[Must Watch] जब पाबूजी दूल्हा बन के अमरकोट गये । पाबूजी महाराज की जीवनी।राजवीर सर — Transcript
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- 0:02वाकई केसर काल में बहुत सुंदर घोड़ी थी
- 0:04पाबू जी जब केसर कालम पर बैठे तो पाबू जी
- 0:06और फूटने लगे और क सर कालम की अपने तो खूब
- 0:09सारी कहानिया है कि जब पाबूजी घोड़ी लेकर
- 0:11अमरकोट पहुंचे तो तो घोड़ी नाचे पहले क्या
- 0:14बींद वाली घोड़ी को नचाने का बड़ा री
- 0:16वास्ता कि दुल्ला जिस घोड़ी पर बेचता उसको
- 0:18नचाया जाए और दुल्ले खुद अच्छे घुड़सवार
- 0:20होया करते नचा दिया करते आजकल तो दुल्ला
- 0:22चलते तो तिवा आते है ना तो आजकल तो दुल्हे
- 0:26को घोड़ी पर बिठा कर तगड़ी पकड़ ले और दो
- 0:28इधर चलते हैं और दो इधर चलते हैं ये डगमगा
- 0:31के गिर ना जाए तुम्हारे ढोल के धमाके पर
- 0:33मेरी कैसर नाचेगी वो कैसर को नचाते नचा कै
- 0:36लगाम खींचते लगाम खच क अगले दोनों पैर हवा
- 0:38में उछाल देती है बाबूजी आराम से उसके
- 0:41मारते हैं तोते अगले दोनों पैर जब हवा में
- 0:43उछाल है तो गढ़ के कंगूरे पर लगा देते है
- 0:45जहां तोरण लगा हुआ तो उसके पास में अपने
- 0:47पैर टिका है दोनों जब वापस पैर उतार रही
- 0:49होती तो उसके खुर के प्रहार से टे साथ में
- 0:52आ गई टे तोड़ के लाई वहां से वो इस बार
- 0:54पाबूजी ने अमरकोट वालों की तरफ देखा क्या
- 0:56हाल है
- 0:58[प्रशंसा]
- 1:02[संगीत]
- 1:05जन्म कहां पर हुआ कोलो जोधपुर रियासत के
- 1:08अंदर एक गांव पड़ता था अब जिला भी जोधपुर
- 1:10ही लगता है गांव का नाम क्या था कोलम
- 1:12पिताजी का नाम क्या है ल जी क्या नाम है
- 1:16सुनिए मेरी बात हम आगे
- 1:19पढ़ेंगे यहां मारवाड़ में यह मारवाड़
- 1:22स्टेट था जोधपुर का जो मारवाड़ स्टेट क दो
- 1:24यहां पर एक राजा होए थे जिन राजा का नाम
- 1:26था
- 1:27दूह क्या नाम था राजा का द हड़ नाम करके
- 1:31एक राजा हुए थे राठौड़ वंश के राजा थे
- 1:33मारवाड़ में कौन से वंश का शासन था उन रा
- 1:36दह के छोटे भाई जो थे उनका नाम क्या था धल
- 1:39क्या नाम था इसका मतलब है पाबूजी मारवाड़
- 1:43के राजा के छोटे भाई के बेटे इसका मतलब
- 1:47पाबूजी राजकुमार है पाबूजी क्या है वो एक
- 1:51रॉयल फैमिली से बिलोंग कर रहे हैं वो एक
- 1:52राजकुमार है पिताजी का नाम क्या है नल
- 1:55मम्मी का नाम क्या है कमला क्या नाम है
- 1:58ऐसा कहा जाता है कि पाबूजी की जो ओरिजिनल
- 2:00मम्मी थी वो तो एक परी थी परिया होती है
- 2:02परिया आसमान में जो परिया होती है एंजल्स
- 2:06पापा की परीय वा एंजल्स दो होती है ऐसी
- 2:10कहानी है कि वो जो परिया है वह धरती पर
- 2:14घूमने के लिए आती है कई बार लेकिन उनके
- 2:16साथ समस्या है कि जब व धरती पर घूमने के
- 2:18लिए आती है तब यदि कोई उन्हें पहचान ले
- 2:21देख ले उन्हें तो वापस नहीं जा पाती है वह
- 2:24इसलिए अक्सर वो रात को धरती पर उतरती है
- 2:26क्योंकि रात में धरती के सारे लोग सो जाते
- 2:28हैं और रात को उतर के नाइट वॉक चली जाती
- 2:30है अपनी तो एक बार ऐसी कोई एक अप्सरा रात
- 2:33को धरती पर आ रही थी गलती से उसका
- 2:35हेलीकॉप्टर लैंड कर गया जोधपुर की तरफ
- 2:38उतरना का ढंग की जगह होगा यहां तो क्यों
- 2:40ही आती गर्मी के अंदर यहां नीचे उतरी तो
- 2:42उसे गर्मी लगी तो उसे लगा भयंकर काम है
- 2:44यहां तो गर्मी जोरदार है तो जो जहां उतरी
- 2:47थी वहां पानी का तालाब था तो उसे लगा कि
- 2:49अभी तो गर्मी लग रही है तो मैं नहा लू तो
- 2:51ताकि गर्मी थोड़ी कम लगे तो नहाने के लिए
- 2:53तालाब में उतर गई नल जी उस दिन उस रात कोई
- 2:56अपने घोड़े को लेकर वहां से निकल रहे थे
- 2:58नल जी को लगा कि यार अपने घोड़े को पानी
- 3:00पिला लेते हैं वो वहां जैसे ही तालाब के
- 3:01पास गए और उन्होंने देखा कि वहां तो एक
- 3:03महिला नहा रही है महिला ने देखा कि कोई
- 3:05व्यक्ति मुझे देख रहा है उस महिला ने कहा
- 3:07उस परी ने कहा कि तुम जो कोई भी हो पर यह
- 3:10धांधली कर रहे
- 3:14[प्रशंसा]
- 3:15हो ऐसे नहाते हुए तो नहीं देखना चाहिए और
- 3:19फिर वह उसने कहा कि पर इससे भी बुरी
- 3:21समस्या यह है कि मैं परी हूं और मेरे साथ
- 3:24यह है कि यदि मुझे कोई इस प्रकार देख लेता
- 3:26है यहां पर धरती पे तो वापस नहीं जा पाती
- 3:28तो मेरी तो शक्तियां समा मैं वापस कैसे
- 3:30जाऊंगी और दाल जी ने कहा कि किसने कहा
- 3:33वापस जाना
- 3:35है दाल जी महाराज ने लगभग घुटनों के बल
- 3:38बैठते हुए कहा कि विल यू मेरी
- 3:43मी परी के पास भी कोई चांस दूसरे थे नहीं
- 3:47तो परी ने कहा भाई ठीक है पर उसने कहा
- 3:49मेरी दो शर्त हैं कि एक तो मेरे से शादी
- 3:52के बाद मेरा महल अलग से होना चाहिए नांदल
- 3:54जी ने कहा ठीक कोई बात नहीं राजा थे राजा
- 3:56के भाई थे तो महला अलग हो जाएगा तुम्हारा
- 3:57अलग से कमरा बनवा देंगे तुम्हारा अलग से
- 3:59घर बनवा दे एक उस महल में बिना मेरी
- 4:01परमिशन के कोई भी आना नहीं चाहिए कठी कहा
- 4:04तुम भी नहीं कठी अब नल जी ने उस परी से
- 4:08शादी की उसके लिए अलग महल बनवा के दिया
- 4:10वहां पर वह परी रहा करती जो कोई भी उस महल
- 4:13में जाता वह पहले परी से परमिशन लेकर जाता
- 4:15समय के साथ में उस परी के एक बेटा हुआ
- 4:17बेटे का नाम क्या रखा गया तो कते पाबू जी
- 4:20बहत सुंदर थे अपने जितने लोक देवता इनम
- 4:22सबसे सुंदर कोई लोक देवता हुए थे वो कौन
- 4:24थे मम्मी भी चले
- 4:26गए शकल मम्मी भी चली गई लजी भी जा त क्या
- 4:30सुंदर होते मारवाड़ का आदमी काला कोजा
- 4:33भुंडा य कही सुंदर होते पर मम्मी की तरफ
- 4:36चले गए रंग रोगन वैसे नेन नक् उधर ही चले
- 4:39गए होंगे तो थोड़े फूट रहे हु पाबू जी अब
- 4:42एक दिन नल जी को लगा जब बेटा हो गया थोड़ा
- 4:45बड़ा हो गया पाबू जी तो लगा कि यार यह
- 4:47क्या तरीका है कि मेरे से पूछ के आओ महल
- 4:50में से कोई नहीं जा सकता और एक दिन नल जी
- 4:53बिना परमिशन के चले गए देखते हैं र ऐसा
- 4:54क्या है महल में और जैसे वो महल में घुसे
- 4:57उन्होंने देखा कि वहां परी तो थी नहीं
- 4:59वहां एक शेरनी बैठी हुई थी और पाबू उसका
- 5:01दूध पी रहा था और उनको लगा यह भयंकर कतक
- 5:04है और शेरनी ने जैसे ही नल जी को देखा
- 5:07हाथों हाथ वो कन्वर्ट हुई वापस परी में और
- 5:09उसने कहा इसी दिन के लिए मैंने मना किया
- 5:11था मैं परी हूं मेरे में शक्तियां है कि
- 5:13मैं मेरा रूप चेंज कर सकती हूं और जब मैं
- 5:16अकेली होती हूं तो अपना रूप चेंज करके
- 5:17यहां पर रहती हूं पर आपने अपना कांट्रेक्ट
- 5:19तोड़ दिया आप बिना पूछे आ गए अब मैं यहां
- 5:22पर नहीं रहूंगी अब मैं मेरी वापस जाऊंगी
- 5:24धल जी ने खूब समझाया कि भाई रुक जाओ तुम
- 5:26यहां पर पर वो नहीं मानी वो यहां से चली
- 5:28उसने जाते जाते कहा एक मां की दो इच्छाएं
- 5:30होती है एक तो अपने बच्चे को दूध पिला के
- 5:32थोड़ा बड़ा करें और बच्चा जब थोड़ा बड़ा
- 5:34हो जाए तो अपने कंधों प खिलाए अपने पीठ प
- 5:36खिलाए उसके लिए घोड़ा बने लेकिन अब ये
- 5:39इतना बड़ा तो हो गया कि मैंने दूध तो पिला
- 5:41दिया इसको लेकिन इतना बड़ा भी नहीं हुआ कि
- 5:42इसको कंधे प मैं पीठ प खिलाती इसको अब तुम
- 5:45जानो तुम्हारा काम जाने तो कहते वो परी तो
- 5:47चली गई फिर नल जी के एक और रानी थे जिनका
- 5:50नाम था कमला क्या नाम था दे का मतलब है
- 5:53देवी तो अपने कमला देवी को पुराने लिख के
- 5:55क्या लिख दिया करते कमला और कमला देव कहा
- 5:57गया अई आप इसका ललन पालन करो करो तो
- 6:00पाबूजी को पालने वाली जो पालन पोषण करने
- 6:02वाली जो माता जी थे वो कौन थे बाद में समय
- 6:05के साथ पाबूजी बड़े हुए बड़े हुए तो
- 6:07पाबूजी के सगाई की गई अमरकोट पाकिस्तान के
- 6:09अंदर एक जगह पड़ती है अमरकोट सिंध में है
- 6:11ना अब पहले जब तार बंदियां नहीं थी तब उस
- 6:14साइड के अंदर सगाया बहुत नॉर्मल सी बात
- 6:15हुआ करती थी कि भाई वो जोधपुर का पार्ट ही
- 6:18था एक्सटेंडेड पार्ट था वो जोधपुर का उधर
- 6:19वाला अपना और वहां के एक राजा है राणा
- 6:22सूरजमल सोडा क्या नाम है राजा का उस राणा
- 6:25सूरजमल सोड़ा की एक राजकुमारी है जिसका
- 6:27नाम है फूम दे क्या नाम है फूम
- 6:30कई जगह उसी का अपने कहानियों में कविताओं
- 6:32में नाम आ जाता है सु प्यार दे तो आप उसी
- 6:33का नाम मान लीजिए भले आप फुलम दे मान
- 6:35लीजिए भले क्या मान लीजिए अच्छा कई बार
- 6:37स्टूडेंट जिद पर ही र जाता सर सही सही
- 6:39बताओ फलम दे या सु प्यार दे मैं कहता हूं
- 6:42यार नाम तो फलम दे ही था पर कई कई जगह सु
- 6:44प्यार दे मिल जाता है फिर स्टूडेंट के वो
- 6:46जैसे ये अभी पूछ रहा था ऐसा हो जाए तो तो
- 6:49वाली समस्या रहती है कि दोनों ऑप्शन में आ
- 6:50गए तो तो यार कुछ ही कर लेना तेरे हिसाब
- 6:54से देख लेना अरे सर फिर मैं कहता हूं यार
- 6:55आते नहीं है दोनों ऑप्शन में नहीं आते
- 6:57नहीं सर फिर भी नहीं आएंगे ऑप्शन में पर
- 6:59आप तो बताओ सही नाम क्या था फूम देता सु
- 7:02प्यार देता तो मुझे लगता है नाम तो फूम दे
- 7:04रहा होगा कभी पाबू जी ने गीत गाया होगा कि
- 7:06दे दे प्यार दे प्यार
- 7:08दे अच्छा प्यार दे सु प्यार दे तो बाद में
- 7:13एक नाम और सु प्यार दे पड़ गया बाकी नाम
- 7:14क्या था उनका फलम दे नाम रहा होगा पाबू जी
- 7:17के दो खास दोस्त है एकदम चांदा और डामा
- 7:20क्या नाम है चामा भील जाति के दो भाई है
- 7:22कहते हैं कि भील गुजरात से आए थे गुजरात
- 7:25का राजा इनको मारना चाहता था यह पाबू जी
- 7:27के पास आ गए थे पाबू जी ने इनको शरण दी थी
- 7:29थी पाबू जी ने इनको बचाया था तो बाद में
- 7:31ये पाबू जी के साथ रहा करते थे पाबू जी के
- 7:33दोनों खास दोस्त थे पाबू जी के पास एक
- 7:35घोड़ी है और उस घोड़ी का नाम क्या है क्या
- 7:38नाम है कैसर उसकी जो मेर है उनकी जो घोड़ी
- 7:40है उसका नाम क्या था कैसर कहानी है कि
- 7:42पाबू जी जब शादी करने के लिए जा रहे थे
- 7:44अपनी तो पाबू जी शादी करने के लिए जा रहे
- 7:47दुल्हे बने एक तो फूट रहे थे पाबू जी इतने
- 7:49ऊपर से दुल्हा और फूट रहा लगने लग जाता है
- 7:51और दुल्हे वाले कपड़े शेरवानी पहनी साफा
- 7:53बांधा ऊपर कोई तुर्रा कलंगी सिर पेच
- 7:56एंटीना जो जो लगते हैं वो सारे लगाए
- 7:58एंटीना होता है सच में हां वो जो लंबा सा
- 8:00होता है उसको एंटीना बोलते हैं मोड़ वड़
- 8:02बांधा पाबूजी बड़े सुंदर लगे चांदा और
- 8:04डामा दोनों खुद जोधपुरी कोर्ट पट ऊपर तक
- 8:06बटन बांध के तैयार खड़े थे और चांदा और
- 8:09डामा ने पाबू जी काहा गया पाबूजी थू थ थ थ
- 8:11नजर नहीं लग जाए क्या फूट रे लग रहे हो आज
- 8:14अमरकोट के छज्जे टूट
- 8:16जाएंगे अमरकोट के पहले गांव के अंदर रिवाज
- 8:19हुआ करता था कि जब बारात जाया करती थी ना
- 8:22तो महिलाएं घरों की छतों पर चढ चढ़ के
- 8:24देखा करती तो कई बार वो हवेलियों के बाहर
- 8:26छजजे हवेली की जो छत होती है उसके बाहर
- 8:28आगे वो निकला वासा रहता है ना छज्जा बोलते
- 8:31उसको तो इतनी भीड़ हो जाती कि लोग छज्ज पर
- 8:33भी खड़े हो जाते तो छज्जे बेचारे बाहर झेल
- 8:35नहीं पाते गिर जाते तो क्या आज तेरे को
- 8:36देखने के लिए पाबू जी इतनी भीड़ होगी कि
- 8:38महिलाएं और बच्चे छज्ज पर चढ़े छज्ज पर
- 8:40चढ़े तो गिर जाएंगे और यह अभी तक भी फैशन
- 8:42है गांव के अंदर महिलाएं छतों पर चढ चढ़
- 8:45के बारात को देखती है क्योंकि गांव में
- 8:46पर्दा प्रथा और होती है तो आप भाई देखे
- 8:48कैसे ऊपर चढ़े तो आपको घूंगर तो रखना पड़े
- 8:51फिर महिलाओं ने दूरबीन बना रखी
- 8:53है घूंघट को थोड़ा ऊंचा लिया दूरबीन बनाई
- 8:56अपने वहां से देख लेती है ये ये वाला
- 8:59मामला सही है तुम्हारा
- 9:01एकदम कहा पाबू जी आपके लिए छज्जे टूटेंगे
- 9:03आज तो पर पर चांदा डामा ने कहा पर पाबू जी
- 9:07बाकी सब कुछ अच्छा है अपने पास पर यार
- 9:09अपने पास घोड़ी अच्छी नहीं है और दूल्हे
- 9:11के पास में घोड़ी अच्छी नहीं हो मजा ही
- 9:13नहीं है तो पाबू जी ने कहा घोड़ी तो जो
- 9:16अपने पास है वही रखनी पड़ेगी अपने जो
- 9:17अस्तबल में जो घोड़े हैं उनमें से कोई
- 9:19लेनी पड़ेगी नहीं तो कहां से लाया अब
- 9:21अचानक तो उन्होंने कहा अपने गांव के अंदर
- 9:23एक महिला है उनका नाम था देवल क्या नाम था
- 9:26देवल नाम की एक महिला थी और कहा वो देवल
- 9:29नाम की महिला है उनके पास एक बहुत अच्छी
- 9:31घोड़ी है और घोड़ी का नाम क्या था उसका और
- 9:34यदि देवल अपनी कैसर काल में दे दे अपने को
- 9:36तो मजा आ जाए पाबूजी फिर यार उसके ऊपर आप
- 9:39क्या तो लगोगे क्या जमो ग यार उसके ऊपर तो
- 9:41पाबू जी ने कहार देख लो मांग के देख लो
- 9:43चांदा और डामा गए देवल के पास और देवल को
- 9:46जाक कहा कि मां देवल पाबू जी दूल्हे बने
- 9:48हुए हैं बारात जा रही है घोड़ी अच्छी नहीं
- 9:50है आपकी कैसर काल में दे दो तो और सुंदर
- 9:52लगेंगे मारवाड़ की लाज बचेगी राठौड़ों की
- 9:54लाज बचेगी देवल ने कहा कि बात तो तुम्हारी
- 9:57सही है दूल्हे को तो किस बात के लिए मना
- 9:59किया जाए उसमें भी पाबू जैसे राजकुमार को
- 10:02तो को ही मना करे पर समस्या दूसरी है मेरे
- 10:05पास खूब सारी गाय हैं और मेरी गाय जब चरने
- 10:08के लिए जाती है तो गाय चराने वाला मेरी
- 10:10घोड़ी लेकर जाता है पहले के टाइम में
- 10:12गायों की लूटपाट बहुत हुआ करती थी गायों
- 10:14को लूट के ले जाया करते थे गाय धन था उस
- 10:17टाइम इसलिए आज भी बोलते हैं गो धन है ना
- 10:19आप कभी नहीं सुनोगे भैंस धन बकरी धन पर
- 10:23गायों के लिए आज भी क्या गो धन है भाई गो
- 10:25धन है तो भाई गाय क्या हुआ करती थी धन हुआ
- 10:28करती थी तो कि
- 10:29मेरा जो गवाला है वह घोड़ी लेकर जाता है
- 10:32साथ में कल को खुदा ना खस्ता कोई लूटपाट
- 10:35हो जाए गायों के साथ में गायों को चुरा के
- 10:37कोई लेकर चले जाए तो यदि घुड़सवार होगा तो
- 10:40फटाफट गांव में आगे बता तो देगा कि भाई
- 10:43गायों की लूटपाट हो गई पीछे से गांव वाले
- 10:44सेना लेकर जाएंगे हथियार लेकर जाएंगे गाय
- 10:46छुड़वा के लेकर आएंगे और यदि घोड़ी नहीं
- 10:49हुई पास में तो पैदल पैदल आएगा तब तक तो
- 10:51पता नहीं लुटेरे कहां के कहां चले जाएंगे
- 10:53लिए प्लीज चांदा और डामा सॉरी लेकिन मैं
- 10:55घोड़ी तो तुम्हें नहीं दे सकती वो दोनों
- 10:58आए और उन्होंने पाबूजी आ गया पाबू जी वैसे
- 11:00तो देवल ने मना कर दिया पर हमें लगता है
- 11:02यदि एक बार आप खुद ट्राई करके देखो तो
- 11:04थोड़ा ठीक रहे आपके प्रति थोड़ा सॉफ्ट
- 11:06कॉर्नर ही था उनका तो पाबू जी खुद गए और
- 11:09पाबूजी ने जाक मां देवल आप एक बार ब्याह
- 11:12ब्याह के लिए घोड़ी दे दीजिए शादी शादी के
- 11:14लिए घोड़ी दे दीजिए मैं जल्दी आके आपकी
- 11:16घोड़ी वापस दे दूंगा देवल हंसे और देवल ने
- 11:19हंस के कहा पाबू बारातें कब जल्दी आती है
- 11:22बारातें आने में जाने में टाइम लगता है
- 11:24भाई अमरकोट घोड़ों प जाते टाइम लगता फिर
- 11:26वापस आने में टाइम लगता फिर पहले बारातें
- 11:28महीने महीने रुक जाती
- 11:30और राजा महाराजाओं की बारातें तो अक्सर
- 11:32रुका करती थी मतलब इसमें कोई बड़ी बात
- 11:34नहीं आप तो अपने दादाजी से जाकर पूछ लेना
- 11:36उनकी बारात भी पक्की तीन दिन रुकी होगी ना
- 11:40तीन दिन वाला तो फैशन अपने मतलब यह तीन
- 11:42पीढ़ी पहले तक ही था कि बरात तीन तीन दिन
- 11:44तक रुका करती कारण भी था दूर तक जाते तो
- 11:47पशु थक जाया करते तो वापस बेचारा हाथ हाथ
- 11:50पशु को लेकर रवाना कैसे हो उसको तो दो तीन
- 11:52दिन का रेस्ट देते और रेस्ट दे के कहते
- 11:54भाई अब चल लेते हैं ठीक फिर को जोर भी
- 11:56नहीं आता था बारात में ज्यादा लोग भी नहीं
- 11:57जाते थे 20 2 10 15 लोग जाया करते थे
- 12:00ज्यादातर तो गांव की बारां में आदमी जाते
- 12:02पांच-पांच पांच सात आदमी जाते एक बीन होता
- 12:05चार एक आदमी और होते पांच ऊंट लिए और चले
- 12:07जाते और लेके आ जाते तो पहले तो गांव में
- 12:09बारात में उसी को लेके जाते थे जिसके पास
- 12:11ऊंट
- 12:12होता बारात में जाता ही वो था इसलिए गांव
- 12:15में आज भी कह देते हैं अरे हमको कौन बारात
- 12:17में लेके जा रहा था ऊंट को लेके जाते थे
- 12:20तो माने कौन पूछा ऊंट ने पूछे हमें कौन
- 12:23पूछ रहा था किसको पूछा करते थे तो पहले
- 12:25तीन दिन वाली बारात का तो बहुत सिंपल सा
- 12:27सीन हुआ करता था कि तीन दिन तो जाया करते
- 12:28थे
- 12:30ये तो तीन दिन और लोग बड़ा आज भी बड़े
- 12:32गर्व के साथ बताते हैं कि साहब फलान जी की
- 12:34बारात गई थी छह टाइम रोटी खाके
- 12:36आए छह टाइम रोटी खाके मतलब कितना दिन रुके
- 12:40तो वो तो मैं आज से कुछ चार पाच साल पहले
- 12:42की बात होगी ये अपने झोटवाड़ा खातीपुरा
- 12:44में यहां पे साफों की दुकान है ना तो एक
- 12:46बार कोई शादी ब्याह के लिए हम साफे लेने
- 12:48के लिए गए हुए वहां पे तो मैं और मेरे एक
- 12:50दोस्त और वो वहां प साफा खरीदे अब हमें तो
- 12:52इतना ज्यादा कोई पता भी नहीं चलता कौन सा
- 12:54साफा क्या है अपने तो ये है भाई रेट पूछे
- 12:55तीन चार के फिर अपने लगता है इसके रेट
- 12:57थोड़े ठीक है तो अपने लगता है ठीक होगा
- 12:59तो वो वाला ले लो यार और तो क्या करो तो
- 13:01हमने पूछा कि भाई साफे कौन-कौन से उसने
- 13:03बता दिया ये 500 का 700 कार 800 का हमें
- 13:06लगा 700 वा ठीक ठीक सा तो दे दे यार आ
- 13:09जाएगा पूरा आ जाएगा सेट है हां सेट है
- 13:11वहां पर एक दंपति बैठे हुए वृद सज्जन बैठे
- 13:14हुए मतलब 60 65 के आसपास में उन वृ सज्जन
- 13:17की उम्र होगी उनकी पत्नी साथ में और उनका
- 13:19बेटा साथ में बेटे की शादी बेटा फौज में
- 13:22लगा हुआ था फौजी छुट्टी आया हुआ उसकी शादी
- 13:24होने वाला तो उसको साथ बिठा रखा और वो जो
- 13:27साफे को मतलब एकदम यं कर कर के देखेगा इधर
- 13:30देखे इधर देखे साफे के अंदर देखे भाई इसके
- 13:32अंदर कोई छेद वगैरह तो नहीं हो रखे हो
- 13:33धागे बाहर तो नहीं निकल रहे हो इसके
- 13:35दुकानदार को पूरा एकदम वैसे फिर ग ये दे
- 13:38दे ये वाला साफा दे दे तो दुकानदार ने कहा
- 13:41आगे से कि शादी है क्या हां हां ये फौजी
- 13:43है हमारे छोटा ही छोटा ये है इसकी शादी है
- 13:46तो कहा तो यह साफा तो ब्याह वाले दिन बांध
- 13:49लेगा उस रात बांध लेगा फेरे वाली रात अगले
- 13:52दिन कौन सा साफा बांध देगा वो दिखाऊं तो
- 13:54उने कहा अगले कौन से दिन है आजकल आजकल
- 13:56फेरे हुए हाथों हाथ बारात को कर देते हैं
- 13:58रवाना तो अगले दिन बांधने की जरूरत ही
- 14:00कहां पड़ती है यह तो हमारा टाइम था मेरी
- 14:04बारात गई थी पांच खिचड़ी खाके आए थे पांच
- 14:07खिचड़ी मतलब पांच टाइम का खाना था तो मैं
- 14:10पहले नोटिस कर रहा था वो बात कर रहे थे तो
- 14:11हमारा ध्यान भी उधर ही था उनकी तरफ तो वो
- 14:13जो उनकी पत्नी थे व घूंघट निकाले एकदम
- 14:15चुपचाप बैठे हुए थे किसी मामले में हां ना
- 14:18कुछ ही नहीं ऐसे ग्रामीण महिलाएं होती है
- 14:19वैसे घूंघट निकाल के अपने पति के साथ
- 14:21चुपचाप बैठी हुई एकदम ना पति कुछ पूछ रहे
- 14:23हैं ना वो कुछ बता रही है बस साथ में लाई
- 14:25हुई है कि तू भी साथ में चल ले बाकी कोई
- 14:27रोल उनका नहीं तो साब संभ्रांत तरीके से
- 14:30एकदम बैठे हुए थे पर जैसे ही उन्होंने कहा
- 14:32कि हम भाई बारात तो मेरी गई थी और पांच
- 14:35टाइम खाना खा के आए थे तब वो अचानक बोले
- 14:38पांच को नहीं
- 14:39[प्रशंसा]
- 14:42छह तो मैं उनकी तरफ देख के मैं कहा बाबू
- 14:46छह तो तो वो थोड़े खुले और उन्होंने कहा
- 14:49हां बेटा छह खाके आए बाप की एक रोटी और
- 14:51लगी थी ये पांच कैसे बता रहे हैं मेरे
- 14:53पिताजी ने छठ टाइम को और लाया था ये तो
- 14:56उन्होने कहा हां हां छह छह मान लिया ऐसे
- 14:59तो आते टाइम रास्ते के लिए भी दी थी तो वह
- 15:01भी गिना दे तू तो अ दी थी तो फिर गिना
- 15:03हंगी तो मैं क यह भी किता और रोब हुआ करता
- 15:06था पांच क्यों बता रहे हो कितनी रोटियां
- 15:08खिलाई हमने छ छह टाइम खिचड़ी खिलाई थी
- 15:10हमने आपको तो पहले बारातें लंबी-लंबी जाती
- 15:13तो देवल ने कहा भाई तुम जाओगे आओगे वहां
- 15:15रुकोगे टाइम लगेगा तब तक क्या पता मेरी
- 15:18गायों को कोई लूट के ले जाए तो पाबू जी ने
- 15:20कहा कि देवल मैं आपको वचन देता हूं यदि
- 15:23आपकी गायों को कोई लूट के ले गया तो आप
- 15:25मेरे पास एक समाचार भिजवा देना यदि मैं
- 15:27रास्ते में जा रहा व तो आगे ब्याह करने
- 15:29जाऊंगा नहीं बीच में आ जाऊंगा और आपकी गाय
- 15:31बचा के लेके आऊंगा मैं यदि 10 किलोमीटर
- 15:33पहुंचा 10 किलोमीटर से ही वापस आ जाऊंगा
- 15:35मैं यदि वहां पहुंच गया और तोरण मार रहा
- 15:37हूं और उस टाइम मेरे को न्यूज मिली कि भाई
- 15:39आपकी गायों की लूटपाट हो गई मैं बिना तोरण
- 15:41मारे वापस आ जाऊंगा इवन यदि मैं फेरे ले
- 15:43रहा हु तो मैं बिना फेरे लिए बीच में आ
- 15:45जाऊंगा मैं खाना खा रहा हूं तो खाना छोड़
- 15:46के आऊंगा पर आपकी गायों को बचा हंगा आप
- 15:48मुझे घोड़ी दे दीजिए जब कोई इतना एश्योर
- 15:50करे इतना विश्वास दिलाए तो देवल ने कहा
- 15:52भाई ठीक है आप घोड़ी ले जाओ वाकई कैसर काल
- 15:55में बहुत सुंदर घोड़ी थी पाबू जी जब कैसर
- 15:58कालम पर बैठे तो पाबू जी और फूटने लगे और
- 16:00क सर कालम की अपने तो खूब सारी कहानियां
- 16:02है कि जब पाबू जी घोड़ी लेकर अमरकोट
- 16:04पहुंचे तो ये तो घोड़ी नाचे पहले क्या
- 16:06बींद वाली घोड़ी को नचाने का बड़ा रिवाज
- 16:08था कि दुल्हा जिस घोड़ी प बेचता उसको
- 16:10नचाया जाए और दुल्हे खुद अच्छे घुड़सवार
- 16:12हुया करते नचा दिया करते आजकल तो दुल्हा
- 16:14चलते तो ति वाले आते हैं है ना तो आजकल तो
- 16:18दूल्हे को घोड़ी पर बिठा कर तगड़ी पकड़ ले
- 16:20और दो इधर चलते हैं और दो इधर चलते हैं ये
- 16:23कहीं डगमगा के गिर ना आ जाए अच्छा कई
- 16:25दुल्हे तो पिए भी और रहते हैं आजकल साथ
- 16:27में दारुड़िया दोस्त होते हैं वो कोई
- 16:29पिलाते भाई कॉन्फिडेंस रहेगा भाई उसमें
- 16:31पिया हु और है तो भाई उस डिग मिग होता
- 16:33रहता है अब गिरा अब गिरा इसम तो अब क्या
- 16:37नचाए दल्ला खुद नाचा हु ही रहता है पहले
- 16:39नचा लिया करते डाकी टाइप के आदमी होते तो
- 16:41वो गिरते भी नहीं थे जी घोड़ी से घोड़ी
- 16:43बेचारी डरा करती थी डाकी कहां बिठा दिया
- 16:45इसको तो पाबू जी वहां घोड़ी को नचाए ना
- 16:48चारों तरफ लोग बातें करे अरे कैसर काल में
- 16:51जैसी तो घोड़ी नहीं है आज दिन तक ऐसी
- 16:53घोड़ी नहीं देखी कहते अमरकोट वालों को
- 16:55बड़ा बुरा लगा अमरकोट वालों ने कहा अरे ये
- 16:58क्या तरीका है तुम्हारे पास ही घोड़ी हो
- 16:59हमारे पास तो घोड़े हो ही नहीं तो किसी ने
- 17:01इधर वालों ने कहा तुम्हारी और हमारे वाले
- 17:03को दौड़ करवा लो पता चल जाएगा किसके पास
- 17:06अच्छी और किसके पास अच्छी नहीं है तो वो
- 17:08कहते वो अमरकोट वाले जो सोडा थे वो घोड़ा
- 17:11लेके आए अपने लो करवाओ दौड़ करवाओ तो बाबू
- 17:13जी ने कहा आज नहीं भाई दो दिन बाद हम इतने
- 17:16किलोमीटर चल के आ हमारी घोड़ी थकी हुई है
- 17:17तुम्हारा घोड़ा तो एकदम फ्रेश है तो अभी
- 17:19हाथों हाथ दौड़ कर आओगे तुम्हारा घोड़ा
- 17:21जीतेगा ही तो उन्होने कहा ये तो बातें हैं
- 17:23पाबू जी दो दिन बाद में कोई नहीं होगा
- 17:25करवानी तो अभी करवा लो और इसका मतलब डर गए
- 17:27अभी आप यदि दौड़ नहीं कर
- 17:29पाबू जी ने कहा देखो और कुछ ही कर सकते हो
- 17:31जयकांत सिकरे का इगो हट नहीं कर सकते तुम
- 17:33लो कराओ देखो और कैसर काल में को दौड़ाया
- 17:35कैसर काल में थकी हुई थी उसके बावजूद
- 17:37घोड़े को पीछे छोड़ती है और सबने और
- 17:39तालिया बजाई अमरकोट वालों की और धूड़ धनी
- 17:42ई लो साब केसर काल में थकी हुई थी फिर भी
- 17:45तुम्हारे घोड़े को तो अरा ग तो उनको
- 17:47गुस्सा आया हुआ था तो कहते पाबू जी जब
- 17:49वहां तोरण के तोरण तो समझते हो पाबू जी जब
- 17:51तोरण के लिए पहुंचे तो उन्हो तोरण बहुत
- 17:53ऊंचा बांध दिया अच्छा आप हिंदी पढ़ोगे ना
- 17:55तो आप पढ़ोगे तोरण मारना एक मुहावरा है
- 17:58जिसका मतलब है शक्ति प्रदर्शन
- 18:00करना इसका मतलब क्या है पहले होता क्या था
- 18:04कि किसी एक राजकुमारी से शादी करने के लिए
- 18:05चार राजकुमार आ गए चार बारात आ गई हम इससे
- 18:08शादी करेंगे तो अब किससे करो आप शादी तो
- 18:11अक्सर ऐसे करते कि ऊंचा त्वरण बांध देते
- 18:12तोरण ऊंचा बांध दिया करते फिर कहते जो
- 18:14तोरण मार देगा उससे ब्याह कर देंगे तो कोई
- 18:17एक राजकुमार उनमें से तोरण मारता उसके साथ
- 18:19राजकुमारी क्या कर दी जाती शादी कर दी
- 18:20जाती तो तोरण मारना मतलब क्या हो गया
- 18:22शक्ति का प्रदर्शन करना तो आज भी यदि गांव
- 18:25के अंदर आप इस प्रकार की कोई बातें करो ना
- 18:27भाई मैंने यह कर दिया मैंने वो कर दिया
- 18:28गाव वाले कह देते हैं अरे किसा तोरण मारे
- 18:30है कि कौन से क्या किया तूने को तोरण मार
- 18:33के थोड़ी आया छोटी मोटी लड़ाई तोरण मारना
- 18:35बहुत बड़ी बात तो उन्होंने बहुत ऊंचा तोरण
- 18:38बांधा और कहा आज देखते हैं पाबू जी कैसे
- 18:40तोरण मारेंगे और पाबू जी तोरण नहीं
- 18:41मारेंगे तो पाबू जी की बेजती हो जाएगी
- 18:43पाबू जी ने वहां जाक देखा कि यार तोरण है
- 18:45तो ऊंचा और इतना ऊंचा तोरण लगेगा तो नहीं
- 18:48बाबूजी मन ही मन सोचे यार ठीक कि आज तो
- 18:50इन्होंने और वो सामने अमरकोट वा देख के
- 18:52मुस्कुराए के हाल है अब कैसे लगेगा भाई
- 18:55साहब अब एक ही सूरत में लग सकते थे कि
- 18:59घोड़ी अपने पिछले दोनों पैरों पर खड़ी हो
- 19:01जाए यदि घोड़ी अपने अगले दोनों पैर पूरे
- 19:03हवा के अंदर उछाल दे तो पाबूजी घोड़ी पर
- 19:06खड़ी हो ग उस पर तोरण मार सकते हैं वरना
- 19:07तोरण नहीं लगे तो कहते हैं कि पाबू जी उस
- 19:09घोड़ी पर य हाथ फेरते हैं और उस घोड़ी को
- 19:12कहते हैं कि कैसर मतना दीजिए आज थारो मारो
- 19:15पोत पोत का मतलब भेदना पोत खुल गया भेद
- 19:18खुल गया कि केसर मत ना दीज आज थारो मारो
- 19:21पोत मत ना लजा आज राठौड़ री जात हे केसर
- 19:25आज तेरा और मेरा भेद मत दे देना आज जो
- 19:27राठौड़ों की बारात आई इसको लजा मत देना तू
- 19:30आज जैसे तैसे करके तू ये मरवा दे केसर ने
- 19:32अपना सिर हिलाया कि तू चिंता मत कर इसको
- 19:34तो अभी मार दूंगी किता ग कहते पाबू जी जो
- 19:38ढोल बजा रहा था लड़का उसको कहते हैं कि
- 19:40ढोली रा छोरा तू तो मद्र ढोल बजा मद्र
- 19:42मतलब हल्का हल्का कोई ढोल रे धमाके मरे
- 19:45कैसर घोड़ी नाच से तुम्हारे ढोल के धमाके
- 19:48पे मेरी कैसर नाचेगी वो कैसर को नचाते नचा
- 19:50न कैसर लगाम खींचते हैं लगाम खींच कैसर
- 19:52अगले दोनों पैर हवा में उछाल देती है
- 19:54बाबूजी आराम से उसके मारते हैं तो कहते
- 19:56अगले दोनों पैर जब हवा में उछाल है तो ग
- 19:58के कंगूरे प लगा देते है जहां तोरण लगा
- 20:00हुआ था उसके पास में अपने पैर टिका है
- 20:02दोनों जब वापस पैर उतार रही होती तो उसके
- 20:04खुर के प्रहार से टे साथ में आ गई इंटे
- 20:07तोड़ के लाई वहां से वो इस बार पाबू जी ने
- 20:10अमरकोट वालों की तरफ देखा क्या हाल
- 20:14है मैंने मैंने जब कभी यह कहानी पढ़ी थी
- 20:18कहीं पर तो उस कहानी के अंदर था कि जब यह
- 20:20सीन देखा तो वहां फूलदे की जितनी भी
- 20:23सहेलियां खड़ी थी वो जल गई
- 20:27[प्रशंसा]
- 20:30और जब यह समाचार अंदर फूम दे को मिला तो
- 20:32फलम दे बड़ी प्रफुल्लित हुई मुझे लगता
- 20:35फूलदे को लगा होगा कि मेरे वाला
- 20:38सरदार अपने अपने चर्चे हो रहे हैं चारों
- 20:41तरफ अच्छा तो लगे भाई कि मेरे पति ने इस
- 20:43प्रकार से तोरण मारा है अब कते पाबू जी
- 20:46अंदर जाके फेरों के अंदर बैठे पाबू जी ने
- 20:47अभी तीन फेरे लिए थे कितने फेरे लिए न
- 20:51इतने में देवल बाल बिखेरे हुए गालिया
- 20:54निकालते हु फेरों मेंही पहुंचे और फेरो
- 20:56में जाक मैंने कहा था तेरे को पहले कि
- 20:59टाइम लगेगा तुम्हें जाने में आने में फिर
- 21:01वहां तुम्हारी शादी ब्याह के अंदर टाइम
- 21:02लगेगा और मेरी गायों को ले जाएगा तब तू
- 21:04बड़ी-बड़ी बातें कर रहा था कि मैं जैसे ही
- 21:06गायों की सूचना मिली वापस चलूंगा अब यहां
- 21:08बैठ के फेरे ले रहा गायों को ले गए मेर
- 21:11बाबू जीी ने कहा मा देवल कौन ले गया बताओ
- 21:13तो सही कि मेरी गायों को जींद राव खिंची
- 21:16ले गया कौन ले
- 21:18गया नागौर के अंदर एक जगह पड़ती है अपने
- 21:21जायल कौन सी जगह और जायल का एक राजा था उस
- 21:24राजा का नाम क्या
- 21:26था क मेरी गायों को जींद खींची ले
- 21:30गया और तूने कहा था कि तू मेरी गायों को
- 21:33बचाएगा तो गायों को बचा मेरी बाबू जी
- 21:35हाथों हाथ तीन फेरों के बाद में गठ जोड़ा
- 21:37बंधा रहता है दुल्हन के साथ वो गठ जोड़ा
- 21:39खोलते हैं और अमरकोट वालों को कहते हैं
- 21:41भाई सॉरी मैं देवल को वचन देके आया था कि
- 21:45मैं किसी भी सिचुएशन के अंदर हुआ तो मैं
- 21:47तुम्हारी गायों की रक्षा के लिए वापस
- 21:48आऊंगा रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाई पर
- 21:53वचन नहीं जाने चाहिए शादी ब्याह होते
- 21:54रहेंगे मैं जिंदा रहा तो वापस आऊंगा मर
- 21:57गया तो फिर स्वर्ग में मिलेंगे वहीं पर
- 21:59मिलेंगे अपने बाबू जी वहां से वापस आते
- 22:01हैं तीन फेरों के बाद में जोधपुर के अंदर
- 22:03एक गांव पड़ता है
- 22:05देचू कौन सा गांव पड़ता है देचू नाम का एक
- 22:08गांव है वहां पर जींद राव खिंची के खिलाफ
- 22:10लड़ाई करते हैं उस युद्ध के अंदर वो गाय
- 22:12तो बचा लेते हैं लेकिन पाबूजी इस युद्ध
- 22:14में लड़ते हुए शहीद हो जाते हैं हमने एक
- 22:16ऐसे व्यक्ति को जिसने गायों की रक्षा के
- 22:18लिए अपने विवाह को बीच में छोड़ दिया हमने
- 22:21एक ऐसे व्यक्ति को जिसने अपने वचनों की
- 22:23रक्षा के लिए विवाह को बीच में छोड़ दिया
- 22:24था लोक देवता के रूप में पूजना शुरू कर
- 22:26दिया बाबू जी गायों के रक्षा के लिए किससे
- 22:29लड़ने के लिए वापस आ गए थे कितने फेरों के
- 22:31बाद आ गए थे जींद राव खिंची कहां का राजा
- 22:34था वो कौन से गांव में लड़ते हुए शहीद हुए
- 22:36थे देचू जोधपुर में जैल नाथ
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This page contains the full transcript of [Must Watch] जब पाबूजी दूल्हा बन के अमरकोट गये । पाबूजी महाराज की जीवनी।राजवीर सर by Springboard Moments, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 5,069 words across 574 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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