NCERT | CBSE | RBSE | Class - 12 | इतिहास। आधुनिक भारत का इतिहास। भाग- 2 — Transcript
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- 0:00है तो बच्चों पिछली कक्षा में हमने इतिहास
- 0:02कक्षा 12 की इतिहास की पाठ्य पुस्तक का
- 0:06तीसरा भाग हमने प्रारंभ किया था और उसे
- 0:08तीसरी भाग का हमने जो पहले अध्याय है
- 0:10जिसका नाम है उपनिवेशवाद और देहात उसको
- 0:13हमने प्रारंभ किया था और उसका भाग प्रथम
- 0:15पढ़ा था उसके भाग प्रथम में हमने देखा था
- 0:17बंगाल की जिम्मेदारी व्यवस्था के बड़े में
- 0:19समझा था बंगाल में औपनिवेशिक शासन जब
- 0:22स्थापित हुआ तो उन्होंने भू राजस्व
- 0:25व्यवस्था में क्या नए परिवर्तन की है आज
- 0:27हम इस अध्याय के भाग दो में राजमहल की
- 0:30पहाड़ियों में रहने वाले आदिवासी संथाल और
- 0:32पहाड़ियों लोगों के बड़े में उसकी बाद हम
- 0:34दक्षिण में दक्कन की व्यवस्था के बड़े में
- 0:36समझेंगे तो आई हम शुरू करते हैं तो देखिए
- 0:40कुदाल और हाल ये आदिवासी लोगों से संबंधित
- 0:44है थोड़ा राज महल की पहाड़ियों राजमहल की
- 0:46पहाड़ियों हैं कहां तो राजमहल की
- 0:48पहाड़ियों देखिए झारखंड में है यहां पर दो
- 0:51लोग दो तरह के लोग रहते थे दो आदिवासी
- 0:53समुदाय रहते थे एक आदिवासी समुदाय था
- 0:56संथाल और दूसरे आदिवासी जो पहाड़ों में
- 0:59रहते थे उनको पहाड़ियों कहा जाता था तो दो
- 1:02हो गए पहाड़ियों लोग और संथाल समुदाय के
- 1:04लोग तो पहाड़ियों लोगों के जीवन का प्रतीक
- 1:07तथा कुदाल ये जो आदिवासी लोग होते हैं ये
- 1:10जंगलों में स्थानांतरित कृषि करते हैं
- 1:12जिसे जूम कृषि भी कहते हैं ठीक है जंगल को
- 1:15साफ करते थे जल के और फिर वहां पर कृषि
- 1:17करते थे दिक्कत यह थी की जब ये वहां पर
- 1:19कृषि करते थे तो औपनिवेशिक शासन जैसा की
- 1:22अंग्रेज भारत में शासन कर रहे थे उनको
- 1:24उससे कोई राजस्व की प्रताप नहीं हो रही थी
- 1:26समझ रहे हैं आप जंगल में जब कृषि होती थी
- 1:28तो वह आदिवासी लोग सरकार को किसी प्रकार
- 1:31का राजस्व नहीं देते थे तो सरकार चाहती थी
- 1:34की इन जंगली भूमि को साफ कर दिया जाए और
- 1:36कृषि क्षेत्र का विस्तार किया जाए ज्यादा
- 1:39कृषि होगी तो निश्चित है की सरकार की
- 1:41राजस्व ज्यादा प्राप्त होगा सरकार को और
- 1:43उनकी आई बढ़ेगी इसलिए अब देखिए आगे की
- 1:48राजमहल की पहाड़ियों जो झारखंड में है
- 1:49यहां पहाड़िया लोग रहते थे जो आदिवासी लोग
- 1:53पहाड़ों में रहते थे इसलिए उन्हें
- 1:54पहाड़िया लोग कहा जाता था यह यहां क्या
- 1:56करते थे झूठ कृषि करते थे स्थानांतरित
- 1:59कृषि भी जिसको हम का सकते हैं वह यहां पर
- 2:01करते थे अब आगे क्या है की अंग्रेजन के
- 2:05द्वारा कृषि भूमि का विस्तार किया गया भाई
- 2:07अंग्रेज कृषि भूमि का विस्तार क्यों
- 2:09करेंगे क्योंकि जंगल से उन्हें किसी तरह
- 2:11की कोई इनकम नहीं हो रही थी अंग्रेजी
- 2:13सरकार को इसलिए वो चाहते थे की जंगली
- 2:15क्षेत्र को साफ करके वहां पर कृषि की जाए
- 2:18ताकि उनको राजस्व की प्रताप हो सके तो
- 2:21अंग्रेजी सरकार ने क्या शुरू कर दिया कृषि
- 2:24भूमि का विस्तार करने के लिए जंगलों की
- 2:26कटाई शुरू कर दी अब जंगलों की जब कटाई
- 2:28होगी तो जंगली क्षेत्र और चारागाह कम होते
- 2:31गए और जो आदिवासी लोग जंगल में रहते थे वह
- 2:35किसी बाहरी लोगों के हस्तक्षेप को उन्हें
- 2:38पसंद नहीं था की कोई बाहरी लोग उनके जीवन
- 2:40में हस्तक्षेप करें तो यह लोग नाराज हो गए
- 2:42और संघर्ष शुरू हो गया तो देखिए अगली लाइन
- 2:45क्या है जो-जो स्थाई कृषि का विस्तार होता
- 2:48गया जंगल में चरागाहों का क्षेत्र संकुचित
- 2:51होता गया और ये आदिवासी लोगों को पसंद
- 2:53नहीं था अब पहाड़ी लोगों और स्थाई
- 2:56खेतिहरों के बीच झगड़ा शुरू हो गया
- 2:58पहाड़ों में जो आदिवासी रहते थे उनका
- 3:00क्षेत्र कम होता जा रहा है कृषक लोग आगे
- 3:02बढ़ते जा रहे हैं तो पहाड़ी लोग उनका
- 3:05विरोध करते थे की हमारे क्षेत्र में क्यों
- 3:07ए रहे हैं उनके बीच झगड़ा शुरू हो गए और
- 3:09ये झगड़ा लंबे समय तक चला अंग्रेजी सरकार
- 3:12ने इस झगड़ा को कम करने की खूब कोशिश की
- 3:14उनको दबाने की कोशिश की बाद में समझौते का
- 3:17रास्ता अपनाया गया लेकिन वो भी लंबे समय
- 3:19तक नहीं चल पाया ठीक है तो हमने पढ़ा की
- 3:22जो वहां पर पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले
- 3:24पहाड़ियों लोगों की क्या समस्या थी
- 3:27औपनिवेशिक शासन ने उनको किस प्रकार
- 3:29प्रभावित किया ठीक है ऐसे ही हम आगे
- 3:31देखेंगे की जो संथाल लोग होते थे इस
- 3:34क्षेत्र में जो नए लोग आकर बेस थे आदिवासी
- 3:36संथाल उनको औपनिवेशिक शासन से क्या
- 3:39परेशानी थी किस प्रकार उन्होंने प्रभावित
- 3:41किया औपनिवेशिक शासन ने तो देखिए संथाल
- 3:44संथाल विद्रोह करेंगे उनके खिलाफ जो
- 3:48नीतियां अपनाएंगे औपनिवेशिक शासन तो एक
- 3:50संथाल लोग विद्रोह करेंगे जिसे बहुत
- 3:52प्रसिद्ध है ये आपको जरूर याद रखना चाहिए
- 3:54की संथाल विद्रोह कब हुआ था तो संथाल
- 3:57विद्रोह कब हुआ था 1855 में इस तरह रख
- 4:00सकते हैं की 1857 में जो क्रांति हुई उससे
- 4:03जस्ट पहले कौन सा विद्रोह हुआ था एक बड़ा
- 4:05विद्रोह उसका नाम है संथाल विद्रोह तो
- 4:08देखिए संथाल लोक 1780 के आसपास बंगाल में
- 4:11आने लगे थे यह बंगाल के बाहरी क्षेत्र असम
- 4:14की तरफ रहते थे और बंगाल की तरफ बढ़ चले ए
- 4:16रहे थे बंगाल में पहुंचने ग गए थे और ये
- 4:19जनजाति मुख्यतः कृषक थी इससे पहले जो हम
- 4:22पहाड़ियों लोगों के बड़े में जान रहे थे
- 4:24वो कृषि के अलावा शिकार भी करती थी जंगल
- 4:27से और चीज प्राप्त करती थी उनसे अपना जीवन
- 4:29यापन करते थे लेकिन यह लोग शिकारी कम थे
- 4:32मुख्य रूप से क्या थे और ये लोग क्या करते
- 4:35थे यह लोग जंगली भूमि को साफ करते थे बहुत
- 4:38बड़े क्षेत्र में और खेती करते थे
- 4:40अब समझिए यहां पर जमीदार और अंग्रेजन को
- 4:44यही तो चाहिए की यहां पर जो जंगली भूमि है
- 4:47उसको साफ कर दिया जाए और वहां पर खेती की
- 4:50जाए और खेती करने के लिए उन्होंने फिर
- 4:53किनको आमंत्रित कर दिया संथाल लोगों को की
- 4:55आई जंगलों को साफ कीजिए और यहां पर खेती
- 4:58कीजिए बाद में फिर इसे भू राजस्व भी लेंगे
- 5:01और यही से फिर विवाद शुरू होगा तो देखिए
- 5:04जमींदार लोगों ने नई कृषि भूमि तैयार करने
- 5:07समझना जमीदार लोगों ने नई कृषि भूमि तैयार
- 5:10करने और कृषि क्षेत्र का विस्तार करने के
- 5:13लिए इन्हें आमंत्रित किया किन्हीं
- 5:15आमंत्रित किया संथलों को की आओ जंगल को
- 5:18हमारे क्षेत्र में जो जंगल है यहां से
- 5:20हमें कोई इनकम नहीं प्राप्त हो ही
- 5:21राजस्विनी प्राप्त हो रहा आप आई जंगली
- 5:24क्षेत्र को साफ कर दीजिए और यहां पर कृषि
- 5:26कीजिए बाद में हम तुमसे राजस्व वे वसूल
- 5:29करेंगे बाद में करेंगे
- 5:31तो 1832 तक जमीन के एक काफी बड़े इलाके को
- 5:35क्या नाम दिया गया है दामिनी एक कहो के
- 5:38रूप में सीमांकित कर दिया ध्यान देना
- 5:42क्या है की जो औपनिवेशिक शासन था अंग्रेजी
- 5:46सरकार थी उन्होंने संथलों के रहने के लिए
- 5:49राज महल की पहाड़ियों के बीच में एक ऐसा
- 5:52क्षेत्र निश्चित कर दिया था सीमांकित कर
- 5:55दिया था जो जंगली क्षेत्र था की यह
- 5:57क्षेत्र संथाल लोगों का है इस जंगल को
- 6:00संथाल लोगों ने साफ किया और वहां पर कृषि
- 6:02शुरू की वो संथाल क्षेत्र किस नाम से जाना
- 6:04गया
- 6:10दामिनी ने कहो क्या है तो देखना यह
- 6:12भागलपुर से राजमहल तक का वन क्षेत्र था
- 6:16जिसको बाद में संथाल लोगों के लिए
- 6:18सीमांकित कर दिया और वहीं पर संथाल लोग
- 6:20फिर खेती करते थे तो ब्रिटिश सरकार द्वारा
- 6:23दामिनी एक कोन का निर्माण संथाल समुदाय को
- 6:26बचाने के लिए किया गया था भाई बसना
- 6:29चाहेंगे ना ताकि जंगल में एक कृषि करें और
- 6:31बाद में हमारी आई बढ़ राजस्व प्राप्त हो
- 6:33इसे तो राज्य सरकार ने बाद में इन पर फिर
- 6:37भारी कर लगाएं शुरू में तो संथलों का
- 6:39आमंत्रित किया की आई ये जंगली क्षेत्र है
- 6:41यहां से हमें कोई राजस्व प्राप्त नहीं हो
- 6:43रहा आप यहां पर खेती कर दीजिए और ये आप ही
- 6:46का क्षेत्र है नाम दे दिया दामिन एक कहो
- 6:48लेकिन बाद में जब वो खेती जमीन साफ कर ली
- 6:51खेती की उन्होंने तो भारी राजस्व लगा दिया
- 6:54संथाल लोगों के ऊपर अब संथाल लोग इतना
- 6:57राजस्व कहां से दें इतनी भी पैदा नहीं हो
- 6:59कर पाते थे बेचारे की पूरा राजस्व सरकार
- 7:02को चुका पे नहीं चुका पाते थे तो संथाल
- 7:05लोगों को किसकी जरूर होगी री की वह
- 7:08साहूकारों से
- 7:10जो अमीर किसान थे या साहूकार थे उनसे
- 7:13संथाल लोगों ने री लेना शुरू कर दिया और
- 7:16उसके बाद तो फिर वह री के दाल में ऐसे
- 7:19फैंस एक बार री लिया उसका उनसे बास नहीं
- 7:21दिया गया अगली बार फिर री ले आए और राजस्व
- 7:24चुटकी गए तो इस तरह वह रिंकी दाल में ऐसे
- 7:27फसेगी फिर वह फिल्म को पूरा चुका ही नहीं
- 7:30पे अब री को नहीं चुका पे तो जो साहूकार
- 7:33लोग थे उन्होंने संथलों की जमीन को हड़प
- 7:36लिया साहूकार लोग का रहे हैं की तुम री
- 7:39नहीं चुका का रहे हो तो तुम्हारी जमीन अब
- 7:41हमारी हुई उनकी जमीन को छन लिया जाता था
- 7:43तो साहूकार लोग क्या है बाहरी लोग हैं
- 7:46स्थानीय लोग उसे क्षेत्र के कौन थे संथाल
- 7:49लोग हैं इसलिए यहां भी ध्यान देना है की
- 7:51संथाल लोग जो बाहरी लोगों को क्या कहते थे
- 7:54दिकू ये ध्यान रखना है की संथाल लोग बाहरी
- 7:58लोगों को क्या कहते थे दिकू तो यहां
- 8:00संथलों को संथलों ने साहूकारों को दिकू
- 8:03कहा है अब इस सब के विरोध में लगन बहुत
- 8:07ज्यादा बढ़ता जा रहा है उनकी जमीन है
- 8:09साहूकारों के द्वारा हद जा रही है तो
- 8:11संथलों ने फिर मिलजुल कर विद्रोह कर दिया
- 8:13तो संथाल विद्रोह कब उगेगा फिर से देखना
- 8:1618556 में इस संथाल विद्रोह का नेता कौन
- 8:20था सिद्धू मांझी और ये मुख्यतः कृषक थे
- 8:24इसलिए इनकी शक्ति का प्रतीक इस विद्रोह का
- 8:26प्रतीक क्या था हाल तो ध्यान रखना छोटे
- 8:29प्रश्न यहां से बनते हैं की संथाल विद्रोह
- 8:31कब हुआ इसका नेता था सिद्धू मांझी बहुत
- 8:34इंपॉर्टेंट है इनकी शक्ति का प्रतीक क्या
- 8:36था हाल देखिए यहां आपको दिखता है बोर्ड पे
- 8:40की ये जो सिद्धू मांझी का एक फोटो है जो
- 8:43उसे समय इंग्लैंड के अखबारों में छाप था
- 8:45जो संथाल विद्रोह का नेतृत्व कर रहा था ये
- 8:48उनका फोटो है और यह संथाल विद्रोह की फोटो
- 8:51है जो उसे समय ब्रिटिश अखबारों में छुपी
- 8:53थी तीर और धनुष से लाड रहे हैं बाहरी
- 8:56लोगों के खिलाफ बाहरी लोगों को क्या कहते
- 8:58हैं दिकू तो इस तरह ये संथाल विद्रोह चला
- 9:02रहा और बाद में क्योंकि ये तीर धनुष से
- 9:04लड़ते थे और दूसरी तरफ से गोलियां चलती थी
- 9:06तो कहते हैं ना की तीर धनुष गोलियां का
- 9:09जवाब कितने समय तक दे पाते इसलिए बाद में
- 9:11धीरे-धीरे इस विद्रोह को ढाबा दिया गया
- 9:14अब है देहात में विद्रोह तो यह हमने राज
- 9:17महल की पहाड़ियों के बड़े में वहां पर
- 9:19रहने वाले आदिवासी लोग किस तरह औपनिवेशिक
- 9:21शासन का अर्थ उन्होंने लिया और किस तरह वो
- 9:24प्रभावित हुए वो समझा अब हम थोड़ा सा
- 9:26दक्षिण की तरफ बढ़ते हैं और दक्षिण में जो
- 9:29महाराष्ट्र का क्षेत्र है जी जहां आजकल
- 9:31पुणे है पहले जिसको पुणे कहते थे उसे
- 9:34क्षेत्र में जो देहाती लोग थे गांव में
- 9:36रहने वाले किसान थे वो औपनिवेशिक शासन से
- 9:39किस प्रकार प्रभावित हुए उसके बड़े में
- 9:40देखते हैं तो देखिए देहात में विद्रोह
- 9:43मुख्यतः ये कौन सा क्षेत्र था यह मुंबई
- 9:45दक्कन और पुणे के आसपास का पूरा क्षेत्र
- 9:48था जिसकी अब हम बात करने जा रहे हैं तो
- 9:50यहां विद्रोह कब हुआ किसने ने विद्रोह कब
- 9:53किया तो 12 मैं 1875 को किसने ने
- 9:56साहूकारों के विरुद्ध विद्रोह किया और यह
- 9:58विद्रोह पुणे के गांव सपा से प्रारंभ हुआ
- 10:02था यह विद्रोह कब हुआ 1875 में अब बात है
- 10:06की क्यों किसने ने विद्रोह किया तो
- 10:09साहूकारों के विरुद्ध क्यों किया तो इसको
- 10:11अब हम समझेंगे की इन्होंने यहां देहाती
- 10:13लोगों ने विद रो क्यों किया औपनिवेशिक
- 10:15शासन से किस प्रकार को प्रभावित थे तो आई
- 10:18देखते हैं पहले थोड़ा सा समझते हैं की
- 10:20जैसे हमने पिछली कक्षा में देखा था की
- 10:23बंगाल में स्तंभरी व्यवस्था लोड कर वाले
- 10:26इसके द्वारा लागू की गई थी जिसमें होता
- 10:28क्या था जिसमें एक तो होता था कृषक
- 10:33है और कृषक इसको लगन देता था
- 10:36कंपनी को या का दें सरकार को और सरकार उसे
- 10:40समय अंग्रेजन की थी तो उनको लगन देता था
- 10:44हमने याद करना जमींदारी व्यवस्था प्यार है
- 10:46एक बार वापस जो हमने पिछली कक्षा में
- 10:48बंगाल की व्यवस्था के बड़े में समझा था
- 10:50नहीं भूरा जैसलमेर था जो वहां पे लागू की
- 10:52गई थी जिसे स्तंभरी व्यवस्था जमींदारी
- 10:55व्यवस्था या स्थाई बंदोबस्त भी कहा गया था
- 10:57तो देखिए एक मस्त वर्ग वहां पे तैयार किया
- 11:01था अंग्रेजन ने जिसको जमीदार कहा था अपन
- 11:04ने तो जमीदार किसने से लगन लेकर कंपनी को
- 11:07पहुंचना था यह हमने पिछली कक्षा में देखा
- 11:09अबकी बार कंपनी ने यह निश्चित किया की हम
- 11:12किसी मध्यस्थ को नहीं रखेंगे सीधे किसने
- 11:15से कंपनी लगान वसूल करेगी और किसने को
- 11:18क्या नाम दिया गया था रैयत रैयत भी कहा
- 11:21जाता था किसने को इसलिए यह जो नई व्यवस्था
- 11:24दक्कन में लागू की गई इसको कहा गया था
- 11:26रैयतवाड़ी बंदोबस्त समझ रहे हो सीधा किसान
- 11:30से रैयत से समझौता किया गया मध्यस्थ वर्ग
- 11:33अब नहीं था जमीदार यहां पे इसलिए इस
- 11:35व्यवस्था को इस नई भू राजस्व व्यवस्था को
- 11:37नाम क्या दिया गया रैयतवाड़ी बंदोबस्त ठीक
- 11:40है तो समझते हैं इसके बड़े में देखिए एक
- 11:43नई भी सबसे व्यस्त हमने देखा की दक्कन के
- 11:46किसने ने देहाती किसने ने विद्रोह किया
- 11:48साहूकारों के खिलाफ और यह पुणे के एक सपा
- 11:51गांव से शुरू हुआ था विद्रोह क्यों किया
- 11:53क्योंकि एक नई भू राजस्व व्यवस्था थी जींस
- 11:56उनको नुकसान हुआ उसको लेकर ये विद्रोह हुए
- 11:58थे तो देखिए नई भू राजस्व व्यवस्था कौन सी
- 12:01थी रैयतवाड़ी बंदोबस्त कहां बंबई और दक्कन
- 12:05के क्षेत्र में लागू की गई थी मुख्यतः
- 12:07मद्रास आजकल जैसे हम चेन्नई कहते हैं पहले
- 12:10मद्रास नाम था मुंबई और कुछ असम के
- 12:13क्षेत्र में भी ये व्यवस्था लागू की गई थी
- 12:16इसमें होता क्या था तो देखना हम तुलना
- 12:19करेंगे जो पिछली कक्षा में जमींदारी
- 12:21व्यवस्था पड़ी उससे तो जमींदारी व्यवस्था
- 12:23को आपने स्थाई बंदोबस्त भी कहा था क्योंकि
- 12:26वहां पर किसी एक क्षेत्र से लगन वसूल करने
- 12:28की जिम्मेदारी एक जमीदार को दी गई थी और
- 12:31कंपनी ने ते कर दिया था लगन स्थाई कर दिया
- 12:34था की हमें तो इस क्षेत्र से इतना लगन
- 12:37जमींदार देगा किसने से वसूल करें काल पड़े
- 12:40कुछ भी हो हमें चाहिए तो कंपनी की आई
- 12:43निश्चित हो गई थी उससे कंपनी को नुकसान भी
- 12:46हुआ था कुछ कुछ फायदे हुए थे की स्थाई हो
- 12:48गई लेकिन नुकसान क्या हुआ तो पिछली कक्षा
- 12:51के लास्ट में जो हमने देखा था की जमींदारी
- 12:54व्यवस्था में 18वीं शताब्दी के प्रारंभ तक
- 12:57जो जमीदार अपनी जमींदारी बचाएं रख पे उनको
- 13:00फिर आगे दिक्कत नहीं आई थी यही पे हमने
- 13:02कक्षा का एंड किया था पिछली का तो याद
- 13:05करते हैं उसको की 18वीं शताब्दी के
- 13:07प्रारंभ में कृषि उपजा का मूल्य बाजार में
- 13:10बाढ़ गया था कृषि उत्पाद जो खेत में पैदा
- 13:13किया वो बाजार में अच्छी कीमत में बिकते
- 13:15थे तो किसान की आई बाढ़ गई किसान की आई
- 13:18बड़ी तो जमीदार की भी आए बाढ़ गई लेकिन
- 13:20कंपनी की आई नहीं बधाई क्यों नहीं बधाई
- 13:22क्योंकि कंपनी ने तो पहले ही स्थाई कर
- 13:24दिया था की हमें इस क्षेत्र से इतना लगन
- 13:27चाहिए तो उसकी आई में प्रभाव नहीं पड़ा अब
- 13:29कंपनी चाहती है की हम स्थाई नहीं करेंगे
- 13:31तो क्या करेंगे वो कहते हैं हर 30 वर्ष
- 13:35बाद जमीनों का फिर से सर्वेक्षण किया
- 13:37जाएगा और राजस्व की डर इस अनुसार या
- 13:39तानुसार बड़ा दी जाएगी ठीक है तो ये
- 13:43रैयतवाड़ी बांधों था की 30 साल बाद अगर
- 13:45किसान की इनकम बढ़नी है कृषि उपजा का
- 13:48मूल्य बाजार में बढ़ता है तो कंपनी की भी
- 13:50बढ़नी चाहिए इसलिए 30 साल बाद फिर बड़ा
- 13:52देंगे तो समझना एक चीज रैयतवाड़ी बंदोबस्त
- 13:55एक बार यह अगली लाइन देखते हैं की 1820
- 13:58में यह लागू किया गया था रैयतवाड़ी
- 14:00बंदोबस्त ये मद्रास में सबसे पहले लागू
- 14:03किया गया मद्रास प्रांत होता था आज
- 14:05तमिलनाडु प्रांत और चेन्नई जो शहर है इस
- 14:07को मद्रास कहते थे किसके द्वारा लागू किया
- 14:10गया था थॉमस मुनरो के द्वारा यह लागू किया
- 14:13गया था तो 1820 में जब लागू किया गया तो
- 14:16किसने से उनकी कल उपज का लगभग 50% भाग लगन
- 14:22के रूप में वसूल किया जाता था लगन की दरें
- 14:24बहुत ऊंची राखी कंपनी ने यहां पे किसान ने
- 14:28सोचो कितना अन्य हो रहा है किसान के साथ
- 14:30की जितना भी उसके खेत में पैदा हुआ उसका
- 14:3350% भाग तो लगन के रूप में कंपनी को दे
- 14:36देगा बाकी 50% में वो अपना परिवार चलाएगा
- 14:39अपने बच्चों को पढ़ेगा बछिया की शादी
- 14:42करेगा तो बहुत शो हो रहा था और यह भी का
- 14:46दिया की 30 साल बाद फिर से सर्वेक्षण
- 14:48करेंगे और इस लगन को फिर से बड़ा दिया
- 14:51जाएगा तो ये भी ते किया इसी में आगे देखें
- 14:54की राजस्व की राशि सीधे रैयत के साथ ते की
- 14:58गई थी बिचौलिया क नहीं था सीधा किसान
- 15:00किसको देगा कंपनी को आगे है की काल के समय
- 15:05भी राजस्विक कठोरता से वसूल किया जाता था
- 15:07अगर काल पद गया खेत में किसान के कुछ भी
- 15:10पैदा नहीं हुआ तो भी कठोरता पूर्वक उससे
- 15:13लगन वसूल किया जाता था खेत है किसान का कल
- 15:16पड़ा हुआ है कुछ भी पैदा नहीं हुआ कंपनी
- 15:18के अधिकारी आते हैं की भाई पिछली बार
- 15:20जितना दिया था 50% उतना तो देना पड़ेगा
- 15:22हमें नहीं मतलब की कुछ पैदा हुआ की नहीं
- 15:25हुआ तो किसान अगर नहीं देता था तो उसकी
- 15:27जमीन उससे छन ली जाति थी
- 15:30और किसान अपनी जमीन को बचाने के लिए
- 15:33साहूकारों के पास जाता था और उनसे क्या
- 15:36लगा
- 15:37री प्राप्त करेगा वह री लेकर उसे लगन को
- 15:40चुकाएगा फिर उसे री को चुकाने के लिए अगली
- 15:44साल खेती करता था लेकिन फिर जब कुछ पैदा
- 15:47भी हुआ बारिश हुई काल नहीं पड़ा अगले साल
- 15:49पैदा हुआ लेकिन 50% तो कौन ले जाएगी कंपनी
- 15:5350% भी वो अपना घर चलाएं ये अपना री चुका
- 15:56है तो इस तरह फिर री और री का बास और फिर
- 16:00बास पे बास चक्रवर्ती बास बन के ऐसा री के
- 16:03दाल में उलझा किसान की उसका जीवन दूबर हो
- 16:06गया और परेशान होकर उसने क्या किया फिर
- 16:08विद्रोह कर दिया ठीक है तो देखते हैं आगे
- 16:11फिर कपास में तेजी आई एक नई बात ए रही है
- 16:15यहां पे की कपास कपास को हम समझते हैं
- 16:19हमारे खेतों में जो कपास पैदा होती है इस
- 16:23से कपड़ा बंता है
- 16:25है इस से वस्त्र तैयार होते हैं और यह
- 16:28वस्त्र उद्योग कहां थे ब्रिटेन में
- 16:31ब्रिटेन में जो वस्त्र उद्योग थे उनके लिए
- 16:34कब कच्चे माल के रूप में कपास की जरूर
- 16:36होती थी ताकि वस्त्र बन सके उनके उद्योग
- 16:39चल सके और यह कपास वह भारत से और अमेरिका
- 16:42से मंगवाता था तो देखिए 1860 से पहले
- 16:46ब्रिटेन में जो कपास पुरी जाति थी उसका
- 16:493/4 भाग अमेरिका से आता था ब्रिटेन में
- 16:53जितनी कपास है 3 / 4 मतलब 75% हिस्सा
- 16:56अमेरिका से ए जाता था ब्रिटेन में लेकिन
- 17:00दिक्कत क्या हुई की 1861 में अमेरिका में
- 17:03ग्रह युद्ध शुरू हो गया वहां पर लड़ाई
- 17:05शुरू हो गई अमेरिका में ग्रह युद्ध आपसी
- 17:07लड़ाई तो ग्रह युद्ध के दौरान वहां खेत
- 17:09उजाड़ गए कपास पैदा नहीं हुई अब कपास पैदा
- 17:12नहीं हुई तो ब्रिटेन के जो उद्योग हैं वो
- 17:15तो उजाड़ जाएंगे ना बर्बाद हो जाएंगे अगर
- 17:17उन्हें कपास नहीं मिली तो उद्योग बैंड हो
- 17:19जाएंगे कपड़ा नहीं बनेगा वहां पे कितने ही
- 17:22मजदूर जो ब्रिटेन में उद्योगी में कम कर
- 17:24रहे हैं वो बर बार हो जाएंगे और ब्रिटेन
- 17:27की साड़ी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी ऐसा
- 17:29तो ब्रिटेन होने नहीं देगा ब्रिटेन को
- 17:31क्या चाहिए कपास कहां से ए रही थी अमेरिका
- 17:35से अब वह क्या कहता है की अब ये कपास हमें
- 17:39कौन पूर्ति करेगा भारत भारत के किसने से
- 17:42कहा गया की आपका पास पैदा करो क्योंकि
- 17:45कपास की जरूर है ब्रिटेन को यही तो होता
- 17:48है की निर्बल राष्ट्र भारत है और उसके
- 17:50संसाधनों का अपने हिट में प्रयोग करता है
- 17:53शक्तिशाली राष्ट्र और इसी को क्या कहते
- 17:56हैं उपनिवेशवाद पहले कक्षा में हमने यह
- 17:59परिभाषा पड़ी थी तो देखिए ब्रिटेन है
- 18:01ब्रिटेन में किसकी फैक्ट्रियां हैं सूती
- 18:04वस्त्र की बहुत साड़ी फैक्ट्रियां हैं और
- 18:07ब्रिटेन में जो फैक्ट्रियां हैं मुख्यतः
- 18:09दो शहर में केंद्रित थी मैनचेस्टर और लंका
- 18:12शेयर ब्रिटेन के दो शहर है जहां पर बहुत
- 18:14ज्यादा सूती वस्त्र की फैक्ट्रियां थी इन
- 18:17फैक्ट्री को चलाएं रखना के लिए कच्चे माल
- 18:19के रूप में कपास की जरूर थी तो कच्छ माल
- 18:22क्या चाहिए यहां कपास कपास कहां से आता था
- 18:2575% भाग
- 18:27अमेरिका अमेरिका से नहीं आएगा ग्रह युद्ध
- 18:30शुरू हो गया तो फिर यह साड़ी आपूर्ति कौन
- 18:32करेगा भारत भारत के किसान के पास जो खेत
- 18:36थे उनसे कहा गया की आप इस खेत में क्या
- 18:39बोलोगे कपास पैदा करो क्योंकि ब्रिटेन को
- 18:42क्या चाहिए कपास किसान कहता है की नहीं हम
- 18:45का पास क्यों पैदा करें कपास थोड़ी खाएंगे
- 18:47हमें तो खानदान फासले पैदा करनी है हमें
- 18:50तो गेहूं बाजार जो मक्का इस तरह की फासले
- 18:53हैं ताकि साल भर हमारा पेट भर सके हमारे
- 18:55पशुओं के लिए चार मिल सके कपास नहीं पैदा
- 18:58करेंगे तो फिर अंग्रेज अब जबरदस्ती कपास
- 19:01कैसे पैदा करवाएंगे देखिए
- 19:041857 में ब्रिटेन में कपास आपूर्ति संघ की
- 19:07स्थापना हुई और 1859 में में चेस्टर कॉटन
- 19:10कंपनी बनाई गई ब्रिटेन में ये कुछ नई
- 19:14व्यवस्था की गई क्योंकि कपास की कमी पद
- 19:16रही है तो कहानी से भी आपूर्ति हो दो
- 19:18संगठन बनाए गए और इन दोनों संगठनों का
- 19:21उद्देश्य क्या था दुनिया के हर भाग से
- 19:23कपास हर भाग में कपास के उत्पादन को
- 19:26प्रोत्साहित करना और साथ ही जिससे उनकी
- 19:29वस्त्र उद्योगी का विकास हो सके आगे देखते
- 19:33हैं
- 19:33ब्रिटेन को किसकी आवश्यकता है कपास की
- 19:37ब्रिटेन को कपास की आवश्यकता है तो
- 19:40ब्रिटेन क्या रहेगा भारत में जो सौदागर
- 19:43हैं जो की किसने की फसलों को खरीदने हैं
- 19:45ठीक है उनसे क्या का रहे हैं की भाई हमें
- 19:48चाहिए कपास
- 19:49बदले में हम तुम्हें एडवांस भी देने को
- 19:52तैयार है बस हमारे लिए कपास कहानी से भी
- 19:54खरीद के लो तो ब्रिटेन से एडवांस आने ग
- 19:57गया किनके पास सौदागरों के पास और सौदागर
- 20:00फिर भारतीय किसने के पास जाते हैं और उनको
- 20:02कहते हैं की ये खाद्यान्न फासले मत उगाव
- 20:04कपास की कीमत अच्छी मिलेगी आपको बहुत
- 20:07महंगी जाएगी आपकी कपास तो वो पैदा करो
- 20:10किसान फिर भी माना करता है नहीं हम तो
- 20:12भूखे मा जाएंगे नहीं बोएंगे पास पैदा नहीं
- 20:15करेंगे तो का रहे हैं की नहीं एक-एक कर
- 20:18में अगर तुम कपास बोन पे तैयार हो जो
- 20:21तो हम तुम्हें एडवांस में अग्रिम में
- 20:24कितने दे देंगे ₹100 भारतीय किसने से बात
- 20:27कर रहे हैं सौदागर क्या का रहे हैं प्रति
- 20:29इक्कड़ के ₹100 अग्रिम राशि दे दी जाति थी
- 20:32किसने को यह लो ₹100 कपास भाव अब किसी
- 20:35सौदागर ने किसान को ₹100 दे दिए की कपास
- 20:40पैदा करो तो किसान पे तो कर्ज हो गया ना
- 20:42₹100 का किसान के खेत में जब कपास पैदा
- 20:45होगी तो उसे कपास को वापस बेचे भी इसी के
- 20:48पास जाएगा
- 20:50इसी के पास जाएगा और मां लो ऐसा हो जाए की
- 20:53वह इतनी कपास पैदा कर ली उसने की ₹100 की
- 20:57वो कपास बाईक गई तो कर्ज बराबर अगली साल
- 21:00फिर कपास बोनिया तो फिर एडवांस दो और
- 21:03कभी-कभी तो ऐसा भी होता था की यह उसे पैदा
- 21:06हुई कपास के ₹80 ही देता था साहूकार किसान
- 21:09को तो ₹100 पहले ले रखें थे किसान ने
- 21:12साहूकार से कपास बेचे गया हुआ ₹80 की ही
- 21:15लगे उसने ₹80 मिलेंगे इसके तो ₹20 कर्ज
- 21:18बाकी और र गया किसान को किस तरह शोषण होता
- 21:21था समझ रहे हैं हम उपनिवेशी शासन के
- 21:23विरुद्ध देहाती लोगों ने क्यों विद्रोह
- 21:24किया समझना इस चीज को आगे देखते हैं की
- 21:27फिर आगे हुआ क्या की 1862 में ब्रिटेन में
- 21:31जितने भी कपास की आपूर्ति होती थी उसका
- 21:3490% कहां से होने ग गया भारत से
- 21:38खूब कपास पैदा की ढक्कन में क्योंकि ढक्कन
- 21:42में काली मिट्टी होती है काली चिकनी
- 21:44मिट्टी जो कपास के लिए सबसे उपजाऊ होती है
- 21:46वहां ज्यादा कपास होती है खूब कपास पैदा
- 21:48की भारतीय होने और 90% कपास भारत से
- 21:53ब्रिटेन में अब प्रश्न यह है की कपास
- 21:57उत्पादकों को क्या मिला इससे अब आपने सोच
- 22:00रहे होंगे की किसान तो अमीर हो गए होंगे
- 22:02लेकिन उसे उनको क्या मिला कपास उत्पादकों
- 22:05को इससे क्या मिला देखिए आगे फिर बात करें
- 22:09की हुआ क्या की 1865 में अमेरिका का ग्रह
- 22:13युद्ध बैंड हो गया खूब पैदा कर रहे हैं
- 22:15भारत में किसान कपास
- 22:171865 में घटना हुई की ग्रह युद्ध समाप्त
- 22:20हो गया अब वहां शांति हो गई अमेरिका में
- 22:22निश्चित है अमेरिका में फिर से कपास पैदा
- 22:24होगी तो हुआ क्या अमेरिका में कपास का
- 22:27उत्पादन फिर से चालू हो गया
- 22:29और भारत से जो कपास का निर्यात किया जाता
- 22:32था उसमें गिरावट आई चली गई अब किसने ने
- 22:35खूब साड़ी कपास पैदा कर राखी है लेकिन अब
- 22:37उतनी कीमत नहीं मिलेगी जितनी कुछ साल पहले
- 22:41मिल रही थी क्योंकि अब कपास अमेरिका से भी
- 22:43ए रही है भारत से भी ए रही है कोई चीज
- 22:45ज्यादा ए जाति है तो निश्चित है उसकी कीमत
- 22:47गिर जाति है तो क्या हुआ व्यापारी और
- 22:50साहूकार व्यापारी और साहूकार ने कपास
- 22:54उत्पादकों को री देने से माना कर दिया जो
- 22:57अग्रिम ₹100 दिए जा रहे थे अब वो अग्रिम
- 23:00₹100 हमने नहीं देंगे साहूकार का रहे हैं
- 23:02किसने को क्यों नहीं देंगे अब कोई कपास की
- 23:04कीमत तो रही नहीं हम तुम्हें ₹100 देंगे
- 23:07तुम कपास पैदा करोगे तो हमारी कपास इतने
- 23:09में बिकेगी नहीं तो तुम हमारा री चुका
- 23:11नहीं पाओगे तो माना कर दिया यही टॉपिक था
- 23:14समझना की किसने को जहां से री मिल रहा था
- 23:17वो री का स्रोत ही सुख गया अब साहूकार
- 23:20नहीं दे रहे तो किसान तो बेचारा फिर से
- 23:23वैसा का वैसा हो गया आगे देखते हैं और साथ
- 23:26ही सरकार के द्वारा लगन भी बड़ा दिया गया
- 23:28वापस ओपन करो की 1820 में रैयतवाड़ी
- 23:32व्यवस्था लागू की गई कहा था की 30 वर्ष
- 23:35बाद फिर से सर्वेक्षण करेंगे लगन बढ़ाएंगे
- 23:37तो एक तो कपास की कीमत पुरी नहीं मिल रही
- 23:40ठीक है और साथ में लगन और बड़ा दिया तो
- 23:43किसान तो विसरा फसता ही चला गया और ऐसी
- 23:45स्थिति में वो विद्रोह तो करेगा ही करेगा
- 23:48किसान ठीक है अब वहां पर बहुत ज्यादा
- 23:50विद्रोह हुए
- 23:52किसने ने जब किसान साहूकार के पास जाते थे
- 23:55की भाई री दो उन्होंने पहले री दिए थे अब
- 23:57री देने से माना कर दिया जब किसने को जरूर
- 23:59थी की अब कोई री हम आपको नहीं दे सकते तो
- 24:02इस तरह जब किसान को री नहीं मिल रहे थे तो
- 24:05किसान को लगा की मेरे साथ अन्य हो रहा है
- 24:07और साथ में साहूकार ने जो पहले किसने को
- 24:09री दे रखें थे उसे पे बास पे बास लगा के
- 24:11बहुत ज्यादा वो रेन उनका बाढ़ चुका था तो
- 24:14किसने का नाराज होना वाजिद था और उन्होंने
- 24:17साहूकारों ने जहां वो लिख रखें थे उनके
- 24:20हिसाब किताब कितना बास तुम पे इतना री है
- 24:22वो उनके फाड़ दिए पेज वगैरा उनकी भैया जल
- 24:25दी गई और यही क्या था दक्कन का किसान
- 24:28विद्रोह तो देखिए आगे की अन्य का अनुभव हो
- 24:32रहा है किसने को होता क्या था की कुछ नियम
- 24:35होते थे कर्ज लेने और देने के नियम क्या
- 24:39होते थे मां लो किसी ने ₹100 का री लिया
- 24:42है
- 24:43अब उसे पर बास लगाएगी तो देखो लिया कितने
- 24:46का है ₹100 का तो मूलधन कितना हो गया ₹100
- 24:50अब इस पे बास लगेगा मां लो 1 वर्ष में ₹20
- 24:53बास हुआ तो कितना देना है अब किसान को एक
- 24:57वर्ष बाद 120 और इस तरह वो बास बढ़ता जाता
- 25:00था लेकिन एक नियम ये था ये नियम चला था
- 25:04सरकार ने भी ये नियम बनाया हुआ था की मूल
- 25:08धन से ज्यादा बास नहीं हो सकता मतलब जितना
- 25:11₹100 मूलधन है इससे ज्यादा बास ऐसा नहीं
- 25:14की 200 वसूल कर लो 100 मूलधन 100 बास ऐसे
- 25:17नहीं होगा मूलधन से ज्यादा बास वसूल नहीं
- 25:19कर सकते लेकिन इसके लिए भी साहूकारों ने
- 25:22नए हथकंडे निकले की अब जब अगले साल अगले
- 25:26साल जब किसान को बुलट था वो और लेख बादल
- 25:30दिया जाता था वही के दूसरे पैन में उससे
- 25:32लिखवा लिया जाता था की मैंने तुमको कितने
- 25:35दिए 120 दिए कितने थे पिछले साल 100 ₹20
- 25:40बास लगाकर यह लिख दिया की 20 बास नहीं है
- 25:43120 अब क्या है मूलधन और इस तरह से किसने
- 25:46का बहुत ज्यादा शोषण हुआ कई उदाहरण तो ऐसे
- 25:49मिले जहां पर हजार रुपए री दिया गया और
- 25:53उसका बास ही 2000 हो गया ऐसे भी उदाहरण
- 25:55हमें मिले हैं अब ऐसी स्थिति में किसान
- 25:58क्या करता था री नहीं चुका पता था तो री
- 26:01नहीं चुका पता था किसान की जो जमीन है
- 26:03उनके बेल है इन सब को वो साहूकार को दे
- 26:06देता था साहूकार के पास जाएगा की भाई मेरे
- 26:08पास नहीं है इतने पैसे एक कम करो
- 26:11साहूकार रहेगा तो एक कम करो अगर आपके पास
- 26:14पैसे नहीं है तो आपके बैलगाड़ी वगैरा है
- 26:16यह मेरी हुई साहूकार ताकतवर होते थे उनके
- 26:19पास लेथ तोता थे बहुत सारे लोग होते थे
- 26:21किसान को पीटते थे और उनकी छन लेते थे
- 26:23बैलगाड़ी वगैरा अब बैलगाड़ी उसकी छन ले
- 26:26फिर किसान आता था की मुझे बैलगाड़ी दे दो
- 26:29तो साहूकार कहता था बैलगाड़ी तो मेरी हो
- 26:32गई अगर तुम्हें खेती करनी है बैलगाड़ी
- 26:34चाहिए तो इसके लिए तुम्हें मुझे भाड़ा
- 26:36देना होगा देखिए वही एक वही एक उदाहरण
- 26:40यहां पर है उसे समय एक जब बहुत ज्यादा
- 26:43विद्रोह हुए तो एक दक्कन जांच आयोग गठित
- 26:47किया गया था दक्कन दंगा जांच आयोग गठित
- 26:50किया गया था सरकार के द्वारा की दक्कन में
- 26:52तो देंगे हो रहे हैं उनकी जांच करो तो
- 26:54उसका क्या नाम दिया दक्कन दंगा जांच आयोग
- 26:57अब वो किसने के पास जाता था साहूकारों के
- 27:00पास जाते थे वह लोग जांच करने तो उन्हें
- 27:02ऐसे कुछ उदाहरण मिले उदाहरण देखते हैं
- 27:04पहले जब किसान पर री का भर बहुत ज्यादा
- 27:08बाढ़ गया
- 27:09वह री डाटा का री चुकाने में समर्थ हो गया
- 27:12अब री डाटा के पास अपना सर्वस्व जमीन
- 27:16गाड़ियां पशुधन आदि देने के अलावा कोई चार
- 27:20नहीं था लेकिन पशुओं के बिना फिर वह खेती
- 27:23कैसे करें अगर ये उसको दे दे तो फिर खेती
- 27:25कैसे करें इसलिए उसने जमीन और पशुधन भाड़े
- 27:29पर ले लिए पहले साहूकार को बीच दिए और फिर
- 27:31उससे भाड़े पर ले लिए अब उसे उन पशुओं के
- 27:34लिए जो मूल रूप से इस के थे इस के लिए अब
- 27:38क्या चुकाना पद रहा है भाड़ा उसने एक
- 27:41भाड़ा पत्र भी लिखा लिखवा लेते थे साहूकार
- 27:44किसान अनपढ़ होता था कुछ कहानी भी साइन
- 27:46करवा सकते थे उनसे
- 27:47भाड़ा पत्र या इसे क्या कहेंगे किरायानामा
- 27:50और वही ये भाड़ा पत्र है एक लिखवाना पड़ा
- 27:53जिसमें यह साफ तोर पर कहा गया था की पशु
- 27:56और गाड़ियां उसकी अपनी नहीं है और विवाद
- 27:59चिढ़ाने पर यह जो दस्तावेज होते थे जो
- 28:02लिखवाते थे न्यायालय में मान्य होते थे और
- 28:04न्यायालय में जो मुकदमा जाता था तो जीत
- 28:07किसकी हो जाति थी साहूकार की तो देखिए
- 28:09नीचे एक ऐसे ही दस्तावेज का नमूना दिया
- 28:12गया है जो नवंबर 1873 में एक किसान ने
- 28:15हस्ताक्ष्रित किया था और यह देखना यह दक-
- 28:19दतन दंगा जांच आयोग के अभिलेख से उद्धत है
- 28:23उनसे निकाला है देखो क्या लिखना है किसान
- 28:26लिखना साहूकार है नीचे किसान साइन कर देगा
- 28:29देखो मैंने आपको डर रिंकी खाता में आपको
- 28:32अपनी लोहे के धुरों वाली दो गाड़ियां साथ
- 28:36समाज कर बैलों के साथ बीच दी है मैंने इस
- 28:41दस्तावेज के तहत उन्हें दो गाड़ियों और कर
- 28:44बैलों को आपसे भाड़े पर ले लिया है मैं इस
- 28:48मा आपको मैं प्रतिमा हर मा आपको कर रुपए
- 28:53बड़ा दूंगा
- 28:54ठीक है भाड़ा चुकाऊंगा और आपसे आपकी अपनी
- 28:59लिखावट में रसीद भी प्राप्त करूंगा हर
- 29:02महीने ₹4 भाड़ा देगा किसान अब वह जो ले ली
- 29:05है उससे इस की चीज साहूकार ने छीनी वापस
- 29:08उसको दी अब कर रुपए भाड़ा ठीक है फिर आगे
- 29:11क्या का रहा है की हर महीने जब मैं 4 रुपए
- 29:13भाड़ा दूंगा तो आपसे रसीद भी प्राप्त
- 29:15करूंगा अगर रसीद प्राप्त नहीं हुई मेरे
- 29:18पास रसीद नहीं है इसका मतलब मैंने भाड़ा
- 29:20नहीं दिया लास्ट में यही लिखा है क्या
- 29:23लिखा है राशिद ने पलने पर यह दलील नहीं
- 29:26दूंगा की किराया नहीं चुकाया गया ठीक है
- 29:29नहीं चुकाया गया अगर रसीद नहीं मिलती है
- 29:31रसीद देते नहीं थे किसान अनपढ़ होता था
- 29:34साहूकार उनको रसाइड नहीं देते थे ऐसा ही
- 29:37एक और उदाहरण देखते हैं हम दक्कन गंगा
- 29:39जांच आयोग ने जब जांच की तो उसके सामने
- 29:41आया ऐसा ही एक और उदाहरण है
- 29:44कर्ज कैसे बढ़ते जाते थे किसने के देखते
- 29:47हैं दक्कन गंगा जांच आयोग को दी गई अपने
- 29:52याचिका में एक रैयत नहीं है स्पष्ट किया
- 29:54की रनों की प्रणाली कैसे कम करती थी किसान
- 29:57ने बताया है
- 30:00एक साहूकार अपने कर्जदार को एक बैंड पत्र
- 30:05के आधार पर कितने रुपए देता है ₹100 लिखवा
- 30:08लेट है की मैं आपको कितने रुपए दे रहा हूं
- 30:10क्या होता है उसमें
- 30:142 3 आने
- 30:16प्रतिशत की मासिक डर से उधर देता है मतलब
- 30:19यह बास रहेगा दो-तीन आने प्रतिमा कर्ज
- 30:24लेने वाला इस रकम को बंद पास होने की
- 30:27तारीख से 8 दिन के भीतर वापस दूंगा लेने
- 30:30वाला किसान का रहा की 8 दिन के भीतर में
- 30:32यह रकम लोटा दूंगा बास सहित नई लोटा हो तो
- 30:34नहीं लौटाया गया तो क्या होगा देखते हैं
- 30:37अगर नहीं लोटा पता है तो क्या होगा देखिए
- 30:40रकम वापस अदा एन करने के लिए निर्धारित
- 30:43समय के 3 साल के बाद साहूकार अपने कर्जदार
- 30:47से मूलधन तथा बास दोनों को मिलकर एक मिलकर
- 30:51बनी राशि मिश्रधन के लिए एक अन्य बंद भरवा
- 30:55लेट है समझ रहे हो ना कितने रुपए दिए ₹100
- 30:58दिए मूलधन ₹100
- 31:00लोटा दूंगा 8 दिन में नहीं लोटा पाया 3
- 31:03साल तक मान्य होता था एक बंद तो 3 साल बाद
- 31:06एक नया बंद भरवाता था जिसमें इसका बास और
- 31:10मूलधन सब मिलकर क्या हो जाता था मिश्रधन
- 31:12और ये भर हुआ था की इतना पैसा मैंने दिया
- 31:15शुरू हो जाता था पुरी रकम को इसे कहते हैं
- 31:17चक्रवर्ती बास
- 31:20कर्ज चुकाने के लिए 125 दिन की मोहलत देता
- 31:23है 3 साल और 15 दिन बीट जान पर कर्जदार
- 31:27द्वारा एक तीसरा बंद फिर भरवारा जाता है
- 31:30यह भीम बार-बार दोहरे जाति है और आखिर में
- 31:33देखो हुआ क्या ₹100 के कितने हो गए 12
- 31:36वर्ष के बाद ₹1000 की राशि
- 31:39हजार रुपए की राशि पर
- 31:432018 रुपए 10 आना और तीन पैसे तो क्या हो
- 31:48गया है बास तो यह क्या है अन्य का अनुभव
- 31:51जो किसान ने महसूस किया ठीक है उम्मीद है
- 31:55आपको समझ में आई होगी साड़ी बात हमने पड़ी
- 31:58जमींदारी व्यवस्था और दक्कन में कौन सी
- 32:00लागू की गई रैयतवाड़ी व्यवस्था ठीक है
- 32:02अगली कक्षा में हम फिर से मुलाकात करेंगे
- 32:04एक नए टॉपिक के साथ धन्यवाद
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This page contains the full transcript of NCERT | CBSE | RBSE | Class - 12 | इतिहास। आधुनिक भारत का इतिहास। भाग- 2 by Ekaksha, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 5,725 words across 693 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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