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Mohobbat Rooth Jaye Toh | Episode 06 | Humayun Saeed | Drama — Transcript

by Humehwish Fan · 4,069 words · 673 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00[संगीत]
  2. 0:00मगर वो मरी जा रही थी आप लोगों की तकलीफ
  3. 0:03की वजह से। आज मैं अगर यहां हूं तो सिर्फ
  4. 0:05शुमाइल की वजह से उसने भेजा है मुझे यहां।
  5. 0:09उसको कैसे धोखा दे सकता हूं मैं? कैसे
  6. 0:12उसका हक किसी और को दे सकता हूं?
  7. 0:15जिस औरत ने सारी जिंदगी मुझे सिर्फ दिया
  8. 0:17है। कभी कुछ लिया नहीं है मुझसे।
  9. 0:26तू वापस चला जा पुत्त।
  10. 0:29जा वापस चला जा अपनी जिंदगी में अपनी बीवी
  11. 0:33के पास।
  12. 0:36पर जाते-जाते अपने पिव की जिद पूरी करता
  13. 0:40जा पुत्र।
  14. 0:43वो इस वक्त जख्म शेर बना हुआ है।
  15. 0:47कहीं ऐसा ना हो पुत्र
  16. 0:50कि वो अपनी जिद में
  17. 0:53अपने आपको परा सबको खा जाए।
  18. 0:57[संगीत]
  19. 0:59देख
  20. 1:01मेरी चोरी की तरफ देख अपनी मां की चोरी की
  21. 1:06तरफ देख
  22. 1:08तो आके वास्ते नहीं कर
  23. 1:15[संगीत]
  24. 1:26[संगीत]
  25. 1:42अपने फर्ज से पीछे ना श
  26. 1:45मैं किसी फर्ज से पीछे नहीं हट रहा हूं अब
  27. 1:47जी दूसरी शादी जायज है मगर फर्ज तो नहीं
  28. 1:51ओए कफ्फारा अदा करना तो फर्ज है ना
  29. 1:54कफारा किस बात का
  30. 1:56तू इस बात से इंकार कर सकता है कि हक नवाज
  31. 2:00जिससे दुश्मनी की भेंट चढ़ाए
  32. 2:03उस दुश्मनी का बीज तूने बोया है।
  33. 2:09आज तुझे वो औरत इस कदर अजीज हो गई है कि
  34. 2:13तू उसे दुख नहीं देना चाहता। दिल नहीं
  35. 2:17दुखाना चाहता उसका जो सिर्फ एक साल पहले
  36. 2:21तेरी जिंदगी में आई है।
  37. 2:23ओए उस वक्त ख्याल नहीं आया जब हमें धोखा
  38. 2:26देके दुख देके इस घर से भागा था।
  39. 2:32ओए हक नवाज तेरी वजह से मरा है।
  40. 2:37उसका बदला लेना फर्ज है तुझ पे।
  41. 2:41अरे शायद तेरे सामने सिर्फ दो रस्ते हैं।
  42. 2:44दो
  43. 2:46चौधरी हाकम की हवेली जा और शौकत के सीने
  44. 2:50में इतनी गोलियां उतार।
  45. 2:53ओए जितनी उसने हक नवाज के सीने में उतारी
  46. 2:57थी।
  47. 3:00या फिर हवेली में उनकी कुड़ी को लाके उनको
  48. 3:04नीचा बखा।
  49. 3:15ओम
  50. 3:26[संगीत]
  51. 3:40[संगीत]
  52. 3:47ओम
  53. 3:49[संगीत]
  54. 3:56[संगीत]
  55. 4:06हेलो
  56. 4:08शुक्र है शाहनवाज तुम्हारी आवाज तो सुनी
  57. 4:10मैंने परेशान हो गई थी मुझे अजीब अजीब से
  58. 4:13ख्याल आ रहे थे
  59. 4:15[संगीत]
  60. 4:16कैसे ख्याल
  61. 4:19कि मैं तुम्हें भूल गया हूं
  62. 4:21तुम्हारी जगह किसी और ने ले ली
  63. 4:23मैं ऐसा कभी सोच ही नहीं सकती मुझे पता है
  64. 4:26तुम मुझे कभी नहीं भूल
  65. 4:28और ना ही मेरी जगह कभी किसी और को दे सकते
  66. 4:30हो। खैर छोड़ो यह बताओ अम्मा कैसी है?
  67. 4:34कैसी होंगी वो? कभी हक नवाज के बिछड़ने के
  68. 4:37ख्याल से मरने वाली हो जाती है तो कभी
  69. 4:40मुझे देखकर फिर से जी उठती है।
  70. 4:42शाहनवाज तुम्हें अब एहसास हो रहा है ना कि
  71. 4:45तुमने अच्छा किया जाकर।
  72. 4:48तुम्हें कैसे बताऊं शुमाल कि उन्होंने
  73. 4:51मुझे इस बार
  74. 4:52तुम आ कब रहे हो?
  75. 4:57बहुत जल्द
  76. 4:59मैं बहुत जल्दी तुम्हारे पास आ रहा हूं।
  77. 5:02मैं आ रहा हूं तुम्हारे पास।
  78. 5:06ये है तेरी तरबियत। ये है तेरी औलाद। ओए
  79. 5:10मैं पूछता हूं जब उसके दिल में किसी के
  80. 5:13लिए दीद लिहाज नहीं है अपने मरे हुए प्रा
  81. 5:18की रूह को चैन देने की चाह नहीं है तो फिर
  82. 5:22दोबारा आने की क्या जरूरत थी कौन मरा जा
  83. 5:26रहा था उसके लिए
  84. 5:30सवेरे निकाह
  85. 5:32[संगीत]
  86. 5:34समझा उसे
  87. 5:36सारी रात पड़ी है तेरे पास
  88. 5:41मैंने समझा है चौधरी जी
  89. 5:44पर वो नहीं मानता
  90. 5:48मेरी भी नहीं सुनता
  91. 5:52मैंने कहा ना कि अभी सारी रात पड़ी है
  92. 5:57तेरे पास
  93. 5:59जितनी जान मार सकती है मार
  94. 6:03समझा उसे
  95. 6:06समवेरे तूने मुझे खुशखबरी सुनानी है कि
  96. 6:09ईशाया मन गया है।
  97. 6:12और अगर ऐसा ना हुआ तो याद रख
  98. 6:16मन्ने की कूड़ी तो मैंने हवेली में लाऊनी
  99. 6:19ही लाऊनी है।
  100. 6:22शाहनवाज मनने ना मन्ने पन्ने निभाने के
  101. 6:27लिए मैं हूं ना।
  102. 6:34[संगीत]
  103. 6:45[संगीत]
  104. 6:53शाय
  105. 6:56पुत्र
  106. 6:58शाय पुत्र अपनी मां के सिर में के डलने से
  107. 7:01बचा ले पुत्र क्या हुआ मां
  108. 7:04पुत्र तू जानता है ना तेरा पियो जिद का
  109. 7:07कितना पक्का है और पंचायत में कई गल से
  110. 7:10पहला वो कैसे मुकर सकता है उसे शिमले से
  111. 7:14ज्यादा अपने नाक की फिक्र है बेटा
  112. 7:18मां मैंने आपसे कहा था ना कि मुझे यह बात
  113. 7:20बिल्कुल भी कुबूल नहीं है अब्बा जी की नाक
  114. 7:22से ज्यादा अजीज मुझे वो दिल है जो सिर्फ
  115. 7:25मेरे लिए धड़कता है
  116. 7:27फिर आप क्या समझती हैं कि मैं किसी बेकसूर
  117. 7:30का दिल दुखा दूंगा अब्बा जी की खातिर क्या
  118. 7:33मैं नहीं जानता कि बनी में आए हुए
  119. 7:34लड़कियों के साथ क्या सलूक होता है? मैं
  120. 7:36ऐसा नहीं कर सकता। अब्बा जी ने तो मुझे
  121. 7:39बड़े आराम से कह दिया है कि मैं उस लड़की
  122. 7:42से निकाह करके भले ही अपनी जिंदगी में
  123. 7:43वापस चले जाऊं लेकिन मेरा जमीर क्या मुझे
  124. 7:46सुकून से रहने देगा? कभी भी नहीं हुआ। मैं
  125. 7:50उसके साथ ऐसा जुल्म नहीं कर सकता। तू तू
  126. 7:53समझता है पुत्र अगर तूने उस लड़की से शादी
  127. 7:56ना की तो वो बड़ी सुखी रहेगी। जानता है
  128. 8:00तेरे बाप ने क्या कहा है? वो अपनी कही हुई
  129. 8:04बात पूरी करने के लिए उस लड़की को हर हाल
  130. 8:08में इस हवेली में लेकर आएगा पुत्तर।
  131. 8:12अगर तूने उससे निकाह ना किया
  132. 8:17तो तेरा बाप उससे निकाह कर लेगा।
  133. 8:21क्या?
  134. 8:23वो ऐसा कैसे कर सकता है? तू सोच पुत्र इस
  135. 8:28उम्र में तेरी मां के सर पर सौतन आएगी। तू
  136. 8:31उतर अपनी बीवी के सर पर सौतन लाने से डरता
  137. 8:35है ना। हालांकि तू उसे उसके सिर पर
  138. 8:38बिठाएगा नहीं। और तेरी अपनी मां पुत्र
  139. 8:43जो पहले ही अपने मर्द की जूतियों में पड़ी
  140. 8:46रहती है।
  141. 8:49सौतन आने के बाद तो पता नहीं उसे उसकी उन
  142. 8:53जूतियों में भी जगह मिलेगी कि नहीं।
  143. 8:57मां आपकी इसी कमजोरी ने अब्बा को शह दी
  144. 8:59है। आप डट जाए ना, रोक दे उनको ऐसा करने
  145. 9:02से।
  146. 9:02हां, मैं हूं कमजोर।
  147. 9:06मैं कमजोर हूं। एक मां की ताकत तो उसके
  148. 9:09बेटे होते हैं ना पुतन
  149. 9:12मेरा एक बेटा
  150. 9:14मानो मिट्टी के नीचे जाकर सो गया और मेरा
  151. 9:18दूसरा पुत्र
  152. 9:20इस मिट्टी को छोड़कर परदेश जाने की तैयारी
  153. 9:24कर रहा है।
  154. 9:26बोल पुत्र मैं कहां से लाऊं हिम्मत?
  155. 9:31मेरी हिम्मत मेरा हौसला मेरा सब कुछ तो तू
  156. 9:34है पुत्र।
  157. 9:36मैं तुझसे मदद नहीं मांगूंगी तो बता किससे
  158. 9:39मांगूंगी मैं? मेरा बच्चा मेरा बच्चा सब
  159. 9:43कुछ तेरे हाथ में है। सब कुछ तेरे हाथ में
  160. 9:46है।
  161. 9:47[संगीत]
  162. 9:59[हंसी]
  163. 10:02[संगीत]
  164. 10:04रात से मुझे बहुत घबराहट हो रही है।
  165. 10:09एक अजीब सी बेचैनी है। खामखा का वहम हो
  166. 10:13रहा है।
  167. 10:14अरे फिर तो तुम उसके लिए मेरे घर क्यों आई
  168. 10:17हो? तुम्हें तो मेरी क्लनिक आना चाहिए शाम
  169. 10:20को और वो भी अपॉइंटमेंट लेगा।
  170. 10:22ज़न मुझे एक साइकेट्रिस्ट के लिए एक दोस्त
  171. 10:24की जरूरत है।
  172. 10:25तुम्हें उसकी कमी महसूस हो रही है। उसे
  173. 10:27मिस कर रही हो बस।
  174. 10:29हां
  175. 10:32लेकिन सिर्फ ये बात नहीं है।
  176. 10:36मैंने उसे पाकिस्तान यह कह के भेजा था कि
  177. 10:39वहां जाके वो अपनी फैमिली को सहारा दे।
  178. 10:42उन्हें इमोशनल सपोर्ट दे। उनको संभाले
  179. 10:47लेकिन वो खुद उसे कौन संभालेगा?
  180. 10:51कोई बच्चा थोड़ी है।
  181. 10:55[संगीत]
  182. 10:58वैसे तुम उसके साथ अच्छा नहीं कर रही।
  183. 11:01मैं तो यह समझाया था कि तुमने उसके साथ
  184. 11:03शादी इसलिए की है ताकि तुम उसकी बिखरी हुई
  185. 11:06टूटी हुई शख्सियत को अपनी मोहब्बत से जोड़
  186. 11:09सको।
  187. 11:15तो क्या मैं ऐसा नहीं कर रही?
  188. 11:17हम
  189. 11:19किसी हद तक तो जोड़ा है तुमने उसे।
  190. 11:22मगर डरती हो कि कहीं टूट ना जाए। इसलिए
  191. 11:26हाथ से जाने नहीं देती हो।
  192. 11:28ऐसे तो ना कहो उसे। मैंने ही उसको
  193. 11:31पाकिस्तान भेजा है ना। मेरे लिए यह डिसीजन
  194. 11:34लेना कितना मुश्किल था ये मैं ही जानती
  195. 11:36हूं। उसे वहां कुछ भी हो सकता है।
  196. 11:40मेरे दिल से पूछो मैंने उसे वहां कैसे
  197. 11:42भेजा।
  198. 11:43तो फिर उसी दिल से कहो कि मुमईन रहे।
  199. 11:47जो शख्स तुम्हारा है वो लौट कर आएगा। उसे
  200. 11:50मोहब्बत जरूर दो। मगर इतनी भी नहीं कि वो
  201. 11:53तुम्हारा आदि हो जाए।
  202. 11:57अच्छा नहीं कर रही हो ये तुम।
  203. 11:59[संगीत]
  204. 12:00ना उसके साथ ना अपने साथ
  205. 12:05[संगीत]
  206. 12:12जो मैं करने जा रहा हूं बिल्कुल ठीक है ना
  207. 12:16मेरे लिए ना तुम्हारे लिए
  208. 12:19लेकिन अगर मैंने ऐसा ना किया तो किसी के
  209. 12:22लिए भी ठीक नहीं
  210. 12:24मुझ में इतनी हिम्मत नहीं कि मैं इसकी
  211. 12:26इजाजत ले सकूं या तुमसे से जिक्र भी कर
  212. 12:29सकूं।
  213. 12:31पता नहीं ये जानने के बाद तुम्हें कैसा
  214. 12:33लगा।
  215. 12:35शायद हमेशा की तरह इस मामले में भी मेरा
  216. 12:38साथ दो या शायद मुझसे नफरत कर दो।
  217. 12:43लेकिन हर सूरत में तुम्हारे नसीब में दुख
  218. 12:45ही होंगे।
  219. 12:47तुमने हमेशा मुझे हर दुख हर फिक्र से
  220. 12:49बचाने की कोशिश की।
  221. 12:52आज ये कोशिश मैं करूंगा।
  222. 12:55मैं तुम्हारा हौसलो तुम्हारी मोहब्बत नहीं
  223. 12:58है आजमाऊं
  224. 13:00तुम्हें कुछ नहीं बताऊंगा।
  225. 13:05वीर ये ये अम्मा क्या है ये?
  226. 13:13हां, मैं शादी कर रहा हूं।
  227. 13:19पर तू तो कहता था कि तू इन सारी जाहिलाना
  228. 13:21नस्मों के खिलाफ हूं।
  229. 13:24फिर फिर उनमें से एक रस्म पे अमल करके उसे
  230. 13:26पक्का कैसे कर रहा है?
  231. 13:28खिलाफ हो के भी क्या कर सकता हूं?
  232. 13:31इंकार करने के बाद भी क्या फर्क पड़ जाता
  233. 13:33है? मैं तो उस बात के भी खिलाफ था जो
  234. 13:36अब्बा जी तेरे साथ कर रहे हैं। उस पे भी
  235. 13:38एतजाज किया था मैंने। लेकिन कुछ नहीं कर
  236. 13:40सका मैं। तेरी अब भी वही जिंदगी है जिससे
  237. 13:43मैं तुझे बचाना चाहता था।
  238. 13:47मेरे भाग जाने से भी क्या हुआ? हालात और
  239. 13:50ज्यादा बिखर गए। पर अब भी ऐसा ही होगा।
  240. 13:52मैं इंकार करके चला भी जाऊंगा ना तो ये
  241. 13:54रस्म को रोक नहीं सकता मैं।
  242. 13:56फिर
  243. 13:57उससे तीन-तीन जिंदगियां बर्बाद होंगी।
  244. 14:00तेरे और परजाई के दरमियान दरार पड़ जाएगी।
  245. 14:02और वो लड़की
  246. 14:05तू नहीं जानता उस लड़की का यहां पर क्या
  247. 14:06सुलूक होगा।
  248. 14:10मुझे तो किसी मतबर एक चीज की तरह
  249. 14:14घर के सबसे ऊंचे मीनार पर रख दिया।
  250. 14:18पर वो वो ठोकरों पर रहेगी।
  251. 14:22तू नहीं जानता वो उस खानदान की लड़की है
  252. 14:24जिसने हमारे जवान भाई को मारा है। कौन है
  253. 14:27इस हवेली में जो उस पर रहम करेगा? सब अपनी
  254. 14:30नफरतें उसी पे निकालेंगे। अब्बा अम्मा और
  255. 14:32शायद शायद मैं भी
  256. 14:35तो क्या करूं मैं? चलो नहीं करता मैं उससे
  257. 14:38शादी। तो अब्बा को संभाल लेगी। उनको रोक
  258. 14:42सकेगी कि वो उस लड़की से शादी ना करें।
  259. 14:45नहीं रोक सकती।
  260. 14:48मैं ये दिल से नहीं कर रहा हूं।
  261. 14:50शुमाइल को तो शायद मैं मुंह भी दिखाने के
  262. 14:52काबिल नहीं रहूंगा। उसको दुख से बचाने के
  263. 14:54लिए पता नहीं कितने झूठ बोलने पड़ेंगे
  264. 14:56मुझे। अब्बा जी की बात मानने के अलावा और
  265. 14:58कोई रास्ता नहीं था मेरे पास। हां, मैं
  266. 15:01उन्हें यह मनाने की जरूर कोशिश करूंगा कि
  267. 15:02उस लड़की के साथ बुरा सलूक ना करें। मेरे
  268. 15:05बस में यही है और मैं कुछ नहीं कर सकता।
  269. 15:07मुझे डर लगता है वीर।
  270. 15:10इस हवेली में एक और बात बनी के पैदा होने
  271. 15:13से मुझे बहुत डर लगता है। मेरी फी ने अपनी
  272. 15:17फूफी का जो कमरा आबाद किया था।
  273. 15:20और उस और उस कमरे को जो 20 साल बाद मैंने
  274. 15:23आबाद किया।
  275. 15:26मैं नहीं चाहती। मैं नहीं चाहती कि कल को
  276. 15:28उसमें तेरी बेटी हो।
  277. 15:31वीर वीर मैं चाहती हूं कि तू तू कहीं दूर
  278. 15:34चला जा यहां से। सारे रिश्ते सब कुछ छोड़
  279. 15:37के तू चला जा यहां से। बेशक बेशक मेरी और
  280. 15:40अम्मा की आंखें तुझे देखने को तरस जाए पर
  281. 15:43तू चला जा।
  282. 15:45मैं नहीं चाहती कि वो कमरा फिर से किसी और
  283. 15:48जिंदा लाश से आबाद हो। वीर फिर मैं नहीं
  284. 15:52चाहती कि कल को उसमें तेरी बेटी हो। तू
  285. 15:55चला जा।
  286. 15:56[संगीत]
  287. 16:02[संगीत]
  288. 16:12ओम
  289. 16:19ओए तू जानता है तू क्या कह रहा है?
  290. 16:22अपने पियो के सामने शर्तें रख रहा है और
  291. 16:25वो भी भाग परी के हवाले से।
  292. 16:29जानता है इसका नतीजा क्या निकल सकता है?
  293. 16:33जानता हूं जी। अगर आपने बात मान ली तो
  294. 16:37नतीजा आपके हक में निकलेगा। अगर नहीं मानी
  295. 16:41तो नतीजा बुरा होगा।
  296. 16:47ओए तड़ी लगाता है अपने पियो को चौधरी नवाज
  297. 16:51को
  298. 16:53जा परदे जाके छोटे खा
  299. 16:58मैं कह चुका हूं तेरी मां से ये निकाह कल
  300. 17:02हर हाल में होगा
  301. 17:06तू नहीं करेगा तो मैं करूंगा मैं
  302. 17:12आपकी आपकी भूल है अब्बा जी। मैं आपको ऐसा
  303. 17:15करने नहीं दूंगा।
  304. 17:16क्या करेगा?
  305. 17:19मैं ऐसा करना तो नहीं चाहता
  306. 17:22लेकिन मैं पंचायत बुलाऊंगा। अपना हक
  307. 17:24इस्तेमाल करूंगा।
  308. 17:26शकत चौधरी हाकिम और चौधरी शौकत को अपने
  309. 17:30भाई का खून माफ़ कर दूंगा।
  310. 17:31अरे बेगैरत
  311. 17:33अपने ब्राह का खून माफ़ कर देगा।
  312. 17:37मैं भी ऐसा नहीं चाहता कि मैं अपने भाई का
  313. 17:39खून माफ़ कर दूं।
  314. 17:41लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो ऐसा कर गुजरूंगा
  315. 17:44क्योंकि अगर मेरे सामने मेरा मरा हुआ भाई
  316. 17:46और जिंदा बहन दोनों होंगे
  317. 17:49तो मैं अपनी जिंदा बहन को बचाने की कोशिश
  318. 17:52करूंगा।
  319. 17:53[संगीत]
  320. 18:02ओए पुत्र तो पियो का सहारा होते हैं।
  321. 18:06तू कैसा पुत्र है जो प्योह का बाजू बट के
  322. 18:11उसे लूला लंगड़ा अपार बना रहा है।
  323. 18:16देखिए अब्बा जी मैं सिर्फ ये चाहता हूं कि
  324. 18:18मैं आपकी बात मान के निकाह कर लूं और आप
  325. 18:21मेरी बात मान के बागबरी को मेरे हवाले कर
  326. 18:24दें। वो मेरे साथ जाएगी।
  327. 18:27ये बहुत बड़ा गुनाह है।
  328. 18:30पाक बीवी है वो। अमानत है कुरान की। उसे
  329. 18:35तेरे हवाले कैसे कर दूं?
  330. 18:37तू मेरी बहन है।
  331. 18:40मेरा भी हक है उस पे।
  332. 18:42मुझे गुनाह और सवाब की कोई फिक्र नहीं है।
  333. 18:46आप उसे अमानत समझते तो समझते रह।
  334. 18:49और दूसरा आप फिक्र ना करें। मैं उसे शादी
  335. 18:51करने के लिए नहीं लेके जा रहा। इस वक्त
  336. 18:54उसका जिंदा रहना बहुत जरूरी है।
  337. 18:56मैं उसको कैद की जिंदगी में नहीं देख
  338. 18:58सकता।
  339. 19:00वो छोटी-छोटी खुशियों के लिए तरस गई है।
  340. 19:02ना अपनी मर्जी से खा सकती है, ना अपनी
  341. 19:04मर्जी से पहन सकती है, ना मर्जी से सांस
  342. 19:07ले सकती है।
  343. 19:08कितने दिन हो गए उसने खुला आसमान नहीं
  344. 19:11देखा। मैं उसको जिंदगी भर की खुशियां
  345. 19:13दिलाना चाहता हूं। वापस लौटाना चाहता हूं
  346. 19:16उसे।
  347. 19:19चल ठीक है।
  348. 19:21पर मेरी दो शर्तें हैं। अली
  349. 19:26तू बागपरी का ब्याह नहीं करेगा।
  350. 19:30वरना ये गांव वाले ये सारी हवेली साड़ के
  351. 19:33सुहाग कर देंगे। नकाह के गुनाह में।
  352. 19:37और तू जी
  353. 19:39जब तक तेरा निकाह बेलीपुर वालों की कुड़ी
  354. 19:42से नहीं हो जाता तेरे सारे कागजात और
  355. 19:45पासपोर्ट मेरे खुल रहेगा।
  356. 19:51लेकिन भागबरी का पासपोर्ट बनाने के लिए
  357. 19:53मुझे अपने पासपोर्ट की जरूरत होगी।
  358. 19:55दे दूंगा मिल जाएगा दो-चार दिन में। पहले
  359. 19:59मुझे यह तो यकीन हो जाए कि तू अपनी गल से
  360. 20:03फिरेगा नहीं।
  361. 20:09ठीक है।
  362. 20:12[संगीत]
  363. 20:23क्या भाग भरी को साथ ला रहे हो? व्हाट अ
  364. 20:27प्लेज़ेंट सरप्राइज।
  365. 20:29[संगीत]
  366. 20:30क्यों नहीं खुश होंगी शाहनवाज? तुम खुश हो
  367. 20:33तो मैं भी खुश हूं। मैं तुम दोनों का
  368. 20:35इंतजार करूंगी।
  369. 20:37हम ओके
  370. 20:41[संगीत]
  371. 21:06[संगीत]
  372. 21:20चौधरी शाहनवाज व चौधरी रब नवाज आपको मरियम
  373. 21:24बीबी व कमरुद्दीन अपने निकाह में कबूल है
  374. 21:32कबूल चौधरी शाहनवाज व चौधरी रब नवाज आपको
  375. 21:37मरियम बीबी व कमरुद्दीन अपने निकाह में
  376. 21:40कबूल है।
  377. 21:43कबूल है। चौधरी शाहनवाज व चौधरी रब नवाज
  378. 21:47आपको मरियम बीबी व कमरुद्दीन अपने निकाह
  379. 21:50में कबूल है।
  380. 21:56कबूल है? माशा्लाह।
  381. 22:02[संगीत]
  382. 22:16[संगीत]
  383. 22:18ओ किस बात की जल्दी है तुझे 10-12 मिनट
  384. 22:22लगेंगे अभी और आखिर हमेशा हमेशा के लिए
  385. 22:25अपनी कुड़ी को तोड़ रहे हैं वो
  386. 22:28मुझे एक जरूरी काम से शहर जाना है अब्बा
  387. 22:30जी
  388. 22:31इतनी जल्दी क्या है इको वारी डोली लेके
  389. 22:33चलते हैं।
  390. 22:36डोली के जाने ना जाने से मुझे कोई
  391. 22:37दिलचस्पी नहीं है। ये आपका काम है आप ही
  392. 22:41कीजिए।
  393. 22:45ओए ये ताजे को ले जा अपने साथ।
  394. 22:49सिर्फ एक गार्ड।
  395. 22:51मेरी निगरानी के लिए एक बंदा काफी है आपकी
  396. 22:54नजर में।
  397. 22:54ओए तू अपने पियो को कब समझेगा? शायद कभी
  398. 22:58भी नहीं। और यह मैं तेरी निगरानी के लिए
  399. 23:02नहीं तेरी हिफाजत के लिए भेज रहा हूं।
  400. 23:06तेरी निगरानी करनी होती तो अपने किसी
  401. 23:08एतबार के बंदे को भेजता।
  402. 23:13ये ताजा
  403. 23:15ये तो तेरे लिए पहले भी दगा कर चुका है
  404. 23:17मेरे साथ।
  405. 23:20[संगीत]
  406. 23:36ल
  407. 23:40[संगीत]
  408. 23:47शाय ने कोई गड़बड़ तो नहीं की सब ठीक हो गया
  409. 23:49ना?
  410. 23:50हो गया हो गया सब कुछ ठीक
  411. 23:54तू जाके वोट देख।
  412. 23:57शगन उतार उसके ओ बन्नी में आई है तो सही
  413. 24:01की बुड्ढ ना
  414. 24:04दो दिन नखरे उठा उसके
  415. 24:12शाह कहां है?
  416. 24:17वो अपना
  417. 24:19कोई जरूरी कम पड़ गया था शायद उसे। तू ये
  418. 24:22बता कि वह
  419. 24:24बागपरी तो कमरे में है ना?
  420. 24:28पागा?
  421. 24:29[संगीत]
  422. 24:30हां जी।
  423. 24:31मैं उसके कमरे में जा रहा हूं।
  424. 24:37और तुझे जो कम सौंपा है ना वो कर जा के।
  425. 24:40जा।
  426. 24:45[संगीत]
  427. 25:07ओम
  428. 25:11[संगीत]
  429. 25:23[संगीत]
  430. 25:37हैरान हो के अजमेर खुद चलके कैसे आ गया है
  431. 25:44[संगीत]
  432. 25:46तू
  433. 25:48ती है मेरी
  434. 25:50मुझसे इतनी दूर जा रही है तो क्या मैं
  435. 25:54आखिरी बार तुझसे मिलने नहीं आ सकता?
  436. 26:00आखिरी बार
  437. 26:03पर वीर जी तो कह रहा था कि जाने में कुछ
  438. 26:05दिन लगेंगे।
  439. 26:07नहीं
  440. 26:10जाने वालों को वक्त नहीं लगता।
  441. 26:14और जिसका जैसे लिखा होता है।
  442. 26:19उसे वैसे जाना होता है।
  443. 26:23[संगीत]
  444. 26:34[संगीत]
  445. 26:57बीबी जी बीबी जी वो वो नहीं बोटी
  446. 27:02नाम ना ले उसका मेरे सामने
  447. 27:06मेरे हक नवाज के कातिलों की थी
  448. 27:11मैं उसकी शक्ल भी देखना नहीं चाहती
  449. 27:15और उसकी शगन करती है मेरी जूती
  450. 27:18[संगीत]
  451. 27:21मुझे मुझे मेरे जवान पुत्र का शोक भी नहीं
  452. 27:23मनाने दिया। किसी ने
  453. 27:27खुल के रोने भी नहीं दिया।
  454. 27:31[संगीत]
  455. 27:33अब उसे क्या रोऊंगी मैं?
  456. 27:37अब तो मेरा शाह
  457. 27:40मेरी पागा
  458. 27:42दो हवेली के बेड़े को वीरान करके परदेश जा
  459. 27:46रहे हैं
  460. 27:50और पीछे रह जाएगी
  461. 27:54दुश्मनों की ही ये तीर कल्ली
  462. 27:59इस पूरी हवेली में दनदनाने को
  463. 28:04और मैं जब इसे से देखूंगी।
  464. 28:09जब तक मेरा मेरा हक नवाज मेरी आंखों में
  465. 28:13सामने आ जाएगा।
  466. 28:14बीबी जी एक नजर देख तो लो ना। आओ ना मेरे
  467. 28:18नाल बीबी जी। आओ ना।
  468. 28:20[संगीत]
  469. 28:28मैंने तुझे
  470. 28:30इज्जत और मर्तबे वाली जिंदगी देनी चाही।
  471. 28:36मगर वो तुझे रास नहीं आई।
  472. 28:43अब मैं तुझे
  473. 28:45इज्जत की मौत देता हूं।
  474. 28:48अल्लाह करे तुझे रास आ जाए।
  475. 28:54[संगीत]
  476. 29:15[संगीत]
  477. 29:36सच कहते हैं साने
  478. 29:41औलाद बड़ी बड़ी आजमाइश है।
  479. 29:47क्या आजमाने चला था मुझे?
  480. 29:50[हंसी]
  481. 29:53कैसे अपनी इज्जत उसके हवाले कर देता।
  482. 29:59कैसे छोड़ देता तुझे उसके साथ?
  483. 30:02[संगीत]
  484. 30:04[हंसी]
  485. 30:08हमेशा
  486. 30:11अपने बाप की इज्जत रखती आई है।
  487. 30:15बस
  488. 30:17आज तूने मेरी इज्जत रख ली।
  489. 30:23फिर वो हमेशा अपने हाथों से अपनी दियियों
  490. 30:25को तोड़ते हैं।
  491. 30:30कुछ
  492. 30:32मैंने भी तुझे अपने हाथ ही तोड़ दिया।
  493. 30:40अल्लाह से
  494. 30:50[संगीत]
  495. 31:03[संगीत]
  496. 31:05अब क्या होगा?
  497. 31:07शायद
  498. 31:09नहीं
  499. 31:11इससे पहले कि पियो पुत्र फिर से दोनों एक
  500. 31:15दूसरे के मुकाबले पे आ जाए। मुझे कुछ ना
  501. 31:18कुछ करना होगा।
  502. 31:22[संगीत]
  503. 31:56[संगीत]
  504. 32:28ये ले अपनी चीजें और जा।
  505. 32:31अम्मा ये क्या है?
  506. 32:35तेरे बाप ने पता नहीं ऐसे कितने फैसले और
  507. 32:37करने हैं और कितनी जिंदगी और बर्बाद करनी
  508. 32:40है। तू ये अपनी चीजें पकड़ और जा।
  509. 32:45मां आपको ये पता था?
  510. 32:47मुझे होश ही कहां थी बेटा? हक नवाज के
  511. 32:51जाने के बाद तो मेरी मा गई थी। मैंने सोचा
  512. 32:54ही नहीं कि चौधरी हाकम किस लड़की को वन्नी
  513. 32:57में देगा।
  514. 32:59उसकी तो एक ही बेटी थी शादा
  515. 33:03और रहा उसका बेटा शौकत तो उसकी तो कोई तीर
  516. 33:07नहीं थी। कसम ले ले शाह। अगर मुझे पता
  517. 33:11होता पुत्तर तो मैं तुझे जरूर बताती।
  518. 33:13अगर मुझे पता होता तो मैं ये जुल्म कभी ना
  519. 33:15होने देता। छोटी सी मासूम बच्ची है। इसको
  520. 33:19तो यह भी नहीं पता कि शादी क्या होती है।
  521. 33:21इसको खबर ही नहीं है कि इसके साथ क्या हो
  522. 33:23गया है।
  523. 33:25मुझे मुझे अपने आप से नफरत महसूस हो रही
  524. 33:27है कि मैं इस ज्यादती का हिस्सा बनाऊं। एक
  525. 33:29छोटी सी बच्ची को उसके मां-बाप से जुदा
  526. 33:31करना ये जुल्म ही तो है और क्या है?
  527. 33:34मुझे पता चल गया है पुत्र ये कौन है। ये
  528. 33:38चौधरी आगम की सुतेली बेवा बहन की बेटी है।
  529. 33:42इसकी मां विवानी में गई थी। तो इसका यह
  530. 33:45मतलब तो नहीं कि हम इस ज्यादती में शामिल
  531. 33:47हो जाए। मैं अब्बा जी से बात करता हूं।
  532. 33:49नाशाही कोई ऐसा काम ना करें पुत्तर जिसका
  533. 33:53फायदा नहीं उल्टा नुकसान ही हो। तू क्या
  534. 33:55कर लेगा पुत्र? तेरे कहने से तेरे अब्बा
  535. 33:58जी इसको वापस भेज देंगे। और अगर भेज भी
  536. 34:01देंगे पुत्तर तो क्या मसला खत्म हो जाएगा?
  537. 34:05नहीं। ये बेचारी तो सारी उम्र तेरे नाम पर
  538. 34:08बैठी रहेगी। इधर या उधर? और तलाक देने का
  539. 34:12तो कभी सोचना भी मत होता है।
  540. 34:17जो दुश्मनी हमारे हक नवाज को खा गई आगे
  541. 34:21जाके पता नहीं किस-किस को खाएगी।
  542. 34:25लेकिन अम्मा ये ठीक नहीं है।
  543. 34:27कुछ करने का फायदा नहीं है पुत्र।
  544. 34:30अलबत्ता अगर तू जिद करेगा ना, तो तेरा बाप
  545. 34:33तुझे भी जाने से रोक देगा। इसलिए मेरी बात
  546. 34:36मान पुत्तर चुपचाप निकल जा। चला जा। मगर
  547. 34:40मगर मगर इस लड़की का क्या होगा?
  548. 34:41मैं कर लूंगी इसका कुछ। कुछ ना कुछ कर
  549. 34:44लूंगी। तू बिल्कुल बेफिक्र हो जा।
  550. 34:47और भागबरी का क्या होगा?
  551. 34:50भागबरी को मैं छोड़ के नहीं जाऊंगा। उसकी
  552. 34:53खातिर मैंने शुमाल से बेवफा बेवफाई की है।
  553. 34:55इसको आजाद कराने के लिए मैंने इतना बड़ा
  554. 34:58गेम खेला है। मैं उसको किसी सूरत छोड़ के
  555. 35:00नहीं जाऊंगा। अम्मा चाहे मुझे अब्बा की
  556. 35:03आंखों में आंखें डाल के सबके सामने उसे ले
  557. 35:05जाना पड़े। या चाहे मुझे रात को चोरों की
  558. 35:06तरह उसे ले जाना पड़े। मैं लेके जाऊंगा
  559. 35:08उसे।
  560. 35:09[संगीत]
  561. 35:16बागबरी
  562. 35:21चलो बागबरी चलें
  563. 35:25बाबरी
  564. 35:28बागबरी
  565. 35:35[संगीत]
  566. 35:41अब भाग गई। तू चला जा यहां से। जल्दी कर
  567. 35:46तू चला जा यहां से। जल्दी कर पुत तू चला
  568. 35:48जा। चला जा।
  569. 35:50मेरी
  570. 35:52देख नहीं रहा तू। देख नहीं रहा तू। तुझे
  571. 35:56समझ नहीं आ रही। तुझे नजर नहीं आ रहा
  572. 35:59पुत्र।
  573. 36:01तेरी बाग परी
  574. 36:03मेरी थी मर गई है।
  575. 36:07इसीलिए तो कह रही तू चला जा। तू चला जा।
  576. 36:10यहां से चला जा मेरा बच्चा।
  577. 36:12अपनी बहन को छोड़ के कैसे चले जाऊं जो मर
  578. 36:15गई है अम्मा।
  579. 36:17कैसे चले जाऊं?
  580. 36:20मेरी भी तो थी मर गई है ना पुत्र। मेरी भी
  581. 36:23तो थी मर गई है। उन 10 दिन में दो-दो
  582. 36:28रातों की लाशें देखी है मैंने।
  583. 36:31तीसरे तीसरे की देखने की हिम्मत नहीं है
  584. 36:34मुझ में इसीलिए कह रही हूं बस तू चला जा
  585. 36:37तू चला जा मेरा पुत्र
  586. 36:39इसको क्या हुआ है ये तो बिल्कुल ठीक थी ये
  587. 36:41हुआ कैसे अम्मा
  588. 36:44बागपरी तो कमरे में है ना मैं उसके कमरे
  589. 36:48में जा रहा हूं
  590. 36:48अम्मा
  591. 36:50कौन आया था यहां
  592. 36:53अम्मा कौन तुझे मेरी बात समझ नहीं आती मैं
  593. 36:56कह रही हूं जा चला जा चला जा यहां से
  594. 37:00अब्बा जी आए
  595. 37:02अम्मा जी तुझे अपनी जी तुझे अपनी मां की
  596. 37:06बात का जरा भी लिहाज नहीं है शायद तू बस
  597. 37:09चला जा यहां से मुझे यकीन नहीं आ रहा मुझे
  598. 37:13यकीन नहीं आ रहा मैं ऐसी मां के सामने
  599. 37:15खड़ा हूं जिसके सामने उसकी औलाद की कोई
  600. 37:17अहमियत नहीं है कोई वक्त नहीं है
  601. 37:21तू अभी भी उस कातिल की साइड ले रही है
  602. 37:24जिसने कत्ल किया है तेरी औलाद को तू वो
  603. 37:27तेरा शौहर है नहीं मेरे पुतरा
  604. 37:32ओ मेरे शान नवाजा मेरे हाथ जुड़े हुए देख
  605. 37:37ले पुत्तर
  606. 37:40अभी मैंने बड़े बहन डालने है पुत्तर
  607. 37:44अपनी प्यारी सी पाका के बहन भी डालने हैं
  608. 37:49मेरे पे रहम कर मेरे पे रहम कर मुझ में
  609. 37:55मुझ में इतनी हिम्मत नहीं है पुत्र कि मैं
  610. 37:58मैं तीसरी तीसरी की मयत भी पीट सकूं पुत्र
  611. 38:02देख पुत्र मैं मैं मैं क्या करूं खुदा मैं
  612. 38:08और क्या-क्या देखूं और मैं क्या-क्या
  613. 38:10बर्दाश्त करूं पुत्र मेरे को रहम कर रहम
  614. 38:13कर मैं इंसान हूं मैं पत्थर नहीं हूं मैं
  615. 38:17मुझे दुख कर ले पार्टी के
  616. 38:23शायद तेरी बहन तेरी बाप भरी चली गई पुत्र
  617. 38:29हम उसे वापस नहीं ला सकते। तू भी उसे वापस
  618. 38:32नहीं ला सकता। इसलिए अपनी मां की बात मान
  619. 38:36ले पुत्र अपनी मां की चोली में अपनी मां
  620. 38:40की चोली में रहम की भीख पा दे पुत्र इसकी
  621. 38:43चोली में कुछ तो रहने दे। कुछ तो रहने दे
  622. 38:46मेरे पुतरा कुछ तो रहने दे।
  623. 38:50रहम कर ले मेरे ऊपर चला जा यहां से।
  624. 38:54चला जा मेरे बच्चा।
  625. 38:57[संगीत]
  626. 39:26तू नहीं जानता उस लड़की का यहां पर क्या
  627. 39:28सुलूक होगा। मुझे तो किसी मतबर एक चीज की
  628. 39:31तरह घर के सबसे ऊंचे मीनार पर रख दिया। पर
  629. 39:35वो वो ठोकरों पे रहेगी।
  630. 39:38तू नहीं जानता वो उस खानदान की लड़की है
  631. 39:40जिसने हमारे जवान भाई को मारा है। कौन है
  632. 39:43इस हवेली में जो उसपे रहम करेगा?
  633. 39:46सब अपनी नफरतें उसी पे निकाले।
  634. 39:49[संगीत]
  635. 39:58मुझे डर लगता है। उस हवेली में एक और
  636. 40:00बागपन के पैदा होने से मुझे बहुत डर लगता
  637. 40:03है। मेरी फप्पी ने अपनी फूप्पी का जो कमरा
  638. 40:06आबाद किया था और उस कमरे को जो 20 साल बाद
  639. 40:09मैंने आबाद किया। मैं नहीं चाहती। मैं
  640. 40:11नहीं चाहती कि कल को उसमें तेरी बेटी हो।
  641. 40:16मैं अपनी बहन को तो नहीं बचा सका हूं।
  642. 40:20यहां से जाके शायद मैं अपनी होने वाली
  643. 40:22औलाद को उस कमरे में कैद होने से बचा।
  644. 40:27मगर वो कमरा तो खाली फिर भी नहीं रहेगा।
  645. 40:32इस कमरे में अब इस मासूम बच्ची की जिंदा
  646. 40:34लाश सजेगी।
  647. 40:40[संगीत]
  648. 40:50छोटे चौधरी जी छोटे चौधरी जी
  649. 40:54सामने से नहीं इधर से इधर से
  650. 40:58[संगीत]
  651. 41:03ओम
  652. 41:11[संगीत]
  653. 41:29छोटे चौधरी जी कहां जाएंगे? कहां का टिकट
  654. 41:33लाऊं?
  655. 41:34[संगीत]
  656. 41:35तुम ऐसा करो लाहौर का टिकट ले लो।
  657. 41:37लाहौर?
  658. 41:39हां वहां मेरी एक जानने वाली है। मैं इसे
  659. 41:42वहीं छोडूंगा।
  660. 41:42ठीक है चौधरी जी। ये बैग रखें। ये चौधानी
  661. 41:45जी ने दिया है। शायद वोटी के कपड़े हैं।
  662. 41:48आप प्लेटफार्म पे चलें। मैं अभी टिकट लेके
  663. 41:50आता हूं।
  664. 41:51जल्दी आना।
  665. 41:51जी
  666. 41:56मरियम।
  667. 41:59मरियम
  668. 42:00[संगीत]
  669. 42:12ओम
  670. 42:15[संगीत]
  671. 42:23[संगीत]
  672. 42:26ओम
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About this transcript

This page contains the full transcript of Mohobbat Rooth Jaye Toh | Episode 06 | Humayun Saeed | Drama by Humehwish Fan, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 4,069 words across 673 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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