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[Must Watch] जब पाबूजी दूल्हा बन के अमरकोट गये । पाबूजी महाराज की जीवनी।राजवीर सर — Transcript

by Springboard Moments · 5,069 words · 574 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:02वाकई केसर काल में बहुत सुंदर घोड़ी थी
  2. 0:04पाबू जी जब केसर कालम पर बैठे तो पाबू जी
  3. 0:06और फूटने लगे और क सर कालम की अपने तो खूब
  4. 0:09सारी कहानिया है कि जब पाबूजी घोड़ी लेकर
  5. 0:11अमरकोट पहुंचे तो तो घोड़ी नाचे पहले क्या
  6. 0:14बींद वाली घोड़ी को नचाने का बड़ा री
  7. 0:16वास्ता कि दुल्ला जिस घोड़ी पर बेचता उसको
  8. 0:18नचाया जाए और दुल्ले खुद अच्छे घुड़सवार
  9. 0:20होया करते नचा दिया करते आजकल तो दुल्ला
  10. 0:22चलते तो तिवा आते है ना तो आजकल तो दुल्हे
  11. 0:26को घोड़ी पर बिठा कर तगड़ी पकड़ ले और दो
  12. 0:28इधर चलते हैं और दो इधर चलते हैं ये डगमगा
  13. 0:31के गिर ना जाए तुम्हारे ढोल के धमाके पर
  14. 0:33मेरी कैसर नाचेगी वो कैसर को नचाते नचा कै
  15. 0:36लगाम खींचते लगाम खच क अगले दोनों पैर हवा
  16. 0:38में उछाल देती है बाबूजी आराम से उसके
  17. 0:41मारते हैं तोते अगले दोनों पैर जब हवा में
  18. 0:43उछाल है तो गढ़ के कंगूरे पर लगा देते है
  19. 0:45जहां तोरण लगा हुआ तो उसके पास में अपने
  20. 0:47पैर टिका है दोनों जब वापस पैर उतार रही
  21. 0:49होती तो उसके खुर के प्रहार से टे साथ में
  22. 0:52आ गई टे तोड़ के लाई वहां से वो इस बार
  23. 0:54पाबूजी ने अमरकोट वालों की तरफ देखा क्या
  24. 0:56हाल है
  25. 0:58[प्रशंसा]
  26. 1:02[संगीत]
  27. 1:05जन्म कहां पर हुआ कोलो जोधपुर रियासत के
  28. 1:08अंदर एक गांव पड़ता था अब जिला भी जोधपुर
  29. 1:10ही लगता है गांव का नाम क्या था कोलम
  30. 1:12पिताजी का नाम क्या है ल जी क्या नाम है
  31. 1:16सुनिए मेरी बात हम आगे
  32. 1:19पढ़ेंगे यहां मारवाड़ में यह मारवाड़
  33. 1:22स्टेट था जोधपुर का जो मारवाड़ स्टेट क दो
  34. 1:24यहां पर एक राजा होए थे जिन राजा का नाम
  35. 1:26था
  36. 1:27दूह क्या नाम था राजा का द हड़ नाम करके
  37. 1:31एक राजा हुए थे राठौड़ वंश के राजा थे
  38. 1:33मारवाड़ में कौन से वंश का शासन था उन रा
  39. 1:36दह के छोटे भाई जो थे उनका नाम क्या था धल
  40. 1:39क्या नाम था इसका मतलब है पाबूजी मारवाड़
  41. 1:43के राजा के छोटे भाई के बेटे इसका मतलब
  42. 1:47पाबूजी राजकुमार है पाबूजी क्या है वो एक
  43. 1:51रॉयल फैमिली से बिलोंग कर रहे हैं वो एक
  44. 1:52राजकुमार है पिताजी का नाम क्या है नल
  45. 1:55मम्मी का नाम क्या है कमला क्या नाम है
  46. 1:58ऐसा कहा जाता है कि पाबूजी की जो ओरिजिनल
  47. 2:00मम्मी थी वो तो एक परी थी परिया होती है
  48. 2:02परिया आसमान में जो परिया होती है एंजल्स
  49. 2:06पापा की परीय वा एंजल्स दो होती है ऐसी
  50. 2:10कहानी है कि वो जो परिया है वह धरती पर
  51. 2:14घूमने के लिए आती है कई बार लेकिन उनके
  52. 2:16साथ समस्या है कि जब व धरती पर घूमने के
  53. 2:18लिए आती है तब यदि कोई उन्हें पहचान ले
  54. 2:21देख ले उन्हें तो वापस नहीं जा पाती है वह
  55. 2:24इसलिए अक्सर वो रात को धरती पर उतरती है
  56. 2:26क्योंकि रात में धरती के सारे लोग सो जाते
  57. 2:28हैं और रात को उतर के नाइट वॉक चली जाती
  58. 2:30है अपनी तो एक बार ऐसी कोई एक अप्सरा रात
  59. 2:33को धरती पर आ रही थी गलती से उसका
  60. 2:35हेलीकॉप्टर लैंड कर गया जोधपुर की तरफ
  61. 2:38उतरना का ढंग की जगह होगा यहां तो क्यों
  62. 2:40ही आती गर्मी के अंदर यहां नीचे उतरी तो
  63. 2:42उसे गर्मी लगी तो उसे लगा भयंकर काम है
  64. 2:44यहां तो गर्मी जोरदार है तो जो जहां उतरी
  65. 2:47थी वहां पानी का तालाब था तो उसे लगा कि
  66. 2:49अभी तो गर्मी लग रही है तो मैं नहा लू तो
  67. 2:51ताकि गर्मी थोड़ी कम लगे तो नहाने के लिए
  68. 2:53तालाब में उतर गई नल जी उस दिन उस रात कोई
  69. 2:56अपने घोड़े को लेकर वहां से निकल रहे थे
  70. 2:58नल जी को लगा कि यार अपने घोड़े को पानी
  71. 3:00पिला लेते हैं वो वहां जैसे ही तालाब के
  72. 3:01पास गए और उन्होंने देखा कि वहां तो एक
  73. 3:03महिला नहा रही है महिला ने देखा कि कोई
  74. 3:05व्यक्ति मुझे देख रहा है उस महिला ने कहा
  75. 3:07उस परी ने कहा कि तुम जो कोई भी हो पर यह
  76. 3:10धांधली कर रहे
  77. 3:14[प्रशंसा]
  78. 3:15हो ऐसे नहाते हुए तो नहीं देखना चाहिए और
  79. 3:19फिर वह उसने कहा कि पर इससे भी बुरी
  80. 3:21समस्या यह है कि मैं परी हूं और मेरे साथ
  81. 3:24यह है कि यदि मुझे कोई इस प्रकार देख लेता
  82. 3:26है यहां पर धरती पे तो वापस नहीं जा पाती
  83. 3:28तो मेरी तो शक्तियां समा मैं वापस कैसे
  84. 3:30जाऊंगी और दाल जी ने कहा कि किसने कहा
  85. 3:33वापस जाना
  86. 3:35है दाल जी महाराज ने लगभग घुटनों के बल
  87. 3:38बैठते हुए कहा कि विल यू मेरी
  88. 3:43मी परी के पास भी कोई चांस दूसरे थे नहीं
  89. 3:47तो परी ने कहा भाई ठीक है पर उसने कहा
  90. 3:49मेरी दो शर्त हैं कि एक तो मेरे से शादी
  91. 3:52के बाद मेरा महल अलग से होना चाहिए नांदल
  92. 3:54जी ने कहा ठीक कोई बात नहीं राजा थे राजा
  93. 3:56के भाई थे तो महला अलग हो जाएगा तुम्हारा
  94. 3:57अलग से कमरा बनवा देंगे तुम्हारा अलग से
  95. 3:59घर बनवा दे एक उस महल में बिना मेरी
  96. 4:01परमिशन के कोई भी आना नहीं चाहिए कठी कहा
  97. 4:04तुम भी नहीं कठी अब नल जी ने उस परी से
  98. 4:08शादी की उसके लिए अलग महल बनवा के दिया
  99. 4:10वहां पर वह परी रहा करती जो कोई भी उस महल
  100. 4:13में जाता वह पहले परी से परमिशन लेकर जाता
  101. 4:15समय के साथ में उस परी के एक बेटा हुआ
  102. 4:17बेटे का नाम क्या रखा गया तो कते पाबू जी
  103. 4:20बहत सुंदर थे अपने जितने लोक देवता इनम
  104. 4:22सबसे सुंदर कोई लोक देवता हुए थे वो कौन
  105. 4:24थे मम्मी भी चले
  106. 4:26गए शकल मम्मी भी चली गई लजी भी जा त क्या
  107. 4:30सुंदर होते मारवाड़ का आदमी काला कोजा
  108. 4:33भुंडा य कही सुंदर होते पर मम्मी की तरफ
  109. 4:36चले गए रंग रोगन वैसे नेन नक् उधर ही चले
  110. 4:39गए होंगे तो थोड़े फूट रहे हु पाबू जी अब
  111. 4:42एक दिन नल जी को लगा जब बेटा हो गया थोड़ा
  112. 4:45बड़ा हो गया पाबू जी तो लगा कि यार यह
  113. 4:47क्या तरीका है कि मेरे से पूछ के आओ महल
  114. 4:50में से कोई नहीं जा सकता और एक दिन नल जी
  115. 4:53बिना परमिशन के चले गए देखते हैं र ऐसा
  116. 4:54क्या है महल में और जैसे वो महल में घुसे
  117. 4:57उन्होंने देखा कि वहां परी तो थी नहीं
  118. 4:59वहां एक शेरनी बैठी हुई थी और पाबू उसका
  119. 5:01दूध पी रहा था और उनको लगा यह भयंकर कतक
  120. 5:04है और शेरनी ने जैसे ही नल जी को देखा
  121. 5:07हाथों हाथ वो कन्वर्ट हुई वापस परी में और
  122. 5:09उसने कहा इसी दिन के लिए मैंने मना किया
  123. 5:11था मैं परी हूं मेरे में शक्तियां है कि
  124. 5:13मैं मेरा रूप चेंज कर सकती हूं और जब मैं
  125. 5:16अकेली होती हूं तो अपना रूप चेंज करके
  126. 5:17यहां पर रहती हूं पर आपने अपना कांट्रेक्ट
  127. 5:19तोड़ दिया आप बिना पूछे आ गए अब मैं यहां
  128. 5:22पर नहीं रहूंगी अब मैं मेरी वापस जाऊंगी
  129. 5:24धल जी ने खूब समझाया कि भाई रुक जाओ तुम
  130. 5:26यहां पर पर वो नहीं मानी वो यहां से चली
  131. 5:28उसने जाते जाते कहा एक मां की दो इच्छाएं
  132. 5:30होती है एक तो अपने बच्चे को दूध पिला के
  133. 5:32थोड़ा बड़ा करें और बच्चा जब थोड़ा बड़ा
  134. 5:34हो जाए तो अपने कंधों प खिलाए अपने पीठ प
  135. 5:36खिलाए उसके लिए घोड़ा बने लेकिन अब ये
  136. 5:39इतना बड़ा तो हो गया कि मैंने दूध तो पिला
  137. 5:41दिया इसको लेकिन इतना बड़ा भी नहीं हुआ कि
  138. 5:42इसको कंधे प मैं पीठ प खिलाती इसको अब तुम
  139. 5:45जानो तुम्हारा काम जाने तो कहते वो परी तो
  140. 5:47चली गई फिर नल जी के एक और रानी थे जिनका
  141. 5:50नाम था कमला क्या नाम था दे का मतलब है
  142. 5:53देवी तो अपने कमला देवी को पुराने लिख के
  143. 5:55क्या लिख दिया करते कमला और कमला देव कहा
  144. 5:57गया अई आप इसका ललन पालन करो करो तो
  145. 6:00पाबूजी को पालने वाली जो पालन पोषण करने
  146. 6:02वाली जो माता जी थे वो कौन थे बाद में समय
  147. 6:05के साथ पाबूजी बड़े हुए बड़े हुए तो
  148. 6:07पाबूजी के सगाई की गई अमरकोट पाकिस्तान के
  149. 6:09अंदर एक जगह पड़ती है अमरकोट सिंध में है
  150. 6:11ना अब पहले जब तार बंदियां नहीं थी तब उस
  151. 6:14साइड के अंदर सगाया बहुत नॉर्मल सी बात
  152. 6:15हुआ करती थी कि भाई वो जोधपुर का पार्ट ही
  153. 6:18था एक्सटेंडेड पार्ट था वो जोधपुर का उधर
  154. 6:19वाला अपना और वहां के एक राजा है राणा
  155. 6:22सूरजमल सोडा क्या नाम है राजा का उस राणा
  156. 6:25सूरजमल सोड़ा की एक राजकुमारी है जिसका
  157. 6:27नाम है फूम दे क्या नाम है फूम
  158. 6:30कई जगह उसी का अपने कहानियों में कविताओं
  159. 6:32में नाम आ जाता है सु प्यार दे तो आप उसी
  160. 6:33का नाम मान लीजिए भले आप फुलम दे मान
  161. 6:35लीजिए भले क्या मान लीजिए अच्छा कई बार
  162. 6:37स्टूडेंट जिद पर ही र जाता सर सही सही
  163. 6:39बताओ फलम दे या सु प्यार दे मैं कहता हूं
  164. 6:42यार नाम तो फलम दे ही था पर कई कई जगह सु
  165. 6:44प्यार दे मिल जाता है फिर स्टूडेंट के वो
  166. 6:46जैसे ये अभी पूछ रहा था ऐसा हो जाए तो तो
  167. 6:49वाली समस्या रहती है कि दोनों ऑप्शन में आ
  168. 6:50गए तो तो यार कुछ ही कर लेना तेरे हिसाब
  169. 6:54से देख लेना अरे सर फिर मैं कहता हूं यार
  170. 6:55आते नहीं है दोनों ऑप्शन में नहीं आते
  171. 6:57नहीं सर फिर भी नहीं आएंगे ऑप्शन में पर
  172. 6:59आप तो बताओ सही नाम क्या था फूम देता सु
  173. 7:02प्यार देता तो मुझे लगता है नाम तो फूम दे
  174. 7:04रहा होगा कभी पाबू जी ने गीत गाया होगा कि
  175. 7:06दे दे प्यार दे प्यार
  176. 7:08दे अच्छा प्यार दे सु प्यार दे तो बाद में
  177. 7:13एक नाम और सु प्यार दे पड़ गया बाकी नाम
  178. 7:14क्या था उनका फलम दे नाम रहा होगा पाबू जी
  179. 7:17के दो खास दोस्त है एकदम चांदा और डामा
  180. 7:20क्या नाम है चामा भील जाति के दो भाई है
  181. 7:22कहते हैं कि भील गुजरात से आए थे गुजरात
  182. 7:25का राजा इनको मारना चाहता था यह पाबू जी
  183. 7:27के पास आ गए थे पाबू जी ने इनको शरण दी थी
  184. 7:29थी पाबू जी ने इनको बचाया था तो बाद में
  185. 7:31ये पाबू जी के साथ रहा करते थे पाबू जी के
  186. 7:33दोनों खास दोस्त थे पाबू जी के पास एक
  187. 7:35घोड़ी है और उस घोड़ी का नाम क्या है क्या
  188. 7:38नाम है कैसर उसकी जो मेर है उनकी जो घोड़ी
  189. 7:40है उसका नाम क्या था कैसर कहानी है कि
  190. 7:42पाबू जी जब शादी करने के लिए जा रहे थे
  191. 7:44अपनी तो पाबू जी शादी करने के लिए जा रहे
  192. 7:47दुल्हे बने एक तो फूट रहे थे पाबू जी इतने
  193. 7:49ऊपर से दुल्हा और फूट रहा लगने लग जाता है
  194. 7:51और दुल्हे वाले कपड़े शेरवानी पहनी साफा
  195. 7:53बांधा ऊपर कोई तुर्रा कलंगी सिर पेच
  196. 7:56एंटीना जो जो लगते हैं वो सारे लगाए
  197. 7:58एंटीना होता है सच में हां वो जो लंबा सा
  198. 8:00होता है उसको एंटीना बोलते हैं मोड़ वड़
  199. 8:02बांधा पाबूजी बड़े सुंदर लगे चांदा और
  200. 8:04डामा दोनों खुद जोधपुरी कोर्ट पट ऊपर तक
  201. 8:06बटन बांध के तैयार खड़े थे और चांदा और
  202. 8:09डामा ने पाबू जी काहा गया पाबूजी थू थ थ थ
  203. 8:11नजर नहीं लग जाए क्या फूट रे लग रहे हो आज
  204. 8:14अमरकोट के छज्जे टूट
  205. 8:16जाएंगे अमरकोट के पहले गांव के अंदर रिवाज
  206. 8:19हुआ करता था कि जब बारात जाया करती थी ना
  207. 8:22तो महिलाएं घरों की छतों पर चढ चढ़ के
  208. 8:24देखा करती तो कई बार वो हवेलियों के बाहर
  209. 8:26छजजे हवेली की जो छत होती है उसके बाहर
  210. 8:28आगे वो निकला वासा रहता है ना छज्जा बोलते
  211. 8:31उसको तो इतनी भीड़ हो जाती कि लोग छज्ज पर
  212. 8:33भी खड़े हो जाते तो छज्जे बेचारे बाहर झेल
  213. 8:35नहीं पाते गिर जाते तो क्या आज तेरे को
  214. 8:36देखने के लिए पाबू जी इतनी भीड़ होगी कि
  215. 8:38महिलाएं और बच्चे छज्ज पर चढ़े छज्ज पर
  216. 8:40चढ़े तो गिर जाएंगे और यह अभी तक भी फैशन
  217. 8:42है गांव के अंदर महिलाएं छतों पर चढ चढ़
  218. 8:45के बारात को देखती है क्योंकि गांव में
  219. 8:46पर्दा प्रथा और होती है तो आप भाई देखे
  220. 8:48कैसे ऊपर चढ़े तो आपको घूंगर तो रखना पड़े
  221. 8:51फिर महिलाओं ने दूरबीन बना रखी
  222. 8:53है घूंघट को थोड़ा ऊंचा लिया दूरबीन बनाई
  223. 8:56अपने वहां से देख लेती है ये ये वाला
  224. 8:59मामला सही है तुम्हारा
  225. 9:01एकदम कहा पाबू जी आपके लिए छज्जे टूटेंगे
  226. 9:03आज तो पर पर चांदा डामा ने कहा पर पाबू जी
  227. 9:07बाकी सब कुछ अच्छा है अपने पास पर यार
  228. 9:09अपने पास घोड़ी अच्छी नहीं है और दूल्हे
  229. 9:11के पास में घोड़ी अच्छी नहीं हो मजा ही
  230. 9:13नहीं है तो पाबू जी ने कहा घोड़ी तो जो
  231. 9:16अपने पास है वही रखनी पड़ेगी अपने जो
  232. 9:17अस्तबल में जो घोड़े हैं उनमें से कोई
  233. 9:19लेनी पड़ेगी नहीं तो कहां से लाया अब
  234. 9:21अचानक तो उन्होंने कहा अपने गांव के अंदर
  235. 9:23एक महिला है उनका नाम था देवल क्या नाम था
  236. 9:26देवल नाम की एक महिला थी और कहा वो देवल
  237. 9:29नाम की महिला है उनके पास एक बहुत अच्छी
  238. 9:31घोड़ी है और घोड़ी का नाम क्या था उसका और
  239. 9:34यदि देवल अपनी कैसर काल में दे दे अपने को
  240. 9:36तो मजा आ जाए पाबूजी फिर यार उसके ऊपर आप
  241. 9:39क्या तो लगोगे क्या जमो ग यार उसके ऊपर तो
  242. 9:41पाबू जी ने कहार देख लो मांग के देख लो
  243. 9:43चांदा और डामा गए देवल के पास और देवल को
  244. 9:46जाक कहा कि मां देवल पाबू जी दूल्हे बने
  245. 9:48हुए हैं बारात जा रही है घोड़ी अच्छी नहीं
  246. 9:50है आपकी कैसर काल में दे दो तो और सुंदर
  247. 9:52लगेंगे मारवाड़ की लाज बचेगी राठौड़ों की
  248. 9:54लाज बचेगी देवल ने कहा कि बात तो तुम्हारी
  249. 9:57सही है दूल्हे को तो किस बात के लिए मना
  250. 9:59किया जाए उसमें भी पाबू जैसे राजकुमार को
  251. 10:02तो को ही मना करे पर समस्या दूसरी है मेरे
  252. 10:05पास खूब सारी गाय हैं और मेरी गाय जब चरने
  253. 10:08के लिए जाती है तो गाय चराने वाला मेरी
  254. 10:10घोड़ी लेकर जाता है पहले के टाइम में
  255. 10:12गायों की लूटपाट बहुत हुआ करती थी गायों
  256. 10:14को लूट के ले जाया करते थे गाय धन था उस
  257. 10:17टाइम इसलिए आज भी बोलते हैं गो धन है ना
  258. 10:19आप कभी नहीं सुनोगे भैंस धन बकरी धन पर
  259. 10:23गायों के लिए आज भी क्या गो धन है भाई गो
  260. 10:25धन है तो भाई गाय क्या हुआ करती थी धन हुआ
  261. 10:28करती थी तो कि
  262. 10:29मेरा जो गवाला है वह घोड़ी लेकर जाता है
  263. 10:32साथ में कल को खुदा ना खस्ता कोई लूटपाट
  264. 10:35हो जाए गायों के साथ में गायों को चुरा के
  265. 10:37कोई लेकर चले जाए तो यदि घुड़सवार होगा तो
  266. 10:40फटाफट गांव में आगे बता तो देगा कि भाई
  267. 10:43गायों की लूटपाट हो गई पीछे से गांव वाले
  268. 10:44सेना लेकर जाएंगे हथियार लेकर जाएंगे गाय
  269. 10:46छुड़वा के लेकर आएंगे और यदि घोड़ी नहीं
  270. 10:49हुई पास में तो पैदल पैदल आएगा तब तक तो
  271. 10:51पता नहीं लुटेरे कहां के कहां चले जाएंगे
  272. 10:53लिए प्लीज चांदा और डामा सॉरी लेकिन मैं
  273. 10:55घोड़ी तो तुम्हें नहीं दे सकती वो दोनों
  274. 10:58आए और उन्होंने पाबूजी आ गया पाबू जी वैसे
  275. 11:00तो देवल ने मना कर दिया पर हमें लगता है
  276. 11:02यदि एक बार आप खुद ट्राई करके देखो तो
  277. 11:04थोड़ा ठीक रहे आपके प्रति थोड़ा सॉफ्ट
  278. 11:06कॉर्नर ही था उनका तो पाबू जी खुद गए और
  279. 11:09पाबूजी ने जाक मां देवल आप एक बार ब्याह
  280. 11:12ब्याह के लिए घोड़ी दे दीजिए शादी शादी के
  281. 11:14लिए घोड़ी दे दीजिए मैं जल्दी आके आपकी
  282. 11:16घोड़ी वापस दे दूंगा देवल हंसे और देवल ने
  283. 11:19हंस के कहा पाबू बारातें कब जल्दी आती है
  284. 11:22बारातें आने में जाने में टाइम लगता है
  285. 11:24भाई अमरकोट घोड़ों प जाते टाइम लगता फिर
  286. 11:26वापस आने में टाइम लगता फिर पहले बारातें
  287. 11:28महीने महीने रुक जाती
  288. 11:30और राजा महाराजाओं की बारातें तो अक्सर
  289. 11:32रुका करती थी मतलब इसमें कोई बड़ी बात
  290. 11:34नहीं आप तो अपने दादाजी से जाकर पूछ लेना
  291. 11:36उनकी बारात भी पक्की तीन दिन रुकी होगी ना
  292. 11:40तीन दिन वाला तो फैशन अपने मतलब यह तीन
  293. 11:42पीढ़ी पहले तक ही था कि बरात तीन तीन दिन
  294. 11:44तक रुका करती कारण भी था दूर तक जाते तो
  295. 11:47पशु थक जाया करते तो वापस बेचारा हाथ हाथ
  296. 11:50पशु को लेकर रवाना कैसे हो उसको तो दो तीन
  297. 11:52दिन का रेस्ट देते और रेस्ट दे के कहते
  298. 11:54भाई अब चल लेते हैं ठीक फिर को जोर भी
  299. 11:56नहीं आता था बारात में ज्यादा लोग भी नहीं
  300. 11:57जाते थे 20 2 10 15 लोग जाया करते थे
  301. 12:00ज्यादातर तो गांव की बारां में आदमी जाते
  302. 12:02पांच-पांच पांच सात आदमी जाते एक बीन होता
  303. 12:05चार एक आदमी और होते पांच ऊंट लिए और चले
  304. 12:07जाते और लेके आ जाते तो पहले तो गांव में
  305. 12:09बारात में उसी को लेके जाते थे जिसके पास
  306. 12:11ऊंट
  307. 12:12होता बारात में जाता ही वो था इसलिए गांव
  308. 12:15में आज भी कह देते हैं अरे हमको कौन बारात
  309. 12:17में लेके जा रहा था ऊंट को लेके जाते थे
  310. 12:20तो माने कौन पूछा ऊंट ने पूछे हमें कौन
  311. 12:23पूछ रहा था किसको पूछा करते थे तो पहले
  312. 12:25तीन दिन वाली बारात का तो बहुत सिंपल सा
  313. 12:27सीन हुआ करता था कि तीन दिन तो जाया करते
  314. 12:28थे
  315. 12:30ये तो तीन दिन और लोग बड़ा आज भी बड़े
  316. 12:32गर्व के साथ बताते हैं कि साहब फलान जी की
  317. 12:34बारात गई थी छह टाइम रोटी खाके
  318. 12:36आए छह टाइम रोटी खाके मतलब कितना दिन रुके
  319. 12:40तो वो तो मैं आज से कुछ चार पाच साल पहले
  320. 12:42की बात होगी ये अपने झोटवाड़ा खातीपुरा
  321. 12:44में यहां पे साफों की दुकान है ना तो एक
  322. 12:46बार कोई शादी ब्याह के लिए हम साफे लेने
  323. 12:48के लिए गए हुए वहां पे तो मैं और मेरे एक
  324. 12:50दोस्त और वो वहां प साफा खरीदे अब हमें तो
  325. 12:52इतना ज्यादा कोई पता भी नहीं चलता कौन सा
  326. 12:54साफा क्या है अपने तो ये है भाई रेट पूछे
  327. 12:55तीन चार के फिर अपने लगता है इसके रेट
  328. 12:57थोड़े ठीक है तो अपने लगता है ठीक होगा
  329. 12:59तो वो वाला ले लो यार और तो क्या करो तो
  330. 13:01हमने पूछा कि भाई साफे कौन-कौन से उसने
  331. 13:03बता दिया ये 500 का 700 कार 800 का हमें
  332. 13:06लगा 700 वा ठीक ठीक सा तो दे दे यार आ
  333. 13:09जाएगा पूरा आ जाएगा सेट है हां सेट है
  334. 13:11वहां पर एक दंपति बैठे हुए वृद सज्जन बैठे
  335. 13:14हुए मतलब 60 65 के आसपास में उन वृ सज्जन
  336. 13:17की उम्र होगी उनकी पत्नी साथ में और उनका
  337. 13:19बेटा साथ में बेटे की शादी बेटा फौज में
  338. 13:22लगा हुआ था फौजी छुट्टी आया हुआ उसकी शादी
  339. 13:24होने वाला तो उसको साथ बिठा रखा और वो जो
  340. 13:27साफे को मतलब एकदम यं कर कर के देखेगा इधर
  341. 13:30देखे इधर देखे साफे के अंदर देखे भाई इसके
  342. 13:32अंदर कोई छेद वगैरह तो नहीं हो रखे हो
  343. 13:33धागे बाहर तो नहीं निकल रहे हो इसके
  344. 13:35दुकानदार को पूरा एकदम वैसे फिर ग ये दे
  345. 13:38दे ये वाला साफा दे दे तो दुकानदार ने कहा
  346. 13:41आगे से कि शादी है क्या हां हां ये फौजी
  347. 13:43है हमारे छोटा ही छोटा ये है इसकी शादी है
  348. 13:46तो कहा तो यह साफा तो ब्याह वाले दिन बांध
  349. 13:49लेगा उस रात बांध लेगा फेरे वाली रात अगले
  350. 13:52दिन कौन सा साफा बांध देगा वो दिखाऊं तो
  351. 13:54उने कहा अगले कौन से दिन है आजकल आजकल
  352. 13:56फेरे हुए हाथों हाथ बारात को कर देते हैं
  353. 13:58रवाना तो अगले दिन बांधने की जरूरत ही
  354. 14:00कहां पड़ती है यह तो हमारा टाइम था मेरी
  355. 14:04बारात गई थी पांच खिचड़ी खाके आए थे पांच
  356. 14:07खिचड़ी मतलब पांच टाइम का खाना था तो मैं
  357. 14:10पहले नोटिस कर रहा था वो बात कर रहे थे तो
  358. 14:11हमारा ध्यान भी उधर ही था उनकी तरफ तो वो
  359. 14:13जो उनकी पत्नी थे व घूंघट निकाले एकदम
  360. 14:15चुपचाप बैठे हुए थे किसी मामले में हां ना
  361. 14:18कुछ ही नहीं ऐसे ग्रामीण महिलाएं होती है
  362. 14:19वैसे घूंघट निकाल के अपने पति के साथ
  363. 14:21चुपचाप बैठी हुई एकदम ना पति कुछ पूछ रहे
  364. 14:23हैं ना वो कुछ बता रही है बस साथ में लाई
  365. 14:25हुई है कि तू भी साथ में चल ले बाकी कोई
  366. 14:27रोल उनका नहीं तो साब संभ्रांत तरीके से
  367. 14:30एकदम बैठे हुए थे पर जैसे ही उन्होंने कहा
  368. 14:32कि हम भाई बारात तो मेरी गई थी और पांच
  369. 14:35टाइम खाना खा के आए थे तब वो अचानक बोले
  370. 14:38पांच को नहीं
  371. 14:39[प्रशंसा]
  372. 14:42छह तो मैं उनकी तरफ देख के मैं कहा बाबू
  373. 14:46छह तो तो वो थोड़े खुले और उन्होंने कहा
  374. 14:49हां बेटा छह खाके आए बाप की एक रोटी और
  375. 14:51लगी थी ये पांच कैसे बता रहे हैं मेरे
  376. 14:53पिताजी ने छठ टाइम को और लाया था ये तो
  377. 14:56उन्होने कहा हां हां छह छह मान लिया ऐसे
  378. 14:59तो आते टाइम रास्ते के लिए भी दी थी तो वह
  379. 15:01भी गिना दे तू तो अ दी थी तो फिर गिना
  380. 15:03हंगी तो मैं क यह भी किता और रोब हुआ करता
  381. 15:06था पांच क्यों बता रहे हो कितनी रोटियां
  382. 15:08खिलाई हमने छ छह टाइम खिचड़ी खिलाई थी
  383. 15:10हमने आपको तो पहले बारातें लंबी-लंबी जाती
  384. 15:13तो देवल ने कहा भाई तुम जाओगे आओगे वहां
  385. 15:15रुकोगे टाइम लगेगा तब तक क्या पता मेरी
  386. 15:18गायों को कोई लूट के ले जाए तो पाबू जी ने
  387. 15:20कहा कि देवल मैं आपको वचन देता हूं यदि
  388. 15:23आपकी गायों को कोई लूट के ले गया तो आप
  389. 15:25मेरे पास एक समाचार भिजवा देना यदि मैं
  390. 15:27रास्ते में जा रहा व तो आगे ब्याह करने
  391. 15:29जाऊंगा नहीं बीच में आ जाऊंगा और आपकी गाय
  392. 15:31बचा के लेके आऊंगा मैं यदि 10 किलोमीटर
  393. 15:33पहुंचा 10 किलोमीटर से ही वापस आ जाऊंगा
  394. 15:35मैं यदि वहां पहुंच गया और तोरण मार रहा
  395. 15:37हूं और उस टाइम मेरे को न्यूज मिली कि भाई
  396. 15:39आपकी गायों की लूटपाट हो गई मैं बिना तोरण
  397. 15:41मारे वापस आ जाऊंगा इवन यदि मैं फेरे ले
  398. 15:43रहा हु तो मैं बिना फेरे लिए बीच में आ
  399. 15:45जाऊंगा मैं खाना खा रहा हूं तो खाना छोड़
  400. 15:46के आऊंगा पर आपकी गायों को बचा हंगा आप
  401. 15:48मुझे घोड़ी दे दीजिए जब कोई इतना एश्योर
  402. 15:50करे इतना विश्वास दिलाए तो देवल ने कहा
  403. 15:52भाई ठीक है आप घोड़ी ले जाओ वाकई कैसर काल
  404. 15:55में बहुत सुंदर घोड़ी थी पाबू जी जब कैसर
  405. 15:58कालम पर बैठे तो पाबू जी और फूटने लगे और
  406. 16:00क सर कालम की अपने तो खूब सारी कहानियां
  407. 16:02है कि जब पाबू जी घोड़ी लेकर अमरकोट
  408. 16:04पहुंचे तो ये तो घोड़ी नाचे पहले क्या
  409. 16:06बींद वाली घोड़ी को नचाने का बड़ा रिवाज
  410. 16:08था कि दुल्हा जिस घोड़ी प बेचता उसको
  411. 16:10नचाया जाए और दुल्हे खुद अच्छे घुड़सवार
  412. 16:12हुया करते नचा दिया करते आजकल तो दुल्हा
  413. 16:14चलते तो ति वाले आते हैं है ना तो आजकल तो
  414. 16:18दूल्हे को घोड़ी पर बिठा कर तगड़ी पकड़ ले
  415. 16:20और दो इधर चलते हैं और दो इधर चलते हैं ये
  416. 16:23कहीं डगमगा के गिर ना आ जाए अच्छा कई
  417. 16:25दुल्हे तो पिए भी और रहते हैं आजकल साथ
  418. 16:27में दारुड़िया दोस्त होते हैं वो कोई
  419. 16:29पिलाते भाई कॉन्फिडेंस रहेगा भाई उसमें
  420. 16:31पिया हु और है तो भाई उस डिग मिग होता
  421. 16:33रहता है अब गिरा अब गिरा इसम तो अब क्या
  422. 16:37नचाए दल्ला खुद नाचा हु ही रहता है पहले
  423. 16:39नचा लिया करते डाकी टाइप के आदमी होते तो
  424. 16:41वो गिरते भी नहीं थे जी घोड़ी से घोड़ी
  425. 16:43बेचारी डरा करती थी डाकी कहां बिठा दिया
  426. 16:45इसको तो पाबू जी वहां घोड़ी को नचाए ना
  427. 16:48चारों तरफ लोग बातें करे अरे कैसर काल में
  428. 16:51जैसी तो घोड़ी नहीं है आज दिन तक ऐसी
  429. 16:53घोड़ी नहीं देखी कहते अमरकोट वालों को
  430. 16:55बड़ा बुरा लगा अमरकोट वालों ने कहा अरे ये
  431. 16:58क्या तरीका है तुम्हारे पास ही घोड़ी हो
  432. 16:59हमारे पास तो घोड़े हो ही नहीं तो किसी ने
  433. 17:01इधर वालों ने कहा तुम्हारी और हमारे वाले
  434. 17:03को दौड़ करवा लो पता चल जाएगा किसके पास
  435. 17:06अच्छी और किसके पास अच्छी नहीं है तो वो
  436. 17:08कहते वो अमरकोट वाले जो सोडा थे वो घोड़ा
  437. 17:11लेके आए अपने लो करवाओ दौड़ करवाओ तो बाबू
  438. 17:13जी ने कहा आज नहीं भाई दो दिन बाद हम इतने
  439. 17:16किलोमीटर चल के आ हमारी घोड़ी थकी हुई है
  440. 17:17तुम्हारा घोड़ा तो एकदम फ्रेश है तो अभी
  441. 17:19हाथों हाथ दौड़ कर आओगे तुम्हारा घोड़ा
  442. 17:21जीतेगा ही तो उन्होने कहा ये तो बातें हैं
  443. 17:23पाबू जी दो दिन बाद में कोई नहीं होगा
  444. 17:25करवानी तो अभी करवा लो और इसका मतलब डर गए
  445. 17:27अभी आप यदि दौड़ नहीं कर
  446. 17:29पाबू जी ने कहा देखो और कुछ ही कर सकते हो
  447. 17:31जयकांत सिकरे का इगो हट नहीं कर सकते तुम
  448. 17:33लो कराओ देखो और कैसर काल में को दौड़ाया
  449. 17:35कैसर काल में थकी हुई थी उसके बावजूद
  450. 17:37घोड़े को पीछे छोड़ती है और सबने और
  451. 17:39तालिया बजाई अमरकोट वालों की और धूड़ धनी
  452. 17:42ई लो साब केसर काल में थकी हुई थी फिर भी
  453. 17:45तुम्हारे घोड़े को तो अरा ग तो उनको
  454. 17:47गुस्सा आया हुआ था तो कहते पाबू जी जब
  455. 17:49वहां तोरण के तोरण तो समझते हो पाबू जी जब
  456. 17:51तोरण के लिए पहुंचे तो उन्हो तोरण बहुत
  457. 17:53ऊंचा बांध दिया अच्छा आप हिंदी पढ़ोगे ना
  458. 17:55तो आप पढ़ोगे तोरण मारना एक मुहावरा है
  459. 17:58जिसका मतलब है शक्ति प्रदर्शन
  460. 18:00करना इसका मतलब क्या है पहले होता क्या था
  461. 18:04कि किसी एक राजकुमारी से शादी करने के लिए
  462. 18:05चार राजकुमार आ गए चार बारात आ गई हम इससे
  463. 18:08शादी करेंगे तो अब किससे करो आप शादी तो
  464. 18:11अक्सर ऐसे करते कि ऊंचा त्वरण बांध देते
  465. 18:12तोरण ऊंचा बांध दिया करते फिर कहते जो
  466. 18:14तोरण मार देगा उससे ब्याह कर देंगे तो कोई
  467. 18:17एक राजकुमार उनमें से तोरण मारता उसके साथ
  468. 18:19राजकुमारी क्या कर दी जाती शादी कर दी
  469. 18:20जाती तो तोरण मारना मतलब क्या हो गया
  470. 18:22शक्ति का प्रदर्शन करना तो आज भी यदि गांव
  471. 18:25के अंदर आप इस प्रकार की कोई बातें करो ना
  472. 18:27भाई मैंने यह कर दिया मैंने वो कर दिया
  473. 18:28गाव वाले कह देते हैं अरे किसा तोरण मारे
  474. 18:30है कि कौन से क्या किया तूने को तोरण मार
  475. 18:33के थोड़ी आया छोटी मोटी लड़ाई तोरण मारना
  476. 18:35बहुत बड़ी बात तो उन्होंने बहुत ऊंचा तोरण
  477. 18:38बांधा और कहा आज देखते हैं पाबू जी कैसे
  478. 18:40तोरण मारेंगे और पाबू जी तोरण नहीं
  479. 18:41मारेंगे तो पाबू जी की बेजती हो जाएगी
  480. 18:43पाबू जी ने वहां जाक देखा कि यार तोरण है
  481. 18:45तो ऊंचा और इतना ऊंचा तोरण लगेगा तो नहीं
  482. 18:48बाबूजी मन ही मन सोचे यार ठीक कि आज तो
  483. 18:50इन्होंने और वो सामने अमरकोट वा देख के
  484. 18:52मुस्कुराए के हाल है अब कैसे लगेगा भाई
  485. 18:55साहब अब एक ही सूरत में लग सकते थे कि
  486. 18:59घोड़ी अपने पिछले दोनों पैरों पर खड़ी हो
  487. 19:01जाए यदि घोड़ी अपने अगले दोनों पैर पूरे
  488. 19:03हवा के अंदर उछाल दे तो पाबूजी घोड़ी पर
  489. 19:06खड़ी हो ग उस पर तोरण मार सकते हैं वरना
  490. 19:07तोरण नहीं लगे तो कहते हैं कि पाबू जी उस
  491. 19:09घोड़ी पर य हाथ फेरते हैं और उस घोड़ी को
  492. 19:12कहते हैं कि कैसर मतना दीजिए आज थारो मारो
  493. 19:15पोत पोत का मतलब भेदना पोत खुल गया भेद
  494. 19:18खुल गया कि केसर मत ना दीज आज थारो मारो
  495. 19:21पोत मत ना लजा आज राठौड़ री जात हे केसर
  496. 19:25आज तेरा और मेरा भेद मत दे देना आज जो
  497. 19:27राठौड़ों की बारात आई इसको लजा मत देना तू
  498. 19:30आज जैसे तैसे करके तू ये मरवा दे केसर ने
  499. 19:32अपना सिर हिलाया कि तू चिंता मत कर इसको
  500. 19:34तो अभी मार दूंगी किता ग कहते पाबू जी जो
  501. 19:38ढोल बजा रहा था लड़का उसको कहते हैं कि
  502. 19:40ढोली रा छोरा तू तो मद्र ढोल बजा मद्र
  503. 19:42मतलब हल्का हल्का कोई ढोल रे धमाके मरे
  504. 19:45कैसर घोड़ी नाच से तुम्हारे ढोल के धमाके
  505. 19:48पे मेरी कैसर नाचेगी वो कैसर को नचाते नचा
  506. 19:50न कैसर लगाम खींचते हैं लगाम खींच कैसर
  507. 19:52अगले दोनों पैर हवा में उछाल देती है
  508. 19:54बाबूजी आराम से उसके मारते हैं तो कहते
  509. 19:56अगले दोनों पैर जब हवा में उछाल है तो ग
  510. 19:58के कंगूरे प लगा देते है जहां तोरण लगा
  511. 20:00हुआ था उसके पास में अपने पैर टिका है
  512. 20:02दोनों जब वापस पैर उतार रही होती तो उसके
  513. 20:04खुर के प्रहार से टे साथ में आ गई इंटे
  514. 20:07तोड़ के लाई वहां से वो इस बार पाबू जी ने
  515. 20:10अमरकोट वालों की तरफ देखा क्या हाल
  516. 20:14है मैंने मैंने जब कभी यह कहानी पढ़ी थी
  517. 20:18कहीं पर तो उस कहानी के अंदर था कि जब यह
  518. 20:20सीन देखा तो वहां फूलदे की जितनी भी
  519. 20:23सहेलियां खड़ी थी वो जल गई
  520. 20:27[प्रशंसा]
  521. 20:30और जब यह समाचार अंदर फूम दे को मिला तो
  522. 20:32फलम दे बड़ी प्रफुल्लित हुई मुझे लगता
  523. 20:35फूलदे को लगा होगा कि मेरे वाला
  524. 20:38सरदार अपने अपने चर्चे हो रहे हैं चारों
  525. 20:41तरफ अच्छा तो लगे भाई कि मेरे पति ने इस
  526. 20:43प्रकार से तोरण मारा है अब कते पाबू जी
  527. 20:46अंदर जाके फेरों के अंदर बैठे पाबू जी ने
  528. 20:47अभी तीन फेरे लिए थे कितने फेरे लिए न
  529. 20:51इतने में देवल बाल बिखेरे हुए गालिया
  530. 20:54निकालते हु फेरों मेंही पहुंचे और फेरो
  531. 20:56में जाक मैंने कहा था तेरे को पहले कि
  532. 20:59टाइम लगेगा तुम्हें जाने में आने में फिर
  533. 21:01वहां तुम्हारी शादी ब्याह के अंदर टाइम
  534. 21:02लगेगा और मेरी गायों को ले जाएगा तब तू
  535. 21:04बड़ी-बड़ी बातें कर रहा था कि मैं जैसे ही
  536. 21:06गायों की सूचना मिली वापस चलूंगा अब यहां
  537. 21:08बैठ के फेरे ले रहा गायों को ले गए मेर
  538. 21:11बाबू जीी ने कहा मा देवल कौन ले गया बताओ
  539. 21:13तो सही कि मेरी गायों को जींद राव खिंची
  540. 21:16ले गया कौन ले
  541. 21:18गया नागौर के अंदर एक जगह पड़ती है अपने
  542. 21:21जायल कौन सी जगह और जायल का एक राजा था उस
  543. 21:24राजा का नाम क्या
  544. 21:26था क मेरी गायों को जींद खींची ले
  545. 21:30गया और तूने कहा था कि तू मेरी गायों को
  546. 21:33बचाएगा तो गायों को बचा मेरी बाबू जी
  547. 21:35हाथों हाथ तीन फेरों के बाद में गठ जोड़ा
  548. 21:37बंधा रहता है दुल्हन के साथ वो गठ जोड़ा
  549. 21:39खोलते हैं और अमरकोट वालों को कहते हैं
  550. 21:41भाई सॉरी मैं देवल को वचन देके आया था कि
  551. 21:45मैं किसी भी सिचुएशन के अंदर हुआ तो मैं
  552. 21:47तुम्हारी गायों की रक्षा के लिए वापस
  553. 21:48आऊंगा रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाई पर
  554. 21:53वचन नहीं जाने चाहिए शादी ब्याह होते
  555. 21:54रहेंगे मैं जिंदा रहा तो वापस आऊंगा मर
  556. 21:57गया तो फिर स्वर्ग में मिलेंगे वहीं पर
  557. 21:59मिलेंगे अपने बाबू जी वहां से वापस आते
  558. 22:01हैं तीन फेरों के बाद में जोधपुर के अंदर
  559. 22:03एक गांव पड़ता है
  560. 22:05देचू कौन सा गांव पड़ता है देचू नाम का एक
  561. 22:08गांव है वहां पर जींद राव खिंची के खिलाफ
  562. 22:10लड़ाई करते हैं उस युद्ध के अंदर वो गाय
  563. 22:12तो बचा लेते हैं लेकिन पाबूजी इस युद्ध
  564. 22:14में लड़ते हुए शहीद हो जाते हैं हमने एक
  565. 22:16ऐसे व्यक्ति को जिसने गायों की रक्षा के
  566. 22:18लिए अपने विवाह को बीच में छोड़ दिया हमने
  567. 22:21एक ऐसे व्यक्ति को जिसने अपने वचनों की
  568. 22:23रक्षा के लिए विवाह को बीच में छोड़ दिया
  569. 22:24था लोक देवता के रूप में पूजना शुरू कर
  570. 22:26दिया बाबू जी गायों के रक्षा के लिए किससे
  571. 22:29लड़ने के लिए वापस आ गए थे कितने फेरों के
  572. 22:31बाद आ गए थे जींद राव खिंची कहां का राजा
  573. 22:34था वो कौन से गांव में लड़ते हुए शहीद हुए
  574. 22:36थे देचू जोधपुर में जैल नाथ

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