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My Begger husband series episode 161 to 170 original voice pocket FM kukufm story world — Transcript

by SK Hindi Novel · 18,960 words · 2,292 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00हेलो दोस्तों, कैसे हैं आप लोग? उम्मीद
  2. 0:03करता हूं कि आप लोग बिल्कुल ठीक होंगे और
  3. 0:06मजे में होंगे। तो दोस्तों, आपका एक बार
  4. 0:09फिर से स्वागत है ऑडियो स्टोरी वर्ल्ड
  5. 0:12में। और दोस्तों, जिस कहानी का आप सभी को
  6. 0:15बेसब्री से इंतजार था माय बिगगर हस्बैंड
  7. 0:18का नया वीडियो आखिरकार आ चुका है। फायर।
  8. 0:22इस नए वीडियो में आपको सुनने को मिलेंगे
  9. 0:25एपिसोड 166 से लेकर एपिसोड 170 तक के
  10. 0:29धमाकेदार एपिसोड। इन एपिसोड्स में कहानी
  11. 0:33और भी ज्यादा इंटरेस्टिंग होने वाली है।
  12. 0:36नए ट्विस्ट, नए राज और ऐसे मोर जो आपको
  13. 0:40कहानी से आखिर तक जोड़े रखेंगे। तो
  14. 0:43दोस्तों, अगर आप माय बिगर हस्बैंड की
  15. 0:45कहानी को शुरू से सुन रहे हैं, तो इस
  16. 0:48वीडियो को बिल्कुल मिस मत करना। वीडियो को
  17. 0:51पूरा सुनिए। वीडियो पसंद आए तो लाइक जरूर
  18. 0:54करें और अपने दोस्तों के साथ शेयर करना
  19. 0:57बिल्कुल ना भूलें। और अगर आप ऑडियो स्टोरी
  20. 1:00वर्ल्ड पर नए हैं तो चैनल को सब्सक्राइब
  21. 1:03करके बेल आइकन दबा दीजिए। तो चलिए दोस्तों
  22. 1:06बिना किसी देरी के शुरू करते हैं। माय
  23. 1:09बिगगर हस्बैंड एपिसोड 166 से 170 हेड
  24. 1:14फाउंड एंजॉय द स्टोरी।
  25. 1:16कबीर के साथ सरोज का चेहरा भी पीला पड़ा
  26. 1:19हुआ था। कहां तो वह शौर्य और नताशा को
  27. 1:22शर्मिंदा करना चाहता था। पर इस वक्त वह
  28. 1:25दोनों रणधीर शेखावत के सामने शर्मिंदा
  29. 1:28खड़ा था। प्रदुमन सेठ तुम देखना कि
  30. 1:32तुम्हारे अलावा कोई और भी नताशा की फिल्म
  31. 1:34को प्रोड्यूस ना करे। मैं खुद इस नताशा
  32. 1:37कपूर के करियर पर ग्रहण ना लगा दिया। तो
  33. 1:39मेरा नाम रणधीर शेखावत नहीं। और उस लड़के
  34. 1:42श्रवण का तो कोई नाम लेने वाला नहीं होगा
  35. 1:44इस इंडस्ट्री में। आप उस पर गुस्सा होकर
  36. 1:47अपना खून मत जलाइए। मिस्टर शेखावत। मैं
  37. 1:50ध्यान रखूंगा कि उन दोनों को इंडस्ट्री
  38. 1:51में कोई काम ना मिले। पर मुझे पता चला है
  39. 1:54कि उस लड़के श्रवण को लेकर सुधाकर खुराना
  40. 1:57की बेटी मालिनी खुराना कोई फिल्म बनाने
  41. 1:59वाली है। अगर आप उसको मना सकते हैं तो मना
  42. 2:02लीजिए। प्रदुमन सेठ बोला ठीक है। अगर ऐसी
  43. 2:06बात है तो मैं बात करूंगा सुधाकर खुराना
  44. 2:08से। अगर मान जाता है तो ठीक। नहीं तो अगर
  45. 2:11वह फिल्म बना भी लेगा तो ऐसी स्थिति कर
  46. 2:14दूंगा कि फिल्म को रिलीज होने के लिए कोई
  47. 2:16हॉल नहीं मिलेगा। रणधीर शेखावत कुटिल
  48. 2:19मुस्कान के साथ बोला हां अगर ऐसा हो जाता
  49. 2:22है तो यह बढ़िया रहेगा। इसके बाद फिर कोई
  50. 2:25आपसे पंगा लेने की कोशिश नहीं करेगा।
  51. 2:27प्रदुमन सेठ चापलूसी करता हुआ बोला। दूसरी
  52. 2:31तरफ शौर्य ने नताशा और मेघना के साथ होटल
  53. 2:34पैराडाइज के ही रेस्टोरेंट वाले एरिया में
  54. 2:35जाकर लंच किया। उसके बाद उसने नताशा को
  55. 2:38विदा किया और मेघना के साथ घर के लिए निकल
  56. 2:41गया। [संगीत] इस दरमियान शिप्रा का फोन
  57. 2:43मेघना के पास आया था। यह जानने को कि वह
  58. 2:46वापस कब आ रही है। मेघना ने उसे बता दिया
  59. 2:48था कि वह रास्ते [संगीत] में ही है। जल्दी
  60. 2:50ही घर पहुंच जाएगी। रास्ते में शौर्य ने
  61. 2:53मेघना के लिए नया मोबाइल भी खरीदा। पैसे
  62. 2:56तो शौर्य पहले ही रणधीर शेखावत से ले चुका
  63. 2:58[संगीत] था। पहले वाला मोबाइल बुरी तरह
  64. 3:00डैमेज हो गया था। इसीलिए उसको रिपेयर करने
  65. 3:03का कुछ खास फायदा नहीं था। मेघना शौर्य से
  66. 3:06पार्टी [संगीत] में जो भी हुआ उसके बारे
  67. 3:08में बात करना चाहती थी। पर उसे लगा कि घर
  68. 3:11जाने के बाद शिप्रा का भी सवाल जवाब शुरू
  69. 3:13होगा। इसीलिए घर [संगीत] जाकर ही बात करना
  70. 3:16ज्यादा सही होगा। इसीलिए रास्ते में वह
  71. 3:18चुप ही रही। शौर्य घर पहुंचा तो उसे
  72. 3:21डाइनिंग एरिया में ही शिप्रा और मेघा खाना
  73. 3:24खाती मिली। गिरजा ने शौर्य को देखा तो
  74. 3:26बोली भैया आपके लिए भी खाना लगा दूं? नहीं
  75. 3:30मैं [संगीत] खा चुका हूं। हां अगर कॉफी
  76. 3:33पिला सकती हो तो पिला दो। शौर्य डाइनिंग
  77. 3:35हॉल में ही सोफा पर बैठता हुआ बोला। अभी
  78. 3:38बना लाती हूं भैया। [संगीत] इतना बोलकर
  79. 3:41गिरजा मेघना से भी पूछी। दीदी क्या आपके
  80. 3:44लिए भी कॉफी बना दूं? मेघना ने भी हां में
  81. 3:47जवाब दिया तो गिरजा किचन में चली गई। क्या
  82. 3:50भैया आप दोनों अकेले पार्टी कराएं? मेघा
  83. 3:53शौर्य और मेघना को साथ आए देखकर बोली।
  84. 3:56तुमने पहले बताया नहीं ना कि तुझे भी
  85. 3:58पार्टी चाहिए था। अगर बता देती तो तुम्हें
  86. 4:01भी साथ ले चलता। शौर्य हंसता हुआ बोला,
  87. 4:05पहले पता होता तब तो पूछती। आगे से आप
  88. 4:08पहले से बता दिया करना कि किस-किस डेट में
  89. 4:10आपकी पार्टी होनी है। फिर मैं आपको बता
  90. 4:12दूंगी। मेघा भी पलट कर तुरंत बोली। बहुत
  91. 4:16जवाब देना आ गया है। [संगीत] ठीक है चलो।
  92. 4:18तुम्हें कल ही पार्टी देता हूं। फिर नहीं
  93. 4:20कहना कि पहले नहीं बताया। [संगीत]
  94. 4:22शौर्य ने जवाब दिया। कल नहीं। किसी और दिन
  95. 4:26तुम मेघा को पार्टी दे देना। कल हमें एक
  96. 4:28दूसरे फंक्शन में जाना है। शिप्रा शौर्य
  97. 4:31को मेघा के साथ प्लान बनाते [संगीत] देखकर
  98. 4:33बोली, कल किस फंक्शन में जाना है? पहले तो
  99. 4:37तुमने बताया नहीं था। शौर्य जिज्ञासावश
  100. 4:40पूछ बैठा। मुझे भी आज ही पता चला तो पहले
  101. 4:43कैसे बताती? शिप्रा अपना खाना समाप्त करती
  102. 4:46हुई बोली। वैसे तुम्हें जाना किसके फंक्शन
  103. 4:49में है? मेघना को भी इसके बारे में कुछ
  104. 4:51पता नहीं था। इसीलिए वह पूछ बैठी। कल
  105. 4:54युविका का इंगेजमेंट है। उसी में [संगीत]
  106. 4:56जाना है। शिप्रा ने जवाब दिया इसका मतलब
  107. 5:00युविका और विहान का इंगेजमेंट है। मेघना
  108. 5:03[संगीत] आश्चर्य से बोली क्या शौर्य का
  109. 5:06मुंह आश्चर्य से खुला रह गया। यह कैसे
  110. 5:09[संगीत] हो गया? ऐसा भला कौन करता है?
  111. 5:12जिसने पहले ही तुम्हारे परिवार को धोखा
  112. 5:14दिया है। दोबारा कैसे तुम्हारे परिवार
  113. 5:16वाले उस पर विश्वास कर सकते हैं। शिप्रा
  114. 5:19को लगा शौर्य विहान को पसंद नहीं करता।
  115. 5:21इसीलिए वह ऐसा बोल रहा है। वो बिना शौर्य
  116. 5:25के विचार की परवाह किए बोली, "मेरे परिवार
  117. 5:28वाले ऐसा क्यों और कैसे कर रहे हैं? इसको
  118. 5:31जानने [संगीत] की हमें कोई जरूरत नहीं है।
  119. 5:33उन्होंने हमें कल उस पार्टी में बुलाया है
  120. 5:35तो बस जाना है। मैं समझता [संगीत] हूं। पर
  121. 5:39तुम्हें उस विहान रायजादा की वास्तविक
  122. 5:41हकीकत पता भी है? [संगीत] कैसे तुम्हारे
  123. 5:44परिवार वाले एक बैंककरप्ट इंसान से
  124. 5:46तुम्हारे कजिन की शादी कर सकते हैं। शौर्य
  125. 5:48अपनी चिंता जाहिर करते हुए बोला तुम कहना
  126. 5:51क्या चाहते हो? इसका क्या मतलब हुआ कि
  127. 5:54विहान बैंककरप्ट हो रखा है। शिप्रा को समझ
  128. 5:56नहीं आया कि शौर्य ऐसा किस आधार पर कह रहा
  129. 5:59था? तुम्हारी [संगीत] पूरी फैमिली रायजादा
  130. 6:02फैमिली के बहकावे में आ गई है। तभी उन्हें
  131. 6:04उसकी वित्तीय स्थिति के बारे में कुछ नहीं
  132. 6:06पता है। रायजादा फैमिली का ज्यादातर
  133. 6:08प्रॉपर्टी बैंक [संगीत] के पास गिरवी है।
  134. 6:10कुछ तो प्राइवेट फाइनेंसर के पास भी बंधक
  135. 6:13है। और अभी जो स्थिति उसकी कंपनी की हो
  136. 6:15रखी है। ऐसा उम्मीद भी नहीं है कि वह
  137. 6:17जल्दी इससे उभ पाएगी। अगर वह अभी तुम्हारे
  138. 6:21परिवार में लगा हुआ है तो इसका मतलब जरूर
  139. 6:23उसको तुम्हारे परिवार से कोई मतलब साधना
  140. 6:25होगा। शौर्य को जो पता था उसने बताया।
  141. 6:29शिप्रा को समझ नहीं आया कि शौर्य को इतना
  142. 6:31कुछ कैसे पता हो [संगीत] सकता है। उसे
  143. 6:33शौर्य पर शक भी हुआ कि कहीं किसी जलन के
  144. 6:36कारण तो नहीं शौर्य विहान के बारे में
  145. 6:38उल्टा सीधा बोल रहा है। वह भी तो काफी समय
  146. 6:41से विहान को जानती है। [संगीत] उसने तो इस
  147. 6:43बारे में कुछ भी नहीं सुना है। जरूर यही
  148. 6:46बात होगी। शिप्रा ने अपने मन को समझाया।
  149. 6:49फिर भी उसने शौर्य के सामने यह नहीं जताया
  150. 6:52कि उसे उसकी बात पर [संगीत] भरोसा नहीं
  151. 6:54है। बल्कि उसने शौर्य से कहा, देखो अगर हम
  152. 6:58ऐसा कुछ अपने घर वालों के सामने बोलेंगे
  153. 7:00भी तो उन्हें हमारी बातों पर विश्वास
  154. 7:02[संगीत] नहीं होगा। इसीलिए हमें खुद अपनी
  155. 7:05बेइज्जती नहीं करवानी है। अगर उन्होंने
  156. 7:07जानबूझकर ऐसा किया है तो उन्हें भी सबक
  157. 7:10मिलनी चाहिए। हमें तो बस वहां जाना है और
  158. 7:13उस पार्टी को अटेंड करके आ जाना है।
  159. 7:15इसीलिए तुम इस बारे में मत सोचो। शौर्य ने
  160. 7:18भी सोचा जब उन्हें ही [संगीत] इसकी फिक्र
  161. 7:20नहीं है तो वह क्यों इसके बारे में सोच
  162. 7:22रहा है। उसने भी सोचा उस घमंडी लड़की के
  163. 7:25साथ अगर ऐसा हो भी जाता है तो उसके
  164. 7:28[संगीत] लिए सबक ही होगा। इसलिए शौर्य ने
  165. 7:30आगे इस बारे में कुछ नहीं कहा। इतनी देर
  166. 7:33में [संगीत] गिरजा शौर्य के लिए कॉफी लेकर
  167. 7:36आ गई थी। उसने शौर्य और मेघना को कॉफी
  168. 7:38दिया और वहां से चली गई। शौर्य को पता था
  169. 7:41कि आज शिप्रा फैब्रिक स्ट्रेंट के ऑफिस
  170. 7:43ज्वाइन करने गई थी। उसका क्या रहा यह
  171. 7:46जानने की इच्छा उसके मन में हुई। इसीलिए
  172. 7:48उसने [संगीत] पूछा आज तुमको फैब्रिक्स
  173. 7:51ट्रेंड में ज्वाइन करना था ना उसका क्या
  174. 7:53रहा? जॉइ कर लिया है। [संगीत] अब कल से
  175. 7:56टाइम पर जाना है। शिप्रा ने सिंपल सा जवाब
  176. 7:59दिया। अरे यह तो समझ आ [संगीत] गया कि जॉइ
  177. 8:02कर लिया। पर वहां क्या कैसे रहा? उसके
  178. 8:05बारे में तो कुछ बताओ। क्या [संगीत] सब
  179. 8:07कुछ इतनी आसानी से हो गया कि तुम्हारे पास
  180. 8:09बताने को है ही नहीं। मेघना ने शिप्रा का
  181. 8:12सिंपल सा जवाब सुनकर पूछा। नहीं इतना आसान
  182. 8:16भी नहीं रहा बल्कि कुछ ज्यादा ही ड्रामा
  183. 8:19हुआ। इसके बाद शिप्रा ने फैब्रिक ट्रेंड
  184. 8:22के ऑफिस जाने के बाद क्या-क्या हुआ उसके
  185. 8:24बारे में बताया। शौर्य शांति से सुनता
  186. 8:27रहा। पूरी कहानी बताने के बाद शिप्रा ने
  187. 8:30आगे कहा, "मुझे लगता है राजा साहब को अपने
  188. 8:33बच्चों पर ज्यादा भरोसा नहीं है और शायद
  189. 8:36उनके बच्चे भी [संगीत] सब कुछ अपने
  190. 8:38कंट्रोल में करना चाहते हैं।" तुम्हें ऐसा
  191. 8:40क्यों लगा कि उनके बच्चे उन पर कंट्रोल
  192. 8:42करना चाहते हैं? शिप्रा की बात सुनकर
  193. 8:44शौर्य बोला जिस तरह से उनकी बेटी चाहती थी
  194. 8:48कि इस कंपनी का सीईओ वही [संगीत] बन जाए
  195. 8:50इससे ही प्रतीत हो रहा था। राजा साहब को
  196. 8:53कहीं से यह आभास हो रखा है कि उनके
  197. 8:55[संगीत] बच्चे उनके किसी दूसरे बेटे का
  198. 8:57हिस्सा भी हथियाना चाहते हैं। इसके पीछे
  199. 9:00की [संगीत] क्या कहानी है? यह अभी तो मुझे
  200. 9:02नहीं पता है। पर शायद जल्दी ही पता चल
  201. 9:05जाएगा। शिप्रा सोच भरे स्वर [संगीत] में
  202. 9:07बोली। तो फिर तुमने क्या सोचा है? तुम
  203. 9:11कैसे इस कंपनी को चलाने वाली हो? मेघना ने
  204. 9:14आगे पूछा,
  205. 9:16मैं देखती हूं। मैं अपना [संगीत] बेस्ट
  206. 9:18देने की कोशिश करूंगी। देखती हूं कि मैं
  207. 9:21कुछ कर भी पाती हूं या नहीं। पर पता नहीं
  208. 9:24[संगीत] क्यों राजा साहब को मुझ पर कुछ
  209. 9:27ज्यादा ही भरोसा है। अगर मुझे लगेगा कि
  210. 9:29मैं सही तरीके से [संगीत] उनकी उम्मीदों
  211. 9:32को पूरा करने में समर्थ नहीं हूं तो मैं
  212. 9:34उसी वक्त अपना इस्तीफा दे दूंगी। शिप्रा
  213. 9:38स्पष्ट इरादों के साथ बोली। शौर्य को
  214. 9:40शिप्रा की यह ईमानदारी अच्छी लगी। वो उसको
  215. 9:43हिम्मत दिलाते हुए बोला, तुम पहले से ही
  216. 9:46ऐसी नाउदी भरी बातों को क्यों सोच रही हो?
  217. 9:49तुम जरूर अपने काम में सफल होगी। काश ऐसा
  218. 9:53हो जाए। पर यह इतना आसान नहीं है। क्योंकि
  219. 9:56उस ऑफिस में जो लोग काम करने वाले हैं,
  220. 9:59उसमें से ज्यादातर मेरी नियुक्ति को गलत
  221. 10:02साबित करने की कोशिश में लगे हुए हैं। और
  222. 10:04यह बात राजा साहब को भी पता है। हालांकि
  223. 10:07उन्होंने मुझे यह कहा है कि मुझे अपने
  224. 10:09[संगीत] ऊपर इस तरह का प्रेशर नहीं लेना
  225. 10:11है कि मुझे जल्दी ही कंपनी में
  226. 10:13इंप्रूवमेंट दिखाना है। पर मैं खुद चाहती
  227. 10:16हूं कि मैं किसी को भी अपने ऊपर उंगली
  228. 10:18उठाने का मौका नहीं दूं। राजा साहब की
  229. 10:21बेटी स्वर्णलता तो मुझे वहां देखना भी
  230. 10:23[संगीत] नहीं चाहती। पर राजा साहब ने वहां
  231. 10:25किसी की भी नहीं सुनी। हां, उनका एक पोता
  232. 10:29है प्रतीक। अभी तो वो मुझसे चिकनी चुपड़ी
  233. 10:32बातें कर रहा था। पर पता नहीं उसके दिमाग
  234. 10:34[संगीत] में क्या चल रहा हो। शिप्रा ने
  235. 10:36अपने मन में चल रही सारी उलझन को वहां
  236. 10:38बयान कर दी। शुरुआत में ही इतना ज्यादा
  237. 10:41बोझ खुद पर लेने की जरूरत नहीं है। अगर
  238. 10:44तुम पहले ही अपने ऊपर इतना सारा बोझ लेकर
  239. 10:47काम करोगी तो कुछ भी नहीं कर पाओगी।
  240. 10:50इसीलिए बिना किसी बर्डन के शुरुआत करो।
  241. 10:53फिर जरूर सफल होगी। लेकिन अगर [संगीत]
  242. 10:56पहले से ही इतनी उम्मीद अपने से लगा लोगी
  243. 10:58तो मुश्किल होगी। मेघना ने [संगीत]
  244. 11:01समझाया। वैसे तुम अगर चाहो तो मैं
  245. 11:03तुम्हारी कुछ मदद कर सकता हूं। शौर्य के
  246. 11:06दिमाग में कुछ चल [संगीत] रहा था। वैसे भी
  247. 11:09बिजनेस के मामले में उसका दिमाग कुछ
  248. 11:11ज्यादा ही चलता था। उसने सोच लिया था कि
  249. 11:14उसे फैब्रिक ट्रेंड के साथ क्या करना है।
  250. 11:16शिप्रा ने जब सुना कि शौर्य उसकी मदद कर
  251. 11:19[संगीत] सकता है। पहले तो उसे विश्वास
  252. 11:21नहीं हुआ कि यह संभव है। पर पहले भी शौर्य
  253. 11:25के कारण वो कई मुसीबतों से बाहर आई थी।
  254. 11:27इसीलिए वो स्वाभाविक रूप से पूछ बैठी। तुम
  255. 11:31मेरी मदद कैसे कर सकते हो? [संगीत] यह मैं
  256. 11:34तुम्हें आज नहीं कल बताऊंगा। शौर्य
  257. 11:37मुस्कुराता हुआ बोला क्योंकि जो प्लान
  258. 11:40उसके दिमाग में था अगर वह अभी बता देता तो
  259. 11:43शिप्रा को शौर्य पर शक करने का मौका मिल
  260. 11:45जाता। [संगीत] इसीलिए एक दिन का समय लेने
  261. 11:48के पीछे उसका मकसद यह था कि वह शिप्रा को
  262. 11:51जता [संगीत] पाता कि उसने इस बारे में कुछ
  263. 11:53लोगों से बात किया और वह उस काम के लिए
  264. 11:56तैयार है जो शौर्य के दिमाग में चल रहा
  265. 11:58था। पर शिप्रा को सब्र नहीं हो रहा था कि
  266. 12:01उसे कल तक इस बात को जानने के लिए इंतजार
  267. 12:04करना पड़ेगा। वो बेसब्र होकर बोली, ऐसी भी
  268. 12:08क्या बात है जो तुम अभी नहीं बता सकते?
  269. 12:11दरअसल जो [संगीत] बात मेरे दिमाग में है,
  270. 12:13पहले मैं यह पुख्ता करना चाहता हूं कि मैं
  271. 12:16जो सोच रहा हूं, वह पूरा हो भी सकता है या
  272. 12:18[संगीत] नहीं। इसके लिए मुझे कुछ और लोगों
  273. 12:21को तैयार करना पड़ेगा। अगर बाकी लोग भी
  274. 12:24तैयार हो जाते हैं [संगीत] तो समझ लो इस
  275. 12:26एक डील से ही तुम्हें किसी और का मुंह
  276. 12:29देखने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। शौर्य
  277. 12:32पूरे विश्वास के साथ बोला। शिप्रा तो
  278. 12:34शौर्य का चेहरा देखती ही रह गई। वो सोचने
  279. 12:37पर [संगीत] मजबूर थी कि ऐसा क्या तरीका हो
  280. 12:40सकता है जो श्रवण के दिमाग में तो आ गया
  281. 12:42पर उसके दिमाग में नहीं आया। उसने बहुत
  282. 12:45अपना दिमाग चलाया पर [संगीत] उसे समझ नहीं
  283. 12:48आया। उसे शौर्य पर भी गुस्सा आ रहा था जो
  284. 12:51उसे कल तक इंतजार करने को कहा गया।
  285. 12:53[संगीत]
  286. 12:54शिप्रा को थोड़ा गुस्सा भी आ रहा था कि
  287. 12:57अगर उसको नहीं बताना था तो फिर अभी उसके
  288. 12:59सामने यह बोलने की क्या जरूरत [संगीत] थी
  289. 13:01कि वह उसकी मदद कर सकता है। यह तुम्हारी
  290. 13:04आदत है क्या कि किसी के सामने पहले खाना
  291. 13:07परोस दो [संगीत] और जब सामने वाला खाना
  292. 13:09खाने के लिए हाथ बढ़ाए तो तुम उसके सामने
  293. 13:12से खाने की प्लेट हटा लो। मेघना शौर्य पर
  294. 13:15तंज कसती हुई बोली। तुम कहना क्या चाहती
  295. 13:18हो? शौर्य को समझ नहीं आया कि मेघना
  296. 13:21[संगीत] ऐसा क्यों बोली? पहले तुमने कहा
  297. 13:23तुम शिप्रा की मदद कर सकते हो। जब शिप्रा
  298. 13:26ने पूछा तो कह दिया आज नहीं तुम उसे यह
  299. 13:29बात कल बताओगे। तो यह हुआ ना तुमने खाना
  300. 13:32परोसा और जब शिप्रा ने खाना चाहा तो तुमने
  301. 13:35खाना हटा लिया। मेघना ने अपना अलग ही तर्क
  302. 13:38दिया। अरे मैंने यह तो कहा नहीं कि
  303. 13:40बताऊंगा ही नहीं। समय मुझे इसीलिए चाहिए
  304. 13:43कि जैसा मैंने सोचा है। अगर वैसा नहीं हुआ
  305. 13:46तो फिर कोई फायदा नहीं मेरे प्लान का।
  306. 13:48शौर्य ने [संगीत] समझाया। तुम तो कल पर
  307. 13:51टालकर फ्री हो गए। पर यह सोचा है कि कल तक
  308. 13:54शिप्रा यही सोचती रहेगी कि [संगीत] तुमने
  309. 13:56उसकी मदद कैसे करने की सोची? मेघना शिप्रा
  310. 13:59का पक्ष लेती हुई बोली। वैसे तो बहुत
  311. 14:02समझदार बनते हो पर किसी के मन की स्थिति
  312. 14:04को समझ नहीं पाते। शिप्रा को मेघना की बात
  313. 14:07सुनकर खुशी हुई। कितना [संगीत] सही आकलन
  314. 14:09किया था मेघना ने उसकी सोच का। तुम अभी भी
  315. 14:12मुझे बता सकते हो कि तुमने किस तरह से
  316. 14:14मेरी मदद करने की सोची। भले कल तुम अपने
  317. 14:17इरादे में कामयाब नहीं हो पाओ पर मुझे समझ
  318. 14:19तो आ जाएगा कि जो तुमने सोचा [संगीत] है
  319. 14:22क्या वह सही में मेरे काम के लिए कारगर
  320. 14:24सिद्ध हो सकता है। इस बार शिप्रा ने सीधा
  321. 14:27शौर्य से बोला। शौर्य ने एक पल शिप्रा की
  322. 14:29तरफ देखा फिर बोला अगर ऐसी बात है तो फिर
  323. 14:33ठीक है। मैं तुम्हें अपनी सोच के बारे में
  324. 14:35बताता हूं। इतना बोलकर शौर्य रुक कर एक
  325. 14:38मिनट [संगीत] सोचा कि वो अपनी बात कैसे
  326. 14:40शुरू करें। फिर कुछ सोचकर उसने शिप्रा से
  327. 14:43पूछा, तुम्हारी कंपनी फैब्रिक ट्रेंड का
  328. 14:46मेन काम क्या है? शिप्रा को समझ नहीं आया
  329. 14:49कि शौर्य की इस बात का क्या जवाब दे? यह
  330. 14:51तो सबको पता था कि [संगीत] फैब्रिक ट्रेंड
  331. 14:53में हाई क्वालिटी के कपड़े तैयार होते
  332. 14:55हैं। उसने शौर्य को बताया फैब्रिक ट्रेंड
  333. 14:58में हाई क्वालिटी के कपड़े तैयार होते हैं
  334. 15:01जो ज्यादातर दूसरे देशों में एक्सपोर्ट
  335. 15:03होते हैं। बहुत सही। और इन एक्सपोर्ट में
  336. 15:06भी ज्यादातर हिस्सा बांग्लादेश में
  337. 15:08एक्सपोर्ट होता है। और [संगीत] आजकल
  338. 15:09बांग्लादेश के साथ हमारे जैसे रिश्ते हैं
  339. 15:12उसके कारण एक्सपोर्ट लगभग बंद सा ही है।
  340. 15:15शौर्य ने शिप्रा की बात में अपनी बात को
  341. 15:17और जोड़ा। यही तो प्रॉब्लम है। बांग्लादेश
  342. 15:20के साथ बिगड़ते रिश्ते के कारण हमारा
  343. 15:23एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है। शिप्रा ने
  344. 15:25शौर्य की बात से सहमति जताई। क्या तुम्हें
  345. 15:28यह पता है कि बांग्लादेश इन कपड़ों को
  346. 15:30क्या करता है जो वह हमारे यहां से मंगाता
  347. 15:33है? शौर्य ने शिप्रा से अगला सवाल किया।
  348. 15:36बांग्लादेश इन कपड़ों से अलग-अलग परिधान
  349. 15:39बनाकर यूरोपीय देशों को एक्सपोर्ट करता
  350. 15:41है। और सबसे बड़ी बात है कि इन कपड़ों की
  351. 15:44यूरोपीय देशों में बहुत डिमांड है। शौर्य
  352. 15:46मुस्कुराते हुए बोला। उसे लग रहा था इतनी
  353. 15:49बात से शिप्रा को समझ जाना चाहिए कि शौर्य
  354. 15:52शिप्रा को क्या कहना [संगीत] चाहता है। पर
  355. 15:54शिप्रा को अभी भी शौर्य क्या कहना चाहता
  356. 15:57है यह स्पष्ट नहीं हुआ। वो अपने सिर पर बल
  357. 16:00डाले हुए बोली। तुम अपनी बात को थोड़ा
  358. 16:02स्पष्ट करके बताओगे? ठीक है? [संगीत] जब
  359. 16:05तुम सब कुछ स्पष्ट ही सुनना चाहते हो तो
  360. 16:07सुनो। जो काम बांग्लादेश करता [संगीत] है,
  361. 16:09वही काम हम भी तो कर सकते हैं। यूरोपीय
  362. 16:12देशों में वर्क की लागत ज्यादा है। इसीलिए
  363. 16:15वह बने बनाए कपड़े अपने यहां [संगीत]
  364. 16:16मंगवाती है और उस पर अपने यहां की कंपनीज
  365. 16:19का टैग लगाकर बेचती है। हमारे देश में भी
  366. 16:21[संगीत] मैन पावर की कमी नहीं है। इसीलिए
  367. 16:24जो काम बांग्लादेश करता था, वह हम यहां कर
  368. 16:27सकते हैं और सीधा यूरोपीय देशों को परिधान
  369. 16:30एक्सपोर्ट कर सकते हैं। इससे हमारा मुनाफा
  370. 16:32भी बढ़ जाएगा। और जहां तक मैंने कल तक
  371. 16:35रुकने की बात की थी, उसका कारण यह था
  372. 16:37[संगीत] कि मैं इस बारे में एक बार बिग
  373. 16:39बुल के ओनर मिस्टर विक्रम से बात करके यह
  374. 16:42क्लियर करना चाहता था कि क्या वह इसमें
  375. 16:44कुछ सहयोग कर सकते हैं क्योंकि इसमें उनका
  376. 16:46भी जबरदस्त फायदा है। शौर्य का मास्टर
  377. 16:49प्लान सुनकर शिप्रा तो शौर्य का चेहरा
  378. 16:51देखती [संगीत] ही रह गई। कितना सही सोचा
  379. 16:54था उसने। उसे अपनी सोच पर पछतावा कि उसके
  380. 16:57दिमाग में यह [संगीत] बात क्यों नहीं आई।
  381. 16:59उसे पता था कि अभी कुछ दिन पहले ही सरकार
  382. 17:01ने यूरोपीय देशों के साथ ट्रेड डील की थी।
  383. 17:05क्या बात है श्रवण क्या जबरदस्त आईडिया
  384. 17:08दिया है तुमने? मानना पड़ेगा। कुछ तो बात
  385. 17:11है तुम में जो मेघना भी शौर्य से प्रभावित
  386. 17:15होकर उसकी तारीफ [संगीत] करती हुई बोली।
  387. 17:17शिप्रा को भी मानना पड़ा शौर्य की बात में
  388. 17:20दम है। अगर मिस्टर विक्रम शौर्य [संगीत]
  389. 17:22की बात को समझ जाते हैं तो फिर शिप्रा को
  390. 17:24फैब्रिक ट्रेंड की ग्रोथ के बारे में
  391. 17:26ज्यादा सोचने की जरूरत ही नहीं पड़ती। आगे
  392. 17:29चलकर वह फैब्रिक ट्रेंड कंपनी में ही एक
  393. 17:31डिवीजन अपेरल के लिए अलग से बना सकती थी।
  394. 17:34[संगीत] अचानक ही उसे लगा कि उसको एक दिशा
  395. 17:36मिल गई है कि उसको फैब्रिक ट्रेंड को किस
  396. 17:39तरह आगे ले जाना है। आज उसे अपने फैसले पर
  397. 17:42गर्व हो रहा था जो उसने शौर्य से तलाक
  398. 17:44नहीं लेने का किया था। आज वह और भी पक्का
  399. 17:47हो गई कि शौर्य का भूतकाल कैसा भी रहा हो
  400. 17:50पर वह दिमाग का तेज है। दुनियादारी की उसे
  401. 17:53अच्छी समझ है और हिम्मत की तो उसमें कोई
  402. 17:56कमी है ही नहीं। वो प्रत्यक्षतः बोली थैंक
  403. 18:00यू श्रवण। [संगीत] आज तुमने सही मायने में
  404. 18:02मुझे एक दिशा दे दी कि मुझे फैब्रिक
  405. 18:04ट्रेंड में क्या करना है। शौर्य ने
  406. 18:06मुस्कुराकर उसका अभिवादन स्वीकार किया। अब
  407. 18:09तक शौर्य की कॉफी भी खत्म हो गई थी।
  408. 18:11[संगीत]
  409. 18:12वैसे तो शौर्य को शिप्रा के साथ यहां बैठा
  410. 18:14रहना अच्छा लग रहा था। पर अब काफी देर हो
  411. 18:16गई थी। इसीलिए वह अपनी जगह से उठा और
  412. 18:19बोला, ठीक है अब मैं अपने कमरे में जाता
  413. 18:21हूं। बाकी मैं कल इस बारे में मिस्टर
  414. 18:23विक्रम से बात करूंगा। फिर जैसा भी होगा
  415. 18:26तुम्हें बताऊंगा। इसके बाद श्रवण अपने
  416. 18:29कमरे की तरफ बढ़ गया। वैसे तो शौर्य को इस
  417. 18:32बारे में किसी [संगीत] से पूछने की जरूरत
  418. 18:33नहीं थी। पर वो यह शिप्रा के सामने नहीं
  419. 18:36बोल सकता था। इसीलिए शिप्रा को शक ना हो
  420. 18:38इसीलिए [संगीत] उसने यह बात विक्रम से बात
  421. 18:40करने पर टाल दी थी। शौर्य के अपने कमरे
  422. 18:43में जाने के बाद शिप्रा और मेघना ही वहां
  423. 18:46रह गई थी। मेघा पहले ही इन लोगों को
  424. 18:48बिजनेस की बातें करते देखकर चली गई थी।
  425. 18:51शिप्रा अभी भी उसी दिशा में देख रही थी
  426. 18:53जिधर [संगीत] से शौर्य गया था। जब मेघना
  427. 18:56ने यह नोटिस किया तो उसने शिप्रा को
  428. 18:58छेड़ते हुए कहा। अब उधर क्या देख रही हो?
  429. 19:01[संगीत] वो अपने कमरे में चला गया। मेघना
  430. 19:04की बात सुनकर शिप्रा की तंद्रा भंग हुई।
  431. 19:06उसने ऐसा जताया जैसे ऐसी कोई बात नहीं है।
  432. 19:09वो भी अपनी जगह से खड़ी हो गई और मेघना से
  433. 19:12बोली, हम यहां क्या कर रहे हैं? चलो हम भी
  434. 19:15अपने कमरे में चलते हैं। मेघना भी शिप्रा
  435. 19:18के साथ उसके कमरे की तरफ बढ़ गई। अभी
  436. 19:21शिप्रा के दिमाग में कई सवाल थे जो उसे
  437. 19:23मेघना से करने थे। जब वह दोनों अपने कमरे
  438. 19:26में पहुंच गई तो शिप्रा ने मेघना से पूछा।
  439. 19:29अब बताओ आज क्या सब किया तुमने? ज्यादा
  440. 19:32कुछ नहीं किया। थोड़ा घूमी फरी, थोड़ा
  441. 19:34पार्टी किया। फिर घर आ गई। मेघना अपने हाथ
  442. 19:38के थैले को बेड पर फेंकती हुई बोली। उसने
  443. 19:40ऐसा जानबूझकर किया जिससे शिप्रा की नजर उस
  444. 19:43थैले पर जाए और वो उसके बारे में पूछे।
  445. 19:46जैसा मेघना ने सोचा था हुआ भी बिल्कुल
  446. 19:48वही। शिप्रा ने उस थैले पर ध्यान दिया तो
  447. 19:51उसे समझ आया कि वो एप्पल का लेटेस्ट
  448. 19:53मोबाइल था। वो मेघना की तरफ देखती हुई
  449. 19:56बोली। तुमने नया मोबाइल लिया है। तुम्हारे
  450. 19:59पास तो पहले से ही मोबाइल था। तो फिर यह
  451. 20:01नया लेने की क्या जरूरत थी? मैंने नहीं
  452. 20:04लिया है। श्रवण ने मुझे ले दिया है। मेघना
  453. 20:07तिरछी नजरों से शिप्रा को देखती हुई बोली।
  454. 20:10श्रवण ने तुम्हारे लिए मोबाइल लिया है। पर
  455. 20:13[संगीत] उसे इसकी क्या जरूरत पड़ गई? उसने
  456. 20:15खुद अपना मोबाइल तो अभी तक चेंज नहीं किया
  457. 20:17है। उसके पास अभी भी वही मोबाइल है जो
  458. 20:20मैंने उसे लेकर दिया था। और उसने तुम्हारे
  459. 20:22लिए इतना महंगा मोबाइल लिया है। शिप्रा की
  460. 20:26बातों में अविश्वास झलक रहा था। तुम्हें
  461. 20:28विश्वास नहीं करना है तो मत करो। पर यही
  462. 20:31सच है। दरअसल मेरी गलती से मेरा मोबाइल
  463. 20:34टूट गया तो उसने मेरे लिए यह नया मोबाइल
  464. 20:36खरीद दिया। इतना कहकर मेघना ने अपना टूटा
  465. 20:39मोबाइल निकालकर शिप्रा को दिखाया। शिप्रा
  466. 20:42ने मेघना के टूटे मोबाइल को देखा। फिर उसे
  467. 20:45यह सोचकर थोड़ी जलन भी हुई कि शौर्य ने
  468. 20:47मेघना को नया मोबाइल दिया है। वो चिढ़कर
  469. 20:51बोली, तुम्हें क्या जरूरत थी उससे नया
  470. 20:53मोबाइल लेने की? तुम खुद भी तो ले सकती
  471. 20:55थी। मैंने तो उसे मना किया था। पर वो माने
  472. 20:59तब तो उसने तो जबरदस्ती रणधीर शेखावत
  473. 21:01[संगीत] से मेरे मोबाइल के लिए पैसा लिया
  474. 21:03और मेरे लिए मोबाइल खरीद कर ही माना।
  475. 21:06मेघना धीरे-धीरे अपनी कहानी का एक-एक परत
  476. 21:09खोल रही थी और शिप्रा को हैरान कर रही थी।
  477. 21:12शिप्रा समझ गई कि जरूर पैराडाइज होटल में
  478. 21:15कुछ हुआ होगा जो उसे अभी पता नहीं है।
  479. 21:18इसीलिए वह थोड़ी सख्त स्वर में मेघना से
  480. 21:21बोली क्या तुम मुझे बताओगी कि होटल
  481. 21:24पैराडाइज में क्या हुआ था? तुम क्या करोगी
  482. 21:26जानकर? वैसे भी जो भी कुछ वहां हुआ था
  483. 21:30श्रवण नहीं चाहेगा कि वो बातें तुम्हें
  484. 21:32पता चले। [संगीत] मेघना शिप्रा को चिंगारी
  485. 21:34लगाती हुई बोली। वो समझ रही थी जितनी
  486. 21:37ज्यादा वह इस तरह की बात करेगी शिप्रा
  487. 21:40उतना ही ज्यादा उस बात को जानना चाहेगी।
  488. 21:42शिप्रा ने जब मेघना की बात को सुना तो वो
  489. 21:45मेघना को घूरती हुई बोली अच्छा तो अब
  490. 21:49तुम्हें मुझसे ज्यादा श्रवण प्यारा हो गया
  491. 21:51है। तुम्हें उसकी मुझसे ज्यादा फिक्र हो
  492. 21:54गई है? बात फिक्र की नहीं भरोसे की है।
  493. 21:57श्रवण मुझे अपने साथ ले गया [संगीत] था तो
  494. 22:00क्या यह गलत नहीं होगा कि मैं उसकी बातें
  495. 22:02किसी के पास लीक करूं। मैं पहले से ही
  496. 22:04नोटिस कर रही हूं कि [संगीत] तुम मेरी बहन
  497. 22:06होकर वफादारी श्रवण की कर रही हो। मैंने
  498. 22:09तुम्हें अपने साथ यहां लाया क्यों? अभी भी
  499. 22:11कुछ नहीं हुआ। तुम जाओ अपनी मौसी के पास।
  500. 22:14मेरे साथ रहने की कोई जरूरत नहीं है।
  501. 22:17शिप्रा मेघना से [संगीत] रूठती हुई बोली।
  502. 22:19यह तो गलत बात है। तुम मुझ पर जोर नहीं
  503. 22:22डाल सकती [संगीत] श्रवण कि बात यहां बताने
  504. 22:24के लिए। मेघना बोली, मेघना की बच्ची
  505. 22:28सीधे-सीधे बताती हो या मैं तुम्हें अभी इस
  506. 22:31घर से बाहर निकालूं। शिप्रा अपने हाथ का
  507. 22:33मुट्ठा तानकर मेघना के ऊपर दौड़ती हुई
  508. 22:36बोली। मेघना [संगीत] समझ गई कि अब अगर
  509. 22:39ज्यादा उसने शिप्रा को भरमाने की कोशिश की
  510. 22:41तो वो उसे एक-दो [संगीत] मुक्के जमा देगी।
  511. 22:44इसीलिए उसने जल्दी से कहा, ठीक है, ठीक
  512. 22:46है। पहले तुम रुक जाओ। मैं बताती हूं सब
  513. 22:49कुछ। मेघना की बात सुनकर शिप्रा [संगीत]
  514. 22:52अपनी जगह पर रुक गई और मेघना की ओर आशा
  515. 22:55भरी नजरों से देखने लगी। मेघना ने फिर
  516. 22:58शिप्रा को पैराडाइज होटल में जो भी कुछ
  517. 23:00हुआ था उसके बारे में बताने लगी।
  518. 23:03जैसे-जैसे शिप्रा मेघना की बात सुनती
  519. 23:05[संगीत] जा रही थी, उसका मुंह आश्चर्य से
  520. 23:07खुलता जा रहा था। पूरी बात सुनने के बाद
  521. 23:10उसे समझ आया [संगीत] कि श्रवण ने क्यों
  522. 23:12मेघना के लिए मोबाइल खरीदा। पर उसे श्रवण
  523. 23:15के रणधीर शेखावत से पंगा लेना खुद अपने
  524. 23:17लिए मुसीबत मोल लेने के जैसा था। शिप्रा
  525. 23:20शौर्य के लिए चिंतित भी हो गई। उसे समझ
  526. 23:23नहीं आ रहा था कि शौर्य क्यों जानबूझकर
  527. 23:25इतने बड़े लोगों से पंगे लेते रहता है।
  528. 23:28शिप्रा को शौर्य के लिए चिंतित देखकर
  529. 23:30मेघना को अच्छा लगा। वो समझ गई कि भले ही
  530. 23:33शिप्रा कबूल नहीं करती है [संगीत] पर
  531. 23:35धीरे-धीरे शौर्य के लिए उसकी फीलिंग मजबूत
  532. 23:37होती जा रही है। शिप्रा का टेस्ट लेने के
  533. 23:40लिए उसने शिप्रा से कहा। तुम क्यों श्रवण
  534. 23:43के लिए इतनी चिंतित हो रही हो? जब वो इतने
  535. 23:45बड़े लोगों से पंगे ले रहा है तो इसका
  536. 23:47[संगीत] मतलब है उसे खुद पर भरोसा है।
  537. 23:50वैसे जो भी कहो आज उसने तुम्हारी प्रॉब्लम
  538. 23:52का भी कितना बढ़िया सॉल्यूशन बताया। क्या
  539. 23:55तुम यहां मेरा घर तोड़ने आई हो? तुम्हें
  540. 23:58पता होना चाहिए वो मेरा पति है। तो मुझे
  541. 24:00उसकी चिंता नहीं होगी तो किसको होगी?
  542. 24:02मैंने उसके साथ सिर्फ एक दूरी मेंटेन कर
  543. 24:05रखी है। उससे मैं तलाक नहीं ले रही जो
  544. 24:07मुझे उसकी चिंता नहीं होगी। शिप्रा मेघना
  545. 24:10की सोच को दुरुस्त करती हुई बोली। अगर ऐसा
  546. 24:13है कि तुम उसको अपना पति मानती हो तो अपने
  547. 24:16पास पकड़ कर रखो। नहीं तो जल्दी ही कहने
  548. 24:18को तो वह तुम्हारा पति होगा। पर उसके साथ
  549. 24:21पत्नी धर्म कोई और निभाएगी। मेघना भी
  550. 24:24शिप्रा पर तंज [संगीत] कसती हुई बोली।
  551. 24:26शिप्रा समझ गई कि मेघना का इशारा किसकी
  552. 24:29तरफ है। दूसरे दिन शौर्य को सुबह-सुबह
  553. 24:32रत्नाकर शेट्टी का फोन आ गया था। उसे
  554. 24:35शौर्य से शूटिंग के संबंध में बात करनी
  555. 24:38थी। इसीलिए शौर्य ने उसे होटल राजकमल में
  556. 24:41ही बुला लिया था। शौर्य जब होटल राजकमल
  557. 24:44पहुंचा तो रत्नाकर शेट्टी पहले से ही उसका
  558. 24:46इंतजार कर रहा था। [संगीत] शौर्य ने सबसे
  559. 24:49पहले अपने और रत्नाकर शेट्टी के लिए
  560. 24:51नाश्ता आर्डर कर दिया और दोनों के लिए
  561. 24:53ड्रिंक मंगवा लिया। रत्नाकर शेट्टी गंभीर
  562. 24:56मुद्रा में बैठा हुआ था। [संगीत] शौर्य ने
  563. 24:58रत्नाकर शेट्टी को गंभीर देखा तो उसने
  564. 25:01पूछा क्या बात है शेट्टी साहब आपका चेहरा
  565. 25:04उतरा हुआ है? रत्नाकर शेट्टी ने शौर्य की
  566. 25:07तरफ देखा और गंभीरता से बोला, "यह आपने
  567. 25:10क्या कर दिया मिस्टर सरवन? हर जगह आपकी ही
  568. 25:13बात हो रही है। इंडस्ट्री में [संगीत]
  569. 25:15बड़ी तेजी से इस खबर को फैला दिया गया है
  570. 25:17कि कोई भी आपके साथ काम ना करें और आपके
  571. 25:20साथ मिस नताशा के लिए भी यही निर्देश दिया
  572. 25:22जा रहा है। [संगीत] आपकी फिल्म जो नताशा
  573. 25:25के साथ बननी थी, उसके प्रोड्यूसर ने भी
  574. 25:27फिल्म बनाने से मना कर दिया है। [संगीत]
  575. 25:29मिस मालिनी पर भी दबाव डाला जा रहा है कि
  576. 25:32वह आपके साथ काम ना करें। कमाल [संगीत]
  577. 25:35है। इतनी जल्दी मैं इतने लोगों की आंखों
  578. 25:38में खटकने लगा हूं। शौर्य मुस्कुराते हुए
  579. 25:40बोला, आपको हंसी आ रही है मिस्टर सरवन।
  580. 25:44जबकि आपके कारण मिस नताशा के पास जो एक दो
  581. 25:47फिल्में थी, वह भी बंद हो गई हैं। कल
  582. 25:49रणधीर शेखावत की पार्टी में जो भी कुछ हुआ
  583. 25:52था, मुझे उसके बारे में [संगीत] पता चला।
  584. 25:54रत्नाकर शेट्टी चिंतित स्वर में बोला, तो
  585. 25:57फिर आप यहां कैसे बैठे हुए हैं? मिस्टर
  586. 25:59शेट्टी क्या आपको रणधीर शेखावत का कोई खौफ
  587. 26:02नहीं है? शौर्य रत्नाकर शेट्टी की आंखों
  588. 26:05[संगीत] में देखता हुआ बोला। खौफ तो है
  589. 26:08मिस्टर सरवन पर कहते हैं ना कि पापी पेट
  590. 26:11का सवाल है। मेरे पास अभी [संगीत] वैसे ही
  591. 26:13काम नहीं है और रणधीर शेखावत मुझे कोई काम
  592. 26:16देने तो जा नहीं रहा है। अगर उसके डर से
  593. 26:19मैं आपका जो काम करने वाला हूं [संगीत]
  594. 26:21उसको भी छोड़ दूं तो फिर मेरे खाने के
  595. 26:23लाले पड़ जाएंगे। और वैसे भी रणधीर शेखावत
  596. 26:27का खौफ फिल्म इंडस्ट्री [संगीत] में
  597. 26:28ज्यादा है ना कि इस ऐड की दुनिया में
  598. 26:31क्योंकि यहां पर अलग-अलग कंपनीज के लिए
  599. 26:33काम होता है। इसलिए यहां पर किसी की
  600. 26:36मोनोपोली नहीं चल पाती। जिसका पब्लिक
  601. 26:38अपीयरेंस अच्छा होता है उसको काम मिलता
  602. 26:41रहता है। मेरे साथ भी यही है। मैं
  603. 26:44छोटे-मोटे एड्स तो करता रह सकता हूं। पर
  604. 26:47किसी फिल्म का डायरेक्शन करने का मौका
  605. 26:49शायद ही मिले। बड़ी मुश्किल से दो फिल्में
  606. 26:52डायरेक्ट करने का मौका मिलने जा रहा था।
  607. 26:54नताशा कपूर वाली फिल्म के प्रोड्यूसर ने
  608. 26:56तो अपना हाथ खींच लिया है और रहा मालिनी
  609. 26:59खुराना वाली फिल्म की बात तो मुझे लगता है
  610. 27:01देर सवेर शायद वह भी आपके साथ काम करने से
  611. 27:04मना कर देगी क्योंकि उनके पेरेंट्स के
  612. 27:07द्वारा उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह
  613. 27:09आपको अपनी फिल्म से निकाल दें। अभी तक तो
  614. 27:12उन्होंने कुछ कहा नहीं है। पर मुझे लगता
  615. 27:14है कि जल्दी ही उन्हें अपने पेरेंट्स के
  616. 27:17सामने झुकना पड़ेगा। रत्नाकर शेट्टी ने
  617. 27:20सारी संभावनाएं शौर्य के सामने जाहिर की।
  618. 27:23चलो यह बढ़िया है कि आपने मेरा ऐड शूट
  619. 27:26करने से मना नहीं किया। क्या शूटिंग की
  620. 27:28सारी तैयारी हो चुकी है? शौर्य ड्रिंक का
  621. 27:31एक घूंट लेते हुए बोला। अब तक वेटर भी
  622. 27:34शौर्य का आर्डर लेकर आ गया था और शौर्य
  623. 27:37तथा रत्नाकर शेट्टी के सामने उनकी प्लेट
  624. 27:39लगा दी थी। रत्नाकर शेट्टी अपनी प्लेट
  625. 27:42अपने सामने खींचते हुए बोला, शूटिंग की
  626. 27:46सारी तैयारी हो रखी है। कल शाम को ही हम
  627. 27:49लोग लोकेशन पर पहुंच जाएंगे। तीन दिनों का
  628. 27:51शेड्यूल रखा है जिसमें मिस मेघना के ऐड को
  629. 27:54भी साथ में ही शूट कर लेंगे। यह आपने
  630. 27:57बढ़िया किया जो दोनों एड्स को एक साथ ही
  631. 28:00कंप्लीट करने की सोची। इस तरह हम जल्दी
  632. 28:03फ्री भी हो जाएंगे। शौर्य संतुष्ट होते
  633. 28:06हुए बोला। फिर शौर्य को कुछ ध्यान आया तो
  634. 28:09उसने रत्नाकर शेट्टी से दोबारा पूछा। क्या
  635. 28:12आप आज मिस नताशा से मिले थे? उनके पास से
  636. 28:15ही तो आपके पास आया हूं। दोनों फिल्म के
  637. 28:18हाथ से चले जाने से वह दुखी तो थी पर
  638. 28:20उन्होंने मेरे सामने ऐसा जाहिर नहीं होने
  639. 28:23दिया। रत्नाकर शेट्टी बोला शौर्य को
  640. 28:26रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर नताशा के लिए
  641. 28:29बुरा लगा। उसे रणधीर शेखावत पर गुस्सा तो
  642. 28:32था ही। मन ही मन उसने कुछ फैसला किया और
  643. 28:35उसने रत्नाकर शेट्टी से पूछा। शेट्टी साहब
  644. 28:40आप इस फिल्म इंडस्ट्री को कितना समझते
  645. 28:42हैं? समझने से आपका क्या मतलब है? है
  646. 28:44मिस्टर श्रवण। मैंने आज तक दो फिल्में ही
  647. 28:47डायरेक्ट की हैं। जिसमें से एक एवरेज रही
  648. 28:51थी और दूसरी मिस नताशा कपूर के साथ जानम
  649. 28:55फिल्म बनाई थी। छोटे बजट की फिल्म होने के
  650. 28:58बाद भी जानम ब्लॉकबस्टर रही थी। लेकिन
  651. 29:02फिल्म की सफलता का ज्यादा श्रेय मुझे नहीं
  652. 29:04मिल पाया। इंडस्ट्री [संगीत] में इतनी
  653. 29:06लॉबिंग है कि बड़े स्टार्स जल्दी किसी
  654. 29:09उभरते कलाकार को आगे बढ़ने नहीं देते। हर
  655. 29:12मुमकिन कोशिश करते हैं कि जो नया आर्टिस्ट
  656. 29:15उभरता नजर आता है [संगीत] उसकी लेग पुलिंग
  657. 29:18शुरू कर देते हैं। नताशा कपूर की फिल्म को
  658. 29:21लेकर भी यही प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश
  659. 29:23की गई [संगीत] कि यह तो एक फ्लूक था जो
  660. 29:26कामयाब हो गया। इसमें नताशा कपूर का कोई
  661. 29:29योगदान नहीं था। यानी हर वो कोशिश की गई
  662. 29:32कि नताशा कपूर की सफलता को धूमिल किया जा
  663. 29:35सके। लेकिन यह बिजनेसमैन लोग इस बात को
  664. 29:38अच्छे से समझते [संगीत] हैं कि पब्लिक
  665. 29:40किसे पसंद करती है। इसीलिए बड़े-बड़े
  666. 29:42प्रोडक्ट्स के एड्स के लिए [संगीत] नताशा
  667. 29:44कपूर की डिमांड बढ़ गई। मेरी यह खुशनसीबी
  668. 29:48थी कि उनकी फिल्म का डायरेक्टर मैं ही था
  669. 29:51और मुझे भी कोई खास काम मेरी फिल्म के
  670. 29:53ब्लॉकबस्टर [संगीत]
  671. 29:54होने के बाद भी नहीं मिला। पर नताशा कपूर
  672. 29:56के कारण मुझे एडवरटाइजिंग वर्ल्ड में
  673. 29:58अच्छा खासा काम मिलने लगा। रत्नाकर शेट्टी
  674. 30:02ने विस्तार [संगीत] से इस इंडस्ट्री का
  675. 30:04ऊंच-नीच समझाया। मिस्टर शेट्टी अभी नताशा
  676. 30:08कपूर की जो मूवी आप बनाने वाले थे उसका
  677. 30:10क्या स्टेटस है? शौर्य मुद्दे पर आते हुए
  678. 30:13बोला क्या स्टेटस होगा? वो तो बनने से
  679. 30:17पहले ही बंद हो गई। रत्नाकर शेट्टी निराश
  680. 30:20भाव से बोला। क्या आप उस मूवी को बनाना
  681. 30:23चाहते हैं? शौर्य रत्नाकर शेट्टी का
  682. 30:26रिएक्शन देखना चाहता था। यह आप क्या कह
  683. 30:29रहे हैं? मैं भला ऐसा क्यों नहीं चाहूंगा?
  684. 30:32पर कौन रणधीर शेखावत से पंगे लेकर इस
  685. 30:34फिल्म को प्रोड्यूस करने का रिस्क लेगा।
  686. 30:37बोलते हुए रत्नाकर शेट्टी की आंखों में
  687. 30:39उसकी हताशा को साफ देखा जा सकता था। मान
  688. 30:43[संगीत] लीजिए कोई प्रोड्यूसर इस फिल्म को
  689. 30:44प्रोड्यूस करने को तैयार हो गया तो शौर्य
  690. 30:47फिर से अपना सवाल दोहराते हुए बोला। मेरे
  691. 30:50लिए तो [संगीत] यह आश्चर्य की बात ही होगी
  692. 30:52कि कोई यह जानने के बाद भी कि रणधीर
  693. 30:55शेखावत ने एक [संगीत] तरह से आपको और
  694. 30:57नताशा कपूर दोनों को फिल्म इंडस्ट्री से
  695. 31:00ब्लैक लिस्ट [संगीत] कर रखा है। उसके बाद
  696. 31:02भी नताशा कपूर की फिल्म को प्रोड्यूस करने
  697. 31:04की हिम्मत करेगा। रत्नाकर शेट्टी किसी
  698. 31:08उम्मीद [संगीत] से अभिभूत होकर बोला। उसे
  699. 31:10लगा शायद ऐसा कोई मिल जाए जो इतनी [संगीत]
  700. 31:12हिम्मत दिखा दे। पर उसे यह भी डर था कि
  701. 31:15किसी ने हिम्मत करके फिल्म बना भी ली
  702. 31:17[संगीत] तो उसे रिलीज करने के लिए हॉल
  703. 31:19मिलना मुश्किल हो जाएगा। मिस्टर शेट्टी
  704. 31:23अगर मैं आपको यह कहूं [संगीत] कि हमारे
  705. 31:25पास एक प्रोड्यूसर है जो एक साथ पांच
  706. 31:27फिल्में बनाना चाहता है। क्या आप ऐसा कर
  707. 31:30सकते हैं? क्या आप एक साथ पांच फिल्में
  708. 31:33बना सकते हैं या ऐसी [संगीत] टीम तैयार कर
  709. 31:35सकते हैं जो एक साथ पांच फिल्में बना सके।
  710. 31:39शौर्य हल्की मुस्कान के साथ बोला। रत्नाकर
  711. 31:42शेट्टी ने शौर्य की बात सुनी तो उसे यही
  712. 31:45लगा कि शौर्य उससे मजाक कर रहा है। भला इस
  713. 31:48बात पर कौन विश्वास करेगा कि एक फिल्म
  714. 31:51प्रोड्यूस करने के लिए तो प्रोड्यूसर मिल
  715. 31:52नहीं रहा और शौर्य एक साथ पांच फिल्म
  716. 31:55प्रोड्यूस करने की बात कर रहा है। क्या
  717. 31:58हुआ मिस्टर शेट्टी? आपको मेरी बात पर यकीन
  718. 32:01नहीं आ रहा क्या? पर आप विश्वास कीजिए।
  719. 32:04मेरे पास एक ऐसा प्रोड्यूसर है जो एक साथ
  720. 32:07पांच फिल्में प्रोड्यूस करना चाहता है। आप
  721. 32:10मुझे यह बताइए कि [संगीत] क्या आप ऐसी टीम
  722. 32:13तैयार कर सकते हैं जो इस काम को कर सकें?
  723. 32:16शौर्य रत्नाकर शेट्टी को विश्वास दिलाते
  724. 32:18हुए बोला रत्नाकर शेट्टी को समझ नहीं आ
  725. 32:21रहा था कि वो शौर्य की बात का क्या जवाब
  726. 32:23दें? उसके लिए तो यह यकीन करना ही मुश्किल
  727. 32:26था कि कोई ऐसा प्रोड्यूसर भी है जो एक साथ
  728. 32:29पांच फिल्म प्रोड्यूस करने की बात कर रहा
  729. 32:32है। यहां तो फिल्म इंडस्ट्री में एक साथ
  730. 32:35कोई तीन फिल्में [संगीत] प्रोड्यूस करने
  731. 32:36की हिम्मत नहीं कर पाता और शौर्य सीधा
  732. 32:39पांच फिल्मों की बात कर रहा है। रत्नाकर
  733. 32:42शेट्टी खुद को नॉर्मल करते हुए बोला
  734. 32:45मिस्टर श्रवण आप बात ही ऐसी कर रहे हैं कि
  735. 32:48मेरी जगह कोई और भी होता तो वह भी आपकी
  736. 32:50बात का विश्वास नहीं कर पाता। आप समझ भी
  737. 32:53रहे हैं कि पांच फिल्मों को प्रोड्यूस
  738. 32:55करने की लागत कितनी आएगी। अगर हम किसी
  739. 32:58छोटे बजट की भी फिल्म की बात करें तो भी
  740. 33:00लगभग 500 करोड़ का बजट तो फिल्म बनाने में
  741. 33:03लग जाएगा। इस फिल्म इंडस्ट्री में मेरी
  742. 33:06नजर में तो कोई ऐसा प्रोड्यूसर है नहीं जो
  743. 33:08एक साथ पांच [संगीत] फिल्में प्रोड्यूस कर
  744. 33:10सके। शौर्य समझ नहीं पाया कि रत्नाकर
  745. 33:14शेट्टी को उसकी बात पर विश्वास करने में
  746. 33:16इतनी [संगीत] मुश्किल क्यों आ रही है। उसे
  747. 33:19लगा शायद इसका कारण वो वैल्यू है जो
  748. 33:22रत्नाकर शेट्टी की नजर में उसकी है
  749. 33:24क्योंकि रत्नाकर शेट्टी [संगीत] की नजर
  750. 33:26में वो एक मामूली एंप्लई है और बात
  751. 33:29करोड़ों की कर रहा है। शौर्य को यह सोचकर
  752. 33:33खुद पर ही हंसी आई। फिर उसने मन ही मन
  753. 33:35सोचा कि अगर उसे यह काम करना है तो किसी
  754. 33:38ना किसी को पहले अपने भरोसे में लेना
  755. 33:40पड़ेगा। तभी जाकर वह इस काम को कर पाएगा।
  756. 33:44यह सोचकर उसने फिर से रत्नाकर शेट्टी से
  757. 33:47कहा, मिस्टर शेट्टी, मैं आपसे एक सीधा सा
  758. 33:50सवाल करता हूं। पांच फिल्मों को एक साथ
  759. 33:53बनाने का बजट क्या आएगा? रत्नाकर शेट्टी
  760. 33:56अभी भी शौर्य को अपनी बात रिपीट करते
  761. 33:58देखकर थोड़े संयम में बोला मैंने बताया तो
  762. 34:02मिस्टर श्रवण कि पांच फिल्मों का अगर
  763. 34:04मीडियम बजट भी होगा तो लगभग 500 करोड़ तो
  764. 34:07फिल्म बनाने में लग जाएगा और उसके बाद अगर
  765. 34:10हम एडवरटाइजिंग को भी जोड़ें तो 100 करोड़
  766. 34:13लगभग उसमें मानकर चलते हैं। इस तरह हम
  767. 34:16सीधे-सीधे लगभग 600 करोड़ का बजट मान सकते
  768. 34:20हैं। ठीक है? अगर ऐसी बात है तो अगर आपको
  769. 34:24पहले ही 600 करोड़ का बजट अलॉट कर दिया
  770. 34:26जाए तो क्या तब आप मेरी बात का विश्वास
  771. 34:28[संगीत] करेंगे? शौर्य गंभीरता से बोला
  772. 34:32क्या आप पहले मुझे उस प्रोड्यूसर [संगीत]
  773. 34:34से मिलवा सकते हैं मिस्टर श्रवण शायद तब
  774. 34:36मैं आपकी बात का विश्वास कर लूं। रत्नाकर
  775. 34:39शेट्टी भी गंभीरता [संगीत] से बोला। शौर्य
  776. 34:42एक पल खामोशी से रत्नाकर शेट्टी की आंखों
  777. 34:45में देखता रहा। फिर बोला मिस्टर शेट्टी वो
  778. 34:49मैं ही हूं जो एक साथ इन पांच फिल्मों को
  779. 34:51प्रोड्यूस करना चाहता है। मैं इस
  780. 34:54इंडस्ट्री से रणधीर शेखावत [संगीत] जैसे
  781. 34:56लोगों का पत्ता साफ करना चाहता हूं और
  782. 34:58इसके लिए मुझे एक ऐसी टीम चाहिए जो मेरे
  783. 35:01हिसाब से काम करें। अब आप मुझे बताइए कि
  784. 35:04क्या आप इस काम में मेरा साथ देने के लिए
  785. 35:06तैयार हैं? शौर्य की बात सुनकर रत्नाकर
  786. 35:09शेट्टी आश्चर्य से शौर्य की ओर देखने लगा
  787. 35:12और हंसते हुए बोला आप भी कमाल का मजाक
  788. 35:15करते हैं मिस्टर श्रवण क्या आपको मैं
  789. 35:17जानता नहीं जो आपकी बातों पर आंख मूंदकर
  790. 35:20विश्वास कर लूंगा मैं समझता हूं कि आपको
  791. 35:23रणधीर शेखावत पर बहुत गुस्सा आ रहा होगा
  792. 35:26पर इसका मतलब यह तो नहीं कि आप कुछ भी
  793. 35:29बोलेंगे और मैं आपकी बात का विश्वास कर
  794. 35:31लूंगा। तो फिर आप ही बताइए मिस्टर शेट्टी
  795. 35:34कि मैं ऐसा क्या करूं जो आप मेरी बात का
  796. 35:36विश्वास कर लेंगे? शौर्य इतना बोला फिर
  797. 35:40कुछ सोच कर वो अपनी बात बदलते हुए बोला एक
  798. 35:43काम करते हैं मिस्टर शेट्टी आप पहले एक
  799. 35:46[संगीत] फर्म मेरे नाम से रजिस्टर कीजिए
  800. 35:48और साथ में उस फर्म के नाम से करंट अकाउंट
  801. 35:51भी खुलवाइए। पहले मैं उस अकाउंट में 600
  802. 35:54करोड़ का अमाउंट क्रेडिट कर दूंगा। शायद
  803. 35:56उसके बाद आपको मेरी बात का विश्वास
  804. 35:58[संगीत] हो जाए। यह बोलकर शौर्य ने अपना
  805. 36:02ड्रिंक से भरा गिलास उठाया और एक सांस में
  806. 36:04खाली [संगीत] कर दिया। शौर्य की इस बात ने
  807. 36:07एक पल को रत्नाकर शेट्टी को सोचने पर
  808. 36:09मजबूर कर दिया क्योंकि शौर्य ने इतने
  809. 36:12[संगीत] कन्विंसिंग तरीके से अपनी बात कही
  810. 36:14थी कि रत्नाकर शेट्टी के पास अब विश्वास
  811. 36:16ना करने का [संगीत] कोई कारण नहीं था। ठीक
  812. 36:19है। अगर आप ऐसा करते हैं तो शायद तब मैं
  813. 36:23आपकी बात का विश्वास [संगीत] कर लूंगा।
  814. 36:25रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर शौर्य ने
  815. 36:27अपना मोबाइल निकाला और ₹ लाख रत्नाकर
  816. 36:30शेट्टी के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया और
  817. 36:33बोला मिस्टर शेट्टी अभी मैंने आपके अकाउंट
  818. 36:36में [संगीत] ₹ लाख ट्रांसफर कर दिया है और
  819. 36:39साथ में मैं आपको अपनी आईडी भी भेज रहा
  820. 36:42हूं। आप एक अच्छा सा नाम सोचकर [संगीत]
  821. 36:44उसको रजिस्टर कराइए और साथ में करंट
  822. 36:47अकाउंट खुलवाकर मेरे पास भेजिए। उसके बाद
  823. 36:50आगे का काम करते हैं। रत्नाकर शेट्टी ने
  824. 36:53अपने मोबाइल पर आए हुए नोटिफिकेशन को देखा
  825. 36:55और आश्चर्य से शौर्य को देखने लगा। जिसने
  826. 36:59एक ही पल में उसके अकाउंट में ₹ लाख
  827. 37:02ट्रांसफर कर दिया था। पता नहीं इस [संगीत]
  828. 37:04एक पल में क्या हुआ कि अब रत्नाकर शेट्टी
  829. 37:07को शौर्य पर भरोसा करने का मन करने लगा।
  830. 37:10अब उसे लगने लगा कि शायद वह शौर्य कुछ
  831. 37:13जानता ही नहीं है। उसने असमंजस भरे स्वर
  832. 37:16में शौर्य से पूछा। क्या आप वही हैं जिसे
  833. 37:19मैं जानता हूं या आपकी हकीकत कुछ और
  834. 37:22[संगीत] है? रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर
  835. 37:25शौर्य मुस्कुराया और हंसते हुए बोला,
  836. 37:28मिस्टर शेट्टी आप मेरे बारे में कुछ भी
  837. 37:30नहीं जानते। आप उतना ही जानते हैं जितना
  838. 37:33मैंने आपको जनाने की कोशिश की। धीरे-धीरे
  839. 37:36आप मुझे जान जाइएगा। पर आपको इस बात का
  840. 37:39ध्यान रखना है कि आप मुझसे किसी के भी
  841. 37:41सामने वैसे ही बिहेव कीजिएगा [संगीत] जैसे
  842. 37:43अभी तक करते आ रहे हैं। किसी को भी आपके
  843. 37:46व्यवहार के कारण मेरे ऊपर शक नहीं होना
  844. 37:48चाहिए। इस बात का आप खास ध्यान रखना है और
  845. 37:52यह बात भी कहीं जाहिर नहीं होने देना है
  846. 37:54कि जो फर्म हम रजिस्टर करने जा रहे हैं
  847. 37:56उसका मालिक [संगीत] कौन है। अचानक रत्नाकर
  848. 37:59शेट्टी को शौर्य मिस्टीरियस लगने लगा। वो
  849. 38:02सकुचाते हुए बोला, ठीक है मिस्टर श्रवण
  850. 38:05मैं इस बात का खास ध्यान रखूंगा। अगर आप
  851. 38:08मेरे ऊपर विश्वास [संगीत] करके इतना बड़ा
  852. 38:10रिस्क लेने जा रहे हैं तो मैं आपको यकीन
  853. 38:12दिलाता हूं कि मैं कहीं भी आपकी मोरल को
  854. 38:14गिरने नहीं दूंगा। मुझे आपसे यही उम्मीद
  855. 38:17है मिस्टर शेट्टी। तभी मैंने आपको इस काम
  856. 38:20के लिए चुना है। शौर्य रत्नाकर शेट्टी पर
  857. 38:22विश्वास जताते हुए बोला। इसके बाद शौर्य
  858. 38:26की बातें रत्नाकर शेट्टी के साथ लगभग पूरी
  859. 38:28हो गई थी। इसलिए उसने रत्नाकर शेट्टी को
  860. 38:31वहां से विदा किया और मेनका के कैबिन की
  861. 38:33तरफ बढ़ गया। अभी वह रास्ते में ही था कि
  862. 38:36तभी उसका मोबाइल रिंग करने लगा। उसने
  863. 38:39मोबाइल निकाला तो देखा उस पर शिप्रा का
  864. 38:41कॉल आ रहा था। उसने कॉल उठाया तो दूसरी
  865. 38:44तरफ से शिप्रा की आवाज आई। कहां हो तुम?
  866. 38:48शौर्य को समझ नहीं आया कि हमेशा शिप्रा का
  867. 38:50यही सवाल क्यों होता है कि वो कहां है। वो
  868. 38:53इसी सोच में था कि फिर से उसे शिप्रा की
  869. 38:56आवाज सुनाई दी। क्या हुआ? मेरी आवाज आ तो
  870. 38:59रही है? दोबारा शिप्रा की आवाज सुनकर
  871. 39:02शौर्य हड़बड़ाते हुए बोला, हां हां आ रही
  872. 39:05है। क्या हुआ? क्या बात है? शौर्य की बात
  873. 39:08सुनकर शिप्रा फिर से बोली। मैंने पूछा,
  874. 39:12कहां हो तुम? शौर्य के पास कोई रास्ता
  875. 39:15नहीं था। इसलिए उसने जवाब दिया। मैं अभी
  876. 39:18होटल राजकमल [संगीत] में हूं। पर बात क्या
  877. 39:20है वो तो बताओ। पर शिप्रा ने शौर्य को
  878. 39:23जवाब देने की [संगीत] जगह कहा। ठीक है।
  879. 39:25मैं अभी 10-15 मिनट में होटल राजकमल
  880. 39:28पहुंचती हूं। तुम मुझे बाहर गेट पर ही मिल
  881. 39:30जाना। शौर्य को समझ [संगीत] नहीं आया कि
  882. 39:33अचानक शिप्रा को क्या हो गया जो वो उससे
  883. 39:35मिलने यहां होटल तक आ रही है। उसके मन में
  884. 39:38तरह-तरह के सवाल उठने लगे। [संगीत] पर उसे
  885. 39:41किसी का भी जवाब नहीं मिल रहा था। जब उसे
  886. 39:44कुछ समझ नहीं आया तो उसने सोचना छोड़
  887. 39:46दिया। लगभग 15 मिनट बाद शौर्य के पास
  888. 39:49शिप्रा का फोन आया और उसने सीधा शौर्य से
  889. 39:52सवाल किया। कहां हो तुम? मैं होटल के बाहर
  890. 39:56ही हूं। ठीक है, मैं बाहर आता हूं। शौर्य
  891. 40:00खड़ा होता हुआ बोला। वो होटल राजकमल के
  892. 40:03गेट पर पहुंचा तो उसने देखा शिप्रा रोड के
  893. 40:06दूसरी साइड में अपनी कार में बैठी हुई थी।
  894. 40:09वो शिप्रा की कार के पास पहुंचा। शिप्रा
  895. 40:12ने शौर्य को देखा तो बोली आओ कार में
  896. 40:15बैठो। शौर्य को समझ नहीं आया कि शिप्रा
  897. 40:19उसे कहां ले जाना चाहती है। इसलिए उसने
  898. 40:21पूछा क्या हुआ? तुम मुझे कहां ले जाना
  899. 40:25चाहती हो? शौर्य की बात सुनकर शिप्रा ने
  900. 40:28उसको देखा और बोली, पहले कार में आकर तो
  901. 40:31बैठो या ऐसे खड़े-खड़े ही सवाल करना है।
  902. 40:35शौर्य को [संगीत] समझ तो नहीं आया कि
  903. 40:37शिप्रा उससे क्या चाहती है। पर वह दूसरी
  904. 40:39साइड में जाकर शिप्रा के बगल वाली सीट पर
  905. 40:42बैठ गया। फिर वह अपने गले को खंखारते हुए
  906. 40:45बोला, अब बोलो तुम मुझे कहां ले जाना
  907. 40:48चाहती हो? शौर्य की बात सुनने के बाद
  908. 40:51शिप्रा शौर्य से बोली, तुम्हें पता है ना
  909. 40:54कि आज हमें कहां जाना है? शौर्य एक
  910. 40:57[संगीत] पल को उलझन में शिप्रा को देखता
  911. 40:59रहा। फिर उसे पिछली रात को शिप्रा की कही
  912. 41:02गई बात का ध्यान आया और वो बोला, हां,
  913. 41:05ऑफकोर्स पता है। आज हमें युविका के
  914. 41:08इंगेजमेंट पार्टी में जाना है। पर क्या हम
  915. 41:10इतनी जल्दी जाएंगे? शुक्र है कि तुम्हें
  916. 41:13याद तो है हम वहां जल्दी नहीं जाएंगे पर
  917. 41:16वहां जाने के लिए कुछ तैयारी तो करनी
  918. 41:18पड़ेगी। तुमने अपने लिए कुछ कपड़े लिए
  919. 41:21हैं। शिप्रा [संगीत] शौर्य को घूरती हुई
  920. 41:23बोली कपड़े पर उसकी क्या जरूरत है? मेरे
  921. 41:28पास तो पहले ही कई कपड़े हैं। शौर्य
  922. 41:30लापरवाही से बोला, "मैं देखे हैं तुम्हारे
  923. 41:33कपड़े। कितने ढंग के हैं। इसीलिए तो मैं
  924. 41:36यहां आई हूं। हम अभी शॉपिंग के लिए चल रहे
  925. 41:38हैं। तुम्हारे लिए कुछ ढंग के कपड़े लेने
  926. 41:41हैं। शिप्रा गाड़ी को आगे बढ़ाती हुई
  927. 41:43बोली, अरे मैं सच कह रहा हूं। मुझे अभी
  928. 41:47कपड़ों की कोई जरूरत नहीं है। मेरे पास
  929. 41:49ऑलरेडी कई कपड़े हैं। शौर्य ने फिर से
  930. 41:52शिप्रा को समझाने की कोशिश की। पर शिप्रा
  931. 41:54ने उसकी एक नहीं सुनी। शौर्य को ध्यान आया
  932. 41:58कि उसके ज्यादातर कपड़े होटल राजकमल के
  933. 42:00उसके प्रेसिडेंसी रूम में ही थे। मॉडल
  934. 42:03टाउन वाले घर में ज्यादातर उसके पुराने
  935. 42:05वाले कपड़े ही थे। शायद शिप्रा ने उसी को
  936. 42:08देखा होगा। इसीलिए वह उसके लिए कपड़े लेने
  937. 42:10आ गई। अब शौर्य ने आगे इस बारे में शिप्रा
  938. 42:14से कुछ नहीं कहा। थोड़ी ही देर में शिप्रा
  939. 42:16ने अपनी कार एक बड़े स्टोर के सामने ले
  940. 42:18जाकर रोकी। दोनों स्टोर के अंदर पहुंच गए।
  941. 42:22शिप्रा ने शौर्य से कहा, "देख देख लो कुछ
  942. 42:25अच्छे कपड़े अपने लिए। शौर्य को कुछ लेना
  943. 42:28तो था नहीं। उसने कुछ कपड़ों के टैग को
  944. 42:30देखा और जो उसे सस्ता लगा, उसने दो कपड़े
  945. 42:33अपने लिए पसंद कर लिए। शिप्रा ने जब उन
  946. 42:36कपड़ों को देखा तो उसका चेहरा बिगड़ गया।
  947. 42:40यह क्या है? क्या हुआ? तुम ही ने तो कहा
  948. 42:43था अपने लिए कपड़े पसंद कर लो। कर तो
  949. 42:45लिया? शौर्य मासूमियत से बोला। यह कपड़े
  950. 42:49पसंद किए हैं तुमने? यह क्या किसी पार्टी
  951. 42:52में पहन कर जाने लायक कपड़े हैं? शिप्रा
  952. 42:55शौर्य के ऊपर अपनी भवें तानती हुई बोली।
  953. 42:58क्यों? ठीक तो है? इसमें क्या खराबी है?
  954. 43:02शौर्य अपने हाथ के कपड़े को ऊपर से नीचे
  955. 43:04तक देखता हुआ बोला, "क्या खराबी है? क्या
  956. 43:08तुम्हें इससे सस्ते कपड़े और नहीं मिले
  957. 43:10स्टोर में? शिप्रा व्यंग मारती हुई बोली,
  958. 43:14पर मुझे तो ठीक ही लग रहा है। शौर्य पूरी
  959. 43:17शराफत से बोला, "तुम तो रहने ही दो। यह
  960. 43:20तुम्हारे बस का नहीं है।" इतना कहकर
  961. 43:23शिप्रा ने शौर्य के हाथ से कपड़ा लेकर
  962. 43:25उसको एक साइड में रख दिया और खुद ही आगे
  963. 43:28बढ़कर उसके लिए कपड़े पसंद करने लगी।
  964. 43:31शौर्य शिप्रा के पीछे-पीछे चलने लगा। उसे
  965. 43:34शिप्रा का उसके लिए कपड़े पसंद करना अच्छा
  966. 43:36लग रहा था। जल्दी ही शिप्रा ने उसके लिए
  967. 43:39दो शर्ट के साथ दो सूट पसंद किए और शौर्य
  968. 43:42को थमाती हुई बोली। चेंजिंग रूम में जाकर
  969. 43:45इसे पहन कर आओ। शौर्य ने उसके हाथ से
  970. 43:48कपड़ा लिया और उसका प्राइस टैग देखने लगा।
  971. 43:51कपड़ों की प्राइस देखकर [संगीत] शौर्य
  972. 43:53शिप्रा की ओर देखकर बोला, "यह क्या है?
  973. 43:56इतना महंगा और वह भी दोद। मुझे इतना महंगा
  974. 44:00कपड़ा नहीं लेना है। वो कपड़ा भी तो ठीक
  975. 44:03ही था जो मैंने खुद पसंद किया था। शौर्य
  976. 44:06की बात सुनकर शिप्रा का मन किया कि वो
  977. 44:09अपना माथा पीट ले। पर उसने खुद को कंट्रोल
  978. 44:12किया और व्यंग भरे स्वर में बोली दूसरों
  979. 44:15के लिए जब गिफ्ट लेते हो तो उसमें महंगा
  980. 44:17सस्ता तो नहीं देखते। पर अपने कपड़ों में
  981. 44:20यह कंजूसी किस लिए है? मैंने कब किसी को
  982. 44:22महंगा गिफ्ट दिया है? और सबसे बड़ी बात जब
  983. 44:25मेरा काम इन सस्ते कपड़ों से भी चल सकता
  984. 44:28है। तो क्यों ऐसे कपड़ों पर इतना पैसा
  985. 44:30खर्च करना? शौर्य सफाई देता हुआ बोला। जब
  986. 44:34शौर्य और शिप्रा में यह बातें हो रही थी।
  987. 44:36उसी समय उन दोनों से कुछ दूरी पर दो लड़के
  988. 44:39शौर्य और शिप्रा को ही घूरे जा रहे थे। पर
  989. 44:42शिप्रा इस बात से अनजान थी। अच्छा तो तुम
  990. 44:45यह कहना चाहते हो कि [संगीत] तुम दूसरों
  991. 44:47के गिफ्ट पर ज्यादा पैसा खर्च नहीं करते।
  992. 44:50तो फिर कल मेघना को इतना महंगा मोबाइल
  993. 44:52देने की क्या जरूरत थी? शिप्रा शौर्य की
  994. 44:55आंखों में देखती हुई बोली। अरे उसके लिए
  995. 44:58मैंने अपनी जेब से कोई पैसा खर्च नहीं
  996. 45:00किया। वह तो रणधीर शेखावत का पैसा था जो
  997. 45:03उसके मोबाइल तोड़ने के एवज में ही लिया
  998. 45:05था। शौर्य आश्चर्य जताते हुए बोला उसे
  999. 45:09नहीं पता था कि शिप्रा को मेघना के मोबाइल
  1000. 45:11के बारे में पता है। यह मेघना भी जानबूझकर
  1001. 45:14शिप्रा को उसके खिलाफ उकसाती रहती है। अगर
  1002. 45:17ऐसी बात भी थी तो तुम वही मोबाइल लेते जो
  1003. 45:20मेघना के पास पहले से ही था। तुम्हें उससे
  1004. 45:23भी महंगा मोबाइल लेने की क्या जरूरत थी?
  1005. 45:26बोलते हुए शिप्रा के चेहरे पर नागवारी के
  1006. 45:28भाव थे। [संगीत] शौर्य को समझ नहीं आ रहा
  1007. 45:31था कि शिप्रा को इस बात से क्या तकलीफ हो
  1008. 45:33सकती है कि उसने मेघना के लिए उसके टूटे
  1009. 45:35[संगीत] मोबाइल से बढ़िया मोबाइल लेकर
  1010. 45:37दिया था। उसने सोचा पता नहीं इन लड़कियों
  1011. 45:40के दिमाग में क्या सब [संगीत] चलते रहता
  1012. 45:42है। वो सफाई देते हुए बोला मैंने कहा तो
  1013. 45:46मुझे रणधीर शेखावत से जो पैसा मिला था
  1014. 45:49उसमें वह मोबाइल आ रहा था। इसीलिए मैंने
  1015. 45:51ले लिया था। शिप्रा को भी समझ नहीं आया कि
  1016. 45:54[संगीत] वह इस बात के पीछे क्यों पड़ गई
  1017. 45:56है। उसे जब पता चला था कि शौर्य ने मेघना
  1018. 45:59को यह मोबाइल दिलाया था तो उसे अच्छा नहीं
  1019. 46:02लगा था। कहीं ना कहीं उसके दिल में इस बात
  1020. 46:04से जलन पैदा होने लगी थी। उसे खुद पर
  1021. 46:07गुस्सा भी आया। वो आगे बोली। अच्छा छोड़ो
  1022. 46:10इन बातों को और जाकर अपने कपड़े चेंज करके
  1023. 46:13आओ। शौर्य शिप्रा के सामने जता तो ऐसा ही
  1024. 46:16रहा था कि उसे इन कपड़ों की कोई जरूरत
  1025. 46:19नहीं है। पर असलियत में उसे यह पल आनंद दे
  1026. 46:22रहा था। शिप्रा का उसके लिए कपड़े पसंद
  1027. 46:24करना और उसको यह कहना कि वो उसे अभी पहन
  1028. 46:27कर दिखाए। उसके दिल में एक हिलोर सी मच
  1029. 46:30[संगीत] गई। शौर्य चेंजिंग रूम के अंदर
  1030. 46:32गया और जल्दी से एक कपड़ा चेंज करके बाहर
  1031. 46:35आया। वो शिप्रा के सामने आकर खड़ा हो गया।
  1032. 46:38शिप्रा ने उसे ऊपर से नीचे तक देखा। उस
  1033. 46:41कपड़े में शौर्य एकदम चार्मिंग प्रिंस की
  1034. 46:43तरह लग रहा था। शिप्रा तो एक पल को खो सी
  1035. 46:46गई पर जल्दी ही उसने खुद पर कंट्रोल किया
  1036. 46:49और [संगीत] तारीफ करती हुई बोली यह कपड़ा
  1037. 46:52तुम पर अच्छा लग रहा है। अब जाकर उस दूसरे
  1038. 46:54सूट को भी पहन कर आओ। जब यह सही लग ही रहा
  1039. 46:57है तो फिर उस दूसरे की क्या जरूरत है?
  1040. 47:00शौर्य ने प्रतिरोध किया। तुम्हें जितना
  1041. 47:03कहा है उतना करो। जाकर उस दूसरे सूट को भी
  1042. 47:06चेंज करके आओ। शिप्रा पूरे अधिकार से
  1043. 47:09बोली। शौर्य ने महसूस किया कि आज शिप्रा
  1044. 47:12उस पर कुछ ज्यादा ही अधिकार जमा रही है।
  1045. 47:15यह बातें शौर्य के दिल को कहीं ना कहीं
  1046. 47:17गुदगुदा भी रही थी। [संगीत] वो फिर से
  1047. 47:19चेंजिंग रूम में गया और दूसरा सूट पहनकर
  1048. 47:22वापस आया। [संगीत] यह वाला सूट भी शौर्य
  1049. 47:24को एकदम फिट आया था। शिप्रा शौर्य के पास
  1050. 47:28गई और अपने हाथों से शौर्य के कपड़ों पर
  1051. 47:30की रिंकल को ठीक करने [संगीत] लगी। फिर एक
  1052. 47:33नजर देखकर बोली, दोनों कपड़े एकदम परफेक्ट
  1053. 47:36हैं। जाओ और चेंज कराओ। शौर्य गया और
  1054. 47:40जल्दी से अपने पहले वाले कपड़े पहनकर वापस
  1055. 47:42आ गया। उसके हाथ में उन दोनों कपड़ों का
  1056. 47:45थैला था। तभी कुछ कदमों की आहट उसने अपने
  1057. 47:48पास महसूस की तो उसने देखा दो आदमी उसके
  1058. 47:51पास आकर खड़े हो गए थे। उनमें से एक
  1059. 47:54शिप्रा की ओर देखकर बोला कोई हमारे लिए भी
  1060. 47:57इतने प्यार से कपड़ा पसंद कर दे तो आज
  1061. 47:59मेरा भी दिन बन जाएगा। उस आदमी की बात
  1062. 48:02सुनकर शिप्रा उसकी तरफ पलटी और उसका चेहरा
  1063. 48:05देखकर शिप्रा के चेहरे पर हल्की सी घबराहट
  1064. 48:08नजर आई। पर अगले ही पल उसने खुद को
  1065. 48:10कंट्रोल कर लिया। उसके मुंह से बरबस ही
  1066. 48:13निकला। प्रवीण तुम यहां क्या कर रहे हो?
  1067. 48:17शौर्य ने शिप्रा के चेहरे की घबराहट को
  1068. 48:20नोट किया था [संगीत] और उसके मुंह से उस
  1069. 48:22लड़के का नाम भी सुना था। शौर्य को समझ
  1070. 48:25नहीं आया कि शिप्रा उस लड़के को कैसे
  1071. 48:28जानती है। वह उत्सुकता वश दोनों को देखता
  1072. 48:31रहा। यह जानकर अच्छा लगा कि मैं तुम्हें
  1073. 48:34अब भी याद हूं और जहां तक रहा कि मैं यहां
  1074. 48:37क्या कर रहा हूं तो मैं तुम्हें बता दूं
  1075. 48:39कि यह एक स्टोर है और ऐसा तो है नहीं कि
  1076. 48:43यहां सिर्फ तुम ही आ सकती हो। हम जैसे लोग
  1077. 48:45भी आ जाते हैं ऐसी जगहों पर कभी-कभी।
  1078. 48:49प्रवीण घमंड भरी स्माइल करते हुए बोला।
  1079. 48:52शिप्रा ने प्रवीण की बात सुनकर उसे अनदेखा
  1080. 48:54किया और शौर्य का हाथ पकड़ कर उसे खींचती
  1081. 48:58हुई बोली चलो यहां से। शौर्य को ध्यान
  1082. 49:02नहीं था कि शिप्रा ने कभी इतने हक से उसका
  1083. 49:05हाथ पकड़ा होगा। वो उसके साथ खींचता हुआ
  1084. 49:08उसके पीछे चल दिया। पर अगले ही पल प्रवीण
  1085. 49:11तेजी से शिप्रा के सामने आकर खड़ा हो गया।
  1086. 49:14इतनी भी जल्दी क्या है शिप्रा रानी? एक तो
  1087. 49:17इतने समय के बाद मिलना हुआ और तुम यूं
  1088. 49:19मुझे इग्नोर करके जा रही हो। अब जब मिल ही
  1089. 49:22गई हो तो मेरे लिए भी एक दो कपड़े पसंद कर
  1090. 49:24दो। प्रवीण उपहास भरे स्वर में बोला।
  1091. 49:28प्रवीण के जल्दी से अपने सामने आकर खड़ा
  1092. 49:31हो जाने के कारण शिप्रा को रुक जाना पड़ा।
  1093. 49:33वो थोड़े गुस्से में बोली मेरा रास्ता
  1094. 49:36छोड़ो प्रवीण। शिप्रा रानी यह अच्छी बात
  1095. 49:40नहीं है। एक तो इतने दिनों के बाद मिले
  1096. 49:42हैं और तुम इतनी जल्दी यहां से जाना चाहती
  1097. 49:44हो। अगर तुम जाना ही चाहती हो तो चली
  1098. 49:47जाना। पर उससे पहले मेरे लिए भी दो सेट
  1099. 49:50कपड़े पसंद कर दो। कसम से कहता हूं कि फिर
  1100. 49:53तुम्हारा रास्ता नहीं रोकूंगा। प्रवीण
  1101. 49:56शिप्रा के एकदम करीब आकर बोला। प्रवीण के
  1102. 49:59इतने करीब आ जाने [संगीत] से शिप्रा असहज
  1103. 50:02फील करने लगी। शौर्य ने जब यह नोटिस किया
  1104. 50:05तो उसने शिप्रा को खींच कर अपने पीछे किया
  1105. 50:07और खुद प्रवीण के सामने आ गया। ब्रदर मुझे
  1106. 50:11नहीं पता तुम कौन हो। पर जब शिप्रा यहां
  1107. 50:14से जाना चाहती [संगीत] है तो तुम क्यों
  1108. 50:16हमारा रास्ता रोकने की कोशिश कर रहे हो?
  1109. 50:18शौर्य शराफत से बोला। प्रवीण ने जब शौर्य
  1110. 50:22को अपने सामने देखा तो वो अपने साथ वाले
  1111. 50:24लड़के को देखते हुए बोला यार यह कौन है जो
  1112. 50:28हमारे बीच में आ रहा है? इतना बोलकर
  1113. 50:31प्रवीण फिर शौर्य की तरफ देखकर उससे बोला
  1114. 50:34यार तू क्यों हम दोनों के बीच में आ रहा
  1115. 50:37है? तुम जैसे उसके पीछेछे चले आ रहे थे
  1116. 50:40वैसे ही उसके पीछे रहो ना। हम दोनों का
  1117. 50:43पुराना नाता है। तुम क्यों उसके बीच में आ
  1118. 50:45रहे हो? और वैसे [संगीत] भी हमने तो
  1119. 50:48शिप्रा रानी से एक छोटी सी डिमांड की है।
  1120. 50:50यह इतना मुश्किल भी नहीं है। तुम्हारे लिए
  1121. 50:53तो उसने कपड़े पसंद कर दिए हैं। मुझे भी
  1122. 50:56अपने लिए उससे कपड़े पसंद करवा लेने दो।
  1123. 50:58मेरा भी दिन बन जाएगा। प्रवीण भी शराफत का
  1124. 51:01दिखावा करते हुए बोला। शिप्रा प्रवीण को
  1125. 51:05यहां देखकर पहले ही असहज फील कर रही थी।
  1126. 51:08पर जब उसने देखा कि वह शौर्य से उलझने की
  1127. 51:12कोशिश कर रहा है तो शिप्रा एक बार फिर से
  1128. 51:14सामने आकर बोली देखो प्रवीण तुम फालतू में
  1129. 51:18यहां सीन क्रिएट करने की कोशिश कर रहे हो।
  1130. 51:20अच्छा होगा कि तुम हमारा रास्ता छोड़ दो।
  1131. 51:23हम तुमसे उलझना नहीं चाहते। तुम ना मुझसे
  1132. 51:27उलझना नहीं चाहती। पर मैं तो चाहता हूं।
  1133. 51:30वैसे ही कितने लंबे वक्त के बाद तो तुमसे
  1134. 51:32आमनासामना हुआ है और मेरी एक छोटी सी
  1135. 51:35ख्वाहिश है। उसे भी पूरी नहीं कर सकती।
  1136. 51:38[संगीत] यह तो गलत बात है यार। प्रवीण
  1137. 51:41उलहना देते हुए बोला शौर्य को अभी तक पता
  1138. 51:44नहीं था कि यह प्रवीण है कौन और शिप्रा और
  1139. 51:47प्रवीण एक दूसरे को कैसे जानते हैं।
  1140. 51:49इसीलिए शौर्य प्रवीण से [संगीत] खुलकर कुछ
  1141. 51:52बोल नहीं रहा था। जब उसने देखा कि प्रवीण
  1142. 51:54किसी भी तरह शिप्रा की बात को समझ नहीं
  1143. 51:57रहा है तो वह एक बार फिर से प्रवीण के
  1144. 51:59सामने आकर बोला यार मुझे नहीं पता कि तुम
  1145. 52:03दोनों एक दूसरे को कैसे जानते हो। पर जब
  1146. 52:05शिप्रा तुमसे बात करना नहीं चाह रही तो
  1147. 52:07तुम क्यों जबरदस्ती इसके पीछे पड़े हो।
  1148. 52:10शौर्य को अपने सामने दीवार बनते देखकर
  1149. 52:12प्रवीण का मुंह गोल होकर सीटी बजाने लगा।
  1150. 52:15वो शौर्य की छाती पर हाथ रखता हुआ बोला।
  1151. 52:18यार तुम कौन हो? तुम इसके आशिक हो क्या जो
  1152. 52:22हमारे बीच में आ रहे हो? अगर हो भी तो
  1153. 52:25[संगीत] थोड़ी देर के लिए साइड हो जाओ। जब
  1154. 52:27मैं यहां से चला जाऊंगा तो फिर तुम अपनी
  1155. 52:29आशिकी निभा लेना। शौर्य को गुस्सा तो बहुत
  1156. 52:32आया पर वो अभी शिप्रा के सामने कोई ड्रामा
  1157. 52:35क्रिएट नहीं करना चाहता था। [संगीत]
  1158. 52:37इसीलिए वह चाह रहा था कि मामला जितनी
  1159. 52:39शांति से निपट जाए उतना अच्छा। शौर्य खुद
  1160. 52:42पर कंट्रोल करता हुआ बोला। देखो यार अगर
  1161. 52:46मैं इसका आशिक होता तो शायद तुम्हारी बात
  1162. 52:48मान लेता। पर दरअसल मैं इसका पति हूं।
  1163. 52:51इसलिए मैं इसको अकेला छोड़कर यहां से नहीं
  1164. 52:53जा सकता। क्या कहा? तुम इसके पति हो।
  1165. 52:57क्यों मजाक कर रहे हो? अभी कुछ समय पहले
  1166. 53:00ही तो इसका न्यूज़ सोशल मीडिया पर वायरल
  1167. 53:02हुआ था जिसमें इसकी शादी किसी भिखारी से
  1168. 53:05कर दी गई थी। और अब तुम कह रहे हो कि तुम
  1169. 53:07इसके पति हो। प्रवीण शौर्य का मजाक बनाते
  1170. 53:10हुए बोला, "तुमने सही कहा। मैं वही भिखारी
  1171. 53:14हूं जिससे शिप्रा की जबरदस्ती शादी कर दी
  1172. 53:17गई थी। शौर्य भी मुस्कुराते हुए बोला, अब
  1173. 53:21चौंकने की बारी प्रवीण की थी। वो आश्चर्य
  1174. 53:24से शौर्य को देखने लगा। उसे विश्वास नहीं
  1175. 53:26हो रहा था कि शौर्य भिखारी हो सकता है।
  1176. 53:29क्योंकि अब शौर्य की वेशभूषा देखकर कोई
  1177. 53:31उसे भिखारी तो नहीं कह सकता था। तुम जरूर
  1178. 53:34मजाक कर रहे हो। तुम्हें देखकर तो नहीं
  1179. 53:37लगता कि तुम भिखारी हो सकते हो। [संगीत]
  1180. 53:39प्रवीण के चेहरे पर असमंजस के भाव थे।
  1181. 53:42हां, वो इसलिए कि शिप्रा से शादी होने के
  1182. 53:45बाद मेरी स्थिति थोड़ी चेंज हो गई है।
  1183. 53:47इसीलिए अब लोग इस बात पर आसानी से विश्वास
  1184. 53:50नहीं कर पाते। शौर्य भी समझाने वाले अंदाज
  1185. 53:53में बोला, कमाल है तो वो खुशनसीब भिखारी
  1186. 53:57तुम ही हो। शिप ऋषि की शादी हुई है। अच्छी
  1187. 54:00बात है कि तुम शिप्रा के पति हो। पर इस
  1188. 54:03समय तुम हम दोनों के मामले से दूर ही रहो।
  1189. 54:06क्या है कि शिप्रा मेरी पुरानी क्रश रही
  1190. 54:08है और आज बहुत ही समय के बाद मेरी उससे
  1191. 54:11मुलाकात हुई है। इसीलिए थोड़ा समय हमें
  1192. 54:14उसके साथ बिता लेने दो। मेरा उससे शादी
  1193. 54:17करने का कोई इरादा नहीं है। इसीलिए तुम इस
  1194. 54:20बात से निश्चिंत रहो कि मैं तुमसे उसको
  1195. 54:22छीनने वाला हूं। प्रवीण का अंदाज ऐसा था
  1196. 54:26जैसे वो एक बच्चे को बहला रहा हो। मुझे यह
  1197. 54:29जानकर बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई कि
  1198. 54:31शिप्रा तुम्हारी क्रश रही है। वो है ही
  1199. 54:34इतनी खूबसूरत कि किसी का भी दिल उस पर आ
  1200. 54:36सकता है। पर इस समय शिप्रा तुम्हें
  1201. 54:38एंटरटेन करने के मूड में बिल्कुल नहीं लग
  1202. 54:41रही। इसीलिए इस समय तुम्हारी यह विश पूरी
  1203. 54:44नहीं हो सकती। शौर्य लापरवाही से अपने
  1204. 54:47कंधे उचकाते हुए बोला। शिप्रा शौर्य और
  1205. 54:50प्रवीण की बातें सुनकर हैरान नजरों से उन
  1206. 54:52दोनों को देख रही थी। दोनों ऐसे बातें कर
  1207. 54:55रहे थे जैसे वे किसी खजाने पर अपना अधिकार
  1208. 54:58जता रहे हो कि उसका सही हकदार कौन है।
  1209. 55:01प्रवीण ने जब शौर्य का बेपरवाह अंदाज देखा
  1210. 55:04तो उसकी त्योरियां चढ़ गई। अब उसके चेहरे
  1211. 55:07का रंग बदल गया। वो गुस्से में फुफकारते
  1212. 55:10हुए बोला, "लता है तुम इस शहर में नए हो।
  1213. 55:13इसीलिए तुम मुझसे ऐसी बात बोलने की हिम्मत
  1214. 55:15कर गए। क्यों अपनी जान के दुश्मन बन रहे
  1215. 55:18हो? मैंने कहा ना तुम इसे थोड़ी देर मेरे
  1216. 55:22साथ छोड़ दो। ऐसा करो तुम लगभग आधा घंटा
  1217. 55:25स्टोर के बाहर इसका इंतजार करो। यह वहां आ
  1218. 55:28जाएगी। प्रवीण का अंदाज ऐसा था जैसे वो
  1219. 55:32शौर्य को एक मौका दे रहा हो। उसकी बात
  1220. 55:34मानने का। तुम्हारे प्रपोजल के लिए
  1221. 55:37शुक्रिया। पर यह सच है कि मैं तुम्हें
  1222. 55:40नहीं जानता। इसलिए क्यों नहीं तुम मुझे
  1223. 55:43अपने बारे में बता देते हो ताकि मैं
  1224. 55:46तुम्हें जान लूं और यह फैसला कर लूं कि
  1225. 55:48मुझे तुम्हारी बात माननी चाहिए या नहीं।
  1226. 55:51शौर्य के बात करने के ढंग से ऐसा लगा नहीं
  1227. 55:54कि उस पर प्रवीण की बात का कोई असर हुआ।
  1228. 55:57उल्टा उसके बात करने के अंदाज से यही
  1229. 56:00एहसास हुआ कि वह प्रवीण को बहुत हल्के में
  1230. 56:02ले रहा है। प्रवीण के साथ खड़े शख्स ने जब
  1231. 56:06शौर्य का यह बेपरवाह अंदाज देखा तो वह
  1232. 56:09गुस्से में शौर्य की तरफ लपका। और
  1233. 56:11गुर्राते हुए बोला क्या कहा तुमने? तुम
  1234. 56:15प्रवीण सोलंकी को नहीं जानते। विशालगढ़
  1235. 56:18में ऐसा कौन शख्स है जो प्रवीण भाई को
  1236. 56:20नहीं जानता और तुम भाई से जुबान लड़ाने की
  1237. 56:23हिम्मत कर रहे हो। अगर भाई ने चाह लिया तो
  1238. 56:26तुम यहां से सही सलामत अपने पैरों पर चलकर
  1239. 56:28जा नहीं पाओगे।
  1240. 56:30शौर्य ने जब यह नाम सुना कि प्रवीण का
  1241. 56:33पूरा नाम प्रवीण सोलंकी है। तो उसने सोचा
  1242. 56:36कहीं यह गजराज सोलंकी के परिवार से ही तो
  1243. 56:39नहीं। यह सोचकर उसके होठों पर एक हंसी भी
  1244. 56:42आई। वो यह कंफर्म करने के लिए कि क्या
  1245. 56:44प्रवीण सच में गजराज सोलंकी के ही परिवार
  1246. 56:47से है? [संगीत] उसने पूछा, क्या तुम गजराज
  1247. 56:51सोलंकी के परिवार से हो? [हंसी] अब
  1248. 56:54तुम्हें पता चला ना कि भाई कौन है? अब
  1249. 56:56सीधे से भाई का कहा मानो और दफा हो जाओ
  1250. 56:59यहां से। प्रवीण के साथ वाला शख्स उपहास
  1251. 57:03उड़ाने वाले अंदाज में बोला। शौर्य उस
  1252. 57:06शख्स के बात करने के ढंग से समझ गया कि वह
  1253. 57:08सही सोच रहा है। प्रवीण गजराज सोलंकी के
  1254. 57:11परिवार से ही है। दूसरी तरफ प्रवीण के
  1255. 57:14चेहरे पर भी एक घमंड भरी मुस्कान फैल गई।
  1256. 57:17यह जानकर उसे बड़ा संतोष हुआ कि शौर्य
  1257. 57:20उसके चाचा के नाम से परिचित था। जबकि
  1258. 57:23शौर्य उसके चेहरे के घमंड को देखकर उसका
  1259. 57:25मजाक बनाते हुए बोला। यानी मैं सही सोच
  1260. 57:28रहा हूं। इसका मतलब तुम भी गजराज सोलंकी
  1261. 57:32के जैसे ही कमीने हो। एक पल पहले जिस
  1262. 57:35प्रवीण के चेहरे पर घमंड भरी मुस्कान थी,
  1263. 57:37अगले ही पल उसका चेहरा गुस्से से लाल हो
  1264. 57:40गया। वो अपनी मुट्ठियां भीते हुए
  1265. 57:42चिल्लाया। तुम्हारी इतनी हिम्मत तुमने
  1266. 57:46मुझे कमीना कहा जबार देख क्या रहे हो? इस
  1267. 57:50शख्स की जुबान खींच लो। प्रवीण का इतना
  1268. 57:53बोलना था कि प्रवीण के साथ वाला शख्स
  1269. 57:55जिसका कि नाम जबबार था तेजी से शौर्य पर
  1270. 57:58झपटा। पर शौर्य पहले से ही ऐसे किसी हमले
  1271. 58:01के लिए तैयार था। वो जल्दी से एक साइड
  1272. 58:04होकर जबार के सामने से हट गया। जबब्बार
  1273. 58:07झोंक में शौर्य के पीछे जाकर एक पुतले से
  1274. 58:10टकराया जो किसी भी स्टोर में कपड़ों की
  1275. 58:12प्रदर्शनी के लिए लगा होता है। जबार उस
  1276. 58:15पुतले के साथ फर्श पर जाकर गिरा। जबार को
  1277. 58:18उम्मीद नहीं था कि शौर्य इतनी फुर्ती दिखा
  1278. 58:21सकता है। उसके चेहरे पर शर्मिंदगीगी नजर
  1279. 58:24आने लगी। इस उठापटक को देखकर [संगीत] वहां
  1280. 58:27लोगों की भीड़ लग गई। जबकि प्रवीण सोलंकी
  1281. 58:30जब्बार को नीचे गिरा देखकर उस पर
  1282. 58:32चिल्लाया। क्या जबार तुम एक पिद्दी से
  1283. 58:35लड़के का मुकाबला नहीं कर सकते। पर जबार
  1284. 58:38को प्रवीण की यह तंज भरी बात कहां
  1285. 58:40बर्दाश्त होने वाली थी? वो जल्दी से अपनी
  1286. 58:43जगह से खड़ा हुआ और फिर से शौर्य के सामने
  1287. 58:45पोजीशन लेते हुए बोला, "सॉरी भाई, पहले
  1288. 58:49मैंने इस लड़के को हल्के में लिया था। पर
  1289. 58:52आप चिंता ना करें। इसे मेरे हाथों कोई
  1290. 58:54नहीं बचा सकता। अभी मैं इसकी हड्डी पसली
  1291. 58:57एक करता हूं। मामले को बढ़ता देखकर शिप्रा
  1292. 59:01के चेहरे पर भी चिंता की लकीरें खींच गई।
  1293. 59:04वो प्रवीण सोलंकी से पहले से परिचित थी।
  1294. 59:06वो भी अपनी बहन श्रव्या के साथ उसके कॉलेज
  1295. 59:09में पढ़ता था। उसी समय से [संगीत] वह
  1296. 59:11बिगड़ा हुआ था। पर कॉलेज के समय में वो
  1297. 59:14इतना उददंड नहीं था। शायद इसका एक बड़ा
  1298. 59:17कारण यह था कि श्रव्या भी उसी कॉलेज में
  1299. 59:20पढ़ती थी। पर कॉलेज से पास आउट होने के
  1300. 59:22बाद शहर में उसका नाम तेजी से बिगड़े
  1301. 59:25शहजादे के रूप में चर्चित हुआ था। इसी समय
  1302. 59:28स्टोर में बढ़ते हंगामे को देखकर स्टोर का
  1303. 59:31मैनेजर दौड़ता हुआ उसके पास आया और जबार
  1304. 59:33को रोकते हुए कहा भाई यह क्या कर रहे हो?
  1305. 59:38अगर आपको हंगामा ही करना है तो आप स्टोर
  1306. 59:40के बाहर जाकर करो। नहीं तो अगर इस स्टोर
  1307. 59:42के मालिक को पता चल गया कि आपने यहां इस
  1308. 59:44स्टोर में हंगामा किया तो आपको इस स्टोर
  1309. 59:47के मालिक को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।
  1310. 59:49स्टोर मैनेजर को बीच बचाव करते देखकर
  1311. 59:51शिप्रा ने राहत की सांस ली। जबार भी रुक
  1312. 59:54कर प्रवीण सोलंकी की ओर देखने लगा। प्रवीण
  1313. 59:56ने एक पल कुछ सोचा और मैनेजर से बोला,
  1314. 1:00:00"मैनेजर, तुम्हारे स्टोर में जो भी नुकसान
  1315. 1:00:02होगा, मैं उसका डबल भरपाई करूंगा। इसीलिए
  1316. 1:00:05तुम भी साइड होकर अब तमाशा देखो।" स्टोर
  1317. 1:00:07मैनेजर के चेहरे पर नागवारी के भाव आए। वो
  1318. 1:00:10अभी कुछ बोलना ही चाहता था कि प्रवीण फिर
  1319. 1:00:12से बोल उठा। मैनेजर, अब कोई बात नहीं। अब
  1320. 1:00:16अगर तुमने बीच में आने की कोशिश की तो फिर
  1321. 1:00:19मैं तुम्हारी नुकसान की भरपाई की बात से
  1322. 1:00:20भी पीछे हट जाऊंगा क्योंकि इस लड़के को तो
  1323. 1:00:23यही सबक सिखाना है। प्रवीण की इस वार्निंग
  1324. 1:00:26को सुनकर अब मैनेजर चुप हो गया। उसे देखकर
  1325. 1:00:28लग रहा था कि उसे प्रवीण की बात पसंद तो
  1326. 1:00:30नहीं आई थी पर वो मजबूरन चुप हो गया
  1327. 1:00:33क्योंकि उसे लग गया था कि कितना ही वह
  1328. 1:00:35प्रवीण को समझाने की कोशिश कर ले पर
  1329. 1:00:37[संगीत] वो उसकी बात मानने वाला नहीं है।
  1330. 1:00:39अब तो वह बस इतनी ही उम्मीद कर सकता था कि
  1331. 1:00:42उसके स्टोर में ज्यादा नुकसान ना हो।
  1332. 1:00:44जबब्बार ने जब यह देखा कि मैनेजर अब साइड
  1333. 1:00:46होकर एक मूकदर्शक होकर तमाशा देखने लगा तो
  1334. 1:00:49[संगीत] वह फिर से शौर्य की तरफ बढ़ा।
  1335. 1:00:51शौर्य के हाथ में अभी भी वह थैला था जिस
  1336. 1:00:53कपड़े को शिप्रा ने उसके लिए पसंद किया
  1337. 1:00:55था। शौर्य ने उस थैले को शिप्रा की तरफ
  1338. 1:00:58बढ़ाते हुए कहा। तुम इसे पकड़ कर उस साइड
  1339. 1:01:00बैठकर तमाशा देखो। शिप्रा जो बदली
  1340. 1:01:03परिस्थिति को देखकर घबराई हुई थी। जब
  1341. 1:01:05[संगीत] उसने शौर्य के बेफिक्र चेहरे को
  1342. 1:01:07देखा तो वो घबरा कर बोली। तुम क्या करने
  1343. 1:01:10वाले हो? [संगीत] यहां से बचकर निकलने की
  1344. 1:01:12सोचो। यह बदमाश लोग हैं। इनसे उलझना ठीक
  1345. 1:01:15नहीं है। शिप्रा का चिंतित चेहरा देखकर
  1346. 1:01:18शौर्य बोला, तुम चिंता मत करो। यह बदमाश
  1347. 1:01:21है तो मैं इनसे बड़ा बदमाश हूं। इन्हें भी
  1348. 1:01:23तो आज पता चलना चाहिए कि ऊंट [संगीत]
  1349. 1:01:25पहाड़ के नीचे आता है तो उसे कैसा लगता
  1350. 1:01:27है। इस खतरनाक स्थिति में भी शौर्य को
  1351. 1:01:29मुहावरे का प्रयोग करते देखकर शिप्रा को
  1352. 1:01:32शौर्य पर कुछ भरोसा हुआ। वैसे उसने पहले
  1353. 1:01:34भी शौर्य को इस तरह के बदमाशों से उलझते
  1354. 1:01:37देखा था। वो शौर्य के हाथ से कपड़े का
  1355. 1:01:39थैला लेकर पीछे जाकर खड़ी हो गई। जबकि
  1356. 1:01:42जबबार धीरे-धीरे कदम बढ़ाता हुआ शौर्य की
  1357. 1:01:45तरफ बढ़ा। वो दांत पीसते हुए शौर्य से
  1358. 1:01:47बोला, "तुम खुद को बड़ा तुर्रम खान समझ
  1359. 1:01:50रहे हो। पर आज मैंने तुम्हें छठी का दूध
  1360. 1:01:52याद ना दिला दिया तो मेरा नाम जबबार नहीं।
  1361. 1:01:55अगर ऐसा है तो फिर अपना नाम चेंज करने के
  1362. 1:01:58लिए तैयार हो जाओ। शौर्य अपनी जगह से बिना
  1363. 1:02:00हिले बोला। उसका ध्यान पूरी तरह से जबार
  1364. 1:02:03पर ही था। उसके चेहरे पर लेश मात्र की भी
  1365. 1:02:06शिकन नहीं थी। अचानक ही जबब्बार ने अपनी
  1366. 1:02:08जगह से एक जंप लिया और हवा में उड़ते हुए
  1367. 1:02:11अपनी किक का तेज प्रहार शौर्य पर किया। पर
  1368. 1:02:14शौर्य पहले से ही तैयार था। उसने अपना सिर
  1369. 1:02:16थोड़ा साइड में किया और अपने दोनों हाथ से
  1370. 1:02:19जबार के दोनों पैर को पकड़ा और हवा में ही
  1371. 1:02:22उसी वेग से नचाते हुए एक पुतले की तरफ
  1372. 1:02:24उछाल दिया। जबार का शरीर हवा में उड़ता
  1373. 1:02:27हुआ दूर गया और एक पुतले से टकराकर साइड
  1374. 1:02:29के शीशे से जा टकराया और वो शीशा चूरचूर
  1375. 1:02:32हो गया। टूटे हुए कांच का टुकड़ा जबबार के
  1376. 1:02:35शरीर में कई जगह धंस गया और उसके शरीर के
  1377. 1:02:38कई हिस्सों से खून का रिसाव शुरू हो गया।
  1378. 1:02:41क्या अंजाम होगा इस लड़ाई का? प्रवीण
  1379. 1:02:43सोलंकी को शौर्य से ऐसे किसी रिएक्शन की
  1380. 1:02:47उम्मीद नहीं था। वो हैरानी से शौर्य को
  1381. 1:02:50देखने लगा। पर शौर्य को देखकर लग नहीं रहा
  1382. 1:02:54था कि उसे जबार के हमले से कोई फर्क पड़ा
  1383. 1:02:57था। वो तो ऐसे खड़ा था जैसे अभी वहां पर
  1384. 1:03:00कुछ हुआ ही नहीं था। शिप्रा को भी यह
  1385. 1:03:03उम्मीद नहीं था [संगीत] कि शौर्य इतनी
  1386. 1:03:05आसानी से जबार को धूल चटा देगा। जबकि जबार
  1387. 1:03:09की बुरी हालत को देखकर प्रवीण का गुस्सा
  1388. 1:03:12आसमान छू गया। वहां उपस्थित लोगों में
  1389. 1:03:15प्रवीण सोलंकी का एक खौफ था। इसीलिए वो
  1390. 1:03:19शौर्य के सामने हारा हुआ नहीं दिख सकता
  1391. 1:03:21था। वो तेजी से शौर्य के सामने गया और उस
  1392. 1:03:24पर अपने घूसे का प्रहार किया। पर शौर्य ने
  1393. 1:03:28बड़ी आसानी से उसका घूसा हवा में ही रोक
  1394. 1:03:30लिया। प्रवीण को शौर्य से इतनी फुर्ती की
  1395. 1:03:33उम्मीद नहीं था। वो अपना हाथ वापस लेकर
  1396. 1:03:36शौर्य पर दोबारा हमला करना चाहता था। पर
  1397. 1:03:39यह क्या? वो अपना हाथ शौर्य की पकड़ से
  1398. 1:03:42छुड़ा नहीं पा रहा था। पहले तो उसे समझ ही
  1399. 1:03:45नहीं आया कि यह [संगीत] क्या हो रहा है।
  1400. 1:03:47वो अपना हाथ शौर्य की पकड़ से छुड़ा क्यों
  1401. 1:03:50नहीं पा रहा था। उसने और ज्यादा ताकत लगाई
  1402. 1:03:53पर फिर भी [संगीत] वह शौर्य की पकड़ से
  1403. 1:03:54अपना हाथ आजाद नहीं कर पाया। वहां उपस्थित
  1404. 1:03:58भीड़ आश्चर्य से इस नजारे को देख रही थी।
  1405. 1:04:01प्रवीण की बेबसी पर वहां उपस्थित लोगों
  1406. 1:04:03में कानफूसी होने लगी क्योंकि शौर्य जैसा
  1407. 1:04:06अनजान लड़का प्रवीण को इस कदर लाचार किए
  1408. 1:04:09हुए था कि वह अपना हाथ भी उससे छुड़ा नहीं
  1409. 1:04:12पा रहा था। मेरा हाथ छोड़ो। क्यों? इतने
  1410. 1:04:17ही पहलवान हो तो खुद क्यों नहीं छुड़ा
  1411. 1:04:19लेते? प्रवीण को आज से पहले अपनी इतनी
  1412. 1:04:21बेइज्जती का एहसास कभी नहीं हुआ था। वो
  1413. 1:04:24गुस्से में अपने दूसरे हाथ का प्रहार
  1414. 1:04:26शौर्य के चेहरे पर किया। पर शौर्य ने बीच
  1415. 1:04:29में ही अपने दूसरे हाथ का पंच उसके हाथ पर
  1416. 1:04:32दे मारा। दर्द की एक तेज लहर उसके दूसरे
  1417. 1:04:35हाथ में दौड़ गई। अब तक जबार खुद को संभाल
  1418. 1:04:38कर खड़ा हो गया था और वह प्रवीण के करीब
  1419. 1:04:41आकर ही खड़ा हो गया था। उसकी हिम्मत नहीं
  1420. 1:04:44हो रही थी कि वह प्रवीण को शौर्य से
  1421. 1:04:46छुड़ाने के लिए आगे जाए। पहले ही उसकी
  1422. 1:04:49स्थिति बुरी हो रखी थी। तुम खड़े-खड़े
  1423. 1:04:51तमाशा क्या देख रहे हो? हमला करो इस पर।
  1424. 1:04:54पर जबार की हिम्मत नहीं हो रही थी शौर्य
  1425. 1:04:57की तरफ बढ़ने की। प्रवीण फिर से जबार पर
  1426. 1:05:00चिल्लाया तो मजबूरन जबब्बार को अपना
  1427. 1:05:02पोजीशन लेकर शौर्य की तरफ बढ़ना पड़ा। वो
  1428. 1:05:05पहले ही एक बार शौर्य को अंडरएस्टीमेट
  1429. 1:05:07करके उससे मार खा चुका था। इसीलिए इस
  1430. 1:05:10[संगीत] बार वो संभलकर शौर्य की तरफ बढ़
  1431. 1:05:12रहा था। जबार को डरा हुआ देखकर शौर्य के
  1432. 1:05:16चेहरे पर मुस्कान फैल गई। इसका चेहरा
  1433. 1:05:19देखकर लगता है कि यह तुम्हें बचा पाएगा।
  1434. 1:05:22जो खुद अपने पर भरोसा नहीं कर पा रहा है,
  1435. 1:05:24वह तुम्हें बचाएगा। शौर्य की बात सुनकर
  1436. 1:05:27प्रवीण ने जबार के चेहरे की तरफ देखा।
  1437. 1:05:30उसके चेहरे पर फैले डर के निशान को वो
  1438. 1:05:33साफ-साफ देख सकता था। उसे शौर्य की बात
  1439. 1:05:36सही प्रतीत [संगीत] हुई। ठहरो। पहले तुम
  1440. 1:05:39जल्दी से क्लब के लड़कों को यहां बुलाओ।
  1441. 1:05:41प्रवीण की बात सुनकर जबार को भी तसल्ली
  1442. 1:05:43हुई। उसने जल्दी से अपनी जेब से फोन
  1443. 1:05:46निकाला और किसी को फोन करने लगा। बस थोड़ी
  1444. 1:05:49देर और। फिर देखो मैं तुम्हारा हाल क्या
  1445. 1:05:53करता हूं। शिप्रा जो अभी तक खामोशी से यह
  1446. 1:05:56सब देख रही थी। जब उसने प्रवीण को जबार से
  1447. 1:05:59यह कहते सुना कि वह क्लब के लड़कों को
  1448. 1:06:01यहां बुला ले। उसे चिंता होने लगी। वो
  1449. 1:06:04जानती थी कि प्रवीण कॉलेज के समय से ही
  1450. 1:06:06निंजा बॉक्सिंग क्लब से जुड़ा हुआ था। अगर
  1451. 1:06:09क्लब के लड़के यहां आ गए तो शौर्य को उन
  1452. 1:06:11सबको संभालना मुश्किल हो जाएगा। उसकी
  1453. 1:06:14आंखों में परेशानी के भाव नजर आने लगे।
  1454. 1:06:17प्रवीण ने इस बात को नोट कर लिया था।
  1455. 1:06:19[संगीत] इसीलिए वो सीधा शिप्रा से बोला
  1456. 1:06:22शिप्रा रानी समझाओ अपने पति को कि यह मेरा
  1457. 1:06:25हाथ छोड़े और मेरे पैरों में गिरकर मुझसे
  1458. 1:06:28अपने किए की माफी मांगे तो शायद मैं इसे
  1459. 1:06:30माफ कर दूं। शिप्रा की आंखों में चिंता
  1460. 1:06:33नजर आने लगी। उसने शौर्य से कहा तो कुछ
  1461. 1:06:37नहीं। पर वो चिंतित नजरों से शौर्य की तरफ
  1462. 1:06:40देखने लगी। तुम इसकी गीदड़ भबकी की तरफ
  1463. 1:06:43ध्यान मत दो। इसके गुर्गों को आने में
  1464. 1:06:45कितनी देर लगेगी? तुम ही सोचो। इतने वक्त
  1465. 1:06:48में मैं इसका क्या हाल करूंगा? शौर्य की
  1466. 1:06:51बात से प्रवीण का चेहरा बिगड़ गया। मैं
  1467. 1:06:54कहता हूं मेरा हाथ छोड़ो। तुम नहीं जानते
  1468. 1:06:57तुमने किससे पंगा लिया है। मैं तुम्हारा
  1469. 1:06:59ऐसा हश्र करूंगा कि [संगीत] तुम्हें अपने
  1470. 1:07:01होने पर पछतावा होगा। जैसे ही प्रवीण ने
  1471. 1:07:05यह बात कही, शौर्य ने उसका हाथ उमेट दिया।
  1472. 1:07:08दर्द की एक तेज लहर प्रवीण के हाथों से
  1473. 1:07:11होती हुई उसके कंधे तक चली गई। प्रवीण घूम
  1474. 1:07:14कर पीछे हो गया और उसका हाथ उसके पीठ पर
  1475. 1:07:17चला गया। जबार ने जब प्रवीण के चेहरे पर
  1476. 1:07:20दर्द की लहर देखी तो वह हिम्मत करके शौर्य
  1477. 1:07:22से बोला, "तुम यह ठीक नहीं कर रहे। अगर
  1478. 1:07:25गजराज सोलंकी और गिरिराज सोलंकी को पता चल
  1479. 1:07:28गया कि तुमने प्रवीण भाई के साथ कैसी हरकत
  1480. 1:07:30की है तो वह तुम्हें जहन्नुम से भी ढूंढ
  1481. 1:07:32निकालेंगे। और फिर तुम्हारा क्या हश्र
  1482. 1:07:35करेंगे तुम सोच भी नहीं सकते। वहां
  1483. 1:07:37उपस्थित सभी लोग गजराज सोलंकी के रुतबे से
  1484. 1:07:40वाकिफ थे। इसीलिए सभी समझ सकते थे कि जबार
  1485. 1:07:43ने जो बात कही है उस बात में कितनी सच्चाई
  1486. 1:07:45है। स्टोर का मैनेजर जो अब तक खामोशी से
  1487. 1:07:48यह सब देख रहा था अचानक उसे भी आभास हुआ
  1488. 1:07:51कि कहीं गजराज सोलंकी का कहर उस पर ना गिर
  1489. 1:07:54जाए। इसीलिए वह बीच बचाव करने आगे आ गया।
  1490. 1:07:57सुनो मिस्टर तुमने अभी तक जो भी किया है,
  1491. 1:08:00मैं उसे भूल सकता हूं। बस तुम मिस्टर
  1492. 1:08:02प्रवीण को छोड़कर यहां से वापस चले जाओ।
  1493. 1:08:05जैसे ही मैनेजर यह बोलता हुआ शौर्य के पास
  1494. 1:08:07पहुंचा, शौर्य ने एक जोर का थप्पड़ उस
  1495. 1:08:10मैनेजर को मारा। मैनेजर नाचता हुआ दूर
  1496. 1:08:13जाकर गिरा। उसके बाद शौर्य ने प्रवीण को
  1497. 1:08:15धक्का दिया। वो लड़खड़ाता हुआ आगे जाकर
  1498. 1:08:18गिरा। पर जल्दी ही संभल कर खड़ा हो गया।
  1499. 1:08:21वो पलट कर शौर्य को घूर कर देखने लगा।
  1500. 1:08:24तुम्हें बड़ा गुरूर है कि तुम गजराज
  1501. 1:08:26सोलंकी और गिरिराज सोलंकी के परिवार से
  1502. 1:08:28हो। तो लगाओ फोन अपने बाप को। मैं भी तो
  1503. 1:08:31देखूं कि कितनी बड़ी तोप है। शौर्य को
  1504. 1:08:34सीधे प्रवीण को चैलेंज करते देखकर शिप्रा
  1505. 1:08:36को घबराहट होने लगी। वो पहले से ही गजराज
  1506. 1:08:39सोलंकी के नाम से परिचित थी। पर उसे यह भी
  1507. 1:08:41ध्यान था कि शौर्य किसी ना किसी तरह गजराज
  1508. 1:08:44सोलंकी से जुड़ा हुआ है। [संगीत] क्योंकि
  1509. 1:08:45अभी कुछ दिन पहले ही उसने श्रव्या को
  1510. 1:08:47शौर्य के साथ देखा था। हालांकि शिप्रा यह
  1511. 1:08:50नहीं जानती थी कि श्रव्या शौर्य के पास
  1512. 1:08:52क्यों थी। दूसरी तरफ प्रवीण ने जब शौर्य
  1513. 1:08:55की बात को सुना तो उसने गजराज सोलंकी को
  1514. 1:08:58फोन लगाया। बड़े पापा, मेरा कदम विहार के
  1515. 1:09:01डेल्टा स्टोर में एक आदमी से पंगा हो गया
  1516. 1:09:04है। उसके कारण मेरी बहुत बेइज्जती हो गई
  1517. 1:09:06है। यह जानने के बाद भी कि आप मेरे बड़े
  1518. 1:09:08पापा हैं। वह मुझसे और भी बदतमीजी कर रहा
  1519. 1:09:11है। उसे आपका भी खौफ नहीं है। कौन है जिसे
  1520. 1:09:14अपनी जान प्यारी नहीं है। तुम थोड़ी देर
  1521. 1:09:17वहीं इंतजार करो। मैं अभी अपने आदमियों को
  1522. 1:09:19भेजता हूं। प्रवीण ने जानबूझकर अपना
  1523. 1:09:22मोबाइल [संगीत] स्पीकर पर कर रखा था। वो
  1524. 1:09:24चाहता था कि उसके बड़े पापा की आवाज सभी
  1525. 1:09:26सुने। पर अगले ही पल शौर्य उसके करीब आ
  1526. 1:09:29गया था और उसने प्रवीण के हाथ से [संगीत]
  1527. 1:09:31उसका मोबाइल छीन लिया। शिप्रा आश्चर्य से
  1528. 1:09:34शौर्य को देख रही थी। उसे समझ नहीं आ रहा
  1529. 1:09:36था कि शौर्य क्या करने की सोच रहा है।
  1530. 1:09:39मिस्टर गजराज सोलंकी क्या आपके आदमी जब तक
  1531. 1:09:42[संगीत] यहां आएंगे तब तक आप समझ सकते हैं
  1532. 1:09:44कि मैं आपके भतीजे का क्या हाल करूंगा।
  1533. 1:09:47गजराज सोलंकी ने जब शौर्य की बात सुनी तो
  1534. 1:09:50शौर्य की आवाज कुछ जानी पहचानी लगी।
  1535. 1:09:52इसीलिए वह असमंजस [संगीत] में बोले तुम
  1536. 1:09:55कौन बोल रहे हो और तुम्हारी हिम्मत कैसे
  1537. 1:09:57हुई मेरे भतीजे पर हाथ उठाने की मैं कौन
  1538. 1:10:00बोल रहा हूं उम्मीद करता हूं कि आप मुझे
  1539. 1:10:03इतनी जल्दी भूले तो नहीं होंगे मैं श्रवण
  1540. 1:10:05बोल रहा हूं जैसे ही गजराज सोलंकी ने
  1541. 1:10:08श्रवण नाम सुना उनके सामने कुछ दिन
  1542. 1:10:11[संगीत] पहले का वो सारा दृश्य घूम गया जब
  1543. 1:10:13श्रवण ने उनके फार्म हाउस में तांडव किया
  1544. 1:10:15था उसके बाद की भी सारी कहानी उन्हें अपनी
  1545. 1:10:18बेटी से पता चल गई थी इसीलिए अगले ही पल
  1546. 1:10:20[संगीत] उनकी आवाज बदल
  1547. 1:10:22अरे श्रवण बेटे यह तुम हो तो क्या प्रवीण
  1548. 1:10:25ने तुमसे उलझने की कोशिश की? मुझसे अगर
  1549. 1:10:28उलझने की कोशिश करता [संगीत] तो शायद मैं
  1550. 1:10:30उस पर ज्यादा ध्यान भी नहीं देता। पर उसने
  1551. 1:10:33मेरी पत्नी के साथ बदतमीजी करने की कोशिश
  1552. 1:10:35की। तो फिर आप ही बताइए कि मैं उसे
  1553. 1:10:37[संगीत] इतनी आसानी से कैसे माफ कर सकता
  1554. 1:10:39हूं? क्या कहा तुमने? उसने तुम्हारी पत्नी
  1555. 1:10:42की बेइज्जती करने की कोशिश की। मैं अभी
  1556. 1:10:44उसे समझाता हूं। अगर उसने तुमसे माफी नहीं
  1557. 1:10:47मांगी तो फिर तुम [संगीत] जो चाहो उसे सजा
  1558. 1:10:49दे सकते हो। मोबाइल अभी स्पीकर पर ही था।
  1559. 1:10:52इसीलिए प्रवीण [संगीत] भी अपने बड़े पापा
  1560. 1:10:54की आवाज को सुन सकता था। जब उसने अपने
  1561. 1:10:57बड़े पापा की आवाज को सुना तो उसका देह
  1562. 1:11:00सिहर गया। वो आश्चर्य से शौर्य को देखने
  1563. 1:11:03लगा। उसे समझ नहीं आया कि उसके बड़े पापा
  1564. 1:11:06श्रवण को कैसे जानते हैं। श्रवण बेटे तुम
  1565. 1:11:09जरा प्रवीण को फोन देना। मैं अभी उससे बात
  1566. 1:11:11करता हूं। शौर्य ने फोन प्रवीण की तरफ
  1567. 1:11:14बढ़ा दिया। प्रवीण आश्चर्य से शौर्य को
  1568. 1:11:16देखते हुए उसके हाथ से मोबाइल लिया और
  1569. 1:11:19उसने यह होशियारी की कि उसने अपने मोबाइल
  1570. 1:11:21को लाउडस्पीकर से हटा दिया और अपने कान से
  1571. 1:11:24लगा लिया। थोड़ी देर वह दूसरी तरफ की बात
  1572. 1:11:27को सुनता रहा। जब उसने फोन रखा तो उसके
  1573. 1:11:30शरीर की सारी अकड़ ढीली पड़ गई थी। उसको
  1574. 1:11:32देखकर ही लग रहा था कि उसे गजराज सोलंकी
  1575. 1:11:35से कुछ अच्छा सुनने को तो नहीं मिला है।
  1576. 1:11:38वहां उपस्थित भीड़ के साथ शिप्रा और जबार
  1577. 1:11:41के भी आश्चर्य का ठिकाना नहीं था कि गजराज
  1578. 1:11:44सोलंकी ने शौर्य से बात करने के बाद
  1579. 1:11:46प्रवीण को ही डांटा था। पता नहीं आखिर में
  1580. 1:11:49ऐसा क्या कहा होगा जो प्रवीण की सारी अकड़
  1581. 1:11:52गायब हो गई थी। शिप्रा को समझ नहीं आया कि
  1582. 1:11:55आखिर शौर्य और गजराज सोलंकी के बीच क्या
  1583. 1:11:57संबंध है जो उसने शौर्य के लिए प्रवीण को
  1584. 1:12:00ही डांट दिया था। शिप्रा अभी इसी उधेड़बुन
  1585. 1:12:03में थी कि तभी उसने प्रवीण को अपनी तरफ
  1586. 1:12:05बढ़ते हुए देखा। आखिर अब क्या चल रहा था
  1587. 1:12:08प्रवीण के दिमाग में जो वो शिप्रा की तरफ
  1588. 1:12:10बढ़ गया था। प्रवीण को अपनी तरफ बढ़ते
  1589. 1:12:12देखकर शिप्रा को थोड़ी घबराहट भी महसूस
  1590. 1:12:15हुई पर शौर्य निश्चिंत था। [संगीत] उसे
  1591. 1:12:19विश्वास था कि अब प्रवीण कोई ऐसी हरकत
  1592. 1:12:22नहीं करेगा जिसके कारण स्थिति और भी खराब
  1593. 1:12:25हो। प्रवीण को अपनी तरफ आते देखकर [संगीत]
  1594. 1:12:28शिप्रा शौर्य की ओर देखने लगी। जैसे वह
  1595. 1:12:30जानना चाहती थी कि शौर्य का क्या रिएक्शन
  1596. 1:12:33है प्रवीण को उसकी तरफ आते [संगीत] देखकर।
  1597. 1:12:36पर शौर्य को अपनी जगह पर निश्चिंत होकर
  1598. 1:12:38खड़े देखकर उसे थोड़ा आश्चर्य हुआ। उसे
  1599. 1:12:42अजीब [संगीत] भी लगा कि शौर्य प्रवीण को
  1600. 1:12:44उसकी तरफ बढ़ते देखकर भी अपनी जगह पर आराम
  1601. 1:12:47से खड़ा है। जब उसने शौर्य की ओर से कोई
  1602. 1:12:49प्रतिक्रिया नहीं देखी तो वह फिर से
  1603. 1:12:51आशंकित नजरों से प्रवीण को देखने लगी।
  1604. 1:12:54प्रवीण उसके करीब पहुंचा और शिप्रा के
  1605. 1:12:57सामने खड़ा हो गया। शिप्रा ने नोटिस किया
  1606. 1:12:59कि अभी प्रवीण के चेहरे पर पहले वाला भाव
  1607. 1:13:02नहीं था जब वह उससे बदतमीजी से बात कर रहा
  1608. 1:13:04था। बल्कि इस समय उसके चेहरे पर थोड़ी सी
  1609. 1:13:07बदहवास सी नजर आ [संगीत] रही थी। शिप्रा
  1610. 1:13:09और कुछ सोच पाती उससे पहले ही प्रवीण ने
  1611. 1:13:12कहा सॉरी शिप्रा मैंने तुम्हारे साथ थोड़ी
  1612. 1:13:15ज्यादती कर दी। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए
  1613. 1:13:17था। मुझे इसके लिए खेद है। उम्मीद करता
  1614. 1:13:20हूं कि तुम मुझे इस बात के लिए माफ कर
  1615. 1:13:22दोगी। शिप्रा को भारी आश्चर्य [संगीत] हुआ
  1616. 1:13:25कि यह कैसे हुआ? आखिर प्रवीण मुझसे माफी
  1617. 1:13:28क्यों मांग रहा है? ऐसी क्या बात हुई
  1618. 1:13:30शौर्य की प्रवीण के चाचा से कि प्रवीण का
  1619. 1:13:32तो पूरा कैरेक्टर ही चेंज हो गया। आखिर
  1620. 1:13:34शौर्य का गजराज सोलंकी से ऐसा क्या रिश्ता
  1621. 1:13:37था जिसके कारण उन्होंने अपने भतीजे को
  1622. 1:13:39डांट दिया। शिप्रा ने देखा प्रवीण अभी भी
  1623. 1:13:42उसके सामने खड़ा था। इसलिए वो थोड़ा शालीन
  1624. 1:13:45होते हुए बोली ठीक है। मैं तुम्हें माफ
  1625. 1:13:48करती हूं। पर ध्यान रखना [संगीत] आइंदा
  1626. 1:13:51किसी को बुली करने से पहले 100 बार सोच
  1627. 1:13:53लेना। तुम अकेले दुनिया में नहीं हो जो
  1628. 1:13:55सबसे पावरफुल हो। यह ध्यान रखना कि कभी
  1629. 1:13:58शेर को सवा शेर भी मिल जाता है। [संगीत]
  1630. 1:14:00कोई तुमसे भी ज्यादा काबिल हो सकता है।
  1631. 1:14:02प्रवीण शांति से शिप्रा की बात को सुनता
  1632. 1:14:05रहा। पर जवाब में कुछ बोला नहीं। उसे
  1633. 1:14:08शौर्य के लिए आश्चर्य हो रहा था कि आखिर
  1634. 1:14:10शौर्य का उसके चाचा से क्या रिश्ता
  1635. 1:14:12[संगीत] है? जिसके कारण उसके चाचा ने उसको
  1636. 1:14:14ही डांट दिया और उसे उससे माफी मांगने के
  1637. 1:14:16लिए बोला। वो शिप्रा के पास से हटा और
  1638. 1:14:19शौर्य के करीब जाकर उससे भी बोला। सॉरी
  1639. 1:14:22श्रवण। मुझे नहीं पता था कि तुम्हारा
  1640. 1:14:24संबंध मेरे चाचा से भी है। उम्मीद करता
  1641. 1:14:26हूं कि तुम मेरी बात को दिल पर नहीं लोगे
  1642. 1:14:29[संगीत] और मुझे माफ कर दोगे। चलो देर आए
  1643. 1:14:32पर दुरुस्त आए। आगे से ध्यान रखना कि
  1644. 1:14:34जिससे तुम उलझने जा रहे हो कहीं वो तुझसे
  1645. 1:14:37ज्यादा पावरफुल तो नहीं। शौर्य सारकास्टिक
  1646. 1:14:39तरीके से [संगीत] बोला। इसके बाद शौर्य
  1647. 1:14:42शिप्रा के पास गया और बोला अब चले। या कुछ
  1648. 1:14:45और भी खरीदारी करनी है। शौर्य की बात
  1649. 1:14:47सुनकर शिप्रा [संगीत] ने उस स्टोर के
  1650. 1:14:49मैनेजर की तरफ देखा जो अपने गाल पर हाथ
  1651. 1:14:52रखे एक साइड में खड़ा था। अभी तक वो शौर्य
  1652. 1:14:55के थप्पड़ को भूल नहीं पाया था। पर जब
  1653. 1:14:57उसने देखा कि श्रवण से बात करने के बाद
  1654. 1:14:59गजराज सोलंकी ने अपने भतीजे को ही डांट
  1655. 1:15:02दिया है तो वह भी थोड़ा और अटेंशन की
  1656. 1:15:04मुद्रा में आ गया। अब शौर्य से स्टोर के
  1657. 1:15:06मैनेजर को भी खौफ होने लगा। शौर्य की
  1658. 1:15:09[संगीत] बात सुनकर शिप्रा शौर्य का कपड़ा
  1659. 1:15:11लेकर बिल काउंटर पर पहुंची और कपड़े का
  1660. 1:15:13बिल पेमेंट किया और शौर्य के साथ वहां से
  1661. 1:15:16निकल गई। शिप्रा के दिमाग में बहुत सी
  1662. 1:15:18बातें चल रही थी जिसका जवाब वह जानना
  1663. 1:15:21चाहती थी। कार में बैठने के बाद उसने
  1664. 1:15:24शौर्य से पूछा। तुम गजराज [संगीत] सोलंकी
  1665. 1:15:26को कैसे जानते हो? तुमसे यह किसने कहा कि
  1666. 1:15:29मैं गजराज सोलंकी को जानता हूं। [संगीत]
  1667. 1:15:31शौर्य उल्टा शिप्रा से सवाल करते हुए
  1668. 1:15:33बोला। शौर्य की बात सुनकर शिप्रा घूर कर
  1669. 1:15:37शौर्य को देखने लगी। शिप्रा को यूं एक टक
  1670. 1:15:40खुद को घूरते देखकर [संगीत] शौर्य
  1671. 1:15:41अनकंफर्टेबल फील करने लगा। तुम क्या मुझे
  1672. 1:15:45इतना बेवकूफ समझते हो [संगीत] कि तुम्हारे
  1673. 1:15:47और गजराज सोलंकी के बीच जो बात हुई उसके
  1674. 1:15:49बाद भी मैं इतनी छोटी सी बात नहीं समझ
  1675. 1:15:51सकती कि [संगीत] तुम गजराज सोलंकी से पहले
  1676. 1:15:54से परिचित हो। और वैसे भी मैंने पहले भी
  1677. 1:15:57तुम्हारे साथ श्रव्या को देखा था। [संगीत]
  1678. 1:15:58जब बेटी को जानते हो तो उसके पापा को भी
  1679. 1:16:01जानते ही होंगे। शिप्रा ने शौर्य को अपना
  1680. 1:16:04लॉजिक सुनाया। शौर्य के पास अब बहाना
  1681. 1:16:06बनाने का कोई कारण नहीं था। अब शौर्य
  1682. 1:16:09महसूस करने लगा था कि शिप्रा अब उसके हर
  1683. 1:16:11मामले को जानने की कोशिश [संगीत] करती है।
  1684. 1:16:13जबकि पहले ऐसा नहीं था। तुम अब ज्यादा ही
  1685. 1:16:17मेरे पर्सनल मामले में घुसने की कोशिश कर
  1686. 1:16:19रही हो। [संगीत] तुमने खुद ही हम दोनों के
  1687. 1:16:21लिए कुछ दायरे फिक्स किए थे। अब तुम खुद
  1688. 1:16:23उस दायरे को तोड़ना चाहती हो। शौर्य
  1689. 1:16:26शिप्रा की बात सुनने के बाद बोला। अगर तुम
  1690. 1:16:28सुनना ही चाहते हो तो सुनो। वो मेरी एक
  1691. 1:16:31गलती थी। [संगीत] मैं तब इस बात को नहीं
  1692. 1:16:33समझ सकी थी कि एक रिश्ते में बंधने के बाद
  1693. 1:16:36कुछ बातों को हम जानबूझकर अवॉइड नहीं कर
  1694. 1:16:39सकते। क्योंकि अब मैं महसूस करती हूं कि
  1695. 1:16:41तुमसे [संगीत] जुड़ी छोटी से छोटी बातें
  1696. 1:16:44मुझे प्रभावित करती हैं। इसलिए मैं अपनी
  1697. 1:16:46जिज्ञासा को [संगीत] शांत किए बिना नहीं
  1698. 1:16:48रह सकती। मैं आंख बंद करके नहीं रह सकती
  1699. 1:16:51या जानबूझकर अनजान बनकर नहीं रह सकती।
  1700. 1:16:54तुम्हारे जीवन [संगीत] में क्या चल रहा
  1701. 1:16:56है? मुझे यह जानने की इच्छा होती है कि
  1702. 1:16:58तुम्हारे साथ सब ठीक तो है। तुम्हारे
  1703. 1:17:01आसपास क्या चल रहा है? शिप्रा ने अपने दिल
  1704. 1:17:04के उद्गार को व्यक्त कर दिया। [संगीत]
  1705. 1:17:05शौर्य आश्चर्य से शिप्रा की बात को सुनता
  1706. 1:17:08रहा। शिप्रा के जज्बात को सुनकर उसको दिली
  1707. 1:17:11खुशी हुई। यही तो वह चाहता था। वो नहीं
  1708. 1:17:14चाहता था कि शिप्रा उसे बेचारा समझे। मेरा
  1709. 1:17:17गजराज सोलंकी के साथ कुछ पंगा हुआ था।
  1710. 1:17:19गजराज सोलंकी को मेरे कारण जेल जाना पड़ा
  1711. 1:17:22था। अपने पापा को जेल से छुड़ाने के लिए
  1712. 1:17:24ही शव्या मुझसे मिली थी। एक बात और है जो
  1713. 1:17:28तुम्हें पता होनी चाहिए। शौर्य शिप्रा की
  1714. 1:17:30जिज्ञासा को शांत करने की नियत से बोला।
  1715. 1:17:33शिप्रा ने जितना सुना यही बात शिप्रा के
  1716. 1:17:35लिए बहुत आश्चर्य की थी। उस पर शौर्य की
  1717. 1:17:38इस बात ने कि एक बात जो उसे जाननी चाहिए
  1718. 1:17:41यह सुनकर वह जिज्ञासा भरी नजरों से शौर्य
  1719. 1:17:43को देखने लगी। शौर्य शिप्रा की उत्सुक
  1720. 1:17:46आंखों को देखकर बोला। गजराज सोलंकी के साथ
  1721. 1:17:49विहान रायजादा भी जेल गया था। गजराज
  1722. 1:17:52सोलंकी और विहान रायजादा दोनों एक साथ ही
  1723. 1:17:54जेल से छूटे थे। क्या यह तुम क्या कह रहे
  1724. 1:17:58हो? भला विहान किस लिए जेल गया था? शिप्रा
  1725. 1:18:01आश्चर्य से बोली। गजराज सोलंकी के साथ
  1726. 1:18:04मिलकर उसने एक ऑफिस पर कब्जा करने की सोची
  1727. 1:18:07थी। इसके लिए उसने रुचि मल्होत्रा को
  1728. 1:18:09किडनैप कर लिया था। जिसके कारण उसे जेल
  1729. 1:18:12जाना पड़ा था। शौर्य ने शिप्रा को बेसिक
  1730. 1:18:15जानकारी दी। शिप्रा को यकीन नहीं हो रहा
  1731. 1:18:18था कि विहान [संगीत] इस स्तर तक जा सकता
  1732. 1:18:20है। एक बात और है विहान की कंपनी अपने
  1733. 1:18:23बुरे दौर से गुजर रही है। सही मायने में
  1734. 1:18:26देखा जाए तो जल्दी ही विहान की कंपनी
  1735. 1:18:28दिवालिया घोषित हो सकती है। शौर्य ने
  1736. 1:18:30शिप्रा को विहान की कंपनी के हालात से
  1737. 1:18:32वाकिफ कराया। शिप्रा को आश्चर्य हो रहा था
  1738. 1:18:35कि शौर्य को विहान के बारे में इतना कुछ
  1739. 1:18:38कैसे पता है? उसके मन में एक आशंका घर
  1740. 1:18:40करने लगी। उसने शौर्य से पूछ ही लिया।
  1741. 1:18:43कहीं ऐसा तो नहीं है कि इसीलिए धर्मवीर
  1742. 1:18:46रायजादा और विहान रायजादा मेरे साथ शादी
  1743. 1:18:48के लिए पीछे पड़ गए थे। [संगीत] अब जब मुझ
  1744. 1:18:51पर जोर नहीं चला तो वो युविका के साथ भी
  1745. 1:18:53शादी करने को तैयार हो गया। तो और क्या?
  1746. 1:18:56तुम क्या समझ रही हो कि वह तुम्हारे
  1747. 1:18:58परिवार का हितचिंतक [संगीत] है? अभी वह
  1748. 1:19:01चारों ओर से फंसा हुआ है। उसे अपनी कंपनी
  1749. 1:19:04को रिवाइव करने के लिए अच्छे खासे फंड की
  1750. 1:19:06जरूरत [संगीत] है। उसे कहीं ना कहीं से यह
  1751. 1:19:08उम्मीद बंधी है कि तुम्हारे परिवार से
  1752. 1:19:11शायद उसकी फंड की कमी पूरी हो जाए। विहान
  1753. 1:19:14के बारे में इतना कुछ जानकर शिप्रा को
  1754. 1:19:16अपने परिवार के लिए चिंता होने लगी। उसे
  1755. 1:19:19समझ नहीं आ रहा था कि इस समय उसे क्या
  1756. 1:19:21करना चाहिए। उसे पता था कि अगर अपने
  1757. 1:19:24परिवार के सामने वह विहान के बारे में
  1758. 1:19:25बताना चाहेगी भी तो भी कोई उसकी बातों का
  1759. 1:19:28विश्वास नहीं करेगा। फिर एक बार को उसने
  1760. 1:19:31यह भी सोचा कि जब उसके परिवार वाले खुद ही
  1761. 1:19:33गड्ढे में गिरना चाहते हैं तो वह उन्हें
  1762. 1:19:35कैसे बचा सकती है। सही ही है। युविका
  1763. 1:19:39जितनी तेज [संगीत] बनती थी, इसी तरह उसकी
  1764. 1:19:41तेजी निकलेगी। उसने मन ही मन फैसला किया
  1765. 1:19:44कि वह जब आज की पार्टी में जाएगी तो भी वह
  1766. 1:19:46वहां विहान के बारे में कोई बात नहीं
  1767. 1:19:48करेगी। अगर वह वहां कुछ बोलेगी भी तो
  1768. 1:19:51[संगीत] सभी यही समझेंगे कि शिप्रा चाहती
  1769. 1:19:53ही नहीं कि युविका की शादी विहान से हो।
  1770. 1:19:56शिप्रा कार चलाते हुए सोचे जा रही थी। इस
  1771. 1:19:59समय उसकी [संगीत] कार होटल राजकमल के पास
  1772. 1:20:01से गुजर रही थी। शौर्य ने देखा तो उसने
  1773. 1:20:04शिप्रा से कार रोकने को कहा। क्यों? अब
  1774. 1:20:08कहां जाना [संगीत] है? शिप्रा ने कार
  1775. 1:20:10रोकने की कोई कोशिश नहीं की। मुझे होटल
  1776. 1:20:13राजकमल में कुछ काम है? शौर्य ने जवाब
  1777. 1:20:15[संगीत] दिया। तुम्हें पता है ना कि आज
  1778. 1:20:18हमें युविका की इंगेजमेंट पार्टी में जाना
  1779. 1:20:20है। शिप्रा शौर्य को घूरती [संगीत] हुई
  1780. 1:20:23बोली तुम मेरी चिंता मत करो। मैं समय से
  1781. 1:20:26घर आ जाऊंगा।
  1782. 1:20:28शौर्य शिप्रा को भरोसा देने की कोशिश करता
  1783. 1:20:30हुआ बोला। अब शिप्रा के पास कोई चारा नहीं
  1784. 1:20:33था। उसने कार रोक दी। शौर्य कार से बाहर
  1785. 1:20:37आया और होटल राजकमल की तरफ बढ़ गया। शौर्य
  1786. 1:20:40अभी होटल की राहदारी से गुजर ही रहा था।
  1787. 1:20:43शौर्य ने फोन की तरफ देखा। तो उसने देखा
  1788. 1:20:47कि हर्षल मेहता का फोन आ रहा था। शौर्य ने
  1789. 1:20:50फोन उठाया और मुस्कुराते हुए बोला [संगीत]
  1790. 1:20:52कहिए मेहता साहब कैसे याद किया? हर्षल
  1791. 1:20:56मेहता ने शौर्य की बात सुनने के बाद जवाब
  1792. 1:20:58दिया मिस्टर शौर्य क्या आप इस समय बसंत
  1793. 1:21:01विहार आ सकते हैं? मुझे आपको यहां की साइट
  1794. 1:21:04दिखानी थी। शौर्य ने एक पल को सोचा। फिर
  1795. 1:21:08उसे भी लगा हां यह सही रहेगा। उसे एक बार
  1796. 1:21:12जाकर उस लोकेशन को स्वयं भी देखना चाहिए।
  1797. 1:21:15जहां [संगीत] वो इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट
  1798. 1:21:16करने जा रहा है। यह सोचकर उसने जवाब दिया,
  1799. 1:21:20ठीक है मेहता साहब, आप [संगीत] मुझे अपना
  1800. 1:21:22लोकेशन भेज दीजिए। मैं आपके पास आता हूं।
  1801. 1:21:25इतनी बात होने के बाद शौर्य ने फोन रख
  1802. 1:21:28दिया। उसने सोचा वो जा ही रहा है तो क्यों
  1803. 1:21:31ना वो मेनका को भी अपने साथ ले ले। यह
  1804. 1:21:34सोचकर वह मेनका केबिन में पहुंचा। मेनका
  1805. 1:21:37इस समय किसी से फोन पर बात कर रही थी।
  1806. 1:21:39शौर्य मेनका की बात खत्म होने का इंतजार
  1807. 1:21:42करता शौर्य। मेनका से बोला अगर तुम ज्यादा
  1808. 1:21:45बिजी नहीं हो तो क्या तुम मेरे साथ एक जगह
  1809. 1:21:48चल सकती हो? शौर्य का सवाल सुनकर मेनका ने
  1810. 1:21:51पूछा [संगीत] क्यों कहां ले जाना चाहते हो
  1811. 1:21:54तुम मुझे? दरअसल अभी हर्षल मेहता का फोन
  1812. 1:21:57आया था। वो मुझे बसंत बिहार के साइट पर
  1813. 1:21:59बुला रहा है। मुझे भी लगा एक बार जाकर उस
  1814. 1:22:02जगह को देखना चाहिए। शौर्य ने मेनका को
  1815. 1:22:05बताया कि वह उसे कहां ले जाना चाहता है।
  1816. 1:22:08मेनका ने सुना तो वह तुरंत शौर्य के साथ
  1817. 1:22:10जाने के लिए तैयार हो गई। दोनों होटल से
  1818. 1:22:13निकले और शौर्य की कार से ही बसंत विहार
  1819. 1:22:16के उस लोकेशन पर पहुंचे जो हर्षल मेहता ने
  1820. 1:22:18भेजा था। शौर्य वहां पहुंचा तो उसने देखा
  1821. 1:22:22कि हर्षल मेहता ने उस जगह पर अपना एक
  1822. 1:22:24टेंपरेरी ऑफिस बना रखा था। हर्षल मेहता
  1823. 1:22:27शौर्य और मेनका को अपने केबिन में ले गया।
  1824. 1:22:30वहां पहले से ही 40-45 साल का एक शख्स
  1825. 1:22:33बैठा हुआ था। शौर्य और मेनका हर्षल मेहता
  1826. 1:22:36के सामने वाली दो चेयर पर बैठ गए तो हर्षल
  1827. 1:22:39मेहता बोला मैं आपके लिए कुछ कॉफी या
  1828. 1:22:42कोल्ड ड्रिंक मंगवाऊं क्या? शौर्य मना
  1829. 1:22:44करते हुए बोला नहीं उसकी कोई जरूरत नहीं।
  1830. 1:22:48बस अगर पानी हो तो पानी दे दीजिए। शौर्य
  1831. 1:22:52समझ रहा था कि वहां की जो स्थिति है उसमें
  1832. 1:22:54चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक अरेंज करना
  1833. 1:22:56आसान नहीं होगा। इसलिए उसने पानी के लिए
  1834. 1:22:59बोला। शौर्य की बात सुनकर हर्षल मेहता
  1835. 1:23:02अपनी जगह से उठा और [संगीत] अपने पीछे
  1836. 1:23:04गया। वहां पर एक फ्रिज रखा हुआ था जिसमें
  1837. 1:23:07से हर्षल मेहता ने खुद ही एक पानी की बोतल
  1838. 1:23:10निकालकर शौर्य के सामने रख दी। दरअसल अभी
  1839. 1:23:13यह ऑफिस तैयार ही हो रहा है। इसलिए यहां
  1840. 1:23:16पर ज्यादा कुछ व्यवस्था अभी हो नहीं रखी
  1841. 1:23:18है। मैं देख रहा हूं धीरे-धीरे यहां पर
  1842. 1:23:21कुछ आदमी को अपॉइंट कर दूंगा। उसके बाद
  1843. 1:23:23यहां [संगीत] की व्यवस्था भी ठीक हो
  1844. 1:23:24जाएगी। हर्षल मेहता शौर्य को सफाई देते
  1845. 1:23:28हुए बोला, "मैं समझ सकता हूं।" शौर्य
  1846. 1:23:31हर्षल मेहता की बात से सहमति [संगीत]
  1847. 1:23:33जताते हुए बोला, "आप मुझे यह बताइए कि अभी
  1848. 1:23:36मुझे यहां बुलाने का कोई खास कारण है
  1849. 1:23:38क्या?" शौर्य ने उस कमरे में पहले से बैठे
  1850. 1:23:41उस शख्स को देखकर यह अंदाजा लगाया था।
  1851. 1:23:44शौर्य की बात सुनकर हर्षल मेहता ने वहां
  1852. 1:23:46बैठे शख्स की तरफ देखा। फिर शौर्य से
  1853. 1:23:49बोला, "आपने सही अंदाजा लगाया। आपको यहां
  1854. 1:23:52बुलाने के पीछे एक तो कारण यह था कि मैं
  1855. 1:23:55यह जगह आपको दिखाना चाहता था और दूसरा
  1856. 1:23:58कारण था कि मैं आपको इस शख्स से मिलवाना
  1857. 1:24:00चाहता था। यह भूषण जी हैं। यह इस इलाके
  1858. 1:24:04में नेतागिरी करते हैं। यह जो ऑफिस अभी
  1859. 1:24:07खुला हुआ है उसे एक तरह से इनके ऑफिस के
  1860. 1:24:09तौर पर ही पेश किया है। क्योंकि अभी हम इस
  1861. 1:24:12बात को पब्लिक नहीं कर सकते कि इस ऑफिस को
  1862. 1:24:14हमने किस मकसद से खोला है। पर आप यह बात
  1863. 1:24:18कब तक छुपा कर रह सकते हैं मेहता साहब? जब
  1864. 1:24:20आप यहां लोगों की जमीन को खरीदेंगे तो यह
  1865. 1:24:23बात तो देर सवेेर पब्लिक होनी ही है।
  1866. 1:24:26शौर्य ने अपना विचार व्यक्त किया। हां,
  1867. 1:24:29मैं इस बात को [संगीत] समझता हूं। इसलिए
  1868. 1:24:32हम यह कोशिश कर रहे हैं कि एक ही बार में
  1869. 1:24:34जितनी ज्यादा से ज्यादा जमीन को एक साथ
  1870. 1:24:37रजिस्ट्री करवा पाएं, यह हमारे [संगीत]
  1871. 1:24:39लिए उतना ही अच्छा होगा। क्योंकि जैसा
  1872. 1:24:41मुझे पता चला है मेरे अलावा भी और कई लोग
  1873. 1:24:44हैं जो गुप्त [संगीत] रूप से इस काम में
  1874. 1:24:46लगे हुए हैं। शौर्य हर्षल मेहता की बात
  1875. 1:24:49सुनने के बाद भूषण जी की तरफ मुखातिब होकर
  1876. 1:24:52बोला भूषण जी हमारी किस तरह मदद कर रहे
  1877. 1:24:56हैं? भूषण जी की यहां के लोकल लोगों
  1878. 1:24:58[संगीत] में अच्छी पैड है। लेकिन कहते हैं
  1879. 1:25:01ना नेतागिरी से घर तो नहीं चलता। इसीलिए
  1880. 1:25:04इनके सहयोग के लिए हमने इनको ₹5 लाख देने
  1881. 1:25:07की बात कही है और बाद में इनको यहां एक
  1882. 1:25:09ऑफिस भी खोल कर देने की बात की है। हर्षल
  1883. 1:25:12मेहता उत्साह पूर्वक बोला तो अभी तक भूषण
  1884. 1:25:15जी ने कितनी जमीन आपके नाम करवा दी है?
  1885. 1:25:18शौर्य भूषण की तरफ देखता हुआ बोला। मैंने
  1886. 1:25:21कुछ लोगों से बात की है। जल्दी ही डील
  1887. 1:25:23फाइनल हो जाएगी। शौर्य की बात सुनकर भूषण
  1888. 1:25:26जल्दबाजी में बोला। जब बात हो रखी है तो
  1889. 1:25:29डील फाइनल हो जानी चाहिए थी ना भूषण जी?
  1890. 1:25:32यहां जितनी देर होगी उतनी देर में तो
  1891. 1:25:34दूसरी पार्टी आपसे आगे निकलकर आपसे पहले
  1892. 1:25:37वो डील कर सकती है। शौर्य भूषण की आंखों
  1893. 1:25:39में देखता हुआ बोला। शौर्य की बात सुनकर
  1894. 1:25:42भूषण शौर्य से नजरें चुराने लगा। शौर्य
  1895. 1:25:45समझ गया कि बात उतनी सीधी नहीं है जितनी
  1896. 1:25:48हर्षल मेहता समझ रहा है। भूषण को देखकर भी
  1897. 1:25:51नहीं लगता था कि वह इतना प्रभाव रखता होगा
  1898. 1:25:53कि सब कुछ उसके हिसाब से मैनेज हो सकता
  1899. 1:25:55है। शौर्य की बात सुनकर अब हर्षल मेहता के
  1900. 1:25:59चेहरे पर भी थोड़ा शक का भाव आ गया था।
  1901. 1:26:01शौर्य ने कुछ सोचा और अपनी चेयर को भूषण
  1902. 1:26:04की तरफ घुमाया और सीधा भूषण से मुखातिब
  1903. 1:26:06होकर बोला मिस्टर भूषण अगर कुछ मुश्किल आ
  1904. 1:26:10रही हो तो अच्छा यह है [संगीत] कि उस बात
  1905. 1:26:12को समय पर ही सामने ले आना चाहिए। नहीं तो
  1906. 1:26:15बाद में पछताने के अलावा हमारे पास दूसरा
  1907. 1:26:18कोई चारा नहीं रहता। [संगीत]
  1908. 1:26:19आपको कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है।
  1909. 1:26:22अपनी मुश्किलों को हमसे छुपा कर रखते
  1910. 1:26:24रहें। [संगीत] और जब मामला हाथ से निकल
  1911. 1:26:26जाएगा उसके बाद हमें पता चलेगा तो हम फिर
  1912. 1:26:29चाहकर भी कुछ नहीं कर [संगीत] पाएंगे।
  1913. 1:26:31इसलिए जो भी रोड़ा सामने हो आप उसके बारे
  1914. 1:26:34में खुलकर निसंकोच अपनी [संगीत] बात रखिए
  1915. 1:26:36ताकि हम किसी गफलत में ना रहें। शौर्य की
  1916. 1:26:39बात का प्रभाव भूषण पर पड़ा। उसके चेहरे
  1917. 1:26:42से लग रहा था कि वह कुछ कहना चाहता है पर
  1918. 1:26:44फैसला नहीं कर पा रहा कि अपनी बात कहे या
  1919. 1:26:46नहीं। शौर्य भूषण की मनस्थिति को बहुत कुछ
  1920. 1:26:49समझ पा रहा था। इसलिए उसने भूषण से पूछा।
  1921. 1:26:52एक बात बताइए भूषण जी आपके जीवन का लक्ष्य
  1922. 1:26:55क्या है जो आपने अपने लिए [संगीत] सोचा
  1923. 1:26:57है? भूषण को समझ नहीं आया कि शौर्य उससे
  1924. 1:27:00यह बात क्यों पूछ रहा है। वो असमंजस भरे
  1925. 1:27:03स्वर में बोला मेरी इच्छा है कि मैं एक
  1926. 1:27:05बार इस एरिया का विधायक बन जाऊं। मेरा
  1927. 1:27:08वर्षों का यह सपना पता नहीं कभी पूरा होगा
  1928. 1:27:11भी या नहीं। बहुत बढ़िया। आप यह बताइए कि
  1929. 1:27:15यहां का अगला इलेक्शन कब है। शौर्य भूषण
  1930. 1:27:18की बात सुनकर बोला। भूषण को शौर्य की बात
  1931. 1:27:20समझ तो नहीं आ रही थी पर फिर भी [संगीत]
  1932. 1:27:22वह बोला अगले साल यहां इलेक्शन होने वाला
  1933. 1:27:25है तो फिर ठीक है मैं आपसे वादा करता
  1934. 1:27:28[संगीत] हूं कि चाहे जैसे भी हो पर मैं
  1935. 1:27:31आपको आने वाले चुनाव में इस एरिया का
  1936. 1:27:33विधायक बनाकर रहूंगा शौर्य पूरे विश्वास
  1937. 1:27:36के साथ बोला शौर्य की बात सुनकर भूषण
  1938. 1:27:39[संगीत] के चेहरे पर हंसी आ गई वो तंज भरे
  1939. 1:27:41स्वर में बोला आप क्या चुनाव को [संगीत]
  1940. 1:27:44इतना आसान समझते हैं जो आपने कह दिया और
  1941. 1:27:47मैं जीत गया सबसे पहले तो कोई बड़ी पार्टी
  1942. 1:27:50हम जैसे छोटे लोगों को अपना उम्मीदवार ही
  1943. 1:27:52नहीं बनाती और अपने दम पर करोड़ों खर्च
  1944. 1:27:54करना हम जैसे लोगों के लिए संभव ही नहीं
  1945. 1:27:57है। इसलिए आप मुझे यह झूठी ही उम्मीद मत
  1946. 1:28:00दीजिए। मिस्टर भूषण मैं आपको कोई झूठी
  1947. 1:28:02उम्मीद नहीं दे रहा। आप मुझे बताइए कि इस
  1948. 1:28:05एरिया में लोगों का झुकाव किस पार्टी की
  1949. 1:28:08तरफ ज्यादा है? अगर मैं उस पार्टी का टिकट
  1950. 1:28:10आपको दिलवा दूं तब क्या आपको मेरी बात का
  1951. 1:28:12विश्वास होगा? शौर्य गंभीरता से बोला।
  1952. 1:28:16आपको इस जगह के बारे में कुछ नहीं पता।
  1953. 1:28:19यहां पर जनता पार्टी का वर्चस्व है और
  1954. 1:28:21उसके टिकट के लिए यहां करोड़ों की बोलियां
  1955. 1:28:24लगती हैं। तो आप यह बात तो भूल जाइए कि
  1956. 1:28:27जनता पार्टी मुझे यहां का टिकट देने वाली
  1957. 1:28:29है। भूषण अविश्वास भरे स्वर में बोला ठीक
  1958. 1:28:33है। अगर ऐसी बात है तो आपके पास जनता
  1959. 1:28:35पार्टी के उस नेता का नंबर तो होगा ही
  1960. 1:28:37जिसका टिकट बंटवारे में जोर चलता होगा।
  1961. 1:28:40क्यों ना आप अभी मेरी उनसे बात करवाते
  1962. 1:28:42हैं। शायद अभी ही आपकी बात बन जाए। शौर्य
  1963. 1:28:45पूरे कॉन्फिडेंस से बोला, [संगीत] भूषण ही
  1964. 1:28:48क्या? खुद मेनका और हर्षल मेहता को भी
  1965. 1:28:50शौर्य की बात समझ नहीं आ रही थी कि वो
  1966. 1:28:53यहां क्या करने आया और क्या बात करने लगा।
  1967. 1:28:56जनता पार्टी के टिकट बंटवारे में ज्यादा
  1968. 1:28:58जोर जयंत चौधरी की बेटी महिमा चौधरी की
  1969. 1:29:02चलती है। वो विदेश से पढ़कर आई है और उसका
  1970. 1:29:05मकसद [संगीत] इस बार अपने पापा को
  1971. 1:29:08मुख्यमंत्री बनाने का है। इसलिए वह किसी
  1972. 1:29:10का नहीं सुन रही। मैंने उनसे मिलकर बात भी
  1973. 1:29:13की थी। पर उन्होंने मजबूरी जताते हुए कहा
  1974. 1:29:15कि इस समय पार्टी को फंड [संगीत] की जरूरत
  1975. 1:29:18है। इसीलिए वह ऐसे किसी को यहां से नहीं
  1976. 1:29:20लड़ा सकती जो पार्टी की कोई आर्थिक मदद
  1977. 1:29:23करने की बात तो दूर खुद का प्रचार भी ढंग
  1978. 1:29:25से नहीं कर सकता। इसीलिए वह [संगीत] यह
  1979. 1:29:28रिस्क नहीं ले सकती। भूषण ने अपनी मजबूरी
  1980. 1:29:31बताई। शौर्य ने धैर्य से भूषण [संगीत] की
  1981. 1:29:34बात को सुना और अपने होठों पर इस नाम को
  1982. 1:29:37दोहराया। महिमा चौधरी। इतना बोलकर शौर्य
  1983. 1:29:41ने अपना मोबाइल [संगीत] निकाला और भूषण से
  1984. 1:29:43बोला, "आपके पास महिमा चौधरी का नंबर तो
  1985. 1:29:45होगा। आप मुझे उसका नंबर बताइए।" शौर्य की
  1986. 1:29:48बात सुनकर भूषण ने अपना मोबाइल निकाला और
  1987. 1:29:51उसमें से एक नंबर निकालकर शौर्य को बताया।
  1988. 1:29:54शौर्य ने उस नंबर को अपने मोबाइल पर डायल
  1989. 1:29:56किया और मोबाइल को अपने कान से लगा लिया।
  1990. 1:29:59दो-तीन रिंग जाने के बाद दूसरी तरफ से फोन
  1991. 1:30:02उठाया गया और शौर्य को एक खूबसूरत आवाज
  1992. 1:30:04सुनाई दी। हेलो कौन बोल रहा है? हेलो मिस
  1993. 1:30:08[संगीत] चौधरी आप मुझे नहीं जानती पर मुझे
  1994. 1:30:10आपका नंबर आपके एक कार्यकर्ता से मिला।
  1995. 1:30:13शायद आप उन्हें अच्छे से जानती [संगीत]
  1996. 1:30:15होंगी। उनका नाम भूषण है। शौर्य अभी आगे
  1997. 1:30:18कुछ और भी बोलता पर उससे पहले ही महिमा
  1998. 1:30:20चौधरी ने उसकी बात को काटते हुए कहा, ठीक
  1999. 1:30:23है, ठीक है। पर आप यह बताइए कि आपने मुझे
  2000. 1:30:25फोन किस लिए किया है। ऐसा है मिस [संगीत]
  2001. 1:30:28चौधरी। मुझे भूषण जी से पता चला कि आपको
  2002. 1:30:30पार्टी के लिए फंड की जरूरत है। इसलिए
  2003. 1:30:33उन्होंने मुझसे भी यह गुजारिश की थी कि
  2004. 1:30:35मैं अपनी तरफ से आपकी पार्टी को कुछ फंड
  2005. 1:30:37दूं। मैं इसके लिए तैयार भी हूं पर मैं यह
  2006. 1:30:40चाहता हूं कि आप बसंत विहार इलाके से
  2007. 1:30:42पार्टी का टिकट भूषण जी को ही दें क्योंकि
  2008. 1:30:45वह बेचारे इस क्षेत्र में जनता की [संगीत]
  2009. 1:30:47सेवा में जी जान से लगे हुए हैं। शौर्य ने
  2010. 1:30:50भूषण जी के लिए भूमिका बनाई। पर दूसरी तरफ
  2011. 1:30:52से महिमा चौधरी की रूखी आवाज आई। मिस्टर
  2012. 1:30:56आप जो भी हैं मुझे आपका नाम नहीं पता
  2013. 1:30:58[संगीत] पर आपको समझना चाहिए कि मैं यहां
  2014. 1:31:01कोई रामलीला कराने के लिए चंदा वसूल नहीं
  2015. 1:31:03कर रही। आपको समझना चाहिए इलेक्शन में
  2016. 1:31:06करोड़ों रुपए खर्च [संगीत] हो जाते हैं और
  2017. 1:31:08भूषण जी के लिए यह संभव नहीं है। आप अपनी
  2018. 1:31:11तरफ से कुछ मदद कर भी देंगे तो कितने की
  2019. 1:31:13[संगीत] होगी? वहां से जो कैंडिडेट लड़ना
  2020. 1:31:15चाहता है, वह अपनी तरफ से पार्टी फंड में
  2021. 1:31:182 करोड़ से ज्यादा ही [संगीत] मदद देने
  2022. 1:31:19वाला है। अब आप ही सोचिए कि क्या भूषण जी
  2023. 1:31:22जैसे लोग उनसे टक्कर ले पाएंगे? अगर मैं
  2024. 1:31:25उनको टिकट दे भी दूं तो वह कैसे ऐसे लोगों
  2025. 1:31:28का मुकाबला कर पाएंगे? [संगीत] 5 करोड़
  2026. 1:31:30भूषण जी के आग्रह पर मैं आपकी पार्टी को
  2027. 1:31:33अपनी तरफ से 5 करोड़ का फंड देने वाला
  2028. 1:31:35हूं। पर शर्त यही है कि आप बसंत [संगीत]
  2029. 1:31:38बिहार विधानसभा का टिकट मिस्टर भूषण को ही
  2030. 1:31:41देंगी। और मेरे ख्याल से यह बात आपकी
  2031. 1:31:43पार्टी के लिए भी अच्छी ही होगी। लोगों
  2032. 1:31:46में यह मैसेज जाएगा कि आपने एक आम इंसान
  2033. 1:31:48को भी अपनी पार्टी का टिकट दिया। अब आप
  2034. 1:31:51बताइए आपका क्या फैसला है? इतना बोलकर
  2035. 1:31:54शौर्य महिमा चौधरी के बोलने की प्रतीक्षा
  2036. 1:31:57करने लगा। वो जानना चाहता था कि अब महिमा
  2037. 1:32:00चौधरी का जवाब क्या होता है? दूसरी तरफ से
  2038. 1:32:03महिमा चौधरी के हक लाने की आवाज आई। 5
  2039. 1:32:06करोड़ आप बोल कौन रहे हैं? क्या आप मजाक
  2040. 1:32:09कर रहे हैं? जी नहीं बिल्कुल नहीं। अगर आप
  2041. 1:32:13भूषण जी को बसंत विहार विधानसभा से टिकट
  2042. 1:32:15देने के लिए तैयार हैं तो मैं अभी 5 से 10
  2043. 1:32:18मिनट के अंदर आपकी पार्टी फंड में 5 करोड़
  2044. 1:32:21ट्रांसफर करने के लिए तैयार हूं। वैसे मैं
  2045. 1:32:24आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मेरा नाम
  2046. 1:32:26शौर्य है। यह बोलते हुए शौर्य के चेहरे पर
  2047. 1:32:29मुस्कान आ गई। वह समझ गया था कि अब महिमा
  2048. 1:32:32चौधरी मना नहीं कर पाएंगी। शौर्य फोन पर
  2049. 1:32:35महिमा चौधरी की हां सुनने की प्रतीक्षा
  2050. 1:32:37करने लगा। उसे पूरा विश्वास [संगीत] था कि
  2051. 1:32:40अभी महिमा चौधरी की आवाज आएगी कि वह भूषण
  2052. 1:32:43जी को टिकट देने के लिए तैयार हैं। पर
  2053. 1:32:45अगले ही पल उसने देखा दूसरी तरफ से उसका
  2054. 1:32:48फोन काट दिया गया। शौर्य अविश्वास भरी
  2055. 1:32:51नजरों से फोन की तरफ देखने लगा। उसे
  2056. 1:32:54विश्वास नहीं हो रहा था कि महिमा चौधरी ने
  2057. 1:32:56बिना उसको कोई जवाब दिए उसका फोन काट
  2058. 1:32:59दिया। महिमा चौधरी के फोन काटने से शौर्य
  2059. 1:33:03को थोड़ी शर्मिंदगीगी भी हुई। उसने ऐसा तो
  2060. 1:33:06नहीं सोचा था। भूषण और हर्षल मेहता भी फटी
  2061. 1:33:10आंखों से शौर्य को देखने लगे क्योंकि जिस
  2062. 1:33:12तरह से शौर्य बात कर रहा था उसको देखकर उस
  2063. 1:33:16समय उन दोनों ने भी नहीं सोचा था कि महिमा
  2064. 1:33:19चौधरी का रिएक्शन ऐसा होगा। शौर्य अभी
  2065. 1:33:22भूषण को जवाब देने के लिए खुद को तैयार कर
  2066. 1:33:25ही रहा था कि तभी उसके मोबाइल में मैसेज
  2067. 1:33:28आने की आवाज आई। शौर्य ने मैसेज को ओपन
  2068. 1:33:31किया तो देखा यह मैसेज एक नए नंबर से आया
  2069. 1:33:34था।
  2070. 1:33:34[संगीत]
  2071. 1:33:34उसमें एक करंट अकाउंट का नंबर था और साथ
  2072. 1:33:37में एक लाइन भी लिखा हुआ था। पेमेंट
  2073. 1:33:40ट्रांसफर करने के बाद फोन करें। आपका काम
  2074. 1:33:43हो जाएगा। मैसेज को पढ़कर शौर्य के चेहरे
  2075. 1:33:46पर मुस्कान आ गई। उसने मोबाइल का स्क्रीन
  2076. 1:33:49भूषण के सामने किया और बोला लो आ गया आपकी
  2077. 1:33:52मैम का मैसेज। यह तो बड़ी शातिर लड़की है।
  2078. 1:33:56हर्षल मेहता उस मैसेज को देखने के बाद
  2079. 1:33:58बोले। फिर उन्होंने शौर्य से पूछा आपका
  2080. 1:34:01क्या इरादा है? क्या आप सच में इसको पैसे
  2081. 1:34:04ट्रांसफर करने वाले हैं? हर्षल मेहता की
  2082. 1:34:07बात सुनकर [संगीत] शौर्य मुस्कुराते हुए
  2083. 1:34:09बोला, तो और क्या आप क्या समझ रहे हैं कि
  2084. 1:34:12मैं अभी तक महिमा चौधरी के साथ मजाक कर
  2085. 1:34:15रहा था? तो क्या आप सच में महिमा चौधरी के
  2086. 1:34:18अकाउंट में 5 करोड़ ट्रांसफर करने वाले
  2087. 1:34:20हैं? भूषण भी अविश्वास पूर्ण स्वर में
  2088. 1:34:22बोला। भूषण विश्वास करता भी तो कैसे? वो
  2089. 1:34:26तो थोड़ी देर पहले [संगीत] तक शौर्य को
  2090. 1:34:28जानता पीना बात भी नहीं था। लेकिन उसके
  2091. 1:34:30लिए पहले ही उस एरिया के विधानसभा का टिकट
  2092. 1:34:32खरीदने जा रहा था। शौर्य ने भूषण को कोई
  2093. 1:34:36जवाब नहीं दिया। [संगीत] उसने अपने मोबाइल
  2094. 1:34:38का मैसेज विक्रम को फॉरवर्ड किया और उसको
  2095. 1:34:40फोन लगाया। दूसरी तरफ से विक्रम के फोन
  2096. 1:34:43उठाने के बाद शौर्य बोला अभी मैंने तुमको
  2097. 1:34:46एक अकाउंट नंबर भेजा है। उसमें अभी के अभी
  2098. 1:34:48₹5 करोड़ ट्रांसफर करके उसकी रिसीप्ट मेरे
  2099. 1:34:51पास भेजो। इतना कहकर उसने [संगीत] फोन काट
  2100. 1:34:54दिया और वह विक्रम के मैसेज का इंतजार
  2101. 1:34:56करने लगा। अब तक सभी चुपचाप शौर्य को
  2102. 1:34:59देखते [संगीत] रहे। वैसे यहां पर किसी को
  2103. 1:35:02भी शौर्य का यह सब करने के पीछे का मकसद
  2104. 1:35:04समझ में नहीं आ रहा था। पर सभी इस
  2105. 1:35:07उत्सुकता में शांत बैठे हुए थे कि शौर्य
  2106. 1:35:09खुद ही बताएगा कि वह यह सब क्यों कर रहा
  2107. 1:35:12है। थोड़ी देर बाद ही शौर्य के पास विक्रम
  2108. 1:35:15का मैसेज आ गया। शौर्य ने मैसेज को महिमा
  2109. 1:35:18चौधरी को फॉरवर्ड किया और उसके बाद उसको
  2110. 1:35:20फोन लगाया। इस बार एक रिंग पर ही दूसरी
  2111. 1:35:23तरफ से फोन उठा लिया गया। हां तो मिस
  2112. 1:35:26चौधरी आपने अब तक पेमेंट की रिसीप्ट देख
  2113. 1:35:29ली होगी। अब आप बताइए आपका क्या फैसला है?
  2114. 1:35:32शौर्य गंभीरता से बोला [संगीत]
  2115. 1:35:35कमाल है मिस्टर शौर्य। मैंने पहली बार आप
  2116. 1:35:38जैसा कोई आदमी देखा है जिसने बिना किसी
  2117. 1:35:40लाग लपेट के अपनी बात कही और बिना कोई
  2118. 1:35:43भूमिका बनाए [संगीत] अपनी बात पर अमल
  2119. 1:35:45किया। मैं आपसे यही कहूंगी कि जैसा आप
  2120. 1:35:48चाहते [संगीत] हैं वैसा ही होगा। इस बार
  2121. 1:35:50का बसंत बिहार विधानसभा का उम्मीदवार
  2122. 1:35:53हमारी पार्टी की तरफ से भूषण ही होगा। आप
  2123. 1:35:56उसको बोल दीजिएगा वो कल आकर मुझसे मिल
  2124. 1:35:58लेगा। [संगीत] वैसे कभी मौका मिलेगा तो
  2125. 1:36:01मैं आपसे भी मिलना चाहूंगी। साफ नजर
  2126. 1:36:04[संगीत] आ रहा था कि महिमा चौधरी शौर्य से
  2127. 1:36:06खासा प्रभावित थी। जरूर क्यों [संगीत]
  2128. 1:36:09नहीं? कभी समय मिला तो मैं खुद आपसे मिलना
  2129. 1:36:12चाहूंगा। शौर्य ने भी सादगी से जवाब दिया।
  2130. 1:36:16इसके बाद शौर्य ने फोन काट दिया और भूषण
  2131. 1:36:19की तरफ मुड़कर बोला हां जी भूषण जी मैंने
  2132. 1:36:22आपका काम कर दिया। इस बार बसंत बिहार
  2133. 1:36:25[संगीत] विधानसभा से जनता पार्टी के
  2134. 1:36:27उम्मीदवार आप ही होने वाले हैं। अब आप
  2135. 1:36:30मुझे ईमानदारी [संगीत] से यह बताइए कि
  2136. 1:36:32आपने अभी तक हमारे लिए क्या किया है?
  2137. 1:36:35शौर्य का सीधा सवाल सुनकर भूषण जी के
  2138. 1:36:38चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी। वो खुद को
  2139. 1:36:40नियंत्रित कर बोला। मेरी बात कुछ लोगों से
  2140. 1:36:43हुई थी। डील भी लगभग फाइनल ही था। लेकिन
  2141. 1:36:46कल बीच में दिनकर पोतदार आ गया और उसने
  2142. 1:36:49हमारी सारी बात बिगाड़ दी। आपकी ही तरह एक
  2143. 1:36:52दूसरी पार्टी है धर्मवीर रायजादा जिसके
  2144. 1:36:55लिए दिनकर भी [संगीत] इस इलाके में
  2145. 1:36:56फील्डिंग कर रहा है। भूषण जी की बात सुनकर
  2146. 1:37:00शौर्य ने हर्षल मेहता की तरफ देखा। हर्षल
  2147. 1:37:03मेहता भी आश्चर्य से भूषण की ओर देख रहे
  2148. 1:37:05थे। जैसे ही भूषण की [संगीत] बात समाप्त
  2149. 1:37:08हुई, हर्षल मेहता ने उससे पूछा। अगर ऐसी
  2150. 1:37:11बात थी तो तुमने हमें पहले क्यों नहीं
  2151. 1:37:13[संगीत] बताया? दरअसल अभी मैं अपनी कोशिश
  2152. 1:37:16में लगा हुआ हूं। मैंने अभी तक हार नहीं
  2153. 1:37:19मानी इसलिए मैंने आपसे नहीं बताया। भूषण
  2154. 1:37:22अपनी सफाई [संगीत] देता हुआ बोला। भूषण जी
  2155. 1:37:25की बात सुनकर शौर्य मुस्कुराने लगा और
  2156. 1:37:27बोला आपने सोचा है भूषण जी अगर आपकी कोशिश
  2157. 1:37:31कामयाब [संगीत] नहीं हुई तो फिर क्या
  2158. 1:37:33होगा? शौर्य की बात सुनकर भूषण जी बगले
  2159. 1:37:36झांकने लगे। भूषण को आंख चुराते देखकर
  2160. 1:37:39शौर्य बोला उस स्थिति में हम चाहकर भी
  2161. 1:37:42दोबारा उस जमीन को नहीं पा सकते हैं।
  2162. 1:37:44इसीलिए मैं आपसे कहना चाहता हूं कि आपके
  2163. 1:37:47सामने जो भी मुश्किल हालात आए आप उसके
  2164. 1:37:50बारे में हमें जरूर इनफॉर्म करें ताकि हम
  2165. 1:37:52उसके लिए कोई दूसरा रास्ता सोच सकें। आपको
  2166. 1:37:55कुछ भी साबित करने की कोई जरूरत नहीं है।
  2167. 1:37:58बस सही समय पर [संगीत] सही जानकारी आप
  2168. 1:38:00हमारे सामने लाते रहे ताकि हम उससे पार
  2169. 1:38:03पाने के लिए कोई और रास्ता देख सकें।
  2170. 1:38:06ठीक है। मैं आगे से इस बात का ध्यान
  2171. 1:38:08रखूंगा। भूषण जी संभलकर बोला, ठीक है।
  2172. 1:38:12[संगीत] अब आप मुझे दिनकर पोदार के बारे
  2173. 1:38:14में बताइए और उसकी क्या पृष्ठभूमि है उसके
  2174. 1:38:16बारे में भी।
  2175. 1:38:17[संगीत]
  2176. 1:38:17शौर्य मतलब की बात पर आते हुए बोला, दिनकर
  2177. 1:38:21पोदार भी हमारी तरह नेतागिरी करता है। पर
  2178. 1:38:23इस समय वह विधान परिषद का सदस्य है। इसलिए
  2179. 1:38:26उसकी हैसियत इस इलाके में मुझसे थोड़ी
  2180. 1:38:28बेहतर [संगीत] है। इसलिए कुछ लोगों पर
  2181. 1:38:30उसका प्रभाव भी पड़ता है। मुझे जैसा पता
  2182. 1:38:33चला है उस हिसाब से धर्मवीर रायजादा ने
  2183. 1:38:35उसे कमीशन बेस पर अपने लिए काम करने को
  2184. 1:38:38हायर किया है। अभी मेरे पास उसकी इतनी ही
  2185. 1:38:40जानकारी है। भूषण जी थोड़ा शर्मिंदा भाव
  2186. 1:38:43में बोले। आपके पास दिनकर पोदार का नंबर
  2187. 1:38:46है क्या? शौर्य भूषण को गहरी नजरों से
  2188. 1:38:49देखते हुए बोला, "हां। भूषण जी [संगीत] ने
  2189. 1:38:52सीधा जवाब दिया। क्या आप अभी दिनकर पोदार
  2190. 1:38:55को यहां बुला सकते हैं?" शौर्य ने अगला
  2191. 1:38:58सवाल किया। बुला तो सकता हूं पर उससे
  2192. 1:39:00[संगीत] बोलूंगा क्या? भूषण जी असमंजस भरे
  2193. 1:39:03स्वर में बोले। आप बस फोन लगाकर [संगीत]
  2194. 1:39:06मुझे दीजिए। बाकी बात मैं कर लूंगा। शौर्य
  2195. 1:39:09बिना किसी लाग लपेट के बोला। हर्षल मेहता
  2196. 1:39:12और मेनका चुपचाप शौर्य और भूषण की बात को
  2197. 1:39:15सुन रहे थे। दोनों की समझ में नहीं आ रहा
  2198. 1:39:17था कि शौर्य आखिर करने क्या वाला है। पर
  2199. 1:39:19[संगीत] उन्होंने बीच में कुछ नहीं बोला।
  2200. 1:39:22दूसरी तरफ भूषण जी ने दिनकर पोतदार को फोन
  2201. 1:39:24लगाया। दो-तीन रिंग के बाद ही दिनकर
  2202. 1:39:27पोतदार ने फोन उठाया बोला। अरे भूषण जी
  2203. 1:39:30कहिए कैसे याद किया? दिनकर जी [संगीत]
  2204. 1:39:33हमारे बॉस आपसे बात करना चाहते हैं। भूषण
  2205. 1:39:36ने जवाब दिया आपके बॉस पर वह मुझसे क्या
  2206. 1:39:39[संगीत] चाहते हैं? दिनकर पोतदार
  2207. 1:39:41अनिश्चितता में बोला। शौर्य ने बिना पूछे
  2208. 1:39:44भूषण जी के हाथ से उनका मोबाइल ले लिया और
  2209. 1:39:46बोला, मिस्टर दिनकर मेरा नाम शौर्य है।
  2210. 1:39:50मैं अभी आपसे मिलना चाहता हूं। मैं आपको
  2211. 1:39:53यकीन दिलाता हूं कि मुझसे मिलकर आपको
  2212. 1:39:55निराशा नहीं होगी। शौर्य की [संगीत]
  2213. 1:39:57कॉन्फिडेंस भरी बात सुनकर दिनकर पोदार कुछ
  2214. 1:40:00पल के लिए खामोश हो गया। फिर कुछ सोच कर
  2215. 1:40:02बोला, ठीक है, मैं अभी आपके पास आता हूं।
  2216. 1:40:06ठीक है, मैं आपका इंतजार कर रहा हूं। बाकी
  2217. 1:40:09कहां पर आना है यह आपको भूषण जी बता
  2218. 1:40:12देंगे। इतना कहकर शौर्य ने मोबाइल भूषण जी
  2219. 1:40:15की तरफ बढ़ा दिया। भूषण जी ने दिनकर पोदार
  2220. 1:40:18को यहां का पता नोट कराने के बाद फोन काट
  2221. 1:40:20दिया। भूषण जी के फोन रखने के बाद शौर्य
  2222. 1:40:23[संगीत] हर्षल मेहता से बोला मेहता साहब
  2223. 1:40:26क्या आपने जमीन रजिस्ट्री के लिए पेपर
  2224. 1:40:28वगैरह तैयार करवा लिए हैं? [संगीत] हर्षल
  2225. 1:40:30मेहता को उम्मीद नहीं था कि शौर्य
  2226. 1:40:32रजिस्ट्री पेपर के बारे में पूछेगा। इसलिए
  2227. 1:40:35उन्होंने कहा हां मैंने कुछ पेपर तैयार तो
  2228. 1:40:38करवा लिए हैं पर [संगीत] अभी उसकी क्या
  2229. 1:40:40जरूरत है अगर आपने पेपर तैयार करवा रखे
  2230. 1:40:43हैं तो ऐसा कीजिए आप वह पेपर अभी यहां
  2231. 1:40:45मंगवा लीजिए और साथ में जो पेपर तैयार
  2232. 1:40:48होगा उसके लिए आप उस आदमी को भी बुला
  2233. 1:40:50लीजिए जो [संगीत] सारा डिटेल नोट कर पाएं
  2234. 1:40:52क्योंकि आज आपको बहुत काम करवाना पड़ सकता
  2235. 1:40:55है। शौर्य पूरे विश्वास [संगीत] के साथ
  2236. 1:40:57बोला हर्षल मेहता आश्चर्य से शौर्य को देख
  2237. 1:41:00रहे थे। उन्हें विश्वास [संगीत] नहीं हो
  2238. 1:41:02रहा था कि शौर्य को इतना कॉन्फिडेंस कहां
  2239. 1:41:04से आ रहा है। पर जो भी हो अब उन्हें
  2240. 1:41:07विश्वास होने लगा था कि शौर्य कुछ भी कर
  2241. 1:41:09सकता है। अब उन्हें अपने फैसले पर गर्व हो
  2242. 1:41:12रहा था जो उन्होंने अपनी [संगीत] कंपनी का
  2243. 1:41:14पूरा शेयर नहीं बेचा था और अब शौर्य के
  2244. 1:41:16साथ वह डम्स डेवलपर के प्रोजेक्ट में भी
  2245. 1:41:18साझीदार हो गए थे। हर्षल मेहता ने कुछ
  2246. 1:41:21जरूरी कॉल [संगीत] किया और सारा अरेंजमेंट
  2247. 1:41:23करने के बाद शौर्य से बोला आधे घंटे में
  2248. 1:41:26रजिस्ट्री के पेपर के साथ रजिस्ट्री
  2249. 1:41:28[संगीत] की प्रक्रिया पूरी करने वाले लोग
  2250. 1:41:30आ जाएंगे। बहुत बढ़िया आइए जब तक यह लोग
  2251. 1:41:34आते हैं तब तक यहां बाहर का नजारा देख
  2252. 1:41:36लिया जाए। [संगीत] इतना कहकर शौर्य अपनी
  2253. 1:41:39जगह पर खड़ा हो गया। शौर्य की देखादेखी
  2254. 1:41:43मेनका, भूषण जी और हर्षल मेहता भी अपनी
  2255. 1:41:46जगह पर खड़े हो गए। सभी उस ऑफिस से बाहर
  2256. 1:41:50आए। शौर्य ने देखा कि प्राकृतिक दृष्टि से
  2257. 1:41:54यह [संगीत] जगह बहुत ही खूबसूरत थी। शौर्य
  2258. 1:41:57ने देखा कि उससे कुछ दूरी पर एक छोटी
  2259. 1:42:00पहाड़ी थी और उस छोटी पहाड़ी से ही सटी
  2260. 1:42:04हुई उससे अलग उससे थोड़ी बड़ी पहाड़ी थी।
  2261. 1:42:08जिसकी चोटी पर शौर्य को एक मंदिर दिखाई
  2262. 1:42:11दिया। इस छोटी पहाड़ी की जमीन भी तो बिकाऊ
  2263. 1:42:14होगी मेहता साहब। शौर्य हर्षल मेहता को
  2264. 1:42:17इशारा करते हुए बोला, बिकाऊ तो होगी पर उस
  2265. 1:42:21पहाड़ी पर जमीन लेने का फायदा क्या है?
  2266. 1:42:23हर्षल मेहता अनच्छा [संगीत] से बोला, अभी
  2267. 1:42:26आप नफा नुकसान मत देखिए। जितना मैंने कहा
  2268. 1:42:30है उसकी तरफ ध्यान दीजिए। मुझे इस सामने
  2269. 1:42:33वाली पहाड़ी की चोटी पर की जमीन चाहिए और
  2270. 1:42:36साथ में उस बड़ी वाली पहाड़ी जिस पर कि एक
  2271. 1:42:38मंदिर नजर आ रहा है, उसकी चोटी पर की जमीन
  2272. 1:42:41भी चाहिए। अभी इस ओर किसी का ध्यान भी
  2273. 1:42:44नहीं होगा। इसीलिए मुझे [संगीत] नहीं लगता
  2274. 1:42:46कि इस पहाड़ी वाली जमीन को लेने में कोई
  2275. 1:42:49परेशानी भी आएगी। इस बारे में आपका क्या
  2276. 1:42:52ख्याल है भूषण जी? शौर्य अचानक भूषण जी से
  2277. 1:42:55पूछ बैठा। भूषण जी इस इलाके से अच्छी तरह
  2278. 1:42:58वाकिफ था। उसे भी लगा कि इस मामले में उसे
  2279. 1:43:01ज्यादा दिक्कत नहीं होगी [संगीत] इन
  2280. 1:43:03पहाड़ी जमीनों को लेने में। इसीलिए इस बार
  2281. 1:43:06वह पूरे कॉन्फिडेंस के साथ बोला। इस जमीन
  2282. 1:43:09को लेने में ज्यादा मुश्किल नहीं आनी
  2283. 1:43:11चाहिए मिस्टर शौर्य। तभी शौर्य ने देखा कि
  2284. 1:43:14उसके ऑफिस के करीब आकर एक कार रुकी। कार
  2285. 1:43:18में से [संगीत] एक 50 साल के दरमियान एक
  2286. 1:43:19कद का शख्स बाहर आया जो कि कोई और नहीं
  2287. 1:43:22दिनकर पोतदार था। भूषण जी लपक कर दिनकर
  2288. 1:43:26पोतदार के पास पहुंचा और उनको साथ लेकर
  2289. 1:43:29ऑफिस के अंदर चला गया। उनके पीछे-पीछे
  2290. 1:43:31मेनका और हर्षल मेहता भी ऑफिस के अंदर आ
  2291. 1:43:34गए। अब आगे क्या होगा? क्या सच में शौर्य
  2292. 1:43:38आज रजिस्ट्री करवा पाएगा?

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