होती है 10 मैं 1857 को और कहां से मेरठ
- 5:46से फिर से सुनिए की भारत में 1857 की
- 5:51क्रांति का प्रारंभ कहां से हुआ मेरठ से
- 5:53किस दिन हुआ 10 मैं 1857 को तो देखिए हमने
- 5:59चर्चा की की 29 मार्च को मंगल पांडे ने
- 6:01विद्रोह किया 8 अप्रैल को उसे फैंसी दे दी
- 6:04गई 1857 को तो जब उन्हें फैंसी लगी तो वो
- 6:07बात धीरे-धीरे पूरे भारत में फैलने ग गई
- 6:09की चर्बी वाले कारतूस हैं और मंगल पांडे
- 6:12अपने अपने धर्म की रक्षा के लिए आवाज उठाई
- 6:15और उन्हें फैंसी दे दी गई उनके जो बाकी
- 6:18सैनिक साथी थे मंगल पांडे के उन्हें भी
- 6:20सजा मिली विभिन्न तरह की उसे सैनिक टुकड़ी
- 6:23को भी भांग कर दिया गया तो बाकी जो सी थी
- 6:26मेरठ और अन्य जगह पे वहां भी ये बात
- 6:28पहुंची और मेरठ के सैनिकों ने भी चर्बी
- 6:31वाले कारतूसों का प्रयोग करने से इनकार
- 6:33किया अंग्रेजन ने उन सैनिकों को सजा के
- 6:36में कैद खाने में दाल दिया बाकी सैनिक अभी
- 6:39चर्बी वाले कारतूसों का इस्तेमाल कर रहे
- 6:42थे मेरठ में और एक दिन जब बाकी मेरठ के
- 6:45सैनिक बाजार में घूमने गए थे तो मेरठ के
- 6:48जो साधारण लोग थे बाजार में घूम फिर रहे
- 6:51थे उन्होंने उसे सैनिकों को तने दिए की
- 6:54देखिए इनका एक साथी तो अपने धर्म की रक्षा
- 6:56के लिए फैंसी पर लटक गया कौन मंगल पांडे
- 6:59कुछ साथी जो अपने धर्म को बचाना चाहते हैं
- 7:02चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग नहीं करना
- 7:04चाहते हो कैद में पड़े हुए हैं और इन्हें
- 7:07अपने धर्म की कोई परवाह नहीं है और ये ऐसे
- 7:09बाजार में घूम रहे हैं गुल सर्वे उड़ते
- 7:12हुए मजे लेते हुए तो इस तरह के तने मेरठ
- 7:15के निवासियों ने किन को मारा मेरठ के
- 7:17सैनिकों को तो सैनिकों का स्वाभिमान जगह
- 7:20वो वापस अपनी छावनी में आए और 10 मैं को
- 7:24उन्होंने विद्रोह कर दिया अपने साथी जो
- 7:27कैद में पड़े हुए थे उनको बचाया और देखिए
- 7:29विद्रोह का एक निश्चित स्वरूप होता था एक
- 7:32तरीका होता था की जब विद्रोह होता था तो
- 7:35सबसे पहले चेतावनी दी जाति थी जैसे मेरठ
- 7:38में शाम के समय टॉप से गोला डागा गया उसे
- 7:42गोली की आवाज से सब समझ गए की अब विद्रोह
- 7:44शुरू करना है और शाम के समय जब वो विद्रोह
- 7:46हुआ तो सबसे पहले वो शस्त्रागार की तरफ
- 7:49बढ़ते थे जहां पे अंग्रेजन के हथियार रखें
- 7:51होते थे और उन शस्त्रागार पे अपना कब्जा
- 7:53कर लेते थे फिर वो सरकारी ख़ज़ाने को
- 7:56लूटने थे और बाकी फिर अंग्रेजन की कोठी
- 7:58बेंगल जो होते थे और सरकारी कार्यालय होते
- 8:01थे उन पर हमला करते थे तो ध्यान देना इन
- 8:03चीजों पे भी जब मेरठ में विद्रोह हो गया
- 8:06वहां पर कुछ अंग्रेजन को मार के भाग दिया
- 8:08मेरठ पे पुरी तरह विद्रोहियों का कब्जा हो
- 8:10गया तो फिर वो दिल्ली की तरफ बढ़ मेरठ के
- 8:13सैनिक किस तरफ बढ़ेंगे हम दिल्ली की तरफ
- 8:15और फिर कहां शुरू हो जाएगा दिल्ली में
- 8:17विद्रोह तो एक दिन पैदल चले दूसरे दिन ये
- 8:20दिल्ली में पहुंचे अब प्रश्न यह है की
- 8:22मेरठ के सैनिक दिल्ली क्यों गए क्योंकि
- 8:25दिल्ली में भारत के सम्राट रहते थे मुगल
- 8:29बादशाह जिनका क्या नाम था बहादुर शाह जफर
- 8:32बहादुर शाह द्वितीय या बहादुर शाह जफर
- 8:35इनको का देते हैं क्योंकि जफर नाम से यह
- 8:38कविताएं लिखने थे इसलिए
- 8:40तो दोनों सही है बहादुर शाह द्वितीय या
- 8:43बहादुर शाह जफर कई जगह ऐसा भी लिखा मिलेगा
- 8:45बहादुर शाह जफर द्वितीय ठीक है तो उसके
- 8:48पास मेरठ के सैनिक दिल्ली पहुंचे इसलिए की
- 8:51उन्हें एक नेतृत्व की जरूर थी विद्रोही
- 8:54मेरठ के जो विद्रोही सैनिक थे उन्हें एक
- 8:56नेतृत्व की जरूर थी एक नेता की जरूर थी और
- 8:59उनको नेतृत्व कौन प्रधान करें मुगल बादशाह
- 9:01इसलिए वो दिल्ली की तरफ चल दिए मुगल
- 9:04बादशाह 82 साल का बुध आदमी था जो अंग्रेजन
- 9:07की पेंशन पे जी रहा था उसके पास कोई ताकत
- 9:10नहीं थी कोई बड़ी सी नहीं थी अंग्रेज सब
- 9:13कुछ संभल रहे थे रंगरेज खर्च पानी के लिए
- 9:15कुछ पैसे दे देते थे मुगल बादशाह को जिसे
- 9:18पेंशन कहते थे उसे पे और जी रहा था वो
- 9:20डरता था की मैं अंग्रेजन के खिलाफ विद्रोह
- 9:22कैसे करूं इन विद्रोहियों का साथ दूंगा तो
- 9:24अंग्रेज मुझे मार देंगे बुध आदमी हूं
- 9:26लेकिन इन विद्रोहियों ने उनको जबरदस्ती
- 9:29माना लिया की आप हमें अपना समर्थन दो
- 9:32हमारा नेतृत्व करने के लिए सहमत हो जो और
- 9:35मां गए तो दिल्ली में बहादुर शाह जफर ने
- 9:38नेतृत्व किया मेरठ के सैनिक भी आए और इस
- 9:42तरह दिल्ली में भी विद्रोह हो गया वहां से
- 9:43भी अंग्रेजन को मार के भाग दिया दिल्ली
- 9:46में जो शस्त्रागार था उसे पर कब्जा कर
- 9:48लिया सरकारी राजकोष था उसको ल लिया अब
- 9:51देखो जैसे-जैसे दिल्ली और मेरठ में
- 9:54विद्रोह की खबरें देश के अन्य शेरों में
- 9:57अन्य स्थान पर पहुंचती गई वहां के लोग भी
- 10:00विद्रोह करते गए और इस तरह धीरे-धीरे करके
- 10:03भारत के बहुत बड़े क्षेत्र में यह विद्रोह
- 10:06फेल गया था तो देखिए जैसे-जैसे विद्रोह की
- 10:09खबरें एक शहर से दूसरे शहर पहुंचती गई
- 10:12वैसे-वैसे सिपाही हथियार उठाते गए सिपाही
- 10:16किसी विशेष संकेत के साथ अपने करवाई शुरू
- 10:18करते थे ठीक है मतलब ये विद्रोह ऐसे ही
- 10:21नहीं था हम कहना छह रहे हैं की शायद इसके
- 10:24पीछे कोई अच्छी योजना रही होगी जिसके
- 10:27अनुसार यह सर कार्य हो रहा था एक संकेत के
- 10:30साथ शुरू होता था विद्रोह सब सैनिकों में
- 10:32गुप्त रूप से मंत्रणा हो गई की कब विद्रोह
- 10:34करना है शाम के समय करना है शाम के समय
- 10:37क्या संकेत डॉग तो श्याम के समय जैसे मेरठ
- 10:40में टॉप से डागा गया और गली की आवाज के
- 10:43साथ सारे सैनिकों ने विद्रोह शुरू कर दिया
- 10:44कई जगह क्या हुआ की शाम के समय बिगुल
- 10:48बजाया जाता था की अब युद्ध शुरू कर दो
- 10:50अंग्रेजन के खिलाफ तो विशेष संकेत के साथ
- 10:52ये विद्रोह शुरू करते थे आगे देखें की
- 10:55सबसे पहले ये शस्त्रागार पर कब्जा करते थे
- 10:58जहां पर अंग्रेजन के हथियार होते थे अपने
- 11:00कब्ज कर लो पहले तो उसके बाद ये सरकारी
- 11:03ख़ज़ाने को ल लेते थे तो देखिए विद्रोह के
- 11:06पीछे निश्चित रूप से ऐसा लगता है की योजना
- 11:08रही होगी क्योंकि किस किस लिए का सकते हैं
- 11:12की योजना रही होगी की विशेष संकेत के साथ
- 11:14विद्रोह शुरू हो रहे थे हर जगह और साथ में
- 11:17एक निश्चित योजना होती थी की सबसे पहले
- 11:19कहां जाना है शस्त्रागार की तरफ बढ़ाना है
- 11:21उसे पर कब्जा करने के बाद फिर राज को उसे
- 11:24पे हमला करना है देखिए विद्रोह में आम
- 11:29लोगों के भी शामिल हो जान के साथ विद्रोह
- 11:31का डेरा फेल गया पहले केवल सैनिकों ने
- 11:34विद्रोह किया सैनिकों के साथ-साथ आम जनता
- 11:37भी इनके साथ हो गई विद्रोह में शामिल हो
- 11:39गई तो विद्रोह का डे हा बहुत ज्यादा फैलता
- 11:42चला गया और इस इसने एक जान विद्रोह का रूप
- 11:44ले लिया था
- 11:46साहूकार और अमीर भी विद्रोहियों के गुस्से
- 11:49का शिकार बने जो विद्रोही होते थे वह
- 11:51अंग्रेजन के खिलाफ तो थे ही साथ ही
- 11:54औपनिवेशिक शासन के जो भी प्रतीक थे उनका
- 11:56भी वह विरोध करते थे जैसे अमीर और साहूकार
- 12:00जो लोग थे वो अपने देखा था पिछले अध्याय
- 12:02में जो पढ़ा था की किस तरह वो रहियतों का
- 12:04खून चूसते थे बहुत ज्यादा सूद के साथ मतलब
- 12:08बास के साथ वो पैसा देते थे उनकी जमीन चित
- 12:11थे तो यह भी शोषण का प्रतीक थे इसलिए
- 12:14विद्रोहियों ने हालांकि ये भारतीय थे
- 12:16लेकिन फिर भी शोषण का प्रतीक थे इसलिए इन
- 12:19पर भी इन पर भी हमला किया गया और ये भी
- 12:22विद्रोहियों के गुस्से का शिकार कई जगह है
- 12:24बने थे और पुरी तरह से अंग्रेजन को
- 12:27संभालने का मौका भी नहीं मिला एकदम से ये
- 12:29विद्रोह पूरे भारत में या भारत के बहुत
- 12:31बड़े क्षेत्र में फेल गया था एक अंग्रेज
- 12:34अधिकारी ने इस बड़े में लिखा भी है क्या
- 12:37लिखा है ब्रिटिश शासन ताश के केले की तरह
- 12:39बिखर गया था
- 12:41एक बार के लिए तो बिल्कुल बिखर गया था
- 12:43संभालने का मौका तक नहीं मिला था आगे है
- 12:47संचार के मध्य अभी हमने बात की जो सैनिक
- 12:51थे वह विद्रोह एक विशेष संकेत के साथ शुरू
- 12:53करते थे कुछ ना कुछ योजना जैसे हमें इसमें
- 12:56चिन्ह मिलते हैं की निश्चित योजनाएं बनाई
- 12:59गई थी सैनिकों के बीच आपसी बातचीत कैसे
- 13:02होती थी क्या उनके संचार के मध्य से इस
- 13:05बड़े में आप हम यहां पर बात करेंगे तो
- 13:07देखिए विभिन्न छावनी के सिपहिया के बीच
- 13:11अच्छा संचार बना हुआ था
- 13:13ऐसे हमें कई जगह से प्रमाण मिलते हैं
- 13:16हालांकि कोई दस्तावेज ऐसा नहीं मिला है की
- 13:19वास्तव में यह आपस में मिले हुए थे सारे
- 13:21जुड़े हुए थे और आपस में मिल के पूरे
- 13:24योजना तरीके से विद्रोह कर रहे थे लेकिन
- 13:26कुछ कुछ प्रमाण ऐसे मिलते हैं की सैनिकों
- 13:29के बीच एक छावनी से दूसरी छावनी में संसार
- 13:31बना हुआ था पत्र वगैरा भेजें जाते थे
- 13:34सैनिक को देखकर और ऐसे भी प्रमाण मिलते
- 13:37हैं की कुछ गांव में तो ऐसा चल रहा था की
- 13:39लोग एक दूसरे को रोटी दे रहे थे
- 13:41कमल का फूल दे रहे थे तो इसलिए बहुत सारे
- 13:44इतिहासकार तो ऐसा भी कहते हैं की यह योजना
- 13:47बढ़ क्रांति थी भारत का प्रथम स्वतंत्रता
- 13:50संग्राम था और रोटी और गुलाब दिया कमल के
- 13:53फूल को इनका प्रतीक बना लिया था तो
- 13:55हालांकि प्रमाणिक दस्तावे जैसा कुछ हमें
- 13:57अभी तक मिला नहीं है देखिए आगे रात में
- 14:00सिपहिया की पंचायत जुड़नी थी और उनमें
- 14:03सामूहिक रूप से फैसला लिए जाते थे ऐसा
- 14:06नहीं मर्जी से कोई किसी को मार रहा है रात
- 14:08के समय सारे सैनिक कठे हो के कानपुर में
- 14:11ऐसा होता था वहां कठे होते थे और सामूहिक
- 14:13रूप से फैसला लिए जाते थे की अगला कम
- 14:16हमारा क्या होगा अब यह योजनाएं कैसे बनाई
- 14:19गई और योजनाकार कौन थे
- 14:22प्रश्न यह है की यह योजना कैसे बनाई गई
- 14:25किसने बनाई कौन योजना का अर्थ है कहां
- 14:27बनाई क्या-क्या निश्चित हुआ तो ऐसा कोई
- 14:30प्रमाणिक दस्तावेज हमें उपलब्ध नहीं है
- 14:33क्योंकि जो विद्रोही थे वो सामान्य वर्ग
- 14:35के थे बहुत ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे
- 14:37इसलिए ऐसा कोई लिखित प्रमाण छोड़के अभी तक
- 14:41नहीं गए हैं इस टॉपिक को 1857 की क्रांति
- 14:44को पढ़ने के लिए हमें मुख्यतः सरकारी
- 14:47दस्तावेजों पर ही निर्भर रहना पड़ता है और
- 14:50आपको पता है हमने पिछली क्लास में कुछ
- 14:52पढ़ा था ऐसा पिछला पाठ जब पढ़ा था उसमें
- 14:54की सरकारी दस्तावेज सरकारी विचारधारा से
- 14:57प्रभावित होते हैं तो सरकारी जो लोग थे
- 15:00मतलब अंग्रेज जो लोग थे वो तो कहते की ये
- 15:02कोई जान विद्रोह नहीं था कोई स्वतंत्रता
- 15:04संग्राम नहीं था सैनिक विद्रोह था जिसको
- 15:07हमने बाद में ढाबा दिया था लेकिन कुछ
- 15:09भारतीय इतिहासकारी राष्ट्रवादी इतिहासकार
- 15:12वो कहते हैं की ये एक सोची समझी योजना के
- 15:17साथ किया गया एक विद्रोह था और ये भारत के
- 15:20लोगों की आज अपने आप को याद करने के लिए
- 15:23पहले प्रयास था मतलब आजादी की पहले लड़ाई
- 15:26थी ठीक है समझेंगे इस चीज को आगे तो को
- 15:29किसने योजना बनाई ये बात कर रहे हैं तो
- 15:31देखिए मौजूदा दस्तावेजों का आधार पर इन
- 15:35सवालों के सीधे-सीधे जवाब देना कठिन है
- 15:38लेकिन फिर भी कुछ ऐसे प्रमाण मिले हैं की
- 15:41इसकी योजना बनाई गई थी तो किसने योजना
- 15:44बनाई
- 15:45संभावित या इस विद्रोह की योजना लंदन में
- 15:48बनाई गई थी ठीक है ऐसी संभावना है लंदन
- 15:52में बनाई गई थी किसने बनाई योजना तो दो
- 15:55व्यक्ति है अजीमुल्ला खान और रंगजी बापू
- 15:58अब इन्होंने क्यों बनाई लंदन क्यों गए तो
- 16:01देखिए अजीमुल्ला खान कौन थे नाना साहब के
- 16:05सलाहकार नाना साहब की बात करें तो नाना
- 16:08साहब कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व
- 16:11करेंगे
- 16:13नाना साहब थे कौन एक मराठा पेशवा थे
- 16:16बाजीराव द्वितीय
- 16:21ध्यान देना मराठा पेशवा अंतिम मराठा पेशवा
- 16:25जिनको का सकते हैं नाम क्या था बाजीराव
- 16:27द्वितीय
- 16:28अंग्रेजन से उन्होंने संधि कर ली थी और
- 16:31संधि के बाद सर उनका शासन वगैरा अंग्रेज
- 16:34संभालते थे और इनको तो एक निश्चित रकम दे
- 16:37देते थे जिसे हम पेंशन का सकते हैं तो
- 16:40बाजीराव द्वितीय अंग्रेजन की पेंशन पे ही
- 16:42जी रहे थे अंतिम मराठा पेशवा इनके कोई
- 16:45पुत्र था नहीं तो इन्होंने पुत्र गॉड लिया
- 16:48था और उसे गॉड लिए हुए पुत्र का नाम क्या
- 16:51था
- 16:52जो लिखा हुआ है ना ना साहब अब हमने यह भी
- 16:58पढ़ा था पिछली कक्षा में के लोड डलहौजी के
- 17:00द्वारा गॉड निषेध प्रथम लागू की गई थी की
- 17:03गॉड लिए हुए पुत्रों को मान्यता नहीं दी
- 17:06जाएगी इसका मतलब बाजीराव द्वितीय को जो
- 17:09पेंशन मिल रही थी वह अब गॉड लिए हुए पुत्र
- 17:12नाना साहब को नहीं मिलेगी अंग्रेजन ने
- 17:15इनकी पेंशन बैंड कर दी तो नाना साहब ने
- 17:18अंग्रेज जो कंपनी थी उसके जो अधिकारी थे
- 17:22जिन्होंने इसकी पेंशन बैंड की उनकी शिकायत
- 17:24करने के लिए अपना एक दूत लंदन भेजो था और
- 17:28इस दूध का क्या नाम था अजीमुल्ला खान लंदन
- 17:31गया था नाना साहब की तरफ से कुछ शिकायत है
- 17:34लेकिन वहां के अधिकारियों से बड़ी
- 17:35अधिकारियों से बातचीत करने की पेंशन वापस
- 17:38शुरू की जाए इनकी दूसरे की बात करें
- 17:41रंगोजी बापू सतारा के राजा देखो सतारा याद
- 17:45कीजिए की लॉर्ड डलहौजी के द्वारा गॉड
- 17:47निषेध प्रथम लागू की गई थी और गॉड निषेध
- 17:50प्रथम के तहत पी गई प्रथम रियासत कौन सी
- 17:53थी सतारा इसको 18
- 17:5848 में लॉर्ड डलहौजी ने हड़प लिया तो
- 18:01ध्यान रखना लॉर्ड डलहौजी की गॉड निषेध
- 18:04प्रथम के तहत पी गई प्रथम रियासत सतारा थी
- 18:071848 में हड़प्पा तो यहां का जो राजा था
- 18:10उसने इस चीज की शिकायत करने के लिए कंपनी
- 18:13के अधिकारी गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी की
- 18:16शिकायत करने के लिए बड़े अधिकारियों के
- 18:18पास लंदन भेजो आपने एक सलाहकार किसको
- 18:20रंगगोजी बापू तो कल मिलकर दोनों कुछ
- 18:24शिकायत हैं लेकर लंदन गए थे लंदन में इनकी
- 18:27शिकायतों पर विशेष ध्यान नहीं दिया और
- 18:29लंदन में बैठकर ही इन्होंने इस विद्रोह की
- 18:31योजना घर डाली की हम भारत में पूरे भारत
- 18:34में अंग्रेजन के खिलाफ एक बड़ा विद्रोह
- 18:36करेंगे विद्रोह की तारीख क्या निश्चित की
- 18:38गई देखिए 31 मैं ऐसा माना जाता है कोई
- 18:42प्रमाणिक दस्तावेज नहीं है की लंदन में
- 18:44इन्होंने योजना बनाई अजीमुल्ला खान और
- 18:46रंगजी बापू ने इन्होंने कहा की ठीक है 31
- 18:50मैं की तारीख पक्की रखते हैं की 31 मैं
- 18:521857 को पूरे भारत में एक साथ विद्रोह
- 18:55किया जाएगा गुप्त रूप से तब हमें इसकी
- 18:59तैयारी कर लेनी है तैयारी इस तरह करनी है
- 19:02की अंग्रेजन को पता नहीं चलेगी 31 मैं को
- 19:04क्या होने जा रहा है तो सबको तैयार करना
- 19:06है और तैयारी के लिए एक गुप्त प्रतीक
- 19:09चिन्ह रखा गया और क्रांति का प्रतीक क्या
- 19:12रखा गया था कमल का फूल और रोटी ऐसे हमें
- 19:15कुछ प्रमाण मिलते हैं इसलिए अंग्रेज लेखक
- 19:19ने तो लिखा भी है की गांव में लोग एक
- 19:22दूसरे को रोटी और फूल दे रहे थे पता नहीं
- 19:24क्यों दे रहे थे तो कुछ प्रमाण ऐसे मिलते
- 19:27हैं की वो शायद इसलिए दे रहे थे की तुम
- 19:29क्रांति के लिए तैयार रहना इसलिए वह
- 19:31क्रांति को आगे बढ़ाने के लिए कमल का फूल
- 19:33और रोटी एक दूसरे को बांट रहे थे तो देखिए
- 19:36क्या तारीख निश्चित की गई थी क्रांति की
- 19:3831 मैं 1857 लेकिन ध्यान रहे की क्रांति
- 19:42समय से पहले ही शुरू हो गई थी 10 मैं 1857
- 19:47को कहां से शुरू हुई थी बताइए भारत में
- 19:50क्रांति कहां से शुरू हुई तो भारत में
- 19:53क्रांति शुरू हुई थी मेरठ से ये हमने अभी
- 19:55इसी कक्षा में थोड़ी डर पहले पढ़ा है ठीक
- 19:59है तो देखिए आगे
- 20:02नेता और अनुयाई किसी भी विद्रोह को सफल
- 20:05बनाने के लिए अच्छे नेतृत्व कुशल नेतृत्व
- 20:09की जरूर होती है तो जो विद्रोही थे जैसे
- 20:12मेरठ में जब सबसे पहले विद्रोह हुआ तो
- 20:14उनको महसूस हुआ की हम विद्रोह को आगे
- 20:17बढ़ाना चाहते हैं तो हम एक अच्छे नेतृत्व
- 20:19की आवश्यकता है तो नेतृत्व किसको दें
- 20:21विद्रोहियों ने देखा की हमें उन्हें को
- 20:24नेता बनाना चाहिए जो अंग्रेजन से पहले
- 20:27हमारे नेता थे जैसे मुगल बादशाह बहादुर
- 20:30शाह जफर भारत के बादशाह हुआ करते थे ठीक
- 20:33है लेकिन अंग्रेजन ने उसे व्यवस्था को
- 20:36खत्म कर दिया तो अब हम अंग्रेजन को
- 20:38भगाएंगे और वापस से अपना नेता उन्हें को
- 20:40बनाएंगे तो कुछ वो लोग थे जो अंग्रेजन के
- 20:43आने के बाद अपनी सत्ता को चुके थे इसलिए
- 20:45उन्हें को वापस नेता बनाया उनको अनुभव भी
- 20:48है नेतृत्व करने का और लोगों लोग अपनी
- 20:51भावनाओं के साथ उनसे जुड़े हुए हैं पुराने
- 20:53नेताओं के साथ क्योंकि अंग्रेजन ने उनका
- 20:55बहुत ज्यादा मां किया था तो देखिए
- 20:58अंग्रेजन से लोहा लेने के लिए नेतृत्व और
- 21:02संगठन जरूरी था ऐसा विद्रोहियों को महसूस
- 21:05हुआ विद्रोहियों ने ऐसे लोगों की शरण ली
- 21:07जो अंग्रेजन से पहले नेताओं की भूमिका
- 21:11निभाते थे जिन्हें अंग्रेजन ने उखाड़
- 21:13फेंका था उन लोगों को नेतृत्व अपना प्रधान
- 21:16किया हालांकि कई जगह ऐसा भी हुआ की अपनी
- 21:19मर्जी से बहुत सारे नेता सामने आए कई जगह
- 21:22धार्मिक लोगों ने भी ये नेतृत्व किया है
- 21:24वो भी हम देखेंगे आगे जैसे मेरठ के
- 21:27सिपहिया ने दिल्ली पहुंचकर मुगल बादशाह
- 21:29बहादुर शाह जफर को नेतृत्व स्वीकार करने
- 21:31के लिए माना लिया था जबरदस्ती माना लिया
- 21:34था ठीक है तो ऐसे लोगों को नेतृत्व देना
- 21:37छह रहे थे जो अंग्रेजन से पहले
- 21:40नेताओं की भूमिका निभाते थे ठीक है देखिए
- 21:44आगे
- 21:45कानपुर में जैसे कानपुर में पेशवा बाजीराव
- 21:48द्वितीय के उत्तराधिकारी कौन थे नाना साहब
- 21:51उनको अपना नेता बना लिया अभी बात की थी ना
- 21:54की पेशवा बाजीराव द्वितीय के बाद उनके गॉड
- 21:57लिए हुए पुत्र कौन थे नाना साहब जिनकी
- 21:59पेंशन बैंड कर दी थी मतलब उन्हें बेदखल कर
- 22:01दिया था उनके अधिकारों से तो जब विद्रोह
- 22:03हुआ तो विद्रोहियों ने अपना नेता उन्हें
- 22:05को बना लिया नाना साहब को क्योंकि लोगों
- 22:08की भावनाएं जुड़ी हुई थी की इनके साथ
- 22:10अंग्रेज गलत कर रहे हैं इनको पेंशन नहीं
- 22:12दे रहे इनका राज्य हड़प रहे हैं इस तरह से
- 22:14तो ध्यान रखना की कानपुर में नेतृत्व
- 22:18किसके द्वारा किया गया नाना साहब के
- 22:20द्वारा अगला है झांसी झांसी में विद्रोह
- 22:23किसने किया रानी लक्ष्मीबाई सब जानते हैं
- 22:25अपन इनको ठीक है झांसी की कहानी क्या थी
- 22:28थोड़ा सा समझ लेते हैं झांसी के बड़े में
- 22:30की झांसी जो है यहां के राजा थे
- 22:34गंगाधर राव
- 22:39राजा थे यहां के
- 22:44गंगाधर
- 22:47राव अब राजा गंगाधर राव के कोई पुत्र नहीं
- 22:51था निसंतान उनकी मृत्यु हो गई थी उन्होंने
- 22:54पुत्र गॉड जरूर लिया था जिसका नाम था
- 22:59दामोदर राव
- 23:02तो यह पुत्र उन्होंने गॉड लिया था लेकिन
- 23:04लोड डलहौजी की गॉड निषेध प्रथम के तहत गॉड
- 23:08लिए हुए उत्तराधिकारी को मान्यता नहीं दी
- 23:10जाएगी अगर निसंतान है और मृत्यु हो गई तो
- 23:13अंग्रेज उसके राज्य को हड़प लेते थे इसलिए
- 23:15झांसी को अंग्रेजन ने हड़प लिया फिर
- 23:17विद्रोहियों ने अपना नेता किसको बनाया
- 23:19उनकी रानी रानी का क्या नाम था लक्ष्मीबाई
- 23:21इनको अपना नेता बनाया और इन्होंने अपने
- 23:25पुत्र दामोदर राव को उसका अधिकार दिलाने
- 23:27के लिए विद्रोह किया तो ध्यान रखना कानपुर
- 23:30में विद्रोह का नेतृत्व नाना साहब ने किया
- 23:32झांसी में किसने किया रानी लक्ष्मीबाई ने
- 23:35अवध अवध की कहानी अवध के बड़े में बात
- 23:39करें हमने पिछली कक्षा में देखा था की लोड
- 23:41डलहौजी ने अवध को हड़प लिया था
- 23:431856 में क शासन का आप लगाकर ध्यान रखना
- 23:48कुशल का आप लगाकर हर पी गई एकमात्र रियासत
- 23:51अवध थी लॉर्ड डलहौजी ने जिसको हड़प था तो
- 23:54देखिए वहां के जो नवाब थे अवध के वाजिद
- 23:58अली शाह इनको का दिया था की ये योग्य नहीं
- 24:00है और इनकी रियासत पर अपना कब जमा लिया था
- 24:03इनको कलकत्ता भेज दिया था जब वहां पर
- 24:05विद्रोह हुआ लखनऊ या अवध में वहां पर जब
- 24:09विद्रोह हुआ तो इस विद्रोह का नेतृत्व
- 24:11किसने किया इनके पुत्र थे बिरजिस कद्र और
- 24:14उनकी बेगम थी बेगम हजरत महल बहुत
- 24:16इंपॉर्टेंट है ये भी ध्यान रखना अवधि या
- 24:19लखनऊ में विद्रोहियों का नेतृत्व किसने
- 24:21किया बेगम हजरत महल और साथ में उनके पुत्र
- 24:24कौन हैं बृजेश कद्र आगे है आरा ये बिहार
- 24:28में पड़ता है और बिहार की जमींदारी
- 24:31व्यवस्था याद है बहुत सारे जमींदारों की
- 24:34जमींदारियां नीलम कर दी जाति थी ऐसे ही एक
- 24:37जमीदार थे जिनकी जिम्मेदारी नीलम कर दी
- 24:39जमींदार कुंवर सिंह या ठाकुर कुंवर सिंह
- 24:42भी लिखा मिलेगा आपको कहानी तो आराम बिहार
- 24:45में विद्रोहियों का नेतृत्व किसने किया
- 24:47जमीदार कुंवर सिंह ने अब देखिए इन
- 24:51विस्थापित शासको में से अधिकांश स्थानीय
- 24:54लोगों के दबाव के करण और कुछ स्वयं के
- 24:57उत्साह के करण विद्रोह में शामिल हो गए थे
- 25:00बहादुर शाह जफर नहीं शामिल होना चाहते थे
- 25:01विद्रोह में मेरठ के सैनिकों ने दबाव डाला
- 25:04तब शामिल हुए तो बहुत सारे तो दबाव के करण
- 25:07और कुछ अपनी मर्जी से भी शामिल हो गए थे
- 25:09कई जगह ऐसी थी जहां पे धार्मिक लोगों ने
- 25:12नेतृत्व किया जैसे कुछ अन्य स्थान पर
- 25:14स्थानीय नेता या धार्मिक नेता सामने आए
- 25:17जैसे हम पढ़ेंगे
- 25:18फैजाबाद जिसका आजकल नाम है अयोध्या वहां
- 25:22पर मौलवी अहमदुल्लाह के द्वारा लोगों का
- 25:24नेतृत्व किया गया था तो बहुत साड़ी जगह
- 25:27धार्मिक लोगों ने नेतृत्व किया था क्योंकि
- 25:29उनको लगता था की अंग्रेज सूअर और गे की
- 25:32चर्बी अपने मुंह में देखकर अपना धर्म
- 25:35भ्रष्ट कर देंगे इसलिए वो धार्मिक नेता
- 25:37अपने धर्म की रक्षा के लिए नेतृत्व
- 25:40स्वीकार कर रहे थे अंग्रेजन के खिलाफ लाड
- 25:42रहे थे अब देखिए एक उदाहरण है छोटा नागपुर
- 25:45स्थित एक जगह है सिंहभूम और सिंह भूमि एक
- 25:48आदिवासी क्षेत्र है और सिंहभूम के आदिवासी
- 25:51काश्तकार गोनू ने कल आदिवासियों का
- 25:54नेतृत्व संभाल था कल आदिवासी लोग थे
- 25:57उन्होंने भी अंग्रेजन के खिलाफ यहां पर
- 25:59विद्रोह किया था और आपको याद है बच्चों
- 26:01हमने पिछली जो अध्याय पढ़ा था पहले जिसमें
- 26:05संथलों के बड़े में पढ़ा था संथाल लोगों
- 26:08ने भी विद्रोह किया था लेकिन उन्होंने इस
- 26:10समय नहीं 1857 की क्रांति से जस्ट पहले
- 26:1418556 में लेकिन कल जनजाति ने विद्रोह इसी
- 26:17समय किया और इनका नेतृत्व किसने किया एक
- 26:19आदिवासी कास्ट का अर्थ गोनू उसके द्वारा
- 26:22ये विद्रोह संभाल गया था आगे बच्चों अब वह
- 26:27है और भविष्यवाणी
- 26:29विद्रोह ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र में
- 26:32फाइल आम जनता भी सैनिकों के साथ आए इसलिए
- 26:35बहुत सारे लोग तरह तरह की अफवाह फैलाकर
- 26:38लोगों को अपने साथ मिलन छह रहे थे
- 26:40विद्रोही लोग हालांकि इन अफवाहें का कुछ
- 26:43ना कुछ आधार भी था अब यह अफवाह थी या
- 26:47सच्चाई थी यह भी हमें ठीक से कुछ प्रमाणिक
- 26:50मिलता नहीं है कोई ऐसे दस्तावेज नहीं
- 26:52मिलते की वास्तव में चर्बी थी या नहीं
- 26:54करतो में ठीक है तो देखते हैं एक बार
- 26:57इनमें
- 26:58कई तरह की अफवाहें और भविष्यवाणियां के
- 27:01जारी लोगों को उठ खड़ा होने के लिए उकसाया
- 27:04जा रहा था अब जैसे ये अफवाहें कौन-कौन सी
- 27:07थीं गे वी सूअर की चर्बी का लिप वाले
- 27:11कारतूस हो सकता है अफवाह हो लेकिन अभी कुछ
- 27:15प्रमाण नहीं मिले इसलिए तो इसलिए किसी
- 27:18अफवाह हो या सच्चाई हो लेकिन लोगों के
- 27:20मनोविज्ञान पे यह बात बहुत असर कर रही है
- 27:23और यह बात सुनकर सारे सैनिक एक साथ भटक गए
- 27:26आम जनता भी उनके साथ हो गई इसलिए इन
- 27:29अफवाहें को और ज्यादा बढ़ावा दिया गया की
- 27:31ए जाइए साथ में नहीं तो हमारा धर्म खत्म
- 27:34और पूरे हिंदुस्तान को इसी राज्य बना
- 27:37देंगे आगे बात करें अंग्रेजन ने बाजार में
- 27:41मिलने वाले आते में सूअर की हड्डियों का
- 27:43चूड़ा मिलता दिया है यह भी अफवाह बहुत
- 27:46ज्यादा फेल रही थी लोगों में गुस्सा बाढ़
- 27:48रहा था यह सुन सुन के आगे बात करें की
- 27:51अंग्रेज हिंदुस्तान को इसी बनाना चाहते
- 27:53हैं पूरे देश को यह भी बात थी इन सब चीजों
- 27:56से लोगों का गुस्सा बाढ़ रहा था और लोग
- 27:58विद्रोह में शामिल हो रहे थे विद्रोह का
- 28:00डेरा बढ़ता जा रहा था तो अफवाहें भी उसे
- 28:03समय अच्छा कम कर रही थी एक भविष्यवाणी ने
- 28:06भी बहुत अच्छा कम किया उसे समय भविष्यवाणी
- 28:08की गई थी की अंग्रेजन का शासन भारत में
- 28:10केवल 100 ही वर्ष चलेगा और 100 वर्षों हो
- 28:13गए थे बताया था की प्लासी के युद्ध के बाद
- 28:161757 से तो यह शुरू हुआ शासन और 1857 में
- 28:19कितने हो गए 100 वर्ष पूरे तो एक
- 28:21भविष्यवाणी ऐसी चर्चा में थी की
- 28:24भविष्यवाणियां भविष्यवाणी के अनुसार 100
- 28:26साल में अंग्रेजी शासन समाप्त हो जाएगा तो
- 28:28इसलिए लोग और ज्यादा उत्साह में थे
- 28:31भविष्यवाणी से ग रहा था की अब सफलता
- 28:33निश्चित है तो ज्यादा उत्साह के साथ वो
- 28:35लड़े अंग्रेजन से तो देखिए प्लासी के
- 28:38युद्ध के 100 साल पूरे होते ही 23 जून
- 28:401857 को अंग्रेजी राज्य खत्म हो जाएगा ऐसी
- 28:43भविष्यवाणी भी बड़ी चर्चा में थी इन
- 28:46अफवाहें और भविष्यवाणियां ने ब्रिटिश शासन
- 28:49के खिलाफ विद्रोह करने के लिए महत्वपूर्ण
- 28:51मनोवैज्ञानिक करण प्रधान कर दिए लोगों की
- 28:55मानसिक भावना बादल गई और वह विद्रोहियों
- 28:57के साथ हो गए अब लोग इन पर विश्वास क्यों
- 29:00कर रहे थे
- 29:02अफवाहें भी जबी फैलती है जब उनका कुछ आधार
- 29:05होता है उसे अफवाह को लेकर लोगों के मां
- 29:08में कुछ डर बैठा हुआ होता है और ऐसा डर तो
- 29:11अंग्रेजन ने पहले ही बैठा रखा था तो देखते
- 29:13हैं की लोग अफवाहें पर विश्वास क्यों कर
- 29:15रहे थे लोग अफवाहें में विश्वास क्यों कर
- 29:18रहे थे तो देखिए पहले लाइन है अफवाह तभी
- 29:21फैलती है जब उसमें लोगों के जहां में गहरी
- 29:25दबे हुए डर और संदेह की गंज उन्हें सुने
- 29:28देती है जब लोगों को लगता है की वास्तव
- 29:31में अंग्रेज धर्म तो हमारा खत्म करना
- 29:33चाहते हैं हिंदुस्तान को इसी देश बनाना
- 29:36चाहते हैं ऐसे कुछ नियम अंग्रेजन ने पहले
- 29:39लागू किया थे इसलिए लोगों ने इन बाकी की
- 29:42अफवाहें पे भी जल्दी जल्दी ही विश्वास कर
- 29:44लिया और विद्रोह ज्यादा बढ़ता गया तो
- 29:46देखिए कुछ ना कुछ आधार होता है तभी अफवाह
- 29:49फैलती है और लोगों के पास अफवाहें पर
- 29:51विश्वास करने का आधार था क्या आधार थे
- 29:54जैसे 1813 की बात करें की 18 इसमें में
- 29:58इसी मिशनरियों को भारत में इसी धर्म का
- 30:01प्रचार करने की खली छठ दे दी एक नया नियम
- 30:05बनाया था 1813 का चार्ट एक्ट जिसको कहते
- 30:07हैं उसमें का दिया गया था की जो इसी धर्म
- 30:10प्रचारक है जिन्हें इसी मिशनरीज कहते हैं
- 30:12वो इंग्लैंड से भारत आए और भारत में इसी
- 30:15धर्म का खुला प्रचार करें छठ दे दी गई थी
- 30:17ठीक है तो इसलिए ये तो क्लियर था ये कोई
- 30:21अफवाह नहीं थी तो फिर इसके आधार पर बाकी
- 30:24अफवाहें पर भी लोगों ने विश्वास करना शुरू
- 30:26कर दिया था अगला है की 1856 में लॉर्ड
- 30:29कैनिंग द्वारा सामान्य सी भारती अधिनियम
- 30:32बनाया गया था f1 ही थी ये सच्चाई थी और
- 30:35अपने पढ़ा था पिछली कक्षा में की ये
- 30:36सामान्य सी भारती अधिनियम क्या था जो
- 30:39भारतीय सैनिक होते थे वो समुद्र पर नहीं
- 30:41जाते थे हमारे धर्म ग्रंथ में ऐसी मान्यता
- 30:44थी की समुद्र पर नहीं जाना है अगर समुद्र
- 30:47को पर कर लिया तो हमारा धर्म भ्रष्ट हो
- 30:49जाएगा उसे समय थी ऐसी मान्यता
- 30:51तो लोड कैनिंग ने एक ऐसा नियम बनाया अगर
- 30:54सरकार चाहेगी अंग्रेज चाहेंगे की सैनिक को
- 30:58दूसरे देश में लड़ने भेजें तो उनको जाना
- 31:00पड़ेगा वो माना नहीं कर सकते और इस तरह का
- 31:03एक नियम बनाया उसे क्या कहते हैं सामान्य
- 31:06सी भारती अधिनियम तो सैनिकों को लोगों को
- 31:08लगा की ये तो हमारे धर्म को तो खत्म करना
- 31:11चाहते हैं जबरदस्ती समुद्र पर भेज रहे हैं
- 31:13आधार बन रहा है अफवाह का आगे है लोड
- 31:16डलहौजी के द्वारा लागू किया गया धार्मिक
- 31:19निर्योग्यता अधिनियम 1850 ये भी हमने
- 31:22पिछली कक्षा में पढ़ा था कर्म में की लोड
- 31:24डलहौजी के द्वारा एक नियम लागू किया गया
- 31:26था धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम 1850
- 31:29इसमें क्या था की बहुत सारे अंग्रेजी
- 31:32शिक्षक संस्थान भारत में स्थापित हो चुके
- 31:34थे बहुत सारे नौजवान जो अंग्रेजी पढ़ चुके
- 31:37थे वह अंग्रेजन की जीवन शैली से प्रभावित
- 31:40थे और वो हमारे हिंदू धर्म को छोड़ के इसी
- 31:43धर्म अपना लेते थे ऐसा होता था
- 31:46तो जो उसे व्यक्ति के उसे नौजवान के जो
- 31:50पिता होते थे वो उसे अपनी संपत्ति से
- 31:53बेदखल कर देते थे की तू हिंदू धर्म छोड़
- 31:55के इसी बन गया इसलिए मैं भी तुझे अपना
- 31:58पुत्र नहीं मानता और मेरे संपत्ति में आज
- 32:01के बाद तेरा कोई अधिकार नहीं है तो नौजवान
- 32:04डरते थे की इसी धर्म स्वीकार नहीं करेंगे
- 32:06मतलब इतना ज्यादा बढ़ावा नहीं मिल रहा था
- 32:08इसी धर्म को तो लोअर डलहौजी नहीं है नियम
- 32:10बना दिया की अगर कोई इसी धर्म स्वीकार
- 32:13करता है तो उसे भी पत्रक संपत्ति में
- 32:15बराबर अधिकार रहेगा जिससे इसी धर्म
- 32:17स्वीकार करने वाले जो लोग थे उनको बढ़ावा
- 32:20मिला तो ये भी एक हमारे धर्म पे प्रहार था
- 32:22ऐसा लोगों को लगा देखिए इसी धर्म ग्रहण
- 32:25करने वाले व्यक्ति को पत्रक संपत्ति में
- 32:29अधिकार दिया गया था इस नियम के तहत और भी
- 32:32बहुत सारे नियम थे जैसे 1829 में सती
- 32:35प्रथम को समाप्त किया गया किसके द्वारा
- 32:37समाप्त किया गया उसे समय गवर्नर जनरल थे
- 32:39लॉर्ड विलियम बेंटिक 1829 में गवर्नर जनरल
- 32:42थे लॉर्ड विलियम बेंटिक उसके द्वारा सती
- 32:46प्रथम को सम किया गया उसे समय ठीक था भाई
- 32:49सती प्रथम एक गलत प्रथम थी ठीक खत्म किया
- 32:51लेकिन बहुत सारे रूढ़िवादी भारतीयों ने
- 32:54समझा की अंग्रेज हमारे सामाजिक और धार्मिक
- 32:57मामलों में इतना आज तक छेद क्यों कर रहे
- 32:59हैं इनको क्या मतलब है सती प्रथम को
- 33:01समाप्त वगैरा करने की तो रूढ़िवादी
- 33:03भारतीयों ने इस चीज को बढ़ावा दिया की ये
- 33:06हमारे धर्म और सामाजिक रीति रिवाज से
- 33:08छेड़छाड़ करके हमें इसी बना देंगे साथ ही
- 33:11में एक और नियम था वो क्या था की 1856 में
- 33:14विधवा विवाह को मान्यता दे दी गई किसके
- 33:16द्वारा लोड डलहौजी थे लॉर्ड डलहौजी ने
- 33:19पहले विधवाओं के विवाह नहीं होते थे
- 33:21उन्होंने कैदी की अब हिंदू धर्म में भी
- 33:23दुआओं के विवाह मान्य होंगे उनसे जो संतान
- 33:25पैदा होगी वो अवैध होगी और लॉर्ड डलहौजी
- 33:28की राज्य हड़प नीति राजाओं को हटाते जा
- 33:31रहे थे और अपने अधिकार में उन राज्यों को
- 33:33लेते जा रहे थे तो ये सब क्या है लोगों को
- 33:36मजबूर कर रहे थे अफवाहें पर विश्वास करने
- 33:39के लिए ठीक है तो बच्चों हमने पढ़ा है ये
- 33:42दूसरी कक्षा उम्मीद है आपको पसंद आई होगी
- 33:45मिलते हैं अगली कक्षा में धन्यवाद
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This page contains the full transcript of NCERT | CBSE | RBSE | Class - 12 | इतिहास । विद्रोही और राज | विद्रोह का ढर्रा by Ekaksha, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 5,944 words across 735 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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