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My Begger Husband Series | episode 81 to 100 |orginal video|trending series | Sk hindi novel — Transcript

by SK Hindi Novel · 43,591 words · 5,473 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:04तो हेलो दोस्तों, कैसे हैं आप लोग? मुझे
  2. 0:06आशा है कि आप लोग ठीक ही होंगे और मजे से
  3. 0:08इस चैनल पर जो भी सीरीज आ रही है उसको सुन
  4. 0:10रहे होंगे। तो आपके बहुत ही मांग के बाद
  5. 0:13आया है वेगर हस्बैंड का नया वीडियो जिसमें
  6. 0:16एपिसोड 81 से 100 तक है। तो जल्दी से
  7. 0:20जल्दी इस वीडियो को देखो और बताओ कि कोई
  8. 0:21मिस्टेक तो नहीं हुई है और ऐसी ही स्टोरीज
  9. 0:25को देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब
  10. 0:28करें। वीडियो को लाइक करें, कमेंट करें और
  11. 0:31दोस्तों [गला साफ़ करने की आवाज़] के साथ
  12. 0:32शेयर करना ना भी ना भूलें। तो करते हैं
  13. 0:34लेट्स स्टार्ट दिस वीडियो वेदर हस्बैंड।
  14. 0:37शौर्य के प्लेन क्रैश के बाद उसके साथ
  15. 0:40हादसों का शायद कोई गहरा रिश्ता बन गया
  16. 0:42था। भिखारी के रूप में शिप्रा से जबरदस्ती
  17. 0:45शादी किस्मत ने करवाई भी तो एक हादसे की
  18. 0:48तरह। उसके बाद भी जीवन में उसे सुकून नसीब
  19. 0:52नहीं हुआ। जहां भी वह जा रहा था, जो भी कर
  20. 0:55रहा था, मुसीबत नए-नए रूप बदलकर उसका
  21. 0:58वेलकम करने को तैयार बैठी रहती थी।
  22. 1:01कृष्णापुरम में भी मुसीबत ने अपना खेल
  23. 1:04शुरू कर दिया था। अभी कुछ पल पहले जहां
  24. 1:07हंसीज़ाक और लाइटों की चकाचौंध [संगीत] थी,
  25. 1:10वहां अब जिंदगी और मौत की जंग शुरू हो
  26. 1:12चुकी थी। शूटिंग के दौरान पानी की लहरें
  27. 1:15जो अभी तक शांत दिख रही थी, अब किसी भूखे
  28. 1:18साए की तरह नताशा कपूर को निगलने के लिए
  29. 1:21बेताब [संगीत] थी। किनारे पर खड़े सैकड़ों
  30. 1:25लोग तमाशबीन बने थे। सबकी सांसे थमी हुई
  31. 1:28थी। पर किसी में इतना साहस नहीं था कि मौत
  32. 1:31के उस फंते जबड़े में हाथ डाल सके। सिल्वर
  33. 1:35स्क्रीन की सबसे चमकता सितारा नताशा इन
  34. 1:38लहरों के आगोश से निकलने के लिए छटपटा रही
  35. 1:41थी। नदी के बीचोंबीच नताशा का हाथ एक
  36. 1:44आखिरी बार पानी से बाहर निकला और फिर
  37. 1:47अचानक नीचे की ओर खींचता चला गया। रत्नाकर
  38. 1:50शेट्टी की रूह कांप उठी। उसे समझ नहीं आ
  39. 1:53रहा था कि एक नेशनल लेवल की तैराक आखिर
  40. 1:56ऐसे कैसे डूब सकती है। उसके चेहरे पर
  41. 1:59हवाइयां [संगीत]
  42. 1:59उड़ रही थी। पर उसकी नजरें नताशा पर जमी
  43. 2:02थी। रत्नाकर शेट्टी [संगीत] हैरानी और
  44. 2:05घबराहट में चिल्लाते हुए बोला यह कैसे हो
  45. 2:08सकता है? वो तो अच्छी तैराक है। फिर वो
  46. 2:12पानी में कैसे डूब रही है? कोई उसे बचाओ
  47. 2:14जल्दी करो।
  48. 2:16सेट पर भगदड़ मच गई थी। पर शौर्य शौर्य का
  49. 2:20चेहरा पत्थर की तरह शांत था। उसकी पारखी
  50. 2:23नजरें देख पा रही थी कि पानी के नीचे कुछ
  51. 2:26ऐसा है जो कुदरती नहीं है। देखतेदेखते
  52. 2:30शौर्य अचानक गंभीर आवाज में बोला।
  53. 2:33उसके पैर में कोई रस्सी लिपट गई है जिसके
  54. 2:36कारण वो नीचे जा रही है। चिल्लाने से कुछ
  55. 2:39नहीं होगा। शेट्टी साहब आपने यहां सेफ्टी
  56. 2:42का कोई इंतजाम नहीं किया है क्या? लाइफ
  57. 2:44गार्ड्स कहां है? शौर्य का सवाल सुनते ही
  58. 2:47रत्नाकर के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे
  59. 2:50अपनी वो गलती याद आई जो उसने बजट बचाने के
  60. 2:53चक्कर में की थी। रत्नाकर शेट्टी डर में
  61. 2:57हकलाते हुए शौर्य से बोला, एक्चुअली नताशा
  62. 3:00एक अच्छी तैराक है इसलिए उसने इसके लिए
  63. 3:03मना कर दिया था। हमें लगा सब ठीक रहेगा।
  64. 3:06शौर्य समझ गया कि यहां बैठे-बैठे तर्क
  65. 3:09करना नताशा को मौत के मुंह में धकेलना
  66. 3:12होगा। उसे जल्दी ही कुछ करना होगा क्योंकि
  67. 3:14हर बीतता सेकंड नताशा से ऑक्सीजन छीन रहा
  68. 3:17था। किनारे पर खड़े लोग डर के मारे पत्थर
  69. 3:20हो गए थे। सबको यही लग रहा था कि अगर वह
  70. 3:24पानी में कूदे तो क्या पता नताशा उन्हें
  71. 3:26भी साथ ले डूबे। यह डर मौत से भी बड़ा था।
  72. 3:30लेकिन शौर्य को खतरों से खेलने की शायद
  73. 3:33आदत सी पड़ गई थी। लोगों को मौत का डर था।
  74. 3:36लेकिन शौर्य के दिमाग में नताशा की जिंदगी
  75. 3:39बचाने की फिक्र। वो कोई तरीका सोच ही रहा
  76. 3:42था कि तभी उसकी निगाह रत्नाकर शेट्टी के
  77. 3:45बगल में खड़े उस स्पॉटबॉय की तरफ गई। जो
  78. 3:47उसके लिए चाकू से सेब गाड़ रहा था। बिना
  79. 3:50एक शब्द बोले शौर्य ने झपट्टा मारकर उसके
  80. 3:54हाथ से वो धारदार चाकू छीन लिया और नदी
  81. 3:56में जंप लगा दिया। रत्नाकर शेट्टी यह
  82. 3:59देखकर चौंक गया कि शौर्य अचानक नदी में
  83. 4:02क्यों कूद गया। उसने देखा शौर्य तेजी से
  84. 4:05नताशा की तरफ बढ़ रहा था। राहुल भी हैरान
  85. 4:08होकर शौर्य को देख रहा था और अपने जीजू की
  86. 4:11हिम्मत का कायल हो गया था। शौर्य तेजी से
  87. 4:15नताशा के पास पहुंचा और एक गोता पानी के
  88. 4:18अंदर लगाया और सीधा नताशा के पैर के पास
  89. 4:20पहुंचा। उसने अपने हाथ के चाकू से नीचे की
  90. 4:23रस्सी को काटना शुरू किया। उसका हाथ इतनी
  91. 4:26तेजी से चल रहा था कि जल्दी ही वो रस्सी
  92. 4:29कट गई। रस्सी के कटते ही नताशा ऊपर आ गई।
  93. 4:33उसने बहुत सारा पानी पी लिया था जिसके
  94. 4:35कारण उसे तैरना मुश्किल हो रहा था। पर
  95. 4:38अच्छी बात यह थी कि वो अभी होश में थी।
  96. 4:41उसने बिना कुछ सोचे समझे शौर्य का हाथ
  97. 4:43पकड़ लिया। शौर्य धीरे-धीरे उसे किनारे की
  98. 4:46तरफ ले आया। वहां उपस्थित कुछ [संगीत]
  99. 4:49लोगों और नताशा की सेक्रेटरी लीना ने
  100. 4:51तुरंत नताशा को सहारा देकर रेस्टोरेंट तक
  101. 4:54पहुंचाया। अब तक रत्नाकर शेट्टी भी भागकर
  102. 4:57नताशा के पास पहुंच गया। उसकी आंखें
  103. 5:00इधर-उधर शौर्य की तलाश में घूम [संगीत]
  104. 5:02रही थी। तभी उसने भीड़ से अलग एक खंभे से
  105. 5:05टिके खड़े शौर्य को देखा। उसके कपड़े भी
  106. 5:08गीले हो चुके थे। रत्नाकर शेट्टी [संगीत]
  107. 5:11जल्दी से शौर्य के पास पहुंचा और उसका
  108. 5:13धन्यवाद करते हुए बोला, "आपका बहुत-बहुत
  109. 5:16धन्यवाद श्रवण जी। आपने अपनी हिम्मत से एक
  110. 5:20बहुत बड़ी दुर्घटना को होने से टाल दिया।
  111. 5:23नहीं तो पता नहीं आज क्या हो जाता।"
  112. 5:26रत्नाकर शेट्टी की बात [संगीत] सुनकर
  113. 5:28शौर्य ने कोई खास रिएक्ट नहीं किया। बस
  114. 5:31अपनी स्थिति को देखते हुए बोला, वो सब तो
  115. 5:34ठीक है। पर मैं अब क्या करूं? मेरे कपड़े
  116. 5:37तो गीले हो गए। शौर्य का सवाल सुनकर
  117. 5:40रत्नाकर शेट्टी हंसते हुए बोला, "अरे आप
  118. 5:44कपड़ों की चिंता क्यों करते हैं? मैं अभी
  119. 5:46आपके लिए नए कपड़े अरेंज करवाता हूं। इतना
  120. 5:49कहकर उसने अपने पास खड़े असिस्टेंट से
  121. 5:51कहा, जाओ। निखिल आडवाणी के लिए जो कपड़े
  122. 5:54लाए थे, उन्हें जल्दी से ले आओ। रत्नाकर
  123. 5:57शेट्टी की बात सुनकर उसका असिस्टेंट तेजी
  124. 6:00से वहां से चला गया। उसके जाने के बाद
  125. 6:02शौर्य ने पूछा, "यह निखिल आडवाणी कौन है?"
  126. 6:07शौर्य की बात सुनकर रत्नाकर शेट्टी बोला
  127. 6:10निखिल आडवाणी हमारे इस ऐड शूट का मेन लीड
  128. 6:13एक्टर है। वही जो नताशा को डूबते छोड़कर
  129. 6:17खुद बचकर अलग हो गया था। शौर्य ने उस पल
  130. 6:20की याद दिलाई तो रत्नाकर शेट्टी थोड़ा
  131. 6:22शर्मिंदा होते हुए बोला हां वही। तभी
  132. 6:26शौर्य मुस्कुराते हुए बोला यही फर्क होता
  133. 6:29है रील और रियल में। [संगीत] स्क्रीन पर
  134. 6:32बड़े-बड़े कारनामे करते नजर आते हैं। पर
  135. 6:34जब असलियत में मुसीबत आती है तो सबसे पहले
  136. 6:37पीठ दिखा देते हैं। आप बिल्कुल सही कह रहे
  137. 6:40हैं। रत्नाकर शेट्टी खिसियानी हंसी-हंसते
  138. 6:43हुए बोला। तभी उसका असिस्टेंट कपड़े लेकर
  139. 6:46वहां आ गया। कपड़े लेते हुए रत्नाकर
  140. 6:49शेट्टी बोला। चलिए [संगीत] सामने निखिल की
  141. 6:52वैनिटी वैन है। उसी में चलकर कपड़े चेंज
  142. 6:54कर लीजिए। तभी स्पॉटबॉय शौर्य के किनारे
  143. 6:58पर उतारे जूते भी ले आया। शौर्य निखिल की
  144. 7:01वैनिटी वैन के अंदर गया और जल्दी से कपड़े
  145. 7:03बदलकर बाहर आ गया। कपड़े उसे पूरी तरह फिट
  146. 7:06आए थे। जैसे ही वह वैनिटी वैन से बाहर आया
  147. 7:10उसी समय वहां निखिल आडवाणी भी पहुंच गया
  148. 7:12था। वो भी गीले कपड़ों में ही था। उसने
  149. 7:16शौर्य को अपने लिए लाए हुए कपड़े पहनते
  150. 7:18देखा तो गुस्से में बोला,
  151. 7:21"तुमने यह मेरे कपड़े कैसे पहन लिए? शौर्य
  152. 7:24ने निखिल के गुस्से की तरफ कोई ध्यान नहीं
  153. 7:26दिया और सपाट स्वर में बोला, "मुझसे बोलने
  154. 7:29से अच्छा है कि यह बात तुम अपने डायरेक्टर
  155. 7:31साहब से करो।" शौर्य का जवाब सुनकर निखिल
  156. 7:34रत्नाकर शेट्टी की तरफ मुड़ा और गुस्से
  157. 7:37में बोला, [संगीत] "यह क्या है शेट्टी
  158. 7:39साहब? आपने मेरे कपड़े इसे कैसे दे दिए?"
  159. 7:42इस पर रत्नाकर शेट्टी सफाई देते हुए बोला,
  160. 7:45"अरे आप चिंता क्यों करते हैं निखिल जी?
  161. 7:47मैं आपके लिए दूसरे कपड़े मंगवा दूंगा।"
  162. 7:50निखिल थोड़ा नाराज हुआ और बोला बात दूसरे
  163. 7:53कपड़े की नहीं है। बात है कि आपने इसे
  164. 7:57मुझसे बिना पूछे मेरे लिए लाए हुए कपड़े
  165. 7:59दिए कैसे? अभी रत्नाकर शेट्टी निखिल के
  166. 8:02सवाल का जवाब देते उसी समय वहां लीना आ
  167. 8:05गई। वो रत्नाकर शेट्टी से बोली आपको मैम
  168. 8:08ने बुलाया है और साथ में इनको भी लाने के
  169. 8:11लिए बोला है। लीना ने शौर्य की तरफ इशारा
  170. 8:14करते हुए कहा।
  171. 8:15[संगीत]
  172. 8:15लीना की बात सुनकर रत्नाकर शेट्टी ने
  173. 8:18निखिल से कहा,
  174. 8:19निखिल जी एक बार नताशा से मिलाऊं फिर लौट
  175. 8:22कर आपसे बात करता हूं। निखिल कुछ और बोलता
  176. 8:25उससे पहले ही रत्नाकर शेट्टी उसके जवाब का
  177. 8:28इंतजार किए बिना शौर्य के साथ नताशा कपूर
  178. 8:31की वैनिटी वैन की तरफ बढ़ गया। शौर्य,
  179. 8:33रत्नाकर शेट्टी और राहुल के साथ वैनिटी
  180. 8:35[संगीत] वैन के अंदर गया, तो उसने देखा कि
  181. 8:38अंदर पहले से ही नताशा कपूर किसी शख्स के
  182. 8:40साथ बैठी हुई थी। यह वैनिटी वैन अंदर से
  183. 8:43बहुत ही खूबसूरत और विशाल थी। रत्नाकर
  184. 8:46शेट्टी के साथ दो और लोगों को देखकर नताशा
  185. 8:49खड़ी हो गई और हाथ से सोफे की तरफ इशारा
  186. 8:52करते हुए बोली
  187. 8:54बैठिए आप सब रत्नाकर शेट्टी ने उस दूसरे
  188. 8:58शख्स की ओर देखकर कहा आप कब आए मेहता साहब
  189. 9:02[संगीत] इतना कहकर वो शौर्य की तरफ मुड़ा
  190. 9:04और बोला मिस्टर श्रवण इनसे [संगीत] मिलिए
  191. 9:07यह हैं इस शहर के जानेमाने उद्योगपति हंसल
  192. 9:10मेहता जी यह जो ऐड शूट हो रही है वो
  193. 9:13इन्हीं के लिए हो रही है शौर्य ने यह
  194. 9:16जानकर कि हंसल मेहता शहर [संगीत] के एक
  195. 9:17सम्मानित व्यक्ति हैं। उन्हें नमस्ते
  196. 9:19किया। तभी रत्नाकर शेट्टी ने शौर्य का
  197. 9:22परिचय देते हुए कहा, "यह मिस्टर श्रवण है
  198. 9:25और इन्होंने ही अभी मिस नताशा को अपनी जान
  199. 9:29पर खेलकर बचाया था।" जब नताशा [संगीत] ने
  200. 9:32यह सुना कि यही वो शख्स है जिसने उसे
  201. 9:34डूबने से बचाया तो उसने कृतज्ञता से शौर्य
  202. 9:37का आभार प्रकट किया। हंसल मेहता भी यह
  203. 9:41जानकर कि शौर्य ने ही मिस नताशा को बचाया
  204. 9:43है। अपने चेहरे पर एक मुस्कान लाते हुए
  205. 9:46बोले आपका [संगीत] बहुत-बहुत धन्यवाद
  206. 9:49मिस्टर श्रवण आपके कारण यहां एक बहुत बड़ी
  207. 9:51दुर्घटना होने से बच गई। हाथों हाथ हंसल
  208. 9:55मेहता ने रत्नाकर शेट्टी से भी पूछ लिया।
  209. 9:57शेट्टी साहब अब आगे का क्या प्लान है?
  210. 10:00क्या अभी शूटिंग को कंटिन्यू करना है या
  211. 10:02पैकअप [संगीत] करना है? हंसल मेहता की बात
  212. 10:05सुनकर रत्नाकर शेट्टी नताशा की ओर देखकर
  213. 10:07बोले अगर नताशा जी जब शूटिंग के लिए
  214. 10:11कंफर्टेबल फील करेंगी तभी हम आगे की
  215. 10:13शूटिंग कर पाएंगे नहीं तो पैकअप ही करना
  216. 10:16पड़ेगा
  217. 10:18ठीक है फिर मैं अभी निकलता हूं जैसा हो
  218. 10:20मुझे इन्फॉर्म कर दीजिएगा रत्नाकर [संगीत]
  219. 10:22शेट्टी ने हंसल मेहता से अपनी सहमति जताई
  220. 10:25हंसल मेहता के जाते ही रत्नाकर [संगीत]
  221. 10:27शेट्टी ने नताशा कपूर से कहा मिस कपूर यह
  222. 10:31समझ नहीं आया कि आपके पैर में अचानक ये
  223. 10:34रस्सियां कहां से आकर लिपट गई थी? यही तो
  224. 10:37मुझे भी समझ में नहीं आ रहा है कि वो
  225. 10:39रस्सी [संगीत] आई कहां से और उसमें ऐसा
  226. 10:42क्या था जो मुझे नीचे की ओर खींच रहा था।
  227. 10:45नताशा कपूर भी सोच भरे स्वर में बोली। उन
  228. 10:48दोनों की बात सुनकर शौर्य बोला। अगर आपने
  229. 10:51पहले ही नाव में मौजूद चीजों पर ध्यान
  230. 10:53दिया होता तो यह हादसा नहीं होता। दरअसल
  231. 10:57वो एक लंगर था जो उस रस्सी के साथ बंधा
  232. 11:00हुआ था। सभी नावों में यह लंगर होता है।
  233. 11:03नदी के बीच में कहीं नाव खड़ी करनी हो तो
  234. 11:06उसके लिए इस लंगर का उपयोग किया जाता है।
  235. 11:09नाव जिस समय पलटी थी उसी समय यह लंगर भी
  236. 11:12नाव से नदी में गिर गया और किसी तरह उसकी
  237. 11:15रस्सी मिस नताशा के पैर से लिपट गई होगी
  238. 11:18क्योंकि जब लंगर पानी में डाला जाता है तो
  239. 11:20उसकी रस्सी तेजी से खींचती है। शौर्य के
  240. 11:24इतना कहते ही सभी उसकी ओर आश्चर्य से
  241. 11:26देखने लगे। फिर शौर्य ने अपनी बात को
  242. 11:29बढ़ाते हुए आगे कहा वो तो शुक्र मनाइए कि
  243. 11:32जहां पर लंगर गिरा था वहां नदी की गहराई
  244. 11:35ज्यादा नहीं थी। इसीलिए जब वह जमीन तक
  245. 11:37पहुंच गया तो मिस नताशा पानी की सतह से
  246. 11:40थोड़े ही नीचे जाकर रुक गई थी और ऊपर से
  247. 11:42भी दिखाई दे रही थी। अगर वहां नदी ज्यादा
  248. 11:45गहरी होती तो जब तक लंगर को जमीन नहीं
  249. 11:48मिलती मिस नताशा भी उसके साथ खींचती हुई
  250. 11:51[संगीत] नीचे तक पहुंच जाती। शौर्य के
  251. 11:53मुंह से हकीकत सुनकर नताशा के शरीर में
  252. 11:56झुरझुरी सी दौड़ गई। उसने फिर से शौर्य का
  253. 11:59दिल से आभार प्रकट किया और बोली मिस्टर
  254. 12:03श्रवण आज मैं आपकी कायल हो गई। आपका यह
  255. 12:06एहसान मुझ पर उधार रहा। रत्नाकर शेट्टी को
  256. 12:10यही सही समय लगा जब वो शौर्य के आने के
  257. 12:12मकसद के बारे में बात कर सकता था। उसने
  258. 12:16नताशा कपूर से कहा। मिस कपूर मिस्टर श्रवण
  259. 12:19वही शख्स हैं जिनके बारे में मैंने आपको
  260. 12:22कल बताया था कि आपसे मीटिंग करना चाहते
  261. 12:25हैं। रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर नताशा
  262. 12:28ने इस बार गौर से शौर्य की तरफ देखा। तभी
  263. 12:31रत्नाकर शेट्टी ने ही बात को आगे बढ़ाते
  264. 12:33हुए कहा मिस्टर श्रवण जिस कंपनी के लिए
  265. 12:36काम करते हैं, उसके ब्रांड के प्रमोशन के
  266. 12:39लिए आपसे एग्रीमेंट करना चाहते हैं। आप
  267. 12:42किस कंपनी के ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए
  268. 12:45काम कर रहे हैं? मिस्टर श्रवण नताशा ने
  269. 12:47सीधे शौर्य से सवाल किया। नताशा का सवाल
  270. 12:50सुनकर शौर्य को समझ नहीं आया कि वो क्या
  271. 12:53जवाब दे। अगर राहुल साथ नहीं होता तो वह
  272. 12:56नताशा को बता सकता था कि वह जिंक कलेक्शन
  273. 12:58के लिए ऐड कैंपेन करने वाला है। पर राहुल
  274. 13:02के साथ होने के कारण उसने कहा यह तो अभी
  275. 13:05मुझे भी नहीं पता है। पर कल परसों में
  276. 13:07कंपनी से मीटिंग होगी तो क्लियर हो जाएगा
  277. 13:09कि [संगीत] किस कंपनी का ऐड कैंपेन करना
  278. 13:11है। नताशा को थोड़ा शक भी हुआ कि यह क्या
  279. 13:15बात हुई? यह बंदा उसके साथ एग्रीमेंट करने
  280. 13:17आ गया है और उसे पता ही नहीं कि किसके लिए
  281. 13:20ऐड बनाना है। शौर्य की बात सुनकर राहुल को
  282. 13:23भी आश्चर्य हुआ कि यह तो कमाल की बात है।
  283. 13:26उसके जीजू को जिस कंपनी का ऐड बनाना है
  284. 13:29उसी कंपनी का नाम ही नहीं पता है। पर वो
  285. 13:32यहां कुछ बोल नहीं सकता था। तभी [संगीत]
  286. 13:34अचानक उस वैनिटी वैन के दरवाजे पर नॉक
  287. 13:36हुआ। सबका ध्यान दरवाजे की तरफ चला गया।
  288. 13:40सभी सोचने लगे अब कौन आ गया है? नताशा व
  289. 13:44अपनी वैनिटी वैन के भीतर सुरक्षित थी।
  290. 13:47लेकिन उसके दिल के अंदर मानो तूफान की तरह
  291. 13:49उथल-पुथल मची थी। वो मौत के शिकंजे से तो
  292. 13:52बाहर निकल आई थी। लेकिन नदी का वो खौफनाक
  293. 13:55मंजर अभी भी उसकी आंखों के सामने तैर रहा
  294. 13:57था। वो दृश्य बार-बार उसके दिमाग में
  295. 14:00दस्तक दे रहा था। लेकिन अचानक दरवाजे पर
  296. 14:03हुई दस्तक ने वैनिटी के अंदर के माहौल को
  297. 14:06और भी सस्पेंस से भर दिया। दरवाजे की ठक
  298. 14:10और वैनिटी के अंदर बैठे लोगों के दिलों की
  299. 14:12धकधक दोनों में ही बेचैनी थी। वहां एक
  300. 14:15शौर्य ही शेर दिल था जो बेफिक्र नजर आ रहा
  301. 14:18था। तभी नताशा ने अपने असिस्टेंट से कहा
  302. 14:22जरा देखो बाहर कौन है? उसकी असिस्टेंट
  303. 14:26दरवाजे के पास गई और जैसे ही उसने दरवाजा
  304. 14:28खोला तो सामने निखिल आडवाणी खड़ा था। उसने
  305. 14:32लीना [संगीत] से पूछने की जहमत भी नहीं
  306. 14:33उठाई कि नताशा अंदर है या नहीं।
  307. 14:37बल्कि लीना को धक्का देकर अंदर कदम रखा।
  308. 14:40जैसे नताशा की वैन नहीं उसका अपना
  309. 14:43साम्राज्य हो। निखिल आडवाणी सीधा चलकर
  310. 14:46नताशा के पास पहुंचा। चेहरे पर झूठा
  311. 14:49पछतावा और आंखों में चालाकी लिए उसने
  312. 14:51सिंपथी दिखाते हुए कहा,
  313. 14:55"तुम ठीक तो हो नताशा? मुझे तुम्हारी बड़ी
  314. 14:58चिंता हो गई थी। मैं तो अभी तक बहुत नर्वस
  315. 15:00था। पर अब तुम्हें ठीक देखकर मुझे अच्छा
  316. 15:03लग रहा है।
  317. 15:05अच्छा जी बहुत जल्दी तुमको मेरा ध्यान आ
  318. 15:08गया। अगर तुम्हें मेरी इतनी ही चिंता थी
  319. 15:11तो फिर तुम मुझे नदी में डूबता देखकर अपना
  320. 15:14हाथ छुड़ाकर भाग क्यों गए थे? नताशा
  321. 15:17भावहीन स्वर में बोली तो निखिल के माथे पर
  322. 15:19पसीना चमक उठा। उसने तुरंत अपनी बातों का
  323. 15:23जाल बुनना शुरू किया। अरे कैसी बात कर रही
  324. 15:26हो तुम? मैं भागा कहां था? मैं तो किसी
  325. 15:29ऐसी चीज की तलाश में गया था जिससे मैं
  326. 15:31तुम्हारी मदद कर सकूं। वो तो मेरे वापस
  327. 15:34आने से पहले यह लड़का वहां पर आ गया। नहीं
  328. 15:37तो मैं तुम्हें बचाने ही वाला था। तभी
  329. 15:40वैनिटी वैन के एक कोने से हंसी की आवाज
  330. 15:42गूंजी। यह शौर्य था। उसकी हंसी में
  331. 15:46तिरस्कार था। कमाल है। मैं प्लेटफार्म से
  332. 15:50तैर कर नताशा के पास तक पहुंच गया। उसके
  333. 15:53पैर के नीचे की रस्सी तक काट दी और तब तक
  334. 15:56आपको कुछ भी नहीं मिला। जिससे आप नताशा को
  335. 15:59बचा सकें। क्या आप इंतजार कर रहे थे कि जब
  336. 16:02[संगीत] वो डूब जाती तब आप उसको बचाने की
  337. 16:05कोशिश करते। यह सुनकर निखिल के चेहरे का
  338. 16:08रंग उड़ गया। शौर्य की बेबाकी उसे सुई की
  339. 16:12तरह चुभ रही थी। शौर्य ने रुकने की बजाय
  340. 16:15अपनी बात और वजन के साथ रखी। उसने कहा,
  341. 16:19कोई बच्चा भी आपकी बात का यकीन नहीं
  342. 16:21करेगा। मिस्टर निखिल अगर मुझे जरा भी ये
  343. 16:24लगता कि आप अभी भी मिस नताशा को बचाने की
  344. 16:27कोशिश कर रहे हैं तो यकीन मानिए मैं पानी
  345. 16:30में नहीं कूदता।
  346. 16:32अब निखिल का पारा सातवें आसमान पर पहुंच
  347. 16:34गया। एक साधारण से दिखने वाले लड़के ने
  348. 16:37उसे आईना दिखा दिया था। वो गुस्से में
  349. 16:40बोला तुम हो कौन? और तुम्हारी इतनी हिम्मत
  350. 16:44कि तुम मुझे झूठा कहोगे। तुमने थोड़ी सी
  351. 16:46दिलेरी क्या दिखा दी? तुम अपने आप को
  352. 16:48शहंशाह समझने लगे।
  353. 16:51मैं कौन हूं यह जानकारी आपके किसी काम की
  354. 16:53नहीं है। मैं तो बस आपको आईना दिखा रहा
  355. 16:56हूं कि जो शख्स मुसीबत के वक्त अपनी कलीग
  356. 16:59को पीठ दिखा दे उससे बड़ा मौका परस्त कोई
  357. 17:02नहीं होता। शौर्य बेबाकी से बोला। नताशा
  358. 17:06शांत थी। [संगीत] लेकिन उसके अंदर एक
  359. 17:08क्रांति चल रही थी। शौर्य का एक-एक शब्द
  360. 17:11निखिल के लिए नफरत की आग में घी डाल रहा
  361. 17:14था। उसे एहसास हुआ कि जिसे वह दोस्त समझती
  362. 17:17थी, वह सिर्फ एक कायर था। निखिल अब
  363. 17:20तिलमिला उठा। वो सीधे फिल्म के प्रोड्यूसर
  364. 17:22रत्नाकर शेट्टी को वार्निंग देता हुआ
  365. 17:24बोला, मिस्टर रत्नाकर ये आप किस शख्स को
  366. 17:28अपने साथ ले आए हैं जो मेरी बेइज्जती करने
  367. 17:30की कोशिश कर रहा है और आप खामोश बैठे उसे
  368. 17:33सुन रहे हैं। आप समझ रहे हैं इसका क्या
  369. 17:36परिणाम हो सकता है? [संगीत] रत्नाकर
  370. 17:39शेट्टी के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थी।
  371. 17:42वो एक तरफ शौर्य को देख रहे थे जो मेनका
  372. 17:44जी के रेफरेंस से आया था जो एक ऐसी ताकत
  373. 17:47थी जिसे वो नजरअंदाज नहीं कर सकते थे।
  374. 17:49दूसरी तरफ निखिल था जिसके बिना फिल्म का
  375. 17:52प्रोजेक्ट बीच में ही लटक सकता था। तभी
  376. 17:54निखिल आडवाणी ने फिर से रत्नाकर शेट्टी से
  377. 17:57कहा मिस्टर शेट्टी या तो आप इस शख्स को
  378. 18:00यहां से बाहर निकालिए नहीं तो फिर आप यह
  379. 18:02समझिए कि मैं इस प्रोजेक्ट से खुद को अलग
  380. 18:05कर रहा हूं।
  381. 18:07इन शब्दों से वैन में सन्नाटा सा पसर गया।
  382. 18:10रत्नाकर के हाथ पैर फूलने लगे। शौर्य को
  383. 18:13लगा कि शायद उसने बात ज्यादा बिगाड़ दी
  384. 18:15है। वो रत्नाकर के नुकसान के बारे में
  385. 18:18सोचने लगा और उसने मन ही मन तय किया कि वो
  386. 18:21सॉरी बोल देगा। लेकिन जैसे ही शौर्य अपना
  387. 18:24मुंह खोलने वाला था नताशा की आवाज ने सबको
  388. 18:27चौंका दिया।
  389. 18:29मिस्टर शेट्टी निखिल का तो मुझे पता नहीं
  390. 18:32कि वो यह प्रोजेक्ट करेगा या नहीं। पर अगर
  391. 18:34निखिल इस प्रोजेक्ट में आगे रहा तो मैं
  392. 18:36पक्का इस प्रोजेक्ट में काम नहीं करूंगी।
  393. 18:38तो आप यह देख लीजिए कि आप किसके साथ काम
  394. 18:41करना चाहते हैं। मेरे साथ या निखिल के
  395. 18:44साथ।
  396. 18:46नताशा ने दो टूक में अपनी बात कह दी।
  397. 18:49निखिल ने जैसे ही नताशा की बात सुनी वो
  398. 18:51आश्चर्य से नताशा की तरफ देखने लगा और
  399. 18:54बोला नताशा ये तुम कैसी बात कर रही हो? हम
  400. 18:57दोनों इतने समय से इस इंडस्ट्री में साथ
  401. 18:59में काम कर रहे हैं। एक दूसरे के इतने
  402. 19:01अच्छे दोस्त हैं। फिर तुम मेरे लिए ऐसी
  403. 19:03बात कैसे कर सकती हो? इस पर नताशा ने
  404. 19:07निखिल के मुंह पर कह दिया माफ करना निखिल
  405. 19:10तुम मेरे दोस्त थे अब नहीं हो और मैं
  406. 19:12तुम्हें बता दूं कि आगे भविष्य में भी कभी
  407. 19:14मैं तुम्हारे साथ कोई भी काम नहीं करूंगी।
  408. 19:17इसके बाद नताशा ने तुरंत रत्नाकर शेट्टी
  409. 19:20की ओर देखा और कहा आपके पास ज्यादा समय
  410. 19:23नहीं है मिस्टर शेट्टी इसीलिए आप जितनी
  411. 19:26जल्दी मुझे कंफर्म कर दें कि आप इस
  412. 19:28प्रोजेक्ट पर किसके साथ आगे बढ़ना चाहते
  413. 19:30हैं वो हमारे लिए अच्छा होगा। रत्नाकर
  414. 19:33शेट्टी ने गहरी सांस ली। उन्हें समझ आ गया
  415. 19:36था कि हवा का रुख बदल चुका है। इसीलिए
  416. 19:39उन्होंने भी निखिल को दो टूक कह दिया।
  417. 19:42मिस्टर निखिल आप चाहते हैं कि मैं श्रवण
  418. 19:45को यहां से बाहर कर दूं। नहीं तो आप मेरे
  419. 19:47इस प्रोजेक्ट में काम नहीं करेंगे तो मैं
  420. 19:49आपको बता दूं कि मैं मिस्टर श्रवण को यहां
  421. 19:52से बाहर तो नहीं करने वाला। तो फिर आपका
  422. 19:55रास्ता क्लियर है। आप यहां से जा सकते
  423. 19:58हैं।
  424. 20:00निखिल आडवाणी को विश्वास नहीं हुआ कि
  425. 20:02रत्नाकर शेट्टी उसको लेकर इतनी जल्दी
  426. 20:05फैसला कर सकता है। और वह भी नताशा का
  427. 20:08हवाला ना देकर श्रवण के सपोर्ट में उसे
  428. 20:10यहां से जाने को कह रहा है। यह उसके लिए
  429. 20:13और भी बेइज्जती की बात थी। अब वो बात को
  430. 20:16संभालने की कोशिश करते हुए बोला रत्नाकर
  431. 20:20जी मैं अपने काम को लेकर बड़ा प्रोफेशनल
  432. 20:23हूं। मैं नहीं चाहता कि मेरे कारण किसी का
  433. 20:25नुकसान हो और अगर मैंने यह काम लिया है तो
  434. 20:28मैं यहां से इसे पूरा करके [संगीत]
  435. 20:30जाऊंगा। हां, अब इसके आगे मुझे आपके साथ
  436. 20:33काम करने से पहले सोचना पड़ेगा। तो आप देख
  437. 20:36लीजिए। मैं किसी का नुकसान नहीं करना
  438. 20:38चाहता। तभी रत्नाकर [संगीत] शेट्टी बॉल को
  439. 20:41निखिल के कोट में ही फेंकते हुए बोले आप
  440. 20:44समझे नहीं निखिल जी सिर्फ श्रवण की ही बात
  441. 20:47नहीं है अब तो मिस नताशा भी आपके साथ काम
  442. 20:50नहीं करना चाहती इसीलिए मैं खुद मजबूर हूं
  443. 20:53मैं चाहकर भी अब कुछ कर पाने की स्थिति
  444. 20:56में नहीं हूं अगर मिस नताशा आपके साथ काम
  445. 20:59करने को तैयार हैं या हो जाएंगी
  446. 21:02तो फिर मुझे कोई दिक्कत नहीं है। अरे भाई
  447. 21:06मैं क्यों अपना नुकसान करना चाहूंगा?
  448. 21:09इसीलिए आप देख लीजिए कि आप मिस नताशा को
  449. 21:11अपने साथ काम करने के लिए तैयार कर सकते
  450. 21:14हैं या नहीं। वो नहीं चाहते थे कि वह उन
  451. 21:17दोनों के सामने हाथ पैर जोड़ें। इससे
  452. 21:20अच्छा यही होगा कि निखिल खुद अपनी कोशिश
  453. 21:22कर ले। अगर नताशा उसके साथ काम करने को
  454. 21:26तैयार हो जाती है तो यह रत्नाकर शेट्टी के
  455. 21:28हक में ही था। नहीं तो इससे नुकसान
  456. 21:31रत्नाकर शेट्टी को ही था कि वह हाथों हाथ
  457. 21:33कहां से मेल लीड कैरेक्टर को ला पाएगा।
  458. 21:36रत्नाकर शेट्टी की बात को सुनकर निखिल
  459. 21:39आडवाणी नताशा के पास गया और मुस्कुराने का
  460. 21:41प्रयास करते हुए बोला
  461. 21:44नताशा मैं समझता हूं कि तुम मेरे साथ मजाक
  462. 21:47कर रही थी। तुम मेरे साथ इतना रूढ़ कैसे
  463. 21:50हो सकती हो? यह संभव ही नहीं है। बोल दो
  464. 21:53मिस्टर शेट्टी को कि तुम्हें मेरे साथ काम
  465. 21:55करने में कोई दिक्कत नहीं है।
  466. 21:59तुम्हें अपनी बात से पलटने की आदत होगी
  467. 22:01निखिल पर मुझे नहीं है। मैं अपनी बात को
  468. 22:03लेकर एकदम स्पष्ट हूं। मैंने कह दिया कि
  469. 22:06मैं तुम्हारे साथ आगे से कोई काम नहीं
  470. 22:08करूंगी तो समझ लो नहीं करूंगी। भले ही
  471. 22:11इसकी बात मुझे बिना काम के रहना पड़े तो
  472. 22:14भी मैं तुम्हारे साथ काम करने के लिए कभी
  473. 22:16तैयार नहीं हो सकती। इसीलिए व्यर्थ का
  474. 22:19प्रयास करने का कोई फायदा नहीं है। नताशा
  475. 22:23निखिल से पूरी तरह रूढ़ होकर बोली तो
  476. 22:25निखिल का चेहरा गुस्से से लाल हो गया।
  477. 22:28उसकी मुस्कान अब एक हिंसक धमकी में बदल
  478. 22:30गई। तुम समझ नहीं रही हो कि तुम क्या करने
  479. 22:34की कोशिश कर रही हो। तुम निखिल आडवाणी से
  480. 22:37उलझने की कोशिश कर रही हो। तुम अभी समझ भी
  481. 22:39नहीं सकती कि तुम्हें इसके कितने गंभीर
  482. 22:41परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसीलिए मैं
  483. 22:44तुम्हें लास्ट वार्निंग दे रहा हूं। अभी
  484. 22:47भी अपने फैसले के बारे में सोच लो। नहीं
  485. 22:49तो मैं तुम्हें कहीं का नहीं छोडूंगा।
  486. 22:53दिखा दी ना अपनी औकात। अब मैं समझ सकती
  487. 22:56हूं कि तुम्हें गुंडे ही हो। और शायद अभी
  488. 22:58तक जो तुम काम करते आ रहे हो वो अपनी
  489. 23:00काबिलियत से नहीं इसी गुंडागर्दी के
  490. 23:03द्वारा ही करते आ रहे होंगे। तुमने शायद
  491. 23:06मेरी बातों पर ध्यान नहीं दिया। मैंने कहा
  492. 23:09था कि अगर मुझे खाली भी बैठना पड़े तो मैं
  493. 23:12खाली बैठ लूंगी। पर मैं तुम्हारे साथ काम
  494. 23:14नहीं करूंगी। तो इसीलिए तुमसे जो बन पड़े
  495. 23:18तुम वो कर लो। मैं अपनी बात पर कायम हूं
  496. 23:20और कायम रहूंगी।
  497. 23:23नताशा दृढ़ स्वर में बोली। इसके बाद निखिल
  498. 23:26आडवाणी के हाथ में कुछ रहा नहीं। उसने एक
  499. 23:29सरसरी निगाह उस वैनिटी वैन में मौजूद सभी
  500. 23:32लोगों पर डाली और तेजी से वहां से निकल
  501. 23:34गया।
  502. 23:36निखिल आडवाणी के वहां से जाने के बाद उस
  503. 23:38वैन में थोड़ी देर तो खामोशी रही। उसके
  504. 23:41बाद रत्नाकर शेट्टी की आवाज सुनाई दी। वो
  505. 23:44चिंता भरे स्वर में बोला अभी यह शूट कैसे
  506. 23:48होगा और अभी कहां तुरंत मेन लीड हीरो
  507. 23:51मिलेगा? अब तो लगता है सप्ताह 10 दिन के
  508. 23:54लिए शूटिंग को पोस्टपोन करना ही पड़ेगा।
  509. 23:58रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर नताशा ने
  510. 24:01एक-दो जगह कॉल लगाए। पर कहीं भी उसकी बात
  511. 24:04बन नहीं पाई। जो काम करने को तैयार भी था,
  512. 24:07वह इतनी जल्दी शूट के लिए अवेलेबल नहीं हो
  513. 24:09सकता था। नताशा निराश भाव से शौर्य की तरफ
  514. 24:12देख रही थी कि तभी उसके दिमाग में कुछ
  515. 24:15स्ट्राइक किया। वो रत्नाकर शेट्टी की तरफ
  516. 24:18मुड़ी और बोली मिस्टर शेट्टी अगर आप चाहें
  517. 24:22तो आपका शूट आज ही हो सकता है। नताशा की
  518. 24:27बात सुनकर रत्नाकर शेट्टी आश्चर्य से बोले
  519. 24:30यह आप कैसी बात कर रही हैं? मैं भला अपना
  520. 24:34नुकसान क्यों चाहूंगा? मैं तो चाहूंगा ही
  521. 24:37कि जितनी जल्दी हो सके मेरा शूट हो जाए।
  522. 24:41नताशा सरकास्टिक वे में बोली फिर समझ
  523. 24:44लीजिए एक मेल लीड एक्टर मेरी निगाह में है
  524. 24:48जो मुझे लगता है कि इस काम को अच्छे से कर
  525. 24:50सकता है। नताशा की इस बात पर रत्नाकर
  526. 24:54शेट्टी यहां मौजूद [संगीत]
  527. 24:55सभी शख्स को देखते हुए बोले। अब आप
  528. 24:59पहेलियां ही बुझाएंगी या साफ-साफ बताएंगी
  529. 25:01भी कि आखिर वो कौन शख्स है जो आपके साथ
  530. 25:04में लीड रोल करेगा।
  531. 25:07रत्नाकर शेट्टी की बात पर नताशा मुस्कुराई
  532. 25:10और शौर्य की तरफ देखते हुए बोली श्रवण
  533. 25:13[संगीत] है ना यह कर लेगा निखिल आडवाणी का
  534. 25:16काम।
  535. 25:18शौर्य ने जब नताशा के मुंह से अपना नाम
  536. 25:20सुना तो वो हैरान होकर बोला ये आप क्या कह
  537. 25:24रही हैं? मैं भला इस काम को कैसे कर
  538. 25:26पाऊंगा? आप क्यों मेरे साथ मजाक कर रही
  539. 25:29हैं? नताशा की बात सुनकर रत्नाकर [संगीत]
  540. 25:32शेट्टी ने भी अब गौर से शौर्य की तरफ देखा
  541. 25:34और उसकी पर्सनालिटी को देखकर वो भी खुश हो
  542. 25:37गया। [संगीत] वो शौर्य से बोला मिस्टर
  543. 25:40श्रवण आप ऐसा क्यों सोचते हैं कि आप यह
  544. 25:43काम नहीं कर पाएंगे। आप बस खुद [संगीत] को
  545. 25:46हमारे हवाले कर दें। बाकी आपसे काम कैसे
  546. 25:50लेना है यह हम देख लेंगे।
  547. 25:53रत्नाकर शेट्टी की बात पर शौर्य हैरान
  548. 25:56होते हुए बोला [संगीत] मिस्टर शेट्टी आप
  549. 25:58गलत समझ रहे हैं। मैं यहां नताशा कपूर के
  550. 26:01साथ अपनी कंपनी के लिए एग्रीमेंट करने
  551. 26:03[संगीत] आया हूं ना कि खुद यहां एक्टिंग
  552. 26:05करने। इसीलिए आप तो मुझे माफ ही करें।
  553. 26:09नताशा ने देखा कि शौर्य पीछे हट रहा है।
  554. 26:12लेकिन नताशा हार मानने वालों में से नहीं
  555. 26:14है। उसने [संगीत] अपनी चाल चल दी थी। वो
  556. 26:17धीरे-धीरे शौर्य के पास आई। उसकी आंखों
  557. 26:19में एक चमक थी [संगीत] जो बता रही थी कि
  558. 26:21शौर्य अब इस जाल से नहीं निकल पाएगा।
  559. 26:24किस्मत जब अपना पासा पलटती है तो फर्श पर
  560. 26:28पड़ा शख्स भी अर्श पर पहुंच जाता है।
  561. 26:30शौर्य और निखिल की पलटती दुनिया इसी बात
  562. 26:33पर मोहर लगा रही थी। नताशा कपूर की वैनिटी
  563. 26:36वैन के भीतर का तापमान अचानक गिर गया था।
  564. 26:40एक तरफ शौर्य था जो सिर्फ एक बिजनेस डील
  565. 26:42के लिए यहां आया था [संगीत] और दूसरी तरफ
  566. 26:45शौर्य को लीड रोल कराने की नताशा की जिद
  567. 26:48थी। जिसने पूरे सेट के समीकरण बदल दिए थे।
  568. 26:51सस्पेंस की डोर खींच चुकी थी और हर किसी
  569. 26:54की सांसे [संगीत] थमी हुई थी। शौर्य के
  570. 26:56चेहरे पर उलझन साफ दिखाई दे रही थी। वो एक
  571. 27:00ऐसी स्थिति में खड़ा था, जहां से पीछे
  572. 27:02हटने का रास्ता बंद होता जा रहा था। उसे
  573. 27:06समझ नहीं आया कि अचानक नताशा कपूर के मन
  574. 27:08में क्या आया कि उसने उसका नाम ले लिया।
  575. 27:11वो तो यहां अपनी कंपनी के ब्रांड
  576. 27:13एंडोर्समेंट के लिए नताशा के साथ
  577. 27:15एग्रीमेंट करने के लिए आया था और यहां
  578. 27:18उल्टा हो रहा है। नताशा कपूर उसी से अब
  579. 27:21एक्टिंग करवाना चाह रही थी। शौर्य ने
  580. 27:24दोबारा रत्नाकर शेट्टी को समझाने का
  581. 27:26प्रयास किया। मिस्टर शेट्टी ना ही मैं
  582. 27:30मॉडल हूं और ना ही कोई एक्टर। इसलिए जो आप
  583. 27:34चाह रहे हैं वो मुझसे संभव नहीं है। आप
  584. 27:37क्यों अपनी शूटिंग की ऐसी तैसी करना चाहते
  585. 27:39हैं? आप किसी अच्छे प्रोफेशनल मॉडल को
  586. 27:42देखिए और उनके साथ काम कीजिए। और एक बात
  587. 27:45यह भी है कि ना मुझे एक्टिंग में और ना ही
  588. 27:48मॉडलिंग में कोई इंटरेस्ट है। तो आप मुझे
  589. 27:50माफ करें।
  590. 27:52रत्नाकर शेट्टी का चेहरा जो कुछ पल पहले
  591. 27:55उम्मीद से चमक रहा था अचानक बुझ गया।
  592. 27:58उन्हें लगा कि डूबते को तिनके का सहारा
  593. 28:00मिला था। लेकिन तिनका हाथ से छूट गया।
  594. 28:03उन्होंने बेबसी में नताशा की तरफ देखा।
  595. 28:06लेकिन नताशा नताशा कपूर की आंखों में हार
  596. 28:10का कोई नामोनिशान [संगीत] नहीं था। वो
  597. 28:12शौर्य को ऐसे देख रही थी जैसे किसी पारखी
  598. 28:15की नजर कीमती हीरे को देख रही हो। वो
  599. 28:18मुस्कुराती हुई शौर्य से बोली। मिस्टर
  600. 28:20श्रवण क्या आप चाहते हैं कि मैं आपकी
  601. 28:23कंपनी के लिए काम करूं? जबकि मुझे अभी पता
  602. 28:26भी नहीं है कि आप किस ब्रांड के लिए मुझसे
  603. 28:28प्रमोशन कराना चाहते हैं। फिर भी मैं बिना
  604. 28:31यह जाने आपके ब्रांड के लिए काम करने को
  605. 28:34तैयार हूं। पर उसके लिए मेरी एक शर्त है।
  606. 28:39नताशा कपूर की बात को सुनकर शौर्य के मन
  607. 28:41में एक आशंका ने जन्म लिया। पर फिर भी
  608. 28:44उसने पूछा बोलिए क्या शर्त है आपकी? नताशा
  609. 28:49के होठों पर एक हल्की मगर अर्थपूर्ण
  610. 28:51मुस्कान आई और वो बोली यही कि आपको मेरे
  611. 28:54साथ इस ऐड में [संगीत] जो शूट होने जा रहा
  612. 28:57है उसमें काम करना पड़ेगा। मैं समझती हूं
  613. 29:00कि आप एक प्रोफेशनल एक्टर नहीं है पर मुझे
  614. 29:03आप में वो उम्मीद दिखाई दे रही है और मैं
  615. 29:06विश्वास के साथ कह सकती हूं कि इस रोल के
  616. 29:08लिए आप एकदम परफेक्ट हैं। शौर्य एक अजीब
  617. 29:12धर्म संकट में फंस गया था। एक तरफ उसकी
  618. 29:14कंपनी का भविष्य था और दूसरी तरफ यह
  619. 29:17अनचाही पहचान। लेकिन राहुल की आंखों में
  620. 29:20एक अलग ही चमक थी। वो अपने जीजू को पर्दे
  621. 29:23पर सुपरस्टार नताशा कपूर के साथ देखने के
  622. 29:25ख्याल से ही रोमांचित था। वो धीरे से
  623. 29:28शौर्य के करीब झुका और कान में फुसफुसाया।
  624. 29:33अरे जीजू, मना क्यों कर रहे हो? ऐसा मौका
  625. 29:36बार-बार थोड़ी मिलता है। तुरंत हां कर दो।
  626. 29:40शौर्य राहुल को देखकर हैरान था कि [संगीत]
  627. 29:42वो इतना खुश क्यों हो रहा है। जबकि नताशा
  628. 29:45ने जब राहुल को शौर्य के कान में कुछ कहते
  629. 29:47हुए देखा तो उसने शौर्य से पूछा यह लड़का
  630. 29:51कौन है? इस पर शौर्य बोला इसे आप मेरा
  631. 29:56छोटा भाई समझ सकती हैं। यह आपका बहुत बड़ा
  632. 29:58फैन है। जब इसे पता चला कि मैं आपसे मिलने
  633. 30:01जा रहा हूं तो आपको देखने की ज़िद में यह
  634. 30:04मेरे साथ आ गया।
  635. 30:06क्या सच में ऐसा है? नताशा ने राहुल से
  636. 30:10पूछा हां सच में मैं तो आपका बहुत बड़ा
  637. 30:13फैन हूं। मैंने आपकी फिल्म जो अभी आई है
  638. 30:16जानम उसे कई बार देखा है। राहुल खुश होते
  639. 30:19हुए बोला नताशा जो पहले से ही एक सफल मॉडल
  640. 30:23और हिट अभिनेत्री बन चुकी थी राहुल की
  641. 30:25मासूमियत देखकर मुस्कुरा दी। उसने इस मौके
  642. 30:28का फायदा उठाते हुए राहुल को अपनी तरफ कर
  643. 30:31लिया और उससे कहा राहुल तुम इन्हें क्यों
  644. 30:34नहीं समझाते मेरे साथ काम करने के लिए?
  645. 30:38मैं अभी उनके कान में यही तो कह रहा था कि
  646. 30:40[संगीत] वो आपकी बात मान जाए।
  647. 30:43राहुल शौर्य की ओर देखते हुए बोला। तभी
  648. 30:46नताशा एक बार फिर शौर्य से बोली।
  649. 30:50देखो तुमसे ज्यादा समझदार तो तुम्हारा यह
  650. 30:52भाई नजर आ रहा है। फिर तुम क्यों इतना भाव
  651. 30:55खा रहे हो? इस पर शौर्य ने कहा, "अरे तुम
  652. 30:59समझ नहीं रही हो। मुझे इस काम का कुछ भी
  653. 31:02पता नहीं है और तुम्हें तो कोई भी बढ़िया
  654. 31:04एक्टर मिल जाएगा। तो फिर तुम क्यों चाहती
  655. 31:06हो कि मैं ही तुम्हारे साथ काम करूं।
  656. 31:09नताशा का चेहरा अब गंभीर हो गया। उसकी
  657. 31:12बातों में एक प्रोफेशनल और एक इंसान का
  658. 31:14दर्द घुला हुआ था। नताशा ने शौर्य को
  659. 31:17समझाने की पूरी कोशिश की। शायद तुम अपनी
  660. 31:20जगह पर सही हो। पर तुम्हें यह समझना चाहिए
  661. 31:23कि अगर अभी किसी भी एक्टर को साइन किया
  662. 31:25जाएगा तो फिर यह शूट और भी डिले होगा और
  663. 31:28इस तरह से प्रोड्यूसर का बहुत ज्यादा पैसा
  664. 31:31बर्बाद होगा जो कि मैं नहीं चाहती। और
  665. 31:34क्योंकि इस शूटिंग का मेन लीड एक्टर जो था
  666. 31:37मेरे कारण इस शूटिंग से बाहर हुआ है।
  667. 31:39इसीलिए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि मैं
  668. 31:41अपने कारण उनका कोई नुकसान नहीं होने दूं।
  669. 31:45और मुझे यह भी विश्वास है कि तुम इस रोल
  670. 31:47के लिए एकदम बेस्ट साबित होंगे।
  671. 31:51और फिर नताशा ने अपना आखिरी और सबसे बड़ा
  672. 31:53कार्ड चला और आगे बोली और हां तुम्हारे
  673. 31:57लिए इस काम के बदले एक और ऑफर है कि मैं
  674. 31:59तुम्हारे ब्रांड के लिए तो काम करूंगी ही।
  675. 32:02और उसके लिए मैं तुमसे एक पैसा भी चार्ज
  676. 32:04नहीं करूंगी। अब तो तुम्हें मेरी बात
  677. 32:07मानने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
  678. 32:10शौर्य ने जब यह सुना तो उसके पास और कोई
  679. 32:12चारा रह नहीं गया था। वैसे नताशा का यह
  680. 32:16ऑफर कि वो उससे कोई भी पैसा चार्ज नहीं
  681. 32:18करेगी। कोई खास मायने नहीं रखता था।
  682. 32:20[संगीत]
  683. 32:21पर अगर वह इसके बाद भी मना करता तो वह
  684. 32:24औरों को अपने ऊपर शक करने का कारण दे
  685. 32:26देता। [संगीत] क्योंकि इतना बड़ा ऑफर
  686. 32:28ठुकराना किसी आम आदमी के लिए तो मुमकिन ही
  687. 32:30नहीं होगा। और शौर्य ने खुद को जो सबके
  688. 32:33सामने प्रस्तुत किया था कि [संगीत] वो
  689. 32:35किसी कंपनी के लिए काम कर रहा है तो इसका
  690. 32:38मतलब वो बहुत पैसे वाला तो था नहीं। तो
  691. 32:40फिर इतने बड़े ऑफर को कैसे ठुकरा सकता था?
  692. 32:44खैर अंत में शौर्य ने एक गहरी सांस ली और
  693. 32:47हथियार डाल दिए।
  694. 32:49अगर आपकी यही ज़िद है तो फिर ठीक है। मैं
  695. 32:52तैयार हूं। पर अगर कुछ भी बुरा होता है या
  696. 32:55मैं आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता तो
  697. 32:58उसके लिए फिर मैं जिम्मेदार नहीं हूं।
  698. 33:02ठीक है तुम्हें कोई दोष नहीं देगा। इतना
  699. 33:06बोलकर नताशा कपूर रत्नाकर शेट्टी से बोली
  700. 33:09तो अब आप तैयार हैं मिस्टर शेट्टी। आप
  701. 33:12श्रवण को उसका रोल समझा दीजिए और अपनी
  702. 33:15शूटिंग को कंटिन्यू कीजिए क्योंकि नदी
  703. 33:17वाला हिस्सा मैं चाहती हूं कि आज ही
  704. 33:19कंप्लीट हो जाए। इस पर रत्नाकर शेट्टी खुश
  705. 33:23होते हुए बोले बिल्कुल मैं तो एकदम तैयार
  706. 33:26बैठा हूं मिस कपूर। आप तैयार रहिए। मैं
  707. 33:29अभी श्रवण को तैयार करके लोकेशन पर
  708. 33:31पहुंचकर आपको फोन करता हूं। इसके बाद
  709. 33:35रत्नाकर शेट्टी शौर्य और राहुल के साथ
  710. 33:37नताशा कपूर की वैनिटी वैन से बाहर आए और
  711. 33:40उस वैनिटी वैन की तरफ बढ़ गए जिसे
  712. 33:42उन्होंने निखिल आडवाणी के लिए बुक किया
  713. 33:44हुआ था। वो शौर्य के साथ निखिल की वैनिटी
  714. 33:47वैन के अंदर गए तो उन्होंने देखा कि निखिल
  715. 33:50अभी गया नहीं था। वह अभी तक अपनी वैनिटी
  716. 33:52वैन के अंदर ही था। जब उसने रत्नाकर
  717. 33:55शेट्टी को शौर्य के साथ वैनिटी वैन के
  718. 33:57अंदर आते देखा तो हैरान होते हुए बोला
  719. 34:02आप आ गए मिस्टर शेट्टी मैं आपका ही इंतजार
  720. 34:04कर रहा था आप एक बार अच्छे से सोच लीजिए
  721. 34:08क्योंकि आप एक समझदार आदमी हैं। [संगीत]
  722. 34:10आप समझ सकते हैं कि अगर यह शूटिंग सप्ताह
  723. 34:1210 दिन के लिए भी आगे पोस्टपोन होती है तो
  724. 34:14प्रोड्यूसर का लाखों रुपया यूं ही बर्बाद
  725. 34:17चला जाएगा और मैं नहीं चाहता कि
  726. 34:20प्रोड्यूसर का कुछ नुकसान हो। रत्नाकर
  727. 34:23शेट्टी मुस्कान के साथ बोले आपसे किसने
  728. 34:26कहा निखिल जी कि शूटिंग सप्ताह 10 दिन के
  729. 34:29लिए पोस्टपोन होने वाली है। शूटिंग अपने
  730. 34:32समय से ही होगी और कल तक यह शूट पूरा भी
  731. 34:34हो जाएगा। क्या कहा आपने? यह शूटिंग
  732. 34:38पोस्टपोन नहीं होगी। तो फिर मेरा
  733. 34:40रिप्लेसमेंट कौन होगा? निखिल आडवाणी
  734. 34:43आश्चर्य से बोला,
  735. 34:45"आप उसकी चिंता मत कीजिए। यह देखना मेरा
  736. 34:49काम है कि आपके रिप्लेसमेंट के तौर पर
  737. 34:51मुझे किसे लेना है और अगर आप जानना ही
  738. 34:54चाहते हैं तो सुनिए आपके रिप्लेसमेंट के
  739. 34:57तौर पर मिस्टर श्रवण इस शूट को पूरा
  740. 35:00करेंगे।
  741. 35:01रत्नाकर शेट्टी शौर्य की तरफ इशारा करते
  742. 35:04हुए बोले निखिल ये जानकर और भी आग बबूला
  743. 35:08हो गया कि श्रवण उसका रिप्लेसमेंट है। वो
  744. 35:10भड़कते हुए बोला यह क्या बेवकूफी है? इसे
  745. 35:14एक्टिंग का [संगीत] ए भी पता है जो आपने
  746. 35:16इसे मेरे रिप्लेसमेंट के तौर पर ले लिया
  747. 35:18है। आप जानबूझकर प्रोड्यूसर का पैसा
  748. 35:21बर्बाद कर रहे हैं। पर मुझे क्या मैं तो
  749. 35:24आपका भला चाह रहा था। इसीलिए मैं अभी तक
  750. 35:27रुका हुआ था। लेकिन अब जब आपको कुएं में
  751. 35:30डूबना ही है तो आप शौक से डूबिए। अब अगर
  752. 35:33आप मेरे पैर भी पकड़ेंगे तो भी मैं शूटिंग
  753. 35:36के लिए तैयार नहीं होने वाला।
  754. 35:39इस पर रत्नाकर शेट्टी स्पष्ट शब्दों में
  755. 35:41बोले, "मेरा अच्छा सोचने के लिए आपका
  756. 35:44बहुत-बहुत धन्यवाद। पर मैं आपको बता दूं
  757. 35:47कि अब मुझे आपकी कोई जरूरत नहीं है। इसलिए
  758. 35:50अब आप अपना बोरिया बिस्तर उठाइए और चलते
  759. 35:53बनिए। निखिल के पास अब खोने के लिए सिर्फ
  760. 35:56अपनी बची कुची [संगीत] इज्जत थी।" उसने
  761. 35:59गुस्से में अपने असिस्टेंट को इशारा किया
  762. 36:01और पैर पटकता हुआ वैन से बाहर निकल गया।
  763. 36:04उसके जाते ही रत्नाकर के असिस्टेंट और
  764. 36:06मेकअप मैन ने शौर्य को घेर लिया। आधे घंटे
  765. 36:09के भीतर जब शौर्य वैन से बाहर निकला तो
  766. 36:12पूरा क्रू उसे देखता रह गया। उसकी कमाल की
  767. 36:15पर्सनालिटी और नए कॉस्ट्यूम ने उसे एक
  768. 36:18असली हीरो बना दिया था। तुरंत ही रत्नाकर
  769. 36:21ने नताशा को फोन लगाया और बोले
  770. 36:24नताशा जी श्रवण पूरी तरह से तैयार है। अगर
  771. 36:28आप तैयार हैं तो फिर लोकेशन पर चलते हैं।
  772. 36:31नताशा ने भी अपनी तरफ से रत्नाकर शेट्टी
  773. 36:34को हरी झंडी दे दी। उसके बाद रत्नाकर
  774. 36:36शेट्टी शौर्य के साथ वैन से बाहर आए और
  775. 36:39उसे समझाते हुए नदी की तरफ बढ़ गए। सीन
  776. 36:43कुछ इस प्रकार था कि हीरोइन एक बोट पर
  777. 36:45मस्ती कर रही होती है। तभी [संगीत] एक
  778. 36:47शार्क वहां पर आ जाती है और उस बोट पर
  779. 36:49हमला कर देती है जिससे वो बोट पलट जाती है
  780. 36:52और हीरोइन नदी में गिर जाती है। दूसरी तरफ
  781. 36:55हीरो एक वाटर स्कूटर पर सर्फिंग कर रहा
  782. 36:57होता है। उसके हाथ में एक एनर्जी ड्रिंक
  783. 37:00का कैन होता है। जब वो हीरोइन को मुसीबत
  784. 37:02में देखता है तो उसे बचाने के लिए उस
  785. 37:05एनर्जी ड्रिंक का एक सिप लेता है और नदी
  786. 37:07में जंप लगा देता है।
  787. 37:10हीरो हीरोइन को शार्क से बचाता है और
  788. 37:13लास्ट में उस एनर्जी ड्रिंक का नाम लेकर
  789. 37:15बोलता है जो पीते हैं स्ट्रांग वो खतरों
  790. 37:18से नहीं डरते क्योंकि स्ट्रांग पीने वाले
  791. 37:21होते हैं कुछ खास
  792. 37:24शौर्य को इस ऐड की बेसिक थीम समझ में आ गई
  793. 37:26वो समझ गया कि उसे क्या करना है। शौर्य
  794. 37:30रत्नाकर शेट्टी के साथ लोकेशन पर [संगीत]
  795. 37:32पहुंचा। नताशा भी अपने असिस्टेंट के साथ
  796. 37:34नदी किनारे पहुंच गई। उस बोर्ड को फिर से
  797. 37:37तैयार किया गया। प्रिकॉशन के तौर पर अब
  798. 37:40इसमें कोई भी लंगर नहीं रखा गया। एक बार
  799. 37:43फिर से शूटिंग शुरू हो गई। नताशा नाव पर
  800. 37:46मस्ती कर रही थी। तभी शार्क नाव पर हमला
  801. 37:49करती है और नाव पलट जाती है। शौर्य वाटर
  802. 37:52स्कूटर से तेजी से नताशा के पास पहुंचता
  803. 37:55है और एनर्जी ड्रिंक का एक सिप लेने के
  804. 37:57बाद उसे हवा में फेंकता है और नदी में जंप
  805. 38:00लगा देता है। शार्क जो कि नताशा को निगलने
  806. 38:03ही वाली होती है। तभी शौर्य के हाथ में एक
  807. 38:05रड नजर आती है जिसे वह शार्क के मुंह में
  808. 38:08फंसा देता है। शार्क अपना मुंह बंद नहीं
  809. 38:11कर पाती और वह नताशा को बचाकर अपने वाटर
  810. 38:14स्कूटर पर ले आता है। नताशा खुश होते हुए
  811. 38:17शौर्य से लिपट जाती है और कहती है तुमने
  812. 38:20मुझे बचा लिया। तो शौर्य अपने वाटर स्कूटर
  813. 38:24से वही एनर्जी ड्रिंक निकालता है और हाथ
  814. 38:26में लहराते हुए कहता है मैंने नहीं इस
  815. 38:30स्ट्रांग ने तुमको बचाया है क्योंकि जो
  816. 38:32पीते हैं स्ट्रांग वो खतरों से नहीं डरते।
  817. 38:35तभी तो कहते हैं स्ट्रांग में है कुछ खास
  818. 38:38इसीलिए दुश्मन नहीं आते पास। यह लाइन कहते
  819. 38:43हुए शौर्य को शायद मालूम भी नहीं था कि
  820. 38:46उसके दुश्मन अब दूर नहीं आसपास ही हैं।
  821. 38:49नताशा और रत्नाकर शेट्टी के बार-बार कहने
  822. 38:52पर भी शौर्य यह बात कबूल करने को तैयार
  823. 38:54नहीं था कि वो एक अच्छा एक्टर भी है। शायद
  824. 38:57वो यह भूल गया था कि अभी बीती रात ही उसने
  825. 39:00शिप्रा को कहा था कि उसे हर वक्त एक्टर
  826. 39:02मोड में रहना पड़ता है और घर के हर शख्स
  827. 39:05के सामने उसे उसके अनुसार एक्टिंग करनी
  828. 39:07पड़ती है। नताशा या निखिल तो स्क्रीन पर
  829. 39:11अपने नकली रोल निभा रहे हैं। लेकिन शौर्य
  830. 39:14असल जिंदगी में हर रोज सुबह से रात तक न
  831. 39:18जाने कितने किरदारों को जीवांत कर रहा है।
  832. 39:21इतना जबरदस्त [संगीत] टैलेंट पाने में तो
  833. 39:23शायद एक मझे हुए अभिनेता को भी बरसों लग
  834. 39:25सकते हैं। और शायद यही [संगीत] कारण था कि
  835. 39:28शौर्य को अपनी जिंदगी के पहले ही स्क्रीन
  836. 39:30रोल को निभाने में कोई मुश्किल नहीं हुई।
  837. 39:33नदी के उस बर्फीले पानी से निकलकर [संगीत]
  838. 39:35जब शौर्य कैमरा के सामने अपने डायलॉग बोल
  839. 39:38रहा था तो किसी को अंदाजा नहीं था कि वो
  840. 39:40सिर्फ एक शॉट की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ रहा
  841. 39:42बल्कि अपनी [संगीत] जिंदगी की नई
  842. 39:44स्क्रिप्ट लिख रहा है। एक बार मास्टर शॉट
  843. 39:48ओके होने के बाद और भी कई शॉट लिए गए
  844. 39:51जिसमें अलग-अलग मिड और क्लोज शॉट भी लिए
  845. 39:53गए। शूट कंप्लीट होने के बाद नताशा ने
  846. 39:56शौर्य के साथ पूरी शूट की [संगीत] वीडियो
  847. 39:58देखी और खुश होते हुए बोली देखा मैंने कहा
  848. 40:02था ना कि तुम इसे कर लोगे देखो तो कितना
  849. 40:05अच्छा काम किया है तुमने
  850. 40:08नताशा के बाद रत्नाकर शेट्टी भी उसके पास
  851. 40:10आकर उसका कंधा थपथपाते हुए बोला मिस्टर
  852. 40:14श्रवण आपने तो कमाल कर दिया कोई कह ही
  853. 40:17नहीं सकता कि आपने ये काम पहली [संगीत]
  854. 40:19बार किया है। आपके चेहरे के भाव कितने
  855. 40:23नेचुरल लग रहे हैं। सचमुच आपने मेरी
  856. 40:26उम्मीद से बढ़कर काम किया है। मैं बता
  857. 40:29नहीं सकता [संगीत] कि मैं कितना खुश हूं।
  858. 40:32मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि निखिल भी
  859. 40:34इतना अच्छा काम नहीं कर पाता।
  860. 40:37शौर्य को अभी भी यकीन नहीं था। वो रत्नाकर
  861. 40:40शेट्टी की बात सुनकर बोला बस बस मुझे अब
  862. 40:43और [संगीत] चने के झाड़ पर चढ़ाने की
  863. 40:45जरूरत नहीं है। आप लोग जानबूझकर मेरी इतनी
  864. 40:48तारीफ कर रहे हैं ताकि मुझे बुरा फील
  865. 40:50[संगीत] ना हो। अरे नहीं मिस्टर श्रवण मैं
  866. 40:53सच कह रहा हूं। आपने सचमुच बहुत बढ़िया
  867. 40:56काम किया है। रत्नाकर शेट्टी ने अपने दिल
  868. 40:59के भाव व्यक्त किए। इस पर शौर्य खुश होते
  869. 41:02हुए बोला,
  870. 41:04चलो अगर ऐसा है तो फिर बढ़िया है। आपका
  871. 41:08काम तो हो गया। अब मेरे काम का क्या?
  872. 41:11शेट्टी तो नहीं समझा मगर पास खड़ी नताशा
  873. 41:14शौर्य का मतलब समझ गई और बोली, कहा था ना?
  874. 41:18तुम अगर इस शूट के लिए तैयार हो जाते हो
  875. 41:21तो मैं तुम्हारा काम फ्री में करूंगी।
  876. 41:24शौर्य को विश्वास नहीं [संगीत] हुआ। इसलिए
  877. 41:26उसने कंफर्म करने के लिए फिर से पूछा क्या
  878. 41:30सच में तुम मेरा काम करने के लिए तैयार हो
  879. 41:32और वो भी फ्री में।
  880. 41:35शौर्य की [संगीत] अविश्वास भरी नजरों को
  881. 41:37देखते हुए नताशा ने कहा तो अब मैं तुम्हें
  882. 41:40कैसे यकीन दिलाऊं? चलो ऐसा करते हैं। अगर
  883. 41:44तुम्हारे पास एग्रीमेंट की कॉपी है तो उसे
  884. 41:47ले आओ। मैं उस पर साइन कर देती हूं।
  885. 41:50शौर्य को जब यह महसूस हो गया कि नताशा
  886. 41:52सीरियस है तो उसने कहा नहीं उसकी कोई
  887. 41:55जरूरत नहीं है। जब तुमने कह दिया तो मुझे
  888. 41:58तुम पर पूरा विश्वास है। खैर कुछ देर बाद
  889. 42:02पैकअप की आवाज गूंजते ही सारे क्रू
  890. 42:04मेंबर्स सामान समेटने लगे। राहुल भी शौर्य
  891. 42:08की परफॉर्मेंस से खुश था। जब शूट हो रहा
  892. 42:11था उस समय राहुल ने अपने मोबाइल से कई
  893. 42:13फोटो क्लिक [संगीत] किए थे और उनमें से
  894. 42:16उसने कुछ अच्छे फोटो शिप्रा को भेज दिए
  895. 42:19थे। वो समझता था कि शिप्रा और शौर्य का
  896. 42:21रिलेशन नॉर्मल नहीं है। राहुल भले ही
  897. 42:24शौर्य को जीजू कहता है पर वो जानता था कि
  898. 42:27शिप्रा भी शौर्य को अपने पति का दर्जा
  899. 42:29नहीं दे रही है। बीतते समय के [संगीत] साथ
  900. 42:32राहुल को धीरे-धीरे शौर्य से एक अपनापन
  901. 42:34महसूस होने लगा था। राहुल ने नोटिस किया
  902. 42:37कि नताशा अपने वैनिटी वैन में जाने वाली
  903. 42:40थी। तो उसने जल्दी से नताशा से कहा नताशा
  904. 42:43जी क्या आप मेरे साथ एक फोटो खिंचवा सकती
  905. 42:46हैं? नताशा राहुल की बात सुनकर मुस्कुराते
  906. 42:49हुए बोली क्यों नहीं? मैं अपने इतने बड़े
  907. 42:53फैन को नाख [संगीत] कैसे कर सकती हूं?
  908. 42:56नताशा राहुल के करीब चली गई और बोली, तुम
  909. 42:59अपना मोबाइल मुझे दो। मैं फोटो खींचती
  910. 43:02हूं। राहुल ने अपना मोबाइल नताशा के हाथ
  911. 43:04में दिया। उसके बाद नताशा ने राहुल के
  912. 43:07कंधे पर एक हाथ रखकर दूसरे हाथ से सेल्फी
  913. 43:10ली। राहुल नताशा के इतने पास आने से थोड़ा
  914. 43:13असहज तो हुआ पर उसे अच्छा भी लगा। फोटो
  915. 43:16खींचने [संगीत] के बाद नताशा ने उस फोटो
  916. 43:19को देखा। फिर राहुल को दिखाते हुए कहा।
  917. 43:23यह ठीक है। राहुल ने फोटो देखा तो उसे
  918. 43:27देखकर लगा कि अगर किसी को भी वह सेल्फी
  919. 43:29दिखाएगा तो सभी यही समझेंगे कि [संगीत] वो
  920. 43:32और नताशा एक दूसरे को अच्छी तरह जानते
  921. 43:35हैं। इसीलिए वह खुश होते हुए बोला, "यह तो
  922. 43:38बहुत ही बढ़िया है। राहुल का जवाब सुनकर
  923. 43:42नताशा ने [संगीत] एक प्यारी मुस्कान के
  924. 43:43साथ राहुल को देखा और अपने वैनिटी वैन की
  925. 43:46तरफ बढ़ गई। नताशा के वहां से जाने के बाद
  926. 43:49शौर्य राहुल के पास आया [संगीत] और बोला,
  927. 43:53क्या बात है। बहुत फोटो-वोटोो खींचे जा
  928. 43:56रहे हैं। सब ठीक तो है? हां, सब बढ़िया
  929. 44:00है। मेरा यहां आना तो अब जाकर सफल हुआ।
  930. 44:03नहीं तो अभी तक तो मैं आप [संगीत] दोनों
  931. 44:05की ही फोटो खींचे जा रहा था। राहुल मोबाइल
  932. 44:08में फोटो देखता हुआ बोला, "मेरा फोटो?"
  933. 44:12शौर्य को पता नहीं था कि राहुल ने उसके
  934. 44:14शूट करते वक्त के कुछ फोटो खींचे थे। उसने
  935. 44:17राहुल की तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहा, "जरा
  936. 44:20दिखाना दो। मैं भी तो देखूं तुमने मेरे
  937. 44:22कैसे फोटो लिए हैं। राहुल ने फोटो [संगीत]
  938. 44:25निकालकर मोबाइल शौर्य की तरफ बढ़ा दिया।
  939. 44:28शौर्य स्क्रोल करके फोटो देखने लगा तो एक
  940. 44:30जगह उसकी उंगली रुक गई। उस फोटो में उसने
  941. 44:33[संगीत] देखा उसके हाथ में स्ट्रांग का
  942. 44:36कैन था और नताशा उसे पीछे से अपनी बाहों
  943. 44:39में भरे हुए थी। दोनों के कपड़े गीले थे।
  944. 44:43अगर किसी को यह पता ना हो कि यह एक शूटिंग
  945. 44:46के समय का फोटो है तो देखने वाले यही
  946. 44:48समझेंगे कि यह दोनों गहरे प्रेम में हैं।
  947. 44:51शौर्य राहुल की तरफ देखते हुए बोला
  948. 44:54यह क्या है? ऐसे फोटो लेने की क्या जरूरत
  949. 44:58थी? शौर्य ने आप देखा ना ताव। उसने जल्दी
  950. 45:01से उस फोटो को डिलीट कर दिया। अरे जीजू,
  951. 45:04यह आप क्या कर रहे हो? मेरा मोबाइल मुझे
  952. 45:06वापस करो और आप ऐसे मेरे मोबाइल से फोटो
  953. 45:09डिलीट नहीं कर सकते।
  954. 45:11राहुल शौर्य के हाथ से अपना मोबाइल छीनता
  955. 45:13हुआ बोला। वैसे राहुल को तसल्ली थी कि
  956. 45:15शौर्य ने एक फोटो ही डिलीट की थी और उसे
  957. 45:18भी उसने शिप्रा को पहले ही भेज दिया था।
  958. 45:21इसलिए उसे फोटो डिलीट होने की चिंता नहीं
  959. 45:24थी। [संगीत]
  960. 45:24शिप्रा इस समय एयरपोर्ट पर खड़ी किसी का
  961. 45:27इंतजार कर रही थी।
  962. 45:30तभी उसने हाथ हिलाकर एक लड़की को अपनी तरफ
  963. 45:33आकर्षित किया। दोनों की नजरें मिली और वह
  964. 45:36लड़की भागकर शिप्रा के [संगीत] पास
  965. 45:38पहुंचकर उससे लिपट गई।
  966. 45:40वो लड़की भी खूबसूरती में शिप्रा से कुछ
  967. 45:43कम नहीं थी। उसने शिप्रा को हग करने के
  968. 45:45[संगीत] बाद चारों तरफ देखते हुए कहा, तुम
  969. 45:49अकेली आई हो
  970. 45:52क्यों और किसको आना था मेरे साथ? शिप्रा
  971. 45:56ने उल्टा सवाल कर दिया। तुम्हारे [संगीत]
  972. 45:58पतिदेव को आखिर मुझे भी तो देखना है कि
  973. 46:01मेरी बहन का पति कैसा है? मैंने सुना था
  974. 46:03कि वह तुम्हारा ड्राइवर बना हुआ है। पर
  975. 46:06यहां तो मुझे तुम्हारे सिवा कोई और दिख
  976. 46:08नहीं रहा है।
  977. 46:10वो लड़की शरारत भरे स्वर में बोली तो
  978. 46:12शिप्रा ने मेघना को आंख दिखाते हुए कहा
  979. 46:15मेघना की [संगीत] बच्ची अगर अपनी जुबान
  980. 46:18ज्यादा चलाई तो घर जाने से पहले ही मैं
  981. 46:20तुम्हारी जान ले लूंगी यार यह तो गलत बात
  982. 46:24है क्या मैं अपने जीजा जी से भी नहीं मिल
  983. 46:26सकती या तुम्हें कहीं यह डर तो नहीं है कि
  984. 46:28मेरी खूबसूरती [संगीत]
  985. 46:29देखकर वो कहीं फिसल ना जाए इसीलिए तुम
  986. 46:32उन्हें यहां लाई ही नहीं मेघना ने अतराते
  987. 46:35हुए कहा तो शिप्रा तंज कसते हुए बोली घर
  988. 46:39चल रही हो, अच्छे से मिल लेना और अपनी
  989. 46:41खूबसूरती का जादू भी उसके ऊपर चला लेना।
  990. 46:45ना अभी मैं [संगीत] तुम्हारे घर नहीं चल
  991. 46:47सकती। उससे पहले मुझे एक मीटिंग करनी है।
  992. 46:50मैं कल आ जाऊंगी। अभी तुम मुझे राजकमल
  993. 46:53होटल छोड़ दो। मेघना ने शिप्रा की बात
  994. 46:56काटते हुए कहा। कैसी बात करती हो? अपना घर
  995. 46:59होते हुए तुम होटल में ठहरोगी। [संगीत]
  996. 47:02मम्मी मुझे जान से मार देंगी कि मैं
  997. 47:04तुम्हें साथ लेकर क्यों नहीं आई? पहले तुम
  998. 47:06घर चलो। उसके बाद तुमको जहां [संगीत] जाना
  999. 47:08हो चली जाना। फिर मुझे मम्मी की डांट नहीं
  1000. 47:11सुननी पड़ेगी। शिप्रा मेघना का बैग डिक्की
  1001. 47:14में रखते हुए बोली। मेघना ने शिप्रा को
  1002. 47:17मनाते हुए कहा।
  1003. 47:19अरे तुम मौसी की चिंता मत करो। मैं उनसे
  1004. 47:21बात कर लूंगी। पापा [संगीत] ने पहले ही
  1005. 47:23होटल राजकमल में कमरा बुक कर रखा है। एक
  1006. 47:26बार काम खत्म हो जाता है तो फिर मैं
  1007. 47:28[संगीत] आकर कुछ दिन तुम्हारे साथ रहूंगी
  1008. 47:30ना।
  1009. 47:32इस पर शिप्रा ने ना में सर हिलाकर कहा,
  1010. 47:35नहीं मैं तुम्हारी बात मानने वाली नहीं
  1011. 47:38हूं। अगर तुम होटल जाना चाहती हो तो पहले
  1012. 47:41मेरे सामने मम्मी को फोन कर लो। [संगीत]
  1013. 47:43तभी मैं तुम्हें होटल राजकमल लेकर जाऊंगी।
  1014. 47:46मेघना शिप्रा की जिद भरी बात सुनकर बोली।
  1015. 47:49ठीक है बाबा। मैं अभी मौसी को फोन करके
  1016. 47:51बोल देती हूं। इतना कहकर [संगीत] उसने
  1017. 47:54अपना मोबाइल निकाला, नंबर डायल किया और
  1018. 47:57फोन स्पीकर पर कर दिया। कुछ पल बाद ही
  1019. 48:00दूसरी तरफ से शिप्रा की मम्मी की आवाज आई।
  1020. 48:03हेलो
  1021. 48:05आवाज सुनकर मेघना इधर से बोली हेलो मौसी
  1022. 48:09मैं मेघना बोल रही हूं। मौसी मुझे आज कुछ
  1023. 48:12अर्जेंट काम है इसलिए मुझे अभी होटल
  1024. 48:14राजकमल जाना पड़ेगा। मैं कल आती हूं आपके
  1025. 48:17पास। ये शिप्रा की बच्ची मान नहीं रही है।
  1026. 48:20इस पर बीना जी जिद भरे स्वर में बोली।
  1027. 48:24ये कैसी बात कर रही हो बेटी? अपना घर होते
  1028. 48:27हुए तुम होटल में ठहरोगी। यह मुझे अच्छा
  1029. 48:30लगेगा क्या?
  1030. 48:31अरे मौसी ऐसी बात नहीं है। एक्चुअली मेरी
  1031. 48:34एक मीटिंग वहीं पर है। इसलिए पहले मेरा
  1032. 48:36वहां जाना जरूरी है। जैसे ही मीटिंग खत्म
  1033. 48:39होती है मैं अपना सामान लेकर आपके पास आ
  1034. 48:42जाऊंगी और फिर रहूंगी आपके साथ जब तक आपका
  1035. 48:45मन ना भर जाए या आप मुझे धक्के मारकर अपने
  1036. 48:47घर से निकाल ना दें।
  1037. 48:50मेघना ने हंसते हुए कहा तो बीना जी
  1038. 48:53वार्निंग देते हुए बोली
  1039. 48:55अगर ऐसी बात है तो फिर ठीक है। तुम चली
  1040. 48:58जाओ। लेकिन अगर कल तुम समय से यहां नहीं
  1041. 49:01आई तो फिर मैं तुम्हारी एक भी नहीं
  1042. 49:04सुनूंगी।
  1043. 49:05देखा शिप्रा की बच्ची तुम फालतू में मेरी
  1044. 49:08मौसी को विलेन बना रही थी। वो कितनी
  1045. 49:10समझदार है। एक बार में बात समझ गई। मेघना
  1046. 49:14उपहास करते हुए बोली। तो शिप्रा ने खुश
  1047. 49:17होने का दिखावा करते हुए कहा। चलो अब
  1048. 49:20ज्यादा इतराओ मत और बैठ जाओ गाड़ी में।
  1049. 49:22मुझे भी तुम्हारे साथ रहने का कोई शौक
  1050. 49:24नहीं [संगीत] है। मेरे लिए तो अच्छा ही है
  1051. 49:26जो तुमसे पीछा छूटेगा।
  1052. 49:28आ हा ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है।
  1053. 49:31मैं इतनी आसानी से तुम्हारा पीछा नहीं
  1054. 49:34छोड़ने वाली। मैं सिर्फ आज के लिए होटल
  1055. 49:36राजकमल में जा रही हूं। कल [संगीत] से फिर
  1056. 49:38मैं तुम्हारे सिर पर ही मंडराऊंगी। मेघना
  1057. 49:41ने मजाक भरे स्वर में कहा। तभी शिप्रा ने
  1058. 49:44गाड़ी आगे बढ़ा दी और एक सॉन्ग चला दिया।
  1059. 49:46पर अगले ही पल मेघना ने सॉन्ग को बंद कर
  1060. 49:49दिया और सीरियस स्वर में शिप्रा से कहा,
  1061. 49:53तुमने अपने लिए आगे क्या सोचा है? शिप्रा
  1062. 49:57ने अनजान बनते हुए पूछा, किस बारे में?
  1063. 50:02अब मेरे सामने अनजान बनने का दिखावा मत
  1064. 50:04करो। मैं जानती हूं कि तुम अच्छे से समझ
  1065. 50:06रही हो कि मैं किस बारे में बात कर रही
  1066. 50:08हूं। मेघना का स्वर अभी भी गंभीर था।
  1067. 50:12लेकिन शिप्रा सामने रोड पर नजर गड़ाए हुए
  1068. 50:15बोली।
  1069. 50:16मैंने कुछ भी सोचना बंद कर दिया है। सब
  1070. 50:19कुछ ऊपर वाले पर छोड़ दिया है। देखते हैं
  1071. 50:22वो मेरी जिंदगी की गाड़ी कहां ले जाते
  1072. 50:24हैं। यह क्या बात हुई? [संगीत] सब कुछ
  1073. 50:27भगवान भरोसे छोड़ने का क्या मतलब? तुमने
  1074. 50:29अभी तक उससे तलाक लेकर खुद को अलग क्यों
  1075. 50:32नहीं किया? मेघना ने शिप्रा के चेहरे की
  1076. 50:35तरफ देखते [संगीत] हुए पूछा। तो शिप्रा ने
  1077. 50:38सपाट स्वर में जवाब दिया। उससे क्या होता?
  1078. 50:44क्या मतलब? उससे क्या होता? अरे तुम मुझसे
  1079. 50:47अलग हो जाती। तुम्हारा नाम मुझसे अलग हो
  1080. 50:49जाता। यह ज्यादा जरूरी है ना? शिप्रा के
  1081. 50:53लिए मेघना की चिंता उसके स्वरों में
  1082. 50:55स्पष्ट नजर आ रही थी। पर शिप्रा ने
  1083. 50:57समझाया, इतना आसान नहीं है। जैसे ही मैं
  1084. 51:01तलाक [संगीत] लेती हूं, मेरे परिवार वाले
  1085. 51:03फिर से मेरे लिए दूसरा लड़का देखना शुरू
  1086. 51:05कर देंगे। एटलीस्ट फिलहाल मैं इस परेशानी
  1087. 51:08से तो बची हुई हूं। अपनी बात कहने के बाद
  1088. 51:12शिप्रा ने मुस्कुराने का असफल प्रयास
  1089. 51:14किया। इस पर मेघना अपनी आंखें बड़ी करती
  1090. 51:17हुई बोली, तो क्या तुम इसलिए उससे तलाक ही
  1091. 51:20नहीं लोगी कि अंकल आंटी दोबारा तुम्हारी
  1092. 51:22शादी की कोशिश करेंगे?
  1093. 51:25तब तक तो नहीं ही लूंगी जब तक कि मेरे
  1094. 51:27मम्मी पापा के सिर से मेरी दूसरी शादी
  1095. 51:30कराने का भूत नहीं उतर जाता। शिप्रा
  1096. 51:33निर्णायक स्वर में बोली। तभी शिप्रा के
  1097. 51:36फोन का नोटिफिकेशन बजा। उसने स्क्रीन देखी
  1098. 51:39तो राहुल का मैसेज था। शिप्रा की कार
  1099. 51:42फाइनली होटल राजकमल के बाहर पहुंच गई।
  1100. 51:45उसने गाड़ी पार्क की और मेघना से पूछा,
  1101. 51:48[संगीत]
  1102. 51:49"अब तुम्हारा आगे का क्या प्लान है? क्या
  1103. 51:51मैं तुम्हारे साथ होटल के अंदर चलूं?"
  1104. 51:54जवाब में मेघना ने कहा, नहीं मैं खुद चली
  1105. 51:57जाऊंगी। [संगीत] अभी तुम घर जाओ। मैं कल
  1106. 51:59आती हूं। बस एक बार हमारी मीटिंग पूरी हो
  1107. 52:02जाए। उसके बाद आराम ही आराम। तो ठीक है
  1108. 52:04फिर मैं चलती हूं। शिप्रा ने हामी भरते
  1109. 52:07हुए कहा। इसके बाद मेघना ने डिक्की से
  1110. 52:10अपना बैग निकाला और उसमें से एक पैकेट
  1111. 52:12निकालकर शिप्रा की तरफ बढ़ाते हुए कहा
  1112. 52:16ये लो यह हमारे कुछ नए प्रोडक्ट्स हैं जो
  1113. 52:19अभी-अभी लॉन्च हुए हैं। शायद तुम्हें पसंद
  1114. 52:21आएंगे। शिप्रा ने पैकेट को देखा। वो
  1115. 52:25ग्रेशिया के ब्यूटी प्रोडक्ट्स थे। पैकेट
  1116. 52:27को ऊपर नीचे देखने के बाद शिप्रा ने कहा
  1117. 52:30कंजूस कहीं की हमेशा अपने प्रोडक्ट देती
  1118. 52:33हो। कभी बाहर की किसी बढ़िया कंपनी का
  1119. 52:35प्रोडक्ट भी दे दिया करो। अरे मैं ऐसा
  1120. 52:38क्यों करूंगी भला? जब मेरा प्रोडक्ट सबसे
  1121. 52:41अच्छा है [संगीत] तो मैं क्यों तुम्हें
  1122. 52:42घटिया प्रोडक्ट दूंगी? लगाना इसे। देखना
  1123. 52:46चेहरा और ग्लो करेगा। मेघना ने हंसते हुए
  1124. 52:49कहा, ठीक है, ठीक है। शिप्रा भी
  1125. 52:52मुस्कुराते हुए बोली और पैकेट को बगल वाली
  1126. 52:55सीट पर [संगीत] डालकर कार को आगे बढ़ाते
  1127. 52:57हुए वहां से चली गई। दूसरी तरफ शौर्य भी
  1128. 53:00अपने काम से फ्री हो गया था। वो रत्नाकर
  1129. 53:03शेट्टी के पास गया और उनसे बोला शेट्टी
  1130. 53:06साहब अब आप मुझे इजाजत दीजिए मैं [संगीत]
  1131. 53:08निकलता हूं। रत्नाकर शेट्टी ने जब शौर्य
  1132. 53:11की बात सुनी तो उन्होंने कहा श्रवण जी अगर
  1133. 53:15आप तैयार हो तो मैं यहीं आपकी रहने की
  1134. 53:17व्यवस्था कर दूं क्योंकि ऐसा है कि कल का
  1135. 53:20भी शूटिंग का शेड्यूल है तो फिर आपको आने
  1136. 53:22जाने में परेशानी हो सकती है। उससे अच्छा
  1137. 53:25है कि आप यहीं रह जाएं।
  1138. 53:28रताकर शेट्टी की बात सुनकर शौर्य को ध्यान
  1139. 53:30आया कि इनका तो दो दिन का शेड्यूल था पर
  1140. 53:33उसका रात में यहां रुकने का कोई इरादा
  1141. 53:35नहीं था। इसीलिए उसने कहा आप मुझे समय बता
  1142. 53:39दीजिए। मैं कल समय से यहां आ जाऊंगा।
  1143. 53:43अब अगर आपने जाने का निश्चय कर ही लिया है
  1144. 53:46तो फिर ठीक है। लेकिन प्लीज कल आप 10:00
  1145. 53:48बजे तक आ जाइएगा ताकि समय से शूटिंग को
  1146. 53:51कंप्लीट कर लिया जाए।
  1147. 53:54रत्नाकर शेट्टी रिस्पेक्ट के साथ बोले
  1148. 53:57ठीक है आप चिंता मत [संगीत] कीजिए मैं कल
  1149. 53:5910:00 बजे तक आ जाऊंगा।
  1150. 54:02इसके बाद शौर्य राहुल के साथ वहां से
  1151. 54:04निकलने ही वाला था कि उससे पहले ही
  1152. 54:06रत्नाकर शेट्टी को कुछ ध्यान आया तो
  1153. 54:08उन्होंने कहा मिस्टर श्रवण अगर आप जाने से
  1154. 54:11पहले एक बार मिस नताशा से मिल ले तो अच्छा
  1155. 54:14होगा। कहीं ऐसा ना हो कि बाद में वह आपका
  1156. 54:17इंतजार करते हुए हमसे पूछें कि आप कहां
  1157. 54:19गए? रत्नाकर शेट्टी ने संभावना व्यक्त की।
  1158. 54:24उनकी बात सुनकर शौर्य बोला
  1159. 54:27अगर ऐसा है तो आप भी साथ में चलिए। अभी ही
  1160. 54:29नताशा कपूर से भी मिल लेता हूं। इतना कहकर
  1161. 54:33रत्नाकर शेट्टी और शौर्य नताशा के वैनिटी
  1162. 54:35वैन की तरफ बढ़ गए। नताशा कपूर के वैनिटी
  1163. 54:38वैन के पास पहुंचकर रत्नाकर शेट्टी ने
  1164. 54:41उसके दरवाजे पर नॉक किया तो अंदर से लीना
  1165. 54:44ने वैनिटी वैन का दरवाजा खोला। सबको साथ
  1166. 54:48में [संगीत] देखकर उसने अंदर आने का इशारा
  1167. 54:50किया। शौर्य, रत्नाकर शेट्टी और राहुल के
  1168. 54:53साथ वैनिटी वैन के अंदर गया। नताशा ने अब
  1169. 54:56तक अपने कपड़े चेंज कर लिए थे। उसने अपना
  1170. 54:58मेकअप भी साफ कर लिया था। शन ने महसूस
  1171. 55:02किया कि नताशा बिना मेकअप के भी बहुत
  1172. 55:04खूबसूरत लग रही थी। बल्कि अब उसके चेहरे
  1173. 55:06पर एक अलग ही सादगी भरा आकर्षण था जो किसी
  1174. 55:09को भी अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए काफी
  1175. 55:12था। उसने सभी को सोफे पर बैठने का इशारा
  1176. 55:15किया और वो शौर्य की तारीफ करते हुए बोली
  1177. 55:18तुमने वाकई में बहुत अच्छा काम किया
  1178. 55:20श्रवण। मैं तो कहती हूं कि तुमको इस
  1179. 55:23प्रोफेशन को सीरियसली लेना चाहिए। नताशा
  1180. 55:27की बात सुनकर शौर्य झेपते हुए बोला तुम
  1181. 55:30कुछ ज्यादा ही तारीफ कर रही हो मेरी।
  1182. 55:32मैंने ऐसा भी कुछ नहीं किया है कि तुम
  1183. 55:34मुझे आसमान [संगीत] में बिठा रही हो। जो
  1184. 55:37थोड़ा बहुत किया है शायद वो तुम्हारी
  1185. 55:39हौसला अफजाई के कारण संभव हो पाया है।
  1186. 55:42[संगीत]
  1187. 55:43बातें करते हुए शौर्य और नताशा कब एक
  1188. 55:45दूसरे से इतना इनफॉर्मल हो गए थे कि दोनों
  1189. 55:47को पता ही नहीं चला। दोनों अब एक दूसरे को
  1190. 55:51आपकी जगह तुम कहकर बुला रहे थे।
  1191. 55:54अब तुम्हारा क्या प्लान है? क्या तुम यहीं
  1192. 55:57रुकोगे? क्योंकि कल भी शूट करना है। नताशा
  1193. 56:00[संगीत] ने शौर्य से पूछा तो शौर्य ने
  1194. 56:03जवाब दिया। अरे नहीं मुझे तो अभी निकलना
  1195. 56:06है। मैं तो सिर्फ तुम्हें यह बताने के लिए
  1196. 56:08आया था कि मैं अभी जा रहा हूं। कल मैं समय
  1197. 56:11से आ जाऊंगा। इस पर नताशा कुछ कह पाती।
  1198. 56:14उससे पहले ही उसका फोन बजने लगा। उसने फोन
  1199. 56:17उठाया। एक परिचित नंबर देखकर उसने कहा,
  1200. 56:21हेलो मेघना आप कैसी हैं? क्या आप विशालगढ़
  1201. 56:26आ गई हैं?
  1202. 56:28फिर मेघना की दूसरी तरफ की बात सुनकर
  1203. 56:30नताशा बोली,
  1204. 56:33"अच्छा तो आप राजकमल में ठहरी हुई हैं।"
  1205. 56:36[संगीत]
  1206. 56:37नताशा कुछ देर दूसरी तरफ की आवाज सुनती
  1207. 56:39रही। फिर उसने अपने हाथ की घड़ी में समय
  1208. 56:42देखा और बोली,
  1209. 56:44कल तो मैं बिजी रहूंगी क्योंकि पूरे दिन
  1210. 56:46मेरा शूट चलेगा। ऐसा करती हूं कि हम अभी
  1211. 56:49लंच पर ही मिलते हैं। मैं वहीं राजकमल
  1212. 56:51होटल ही आ जाती हूं। वहीं पर साथ में लंच
  1213. 56:54करते हैं। इसके बाद दूसरी तरफ से कुछ कहा
  1214. 56:57गया। फिर नताशा ने फोन काट दिया। फोन रखने
  1215. 57:01के बाद नताशा ने शौर्य की तरफ देखा और
  1216. 57:03उससे कहा
  1217. 57:05श्रवण क्या तुम मुझे होटल राजकमल छोड़
  1218. 57:08दोगे?
  1219. 57:09शौर्य नताशा की बात सुनकर बोला, "यह भी
  1220. 57:12कोई पूछने की बात है। मैं तो उधर जा ही
  1221. 57:15रहा हूं, तो तुम्हें भी छोड़ दूंगा। तो
  1222. 57:18फिर ठीक है, तुम बाहर गाड़ी में मेरा
  1223. 57:20इंतजार करो। मैं बस अभी तैयार होकर आती
  1224. 57:22हूं। नताशा ने एक तरह से सबको संकेत दिया
  1225. 57:25कि सभी वैनिटी वैन के बाहर चले जाएं। उसे
  1226. 57:28तैयार होना है। नताशा की बात सुनकर सभी
  1227. 57:31वैनिटी वैन से बाहर आ गए। शौर्य अपनी कार
  1228. 57:33की तरफ बढ़ा। उसने रत्नाकर शेट्टी से कहा,
  1229. 57:37ठीक है शेट्टी साहब कल मिलते हैं। अब आप
  1230. 57:40भी जाकर आराम कीजिए। हां, ठीक है कल मिलते
  1231. 57:43हैं। रत्नाकर शेट्टी ने कहा। उसके बाद
  1232. 57:46शौर्य से हाथ मिलाकर वो रेस्टोर की तरफ
  1233. 57:48बढ़ गए। शौर्य राहुल के साथ कार के बाहर
  1234. 57:51ही खड़े होकर नताशा के आने का इंतजार करने
  1235. 57:54लगा। इंतजार करते हुए ही राहुल शौर्य से
  1236. 57:57बोला, "क्या बात है जीजू। लगता है नताशा
  1237. 58:02कपूर तो आप पर फिदा ही हो गई है। राहुल की
  1238. 58:05बात सुनकर शौर्य चिढ़ते हुए बोला ज्यादा
  1239. 58:08बकवास करने की जरूरत नहीं है। और हां तुम
  1240. 58:11क्या हर समय जीजू जीजू बोलते रहते हो? घर
  1241. 58:14पर तो ठीक है पर बाहर बोलने की क्या जरूरत
  1242. 58:16है?
  1243. 58:18तो फिर क्या बोलूं आप ही बताइए? राहुल ने
  1244. 58:21शौर्य की आंखों में देखते हुए पूछा तो
  1245. 58:24शौर्य ने कुछ सोचा और बोला
  1246. 58:27ठीक है अगर तुम्हें कुछ बोलना ही है तो
  1247. 58:30तुम मुझे भैया बोल सकते हो
  1248. 58:33अगर ऐसी बात है तो फिर ठीक है अब मैं आपको
  1249. 58:35घर के बाहर भैया ही बोलूंगा राहुल हल्की
  1250. 58:39मुस्कान के साथ बोला दोनों बातें कर ही
  1251. 58:41रहे थे कि तभी उन्होंने सामने से नताशा को
  1252. 58:43आते हुए देखा जब नताशा पास आ गई तो वो
  1253. 58:46शौर्य से बोली तो चले फिर
  1254. 58:51शौर्य भी उसकी बात से सहमति जताते हुए
  1255. 58:53बोला, ठीक है, चलो। इतना कहकर वो
  1256. 58:57ड्राइविंग सीट पर जाकर बैठ गया। [संगीत]
  1257. 58:59अभी राहुल ड्राइवर के बगल वाली सीट पर
  1258. 59:02बैठने जा ही रहा था कि नताशा बोल पड़ी।
  1259. 59:05राहुल, तुम पीछे वाली सीट पर बैठ जाओ। मैं
  1260. 59:08यहां बैठ जाती हूं। [संगीत]
  1261. 59:10नताशा की बात सुनकर राहुल ने शौर्य की तरफ
  1262. 59:13देखा। शौर्य ने आंखों ही आंखों में सहमति
  1263. 59:16जताई। राहुल पीछे वाली सीट पर जाकर बैठ
  1264. 59:19गया और नताशा शौर्य के बगल वाली सीट पर
  1265. 59:22जाकर बैठ [संगीत] गई। सबके बैठने के बाद
  1266. 59:25शौर्य ने कार आगे बढ़ा दी। [संगीत] कुछ
  1267. 59:28देर तक कार में खामोशी छाई रही। उस खामोशी
  1268. 59:32को नताशा ने ही भंग किया और उसने शौर्य से
  1269. 59:35कहा
  1270. 59:37तुम्हें पता है मैं इतनी जल्दी किसी के
  1271. 59:40साथ इतना कैजुअल नहीं होती जितना [संगीत]
  1272. 59:43कि तुम्हारे साथ हो गई हूं। मैं इस बारे
  1273. 59:45में सोचती हूं तो मुझे खुद पर ही आश्चर्य
  1274. 59:48होता है। शायद इसका कारण यह है कि तुमने
  1275. 59:50आज अपनी जान पर खेलकर मेरी जान बचाई है।
  1276. 59:55अगर सच कहूं तो मेरे साथ भी ऐसा ही है।
  1277. 59:58मैं भी जल्दी किसी लड़की के साथ इतना इजी
  1278. 1:00:00होकर बात नहीं कर पाता जितना कि तुम्हारे
  1279. 1:00:03साथ कर रहा हूं। मुझे तो पता ही नहीं चला
  1280. 1:00:06कि कब मैंने तुम्हें आपसे तुम कहना शुरू
  1281. 1:00:08कर दिया। अब सोचता हूं तो खुद पर हंसी भी
  1282. 1:00:11आती है। शौर्य ने भी अपने उद्गार व्यक्त
  1283. 1:00:13किए।
  1284. 1:00:14[संगीत]
  1285. 1:00:15इतना कहकर शौर्य दो पल रुका। फिर बोला और
  1286. 1:00:18प्लीज तुम ये बार-बार जान बचाने वाली बात
  1287. 1:00:21बोलकर मुझे शर्मिंदा मत किया करो। ठीक है
  1288. 1:00:24अब नहीं करूंगी। अब खुश नताशा ने स्माइल
  1289. 1:00:28करते हुए कहा हां अब सही है।
  1290. 1:00:32शौर्य भी मुस्कुरा कर बोला। उसके बाद वो
  1291. 1:00:34अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोला। अभी तुम
  1292. 1:00:38होटल राजकवल में किससे मिलने के लिए जा
  1293. 1:00:40रही हो? मेघना सिंह ग्रेशा ब्यूटी
  1294. 1:00:43प्रोडक्ट की ओनर है। उसी के साथ अभी
  1295. 1:00:45मीटिंग करनी है। वो आज ही यूके से आई है
  1296. 1:00:48और होटल राजकमल में ठहरी हुई है। क्योंकि
  1297. 1:00:51मैं कल भी शूट में ही बिजी रहूंगी। इसीलिए
  1298. 1:00:53मैंने सोचा आज ही उससे मिल लेती हूं और
  1299. 1:00:55साथ में लंच भी हो जाएगा। नताशा बोली यह
  1300. 1:00:59बढ़िया है। इस तरह उस बेचारी का कल का दिन
  1301. 1:01:02खराब होने से बच जाएगा। तुमने अच्छा
  1302. 1:01:04डिसीजन लिया। शौर्य ने नताशा की तारीफ
  1303. 1:01:07करते हुए कहा।
  1304. 1:01:09मैंने भी यही सोचकर आज ही उससे मिलने का
  1305. 1:01:12फैसला किया और फिर यह भी सोचा कि इसी
  1306. 1:01:14बहाने होटल राजकमल में लंच करने का मौका
  1307. 1:01:17भी मिल जाएगा। नताशा ने [संगीत] खुशी
  1308. 1:01:20जाहिर करते हुए कहा। दूसरी तरफ शिप्रा
  1309. 1:01:23मेघना को होटल राजकमल छोड़ने के बाद अपने
  1310. 1:01:26घर पहुंच गई थी। वो कार पार्क करने के बाद
  1311. 1:01:29सीधा अपने कमरे में पहुंची। उसने अपना
  1312. 1:01:31मोबाइल चेक किया तो उसमें कई नोटिफिकेशन
  1313. 1:01:34देखकर उसने अपना चैट बॉक्स ओपन किया। उसने
  1314. 1:01:37देखा कि राहुल ने उसके साथ बहुत सारे फोटो
  1315. 1:01:40शेयर किए हुए थे। वो एक-एक करके सारे फोटो
  1316. 1:01:44देखने लगी। जैसे-जैसे वो फोटो देखती जा
  1317. 1:01:47[संगीत] रही थी, उसका आश्चर्य बढ़ता जा
  1318. 1:01:49रहा था। वो शौर्य को स्टाइलिश कपड़ों में
  1319. 1:01:52नताशा के साथ देखकर अचंभित थी। उसे समझ
  1320. 1:01:55नहीं आया कि श्रवण नताशा कपूर के इतने
  1321. 1:01:58करीब कैसे हो गया है कि दोनों एक साथ इतने
  1322. 1:02:01खास पल बिता रहे हैं। यह बात उसे परेशान
  1323. 1:02:04करने लगी। उसे यह नहीं पता था कि यह फोटो
  1324. 1:02:07शूटिंग की फोटो है क्योंकि राहुल ने इसमें
  1325. 1:02:10ऐसा कहीं मेंशन किया ही [संगीत] नहीं था।
  1326. 1:02:12इसीलिए भी शिप्रा आश्चर्य में थी कि क्या
  1327. 1:02:15शौर्य पहले से नताशा कपूर को जानता है?
  1328. 1:02:18फिर शिप्रा उस फोटो पर जाकर रुक गई।
  1329. 1:02:21जिसमें नताशा पीछे से उसे बाहों में भरे
  1330. 1:02:24हुए थी और दोनों के ही कपड़े गीले थे।
  1331. 1:02:27नताशा और शौर्य को इतने पास देखकर शिप्रा
  1332. 1:02:30को अच्छा नहीं लगा। उसने सोचा [संगीत]
  1333. 1:02:33यह नताशा कितनी बेशर्म लड़की है जो खुलेआम
  1334. 1:02:37शौर्य के साथ नजदीकियां बढ़ा रही है। उसे
  1335. 1:02:40राहुल पर भी गुस्सा आ रहा था। वो सोच रही
  1336. 1:02:43थी कि क्या राहुल वहां सिर्फ उन दोनों की
  1337. 1:02:45फोटो खींचने गया था क्या?
  1338. 1:02:48लास्ट में उसने राहुल की भी कुछ फोटो देखी
  1339. 1:02:51जिसमें वो नताशा के साथ था। लेकिन इन
  1340. 1:02:53फोटोस को देखकर लग रहा था कि यह एक फैन का
  1341. 1:02:56फोटो है जिसने अपने आइडल के साथ फोटो
  1342. 1:02:59खिंचवाया [संगीत] है। अचानक शिप्रा को
  1343. 1:03:02अपने अंदर बेचैनी सी महसूस होने लगी। वो
  1344. 1:03:05जो अभी बैठी हुई थी अचानक खड़ी होकर कमरे
  1345. 1:03:08में इधर-उधर टहलने लगी। फिर वो खुद ही
  1346. 1:03:10सोचते हुए मन ही मन बोली। मैं अचानक इतना
  1347. 1:03:14अनकंफर्टेबल क्यों फील करने लगी हूं? अगर
  1348. 1:03:17शौर्य नताशा के इतने करीब है भी तो इससे
  1349. 1:03:20मुझे भला क्या प्रॉब्लम हो सकती है?
  1350. 1:03:23यह सोचकर उसने खुद से कहा, हां मुझे क्यों
  1351. 1:03:26प्रॉब्लम है? वो किसी के साथ रहे, किसी के
  1352. 1:03:30साथ जाए तो मुझे क्यों बुरा लग रहा है?
  1353. 1:03:32मैंने तो पहले ही शौर्य को बोल दिया था कि
  1354. 1:03:35वो किसी के साथ भी रिलेशन में जा सकता है।
  1355. 1:03:37मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी। तो फिर मुझे
  1356. 1:03:40यह बेचैनी क्यों हो रही है?
  1357. 1:03:44अब शिप्रा के लिए कमरे में रहना मुश्किल
  1358. 1:03:46हो रहा था। इसीलिए वो कमरे से निकल कर
  1359. 1:03:48डाइनिंग रूम में आ गई। उसने सोचा क्या
  1360. 1:03:51[संगीत] वो राहुल को फोन करके पता करे कि
  1361. 1:03:53वो अभी कहां है? फिर उसने खुद ही अपना
  1362. 1:03:56इरादा बदल दिया। नहीं यह ठीक नहीं रहेगा
  1363. 1:04:00क्योंकि श्रवण उसके साथ ही होगा। अगर उसे
  1364. 1:04:03पता चलेगा कि मैं उसके बारे में जानना चाह
  1365. 1:04:05रही हूं तो वो क्या सोचेगा?
  1366. 1:04:08शिप्रा एक अजीब सी कशमकश के अंदर फंसती जा
  1367. 1:04:11रही थी। पर वो कोई फैसला नहीं ले पा रही
  1368. 1:04:14थी। राहुल का घर होटल राजकमल के रास्ते पर
  1369. 1:04:17ही पड़ता है। इसीलिए शौर्य ने गाड़ी को
  1370. 1:04:20राय मैनशन के पास रोक लिया और बोला
  1371. 1:04:24तुम घर जाओ मैं होटल राजकमल से होकर आता
  1372. 1:04:26हूं। राहुल बिना कुछ कहे कार से उतर गया
  1373. 1:04:30और अपने घर की तरफ बढ़ गया। फिर अगले ही
  1374. 1:04:33पल शौर्य ने कार आगे बढ़ा दी। कार में
  1375. 1:04:36खामोशी छाई हुई थी। दोनों में से कोई कुछ
  1376. 1:04:39बोल नहीं रहा था। फिर तभी खामोशी को
  1377. 1:04:42तोड़ते हुए शौर्य ने कहा, क्या तुम सच में
  1378. 1:04:45अभी मीटिंग के बाद कृष्णापुरम वापस जाओगी?
  1379. 1:04:48और चारा ही क्या है? वापस तो जाना ही
  1380. 1:04:51पड़ेगा। नताशा ने जवाब दिया। नहीं अगर तुम
  1381. 1:04:55चाहो तो मैं वहीं होटल राजकमल में
  1382. 1:04:57तुम्हारे रहने की व्यवस्था कर सकता हूं।
  1383. 1:04:59सुबह तुम कृष्णापुरम चली जाना और हो सका
  1384. 1:05:02तो मैं भी तुम्हारे साथ ही चलूंगा। शौर्य
  1385. 1:05:04ने नताशा को ऑप्शन दिया। तो नताशा ने कहा
  1386. 1:05:08अगर ऐसी बात है तो पहले देखते हैं कि वहां
  1387. 1:05:11कितना टाइम लगता है। उसी के हिसाब से फिर
  1388. 1:05:14डिसाइड करेंगे कि क्या करना है। ठीक है
  1389. 1:05:18जैसी तुम्हारी मर्जी। शौर्य ने भी रिप्लाई
  1390. 1:05:21किया। उसके बाद कार में फिर खामोशी छा गई।
  1391. 1:05:25वहीं दूसरी तरफ राहुल अपने घर पहुंचा तो
  1392. 1:05:28शिप्रा डाइनिंग रूम में ही बैठी इसी
  1393. 1:05:30इंतजार में थी कि राहुल को फोन करे या ना
  1394. 1:05:32करें। पर [संगीत] जब उसने राहुल को आते
  1395. 1:05:34देख लिया तो उसने फोन को साइड में रखते
  1396. 1:05:36हुए पूछा
  1397. 1:05:38बहुत टाइम लगा दिया तुम तो सुबह ही गए थे
  1398. 1:05:41फिर इतना वक्त कैसे लग गया
  1399. 1:05:45राहुल ने शरारती अंदाज में शिप्रा की तरफ
  1400. 1:05:48देखा और पूछा क्या सच में तुम यही जानना
  1401. 1:05:50चाहती हो राहुल की बात सुनकर शिप्रा बोली
  1402. 1:05:55हां तो और क्या जानना चाहूंगी वैसे तुमने
  1403. 1:05:58इतने सारे फोटो क्यों भेजे हैं क्या इसी
  1404. 1:06:00मीटिंग के लिए श्रवण नताशा से मिलने गया
  1405. 1:06:04एक साथ इतने सारे क्वेश्चन क्या हुआ?
  1406. 1:06:07तुम्हें फोटो पसंद नहीं आए क्या? राहुल
  1407. 1:06:10शिप्रा को चिढ़ाते हुए बोला तो शिप्रा ने
  1408. 1:06:13भी यूं जताया जैसे उसे इस बात से कोई खास
  1409. 1:06:16फर्क नहीं पड़ रहा हो। इसमें पसंद आने ना
  1410. 1:06:19आने वाली क्या बात है? मैंने तो इसलिए
  1411. 1:06:21पूछा कि यहां से तो वो बोल कर गया था कि
  1412. 1:06:23वो एक मीटिंग के लिए जा रहा है। पर फोटो
  1413. 1:06:26देखकर तो लग रहा है जैसे वो दोनों एक
  1414. 1:06:28दूसरे के पुराने जानकार हो और किसी पिकनिक
  1415. 1:06:31पर गए हो।
  1416. 1:06:33राहुल ने महसूस किया कि शिप्रा [संगीत]
  1417. 1:06:34बड़ी शिद्दत से यह जानना चाह रही है कि उन
  1418. 1:06:37दोनों का रिलेशन क्या है? लेकिन फिर वो
  1419. 1:06:40बोला तुम तो रहने ही दो। तुम उनके बारे
  1420. 1:06:44में जानकर भी क्या करोगी? वैसे सच कहूं तो
  1421. 1:06:47आज मजा बहुत आया। सबसे बड़ी बात यह है कि
  1422. 1:06:50आज मैं फाइनली [संगीत] अपनी फेवरेट स्टार
  1423. 1:06:52से मिल पाया। राहुल खुश होते हुए बोला
  1424. 1:06:55राहुल की बात सुनकर शिप्रा को गुस्सा तो
  1425. 1:06:58बहुत आया पर उसने अपने गुस्से को दबाते
  1426. 1:07:01हुए कहा अब इसमें रहने दो वाली क्या बात
  1427. 1:07:04है? मैं तो इसलिए जानना चाहती हूं कि
  1428. 1:07:06श्रवण ने सुबह कुछ और कहा था। पर फोटो
  1429. 1:07:09देखकर तो कुछ और ही लग रहा है। इसी
  1430. 1:07:11जिज्ञासा के कारण मैं पूछ रही हूं। समझे?
  1431. 1:07:14[संगीत] और तुम भी ज्यादा भाव मत खाओ।
  1432. 1:07:16सीधे-सीधे बता दो। अरे क्या दीदी तुम तो
  1433. 1:07:19पीछे ही पड़ गई। ठीक है मैं बाद में
  1434. 1:07:21बताऊंगा। [संगीत]
  1435. 1:07:22अभी मुझे भूख लग रही है। पहले मुझे कुछ
  1436. 1:07:25खाना है। उसके बाद मैं इस बारे में बात
  1437. 1:07:27करूंगा। राहुल जानबूझकर शिप्रा को सताने
  1438. 1:07:30के लिए ऐसा कर रहा था। शिप्रा भी यह समझ
  1439. 1:07:33गई थी। तुम जानबूझकर ऐसा कर रहे हो ना?
  1440. 1:07:36तुम्हें मुझे सताने में बड़ा मजा आता है।
  1441. 1:07:39अगर ऐसा है तो फिर मुझे कुछ नहीं जानना
  1442. 1:07:41है। मैं जा रही हूं अपने कमरे में। शिपरा
  1443. 1:07:44नाराजगी भरे स्वर में बोली। वो उठकर अपने
  1444. 1:07:47कमरे की तरफ जाने लगी। तभी राहुल उसे
  1445. 1:07:49रोकते हुए बोला, "अरे दीदी, तुम चली जाओगी
  1446. 1:07:52तो फिर मुझे खाना कौन देगा?" अगर तुम्हें
  1447. 1:07:55जाना ही है तो चली जाना। पर पहले मुझे
  1448. 1:07:57खाना तो दे दो। क्यों? ऊपर वाले ने हाथ
  1449. 1:08:01पैर दिए हैं ना, खुद निकाल कर खा लो।"
  1450. 1:08:04शिप्रा ने गुस्से में कहा, शिप्रा का
  1451. 1:08:07बिहेवियर देखकर राहुल बोला, "मुझे समझ
  1452. 1:08:10नहीं आ रहा है कि तुम इतने गुस्से में
  1453. 1:08:12क्यों हो।" ऐसा मैंने क्या कर दिया?
  1454. 1:08:16राहुल की बात सुनकर शिप्रा को भी लगा कि
  1455. 1:08:18वो कुछ ज्यादा ही उतावलापन दिखा रही है।
  1456. 1:08:21उसने अपने व्यवहार के बारे में सोचा। उसे
  1457. 1:08:23खुद पर आश्चर्य हो रहा था कि वो श्रवण के
  1458. 1:08:26बारे में जानने के लिए इतनी ज्यादा उत्सुक
  1459. 1:08:28क्यों हो रही है। शायद इसी का फायदा राहुल
  1460. 1:08:31भी उठा रहा है जिसके कारण वो उससे इस तरह
  1461. 1:08:34से बात कर रहा है। खैर उसने एक लंबी सांस
  1462. 1:08:38ली और खुद को शांत किया। वो राहुल का खाना
  1463. 1:08:41लगाने के लिए खुद को तैयार कर ही रही थी
  1464. 1:08:44कि तभी शंतो कहीं बाहर से डाइनिंग रूम में
  1465. 1:08:46आई तो शिप्रा शंतू से बोली संतो राहुल के
  1466. 1:08:51साथ मेरा भी खाना लगा दो मुझे भी भूख लग
  1467. 1:08:53रही है।
  1468. 1:08:55शंतू के इतना बोलने के बाद शिप्रा फिर से
  1469. 1:08:57आकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गई। पर अब उसने
  1470. 1:09:00राहुल से इस बारे में कोई बात नहीं की।
  1471. 1:09:03जबकि राहुल इंतजार कर रहा था कि शिप्रा
  1472. 1:09:06उससे कभी भी श्रवण के बारे में पूछ सकती
  1473. 1:09:08है। शिप्रा ने तो नहीं पर हां संतो ने
  1474. 1:09:12उससे पूछ लिया। अरे राहुल भैया आप तो आ गए
  1475. 1:09:16पर ये जीजाजी कहां रह गए? आप दोनों तो साथ
  1476. 1:09:19ही गए थे। हां गया तो साथ ही था और आया भी
  1477. 1:09:23[संगीत] साथ ही। पर उनको कुछ और काम था
  1478. 1:09:25जिसके कारण वो फिर से होटल राजकमल चले गए
  1479. 1:09:28हैं। राहुल ने आधी अधूरी बात संतो को
  1480. 1:09:31बताई। शिप्रा ने राहुल से कुछ पूछा तो
  1481. 1:09:34नहीं पर उसके कान राहुल की बात की तरफ ही
  1482. 1:09:36थे। तभी संतो राहुल के सामने प्लेट लगाते
  1483. 1:09:39हुए बोली तो क्या फिर वो आकर खाना खाएंगे
  1484. 1:09:43या कल की ही तरह खाना खाकर ही आएंगे।
  1485. 1:09:47वैसे जिनके साथ वो गए हैं तो ऐसी उम्मीद
  1486. 1:09:49तो नहीं है कि वो बिना खाना खाए आएंगे। पर
  1487. 1:09:52फिर भी मैं पक्का कुछ कह नहीं सकता। राहुल
  1488. 1:09:56ने कुछ सोचते हुए बोला, शिप्रा उम्मीद कर
  1489. 1:09:59रही थी कि शंतो आगे भी उससे पूछे कि वो
  1490. 1:10:01किसके साथ गया है। पर संतो ने इसके आगे
  1491. 1:10:04कुछ नहीं पूछा। शिप्रा ने भी सोच लिया था
  1492. 1:10:07कि वो भी राहुल से कुछ नहीं पूछेगी।
  1493. 1:10:10राहुल अब इस बात से हैरान था कि शिप्रा
  1494. 1:10:12कैसे अपनी इच्छाओं को दबाकर खाना खाने की
  1495. 1:10:15कोशिश कर रही है। जब राहुल ने यह नोट किया
  1496. 1:10:18कि शिप्रा ना ही अब श्रवण के बारे में कुछ
  1497. 1:10:20पूछ रही है और ना ही कुछ बोल रही है तो वो
  1498. 1:10:23खुद ही शिप्रा से बोला क्या हुआ? अब कुछ
  1499. 1:10:26पूछोगी नहीं। नहीं अब कुछ भी जानने की
  1500. 1:10:30इच्छा नहीं है।
  1501. 1:10:33शिप्रा ने एक टूक जवाब दिया। राहुल समझ
  1502. 1:10:36गया कि अब शिप्रा सचमुच नाराज हो गई है।
  1503. 1:10:38इसीलिए वो प्यार से बोला क्या दीदी तुम भी
  1504. 1:10:42छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती हो।
  1505. 1:10:44[संगीत] तुम्हें बस थोड़ा सा छेड़ रहा था।
  1506. 1:10:47अच्छा पूछो क्या जानना चाहती हो? मैं अब
  1507. 1:10:49सब कुछ ईमानदारी से बताऊंगा।
  1508. 1:10:52पर अब सचमुच शिप्रा को कोई इच्छा नहीं रह
  1509. 1:10:54गई थी उसके बारे में जानने की। इसीलिए
  1510. 1:10:57उसने कहा अब रहने दो। अब मुझे कुछ भी नहीं
  1511. 1:11:00जानना है। इतना बोलकर वो चुपचाप खाना खाने
  1512. 1:11:04लगी। अब उसे यह भी लग रहा था कि उसकी भूख
  1513. 1:11:07ही मर गई है। इसीलिए वो जल्दी ही खाना
  1514. 1:11:10खाकर अपनी जगह से उठ गई और अपने कमरे में
  1515. 1:11:13चली गई। शिप्रा के बदले व्यवहार को देखकर
  1516. 1:11:16राहुल को अब अफसोस होने लगा कि उसने फालतू
  1517. 1:11:19में अपनी दीदी का मूड खराब कर दिया। वहीं
  1518. 1:11:22दूसरी तरफ शौर्य नताशा को लेकर होटल
  1519. 1:11:25राजकमल पहुंच चुका था। वो नताशा के साथ
  1520. 1:11:28कार से बाहर आ गया। एक ड्राइवर आगे बढ़कर
  1521. 1:11:30आया और शौर्य से चाबी लेकर कार को
  1522. 1:11:33पार्किंग के लिए लेकर चला गया। शौर्य
  1523. 1:11:36नताशा के साथ होटल के अंदर जाते हुए बोला,
  1524. 1:11:39"मैं तुम्हारे लिए रूम की चाबी लेकर आता
  1525. 1:11:41हूं। तुम लंच के बाद यहीं रह जाना। सुबह
  1526. 1:11:44हम साथ में ही कृष्णापुरम के लिए चलेंगे।"
  1527. 1:11:48जब शौर्य यह सब बोल रहा था तो नताशा उसकी
  1528. 1:11:51बातें सुने जा रही थी और सोच रही थी कि
  1529. 1:11:53क्या शौर्य इतना कैपेबल है कि वो उसके लिए
  1530. 1:11:56होटल राजकमल में कमरा बुक कर सके क्योंकि
  1531. 1:11:59वो जानती थी कि होटल राजकमल विशालगढ़ के
  1532. 1:12:02सबसे महंगे होटलों में आता है [संगीत] तो
  1533. 1:12:04यहां का एक कमरा बुक करना बहुत महंगा सौदा
  1534. 1:12:07होगा। खैर शौर्य नताशा के साथ रिसेप्शन पर
  1535. 1:12:11पहुंचा। बाहर ही उसे राम सिंह मिल गया तो
  1536. 1:12:14उसने राम सिंह से कहा राम सिंह जाकर मेनका
  1537. 1:12:17मैम से प्रेसिडेंसी रूम की चाबियां ले आओ।
  1538. 1:12:19आज ये मैडम यहीं ठहरेंगी तो तुम्हें इनका
  1539. 1:12:22खास ध्यान रखना है।
  1540. 1:12:24जी सर बस मैं अभी लाया।
  1541. 1:12:27इतना बोलकर राम सिंह वहां से चला गया। तभी
  1542. 1:12:31शौर्य ने नताशा से पूछा।
  1543. 1:12:33तुम्हारी जिसके साथ मीटिंग है वो कहां पर
  1544. 1:12:36है? इस पर नताशा अपना फोन निकालते हुए
  1545. 1:12:39बोली अभी पता करती हूं।
  1546. 1:12:42फिर उसने मेघना को कॉल लगाया तो मेघना ने
  1547. 1:12:45कहा
  1548. 1:12:46आप कैबिन नंबर 105 में आ जाओ। मैंने उसे
  1549. 1:12:49आपके लिए रिजर्व कर रखा है और मैं भी वहीं
  1550. 1:12:52पहुंच रही हूं।
  1551. 1:12:54ठीक है मैं पहुंचती हूं। मैं होटल में ही
  1552. 1:12:56हूं इसलिए मुझे ज्यादा टाइम नहीं लगेगा।
  1553. 1:12:59नताशा ने बताया तो मेघना ने जवाब दिया।
  1554. 1:13:02कोई बात नहीं आप पहुंचिए। बस मैं भी पहुंच
  1555. 1:13:05ही रही हूं। मैं भी अपने रूम से निकल ही
  1556. 1:13:07रही हूं।
  1557. 1:13:09अब तक राम सिंह भी प्रेसिडेंसी रूम की
  1558. 1:13:10चाबियां लेकर आ गया था। शौर्य राम सिंह के
  1559. 1:13:13रूम की चाबियां लेकर नताशा की तरफ बढ़ाते
  1560. 1:13:16हुए बोला,
  1561. 1:13:18लो इन्हें तुम रखो। मैं भी निकलता हूं।
  1562. 1:13:21बाकी राम सिंह तुम्हें अपने रूम में
  1563. 1:13:22पहुंचा देगा। पर तुम कहां चल दिए? इतनी
  1564. 1:13:27जल्दी क्या है तुम्हें जाने की? तुम हमारे
  1565. 1:13:29साथ नाश्ता करने के बाद ही यहां से जाओगे।
  1566. 1:13:31समझे?
  1567. 1:13:32नताशा शौर्य को रोकते हुए बोली। तो शौर्य
  1568. 1:13:35ने अपने कंधे उचका कर कहा अरे यार पर मैं
  1569. 1:13:38तुम दोनों की मीटिंग के बीच क्या करूंगा
  1570. 1:13:40तुम्हारी वहां पर कुछ पर्सनल बातें होंगी
  1571. 1:13:43मेरे कारण तुम दोनों अनइजी फील करोगी
  1572. 1:13:47इस पर नताशा ने शौर्य को समझाते हुए कहा
  1573. 1:13:51तुम उसकी चिंता मत करो सारी बातें लगभग
  1574. 1:13:53पहले ही फाइनल हो चुकी है मिलना तो बस एक
  1575. 1:13:56औपचारिकता है जो सिर्फ यह प्रूफ करने के
  1576. 1:13:58लिए है कि हम अपनी बात पर कायम है तुम
  1577. 1:14:01अच्छी तरह सोच लो बाद में कहीं तुम्हें
  1578. 1:14:03मेरे कारण पछताना ना पड़े। शौर्य
  1579. 1:14:06मुस्कुराते हुए नताशा को वार्निंग देते
  1580. 1:14:08हुए बोला। तो नताशा ने भी मुस्कुराते हुए
  1581. 1:14:11कहा, "अरे तुम मेरी चिंता मत करो। अगर
  1582. 1:14:15तुम्हारे कारण मेरा कुछ नुकसान भी होगा,
  1583. 1:14:17तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।" एक
  1584. 1:14:20बात मैं तुम्हें बताऊं? [संगीत] इतना
  1585. 1:14:23बोलने के बाद नताशा शौर्य के जवाब की
  1586. 1:14:25प्रतीक्षा किए बिना फिर से बोलना शुरू कर
  1587. 1:14:28दी। एक्चुअली तुम वो पहले शख्स हो जिसके
  1588. 1:14:31साथ मैं इतने आराम से घूम पा रही हूं या
  1589. 1:14:34बात कर पा रही हूं। नहीं तो ऐसा बहुत कम
  1590. 1:14:37ही होता है कि मैं किसी से इतनी सहजता के
  1591. 1:14:39साथ बात करती हूं।
  1592. 1:14:42शौर्य नताशा की बात सुनकर बोला अगर ऐसी
  1593. 1:14:46बात है तो मैं सचमुच बड़ा लकी आदमी हूं
  1594. 1:14:48जिसे तुम्हारा यह स्नेह प्राप्त हुआ है।
  1595. 1:14:51जो भी हो तुम्हें बातें बनाना बहुत अच्छी
  1596. 1:14:54तरह आता है। नताशा शौर्य की तारीफ करते
  1597. 1:14:57हुए बोली फिर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए
  1598. 1:14:59नताशा ने कहा चलो [संगीत] 105 नंबर कैबिन
  1599. 1:15:03में चलना है। वहीं पर मेघना आएगी।
  1600. 1:15:07इसके बाद राम सिंह उन दोनों को लेकर 105
  1601. 1:15:10नंबर कैबिन में पहुंचा। अभी तक मेघना
  1602. 1:15:13केबिन के अंदर नहीं आई थी। नताशा शौर्य के
  1603. 1:15:16साथ कैबिन के अंदर आकर बैठ गई।
  1604. 1:15:19तो शौर्य ने राम सिंह को कुछ आर्डर देकर
  1605. 1:15:21कहा
  1606. 1:15:24जाकर ये सब ले आओ।
  1607. 1:15:28राम सिंह के वहां से जाने के बाद नताशा
  1608. 1:15:30शौर्य से बोली, क्या तुम यहां रेगुलर आते
  1609. 1:15:33हो जो राम सिंह तुम्हारी बात को बड़े
  1610. 1:15:35ध्यान से सुन और मान रहा है?
  1611. 1:15:38नहीं ऐसा नहीं है पर मैं अक्सर यहां आता
  1612. 1:15:41रहता हूं और यहां पर सबसे अच्छी जान पहचान
  1613. 1:15:43भी है इसलिए मुझे कोई दिक्कत नहीं है और
  1614. 1:15:47दूसरी बात यह भी है कि होटल के ओनर मेरे
  1615. 1:15:49बॉस हैं जिनके लिए मैं काम करता हूं।
  1616. 1:15:53शौर्य ने होटल राजकमल से अपना रिश्ता
  1617. 1:15:55समझाया। तभी कैबिन के दरवाजे के खुलने की
  1618. 1:15:58आवाज आई। और शौर्य को कैबिन के दरवाजे के
  1619. 1:16:01[संगीत] पास एक साया नजर आया। मेघना कैबिन
  1620. 1:16:04के अंदर आई तो उसने नताशा के साथ किसी और
  1621. 1:16:07को भी देखा। उसने नताशा से हाथ मिलाया और
  1622. 1:16:10जिज्ञासा से शौर्य की तरफ देखा। जैसे
  1623. 1:16:13जानना चाहती हो कि यह कौन है? नताशा ने
  1624. 1:16:16मेघना का परिचय शौर्य से कराते हुए कहा।
  1625. 1:16:19यह श्रवण है। इसी के कारण यह मीटिंग संभव
  1626. 1:16:23हो पाई है। क्योंकि जब आपका फोन आया, तो
  1627. 1:16:26यह मेरे साथ ही था और यह इधर ही आ रहा था।
  1628. 1:16:30तो मैंने अभी ही मिलने का प्लान बना लिया।
  1629. 1:16:32फिर तो मुझे इनका विशेष ध्यान करना पड़ेगा
  1630. 1:16:35क्योंकि इनके कारण मुझे भी कल तक का
  1631. 1:16:37इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आपका बहुत-बहुत
  1632. 1:16:40धन्यवाद मिस्टर श्रवण। इतना बोलकर मेघना
  1633. 1:16:43ने शौर्य से हाथ मिलाया तो शौर्य बोला
  1634. 1:16:46मैंने ऐसा भी कुछ नहीं किया। उल्टा आपके
  1635. 1:16:49कारण मुझे मिस नताशा के साथ डिनर करने का
  1636. 1:16:51मौका मिल गया। इसीलिए सही मायने में मुझे
  1637. 1:16:55आपका धन्यवाद करना चाहिए।
  1638. 1:16:58आप चाहे तो मेरा धन्यवाद कर सकते हैं।
  1639. 1:17:00मुझे कोई ऐतराज नहीं होगा। मेघना हंसते
  1640. 1:17:03हुए बोली तो शौर्य ने भी मुस्कुराते हुए
  1641. 1:17:05कहा बहुत बढ़िया [संगीत] आप बातें बहुत
  1642. 1:17:08अच्छी करती हैं। इस पर मेघना हल्की
  1643. 1:17:11मुस्कान के साथ बोली
  1644. 1:17:14जर्रा नवाजी के लिए शुक्रिया। तभी राम
  1645. 1:17:17सिंह स्टार्टर और रेड वाइन की बोतल लेकर
  1646. 1:17:19कमरे में हाजिर हुआ। [संगीत] यह सब इंतजाम
  1647. 1:17:21देखकर मेघना बोली अरे आप लोगों ने तो लगता
  1648. 1:17:25है मेरे आने से पहले ही ऑर्डर भी कर लिया
  1649. 1:17:28है।
  1650. 1:17:30नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं हुआ। हमने सोचा जब
  1651. 1:17:33तक आप आएंगी तब तक टाइम पास के लिए कुछ तो
  1652. 1:17:36चाहिए। बस इसीलिए कुछ मंगा लिया। नताशा
  1653. 1:17:39[संगीत] मेघना को जवाब देते हुए बोली खैर
  1654. 1:17:43राम सिंह ने रेड वाइन के तीन गिलास सर्व
  1655. 1:17:45किए। तभी मेघना ने सोचा
  1656. 1:17:48क्यों ना अभी ही डिनर के लिए आर्डर दे
  1657. 1:17:50दिया जाए ताकि वक्त रहते राम सिंह डिनर
  1658. 1:17:53सर्व कर दे। यह सोचकर वो नताशा से बोली आप
  1659. 1:17:57डिनर में क्या लेना चाहेंगी?
  1660. 1:17:59कुछ भी जो आपको पसंद हो आप मंगा लीजिए।
  1661. 1:18:02मुझे सब चलेगा। नताशा ने जवाब दिया। तो
  1662. 1:18:06मेघना ने फिर शौर्य से पूछा। और आप मिस्टर
  1663. 1:18:09श्रवण नो थैंक्स। मुझे रहने दीजिए। मैं यह
  1664. 1:18:12ड्रिंक लेकर यहां से चला जाऊंगा। शौर्य
  1665. 1:18:15इंकार करता हुआ बोला तो मेघना ने शौर्य को
  1666. 1:18:18इंसिस्ट करते हुए कहा [संगीत]
  1667. 1:18:20अरे यह क्या बात हुई? अभी तो आपने कहा कि
  1668. 1:18:23मेरे कारण आपको नताशा के साथ डिनर करने का
  1669. 1:18:26मौका मिल रहा है और अब आप जाने की बात कर
  1670. 1:18:28रहे हैं। हां श्रवण तुम बिना डिनर किए
  1671. 1:18:32यहां से नहीं जा सकते। नताशा भी मेघना की
  1672. 1:18:35बात का समर्थन करती हुई बोली। अब शौर्य के
  1673. 1:18:39पास कोई चारा रह नहीं गया। इसीलिए उसने
  1674. 1:18:41कहा अगर ऐसी बात है तो आप मेरे लिए भी
  1675. 1:18:44अपनी पसंद का ही कुछ मंगा लीजिए। मेघना
  1676. 1:18:48शौर्य की बात सुनकर मुस्कुराई और फिर उसने
  1677. 1:18:50राम सिंह का आर्डर नोट करवाया और बोली
  1678. 1:18:5520 मिनट बाद तुम ये आर्डर ले आना। मेघना
  1679. 1:18:58से आर्डर लेने के बाद राम सिंह उस कैबिन
  1680. 1:19:00से चला गया। तीनों ने अपना गिलास उठाया और
  1681. 1:19:03चीयर्स करते हुए रेड वाइन का सिप लेने
  1682. 1:19:05लगे।
  1683. 1:19:07हम सभी लगभग एक ही उम्र के हैं। इसीलिए एक
  1684. 1:19:10दूसरे से आपकी जगह तुम कहकर बात कर सकते
  1685. 1:19:13हैं। इससे हमें ज्यादा फॉर्मल नहीं होना
  1686. 1:19:16पड़ेगा। नताशा अपने बीच की दूरियों को
  1687. 1:19:18खत्म करना चाहती थी। इस पर मेघना भी नताशा
  1688. 1:19:22से सहमति जताते हुए बोली। यह तुमने
  1689. 1:19:24बिल्कुल सही कहा। मैं खुद भी इस तरह से
  1690. 1:19:27नहीं रह सकती। काम अपनी जगह पर है। उसके
  1691. 1:19:30अलावा भी हम अच्छे दोस्त भी हो सकते हैं।
  1692. 1:19:33तभी शौर्य बोल पड़ा। दरअसल मैं इसीलिए भी
  1693. 1:19:37यहां से जाना चाहता था क्योंकि तुम दोनों
  1694. 1:19:39को अपने काम के संबंध में भी बात करनी
  1695. 1:19:41होगी। मेरा उन बातों के बीच में होना ठीक
  1696. 1:19:44नहीं है। मेघना को शौर्य के यहां से जाने
  1697. 1:19:48की बात कहने का कारण समझ में आया तो वो
  1698. 1:19:50मुस्कुराती हुई बोली ऐसी कोई बात हमारे
  1699. 1:19:54बीच होने को रह नहीं गई है जो तुम्हारे
  1700. 1:19:56सामने नहीं हो सकती। मिलना एक फॉर्मेलिटी
  1701. 1:19:59थी। और दूसरी बात यह है कि हमारे बीच जो
  1702. 1:20:02डीलिंग हुई है उस एग्रीमेंट पेपर पर नताशा
  1703. 1:20:05का साइन भर लेना है। [संगीत]
  1704. 1:20:07ठीक है फिर जब तुम कंफर्टेबल हो तो फिर
  1705. 1:20:10मुझे कोई दिक्कत नहीं है। शौर्य बोला
  1706. 1:20:13मेघना ने महसूस किया था कि नताशा शौर्य से
  1707. 1:20:16कुछ ज्यादा ही फ्रेंडली दिख रही थी। उसने
  1708. 1:20:19शौर्य को पूरे अधिकार से डिनर के लिए
  1709. 1:20:21रुकने को भी कहा था।
  1710. 1:20:24लगता है तुम दोनों एक दूसरे के ज्यादा ही
  1711. 1:20:26करीब हो। इस पर नताशा शौर्य को देखती हुई
  1712. 1:20:29बोली
  1713. 1:20:31ऐसा कुछ नहीं है। इनफैक्ट मैं श्रवण से आज
  1714. 1:20:34पहली बार ही मिली हूं। पर इस एक दिन में
  1715. 1:20:36ही इसने मुझ पर अपना गहरा असर छोड़ा है।
  1716. 1:20:39ऐसा बहुत कम होता है जब मैं किसी से इतनी
  1717. 1:20:42जल्दी इतना क्लोज हो पाती हूं। यह मेरी
  1718. 1:20:45खुशकिस्मती है कि तुम मेरे लिए ऐसा सोचती
  1719. 1:20:47हो। बोलते हुए शौर्य का चेहरा ब्लश करने
  1720. 1:20:50लगा। मेघना खुद को शौर्य के बारे में
  1721. 1:20:53जानने से रोक नहीं सकी। [संगीत]
  1722. 1:20:55जब नताशा ऐसा तुम्हारे लिए बोल रही है तो
  1723. 1:20:58जरूर उसने तुम में कुछ खास नोटिस किया
  1724. 1:21:00होगा। वैसे [संगीत] क्या मैं जान सकती हूं
  1725. 1:21:03कि तुम करते क्या हो?
  1726. 1:21:06मेरा वर्क प्रोफाइल ऐसा कुछ खास नहीं है।
  1727. 1:21:09अभी-अभी मैंने एक कंपनी जॉइ की है जिसके
  1728. 1:21:11लिए एक ब्रांड एंडोर्समेंट का काम मुझे
  1729. 1:21:13मिला है। उसी सिलसिले में मेरा नताशा से
  1730. 1:21:16मिलना हुआ। शौर्य ने बताया। शौर्य के बारे
  1731. 1:21:20में जानकर मेघना को महसूस हुआ कि नताशा
  1732. 1:21:23शायद श्रवण के बारे में कुछ ज्यादा ही
  1733. 1:21:25बढ़ा चढ़ाकर बोल रही थी क्योंकि शौर्य का
  1734. 1:21:28वर्क प्रोफाइल कुछ खास तो अट्रैक्टिव तो
  1735. 1:21:30था नहीं। [संगीत]
  1736. 1:21:31उसे लगा फालतू में नताशा श्रवण को उसके
  1737. 1:21:34स्तर पर ले आई थी।
  1738. 1:21:36कहां वो एक बड़े ब्रांड की ओनर है और कहां
  1739. 1:21:39शौर्य अभी अपने करियर बनाने के लिए
  1740. 1:21:41स्ट्रगल ही कर रहा है। दोनों के स्टेटस
  1741. 1:21:44में जमीन आसमान का अंतर है। जरूर नताशा
  1742. 1:21:48श्रवण के व्यक्तित्व से प्रभावित होगी।
  1743. 1:21:50इसीलिए वो श्रवण की इतनी तारीफ कर रही थी।
  1744. 1:21:53नताशा ने जो श्रवण की खास इमेज ड्रॉ की थी
  1745. 1:21:57वो मेघना के मन से एक पल में ही धूमिल हो
  1746. 1:22:00गई। पर उसे लगा कि शौर्य उसके काम आ सकता
  1747. 1:22:03है। शौर्य के कारण उसका बहुत समय बच सकता
  1748. 1:22:06था। यह सोचकर उसने प्रभावशाली स्वर में
  1749. 1:22:09शौर्य से कहा,
  1750. 1:22:11"मैं तुम्हें अपने बारे में बता दूं।
  1751. 1:22:14तुमने ग्रेशा ब्यूटी प्रोडक्ट के बारे में
  1752. 1:22:16सुना होगा। यह मेरी ही कंपनी है। इसी के
  1753. 1:22:19ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए मैंने नताशा के
  1754. 1:22:21साथ एग्रीमेंट किया है। शौर्य मेघना की
  1755. 1:22:25बातों से समझ गया कि वो उसके सामने क्या
  1756. 1:22:27जताना चाहती है। उसकी बातों से लग रहा था
  1757. 1:22:30कि वो शौर्य को बता रही थी कि उसके सामने
  1758. 1:22:33उसकी कोई हैसियत नहीं है। [संगीत] उन
  1759. 1:22:35दोनों में जमीन आसमान का अंतर है। शौर्य
  1760. 1:22:39के चेहरे पर एक हंसी आ गई। वो मेघना की
  1761. 1:22:42बात के जवाब में बोला। तुमने सही कहा।
  1762. 1:22:45ग्रेशा के बारे में कौन नहीं जानता? इस
  1763. 1:22:48ब्रांड ने बहुत ही कम समय में मार्केट में
  1764. 1:22:51अपना अच्छा नाम कर लिया है।
  1765. 1:22:53शौर्य की बात सुनकर मेघना की छाती और भी
  1766. 1:22:56चौड़ी हो गई। उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे उसने
  1767. 1:22:59शौर्य के सामने साबित कर दिया [संगीत] कि
  1768. 1:23:02वो कितनी बड़ी चीज है। नताशा भी मेघना के
  1769. 1:23:05व्यवहार के परिवर्तन को महसूस कर चुकी थी।
  1770. 1:23:08उसे अच्छा तो नहीं लगा पर वो दोनों के बीच
  1771. 1:23:10में कुछ बोली नहीं।
  1772. 1:23:13वहीं दूसरी तरफ शिप्रा अपने कमरे में चली
  1773. 1:23:15तो आई थी [संगीत] पर उसके मन को चैन नहीं
  1774. 1:23:18मिल रहा था। रह-रह कर उसकी आंखों के सामने
  1775. 1:23:21नताशा के साथ वाला शौर्य का फोटो घूम जाता
  1776. 1:23:25था। वो इसलिए भी परेशान थी कि अभी तक
  1777. 1:23:28शौर्य आया नहीं था। उसके मन में रह कर
  1778. 1:23:31अजीब से ख्याल आ जा रहे थे। वो थी तो अपने
  1779. 1:23:34कमरे में पर उसके कान डाइनिंग रूम की तरफ
  1780. 1:23:37ही थे। अगर शौर्य आता तो उसे पता चल जाता
  1781. 1:23:40कि वह आ गया है। उसे खुद पर भी हैरानी हो
  1782. 1:23:43रही थी कि वह श्रवण के बारे में इतना
  1783. 1:23:46क्यों सोच रही है। जितना वो अपना दिमाग
  1784. 1:23:49श्रवण की सोच से बाहर करना चाह रही थी
  1785. 1:23:52उतना ही उसका ध्यान उसकी तरफ चला जा रहा
  1786. 1:23:54था। जब उसे किसी भी तरह चैन नहीं मिला तो
  1787. 1:23:58उसने सोचा
  1788. 1:24:00क्यों [संगीत] ना श्रवण को फोन करके ही
  1789. 1:24:01पूछ लिया जाए कि वो कब तक आएगा? इसमें
  1790. 1:24:04बुराई ही क्या है? इतना तो मैं पूछ ही
  1791. 1:24:07सकती हूं। वैसे तो श्रवण को खुद ही बता
  1792. 1:24:10देना चाहिए था कि वो कब तक आने वाला है।
  1793. 1:24:12पर अगर उसने नहीं बताया तो मैं खुद पूछ
  1794. 1:24:15सकती हूं। इसमें कुछ गलत भी नहीं है।
  1795. 1:24:19शिप्रा को अपनी यह सोच सही लगी। उसने
  1796. 1:24:22श्रवण को फोन करने की सोच कर अपना फोन
  1797. 1:24:25निकाला। यहां होटल राजकमल में अब तक राम
  1798. 1:24:28सिंह ने सबके सामने डिनर भी लगा दिया था।
  1799. 1:24:31इसी बीच में मेघना ने एग्रीमेंट पेपर पर
  1800. 1:24:34नताशा से साइन भी करवा लिए थे।
  1801. 1:24:37डिनर करते हुए मेघना ने शौर्य से कहा
  1802. 1:24:41श्रवण मेरे पास तुम्हारे लिए कुछ काम है।
  1803. 1:24:44अगर तुम इसे करने के लिए तैयार होते हो तो
  1804. 1:24:46तुम्हें कुछ फायदा ही होगा। अच्छा ऐसा
  1805. 1:24:50क्या काम है जिससे मेरा फायदा हो [संगीत]
  1806. 1:24:52सकता है?
  1807. 1:24:54बोलते हुए शौर्य की निगाह मेघना की तरफ
  1808. 1:24:57घूम गई। [संगीत] तो मेघना सवालिया नजर से
  1809. 1:24:59शौर्य की तरफ देखते हुए बोली। तुम अपनी
  1810. 1:25:03ब्रांड की ऐड की शूटिंग कब करने वाले हो?
  1811. 1:25:06अभी डेट तो निश्चित नहीं की है पर इसी वीक
  1812. 1:25:09में करने का प्लान है। शौर्य ने जवाब
  1813. 1:25:12दिया। साथ ही वो यह भी सोच रहा था क्या
  1814. 1:25:15मेघना के दिमाग में क्या चल रहा है? क्या
  1815. 1:25:18तुमने शूटिंग के लिए जिस भी चीज की जरूरत
  1816. 1:25:21है वो सब कुछ बुक कर रखा है?
  1817. 1:25:25मेघना ने पूछा। लगभग सब अरेंजमेंट हो गए
  1818. 1:25:29हैं। शौरन ने जवाब दिया।
  1819. 1:25:32तुम ऐसा क्यों नहीं करते कि अपनी शूटिंग
  1820. 1:25:34के साथ हमारी शूटिंग भी करवा दो। इससे
  1821. 1:25:37होगा यह कि शूटिंग अरेंज करने में जो
  1822. 1:25:39हमारा समय खराब होगा वो बच जाएगा। और
  1823. 1:25:43तुम्हारी भी अच्छी कमाई हो जाएगी। मेघना
  1824. 1:25:46ऐसे स्वर में बोली जैसे वो जता रही हो कि
  1825. 1:25:48वो श्रवण के फायदे के बारे में कितना सोच
  1826. 1:25:51रही है। नताशा भी मेघना के इरादे को अच्छे
  1827. 1:25:54से समझ रही थी। उसे मेघना की बात सुनकर
  1828. 1:25:57अच्छा तो नहीं लगा पर वो यह देखना चाहती
  1829. 1:26:00थी कि शौर्य क्या जवाब देता है।
  1830. 1:26:03शौर्य भी मेघना के कहने के अंदाज से हैरान
  1831. 1:26:06था। उसकी बात पर उसे हंसी भी आई पर उसने
  1832. 1:26:09अपने चेहरे से ज्यादा कुछ जाहिर नहीं होने
  1833. 1:26:11दिया। अगर मेघना की बातों में उसे आग्रह
  1834. 1:26:14नजर आता या दोस्ताना भाव नजर आता तो मेघना
  1835. 1:26:18की बात से तुरंत तैयार हो जाता। पर उसकी
  1836. 1:26:21बातों में जो शौर्य पर एहसान जताने का भाव
  1837. 1:26:23था वो शौर्य को पसंद नहीं आया। वो एक फीकी
  1838. 1:26:27मुस्कान के साथ [संगीत] मेघना से बोला
  1839. 1:26:30सॉरी मैं यह कर नहीं पाऊंगा। मेरे अपने
  1840. 1:26:34कुछ कमिटमेंट हैं जिसके कारण मैं नहीं कर
  1841. 1:26:36पाऊंगा।
  1842. 1:26:38मेघना को उम्मीद नहीं थी कि श्रवण ऐसे
  1843. 1:26:40सीधे उससे इंकार कर देगा। वो तो सोच रही
  1844. 1:26:44थी कि श्रवण उसके प्रपोजल पर तुरंत तैयार
  1845. 1:26:46हो जाएगा। शौर्य के इंकार से मेघना के
  1846. 1:26:49घमंड को एक झटका सा लगा। वो झटका सिर्फ
  1847. 1:26:53मेघना को ही नहीं लगा था। नताशा भी शौर्य
  1848. 1:26:55के जवाब से खुश हो गई थी। उसे जो लग रहा
  1849. 1:26:59था कि शौर्य कहीं मेघना के प्रपोजल के
  1850. 1:27:01फायदे को सोचकर उसकी बात पर सहमत ना हो
  1851. 1:27:04जाए। अगर ऐसा होता तो उसने जो शौर्य को
  1852. 1:27:07लेकर एक इमेज अपने दिमाग में बनाई थी वो
  1853. 1:27:10धूमिल हो जाती। दूसरी तरफ मेघना को जब यह
  1854. 1:27:13महसूस हो गया कि श्रवण ने उसके प्रपोजल को
  1855. 1:27:15रिजेक्ट कर दिया है तो उसके अहम को भी
  1856. 1:27:18झटका सा लगा। अपनी सोच से बाहर आकर मेघना
  1857. 1:27:21दोबारा शौर्य से बोली लगता है तुम ठीक से
  1858. 1:27:24मेरी बात को समझे नहीं। मैं तो तुम्हारा
  1859. 1:27:27फायदा कराना चाहती हूं। तुम तो अपने
  1860. 1:27:29ब्रांड की शूटिंग कर ही रहे हो। अगर तुम
  1861. 1:27:31साथ में हमारे ब्रांड की शूटिंग भी कर
  1862. 1:27:33दोगे तो तुम्हें अच्छा खासा पैसा कमाने का
  1863. 1:27:35मौका मिल जाएगा।
  1864. 1:27:38तुम गलत समझ रही हो। मेरी नीड बहुत ज्यादा
  1865. 1:27:41नहीं है। इसीलिए मैं एक्स्ट्रा वर्क लोड
  1866. 1:27:43अपने ऊपर नहीं डालता। इसीलिए मैंने कहा कि
  1867. 1:27:46तुम्हें अपने काम के लिए किसी और को हायर
  1868. 1:27:49करना चाहिए।
  1869. 1:27:51शौर्य ने धैर्य के साथ अपना जवाब दिया। यह
  1870. 1:27:54बात मेघना के ईगो को हर्ट करने के लिए
  1871. 1:27:56काफी थी। एक ही पल में जो मेघना के चेहरे
  1872. 1:28:00पर खुशी का भाव था वो गायब हो गया। अभी
  1873. 1:28:03मेघना इस सदमे से उबर भी नहीं पाई थी कि
  1874. 1:28:06तभी शौर्य का फोन रिंग करने लगा। शौर्य ने
  1875. 1:28:10बिना फोन की ओर निगाह डाले फोन उठा लिया।
  1876. 1:28:13किस्मत को शौर्य और शिप्रा के साथ खेल
  1877. 1:28:16खेलने में शायद कुछ ज्यादा ही मजा आ रहा
  1878. 1:28:18है। इसीलिए हर रोज वो दोनों को किसी ना
  1879. 1:28:20किसी ऐसे नए कनेक्शन से जोड़ रही है जो
  1880. 1:28:23शिप्रा और शौर्य की डेली लाइफ में ऐसी
  1881. 1:28:25एंट्री कर रहा है जैसे किसी अच्छी खासी
  1882. 1:28:28चलती लव स्टोरी में विलन करता है। शौर्य
  1883. 1:28:31को सिर्फ दिखावटी हस्बैंड बनाए रखने की
  1884. 1:28:33शिप्रा की सोच जहां शौर्य से उसकी दूरियां
  1885. 1:28:36बढ़ा रही थी। [संगीत] वहीं शौर्य की नई
  1886. 1:28:38जिंदगी में हर दिन शामिल हो रही एक से
  1887. 1:28:40बढ़कर एक खूबसूरत लड़कियों से शौर्य की
  1888. 1:28:43नजदीकियां बढ़ती जा रही थी।
  1889. 1:28:46राहुल की शूटिंग लोकेशन से भेजी गई शौर्य
  1890. 1:28:49और नताशा की रोमांटिक फोटो देखकर [संगीत]
  1891. 1:28:51शिप्रा के दिल में उथल-पुथल और दिमाग में
  1892. 1:28:54बेचैनी बढ़ गई थी। उसकी जलन उसके बदन को
  1893. 1:28:57अंदर ही अंदर जला रही थी। उसकी आंखों के
  1894. 1:29:00आगे लगातार नताशा की बाहों में शौर्य की
  1895. 1:29:03भीगे कपड़ों वाली तस्वीर ही घूम रही थी।
  1896. 1:29:05अंदर की आग को सहन करना जब बेकाबू हो गया
  1897. 1:29:09तो उसने अपना मोबाइल उठाया और सीधा शौर्य
  1898. 1:29:11को फोन लगा डाला।
  1899. 1:29:14नताशा और मेघना के साथ बैठे शौर्य के फोन
  1900. 1:29:16की घंटी जैसे ही बजी शौर्य ने फोन उठा
  1901. 1:29:19लिया। तभी दूसरी तरफ से शिप्रा की आवाज
  1902. 1:29:22आई।
  1903. 1:29:24हेलो कहां हो तुम?
  1904. 1:29:26क्या हुआ? शौर्य शिप्रा की आवाज सुनकर
  1905. 1:29:30बोला [संगीत]
  1906. 1:29:30अरे 10:00 बज गए। तुम अभी तक आए नहीं और
  1907. 1:29:33पूछ रहे हो कि क्या हुआ?
  1908. 1:29:36शिप्रा नाराजगी भरे स्वर में बोली अरे तो
  1909. 1:29:39मैंने कब कहा कि मैं 10:00 बजे तक आ
  1910. 1:29:40जाऊंगा। मुझे भी एक घंटा और लगेगा।
  1911. 1:29:44बोलते हुए शौर्य अपनी जगह से उठकर एक साइड
  1912. 1:29:46में चला गया।
  1913. 1:29:48पर इतनी रात तक तुम बाहर क्या कर रहे हो?
  1914. 1:29:51शिप्रा खुद को सवाल करने से रोक नहीं पा
  1915. 1:29:54रही थी।
  1916. 1:29:56उसकी बोलने [संगीत] की टोन बिल्कुल वैसी
  1917. 1:29:58थी जैसी पति को बेहद प्यार करने वाली एक
  1918. 1:30:00फिक्रमंद पत्नी की होती है। शिप्रा का
  1919. 1:30:03सवाल सुनकर शौर्य को भी अच्छा लगा कि वो
  1920. 1:30:06उसका इंतजार कर रही है। पर वो बोला ये
  1921. 1:30:09क्या [संगीत] बात हुई कि मैं बाहर क्या कर
  1922. 1:30:11रहा हूं? मैं किसी काम से कहीं आया हुआ
  1923. 1:30:14हूं और अभी यहां मुझे कुछ टाइम लगेगा।
  1924. 1:30:18शौर्य का जवाब सुनकर शिप्रा को समझ नहीं
  1925. 1:30:20आया कि अब वो क्या बोले। जब उसे कुछ समझ
  1926. 1:30:24नहीं आया तो वह फोन रखने से पहले बोली
  1927. 1:30:27मैं संतो को बोल देती हूं कि तुम्हारा
  1928. 1:30:29खाना निकालकर डाइनिंग टेबल पर ढक कर रख
  1929. 1:30:32देगी। तुम आओगे तो खा लेना।
  1930. 1:30:35एक तरफ शौर्य को शिप्रा का उसके लिए यह
  1931. 1:30:37कंसर्न दिखाना अच्छा भी लग रहा था। पर वो
  1932. 1:30:40शिप्रा [संगीत] को मना करते हुए बोला।
  1933. 1:30:42इसकी कोई जरूरत नहीं है। मैं खाना खाकर
  1934. 1:30:45आऊंगा।
  1935. 1:30:47अब दोनों के पास आगे कुछ पूछने को रह नहीं
  1936. 1:30:50गया था। शौर्य ने फोन रख दिया और अपनी
  1937. 1:30:53टेबल पर सामने की प्लेट से खाना शुरू कर
  1938. 1:30:55दिया। मेघना अभी भी चाहती थी शौर्य उसका
  1939. 1:30:59काम [संगीत] कर दे। इसीलिए वो खामोशी को
  1940. 1:31:01तोड़ते हुए बोली श्रवण आखिर तुम्हें
  1941. 1:31:04परेशानी क्या है? जब मैं तुम्हें पे करने
  1942. 1:31:07के लिए तैयार हूं तो तुम मेरा काम करने से
  1943. 1:31:09मना क्यों कर रहे हो?
  1944. 1:31:12मेरी अपनी कुछ प्रायोरिटी पहले से ही
  1945. 1:31:13फिक्स है। इसीलिए मेरे पास समय कम है।
  1946. 1:31:18शौर्य बात को फिर से टालते हुए बोला
  1947. 1:31:21मेघना को शौर्य पर गुस्सा तो बहुत आ रहा
  1948. 1:31:23था पर वो नताशा के कारण कुछ बोल नहीं पा
  1949. 1:31:26रही थी।
  1950. 1:31:28सब ने अपना खाना समाप्त किया तो मेघना ने
  1951. 1:31:31राम सिंह को बिल लाने को कहा। राम सिंह
  1952. 1:31:33जल्दी ही बिल ले आया। मेघना ने बिल देखा
  1953. 1:31:36तो उसने हैरान स्वर में राम सिंह से पूछा।
  1954. 1:31:41इसमें शुरू में स्टार्टर और रेड वाइन आई
  1955. 1:31:43थी वो मेंशन नहीं है।
  1956. 1:31:46राम सिंह शौर्य की तरफ देखते हुए बोला
  1957. 1:31:50उसका बिल तो पहले ही पेड हो चुका है।
  1958. 1:31:53किसने पे किया? मेघना नताशा की ओर देखते
  1959. 1:31:56हुए बोली। उसे लगा जरूर नताशा ने ही उसका
  1960. 1:32:00पेमेंट किया होगा क्योंकि रेड वाइन बहुत
  1961. 1:32:02कॉस्टली थी।
  1962. 1:32:04राम सिंह शौर्य की तरफ देखने लगा। जैसे वो
  1963. 1:32:07जानना चाहता हो कि वो क्या जवाब दे। जब
  1964. 1:32:10नताशा ने मेघना को अपनी तरफ देखते पाया तो
  1965. 1:32:13वो मुस्कुराती हुई बोली। मैंने नहीं पे
  1966. 1:32:16किया है। शायद श्रवण ने ही पेमेंट किया
  1967. 1:32:19होगा।
  1968. 1:32:21कंफर्मेशन के लिए मेघना ने राम सिंह की
  1969. 1:32:23तरफ देखा। राम सिंह ने भी शौर्य का इशारा
  1970. 1:32:26समझकर नताशा की बात पर सहमति जताई और
  1971. 1:32:29बोला, "जी सर ने शुरुआत में ही पेमेंट कर
  1972. 1:32:32दिया था।"
  1973. 1:32:34राम सिंह का जवाब मेघना के लिए एक झटके के
  1974. 1:32:37जैसा था। क्योंकि उसे पता था कि जितने का
  1975. 1:32:40उसका पूरा डिनर नहीं होगा उससे ज्यादा
  1976. 1:32:42प्राइस तो अकेले उस रेड वाइन की बोतल की
  1977. 1:32:45होगी। उसने सोचा क्या श्रवण की माली हालत
  1978. 1:32:48इतनी अच्छी है कि वो राजकमल होटल की रेड
  1979. 1:32:51वाइन की कीमत को अफोर्ड कर सके। क्या उसने
  1980. 1:32:55श्रवण की हैसियत को कमतर आंकने में
  1981. 1:32:57जल्दीबाजी तो नहीं दिखा दी? अभी मेघना
  1982. 1:33:01अपनी सोच में ही गुम थी कि शौर्य अपनी जगह
  1983. 1:33:03से उठता हुआ बोला। अब मैं यहां से जाने की
  1984. 1:33:06इजाजत चाहूंगा।
  1985. 1:33:08इतना बोलकर वो नताशा से मुखातिब होकर बोला
  1986. 1:33:12नताशा राम सिंह तुम्हें तुम्हारे कमरे में
  1987. 1:33:15पहुंचा देगा। तुम्हें किसी भी चीज की
  1988. 1:33:17जरूरत होगी तो राम सिंह से बोल देना वो
  1989. 1:33:20तुम्हें मुहैया करा देगा। बाकी सुबह मैं
  1990. 1:33:239:00 बजे तक तुम्हारे पास आ जाऊंगा। फिर
  1991. 1:33:25साथ में कृष्णापुरम चलेंगे।
  1992. 1:33:28मेघना ने जब शौर्य की बात सुनी तो उसने
  1993. 1:33:31सोचा कि क्या नताशा आज रात इस होटल में ही
  1994. 1:33:33रुकेगी? और श्रवण की बात से लग रहा था कि
  1995. 1:33:36जरूर नताशा के इस होटल में रहने की
  1996. 1:33:38व्यवस्था श्रवण ने ही की है। उसे लगा जरूर
  1997. 1:33:42उसने नताशा के लिए होटल का कोई सस्ता सा
  1998. 1:33:44कमरा बुक किया होगा। यह सोचकर उसने नताशा
  1999. 1:33:47से कहा
  2000. 1:33:49मुझे नहीं पता था कि तुम यहां इस होटल में
  2001. 1:33:52ही स्टे करने वाली हो। अगर ऐसा है तो
  2002. 1:33:55क्यों ना तुम मेरे साथ चलो। मैंने इस होटल
  2003. 1:33:57का लग्जरी स्वीट ले रखा है। वहां किसी तरह
  2004. 1:34:01की कोई तकलीफ भी नहीं होगी।
  2005. 1:34:04नताशा मेघना के मन के भाव को समझ रही थी।
  2006. 1:34:07वो समझ रही थी कि मेघना श्रवण को
  2007. 1:34:10अंडरएस्टिमेट कर रही है। वैसे नताशा के
  2008. 1:34:13लिए भी यह हैरानी की ही बात थी कि श्रवण
  2009. 1:34:15ने उसके लिए प्रेसिडेंसी रूम बुक किया है।
  2010. 1:34:18अगर यह बात मेघना को पता चलेगी तो उसका
  2011. 1:34:21क्या रिएक्शन होगा? उसने मेघना को सिंपल
  2012. 1:34:24सा जवाब दिया। एक्चुअली श्रवण ने पहले ही
  2013. 1:34:28मेरे लिए कमरा बुक कर दिया है। अरे तो
  2014. 1:34:31क्या हुआ? तुम उस कमरे को छोड़ दो। मेरे
  2015. 1:34:34साथ चलो। मैंने कहा ना कि मैंने इस होटल
  2016. 1:34:36का लग्जरी स्वीट ले रखा है। मेघना गर्व से
  2017. 1:34:40बोली तो नताशा ने हंसते हुए जवाब दिया। पर
  2018. 1:34:43श्रवण ने मेरे लिए इस होटल का प्रेसिडेंसी
  2019. 1:34:46रूम बुक कर रखा है। क्या? मेघना का मुंह
  2020. 1:34:50खुला का खुला रह गया। तभी शौर्य ने भी
  2021. 1:34:53मुस्कुराते हुए मेघना से कहा।
  2022. 1:34:56हां मिस मेघना। मैं तो तुमको भी कहता हूं
  2023. 1:34:59कि तुम अपने कमरे [संगीत] को छोड़ो और तुम
  2024. 1:35:01नताशा के साथ जाकर उस प्रेसिडेंसी रूम का
  2025. 1:35:04लुत्फ उठाओ। वैसे भी उस कमरे में रहने
  2026. 1:35:06[संगीत] का आनंद सब नहीं ले पाते हैं।
  2027. 1:35:10कहां तो मेघना शौर्य को छोटा साबित करने
  2028. 1:35:12की कोशिश कर रही थी। पर शौर्य का जवाब
  2029. 1:35:15सुनकर उसे समझ नहीं आया कि श्रवण ने इस
  2030. 1:35:17होटल के प्रेसिडेंसी रूम को नताशा के लिए
  2031. 1:35:20कैसे बुक कर दिया। होटल राजकमल तो किसी को
  2032. 1:35:23प्रेसिडेंसी रूम देता ही नहीं है तो वो
  2033. 1:35:26नताशा के लिए कैसे दे दिया? [संगीत] उसे
  2034. 1:35:29अभी भी शौर्य की बात पर विश्वास नहीं हो
  2035. 1:35:31रहा था। वो शौर्य से इसके बारे में
  2036. 1:35:34आर्ग्यू करना चाहती थी कि उससे पहले शौर्य
  2037. 1:35:37राम सिंह से बोला राम सिंह तुम मिस मेघना
  2038. 1:35:40का लगेज भी प्रेसिडेंसी रूम में शिफ्ट कर
  2039. 1:35:43देना। आज ये भी हमारी गेस्ट है और
  2040. 1:35:45इन्होंने जो स्वीट ले रखा है उसे विकेट
  2041. 1:35:48दिखा देना।
  2042. 1:35:49मैं नहीं चाहता कि इनको उस रूम का किराया
  2043. 1:35:52पे करना पड़े। इसके बारे में मैं मिस
  2044. 1:35:54मेनका से बात कर लूंगा।
  2045. 1:35:58अब तो मेघना की बोलती ही बंद हो गई। उसे
  2046. 1:36:00विश्वास ही नहीं हो रहा था कि यह बंदा
  2047. 1:36:02इतना कुछ कर सकता है। उसे लगने लगा शायद
  2048. 1:36:06उसने श्रवण को अंडरएस्टिमेट कर लिया था।
  2049. 1:36:08इसीलिए उसने सोचा अभी उसे श्रवण से और कुछ
  2050. 1:36:11ऐसा वैसा नहीं बोलना चाहिए जिससे उन दोनों
  2051. 1:36:14के बीच गलतफहमी और बढ़ जाए। मेघना ने सोच
  2052. 1:36:17लिया कि जब श्रवण ने उसे प्रेसिडेंसी रूम
  2053. 1:36:20में रहने का ऑफर किया है तो वह उसे मना
  2054. 1:36:22नहीं करेगी। अभी वो यह सब सोच ही रही थी
  2055. 1:36:25कि तभी कैबिन का दरवाजा खुला और मेनका ने
  2056. 1:36:28वहां प्रवेश किया। शौर्य ने अचानक मेनका
  2057. 1:36:31को यहां आया देखकर कहा अरे तुम और यहां
  2058. 1:36:35बड़ी लंबी उम्र है तुम्हारी। अभी मैंने
  2059. 1:36:37तुम्हारा ही नाम लिया था और तुम यहां
  2060. 1:36:39हाजिर हो गई। इस पर मेनका शिकायती लहजे
  2061. 1:36:42में शौर्य से बोली। तुम यहां आ गए थे तो
  2062. 1:36:46बता नहीं सकते थे कि तुम होटल में ही हो
  2063. 1:36:48और साथ में नताशा कपूर को हमारे होटल में
  2064. 1:36:51लाए हो और हमसे मिलाना भी जरूरी नहीं
  2065. 1:36:53समझा। मेघना को समझ नहीं आ रहा था कि यह
  2066. 1:36:56सब क्या हो रहा है। वो मेनका की हैसियत से
  2067. 1:36:59अच्छे से वाकिफ थी और वो जितनी बेतलुफी से
  2068. 1:37:03श्रवण से बात कर रही थी इस बात से वो और
  2069. 1:37:05भी हैरान हो रही थी। मेनका की बातों से ही
  2070. 1:37:08लग रहा था कि वह श्रवण से कितनी क्लोज है।
  2071. 1:37:12अब उसे थोड़ी देर पहले शौर्य से कही गई
  2072. 1:37:14अपनी बातों के लिए अफसोस हो रहा था।
  2073. 1:37:17दूसरी तरफ शौर्य ने मेनका की बातों का
  2074. 1:37:20जवाब देते हुए कहा। अरे यहां से फ्री होकर
  2075. 1:37:23मैं तुम्हारे पास आने ही वाला था। और फिर
  2076. 1:37:25भी नताशा तो आज रात को होटल में ही ठहर
  2077. 1:37:27रही है। तो तुमसे तो इनका मिलना होता ही।
  2078. 1:37:31शौर्य की बात सुनकर मेनका तंज भरे स्वर
  2079. 1:37:33में बोली।
  2080. 1:37:35हां, अब जब मैं यहां पर आ गई हूं तो तुम
  2081. 1:37:38तो ऐसा बोलोगे ही।
  2082. 1:37:40तुम भी क्या बच्चों की तरह शिकायत करने
  2083. 1:37:42लगी हो? अब तुम जरा मेरे इन मेहमानों को
  2084. 1:37:44इनके कमरे में पहुंचवा दो। मैं भी घर को
  2085. 1:37:46निकलता हूं। इतना बोलकर शौर्य केबिन से
  2086. 1:37:50बाहर जाने को बढ़ा। तो मेनका उसे रोकते
  2087. 1:37:52हुए बोली, "मैं लोगों की व्यवस्था तो देख
  2088. 1:37:55लूंगी, पर जाने से पहले तुम मेरे ऑफिस से
  2089. 1:37:57होते हुए जाना। वहां पर एक इनविटेशन कार्ड
  2090. 1:38:00तुम्हारा इंतजार कर रहा है। उसको अपने साथ
  2091. 1:38:02लेते हुए जाना।
  2092. 1:38:04ठीक है। [संगीत] इतना कहकर शौर्य वहां से
  2093. 1:38:07निकल गया। मेनका के कहने पर वो उसके केबिन
  2094. 1:38:10में गया। वहां से इनविटेशन कार्ड लिया और
  2095. 1:38:13यह जानने की उत्सुकता में कि वो उसे किसने
  2096. 1:38:15भेजा है। उसने कार्ड खोल कर देखा। अंदर जो
  2097. 1:38:19कार्ड था उस पर प्रेषक के रूप में देवव्रत
  2098. 1:38:22मल्होत्रा और रुचि का नाम लिखा था। दो दिन
  2099. 1:38:25बाद रुचि का बर्थडे था। उसी का इनविटेशन
  2100. 1:38:28उसे मिला था। शौर्य ने वह कार्ड कार के
  2101. 1:38:31डैशबोर्ड पर रख दिया।
  2102. 1:38:33शौर्य अपनी कार में लगभग 11:00 बजे राय
  2103. 1:38:35हाउस पहुंचा।
  2104. 1:38:37समय देखकर उसे लगा कि इतनी रात को किसी को
  2105. 1:38:40जगाना ठीक नहीं है। लेकिन उसे याद था कि
  2106. 1:38:43संतो का कमरा किचन के बगल [संगीत] में ही
  2107. 1:38:45है। इसीलिए बेल बजाने पर वही दरवाजा
  2108. 1:38:48खोलेगी। उसने कॉल बेल बजाई लेकिन दरवाजा
  2109. 1:38:51शिप्रा ने खोला। अब तक घर के बाकी सदस्य
  2110. 1:38:54सो चुके थे। शौर्य को यह देखकर अच्छा नहीं
  2111. 1:38:58लगा कि शिप्रा उसके इंतजार में अब तक जाग
  2112. 1:39:00रही है। वो थोड़ी शर्मिंदगीगी के साथ बोला
  2113. 1:39:04अरे ये क्या तुम अभी तक जाग रही हो? शंतु
  2114. 1:39:09नहीं है क्या?
  2115. 1:39:11शिप्रा ने तुरंत ही सपाट स्वर में जवाब
  2116. 1:39:13दिया। वो कहां जाएगी? पर नींद तो उसे भी
  2117. 1:39:17आती है। सो गई होगी।
  2118. 1:39:20तभी शौर्य सफाई देते हुए बोला सॉरी मुझे
  2119. 1:39:24तुम्हें जगाने का कोई इरादा नहीं था। कुछ
  2120. 1:39:26जरूरी काम निकल आया था इसलिए लेट हो गया।
  2121. 1:39:30ऐसा कुछ नहीं है। मैं अभी तक सोई नहीं थी
  2122. 1:39:33और तुम्हें बुरा महसूस करने की कोई जरूरत
  2123. 1:39:35नहीं है। शिप्रा ने इतरा कर कहा। ठीक है।
  2124. 1:39:40मैं अब अपने कमरे में जाता हूं। शौर्य ने
  2125. 1:39:43बस इतना कहा और अपने कमरे की तरफ बढ़ गया।
  2126. 1:39:46शिप्रा उसे जाते हुए देखती रही। लेकिन
  2127. 1:39:49उसके मन का तूफान शांत होने का नाम ही
  2128. 1:39:51नहीं ले रहा था। वो जानना [संगीत] चाहती
  2129. 1:39:53थी कि शौर्य और नताशा के बीच क्या रिश्ता
  2130. 1:39:56है। राहुल से तो उसे कुछ भी पता नहीं चला
  2131. 1:39:58था और अब शौर्य भी सीधे अपने कमरे में चला
  2132. 1:40:01गया था। शिप्रा अपने कमरे में गई और सोने
  2133. 1:40:05की कोशिश करने लगी लेकिन वो कामयाब नहीं
  2134. 1:40:07हो पाई। उसे लगा कि अगर ऐसे ही रहा तो वह
  2135. 1:40:11पूरी रात नहीं सो पाएगी।
  2136. 1:40:14बेचैनी उसको खींच कर कब शौर्य के दरवाजे
  2137. 1:40:16तक ले आई। उसको खुद ही पता नहीं चला।
  2138. 1:40:19दरवाजे पर कुछ आहट सी महसूस होने पर शौर्य
  2139. 1:40:22ने दरवाजा खोला। अचानक सामने शिप्रा को
  2140. 1:40:25देखकर वो हैरान हुआ और बोला, "क्या हुआ?
  2141. 1:40:30तुम यहां सब ठीक तो है?" शौर्य अब तक
  2142. 1:40:34कपड़े बदलकर नाइट ड्रेस में आ चुका था।
  2143. 1:40:36उसका सवाल सुनकर शिप्रा को थोड़ा अजीब
  2144. 1:40:39लगा। उसने आंखें सिकोड़ते हुए पूछा।
  2145. 1:40:42गहराती अंधेरी रात भी शायद शिप्रा और
  2146. 1:40:44शौर्य को साथ देखना चाहती थी। उसने माहौल
  2147. 1:40:48को इतना खुशनुमा बना दिया था कि आज ही
  2148. 1:40:50शिप्रा की ज़िद का इम्तिहान और शौर्य के
  2149. 1:40:53सब्र की अग्नि परीक्षा का दौर एकदम से
  2150. 1:40:56फटकर खत्म हो जाए। देर रात शौर्य ने अपना
  2151. 1:40:59कमरे का दरवाजा खोल तो दिया था, लेकिन
  2152. 1:41:02सामने खड़ी शिप्रा की खूबसूरती और थकी थकी
  2153. 1:41:04सी आंखें देखकर उसने अपने होश खो दिए थे।
  2154. 1:41:08शौर्य कुछ पल के लिए दुनिया ही भूल गया था
  2155. 1:41:11और शिप्रा को एक टक देखता रह गया। शिप्रा
  2156. 1:41:14ने जब शौर्य की आंखों में अपने लिए वो चमक
  2157. 1:41:17देखी तो उसे अंदर ही अंदर एक अजीब सी खुशी
  2158. 1:41:20हुई। पर उसने तुरंत अपने चेहरे पर सख्ती
  2159. 1:41:23ओढ़ ली और खुद को संभालते हुए बोली क्या
  2160. 1:41:27हुआ? कहां खो गए? शौर्य सकका [संगीत] सा
  2161. 1:41:31गया। लेकिन फिर तुरंत ही बोला कहीं नहीं।
  2162. 1:41:34तुम बताओ यहां कैसे आना हुआ?
  2163. 1:41:38क्या मुझे अंदर नहीं आने दोगे? यहीं
  2164. 1:41:40खड़े-खड़े बात करनी है। शिप्रा ने पूछा तो
  2165. 1:41:44शौर्य को अपनी गलती का एहसास हुआ। वो एक
  2166. 1:41:47तरफ हट गया और बोला सॉरी अंदर आओ। शिप्रा
  2167. 1:41:52कमरे में आई कुर्सी पर बैठ गई और बोली तुम
  2168. 1:41:55भी बैठो।
  2169. 1:41:57शौर्य बेड पर बैठ गया। लेकिन उसके चेहरे
  2170. 1:42:00पर उलझन साफ थी। तभी शौर्य ने पूछा
  2171. 1:42:04क्या तुम्हें कुछ पूछना [संगीत] है?
  2172. 1:42:07ऐसा कुछ खास नहीं बस जानना चाहती हूं कि
  2173. 1:42:09तुम्हारी नताशा कपूर के साथ मीटिंग कैसी
  2174. 1:42:12रही।
  2175. 1:42:14शिप्रा ने सीधे उसकी आंखों में देखते हुए
  2176. 1:42:16कहा। शिप्रा का सवाल सुनकर शौर्य को लगा
  2177. 1:42:19कि जरूर राहुल ने शिप्रा को कृष्णापुरम
  2178. 1:42:22में घटित एक-एक घटना को [संगीत] विस्तार
  2179. 1:42:24से बता दिया होगा। शौर्य के लिए चेहरे को
  2180. 1:42:27सहज बनाए रखना मुश्किल हो रहा था। तभी
  2181. 1:42:30शिप्रा शौर्य के चेहरे के बदलते भावों को
  2182. 1:42:32देखकर बोली
  2183. 1:42:34ये तुम बार-बार कहां खो जाते हो?
  2184. 1:42:38कहीं भी तो नहीं? शौर्य अपनी सोच से बाहर
  2185. 1:42:41आते हुए बोला तो शिप्रा दोबारा से अपने
  2186. 1:42:43प्रश्न दोहराते हुए बोली तुमने बताया नहीं
  2187. 1:42:46[संगीत] कि तुम्हारी मीटिंग कैसी रही? सब
  2188. 1:42:49बढ़िया से हो गया। हो सकता है नेक्स्ट वीक
  2189. 1:42:52में शूटिंग भी शुरू हो जाए। [संगीत]
  2190. 1:42:55शौर्य ने सीधा सा जवाब दिया पर शिप्रा चाह
  2191. 1:42:57रही थी कि शौर्य उसे विस्तार से बताए कि
  2192. 1:43:00उसकी मीटिंग में क्या-क्या हुआ। इसीलिए
  2193. 1:43:03शिप्रा से रहा नहीं गया और उसने फिर कहा
  2194. 1:43:05[संगीत]
  2195. 1:43:06क्या तुम नताशा कपूर को पहले से जानते हो?
  2196. 1:43:10इस पर शौर्य ने तुरंत जवाब दिया।
  2197. 1:43:13ऐसा तुम्हें क्यों लगा? आज मैं पहली बार
  2198. 1:43:16उससे मिला हूं। [संगीत]
  2199. 1:43:18शौर्य का यह जवाब सुनकर शिप्रा को लगा
  2200. 1:43:20जरूर शौर्य उससे झूठ बोल रहा है। ऐसा कैसे
  2201. 1:43:24हो सकता है कि पहली ही मुलाकात में वो
  2202. 1:43:26दोनों इतना करीब आ जाए जैसा फोटो शिप्रा
  2203. 1:43:29ने दोनों का साथ में देखा था।
  2204. 1:43:32उसे शौर्य के जवाब से शांति नहीं मिल रही
  2205. 1:43:34थी। इसीलिए उसने शौर्य से कहा [संगीत] तुम
  2206. 1:43:37मुझसे झूठ क्यों बोल रहे हो? शिप्रा का
  2207. 1:43:41सवाल सुनकर शौर्य हैरान होकर बोला मैं भला
  2208. 1:43:44तुमसे झूठ क्यों बोलूंगा?
  2209. 1:43:47तभी शिप्रा ने शौर्य को उसका नताशा के साथ
  2210. 1:43:49वाला फोटो दिखाया और पूछा क्या कोई पहली
  2211. 1:43:52ही मुलाकात में इतना करीब आ सकता है?
  2212. 1:43:56शौर्य ने फोटो देखा तो वो हैरान रह गया।
  2213. 1:44:00उसने तो यह फोटो राहुल के फोन से डिलीट कर
  2214. 1:44:02दिया था। फिर यह फोटो शिप्रा के पास कैसे
  2215. 1:44:05आ गया? इसका मतलब राहुल ने उसके फोटो
  2216. 1:44:08डिलीट करने से पहले ही शिप्रा को यह फोटो
  2217. 1:44:10भेज दिया होगा।
  2218. 1:44:12शौर्य ने थोड़ा गंभीर होकर शिप्रा से
  2219. 1:44:14पूछा। [संगीत]
  2220. 1:44:16यह फोटो तुम्हारे पास कहां से आया? यह
  2221. 1:44:19मेरे सवाल का जवाब नहीं हुआ। शिप्रा सपाट
  2222. 1:44:22स्वर में बोली।
  2223. 1:44:25शौर्य को शिप्रा का रिएक्शन देखकर मजा आने
  2224. 1:44:27लगा। उसके दिमाग में आया क्या शिप्रा
  2225. 1:44:30नताशा को उसके करीब देखकर जेलस फील कर रही
  2226. 1:44:33है। उसने सोचा वो भी शिप्रा को हकीकत
  2227. 1:44:36बताकर इस रोमांच को कम नहीं करेगा। इसीलिए
  2228. 1:44:39उसने कहा [संगीत] यह बात तुम उसी से क्यों
  2229. 1:44:42नहीं पूछ लेती जिसने तुम्हें यह फोटो भेजा
  2230. 1:44:44है।
  2231. 1:44:46[संगीत]
  2232. 1:44:46शौर्य का जवाब सुनकर शिप्रा के चेहरे पर
  2233. 1:44:49थोड़ी निराशा सी आ गई। उसने भावहीन चेहरे
  2234. 1:44:52के साथ फिर पूछा, "अब मैं तुम्हारे इस
  2235. 1:44:54जवाब का क्या मतलब निकालूं?"
  2236. 1:44:57"इस शौर्य ने एक पल के लिए उसकी तरफ देखा
  2237. 1:44:59और बोला,
  2238. 1:45:01वैसे भी इससे क्या फर्क पड़ता है कि मैं
  2239. 1:45:03नताशा को पहले से जानता हूं या नहीं? या
  2240. 1:45:06इस फोटो का क्या मतलब है? और तुम जानना ही
  2241. 1:45:10क्यों चाहती हो मेरे और नताशा के बारे
  2242. 1:45:12में? कहीं तुम्हें जलन तो [संगीत] नहीं हो
  2243. 1:45:15रही हमें इतना करीब देखकर।
  2244. 1:45:18शौर्य का जवाब सुनकर शिप्रा के कान खड़े
  2245. 1:45:21हो गए। उसे लगा जैसे उसकी चोरी [संगीत]
  2246. 1:45:23पकड़ी गई हो। उसने तुरंत अपनी भावनाओं को
  2247. 1:45:26कंट्रोल में किया और बोली, "मुझे क्यों
  2248. 1:45:29जलन होगी तुम दोनों को करीब देखकर?" मैंने
  2249. 1:45:32तो खुद तुमसे कहा था कि तुम किसी के करीब
  2250. 1:45:34जाओगे तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी। मैं
  2251. 1:45:37तो यह इसलिए पूछ रही हूं कि तुमने कहा था
  2252. 1:45:39तुम आज पहली बार नताशा से मिले थे। तो
  2253. 1:45:42क्या कोई पहली बार मिलने के बाद इतना करीब
  2254. 1:45:44आ सकता है?
  2255. 1:45:46शौर्य शिप्रा की चालाकी पर हैरान रह गया।
  2256. 1:45:50कितनी जल्दी उसने बात घुमा दी लेकिन अगले
  2257. 1:45:53ही पल उसके दिमाग में आया। कहीं वो ही
  2258. 1:45:56ज्यादा तो नहीं सोच रहा। शायद सच में
  2259. 1:45:58शिप्रा सिर्फ यही जानना चाहती हो। [संगीत]
  2260. 1:46:01शिप्रा लगातार शौर्य के चेहरे के बदलते
  2261. 1:46:04भाव देख रही थी। उसने सोचा अगर वह और सवाल
  2262. 1:46:07करेगी तो शौर्य को लगेगा कि वह जलन के
  2263. 1:46:10कारण पूछ रही है।
  2264. 1:46:12इसीलिए उसने बात बदलते हुए कहा, "मेरा यह
  2265. 1:46:15पूछने का एक कारण यह भी था कि अगर तुम
  2266. 1:46:18किसी के करीब आते भी हो, तो यह बात पब्लिक
  2267. 1:46:20नहीं होनी चाहिए। [संगीत]
  2268. 1:46:22अगर घर वालों को तुम्हारे किसी रिलेशन के
  2269. 1:46:24बारे में पता चला तो उन्हें हमारे रिश्ते
  2270. 1:46:26पर शक करने का कारण मिल जाएगा।
  2271. 1:46:30शौर्य को शिप्रा की ये बात वाजिब लगी। वो
  2272. 1:46:33बोला तुम चिंता मत करो। मैं आगे से इस बात
  2273. 1:46:35का ध्यान [संगीत] रखूंगा।
  2274. 1:46:37अच्छा क्या तुम यह बताओगी कि तुमने अपने
  2275. 1:46:40काम के लिए नताशा कपूर के साथ कितने में
  2276. 1:46:43एग्रीमेंट किया?
  2277. 1:46:45शिप्रा ने जिज्ञासा से पूछा। शौर्य कुछ
  2278. 1:46:48[संगीत] पल शिप्रा को देखता रहा और सोचने
  2279. 1:46:50लगा कि क्या वो उसे सच बताए? अगर वो सच
  2280. 1:46:53बताएगा भी तो क्या शिप्रा उस पर विश्वास
  2281. 1:46:55कर पाएगी? तभी शिप्रा अपनी आंखें फैलाती
  2282. 1:46:58हुई बोली।
  2283. 1:47:01अब क्या इस सवाल का जवाब देना भी मुश्किल
  2284. 1:47:03है?
  2285. 1:47:05तभी शौर्य जवाब में बोला,
  2286. 1:47:07वो मेरे लिए यह काम फ्री में कर रही है।
  2287. 1:47:11उसने मुझसे एक पैसा चार्ज नहीं किया है।
  2288. 1:47:15शिप्रा को शक हुआ तो वह हैरानी में बोली
  2289. 1:47:17क्या कहा तुमने? वो तुम्हारे काम के लिए
  2290. 1:47:20कोई पैसा चार्ज नहीं कर रही। यह भला कैसे
  2291. 1:47:24हो सकता है? वो फ्री में तुम्हारा काम भला
  2292. 1:47:26क्यों करने को तैयार हो गई?
  2293. 1:47:28शौर्य ने बड़ी स्पष्टता से जवाब दिया।
  2294. 1:47:31यही सच है। मुझे उसे मेरे काम के लिए कोई
  2295. 1:47:35पैसा देना ही नहीं है।
  2296. 1:47:38अब तो शिप्रा को यकीन हो गया था कि जरूर
  2297. 1:47:40इन दोनों के बीच कुछ चल रहा है। पर वो अब
  2298. 1:47:43शौर्य से ज्यादा कुछ पूछ नहीं सकती थी।
  2299. 1:47:46इसीलिए उसने बात खत्म की और थोड़े नाराज
  2300. 1:47:49अंदाज में कहा। [संगीत] चलो ठीक है। शायद
  2301. 1:47:52तुम थके हुए हो। रात भी ज्यादा हो गई है।
  2302. 1:47:55मैं चलती हूं।
  2303. 1:47:57शौर्य चाहता तो नहीं था कि शिप्रा वहां से
  2304. 1:48:00जाए। लेकिन उसके पास रोकने का भी कोई कारण
  2305. 1:48:03नहीं था। इसलिए शिप्रा के जाते ही वह बेड
  2306. 1:48:06पर सो गया।
  2307. 1:48:08शौर्य सुबह उठकर जल्दी तैयार [संगीत] हो
  2308. 1:48:10गया। कृष्णापुरम के लिए निकलने से पहले
  2309. 1:48:12उसने अपना फोन निकाला और नताशा को कॉल
  2310. 1:48:15लगाया। नताशा के फोन उठाने के बाद उसने
  2311. 1:48:18कहा [संगीत] तुम तैयार रहना। मैं 20-25
  2312. 1:48:21मिनट में तुम्हारे पास पहुंचता हूं। फिर
  2313. 1:48:23साथ में कृष्णापुरम चलते हैं। नताशा ने
  2314. 1:48:26उसकी बात सुनकर कहा
  2315. 1:48:28नहीं इसकी कोई जरूरत नहीं है। ऐसा करो तुम
  2316. 1:48:31सीधे लोकेशन पर पहुंचो। मैं मेघना के साथ
  2317. 1:48:33वहां पर आती हूं। आज मेघना भी शूटिंग
  2318. 1:48:36देखना चाह रही है।
  2319. 1:48:38नताशा की बात सुनकर शौर्य ने [संगीत] सोचा
  2320. 1:48:40चलो ये अच्छा है। अब वो आराम से
  2321. 1:48:43कृष्णापुरम जा सकता है। अब जब उसके पास
  2322. 1:48:46थोड़ा टाइम था तो उसने अपना फोन निकाला और
  2323. 1:48:48मोहित रैना को फोन लगा दिया। एक दो रिंग
  2324. 1:48:51के बाद ही मोहित रैना ने शौर्य का फोन
  2325. 1:48:54उठाया और अभिवादन करते हुए बोला
  2326. 1:48:56गुड मॉर्निंग सर। क्या कोई खास बात है?
  2327. 1:48:59इतनी सुबह-सुबह आपका फोन आया है।
  2328. 1:49:02मोहित रैना ने जिज्ञासा वश पूछा तो शौर्य
  2329. 1:49:05बोला नहीं ऐसा कुछ खास तो नहीं है पर मैं
  2330. 1:49:08चाहता हूं कि तुम कल शिप्रा के साथ एक
  2331. 1:49:10मीटिंग फिक्स कर लो जिसमें जिंक कलेक्शन
  2332. 1:49:13के ऐड पब्लिसिटी [संगीत]
  2333. 1:49:14को लेकर जो प्लान है उसके बारे में उसे
  2334. 1:49:16चर्चा कर सको। और जो अपना नया ऑफिस है वो
  2335. 1:49:20भी देख लेगी।
  2336. 1:49:22ठीक है सर। मैं आज ही शिप्रा मैम से बात
  2337. 1:49:24कर लेता हूं। मोहित रैना ने जवाब दिया तो
  2338. 1:49:27शौर्य ने आगे अपनी बात कही। ठीक है मैं इस
  2339. 1:49:31बारे में विक्रम से भी बात कर लूंगा। बाकी
  2340. 1:49:33तुम्हें विक्रम समझा देगा कि तुम्हें उससे
  2341. 1:49:36कैसे डील करनी है।
  2342. 1:49:38मोहित रैना से बात होने के बाद उसने
  2343. 1:49:40विक्रम को भी फोन लगाया और उसे भी इस बारे
  2344. 1:49:43में बताया कि शिप्रा के सामने उसे अपने आप
  2345. 1:49:46को कैसे प्रस्तुत करना है। इन सब बातों के
  2346. 1:49:49समाप्त होने के बाद वो अपने कमरे से निकला
  2347. 1:49:51और डाइनिंग हॉल में आ गया। वहां पर शिप्रा
  2348. 1:49:54पहले से ही डाइनिंग टेबल पर बैठी हुई
  2349. 1:49:56[संगीत] थी। राजदीप राय भी शिप्रा के साथ
  2350. 1:49:59ही बैठे हुए थे। शौर्य को वहां आता देखकर
  2351. 1:50:03उन्होंने शौर्य को अपने सामने बैठने का
  2352. 1:50:04इशारा किया। शौर्य के बैठने के बाद
  2353. 1:50:07उन्होंने कहा
  2354. 1:50:09मैंने सुना है तुमने किसी कंपनी को जॉइ
  2355. 1:50:11किया है?
  2356. 1:50:13जी आपने सही सुना है। शौर्य ने जवाब दिया।
  2357. 1:50:19क्या सच में तुमने नताशा कपूर के साथ
  2358. 1:50:22ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए एग्रीमेंट किया
  2359. 1:50:24है?
  2360. 1:50:26राजदीप राय आश्चर्य के साथ बोले क्योंकि
  2361. 1:50:29उन्हें भी यकीन नहीं हो रहा था कि जिस
  2362. 1:50:31श्रवण की कुछ दिनों पहले कोई हस्ती नहीं
  2363. 1:50:33थी [संगीत] वो अचानक ही इतना बड़ा काम
  2364. 1:50:35कैसे करने लगा है? हां ऐसा ही है। शौर्य
  2365. 1:50:39ने जवाब दिया। तो राजदीप राय जिज्ञासावश
  2366. 1:50:42पूछ बैठे। आखिर तुम किसके साथ काम कर रहे
  2367. 1:50:46हो?
  2368. 1:50:47शौर्य ने एक पल को सोचा फिर बोला उनका नाम
  2369. 1:50:50विक्रम सिंह है। राजदीप राय ने इस नाम के
  2370. 1:50:54बारे में सोचा कि क्या वो इस नाम के किसी
  2371. 1:50:56व्यक्ति को जानते हैं? पर उन्हें यह नाम
  2372. 1:50:58अपने लिए अनजान ही लगा। कुछ सोचकर वो
  2373. 1:51:01शौर्य से बोले मुझे खुशी है कि तुमने अपने
  2374. 1:51:05लिए सही काम ढूंढा है। उम्मीद करता हूं कि
  2375. 1:51:08तुम अब यहां से आगे ही बढ़ोगे। शौर्य ने
  2376. 1:51:11मुस्कुराकर राजदीप राय की बातों से सहमति
  2377. 1:51:13जताई। [संगीत] इस बीच शिप्रा ने संतोष से
  2378. 1:51:16शौर्य के लिए भी नाश्ते की प्लेट लगाने के
  2379. 1:51:18लिए कहा। नाश्ता करने के बाद शौर्य वहां
  2380. 1:51:21से कृष्णापुरम के लिए निकल गया।
  2381. 1:51:24जब वो वहां पहुंचा तो उसने पाया कि नताशा
  2382. 1:51:27पहले ही वहां पहुंच चुकी थी और वो तैयार
  2383. 1:51:29हो रही थी। शौर्य रत्नाकर शेट्टी के पास
  2384. 1:51:32गया। [संगीत] रत्नाकर शेट्टी ने उसे आज का
  2385. 1:51:35सीन समझाया।
  2386. 1:51:37देखो आज जो सीन शूट होने वाला है उसमें
  2387. 1:51:40हकिंग के दौरान नताशा पहाड़ से गिरने वाली
  2388. 1:51:43होती है और तुम्हें उसे बचाना है। इसी
  2389. 1:51:46दौरान स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक के लिए कुछ
  2390. 1:51:48डायलॉग भी होंगे।
  2391. 1:51:50पूरा दिन शूट चलता है। रत्नाकर शेट्टी
  2392. 1:51:53शौर्य के परफॉर्मेंस से बहुत खुश होता है।
  2393. 1:51:56सिर्फ रत्नाकर शेट्टी ही नहीं नताशा कपूर
  2394. 1:51:58भी शौर्य से खासा इंप्रेस होती है। शूटिंग
  2395. 1:52:02देखने आई मेघना को जब यहां पिछले दिनों की
  2396. 1:52:04वो घटना पता चलती है जिसमें शौर्य नताशा
  2397. 1:52:07को डूबने से बचाता है। तब उसे नताशा के
  2398. 1:52:09शौर्य के प्रति लगाव का असली कारण समझ आ
  2399. 1:52:12जाता है। शूट के पैकअप होने के बाद सभी
  2400. 1:52:15अपनी पैकिंग में लग जाते हैं। [संगीत]
  2401. 1:52:18शौर्य नताशा और मेघना के साथ उसके वैनिटी
  2402. 1:52:20वैन में बैठा था। उसने नताशा से कहा
  2403. 1:52:25यह शूट तो समाप्त हो गया लेकिन लगे हाथ तो
  2404. 1:52:27नेक्स्ट वीक में मैं अपना भी शूट शुरू
  2405. 1:52:29करना चाहता हूं। तुम इस बारे में क्या
  2406. 1:52:31कहती हो?
  2407. 1:52:33मुझे क्या कहना है? तुम अपना शेड्यूल
  2408. 1:52:35फिक्स करके मुझे इन्फॉर्म कर देना। तुम
  2409. 1:52:37जहां कहोगे मैं आ जाऊंगी। नताशा ने सिंपल
  2410. 1:52:41सा जवाब दिया। अगर तुम चाहो तो मैं तब तक
  2411. 1:52:44तुम्हारे रहने की व्यवस्था होटल राजकमल
  2412. 1:52:46में कर देता हूं। अगर तुम यहां रहोगी तो
  2413. 1:52:49हो सकता है कि मैं अपना काम और पहले शुरू
  2414. 1:52:51कर दूं। शौर्य ने नताशा के सामने अपना
  2415. 1:52:54प्रस्ताव रखा तो नताशा ने जवाब दिया।
  2416. 1:52:58नहीं अभी तो नहीं रुक पाऊंगी। मुझे दो
  2417. 1:53:01दिनों के लिए एक छोटा सा काम है उसे करना
  2418. 1:53:03है। उसके बाद अगर तुम कहोगे तो मैं आ
  2419. 1:53:05जाऊंगी।
  2420. 1:53:07ठीक है। फिर तुम अपना काम समाप्त करो। तब
  2421. 1:53:10तक इन दो दिनों में मैं सब कुछ फिक्स भी
  2422. 1:53:12कर लेता हूं। जैसे ही तुम अपने काम से
  2423. 1:53:15फ्री होगी मुझे इन्फॉर्म कर देना। मैं
  2424. 1:53:17यहां तुम्हारे रहने की व्यवस्था कर दूंगा।
  2425. 1:53:20शौर्य ने अपने आगे का प्लान बताया। इस पर
  2426. 1:53:22नताशा ने शौर्य से सहमति जताई।
  2427. 1:53:26हां, यह [संगीत] ठीक रहेगा। सारी बात होने
  2428. 1:53:29के बाद शौर्य ने कहा, तो फिर ठीक है। अब
  2429. 1:53:32मुझे इजाजत दो। मैं अब निकलता हूं। नताशा
  2430. 1:53:36के पास भी शौर्य को रोकने का अब कोई और
  2431. 1:53:38कारण नहीं था। तो उसने कहा ठीक है। तुम जा
  2432. 1:53:41सकते हो। पर जब तुम उधर ही जा रहे हो तो
  2433. 1:53:44मेघना को भी अपने साथ क्यों नहीं ले जाते?
  2434. 1:53:46इसे भी तो होटल राजकमल जाना है।
  2435. 1:53:50तभी शौर्य मेघना की ओर देखता है। शौर्य का
  2436. 1:53:54बदला हुआ अवतार, नताशा से उसकी नजदीकियां,
  2437. 1:53:56उसका काम और सबसे बड़ी बात होटल राजकमल का
  2438. 1:54:00वो आलीशान प्रेसिडेंसी रूम। मेघना का
  2439. 1:54:03दिमाग शायद बीती रात की उन्हें हैरान कर
  2440. 1:54:05देने वाली बातों पर ही अटका हुआ था। उसका
  2441. 1:54:08गुरूर इस बात को कबूल करने को तैयार ही
  2442. 1:54:11नहीं हो रहा था कि एक मामूली सा दिखने
  2443. 1:54:13वाला लड़का नताशा कपूर के लिए इतना बड़ा
  2444. 1:54:15इंतजाम कर सकता है। शौर्य की बताई हुई
  2445. 1:54:19वर्क प्रोफाइल और ये हाई प्रोफाइल बातें
  2446. 1:54:21मेघना के दिमाग में मेल नहीं खा रही थी।
  2447. 1:54:24और इसी वजह से इतना सब कुछ देखने के बाद
  2448. 1:54:27भी शौर्य के प्रति मेघना के व्यवहार में
  2449. 1:54:30कोई बदलाव नहीं आया था। इसके विपरीत शौर्य
  2450. 1:54:34ने मेघना की रईसी से रंगी हुई सोच को एक
  2451. 1:54:36ही दिन में पढ़ लिया था। इसीलिए नताशा ने
  2452. 1:54:39जब शौर्य से मेघना को राजकमल होटल ड्रॉप
  2453. 1:54:42करने को कहा तो शौर्य मेघना की तरफ देखते
  2454. 1:54:44हुए बोला ड्रॉप तो कर दूंगा पर क्या मिस
  2455. 1:54:48मेघना मेरे साथ जाने में कंफर्टेबल फील
  2456. 1:54:51करेंगी।
  2457. 1:54:52मेघना समझ गई कि शौर्य शायद कल वाली बात
  2458. 1:54:55को भूला नहीं है। इसीलिए वो ऐसा बोल रहा
  2459. 1:54:58है। वो चाहती तो यहां से कैब करके भी होटल
  2460. 1:55:01जा सकती थी। पर वो अभी शौर्य को और समझना
  2461. 1:55:04चाहती थी कि वो आखिर चीज क्या है। एक ही
  2462. 1:55:08मीटिंग में शौर्य ने इतना कुछ शॉकिंग कर
  2463. 1:55:10दिया था कि वो शौर्य के लिए अपनी कोई
  2464. 1:55:12निश्चित सोच नहीं बना पा रही थी। मेघना यह
  2465. 1:55:16भी सोच रही थी कि अगर वो शौर्य के साथ कुछ
  2466. 1:55:18समय बिताएगी तो शायद वह समझ पाएगी कि इन
  2467. 1:55:21बातों के पीछे का राज क्या है। इसीलिए वो
  2468. 1:55:24थोड़ी नरमी दिखाते हुए बोली श्रवण लगता है
  2469. 1:55:28तुम मेरी कल वाली बात से खफा हो इसीलिए
  2470. 1:55:30ऐसा बोल रहे हो। मेघना की बात सुनकर शौर्य
  2471. 1:55:34हल्का सा मुस्कुराया और बोला
  2472. 1:55:37मैं किसी बात को अपने दिल में नहीं रखता।
  2473. 1:55:40मैं तो सिर्फ यह जानना चाहता था कि तुम सच
  2474. 1:55:42में मेरे साथ जाना चाहती हो। तभी मेघना ने
  2475. 1:55:45जवाब दिया, "अगर तुम्हें कोई आपत्ति नहीं
  2476. 1:55:49है तो मैं चाहूंगी कि तुम मुझे होटल
  2477. 1:55:51राजकमल छोड़ दो क्योंकि मुझे वहां से अपना
  2478. 1:55:53सामान लेना है और फिर अपने रिश्तेदार के
  2479. 1:55:55यहां जाना है।
  2480. 1:55:57मुझे कोई आपत्ति नहीं है। तुम मेरे साथ चल
  2481. 1:56:00सकती हो।
  2482. 1:56:02शौर्य के बोलते ही दोनों कार में सवार
  2483. 1:56:04हुए। शौर्य ड्राइविंग सीट पर था और मेघना
  2484. 1:56:07उम्मीद के विपरीत पीछे बैठने की बजाय उसके
  2485. 1:56:10ठीक बगल वाली सीट पर बैठ गई। कार हाईवे पर
  2486. 1:56:13दौड़ रही थी। लेकिन अंदर का सन्नाटा किसी
  2487. 1:56:16तूफान के आने की आहट दे रहा था। मेघना की
  2488. 1:56:19नजरें बार-बार कार के डैशबोर्ड और शौर्य
  2489. 1:56:22के हाथों पर जा रही थी। कुछ देर तो दोनों
  2490. 1:56:25के बीच खामोशी छाई रही। फिर उस खामोशी को
  2491. 1:56:28मेघना ने ही तोड़ा। उसने शौर्य से पूछा
  2492. 1:56:32क्या ये तुम्हारी अपनी कार है?
  2493. 1:56:36क्योंकि उसे यह बात हजम नहीं हो रही थी कि
  2494. 1:56:38अभी कल ही इस शख्स ने नई नौकरी ज्वाइन की
  2495. 1:56:40है और आज उसके हाथों में इतनी लग्जरियस
  2496. 1:56:43कार का स्टीयरिंग है। शौर्य मेघना का सवाल
  2497. 1:56:46सुनकर बोला नहीं यह मेरी कार नहीं है। यह
  2498. 1:56:50मेरे बॉस की कार है क्योंकि मैं भी नताशा
  2499. 1:56:53कपूर के साथ एग्रीमेंट करने के लिए आया था
  2500. 1:56:55तो बॉस ने खास करके मुझे कार दे रखी थी।
  2501. 1:56:59शौर्य ने कहानी बनाई तो मेघना ने हल्की
  2502. 1:57:01राहत की सांस लेते हुए कहा
  2503. 1:57:04ओ आई सी उसे ऐसा लगा जैसे उसे सब कुछ समझ
  2504. 1:57:08में आ गया है। उसने यह मान लिया कि शौर्य
  2505. 1:57:11तो सिर्फ एक मोहरा है। उसने आगे पूछा
  2506. 1:57:15क्या होटल राजकमल का प्रेसिडेंसी रूम जो
  2507. 1:57:17तुमने नताशा के लिए बुक किया हुआ था वो
  2508. 1:57:20तुम्हारे बॉस ने ही बुक किया था? तुम्हें
  2509. 1:57:23क्या लगता है कि मैं इस होटल का खर्च
  2510. 1:57:25अफोर्ड कर सकता हूं। ऑब्वियसली सब कुछ
  2511. 1:57:27मेरे बॉस के द्वारा ही किया गया है।
  2512. 1:57:30शौर्य सब कबूल करता हुआ बोला। मेघना के मन
  2513. 1:57:34में एक अजीब सी तसल्ली आई। उसे लगा कि
  2514. 1:57:37उसकी पुरानी सोच सही थी। शौर्य की कोई
  2515. 1:57:39औकात नहीं है। बस उसकी किस्मत अच्छी है कि
  2516. 1:57:42उसने नताशा की जान बचाई और नताशा उसे
  2517. 1:57:45तवज्जो दे रही है। वहीं शौर्य भी अच्छी
  2518. 1:57:47तरह समझ रहा था कि मेघना उसके साथ क्या
  2519. 1:57:50खेल खेल रही है। मेघना शौर्य के वर्तमान
  2520. 1:57:53स्टेटस से वाकिफ होना चाहती थी। इसीलिए वो
  2521. 1:57:56उससे ऐसे सवाल कर रही थी। शौर्य भी उसको
  2522. 1:57:59जवाब देने में कोई कंजूसी नहीं दिखा रहा
  2523. 1:58:01था।
  2524. 1:58:04वैसे इस बात से मेघना को कुछ खास फर्क
  2525. 1:58:06नहीं पड़ने वाला था। पर कहीं ना कहीं उसके
  2526. 1:58:08दिल में यह टीस थी कि श्रवण ने उसके काम
  2527. 1:58:11के लिए मना कर दिया था। शौर्य के साथ हुई
  2528. 1:58:15इस ड्राइव टाइम की बातचीत के बाद अब मेघना
  2529. 1:58:17को लग रहा था कि शायद इस बदली स्थिति में
  2530. 1:58:20उसका काम करने को तैयार हो जाए। क्योंकि
  2531. 1:58:23उसके दिमाग में यह भी चल रहा था कि हो
  2532. 1:58:26सकता है पिछली रात को श्रवण ने उसका काम
  2533. 1:58:29करने से इसीलिए भी मना कर दिया होगा
  2534. 1:58:31क्योंकि उसने नताशा के सामने उससे अपने
  2535. 1:58:34काम के लिए पूछ लिया था। क्या पता नताशा
  2536. 1:58:37की नजर में वो अपनी हिरइक इमेज खराब होने
  2537. 1:58:40देना नहीं चाहता हो। इसीलिए उसने सिर्फ
  2538. 1:58:42नताशा की नजर में अपना इंप्रेशन जमाने के
  2539. 1:58:45लिए उसके प्रपोजल को ठुकरा दिया होगा।
  2540. 1:58:48अपने दिमागी कंप्यूटर में गहरी जांच
  2541. 1:58:50पड़ताल करने के बाद मेघना ने मन ही मन कुछ
  2542. 1:58:53निश्चय किया और शौर्य से फिर से बात करने
  2543. 1:58:56के उद्देश्य से बोली
  2544. 1:58:59क्या तुम नताशा कपूर को पसंद करने लगे हो?
  2545. 1:59:04शौर्य ने मेघना की बात सुनकर उसकी तरफ
  2546. 1:59:06देखा और सोचा यह ख्याल इसके दिल में कैसे
  2547. 1:59:09आ गया? उसने सीधा मेघना से पूछा। तुमने
  2548. 1:59:13ऐसा कैसे सोच लिया कि मैं नताशा कपूर को
  2549. 1:59:15पसंद करता हूं?
  2550. 1:59:17तभी मेघना ने शौर्य की आंखों में देखते
  2551. 1:59:19हुए अपने दिमाग की पूरी कैलकुलेशन शौर्य
  2552. 1:59:22के सामने खोल के रख दी और बोली क्योंकि जब
  2553. 1:59:25मैंने कल तुम्हें अपने काम के लिए प्रपोजल
  2554. 1:59:27दिया तो तुमने उसे ठुकरा दिया। मुझे लगा
  2555. 1:59:30तुमने ऐसा इसलिए किया क्योंकि तुम नताशा
  2556. 1:59:33की नजर में अपना इंप्रेशन बनाना चाहते थे।
  2557. 1:59:35क्या मैं सही सोच रही हूं? मेघना की बात
  2558. 1:59:38सुनकर शौर्य को हंसी आ गई।
  2559. 1:59:42जब मेघना ने शौर्य को मुस्कुराते देखा तो
  2560. 1:59:44थोड़ा चिढ़कर बोली क्या मैंने कोई जोक
  2561. 1:59:47सुनाया जो तुम यह मुस्कुराने लगे? तभी
  2562. 1:59:50शौर्य भी पलट कर मेघना की आंखों में देखते
  2563. 1:59:52हुए बोला क्या तुम सच में जानना चाहती हो
  2564. 1:59:55कि मैंने तुम्हारा प्रपोजल क्यों ठुकराया?
  2565. 1:59:58मेघना जिज्ञासा से शौर्य की तरफ देखते हुए
  2566. 2:00:00बोल पड़ी। हां अगर तुम्हें कोई आपत्ति
  2567. 2:00:03नहीं हो तो मैं सचमुच जानना चाहती हूं कि
  2568. 2:00:06तुमने मेरा प्रपोजल क्यों ठुकरा दिया?
  2569. 2:00:08उल्टा तुम्हें तो मेरा काम करने से फायदा
  2570. 2:00:10ही होता।
  2571. 2:00:12ठीक है तो सुनो। मेरा तुम्हारा प्रपोजल
  2572. 2:00:15ठुकराने का मेन कारण तुम्हारा एटीट्यूड
  2573. 2:00:17था। तुमने जिस रब से मुझे अपने काम के लिए
  2574. 2:00:20कहा मुझे वो पसंद नहीं आया। बस इसीलिए
  2575. 2:00:23मैंने तुम्हारा काम करने से मना कर दिया।
  2576. 2:00:27शौर्य ने सपाट स्वर में अपना जवाब दिया।
  2577. 2:00:29मेघना सन रह गई। उसे अपने कानों पर यकीन
  2578. 2:00:33नहीं हुआ। कोई सिर्फ एटीट्यूड की वजह से
  2579. 2:00:36इतने बड़े प्रोजेक्ट को लात मार सकता है।
  2580. 2:00:38मेघना ने सोचा कि क्या श्रवण अपने इस
  2581. 2:00:40एटीट्यूड से अपना काम कर पाएगा? अगर कोई
  2582. 2:00:44उसको काम देगा तो अपना एटीट्यूड तो
  2583. 2:00:46दिखाएगा ही। और अगर यह ऐसे ही काम को
  2584. 2:00:49ठुकराते रहेगा तो इस इंडस्ट्री में कब तक
  2585. 2:00:51सर्वाइव कर पाएगा? उसने अपनी सोच को श्रवण
  2586. 2:00:55के सामने जाहिर भी कर दिया।
  2587. 2:00:57क्या तुम अपने इस एटीट्यूड के कारण इस
  2588. 2:00:59इंडस्ट्री में सर्वाइव कर पाओगे?
  2589. 2:01:03क्यों? क्या खराबी है मेरे एटीट्यूड में?
  2590. 2:01:07शौर्य ने मेघना से ही उल्टा सवाल कर दिया।
  2591. 2:01:09तो मेघना बोली
  2592. 2:01:12तुम कह रहे हो क्या खराबी है तुम्हारे
  2593. 2:01:14एटीट्यूड में? अरे यार अगर तुम्हें कोई
  2594. 2:01:17काम देगा तो अपना एटीट्यूड तो दिखाएगा ही।
  2595. 2:01:19और जब सामने वाला अपना एटीट्यूड दिखाएगा
  2596. 2:01:21तो तुम उसके काम को ठुकरा दोगे। तो फिर इस
  2597. 2:01:24तरह तुम कैसे सर्वाइव कर पाओगे?
  2598. 2:01:27इस पर शौर्य बोला तुम फिर गलत हो। तुम्हें
  2599. 2:01:31ध्यान है जब तुमने मुझे अपना प्रपोजल दिया
  2600. 2:01:33था उससे कुछ देर पहले हम तीनों ने एक
  2601. 2:01:36दूसरे को एक दोस्त की तरह स्वीकार किया था
  2602. 2:01:38और उसके कुछ ही देर बाद जब तुम्हें पता
  2603. 2:01:40चला कि मैं तुम्हारे स्टेटस को मैच नहीं
  2604. 2:01:42करता तो तुम्हारा व्यवहार मेरे प्रति बदल
  2605. 2:01:45गया उसके बाद तो ऐसा लगा कि मैं तुम्हारे
  2606. 2:01:48लिए मैटर ही नहीं करता। बस यही बात मुझे
  2607. 2:01:51पसंद नहीं आई। जिसके कारण मैंने तुम्हारा
  2608. 2:01:54प्रपोजल ठुकरा दिया।
  2609. 2:01:57शौर्य ने मेघना को उसका प्रपोजल ठुकराने
  2610. 2:01:59का मेन कारण बता दिया। शौर्य की बातें
  2611. 2:02:02किसी तीर की तरह मेघना के अहंकार को भेद
  2612. 2:02:05रही थी। मेघना ने श्रवण की बातों को ध्यान
  2613. 2:02:07से सुना। फिर पिछली रात के बारे में सोचा
  2614. 2:02:10तो उसे एहसास हुआ कि श्रवण अपनी जगह सही
  2615. 2:02:13है। अभी वो श्रवण से कुछ कहने का सोच ही
  2616. 2:02:16रही थी कि तभी शौर्य ने अपनी बात को जारी
  2617. 2:02:19रखते हुए आगे बोला।
  2618. 2:02:21तुम उसके बाद का ही देख लो। जब तुमने देखा
  2619. 2:02:24कि मैंने नताशा के लिए प्रेजिडेंसी रूम
  2620. 2:02:26बुक कर रखा है तो फिर तुम्हारा व्यवहार
  2621. 2:02:29बदल गया और अभी तक तुम उस बदले व्यवहार
  2622. 2:02:31में ही मुझसे पेश आ रही थी और फिर जैसे ही
  2623. 2:02:34मैंने तुम्हारे सामने यह जाहिर किया कि जो
  2624. 2:02:36कुछ मैंने किया है वो सब अपने बॉस के कारण
  2625. 2:02:39कर पाया हूं तो फिर से तुम्हारी सोच मेरे
  2626. 2:02:42लिए बदल गई। अब तुम खुद सोचो मैं तुम्हारे
  2627. 2:02:46प्रपोजल को ठुकराता नहीं तो और क्या करता?
  2628. 2:02:50मेघना शौर्य के बारे में सोचने लगी। क्या
  2629. 2:02:53इसका ईगो इतना बड़ा है जिसके लिए अपने
  2630. 2:02:55फायदे को भी छोड़ सकता है? अगर देखा जाए
  2631. 2:02:58तो मैं इसे इसकी बेवकूफी ही कहूंगी। उसने
  2632. 2:03:02अब थोड़ा नॉर्मल भाव से पूछा क्या अब तुम
  2633. 2:03:04मेरा काम करोगे? क्यों? अब क्या बदल गया
  2634. 2:03:08है? जो मैं अब तैयार हो जाऊंगा तुम्हारा
  2635. 2:03:10काम करने को।
  2636. 2:03:13शौर्य शांत स्वर में बोला। ऐसा लगा जैसे
  2637. 2:03:15वो इससे आगे मेघना से कुछ और सुनने की
  2638. 2:03:18अपेक्षा कर रहा था। मेघना समझ गई कि शौर्य
  2639. 2:03:21अपने ईगो को आसानी से छोड़ने वालों में से
  2640. 2:03:24नहीं है। इसीलिए इस बार उसने खुद ही अपने
  2641. 2:03:26अहंकार को किनारे रखा और अपने होठों पर एक
  2642. 2:03:29सौम्य मुस्कान लाते हुए बोली
  2643. 2:03:32कि अब भी तुम्हें कल रात वाली मेघना और
  2644. 2:03:34अभी की मेघना में कोई फर्क नजर नहीं आ
  2645. 2:03:36रहा।
  2646. 2:03:38शौर्य ने उसकी बात सुनकर गौर से उसकी तरफ
  2647. 2:03:40देखा। जैसे जानना चाहता हो कि यह उसकी कोई
  2648. 2:03:43नई चाल है या सच में वह अपने हाई स्टेटस
  2649. 2:03:46वाले नजरिए से बाहर आ चुकी है। मेघना ने
  2650. 2:03:49जब शौर्य को यूं अपनी तरफ गौर से देखते
  2651. 2:03:51हुए देखा तो उसने अपना दाया हाथ आगे
  2652. 2:03:54बढ़ाते हुए कहा
  2653. 2:03:56क्या हम अपनी दोस्ती की एक नई शुरुआत कर
  2654. 2:03:58सकते हैं? [संगीत]
  2655. 2:04:00शौर्य ने उसके बढ़े हुए हाथ को देखा एक पल
  2656. 2:04:03के लिए उसकी आंखों में शक की झलक आई।
  2657. 2:04:06लेकिन अगले ही पल उसने भी हाथ बढ़ाकर
  2658. 2:04:08मेघना से हाथ मिला लिया। क्या मैं जान
  2659. 2:04:11सकता [संगीत] हूं कि तुम्हारे इस बदलाव की
  2660. 2:04:13वजह क्या है? शौर्य ने हल्की शंका के साथ
  2661. 2:04:16पूछा तो मेघना ने हल्की मुस्कान के साथ
  2662. 2:04:19जवाब दिया।
  2663. 2:04:21इतनी भी बुरी लड़की नहीं हूं मैं। हां,
  2664. 2:04:23तुम्हें समझने में मुझसे गलती जरूर हुई है
  2665. 2:04:26लेकिन किसी को जानने के लिए एक मुलाकात
  2666. 2:04:28काफी नहीं होती। है ना? कल रात जब मैंने
  2667. 2:04:32तुम्हें काम का ऑफर दिया था, तब मुझे लगा
  2668. 2:04:34कि मैं तुम पर एहसान कर रही हूं। इसीलिए
  2669. 2:04:37जब तुमने मना किया तो मुझे गुस्सा आना
  2670. 2:04:39स्वाभाविक था। लेकिन अब मैं चीजों को
  2671. 2:04:41[संगीत] सही तरीके से समझ चुकी हूं। मेघना
  2672. 2:04:45की बात सुनकर शौर्य के चेहरे पर हल्की
  2673. 2:04:47मुस्कान आ गई। उसे लगा इस बार वो सच बोल
  2674. 2:04:50रही है। तभी उनकी कार होटल राजकमल के
  2675. 2:04:53सामने आकर रुक गई। मेघना दरवाजा खोलकर
  2676. 2:04:56बाहर निकलने ही वाली थी कि अचानक उसे कुछ
  2677. 2:04:59याद आया। वो वापस झुककर शौर्य से बोली
  2678. 2:05:02अपना नंबर तो दो ताकि अगर तुम्हें याद
  2679. 2:05:05करूं तो तुमसे बात करने का कोई तरीका तो
  2680. 2:05:07हो।
  2681. 2:05:09शौर्य ने उसे अपना नंबर दे दिया। मेघना
  2682. 2:05:12कार से बाहर निकली। दरवाजा बंद किया लेकिन
  2683. 2:05:15अगले ही पल उसने फिर से शीशे पर नॉक किया।
  2684. 2:05:18शौर्य ने शीशा नीचे किया तो मेघना झुक कर
  2685. 2:05:21मुस्कुराते हुए बोली।
  2686. 2:05:23तो अब मैं क्या समझूं? तुम्हें मेरा
  2687. 2:05:25प्रपोजल मंजूर है या नहीं?
  2688. 2:05:28शौर्य के चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई। अब
  2689. 2:05:32इस बदली हुई परिस्थिति में मैं तुम्हारे
  2690. 2:05:34प्रपोजल पर विचार कर सकता हूं।
  2691. 2:05:38ठीक है फिर मिलते हैं। इतना कहकर मेघना
  2692. 2:05:41होटल के अंदर चली गई। शौर्य गाड़ी बैक
  2693. 2:05:44करने ही वाला था कि उसका फोन बज उठा। उसने
  2694. 2:05:47स्क्रीन पर नजर डाली। नाम था जीनत। जीनत
  2695. 2:05:51का नाम देखते ही शौर्य के दिल में एक अजीब
  2696. 2:05:54सी आशंका पैदा हुई। उसे याद आया जीत तो
  2697. 2:05:57मेघा की दोस्त है। धड़कते दिल के साथ उसने
  2698. 2:06:00कॉल रिसीव किया। शौर्य ने सिर्फ इतना ही
  2699. 2:06:03जाना था कि मेघना क्या करती है। [संगीत]
  2700. 2:06:05लेकिन उसने एक बार भी यह जानने की कोशिश
  2701. 2:06:08नहीं की कि मेघना असल में है कौन? दूसरी
  2702. 2:06:11तरफ जो मेघना शौर्य का राज जानने के
  2703. 2:06:13उद्देश्य से ही कृष्णापुरम से होटल राजकमल
  2704. 2:06:16तक शौर्य की कार में बैठी थी। वो अपने
  2705. 2:06:18मकसद में इतनी तो कामयाब हो गई थी कि कार
  2706. 2:06:21से उतर कर शौर्य को बाय कहने से पहले उसने
  2707. 2:06:24शौर्य का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया था।
  2708. 2:06:27उसी मोबाइल का नंबर जो मोबाइल शौर्य को
  2709. 2:06:30मेघना की बहन शिप्रा ने गिफ्ट किया था। एक
  2710. 2:06:33समय उसमें [संगीत] सिर्फ शिप्रा का ही
  2711. 2:06:35नंबर सेव था।
  2712. 2:06:37लेकिन शिप्रा को क्या पता था कि एक दिन उस
  2713. 2:06:39मोबाइल का नंबर शहर की सबसे खूबसूरत और
  2714. 2:06:42चर्चित लड़कियों के मोबाइल में सेव हो
  2715. 2:06:44जाएगा। शौर्य का मोबाइल कभी अच्छी खबर की
  2716. 2:06:47घंटी तो बजाता ही नहीं है क्योंकि शायद
  2717. 2:06:50शौर्य की जिंदगी ने उसके मोबाइल का सिस्टम
  2718. 2:06:52ही ऐसा सेट कर दिया है कि उसके मोबाइल पर
  2719. 2:06:54आने वाले हर कॉल में कॉलर का कोई ना कोई
  2720. 2:06:57नाम तो होता है लेकिन जैसे ही शौर्य फोन
  2721. 2:07:00उठाता है उसमें पैगाम मुसीबत का होता है।
  2722. 2:07:04ऐसा ही एक पैगाम उसे मेघना के कार से उतर
  2723. 2:07:07कर जाने के [संगीत] तुरंत बाद मिला। अचानक
  2724. 2:07:10डैशबोर्ड पर रखा उसका फोन वाइब्रेट करने
  2725. 2:07:12लगा। शौर्य ने फोन उठाया तो दूसरी तरफ से
  2726. 2:07:16एक घबराई हुई आवाज सुनाई दी।
  2727. 2:07:18हेलो सर मैं जीनत बोल रही हूं।
  2728. 2:07:22हेलो हां जीनत बोलो क्या बात है? शौर्य
  2729. 2:07:26आशंकित स्वर में बोला तो सामने से घबराई
  2730. 2:07:28हुई आवाज फिर से सुनाई दी।
  2731. 2:07:31सर क्या आपने मुझे पहचाना? मैं मेघा की
  2732. 2:07:34दोस्त जीनत हूं।
  2733. 2:07:36हां जीनत मैं तुम्हें पहचान रहा हूं। बताओ
  2734. 2:07:38क्या हुआ? सब ठीक तो है?
  2735. 2:07:41शौर्य का हाथ स्टीयरिंग पर कस गया। उसके
  2736. 2:07:44मन में किसी अनहोनी की आशंका अब डर में
  2737. 2:07:46बदल रही थी। तभी शौर्य की बात सुनकर जीनत
  2738. 2:07:50ने जल्दीबाजी में कहा।
  2739. 2:07:51सर क्या आप तुरंत सिटी हॉस्पिटल ला सकते
  2740. 2:07:54हैं? मेघा मुसीबत में है।
  2741. 2:07:56क्या हुआ मेघा को? वो ठीक तो है। शौर्य ने
  2742. 2:08:00घबरा कर पूछा।
  2743. 2:08:02सर मैं फोन पर ज्यादा कुछ नहीं बता
  2744. 2:08:04पाऊंगी। आप बस जितनी जल्दी हो सके
  2745. 2:08:06हॉस्पिटल आ जाइए।
  2746. 2:08:08इतना कहकर जीनत ने फोन काट दिया। शौर्य ने
  2747. 2:08:12दोबारा नंबर मिलाया। लेकिन अब जीनत का फोन
  2748. 2:08:14स्विच्ड ऑफ था। उसने गुस्से में अपना हाथ
  2749. 2:08:17स्टीयरिंग पर मारा। उसने एक पल भी बर्बाद
  2750. 2:08:20नहीं किया। गाड़ी के टायर सड़क पर चीख उठे
  2751. 2:08:23और वो अपनी पूरी रफ्तार से सिटी हॉस्पिटल
  2752. 2:08:26की ओर दौड़ पड़ा। शौर्य लगभग 15 मिनट में
  2753. 2:08:29अस्पताल पहुंच गया। उसका चेहरा पसीने से
  2754. 2:08:32तर-बतर था और आंखों में जुनून था। उसने
  2755. 2:08:35फिर जीनत को कॉल लगाया। लेकिन कोई जवाब
  2756. 2:08:38नहीं मिला। उसने तुरंत कांता प्रसाद जी को
  2757. 2:08:40फोन लगाया। अंकल आप अभी कहां हैं? शौर्य
  2758. 2:08:45ने घबराहट भरे स्वर में पूछा। कांता
  2759. 2:08:48प्रसाद जी ने उसकी आवाज सुनकर कहा।
  2760. 2:08:51क्या बात है? तुम इतने घबराए हुए क्यों
  2761. 2:08:55हो?
  2762. 2:08:56शौर्य ने जल्दी-जल्दी कहा। अंकल अभी मुझे
  2763. 2:08:59मेघा की दोस्त जीनत का फोन आया था कि मेघा
  2764. 2:09:02किसी मुसीबत में है। मैं अभी हॉस्पिटल
  2765. 2:09:04पहुंचा हूं लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आ
  2766. 2:09:06रहा। इसीलिए मैं जानना चाहता था कि यहां
  2767. 2:09:09का डीन कौन है? मेघा का नाम सुनते ही
  2768. 2:09:12कांता प्रसाद जी चिंतित हो गए।
  2769. 2:09:15क्या? मेघा मुसीबत में है। क्या हुआ है
  2770. 2:09:18उसे?
  2771. 2:09:20शौर्य ने जवाब दिया। अंकल मुझे अभी कुछ
  2772. 2:09:22पता नहीं है। जीनत का फोन भी बंद है।
  2773. 2:09:25इसीलिए मैं डीन से मिलकर पता करने की
  2774. 2:09:26कोशिश कर रहा हूं।
  2775. 2:09:29अभी हॉस्पिटल के डीन महेंद्र सिखरवार हैं।
  2776. 2:09:32मैं उनका नंबर तुम्हें भेजता हूं और मैं
  2777. 2:09:34खुद भी हॉस्पिटल पहुंचता हूं। इतना कहकर
  2778. 2:09:37उन्होंने फोन काट दिया। शौर्य तेजी से डीन
  2779. 2:09:40केबिन की ओर बढ़ा। उसे रास्ता पता था।
  2780. 2:09:44वहां पहुंचते ही उसने देखा कि दो भारीभरकम
  2781. 2:09:46गार्ड्स रास्ता रोके खड़े थे। ब्लैक ड्रेस
  2782. 2:09:49में दोनों हट्टे-कट्टे और खतरनाक नजर आ
  2783. 2:09:51रहे थे। जैसे ही शौर्य दरवाजे के पास
  2784. 2:09:54पहुंचा उन्होंने उसे रोक लिया। कौन हो
  2785. 2:09:57तुम? अभी अंदर नहीं जा सकते। एक गार्ड ने
  2786. 2:10:00कड़े स्वर में कहा तो शौर्य ने विरोध करते
  2787. 2:10:03हुए पूछा। क्यों नहीं जा सकता? मुझे डीन
  2788. 2:10:06से मिलना है। पर दोनों गार्ड उसकी बात
  2789. 2:10:09मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने सख्ती
  2790. 2:10:11से कहा। तुम अभी डीन से नहीं मिल सकते।
  2791. 2:10:14अगर मिलना है तो बाद में आना।
  2792. 2:10:17अब शौर्य का गुस्सा बढ़ गया। तुम होते कौन
  2793. 2:10:20हो मेरा रास्ता रोकने वाले? हटो सामने से।
  2794. 2:10:23मुझे अभी डीन से मिलना है। गार्ड ने
  2795. 2:10:26खतरनाक स्वर में कहा, ए तुम्हें समझ में
  2796. 2:10:30नहीं आता क्या? क्यों अपनी हड्डियां
  2797. 2:10:32तुड़वाना चाहते हो?
  2798. 2:10:34शौर्य ने अब बात करना बंद कर दिया। जैसे
  2799. 2:10:37ही गार्ड ने उसे हटाने के लिए हाथ आगे
  2800. 2:10:39बढ़ाया, शौर्य का एक बिजली सा तेज [संगीत]
  2801. 2:10:41घूंसा उसके जबड़े पर पड़ा।
  2802. 2:10:44मैंने कहा था ना मेरा रास्ता मत रोको।
  2803. 2:10:47शौर्य गुस्से में बोला। दूसरा गार्ड तुरंत
  2804. 2:10:51उस पर झपटा। लेकिन शौर्य ने अपने घुटने का
  2805. 2:10:53जोरदार वार उसके पेट पर कर दिया। वार इतना
  2806. 2:10:57तेज था कि वो पेट पकड़ कर कराते हुए वहीं
  2807. 2:11:00जमीन पर बैठ गया। अब शौर्य को रोकने वाला
  2808. 2:11:03वहां कोई नहीं था। वो दरवाजे के पास
  2809. 2:11:06पहुंचा और उसे धक्का दिया। लेकिन दरवाजा
  2810. 2:11:09अंदर से बंद था। उसने दीवार पर लगी बेल
  2811. 2:11:12बजाई। कुछ पल इंतजार किया लेकिन दरवाजा
  2812. 2:11:15नहीं खुला। उसने फिर बेल बजाई पर इस बार
  2813. 2:11:18भी कोई जवाब नहीं मिला। अब उसने बेल पर ही
  2814. 2:11:22उंगली टिकाए रखी। अंदर लगातार बेल की आवाज
  2815. 2:11:25गूंजने लगी। कुछ देर बाद दरवाजा खुला। एक
  2816. 2:11:29जूनियर डॉक्टर सामने खड़ा था। उसने
  2817. 2:11:32झुंझलाते हुए कहा, "तुम लगातार बेल क्यों
  2818. 2:11:34बजा रहे हो? और तुम यहां तक कैसे पहुंचे?
  2819. 2:11:37मेरा रास्ता छोड़ो। मुझे डीन से मिलना है।
  2820. 2:11:41शौर्य सपाट स्वर में बोला।
  2821. 2:11:44उस जूनियर डॉक्टर ने शौर्य के पीछे देखा
  2822. 2:11:46कि क्या इसे किसी ने रोकने की कोशिश नहीं
  2823. 2:11:48की? पर जब उसे शौर्य के पीछे कोई दिखाई
  2824. 2:11:52नहीं दिया तो वो शौर्य पर ध्यान केंद्रित
  2825. 2:11:54करते हुए बोला।
  2826. 2:11:56तुम्हें शायद मेरी बात समझ में नहीं आई।
  2827. 2:11:59अभी डीन साहब किसी से मिलना नहीं चाहते।
  2828. 2:12:01अगर तुम्हें डीन से मिलना है तो तुम कल
  2829. 2:12:04आना। अभी तुम यहां से जा सकते हो।
  2830. 2:12:07इतना बोलकर वो जूनियर डॉक्टर दोबारा
  2831. 2:12:09दरवाजे को बंद करने की कोशिश करने लगा। पर
  2832. 2:12:12दरवाजा बंद होता उससे पहले ही शौर्य ने
  2833. 2:12:15दरवाजे के बीच में अपना पैर अड़ा दिया। जब
  2834. 2:12:18उस जूनियर डॉक्टर ने शौर्य को दरवाजे में
  2835. 2:12:20अड़चन पैदा करते देखा तो वो भड़क कर बोला
  2836. 2:12:23क्यों तुम अपने लिए मुसीबत खड़ी कर रहे
  2837. 2:12:25हो? मेरी बात मानो और यहां से भाग जाओ। पर
  2838. 2:12:29अब शौर्य ने उसकी बात की तरफ कोई ध्यान
  2839. 2:12:32नहीं दिया और दरवाजे को तेज झटका दिया। तो
  2840. 2:12:35वो जूनियर डॉक्टर लड़खड़ा कर पीछे की ओर
  2841. 2:12:37गिरा। शौर्य ने अब कोई इंतजार नहीं किया
  2842. 2:12:40और उस कमरे के अंदर पहुंच गया। कमरे के
  2843. 2:12:43अंदर का नजारा देखते ही शौर्य की रूह कांप
  2844. 2:12:46गई। डीन की कुर्सी पर एक महिला बैठी थी।
  2845. 2:12:50बगल में डीन सिर झुकाए खड़ा था और सामने
  2846. 2:12:53विक्की एक शैतानी मुस्कान के साथ खड़ा था।
  2847. 2:12:57सबसे बुरी स्थिति यह थी कि [संगीत] मेघा
  2848. 2:12:59टेबल के पीछे घुटनों के बल बैठी रो रही
  2849. 2:13:02थी। तभी पीछे से वह जूनियर डॉक्टर भागता
  2850. 2:13:05हुआ शौर्य के सामने आकर खड़ा हो गया। सबकी
  2851. 2:13:08निगाहें शौर्य की तरफ थी। शौर्य को एक पल
  2852. 2:13:11में ही समझ आ गया कि यहां क्या चल रहा है।
  2853. 2:13:15दूसरी तरफ जब विक्की ने शौर्य को अंदर देख
  2854. 2:13:17लिया तो उसने डीन की चेयर पर बैठी महिला
  2855. 2:13:20से कहा। आंटी यही है वो आदमी जो उस दिन
  2856. 2:13:24यहां हीरो बन रहा था।
  2857. 2:13:27यह सुनकर उस महिला ने शौर्य को गौर से
  2858. 2:13:29देखा। शौर्य अभी उस प्रभावशाली महिला को
  2859. 2:13:32देखकर यह समझने की कोशिश कर रहा था कि
  2860. 2:13:35आखिर यह लेडी है कौन जिसके सामने इस
  2861. 2:13:38अस्पताल का डीन भी सिर झुकाए खड़ा है।
  2862. 2:13:41दूसरी तरफ मेघा शौर्य को वहां देखकर
  2863. 2:13:44हिम्मत करके उठी और तेजी से भागकर शौर्य
  2864. 2:13:47से लिपट गई। उसकी आंखों से आंसुओं की धारा
  2865. 2:13:51फूट पड़ी। शौर्य ने प्यार से उसके सिर पर
  2866. 2:13:54हाथ फेरा और कहा घबराओ मत। अब तुम्हारा
  2867. 2:13:58भाई यहां आ गया है। अब कोई तुम्हारा बाल
  2868. 2:14:01भी बांका नहीं कर पाएगा।
  2869. 2:14:04शौर्य की बात सुनकर डीन की चेयर पर बैठी
  2870. 2:14:06महिला अपनी जगह से उठी और शौर्य की तरफ
  2871. 2:14:09देखते हुए बोली
  2872. 2:14:11अच्छा हुआ तुम खुद यहां आ गए। नहीं तो
  2873. 2:14:14मुझे फालतू में तुम्हें ढूंढने में अपना
  2874. 2:14:16समय बर्बाद करना पड़ता। उस महिला की बात
  2875. 2:14:19सुनकर उसके बगल में खड़े डीन महेंद्र
  2876. 2:14:22सिकरवार ने उस महिला से कहा
  2877. 2:14:25स्वर्णलता जी प्लीज आप बात को समझने की
  2878. 2:14:28कोशिश कीजिए। अगर राजा साहब को यह बात पता
  2879. 2:14:31चलेगी तो ना तो यह आपके लिए अच्छा होगा और
  2880. 2:14:34ना ही मेरे लिए। प्लीज आप इसे मेरे लिए
  2881. 2:14:37मुश्किल मत बनाइए।
  2882. 2:14:39महेंद्र शिखरवार की बात सुनकर शौर्य को
  2883. 2:14:42समझ आ गया कि यह महिला कोई और नहीं उसकी
  2884. 2:14:45बुआ स्वर्णलता है। अब उसे अपने दादाजी के
  2885. 2:14:48स्वास्थ्य खराब होने का कारण समझ में आ
  2886. 2:14:51गया। उसे उम्मीद नहीं थी कि उसकी बुआ अपने
  2887. 2:14:54भतीजे के लिए इस हद तक चली जाएगी कि
  2888. 2:14:57अस्पताल में आकर इस तरह नौटंकी करेगी। अभी
  2889. 2:15:01शौर्य हालात को समझ ही रहा था कि तभी वह
  2890. 2:15:04जूनियर डॉक्टर मेघा की बाह पकड़ कर शौर्य
  2891. 2:15:07से दूर खींचने की कोशिश करने लगा। शौर्य
  2892. 2:15:10ने यह देखा तो उसने उस जूनियर डॉक्टर के
  2893. 2:15:12गाल पर कसकर एक थप्पड़ जड़ दिया। थप्पड़
  2894. 2:15:16पड़ते ही वो जूनियर डॉक्टर दूर जा गिरा।
  2895. 2:15:19उसके मुंह से खून निकलने लगा था। जैसे ही
  2896. 2:15:22उसने अपना हाथ अपने मुंह के पास से हटाकर
  2897. 2:15:25खोला तो उसके हाथ में उसका एक दांत टूटा
  2898. 2:15:28हुआ पड़ा था। विक्की ने जब उसकी हालत को
  2899. 2:15:30देखा तो वो स्वर्णलता जी की तरफ देखकर
  2900. 2:15:33बोला देखा बुआ इसे आपका भी कोई डर नहीं
  2901. 2:15:37है। स्वर्णलता जी ने गंभीर नजरों से शौर्य
  2902. 2:15:40की तरफ देखा। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि
  2903. 2:15:43उनके सामने यह आदमी इतनी हिम्मत करेगा।
  2904. 2:15:46दूसरी तरफ शौर्य ने मेघा को अपने से अलग
  2905. 2:15:49किया। उसकी आंखों के आंसू पोछते हुए बोला,
  2906. 2:15:52"अरे पगली, क्यों अपने कीमती आंसू बर्बाद
  2907. 2:15:55कर रही है? तेरा भाई आ गया है ना?"
  2908. 2:16:00तभी शौर्य की निगाह मेघा के गाल पर पड़ी।
  2909. 2:16:03उसके गाल पर उंगलियों के निशान देखकर उसका
  2910. 2:16:06चेहरा गुस्से से लाल हो गया। उसने अपने
  2911. 2:16:09हाथों से मेघा की ठु पकड़ कर उसका चेहरा
  2912. 2:16:12ऊपर उठाया और उसकी आंखों में देखते हुए
  2913. 2:16:14[संगीत] पूछा,
  2914. 2:16:16तुम्हें थप्पड़ किसने मारा है?
  2915. 2:16:20मेघा ने शौर्य की बात सुनी तो वो अपना गाल
  2916. 2:16:23छुपाने लगी। मेघा ने कुछ नहीं कहा पर उसने
  2917. 2:16:27नजर उठाकर विक्की की तरफ देखा। विक्की ने
  2918. 2:16:30देखा कि मेघा उसकी तरफ देख तो रही है पर
  2919. 2:16:33उसकी कुछ बोलने की हिम्मत नहीं हो रही है।
  2920. 2:16:36तो वो ठहाका लगाते हुए बोला अरे बेबी बोल
  2921. 2:16:39क्यों नहीं रही हो? बताओ अपने भाई को कि
  2922. 2:16:42तुम्हें किसने थप्पड़ मारा है? इसे बताओ
  2923. 2:16:45ना कि मैंने इस विक्की ने तुम्हारे इस
  2924. 2:16:47गोरे गाल को अपने हाथों से लाल किया है।
  2925. 2:16:52इतना बोलकर वो दो कदम मेघा और शौर्य की
  2926. 2:16:55तरफ बढ़ा। शौर्य ने खूनी नजरों से विक्की
  2927. 2:16:58की तरफ देखा। तभी विक्की शौर्य की तरफ
  2928. 2:17:02देखते हुए वैशी अंदाज में बोला।
  2929. 2:17:05अभी तो कुछ किया ही नहीं है। नहीं तो
  2930. 2:17:07विक्की से पंगा लेने वाले का क्या हश्र
  2931. 2:17:10होता है यह आज तुम्हें पता चल जाएगा।
  2932. 2:17:13कमजोर लड़की पर हाथ उठाकर मर्द बन रहे हो।
  2933. 2:17:18शौर्य ने गरजते हुए कहा तो विक्की शौर्य
  2934. 2:17:20की तरफ बढ़ा और बोला, "चिंता मत करो। अभी
  2935. 2:17:24तुम्हारा हाल भी तुम्हारी बहन के जैसा ही
  2936. 2:17:26होने वाला है।
  2937. 2:17:29अब शौर्य से बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा
  2938. 2:17:31था। उसने मेघा को साइड में खड़ा किया और
  2939. 2:17:34खुद विक्की के पास जाकर बोला, तो फिर देर
  2940. 2:17:37किस लिए कर रहे हो? मैं आ गया हूं ना।
  2941. 2:17:40अकेला ही तुम्हारे सामने खड़ा हूं। आओ करो
  2942. 2:17:44मेरे गाल को लाल। स्वर्णलता अपनी जगह से
  2943. 2:17:47ही शौर्य की बात को सुन रही थी। वो हैरान
  2944. 2:17:50थी कि आखिर यह है कौन जो उसकी प्रेजेंस
  2945. 2:17:53में थोड़ा भी डर नहीं रहा है। उधर विक्की
  2946. 2:17:56मेघा के पीछे खड़े दोनों बॉडीगार्ड्स की
  2947. 2:17:58तरफ देखकर बोला। बृजू यह आदमी इस कमरे से
  2948. 2:18:03सही सलामत अपने पैरों पर चलकर नहीं जाना
  2949. 2:18:05चाहिए।
  2950. 2:18:07विक्की की बात पर शौर्य ने एक ऐसी मुस्कान
  2951. 2:18:09दिखाई जो मौत का पैगाम थी। शौर्य अपने
  2952. 2:18:13शब्दों को चबाते हुए बोला
  2953. 2:18:15मैं यहां से अपने पैरों पर जा पाऊंगा या
  2954. 2:18:18नहीं यह तो पता नहीं पर जिस हाथ से तुमने
  2955. 2:18:22मेघा के गाल पर थप्पड़ मारा है उस हाथ के
  2956. 2:18:25साथ सही सलामत तुम तो यहां से नहीं जा
  2957. 2:18:28पाओगे।
  2958. 2:18:31शौर्य ने जितने खूंखार स्वर में अपनी बात
  2959. 2:18:33कही उसे सुनकर एक बार विक्की का शरीर भी
  2960. 2:18:36सिहर गया। शौर्य अपनी जगह से मुड़ा और
  2961. 2:18:39दरवाजे की तरफ बढ़ गया। यह देखकर विक्की
  2962. 2:18:41[संगीत] चिल्लाया। बिरजू देख क्या रहे हो?
  2963. 2:18:46यह कमरे से भागने के चक्कर में है। शौर्य
  2964. 2:18:49दरवाजे के पास पहुंचा। बिरजू अपने साथी के
  2965. 2:18:52साथ तेजी से हरकत में आया। वो अभी शौर्य
  2966. 2:18:55पर झपटने ही वाला था कि उसने देखा शौर्य
  2967. 2:18:58बाहर जाने की बजाय खुद ही दरवाजा बंद कर
  2968. 2:19:01रहा था। उसने दरवाजा बंद करके चटकनी चढ़ा
  2969. 2:19:04दी और फिर पलटते हुए बोला या तो मैं अपने
  2970. 2:19:08पैरों पर सही सलामत इस कमरे से बाहर नहीं
  2971. 2:19:10जाऊंगा या फिर यह हाल तुम लोगों का होगा।
  2972. 2:19:16शौर्य चलकर कमरे के बीच में आ गया और उस
  2973. 2:19:18बिरजू की तरफ देखकर बोला
  2974. 2:19:21अब किस बात का इंतजार कर रहे हो? आओ और
  2975. 2:19:24मेरे पैर तोड़कर अपने आका की बात को सही
  2976. 2:19:27साबित करो। सिटी अस्पताल के डीन का केबिन
  2977. 2:19:31जो कुछ देर पहले तक सत्ता और अहंकार का
  2978. 2:19:33केंद्र था। अब एक युद्ध क्षेत्र में
  2979. 2:19:36तब्दील हो चुका था। बाहर खड़े गार्ड्स धूल
  2980. 2:19:39चाट रहे थे और अंदर एक भाई की आंखों में
  2981. 2:19:42अपनी बहन के अपमान का प्रतिशोध दधक रहा
  2982. 2:19:44था। शौर्य ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया।
  2983. 2:19:48यह संकेत था कि अब यहां से बाहर निकलने का
  2984. 2:19:51रास्ता सिर्फ दिल के हौसले और बाजुओं के
  2985. 2:19:54दम पर ही टिका है। दरवाजा बंद करके शौर्य
  2986. 2:19:58ने एक खूंखार शेर की तरह पलटी मारी। शौर्य
  2987. 2:20:01की नजरें विक्की पर टिकी थी। वहीं विक्की
  2988. 2:20:04[संगीत] जिसने कुछ ही पल पहले अपनी
  2989. 2:20:06बहादुरी के कसीदे पढ़े थे। इससे पहले कि
  2990. 2:20:09विक्की कुछ सोच पाता। शौर्य बिना किसी
  2991. 2:20:12चेतावनी के बिजली की फुर्ती से विक्की की
  2992. 2:20:14तरफ बढ़ा। विक्की को संभलने का एक पल भी
  2993. 2:20:17नहीं मिला और एक जोरदार तमाचे की आवाज
  2994. 2:20:20गूंजी।
  2995. 2:20:22शौर्य का हाथ विक्की के गाल पर इतनी तेजी
  2996. 2:20:24से पड़ा कि विक्की का सिर घूम गया। कमरे
  2997. 2:20:27में सन्नाटा छा गया और स्वर्णलता की आंखें
  2998. 2:20:30फटी की फटी रह गई। शौर्य अब एक साधारण
  2999. 2:20:34इंसान नहीं बल्कि अपनी बहन के अपमान का
  3000. 2:20:36बदला लेने वाला काल बन चुका था। उसने
  3001. 2:20:40विक्की को संभलने का मौका तक नहीं दिया।
  3002. 2:20:42विक्की लड़खड़ाया ही था कि तभी किनारे
  3003. 2:20:45खड़े गार्ड बृजू का दूसरा साथी [संगीत]
  3004. 2:20:47हरकत में आया। वो शौर्य के पीछे से झपटा
  3005. 2:20:51और उसने घातक पिक उसकी पीठ पर मारनी चाही।
  3006. 2:20:54लेकिन शौर्य वो जैसे आज किसी दैय शक्ति से
  3007. 2:20:57लेस था। ऐसा लग रहा था जैसे शौर्य के पीछे
  3008. 2:21:00भी आंखें हो। वो तुरंत झुककर जमीन पर बैठ
  3009. 2:21:03गया। जिससे बिरजू का साथी उसकी ऊपर से हवा
  3010. 2:21:06में उड़ता हुआ सीधा विक्की पर जाकर गिरा।
  3011. 2:21:09उधर विक्की जो अभी शौर्य का थप्पड़ खाने
  3012. 2:21:12के बाद संभल ही रहा था। उस पर जैसे ही
  3013. 2:21:15बिरजू का साथी आ गिरा तो दोनों साथ में
  3014. 2:21:17जमीन पर लौटने लगे। इतनी देर में बिरजू जो
  3015. 2:21:21खुद को बहुत बड़ा पहलवान समझता था अब अपना
  3016. 2:21:24आपा खो चुका था। वो पूरी ताकत लगाकर शौर्य
  3017. 2:21:27की तरफ दौड़ा। शौर्य ने भी अपनी रफ्तार
  3018. 2:21:30बढ़ाई। दोनों के पैर एक साथ हवा में लहराए
  3019. 2:21:33और दोनों की किक आपस में टकराई। पर अगले
  3020. 2:21:37ही पल पूरे केबिन में बिरजू की रूह कपा
  3021. 2:21:40देने वाली चीख गूंज उठी। आ
  3022. 2:21:43[कराहने की आवाज़]
  3023. 2:21:44मेरा पैर।
  3024. 2:21:48दरअसल जिस जगह दोनों के पैर आपस में टकराए
  3025. 2:21:50थे, वहीं से बिरजू का पैर टूट कर झूल गया
  3026. 2:21:53था। बिरजू की चीख सुनकर उसका दूसरा साथी
  3027. 2:21:57सांप की तरह फुफकारता हुआ आगे बढ़ा। लेकिन
  3028. 2:22:00शौर्य का फैसला अटल था। एक और हवाई वार और
  3029. 2:22:04उस दूसरे गार्ड का भी वही हश्र हुआ। अब
  3030. 2:22:07विक्की के दोनों पहलवान जमीन पर रेंग रहे
  3031. 2:22:10थे। विक्की का सारा नशा उतर चुका था। वो
  3032. 2:22:14कांपते हुए स्वर्णलता के पास पहुंचा।
  3033. 2:22:16स्वर्णलता जो अब तक खुद को इस खेल की
  3034. 2:22:19महारानी समझ रही थी वो खूंखार भाव से
  3035. 2:22:22शौर्य को देखते हुए बोली मानना पड़ेगा
  3036. 2:22:25तुम्हारी हिम्मत को जो तुम मुझसे मतलब
  3037. 2:22:28स्वर्णलता राठौर से टकराने की हिम्मत कर
  3038. 2:22:31रहे हो।
  3039. 2:22:33शौर्य की आंखों में जलती नफरत ने
  3040. 2:22:35स्वर्णलता को घूर के देखा। चेतावनी देते
  3041. 2:22:39हुए शौर्य गरजा।
  3042. 2:22:41आपको बोलते हुए भी शर्म नहीं आ रही है। आप
  3043. 2:22:44औरत के नाम पर कलंक हैं। जो अपने सामने एक
  3044. 2:22:48कमजोर लड़की को अपने भतीजे से पिटवाती है।
  3045. 2:22:51वो कहीं से भी औरत कहलाने का हक नहीं
  3046. 2:22:53रखती। आपको बहुत घमंड है ना कि आप
  3047. 2:22:57राजघराने से संबंध रखती हैं। आज अगर मैंने
  3048. 2:23:01आपका यह घमंड नहीं तोड़ा तो मुझे किसी को
  3049. 2:23:03अपनी बहन कहने का हक नहीं है।
  3050. 2:23:06विक्की जो अब अपनी बुआ की आड़ में छिपने
  3051. 2:23:09की कोशिश कर रहा था। शौर्य के शब्दों से
  3052. 2:23:11तिलमिला उठा। वो पागलपन में शौर्य की तरफ
  3053. 2:23:14झपटा। लेकिन शौर्य ने उसे कॉलर से पकड़ा
  3054. 2:23:17और एक झटके में हवा में उछाल दिया। विक्की
  3055. 2:23:20कमरे के बीचों-बीच जा गिरा। शौर्य उसके
  3056. 2:23:23पास पहुंचा और बिना किसी दया के अपने भारी
  3057. 2:23:26जूते का जबरदस्त वार विक्की के हाथों पर
  3058. 2:23:29किया। विक्की की दर्द भरी चीख निकल गई।
  3059. 2:23:32नहीं
  3060. 2:23:34विक्की के एक हाथ की हड्डी टूट चुकी थी।
  3061. 2:23:37वो दर्द से बिलबिलाता हुआ दोबारा
  3062. 2:23:39स्वर्णलता के पैरों के पास जा गिरा। शौर्य
  3063. 2:23:42का गुस्सा आज काबू के बाहर था। इसीलिए
  3064. 2:23:45इतना सब करके भी वो रुका नहीं। वो फिर से
  3065. 2:23:48विक्की के पास पहुंचना चाहता था। पर तभी
  3066. 2:23:51स्वर्णलता जी उसका रास्ता रोक कर खड़ी हो
  3067. 2:23:54गई। उसी समय कमरे के बाहर से दरवाजा पीटने
  3068. 2:23:58की आवाज आने लगी। शौर्य स्वर्णलता के
  3069. 2:24:01सामने खड़ा था। उसकी सांसे तेज थी लेकिन
  3070. 2:24:04दिमाग बर्फ की तरह ठंडा। अपने सामने खड़ी
  3071. 2:24:08स्वर्णलता को एक पल [संगीत] घूरने के बाद
  3072. 2:24:11शौर्य ने गुस्से से फुफकारते हुए कहा। आप
  3073. 2:24:14मेरे सामने से हट जाइए। नहीं तो ऐसा ना हो
  3074. 2:24:18कि मैं बड़े-छोटे की मर्यादा [संगीत] भूल
  3075. 2:24:20जाऊं।
  3076. 2:24:22तभी एक बार फिर बाहर से दरवाजे को पीटने
  3077. 2:24:24की तेज आवाज आई। पर शौर्य ने उस तरफ कोई
  3078. 2:24:28ध्यान नहीं दिया। स्वर्णलता के चेहरे पर
  3079. 2:24:30शिकन तक नहीं थी। [संगीत] वो अभी भी अपनी
  3080. 2:24:33सत्ता के नशे में थी। उसने मेघा को भैया
  3081. 2:24:36कहते सुना था। तो वो समझ गई थी कि ये
  3082. 2:24:39दोनों भाई-बहन हैं। लेकिन उसे हैरानी थी
  3083. 2:24:42कि कोई साधारण लड़का स्वर्णलता राठौड़ के
  3084. 2:24:44सामने ऐसी जुर्रत कैसे कर सकता है। उसे इस
  3085. 2:24:49बात पर भी हैरानी हो रही थी कि उसके यहां
  3086. 2:24:51मौजूद होने के बावजूद भी शौर्य ने विक्की
  3087. 2:24:54को मारने की हिम्मत की। वो तो सोच रही थी
  3088. 2:24:57कि उसका होना ही काफी है। कोई उसके खिलाफ
  3089. 2:25:00जाने की सोच भी नहीं सकता। लेकिन शौर्य ने
  3090. 2:25:03उसकी हर उम्मीद के विपरीत ना सिर्फ
  3091. 2:25:05गार्ड्स को धूल चटा दी थी बल्कि विक्की का
  3092. 2:25:08हाथ भी तोड़ दिया था और अब भी उसके पीछे
  3093. 2:25:10पड़ा हुआ था। यह देख स्वर्णलता ठंडे स्वर
  3094. 2:25:14में शौर्य को घूरते हुए बोली
  3095. 2:25:17तुमने पहले ही बहुत बड़ी गलती कर दी है।
  3096. 2:25:20और अब जो करने जा रहे हो उससे तुम अपनी
  3097. 2:25:22मौत को दावत दे रहे हो।
  3098. 2:25:25तभी शौर्य ने तिरस्कार भरी नजर से उसे
  3099. 2:25:28देखा और बोला
  3100. 2:25:31यह धमकी अपने पास रखिए। आप जैसे लोग सिर्फ
  3101. 2:25:34कमजोरों पर ही जोर चला सकते हैं। मैं आपको
  3102. 2:25:38दिखाऊंगा कि मेरी बहन के साथ गुस्ताखी
  3103. 2:25:40करने की क्या सजा होती है। इतना कहकर बिना
  3104. 2:25:44किसी प्रतिक्रिया [संगीत] का इंतजार किए
  3105. 2:25:46शौर्य ने स्वर्णलता के सामने से हटकर पीछे
  3106. 2:25:49खड़े विक्की का कॉलर पकड़ लिया और जोर से
  3107. 2:25:52झटका दिया। विक्की स्वर्णलता के ऊपर से
  3108. 2:25:54उछलता हुआ शौर्य के पीछे जाकर गिरा। यह
  3109. 2:25:58देख स्वर्णलता के मुंह से घबराहट भरी आवाज
  3110. 2:26:01निकली। ये ये क्या कर रहे हो तुम? तुम
  3111. 2:26:04मुझे जानते नहीं। मैं तुम्हारी जिंदगी
  3112. 2:26:06जहन्नुम बना दूंगी।
  3113. 2:26:09लेकिन शौर्य ने उसकी बात को पूरी तरह
  3114. 2:26:11नजरअंदाज कर दिया और पलट कर फिर से विक्की
  3115. 2:26:14के सामने पहुंच गया। विक्की का डर से बुरा
  3116. 2:26:17हाल था। उसके मुंह से लगातार चीखें निकल
  3117. 2:26:20रही थी। वो दयनीय हालत में स्वर्णलता से
  3118. 2:26:24गिड़गिड़ा कर बोला आंटी मुझे इस जल्लाद से
  3119. 2:26:28बचा लो ये मुझे मार डालेगा
  3120. 2:26:32स्वर्णलता बेचैनी से चारों तरफ देखने लगी
  3121. 2:26:35उसके दोनों गार्ड्स पहले ही बेहोश पड़े थे
  3122. 2:26:38उसने डीन महेंद्र शिकरवार की तरफ देखा और
  3123. 2:26:41चीखते हुए बोली महेंद्र तुम देख क्या रहे
  3124. 2:26:45हो यह बदमाश सरेआम मेरे भतीजे को पीट रहा
  3125. 2:26:48है और तुम चुप खड़े हो
  3126. 2:26:51वैसे तो महेंद्र सिखरवार मन ही मन विक्की
  3127. 2:26:54की पिटाई देखकर खुश था लेकिन वो चेहरे पर
  3128. 2:26:57कुछ जाहिर नहीं होने दे रहा था। वो शिकायत
  3129. 2:26:59भरे लहजे में बोला
  3130. 2:27:02मेरी यहां सुनता ही कौन है? पहले आप
  3131. 2:27:04मनमानी कर रही थी। अब यह कर रहा है। मैं
  3132. 2:27:08क्या ही कर सकता हूं।
  3133. 2:27:10स्वर्णलता उसकी हैसियत जानती थी। लेकिन
  3134. 2:27:13उसे समझ नहीं आ रहा था कि मदद के लिए किसे
  3135. 2:27:16बुलाए। तभी एक बार फिर दरवाजे पर जोरदार
  3136. 2:27:20दस्तक हुई तो वो गुस्से में चिल्लाई। कुछ
  3137. 2:27:23नहीं कर सकते तो कम से कम दरवाजा तो खोल
  3138. 2:27:25सकते हो।
  3139. 2:27:27महेंद्र सिखरवार दरवाजे की तरफ बढ़ गया।
  3140. 2:27:30जाते-जाते उसने एक नजर शौर्य पर डाली।
  3141. 2:27:33शौर्य विक्की का कॉलर पकड़े उसके गाल पर
  3142. 2:27:36लगातार थप्पड़ जड़ रहा था। कई थप्पड़
  3143. 2:27:39मारने के बाद शौर्य ने विक्की का दूसरा
  3144. 2:27:41हाथ पकड़ कर सीधा किया और ठंडे स्वर में
  3145. 2:27:44बोला।
  3146. 2:27:46इसी हाथ से तुमने मेघा को थप्पड़ मारा था।
  3147. 2:27:49तो यह कैसे सलामत रह सकता है?
  3148. 2:27:53शौर्य का इरादा समझते ही विक्की का चेहरा
  3149. 2:27:56सफेद पड़ गया। वो गिड़गिड़ा कर बोला नहीं
  3150. 2:28:00इस हाथ को छोड़ दो। तुम पहले ही एक हाथ
  3151. 2:28:02तोड़ चुके हो। प्लीज इसे छोड़ दो।
  3152. 2:28:07लेकिन शौर्य पर उसकी विनती का कोई असर
  3153. 2:28:09नहीं हुआ। उधर स्वर्णलता भी शौर्य का
  3154. 2:28:12इरादा समझ चुकी थी। वो तेजी से उसकी तरफ
  3155. 2:28:15बढ़ते हुए चिल्लाई। नहीं छोड़ दो उसे।
  3156. 2:28:19तुमने पहले ही बहुत ज्यादती कर दी है।
  3157. 2:28:22लेकिन उसी क्षण शौर्य का हाथ उठा और अगले
  3158. 2:28:24ही पल एक जोरदार प्रहार विक्की के हाथ पर
  3159. 2:28:27पड़ा और जोर से हड्डी टूटने की आवाज पूरे
  3160. 2:28:30डीन के केबिन में गूंज गई।
  3161. 2:28:33विक्की की चीख दम तोड़ गई और वह फर्श पर
  3162. 2:28:36ढेर हो गया। स्वर्णलता वहीं जड़ होकर खड़ी
  3163. 2:28:39रह गई।
  3164. 2:28:41विक्की जमीन पर गिरकर दर्द से तड़पते हुए
  3165. 2:28:44चीखने लगा। उसी समय महेंद्र शेखरवार ने
  3166. 2:28:47दरवाजा खोल दिया। दरवाजे से तेजी से कांता
  3167. 2:28:50प्रसाद अपने दो बॉडीगार्ड्स के साथ अंदर
  3168. 2:28:52आए। कमरे की हालत देखते ही उन्हें समझते
  3169. 2:28:55देर नहीं लगी कि यहां क्या हुआ है। अंदर
  3170. 2:28:58आते ही वो गरजते हुए बोले
  3171. 2:29:02यह क्या हो रहा है यहां?
  3172. 2:29:05उनकी आवाज सुनते ही सब वहीं ठिठक गए।
  3173. 2:29:08स्वर्णलता ने जैसे ही कांता प्रसाद को
  3174. 2:29:10देखा उसके अंदर फिर से हिम्मत आ गई। वो
  3175. 2:29:14गुस्से में शौर्य की तरफ इशारा करते हुए
  3176. 2:29:16बोली अच्छा हुआ आप आ गए। कांता प्रसाद जी
  3177. 2:29:20इस लड़के ने हमारे विक्की का हाथ तोड़
  3178. 2:29:22दिया है। अभी के अभी अपने आदमियों से कहिए
  3179. 2:29:25और अब इसका हाथ तुड़वाइए।
  3180. 2:29:29दरवाजा खुलते ही स्वर्णलता के साथ आए बाकी
  3181. 2:29:32लोग भी अंदर आ गए। उन्होंने तुरंत विक्की
  3182. 2:29:34को संभाल कर खड़ा किया। स्वर्णलता की बात
  3183. 2:29:37सुनकर कांता प्रसाद ने पूरे कमरे का एक
  3184. 2:29:40बार गहराई से मुआयना किया। उन्हें देखकर
  3185. 2:29:43ऐसा लग रहा था मानो वे जानबूझकर हालात को
  3186. 2:29:46समझने की कोशिश कर रहे हो। शायद स्वर्णलता
  3187. 2:29:49को दिखाने के लिए। फिर वो शौर्य के पास
  3188. 2:29:52पहुंचे और अनजान बनते हुए बोले यहां क्या
  3189. 2:29:56हो रहा है? क्या तुमने ही विक्की का हाथ
  3190. 2:29:59तोड़ा है?
  3191. 2:30:01शौर्य ने उन्हें सम्मान देते हुए मगर सख्त
  3192. 2:30:04स्वर में जवाब दिया।
  3193. 2:30:06अभी तो सिर्फ हाथ तोड़ा है। अगर आप समय पर
  3194. 2:30:09नहीं आते तो शायद इसकी जान भी ले लेता।
  3195. 2:30:14वो भी समझ रहा था कि कांता प्रसाद क्या
  3196. 2:30:17दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। तभी
  3197. 2:30:19स्वर्णलता फिर से गुस्से में चिल्लाई।
  3198. 2:30:21देखा आपने अभी भी इसकी बदतमीजी कम होने का
  3199. 2:30:25नाम नहीं ले रही।
  3200. 2:30:27लेकिन कांता प्रसाद ने उसकी बात को
  3201. 2:30:29नजरअंदाज करते हुए कड़े स्वर में पूछा।
  3202. 2:30:33तुमने विक्की का हाथ क्यों तोड़ा? आखिर
  3203. 2:30:36इसने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?
  3204. 2:30:39शौर्य की आंखों में आग उतर आई। वो बोला,
  3205. 2:30:44"क्या बिगाड़ा? कुछ दिन पहले ही राजा साहब
  3206. 2:30:47के सामने फैसला हुआ था कि यह मेरी बहन के
  3207. 2:30:50साथ दोबारा बदतमीजी नहीं करेगा। इसने सबके
  3208. 2:30:53सामने माफी भी मांगी थी। और आज फिर देख
  3209. 2:30:57लीजिए इसने क्या किया है।
  3210. 2:30:59इतना कहकर शौर्य ने मेघा को आगे किया और
  3211. 2:31:02उसका गाल दिखाते हुए बोला सिर्फ यही नहीं
  3212. 2:31:06यह मैडम भी कम कसूरवार नहीं है?
  3213. 2:31:10कांता प्रसाद ने एक नजर मेघा पर डाली। फिर
  3214. 2:31:13विक्की के पास जाकर पूछा।
  3215. 2:31:17क्या तुमने फिर से मेघा के साथ बदतमीजी की
  3216. 2:31:20है?
  3217. 2:31:22यह सुनते ही विक्की घबराकर स्वर्णलता की
  3218. 2:31:24तरफ उम्मीद से देखने लगा। उसे लगा अब वही
  3219. 2:31:28उसे बचा सकती है। जब स्वर्णलता ने देखा कि
  3220. 2:31:31कांता प्रसाद शौर्य की बात को तवज्जो दे
  3221. 2:31:33रहे हैं तो वह भड़क उठी। कांता प्रसाद जी
  3222. 2:31:37आखिर आप किस बात में उलझ गए हैं? आपको
  3223. 2:31:39दिखाई नहीं दे रहा कि इस लड़के ने विक्की
  3224. 2:31:42के दोनों हाथ तोड़ दिए हैं। आप सजा देने
  3225. 2:31:44की जगह सही गलत में पड़ गए हैं।
  3226. 2:31:48कांता प्रसाद ने शांत लेकिन ठोस स्वर में
  3227. 2:31:50जवाब दिया। मुझे माफ कीजिए बिटिया रानी।
  3228. 2:31:54लेकिन राजा साहब ने खुद विक्की बाबा को
  3229. 2:31:56चेतावनी दी थी। अगर उसके बाद भी इन्होंने
  3230. 2:31:59इस लड़की के साथ बदतमीजी की है और शायद
  3231. 2:32:03मारपीट भी। तो यह मामला अब मेरे हाथ से
  3232. 2:32:06बाहर है।
  3233. 2:32:08इसके बाद उन्होंने ठहर कर कहा,
  3234. 2:32:11"मुझे लगता है यह बात अब राजा साहब तक
  3235. 2:32:15पहुंचनी चाहिए। वही तय करेंगे कि कौन सही
  3236. 2:32:19है और कौन गलत। अब क्योंकि इसमें आपकी
  3237. 2:32:23भूमिका भी सामने आ रही है। तो मैं अकेले
  3238. 2:32:26फैसला नहीं ले सकता।
  3239. 2:32:29स्वर्णलता के पैरों तले जमीन खिसक गई।
  3240. 2:32:32अपना फैसला सुनाकर कांता प्रसाद ने गेंद
  3241. 2:32:35पूरी तरह राजा साहब के पाले में डाल दी
  3242. 2:32:38थी। बदली हुई स्थिति को देखकर स्वर्णलता
  3243. 2:32:41के चेहरे के भाव गंभीर हो गए। वो बिल्कुल
  3244. 2:32:44नहीं चाहती थी कि यह मामला उसके पिताजी तक
  3245. 2:32:47पहुंचे। लेकिन अब हालात उसके हाथ से निकल
  3246. 2:32:50चुके थे। उसे अंदाजा भी नहीं था कि शौर्य
  3247. 2:32:53अकेले ही पूरी बाजी पलट देगा। तभी शौर्य
  3248. 2:32:57ने एक ठंडी मुस्कान के साथ अपनी बहन का
  3249. 2:33:00हाथ पकड़ा। उसे पता था कि उसने सिर्फ
  3250. 2:33:03हड्डियां नहीं तोड़ी थी बल्कि उस अहंकार
  3251. 2:33:05की कमर तोड़ दी थी जिसने उसकी बहन को
  3252. 2:33:08रुलाया था। अब डीन के केबिन में सन्नाटा
  3253. 2:33:11था। विक्की दर्द से करहा रहा था और
  3254. 2:33:14स्वर्णलता शांत रहने का दिखावा कर रही थी।
  3255. 2:33:18लेकिन अंदर ही अंदर हार के अपमान में जल
  3256. 2:33:21रही थी। स्वर्णलता का गुरूर आज सरेआम
  3257. 2:33:24चकनाचूर हुआ था। शौर्य के विध्वंसक तूफान
  3258. 2:33:28ने स्वर्णलता के आतंकी तेवर की धज्जियां
  3259. 2:33:31उड़ा दी थी। कल तक जो स्वर्णलता लोगों के
  3260. 2:33:34लिए खौफ का कारण थी। आज वह खुद आतंकित नजर
  3261. 2:33:38आ रही थी। डीन के केबिन में हुए आज के
  3262. 2:33:40हंगामे का फैसला राजा साहब पर छोड़ने के
  3263. 2:33:43कांता प्रसाद के फैसले ने स्वर्णलता के
  3264. 2:33:46चेहरे का रंग ही बदल दिया था। उसका चेहरा
  3265. 2:33:49डर और हताशा से पीला पड़ चुका था।
  3266. 2:33:51स्वर्णलता जानती थी कि अगर राजा साहब को
  3267. 2:33:54पता चला कि उसने विक्की की बदतमीजी का साथ
  3268. 2:33:57दिया है तो परिणाम भयानक होगा। पहले उसे
  3269. 2:34:00लगा था कि वह इस पूरे मामले को अपने स्तर
  3270. 2:34:03पर संभाल लेगी। लेकिन कांता प्रसाद के आते
  3271. 2:34:06ही हालात उसके हाथ से निकल चुके थे। वो
  3272. 2:34:09नहीं चाहती थी कि यह बात उसके पिता यानी
  3273. 2:34:12राजा साहब तक पहुंचे। इसीलिए उसने
  3274. 2:34:14गिड़गिड़ाते हुए कहा।
  3275. 2:34:17कांता प्रसाद जी अभी-अभी राजा साहब की
  3276. 2:34:20तबीयत थोड़ी ठीक हुई है। आप क्यों उन्हें
  3277. 2:34:22यह सब बताकर और टेंशन देना चाहते हैं? जब
  3278. 2:34:25आप यहां हैं तो फैसला आप खुद भी कर सकते
  3279. 2:34:28हैं।
  3280. 2:34:29कांता प्रसाद ने अपना चश्मा ठीक किया और
  3281. 2:34:32गंभीर स्वर में जवाब दिया।
  3282. 2:34:35अब मैं क्या फैसला कर सकता हूं? स्थिति
  3283. 2:34:38पहले ही विकट हो चुकी है। राजा साहब का
  3284. 2:34:41साफ आदेश था कि विक्की मेघा बिटिया के साथ
  3285. 2:34:44दोबारा कोई दुर्व्यवहार नहीं करेगा। फिर
  3286. 2:34:48भी इसने वही गलती दोहराई। क्या इसके लिए
  3287. 2:34:52राजा साहब का फैसला कोई मायने नहीं रखता?
  3288. 2:34:57विक्की जो अपने टूटे हाथों को पकड़े हुए
  3289. 2:34:59था। कांता प्रसाद की बात सुनकर थरथर
  3290. 2:35:02कांपने लगा। अब उसे अपनी हड्डियां टूटने
  3291. 2:35:04से ज्यादा डर राजा साहब के कोप से लग रहा
  3292. 2:35:07था। कुछ पल चुप रहने के बाद उसने कहा, ठीक
  3293. 2:35:11है। आप ही बताइए कि आप क्या चाहते हैं?
  3294. 2:35:15कांता प्रसाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा।
  3295. 2:35:19मैं अपनी तरफ से कुछ नहीं जोडूंगा। मैं
  3296. 2:35:22सिर्फ यह चाहता हूं कि राजा साहब के फैसले
  3297. 2:35:25का सम्मान किया जाए। अब जो हो चुका उसे
  3298. 2:35:30बदला नहीं जा सकता। लेकिन विक्की को मेघा
  3299. 2:35:33से माफी मांगनी होगी। अगर मेघा उसे माफ कर
  3300. 2:35:37देती है तो यह मामला यहीं खत्म हो जाएगा।
  3301. 2:35:41यह सुनकर स्वर्णलता का खून खौल उठा। एक
  3302. 2:35:44साधारण लड़की के सामने उसके घर का वारिस
  3303. 2:35:47माफी मांगे। उसने विक्की की तरफ देखा
  3304. 2:35:51जिसका सिर पहले ही झुका हुआ था। फिर उसने
  3305. 2:35:53कहा इस लड़की के भाई ने विक्की के दोनों
  3306. 2:35:57हाथ तोड़ दिए। उसका क्या? क्या उसे कोई
  3307. 2:36:00सजा नहीं मिलेगी? इस पर कांता प्रसाद ने
  3308. 2:36:03शांत लेकिन सख्त स्वर में कहा,
  3309. 2:36:07"अगर विक्की ने इसकी बहन के साथ गलत
  3310. 2:36:10व्यवहार नहीं किया होता, तो आज उसका यह
  3311. 2:36:12हाल नहीं होता।"
  3312. 2:36:14इस दौरान शौर्य चुपचाप ही खड़ा रहा। उसने
  3313. 2:36:18दरवाजा खोलने से पहले ही विक्की को उसकी
  3314. 2:36:20हरकत की सजा दे दी थी। कांता प्रसाद ने भी
  3315. 2:36:24समझदारी दिखाते हुए स्वर्णलता के सामने
  3316. 2:36:26शौर्य को पहचानने की कोशिश नहीं की।
  3317. 2:36:30आखिर हार मानकर स्वर्णलता ने विक्की को
  3318. 2:36:33इशारा किया और विक्की लड़खड़ाते हुए मेघा
  3319. 2:36:36के पास पहुंचा और माफी मांगने लगा।
  3320. 2:36:40मेघा ने सिहरते हुए कांता प्रसाद का हाथ
  3321. 2:36:42पकड़ लिया और बोली
  3322. 2:36:45अंकल अगर ये फिर मेरे साथ कुछ गलत करने
  3323. 2:36:48लगे तो? आज तो भैया आ गए। लेकिन हर बार तो
  3324. 2:36:52नहीं आ पाएंगे ना।
  3325. 2:36:55कांता प्रसाद ने कहा
  3326. 2:36:58अगर आज के बाद विक्की तुम्हारे आसपास भी
  3327. 2:37:01दिखाई दिया तो समझ लो कि राजा साहब खुद
  3328. 2:37:04उसे ऐसी सजा देंगे जिसकी वो कल्पना भी
  3329. 2:37:07नहीं कर पाएगा।
  3330. 2:37:09यह बात एक चेतावनी थी विक्की और स्वर्णलता
  3331. 2:37:12दोनों के लिए। स्वर्णलता ने शौर्य की तरफ
  3332. 2:37:15देखते हुए कहा, विक्की अब इस लड़की के साथ
  3333. 2:37:19कुछ गलत नहीं करेगा लेकिन यह लड़का इसे
  3334. 2:37:23इसकी हरकत की सजा मैं जरूर दूंगी।
  3335. 2:37:26शौर्य ने कुछ नहीं कहा। बस हल्की मुस्कान
  3336. 2:37:29के साथ उसे देखता रहा। इसके बाद स्वर्णलता
  3337. 2:37:32ने महेंद्र शिखरवार से कहकर विक्की को
  3338. 2:37:34स्पेशल वार्ड में भर्ती कराया। वहीं शौर्य
  3339. 2:37:37मेघा और जीनत को हॉस्टल छोड़ने गया और
  3340. 2:37:40जाते-जाते उसने उनसे हॉस्टल के माहौल के
  3341. 2:37:42बारे में पूछा। जब मेघा ने बताया कि
  3342. 2:37:45हॉस्टल का माहौल सही नहीं है तो शौर्य ने
  3343. 2:37:48आश्चर्य से कहा इतने बड़े हॉस्पिटल का
  3344. 2:37:51हॉस्टल और हालत ऐसी अगर ऐसा है तो मैं
  3345. 2:37:54इंतजाम करता हूं। एक-द दिन में तुम दोनों
  3346. 2:37:57मेरे घर आ जाओगी। मैं आज यह बात पुजारी
  3347. 2:38:00बाबा को भी बता देता हूं। इतना कहकर शौर्य
  3348. 2:38:03वहां से चला गया।
  3349. 2:38:05अस्पताल के उस हंगामे से दूर राय हाउस में
  3350. 2:38:08एक अलग ही कहानी जन्म ले रही थी। शौर्य आज
  3351. 2:38:11पहली बार समय पर घर लौट आया था और शिप्रा
  3352. 2:38:14और राहुल के साथ डिनर कर रहा था। वो शांत
  3353. 2:38:18था। जैसे वो शौर्य ही ना हो जिसने कुछ
  3354. 2:38:21घंटे पहले हड्डियां तोड़ी थी। उसी समय
  3355. 2:38:24मेघना होटल राजकमल से अपना सामान लेकर
  3356. 2:38:27शिप्रा के घर पहुंच चुकी थी। मीटिंग्स
  3357. 2:38:30खत्म हो चुकी थी और वह अपनी मौसी बीना जी
  3358. 2:38:33के पास कुछ दिन सुकून से बिताना चाहती थी।
  3359. 2:38:36जब मेघना अंदर आई, शौर्य खाना खाकर अपने
  3360. 2:38:39कमरे में जा चुका था। मेघना के आते ही
  3361. 2:38:42शिप्रा बहुत खुश हो गई। उसके आने से घर
  3362. 2:38:44में अचानक हलचल और चहल-पहल बढ़ गई। शौर्य
  3363. 2:38:48जो अपने कमरे में था, बाहर की आवाजें
  3364. 2:38:50सुनकर उसे भी महसूस हुआ कि इस वक्त घर में
  3365. 2:38:53कोई आया है। लेकिन उसने बाहर निकल कर
  3366. 2:38:56देखना जरूरी नहीं समझा। रात काफी हो चुकी
  3367. 2:38:59थी और वह आज सिटी हॉस्पिटल में हुए हंगामे
  3368. 2:39:02के कारण बेहद थक चुका था। इसीलिए जल्दी ही
  3369. 2:39:05सो गया। उधर मेघना भी शिप्रा के साथ उसके
  3370. 2:39:08कमरे में चली गई। अब हालात ऐसे थे कि एक
  3371. 2:39:12ही घर में आजू-बाजू के कमरों में दो लोग
  3372. 2:39:15शौर्य और मेघना मौजूद थे। उनकी कहानी एक
  3373. 2:39:19दूसरे से गहराई से जुड़ी थी। लेकिन दोनों
  3374. 2:39:21ही एक दूसरे की सच्चाई से अनजान थे।
  3375. 2:39:24[संगीत]
  3376. 2:39:25अगले दिन सुबह के 9:00 बज चुके थे।
  3377. 2:39:29डाइनिंग टेबल पर बीना जी, शिप्रा और मेघना
  3378. 2:39:32बैठी थी। मेघना और शिप्रा में बचपन वाली
  3379. 2:39:35नोकझोंक चल रही थी। बातोंबातों में होड़
  3380. 2:39:38सी लगी थी कि कौन किससे कितना भारी पड़ता
  3381. 2:39:41है। बीना जी सामने बैठी दोनों को देख रही
  3382. 2:39:44थी। दोनों की शिकायतों के बीच में वो भी
  3383. 2:39:47कूद पड़ी और मेघना से शिकायती लहजे में ही
  3384. 2:39:49बोली।
  3385. 2:39:52रात को ही आई थी पर एक बार अपनी मौसी से
  3386. 2:39:54मिलने भी नहीं आई। मेघना मानो जवाब देने
  3387. 2:39:58को तैयार ही थी। उसने मौसी की ओर देखा और
  3388. 2:40:00बोली इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। मैं तो
  3389. 2:40:04रात में ही आपसे मिलना चाहती थी लेकिन
  3390. 2:40:06शिप्रा ने मुझे आने नहीं दिया। मेघना की
  3391. 2:40:10शिकायत सुन शिप्रा भी चुप नहीं बैठी। उसने
  3392. 2:40:12भी पलट कर शिकायत कर दी।
  3393. 2:40:15अगर तुझे मिलना ही था तो समय पर आती। एक
  3394. 2:40:18तो मां के सोने के बाद आई ऊपर से मुझ पर
  3395. 2:40:21ही इल्जाम लगा रही है। हंसीज़ाक के बीच
  3396. 2:40:24अचानक मेघना ने वो सवाल दाग दिया जिसने
  3397. 2:40:27शिप्रा के चेहरे की मुस्कान उड़ा दी। चाय
  3398. 2:40:30तो बढ़िया है। पर शिप्रा सबके दर्शन हो
  3399. 2:40:32गए। लेकिन अब तक तुम्हारे पतिदेव के दर्शन
  3400. 2:40:34क्यों नहीं हुए? कहां छिपे हैं वो? सवाल
  3401. 2:40:38सुनते ही बीना जी का चेहरा उतर गया। और वह
  3402. 2:40:41बिना कुछ बोले कमरे में चली गई। मेघना
  3403. 2:40:44हैरान रह गई और बोली। यह मौसी अचानक क्यों
  3404. 2:40:47चली गई?
  3405. 2:40:49शिप्रा उदास मुस्कान के साथ बोली, तूने
  3406. 2:40:52ऐसी बात छेड़ दी तो उनका जाना तो बनता ही
  3407. 2:40:55था। तभी मेघना शिप्रा पर बरस पड़ी।
  3408. 2:41:00अब समझ में आया तुम बेवजह मौसी को परेशान
  3409. 2:41:02कर रही हो। शिप्रा तलाक ले लो और खत्म करो
  3410. 2:41:05ना ये झंझट। यह सुनकर शिप्रा गंभीर हो गई
  3411. 2:41:08और बोली, इतना आसान नहीं है। मैं इसलिए
  3412. 2:41:12तलाक नहीं लेना चाहती क्योंकि मुझे पता है
  3413. 2:41:14जैसे ही तलाक लूंगी, मां फिर से मेरी शादी
  3414. 2:41:17कराने के पीछे पड़ जाएंगी और मैं अब किसी
  3415. 2:41:19नए रिश्ते में बंधना नहीं चाहती।
  3416. 2:41:22शिप्रा की सफाई सुनकर मेघना बोली मतलब तुम
  3417. 2:41:25सिर्फ इसी वजह से तलाक नहीं लेना चाहती।
  3418. 2:41:28पर यह बताओ तुम्हारे पतिदेव हैं कहां? इस
  3419. 2:41:32पर शिप्रा ने ऊपर कमरे की तरफ देखते हुए
  3420. 2:41:34कहा। पता नहीं शायद अपने कमरे में होंगे।
  3421. 2:41:39तभी संतो सफाई करते हुए पास से गुजरी और
  3422. 2:41:42बोली
  3423. 2:41:43नहीं दीदी जीजाजी तो सुबह ही चले गए हैं।
  3424. 2:41:48मेघा ने लंबी सांस ली। उसे नहीं पता था कि
  3425. 2:41:51जिस जीजाजी [संगीत] को वो तुच्छ समझ रही
  3426. 2:41:53है वो उसकी पूरी दुनिया बदलने वाला है।
  3427. 2:41:56दूसरी तरफ शौर्य विक्रम के साथ मॉडल टाउन
  3428. 2:41:59सोसाइटी में बत्रा डेवलपर के ऑफिस पहुंच
  3429. 2:42:02गया। कल की घटना के बाद शौर्य ने फैसला कर
  3430. 2:42:05लिया था कि मेघा और जीनत अब उस असुरक्षित
  3431. 2:42:08हॉस्टल में नहीं रहेंगी। मॉडल टाउन
  3432. 2:42:10सोसाइटी सिटी हॉस्पिटल के पास ही पड़ती
  3433. 2:42:13थी। शौर्य ने फैसला कर लिया था कि वो आज
  3434. 2:42:16ही अपने लिए एक कोठी खरीदेगा। उसने
  3435. 2:42:19जानबूझकर इस एरिया को चुना था। क्योंकि वह
  3436. 2:42:22चाहता था कि मेघा हॉस्टल छोड़कर उसके साथ
  3437. 2:42:25उसी घर में रहे। मॉडल टाउन के इस इलाके
  3438. 2:42:28में बत्रा डेवलपर ने कुछ बड़ी-बड़ी
  3439. 2:42:30कोठियां बनाई थी। इसीलिए शौर्य यहां आया
  3440. 2:42:33था। ऑफिस से एक लड़की जिसका नाम रोजी था
  3441. 2:42:37कोठी दिखाने के लिए चाबी लेकर उनके साथ
  3442. 2:42:39भेजी गई थी। शौर्य ने देखा कि सड़क के
  3443. 2:42:43दोनों तरफ सीधी लाइन में कोठियां बनी थी
  3444. 2:42:46और उनके पीछे एक बड़ा हराभरा इलाका फैला
  3445. 2:42:49था जिसे सरकार ने सुरक्षित घोषित किया था।
  3446. 2:42:52इसी इलाके के बीच एक बड़ी झील भी थी जो उस
  3447. 2:42:56जगह की खूबसूरती को और बढ़ा रही थी। रोजी
  3448. 2:43:00शौर्य को सात नंबर कोठी के सामने ले जाकर
  3449. 2:43:02बोली कि सात और नौ नंबर की कोठियां ही अभी
  3450. 2:43:05रेडी टू मूव स्थिति में अवेलेबल हैं। बाकी
  3451. 2:43:08सभी बिक चुकी हैं। शौर्य वहीं खड़ा था।
  3452. 2:43:11इसीलिए उसने पहले सात नंबर कोठी देखने को
  3453. 2:43:14कहा। इसके बाद रोज़ी उसे कोठी दिखाने अंदर
  3454. 2:43:17लेकर गई। कोठी के अंदर लगभग छह कमरे और एक
  3455. 2:43:21बड़ा डाइनिंग एरिया था। तीन कमरे ग्राउंड
  3456. 2:43:23फ्लोर पर और तीन कमरे फर्स्ट फ्लोर पर बने
  3457. 2:43:26थे। पीछे की तरफ एक स्विमिंग पूल था जिसका
  3458. 2:43:29आधा हिस्सा फाइबर ग्लास से कवर्ड था। पूल
  3459. 2:43:32के साथ एक छोटा लेकिन खूबसूरत लॉन भी था।
  3460. 2:43:36पूरी कोठी लगभग 8 फुट ऊंची दीवार से घिरी
  3461. 2:43:38हुई थी [संगीत] और सामने कार पार्किंग के
  3462. 2:43:41लिए कवर्ड स्पेस था। चारों तरफ अशोक के
  3463. 2:43:44पेड़ों की कतार लगी हुई थी जो अभी छोटे
  3464. 2:43:46थे। लेकिन समय के साथ यह जगह और भी सुंदर
  3465. 2:43:49होने वाली थी। अंदर आते ही बाई तरफ एक
  3466. 2:43:52छोटा सर्वेंट क्वार्टर भी बना हुआ था जो
  3467. 2:43:54भविष्य में काम आ सकता था। कुल मिलाकर
  3468. 2:43:57शौर्य को यह कोठी बहुत पसंद आई। उसने रोजी
  3469. 2:44:00से पूछा।
  3470. 2:44:02बगल वाली कोठी बिक चुकी है या नहीं?
  3471. 2:44:06इस पर रोजी ने बताया।
  3472. 2:44:08सात [नाक से की जाने वाली आवाज़] और नौ
  3473. 2:44:09नंबर की कोठियां ही अभी बची हैं। अगर अभी
  3474. 2:44:12बुक नहीं किया तो अगली बार तक शायद यह भी
  3475. 2:44:14अवेलेबल ना हो। यह सुनकर शौर्य मुस्कुराया
  3476. 2:44:18और बोला अगर मैं आज ही इस कोठी को अपने
  3477. 2:44:20नाम करवाना चाहूं तो क्या यह पॉसिबल है?
  3478. 2:44:24शौर्य किसी तरह का इंतजार नहीं करना चाहता
  3479. 2:44:26था। उसकी बात सुनकर रोजी के चेहरे पर खुशी
  3480. 2:44:30झलकने लगी। उसने तुरंत कहा हां हां सब
  3481. 2:44:33पॉसिबल है। और अगर आप चाहे तो आज ही शिफ्ट
  3482. 2:44:36भी हो सकते हैं क्योंकि कोठी [संगीत] पूरी
  3483. 2:44:38तरह फर्निश्ड है। शौर्य ने हामी भरते हुए
  3484. 2:44:42कहा तो फिर जरूरी फॉर्मेलिटीज पूरी कर
  3485. 2:44:44लेते हैं।
  3486. 2:44:45इसके बाद तीनों वापस ऑफिस पहुंचे और रोजी
  3487. 2:44:48उन्हें राजीव बत्रा के कैबिन में ले गई।
  3488. 2:44:50जहां सभी फॉर्मेलिटीज शुरू हुई। राजीव
  3489. 2:44:53बत्रा ने प्रोफेशनल अंदाज में कहा, वैसे
  3490. 2:44:57कोठी की कीमत ₹11 करोड़ है। तो आप इसके
  3491. 2:45:00लिए कितना लोन लेना चाहेंगे?
  3492. 2:45:03यह सुनकर विक्रम ने तुरंत कहा, नहीं। हमें
  3493. 2:45:07कोई लोन नहीं चाहिए। यह सुनते ही राजीव
  3494. 2:45:10बत्रा थोड़े चौंक गए और उन्होंने दोबारा
  3495. 2:45:12कंफर्म किया कि क्या वे पूरा पेमेंट एक
  3496. 2:45:15साथ करने वाले हैं। शौर्य ने बिना एक शब्द
  3497. 2:45:18बोले अपने वॉलेट से एक चमचमाता ब्लैक
  3498. 2:45:21कार्ड निकाला और टेबल पर रख दिया। कार्ड
  3499. 2:45:24देखते ही राजीव बत्रा के होश उड़ गए।
  3500. 2:45:28यह कार्ड कोई आम रईस नहीं बल्कि दुनिया के
  3501. 2:45:30सबसे ताकतवर लोग ही रख सकते थे। कार्ड
  3502. 2:45:33देखकर राजीव बत्रा की आंखों में हैरानी
  3503. 2:45:36साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने वह कार्ड
  3504. 2:45:39रोजी को दे दिया। रोजी ने मशीन में कार्ड
  3505. 2:45:42स्वाइप किया और पेमेंट कंफर्म होते
  3506. 2:45:44[संगीत] ही कार्ड वापस कर दिया। वो खुश थी
  3507. 2:45:47कि आज उसे बड़ा कमीशन मिलने वाला है। करीब
  3508. 2:45:5010 मिनट में सारी प्रोसेस पूरी हो गई और
  3509. 2:45:53कागजात शौर्य के हाथ में सौंप दिए गए।
  3510. 2:45:56इसके बाद राजीव बत्रा मुस्कुराते हुए
  3511. 2:45:58बोले।
  3512. 2:45:59ऐसा बहुत कम होता है कि कोई कस्टमर एक ही
  3513. 2:46:03विजिट में कोठी पसंद करके उसे तुरंत अपने
  3514. 2:46:06नाम करवाकर पूरी पेमेंट एक ही बार में
  3515. 2:46:09कंप्लीट कर दे।
  3516. 2:46:12वो अभी अपनी बात पूरी ही करने वाले थे कि
  3517. 2:46:14अचानक बाहर से तेज शोर सुनाई दिया। चीखने
  3518. 2:46:17चिल्लाने की आवाजें और गाड़ियों के रुकने
  3519. 2:46:19का शोर।
  3520. 2:46:21जो शख्स संपत्ति के पारिवारिक झगड़े के
  3521. 2:46:24कारण मौत के मुंह से निकलकर भिखारी बनकर
  3522. 2:46:27मंदिर की सीढ़ियों में सोता था। आज उसी
  3523. 2:46:30शौर्य की दौलत का अंदाजा लगाना मुश्किल हो
  3524. 2:46:32रहा था। जितनी आसानी से शौर्य बड़े-बड़े
  3525. 2:46:35सौदे चुटकियों में कर रहा था। उसे देखकर
  3526. 2:46:38लोगों की हैरानी अपनी हदें पार कर रही थी।
  3527. 2:46:42अभी-अभी हाथों हाथ 11 करोड़ का पेमेंट कर
  3528. 2:46:45शौर्य ने अपने नाम कर ली थी कोठी नंबर
  3529. 2:46:47सात। कोठी का मालिक राजीव बत्रा एक क्लिक
  3530. 2:46:51में 11 करोड़ पाकर वैसे तो खुश हो गया था
  3531. 2:46:54लेकिन अंदर से वो सन्न भी रह गया था। उसके
  3532. 2:46:57केबिन में सन्नाटे को तोड़ा बाहर से आते
  3533. 2:47:00हुए धक्कामुक्की के शोर ने। शोर थोड़ा
  3534. 2:47:03ज्यादा बढ़ गया तो बत्रा ने घबराकर बेल
  3535. 2:47:05बजाई। तभी एक गार्ड हाफते हुए अंदर आया।
  3536. 2:47:08लेकिन इससे पहले कि बत्रा कुछ पूछ पाते एक
  3537. 2:47:11भारी भरकम शख्सियत कमरे में दाखिल हुई। यह
  3538. 2:47:14विजय दीवान था। शहर का वो अमीर आदमी जिसे
  3539. 2:47:18ना सुनने की आदत नहीं है। उनके पीछे रोजी
  3540. 2:47:21बदहवास सी भागती हुई आई। राजीव बत्रा ने
  3541. 2:47:24जब विजय दीवान को ऐसे ऑफिस में आते देखा
  3542. 2:47:27तो वे थोड़ा हैरान स्वर में बोले अरे
  3543. 2:47:30मिस्टर दीवान आप क्या बात है? आप कुछ
  3544. 2:47:33नाराज दिख रहे हैं।
  3545. 2:47:36नाराजगी की ही तो बात है। कल ही मैं कोठी
  3546. 2:47:40देख कर गया था। जब डिसाइड कर लिया कि वह
  3547. 2:47:43कोठी मुझे लेनी है तो आपकी सेल्स पर्सन
  3548. 2:47:45बोल रही है कि मैं वो कोठी अब नहीं ले
  3549. 2:47:47सकता। विजय दीवान नाराजगी भरे स्वर में
  3550. 2:47:51बोला तो राजीव बत्रा ने असमंजस भरे स्वर
  3551. 2:47:53में पूछा कौन से नंबर की कोठी देखी थी
  3552. 2:47:56आपने? कोठी नंबर सात। विजय दीवान ने जवाब
  3553. 2:48:01दिया। कोठी नंबर सात सुनते ही राजीव बत्रा
  3554. 2:48:05ने एक नजर शौर्य पर डाली और बेबसी भरे
  3555. 2:48:07स्वर में जवाब दिया। सॉरी मिस्टर दीवान
  3556. 2:48:10सेल्स पर्सन सही कह रही हैं। वो कोठी अब
  3557. 2:48:14सेल हो चुकी है। इसीलिए वो अब आपको नहीं
  3558. 2:48:17मिल पाएगी। अरे यह क्या बात हुई? कल ही तो
  3559. 2:48:20मैं देख कर गया था। आज में आपने कोठी बेच
  3560. 2:48:24भी दी। विजय दीवान का स्वर फिर से ऊंचा
  3561. 2:48:27होने लगा।
  3562. 2:48:29तभी राजीव बत्रा समझाने वाले भाव में
  3563. 2:48:31बोले।
  3564. 2:48:33मिस्टर दीवान अगर आपको वो कोठी पसंद थी तो
  3565. 2:48:36कल ही आपको कुछ बुकिंग अमाउंट देकर उसे
  3566. 2:48:39बुक कर लेना चाहिए था। अगर ऐसा होता तो हम
  3567. 2:48:42किसी से उस कोठी के लिए बात भी नहीं करते।
  3568. 2:48:45अभी-अभी उस कोठी की डील फाइनल हुई है।
  3569. 2:48:48किसने ली है वो कोठी? जब विजय दीवान ने
  3570. 2:48:52सवाल किया तो राजीव बत्रा बोले यह मिस्टर
  3571. 2:48:55श्रवण और विक्रम है। इन्होंने ही उस कोठी
  3572. 2:48:58को लिया है। विजय दीवान की नजरें अब शौर्य
  3573. 2:49:01और विक्रम पर टिकी। वो उन्हें अपनी हैसियत
  3574. 2:49:04से नापने की कोशिश करने लगा।
  3575. 2:49:07अगर ऐसा है तो आप इनको इनका पैसा वापस
  3576. 2:49:10कीजिए। आपने जो पेमेंट बताया था मैं उससे
  3577. 2:49:14कुछ ज्यादा भी देने को तैयार हूं।
  3578. 2:49:17विजय दीवान राजीव बत्रा पर दबाव बनाते हुए
  3579. 2:49:20बोला तो उसकी बात खत्म होने से पहले ही
  3580. 2:49:22मिस्टर बत्रा बोले मिस्टर विजय यह है
  3581. 2:49:26श्रवण आप इनसे बात कर लीजिए अब मैं सात
  3582. 2:49:29नंबर कोठी की डील के मामले में कुछ नहीं
  3583. 2:49:32कर सकता अगर मिस्टर श्रवण तैयार हो जाते
  3584. 2:49:35हैं तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है। अब यही
  3585. 2:49:38सात नंबर कोठी के मालिक हैं।
  3586. 2:49:41मिस्टर बत्रा की बात पर मिस्टर विजय बोले
  3587. 2:49:44अरे मैं इनको 5 लाख और ऊपर देने को तैयार
  3588. 2:49:46हूं। अब मिनटों में 5 लाख का फायदा कौन
  3589. 2:49:49छोड़ेगा?
  3590. 2:49:51विजय दीवान घमंड भरे स्वर में बोले तो
  3591. 2:49:53शौर्य विजय दीवान की बात पर कोई ध्यान दिए
  3592. 2:49:56बिना बोला।
  3593. 2:49:58ओके मिस्टर बत्रा मैं चलता हूं। आजकल में
  3594. 2:50:01ही उस कोठी में शिफ्ट हो जाऊंगा। इतना
  3595. 2:50:04बोलकर शौर्य अपनी जगह से खड़ा हो गया। तभी
  3596. 2:50:06विजय दीवान जल्दी से बोला अरे कहां जा रहे
  3597. 2:50:09हो? तुम्हें समझ में आया? तुम अपना बैंक
  3598. 2:50:12अकाउंट नंबर दो। मैं अभी पैसे तुम्हारे
  3599. 2:50:14अकाउंट में डाल देता हूं।
  3600. 2:50:17सॉरी मिस्टर दीवान कोठी नंबर सात बिकाऊ
  3601. 2:50:20नहीं है। आप कोई और कोठी देख लीजिए। इतना
  3602. 2:50:24कहकर शौर्य विक्रम के साथ बत्रा डेवलपर के
  3603. 2:50:27ऑफिस से निकल [संगीत] गया। वहां से निकलकर
  3604. 2:50:30शौर्य और विक्रम होटल राजकमल की ओर बढ़
  3605. 2:50:32रहे थे। एक व्यस्त चौराहे पर शौर्य की
  3606. 2:50:35गाड़ी रुकी। उसकी नजर सामने लगे एक विशाल
  3607. 2:50:38होर्डिंग पर गई। विक्रम ने खिड़की से बाहर
  3608. 2:50:41देखा तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गई।
  3609. 2:50:43[संगीत]
  3610. 2:50:44अरे वाह बॉस आपने मॉडलिंग भी शुरू कर दी
  3611. 2:50:47और हमें बताया भी नहीं। पोस्टर में शौर्य
  3612. 2:50:50और नताशा कपूर एक बेहद करीब और जांबाज
  3613. 2:50:53अवतार में नजर आ रहे थे। शौर्य के हाथों
  3614. 2:50:56में स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक का कैन था। यह
  3615. 2:50:58वही फोटो थी जो उस दिन अनजाने [संगीत] में
  3616. 2:51:00क्लिक हुई थी। जब शौर्य ने नताशा को वाटर
  3617. 2:51:03स्कूटर से बचाया था। शौर्य मन ही मन
  3618. 2:51:06बुदबुदाते हुए बोला, "यह लोग तो कुछ
  3619. 2:51:08ज्यादा ही फास्ट निकले।" शौर्य ने विक्रम
  3620. 2:51:12को शॉर्ट में बताया कि कैसे नताशा ने बिना
  3621. 2:51:14बताए यह एडवरटाइजिंग कैंपेन ल्च कर दिया।
  3622. 2:51:17शौर्य के दिमाग में अब एक बड़ा तूफान उठ
  3623. 2:51:19रहा था। खैर, होटल राजकमल पहुंचते ही
  3624. 2:51:23शौर्य ने मेनका से सबसे पहले पूछा।
  3625. 2:51:27क्या तुम हंसल मेहता को जानती हो?
  3626. 2:51:31मेनका ने इस नाम के बारे में सोचा और बोली
  3627. 2:51:34क्यों क्या काम है उससे?
  3628. 2:51:37शौर्य मेनका का उल्टा सवाल सुनकर इंपेशेंट
  3629. 2:51:39होकर बोला पहले बताओ तो सही कि उसे जानती
  3630. 2:51:43हो या नहीं?
  3631. 2:51:45हां जानती हूं। मेनका एक्साइटेड होकर बोली
  3632. 2:51:48तो शौर्य ने अपना मकसद बताते हुए कहा तो
  3633. 2:51:51फिर तुम्हें उसके साथ विक्रम की एक मीटिंग
  3634. 2:51:53फिक्स करनी है। शौर्य की बात से विक्रम ही
  3635. 2:51:57हैरान हुआ कि यह मीटिंग किस बात की होनी
  3636. 2:51:59है? मेनका ने पूछ ही लिया। वैसे यह मीटिंग
  3637. 2:52:03किस लिए होगी? हंसल मेहता की एक कंपनी
  3638. 2:52:06एनर्जी ड्रिंक स्ट्रांग को लेकर मार्केट
  3639. 2:52:08में आ रही है। मुझे इस कंपनी को खरीदना
  3640. 2:52:10है। शौर्य हल्की मुस्कान के साथ बोला।
  3641. 2:52:15क्या? शौर्य की बात सुनकर मेनका का मुंह
  3642. 2:52:18खुला का खुला रह गया। उसे समझ नहीं आया कि
  3643. 2:52:21क्या शौर्य के पास इतना पैसा है कि वह
  3644. 2:52:23इतनी बड़ी कंपनी खरीद सकता है।
  3645. 2:52:27स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक तो हंसल मेहता की
  3646. 2:52:29कंपनी का एक छोटा सा पार्ट था। इसके अलावा
  3647. 2:52:32भी वो कई फास्ट मूविंग कंज्यूमर
  3648. 2:52:33प्रोडक्ट्स बनाती थी। जिनमें पर्सनल केयर
  3649. 2:52:36और न्यूट्रिशन हाइजीन से जुड़े कई
  3650. 2:52:38प्रोडक्ट्स शामिल थे।
  3651. 2:52:40तुम्हें पता भी है कि हंसल मेहता की कंपनी
  3652. 2:52:43का टोटल मार्केट कैप कितना है? मेनका ने
  3653. 2:52:46हैरानी से पूछा तो शौर्य मुस्कुराते हुए
  3654. 2:52:48बोला मुझे नहीं पता तुम ही बताओ
  3655. 2:52:53मेरे ख्याल से [संगीत] 10500 करोड़ से
  3656. 2:52:562000 करोड़ के लगभग होगा बोलने के बाद
  3657. 2:52:59मेनका सोचने लगी क्या शौर्य के पास इतनी
  3658. 2:53:02बड़ी रकम होगी पर फिर उसने सोचा अगर राजा
  3659. 2:53:06साहब मदद करें तो यह कोई मुश्किल काम नहीं
  3660. 2:53:08है उसके चेहरे के एक्सप्रेशन को देखकर
  3661. 2:53:11शौर्य मुस्कुराते हुए बोला चलो ठीक
  3662. 2:53:15यह काम मैं तुम्हारे जिम्मे ही सौंपता
  3663. 2:53:17हूं। तुम ही हंसल मेहता के साथ मीटिंग
  3664. 2:53:19करके इसको पॉसिबल करो। मुझे यह कंपनी
  3665. 2:53:22चाहिए किसी भी हाल में। पैसे की चिंता
  3666. 2:53:26[संगीत] मत करो।
  3667. 2:53:28ठीक है मैं कोशिश करूंगी। पर अचानक
  3668. 2:53:30तुम्हारे दिमाग में इस कंपनी को खरीदने का
  3669. 2:53:32विचार कहां से आया?
  3670. 2:53:35मेनका के सवाल पर शौर्य कुछ कहता। उससे
  3671. 2:53:37पहले विक्रम ने अपने मोबाइल में हंसल
  3672. 2:53:39मेहता की कंपनी की वेबसाइट ओपन की।
  3673. 2:53:43स्क्रीन पर [संगीत] स्ट्रांग के कैंपेन
  3674. 2:53:45में वही बैनर दिख रहा था जिसमें शौर्य और
  3675. 2:53:48नताशा थे। तीन दिन बाद स्ट्रांग का
  3676. 2:53:51ऑफिशियल लॉन्चिंग इवेंट होने वाला था।
  3677. 2:53:53मेनका ने जब उस बैनर में शौर्य को देखा तो
  3678. 2:53:56उसने आश्चर्य से कहा, "यह क्या है? तुम इस
  3679. 2:54:00एडवरटाइजिंग में क्यों नजर आ रहे हो? क्या
  3680. 2:54:02इसलिए तुम इस कंपनी को खरीदना चाहते हो?
  3681. 2:54:05शौर्य ने एक फीकी सी मुस्कान बिखेरी और
  3682. 2:54:07बोला, "तुम ऐसा कह सकती हो? मेनका बुरा
  3683. 2:54:12मुंह बनाते हुए बोली, हद है एक
  3684. 2:54:15एडवर्टाइजमेंट के कारण तुम पूरी कंपनी
  3685. 2:54:17खरीदना चाहते हो। इस पर शौर्य ने मेनका की
  3686. 2:54:20तरफ देखते हुए कहा, अरे यह छोटी बात है।
  3687. 2:54:25अगर मेरे पापा ने देख लिया कि मैं किसी और
  3688. 2:54:27की कंपनी के लिए एक ऐड में मॉडल बना हुआ
  3689. 2:54:29हूं तो वो मेरी जान ले लेंगे। और वैसे भी
  3690. 2:54:32अब मैं जब इंडिया में हूं तो एक बिग बुल
  3691. 2:54:34के साथ अपना समय नहीं बिता सकता। आज जिस
  3692. 2:54:37कंपनी का मार्केट कैप तुम 2000 करोड़ बता
  3693. 2:54:39रही हो 6 महीने के अंदर मैंने इसे 10,000
  3694. 2:54:42करोड़ से ज्यादा की कंपनी नहीं बना दिया
  3695. 2:54:44तो कहना
  3696. 2:54:46मेनका शौर्य के विज़न को जानकर स्तब्ध रह
  3697. 2:54:49गई और सोचने लगी कितना बिजनेस माइंडेड है
  3698. 2:54:53ये। अचानक ही शौर्य उसे किसी अजूबे की तरह
  3699. 2:54:56जान पड़ रहा था। मेनका शौर्य को देख ही
  3700. 2:54:58रही थी कि तभी विक्रम मेनका की हैरानी से
  3701. 2:55:01भरे चेहरे को देखकर बोला [संगीत]
  3702. 2:55:03तुम अभी बॉस के बारे में कुछ नहीं जानती।
  3703. 2:55:06इनके पापा का बिजनेस पहले ही यूनाइटेड
  3704. 2:55:08किंगडम में बहुत फैला हुआ है। उसके बाद भी
  3705. 2:55:11इन्होंने अपने पापा से अलग बिग बुल को
  3706. 2:55:13बिना किसी की मदद के अपने दम पर इतने कम
  3707. 2:55:16समय में इतनी बुलंदियों पर पहुंचा दिया है
  3708. 2:55:18कि कोई सोच भी नहीं सकता। फिर विक्रम दोपल
  3709. 2:55:22रुक कर बोला। और जहां तक रही राजा साहब की
  3710. 2:55:25संपत्ति की बात तो राजा साहब तो आंकलन भी
  3711. 2:55:28नहीं कर सकते कि उनके बेटे ने यूनाइटेड
  3712. 2:55:30किंगडम में उनसे भी बड़ी एंपायर खड़ी कर
  3713. 2:55:32दी है।
  3714. 2:55:34मेनका को यह सब पचाने में बहुत मुश्किल हो
  3715. 2:55:36रही थी। उसे लगा क्यों ना वो भी शौर्य के
  3716. 2:55:39कारण इस शहर में अपने स्टेटस को और भी
  3717. 2:55:41ऊंचा करें।
  3718. 2:55:43यही सोचकर उसने कहा। शौर्य कुछ दिनों में
  3719. 2:55:46एक होटल की नीलामी होने वाली है। मैंने
  3720. 2:55:49राजा साहब से कहा था उस नीलामी में भाग
  3721. 2:55:51लेने के लिए। पर उन्होंने मना कर दिया।
  3722. 2:55:54[संगीत] क्या तुम उस नीलामी में भाग लेना
  3723. 2:55:55चाहोगे?
  3724. 2:55:57शौर्य ने अचानक मेनका की बात सुनकर उसके
  3725. 2:56:00चेहरे की तरफ देखा। उसे उसकी आंखों में एक
  3726. 2:56:03उम्मीद नजर [संगीत] आई जैसे वो चाहती हो
  3727. 2:56:05कि शौर्य उसकी बात मान जाए। यह देखकर
  3728. 2:56:08शौर्य ने पूछा कौन सा होटल है और उस होटल
  3729. 2:56:11की नीलामी में भाग लेने की ऐसी क्या खास
  3730. 2:56:14वजह है? होटल का नाम है पैराडाइज होटल। और
  3731. 2:56:18अगर तुम वो खास वजह जानना चाहते हो तो
  3732. 2:56:20उसका कारण मेरा एक पर्सनल रीजन है। मेनका
  3733. 2:56:23कुछ याद करती हुई बोली उसके चेहरे पर एक
  3734. 2:56:26गुस्सा सा नजर आने लगा था।
  3735. 2:56:29क्या हुआ था? शौर्य मेनका के चेहरे के
  3736. 2:56:32बदलते रंग को देखकर समझ गया था कि इसका
  3737. 2:56:35कोई ना कोई बुरा अनुभव उस होटल के साथ
  3738. 2:56:37जरूर जुड़ा हुआ होगा।
  3739. 2:56:39दरअसल अपने शुरुआती दिनों में मैंने उस
  3740. 2:56:42होटल में इंटर्न के रूप में काम किया था।
  3741. 2:56:45पर उस होटल के मालिक के बेटे ने मेरे साथ
  3742. 2:56:47कुछ नाजायज हरकत करने की कोशिश की थी। मैं
  3743. 2:56:50उस समय इतनी स्ट्रांग नहीं थी। इस कारण
  3744. 2:56:53मैं उसके खिलाफ ज्यादा कुछ कर नहीं पाई।
  3745. 2:56:56पर उसके रिलेशन कुछ बुरे लोगों के साथ भी
  3746. 2:56:58थे। इसीलिए मैं आगे भी उसके खिलाफ जाने की
  3747. 2:57:00हिम्मत नहीं कर पाई।
  3748. 2:57:03एक पल रुक कर उसने शौर्य की तरफ देखा और
  3749. 2:57:06फिर बोली। कुछ समय पहले राघव चड्ढा ने इस
  3750. 2:57:09होटल के अगेंस्ट अच्छा खासा पैसा बैंक से
  3751. 2:57:12उठा लिया। और हाल फिलहाल खुद को दिवालिया
  3752. 2:57:15घोषित कर दिया है। ऐसी स्थिति में बैंक ने
  3753. 2:57:18इस होटल को सीज कर लिया है और अब उसकी
  3754. 2:57:20नीलामी होने वाली है। बताते हुए मेनका ने
  3755. 2:57:24सारी कहानी बयां की। शौर्य को समझ नहीं
  3756. 2:57:26आया कि राघव चड्ढा ने ऐसी बेवकूफी क्यों
  3757. 2:57:29की। शौर्य ने यह बात मेनका से पूछी। जरा
  3758. 2:57:33ठीक से समझाओगी?
  3759. 2:57:35इस पर मेनका बोली ठीक है। तो तुम इस बात
  3760. 2:57:39को इस तरह समझो। होटल पैराडाइज की मार्केट
  3761. 2:57:42वैल्यू लगभग 2500 करोड़ है और राघव चड्ढा
  3762. 2:57:46की देनदारी भी लगभग उतनी ही या उससे कुछ
  3763. 2:57:49कम ही होगी। यही 2500 करोड़ का होटल जब
  3764. 2:57:53वापस 10500 करोड़ के अंदर फिर से उसका हो
  3765. 2:57:56जाए तो फिर उसका फायदा है कि नहीं?
  3766. 2:58:00शौर्य को झटका सा लगा। उसने पूछा यह भला
  3767. 2:58:03कैसे होगा? यह बैंक की मिलीभगत से संभव
  3768. 2:58:06है। बैंक की शुरुआती बड लगभग 1000 करोड़
  3769. 2:58:10से शुरू होगी। एक दो बोली के बाद कोई और
  3770. 2:58:13सामने आएगा नहीं तो बैंक को मजबूरन जो
  3771. 2:58:16हाईएस्ट बड होगी उस पर ही होटल देना
  3772. 2:58:18पड़ेगा। मेनका ने समझाया।
  3773. 2:58:22पर ₹500 करोड़ के होटल का बड करोड़ ही
  3774. 2:58:26क्यों जाएगा?
  3775. 2:58:28शौर्य समझने का प्रयास करते हुए बोला वो
  3776. 2:58:32ऐसे नहीं जाएगा कि बडिंग के वक्त जो भी
  3777. 2:58:34वहां बड करने वाले लोग होंगे वो सब उसी के
  3778. 2:58:37आदमी होंगे बाकी किसी को वे लोग वहां जाने
  3779. 2:58:40ही नहीं देंगे या उनके बड बढ़ाने ही नहीं
  3780. 2:58:42देंगे। मेनका ने कारण बताया तो बात शौर्य
  3781. 2:58:46को समझ में आ गई। शौर्य ने जब मेनका के
  3782. 2:58:49अंदर के उबलते गुस्से को महसूस किया तो
  3783. 2:58:51बोला उस होटल की नीलामी कब है?
  3784. 2:58:55मेनका उम्मीद भरी नजरों से शौर्य को देखती
  3785. 2:58:57हुई बोली आज से तीसरे दिन
  3786. 2:59:01तो फिर ठीक है भले ही उस होटल के 2500
  3787. 2:59:05करोड़ की जगह 3000 करोड़ खर्च करने पड़े
  3788. 2:59:08अब तो उस होटल को किसी भी हाल में लेना ही
  3789. 2:59:10पड़ेगा
  3790. 2:59:12शौर्य दृढ़ स्वर में बोला यह सुनकर मेनका
  3791. 2:59:15के चेहरे पर अब एक ताजगी नजर आने लगी ऐसा
  3792. 2:59:18लग रहा था जैसे उसे मनमांगी मुराद मिल गई
  3793. 2:59:21हो शौर्य भी मेनका के चेहरे की खुशी देखकर
  3794. 2:59:24खुश था। उसने बात आगे बढ़ाते हुए कहा, अब
  3795. 2:59:28जरा हंसल मेहता की भी बात हो जाए।
  3796. 2:59:31शौर्य की बात सुनकर मेनका को अपनी गलती का
  3797. 2:59:34एहसास हुआ कि वो पैराडाइज होटल के चक्कर
  3798. 2:59:36में शौर्य के असली मकसद को भूल ही गई।
  3799. 2:59:39मेनका ने अपना फोन निकाला और उसमें एक
  3800. 2:59:42नंबर निकालकर उस पर कॉल लगा दिया। शौर्य
  3801. 2:59:45जिस दुनिया में वापस पहुंच गया था वो थी
  3802. 2:59:47तो बहुत शाही खूबसूरत चेहरों से भरी।
  3803. 2:59:50लेकिन उन चेहरों ने ऐसी बहरूपी नकाब पहन
  3804. 2:59:53रखे थे कि उनकी असलियत सामने ही ना आ सके।
  3805. 2:59:56लेकिन इसके विपरीत [संगीत]
  3806. 2:59:57शौर्य की एक अलग दुनिया भी थी। जिसे वह
  3807. 3:00:00भूला नहीं था। पुजारी बाबा मेघा यह वो
  3808. 3:00:04सच्चे लोग थे जिन्होंने शौर्य को उस समय
  3809. 3:00:06जीवित रहने में मदद की जब वो अंदर से पूरी
  3810. 3:00:09तरह से मर चुका था। आज जब शौर्य के हाथों
  3811. 3:00:13में दुनिया को पलटने की ताकत वापस लौट आई
  3812. 3:00:16थी। तो उसके पास मौका था मुसीबत में काम
  3813. 3:00:19आए अपने [संगीत] सच्चे परिवार को कुछ
  3814. 3:00:21लौटाने का। शौर्य ने इसमें बिल्कुल भी
  3815. 3:00:24कंजूसी नहीं की। जैसे ही मेघा [संगीत] ने
  3816. 3:00:26अपनी हॉस्टल की समस्या शौर्य को बताई,
  3817. 3:00:29उसने पल भर में उसके हॉस्पिटल के पास ही
  3818. 3:00:32कोठी [संगीत] नंबर सात खरीद ली। शौर्य की
  3819. 3:00:35सोच की जड़ों में अमीरी की चकाचौंध का कोई
  3820. 3:00:38असर नहीं था। शौर्य के दिल में आज भी
  3821. 3:00:41पुजारी बाबा के लिए पिता का और मेघा के
  3822. 3:00:44लिए बहन का दर्जा था। एक तरफ जहां शौर्य
  3823. 3:00:48के कहने पर मेनका ने हंसल मेहता के साथ
  3824. 3:00:50मीटिंग फिक्स [संगीत] कर ली थी। वहीं अपने
  3825. 3:00:53पुराने रिश्तों को निभाने के लिए आज शौर्य
  3826. 3:00:55मंदिरा आ पहुंचा। जहां पुजारी बाबा अपनी
  3827. 3:00:58कुटिया में बैठे थे। शौर्य को देखते ही
  3828. 3:01:01पुजारी बाबा के बूढ़े चेहरे पर मुस्कान
  3829. 3:01:04खिल गई। अरे वाह बेटा। बहुत दिनों के बाद
  3830. 3:01:08तुम्हें अपने बाबा की याद आई। ऐसी कोई बात
  3831. 3:01:11नहीं है बाबा। मैं बस आपको लेने आया हूं।
  3832. 3:01:14अब से आप मेरे साथ ही रहेंगे। शौर्य ने
  3833. 3:01:18अपने आने का कारण बताया तो पुजारी बाबा ने
  3834. 3:01:20अपने हालात बयां किए। कैसी बात कर रहे हो
  3835. 3:01:23बेटे? अब मैं इस बुढ़ापे में इस मंदिर को
  3836. 3:01:27छोड़कर और कहीं रह पाऊंगा। ऐसा मुमकिन
  3837. 3:01:30नहीं है। शौर्य ने पुजारी बाबा को समझाया।
  3838. 3:01:34फिर कुछ सोचकर वो बोला अगर ऐसी बात है तो
  3839. 3:01:38आप ऐसा करिए कि कुछ दिन चलकर हमारे साथ
  3840. 3:01:40रहिए। इससे चीजें आसान हो जाएंगी।
  3841. 3:01:44शौर्य ने फिर जोर दिया तो पुजारी बाबा ने
  3842. 3:01:47भी शौर्य को समझाने का प्रयास किया। पर
  3843. 3:01:50बेटा तुम मुझे क्यों ले जाना चाह रहे हो?
  3844. 3:01:53मैं यहां खुश हूं। पुजारी बाबा ने फिर से
  3845. 3:01:57शौर्य को समझाने की कोशिश की। लेकिन शौर्य
  3846. 3:02:00ने अपना मकसद बताते हुए कहा बाबा यह सिर्फ
  3847. 3:02:04आपके लिए नहीं है। अगर आप चलकर मेरे पास
  3848. 3:02:07रहेंगे तो मेघा भी आसानी से मेरे साथ रहने
  3849. 3:02:10आ जाएगी।
  3850. 3:02:12पर मेघा तो हॉस्टल में ठीक है ना? फिर तुम
  3851. 3:02:15क्यों चाहते हो कि वह हॉस्टल छोड़ दे।
  3852. 3:02:18पुजारी बाबा किसी आशंका के तहत बोले
  3853. 3:02:20[संगीत] तो शौर्य ने पुजारी बाबा को हालात
  3854. 3:02:22से अवगत कराया। हॉस्टल के हालात कुछ ठीक
  3855. 3:02:26नहीं है। इसलिए मैंने हॉस्पिटल के पास ही
  3856. 3:02:28एक कोठी ली है। जहां से मेघा को हॉस्पिटल
  3857. 3:02:31आने जाने में भी आसानी होगी। अगर आप कुछ
  3858. 3:02:34दिन भी हमारे साथ रहेंगे तो मेघा को फिर
  3859. 3:02:37एडजस्ट होने में दिक्कत नहीं होगी। पर
  3860. 3:02:40बेटे तुम तो पहले ही हमारे लिए बहुत कुछ
  3861. 3:02:42कर चुके हो। अब और कितना एहसान करोगे?
  3862. 3:02:46पुजारी बाबा ने कांपती आवाज में कहा तो
  3863. 3:02:49शौर्य जिद भरे स्वर में बोला आप कैसी
  3864. 3:02:52बातें करने लगे। बाबा मेघा मेरी बहन के
  3865. 3:02:55जैसी है। अगर बहन को तकलीफ हो और भाई कुछ
  3866. 3:02:58ना कर पाए तो यह कितनी शर्म की बात है। अब
  3867. 3:03:01आप ज्यादा मत सोचिए। आप अपना सामान लीजिए
  3868. 3:03:04और चलिए मेरे साथ।
  3869. 3:03:06अब क्योंकि बात मेघा की सुविधा की थी
  3870. 3:03:09इसलिए पुजारी बाबा शौर्य की ज़िद और प्यार
  3871. 3:03:12के आगे हार गए। शौर्य उन्हें और मेघा को
  3872. 3:03:14लेकर अपनी [संगीत] आलीशान मॉडल टाउन वाली
  3873. 3:03:17कोठी पर पहुंचा। पुजारी बाबा ने इतनी बड़ी
  3874. 3:03:20कोठी को देखा तो आश्चर्य से बोले इतना
  3875. 3:03:23बड़ा बंगला
  3876. 3:03:25यहां और कौन रहता है?
  3877. 3:03:28पुजारी बाबा की बात सुनकर शौर्य
  3878. 3:03:30मुस्कुराया और बोला, अभी तक तो कोई नहीं
  3879. 3:03:33रहता था पर अब से आप, मेघा और मैं हम
  3880. 3:03:36तीनों यहीं रहेंगे।
  3881. 3:03:39इतने बड़े बंगले में और कोई नहीं रहता।
  3882. 3:03:43पुजारी बाबा का आश्चर्य कम नहीं हो रहा
  3883. 3:03:45था। तो शौर्य कोठी पर एक सरसरी निगाह
  3884. 3:03:48डालते हुए बोला, "इसमें आश्चर्य की कोई
  3885. 3:03:51बात नहीं है बाबा। मेघा आ जाएगी तो यह
  3886. 3:03:54कोठी खुद ही गुलजार हो जाएगी। और हां बाबा
  3887. 3:03:57इस कोठी की साफ सफाई के लिए एक आदमी
  3888. 3:03:59चाहिए। अगर कोई आपके जानने में हो तो बात
  3889. 3:04:03कर लीजिएगा। साथ में खाना बनाने वाली भी
  3890. 3:04:05कोई हो तो और भी अच्छा होगा। शौर्य की बात
  3891. 3:04:09सुनकर पुजारी बाबा की आंखें चमक गई। बेटा
  3892. 3:04:13एक आदमी है तो पर उसके घर से यहां आना
  3893. 3:04:17जाना दूर पड़ जाएगा। लेकिन उस बेचारे को
  3894. 3:04:20काम की जरूरत है।
  3895. 3:04:22अरे बाबा आना जाना करने की क्या जरूरत है?
  3896. 3:04:25यहीं आकर रह जाएगा। वो जो सामने आप कमरा
  3897. 3:04:28देख रहे हैं वो सर्वेंट क्वार्टर ही तो
  3898. 3:04:30है। शौर्य ने मुस्कुराते हुए कहा इस पर
  3899. 3:04:33पुजारी बाबा खुश होकर बोले यह तो और भी
  3900. 3:04:36अच्छी बात है। इस तरह बेचारे का कमरे का
  3901. 3:04:40किराया भी बच जाएगा। रही खाना बनाने की
  3902. 3:04:43बात तो जब वह यहां आकर रहेगा तो उसकी
  3903. 3:04:47पत्नी खाना भी बना लेगी। इस तरह दोनों को
  3904. 3:04:50काम मिल जाएगा।
  3905. 3:04:53तभी मेघा भी वहां आ गई। इतनी बड़ी कोठी को
  3906. 3:04:56देखकर वो हैरान थी। उसे पहले थोड़ा अजीब
  3907. 3:04:59लग रहा था क्योंकि जिंदगी में पहली बार
  3908. 3:05:01उसे इतनी आलीशान कोठी में रहने का मौका
  3909. 3:05:04मिलेगा। उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा
  3910. 3:05:07था। जब शौर्य ने यह महसूस किया कि मेघा
  3911. 3:05:10कंफर्टेबल फील नहीं कर रही है। तो उसने
  3912. 3:05:12मेघा को डांटते हुए कहा। ज्यादा अजीब फील
  3913. 3:05:15करने की जरूरत नहीं है। यह तुम्हारे भाई
  3914. 3:05:18का घर है। मतलब तुम्हारा घर है। इसीलिए
  3915. 3:05:20जैसे चाहो वैसे रहो। तुम्हें कोई कुछ
  3916. 3:05:23बोलने वाला नहीं है। और हां तुम्हारी जो
  3917. 3:05:26वो दोस्त है तुम्हारे साथ रहती थी। तुम
  3918. 3:05:29चाहो तो उसे भी यहां बुलाकर अपने साथ रख
  3919. 3:05:32सकती हो।
  3920. 3:05:33शौर्य की बात सुनकर अब मेघा के पास कहने
  3921. 3:05:36को कुछ नहीं रहा। उसी समय पुजारी बाबा
  3922. 3:05:38शौर्य के पास आए और बोले मेरी गोपाल से
  3923. 3:05:42बात हो गई। वो आने को तैयार है। तुम यह
  3924. 3:05:46बताओ उसे कब से यहां बुलाना है? कब से
  3925. 3:05:50क्या? आप तो उसे आज से और अभी से बुला
  3926. 3:05:53सकते हैं। शौर्य बोला तो पुजारी बाबा खुश
  3927. 3:05:56होते हुए बोले।
  3928. 3:05:59ठीक है। मैं उसे अभी बुला लेता हूं। इसके
  3929. 3:06:03बाद पुजारी बाबा ने गोपाल को फोन किया और
  3930. 3:06:06उसे यहां आने को बोल दिया। पुजारी बाबा
  3931. 3:06:09अपनी पोती को यहां देखकर बहुत खुश हुए।
  3932. 3:06:13खैर सब कुछ व्यवस्थित करने के बाद शौर्य
  3933. 3:06:15वापस होटल राजकमल पहुंचा। [संगीत] जैसे ही
  3934. 3:06:18शौर्य ने मेनका केबिन में एंट्री की,
  3935. 3:06:21मेनका ने शौर्य को याद दिलाया कि आज उसे
  3936. 3:06:24रूचि के बर्थडे में जाना है। तभी शौर्य ने
  3937. 3:06:27मेनका से पूछा।
  3938. 3:06:29क्या तुम भी उसकी बर्थडे पार्टी में जा
  3939. 3:06:31रही हो? मेनका ने लंबी सांस ली और बोली,
  3940. 3:06:35हां, जाना ही पड़ेगा। नहीं तो वो अगले
  3941. 3:06:38बर्थडे तक हर रोज शिकायत वाले मैसेज
  3942. 3:06:40भेजेगी।
  3943. 3:06:41ठीक है। फिर जब तुम उसकी पार्टी के लिए
  3944. 3:06:44जाओगी तो मुझे भी बुला लेना। मैं अभी अपने
  3945. 3:06:47रूम में आराम करने जा रहा हूं। इतना बोलकर
  3946. 3:06:50शौर्य वहां से निकल गया। वो जाकर बिस्तर
  3947. 3:06:53के हवाले हो गया। उसकी थकान ने उसे कब
  3948. 3:06:56नींद के आगोश में पहुंचा दिया उसे पता ही
  3949. 3:06:58नहीं चला। 7:00 बजे के आसपास मोबाइल की
  3950. 3:07:01आवाज से उसकी आंख खुली। उसने देखा मेनका
  3951. 3:07:04का फोन है। शौर्य ने तुरंत फोन उठाया तो
  3952. 3:07:08दूसरी तरफ से मेनका की आवाज आई।
  3953. 3:07:11क्या हुआ? अभी तक सो रहे हो? पार्टी में
  3954. 3:07:14जाना नहीं है क्या?
  3955. 3:07:16मेनका की बात सुनकर शौर्य को याद आया और
  3956. 3:07:19वह तुरंत बोला, हां चलते हैं। मैं 10 मिनट
  3957. 3:07:21में तुम्हारे पास पहुंचता हूं। इतना बोलकर
  3958. 3:07:24वो बिस्तर से उठा और वाशरूम में जाकर
  3959. 3:07:26फ्रेश हो गया। उसने यहां होटल में कुछ
  3960. 3:07:29कपड़े पहले ही छोड़ दिए थे। उनमें से उसने
  3961. 3:07:32एक ड्रेस निकाली और फटाफट से तैयार हो
  3962. 3:07:34गया। शौर्य ने कबर्ड से एक बॉक्स निकाला
  3963. 3:07:38और अपने हाथ में ले लिया। एक बार भावपूर्ण
  3964. 3:07:41नजरों से उसने उस बॉक्स को देखा और मन ही
  3965. 3:07:44मन बोला।
  3966. 3:07:46यह वही ज्वेलरी का बॉक्स था [संगीत] जो
  3967. 3:07:48शिप्रा ने मुझे वापस किया था।
  3968. 3:07:50शौर्य ने उस बॉक्स को अपनी कोर्ट की जेब
  3969. 3:07:53में रख लिया और अपने कमरे से बाहर आ गया।
  3970. 3:07:55वो कुछ ही पल में मेनका के पास पहुंच गया
  3971. 3:07:58था। मेनका पहले से ही तैयार होकर शौर्य का
  3972. 3:08:01इंतजार कर रही थी। शौर्य ने मेनका को देखा
  3973. 3:08:05तो एक टक देखता ही रह गया क्योंकि इस समय
  3974. 3:08:08मेनका आसमानी सूट में किसी अप्सरा जैसी लग
  3975. 3:08:11रही थी। शौर्य को अपनी तरफ यूं एक टक
  3976. 3:08:13देखते हुए पाकर मेनका ने पूछा क्या हुआ?
  3977. 3:08:17क्या देख रहे हो? मेनका की बात सुनकर
  3978. 3:08:20शौर्य की आंखें एकदम से घूमी और वह अपनी
  3979. 3:08:23सोच से बाहर आते हुए बोला कुछ भी तो नहीं
  3980. 3:08:28शौर्य की अजीब सी घबराहट देखकर मेनका के
  3981. 3:08:31चेहरे पर शर्म से भरी मुस्कान आ गई और वो
  3982. 3:08:33शौर्य की तरफ देखते हुए बोली अब चलें
  3983. 3:08:38मेनका की खूबसूरती देखकर शौर्य हड़बड़ाता
  3984. 3:08:41हुआ बोला हां हां चलो
  3985. 3:08:44दोनों होटल राजकमल से बाहर आ गए मेनका ने
  3986. 3:08:47अपनी कार ली और शौर्य उसके साथ वाली सीट
  3987. 3:08:50पर बैठ गया। शौर्य के बैठते ही मेनका ने
  3988. 3:08:53कार को आगे बढ़ा दिया। लगभग 20 मिनट बाद
  3989. 3:08:56दोनों होटल सन एंड सन की पार्किंग में
  3990. 3:08:58पहुंचे। जहां लग्जरी गाड़ियों की लंबी
  3991. 3:09:01लाइन लगी हुई थी। [संगीत] मेनका ने अपनी
  3992. 3:09:03गाड़ी को पार्क किया और शौर्य के साथ होटल
  3993. 3:09:06में प्रवेश कर गई। मेनका ने देखा होटल के
  3994. 3:09:09गेट पर ही कई बोर्ड लगे हुए थे। जिन
  3995. 3:09:11[संगीत] पर होटल में हो रहे अलग-अलग
  3996. 3:09:13सेलिब्रेशंस के बारे में लिखा हुआ था। और
  3997. 3:09:16यह भी लिखा था कि कौन सा सेलिब्रेशन कहां
  3998. 3:09:19पर हो रहा है। हर बोर्ड में उस होस्ट का
  3999. 3:09:22नाम भी लिखा हुआ था जो वहां पार्टी दे रहा
  4000. 3:09:24था। ऐसे ही एक बोर्ड पर रुचि का भी नाम
  4001. 3:09:27लिखा हुआ था जिसकी पार्टी हॉल नंबर तीन
  4002. 3:09:30में थी। मेनका को पहले से पता था कि हॉल
  4003. 3:09:33नंबर तीन में कैसे जाना है। शौर्य मेनका
  4004. 3:09:36को फॉलो करता हुआ आगे बढ़ रहा था। दोनों
  4005. 3:09:39ने कुछ ही देर बाद हॉल नंबर तीन में
  4006. 3:09:41प्रवेश किया। यह हॉल शहर के सबसे
  4007. 3:09:44बड़े-बड़े अमीर खानदानों से आए मेहमानों
  4008. 3:09:46से खचाखच भरा हुआ था। शौर्य ने चारों तरफ
  4009. 3:09:50निगाह दौड़ाई पर उसे कहीं भी रुचि नजर
  4010. 3:09:53नहीं आई। पर उसे देवव्रत मल्होत्रा अपने
  4011. 3:09:55से कुछ दूरी पर नजर आ गए थे। देवव्रत
  4012. 3:09:58मल्होत्रा ने भी शौर्य को देख लिया था।
  4013. 3:10:01इसीलिए वह उसकी तरफ ही आ रहे थे। देवव्रत
  4014. 3:10:04मल्होत्रा दोनों के पास आए और दोनों का
  4015. 3:10:06अभिवादन करते हुए उन्हें अपने साथ आने का
  4016. 3:10:09इशारा किया। देवव्रत मल्होत्रा दोनों को
  4017. 3:10:12लेकर मंच के पास पहुंचे। उन्होंने एक वेटर
  4018. 3:10:15को अपने पास बुलाया और शौर्य और मेनका के
  4019. 3:10:17लिए ड्रिंक ऑफर की। दोनों ने एक-एक गिलास
  4020. 3:10:20अपने हाथ में ले लिया। तभी शौर्य ने
  4021. 3:10:23देवव्रत मल्होत्रा से पूछा।
  4022. 3:10:25रुचि नहीं दिख रही? इस पर देवव्रत
  4023. 3:10:28मल्होत्रा मुस्कुराते हुए बोले। आप तो
  4024. 3:10:31समझते हैं मिस्टर श्रवण लड़कियों को तैयार
  4025. 3:10:34होने में कितना वक्त लगता है? और आज तो
  4026. 3:10:36उसका बर्थडे है तो स्वाभाविक है कि आज कुछ
  4027. 3:10:39ज्यादा ही टाइम लगेगा।
  4028. 3:10:41मल्होत्रा साहब की बात पर दोनों मुस्कुरा
  4029. 3:10:43दिए। तभी कहीं दूर से किसी ने मल्होत्रा
  4030. 3:10:46साहब को पुकारा तो उन्होंने शौर्य से कहा
  4031. 3:10:49आप पार्टी एंजॉय करो। मैं जरा और भी गेस्ट
  4032. 3:10:52को देखकर आता हूं। शौर्य मल्होत्रा साहब
  4033. 3:10:55की स्थिति को समझकर बोला अरे आप जाइए हम
  4034. 3:10:57ठीक हैं। आप बाकी गेस्ट्स को अटेंड कीजिए।
  4035. 3:11:01मल्होत्रा साहब ने शौर्य का आभार प्रकट
  4036. 3:11:03किया और एक तरफ बढ़ गए। तभी कहीं से किसी
  4037. 3:11:06ने मेनका को भी पुकारा। शौर्य समझ सकता था
  4038. 3:11:09कि मेनका भी शहर का एक पॉपुलर नाम थी।
  4039. 3:11:12उसके भी बहुत जानने वाले थे। इसीलिए उसने
  4040. 3:11:15मेनका से कहा देखो तुम्हें भी कोई बुला
  4041. 3:11:18रहा है।
  4042. 3:11:20मेनका को शौर्य को अकेले छोड़ना ठीक नहीं
  4043. 3:11:23लग रहा था। इसीलिए उसने उस आवाज को इग्नोर
  4044. 3:11:25किया। यह देखकर शौर्य बोला, अरे जाओ मिलो
  4045. 3:11:29तो सही अपने जानने वाले से। तुम मेरी
  4046. 3:11:31चिंता मत करो मैं ठीक हूं। और फिर तुम
  4047. 3:11:34कहीं बाहर तो जा नहीं रही हो। शौर्य की
  4048. 3:11:37बात सुनकर मेनका ने कहा, ठीक है, अगर ऐसी
  4049. 3:11:41बात है तो मैं कुछ देर में अपने कुछ जान
  4050. 3:11:43पहचान के लोगों से मिलकर आती हूं।
  4051. 3:11:46मल्होत्रा साहब और मेनका अपने-अपने
  4052. 3:11:48परिचितों से मिलने चले गए। शौर्य पार्टी
  4053. 3:11:51के एक कोने में अकेला खड़ा था। शौर्य के
  4054. 3:11:54हाथ का गिलास खाली हो गया था। उसने अपने
  4055. 3:11:57पास से जाते हुए एक वेटर की ट्रे से एक
  4056. 3:12:00गिलास उठाया और हल्के-हल्के सिप लेते हुए
  4057. 3:12:03खामोशी से पार्टी को देखने लगा। तभी अचानक
  4058. 3:12:06किसी ने पीछे से शौर्य के कंधे पर अपना
  4059. 3:12:08हाथ रखा। उसने सोचा शायद मेनका वापस आ गई
  4060. 3:12:12है। लेकिन जैसे ही वो पलटा उसके हाथ से
  4061. 3:12:15गिलास छूटते-छूटते बचा। जिस चेहरे को उसने
  4062. 3:12:18अपने सामने देखा उसे देखकर वो हैरान रह
  4063. 3:12:21गया। उसने उम्मीद नहीं की थी कि वो उसे
  4064. 3:12:24यहां दिख सकती है। उसकी आंखें आश्चर्य से
  4065. 3:12:27फैल गई और वो बोला तुम और यहां मुझे
  4066. 3:12:33उम्मीद नहीं थी कि तुम मुझे यहां मिलोगी।
  4067. 3:12:35सन एंड सन का हॉल नंबर तीन रोशनी से जगमगा
  4068. 3:12:39रहा था। लेकिन इस हाई प्रोफाइल चकाचौंध का
  4069. 3:12:41असर शौर्य पर नजर नहीं आ रहा था। शौर्य
  4070. 3:12:44पार्टी में जरूर मौजूद था लेकिन सिर्फ
  4071. 3:12:46[संगीत] एक अनजान मेहमान की तरह पैसा,
  4072. 3:12:49रुतबा और पहचान। यह वो हथियार हैं जो
  4073. 3:12:52इंसान को या तो राजा बना देते हैं या फिर
  4074. 3:12:55खाक में मिला देते हैं। सन एंड सन के हॉल
  4075. 3:12:58नंबर तीन में इन तीनों रंगों मेंंगे
  4076. 3:13:01मेहमान मौजूद थे। कोई दौलत के नशे [संगीत]
  4077. 3:13:03में चूर था तो कोई अपना रुतबा और पहचान
  4078. 3:13:06दिखाने में मशगूल था। इन सबके बीच खड़ा था
  4079. 3:13:09वो शख्स जिसके पास दुनिया को झुकाने की
  4080. 3:13:11ताकत थी। लेकिन अभी वह अपनी पहचान छिपाने
  4081. 3:13:14पर मजबूर था। इसीलिए वह शौर्य और श्रवण की
  4082. 3:13:17दोहरी जिंदगी जी रहा था। पार्टी में कुछ
  4083. 3:13:19पल पहले तक वो एक अनजान मेहमान की तरह एक
  4084. 3:13:22कोने में हाथ में ग्लास लेकर हल्की-हल्की
  4085. 3:13:24सिप ले रहा था। लेकिन जैसे ही मेघना को
  4086. 3:13:27सामने देखकर उसने गहरे आश्चर्य का
  4087. 3:13:29एक्सप्रेशन दिया, मेघना उस पर बरस पड़ी।
  4088. 3:13:33ऐसे क्या देख रहे हो? यह सोच रहे हो कि
  4089. 3:13:36मैं यहां कैसे? तो यह बात मैं भी तुम्हारे
  4090. 3:13:39लिए कह सकती हूं कि मैं तो सोच भी नहीं
  4091. 3:13:42सकती थी कि तुम मुझे यहां मिलोगे।
  4092. 3:13:45यह भी सही है। शौर्य ने सहमति जताई और पास
  4093. 3:13:49से जाते वेटर को रोका और उसकी ट्रे से एक
  4094. 3:13:52ड्रिंक का गिलास लेकर मेघना के हाथ में
  4095. 3:13:54थमा दिया। थैंक यू। मेघना ने धन्यवाद
  4096. 3:13:58दिया। दरअसल रुचि मेरी पुरानी दोस्त है।
  4097. 3:14:01हम दोनों ने साथ में ही पढ़ाई की है। उसे
  4098. 3:14:04पता था कि मैं विशालगढ़ में ही हूं इसलिए
  4099. 3:14:06नहीं आने का तो सवाल ही नहीं है।
  4100. 3:14:09मेघना बात क्लियर करते हुए बोली तो शौर्य
  4101. 3:14:12मुस्कुराते हुए बोला।
  4102. 3:14:15मेरी तो रुचि से अभी दो-चार दिनों की जान
  4103. 3:14:17पहचान है। पर उसने इनवाइट किया तो आना
  4104. 3:14:20पड़ा।
  4105. 3:14:21तभी मेघना ने जिज्ञासावश पूछा। अकेले आए
  4106. 3:14:25हो या कोई साथ में है? [संगीत]
  4107. 3:14:28हां, मेरी एक दोस्त भी साथ में है मेनका।
  4108. 3:14:31तुम तो उससे मिली ही हो।
  4109. 3:14:33शौर्य हॉल में नजर दौड़ाते हुए बोला और
  4110. 3:14:36फिर उसने मेघना से पूछा और तुम
  4111. 3:14:40मेरे साथ मेरी कजिन भी आई है। उसे यहां के
  4112. 3:14:43बारे में सब पता है। इसलिए वही मुझे यहां
  4113. 3:14:45लेकर आई है। मेघना ने बताया तो शौर्य ने
  4114. 3:14:49आसपास देखते हुए पूछा। तुम्हारी कजिन कहीं
  4115. 3:14:52दिख नहीं रही? आ रही होगी। वाशरूम गई है।
  4116. 3:14:56मेघना हॉल में नजर दौड़ाती हुई बोली।
  4117. 3:14:58[संगीत]
  4118. 3:14:59और बताओ तुम्हारी शूटिंग का शेड्यूल फिक्स
  4119. 3:15:02हुआ या नहीं? मेघना ने पूछा।
  4120. 3:15:05जैसे ही नताशा फ्री होगी शूटिंग शुरू कर
  4121. 3:15:08दूंगा।
  4122. 3:15:09शौर्य बता ही रहा था कि तभी शौर्य की पीठ
  4123. 3:15:12के पीछे से एक जानी पहचानी रेशमी आवाज
  4124. 3:15:15गूंजी। एक [संगीत] ऐसी आवाज जो शौर्य के
  4125. 3:15:18लिए किसी बिजली के झटके के जैसी थी।
  4126. 3:15:22तुम यहां हो और मैं तुम्हें कहां-कहां
  4127. 3:15:25नहीं ढूंढ रही थी। यह आवाज किसी और की
  4128. 3:15:28नहीं शिप्रा की थी। शिप्रा शौर्य के पीछे
  4129. 3:15:32से आई थी इसीलिए उसने स्वाभाविक रूप से
  4130. 3:15:34शौर्य का चेहरा नहीं देखा था। जैसे ही
  4131. 3:15:37शिप्रा ने शौर्य का चेहरा देखा वो जहां की
  4132. 3:15:40तहां जम गई। शौर्य का भी वही हाल था। तभी
  4133. 3:15:44मेघना शौर्य की तरफ देखती हुई [संगीत]
  4134. 3:15:46बोली। इनसे मिलो। यह श्रवण हैं। वैसे तो
  4135. 3:15:50इन्होंने अभी ब्रांड एंडोर्समेंट का काम
  4136. 3:15:52शुरू किया है। पर अगर इनका सही परिचय दूं
  4137. 3:15:55तो कह सकती हूं कि यह भविष्य के उभरते हुए
  4138. 3:15:57मॉडल हैं।
  4139. 3:15:59शौर्य को समझ नहीं आया कि यह मेघना का
  4140. 3:16:02व्यंग था या सच में वो उसकी तारीफ कर रही
  4141. 3:16:04है। वहीं शिप्रा आवाक थी। उसकी आंखों में
  4142. 3:16:08शक, हैरानी और गुस्सा एक साथ उभर आए।
  4143. 3:16:12शौर्य ने अपनी नजरें झुका ली। उसे समझ
  4144. 3:16:14नहीं आया कि यह अचानक शिप्रा यहां कैसे आ
  4145. 3:16:17गई। शिप्रा सोचने को मजबूर हो गई कि मेघना
  4146. 3:16:21और शौर्य एक दूसरे को पहले से कैसे जान
  4147. 3:16:23सकते हैं। पर उसे कोई कारण नजर नहीं आ रहा
  4148. 3:16:26था। शौर्य इस इंतजार में था कि शिप्रा
  4149. 3:16:28[संगीत] उसे किस तरह मिलेगी। उसी तरह वो
  4150. 3:16:31भी खुद को इंट्रोड्यूस करेगा।
  4151. 3:16:34शिप्रा को पता नहीं क्या सूझा कि उसने
  4152. 3:16:36शौर्य को नमस्ते किया। जवाब में शौर्य ने
  4153. 3:16:39भी शिप्रा का अभिवादन किया। जब शिप्रा ने
  4154. 3:16:42अपनी पहचान उजागर नहीं की तो शौर्य ने भी
  4155. 3:16:45ऐसी कोई कोशिश नहीं की। अब इस सिचुएशन में
  4156. 3:16:48शौर्य अजीब सा महसूस करने लगा। वो अभी
  4157. 3:16:51वहां से जाने की सोच ही रहा था कि तभी
  4158. 3:16:54वहां रुचि आ गई। वो आकर मेघना से गले मिली
  4159. 3:16:57और शौर्य को उसके साथ देखकर आश्चर्य से
  4160. 3:17:00बोली
  4161. 3:17:02तुम मेघना को पहले से जानते हो। यह मेरी
  4162. 3:17:04बेस्ट फ्रेंड है। पर तुम दोनों एक दूसरे
  4163. 3:17:06को कैसे जानते हो?
  4164. 3:17:09नहीं कोई पुरानी पहचान नहीं है। अभी
  4165. 3:17:12दो-तीन दिन पहले ही हम पहली बार मिले हैं।
  4166. 3:17:14शौर्य ने स्पष्ट किया।
  4167. 3:17:17वही तो मैं कहूं मेघना तो यहां रहती भी
  4168. 3:17:20नहीं है। फिर तुम दोनों एक दूसरे को कैसे
  4169. 3:17:22जान सकते हो?
  4170. 3:17:24रुचि ने राहत की सांस लेते हुए कहा। तभी
  4171. 3:17:26मेघना ने परिचय कराया। इससे मिलो। यह है
  4172. 3:17:30मेरी कजिन शिप्रा।
  4173. 3:17:32रुचि ने शिप्रा को आश्चर्य से देखते हुए
  4174. 3:17:34कहा, "कैसी हो तुम? मैंने तुम्हारे बारे
  4175. 3:17:38में सोशल मीडिया पर कुछ खबर देखी थी।"
  4176. 3:17:41मुझे बड़ा बुरा लगा था। अरे इसमें बुरा
  4177. 3:17:44फील करने जैसा कुछ नहीं है और वो कोई
  4178. 3:17:47भ्रामक खबर नहीं थी। वो हकीकत थी। शिप्रा
  4179. 3:17:50हल्की मुस्कान के साथ बोली। रुचि को
  4180. 3:17:53उम्मीद नहीं थी कि शिप्रा इस तरह जवाब
  4181. 3:17:55देगी। उसे विश्वास नहीं [संगीत] हुआ कि सच
  4182. 3:17:58में शिप्रा की शादी किसी भिखारी से हो गई
  4183. 3:18:00थी। रुचि के चेहरे का एक्सप्रेशन देखकर
  4184. 3:18:03शिप्रा मुस्कुराते हुए बोली। लगता है अभी
  4185. 3:18:07भी तुम्हें मेरी बात का विश्वास नहीं हो
  4186. 3:18:09रहा। पर सच वही है जो [संगीत] तुमने सुना
  4187. 3:18:12है। तुम्हारे साथ जितना बुरा हुआ उसके बाद
  4188. 3:18:15भी तुम इतनी संयमित कैसे हो? रुचि ने खेद
  4189. 3:18:18जताते हुए पूछा तो शिप्रा बोली तो मुझे
  4190. 3:18:21क्या करना चाहिए? दुनिया के सामने अपना
  4191. 3:18:24दुखड़ा रोना चाहिए कि देखो मेरे साथ इतना
  4192. 3:18:27बुरा हो गया। उससे क्या होगा? जो मेरे साथ
  4193. 3:18:31हो गया है वो वापस हो जाएगा। अब मेरे साथ
  4194. 3:18:35जो हो गया वो पलट नहीं सकता। तो फिर मैं
  4195. 3:18:37क्यों मातम मनाऊं?
  4196. 3:18:40शिप्रा के शांत भाव को देखकर रुचि ने उसकी
  4197. 3:18:43तारीफ करते हुए [संगीत] कहा यार सलाम है
  4198. 3:18:46तुमको सच कहूं अगर मेरे साथ ऐसा कुछ हुआ
  4199. 3:18:49होता तो मैं पूरी तरह टूट जाती
  4200. 3:18:53शौर्य मुट्ठियां भेजकर खड़ा रहा अपमान के
  4201. 3:18:57कड़वे घूंट पीते हुए तभी शिप्रा सहज भाव
  4202. 3:19:00में बोली इतना भी कोई ज्यादा बुरा नहीं
  4203. 3:19:03हुआ है मेरे साथ जो मैं टूट जाती
  4204. 3:19:06शिप्रा की बात सुनकर रुचि को लगा कि शायद
  4205. 3:19:09उसने कोई गलत खबर देख ली थी क्योंकि उसने
  4206. 3:19:11तो सुना था कि शिप्रा की शादी जबरदस्ती
  4207. 3:19:14किसी भिखारी से कर दी गई थी। उसने अपनी
  4208. 3:19:17शंका दूर करने के लिए पूछ ही लिया।
  4209. 3:19:20मैंने सुना था कि तुम्हारी शादी जबरदस्ती
  4210. 3:19:22एक भिखारी से कर दी गई थी। फिर तुम यह
  4211. 3:19:25कैसे कह सकती हो कि तुम्हारे साथ कुछ बुरा
  4212. 3:19:27नहीं हुआ। क्योंकि जिससे मेरी शादी हुई है
  4213. 3:19:30वो इतना भी बुरा नहीं है बल्कि मेरे लिए
  4214. 3:19:33तो वह बहुत अच्छा है। जहां मेरे आसपास के
  4215. 3:19:36तथाकथित बड़े लोग यहां तक कि मेरे अपने भी
  4216. 3:19:39मेरे लिए लड़ने की हिम्मत नहीं कर पाए।
  4217. 3:19:42वहां उस भिखारी में इतनी हिम्मत [संगीत]
  4218. 3:19:44थी कि वो मेरे लिए किसी से भी टकराने को
  4219. 3:19:47तैयार था। जब सारी दुनिया उस बदमाश के डर
  4220. 3:19:50से मेरे लिए खड़ी नहीं हुई। उस समय भी वो
  4221. 3:19:53मेरे लिए उस बदमाश के सामने खड़ा था। तो
  4222. 3:19:56फिर तुम ही सोचो मेरे साथ गलत हुआ या सही।
  4223. 3:20:01यह कहते हुए शिप्रा ने एक नजर शौर्य की
  4224. 3:20:03तरफ भी देखा और अपनी बात पूरी की। वहीं
  4225. 3:20:06शौर्य समझ नहीं पाया कि इस समय वो कैसे
  4226. 3:20:09रिएक्ट करें। वो शांति से दोनों की बातें
  4227. 3:20:11सुनता रहा। तुम्हारी बात अपनी जगह सही हो
  4228. 3:20:15सकती है। पर एक भिखारी के पास और ऑप्शन भी
  4229. 3:20:17क्या हो सकता है? तुम्हारी मुसीबत में
  4230. 3:20:20तुम्हारे सामने बहादुर बनकर तुम्हारी
  4231. 3:20:22नजरों में हीरो बनना चाहता होगा। जिसमें
  4232. 3:20:25कि मुझे लगता है कि वह कामयाब भी रहा।
  4233. 3:20:28मेघना ने कहा तो शिप्रा ने दृढ़ता से जवाब
  4234. 3:20:31दिया।
  4235. 3:20:32अब इतनी तो समझ मुझ में विकसित हो गई है
  4236. 3:20:35कि मैं यह समझ सकती हूं कि क्या हकीकत है
  4237. 3:20:37और क्या फसाना है। तो क्या तुमने उससे
  4238. 3:20:40तलाक लेने का नहीं सोचा है? रुचि ने पूछा
  4239. 3:20:43तो शिप्रा ने कंधे उचका कर कहा। नहीं। मैं
  4240. 3:20:47क्यों तलाक लूंगी?
  4241. 3:20:49अरे एक बार को मान भी लें कि वह बहुत
  4242. 3:20:51अच्छा होगा। पर स्टेटस भी तो कोई चीज है।
  4243. 3:20:54अपना भविष्य भी तो देखना होगा। रुचि
  4244. 3:20:57जिज्ञासावश पूछने से खुद को रोक नहीं सकी।
  4245. 3:21:00एक बड़े स्टेटस वाले से शादी करने वाली
  4246. 3:21:03थी। वो तो एक बदमाश के जरा से धमकाने पर
  4247. 3:21:05मंडप छोड़कर भाग गया। तो फिर किस काम का
  4248. 3:21:08यह बड़ा स्टेटस कि मुसीबत में काम ही ना आ
  4249. 3:21:11सके? शिप्रा ने तंज भरे स्वर में कहा। तभी
  4250. 3:21:14मेघना चिढ़कर बोली अरे यार एक आदमी से
  4251. 3:21:18तुम्हें धोखा क्या मिला? तुम सबके लिए ऐसा
  4252. 3:21:20नहीं सोच सकती। मेरी प्यारी बहना तुम
  4253. 3:21:23क्यों मेरा बसा बसाया घर उजाड़ना चाहती
  4254. 3:21:25हो? तुम्हें तो पता है ना कि मैं क्या
  4255. 3:21:28चाहती हूं तो फिर तुम क्यों ऐसी बातें कर
  4256. 3:21:30रही हो? शिप्रा मेघना को चुप कराने की
  4257. 3:21:33कोशिश करते हुए बोली जबकि मेघना को लग रहा
  4258. 3:21:36था कि दो-चार लोगों के सामने वो इस तरह से
  4259. 3:21:39बातें करेगी तो हो सकता है कि शिप्रा उस
  4260. 3:21:42भिखारी से तलाक के लिए तैयार हो जाए। यह
  4261. 3:21:45सोचकर उसने एक बार फिर से बात को छेड़ते
  4262. 3:21:47हुए कहा।
  4263. 3:21:49अच्छा तुम ही बताओ श्रवण क्या यह बेवकूफी
  4264. 3:21:52नहीं है कि किसी भिखारी को जबरदस्ती इसके
  4265. 3:21:54गले बांध दिया गया है और अब यह उसके साथ
  4266. 3:21:57अपनी जिंदगी बिताने को तैयार है?
  4267. 3:22:01शौर्य ने जब मेघना का यह सवाल सुना तो उसे
  4268. 3:22:03अचानक खांसी सी उठ गई। वो उम्मीद नहीं कर
  4269. 3:22:06रहा था कि मेघना उससे ही यह बात पूछ लेगी।
  4270. 3:22:10उसने इस चर्चा को टालने के मकसद से कहा।
  4271. 3:22:13तुम सब ये क्या बात को लेकर बहस करने लगी
  4272. 3:22:15हो? कुछ और नहीं है तुम लोगों के पास बात
  4273. 3:22:18करने को। यह तुम क्या बात कर रहे हो? यह
  4274. 3:22:21कोई छोटी बात है क्या? किसी की जिंदगी का
  4275. 3:22:23सवाल है और मैं तो इसकी बहन हूं। तो मैं
  4276. 3:22:27यह मूकदर्शक बनकर कैसे देखती रह सकती हूं?
  4277. 3:22:30मेघना बोली। तुरुचि मेघना की बात का
  4278. 3:22:32समर्थन करते हुए बोली। तुम सही कह रही हो।
  4279. 3:22:36मेरा भी यही मानना है शिप्रा। तुम्हें एक
  4280. 3:22:39बार अपने फैसले पर विचार करना चाहिए।
  4281. 3:22:42रुचि और मेघना की बात को सुनकर शौर्य को
  4282. 3:22:44लग रहा था कि दोनों अभी उसका तलाक करवा कर
  4283. 3:22:47ही रहेंगी। शिप्रा रहकर शौर्य के चेहरे के
  4284. 3:22:50बदलते एक्सप्रेशंस [संगीत] को देखती रही।
  4285. 3:22:52शौर्य शिप्रा से नजर मिलाने का साहस नहीं
  4286. 3:22:55कर पा रहा था। तभी रुचि ने एक वेटर से
  4287. 3:22:58बोलकर सबके लिए कुछ स्नैक्स मंगवाए। और
  4288. 3:23:01तभी वहां विजय दीवान का आगमन हुआ।
  4289. 3:23:05उसके हाथ में एक गिफ्ट पैक था। उसने रूचि
  4290. 3:23:07को गले लगाते हुए कहा। हैप्पी बर्थडे
  4291. 3:23:10स्वीट हार्ट। थैंक यू। रुचि चेहरे पर
  4292. 3:23:14जबरदस्ती की मुस्कान लाती हुई बोली देखो
  4293. 3:23:18मैं तुम्हारे लिए क्या लाया हूं। इतना
  4294. 3:23:20कहकर विजय दीवान ने अपने हाथ के बॉक्स को
  4295. 3:23:23खोला और उसमें से एक ब्रेसलेट निकाल कर
  4296. 3:23:25लहराया और बोला अगर तुम्हारी इजाजत हो तो
  4297. 3:23:29मैं इसे तुम्हें अपने हाथों से पहना भी
  4298. 3:23:31दूं।
  4299. 3:23:32नहीं इसकी कोई जरूरत नहीं है। मैं इसे
  4300. 3:23:35किसी खास मौके पर पहनूंगी।
  4301. 3:23:38रुचि की बात सुनकर विजय दीवान का चेहरा
  4302. 3:23:40थोड़ा उतर गया। पर उसने मुस्कुराने का
  4303. 3:23:42प्रयास किया। वो यहां मौजूद लड़कियों पर
  4304. 3:23:45अपना एक इंप्रेशन जमाना चाहता था। तभी
  4305. 3:23:48उसकी निगाह शौर्य पर पड़ी। उसे सुबह वाली
  4306. 3:23:51घटना याद आ गई और उसके चेहरे पर नाखुशी के
  4307. 3:23:55भाव दिखाई दिए। पर वो कुछ बोला नहीं। अगर
  4308. 3:23:58वह बत्रा डेवलपर के ऑफिस वाली बात करता तो
  4309. 3:24:01इससे उसकी अपनी ही बेइज्जती होती। इसीलिए
  4310. 3:24:04उसने इस चर्चा को छेड़ना सही नहीं समझा।
  4311. 3:24:07पर शौर्य और रुचि के साथ दो खूबसूरत
  4312. 3:24:09लड़कियों को खड़ा देखकर उसने यहां से हटने
  4313. 3:24:12का विचार त्याग दिया। उसने रुचि से कहा,
  4314. 3:24:16"मुझे तुम अपने दोस्तों से नहीं
  4315. 3:24:18मिलवाओगी।"
  4316. 3:24:19ना चाहते हुए भी रुचि को विजय से मेघना,
  4317. 3:24:22शिप्रा और शौर्य का परिचय कराना पड़ा।
  4318. 3:24:25विजय को लग रहा था कि उसने रुचि को बढ़िया
  4319. 3:24:27गिफ्ट दिया है तो उसे यह भी देखना चाहिए
  4320. 3:24:30कि श्रवण ने क्या दिया है। इसीलिए उसने एक
  4321. 3:24:33भूमिका बनाते हुए कहा अच्छा चलो बताओ
  4322. 3:24:36तुम्हारे दोस्तों ने तुम्हें क्या गिफ्ट
  4323. 3:24:38दिया है? जरा हमें भी तो दिखाओ।
  4324. 3:24:41विजय दीवान की बात सुनकर मेघना ने भी एक
  4325. 3:24:44गिफ्ट का पैकेट निकालकर रुचि की तरफ
  4326. 3:24:46बढ़ाते हुए कहा, "ह हैप्पी बर्थडे
  4327. 3:24:49डार्लिंग। यह मेरी तरफ से एक छोटा सा
  4328. 3:24:50गिफ्ट है। तुम्हें पसंद आएगा।
  4329. 3:24:54इस पर रुचि मेघना से बोली
  4330. 3:24:57अरे इसकी क्या जरूरत थी? विजय दीवान ने जब
  4331. 3:25:01देखा कि शौर्य ने गिफ्ट में कुछ नहीं दिया
  4332. 3:25:03है तो वो उपहास भरे स्वर में बोला
  4333. 3:25:06तुम्हारे इस दोस्त ने कोई गिफ्ट नहीं दिया
  4334. 3:25:08है? क्या इसकी औकात इतनी भी नहीं है कि यह
  4335. 3:25:11तुम्हें एक छोटा सा गिफ्ट भी दे सके। विजय
  4336. 3:25:14के चेहरे पर एक हल्की मुस्कान आ गई। तभी
  4337. 3:25:17मेघना भी उत्सुकता वश पूछ बैठी।
  4338. 3:25:20श्रवण तुम्हारा गिफ्ट कहां है?
  4339. 3:25:23शौर्य ने एक निगाह विजय दीवान पर डाली और
  4340. 3:25:26एक कुटिल मुस्कान के साथ अपने आसपास का
  4341. 3:25:28निरीक्षण किया। गिफ्ट उसकी जेब में ही था।
  4342. 3:25:32पर वो इसे शिप्रा के सामने नहीं निकालना
  4343. 3:25:34चाहता था। पर उसे कोई बहाना भी नहीं सूझ
  4344. 3:25:37रहा था और शिप्रा भी उसके सामने खड़ी थी।
  4345. 3:25:40शौर्य बड़ी उलझन में पड़ गया। गिफ्ट जेब
  4346. 3:25:43से बाहर निकालूं या नहीं। होटल के पार्टी
  4347. 3:25:46हॉल नंबर तीन में वक्त जैसे ठहर सा गया
  4348. 3:25:49था। विजय दीवान की कुटिल मुस्कान, मेघना
  4349. 3:25:52की जिज्ञासु नजरें और रुचि की उम्मीद। इन
  4350. 3:25:55सबके बीच सबसे तेज जो धड़क रहा था वो था
  4351. 3:25:58शिप्रा का दिल। जो यह देखने को बेताब था
  4352. 3:26:02कि शौर्य रुचि के लिए आखिर क्या गिफ्ट
  4353. 3:26:04लाया है। आज एक बार फिर शौर्य अमीरों के
  4354. 3:26:08उस दिखावटी दरबार में खड़ा था, जहां इंसान
  4355. 3:26:10की हैसियत गिफ्ट की कीमत से मापी जा रही
  4356. 3:26:13थी। विजय दीवान सोच रहा था कि वह अपनी
  4357. 3:26:16दौलत से शौर्य को भरी महफिल में नंगा कर
  4358. 3:26:19देगा। उसे नीचा दिखाएगा। लेकिन उसे क्या
  4359. 3:26:22पता था कि जिस बॉक्स को वो मामूली समझ रहा
  4360. 3:26:25है, उसके अंदर की चमक उसकी जायदादी अकड़
  4361. 3:26:28को फीका कर देगी। रहस्य पर से पर्दा उठने
  4362. 3:26:31लगा। शौर्य ने धीरे से अपनी जेब से वो
  4363. 3:26:34मखमली बॉक्स निकाला। जैसे ही बॉक्स
  4364. 3:26:37[संगीत] की चमक शिप्रा की आंखों से टकराई,
  4365. 3:26:40उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। कभी-कभी हम
  4366. 3:26:43जिस चीज को कचरा समझ कर फेंक देते हैं,
  4367. 3:26:46वही चीज किसी और के गले का हार बन जाती
  4368. 3:26:49है। शिप्रा ने जिस डायमंड सेट को शौर्य को
  4369. 3:26:52वापस लौटा दिया था, आज वही सेट एक महंगे
  4370. 3:26:55गिफ्ट बॉक्स से बाहर निकलकर किसी और की
  4371. 3:26:57जिंदगी रोशन करने जा रहा था। जब शौर्य ने
  4372. 3:27:01वो बॉक्स खोला तो हॉल में रोशनी नहीं
  4373. 3:27:03बल्कि शिप्रा के कलेजे में आग लग गई।
  4374. 3:27:07शौर्य को वो बॉक्स रुचि को देते देखकर
  4375. 3:27:10शिप्रा को ऐसा लगा जैसे कोई उसका दिल काट
  4376. 3:27:13कर किसी और को दे रहा हो। पछतावे का जहर
  4377. 3:27:16उसकी रगों में दौड़ने लगा। उसे अब शौर्य
  4378. 3:27:20पर गुस्सा भी आ रहा था कि क्या वो इतना
  4379. 3:27:22बड़ा धनन्ना सेट हो गया है कि सबको लाखों
  4380. 3:27:25के गिफ्ट बांटेगा। दूसरी तरफ बाकी लोगों
  4381. 3:27:29की निगाह भी उस बॉक्स पर जम गई थी। विजय
  4382. 3:27:32दीवान भी उस बॉक्स को देखकर समझ गया था कि
  4383. 3:27:35हो ना हो यह गिफ्ट उसके गिफ्ट से महंगा लग
  4384. 3:27:38रहा है। लेकिन एक बार को उसने सोचा कि यह
  4385. 3:27:41भी तो हो सकता है कि सिर्फ बॉक्स ही कीमती
  4386. 3:27:44नजर आ रहा हो। उसके अंदर जो भी आइटम होगा
  4387. 3:27:46वो साधारण होगा। यही बात सोचकर विजय दीवान
  4388. 3:27:50ने एक फीकी हंसी के साथ शौर्य को उकसाया
  4389. 3:27:53और बोला बॉक्स तो खूबसूरत है। उम्मीद करता
  4390. 3:27:57हूं कि अंदर की चीज भी इतनी ही खूबसूरत
  4391. 3:27:59हो। चलो अब बॉक्स खोलकर अंदर की चीज भी
  4392. 3:28:02दिखा दो। हम भी तो दीदार करें कि तुम रुचि
  4393. 3:28:06के लिए क्या लाए हो। शौर्य ने बिना किसी
  4394. 3:28:09भाव के बॉक्स रुचि की तरफ बढ़ा दिया और
  4395. 3:28:11बोला
  4396. 3:28:13तुम खुद क्यों नहीं इस बॉक्स को खोलकर
  4397. 3:28:15सबको दिखा देती हो? आखिर यह तुम्हारे लिए
  4398. 3:28:18ही तो है।
  4399. 3:28:21रुचि ने शौर्य के हाथ से बॉक्स लिया और
  4400. 3:28:23कांपते हाथों से बॉक्स का ढक्कन हटाया।
  4401. 3:28:26जैसे ही बॉक्स खुला हीरो की जगमगाहट ने
  4402. 3:28:29पूरे हॉल की लाइटों को फीका कर दिया।
  4403. 3:28:32मेघना के मुंह से सिस्कारी निकल गई और
  4404. 3:28:35विजय दीवान का चेहरा ऐसा सफेद पड़ा जैसे
  4405. 3:28:38किसी ने उसे थप्पड़ मार दिया हो। शिप्रा
  4406. 3:28:42को तो पहले से ही पता था कि उस बॉक्स में
  4407. 3:28:44क्या है। वो दूर खड़ी यह सब देख रही थी।
  4408. 3:28:47उसे लग रहा था जैसे उसकी कोई सबसे कीमती
  4409. 3:28:50चीज सरेआम नीलाम हो रही हो। अगर उसे पहले
  4410. 3:28:54पता होता कि श्रवण उसके वापस करने के बाद
  4411. 3:28:57इस सेट को किसी और को गिफ्ट कर देगा तो
  4412. 3:28:59शायद वह कभी उसे वापस नहीं करती। पर कहते
  4413. 3:29:02हैं ना अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुक
  4414. 3:29:06गई खेत। उस खुले बॉक्स को देखने के बाद
  4415. 3:29:10उसने एक नजर शौर्य की तरफ देखा। पर शौर्य
  4416. 3:29:13तो रुचि की तरफ देख रहा था। शिप्रा ने
  4417. 3:29:17महसूस किया कि शुरुआत में शौर्य ने उसकी
  4418. 3:29:19तरफ एक बार देखा था। उसके बाद वो पूरी तरह
  4419. 3:29:22से उसे इग्नोर कर रहा था। रुचि की तरफ जमी
  4420. 3:29:25शौर्य की नजर को देखकर एक बार उसके मन में
  4421. 3:29:28जलन भी हुई। उसने मन ही मन कहा क्या रुचि
  4422. 3:29:32मुझसे ज्यादा खूबसूरत है जो ये उसे ही
  4423. 3:29:34घूरे जा रहा है।
  4424. 3:29:36शिप्रा अब शौर्य को ही घरे जा रही थी। वो
  4425. 3:29:39देखना चाहती थी कि वो अब कब तक उसे इग्नोर
  4426. 3:29:42करता है। दूसरी तरफ मेघना के मुंह से उस
  4427. 3:29:45डायमंड सेट के लिए तारीफ भरे स्वर निकले।
  4428. 3:29:48विजय दीवान के चेहरे पर तो जैसे मातम ही
  4429. 3:29:50छा गया था। स्वयं रुचि को उम्मीद नहीं थी
  4430. 3:29:53कि शौर्य उसके लिए इतना महंगा गिफ्ट
  4431. 3:29:55लाएगा। वो खुश होकर बोली
  4432. 3:29:59यह तो बहुत खूबसूरत है और यह महंगा भी
  4433. 3:30:02बहुत लग रहा है। मेघा रुचि के एक्सप्रेशन
  4434. 3:30:05को देखकर बोली
  4435. 3:30:08गिफ्ट की कीमत नहीं देखी जाती। देने वाली
  4436. 3:30:10की नियत देखी जाती है। वाकई यह खूबसूरत
  4437. 3:30:14गिफ्ट है। एक पल के लिए मेघना को भी रुचि
  4438. 3:30:18से जलन महसूस हुई। वो भी सोचने को मजबूर
  4439. 3:30:20थी कि अभी-अभी करियर शुरू करने वाला शौर्य
  4440. 3:30:23जैसा शख्स किसी को इतना महंगा गिफ्ट कैसे
  4441. 3:30:25दे सकता है? क्या यह शख्स खुद को औकात से
  4442. 3:30:28ज्यादा दिखाने की कोशिश नहीं कर रहा? वो
  4443. 3:30:31कहीं रुचि पर अपना प्रभाव जमाने की कोशिश
  4444. 3:30:34तो नहीं कर रहा। मेघना को अपनी यह सोच सही
  4445. 3:30:37जान [संगीत] पड़ी। दूसरी तरफ रुचि ने उस
  4446. 3:30:40सेट को अपने हाथों में लहराया और विजय
  4447. 3:30:42दीवान की तरफ पलट कर तंज भरे स्वर में
  4448. 3:30:44बोली क्यों विजय क्या ये गिफ्ट तुम्हारी
  4449. 3:30:48उम्मीद के मुताबिक है या कोई कचरा है विजय
  4450. 3:30:53दीवान खिसियानी हंसी-हंसते हुए [संगीत]
  4451. 3:30:54बोला मानना पड़ेगा यह वाकई खूबसूरत गिफ्ट
  4452. 3:30:58है। मैं मानता हूं कि मैं गलत था।
  4453. 3:31:02विजय दीवान की बात सुनकर रुचि को खुशी
  4454. 3:31:04महसूस हुई। उसने इससे [संगीत] एक कदम और
  4455. 3:31:07आगे जाने का सोचा। वो अपने लिए विजय दीवान
  4456. 3:31:10की नियत को समझती थी। इसीलिए उसे जलाने की
  4457. 3:31:13नियत से वो शौर्य से बोली,
  4458. 3:31:16श्रवण जब तुम मेरे लिए इतना खूबसूरत गिफ्ट
  4459. 3:31:18लाए हो तो क्यों ना अपने हाथों से मुझे
  4460. 3:31:20पहना भी दो।
  4461. 3:31:22शौर्य को यकीन नहीं हुआ कि जो उसने
  4462. 3:31:25अभी-अभी सुना वो सही है। उसे महसूस हुआ कि
  4463. 3:31:28कई जोड़ी आंखें उस पर जम गई हैं। [संगीत]
  4464. 3:31:31खासकर शिप्रा की निगाहें उसे ऐसे देख रही
  4465. 3:31:34थी मानो अभी भस्म कर देंगी। शौर्य शिप्रा
  4466. 3:31:37की तरफ देखने का साहस नहीं कर पाया। दूसरी
  4467. 3:31:41तरफ शिप्रा को भी यकीन नहीं हुआ कि
  4468. 3:31:43[संगीत]
  4469. 3:31:43रुचि शौर्य से ऐसी डिमांड कर सकती है।
  4470. 3:31:47शिप्रा की आंखों के सामने वो दृश्य तैरने
  4471. 3:31:49लगा। जब राधिका की बर्थडे पार्टी में उसके
  4472. 3:31:52दादाजी और बुआ ने यह जिद की थी कि श्रवण
  4473. 3:31:55अपने हाथों से उसे यह डायमंड सेट पहनाए और
  4474. 3:31:58उसने बहाना करके इस सेट को शौर्य के हाथों
  4475. 3:32:01से पहनने से मना कर दिया था। और आज किस्मत
  4476. 3:32:04का फेर देखो। शौर्य भी वही है। सेट भी वही
  4477. 3:32:08है। [संगीत] पर पहनने वाला गला किसी और का
  4478. 3:32:11होगा। उसके दिमाग में यही सवाल गूंज रहा
  4479. 3:32:15था।
  4480. 3:32:16क्या सचमुच श्रवण रुचि को यह सेट अपने
  4481. 3:32:18हाथों से पहनाएगा?
  4482. 3:32:21शिप्रा को अपना दिल बैठता हुआ सा प्रतीत
  4483. 3:32:23हो रहा था। तभी मेघना की आवाज उसके कानों
  4484. 3:32:26में पड़ी। देख क्या रहे हो श्रवण? रुचि को
  4485. 3:32:30पहना दो यह सेट।
  4486. 3:32:32शौर्य एक पल के लिए हिचकिचाया। फिर उसने
  4487. 3:32:35शिप्रा की चुभती हुई नजरों को महसूस किया।
  4488. 3:32:38लेकिन उसने खुद को सख्त किया और रुचि के
  4489. 3:32:40करीब गया। शौर्य ने वो हार रुचि के गले
  4490. 3:32:43में डाला।
  4491. 3:32:45उसके हाथ रुचि की त्वचा को छू रहे थे।
  4492. 3:32:48पीछे हुक लगाते वक्त शौर्य ने रुचि के
  4493. 3:32:51परफ्यूम की खुशबू महसूस की। [संगीत]
  4494. 3:32:54एक पल के लिए वो मदहोश हुआ पर तुरंत पीछे
  4495. 3:32:57हट गया। वहीं रुचि खुशी से फूली नहीं समा
  4496. 3:33:00रही थी। जबकि विजय का चेहरा जलकर कोयले
  4497. 3:33:03जैसा हो गया था। विजय ने अब अपनी जेब
  4498. 3:33:07मिटाने के लिए रुचि से कहा। मैं समझता हूं
  4499. 3:33:10तुमने यह सिर्फ मुझे जलाने के लिए किया
  4500. 3:33:12है। तो रुचि ने टेढ़े स्वर में जवाब दिया।
  4501. 3:33:15तुम खुद को इतना भी इंपॉर्टेंट मत समझो कि
  4502. 3:33:18मैं तुम्हें जलाने की कोशिश करूंगी। उधर
  4503. 3:33:21शिप्रा के मन में सवालों की झड़ी लगी हुई
  4504. 3:33:23थी। क्या सच में श्रवण और रुचि एक दूसरे
  4505. 3:33:26को पसंद करते हैं। पर अगर ऐसा है तो मुझे
  4506. 3:33:29सब इतना अजीब क्यों लग रहा है? अगर श्रवण
  4507. 3:33:32रुचि को पसंद भी करता होगा तो मुझे इससे
  4508. 3:33:34क्या फर्क पड़ता है?
  4509. 3:33:36फिर उसने खुद को समझाने की कोशिश की। अरे
  4510. 3:33:39मैंने ही तो उससे कहा था कि अगर वह किसी
  4511. 3:33:42के साथ रिलेशन में भी होगा तो मुझे कोई
  4512. 3:33:44फर्क नहीं पड़ेगा। फिर यह दिल मान क्यों
  4513. 3:33:46नहीं रहा है? क्यों हर बार उसी का ख्याल आ
  4514. 3:33:49रहा है? क्यों ऐसा लग रहा है जैसे कुछ
  4515. 3:33:52मुझसे छीन रहा है। जितना वो खुद से सवाल
  4516. 3:33:56कर रही थी, उतना ही उसका दिल और ज्यादा
  4517. 3:33:58उलझता जा रहा था और उसकी बेचैनी बढ़ती ही
  4518. 3:34:01जा रही थी। उसकी नजर बार-बार रुचि के गले
  4519. 3:34:04के डायमंड सेट पर अटक रही थी। उस सेट को
  4520. 3:34:08देखकर उसके दिल को झटके लग रहे थे। उधर
  4521. 3:34:11विजय अपनी शर्म छुपाने की कोशिश कर रहा
  4522. 3:34:13था। उसने यहां किसी के सामने यह जाहिर
  4523. 3:34:16नहीं किया कि वो पहले भी शौर्य यानी श्रवण
  4524. 3:34:19से मिल चुका है। जब बत्रा डेवलपर के यहां
  4525. 3:34:22से शौर्य निकल गया और वहां उसकी दाल नहीं
  4526. 3:34:24गली तो मजबूरन उसे मॉडल टाउन की कोठी नंबर
  4527. 3:34:27नौ लेनी पड़ी। और तभी उसने ठान लिया था कि
  4528. 3:34:31भविष्य में वह शौर्य को सबक जरूर सिखाएगा।
  4529. 3:34:34आज इस पार्टी में भी उसने शौर्य को
  4530. 3:34:37शर्मिंदा करने के लिए ही यह सब किया था।
  4531. 3:34:40लेकिन यहां भी उसका दांव उल्टा पड़ गया
  4532. 3:34:42था। विजय स्वभाव से लड़कियों के पीछे
  4533. 3:34:45भागने वाला इंसान था और रुचि उसकी इस आदत
  4534. 3:34:48से परिचित थी। इसलिए वह उसे ज्यादा भाव
  4535. 3:34:50नहीं दे रही थी। विजय ने रुचि के साथ खड़ी
  4536. 3:34:54दोनों लड़कियों मेघना और शिप्रा को देखा
  4537. 3:34:56तो वह उनकी खूबसूरती से स्वाभाविक तौर पर
  4538. 3:34:59प्रभावित हो गया। खासकर शिप्रा की
  4539. 3:35:01खूबसूरती उसे ज्यादा ही आकर्षित कर रही
  4540. 3:35:04थी। वो किसी तरह दोनों से संपर्क बनाना
  4541. 3:35:07चाहता था। इसीलिए विजय ने विषय बदलते हुए
  4542. 3:35:10रुचि से कहा। रुचि तुम मुझे अपने दोस्तों
  4543. 3:35:13से इंट्रोड्यूस नहीं करवाओगी।
  4544. 3:35:15रुचि को मजबूरन मेघना और शिप्रा का परिचय
  4545. 3:35:17विजय दीवान से कराना पड़ा। हां मिलिए
  4546. 3:35:21इनसे। यह मेघना है मेरे कॉलेज के समय की
  4547. 3:35:23दोस्त और यह शिप्रा है मेघना की कजिन।
  4548. 3:35:28इतना कहकर रुचि फिर बोली और यह है
  4549. 3:35:31महानुभाव विजय दीवान रायचंद दीवान के
  4550. 3:35:33साहबजादे।
  4551. 3:35:36आपने दीवान इंडस्ट्रीज के बारे में तो
  4552. 3:35:38सुना ही होगा। वो मेरी ही है। विजय ने खुद
  4553. 3:35:42ही अपनी हैसियत बताने के लिए बात जोड़ी।
  4554. 3:35:44तभी मेघना विजय के भाव समझ गई। इसीलिए
  4555. 3:35:47मुस्कुराते हुए बोली आपके परिवार का तो
  4556. 3:35:50बड़ा नाम होगा इस शहर में मिस्टर विजय।
  4557. 3:35:53विजय यह सुनकर घमंड से भर गया और बोला
  4558. 3:35:56क्यों आपको नहीं पता इस शहर में भला ऐसा
  4559. 3:35:58कौन होगा जो दीवान फैमिली के बारे में
  4560. 3:36:01नहीं जानता।
  4561. 3:36:03यह कहते हुए उसने एक नजर शौर्य की तरफ भी
  4562. 3:36:05डाली जैसे उसे नीचा दिखाना चाहता हो।
  4563. 3:36:08शौर्य बस मुस्कुरा कर रह गया। जबकि मेघना
  4564. 3:36:11मासूमियत से बोली मुझे कैसे पता होगा
  4565. 3:36:15मिस्टर विजय? मैं इस शहर की तो हूं नहीं।
  4566. 3:36:17पर जब आप कह रहे हैं तो सच ही होगा। तभी
  4567. 3:36:21विजय ने शिप्रा की तरफ देखते हुए मेघना से
  4568. 3:36:23पूछा अच्छा आप इस शहर से नहीं है तो आप
  4569. 3:36:27कहां से हैं? और आपकी कजिन क्या वो भी
  4570. 3:36:30यहां की नहीं है?
  4571. 3:36:33अरे नहीं ऐसा नहीं है। मेरी कजिन तो इसी
  4572. 3:36:35शहर से है। आपने जिंक कलेक्शन का नाम सुना
  4573. 3:36:38होगा। वो इसी की कंपनी है। मेघना ने
  4574. 3:36:42शिप्रा की तारीफ करते हुए कहा तो विजय ने
  4575. 3:36:45फिर घमंड से कहा अच्छा इस नाम की भी कोई
  4576. 3:36:48कंपनी है। मुझे नहीं पता पर जब आप कह रही
  4577. 3:36:52हैं तो सच ही होगा।
  4578. 3:36:54विजय की बात सुनकर मेघना को गुस्सा तो
  4579. 3:36:56बहुत आया। पर उसने खुद को संभालते हुए
  4580. 3:36:58कहा।
  4581. 3:37:00शायद आपकी कंपनी बहुत बड़ी है। इसीलिए आप
  4582. 3:37:03छोटी कंपनियों को नहीं जानते।
  4583. 3:37:06उसके स्वर में हल्का व्यंग था। पर विजय को
  4584. 3:37:08लगा कि वह उसकी तारीफ कर रही है। इसीलिए
  4585. 3:37:11विजय ने शिप्रा से बात करने का बहाना
  4586. 3:37:14ढूंढते हुए कहा, शिप्रा जी आपने तो जरूर
  4587. 3:37:17मेरी कंपनी के बारे में सुना होगा। शिप्रा
  4588. 3:37:20दीवान इंडस्ट्रीज के बारे में जानती थी।
  4589. 3:37:22पर वो विजय के बढ़-चढ़कर बोलने के अंदाज
  4590. 3:37:25से परेशान थी। इसीलिए उसने शांत स्वर में
  4591. 3:37:27कहा।
  4592. 3:37:29शायद आपने अपनी कंपनी को अपने मन में कुछ
  4593. 3:37:31ज्यादा ही हाइप दे रखा है। इसीलिए आप इस
  4594. 3:37:34तरह से बोल रहे हैं। मैंने भी आपकी कंपनी
  4595. 3:37:37के बारे में आज तक कुछ सुना नहीं है। क्या
  4596. 3:37:41कहा? आप दीवान इंडस्ट्रीज के बारे में
  4597. 3:37:43नहीं जानती। क्या सच में आप इसी शहर की
  4598. 3:37:46हैं? इस शहर में दीवान टेक्सटाइल्स के
  4599. 3:37:49बारे में कौन नहीं जानता?
  4600. 3:37:52विजय ने जानबूझकर टेक्सटाइल्स पर जोर दिया
  4601. 3:37:55क्योंकि मार्केट में उसकी कंपनी का बड़ा
  4602. 3:37:57नाम था। लेकिन शिप्रा ने भावहीन चेहरे के
  4603. 3:38:01साथ कहा
  4604. 3:38:03मैं तो इस शहर के टेक्सटाइल मार्केट की
  4605. 3:38:05बात करूं तो एक ही कंपनी को जानती हूं
  4606. 3:38:08जिसका नाम है रॉयल टेक्सटाइल।
  4607. 3:38:11शिप्रा की इस बात को सुनकर विजय का सब्र
  4608. 3:38:14जवाब दे गया। वो अधीर होकर बोला, "मैंता
  4609. 3:38:17हूं कि रॉयल टेक्सटाइल बड़ा नाम है। पर आप
  4610. 3:38:20दीवान टेक्सटाइल को इग्नोर कैसे कर सकती
  4611. 3:38:22हैं। अगर रॉयल टेक्सटाइल नंबर वन है तो
  4612. 3:38:26दूसरे नंबर पर दीवान टेक्सटाइल ही है।
  4613. 3:38:28होगी। पर मैं नहीं जानती तो उसमें मैं
  4614. 3:38:31क्या कर सकती हूं। शिप्रा ने भी ठान लिया
  4615. 3:38:34था कि इस आदमी की अकड़ तोड़कर ही रहेगी।
  4616. 3:38:37वहीं शौर्य एक तरफ खड़ा शिप्रा के तेवर को
  4617. 3:38:40देख रहा था। उसे अपनी पत्नी पर गर्व भी हो
  4618. 3:38:43रहा था और दुख भी कि वह एक दूसरे के कितने
  4619. 3:38:46करीब होकर भी कितने दूर थे। शिप्रा ने
  4620. 3:38:49विजय दीवान के घमंड को अपने तीखे शब्दों
  4621. 3:38:51के वार से चूरचूर कर दिया था। वो छुपा रही
  4622. 3:38:55थी लेकिन उसके तेवर यह दिखा रहे थे कि
  4623. 3:38:57अभी-अभी जो उसके सामने गिफ्ट सेरेमनी हुई
  4624. 3:39:00उससे उसका गुस्सा अब फट रहा है। विजय
  4625. 3:39:03दीवान की हर बात के जवाब में एकदम सटीक
  4626. 3:39:06तर्क देकर शिप्रा ने उसे आईना दिखा दिया
  4627. 3:39:08कि असली क्लास और शो ऑफ में क्या फर्क
  4628. 3:39:12होता है? सरेआम अपनी बेइज्जती होते देख
  4629. 3:39:15विजय अपने चेहरे पर जबरदस्ती की हंसी लाता
  4630. 3:39:18हुआ शिप्रा से बोला तुम मजाक कर रही हो।
  4631. 3:39:21सचमुच मजाक कर रही हो ना? नहीं तो तुम ऐसी
  4632. 3:39:24बात नहीं कहती। लेकिन शिप्रा गंभीर थी।
  4633. 3:39:28उसने भावहीन चेहरे के साथ जवाब दिया। ना
  4634. 3:39:31मैं तुम्हें पहले से जानती हूं ना तुम
  4635. 3:39:34मेरे दोस्त हो। तो मैं तुमसे मजाक क्यों
  4636. 3:39:36करूंगी?
  4637. 3:39:38तभी रुचि भी विजय से मजे लेते हुए बोली।
  4638. 3:39:42अब और भी कुछ बाकी रह गया है अपनी भद
  4639. 3:39:44पिटवाने को। विजय के पास कहने को कुछ बचा
  4640. 3:39:47नहीं था। तो वो चेहरे पर हार मानने वाले
  4641. 3:39:49भाव लाते हुए बोला
  4642. 3:39:52लगता है तुम सब मिलकर मेरा मजाक बना रही
  4643. 3:39:54हो। तभी रुचि ने समझाने वाले भाव से कहा
  4644. 3:39:58अरे तो तुम ऐसी बातें ही क्यों करते हो?
  4645. 3:40:00इतना शो ऑफ करने की क्या जरूरत है
  4646. 3:40:02तुम्हें? जरूरी तो नहीं कि सब कुछ
  4647. 3:40:05तुम्हारे हिसाब से ही कंट्रोल हो।
  4648. 3:40:08विजय को जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो उसने
  4649. 3:40:11गंदी सी स्माइल के साथ कहा। यार मैं तो
  4650. 3:40:14चाहता था कि तुम्हारे दोस्त मुझे जाने। बस
  4651. 3:40:16उसके लिए ही अपने बारे में बता रहा था।
  4652. 3:40:20बता लिया कोई फायदा हुआ? यहां सब मेरी
  4653. 3:40:23बर्थडे पार्टी को एंजॉय करने आए हैं और
  4654. 3:40:25तुम सबको अपनी हैसियत दिखाने लगे।
  4655. 3:40:28तुम्हारी बटरिंग वो लोग करेंगे जिन्हें
  4656. 3:40:30तुमसे काम लेना होगा। वो नहीं जिन्हें पता
  4657. 3:40:33है कि वे तुमसे आज के बाद दोबारा मिलेंगे
  4658. 3:40:36भी या नहीं।
  4659. 3:40:38रुचि का लहजा अभी भी शिकायती था।
  4660. 3:40:42यहां सभी लोग वेल टू डू फैमिली से हैं।
  4661. 3:40:44इन्हें तुम्हारी फैमिली स्टेटस से कोई
  4662. 3:40:46फर्क नहीं पड़ने वाला।
  4663. 3:40:49रुचि की बात सुनकर मेघना और शिप्रा के
  4664. 3:40:51चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई। मेघना विजय
  4665. 3:40:54को देखती हुई बोली
  4666. 3:40:56लगता है मिस्टर दीवान को तुम्हारी बात समझ
  4667. 3:40:59में आ गई। दूसरी तरफ मेनका दूर से ही इन
  4668. 3:41:03सबको देख रही थी। उसने शिप्रा को शौर्य के
  4669. 3:41:06पास देख लिया था। इसीलिए वह शौर्य के पास
  4670. 3:41:08नहीं आई।
  4671. 3:41:11वहीं विजय का चेहरा सफेद पड़ चुका था।
  4672. 3:41:14मेघना और शिप्रा की मुस्कुराहट उसे काट
  4673. 3:41:16रही थी। तभी देवव्रत मल्होत्रा वहां आए।
  4674. 3:41:19उनके चेहरे पर एक अजीब सी गंभीरता थी।
  4675. 3:41:22रुचि ने मेघना और शिप्रा से अपने पापा को
  4676. 3:41:25मिलवाया। अभिवादन के बाद देवव्रत
  4677. 3:41:27मल्होत्रा ने शौर्य से कहा। मिस्टर श्रवण
  4678. 3:41:30क्या आप थोड़ी देर के लिए हमारे साथ
  4679. 3:41:32आएंगे? देवव्रत मल्होत्रा ने इतने
  4680. 3:41:34रिस्पेक्ट के साथ शौर्य से पूछा कि शौर्य
  4681. 3:41:37को थोड़ी शर्मिंदगीगी महसूस हुई और उसने
  4682. 3:41:39खुद को संभालते हुए कहा यह आप कैसी बात कर
  4683. 3:41:42रहे हैं अंकल यह भी कोई पूछने की बात है
  4684. 3:41:45चलिए
  4685. 3:41:47शौर्य का जवाब सुनकर देवव्रत मल्होत्रा उस
  4686. 3:41:49ग्रुप से बोले तुम लोग एंजॉय करो मैं
  4687. 3:41:52थोड़ी देर के लिए श्रवण को अपने साथ ले जा
  4688. 3:41:55रहा हूं। इसके बाद दोनों एक तरफ को बढ़
  4689. 3:41:58गए। शिप्रा इस बात से हैरान थी कि रुचि के
  4690. 3:42:01पापा श्रवण से इतने रिस्पेक्ट से क्यों
  4691. 3:42:03बात कर रहे थे। इन कुछ ही दिनों में श्रवण
  4692. 3:42:06का व्यक्तित्व कितना चेंज हो गया है। आखिर
  4693. 3:42:09ऐसा क्या काम करने लगा है यह? मेघना को भी
  4694. 3:42:13शौर्य का व्यक्तित्व कुछ रहस्यमई जान पड़
  4695. 3:42:15रहा था। विजय दीवान भी इस बात से हैरान था
  4696. 3:42:19कि आखिर देवव्रत अंकल शौर्य को अपने साथ
  4697. 3:42:21अलग लेकर क्यों गए? खैर देवव्रत मल्होत्रा
  4698. 3:42:25शौर्य को अपने साथ लेकर उस पार्टी हॉल से
  4699. 3:42:27बाहर निकल गए। मल्होत्रा साहब शौर्य को
  4700. 3:42:30लेकर होटल के गुप्त कमरे में पहुंचे। वहां
  4701. 3:42:33का माहौल तनाव से भरा था। सामने तीन लोग
  4702. 3:42:37बैठे थे। रॉबीली मूछों वाला गिरिराज
  4703. 3:42:40सोलंकी। उसकी खूबसूरत लेकिन खतरनाक बेटी
  4704. 3:42:43श्रव्या सोलंकी और कोने में बैठा छगन।
  4705. 3:42:47शौर्य की नजर छगन से टकराई। पर दोनों ने
  4706. 3:42:50अजनबियों वाला नाटक जारी रखा। गिरिराज
  4707. 3:42:54सोलंकी ने शौर्य को सिर से पैर तक देखा।
  4708. 3:42:57छगन को यहां देखकर शौर्य को आश्चर्य हुआ
  4709. 3:43:00कि यह यहां क्या कर रहा है? पर जब छगन ने
  4710. 3:43:03उसे पहचानने की कोशिश नहीं की तो शौर्य ने
  4711. 3:43:05भी इस बात को इग्नोर किया। शौर्य ने छगन
  4712. 3:43:09के अलावा दोनों लोगों को गौर से देखा।
  4713. 3:43:12गिरिराज सोलंकी की रॉबीली मूछें उसके
  4714. 3:43:14प्रभावशाली व्यक्तित्व की गवाही दे रही
  4715. 3:43:17थी। उसके साथ जो लड़की थी श्रव्या सोलंकी
  4716. 3:43:20वो टाइट फिट जींस और लेदर की जैकेट में
  4717. 3:43:23अपनी खूबसूरती से अलग ही छटा बिखेर रही
  4718. 3:43:25थी। गिरिराज सोलंकी ने देवव्रत मल्होत्रा
  4719. 3:43:29को बैठने का इशारा किया तो देवव्रत
  4720. 3:43:31मल्होत्रा शौर्य के साथ एक सोफे पर बैठ
  4721. 3:43:34गए। शौर्य को अभी तक समझ नहीं आया कि यह
  4722. 3:43:37मामला क्या है। पर वो छगन को देखकर समझ
  4723. 3:43:40गया कि मामला इतना सीधा तो नहीं ही होगा।
  4724. 3:43:43पर शौर्य खामोश रहा। पहले वह जानना चाहता
  4725. 3:43:46था कि मामला क्या है। उसे पता था जब उसे
  4726. 3:43:50यहां लाया गया है तो यह लोग खुद ही बता
  4727. 3:43:52देंगे कि क्या बात है। तो यही है वो लड़का
  4728. 3:43:57जिसके कारण मेरे भैया आज जेल में हैं।
  4729. 3:44:01रॉबेली मूछों वाला गिरिराज देवव्रत
  4730. 3:44:04मल्होत्रा से बोला तो उसने उसकी बात पर
  4731. 3:44:06ध्यान दिए बिना शौर्य से कहा।
  4732. 3:44:09यह गिरिराज सोलंकी हैं और यह लड़की
  4733. 3:44:12गिरिराज सोलंकी की बेटी श्रव्या सोलंकी और
  4734. 3:44:15इससे तो तुम पहले भी मिल चुके हो। छगन
  4735. 3:44:19तो क्या आपने मुझे यहां इन तीनों से परिचय
  4736. 3:44:21कराने के लिए बुलाया है? शौर्य ने देवत
  4737. 3:44:24मल्होत्रा से पूछा तो जवाब में छगन बोल
  4738. 3:44:27पड़ा। श्रवण जी ऐसा है कि गिरिराज सर आपसे
  4739. 3:44:32समझौता करना चाहते हैं। इनका कहना है कि
  4740. 3:44:35जो हो गया उसको यहीं छोड़कर बात को आगे
  4741. 3:44:38बढ़ने से पहले यहीं खत्म कर दिया जाए। अगर
  4742. 3:44:42मामला आगे गया तो यह किसी के भी हक में
  4743. 3:44:44नहीं होगा।
  4744. 3:44:46शौर्य ने यह बात सुनी लेकिन वह अनजान बनने
  4745. 3:44:49की कोशिश करता हुआ बोला।
  4746. 3:44:52ठीक है। अगर ऐसी बात है भी तो इसमें मेरा
  4747. 3:44:55क्या काम? मुझे यहां क्यों बुलाया है? इस
  4748. 3:44:59पर श्रव्या सोलंकी तीखे स्वर में बोली,
  4749. 3:45:03तुम्हें हमने नहीं बुलाया। तुम्हें तो यह
  4750. 3:45:06देवव्रत जी यहां ले आए हैं।
  4751. 3:45:10शौर्य ने श्रव्या सोलंकी की बात सुनकर
  4752. 3:45:12उसकी तरफ गौर से देखा। गुस्से से उसका
  4753. 3:45:15चेहरा तमतमा रहा था। उसके गुस्से से लाल
  4754. 3:45:18चेहरे को देखकर शौर्य के चेहरे पर स्माइल
  4755. 3:45:20आ गई।
  4756. 3:45:23श्रवण बेटे यह लोग कई दिनों से हम पर केस
  4757. 3:45:26वापस लेने के लिए दबाव बना रहे थे और आज
  4758. 3:45:29अचानक यहां आ गए। तुम यहां थे इसीलिए मैं
  4759. 3:45:33तुम्हें यहां अपने साथ ले आया। देवव्रत
  4760. 3:45:36मल्होत्रा ने शौर्य को असलियत बताई। तभी
  4761. 3:45:38शौर्य ने मल्होत्रा साहब से पूछा। ठीक है।
  4762. 3:45:41तो बताइए आपने क्या सोचा है? सच कहूं तो
  4763. 3:45:45मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या करूं?
  4764. 3:45:48मल्होत्रा साहब ने अपनी बेबसी बयां की तो
  4765. 3:45:51शौर्य ने गिरिराज सोलंकी की तरफ इशारा
  4766. 3:45:54करते हुए कहा तो ठीक है ना इन्हीं से पूछ
  4767. 3:45:57लीजिए कि यह क्या चाहते हैं देवव्रत
  4768. 3:46:01मल्होत्रा की हिम्मत नहीं हुई कि वो अपनी
  4769. 3:46:03तरफ से कुछ पूछे पर जब गिरिराज सोलंकी
  4770. 3:46:06शौर्य के भाव को समझ गए तो उन्होंने अपने
  4771. 3:46:09गले को खंखार कर कहा
  4772. 3:46:12यह इतना मुश्किल नहीं है इन्हें बस थाने
  4773. 3:46:16जाकर सिंपल तरीके से अपनी कंप्लेंट वापस
  4774. 3:46:19लेनी है।
  4775. 3:46:21पर यह ऐसा किस खुशी में करेंगे? शौर्य ने
  4776. 3:46:24बेपरवाही से पूछा
  4777. 3:46:27क्योंकि यह हमारी दुश्मनी झेल नहीं
  4778. 3:46:29पाएंगे। इसीलिए इनके लिए यही अच्छा है कि
  4779. 3:46:33यह अपनी कंप्लेंट वापस ले लें तो मामला
  4780. 3:46:36यहीं खत्म हो जाएगा।
  4781. 3:46:39गिरिराज सोलंकी एक-एक शब्द पर जोर देता
  4782. 3:46:42हुआ बोला। शौर्य ने मल्होत्रा साहब की तरफ
  4783. 3:46:44देखा और फिर पलट कर सोलंकी की आंखों में
  4784. 3:46:47आंखें डाल दी। आपने तो कहा था अंकल कि यह
  4785. 3:46:50समझौता करने आए हैं। पर मुझे तो कहीं नहीं
  4786. 3:46:53लग रहा कि यह भाषा समझौते वाली है। यह तो
  4787. 3:46:56साफ-साफ मुझे धमकी जैसा लग रहा है।
  4788. 3:47:00मल्होत्रा साहब की भय से भरी निगाहें
  4789. 3:47:02गिरिराज सोलंकी की तरफ घूम गई। गिरिराज
  4790. 3:47:05सोलंकी हुर्राता हुआ बोला। तो तुम क्या
  4791. 3:47:09चाहते हो कि मैं इस मल्होत्रा के पैरों
  4792. 3:47:12में गिरकर केस वापस लेने के लिए
  4793. 3:47:14गिड़गिड़ाऊं?
  4794. 3:47:16हां, मैं यही चाहता हूं कि आप अपने भाई के
  4795. 3:47:19किए गुनाह की माफी मांगे। तब हो सकता है
  4796. 3:47:22कि अंकल आपकी बात पर विचार कर लें।
  4797. 3:47:26शौर्य ने कहा तो जवाब में गिरिराज सोलंकी
  4798. 3:47:28भड़कता हुआ बोला। लड़के तुम्हारी जुबान
  4799. 3:47:32कुछ ज्यादा ही चल रही है। तुम्हें नहीं
  4800. 3:47:35पता कि तुम सांप के बिल में हाथ डाल रहे
  4801. 3:47:37हो।
  4802. 3:47:39छगन बेबसी से गिरिराज सोलंकी को देख रहा
  4803. 3:47:42था। वो चाहता था कि वो उनको सचेत करे। पर
  4804. 3:47:46उससे पहले ही शौर्य लापरवाही से बोला।
  4805. 3:47:49मैं अगर सांप के बिल में हाथ डालता हूं तो
  4806. 3:47:52उसके फन को कुचलना भी जानता हूं। और हां
  4807. 3:47:55आपकी यह धमकी देवव्रत अंकल के लिए तो ठीक
  4808. 3:47:58है। पर मुझ पर आजमाने की कोशिश भी मत
  4809. 3:48:01करना। नहीं तो मुझे सांप के दांत भी
  4810. 3:48:03तोड़ने आते हैं। शौर्य की बात सुनकर
  4811. 3:48:06गिरिराज सोलंकी आवेश में आ गया। शुक्र
  4812. 3:48:10मनाओ कि मेरे भाई साहब अभी जेल में हैं।
  4813. 3:48:13नहीं तो तुम कहां गायब हो जाते पता भी
  4814. 3:48:16नहीं चलता।
  4815. 3:48:18शौर्य भी अब अपने पूरे जोश में आ गया था।
  4816. 3:48:21उसने भी धमकी भरे अंदाज में बोला।
  4817. 3:48:24पता तो है ना कि जिसके कारण आपके भाई साहब
  4818. 3:48:26जेल में हैं वो मैं ही हूं। आपकी या आपके
  4819. 3:48:30भाई साहब की हैसियत नहीं है कि मुझे एक
  4820. 3:48:33उंगली भी लगा सके।
  4821. 3:48:35इतने में बहुत देर से खामोश बैठी श्रव्या
  4822. 3:48:38सोलंकी अचानक भावहीन स्वर में बोली। क्या
  4823. 3:48:41चाहते हो तुम? ऐसा क्या करें कि तुम यह
  4824. 3:48:45केस वापस ले लो। इसके जवाब में शौर्य भी
  4825. 3:48:49अपेक्षाकृत शांत स्वर में बोला।
  4826. 3:48:52सिंपल है। तुम्हें अपने पापा के किए पापों
  4827. 3:48:55के लिए मल्होत्रा अंकल से माफी मांगनी
  4828. 3:48:57चाहिए। [संगीत] शायद तब वो विचार करें कि
  4829. 3:49:00उन्हें केस वापस लेना चाहिए या नहीं। इस
  4830. 3:49:03पर श्रव्या ने दोबारा सवाल किया और अगर
  4831. 3:49:06माफी नहीं मांगनी हो तो?
  4832. 3:49:10अब शौर्य श्रव्या की बात सुनकर थोड़ा सचेत
  4833. 3:49:12हो गया कि यह लड़की चाहती क्या है?
  4834. 3:49:16तुम्हारा इरादा क्या है? तुम कहना क्या
  4835. 3:49:18चाहती हो? शौर्य के सवाल पर श्रव्या ने
  4836. 3:49:21अपना भावहीन रवैया बरकरार रखा और बोली
  4837. 3:49:25मैंने ऐसी भाषा नहीं बोली है जो तुम्हें
  4838. 3:49:28समझ नहीं आए ठीक से शौर्य को समझ नहीं आया
  4839. 3:49:32कि अब वो क्या बोले उसे लगा वो उस लड़की
  4840. 3:49:35की बातों में फंस गया पर उसे उसके सामने
  4841. 3:49:38ऑप्शन तो देना था जब उसे कुछ समझ नहीं आया
  4842. 3:49:41तो वो बोला
  4843. 3:49:43जैसे तुम्हारे पापा ने रुचि को बंधक बना
  4844. 3:49:45लिया था वैसे ही तुम्हें भी 2 दिन के लिए
  4845. 3:49:48बंधक बनकर रहना पड़ेगा पड़ेगा। लेकिन उस
  4846. 3:49:50तरह नहीं जैसे तुम्हारे पापा ने रुचि को
  4847. 3:49:53बनाकर रखा था। क्योंकि हम लोग तुम्हारे
  4848. 3:49:56पापा की तरह तो है नहीं कि किसी को बंधक
  4849. 3:49:58बनाए। इसीलिए तुम्हें बस दो दिनों तक मेरा
  4850. 3:50:01ड्राइवर बनकर रहना पड़ेगा। बोलो। तुम्हें
  4851. 3:50:05ये शर्त मंजूर है? शौर्य ने जानबूझकर ऐसी
  4852. 3:50:08कंडीशन रखी कि वो किसी भी सूरत में इसे
  4853. 3:50:11मंजूर नहीं करेगी। उसकी बात सुनकर गिरिराज
  4854. 3:50:14सोलंकी आग की तरह भड़कते हुए बोला।
  4855. 3:50:18तुम्हारी इतनी हिम्मत कि तुम हमारी बेटी
  4856. 3:50:21को ड्राइवर बनाओगे। लगता है कि तुम्हें
  4857. 3:50:24अपनी जिंदगी से प्यार नहीं रहा है। आप
  4858. 3:50:27गुस्सा क्यों हो रहे हो अंकल? मैं कोई
  4859. 3:50:29जबरदस्ती तो कर नहीं रहा जो आप यूं आग
  4860. 3:50:32बबूला हो रहे हो। मैंने तो अपनी कंडीशन
  4861. 3:50:34बता दी। मानना या ना मानना आपकी मर्जी है।
  4862. 3:50:39शौर्य ने लापरवाही से कहा। फिर कुछ ध्यान
  4863. 3:50:42में आने पर वो देवव्रत मल्होत्रा की तरफ
  4864. 3:50:44देखकर बोला मल्होत्रा अंकल मैंने आपसे
  4865. 3:50:47बिना पूछे यह दो कंडीशन रख दी है। अगर
  4866. 3:50:50आपके दिमाग में कुछ और है तो बता दीजिए।
  4867. 3:50:53मैं अभी भी अपनी कंडीशन बदल सकता हूं।
  4868. 3:50:56देवव्रत मल्होत्रा को समझ नहीं आया कि अब
  4869. 3:50:58वो क्या बोले। अगर शौर्य यहां नहीं होता
  4870. 3:51:01तो वह बहुत पहले ही गिरिराज सोलंकी की हर
  4871. 3:51:04बात मान गए होते। पर शौर्य ने उन्हें अपनी
  4872. 3:51:07शर्तों पर झुकने को मजबूर कर दिया था। तो
  4873. 3:51:10वह क्या ही बोल सकते थे। वैसे उन्हें पता
  4874. 3:51:13था कि शौर्य ने ऐसी कंडीशन रख दी है कि वह
  4875. 3:51:16मानने लायक ही नहीं थे। अभी देवव्रत
  4876. 3:51:18मल्होत्रा यह सब सोच ही रहे थे कि तभी
  4877. 3:51:21श्रव्या बोल पड़ी।
  4878. 3:51:24मुझे तुम्हारी शर्त मंजूर है। क्या? शौर्य
  4879. 3:51:29का मुंह खुला का खुला रह गया। उसे उम्मीद
  4880. 3:51:32नहीं थी कि उसे श्रव्या का इस तरह का जवाब
  4881. 3:51:34सुनने को मिलेगा। कुछ सोचने पर उसे समझ
  4882. 3:51:38नहीं आया कि श्रव्या किस कंडीशन के लिए
  4883. 3:51:40तैयार है। उसे यही लगा कि शायद वो देवव्रत
  4884. 3:51:43मल्होत्रा से [संगीत] माफी मांगने को
  4885. 3:51:45तैयार हो गई है। इसीलिए उसने श्रव्या से
  4886. 3:51:48स्पष्ट शब्दों में कहा तो ठीक है। टेको
  4887. 3:51:51घुटने और माफी मांग लो।
  4888. 3:51:54मैंने यह कब कहा कि मैं माफी मांगने के
  4889. 3:51:57लिए तैयार हूं। मैं तुम्हारी दूसरी कंडीशन
  4890. 3:52:00के लिए तैयार हूं।
  4891. 3:52:03श्रव्या ने फिर उसी भावहीन स्वर में कहा
  4892. 3:52:05तो शौर्य को झटका सा लगा और वह आश्चर्य से
  4893. 3:52:08बोला
  4894. 3:52:10क्या मतलब? मैंने कहा मैं तुम्हारी शर्त
  4895. 3:52:13मानने को तैयार हूं। मैं दो दिनों तक
  4896. 3:52:16ड्राइवर बनकर रहने को तैयार हूं। पर
  4897. 3:52:18तुम्हें भी अब बिना किसी इफ एंड बट के
  4898. 3:52:21अपना केस वापस लेना पड़ेगा।
  4899. 3:52:24श्रव्या अपने इरादे को पक्का करते हुए
  4900. 3:52:26बोली शौर्य ने सोचा अजीब है कैसी लड़की है
  4901. 3:52:32इसे ड्राइवर बनकर रहना मंजूर है पर माफी
  4902. 3:52:35नहीं मांगेगी सच कहते हैं रईसों की पार्टी
  4903. 3:52:38पार्टी कम और प्रतियोगिता ज्यादा लगती है।
  4904. 3:52:41मेहमान हो या मेजबान हर कोई खुद को बड़ा
  4905. 3:52:44और दूसरे को छोटा साबित करने में कोई कसर
  4906. 3:52:47नहीं छोड़ता है। रुचि की पार्टी में यही
  4907. 3:52:50होड़ चल रही थी। लेकिन होटल के एक कमरे
  4908. 3:52:53में सोलंकी खानदान और शौर्य के बीच एक अलग
  4909. 3:52:56ही डील चल रही थी। एक ऐसी डील जिसे फाइनल
  4910. 3:52:59करने के बाद डील में शामिल दोनों
  4911. 3:53:01पार्टियां हैरान रह गई। क्योंकि शौर्य की
  4912. 3:53:04शर्त ने श्रव्या को चौंका दिया था। लेकिन
  4913. 3:53:07जैसे ही श्रव्या ने उसे मंजूर किया, शौर्य
  4914. 3:53:10खुद चौंक गया। शौर्य ने सोलंकी खानदान की
  4915. 3:53:13शहजादी को ड्राइवर बनने पर मजबूर कर दिया।
  4916. 3:53:16यह सोलंकी खानदान के लिए बहुत बड़ी चोट
  4917. 3:53:19थी।
  4918. 3:53:19[संगीत]
  4919. 3:53:19देवव्रत मल्होत्रा भी श्रव्या के मुंह से
  4920. 3:53:22शर्त मंजूर है। सुनकर हैरान रह गए।
  4921. 3:53:26उन्होंने आगे बढ़कर कहा,
  4922. 3:53:30ठीक है, मैं केस वापस ले लूंगा। लेकिन
  4923. 3:53:33आपको यह कमिट करना पड़ेगा कि आगे चलकर
  4924. 3:53:36आपके परिवार से कोई भी हमारे खिलाफ किसी
  4925. 3:53:38तरह का एक्शन नहीं लेगा।
  4926. 3:53:41श्रव्या ने सब सुना। फिर शांत स्वर में
  4927. 3:53:43जवाब दिया।
  4928. 3:53:45ठीक है। ऐसा ही होगा। तभी शौर्य हल्की
  4929. 3:53:49मुस्कान के साथ बोला, लीजिए मल्होत्रा
  4930. 3:53:52साहब, अब दो दिन के लिए आप अपने ड्राइवर
  4931. 3:53:55को छुट्टी दे दीजिए। अब से दो दिनों तक यह
  4932. 3:53:58मैडम आपकी सेवा में रहेंगी।
  4933. 3:54:00देवव्रत मल्होत्रा थोड़ा मुस्कुराए और
  4934. 3:54:03तुरंत बोले, अरे बेटा, मुझे कहां कहीं आना
  4935. 3:54:06जाना होता है। अब तुम यह कंडीशन मिस
  4936. 3:54:09श्रव्य से पूरी करवाना।
  4937. 3:54:12शौर्य के लिए अब यह दांव उल्टा पड़ गया
  4938. 3:54:14था। उसने यह शर्त सिर्फ इसीलिए रखी थी कि
  4939. 3:54:18श्रव्या मानेगी नहीं। लेकिन वो तो बिना
  4940. 3:54:20झिझक मान गई। अब वो पीछे भी नहीं हट सकता
  4941. 3:54:23था। उसने खुद को संभालते हुए कहा।
  4942. 3:54:27ठीक है तुम इस शर्त को पूरा करो और
  4943. 3:54:30मल्होत्रा अंकल केस वापस ले लेंगे। इतना
  4944. 3:54:33कहकर वो खड़ा हो गया। श्रव्या भी [संगीत]
  4945. 3:54:35उठते हुए बोली। तो मुझे कहां आना होगा? इस
  4946. 3:54:39पर गिरिराज सोलंकी तुरंत बीच में बोले।
  4947. 3:54:42अरे बेटी तुम इसकी बातों में मत आओ। मैं
  4948. 3:54:46देख लूंगा कैसे भैया को बाहर निकालना है।
  4949. 3:54:49श्रव्या ने अंकल को ठंडे स्वर में जवाब
  4950. 3:54:52दिया। अब आपको कुछ करने की जरूरत नहीं है
  4951. 3:54:54अंकल। मैं इसकी शर्त पूरी करूंगी और अगर
  4952. 3:54:58इसके बाद भी इन्होंने केस वापस नहीं लिया
  4953. 3:55:00तो आप जो चाहे कर सकते हैं। तभी शौर्य ने
  4954. 3:55:04लापरवाही से कहा तो फिर मॉडल टाउन कोठी
  4955. 3:55:08नंबर सात। यही तुम्हारा नया वर्क एड्रेस
  4956. 3:55:11है। अब आप लोग जा सकते हैं। श्रव्या बिना
  4957. 3:55:15कुछ बोले अपने अंकल और छगन के साथ वहां से
  4958. 3:55:18निकल गई। सबके जाने के बाद देवव्रत
  4959. 3:55:20मल्होत्रा ने शौर्य का हाथ थाम लिया। उनकी
  4960. 3:55:24आंखों में आभार था। धन्यवाद बेटे। तुमने
  4961. 3:55:28हालात संभाल लिए। नहीं तो यह लोग मेरे बस
  4962. 3:55:30के बाहर थे। इस पर शौर्य ने शांत स्वर में
  4963. 3:55:33कहा। आप दो दिन बाद केस वापस ले लीजिएगा।
  4964. 3:55:37उसके बाद शायद यह लोग आपको परेशान नहीं
  4965. 3:55:39करेंगे।
  4966. 3:55:42यह [संगीत] सुनकर मल्होत्रा जी ने राहत की
  4967. 3:55:44सांस ली और बोले चलो बाहर चलते हैं। शायद
  4968. 3:55:48रुचि ने केक काट दिया होगा। शौर्य जब वापस
  4969. 3:55:51पार्टी हॉल में पहुंचा तो उसने देखा कि
  4970. 3:55:53शिप्रा और मेघना के पास [संगीत] विजय
  4971. 3:55:55दीवान अब भी अपनी शेखी बगार रहा है। शौर्य
  4972. 3:55:58सीधा मेनका के पास पहुंचा। रुचि मेहमानों
  4973. 3:56:01से मिल रही थी। जबकि मेनका किसी अधेड़
  4974. 3:56:04व्यक्ति से बात कर रही थी। शौर्य को देखते
  4975. 3:56:07ही मेनका ने पूछा। अरे कहां चले गए थे
  4976. 3:56:10तुम?
  4977. 3:56:11इस पर शौर्य ने पूरी बात बता दी। तो मेनका
  4978. 3:56:14हैरानी से बोली,
  4979. 3:56:16तुम्हें लगता है वो शहजादी अपनी बात पर
  4980. 3:56:19कायम रहेगी?
  4981. 3:56:20जवाब में शौर्य थोड़ा गंभीर होकर बोला,
  4982. 3:56:24पहले तो मुझे लगा था कि वो कभी नहीं
  4983. 3:56:25मानेगी। लेकिन अब सच कहूं तो उससे थोड़ा
  4984. 3:56:28डर लग रहा है। उसकी आंखों में कुछ ऐसा था
  4985. 3:56:31जैसे वो अपनी बात के लिए कुछ भी [संगीत]
  4986. 3:56:33कर सकती है। मैं तो बस यही चाहता हूं कि
  4987. 3:56:36मेरी सोच गलत निकले।
  4988. 3:56:38इस पर मेनका ने हल्के स्वर में कहा, चलो
  4989. 3:56:41यह तो कल पता चल ही जाएगा। फिर तुरंत उसने
  4990. 3:56:45विषय बदलते हुए पूछा और तुम्हारी वाइफ का
  4991. 3:56:48क्या रहा? और वो लड़की मेघना वो उसके साथ
  4992. 3:56:52कैसे?
  4993. 3:56:53इस पर शौर्य हल्का मुस्कुराया। यह तो मेरे
  4994. 3:56:56लिए भी सरप्राइज़ था। दरअसल वो दोनों
  4995. 3:56:59बहनें हैं। मेघना शिप्रा की मौसी की बेटी
  4996. 3:57:02है। मुझे भी आज ही पता चला। मेनका चौंक कर
  4997. 3:57:05बोली। तो फिर उसे तुम्हारे बारे में जानकर
  4998. 3:57:09शौक लगा होगा।
  4999. 3:57:11किस बात का शौक? अभी उसे पता ही नहीं कि
  5000. 3:57:14मैं और शिप्रा पतिपत्नी है। शौर्य ने
  5001. 3:57:18सहजता से कहा। अब हैरान होने की बारी
  5002. 3:57:21मेनका की थी। क्या? उसे यह तक नहीं पता।
  5003. 3:57:26जब शिप्रा ने ही नहीं बताया तो मुझे क्या
  5004. 3:57:28जरूरत थी बताने की? शौर्य ने हल्की
  5005. 3:57:31मुस्कान के साथ कहा तो मेन का सिर हिलाते
  5006. 3:57:34हुए बोली तुम दोनों का रिश्ता भी अजीब है।
  5007. 3:57:37कब तक ऐसे चलेगा?
  5008. 3:57:40दूर खड़ी शिप्रा उसी समय उनकी तरफ देख रही
  5009. 3:57:43थी। एक पल के लिए दोनों की नजरें मिली।
  5010. 3:57:46फिर मेनका ने नजर हटा ली। बातोंबातों में
  5011. 3:57:49ही शौर्य ने धीमे स्वर में कहा। शायद उसे
  5012. 3:57:52थोड़ा वक्त चाहिए। जब उस पर दूसरी शादी का
  5013. 3:57:56दबाव हटेगा तभी वह फैसला ले पाएगी।
  5014. 3:58:00इस पर मेनका ने सीधे उसकी आंखों में देखते
  5015. 3:58:02हुए पूछा और तब तक तुम ऐसे ही बीच में
  5016. 3:58:06अटके रहोगे।
  5017. 3:58:08जवाब में शौर्य ने कंधे उचकाए और बोला
  5018. 3:58:11मुझे फर्क नहीं पड़ता।
  5019. 3:58:13वो बोलते हुए एक पल रुका और फिर बोला वैसे
  5020. 3:58:17आज मुझसे गलती हो गई। क्या हो गया? मेनका
  5021. 3:58:22ने सवालिया नजरों से देखते हुए पूछा तो
  5022. 3:58:25शौर्य थोड़ा गंभीर होकर बोला। तुमने जो
  5023. 3:58:28डायमंड सेट मुझे शिप्रा के लिए दिया था,
  5024. 3:58:30शिप्रा ने वो मुझे वापस कर दिया था। मुझे
  5025. 3:58:33पता नहीं था कि वह भी इस पार्टी में आ
  5026. 3:58:35सकती है। इसीलिए मैं वही सेट रुचि के
  5027. 3:58:38बर्थडे गिफ्ट के रूप में ले आया। लेकिन
  5028. 3:58:40उसने मुझे [संगीत] वो सेट रुचि को देते
  5029. 3:58:42हुए देख लिया है। पता नहीं वो क्या
  5030. 3:58:44सोचेगी।
  5031. 3:58:46मेनका कुछ पल के लिए चुप हो गई। [संगीत]
  5032. 3:58:48उसके चेहरे पर हल्की चिंता झलकने लगी।
  5033. 3:58:52हम यह तो गड़बड़ हो गई।
  5034. 3:58:56वहीं दूसरी तरफ शिपरा मन ही मन श्रवण को
  5035. 3:58:59लेकर ही उलझी थी। वो सोच रही थी यह श्रवण
  5036. 3:59:03यहां क्यों है? और देवव्रत अंकल इसे इतनी
  5037. 3:59:06इज्जत के साथ अपने साथ क्यों ले गए? आखिर
  5038. 3:59:09यह है कौन?
  5039. 3:59:11उसकी नजर अनजाने में फिर शौर्य पर टिक गई।
  5040. 3:59:14उसने मन ही मन सोचा। कहीं यह सब मेनका की
  5041. 3:59:18वजह से तो नहीं। क्या मेनका की वजह से ही
  5042. 3:59:20इसके व्यक्तित्व में इतना बदलाव आया है?
  5043. 3:59:24यह सब सोचकर उसके दिल में हल्की जलन सी
  5044. 3:59:26उठी। [संगीत] तभी मेघना ने मुस्कुराते हुए
  5045. 3:59:29शिप्रा से कहा। क्या बात है मैडम? सब ठीक
  5046. 3:59:32तो है? मैंने नोटिस किया है। तुम श्रवण को
  5047. 3:59:36कुछ ज्यादा ही ध्यान से देख रही हो।
  5048. 3:59:38शिप्रा चौंक गई। क्या? नहीं तो? तभी मेघना
  5049. 3:59:43शरारती अंदाज में बोली। अगर पसंद आ रहा है
  5050. 3:59:46तो बताओ। मैं अभी जाकर बात कर लूं
  5051. 3:59:48तुम्हारे लिए।
  5052. 3:59:51शिप्रा ने तुरंत बात घुमाई। छोड़ो यह सब।
  5053. 3:59:54तुम उस लड़की को जानती हो जो उसके साथ
  5054. 3:59:56खड़ी [संगीत] है। मेघना ने तुरंत नजर घुमा
  5055. 3:59:59कर देखा। ओ वो वो मेनका है। होटल राजकमल
  5056. 4:00:04की मैनेजर। जैसा नाम वैसी ही खूबसूरती।
  5057. 4:00:08इस पर शिप्रा थोड़ी हैरानी से बोली।
  5058. 4:00:12तुम्हें आज ज्यादा समय नहीं हुआ। फिर भी
  5059. 4:00:14तुम यहां इतने लोगों को जानने लगी हो।
  5060. 4:00:17मेघना मुस्कुराई। अरे नहीं मैं तो होटल
  5061. 4:00:20राजकमल में ही ठहरी हुई थी। वहीं मिस
  5062. 4:00:22मेनका से मुलाकात हो गई थी। शिप्रा एक बार
  5063. 4:00:26फिर मेनका की तरफ देखने लगी। इस बार उसकी
  5064. 4:00:29नजरों [संगीत] में सिर्फ जिज्ञासा नहीं
  5065. 4:00:30थी। कुछ और भी था। शायद तुलना या हल्की
  5066. 4:00:34जलन। उसने मन ही मन सोचा। आखिर इस लड़की
  5067. 4:00:39में ऐसा क्या है?
  5068. 4:00:41वहीं मेघना को लगा कि उसे मेनका से मिलकर
  5069. 4:00:44कम से कम एक बार हाय हेलो तो करना ही
  5070. 4:00:46चाहिए। यह सोचकर उसने शिप्रा से कहा,
  5071. 4:00:51"चलो एक बार उससे मिलकर आते हैं।"
  5072. 4:00:54शिप्रा मना करना चाहती थी। पर तब तक मेघना
  5073. 4:00:57ने अपने कदम आगे बढ़ा दिए थे। इसीलिए
  5074. 4:01:00शिप्रा भी उसके पीछे होली।
  5075. 4:01:03मेघना मेनका के पास पहुंचकर बोली
  5076. 4:01:07हेलो मिस मेनका आपको यहां देखकर खुशी हुई
  5077. 4:01:10और कैसी हैं आप? मेनका मुस्कुरा कर बोली
  5078. 4:01:14मेघना जी आप मैं अच्छी हूं। आप बताइए आप
  5079. 4:01:16कैसी हैं? और कैसा लग रहा है यह शहर? मुझे
  5080. 4:01:20लगता है आप बहुत समय के बाद इस शहर में आई
  5081. 4:01:22हैं। हां, ऐसा ही है। पर अब कुछ समय यहां
  5082. 4:01:26रहने का इरादा है। मेघना बोली और इसके बाद
  5083. 4:01:29मेघना ने शिप्रा का परिचय मेनका से कराया।
  5084. 4:01:32इससे मिलिए। यह है मेरी कजिन शिप्रा।
  5085. 4:01:36हेलो। मेनका अभिवादन करती हुई बोली।
  5086. 4:01:41मुझे नहीं पता था कि आपसे यूं अचानक
  5087. 4:01:43मुलाकात हो जाएगी। मेघना ने खुश होकर कहा।
  5088. 4:01:47तभी वहां पर रुचि आ गई। उसने मेनका और
  5089. 4:01:50मेघना को बात करते देखा तो मेघना से बोली
  5090. 4:01:54मुझे नहीं पता था कि तुम मेनका को पहले से
  5091. 4:01:57जानती हो। रुचि की बात सुनकर मेघना ने कहा
  5092. 4:02:01ऐसा नहीं है। अभी दो दिनों पहले इनके होटल
  5093. 4:02:04में ठहरी थी तो वहीं इनसे मुलाकात हुई थी
  5094. 4:02:07और जान पहचान हो गई थी। यह बढ़िया है कि
  5095. 4:02:10सब एक दूसरे को जानते हैं। फिर वो शौर्य
  5096. 4:02:14की तरफ मुड़कर बोली श्रवण तुम्हें पापा
  5097. 4:02:17क्यों बुलाकर ले गए थे?
  5098. 4:02:19श्रवण ने रुचि की बात सुनी तो उसे समझ
  5099. 4:02:21नहीं आया कि वह इस बात का क्या जवाब दे
  5100. 4:02:24क्योंकि वह सबके सामने गिरिराज सोलंकी और
  5101. 4:02:27श्रव्या सोलंकी के बारे में बता नहीं सकता
  5102. 4:02:29था। इसीलिए उसने कहा ऐसी कोई खास बात नहीं
  5103. 4:02:33थी। [संगीत] बस वो मुझे अपने दोस्त से
  5104. 4:02:35मिलवाना चाहते थे। इसीलिए वो मुझे बुलाकर
  5105. 4:02:37ले गए थे। रुचि को भी समझ नहीं आया कि
  5106. 4:02:40उसके पापा का ऐसा कौन सा दोस्त है जिससे
  5107. 4:02:43मिलाने उसके पापा शौर्य को लेकर गए थे। पर
  5108. 4:02:46फिर उसने सोचा वो यह बात अपने पापा से ही
  5109. 4:02:49पूछ लेगी। जबकि शिप्रा जिसके कान शौर्य की
  5110. 4:02:53बातों की तरफ ही थे उसे भी समझ नहीं आया
  5111. 4:02:55कि आखिर रुचि के पापा श्रवण को अपने दोस्त
  5112. 4:02:58से क्यों मिलाना चाहते थे। जितना वो इस
  5113. 4:03:01बारे में सोच रही थी उतना वो उलझती जा रही
  5114. 4:03:04थी। अचानक ही श्रवण उसे मिस्टीरियस लगने
  5115. 4:03:08लगा था। रुचि ने देखा था कि सबने डिनर कर
  5116. 4:03:11लिया था। एक शौर्य ही था जिसने अभी डिनर
  5117. 4:03:14नहीं किया था। इसीलिए उसने शौर्य से कहा
  5118. 4:03:17चलो चलकर डिनर कर लेते हैं। शौर्य ने रुचि
  5119. 4:03:21की बात सुनी तो [संगीत] उसने पूछा
  5120. 4:03:24क्या तुमने भी अभी तक डिनर नहीं किया?
  5121. 4:03:28इस पर रुचि ने मुस्कुराते हुए कहा नहीं
  5122. 4:03:30अभी नहीं किया। चलो मैं भी तुम्हारे साथ
  5123. 4:03:32डिनर करूंगी।
  5124. 4:03:35शौर्य रुचि के साथ उस तरफ बढ़ गया जहां पर
  5125. 4:03:37खाने की मेज लगी हुई थी। शिप्रा सोचने को
  5126. 4:03:40मजबूर हो गई कि क्या शौर्य जानबूझकर उसे
  5127. 4:03:43इग्नोर कर रहा है। पर यह समय यह सब सोचने
  5128. 4:03:46का नहीं था। वहीं मेघना इस बात से हैरान
  5129. 4:03:50थी कि रुचि श्रवण को इतनी [संगीत] तरजीह
  5130. 4:03:52क्यों दे रही है। उसके लिए यह बात भी
  5131. 4:03:55हैरान करने वाली थी कि शौर्य का मेनका से
  5132. 4:03:58भी बहुत अच्छा रिलेशन है। जबकि मेनका का
  5133. 4:04:02स्टेटस बहुत बड़ा था और शौर्य का वर्क
  5134. 4:04:04प्रोफाइल उसके स्टेटस के आसपास भी नहीं
  5135. 4:04:07ठहरता।
  5136. 4:04:07[संगीत]
  5137. 4:04:08फिर इन दोनों के बीच इतनी घनिष्ठता कैसे
  5138. 4:04:10है? जब उससे रहा नहीं गया तो उसने अपने मन
  5139. 4:04:13में आ रही बात को मेनका से पूछ ही लिया।
  5140. 4:04:17तुम दोनों का वर्क कल्चर अलग है। फिर तुम
  5141. 4:04:20दोनों इतने करीब कैसे हो? क्या तुम पहले
  5142. 4:04:22से श्रवण को जानती हो? मेनका ने मेघना के
  5143. 4:04:25सवाल को सुना तो उसे समझ नहीं आया कि वो
  5144. 4:04:28उसे क्या जवाब दे। अगर शिप्रा उसके साथ
  5145. 4:04:31नहीं होती तो वह खुलकर मेघना के साथ बात
  5146. 4:04:34कर सकती थी। पर वो समझती थी कि शिप्रा
  5147. 4:04:36[संगीत] भी उसकी बात को ध्यान से सुनेगी।
  5148. 4:04:38इसीलिए उसने बहुत सोच समझ कर अपनी बात
  5149. 4:04:41कही।
  5150. 4:04:44यहां वर्क कल्चर की बात नहीं है। ऐसा होता
  5151. 4:04:46है ना कि किसी किसी की वाइब्स इतनी मैच
  5152. 4:04:48करती हैं कि अचानक ही उनके बीच क्लोजनेस आ
  5153. 4:04:51जाती है। हम दोनों एक काम के सिलसिले में
  5154. 4:04:54मिले थे। पर धीरे-धीरे हमारी वाइब्स मैच
  5155. 4:04:57करने लगी। जिससे हम दोनों का भरोसा एक
  5156. 4:04:59दूसरे पर बढ़ गया। फिर क्या था? हो गई
  5157. 4:05:02दोस्ती।
  5158. 4:05:03[संगीत]
  5159. 4:05:03क्या यह सिर्फ दोस्ती ही है या उससे
  5160. 4:05:05ज्यादा भी कुछ है? मेघना ने मेनका के दिल
  5161. 4:05:08को टटोलने के लिए यह बात [संगीत] कही थी।
  5162. 4:05:11पर मेनका ने जैसे एक बड़ा रहस्य उद्घाटन
  5163. 4:05:13कर दिया।
  5164. 4:05:15तुम कुछ ज्यादा ही सोच रही हो। ऐसा कुछ
  5165. 4:05:18नहीं है। हम बस अच्छे दोस्त हैं। वैसे भी
  5166. 4:05:21श्रवण पहले से ही शादीशुदा है। क्या कहा
  5167. 4:05:24तुमने? श्रवण शादीशुदा है। पर उसने ऐसा तो
  5168. 4:05:27जाहिर नहीं किया।
  5169. 4:05:29मेघना हैरान होकर बोली तो मेनका ने अपनी
  5170. 4:05:32बात स्पष्ट की।
  5171. 4:05:34क्या मतलब हुआ तुम्हारा? उसने जाहिर नहीं
  5172. 4:05:37किया। क्या वो गले में तख्ती टांग कर घूमे
  5173. 4:05:39कि मैं शादीशुदा हूं। अब वो सबसे यह तो
  5174. 4:05:42कहता नहीं फिरेगा ना। अगर तुम उससे पूछती
  5175. 4:05:45और फिर वो नहीं बताता तो समझ में आता।
  5176. 4:05:48मेघना को भी उसकी बात समझ में आई। उसने
  5177. 4:05:51सोचा बात तो सही है। [संगीत] श्रवण का यह
  5178. 4:05:54बताने का कोई तुक तो था नहीं कि वो
  5179. 4:05:56शादीशुदा है। यह सब तो उसने खुद ही सोच
  5180. 4:05:58लिया था। मेघना ने आगे पूछा तुम जानती हो
  5181. 4:06:02उसकी पत्नी को?
  5182. 4:06:05नहीं मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता और
  5183. 4:06:07मुझे जानने का कोई शौक भी नहीं था। यह
  5184. 4:06:09उसकी पर्सनल लाइफ है। हां, अगर मुझे पता
  5185. 4:06:12होता कि उसकी लाइफ में कोई नहीं है, तो
  5186. 4:06:14शायद हम और भी करीब हो सकते थे।
  5187. 4:06:17मेनका ने अपने विचार मेघना से छुपाए नहीं।
  5188. 4:06:20या शायद उसने जानबूझकर शिप्रा को सुनाने
  5189. 4:06:23के लिए यह बात कही थी। पर मेघना को यह बात
  5190. 4:06:26काफी दिलचस्प लगी और वो शौर्य को देखते
  5191. 4:06:29हुए मन ही मन बोली हम कुछ तो इंटरेस्टिंग
  5192. 4:06:33है इसमें।
  5193. 4:06:36शिप्रा सब सुन भी रही थी और लगातार शौर्य
  5194. 4:06:39को देख भी रही थी। बेबस और बेचैन। जिस तरह
  5195. 4:06:43शहर की सबसे खूबसूरत लड़कियां शौर्य के
  5196. 4:06:45चारों ओर मंडरा रही थी, उससे दो चीज बढ़
  5197. 4:06:48रही थी। एक शौर्य का कद और दूसरी शिप्रा
  5198. 4:06:51की धड़कन। शिप्रा की आंखों में हैरानी थी।
  5199. 4:06:54दिमाग में परेशानी और दिल के कोने में जलन
  5200. 4:06:57भी शुरू हो गई थी। शौर्य के मिस्टीरियस
  5201. 4:07:00अवतार की पहेली ने उसके दिमाग को झकझोर के
  5202. 4:07:03रख दिया था। उसके लिए शौर्य को समझना
  5203. 4:07:06नामुमकिन सा हो गया था। उधर उसकी बहन
  5204. 4:07:09मेघना भी शौर्य की जिंदगी को [संगीत]
  5205. 4:07:11खोद-खोद कर हार भी गई थी और उसने ईमानदारी
  5206. 4:07:14से मेनका के सामने इस बात को कबूल भी कर
  5207. 4:07:17लिया था।
  5208. 4:07:19जब मैं पहली बार श्रवण से मिली और उसके
  5209. 4:07:21काम के बारे में जाना तो मैंने उसे कोई
  5210. 4:07:24भाव नहीं दिया या यूं समझो कि मेरी नजर
  5211. 4:07:27में इसकी कोई अहमियत नहीं थी। पर कुछ ही
  5212. 4:07:29समय में मुझे अपने विचार बदलने पड़े या
  5213. 4:07:32यूं कहो मुझे अपने विचार बदलने के लिए
  5214. 4:07:35इसने मजबूर कर दिया।
  5215. 4:07:37मेघना की ईमानदारी पर मेनका हल्के से
  5216. 4:07:40मुस्कुराई और बोली। चलो यह बढ़िया बात है
  5217. 4:07:43कि तुम्हें सच्चाई को कबूल करने में कोई
  5218. 4:07:45दिक्कत नहीं है। मैं जानती हूं कि श्रवण
  5219. 4:07:48में कुछ तो खास है जो वो किसी को भी अपना
  5220. 4:07:51बना लेता है। मेनका दूर से ही शौर्य को
  5221. 4:07:55डिनर करते देख रही थी। वो बीच-बीच में
  5222. 4:07:58शिप्रा के चेहरे के बदलते भाव को भी पढ़
  5223. 4:08:00रही थी। तभी मेघना जो कि शौर्य के पास ही
  5224. 4:08:03डिनर कर रही थी। रुचि की ओर देखते हुए एक
  5225. 4:08:06बार फिर बोली।
  5226. 4:08:08चलो तुम्हारा तो ठीक है पर मुझे इसका नहीं
  5227. 4:08:12पता चल रहा है कि रुचि [संगीत] इसके अपने
  5228. 4:08:14करीब कैसे आ गई और मुझे तो ऐसा लगा जैसे
  5229. 4:08:17रुचि के पापा भी श्रवण को बहुत पसंद करते
  5230. 4:08:20हैं। इस पर मेनका फिर थोड़ी मुस्कुराई और
  5231. 4:08:23शांत भाव से बोली।
  5232. 4:08:26इसके पीछे भी एक कहानी है जिसके कारण रुचि
  5233. 4:08:29और उसके पिता दोनों श्रवण के इतने करीब आ
  5234. 4:08:32गए या यह कहो उसके अच्छे दोस्त बन गए।
  5235. 4:08:36मेघना जानना तो चाहती थी कि इसके पीछे की
  5236. 4:08:39कहानी क्या है? पर उसने इसके आगे की कहानी
  5237. 4:08:42नहीं पूछी। उसे लगा कि अगर वो मेनका से
  5238. 4:08:45इसके बारे में ज्यादा बात करेगी तो कहीं
  5239. 4:08:47वो उस पर शक ना करने लगे कि वो शौर्य के
  5240. 4:08:50बारे में इतनी ज्यादा खोजबीन क्यों कर रही
  5241. 4:08:52है। लेकिन फिर भी वो यह जानना चाहती थी कि
  5242. 4:08:55आखिर शौर्य की पत्नी है कौन? उसने सोचा
  5243. 4:08:59देर सवेेर यह बात उसे पता चल ही जाएगी।
  5244. 4:09:02आखिर अपनी बात पूरी करने के बाद मेघना को
  5245. 4:09:05लगा अब उसे यहां से निकलना चाहिए। डिनर
  5246. 4:09:08उसने पहले कर ही लिया था। इसीलिए उसने
  5247. 4:09:10शिप्रा से कहा अब चलें यहां से। शिप्रा
  5248. 4:09:14अभी तुरंत यहां से जाना तो नहीं चाहती थी
  5249. 4:09:17पर वो यह भी नहीं कह सकती थी कि कुछ देर
  5250. 4:09:19बाद जाएंगे।
  5251. 4:09:21क्योंकि वो मेघना के साथ इस पार्टी में आई
  5252. 4:09:23थी ना कि मेघना उसके साथ यहां आई थी।
  5253. 4:09:26[संगीत] आखिरकार शिप्रा को मेघना के साथ
  5254. 4:09:28जाने के लिए तैयार होना पड़ा।
  5255. 4:09:30[संगीत]
  5256. 4:09:31मेघना चलकर रुचि के पास पहुंची और उसे
  5257. 4:09:33बताया कि वो जा रही है। रुचि भी उसे विदा
  5258. 4:09:36करने के लिए मेघना के साथ बढ़ी। तभी
  5259. 4:09:39शिप्रा को एक बार ख्याल आया कि क्यों ना
  5260. 4:09:42वो श्रवण से पूछ ले कि क्या वो साथ चलेगा?
  5261. 4:09:45पर वो हालात की जंजीरों में जकड़ी हुई थी।
  5262. 4:09:48वो सबके सामने शौर्य से पूछ नहीं सकती थी।
  5263. 4:09:51जैसे ही मेघना और शिप्रा बाहर की तरफ बढ़े
  5264. 4:09:55तभी कहीं से विजय टपक गया और उसने खासकर
  5265. 4:09:57शिप्रा की ओर देखते हुए पूछा
  5266. 4:10:00क्या तुम दोनों जा रही हो?
  5267. 4:10:03नहीं, अभी तो मैं आ रही हूं।
  5268. 4:10:07शिप्रा लंबी सांस छोड़ती हुई बोली, गुड
  5269. 4:10:09सेंस ऑफ ह्यूमर। तुम अच्छा मजाक करती हो।
  5270. 4:10:13विजय ने खींच भरी हंसी-हंसते हुए अपनी बात
  5271. 4:10:15आगे बढ़ाई और कहा, "मुझे तुम दोनों से
  5272. 4:10:18मिलकर अच्छा लगा। मैं चाहता हूं कि आगे भी
  5273. 4:10:20हम मिलते रह। क्या हम दोस्त बन सकते हैं?"
  5274. 4:10:25वो जवाब शिप्रा से चाहता था, लेकिन बीच
  5275. 4:10:27में मेघना बोल पड़ी।
  5276. 4:10:29तुम रुचि के दोस्त हो तो हमारे भी दोस्त
  5277. 4:10:32ही हुए। इसलिए पूछने की कोई जरूरत नहीं
  5278. 4:10:34है।
  5279. 4:10:36इस पर विजय थोड़ा मुस्कुराया लेकिन चुप
  5280. 4:10:38नहीं बैठा। आखिर उसने अपने जज्बात बयां कर
  5281. 4:10:41ही दिए। सच कहूं तो मुझे शिप्रा अच्छी लगी
  5282. 4:10:45और मैं शायद इन्हें पसंद भी करने लगा हूं।
  5283. 4:10:48इसीलिए मैं शिप्रा से आगे भी मिलना
  5284. 4:10:50चाहूंगा।
  5285. 4:10:51माहौल में सन्नाटा सा छा गया। शौर्य जब तक
  5286. 4:10:55खामोश था, उसकी नजरें शिप्रा पर जम गई।
  5287. 4:10:59शिप्रा ने शौर्य की तरफ देखा और फिर हैरान
  5288. 4:11:02होकर मेघना की ओर देखने लगी। हालांकि
  5289. 4:11:05मेघना खुद भी हैरान थी कि एक ही मुलाकात
  5290. 4:11:07में विजय ऐसा कैसे बोल गया? पर उसने इसे
  5291. 4:11:11एक मौके के रूप में लिया और सोचा कि क्या
  5292. 4:11:14विजय शिप्रा के लिए अच्छा रहेगा? उसने
  5293. 4:11:16सोचा ये अच्छा मौका है। शिप्रा को उस
  5294. 4:11:19भिखारी से अलग करने का। क्योंकि उसकी नजर
  5295. 4:11:22में विजय एक बड़े घराने का लड़का था और इस
  5296. 4:11:24स्थिति में शिप्रा के लिए एकदम परफेक्ट
  5297. 4:11:27भी।
  5298. 4:11:29शौर्य जो अब तक शिप्रा को इग्नोर करता रहा
  5299. 4:11:31था जैसे ही उसने विजय की बात सुनी उसने
  5300. 4:11:34पलट कर शिप्रा की ओर देखा। वो देखना चाहता
  5301. 4:11:37था कि विजय की बात पर शिप्रा कैसे रिएक्ट
  5302. 4:11:40करती है। शिप्रा मेघना के चेहरे का
  5303. 4:11:42रिएक्शन देखकर समझ गई कि उसके दिमाग में
  5304. 4:11:45क्या चल रहा है। तभी उसके दिमाग [संगीत]
  5305. 4:11:47में कुछ खुराफाती विचार आया। उसने शरारती
  5306. 4:11:51मुस्कान के साथ विजय की ओर देखा और पूछा
  5307. 4:11:55तुम मुख्तार भाई को जानते हो?
  5308. 4:12:00विजय को समझ नहीं आया कि शिप्रा उससे यह
  5309. 4:12:02सवाल क्यों कर रही है? पर उसने जवाब दिया।
  5310. 4:12:05हां, जानता हूं उसे। और ऐसा कौन होगा जो
  5311. 4:12:08इस शहर में उसे नहीं जानता होगा।
  5312. 4:12:12फिर तो तुम उसके भाई को भी जानते होगे।
  5313. 4:12:15शिप्रा ने फिर सवाल किया। तो विजय ने जवाब
  5314. 4:12:18दिया। हां, उसके भाई रजत के बारे में भी
  5315. 4:12:21सुना है। पर तुम मुझसे यह क्यों पूछ रही
  5316. 4:12:24हो? अभी पता चल जाएगा। चलो ये अच्छी बात
  5317. 4:12:28है कि तुम दोनों भाइयों को जानते हो। क्या
  5318. 4:12:31तुम यह जानते हो कि अभी कुछ दिनों पहले
  5319. 4:12:33उसने मेरे साथ क्या किया है?
  5320. 4:12:36शिप्रा के सवाल से तुरंत ही विजय का दिमाग
  5321. 4:12:38घूमा। उसके चेहरे पर हैरानी नजर आने लगी
  5322. 4:12:42और वो आश्चर्य से भरे चेहरे के साथ बोला।
  5323. 4:12:46क्या तुम वही लड़की हो जिसकी शादी मुख्तार
  5324. 4:12:49भाई ने जबरदस्ती एक भिखारी से करवा दी थी।
  5325. 4:12:53शिप्रा एक बड़ी सी मुस्कान के साथ बोली।
  5326. 4:12:56बड़ी जल्दी पहचान गए। मुझे लगता है तुम भी
  5327. 4:12:59उस न्यूज़ के बारे में खूब सुन चुके हो।
  5328. 4:13:02अब मैं जानना चाहती हूं कि क्या अब भी तुम
  5329. 4:13:05यही कहोगे कि तुम मुझे पसंद करते हो?
  5330. 4:13:09शिप्रा की बात सुनकर विजय के चेहरे का रंग
  5331. 4:13:12उड़ गया। उसने खुद को नॉर्मल दिखाने की
  5332. 4:13:15कोशिश की और बोला माफ करना मैं तुम्हारे
  5333. 4:13:18बारे में जानता नहीं था इसीलिए ऐसा बोल
  5334. 4:13:21गया अरे तुम तो बहुत जल्दी अपनी बात से
  5335. 4:13:24पलट गए अभी तो तुम कह रहे थे कि तुम मुझे
  5336. 4:13:27पसंद करने लगे हो और अब इतनी जल्दी माफी
  5337. 4:13:30मांगने लगे
  5338. 4:13:32क्या तुम में हिम्मत नहीं है मुख्तार और
  5339. 4:13:34उसके भाई का सामना करने की
  5340. 4:13:38विजय दीवान जो खुद को बहुत बड़ा सुरमा समझ
  5341. 4:13:40रहा था उसका चेहरा सफेद पड़ गया। उसकी
  5342. 4:13:43रईसी की हेकड़ी एक पल में हवा हो गई।
  5343. 4:13:47वो शिप्रा की बात का जवाब भी नहीं दे पाया
  5344. 4:13:50और उसने खामोशी से अपना सिर झुका लिया।
  5345. 4:13:53विजय को ऐसा करते देखकर शिप्रा मेघना की
  5346. 4:13:57ओर देखने लगी। जैसे उसे कह रही हो कि इतनी
  5347. 4:14:00जल्दी किसी फैसले पर मत पहुंच जाया करो।
  5348. 4:14:03एक तरह से उसने मेघना की सोच को तुरंत गलत
  5349. 4:14:06साबित कर दिया। मेघना ने भी जब विजय का
  5350. 4:14:09रिएक्शन देखा तो उसे भी उससे नफरत हो गई।
  5351. 4:14:12उसने विजय को इग्नोर किया और शिप्रा से
  5352. 4:14:14बोली [संगीत] चलो घर चलते हैं। फिर दोनों
  5353. 4:14:18बाहर की ओर चल दिए। शौर्य भी रुचि के साथ
  5354. 4:14:22दोनों को वहां से विदा करने बाहर तक गया।
  5355. 4:14:24शिप और मेघना के वहां से जाने के कुछ देर
  5356. 4:14:27बाद ही शौर्य भी मेनका के साथ होटल आ गया।
  5357. 4:14:30उसने होटल से अपनी कार ली और मॉडल टाउन की
  5358. 4:14:33अपनी कोठी की तरफ बढ़ गया। रास्ते में
  5359. 4:14:36उसने शिप्रा को मैसेज कर दिया कि आज वो
  5360. 4:14:38अपने नए वाले घर जा रहा है। इसीलिए वो
  5361. 4:14:41नहीं आ पाएगा। शिप्रा को मैसेज करने के
  5362. 4:14:43बाद वो अपनी कोठी पर पहुंचा।
  5363. 4:14:46मेघा ने अपने बाबा और गोपाल के साथ उस
  5364. 4:14:49कोठी को अपने हिसाब से अरेंज कर दिया था।
  5365. 4:14:52शौर्य यह देखकर बहुत खुश हुआ। शौर्य ने जो
  5366. 4:14:56अपने लिए कमरा निश्चित किया था वो उस कमरे
  5367. 4:14:58में चला गया। उसे लगा था कि रात के हंगामे
  5368. 4:15:01के बाद सुबह सुकून भरी होगी। पर नियति ने
  5369. 4:15:04कुछ और ही तय कर रखा था। सुबह किसी के
  5370. 4:15:08दरवाजे पीटने की आवाज से उसकी नींद खुली।
  5371. 4:15:11उठने के बाद सबसे पहले उसने घड़ी पर नजर
  5372. 4:15:14डाली तो उसने देखा 8:00 बजने वाले हैं।
  5373. 4:15:16उसे हैरानी हुई कि वो इतनी देर तक सोता
  5374. 4:15:19रहा। पर वो यह जानने को भी उत्सुक था कि
  5375. 4:15:22उसे उठाने वाला कौन था। उसने दरवाजा खोला
  5376. 4:15:25तो सामने मेघा खड़ी थी। उसने पूछा क्या
  5377. 4:15:29हुआ? भैया कोई लड़की आई है जो आपके बारे
  5378. 4:15:33में पूछ रही है।
  5379. 4:15:35यह [संगीत] सुनकर शौर्य भी सोचने को मजबूर
  5380. 4:15:37हो गया कि इतनी सुबह आखिर कौन लड़की उससे
  5381. 4:15:40मिलने आ गई है। उसने मेघना से कहा ठीक है
  5382. 4:15:44तुम उसे नीचे बिठाओ मैं भी आता हूं। कुछ
  5383. 4:15:48देर बाद शौर्य फ्रेश होने के बाद अपने
  5384. 4:15:50कमरे से निकला और डाइनिंग एरिया में
  5385. 4:15:52पहुंचा। जहां जाकर उसे पता चला कि श्रव्या
  5386. 4:15:55उसका इंतजार कर रही थी। उसे आश्चर्य हुआ
  5387. 4:15:58कि श्रव्या इतनी सुबह उसके पास कैसे पहुंच
  5388. 4:16:01गई? वो उम्मीद नहीं कर रहा था कि श्रव्या
  5389. 4:16:04अपनी बात को इतना सीरियसली लेगी कि सुबह
  5390. 4:16:07उठकर वो सबसे पहले उसके पास ही आ जाएगी।
  5391. 4:16:11वो हैरान स्वर में श्रव्या से बोला
  5392. 4:16:14तुम इतनी जल्दी कैसे आ गई? कहीं सारी रात
  5393. 4:16:18इसी बात का इंतजार तो नहीं करती रही तुम?
  5394. 4:16:22ज्यादा बकवास करने की जरूरत नहीं है। मुझे
  5395. 4:16:25बस दो दिन ड्राइवर बनकर तुम्हारे साथ रहना
  5396. 4:16:28है। उसके बाद मैं कभी तुम्हारा चेहरा भी
  5397. 4:16:30नहीं देखना चाहूंगी।
  5398. 4:16:33श्रव्या गुस्से में बोली इस पर शौर्य
  5399. 4:16:36श्रव्या को ऊपर से नीचे तक देखता हुआ
  5400. 4:16:38बोला।
  5401. 4:16:39क्या इस तरह बात करके तुम अपनी ड्यूटी
  5402. 4:16:41पूरी करोगी? क्या एक ड्राइवर अपने ओनर से
  5403. 4:16:44ऐसे ही बात करता है?
  5404. 4:16:46अगर तुम्हें ऐसे ही अपनी ड्यूटी पूरी करनी
  5405. 4:16:48है तो फिर मुझे तुम्हारे जैसे ड्राइवर की
  5406. 4:16:51कोई जरूरत नहीं है।
  5407. 4:16:55श्रव्या को एहसास हुआ कि शायद उसने कुछ
  5408. 4:16:57ज्यादा ही गुस्से में शौर्य से बात की है।
  5409. 4:17:00इसीलिए उसने तुरंत अपनी गलती मानते हुए
  5410. 4:17:02सॉरी कहा और साथ में यह भी निश्चित किया
  5411. 4:17:05कि वह अगले दो दिन इस बात का खास ध्यान
  5412. 4:17:08रखेगी।
  5413. 4:17:10शौर्य को उस लड़की के तुरंत अपने व्यवहार
  5414. 4:17:12को बदलते देखकर आश्चर्य भी हुआ क्योंकि
  5415. 4:17:15उसके पहनावे और व्यक्तित्व को देखकर वो यह
  5416. 4:17:17समझ सकता था कि यह लड़की किसी के सामने
  5417. 4:17:20इतनी आसानी से झुकने वाली नहीं थी। शौर्य
  5418. 4:17:24समझ गया कि वो यह सब सिर्फ इसलिए कबूल कर
  5419. 4:17:27रही है क्योंकि वह किसी भी तरह अपने पिता
  5420. 4:17:29को जेल से निकलवाना चाहती है। शौर्य ने एक
  5421. 4:17:33बार फिर उसे गौर से देखा और उसकी सॉरी का
  5422. 4:17:36जवाब देते हुए बोला ठीक है। अभी के लिए
  5423. 4:17:39मैं तुम्हारी बात मान लेता हूं। लेकिन
  5424. 4:17:42ध्यान रखना अगर तुमने मेरी शर्त कबूल की
  5425. 4:17:45है तो फिर तुम्हें उसी रोल में दो दिन
  5426. 4:17:47मेरे साथ रहना पड़ेगा।
  5427. 4:17:50तभी श्रव्या बोली
  5428. 4:17:52ठीक है। मैं इस बात का ध्यान रखूंगी और
  5429. 4:17:56हां मैं यह भी चाहूंगी कि तुम मेरी शराफत
  5430. 4:17:59का गलत फायदा उठाने की कोशिश नहीं करोगे।
  5431. 4:18:04शौर्य श्रव्या के कहने का भाव समझकर बोला,
  5432. 4:18:08"मैं तुम्हारे पिता के जैसा नहीं हूं जो
  5433. 4:18:10किसी लड़की के ऊपर अपना जोर चलाऊंगा।
  5434. 4:18:13इसीलिए तुम निश्चिंत रह सकती हो।
  5435. 4:18:16एक बार को तो श्रव्या को अपने पिता के लिए
  5436. 4:18:18ऐसी बात सुनकर बहुत तेज गुस्सा आया। पर वो
  5437. 4:18:22अगले पल अपने पिता के बारे में सोच कर
  5438. 4:18:24अपने गुस्से को पी गई। क्योंकि कहीं ना
  5439. 4:18:27कहीं उसे भी यह एहसास था कि उसके पिता ने
  5440. 4:18:30रुचि के साथ गलत किया था।
  5441. 4:18:33लेकिन वो यह भी समझती थी कि भले ही उसके
  5442. 4:18:35पिता ने रुचि को अगवा कर लिया था पर वो
  5443. 4:18:38उसकी इज्जत के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करने
  5444. 4:18:40वाले थे। हां, वो रुचि का सहारा लेकर उसकी
  5445. 4:18:44संपत्ति पर जरूर कब्जा करना चाह रहे थे।
  5446. 4:18:47साथ ही उसे इस बात का भी गुस्सा था कि
  5447. 4:18:50इसका असली कारण विहान रायजादा है। उसी ने
  5448. 4:18:53उसके पिता को बड़ी रकम का लालच देकर रुचि
  5449. 4:18:56के ऑफिस में कब्जा करने के लिए उकसाया था।
  5450. 4:18:59लेकिन यह मामला उल्टा पड़ गया।
  5451. 4:19:02वहीं दूसरी तरफ राय मेंशन में शिप्रा अपने
  5452. 4:19:05आलीशान बिस्तर पर करवटें बदल रही थी। उसे
  5453. 4:19:08रहरह कर शौर्य का वो चेहरा याद आ रहा था
  5454. 4:19:11जिसने पूरी पार्टी में सबका ध्यान खींच
  5455. 4:19:14लिया था। उसे जलन हो रही थी मेनका से,
  5456. 4:19:18रुचि से और हर उस लड़की से जो उसके पति की
  5457. 4:19:21तरफ देख रही थी। वो अपने दिल की जलन को
  5458. 4:19:24साफ महसूस कर रही थी। असमंजस में डूबा
  5459. 4:19:27उसका मन उससे पूछ रहा था।
  5460. 4:19:30यह जलन कैसी है? मुझे तो उससे नफरत थी।
  5461. 4:19:34फिर आज उसे किसी और के साथ देखकर मेरा दिल
  5462. 4:19:37क्यों डूब रहा है?
  5463. 4:19:40बेचारी [संगीत] शिप्रा यह कहां जानती है
  5464. 4:19:42कि उसकी जलन अब और बढ़ने वाली है। क्योंकि
  5465. 4:19:45एक और खूबसूरत शहजादी श्रव्या सोलंकी अब
  5466. 4:19:48शौर्य की परछाई बनकर रहने वाली है। तो
  5467. 4:19:51क्या होगा आगे? क्या शौर्य को लेकर शिप्रा
  5468. 4:19:54के दिल में जो फीलिंग्स पनप रही हैं, वो
  5469. 4:19:57उन्हें एक्सेप्ट करेगी? क्या शौर्य की
  5470. 4:19:59[संगीत] सच्चाई शिप्रा के सामने आएगी और
  5471. 4:20:02क्या होगा जब शिप्रा को ड्राइवर शहजादी के
  5472. 4:20:04बारे में पता चलेगा जानने के लिए सुनते
  5473. 4:20:08रहिए बेगर हस्बैंड एंड

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