My begger husband episode 121 to 140 — Transcript
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- 0:00नमस्कार दोस्तों, आपका स्वागत है आपके
- 0:03अपने चैनल ऑडियो स्टोरी वर्ल्ड में। यहां
- 0:07आपको सुनने को मिलेंगी ऐसी दमदार ऑडियो
- 0:10स्टोरीज जो आपके दिल को छू जाएंगी।
- 0:13रोमांस, सस्पेंस, फैमिली ड्रामा, एक्शन,
- 0:17इमोशन और जबरदस्त ट्विस्ट से भरी कहानियां
- 0:20जो आपको शुरू से अंत तक बांधे रखेंगी। हर
- 0:24कहानी में मिलेगा नया रोमांच, नए किरदार
- 0:27और ऐसे मोड़ जिनकी आपने कभी कल्पना भी
- 0:30नहीं की होगी। अगर आपको ऑडियो स्टोरीज
- 0:33सुनना पसंद है तो आपने बिल्कुल सही चैनल
- 0:36चुना है। वीडियो शुरू करने से पहले हमारे
- 0:40चैनल को सब्सक्राइब करें। बेल आइकन दबाएं
- 0:43और वीडियो को लाइक व शेयर करना बिल्कुल ना
- 0:45भूलें। तो तैयार हो जाइए एक नई और रोमांचक
- 0:49कहानी की दुनिया में खो जाने के लिए। चलिए
- 0:52शुरू करते हैं सिर्फ ऑडियो स्टोरी वर्ल्ड
- 0:55पर। शिप्रा मेघना के साथ सदर बाजार से
- 0:59अपने घर के लिए निकल गई। वह अपने घर को
- 1:01निकलने से पहले मेघा को फोन की और उसे बता
- 1:05दिया कि उसने कुछ सामान खरीदा है। वह उसे
- 1:08उसके द्वारा चूज किए गए रूम में रखवा दे।
- 1:11मेघा को भी यह जानकर खुशी हुई कि शायद
- 1:14जल्दी ही शिप्रा खुद भी वहां रहने के लिए
- 1:16आ जाए। उसने शिप्रा को आश्वस्त किया कि वह
- 1:19रूम को अच्छे से सेट करवा देगी। इसके बाद
- 1:22शिप्रा अपने घर के लिए निकल गई। वह जल्दी
- 1:25से जल्दी अपने दादाजी को उनका दिया हुआ
- 1:28पैसा वापस करना चाहती थी। देखा जाए तो यह
- 1:32एक तरह से उसका अपने दादाजी के प्रति
- 1:34विद्रोह ही था। क्योंकि उसके दादाजी का
- 1:36मकसद शिप्रा से पैसे वापस लेने का नहीं
- 1:39था। बल्कि शिप्रा को विहान से शादी करने
- 1:41के लिए मजबूर करने का था। पर शिप्रा ने
- 1:44निश्चय कर लिया कि वह अपने दादाजी के
- 1:47ब्लैकमेल के सामने झुकेगी नहीं। वह थोड़ी
- 1:50देर में अपने घर पहुंच गई। शिप्रा को
- 1:52डाइनिंग रूम में ही राजदीप जी और बिना जी
- 1:55बैठे हुए नजर आ गए थे। शिप्रा को देखकर
- 1:58राजदीप जी ने उत्सुकता बस पूछा क्या रहा?
- 2:02कैसा रहा मीटिंग? मोहित रैना के साथ कुछ
- 2:04काम बना। मैंने अपनी कंपनी भेज दी। बाबा
- 2:07मैं अभी दादा जी को उनका पैसा ब्याज के
- 2:09साथ वापस कर दूंगी। शिप्रा राजदीप जी के
- 2:12सामने सोफे पर बैठती हुई बोली। बीना जी
- 2:14शिप्रा की बात सुनकर हैरान रह गई। उन्हें
- 2:17इतना कुछ पता नहीं था कि आज शिप्रा का
- 2:20उसके दादाजी के साथ क्या बात हुई थी और
- 2:23शिप्रा ने अपनी कंपनी बेचने का निर्णय
- 2:25क्यों ले लिया। अभी तक राजदीप जी भी श्योर
- 2:28नहीं थे कि शिप्रा अपनी कंपनी को बेच ही
- 2:31देगी। उनके तो दिमाग में था कि अगर वह
- 2:34कंपनी बेचना भी चाहेगी तो इतनी जल्दी तो
- 2:36कोई बायर मिलने से रहा और हो सकता है एक
- 2:39दो दिनों में बलवंत राय भी अपनी जिद छोड़
- 2:41दे। इसलिए मामला शांत होने की भी संभावना
- 2:44है। पर शिप्रा ने जल्दबाजी दिखाई। वह
- 2:48हैरान स्वर में बोली तुम तो मोहित रैना से
- 2:51बात करने के लिए गई थी। फिर यह कंपनी
- 2:53किसको भेजती? राजदीप जी की बात सुनकर
- 2:56शिप्रा ने मोहित रैना के साथ हुई अपनी
- 2:58बातों के बारे में बताया और यह भी बताया
- 3:00कि उसने मोहित रैना को ही अपनी कंपनी बेच
- 3:04दी। ऑलरेडी उसके पास एडवांस के 60 करोड़
- 3:07भी आ गए थे। जैसे ही राजदीप जी ने यह सुना
- 3:10कि अब कुछ नहीं हो सकता। वह सोफे पर निढाल
- 3:14से हो गए। जबकि बिना जी के चेहरे को देखकर
- 3:16लग रहा था कि वह किसी शौक में चली गई हो।
- 3:19वह उदास स्वर में बोली, तुम्हें क्या
- 3:22जरूरत थी अपनी कंपनी बेचने की? कितनी
- 3:24मेहनत से तुमने इसे खड़ा किया था। एक बार
- 3:27भी नहीं सोचा। बिना जी के उदास चेहरे को
- 3:29देखकर शिप्रा बोली, मैं कुछ समय में ही
- 3:32खुद को फिर से खड़ा कर लूंगी। पर मैं दादा
- 3:34जी के प्रेशर के सामने नहीं झुकूंगी। वैसे
- 3:37भी मैं इतनी लायक हूं कि मैं कोशिश करूंगी
- 3:40तो किसी अच्छी कंपनी में कोई अच्छा जॉब
- 3:43मिल जाएगा। इसलिए आपको मेरी चिंता करने की
- 3:46कोई जरूरत नहीं है। जब हालात ठीक हो
- 3:49जाएंगे तो फिर देखूंगी कि फिर से कोई नया
- 3:52स्टार्टअप शुरू करूं। क्या फिर से कोई नया
- 3:54स्टार्टअप शुरू करना इतना आसान है? लोगों
- 3:57को बरसों लग जाते हैं किसी ब्रांड को
- 3:59एस्टैब्लिश करने में और तुमने अपने अच्छे
- 4:02भले एस्टैब्लिश ब्रांड को बेच दिया। मुझे
- 4:05तो समझ नहीं आ रहा है कि तुमने यह कौन सी
- 4:07जिद पाल ली है। आखिर ऐसा क्या है उस
- 4:10भिखारी में जो तुम उसे तलाक देने को तैयार
- 4:12नहीं हो। बिना जी गुस्से में बोली मेरे
- 4:16श्रवण को तलाक देने से भी बात कहां बन रही
- 4:18थी मां दादा जी की तो जिद है कि वह मेरी
- 4:21शादी विहान से कराना चाहते हैं जो कि मैं
- 4:23किसी भी सूरत में नहीं कर सकती अगर सिर्फ
- 4:26मेरे तलाक लेने की बात होती तो उसके लिए
- 4:28तो मैं एक बार भी मना नहीं करता पर शादी
- 4:32वह अब मैं दोबारा कभी नहीं करूंगी शिप्रा
- 4:36जिद भरे स्वर में बोली बीना जी इस बात से
- 4:38अनजान थी कि शिप्रा के दादाजी ने शिप्रा
- 4:41की शादी विहान से दोबारा करवाने की जिद
- 4:44ठान ली थी। इस बात को जानने के बाद वह
- 4:47राजदीप जी की तरफ देखने लगी और उनसे
- 4:50कंफर्म करने के लिए बोली क्या शिप्रा जो
- 4:52कह रही है वह सच है? राजदीप जी अपनी सहमति
- 4:56जताते हुए बोले पिताजी चाहते हैं कि
- 4:58शिप्रा दोबारा विहान से शादी कर ले। तो
- 5:01इसमें बुराई क्या है? अगर देखा जाए तो
- 5:04विहान श्रवण से तो लाख गुना अच्छा है। उन
- 5:07दोनों की हैसियत में जमीन आसमान का अंतर
- 5:10है। और वैसे भी तो तुम पहले विहान से शादी
- 5:12करने जा ही रही थी तो अब क्या दिक्कत है?
- 5:15बीना जी अपनी बात पर जोर देते हुए बोली
- 5:18शिप्रा को अपनी मां की बात सुनकर आश्चर्य
- 5:20हुआ। वह बेबसी में बोली यह तुम कह रही हो
- 5:24मां जिसने खुद श्रवण से कहा था कि वह शादी
- 5:28के लिए तैयार हो जाए क्योंकि उस समय
- 5:30तुम्हारे बेटे के गले पर चाकू रखा हुआ था।
- 5:33तब तुम्हारी विनती पर ही श्रवण मुझसे शादी
- 5:36करने के लिए तैयार हुआ था। और अब उस
- 5:38भगोड़े की वकालत कर रही हो जो मुसीबत आने
- 5:41पर सबसे पहले मुझे मुसीबत में छोड़कर भाग
- 5:44गया था। यह तुम कैसे कर सकती हो मां?
- 5:48शिप्रा की बात सुनकर बिना जी ने अपना सर
- 5:50नीचे कर लिया। उनसे अब कुछ बोलते नहीं
- 5:53बना। पर तभी राजदीप जी बोले तुम अपनी जगह
- 5:56सही हो बेटी। पर तुम्हें समझना चाहिए कि
- 5:59हम लोगों का जो सामाजिक दायरा है उसमें
- 6:02श्रवण कहीं फिट नहीं होता। इसलिए हमें
- 6:04अपने सोशल स्टेटस को देखना पड़ता है। आप
- 6:06किस जमाने की बात कर रहे हैं पापा? अगर
- 6:09आपको अपने सोशल स्टेटस को ही देखना है या
- 6:12दादाजी को ही उनके सोशल स्टेटस की पड़ी
- 6:14होती तो वह सिर्फ इस बात से भी तैयार हो
- 6:17जाते कि मैं शौर्य से तलाक ले लेती। लेकिन
- 6:21मेरी शादी विहान से कराने की जिद का क्या
- 6:24मतलब हुआ? अगर आप भी ऐसा चाहते हैं पापा
- 6:27तो माफ कीजिएगा। मैं इस बात के लिए कभी भी
- 6:30तैयार नहीं हो सकती। जहां तक शादी की बात
- 6:32थी वह मेरी एक बार हो गई। अब श्रवण से
- 6:35तलाक के बाद भी मैं दोबारा कभी शादी नहीं
- 6:38करूंगी। यह बात आप कांठ बांध लीजिए और मैं
- 6:41चाहूंगी कि आप दोबारा मुझे इसके लिए कभी
- 6:43प्रेशराइज भी ना करें। शिप्रा मजबूत
- 6:46इरादों के साथ बोली। राजदीप जी समझ गए कि
- 6:49शिप्रा से अब कुछ भी कहने का कोई फायदा
- 6:51नहीं है। इसलिए अब वह यह भी नहीं चाहते थे
- 6:54कि शिप्रा शौर्य से तलाक ले। शिप्रा के
- 6:58स्पष्ट इरादों को जानकर बिना जी ने भी
- 7:00दोबारा उसे कुछ नहीं कहा। मौसा जी आपको भी
- 7:03शिप्रा से अब कम से कम विहान से शादी के
- 7:06लिए जिद नहीं करनी चाहिए क्योंकि सही
- 7:08मायने में वह इस लायक नहीं है कि शिप्रा
- 7:11विहान से शादी करें जो आपके मुसीबत के
- 7:14वक्त पीठ दिखा दे उससे कोई भी लड़की शादी
- 7:17करना नहीं चाहेगी। मेघना ने भी अपने विचार
- 7:21को राजदीप जी के सामने व्यक्त किया। मैं
- 7:23समझता हूं बेटी मैं खुद भी ऐसा नहीं चाहता
- 7:26पर मैं पिताजी के कारण कुछ बोल नहीं पा
- 7:28रहा। राजदीप जी ने अभी इतना कहा ही था कि
- 7:31तभी मेन गेट पर किसी की दस्तक सुनाई दिया।
- 7:34यह जानकर कि कोई दरवाजे पर खड़ा है। सभी
- 7:37एक दूसरे की तरफ देखने लगे। तभी मेघना
- 7:40अपनी जगह से उठी और जाकर मेन गेट को खोल
- 7:42दिया। उसने देखा उसके सामने बलवंत राय के
- 7:45साथ धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा
- 7:48दोनों खड़े थे। राजदीप जी भी मेघा के
- 7:51पीछेछे दरवाजे पर पहुंच गए थे। उन्होंने
- 7:54जब बलवंत राय को दरवाजे पर खड़े देखा तो
- 7:56वह आश्चर्य से बोले पिताजी आप फिर उनकी
- 7:59निगाह धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा
- 8:02पर भी पड़ी। उनके माथे में ठंड का सा हुआ
- 8:05कि उसके पिताजी को कल तक इंतजार भी नहीं
- 8:08किया गया और वह धर्मवीर रायजादा और विहान
- 8:11रायजादा को लेकर उसके घर आ गए हैं। राजदीप
- 8:14जी दरवाजे के सामने से हटते हुए उन सबको
- 8:16अंदर आने का इशारा किया। बलवंत राय,
- 8:19धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा के साथ
- 8:22डाइनिंग हॉल में आए और सोफे पर बैठे गए।
- 8:24उन्होंने जब सबको यहां मौजूद देखा तो वह
- 8:27अपने होठों पर हल्की मुस्कान लिए हुए
- 8:29बोले, चलो यह अच्छा है कि तुम सब यहीं हो।
- 8:33इसलिए एक साथ ही सबसे बात हो जाएगी।
- 8:36शिप्रा अपने दादाजी के साथ धर्मवीर
- 8:38रायजादा और विहान रायजादा को देखकर गुस्से
- 8:41से लाल ही गई थी। उसे उम्मीद नहीं था कि
- 8:44यह लोग इतने बेशर्म निकलेंगे कि उसके घर
- 8:47भी आ जाएंगे। शिप्रा ने अपनी तरफ से कुछ
- 8:49नहीं कहा। वह इंतजार करती रही कि सामने से
- 8:52कुछ ना कुछ जरूर उससे बोला जाएगा। बलवंत
- 8:56राय बात की शुरुआत करते हुए बोले देखो अभी
- 8:59मेरा यहां आने का कोई इरादा नहीं था। पर
- 9:02क्योंकि धर्मवीर साहब मेरे पास आए हुए थे
- 9:04और यह एक बार शुप्रा से मिलकर उसकी
- 9:06गलतफहमी को दूर करना चाह रहे थे। इसलिए हम
- 9:09इनको यहां ही लेकर आ गए। बात किसी गलतफहमी
- 9:12को दूर करने से बहुत आगे निकल गई है पापा।
- 9:15अब शिप्रा नहीं चाहती कि वह दोबारा इस
- 9:17बंधन में बंधे। इसलिए अब इन लोगों को भी
- 9:20समझ जाना चाहिए कि अब कुछ नहीं हो सकता।
- 9:23अगर इन लोगों को शिप्रा से इतना ही ज्यादा
- 9:26प्यार था तो इन्हें उस समय सामने आना
- 9:28चाहिए था और शिप्रा के साथ खड़ा होना
- 9:31चाहिए था। पर उस समय तो उनका कोई पता नहीं
- 9:34था। और आज यह लोग शिप्रा के लिए प्यार
- 9:36दिखा रहे हैं तो आप समझ लीजिए कि अब यह सब
- 9:40शिप्रा को कबूल नहीं है। राजदीप जी ने
- 9:43बहुत हिम्मत करके बलवंत राय को जवाब दिया।
- 9:46राजदीप जी को इस तरह बोलते देखकर बलवंत
- 9:48राय भी आश्चर्य से राजदीप को देखने लगे।
- 9:51उन्हें राजदीप से ऐसी उम्मीद नहीं थी। वह
- 9:54तो सोच रहे थे कि राजदीप शिप्रा को मनाने
- 9:56में अपनी भूमिका निभाएगा। पर वह तो खुद
- 9:59शिप्रा की बात को ही समर्थन दे रहा है।
- 10:02उन्हें राजदीप जी पर भी गुस्सा आया और वह
- 10:04बोले राजदीप मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं थी
- 10:08कि तुम अपनी बेटी की जिद के सामने झुक
- 10:10जाओगे। मुझे लगा तुम अपनी बेटी को
- 10:13समझाओगे। उसको अपने अच्छे बुरे का ज्ञान
- 10:16कराओगे। पर तुम तो खुद ही उनके रंग मेंंगे
- 10:18हुए हो। अरे नहीं बलवंत जी आप राजदीप को
- 10:22इस तरह से मत भूलिए। राजदीप अपनी जगह सही
- 10:25है। पर इन्हें नहीं पता कि इस बात का हमें
- 10:28कितना अफसोस है। विहान तो कई रातों सो
- 10:31नहीं पाया था। बड़ी मुश्किल से यह उस दौड़
- 10:34से बाहर आया है। इसलिए हम यह नहीं चाह रहे
- 10:37कि हमारे कारण शिप्रा बिटिया की जिंदगी
- 10:39बर्बाद हो। इसलिए हम शिप्रा बिटिया को
- 10:42अपने घर की बहू बनाना चाहते हैं। अगर
- 10:45शिप्रा हमारे घर की बहू बन जाती है तो हम
- 10:48भी इस शर्मिंदगीगी के बोझ से निकल आएंगे
- 10:51कि हम मुसीबत में अपनी बहू का साथ नहीं दे
- 10:53पाए। धर्मवीर रायजादा इमोशनल होकर बोले
- 10:56अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आपकी आभारी
- 10:59हूं अंकल। पर आप मेरी इस बात को समझ लीजिए
- 11:02कि मैं अब आपके घर की बहू नहीं बन पाऊंगी।
- 11:05मैं क्षमा के साथ आपसे विनती करती हूं कि
- 11:09आप अपना यह इरादा त्याग दीजिए और मुझे
- 11:11अपने घर की बहू बनाने की बात को भी भूल
- 11:14जाइए क्योंकि मेरी ऐसी कोई इच्छा नहीं है
- 11:17और अब मैं अपनी इस स्थिति से खुश हूं।
- 11:20शिप्रा धर्मवीर रायजादा से रिक्वेस्ट करते
- 11:23हुए बोली धर्मवीर रायजादा को उम्मीद नहीं
- 11:26था कि शिप्रा सामने से आकर उनसे से यह बात
- 11:29करेगी। वह हैरान होकर बलवंत राय का चेहरा
- 11:32देखने लगे। उन्होंने तो सोचा था कि शिप्रा
- 11:35के घर आकर वह कुछ इमोशनल ड्रामा करेंगे तो
- 11:38शायद राजदीप राय और बिना जी के प्रेशर से
- 11:41शिप्रा झुक जाएगी। पर यहां तो पासा ही
- 11:43उल्टा पड़ रहा था। राजदीप जी के साथ बिना
- 11:46जी भी शिप्रा का समर्थन करते नजर आ रहे
- 11:49थे। पर इस बात से बलवंत राय गुस्सा हो गए
- 11:51थे। वह राजदीप जी से गुस्से में बोले।
- 11:54राजदीप मैंने तुम्हें शिप्रा को समझाने के
- 11:57लिए कहा था। पर तुम तो खुद ही उसके रंग
- 11:59में रंग गए। तुमसे तो कुछ उम्मीद करना ही
- 12:02बेकार है। इतना कहने के बाद बलवंत राय
- 12:05शिप्रा की ओर मुड़े और उससे बोले मैंने
- 12:08तुम्हें आज सुबह में ही कहा था तुम्हारे
- 12:11पास दूसरा कोई रास्ता नहीं है। हम जो भी
- 12:13कर रहे हैं तुम्हारी भले के लिए कर रहे
- 12:15हैं। मैं तुम्हें स्पष्ट कर दूं कि
- 12:18तुम्हें हर हाल में विहान से शादी करनी
- 12:20है। और मैं अब इसमें कुछ भी सुनना नहीं
- 12:23चाहता। नहीं तो तुम्हें पता ही है जो
- 12:25मैंने कहा था। अगर तुम अपनी जिद पर अड़ी
- 12:28रहोगी तो फिर मेरे पास में भी दूसरा कोई
- 12:30रास्ता नहीं है। बलवंत राय अब कुछ भी
- 12:34सुनने के मूड में नहीं थे। इस बीच मेनका
- 12:37अपने मोबाइल में खेलती रही। फिर कुछ पल के
- 12:39बाद उसने अपना सर उठाया और अपने दादाजी की
- 12:42ओर देखकर बोली अगर आप अपनी जिद पर अड़े
- 12:45हुए हैं तो फिर ठीक है। मैंने आपका दिया
- 12:48हुआ 50 करोड़ ब्याज के साथ आपको वापस करती
- 12:51हूं। आप चेक कर लीजिए। मैंने अभी आपके
- 12:53करंट अकाउंट में ₹60 करोड़ ट्रांसफर कर
- 12:56दिया है। अब मैं उम्मीद करती हूं कि अब आप
- 13:00मुझे ब्लैकमेल करने की कोशिश नहीं करेंगे।
- 13:02शिप्रा की बात सुनकर बलवंत राय आश्चर्य से
- 13:05शिप्रा का चेहरा देखते रह गए। बलवंत राय
- 13:08को यह समझ नहीं आया कि यह कैसे संभव हुआ।
- 13:11आखिर शिप्रा के पास इतने पैसे कहां से आए
- 13:14कि उसने एक बार में ही 60 करोड़ उनको
- 13:17ट्रांसफर कर दिया। फिर उनके मन में एक
- 13:19ख्याल यह भी आया कि कहीं राजदीप ने तो
- 13:22उसको यह पैसे नहीं दिए हैं। हां, यही बात
- 13:25होगी। उन्होंने मन ही मन सोचा, जरूर
- 13:28राजदीप ने ही शिप्रा को पैसे दिए होंगे।
- 13:30नहीं तो वह एक साथ 60 करोड़ उनको कहां से
- 13:34वापस कर पाती। यह सोचकर उन्होंने राजदीप
- 13:37जी की ओर मुड़कर कहा, राजदीप, मुझे तुमसे
- 13:40ऐसी उम्मीद नहीं थी कि तुम यूं शिप्रा की
- 13:42मदद करोगे। तुम्हें शिप्रा को पैसे देने
- 13:44की क्या जरूरत थी? यह तुमने सही नहीं
- 13:47किया। राजदीप जी बलवंत राय की बात सुनकर
- 13:50परेशान होते हुए बोले मैंने शिप्रा की
- 13:53पैसे से कोई मदद नहीं की है पापा उसने खुद
- 13:56ही इन पैसों का इंतजाम किया है तुम क्या
- 13:59मुझे बेवकूफ समझते हो मुझे पता नहीं है
- 14:02क्या कि शिप्रा अपनी कमाई का ज्यादातर
- 14:04पैसा अपनी कंपनी में ही इन्वेस्ट कर देती
- 14:07है तो फिर उसके पास इतने पैसे कैसे हो
- 14:10सकते हैं? बलवंत राय अविश्वास भरे स्वर
- 14:13में बोले मैंने पापा से कोई पैसे नहीं
- 14:16लिया है दादा जी बल्कि मैंने अपनी कंपनी
- 14:18ही बेच दी आप इसी से परेशान थे ना अब आपकी
- 14:21यह परेशानी भी दूर हो गई शिप्रा बलवंत राय
- 14:24को अपने पापा के ऊपर इल्जाम लगाते देखकर
- 14:26बोली बलवंत राय ने जब यह सुना तो वह हैरान
- 14:30होकर शिप्रा की ओर देखने लगे उन्हें
- 14:33विश्वास नहीं हो रहा था कि शिप्रा ने उनको
- 14:35पैसे वापस करने के लिए अपनी कंपनी ही बेच
- 14:38दी। अगर देखा जाए तो वह ऐसा बिल्कुल नहीं
- 14:41चाहते थे। वह तो यह जो भी कर रहे थे यह सब
- 14:45वह सिर्फ शिप्रा पर एक प्रेशर बनाने के
- 14:48लिए कर रहे थे। जिससे शिप्रा विहान से
- 14:50शादी करने के लिए तैयार हो जाए। शिप्रा की
- 14:53कंपनी बेचने की बात सुनकर सिर्फ बलवंत राय
- 14:55ही नहीं बल्कि धर्मवीर रायजादा और विहान
- 14:58भी हैरान था। उन्होंने नहीं सोचा था कि
- 15:00शिप्रा इस हद तक जाएगी कि अपने दादाजी के
- 15:04ब्लैकमेल से बचने के लिए अपनी कंपनी ही
- 15:06बेच देंगी। क्योंकि कहीं ना कहीं धर्मवीर
- 15:09रायजादा और विहान को भी शिप्रा से यह लालच
- 15:12था कि अगर शिप्रा की शादी विहान से हो
- 15:15जाती है तो एक तरह से यह कंपनी भी उनकी हो
- 15:17जाएगी। पर शिप्रा ने अपनी कंपनी को बेचकर
- 15:20उनके सोचे हुए सारे प्लान पर पानी फेर
- 15:23दिया। धर्मवीर रायजादा और रिहान दोनों एक
- 15:26दूसरे का चेहरा देखने लगे और अपनी बेबसी
- 15:29को अपने चेहरे पर आने से रोक नहीं पाए।
- 15:33अगर इस समय कोई उनके चेहरे पर ध्यान देता
- 15:35तो यह सोचता कि उन दोनों की लंका ही लुट
- 15:39गई है। पर वह इस हालात में ज्यादा कुछ कर
- 15:43नहीं सकते थे। बलवंत राय को समझ नहीं आ
- 15:45रहा था कि वह शिप्रा से क्या बोले।
- 15:48उन्होंने तो दूर-दूर तक इसकी कोई कल्पना
- 15:50ही नहीं की थी क्योंकि वह यह भी अच्छी तरह
- 15:54समझते थे कि किसी कंपनी को खरीदने और
- 15:57बेचने की प्रक्रिया इतनी आसान नहीं होती।
- 16:00सबसे पहले तो किसी कंपनी को बेचने के लिए
- 16:02उसका खरीदार ढूंढना ही मुश्किल होता है।
- 16:05और अगर खरीदार मिल भी जाता है तो सारा
- 16:08प्रोसेस पूरा होने में सप्ताह 10 दिन तो
- 16:11लग ही जाता है। पर शिप्रा ने तो आज के आज
- 16:14में ही कंपनी को बेच दिया। आखिर ऐसा कौन
- 16:16बायर मिल गया था शिप्रा को जो आज के आज
- 16:19में ही उसको पैसे भी दे दिए। उन्हें खुद
- 16:22पर ही गुस्सा आ रहा था कि उन्होंने इस बात
- 16:24की ओर ध्यान क्यों नहीं दिया। वह खुद को
- 16:28कंट्रोल करते हुए बोले, तुमने अपनी कंपनी
- 16:31बेच दी और इस बारे में हम लोगों से कुछ
- 16:34विचार करने की जरूरत भी नहीं समझी। तुम
- 16:36कुछ ज्यादा ही मनमानी नहीं करने लग गई हो।
- 16:39इसके लिए भी तो आपने ही मजबूर किया है
- 16:41दादा जी। अब आप यही समझ लीजिएगा कि आपके
- 16:45दूसरे बच्चों की तरह मैं भी अपने
- 16:47स्टार्टअप में फेल हो गई। पर मैंने कुलवंत
- 16:50भैया, मयूर और राधिका की तरह आपके पैसे का
- 16:54नुकसान नहीं होने दिया। बल्कि मैंने तो
- 16:56आपको उस पर 10 करोड़ का ब्याज भी कमा कर
- 16:59दे दिया। इसलिए आपको मुझसे यह शिकायत तो
- 17:01नहीं होगी कि मैंने आपके बाकी बच्चों की
- 17:04तरह आपका कोई नुकसान कर दिया। शिप्रा
- 17:07बलवंत राय से तंज भरे स्वर में बोली।
- 17:09बलवंत राय को तो ऐसा लगा जैसे किसी ने
- 17:12उन्हें भरे बाजार चांटा मार दिया हो। वह
- 17:15शिप्रा से ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं कर रहे
- 17:18थे। उन्हें शिप्रा के कंपनी बेचने की
- 17:20बेवकूफी पर गुस्सा आ रहा था। वह गुस्से
- 17:24में ही बोले बेवकूफ लड़की तुमने यह सोचा
- 17:27भी है कि अपनी कंपनी को बेचने के बाद तुम
- 17:29क्या करोगी। पता नहीं क्या करूंगी। पर यह
- 17:32पक्का है कि फिर कभी कोई काम शुरू करने के
- 17:35लिए अगर पैसे की जरूरत होगी भी तो आपके
- 17:38पास पैसे के लिए तो नहीं आऊंगी। शिप्रा के
- 17:41दिल का सारा दर्द बलवंत राय के सामने उसकी
- 17:44बातों से जाहिर हो रहा था। बलवंत राय का
- 17:47दिमाग कुछ सोचने की स्थिति में नहीं था।
- 17:50वह यह कभी नहीं चाहते थे कि शिप्रा अपनी
- 17:52कंपनी को बेच दे। क्योंकि यह उनके लिए एक
- 17:55प्राउड की बात थी कि उनके सभी बच्चों में
- 17:58शिप्रा ने ही उनके दिए हुए पैसों का सही
- 18:01उपयोग किया था और एक वही थी जिसने अपने
- 18:04स्टार्टअप को कामयाब किया था। बाकी सब ने
- 18:07तो उनके दिए पैसे को डूबा ही दिया था और
- 18:10आज वह सब बलवंत राय के द्वारा खड़े किए गए
- 18:14दूसरी कंपनियों में ही अलग-अलग पोस्ट का
- 18:17काम देख रहे थे। अब उन्हें अपनी उस बात के
- 18:19लिए अफसोस हो रहा था जब उन्होंने शिप्रा
- 18:22से उनके द्वारा दिए हुए पैसों को इंटरेस्ट
- 18:24के साथ वापस करने के लिए कहा था। उस समय
- 18:27उन्होंने यह बात सिर्फ शिप्रा पर प्रेशर
- 18:30बनाने के लिए कहा था। पर इसके परिणाम में
- 18:33उन्होंने यह नहीं सोचा था कि शिप्रा इस हद
- 18:36तक चली जाएगी कि वह अपनी कंपनी को ही बेच
- 18:39देगी। उन्हें इस बात से भी गुस्सा आ रहा
- 18:41था कि इस बेवकूफ लड़की को अपनी कंपनी को
- 18:44बेचना तो कबूल हुआ पर वह विहान से शादी के
- 18:47लिए राजी नहीं हुई। वह शिप्रा के जज्बात
- 18:50को समझ ही नहीं सके। अगर शिप्रा के कंपनी
- 18:53बेचने के फैसले के बारे में उन्हें पहले
- 18:55पता चल जाता तो वह किसी भी सूरत में
- 18:57शिप्रा को ऐसा करने नहीं देते। यह बात
- 19:00उन्हें और गुस्सा दिला रहा था कि इस
- 19:03बेवकूफ लड़की ने एक बार यह बात उनके नॉलेज
- 19:06में लाने की कोशिश भी नहीं की कि वह उनका
- 19:09पैसा वापस करने के लिए अपनी कंपनी को ही
- 19:12बेचने जा रही है। यह बात उनके गुस्से को
- 19:15और बढ़ाता जा रहा था। वह गुस्से में बोले
- 19:19अगर तुम्हें श्रवण की पत्नी बनकर ही रहना
- 19:21है तो फिर तुम यहां क्या कर रही हो?
- 19:23तुम्हें तो फिर श्रवण के पास होना चाहिए
- 19:26था ना क्योंकि एक शादीशुदा लड़की का घर तो
- 19:29उसका पति का ही घर होता है ना। यह बात
- 19:31समझती हो कि नहीं? शादीशुदा लड़की अपने
- 19:34मायके तो किसी पर्व त्यौहार या किसी
- 19:36फंक्शन में ही आती है। अच्छा हुआ कि आपने
- 19:39मुझे यह एहसास भी करा दिया कि यह घर अब
- 19:42मेरे लिए पराया हो गया है। चिंता मत
- 19:44कीजिए। मैं जल्दी ही आपकी यह इच्छा भी
- 19:47पूरी कर दूंगी। शिप्रा अपने प्रवाह में
- 19:49बोलती चली गई। उसने यह भी नहीं सोचा कि इस
- 19:53बात के क्या मायने हैं। जबकि राजदीप जी और
- 19:56बीना जी बलवंत राय और शिप्रा दोनों की बात
- 19:58को सुनकर परेशान नजर आने लगे। उन्हें यह
- 20:01उम्मीद नहीं थी कि बात इस हद तक चली जाएगी
- 20:05कि फिर उसे कंट्रोल करना मुश्किल हो
- 20:07जाएगा। पर वह बलवंत राय के सामने कुछ बोल
- 20:10भी नहीं सकते थे। वह यही उम्मीद कर रहे थे
- 20:12कि यह बातें जितनी जल्दी बंद हो जाए उतना
- 20:15अच्छा। जबकि धर्मवीर रायजादा और विहान
- 20:18शिप्रा के पहले के व्यवहार से आहत तो थे
- 20:21ही। इसलिए वह बलवंत राय की बात सुनकर खुश
- 20:24हो रहे थे कि शायद इस लड़की का दिमाग घर
- 20:27से निकाले जाने के बाद ही सही होगा। इस
- 20:30बीच धर्मवीर रायजादा ने अपने आप को शिप्रा
- 20:33का हितैषी दिखाते हुए कहा, "यह तुम कैसी
- 20:36बात कर रही हो? शिप्रा बेटी? तुम क्यों इस
- 20:38घर को छोड़कर जाओगी? तुम यही चाहती हो ना
- 20:41कि तुम्हें विहान से शादी नहीं करनी है।
- 20:44अगर ऐसी बात थी तो तुम मुझसे बात कर सकती
- 20:46थी। मेरे सामने अपनी बात रखती तो मैं क्या
- 20:49तुम्हारे साथ जबरदस्ती करता? मैं तो बस
- 20:52तुम्हारी जिंदगी खराब होते नहीं दिखा सकता
- 20:54था। इसलिए मैंने बलवंत राय जी के सामने
- 20:56विहान से तुम्हारी शादी की बात रखी थी।
- 20:59क्योंकि तुम्हारी इस हालत का जिम्मेदार
- 21:02कहीं ना कहीं मैं और विहान भी तो थे।
- 21:05तुम्हें विहान से शादी नहीं करनी है। कोई
- 21:07बात नहीं। अब तुम्हें कोई भी इसके लिए
- 21:09प्रेशराइज नहीं करेगा। पर तुम इस घर को
- 21:12छोड़ने की बात भूल जाओ। हमारे कारण
- 21:14तुम्हें अपना घर छोड़ना पड़े यह ठीक नहीं
- 21:17है। राय साहब आप भी इस बात को छोड़िए। जब
- 21:20शिप्रा बेटी श्रवण के साथ खुश है तो फिर
- 21:23इसे खुश रहने दीजिए। हमारे लिए तो सबसे
- 21:26बढ़कर शिप्रा बेटी की खुशी ही है। सुन रही
- 21:29हो कुछ? देख रही हो तुम्हारे लिए कितने
- 21:31चिंतित हैं। धर्मवीर जी और एक तुम हो जिसे
- 21:35अपनी अच्छे बुरे का ही ज्ञान नहीं है।
- 21:37बलवंत राय धर्मवीर जी की बात सुनकर शिप्रा
- 21:40को ताना मारते हुए बोले फिर वह धर्मवीर
- 21:43रायजादा से बोले माफ कीजिएगा धर्मवीर जी
- 21:46हम अपनी इस नादान बेटी को समझाने में
- 21:48नाकाम रहे पर मैं चाहता हूं कि हमारे
- 21:51परिवार में जो एक संबंध बनने जा रहा था वह
- 21:54ऐसे ही ना रहे अगर आप चाहेंगे तो भी हमारे
- 21:56परिवार में संबंध बन सकता है मैं कुछ समझा
- 21:59नहीं आप कहना क्या चाहते हैं राय साहब
- 22:02धर्मवीर रायजादा को बलवंत राय की बात
- 22:05सुनकर कुछ उम्मीद जगी की क्या अभी भी कुछ
- 22:07हो सकता है? जब धर्मवीर रायजादा ने बलवंत
- 22:11राय से जानना चाहा कि वह क्या कहना चाहते
- 22:13हैं तो बलवंत राय ने कहा अगर आप चाहेंगे
- 22:18तो हमारी दूसरी पोती युविका के साथ हम
- 22:21विहान की शादी कर सकते हैं। मुझे उम्मीद
- 22:24है कि बृजभूषण भी इस बात से खुश ही होगा।
- 22:28आप क्या कहते हैं? वैसे तो इसकी कोई जरूरत
- 22:30नहीं है राय साहब। लेकिन अगर आप चाहते हैं
- 22:33कि हमारे परिवार में कोई संबंध बन ही जाए
- 22:36तो मैं आपको मना कैसे कर सकता हूं। आप
- 22:39जैसा चाहेंगे मैं उसके लिए हमेशा तैयार
- 22:41हूं। शायद ऊपर वाला भी यही चाहता है कि हम
- 22:44सिर्फ बिजनेस पार्टनर ही ना बने बल्कि हम
- 22:47संबंधी भी बन जाए। धर्मवीर रायजादा मन ही
- 22:50मन खुश होता हुआ बोला। अभी तक जो उसे लग
- 22:53रहा था कि उसकी योजना खटाई में पड़ गई।
- 22:56उसके पास जो मौका था उसे उसने खो दिया।
- 22:59अचानक ही उसे लगने लगा कि फिर से वह अपने
- 23:01मकसद को पूरा कर सकता है। धर्मवीर रायजादा
- 23:04की सहमति पाकर बलवंत राय ने कहा तो फिर
- 23:08ठीक है मैं बृजभूषण से बात करके कोई अच्छा
- 23:11सा दिन निश्चित करके दोनों की सगाई कर
- 23:13देते हैं। यह सब आप देख लीजिए राय साहब आप
- 23:16जैसा कहेंगे मैं उसके लिए तैयार हूं। आखिर
- 23:19आप हमारे भी तो बड़े हैं। धर्मवीर रायजादा
- 23:22चापलूसी भरे स्वर में बोला राजदीप जी और
- 23:24बीना जी बातचीत का स्वरूप चेंज होते देखकर
- 23:27हैरान थे। बीना जी को जलन भी हुआ कि जो
- 23:29विहान उनका दामाद बन सकता था। अब वह
- 23:32बृजभूषण का दामाद बन जाएगा। बीना जी समझ
- 23:36नहीं पा रही थी कि वह खुश हुए कि रोए।
- 23:38कमोबेश यही हाल राजदीप जी का भी था। उनकी
- 23:42भी चाहत नहीं थी कि शिप्रा की शादी विहान
- 23:45से हो। पर जब उन्होंने यह जाना कि अब
- 23:47विहान की शादी युविका से होने जा रही है
- 23:50तो उनके मन में भी जलन का भाव पैदा हो
- 23:53गया। पर उन्हें तसल्ली थी कि चलो कम से कम
- 23:56बातचीत का स्वरूप तो चेंज हुआ। अब बलवंत
- 23:58राय का फोकस शिप्रा से हट गया था। शिप्रा
- 24:02इस बात से हैरान थी कि कैसे धर्मवीर
- 24:04रायजादा तुरंत ही युविका को अपनी बहू
- 24:07बनाने के लिए तैयार हो गया। अब भी कहां
- 24:09गया विहान का प्यार जो दावा करता था कि वह
- 24:12शिप्रा से बहुत प्यार करता है। जैसे ही
- 24:15युविका के साथ शादी करने की बात आई एक बार
- 24:17गलती से भी विहान ने प्रतिरोध करने की
- 24:19कोशिश नहीं की बल्कि उसके चेहरे को देखकर
- 24:22लग रहा था वह भी इस फैसले से संतुष्ट था।
- 24:27ठीक है राय साहब आप देख लीजिए कि आगे क्या
- 24:30करना है। बाकी अभी मैं चलता हूं। जैसा भी
- 24:32होगा उस हिसाब से आगे की प्लानिंग कर
- 24:34लेंगे। धर्मवीर रायजादा सोफे से उठता हुआ
- 24:37बोला। विहान भी धर्मवीर रायजादा के साथ हो
- 24:40लिया। फिर दोनों उस घर से निकल गए।
- 24:42धर्मवीर रायजादा और विहान के जाने के बाद
- 24:46बलवंत राय ने राजदीप और बिना जी की ओर
- 24:48देखकर कहा, ठीक है, मैं भी चलता हूं। अब
- 24:52आगे की प्लानिंग भी करनी है। इतना बोलकर
- 24:54उन्होंने एक नजर शिप्रा की ओर देखा। फिर
- 24:57वह भी वहां से निकल गए। बलवंत राय के वहां
- 25:00से जाने के बाद राजदीप जी और बीना जी ने
- 25:03चैन की सांस ली। पर शिप्रा का मूड थोड़ा
- 25:06उखड़ा हुआ था। उसको बलवंत राय की इस बात
- 25:09ने थोड़ा इमोशनल कर दिया था। जब उन्होंने
- 25:12कहा था कि जब तुमने शादी कर ही ली है तो
- 25:15फिर यहां क्या कर रही हो? तुम्हें तो अपने
- 25:17पति के पास होना चाहिए। शिप्रा समझ रही थी
- 25:20कि यह बलवंत राय का फ्रस्ट्रेशन था। पर यह
- 25:23बात कहीं ना कहीं उसको चुभ गई थी। उसने
- 25:26खुद भी सोच लिया था कि अब उसके लिए भी यही
- 25:28सही है कि वह कुछ समय के लिए अपना घर छोड़
- 25:31ही दे ताकि बाद में उसके घर वाले भी
- 25:34दोबारा कभी उससे उसकी शादी को लेकर कुछ
- 25:37बात ना कर सके। वैसे भी शिप्रा प्लान कर
- 25:39रखी थी कि वह शौर्य के घर जाकर कुछ दिन
- 25:42रहेगी। अब उसको इसका सही बहाना भी मिल गया
- 25:44था। उसने शौर्य की कोठी में अपने लिए एक
- 25:48रूम को अपने हिसाब से डेकोरेट करने के लिए
- 25:50खरीदारी भी कर ली थी। दूसरी तरफ वीणा जी
- 25:53को यह बात खाई जा रही थी कि शिप्रा के मना
- 25:56करने के बाद बलवंत राय ने विहान की शादी
- 25:59युविका के साथ फिक्स कर दी थी। जब तक वीणा
- 26:02जी को यह नहीं लगा था कि बलवंत राय ऐसा
- 26:05कुछ करने वाले हैं। तब तक वह भी शिप्रा की
- 26:08शादी विहान से करने के पक्ष में नहीं थी।
- 26:11लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि अब बलवंत
- 26:14राय ने युविका के साथ विहान की शादी करने
- 26:16की सोच ली है तो उनके मन में जलन की भावना
- 26:20आ गई थी। जिसे उन्होंने छुपाया भी नहीं और
- 26:24इस बात को उन्होंने शिप्रा के सामने ही
- 26:26जाहिर कर दिया। देखा तुमने तुम्हारी जिद
- 26:30के कारण आज पापा जी विहान की शादी युविका
- 26:33से करने जा रहे हैं। मुझे तो समझ नहीं आ
- 26:36रहा है कि तुमने यह कैसी जिद ठान ली है कि
- 26:39विहान से शादी नहीं करनी है। राजदीप जी ने
- 26:42जब बीना जी को यह कहते सुना तो उन्हें
- 26:45शिप्रा के लिए थोड़ा बुरा भी लगा क्योंकि
- 26:47वह पहले ही एक मेंटल ट्रॉमा से गुजर रही
- 26:50थी। क्योंकि जितना कुछ अभी बलवंत राय उससे
- 26:53बोल कर गए थे। यहां तक कि उसे घर छोड़ने
- 26:56के लिए भी बोल दिया था। यह एक तरह से
- 26:59शिप्रा के लिए मेंटल ट्रॉमा ही था। पर
- 27:01बीना जी यह कहां समझने वाली थी। इसलिए
- 27:04बीना जी की बात शिप्रा को और प्रभावित ना
- 27:07करे। यह सोचकर उन्होंने बीना जी को झिरकते
- 27:10हुए कहा। तुम भी बिना कुछ सोचे समझे कुछ
- 27:13भी बोलने लगती हो। अभी पिताजी जो इसको
- 27:15इतना बोल कर गए। वह क्या काम था? जो अब
- 27:18तुम भी शुरू हो गई। अब जब यह फैसला हो गया
- 27:21कि शिप्रा को विहान से शादी नहीं करनी है
- 27:24तो अब तुम उस बात को लेकर कोई भी बात नहीं
- 27:27करोगी। अगर पिताजी चाहते हैं कि विहान की
- 27:29शादी युविका से हो जाए तो फिर ठीक है ऐसा
- 27:32ही हो। पर अब इस बात के लिए शिप्रा को
- 27:34कोषना बंद करो। राजदीप जी की बात से बीना
- 27:38जीत चुप हो गई। वह भी शिप्रा के चेहरे का
- 27:40बदलते भाव को देख रही थी। फिर वह बात को
- 27:44संभालने के लिए प्यार से बोली। मैं शिप्रा
- 27:47को कोश थोड़ी रही हूं। मैं तो बस इसलिए
- 27:49ऐसा बोल दी कि अब पापा जी विहान की शादी
- 27:52यूका से करने जा रहे हैं। हां तो क्या
- 27:54हुआ? विहान की शादी किसी ने किसी के साथ
- 27:57तो होनी थी। ऐसा तो है नहीं कि शिप्रा ने
- 27:59विहान से शादी नहीं की तो उसकी शादी ही
- 28:02नहीं होगी। जब किसी और से भी होनी थी तो
- 28:04युविका के साथ हो जाएगी। तुम इस बात को
- 28:07अन्यथा क्यों ले रही हो? राजदीप जी बीना
- 28:10जी को समझाते हुए बोले राजदीप जी और बीना
- 28:13जी की बात चालू थी। इसी बीच में शिपरा
- 28:15बोली मां पापा मैं कुछ समय के लिए श्रवण
- 28:19के साथ रहने के लिए जा रही हूं। शायद इस
- 28:21घर से अलग रहकर मैं यह भी निश्चय कर
- 28:23पाऊंगी कि मेरे लिए क्या सही है और क्या
- 28:26गलत। जब राजदीप जी ने यह सुना कि शिप्रा
- 28:29श्रवण के साथ शिफ्ट होने की सोच रही है तो
- 28:32उन्हें झटका सा लगा। उन्होंने यही सोचा कि
- 28:35अभी पिताजी ने जो शिप्रा से कहा था कि तुम
- 28:38अपने पति के साथ क्यों नहीं रह रही हो।
- 28:40शायद इसी कारण शुप्रा ऐसा बोल रही है। यह
- 28:43सोचकर ही राजदीप जी सफाई देते हुए बोले,
- 28:46यह तुम कैसी बात कर रही हो? अरे पिताजी ने
- 28:49तो गुस्से में पता नहीं क्या कुछ बोल
- 28:51दिया। इसका मतलब यह थोड़े ही है कि
- 28:53तुम्हें यह घर छोड़कर जाना है। तुम ज्यादा
- 28:56कुछ सोचो मत। आज तुम आराम करो। सब कुछ कल
- 28:59से नॉर्मल हो जाएगा। अब वैसे भी पिताजी ने
- 29:03विहान की शादी युविका के साथ करने की सोच
- 29:05ली है। तो तुम्हारी तरफ वह ज्यादा ध्यान
- 29:08अब नहीं देंगे। नहीं पापा मैं ऐसा इसलिए
- 29:11नहीं बोल रही हूं कि दादा जी ने ऐसा कहा
- 29:14इसलिए मैं श्रवण के साथ शिफ्ट होने की सोच
- 29:16रही हूं। मैंने यह पहले ही सोच रखा था कि
- 29:20मुझे श्रवण के साथ शिफ्ट होना है। शिप्रा
- 29:23ने राजदीप जी के सामने सफाई दी। पर बेटी
- 29:27उसका तो अपना खुद ही ठिकाना नहीं है। तो
- 29:29तुम उसके साथ कहां शिफ्ट होगी? राजदीप जी
- 29:32ने अपनी चिंता जाहिर की। ऐसा नहीं है
- 29:35पापा। श्रवण जहां काम करता है उस कंपनी से
- 29:38उसको रहने के लिए घर मिला है। वह अब वहीं
- 29:41रहने लगा है। मैं जाकर उस घर को देख भी ली
- 29:44हूं। वह अच्छा घर है। इसलिए मैं अभी वहीं
- 29:48रहने की सोच रही हूं। शिप्रा ने अपने दिल
- 29:50की बात अपनी मां और पापा के सामने जहीर कर
- 29:53दी। क्या कहा तुमने? श्रवण को उसकी कंपनी
- 29:56की तरफ से रहने के लिए घर भी मिला है।
- 29:59तुमने यह बात मुझे पहले क्यों नहीं बताई?
- 30:01यह तो अच्छी बात है कि श्रवण इतनी जल्दी
- 30:03तरक्की कर रहा है। पर फिर भी अभी तुम्हें
- 30:06वहां जाकर रहने की क्या जरूरत है? राजदीप
- 30:10जी यह जानकर कि श्रवण को उसकी कंपनी से
- 30:12रहने के लिए घर मिला है। उस बात से खुश
- 30:15होते हुए बोले बात जरूरत की नहीं है पापा।
- 30:18बात अब अपने स्वाभिमान की भी है। आप मुझे
- 30:22रोकिए मत। मैं ऐसा दादा जी की बात सुनकर
- 30:24नहीं कर रही हूं। अभी मुझे यही ठीक भी लग
- 30:27रहा है। यह मेरा अपना फैसला है कि मुझे
- 30:30श्रवण के साथ अपनी शादी को कंटिन्यू करना
- 30:32है। इसलिए भी मेरा यह फैसला सही है।
- 30:36शिप्रा अपनी बात को स्पष्ट करते हुए बोली
- 30:39मैं तुम्हारी बात से इंकार नहीं कर रहा।
- 30:41पर इस समय मुझे तुम्हारा वहां शिफ्ट होना
- 30:44सही नहीं लग रहा है। इसलिए मैं ऐसा बोल
- 30:47रहा हूं। अगर तुमको श्रवण के साथ शिफ्ट ही
- 30:50होना है तो कुछ दिनों के बाद हो जाना। पर
- 30:53अभी नहीं। नहीं तो सबको यही लगेगा कि
- 30:56तुमने ऐसा पिताजी की बात को सुनकर ही
- 30:58किया। राजदीप जी ने अपनी चिंता जाहिर की।
- 31:01अगर ऐसी बात है तो फिर यही सही है पापा कि
- 31:04मैं अभी ही श्रवण के साथ शिफ्ट हो जाऊं।
- 31:06इससे दादाजी की बात का मान भी रह जाएगा।
- 31:08पर हां मैं आपसे यह अशोर करती हूं कि अगर
- 31:11कभी भी आप मुझे याद करेंगे या बुलाएंगे तो
- 31:14मैं आपके पास हाजिर हो जाऊंगी। पर प्लीज
- 31:17आप मुझे अभी वहां जाने से मत रोकिए।
- 31:19शिप्रा राजदीप जी से रिक्वेस्ट करती हुई
- 31:21बोली। दूसरी तरफ मेनका और श्रवण की मीटिंग
- 31:25हंसल मेहता के साथ समाप्त हो गई थी। हंसल
- 31:28मेहता अपने घर को चले गए थे। उनके जाने के
- 31:31बाद मेनका ने बताया कि होटल पैराडाइज के
- 31:34बडिंग के लिए उसने फॉर्म वगैरह फील कर
- 31:36दिया था। उसने वहां पर विक्रम के नाम से
- 31:39बड करने के लिए नॉमिनेशन किया था। क्योंकि
- 31:42वह नहीं चाहती थी कि राघव चड्ढा को यह पता
- 31:46चले कि उस बिल्डिंग में मेनका भी भाग ले
- 31:49रही है। अगर राघव चढा को यह पता चल जाता
- 31:52कि मेनका भी होटल पैराडाइज की नीलामी के
- 31:55में हिस्सा ले रही है तो वह सचेत हो जाता।
- 31:58यही सोचकर मेनका ने उसमें अपना नाम नहीं
- 32:01दिया। उसने बडिंग के लिए जो होटल के
- 32:03प्राइस का 10 से 15 फट अमाउंट डिपॉजिट
- 32:06करनी होती है, वह भी करवा दिया था और वह
- 32:09उस तरफ से अब निश्चित हो गई थी। श्रवण ने
- 32:11मेनका को अशोर किया कि वह भी उस बिल्डिंग
- 32:14में विक्रम के साथ हिस्सा लेगा और कोशिश
- 32:17करेगा कि वह मेनका के सपनों को साकार कर
- 32:19दे। शौर्य की बात सुनकर मेनका खुश हो गई
- 32:22थी। अगर राघव चड्ढा को यह बात पता चल जाता
- 32:25कि मेनका ने होटल पैराडाइज के लिए क्या
- 32:27प्लान कर रखा है तो शायद वह इस नीलामी
- 32:31प्रक्रिया को रोकने की कोशिश करता।
- 32:33क्योंकि राघव चढा ने अपने सोर्स से इस
- 32:36नीलामी की ज्यादा पब्लिसिटी नहीं होने
- 32:38दिया था। इसका कारण यह था कि वह नहीं
- 32:41चाहता था कि ज्यादा लोग इस बिल्डिंग में
- 32:43हिस्सा ले। पर मेनका की नजर पहले से ही इस
- 32:46पर थी और उसने अपना एक बंदा भी राघव चड्ढा
- 32:49की टीम में शामिल कर रखा था। जिससे उसे
- 32:52वहां की वस्तु स्थिति का पता चलता रहता
- 32:54था। मेनका ने श्रवण को बताया कि नीलामी का
- 32:58टाइम कल 11 0 बजे का है। इसलिए वह समय से
- 33:03आ जाए। शौर्य ने मेनका को आश्वस्त किया कि
- 33:05वह समय से आ जाएगा। इसके बाद शौर्य होटल
- 33:09राजकमल से अपने घर के लिए निकल गया। होटल
- 33:12से निकलकर शौर्य सीधा मॉडल टाउन वाली अपनी
- 33:14कोठी पर पहुंचा। जिस समय वह अपने घर
- 33:17पहुंचा। उसने देखा उसके घर के बाहर एक
- 33:20ट्रक खड़ा था जिसमें से लोग सामान उतार
- 33:22रहे थे। शौर्य को यह समझ नहीं आया कि यह
- 33:25सामान किसने मंगवाया है। उसने देखा वहीं
- 33:28पर मेघा खड़ी है तो उसने मेघा से पूछा यह
- 33:31किसका सामान है और किसने इसे मंगवाया है?
- 33:34मेघा ने शौर्य से बताया कि इसे शिप्रा
- 33:36भाभी ने अपने कमरे के लिए मंगवाया है।
- 33:39शौर्य को यह जानकर सुखद आश्चर्य हुआ कि
- 33:42शिप्रा ने सच में उस कमरे के लिए फर्नीचर
- 33:45के साथ और भी जरूरी सामान मंगवाया था।
- 33:47पहले उसे लगा नहीं था कि शिप्रा ऐसा कुछ
- 33:49करेगी। वैसे जब शिप्रा यहां आई थी तो उसने
- 33:52मेघा को बताया था कि वह उस कमरे को किसी
- 33:55को ना दे। वह उसे अपने हिसाब से डेकोरेट
- 33:57करेगी। पर उस समय शौर्य को उसकी बात पर
- 34:00विश्वास नहीं हुआ था। पर अब जब उसने सामान
- 34:03को उतरते देखा तो उसे एक आश्चर्य के साथ
- 34:06सुखद अनुभूति भी हुआ। उसके मन के किसी
- 34:09कोने में एक गुदगुदी से भी हुई कि शिप्रा
- 34:12उसके साथ रहने यहां आएगी। वह घर के अंदर
- 34:15गया और उस कमरे में जाकर उसने वहां की
- 34:18स्थिति को देखा। सामान के साथ आए लोगों ने
- 34:21खुद ही हर एक सामान को उसकी सही जगह पर
- 34:24सेट किया। शौर्य ने देखा उस कमरे की
- 34:26स्थिति अब बहुत अच्छी हो गई थी। वह खाली
- 34:29कमरा अब सामान भर जाने के बाद पूरी तरह से
- 34:32एक कमरा लग रहा था। उसने ध्यान दिया उस
- 34:35कमरे का हर एक आइटम प्रिशियस था और आंखों
- 34:38को सुकून देने वाला था। यहां तक कि जो
- 34:40विंडो के ऊपर पर्दा भी लगा हुआ था, वह भी
- 34:43अपनी खूबसूरती को [संगीत] बयां कर रहा था।
- 34:46इसी समय कमरे में मेघा भी आई और कमरे को
- 34:49निहारती हुई बोली देखा आपने कितना सुंदर
- 34:52लग रहा है यह कमरा अब तो मजा आएगा जब भाभी
- 34:54यहां रहने आ जाएंगी मेघा की बात सुनकर
- 34:57शौर्य मुस्कुराया और बोला तुम्हें लगता है
- 35:00कि शिप्रा यहां रहने के लिए आएगी तो और
- 35:03क्या आपको क्या लगता है उन्होंने जो यह
- 35:06कमरा अपने हिसाब से सजाया है वह क्या
- 35:08सिर्फ दिखावे के लिए किया है आप देख नहीं
- 35:11रहे हैं कि यहां जो भी सामान लगाया गया है
- 35:14वह कितना अच्छा और खूबसूरत है। मेघा पूरे
- 35:17कमरे में अपनी नजर दौड़ाती हुई बोली।
- 35:20शौर्य ने मेघा की नजरों का अनुसरण किया।
- 35:23उसे मेघा सही बोलती प्रतीत हुई क्योंकि
- 35:26शिप्रा ने उस कमरे की हर एक छोटी से बड़ी
- 35:29चीजों के ऊपर खास ध्यान दिया था। वह समझ
- 35:32सकता था कि शिप्रा ने इस पर अच्छा खासा
- 35:35पैसा खर्च किया है। शौर्य को घर आए हुए
- 35:38लगभग 1 डेढ़ घंटा हो गया था। वह मेघा के
- 35:41साथ डाइनिंग हॉल में बैठा हुआ था। इसी समय
- 35:43गोपाल की वाइफ गीता दो कप चाय लेकर उसके
- 35:46सामने आ गई थी और उसने दोनों के सामने
- 35:49उसका कप पड़ा दिया। गिरजा लगभग 35 36 साल
- 35:53की युवती थी। जब उन्होंने शौर्य और मेघा
- 35:55के सामने चाय रखी तो शौर्य ने पूछा भाभी
- 35:59आपकी चाय कहां है? आपने अपना चाय क्यों
- 36:01नहीं लिया? शौर्य की बात सुनकर गिरजा
- 36:04हैरानी से शौर्य की ओर देखने लगी। जैसे वह
- 36:07उससे कह रही हो कि उसके सामने वह कैसे चाय
- 36:10पी सकती है? शौर्य ने गिरजा के भाव को
- 36:12महसूस कर लिया और मुस्कुराते हुए बोला
- 36:15दीदी आप यहां काम करती हैं तो इसका मतलब
- 36:18यह नहीं हुआ कि आप अपने मन का नहीं कर
- 36:20सकती। आप भी यहां एक तरह से हमारे परिवार
- 36:23का ही हिस्सा हैं और अभी तो यहां कोई
- 36:25ज्यादा लोग भी नहीं है। इसलिए जब आप हमारे
- 36:27लिए कुछ भी बनाती हैं तो आप अपने लिए भी
- 36:30बना लिया कीजिए। आप यह कभी मत सोचिए कि आप
- 36:34यहां एक नौकर के रूप में हैं। शौर्य की
- 36:36बात सुनकर मेघा भी गिरजा की ओर देखकर
- 36:39मुस्कुराते हुए बोली जाइए दीदी आप भी अपने
- 36:43लिए चाय बनाकर ले आइए। नहीं तो कहीं ऐसा
- 36:45ना हो कि श्रवण भैया ही आपके लिए चाय
- 36:47बनाने चले जाएं। नहीं नहीं उसकी कोई जरूरत
- 36:50नहीं है। मैं जाती हूं। मैं अपने लिए चाय
- 36:53बनाकर पी लूंगी। तब तक आप दोनों पीजिए।
- 36:55गिरजा सकुचाते हुए बोली। शिप्रा ने इतना
- 36:59बोला ही था कि तभी उसने बाहर किसी गाड़ी
- 37:02के खड़े होने की आवाज सुनी तो उसने गिरजा
- 37:04को रोकते हुए कहा रुक जाइए दीदी लगता है
- 37:08कोई बाहर आया है पहले देख लीजिए हो सकता
- 37:10है कि आपको कुछ और कप चाय बनानी पड़ जाए
- 37:13आप रहने दीजिए मैं जाकर देखती हूं कि बाहर
- 37:15कौन आया है। इतना बोलकर गिरजा बाहर गेट की
- 37:18तरफ बढ़ गई। इधर शौर्य भी सोच रहा था कि
- 37:22पता नहीं इस समय कौन आया है। शौर्य और
- 37:24मेघा दोनों की निगाह गेट की तरफ ही लगी
- 37:27हुई थी। तभी उसने देखा गिरजा के पीछेछे
- 37:31शिप्रा और मेघना दोनों आ रही थी। शिप्रा
- 37:34को देखकर मेघा अपनी जगह से खड़ी हो गई और
- 37:36वह भागकर शिप्रा के पास पहुंची। शिप्रा ने
- 37:39मेघा को अपनी तरफ आते देखा तो उसको खींच
- 37:41कर अपने गले से लगा लिया। मेघा शिप्रा से
- 37:44अलग होते हुए बोली भाभी आप आ गई। सच कहो
- 37:48तो मैं आपका दिन से ही इंतजार कर रही थी।
- 37:50इसके बाद मेघा ने मेघना को भी नमस्ते
- 37:53किया। शौर्य अपनी जगह पर खड़ा होकर दोनों
- 37:56को अपनी तरफ आते हुए देखता रहा। शौर्य की
- 37:59नजर मेघना से मिली तो मेघना ने मुस्कुराते
- 38:03हुए कहा तुमने तो मुझे अपने घर बुलाया
- 38:06नहीं। पर देखो मैं कितनी बेशर्म निकली कि
- 38:10बिन बुलाए ही तुम्हारे घर आ गई। शौर्य ने
- 38:12मेघना की बात को सुना। तो उसने भी मेघना
- 38:15को ऐसा ही जवाब दिया। क्यों झूठ बोल रही
- 38:17हो? तुम मेरे पास नहीं आई हो बल्कि तुम तो
- 38:19अपनी बहन के घर आई हो। शौर्य का यह जवाब
- 38:22सुनकर मेघना की आंखें बड़ी हो गई। उसने मन
- 38:26ही मन सोचा कितना तेज है यह लड़का। ऐसा
- 38:29जवाब दिया कि उसने एक लाइन में ही इस घर
- 38:32से शिप्रा का अपनापन जोड़ दिया। एक पल में
- 38:34ही शिप्रा को उसने यह एहसास करा दिया कि
- 38:37वह किसी और के पास नहीं बल्कि अपने घर में
- 38:40आई है। अब मेघना चाहकर भी कुछ नहीं बोल
- 38:43सकती थी। जबकि इस समय शिप्रा को यह सुनकर
- 38:46अच्छा लगा जो शौर्य ने मेघना से कहा कि वह
- 38:49अपने बहन के घर आई है। इस एक शब्द में है।
- 38:52शौर्य ने शिप्रा को कितना बड़ा अधिकार दे
- 38:54दिया था। शौर्य के यह कुछ शब्द ने ही
- 38:57शिप्रा के मन का झिंझक समाप्त कर दिया।
- 39:00यहां आने से पहले शिप्रा के मन में कई
- 39:02सवाल चल रहे थे कि श्रवण क्या सोचेगा कि
- 39:05वह बिना कुछ बोले ही उसके घर में आ गई है।
- 39:08ना इस बारे में दोनों ने कोई बात किया।
- 39:11आने से पहले वह इस बारे में भी कई बार
- 39:13सोची कि वह श्रवण को कैसे अपने इस उलझे मन
- 39:16स्थिति के बारे में समझा पाएगी। पर अब वह
- 39:19सारी भाव शिप्रा के मन से समाप्त हो गई
- 39:22थी। उसने यह महसूस कर लिया कि अब उसे इस
- 39:25बारे में शौर्य से कोई बात करने की जरूरत
- 39:27ही नहीं है। शौर्य की इन कुछ बातों को
- 39:30सुनने के बाद ही उसके मन में यह अनुभूति आ
- 39:33गई कि यह उसका अपना ही घर है। यहां आने से
- 39:36पहले जो उसके मन में एक परायापन का बोध
- 39:39था, वह अब समाप्त हो गया था। मेघा के कहने
- 39:42पर शिप्रा और मेघना भी उस डाइनिंग हॉल में
- 39:45ही शौर्य के सामने बैठ गए। उन दोनों के
- 39:47बैठने के बाद गिरजा ने शिप्रा और मेघना की
- 39:50ओर देखकर पूछा दीदी आप लोग क्या लेंगी चाय
- 39:53या कॉफी? गिरजा की बात सुनकर शिप्रा ने
- 39:56मेघा की ओर देखा तो मेघा बोली भाभी मैं और
- 39:59श्रवण भैया तो चाय पी रहे हैं। आप बोल
- 40:02दीजिए आपको क्या चाहिए? अभी दीदी बना
- 40:04लाएंगी। मेघा की बात सुनकर शिप्रा गिरजा
- 40:08से बोली तो फिर ठीक है। आप मेरे लिए भी
- 40:11चाय ही बना लाइए। शिप्रा की बात सुनकर
- 40:14गिरजा किचन में चली गई और कुछ ही देर में
- 40:16उन दोनों के लिए चाय बनाकर ले आई। गिरजा
- 40:19ने शिप्रा और मेघना के सामने चाय की कप रख
- 40:22दी और वह वहां से चली गई। गिरजा के वहां
- 40:24से जाने के बाद मेघा ने शिप्रा से पूछा
- 40:28भाभी आपके सामान कहां है? शिप्रा ने
- 40:30आश्चर्य से मेघा की ओर देखा। जैसे वह
- 40:33जानना चाहती हो कि मेघा ने यह कैसे समझा
- 40:36कि शिप्रा अपने सामान को भी लेकर आई हुई
- 40:39होगी। उसके भाव को समझकर शिप्रा फिर से
- 40:42बोली भाभी मैं अब इतनी भी नादान नहीं हूं।
- 40:45मुझे पता है जब आप आई हैं तो आपका सामान
- 40:47भी आपके साथ होना चाहिए। मेघा का जवाब
- 40:49सुनकर शिप्रा बोली मेरे सामान का बैग कार
- 40:52में ही है। शिप्रा का जवाब सुनकर मेघा ने
- 40:55गिरजा को बुलाया और उससे कहा दीदी आप
- 40:59गोपाल भैया को बोलकर भाभी की कार से उनका
- 41:01बैग निकालकर उनके कमरे में पहुंचा देने को
- 41:04बोल दीजिए ना। मेघा की बात सुनकर गिरजा
- 41:07वहां से चली गई। शौर्य देख रहा था कि मेघा
- 41:10कितनी होशियारी से हर एक चीज को संभाल रही
- 41:13थी। जबकि शौर्य को समझ नहीं आ रहा था कि
- 41:15वह शिप्रा के सामने कैसे व्यवहार करें। इस
- 41:18बीच मेघना ने बात की। शुरुआत करते हुए कहा
- 41:22तुमने यह घर तो बड़ा अच्छा लिया है। श्रवण
- 41:24मुझे नहीं पता था कि तुम्हारा घर इतना
- 41:26खूबसूरत होगा। वाकई यह जगह भी बहुत शानदार
- 41:30है और तुम्हारी कोठी भी मेघना की बात
- 41:33सुनकर शौर्य बोला शायद मेरी किस्मत ज्यादा
- 41:36अच्छी थी जो मुझे यह घर मिल गया। बाकी तुम
- 41:39बताओ तुम्हारा क्या चल रहा है? शौर्य का
- 41:42सवाल सुनकर मेघना बोली मैं तो तुम्हारे
- 41:45भरोसे हूं। जितनी जल्दी तुम मेरा काम पूरा
- 41:47करवा दोगे, उतनी जल्दी मैं फ्री हो
- 41:49जाऊंगी। आखिर नताशा कपूर कब वापस आ रही
- 41:53है? मेघना के सवाल के जवाब में शौर्य ने
- 41:56कहा, नताशा कपूर परसों आ जाएंगी। एक्चुअली
- 42:00परसों ही हंसल मेहता ने अपने स्ट्रांग
- 42:02एनर्जी ड्रिंक की लॉन्च पार्टी रखी है।
- 42:05उसी में नताशा कपूर आएंगी। उसके बाद हमारा
- 42:08काम समाप्त होने के बाद ही उसका यहां से
- 42:10जाना होगा। चलो यह बढ़िया है। वो आ जाएगी
- 42:13तो कम से कम शूटिंग तो कंप्लीट हो जाएगी।
- 42:16उसके बाद मैं अपनी आगे की प्लानिंग कुछ कर
- 42:17पाऊंगी। मेघना चैन की सांस लेते हुए बोली
- 42:21क्योंकि अभी तक वह भी इसी उधेड़बन में थी
- 42:24कि उसकी शूटिंग कब पूरी होगी। शौर्य के
- 42:27जवाब से अब उसे तसल्ली हुई। क्या भैया आप
- 42:30घर पर भी बिजनेस संबंधी बातें करने लगे?
- 42:33मेघा शौर्य और मेघना को काम की बात करते
- 42:35देखकर बोली ऐसा कुछ नहीं है। यह कोई
- 42:38बिजनेस संबंधी बात नहीं है। बस थोड़ी सी
- 42:41जानकारी है जिसका आदानप्रदान हुआ है।
- 42:43शौर्य मुस्कुराते हुए बोला, वह मेघा की
- 42:45होशियारी पर मुस्कुरा रहा था। मेघा ने
- 42:48देखा कि अब जब शौर्य और मेघना दोनों का
- 42:50ध्यान उसकी तरफ है तो उसने शुरा से कहा
- 42:53भाभी क्या आप अपना कमरा देखना नहीं
- 42:56चाहेंगी एक बार चलकर देखिए तो सही कि वह
- 42:59अब आपके हिसाब से डेकोरेट है या नहीं सही
- 43:02कहा चलो चल कर देखते हैं। मैं भी कब से
- 43:06यही सोच रही थी। पता नहीं उन लोगों ने किस
- 43:09तरह से सारे सामान को कमरे में एडजस्ट
- 43:12किया है। इतना बोलकर शिप्रा अपनी जगह पर
- 43:15खड़ी हो गई। उसके साथ ही मेघा और मेघना भी
- 43:18उठकर खड़ी हो गई। मेघा सबसे आगे-आगे चल
- 43:21दी। शिप्रा और मेघना उसके पीछेछे बढ़ गए।
- 43:24मेघना ने जब शौर्य को वहीं बैठे देखा तो
- 43:27उसने शौर्य से कहा, "क्या तुम हमारे साथ
- 43:29नहीं चलोगे?" मेघना का सवाल सुनकर शौर्य
- 43:32बोला, "मैंने पहले ही उस कमरे को देख लिया
- 43:35है। कमरा अच्छे से डेकोरेट हो रखा है। तुम
- 43:37सब जाकर देख लो। मैं यहीं बैठा हूं।"
- 43:39शौर्य का जवाब सुनकर मेघना ने कहा, ठीक
- 43:43है, फिर मैं अभी एक बार ऊपर देख कर आती
- 43:46हूं। अभी मुझे तुम्हारी इस कोठी को भी
- 43:48पूरा देखना है। जल्दी क्या है? तुम आराम
- 43:51से इस घर को देखो। मैं अभी यहीं हूं और
- 43:53तुम भी यहीं हो। शौर्य ने जवाब दिया। फिर
- 43:56अपने मोबाइल में कुछ करने लगा। उसके बाद
- 43:59मेघा शिप्रा और मेघना तीनों ऊपर वाले
- 44:03फ्लोर पर चले गए और शिप्रा के लिए तैयार
- 44:05कमरे में गए। शुप्रा ने देखा कि उसका कमरा
- 44:08बहुत ही सुंदर ढंग से सजा हुआ था। अपने
- 44:10कमरे को देखकर वह संतुष्ट नजर आई। मेघना
- 44:14भी इस कमरे को देखकर खुश थी। अब उसे समझ
- 44:17में आया कि शिप्रा ने वहां इतना सामान
- 44:19क्यों लिया था। अपने कमरे से संतुष्ट होने
- 44:22के बाद शिप्रा मेघा के साथ मेघना को पूरी
- 44:26कोठी का भ्रमण कराने लगी। हर एक हिस्से को
- 44:28उसने मेघना को दिखाया। अब शिप्रा मेघना को
- 44:32आगेआगे चलकर खुद ही कोठी के बारे में बता
- 44:34रही थी। इस बात को मेघा ने नोटिस किया पर
- 44:37उसने कुछ कहा नहीं पर उसके होठों पर एक
- 44:40मुस्कान बिखर गई थी जो अपने आप में ही
- 44:43बहुत कुछ कह रही थी। पूरी कोठी का भ्रमण
- 44:46करने के बाद मेघा शिप्रा के साथ फिर से
- 44:48आकर डाइनिंग रूम में बैठ गई थी। शौर्य अभी
- 44:51तक वहीं बैठा उन सबका इंतजार कर रहा था।
- 44:54कोई और वक्त होता तो शौर्य अपने कमरे में
- 44:56आराम कर रहा होता। पर क्योंकि आज शिप्रा
- 44:59और मेघना यहां आई हुई थी। इसलिए वह अपने
- 45:02कमरे में नहीं गया था। डाइनिंग हॉल में
- 45:05बैठे-बैठे समय कब बीत गया पता ही नहीं
- 45:08चला। गिरजा ने सबके लिए रात का खाना बनाया
- 45:10और सबने एक साथ खाना खाया। रात के समय
- 45:14शौर्य मेघा को लेकर उसके हॉस्पिटल छोड़ने
- 45:16चला गया क्योंकि अभी मेघा का नाइट शिफ्ट
- 45:19चल रहा था। शौर्य के मेघा के साथ जाने के
- 45:22बाद शिप्रा और मेघना शिप्रा के कमरे में
- 45:25चली गई थी और दोनों जाकर अपने बिस्तर पर
- 45:28ढेर हो गई थी। दोनों अपने कमरे में अकेले
- 45:31हो गए थे। तो मेघना ने शिप्रा से पूछा तो
- 45:34कैसा फील हो रहा है अपने घर में आकर?
- 45:36मेघना का सवाल सुनकर शिप्रा मेघना की ओर
- 45:39पलटी और फिर कुछ सोच कर बोली सच कहूं तो
- 45:43मैं यह एहसास बया नहीं कर सकती। मैंने
- 45:45पहले कभी ऐसा महसूस नहीं किया था। यहां तक
- 45:47कि मुझे यहां आने से पहले भी यह एहसास
- 45:51नहीं था कि इस घर में आने के बाद मुझे यह
- 45:54एक अलग ही अनुभूति होगी। मुझे यह फीलिंग
- 45:56आज तक अपने घर में नहीं हुई थी। जो मुझे
- 45:59यहां हो रहा है। श्रवण की उस एक बात ने ही
- 46:03मुझे यह फील करा दिया कि यह घर मेरा अपना
- 46:06है। मेघना ने शिप्रा की बात को ध्यान से
- 46:08सुना और कहा तुम्हें पता है जब मेघा यह घर
- 46:12मुझे दिखा रही थी तो तुम मेघा से पहले खुद
- 46:14ही आगे चलकर मुझे इस घर के बारे में बता
- 46:17रही थी। मेघा की बात सुनकर शिप्रा ने जब
- 46:20उस पल के बारे में सोचा तो उसे एहसास हुआ
- 46:23कि मेघा सच कह रही थी। पता नहीं कब। पर
- 46:26उसके मन में इस घर के लिए यह अपनात्व की
- 46:29भावना जागृत हो गई थी। शौर्य दरवाजे पर
- 46:32नौक की आवाज से उठा। उसने जाकर दरवाजा
- 46:34खोला तो सामने गिरजा चाय का कप थामे खड़ी
- 46:37थी। शौर्य ने दरवाजा खोल दिया। गिरजा अंदर
- 46:40आकर टेबल पर चाय का कप रखती और वहां से
- 46:43चली गई। शौर्य चाय का प्याला लेकर बालकनी
- 46:46में आ गया तो उसने देखा बालकनी में पहले
- 46:49से ही मेघना बैठी हुई थी। एक्चुअली शौर्य
- 46:52का कमरा और शिप्रा के कमरे दोनों की
- 46:54बालकनी एक ही थी। दोनों के कमरे का बैक
- 46:57डोर इस बालकनी में आकर खुलती थी। शौर्य ने
- 47:00मेघना को पहले से बैठे देखा तो उसने उसे
- 47:03गुड मॉर्निंग कहा। जवाब में मेघना ने भी
- 47:06गुड मॉर्निंग कहा। शौर्य भी वहां पहले से
- 47:09मौजूद दूसरे चेयर पर बैठ गया और रात कैसी
- 47:12बीती? शौर्य चाय का शिप लेते हुए बोला।
- 47:15बढ़िया अभी तक अच्छी नींद आई। कुछ भी कहो।
- 47:17यह जगह बहुत अच्छी है। ना कोई शोरसरावा,
- 47:20ना कोई भीड़ भरा का। सब तरफ शांति। मेघना
- 47:23लंबी सांस लेती हुई बोली। हां, यह तो है।
- 47:26शौर्य मेघना से सहमति जताते हुए बोला। फिर
- 47:29उसने मेघना के कमरे की तरफ ध्यान दिया पर
- 47:31दरवाजा बंद था। इसलिए अंदर शिप्रा सो रही
- 47:34थी या जाग रही है? यह पता नहीं चल रहा था।
- 47:37यह देखकर शौर्य मेघना से पूछा, क्या
- 47:40तुम्हारी बहन अभी तक सो ही रही है? यह
- 47:42तुमने कैसे समझा कि वह अभी तक सो रही है?
- 47:45मेघना शौर्य को घूरते हुए बोली, अरे नहीं,
- 47:48मैं तो यह बात यूं ही पूछ लिया। एक्चुअली
- 47:50तुम यहां अकेली बैठी थी ना इसलिए शौर्य ने
- 47:52जवाब दिया, नहीं ऐसा नहीं है। वह अभी
- 47:56फ्रेश हो रही थी। मेघना बोली, तुमने चाय
- 47:58पी लिया? सॉरी। चाय का सीख लेते हुए बोला,
- 48:02जवाब में मेघा बोली, हां, मैंने और शिप्रा
- 48:04नेपाली चाय पी लिया था। ओ एसएस मेघना का
- 48:08जवाब सुनकर शौर्य के मुंह से निकला। फिर
- 48:10कुछ देर दोनों में शांति छाई रही। उसके
- 48:13बाद मेघना ने कुछ सोचकर शौर्य से पूछा।
- 48:16मैं एक बात तुमसे पूछूं? क्या तुम इसका
- 48:18सही सही जवाब दोगे? मेघना का सवाल सुनकर
- 48:22शौर्य मेघना की ओर देखते हुए बोला, पूछो
- 48:25क्या पूछना चाहती हो? पहले तुम यह तो कहो
- 48:27कि तुम उसका जवाब सही दोगे या नहीं? मेघना
- 48:30शौर्य के ऊपर अपनी नजर गिराए हुए बोली, अब
- 48:33मैं तुम्हारा सवाल सुने बिना यह कैसे कह
- 48:35सकता हूं कि मैं तुमको इसका जवाब सही
- 48:38दूंगा या गलत? यह तो तुम्हारे सवाल पर
- 48:40निर्भर करता है। शौर्य यह समझने की कोशिश
- 48:43करता हुआ बोल कि मेघना क्या पूछ सकती है।
- 48:47ठीक है। मैं यह जानना चाहती हूं कि तुम
- 48:49अपना और शिप्रा का भविष्य क्या देखते हो।
- 48:53मेघना शौर्य की आंखों में देखती हुई बोली
- 48:56जैसे वह यह जानने का प्रयास कर रही थी कि
- 48:59शौर्य सच बोलने वाला है या गलत। शौर्य ने
- 49:04मेघना की बात को सुना और कुछ सोचते हुए
- 49:06बोला क्या तुमने यह सवाल शिप्रा से किया
- 49:09है और अगर किया है तो उसका क्या जवाब है
- 49:12पहले मैं यह जानना चाहता हूं शौर्य ने
- 49:15बहुत ही खूबसूरती से अपना जवाब डाल दिया
- 49:18पर मेघना पीछे हटने वाली नहीं थी उसने कहा
- 49:22सच कहूं तो मुझे उसका जवाब समझ में ही
- 49:24नहीं आया इसलिए तो मैंने तुमसे पूछा कि
- 49:27तुम अपने इस रिश्ते के भविष्य को कैसे
- 49:29देखते हो अच्छा ऐसा क्या जवाब दिया उसने
- 49:32जो [संगीत] तुम्हें समझ में नहीं आया आया।
- 49:34क्या तुम वो जवाब मुझे भी बता सकती हो?
- 49:37शौर्य आश्चर्य भरे स्वर में बोला। उसने
- 49:40कहा वह तुम्हारे साथ रिश्ते में तो रहना
- 49:43चाहती है पर तुम दोनों के बीच में कोई
- 49:45पति-पत्नी का संबंध नहीं चाहती। अब यह बात
- 49:48कैसे समझ में आ सकती है। मेघना शौर्य के
- 49:52चेहरे का रिएक्शन को देखना चाहती थी कि
- 49:54उसके जवाब से शौर्य के चेहरे पर क्या भाव
- 49:56आता है। पर शौर्य के चेहरे पर मेघना का
- 49:59जवाब सुनकर एक मुस्कान आ गई। उसे ऐसे ही
- 50:03जवाब की उम्मीद थी क्योंकि शिप्रा ने उससे
- 50:05यही कंडीशन तो रखा था। वह उसी मुस्कान के
- 50:08साथ बोला शिप्रा ने पहले ही मेरे सामने यह
- 50:11कंडीशन रख दी थी और इस बात में ऐसा क्या
- 50:15रहस्य छुपा था जो तुम्हें समझ में नहीं
- 50:17आया। शौर्य का जवाब सुनकर मेघना आश्चर्य
- 50:20से शौर्य को देखती हुई बोली क्यों?
- 50:23तुम्हें क्या इसमें ना समझ में आने वाली
- 50:25कोई बात नजर नहीं आ रही है? आखिर यह किसको
- 50:28समझ में आएगा कि पतिप के बीच में जो पतिप
- 50:31का एक वास्तविक संबंध होता है वही ना हो।
- 50:35सभी पुरुष हो या स्त्री सबके शरीर की अपनी
- 50:38एक नीड होती है। अगर उसकी पूर्ति ही ना हो
- 50:41तो फिर इस रिश्ते का मतलब क्या रह गया?
- 50:43तुम्हारी बात अपनी जगह सही है। पर यहां एक
- 50:45बात और भी है ना कि उसने अपनी यह कंडीशन
- 50:48मेरे सामने पहले ही जाहिर कर दी है। और यह
- 50:51मेरे ऊपर था कि मैं इसे मानता हूं या नहीं
- 50:54मानता हूं। अगर नहीं मानता हूं तो वह मुझे
- 50:57तलाक देने के लिए तैयार थी। पर मैं उसकी
- 51:00इस कंडीशन को मान गया हूं। मैंने उसे बोल
- 51:02दिया है कि मुझे इस रिश्ते में रहने से
- 51:05कोई ऐतराज नहीं है और मैं उसकी कंडीशन को
- 51:08मानने को तैयार हूं। शौर्य ने शांत स्वर
- 51:11में जवाब दिया। शौर्य का जवाब सुनकर मेघा
- 51:14उसको हैरानी से देखने लगी। वह इस बात को
- 51:18मानने को तैयार ही नजर नहीं आ रही थी कि
- 51:20कोई लड़का एक लड़की से अपनी शारीरिक जरूरत
- 51:23की पूर्ति के बिना अपनी शादी को कंटिन्यू
- 51:26रखने के लिए तैयार हो सकता है। वह
- 51:29अविश्वास भरे स्वर में बोली पता नहीं
- 51:32क्यों पर मुझे तुम्हारी इस बात पर विश्वास
- 51:35नहीं हो रहा है। आखिर तुम क्यों इस रिश्ते
- 51:37में बंधे रहना चाह रहे हो? जहां तुम्हें
- 51:39पत्नी का सुख ही ना मिले। क्या तुम कोई
- 51:42महात्मा हो? या तुम्हारे शरीर की अपनी कोई
- 51:45नीड नहीं है। ना ऐसा कुछ नहीं है। ना ही
- 51:49मैं कोई महात्मा हूं और ना ही बनने का कोई
- 51:51इरादा है। और जैसा तुम समझ रही हो। मेरी
- 51:55अपनी कोई नीड नहीं है। तो मैं कहूंगा मैं
- 51:58पूरी तरह से तंदुरुस्त हूं तो इसलिए मेरे
- 52:00शरीर की भी अपनी नीड तो है। पर उसने इस पर
- 52:03कोई प्रतिबंध तो लगाया नहीं है। मैं उसके
- 52:06साथ संबंध नहीं रख सकता। पर ऐसा भी नहीं
- 52:08है कि अगर बाहर कहीं मैं किसी के संबंध
- 52:11में आता हूं तो उसे उससे कोई ऐतराज होगा।
- 52:15तो इसीलिए तुम भी अपने दिमाग से इस बात को
- 52:18निकाल दो कि मैं कोई महात्मा बनने वाला
- 52:20हूं क्योंकि उसने मुझ पर इस तरह का कोई
- 52:23प्रतिबंध नहीं लगाया है। इसलिए मुझे इस
- 52:25रिश्ते में रहने से कोई ऐतराज नहीं है।
- 52:28शौर्य ने जवाब दिया। पर शौर्य के इस जवाब
- 52:31ने मेघना को और भी कंफ्यूज कर दिया। उसने
- 52:34पूछा जब तुम किसी और के साथ संबंध में जा
- 52:38सकते हो तो फिर शादी को कंटिन्यू करने का
- 52:40क्या मतलब है? इससे तुम्हें क्या मिलने
- 52:43वाला है? यह शिप्रा ही इस रिश्ते से क्या
- 52:46प्राप्त कर लेंगी? मेघना का सवाल सुनकर
- 52:48शौर्य सोच में पड़ गया कि उसे मेघना को
- 52:50क्या जवाब देना चाहिए। इसी समय उसने महसूस
- 52:53किया कि शिप्रा के कमरे का दरवाजा थोड़ा
- 52:56सा हिला था। पर फिर वह खुला नहीं। उसे लगा
- 53:00शायद कोई दरवाजे के पीछे खड़ा है। फिर
- 53:02अगले ही पल शौर्य के दिमाग में यह बात भी
- 53:05आई कि कहीं शिप्रा अपने कमरे के दरवाजे के
- 53:07पीछे से उन दोनों की बात को सुन तो नहीं
- 53:10रही है। यह सोच दिमाग में आते ही उसने कुछ
- 53:14निश्चय किया और मेघना से बोलना शुरू किया।
- 53:17क्या शिप्रा ने तुम्हें हम दोनों के बीच
- 53:20इस शादी को लेकर क्या कंडीशन रखी गई है?
- 53:22उसके बारे में नहीं बताया। अगर बताया होगा
- 53:25तो तुम्हें समझ में आ जाना चाहिए था। देखो
- 53:28जहां तक मेरी बात है तो अगर शिप्रा मुझसे
- 53:30तलाक ले भी लेती तो यह जरूरी नहीं था कि
- 53:33मुझसे उसके जैसे कोई लड़की शादी करती।
- 53:36दूसरी बात मैं दोबारा कहीं शादी करने को
- 53:39इंटरेस्टेड भी नहीं होता। सच कहूं तो मैं
- 53:42खुद भी इस बर्डन में रहना नहीं चाहता। पर
- 53:44शिप्रा के साथ शादी में होने से ऐसे बर्डन
- 53:47से फ्री हूं। जिस तरह के रिश्ते में अभी
- 53:50हम हैं, उसमें ना उसे मुझसे कोई अपेक्षा
- 53:53है, ना ही मुझे उससे कोई अपेक्षा है।
- 53:56इसलिए हमारे बीच कोई क्लेश होने की
- 53:58संभावना भी नहीं है। और जहां तक यह बात है
- 54:01कि इस रिश्ते में क्यों रहना है, तो मैं
- 54:04तुम्हें बताऊं कि मैं पैरेंटिंग का सुख
- 54:07चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि मेरे कोई
- 54:09बच्चा हो और इस बात के लिए शिप्रा भी
- 54:12तैयार है। वह इसके लिए तैयार है। हम
- 54:15भविष्य में आईवीएफ के थ्रू बच्चे कर सकते
- 54:17हैं। तो इस तरह से हमारी यह जरूरत भी पूरी
- 54:20हो जाएगी और जहां तक रही शारीरिक जरूरत की
- 54:23बात तो उसके लिए और भी कई रास्ते हैं।
- 54:26इसलिए मुझे इस रिश्ते में रहने से कोई
- 54:28आपत्ति नहीं है। तो तुम कह सकती हो कि हम
- 54:32दोनों की शादीशुदा जिंदगी का भविष्य मेरी
- 54:35तरफ से तो लंबा ही रहेगा। बाकी अगर शिप्रा
- 54:38का कभी इरादा चेंज होता है तो कह नहीं
- 54:40सकता। शौर्य की पूरी बात को सुनकर मेघना
- 54:43समझ गई कि इन दोनों को समझाने का कोई
- 54:45फायदा नहीं है क्योंकि उसने यह महसूस कर
- 54:48लिया कि दोनों की अपनी-अपनी अलग ही जरूरत
- 54:51है और दोनों उसको एक तरह से फुलफिल भी कर
- 54:55रहे हैं। इसलिए वह यह तो समझ गई कि शौर्य
- 54:57अपनी तरफ से तो इस रिश्ते से बाहर निकलने
- 55:00की कोशिश नहीं करेगा। हां, अगर भविष्य में
- 55:03शिप्रा का ही विचार चेंज हो गया तो शायद
- 55:05बात दूसरी हो। पर मेघा को इसकी भी संभावना
- 55:09कम ही दिख रही थी। पर उसे एक बात जरूर सता
- 55:12रही थी कि जब सच में ही शौर्य का कहीं
- 55:16किसी दूसरी लड़की के साथ रिलेशन होगा तो
- 55:19क्या शिप्रा उस बात को एक्सेप्ट कर पाएगी?
- 55:22यह बात तो भविष्य में ही छुपा हुआ था। जब
- 55:24कुछ ऐसा होगा तभी इस बात का पता चलेगा। यह
- 55:28सब सोचकर मेघना शौर्य से बोली, सही है।
- 55:31दोनों एक जैसे हो पर देखते हैं कि कब तक
- 55:34तुम दोनों का यह रिश्ता कायम रह पाता है।
- 55:37शौर्य ने मेघना की बात को सुना और
- 55:39मुस्कुरा कर रह गया। इसी समय शिप्रा के
- 55:42कमरे का दरवाजा खुला और शिप्रा अपने हाथ
- 55:44में चाय का कप लिए हुए बालकनी में प्रवेश
- 55:47की। शिप्रा को देखकर लग रहा था कि वह पूरी
- 55:50तरह से तैयार होकर आई थी। इस समय उसने एक
- 55:53वाइट सूट पहन रखा था। वाइट सूट में उसका
- 55:56गोरा चेहरा और भी खिल कर आ रहा था। एक पल
- 56:00को तो शौर्य की निगाह शिप्रा पर जम ही गई
- 56:03थी। पर जल्दी ही उसने खुद को कंट्रोल किया
- 56:05और उससे अपनी नजर हटा ली। मेघना ने जब
- 56:08शिप्रा के हाथ में चाय का कप देखा तो बोली
- 56:11क्या तुमने दोबारा चाय ले लिया? तो शिप्रा
- 56:14बोली पहले जो मुझे चाय मिली थी वह तो ठंडी
- 56:16हो गई। इसलिए मैं नीचे जाकर गिरजादी से
- 56:19बोलकर दोबारा अपने लिए बनवा ली। शिप्रा का
- 56:22जवाब सुनकर मेघना बुरा सा मुंह बनाती हुई
- 56:25बोली कमीनी जब अपने लिए बनवाई ही थी तो
- 56:29मेरे लिए भी [संगीत] एक कप ले आती। मेघना
- 56:32की बात सुनकर शिप्रा मुस्कुरा पड़ी और
- 56:34बोली अगर तुम्हें और चाय पीनी है तो तुम
- 56:38अभी भी जाकर ले सकती हो। मेरे ख्याल से
- 56:40अभी चाय बची हुई ही होगी। क्योंकि अभी ही
- 56:43मेघा घर आई है। उसको भी चाय पीनी होगी।
- 56:46देख लो अगर तुम्हें पीना है तो नीचे जाकर
- 56:48ले आओ। शिप्रा की बात सुनकर मेघना उठी और
- 56:51कमरे से होती हुई नीचे की ओर चली गई।
- 56:54शिप्रा मेघना की खाली की हुई कुर्सी पर
- 56:56बैठ गई। उसने शौर्य की तरफ देखा और बोली
- 56:59लगता है तुम अभी ही सोकर उठे हो। शौर्य भी
- 57:03अब तक चाय पी चुका था। वह शिप्रा से सहमति
- 57:05जताते हुए बोला, हां बस। थोड़ी देर पहले
- 57:08गिरजा दीदी ने ही आकर उठाया तो उठा था।
- 57:11थैंक यू। शिप्रा बात बदलकर शौर्य को देखते
- 57:14हुए बोली। शौर्य ने जब शिप्रा को थैंक यू
- 57:16बोलते देखा तो उसने आश्चर्य से कहा यह
- 57:19थैंक यू किस लिए इसीलिए कि तुमने मेरे लिए
- 57:22मोहित रैना से बात की थी जिसके बाद मेरी
- 57:25सारी परेशानी दूर हो गई नहीं तो उससे पहले
- 57:28मैं बहुत घबराई हुई थी शिप्रा ने जवाब
- 57:31दिया अच्छा उसलिए अरे वो इतनी भी बड़ी बात
- 57:34नहीं थी वैसे क्या बात हुई तुम्हारी मोहित
- 57:37सर से शौर्य ने अनजान बनते हुए पूछा जैसे
- 57:41उसे उसके मामले के बारे में कुछ पता ही
- 57:43नहीं था शिप्रा को भी लगा कि उसे कम से कम
- 57:46अपनी वर्तमान हालात के बारे में श्रवण को
- 57:48बताना चाहिए। इसलिए उसने कहा तुम्हें शायद
- 57:51नहीं पता। पर मैंने अपनी कंपनी मोहित रैना
- 57:54को बेच दी है। वैसे तो शौर्य को पहले से
- 57:57यह पता था पर वो अपने चेहरे पर आश्चर्य
- 58:01प्रकट करते हुए बोला। यह तुम क्या कह रही
- 58:04हो? तुमने अपनी अच्छी भली कंपनी को बेच
- 58:07दी। पर उसकी क्या जरूरत थी? सौरश तुम्हें
- 58:10नहीं पता। पर दादाजी के कारण हालात कुछ इस
- 58:12तरह के बन गए थे कि मुझे मजबूरन यह कदम
- 58:16उठाना पड़ा। अगर देखा जाए तो एक तरह से यह
- 58:18ठीक भी है। कम से कम अब मैं फ्री महसूस कर
- 58:21रही हूं। शिप्रा ने जवाब दिया। शौर्य अपने
- 58:24चेहरे पर दुख प्रकट करते हुए बोला। अब जब
- 58:27तुमने अपनी कंपनी बेच दी है तो फिर सोचा
- 58:29है कि अब आगे क्या करोगी? हां। अभी कुछ
- 58:33समय मैंने जॉब करने की सोची है। उसको लेकर
- 58:35मोहित रैना से कुछ बात भी हुई है। शायद आज
- 58:38मिलने पर हो सकता है कुछ पक्का हो जाए।
- 58:41शिप्रा बोली अगर मोहित रैना ने कहा है तो
- 58:45जरूर कुछ अच्छा ही जॉब होगा उसके पास
- 58:47तुम्हारे लिए। शौर्य शिप्रा को आश्वस्त
- 58:50करते हुए बोला। शौर्य की बात सुनकर शिप्रा
- 58:53मुस्कुराते हुए बोली। वैसे यह कोई इतनी
- 58:56बड़ी बात नहीं है। मेरी कंपनी शुरू करने
- 58:58से पहले भी मेरे पास दूसरी कई बड़ी
- 59:00कंपनियों के जॉब प्रपोजल थे। पर मैंने उस
- 59:04समय अपनी कंपनी को खड़ा करने में अपना
- 59:05ध्यान लगाया। पर अगर मैं दोबारा भी कोशिश
- 59:08करती तो मुझे कोई ज्यादा परेशानी नहीं
- 59:11होती। मेरी निगाह में वैसे भी एक दो जगह
- 59:14मेरे लिए जॉब के ऑप्शन है। आज मोहित रहना
- 59:18से मिलकर देख लेते हो कि उनके पास मेरे
- 59:20लिए किस तरह का जॉब है। उसके बाद सोचूंगी
- 59:24शिप्रा नॉर्मल भाव में बोली अब आगे क्या
- 59:27होगा। आखिर मोहित रैना से शिप्रा को किस
- 59:31तरह का जॉब मिलने वाला है। शौर्य और
- 59:34शिप्रा की बातें ज्यादा लंबी नहीं चली थी।
- 59:36तभी मेघना फिर से वहां पर आ गई थी। अब
- 59:39उसके भी हाथ में चाय का प्याला था। वह
- 59:41वहां आते ही शौर्य से बोली, तुम्हारी यह
- 59:45ग्रेजा दीदी बहुत अच्छा खाना बनाती है।
- 59:47हां, यह तो है। शौर्य मुस्कुराते हुए
- 59:50बोला, इसके बाद शौर्य अपनी जगह से उठ गया।
- 59:53एक्चुअली उस बालकनी में दो ही चेयर था। तो
- 59:56शौर्य को लगा शायद मेघना को भी यहां बैठना
- 59:59होगा। और दूसरी बात यह भी थी कि शौर्य को
- 1:00:02आज मेनका के पास भी जाना था। क्योंकि उसे
- 1:00:05वहां से पैराडाइज होटल की नीलामी में भी
- 1:00:08जाना था। इसलिए शौर्य बोला ठीक है तुम
- 1:00:12दोनों बातें करो मैं भी जरा जाकर तैयार हो
- 1:00:14जाऊं क्योंकि मुझे अभी किसी काम से जाना
- 1:00:16भी है। पता नहीं कुछ तो बात थी जो शिप्रा
- 1:00:20को शौर्य का वहां से उठकर जाना अच्छा नहीं
- 1:00:23लग रहा था। वह चाह रही थी कि शौर्य भी
- 1:00:25उसके साथ ही वहां पर बैठा रहे। उसे वहां
- 1:00:28पर अचानक फिर से मेघना का आ जाना भी पसंद
- 1:00:30नहीं आया था। पर वह यह बात जाहिर नहीं कर
- 1:00:33सकती थी। यह क्या बात हुई? मैं आई और तुम
- 1:00:36चल दिए। चले जाना जल्दी क्या है? सुबह की
- 1:00:39गुनगुनी धूप अच्छी लग रही है। मेघना शौर्य
- 1:00:43को रोकने की कोशिश करती हुई बोली। वह
- 1:00:45चाहती थी कि शिप्रा और शौर्य में थोड़ी
- 1:00:48बातें हो जिससे शायद उन दोनों की दूरियों
- 1:00:51को कम किया जा सके। मेघना शौर्य के खाली
- 1:00:54किए कुर्सी पर बैठी नहीं बल्कि वह बालकनी
- 1:00:57की रेलिंग से टेक लगाकर खड़ी हो गई। शौर्य
- 1:01:01ने भी खड़ा होने के बाद बैठने का उपक्रम
- 1:01:03नहीं किया। बल्कि वह भी बालकनी की रेलिंग
- 1:01:06को पकड़ कर सामने उगते सूरज की ओर मुंह
- 1:01:09करके खड़ा हो गया था। शौर्य और शिप्रा को
- 1:01:12चुप हो जाते देखकर मेघना को लगा शायद उसे
- 1:01:15इतनी जल्दी वापस नहीं आना चाहिए था। अकेले
- 1:01:18में शायद यह दोनों कुछ ज्यादा बातें करते।
- 1:01:20पर शायद उसके सामने यह दोनों बात करने में
- 1:01:23कंफर्टेबल नहीं है। यह सोचकर उसने माहौल
- 1:01:26को हल्का करने की नियत से कहा। कहीं मैंने
- 1:01:29तुम दोनों पतिप के बीच में आकर रंग में
- 1:01:33भंग तो नहीं डाल दिया। ऐसा कुछ नहीं है।
- 1:01:36तुम कुछ ज्यादा ही सोच रही हो। शौर्य
- 1:01:39मेघना की ओर देखकर बोला मेरे सोचने से
- 1:01:42क्या होता है? मैं तो चाह रही थी कि तुम
- 1:01:44दोनों के बीच कुछ बातें हो। कुछ ऐसे
- 1:01:46मोमेंट क्रिएट हो कि तुम दोनों थोड़े करीब
- 1:01:49आ जाओ। पर फिर लगता नहीं कि मेरे ऐसा
- 1:01:52सोचने से तुम दोनों की सोच में कोई फर्क
- 1:01:54आने वाला है। मेघना आह भरती हुई बोली सब
- 1:01:58कुछ पता होने के बाद भी तुमको ऐसा बोलना
- 1:02:01जरूरी है क्या? शिप्रा मेघना को करी नजरों
- 1:02:05से देखते हुए बोली। शिप्रा को नाराज होते
- 1:02:07देखकर मेघना बोली अच्छा ठीक है बाबा अब
- 1:02:11मैं ऐसा कुछ नहीं बोलती। तुम दोनों की जो
- 1:02:13मर्जी हो तुम वही करो। वैसे तो मुझे भी
- 1:02:16मोहित रैना से मिलने जाना है। बाकी जो
- 1:02:19पेपर वर्क है उसे भी पूरा करके मोहित रैना
- 1:02:22को देना है और अपने जॉब को लेकर भी बात
- 1:02:24करनी है। शिप्रा चेयर से उठती हुई बोली
- 1:02:27उसने अपना चाय अब तक समाप्त कर लिया था।
- 1:02:30यह बढ़िया है। तुम सबको तो यहां अपना काम
- 1:02:33है। पर मैं ही यहां फालतू में बैठी हुई
- 1:02:35हूं। मेघना हताशा में बोली, "क्यों? तुम
- 1:02:39क्यों खाली हो? तुम भी शहर में अपनी कंपनी
- 1:02:42का आउटलेट खोलने का क्यों नहीं सोच रहे?
- 1:02:44तुम्हें भी अपने स्टोर को विस्तार देना
- 1:02:47चाहिए। शौर्य मेघना का उत्साहवर्धन करते
- 1:02:50हुए बोला हां मैंने ऐसी प्लानिंग कर तो
- 1:02:53रखी है पर उससे पहले मेरा भी यह प्लान है
- 1:02:56कि मैं भी मोहित रैना से मीटिंग करके बिग
- 1:02:59बुल में अपनी कंपनी का एक सेक्शन तो खुलवा
- 1:03:01ही लूं। मेघना अपना इरादा स्पष्ट करती हुई
- 1:03:04बोली फिर तो यह बढ़िया रहेगा कि तुम भी
- 1:03:07शिप्रा के साथ ही मोहित रैना से मिलने चली
- 1:03:09जाओ। शौर्य मेघना की बात से अपनी बात को
- 1:03:12जोड़ते हुए बोला तो मेघना भी शौर्य की बात
- 1:03:16से सहमति जताते हुए बोली हां तुम यह ठीक
- 1:03:20कह रहे हो शिप्रा तो पहले से तैयार है तो
- 1:03:23फिर मैं भी जाती हूं जल्दी से तैयार हो
- 1:03:25जाती हूं इतना बोलकर मेघना फिर से अपने
- 1:03:29कमरे के अंदर चली गई एक बार फिर से शौर्य
- 1:03:32और शिप्रा बालकनी में अकेले रह गए थे
- 1:03:35मेघना के जाने के बाद शौर्य को कुछ याद
- 1:03:37आया तो वह बोला अरे हां मैं तो भूल ही
- 1:03:41गया। तुम वह ज्वेलरी सेट तो लाई ही होगी
- 1:03:44जो मैंने तुम्हें गिफ्ट में दिया था।
- 1:03:46शिप्रा को समझ नहीं आया कि शौर्य ऐसा
- 1:03:49क्यों पूछ रहा है? वह शौर्य की और अन्य
- 1:03:51भिज्जता से देखते हुए बोली क्यों? क्या
- 1:03:55बात है? तुम यह क्यों पूछ रहे हो? अरे मैं
- 1:03:58तो यह इसलिए पूछ रहा हूं कि तुम्हें वह
- 1:04:00गिफ्ट वापस भी तो करनी होगी। तुम तो उसे
- 1:04:03वैसे भी नहीं लेने वाली हो। इसलिए वह
- 1:04:05गिफ्ट मेरे काम तो आ ही जाएगा। इसलिए
- 1:04:07मैंने यह पूछ लिया। शौर्य सफाई देते हुए
- 1:04:10बोला। शौर्य की बात सुनकर शिप्रा सोचने को
- 1:04:13मजबूर हो गई कि क्या श्रवण उससे उसका दिया
- 1:04:17हुआ गिफ्ट वापस मांग रहा है। पर इस बार
- 1:04:20शिप्रा ने शौर्य को उसका गिफ्ट वापस देने
- 1:04:23के बारे में सोचा ही नहीं था। पर शौर्य की
- 1:04:26बात सुनकर उसे याद आया कि उसने शौर्य से
- 1:04:29क्या कह रखा था कि वह उससे कोई महंगा
- 1:04:32गिफ्ट नहीं ले सकती। शायद इसीलिए शौर्य
- 1:04:35उससे उस गिफ्ट के बारे में पूछ रहा है। वह
- 1:04:37शौर्य की ओर देखते हुए बोली क्या तुम उस
- 1:04:40गिफ्ट को वापस चाहते हो? वापस चाहते हो का
- 1:04:43क्या मतलब हुआ? तुमने खुद ही तो कहा था कि
- 1:04:45तुम ऐसे गिफ्ट मुझसे ले नहीं सकते। तो
- 1:04:48मुझे लगा शायद तुम्हें वह वापस करना हो।
- 1:04:50इसलिए मैंने यह पूछ लिया। शौर्य ने जवाब
- 1:04:54दिया। शौर्य का जवाब सुनकर शिप्रा को
- 1:04:57ध्यान आया कि किस तरह शौर्य ने उसको दिए
- 1:05:00हुए पहले गिफ्ट को जिसे उसने वापस कर दिया
- 1:05:02था उसको शौर्य ने रुचि मल्होत्रा को गिफ्ट
- 1:05:05कर दिया था जिसे देखकर शिप्रा को बहुत
- 1:05:08बुरा भी लगा था। वैसे इस बात को शिप्रा ने
- 1:05:11कहीं जाहिर नहीं किया था कि शौर्य ने
- 1:05:13शिप्रा के लिए गिफ्ट को किसी और को दे
- 1:05:16दिया। अब एक बार फिर से शिप्रा सोचने को
- 1:05:19मजबूर थी कि कहीं ऐसा ना हो कि शिप्रा
- 1:05:22शौर्य को वह नेकलेस का सेट वापस करें और
- 1:05:25शौर्य फिर से वह किसी और को दे दे जो कि
- 1:05:28शिप्रा किसी भी हाल में ऐसा नहीं चाहती
- 1:05:30थी। इसलिए उसने शौर्य से पूछ लिया। क्या
- 1:05:34तुम फिर से इस ज्वेलरी आइटम को किसी को
- 1:05:36देने की सोच रहे? शिप्रा का सवाल सुनकर
- 1:05:39शौर्य बोला अभी तक ऐसा कुछ नहीं है। लेकिन
- 1:05:42हो सकता है कि भविष्य में अगर मुझे ऐसी
- 1:05:45किसी और की पार्टी में जाना पड़ा तो हो
- 1:05:47सकता है शायद मैं उसे इस ज्वेलरी को गिफ्ट
- 1:05:50कर दूं। तुम ऐसा कैसे कर सकते हो? किसी और
- 1:05:53को दिया हुआ गिफ्ट किसी और को कैसे दे
- 1:05:55सकते हो? शिप्रा तीखे स्वर में बोली, "यह
- 1:05:58क्या बात हुई? अगर मेरे पास कोई सामान है
- 1:06:01और मैं उसे किसी को देता हूं तो उससे
- 1:06:03तुम्हें क्या फर्क पड़ने वाला है? और ऐसा
- 1:06:06कहने का क्या मतलब हुआ? शौर्य नासमझ बनते
- 1:06:08हुए बोला, क्या तुम सच में इतने नासमझ हो?
- 1:06:13तुमने जब उस गिफ्ट को जिसे मैंने तुमको
- 1:06:15वापस किया था, उसको रुचि मल्होत्रा को
- 1:06:18देते देखा तो मुझे अच्छा नहीं लगा। तुम वह
- 1:06:21गिफ्ट पहले मुझे दे चुके थे। फिर तुमने उस
- 1:06:24गिफ्ट को रुचि मल्होत्रा को कैसे दे दिया?
- 1:06:27शिप्रा अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से शौर्य को
- 1:06:30देखते हुए बोली। शौर्य हैरानी से शिप्रा
- 1:06:32की ओर देखते हुए बोला, अरे तो मैं उस
- 1:06:36गिफ्ट का क्या करता? तुमको वह चाहिए नहीं
- 1:06:39था। या यह कहूं कि तुम मुझसे वह गिफ्ट ले
- 1:06:41नहीं सकती थी और मुझे रुचि को उसके बर्थडे
- 1:06:45पर गिफ्ट देना था। जब मेरे पास पहले से ही
- 1:06:47एक ज्वेलरी आइटम थी तो फिर मैं क्यों
- 1:06:50दूसरे किसी गिफ्ट आइटम को खरीदने में अपने
- 1:06:52पैसे को खर्च करता। इसलिए जो मेरे पास था
- 1:06:56उसे मैं उसको दे दिया। इसमें तुमको बुरा
- 1:06:59लगने वाली क्या बात है? बुरा लगने वाली ही
- 1:07:02बात है। तुम लड़कियों की साइकोलॉजी नहीं
- 1:07:04समझोगे। यह किसी को अच्छा नहीं लगता कि
- 1:07:06उसको दी हुई चीज कोई किसी और को दे दे।
- 1:07:10शिप्रा समझाती हुई बोली, देखो बात ऐसी
- 1:07:13नहीं है। मुझे नहीं पता था कि तुम भी उस
- 1:07:15पार्टी में आने वाली हो। नहीं तो तुम्हें
- 1:07:17तो पता भी नहीं चलता कि मैं वह गिफ्ट
- 1:07:20किसको दिया है और शायद आगे भी जब तुम मुझे
- 1:07:24यह गिफ्ट वापस करने वाली हो तो तुम्हें
- 1:07:26कहां पता चलेगा कि मैंने इसको किसी को
- 1:07:29दिया नहीं दिया। मेरे पास है या मैंने इसे
- 1:07:31वापस कर दिया। शौर्य सफाई देते हुए बोला
- 1:07:35हर बार तो पिछली बार की तरह नहीं होगा कि
- 1:07:37तुम्हें पता चल जाएगा कि मैं इस गिफ्ट को
- 1:07:40किसी को दिया या नहीं दिया। वह तो उस दिन
- 1:07:44भी तुम्हें पता नहीं चलता। अगर वह विजय
- 1:07:46दीवान बीच में आकर फालतू में अपने आप को
- 1:07:48ज्यादा दिखाता नहीं तो। वैसे एक बात कहूं
- 1:07:52वह बंदा तुम पर भी फिदा हो रखा था। शौर्य
- 1:07:55शिप्रा की तारीफ में बोला। शिप्रा महसूस
- 1:07:58कर रही थी कि शौर्य अब उससे थोड़ा खुलकर
- 1:08:00बात करने लगा था। नहीं तो पहले वह उससे
- 1:08:03जितनी जरूरत होती थी, उतना ही बात करता
- 1:08:05था। शौर्य का यह बोलना कि विजय दीवान
- 1:08:09शुक्रा पर फिदा था। यह दिखा रहा था कि वह
- 1:08:12अब शिप्रा से थोड़ा खुलता जा रहा था।
- 1:08:15शिप्रा को अपने विचारों में गुम देखकर
- 1:08:17शौर्य ने फिर से पूछा, क्या हुआ? तुमने
- 1:08:20बताया नहीं कि वह नेकलेस तुम्हारे पास ही
- 1:08:22है या नहीं? है तो मेरे पास ही पर अगर तुम
- 1:08:26इसे भी किसी और को गिफ्ट करने वाले हो तो
- 1:08:29फिर मैं तुम्हें इसे वापस नहीं देने वाली।
- 1:08:32अब शिप्रा की झिझक भी शौर्य से बात करते
- 1:08:35हुए खत्म होती जा रही थी। यार तुम्हें
- 1:08:38क्या फर्क पड़ता है कि मैं उसे किसी को
- 1:08:40देता हूं या नहीं देता हूं। वैसे मैंने
- 1:08:43कहा ना कि तुम्हें तो पता भी नहीं चलेगा
- 1:08:45कि मैंने उसे किसी को दिया या नहीं दिया।
- 1:08:49शौर्य समझाने वाले भाव में बोला पर शिप्रा
- 1:08:52उसे वह गिफ्ट वापस देने से मूड में नहीं
- 1:08:54दिख रही थी। उसने शौर्य से पूछा भी कि तुम
- 1:08:57उस नेकलेस को वापस लेकर क्या करोगे? तो
- 1:09:00शौर्य ने जवाब दिया यह तो अभी मुझे भी
- 1:09:03नहीं पता कि मैं उसका आगे क्या करूंगा।
- 1:09:05लेकिन जब वह मुझे वापस मिल जाएगा तो कुछ
- 1:09:07ना कुछ तो करूंगा ही। पर तुम यह सब क्यों
- 1:09:10पूछ रही हो? तुमने तो पहले कहा था तुम्हें
- 1:09:14मेरी एक बात से कोई मतलब नहीं होगा। मैं
- 1:09:16क्या करता हूं? क्या नहीं करता? तो फिर अब
- 1:09:19इन बातों का क्या मतलब हुआ? शौर्य शिप्रा
- 1:09:22को उसकी पुरानी बातें याद दिलाते हुए
- 1:09:24बोला। अच्छा मैं एक काम करती हूं। वह
- 1:09:27नेकलेस जितने का था। मैं तुम्हें वह पैसे
- 1:09:30वापस कर देती हूं। उसके बाद तो उससे
- 1:09:33तुम्हें जो भी लेना हो तुम वह ले सकते हो।
- 1:09:35यह तो ठीक रहेगा। शिप्रा शौर्य से बोली
- 1:09:38मुझे समझ नहीं आ रहा है कि तुम ऐसा क्यों
- 1:09:40कर रही हो। क्या तुम्हें वह नेकलेस का सेट
- 1:09:44पसंद है? कहीं इसलिए तो तुम मुझे उस
- 1:09:47नेकलेस के सेट के बदले में पैसे वापस नहीं
- 1:09:49कर रही। शौर्य शक भरी नजरों से शिप्रा को
- 1:09:52देखते हुए बोला। तुम ऐसा कह सकते हो कि वह
- 1:09:55नेकलेस का सेट मुझे बहुत पसंद है। इसलिए
- 1:09:58मैं उसे वापस नहीं कर रही। हां, मैं
- 1:10:00तुम्हें उसके पैसे अभी वापस करने को तैयार
- 1:10:02हूं। शिप्रा बोली, शौर्य समझ गया कि अब
- 1:10:05उसे वह नेकलेस नहीं मिलने वाला। पर शौर्य
- 1:10:08यही तो चाहता था। वह इस बात से खुश ही था।
- 1:10:12इसलिए शिप्रा की बात के जवाब में वह बोला,
- 1:10:14"अगर तुम्हें वह इतना पसंद है तो फिर मुझे
- 1:10:17वह वापस नहीं चाहिए और ना ही मुझे पैसे
- 1:10:20चाहिए।" वह तो सही मायने में मेरी तरफ से
- 1:10:23तुम्हारे लिए गिफ्ट ही था। तुम ही उसे
- 1:10:26स्वीकार नहीं कर रही थी। इसलिए तो मैं उसे
- 1:10:29वापस लेने की बात कर रहा था। जब तुम्हें
- 1:10:31वह पसंद है तो फिर तो कोई बात ही नहीं है।
- 1:10:35शौर्य मुस्कुराता हुआ बोला। इतना बोलने के
- 1:10:38बाद शौर्य शिप्रा से इजाजत लेते हुए बोला
- 1:10:41ठीक है फिर अभी मैं निकलता हूं क्योंकि
- 1:10:44मुझे तैयार भी होना है। उसके बाद एक जरूरी
- 1:10:47काम के लिए मुझे कहीं जाना है। इतना बोलकर
- 1:10:51शौर्य बालकनी से अपने कमरे में आ गया। और
- 1:10:54जाकर बाथरूम में घुस गया और जल्दी से नहा
- 1:10:58धोकर बाहर आया और अपने कपड़े पहनकर तैयार
- 1:11:01हो गया। शौर्य ने घड़ी पर नजर दौड़ाया तो
- 1:11:03अभी लगभग 9:30 बजने वाले थे। घड़ी देखने
- 1:11:06के बाद वह जल्दी से घर से निकल गया। शौर्य
- 1:11:09का गंतव्य होटल राजकमल ही था। शौर्य होटल
- 1:11:12राजकमल पहुंचा तो उसने मेनका और विक्रम को
- 1:11:15अपना इंतजार करते पाया। शौर्य मेनका के
- 1:11:17सामने चेयर पर बैठते हुए बोला। मैं लेट तो
- 1:11:20नहीं हुआ? मेनका ने मुस्कुरा कर जवाब
- 1:11:22दिया। नहीं तुम टाइम पर ही हो। मेनका का
- 1:11:26जवाब सुनकर शौर्य बोला तो फिर अब आगे का
- 1:11:29क्या प्लान है? मेनका ने जवाब दिया हम
- 1:11:32तैयार हैं। चलो चलते हैं। इसके बाद शौर्य
- 1:11:35विक्रम और मेनका तीनों होटल से बाहर आए और
- 1:11:38मेनका की कार से ही निकल गए। आधे घंटे में
- 1:11:41मेनका की कार बिल्डिंग लोकेशन पर पहुंची।
- 1:11:43मेनका ने पहले से ही सारी तैयारी कर रखी
- 1:11:46थी। इसलिए ज्यादा कोई फॉर्मेलिटी नहीं
- 1:11:49करनी थी। मेनका अपनी कार को ले जाकर सीधा
- 1:11:52पार्किंग में खड़ा किया और तीनों कार से
- 1:11:54बाहर आए। मेनका ने विक्रम की ओर देखकर
- 1:11:57कहा, "पता तो करो यह मोहित रैना कितनी देर
- 1:12:00में पहुंच रहा है?" मेनका की बात सुनकर
- 1:12:03शौर्य आश्चर्य से मेनका की ओर देखते हुए
- 1:12:05पूछा, क्या मोहित रैना भी यहां आ रहा है?
- 1:12:08मेनका ने जवाब दिया, हां, वह भी आ रहा है।
- 1:12:12हमने उसे पहले ही यहां पहुंचने के लिए बोल
- 1:12:14दिया है। पर इसकी क्या जरूरत थी?
- 1:12:17यहां पर शौर्य को समझ नहीं आया था कि
- 1:12:19मेनका ने मोहित रैना को भी यहां क्यों
- 1:12:22बुलाया है। शौर्य की इस बात पर मेनका ने
- 1:12:24जवाब दिया, एक्चुअली हमने बिड़ंग के लिए
- 1:12:27दो अलग-अलग नाम से अप्लाई किया है। इसलिए
- 1:12:30मैंने मोहित रैना को भी विक्रम के कहने पर
- 1:12:32बुला लिया। विक्रम और मोहित एक साथ जाएंगे
- 1:12:36और मैं और तुम एक साथ रहेंगे। शौर्य मेनका
- 1:12:39की बात सुनकर बोला, पर इसकी क्या जरूरत
- 1:12:42थी? अगर हम एक ही नाम से विड करते तो क्या
- 1:12:45मुश्किल होने वाली थी?
- 1:12:47यह तुम्हें अभी समझ नहीं आएगा। एक बार
- 1:12:49बडिंग कंप्लीट हो जाने दो। फिर तुम्हें
- 1:12:51समझ आ जाएगा कि मैं ऐसा क्यों कर रही हूं।
- 1:12:54मेनका मुस्कुराती हुई बोली। ठीक है। जब
- 1:12:58तुम कह रही हो तो कुछ सोच कर ही तुमने ऐसा
- 1:13:00प्लान किया होगा। अब तो मैं भी देखना
- 1:13:02चाहता हूं कि यहां क्या होने वाला है।
- 1:13:05इतना कहकर तीनों पार्किंग से बाहर आ गए।
- 1:13:08इतनी देर में विक्रम ने अपने फोन से मोहित
- 1:13:10रैना को फोन करके पूछ लिया कि वह कहां है?
- 1:13:13मोहित रैना ने भी उसे जवाब दिया कि मैं
- 1:13:16लोकेशन पर पहुंच चुका हूं। मैं बिल्डिंग
- 1:13:18हॉल के बाहर ही खड़ा हूं। मोहित रैना की
- 1:13:20बात पर विक्रम ने कहा ठीक है। मैं पहुंच
- 1:13:24रहा हूं। इतना कहकर विक्रम ने अपना फोन रख
- 1:13:27दिया और उसने शौर्य और मेनका की तरफ देखकर
- 1:13:30कहा मोहित रैना पहले ही आ रखा है। वह हाल
- 1:13:34के बाहर ही हमारा इंतजार कर रहा है तो फिर
- 1:13:36ठीक है। चलो फिर चलते हैं। इसके बाद तीनों
- 1:13:40पार्किंग से बाहर आ गए। पार्किंग से बाहर
- 1:13:43आते हुए मेनका ने विक्रम से कहा अब ऐसा
- 1:13:46करो तुम हम दोनों से अलग हो जाओ क्योंकि
- 1:13:49मैं नहीं चाहती कि तुम्हें कोई भी हमारे
- 1:13:51साथ देखे जिससे किसी को शक हो कि हम दोनों
- 1:13:54एक ही टीम से हैं। मेनका कि इस बात को
- 1:13:57सुनकर शौर्य को मामला कुछ कुछ समझ में आने
- 1:14:00लगा था। इसके बाद विक्रम मेनका और शौर्य
- 1:14:03के पास से आगे निकल गया और मेनका शौर्य के
- 1:14:06साथ थोड़ी सी धीमी हो गई ताकि विक्रम उससे
- 1:14:09थोड़ा सा डिस्टेंस बना ले। अभिशौर्य और
- 1:14:11मेनका बिल्डिंग हॉल से थोड़ी दूर ही थी कि
- 1:14:15तभी मेनका के मुंह से निकला। मैंने इसकी
- 1:14:18उम्मीद नहीं की थी यह यहां क्या कर रहा
- 1:14:20है? मेनका की बात सुनकर शौर्य मेनका की ओर
- 1:14:23देखने लगा और धीरे से बोला, "तुम किसकी
- 1:14:26बात कर रही हो? ऐसा किससे देख लिया तुमने?
- 1:14:29जो तुम यह कह रही हो कि तुम उसकी उम्मीद
- 1:14:31नहीं कर रही थी। शौर्य की बात सुनने से
- 1:14:34पहले ही मेनका के कदम रुक गए थे। जिसके
- 1:14:37कारण मजबूरन शौर्य को भी उसके साथ रुकना
- 1:14:40पड़ा। फिर शौर्य ने मेनका की नजरों का
- 1:14:43पीछा किया तो उसने देखा उससे कुछ दूर आगे
- 1:14:46एक लड़का किसी लड़की के साथ खड़ा था जिसके
- 1:14:50ऊपर ही मेनका की निगाह टिकी हुई थी। शौर्य
- 1:14:53ने मेनका को उस लड़के को देखते पाया तो
- 1:14:56उसने पूछा कौन है यह? जिसकी तुम उम्मीद
- 1:14:59नहीं कर रही थी। शौर्य की बात सुनकर मेनका
- 1:15:03ने जवाब दिया, यह प्रतीक है। प्रतीक राठौर
- 1:15:06तुम्हारा कजन। मेनका की बात सुनकर शौर्य
- 1:15:08को झटका सा लगा। इसके बाद शौर्य ने भी गौर
- 1:15:12से उसे लड़के की तरफ देखा और होठों में
- 1:15:14बुदबुदाया। अच्छा तो यही है प्रतीक। पर यह
- 1:15:17यहां क्या कर रहा है? कहीं यह भी तो यहां
- 1:15:20होटल की बिल्डिंग के लिए ही तो नहीं आया
- 1:15:21है। शौर्य की बात सुनकर मेनका ने शौर्य की
- 1:15:24तरफ देखा। फिर कुछ सोचने लगी। उसे भी यकीन
- 1:15:28हो गया कि प्रतीक भी शायद पैराडाइज होटल
- 1:15:30के बिल्डिंग के लिए ही यहां आया है
- 1:15:32क्योंकि उसके साथ जो लड़की खड़ी थी वह कोई
- 1:15:35और नहीं। सुधाकर खुराना की बेटी मालिनी
- 1:15:38खुराना थी। सुधाकर खुराना भी होटल व्यवसाय
- 1:15:41से संबंध रखता था। इसलिए मेनका समझ सकती
- 1:15:44थी। जरूर मालिनी के कारण ही प्रतीक भी इस
- 1:15:48बिडिंग के लिए यहां आया हुआ है। मेनका को
- 1:15:51इस बात से थोड़ा आश्चर्य भी हुआ था कि
- 1:15:53प्रतीक ने उसे बताया नहीं था कि वह होटल
- 1:15:55पैराडाइज के बिल्डिंग में हिस्सा लेने जा
- 1:15:57रहा है क्योंकि मेनका होटल लाइन में ही
- 1:16:00काम कर रही थी। इसलिए यह स्वाभाविक था कि
- 1:16:04प्रतीक उससे पूछता या उससे चर्चा करता। पर
- 1:16:08होटल पैराडाइज के बिल्डिंग में हिस्सा
- 1:16:11लेने से पहले उसने ऐसा कुछ भी नहीं किया।
- 1:16:15जबकि प्रतीक का मेनका से अच्छा संबंध था।
- 1:16:18वैसे मेनका को यह पता नहीं था कि प्रतीक
- 1:16:21और मालिनी दोनों इतने करीब हैं कि साथ में
- 1:16:24ही दोनों इस बिल्डिंग के लिए आए हैं। क्या
- 1:16:27हुआ? तुम किस सोच में खो गई? शौर्य मेनका
- 1:16:30को किसी सोच में गुम देखकर बोला। मेनका यह
- 1:16:33नहीं समझ पा रही थी कि क्या उसे प्रतीक का
- 1:16:35सामना करना चाहिए कि नहीं। पर उसने सोचा
- 1:16:39वह क्यों पीछे हटे। कायदे से तो इस बारे
- 1:16:42में प्रतीक को उससे बात करनी चाहिए थी। पर
- 1:16:44प्रतीक ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। मेनका
- 1:16:47अपनी सोच से बाहर आते हुए बोली, कुछ नहीं।
- 1:16:51मुझे उम्मीद नहीं था कि मैं इसे यहां
- 1:16:52देखूंगी। इसलिए सोच में खो गई थी कि अगर
- 1:16:56प्रतीक इस बिल्डिंग में हिस्सा लेने जा
- 1:16:57रहा था। उसके बाद भी उसने मेरे से एक बार
- 1:17:00भी इसकी चर्चा [संगीत] नहीं की। क्या यह
- 1:17:03इतनी बड़ी बात है कि तुम इसके कारण उसके
- 1:17:06बारे में सोचने को मजबूर हो गई? शौर्य
- 1:17:09गंभीरता से बोला, नहीं ऐसा नहीं है। मेरा
- 1:17:12उसके यहां होने पर सोचने का कारण यह है कि
- 1:17:15प्रतीक मुझे अपना अच्छा दोस्त कहता था।
- 1:17:18उसके बाद भी यह होटल के बिल्डिंग में
- 1:17:20हिस्सा लेने जा रहा है। और वह जानता है कि
- 1:17:22मैं होटल राजकमल को इतने समय से संभाल रही
- 1:17:26हूं। तो मैं यह उम्मीद तो कर ही सकती थी
- 1:17:29कि वह कम से कम इस बारे में मुझसे एक बार
- 1:17:32चर्चा तो जरूर करता। पर उसने तो मुझे इसकी
- 1:17:36भनक भी नहीं लगने दी। तो यह है तुम्हारी
- 1:17:38परेशानी का मेन कारण कि उसने तुमसे पूछा
- 1:17:41नहीं। पर तुम मुझसे ऐसा उम्मीद क्यों कर
- 1:17:43रही हो? शौर्य दूर खड़े प्रतीक की ओर
- 1:17:46देखता हुआ बोला। खैर छोड़ो इन बातों को।
- 1:17:49अगर उसने नहीं पूछा तो मुझे भी मुझसे बात
- 1:17:52करने की कोई जरूरत नहीं है। चलो हम लोग
- 1:17:54अंदर चलते हैं। यह बोलकर मेनका शौर्य के
- 1:17:58साथ प्रतीक को इग्नोर कर आगे बढ़ने लगी।
- 1:18:00पर इसी समय प्रतीक ने शायद नोटिस कर लिया
- 1:18:03था कि मेनका भी यहां आई हुई है। इसलिए वह
- 1:18:06मेनका की ओर बढ़ते हुए दूर से ही उसको
- 1:18:08आवाज दिया। अरे मेनका तुम यहां मुझे
- 1:18:12उम्मीद नहीं था कि मैं तुम्हें यहां
- 1:18:14देखूंगा। प्रतीक की बात सुनकर मजबूरन
- 1:18:17मेनका को उसके लिए रुकना पड़ा। अगर वह
- 1:18:19प्रतीक की बात को इग्नोर कर आगे बढ़ती तो
- 1:18:22यह अच्छा मैनर नहीं कहा जाता। इसलिए उसने
- 1:18:25ऐसा जाहिर किया जैसे उसने अभी ही यह नोटिस
- 1:18:28किया कि प्रतीक भी यहां है। मेनका भी
- 1:18:31आश्चर्य प्रकट करते हुए बोली प्रतीक
- 1:18:35तुम यहां मैंने भी नहीं सोचा था कि मैं
- 1:18:38तुम्हें यहां देखूंगी। कहो कैसे आना हुआ?
- 1:18:41मैं तो होटल पैराडाइज के बिल्डिंग के लिए
- 1:18:43आया हूं। पर तुम यहां क्या कर रही हो?
- 1:18:45क्या तुम भी यहां बिडिंग में हिस्सा लेने
- 1:18:47के लिए आई हो? प्रतीक मुस्कुराता हुआ
- 1:18:50बोला। जैसे वह मेनका का उपहास कर रहा हो
- 1:18:54कि उसकी इतनी हैसियत ही नहीं है कि वह
- 1:18:57होटल पैराडाइज के बिल्डिंग में हिस्सा ले
- 1:19:00सके। इनाशी
- 1:19:02मुझे नहीं पता था कि तुम भी इस बिल्डिंग
- 1:19:04में हिस्सा ले रहे हो। तुमने इसके बारे
- 1:19:06में बताया भी नहीं। पर मैं भी यहां इस
- 1:19:08बिल्डिंग के लिए ही आई हूं। मैं भी देखना
- 1:19:10चाहती हूं कि आखिर किसके नसीब में यह होटल
- 1:19:13पैराडाइज जाता है। मेनका भी उसी मुस्कान
- 1:19:17के साथ बोली जैसा प्रतीक के चेहरे पर था।
- 1:19:20तो क्या तुम्हारी हैसियत इतनी हो गई है कि
- 1:19:22अब तुम भी इतने बड़े होटल की मालिक बनना
- 1:19:25चाहती हो? प्रतीक का इरादा अभी भी मेनका
- 1:19:28का उपहास उड़ाने का ही था। बनना या ना
- 1:19:30बनना तो बाद की बात है। पर कोशिश करने में
- 1:19:33क्या जाता है? कोशिश तो कर ही सकती है।
- 1:19:36प्रतीक और मेनका की बात के बीच में आते
- 1:19:38हुए शौर्य ने यह बात कही। शौर्य की बात को
- 1:19:42सुनकर प्रतीक ने शौर्य की तरफ देखा। फिर
- 1:19:45मेनका की तरफ देखकर पूछा। इन महाशय का
- 1:19:48परिचय यह कौन है जो बीच में तुम्हारी
- 1:19:50वकालत करने आ गए हैं? मेनका को प्रतीक की
- 1:19:53बात सुनकर गुस्सा तो बहुत आ रहा था पर वह
- 1:19:55मन महसूस कर चुप रह गई थी। वह समझ रही थी
- 1:19:59कि प्रतीक जानबूझकर मालिनी के ऊपर अपना
- 1:20:02इंप्रेशन जमाने के लिए उसके साथ इस तरह से
- 1:20:04व्यवहार कर रहा है। पर इस बीच में शौर्य
- 1:20:07को उसका पक्ष लेते देखकर उसे खुशी हुई। वह
- 1:20:11कुछ कहते हैं। शौर्य के बारे में उससे
- 1:20:14पहले श्रवण बोल पड़ा। मैं श्रवण हूं। इसका
- 1:20:18दोस्त। तुम्हें शायद किसी लड़की से बात
- 1:20:20करने का तरीका नहीं आता। इसलिए मुझे
- 1:20:23तुम्हारे बीच में आना पड़ा। तुम्हें शायद
- 1:20:25अपने पैसे वाले होने का कुछ ज्यादा ही
- 1:20:28घमंड है। जिसे शायद तुम संभाल नहीं पा रहे
- 1:20:32हो। तुम हो कौन जो मुझसे ऐसी बात करने की
- 1:20:35हिम्मत कर रहे हो? तुम मुझे जानते भी हो।
- 1:20:38किसी को कुछ भी बोलने से पहले तुम्हें
- 1:20:40उसके बारे में पता कर लेना चाहिए। नहीं तो
- 1:20:43किसी राह पर हाथ पैर तुड़वाए पड़े हुए
- 1:20:45होंगे। प्रतीक शौर्य को खुद को ऐसे बोलते
- 1:20:49देखकर बर्दाश्त नहीं कर पाया और वह गुस्से
- 1:20:52में शौर्य की तरफ बढ़ते हुए बोला। मेनका
- 1:20:55को लगा कि बात ज्यादा ना बढ़ जाए। इसलिए
- 1:20:57वह उन दोनों के बीच में आ गई और प्रतीक को
- 1:21:00समझाती हुई बोली। इसे तुम्हारे बारे में
- 1:21:02पता नहीं है। इसलिए यह इतना बोल गया। तुम
- 1:21:06रहने दो। मैं इसे बता दूंगी कि तुम कौन
- 1:21:08हो। अभी जिस काम के लिए आए हो पहले उसे
- 1:21:10देखते हैं। मेनका की बात सुनकर प्रतीक
- 1:21:13अपनी जगह पर खड़ा हो गया। पर वह अभी भी
- 1:21:16शौर्य को गुस्से से देखता रहा। पर शौर्य
- 1:21:20अपनी जगह पर खड़ा स्माइल करता रहा। शौर्य
- 1:21:23की स्माइल प्रतीक का खून को और जला रही
- 1:21:25थी। प्रतीक फिर से कुछ बोलते ही वाला था
- 1:21:28कि तभी मालिनी सामने आती हुई बोली मुझे
- 1:21:31लगता है मैंने इसे पहले भी कहीं देखा है।
- 1:21:34पर याद नहीं आ रहा है कहां? मालिनी की बात
- 1:21:38सुनकर प्रतीक शौर्य का उपहास उड़ाते हुए
- 1:21:41बोला अरे देखा होगा किसी सड़क किनारे भीख
- 1:21:45मांगते हुए जैसे ही मालिनी ने प्रतीक के
- 1:21:48मुंह से सड़क किनारे शब्द सुना उसे ध्यान
- 1:21:51आ गया और उसने कहा अरे हां मुझे याद आ गया
- 1:21:55आज ही तो देखा था जब हम यहां आ रहे थे तो
- 1:21:57रास्ते में सड़क किनारे बड़े से बैनर में
- 1:22:00यह नताशा कपूर के साथ था जैसे ही प्रतीक
- 1:22:03ने मालिनी के मुंह से यह सुना कि वह नताशा
- 1:22:05कपूर के साथ किसी बैनर में था। इसका मतलब
- 1:22:08वह कोई मॉडल होगा। तो उसने और भड़कते हुए
- 1:22:12कहा, "तुम भी क्या बकवास कर रही हो। कहां
- 1:22:15इस कहां इस सड़क छाप को को नताशा कपूर के
- 1:22:18साथ इमेजिन कर रही हो। तुम तो इसका कद
- 1:22:20बढ़ा रही हो। प्रतीक का शौर्य के लिए ऐसा
- 1:22:23बोलने का कारण यह था कि प्रतीक शौर्य को
- 1:22:25पहचान गया था कि उसने कभी उस पर अपना कजिन
- 1:22:29समझकर हमला करवाया था। पर बाद में उसे
- 1:22:31मेनका से ही पता चला था कि यह लड़का उसका
- 1:22:34कजिन नहीं है। बल्कि वह उसके लिए काम करने
- 1:22:36वाला उसका मुलाजिम है। यह सोचकर उसे
- 1:22:40विश्वास था यह कोई मॉडल नहीं हो सकता जो
- 1:22:42नताशा कपूर के साथ काम कर रहा होगा। पर
- 1:22:45मालिनी को पूरा यकीन था कि नहीं। उसने इसी
- 1:22:48चेहरे को उस बैनर में देखा था। इसलिए उसने
- 1:22:51कंफर्म करने के लिए शौर्य से ही पूछा।
- 1:22:54क्या तुम मॉडलिंग करते हो? शौर्य मालिनी
- 1:22:57की बात सुनकर मुस्कुराया और बोला तुम्हारी
- 1:23:02नजर के दांत देनी पड़ेगी। मैं मॉडलिंग
- 1:23:04नहीं करता पर हां उस पोस्टर में तुमने
- 1:23:07जिसे देखा था वह मैं ही हूं। शौर्य की बात
- 1:23:10सुनकर मालिनी खुश होती हुई बोली। देखा
- 1:23:14मैंने कहा था ना मेरी नजरें धोखा नहीं खा
- 1:23:16सकती। मैंने सचमुच इसे ही देखा था। मालिनी
- 1:23:20को शौर्य के लिए खुश होते देखकर प्रतीक के
- 1:23:23चेहरे पर नागवारी के भाव आ गए। वह
- 1:23:25खिसियानी बिल्ली की तरह छिड़कर बोला तो
- 1:23:28कौन सी बड़ी बात हो गई? ऐसे सड़क छाप मॉडल
- 1:23:30मेरे आगे पीछे सैकड़ों में घूमते रहते
- 1:23:32हैं। बात को अलग दिशा में जाते देखकर
- 1:23:35मेनका फिर से बीच में आती हुई बोली अब
- 1:23:38रहने भी दो। तुम किस चक्कर में पड़ गए?
- 1:23:42अभी जिस काम के लिए आए हो पहले उस काम को
- 1:23:44करते हैं। टाइम भी हो रहा है। तुम्हें भी
- 1:23:47हॉल के अंदर जाना चाहिए और मुझे भी समय से
- 1:23:50हॉल में जाना है। इसलिए इस फालतू की बात
- 1:23:53को यही विराम देते हैं। इतना कहकर मेनका
- 1:23:57शौर्य का हाथ पकड़ कर उसको खींचती हुई उस
- 1:23:59हॉल की तरफ बढ़ गई जहां बीडिंग होने वाली
- 1:24:02थी। जबकि प्रतीक मेनका को उसे इग्नोर करके
- 1:24:05शौर्य का हाथ पकड़ कर खींचते हुए देखकर जल
- 1:24:08रहा था। क्योंकि कोई समय था जब प्रतीक
- 1:24:11मेनका के पीछे पड़ा हुआ था। उसने कई बार
- 1:24:14कोशिश किया था कि मेनका को वह अपने
- 1:24:16कंट्रोल में कर ले। पर मेनका कभी भी उसके
- 1:24:19काबू में नहीं आ पाई क्योंकि मेनका
- 1:24:22चंद्रभान राठौर के मित्र की बेटी थी।
- 1:24:24इसलिए भी प्रतीक मेनका के साथ जबरदस्ती
- 1:24:28नहीं कर सकता था। अब आगे क्या होगा? शौर्य
- 1:24:31और प्रतीक के टकराव का क्या परिणाम होगा?
- 1:24:35आखिर होटल पैराडाइज का नीलामी कौन जीतेगा?
- 1:24:39मेनका शौर्य का हाथ पकड़ कर खींचते हुए
- 1:24:42बिल्डिंग हॉल की तरफ पड़ गई। उसे यहां पर
- 1:24:44कई जाने पहचाने चेहरे नजर आ गए थे। वह यह
- 1:24:47जानकर हैरान थी कि होटल पैराडाइज की
- 1:24:50नीलामी की बात हर तरफ फैल गई थी। तभी उसे
- 1:24:53यहां इतने सारे जाने पहचाने चेहरे नजर आ
- 1:24:56रहे थे। यानी इस बार राघव चड्ढा की होटल
- 1:24:59की नीलामी आम ना होने देने की कोशिश फेल
- 1:25:02हो गई थी। मेनका को इसी समय हॉल से बाहर
- 1:25:04आता हुआ राघव चड्ढा भी दिखाई दिया। जिसके
- 1:25:07चेहरे की नाराजगी साफ देखी जा सकती थी।
- 1:25:10इतने सारे जाने पहचाने चेहरों को देखकर
- 1:25:12राघव चढा भी परेशान था। उसका जो प्लान फेल
- 1:25:15हो रहा था, उसकी झलक उसके चेहरे पर देखी
- 1:25:18जा सकती थी। अब राघव चढा चाहकर भी अपने
- 1:25:21मकसद में कामयाब नहीं हो सकता था। क्योंकि
- 1:25:23अगर वह होटल को नीलामी से बचना चाहता तो
- 1:25:27अब तक उसका लिया हुआ पैसा ब्याज के साथ
- 1:25:30इतना ज्यादा हो गया होगा कि उस होटल की
- 1:25:32कीमत से ज्यादा कीमत उसकी नीलामी को रोकने
- 1:25:35के लिए पे करना पड़ता। इसलिए राघव चढ़ा यह
- 1:25:39जोखिम तो ले नहीं सकता था। अब वह यही
- 1:25:41कोशिश कर सकता था कि नीलामी में ही सही।
- 1:25:44पर वह अपने होटल को बचाने में कामयाब हो
- 1:25:46जाए। मेनका राघव चड्ढा के चेहरे के भाव से
- 1:25:50स्पष्ट समझ पा रही थी कि वह कितना परेशान
- 1:25:53है। मेनका यहां पर इतने सारे जाने पहचाने
- 1:25:56चेहरे को देखकर शौर्य से बोली लगता है इस
- 1:25:58बार राघव चड्ढा का प्लान फेल हो गया है
- 1:26:00क्योंकि इस बार वह होटल की नीलामी की बात
- 1:26:03को राज नहीं रख सका। तभी यहां इतने सारे
- 1:26:07चेहरे नजर आ रहे हैं। तुम किन की बात कर
- 1:26:10रही हो? शौर्य मेनका की बात सुनकर बोला,
- 1:26:13"तुम जो यहां पर इतने सारे लोगों को देख
- 1:26:15रहे हो, इनमें से बहुत सारे लोग इस शहर के
- 1:26:18बहुत ही प्रतिष्ठित लोगों में से एक हैं
- 1:26:21और उनका यहां होना यही जताता है कि वह सब
- 1:26:24भी यहां इस होटल की बिल्डिंग के लिए ही आए
- 1:26:26हैं। मेनका ने शौर्य को जवाब दिया। मेनका
- 1:26:30की बात सुनकर शौर्य वहां उपस्थित लोगों के
- 1:26:33चेहरे को देखने लगा। इसी समय उसकी निगाह
- 1:26:36राघव चढ़ा के ऊपर भी गई। उसने उसके चेहरे
- 1:26:39पर झलक रही परेशानी को देखकर मेनका से
- 1:26:41पूछा वह जो सामने शख्स खड़ा है वह कौन है
- 1:26:45और वह इतना परेशान क्यों नजर आ रहा है?
- 1:26:48शौर्य के इशारे करने वाली दिशा में देखती
- 1:26:50हुई मेनका बोली यही है राघव चड्ढा जिसका
- 1:26:53यह होटल हुआ करता था जो कि अब नीलाम होने
- 1:26:56वाला है। यहां उपस्थित लोगों को देखकर वह
- 1:27:00समझ गया है कि आज उसके लिए बहुत ही
- 1:27:03परेशानी भरा दिन होने वाला है। मेनका की
- 1:27:06बात सुनकर शौर्य ने गौर से राघव चड्ढा की
- 1:27:09तरफ देखा। वह शक्ल से हनिया नजर आ रहा था।
- 1:27:13मेनका शौर्य के साथ राघव चढा के पास से
- 1:27:15गुजरते हुए हॉल में प्रवेश कर गई। जब वह
- 1:27:18राघव चड्ढा के पास से गुजर रही थी, उस समय
- 1:27:21दोनों की नजरें भी मिली थी। मेनका को यहां
- 1:27:24देखकर एक पल को तो राघव चड्ढा के चेहरे पर
- 1:27:26हैरानी भी नजर आई। वह मेनका से कुछ बोलना
- 1:27:29भी चाहता था। पर मेनका राघव चड्ढा को
- 1:27:32इग्नोर कर आगे बढ़ गई। मेनका शौर्य के साथ
- 1:27:35उस हॉल में पहुंच गई और एक सही जगह देखकर
- 1:27:38वह शौर्य के साथ जाकर वहां पर बैठ गई।
- 1:27:41उसने देखा विक्रम और मोहित रैना पहले ही
- 1:27:43उस हॉल में पहुंच चुके थे और वे भी अपने
- 1:27:46लिए एक जगह देखकर वहां पर बैठ गए थे। धीरे
- 1:27:50धीरे बाहर के लोग भी अब हॉल के अंदर आने
- 1:27:52लगे थे और अपनी-अपनी जगह पर आकर बैठने लगे
- 1:27:55थे। इस दरमियान वहां पर कई ऐसे लोग भी आए
- 1:27:58थे जो मेनका को पहले से जानते थे और उन
- 1:28:00लोगों ने मेनका से हाई हेलो भी किया था।
- 1:28:03प्रतीक भी मालिनी खुराना के साथ उस हाल
- 1:28:06में आ गया था। वह मेनका से कुछ दूरी पर
- 1:28:08आकर मालिनी के साथ बैठ गया था और वह
- 1:28:11बार-बार घुरकर शौर्य की तरफ देख रहा था।
- 1:28:14पर शौर्य उसको इग्नोर किए हुए था। शौर्य
- 1:28:17ने गौर किया कि मालिनी बार-बार पलट कर
- 1:28:20उसकी तरफ देख रही थी। शौर्य को समझ नहीं
- 1:28:22आया कि मालिनी ऐसा क्यों कर रही है। पर वह
- 1:28:26यह बात नोटिस कर रहा था कि मालिनी की
- 1:28:28आंखों में शौर्य को लेकर कोई नाराजगी का
- 1:28:32भाव नहीं था। बल्कि उसके चेहरे को देखकर
- 1:28:35ऐसा लग रहा था। जैसे वह शौर्य को और जानना
- 1:28:38चाहती हो। जब सभी अपनी जगह पर बैठ रहे थे,
- 1:28:40इस समय मालिनी अपनी जगह से उठी और शौर्य
- 1:28:44के करीब आकर बोली, मिस्टर श्रवण, मैं आपसे
- 1:28:47एक बार मिलकर बात करना चाहती हूं। क्या आप
- 1:28:50मुझे अपना नंबर देंगे? शौर्य को उम्मीद
- 1:28:53नहीं था कि मालिनी इस तरह से उसके पास आकर
- 1:28:55उसका नंबर मांगेंगी। पर उसने जितने शभ्य
- 1:28:58तरीके से शौर्य से बात की उसके कारण शौर्य
- 1:29:01मालिनी से इंकार नहीं कर सका और शौर्य ने
- 1:29:04मालिनी को अपना नंबर नोट कर दिया। शौर्य
- 1:29:07से नंबर मिलने के बाद मालिनी ने अपने
- 1:29:09मोबाइल में उसका नंबर डायल किया। एक रिंग
- 1:29:12जाने के बाद मालिनी ने फोन कट किया और
- 1:29:14शौर्य से बोली यह मेरा नंबर है। जिससे अभी
- 1:29:17मैंने आपको कॉल किया है। आप मेरे नंबर को
- 1:29:20सेव कर लीजिएगा। मैं जल्दी ही आपसे बात
- 1:29:22करूंगी। इतना कहकर मालिनी फिर से वापस
- 1:29:25अपनी जगह पर चली गई। इस बीच प्रतीक घूर कर
- 1:29:29मालिनी को देखता रहा। जैसे वह जानना चाहता
- 1:29:32हो कि आखिर मालिनी शौर्य से क्या बात
- 1:29:34करेगी या क्या बात करना चाहती है। जिसके
- 1:29:37लिए वह उससे उसका नंबर लेकर आई है। प्रतीक
- 1:29:40के चेहरे पर मालिनी के लिए भी नाराजगी के
- 1:29:43भाव आ गए थे। पर वह कुछ बोला नहीं। मालिनी
- 1:29:46फिर से जाकर अपनी सीट पर बैठ गई। तो
- 1:29:48प्रतीक नाराजगी भरे स्वर में बोला तुम
- 1:29:51क्या करने गई थी उस लड़के के पास? मालिनी
- 1:29:53ने प्रतीक की बात को सुना तो वह उसे धीरे
- 1:29:56से बोली अरे तुम इस छोटी सी बात पर नाराज
- 1:30:00क्यों हो रहे हो? कुछ ऐसी बात है जो मुझे
- 1:30:02उससे करनी है। पर अभी जिस काम के लिए यहां
- 1:30:05आए हो उस पर ध्यान दो। उसके बारे में हम
- 1:30:07बाद में बात करेंगे। तुम यूं छोटी-छोटी
- 1:30:10बातों पर नाराज मत हो जाया करो। मालिनी के
- 1:30:13इस बात को सुनकर प्रतीक ना चाहते हुए भी
- 1:30:15चुप हो गया और वह हमें स्टेज की तरफ देखने
- 1:30:18लगा। दूसरी तरफ स्टेज पर मौजूद एक व्यक्ति
- 1:30:21होटल पैराडाइज की नीलामी से संबंधित
- 1:30:23जानकारी वहां उपस्थित सभी लोगों को दे रहा
- 1:30:26था। इस बीच दो लोगों ने वहां उपस्थित सभी
- 1:30:30लोगों के बीच सबके हाथों में एक नंबर लिखा
- 1:30:32हुआ छोटा सा कार्डबोर्ड दे दिया था। शौर्य
- 1:30:35ने नोट किया था कि राघव चड्ढा सबसे आगे
- 1:30:38जाकर बैठा हुआ था और बार-बार घुड़कर वहां
- 1:30:40मौजूद भीड़ को देखे जा रहा था। आखिरकार वह
- 1:30:44समय आ गया जब नीलामी स्टार्ट हो गई। होटल
- 1:30:46की शुरुआती बोली 10,500 करोड़ से स्टार्ट
- 1:30:49हुई थी और जो सबसे पहले बोली लगाने वाला
- 1:30:52शख्स था, वह शख्स राघव चढा के साथ वाली
- 1:30:55टेबल पर ही बैठा हुआ था। यानी वह जो कोई
- 1:30:59भी था, राघव चढा के द्वारा ही तैयार किया
- 1:31:01गया बीडर था। मेनका और शौर्य बस उस
- 1:31:05शुरुआती बोली को देखते और सुनते रहे। अभी
- 1:31:08उन्होंने अपनी ओर से कोई बोली नहीं लगाई
- 1:31:11थी। वह इंतजार कर रही थी कि जब कुछ लोग इस
- 1:31:14नीलामी से बाहर हो जाएंगे तभी वह इसमें
- 1:31:17एंट्री करेंगे। धीरे धीरे बोली 10,650
- 1:31:21करोड़ तक पहुंच गए। पर अभी भी वहां पर कई
- 1:31:24लोग थे जिन्होंने कोई शुरुआती बोली भी
- 1:31:26नहीं लगाई थी। 10,700 करोड़ जाते। जाते अब
- 1:31:30ज्यादा लोग उसमें पार्टिसिपेट नहीं कर रहे
- 1:31:32थे। जब मेनका और शौर्य ने देखा कि अब
- 1:31:35ज्यादा लोग बीच में नहीं आ रहे हैं तो
- 1:31:37शौर्य ने एक ही बार में 10,750 करोड़ की
- 1:31:41बोली लगा दी। जैसे ही शौर्य ने बोली लगाई
- 1:31:44ज्यादा इंतजार भी नहीं करना पड़ा कि अगली
- 1:31:46बोली सामने आ गई। जो 1775 करोड़ की थी। यह
- 1:31:50बोली लगाने वाला शख्स कोई और नहीं प्रतीक
- 1:31:54ही था। ऐसा लगा जैसे प्रतीक शौर्य के बोली
- 1:31:57लगाने का ही इंतजार कर रहा था। जैसे ही
- 1:31:59शौर्य ने अपनी तरफ से बोली लगाई, तुरंत
- 1:32:02प्रतीक ने उससे आगे की बोली लगा दी। शौर्य
- 1:32:05ने यह देखा तो उसके चेहरे पर एक मुस्कान
- 1:32:07खिल गई। वह समझ गया कि प्रतीक उसको टारगेट
- 1:32:11कर रहा है। शौर्य ने भी अगली बोली तुरंत
- 1:32:1410,800 करोड़ की लगा दी। पर प्रतीक कहां
- 1:32:17पीछे रहने वाला था। उसने भी तुरंत 10,825
- 1:32:20करोड़ की बोली लगा दी। धीरे धीरे करके यह
- 1:32:23बोली 2000 करोड़ तक पहुंच गई। मेनका ने जब
- 1:32:27देखा कि प्रतीक शौर्य के बोली लगाने के
- 1:32:30बाद तुरंत ही अपनी बोली को बढ़ा दे रहा है
- 1:32:32तो उसने शौर्य को हाथ दबाकर बोली लगाने से
- 1:32:35मना कर दिया। वैसे शौर्य मूड में था कि वह
- 1:32:38प्रतीक से कंपटीशन करता रहे। पर जब मेनका
- 1:32:41ने उसको रोकने का इशारा किया तो वह रुक
- 1:32:43गया। थोड़ी देर 2000 करोड़ पर ही बोली
- 1:32:47अटकी रहे जब सॉरी की तरफ से बोली को आगे
- 1:32:50नहीं बढ़ाया गया। तो प्रतीक ने गर्व से
- 1:32:52शौर्य की तरफ देखा। प्रतीक कि इस हरकत पर
- 1:32:55शौर्य के चेहरे पर एक मुस्कान खिल गई। जब
- 1:32:58किसी ओर से कोई और बोली को बढ़ाने सामने
- 1:33:01नहीं आ रहा था तो एक बार फिर से राघव चढा
- 1:33:04ने 2025 करोड़ की बोली लगाई। राघव चढा ने
- 1:33:07बोली बढ़ा तो दिया पर वह खुश नहीं था।
- 1:33:10क्योंकि उसने सोचा नहीं था कि वह अपने ही
- 1:33:12इस होटल की बोली को इतना ऊपर तक ले जाएगा।
- 1:33:15पर अब मरता क्या ना करता वाली हालत थी। एक
- 1:33:19बार फिर से बोली 2025 करोड़ पर रुक गई थी।
- 1:33:23इसी समय प्रतीक ने एक बार शौर्य की तरफ
- 1:33:25देखा। पर शौर्य की तरफ से कोई हरकत ना
- 1:33:28देखकर उसने मालिनी से बात किया। पर उसने
- 1:33:31बोली को बढ़ाया नहीं। जब शौर्य ने देखा कि
- 1:33:34प्रतीक बोली नहीं लग रहा है तो वह सिर्फ
- 1:33:37यह जांचने के लिए कि अगर वह बोली लगाता है
- 1:33:40तो क्या प्रतीक फिर से बोली लगाएगा? यह
- 1:33:43सोचकर उसने 2050 करोड़ की बोली लगा दी।
- 1:33:47शौर्य की आवाज सुनकर प्रतीक ने आश्चर्य से
- 1:33:50मुड़कर शौर्य की तरफ देखा और उसने फिर
- 1:33:54तुरंत थे 2075 करोड़ की बोली लगा दी। उसकी
- 1:33:58इस हरकत पर शौर्य ने कोई रिएक्शन तो नहीं
- 1:34:00दिया पर उसके होठों पर एक मुस्कान खिल गई।
- 1:34:04शौर्य फिर से शांत हो गया। प्रतीक ने बोली
- 1:34:07लगा तो दी पर वह देख रहा था कि उसके साथ
- 1:34:09बैठी मालिनी के चेहरे पर नाराजगी के भाव
- 1:34:12था। दूसरी तरफ राघव चढा भी अपनी जगह पर
- 1:34:15बैठा हुआ प्रतीक की ओर देख रहा था। जैसे
- 1:34:18वह भी समझ रहा था कि यहां पर उसके दो
- 1:34:20कंपटीिटर हैं। एक शौर्य और दूसरा प्रतीक।
- 1:34:24जब थोड़ी देर बोली हुई रुकी रहे तो एक बार
- 1:34:27फिर से राघव चढा ने 2100 करोड़ की बोली
- 1:34:30लगा दी। इसके बाद फिर से थोड़ी देर हाल
- 1:34:32में शांति छाई रही। कोई भी दूसरी बोली
- 1:34:35इसके ऊपर नहीं आई। जब लगा कि यही अंतिम
- 1:34:38बोली होगी। इस समय विक्रम और मेनका की नजर
- 1:34:41मिली। मेनका ने इशारे में ही विक्रम को
- 1:34:43समझा दिया। जैसे काउंटिंग एक दो हुई। तभी
- 1:34:47विक्रम ने अपना बैनर उठाकर बोली को आगे
- 1:34:50बढ़ा दिया। 2125 करोड़। इस नए शख्स को
- 1:34:53बोली लगाते देख सबकी निगाह विक्रम की ओर
- 1:34:57मुड़ गई। कोई भी इस शख्स को नहीं जानता
- 1:34:59था। सभी सोचने लगे कि यह बंदा कौन आ गया
- 1:35:02जिसने इतनी बड़ी बोली लगा दी? आखिर
- 1:35:05विशालगढ़ में ऐसे कितने रईस हैं, जो इतनी
- 1:35:07बड़ी बोली लगा सकते हैं? हॉल में कान्हा
- 1:35:10फुशी भी शुरू हो गई कि क्या कोई शख्स को
- 1:35:12जानता है। पर सभी विक्रम से अनजान थे।
- 1:35:16प्रत्येक भी आश्चर्यचकित होकर विक्रम की
- 1:35:20ओर देख रहा था। प्रत्येक के लिए विक्रम
- 1:35:22अनजान ही था। पर विक्रम ने इससे आगे बोली
- 1:35:26को नहीं बढ़ाया। दूसरी तरफ राघव चढा को
- 1:35:29चैन नहीं आ रहा था। वह गुस्से भरी आंखों
- 1:35:31से विक्रम को घूर रहा था। पर विक्रम उसकी
- 1:35:34ओर देख ही नहीं रहा था। जब राघव चड्ढा को
- 1:35:37कोई और चारा नजर नहीं आया तो उसने एक बार
- 1:35:40फिर से अपनी बोली को बढ़ा दिया। पर उसके
- 1:35:43साथ ही विक्रम ने भी अपनी बोली को बढ़ाकर
- 1:35:462200 करोड़ पर पहुंचा दिया। अगर इससे ऊपर
- 1:35:49राघव चढ़ा जाता तो उसको यह नीलामी बहुत
- 1:35:52भारी पड़ने वाला था। उसने तो सपने में भी
- 1:35:55ऐसी उम्मीद नहीं की थी कि नीलामी ₹200
- 1:35:58करोड़ तक पहुंच जाएगी। काफी देर तक स्टेज
- 1:36:00पर खड़ा शख्स इस इंतजार में रहा था कि कोई
- 1:36:03इस बोली को आगे बढ़ाएगा। पर अब कोई भी
- 1:36:05सामने नहीं आ रहा था। एक बार फिर से बहुत
- 1:36:08हिम्मत करके राघव चंदा ने 2225 करोड़ की
- 1:36:13बोली लगाई। पर थोड़े इंतजार के बाद ही
- 1:36:16विक्रम ने 2250 करोड़ तक बोली को पहुंचा
- 1:36:19दिया। इसके बाद कोई भी शख्स इससे ऊपर बोली
- 1:36:22लगाने की हिम्मत नहीं कर पाया। फाइनली
- 1:36:24नीलामी ₹250 करोड़ पर जाकर खत्म हुई। राघव
- 1:36:28चड्ढा का चेहरा लटक गया था। बाकी वहां
- 1:36:31मौजूद दूसरे शख्स को इससे कोई खास फर्क
- 1:36:34नहीं पड़ रहा था। फाइनली होटल पैराडाइज का
- 1:36:37नीलामी समाप्त हुआ और यह नीलामी विक्रम ने
- 1:36:40अपने नाम किया। वहां उपस्थित सभी लोगों की
- 1:36:43निगाह विक्रम पर ही जमी हुई थी। यह कौन
- 1:36:46शख्स है जिसने होटल पैराडाइज को नीलामी
- 1:36:49में खरीद लिया है क्योंकि विक्रम इस शहर
- 1:36:52के लिए एक अननोन फेस था। वहां पर कोई भी
- 1:36:55ऐसा नहीं था जो उसको पहले से जानता हो।
- 1:36:57हालांकि लोगों के मन में विक्रम को जानने
- 1:37:00की इच्छा हो रही थी। पर अभी लोग समझ नहीं
- 1:37:02पा रहे थे कि वह कैसे विक्रम से अपनी जान
- 1:37:06पहचान को आगे बढ़ाएं। पर यहां पर कुछ लोग
- 1:37:09ऐसे भी थे जो इस बात से खुश थे कि उनके
- 1:37:12किसी कंपटीिटर ने इस होटल को अपने नाम
- 1:37:14नहीं किया। प्रतीक को इस बात की खुशी थी
- 1:37:17कि उसने इस नीलामी को मेनका के हाथों में
- 1:37:20नहीं जाने दिया। वह जानबूझकर उस समय ही
- 1:37:22अपने बेड के रेंज को बढ़ा रहा था। जब
- 1:37:24शौर्य कोई बोली लग रहा था। यही देखकर
- 1:37:27मेनका ने विक्रम को कहा, क्या तुम
- 1:37:30जानबूझकर हमारी लगाई बोली को बढ़ा दे रहे
- 1:37:32थे? मेनका की बात सुनकर प्रतीक बोला, तो
- 1:37:36तुमको क्या लगता है? एक तुम ही तो यहां
- 1:37:38नीलामी के लिए नहीं आई थी। हम भी तो यहां
- 1:37:41मौजूद थे। तो मैं अपने सामने यह होटल तुम
- 1:37:44दोनों के नाम कैसे होने दे सकता था? पर
- 1:37:47तुम ऐसा क्यों कर रहे थे? इससे तुम्हें
- 1:37:49क्या मिलने वाला था? मिनका थोड़ा आश्चर्य
- 1:37:51[संगीत] से बोली क्योंकि वह यह नहीं समझ
- 1:37:54पा रही थी कि प्रतीक का अंदाज उसको लेकर
- 1:37:57यूं बदला हुआ क्यों है। यह तो अच्छा हुआ
- 1:38:00था कि वह पहले ही प्रतीक का इरादा समझ गई
- 1:38:02थी। इसलिए उसने विक्रम को आगे बोली लगाने
- 1:38:06का इशारा कर दिया था। इसके बाद विक्रम आगे
- 1:38:08बोली लगाने लगा था। प्रतीक को तो सिर्फ
- 1:38:10शिप्रा और शौर्य से कंपटीशन था। इसलिए
- 1:38:13उसने किसी तीसरे शख्स को बोली लगाते देखकर
- 1:38:16उसने खुद बोली लगाना बंद कर दिया। इसी
- 1:38:19कारण प्रतीक ने आगे बोली लगाने की कोशिश
- 1:38:21नहीं की। जबकि दूसरी तरफ राघव चड्ढा ने भी
- 1:38:24नहीं सोचा था कि पैराडाइज होटल की बोली
- 1:38:27इतनी ऊपर तक चली जाएगी। अगर उसे यह पहले
- 1:38:29एहसास होता तो वह कभी भी अपने इस होटल को
- 1:38:33नीलामी में जाने नहीं देता। पर उससे कहीं
- 1:38:35ना कहीं चूक हो गई थी। जिसके कारण इस
- 1:38:38नीलामी की खबर आम हो गई थी। क्योंकि शहर
- 1:38:40के ज्यादातर बड़े लोग इस नीलामी में भाग
- 1:38:43लेने के लिए आ गए थे। यह सब देखकर ही राघव
- 1:38:46चढा समझ गया कि उसने गलती कर दिया है।
- 1:38:49बैंक वाले विक्रम को अपनी कुछ कागजी
- 1:38:51कार्यवाही के लिए अपने साथ ले गए थे। उस
- 1:38:54दरमियान शौर्य और मेनका बाहर उसका इंतजार
- 1:38:58करने लगे। इसी समय प्रतीक मालिनी के साथ
- 1:39:01चलते हुए मेनका के पास पहुंचा और मेनका से
- 1:39:04बोला मानना पड़ेगा। तुमने कोशिश बहुत की
- 1:39:07इस नीलामी को अपने नाम करने की पर कामयाब
- 1:39:10नहीं हो सकी। मेनका ने प्रतीक की बात को
- 1:39:12सुना तो वह बोली पर तुम ऐसा क्यों रहे थे
- 1:39:16मैं नोट कर रही थी जब हमारी तरफ से बोली
- 1:39:18लग रहे थे तब तुम जानबूझकर उस बोली को
- 1:39:20बढ़ाते रहे थे मेनका की बात सुनकर प्रतीक
- 1:39:24मुस्कुराया वह मेनका को गौर से देखते हुए
- 1:39:27बोला मैं क्या तुम्हें समझ नहीं रहा हूं
- 1:39:30कि आजकल तुम किसी और के हाथ की कठपुतली
- 1:39:32बनी हुई हो फिर तुम यह कैसे उम्मीद कर
- 1:39:35सकती हो कि मैं तुम्हें थोड़ी सी भी ढील
- 1:39:38दे सकता था मेरा कोई मकसद नहीं था इस होटल
- 1:39:41को इतनी ऊंची बोली लगाने का। पर अगर तुम
- 1:39:44या तुम्हारा पार्टनर इस भीड़ को बढ़ाते
- 1:39:46रहते तो मैं कभी भी तुम्हें इस बीड को
- 1:39:49जीतने नहीं देता। भले ही कितनी भी ऊंची
- 1:39:51बोली लगानी पड़ती पर मैं तुम्हें या
- 1:39:54तुम्हारे दोस्त को कामयाब नहीं होने देता।
- 1:39:57प्रतीक की यह बात सुनकर अब मेनका को
- 1:40:00अंदाजा हो गया कि उसको लेकर जरूर प्रतीक
- 1:40:02के मन में कुछ गलत धारणा बन गई है। जिसके
- 1:40:06कारण ही उसने उसे इस नीलामी में शामिल
- 1:40:08होने वाली बात नहीं बताई और सिर्फ इतना ही
- 1:40:12नहीं उसकी नफरत उसको लेकर इतनी बड़ी हुई
- 1:40:16है कि वह किसी भी हाल में उसे जीतने भी
- 1:40:20देना नहीं चाहता था। उसने कभी सोचा नहीं
- 1:40:22था कि प्रतीक इस तरह से उसको लेकर अपनी
- 1:40:25धारणा बना लेगा। पर वह खुश थी कि वह समय
- 1:40:28रहते सचेत हो गई। अब वह यह सोच कर खुश थी
- 1:40:32कि अगर अब प्रतीक को पता चल जाए कि असलियत
- 1:40:35में इस होटल की नीलामी को उसने या उसके
- 1:40:37साथी ने ही अपने नाम किया है तो ऐसी
- 1:40:40स्थिति में प्रतीक का क्या हाल होगा। अभी
- 1:40:42यह ख्याल मेनका के दिमाग में आ ही रहा था
- 1:40:45कि इसी समय विक्रम मोहित रैना के साथ उसके
- 1:40:48पास आ गया और उससे बोला बधाई हो मेनका।
- 1:40:52तुम्हारा प्लान कामयाब हो गया। विक्रम ने
- 1:40:55जब यह कहा था उस समय तक उसने प्रतीक को
- 1:40:57देखा नहीं था क्योंकि प्रतीक की पीठ उसकी
- 1:41:00तरफ था इसलिए उसने सोचा नहीं था कि मेनका
- 1:41:03के सामने जो शख्स खड़ा है वह प्रतीक ही
- 1:41:06होगा पर अब तक तो उसने यह बात बोल दी थी
- 1:41:09इसलिए अब कुछ हो नहीं सकता था पर मेनका इस
- 1:41:12बात से खुश थी कि जो बात उसे प्रतीक को
- 1:41:15बतानी पड़ती वह उसे अपने आप ही पता चल गया
- 1:41:17प्रतीक ने जो विक्रम की बात को सुना तो वह
- 1:41:20विक्रम की तरफ पलटा और यह देखकर कि विक्रम
- 1:41:23वही शख्स है जिसने इस नीलामी को अपने नाम
- 1:41:26किया। वह मेनका से यह बोलते हुए मिल रहा
- 1:41:29है कि उसका प्लान कामयाब हो गया। प्रतीक
- 1:41:32का चेहरे का रंग उड़ गया। यह एहसास उसके
- 1:41:36लिए भारी पड़ गया कि असल में यह नीलामी
- 1:41:39मेनका के ही नाम रहा है। जबकि वह अब भी
- 1:41:43इसी बात को लेकर मेनका का माहौल उड़ाने की
- 1:41:46कोशिश कर रहा था। मेनका ने जब प्रतीक के
- 1:41:49चेहरे के उड़े हुए रंग को देखा तो वह
- 1:41:51मुस्कुराते हुए बोली क्या हुआ? अब
- 1:41:54तुम्हारी बोलती क्यों बंद हो गई? अब और
- 1:41:57मेरा माहौल नहीं उड़ाओगे। बोलो और कितना
- 1:41:59जहर तुम्हारे मन में भरा हुआ है। मैंने
- 1:42:02कभी तुम्हारे लिए यह नहीं सोचा था कि तुम
- 1:42:04मेरे लिए ऐसा सोचोगे। पर अच्छा हुआ आज
- 1:42:07मेरी यह गलतफहमी भी दूर हो गई। प्रतीक के
- 1:42:10साथ खड़ी मालिनी ने जब यह जाना कि मेनका
- 1:42:12की टीम ने ही इस नीलामी को अपने नाम किया
- 1:42:15है तो वह मेनका को बधाई देते हुए बोली
- 1:42:18मुबारक हो मेनका जो तुमने यह नीलामी अपने
- 1:42:21नाम की। मैंने पहले भी तुम्हारे बारे में
- 1:42:24सुना हुआ है। लेकिन आज का तुम्हारा यह
- 1:42:26मास्टर प्लान देखने के बाद मैं खुद को
- 1:42:28तुम्हारी तारीफ करने से रोक नहीं सकती।
- 1:42:31मैं तो सोच भी नहीं सकती थी कि तुम अपने
- 1:42:34साथ एक दमी ब्रीडर भी लाए थे जिसने
- 1:42:36तुम्हारा काम आसान कर दिया। मेनका ने
- 1:42:39महसूस किया कि मालिनी ने जो उसको बधाई दी
- 1:42:42थी उसमें कहीं कोई फरेब नहीं था। इसलिए
- 1:42:45उसने मालिनी को धन्यवाद किया। पर अभी भी
- 1:42:47मालिनी के साथ खड़े प्रतीक के चेहरे का
- 1:42:50रंग उड़ा हुआ ही था। उसका चेहरा ऐसा सफेद
- 1:42:53पड़ गया था जैसे लग रहा था कि वह कहीं
- 1:42:56मुंह दिखाने लायक नहीं है। मेनका प्रतीक
- 1:42:58के चेहरे के उरे हुए रंग को देखकर बोली
- 1:43:00तुम्हारा चेहरा ही बता रहा है कि तुम पर
- 1:43:03क्या गुजर रही है। तुम जिसकी उम्मीद नहीं
- 1:43:05कर रहे थे वही हो गया। अब क्या करोगे? अब
- 1:43:09तो मैं यही उम्मीद कर सकती हूं कि अब तुम
- 1:43:11कभी मेरे सामने नहीं आओगे। मेनका निश्चित
- 1:43:15इरादे के साथ बोली। उसने आज निश्चय कर
- 1:43:18लिया था कि वह आगे से कभी भी प्रतीक के
- 1:43:20साथ कोई संबंध नहीं रखेगी। प्रतीक को अभी
- 1:43:23भी वहीं खड़ा देखकर मेनका बोली, अब क्या
- 1:43:27यह खड़े-खड़े मेरा चेहरा देखते रहोगे? अब
- 1:43:29तुम्हारे लिए यही अच्छा है कि तुम मेरे
- 1:43:31सामने से चले जाओ। मेनका की बात सुनकर
- 1:43:34प्रतीक का चेहरा गुस्से से लाल हो गया।
- 1:43:36अगर उसका बस चलता तो वह मेनका के साथ बहुत
- 1:43:39बुरा करने वाला था। पर वह ऐसा सिर्फ सोच
- 1:43:42ही सकता था। करना उसके बस का नहीं था।
- 1:43:45क्योंकि वह जानता था कि मेनका उसके दादाजी
- 1:43:47की लाडली है। अगर वह उसके साथ कुछ गलत
- 1:43:50करने की कोशिश करेगा तो यह बात उसके
- 1:43:52दादाजी को पता चल जाएगी। फिर प्रतीक के
- 1:43:55दादाजी उसको छोड़ने वाले नहीं थे। इसी
- 1:43:57कारण प्रतीक मेनका के साथ कुछ ज्यादती
- 1:44:00नहीं कर सकता था। प्रतीक वहां से
- 1:44:03जाते-जाते मेनका से भूल गया। याद रखना मैं
- 1:44:07इस बात को इतनी आसानी से भूलने वाला नहीं
- 1:44:09हूं। मैं चाहती भी नहीं तुम इस बात को
- 1:44:11भूलो। कम से कम मेरी यह बात तुम्हें यही
- 1:44:14याद दिलाती रहेगी कि तुम एक लड़की से हार
- 1:44:17गए। इतना बोलकर मेनका प्रतीक को जाते हुए
- 1:44:20देखती रही। तभी उसे पीछे [संगीत] से एक
- 1:44:23आवाज सुनाई दी। मुझे उम्मीद नहीं था कि
- 1:44:25इतने समय के बाद मैं फिर से तुम्हें यहां
- 1:44:28देखूंगा। पर तुम्हें देखकर लग रहा है कि
- 1:44:30तुम अपने मकसद में कामयाब हो गई। यह आवाज
- 1:44:33किसी और की नहीं बल्कि राघव चड्ढा की थी।
- 1:44:37चलिए अब मैं यह उम्मीद कर सकती हूं कि ऊपर
- 1:44:40वाला आपको सद्बुद्धि दे और आप आगे से अपने
- 1:44:43काम में थोड़ी समझदारी दिखाएंगे और किसी
- 1:44:46को इतना छोटा समझने की गलती नहीं ना करें
- 1:44:48कि एक दिन वही आपके सर का ताज तक बन जाए।
- 1:44:51मेनका राघव चढ़ा के ऊपर कटाक्ष करती हुई
- 1:44:54बोली मेनका की बात सुनकर राघव चढा बोला आज
- 1:44:58तुम्हारा दिन है। इसलिए आज तुम कुछ भी बोल
- 1:45:01सकती हो। वैसे एक बात के लिए तुम्हारी
- 1:45:03तारीफ करनी पड़ेगी कि आज तुमने इस नीलामी
- 1:45:06में अपना एक अच्छा मूव दिखाया। नहीं तो
- 1:45:09अगर मुझे पता होता कि यह लड़का भी
- 1:45:11तुम्हारी टीम का हिस्सा है तो मैं इतनी
- 1:45:14आसानी से नीलामी से पीछे नहीं हटता। पर
- 1:45:17क्या फायदा अब इस अफसोस मनाने का जबकि अब
- 1:45:20आप चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते। इसलिए यही
- 1:45:22बेहतर होगा कि आप अपने घर जाकर मातम
- 1:45:25मनाएं। मेनका अपने चेहरे पर पूर्ववत
- 1:45:29मुस्कान बनाए हुए बोली। जबकि इस दरमियान
- 1:45:31शौर्य मेनका के साथ खड़ा रहा और उसने उनके
- 1:45:34बीच में कुछ भी बोलने की कोशिश नहीं किया।
- 1:45:37शौर्य मेनका के साथ खड़ा रहकर सिर्फ
- 1:45:39स्थिति का जायजा लेना चाहता था। मेनका की
- 1:45:42फटकार सुनकर राघव चंडा भी वहां से चला
- 1:45:44गया। अब वहां पर सिर्फ शौर्य मेनका,
- 1:45:47विक्रम और मोहित रैना यही बाकी रह गए। अभी
- 1:45:51शौर्य और विक्रम आपस में बात करने वाले थे
- 1:45:53कि तभी मोहित रैना के फोन पर कॉल आने लगा।
- 1:45:56शौर्य की निगाह मोहित रैना की ओर घूम गई
- 1:45:59क्योंकि मोहित रैना उसके पास ही खड़ा था।
- 1:46:02इसलिए शौर्य ने देखा उसके मोबाइल पर
- 1:46:04शिप्रा का कॉल आ रहा है। अपने मोबाइल पर
- 1:46:07शिप्रा का कॉल आते देखकर मोहित रैना ने
- 1:46:10शौर्य की ओर देखा। शौर्य ने उसे कॉल उठाने
- 1:46:13को कहा तो मोहित रैना ने कॉल उठाया और
- 1:46:16बोला हेलो शिप्रा जी कहिए कैसे कॉल किया?
- 1:46:19शिप्रा ने जवाब में कहा मैं अभी घर से
- 1:46:22निकल रही हूं। आपसे कहां पर मिलना होगा?
- 1:46:25शिप्रा का सवाल सुनकर मोहित रैना ने शौर्य
- 1:46:28की ओर देखा तो शौर्य ने उसे इशारों में
- 1:46:30कहा उससे कहो वह न्यू सिटी टावर वाले ऑफिस
- 1:46:33में ही आकर तुमसे मिले। शौर्य से यह बात
- 1:46:36सुनने के बाद मोहित रैना ने शिप्रा से कहा
- 1:46:39आप न्यू सिटी टावर के ऑफिस में आ जाइए।
- 1:46:41मैं अभी बाहर हूं। जब तक आप पहुंचेंगी,
- 1:46:43मैं भी तब तक ऑफिस पहुंच जाऊंगा। इतना
- 1:46:46कहकर मोहित रैना ने फोन काट दिया और फिर
- 1:46:48शौर्य की ओर देखने लगा। जैसे वह उससे अगला
- 1:46:51आदेश पाने की अपेक्षा कर रहा था। शौर्य ने
- 1:46:55जब यह महसूस किया तो उसने मोहित रैना से
- 1:46:58कहा वैसे भी अब यहां का काम समाप्त हो गया
- 1:47:00तो फिर तुम जाओ और शिप्रा से मिल लो। बाकी
- 1:47:03तुम्हें पता ही है कि उससे तुम्हें क्या
- 1:47:05बात करनी है और कैसे अपना ऑफर देना है।
- 1:47:09शौर्य की बात सुनकर मोहित रैना मुस्कुराते
- 1:47:12हुए बोला। जी सर आपको याद दिलाने की जरूरत
- 1:47:16नहीं पड़ेगी। मुझे अपना काम अच्छे से पता
- 1:47:18है। इसमें आपको कोई शिकायत नहीं मिलेगी।
- 1:47:20इतना कहकर मोहित रैना अपनी कार से वहां से
- 1:47:23निकल गया। मोहित रैना के वहां जाने के बाद
- 1:47:26शौर्य भी विक्रम और मेयनका के साथ
- 1:47:28पार्किंग की तरफ बढ़ गया। अब आगे क्या
- 1:47:31होगा? आखिर शौर्य ने मोहित रैना को शिप्रा
- 1:47:34से बात करने के लिए क्या समझा दिया था।
- 1:47:36मोहित रैना को शिप्रा के साथ किस तरह के
- 1:47:40डील करने थे। शिप्रा मेघना के साथ न्यू
- 1:47:42सिटी टावर के लिए निकली। वह देखना चाहती
- 1:47:45थी कि मोहित रैना के पास उसके लिए किस तरह
- 1:47:49का जॉब प्रपोजल था। बाकी दूसरा काम यह भी
- 1:47:52था कि जिंक कलेक्शन का पेपर वर्क भी पूरा
- 1:47:54करना था। मेघना को भी अपनी ब्रांड के लिए
- 1:47:57बिग बुल में स्पेस चाहिए था। इसीलिए वह
- 1:48:00उसके साथ थी। शिप्रा न्यू सिटी टावर के
- 1:48:03ऑफिस में पहुंची तो उस समय तक मोहित रैना
- 1:48:06भी ऑफिस पहुंच चुका था। शिप्रा मेघना के
- 1:48:08साथ मोहित रैना के ऑफिस में पहुंची। मोहित
- 1:48:12रैना ने शिप्रा और मेघना के लिए कॉफी
- 1:48:14मंगवाया। इसी बीच मोहित ने अपने लीगल वाले
- 1:48:17को भी वहां बुलवाया। जिसने पूरा पेपर वर्क
- 1:48:19तैयार कर रखा था। उसने शिप्रा से साइन
- 1:48:22लिया। बहुत सारे पेपर होने के कारण शिप्रा
- 1:48:24को कई जगह साइन करने पड़े। पेपर वर्क पूरा
- 1:48:28होने के बाद सबसे पहले मेघना ने बिग बबुल
- 1:48:31में अपनी ब्रांड के स्पेस के लिए बात
- 1:48:33किया। प्रॉफिट शेयरिंग कंफर्म करने के बाद
- 1:48:36मोहित रैना ने मेघना के लिए भी पेपर तैयार
- 1:48:38करवाया और और सेटिस्फाई होने के बाद दोनों
- 1:48:41ने पेपर पर साइन किया और उसकी एक कॉपी
- 1:48:44मेघना को भी दिया। जब यह सारे काम पूरे हो
- 1:48:47गए तो उसके बाद मेघना ने मोहित रैना से
- 1:48:50कहा कल आपने शिप्रा के जॉब के लिए कहा था
- 1:48:53क्या आप बताएंगे कि आप जिस जॉब की बात कर
- 1:48:55रहे हैं वह किस तरह का जॉब है? मेघना का
- 1:48:58सवाल सुनकर मोहित रैना मुस्कुराते हुए
- 1:49:00बोला उसकी तो आप चिंता ही ना करें।
- 1:49:03एक्चुअली हमारे बॉस के पास इस समय आपके
- 1:49:05लिए जॉब के कई ऑफर हैं। यह आप पर डिपेंड
- 1:49:07करता है कि आप उसमें से अपने लिए कौन सा
- 1:49:10जॉब प्रेफर करती हैं। शिप्रा को यह जानकर
- 1:49:14आश्चर्य हुआ कि उसके लिए जिस जॉब की बात
- 1:49:16हो रही है, वह मोहित रैना के बॉस के लिए
- 1:49:19हो रही है। फिर भी आपको तो पता ही होगा कि
- 1:49:22आप जिस जॉब की बात कर रहे हैं, वह किस तरह
- 1:49:24की जॉब है। मेघना ने मोहित रैना से उसकी
- 1:49:28बात सुनने के बाद यह सवाल किया। हम जॉब की
- 1:49:31भी बात करेंगे। लेकिन उससे पहले हम यह बात
- 1:49:33कर लें कि आप क्या सैलरी अपने लिए
- 1:49:35एक्सपेक्ट कर रही हैं। मोहित रैना शिप्रा
- 1:49:39की ओर देखते हुए बोला यह सवाल शिप्रा के
- 1:49:42लिए आश्चर्य भरा था क्योंकि उसको अभी तक
- 1:49:45जॉब के बारे में तो बताया नहीं गया पर वह
- 1:49:47क्या सैलरी एक्सपेक्ट कर रही है। यह उससे
- 1:49:50पूछ लिया गया। उसे समझ नहीं आया कि वह
- 1:49:53बिना जॉब का प्रोफाइल जाने क्या सैलरी
- 1:49:55बताएं। क्योंकि अभी उसे यह भी नहीं पता था
- 1:49:58कि मोहित रैना उसके लिए किस तरह के जॉब की
- 1:50:01बात कर रहा है। पर मेघना चुप नहीं रह सकी।
- 1:50:05उसने मोहित रैना से सवाल किया। आप भी कमाल
- 1:50:08करते हैं मिस्टर मोहित। बिना जॉब का
- 1:50:11प्रोफाइल जाने कोई कैसे अपनी सैलरी
- 1:50:13निर्धारित कर सकता है? चलिए अगर ऐसी बात
- 1:50:16है तो मैं आपकी मुश्किल को थोड़ा आसान कर
- 1:50:18देता हूं। क्या आप बताएंगी कि आप अपनी इस
- 1:50:20कंपनी से इयरली क्या प्रॉफिट कमा रही थी?
- 1:50:23मोहित रैना हल्की मुस्कान के साथ बोला। जब
- 1:50:26शिप्रा ने मोहित देना की बात को सुना तो
- 1:50:29उसने मन ही मन कुछ कैलकुलेशन किया और बोली
- 1:50:33यही कोई लगभग 1 करोड़ के आसपास। शिप्रा का
- 1:50:36जवाब सुनकर मोहित रैना मुस्कुराया और
- 1:50:39बोला, तो फिर ठीक है। आपके लिए इयरली 1
- 1:50:42करोड़ का पैकेज कैसा रहेगा? क्या आप इस
- 1:50:44पैकेज से सेटिस्फाइड हैं? मोहित रैना की
- 1:50:46बात सुनकर शिप्रा का तो माथा ही भरना गया।
- 1:50:49उसने तो सपने में भी कल्पना नहीं की थी कि
- 1:50:51उसको शुरुआत में ही 1 करोड़ का पैकेज मिल
- 1:50:54जाएगा। एक करोड़ की तो बात ही दूर। उसने
- 1:50:57तो 50 लाख भी इयरली अपने लिए एक्सपेक्ट
- 1:51:00नहीं किया था। वह हैरान होकर मोहित रैना
- 1:51:03की ओर देखने लगी कि क्या जो उसने सुना वह
- 1:51:06सही है या मोहित? रैना उसके साथ कोई मजाक
- 1:51:09तो नहीं कर रहा। उसे जब भरोसा नहीं हुआ तो
- 1:51:13उसने मोहित रैना से सवाल भी कर दिया। क्या
- 1:51:16आप मुझसे मजाक कर रहे हैं मिस्टर मोहित?
- 1:51:18आपको ऐसा क्यों लग रहा है कि मैं आपसे
- 1:51:20मजाक कर सकता हूं? क्या आपको अपने ऊपर
- 1:51:23विश्वास नहीं है? क्या आप अपने आप को इस
- 1:51:26लायक नहीं समझती कि आप इससे ज्यादा भी
- 1:51:29सैलरी प्राप्त कर सकती हैं? मोहित रैना
- 1:51:33सवालिया नजरों से शिप्रा की ओर देखते हुए
- 1:51:35बोला, नहीं ऐसी बात नहीं है। बात दरअसल यह
- 1:51:39है कि मैं अभी किसी भी और कंपनी में जॉब
- 1:51:43के लिए अपनी शुरुआत करने जा रही हूं। बिना
- 1:51:45किसी एक्सपीरियंस के मैं कैसे इतनी बड़ी
- 1:51:48सैलरी एक्सपेक्ट कर सकती हूं। अभी मैंने
- 1:51:50किसी भी दूसरी कंपनी के लिए कोई काम नहीं
- 1:51:52किया है। इसलिए विश्वास करना थोड़ा
- 1:51:54मुश्किल है। हां, अगर मैं जॉब कर रही
- 1:51:57होती, उसके बाद अगर मुझे यह सैलरी हक
- 1:51:59मिलता तो बात दूसरी होती। शिप्रा ने
- 1:52:02ईमानदारी से मोहित रैना को अपना जवाब
- 1:52:05दिया। मोहित रैना भी शिप्रा की ईमानदारी
- 1:52:08से दिए गए जवाब से प्रभावित हुए बिना खुद
- 1:52:11को रोक नहीं सका। अभी तक वह यही समझ रहा
- 1:52:13था कि शिप्रा को जो जॉब मिल रहा है वह एक
- 1:52:17तरह से शौर्य का शिप्रा के लिए एक उपहार
- 1:52:19है। नहीं तो वह इस काबिल क्या ही होगी जो
- 1:52:22उसको इतनी सैलरी मिले। पर शिप्रा से मिले
- 1:52:25जवाब ने उसको प्रभावित किया। इसलिए उसने
- 1:52:29शिप्रा को जवाब देते हुए कहा मिस शिप्रा
- 1:52:32यहां जॉब सिर्फ एक्सपीरियंस से नहीं बल्कि
- 1:52:35काबिलियत से भी मिलती है और मुझे पता है
- 1:52:38कि आप क्या काबिलियत रखती हैं क्योंकि आज
- 1:52:41जो कंपनी आपने हमारे नाम की है उसको आप
- 1:52:44अपनी काबिलियत के कारण ही तो इस मुकाम तक
- 1:52:46ला पाई तभी तो आज आप उसके लिए अपने मन
- 1:52:49मुताबिक कीमत पा सकी और इसको इस स्थिति
- 1:52:51में लाने के लिए जो आपने काम किया वह
- 1:52:53एक्सपीरियंस क्या कम है जो मैं यह देखूं
- 1:52:56कि आपने किसी और कंपनी के लिए कितना काम
- 1:52:59किया है। इसलिए अपनी कंपनी को खड़ा करने
- 1:53:01में जो काबिलियत अपने दिखाई है, वह आपकी
- 1:53:03योग्यता साबित करने के लिए काफी है।
- 1:53:06इसीलिए मैंने आपकी योग्यता के हिसाब से
- 1:53:09आपको यह इयरली पैकेज ऑफर किया है ताकि बाद
- 1:53:12में आप कम से कम पैसे के कारण तो आप हमारे
- 1:53:15यहां से जॉब छोड़ने की नहीं सोचेंगी।
- 1:53:18शिप्रा के साथ मेघना भी मोहित रैना की बात
- 1:53:21सुनकर इंप्रेस हुए बिना नहीं रह सकी।
- 1:53:23कितनी खूबसूरती से मोहित रैना ने यह जता
- 1:53:26दिया कि शिप्रा कितनी काबिल है। शिप्रा ने
- 1:53:28हिचकते हुए मोहित रैना से कहा तो क्या आप
- 1:53:32सच में मुझे यह पैकेज ऑफर कर रहे हैं? अगर
- 1:53:35सच में आप यह पैकेज मुझे ऑफर कर रही हैं
- 1:53:37तो मैं आपको यकीन दिलाती हूं कि मैं अपनी
- 1:53:40इस सैलरी को जस्टिफाई करने की पूरी कोशिश
- 1:53:42करूंगी। मुझे पता है आप जरूर ऐसा कर
- 1:53:46लेंगी। मोहित रहना शिप्रा की तारीफ करते
- 1:53:49हुए बोला अगर हमने आपके ऊपर यह भरोसा किया
- 1:53:52है तो कुछ सोच कर ही किया होगा। हमें आपकी
- 1:53:56योग्यता पर पूरा भरोसा है। पर आपने हमें
- 1:53:59अभी तक हमारे काम के बारे में नहीं बताया
- 1:54:01है। जबकि सबसे पहले तो आपको हमें हमारे
- 1:54:04काम के बारे में ही बताना चाहिए था।
- 1:54:06शिप्रा बड़ी ही बेसब्री से यह जानने को
- 1:54:08उत्सुक थी कि मोहित रैना ने उसके लिए क्या
- 1:54:10काम सोचा हुआ है। शिप्रा का सवाल सुनकर
- 1:54:13मोहित रैना मुस्कुराते हुए बोला। एक काम
- 1:54:16तो यही है जो आप अभी तक करती रही हैं।
- 1:54:18यानी कि आपने जो हमें अपनी कंपनी बेची है
- 1:54:22उसका काम आगे भी आपको ही देखना होगा। इसके
- 1:54:25अलावा भी एक और जिम्मेदारी है जो आपको कल
- 1:54:27दिया जा सकता है। शिप्रा यह जानकर हैरान
- 1:54:30रह गई कि जिम कलेक्शन का काम आगे भी उसी
- 1:54:33को देखना है। यानी उसको अपनी शुरू की गई
- 1:54:36कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मौका
- 1:54:39अभी भी उसके पास है। और उसकी उत्सुकता इस
- 1:54:42बात से भी बढ़ गई थी कि आखिर कल उसे और
- 1:54:45किस कंपनी की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
- 1:54:48यह सोच दिमाग में आते ही शिप्रा ने मोहित
- 1:54:50रैना से पूछ लिया। आखिर आप और किस कंपनी
- 1:54:53की बात कर रहे हैं और कौन सी दूसरी कंपनी
- 1:54:56है जिसकी जिम्मेदारी मुझे दी जा सकती है।
- 1:54:59इसके लिए आपको कल तक इंतजार करना पड़ेगा।
- 1:55:01मैं आपको बता दूं कि कल एक पार्टी में
- 1:55:04आपको आना है। हो सकता है वहीं आपको आपकी
- 1:55:07दूसरी जिम्मेदारी दी जा सकती है। मोहित
- 1:55:09रैना सस्पेंस बनाते हुए बोला आप किस
- 1:55:12पार्टी में आने की बात कर रहे हैं? आखिर
- 1:55:15कल मुझे कहां आना है? शिप्रा मोहित रैना
- 1:55:18का सवाल सुनकर बोली कल होटल सन साइन में
- 1:55:22स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक की ल्चिंग इवेंट
- 1:55:24है। इसके उपलक्ष में एक बड़ी पार्टी रखी
- 1:55:27गई है। आप उस पार्टी में आमंत्रित हैं।
- 1:55:30इतना कहकर मोहित रैना ने अपने टेबल के
- 1:55:33ड्रार से इनविटेशन कार्ड निकालकर शिप्रा
- 1:55:36की तरफ बढ़ा दिया। फिर अपनी बात को जारी
- 1:55:39रखा। मिस मेघना आप भी इस पार्टी में
- 1:55:41आमंत्रित हैं। आप कहीं उस स्ट्रांग एनर्जी
- 1:55:44ड्रिंक की बात तो नहीं कर रहे हैं जिसकी
- 1:55:46शूटिंग अभी कुछ ही दिनों पहले नताशा कपूर
- 1:55:50और श्रवण ने किया था। मेघना को मोहित के
- 1:55:53मुंह से स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक का नाम
- 1:55:56सुनकर यह ख्याल आया। हां, मैं उसी एनर्जी
- 1:56:00ड्रिंक की बात कर रहा हूं। कल उस पार्टी
- 1:56:02में नताशा कपूर भी आ रही हैं। आपको फिर से
- 1:56:04उनसे मिलने का मौका मिल जाएगा। मोहित रैना
- 1:56:07मेघना की ओर देखकर बोला फिर तो मैं जरूर
- 1:56:10आऊंगी। मुझे नताशा कपूर से भी मिलना है।
- 1:56:13मेघना बोली क्या स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक
- 1:56:16आपकी कंपनी की है? शिप्रा ने सवाल किया।
- 1:56:19उसे याद आया कि अभी कुछ दिन पहले ही तो
- 1:56:21उसने उसका पोस्टर देखा था। जिसमें श्रवण
- 1:56:24नताशा कपूर के साथ था। इस पोस्टर को देखकर
- 1:56:26ही तो उसके मन में श्रवण को लेकर कई ख्याल
- 1:56:29आने लगे थे। उसने इतनी बार नताशा कपूर के
- 1:56:32बारे में सुन लिया था कि अब उसकी भी इच्छा
- 1:56:36एक बार नताशा कपूर से मिलने की हो गई थी।
- 1:56:39उसका भाई राहुल भी तो नताशा कपूर का बहुत
- 1:56:42बड़ा फैन था। यह सोचकर शिप्रा ने मोहित
- 1:56:46रैना से पूछा। क्या मैं इस पार्टी में
- 1:56:49अपने भाई को भी ला सकती हूं? एक्चुअली वह
- 1:56:51नताशा कपूर का बहुत बड़ा फैन है। शिप्रा
- 1:56:54की बात सुनकर मोहित रैना मुस्कुराते हुए
- 1:56:56बोला। आप और भी किसी को लाना चाहती हैं तो
- 1:56:59ला सकती हैं। कोई दिक्कत नहीं है। आप समय
- 1:57:02देख लीजिएगा और समय से होटल सनशाइन पहुंच
- 1:57:05जाइएगा। मैं भी आपको वहीं मिलूंगा। ठीक
- 1:57:08है। मैं समय से पहुंच जाऊंगी। क्या उस
- 1:57:11पार्टी में आपके बॉस भी होंगे? शिप्रा ने
- 1:57:13अगला सवाल किया। शिप्रा के मुंह से यह
- 1:57:16सवाल सुनकर मोहित रैना कुछ पल के लिए सोच
- 1:57:19में डूब गया और सोचने लगा कि उसे शिप्रा
- 1:57:21के सामने क्या बताना चाहिए। यह सोचकर वह
- 1:57:24बोला, हां, हमारे बॉस भी उस पार्टी में
- 1:57:27जरूर होंगे। शायद आपका भी मिलना उनसे वहां
- 1:57:29पर हो जाए। मोहित रैना की बात सुनकर
- 1:57:32शिप्रा थोड़ी रोमांचित हो गई। उसे खुशी
- 1:57:34हुई कि कल वो बिग बुल के ओनर से भी मिलने
- 1:57:37वाली है। सब कुछ फाइनल होने के बाद शिप्रा
- 1:57:40मोहित रैना से इजाजत लेते हुए बोली, ठीक
- 1:57:43है मिस्टर मोहित। अब आप मुझे इजाजत दीजिए।
- 1:57:46कल मिलते हैं आपसे। ठीक है अभी आप जा सकते
- 1:57:49हैं। बाकी कल मिलते हैं। इतना बोलकर मोहित
- 1:57:53रैना भी अपनी जगह पर खड़ा हो गया। शिप्रा
- 1:57:56मेघना के साथ न्यू सिटी टावर से बाहर आई।
- 1:57:59शिप्रा मोहित रैना से इस जॉब का ऑफर पाकर
- 1:58:02बहुत खुश थी। उसे इस बात की भी खुशी थी कि
- 1:58:05जिम कलेक्शन के आगे का काम वहीं देखेगी।
- 1:58:08बाकी उसे इंतजार था कि कल उसे और कौन सी
- 1:58:11दूसरी जिम्मेदारी मिलती है। न्यू सिटी
- 1:58:14टावर के ऑफिस से बाहर आने के बाद शिप्रा
- 1:58:16कार में बैठी और कार को अपने घर की तरफ
- 1:58:19बढ़ा दिया। वहां घर जाकर अपने मम्मी पापा
- 1:58:22को भी यह खुशखबरी देना चाहती थी कि उसको
- 1:58:24जॉब मिल गया है और जब वह अपने पापा को
- 1:58:27अपनी सैलरी पैकेज के बारे में बताएगी तो
- 1:58:29वह और भी खुश होंगे। बाकी उसे अपने भाई
- 1:58:32राहुल को कल की पार्टी के लिए इनवाइट भी
- 1:58:35करना था। वह जानती थी कि राहुल किसी भी
- 1:58:38सूरत में नताशा कपूर से मिलने का मौका
- 1:58:41नहीं चूक सकता। अब आगे क्या होगा? शिप्रा
- 1:58:44न्यू सिटी टावर के ऑफिस से निकल कर सीधा
- 1:58:46अपने घर पहुंची। वह खुश थी कि जितनी
- 1:58:50ज्यादा उसकी स्थिति खराब हो गई थी, वह
- 1:58:52जल्दी ही पटरी पर आ गई और अब उसे कोई कुछ
- 1:58:55कहने वाला नहीं था। शिप्रा को अभी अपना घर
- 1:58:58छोड़े एक ही दिन हुआ था। लेकिन उसे ऐसा लग
- 1:59:01रहा था मानो कितना समय बीत गया है। उसे
- 1:59:04अपने घर को छोड़े हुए। वह घर पहुंची तो
- 1:59:07बीना जी राजदीप जी के साथ उसे डाइनिंग हॉल
- 1:59:10में ही मिल गई। शिप्रा को देखकर दोनों
- 1:59:12बहुत खुश हुए। उन्हें भी शिप्रा के बिना
- 1:59:14रहने की आदत नहीं थी। इसलिए इस एक दिन में
- 1:59:17है। उन्हें शिप्रा की कमी बहुत खली।
- 1:59:20राजदीप जी दोनों को बैठने का इशारा करते
- 1:59:22हुए बोले, तुम्हें क्या जरूरत पड़ गई?
- 1:59:25अपना घर छोड़कर कहीं और रहने की। तुम्हारे
- 1:59:28दादाजी तो तुम्हें पता है किस कारण इतना
- 1:59:30कुछ भूल गए। ऐसे अगर उनकी बात को ऐसे दिल
- 1:59:34से लगाओगी तो फिर आगे चलकर बहुत मुश्किल
- 1:59:36होगी। कुछ बातों को इग्नोर करना सीखो।
- 1:59:39शिप्रा अपने पापा की चिंता को जानकर बोली
- 1:59:42आप चिंता मत कीजिए पापा। मैं ठीक हूं और
- 1:59:45मुझे ऐसी कोई तकलीफ भी नहीं है। जहां तक
- 1:59:48घर से बाहर रहने की बात है तो दादाजी ने
- 1:59:50तो ठीक ही कहा था। अगर मुझे श्रवण के साथ
- 1:59:53अपनी जिंदगी बितानी है तो घर तो छोड़ना
- 1:59:56पड़ेगा और अब वैसे भी मुझे अपनी
- 1:59:58जिम्मेवारी खुद ही उठानी है। मैं समझता
- 2:00:01हूं तुम खुद में ही इतनी कैपेबल हो कि
- 2:00:04तुम्हें किसी की सहायता की जरूरत नहीं है।
- 2:00:07पर अभी तो तुमने अपनी कंपनी भी बेच दी। जब
- 2:00:10तक कोई अच्छा काम शुरू नहीं कर देती तब तक
- 2:00:13तुम्हें कोई जरूरत नहीं है कहीं और जाकर
- 2:00:16रहने की। राजदीप जी शिप्रा से अपना कंसर्न
- 2:00:19दिखाते हुए बोले मैंने कहा ना पापा आप
- 2:00:23मेरी चिंता मत कीजिए वैसे भी मुझे अपने
- 2:00:25लिए काम मिल गया है तो अब आपको इस बारे
- 2:00:27में भी सोचने की कोई जरूरत नहीं है। कुछ
- 2:00:30ही दिनों में सब फिर पहले जैसा हो जाएगा।
- 2:00:33शिप्रा अपने पापा को तसल्ली देती हुई
- 2:00:35बोली, राजदीप जी को यह जानकर खुशी हुई कि
- 2:00:38शिप्रा ने कोई जॉब ज्वाइन कर लिया है। पर
- 2:00:41फिर भी उनके मन में एक कसक तो थी ही कि
- 2:00:44कहां वह पहले अपनी कंपनी की मालकिन हुआ
- 2:00:46करती थी और कहां अब वह किसी और के लिए जॉब
- 2:00:49करेगी और फिर उन्हें यह भी नहीं पता था कि
- 2:00:52शिप्रा ने जो जॉब ज्वाइन किया है वह किस
- 2:00:55तरह का है। यही सोचकर उन्होंने पूछा। वैसे
- 2:00:59मैं जान सकता हूं कि तुमने कहां और किस
- 2:01:02कंपनी को ज्वाइन किया है। मैं आपको जरूर
- 2:01:04बताऊंगी कि मैंने कहा और किस कंपनी को
- 2:01:06ज्वाइन किया है। पर वह आज नहीं जब सब कुछ
- 2:01:09फाइनल होकर ओके हो जाएगा उसके बाद ही मैं
- 2:01:12आपको यह बताऊंगी। शिप्रा नहीं चाहती थी कि
- 2:01:16वह अभी ही ज्यादा खुश हो। क्योंकि जब तक
- 2:01:19उसके पास जॉइनिंग लेटर नहीं आ जाता तब तक
- 2:01:22वह इस तरह से खुश होकर सबको यह नहीं बता
- 2:01:26सकती थी कि उसने कहां जॉब ज्वाइन किया है।
- 2:01:29यानी अभी तुम्हारे जॉइनिंग नहीं हुई है।
- 2:01:32राजदीप जी शंकित स्वर में बोले अरे पापा
- 2:01:35आप चिंता मत करो। अभी जॉइनिंग नहीं हुई
- 2:01:38है। लेकिन फिर भी सब कुछ फाइनल है। बस मैं
- 2:01:41यह चाहती हूं कि एक बार पूरी तरह से यह
- 2:01:44ओके हो जाए। बस इतनी सी बात है। वैसे भी
- 2:01:47आप मेरी चिंता तो छोड़ ही दो। अगर यहां
- 2:01:49नहीं भी होता है तो भी मेरे पास जॉब के कई
- 2:01:52ऑप्शन है। अरे मौसा जी आप शिप्रा की कुछ
- 2:01:56ज्यादा ही चिंता कर रहे हैं। जब यह अपने
- 2:01:58दम पर एक कंपनी खड़ी कर सकती है तो क्या
- 2:02:01उसके लिए एक अच्छा जॉब ढूंढना इतना
- 2:02:03मुश्किल होगा? आप इसकी चिंता छोड़ दीजिए
- 2:02:06और अपना ध्यान रखिए। मेघना राजदीप जी को
- 2:02:09व्यर्थ की चिंता करते देखकर बोली मैं
- 2:02:11समझता हूं मेरी बच्ची बड़ी हो गई है पर
- 2:02:14हूं तो एक बाप भी ना तो चिंता तो होगी ही
- 2:02:18खैर जब तुम इतनी निश्चित हो तो अब मैं भी
- 2:02:21तुम्हारे लिए कोई चिंता नहीं करूंगा
- 2:02:22राजदीप जी मुस्कुराते हुए बोले यह राहुल
- 2:02:26कहां है दिख नहीं रहा है शिप्रा राहुल को
- 2:02:29यहां नहीं देखकर स्वाभाविक रूप से पूछ
- 2:02:31बैठी उसका कोई टेनिस का मैच था वहीं गया
- 2:02:35होगा आजकल उसको टेनिस का भूत चढ़ा हुआ है।
- 2:02:38बिना जी जवाब देते हुए बोली फिर तो उसका
- 2:02:41बैड लक है। शिप्रा अफसोस करती हुई बोली
- 2:02:45क्यों ऐसा क्या हुआ जो उसका बैड लक है?
- 2:02:48राजदीप जी शिप्रा की बात सुनकर बोली
- 2:02:51एक्चुअली कल हम एक पार्टी में जा रहे हैं
- 2:02:53जहां पर नताशा कपूर भी आ रही है। और नताशा
- 2:02:56कपूर राहुल की फेवरेट है। तो मैंने सोचा
- 2:02:59उसे अपने साथ ले जाऊंगी तो वह अपनी फेवरेट
- 2:03:01स्टार से मिल लेगा। पर वह तो यहां है ही
- 2:03:04नहीं। शिप्रा ने जवाब दिया। अरे तो ऐसा
- 2:03:07क्या है? जब वह आएगा तो हम उसे बता देंगे।
- 2:03:10अगर उसको जाना होगा तो वह तुमसे बात करके
- 2:03:13आ जाएगा। बीना जी मुस्कुराते हुए बोली।
- 2:03:16इतनी देर में संतो ने शिप्रा और मेघना के
- 2:03:19लिए चाय बना दिया था। चाय पीने के बाद
- 2:03:21शिप्रा खड़ी होती हुई बोली ठीक है पापा।
- 2:03:23अब मैं चलती हूं। अरे जल्दी क्या है? अभी
- 2:03:26तो आई हो और जाने की भी बात करने लगी। कोई
- 2:03:29जरूरत नहीं है। आज यहीं रहो। राहुल आ
- 2:03:32जाएगा तो उससे मिलकर भले चली जाना। राजदीप
- 2:03:35जी शिप्रा को रोकते हुए बोले क्या पापा आप
- 2:03:38भी कैसे जिद करने लगते हैं राहुल का कुछ
- 2:03:40पता तो है नहीं कि वह कब तक आएगा इसलिए जब
- 2:03:43वह आए तो आप उसे बता दीजिएगा शिप्रा
- 2:03:47मुस्कुराती हुई भूली उसे अपने पापा का यूं
- 2:03:49जिद करना उसे अच्छा भी लग रहा था अचानक
- 2:03:52राजदीप जी के दिमाग में कोई बात आई तो
- 2:03:55उन्होंने शक भरे स्वर में कहा जहां तुम रह
- 2:03:59रही हो वह जगह ठीक तो है पता नहीं तुम्हें
- 2:04:02भी क्या जिद चढ़ी कहीं भी जाकर रहने लगी
- 2:04:05हो। राजदीप जी की बात सुनकर मेघना
- 2:04:07मुस्कुराते हुए बोली, अरे मौसा जी आप कैसी
- 2:04:10बात कर रही हैं? आप कभी आकर श्रवण के घर
- 2:04:13को देखिए। एक तो वह घर विशालगढ़ के इतने
- 2:04:15प्राइम लोकेशन पर है और वह भी इतनी
- 2:04:18खूबसूरत कि आपको लगेगा कि आप भी यह घर
- 2:04:20छोड़कर वहीं रहने आ जाए। मेघना की बात
- 2:04:24सुनकर राजदीप जी को तसल्ली हुई। पर उन्हें
- 2:04:26आश्चर्य भी हुआ कि आखिर शौर्य ने इतनी
- 2:04:29जल्दी इतनी खूबसूरत कोठी का इंतजाम कैसे
- 2:04:32कर लिया। उनके मन में भी यह इच्छा जागी कि
- 2:04:35उन्हें एक बार जाकर श्रवण के घर को देखना
- 2:04:37चाहिए। इसलिए उन्होंने शिप्रा से कहा मैं
- 2:04:40देखता हूं एक दो दिनों में आकर एक बार
- 2:04:43जहां तुम रह रही हो। आखिर ऐसा क्या उस घर
- 2:04:45में है जो तुम इतनी तारीफ कर रही हो? ठीक
- 2:04:48है आपकी। जब इच्छा हो आप आकर देख लीजिए।
- 2:04:51पर अभी हम निकलते हैं। इतना कहकर शिप्रा
- 2:04:54मेघना के साथ घर से निकल गई। दूसरी तरफ
- 2:04:57शौर्य मेनका के साथ होटल राजकमल वापस आ
- 2:05:00गया था। आज मेनका बहुत खुश थी क्योंकि
- 2:05:02उसका जो वर्षों पुराना सपना था वह एक तरह
- 2:05:05से पूरा हो गया था। शौर्य मेनका को खुश
- 2:05:08देखकर बोला अब बताओ तुम अब इस होटल को
- 2:05:11कैसे चलाने वाली हो? शौर्य की बात सुनकर
- 2:05:14मेनका आश्चर्य से बोली क्या कहा तुमने? इस
- 2:05:17होटल को मुझे ही चलाना है। शौर्य मेनका की
- 2:05:20बात सुनकर बोला तो और कौन चलाएगा?
- 2:05:23तुम्हारे कहने पर ही तो इसको लिया है और
- 2:05:25फिर तुम्हारा इमोशन भी तो इस होटल के साथ
- 2:05:27जुड़ा हुआ है। इसलिए तुमको ही इस होटल को
- 2:05:30अपने हिसाब से चलाना है। वैसे तो मेनका भी
- 2:05:34यही चाहती थी पर वह शौर्य के सामने ऐसा
- 2:05:37बोल नहीं सकती थी। पर जब शौर्य ने उसे यह
- 2:05:40अथॉरिटी दे दे कि उसे ही इस होटल को भी
- 2:05:42अपने हिसाब से चलाना है तो उसे यह जानकर
- 2:05:45अच्छा लगा। अभी शौर्य मेनका के साथ बातों
- 2:05:48में लगा था कि इसी समय उसका फोन बजने लगा।
- 2:05:50उसने नंबर देखा तो पाया कि आज कई दिनों के
- 2:05:54बाद रत्नाकर शेट्टी का फोन उसके पास आ रहा
- 2:05:56है। शौर्य ने फोन उठाया और बोला हेलो सेठी
- 2:06:00साहब आज बहुत दिनों के बाद आपको हमारी याद
- 2:06:02आई। कहिए कैसे याद किया? रत्नाकर शेट्टी
- 2:06:05ने जब देखा कि दूसरी तरफ लाइन पर शौर्य है
- 2:06:08तो वह मुस्कुराते हुए बोला हेलो मिस्टर
- 2:06:11सरन। क्या आपके पास अभी थोड़ा सा टाइम हो
- 2:06:14सकता है? एक्चुअली मुझे आपसे अभी मिलना
- 2:06:16था। शौर्य को समझ नहीं आया कि अचानक
- 2:06:19रत्नाकर सेट्टी को उससे क्या काम आ पड़ा
- 2:06:22जो वह उससे मिलना चाहता है। उसने पूछा
- 2:06:25क्या बात है सेट्ठी साहब ऐसी क्या बात हो
- 2:06:28गई जो आप अभी मिलना चाह रहे हैं? रत्नाकर
- 2:06:30सेठी शौर्य की बात सुनकर बोला यह तो मैं
- 2:06:33आपसे मिलने के बाद ही बता सकता हूं।
- 2:06:35मिस्टर सरवन यदि आप अगर फ्री हैं तो आप
- 2:06:38यहां मेरे पास पास आ जाइए। नहीं तो अगर आप
- 2:06:40कहिए तो मैं वहीं आपके पास आ जाता हूं।
- 2:06:43शौर्य ने इस बारे में सोचा। अभी रत्नाकर
- 2:06:46शेट्टी को शौर्य की हकीकत पता नहीं थी।
- 2:06:49इसलिए शौर्य चाहता भी नहीं था कि अभी
- 2:06:52रत्नाकर शेट्टी को उसके बारे में कुछ
- 2:06:54ज्यादा पता चले। इसलिए शौर्य को रत्नाकर
- 2:06:57शेट्टी को होटल राजकमल में बुलाना ठीक
- 2:06:59नहीं लगा। इसलिए उसने खुद ही रत्नाकर
- 2:07:02शेट्टी के पास जाकर उससे मिलने का निर्णय
- 2:07:05लिया। यही सोचकर उसने उसने रत्नाकर शेट्टी
- 2:07:08से ही पूछ लिया। बताइए आप कि मुझे कहां
- 2:07:11आना है? मैं आता हूं आपके पास। शौर्य ने
- 2:07:14रत्नाकर शेट्टी को सीधा जवाब दिया।
- 2:07:16रत्नाकर शेट्टी शौर्य की बात सुनकर खुश
- 2:07:19होते हुए बोला, "यह आपने अच्छा किया
- 2:07:21मिस्टर श्रवण, मैं अभी होटल रीगल में हूं।
- 2:07:24आप यहीं आ जाइए। मैं यहीं आपका इंतजार कर
- 2:07:26रहा हूं। रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर
- 2:07:29शौर्य बोला, होटल रीगल में आप कहां पर
- 2:07:32मिलेंगे? कुछ देर की शांति के बाद दूसरी
- 2:07:35तरफ से रत्नाकर शेट्टी ने कहा, "आप होटल
- 2:07:38रीगल के रेस्टोरेंट वाले एरिया में आ
- 2:07:40जाइए। मैं यहीं पर आपका इंतजार करता हूं।"
- 2:07:43ठीक है। मैं आधे घंटे में आपके पास
- 2:07:45पहुंचता हूं। इतना कहकर शौर्य ने फोन रख
- 2:07:47दिया। मेनका शौर्य के फोन रखने का इंतजार
- 2:07:50कर रही थी। वह शौर्य को बातें करते हुए
- 2:07:52सुन रही थी। इसलिए वह समझ गई थी कि फोन पर
- 2:07:56दूसरी तरफ रत्नाकर शेट्टी मौजूद है। शौर्य
- 2:07:59के फोन रखने के बाद मेनका ने शौर्य से
- 2:08:02पूछा। यह रत्नाकर शेट्टी तुम्हें अभी किस
- 2:08:05लिए फोन कर रहा था? अभी उसको तुमसे क्या
- 2:08:08काम आ गया? जो वह अभी तुम्हें फोन कर रहा
- 2:08:10था। मेनका की बात सुनकर शौर्य बोला हो
- 2:08:14सकता है उससे कुछ शूटिंग से रिलेटेड बात
- 2:08:16करनी हो क्योंकि उसे भी पता होगा कि नताशा
- 2:08:19कपूर कल आ जाएगी इसलिए शायद इसी बारे में
- 2:08:22वह कुछ बात करना चाह रहा हो शौर्य की बात
- 2:08:25सुनकर मैंने कहा बोली शायद ऐसा ही हो देख
- 2:08:28लो तुम कि तुम्हें क्या करना है ठीक है
- 2:08:31कोई बात नहीं मेरा भी थोड़ा घूमना हो
- 2:08:33जाएगा मैं अभी उससे मिलकर आता हूं इतना
- 2:08:36कहकर शौर्य मेनका के पास से निकल गया आधे
- 2:08:40घंटे बाद शौर्य की कार होटल रीगल के
- 2:08:42पार्किंग में खड़ा था। उसने गाड़ी को
- 2:08:44पार्क किया और होटल में प्रवेश कर गया। वह
- 2:08:48सीधा रेस्टोरेंट एरिया में पहुंचा। उसे
- 2:08:50दूर से ही रत्नाकर शेट्टी नजर आ गया।
- 2:08:53दोनों की नजरें मिली। शौर्य ने नोटिस किया
- 2:08:56कि रत्नाकर शेट्टी के साथ कोई लड़की भी
- 2:08:59बैठी हुई थी। जिसका कि पीछे वाला हिस्सा
- 2:09:02शौर्य की तरफ था। इसलिए शौर्य उसका चेहरा
- 2:09:06नहीं देख पा रहा था। शौर्य रत्नाकर शेट्टी
- 2:09:09के पास पहुंचा। रत्नाकर शेट्टी के टेबल के
- 2:09:12पास जाने के बाद जब शौर्य ने उसके साथ
- 2:09:14बैठी लड़की की तरफ देखा तो उसकी आंखें फैल
- 2:09:17गई। वह तो उम्मीद भी नहीं कर सकता था कि
- 2:09:20उसकी मुलाकात दोबारा इस लड़की से इस तरह
- 2:09:23से होगा। वह हैरानी से रत्नाकर शेट्टी के
- 2:09:26सामने बैठी लड़की को देख रहा था। जहां
- 2:09:28शौर्य के चेहरे पर आश्चर्य का भाव था।
- 2:09:31वहीं उस लड़की के चेहरे को देखकर लग नहीं
- 2:09:33रहा था कि उसे शौर्य को यहां देखकर कोई
- 2:09:36आश्चर्य हो रहा हो। यानी इसका तो एक ही
- 2:09:39कारण हो सकता था कि उस लड़की को पहले से
- 2:09:42ही उम्मीद थी कि शौर्य यहां आने वाला है।
- 2:09:45शौर्य को देखकर उस लड़की के चेहरे पर
- 2:09:47मुस्कुराहट थी। अब आगे क्या होगा? आखिर
- 2:09:50कौन थी वह लड़की? जो रत्नाकर शेट्टी के
- 2:09:53पास बैठी पहले से शौर्य का इंतजार कर रही
- 2:09:56थी। आखिर रत्नाकर शेट्टी ने शौर्य को
- 2:09:59मिलने के लिए क्यों बुलाया था? शौर्य को
- 2:10:01उम्मीद नहीं था कि वह यहां इस लड़की से
- 2:10:03दोबारा मिलेगा। उसने एक बार रत्नाकर
- 2:10:05शेट्टी की तरफ देखा। फिर उस लड़की की तरफ
- 2:10:08देखते हुए बोला, "मुझे उम्मीद नहीं था कि
- 2:10:11एक ही दिन में दो बार मेरा तुमसे मिलना
- 2:10:14होगा। इसे मैं इत्तेफाक समझूं या ऐसा आपके
- 2:10:17कारण हुआ है। मिस मालिनी खुराना। यह वही
- 2:10:21मालिनी थी जो शौर्य से होटल पैराडाइज के
- 2:10:23बिल्डिंग के दौरान प्रतीक के साथ में मिली
- 2:10:26थी। नहीं इसके पीछे कोई इत्तेफाक नहीं है।
- 2:10:29यहां मेरे आग्रह पर ही रत्नाकर शेट्टी ने
- 2:10:32तुम्हें बुलाया है। मालिनी मुस्कुराते हुए
- 2:10:34बोली पर मुझे समझ नहीं आया कि आप मुझसे
- 2:10:37क्यों मिलना चाहते हैं। शौर्य ने जिज्ञासा
- 2:10:40बस पूछा अभी आए हो। पहले बैठ तो जाओ। पहले
- 2:10:44दो सांस ले लो। फिर तुम्हारे हर एक सवाल
- 2:10:46का जवाब भी मिल जाएगा। मालिनी शौर्य को
- 2:10:48चेयर पर बैठने का इशारा करता हुआ बोला।
- 2:10:51मालिनी की बात सुनकर शौर्य कुछ बोला नहीं।
- 2:10:54बस एक चेयर खींच कर उस पर बैठ गया। जबकि
- 2:10:57रत्नाकर शेट्टी हैरानी से कभी शौर्य को तो
- 2:11:00कभी मालिनी खुराना को देख रहा था। उसे
- 2:11:02नहीं पता था कि यह दोनों एक दूसरे को पहले
- 2:11:05से जानते हैं। वह हैरान स्वर में शौर्य से
- 2:11:08पूछा तो क्या आप दोनों एक दूसरे को पहले
- 2:11:11से जानते हैं? माफ कीजिएगा। मिस्टर शौर्य
- 2:11:15मुझे यह पता नहीं था कि आप मालिनी खुराना
- 2:11:17को पहले से जानते हैं? नहीं तो मैं बुलाने
- 2:11:20से पहले अपना पर्पस भी आपको बता दिया
- 2:11:22होता। रत्नाकर शेट्टी के चेहरे के भाव को
- 2:11:24देखकर शौर्य समझ गया कि रत्नाकर शेट्टी सच
- 2:11:27बोल रहा है। इसलिए उसने बिना कोई नाराजगी
- 2:11:30शो किए रत्नाकर शेट्टी से बोला, कोई बात
- 2:11:33नहीं मिस्टर शेट्टी। अब जबकि मैं यहां आ
- 2:11:36गया हूं तो अब आप मुझे यहां बुलाने का
- 2:11:38अपना मकसद भी बता दीजिए। शौर्य की बात
- 2:11:41सुनकर रत्नाकर शेट्टी ने एक बार मालिनी की
- 2:11:44तरफ देखा जैसे वह जानना चाहता हो कि क्या
- 2:11:47वह अपनी तरफ से ही बात की शुरुआत करें या
- 2:11:49मालिनी स्वयं कुछ बोलना चाहती है। पर
- 2:11:52मालिनी को चुप देखकर उसने शौर्य से कहना
- 2:11:55शुरू किया। जैसा कि मुझे पता है कि आप मिस
- 2:11:58मालिनी खुराना को पहले से जानती ही हैं।
- 2:12:00तो थोड़ा सा मैं आपको इनके बारे में बता
- 2:12:01दूं। यह मालिनी खुराना मशहूर बिजनेसमैन
- 2:12:05सुधाकर खुराना जी की बेटी हैं। यह जो आप
- 2:12:09रीगल होटल का देख रहे हैं, वह इन्हीं का
- 2:12:11है। रीगल होटल का पूरा एक चैन है। आप समझ
- 2:12:14सकते होटल इंडस्ट्री में रीगल होटल एक
- 2:12:17बड़ा नाम है। रत्नाकर शेट्टी शौर्य को
- 2:12:20मालिनी खुराना के बारे में बता रहा था। पर
- 2:12:22शौर्य को यह समझ नहीं है। आ रहा था कि
- 2:12:25रत्नाकर शेट्टी उसके सामने मालिनी खुराना
- 2:12:28का पूरा बायोग्राफी क्यों बता रहा है।
- 2:12:30इसलिए उसने बीच में ही बोला, मिस्टर
- 2:12:33शेट्टी यह ज्यादा बेहतर होगा कि आप सीधा
- 2:12:36मुद्दे की बात पर आए। मैं समझ सकता हूं कि
- 2:12:38मालिनी खुराना विशालगढ़ की एक बड़ी हस्ती
- 2:12:41है। पर अभी भी मुझे यह समझ नहीं आया कि
- 2:12:45मुझे यहां बुलाने का आपका क्या मकसद है।
- 2:12:47इसलिए आप अगर मुद्दे की बात करें तो
- 2:12:50ज्यादा बेहतर होगा। शौर्य की अधीरता को
- 2:12:52देखकर रत्नाकर शेट्टी बोला, ठीक है मिस्टर
- 2:12:55शौर्य मैं सीधा मुद्दे की बात पर आता हूं।
- 2:12:59ऐसा है कि मिस खुराना को एक्टिंग का बहुत
- 2:13:01शौक है और यह अपनी कंपनी के प्रोडक्शन में
- 2:13:04ही एक बड़े बजट की फिल्म बनाना चाहती है।
- 2:13:07स्वाभाविक है जिसकी हीरोइन यह खुद ही
- 2:13:09होंगी। बहुत समय से हम इनकी मूवी के लिए
- 2:13:12किसी हीरो की तलाश में थे। मालिनी जी ने
- 2:13:15कहीं आपका स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक वाला
- 2:13:17पोस्टर देखा था। तो उस पोस्टर में आपको
- 2:13:20देखकर इन्हें लगा कि उनकी फिल्म के लिए आप
- 2:13:23एक परफेक्ट चॉइस है। इसीलिए मैंने आपको
- 2:13:26यहां बुलाया है ताकि हम इस बारे में बात
- 2:13:28कर सकें। शौर्य को समझ नहीं आया कि वह
- 2:13:31रत्नाकर शेट्टी की बात पर कैसे रिएक्ट
- 2:13:33करें। पर फिर भी वह रत्नाकर शेट्टी को
- 2:13:36समझाते हुए बोला। मिस्टर शेट्टी आप तो
- 2:13:40जानते हैं कि उस ऐड में मैं किस स्थिति
- 2:13:43में काम करना स्वीकार किया था। आपको पता
- 2:13:45है कि मुझे इस एक्टिंग लाइन में जाने का
- 2:13:47कोई भी इंटरेस्ट नहीं है। तो आपको समझना
- 2:13:50चाहिए था कि वह मेरा फर्स्ट एंड लास्ट
- 2:13:52प्रोजेक्ट था। इतना कहकर शौर्य मालिनी
- 2:13:56खुराना की तरफ मुड़ा और उससे बोला मिस
- 2:13:59मालिनी मुझे नहीं पता कि आपको मुझ में
- 2:14:02क्या अच्छा लगा जो आपने मुझे इस लायक समझा
- 2:14:05कि अपनी फिल्म में मुझे हीरो लेना चाह रही
- 2:14:07हैं। पर मैं आपको बता दूं कि मुझे एक्टिंग
- 2:14:10लाइन में जाने का कोई भी इंटरेस्ट नहीं
- 2:14:11है। इसलिए यह अच्छा होगा कि आप किसी और को
- 2:14:15अपने फिल्म में हीरो के लिए चुन लीजिए।
- 2:14:18मालिनी खुराना धैर्य से शौर्य की बात को
- 2:14:20सुनती रही क्योंकि उसे पहले से ही पता था
- 2:14:23कि शौर्य का इंटरेस्ट एक्टिंग लाइन में
- 2:14:26नहीं है। इस बारे में उसे पहले ही रत्नाकर
- 2:14:29शेट्टी ने बता दिया था। पर मालिनी को पता
- 2:14:32नहीं शौर्य में क्या अच्छा लगा जो उसने
- 2:14:35रत्नाकर शेट्टी से बोलकर शौर्य को मिलने
- 2:14:38के लिए बुला लिया था। उसने शौर्य की बात
- 2:14:41को आराम से सुना। फिर शौर्य के चुप होने
- 2:14:43के बाद बोलना शुरू किया। मिस्टर श्रवण
- 2:14:47मुझे नहीं पता कि आपको इस एक्टिंग लाइन
- 2:14:49में क्यों इंटरेस्ट नहीं है। पर मैं आपको
- 2:14:51बताऊं मुझे एक्टिंग को लेकर इतना ज्यादा
- 2:14:54क्रेज है कि मैं इस लाइन में कुछ करना
- 2:14:57चाहती हूं। मैं कोलाज करते हुए कई थिएटर
- 2:15:00ग्रुप ज्वाइन कर रखे थे। अभी तक मैं बहुत
- 2:15:02सारे थिएटर भी किए हैं। एक्टिंग की
- 2:15:05बारीकियों को जानने के लिए मैंने बाकायदा
- 2:15:08ट्रेनिंग भी लिया। जब मैंने खुद को इस
- 2:15:10लायक तैयार पाया कि अब मैं किसी मूवी में
- 2:15:13अपने आप को लॉन्च कर सकती हूं। तो मुझे
- 2:15:16अपने साथ किसी बड़े स्टार को लेने की
- 2:15:18इच्छा नहीं हुई। अगर मैं चाहूं तो बड़े
- 2:15:21आराम से इंडस्ट्री के बड़े से बड़े हीरो
- 2:15:24को अपनी मूवी में काम करने के लिए बुला
- 2:15:26सकती हूं। पर मेरा अप्रोच अलग है। मैं
- 2:15:28नहीं चाहती कि अगर लोग मुझे इस लाइन में
- 2:15:31जाने तो वह किसी बड़े हीरो के साथ आने के
- 2:15:34कारण जाने। मैं अपने काम के कारण पहचानी
- 2:15:36जाना चाहती हूं। और हमारे पास जो स्टोरी
- 2:15:39है उसके लिए जो हीरो का कैरेक्टर है वह
- 2:15:43फेस एक अननोन फेस होना चाहिए। जिसे पब्लिक
- 2:15:46पहले से ना जानती हो। आज जब मैंने
- 2:15:48तुम्हारा पोस्टर देखा तो पहली बार में ही
- 2:15:51मुझे लगा मुझे अपने साथ काम करने के लिए
- 2:15:53इसी फेस की तलाश थी। और उसके बाद जब मैं
- 2:15:56तुमसे मिली तो मैं और भी श्योर हो गई कि
- 2:15:59तुम मेरी पसंद पर एकदम खड़े उतरते हो।
- 2:16:02उसके बाद मैंने रत्नाकर शेट्टी से
- 2:16:04तुम्हारे बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे
- 2:16:06तुम्हारे द्वारा किया गया ऐड भी दिखाया और
- 2:16:09जैसा कि मुझे पता चला कि तुमने यह काम
- 2:16:11पहली बार किया है। उसके बाद भी तुमने जो
- 2:16:14एक्टिंग की है उसमें कहीं से कोई दिखावा
- 2:16:17नजर नहीं आया। तुम्हारी एक्टिंग में एक
- 2:16:20नेचुरल फील है जो लगता है कि वह अपने आप
- 2:16:23ही आती है। तुमको उसके लिए कोई ज्यादा
- 2:16:26प्रयास नहीं करना पड़ता। यह बात मुझे और
- 2:16:29भी अच्छी लगी। इसलिए मैं तुमसे रिक्वेस्ट
- 2:16:31करती हूं कि प्लीज तुम मेरी रिक्वेस्ट को
- 2:16:34मानकर इस मूवी में काम करने के लिए तैयार
- 2:16:37हो जाओ। भले तुम इसके बाद अभिनय करो या ना
- 2:16:40करो। इतना बोलने के बाद मालिनी खुराना
- 2:16:45उम्मीद भरी नजरों के साथ शौर्य को देखने
- 2:16:48लगी। जबकि शौर्य को समझ नहीं आ रहा था कि
- 2:16:50वह मिस मालिनी खुराना को कैसे मना करें।
- 2:16:53क्योंकि मालिनी खुराना ने शौर्य से इतना
- 2:16:56पोलाइट होकर अपनी बात को कही कि शौर्य को
- 2:16:59मना करते नहीं बन पड़ा। मालिनी खुराना का
- 2:17:02बोलने का अंदाज इतना प्यारा था। इतना
- 2:17:04मनभावन था कि वह स्वतः ही शौर्य को अपनी
- 2:17:07तरफ आकर्षित करने लगी। शौर्य भी एक पल को
- 2:17:10हैरान था कि मालिनी खुराना जैसी लड़की
- 2:17:13कैसे इतना सलीके से प्रभावशाली तरीके से
- 2:17:16अपनी बात को कह रही है। मालिनी खुराना की
- 2:17:18आवाज की मधुरता किसी को भी अपनी तरफ
- 2:17:21आकर्षित करने में सक्षम थी। शौर्य समझ
- 2:17:23नहीं पा रहा था कि वह कैसे मालिनी खुराना
- 2:17:26से ना कहे। उसने टालने के मकसद से कहा।
- 2:17:30मिस मालिनी मुझे अच्छा नहीं लग रहा है
- 2:17:33आपको मना करते हुए। पर मैं अभी यह निर्णय
- 2:17:35लेने की स्थिति में नहीं हूं। मैं समझ
- 2:17:37सकता हूं कि आप अच्छी एक्टर होंगी क्योंकि
- 2:17:40आपका बात करने का सलीका आपकी प्रतिभा को
- 2:17:42प्रदर्शित कर रही है। मालिनी ने शौर्य की
- 2:17:46बात को सुना तो उसके चेहरे पर थोड़ी
- 2:17:48परेशानी तो नजर आई पर फिर अगले ही पल वह
- 2:17:52नॉर्मल हो गई और उसने शौर्य से कहा सबसे
- 2:17:55पहले तो तुम मुझे मिस मालिनी कहना बंद
- 2:17:57करो। तुम मुझे सीधा मालिनी कह सकते हो और
- 2:18:00दूसरी बात मैं इतनी जल्दी तुम्हारा पीछा
- 2:18:03नहीं छोड़ने वाली। रत्नाकर शेट्टी ने इससे
- 2:18:05पहले मुझे बहुत सारे नए लड़कों के पिक्चर
- 2:18:08दिखाए, मिलवाया भी पर मुझे कोई भी इस हद
- 2:18:11तक पसंद नहीं आया कि मैं उसके साथ काम कर
- 2:18:14सकूं और अब जाकर मेरी तलाश तुम पर खत्म
- 2:18:17हुई है और तुम मेरे साथ काम करने को तैयार
- 2:18:20नहीं हो। सो प्लीज इट्स माय हम्ल
- 2:18:22रिक्वेस्ट। मैं पहली बार अपनी पसंद के
- 2:18:25हिसाब से काम करना चाहती हूं। इसलिए एक
- 2:18:28बार थोड़ी दरियादिल्ली से मेरी रिक्वेस्ट
- 2:18:30पर विचार करना। मलिनी खुराना ने अपनी बात
- 2:18:33समाप्त की ही थी थी कि इसी समय वेटर ने
- 2:18:35आकर कुछ खाने की चीज उसके टेबल पर सजा दी।
- 2:18:39शायद शौर्य के आने से पहले ही मालिनी
- 2:18:41खुराना ने अपना आर्डर दे रखा था। शौर्य
- 2:18:44मना करना चाहता था। पर उससे पहले ही
- 2:18:46मालिनी बोल पड़ी प्लीज खाने से मत मना
- 2:18:49करना। काम करना या ना करना अपनी जगह है।
- 2:18:52लेकिन हम दोस्त तो हो ही सकते हैं। तो
- 2:18:54इसलिए एक दोस्त के साथ में बैठकर खाना तो
- 2:18:57खा ही सकते हैं। मालिनी की बात सुनकर अब
- 2:19:00शौर्य से आगे कुछ बोलते नहीं बना। वेटर ने
- 2:19:04साथ लाए हुए रेड वाइन की बोतल को खोला और
- 2:19:07तीनों के सामने गिलास में रेड वाइन डालने
- 2:19:08लगा। शौर्य महसूस कर रहा था कि मालिनी में
- 2:19:12एक ऐसी चीज तो थी जो किसी को भी अपनी तरफ
- 2:19:15आकर्षित कर सकती थी। वह था उसका व्यवहार
- 2:19:18जो वह दूसरे के साथ इतने पोलाइट होकर
- 2:19:21व्यवहार करती थी कि सामने वाला चाहकर भी
- 2:19:24उसके विपरीत नहीं जा सकता था। शौर्य को
- 2:19:27लगा अगर वह थोड़ी देर मालिनी की बात को
- 2:19:29सुनता रहा तो वह यहां से जाने से पहले
- 2:19:32उसकी मूवी में काम करने के लिए तैयार होकर
- 2:19:34जाएगा। शौर्य बड़ी मुश्किल से अपने आप को
- 2:19:37जज्ब किए हुए था। दूसरी तरफ रत्नाकर
- 2:19:40शेट्टी को समझ नहीं आ रहा था कि शौर्य
- 2:19:43इतने अच्छे ऑफर को मना क्यों कर रहा है।
- 2:19:45जब तक शौर्य यहां नहीं आया था। रत्नाकर
- 2:19:48शेट्टी यही सोच रहा था कि शौर्य ने पहले
- 2:19:50भले ही उसे यह कह रखा था कि वह आगे कोई
- 2:19:53एक्टिंग नहीं करने वाला। लेकिन उसे लग रहा
- 2:19:56था इतने अच्छे ऑफर को पकड़ शौर्य मना कर
- 2:19:59ही नहीं पाएगा। पर वह शौर्य के इस व्यवहार
- 2:20:02से हैरान था। वह सोच भी नहीं सकता था कि
- 2:20:05शौर्य के जैसा कोई आदमी इतने बड़े ऑफर को
- 2:20:07ठुकरा भी सकता है। किस्मत उसके दरवाजे पर
- 2:20:10खड़ा था। पर एक वह था जो अपना दरवाजा ही
- 2:20:12नहीं खोल रहा था। इसे तो बेवकूफी कहना ही
- 2:20:15उचित होगा। यह सोचकर रत्नाकर शेट्टी शौर्य
- 2:20:19से बोला, मिस्टर श्रवण मुझे नहीं पता कि
- 2:20:22आपका इस मूवी में काम नहीं करने के पीछे
- 2:20:24क्या रीजन है। पर मैं यह समझ नहीं पा रहा
- 2:20:27कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं। आप जानते हैं
- 2:20:30इस काम को करने के बदले आपको कितने पैसे
- 2:20:33मिल सकते हैं और आगे भी इस फिल्म के बाद
- 2:20:36जो आपकी किस्मत चमकेगी तो आपको यह
- 2:20:38छोटे-मोटे काम करने की जरूरत ही नहीं
- 2:20:40पड़ेगी। जो कि अभी आप कर रहे हैं। इसलिए
- 2:20:43मैं आपसे कहना चाहूंगा कि आप ऐसे मौके को
- 2:20:46अपने हाथ से जाने मत दीजिए और आप मिस
- 2:20:49मालिनी के ऑफर को स्वीकार कर लीजिए। और
- 2:20:51मैं आपको एक बात कहूं इसमें मेरा अपना भी
- 2:20:54एक बड़ा स्वार्थ है। मैं अभी तक ऐसे ऐड
- 2:20:57फिल्मों को ही डायरेक्ट करता आया हूं। मैं
- 2:20:59भी इस मूवी से फिल्म इंडस्ट्री में एक
- 2:21:02डायरेक्टर के तौर पर कदम रखना चाहता हूं।
- 2:21:05तो प्लीज आप मेरे लिए भी इस मूवी में काम
- 2:21:08करने के लिए तैयार हो जाइए क्योंकि मेरा
- 2:21:10भी करियर इस मूवी से बहुत हद तक जुड़ा हुआ
- 2:21:13है। रत्नाकर शेट्टी की बात को सुनकर शौर्य
- 2:21:17का मन किया कि वह अपना माथा पीट ले। अब वह
- 2:21:20रत्नाकर शेट्टी को कैसे बताएं कि उसके लिए
- 2:21:23पैसे कमाना हाथ के मैल के जैसा है। अगर
- 2:21:26रत्नाकर शेट्टी को डायरेक्टर ही बनना है
- 2:21:29तो वह उसके लिए फिल्मों की लाइन लगा सकता
- 2:21:31है। पर शौर्य इस समय ऐसा सिर्फ सोच ही
- 2:21:34सकता था, बोल नहीं सकता था। पर इसी समय इस
- 2:21:37होटल में कोई ऐसा भी था जिसकी आंखें शौर्य
- 2:21:40के ऊपर टिकी हुई थी। वह उसकी हर एक हरकत
- 2:21:43को नोटिस कर रहा था। अब आगे क्या होगा?
- 2:21:46शिप्रा मेघना के साथ अपने घर से निकली और
- 2:21:49अपनी कार में बैठकर मॉडल टाउन के लिए निकल
- 2:21:52ली। राजदीप जी ने कहा भी था कि मेघना को
- 2:21:55तो यहां रहने देती। उसको तुम अपने साथ
- 2:21:58क्यों ले जा रही हो? तो मेघना ने जवाब
- 2:22:00दिया था अंकल इसके साथ तो मेरा थोड़ा मन
- 2:22:03बहल जाता है। नहीं तो यहां तो मैं बोर ही
- 2:22:06हो जाऊंगी। इसके बाद राजदीप जी भी कुछ बोल
- 2:22:09नहीं पाए। जब शिप्रा की कार सदर बाजार से
- 2:22:12गुजर रही थी। मेघना ने कहा चलो ना चलकर
- 2:22:15कुछ खाते हैं। उसके बाद तो घर जाना ही है।
- 2:22:18शिप्रा को भी मेघना की बात ठीक जान पड़ी।
- 2:22:20इसलिए वह भी तैयार हो गई। इस समय शिप्रा
- 2:22:23की कार होटल रीगल के सामने से गुजर रही
- 2:22:26थी। इसलिए उसने अपनी कार को होटल रीगल की
- 2:22:29ओर ही मोड़ दिया। शिप्रा ने कार को
- 2:22:31पार्किंग में खड़ी किया और दोनों होटल
- 2:22:34रीगल के रेस्टोरेंट एरिया की तरफ बढ़ गई।
- 2:22:37दोनों जाकर एक खाली टेबल पर बैठ गई। इसी
- 2:22:39समय मेघना की निगाह शौर्य
- 2:22:41[नाक से की जाने वाली आवाज़] पर पड़ गई जो
- 2:22:42कि उसे इसी रेस्टोरेंट में एक अलग टेबल पर
- 2:22:45बैठा नजर आया था। शौर्य इस समय रत्नाकर
- 2:22:48शेट्टी और मालिनी के साथ बैठा अपनी बातों
- 2:22:51में मशगूल था। मेघना उसी की ओर गौर से देख
- 2:22:54रही थी। उसे यह उम्मीद नहीं था कि शौर्य
- 2:22:57उसे यहां मिल जाएगा। पर अच्छी बात यह थी
- 2:23:00कि शौर्य ने अभी तक उसको देखा नहीं था।
- 2:23:03मेघना ने इशारे से शिप्रा को उधर देखने के
- 2:23:06लिए कहा जिधर शौर्य बैठा हुआ था। शिप्रा
- 2:23:09ने मेघना के इशारे की तरफ देखा। शिप्रा भी
- 2:23:12शौर्य को यहां देखकर हैरान रह गई। यह भी
- 2:23:15अच्छा [संगीत] इत्तेफाक था कि वह दोनों इस
- 2:23:17होटल में खाने के लिए आई और शौर्य यहां
- 2:23:20पहले से किसी और के साथ टेबल पर बैठा कुछ
- 2:23:23खा रहा था। शिप्रा ने जब शौर्य को किसी और
- 2:23:26लड़की के साथ बैठे देखा तो उसे थोड़ा अजीब
- 2:23:28भी लगा क्योंकि वह गौर कर रही थी कि वह
- 2:23:31अक्सर शौर्य को किसी ना किसी नई लड़की के
- 2:23:33साथ ही देखती है। अभी कुछ दिन पहले ही वह
- 2:23:36श्रव्या के साथ घूम रहा था और आज फिर एक
- 2:23:39नई लड़की के साथ शिप्रा ने उसे देखा। उसने
- 2:23:42गौर से मालिनी की ओर देखा। वह कभी पहले
- 2:23:45उससे मिली नहीं थी। इसलिए वह मालिनी को
- 2:23:48जानती नहीं थी। पर उसकी खूबसूरती कहीं ना
- 2:23:51कहीं शिप्रा को जेलस फील करा रही थी। वह
- 2:23:54समझ नहीं पाई ऐसा क्यों हो रहा है। वह ना
- 2:23:56चाहते हुए भी खुद की तुलना मालिनी से करने
- 2:23:59लगी थी। मेघना भी गौर से उन्हीं दोनों की
- 2:24:02तरफ देख रही थी। उसने शौर्य से नजर हटाकर
- 2:24:05शिप्रा पर डालते हुए कहा। क्या तुम शौर्य
- 2:24:08के साथ बैठी हुई उस लड़की को जानती हो?
- 2:24:11शिप्रा इंकार में सर हिलाते हुए कहा, नहीं
- 2:24:14मैं उसे नहीं जानती। पर जो भी कहो लड़की
- 2:24:17खूबसूरत है कहीं श्रवण का उससे कोई चक्कर
- 2:24:20तो नहीं चल रहा है मेघना शरारत भरे स्वर
- 2:24:23में बोली शिप्रा मेघना के इरादों को समझ
- 2:24:26रही थी इसलिए उसने उसका कोई जवाब नहीं
- 2:24:29दिया पर उसकी निगाह अभी भी मालिनी के ऊपर
- 2:24:32ही टिकी हुई थी क्या हुआ कुछ बोलोगे नहीं
- 2:24:36कहीं तुम्हें श्रवण को किसी और लड़की के
- 2:24:38साथ देखकर जलन तो नहीं हो रही है मेघना
- 2:24:41शिप्रा को जवाब देते ना देखकर दोबारा बोली
- 2:24:44किसी लड़की के साथ बैठे होने का यह मतलब
- 2:24:46तो नहीं कि उसका उसके साथ कोई चक्कर ही चल
- 2:24:49रहा है। वह किसी काम के कारण भी तो साथ
- 2:24:52बैठे हो सकते हैं। तुम ज्यादा अपना दिमाग
- 2:24:54मत चलाओ। बहन मैं तो तुम्हें आगाह कर रही
- 2:24:58हूं कि अभी उसे अपने कंट्रोल में कर लो।
- 2:25:01नहीं तो कहीं ऐसा ना हो कि वह तुम्हारे
- 2:25:03हाथ से निकल जाए और तुम बस यूं दूर से ही
- 2:25:06उसे देखते रह जाओ। अभी भी मेघना शिप्रा को
- 2:25:09समझाने की पूरी कोशिश कर रही थी। तुम्हें
- 2:25:12पता होना चाहिए कि हमारे बीच अपनी बातें
- 2:25:16पहले ही स्पष्ट हो चुकी हैं। वह किसके साथ
- 2:25:19क्या करता है या नहीं करता उससे हमारा कोई
- 2:25:21मतलब नहीं। बस हम एक दूसरे के फटे में
- 2:25:24टांग नहीं फसाएंगे। बस इसका ध्यान रखना
- 2:25:26है। इसके बाद हमारे रिश्ते पर कोई फर्क
- 2:25:29नहीं पड़ने वाला है। शिप्रा अपनी बात
- 2:25:31स्पष्ट करते हुए बोली यानी उसका रिलेशन
- 2:25:34उसके सामने बैठी लड़की से होगा तो भी
- 2:25:37तुम्हें चलेगा। तुम यही कहना चाहती हो।
- 2:25:40मेघना शिप्रा की आंखों में देखती हुई बोली
- 2:25:43तुम जबरदस्ती श्रवण का रिश्ता किसी और के
- 2:25:45साथ जोड़ने की कोशिश मत करो। साफ दिख रहा
- 2:25:48है उन दोनों के बीच में ऐसा कुछ भी नहीं
- 2:25:50है। वह दोनों जरूर किसी काम के कारण ही
- 2:25:53मिले हैं। शिप्रा मेघना को भी और खुद को
- 2:25:56भी समझाते हुए बोली। शिप्रा और मेघना ने
- 2:25:59शौर्य को देखने के बाद खुद को इस स्थिति
- 2:26:01में कर लिया था कि शौर्य आसानी से उसे देख
- 2:26:04ना पाए और वह उसे देखती रहे। जब हम यहां
- 2:26:08है ही तो क्यों ना मैं उसे जाकर मिलकर
- 2:26:10आऊं। इस तरह मुझे पता भी चल जाएगा कि वह
- 2:26:12लड़की कौन है। मेघना शिप्रा से अचानक बोल
- 2:26:16पड़ी। तुम्हें क्या जरूरत है उनके बीच में
- 2:26:18जाने की। पता नहीं उनके बीच कुछ जरूरी
- 2:26:21बातें हो रही होगी तो तुम क्यों उसे
- 2:26:23डिस्टर्ब करना चाहती हो? शिप्रा मेघना से
- 2:26:25प्रतिरोध करती हुई बोली। शिपला की बात
- 2:26:28सुनकर मेघना बोली तुम्हें भले कोई फर्क
- 2:26:30नहीं पड़ता हो पर मुझे फर्क पड़ता है। मैं
- 2:26:33यह जानना चाहती हूं कि शौर्य का उस लड़की
- 2:26:37से क्या संबंध है और यह जानने में बुराई
- 2:26:40भी क्या है? कोई बुराई नहीं है। पर कहीं
- 2:26:43उसे ऐसा ना लगे कि हम दोनों उसका पीछा कर
- 2:26:45रहे हैं। क्योंकि हम यहां उसके बाद ही आए
- 2:26:47हैं। अगर ऐसी बात उसके दिमाग में आई तो वह
- 2:26:50हमारे बारे में क्या सोचेगा? शिप्रा ने
- 2:26:53अपना कंसर्न जताया।
- 2:26:55वह क्या सोचता है यह मेरी हेडेक नहीं है।
- 2:26:58मुझे तो बस जानना है कि वह लड़की कौन है।
- 2:27:01इसलिए मैं तो जा रही हूं उसके पास। इतना
- 2:27:04बोलकर मेघना अपनी जगह से खड़ी हो गई और
- 2:27:06शौर्य के टेबल की तरफ पड़ गई। शिप्रा
- 2:27:09मेघना को शौर्य के पास जाने से रोकना
- 2:27:11चाहती थी। पर फिर अचानक ही उसने अपना
- 2:27:14इरादा बदल दिया। वो बस अपनी सीट पर बैठी
- 2:27:17हुई मेघना को शौर्य की तरफ बढ़ते देखती
- 2:27:19रही। मेघना शौर्य के पास पहुंची और उसको
- 2:27:22आवाज देती हुई बोली अरे श्रवण तुम यहां
- 2:27:26मुझे नहीं पता था कि तुम मुझे यहां
- 2:27:28मिलोगे। शौर्य ने जब यह आवाज सुना तो उसने
- 2:27:30मेघना की ओर देखा। वह अब भी मेघना को यहां
- 2:27:33देखकर आश्चर्य में था कि यह लड़की अचानक
- 2:27:37यहां कैसे आ गई। अचानक कुछ सोचकर वह अपनी
- 2:27:40नजर को पूरे हॉल में घूमा आने लगा तो उससे
- 2:27:43दूर एक टेबल पर शिप्रा नजर आ गई। वह यह
- 2:27:46समझ रहा था कि अक्सर यह दोनों साथी होती
- 2:27:49हैं। मैंने खुद नहीं सोचा था कि मेरी
- 2:27:51मुलाकात तुमसे यहां होगी। कहो यहां कैसे
- 2:27:54आना हुआ? शौर्य ने एक व्यवहारिक सवाल
- 2:27:56किया। हम तो यहां खाना खाने आए थे। पर
- 2:27:59तुमको यहां देख लिया इसलिए तुमसे मिलने आ
- 2:28:01गए। तुम कहो तुम यहां क्या कर रहे हो?
- 2:28:04मेघना का इरादा शौर्य से यह जानने का था
- 2:28:07कि वह यहां क्यों और किस लिए बैठा है।
- 2:28:10शौर्य अभी भली-भांति मेघना के मकसद को समझ
- 2:28:13रहा था। पर वह अपनी तरफ से उसे कुछ बोलना
- 2:28:16नहीं चाहता था। पर उसे मेघना को जवाब तो
- 2:28:19देना था। इसलिए उसने कहा कुछ खास नहीं।
- 2:28:22मिस्टर रत्नाकर शेट्टी और मिस मालिनी के
- 2:28:25साथ हमारा मीटिंग था। उसी के लिए आया हुआ
- 2:28:28था। फिर उसने शौर्य का परिचय मालिनी से
- 2:28:30कराते हुए कहा यह मालिनी है। मिस्टर
- 2:28:34सुधाकर खुराना की बेटी और यह रत्नाकर
- 2:28:36शेट्टी। इनसे तो तुम शायद पहले भी मिल
- 2:28:39चुकी हैं। शौर्य मेघना को याद दिलाते हुए
- 2:28:42कहा, फिर मेघना की ओर देखते हुए मालिनी से
- 2:28:45कहा, तुमने शायद गार्सिया ब्यूटी प्रोडक्ट
- 2:28:47के बारे में सुना होगा। वो इन्हीं का है।
- 2:28:50मालिनी को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि मेघना
- 2:28:53इतने बड़े ब्यूटी प्रोडक्ट के कंपनी के
- 2:28:55सीईओ है। मालिनी मेघना से हाथ मिलाते हुए
- 2:28:59बोली, तुमसे मिलकर खुशी हुई। मुझे नहीं
- 2:29:02पता था कि गढ़शिया ब्यूटी प्रोडक्ट की
- 2:29:05सीईओ इतनी खूबसूरत है और यंग भी मेघना को
- 2:29:08मालिनी का बोलने का तरीका बहुत ही पसंद
- 2:29:10आया। पर वह अभी भी मेघना के बारे में
- 2:29:13ज्यादा कुछ नहीं जान पाई थी। पर उसे
- 2:29:15रत्नाकर शेट्टी के बारे में याद आ गया था
- 2:29:17कि रत्नाकर शेट्टी डायरेक्टर है। उन्होंने
- 2:29:21अभी कुछ समय पहले ही शौर्य और नताशा कपूर
- 2:29:24को लेकर एक ऐड बनाया था जो शायद कुछ दिनों
- 2:29:27में लॉन्च भी होने वाली थी। मेघना ने सोचा
- 2:29:30कहीं ऐसा तो नहीं कि मालिनी भी कोई मॉडल
- 2:29:32हो। उसे अपना यह विचार जचा भी। दूसरी तरफ
- 2:29:36शौर्य की बातें भी लगभग पूरी हो गई थी।
- 2:29:38इसलिए वह उठते हुए बोला ऐसा है मिस
- 2:29:41मालिनी। अभी तो मैं आपसे इजाजत चाहूंगा।
- 2:29:44बाकी सोचता हूं आपका प्रपोजल के बारे में।
- 2:29:46फिर आपको जवाब देता हूं। शौर्य के खड़े
- 2:29:49होने पर मालिनी भी अपनी जगह पर खड़ी हो गई
- 2:29:53और वह शौर्य से बोली। मुझे उम्मीद है कि
- 2:29:55तुम मेरे प्रपोजल के बारे में गंभीरता से
- 2:29:58सोचोगे। अगर तुम्हारी कोई डिमांड हो तो
- 2:30:00तुम वह मुझे बता सकते हो। मैं तुम्हारी हर
- 2:30:03डिमांड पूरा करने को तैयार हूं। पर प्लीज
- 2:30:06तुम इस प्रपोजल के लिए मना मत करना। शौर्य
- 2:30:09अजीब धर्म संकट में फंस गया था। वह समझ
- 2:30:12नहीं पा रहा था कि वह मालिनी को कैसे मना
- 2:30:14कर पाएगा। वह चलते चलते बोला। ठीक है। मैं
- 2:30:18देखता हूं। जल्दी आपको जवाब देता हूं।
- 2:30:21इतना कहकर वह मेघना के साथ शिप्रा की ओर
- 2:30:24बढ़ गया। मेघना ने शौर्य और मालिनी की
- 2:30:26जितनी बातें सुनी उसके आधार पर उसने यह तो
- 2:30:29समझ लिया था कि मालिनी कोई काम शौर्य से
- 2:30:33चाहती है जिसके लिए शौर्य तैयार नहीं है।
- 2:30:35जबकि वह हर हाल में शौर्य के साथ ही काम
- 2:30:38करना चाहती है। शौर्य के साथ चलते चलते
- 2:30:42मेघना यही सोच रही थी कि आखिर इस लड़के
- 2:30:45में ऐसी क्या बात है जो सभी उसके साथ काम
- 2:30:47करना चाहते हैं। पर मेघना को अब तक यह
- 2:30:50नहीं समझ आया था कि मालिनी आखिर शौर्य से
- 2:30:53किस तरह के प्रपोजल के बारे में बात कर
- 2:30:56रही थी। इसलिए उसने चलते चलते ही शौर्य से
- 2:30:59पूछा वो तुमसे क्या काम कराना चाहती है जो
- 2:31:02तुमसे बहुत रिक्वेस्ट कर रही थी? छोड़ो ना
- 2:31:04तुम क्या करोगी यह जानकर? शौर्य मेघना की
- 2:31:08बात को टालते हुए बोला। अब तक दोनों
- 2:31:10शिप्रा के टेबल के पास पहुंच [संगीत] गए
- 2:31:12थे। शिप्रा ने जो आर्डर दिए थे, वह उसके
- 2:31:14टेबल पर सर्व भी हो गई थी। मेघना अपने
- 2:31:18टेबल पर बैठती हुई बोली तुम भी बैठो और
- 2:31:21हमारे साथ कुछ खा भी लो। मेघना की बात
- 2:31:23सुनकर शौर्य बोला अब और खाना मेरे बस का
- 2:31:26नहीं है। मैं पहले ही फूल हो रखा हूं। तुम
- 2:31:29खाओ। मेरा तो काम यहां हो गया। इसलिए मैं
- 2:31:32अब तो यहां से चलूंगा। तुम खाना खाने के
- 2:31:34बाद आ जाना। जाने की इतनी जल्दी क्या है?
- 2:31:37थोड़ी देर हमारे साथ भी बैठ जाओ। शिप्रा
- 2:31:40शौर्य की बात सुनकर बोली। मुझे यहां बैठने
- 2:31:43में कोई दिक्कत नहीं है। पर अभी मैं
- 2:31:45मालिनी के पास से उठकर आया हूं और यहां
- 2:31:48बैठूंगा तो पता नहीं वह क्या सोचेंगी।
- 2:31:51शौर्य एक नजर मालिनी और रत्नाकर शेट्टी के
- 2:31:54टेबल की तरफ देखता हुआ बोला। उसने गौर
- 2:31:57किया कि मालिनी अभी भी उसी की तरफ देख रही
- 2:31:59हैं। उसने जल्दी से मेघना और शिप्रा से
- 2:32:02कहा। वह मुझे घरे जा रही है। इसलिए मैं
- 2:32:05यहां अगर थोड़ी देर और रुक गया तो पता
- 2:32:08नहीं वह क्या सोचने लगे। मैं बाद में
- 2:32:10मिलता हूं तुमसे। इतना कहकर शौर्य बाहर की
- 2:32:13तरफ बढ़ गया। जबकि शिप्रा कभी शौर्य की
- 2:32:16तरफ तो कभी मालिनी की तरफ देख रही थी।
- 2:32:19मालिनी की निगाह अभी भी शौर्य पर जमी हुई
- 2:32:22थी। जब तक कि वह होटल से बाहर नहीं चला
- 2:32:24गया था। शौर्य के जाने के बाद शिप्रा ने
- 2:32:27मेघना से पूछा तो कुछ पता लगा पाई कि उन
- 2:32:30दोनों के बीच में क्या संबंध है। यह तो
- 2:32:33नहीं पता। पर वह लड़की मालिनी बार-बार
- 2:32:36शौर्य से अपने किसी प्रपोजल के बारे में
- 2:32:38गंभीरता से सोचने को कह रही थी। उसने तो
- 2:32:42उसे यहां तक कहा कि उसकी जो भी डिमांड
- 2:32:44होगी वह उसको पूरी करने की कोशिश करेंगी।
- 2:32:46अब आगे क्या होगा? शौर्य के वहां से जाने
- 2:32:49के बाद मेघना शिप्रा के साथ वाली चेयर पर
- 2:32:52बैठ गई। शिप्रा अभी भी शौर्य के बारे में
- 2:32:54ही सोच रही थी कि उसके शौर्य को रुकने के
- 2:32:57लिए कहने के बाद भी शौर्य वहां रुका नहीं
- 2:33:00बल्कि वहां से चला गया। उसको मालिनी की
- 2:33:03चिंता थी कि वह क्या सोचेगी। उसके चेहरे
- 2:33:07पर थोड़े नागवारी के भाव भी आए जिसे मेघना
- 2:33:10ने साफ-साफ नोटिस किया। अब तुम्हें क्या
- 2:33:12हुआ? यह तुम्हारे चेहरे पर 12 क्यों बज
- 2:33:15गए? तुमने देखा नहीं। मैंने उसे रुकने को
- 2:33:17कहा। उसके बाद भी वह चला गया। उसको उस
- 2:33:20मालिनी की चिंता थी कि वह क्या सोचेगी?
- 2:33:23शिपराज शिकायती लहजे में बोली। अरे तो
- 2:33:26उसने सही तो कहा। हमारे यहां आने से पहले
- 2:33:28वह मालिनी के साथ बैठा हुआ था। उसके पास
- 2:33:30से उठने के बाद वह यहां आकर हमारे साथ बैठ
- 2:33:33जाता तो क्या यह सही लगता और यह भी इसके
- 2:33:36बाद कि वह लड़की उसको किसी बात के लिए मना
- 2:33:39रही थी। मेघना उसको समझाने की कोशिश करती
- 2:33:41हुई बोली पर फिर भी मुझे अच्छा नहीं लगा।
- 2:33:45शिप्रा किसी बच्ची की तरह बोली शिप्रा की
- 2:33:48इस तरह की बात सुनकर मेघना के चेहरे पर
- 2:33:51मुस्कान आ गई। अभी वह आगे कुछ और बोलती
- 2:33:54शिप्रा को इससे पहले ही उसका को एक आवाज
- 2:33:57सुनाई दिया। एक्सक्यूज मी। मेघना ने जब
- 2:34:00आवाज की दिशा में देखा तो उसे सामने
- 2:34:03मालिनी खड़ी नजर आई। वह आश्चर्य से मालिनी
- 2:34:06की ओर देखती हुई बोली, "आप यहां? क्या मैं
- 2:34:10थोड़ी देर आपके साथ बैठ सकती हूं?" मालिनी
- 2:34:12ने एक प्यारी मुस्कान के साथ कहा। मेघना
- 2:34:15ने एक बार शिप्रा की तरफ देखा और फिर
- 2:34:17मालिनी की तरफ देखती हुई बोली, हां हां
- 2:34:21क्यों नहीं? बैठिए। मालिनी एक चेयर खींच
- 2:34:24कर उस पर बैठ गई और मेघना की ओर देखते हुए
- 2:34:27बोली, मैंने अभी आपको श्रवण के साथ देखा
- 2:34:30था। आप दोनों की बात करने से ऐसा लगा जैसे
- 2:34:32आप एक दूसरे के काफी करीब हैं। इसीलिए
- 2:34:34मुझे आपका एक फेवर चाहिए। मेघना को समझ
- 2:34:38नहीं आया कि मालिनी उससे क्या चाहती है।
- 2:34:41उसने मालिनी की बात सुनकर शिप्रा की ओर
- 2:34:43देखा। शिप्रा के चेहरे पर भी यह जानने की
- 2:34:46जिज्ञासा साफ छलक रही थी कि मालिनी उससे
- 2:34:49किस तरह का फेवर चाहती है। मेघना ने पूछ
- 2:34:52लिया। कहिए मैं आपके लिए क्या कर सकती
- 2:34:54हूं। मुझे नहीं पता कि आप मेरे लिए यह काम
- 2:34:57कर पाएंगी कि नहीं। लेकिन मैं चाहती हूं
- 2:35:00अगर आपसे यह पॉसिबल हो पाए तो आप जरूर
- 2:35:03श्रवण को इसके लिए तैयार करने में हमारी
- 2:35:05मदद करें। एक्चुअली मैं एक फिल्म बनाने जा
- 2:35:09रही हूं जिसमें मुझे फिल्म के मेन लीड रोल
- 2:35:12के लिए श्रवण चाहिए। पर वह तैयार नहीं हो
- 2:35:15रहा है। अगर आप इस मामले में मेरी कोई
- 2:35:17सहायता कर सके तो यह मेरे लिए अच्छा होगा।
- 2:35:20मालिनी ने संकोच भरे स्वर में अपनी बात
- 2:35:22कही। मालिनी की बात सुनकर मेघना को लगा कि
- 2:35:26क्या श्रवण इतना बेवकूफ है जो वह इतने
- 2:35:29अच्छे ऑफर को ठुकरा रहा है। उसे बैठे-बठाए
- 2:35:32इतना अच्छा ऑफर मिल रहा है और वह इसके लिए
- 2:35:34तैयार नहीं है? क्या वह बेवकूफ है जो इतनी
- 2:35:38अच्छी अपॉर्चुनिटी को ठुकरा रहा है। अगर
- 2:35:40वह इस काम को करने को तैयार हो जाता है तो
- 2:35:42फिल्म इंडस्ट्रीज में उसके लिए अपार
- 2:35:45संभावनाएं खुल जाएंगी। अब जाकर मेघना को
- 2:35:49समझ आया कि कुछ देर पहले मालिनी ने अपने
- 2:35:52किस प्रपोजल के बारे में श्रवण से विचार
- 2:35:54करने को कहा था। मालिनी के प्रपोजल के
- 2:35:57बारे में जानकर मेघना एक बार फिर से
- 2:35:59शिप्रा की ओर देखने लगी। कमोबेश शिप्रा का
- 2:36:02विचार भी मेघना के जैसी ही थी। उसे भी
- 2:36:05शौर्य का यह कदम बेवकूफी भरा ही लगा। वह
- 2:36:08समझ रही थी कि अभी जो शौर्य काम कर रहा
- 2:36:11है, उससे वह कितना ही कमा लेगा। पर अगर वह
- 2:36:14एक बार किसी फिल्म में हीरो बन जाता है तो
- 2:36:17उसके लिए भविष्य में आसमान छूने के रास्ते
- 2:36:19खुल जाएंगे। मालिनी ने जब मेघना और शिप्रा
- 2:36:22को किसी सोच में डूबा देखा तो वह फिर से
- 2:36:25मेघना से बोली क्या सोचने लगी आप? क्या आप
- 2:36:29इस काम में मेरी कुछ मदद कर सकती हैं?
- 2:36:32मालिनी की बात सुनकर मेघना होश में आई और
- 2:36:36वह असमंजस भरे स्वर में बोली। मैं यकीन से
- 2:36:40तो कुछ नहीं कह सकती पर मैं आपके लिए
- 2:36:43कोशिश जरूर करूंगी। आपका इतना करना ही
- 2:36:45मेरे लिए काफी है। हो सकता है कि आपके
- 2:36:48प्रयास से वह मेरे प्रपोजल को स्वीकार कर
- 2:36:51ले। मालिनी अपने चेहरे पर मुस्कान लाती
- 2:36:53हुई बोली। मेघना को मालिनी बहुत ही स्वीट
- 2:36:56लगी। वह मालिनी से फॉर्मल होते हुए बोली
- 2:36:59हम दोनों लगभग एक ही उम्र के हैं। इसलिए
- 2:37:02एक दूसरे को आप बोलने से अच्छा है कि हम
- 2:37:05तुम कह कर ही संबोधन करें।
- 2:37:08मेरा खुद का भी यही मानना है। मालिनी खुश
- 2:37:11होती हुई बोली, "मैं भी अपनी रिलेशन में
- 2:37:13फ्रैंक रहना पसंद करती हूं। पर किसी से
- 2:37:16पहली बार मिलने पर ज्यादा फ्रैंकनेस
- 2:37:18दिखाने से भी कुछ लोगों को आपत्ति होने
- 2:37:20लगती है। इसलिए जब तक सामने वाले का मिजाज
- 2:37:23का पता ना चले, तब तक एक दायरा मेंटेन
- 2:37:26करना जरूरी होता है। शिप्रा मालिनी की
- 2:37:29समझदारी से बहुत प्रभावित हुई। वह कुछ और
- 2:37:32जानने की जिज्ञासा में पूछ बैठी। यह तुम
- 2:37:35किस तरह की फिल्म बनाने की बात कर रही हो
- 2:37:38और उसमें दूसरे कौन आर्टिस्ट हैं? मालिनी
- 2:37:41ने शिप्रा की ओर देखा। उसके चेहरे पर
- 2:37:43शिप्रा को जानने की जिज्ञासा साफ झलक रही
- 2:37:46थी। वो पहले से ही उसकी खूबसूरती से
- 2:37:49प्रभावित थी। उसे शिप्रा का चेहरा कुछ
- 2:37:51जाना पहचाना सा लग रहा था। उसे यकीन था कि
- 2:37:55उसने पहले भी शिप्रा को कहीं देखा है। पर
- 2:37:59उसे याद नहीं आ रहा था कि कहां। शिप्रा को
- 2:38:02जवाब देने से पहले उसने शिप्रा से उसके
- 2:38:04बारे में पूछा। क्या मैं तुम्हारा नाम जान
- 2:38:07सकती हूं? पता नहीं क्यों? पर मुझे लगता
- 2:38:10है कि मैंने तुम्हें पहले भी कहीं देखा
- 2:38:12है। मालिनी की बात सुनकर मेघना बीच में
- 2:38:15आती हुई बोली। इसका नाम शिप्रा है। शायद
- 2:38:19तुमने पहले इसका कोई वीडियो देखा होगा।
- 2:38:21इसलिए तुम्हें यह चेहरा जाना पहचाना लग
- 2:38:23रहा है। मेघना की बात सुनते ही मालिनी को
- 2:38:26याद आ गया कि उसने शिप्रा का कहां देखा
- 2:38:29था। उसे शिप्रा के वायरल वीडियो का ध्यान
- 2:38:31आ गया। वह आश्चर्य से बोली तो तुम वही
- 2:38:35शिप्रा राय हो जिसकी शादी का वीडियो सोशल
- 2:38:37मीडिया पर वायरल हुआ था। फिर अगले ही पल
- 2:38:40मालिनी को एहसास हुआ कि वह क्या बोल रही
- 2:38:43है तो वह अफसोस भरे स्वर में गोली माफ
- 2:38:46करना। मेरा तुम्हें हर्ट करने का कोई
- 2:38:48इरादा नहीं था। शुक्ला ने जब मालिनी को
- 2:38:51अफसोस करते देखा तो वह बोली ना ना इसमें
- 2:38:54अफसोस करने की कोई बात नहीं है। इसमें गलत
- 2:38:57क्या है? जो तुमने देखा वैसा सच में हुआ
- 2:38:59था और मुझे उसका कोई अफसोस नहीं है। तो
- 2:39:02फिर तुम क्यों अफसोस कर रही हो? शिप्रा की
- 2:39:05बात सुनकर मालिनी आश्चर्य से बोली ये तुम
- 2:39:08कैसी बात कर रही हो? तुम्हारे साथ इतना
- 2:39:11बड़ा हादसा हुआ और तुम कह रही हो तुम्हें
- 2:39:14उसका कोई अफसोस नहीं है। मैं तुम्हारी
- 2:39:16हिम्मत की दाद देती हूं। इतना सब होने के
- 2:39:19बाद भी तुम जैसी हिम्मती लड़की ही
- 2:39:22मुस्कुरा सकती है। अच्छा छोड़ो इन बातों
- 2:39:24को। तुम अपने बारे में बताओ कि तुम किस
- 2:39:28तरह की फिल्म बनाने जा रही हो। शिप्रा
- 2:39:31अपने बारे में हो रही चर्चा को बदलते हुए
- 2:39:33बोली। शिप्रा की बात सुनकर मालिनी बोली,
- 2:39:36एक्चुअली मुझे एक्टिंग लाइन में बहुत
- 2:39:38इंटरेस्ट है। मैंने एक्टिंग के फील्ड में
- 2:39:40जाने के लिए पहले बड़े डायरेक्टर के साथ
- 2:39:43असिस्ट भी किया है। एक्टिंग की बारीकियों
- 2:39:46को भी सीखा है। इसीलिए मैं खुद को लेकर एक
- 2:39:49मूवी प्लान कर रही हूं। बहुत समय से
- 2:39:52स्टोरी के हिसाब से मूवी के लिए हीरो की
- 2:39:54तलाश में थी। बहुत सारी एक्टर्स से मिली।
- 2:39:57बहुत सारे चेहरे को देखा। पर जब मैंने
- 2:40:00श्रवण को देखा तो मुझे लगा मेरी फिल्म की
- 2:40:03स्टोरी के लिए श्रवण एकदम परफेक्ट है।
- 2:40:06इसलिए आज मैंने उसे यहां बुलाया था। पर वो
- 2:40:08इसके लिए तैयार नहीं हो रहा है। यही मेरी
- 2:40:11प्रॉब्लम है। मालिनी ने अपनी मजबूरी बताई।
- 2:40:14शिप्रा को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि जिस
- 2:40:17फिल्म में मालिनी शौर्य को हीरो के रूप
- 2:40:19में लेना चाहती है, उस फिल्म की हीरोइन
- 2:40:22मालिनी ही होने वाली है। मालिनी खूबसूरत
- 2:40:25थी। उसकी बातें बड़ी प्यारी थी। शिप्रा को
- 2:40:30समझ नहीं आ रहा था कि शौर्य क्यों उसकी
- 2:40:33फिल्म में काम करने को तैयार नहीं था। अभी
- 2:40:36कुछ दिन पहले तो उसने नताशा कपूर के साथ
- 2:40:38एक ऐड में काम किया ही था। तो अब उसे एक
- 2:40:42फिल्म में काम करने में क्या दिक्कत है?
- 2:40:44बल्कि उसके लिए तो यह अच्छा ही है। इससे
- 2:40:46उसे अच्छा एक्सपोज़र ही मिलेगा। इधर जब
- 2:40:49शिप्रा इस विचार में खोई हुई थी। उसी समय
- 2:40:52मेघना ने मालिनी से कहा हम अपनी तरफ से
- 2:40:55पूरी कोशिश करेंगे कि श्रवण तुम्हारी
- 2:40:57फिल्म में काम करने को तैयार हो जाए।
- 2:40:59थैंक्स बस मैं तुमसे इतना ही मदद चाहती
- 2:41:02हूं। मालिनी आभार प्रकट करते हुए बोली इसी
- 2:41:06समय वेटर शिप्रा के पास पहुंचा और पूछा
- 2:41:08आपको कुछ और भी चाहिए मिस? तो शिप्रा ने
- 2:41:11जवाब दिया नहीं बस हो गया। तुम जाकर बिल
- 2:41:14ले आओ। शिप्रा की बात सुनकर वेटर वापस
- 2:41:17जाने लगा। तो मालिनी ने उसको रोक कर कहा
- 2:41:20नहीं इसकी कोई जरूरत नहीं है। तुम मैनेजर
- 2:41:22को बोल देना। मैंने इनके बिल को वेव ऑफ
- 2:41:25करने के लिए बुलाया। जी मेम इतना बोलकर
- 2:41:28वेटर वहां से चला गया। शिप्रा समझ नहीं
- 2:41:30पाई कि मालिनी उसके बिल को माफ कैसे करवा
- 2:41:33सकती है। इसलिए वह हैरानी से मालिनी की ओर
- 2:41:36देखने लगी। जब मालिनी ने शिप्रा को हैरान
- 2:41:39होकर अपनी ओर देखते पाया तो वह बोली इसमें
- 2:41:43हैरान होने वाली कोई बात नहीं है। यह होटल
- 2:41:45मेरा ही है और अब तुम दोनों मेरी दोस्ती
- 2:41:47हो गई है तो फिर हमारा यह होटल तुमसे पैसे
- 2:41:50कैसे ले सकता है? शिप्रा यह जानकर और
- 2:41:52आश्चर्यचकित रह गई कि मालिनी ही इस होटल
- 2:41:55की मालिक है। उसने पूछा भी तुम ऑलरेडी
- 2:41:58इतनी अच्छी बिजनेस में हो तो फिर तुम्हें
- 2:42:00क्या जरूरत है हीरोइन बनने की? शिप्रा की
- 2:42:04बात सुनकर मालिनी मुस्कुराई और बोली यह
- 2:42:07होटल व्यवसाय मेरा पु्तैनी बिजनेस है। पर
- 2:42:10मुझे पर्सनली एक्टिंग बहुत पसंद है। मैं
- 2:42:13खुद को इस लाइन में प्रूफ करना चाहती हूं।
- 2:42:15इसी कारण मैंने खुद का प्रोडक्शन हाउस भी
- 2:42:18खोल लिया है। तुम सही कह रही हो। भले ही
- 2:42:21तुम बिजनेस में सफल हो पर इसका मतलब यह
- 2:42:24नहीं है कि तुम अपनी इच्छा को मार दो।
- 2:42:27क्योंकि असली खुशी तुम्हें अपने मन
- 2:42:29मुताबिक काम करके ही मिलती है। मेघना
- 2:42:33मालिनी की तारीफ करती हुई बोली जब लगभग
- 2:42:35दोनों की बातें पूरी हो गई तो मेघना और
- 2:42:38शिप्रा अपने टेबल से उठती हुई बोली ठीक है
- 2:42:41फिर अब हम दोनों इजाजत चाहते हैं बाकी
- 2:42:44मिलते हैं फिर कभी। इतना बोलकर मेघना वहां
- 2:42:47से निकलने की सोच ही रही थी कि तभी कुछ
- 2:42:50याद आने पर उसने मालिनी से कहा अरे यहां
- 2:42:54से जाने से पहले तुम अपना नंबर तो दे दो
- 2:42:56ताकि आगे अगर मैं तुमसे बात करना चाहूं तो
- 2:42:58तुम्हें कांटेक्ट करने का कोई माध्यम तो
- 2:43:00हो। मालिनी को भी अपनी गलती का एहसास हुआ।
- 2:43:04उसने तुरंत अपने पर्स से एक विजिटिंग
- 2:43:07कार्ड निकालकर मेघना की ओर बढ़ा दिया।
- 2:43:10इसके बाद मेघना ने भी अपना कार्ड मालिनी
- 2:43:14की ओर बढ़ा दिया। अब जब मेघना और शिप्रा
- 2:43:16वहां से निकलने वाले थे कि तभी मालिनी ने
- 2:43:19दोबारा शिप्रा को रोकते हुए कहा अगर तुम
- 2:43:22बुरा ना मानो तो क्या मैं तुमसे एक पर्सनल
- 2:43:25सवाल कर सकती हूं? मालिनी की बात सुनकर
- 2:43:29शिप्रा मालिनी की आंखों में देखती हुई
- 2:43:31बोली इसमें बुरा मानने की कोई बात नहीं
- 2:43:34है। तुम जो भी जानना चाहती हो मुझसे पूछ
- 2:43:36सकती हो। शिप्रा के चेहरे का कॉन्फिडेंस
- 2:43:39देखकर मालिनी की हिम्मत बढ़ी और उसने
- 2:43:42शिप्रा से पूछा मैं जानना चाहती हूं कि
- 2:43:45तुम्हारी उस शादी का क्या हुआ जिसमें
- 2:43:47तुम्हारी शादी जबरदस्ती एक भिखारी से कर
- 2:43:50दी गई थी। मालिनी का सवाल सुनकर शिप्रा
- 2:43:53मुस्कुराई और बोली मुझे इस सवाल से कोई
- 2:43:56परेशानी नहीं होती। वैसे मैं तुम्हें बता
- 2:43:58दूं कि जिस भिखारी से मेरी शादी हुई थी वह
- 2:44:02अभी भी मेरा पति है और मेरा आगे भविष्य
- 2:44:04में उससे अलग होने का कोई इरादा भी नहीं
- 2:44:07है। अब शिप्रा मालिनी को कैसे बताती कि वह
- 2:44:10जिस भिखारी पति के बारे में बात कर रही है
- 2:44:13वह कोई और नहीं। वह श्रवण ही है जिसे वह
- 2:44:16अपनी फिल्म का हीरो बनाना चाहती है। अगर
- 2:44:19मालिनी को यह पता चल जाता कि श्रवण ही वह
- 2:44:22भिखारी है जो शिप्रा का पति है तो पता
- 2:44:25नहीं उसके बाद उसका क्या रिएक्शन होता।
- 2:44:28शिप्रा जानती थी कि उसका जो वीडियो वायरल
- 2:44:30हुआ था उसमें श्रवण भी था। पर उस फोटो को
- 2:44:34देखने के बाद कोई भी आज के श्रवण को पहचान
- 2:44:36नहीं सकता। क्योंकि उस शादी वाले वीडियो
- 2:44:39में श्रवण का चेहरा घनी दाढ़ियों से ढका
- 2:44:42हुआ था और कोई इमेजिन भी नहीं कर सकता था
- 2:44:45कि उन दाढ़ियों को साफ करने के बाद उसके
- 2:44:48पीछे का जो चेहरा निकल कर आया है वह ऐसा
- 2:44:50भी हो सकता है। अब आगे क्या होगा? क्या
- 2:44:53मालिनी को पता चलेगा? शौर्य होटल रीगल से
- 2:44:56निकलने के बाद फिर होटल राजकमल के लिए ही
- 2:44:59अपनी गाड़ी को बढ़ा दिया। उसके दिमाग में
- 2:45:02मालिनी के प्रपोजल की ही बात चल रहा था।
- 2:45:05वह निर्णय नहीं कर पा रहा था कि उसे क्या
- 2:45:07करना चाहिए। वैसे तो उसका कोई भी इरादा
- 2:45:10हीरो बनने का नहीं था। पर जितने भरोसे के
- 2:45:13साथ और जितनी पोलाइटली मालिनी ने उससे
- 2:45:16रिक्वेस्ट की थी, इस कारण शौर्य को मना
- 2:45:18करते नहीं मना था। फिर भी कहीं ना कहीं
- 2:45:21उसने अपने दिमाग में निश्चय कर लिया था कि
- 2:45:24वह मालिनी से क्षमा के साथ इस प्रपोजल के
- 2:45:26लिए मना कर देगा। इन्हीं ख्यालों में गुम
- 2:45:29शौर्य अब भी कुछ ही दूर गया था कि अचानक
- 2:45:32एक स्कर्पियो आकर उसकी गाड़ी के आगे खड़ा
- 2:45:34हो गया। शौर्य को मजबूरन अपनी गाड़ी का
- 2:45:37ब्रेक लगाना पड़ा। गाड़ी रुकने के बाद
- 2:45:39शौर्य ने गौर किया कि वह आबादी से दूर आ
- 2:45:42गया था। वह इलाका थोड़ा सुनसान सा ही था।
- 2:45:45उसने देखा उसकी गाड़ी के एकदम सामने ही वह
- 2:45:48स्कर्पियो थोड़ा बैक होकर उसकी गाड़ी से
- 2:45:50सट कर खड़ा हो गया। उसने सोचा वह अपनी
- 2:45:53गाड़ी को थोड़ा पीछे करके फिर से आगे
- 2:45:55निकाल ले। अभी उसने इतना सोचा ही था कि
- 2:45:57तभी उसने महसूस किया कि उसके पीछे से भी
- 2:46:00आकर एक गाड़ी खड़ी हो गई थी। शौर्य को
- 2:46:03एहसास हो गया कि किसी ने जानबूझकर उसका
- 2:46:07रास्ता रोका है। वह अपनी गाड़ी में बैठा
- 2:46:10सामने वाली गाड़ी से कोई हरकत होने का
- 2:46:12इंतजार करने लगा। तभी उसने देखा सामने
- 2:46:15वाली गाड़ी का दरवाजा खुला और दो
- 2:46:18हट्टेकट्टे पहलवान जैसे आदमी उस गाड़ी से
- 2:46:20बाहर आए और स्कर्पियो के पास पीछे वाले
- 2:46:23हिस्से के पास आकर उससे टेक लगाकर खड़े हो
- 2:46:26गए और बिना कोई हरकत किए वह शौर्य की
- 2:46:28गाड़ी की तरफ देखते रहे। शौर्य इंतजार
- 2:46:31करता रहा कि वे लोग उसके पास आकर जरूर कोई
- 2:46:35हरकत करेंगे। पर उन दोनों बंदों ने ऐसी
- 2:46:37कोई हरकत नहीं की। इसी अवस्था में 5 मिनट
- 2:46:40गुजर गए। 10 मिनट गुजर गए। यहां तक कि 15
- 2:46:43मिनट भी गुजर गए। अब जाकर शौर्य का पेशेंस
- 2:46:46जवाब देने लगा। उसे समझ नहीं आ रहा था कि
- 2:46:48आखिर यह चल क्या रहा है। ना ही वह दोनों
- 2:46:51बंदे उससे कुछ बोल रहे हैं ना ही कोई हरकत
- 2:46:54कर रहे हैं। बस अपनी जगह पर खड़े उसकी कार
- 2:46:58को देखे जा रहे हैं। आखिर थक हार कर शौर्य
- 2:47:01अपनी कार से बाहर आया और सामने खड़े उन
- 2:47:04दोनों आदमी के पास पहुंचा और उनसे बोला
- 2:47:07क्या मैं जान सकता हूं कि तुम लोगों ने
- 2:47:09मेरा रास्ता क्यों रोका हुआ है। शौर्य की
- 2:47:12बात सुनकर उन दोनों में से एक आदमी ने
- 2:47:14जमहाई लेते हुए कहा, चुपचाप जाकर अपनी कार
- 2:47:18में बैठ जा और 5 मिनट इंतजार कर। तुम्हें
- 2:47:21अपने सवाल का जवाब मिल जाएगा। शौर्य को
- 2:47:24कुछ समझ तो आ नहीं रहा था। पर उसने सोचा
- 2:47:27चलो जब इतनी देर इंतजार किया तो 5 मिनट और
- 2:47:29सही। यह सोचकर वह वापस गया और अपनी सीट पर
- 2:47:32जाकर बैठ गया। लगभग 5 मिनट बाद एक रेंज
- 2:47:36रोवर आकर Scorpio के आगे खड़ा हो गया।
- 2:47:39रेंज रोवर का दरवाजा खुला और उससे एक शख्स
- 2:47:42बाहर आया और चलता हुआ शौर्य की कार के पास
- 2:47:44पहुंचा और ड्राइविंग सीट के बगल वाला
- 2:47:46दरवाजा खोलकर कार के अंदर आकर बैठ गया।
- 2:47:49शौर्य बिना कोई हरकत किए उस शख्स को देखता
- 2:47:52रहा। उस शख्स को देखकर शौर्य की भवन थोड़ी
- 2:47:55सी तनी पर वह नॉर्मल भाव से उस शख्स के
- 2:47:58आगे बोलने का इंतजार करता रहा। वह शख्स
- 2:48:01कोई और नहीं प्रतीक राठौर था। शौर्य को
- 2:48:04प्रतीक के यहां होने का कारण समझ में आ
- 2:48:06गया। वह समझ गया कि जरूर प्रतीक मालिनी पर
- 2:48:09नजर रखता होगा और शौर्य को मालिनी से
- 2:48:12मिलते देखकर ही उसने उसका रास्ता रोकने की
- 2:48:14कोशिश की। मुझे पहले यह समझ जाना चाहिए था
- 2:48:17कि ऐसी हरकत तुम ही कर सकते हो। अब जब तुम
- 2:48:21यहां आ ही गए हो तो बता भी दो कि चाहते
- 2:48:24क्या हो। शौर्य प्रतीक के उसके बगल में
- 2:48:27बैठ जाने के बाद बोला बहुत खूब। जब इतना
- 2:48:30समझ गए कि ऐसी हरकत मैं ही कर सकता हूं तो
- 2:48:33फिर तो तुम्हें यह भी समझ जाना चाहिए था
- 2:48:36कि आखिर मैंने ऐसी हरकत क्यों की। प्रतीक
- 2:48:38सीक्रेट के पैकेट से एक सिगरेट निकालते
- 2:48:40हुए बोला समझ तो गया हूं पर मैं यह बात
- 2:48:44तुम्हारे मुंह से ही सुनना चाहता हूं।
- 2:48:47शौर्य खिड़की का शीशा खोलते हुए बोला लगता
- 2:48:50नहीं कि तुम मुझे अच्छे से जानते हो। अगर
- 2:48:52नहीं जानते तो पहले मेरे बारे में थोड़ी
- 2:48:55सी जानकारी इकट्ठा कर लेना। उसके बाद ही
- 2:48:58मेरे रास्ते में आने की कोशिश करना। अगर
- 2:49:01मुझे जानने के बाद भी तुमने मेरे रास्ते
- 2:49:03में आने की कोशिश की तो मैं समझ जाऊंगा कि
- 2:49:06तुम सही मायने में मर्द हो। प्रतीक सिगरेट
- 2:49:10का कश लेते हुए बोला तुम ऐसा क्यों नहीं
- 2:49:13करते कि मैं जितना टाइम तुम्हें जानने के
- 2:49:15लिए बाहर बर्बाद करूंगा। उससे अच्छा होगा
- 2:49:18कि तुम मुझे इसी पल अपने बारे में बता दो
- 2:49:21ताकि मुझे तुम्हें जानने के लिए इधर-उधर
- 2:49:24धक्का ना खाना पड़े। शौर्य प्रतीक की तरफ
- 2:49:26देखते हुए बोला, आज मैंने तुम्हें मेनका
- 2:49:29के साथ देखा। तुम ऐसा क्यों नहीं करते कि
- 2:49:32तुम मेनका से ही मेरे बारे में पूछ लेना।
- 2:49:34वह तुम्हें मेरे बारे में ज्यादा बेहतर
- 2:49:36बताएंगी। प्रतीक भी उसके चेहरे की तरफ
- 2:49:39देखते हुए बोला। चलो यह भी ठीक है। अगर
- 2:49:43तुम ऐसा कहते हो तो मैं तुम्हारे बारे में
- 2:49:45मेनका से ही पता कर लूंगा। पर तुम अब भी
- 2:49:48मुझे यह तो बता दो कि मैं तुम्हारे बारे
- 2:49:51में जानकर करूंगा क्या? शौर्य इस तरह से
- 2:49:53अनजान बनते हुए पूछा जैसे उसे समझ ना रहा
- 2:49:57हो कि उसे प्रतीक के बारे में क्यों जानना
- 2:49:59चाहिए। क्या तुम सच में इतने नादान हो जो
- 2:50:02तुम्हें समझ नहीं आया कि मैंने तुम्हें
- 2:50:05क्यों रोका है? शौर्य की बात को सुनकर
- 2:50:08प्रतीक शौर्य को घूरते हुए बोला। फिर वह
- 2:50:11थोड़ा पोलाइट होकर बोला, "तुम मालिनी के
- 2:50:14पास क्यों गए थे? क्या मतलब हुआ? क्यों
- 2:50:16गया था? उसने मुझे बुलाया था। इसलिए मैं
- 2:50:18गया था। शौर्य लापरवाही से बोला क्यों
- 2:50:21बुलाया था? प्रतीक ने अगला सवाल किया। वह
- 2:50:25चाहती है कि मैं उसकी फिल्म में उसका हीरो
- 2:50:27बनूं। शौर्य बोला। शौर्य की बात सुनकर
- 2:50:30प्रतीक ने पूछा तो तुमने उसे क्या जवाब
- 2:50:33दिया? पथिक के सवाल पर शौर्य को थोड़ी
- 2:50:35शरारत सूझी और उसने कहा मैं क्या जवाब
- 2:50:38देता? कोई इतने अच्छे मौके को अपने हाथ से
- 2:50:41जाने देता है तो मैं भी उसके लिए तैयार हो
- 2:50:44गया। तैयार हो गए। प्रतीक शौर्य की बात को
- 2:50:47रिपीट करता हुआ बोला। फिर उसने अपनी बात
- 2:50:50को कंटिन्यू करते हुए कहा, कोई बात नहीं,
- 2:50:53अगर तुम तैयार हो भी गए हो, तो अब तुम
- 2:50:55उससे मना कर देना। उससे कह देना कि तुम
- 2:50:58उसकी मूवी में काम नहीं कर सकते। पर मैं
- 2:51:00ऐसा भला क्यों करूंगा? मैं इतने अच्छे ऑफर
- 2:51:03को अपने हाथ से कैसे जाने दूंगा? शौर्य
- 2:51:06बोला तुम इसलिए मना करोगे क्योंकि मैंने
- 2:51:08तुम्हें ऐसा करने को कहा है। तुम्हें
- 2:51:11मुझसे ज्यादा सवाल करने की जरूरत नहीं है।
- 2:51:13अगर तुम अपनी भलाई चाहते हो तो तुम वही
- 2:51:16करना जो मैं तुम्हें कह रहा हूं। इस बार
- 2:51:19प्रतीक थोड़ा रोज भरे स्वर में शौर्य से
- 2:51:22बोला। पर मेरे ऐसा करने से तुम्हें क्या
- 2:51:25फायदा होगा? तुम क्यों मेरे पेट पर लात
- 2:51:27मारने की कोशिश कर रहे हो? अगर मैं उस
- 2:51:30फिल्म में काम नहीं करूंगा तो मालिनी फिर
- 2:51:33किसी और को उसमें काम करने के लिए साइन कर
- 2:51:35लेगी। शौर्य अपनी मजबूरी जताते हुए बोला
- 2:51:39तुम्हें ज्यादा बकवास करने की जरूरत नहीं
- 2:51:41है। जैसा मैंने कहा है वैसा ही करना। इसी
- 2:51:44में तुम्हारी भुलाई है। ज्यादा चालाक बनने
- 2:51:46की कोशिश करोगे तो ना इधर के रहोगे ना उधर
- 2:51:49के रहोगे। मैं समझता हूं तुम्हें अपने
- 2:51:52अच्छे बुरे की समझ तो होगी ही। बाकी मेरे
- 2:51:55बारे में तुम मेनका से जान लेना। इतना
- 2:51:58कहकर प्रतीक शौर्य की कार से बाहर आया और
- 2:52:00अपनी कार में जाकर बैठ गया। इसके बाद सारी
- 2:52:03गाड़ियां वहां से चली गई। प्रतीक के वहां
- 2:52:06से जाने के बाद शौर्य के चेहरे पर एक
- 2:52:08मुस्कुराहट खिल गई। अब उसने मन ही मन
- 2:52:11निश्चय कर लिया कि अभी तक वह जिस काम को
- 2:52:15करने की नहीं सोच रहा था, अब वह उस काम को
- 2:52:18जरूर करेगा। यह सोचकर उसने सीटी बजाते हुए
- 2:52:22अपने कार को स्टार्ट किया और आगे बढ़ गया।
- 2:52:25थोड़ी देर बाद ही वह होटल राजकमल में
- 2:52:27मेनका के पास बैठा हुआ था। उसने मेनका को
- 2:52:30सारी बात बताई। उसकी बात सुनकर मेनका ने
- 2:52:33कहा, चलो अच्छा ही है जो तुमने पहले ही
- 2:52:36मालिनी को उसकी मूवी में काम करने के लिए
- 2:52:38मना कर दिया। पर मेनका की बात सुनकर शौर्य
- 2:52:41ने उससे कहा तुम गलत समझ रही हो। मैंने
- 2:52:44पहले उसे मना तो कर दिया था। पर अब मैंने
- 2:52:47सोच लिया है कि मैं उसकी फिल्म में जरूर
- 2:52:49काम करूंगा। शौर्य की बात सुनकर मेनका
- 2:52:52हैरानी से उसका चेहरा देखने लगी और शौर्य
- 2:52:56को समझाते हुए बोली क्यों उससे दुश्मनी
- 2:52:59लेने की कोशिश कर रहे हो? वह सही आदमी
- 2:53:01नहीं है। उसे अगर पता चलेगा कि तुम
- 2:53:04जानबूझकर उससे पंगे लेने की कोशिश कर रहे
- 2:53:06हो तो फिर वह किसी भी हद तक चला जाएगा।
- 2:53:09इसलिए तुम मेरी बात मानो और इस पचरे में
- 2:53:12मत पड़ो। तुम फिर गलत समझ रही हो। मैं
- 2:53:15उसके पचरे में नहीं पड़ रहा बल्कि वह मेरे
- 2:53:17पचरे में पड़ रहा है। मैं तो जाने कब से
- 2:53:20इस पल का इंतजार कर रहा था कि उसका और
- 2:53:22मेरा सीधा सामना हो। अब मुझे मौका मिल गया
- 2:53:25है। तो मैं पीछे हटने से तो रहा। मेनका
- 2:53:28समझ गई कि शौर्य को अब समझाने का कोई
- 2:53:31फायदा नहीं है क्योंकि जब उसने मन में ठान
- 2:53:34लिया है तो वह कुछ भी कर ले। शौर्य पीछे
- 2:53:36नहीं हटेगा। मेनका से बात होने के बाद
- 2:53:39शौर्य होटल राजकमल से सीधा अपने घर
- 2:53:42पहुंचा। अभी उसे घर आए ज्यादा समय नहीं
- 2:53:45हुआ था। वह आराम से जाकर सोफे पर बैठ गया।
- 2:53:48शौर्य डाइनिंग एरिया में ही बैठा हुआ था।
- 2:53:51गिरजा ने उसके लिए चाय बनाकर अभी उसको
- 2:53:53दिया ही था कि तभी वहां पर मेघना और
- 2:53:56शिप्रा भी आ गई थी। उन दोनों को आया देखकर
- 2:53:59गिरजा ने उन दोनों से भी पूछा। क्या आपके
- 2:54:02लिए भी चाय बना दूं? तो शिप्रा ने शौर्य
- 2:54:05के सामने चाय की कप देखकर कहा। जरूर दीदी
- 2:54:08मेरे लिए भी बना दूं? शिप्रा की बात सुनकर
- 2:54:11गिरजा वहां से चली गई तो मेघना और शिप्रा
- 2:54:13भी शौर्य के पास ही बैठ गई। शौर्य के
- 2:54:16सामने बैठी मेघना बात की शुरुआत करते हुए
- 2:54:18बोली मैंने सुना कि मालिनी खुराना तुम्हें
- 2:54:22अपनी फिल्म में लेना चाहती है। शौर्य को
- 2:54:25समझ नहीं आया कि मेघना को यह बात कैसे पता
- 2:54:28है कि मालिनी ने उसे क्या ऑफर किया था
- 2:54:31क्योंकि उसके सामने यह स्पष्ट नहीं था कि
- 2:54:34मालिनी उसे अपनी फिल्म में लेना चाहती है।
- 2:54:36तो फिर यह बात मेघना को कैसे पता चली?
- 2:54:39इसका मतलब जरूर उसके होटल रीगल से निकलने
- 2:54:43के बाद मालिनी और मेघना की आपस में बातें
- 2:54:47हुई होंगी। तभी उसे इस बारे में पता है।
- 2:54:50यह सोचकर शौर्य ने मेघना से पूछा पर
- 2:54:53तुम्हें कैसे पता है कि वह मुझे अपनी
- 2:54:55फिल्म में लेना चाहती है? शौर्य की बात
- 2:54:57सुनकर मेघना मुस्कुराने लगी। वह समझ गई कि
- 2:55:01शौर्य यह समझ गया है कि उसके आने के बाद
- 2:55:04उसकी मालिनी से बातें हुई होंगी। यह सोच
- 2:55:06कर उसने कहा, तुम समझ तो गए ही हो कि मुझे
- 2:55:09कैसे पता पर मुझे यह नहीं समझ आ रहा कि
- 2:55:12तुमने उसकी ऑफर को ठुकरा क्यों दिया? तो
- 2:55:15तुम्हें यह भी पता है कि मैंने उसकी ऑफर
- 2:55:17को ठुकड़ा दिया है। और क्या क्या बताया
- 2:55:20उसने तुम्हें या और क्या बातें हुई
- 2:55:22तुम्हारी उससे? शौर्य ने उससे पूछा, मेघना
- 2:55:26ने शौर्य को उसके और मालिनी के बीच में
- 2:55:29हुई बातों के बारे में बताया। उसकी बात
- 2:55:31सुनने के बाद शौर्य सोच में गुम हो गया कि
- 2:55:34उसे क्या करना चाहिए। वैसे तो उसने निश्चय
- 2:55:37कर ही लिया था कि उसको मालिनी की फिल्म
- 2:55:39में काम करना है। पर उसे यह जानकर भी सुखद
- 2:55:43अनुभूति हुई कि मालिनी कितनी डिटरमाइन थी
- 2:55:45कि शौर्य को उसे अपनी फिल्म में लेना ही
- 2:55:48है। शौर्य अपनी सोच से बाहर आया और मेघना
- 2:55:51की ओर देखकर उससे पूछा तुम ही बताओ मुझे
- 2:55:55क्या करना चाहिए? क्या मुझे उसकी फिल्म
- 2:55:57में काम करनी चाहिए? शौर्य का सवाल सुनकर
- 2:56:00मेघना बोली इसमें इतना सोचने की क्या बात
- 2:56:03है? तुम्हें इतना अच्छा मौका मिल रहा है
- 2:56:06और तुम उसको ठुकरा रहे हो। तुम समझ भी पा
- 2:56:09रहे हो अगर तुम इस काम को करते हो और
- 2:56:12थोड़ा भी तुम्हारी किस्मत ने साथ दिया तो
- 2:56:14इस एक मूवी के बाद ही तुम कितने बड़े
- 2:56:17स्टार बन सकते हो। तो तुम्हारे विचार से
- 2:56:19मुझे मालिनी खुराना के ऑफर को स्वीकार कर
- 2:56:22लेना चाहिए। शौर्य मेघना की ओर देखते हुए
- 2:56:25बोला। इधर शौर्य और मेघना के बीच मालिनी
- 2:56:29के ऑफर को लेकर बातें हो रही थी। दूसरी
- 2:56:31तरफ शिबरा जो वहां बैठी उन दोनों की बातों
- 2:56:34को सुन रही थी। उसके मन में भारी उथल-पुथल
- 2:56:38मची हुई थी। उसे अच्छा नहीं लग रहा था कि
- 2:56:40उसके वहां होने के बावजूद शौर्य उसको
- 2:56:42इग्नोर कर मेघना से इस बारे में बात किए
- 2:56:45जा रहा था और अपनी बातचीत के बीच में उसकी
- 2:56:48राय लेना भी जरूरी नहीं समझ रहा था। जबकि
- 2:56:51उसके लिए मेघना की बात ज्यादा मायने रख
- 2:56:54रही थी। अब आगे क्या होगा? शौर्य मेघना से
- 2:56:58मालिनी के प्रपोजल के बारे में बात किए जा
- 2:57:00रहा था। पर वह इस बारे में शिप्रा का क्या
- 2:57:03विचार है? यह जानने की कोई कोशिश नहीं की।
- 2:57:06यह बात शिप्रा को बुरी लग रही थी। उसे ऐसा
- 2:57:09लग रहा था जैसे शौर्य जानबूझकर उसको
- 2:57:12इग्नोर कर रहा है। इसी बीच शौर्य ने मेघना
- 2:57:16से पूछा था कि उसके ख्याल से उसे क्या
- 2:57:18करना चाहिए? क्या उसको मालिनी का प्रपोजल
- 2:57:21स्वीकार करना चाहिए या नहीं? शौर्य के
- 2:57:24सवाल के जवाब में मेघना ने कहा, "मेरे
- 2:57:27ख्याल से तो इसमें सोचने की भी कोई जरूरत
- 2:57:29नहीं है। तुम्हें तो तुरंत ही उसका
- 2:57:31प्रपोजल स्वीकार करना चाहिए था।" मेघना का
- 2:57:34जवाब सुनकर जब शिप्रा से रहा नहीं गया तो
- 2:57:38उसने कहा, तुम्हें क्यों लगता है कि श्रवण
- 2:57:41को मालिनी के ऑफर को स्वीकार करना चाहिए।
- 2:57:44अभी श्रवण अच्छा खासा अपना जॉब कर रहा है।
- 2:57:46इस फिल्म को करने के चक्कर में इसका यह
- 2:57:49जॉब भी चला जाएगा और फिल्म लाइन का क्या
- 2:57:51भरोसा यह जरूरी तो नहीं कि यह वहां सफल हो
- 2:57:55ही जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर यह
- 2:57:58उधर से भी जाएगा और अपने काम से भी। इसलिए
- 2:58:02मेरे ख्याल से तो इसे अपने काम पर ही फोकस
- 2:58:04करना चाहिए ना कि मूवी में काम करने के
- 2:58:07चक्कर में यह अपने जॉब से भी हाथ धो ले।
- 2:58:09शिप्रा की बात सुनकर मेघना हैरान होकर
- 2:58:12शिप्रा की ओर देखने लगी। अभी तक शिप्रा की
- 2:58:15राय भी शौर्य के लिए यही था कि उसे मालिनी
- 2:58:18के ऑफर को स्वीकार कर लेना चाहिए। पर होटल
- 2:58:21से यहां आने के बीच में ही उसका विचार बदल
- 2:58:24कैसे गया। यह देखकर मेघना बोली ये तुम
- 2:58:27कैसी बात कर रही हो? जब हम होटल में थे और
- 2:58:30हमारी बात मालिनी से हो रही थी तब तो
- 2:58:33तुम्हें भी ऐसा ही लग रहा था कि श्रवण को
- 2:58:36मालिनी के ऑफर को स्वीकार कर लेना चाहिए।
- 2:58:39पर अब इतनी देर में ही तुम्हारे विचार
- 2:58:41कैसे बदल गए? मेरा कोई विचार नहीं बदला
- 2:58:44है। उस समय मैं प्रैक्टिकल होकर नहीं सोच
- 2:58:47पाई थी। इसीलिए उस समय मुझे भी यही लगा था
- 2:58:50कि यह श्रवण के लिए एक अच्छा ऑफर है। पर
- 2:58:53अब मैं जब थोड़ा प्रैक्टिकल होकर सोच रही
- 2:58:55हूं तो मुझे लग रहा है कि ज्यादा पानी की
- 2:58:58चाहत में कहीं ऐसा ना हो कि जो हमारे पास
- 2:59:01है वो अभी खो जाए। बस इतनी सी बात है।
- 2:59:04शिप्रा ने अपने विचार बदलने का रीजन दिया।
- 2:59:06अब तक गिरजा ने चाय लाकर शिप्रा और मेघना
- 2:59:09दोनों के सामने रख दिया। दोनों ने अपनी
- 2:59:12चाय को उठाया और एक-एक शिप लिया। मेघना ने
- 2:59:15शिप्रा की बात को सुना पर वह उसकी बात से
- 2:59:18कन्विंस नहीं हुई। उसे शिप्रा को देखकर
- 2:59:20लगा कि जरूर इसके दिमाग में कुछ और ही चल
- 2:59:23रहा है। कहीं यह मालिनी से जेलस तो नहीं
- 2:59:25फील करने लगी और क्या बात हो सकती है।
- 2:59:28शिप्रा के विचार को यूं बदलने का मेघना मन
- 2:59:31ही मन सोच रही थी। मालिनी एक खूबसूरत
- 2:59:34लड़की थी और जिस तरह से वह शौर्य के बारे
- 2:59:37में बात कर रही थी या जितनी शिद्दत से वह
- 2:59:40चाहती थी कि शौर्य उसकी मूवी में काम करने
- 2:59:44को तैयार हो जाए यह बात शिप्रा को कहीं ना
- 2:59:48कहीं परेशान कर रही थी। उसे ऐसा फील हो
- 2:59:51रहा था कि जैसे मालिनी जानबूझकर श्रवण के
- 2:59:54करीब जाने की कोशिश कर रही है। अब शिप्रा
- 2:59:57के मन में यह बात स्ट्रांगली घर करने लगी
- 2:59:59थी। श्रवण का मालिनी की फिल्म में काम
- 3:00:01करना तो एक बहाना था। वह बस जानबूझकर
- 3:00:05श्रवण के करीब जाना चाहती है। आजकल शिप्रा
- 3:00:08किसी भी लड़की को शौर्य के पास देखती थी
- 3:00:10तो उसके मन में एक असुरक्षा की भावना आ
- 3:00:13जाती थी। शिप्रा भी यह नहीं समझ पा रही थी
- 3:00:16कि ऐसा क्यों हो रहा है। पर मेघना के
- 3:00:19दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। उसने
- 3:00:22श्रवण को नताशा कपूर के साथ स्ट्रांग
- 3:00:25एनर्जी ड्रिंक की ऐड में एक्टिंग करते
- 3:00:27देखा था। उसे भी श्रवण में एक्टिंग करने
- 3:00:29की गुंजाइश साफ दिख रही थी। बल्कि यह कहना
- 3:00:33ज्यादा सही होगा कि वह खुद शौर्य की
- 3:00:36एक्टिंग देखने के बाद उससे अच्छा खासा
- 3:00:39प्रभावित हो गई थी। नताशा के साथ काम करते
- 3:00:42देखकर ही शौर्य को लेकर उसके विचार बदल गए
- 3:00:45थे। उसके बाद तो ऐसी स्थिति थी कि अगर उसे
- 3:00:48यह नहीं पता होता कि शौर्य शिप्रा का पति
- 3:00:50है तो वह खुद शौर्य के लिए अपने दिल में
- 3:00:53एक खास जगह महसूस करने लगती। यह सोच कर ही
- 3:00:57उसने शिप्रा से कहा, "मुझे लगता है तुम
- 3:00:59कुछ ज्यादा ही सोच रही हो।" तुमने श्रवण
- 3:01:02की एक्टिंग नहीं देखी है। मैंने उसे नताशा
- 3:01:04के साथ काम करते देखा है और मैं यह पूरे
- 3:01:06यकीन के साथ कह सकती हूं कि श्रवण में यह
- 3:01:09पोटेंशियल है कि वह एक सफल अभिनेता बन
- 3:01:12सकता है। मेघना की बात सुनकर शिप्रा के
- 3:01:15चेहरे पर नागवारी के भाव आए। वह श्रवण की
- 3:01:18ओर देखने लगी। जैसे वह जानना चाहती हो कि
- 3:01:20श्रवण क्या फैसला करता है। पर श्रवण
- 3:01:23शिप्रा को पूरी तरह इग्नोर करते हुए मेघना
- 3:01:26से बोला, शायद तुम ठीक कह रही हो। मुझे
- 3:01:29मालिनी के ऑफर को स्वीकार कर लेना चाहिए।
- 3:01:31शायद ऐसे ही मेरी किस्मत बदल जाए। शिप्रा
- 3:01:34को यह बात और बुरी लगी कि श्रवण ने अपना
- 3:01:37फैसला करते हुए एक बार भी शिप्रा की तरफ
- 3:01:40देखा तक नहीं। वह तो ऐसे शिप्रा को इग्नोर
- 3:01:42किए हुए था जैसे वह वहां उसके लिए एकिस्ट
- 3:01:45ही नहीं कर रही हो। जबकि शौर्य ऐसा
- 3:01:48जानबूझकर कर रहा था। उसे लग रहा था कि अगर
- 3:01:51वह ऐसे ही शिप्रा को इस तरह के मौके पर
- 3:01:53इग्नोर करता रहेगा तो शायद वह उसकी अहमियत
- 3:01:56को समझे। अभी भी वह शिप्रा के गुस्से को
- 3:01:59साफ महसूस कर रहा था। वह यही तो चाहता था
- 3:02:02कि प्यार से ना सही पर गुस्से से ही सही
- 3:02:05शिप्रा उस पर अपना हक जताए। एक पत्नी होने
- 3:02:08का जो हक है इसका एहसास कराए। शायद इस तरह
- 3:02:11से दोनों के बीच की दूरियां कुछ कम हो। पर
- 3:02:14शौर्य महसूस कर रहा था कि जिस तरह से
- 3:02:17शिप्रा के चेहरे का रंग बदल रहा था, कहीं
- 3:02:20ऐसा ना हो कि वह उठकर ही वहां से चली जाए।
- 3:02:24यह सोचकर कि शिप्रा वहां से चली ना जाए।
- 3:02:27शौर्य शिप्रा की ओर देखते हुए बोला, वैसे
- 3:02:30तुम ऐसा क्यों सोचती हो कि मैं फिल्म लाइन
- 3:02:32में सफल नहीं हो पाऊंगा? सोचो अगर ऐसा हो
- 3:02:35पाया तो मेघना सही कह रही है। मेरी तो
- 3:02:38जिंदगी ही चेंज हो जाएगी। शौर्य ने बड़े
- 3:02:41मौके पर शिप्रा से यह सवाल कर दिया। नहीं
- 3:02:44तो शिप्रा वहां से उठकर जाने ही वाली थी।
- 3:02:46पर जब उसने शौर्य को खुद से बात करते देखा
- 3:02:49तो उसे थोड़ा सुकून आया। वह शौर्य की
- 3:02:52आंखों में देखते हुए बोली ऐसा नहीं है कि
- 3:02:55मैं ऐसा सोच रही हूं कि तुम उसमें सफल
- 3:02:57नहीं हो पाओगे। पर एक पर्सन के लिए मान लो
- 3:03:00कि अगर ऐसा कुछ हुआ तो फिर जो तुम बड़ी
- 3:03:02मुश्किल से अपनी जिंदगी को पटरी पर लाए
- 3:03:04हो। फिर आगे चलकर मुश्किल में ना आ जाए।
- 3:03:07बस मेरा यही कंसर्न था। शौर्य को अच्छा
- 3:03:11लगा कि शिप्रा उसको लेकर अपना कंसर्न दिखा
- 3:03:14रही है। वह यही तो चाहता है पर शौर्य ने
- 3:03:17तो पहले ही फैसला कर लिया था कि वह मालिनी
- 3:03:20के ऑफर को स्वीकार करेगा क्योंकि उसे इससे
- 3:03:23मतलब नहीं था कि वह इसमें सफल होता है या
- 3:03:26नहीं होता है। उसे तो बस प्रतीक से पंगा
- 3:03:29लेने का एक मौका मिल रहा था और वह इस मौके
- 3:03:32को अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहता था।
- 3:03:35प्रतीक ने जिस तरह से उसको रोक कर मालिनी
- 3:03:38से अलग रहने के लिए कहा था उससे एक बात तो
- 3:03:41साबित हो रही थी कि मालिनी प्रतीक के
- 3:03:43टारगेट में थी। प्रतीक किसी ना किसी तरह
- 3:03:46से मालिनी से कुछ चाहता था और जब उसे लगा
- 3:03:49कि शौर्य उसके बीच में आ रहा है तो उसने
- 3:03:52शौर्य को धमका कर उससे अलग करने की कोशिश
- 3:03:55किया। जबकि प्रतीक की इसी बात ने शौर्य को
- 3:03:58मालिनी के ऑफर को स्वीकार करने के लिए
- 3:04:00प्रेरित किया। अपने मन में यह फैसला करने
- 3:04:03के बाद शौर्य मेघना और शिप्रा की ओर देखते
- 3:04:06हुए बोला। वैसे मैंने फैसला कर लिया है कि
- 3:04:09मैं मालिनी की मूवी में काम करूंगा। देखता
- 3:04:12हूं आगे किस्मत मुझे किस ओर ले जाती है।
- 3:04:14शिप्रा को अच्छा नहीं लगा कि आखिर शौर्य
- 3:04:16ने मेघना की बात को ही माना। पर अब उसे कम
- 3:04:20से कम इतनी तसल्ली थी कि शौर्य अब उसको
- 3:04:24इग्नोर नहीं कर रहा। शौर्य ने शिप्रा को
- 3:04:27थोड़ा और अच्छा फील कराने के लिए उससे
- 3:04:28कहा। मैं तुम्हारी कंसर्न को भी अच्छे से
- 3:04:31समझ रहा हूं। शिप्रा। पर एक बात तो सही है
- 3:04:34कि अगर कुछ अच्छा पाना है तो थोड़ा रिस्क
- 3:04:36तो लेना पड़ेगा। शौर्य ने जो यह सीधी बात
- 3:04:40शिप्रा से की इस बात से शिप्रा ने थोड़ा
- 3:04:43और अच्छा फील किया। चलो अच्छी बात है। अगर
- 3:04:46तुमने यह फैसला किया है तो मैं यही
- 3:04:48चाहूंगी कि तुम अच्छे से यह काम करना।
- 3:04:51शिप्रा शौर्य का हौसला बढ़ाते हुए बोली।
- 3:04:54अब तक तीनों ने अपनी चाय को समाप्त कर
- 3:04:56लिया था। इसी समय शौर्य का फोन बजने लगा।
- 3:04:59उसने जब नंबर की तरफ ध्यान दिया तो उसने
- 3:05:02देखा कि यह उसके दादाजी का कॉल था। अपने
- 3:05:05दादाजी के कॉल को देखते ही शौर्य वहां से
- 3:05:07उठ खड़ा हुआ और अपने कमरे की तरफ बढ़ गया।
- 3:05:11शिप्रा के दिमाग में यह बात आया कि यह
- 3:05:13किसका कॉल था जो नंबर देखते ही शौर्य वहां
- 3:05:17से उठकर अपने कमरे में चला गया। दूसरी तरफ
- 3:05:20शौर्य ने अपने कमरे में पहुंचकर अपने
- 3:05:23दादाजी के फोन को उठाया। वह जानता था कि
- 3:05:25उसने कई दिनों से अपने दादाजी को अपनी कोई
- 3:05:28खबर नहीं दी थी। इसलिए वह उसको लेकर
- 3:05:30चिंतित जरूर होंगे। इसलिए शौर्य फोन उठाते
- 3:05:34ही जल्दी से बोला प्रणाम दादा जी आप कैसे
- 3:05:37हैं? कमबख्त मेरे फोन करने के बाद तुमको
- 3:05:40यह पूछना ध्यान आया कि मैं कैसा हूं?
- 3:05:42चंद्रभान जी नाराजगी भरे स्वर में बोले
- 3:05:45नहीं दादा जी ऐसी कोई बात नहीं थी।
- 3:05:47एक्चुअली इन दिनों मैं कुछ और दूसरे कामों
- 3:05:49में उलझ गया था। इसलिए आपको कॉल नहीं कर
- 3:05:52पाया। शौर्य खेद प्रकट करते हुए बोला
- 3:05:56अच्छा छोड़ इन बातों को पहले यह बता मैंने
- 3:05:59जो तुमको कहा था कि मुझे अपनी बहू से
- 3:06:01मिलना है तो तुमने उसके लिए क्या किया है
- 3:06:05अगर तुमने जल्दी कुछ नहीं किया तो मैं खुद
- 3:06:08जाकर उससे मिलूंगा और तुम्हारी कोई बात
- 3:06:11नहीं सुनूंगा चंद्रभान जी शौर्य को
- 3:06:13वार्निंग देते हुए बोले शौर्य सोच में पड़
- 3:06:16गया कि वह अपने दादाजी को कैसे समझाएं कि
- 3:06:19अभी वह उनकी बहू को उनसे मिलाने की स्थिति
- 3:06:22में नहीं है। पर फिर कुछ सोचकर वह बोला
- 3:06:26दादा जी आपको सिर्फ अपनी बहू को देखना है
- 3:06:28ना तो मैं इसकी व्यवस्था कर सकता हूं। पर
- 3:06:31आपको यह वादा करना होगा कि आप उसके सामने
- 3:06:33यह नहीं बताएंगे कि मेरा आपका कोई रिश्ता
- 3:06:36है या आप मेरे दादाजी हैं। कहिए आपको अगर
- 3:06:40यह कबूल है तो फिर मैं आपको आपकी बहू से
- 3:06:43मिलाने की व्यवस्था कर सकता हूं। बदमाश
- 3:06:46तुम मुझे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे
- 3:06:48हो। यह कैसे संभव है कि मैं अपनी बहू से
- 3:06:51मिलूंगा और उसे अपना आशीर्वाद भी नहीं दे
- 3:06:53पाऊंगा। चंद्रभान जी शौर्य को डांटते हुए
- 3:06:56बोले, अगर आपको अपनी बहू से मिलना है तो
- 3:06:59यही कंडीशन है। अगर आपको मंजूर है तो
- 3:07:01बोलिए नहीं तो फिर इंतजार करिए। शौर्य अभी
- 3:07:05हथियार डालने को तैयार नहीं था। जब
- 3:07:07चंद्रभान जी ने महसूस किया कि शौर्य इस
- 3:07:10कंडीशन के बिना उसे अपनी बहू से मिलाने को
- 3:07:13तैयार नहीं होगा। तो उन्होंने कहा ठीक है
- 3:07:16मैं तैयार हूं। बताओ तुम उसे मुझसे कब
- 3:07:18मिलवा रहे हो? शौर्य ने कहा, अगर ऐसी बात
- 3:07:22है तो मैं आपको कल ही उससे मिलवा दूंगा।
- 3:07:24पर आप याद रखिएगा आपने जो बात अभी मुझसे
- 3:07:27प्रॉमिस किया है उस बात का। हां हां समझ
- 3:07:29गया। अब बार-बार यह बोलकर मुझे पकाओ मत।
- 3:07:33बस मुझे यह बताओ कि मैं अपनी बहू से कहां
- 3:07:35मिलूंगा। चंद्रभान जी जल्दबाजी दिखाते हुए
- 3:07:39बोले तो फिर ठीक है कल डम्स इंडिया के
- 3:07:42स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक की लॉन्चिंग
- 3:07:44पार्टी है। आपको उस पार्टी में आना है।
- 3:07:46वहां आपकी बहू भी आएगी। वहीं आप उससे मिल
- 3:07:49लीजिएगा। शौर्य बोला डिम्स इंडिया का नाम
- 3:07:52सुनकर चंद्रभान जी कुछ पल सोचते रहे। फिर
- 3:07:56उन्होंने कहा क्या कहा तुमने? डिमim्स
- 3:07:59इंडिया। इसमें शामिल होने के लिए तो मेरे
- 3:08:02पास पहले से इनविटेशन आया हुआ है। चलो यह
- 3:08:05भी बढ़िया है। पहले तो मैं इसमें आने की
- 3:08:07नहीं सोच रहा था। पर अब जब मेरी बहू उस
- 3:08:09पार्टी में आ रही है तो अब तो मैं जरूर
- 3:08:11आऊंगा। शौर्य अपने दादाजी से बात करने के
- 3:08:14बाद फिर से ड्राइंग रूम में वापस आ गया।
- 3:08:16शिप्रा और मेघना अभी भी वहीं बैठी हुई थी।
- 3:08:19शायद वह अभी भी शौर्य के वापस आने का
- 3:08:22इंतजार कर रही थी। क्योंकि शौर्य बीच में
- 3:08:25फोन आने के कारण वहां से उठकर चला गया था।
- 3:08:28इसलिए वह दोनों उम्मीद कर रही थी कि बात
- 3:08:31होने के बाद शौर्य वापस आएगा। शौर्य को
- 3:08:34वापस आते देखकर मेघना शरारत भरे स्वर में
- 3:08:37बोली ऐसा किसका फोन आ गया था जो उठकर यहां
- 3:08:40से अपने कमरे में चले गए थे। कोई
- 3:08:42गर्लफ्रेंड तो नहीं थी। शौर्य ऐसा उम्मीद
- 3:08:44नहीं कर रहा था कि मेघना शिप्रा के सामने
- 3:08:47उससे ऐसा सवाल करेंगी। इसका तो यह मतलब हो
- 3:08:50सकता है कि शिप्रा ने उसे अपने और उसके
- 3:08:53बीच के रिलेशन के बारे में सब कुछ बता
- 3:08:55दिया होगा कि उन दोनों के बीच में क्या
- 3:08:58कंडीशन निर्धारित हुई है। ऐसे हमारे नसीब
- 3:09:01कहां कि कोई हमारी गर्लफ्रेंड बनेगी।
- 3:09:04शौर्य भी मजाकिया लहजे में ही बोला। क्यों
- 3:09:08झूठ बोल रहे हो? अगर तुम्हारी गर्लफ्रेंड
- 3:09:10का फोन नहीं था तो फिर तुम उठकर यहां से
- 3:09:12अपने कमरे में क्यों चले गए थे? मेघना
- 3:09:15शौर्य की आंखों में देखती हुई बोली। उठकर
- 3:09:18जाने का कारण यह था कि मैं तुम्हारे सामने
- 3:09:20बात नहीं कर सकता था। पर इसका यह मतलब तो
- 3:09:23नहीं हुआ कि मैं यहां से उठकर गया था। तो
- 3:09:26अपनी गर्लफ्रेंड से फोन पर बात करने गया
- 3:09:28था। एक्चुअली अभी जो फोन मेरे पास आया था
- 3:09:32वह मेरे दादाजी का था। और अभी हमारे बीच
- 3:09:35सब कुछ ठीक नहीं है। इसलिए मैं पब्लिकली
- 3:09:37उनसे बात करने को अवॉइड करता हूं। शौर्य
- 3:09:40बातें बनाते हुए बोला। तुम्हारे दादाजी भी
- 3:09:43हैं। तो फिर वह तुम्हारे साथ क्यों नहीं
- 3:09:45रहते? या तुम उनके साथ क्यों नहीं रहते?
- 3:09:48मेघना यह जानकर आश्चर्य से बोली कि शौर्य
- 3:09:51के दादाजी भी हैं जिससे उसकी बातें भी
- 3:09:53होती हैं। मेघना के मन में यह सवाल भी था
- 3:09:57कि अगर शौर्य के दादाजी हैं तो वह उसके
- 3:10:00साथ क्यों नहीं रहता या शौर्य उनके साथ
- 3:10:02क्यों नहीं रहता? बताया तो कि हमारे बीच
- 3:10:05सब कुछ सही नहीं है। इसलिए हम साथ नहीं
- 3:10:08रहते। शौर्य टालने वाले भाव से बोला। इतना
- 3:10:11बोलकर शौर्य ने अपने मोबाइल का डायल नंबर
- 3:10:14स्क्रीन पर लाकर मेघना को दिखाया। मेघना
- 3:10:17ने दिखा कि लास्ट रिसीव नंबर दादाजी नाम
- 3:10:20से सेव था। शौर्य के मोबाइल का लास्ट
- 3:10:22रिसीवर नंबर देखकर मेघना को यकीन हुआ कि
- 3:10:25शौर्य सही कह रहा था। दूसरी तरफ शिप्रा यह
- 3:10:29जानना चाह रही थी कि क्या शौर्य सच में
- 3:10:31मालिनी की मूवी में काम करने को तैयार हो
- 3:10:34गया है? यह सोचकर उसने सस से पूछा, क्या
- 3:10:37तुमने फैसला कर लिया है कि तुम्हें मालिनी
- 3:10:39की मूवी में काम करना है या नहीं? नहीं अब
- 3:10:43उस मामले में सोचने समझने की जरूरत नहीं
- 3:10:46है। मैंने फाइनल कर लिया है कि मुझे उसके
- 3:10:48साथ काम करना है। शौर्य दृढ़ स्वर में
- 3:10:51बोला शिप्रा यह चाहती तो नहीं थी कि शौर्य
- 3:10:54मालिनी की मूवी में काम करें। पर वह इसको
- 3:10:57लेकर शौर्य को कुछ बोल नहीं सकती थी। पता
- 3:11:00नहीं क्यों। पर मालिनी की खूबसूरती कहीं
- 3:11:03ना कहीं शिप्रा के मन में थोड़ी असुरक्षा
- 3:11:06की भावना पैदा कर रही थी। उसे लग रहा था
- 3:11:08कि मालिनी शौर्य को उससे दूर ना कर दे।
- 3:11:11शिप्रा के मन जब यह सब चल रहा था तो वह
- 3:11:14खुद अपनी सोच पर हैरान थी कि वह इस बात को
- 3:11:17लेकर इतना परेशान क्यों है। उसने तो खुद
- 3:11:20शौर्य से कहा था कि उसका किसी लड़की के
- 3:11:22साथ रिलेशन भी होता है तो उसे इस बात से
- 3:11:24कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पर अब उसके मन में
- 3:11:27मालिनी को लेकर असुरक्षा की भावना क्यों आ
- 3:11:30रही है? वह खुद ही अपनी बेचैनी को नहीं
- 3:11:32समझ पा रही थी। शौर्य की जब बातें समाप्त
- 3:11:35हो गई तो वह मेघना और शिप्रा को यह बोलकर
- 3:11:38कि वह अपने कमरे में जा रहा है। वहां से
- 3:11:40चला गया। अब शिप्रा और मेघना वहां अकेली
- 3:11:43रह गई। मेघना बहुत कुछ शिप्रा के मन के
- 3:11:46भाव को समझ रही थी। इसलिए उसने शौर्य के
- 3:11:49वहां से जाने के बाद शिप्रा से पूछा। मुझे
- 3:11:52ऐसा क्यों लग रहा था कि तुम नहीं चाहती थी
- 3:11:54कि श्रवण मालिनी की मूवी में काम करें।
- 3:11:57मेघना की बात सुनकर शिपरा मेघना का चेहरा
- 3:12:00देखने लगी और उससे नजर चुराते हुए बोली
- 3:12:04मैं भला ऐसा क्यों चाहूंगी मैं कोई श्रवण
- 3:12:07की दुश्मन थोड़ी हूं तुम बोल कुछ रही हो
- 3:12:10और तुम्हारा चेहरा कुछ और कह रहा है मेघना
- 3:12:13शिप्रा की आंखों में देखते हुए बोली पता
- 3:12:16नहीं तुम क्या बोले जा रही हो ऐसा कुछ भी
- 3:12:18नहीं है समझे शिप्रा ऐसा बोल तो रही थी पर
- 3:12:22उसकी आवाज में कॉन्फिडेंस नहीं था तुम
- 3:12:24कितनी भी इस तरह की बातें कर लो पर
- 3:12:26तुम्हारा चेहरा चेहरा कुछ और ही कह रहा
- 3:12:28है। तुम मान क्यों नहीं लेती? मेघना
- 3:12:31गंभीरता से बोली। मेघना की इस तरह की
- 3:12:34बातें सुन शिपरा बगले झांकने लगी। वह हार
- 3:12:37कर बोली। तुम जो कह रही हो वह सच है। पता
- 3:12:41नहीं क्यों पर मुझे श्रवण का मलिनी के साथ
- 3:12:43काम करना ठीक नहीं लग रहा है। कहीं
- 3:12:46तुम्हें श्रवण से प्यार तो नहीं हो गया।
- 3:12:48मेघना मुस्कुराती हुई बोली। मेघना की बात
- 3:12:52सुनकर शिप्रा फिर से भड़कते हुए बोली
- 3:12:55तुम्हें तो पता नहीं हमेशा यही क्यों लगता
- 3:12:58है कि मुझे श्रवण से प्यार हो गया। ऐसा
- 3:13:01तुम्हारी हरकत के कारण ही लगता है। मेघना
- 3:13:03तंज भरे स्वर में बोली अब जाकर शिपला ने
- 3:13:07मेघना की बात के जवाब में कुछ नहीं कहा।
- 3:13:09वह भावहीन चेहरे के साथ बस मेघना को देखती
- 3:13:13रही। दूसरी तरफ शौर्य अपने कमरे में
- 3:13:15पहुंचा। वह मालिनी को अपने फैसले से अवगत
- 3:13:18करा देना चाहता था। इसीलिए उसने अपने कमरे
- 3:13:21में पहुंचकर दरवाजा बंद कर लिया। वह सोचने
- 3:13:24लगा कि क्या अभी मालिनी से बात करना सही
- 3:13:26होगा। फिर खुद ही उसका सर इंकार में हिलने
- 3:13:30लगा। तभी उसे ध्यान आया कि वह क्यों ना
- 3:13:33रत्नाकर शेट्टी से इस बारे में बात कर ले।
- 3:13:36यह सोचकर उसने अपना मोबाइल निकाला और
- 3:13:39रत्नाकर शेट्टी का नंबर डायल करने लगा।
- 3:13:42थोड़ी देर बाद ही दूसरी तरफ से फोन उठाया
- 3:13:44गया और उसके कानों में रत्नाकर शेट्टी की
- 3:13:47आवाज पड़ी और मिस्टर सरवन कहिए कैसे याद
- 3:13:50किया शौर्य रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर
- 3:13:53बोला मिस्टर शेट्टी मैं कल सुबह आपसे
- 3:13:56मिलना चाहता हूं शौर्य की इस बात को सुनकर
- 3:13:59रत्नाकर शेट्टी खुश होता हुआ बोला जरूर
- 3:14:03मिस्टर श्रवण कहिए मैं आपसे मिलने कहां आ
- 3:14:05जाऊं नहीं आपको आने की कोई जरूरत नहीं है
- 3:14:07मिस्टर शेट्टी मैं ही सुबह 9:00 बजे आपके
- 3:14:10पास होटल रिगल में आता हूं। बाकी बातें
- 3:14:13वहीं पर होंगी। पर हां, आप सुबह मिस
- 3:14:16मालिनी को भी बुला लीजिएगा। मैं चाहता हूं
- 3:14:18उनके सामने ही सारी बात हो जाए। शौर्य
- 3:14:21बोला, शौर्य की बात सुनकर रत्नाकर शेट्टी
- 3:14:24को उम्मीद बंधी कि शौर्य उसकी मूवी में
- 3:14:27काम करने को तैयार हो गया होगा। अब आगे
- 3:14:29क्या होगा? हंसल मेहता की पार्टी में क्या
- 3:14:32गुल खेलेगा। दूसरे दिन शौर्य समय से होटल
- 3:14:34रिगल पहुंच गया। जहां रत्नाकर शेट्टी पहले
- 3:14:38से ही उसका इंतजार कर रहा था। मालिनी अभी
- 3:14:41आई नहीं थी इसलिए रत्नाकर शेट्टी अकेला ही
- 3:14:44बैठा शौर्य का इंतजार कर रहा था। जब शौर्य
- 3:14:48पहुंचा तो उसने रत्नाकर शेट्टी को अकेले
- 3:14:51देखकर कहा क्या बात है शेट्टी साहब आप तो
- 3:14:54अकेले हैं। मिस मालिनी कहीं दिख नहीं रही
- 3:14:57है। वह भी बस पहुंचने ही वाली होंगी। अभी
- 3:15:00थोड़ी देर पहले मेरी उनसे बात हुई थी जब
- 3:15:03वह रास्ते में थी। रत्नाकर शेट्टी शौर्य
- 3:15:06की बात सुनकर बोला और बताइए आपका बाकी सब
- 3:15:10कैसा चल रहा है? शौर्य ने रत्नाकर शेट्टी
- 3:15:13का हालचाल लेते हुए पूछा। आप जैसे लोगों
- 3:15:16की कृपा से सब बढ़िया है? आप बताइए आप
- 3:15:20अपने ऐड के शूट कब शुरू करने की सोच रहे
- 3:15:22हैं? रत्नाकर शेट्टी काम की बात पर आते
- 3:15:25हुए बोला। देखिए आज ही पता चल जाएगा। आज
- 3:15:29जब नताशा कपूर शाम की पार्टी में आएंगी तो
- 3:15:32उनसे बात करके शूटिंग का शेड्यूल फाइनल कर
- 3:15:35लेंगे। आप अपनी तरफ से तो तैयार हैं।
- 3:15:38शौर्य रत्नाकर शेट्टी से बोला आप मेरी
- 3:15:42चिंता ना करें। मैं तो हमेशा तैयार रहता
- 3:15:44हूं। बस एक बार आप शेड्यूल फाइनल कर
- 3:15:47लीजिए। फिर आपको किसी भी चीज के लिए मुझे
- 3:15:50बोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रत्नाकर
- 3:15:52शेट्टी खुशामद भरे स्वर में बोला, "आप तो
- 3:15:56आज रात की पार्टी में आ रहे हैं ना। शौर्य
- 3:15:58ने रत्नाकर शेट्टी से पूछा क्योंकि उसे
- 3:16:01पता नहीं था कि हर्षल मेहता ने रत्नाकर
- 3:16:04शेट्टी को आज रात वाली पार्टी में
- 3:16:07आमंत्रित किया है कि नहीं। हां हां मैं आ
- 3:16:10रहा हूं। मेहता साहब ने मुझे पहले ही
- 3:16:12इनवाइट कर रखा है। रत्नाकर शेट्टी
- 3:16:15मुस्कुराते हुए बोला। इसी समय मालिनी वहां
- 3:16:18पर तेजी से आई और शौर्य से अफसोस जाहिर
- 3:16:21करते हुए बोली सॉरी मिस्टर सर्व मेरे कारण
- 3:16:26आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ा। इसकी कोई
- 3:16:28जरूरत नहीं है मिस मालिनी। मुझे भी आए हुए
- 3:16:31अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है इसलिए आपको
- 3:16:34सॉरी फील करने की कोई जरूरत नहीं है।
- 3:16:37शौर्य मालिनी को जवाब देते हुए बोला मुझे
- 3:16:40अच्छा लगा कि आपने मुझे ज्यादा इंतजार
- 3:16:43नहीं कराया और इतनी जल्दी आप मुझसे मिलने
- 3:16:46के लिए आ गए। मालिनी शौर्य का धन्यवाद
- 3:16:49करते हुए बोली इसके बाद अपनी बात को आगे
- 3:16:53बढ़ाते हुए बोली आपने मेरे प्रपोजल के
- 3:16:56बारे में क्या सोचा मिस्टर सरवन शौर्य कुछ
- 3:16:59पल मालिनी की बात सुनकर सोचता रहा फिर वह
- 3:17:02अपनी सोच से बाहर आते हुए बोला मैं आपको
- 3:17:06अपना जवाब दूं उससे पहले मैं आपसे कुछ
- 3:17:08पूछना चाहता हूं मालिनी ने जब शौर्य को
- 3:17:10ऐसे बात करते देखा तो उसे समझ नहीं आया कि
- 3:17:14श्रवण आखिर उससे और क्या जानना चाहता है
- 3:17:17यह देखकर मालिनी शौर्य से बोली, ठीक है।
- 3:17:21पूछो तुम क्या पूछना चाहते हो? यह प्रतीक
- 3:17:24कौन है और आपका उससे क्या रिश्ता है?
- 3:17:27शौर्य मालिनी की आंखों में देखते हुए
- 3:17:29बोला। मालिनी को समझ नहीं आया कि शौर्य
- 3:17:33प्रतीक के बारे में क्यों पूछ रहा है।
- 3:17:35उसको क्या जरूरत है उसके पर्सनल में आने
- 3:17:38की? यह सोचकर उसने शौर्य से सवाल किया।
- 3:17:42क्या मैं जान सकती हूं कि तुम प्रतीक के
- 3:17:45बारे में क्यों पूछ रहे हो? जरूर जान सकती
- 3:17:48हो। दरअसल जब मैं कल यहां से निकला था
- 3:17:51उसके बाद रास्ते में मुझे प्रतीक ने अपने
- 3:17:54कुछ कुन्नों के साथ घेर लिया था और मुझे
- 3:17:56वार्निंग देकर छोड़ा कि मैं आगे से तुमसे
- 3:17:59ना मिलूं। काम करने की तो बात ही दूर है।
- 3:18:03शौर्य ने अपनी और प्रतीक के बीच का वाक्य
- 3:18:06मालिनी को सुनाया। शौर्य की बात सुनकर
- 3:18:09मालिनी का चेहरा गुस्से से लाल हो गया।
- 3:18:12उसका तो मन कर रहा था वह अभी प्रतीक के
- 3:18:14पास जाए और जमकर उसकी क्लास ले। लेकिन
- 3:18:17पहले उसे शौर्य के साथ अपना मामला सेट
- 3:18:20करना था। देखो हमारा और प्रतीक का ऐसा कोई
- 3:18:23खास रिश्ता नहीं है। पर यह है कि उसके
- 3:18:26पापा और मेरे पापा दोनों चाहते हैं कि मैं
- 3:18:30और प्रतीक शादी कर ले। पर अभी मैं इतनी
- 3:18:33जल्दी शादी करने के मूड में नहीं हूं। पर
- 3:18:36प्रतीक मानने को तैयार नहीं हो रहा है। तो
- 3:18:39मैंने भी उसे बोल दिया अब तुमको जो करना
- 3:18:42है करते रहो। पर मैं अब भी तुमसे शादी
- 3:18:45नहीं करूंगी। पर अगर कल उसने तुमको धमकाने
- 3:18:48की कोशिश की है तो मैं इस बात को इतनी
- 3:18:51आसानी से जाने नहीं दूंगी। उसे इस बात का
- 3:18:54जवाब देना पड़ेगा। मालिनी शौर्य की बात
- 3:18:57सुनकर प्रतीक पर भड़कते हुए बोली अगर ऐसी
- 3:19:01बात है तो फिर मैं तुम्हारे प्रपोजल को
- 3:19:04स्वीकार करने को तैयार हूं। शौर्य मालिनी
- 3:19:07की बात सुनने के बाद इत्मीनान से बोला
- 3:19:10मालिनी ने जब यह सुना कि शौर्य उसकी मूवी
- 3:19:13में काम करने को तैयार है तो वह खुश होकर
- 3:19:16बोले थैंक यू थैंक यू सो मच। थैंक यू।
- 3:19:20मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। अगर तुमको
- 3:19:23किसी को थैंक यू बोलना ही है तो तुम मेघना
- 3:19:26को बोल देना। क्योंकि मैं तो पहले मना ही
- 3:19:28कर रहा था। पर मेघना ने मुझे समझाया यह
- 3:19:32उसकी जिद ही है कि मैं तुम्हारी मूवी में
- 3:19:35काम करने को तैयार हो गया। नहीं तो जिस
- 3:19:38तरह प्रतीक ने मेरा रास्ता रोक कर मुझे
- 3:19:40धमकाया उससे तो मैं और निश्चित हो गया था
- 3:19:44कि मुझे तुम्हारे साथ काम ही नहीं करना
- 3:19:46है। पर मेघना से बात होने के बाद मैं इस
- 3:19:50काम को करने के लिए तैयार हो गया। अब तुम
- 3:19:53देख लेना तुम्हें प्रतीक से कैसे निपटना
- 3:19:56है। शौर्य इत्मीनान से बोला। तुम उसकी
- 3:19:59चिंता छोड़ दो। उससे तो मैं निपट लूंगी।
- 3:20:02पर तुमने मेरा प्रपोजल स्वीकार करके मेरा
- 3:20:05काम आसान कर दिया। इतना बोलकर मालिनी
- 3:20:08रत्नाकर शेट्टी की ओर मुरी और उनसे बोली
- 3:20:11अब तो सब कुछ पक्का है रत्नाकर जी इसलिए
- 3:20:14आप शूटिंग के लिए शेड्यूल फाइनल कर लीजिए।
- 3:20:17फिर हम उस हिसाब से आगे बढ़ेंगे। मालिनी
- 3:20:20ने जवाब दिया। मुझे प्रतीक की कोई चिंता
- 3:20:24नहीं है और ना ही उसका कोई खौफ है। मैं तो
- 3:20:27बस ऐसा इसलिए बोला क्योंकि वह हमारे बीच
- 3:20:30में आ रहा था। अब अगर आगे भी उसने ऐसी
- 3:20:32हरकत की तो फिर मैं खुद ही उसे अच्छे से
- 3:20:35जवाब दूंगा। शौर्य बेपरवाह अंदाज में
- 3:20:38मुस्कुराते हुए बोला। शौर्य का जवाब सुनकर
- 3:20:42मालिनी को लगा कि शौर्य उसके सामने खुद को
- 3:20:45कुछ ज्यादा ही पावरफुल दिखाने की कोशिश कर
- 3:20:48रहा है। अच्छा अभी छोड़ो इन बातों को। अब
- 3:20:52तुम मुझे यह बताओ कि क्या तुम फिल्म की
- 3:20:55स्टोरी को सुनना चाहोगे? अगर हां तो फिर
- 3:20:57एक बार तुम रत्नाकर शेट्टी के साथ बैठकर
- 3:21:00स्टोरी को सुन लेना। मालिनी ने शौर्य को
- 3:21:04कहा। ठीक है मैं रत्नाकर शेट्टी से इस
- 3:21:07बारे में बात कर लूंगा। शौर्य एक नजर
- 3:21:10रत्नाकर शेट्टी की ओर देखकर फिर से मालिनी
- 3:21:13की ओर देखता हुआ बोला। इसी बीच मालिनी ने
- 3:21:16सबके लिए खाने का आर्डर कर दिया था वेटर
- 3:21:19ने। जल्दी से सबके सामने प्लेट लगा दिया।
- 3:21:22खाना खाने के बाद शौर्य ने मालिनी से वहां
- 3:21:26से जाने की इजाजत मांगी। मालिनी ने भी अब
- 3:21:28शौर्य को रोकना सही नहीं समझा। होटल रीगल
- 3:21:32से निकलकर शौर्य सीधा होटल राजकमल पहुंचा।
- 3:21:35वह सीधा मेनका केबिन में पहुंच गया। अभी
- 3:21:38वह मेनका के सामने वाले चेयर पर बैठने के
- 3:21:41सोच ही रहा था कि तभी उसकी निगाह बगल वाली
- 3:21:45चेयर पर पहले से बैठे शख्स पर पड़ा। जो
- 3:21:48कोई और नहीं हर्षल मेहता था। शौर्य ने
- 3:21:51हर्षल मेहता को यहां देखा तो उसने उनसे
- 3:21:53पूछा
- 3:21:55अरे मेहता साहब आप यहां आज तो स्ट्रांग
- 3:21:59एनर्जी ड्रिंक की इनोग्रल पार्टी है। आपको
- 3:22:02तो अभी सनशाइन होटल में पार्टी की
- 3:22:04तैयारियों में लगे होना चाहिए था। आप उसकी
- 3:22:07चिंता ना करें। मिस्टर श्रवण सारी
- 3:22:09तैयारियां अच्छे से हो गई हैं। बाकी मेरी
- 3:22:11बेटी देख रही हैं। हर्षल मेहता आश्वासन
- 3:22:15भरे स्वर में बोला। अगर ऐसा है तो बढ़िया
- 3:22:18है। शौर्य आश्वस्त होते हुए बोला, मिस्टर
- 3:22:22श्रवण, मैंने वहां मीडिया को भी आमंत्रित
- 3:22:25किया हुआ है। अगर आप कहेंगे तो आपके बारे
- 3:22:27में भी यह प्रेस रिलीज कर दिया जाएगा कि
- 3:22:30अब इस कंपनी के 90 हार्ड शेयर के मालिक आप
- 3:22:33हैं। अगर ऐसा है तो आप विक्रम को ही फ्रंट
- 3:22:37पर रखिएगा। अभी मेरा नाम सामने नहीं आना
- 3:22:40चाहिए। शौर्य की बात सुनकर हंसल मेहता
- 3:22:44आश्वस्त हुआ। उन्होंने शौर्य से कहा, मैं
- 3:22:47भी अब निकलने वाला ही हूं। पार्टी शुरू
- 3:22:49होने से पहले तो मैं पहुंच ही जाऊंगा। फिर
- 3:22:52भी आपके यहां होने का कोई खास मकसद है
- 3:22:55क्या? शौर्य हंसल मेहता के यहां होने का
- 3:22:58कारण जानना चाहता था। हां, वह जो हम नया
- 3:23:01फर्म को रजिस्टर करने जा रहे हैं। उसी से
- 3:23:04संबंधित कुछ फॉर्मेलिटी थी जिसके लिए मेरा
- 3:23:06यहां आना हुआ। हर्षल मेहता ने कहा बाद
- 3:23:09शौर्य को समझ में आया। उसने देखा हर्षल
- 3:23:12मेहता के हाथों में एक फाइल था। शौर्य एक
- 3:23:15चेयर खींचकर उसमें बैठते हुए बोला, आपने
- 3:23:18फर्म को रजिस्टर करवा लिया। हां, अब तो सब
- 3:23:20कुछ फाइनल हो गया है। आप भी एक बार इस
- 3:23:22फाइल को देख लीजिए। इतना कहकर हर्षल मेहता
- 3:23:25ने अपने हाथ का फाइल शौर्य की तरफ बढ़ा
- 3:23:28दिया। शौर्य ने अच्छे से एक बार उस पूरे
- 3:23:31फाइल का मुआयना किया। उसने देखा कि हर्षल
- 3:23:34मेहता ने जो नया फॉर्म रजिस्टर करवाया था,
- 3:23:36वह भी डीम्स इंडिया के नाम से ही करवाया
- 3:23:38था। डिम्स इंडिया डेवलपर के नाम से
- 3:23:40रजिस्टर्ड इस कंपनी में शौर्य 80% का
- 3:23:43हिस्सेदार था और हंसल मेहता 20% का। शौर्य
- 3:23:48फाइल को अच्छी तरह देखने के बाद हंसल
- 3:23:50मेहता को वापस करते हुए बोला बहुत बढ़िया
- 3:23:53मेहता साहब। अब आप जितनी जल्दी हो सके
- 3:23:56उतनी जल्दी जमीन अधिग्रह के काम में लग
- 3:23:58जाइए। जितना ज्यादा से ज्यादा जमीन हो सके
- 3:24:01आप अपने नाम करवाइए। एक बार जमीन अधिग्रह
- 3:24:04होने के बाद फिर हम पूरे लेआउट को लेकर
- 3:24:07बात करेंगे। फिर देखेंगे कि हमें
- 3:24:09क्या-क्या प्रोजेक्ट को लेकर आगे बढ़ना
- 3:24:12है। जमीन अधिग्रह को लेकर भी हमारी बात चल
- 3:24:14रही है। बहुत सारी बातें फाइनल हो चुकी
- 3:24:16हैं। बस हमें जाकर रजिस्ट्री करवानी है।
- 3:24:19अब क्योंकि हमारी कंपनी रजिस्टर हो गई है।
- 3:24:23इसलिए कल से हम इसी काम में लग जाएंगे।
- 3:24:26हंसल मेहता ने शौर्य को जवाब दिया। बढ़िया
- 3:24:29है। अगर आपको मेरी किसी तरह की जरूरत कभी
- 3:24:31महसूस हो तो आप हमें कह सकते हैं। बाकी
- 3:24:34आपकी मदद के लिए विक्रम और मैनका तो है
- 3:24:37ही। शौर्य संतुष्ट भाव से बोला अभी तो सब
- 3:24:41ठीक चल रहा है। पर शायद जल्दी ही आपकी मदद
- 3:24:44की भी जरूरत पड़े क्योंकि अब बहुत से लोग
- 3:24:47वहां पर जमीन लेने में अपना इंटरेस्ट
- 3:24:48दिखाने लगे हैं। इसलिए मुझे लगता है कुछ
- 3:24:51समय में जमीन खरीदने के लिए भी वहां पर
- 3:24:53कंपटीशन होने वाली है। हंसल मेहता ने अपनी
- 3:24:56शंका जाहिर की। दूसरी तरफ शिप्रा और मेघना
- 3:25:00मॉडल टाउन वाली कोठी में ही मौजूद थे। वह
- 3:25:03दोनों आज कहीं निकले नहीं थे। आज शिप्रा
- 3:25:06ने आधा दिन लगभग अपने कमरे को सजाने में
- 3:25:08ही लगा दिया था क्योंकि शिप्रा को अब यह
- 3:25:11जगह राश आने लगी थी। शिप्रा को इस जगह का
- 3:25:14एनवायरमेंट बहुत पसंद आ रहा था। सबसे बड़ी
- 3:25:17बात थी कि कोठी को लेकर उसके मन में एक
- 3:25:19अपनत्व की भावना जागृत हो गई थी। वह यह
- 3:25:23फील करने लगी थी कि यह उसकी अपनी कोठी है।
- 3:25:27जबकि अपने पापा के घर में वह कभी इस तरह
- 3:25:30की फीलिंग को महसूस नहीं कर पाई थी और
- 3:25:32इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि वह यह मानकर
- 3:25:35चल रही थी कि उसे पूरी जिंदगी शौर्य की
- 3:25:38पत्नी के रूप में ही रहना है। जहां तक
- 3:25:41बच्चे की बात है, उसके लिए उसने यह प्लान
- 3:25:43कर लिया था कि वह आईवीएफ के थ्रू बच्चे भी
- 3:25:46कर ही लेंगी। शिप्रा के मन में अभी-अभी यह
- 3:25:49भी चलने लगा था कि वह शौर्य से बात करके
- 3:25:53जल्दी ही बच्चे की प्लानिंग करेगी क्योंकि
- 3:25:55वह नहीं चाहती थी कि बाद में कभी श्रवण का
- 3:25:58माइंड चेंज हो। इसलिए वह श्रवण का मन चेंज
- 3:26:01हो। उससे पहले इस चीज को अमल में लाना
- 3:26:03चाहती थी। इसके बारे में वह आज पूरे दिन
- 3:26:07सोचती रही। इस समय मेघना उसके बगल में
- 3:26:09लेटी हुई थी। जब शिप्रा का मन ज्यादा
- 3:26:12सोचने की स्थिति में नहीं रहा तो उसने
- 3:26:14मेघना से पूछा मेघना मेरे दिमाग में कुछ
- 3:26:18विचार चल रहे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा है
- 3:26:20कि मैं यह सही सोच रही हूं कि नहीं। मेघना
- 3:26:23ने पलट कर शिप्रा की ओर देखा। वह पहले से
- 3:26:25ही यह महसूस कर रही थी कि वह किसी विचार
- 3:26:28में खोई हुई है। पर उसने उसे डिस्टर्ब
- 3:26:30करना ठीक नहीं समझा। इसलिए वह चुपचाप बेड
- 3:26:34पर पड़ी अपने मोबाइल में उलझी रही। जब
- 3:26:37उसने शिप्रा की बात को सुना तो उसने पूछा
- 3:26:41ऐसा क्या विचार चल रहा है तुम्हारे दिमाग
- 3:26:43में जो तुम कुछ सोच नहीं पा रही या निश्चय
- 3:26:47नहीं कर पा रही हो मैं बच्चे करने की सोच
- 3:26:49रही हूं तुम क्या सोचती हो क्या मेरा यह
- 3:26:52निर्णय ठीक है शिप्रा मेघना की ओर देखती
- 3:26:55हुई बोली बच्चे करने की सोच रही हो
- 3:26:58तुम्हारा दिमाग तो ठीक है क्या चल रहा है
- 3:27:00तुम्हारे दिमाग में मेघना हैरान होकर बोली
- 3:27:04सीरियसली मैं सोच रही हूं कि मुझे मुझे
- 3:27:07बच्चे कर लेना चाहिए। इसके बाद फिर कोई भी
- 3:27:09मुझे श्रवण से तलाक लेने के लिए नहीं
- 3:27:11कहेगा। शिप्रा मेघना को समझाने वाले भाव
- 3:27:14में बोली। उससे क्या होगा? और फिर बच्चे
- 3:27:17कर लेना इतना आसान है क्या? मेघना बोली
- 3:27:21अरे अभी से प्लानिंग करूंगी तब तो साल
- 3:27:23जाते-जाते मैं मां बन सकती हूं। शिप्रा
- 3:27:26नॉर्मल भाव में बोली। मुझे तुम एक बात
- 3:27:29बताओ। तुम्हें यह अचानक बच्चे करने की
- 3:27:31क्या सूझी? मेघना असमंजस के भाव में बोली
- 3:27:35और मान लो अगर तुम बच्चे करना भी चाहती हो
- 3:27:37तो वह करोगी कैसे यह कोई बड़ी बात नहीं है
- 3:27:40मैं आईवीएफ के द्वारा बच्चा करूंगी इसको
- 3:27:43लेकर मेरे और श्रवण के बीच पहले ही बात हो
- 3:27:45चुकी है उसे भी इस बात से कोई ऐतराज नहीं
- 3:27:48है शिप्रा बड़ी मासूमियत से बोली यानी यह
- 3:27:51बच्चा तुम्हारा और श्रवण का होगा मेघना ने
- 3:27:54पूछा तो और किसका होगा हम दोनों के साथ
- 3:27:57रहने की कंडीशन ही यही थी शिप्रा ने बताया
- 3:28:01तुम मुझे मुझे एक बात बताओ जब बच्चा तुम
- 3:28:03दोनों का ही होगा तो फिर आईवीएफ से करने
- 3:28:06की क्या जरूरत है? मेघना शिप्रा से प्रश्न
- 3:28:09करती हुई बोली क्या मतलब हुआ इस बात का?
- 3:28:13अगर मुझे बच्चे करने हैं तो अपने आप तो
- 3:28:15होगा नहीं ना। उसके लिए तो आईवीएफ के
- 3:28:18द्वारा ही बच्चे कर सकती हूं। शिप्रा बोली
- 3:28:21क्यों आईवीएफ? क्यों? दो रात दोनों साथ
- 3:28:23में बिताओ। देखो कुछ ही दिनों में तुम्हें
- 3:28:26किसी आईवीएफ की जरूरत नहीं होगी। मेघना
- 3:28:29हल्की मुस्कान के साथ बोली। अब जाकर
- 3:28:32शिप्रा को मेघना की बात समझ में आई कि वह
- 3:28:35क्या कहना चाहती है। वह थोड़ी नाराजगी से
- 3:28:38बोली तुम्हें हम दोनों की कंडीशन पता है।
- 3:28:41उसके बाद भी तुम ऐसी बात बोल रही हो। जो
- 3:28:43नहीं हो सकता उसकी बात क्यों करना? क्यों?
- 3:28:47क्यों ऐसा नहीं हो सकता? तुम्हारी यह जिद
- 3:28:49किस लिए? देखो श्रवण बहुत अच्छा लड़का है।
- 3:28:52वो तुमसे दूर हो जाए। उससे पहले उसे अपने
- 3:28:55करीब ले आओ। नहीं तो बाद में कहीं ऐसा ना
- 3:28:57हो कि तुम उसे इतना दूर कर दो कि फिर
- 3:28:59चाहकर भी उसके करीब ना जा सको। मेघना शुरा
- 3:29:03को समझाती हुई बोली तुम क्यों इस कोशिश
- 3:29:06में लगी हो जो नहीं हो सकता। मैंने
- 3:29:09तुम्हें पहले ही हम दोनों के बीच की
- 3:29:11कंडीशन को बता दिया है क्योंकि मुझे
- 3:29:13दोबारा किसी से शादी नहीं करनी है। इसीलिए
- 3:29:16श्रवण मुझे पति के रूप में चाहिए और उसे
- 3:29:18भी इससे कोई आपत्ति नहीं है। इस रिश्ते को
- 3:29:21बांधने के लिए जो करी चाहिए वह है एक
- 3:29:24बच्चा जो कि हम दोनों का होगा। क्योंकि
- 3:29:27मुझे भी बच्चे पसंद है। इसीलिए मैं किसी
- 3:29:30सरोगेसी में ना जाकर खुद मां बनना चाहती
- 3:29:32हूं। जब मेरे बच्चे हो जाएंगे तो वह करीबी
- 3:29:35बन जाएगी जो हमारे रिश्ते को मजबूती
- 3:29:37प्रदान करेगा। शिप्रा ने अपनी बात को
- 3:29:40स्पष्ट किया। एक बात तो माननी पड़ेगी कि
- 3:29:43तुम दोनों ही नमूने हो। किसी को सीधी बात
- 3:29:45समझ ही नहीं आती। दोनों एक दूसरे के साथ
- 3:29:48पति-पत्नी बनकर रहना पसंद करते हैं और
- 3:29:50पतिप्नी का जो रिश्ता है वो नहीं बनाना।
- 3:29:53बच्चे दोनों को चाहिए पर तरीका ईवीएफ का।
- 3:29:57एक घर में रहना है पर कमरा एक नहीं करना।
- 3:30:00तुम दोनों को कोई नहीं समझा सकता। जब सब
- 3:30:03अपनी मन का ही कर रही हो तो यह पूछकर हम
- 3:30:06पर इतना एहसान क्यों कर रही हो? मेघना
- 3:30:08चिढ़ती हुई बोली शिप्रा ने जब देखा कि
- 3:30:11मेघना नाराज ही रही है तो वह बात को टालते
- 3:30:14हुए बोली अच्छा ठीक है तुम रहने दो मैं
- 3:30:17तुमसे नहीं पूछती मैं खुद ही देख लूंगी कि
- 3:30:20मुझे क्या करना है तुम नाराज मत हो मैं
- 3:30:22क्यों नाराज होऊंगी तुम पर और मैं तुम पर
- 3:30:25नाराज होकर भी क्या कर लूंगी मेघना इरिटेट
- 3:30:28होकर बोली अच्छा छोड़ो इन बातों को पता है
- 3:30:31ना आज होटल सन साइन भी जाना है शिप्रा
- 3:30:35मेघना को याद दिलाती हुई बोली शिप्रा की
- 3:30:37बात सुनकर मेघना ने घड़ी की ओर देखा। इस
- 3:30:40समय 4:00 बजने वाले थे। वह जल्दी से
- 3:30:43बिस्तर से उठकर बैठ गई और शिप्रा से बोली,
- 3:30:46अभी तुम्हें पार्टी के लिए तैयार होना
- 3:30:48चाहिए। तो तुम इन फालतू की बातों को लेकर
- 3:30:51बैठी हुई हो। अच्छा तुम्हें मेरी यह बातें
- 3:30:54फालतू की लग रही है। ठीक है फिर। मैं आगे
- 3:30:58से तुमसे कभी इस बारे में बात ही नहीं
- 3:30:59करूंगी। शिप्रा भीड़ उठती हुई बोली। बस बस
- 3:31:03हो गया। अब ज्यादा ड्रामा करने की जरूरत
- 3:31:06नहीं है। जल्दी से तैयार हो जाओ और मुझे
- 3:31:08भी तैयार होने दो। इस पार्टी में ज्यादा
- 3:31:12लेट होने की जरूरत नहीं है। पता नहीं आज
- 3:31:14तुम्हारे लिए वहां पर कौन सा सरप्राइज
- 3:31:16इंतजार कर रहा है। मेघना शिप्रा को झरकती
- 3:31:19हुई बोली। शिप्रा जल्दी से उठी और बाथरूम
- 3:31:22में चली गई। मेघना प्यार से मुस्कुराती
- 3:31:24हुई शिप्रा को देखती रही। दूसरी तरफ होटल
- 3:31:28राजकमल में शौर्य को यह ध्यान आने पर कि
- 3:31:31उसके दादा जी ने कहा था कि हर्षल मेहता कि
- 3:31:35पार्टी में वह पहले से इनवाइटेड है। यह
- 3:31:37याद करके उसने हर्षल मेहता से पूछा मेहता
- 3:31:41साहब क्या आपने आज की पार्टी में राजा
- 3:31:46साहब को भी आमंत्रित किया है। शौर्य की
- 3:31:48बात सुनकर हर्षल मेहता आश्चर्य से शौर्य
- 3:31:51को देखने लगा और सोचने लगे कि यह बात
- 3:31:54शौर्य को कैसे पता? उन्होंने शौर्य से
- 3:31:57पूछा भी आपको यह कैसे पता है? हां, मैंने
- 3:32:00उन्हें भी इनवाइट किया है। पर वह शायद ही
- 3:32:03आए। हर्षल मेहता की बात सुनकर शौर्य
- 3:32:06मुस्कुराया और बोला, "मेरी उनसे बात हुई
- 3:32:08थी तो उन्होंने बताया था। वैसे मैं आपकी
- 3:32:11जानकारी के लिए बता दूं कि आज की पार्टी
- 3:32:13में वह भी आएंगे। शिप्रा मेघना के साथ
- 3:32:16होटल क्षण शाइन पहुंची। उसने घड़ी पर
- 3:32:18निगाह डाली तो उसने देखा 7:30 बजने वाले
- 3:32:22थे। वह मेघना की ओर देखकर बोली, कहीं हम
- 3:32:26लोग ज्यादा जल्दी तो नहीं आ गए। अब यहां आ
- 3:32:28जाने के बाद यह सोचने का क्या मतलब? वैसे
- 3:32:31भी 8:00 बजे स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक की
- 3:32:33लॉन्चिंग होने वाली है। इसलिए मुझे नहीं
- 3:32:36लगता कि हम लोग जल्दी आए हैं। मेघना मुंह
- 3:32:39बनाती हुई बोली। पता नहीं क्यों पर मुझे
- 3:32:42थोड़ी घबराहट हो रही है। शिप्रा होटल की
- 3:32:45तरफ बढ़ती हुई बोली। तुम्हें किस बात के
- 3:32:48लिए घबराहट हो रही है। तुम पहली बार तो इस
- 3:32:52तरह की पार्टी में नहीं जा रही हो। मेघना
- 3:32:55आश्चर्य से बोली, अरे यह बात नहीं है।
- 3:32:58तुम्हें याद नहीं है। मोहित रैना ने कहा
- 3:33:01था कि मुझे इस पार्टी में कोई जिम्मेदारी
- 3:33:03मिल सकती है। बस इसी बात को लेकर। वैसे
- 3:33:06मेरी समझ में यह भी नहीं आया कि यह पार्टी
- 3:33:08हर्षल मेहता दे रहा है। फिर मोहित रैना ने
- 3:33:11हमें इस पार्टी में क्यों इनवाइट किया है।
- 3:33:14शिप्रा सोच भरे स्वर में बोली, कमाल है।
- 3:33:18तुम्हें यह सब बातें अब ध्यान आ रही हैं।
- 3:33:20तुम्हें पहले इस बारे में नहीं सोचना
- 3:33:22चाहिए था। मेघना नाराजगी से बोली अरे उस
- 3:33:27समय यह सोचने का मौका ही नहीं मिला। वह तो
- 3:33:30यहां आने के बाद जब इस बैनर को देखा तो
- 3:33:33ध्यान आया कि यह पार्टी तो हर्षल मेहता के
- 3:33:36द्वारा दिया जा रहा है। फिर मोहित रैना ने
- 3:33:40हमें यहां आने का इनविटेशन क्यों दिया है?
- 3:33:42शिप्रा होटल के सामने एक बैनर की तरफ
- 3:33:45इशारा करती हुई बोली जिस पर वह सारी
- 3:33:48इंफॉर्मेशन दिया हुआ था कि यह पार्टी
- 3:33:51किसके द्वारा दिया जा रहा है और किस हॉल
- 3:33:53में होने जा रहा है अरे तो तुम इस बात से
- 3:33:56क्यों घबरा रही हो हमारे पास इनविटेशन
- 3:33:58कार्ड तो है फिर क्या फर्क पड़ता है कि
- 3:34:01हमें किसने इनवाइट किया और कौन यहां
- 3:34:02पार्टी दे रहा है मेघना चिढ़ती हुई बोली
- 3:34:06मेरी चिंता करने की बात दूसरी है शिप्रा
- 3:34:09बेचारगी से मेघना की ओर देखती हुई बोली अब
- 3:34:12वो दूसरी कौन सी बात है वो भी बता दो।
- 3:34:15मेघनाथ चलते-चलते खड़ी हो गई और शिप्रा की
- 3:34:18ओर एक टक देखती हुई बोली मानसी मेहता
- 3:34:21हर्षल मेहता की बेटी शिप्रा बोली मानसी
- 3:34:24मेहता पर वह तुम्हारे लिए चिंता का कारण
- 3:34:27कैसे हो गई? मेघना हैरान स्वर में बोली
- 3:34:30देखो मोहित रैना ने मुझे इस पार्टी में
- 3:34:32बुलाया है। कहीं ऐसा तो नहीं कि मुझे जो
- 3:34:34दूसरी जिम्मेदारी देने की बात हो रही है।
- 3:34:36कहीं वह हर्षल मेहता की ही कंपनी में तो
- 3:34:38नहीं। शिपरा मेघना को समझाने की कोशिश
- 3:34:41करती हुई बोली अगर एक मिनट के लिए इस बात
- 3:34:44को मान भी लिया जाए कि मोहित रैना तुम्हें
- 3:34:47हर्षल मेहता की कंपनी में ही कोई
- 3:34:49जिम्मेदारी देने की बात कर रहा हो तो इस
- 3:34:51बात से क्या फर्क पड़ता है मेघना को समझ
- 3:34:54नहीं आ रहा था कि शिप्रा के लिए इसमें
- 3:34:56परेशानी की क्या बात है अरे मैंने कहा ना
- 3:34:59मानसी मेहता मैं और मानसी एक ही कोलाज में
- 3:35:02पड़ती थी और हम दोनों दोस्त तो बिल्कुल ही
- 3:35:05नहीं थे बल्कि एक दूसरे के प्रतिद्वंद
- 3:35:08मानसी मेहता मुझे बिल्कुल ही पसंद नहीं
- 3:35:11करती थी और सच तो यह है कि मैं भी उसे
- 3:35:14पसंद नहीं करती थी। शिप्रा अपनी बात को
- 3:35:17स्पष्ट करती हुई बोली। अब मेघना को शिप्रा
- 3:35:20की बात कुछ-कुछ समझ में आने लगी। उसने
- 3:35:23अपनी बड़ी आंखों से शिप्रा को घूरते हुए
- 3:35:25पूछा। पर तुम दोनों एक दूसरे को पसंद
- 3:35:27क्यों नहीं करती थी? मानसी मेहता बहुत
- 3:35:30खूबसूरत है और कोलाज में एक मैं ही ऐसी थी
- 3:35:33जो उसकी खूबसूरती को कहीं ना कहीं चैलेंज
- 3:35:35करती थी। जो खास अटेंशन वह पाना चाहती थी।
- 3:35:39मेरे कारण कहीं ना कहीं वह इसमें पीछे रह
- 3:35:41जाती थी। पढ़ने में भी वह अच्छी थी। पर कल
- 3:35:44आज की फाइनल एग्जाम में भी वह मुझसे पिछड़
- 3:35:48गई। मैं फर्स्ट रैंक होल्डर थी और वह
- 3:35:51सेकंड रैंक होल्डर। तो समझ ही सकती हो कि
- 3:35:54मैं हर जगह उसका रास्ता काटती रही तो उसको
- 3:35:57मुझसे कितना प्यार होगा और आज उसकी पार्टी
- 3:35:59में जा रही है। पता नहीं मुझे अपनी पार्टी
- 3:36:02में देखकर वह कैसे बिहेव करेगी। शिप्रा ने
- 3:36:05अपनी चिंता जाहिर की। तो यह बात है कहीं
- 3:36:08ऐसा ना हो कि आज फिर से तुम उसका रास्ता
- 3:36:10काटने आ गई हो। मेघना हंसते हुए मजाक भरे
- 3:36:14स्वर में बोली। वैसे तो मेरी उससे बहुत
- 3:36:16समय से कोई मुलाकात नहीं हुई है। पर पता
- 3:36:19नहीं आज मुझे यहां देखकर वह कैसे रिएक्ट
- 3:36:22करेगी? शिप्रा चिंतित स्वर में बोली। तुम
- 3:36:25क्यों चिंता करती हो? तुम यहां उसके
- 3:36:27बुलाने से थोड़ी ही आई हो। तुम्हें यहां
- 3:36:29मोहित रैना ने बुलाया है। इसलिए वह कैसे
- 3:36:32रिएक्ट करती है या नहीं करती है। उससे
- 3:36:34क्या फर्क पड़ता है? पहले अंदर तो चलो फिर
- 3:36:38देखते हैं। मेघना शिप्रा की चिंता कम करती
- 3:36:41हुई बोली। शिप्रा मेघना के साथ उस हॉल में
- 3:36:44पहुंची जहां पार्टी हो रही थी। उसने जब उस
- 3:36:46हॉल में कदम रखा तो वह सबसे पहले किसी ऐसे
- 3:36:50चेहरे को ढूंढ रही थी जिसे वह जानती
- 3:36:52पहचानती हो। पर ऐसा तो कोई उसे अभी नजर
- 3:36:54नहीं आया। हां, एक खूबसूरत लड़की उसे हाल
- 3:36:58के गेट के पास ही नजर आ गई जो वहां आने
- 3:37:00वाले गेस्ट का स्वागत कर रही थी। एक्चुअली
- 3:37:02वो लड़की कोई और नहीं मानसी मेहता ही थी।
- 3:37:06दूर से ही मानसी मेहता की नजर शिप्रा पर
- 3:37:08पड़ गई थी। शिप्रा को यहां देखकर उसकी
- 3:37:11आंखों में आश्चर्य नजर आने लगा। उसे नहीं
- 3:37:14पता था कि शिप्रा को यहां किसने इनवाइट
- 3:37:16किया था। शिप्रा की भी नजर मानसी मेहता से
- 3:37:19मिली। शिप्रा ने मानसी मेहता को अपनी तरफ
- 3:37:21देखते पाया तो वह उस हल्के स्वर में
- 3:37:24बुदबुदाई जिसका डर था वही हो गया। मैं
- 3:37:27नहीं चाहती थी कि मेरी मुलाकात सबसे पहले
- 3:37:29इसी से हो पर देखो अंदर आई तो सबसे पहले
- 3:37:33इसी लड़की से सामना हो गया। शिप्रा की बात
- 3:37:36सुनकर मेघना ने सामने से आ रही उस लड़की
- 3:37:38की तरफ देखा जो कि शिप्रा की ओर ही बड़ी
- 3:37:41हुई आ रही थी। वह भी मानसी मेहता की
- 3:37:44खूबसूरती देखकर उसकी तारीफ किए बिना नहीं
- 3:37:46रह सकी। उसने भी हल्के स्वर में शिप्रा से
- 3:37:49कहा मानना पड़ेगा यह अभी खूबसूरती में
- 3:37:52किसी से कम नहीं है। मैंने तो पहले ही कहा
- 3:37:54था पर वह हमारी तरफ क्यों आ रही है?
- 3:37:56शिप्रा फुसफुसाती हुई बोली चिंता मत करो
- 3:37:59अभी पता चल जाएगा। वो खुद ही बोल देगी।
- 3:38:02मेघना मानसी को पास आते देखकर बोली अब तक
- 3:38:05मानसी मेहता भी शिप्रा और मेघना के पास आ
- 3:38:08गई थी। उसके चेहरे पर एक मुस्कान खेल रही
- 3:38:11थी। वह उसी मुस्कान के साथ बोली शिप्रा
- 3:38:14राय आज बहुत समय के बाद तुम्हें देखना
- 3:38:17होगा। मुझे नहीं पता था कि तुम भी आज की
- 3:38:20पार्टी में इनवाइटेड हो। बुरा मत मानना।
- 3:38:23पर क्या मैं जान सकती हूं कि तुम्हें यहां
- 3:38:25किसने बुलाया है। अब जब मैं यहां आई हूं
- 3:38:27तो पक्का है। किसी ने तो मुझे यहां बुलाया
- 3:38:30ही होगा। तभी मैं यहां हूं। नहीं तो मेरी
- 3:38:33ऐसी कोई बुरी आदत नहीं है कि मैं किसी की
- 3:38:35पार्टी में बिन बुलाए ही पहुंच जाऊं।
- 3:38:39शिप्रा भी व्यंग भरे स्वर में बोली। मैंने
- 3:38:42तो पहले ही कहा था कि बुरा मत मानना। पर
- 3:38:45तुम तो बुरा मान रही हो। यह तो मैं भी समझ
- 3:38:47रही हूं कि जब तुम यहां आई हो तो इसका
- 3:38:50मतलब है कि तुम यहां बिन बुलाए तो आई नहीं
- 3:38:53होगी। मैं तो बस यह जानना चाह रही हूं कि
- 3:38:55तुम्हें यहां इनवाइट किसने किया है। मानसी
- 3:38:58मेहता बोली मानसी मेहता तो बस यह जानना
- 3:39:02चाहती थी कि किसी ने अगर शिप्रा को यहां
- 3:39:04इनवाइट किया तो उसे इसके बारे में पता
- 3:39:07क्यों नहीं था। वह जानती थी कि लास्ट समय
- 3:39:10में मेनका की तरफ से भी इस पार्टी में कुछ
- 3:39:12लोगों को इनवाइट किया गया है। पर ऐसे
- 3:39:15कितने लोग मेनका की तरफ से इनवाइटेड हैं
- 3:39:18इसके बारे में मानसी को पता नहीं था।
- 3:39:20शिप्रा भी मानसी को कोई जवाब देती उससे
- 3:39:22पहले ही वहां एक आवाज सुनाई दी। मिस मानसी
- 3:39:26इन्हें मैंने इनवाइट किया है। शिप्रा जी
- 3:39:28यहां मेरी गेस्ट है। आप कुछ और भी जानना
- 3:39:30चाहती हैं। तभी मानसी के पीछे से वहां
- 3:39:33मोहित रैना प्रकट हुआ और वह सामने आते हुए
- 3:39:35बोला। मानसी ने जब मोहित रैना को सामने
- 3:39:38आकर यह बताते देखा कि उसने ही यहां शिप्रा
- 3:39:41को इनवाइट किया है तो वह खुद को संयमित
- 3:39:44करती हुई बोली। अरे मिस्टर मोहित आप मुझे
- 3:39:48नहीं पता था कि शिप्रा को आपने यहां
- 3:39:50बुलाया है। मैं तो बस यही जानने के लिए
- 3:39:52शिप्रा से पूछ रही थी। अच्छा हुआ आपने बता
- 3:39:55दिया। वैसे मैं आपको बता दूं कि हम दोनों
- 3:39:58पहले से ही एक दूसरे से परिचित हैं। हम
- 3:40:01दोनों कॉलेज के समय के फ्रेंड हैं। मानसी
- 3:40:04की बात सुनकर मोहित ने शिप्रा की ओर देखा।
- 3:40:07जैसे वह पूछ रहा हो कि क्या मानसी जो कह
- 3:40:10रही है वह सच है। शिप्रा ने जब मोहित के
- 3:40:13चेहरे के भाव को देखा तो वह भी व्यवहार
- 3:40:15सुलभ मुस्कान के साथ बोली। हां बिल्कुल सच
- 3:40:19है। हम दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे।
- 3:40:22फिर तो आप दोनों को हमें थैंक यू बोलना
- 3:40:23चाहिए क्योंकि मेरे कारण ही आप दोनों
- 3:40:26दोस्त का आज मिलना हो रहा है। मोहित रैना
- 3:40:29मुस्कुराता हुआ बोला हां जरूर क्यों नहीं
- 3:40:32मानसी मेहता खिहड़ भरे स्वर में बोली
- 3:40:35मोहित रैना शिप्रा और मेघना की ओर आकर्षित
- 3:40:38होकर बोला पहले हम सब अंदर चलते हैं और
- 3:40:40पार्टी को एंजॉय करते हैं। शिप्रा जैसे ही
- 3:40:43हाल के अंदर पहुंची उसने बहुत से ऐसे
- 3:40:46लोगों को देखा जिसे वह अच्छे से पहचानती
- 3:40:49थी। अचानक ही उसकी निगाह अपने दादाजी
- 3:40:53बलवंत राय के ऊपर पड़ी। उसे नहीं पता था
- 3:40:55कि बलवंत राय भी यहां इनवाइटेड है। इस समय
- 3:40:58बलवंत राय के साथ ही हर्षल मेहता भी खड़े
- 3:41:01थे। शिप्रा अपने दादाजी की नजरों से बचना
- 3:41:03चाहती थी। पर उसके कहीं छुपने से पहले ही
- 3:41:06उसके दादाजी ने उसे यहां देख लिया था।
- 3:41:09शिप्रा को यहां देखकर बलवंत राय के चेहरे
- 3:41:11पर भी आश्चर्य के भाव आ गया था। वह समझने
- 3:41:15की कोशिश कर रहे थे कि शिप्रा यहां कैसे
- 3:41:18इनवाइटेड है। पर जब उन्होंने मोहित रैना
- 3:41:20को शिप्रा के साथ देखा तो समझ गए कि
- 3:41:23शिप्रा यहां मोहित रैना के बुलावे पर ही
- 3:41:26आई होगी। अब आगे क्या होगा? क्या होगा जब
- 3:41:30शौर्य इस पार्टी में आएगा। राजा साहब,
- 3:41:34चंद्रभान राठौर और शुरा की मुलाकात कैसी
- 3:41:38रहेगी?
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This page contains the full transcript of My begger husband episode 121 to 140 by SK Hindi Novel, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 40,184 words across 4,680 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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