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NCERT | CBSE | RBSE | Class - 12 | इतिहास । विद्रोही और राज | विद्रोह का ढर्रा — Transcript

by Ekaksha · 5,944 words · 735 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00तो बच्चों हम पढ़ रहे थे ट्वेल्थ क्लास की
  2. 0:02इतिहास की पाठ्य पुस्तक का भाग तीन जिसमें
  3. 0:04मुख्य रूप से आधुनिक भारत का इतिहास है और
  4. 0:07जो तीसरी पुस्तक है उसका दूसरा पार्ट हम
  5. 0:09पढ़ रहे थे जिसका नाम है विद्रोही और राज
  6. 0:12और इसका पहले भाग हमने पिछली कक्षा में
  7. 0:14पढ़ा था जिसने हमने 1857 की क्रांति के
  8. 0:17बड़े में कुछ समझा था उसके कर्म की भी
  9. 0:19बच्चा की थी अपन ने और प्लासी के युद्ध के
  10. 0:21बाद कैसे 100 साल बाद यह विद्रोह क्यों
  11. 0:24हुआ ये भी हमने समझा था बहुत सारे करण तो
  12. 0:26करण में हमने ये भी बात की थी की जब
  13. 0:29प्लासी का युद्ध हुआ था 1757 में सबसे
  14. 0:32लेकर 1857 के बीच इन 100 सालों के दरमियां
  15. 0:36औपनिवेशिक सरकार या अंग्रेजन ने भारत का
  16. 0:38जी तरह शोषण किया हर वर्ग का शोषण किया तो
  17. 0:42उन शोषण लोगों ने एकदम से विद्रोह किया
  18. 0:44100 साल बाद मतलब 1857 में जब औपनिवेशिक
  19. 0:47शासन के सो वर्ष पूरे हो गए तो 100 वर्ष
  20. 0:49बाद ही क्यों हुआ इसके लिए हमने कर्म में
  21. 0:53लास्ट में देखा था एक तात्कालिक करण और
  22. 0:55तात्कालिक करण में हमने चर्चा की थी चर्बी
  23. 0:57वाले कारतूसों की की सी कुछ नए कारतूस
  24. 1:01लागू किया गए थे और उनमें गए हुए सूअर की
  25. 1:03चर्बी मिले होने की खबर फेल गई थी जिसके
  26. 1:06करण सारे सैनिक भड़क गए थे और विद्रोह
  27. 1:08शुरू हो गया था तो वहीं से आज हम इस कक्षा
  28. 1:11को आगे बढ़ाएंगे तात्कालिक करण की एक बार
  29. 1:13फिर से चर्चा करेंगे तो देखिए बच्चों
  30. 1:161897 की क्रांति का तात्कालिक करण जो था
  31. 1:19वो था चर्बी वाले कार्टूंस कुछ कारतूस
  32. 1:21होते थे जिम गए हुए सूअर की चर्बी मिली
  33. 1:23होती थी समझते हैं क्या था सैनिक पहले
  34. 1:26पुरानी राइफल का प्रयोग करते थे जिसका नाम
  35. 1:29था ब्राउन बेस राइफल यह क्या थी यह पुरानी
  36. 1:32राइफल थी जिसका की सैनिक प्रयोग करते थे
  37. 1:36है तो पुरानी राइफल जिसका सैनिक प्रयोग
  38. 1:39करते थे कौन सी होगी ब्राउन बेस राइफल
  39. 1:41उसकी जगह अंग्रेजन के द्वारा सी में नई
  40. 1:44राइफल लागू की गई जो आधुनिक टेक्नोलॉजी की
  41. 1:47रही होगी उसे समय जिसका नाम क्या था एन
  42. 1:50फील्ड फिल्म ठीक है ये नई थी तो एनफील्ड
  43. 1:52राइफल में जो कारतूस प्रयोग होते थे उनके
  44. 1:54ऊपर चिकनी चमड़े का कर चड्ढा होता था उसे
  45. 1:58कर को पहले दांत से काटना होता था और फिर
  46. 2:00बंदूक की नाली में दाल के चलाना होता था
  47. 2:02तो दांत से काटने की जो बात थी यही से वो
  48. 2:06अफवाह शुरू हुई की इस जो चिकनी चमड़े का
  49. 2:11कर है इसमें गे भैंस सूअर की चर्बी मिली
  50. 2:13हुई है यह गे वे सूअर की चर्बी से बना हुआ
  51. 2:16है देखिए गे और सूअर मतलब गे हिंदुओं के
  52. 2:19लिए पवित्र और सूअर मुसलमान के लिए वर्जित
  53. 2:22इसलिए यह बात फैली और हिंदू और मुसलमान
  54. 2:24दोनों सैनिक एक साथ भटक गए और विद्रोह
  55. 2:26शुरू हो गया तो तात्कालिक करण क्या था
  56. 2:28चर्बी युक्त कारतूस और चर्बी युक्त कारतूस
  57. 2:31कौन सी राय फिल्में प्रयोग होते थे ये भी
  58. 2:33ध्यान रखना है और फूल राइफल में ठीक है
  59. 2:35यही पर कर संयुक्त कारतूस इस्तेमाल होते
  60. 2:38थे तो यह था करण अब इन चर्बी वाले
  61. 2:41कारतूसों के खिलाफ सबसे पहले विद्रोह
  62. 2:43किसने किया इस विद्रोह की पहले चिंगारी
  63. 2:46कहां से शुरू हुई तो देखिए ये अपना भारत
  64. 2:50का नक्शा है ठीक है और उसमें ये बंगाल का
  65. 2:53जो क्षेत्र है इस बंगाल के क्षेत्र में एक
  66. 2:55जगह हैं यहां पर बर्फ पूरा आपको दिखे रहा
  67. 2:57होगा चित्र में बैरकपुर तो ये बैरकपुर एक
  68. 3:00छावनी थी और यहां पर 34वीं बंगाल नेटिव
  69. 3:04इन्फेंट्री के सैनिक मंगल पांडे के द्वारा
  70. 3:07सबसे पहले उन चर्बी युक्त कारतूसों का
  71. 3:10प्रयोग करने से माना कर दिया था और
  72. 3:13क्योंकि जबरदस्ती प्रयोग करवाया गया था उन
  73. 3:17कारतूसों का तो सैनिक ने सोचा मंगल पांडे
  74. 3:19जो ब्राह्मण था उसने सोचा की अपना धर्म
  75. 3:21भ्रष्ट कर दिया है अंग्रेजन ने और उसने
  76. 3:24विद्रोह कर दिया और दो अंग्रेज अधिकारियों
  77. 3:26को भी गली मार दी ठीक है तो देखते हैं
  78. 3:28अगले में मंगल पांडे तो यह है मंगल पांडे
  79. 3:31जिन्होंने बैरकपुर छावनी में विद्रोह किया
  80. 3:33ऊपर लिखा हुआ है मंगल पांडे और यह विद्रोह
  81. 3:37कब हुआ तो देखिए 29 मार्च 1857 को मंगल
  82. 3:41पांडव ने अंग्रेजन के खिलाफ आवाज उठाई
  83. 3:44सबसे पहले इन्होंने उठाई इन्होंने दो
  84. 3:46अंग्रेज अधिकारियों की हत्या कर दी थी
  85. 3:48बैरकपुर छावनी में फिर बाद में इनको
  86. 3:50गिरफ्तार कर लिया अंग्रेजन ने और इन्हें
  87. 3:52क्या दी फैंसी की सजा देखिए 8 अप्रैल 1857
  88. 3:56को मंगल पांडे को बैरकपुर परेड ग्राउंड
  89. 3:59में फैंसी पर मटका दिया गया सबके सामने
  90. 4:02इसलिए लटकाया जाता था सबके सामने की बाकी
  91. 4:06लोग दहशत में रहे की अंग्रेजन के खिलाफ
  92. 4:08विद्रोह करने का नतीजा होता है सजा मौत तो
  93. 4:11ये है मंगल पांडे तो विद्रोह की प्रथम
  94. 4:14चिंगारी बैरकपुर छावनी से शुरू हुई देखिए
  95. 4:18ये है बैरकपुर और इसको शुरू करने वाले
  96. 4:20व्यक्ति कौन थे मंगल पांडे जिन्होंने सबसे
  97. 4:22पहले चर्बी वाले कारतूसों के खिलाफ
  98. 4:25विद्रोह किया कब किया 29 मार्च 1857 को 8
  99. 4:29अप्रैल को इन्हें फैंसी दे दी गई ठीक है
  100. 4:31तो ये है मंगल पांडे बाकी चीज आप देख सकते
  101. 4:33हो की इनका जन्म कब हुआ था 19 जुलाई 1827
  102. 4:37ईस्ट इंडिया कंपनी की सी में कब भारती हुई
  103. 4:40है 1849 में और यह कारतूस जो है जो चिकनी
  104. 4:45करतू से जिन्हें सी में ग्रीस कारतूस कहा
  105. 4:47जाता है इनका सी में इस्तेमाल कब शुरू हुआ
  106. 4:511856 में तो सब शुरू हो गया था कारतूस
  107. 4:54होगा लेकिन ये अफवाह का फैली ये इनमें
  108. 4:56चर्बी है ये फैली फरवरी 1857 में कारतूसों
  109. 5:01में जानवर की जानवरों की चर्बी के
  110. 5:03इस्तेमाल से रोस्ट फेल गया और फिर मंगल
  111. 5:05पांडे ने विद्रोह कर दिया और इन्हें फैंसी
  112. 5:07दे दी गई तो विद्रोह की पहले चिंगारी जलन
  113. 5:10वाले कौन हो गए मंगल पांडे देखिए
  114. 5:14सैया विद्रोह फिर कैसे शुरू हुआ शुरुआत
  115. 5:17में सैनिकों के द्वारा ये विद्रोह शुरू
  116. 5:19किया गया था तो इसे सैया विद्रोह कहते हैं
  117. 5:21बाद में आम जनता भी इसमें शामिल होती गई
  118. 5:23तो फिर एक जान विद्रोह का रूप ले लिया था
  119. 5:25इसने तो देखिए सबसे पहले देखो चर्बी वाले
  120. 5:29कारतूसों के खिलाफ पहले विद्रोह मंगल
  121. 5:31पांडे ने किया कहां किया बैरकपुर छावनी
  122. 5:34में 29 मार्च 18
  123. 5:36उनको लेकिन 1857 की क्रांति भारत में शुरू
  124. 5:40कब हुई अगर यह प्रश्न आता है तो शुरू कब
  125. 5:43होती है 10 मैं 1857 को और कहां से मेरठ
  126. 5:46से फिर से सुनिए की भारत में 1857 की
  127. 5:51क्रांति का प्रारंभ कहां से हुआ मेरठ से
  128. 5:53किस दिन हुआ 10 मैं 1857 को तो देखिए हमने
  129. 5:59चर्चा की की 29 मार्च को मंगल पांडे ने
  130. 6:01विद्रोह किया 8 अप्रैल को उसे फैंसी दे दी
  131. 6:04गई 1857 को तो जब उन्हें फैंसी लगी तो वो
  132. 6:07बात धीरे-धीरे पूरे भारत में फैलने ग गई
  133. 6:09की चर्बी वाले कारतूस हैं और मंगल पांडे
  134. 6:12अपने अपने धर्म की रक्षा के लिए आवाज उठाई
  135. 6:15और उन्हें फैंसी दे दी गई उनके जो बाकी
  136. 6:18सैनिक साथी थे मंगल पांडे के उन्हें भी
  137. 6:20सजा मिली विभिन्न तरह की उसे सैनिक टुकड़ी
  138. 6:23को भी भांग कर दिया गया तो बाकी जो सी थी
  139. 6:26मेरठ और अन्य जगह पे वहां भी ये बात
  140. 6:28पहुंची और मेरठ के सैनिकों ने भी चर्बी
  141. 6:31वाले कारतूसों का प्रयोग करने से इनकार
  142. 6:33किया अंग्रेजन ने उन सैनिकों को सजा के
  143. 6:36में कैद खाने में दाल दिया बाकी सैनिक अभी
  144. 6:39चर्बी वाले कारतूसों का इस्तेमाल कर रहे
  145. 6:42थे मेरठ में और एक दिन जब बाकी मेरठ के
  146. 6:45सैनिक बाजार में घूमने गए थे तो मेरठ के
  147. 6:48जो साधारण लोग थे बाजार में घूम फिर रहे
  148. 6:51थे उन्होंने उसे सैनिकों को तने दिए की
  149. 6:54देखिए इनका एक साथी तो अपने धर्म की रक्षा
  150. 6:56के लिए फैंसी पर लटक गया कौन मंगल पांडे
  151. 6:59कुछ साथी जो अपने धर्म को बचाना चाहते हैं
  152. 7:02चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग नहीं करना
  153. 7:04चाहते हो कैद में पड़े हुए हैं और इन्हें
  154. 7:07अपने धर्म की कोई परवाह नहीं है और ये ऐसे
  155. 7:09बाजार में घूम रहे हैं गुल सर्वे उड़ते
  156. 7:12हुए मजे लेते हुए तो इस तरह के तने मेरठ
  157. 7:15के निवासियों ने किन को मारा मेरठ के
  158. 7:17सैनिकों को तो सैनिकों का स्वाभिमान जगह
  159. 7:20वो वापस अपनी छावनी में आए और 10 मैं को
  160. 7:24उन्होंने विद्रोह कर दिया अपने साथी जो
  161. 7:27कैद में पड़े हुए थे उनको बचाया और देखिए
  162. 7:29विद्रोह का एक निश्चित स्वरूप होता था एक
  163. 7:32तरीका होता था की जब विद्रोह होता था तो
  164. 7:35सबसे पहले चेतावनी दी जाति थी जैसे मेरठ
  165. 7:38में शाम के समय टॉप से गोला डागा गया उसे
  166. 7:42गोली की आवाज से सब समझ गए की अब विद्रोह
  167. 7:44शुरू करना है और शाम के समय जब वो विद्रोह
  168. 7:46हुआ तो सबसे पहले वो शस्त्रागार की तरफ
  169. 7:49बढ़ते थे जहां पे अंग्रेजन के हथियार रखें
  170. 7:51होते थे और उन शस्त्रागार पे अपना कब्जा
  171. 7:53कर लेते थे फिर वो सरकारी ख़ज़ाने को
  172. 7:56लूटने थे और बाकी फिर अंग्रेजन की कोठी
  173. 7:58बेंगल जो होते थे और सरकारी कार्यालय होते
  174. 8:01थे उन पर हमला करते थे तो ध्यान देना इन
  175. 8:03चीजों पे भी जब मेरठ में विद्रोह हो गया
  176. 8:06वहां पर कुछ अंग्रेजन को मार के भाग दिया
  177. 8:08मेरठ पे पुरी तरह विद्रोहियों का कब्जा हो
  178. 8:10गया तो फिर वो दिल्ली की तरफ बढ़ मेरठ के
  179. 8:13सैनिक किस तरफ बढ़ेंगे हम दिल्ली की तरफ
  180. 8:15और फिर कहां शुरू हो जाएगा दिल्ली में
  181. 8:17विद्रोह तो एक दिन पैदल चले दूसरे दिन ये
  182. 8:20दिल्ली में पहुंचे अब प्रश्न यह है की
  183. 8:22मेरठ के सैनिक दिल्ली क्यों गए क्योंकि
  184. 8:25दिल्ली में भारत के सम्राट रहते थे मुगल
  185. 8:29बादशाह जिनका क्या नाम था बहादुर शाह जफर
  186. 8:32बहादुर शाह द्वितीय या बहादुर शाह जफर
  187. 8:35इनको का देते हैं क्योंकि जफर नाम से यह
  188. 8:38कविताएं लिखने थे इसलिए
  189. 8:40तो दोनों सही है बहादुर शाह द्वितीय या
  190. 8:43बहादुर शाह जफर कई जगह ऐसा भी लिखा मिलेगा
  191. 8:45बहादुर शाह जफर द्वितीय ठीक है तो उसके
  192. 8:48पास मेरठ के सैनिक दिल्ली पहुंचे इसलिए की
  193. 8:51उन्हें एक नेतृत्व की जरूर थी विद्रोही
  194. 8:54मेरठ के जो विद्रोही सैनिक थे उन्हें एक
  195. 8:56नेतृत्व की जरूर थी एक नेता की जरूर थी और
  196. 8:59उनको नेतृत्व कौन प्रधान करें मुगल बादशाह
  197. 9:01इसलिए वो दिल्ली की तरफ चल दिए मुगल
  198. 9:04बादशाह 82 साल का बुध आदमी था जो अंग्रेजन
  199. 9:07की पेंशन पे जी रहा था उसके पास कोई ताकत
  200. 9:10नहीं थी कोई बड़ी सी नहीं थी अंग्रेज सब
  201. 9:13कुछ संभल रहे थे रंगरेज खर्च पानी के लिए
  202. 9:15कुछ पैसे दे देते थे मुगल बादशाह को जिसे
  203. 9:18पेंशन कहते थे उसे पे और जी रहा था वो
  204. 9:20डरता था की मैं अंग्रेजन के खिलाफ विद्रोह
  205. 9:22कैसे करूं इन विद्रोहियों का साथ दूंगा तो
  206. 9:24अंग्रेज मुझे मार देंगे बुध आदमी हूं
  207. 9:26लेकिन इन विद्रोहियों ने उनको जबरदस्ती
  208. 9:29माना लिया की आप हमें अपना समर्थन दो
  209. 9:32हमारा नेतृत्व करने के लिए सहमत हो जो और
  210. 9:35मां गए तो दिल्ली में बहादुर शाह जफर ने
  211. 9:38नेतृत्व किया मेरठ के सैनिक भी आए और इस
  212. 9:42तरह दिल्ली में भी विद्रोह हो गया वहां से
  213. 9:43भी अंग्रेजन को मार के भाग दिया दिल्ली
  214. 9:46में जो शस्त्रागार था उसे पर कब्जा कर
  215. 9:48लिया सरकारी राजकोष था उसको ल लिया अब
  216. 9:51देखो जैसे-जैसे दिल्ली और मेरठ में
  217. 9:54विद्रोह की खबरें देश के अन्य शेरों में
  218. 9:57अन्य स्थान पर पहुंचती गई वहां के लोग भी
  219. 10:00विद्रोह करते गए और इस तरह धीरे-धीरे करके
  220. 10:03भारत के बहुत बड़े क्षेत्र में यह विद्रोह
  221. 10:06फेल गया था तो देखिए जैसे-जैसे विद्रोह की
  222. 10:09खबरें एक शहर से दूसरे शहर पहुंचती गई
  223. 10:12वैसे-वैसे सिपाही हथियार उठाते गए सिपाही
  224. 10:16किसी विशेष संकेत के साथ अपने करवाई शुरू
  225. 10:18करते थे ठीक है मतलब ये विद्रोह ऐसे ही
  226. 10:21नहीं था हम कहना छह रहे हैं की शायद इसके
  227. 10:24पीछे कोई अच्छी योजना रही होगी जिसके
  228. 10:27अनुसार यह सर कार्य हो रहा था एक संकेत के
  229. 10:30साथ शुरू होता था विद्रोह सब सैनिकों में
  230. 10:32गुप्त रूप से मंत्रणा हो गई की कब विद्रोह
  231. 10:34करना है शाम के समय करना है शाम के समय
  232. 10:37क्या संकेत डॉग तो श्याम के समय जैसे मेरठ
  233. 10:40में टॉप से डागा गया और गली की आवाज के
  234. 10:43साथ सारे सैनिकों ने विद्रोह शुरू कर दिया
  235. 10:44कई जगह क्या हुआ की शाम के समय बिगुल
  236. 10:48बजाया जाता था की अब युद्ध शुरू कर दो
  237. 10:50अंग्रेजन के खिलाफ तो विशेष संकेत के साथ
  238. 10:52ये विद्रोह शुरू करते थे आगे देखें की
  239. 10:55सबसे पहले ये शस्त्रागार पर कब्जा करते थे
  240. 10:58जहां पर अंग्रेजन के हथियार होते थे अपने
  241. 11:00कब्ज कर लो पहले तो उसके बाद ये सरकारी
  242. 11:03ख़ज़ाने को ल लेते थे तो देखिए विद्रोह के
  243. 11:06पीछे निश्चित रूप से ऐसा लगता है की योजना
  244. 11:08रही होगी क्योंकि किस किस लिए का सकते हैं
  245. 11:12की योजना रही होगी की विशेष संकेत के साथ
  246. 11:14विद्रोह शुरू हो रहे थे हर जगह और साथ में
  247. 11:17एक निश्चित योजना होती थी की सबसे पहले
  248. 11:19कहां जाना है शस्त्रागार की तरफ बढ़ाना है
  249. 11:21उसे पर कब्जा करने के बाद फिर राज को उसे
  250. 11:24पे हमला करना है देखिए विद्रोह में आम
  251. 11:29लोगों के भी शामिल हो जान के साथ विद्रोह
  252. 11:31का डेरा फेल गया पहले केवल सैनिकों ने
  253. 11:34विद्रोह किया सैनिकों के साथ-साथ आम जनता
  254. 11:37भी इनके साथ हो गई विद्रोह में शामिल हो
  255. 11:39गई तो विद्रोह का डे हा बहुत ज्यादा फैलता
  256. 11:42चला गया और इस इसने एक जान विद्रोह का रूप
  257. 11:44ले लिया था
  258. 11:46साहूकार और अमीर भी विद्रोहियों के गुस्से
  259. 11:49का शिकार बने जो विद्रोही होते थे वह
  260. 11:51अंग्रेजन के खिलाफ तो थे ही साथ ही
  261. 11:54औपनिवेशिक शासन के जो भी प्रतीक थे उनका
  262. 11:56भी वह विरोध करते थे जैसे अमीर और साहूकार
  263. 12:00जो लोग थे वो अपने देखा था पिछले अध्याय
  264. 12:02में जो पढ़ा था की किस तरह वो रहियतों का
  265. 12:04खून चूसते थे बहुत ज्यादा सूद के साथ मतलब
  266. 12:08बास के साथ वो पैसा देते थे उनकी जमीन चित
  267. 12:11थे तो यह भी शोषण का प्रतीक थे इसलिए
  268. 12:14विद्रोहियों ने हालांकि ये भारतीय थे
  269. 12:16लेकिन फिर भी शोषण का प्रतीक थे इसलिए इन
  270. 12:19पर भी इन पर भी हमला किया गया और ये भी
  271. 12:22विद्रोहियों के गुस्से का शिकार कई जगह है
  272. 12:24बने थे और पुरी तरह से अंग्रेजन को
  273. 12:27संभालने का मौका भी नहीं मिला एकदम से ये
  274. 12:29विद्रोह पूरे भारत में या भारत के बहुत
  275. 12:31बड़े क्षेत्र में फेल गया था एक अंग्रेज
  276. 12:34अधिकारी ने इस बड़े में लिखा भी है क्या
  277. 12:37लिखा है ब्रिटिश शासन ताश के केले की तरह
  278. 12:39बिखर गया था
  279. 12:41एक बार के लिए तो बिल्कुल बिखर गया था
  280. 12:43संभालने का मौका तक नहीं मिला था आगे है
  281. 12:47संचार के मध्य अभी हमने बात की जो सैनिक
  282. 12:51थे वह विद्रोह एक विशेष संकेत के साथ शुरू
  283. 12:53करते थे कुछ ना कुछ योजना जैसे हमें इसमें
  284. 12:56चिन्ह मिलते हैं की निश्चित योजनाएं बनाई
  285. 12:59गई थी सैनिकों के बीच आपसी बातचीत कैसे
  286. 13:02होती थी क्या उनके संचार के मध्य से इस
  287. 13:05बड़े में आप हम यहां पर बात करेंगे तो
  288. 13:07देखिए विभिन्न छावनी के सिपहिया के बीच
  289. 13:11अच्छा संचार बना हुआ था
  290. 13:13ऐसे हमें कई जगह से प्रमाण मिलते हैं
  291. 13:16हालांकि कोई दस्तावेज ऐसा नहीं मिला है की
  292. 13:19वास्तव में यह आपस में मिले हुए थे सारे
  293. 13:21जुड़े हुए थे और आपस में मिल के पूरे
  294. 13:24योजना तरीके से विद्रोह कर रहे थे लेकिन
  295. 13:26कुछ कुछ प्रमाण ऐसे मिलते हैं की सैनिकों
  296. 13:29के बीच एक छावनी से दूसरी छावनी में संसार
  297. 13:31बना हुआ था पत्र वगैरा भेजें जाते थे
  298. 13:34सैनिक को देखकर और ऐसे भी प्रमाण मिलते
  299. 13:37हैं की कुछ गांव में तो ऐसा चल रहा था की
  300. 13:39लोग एक दूसरे को रोटी दे रहे थे
  301. 13:41कमल का फूल दे रहे थे तो इसलिए बहुत सारे
  302. 13:44इतिहासकार तो ऐसा भी कहते हैं की यह योजना
  303. 13:47बढ़ क्रांति थी भारत का प्रथम स्वतंत्रता
  304. 13:50संग्राम था और रोटी और गुलाब दिया कमल के
  305. 13:53फूल को इनका प्रतीक बना लिया था तो
  306. 13:55हालांकि प्रमाणिक दस्तावे जैसा कुछ हमें
  307. 13:57अभी तक मिला नहीं है देखिए आगे रात में
  308. 14:00सिपहिया की पंचायत जुड़नी थी और उनमें
  309. 14:03सामूहिक रूप से फैसला लिए जाते थे ऐसा
  310. 14:06नहीं मर्जी से कोई किसी को मार रहा है रात
  311. 14:08के समय सारे सैनिक कठे हो के कानपुर में
  312. 14:11ऐसा होता था वहां कठे होते थे और सामूहिक
  313. 14:13रूप से फैसला लिए जाते थे की अगला कम
  314. 14:16हमारा क्या होगा अब यह योजनाएं कैसे बनाई
  315. 14:19गई और योजनाकार कौन थे
  316. 14:22प्रश्न यह है की यह योजना कैसे बनाई गई
  317. 14:25किसने बनाई कौन योजना का अर्थ है कहां
  318. 14:27बनाई क्या-क्या निश्चित हुआ तो ऐसा कोई
  319. 14:30प्रमाणिक दस्तावेज हमें उपलब्ध नहीं है
  320. 14:33क्योंकि जो विद्रोही थे वो सामान्य वर्ग
  321. 14:35के थे बहुत ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे
  322. 14:37इसलिए ऐसा कोई लिखित प्रमाण छोड़के अभी तक
  323. 14:41नहीं गए हैं इस टॉपिक को 1857 की क्रांति
  324. 14:44को पढ़ने के लिए हमें मुख्यतः सरकारी
  325. 14:47दस्तावेजों पर ही निर्भर रहना पड़ता है और
  326. 14:50आपको पता है हमने पिछली क्लास में कुछ
  327. 14:52पढ़ा था ऐसा पिछला पाठ जब पढ़ा था उसमें
  328. 14:54की सरकारी दस्तावेज सरकारी विचारधारा से
  329. 14:57प्रभावित होते हैं तो सरकारी जो लोग थे
  330. 15:00मतलब अंग्रेज जो लोग थे वो तो कहते की ये
  331. 15:02कोई जान विद्रोह नहीं था कोई स्वतंत्रता
  332. 15:04संग्राम नहीं था सैनिक विद्रोह था जिसको
  333. 15:07हमने बाद में ढाबा दिया था लेकिन कुछ
  334. 15:09भारतीय इतिहासकारी राष्ट्रवादी इतिहासकार
  335. 15:12वो कहते हैं की ये एक सोची समझी योजना के
  336. 15:17साथ किया गया एक विद्रोह था और ये भारत के
  337. 15:20लोगों की आज अपने आप को याद करने के लिए
  338. 15:23पहले प्रयास था मतलब आजादी की पहले लड़ाई
  339. 15:26थी ठीक है समझेंगे इस चीज को आगे तो को
  340. 15:29किसने योजना बनाई ये बात कर रहे हैं तो
  341. 15:31देखिए मौजूदा दस्तावेजों का आधार पर इन
  342. 15:35सवालों के सीधे-सीधे जवाब देना कठिन है
  343. 15:38लेकिन फिर भी कुछ ऐसे प्रमाण मिले हैं की
  344. 15:41इसकी योजना बनाई गई थी तो किसने योजना
  345. 15:44बनाई
  346. 15:45संभावित या इस विद्रोह की योजना लंदन में
  347. 15:48बनाई गई थी ठीक है ऐसी संभावना है लंदन
  348. 15:52में बनाई गई थी किसने बनाई योजना तो दो
  349. 15:55व्यक्ति है अजीमुल्ला खान और रंगजी बापू
  350. 15:58अब इन्होंने क्यों बनाई लंदन क्यों गए तो
  351. 16:01देखिए अजीमुल्ला खान कौन थे नाना साहब के
  352. 16:05सलाहकार नाना साहब की बात करें तो नाना
  353. 16:08साहब कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व
  354. 16:11करेंगे
  355. 16:13नाना साहब थे कौन एक मराठा पेशवा थे
  356. 16:16बाजीराव द्वितीय
  357. 16:21ध्यान देना मराठा पेशवा अंतिम मराठा पेशवा
  358. 16:25जिनको का सकते हैं नाम क्या था बाजीराव
  359. 16:27द्वितीय
  360. 16:28अंग्रेजन से उन्होंने संधि कर ली थी और
  361. 16:31संधि के बाद सर उनका शासन वगैरा अंग्रेज
  362. 16:34संभालते थे और इनको तो एक निश्चित रकम दे
  363. 16:37देते थे जिसे हम पेंशन का सकते हैं तो
  364. 16:40बाजीराव द्वितीय अंग्रेजन की पेंशन पे ही
  365. 16:42जी रहे थे अंतिम मराठा पेशवा इनके कोई
  366. 16:45पुत्र था नहीं तो इन्होंने पुत्र गॉड लिया
  367. 16:48था और उसे गॉड लिए हुए पुत्र का नाम क्या
  368. 16:51था
  369. 16:52जो लिखा हुआ है ना ना साहब अब हमने यह भी
  370. 16:58पढ़ा था पिछली कक्षा में के लोड डलहौजी के
  371. 17:00द्वारा गॉड निषेध प्रथम लागू की गई थी की
  372. 17:03गॉड लिए हुए पुत्रों को मान्यता नहीं दी
  373. 17:06जाएगी इसका मतलब बाजीराव द्वितीय को जो
  374. 17:09पेंशन मिल रही थी वह अब गॉड लिए हुए पुत्र
  375. 17:12नाना साहब को नहीं मिलेगी अंग्रेजन ने
  376. 17:15इनकी पेंशन बैंड कर दी तो नाना साहब ने
  377. 17:18अंग्रेज जो कंपनी थी उसके जो अधिकारी थे
  378. 17:22जिन्होंने इसकी पेंशन बैंड की उनकी शिकायत
  379. 17:24करने के लिए अपना एक दूत लंदन भेजो था और
  380. 17:28इस दूध का क्या नाम था अजीमुल्ला खान लंदन
  381. 17:31गया था नाना साहब की तरफ से कुछ शिकायत है
  382. 17:34लेकिन वहां के अधिकारियों से बड़ी
  383. 17:35अधिकारियों से बातचीत करने की पेंशन वापस
  384. 17:38शुरू की जाए इनकी दूसरे की बात करें
  385. 17:41रंगोजी बापू सतारा के राजा देखो सतारा याद
  386. 17:45कीजिए की लॉर्ड डलहौजी के द्वारा गॉड
  387. 17:47निषेध प्रथम लागू की गई थी और गॉड निषेध
  388. 17:50प्रथम के तहत पी गई प्रथम रियासत कौन सी
  389. 17:53थी सतारा इसको 18
  390. 17:5848 में लॉर्ड डलहौजी ने हड़प लिया तो
  391. 18:01ध्यान रखना लॉर्ड डलहौजी की गॉड निषेध
  392. 18:04प्रथम के तहत पी गई प्रथम रियासत सतारा थी
  393. 18:071848 में हड़प्पा तो यहां का जो राजा था
  394. 18:10उसने इस चीज की शिकायत करने के लिए कंपनी
  395. 18:13के अधिकारी गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी की
  396. 18:16शिकायत करने के लिए बड़े अधिकारियों के
  397. 18:18पास लंदन भेजो आपने एक सलाहकार किसको
  398. 18:20रंगगोजी बापू तो कल मिलकर दोनों कुछ
  399. 18:24शिकायत हैं लेकर लंदन गए थे लंदन में इनकी
  400. 18:27शिकायतों पर विशेष ध्यान नहीं दिया और
  401. 18:29लंदन में बैठकर ही इन्होंने इस विद्रोह की
  402. 18:31योजना घर डाली की हम भारत में पूरे भारत
  403. 18:34में अंग्रेजन के खिलाफ एक बड़ा विद्रोह
  404. 18:36करेंगे विद्रोह की तारीख क्या निश्चित की
  405. 18:38गई देखिए 31 मैं ऐसा माना जाता है कोई
  406. 18:42प्रमाणिक दस्तावेज नहीं है की लंदन में
  407. 18:44इन्होंने योजना बनाई अजीमुल्ला खान और
  408. 18:46रंगजी बापू ने इन्होंने कहा की ठीक है 31
  409. 18:50मैं की तारीख पक्की रखते हैं की 31 मैं
  410. 18:521857 को पूरे भारत में एक साथ विद्रोह
  411. 18:55किया जाएगा गुप्त रूप से तब हमें इसकी
  412. 18:59तैयारी कर लेनी है तैयारी इस तरह करनी है
  413. 19:02की अंग्रेजन को पता नहीं चलेगी 31 मैं को
  414. 19:04क्या होने जा रहा है तो सबको तैयार करना
  415. 19:06है और तैयारी के लिए एक गुप्त प्रतीक
  416. 19:09चिन्ह रखा गया और क्रांति का प्रतीक क्या
  417. 19:12रखा गया था कमल का फूल और रोटी ऐसे हमें
  418. 19:15कुछ प्रमाण मिलते हैं इसलिए अंग्रेज लेखक
  419. 19:19ने तो लिखा भी है की गांव में लोग एक
  420. 19:22दूसरे को रोटी और फूल दे रहे थे पता नहीं
  421. 19:24क्यों दे रहे थे तो कुछ प्रमाण ऐसे मिलते
  422. 19:27हैं की वो शायद इसलिए दे रहे थे की तुम
  423. 19:29क्रांति के लिए तैयार रहना इसलिए वह
  424. 19:31क्रांति को आगे बढ़ाने के लिए कमल का फूल
  425. 19:33और रोटी एक दूसरे को बांट रहे थे तो देखिए
  426. 19:36क्या तारीख निश्चित की गई थी क्रांति की
  427. 19:3831 मैं 1857 लेकिन ध्यान रहे की क्रांति
  428. 19:42समय से पहले ही शुरू हो गई थी 10 मैं 1857
  429. 19:47को कहां से शुरू हुई थी बताइए भारत में
  430. 19:50क्रांति कहां से शुरू हुई तो भारत में
  431. 19:53क्रांति शुरू हुई थी मेरठ से ये हमने अभी
  432. 19:55इसी कक्षा में थोड़ी डर पहले पढ़ा है ठीक
  433. 19:59है तो देखिए आगे
  434. 20:02नेता और अनुयाई किसी भी विद्रोह को सफल
  435. 20:05बनाने के लिए अच्छे नेतृत्व कुशल नेतृत्व
  436. 20:09की जरूर होती है तो जो विद्रोही थे जैसे
  437. 20:12मेरठ में जब सबसे पहले विद्रोह हुआ तो
  438. 20:14उनको महसूस हुआ की हम विद्रोह को आगे
  439. 20:17बढ़ाना चाहते हैं तो हम एक अच्छे नेतृत्व
  440. 20:19की आवश्यकता है तो नेतृत्व किसको दें
  441. 20:21विद्रोहियों ने देखा की हमें उन्हें को
  442. 20:24नेता बनाना चाहिए जो अंग्रेजन से पहले
  443. 20:27हमारे नेता थे जैसे मुगल बादशाह बहादुर
  444. 20:30शाह जफर भारत के बादशाह हुआ करते थे ठीक
  445. 20:33है लेकिन अंग्रेजन ने उसे व्यवस्था को
  446. 20:36खत्म कर दिया तो अब हम अंग्रेजन को
  447. 20:38भगाएंगे और वापस से अपना नेता उन्हें को
  448. 20:40बनाएंगे तो कुछ वो लोग थे जो अंग्रेजन के
  449. 20:43आने के बाद अपनी सत्ता को चुके थे इसलिए
  450. 20:45उन्हें को वापस नेता बनाया उनको अनुभव भी
  451. 20:48है नेतृत्व करने का और लोगों लोग अपनी
  452. 20:51भावनाओं के साथ उनसे जुड़े हुए हैं पुराने
  453. 20:53नेताओं के साथ क्योंकि अंग्रेजन ने उनका
  454. 20:55बहुत ज्यादा मां किया था तो देखिए
  455. 20:58अंग्रेजन से लोहा लेने के लिए नेतृत्व और
  456. 21:02संगठन जरूरी था ऐसा विद्रोहियों को महसूस
  457. 21:05हुआ विद्रोहियों ने ऐसे लोगों की शरण ली
  458. 21:07जो अंग्रेजन से पहले नेताओं की भूमिका
  459. 21:11निभाते थे जिन्हें अंग्रेजन ने उखाड़
  460. 21:13फेंका था उन लोगों को नेतृत्व अपना प्रधान
  461. 21:16किया हालांकि कई जगह ऐसा भी हुआ की अपनी
  462. 21:19मर्जी से बहुत सारे नेता सामने आए कई जगह
  463. 21:22धार्मिक लोगों ने भी ये नेतृत्व किया है
  464. 21:24वो भी हम देखेंगे आगे जैसे मेरठ के
  465. 21:27सिपहिया ने दिल्ली पहुंचकर मुगल बादशाह
  466. 21:29बहादुर शाह जफर को नेतृत्व स्वीकार करने
  467. 21:31के लिए माना लिया था जबरदस्ती माना लिया
  468. 21:34था ठीक है तो ऐसे लोगों को नेतृत्व देना
  469. 21:37छह रहे थे जो अंग्रेजन से पहले
  470. 21:40नेताओं की भूमिका निभाते थे ठीक है देखिए
  471. 21:44आगे
  472. 21:45कानपुर में जैसे कानपुर में पेशवा बाजीराव
  473. 21:48द्वितीय के उत्तराधिकारी कौन थे नाना साहब
  474. 21:51उनको अपना नेता बना लिया अभी बात की थी ना
  475. 21:54की पेशवा बाजीराव द्वितीय के बाद उनके गॉड
  476. 21:57लिए हुए पुत्र कौन थे नाना साहब जिनकी
  477. 21:59पेंशन बैंड कर दी थी मतलब उन्हें बेदखल कर
  478. 22:01दिया था उनके अधिकारों से तो जब विद्रोह
  479. 22:03हुआ तो विद्रोहियों ने अपना नेता उन्हें
  480. 22:05को बना लिया नाना साहब को क्योंकि लोगों
  481. 22:08की भावनाएं जुड़ी हुई थी की इनके साथ
  482. 22:10अंग्रेज गलत कर रहे हैं इनको पेंशन नहीं
  483. 22:12दे रहे इनका राज्य हड़प रहे हैं इस तरह से
  484. 22:14तो ध्यान रखना की कानपुर में नेतृत्व
  485. 22:18किसके द्वारा किया गया नाना साहब के
  486. 22:20द्वारा अगला है झांसी झांसी में विद्रोह
  487. 22:23किसने किया रानी लक्ष्मीबाई सब जानते हैं
  488. 22:25अपन इनको ठीक है झांसी की कहानी क्या थी
  489. 22:28थोड़ा सा समझ लेते हैं झांसी के बड़े में
  490. 22:30की झांसी जो है यहां के राजा थे
  491. 22:34गंगाधर राव
  492. 22:39राजा थे यहां के
  493. 22:44गंगाधर
  494. 22:47राव अब राजा गंगाधर राव के कोई पुत्र नहीं
  495. 22:51था निसंतान उनकी मृत्यु हो गई थी उन्होंने
  496. 22:54पुत्र गॉड जरूर लिया था जिसका नाम था
  497. 22:59दामोदर राव
  498. 23:02तो यह पुत्र उन्होंने गॉड लिया था लेकिन
  499. 23:04लोड डलहौजी की गॉड निषेध प्रथम के तहत गॉड
  500. 23:08लिए हुए उत्तराधिकारी को मान्यता नहीं दी
  501. 23:10जाएगी अगर निसंतान है और मृत्यु हो गई तो
  502. 23:13अंग्रेज उसके राज्य को हड़प लेते थे इसलिए
  503. 23:15झांसी को अंग्रेजन ने हड़प लिया फिर
  504. 23:17विद्रोहियों ने अपना नेता किसको बनाया
  505. 23:19उनकी रानी रानी का क्या नाम था लक्ष्मीबाई
  506. 23:21इनको अपना नेता बनाया और इन्होंने अपने
  507. 23:25पुत्र दामोदर राव को उसका अधिकार दिलाने
  508. 23:27के लिए विद्रोह किया तो ध्यान रखना कानपुर
  509. 23:30में विद्रोह का नेतृत्व नाना साहब ने किया
  510. 23:32झांसी में किसने किया रानी लक्ष्मीबाई ने
  511. 23:35अवध अवध की कहानी अवध के बड़े में बात
  512. 23:39करें हमने पिछली कक्षा में देखा था की लोड
  513. 23:41डलहौजी ने अवध को हड़प लिया था
  514. 23:431856 में क शासन का आप लगाकर ध्यान रखना
  515. 23:48कुशल का आप लगाकर हर पी गई एकमात्र रियासत
  516. 23:51अवध थी लॉर्ड डलहौजी ने जिसको हड़प था तो
  517. 23:54देखिए वहां के जो नवाब थे अवध के वाजिद
  518. 23:58अली शाह इनको का दिया था की ये योग्य नहीं
  519. 24:00है और इनकी रियासत पर अपना कब जमा लिया था
  520. 24:03इनको कलकत्ता भेज दिया था जब वहां पर
  521. 24:05विद्रोह हुआ लखनऊ या अवध में वहां पर जब
  522. 24:09विद्रोह हुआ तो इस विद्रोह का नेतृत्व
  523. 24:11किसने किया इनके पुत्र थे बिरजिस कद्र और
  524. 24:14उनकी बेगम थी बेगम हजरत महल बहुत
  525. 24:16इंपॉर्टेंट है ये भी ध्यान रखना अवधि या
  526. 24:19लखनऊ में विद्रोहियों का नेतृत्व किसने
  527. 24:21किया बेगम हजरत महल और साथ में उनके पुत्र
  528. 24:24कौन हैं बृजेश कद्र आगे है आरा ये बिहार
  529. 24:28में पड़ता है और बिहार की जमींदारी
  530. 24:31व्यवस्था याद है बहुत सारे जमींदारों की
  531. 24:34जमींदारियां नीलम कर दी जाति थी ऐसे ही एक
  532. 24:37जमीदार थे जिनकी जिम्मेदारी नीलम कर दी
  533. 24:39जमींदार कुंवर सिंह या ठाकुर कुंवर सिंह
  534. 24:42भी लिखा मिलेगा आपको कहानी तो आराम बिहार
  535. 24:45में विद्रोहियों का नेतृत्व किसने किया
  536. 24:47जमीदार कुंवर सिंह ने अब देखिए इन
  537. 24:51विस्थापित शासको में से अधिकांश स्थानीय
  538. 24:54लोगों के दबाव के करण और कुछ स्वयं के
  539. 24:57उत्साह के करण विद्रोह में शामिल हो गए थे
  540. 25:00बहादुर शाह जफर नहीं शामिल होना चाहते थे
  541. 25:01विद्रोह में मेरठ के सैनिकों ने दबाव डाला
  542. 25:04तब शामिल हुए तो बहुत सारे तो दबाव के करण
  543. 25:07और कुछ अपनी मर्जी से भी शामिल हो गए थे
  544. 25:09कई जगह ऐसी थी जहां पे धार्मिक लोगों ने
  545. 25:12नेतृत्व किया जैसे कुछ अन्य स्थान पर
  546. 25:14स्थानीय नेता या धार्मिक नेता सामने आए
  547. 25:17जैसे हम पढ़ेंगे
  548. 25:18फैजाबाद जिसका आजकल नाम है अयोध्या वहां
  549. 25:22पर मौलवी अहमदुल्लाह के द्वारा लोगों का
  550. 25:24नेतृत्व किया गया था तो बहुत साड़ी जगह
  551. 25:27धार्मिक लोगों ने नेतृत्व किया था क्योंकि
  552. 25:29उनको लगता था की अंग्रेज सूअर और गे की
  553. 25:32चर्बी अपने मुंह में देखकर अपना धर्म
  554. 25:35भ्रष्ट कर देंगे इसलिए वो धार्मिक नेता
  555. 25:37अपने धर्म की रक्षा के लिए नेतृत्व
  556. 25:40स्वीकार कर रहे थे अंग्रेजन के खिलाफ लाड
  557. 25:42रहे थे अब देखिए एक उदाहरण है छोटा नागपुर
  558. 25:45स्थित एक जगह है सिंहभूम और सिंह भूमि एक
  559. 25:48आदिवासी क्षेत्र है और सिंहभूम के आदिवासी
  560. 25:51काश्तकार गोनू ने कल आदिवासियों का
  561. 25:54नेतृत्व संभाल था कल आदिवासी लोग थे
  562. 25:57उन्होंने भी अंग्रेजन के खिलाफ यहां पर
  563. 25:59विद्रोह किया था और आपको याद है बच्चों
  564. 26:01हमने पिछली जो अध्याय पढ़ा था पहले जिसमें
  565. 26:05संथलों के बड़े में पढ़ा था संथाल लोगों
  566. 26:08ने भी विद्रोह किया था लेकिन उन्होंने इस
  567. 26:10समय नहीं 1857 की क्रांति से जस्ट पहले
  568. 26:1418556 में लेकिन कल जनजाति ने विद्रोह इसी
  569. 26:17समय किया और इनका नेतृत्व किसने किया एक
  570. 26:19आदिवासी कास्ट का अर्थ गोनू उसके द्वारा
  571. 26:22ये विद्रोह संभाल गया था आगे बच्चों अब वह
  572. 26:27है और भविष्यवाणी
  573. 26:29विद्रोह ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र में
  574. 26:32फाइल आम जनता भी सैनिकों के साथ आए इसलिए
  575. 26:35बहुत सारे लोग तरह तरह की अफवाह फैलाकर
  576. 26:38लोगों को अपने साथ मिलन छह रहे थे
  577. 26:40विद्रोही लोग हालांकि इन अफवाहें का कुछ
  578. 26:43ना कुछ आधार भी था अब यह अफवाह थी या
  579. 26:47सच्चाई थी यह भी हमें ठीक से कुछ प्रमाणिक
  580. 26:50मिलता नहीं है कोई ऐसे दस्तावेज नहीं
  581. 26:52मिलते की वास्तव में चर्बी थी या नहीं
  582. 26:54करतो में ठीक है तो देखते हैं एक बार
  583. 26:57इनमें
  584. 26:58कई तरह की अफवाहें और भविष्यवाणियां के
  585. 27:01जारी लोगों को उठ खड़ा होने के लिए उकसाया
  586. 27:04जा रहा था अब जैसे ये अफवाहें कौन-कौन सी
  587. 27:07थीं गे वी सूअर की चर्बी का लिप वाले
  588. 27:11कारतूस हो सकता है अफवाह हो लेकिन अभी कुछ
  589. 27:15प्रमाण नहीं मिले इसलिए तो इसलिए किसी
  590. 27:18अफवाह हो या सच्चाई हो लेकिन लोगों के
  591. 27:20मनोविज्ञान पे यह बात बहुत असर कर रही है
  592. 27:23और यह बात सुनकर सारे सैनिक एक साथ भटक गए
  593. 27:26आम जनता भी उनके साथ हो गई इसलिए इन
  594. 27:29अफवाहें को और ज्यादा बढ़ावा दिया गया की
  595. 27:31ए जाइए साथ में नहीं तो हमारा धर्म खत्म
  596. 27:34और पूरे हिंदुस्तान को इसी राज्य बना
  597. 27:37देंगे आगे बात करें अंग्रेजन ने बाजार में
  598. 27:41मिलने वाले आते में सूअर की हड्डियों का
  599. 27:43चूड़ा मिलता दिया है यह भी अफवाह बहुत
  600. 27:46ज्यादा फेल रही थी लोगों में गुस्सा बाढ़
  601. 27:48रहा था यह सुन सुन के आगे बात करें की
  602. 27:51अंग्रेज हिंदुस्तान को इसी बनाना चाहते
  603. 27:53हैं पूरे देश को यह भी बात थी इन सब चीजों
  604. 27:56से लोगों का गुस्सा बाढ़ रहा था और लोग
  605. 27:58विद्रोह में शामिल हो रहे थे विद्रोह का
  606. 28:00डेरा बढ़ता जा रहा था तो अफवाहें भी उसे
  607. 28:03समय अच्छा कम कर रही थी एक भविष्यवाणी ने
  608. 28:06भी बहुत अच्छा कम किया उसे समय भविष्यवाणी
  609. 28:08की गई थी की अंग्रेजन का शासन भारत में
  610. 28:10केवल 100 ही वर्ष चलेगा और 100 वर्षों हो
  611. 28:13गए थे बताया था की प्लासी के युद्ध के बाद
  612. 28:161757 से तो यह शुरू हुआ शासन और 1857 में
  613. 28:19कितने हो गए 100 वर्ष पूरे तो एक
  614. 28:21भविष्यवाणी ऐसी चर्चा में थी की
  615. 28:24भविष्यवाणियां भविष्यवाणी के अनुसार 100
  616. 28:26साल में अंग्रेजी शासन समाप्त हो जाएगा तो
  617. 28:28इसलिए लोग और ज्यादा उत्साह में थे
  618. 28:31भविष्यवाणी से ग रहा था की अब सफलता
  619. 28:33निश्चित है तो ज्यादा उत्साह के साथ वो
  620. 28:35लड़े अंग्रेजन से तो देखिए प्लासी के
  621. 28:38युद्ध के 100 साल पूरे होते ही 23 जून
  622. 28:401857 को अंग्रेजी राज्य खत्म हो जाएगा ऐसी
  623. 28:43भविष्यवाणी भी बड़ी चर्चा में थी इन
  624. 28:46अफवाहें और भविष्यवाणियां ने ब्रिटिश शासन
  625. 28:49के खिलाफ विद्रोह करने के लिए महत्वपूर्ण
  626. 28:51मनोवैज्ञानिक करण प्रधान कर दिए लोगों की
  627. 28:55मानसिक भावना बादल गई और वह विद्रोहियों
  628. 28:57के साथ हो गए अब लोग इन पर विश्वास क्यों
  629. 29:00कर रहे थे
  630. 29:02अफवाहें भी जबी फैलती है जब उनका कुछ आधार
  631. 29:05होता है उसे अफवाह को लेकर लोगों के मां
  632. 29:08में कुछ डर बैठा हुआ होता है और ऐसा डर तो
  633. 29:11अंग्रेजन ने पहले ही बैठा रखा था तो देखते
  634. 29:13हैं की लोग अफवाहें पर विश्वास क्यों कर
  635. 29:15रहे थे लोग अफवाहें में विश्वास क्यों कर
  636. 29:18रहे थे तो देखिए पहले लाइन है अफवाह तभी
  637. 29:21फैलती है जब उसमें लोगों के जहां में गहरी
  638. 29:25दबे हुए डर और संदेह की गंज उन्हें सुने
  639. 29:28देती है जब लोगों को लगता है की वास्तव
  640. 29:31में अंग्रेज धर्म तो हमारा खत्म करना
  641. 29:33चाहते हैं हिंदुस्तान को इसी देश बनाना
  642. 29:36चाहते हैं ऐसे कुछ नियम अंग्रेजन ने पहले
  643. 29:39लागू किया थे इसलिए लोगों ने इन बाकी की
  644. 29:42अफवाहें पे भी जल्दी जल्दी ही विश्वास कर
  645. 29:44लिया और विद्रोह ज्यादा बढ़ता गया तो
  646. 29:46देखिए कुछ ना कुछ आधार होता है तभी अफवाह
  647. 29:49फैलती है और लोगों के पास अफवाहें पर
  648. 29:51विश्वास करने का आधार था क्या आधार थे
  649. 29:54जैसे 1813 की बात करें की 18 इसमें में
  650. 29:58इसी मिशनरियों को भारत में इसी धर्म का
  651. 30:01प्रचार करने की खली छठ दे दी एक नया नियम
  652. 30:05बनाया था 1813 का चार्ट एक्ट जिसको कहते
  653. 30:07हैं उसमें का दिया गया था की जो इसी धर्म
  654. 30:10प्रचारक है जिन्हें इसी मिशनरीज कहते हैं
  655. 30:12वो इंग्लैंड से भारत आए और भारत में इसी
  656. 30:15धर्म का खुला प्रचार करें छठ दे दी गई थी
  657. 30:17ठीक है तो इसलिए ये तो क्लियर था ये कोई
  658. 30:21अफवाह नहीं थी तो फिर इसके आधार पर बाकी
  659. 30:24अफवाहें पर भी लोगों ने विश्वास करना शुरू
  660. 30:26कर दिया था अगला है की 1856 में लॉर्ड
  661. 30:29कैनिंग द्वारा सामान्य सी भारती अधिनियम
  662. 30:32बनाया गया था f1 ही थी ये सच्चाई थी और
  663. 30:35अपने पढ़ा था पिछली कक्षा में की ये
  664. 30:36सामान्य सी भारती अधिनियम क्या था जो
  665. 30:39भारतीय सैनिक होते थे वो समुद्र पर नहीं
  666. 30:41जाते थे हमारे धर्म ग्रंथ में ऐसी मान्यता
  667. 30:44थी की समुद्र पर नहीं जाना है अगर समुद्र
  668. 30:47को पर कर लिया तो हमारा धर्म भ्रष्ट हो
  669. 30:49जाएगा उसे समय थी ऐसी मान्यता
  670. 30:51तो लोड कैनिंग ने एक ऐसा नियम बनाया अगर
  671. 30:54सरकार चाहेगी अंग्रेज चाहेंगे की सैनिक को
  672. 30:58दूसरे देश में लड़ने भेजें तो उनको जाना
  673. 31:00पड़ेगा वो माना नहीं कर सकते और इस तरह का
  674. 31:03एक नियम बनाया उसे क्या कहते हैं सामान्य
  675. 31:06सी भारती अधिनियम तो सैनिकों को लोगों को
  676. 31:08लगा की ये तो हमारे धर्म को तो खत्म करना
  677. 31:11चाहते हैं जबरदस्ती समुद्र पर भेज रहे हैं
  678. 31:13आधार बन रहा है अफवाह का आगे है लोड
  679. 31:16डलहौजी के द्वारा लागू किया गया धार्मिक
  680. 31:19निर्योग्यता अधिनियम 1850 ये भी हमने
  681. 31:22पिछली कक्षा में पढ़ा था कर्म में की लोड
  682. 31:24डलहौजी के द्वारा एक नियम लागू किया गया
  683. 31:26था धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम 1850
  684. 31:29इसमें क्या था की बहुत सारे अंग्रेजी
  685. 31:32शिक्षक संस्थान भारत में स्थापित हो चुके
  686. 31:34थे बहुत सारे नौजवान जो अंग्रेजी पढ़ चुके
  687. 31:37थे वह अंग्रेजन की जीवन शैली से प्रभावित
  688. 31:40थे और वो हमारे हिंदू धर्म को छोड़ के इसी
  689. 31:43धर्म अपना लेते थे ऐसा होता था
  690. 31:46तो जो उसे व्यक्ति के उसे नौजवान के जो
  691. 31:50पिता होते थे वो उसे अपनी संपत्ति से
  692. 31:53बेदखल कर देते थे की तू हिंदू धर्म छोड़
  693. 31:55के इसी बन गया इसलिए मैं भी तुझे अपना
  694. 31:58पुत्र नहीं मानता और मेरे संपत्ति में आज
  695. 32:01के बाद तेरा कोई अधिकार नहीं है तो नौजवान
  696. 32:04डरते थे की इसी धर्म स्वीकार नहीं करेंगे
  697. 32:06मतलब इतना ज्यादा बढ़ावा नहीं मिल रहा था
  698. 32:08इसी धर्म को तो लोअर डलहौजी नहीं है नियम
  699. 32:10बना दिया की अगर कोई इसी धर्म स्वीकार
  700. 32:13करता है तो उसे भी पत्रक संपत्ति में
  701. 32:15बराबर अधिकार रहेगा जिससे इसी धर्म
  702. 32:17स्वीकार करने वाले जो लोग थे उनको बढ़ावा
  703. 32:20मिला तो ये भी एक हमारे धर्म पे प्रहार था
  704. 32:22ऐसा लोगों को लगा देखिए इसी धर्म ग्रहण
  705. 32:25करने वाले व्यक्ति को पत्रक संपत्ति में
  706. 32:29अधिकार दिया गया था इस नियम के तहत और भी
  707. 32:32बहुत सारे नियम थे जैसे 1829 में सती
  708. 32:35प्रथम को समाप्त किया गया किसके द्वारा
  709. 32:37समाप्त किया गया उसे समय गवर्नर जनरल थे
  710. 32:39लॉर्ड विलियम बेंटिक 1829 में गवर्नर जनरल
  711. 32:42थे लॉर्ड विलियम बेंटिक उसके द्वारा सती
  712. 32:46प्रथम को सम किया गया उसे समय ठीक था भाई
  713. 32:49सती प्रथम एक गलत प्रथम थी ठीक खत्म किया
  714. 32:51लेकिन बहुत सारे रूढ़िवादी भारतीयों ने
  715. 32:54समझा की अंग्रेज हमारे सामाजिक और धार्मिक
  716. 32:57मामलों में इतना आज तक छेद क्यों कर रहे
  717. 32:59हैं इनको क्या मतलब है सती प्रथम को
  718. 33:01समाप्त वगैरा करने की तो रूढ़िवादी
  719. 33:03भारतीयों ने इस चीज को बढ़ावा दिया की ये
  720. 33:06हमारे धर्म और सामाजिक रीति रिवाज से
  721. 33:08छेड़छाड़ करके हमें इसी बना देंगे साथ ही
  722. 33:11में एक और नियम था वो क्या था की 1856 में
  723. 33:14विधवा विवाह को मान्यता दे दी गई किसके
  724. 33:16द्वारा लोड डलहौजी थे लॉर्ड डलहौजी ने
  725. 33:19पहले विधवाओं के विवाह नहीं होते थे
  726. 33:21उन्होंने कैदी की अब हिंदू धर्म में भी
  727. 33:23दुआओं के विवाह मान्य होंगे उनसे जो संतान
  728. 33:25पैदा होगी वो अवैध होगी और लॉर्ड डलहौजी
  729. 33:28की राज्य हड़प नीति राजाओं को हटाते जा
  730. 33:31रहे थे और अपने अधिकार में उन राज्यों को
  731. 33:33लेते जा रहे थे तो ये सब क्या है लोगों को
  732. 33:36मजबूर कर रहे थे अफवाहें पर विश्वास करने
  733. 33:39के लिए ठीक है तो बच्चों हमने पढ़ा है ये
  734. 33:42दूसरी कक्षा उम्मीद है आपको पसंद आई होगी
  735. 33:45मिलते हैं अगली कक्षा में धन्यवाद

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This page contains the full transcript of NCERT | CBSE | RBSE | Class - 12 | इतिहास । विद्रोही और राज | विद्रोह का ढर्रा by Ekaksha, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 5,944 words across 735 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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