My Begger Husband series Episode 191 to 200 — Transcript
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- 0:00रोहन के लिए अजीब धर्म संकट की स्थिति हो
- 0:03गई थी। आदमी आठ और अंदर जाने के लिए जो
- 0:06पास था उससे सिर्फ चार लोग ही अंदर जा
- 0:09सकते थे। उसके ऊपर शौर्य की बात उसे और
- 0:13चुभने वाली लगी। उसने मजबूरन अपनी बहन को
- 0:16फोन लगाया तो दूसरी तरफ से फोन उठाते ही
- 0:19रूपा जल्दी से बोली। अब क्या हो गया?
- 0:21मैंने पास भिजवा तो दिया। तुम्हें [संगीत]
- 0:23पता है आज मैं कितनी व्यस्त हूं? रूपा फोन
- 0:26काटती उससे पहले ही रोहन बोल पड़ा। हम आठ
- 0:29लोग हैं। इस एक पास से सिर्फ चार लोग ही
- 0:32अंदर जा सकते हैं। क्या? तुम्हें पता है
- 0:35इस एक पास के लिए [संगीत] भी मुझे कितने
- 0:37प्रयत्न करने पड़े? वैसे ही इस इवेंट के
- 0:40लिए सारे पास पहले ही सोल हो रखे हैं। कुछ
- 0:43वीआईपी पास जो बचे हैं वो ओनर [संगीत] के
- 0:45लिए है। अब मैं कहां से एक और पास का
- 0:47इंतजाम करूंगी? रूपा ने अपनी मजबूरी बताई।
- 0:51मैं कुछ नहीं जानता। तुम्हें कैसे भी करके
- 0:53एक और पास का इंतजाम करना पड़ेगा। रोहन
- 0:56शौर्य की तरफ देखते हुए [संगीत] धीरे से
- 0:58बोला रोहन समझने की कोशिश करो मैं यहां की
- 1:02मालिक नहीं हूं। अभी कल ही यहां की मैनेजर
- 1:04बनी हूं और आज ही मनमानी करने लगूंगी तो
- 1:07मेरा यह पोजीशन जाने में देर नहीं लगेगी।
- 1:09तुम एक काम क्यों नहीं करते? तुम अपने
- 1:12बाकी दोस्तों को रेस्टोरेंट एरिया में भेज
- 1:13दो। उनको जो भी खाना पीना है वो सब तो
- 1:16उन्हें वहां भी मिल जाएगा। रूपा ने अपने
- 1:19हिसाब से रोहन को हल बता दिया। रोहन भी
- 1:21[संगीत] रूपा की मजबूरी को समझता था।
- 1:23इसीलिए वो भी ज्यादा कुछ उसको बोल नहीं
- 1:26सका। अब वो सोचने लगा कि किसको-किसको वो
- 1:29इवेंट में ले जा सकता है और किसको-किसको
- 1:31होटल के रेस्टोरेंट एरिया में खाने को भेज
- 1:33सकता है। रोहन के साथ तीन लड़के थे। एक तो
- 1:37उसका सेक्रेटरी ही था। दो उसके दोस्त थे
- 1:39जिसमें से एक ऐसा लड़का था जो बुरे वक्त
- 1:42में उसको फंड करता रहता था। यहां भी वो
- 1:44सिर्फ नताशा कपूर के कारण ही रोहन के साथ
- 1:47आया था। उसके लिए उसने रोहन के पीछे बहुत
- 1:49पैसे भी खर्च किए थे। इसलिए रोहन को उसको
- 1:52अपने साथ रखना मजबूरी थी। दो तो यही हो गए
- 1:55थे एक नताशा कपूर। अब बचा एक और व्यक्ति।
- 1:58[संगीत] इसके लिए उसे फैसला करना था कि वो
- 2:00एक व्यक्ति रत्नाकर शेट्टी हो सकता है या
- 2:02श्रवण। अंत में उसे रत्नाकर शेट्टी को ही
- 2:05अपने साथ ले जाना ठीक लगा क्योंकि इसमें
- 2:08उसको अपना फायदा नजर आया। रत्नाकर शेट्टी
- 2:10के कारण उसे भविष्य में और भी बहुत काम
- 2:12मिल सकता था। शौर्य समझ रहा था कि यह
- 2:15स्थिति रोहन के लिए धर्म संकट की स्थिति
- 2:17है। वो किसको अपने साथ इस इवेंट में ले
- 2:20जाता है यह फैसला करना उसके लिए मुश्किल
- 2:22होने वाला है। अभी शौर्य के दिमाग में यह
- 2:25बातें चल ही रही थी कि तभी उसका [संगीत]
- 2:26फोन बजने लगा। उसने देखा मेघना का कॉल आ
- 2:29रहा था। वो रोहन और नताशा से थोड़ा दूर
- 2:32चला गया और फोन उठाया और शरारत भरे स्वर
- 2:34में बोला क्या बात है? मेरे बिना तुम्हारा
- 2:38मन नहीं लग रहा है क्या जो इस समय मुझे
- 2:40फोन कर रही हो? दूसरी तरफ मेघना का मोबाइल
- 2:43स्पीकर पर था। जब शिप्रा ने शौर्य को
- 2:45मेघना से इस तरह से बात करते देखा तो वो
- 2:48मेघना को घूर कर देखने लगी। मेघना ने
- 2:50शिप्रा का इस तरह से खुद को घूरने का
- 2:52प्रवाह किए बिना कहा। इतने दिनों तक साथ
- 2:55घुमा कर तुमने आदत खराब कर दी तो अब कैसे
- 2:58मन लगेगा? अगर ऐसी बात है तो कहो अपनी
- 3:01हिटलर बहन से मुझे तलाक दे दे ताकि तुमसे
- 3:03शादी कर लूं। फिर यह दूरी भी खत्म हो
- 3:05जाएगी। शौर्य मजाकिया लहजे में बोला। यह
- 3:09काम भी तुम खुद ही क्यों नहीं कर देते?
- 3:11फोन स्पीकर पर ही है और मेरी हिटलर बहन भी
- 3:14तुम्हारी बात सुन रही है। तो फिर खुद अपने
- 3:16मुंह से ही बोल दो। शायद तुम्हारी बात उसे
- 3:18[संगीत] जल्दी समझ आ जाए। मेघना शरारती
- 3:21मुस्कान के साथ बोली। शौर्य ने जैसे ही
- 3:23सुना कि दूसरी तरफ फोन स्पीकर पर है और
- 3:26शिप्रा भी उसकी आवाज सुन रही है। उसकी
- 3:28बोलती बंद हो गई। अब उसे समझ नहीं आ रहा
- 3:31था कि वो क्या बोले। क्या हुआ? तुम्हारी
- 3:34आवाज आनी बंद क्यों हो गई? कुछ बोलो तो
- 3:36सही। यही [संगीत] मौका है। मेघना शिप्रा
- 3:39की तरफ देखती हुई बोली लेकिन शौर्य की तरफ
- 3:42से कोई जवाब नहीं आया। अचानक कुछ सोचकर वो
- 3:45जोर से हंसने लगी। क्यों हो गई ना बोलती
- 3:48बंद? मेरे सामने तो तुम्हारी जुबान बहुत
- 3:50चलती है। पर शिप्रा का नाम सुनते ही मुंह
- 3:53पर ताले लग जाते हैं। [संगीत]
- 3:55चिंता मत करो। यहां कोई नहीं है। मैं
- 3:57अकेले ही हूं। यह बताओ तुम हो कहां?
- 4:01दूसरी तरफ शौर्य को अब विश्वास नहीं हो
- 4:04रहा था कि मेघना सच बोल रही है या झूठ।
- 4:06इसीलिए अभी भी वो इंतजार करता रहा। मेघना
- 4:10को दोबारा बोलना पड़ा। अरे सच कह रही हूं।
- 4:13मैं अकेली ही हूं। शिप्रा अपने दादाजी
- 4:15[संगीत] को छोड़ने बाहर गई है। शिप्रा
- 4:18मेघना और शौर्य को इस तरह से बात करते
- 4:20देखकर हैरान थी कि वो दोनों कितने करीब
- 4:23[संगीत] आ गए हैं जो ऐसे घुलकर बातें कर
- 4:26सकते हैं। और वो तो शौर्य से जितनी भी
- 4:28बातें करती है वो एक फॉर्मेलिटी [संगीत]
- 4:31की तरह होती है। उसे लगा अगर ऐसे ही चलता
- 4:33रहा तो वो दिन दूर नहीं है जब वो शौर्य से
- 4:36बहुत दूर हो जाएगी। उसे मेघना की चालाकी
- 4:39पर भी गुस्सा आ रहा था कि कैसे उसने बात
- 4:41को बदल दिया था। दूसरी तरफ शौर्य के लिए
- 4:44भी यह खबर शॉकिंग था कि शिप्रा के दादाजी
- 4:47उसके घर आए थे। अचानक ही उसके मुंह से
- 4:49निकला। बलवंत राय जी आए थे वो भी मेरे घर।
- 4:53भला यह हृदय परिवर्तन कैसे हो गया? कोई
- 4:56हृदय परिवर्तन नहीं हुआ। जब सुनोगे कि वो
- 4:58यहां क्यों आए थे तो तुम्हारे पैरों के
- 5:00नीचे से जमीन खिसक जाएगी। मेघना शौर्य को
- 5:04टोंट मारते हुए बोली, शिप्रा इस बात से
- 5:06हैरान थी कि जैसे ही शौर्य को पता चला कि
- 5:09वो उन दोनों की बात को नहीं सुन रही है तो
- 5:11फिर शौर्य कितने नॉर्मल तरीके से बात करने
- 5:13लगा था। अब उसे एहसास हुआ कि उसके और
- 5:16शौर्य के बीच में कितनी [संगीत] दूरी है
- 5:18और शायद इस दूरी का कारण वो स्वयं ही है।
- 5:21तभी तो शौर्य उसके सामने बात करने में
- 5:23कंफर्टेबल फील नहीं करता। जबकि शौर्य
- 5:25मेघना की बात सुनकर बोला अच्छा ऐसी
- 5:28[संगीत] क्या बात हुई जिसे सुनकर मेरे
- 5:29पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी। फोन पर
- 5:32नहीं जब हम आमने सामने होंगे तब तुम्हें
- 5:34बताऊंगी। मेघना बात को टालती हुई बोली फिर
- 5:38तो आज मुमकिन नहीं है। मैं शायद कल घर आ
- 5:40पाऊंगा तभी फिर तुमसे आमने सामने बात हो
- 5:43पाएगी। शौर्य मजबूरी जताते हुए बोला क्यों
- 5:47अभी कहां हो तुम? मैं आ जाती हूं तुम्हारे
- 5:49पास। मेघना शरारती भाव में शिप्रा की ओर
- 5:52देखकर बोली अरे कुछ तो शर्म करो। मैं
- 5:55तुम्हारी बहन का पति हूं और तुम मुझ पर
- 5:57लाइन मार रही हो। शौर्य भी मजाकिया भाव
- 6:00में बोला। क्यों दुनिया के सारे मर्द खत्म
- 6:03हो गए क्या जो मैं एक शादीशुदा लड़के पर
- 6:05लाइन मरूंगी मेघना भी उपहास उड़ाने वाले
- 6:08अंदाज में बोली यार तुमने तो दिल तोड़
- 6:11दिया मैंने तो समझा तुम कहोगी कि शाली तो
- 6:13वैसे भी आधी घर वाली होती है इसलिए क्या
- 6:16ही फर्क पड़ जाएगी शौर्य उदासी के भाव
- 6:18प्रदर्शित करता हुआ बोला
- 6:21सपने देखना अच्छी बात है देखते रहो क्या
- 6:24पता कभी ऊपर वाला मेहरबान हो जाए मेघना
- 6:27हंसती हुई बोली उसके बाद फिर से मुद्दे पर
- 6:29आती हुई बोली अब सीधे-सीधे बताओगे कि इस
- 6:32समय तुम कहां हो? मैं अभी होटल पैराडाइज
- 6:35के गेट पर हूं। यहां मिस लीजा का एक इवेंट
- 6:38होने वाला है। उसी को देखने नताशा और कुछ
- 6:40दोस्तों के साथ आया हूं। शौर्य रोहन और
- 6:43नताशा की तरफ देखता हुआ बोला। जैसे ही
- 6:46मेघना ने मिस लीजा का नाम सुना, उसका मुंह
- 6:48खुला रह गया। क्या कहा तुमने? मिस लीजा का
- 6:52इवेंट होटल पैराडाइज में हो रहा है। मुझे
- 6:54भी देखना है। क्या तुम मेरे लिए पास का
- 6:57इंतजाम कर सकते हो? वो मेरी फेवरेट है। पर
- 7:00मेरे ख्याल से तो 1520 मिनट में प्रोग्राम
- 7:02शुरू होने वाला है। इतनी देर में तुम
- 7:04पहुंच पाओगी। शौर्य शंका जाहिर करते हुए
- 7:06बोला तुम तो बस यह बताओ कि पास का इंतजाम
- 7:09हो जाएगा तो मैं तो उड़कर वहां पहुंच
- 7:11जाऊंगी। मेघना उत्साह से बोली अगर तुम्हें
- 7:15सचमुच देखना है तो पास का इंतजाम करना कोई
- 7:17बड़ी बात नहीं है। शौर्य ने आश्वासन दिया।
- 7:21सिर्फ मेरे लिए ही [संगीत] नहीं शिप्रा के
- 7:23लिए भी। वो भी तो मेरे साथ आएगी। मेघना ने
- 7:26जल्दी से अपने साथ शिप्रा का भी [संगीत]
- 7:28नाम जोड़ा। क्या वो भी आएगी? शौर्य असमंजस
- 7:31भरे स्वर में बोला, तो तुमको क्या लगता
- 7:34है? अगर मैं अकेली हंगी तो वो मेरी जान
- 7:36नहीं ले लेगी कि मैं उसके पति के साथ
- 7:38अकेले पार्टी करती हूं। मेघना शिप्रा की
- 7:41तरफ देखती हुई आंख मारकर बोली। शिप्रा भी
- 7:44मेघना की शरारत पर मुस्कुरा कर रह गई। ठीक
- 7:48है मैं पास [संगीत] का इंतजाम करता हूं।
- 7:49तुम आ जाओ। शौर्य बात खत्म करते हुए बोला।
- 7:52अब उसे इसलिए भी जल्दी था कि [संगीत] उसको
- 7:54अब जल्दी से मेघना और शिप्रा के लिए पास
- 7:57का इंतजाम भी करना था। साथ ही उसे अपने
- 7:59साथ आए लोगों के लिए भी पास का इंतजाम
- 8:02करना पड़ सकता था। वैसे [संगीत] शौर्य के
- 8:04लिए यह कोई मुश्किल काम नहीं था। उसे बस
- 8:06मेनका को एक कॉल करना था। हो सकता है कि
- 8:09आज मेनका भी यहीं हो। शौर्य फोन को अपनी
- 8:12जेब के हवाले करके रोहन के पास पहुंचा। तो
- 8:14उसने वहां पर माहौल को बड़ा भारी महसूस
- 8:16किया। वो रोहन की ओर देखकर बोला तो मिस्टर
- 8:20रोहन क्या रहा? क्या आपने पास का इंतजाम
- 8:23कर लिया? मिस्टर श्रवण प्रोग्राम में
- 8:26थोड़ा चेंज है। एक्चुअली इवेंट [संगीत]
- 8:28में हम चार ही लोग जा सकते हैं।
- 8:29[गला साफ़ करने की आवाज़] और वो चार लोग
- 8:30हैं मैं, विनीत, मिस्टर रत्नाकर शेट्टी और
- 8:33मिस नताशा। [संगीत]
- 8:35बाकी के चार लोगों के लिए मैंने
- 8:37रेस्टोरेंट एरिया में एक कैबिन बुक कर
- 8:38दिया है। आप लोग वहां पर जो भी चाहे ऑर्डर
- 8:41कर सकते हैं। शौर्य ने देखा कि लेना के
- 8:43साथ श्रवण के सेक्रेटरी और उसके एक दोस्त
- 8:46का भी चेहरा उतरा हुआ था। वैसे रत्नाकर,
- 8:48शेट्टी और नताशा भी कोई खुश नजर नहीं आ
- 8:51रहे थे। रोहन तुम ऐसा क्यों नहीं करते?
- 8:53मैं भी इन लोगों के साथ रेस्टोरेंट में ही
- 8:55जाकर खाना खा लेती हूं। जहां तक रही इवेंट
- 8:58की बात तो वो फिर कभी मौका मिला तो देख
- 9:00लेंगे। रत्नाकर शेट्टी ने भी नताशा की बात
- 9:03का समर्थन किया। [संगीत] वो भी शौर्य को
- 9:05छोड़कर इवेंट में जाना नहीं चाहता था।
- 9:08शौर्य समझ गया कि नताशा और रत्नाकर शेट्टी
- 9:10सिर्फ [संगीत] उसके कारण इवेंट में ना
- 9:12जाने की बात कर रहे हैं। रोहन ने जब नताशा
- 9:14और रत्नाकर शेट्टी दोनों को इवेंट के लिए
- 9:17मना करते देखा तो वो जल्दी से बोला ये आप
- 9:20कैसी बात कर रही हैं मिस नताशा? मैंने
- 9:22बड़ी मुश्किल से इस पास का इंतजाम किया है
- 9:24और आप मना कर रही हैं। मुझे पता है कि आप
- 9:27मिस लीजा का प्रोग्राम मिस करना नहीं
- 9:29चाहती। वैसे भी श्रवण के लिए मैंने
- 9:31रेस्टोरेंट में व्यस्त करवा दी है। इसलिए
- 9:33आप इन लोगों [संगीत] की चिंता ना करें।
- 9:35शौर्य को वैसे भी अभी इन लोगों से अलग
- 9:38होना था क्योंकि उसको मेघना [संगीत] और
- 9:40शिप्रा के लिए पास की व्यवस्था भी करनी
- 9:42थी। अगर नताशा यह जिद पकड़ लेती कि वो भी
- 9:45उसके साथ रेस्टोरेंट में जाएगी तो शौर्य
- 9:47के लिए मुश्किल ही जाती। यह सोचकर वो रोहन
- 9:49से बोला, मिस्टर रोहन [संगीत] आप अपने
- 9:52दोस्तों का देख लीजिए। मेरी चिंता आप ना
- 9:54करें। मैं कुछ ना कुछ अपने लिए देख लूंगा।
- 9:56आप मिस नताशा और मिस्टर शेट्टी को अपने
- 9:59साथ इवेंट हॉल में ले जाइए। पर श्रवण हम
- 10:02तुम्हारे बिना वहां कैसे जा सकते हैं?
- 10:04नताशा जिद करती बोली अरे तुम जाओ अंदर
- 10:07[संगीत] मैं देखता हूं कुछ ना कुछ विक्रम
- 10:09करके मैं भी उस इवेंट में आ जाऊंगा। शौर्य
- 10:12ने नताशा को समझाने की कोशिश की। यह आप
- 10:15[संगीत] कैसी बात कर रहे हैं मिस्टर
- 10:16श्रवण? यहां की सिक्योरिटी बहुत टाइट है।
- 10:18यहां आपकी कोई तिक्रम नहीं चलने वाली।
- 10:21उसकी चिंता आप ना करें मिस्टर रोहन यह मैं
- 10:23देख लूंगा। बाकी आप [संगीत] अपने दोस्तों
- 10:25का देख लीजिए। शौर्य रोहन के बाकी दोनों
- 10:28दोस्त की ओर देखकर बोला। इसी समय एक
- 10:30[संगीत] वेटर रोहन के पास आया। तो रोहन ने
- 10:32अपने दोनों दोस्त और लीना को उसके साथ
- 10:35जाने का इशारा करता हुआ बोला तुम सब इसके
- 10:37[संगीत] साथ चले जाओ। यह तुम्हें तुम्हारे
- 10:40लिए रिजर्व कैबिन में ले जाएंगे। लीना
- 10:42जिसको बड़ा मन था मिस लीजा का प्रोग्राम
- 10:44देखने का उसे भी अपना सपना टूटता [संगीत]
- 10:46सा लगा। जब उसने देखा कि शौर्य उसके साथ
- 10:49नहीं जा रहा है और उसने नताशा से कहा था
- 10:51कि वो कुछ ना कुछ विक्रम कर [संगीत] लेगा
- 10:53इवेंट देखने का। तो उसे शौर्य में एक
- 10:55उम्मीद नजर आई। वो शौर्य के [संगीत] पास
- 10:57गई और उससे बोली मिस्टर श्रवण क्या आप
- 11:01मुझे भी अपने साथ इस इवेंट में ले जा सकते
- 11:03हैं? शौर्य ने जब लीना को बड़ी उम्मीद से
- 11:05खुद से यह [संगीत] कहते देखा तो उसने कहा
- 11:08लीना मैं श्योर नहीं हूं कि मैं इसमें
- 11:10कामयाब हो ही जाऊंगा। अगर तुम मेरे साथ यह
- 11:13रिस्क ले सकती हो तो तुम मेरे साथ चल सकती
- 11:15हो। लीना ने कुछ [संगीत] पल सोचा और रोहन
- 11:18की ओर एक नजर देखकर बोली मैं आपके साथ यह
- 11:21रिस्क लेने को तैयार हूं। मिस्टर श्रवण तो
- 11:23फिर ठीक है तुम यहीं रुक जाओ। शौर्य हल्की
- 11:26मुस्कान के साथ बोला। रोहन ने जब लीना को
- 11:29शौर्य की बात में आते देखा तो वो चिढ़कर
- 11:31बोला,
- 11:33लीना ये तुम क्या बेवकूफी कर रही हो? इसके
- 11:35चक्कर में तुम इतने बड़े होटल में खाना
- 11:37खाने का मौका चूक जाओगी। जो काम मेरी बहन
- 11:40के लिए मुश्किल हो रही है, वो यह कैसे कर
- 11:42लेगा? इसीलिए मेरी बात मानो और मेरे
- 11:45दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट एरिया में जाकर
- 11:48यहां के भोजन को एंजॉय करो। आप मेरी चिंता
- 11:51मत करें मिस्टर रोहन। मैं अगर इवेंट में
- 11:53नहीं भी जा पाऊंगी तो भी आपसे शिकायत नहीं
- 11:55करूंगी। लेना दृढ़ इरादों के साथ बोली।
- 11:59अंत में वेटर रोहन के सेक्रेटरी और उसके
- 12:01एक दोस्त को लेकर वहां से चला गया। रोहन
- 12:04ने रत्नाकर शेट्टी और नताशा को अपने साथ
- 12:06चलने का इशारा किया। रत्नाकर शेट्टी समझता
- 12:09था कि शौर्य के लिए इस इवेंट में शामिल
- 12:12होना कोई मुश्किल काम नहीं है। [संगीत]
- 12:13इसीलिए वह शौर्य को लेकर निश्चिंत था। पर
- 12:16नताशा को शौर्य को छोड़कर रोहन के साथ
- 12:19जाना अच्छा नहीं लग रहा था। शौर्य ने जब
- 12:21देखा कि नताशा अभी भी हिचक रही है तो उसने
- 12:24कहा अब यहां इंतजार मत करो। जितनी जल्दी
- 12:27तुम [संगीत] जाओगी उतनी जल्दी मैं अपनी
- 12:29कोशिश में लगूंगा। आखिरकार नताशा रोहन के
- 12:32साथ इवेंट के लिए वहां से चली गई। लीना
- 12:35शौर्य के साथ वहीं खड़ी रह गई। लीना के मन
- 12:38में यह भी चल रहा था कि उसने शौर्य के साथ
- 12:41रोक कर कोई गलत फैसला तो नहीं लिया। उसने
- 12:43सकुचाते हुए शौर्य से पूछा। अब हम क्या
- 12:46करेंगे मिस्टर श्रवण? तुम चिंता मत करो
- 12:48[संगीत] लीना। जब तुम मुझ पर भरोसा करके
- 12:51रुकी हो तो तुम यह इवेंट जरूर अटेंड
- 12:53करोगी। शौर्य सांत्वना देने वाले मुस्कान
- 12:56के साथ कहा। [संगीत] इसके बाद उसने आसपास
- 12:58का जायजा लिया तो उसका ध्यान गेट के सामने
- 13:00खड़े दो सिक्योरिटी गार्ड पर चली गई।
- 13:02शौर्य [संगीत] लीना के साथ उस सिक्योरिटी
- 13:04गार्ड के पास पहुंचा। संजोग से दोनों में
- 13:07से एक सिक्योरिटी गार्ड शौर्य को पहचानता
- 13:09था। पिछले दिन जो हंगामा हुआ था उस समय वो
- 13:12भी दिलीप कामत के साथ था। इसीलिए वो शौर्य
- 13:14को पहचान [संगीत] गया। शौर्य को देखते ही
- 13:16वह सम्मान के साथ बोला, अरे सर आप कहिए
- 13:20मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूं? अभी
- 13:22दिलीप कामत कहां मिलेगा? शौर्य ने सीधा
- 13:24सवाल किया। वो तो अपने कैबिन में होंगे
- 13:27सर। गार्ड ने जवाब दिया। क्या तुम मुझे
- 13:29उसके पास ले जाओगे? शौर्य अपने गले का नोट
- 13:32ठीक करते हुए बोला। यह भी कोई कहने की बात
- 13:34है सर। चलिए मैं आपको उनके पास ले चलता
- 13:37हूं। इतना बोलकर वो गार्ड अपने साथ खड़े
- 13:39गार्ड को यह बोलकर कि वो अभी [संगीत] आता
- 13:41है एक दिशा में बढ़ गया। शौर्य लीना के
- 13:44साथ उस गार्ड के पीछे चल दिया। जल्दी ही
- 13:46गार्ड एक कैबिन के पास पहुंचा और उसके
- 13:49अंदर झांक कर देखा। सामने दिलीप [संगीत]
- 13:51कामत एक चेयर पर बैठा हुआ था। सामने एक
- 13:53विशाल स्क्रीन पर अलग-अलग सीसीटीवी कैमरे
- 13:56का फुटेज चल रहा था। दिलीप कामत ने इस
- 13:58गार्ड को अपने कमरे में देखा तो पूछा क्या
- 14:01बात है रघु तुम यहां क्या कर रहे हो? सर
- 14:04वो कल वाले सर आए हैं और आपके लिए पूछ रहे
- 14:06हैं। रघु ने जवाब दिया तुम किस सर की बात
- 14:09कर रहे हो? इतना बोलते हुए दिलीप [संगीत]
- 14:11कामत यह देखने के लिए बाहर झांका कि रघु
- 14:14किसके बारे में बात कर रहा है। जैसे ही
- 14:16उसका निगाह शौर्य पर पड़ा, वो अटेंशन की
- 14:18मुद्रा में खड़ा हो गया। दिलीप कामत को
- 14:20शौर्य के बारे में कुछ भी [संगीत] नहीं
- 14:22पता था। पर इतना वो जान गया था कि उसकी
- 14:24पहुंच जरूर कुछ तगड़ा है। तभी तो उसने
- 14:26अशोक वालिया को खड़े-खड़े होटल से निकलवा
- 14:28दिया था। वो कैबिन से बाहर आया और बोला,
- 14:31"अरे श्रवण सर, आप कहिए आप मुझे क्यों
- 14:34ढूंढ रहे हैं?" दिलीप कामत के सवाल पर
- 14:36शौर्य ने रघु की तरफ देखा। जैसे कहना चाह
- 14:39रहा हो कि उसके सामने बात करना ठीक होगा
- 14:41क्या? दिलीप कामत [संगीत] शौर्य का इशारा
- 14:43समझ गया। उसने अगले ही पल रघु से कहा रघु
- 14:47अब तुम अपनी पोजीशन पर जा सकते हो। दिलीप
- 14:50कामत की बात सुनकर रघु बिना कुछ कहे वहां
- 14:52से चला गया। रघु के जाने के बाद शौर्य ने
- 14:54लीना की ओर देखकर कहा लीना तुम वहां
- 14:57विजिटर चेयर पर जाकर बैठो। मैं अभी
- 14:59तुम्हारे पास आता हूं। शौर्य की बात सुनकर
- 15:01लीना ने एक नजर दिलीप कामत की ओर देखा और
- 15:04उस चेयर की तरफ बढ़ गई जिस ओर शौर्य ने
- 15:06इशारा [संगीत] किया था। अब वहां दिलीप
- 15:08कामत और शौर्य ही रह गए थे। अंदर चलकर बात
- 15:11करें क्या? शौर्य कैबिन की ओर इशारा करते
- 15:13हुए बोला। दिलीप कामत को समझ नहीं आया कि
- 15:16शौर्य [संगीत] उससे क्या बात करना चाहता
- 15:18है। असमंजस की स्थिति में उसने शौर्य की
- 15:20बात से सहमति जताते हुए कैबिन के अंदर चला
- 15:23आया। [संगीत] शौर्य भी उसके पीछे-पीछे
- 15:25कैबिन के अंदर आया और एक चेयर पर बैठ गया।
- 15:27पर दिलीप कामत अपनी जगह पर खड़ा ही रहा।
- 15:30तुम भी बैठ जाओ। शौर्य दिलीप कामत को खड़ा
- 15:33देखकर बोला। दिलीप कामत हिचकिचाते हुए
- 15:35शौर्य के सामने बैठ गया। [संगीत] क्या
- 15:37आपको मुझसे कोई काम है मिस्टर श्रवण? है
- 15:40तो सही। बस यह देखना है कि क्या तुम मेरे
- 15:43लिए यह काम कर सकते हो या नहीं। शौर्य
- 15:45सरकास्टिक [संगीत] वे में बोला। दिलीप
- 15:47कामत शौर्य की बात सुनकर कुछ बोला नहीं।
- 15:50बस चुपचाप शौर्य की ओर देखता रहा। जैसे वो
- 15:52जानता था कि शौर्य खुद ही बताएगा कि उसको
- 15:55उससे क्या काम है। मुझे मिस लीजा के इवेंट
- 15:58का दो पास चाहिए। अब यह बताओ यह कैसे
- 16:00अरेंज [संगीत] हो सकता है? शौर्य दिलीप
- 16:03कामत की आंखों में देखता हुआ बोला, "आप
- 16:05गलत आदमी से यह डिमांड कर रहे हैं। मिस्टर
- 16:07श्रवण, मैं यहां का सिर्फ एक सिक्योरिटी
- 16:09इंचार्ज हूं। मेरी इतनी पहुंच नहीं है कि
- 16:11मैं आपके लिए यह पास अरेंज कर पाऊंगा।
- 16:13वैसे भी मिस लीजा के इवेंट के पास की हाई
- 16:16डिमांड है। मुश्किल ही है जो कोई इसे आपके
- 16:18लिए अरेंज कर पाएगा। दिलीप कामत अपनी
- 16:21मजबूरी प्रदर्शित करते हुए बोला। दिलीप
- 16:23कामत की बात सुनकर शौर्य मुस्कुराया। क्या
- 16:26मिस मेनका यहीं होटल में है या अभी आएगी?
- 16:31शौर्य के मुंह से मिस मेनका का नाम सुनकर
- 16:34दिलीप कामत का कान खड़ा हो गया। वो सोचने
- 16:37पर मजबूर हो गया कि क्या श्रवण ने कल मिस
- 16:39मेनका को बोलकर ही अशोक वालिया को यहां से
- 16:42निकलवाया था। वो आश्चर्य से शौर्य को
- 16:45देखते हुए बोला। मिस मेनका को आए हुए लगभग
- 16:48आधा घंटा हो गया है। वो अभी इवेंट हॉल का
- 16:51ही जायजा ले रही होंगी। शौर्य ने फोन
- 16:54निकाला और मेनका को फोन लगाया। दो रिंग के
- 16:57बाद ही मेनका ने फोन उठाया। कहां हो तुम?
- 17:00शौर्य ने बिना किसी भूमिका के पूछा। मैं
- 17:03होटल पैराडाइज में? क्यों? क्या बात है?
- 17:07मेनका ने चौंकते हुए पूछा। मुझे मिस लीजा
- 17:10के इवेंट का दो पास चाहिए। शौर्य सीधा
- 17:13मुद्दे पर आता हुआ बोला। तुम हो कहां? मैं
- 17:16अभी आती हूं तुम्हारे पास। मेनका समझ गई
- 17:19कि शौर्य होटल पैराडाइज में ही होगा तभी
- 17:21वो पास मांग रहा है। क्योंकि बाद में इस
- 17:24पास का कोई मतलब नहीं रह जाता। अरे नहीं
- 17:27तुम्हें मेरे पास आने की कोई जरूरत नहीं
- 17:29है। मैं तुम्हारे पास दिलीप कामत को भेजता
- 17:31हूं। तुम इसके हाथों दो पास मेरे [संगीत]
- 17:34पास भिजवा दो। शौर्य मेनका को रोकते हुए
- 17:36बोला। तुम्हें पास की क्या जरूरत है? तुम
- 17:39वैसे ही आ जाओ। तुम्हें कौन रोकेगा? मीनका
- 17:43आश्चर्य जताते हुए बोली मुझे अभी ढोल पीट
- 17:46कर नहीं आना है। अभी मुझे पर्दे में ही
- 17:48रहने दो। अभी पर्दा हटाने का समय नहीं आया
- 17:51है। शौर्य अभी यह जाहिर नहीं करना चाहता
- 17:54था कि लोग जाने कि वही होटल पैराडाइज का
- 17:56मालिक है। जबकि दिलीप कामत [संगीत]
- 17:59आश्चर्य से शौर्य की तरफ देख रहा था। उस
- 18:01कैबिन में शांति होने के कारण उसे मोबाइल
- 18:04पर दूसरी तरफ से आ रही मेनका की आवाज भी
- 18:06सुनाई पड़ रही थी। और जिस अंदाज में शौर्य
- 18:09मेनका से बात कर रहा था उससे दिलीप कामत
- 18:12समझ गया कि शौर्य ही होटल पैराडाइज का
- 18:14मालिक है। दूसरी तरफ मेनका भी समझ गई कि
- 18:17शौर्य अभी खुद को सामने नहीं लाना चाहता
- 18:20इसीलिए वो बोली ठीक है मैं किसी के हाथों
- 18:23तुम्हारे पास दो पास भिजवाती हूं। तुम्हें
- 18:26किसी के द्वारा पास भिजवाने की जरूरत नहीं
- 18:28है। मैं दिलीप कामत [संगीत] जो यहां का
- 18:30सिक्योरिटी इंचार्ज है उसको तुम्हारे पास
- 18:32भेजता हूं। तुम इसको पास दे देना। शौर्य
- 18:35दिलीप कामत की ओर देखकर बोला तुम्हारा
- 18:38अपना दिमाग काम कर रहा है या नहीं?
- 18:40[संगीत] जब सिक्योरिटी इंचार्ज को
- 18:41तुम्हारे बारे में पता ही है तो तुम्हें
- 18:43पास की जरूरत क्या है? पास तो सिक्योरिटी
- 18:46वाले ही चेक करते हैं। इसीलिए तुम्हारे
- 18:48पास पास हो या ना हो उसको चेक कौन करेगा?
- 18:52मेनका शौर्य को झिरकती हुई बोली। मेनका की
- 18:56बात सुनकर शौर्य ने दिलीप कामत की तरफ
- 18:58देखा। दिलीप कामत के चेहरे पर भी मेनका की
- 19:01लास्ट बात सुनकर मुस्कान आ गई। मुझे माफ
- 19:03कीजिए बॉस जो मैं आपको पहचान नहीं पाया।
- 19:06आपको पास की कोई जरूरत नहीं है बॉस। मैं
- 19:09आपको ले चलता हूं अंदर। दिलीप कामत शौर्य
- 19:12के सामने सावधान की मुद्रा में खड़ा होते
- 19:14हुए बोला, मैं तुम्हारे लिए टेबल नंबर एक
- 19:16और दो रिजर्व कर देती हूं। मेनका को दिलीप
- 19:19कामत की बात सुनाई दे गई थी। इसीलिए उसने
- 19:22उसको टेबल का नंबर बता दिया। अरे मुझे एक
- 19:25ही टेबल चाहिए। इसके अलावे मेरे साथ नताशा
- 19:28की सेक्रेटरी है। उसको अगर किसी टेबल पर
- 19:30अरेंज कर सकती हो तो अलग से दूसरे टेबल की
- 19:33जरूरत नहीं होगी। शौर्य जल्दी से बोला अगर
- 19:36ऐसी बात है तो टेबल नंबर 10 और 11 पर होटल
- 19:40राजकमल की कुछ स्टाफ बैठी हुई है उस पर
- 19:42अरेंज हो जाएगी। मेनका बोली ठीक है फिर
- 19:46मैं तुमसे अंदर इवेंट में ही मिलूंगा पर
- 19:48ध्यान रखना किसी के सामने मेरी हकीकत नहीं
- 19:51आनी चाहिए। शौर्य मेनका को ध्यान दिलाते
- 19:54हुए बोला ठीक है अब मैं फोन रखती हूं।
- 19:57इतना कहकर मेनका ने फोन काट दिया। शौर्य
- 20:00ने दिलीप कामत की ओर देखा और उसके साथ
- 20:03कैबिन से बाहर आया। दिलीप कामत समझ गया था
- 20:06कि उसे अब क्या करना है। अचानक ही वो
- 20:08शौर्य की रिस्पेक्ट में उसके आगे-आगे इस
- 20:10तरह से चलने लगा जैसे शौर्य कितना बड़ा
- 20:13आदमी हो। शौर्य ने दिलीप कामत [संगीत] का
- 20:15यह बदला अंदाज देखा तो वो अपनी जगह पर ही
- 20:18खड़ा हो गया। जब दिलीप कामत ने देखा कि
- 20:21शौर्य उसके पीछे नहीं आ रहा है। तो वो
- 20:23शौर्य के पास गया और उससे पूछा क्या हुआ
- 20:26बॉस? आप रुक क्यों गए? यह आप क्या कर रहे
- 20:28हैं मिस्टर कामत? आप तो अपने एक्शन से ही
- 20:31सबको बता देंगे कि मैं कौन हूं। अब तक तो
- 20:33आपको समझ जाना चाहिए था कि मैं क्या चाहता
- 20:35हूं। शौर्य दिलीप कामत की आंखों में देखता
- 20:38हुआ बोला। [संगीत] दिलीप कामत को अपनी
- 20:40गलती का एहसास हुआ। वो सकुचाते हुए बोला
- 20:44यह जानने के बाद कि आप ही इस होटल के असली
- 20:46मालिक हैं। मैं अपने जज्बात को रोक नहीं
- 20:48सका बॉस। अपने जज्बात को कंट्रोल करिए
- 20:51मिस्टर कामत। नहीं तो आपके कारण जो किसी
- 20:54को नहीं पता वो सबको पता चल जाएगा। इसीलिए
- 20:57आप मेरे साथ उसी तरह से पेश आइए जैसे अभी
- 21:00तक आते थे। शौर्य दिलीप कामत को समझाते
- 21:02हुए बोला, ठीक है बॉस मैं इस बात का ध्यान
- 21:05रखूंगा। दिलीप कामत ने जवाब दिया। इसके
- 21:09बाद शौर्य दिलीप कामत के साथ लीना के पास
- 21:11पहुंचा। लीना शौर्य को अपने पास आया देखकर
- 21:14खड़ी हो गई। लीना यह है दिलीप कामत। यह
- 21:17तुम्हें अपने साथ ले जाकर इवेंट हॉल में
- 21:19बैठा देंगे। शौर्य दिलीप कामत की ओर इशारा
- 21:21करते हुए बोला। पर क्या आप मेरे साथ नहीं
- 21:24चलेंगे? मिस्टर श्रवण लीना ने यह कर पूछा
- 21:26कि शौर्य उसे अकेले कामत के साथ भेज रहा
- 21:29है। अरे ऐसा नहीं है। मेरी दो दोस्त आ रही
- 21:32हैं। उसके आने के बाद मैं उसके साथ अंदर
- 21:34आऊंगा। शौर्य ने लीना को अपने साथ ना आने
- 21:37का कारण समझाया। इसके बाद कामत लीना को
- 21:40लेकर वहां से चला गया। शौर्य फिर से होटल
- 21:42के बाहर आकर मेघना और शिप्रा का इंतजार
- 21:45करने लगा। उसे ज्यादा इंतजार नहीं करना
- 21:47पड़ा। जल्दी ही मेघना और शिप्रा उसे सामने
- 21:50से आती दिख गई। दोनों पहले ही कार को
- 21:52पार्क कराई थी। मेघना शौर्य के पास
- 21:54पहुंचकर इधर-उधर देखने लगी। यह देखकर
- 21:57शौर्य बोला, "क्या हुआ? तुम किसे देख रही
- 22:00हो? तुमने कहा था नताशा भी तुम्हारे साथ
- 22:02है। तो फिर वो दिखाई क्यों नहीं दे रही?
- 22:04बोलते हुए भी मेनका की नजरें इधर-उधर घूम
- 22:07रही थी। उसे तुम यहां कहां ढूंढ रही हो?
- 22:10वो इवेंट हॉल में जा चुकी है। शौर्य बोला,
- 22:13"तुमने पास का इंतजाम [संगीत] कर लिया?"
- 22:15मेघना शौर्य को देखते हुए बोली, हां, हो
- 22:18गया है। चलो चलते हैं। इतना कहकर शौर्य
- 22:21होटल के अंदर की तरफ बढ़ गया। मेघना और
- 22:23शिप्रा भी उसके पीछे चल दी। शौर्य ने नोट
- 22:26किया कि शिप्रा [संगीत] ने पिंक कलर का
- 22:27शूट पहन रखा था जिसमें वो कयामत ही लग रही
- 22:30थी। उसका तो मन किया कि वो उसको एक टक
- 22:33देखता रहे। पर वो ऐसा कर नहीं पाया। जैसे
- 22:36ही शिप्रा की नजर उससे मिली शौर्य ने उसके
- 22:38ऊपर से नजर फेर लिया। शिप्रा मन ही मन सोच
- 22:41रही थी। मेघना से तो फोन पर कितनी मजाक
- 22:43भरी बातें कर रहा था। उसके सामने ही इसके
- 22:46जुबान पर ताला लग जाता है। वो चाहती थी कि
- 22:48शौर्य उसके सामने भी वैसे ही खुलकर बात
- 22:50करे जैसे वह फोन पर मेघना के साथ कर रहा
- 22:52था। और शौर्य चाहकर भी ऐसा नहीं कर पाता
- 22:55था। उसे अभी भी यही डर सताता था कि शिप्रा
- 22:58फिर से कहीं उसको अपने और उसके बीच का
- 23:00अंतर ना बताने लगे। शौर्य दोनों को लेकर
- 23:03[संगीत] इवेंट हॉल की तरफ बढ़ा। अभी तक
- 23:05दिलीप कामत वापस नहीं आया था। शौर्य को
- 23:08यही चिंता सता रही थी कि कहीं बिना दिलीप
- 23:10कामत के कोई सिक्योरिटी का आदमी उसको रोक
- 23:12ना ले। अगर ऐसा हो जाता तो शिप्रा और
- 23:15मेघना के सामने यह बेइज्जती [संगीत] वाली
- 23:16बात ही होती। शौर्य शिप्रा और मेघना के
- 23:19साथ इवेंट हॉल के सामने पहुंचा। जहां
- 23:22सिक्योरिटी [संगीत] वाले पास देखकर ही
- 23:24लोगों को अंदर जाने दे रहे थे। शौर्य की
- 23:26चाल धीरे हो रखी थी। उसे दिलीप कामत का
- 23:29इंतजार था। दिलीप कामत के अलावा उसे और
- 23:32कोई जानता नहीं था। शौर्य जैसे ही
- 23:35सिक्योरिटी स्टाफ के पास पहुंचा,
- 23:37सिक्योरिटी वाले ने उससे पास की डिमांड
- 23:39की। शौर्य सोच में पड़ गया कि उसे क्या
- 23:42जवाब दे। अभी वह इसी उलझन में था कि तभी
- 23:45भूत की तरह दिलीप कामत वहां प्रकट हो गया।
- 23:48सर का पास मेरे पास है। आने दो इन्हें।
- 23:51दिलीप कामत ने गार्ड से कहा। गार्ड ने
- 23:53शौर्य के लिए रास्ता दिया। शौर्य दिलीप
- 23:56कामत के पीछे इवेंट हॉल में प्रवेश किया।
- 23:58दिलीप कामत रास्ता बनाता हुआ शौर्य को आगे
- 24:01स्टेज के पास ले गया और एक नंबर टेबल के
- 24:03पास ले जाकर शौर्य को बैठने का इशारा
- 24:06किया। एक कांच के टेबल के पीछे चार सिंगल
- 24:09सोफा लगा हुआ था। शौर्य ने गौर किया कि
- 24:11वहां स्टेज के सामने ऐसे [संगीत] पांच
- 24:13टेबल ही थे जिसके साथ सोफा चेयर लगा हुआ
- 24:15था। नहीं तो बाकी जितने भी टेबल उस हॉल
- 24:18में थे सबके साथ नक्काशीदार आरामदायक
- 24:20कुर्सियां लगी हुई थी। उन सोफा चेयर को
- 24:23देखकर कोई भी यह अंदाजा आसानी से लगा सकता
- 24:25था कि यह पांच टेबल वीआईपी लोगों के लिए
- 24:27ही होगा। उस हॉल की लगभग सारी ही टेबल फूल
- 24:30हो चुकी थी। जो थोड़े बहुत खाली थे वो भी
- 24:33धीरे-धीरे भरते जा रहे थे। वेटर गेस्ट
- 24:36लोगों से आर्डर लेकर उन्हें सर्व किए जा
- 24:38रहे थे। कुछ वेटर अपने हाथों में अलग-अलग
- 24:40तरह के डिशेस लेकर घूम रहे थे। जिन्हें जो
- 24:43पसंद आता लोग अपनी पसंद के हिसाब से वो
- 24:45डिसेस लिए जा रहे थे। शौर्य ने भी अपने
- 24:48पास से गुजर रहे एक वेटर के ट्रे से एक
- 24:50सॉफ्ट ड्रिंक का गिलास लिया और उसका एक
- 24:52सिप लिया। शौर्य को बहुत देर से प्यास लग
- 24:55रही थी। इस ड्रिंक का घूंट लेकर उसे राहत
- 24:58महसूस हुई। उसने लीना की तलाश में नजर
- 25:00घुमाया तो उसे वो 11 नंबर के टेबल पर नजर
- 25:03आई। उसके साथ दो और भी खूबसूरत लड़की बैठी
- 25:06हुई थी जो शायद होटल राजकमल की स्टाफ थी।
- 25:09लीना को उन लड़कियों से बात करते देखकर
- 25:11शौर्य समझ गया [संगीत] कि लीना की दोस्ती
- 25:13उन लड़कियों से हो गई है। अब उसने नताशा
- 25:16की खोज में अपना नजर इधर-उधर घुमाया तो
- 25:18उसे नताशा भी लीना से एक रू पीछे के टेबल
- 25:20नंबर 15 पर रोहन और रत्नाकर शेट्टी के साथ
- 25:23बैठी नजर आ गई। उसने पूरे हॉल में नजर
- 25:26दोहराया। पर उसे मेनका कहीं नजर नहीं आई।
- 25:28उसने मेनका को फोन लगाया। कहां हो [संगीत]
- 25:31तुम? हॉल में नजर नहीं आ रही। मुझे थोड़ा
- 25:34टाइम लगेगा। तुम इवेंट को एंजॉय करो।
- 25:36दूसरी तरफ से मेनका की आवाज आई। शौर्य समझ
- 25:39गया वो किसी काम में बिजी होगी। वैसे भी
- 25:42इस समय उसे शिप्रा और मेघना का ध्यान रखना
- 25:44था। शिप्रा और मेघना एक-एक सोफे पर बैठ
- 25:47गई। पर शौर्य अभी भी खड़ा था। अब तुम
- 25:50खड़े-खड़े किसे ढूंढ रहे हो? बैठ जाओ।
- 25:53मेघना शौर्य को अभी भी खड़ा देखकर बोली।
- 25:56इसी समय दिलीप कामत एक वेटर को अपने साथ
- 25:58लेकर वहां पर आया। उसके हाथ में जो
- 26:00[संगीत] ट्रे था उसमें अलग-अलग तरह की कई
- 26:03डिशेस सजी हुई थी। वेटर ने उन डिशेस को
- 26:05शौर्य के टेबल पर अच्छे से रख दिया। वेटर
- 26:08के जाने के बाद दिलीप कामत ने एक कार्ड
- 26:10शौर्य की तरफ बढ़ाते हुए कहा, बॉस इसमें
- 26:14मेरा नंबर है। आपको कोई भी जरूरत हो तो आप
- 26:17मुझे फोन कर लीजिएगा। शौर्य ने उस कार्ड
- 26:19को अपनी जेब में रख लिया। दिलीप कामत फिर
- 26:22वहां से चला गया। शौर्य ने मेघना की ओर
- 26:24देखकर कहा, ठीक है, तुम दोनों बैठो। मैं
- 26:27जरा अपने कुछ दोस्तों से मिलकर आता हूं।
- 26:29शौर्य खड़े-खड़े ही बोला। मेघना समझ गई कि
- 26:33शौर्य नताशा की बात कर रहा है। इसीलिए
- 26:35उसने पूछा वैसे नताशा कहां है? तुमने
- 26:38मिलवाया नहीं? वो भी पीछे ही बैठी हुई है।
- 26:41इवेंट के बाद मिल लेना। शौर्य बोला फिर
- 26:44तुम्हें भी अभी मिलने की क्या परी है?
- 26:46इवेंट के बाद मिल लेना। शिप्रा बीच में
- 26:48बोल पड़ी। शिप्रा की बात सुनकर शौर्य
- 26:51शिप्रा को देखने लगा। उसे पता नहीं है कि
- 26:54मैं तुम दोनों के साथ हूं। इसीलिए एक
- 26:56मिलकर इसे बोल दूंगा कि मैं उससे इवेंट के
- 26:59बाद मिलूंगा। मेघना ने नताशा की तलाश में
- 27:02अपनी गर्दन पीछे घुमाई। भीड़ में उसकी
- 27:04आंखें एक-एक चेहरे से होकर गुजर रही थी।
- 27:07हॉल में रोशनी भी मध्यम की हुई थी। उस पर
- 27:10भी कलरफुल रोशनी में किसी को पहचानना इतना
- 27:12आसान भी नहीं था। बहुत ध्यान से देखने पर
- 27:15उसने नताशा को देख लिया था। मेघना ने
- 27:18नताशा के साथ बैठी रत्नाकर शेट्टी और और
- 27:20उन दो लड़कों को भी देखा जिसे वो पहचानती
- 27:22नहीं थी। क्या मैं भी तुम्हारे साथ चलूं?
- 27:25मेघना ने शौर्य से पूछा, अरे नहीं [संगीत]
- 27:28अभी रहने दो। उसे नहीं पता है कि तुम भी
- 27:31यहां आई हो। और वैसे भी उसके साथ जो लड़का
- 27:34बैठा हुआ है वो कुछ ज्यादा ही बरबोला है।
- 27:37उसे शो ऑफ करने में कुछ ज्यादा ही मजा
- 27:39[संगीत] आता है। इसीलिए अभी तुम्हारा वहां
- 27:42जाना ठीक नहीं है। शौर्य मेघना को मना
- 27:45करते हुए बोला। ठीक है। फिर तुम उससे
- 27:47मिलाओ। मेघना शौर्य से सहमति जताते हुए
- 27:50बोली। पर हां उसके पास जाकर भूल मत जाना
- 27:53कि हम यही बैठे हैं। शौर्य के जातेजाते
- 27:56शिप्रा थोड़े रूखे स्वर में बोली। शौर्य
- 27:59के जो कदम बढ़ने वाले थे अचानक ठिटक गया।
- 28:02उसे उम्मीद नहीं था कि शिप्रा की तरफ से
- 28:04उसे इस तरह की बात सुनने को मिलेगा। अब
- 28:07खड़े क्या हो गए? जाओ तभी तो जल्दी वापस
- 28:09आओगे। शिप्रा शौर्य को खड़ा होते देखकर
- 28:12बोली। मेघना भी शिप्रा को गौर से देखने
- 28:15लगी कि इसे अचानक क्या हो गया जो वह शौर्य
- 28:17से इस तरह से बात करने लगी। एक तरफ तो
- 28:20उसको ताना भी मार रही है। दूसरी तरफ उस पर
- 28:22हुक्म भी चला रही है। शौर्य ने कुछ
- 28:24रिप्लाई नहीं किया और वहां से आगे बढ़
- 28:27गया। शिप्रा के अभी के रिएक्शन के कारण
- 28:29उसके होठों पर स्माइल भी आ गई। शौर्य पहले
- 28:32लीना के पास पहुंचा। लीना ने शौर्य को
- 28:34देखा तो वो खड़ी होती हुई बोली। आप आ गए
- 28:37मिस्टर श्रवण आइए। यहां एक चेयर खाली ही
- 28:40है। आप यहीं बैठ जाइए। अरे नहीं इसकी
- 28:43जरूरत नहीं है। मेरा टेबल कहीं और है।
- 28:45[संगीत] तुम बैठ जाओ। मैं तो बस यह देखने
- 28:47आया था कि तुम्हें कोई तकलीफ तो नहीं है।
- 28:50शौर्य उसके साथ [संगीत] बैठी दोनों
- 28:51लड़कियों को देखते हुए बोला, नहीं बिल्कुल
- 28:54नहीं। उल्टा यहां मेरी इन दोनों से दोस्ती
- 28:56भी हो गई है। लीना साथ बैठी लड़कियों की
- 28:59तरफ इशारा करती हुई बोली। दोनों लड़कियों
- 29:02ने भी शौर्य को मुस्कुरा कर देखा। क्या
- 29:04तुम नताशा से मिल ली? उसे पता चला कि तुम
- 29:06यहां बैठी हो। शौर्य नताशा की टेबल की तरफ
- 29:09देखता हुआ बोला। इस समय नताशा का चेहरा
- 29:12दूसरी तरफ था। वह इस पोजीशन में शौर्य को
- 29:14नहीं देख सकती थी। नहीं उनको नहीं पता कि
- 29:17मैं यहां बैठी हूं। मैंने जानबूझकर बताना
- 29:19ठीक नहीं समझा। मैं जब इस रोहन कपूर को
- 29:22देखती हूं तो मुझे चिढ़ पड़ती है। इसलिए
- 29:24मैं अभी उनके पास नहीं गई। इवेंट खत्म
- 29:27होने के बाद ही उनसे मिलूंगी। लीना ने
- 29:29अपने उद्गार व्यक्त किया। लीना की बात
- 29:32सुनकर शौर्य का मन किया कि वह जोर से हंसे
- 29:34पर उसने खुद को कंट्रोल किया और
- 29:36मुस्कुराते हुए बोला, "मैं जरा जाकर एक
- 29:38बार उसके दिल में आग लगा आता हूं। क्योंकि
- 29:41अभी रोहन कपूर यही समझ रहा होगा हम लोग
- 29:43बाहर ही कहीं धक्के खा रहे होंगे। क्या
- 29:46मैं भी आपके साथ चलूं? लीना बोली अरे नहीं
- 29:49इसकी कोई जरूरत नहीं है। मुझे ही यहां
- 29:51देखकर उसको शौक लग जाएगा। तुमको देखकर तो
- 29:54गस ही खा जाएगा। इसीलिए एक साथ इतना बड़ा
- 29:57झटका देना ठीक नहीं है। शौर्य की बात
- 29:59सुनकर लीना के चेहरे पर भी स्माइल आ गई।
- 30:01[संगीत] शौर्य नताशा के टेबल के पास
- 30:03पहुंचा। उसने देखा सबके हाथों में ड्रिंक
- 30:06का ग्लास था और सामने प्लेट में कुछ पनीर
- 30:08के पकोड़े पड़े थे। जैसे ही नताशा ने
- 30:10शौर्य को अपने सामने देखा, वह खड़ी हो गई।
- 30:14तुम आ गए? इसमें आश्चर्य की क्या बात है?
- 30:17मैंने तो कहा ही था कि मैं कोई ना कोई
- 30:18जुगाड़ कर लूंगा। शौर्य रोहन की तरफ देखते
- 30:21हुए बोला। रोहन अभी भी अविश्वास भरी नजरों
- 30:24से शौर्य को देख रहा था। उसको अपनी बहन पर
- 30:27गुस्सा भी आ रहा था। उसे इस बात से हैरानी
- 30:30भी हो रही थी कि शौर्य ने आखिर पास का
- 30:32जुगाड़ कैसे किया। उसकी बहन मैनेजर होकर
- 30:34जब उसके लिए एक्स्ट्रा पास की व्यवस्था
- 30:36नहीं कर सकी तो आखिर श्रवण ने यह कैसे
- 30:38किया? तुम किस टेबल पर बैठे हुए हो और
- 30:41लीना कहां है? तुम उसे भी तो अपने साथ
- 30:43लाने वाले थे। रोहन ने जिज्ञासा [संगीत]
- 30:45वश पूछा। मैं किस टेबल पर हूं यह जानकर
- 30:48तुम क्या करोगे? जहां तक रही लीना का सवाल
- 30:51तो वो देखो टेबल नंबर 11 की तरफ [संगीत]
- 30:53लीना वहीं बैठी है। शौर्य ने टेबल नंबर 11
- 30:56की तरफ इशारा किया। लीना को वहां बैठा
- 30:59देखकर रोहन का चेहरा बिगड़ गया। उसे लगा
- 31:01उसका अभी तक कियाधरा सारा व्यर्थ चला गया।
- 31:04रोहन चिढ़कर शौर्य [संगीत] से बोला, "क्या
- 31:06तुम बताओगे कि तुमने यहां कैसे प्रवेश
- 31:08किया? बोला तो था मैंने कि मेरा एक
- 31:11[संगीत] दोस्त सिक्योरिटी में है। उसी की
- 31:13सहायता से मुझे पास मिल गया। शौर्य रोहन
- 31:15के मजे लेते हुए बोला। रोहन को ऐसे चिढ़ते
- 31:18देखकर उसे अच्छा लग रहा था। रोहन ने अपना
- 31:20मोबाइल निकाला और अपनी बहन को फोन किया।
- 31:23रूपा के फोन उठाते ही उसने रूखे स्वर में
- 31:26कहा। कहां हो तुम? क्या एक बार तुम मेरे
- 31:28दोस्तों से मिलने आओगी? ठीक है। मैं अभी 5
- 31:31मिनट में आती हूं। दूसरी तरफ से रूपा की
- 31:33आवाज आई। कौन है वो सिक्योरिटी वाला जिसने
- 31:36तुम्हारे लिए पास की व्यवस्था करवा दिया?
- 31:39फोन रखने के बाद रोहन ने शौर्य से पूछा।
- 31:41अरे यार तुम उसके बारे में जानकर क्या
- 31:43करोगे? कहीं तुम अपनी बहन से उसकी शिकायत
- 31:46करने की तो नहीं सोच रहे हो? शौर्य अपनी
- 31:48बातों में चिंता का पुट डालते हुए बोला।
- 31:51गलत करने वालों की शिकायत तो होनी ही
- 31:52चाहिए। रोहन तल्ख लहजे में बोला। अरे यार
- 31:56उसने मेरी मदद की और तुम उसकी शिकायत करना
- 31:58चाहते हो और तुम यह भी चाहते हो कि मैं
- 32:00तुम्हें उसका नाम भी बताऊं। यह तो गलत बात
- 32:03होगी। शौर्य रोहन को समझाने वाले भाव में
- 32:06बोला। इसी समय रोहन को रूपा आती दिखाई दी।
- 32:09शौर्य ने भी रूपा को आते देख लिया था। वो
- 32:11रोहन से बोला देखो तुमको अपनी बहन से जो
- 32:14बात करनी हो कर लेना। पर मेरे बारे में
- 32:16बात मत करना। अच्छा नहीं लगता कि किसी ने
- 32:19हमारी मदद की और तुम उसी को फंसाने की बात
- 32:21कर रहे हो। यह बोलता [संगीत] हुआ शौर्य
- 32:23ऐसे पोजीशन में खड़ा हो गया कि रूपा सीधा
- 32:26उसका चेहरा नहीं देख सकती थी। रोहन क्या
- 32:29तुम सच में श्रवण के दोस्त की शिकायत करने
- 32:31की सोच रहे हो? शौर्य की बात सुनकर नताशा
- 32:34भी अपना कंसर्न दिखाती हुई बोली। नताशा की
- 32:37बात सुनकर रोहन नताशा की नजर में अच्छा
- 32:39बनने की कोशिश करते हुए बोला। अरे नहीं
- 32:42मिस नताशा मैं ऐसा नहीं करने वाला। पर मैं
- 32:45अपनी बहन से यह तो पूछूंगा ही कि एक
- 32:47सिक्योरिटी वाला यहां के पास का इंतजाम कर
- 32:49सकता है। पर वो हमारे लिए एक एक्स्ट्रा
- 32:51पास का इंतजाम नहीं कर पाई। पर तुम यह
- 32:53ध्यान रखना कि तुम्हारे कारण किसी की
- 32:55नौकरी पर बात नहीं आनी चाहिए। नताशा रोहन
- 32:58को समझाने की कोशिश करती हुई बोली। इसी
- 33:01समय रूपा रोहन के पास पहुंची। उसने नताशा
- 33:04[संगीत] को देखा तो खुश होकर उससे हाथ
- 33:05मिलाती हुई बोली। मिस नताशा आपसे मिलकर
- 33:09बहुत खुशी हुई। मैं कब से आपसे मिलने की
- 33:11प्लानिंग कर रही थी। मैं तो आपकी शूट पर
- 33:13आकर आपकी शूटिंग भी देखना चाह रही थी।
- 33:15[संगीत] पर अचानक इस इवेंट के चक्कर में
- 33:17आज आ नहीं पाई थी। अच्छा हुआ जो आप यहां आ
- 33:20गई। इसी बहाने आपसे मुलाकात ही गई। सबसे
- 33:23पहले तो आपको अपने प्रमोशन के लिए
- 33:25बहुत-बहुत बधाई और सच कहूं तो मुझे भी
- 33:28आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई। नताशा भी खुशी
- 33:30जताते [संगीत] हुए बोली। इसके बाद रूपा
- 33:33रोहन की तरफ पलटी और बोली, हां, तुम बताओ
- 33:37तुम क्यों मुझसे मिलने के लिए परेशान हो
- 33:39रहे थे? ऐसी क्या आफत आ गई जो तुम [संगीत]
- 33:41मुझे बार-बार फोन करने लगे? मैंने तुम्हें
- 33:44एक एक्स्ट्रा पास के लिए कहा पर तुम नहीं
- 33:46करवा पाई। और मेरे एक दोस्त [संगीत] ने
- 33:48यहां के सिक्योरिटी गार्ड के द्वारा यहां
- 33:50का पास उपलब्ध करवा लिया। तुम ही बताओ जो
- 33:53तुम मैनेजर होकर भी नहीं कर पाई। अच्छा
- 33:56क्या तुम बताओगे कि आखिर किसने एक्स्ट्रा
- 33:58पास तुम्हारे दोस्त को उपलब्ध कराया? और
- 34:00तुम्हारा वो दोस्त कौन है जो [संगीत]
- 34:02गार्ड की मदद से अंदर आ गया? नताशा रोहन
- 34:05के साथ के लोगों को देखती हुई बोली। यह है
- 34:08मेरा वो दोस्त जो एक गार्ड की मदद से अंदर
- 34:10आया है। रोहन शौर्य की तरफ इशारा करते हुए
- 34:13बोला। मजबूरन शौर्य को रूपा की तरफ पलटना
- 34:16पड़ा। जैसे ही रूपा की नजर शौर्य से मिली,
- 34:19उसके चेहरे पर आश्चर्य का भाव प्रकट हुआ।
- 34:22रूपा ने जैसे ही शौर्य को देखा, उसकी
- 34:24सांसे थम गई। [संगीत] वो तो सोच भी नहीं
- 34:27सकती थी कि उसे दोबारा शौर्य को इस तरह
- 34:29देखने का मौका मिलेगा। वो यह बात
- 34:32भली-भांति समझ रही थी कि उसे जो यह
- 34:34प्रमोशन मिला है, उसका कारण [संगीत] शौर्य
- 34:36ही है। अगर शौर्य अशोक वालिया से नाराज
- 34:39होकर अपनी सोर्स का इस्तेमाल करके अशोक
- 34:42वालिया को यहां से निकलवाता नहीं, तो इतनी
- 34:44जल्दी [संगीत] उसे यह अपॉर्चुनिटी नहीं
- 34:46मिलने वाली थी। इसलिए एक तरह से वो शौर्य
- 34:48की थैंकफुल भी थी। उसे नहीं पता था कि
- 34:50शौर्य ने अपना क्या सोर्स [संगीत] यूज़
- 34:52किया था अशोक वालिया को यहां से निकलवाने
- 34:54के लिए। पर इतना तो वो समझ ही गई थी कि
- 34:57शौर्य का कोई नजदीकी कनेक्शन मिस मेनका के
- 34:59साथ है। तभी वो अशोक वालिया को यहां से
- 35:02निकाल पाया। अरे मिस्टर श्रवण आप यहां
- 35:04मुझे नहीं [संगीत] पता था कि आप भी इस
- 35:06इवेंट में आए हैं। अगर मुझे पहले पता होता
- 35:08तो मैं किसी को बोलकर पहले ही आपके लिए
- 35:10टेबल की व्यवस्था करवा देती। रूपा हकलाते
- 35:12हुए बोली अरे नहीं उसकी कोई जरूरत नहीं
- 35:15थी। मैंने अपने लिए टेबल अरेंज कर ली है।
- 35:17शौर्य एक स्वाभाविक मुस्कान के साथ बोला।
- 35:20रोहन के लिए यह आश्चर्य की बात थी कि उसकी
- 35:23बहन पहले से शौर्य को जानती है। [संगीत]
- 35:25सिर्फ जानती ही नहीं है। जितने रिस्पेक्ट
- 35:27से वो शौर्य से बात कर रही है वो यह साबित
- 35:29करने के लिए काफी है कि उसकी निगाह में
- 35:31शौर्य एक पावरफुल व्यक्ति है। रोहन असमंजस
- 35:34भरे स्वर में रूपा से बोला क्या तुम श्रवण
- 35:37को [संगीत] पहले से जानती हो? कैसी बात कर
- 35:40रहे हो? जानती नहीं होती तो मैं क्या इनसे
- 35:42ऐसे बात करती? [संगीत] तुम्हें पता होना
- 35:44चाहिए कि मेरी जो यह प्रमोशन है एक तरह से
- 35:46देखा जाए तो यह इन्हीं के कारण संभव हो
- 35:48पाया है। रूपा विनम्रता से बोली उसकी
- 35:51बातों से ही लग रहा था कि वो शौर्य की
- 35:53कितनी आभारी है। रोहन के लिए यह एक बड़ा
- 35:56झटका था। कहां तो वो शौर्य पर रब जमाना
- 35:58चाहता था कि उसकी बहन होटल पैराडाइज की
- 36:00मैनेजर है। और अब उसे पता चल रहा है कि वो
- 36:03मैनेजर है तो शौर्य के ही कारण। उसे अपने
- 36:06[संगीत] अब तक के शौर्य के साथ के बिहेव
- 36:07को लेकर शर्मिंदगीगी होने लगी। शौर्य भी
- 36:10यह बात नोटिस कर पा रहा था। जबकि यह सब
- 36:13देख सुनकर नताशा के चेहरे पर भी मुस्कान
- 36:15थी। उसे शौर्य कभी-कभी मिस्टीरियस जान
- 36:17पड़ता था। जबकि रूपा को यह जानने की भी
- 36:20इच्छा [संगीत] हुई कि रोहन शौर्य को कैसे
- 36:22जानता है। तो रोहन ने बताया कि वो जिस ऐड
- 36:24को शूट कर रहा है उसका प्रोडक्शन मैनेजर
- 36:27श्रवण ही है। इसी समय रूपा के फोन पर कॉल
- 36:30आने लगा। उसने कॉल उठाया और दूसरी तरफ से
- 36:33कुछ सुनने के बाद वो बोली ठीक है मैं अभी
- 36:36आती हूं। इतना कहकर उसने फोन काट दिया और
- 36:39रोहन से बोली अभी मुझे जाना पड़ेगा मैं
- 36:42प्रोग्राम के बाद मिलती हूं। इतना कहकर
- 36:44[संगीत] वो श्रवण की तरफ मुड़ी और उससे
- 36:45बोली मिस्टर श्रवण अभी मुझे मिस लीजा को
- 36:48लेकर आना है। अगर समय मिला तो मैं बीच में
- 36:50आकर आपसे मिलती हूं। वैसे आप किस टेबल पर
- 36:53बैठे हुए हैं। मैं जानता हूं आज आप बहुत
- 36:55बिजी [संगीत] होंगे। इसीलिए इस तकलीफ की
- 36:57कोई जरूरत नहीं है। शौर्य टालते हुए बोला
- 37:00इसमें तकलीफ की कोई [संगीत] बात नहीं है।
- 37:02आप बताइए ना कि आपका टेबल कौन सा है? लीजा
- 37:06जिद करती हुई बोली इसके पीछे [संगीत] लीजा
- 37:08का दूसरा मकसद भी था कि वो यह जानना चाहती
- 37:10थी कि आखिर शौर्य ने अपने लिए अरेंज किया
- 37:13भी तो कौन सा टेबल किया है क्योंकि उसकी
- 37:15निगाह में तो सारे पास ऑलरेडी पहले ही बिक
- 37:17चुके थे तो फिर शौर्य ने यह कमाल कैसे
- 37:20किया शौर्य ने जब देखा कि रूपा मानने वाली
- 37:23नहीं है तो वो रोहन की ओर देखता [संगीत]
- 37:24हुआ बोला टेबल नंबर एक रूपा को इस बात से
- 37:28और भी आश्चर्य हुआ क्योंकि उसे पता था कि
- 37:31टेबल नंबर एक मिस मेनका ने अपने पास रखा
- 37:33हुआ था और उन्होंने यह टेबल मिस्टर श्रवण
- 37:35[संगीत] को दे दिया है तो इसका मतलब यह
- 37:37कोई बहुत ही पहुंची हुई चीज है जिसकी
- 37:39असलियत अभी लोगों को पता नहीं है। अगर
- 37:41रूपा को अर्जेंट नहीं होता तो वो शौर्य को
- 37:44उसके टेबल तक छोड़ने जाती। पर जल्दी के
- 37:46कारण उसने शौर्य से कहा मैं आपसे मिलती
- 37:48हूं मिस्टर श्रवण। इतना कहकर रूपा वहां से
- 37:51चली गई। जबकि रोहन समझ गया था कि शौर्य ने
- 37:54जिस टेबल का नाम लिया था वो यहां का
- 37:56वीआईपी टेबल था। उसके बाद भी शौर्य ने
- 37:59इतने कम समय [संगीत] में यह वीआईपी टेबल
- 38:01अरेंज कर लिया है। इसी से उसको शौर्य की
- 38:03पहुंच का अंदाजा हो गया। अब उसे खुद के
- 38:06लिए डर लगने लगा जो उसने अभी तक शौर्य के
- 38:08साथ व्यवहार किया था। वो बिना कोई समय
- 38:10गवाए शौर्य के [संगीत] पास गया और उससे
- 38:12बोला सॉरी श्रवण सॉरी पर किस लिए? शौर्य
- 38:18अनजान बनता हुआ बोला। सॉरी हर उस बात के
- 38:21लिए जो मैंने आज तुम्हारे साथ किया है। अब
- 38:24जब मैं सोचता हूं तो मुझे लगता है कि
- 38:26मैंने तुम्हारे साथ बहुत गलत व्यवहार किया
- 38:28है। रोहन की बात सुनकर शौर्य मुस्कुराया
- 38:32और बोला कोई बात नहीं [संगीत] ऐसी छोटी
- 38:35बातें हो जाया करती है। मैं ऐसी बातों को
- 38:37दिल पर नहीं लेता। इसी समय स्टेज [संगीत]
- 38:40से भी घोषणा होने लगी थी। शौर्य समझ गया
- 38:43कि जल्दी ही प्रोग्राम शुरू होने वाला है।
- 38:45[संगीत] इसीलिए वो रोहन से बोला तुम लोग
- 38:47अब प्रोग्राम का आनंद लो। मैं भी अब अपनी
- 38:50टेबल पर जाता हूं। शौर्य भी अब इस समय को
- 38:53शिप्रा के साथ बैठकर प्रोग्राम का आनंद
- 38:55लेना चाहता था। उसे शिप्रा के द्वारा कही
- 38:57गई वो बात ध्यान आया जो उसने शौर्य के
- 38:59उसके पास से निकलने से पहले कही थी कि
- 39:02यहां से जाने के बाद तुम भूल मत जाना कि
- 39:04तुम्हें वापस भी आना है। शिप्रा की बात
- 39:06याद करके स्वतः ही उसके होठों पर मुस्कान
- 39:09आ गई थी। वो शिप्रा का चेहरा अपने मन में
- 39:11याद करते हुए वापस जाने के लिए पलटा। वो
- 39:14कुछ कदम ही आगे बढ़ा था तो देखा उसके
- 39:16सामने विजय दीवान आकर खड़ा हो गया था।
- 39:19मुझे नहीं पता था कि फटीचर लोगों की भी
- 39:21औकात इतनी हो गई है कि वो इतनी बड़ी इवेंट
- 39:23को अटेंड कर सकता है। मानना पड़ेगा तुमने
- 39:26बड़ी तरक्की कर ली है। विजय दीवान
- 39:28सरकास्टिक [संगीत] वे में बोला। मानना
- 39:30पड़ेगा पूरे कुत्ते की दुम हो कितने भी
- 39:33समय नली में रह लो पर टेढ़ी की टेढ़ी ही
- 39:35रहोगे। [संगीत] शौर्य भी उसी की भाषा में
- 39:38जवाब देते हुए बोला। विजय को किसी थप्पड़
- 39:40की तरह शौर्य की बात लगी। शौर्य ने गौर
- 39:43किया [संगीत] तो उसने देखा विजय के साथ
- 39:45मानसी भी थी। उसने देखा विजय के एक हाथ पर
- 39:47प्लास्टर चढ़ रखा था और उसका वो हाथ
- 39:50फ्रैक्चर बेल्ट [संगीत] के सहारे गले से
- 39:51लटका हुआ था। तुम्हारी जुबान कुछ ज्यादा
- 39:54ही चलने लगी है। जल्दी ही मैंने तुम्हें
- 39:56इसका सबक नहीं सिखाया तो मेरा नाम विजय
- 39:58दीवान नहीं। विजय आग उगलता हुआ बोला। लगता
- 40:02है अभी एक हाथ गले से लटका हुआ है। उससे
- 40:04तुम्हारा मन नहीं भरा है। अगर यही रवैया
- 40:07रहा तो जल्दी ही दूसरे हाथ की माला भी गले
- 40:09में पहने हुए घूमोगे। शौर्य विजय के टूटे
- 40:12हाथ पर नजर फेरता हुआ बोला। शौर्य की बात
- 40:15सुनकर विजय का चेहरा बिगड़ गया। अचानक ही
- 40:17उसके [संगीत] चेहरे पर एक जलजला सा नजर
- 40:19आने लगा। वो समझ गया कि उसका हाथ उसके
- 40:22कारण ही टूटा था। यानी छगन मगन ने इसी के
- 40:25कहने पर उसका हाथ तोड़ा है। और यह हुआ
- 40:27क्यों? छगन मगन को तो उसने शौर्य का हाथ
- 40:30तोड़ने को भेजा था। इसके लिए उसने अच्छे
- 40:32खासे पैसे भी लिए थे। पर उसी रात को उसने
- 40:34[संगीत] वापस उसी का हाथ तोड़ दिया था।
- 40:36इसने छगन मगन को कैसे अपने कंट्रोल में
- 40:38किया? जो उसका दाव उल्टा उसी पर आकर पड़ा
- 40:41था। विजय के साथ खड़ी मानसी ने जब शौर्य
- 40:43[संगीत] की इस बात को सुना तो उसने शौर्य
- 40:45से कहा, तुम्हारा यह कहने का मतलब क्या
- 40:48हुआ क्या? इसका [संगीत] हाथ तुमने तुरवाया
- 40:50था? मुझसे पूछने से अच्छा है यह सवाल
- 40:52तुमको इसी से पूछना चाहिए कि इसका यह हाथ
- 40:55कैसे टूटा है? शौर्य उपहास भरे स्वर में
- 40:58बोला। पूछने की जरूरत क्या है? मुझे पता
- 41:01है इसका एक छोटा एक्सीडेंट हो गया था।
- 41:03जिसके कारण इसके हाथ में फ्रैक्चर आ गया।
- 41:06मानसी तल्ख लहजे में बोली अच्छा तो इसने
- 41:09तुम्हें यह कहानी सुनाई है कि इसका
- 41:10एक्सीडेंट हो गया है जिसमें इसका हाथ टूट
- 41:13गया था। कमाल है फिर तो ध्यान रखना इसका
- 41:16कहीं फिर से इसका कोई एक्सीडेंट ना हो जाए
- 41:18और मैं तुम्हें यकीन दिलाता हूं अगर इसका
- 41:20यही व्यवहार रहा तो जल्दी ही इसका कोई
- 41:22दूसरा भी एक्सीडेंट ना हो जाए। शौर्य
- 41:25मानसी को चेताते हुए बोला शौर्य की बात
- 41:28सुनकर मानसी घूर कर विजय को देखने लगी। पर
- 41:30विजय मानसी से नजर मिलाने का ताव नहीं ला
- 41:33सका। मानसी को समझते देर ना लगी कि शौर्य
- 41:36ने जो कहा था उसकी बात में सच्चाई है। पर
- 41:38उसे यह समझ नहीं आया कि यह हुआ तो हुआ
- 41:40कैसे? वो आश्चर्य से शौर्य को देखने लगी
- 41:43और सोचने को मजबूर हो गई कि आखिर इस
- 41:46स्ट्रगलर में इतना एटीट्यूड आया कहां से?
- 41:49शौर्य ने जब देखा कि विजय अभी भी उसके
- 41:51सामने ही खड़ा है। तो उसने मानसी से कहा
- 41:54इसे हटाओ मेरे सामने से। नहीं तो कहीं ऐसा
- 41:56ना हो जाए कि बाद में होने वाला एक्सीडेंट
- 41:58अभी ही हो जाए। मानसी शौर्य के सामने से
- 42:01विजय को खींचती हुई एक तरफ लेकर चली गई।
- 42:04शौर्य आगे बढ़ गया। वो अपने टेबल के पास
- 42:07पहुंचा। वो अभी अपने सोफे पर बैठने की सोच
- 42:10ही रहा था कि उसने एक शख्स को लड़खड़ा कर
- 42:12गिरते देखा। शौर्य ने तुरंत रिएक्ट किया
- 42:15और वो शख्स जमीन पर गिरता उससे पहले ही
- 42:18शौर्य ने उस शख्स को अपने मजबूत हाथों में
- 42:21संभाल लिया। उसने उस शख्स को सही सलामत
- 42:23खड़ा किया और पूछा आप ठीक तो हैं? आपको
- 42:26कोई चोट तो नहीं आई? उस शख्स को भी
- 42:29विश्वास नहीं हो रहा था कि वह सही सलामत
- 42:31है। जब उसने देखा [संगीत] कि वो एकदम
- 42:33सलामत है तो वो शौर्य से बोला थैंक यू यंग
- 42:36मैन तुमने सही समय पर मुझे संभाल लिया
- 42:39[संगीत] नहीं तो मुझे गहरी चोट आ सकती थी।
- 42:41शौर्य ने देखा वो शख्स लगभग 50 55 साल का
- 42:44था। रोबिली मुझे और व्यक्तित्व इतना
- 42:46प्रभावशाली कि देखकर स्वतः [संगीत] ही
- 42:48लगता था कि वो किसी बड़े घराने से संबंधित
- 42:51होगा। एक कहावत है ना कि जाको राखी साइयां
- 42:54मार सके ना कोई। बस आप यही समझिए कि आप पर
- 42:58जब ऊपर वाले का रहम है तो कोई आपका क्या
- 43:00ही बिगाड़ लेगा। शौर्य मुस्कुराते हुए
- 43:02बोला ऊपर वाले का तो पता नहीं पर तुम भी
- 43:05किसी ऊपर वाले से कम प्रतीत नहीं हुए।
- 43:07तुमने गजब की फुर्ती का परिचय दिया।
- 43:09[संगीत] एक बार फिर से तुम्हारा बहुत-बहुत
- 43:11धन्यवाद। अगर तुमने फुर्ती नहीं दिखाई
- 43:14होती तो मुझे जरूर कोई गहरी चोट लगती। पता
- 43:17नहीं कैसे [संगीत] पर मेरा पैर स्किट कर
- 43:19गया और मैं खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाया।
- 43:22वो शख्स शौर्य का आभार प्रकट करते हुए
- 43:24बोला शौर्य ने देखा तभी एक ब्लैक शूट पहने
- 43:27एक शख्स सामने आया और उस शख्स से बोला आप
- 43:31ठीक तो है सर उसके पहनावे से ही लग रहा था
- 43:34कि वो काले शूट वाला शख्स उस गिरने वाले
- 43:36शख्स का बॉडीगार्ड होगा। शौर्य ने जब देखा
- 43:39कि वो शख्स उसको धन्यवाद कह रहा है तो
- 43:41उसने कहा धन्यवाद करने की कोई जरूरत नहीं
- 43:44है सर। मेरी जगह कोई और भी होता तो वो भी
- 43:47यही करता। वो शख्स शौर्य के बात करने के
- 43:50ढंग से बहुत प्रभावित हुआ। तुम्हारा नाम
- 43:52क्या है यंग मैन? उस शख्स ने शौर्य से
- 43:55प्रभावित होकर पूछा पहले तो शौर्य
- 43:57हिचकिचाया फिर बोला मेरा नाम श्रवण है सर
- 44:01और यह मेरे पापा वीरभद्र सिंह चौहान है।
- 44:04तभी उस शख्स के पीछे से आगे आकर एक लड़की
- 44:07बोली 24-25 साल की इस लड़की की आवाज सुनकर
- 44:10शौर्य को ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई कोयल कुक
- 44:13है। उसकी निगाह एक पल के लिए उस लड़की के
- 44:16चेहरे में अटक ही गया था। पर जल्दी ही एक
- 44:19दूसरी आवाज ने शौर्य की तंद्रा भंग की। और
- 44:22यह मेरी बेटी कनिका चौहान है। यह आवाज
- 44:25बिरभद्र चौहान की थी। शौर्य के पीछे सोफे
- 44:28से शिप्रा यह सब [संगीत] देख रही थी। जैसे
- 44:30ही उसकी निगाह कनिका पर पड़ी उसके मुंह से
- 44:32निकला। शिप्रा को यकीन नहीं हो रहा था कि
- 44:36वो लड़की सचमुच राजकुमारी कनिका ही है। वो
- 44:39अपनी जगह से बाहर निकली और उसके सामने आकर
- 44:42बोली राजकुमारी कनिका क्या ये तुम हो?
- 44:46कनिका [संगीत] ने जैसे ही शिप्रा की आवाज
- 44:48सुना वो उसकी तरफ देखने लगी। उसने भी
- 44:51शिप्रा को तुरंत पहचान लिया। शिप्रा
- 44:54शिप्रा राय क्या बात है? यह तो सचमुच तुम
- 44:58ही हो। कनिका शिप्रा की तरफ बढ़ती हुई
- 45:00बोली। यकीन नहीं हो रहा कि इतने समय के
- 45:04बाद तुमसे यूं मिलना हुआ। कनिका शिप्रा से
- 45:06गले मिलते हुए बोली। शौर्य और वीरभद्र
- 45:09चौहान आश्चर्य से उन दोनों को देखने लगे।
- 45:12दोनों ऐसे एक दूसरे से मिल रहे थे जैसे
- 45:14कोई पुरानी दोस्त बहुत समय बाद एक दूसरे
- 45:17से मिल रही है। कनिका शिप्रा का हाथ पकड़
- 45:20कर खींचते हुए वीरभद्र चौहान के पास
- 45:22पहुंची और उनसे पहचान कराती हुई बोली पापा
- 45:25इससे मिलिए यह शिप्रा है जिसके बारे में
- 45:28मैंने पहले भी आपको बताया था। हम दोनों
- 45:30साथ में मैनेजमेंट करने के दौरान एक ही
- 45:32रूम शेयर करते थे। अच्छा यह वही है। शायद
- 45:36इससे मेरी पहले भी उस दौरान फोन पर बात हो
- 45:38रखी है। वीरभद्र चौहान मुस्कुराते हुए
- 45:41बोले शिप्रा ने वीरभद्र चौहान को नमस्ते
- 45:44किया और बोली हां अंकल [संगीत] आपसे तो उस
- 45:47दौरान कई बार बात हुई थी। तो तुम भी यहां
- 45:50मिस लीजा का प्रोग्राम देखने आई हो।
- 45:52वीरभद्र जी शिप्रा को ऊपर से नीचे तक
- 45:54देखते हुए बोले हां अंकल है तो ऐसा ही।
- 45:58शिप्रा ने सहमति जताई। अब तक स्टेज पर मिस
- 46:01लीजा के आने की घोषणा हो गई थी। यह देखकर
- 46:03वीरभद्र जी बोले प्रोग्राम शुरू होने वाला
- 46:06है। ऐसा करते हैं प्रोग्राम के बाद मिलते
- 46:08हैं। शिप्रा ने कनिका के साथ नंबर
- 46:11एक्सचेंज किया। दूसरी तरफ वीरभद्र जी अपनी
- 46:13टेबल पर जाते-जाते एक बार फिर से शौर्य को
- 46:16धन्यवाद करते हुए गए। शौर्य जाकर [संगीत]
- 46:18अपनी सोफे पर बैठ गया। मेघना अभी तक सोफे
- 46:21पर ही बैठी हुई थी और वहीं से सब कुछ देख
- 46:23रही थी। जब शौर्य बैठ गया तो वो उसके पास
- 46:26खिसक कर आ गई और पूछा। कौन है यह लोग?
- 46:29क्या तुम उन्हें पहले से जानते हो? अरे
- 46:32नहीं मैं तो उनसे पहली बार मिला हूं। शायद
- 46:35शिप्रा पहले से उस लड़की को जानती है।
- 46:37शौर्य शिप्रा और कनिका की ओर देखते हुए
- 46:39बोला। शिप्रा भी कनिका से विदा लेकर अपनी
- 46:42जगह पर आ गई। उसने देखा वीरभद्र सिंह और
- 46:45कनिका उसी के रूम में टेबल नंबर पांच पर
- 46:47जाकर बैठी थी। शिप्रा के पास आने पर शौर्य
- 46:50खिसक कर साइड में हो गया। शिप्रा दोनों के
- 46:53बीच में आकर बैठ गई। कौन थी यह लड़की
- 46:56जिससे तुम बड़े प्यार से मिल रही थी?
- 46:58मेघना ने शिप्रा के बैठने के बाद पूछा यह
- 47:01कनिका है। इसकी फैमिली भी भानगढ़ के राज
- 47:03परिवार [संगीत] से संबंधित है। जब मैं
- 47:05मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही थी तो उस समय
- 47:07कनिका और मैं रूम पार्टनर हुआ करती थी।
- 47:09शिप्रा खुश होते हुए बोली तो क्या अभी भी
- 47:12यहां राजशाही चल रही है? मेघना बोली अरे
- 47:16नहीं राजशाही तो खत्म हो गई। पर इन लोगों
- 47:19का रुबाब तो अभी भी राजाओं वाली ही है। अब
- 47:21कनिका को ही ले लो। उसे मैं अगर [संगीत]
- 47:23राजकुमारी कह कर बुलाती थी तो उसे बड़ा
- 47:25अच्छा लगता था। हां, समय के साथ थोड़ा
- 47:28चेंज तो आ ही जाता है। शिप्रा बोली, क्या
- 47:31बात है? तुम्हारी तो आजकल बड़ी ठाट हो रखी
- 47:33है। एक राजा साहब की कंपनी की सीईओ बन गई
- 47:36हो और दूसरे राजा साहब की बेटी से पुरानी
- 47:38दोस्ती निकल आई। मेघना तारीफ भरे अंदाज
- 47:41में बोली, अब क्या करें? नसीब अपने-अपने।
- 47:45शिप्रा इतराती हुई बोली, बस एक जगह ही
- 47:48तुम्हारे नसीब ने तुम्हें धोखा दे दिया।
- 47:50मेघना शिप्रा को चिढ़ाने वाले अंदाज में
- 47:52बोली, "तुम किस बारे में बात कर रही हो?"
- 47:56शिप्रा को मेघना के कहने का भाव समझ नहीं
- 47:58आया। बस तुम्हारी शादी तुम्हारे मन
- 48:00मुताबिक नहीं हो पाई। मेघना शौर्य की तरफ
- 48:03इशारा करते हुए शिप्रा के कान के पास जाकर
- 48:05बोली ताकि उसकी बात शौर्य को सुनाई ना दे
- 48:08जाए। इस बीच वेटर शौर्य के टेबल पर कुछ
- 48:11ऑर्डर सर्व कर गया था जो [संगीत] कि पहले
- 48:13ही शिप्रा या मेघना ने ऑर्डर किया हुआ था।
- 48:15इस बीच मिस लीजा का प्रोग्राम भी शुरू हो
- 48:18गया था। जब तक प्रोग्राम चलता रहा सबने
- 48:20उसको [संगीत] खूब एंजॉय किया। मिस लीजा के
- 48:23प्रोग्राम के खत्म होने के बाद शौर्य
- 48:25शिप्रा की ओर देखकर बोला अब तुम लोगों का
- 48:28क्या प्रोग्राम है? [संगीत] हमारा क्या
- 48:29प्रोग्राम होगा? खाना पीना तो है ही गया
- 48:32इसीलिए अब तो घर ही जाना है। शिप्रा मेघना
- 48:35की ओर देखकर बोली तो ठीक है। मैं जाकर
- 48:38नताशा को देख लेता हूं। उन्हें लेकर मैं
- 48:41ही आया था तो उसे लेकर भी मुझे ही [संगीत]
- 48:43जाना होगा। शौर्य उठता हुआ बोला। शौर्य को
- 48:47खड़े होते देखकर मेघना बोली तो क्या तुम
- 48:50हमारे साथ घर नहीं चलोगे? मेरा जाना कहां
- 48:53हो पाएगा? मुझे तो कल का समय भी वहां ही
- 48:56बिताना होगा। तुम्हें पता है ना शूटिंग का
- 48:59शेड्यूल फिक्स है। तो जब तक शूट कंप्लीट
- 49:01नहीं हो जाता तब तक मुझे वहां समय देना
- 49:04होगा। शौर्य मेघना से बोला शिप्रा मेघना
- 49:07का मुंह देखने लगी। यही तो वो नहीं चाहती
- 49:10थी। मेघना शिप्रा के मन का भाव समझ गई।
- 49:13इसीलिए वो जल्दी से बोली क्यों ना ऐसा
- 49:16करें कि हम लोग भी [संगीत] वहीं चलते हैं
- 49:18जहां शूट हो रहा है। एक तरह से हम लोगों
- 49:21की भी पिकनिक हो जाएगी या यूं कहो कि
- 49:23[संगीत] इसी बहाने आउटिंग हो जाएगी। क्या
- 49:26कहती हो तुम? मेघना शिप्रा की ओर देखती
- 49:29[संगीत] हुई बोली। शिप्रा मेघना के इरादे
- 49:31को समझ गई। उसने बड़ी चालाकी से वहां जाने
- 49:34का प्लान बना लिया था। तुम वहां जाने की
- 49:37बात तो कर रही हो पर पहले श्रवण से तो पूछ
- 49:40लो कि वहां रहने के लिए जगह है भी या
- 49:42नहीं। शिप्रा श्रवण की ओर तिरछी नजरों से
- 49:45देखती हुई बोली शौर्य को समझ नहीं आया कि
- 49:48यह क्या हो रहा है। इन लोगों का प्लान यूं
- 49:50अचानक [संगीत] चेंज कैसे हो गया। मेघना
- 49:52शौर्य को देखकर बोली क्या वहां हम लोगों
- 49:55के लिए रहने की व्यवस्था हो जाएगी? शौर्य
- 49:58को सुखद आश्चर्य भी हुआ कि शिप्रा उसके
- 50:01साथ हेवन रिसोर्ट जाने को तैयार है। वो
- 50:03मेघना से बोला [संगीत] वहां रहने की जगह
- 50:06की कोई कमी नहीं है। देखा जाए तो तुम्हें
- 50:08वहां बढ़िया ही लगेगा। फिर तो आज हम
- 50:11तुम्हारे साथ ही चलते हैं। [संगीत]
- 50:13कल शूटिंग भी देख लेंगे कि किस तरह से चल
- 50:15रहा है। मेघना आगे का प्लान बनाती हुई
- 50:18बोली ठीक है फिर तुम दोनों होटल के बाहर
- 50:20मिलो। मैं नताशा [संगीत] एवं बाकी लोगों
- 50:23के साथ बाहर मिलता हूं। इतना कहकर शौर्य
- 50:26वहां से चला गया। शौर्य जब वहां से जा रहा
- 50:28था तभी उसने देखा कि कनिका शिप्रा के पास
- 50:31आ गई थी। शौर्य ने उस ओर ध्यान नहीं दिया
- 50:34और नताशा के पास पहुंचा। अभी शौर्य नताशा
- 50:37के साथ बाहर जाने की सोच ही रहा था कि तभी
- 50:39एक बार फिर से विजय दीवान मानसी के साथ
- 50:41वहां पहुंच गया और तंज कसते हुए नताशा से
- 50:44बोला तुम मिस नताशा अभी भी आप इस फटीचर के
- 50:48साथ हो। मैंने उस दिन आपको समझाने की
- 50:50कोशिश की पर लगता नहीं कि आपको कुछ समझ
- 50:52आया। लगता नहीं कि तुम्हारे पास इतना
- 50:55दिमाग है जो तुम किसी और को समझा सको।
- 50:58नताशा नाराजगी दिखाती हुई बोली। मानना
- 51:01पड़ेगा। पूरे कुत्ते की दुम हो [संगीत]
- 51:03कितनी भी नली में रह लो पर सीधी नहीं होना
- 51:06है। शौर्य विजय के करीब जाता हुआ बोला।
- 51:09फिर शौर्य मानसी को संबोधित कर बोला मिस
- 51:12मानसी क्या [संगीत] ये फेकू इंसान आपका
- 51:14बॉयफ्रेंड है? कैसे झेलती हो आप? ये आप
- 51:17कैसी बात कर रहे हैं मिस्टर श्रवण? विजय
- 51:20मेरा सिर्फ एक दोस्त है ना कि बॉयफ्रेंड।
- 51:22मानसी जल्दी से सफाई देती हुई बोली। अगर
- 51:26दोस्त है तो थोड़ा समझ जाओ उसे [संगीत]
- 51:27क्योंकि दिमाग तो उसका अभी भी घुटने में
- 51:30ही है। शौर्य भी तंज कसते हुए बोला
- 51:33तुम्हारी सारी बदतमीजी मुझे ध्यान रहेगी।
- 51:35मिस्टर श्रवण विजय शौर्य की बात के जवाब
- 51:38में बोला लगता है तुम्हारा एक हाथ जो ठीक
- 51:41है वो तुम्हें बर्दाश्त नहीं हो रहा है
- 51:43मिस्टर दीवान मुझे ज्यादा समय नहीं लगेगा
- 51:46तुम्हारे इस हाथ को भी पहले वाली हाथ की
- 51:48स्थिति में लाने में। शौर्य का गुस्सा
- 51:50विजय दीवान पर बढ़ता [संगीत] जा रहा था।
- 51:53बस भी करो विजय। तुम क्यों दूसरों के फटे
- 51:55में टांग अड़ाने जा रहे हो? चलो यहां से।
- 51:58इतना बोलकर मानसी विजय का हाथ पकड़ कर
- 52:01उसको खींचती हुई वहां से निकल गई। मानसी
- 52:04को डर था कि बात कहीं उसके हाथ से निकल ना
- 52:06जाए। इसीलिए भी वो अब विजय को यहां से ले
- 52:08जाना चाहती थी। कौन था यह आदमी? मिस्टर
- 52:11श्रवण? रोहन विजय की बात सुनकर बोला, कहने
- 52:15को तो शहर के बड़े रईसों में गिना जाता
- 52:17है। पर हरकत ऐसी कि अपनी आदत के कारण अपना
- 52:19हाथ तुड़वा बैठा है। शौर्य उस तरफ देखता
- 52:23हुआ बोला जिधर मानसी विजय को खींचती हुई
- 52:25लेकर गई थी। छोड़ो उसकी बात हम [संगीत]
- 52:28लोग अब यहां से चलें। नताशा खड़ी होती हुई
- 52:31बोली।
- 52:32लीना भी उन लोगों के पास आ गई थी। सभी उस
- 52:36इवेंट हॉल से बाहर आए। बाहर आकर शौर्य ने
- 52:39देखा शिप्रा कनिका को विदा कर रही थी।
- 52:42शौर्य दूर से ही कनिका और वीरभद्र सिंह को
- 52:45जाते देखता रहा। नताशा ने जब मेघना को
- 52:48बाहर देखा तो उसने शौर्य से पूछा मेघना भी
- 52:52इस इवेंट को देखने आई हुई थी तो तुमने
- 52:54मुझे पहले क्यों नहीं बताया? पहले बताने
- 52:56से क्या होता? प्रोग्राम के बाद तो मिलना
- 52:59था ही। शौर्य, नताशा और बाकी लोगों के साथ
- 53:02मेघना और शिप्रा के पास पहुंचा। नताशा
- 53:05मेघना से जाकर गले मिली और शिकायत करती
- 53:08हुई बोली तुम अगर यहां आई थी तो पहले बताई
- 53:12क्यों नहीं [संगीत] मैं भी तुम्हारे साथ
- 53:13बैठकर ही प्रोग्राम एंजॉय करती तुम तो
- 53:16यहां पहले से ही थी मैं तो यहां बाद में
- 53:18आई मैंने श्रवण से कहा था पर उसने ही कहा
- 53:21प्रोग्राम के बाद तो मिलना [संगीत] है ही
- 53:23इसीलिए बीच में मिलने नहीं आई मेघना ने
- 53:26सफाई दी शिप्रा मेघना के साथ खड़ी नताशा
- 53:29की बात सुनती रही उसे नताशा के साथ खड़ा
- 53:32शौर्य अच्छा नहीं लग रहा था मेघना शिप्रा
- 53:34के चेहरे के भाव देखकर समझ रहा था कि उसके
- 53:36[संगीत] दिल में क्या चल रहा है। उसने
- 53:38सोचा नहीं था कि शिप्रा एक दिन में ही
- 53:40शौर्य के लिए इतना पोज़ेसिव हो जाएगी।
- 53:43शौर्य अब वहां से जल्दी निकलना चाहता था।
- 53:45इसीलिए उसने कहा अब यहां समय खराब करने का
- 53:48कोई फायदा नहीं है। हमें अब यहां से
- 53:50निकलना चाहिए क्योंकि कल सवेरे शूटिंग भी
- 53:52शुरू करनी है। इसके बाद सभी वहां से हेवन
- 53:55रिसोर्ट के लिए निकल गए। [संगीत] शिप्रा
- 53:57भी अपनी कार को शौर्य के कार के पीछे लेकर
- 54:00हेवन रिसोर्ट पहुंच गई। हेवन रिसोर्ट में
- 54:03शौर्य ने रत्नाकर शेट्टी से बोलकर शिप्रा
- 54:06और मेघना के लिए कपड़े का इंतजाम करवा
- 54:08दिया। शौर्य ने दोनों के लिए एक कमरे का
- 54:10इंतजाम करवा दिया। पर मेघना वहां जाकर
- 54:13नताशा [संगीत] के साथ उसके कमरे में शिफ्ट
- 54:15हो गई। शौर्य शिप्रा को लेकर उसके कमरे
- 54:18में लेकर गया। देख लो अगर किसी चीज की
- 54:21जरूरत हो तो बता दो। मैं यहां के केयरटेकर
- 54:23को बोलकर व्यवस्था करवा दूंगा। शौर्य
- 54:25शिप्रा को कमरा दिखाता हुआ बोला। तुम किस
- 54:28कमरे में ठहरे हुए हो? शिप्रा ने शौर्य से
- 54:31पूछा, "इसके बगल वाला कमरा मेरा ही है।
- 54:34अगर तुम्हें किसी चीज की जरूरत हो, तो
- 54:36आवाज दे देना।" शौर्य बोला, चलो चलकर
- 54:39तुम्हारा कमरा देखते हैं। शिप्रा [संगीत]
- 54:41दरवाजे की तरफ बढ़ती हुई बोली। शौर्य को
- 54:44शिप्रा का बिहेव समझ नहीं आ रहा था। वो भी
- 54:47शिप्रा के पीछे कमरे से बाहर आ गया। शौर्य
- 54:50शिप्रा को लेकर अपने कमरे में पहुंचा। यह
- 54:52कमरा भी शिप्रा वाले कमरे [संगीत] के जैसा
- 54:54ही था। कमरे में डबल बेड के साथ एक सोफा
- 54:57भी था। शिप्रा सोफा को देखती हुई बोली
- 54:59[संगीत]
- 55:00मैं भी यहीं इस सोफे पर सो जाऊंगी। शौर्य
- 55:04को शिप्रा की इस बात [संगीत] से आश्चर्य
- 55:06हुआ। उसने कहा जब बेड के साथ कमरा उपलब्ध
- 55:09है तो तुम्हें यहां सोफे पर सोने की क्या
- 55:11जरूरत है? वो बात नहीं है। मुझे अकेले उस
- 55:15कमरे में नींद नहीं आएगी। मेघना तो नताशा
- 55:17के साथ चली गई। इसलिए मेरा अकेले उस कमरे
- 55:20में रहना मुमकिन नहीं है। तुम चिंता मत
- 55:22करो। मेरे कारण तुम्हें कोई [संगीत]
- 55:24दिक्कत नहीं होगी। शिप्रा ने शौर्य को
- 55:26आश्वस्त करने की कोशिश की। शौर्य कुछ पल
- 55:29सोचता रहा। फिर बोला, अगर ऐसी बात है तो
- 55:33ऐसा करते हैं कि तुम बेड पर सो जाना और
- 55:35[संगीत] मैं सोफे पर सो जाऊंगा। नहीं,
- 55:38तुम्हें तकलीफ लेने की कोई जरूरत नहीं है।
- 55:40मैं सोफे पर [संगीत] सो जाऊंगी। शिप्रा
- 55:42जिद करती हुई बोली, "क्या तुम मुझे मेरी
- 55:45ही नजर में गिराना चाहती हो? क्या यह
- 55:47अच्छा लगेगा कि तुम सोफे पर सो [संगीत] और
- 55:49मैं बेड पर सोऊंगा?" शौर्य विरोध करता हुआ
- 55:52बोला। शिप्रा शौर्य के बेड के पास गई और
- 55:55उसे देखकर बोली, वैसे भी बेड बड़ा है। हम
- 55:58दोनों इस पर सो सकते हैं? हां, बीच में
- 56:01तकिया रख सकते हैं?
- 56:03शिप्रा की बात सुनकर शौर्य को आश्चर्य
- 56:06हुआ। उसे एक बार को लगा कि उसने कुछ गलत
- 56:09तो नहीं सुन लिया। इसलिए उसने शिप्रा से
- 56:12दोबारा पूछा। क्या कहा तुमने? मैंने कहा
- 56:16बेड बड़ा है तो दोनों इस पर एक साथ सो
- 56:19सकते हैं। शिप्रा शौर्य के संशय को समझ
- 56:22रही थी। शिप्रा का ऐसा करने के पीछे एक
- 56:25मकसद यह भी था कि उसके और शौर्य के बीच
- 56:28में जो दूरी थी उसे वह कम करना चाहती थी।
- 56:31उसके मन में यह बात भी थी कि शौर्य के दिल
- 56:34में यह एहसास भी रहे कि भले उसके बीच एक
- 56:36पति-पत्नी का रिलेशन नहीं बना पर वह हकीकत
- 56:39में पति-पत्नी ही है। मन में यह एहसास उसे
- 56:43और लड़कियों से दूर रखेगा। शौर्य को अभी
- 56:46भी यकीन नहीं हो रहा था कि शिप्रा उसके
- 56:48साथ उसके बेड [संगीत] पर सोने को तैयार
- 56:50है। क्या शिप्रा उसे पसंद करने लगी है?
- 56:53उसका मन रोमांचित होने लगा। [संगीत] उसने
- 56:55थोड़ा और हिम्मत करके एक बार फिर से
- 56:57शिप्रा से कंफर्म किया। तुम्हें पता है ना
- 57:00कि तुम क्या करने जा रही हो? अबकी बार
- 57:03शिप्रा अपनी जगह पर खड़ी हो गई और अपने
- 57:05कमर पर हाथ रखकर शौर्य को घूरती हुई बोली।
- 57:08तुम्हारी सुई एक ही जगह [संगीत] अटक गई है
- 57:10क्या जो तुम बार-बार एक ही सवाल किए जा
- 57:13रहे हो? मैंने जब एक बार कह दिया तो
- 57:16तुम्हें मेरी बात का विश्वास क्यों नहीं
- 57:17हो रहा? ऐसी बात नहीं [संगीत] है कि
- 57:20विश्वास करना नहीं चाहता। पर रह-रह कर
- 57:22मुझे तुम्हारी कंडीशन याद आ जाती है जो
- 57:24तुमने मेरे [संगीत] सामने रखी थी। शौर्य
- 57:27शिप्रा को उसकी बात याद दिलाते हुए बोला
- 57:29एक ही बेड पर सोने से मैंने जो कंडीशन रखी
- 57:32थी वो कहां टूट रही हैं? शिप्रा अनजान
- 57:34बनती हुई बोली कैसी बात करती हो? जब एक ही
- 57:38बेड पर सोएंगे तो गलतियां हो सकती है। अगर
- 57:40सोए में कहीं गलती से मेरा हाथ कहीं
- 57:42तुम्हारे शरीर से टच [संगीत] हो गई तो या
- 57:44किसी और भी हिस्से को छू सकती है। उस
- 57:47कंडीशन में अगर तुम मुझे कुछ बोल दोगी तो
- 57:49फिर मुझे अच्छा नहीं लगेगा। शौर्य सारी
- 57:52संभावना को शिप्रा के सामने रखता हुआ
- 57:54बोला। शिप्रा एक टक शौर्य को देखती रही।
- 57:57ऐसे खुद को देखे जाने से [संगीत] शौर्य
- 57:59अनकंफर्टेबल फील करने लगा। देखो जो हो
- 58:03सकता है उसकी संभावना मैंने व्यक्त की है।
- 58:06तुम मुझे ऐसे घुरकर अनकंफर्टेबल फील मत
- 58:08कराओ। शौर्य बेचारगी से बोला अगर ऐसी बात
- 58:11है तो फिर तुम सोफे पर ही सो जाओ। शायद
- 58:14यही ठीक रहेगा। शिप्रा शौर्य के ऊपर से
- 58:17अपनी नजर फेरती हुई बोली। शौर्य को झटका
- 58:19सा लगा। अभी-अभी जो उसके दिल में उम्मीदों
- 58:22का तूफान उठा था। एक ही पल में सब शांत हो
- 58:24गया। अब उसे खुद पर अफसोस हो रहा था कि
- 58:27उसे क्या जरूरत थी शिप्रा से ऐसे सवाल
- 58:29करने की। जब उसने खुद ही अपनी तरफ से उसे
- 58:32बेड पर सोने को आमंत्रित किया था तो फिर
- 58:34अगर बाद में कुछ ऐसी वैसी हरकत हो भी जाती
- 58:37तो [संगीत] उसको दोष नहीं दिया जा सकता
- 58:38था। पर पहले ही अपने आप को सही साबित करने
- 58:41के चक्कर में उसने अपना एक मौका खो दिया
- 58:43शिप्रा के करीब जाने का। अब वो खुद सामने
- 58:46से जाकर यह कह भी नहीं [संगीत] सकता था कि
- 58:48वो बेड पर ही सोएगा। शिप्रा ने बेड से एक
- 58:51तकिया उठाकर शौर्य की तरफ बढ़ा दिया।
- 58:54शौर्य को मजबूरन [संगीत] शिप्रा से वो
- 58:56तकिया लेना पड़ा। पर वह सोफे की तरफ गया
- 58:58नहीं बल्कि अपनी जगह पर ही खड़ा वो शिप्रा
- 59:01को देखता रहा। शिप्रा रत्नाकर शेट्टी के
- 59:04द्वारा दिए गए कपड़े को लेकर बाथरूम में
- 59:06चली गई। वो जल्दी ही अपने कपड़े बदलकर फिर
- 59:09से जब रूम में वापस आई तो उसने देखा शौर्य
- 59:11अभी भी अपनी जगह पर ही खड़ा है। तो वो
- 59:13शौर्य से बोली क्या हुआ? तुम अभी भी वैसे
- 59:17ही खड़े हो। क्या तुम्हें सोना नहीं है?
- 59:19शौर्य शिप्रा का जवाब सुनकर सोचने लगा कि
- 59:22वह उसको [संगीत] क्या कहें? फिर भी उसने
- 59:24मन में कुछ हिम्मत करके शिप्रा से कहा,
- 59:27मैं सोच रहा हूं तुमने जो पहले कहा था वही
- 59:30ठीक है। बेड सचमुच बहुत बड़ा है इसलिए उस
- 59:33पर हम दोनों आराम से सो सकते हैं। पर अभी
- 59:35तो तुमने कहा था कि सोए हुए में गलती से
- 59:38तुम्हारा हाथ इधर-उधर हो सकता है। शिप्रा
- 59:41शौर्य को घूरती हुई बोली। उसके होठों पर
- 59:44एक शरारती मुस्कान फूटने को तैयार प्रतीत
- 59:46[संगीत] हो रही थी। उसे लगा वो शौर्य की
- 59:48मनस्थिति को अच्छे से समझ पा रही थी।
- 59:51लेकिन तुमने जो तरीका बताया वह भी ठीक
- 59:53प्रतीत हो रहा है। बीच में तकिए की दीवार
- 59:56बना
- 59:56[संगीत]
- 59:56लेने से इस तरह की समस्या से बचा जा सकता
- 59:58है। शौर्य सफाई देता हुआ बोला अगर तुमको
- 1:00:02लगता है तुम ऐसा कर सकते हो तो फिर ठीक
- 1:00:04है। तुम बेड पर सो सकते हो। शिप्रा
- 1:00:08निर्माण फिर से सॉरी को बेड पर सोने की
- 1:00:10अनुमति दे दी। शौर्य ने भी सोच लिया अब वह
- 1:00:14इस तरह की गलती दोबारा नहीं करेगा कि वह
- 1:00:16खुद ही अपने लिए कुआं खोद लेगा। शौर्य भी
- 1:00:19अपने कपड़े को चेंज करके [संगीत] बेड पर आ
- 1:00:21गया। उसने कुछ कुशन सोफे के ऊपर से लिया
- 1:00:24और बेड के बीच में दीवाल बना दिया और एक
- 1:00:27साइड में लेट गया। शिप्रा ने जाकर कमरे की
- 1:00:30लाइट बंद की और वह भी बेड पर [संगीत] आकर
- 1:00:32दूसरी साइड में लेट गई। शौर्य ने महसूस
- 1:00:35किया कि उसका दिल बहुत जोर से धड़क रहा
- 1:00:37है। [संगीत] कमरे में अंधेरा हो गया था।
- 1:00:39इसलिए एक बार को तो कुछ भी दिखाई नहीं दे
- 1:00:41रहा था। पर धीरे-धीरे [संगीत]
- 1:00:43नजर जब अंधेरे की अभ्यस्त हुई तो फिर
- 1:00:45शौर्य को शिप्रा दिखाई देने लगी। शौर्य ने
- 1:00:48महसूस किया कि कुछ देर पहले जो उसकी आंखें
- 1:00:51बोझल सी लग रही थी, अचानक से उसकी नींद
- 1:00:53उड़ गई थी। उसे लग नहीं रहा था कि उसे अब
- 1:00:56जल्दी नींद आने वाली है। यह एहसास ही उसे
- 1:00:59जगाने के लिए काफी था कि उसके बेड पर उसके
- 1:01:02साथ शिप्रा भी सोई हुई है। रात के अंधेरे
- 1:01:04में शिप्रा की सांसों के साथ उसके [संगीत]
- 1:01:06सीने की हरकत बरबस ही उसका ध्यान अपनी ओर
- 1:01:09खींच रही थी। जब उसे लगा इतनी जल्दी उसे
- 1:01:11नींद नहीं आने वाली तो उसने सोचा शिप्रा
- 1:01:14से कुछ बात किया जाए। पर फिर यह भी सोचा
- 1:01:17कि वह बात करें भी तो क्या करें? फिर उसे
- 1:01:19ध्यान आया कि आज उसके दादाजी उसके घर आए
- 1:01:21थे और उसे अभी तक यह पता नहीं था कि वो
- 1:01:24किस लिए शौर्य के घर आए थे। यह बात ध्यान
- 1:01:27आने पर उसने शिप्रा से पूछा आज तुम्हारे
- 1:01:30[संगीत]
- 1:01:30दादाजी मॉडल टाउन वाले घर आए थे। क्या कोई
- 1:01:33विशेष बात थी? शिप्रा को भी ध्यान आया कि
- 1:01:36उसकी इस बारे में शौर्य से कोई बात नहीं
- 1:01:38हुई है। [संगीत] उसने कहा वही पुरानी बात
- 1:01:41वह चाहते हैं कि मैं तुमसे तलाक ले लूं और
- 1:01:44साथ में उन्होंने यह भी कहा कि वह मुझे
- 1:01:46तुमसे तलाक लेने के बाद फिर दोबारा शादी
- 1:01:48के लिए नहीं कहेंगे। जैसे ही शौर्य ने यह
- 1:01:50बात सुनी कि शिप्रा के घर वाले उसकी तलाक
- 1:01:53के बाद भी उसकी दूसरी शादी के लिए नहीं
- 1:01:55कहेंगे। उसका दिल धक से रह गया।
- 1:01:57[संगीत]
- 1:01:57क्योंकि वह यह समझता था कि शिप्रा इसलिए
- 1:02:00उससे तलाक नहीं ले रही थी कि अगर एक बार
- 1:02:02उसने तलाक ले लिया तो फिर उसके घर वाले
- 1:02:04उसकी दूसरी शादी के लिए उसके पीछे पड़
- 1:02:06जाएंगे। उसके मन में यह ख्याल तेजी से
- 1:02:08चलने [संगीत] लगा कि क्या शिप्रा अब उससे
- 1:02:10तलाक ले लेगी? अपनी सोच से बाहर निकल कर
- 1:02:13उसने शिप्रा से पूछा तो फिर तुमने क्या
- 1:02:15कहा? तुम यही तो चाहती थी कि तुम्हारे घर
- 1:02:18वाले तुम्हारी शादी के लिए पीछे ना पड़े।
- 1:02:20मैं यह समझती हूं कि वह अभी इसलिए मेरी
- 1:02:22तलाक के पीछे पड़े हैं [संगीत] क्योंकि वह
- 1:02:24तुम्हें पसंद नहीं कर रहे हैं। लेकिन जहां
- 1:02:26तक रहे मेरे मम्मी पापा का सवाल तो मुझे
- 1:02:29नहीं लगता कि वह इस बात के लिए तैयार
- 1:02:31होंगे। इसलिए अभी मैंने उनको कोई जवाब
- 1:02:33नहीं दिया। शिप्रा लेटे-लेटे ही शौर्य की
- 1:02:36तरफ गर्दन घुमा कर बोली। लेकिन तुम्हें
- 1:02:38उनको जवाब तो देना पड़ेगा। तुम इस तरह कब
- 1:02:41तक उनको जवाब देने से बचती रहोगी? शौर्य
- 1:02:44अपने दिल में उमड़ रहे सवाल को पूछने से
- 1:02:46खुद को रोक नहीं सका। शिप्रा समझ गई कि
- 1:02:49शौर्य क्या जानना चाहता है। इसलिए उसने
- 1:02:51जवाब दिया अगर मुझे तुमसे तलाक लेनी होती
- 1:02:54तो मैं क्या यहां तुम्हारे साथ इस बेड पर
- 1:02:56सो रही होती? शौर्य को समझ नहीं आया कि वो
- 1:02:59इस बात का क्या मतलब निकाले। शिप्रा कौन
- 1:03:02सा उसकी बाहों में सो रही है जो उसने कहा
- 1:03:04कि इससे ही उसको समझ जाना चाहिए। शौर्य को
- 1:03:06शिप्रा के जवाब से तसल्ली नहीं हुई। पर
- 1:03:09फिर भी वह इस बात से खुश था कि शिप्रा ने
- 1:03:11यह नहीं कहा कि वह उससे तलाक लेने वाली
- 1:03:13है। शौर्य शिप्रा की तरफ ही करवट लेकर
- 1:03:16लेटा हुआ था। कुशन के बीच में जो झेरी थी
- 1:03:19उसके द्वारा वो शिप्रा के सीने से लेकर
- 1:03:21चेहरे तक के हिस्से [संगीत] को देख पा रहा
- 1:03:23था। शौर्य कोशिश कर रहा था कि वो सो जाए।
- 1:03:26[संगीत] लेकिन नींद उसकी आंखों से दूर ही
- 1:03:28रही। इसी समय उसने नोटिस किया कि अब उसे
- 1:03:31शिप्रा का चेहरा दिख नहीं रहा है। उसने
- 1:03:33ध्यान से देखा तो देखा कि शिप्रा दूसरी
- 1:03:35तरफ करवट ले रखी थी जिसके कारण शौर्य को
- 1:03:38शिप्रा के सर का पीछे वाला हिस्सा दिख रहा
- 1:03:41था। वो सोचने को मजबूर हो गया [संगीत] कि
- 1:03:43क्या शिप्रा को पता चल गया था कि वो उसी
- 1:03:45को देख रहा है इसलिए उसने करवट फेर ली।
- 1:03:48जैसे ही उसके दिल में यह ख्याल आया कि
- 1:03:50उसकी चोरी पकड़ी गई है। शौर्य बेड पर सीधा
- 1:03:53लेट गया। इस समय उसके मन में विचारों का
- 1:03:56अंधर चल रहा था। शौर्य अपने मन को शांत
- 1:03:59करके सोने की कोशिश कर रहा था। वो चाह रहा
- 1:04:01था कि उसे नींद आ जाए। पर नींद उससे कोसों
- 1:04:05दूर था। उसने एक बार फिर से कुशन के बीच
- 1:04:08की झिरी से शिप्रा की तरफ देखा तो इस बार
- 1:04:11उसे शिप्रा का चेहरा दिखाई दिया। यानी
- 1:04:14शिप्रा ने उसकी और करवट ले रखा था। शौर्य
- 1:04:17ने फिर से करवट बदल ली। एक भीनी खुशबू
- 1:04:21उसको मदहोश किए हुए था। जाने इसी तरह
- 1:04:24कितना ही पल बीत गया। उसने महसूस किया कि
- 1:04:27शिप्रा तो गहरी नींद में सो गई है। पर वो
- 1:04:30अभी तक जाग रहा था। उसने सोचा कितना बड़ा
- 1:04:33पागल है वो जिसको देखकर वो जाग रहा है। वो
- 1:04:36तो जाने कब का सो गई है। उसने थोड़ी देर
- 1:04:39और ईमानदारी से सोने की कोशिश की पर
- 1:04:42कामयाब नहीं हो पाया। उसने सोचा [संगीत]
- 1:04:45अगर ऐसे ही चलता रहा तो वह सारी रात जागा
- 1:04:47ही रह जाएगा। यह सोचकर शौर्य अपने बिस्तर
- 1:04:50से उठा और अपना तकिया लिया और जाकर सोफे
- 1:04:53पर लेट गया। हां, सोफा उतना कंफर्टेबल
- 1:04:56नहीं था। पर आखिर में नींद को हारना ही
- 1:04:58पड़ा। इंतजार करते-करते जाने [संगीत] कब
- 1:05:01उसकी आंख लग गई। सुबह शिप्रा की आंख खुली
- 1:05:04तो उसने बेड के दूसरी साइड में देखा। खाली
- 1:05:08बेड को देखकर उसने यही सोचा कि शायद शौर्य
- 1:05:11पहले ही उठ गया होगा। यह सोचकर वो उठी तो
- 1:05:14अचानक उसकी निगाह सोफे पर गई। वहां उसने
- 1:05:18शौर्य को बेसुध सोए देखा तो उसकी नजर उसी
- 1:05:21पर जम गई। उसने सोचा यह बेड पर कब चल गया
- 1:05:25सोने को? क्या शौर्य को उसके साथ बेड साझा
- 1:05:28करना पसंद नहीं आया? उसे ध्यान आया जब वह
- 1:05:31सोई थी तब तो शौर्य उसके साथ इसी बेड पर
- 1:05:34था। फिर कब वो सोफे पर चला गया। उसे यह
- 1:05:37सोचकर बुरा भी लगा कि शौर्य को उसके साथ
- 1:05:40बेड को साझा करना अच्छा नहीं लगा होगा।
- 1:05:42तभी वह सोफे पर चला गया। उसका मन उदास सा
- 1:05:46हो गया। अभी शिप्रा बेड पर बैठी यही सोच
- 1:05:49रही थी कि [संगीत] तभी उसने दरवाजे पर
- 1:05:51हल्की दस्तक सुनी। उसकी निगाह दरवाजे की
- 1:05:54तरफ घूम गई। उसने सोचा इतनी सुबह कौन आ
- 1:05:57गया। उसे एक पल को घबराहट भी हुई कि किसी
- 1:06:00को पता चल गया कि वो और शौर्य रात में एक
- 1:06:03कमरे में ही सोए थे। तो वो क्या जवाब
- 1:06:05देगी? दरवाजे पर दोबारा दस्तक हुई। पर
- 1:06:08शौर्य पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। वो
- 1:06:11ऐसे ही बेसुध सोया रहा। मजबूरन शिप्रा को
- 1:06:14उठना पड़ा। उसने अपना पहना हुआ गाउन ठीक
- 1:06:17किया और दरवाजे की तरफ बढ़ी। उसने खुद को
- 1:06:20हिम्मत दिया। अगर किसी ने पूछ भी लिया कि
- 1:06:22वो शौर्य के कमरे में क्या कर रही है तो
- 1:06:24इसमें छुपाने वाली क्या बात है? [संगीत]
- 1:06:26इसी बहाने वो अपनी रिलेशन को भी पब्लिक कर
- 1:06:29देगी। यह सोचकर उसने अच्छा महसूस [संगीत]
- 1:06:31किया। वो दरवाजे पर पहुंची और दरवाजा
- 1:06:34खोलने से पहले उसने की होल से झांक कर
- 1:06:36बाहर देखा। तो उसे सामने मेघना दिखाई दी।
- 1:06:40उसका सारा डर हवा हो गया। उसने जल्दी से
- 1:06:43दरवाजा खोला। मुझे पता था तुम यहीं होंगी।
- 1:06:46इसलिए मैंने जैसे ही तुम्हारा कमरा खाली
- 1:06:48देखा, मैं
- 1:06:48[संगीत]
- 1:06:48यहां आ गई। मेघना कमरे के अंदर आती हुई
- 1:06:51बोली। शिप्रा ने फिर से दरवाजा बंद कर
- 1:06:53लिया। मेघना का ध्यान सोफे पर सोए शौर्य
- 1:06:56पर पड़ी। तो तुमने बेचारे को सोफे पर सुला
- 1:06:59दिया। क्या यह सारी रात सोया नहीं है जो
- 1:07:01अभी तक ऐसे घोड़े बेचकर सो रहा है? बोलती
- 1:07:04हुई मेघना बेड पर बैठ गई। मेघना ने बेड की
- 1:07:07स्थिति देखी तो उसका ध्यान बेड के बीच
- 1:07:09[संगीत] में परी कुशन पर पड़ी। उसने
- 1:07:12शिप्रा से पूछा, "यह बेड पर कुशन की दीवार
- 1:07:14क्यों बनी है?" रात को श्रवण भी बेड पर ही
- 1:07:17सोया था। इसीलिए बीच में दीवार बना दी थी।
- 1:07:19पर पता नहीं कब सोफे पर चला गया। शिप्रा
- 1:07:22ने जवाब दिया, तो ऐसी थी तुम्हारी
- 1:07:24सुहागरात। बेड पर कुशन की दीवार। तभी तो
- 1:07:27बेचारा सोफे पर चला गया। आखिर कितना जुल्म
- 1:07:30सहता। मेघना अपना सर पीटती हुई बोली। तुम
- 1:07:33कुछ ज्यादा ही नहीं बोल रही हो। तुम यहां
- 1:07:35करने क्या आई हो? शिप्रा आंख दिखाती हुई
- 1:07:38बोली। अच्छा जी मैं तुम्हें छोड़कर नताशा
- 1:07:41के पास चली गई कि तुम्हारी कहानी कुछ आगे
- 1:07:43बढ़े और अब तुम मुझे ही आंख दिखा रही हो।
- 1:07:46भलाई का तो जमाना ही नहीं है। मेघना अफसोस
- 1:07:49जाहिर करती हुई बोली तुम कुछ भी बोले जा
- 1:07:52रही हो। श्रवण यहीं सो रहा है। वो अगर
- 1:07:55तुम्हारी बात सुनेगा तो क्या समझेगा?
- 1:07:57शिप्रा शौर्य की ओर देखते [संगीत] हुए
- 1:07:59बोली। सुन ले मेरी बला से। मुझे क्या फर्क
- 1:08:02पड़ेगा? मेघना लापरवाही से बोली। शिप्रा
- 1:08:05को मेघना की बात सुनकर चिंता हुई कि शौर्य
- 1:08:08कहीं मेघना की बात सुन ना ले। क्या सोचेगा
- 1:08:11वो? यह सोचकर शिप्रा मेघना से बोली चलो
- 1:08:15यहां से दूसरे कमरे में चलते हैं। यहां
- 1:08:16इसको सोने दो। ओहो अब तो बड़ी चिंता होने
- 1:08:20लगी है पतिदेव की। कहीं उसकी नींद में खलल
- 1:08:22ना पड़ जाए। मेघना अपनी आंख नचाती हुई
- 1:08:25बोली। शिप्रा को लगा अगर वह इस कमरे में
- 1:08:28रही तो मेघना ऐसे ही कुछ भी बोलती रहेगी।
- 1:08:31इसलिए वह मेघना को खींचती हुई उस दूसरे
- 1:08:33कमरे में आ गई जिसे शौर्य ने उसके लिए
- 1:08:35तैयार किया था। उस दूसरे कमरे में आकर
- 1:08:38शिप्रा बेड [संगीत] पर लेट गई तो मेघना भी
- 1:08:40उसके पास ही बेड पर लेट गई। अब साफ-साफ
- 1:08:43बता तुम दोनों के बीच में बात कुछ आगे
- 1:08:45बढ़ी। मेघना गंभीर स्वर में बोली बात आगे
- 1:08:49बढ़ी से क्या मतलब है तुम्हारा? बातें तो
- 1:08:51हुई ही हमारे बीच में। शिप्रा मासूमियत से
- 1:08:54बोली। अरे मैं ऐसी वैसी बात के बारे में
- 1:08:56नहीं पूछ रही। तुम्हारी पसंद नापसंद को
- 1:08:59लेकर बात कुछ आगे बढ़ी या नहीं उसके बारे
- 1:09:01में पूछ रही हूं। मेघना अपनी [संगीत] बात
- 1:09:04स्पष्ट करती हुई बोली तुम्हारी सोच कुछ
- 1:09:06ज्यादा ही लंबी उड़ान नहीं उड़ रही है। यह
- 1:09:09इतना आसान नहीं है कि तुमने कहा और हम
- 1:09:11जादू की जोर से एक दूसरे के करीब आ
- 1:09:13जाएंगे। शिप्रा मेघना को झिरकती हुई बोली
- 1:09:16तुम्हारा कुछ नहीं हो सकता। तुम कुत्ते की
- 1:09:19दुम हो। कितने समय भी नली में रख लो टेढ़ी
- 1:09:22की टेढ़ी ही रहोगी। अब तो मैं भी चाहती
- 1:09:25हूं कि तुम अपने दादाजी की [संगीत] बात
- 1:09:26मानकर शौर्य को तलाक दे ही दो। मेघना
- 1:09:29चिढ़कर बोली, "तुमको ज्यादा मेरी फिक्र
- 1:09:32करने की कोई जरूरत नहीं है। मैं खुद देख
- 1:09:34लूंगी [संगीत] कि मुझे श्रवण के साथ अपने
- 1:09:36रिश्ते को कैसे आगे बढ़ाना है। शिप्रा भी
- 1:09:39रूखे स्वर में बोली। एक घंटे बाद शिप्रा
- 1:09:41और मेघना हेवन रिसोर्ट से निकल कर मॉडल
- 1:09:44टाउन वाले घर पहुंच गई। शिप्रा को जल्दी
- 1:09:46तैयार होकर ऑफिस भी पहुंचना था। दूसरी तरफ
- 1:09:49आज शौर्य लेट से सोकर उठा था। उसे रात की
- 1:09:52सारी कहानी याद आई कि किस तरह उसने जागती
- 1:09:55आंखों से रात बिताई। उठने के बाद जब कमरे
- 1:09:58में उसने शिप्रा को ढूंढा तो वो वहां नहीं
- 1:10:00मिली। शौर्य जल्दी से शिप्रा के कमरे में
- 1:10:02गया तो उसने देखा वो कमरा भी खाली था। इस
- 1:10:04कमरे को भी खाली देखकर इसने [संगीत] जल्दी
- 1:10:07से शिप्रा को कॉल लगाया। दूसरी तरफ से
- 1:10:09शिप्रा के फोन उठाते ही शौर्य ने कहा,
- 1:10:11कहां हो तुम? मैं तो मॉडल टाउन वाले घर आ
- 1:10:13गई हूं। मुझे ऑफिस भी जाना है इसलिए यहां
- 1:10:16आ गई। मेरे सारे कपड़े भी तो यहीं हैं।
- 1:10:18शिप्रा ने अपनी मजबूरी बताई। जाने से पहले
- 1:10:21[संगीत] बता तो देती। शौर्य कंसर्न दिखाते
- 1:10:24हुए बोला, "तुम गहरी नींद में थे इसीलिए
- 1:10:26उठाना ठीक नहीं लगा।" शिप्रा ने जवाब
- 1:10:28दिया, चलो ठीक है, अपना ध्यान रखना। इतना
- 1:10:32कहकर [संगीत] शौर्य ने फोन काट दिया। अपने
- 1:10:34कमरे से तैयार होकर शौर्य रत्नाकर शेट्टी
- 1:10:37के पास पहुंचा। रत्नाकर शेट्टी समय का
- 1:10:39पाबंद आदमी था। उसने शूटिंग स्टार्ट कर
- 1:10:41दिया था। अगले तीन दिन तक शूट का काम चलता
- 1:10:44रहा। मेनका [संगीत] के कॉस्मेटिक आइटम की
- 1:10:45शूटिंग भी साथ में ही पूरा हुआ। इस दौरान
- 1:10:48मेघना और शिप्रा शाम को हेवन रिसोर्ट आ
- 1:10:50जाती थी [संगीत] और यहीं एंजॉय करती थी
- 1:10:52लास्ट के दो दिन। तो मेघना भी यूनिट के
- 1:10:54साथ ही रही थी क्योंकि इन दो दिनों में
- 1:10:56उसके ही कॉस्मेटिक आइटम की शूटिंग हुई थी।
- 1:10:59शूटिंग कंप्लीट होने के बाद मेघना [संगीत]
- 1:11:01अपने घर को चली गई थी। शिप्रा भी अपने काम
- 1:11:03में व्यस्त हो गई थी। अब बहुत हद तक
- 1:11:05फैब्रिक ट्रेंड पर शिप्रा का कंट्रोल भी
- 1:11:07हो गया था। उसने अपने हिसाब से कुछ चीजें
- 1:11:09चेंज भी की थी। दूसरी तरफ शिप्रा ने
- 1:11:11यूरोपीय कंट्री में वहां के टॉप के अपेरल
- 1:11:13ब्रांड को कांटेक्ट करना शुरू कर दिया।
- 1:11:15बांग्लादेश में कच्चे [संगीत] माल की
- 1:11:17आपूर्ति बंद होने के कारण कंपनी को जो
- 1:11:19घाटा हो रहा था उसको ध्यान में रखकर
- 1:11:21शिप्रा ने बिग [संगीत] बुल के साथ एक बड़ा
- 1:11:23एग्रीमेंट किया। शौर्य ने जिंक कलेक्शन के
- 1:11:25मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को और भी विस्तार
- 1:11:27दे [संगीत] दिया था। ऑलरेडी जिंक कलेक्शन
- 1:11:29का प्रमोशनल ऐड बनकर तैयार था। शौर्य का
- 1:11:32प्लान लार्ज स्केल पर जिंक कलेक्शन के
- 1:11:33अपेरल को यूरोपीय कंट्री में एक्सपोर्ट
- 1:11:36करने का था। इसके लिए उसने जिंक कलेक्शन
- 1:11:38के ऐड को इंटरनेशनलली प्रमोट करने का
- 1:11:40प्लान भी बनाया था। [संगीत] वो यह समझ रहा
- 1:11:42था कि जैसे ही जिंक कलेक्शन का ऐड होना
- 1:11:44शुरू होगा, कंपनी के अपेरल का डिमांड भी
- 1:11:46एक बार में ही बढ़ जाएगी। इसीलिए उसके पास
- 1:11:49सफिशिएंट मात्रा में अपेरल तैयार होना
- 1:11:51जरूरी है। जिसके लिए शौर्य ने [संगीत]
- 1:11:53मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को पहले ही विस्तार
- 1:11:55दे दिया था। दूसरी तरफ हर्षल मेहता ने
- 1:11:57दिनकर पोदार और भूषण के सहयोग से बसंत
- 1:12:00कुंज में अच्छा खासा जमीन अधिग्रह कर लिया
- 1:12:02था। और इधर रत्नाकर शेट्टी भी ऐड का शूट
- 1:12:05कंप्लीट होने के बाद अब पूरी तरह से शौर्य
- 1:12:07के फिल्म निर्माण कंपनी के काम में लग गया
- 1:12:09था। कंपनी के रजिस्ट्रेशन के साथ ही उसने
- 1:12:12एक साथ पांच फिल्म के लिए स्टोरी तलाशने
- 1:12:14से लेकर गीत संगीत के लिए भी फ्रेश लोगों
- 1:12:16को ढूंढना शुरू कर दिया था। फिल्म के काम
- 1:12:19के संबंध में ही आज रत्नाकर [संगीत]
- 1:12:20शेट्टी ने शौर्य की मीटिंग मालिनी खुराना
- 1:12:23के साथ फिक्स की हुई थी। दरअसल कबीर
- 1:12:25शेखावत से विवाद के बाद उसके पिता रणधीर
- 1:12:27शेखावत ने इंडस्ट्रीज में नताशा और शौर्य
- 1:12:30के लिए एक अभियान चला दिया था कि उसके साथ
- 1:12:32कोई काम नहीं करेगा। रणधीर शेखावत ने
- 1:12:35सुधाकर खुराना के ऊपर भी ऐसा ही दबाव
- 1:12:37बनाया था [संगीत] जिसके कारण सुधाकर
- 1:12:39खुराना के प्रेशर में मालिनी को अपने इस
- 1:12:41प्रोजेक्ट से पीछे हटना पड़ा क्योंकि
- 1:12:43स्टोरी की राइट मालिनी के पास था और
- 1:12:45रत्नाकर शेट्टी को भी यह स्टोरी बहुत पसंद
- 1:12:47था इसीलिए वो चाहता था कि अगर मालिनी
- 1:12:50खुराना इस फिल्म पर आगे काम नहीं करती है
- 1:12:52तो कम से कम वो उस स्टोरी को उसके [संगीत]
- 1:12:54नाम कर दे ताकि वो उस पर काम कर सके।
- 1:12:56शौर्य समय पर होटल रीगल पहुंचा। रत्नाकर
- 1:12:59शेट्टी और [संगीत] मालिनी पहले ही वहां
- 1:13:01पहुंचे हुए थे। शौर्य मालिनी के सामने
- 1:13:03बैठते हुए बोला गुड मॉर्निंग मिस मालिनी
- 1:13:06आप तो अपने काम के लिए मुझे तैयार करके
- 1:13:08भूल ही गई अगर आपको [संगीत] फिल्म करनी ही
- 1:13:10नहीं थी तो मुझे यूं उम्मीद देने की क्या
- 1:13:13जरूरत थी शौर्य की बात सुनकर मालिनी के
- 1:13:16चेहरे पर थोड़ी शर्मिंदगी झलकने लगी वो
- 1:13:19खेद प्रकट करती हुई बोली देखा जाए तो मैं
- 1:13:22तुम्हारी गुनहगार हूं [संगीत] इसीलिए
- 1:13:24तुम्हारा यह बोलना जायज है पर यकीन करो
- 1:13:27मैं अपनी तरफ से इस फिल्म को करने के लिए
- 1:13:29पूरी तरह से तैयार थी पर लास्ट में पता
- 1:13:32नहीं कहां से यह रणधीर शेखावत [संगीत] ने
- 1:13:34मेरे पापा को डरा दिया कि वो आपके साथ
- 1:13:36मुझे इस फिल्म को करने से रोके। वरना
- 1:13:39फिल्म तो शूट हो जाएगी पर रिलीज करने के
- 1:13:41लिए हॉल नहीं मिलेगा। मेरे पापा डर गए और
- 1:13:44उन्होंने मुझे तुम्हारे साथ काम करने से
- 1:13:46रोक दिया। मुझे तुम्हारे साथ ही इस फिल्म
- 1:13:48को करनी थी। इसीलिए मैंने फिर आगे इस पर
- 1:13:51कोई काम भी शुरू नहीं किया। जबकि इसके
- 1:13:53गाने पहले से बनकर [संगीत] तैयार हैं। चलो
- 1:13:56ठीक है। मैं आपकी इस परेशानी को समझता हूं
- 1:13:58कि आपके पिताजी रणधीर शेखावत [संगीत] के
- 1:14:00प्रेशर को झेल नहीं सके। इसलिए मैं आपके
- 1:14:03सामने एक प्रपोजल रखता हूं। आपने अभी तक
- 1:14:05इस फिल्म के प्री प्रोडक्शन में जो भी
- 1:14:07खर्च [संगीत] किया है उस पर 20% प्रॉफिट
- 1:14:09के साथ जो भी अमाउंट बनता है वो मैं आपको
- 1:14:12दिलवा देता हूं और आप इस फिल्म के सारे
- 1:14:14राइट हमारे नाम कर दें ताकि हम इस फिल्म
- 1:14:17को पूरा कर सकें। शौर्य सीधा [संगीत]
- 1:14:19मुद्दे की बात पर आता हुआ बोला। शौर्य की
- 1:14:21बात सुनने के बाद मालिनी ने आश्चर्य से
- 1:14:24शौर्य की [संगीत] ओर देखा और बोली क्या
- 1:14:26तुम्हारे पास इतने पैसे हैं जो तुम इस
- 1:14:28फिल्म को पूरा कर पाओगे? आपने सही कहा कि
- 1:14:31मेरे पास इतने पैसे नहीं है पर मेरे पास
- 1:14:33एक फाइनेंसर [संगीत] है जो मेरे लिए इस
- 1:14:35फिल्म को फाइनेंस कर सकता है। आप मिस्टर
- 1:14:37रत्नाकर शेट्टी से इस बारे में पूछ सकती
- 1:14:39हैं। यह उस फाइनेंसर से मिल चुके हैं।
- 1:14:42शौर्य रत्नाकर शेट्टी की ओर देखकर बोला
- 1:14:45मालिनी ने आश्चर्य से रत्नाकर शेट्टी की
- 1:14:47तरफ देखा। मिस्टर शेट्टी आपने अभी तक मुझे
- 1:14:50बताया नहीं कि आपकी इस फिल्म को लेकर किसी
- 1:14:52फाइनेंसर से बात हुई है। जब तक कुछ फाइनल
- 1:14:55नहीं होता तब तक उसके बारे में बात करना
- 1:14:57जल्दबाजी होती मिस मालिनी। इसीलिए तो जब
- 1:14:59सब फाइनल हो गया उसके बाद ही मिस्टर श्रवण
- 1:15:02के साथ आपकी मीटिंग रखवाई है। रत्नाकर
- 1:15:04शेट्टी सफाई देता हुआ बोला पर श्रवण मान
- 1:15:07लिया तुमने फिल्म कंप्लीट कर भी ली। पर
- 1:15:09बाद में तो उसको रिलीज करने को लेकर
- 1:15:11प्रॉब्लम आएगी। तब क्या करोगे? क्योंकि
- 1:15:14रणधीर शेखावत इस इंडस्ट्रीज [संगीत] का
- 1:15:16बड़ा डिस्ट्रीब्यूटर है। कोई भी उसके
- 1:15:18खिलाफ जाने की हिम्मत नहीं करेगा। मालिनी
- 1:15:21ने अपनी चिंता व्यक्त की। आप उसकी चिंता
- 1:15:23ना करें। समय आने पर वो भी मैनेज हो
- 1:15:25जाएगा। शौर्य मुस्कुराते हुए विश्वास के
- 1:15:28साथ बोला। मालिनी को शौर्य का कॉन्फिडेंस
- 1:15:30देखकर अचरज भी हुआ। वो सोचने लगी कि पहले
- 1:15:33तो यह फिल्म करने के लिए ही तैयार नहीं था
- 1:15:35और अब अपनी फिल्म के लिए फाइनेंसर भी ढूंढ
- 1:15:38लिया। [संगीत] आखिर इसका रीजन क्या है? यह
- 1:15:40सोचकर उसने शौर्य से पूछा, क्या मैं जान
- 1:15:43सकती हूं कि पहले तो तुम फिल्म करने को ही
- 1:15:44तैयार नहीं थे और अब खुद ही फाइनेंसियर
- 1:15:47ढूंढ लाए? समय आने पर तुम्हें [संगीत]
- 1:15:49इसका कारण भी समझ आ जाएगा। शौर्य
- 1:15:51सरकास्टिक वे में बोला, ठीक है, मैं
- 1:15:54तुम्हें इस फिल्म की [संगीत] राइट देने को
- 1:15:55तैयार हूं। पर इस फिल्म में हीरोइन कौन
- 1:15:57होगी? मालिनी संकोच भरे स्वर में बोली अगर
- 1:16:01तुम तैयार हो तो मुझे किसी और हीरोइन की
- 1:16:03जरूरत नहीं है। [संगीत]
- 1:16:04शौर्य मालिनी की आंखों में देखते हुए
- 1:16:06बोला। शौर्य की बात सुनकर मालिनी की आंखों
- 1:16:09में चमक आ गई। वो खुश होते हुए बोली अगर
- 1:16:13तुम मुझे इस फिल्म में हीरोइन बनाने के
- 1:16:15लिए तैयार हो तो जो तुमने 20% प्रॉफिट
- 1:16:17देने की बात की वो मुझे नहीं चाहिए। तुम
- 1:16:20मुझे सिर्फ जो प्री [संगीत] प्रोडक्शन में
- 1:16:21मेरी लागत है वो दिलवा देना। तभी शौर्य के
- 1:16:24मोबाइल पर एक कॉल आने लगा। शौर्य ने नंबर
- 1:16:27देखा तो यह छगन का नंबर था। उसने सोचा भी
- 1:16:30कि छगन इस समय उसे फोन क्यों कर रहा है?
- 1:16:33उसने [संगीत] फोन उठाया। दूसरी तरफ से छगन
- 1:16:36की बात सुनकर शौर्य के चेहरे पर चिंता
- 1:16:38झलकने लगी। वो जल्दी में दिखने लगा। वो
- 1:16:41टेबल से उठता हुआ बोला। मिस्टर शेट्टी आप
- 1:16:44बाकी का फॉर्मेलिटी मिस मालिनी के साथ कर
- 1:16:46लीजिए। अभी मुझे कुछ अर्जेंट काम आ गया
- 1:16:48है। इसीलिए मुझे जाना होगा। शौर्य होटल
- 1:16:51रीगल से निकलकर अपनी कार में बैठा और उसने
- 1:16:54शिप्रा को फोन लगाया पर उसका फोन नहीं
- 1:16:57लगा। उसके माथे पर चिंता की लकीरें नजर
- 1:17:00आने लगी। उसने दोबारा छगन को फोन किया।
- 1:17:02तुमने [संगीत] किस जगह से शिप्रा को उठाने
- 1:17:04की बात की? छगन के फोन उठाने पर शौर्य ने
- 1:17:07उससे पूछा। बॉस धौली रोड से वहां कुछ
- 1:17:10इलाका सुनसानपुर जाता है। उसी जगह से
- 1:17:12शिपरा में हमको उठाया गया है। छगन ने जवाब
- 1:17:15दिया। अभी तुम क्या कर रहे हो? क्या तुम
- 1:17:18अभी वहां पहुंच सकते हो? शौर्य ने जल्दी
- 1:17:20में बोला, "मैं अभी पहुंचता हूं बॉस। मुझे
- 1:17:2310-15 मिनट लगेंगे। छगन बोला, शौर्य ने
- 1:17:27फोन काटा और मोबाइल में धोली रोड [संगीत]
- 1:17:29का लोकेशन लगाया और रफ्तार से अपनी कार को
- 1:17:32लोकेशन की तरफ बढ़ाया। गाड़ी हवा से बात
- 1:17:35कर रही थी। शौर्य का जबड़ा भी हुआ था। कुछ
- 1:17:38ही देर में उसकी कार धौली रोड पर थी। उसने
- 1:17:41नोटिस किया कि मार्केट खत्म होने के बाद
- 1:17:44आगे का एरिया खाली पड़ता है। वहां कोई
- 1:17:46आबादी नहीं थी। एक तराहे के [संगीत] पास
- 1:17:49शौर्य को शिप्रा की कार सड़क के एक किनारे
- 1:17:51खड़ी नजर आई। शौर्य ने कुछ आगे जाकर अपनी
- 1:17:54गाड़ी रोकी और उससे बाहर आया। वो शिप्रा
- 1:17:57की कार के पास आया [संगीत] तो उसने देखा
- 1:17:59कि शिप्रा की कार सड़क पर तिरछी होकर खड़ी
- 1:18:02है। उसका एक तरफ का दरवाजा खुला हुआ था।
- 1:18:05सड़क पर [संगीत] आने जाने वाले बाइक सवार
- 1:18:07रुक-रुक कर इस लावारिस कार को देख रहे थे।
- 1:18:10शौर्य ने नोट किया कि [संगीत] जहां शिप्रा
- 1:18:12की कार खड़ी थी वहां से एक कच्चा रास्ता
- 1:18:15शहर से बाहर की तरफ जा रहा था जो आगे जाकर
- 1:18:17[संगीत] एक जंगल से मिलता था। शौर्य खड़ा
- 1:18:20उस दिशा में देख रहा था। उसे विश्वास था
- 1:18:23कि जिसने भी शिप्रा को किडनैप किया है वो
- 1:18:25उसे लेकर इसी दिशा में गया होगा। उसे समझ
- 1:18:29नहीं आ रहा था कि आखिर शिप्रा को किसने
- 1:18:30किडनैप किया होगा। उसके दिमाग में कई नाम
- 1:18:33घूम रहे थे। पर वो किसी को लेकर श्योर
- 1:18:36नहीं था। सबसे बुरी बात यह थी कि शिप्रा
- 1:18:38का फोन भी स्विच ऑफ था और अभी तक किसी का
- 1:18:41धमकी भरा कॉल भी नहीं आया था। जिससे शौर्य
- 1:18:43यह अंदाजा लगा सकता कि शिप्रा को किसने
- 1:18:45किडनैप किया है। अभी शौर्य इसी उलझन में
- 1:18:48था कि तभी उसने अपने पास किसी गाड़ी के
- 1:18:50रुकने की आवाज सुनी। उसने पलट कर देखा तो
- 1:18:53पास ही एक स्कर्पियो से छगन को उतरते
- 1:18:56देखा। छगन उसके पास पहुंचा। तुम्हें कैसे
- 1:18:59पता चला कि शिप्रा किडनैप हो गई है? शौर्य
- 1:19:01ने छूटते ही सबसे पहला सवाल छगन से यही
- 1:19:04किया। आपको वो लड़का याद होगा जब पिछली
- 1:19:06बार विजय दीवान के कहने पर हमने आपको घेरा
- 1:19:09था और आपने हमारे एक लड़के को एक किक मारी
- 1:19:11थी जिसका नाम बजरंगी है। उसी से हमें यह
- 1:19:14खबर मिली थी। छगन ने जवाब दिया पर इस
- 1:19:16बजरंगी को कैसे पता चला? वो परेशानी भरे
- 1:19:19स्वर में बोला बॉस कुछ दिन पहले हमारे शहर
- 1:19:22में एक गैंग आया है। उसे यहां के कुछ लोकल
- 1:19:25लड़के अपने काम के लिए चाहिए थे। जिसके
- 1:19:27[संगीत] लिए उसने यहां के लोकल गुंडों को
- 1:19:28कांटेक्ट करना शुरू किया था। जिन कुछ
- 1:19:31लोगों को उसने अपने काम में सपोर्ट करने
- 1:19:32के लिए सेलेक्ट किया था उसमें हमारा
- 1:19:34बजरंगी भी था। इस काम के लिए वो पैसे भी
- 1:19:37अच्छे दे रहा था। इसलिए बजरंगी भी उसके
- 1:19:40साथ हो लिया। दूसरी बात यह थी कि किसी
- 1:19:42लड़के को पता नहीं था कि उससे वो लोग क्या
- 1:19:44काम लेने वाले हैं। पर पैसे अच्छे मिल रहे
- 1:19:47थे। इसीलिए उन लड़कों ने इस बारे में
- 1:19:49ज्यादा पूछताछ भी नहीं की। इतना तो सबके
- 1:19:52समझ में आ रहा था कि किसी सही काम के लिए
- 1:19:54इतने पैसे नहीं मिलने वाले थे। जब आज
- 1:19:56शिप्रा मैम को यहां से किडनैप किया गया तो
- 1:19:59बजरंगी उन्हें देखते ही पहचान गया कि वो
- 1:20:01आपकी वाइफ है क्योंकि उस दिन आपके साथ
- 1:20:03उसने आपकी पत्नी को देखा था। बजरंगी को
- 1:20:06जैसे ही समझ में आया कि जिसे किडनैप किया
- 1:20:08गया है वो आपकी पत्नी है। उसने मुझे मैसेज
- 1:20:11करके यह बात बताई। छगन ने विस्तार से
- 1:20:13शौर्य को पूरी [संगीत] बात बताई। इसका
- 1:20:15मतलब बजरंगी अभी भी उन किडनैपर्स के साथ
- 1:20:18है। बात शौर्य को समझ में आई और उसे एक
- 1:20:20उम्मीद की किरण भी नजर आई। वो उम्मीद भरे
- 1:20:23स्वर में बोला, साथी होगा बॉस। मैंने
- 1:20:26जानबूझकर उसे फोन नहीं किया कि कहीं किसी
- 1:20:28को उसके ऊपर शक ना हो। मैंने पहले आपको
- 1:20:31बताना जरूरी समझा। छगन बोला, तुम्हारा
- 1:20:34बहुत-बहुत धन्यवाद छगन जो तुमने हमारे लिए
- 1:20:36यह काम किया। मैं इस बात का ध्यान रखूंगा।
- 1:20:39पर अभी मुझे तुम्हारी और भी सहायता की
- 1:20:41जरूरत होगी। शौर्य छगन का धन्यवाद करता
- 1:20:44हुआ बोला। आप कैसी बात कर रहे हैं बॉस?
- 1:20:47मैंने आपको बॉस कहा है तो मैं आपको मानता
- 1:20:50भी हूं। आपके लिए कुछ भी कर सकता हूं। छगन
- 1:20:53आदर के साथ बोला, क्या तुम उस आदमी को
- 1:20:55जानते हो जिसने बजरंगी जैसे लड़कों को
- 1:20:57हायर किया था अपने काम के लिए? शौर्य
- 1:20:59बेचैनी से पहलू बदलते हुए बोला, उसका नाम
- 1:21:03रुस्तम है बॉस। वो भानगढ़ से संबंध रखता
- 1:21:06है। उसके बारे में कहा जाता है कि वो
- 1:21:08[संगीत] मार्शल आर्ट्स का बढ़िया लड़ाका
- 1:21:10है। उसके अपने गैंग में तीन-चार लोग ही
- 1:21:13हैं। जब उसे लड़कों की जरूरत होती है तो
- 1:21:15वो ऐसे ही जरूरत के हिसाब से लड़कों को
- 1:21:18पैसे देकर कुछ समय के लिए हायर कर लेता है
- 1:21:21और काम समाप्त होने पर गायब हो जाता है।
- 1:21:24छगन ने जो जानता था रुस्तम के बारे में
- 1:21:27बता दिया। शौर्य को यह जानकर थोड़ी तसल्ली
- 1:21:30हुई कि अगर रुस्तम ने शिप्रा को किडनैप
- 1:21:32किया है तो जरूर वह किसी और के लिए किया
- 1:21:35होगा। इसीलिए अभी तुरंत तो शिप्रा के लिए
- 1:21:37खतरा नहीं होगा क्योंकि रुस्तम जिसके लिए
- 1:21:40भी यह काम कर रहा होगा शिप्रा को उसे
- 1:21:42सौंपने में थोड़ा समय तो लगेगा लेकिन अगर
- 1:21:45शौर्य ने जल्दी कुछ नहीं किया तो शिप्रा
- 1:21:47के लिए खतरा हो सकता है। क्या तुम अभी
- 1:21:50बजरंगी से पता कर सकते हो कि इस समय वो
- 1:21:52कहां है? यह सोचकर शौर्य ने छगन से पूछा।
- 1:21:56क्या मैं उसे फोन करूं बॉस? इसमें बजरंगी
- 1:21:59के लिए कोई खतरा तो नहीं होगा। छगन शौर्य
- 1:22:01से इजाजत लेता हुआ बोला। छगन की [संगीत]
- 1:22:04बात सुनकर शौर्य सोच में पड़ गया। कुछ सोच
- 1:22:07कर उसने कहा, एक बार ट्राई करो। अगर नहीं
- 1:22:10उठाता है तो दोबारा मत करना। छगन ने
- 1:22:13बजरंगी को फोन लगाया। पर पूरी रिंग जाने
- 1:22:16के बाद भी बजरंगी ने फोन नहीं उठाया।
- 1:22:18शौर्य ने दोबारा छगन को फोन करने से मना
- 1:22:21कर दिया। क्या उसने तुम्हें पहले बताया था
- 1:22:24कि वो शिप्रा को लेकर कहां जा रहा है?
- 1:22:26शौर्य कुछ सोचकर छगन से पूछा, नहीं बॉस,
- 1:22:30मेरी उससे कोई बात नहीं हुई है। जिस समय
- 1:22:33उन लोगों ने शिप्रा मेम को किडनैप किया
- 1:22:35था, उस समय बजरंगी ने मुझे मैसेज के
- 1:22:37द्वारा यह बताया था। बात तो उसने की ही
- 1:22:39नहीं। एक काम करो। मुझे बजरंगी का नंबर
- 1:22:43दो। शौर्य अपना मोबाइल निकालते हुए बोला,
- 1:22:46छगन ने शौर्य को बजरंगी का नंबर दिया।
- 1:22:49नंबर नोट करने के बाद शौर्य [संगीत] किसी
- 1:22:51को फोन लगाने लगा। दूसरी तरफ एक एंबुलेंस
- 1:22:54एक कच्चे रास्ते पर तेजी से बढ़ता जा रहा
- 1:22:56था। एंबुलेंस के पीछे वाले हिस्से में
- 1:22:59शिप्रा डरी [संगीत] सहमी सी बैठी हुई थी।
- 1:23:01उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसके साथ क्या
- 1:23:04हो रहा था। कुछ देर पहले वो अपने ऑफिस जा
- 1:23:06रही थी। अचानक ही उसे धौली रोड पर एक बाइक
- 1:23:09का एक्सीडेंट हुआ नजर आया। बीच रोड पर एक
- 1:23:12बाइक पलटी हुई थी और उसके नीचे एक शख्स
- 1:23:15दबा हुआ पड़ा था। शिप्रा ने यह देखा तो
- 1:23:17[संगीत] जल्दी से उसने बीच सड़क पर अपनी
- 1:23:19कार रोक दी और जल्दी से बाहर आकर उस बाइक
- 1:23:21के पास पहुंची। उसने बाइक उठाने की
- 1:23:24[संगीत] कोशिश की पर बाइक भारी होने के
- 1:23:26कारण उठा नहीं पा रही थी। उसी समय उसने
- 1:23:29विपरीत दिशा से एक एंबुलेंस को आते देखा।
- 1:23:32शिप्रा को बाइक [संगीत] के नीचे दबा शख्स
- 1:23:33अचेत जान पड़ रहा था। एंबुलेंस आकर शिप्रा
- 1:23:36के सामने रुका और उसका पीछे का दरवाजा
- 1:23:39खुला। शिप्रा इंतजार करने लगी कि कोई अभी
- 1:23:42एंबुलेंस से स्ट्रेचर बाहर लाएगा। पर उसी
- 1:23:44समय उसने अपने पीछे एक आहट महसूस की। जैसे
- 1:23:48ही उसने पलट कर देखा तो उसे बाइक के नीचे
- 1:23:50दबा शख्स उसके पीछे खड़ा नजर आया। शिप्रा
- 1:23:53जब तक समझ पाती कि उसके साथ कोई धोखा हुआ
- 1:23:56है तब तक उस शख्स ने शिप्रा को [संगीत]
- 1:23:58पीछे से पकड़ लिया। उसी समय दो व्यक्ति
- 1:24:01एंबुलेंस से बाहर आए और शिप्रा के पैर
- 1:24:03पकड़ कर उठा लिया। तीनों शख्स मिलकर
- 1:24:05[संगीत] शिप्रा को एंबुलेंस के पीछे वाले
- 1:24:07हिस्से में किसी बूढ़े की तरह फेंक दिया।
- 1:24:10शिप्रा को चोट तो तेज लगी पर इस समय उसे
- 1:24:13किसी भी दर्द का एहसास नहीं हुआ। वो
- 1:24:15चिल्लाना चाहती थी कि तभी किसी ने पीछे से
- 1:24:18उसका मुंह दबा दिया और खूंखार लहजे में
- 1:24:20बोला अगर अपनी सलामती चाहती हो तो बिना
- 1:24:23कोई आवाज किए चुपचाप यहां पड़ी रहो। नहीं
- 1:24:26तो मुझे नहीं पता मेरे साथ वाले लड़के
- 1:24:29तुम्हारे साथ क्या हरकत करने लगेंगे। कौन
- 1:24:32हो तुम लोग? और मुझे क्यों किडनैप किए हो।
- 1:24:35जैसे ही शिप्रा ने यह सुना वो तुरंत चुप
- 1:24:37हो गई। उसने डरे हुए स्वर में कहा तुम्हें
- 1:24:41तुम्हारे सभी सवालों का जवाब मिलेगा पर
- 1:24:43अभी नहीं सही समय पर तुम्हें तुम्हारे
- 1:24:46सवालों के जवाब मिल जाएंगे। वहीं पहले
- 1:24:48वाला शख्स शांति से बोला शिप्रा की हिम्मत
- 1:24:51नहीं हुई कि वो दोबारा चिल्लाने की कोशिश
- 1:24:54करें। शिप्रा उस शख्स को देखकर इतना तो
- 1:24:56समझ गई कि यही शख्स इन सब का लीडर है। इस
- 1:25:00लीडर के अलावा एंबुलेंस के अंदर पांच और
- 1:25:02लोग थे। जबकि आगे ड्राइवर के साथ दो और
- 1:25:05लोग बैठे हुए थे। बजरंगी तुम बाहर जाकर
- 1:25:08राजा के साथ उसकी बाइक से एंबुलेंस के साथ
- 1:25:10चलोगे। तभी बाहर खड़े राजा ने बताया
- 1:25:14रुस्तम भाई इस लड़के की कार बीच रोड पर ही
- 1:25:17खड़ी है। हमें उसे पहले साइड करना पड़ेगा।
- 1:25:20तभी हमारी एंबुलेंस आगे जा पाएगी। तुम
- 1:25:22दोनों यहां तमाशा क्या देख रहे हो? गाड़ी
- 1:25:25से बाहर जाकर जल्दी से इस लड़की की कार को
- 1:25:27साइड करो। रुस्तम ने अपने सामने बैठे उन
- 1:25:30दो बचे लोगों से कहा। एंबुलेंस के अंदर
- 1:25:33बैठे दोनों शख्स बाहर आ गए और राजा और
- 1:25:36बजरंगी की मदद करने लगे। उन्होंने गाड़ी
- 1:25:38को धक्का देकर साइड में कर दिया। राजा और
- 1:25:41बजरंगी बाहर ही खड़े रह गए क्योंकि उन
- 1:25:43दोनों को बाइक से जाना था। जबकि बाकी
- 1:25:46बदमाश एंबुलेंस के अंदर चले गए। ड्राइवर
- 1:25:49ने एंबुलेंस आगे बढ़ा दिया। राजा ने अपनी
- 1:25:52बाइक उठाई और बजरंगी के बैठने के [संगीत]
- 1:25:54बाद बाइक को एंबुलेंस के पीछे लगा दिया।
- 1:25:57कुछ ही आगे जाने के बाद एंबुलेंस एक कच्ची
- 1:25:59सड़क पर उतर गई और आगे बढ़ गई। कुछ आगे
- 1:26:02[संगीत] जाने के बाद शिप्रा ने हिम्मत
- 1:26:04करके कहा, "कौन हो तुम लोग? और मुझे क्यों
- 1:26:07किडनैप किया है? तुम नहीं जानते तुम्हें
- 1:26:10इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
- 1:26:12[संगीत] अभी भी समय है। मैं कहती हूं मुझे
- 1:26:15छोड़ दो तो शायद मैं तुम लोगों के खिलाफ
- 1:26:17कोई कदम नहीं उठाऊंगी। मेरा अच्छा सोचने
- 1:26:20के लिए तुम्हारा धन्यवाद। पर अभी यहां
- 1:26:22तुम्हारी कोई भी बात मानी नहीं जाएगी। और
- 1:26:25तुम्हारे लिए यही अच्छा होगा कि तुम
- 1:26:26चुपचाप अच्छी बच्ची की तरह बिना कोई
- 1:26:29हंगामा किए बैठी रहो तो शायद मुझे
- 1:26:31तुम्हारे साथ निर्दयता के साथ पेश आने की
- 1:26:33जरूरत नहीं पड़ेगी। रुस्तम ने शराफत से
- 1:26:36कहा रुस्तम इतने कूल होकर बात कर रहा था
- 1:26:39कि लग ही नहीं रहा था कि वो अभी किसी को
- 1:26:41किडनैप करके जा रहा है। तुम ऐसे ही चुपचाप
- 1:26:44हमारा सहयोग करती रहोगी तो तुम्हें हमारे
- 1:26:46कारण कोई तकलीफ नहीं होगी। रुस्तम शिप्रा
- 1:26:49को शांत [संगीत] बैठे देखकर बोला रुस्तम
- 1:26:52को शराफत से बात करते देखकर शिप्रा ने फिर
- 1:26:54से [संगीत] हिम्मत की और बोली देखो अगर
- 1:26:57तुम यह सब पैसे के लिए कर रहे हो तो मैं
- 1:26:59तुमसे वादा करती हूं [संगीत] कि जितने
- 1:27:00पैसे तुम्हें मुझे किडनैप करने के मिल रहे
- 1:27:02हैं मैं तुम्हें उससे ज्यादा पैसे दूंगी।
- 1:27:05बस तुम मुझे छोड़ दो। मैंने तुम्हारे बारे
- 1:27:08में सही सुना था कि तुम अपने दिमाग से काम
- 1:27:10करती हो। किडनैप होने के बाद भी तुम इस
- 1:27:12कोशिश में लगी हुई हो कि मुझसे मांडवाली
- 1:27:15कर सको। पर कोई फायदा नहीं। अगर इस बार
- 1:27:17तुम सलामत रह जाती हो तो अगली बार मैं
- 1:27:20तुम्हें यह मौका जरूर दूंगा। [संगीत]
- 1:27:22रुस्तम मुस्कुराते हुए बोला पर यह तो बता
- 1:27:24दो कि मुझे किसके कहने पर तुमने किडनैप
- 1:27:26किया है। शिप्रा अभी भी हार नहीं मान रही
- 1:27:29थी। तुम कितनी भी कोशिश कर लो पर कोई
- 1:27:32फायदा नहीं। तुम्हें हमसे कुछ भी जानकारी
- 1:27:34नहीं मिल पाएगी। रुस्तम उपहास उड़ाने वाले
- 1:27:37अंदाज में बोला। शौर्य ने कांता प्रसाद को
- 1:27:40कॉल किया। अभी वो कुछ बोलता। उससे पहले
- 1:27:43कांता प्रसाद की आवाज आई। अच्छा हुआ जो
- 1:27:46तुमने फोन कर लिया। मैं अभी तुम्हें ही
- 1:27:48कॉल करने वाला था। अभी तक शिप्रा ऑफिस
- 1:27:51नहीं आई है। मैं कॉल लगा रहा हूं तो उसका
- 1:27:54मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है। कांता
- 1:27:56प्रसाद जी शिप्रा किडनैप हो गई है। मैंने
- 1:28:00आपको उसी के लिए फोन [संगीत] किया है।
- 1:28:02शौर्य निराश स्वर में बोला। क्या कहा?
- 1:28:05शिप्रा किडनैप हो गई। इस शहर [संगीत] में
- 1:28:08किसकी इतनी हिम्मत हो गई है जिसने शिप्रा
- 1:28:10बेटी को किडनैप करने की हिमाकत की है?
- 1:28:12कांता प्रसाद जी को पहले तो यह सुनकर
- 1:28:14हैरानी हुई। फिर अगला वाक्य उन्होंने
- 1:28:17गुस्से में कहांता [संगीत] प्रसाद जी मुझे
- 1:28:20आपकी थोड़ी मदद चाहिए। अभी तक हमें यह
- 1:28:22नहीं पता है कि इस काम के पीछे किसका हाथ
- 1:28:25है। अगर आप मदद कर सके तो जल्दी ही मैं
- 1:28:28पता लगा लूंगा कि यह हिमाकत किसने की है।
- 1:28:31शौर्य बेचैनी से पहलू बदलता हुआ बोला
- 1:28:34[संगीत] कैसी बात कर रहे हो शौर्य बेटे?
- 1:28:36यह भी कोई कहने की बात है। जिसने भी
- 1:28:38शिप्रा बेटी को किडनैप किया है, मैं यह
- 1:28:40खुद पक्का करूंगा कि [संगीत] उसको कहीं से
- 1:28:42भी ढूंढ कर निकालूं और उसको ऐसी सजा दूं
- 1:28:45कि वो फिर सपने में भी शिप्रा बेटी की तरफ
- 1:28:47देखने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। कांता
- 1:28:50प्रसाद जी की बूढ़ी आवाज अचानक ही शेर की
- 1:28:52दहाड़ सी प्रतीत होने लगी। उन्होंने आगे
- 1:28:55शौर्य से पूछा। वैसे [संगीत] अभी तुम किस
- 1:28:58तरह की मदद चाहते हो? यह बताओ। कांता
- 1:29:01प्रसाद जी जिसने भी शिप्रा को किडनैप किया
- 1:29:04है उसके ग्रुप में एक लड़का है जिसका नाम
- 1:29:06बजरंगी है। मैं आपके पास [संगीत] उसका
- 1:29:08मोबाइल नंबर भेज रहा हूं। आपको यह पता
- 1:29:10करना है कि इस समय उस मोबाइल की लोकेशन
- 1:29:13क्या है? क्या यह काम आपसे हो पाएगा?
- 1:29:16शौर्य ने कांता प्रसाद जी को फोन करने का
- 1:29:18[संगीत] कारण बताया। तुम उसका नंबर भेजो।
- 1:29:21मैं अभी पता लगाकर तुम्हें बताता हूं कि
- 1:29:23इस समय वो कहां है। कांता प्रसाद जी
- 1:29:26[संगीत] पूरे विश्वास के साथ बोले। शौर्य
- 1:29:29ने बजरंगी का नंबर कांता प्रसाद जी को भेज
- 1:29:31दिया। अब वो धौली रोड पर ही कांता प्रसाद
- 1:29:34जी की तरफ से जवाब का इंतजार करने लगा। यह
- 1:29:36जो थोड़ी देर शौर्य को इंतजार करना पड़
- 1:29:38रहा था, यह एक-ए मिनट उसे एक-ए घंटे के
- 1:29:42समान लग रहा था। लगभग 10 मिनट के बाद
- 1:29:45शौर्य के पास कांता प्रसाद [संगीत] जी का
- 1:29:47फोन आया। क्या हुआ कांता प्रसाद जी? कुछ
- 1:29:50पता चला कि बजरंगी अभी किस जगह पर है?
- 1:29:53शौर्य बेसब्र होकर बोला, हां पता तो चल
- 1:29:57गया है पर वो एक जगह पर स्थिर नहीं है। वो
- 1:30:00अभी नीलगिरी फॉरेस्ट के अंदर की तरफ ही
- 1:30:02बढ़ता जा रहा है। कांता प्रसाद जी ने जवाब
- 1:30:05दिया। शौर्य उस रास्ते की तरफ देखने लगा
- 1:30:08जो एक कच्ची सड़क शहर को छोड़कर जंगल की
- 1:30:10तरफ जा रहा था। उसका शक सही निकला। जिन
- 1:30:14लोगों ने भी शिप्रा को किडनैप किया है,
- 1:30:16[संगीत] वे लोग उसे लेकर जंगल में ही गए
- 1:30:18हैं। तुम अभी कहां हो? मैं अभी कुछ लोगों
- 1:30:21को तुम्हारे पास भेजता हूं। कमिश्नर रोहित
- 1:30:23[संगीत] सरदाना अभी मेरे साथ लाइन पर ही
- 1:30:25कनेक्टेड है। वो भी अभी एक पुलिस टीम
- 1:30:27शिप्रा को ढूंढने के लिए भेजने को तैयार
- 1:30:29हैं। कांता प्रसाद जी ने शौर्य को आश्वासन
- 1:30:32दिया। मैं इतना इंतजार नहीं कर सकता कांता
- 1:30:35[संगीत] प्रसाद जी। मैं अभी धौली रोड पर
- 1:30:37हूं। यहीं पर शिप्रा की कार लावारिस पड़ी
- 1:30:39हुई है। मैं अभी जंगल में प्रवेश करने
- 1:30:41[संगीत] जा रहा हूं। आप बस कमिश्नर को बोल
- 1:30:44दीजिए कि वो मुझे बजरंगी का वर्तमान
- 1:30:46लोकेशन शेयर करते रहें। शौर्य ने कांता
- 1:30:49प्रसाद [संगीत] जी से रिक्वेस्ट किया। तुम
- 1:30:51ऐसा मत करो शौर्य यह खतरनाक हो सकता है।
- 1:30:54मैं जल्दी ही कुछ लोगों को तुम्हारी मदद
- 1:30:56को भेजता हूं। यह जंगल वैसे भी खतरनाक है।
- 1:30:59कांता प्रसाद जी ने शौर्य को रोकने की जिद
- 1:31:02की। पर शौर्य कहां मानने वाला था? जब
- 1:31:05कांता [संगीत] प्रसाद जी ने समझ लिया कि
- 1:31:06शौर्य उनकी बात नहीं मानेगा तो उन्होंने
- 1:31:09कमिश्नर रोहित सरदाना को शौर्य का नंबर दे
- 1:31:11दिया और उनसे बोला [संगीत] कि वह शौर्य को
- 1:31:13अपडेट करते रहे कि इस समय बजरंगी का
- 1:31:15लोकेशन कहां का है। कुछ ही पल बाद शौर्य
- 1:31:19के पास एक नए नंबर से फोन आया। शौर्य ने
- 1:31:22फोन उठाया तो दूसरी तरफ रोहित सरदाना ही
- 1:31:24थे। तुम शौर्य बोल रहे हो? रोहित सरदाना
- 1:31:28ने छूटते ही पूछा। हां मैं शौर्य ही बोल
- 1:31:32रहा हूं। शौर्य ने जवाब दिया लड़के तुम
- 1:31:35क्यों जिद पर अड़े हो जंगल में अकेले जाने
- 1:31:38को? थोड़ा इंतजार कर लो। तो मैं एक पुलिस
- 1:31:40टीम को तुम्हारी मदद करने को भेजता हूं।
- 1:31:43कमिश्नर ने शौर्य को समझाने की कोशिश की।
- 1:31:45सॉरी कमिश्नर साहब मैं हाथ पर हाथ धरे
- 1:31:48यहां इंतजार नहीं कर सकता। आप बस मुझे
- 1:31:50बजरंगी का लोकेशन अपडेट करते रह तो आपकी
- 1:31:52मेहरबानी होगी। शौर्य ने बता दिया कि वो
- 1:31:55किसी की बात मानने वाला नहीं है। ठीक है।
- 1:31:58जब तुम किसी की बात नहीं मानने वाले हो तो
- 1:32:00तुम्हारे साथ कुछ भी ऊंचनीच होता है। उसके
- 1:32:03जिम्मेदार तुम स्वयं ही होगे। कमिश्नर हार
- 1:32:06मानते हुए बोला। उसके बाद शौर्य के साथ एक
- 1:32:08पुलिस वाला लाइन पर आया और उसे बताने लगा।
- 1:32:11बजरंगी अभी आपसे लगभग 22 कि.मी. की दूरी
- 1:32:14पर है। यह नीलगिरी जंगल का अंदरूनी हिस्सा
- 1:32:16है। [संगीत] जहां एक पहाड़ी तलहटी के साथ
- 1:32:18बहुत बड़ी झील भी है। शौर्य ने छगन की तरफ
- 1:32:21देखा और पूछा क्या तुम मेरे साथ चलोगे? आप
- 1:32:24कैसी बात करते हो बॉस? यह भी कोई कहने की
- 1:32:27बात है? छगन तुरंत तैयार हो गया। सोच लो
- 1:32:31वहां तुम मेरे कारण खतरे में पड़ सकते हो।
- 1:32:33शौर्य ने वर्न किया आपको बॉस माना है तो
- 1:32:37फिर इन छोटी मोटी बातों से मैं घबराने
- 1:32:38वाला नहीं हूं। छगन स्पष्ट इरादों के साथ
- 1:32:41बोला तो फिर अपनी गाड़ी को ले चलो जंगल के
- 1:32:44अंदर। इतना बोलकर शौर्य जाकर छगन की गाड़ी
- 1:32:47में बैठ गया। छगन की कार स्कर्पियो थी जो
- 1:32:50जंगली इलाकों के लिए ज्यादा सही थी। छगन
- 1:32:52ने उस जंगल के कच्चे रास्ते पर गाड़ी को
- 1:32:54बढ़ा दिया। [संगीत] कच्चा रास्ता होने के
- 1:32:56कारण छगन को गाड़ी को संभल कर चलाना पड़
- 1:32:58रहा था। शौर्य को लाइन पर दूसरी तरफ से
- 1:33:01पुलिस वाला गाइड करता जा रहा था। जिससे
- 1:33:03शौर्य को रास्ता पता चलता जा रहा था।
- 1:33:05पुलिस ने शौर्य के नंबर को भी सर्लेंस पर
- 1:33:08ले लिया था। [संगीत] जिसके कारण शौर्य और
- 1:33:10बजरंगी का डिस्टेंस पता चल रहा था। लगभग
- 1:33:13एक घंटे के बाद शौर्य के सामने जो रास्ता
- 1:33:15था उससे अब स्कर्पियो को आगे ले जाना
- 1:33:17मुमकिन नहीं था। शौर्य ने कॉल पर मौजूद
- 1:33:19पुलिस वाले से [संगीत] पूछा। मुझसे बजरंगी
- 1:33:22की दूरी अब कितनी होगी? लगभग 2.5 कि.मी.
- 1:33:25के करीब। पुलिस वाले ने जवाब दिया। फिर
- 1:33:28उसने शौर्य को चेतावनी देते हुए कहा,
- 1:33:30तुम्हारा सिग्नल भी कमजोर ही रहा है। हो
- 1:33:33सकता [संगीत] है कि कुछ देर के बाद सिग्नल
- 1:33:34ना मिलने के कारण तुम्हारा मुझसे कनेक्शन
- 1:33:36भी टूट जाए। इसीलिए आगे जो भी कदम उठाना
- 1:33:39सोच समझ कर [संगीत] उठाना। वैसे मैं
- 1:33:42तुम्हारी जानकारी के लिए बता दूं कि
- 1:33:43कमिश्नर साहब ने भी एक टीम को इस लोकेशन
- 1:33:45के लिए रवाना कर दिया है। अगर तुम चाहो तो
- 1:33:48तुम इसी जगह पुलिस के आने का इंतजार कर
- 1:33:50सकते हो। आगे तुम्हारा फैसला। अगर ऐसी बात
- 1:33:53है तो मेरा साथी यहीं पर पुलिस का इंतजार
- 1:33:56करेगा। बाकी मैं आगे जा रहा हूं। मैं जब
- 1:33:58यहां तक आ गया तो अब हाथ पर हाथ धरकर
- 1:34:01पुलिस के आने का इंतजार नहीं कर सकता।
- 1:34:03शौर्य ने पुलिस वाले को अपना इरादा स्पष्ट
- 1:34:05कर दिया। ठीक है यह तुम्हारी मर्जी है।
- 1:34:09तुम्हें यहां से सीधे पूरब दिशा में लगभग
- 1:34:112ाई किलोमीटर आगे जाना है। यहीं पर बजरंगी
- 1:34:14का लोकेशन है। अच्छी बात यह है कि बहुत
- 1:34:17देर से उसके लोकेशन में कोई मूवमेंट नहीं
- 1:34:19दिख रही है। इसलिए अगर तुम वहां जाने की
- 1:34:22सोच रहे हो तो संभल कर जाना। पुलिस वाले
- 1:34:24ने समझाया।
- 1:34:26ठीक है। मैं तुम्हारी बात का ध्यान
- 1:34:28रखूंगा। शौर्य बोला एक बात और [संगीत] मैं
- 1:34:32देख रहा हूं कि कई बार उसका मोबाइल
- 1:34:33नेटवर्क से बाहर होता रहा है। कभी दिखाता
- 1:34:36है कभी गायब हो जाता है। इसका कारण मुझे
- 1:34:39नहीं पता पर एक संभावना है कि वो कहीं ऐसी
- 1:34:41जगह पर है जहां नेटवर्क का प्रॉब्लम है।
- 1:34:44उस पुलिस वाले ने शौर्य को सावधानी बरतने
- 1:34:46की सलाह दी। वैसे तुम्हारा नाम क्या है
- 1:34:49दोस्त? मैं इतनी देर से तुमसे बात कर रहा
- 1:34:51हूं पर मुझे तुम्हारा नाम नहीं पता। शौर्य
- 1:34:54ने झिझकते हुए उस पुलिस वाले का नाम पूछा।
- 1:34:57राजेश गुप्ता राजेश गुप्ता नाम है मेरा।
- 1:35:00पुलिस वाले ने अपना नाम बताया। धन्यवाद
- 1:35:03मिस्टर राजेश। तुमने मेरा अच्छे से
- 1:35:05मार्गदर्शन किया है। उसके लिए मैं
- 1:35:07तुम्हारा आभारी रहूंगा। शौर्य राजेश का
- 1:35:10धन्यवाद करता हुआ बोला। मानना पड़ेगा
- 1:35:12शौर्य कि तुम बहुत हिम्मत वाले हो जो
- 1:35:14[संगीत] अकेले ही उन बदमाशों के पास जाने
- 1:35:16का जोखिम ले रहे हो। इसीलिए मैं तुम्हें
- 1:35:19फिर से कहना चाहता हूं कि अगर [संगीत] कुछ
- 1:35:21देर और इंतजार कर लेते तो पुलिस भी वहां
- 1:35:23पहुंच जाती। तब शायद जोखिम कम हो जाता।
- 1:35:26राजेश गुप्ता ने फिर से शौर्य को समझाने
- 1:35:29की कोशिश की। तुम अपनी जगह सही हो सकते हो
- 1:35:31राजेश। भले ही मेरे लिए जोखिम कम हो जाता
- 1:35:34पर शिप्रा के लिए जोखिम पड़ जाता। पुलिस
- 1:35:36को दलबल के साथ आया देखकर बदमाश घबराहट
- 1:35:39में शिप्रा के साथ कुछ भी कर सकते हैं और
- 1:35:41मैं यह रिस्क लेने को तैयार नहीं हूं।
- 1:35:44शौर्य ने अपना रीजन दिया। मानता हूं
- 1:35:46तुम्हारी बात सही हो सकती है। पर इस तरह
- 1:35:49तुम खुद को भी तो मुसीबत में डाल रहे हो।
- 1:35:51राजेश गुप्ता [संगीत] को शौर्य की चिंता
- 1:35:53हो रही थी। तुम मेरे लिए चिंतित हो। मेरी
- 1:35:56चिंता मत करो। मैं बहुत सख्त जान हूं।
- 1:35:58इतनी [संगीत] आसानी से किसी के हाथ नहीं
- 1:36:00आने वाला। शौर्य मुस्कुराते हुए बोला अगर
- 1:36:03ऐसी बात है तो मेरी तरफ से तुम्हें बेस्ट
- 1:36:05विशेस है। जाओ और किला फतह करो। राजेश
- 1:36:08गुप्ता शौर्य का उत्साह बढ़ाते हुए बोला।
- 1:36:11राजेश [संगीत] गुप्ता से बात होने के बाद
- 1:36:13शौर्य छगन की ओर पलटा और उससे बोला छगन अब
- 1:36:16यहां से अकेले मेरा सफर शुरू होगा। अगर
- 1:36:18तुम चाहो तो वापस जा सकते हो या चाहो तो
- 1:36:21यहीं पर एकद घंटे इंतजार कर सकते हो
- 1:36:23क्योंकि मुझे उम्मीद है कि एकद घंटे में
- 1:36:25पुलिस भी यहां आ जाएगी। आप कैसी बात कर
- 1:36:28रहे हो बॉस? मैं यहां से आपको अकेले कैसे
- 1:36:30जाने दे सकता हूं? मैं भी आपके साथ
- 1:36:32चलूंगा। आप मुझे इतना कमजोर कैसे समझ सकते
- 1:36:34हैं? छगन शौर्य के साथ जाने की जिद करता
- 1:36:37हुआ बोला। नहीं छगन मैं यहां से तुम्हें
- 1:36:40अपने साथ नहीं ले जा सकता। [संगीत] अगर
- 1:36:41तुम्हें मेरा साथ देना है तो तुम यहीं रुक
- 1:36:43कर पुलिस का इंतजार करो। पुलिस के आने के
- 1:36:46बाद उनके साथ ही तुम भी बजरंगी की लोकेशन
- 1:36:48पर आ जाना। शौर्य ने छगन को अपना फैसला
- 1:36:50सुनाया। छगन समझ गया कि शौर्य उसकी बात
- 1:36:53नहीं मानेगा। इसलिए उसने यहीं रहकर पुलिस
- 1:36:55का इंतजार करने का सोचा। शौर्य ने खिड़की
- 1:36:58से बाहर की तरफ देखा तो उसे अपने आसपास
- 1:37:00बहुत सारे बंदर दिखाई दिए। उसे दूर कुछ
- 1:37:03हिरण और सांभर भी नजर आए। वहां का माहौल
- 1:37:05देखकर शौर्य समझ सकता था कि यह जंगली
- 1:37:08इलाका खतरनाक जंगली जानवरों से भी भरा हुआ
- 1:37:10होगा। वो गाड़ी से बाहर निकलने वाला था कि
- 1:37:13तभी छगन ने गाड़ी के कैबिनेट से एक चाकू
- 1:37:15निकाल कर शौर्य की तरफ बढ़ाते हुए बोला,
- 1:37:18"इसे अपने साथ रख लो बॉस। जंगली इलाका है।
- 1:37:21पता नहीं कब किस जानवर से सामना हो जाए।"
- 1:37:23शौर्य ने छगन के हाथ से चाकू ले लिया और
- 1:37:26गाड़ी से बाहर आ गया। जैसे ही वो गाड़ी से
- 1:37:28बाहर आया, बंदरों ने उत्सुकता से उसकी तरफ
- 1:37:30देखा।
- 1:37:31[संगीत]
- 1:37:31शौर्य ने उन बंदरों को नजरअंदाज किया और
- 1:37:33उस दिशा में बढ़ गया जिसके बारे में राजेश
- 1:37:35गुप्ता ने बताया था। कुछ ही देर में छगन
- 1:37:38और उसकी कार शौर्य की नजरों से ओझल हो गए।
- 1:37:41लगभग 1.5 किलोमीटर के बाद शौर्य को झील का
- 1:37:43किनारा दिख गया। उसने बहुत से जानवरों को
- 1:37:46झील के किनारे पानी पीते देखा। शौर्य
- 1:37:48सावधानी से झील के किनारे-किनारे बढ़ता
- 1:37:50गया। सामने उसे एक पहाड़ी से झरना गिरता
- 1:37:53दिखाई दिया। बड़ी-बड़ी घास के बीच उसे अब
- 1:37:55आगे का रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था। यह
- 1:37:57देखकर शौर्य ने झील के किनारे का रास्ता
- 1:37:59छोड़ा और दाएं साइड में कुछ आगे उसे एक
- 1:38:02खुला एरिया दिख रहा था। वो उस ओर बढ़ गया।
- 1:38:05जैसे ही वह खुले में पहुंचा उसे एक विशाल
- 1:38:07बरगद के पेड़ के नीचे एक एंबुलेंस दिखा।
- 1:38:10शौर्य अपनी जगह पर खड़ा हो गया और आसपास
- 1:38:12नजर दौड़ाने लगा। पर उसे दूर-दूर तक कोई
- 1:38:15आदमी नजर नहीं आया। वो घूमकर घास में
- 1:38:17छुपते हुए धीरे-धीरे एंबुलेंस की ओर बढ़ा।
- 1:38:20जबकि दूसरी तरफ शिप्रा इस समय एक गुफा के
- 1:38:23एक कोने में जमीन पर जूट की बूढ़ी पर बैठी
- 1:38:26हुई थी। उसके सामने ही कुछ दूरी पर चार
- 1:38:28बदमाश जमीन पर बेडरू बिछाकर उस पर लेटे
- 1:38:31हुए थे। गुफाफा के बीचोंबीच पानी का एक
- 1:38:33स्रोत अंदर से बाहर की ओर बह रहा था। बाकी
- 1:38:36दोनों साइड पत्थर की समतल जमीन थी जिस पर
- 1:38:38एक तरफ से पांच तंबू लगे हुए थे। इसी समय
- 1:38:41बाहर से बजरंगी चलता हुआ अंदर गुफा में
- 1:38:44आया। क्या बात है बजरंगी? तुम ये बार-बार
- 1:38:47अंदर बाहर क्या कर रहे हो? आओ तुम भी आराम
- 1:38:49से लेटो। अब तो दो-तीन दिन यहीं गुजारने
- 1:38:51हैं। उन चारों बदमाशों में से एक बोला।
- 1:38:54तभी बजरंगी अपने हाथ में पकड़े पानी की
- 1:38:56बोतल्स के थैले को जमीन पर रखते हुए बोला,
- 1:38:59"अरे इस मैडम को पानी चाहिए [संगीत] था।
- 1:39:01इसीलिए एंबुलेंस से ये पानी की बोतल्स
- 1:39:04लाने चला गया था।
- 1:39:06क्या बात है? मैं देख रहा हूं तुम इस मैडम
- 1:39:09का कुछ ज्यादा ही ध्यान रख रहे हो। नियत
- 1:39:12तो ठीक है तुम्हारी।" वो बदमाश हंसते हुए
- 1:39:14बोला, तभी एक तंबू [संगीत] से एक लड़की
- 1:39:17बाहर निकलते हुए बोली, "खबरदार, किसी ने
- 1:39:20इस बुलबुल पर गंदी नजर डाली तो? जिसने
- 1:39:22हमें यह काम दिया है, हमें उसको इस लड़की
- 1:39:24को सही सलामत सुपुर्द करना है। इसलिए कोई
- 1:39:27इसकी तरफ गलत निगाह भी मत डालना। उस लड़की
- 1:39:31के पीछेछे ही रुस्तम [संगीत] भी उस तंबू
- 1:39:33से बाहर आया। वो भी उन चारों लेटे बदमाशों
- 1:39:35के पास आया और बोला तुम सब आराम करने में
- 1:39:38इतने ज्यादा लापरवाह मत हो जाना कि ये
- 1:39:40चिड़िया यहां से फुर्र हो जाए और तुम सबको
- 1:39:43पता भी ना चले। ये आप कैसी बात कर रहे हैं
- 1:39:46बॉस? यह लड़की यहां से भाग कर अपनी जान ही
- 1:39:49[संगीत] तो देगी। जंगली जानवरों से भरे इस
- 1:39:51जंगल में कितनी देर यह सर्वाइव कर पाएगी?
- 1:39:55अरे बेवकूफ, इसकी जान चले जाने से हमें
- 1:39:58क्या मिलेगा? यह सलामत है। तभी तक तो
- 1:40:00हमारे काम की है। मरने के बाद यह हमारे
- 1:40:03किस काम की है? रुस्तम सबको चेताते हुए
- 1:40:06बोला, समझ गया बॉस। यह यहां से हिल भी
- 1:40:09नहीं पाएगी। आप चिंता मत करो। बजरंगी एक
- 1:40:13पानी की बोतल शिप्रा की तरफ फेंकते हुए
- 1:40:15बोला। शिप्रा ने हड़बड़ाकर उस पानी की
- 1:40:18बोतल को लपकने की कोशिश की। जैसे तैसे
- 1:40:20उसने [संगीत] उस बोतल को पकड़ लिया और उसे
- 1:40:22खोलकर घटाघट पानी पीने लगी। शिप्रा हिम्मत
- 1:40:26करके उठी और फिर से रुस्तम के सामने आकर
- 1:40:28बोली क्या तुम मुझे बताओगे कि किसके कहने
- 1:40:32पर तुमने मुझे किडनैप किया है? मैं अभी भी
- 1:40:35कह रही हूं छोड़ दो मुझे। शायद तुमसे कोई
- 1:40:38गलती हो गई है। रुस्तम शिप्रा की बात को
- 1:40:41नजरअंदाज करते हुए अपने आदमियों से बोला,
- 1:40:44"तुम लोग देख क्या रहे हो? कोई बंद करो इस
- 1:40:47लड़की की जुबान। [संगीत] इसके बग से मुझे
- 1:40:50इरिटेशन होने लगा है। शिप्रा कुछ और भी
- 1:40:53बोलती। पर रुस्तम की इस बात को सुनकर चुप
- 1:40:55रह गई। उसे लगा कहीं रुस्तम के गुंडे उससे
- 1:40:58बदतमीजी ना करने लगे। इसीलिए वो बिना किसी
- 1:41:02के बीच में आए अपनी जगह पर वापस चली गई।
- 1:41:05रुस्तम ने जब यह देखा कि शिप्रा खुद ही
- 1:41:07अपनी जगह पर चली गई तो वो मुस्कुराते हुए
- 1:41:10बोला अगर ऐसे ही यहां कायदे से रहोगी तो
- 1:41:13किसी को तुम्हारे साथ जबरदस्ती करने की
- 1:41:15जरूरत नहीं पड़ेगी। शिप्रा ने कुछ कहा तो
- 1:41:18नहीं पर वो एक टक रुस्तम को घूरती रही।
- 1:41:22क्या बात है बॉस? यह लड़की तो आपकी एक ही
- 1:41:24धमकी पर लाइन पर आ गई। चार गुंडे जो एक
- 1:41:28साइड में लेटे हुए थे उनमें से एक बोला।
- 1:41:31तभी एक बदमाश अपनी जगह पर बैठता बाएं
- 1:41:33[संगीत] साइड में देखता हुआ बोला भाई
- 1:41:36अब्दुल तुम्हारा खाना कब तक बनेगा? अब तो
- 1:41:38पेट में चूहे भी कूदने लगे हैं। थोड़ा
- 1:41:41सब्र कर लो बस 10 मिनट और। अब्दुल बोला जो
- 1:41:44गुफा के गेट पर पत्थरों को जोड़कर एक
- 1:41:46चूल्हा बना रखा था और उस पर एक बड़ी सी
- 1:41:49हांडी चढ़ी हुई थी। दूसरी तरफ शौर्य
- 1:41:52एंबुलेंस के पास पहुंचा। वो यह तो समझ गया
- 1:41:54कि इससे आगे एंबुलेंस [संगीत] को ले जाना
- 1:41:56मुमकिन नहीं था। इसीलिए यहां लाकर ही
- 1:41:58एंबुलेंस को रोक दिया गया। उसने देखा
- 1:42:00एंबुलेंस के साइड में ही एक बाइक भी खड़ी
- 1:42:02थी। शौर्य ने आसपास अपना नजर दौड़ाया पर
- 1:42:06कोई भी उसे नजर नहीं आया। वो यह देखने के
- 1:42:08लिए आसपास का निरीक्षण करने लगा कि
- 1:42:10एंबुलेंस से उतर कर लोग किस तरफ को गए
- 1:42:12[संगीत] होंगे। तो उसने सामने पहाड़ी की
- 1:42:14तरफ लोगों के आने जाने का निशान देखा। वो
- 1:42:17समझ गया कि शिप्रा को लेकर वो बदमाश उसी
- 1:42:20रास्ते पर आगे गए होंगे। क्योंकि बार-बार
- 1:42:22आने जाने से वहां एक सिंगल रास्ता सा बन
- 1:42:24गया था। वहां की घास टूटी हुई थी जिसे
- 1:42:27आसानी से यह अनुमान लगाया जा सकता था कि
- 1:42:29[संगीत] आने जाने के लिए लोग उसी रास्ते
- 1:42:31का उपयोग कर रहे होंगे। शौर्य ने बिना कुछ
- 1:42:34सोचे समझे उसी रास्ते पर आगे बढ़ना शुरू
- 1:42:36कर दिया। कुछ आगे जाने के बाद ही शौर्य
- 1:42:39[संगीत] पहाड़ी के पास पहुंच गया। एक बार
- 1:42:41फिर से वो झील के पास पहुंच गया। यह झील
- 1:42:44इस पहाड़ी से सटी हुई थी। शौर्य यह अनुमान
- 1:42:47लगाने की कोशिश कर रहा था कि यह बदमाश
- 1:42:50कहां पर छुपे हुए हो सकते हैं। तभी उसे
- 1:42:52आसमान की तरफ धुआं उठता दिखाई दिया। धुआं
- 1:42:55देखकर शौर्य के चेहरे पर खुशी झलकने लगी।
- 1:42:58अब उसका पैर उस दिशा में बढ़ गया। झील के
- 1:43:01किनारे के घास बड़े-बड़े हो रखे थे जिसके
- 1:43:03कारण सामने की चीज स्पष्ट दिखाई नहीं दे
- 1:43:06रहा था। कुछ आगे जाने पर आगे [संगीत]
- 1:43:08पथरीले जमीन दिखाई देने लगे। जिससे आगे अब
- 1:43:11पैरों की संख्या कम हो गई थी। शौर्य को अब
- 1:43:14दूर तक देखना आसान हो गया। उसने उस तरफ
- 1:43:17निगाह दहराया जिधर धुआं उठता दिखाई दे रहा
- 1:43:19था। तो उसे ध्यान से देखने पर पहाड़ की
- 1:43:22गुफा दिखाई दे गया। सॉरी के शरीर में
- 1:43:24फुर्ती आ गई। अब वह तेजी से उस गुफा की
- 1:43:26तरफ बढ़ गया। गुफा के मुहाने पर पहुंचकर
- 1:43:29उसने एक पेड़ की ओठ से उस गुफा का जायजा
- 1:43:32लिया तो उसे गुफा के गेट पर ही एक अलाव
- 1:43:34जलता नजर आ गया जिस पर एक बड़ी सी हांडी
- 1:43:37चढ़ी हुई थी [संगीत] और एक आदमी हाथ में
- 1:43:39बड़ी सी कलछी लिए हुए खड़ा था। शौर्य
- 1:43:42सावधानी से उस आदमी की तरफ बढ़ा। उसने
- 1:43:44गुफा के अंदर से कुछ लोगों के बात करने की
- 1:43:46आवाज भी सुनी। पर बाहर से अंदर कितने लोग
- 1:43:49हैं यह पता नहीं चल रहा था। शौर्य का पहला
- 1:43:52टारगेट अब्दुल था जो कि बाहर खाना बना रहा
- 1:43:55था। शौर्य धीरे-धीरे बिल्ली की तरह अब्दुल
- 1:43:58की तरफ बढ़ रहा था। उसके पैरों की कोई भी
- 1:44:01आहट सुनाई नहीं दे रही थी। वो अब्दुल के
- 1:44:03एकदम पीछे पहुंच गया तो किसी पत्ते के
- 1:44:06उसके पैर के नीचे आने के कारण एक हल्की सी
- 1:44:08आवाज हुई। उस आवाज को सुनकर अब्दुल अपने
- 1:44:11पीछे पलटा। जैसे ही उसकी नजर शौर्य पर
- 1:44:13पड़ी, वो चीखने के लिए अपना मुंह खोलने ही
- 1:44:16वाला था कि शौर्य ने झपट कर उसका मुंह
- 1:44:18अपने हाथ से बंद किया और अब्दुल को खींच
- 1:44:20कर अपने पंजे में कस लिया। अब्दुल पूरा
- 1:44:23जोर लगाता रहा कि वो अपने मुंह से शौर्य
- 1:44:26के पंजे को हटा सके। पर यह इतना आसान नहीं
- 1:44:28था। शौर्य ने अचानक अपने दूसरे हाथ का
- 1:44:31पंजा अब्दुल की गर्दन पर मारा और अब्दुल
- 1:44:34उसकी बाहों में ही निढाल हो गया। शौर्य
- 1:44:36अब्दुल को ले जाकर एक किनारे धीरे से जमीन
- 1:44:39पर रख दिया और उठकर सावधानी से गुफा के
- 1:44:41अंदर की तरफ बढ़ गया। गुफा का मुंह बहुत
- 1:44:44बड़ा था जिसके बीच से होता हुआ पानी का एक
- 1:44:47स्रोत बाहर की तरफ आ रहा था। बीच-बीच में
- 1:44:51बड़े-बड़े पत्थर अपना सर उठाए हुए थे।
- 1:44:54जिसकी ओठ [संगीत] में गुफा के अंदर की ओर
- 1:44:56जाना आसान था। शौर्य भी इन पत्थरों का ओठ
- 1:44:59लेता हुआ अंदर की तरफ बढ़ता जा रहा था।
- 1:45:03उसे ज्यादा अंदर नहीं जाना पड़ा। जब उसकी
- 1:45:05कानों में लोगों की आवाज स्पष्ट [संगीत]
- 1:45:07आनी शुरू हो गई थी। अब उससे कुछ ही आगे
- 1:45:10पानी के स्रोत के दोनों साइड में पत्थर
- 1:45:12[संगीत] समदर हो रखा था। जिस पर लगे हुए
- 1:45:15तंबू अब शौर्य को स्पष्ट नजर आ रहा था और
- 1:45:19पानी के स्रोत के दूसरी साइड में जमीन पर
- 1:45:21लेटे हुए चार लोग भी अब दिखने लगे थे। उन
- 1:45:25लोगों की बेपरवाही देखकर शौर्य समझ
- 1:45:27[संगीत] गया कि यह लोग यह उम्मीद नहीं कर
- 1:45:29रहे थे कि कोई इनको ढूंढते हुए यहां तक भी
- 1:45:32आ सकता है। तभी ये लोग इतने लापरवाह होकर
- 1:45:35[संगीत] यहां पर लेटे हुए हैं। उसने
- 1:45:37शिप्रा की तलाश में अपना नजर उसे गुफा में
- 1:45:39घुमाया तो उसे एक तंबू के पीछे गुफा की
- 1:45:42दीवार से टेक लगाए हुए शिप्रा नजर आ गई।
- 1:45:46शिप्रा की हालत देखकर एक बार को शौर्य की
- 1:45:49आंखों में चिंगारी से जलने लगी। पर अगले
- 1:45:52ही पल उसने खुद को नॉर्मल किया और होठों
- 1:45:54में बुदबुदाया। अगर तुम्हारी इस हालत का
- 1:45:57बदला इन लोगों से नहीं लिया तो मेरा नाम
- 1:45:59भी शौर्य राठौर नहीं। शौर्य अब गुफा के
- 1:46:03अंदर जाने की प्लानिंग करने लगा। शौर्य ने
- 1:46:06गौर किया कि जहां वो था वहां गुफा की जमीन
- 1:46:09असमतल थी। इसलिए वो पानी के स्रोत के
- 1:46:12दूसरी साइड गया जिस तरफ शिप्रा बैठी हुई
- 1:46:15थी और वो जमीन पर लेट गया। अब कोई गुफा से
- 1:46:18बाहर देखता भी तो आसानी से शौर्य उसे नजर
- 1:46:21नहीं आने वाला था। अब शौर्य किसी सांप की
- 1:46:24तरह जमीन पर रेंगता हुआ तंबू की ओर बढ़
- 1:46:27गया। क्योंकि लोग यहां इतने लापरवाह थे कि
- 1:46:30किसी की सोच में भी यह नहीं था कोई यहां आ
- 1:46:32सकता है। इसलिए शौर्य के लिए यह काम आसान
- 1:46:36हो रखा था। वो सांप की तरह रेंगता हुआ
- 1:46:39तंबू के पीछे पहुंचा। उसने गौर किया कि वह
- 1:46:42तंबू खाली था। शौर्य तंबू के पीछे खड़ा हो
- 1:46:45गया और एक जमाई लेकर अपने शरीर को सीधा
- 1:46:48किया। [संगीत]
- 1:46:49उसने शिप्रा की तरफ देखा। शिप्रा गुफा की
- 1:46:52दीवार से सर टिकाए कहीं शून्य की तरफ देख
- 1:46:54रही थी। उसके चेहरे की सारी रौनक इन कुछ
- 1:46:58ही घंटों में समाप्त हो गई थी। शौर्य जो
- 1:47:01यह समझ रहा था कि वो सबकी नजरों [संगीत]
- 1:47:03से बचता हुआ यहां तक आ गया है। अचानक ही
- 1:47:05उसकी निगाह शिप्रा के पीछे मौजूद बड़े से
- 1:47:08पत्थर पर पड़ी जिसके ऊपर अधरेटे अवस्था
- 1:47:11में मौजूद [संगीत] एक शख्स उसी की तरफ देख
- 1:47:13रहा था। शौर्य के शरीर में सनसनी सी दौड़
- 1:47:16गई। उसे लगा वो देख लिया गया है। इसीलिए
- 1:47:20उसे जो भी करना है जल्दी करना है। यह
- 1:47:23सोचकर [संगीत] वो शिप्रा की तरफ जाने की
- 1:47:25सोच ही रहा था कि उसे इस बात से हैरानी
- 1:47:28हुई कि जब उस शख्स ने उसे देख लिया है तो
- 1:47:30फिर शोर क्यों नहीं मचाया। यह सोचकर उसने
- 1:47:33दोबारा ध्यान से उस शख्स की तरफ देखा तो
- 1:47:36[संगीत] अभी भी उसे अपनी तरफ ही देखते
- 1:47:38पाया। उसके चेहरे पर हैरानी के भाव तो था
- 1:47:41पर उसने शोर नहीं मचाया। शौर्य समझ
- 1:47:44[संगीत] गया कि शायद यही बजरंगी है।
- 1:47:46इसीलिए वो शोर नहीं मचाया। शौर्य उसकी तरफ
- 1:47:49देखता हुआ अंगुली से इशारा करता हुआ अपने
- 1:47:52होठों को चलाया। क्या तुम बजरंगी हो?
- 1:47:55बजरंगी शौर्य का भाव समझ गया और [संगीत]
- 1:47:58इशारों में ही उसकी बात को तस्दीक किया।
- 1:48:01शौर्य को तसल्ली हुई। तभी फिर से उन चारों
- 1:48:04लेटे हुए व्यक्ति में से एक चिल्ला कर
- 1:48:06बोला। अरे क्या हुआ अब्दुल भाई? तुम कौन
- 1:48:09सी बीरबल की खिचड़ी बनाने लगे हो जो बनने
- 1:48:11का नाम ही नहीं ले रहा। पर बाहर से कोई
- 1:48:14आवाज नहीं आई। फिर एक दूसरा शख्स भी
- 1:48:16चिल्लाया। अब कुछ बोलोगे भी अब्दुल या हम
- 1:48:19खुद ही आकर देख लें। फिर भी अब्दुल की तरफ
- 1:48:22से कोई आवाज नहीं आई। अरे कहीं खाना बनाते
- 1:48:25बनाते अब्दुल सो नहीं गया? तीसरे शख्स ने
- 1:48:28यह बोला। बाहर इस तरह की बातें सुनकर
- 1:48:32रुस्तम अपने तंबू से बाहर आया और उन चारों
- 1:48:34की ओर देखकर बोला, "क्या हो रहा है बाहर?
- 1:48:37अब्दुल कुछ बोल क्यों नहीं रहा? पता नहीं
- 1:48:40बॉस। चारों में से एक बोला। कोई बाहर जाकर
- 1:48:44देखो। कहीं दिन में ही तो उसने गांजा नहीं
- 1:48:46चढ़ा लिया। रुस्तम नाराजगी से बोला।
- 1:48:49रुस्तम के पीछे वो लड़की भी तंबू से बाहर
- 1:48:51निकली। वो भी रुस्तम के साथ खड़ी हो गई।
- 1:48:54उसने एक नजर शिप्रा की ओर देखा। फिर उन
- 1:48:57चारों की तरफ देखने लगी। उन चारों [संगीत]
- 1:48:59में से एक शख्स उठा और तेजी से बाहर की
- 1:49:02तरफ गया। बाहर जाकर उसने अब्दुल [संगीत]
- 1:49:05को एक तरफ बेहोश देखा तो वहीं से
- 1:49:08चिल्लाया। बॉस अब्दुल तो यहां बेहोश पड़ा
- 1:49:11है। बाहर से उस शख्स की आवाज सुनकर जमीन
- 1:49:14पर [संगीत] लेटे तीनों बदमाश खड़े हो गए।
- 1:49:17रुस्तम की आंखों में भी सतर्की नजर आने
- 1:49:19लगा। उसने उस लड़की की ओर देखकर कहा,
- 1:49:23"काव्या, तुम यहीं रहकर इस लड़की का ध्यान
- 1:49:25रखो। मैं अभी बाहर देखकर आता हूं कि क्या
- 1:49:28हुआ है। रुस्तम के साथ बाकी तीनों भी बाहर
- 1:49:31की तरफ बढ़े। फिर रुस्तम पीछे बजरंगी की
- 1:49:34ओर देखकर बोला बजरंगी तुम यहीं काव्या के
- 1:49:37साथ रुको। रुस्तम बाकी तीनों के साथ बाहर
- 1:49:40की तरफ बढ़ गया। जब इतना कुछ हो रहा था तब
- 1:49:43शौर्य दूसरे तंबू से एकदम चिपक कर बैठ गया
- 1:49:46था। इसीलिए किसी का ध्यान उसकी तरफ नहीं
- 1:49:48गया था। चारों के बाहर जाने के बाद काव्या
- 1:49:51शिप्रा की तरफ बढ़ी। शिप्रा भी यहां हो
- 1:49:53रही हलचल को देखकर समझने की कोशिश करने
- 1:49:55लगी कि यहां क्या चल रहा है। उसकी आंखों
- 1:49:58में एक उम्मीद भी नजर आने लगी कि क्या कोई
- 1:50:00उसे बचाने यहां आ गया है। काव्या ने
- 1:50:03शिप्रा की आंखों की उम्मीद को देखा तो
- 1:50:05उसका उपहास उड़ाते हुए बोली ज्यादा उम्मीद
- 1:50:08जताने का कोई फायदा नहीं है। इस घने जंगल
- 1:50:11के बीच तुम्हें कोई बचाने आने वाला नहीं
- 1:50:13है। शौर्य ने जब देखा कि रुस्तम अपने
- 1:50:15साथियों के साथ बाहर चला गया है तो वो
- 1:50:17काव्या के पीछे पड़ा। दूसरी तरफ रुस्तम
- 1:50:21बाहर आया तो देखा हांडी अभी भी आग पर चढ़ी
- 1:50:23हुई है और उससे जलने की बदबू आ रही है। दो
- 1:50:26बदमाशों ने बढ़कर कपड़े की सहायता से उस
- 1:50:28हांडी को आग पर से उतार कर अलग रखा।
- 1:50:31रुस्तम अब्दुल के पास गया और उसका नब्ज़
- 1:50:34देखा। यह देखकर उसे तसल्ली हुई कि नब्ज़
- 1:50:36चल रही है। शिवा जरा एक मग में पानी लेकर
- 1:50:40आना। रुस्तम एक शख्स की ओर देखकर बोला।
- 1:50:43जल्दी से वो शख्स एक मग उठाया और पानी के
- 1:50:46स्रोत के पास जाकर मग भर लाया। रुस्तम ने
- 1:50:49उसके हाथ से मग लिया और अब्दुल के मुंह पर
- 1:50:51पानी के छींटे मारा। कुछ ही पल में अब्दुल
- 1:50:54करहाता हुआ उठ बैठा। वो हैरानी से रुस्तम
- 1:50:57और उसके आदमियों की ओर देखने लगा। वो
- 1:51:00हैरान नजरों से चारों ओर देखता हुआ बोला।
- 1:51:03वो शख्स कहां गया जिसने मुझे पकड़ा था?
- 1:51:06रुस्तम की [संगीत] आंखें गोल हो गई। किसने
- 1:51:08तुम्हें पकड़ा था? अब्दुल ने फिर रुस्तम
- 1:51:11को बताया कि उसके साथ क्या हुआ था? तुम ये
- 1:51:13कहना चाहते हो कि जिसने तुम्हें बेहोश
- 1:51:16किया वो अकेला ही था। हां बॉस मैंने
- 1:51:19[संगीत] तो एक ही आदमी को देखा था। कोई और
- 1:51:21भी आसपास होगा तो उसका मुझे पता नहीं।
- 1:51:24रुस्तम अपनी जगह पर खड़ा हो गया। वो
- 1:51:26सतर्कता से अपने आसपास का मुआयना करने
- 1:51:28लगा। उसके साथ के बाकी लोग भी अब सतर्क
- 1:51:31नजर आने लगे। अब हमारे लिए क्या आदेश है
- 1:51:34बॉस? शिवा सामने आता हुआ बोला। कहीं ऐसा
- 1:51:38तो नहीं है कि जो भी यहां आया था उसका
- 1:51:40उद्देश्य यह [संगीत] पता करना था कि हम
- 1:51:42लोग कहां छुपे हैं और अब वो बाकी लोगों को
- 1:51:44भी यहां लाने के लिए चला गया है। पता नहीं
- 1:51:47यहां कौन था और उसका उद्देश्य क्या था। पर
- 1:51:50यह तो पक्का है कि अब यह जगह हमारे लिए
- 1:51:52सेफ नहीं है। तुम जाओ और काव्या के साथ उस
- 1:51:55लड़की को लेकर यहां आ जाओ। अब यहां रुकना
- 1:51:57[संगीत] सेफ नहीं है। रुस्तम शिवा की ओर
- 1:52:00देखकर बोला, शिवा बिना कुछ कहे फिर से
- 1:52:03गुफा के अंदर चला गया। अब आगे क्या होगा?
- 1:52:06क्या करेगा शौर्य रुस्तम [संगीत] के साथ?
- 1:52:09क्या शौर्य पता लगा पाएगा कि शिप्रा को
- 1:52:11किडनैप करवाने के पीछे कौन था?
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This page contains the full transcript of My Begger Husband series Episode 191 to 200 by SK Hindi Novel, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 22,011 words across 2,622 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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