YouTube2Text

NCERT | CBSE | RBSE | Class - 12 | इतिहास। आधुनिक भारत का इतिहास। भाग- 4 — Transcript

by Ekaksha · 4,421 words · 536 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00देखिए बच्चों हम पढ़ रहे थे 12थ क्लास के
  2. 0:03इतिहास की पाठ्य पुस्तक का भाग तीन जिसमें
  3. 0:05मुख्यतः आधुनिक भारत का इतिहास है और जो
  4. 0:08आधुनिक भारत के इतिहास में तीसरे भाग का
  5. 0:11पहला पाठ है उपनिवेशवाद और देहात तो पिछली
  6. 0:14कक्षा में हमने उसको पूरा किया था उसके
  7. 0:16कुछ प्रश्न भी देखे थे हमने उनको हल किया
  8. 0:19था तो उसी प्रश्नोत्तरी सीरीज को आगे
  9. 0:21बढ़ाते हुए पाठ्य पुस्तक के शेष प्रश्नों
  10. 0:24को भी हम यहां पर आज इस कक्षा में हल
  11. 0:27करेंगे तो आइए बच्चों देखते हैं पहला
  12. 0:29प्रश्न
  13. 0:30तो पहला प्रश्न यहां पर है इस्तमरारी
  14. 0:32बंदोबस्त के बाद बहुत सी जमीदार यां क्यों
  15. 0:35नीलाम कर दी गई थी तो बच्चों आपको याद है
  16. 0:37पिछली कक्षा में जो हमने पढ़ा तो हमने
  17. 0:40देखा था कि बंगाल में अंग्रेजों के द्वारा
  18. 0:42एक नई भू राजस्व व्यवस्था लागू की गई थी
  19. 0:44और उस नई भूरा स्व व्यवस्था का नाम था
  20. 0:47स्तम रारी बंदोबस्त जिसको जमीदारी
  21. 0:49व्यवस्था और स्थाई बंदोबस्त भी कहा जाता
  22. 0:51है 1793 में किसके द्वारा लागू की गई थी
  23. 0:54तो नाम है लॉर्ड कार्नवालिस के द्वारा तो
  24. 0:57उसमें जमीदारों को क्या समस्याएं थी क्यों
  25. 1:00उनकी जमीदार यां नीलाम कर दी जाती थी यह
  26. 1:03हमें उत्तर बताना है इसमें तो देखते हैं
  27. 1:05सबसे पहले समझते हैं कि यह जमीदारी
  28. 1:07व्यवस्था कब लागू हुई क्या थी इस प्रश्न
  29. 1:09का उत्तर हम आगे देखते हैं कि यह कब लागू
  30. 1:12हुई थी तो बंगाल के गवर्नर जनरल लॉर्ड
  31. 1:15कार्नवालिस के द्वारा 1793 में एक नई भू
  32. 1:18राजस्व व्यवस्था लागू की गई थी जिसका नाम
  33. 1:20क्या था स्थाई बंदोबस्त इसी का नाम है
  34. 1:23जमीदारी व्यवस्था ऋषि का नाम है स्तम रारी
  35. 1:26बंदोबस्त लागू किया गया था ठीक है इसके
  36. 1:30तहत लगान स्थाई कर दिया गया था कंपनी का
  37. 1:33जो प्राप्त होता था तो देखिए बच्चों लगान
  38. 1:36स्थाई कर दिया गया था क्योंकि जमींदार
  39. 1:38अपनी जमींदारी से जो लगान इकट्ठा करता था
  40. 1:41उसका कुछ हिस्सा अपने पास रख के बाकी कहां
  41. 1:43पहुंचाता था कंपनी के पास आगे देखें तो
  42. 1:47जमींदार द्वारा समय पर लगान अगर नहीं अदा
  43. 1:49किया जाता था तो उसकी जमीदारी की नीलामी
  44. 1:52कर दी जाती थी कंपनी व जमीदारी किसी दूसरे
  45. 1:54जमींदार को दे देती थी और किस नियम के तहत
  46. 1:58सूर्यास्त कानून जो लाग ू किया गया था कि
  47. 2:01निश्चित दिन होता था कि इस दिन सूर्य अस्त
  48. 2:03तक जमीदार को अपना पूरा लगान जमा कराना
  49. 2:07पड़ेगा अंग्रेज अधिकारियों के पास अगर वह
  50. 2:09नहीं जमा कराते थे तो फिर सूर्यास्त के
  51. 2:12बाद वह अधिकारी यह अधिकार प्राप्त कर लेते
  52. 2:15थे कि हम आपकी जमीदारी को नीलाम कर सकते
  53. 2:17हैं किसी दूसरे जमींदार को ऐसा क्यों होता
  54. 2:20था कि जमींदार समय पर लगान क्यों नहीं जमा
  55. 2:22करा पाते थे वो हम इस उत्तर में देखेंगे
  56. 2:25आगे तो कई सारे कारण थे कि कंपनी के
  57. 2:28द्वारा निर्धारित प्रारंभिक मांगे बहुत
  58. 2:30अधिक थी कंपनी के द्वारा लगान इतना ज्यादा
  59. 2:33मांगा जाता था जमींदार से कि इतना तो
  60. 2:34जमींदारी से मिलता भी नहीं था ठीक है और
  61. 2:37भी कई समस्याएं थी कि रैयत समय पर लगान
  62. 2:40नहीं जमा कराते थे कई बार फसलें बर्बाद हो
  63. 2:42जाती थी तो लगान नहीं मिल पाता था लेकिन
  64. 2:44कंपनी तो लगान मांगती थी तो बहुत सारे
  65. 2:47कारण थे आगे और देखते हैं हम कि भू राजस्व
  66. 2:50की ये ऊंची मांगे 1790 के दशक में लागू की
  67. 2:54गई थी और उस समय कृषि उत्पादों के मूल्य
  68. 2:56कैसे थे बहुत ही कम थे मतलब खेत में में
  69. 2:59जो पैदा होता था बाजार में उसका मूल्य
  70. 3:01उतना नहीं मिल पाता था कि लगान पूरा भरा
  71. 3:04जा सके तो इसलिए रैयत जमीदार को नहीं दे
  72. 3:06पाते थे और जमींदार आगे नहीं पहुंचा पाता
  73. 3:09था तो यह भी एक समस्या थी जिसके कारण
  74. 3:11जमींदारी नीलाम हो जाती थी फिर आगे देखें
  75. 3:14कि जमीदारों के अनेक विशेष अधिकार भी
  76. 3:17समाप्त कर दिए गए थे देखा था हमने कक्षा
  77. 3:20में कि
  78. 3:21जमींदार अपनी जमीदारी का भूस्वामी नहीं
  79. 3:24होता था वो केवल वहां से लगान इकट्ठा करके
  80. 3:27कंपनी को पहुंचाने वाला होता था मतलब लगान
  81. 3:30समा हरता होता था राजस्व संग्रह करता होता
  82. 3:32था मालिक नहीं होता था जमींदार को अपनी
  83. 3:35जमींदारी में केवल लगान वसूल करने और
  84. 3:38जमींदारी का प्रबंध करने की ही जिम्मेदारी
  85. 3:41होती थी जमीदारी की पुलिस व्यवस्था और
  86. 3:44स्थानीय न्याय व्यवस्था अब उसके अधिकार
  87. 3:47क्षेत्र से बाहर थी मतलब अगर कोई रैयत समय
  88. 3:51पर लगान नहीं जमा करा रहा है तो जमींदार
  89. 3:54बलपूर्वक पुलिस का इस्तेमाल करके लगान
  90. 3:57नहीं ले सकता था क्योंकि पुलिस अब उसके
  91. 3:59कंट्रोल में नहीं थी उसके जमीदार की य
  92. 4:02विशेष अधिकार समाप्त कर दिए गए थे न्याय
  93. 4:04करने और पुलिस प्रशासन वाले विशेष अधिकार
  94. 4:07तो इससे भी बड़ी दिक्कत होती थी आगे देखें
  95. 4:10जमींदार शक्ति के प्रयोग द्वारा राजस्व
  96. 4:13वसूली नहीं कर सकता था इसी को तीसरे को
  97. 4:15यहां पर समझा है कि अब पुलिस उसके पास
  98. 4:18नहीं है न्याय व्यवस्था उसके पास नहीं है
  99. 4:20अगर रैयत समय पर लगान जमा नहीं कराते हैं
  100. 4:23तो वह न्यायालय में जाएगा तो न्यायालय में
  101. 4:25मुकदमे लंबे चलते थे इसलिए वह बलप पूर्वक
  102. 4:30अब लगान वसूल नहीं कर सकता था जमींदार
  103. 4:32शक्ति के बल पर लगान वसूली नहीं कर सकता
  104. 4:35था और रैयत समय पर लगान जमा नहीं कराते थे
  105. 4:39और इन सबके कारण फिर जमींदार यह सारी
  106. 4:41समस्याएं हैं इन समस्याओं के कारण जमींदार
  107. 4:44समय पर कंपनी को लगान नहीं पहुंचाता था तो
  108. 4:46सूर्यास्त कानून के तहत उनकी जमीदारी
  109. 4:49नीलाम कर दी जाती थी ठीक है बच्चों तो आगे
  110. 4:52बढ़ते हैं पहाड़िया लोगों की आजीविका
  111. 4:55संथाल की आजीविका से किस प्रकार भिन्न थी
  112. 4:58ठीक है हमने पढ़ा था ना हमने राजमहल की
  113. 5:00पहाड़ियों की यात्रा की
  114. 5:03थी राजमहल की पहाड़ियां जो कि झारखंड
  115. 5:06राज्य में पड़ती हैं वहां पर दो आदिवासी
  116. 5:09समुदाय रहते थे पहाड़िया लोग पहाड़ों में
  117. 5:13रहते थे इसलिए पहाड़िया लोग और दूसरे वहां
  118. 5:15पर नए बासिंदर जो आके बस गए थे वह कौन से
  119. 5:18थे संथाल लोग तो इनकी आजीविका दोनों
  120. 5:21जंगलों में रहते थे लेकिन आजी आजीविका में
  121. 5:24इनकी में क्या भिन्नता थी वह हमें पूछा जा
  122. 5:26रहा है तो पहाड़िया लोग झूम कृषि करते थे
  123. 5:30स्थानांतरित कृषि करते थे जबकि संथाल लोग
  124. 5:33स्थाई कृषि करते थे संथाल लोग मुख्यत कृषक
  125. 5:36ही थे जबकि पहाड़िया लोग कृषि के साथ-साथ
  126. 5:39जंगल से प्राप्त उत्पादों के द्वारा भी
  127. 5:42अपनी जीविका चलाते थे साथ ही संथाल लोग
  128. 5:45थोड़े सभ्य थे जबकि पहाड़िया लोग बर्बर और
  129. 5:48असभ्य थे जो मैदानों में रहने वाले लोग थे
  130. 5:52उनसे बड़े झगड़े होते रहते थे पहाड़िया
  131. 5:54लोगों के तो पूरा देखेंगे हम इस उत्तर में
  132. 5:56कि किस प्रकार इनकी आजीविका एक दूसरे से
  133. 5:59भिन्न थी तो देखिए पहले कि पहाड़िया लोग
  134. 6:02कौन थे और संथाल कौन थे वह समझते हैं पहले
  135. 6:04पहाड़िया लोग राजमहल की पहाड़ियों के
  136. 6:06आसपास रहते थे और जंगल से प्राप्त वस्तुओं
  137. 6:09से ही आजीविका चलाते थे संथाल रहते तो यह
  138. 6:13भी यही थे राजमहल की पहाड़ियों में लेकिन
  139. 6:15देखिए यह मुख्यतः कृषक थे कृषि पर ही
  140. 6:18ज्यादा निर्भर थे ठीक है ब्रिटिश सरकार ने
  141. 6:21इन्हें जमीने देकर राजमहल की पहाड़ी की
  142. 6:24तलेटी में बसने के लिए तैयार कर दिया था
  143. 6:27जंगली भूमि थी उस जंगली भूमि में कृषि
  144. 6:31वगैरह कुछ होती नहीं थी और अगर पहाड़िया
  145. 6:33लोग वहां कृषि करते भी थे तो ब्रिटिश
  146. 6:36सरकार को किसी प्रकार का लगान प्राप्त
  147. 6:38नहीं होता था वह राजस्व नहीं देते थे तो
  148. 6:40ब्रिटिश सरकार ने क्या किया कि इन संथाल
  149. 6:42लोगों के लिए राजमहल की पहाड़ियों में कुछ
  150. 6:45स्थान चिन्हित कर दिया कि इस स्थान पर
  151. 6:48संथाल लोग रहेंगे आपने देखा था ना दामिन
  152. 6:52कोहो जो एक क्षेत्र था जो सीमांकन सरकार
  153. 6:56के द्वारा किनके लिए संथाल के लिए क्योंकि
  154. 6:58उस जंगली भूमि को साफ करके संथाल वहां पे
  155. 7:01खेती करेंगे और बदले में क्या देंगे
  156. 7:03राजस्व तो राजस्व ज्यादा प्राप्त होगा
  157. 7:06कंपनी की आय बढ़ेगी इसलिए संथाल लोगों के
  158. 7:08बसने के लिए ब्रिटिश सरकार ने एक क्षेत्र
  159. 7:10चिन्हित किया था दामिन एक कोहो ठीक है तो
  160. 7:13वो क्षेत्र इनको दे दिया था और बाद में
  161. 7:15सरकार ने राजस्व वसूल किया और समय-समय पर
  162. 7:18राजस्व में वृद्धि करती रही ठीक है आगे
  163. 7:21देखते हैं पहाड़िया लोगों की आजीविका
  164. 7:24संथाल की आजीविका से निम्न रूपों में
  165. 7:27भिन्न थी तो पहले तो हमने समझा कि
  166. 7:29पहाड़िया कौन थे और संथाल कौन थे अब ये एक
  167. 7:32दूसरे से अलग कैसे थे इनकी आजीविका के
  168. 7:34साधन कैसे अलग थे तो पहाड़िया लोग तो झूम
  169. 7:37खेती करते थे जंगल से प्राप्त जो उत्पाद
  170. 7:40होते थे उन्हीं से अपना जीवन चलाते थे जीव
  171. 7:43को पार्जन करते थे किंतु संथाल लोग क्या
  172. 7:46करते थे स्थाई खेती करते थे आगे बात करें
  173. 7:49कि पहाड़िया लोग खेती का कार्य मुख्यत
  174. 7:51कुदाल से करते थे जबकि संथाल लोग खेती का
  175. 7:54कार्य किससे करते थे हल से क्यों क्योंकि
  176. 7:57पहाड़िया लोग स्थानांतरित े करते थे
  177. 8:00पहाड़ी क्षेत्र या जंगली क्षेत्र को साफ
  178. 8:01करते थे साफ करने के बाद क्योंकि वहां हल
  179. 8:04नहीं चल सकता उस बंजर भूमि में पहले कुदाल
  180. 8:07से उसको खोदते थे इस प्रकार वह खेती करते
  181. 8:10थे जबकि संथाल लोग किसी क्षेत्र को साफ
  182. 8:12करके फिर वह लंबे समय तक स्थाई कृषि करते
  183. 8:15थे उसको छोड़ के नहीं जाते थे झूम या
  184. 8:17स्थानांतरित कृषि तो केवल पहाड़ी लोग करते
  185. 8:20थे संथाल लोग स्थाई कृषि तो वह कृषि का
  186. 8:22कार्य मुख्यत किससे करते थे हल के द्वारा
  187. 8:25करते थे हल चलाते थे संथाल विद्रोह का
  188. 8:28प्रतीक भी हमने देखा था क्या हल और आपको
  189. 8:31याद है कि संथाल विद्रोह का नेतृत्व किसने
  190. 8:33किया था सिद्धू मांझी के द्वारा किया गया
  191. 8:37था तो देखते हैं आगे संथाल लोग बड़े
  192. 8:40परिश्रमी थे और वह बंजर भूमि या पथरीली
  193. 8:43भूमि को भी अपनी मेहनत से उपजाऊ बना देते
  194. 8:45थे तो वही लिखा है कि यह मतलब अपने
  195. 8:49परिश्रम से उन्होंने चट्टानी भूमि को भी
  196. 8:51अत्यधिक उपजाऊ बना दिया था अब बात कर रहे
  197. 8:54पहाड़िया लोगों की तो पहाड़िया लोग क्या
  198. 8:56झूम खेती करना खाद्य संग्रह ग्रह करना
  199. 9:00जंगल से जाकर शिकार करना फल वगैरह लाना यह
  200. 9:02भी काम था काट कोयला बनाते थे मतलब लकड़ी
  201. 9:06पेड़ काट के उस लकड़ी से कोयला बना के भी
  202. 9:08बेचते थे ठीक है आगे देखें रेशम के कीड़े
  203. 9:11भी पालते थे आदि क्या हो गए पहाड़िया
  204. 9:14लोगों के मुख्य व्यवसाय थे और यह खानाबदोश
  205. 9:17जीवन जीते थे स्थाई रूप से एक जगह नहीं
  206. 9:20रहते थे घूमते फिरते रहते थे इस तरह के
  207. 9:22जीवन को क्या कहते हैं खानाबदोश जबकि
  208. 9:25संथाल की बात करें तो संथाल स्थाई रूप से
  209. 9:29एक स्थान पर रहते थे बढ़िया तंबाकू पैदा
  210. 9:32करते थे अपने खेतों में अच्छी सरसों पैदा
  211. 9:34करते थे और अन्य वाणिज्यिक फसलें भी पैदा
  212. 9:37करते थे इन वाणिज्यिक फसलों को पैदा करके
  213. 9:40बाजार में बेचते थे साहूकारों को तो
  214. 9:42साहूकारों से फिर पैसे लेते थे कभी अगर
  215. 9:45बीच में भी फसल तैयार नहीं हुई और बीच में
  216. 9:48भी इनको पैसे की जरूरत होती थी संथाल को
  217. 9:51तो यह साहूकारों से पैसे ले आते थे और फसल
  218. 9:54होने पर दे देते थे ठीक है यह भी हमने
  219. 9:56समझा था इसमें फिर कैसे समस्या आई इस
  220. 9:58लेनदेन में वो भी हमने समझा था तो संथाल
  221. 10:01लोग क्या करते थे साहूकारों से लेनदेन भी
  222. 10:03करते थे यही लिखा है कि व्यापारी और
  223. 10:06साहूकारों से लेनदेन भी करते थे जबकि
  224. 10:09पहाड़िया लोग ऐसा कोई लेनदेन नहीं करते थे
  225. 10:12मैदान में रहने वाले लोगों से दूरी बनाकर
  226. 10:14रखते थे वह जंगलों से निकल के अचानक से उन
  227. 10:17परे हमले भी करते थे उनको मारते भी थे और
  228. 10:20अगर कोई व्यापारी लोग या कोई भी व्यक्ति
  229. 10:23उनके जंगलों से पहाड़िया लोगों के क्षेत्र
  230. 10:25से जब गुजरता था तो उसे पथ कर देना पड़ता
  231. 10:28था अगर पथ कर नहीं दिया तो उसको लूट लिया
  232. 10:30जाता था ठीक है आगे देखते हैं तो पहाड़िया
  233. 10:33लोग कैसे हो गए असभ्य और बर्बर और जबकि
  234. 10:36संथाल लोग कुछ कैसे हो गए सभ्य हो गए तो
  235. 10:39इस प्रकार इसकी जीवन जीविका उपार्जन के
  236. 10:42साधन एक दूसरे से भिन्न थे तो देखिए अगला
  237. 10:46प्रश्न अमेरिकी गृह युद्ध ने भारत में रयत
  238. 10:50समुदाय के जीवन को कैसे प्रभावित किया
  239. 10:52हमने देखा था ना अमेरिका में गृह युद्ध
  240. 10:54हुआ था क्या प्रभाव पड़ा भारत के रैयत या
  241. 10:56किसानों के ऊपर क्योंकि ब्रिटेन में
  242. 10:59औद्योगिक क्रांति हो चुकी थी और औद्योगिक
  243. 11:02क्रांति सबसे पहले हुई थी वस्त्र उद्योग
  244. 11:04क्षेत्र में ब्रिटेन के दो शहर थे लंका
  245. 11:07शयर और मैनचेस्टर जिनपे जहां खूब सारे
  246. 11:10वस्त्र उत्पादक कारखाने थे उनमें कच्चे
  247. 11:13माल के रूप में किसकी जरूरत होती थी कपास
  248. 11:15की ब्रिटेन के कारखानों को किसकी जरूरत है
  249. 11:20कपास की अगर उन्हें कपास नहीं मिलेंगे तो
  250. 11:22कारखाने बंद हो जाएंगे मजदूर बेरोजगार
  251. 11:25होंगे और अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी तो
  252. 11:27कपास की आपूर्ति कपास की 75 प्र आपूर्ति
  253. 11:32कहां से होती थी ब्रिटेन
  254. 11:34में अमेरिका से अब अमेरिका में गृह युद्ध
  255. 11:38शुरू हो गया कपास पैदा नहीं हो रही वहां
  256. 11:41पर खेत उजड़ गए तो कपास ब्रिटेन को मिल
  257. 11:43नहीं रहा उद्योग चलने जरूरी हैं और कपास
  258. 11:47मिलेगी तो ही वह चलेंगे तो इस कपास की
  259. 11:50आपूर्तिया ब्रिटेन ने कहां से शुरू करवानी
  260. 11:52शुरू की कि कौन करेगा हमें कपास की
  261. 11:55आपूर्ति तो भारत करेगा तो भारत की तरफ से
  262. 11:58कपास की आपूर्ति की जाएगी तो भारत के जो
  263. 12:00रैयत थे उनको जबरदस्ती उनसे अग्रिम देके
  264. 12:03या किसी भी तरह से ऋण दे दिया फिर ऋण नहीं
  265. 12:06चुका पा रहा तो कह रहे कि तू कपास की खेती
  266. 12:08करनी जमीन छीन ली जाएगी तो भारतीय रैयत
  267. 12:11खास करके दक्कन में जो काली मिट्टी है
  268. 12:13वहां कपास ज्यादा होती है दक्षिण में तो
  269. 12:15उनसे कपास की खेती करवाई जा रही थी कपास
  270. 12:18अच्छे दामों में बिकती थी खूब निर्यात
  271. 12:20किया जाता था एक समय तो ऐसा आएगा कि पूरे
  272. 12:24ब्रिटेन में जो कपास की आपूर्ति है उसका
  273. 12:2790 प्र कहां से जाने लग जा जाएगा भारत से
  274. 12:30इतनी कपास भारत ने पैदा की तो फिर इस चीज
  275. 12:34से रय तों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा
  276. 12:36यही हमें यहां पर बताना है कि अमेरिकी गृह
  277. 12:39युद्ध के क्या प्रभाव पड़े कपास से
  278. 12:41रिलेटेड वह सारा मैटर हो जाएगा पहले समझते
  279. 12:44हैं कि यह था क्या तो देखिए जब
  280. 12:5218615 नहीं पहुंच रही है ब्रिटेन में अब
  281. 12:55अमेरिका से आने वाली कपास में काफी गिरावट
  282. 12:58आई और तो लंका सायर ध्यान देना लंका सायर
  283. 13:01और मैनचेस्टर के वस्त्र उद्योगों के लिए
  284. 13:04कच्चा माल था क्या कपास अब वहां से नहीं आ
  285. 13:07रही उद्योग बर्बाद नहीं हो इसके लिए ये
  286. 13:09आपूर्ति कहां से की जाएगी कपास की भारत से
  287. 13:12लिया जाएगा ब्रिटेन में कुल कपास उत्पादन
  288. 13:15का 3/4 भाग अमेरिका से ही आता था मतलब 75
  289. 13:19प्र तो अमेरिका से ही आ रहा था अब नहीं
  290. 13:21आएगा तो फिर अमेरिकी गृह युद्ध में अब
  291. 13:23भारतीय रय तों के समुदाय के जीवन पर निम्न
  292. 13:26प्रभाव पड़े अब वो क्या प्रभाव पड़े वो
  293. 13:28देखते हैं हम
  294. 13:30सरकार ने भारतीय रय तों को अधिक मात्रा
  295. 13:32में कपास पैदा करने के लिए प्रोत्साहित
  296. 13:35किया ब्रिटेन सरकार कह रही है यहां के
  297. 13:37अधिकारियों को ब्रिटेन से आया है आदेश कि
  298. 13:39कपास पैदा करवाओ कपास की आपूर्ति करो कैसे
  299. 13:42भी तो फिर क्या करेंगे ब्रिटेन की तरफ से
  300. 13:45अग्रिम पैसा आएगा कपास सौदागरों के पास
  301. 13:48भारत में जो किसानों की फसलें खरीदते थे
  302. 13:50वह सौदागर होते थे उनके पास अग्रिम पैसा
  303. 13:53कि ये पैसे लो कपास भेजो तो फिर सौदागर उस
  304. 13:57पैसों को एडवांस में किसान को दे देंगे तो
  305. 14:00कि तुम क्या पैदा करो कपास किसान कपास
  306. 14:02पैदा नहीं करता था भारतीय किसान उस समय
  307. 14:05ज्यादा मात्रा में क्या पैदा करते थे
  308. 14:08खाद्यान यह खेत है किसान का और इसमें ये
  309. 14:12मुख्यत क्या पैदा करते थे खाद दन पैदा
  310. 14:15करते थे खाने की फसलें ज्वार मक्का गेहूं
  311. 14:18बाजरा इस तरह की जो भी खाद्यान फसलें हैं
  312. 14:21कपास तंबाकू यह सब कैसी है ये व्यापारिक
  313. 14:23फसलें हैं यह पैदा नहीं करते थे क्योंकि
  314. 14:25उन्हें पेट भरने के लिए कुछ चाहिए कई बार
  315. 14:28ऐसा भी होता था कि खाद दन उन्होंने खूब
  316. 14:30पैदा कर लिया अगले साल अकाल पड़ गया तो
  317. 14:32इतना खाद दन उनके घर में रह जाता था कि वह
  318. 14:34ठीक है चलता रहेगा काम कुछ दिन जब तक अकाल
  319. 14:37रहेगा लेकिन अब भारतीय किसान क्या पैदा
  320. 14:40करेंगे अपने खेत में खाद दन नहीं
  321. 14:42वाणिज्यिक फसल पैदा करेंगे कपास क्यों
  322. 14:46क्योंकि जो साहूकार
  323. 14:48है साहूकार ने उस किसान को अग्रिम दे दिया
  324. 14:52है कितना
  325. 14:5400 00 अग्रिम दे दिया है कि तुम अपने एक
  326. 14:58एकड़ जमीन में अगर कपास बोओगे तो मैं
  327. 15:00तुम्हें एडवांस में ऋण दे दूंगा कितना ₹1
  328. 15:03और तुम आसानी से चुका भी पाओगे क्योंकि उस
  329. 15:05कपास को फिर तुम मेरे पास बेचने आ जाना
  330. 15:08मैं खरीद लूंगा होता यह था कि ₹1 तो दिए
  331. 15:12हुए हैं और जब किसान का पास बेचने आता था
  332. 15:14तो कहता था सौदागर की यह कपास आपकी हो गई
  333. 15:1780 की बेच जाओ मुझे ₹ ऋण आप पे बाकी रह
  334. 15:21गया सौदागर का ₹ ऋण बाकी रह गया किसान पे
  335. 15:24फिर वो कहता था अब क्या करूं कहता था ठीक
  336. 15:27है मैं तुम्हें 880 और दे रहा हूं
  337. 15:29वापस से ₹1 हो जाएंगे और दोबारा कपास ब
  338. 15:33फिर मुझे भेजो इस तरह से भारत के किसान एक
  339. 15:36जाल में फंस गए कि उन्हें कपास उपजा जरूरी
  340. 15:39है खाद्यान उत्पादन घट गया और कपास
  341. 15:42उत्पादन या व्यापारिक फसलों का उत्पादन
  342. 15:44भारत में बढ़ गया ऐसा चला आप सोच रहे
  343. 15:48होंगे कि किसान तो अमीर हो गए होंगे कपास
  344. 15:50इतने रेट में बिक री है लेकिन फिर हुआ
  345. 15:52क्या वह आगे देखेंगे हम देखते हैं तो
  346. 15:56सौदागरों को ब्रिटेन की तरफ से अग्रिम
  347. 15:58राशि मिलने लगी गई और सौदागरों ने फिर
  348. 16:00किनको दे दी प्रति एकड़ के हिसाब से ₹1 रय
  349. 16:04तों को अग्रिम राशि देने लग गए और रै तों
  350. 16:07के लिए ऋण के स्रोत बढ़ गए वही रैयत वही
  351. 16:09किसान जब पहले सौदागर के पास जाता था तो
  352. 16:12बड़ी आने कानी करता था ऋण देने में तो
  353. 16:14चुकाए कहां से अब क्या दिख रहा है कि कपास
  354. 16:17के अच्छे रेट है कपास बोएगा और चुका देगा
  355. 16:19तो रय तों के लिए ऋण के स्रोत बढ़ गए हैं
  356. 16:23आगे देखते हैं भारत में खाद्यान उत्पादन
  357. 16:25में कमी आई अभी हमने समझा था खाद्यान
  358. 16:28उत्पादन तो कम हो गया और क्या बढ़ गया
  359. 16:30कपास उत्पादन यहां पर बहुत ज्यादा बढ़ गया
  360. 16:34था इससे क्या प्रभाव पड़ा कपास उत्पादन
  361. 16:36बढ़ने से समझना थोड़ी गहराई की बात है कि
  362. 16:39किसान ने अपने खेत में खाद्यान बोना कम कर
  363. 16:43दिया और बहुत कम बोता है मतलब खाद्यान
  364. 16:46इतना ही बोता है कि वर्ष भर का काम किसी
  365. 16:48तरह निकल जाए ठीक है कपास ज्यादा क्षेत्र
  366. 16:51में बोने लग गया तो मान लो फिर हुआ क्या
  367. 16:54कि कुछ साल में ऐसा हुआ कि बीच में अकाल
  368. 16:56पड़ गया खेत में कुछ पैदा नहीं होगा खाद
  369. 16:59दन तो भारत में कमी पहले ही है कि बोना ही
  370. 17:02कम कर दिया कपास तो हो गई निर्यात कपास को
  371. 17:05खाएगा थोड़ी अगर है भी तो तो खाद दन नहीं
  372. 17:07है अकाल पड़ेगा तो अब भूखा मर जाएगा अकाल
  373. 17:10भारत में पहले भी पड़ते थे ऐसा नहीं है कि
  374. 17:12अंग्रेज आए तभी अकाल पड़ने शुरू हुए लेकिन
  375. 17:15पहले भारतीय किसान खेत में खाद्यान पैदा
  376. 17:18करता था तो एक दो वर्ष का स्टॉक उसके घर
  377. 17:20में रहता था भंडारण रहता था लेकिन अब उसने
  378. 17:23कपास और व्यापारिक फसलें बोनी शुरू की आगे
  379. 17:26हम पढ़ेंगे नील तंबाकू अ यह फसलें पैदा
  380. 17:30करवाएंगे किसानों से जबरदस्ती अभी कपास
  381. 17:32पढ़ रहे हैं हम खाद दन है नहीं बहुत कम
  382. 17:35बोया था खत्म हो गया अकाल जो पड़ेंगे अब
  383. 17:38ब्रिटिश से पहले भी पड़ते थे अंग्रेजों के
  384. 17:40आने से लेकिन अब जो पड़ेंगे वह ज्यादा
  385. 17:42भयानक हो जाएंगे क्योंकि अब खाने के लिए
  386. 17:45है ही नहीं उसने तो उपजा ही नहीं था बहुत
  387. 17:46कम उपजा था ज्यादा का उपजा कपास और उसके
  388. 17:49पूरे पैसे भी नहीं मिलते थे किसानों को
  389. 17:52देखते हैं आगे देखिए
  390. 17:58जाता था या ब्रिटेन में जितना भी कपास
  391. 18:00आयात होता था उसका 90 प्र अकेला कौन दे
  392. 18:03रहा है भारत तो फिर किसानों को फायदा हुआ
  393. 18:07नहीं हुआ फिर भी क्योंकि जो साहूकार था वो
  394. 18:11उस परे इतना ऋण चढ़ाता था इतना ब्याज
  395. 18:13लगाता था कि उसकी कपास तो ब्याज ब्याज में
  396. 18:15ही चली जाती थी और साथ में कंपनी के
  397. 18:19द्वारा या सरकार के द्वारा भू राजस्व इतना
  398. 18:21बढ़ा दिया गया था कि जितना पैदा होता था
  399. 18:24तो उससे 50 पर तो आधा तो क्या चल जाता था
  400. 18:27भू राजस्व ही तो देखिए इस तेजी में भी
  401. 18:31कपास उत्पादकों को समृद्धि प्राप्त नहीं
  402. 18:33हो सकी कुछ धनी किसानों को तो लाभ अवश्य
  403. 18:36हुआ लेकिन अधिक अधिकांश किसान तो कर्ज के
  404. 18:39बोझ तले दब गए थे
  405. 18:5018657 पहुंच रही है भारतीय कपास भी पहुंच
  406. 18:52रही है मतलब कपास ज्यादा पहुंचने लग गई
  407. 18:55कोई भी चीज ज्यादा पहुंचेगी तो कीमतें
  408. 18:58गिरने लग जाएगी तो अब भारत से ना तो बहुत
  409. 19:00ज्यादा निर्यात हो रहा है और कीमतें मतलब
  410. 19:03भारत से कपास का निर्यात भी कम हो गया
  411. 19:05कीमतें भी गिर गई किसानों ने कपास उपजा
  412. 19:08रखी हैं जब वह फसल आएगी तो उसको उम्मीद है
  413. 19:11कि सारा ऋण चुक जाएगा क्योंकि साहूकार ने
  414. 19:14कितने दिए थे ₹1 दिए थे इसको लगता है कि
  415. 19:18अबकी बार कपास अच्छी है मेरे खेत में
  416. 19:20किसान को लगता है जब मैं इसे बेचूंगा तो
  417. 19:22मेरा सारा रन चुक जाएगा लेकिन अब कपास की
  418. 19:25कीमतें गिर चुकी हैं क्योंकि अमेरिका से
  419. 19:27भी कपास आ रही वहां ग्रह युद्ध बंद हो गया
  420. 19:30अब यह कपास देने गया तो उसने कहा कि नहीं
  421. 19:32भाई अब तो इसकी कीमत कितनी रह गई ₹ ही और
  422. 19:3670 ऋण तुम पर बाकी रह गया कपास भी ले लेगा
  423. 19:39साहूकार और ₹ ऋण बाकी भी रख देगा तो इस
  424. 19:42तरह वह ऋण के जाल में फंसते ही चले गए और
  425. 19:45साथ में भू राजस्व यह चीज जरूर ध्यान रखनी
  426. 19:48है कि इन सबकी मुख्य वजह थी भू राजस्व
  427. 19:50व्यवस्था इतनी ज्यादा लगान कंपनी वसूल
  428. 19:53करती थी कि किसान दे ही नहीं पाता था
  429. 19:55देखेंगे आगे हम उसको भी आगे देखते हैं
  430. 19:59ठीक है रय तों को नुकसान हुआ इसमें पढ़ते
  431. 20:03हैं एक बार फिर से
  432. 20:2218657 को जब जरूरत है तो ऋण मिलने बहुत कम
  433. 20:25हो गए जो ऋण पहले से था पहले से जैसे 100
  434. 20:29मिले थे 30 की कपास बिकी तो कितना ऋण रह
  435. 20:31गया 0 वह कहता है पहले वो वो ऋण चुका हो
  436. 20:35मेरा फिर मैं नया ऋण दूंगा तो इस तरह से
  437. 20:37वह फिर ऋण उस परे ब्याज लगता जाएगा 0 पे
  438. 20:40तो बहुत ज्यादा हो जाता था तो इस तरह
  439. 20:43साहूकार ने रतो को ऋण देने से मना कर दिया
  440. 20:46और सरकार द्वारा भू राजस्व भी बढ़ा दिया
  441. 20:49गया इस स्थिति में भू राजस्व भी बढ़ा दिया
  442. 20:52गया था ठीक है बच्चों अगला प्रश्न देखते
  443. 20:55हैं किसानों का इतिहास लिखने में सरकारी
  444. 20:59स्रोतों के उपयोग के बारे में क्या
  445. 21:01समस्याएं आती है क्या समझ रहे हैं यहां पे
  446. 21:05कि जब यह सब स्थिति हमने जो अभी समझी है
  447. 21:08सारी स्थिति जब हो रही थी दक्कन में
  448. 21:10किसानों की स्थिति बहुत बुरी हो रही थी ऋण
  449. 21:13के जाल में व फंसते जा रहे थे जैसे उदाहरण
  450. 21:16लिया कि ₹ ऋण है साल भर में ब्याज लगा के
  451. 21:19उसको 100 बना दिया एक नियम यह भी होता था
  452. 21:22हमने देखा था कक्षा में कि जितना मूलधन है
  453. 21:24उससे ज्यादा ब्याज अब नहीं ले सकते तो
  454. 21:26मूलधन मान लो ₹ है
  455. 21:29तो उसका ब्याज आप 70 से ज्यादा नहीं ले
  456. 21:31सकते लेकिन वह तो ब्याज पर ब्याज ब्याज पर
  457. 21:33ब्याज चक्रवर्ती ब्याज हो जाता था और
  458. 21:35बढ़ता ही जाता था जब ब्याज नहीं चुका पा
  459. 21:38रहे थे तो फिर किसानों ने विद्रोह कर दिया
  460. 21:40जो साहूकार थे उनकी पोथी पन्ने वगैरह
  461. 21:43उन्होंने जला दिए जहां पर यह सारा हिसाब
  462. 21:46किताब लिखा होता था बहुत ज्यादा दंगे हुए
  463. 21:49तो सरकार ने एक आयोग गठित किया कि यह दंगे
  464. 21:51क्यों हो रहे हैं जांच करो ब्रिटिश सरकार
  465. 21:53जो भारत में शासन कर रही थी उसके द्वारा
  466. 21:56इस आयोग का नाम था दक्कन दंगा आयोग तो हम
  467. 22:00जब अध्ययन कर रहे थे अपनी पाठ्य पुस्तक के
  468. 22:02पहले पाठ का तो हमने समझा भी था दक्कन
  469. 22:05दंगा आयोग अब वह जो रिपोर्ट देगा उसने
  470. 22:08अपने रिपोर्ट में क्या कहा उसने अपनी
  471. 22:10रिपोर्ट में यह कहा था कि साहूकार इतनी
  472. 22:14ज्यादा ब्याज लगा रहे हैं अपने दिए गए ऋण
  473. 22:16पर जिसके कारण यह किसान दंगे कर रहे हैं
  474. 22:19असल वजह नहीं बताई क्या नहीं बताई उसने यह
  475. 22:22नहीं बताया कि किसान ऋण ले ही क्यों रहे
  476. 22:24हैं ले तो इसलिए रहे हैं ना कि सरकार ने
  477. 22:27बहुत ज्यादा राजस्व लगा लगाया हुआ है अगर
  478. 22:29राजस्व कम कर दिया जाए लगान सरकार के
  479. 22:32द्वारा कम कर दिया जाए तो किसानों की
  480. 22:34स्थिति कुछ सुधर सकती है लेकिन उस रिपोर्ट
  481. 22:38में उस सरकारी रिपोर्ट में जो किसने दी थी
  482. 22:40दक्कन दंगा आयोग इन सब चीजों को छुपा दिया
  483. 22:43गया और साहूकार और किसानों के बीच झगड़े
  484. 22:46की वजह ब्याज वगैरह को ही बता दिया तो वो
  485. 22:49एक सरकारी रिपोर्ट थी और उस सरकारी
  486. 22:51रिपोर्ट को पढ़ के हम अगर किसानों का
  487. 22:53इतिहास लिखें तो बहुत सारी समस्या आनी है
  488. 22:56ठीक है तो क्या समस्याएं आती थी देखते हैं
  489. 22:58देखिए सरकारी स्रोत वास्तविक स्थिति का
  490. 23:01निष्पक्ष वर्णन नहीं करते सरकारी अधिकारी
  491. 23:04होते हैं जांच करने वाले तो निष्पक्ष
  492. 23:06वर्णन नहीं कर पाते अतः उनके द्वारा
  493. 23:09प्रस्तुत विवरणों को पूरी तरह सत्य नहीं
  494. 23:12माना जा सकता आगे देखते हैं सरकारी स्रोत
  495. 23:16सरकारी दृष्टिकोण एवं अभिप्राय के पक्षधर
  496. 23:19होते हैं वे विभिन्न घटनाओं का विवरण
  497. 23:22सरकारी दृष्टिकोण से ही प्रस्तुत करते हैं
  498. 23:25ठीक है जैसे हमने अभी समझा था दक्कन दंगा
  499. 23:27आयोग के बारे में उसने कह दिया कि भाई
  500. 23:30सरकार की कोई गलती नहीं है बस साहूकार और
  501. 23:32किसान इनमें सब हो रहा है असल वजह क्या थी
  502. 23:35बहुत ज्यादा लगान वोह छुपा दी इन्होंने
  503. 23:37अपने रिपोर्ट में देखिए
  504. 23:40आगे सरकारी स्रोतों की सहानुभूति सरकारी
  505. 23:44स्रोतों की सहानुभूति प्रत्यक्ष अथवा
  506. 23:46अप्रत्यक्ष रूप से सरकार के प्रति होती है
  507. 23:50अब क्या ध्यान रखना चाहिए अगर हम दक्कन
  508. 23:52दंगा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर दक्कन के
  509. 23:55किसानों का इतिहास लिखें तो हमें क्या
  510. 23:57चीजें ध्यान में रखनी चाहिए या किसी भी
  511. 23:59सरकारी रिपोर्ट के आधार पर किसानों का
  512. 24:01इतिहास लिखा जाए तो किन चीजों का हमें
  513. 24:03ध्यान रखना चाहिए तो देखिए
  514. 24:05अतः किसान इतिहास लेखन में सरकारी स्रोतों
  515. 24:09का उपयोग करते हुए कुछ बातों का विशेष
  516. 24:11ध्यान रखना चाहिए जैसे सरकारी रिपोर्टों
  517. 24:14का अध्ययन अत्यधिक सावधानी पूर्वक किया
  518. 24:17जाना चाहिए कि जो रिपोर्ट तैयार करने वाला
  519. 24:20है उसकी भावना किस तरफ है क्या वह
  520. 24:23निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार कर रहा है इन सब
  521. 24:26चीजों को हमें बारीकी से समझना चाहिए और
  522. 24:28दूसरे में लिखा हुआ है कि सरकारी
  523. 24:30रिपोर्टों में उपलब्ध साक्ष्य का मिलान उस
  524. 24:34समय के जो समाचार पत्र थे उनकी खबरों में
  525. 24:38गैर सरकारी विवरणों और वैदिक अभिलेखों में
  526. 24:41भी उपलब्ध साक्ष्यों से करने के बाद ही
  527. 24:44किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए मतलब
  528. 24:46दक्कन दंगा आयोग को समझना है तो उस समय के
  529. 24:49समाचार पत्र क्या कहते हैं किस तरह की
  530. 24:51खबरें छप रही थी इन सारी चीजों को देखकर
  531. 24:54ही हम सही इतिहास पर पहुंच सकते हैं केवल
  532. 24:57सरकारी रिपोर्ट के आधार पर हम किसानों का
  533. 24:59सही इतिहास नहीं लिख सकते ठीक है बच्चों
  534. 25:02तो उम्मीद है आपको कक्षा अच्छी लगी होगी
  535. 25:05सभी उत्तर अच्छे से समझ पाए होंगे तो
  536. 25:07मिलते हैं अगली कक्षा में धन्यवाद

About this transcript

This page contains the full transcript of NCERT | CBSE | RBSE | Class - 12 | इतिहास। आधुनिक भारत का इतिहास। भाग- 4 by Ekaksha, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 4,421 words across 536 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

What you can do with it

Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.

Free YouTube transcript tool

YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.