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NCERT | CBSE | RBSE | Class - 12 | इतिहास। आधुनिक भारत का इतिहास। भाग- 2 — Transcript

by Ekaksha · 5,725 words · 693 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00है तो बच्चों पिछली कक्षा में हमने इतिहास
  2. 0:02कक्षा 12 की इतिहास की पाठ्य पुस्तक का
  3. 0:06तीसरा भाग हमने प्रारंभ किया था और उसे
  4. 0:08तीसरी भाग का हमने जो पहले अध्याय है
  5. 0:10जिसका नाम है उपनिवेशवाद और देहात उसको
  6. 0:13हमने प्रारंभ किया था और उसका भाग प्रथम
  7. 0:15पढ़ा था उसके भाग प्रथम में हमने देखा था
  8. 0:17बंगाल की जिम्मेदारी व्यवस्था के बड़े में
  9. 0:19समझा था बंगाल में औपनिवेशिक शासन जब
  10. 0:22स्थापित हुआ तो उन्होंने भू राजस्व
  11. 0:25व्यवस्था में क्या नए परिवर्तन की है आज
  12. 0:27हम इस अध्याय के भाग दो में राजमहल की
  13. 0:30पहाड़ियों में रहने वाले आदिवासी संथाल और
  14. 0:32पहाड़ियों लोगों के बड़े में उसकी बाद हम
  15. 0:34दक्षिण में दक्कन की व्यवस्था के बड़े में
  16. 0:36समझेंगे तो आई हम शुरू करते हैं तो देखिए
  17. 0:40कुदाल और हाल ये आदिवासी लोगों से संबंधित
  18. 0:44है थोड़ा राज महल की पहाड़ियों राजमहल की
  19. 0:46पहाड़ियों हैं कहां तो राजमहल की
  20. 0:48पहाड़ियों देखिए झारखंड में है यहां पर दो
  21. 0:51लोग दो तरह के लोग रहते थे दो आदिवासी
  22. 0:53समुदाय रहते थे एक आदिवासी समुदाय था
  23. 0:56संथाल और दूसरे आदिवासी जो पहाड़ों में
  24. 0:59रहते थे उनको पहाड़ियों कहा जाता था तो दो
  25. 1:02हो गए पहाड़ियों लोग और संथाल समुदाय के
  26. 1:04लोग तो पहाड़ियों लोगों के जीवन का प्रतीक
  27. 1:07तथा कुदाल ये जो आदिवासी लोग होते हैं ये
  28. 1:10जंगलों में स्थानांतरित कृषि करते हैं
  29. 1:12जिसे जूम कृषि भी कहते हैं ठीक है जंगल को
  30. 1:15साफ करते थे जल के और फिर वहां पर कृषि
  31. 1:17करते थे दिक्कत यह थी की जब ये वहां पर
  32. 1:19कृषि करते थे तो औपनिवेशिक शासन जैसा की
  33. 1:22अंग्रेज भारत में शासन कर रहे थे उनको
  34. 1:24उससे कोई राजस्व की प्रताप नहीं हो रही थी
  35. 1:26समझ रहे हैं आप जंगल में जब कृषि होती थी
  36. 1:28तो वह आदिवासी लोग सरकार को किसी प्रकार
  37. 1:31का राजस्व नहीं देते थे तो सरकार चाहती थी
  38. 1:34की इन जंगली भूमि को साफ कर दिया जाए और
  39. 1:36कृषि क्षेत्र का विस्तार किया जाए ज्यादा
  40. 1:39कृषि होगी तो निश्चित है की सरकार की
  41. 1:41राजस्व ज्यादा प्राप्त होगा सरकार को और
  42. 1:43उनकी आई बढ़ेगी इसलिए अब देखिए आगे की
  43. 1:48राजमहल की पहाड़ियों जो झारखंड में है
  44. 1:49यहां पहाड़िया लोग रहते थे जो आदिवासी लोग
  45. 1:53पहाड़ों में रहते थे इसलिए उन्हें
  46. 1:54पहाड़िया लोग कहा जाता था यह यहां क्या
  47. 1:56करते थे झूठ कृषि करते थे स्थानांतरित
  48. 1:59कृषि भी जिसको हम का सकते हैं वह यहां पर
  49. 2:01करते थे अब आगे क्या है की अंग्रेजन के
  50. 2:05द्वारा कृषि भूमि का विस्तार किया गया भाई
  51. 2:07अंग्रेज कृषि भूमि का विस्तार क्यों
  52. 2:09करेंगे क्योंकि जंगल से उन्हें किसी तरह
  53. 2:11की कोई इनकम नहीं हो रही थी अंग्रेजी
  54. 2:13सरकार को इसलिए वो चाहते थे की जंगली
  55. 2:15क्षेत्र को साफ करके वहां पर कृषि की जाए
  56. 2:18ताकि उनको राजस्व की प्रताप हो सके तो
  57. 2:21अंग्रेजी सरकार ने क्या शुरू कर दिया कृषि
  58. 2:24भूमि का विस्तार करने के लिए जंगलों की
  59. 2:26कटाई शुरू कर दी अब जंगलों की जब कटाई
  60. 2:28होगी तो जंगली क्षेत्र और चारागाह कम होते
  61. 2:31गए और जो आदिवासी लोग जंगल में रहते थे वह
  62. 2:35किसी बाहरी लोगों के हस्तक्षेप को उन्हें
  63. 2:38पसंद नहीं था की कोई बाहरी लोग उनके जीवन
  64. 2:40में हस्तक्षेप करें तो यह लोग नाराज हो गए
  65. 2:42और संघर्ष शुरू हो गया तो देखिए अगली लाइन
  66. 2:45क्या है जो-जो स्थाई कृषि का विस्तार होता
  67. 2:48गया जंगल में चरागाहों का क्षेत्र संकुचित
  68. 2:51होता गया और ये आदिवासी लोगों को पसंद
  69. 2:53नहीं था अब पहाड़ी लोगों और स्थाई
  70. 2:56खेतिहरों के बीच झगड़ा शुरू हो गया
  71. 2:58पहाड़ों में जो आदिवासी रहते थे उनका
  72. 3:00क्षेत्र कम होता जा रहा है कृषक लोग आगे
  73. 3:02बढ़ते जा रहे हैं तो पहाड़ी लोग उनका
  74. 3:05विरोध करते थे की हमारे क्षेत्र में क्यों
  75. 3:07ए रहे हैं उनके बीच झगड़ा शुरू हो गए और
  76. 3:09ये झगड़ा लंबे समय तक चला अंग्रेजी सरकार
  77. 3:12ने इस झगड़ा को कम करने की खूब कोशिश की
  78. 3:14उनको दबाने की कोशिश की बाद में समझौते का
  79. 3:17रास्ता अपनाया गया लेकिन वो भी लंबे समय
  80. 3:19तक नहीं चल पाया ठीक है तो हमने पढ़ा की
  81. 3:22जो वहां पर पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले
  82. 3:24पहाड़ियों लोगों की क्या समस्या थी
  83. 3:27औपनिवेशिक शासन ने उनको किस प्रकार
  84. 3:29प्रभावित किया ठीक है ऐसे ही हम आगे
  85. 3:31देखेंगे की जो संथाल लोग होते थे इस
  86. 3:34क्षेत्र में जो नए लोग आकर बेस थे आदिवासी
  87. 3:36संथाल उनको औपनिवेशिक शासन से क्या
  88. 3:39परेशानी थी किस प्रकार उन्होंने प्रभावित
  89. 3:41किया औपनिवेशिक शासन ने तो देखिए संथाल
  90. 3:44संथाल विद्रोह करेंगे उनके खिलाफ जो
  91. 3:48नीतियां अपनाएंगे औपनिवेशिक शासन तो एक
  92. 3:50संथाल लोग विद्रोह करेंगे जिसे बहुत
  93. 3:52प्रसिद्ध है ये आपको जरूर याद रखना चाहिए
  94. 3:54की संथाल विद्रोह कब हुआ था तो संथाल
  95. 3:57विद्रोह कब हुआ था 1855 में इस तरह रख
  96. 4:00सकते हैं की 1857 में जो क्रांति हुई उससे
  97. 4:03जस्ट पहले कौन सा विद्रोह हुआ था एक बड़ा
  98. 4:05विद्रोह उसका नाम है संथाल विद्रोह तो
  99. 4:08देखिए संथाल लोक 1780 के आसपास बंगाल में
  100. 4:11आने लगे थे यह बंगाल के बाहरी क्षेत्र असम
  101. 4:14की तरफ रहते थे और बंगाल की तरफ बढ़ चले ए
  102. 4:16रहे थे बंगाल में पहुंचने ग गए थे और ये
  103. 4:19जनजाति मुख्यतः कृषक थी इससे पहले जो हम
  104. 4:22पहाड़ियों लोगों के बड़े में जान रहे थे
  105. 4:24वो कृषि के अलावा शिकार भी करती थी जंगल
  106. 4:27से और चीज प्राप्त करती थी उनसे अपना जीवन
  107. 4:29यापन करते थे लेकिन यह लोग शिकारी कम थे
  108. 4:32मुख्य रूप से क्या थे और ये लोग क्या करते
  109. 4:35थे यह लोग जंगली भूमि को साफ करते थे बहुत
  110. 4:38बड़े क्षेत्र में और खेती करते थे
  111. 4:40अब समझिए यहां पर जमीदार और अंग्रेजन को
  112. 4:44यही तो चाहिए की यहां पर जो जंगली भूमि है
  113. 4:47उसको साफ कर दिया जाए और वहां पर खेती की
  114. 4:50जाए और खेती करने के लिए उन्होंने फिर
  115. 4:53किनको आमंत्रित कर दिया संथाल लोगों को की
  116. 4:55आई जंगलों को साफ कीजिए और यहां पर खेती
  117. 4:58कीजिए बाद में फिर इसे भू राजस्व भी लेंगे
  118. 5:01और यही से फिर विवाद शुरू होगा तो देखिए
  119. 5:04जमींदार लोगों ने नई कृषि भूमि तैयार करने
  120. 5:07समझना जमीदार लोगों ने नई कृषि भूमि तैयार
  121. 5:10करने और कृषि क्षेत्र का विस्तार करने के
  122. 5:13लिए इन्हें आमंत्रित किया किन्हीं
  123. 5:15आमंत्रित किया संथलों को की आओ जंगल को
  124. 5:18हमारे क्षेत्र में जो जंगल है यहां से
  125. 5:20हमें कोई इनकम नहीं प्राप्त हो ही
  126. 5:21राजस्विनी प्राप्त हो रहा आप आई जंगली
  127. 5:24क्षेत्र को साफ कर दीजिए और यहां पर कृषि
  128. 5:26कीजिए बाद में हम तुमसे राजस्व वे वसूल
  129. 5:29करेंगे बाद में करेंगे
  130. 5:31तो 1832 तक जमीन के एक काफी बड़े इलाके को
  131. 5:35क्या नाम दिया गया है दामिनी एक कहो के
  132. 5:38रूप में सीमांकित कर दिया ध्यान देना
  133. 5:42क्या है की जो औपनिवेशिक शासन था अंग्रेजी
  134. 5:46सरकार थी उन्होंने संथलों के रहने के लिए
  135. 5:49राज महल की पहाड़ियों के बीच में एक ऐसा
  136. 5:52क्षेत्र निश्चित कर दिया था सीमांकित कर
  137. 5:55दिया था जो जंगली क्षेत्र था की यह
  138. 5:57क्षेत्र संथाल लोगों का है इस जंगल को
  139. 6:00संथाल लोगों ने साफ किया और वहां पर कृषि
  140. 6:02शुरू की वो संथाल क्षेत्र किस नाम से जाना
  141. 6:04गया
  142. 6:10दामिनी ने कहो क्या है तो देखना यह
  143. 6:12भागलपुर से राजमहल तक का वन क्षेत्र था
  144. 6:16जिसको बाद में संथाल लोगों के लिए
  145. 6:18सीमांकित कर दिया और वहीं पर संथाल लोग
  146. 6:20फिर खेती करते थे तो ब्रिटिश सरकार द्वारा
  147. 6:23दामिनी एक कोन का निर्माण संथाल समुदाय को
  148. 6:26बचाने के लिए किया गया था भाई बसना
  149. 6:29चाहेंगे ना ताकि जंगल में एक कृषि करें और
  150. 6:31बाद में हमारी आई बढ़ राजस्व प्राप्त हो
  151. 6:33इसे तो राज्य सरकार ने बाद में इन पर फिर
  152. 6:37भारी कर लगाएं शुरू में तो संथलों का
  153. 6:39आमंत्रित किया की आई ये जंगली क्षेत्र है
  154. 6:41यहां से हमें कोई राजस्व प्राप्त नहीं हो
  155. 6:43रहा आप यहां पर खेती कर दीजिए और ये आप ही
  156. 6:46का क्षेत्र है नाम दे दिया दामिन एक कहो
  157. 6:48लेकिन बाद में जब वो खेती जमीन साफ कर ली
  158. 6:51खेती की उन्होंने तो भारी राजस्व लगा दिया
  159. 6:54संथाल लोगों के ऊपर अब संथाल लोग इतना
  160. 6:57राजस्व कहां से दें इतनी भी पैदा नहीं हो
  161. 6:59कर पाते थे बेचारे की पूरा राजस्व सरकार
  162. 7:02को चुका पे नहीं चुका पाते थे तो संथाल
  163. 7:05लोगों को किसकी जरूर होगी री की वह
  164. 7:08साहूकारों से
  165. 7:10जो अमीर किसान थे या साहूकार थे उनसे
  166. 7:13संथाल लोगों ने री लेना शुरू कर दिया और
  167. 7:16उसके बाद तो फिर वह री के दाल में ऐसे
  168. 7:19फैंस एक बार री लिया उसका उनसे बास नहीं
  169. 7:21दिया गया अगली बार फिर री ले आए और राजस्व
  170. 7:24चुटकी गए तो इस तरह वह रिंकी दाल में ऐसे
  171. 7:27फसेगी फिर वह फिल्म को पूरा चुका ही नहीं
  172. 7:30पे अब री को नहीं चुका पे तो जो साहूकार
  173. 7:33लोग थे उन्होंने संथलों की जमीन को हड़प
  174. 7:36लिया साहूकार लोग का रहे हैं की तुम री
  175. 7:39नहीं चुका का रहे हो तो तुम्हारी जमीन अब
  176. 7:41हमारी हुई उनकी जमीन को छन लिया जाता था
  177. 7:43तो साहूकार लोग क्या है बाहरी लोग हैं
  178. 7:46स्थानीय लोग उसे क्षेत्र के कौन थे संथाल
  179. 7:49लोग हैं इसलिए यहां भी ध्यान देना है की
  180. 7:51संथाल लोग जो बाहरी लोगों को क्या कहते थे
  181. 7:54दिकू ये ध्यान रखना है की संथाल लोग बाहरी
  182. 7:58लोगों को क्या कहते थे दिकू तो यहां
  183. 8:00संथलों को संथलों ने साहूकारों को दिकू
  184. 8:03कहा है अब इस सब के विरोध में लगन बहुत
  185. 8:07ज्यादा बढ़ता जा रहा है उनकी जमीन है
  186. 8:09साहूकारों के द्वारा हद जा रही है तो
  187. 8:11संथलों ने फिर मिलजुल कर विद्रोह कर दिया
  188. 8:13तो संथाल विद्रोह कब उगेगा फिर से देखना
  189. 8:1618556 में इस संथाल विद्रोह का नेता कौन
  190. 8:20था सिद्धू मांझी और ये मुख्यतः कृषक थे
  191. 8:24इसलिए इनकी शक्ति का प्रतीक इस विद्रोह का
  192. 8:26प्रतीक क्या था हाल तो ध्यान रखना छोटे
  193. 8:29प्रश्न यहां से बनते हैं की संथाल विद्रोह
  194. 8:31कब हुआ इसका नेता था सिद्धू मांझी बहुत
  195. 8:34इंपॉर्टेंट है इनकी शक्ति का प्रतीक क्या
  196. 8:36था हाल देखिए यहां आपको दिखता है बोर्ड पे
  197. 8:40की ये जो सिद्धू मांझी का एक फोटो है जो
  198. 8:43उसे समय इंग्लैंड के अखबारों में छाप था
  199. 8:45जो संथाल विद्रोह का नेतृत्व कर रहा था ये
  200. 8:48उनका फोटो है और यह संथाल विद्रोह की फोटो
  201. 8:51है जो उसे समय ब्रिटिश अखबारों में छुपी
  202. 8:53थी तीर और धनुष से लाड रहे हैं बाहरी
  203. 8:56लोगों के खिलाफ बाहरी लोगों को क्या कहते
  204. 8:58हैं दिकू तो इस तरह ये संथाल विद्रोह चला
  205. 9:02रहा और बाद में क्योंकि ये तीर धनुष से
  206. 9:04लड़ते थे और दूसरी तरफ से गोलियां चलती थी
  207. 9:06तो कहते हैं ना की तीर धनुष गोलियां का
  208. 9:09जवाब कितने समय तक दे पाते इसलिए बाद में
  209. 9:11धीरे-धीरे इस विद्रोह को ढाबा दिया गया
  210. 9:14अब है देहात में विद्रोह तो यह हमने राज
  211. 9:17महल की पहाड़ियों के बड़े में वहां पर
  212. 9:19रहने वाले आदिवासी लोग किस तरह औपनिवेशिक
  213. 9:21शासन का अर्थ उन्होंने लिया और किस तरह वो
  214. 9:24प्रभावित हुए वो समझा अब हम थोड़ा सा
  215. 9:26दक्षिण की तरफ बढ़ते हैं और दक्षिण में जो
  216. 9:29महाराष्ट्र का क्षेत्र है जी जहां आजकल
  217. 9:31पुणे है पहले जिसको पुणे कहते थे उसे
  218. 9:34क्षेत्र में जो देहाती लोग थे गांव में
  219. 9:36रहने वाले किसान थे वो औपनिवेशिक शासन से
  220. 9:39किस प्रकार प्रभावित हुए उसके बड़े में
  221. 9:40देखते हैं तो देखिए देहात में विद्रोह
  222. 9:43मुख्यतः ये कौन सा क्षेत्र था यह मुंबई
  223. 9:45दक्कन और पुणे के आसपास का पूरा क्षेत्र
  224. 9:48था जिसकी अब हम बात करने जा रहे हैं तो
  225. 9:50यहां विद्रोह कब हुआ किसने ने विद्रोह कब
  226. 9:53किया तो 12 मैं 1875 को किसने ने
  227. 9:56साहूकारों के विरुद्ध विद्रोह किया और यह
  228. 9:58विद्रोह पुणे के गांव सपा से प्रारंभ हुआ
  229. 10:02था यह विद्रोह कब हुआ 1875 में अब बात है
  230. 10:06की क्यों किसने ने विद्रोह किया तो
  231. 10:09साहूकारों के विरुद्ध क्यों किया तो इसको
  232. 10:11अब हम समझेंगे की इन्होंने यहां देहाती
  233. 10:13लोगों ने विद रो क्यों किया औपनिवेशिक
  234. 10:15शासन से किस प्रकार को प्रभावित थे तो आई
  235. 10:18देखते हैं पहले थोड़ा सा समझते हैं की
  236. 10:20जैसे हमने पिछली कक्षा में देखा था की
  237. 10:23बंगाल में स्तंभरी व्यवस्था लोड कर वाले
  238. 10:26इसके द्वारा लागू की गई थी जिसमें होता
  239. 10:28क्या था जिसमें एक तो होता था कृषक
  240. 10:33है और कृषक इसको लगन देता था
  241. 10:36कंपनी को या का दें सरकार को और सरकार उसे
  242. 10:40समय अंग्रेजन की थी तो उनको लगन देता था
  243. 10:44हमने याद करना जमींदारी व्यवस्था प्यार है
  244. 10:46एक बार वापस जो हमने पिछली कक्षा में
  245. 10:48बंगाल की व्यवस्था के बड़े में समझा था
  246. 10:50नहीं भूरा जैसलमेर था जो वहां पे लागू की
  247. 10:52गई थी जिसे स्तंभरी व्यवस्था जमींदारी
  248. 10:55व्यवस्था या स्थाई बंदोबस्त भी कहा गया था
  249. 10:57तो देखिए एक मस्त वर्ग वहां पे तैयार किया
  250. 11:01था अंग्रेजन ने जिसको जमीदार कहा था अपन
  251. 11:04ने तो जमीदार किसने से लगन लेकर कंपनी को
  252. 11:07पहुंचना था यह हमने पिछली कक्षा में देखा
  253. 11:09अबकी बार कंपनी ने यह निश्चित किया की हम
  254. 11:12किसी मध्यस्थ को नहीं रखेंगे सीधे किसने
  255. 11:15से कंपनी लगान वसूल करेगी और किसने को
  256. 11:18क्या नाम दिया गया था रैयत रैयत भी कहा
  257. 11:21जाता था किसने को इसलिए यह जो नई व्यवस्था
  258. 11:24दक्कन में लागू की गई इसको कहा गया था
  259. 11:26रैयतवाड़ी बंदोबस्त समझ रहे हो सीधा किसान
  260. 11:30से रैयत से समझौता किया गया मध्यस्थ वर्ग
  261. 11:33अब नहीं था जमीदार यहां पे इसलिए इस
  262. 11:35व्यवस्था को इस नई भू राजस्व व्यवस्था को
  263. 11:37नाम क्या दिया गया रैयतवाड़ी बंदोबस्त ठीक
  264. 11:40है तो समझते हैं इसके बड़े में देखिए एक
  265. 11:43नई भी सबसे व्यस्त हमने देखा की दक्कन के
  266. 11:46किसने ने देहाती किसने ने विद्रोह किया
  267. 11:48साहूकारों के खिलाफ और यह पुणे के एक सपा
  268. 11:51गांव से शुरू हुआ था विद्रोह क्यों किया
  269. 11:53क्योंकि एक नई भू राजस्व व्यवस्था थी जींस
  270. 11:56उनको नुकसान हुआ उसको लेकर ये विद्रोह हुए
  271. 11:58थे तो देखिए नई भू राजस्व व्यवस्था कौन सी
  272. 12:01थी रैयतवाड़ी बंदोबस्त कहां बंबई और दक्कन
  273. 12:05के क्षेत्र में लागू की गई थी मुख्यतः
  274. 12:07मद्रास आजकल जैसे हम चेन्नई कहते हैं पहले
  275. 12:10मद्रास नाम था मुंबई और कुछ असम के
  276. 12:13क्षेत्र में भी ये व्यवस्था लागू की गई थी
  277. 12:16इसमें होता क्या था तो देखना हम तुलना
  278. 12:19करेंगे जो पिछली कक्षा में जमींदारी
  279. 12:21व्यवस्था पड़ी उससे तो जमींदारी व्यवस्था
  280. 12:23को आपने स्थाई बंदोबस्त भी कहा था क्योंकि
  281. 12:26वहां पर किसी एक क्षेत्र से लगन वसूल करने
  282. 12:28की जिम्मेदारी एक जमीदार को दी गई थी और
  283. 12:31कंपनी ने ते कर दिया था लगन स्थाई कर दिया
  284. 12:34था की हमें तो इस क्षेत्र से इतना लगन
  285. 12:37जमींदार देगा किसने से वसूल करें काल पड़े
  286. 12:40कुछ भी हो हमें चाहिए तो कंपनी की आई
  287. 12:43निश्चित हो गई थी उससे कंपनी को नुकसान भी
  288. 12:46हुआ था कुछ कुछ फायदे हुए थे की स्थाई हो
  289. 12:48गई लेकिन नुकसान क्या हुआ तो पिछली कक्षा
  290. 12:51के लास्ट में जो हमने देखा था की जमींदारी
  291. 12:54व्यवस्था में 18वीं शताब्दी के प्रारंभ तक
  292. 12:57जो जमीदार अपनी जमींदारी बचाएं रख पे उनको
  293. 13:00फिर आगे दिक्कत नहीं आई थी यही पे हमने
  294. 13:02कक्षा का एंड किया था पिछली का तो याद
  295. 13:05करते हैं उसको की 18वीं शताब्दी के
  296. 13:07प्रारंभ में कृषि उपजा का मूल्य बाजार में
  297. 13:10बाढ़ गया था कृषि उत्पाद जो खेत में पैदा
  298. 13:13किया वो बाजार में अच्छी कीमत में बिकते
  299. 13:15थे तो किसान की आई बाढ़ गई किसान की आई
  300. 13:18बड़ी तो जमीदार की भी आए बाढ़ गई लेकिन
  301. 13:20कंपनी की आई नहीं बधाई क्यों नहीं बधाई
  302. 13:22क्योंकि कंपनी ने तो पहले ही स्थाई कर
  303. 13:24दिया था की हमें इस क्षेत्र से इतना लगन
  304. 13:27चाहिए तो उसकी आई में प्रभाव नहीं पड़ा अब
  305. 13:29कंपनी चाहती है की हम स्थाई नहीं करेंगे
  306. 13:31तो क्या करेंगे वो कहते हैं हर 30 वर्ष
  307. 13:35बाद जमीनों का फिर से सर्वेक्षण किया
  308. 13:37जाएगा और राजस्व की डर इस अनुसार या
  309. 13:39तानुसार बड़ा दी जाएगी ठीक है तो ये
  310. 13:43रैयतवाड़ी बांधों था की 30 साल बाद अगर
  311. 13:45किसान की इनकम बढ़नी है कृषि उपजा का
  312. 13:48मूल्य बाजार में बढ़ता है तो कंपनी की भी
  313. 13:50बढ़नी चाहिए इसलिए 30 साल बाद फिर बड़ा
  314. 13:52देंगे तो समझना एक चीज रैयतवाड़ी बंदोबस्त
  315. 13:55एक बार यह अगली लाइन देखते हैं की 1820
  316. 13:58में यह लागू किया गया था रैयतवाड़ी
  317. 14:00बंदोबस्त ये मद्रास में सबसे पहले लागू
  318. 14:03किया गया मद्रास प्रांत होता था आज
  319. 14:05तमिलनाडु प्रांत और चेन्नई जो शहर है इस
  320. 14:07को मद्रास कहते थे किसके द्वारा लागू किया
  321. 14:10गया था थॉमस मुनरो के द्वारा यह लागू किया
  322. 14:13गया था तो 1820 में जब लागू किया गया तो
  323. 14:16किसने से उनकी कल उपज का लगभग 50% भाग लगन
  324. 14:22के रूप में वसूल किया जाता था लगन की दरें
  325. 14:24बहुत ऊंची राखी कंपनी ने यहां पे किसान ने
  326. 14:28सोचो कितना अन्य हो रहा है किसान के साथ
  327. 14:30की जितना भी उसके खेत में पैदा हुआ उसका
  328. 14:3350% भाग तो लगन के रूप में कंपनी को दे
  329. 14:36देगा बाकी 50% में वो अपना परिवार चलाएगा
  330. 14:39अपने बच्चों को पढ़ेगा बछिया की शादी
  331. 14:42करेगा तो बहुत शो हो रहा था और यह भी का
  332. 14:46दिया की 30 साल बाद फिर से सर्वेक्षण
  333. 14:48करेंगे और इस लगन को फिर से बड़ा दिया
  334. 14:51जाएगा तो ये भी ते किया इसी में आगे देखें
  335. 14:54की राजस्व की राशि सीधे रैयत के साथ ते की
  336. 14:58गई थी बिचौलिया क नहीं था सीधा किसान
  337. 15:00किसको देगा कंपनी को आगे है की काल के समय
  338. 15:05भी राजस्विक कठोरता से वसूल किया जाता था
  339. 15:07अगर काल पद गया खेत में किसान के कुछ भी
  340. 15:10पैदा नहीं हुआ तो भी कठोरता पूर्वक उससे
  341. 15:13लगन वसूल किया जाता था खेत है किसान का कल
  342. 15:16पड़ा हुआ है कुछ भी पैदा नहीं हुआ कंपनी
  343. 15:18के अधिकारी आते हैं की भाई पिछली बार
  344. 15:20जितना दिया था 50% उतना तो देना पड़ेगा
  345. 15:22हमें नहीं मतलब की कुछ पैदा हुआ की नहीं
  346. 15:25हुआ तो किसान अगर नहीं देता था तो उसकी
  347. 15:27जमीन उससे छन ली जाति थी
  348. 15:30और किसान अपनी जमीन को बचाने के लिए
  349. 15:33साहूकारों के पास जाता था और उनसे क्या
  350. 15:36लगा
  351. 15:37री प्राप्त करेगा वह री लेकर उसे लगन को
  352. 15:40चुकाएगा फिर उसे री को चुकाने के लिए अगली
  353. 15:44साल खेती करता था लेकिन फिर जब कुछ पैदा
  354. 15:47भी हुआ बारिश हुई काल नहीं पड़ा अगले साल
  355. 15:49पैदा हुआ लेकिन 50% तो कौन ले जाएगी कंपनी
  356. 15:5350% भी वो अपना घर चलाएं ये अपना री चुका
  357. 15:56है तो इस तरह फिर री और री का बास और फिर
  358. 16:00बास पे बास चक्रवर्ती बास बन के ऐसा री के
  359. 16:03दाल में उलझा किसान की उसका जीवन दूबर हो
  360. 16:06गया और परेशान होकर उसने क्या किया फिर
  361. 16:08विद्रोह कर दिया ठीक है तो देखते हैं आगे
  362. 16:11फिर कपास में तेजी आई एक नई बात ए रही है
  363. 16:15यहां पे की कपास कपास को हम समझते हैं
  364. 16:19हमारे खेतों में जो कपास पैदा होती है इस
  365. 16:23से कपड़ा बंता है
  366. 16:25है इस से वस्त्र तैयार होते हैं और यह
  367. 16:28वस्त्र उद्योग कहां थे ब्रिटेन में
  368. 16:31ब्रिटेन में जो वस्त्र उद्योग थे उनके लिए
  369. 16:34कब कच्चे माल के रूप में कपास की जरूर
  370. 16:36होती थी ताकि वस्त्र बन सके उनके उद्योग
  371. 16:39चल सके और यह कपास वह भारत से और अमेरिका
  372. 16:42से मंगवाता था तो देखिए 1860 से पहले
  373. 16:46ब्रिटेन में जो कपास पुरी जाति थी उसका
  374. 16:493/4 भाग अमेरिका से आता था ब्रिटेन में
  375. 16:53जितनी कपास है 3 / 4 मतलब 75% हिस्सा
  376. 16:56अमेरिका से ए जाता था ब्रिटेन में लेकिन
  377. 17:00दिक्कत क्या हुई की 1861 में अमेरिका में
  378. 17:03ग्रह युद्ध शुरू हो गया वहां पर लड़ाई
  379. 17:05शुरू हो गई अमेरिका में ग्रह युद्ध आपसी
  380. 17:07लड़ाई तो ग्रह युद्ध के दौरान वहां खेत
  381. 17:09उजाड़ गए कपास पैदा नहीं हुई अब कपास पैदा
  382. 17:12नहीं हुई तो ब्रिटेन के जो उद्योग हैं वो
  383. 17:15तो उजाड़ जाएंगे ना बर्बाद हो जाएंगे अगर
  384. 17:17उन्हें कपास नहीं मिली तो उद्योग बैंड हो
  385. 17:19जाएंगे कपड़ा नहीं बनेगा वहां पे कितने ही
  386. 17:22मजदूर जो ब्रिटेन में उद्योगी में कम कर
  387. 17:24रहे हैं वो बर बार हो जाएंगे और ब्रिटेन
  388. 17:27की साड़ी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी ऐसा
  389. 17:29तो ब्रिटेन होने नहीं देगा ब्रिटेन को
  390. 17:31क्या चाहिए कपास कहां से ए रही थी अमेरिका
  391. 17:35से अब वह क्या कहता है की अब ये कपास हमें
  392. 17:39कौन पूर्ति करेगा भारत भारत के किसने से
  393. 17:42कहा गया की आपका पास पैदा करो क्योंकि
  394. 17:45कपास की जरूर है ब्रिटेन को यही तो होता
  395. 17:48है की निर्बल राष्ट्र भारत है और उसके
  396. 17:50संसाधनों का अपने हिट में प्रयोग करता है
  397. 17:53शक्तिशाली राष्ट्र और इसी को क्या कहते
  398. 17:56हैं उपनिवेशवाद पहले कक्षा में हमने यह
  399. 17:59परिभाषा पड़ी थी तो देखिए ब्रिटेन है
  400. 18:01ब्रिटेन में किसकी फैक्ट्रियां हैं सूती
  401. 18:04वस्त्र की बहुत साड़ी फैक्ट्रियां हैं और
  402. 18:07ब्रिटेन में जो फैक्ट्रियां हैं मुख्यतः
  403. 18:09दो शहर में केंद्रित थी मैनचेस्टर और लंका
  404. 18:12शेयर ब्रिटेन के दो शहर है जहां पर बहुत
  405. 18:14ज्यादा सूती वस्त्र की फैक्ट्रियां थी इन
  406. 18:17फैक्ट्री को चलाएं रखना के लिए कच्चे माल
  407. 18:19के रूप में कपास की जरूर थी तो कच्छ माल
  408. 18:22क्या चाहिए यहां कपास कपास कहां से आता था
  409. 18:2575% भाग
  410. 18:27अमेरिका अमेरिका से नहीं आएगा ग्रह युद्ध
  411. 18:30शुरू हो गया तो फिर यह साड़ी आपूर्ति कौन
  412. 18:32करेगा भारत भारत के किसान के पास जो खेत
  413. 18:36थे उनसे कहा गया की आप इस खेत में क्या
  414. 18:39बोलोगे कपास पैदा करो क्योंकि ब्रिटेन को
  415. 18:42क्या चाहिए कपास किसान कहता है की नहीं हम
  416. 18:45का पास क्यों पैदा करें कपास थोड़ी खाएंगे
  417. 18:47हमें तो खानदान फासले पैदा करनी है हमें
  418. 18:50तो गेहूं बाजार जो मक्का इस तरह की फासले
  419. 18:53हैं ताकि साल भर हमारा पेट भर सके हमारे
  420. 18:55पशुओं के लिए चार मिल सके कपास नहीं पैदा
  421. 18:58करेंगे तो फिर अंग्रेज अब जबरदस्ती कपास
  422. 19:01कैसे पैदा करवाएंगे देखिए
  423. 19:041857 में ब्रिटेन में कपास आपूर्ति संघ की
  424. 19:07स्थापना हुई और 1859 में में चेस्टर कॉटन
  425. 19:10कंपनी बनाई गई ब्रिटेन में ये कुछ नई
  426. 19:14व्यवस्था की गई क्योंकि कपास की कमी पद
  427. 19:16रही है तो कहानी से भी आपूर्ति हो दो
  428. 19:18संगठन बनाए गए और इन दोनों संगठनों का
  429. 19:21उद्देश्य क्या था दुनिया के हर भाग से
  430. 19:23कपास हर भाग में कपास के उत्पादन को
  431. 19:26प्रोत्साहित करना और साथ ही जिससे उनकी
  432. 19:29वस्त्र उद्योगी का विकास हो सके आगे देखते
  433. 19:33हैं
  434. 19:33ब्रिटेन को किसकी आवश्यकता है कपास की
  435. 19:37ब्रिटेन को कपास की आवश्यकता है तो
  436. 19:40ब्रिटेन क्या रहेगा भारत में जो सौदागर
  437. 19:43हैं जो की किसने की फसलों को खरीदने हैं
  438. 19:45ठीक है उनसे क्या का रहे हैं की भाई हमें
  439. 19:48चाहिए कपास
  440. 19:49बदले में हम तुम्हें एडवांस भी देने को
  441. 19:52तैयार है बस हमारे लिए कपास कहानी से भी
  442. 19:54खरीद के लो तो ब्रिटेन से एडवांस आने ग
  443. 19:57गया किनके पास सौदागरों के पास और सौदागर
  444. 20:00फिर भारतीय किसने के पास जाते हैं और उनको
  445. 20:02कहते हैं की ये खाद्यान्न फासले मत उगाव
  446. 20:04कपास की कीमत अच्छी मिलेगी आपको बहुत
  447. 20:07महंगी जाएगी आपकी कपास तो वो पैदा करो
  448. 20:10किसान फिर भी माना करता है नहीं हम तो
  449. 20:12भूखे मा जाएंगे नहीं बोएंगे पास पैदा नहीं
  450. 20:15करेंगे तो का रहे हैं की नहीं एक-एक कर
  451. 20:18में अगर तुम कपास बोन पे तैयार हो जो
  452. 20:21तो हम तुम्हें एडवांस में अग्रिम में
  453. 20:24कितने दे देंगे ₹100 भारतीय किसने से बात
  454. 20:27कर रहे हैं सौदागर क्या का रहे हैं प्रति
  455. 20:29इक्कड़ के ₹100 अग्रिम राशि दे दी जाति थी
  456. 20:32किसने को यह लो ₹100 कपास भाव अब किसी
  457. 20:35सौदागर ने किसान को ₹100 दे दिए की कपास
  458. 20:40पैदा करो तो किसान पे तो कर्ज हो गया ना
  459. 20:42₹100 का किसान के खेत में जब कपास पैदा
  460. 20:45होगी तो उसे कपास को वापस बेचे भी इसी के
  461. 20:48पास जाएगा
  462. 20:50इसी के पास जाएगा और मां लो ऐसा हो जाए की
  463. 20:53वह इतनी कपास पैदा कर ली उसने की ₹100 की
  464. 20:57वो कपास बाईक गई तो कर्ज बराबर अगली साल
  465. 21:00फिर कपास बोनिया तो फिर एडवांस दो और
  466. 21:03कभी-कभी तो ऐसा भी होता था की यह उसे पैदा
  467. 21:06हुई कपास के ₹80 ही देता था साहूकार किसान
  468. 21:09को तो ₹100 पहले ले रखें थे किसान ने
  469. 21:12साहूकार से कपास बेचे गया हुआ ₹80 की ही
  470. 21:15लगे उसने ₹80 मिलेंगे इसके तो ₹20 कर्ज
  471. 21:18बाकी और र गया किसान को किस तरह शोषण होता
  472. 21:21था समझ रहे हैं हम उपनिवेशी शासन के
  473. 21:23विरुद्ध देहाती लोगों ने क्यों विद्रोह
  474. 21:24किया समझना इस चीज को आगे देखते हैं की
  475. 21:27फिर आगे हुआ क्या की 1862 में ब्रिटेन में
  476. 21:31जितने भी कपास की आपूर्ति होती थी उसका
  477. 21:3490% कहां से होने ग गया भारत से
  478. 21:38खूब कपास पैदा की ढक्कन में क्योंकि ढक्कन
  479. 21:42में काली मिट्टी होती है काली चिकनी
  480. 21:44मिट्टी जो कपास के लिए सबसे उपजाऊ होती है
  481. 21:46वहां ज्यादा कपास होती है खूब कपास पैदा
  482. 21:48की भारतीय होने और 90% कपास भारत से
  483. 21:53ब्रिटेन में अब प्रश्न यह है की कपास
  484. 21:57उत्पादकों को क्या मिला इससे अब आपने सोच
  485. 22:00रहे होंगे की किसान तो अमीर हो गए होंगे
  486. 22:02लेकिन उसे उनको क्या मिला कपास उत्पादकों
  487. 22:05को इससे क्या मिला देखिए आगे फिर बात करें
  488. 22:09की हुआ क्या की 1865 में अमेरिका का ग्रह
  489. 22:13युद्ध बैंड हो गया खूब पैदा कर रहे हैं
  490. 22:15भारत में किसान कपास
  491. 22:171865 में घटना हुई की ग्रह युद्ध समाप्त
  492. 22:20हो गया अब वहां शांति हो गई अमेरिका में
  493. 22:22निश्चित है अमेरिका में फिर से कपास पैदा
  494. 22:24होगी तो हुआ क्या अमेरिका में कपास का
  495. 22:27उत्पादन फिर से चालू हो गया
  496. 22:29और भारत से जो कपास का निर्यात किया जाता
  497. 22:32था उसमें गिरावट आई चली गई अब किसने ने
  498. 22:35खूब साड़ी कपास पैदा कर राखी है लेकिन अब
  499. 22:37उतनी कीमत नहीं मिलेगी जितनी कुछ साल पहले
  500. 22:41मिल रही थी क्योंकि अब कपास अमेरिका से भी
  501. 22:43ए रही है भारत से भी ए रही है कोई चीज
  502. 22:45ज्यादा ए जाति है तो निश्चित है उसकी कीमत
  503. 22:47गिर जाति है तो क्या हुआ व्यापारी और
  504. 22:50साहूकार व्यापारी और साहूकार ने कपास
  505. 22:54उत्पादकों को री देने से माना कर दिया जो
  506. 22:57अग्रिम ₹100 दिए जा रहे थे अब वो अग्रिम
  507. 23:00₹100 हमने नहीं देंगे साहूकार का रहे हैं
  508. 23:02किसने को क्यों नहीं देंगे अब कोई कपास की
  509. 23:04कीमत तो रही नहीं हम तुम्हें ₹100 देंगे
  510. 23:07तुम कपास पैदा करोगे तो हमारी कपास इतने
  511. 23:09में बिकेगी नहीं तो तुम हमारा री चुका
  512. 23:11नहीं पाओगे तो माना कर दिया यही टॉपिक था
  513. 23:14समझना की किसने को जहां से री मिल रहा था
  514. 23:17वो री का स्रोत ही सुख गया अब साहूकार
  515. 23:20नहीं दे रहे तो किसान तो बेचारा फिर से
  516. 23:23वैसा का वैसा हो गया आगे देखते हैं और साथ
  517. 23:26ही सरकार के द्वारा लगन भी बड़ा दिया गया
  518. 23:28वापस ओपन करो की 1820 में रैयतवाड़ी
  519. 23:32व्यवस्था लागू की गई कहा था की 30 वर्ष
  520. 23:35बाद फिर से सर्वेक्षण करेंगे लगन बढ़ाएंगे
  521. 23:37तो एक तो कपास की कीमत पुरी नहीं मिल रही
  522. 23:40ठीक है और साथ में लगन और बड़ा दिया तो
  523. 23:43किसान तो विसरा फसता ही चला गया और ऐसी
  524. 23:45स्थिति में वो विद्रोह तो करेगा ही करेगा
  525. 23:48किसान ठीक है अब वहां पर बहुत ज्यादा
  526. 23:50विद्रोह हुए
  527. 23:52किसने ने जब किसान साहूकार के पास जाते थे
  528. 23:55की भाई री दो उन्होंने पहले री दिए थे अब
  529. 23:57री देने से माना कर दिया जब किसने को जरूर
  530. 23:59थी की अब कोई री हम आपको नहीं दे सकते तो
  531. 24:02इस तरह जब किसान को री नहीं मिल रहे थे तो
  532. 24:05किसान को लगा की मेरे साथ अन्य हो रहा है
  533. 24:07और साथ में साहूकार ने जो पहले किसने को
  534. 24:09री दे रखें थे उसे पे बास पे बास लगा के
  535. 24:11बहुत ज्यादा वो रेन उनका बाढ़ चुका था तो
  536. 24:14किसने का नाराज होना वाजिद था और उन्होंने
  537. 24:17साहूकारों ने जहां वो लिख रखें थे उनके
  538. 24:20हिसाब किताब कितना बास तुम पे इतना री है
  539. 24:22वो उनके फाड़ दिए पेज वगैरा उनकी भैया जल
  540. 24:25दी गई और यही क्या था दक्कन का किसान
  541. 24:28विद्रोह तो देखिए आगे की अन्य का अनुभव हो
  542. 24:32रहा है किसने को होता क्या था की कुछ नियम
  543. 24:35होते थे कर्ज लेने और देने के नियम क्या
  544. 24:39होते थे मां लो किसी ने ₹100 का री लिया
  545. 24:42है
  546. 24:43अब उसे पर बास लगाएगी तो देखो लिया कितने
  547. 24:46का है ₹100 का तो मूलधन कितना हो गया ₹100
  548. 24:50अब इस पे बास लगेगा मां लो 1 वर्ष में ₹20
  549. 24:53बास हुआ तो कितना देना है अब किसान को एक
  550. 24:57वर्ष बाद 120 और इस तरह वो बास बढ़ता जाता
  551. 25:00था लेकिन एक नियम ये था ये नियम चला था
  552. 25:04सरकार ने भी ये नियम बनाया हुआ था की मूल
  553. 25:08धन से ज्यादा बास नहीं हो सकता मतलब जितना
  554. 25:11₹100 मूलधन है इससे ज्यादा बास ऐसा नहीं
  555. 25:14की 200 वसूल कर लो 100 मूलधन 100 बास ऐसे
  556. 25:17नहीं होगा मूलधन से ज्यादा बास वसूल नहीं
  557. 25:19कर सकते लेकिन इसके लिए भी साहूकारों ने
  558. 25:22नए हथकंडे निकले की अब जब अगले साल अगले
  559. 25:26साल जब किसान को बुलट था वो और लेख बादल
  560. 25:30दिया जाता था वही के दूसरे पैन में उससे
  561. 25:32लिखवा लिया जाता था की मैंने तुमको कितने
  562. 25:35दिए 120 दिए कितने थे पिछले साल 100 ₹20
  563. 25:40बास लगाकर यह लिख दिया की 20 बास नहीं है
  564. 25:43120 अब क्या है मूलधन और इस तरह से किसने
  565. 25:46का बहुत ज्यादा शोषण हुआ कई उदाहरण तो ऐसे
  566. 25:49मिले जहां पर हजार रुपए री दिया गया और
  567. 25:53उसका बास ही 2000 हो गया ऐसे भी उदाहरण
  568. 25:55हमें मिले हैं अब ऐसी स्थिति में किसान
  569. 25:58क्या करता था री नहीं चुका पता था तो री
  570. 26:01नहीं चुका पता था किसान की जो जमीन है
  571. 26:03उनके बेल है इन सब को वो साहूकार को दे
  572. 26:06देता था साहूकार के पास जाएगा की भाई मेरे
  573. 26:08पास नहीं है इतने पैसे एक कम करो
  574. 26:11साहूकार रहेगा तो एक कम करो अगर आपके पास
  575. 26:14पैसे नहीं है तो आपके बैलगाड़ी वगैरा है
  576. 26:16यह मेरी हुई साहूकार ताकतवर होते थे उनके
  577. 26:19पास लेथ तोता थे बहुत सारे लोग होते थे
  578. 26:21किसान को पीटते थे और उनकी छन लेते थे
  579. 26:23बैलगाड़ी वगैरा अब बैलगाड़ी उसकी छन ले
  580. 26:26फिर किसान आता था की मुझे बैलगाड़ी दे दो
  581. 26:29तो साहूकार कहता था बैलगाड़ी तो मेरी हो
  582. 26:32गई अगर तुम्हें खेती करनी है बैलगाड़ी
  583. 26:34चाहिए तो इसके लिए तुम्हें मुझे भाड़ा
  584. 26:36देना होगा देखिए वही एक वही एक उदाहरण
  585. 26:40यहां पर है उसे समय एक जब बहुत ज्यादा
  586. 26:43विद्रोह हुए तो एक दक्कन जांच आयोग गठित
  587. 26:47किया गया था दक्कन दंगा जांच आयोग गठित
  588. 26:50किया गया था सरकार के द्वारा की दक्कन में
  589. 26:52तो देंगे हो रहे हैं उनकी जांच करो तो
  590. 26:54उसका क्या नाम दिया दक्कन दंगा जांच आयोग
  591. 26:57अब वो किसने के पास जाता था साहूकारों के
  592. 27:00पास जाते थे वह लोग जांच करने तो उन्हें
  593. 27:02ऐसे कुछ उदाहरण मिले उदाहरण देखते हैं
  594. 27:04पहले जब किसान पर री का भर बहुत ज्यादा
  595. 27:08बाढ़ गया
  596. 27:09वह री डाटा का री चुकाने में समर्थ हो गया
  597. 27:12अब री डाटा के पास अपना सर्वस्व जमीन
  598. 27:16गाड़ियां पशुधन आदि देने के अलावा कोई चार
  599. 27:20नहीं था लेकिन पशुओं के बिना फिर वह खेती
  600. 27:23कैसे करें अगर ये उसको दे दे तो फिर खेती
  601. 27:25कैसे करें इसलिए उसने जमीन और पशुधन भाड़े
  602. 27:29पर ले लिए पहले साहूकार को बीच दिए और फिर
  603. 27:31उससे भाड़े पर ले लिए अब उसे उन पशुओं के
  604. 27:34लिए जो मूल रूप से इस के थे इस के लिए अब
  605. 27:38क्या चुकाना पद रहा है भाड़ा उसने एक
  606. 27:41भाड़ा पत्र भी लिखा लिखवा लेते थे साहूकार
  607. 27:44किसान अनपढ़ होता था कुछ कहानी भी साइन
  608. 27:46करवा सकते थे उनसे
  609. 27:47भाड़ा पत्र या इसे क्या कहेंगे किरायानामा
  610. 27:50और वही ये भाड़ा पत्र है एक लिखवाना पड़ा
  611. 27:53जिसमें यह साफ तोर पर कहा गया था की पशु
  612. 27:56और गाड़ियां उसकी अपनी नहीं है और विवाद
  613. 27:59चिढ़ाने पर यह जो दस्तावेज होते थे जो
  614. 28:02लिखवाते थे न्यायालय में मान्य होते थे और
  615. 28:04न्यायालय में जो मुकदमा जाता था तो जीत
  616. 28:07किसकी हो जाति थी साहूकार की तो देखिए
  617. 28:09नीचे एक ऐसे ही दस्तावेज का नमूना दिया
  618. 28:12गया है जो नवंबर 1873 में एक किसान ने
  619. 28:15हस्ताक्ष्रित किया था और यह देखना यह दक-
  620. 28:19दतन दंगा जांच आयोग के अभिलेख से उद्धत है
  621. 28:23उनसे निकाला है देखो क्या लिखना है किसान
  622. 28:26लिखना साहूकार है नीचे किसान साइन कर देगा
  623. 28:29देखो मैंने आपको डर रिंकी खाता में आपको
  624. 28:32अपनी लोहे के धुरों वाली दो गाड़ियां साथ
  625. 28:36समाज कर बैलों के साथ बीच दी है मैंने इस
  626. 28:41दस्तावेज के तहत उन्हें दो गाड़ियों और कर
  627. 28:44बैलों को आपसे भाड़े पर ले लिया है मैं इस
  628. 28:48मा आपको मैं प्रतिमा हर मा आपको कर रुपए
  629. 28:53बड़ा दूंगा
  630. 28:54ठीक है भाड़ा चुकाऊंगा और आपसे आपकी अपनी
  631. 28:59लिखावट में रसीद भी प्राप्त करूंगा हर
  632. 29:02महीने ₹4 भाड़ा देगा किसान अब वह जो ले ली
  633. 29:05है उससे इस की चीज साहूकार ने छीनी वापस
  634. 29:08उसको दी अब कर रुपए भाड़ा ठीक है फिर आगे
  635. 29:11क्या का रहा है की हर महीने जब मैं 4 रुपए
  636. 29:13भाड़ा दूंगा तो आपसे रसीद भी प्राप्त
  637. 29:15करूंगा अगर रसीद प्राप्त नहीं हुई मेरे
  638. 29:18पास रसीद नहीं है इसका मतलब मैंने भाड़ा
  639. 29:20नहीं दिया लास्ट में यही लिखा है क्या
  640. 29:23लिखा है राशिद ने पलने पर यह दलील नहीं
  641. 29:26दूंगा की किराया नहीं चुकाया गया ठीक है
  642. 29:29नहीं चुकाया गया अगर रसीद नहीं मिलती है
  643. 29:31रसीद देते नहीं थे किसान अनपढ़ होता था
  644. 29:34साहूकार उनको रसाइड नहीं देते थे ऐसा ही
  645. 29:37एक और उदाहरण देखते हैं हम दक्कन गंगा
  646. 29:39जांच आयोग ने जब जांच की तो उसके सामने
  647. 29:41आया ऐसा ही एक और उदाहरण है
  648. 29:44कर्ज कैसे बढ़ते जाते थे किसने के देखते
  649. 29:47हैं दक्कन गंगा जांच आयोग को दी गई अपने
  650. 29:52याचिका में एक रैयत नहीं है स्पष्ट किया
  651. 29:54की रनों की प्रणाली कैसे कम करती थी किसान
  652. 29:57ने बताया है
  653. 30:00एक साहूकार अपने कर्जदार को एक बैंड पत्र
  654. 30:05के आधार पर कितने रुपए देता है ₹100 लिखवा
  655. 30:08लेट है की मैं आपको कितने रुपए दे रहा हूं
  656. 30:10क्या होता है उसमें
  657. 30:142 3 आने
  658. 30:16प्रतिशत की मासिक डर से उधर देता है मतलब
  659. 30:19यह बास रहेगा दो-तीन आने प्रतिमा कर्ज
  660. 30:24लेने वाला इस रकम को बंद पास होने की
  661. 30:27तारीख से 8 दिन के भीतर वापस दूंगा लेने
  662. 30:30वाला किसान का रहा की 8 दिन के भीतर में
  663. 30:32यह रकम लोटा दूंगा बास सहित नई लोटा हो तो
  664. 30:34नहीं लौटाया गया तो क्या होगा देखते हैं
  665. 30:37अगर नहीं लोटा पता है तो क्या होगा देखिए
  666. 30:40रकम वापस अदा एन करने के लिए निर्धारित
  667. 30:43समय के 3 साल के बाद साहूकार अपने कर्जदार
  668. 30:47से मूलधन तथा बास दोनों को मिलकर एक मिलकर
  669. 30:51बनी राशि मिश्रधन के लिए एक अन्य बंद भरवा
  670. 30:55लेट है समझ रहे हो ना कितने रुपए दिए ₹100
  671. 30:58दिए मूलधन ₹100
  672. 31:00लोटा दूंगा 8 दिन में नहीं लोटा पाया 3
  673. 31:03साल तक मान्य होता था एक बंद तो 3 साल बाद
  674. 31:06एक नया बंद भरवाता था जिसमें इसका बास और
  675. 31:10मूलधन सब मिलकर क्या हो जाता था मिश्रधन
  676. 31:12और ये भर हुआ था की इतना पैसा मैंने दिया
  677. 31:15शुरू हो जाता था पुरी रकम को इसे कहते हैं
  678. 31:17चक्रवर्ती बास
  679. 31:20कर्ज चुकाने के लिए 125 दिन की मोहलत देता
  680. 31:23है 3 साल और 15 दिन बीट जान पर कर्जदार
  681. 31:27द्वारा एक तीसरा बंद फिर भरवारा जाता है
  682. 31:30यह भीम बार-बार दोहरे जाति है और आखिर में
  683. 31:33देखो हुआ क्या ₹100 के कितने हो गए 12
  684. 31:36वर्ष के बाद ₹1000 की राशि
  685. 31:39हजार रुपए की राशि पर
  686. 31:432018 रुपए 10 आना और तीन पैसे तो क्या हो
  687. 31:48गया है बास तो यह क्या है अन्य का अनुभव
  688. 31:51जो किसान ने महसूस किया ठीक है उम्मीद है
  689. 31:55आपको समझ में आई होगी साड़ी बात हमने पड़ी
  690. 31:58जमींदारी व्यवस्था और दक्कन में कौन सी
  691. 32:00लागू की गई रैयतवाड़ी व्यवस्था ठीक है
  692. 32:02अगली कक्षा में हम फिर से मुलाकात करेंगे
  693. 32:04एक नए टॉपिक के साथ धन्यवाद

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This page contains the full transcript of NCERT | CBSE | RBSE | Class - 12 | इतिहास। आधुनिक भारत का इतिहास। भाग- 2 by Ekaksha, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 5,725 words across 693 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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