Master Trading in 6 Hours Full Course | Trading for Beginners | Trading Course 2026 — Transcript
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- 0:02अगर आपको ट्रेडिंग के बारे में कुछ भी
- 0:04नहीं पता है तो अगले 6 घंटे में मैं आपको
- 0:06बिल्कुल बेसिक टू एडवांस लेवल की ट्रेडिंग
- 0:08सिखाऊंगा। मतलब अगर आपको अभी यह भी नहीं
- 0:10पता कि ट्रेडिंग आखिर होती क्या है? तो 6
- 0:13घंटे बाद आप प्राइस एक्शन से लेके स्मार्ट
- 0:15मनी कांसेप्ट्स, लिक्विडिटी स्वीप,
- 0:17ट्रेडिंग माइंडसेट और ट्रेडिंग की बहुत
- 0:19सारी स्ट्रेटजीस भी सीख चुके होंगे। लेकिन
- 0:21कंडीशन बस इतनी सी है कि आप इस कोर्स को
- 0:24पूरा ध्यान से देखें और साथ में अपने
- 0:26नोट्स भी बनाएं। अगर आप इस कोर्स को
- 0:28सीरियसली देखते हैं तो 6 घंटे बाद आपके
- 0:31पास अपना एक पूरा ट्रेडिंग सिस्टम होगा और
- 0:33सबसे बड़ी बात है कि 6 घंटे बाद जब आप इस
- 0:36कोर्स को कंप्लीट कर चुके होंगे तो उसके
- 0:38बाद आप चार्ट्स को उस नजरिए से देख पाएंगे
- 0:40जो कि मेजॉरिटी ऑफ ट्रेडर्स कभी नहीं देख
- 0:43पाते हैं। तो चलिए इस ट्रेडिंग जर्नी की
- 0:45शुरुआत करते हैं। अगर आपके पास अभी ज्यादा
- 0:47टाइम नहीं है तो आप इस वीडियो को लाइक
- 0:48करने के साथ वॉच लेटर में इसको ऐड करके रख
- 0:50सकते हैं और बाद में अच्छे से देख सकते
- 0:52हैं। लेकिन अगर आप अभी देख रहे हैं तो
- 0:55नोटबुक और पेन साथ में रखिए। तो चलिए अब
- 0:57सबसे पहले समझते हैं कि ट्रेडिंग आखिर
- 1:00होती क्या है? तो चलो ट्रेडिंग को बिल्कुल
- 1:02बेसिक से समझते हैं। तो सबसे पहले
- 1:04ट्रेडिंग होती क्या है? तो देखो ट्रेडिंग
- 1:05का मतलब होता है किसी भी एसेट को खरीद के
- 1:08बेचना। और किसको खरीद के बेचते हो? कोई भी
- 1:10एसेट हो सकती है। [संगीत] कोई भी चीज हो
- 1:12सकती है। वो स्टॉक हो सकता है, वो कोई
- 1:14क्रिप्टो हो सकता है या फिर कोई भी तरीके
- 1:16की एसेट हो सकती है, गोल्ड हो सकता है,
- 1:18सिल्वर हो सकता है, क्रूड ऑयल हो सकता है,
- 1:20कोई भी चीज हो सकती है जिसको खरीद के तुम
- 1:22बेच रहे हो और बीच में तुम मार्जिन कमा
- 1:24रहे हो वो क्या होती है? वो होती है
- 1:26ट्रेडिंग। अब देखो ट्रेडिंग की ना एक बहुत
- 1:28खास बात होती है कि ट्रेडिंग में तुम किसी
- 1:30भी चीज को ओन नहीं करते हो। अगर तुम किसी
- 1:32स्टॉक को खरीद रहे हो अपने पास लंबे टाइम
- 1:34के लिए रख रहे हो तो तुम उस स्टॉक को ओन
- 1:36करते हो। लेकिन ट्रेडिंग में तुम किसी भी
- 1:39स्टॉक को या किसी भी ट्रेड को ओन नहीं कर
- 1:41रहे [संगीत] हो। जो तुमने खरीदी है तुम
- 1:42उसके ओनर नहीं हो। बस तुम जो प्राइस में
- 1:45मोमेंटम आ रहा है उससे फायदा कमाने की
- 1:47कोशिश कर रहे हो। अब यहां पर मैंने
- 1:49तुम्हें जो भी बातें बोली हैं वो आधी सच
- 1:51थी। मैंने तुम्हें पूरा सच नहीं बताया।
- 1:53क्योंकि मैंने तुम्हें क्या कहा है? मैंने
- 1:54तुम्हें कहा है कि तुम किसी भी चीज को
- 1:57खरीद के बेच रहे हो। इसका मतलब यह है कि
- 2:00तुमने पहले बाय किया और फिर सेल किया और
- 2:05प्रॉफिट कमाया। लेकिन यहां पर सिर्फ एक ही
- 2:08तरीका नहीं होता है पैसे कमाने का। तुम
- 2:10पहले किसी चीज को बेच भी सकते हो और बाद
- 2:13में उसको खरीद भी सकते हो। अब यहां पर
- 2:15तुम्हारे माइंड में एक सवाल आ रहा होगा कि
- 2:17जो चीज मेरे पास है ही नहीं, मैं उसको
- 2:19पहले बेचूंगा कैसे और बाद में खरीदूंगा
- 2:21कैसे? तो यहां पर देखो एक ब्रोकर [संगीत]
- 2:23होता है। तुम अगर ट्रेड करोगे तो कोई ना
- 2:26कोई ब्रोकर के थ्रू करोगे। किसी ना किसी
- 2:28ऐप के थ्रू करोगे। तो वो ऐप [संगीत] क्या
- 2:30है? वो तुम्हारा ब्रोकर है। तो अगर मान लो
- 2:32तुम स्टॉक मार्केट में ट्रेड कर रहे हो तो
- 2:34वहां पर तुम पहले बेचना चाहते हो लेकिन
- 2:36तुम्हारे पास वो स्टॉक है ही नहीं। तो तुम
- 2:38बेचोगे कैसे? तो इस केस में जो तुम्हारा
- 2:40ब्रोकर है वो बोलेगा भाई मेरे से उधार ले
- 2:42लेना। तुम मेरे से स्टॉक ले इसको अभी बेच
- 2:45दे। लेकिन शाम को मेरे को वापस कर देना।
- 2:48तो अभी उसकी प्राइस मान लो तुमने उससे
- 2:50उधार लिया ब्रोकर से। यहां पर उसकी प्राइस
- 2:52अभी चल रही थी ₹100 और तुमने ₹100 में एक
- 2:56चीज [संगीत] को बेच दिया। तो तुम्हारे पास
- 2:58कितने रुपए आए? ₹100 आए। ठीक है? अब तुमने
- 3:01क्या किया? अब शाम को तुमने उधार ले रखा
- 3:03है। तुम्हारा उसमें कोई लेना देना नहीं
- 3:05है। और यहां पे उधार के ऊपर तुम्हें कोई
- 3:06इंटरेस्ट भी नहीं देना है। क्योंकि वहां
- 3:08पर तुमने ब्रोकर के पास अकाउंट खोल रखा
- 3:10है। तो वो एक तरह से तुम्हारी हेल्प कर
- 3:11रहा है। तो अब शाम को होता है उसकी जो
- 3:14प्राइस है वो घटकर ₹95 हो जाती है। तो अब
- 3:18तुमने तो उसका उधार लेके बेच दिया।
- 3:20तुम्हें उसे शाम को वापस करना है। तो अब
- 3:22तुम क्या करोगे? तुम्हें उसे खरीद के देना
- 3:25होगा। शाम को हर हाल में तुम्हें उसे
- 3:26चुकाना है और खरीद के देना ही पड़ेगा। तो
- 3:28अब तुम कितने में खरीदोगे? ₹95 में। और जब
- 3:32₹95 में तुम एक शेयर को खरीदोगे तो तुम तो
- 3:35पहले ही ₹100 तुम्हारे हाथ में आ चुके थे।
- 3:37अब तुम उसे ₹95 में खरीद के उसको वापस कर
- 3:39रहे हो। तो ₹5 तो तुम्हारी जेब में बच
- 3:41जाएंगे ना। तो यहां पर तुम्हें बाद में
- 3:44बाय करके भी प्रॉफिट हो सकता है। तो ये
- 3:46तुम्हें सोचना नहीं है कि भाई मैं पहले
- 3:48बेचूंगा तो मैं कौन से ब्रोकर पे जाऊंगा,
- 3:50कहां पे जाऊंगा। तुम्हें ऐप में सेविदा एक
- 3:52ऑप्शन होता है। तुम्हें सेल पे क्लिक करना
- 3:54है। वो सेल हो जाएगा। तुम्हें टेंशन नहीं
- 3:56लेनी कि कहां से वो उधार मेरे पास आया है।
- 3:59तो ये इसको कहा जाता है शॉर्ट सेलिंग।
- 4:01पहले में हम क्या कर रहे हैं? हम बाय करके
- 4:03सेल कर रहे हैं। और दूसरे में हम क्या कर
- 4:05रहे हैं? हम सेल कर रहे हैं और बाय कर रहे
- 4:07हैं। मतलब पहले महंगे में बेच रहे हैं बाद
- 4:09में सस्ते में खरीद रहे हैं। अब यह जो सेल
- 4:12पहले करना और बाद में सस्ते में खरीदना
- 4:14इसको हम जो शॉर्ट सेलिंग कहते हैं इसका एक
- 4:16बहुत खास फायदा है जो कि इन्वेस्टिंग के
- 4:18केस में नहीं होता। वो ये है कि अगर जैसे
- 4:22आजकल मार्केट गिर रहा था। तुम्हें पता है
- 4:24कि वॉर चल रही है तो मार्केट बार-बार गिर
- 4:25रहा है। तो अगर तुम गिरते हुए मार्केट में
- 4:27पैसा कमाना चाहते हो। तो उस टाइम पर अगर
- 4:30चीजें गिर रही है तो तुम कैसे सस्ते में
- 4:32खरीद के महंगे में बेचोगे? वो तो गिरती
- 4:33चली जा रही है ना। तो तुम महंगे में पहले
- 4:35बेचकर बाद में सस्ते में खरीद के भी
- 4:37प्रॉफिट कमा सकते हो। [संगीत] इवन मैं
- 4:39यहां पर तुम्हें एक बात बताता हूं। कहते
- 4:40हैं कि जब मार्केट बढ़ रहा होता है तब
- 4:43पैसे बनते हैं और जब मार्केट क्रैश कर रहा
- 4:45होता है तब बहुत ज्यादा पैसा बनता है। बस
- 4:47तुम्हें बनाना आना चाहिए। तो वो पैसा तभी
- 4:49बनेगा जब तुम पूरा एनालिसिस सीखोगे। तो
- 4:51बेसिकली अभी तुम्हें समझ आया कि ट्रेडिंग
- 4:53होती क्या है? और ट्रेडिंग में तुम दो
- 4:55तरीके से पैसे कमा सकते हो। पहले तुमने या
- 4:57तो सस्ते में खरीदा, महंगे में बेचा या
- 4:59महंगे में बेचा बाद में सस्ते में खरीद
- 5:00लिया। तो अगर अभी तक जो मैंने बात आपको
- 5:02बताई है इतने में कोई डाउट है, कोई आपके
- 5:04माइंड में क्वेश्चन है तो आप हाथ खड़ा कर
- 5:06सकते हो।
- 5:07हां सुभाष बोला था।
- 5:08अगर सबको पता है कि कम में खरीदना है और
- 5:10ज्यादा में सेल करना है तो फिर भी लोग लॉस
- 5:13क्यों कर रहे हैं? देखो तुम्हें यह तो पता
- 5:15है कि सस्ते में खरीदना है, महंगे में
- 5:16बेचना है। लेकिन तुम्हें यह नहीं पता कि
- 5:18कब कोई चीज सस्ती है, कब कोई चीज महंगी
- 5:21है। यह कोई टमाटर या आलू नहीं है जिसका
- 5:23रेट तुम्हें पता है कि ज्यादा से ज्यादा
- 5:24इतना ऊपर जाता है या इतना नीचे जाता है।
- 5:26क्योंकि ये शेयर्स हैं या फिर अगर आप
- 5:28क्रिप्टो में भी ट्रेड कर रहे हो तो यह
- 5:30डिमांड एंड सप्लाई के ऊपर बहुत ज्यादा
- 5:31चलता है। और अगर क्रिप्टो की बात करोगे तो
- 5:33ग्लोबल डिमांड एंड सप्लाई है। अब पूरी
- 5:35दुनिया के हिसाब से क्या डिमांड है, क्या
- 5:37सप्लाई है यह तुम्हें नहीं पता है।
- 5:39एनालिसिस करके तुम पता कर सकते हो। हो
- 5:41सकता है कोई ₹1 की चीज भी महंगी हो।
- 5:44तुम्हें तो वह सस्ती दिखाई दे रही है
- 5:46लेकिन उसकी वैल्यू शायद 5 पैसे की भी नहीं
- 5:48है। तुमने एक में खरीद लिया तो उससे 20
- 5:50गुना महंगा खरीद लिया तुमने। तो तुम्हारा
- 5:52पैसा पूरा भी डूब सकता है। तो सारी बात
- 5:54तुम्हारे एनालिसिस पे है जो कि आगे मैं
- 5:56तुम्हें सिखाऊंगा। अब चलो आगे बढ़ते हैं
- 5:59और यहां पर मुझे लगता है तुम्हारे मन में
- 6:01एक क्वेश्चन होगा ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग
- 6:02को लेके कन्फ्यूजन हो सकता है। बहुत सारे
- 6:04लोगों को लग रहा होगा कि भाई लोग
- 6:05इन्वेस्टिंग भी तो करते हैं। वारेन बफे का
- 6:07नाम तो हमने इन्वेस्टिंग के लिए सुन रखा
- 6:09है। तो देखो ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग में
- 6:11एक बहुत इंपॉर्टेंट डिफरेंस है वो [संगीत]
- 6:12ये है कि अगर तुम ट्रेडिंग के लिए यहां पर
- 6:14आए हो। ट्रेडिंग सीख रहे हो तो ट्रेडिंग
- 6:16का मतलब है कि तुम मार्केट से एक रेगुलर
- 6:19इनकम जनरेट करना चाहते हो। उसे एक बिजनेस
- 6:21की तरह लेना चाहते हो। जबकि इन्वेस्टिंग
- 6:23का मतलब होता है कि तुम्हारे पास पहले से
- 6:24अच्छा खासा पैसा है और तुम उस पैसे को आगे
- 6:27ग्रो करना चाहते हो। मतलब जो इन्वेस्टिंग
- 6:29है उसका यूज़ किया जाता है वेल्थ को जनरेट
- 6:31करने के लिए। अपनी वेल्थ को ग्रो करने के
- 6:33लिए। जबकि ट्रेडिंग का यूज़ करके तुम एक
- 6:35[संगीत] इनकम जनरेट करना चाहते हो। उसको
- 6:37एक बिजनेस की तरह करना चाहते हो। तो यहां
- 6:39पर यह कंफ्यूजन नहीं रहना चाहिए कि भाई
- 6:41ऑलरेडी पैसे हैं उसको ग्रो करना है तो वो
- 6:43इन्वेस्टिंग हो गई। जब तुम पैसे से पैसा
- 6:46बनाना चाहते हो उसको ट्रेडिंग कहते हैं।
- 6:48इसके अलावा एक और चीज क्लियर कर देता हूं।
- 6:50बहुत सारे लोगों को लगता है कि भाई तुमने
- 6:52ट्रेडिंग सीख ली तो तुम रोज प्रॉफिट
- 6:54कमाओगे। ऐसा नहीं होगा। एक दिन में कोई
- 6:56नहीं कह सकता कि तुम प्रॉफिट कमाओगे। 2
- 6:58दिन में कोई नहीं कह सकता कि प्रॉफिट
- 6:59कमाओगे। लेकिन अगर तुम इसे सीखोगे एक
- 7:02स्किल की तरह लोगे तो फिर तुम लॉन्ग टर्म
- 7:04में प्रॉफिट होगे। मतलब हो सकता है कि तुम
- 7:06लगातार तीन दिन नुकसान करो। लेकिन जब
- 7:08प्रॉफिट करो तो इतना बड़ा करो कि महीने
- 7:11में तुम प्रॉफिटेबल रहो। साल में तुम
- 7:12प्रॉफिटेबल रहो। तो एक दिन का ट्रेडिंग
- 7:14में जो प्रॉफिट होता है वो किसी काम का
- 7:16नहीं होता है। क्योंकि ट्रेडिंग में देखो
- 7:18किसी भी चीज की सर्टेनिटी नहीं है। ऐसा
- 7:20नहीं है कि ऐसा होगा तो ऐसा होगा। ऐसा
- 7:23होने के चांसेस ज्यादा होंगे। यानी
- 7:25ट्रेडिंग में प्रोबेबिलिटी होती है। तो
- 7:27ट्रेडिंग इज प्रोबेबिलिटी। तो तुम्हें
- 7:28प्रोबेबिलिटी के हिसाब से चलना होता है।
- 7:30तो इतनी चीजें क्लियर हो गई है। तो अब हम
- 7:32आगे बढ़ते हैं और मैं तुम्हें बताता हूं
- 7:34कि तुम ट्रेड कहां-कहां पे कर सकते हो।
- 7:36क्योंकि आज के टाइम पे ना बहुत सारे
- 7:37ऑप्शंस हैं ट्रेड करने के। पहले अगर बात
- 7:39होती तो मैं तुम्हें सिर्फ स्टॉक मार्केट
- 7:41की बात करता कि भाई स्टॉक मार्केट में तुम
- 7:43ट्रेड करो। लेकिन आज के टाइम पर इतने सारे
- 7:45मार्केट हैं जिनमें तुम इंडिया में रहते
- 7:47हुए ट्रेड कर सकते [संगीत] हो। जिसमें जो
- 7:48पहला मार्केट है वो है स्टॉक मार्केट। तुम
- 7:50सबको पता है कि स्टॉक मार्केट में
- 7:52ट्रेडिंग की जाती है। अब कौन-कौन सी तरीके
- 7:53की ट्रेडिंग होती है वो मैं बताऊंगा आगे।
- 7:55लेकिन स्टॉक मार्केट का मतलब होता है कि
- 7:57तुम यहां पर कंपनी के शेयर्स को खरीदते हो
- 7:59और उन्हें बेचते हो और वही शॉर्ट भी कर
- 8:02सकते हो। पहले बेचा बाद में सस्ते में
- 8:04खरीद लिया। तो ये होता है स्टॉक मार्केट
- 8:06में। स्टॉक मार्केट की एक पर्टिकुलर
- 8:08टाइमिंग होती है। मंडे से फ्राइडे तक खुला
- 8:10रहता है। सुबह 9:15 से 3:30 बजे के बीच
- 8:13मार्केट खुला रहता है और इसको इंडिया में
- 8:15सेबी रेगुलेट करती है। ठीक है? तो अगर
- 8:19स्टॉक्स में ट्रेड करना है तो स्टॉक
- 8:20मार्केट एक अच्छा ऑप्शन है। इसके बाद
- 8:23दूसरा जो आज के टाइम पर बहुत ज्यादा
- 8:25पॉपुलर ऑप्शन निकल कर आ रहा है वो है
- 8:26क्रिप्टो ट्रेडिंग। यहां पर क्या करते हो
- 8:29तुम? यहां पर तुम क्रिप्टोस को बाय एंड
- 8:31सेल करते हो। यानी तुमने बिटकॉइन खरीदा,
- 8:33इथेरियम खरीदा, सोलाना खरीदा और इनको बाय
- 8:35एंड सेल कर रहे हो। इसका फायदा यह है कि
- 8:37एक तो यह 24 * 7 खोला रहता है। तो अगर तुम
- 8:40में से बहुत सारे लोग कॉलेज जाते हो, जॉब
- 8:42करते हो, तुम तो यहां पे जॉब करते हो तो
- 8:44फिर तुम्हारे पास रात को टाइम है। तुम दिन
- 8:46में ट्रेड नहीं कर सकते। रात को जिन लोगों
- 8:48का अलग काम है, जिनका काम ही ट्रेनिंग का
- 8:50है वो तो करेंगे ही खैर। जिन लोगों का अलग
- 8:51काम है वो रात को भी अगर तुम्हें ट्रेड
- 8:54करना है तो तुम्हारे लिए बेटर ऑप्शन निकल
- 8:56कर आता है कि तुम क्रिप्टो में ट्रेड कर
- 8:57सकते हो। लेकिन यहां पर कोई भी ऐसी
- 9:00अथॉरिटी [संगीत] नहीं है जो इसको रेगुलेट
- 9:02करती है। यह डीसेंट्रलाइज्ड होता है। अब
- 9:04क्रिप्टो को लेकर बहुत सारे लोगों के
- 9:06माइंड में यह प्रॉब्लम चलती है जिसकी वजह
- 9:08से लोग ट्रेड करने से बचते हैं वो यह है
- 9:10कि भाई क्रिप्टो के ऊपर तो मैंने सुना है
- 9:12कि 30% का टैक्स लगता है। तो इसका भी एक
- 9:14सॉल्यूशन है। अगर तुम डायरेक्टली क्रिप्टो
- 9:16में ट्रेड करोगे। अगर स्पॉट पे ट्रेड
- 9:18करोगे तो वहां पर जो भी तुम प्रॉफिट
- 9:20कमाओगे उसका 30% तुम टैक्स में दोगे।
- 9:23लेकिन अगर तुमने लॉस किया तो वो तुम्हारे
- 9:25प्रॉफिट के साथ भी एडजस्ट नहीं होगा। तो
- 9:27इसका जो सॉल्यूशन है वो मैं आगे तुम्हें
- 9:30बताऊंगा। इसके बाद जो तीसरा मार्केट है वो
- 9:32है फॉरेक्स मार्केट। यहां पर तुम करेंसी
- 9:34के पेयर्स में ट्रेड करते हो। जैसे कि
- 9:36यूएस डॉलर और इंडियन रूपीस में यूरो और
- 9:38यूएस डॉलर में। यह सबसे बड़ा मार्केट है
- 9:417.5 ट्रिलियन का। इसमें वॉल्यूम होता है
- 9:43डेली का। और इसकी जो टाइमिंग है यह मंडे
- 9:46से फ्राइडे खुला रहता है 24 घंटे। सैटरडे
- 9:48संडे फॉरेक्स मार्केट नहीं खुलता है।
- 9:50लेकिन मंडे टू फ्राइडे खुलता है और जब
- 9:52खुलता है तो 24 घंटे खुला रहता है। ठीक
- 9:54है? और इसके बाद चौथा जो टाइप का मार्केट
- 9:57है वो है कमोडिटी मार्केट। लेकिन इससे
- 9:59पहले मैं तुम्हें एक चीज बता दूं कि अगर
- 10:00तुम इंडिया में ट्रेड कर रहे हो तो बहुत
- 10:02सारे लोग तुम्हें फॉरेक्स ट्रेडिंग करने
- 10:03के लिए प्रमोट करते हुए नजर आएंगे क्योंकि
- 10:05उसमें उनका फायदा होता है। लेकिन इंडिया
- 10:07में अगर तुम फॉरेक्स में ट्रेड करते हो तो
- 10:10यह तुम्हें कोई ऐसा ढंग का प्लेटफार्म
- 10:12मिलेगा ही नहीं जो इंडिया में लीगल होगा।
- 10:14जो भी तुम्हें प्लेटफार्म दिखाए जा रहे
- 10:15हैं, जिनके भी एड्स बताए जा रहे हैं
- 10:17तुम्हें वो सारे इललीगल हैं। अगर तुम उनके
- 10:20थ्रू ट्रेड करोगे तो यहां पर एक तो
- 10:21तुम्हारा पैसा आएगा इसका कोई भरोसा नहीं
- 10:24है। दूसरा अगर पैसा आ भी गया तो तुम्हारा
- 10:26बैंक अकाउंट भी फ्रीज हो सकता है और यहां
- 10:28पर वो जो लड़का बैठा है उसका ऑलरेडी बैंक
- 10:29अकाउंट फ्रीज हो रखा है। और क्यों हुआ?
- 10:31क्योंकि फॉरेक्स में ट्रेड कर रहा था और
- 10:33ऐसे प्लेटफार्म पे कर रहा था जो इंडिया
- 10:34में ऑथराइज्ड ही नहीं है। इसलिए फॉररेक्स
- 10:36ट्रेडिंग मेरे अकॉर्डिंग तुम्हें नहीं
- 10:38करनी चाहिए। इसको तो पहले ही लिस्ट से हटा
- 10:40देते हैं। इसके बाद जो नेक्स्ट मार्केट है
- 10:42वो है कमोडिटी मार्केट। कमोडिटी का मतलब
- 10:44होता है तुमने सोने का नाम सुना है, चांदी
- 10:46का नाम सुना है, क्रूड ऑयल का नाम सुना
- 10:48है, ये सारी चीजें कमोडिटीज हैं। तो इनमें
- 10:50जब तुम ट्रेड करते हो, तुम गोल्ड में
- 10:52ट्रेड करते हो, सिल्वर में ट्रेड करते,
- 10:54क्रूड ऑयल में ट्रेड करते हो तो इसको
- 10:55कमोडिटी ट्रेडिंग कहा जाता है। अब जो
- 10:57कमोडिटी ट्रेडिंग फॉरेक्स में करते हैं
- 10:59लोग तो अगेन वो तो इललीगल है। उसको हटा
- 11:01दो। लेकिन इसके बाद अगर तुम इंडिया में
- 11:04लीगली कमोडिटी ट्रेडिंग करना चाहते हो तो
- 11:06इंडिया में एमसीएक्स और एनसीीडीएक्स
- 11:08एक्सचेंजेस हैं जिनके थ्रू आप ट्रेड कर
- 11:10सकते हो। उसके लिए तुम्हारे पास डीमेट
- 11:12अकाउंट है। अगर नहीं है तो डिस्क्रिप्शन
- 11:13में तुम्हें लिंक मिल जाएगा। तुम लोगों के
- 11:15पास तो होगा ही। लेकिन जो ऑडियंस है उनको
- 11:17डिस्क्रिप्शन में लिंक मिल जाएगा। वहां से
- 11:18तुम अपना डीमेट अकाउंट ओपन कर सकते हो। और
- 11:20उसके बाद तुम अपने डीमेट अकाउंट से ही
- 11:23कमोडिटीज में ट्रेड कर सकते हो। लेकिन अगर
- 11:25डीमेट अकाउंट से कमोडिटी में ट्रेड करोगे
- 11:27तो इसकी भी टाइमिंग रहती है मंडे टू
- 11:29फ्राइडे और सुबह 9:00 से रात के 11:30 तक
- 11:32मार्केट खुला रहता है। यानी अगर तुम
- 11:34डीममेट अकाउंट से कर रहे हो तो इसका मतलब
- 11:35ये नहीं है कि तुम शाम के 5:00 बजे
- 11:37कमोडिटीज में ट्रेड नहीं कर सकते। बट
- 11:39कमोडिटी ट्रेडिंग का फायदा तभी था जब तुम
- 11:42फॉररेक्स में करते। अब यहां पर क्या होता
- 11:44है जो तुम्हें मार्जिन मिलना था, लिवरेज
- 11:46मिलना था वो बहुत कम हो जाता है। वो क्या
- 11:48होता है यह भी मैं आगे समझेंगे। तो इंडिया
- 11:50के हिसाब से मुझे नहीं लगता कि अभी के
- 11:52टाइम पर कमोडिटी ट्रेडिंग भी एक अच्छा
- 11:54[संगीत] ऑप्शन है। तो दो ऑप्शन तो मैंने
- 11:56पहले ही हटा दिए। फॉरेक्स ट्रेडिंग तो
- 11:58बिल्कुल ही हटा दो। कमोडिटी ट्रेडिंग भी
- 12:00एज अ बिगिनर भी एक अच्छा ऑप्शन नहीं है।
- 12:02तो अब आज के टाइम पर दो जो सबसे बेस्ट
- 12:05ऑप्शन है अगर तुम्हें ट्रेड करना है तो वो
- 12:07है स्टॉक मार्केट और दूसरा है क्रिप्टो
- 12:09मार्केट। और ऐसा है कि यह तुम्हारे ऊपर है
- 12:11कि तुम्हें स्टॉक मार्केट में ट्रेड करना
- 12:12है या क्रिप्टो मार्केट में ट्रेड करना
- 12:14है। बट मैं तुम्हें दोनों के बीच के
- 12:16डिफरेंस बता देता हूं। तो इन दोनों का जो
- 12:18डिफरेंस है वो आपके लिए समझना इंपॉर्टेंट
- 12:20है। जिसके बेसिस पे आप खुद डिसाइड करना कि
- 12:22आपको स्टॉक मार्केट में ट्रेड करना है या
- 12:23क्रिप्टो मार्केट में ट्रेड करना है। पहला
- 12:25डिफरेंस तो देखो मैं पहले ही बता चुका हूं
- 12:27कि ये मंडे टू फ्राइडे और दिन के टाइम पर
- 12:29स्टॉक मार्केट खुला रहता है। तो अगर तुम
- 12:30जॉब करते हो, बिनेस करते हो, कॉलेज जाते
- 12:33हो तो तुम्हारे लिए यह एक सही टाइमिंग
- 12:35नहीं होगी। तो इस केस में तुम क्रिप्टो
- 12:37मार्केट में ट्रेड कर सकते हो। क्रिप्टो
- 12:39मार्केट 24 घंटे खुला रहता है। तो रात को
- 12:41भी ट्रेड कर सकते हो। इवन जो सबसे ज्यादा
- 12:43तुम्हें मूवमेंट देखने को मिलता है
- 12:44क्रिप्टो मार्केट में वो शाम के टाइम पर
- 12:46ही देखने को मिलता है। इसके बाद
- 12:48वोलेटिलिटी की बात करें पर यह वोलेटिलिटी
- 12:50होती क्या है? यानी मार्केट [संगीत] कितना
- 12:52ऊपर और कितना नीचे जा रहा है? तो ये
- 12:54ज्यादा ऊपर ज्यादा नीचे जाएगा तो पैसे
- 12:56कमाने के चांसेस भी ज्यादा ऊपर नीचे हो
- 12:57जाएंगे। मतलब ज्यादा हो जाएंगे। तो इस केस
- 13:00में स्टॉक मार्केट में ठीक-ठाक वोलेटिलिटी
- 13:02होती है। लेकिन क्रिप्टो मार्केट में बहुत
- 13:04ज्यादा वोलेटिलिटी होती है। यानी ज्यादा
- 13:06अपॉर्चुनिटीज होती हैं। अब बात करते हैं
- 13:09कि कितना पैसा चाहिए अगर तुम्हें ट्रेड
- 13:11करना है। स्टॉक मार्केट में अगर तुम्हें
- 13:13ट्रेड करना है। देखो पैसे कमाने के लिए तो
- 13:15अच्छा पैसा चाहिए होगा। मान लो तुम ₹500
- 13:18के आसपास तुम्हें चाहिए होगा। अगर तुम्हें
- 13:20स्टॉक मार्केट से पैसे कमाने [संगीत] हैं।
- 13:22लेकिन एज अ बिगिनर मैं कभी नहीं कहता कि
- 13:24इतना ज्यादा पैसा लगा के ट्रेडिंग शुरू
- 13:25करो। क्योंकि शुरुआत में तुम्हें लॉस भी
- 13:27होंगे। अभी तुम लर्निंग फज़ में हो तो
- 13:29शुरुआत तुम ₹5,000 से कर सकते हो। लेकिन
- 13:33अगर क्रिप्टो मार्केट की बात करें तो यहां
- 13:35पर तुम सिर्फ ₹100 से भी ट्रेडिंग शुरू कर
- 13:37सकते हो। जिसके पीछे का सबसे बड़ा रीज़न यह
- 13:39है। यह भी मैं सीखने की बात कर रहा हूं।
- 13:41यह मत समझ लेना कि ₹100 से ट्रेडिंग करके
- 13:43तुम पैसे कमा लोगे और बहुत बड़ी कैपिटल
- 13:45बना लोगे। यह सिर्फ सीखने की बात है। वैसे
- 13:47तो देखो यहां पर भी 1000, 2000, 3000,
- 13:50₹000 लेके आओगे तो वो एक सही नंबर होगा।
- 13:53लेकिन यहां पर मैं सिर्फ एग्जांपल के लिए
- 13:54बता रहा हूं कि कोशिश करना चाहते हो,
- 13:56देखना चाहते हो, ट्राई करके देखना चाहते
- 13:57हो तो ₹100 से भी कर सकते हो। जिसके पीछे
- 14:00रीज़न यह है कि अगर स्टॉक मार्केट में
- 14:02ट्रेड करते हो तो तुम्हें मैक्सिमम सिर्फ
- 14:04पांच गुने का लवरेज मिलता है। लेवरेज का
- 14:06मतलब यह होता है कि तुम अपनी जेब से ₹1000
- 14:09लगा रहे हो और तुम्हें स्टॉक मार्केट में
- 14:12₹5,000 का तुम ट्रेड ले सकते हो। अब उसके
- 14:14बाद अगर किसी शेयर की प्राइस 10% बढ़ेगी
- 14:16तो तुम्हें ₹00 का प्रॉफिट होगा। 10%
- 14:19घटेगी तो तुम्हें 500 का नुकसान होगा।
- 14:22लेकिन वहीं अगर तुम क्रिप्टो मार्केट में
- 14:24ट्रेड करते हो तो तुम्हें सीधा 200 गुने
- 14:26तक का लवरेज मिल जाता है। यह मैं फ्यूचर्स
- 14:29की बात कर रहा हूं। यह भी हम आगे [संगीत]
- 14:30समझेंगे। इसका मतलब यह है कि तुम ₹1000
- 14:33लगाकर ₹ लाख तक का ट्रेड ले सकते हो। और
- 14:36उसके बाद अगर सोचो किसी की प्राइस अगर 10%
- 14:39बढ़ गई तो वो कितना बड़ा अमाउंट होगा। तो
- 14:42इसलिए यहां पर क्रिप्टो ट्रेडिंग एक अच्छा
- 14:44ऑप्शन है। लेकिन इसके साथ-साथ रिस्क भी
- 14:46बढ़ जाता है। कम लेवरेज लोगे प्राइस
- 14:48गिरेगी तो कम नुकसान होगा। ज्यादा लेवरेज
- 14:50लिया है। अगर प्राइस गिरेगी तो नुकसान भी
- 14:52उतना ही बड़ा होगा। फिर बात करते हैं
- 14:55रेगुलेशन की। तो मैं पहले ही बता चुका हूं
- 14:57कि सेबी इसको रेगुलेट करती है। लेकिन
- 14:59क्रिप्टो मार्केट को इंडिया में ऐसे
- 15:00रेगुलेट नहीं किया जाता। लेकिन एक बॉडी है
- 15:02एफआईय जिसके थ्रू अगर कोई प्लेटफार्म
- 15:06ऑथराइज्ड है तो यहां पर तुम यह मान के चल
- 15:07सकते हो कि तुम्हारे साथ स्कैम होने के जो
- 15:09चांसेस है वो बहुत कम हो जाते हैं। तो
- 15:11यहां पर जो प्लेटफार्म है ना वो बहुत
- 15:12ज्यादा मैटर करता है। तो इसके लिए जो
- 15:14प्लेटफार्म मैं यूज़ करता हूं वो है डेल्टा
- 15:16एक्सचेंज। डेल्टा एक्सचेंज इंडिया में
- 15:17एफआईयू रजिस्टर्ड है। जो 200 गुने का
- 15:19लेवरेज की मैं बात कर रहा हूं वो भी
- 15:21तुम्हें डेल्टा एक्सचेंज में मिल जाता है।
- 15:22तो जो ऑडियंस है उनको डिस्क्रिप्शन में
- 15:24लिंक मिल जाएगा। और अगर हमारे लिंक का
- 15:26यूज़ करके अकाउंट ओपन करोगे तो एडिशनली
- 15:28तुम्हें जो तुम्हारी ब्रोकरेज है उसमें
- 15:30डिस्काउंट मिलेगा। दूसरा नीचे Google
- 15:32फॉर्म का लिंक भी हम डिस्क्रिप्शन में दे
- 15:33देंगे। उसको फिल करके आपको हमारी तरफ से
- 15:36अधीरा एi का ₹2000 का सब्सक्रिप्शन
- 15:38बिल्कुल फ्री में मिलता है। तो
- 15:39डिस्क्रिप्शन जरूर चेक कर लीजिएगा। और जो
- 15:41अधीरा एi का सब्सक्रिप्शन है उसके थ्रू आप
- 15:43क्या कर सकते हो? सिर्फ एक क्लिक में किसी
- 15:45भी चार्ट का एनालिसिस कर सकते हो और
- 15:46ट्रेडिंग में सबसे ज्यादाेंट होता है
- 15:48एनालिसिस। [संगीत] तो डिस्क्रिप्शन के
- 15:50थ्रू ही अपना डेटा एक्सचेंज में अकाउंट
- 15:51ओपन करना और तुम सब लोगों को लिंक
- 15:53डिस्क्रिप्शन में मिल ही जाएगा वीडियो का।
- 15:55अदरवाइज हम बाद में दे देंगे। तो अब यहां
- 15:57पर आप खुद डिसाइड कर सकते हैं कि आपको
- 15:59स्टॉक मार्केट में ट्रेड करना है या फिर
- 16:01क्रिप्टो मार्केट में ट्रेड करना है। तो
- 16:03अब हम आगे बढ़ते हैं और समझते हैं कि
- 16:05ट्रेडिंग कितने तरह की होती है। [संगीत]
- 16:06लेकिन उससे पहले अगर आप में से किसी का
- 16:08कोई क्वेश्चन है तो उसको हम यहां पर
- 16:10क्लियर कर लेते हैं।
- 16:11सर मेरा एक डाउट था क्या क्रिप्टो में 30%
- 16:13टैक्स लगता है? देखो अगर तुम क्रिप्टो के
- 16:15डायरेक्ट स्पॉट पर ट्रेड करोगे यानी
- 16:17डायरेक्टली बिटकॉइन को बाय एंड सेल करोगे
- 16:19तो वहां पर 30% वाला जो टैक्स तुमने सुन
- 16:21रखा है वो लगता है। साथ में 1% का एडिशनल
- 16:24टीडीएस भी लगता है और अगर तुमने प्रॉफिट
- 16:26किया तो टैक्स भरोगे लेकिन लॉस किया तो वो
- 16:28तुम्हारे प्रॉफिट के साथ सेट ऑफ भी नहीं
- 16:29होगा। लेकिन अगर तुम डेल्टा एक्सचेंज में
- 16:32फ्यूचर्स में ट्रेड करते हो जो मैं अभी
- 16:33तुम्हें बताने वाला हूं तो उस केस में
- 16:35तुम्हारे ऊपर ये जो टैक्स होता है वो
- 16:37एप्लीकेबल नहीं होता है। अब आगे बढ़ते
- 16:39हैं। देखो अभी तक मैंने तुम्हें मार्केट
- 16:41बताया कि चार तरीके के मार्केट होते हैं।
- 16:43लेकिन हर मार्केट में तुम इन चार तरीके से
- 16:46ट्रेड कर सकते हो। तो अब एक-एक करके इनको
- 16:48भी समझ लेते हैं। सबसे पहले बात करते हैं
- 16:51स्कैल्पिंग की। यह सबसे ज्यादा रिस्की
- 16:53होती है और मैं कहूंगा कि अगर तुम नए हो
- 16:55तो तुम्हें स्कैल्पिंग करनी भी नहीं चाहिए
- 16:57क्योंकि यहां पर तुम सिर्फ कुछ मिनट्स में
- 16:59ही ट्रेड बाय करते हो और कुछ मिनट में ही
- 17:01उसको सेल कर देते हो। तो इसमें तुम्हारे
- 17:03एनालिसिस के गलत निकलने के जो चांसेस हैं
- 17:05वो बहुत ज्यादा होते हैं। यहां पे
- 17:06मैनपुलेशन बहुत ज्यादा होता है। तो
- 17:08तुम्हें नुकसान होने के चांसेस इसमें बहुत
- 17:10ज्यादा होंगे अगर तुम एक बिगिनर हो। तो ये
- 17:12जो बहुत ज्यादा प्रो है जब तुम प्रो बन
- 17:15जाओगे तब तुम स्कैल्पिंग की तरफ जा सकते
- 17:17हो। इसके बाद निकल कर आती है जी इंट्राडे
- 17:19ट्रेडिंग। इंट्राडे ट्रेडिंग का मतलब होता
- 17:21है कि तुम एक दिन के अंदर ही बाय एंड सेल
- 17:23करते हो। जैसे स्टॉक मार्केट की एक
- 17:25टाइमिंग है तुम्हें पता है। तो तुम सुबह
- 17:279:00 मान लो तुमने ट्रेड ले लिया 9:15 के
- 17:29आसपास तो तुम्हें शाम के 3:30 से पहले उस
- 17:31ट्रेड को एग्जिट करना होगा। इवन 3:20 3:15
- 17:34के आसपास की टाइमिंग ब्रोकर रखते हैं ताकि
- 17:36आप उससे पहले अपने ट्रेड को एग्जिट कर लो।
- 17:38अगर आप एग्जिट नहीं करोगे तो वो जो ट्रेड
- 17:40है वो आपका ब्रोकर आपकी तरफ से एग्जिट कर
- 17:42लेगा। तो इंट्राडे ट्रेडिंग में मतलब सेम
- 17:44टाइम पे सेम डे में आप ट्रेड को बाय एंड
- 17:46सेल कर रहे हो। तो इस ट्रेड में आपका जो
- 17:48ट्रेड है वह कुछ मिनट से कुछ घंटों तक चल
- 17:51सकता है। यह बात थी स्टॉक मार्केट की। अगर
- 17:53क्रिप्टो मार्केट की बात करें तो वह 24
- 17:55घंटे खुला रहता है। तो वहां पर भी आप 8 से
- 17:5710 घंटे में अगर आपकी इंटेंशन यह है कि आप
- 18:008 से 10 घंटे में अपने ट्रेड को एग्जिट कर
- 18:02लोगे तो इसको हम कहते हैं इंट्राडे
- 18:04ट्रेडिंग। अब इसमें थोड़ा सा रिस्क इसके
- 18:06कंपैरिजन में कम हो जाता है क्योंकि आप
- 18:09यहां पर थोड़े बड़े टाइम फ्रेम पे ट्रेड
- 18:11करते हो। साथ ही यहां पर आप बहुत सारे
- 18:13ट्रेड नहीं लेते। आप हो सकता है 1 दिन में
- 18:15एक या दो ट्रेड लेंगे। इसके बाद तीसरी
- 18:17टाइप की ट्रेडिंग होती है स्विंग
- 18:18ट्रेडिंग। स्विंग ट्रेडिंग में आप एक
- 18:21ट्रेड हो सकता है कि कुछ दिन से लेके कई
- 18:24बार कुछ हफ्ते के लिए भी आप एक ट्रेड को
- 18:26होल्ड कर रहे हो। तो यहां पर आप बड़े टाइम
- 18:28फ्रेम में काम कर रहे होते हो। यानी इसका
- 18:29मतलब यह है कि हो सकता है आपने एक हफ्ते
- 18:31में एक ही ट्रेड लिया है। तो ये भी एक
- 18:34अच्छा ऑप्शन है और एज अ बिगिनर मुझे लगता
- 18:37है कि इंट्राडे ट्रेडिंग आपके लिए सही
- 18:38रहेगी। लेकिन यहां पर एक और चीज होती है
- 18:40वो है ऑप्शंस ट्रेडिंग। ऑप्शंस ट्रेडिंग
- 18:43स्टॉक मार्केट में बहुत ज्यादा पॉपुलर है।
- 18:45क्रिप्टो में उतने लोग ऑप्शंस ट्रेडिंग
- 18:46नहीं करते क्योंकि वहां पर फ्यूचर्स
- 18:48ट्रेडिंग ज्यादा बेटर रहती है। तो इसके
- 18:49बाद जो पांचवा ऑप्शन है उसको हम फ्यूचर्स
- 18:51ट्रेडिंग कहते हैं और जो क्रिप्टो में आज
- 18:54के टाइम पर सबसे बेस्ट है। [संगीत] तो
- 18:55ऑप्शंस ट्रेडिंग की बात करें तो ऑप्शंस
- 18:57ट्रेडिंग में जो मूवमेंट होता है वो बहुत
- 18:59ज्यादा होता है। यहां पर जो प्राइस है वो
- 19:01हो सकता है सुबह एक चीज की प्राइस ₹10 थी।
- 19:041 घंटे बाद उसकी प्राइस ₹100 हो। यानी
- 19:06बहुत ऊपर नीचे प्राइस हो सकती है। लेकिन
- 19:08इसमें आपके पास वैसे तो कोई टाइम लिमिट
- 19:10नहीं रहती कि आपको अपना ट्रेड एग्जिट करना
- 19:12है। लेकिन एक एक्सपायरी होती है। उससे
- 19:14पहले आपको अपना ट्रेड एग्जिट करना होता
- 19:16है। अगर आप उससे पहले ट्रेड एग्जिट नहीं
- 19:18करेंगे तो एक्सपायरी के टाइम तक आपका जो
- 19:21ट्रेड है वो हो सकता है ज़ीरो हो जाए। तो
- 19:23आपने सुबह कितने भी पैसे लगाए थे वो हो
- 19:24सकता है ज़ीरो हो जाए। क्योंकि यहां पर एक
- 19:26थीटा डके होता है। जैसे-जैसे टाइम बढ़ता
- 19:29चला जाता है वैसे-वैसे उस कॉन्ट्रैक्ट की
- 19:31जो प्राइस है वो घटती चली जाती है। तो एज
- 19:33अ बिगिनर मुझे लगता है कि आपको ऑप्शंस
- 19:36ट्रेडिंग भी नहीं करनी चाहिए। और स्टॉक
- 19:37मार्केट में जो ज्यादातर लोग नुकसान करते
- 19:39हैं जो रिपोर्ट आपके सामने आती है वो
- 19:41ऑप्शंस ट्रेडिंग में ही नुकसान करने की
- 19:43आती है। तो एज अ बिगिनर मुझे नहीं लगता कि
- 19:45आपको ऑप्शंस ट्रेडिंग करनी चाहिए। मुझे
- 19:47नहीं लगता कि स्कैल्पिंग करनी चाहिए। मेरे
- 19:48अकॉर्डिंग या तो आप इंट्राडे ट्रेडिंग
- 19:50करें या फिर आप स्विंग ट्रेडिंग करें।
- 19:52देखिए सारे ही तरीके की ट्रेडिंग है। जब
- 19:54आपको [संगीत] अच्छा एक्सपीरियंस हो जाएगा।
- 19:56एकद साल आप ट्रेड कर चुके हो तब आप ऑप्शंस
- 19:58में भी जा सकते हो। आप स्कैल्पिंग भी कर
- 20:00सकते हो। लेकिन शुरुआत में या तो आप
- 20:02इंट्राडे ट्रेडिंग करो। दिन में एक दो या
- 20:05तीन ट्रेड लो मैक्सिमम या फिर आप स्विंग
- 20:07ट्रेडिंग करो जिसमें आप दो-ती दिन में एक
- 20:09ट्रेड ले रहे हो और पैसा कमा रहे हो।
- 20:11इसमें ज्यादा टेंशन भी नहीं रहती है। तो
- 20:13ये चार तरीके की या पांच तरीके की हम
- 20:15ट्रेडिंग कह सकते हैं। तो अब यहां तक अगर
- 20:17किसी का कोई क्वेश्चन है तो वो पूछ सकते
- 20:19हो। और हां नोट्स बना रहे हो ना साथ में?
- 20:21तो जो ऑडियंस है उनको भी मैं कहूंगा कि
- 20:23साथ-साथ नोट्स बनाते हुए चलो। पहला टॉपिक
- 20:25जो है पहला जो हमारी क्लास है वो उतनी
- 20:27ज्यादा टेक्निकल नहीं है। लेकिन आगे हम
- 20:29बहुत सारे जो एडवांस कांसेप्ट हैं वो आपको
- 20:31सिखाएंगे। तो तब भी आपको नोट्स चाहिए। तो
- 20:33अगर पहली क्लास से बनाते हुए चलोगे तो
- 20:34बेटर रहेगा। साथ ही वीडियो को लाइक और
- 20:36चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा। बाकी
- 20:38कमेंट में बताना कि अभी तक जितनी टाइप की
- 20:40ट्रेडिंग मैंने आपको बताई है, आपको अपने
- 20:42हिसाब से कौन सी ट्रेडिंग सही लग रही है,
- 20:44यह अभी के अभी कमेंट कीजिए और बाकी तुम
- 20:46लोगों को कौन सी ट्रेडिंग सही लग रही है,
- 20:47यह भी बताओ और साथ में कोई अगर क्वेश्चन
- 20:49है, तो वो भी पूछ सकते हो।
- 20:50सर, इन सबके लिए कैपिटल कितना-कितना होना
- 20:52चाहिए?
- 20:53देखो सबसे पहले स्कैल्पिंग की बात करते
- 20:55हैं। स्कैल्पिंग में तुम्हें तुम बहुत
- 20:57छोटे-छोटे पॉइंट्स कैप्चर करते हो। यानी
- 20:59तुम दो पॉइंट चार पॉइंट कैप्चर कर रहे हो
- 21:01तो अगर तुम ₹500 से ट्रेड कर रहे हो ₹1000
- 21:03से ट्रेड कर रहे हो और इतने कम पॉइंट्स
- 21:05कैप्चर करोगे तो उसका कोई फायदा नहीं है।
- 21:06उससे ज्यादा तो तुम ब्रोकरेज दे दोगे। तो
- 21:08इसलिए यहां पर तुम्हारी जो कैपिटल है वो
- 21:11मुझे लगता है कम से कम ₹00 तो मिनिमम होनी
- 21:14ही चाहिए क्योंकि तब जाके अगर तुम 1% भी
- 21:17कैप्चर करोगे तो ₹500 बनाओगे। बट ऑलदो
- 21:19इसमें बहुत सारे ट्रेड लोगे लेकिन उन
- 21:21ट्रेड में ब्रोकरेज भी तो दोगे। [संगीत]
- 21:23इंट्राडे की बात करें तो देखिए अगर तुम
- 21:25स्टॉक मार्केट में इंट्राडे ट्रेडिंग कर
- 21:27रहे हो तो तुम्हारे पास कम से कम मुझे
- 21:29लगता है कि ₹00 होने चाहिए। ₹00 इसलिए
- 21:32चाहिए क्योंकि यहां पर तुम्हें अगर स्टॉक
- 21:35मार्केट में ट्रेड करोगे तो पांच गुने तक
- 21:36का लवरेज मिल जाएगा। लेकिन अगर तुम
- 21:38क्रिप्टो ट्रेडिंग करते हो तो देखो
- 21:40क्रिप्टो ट्रेडिंग करने को तो मैंने
- 21:41तुम्हें बताया है अगर क्रिप्टो के
- 21:43फ्यूचर्स में यानी डेल्टा एक्सचेंज में
- 21:44ट्रेड कर रहे हो तो मैंने तुम्हें बताया
- 21:46कि भाई तुम ₹100 से भी ट्रेड कर सकते हो।
- 21:48लेकिन अगर तुम्हारे पास ₹10,000 भी हैं
- 21:51ट्रेड करने के लिए वैसे करने को ₹5,000 से
- 21:53भी कर सकते हो। लेकिन ₹10,000 भी हैं तो
- 21:55यहां पर तुम्हें 200 गुने तक का लवरेज मिल
- 21:57जाता है। 200 गुने का इसका कैलकुलेशन
- 22:00करेंगे तो ₹20 लाख हो जाएगा ये। सिर्फ
- 22:02₹10,000 से तुम ₹20 लाख का ट्रेड ले सकते
- 22:05हो। ठीक है? लेकिन इस जगह पे इतना लवरेज
- 22:08एक्चुअल में लेना नहीं चाहिए। तो अगर तुम
- 22:1020 गुने का भी लवरेज लोगे तो यह जो अमाउंट
- 22:12होगा यह ₹ लाख हो जाएगा। और अगर ₹ लाख के
- 22:16ऊपर अगर तुमने 5% भी कमाया तो वो ₹10,000
- 22:18होता है। तो यहां पर मुझे इसीलिए लगता है
- 22:22कि क्रिप्टो ट्रेडिंग जो है फ्यूचर्स में
- 22:24ट्रेड करना ज्यादा बेटर ऑप्शन निकल कर आता
- 22:26है। अब स्विंग ट्रेडिंग की बात करें तो
- 22:27स्विंग ट्रेडिंग में जो तुम्हारा ट्रेड है
- 22:29पहली बात स्विंग ट्रेडिंग में अगर डेल्टा
- 22:31में ट्रेड कर रहे हो उसी ट्रेड को थोड़े
- 22:33दिन के लिए होल्ड कर रहे हो तो वो एक
- 22:34डिफरेंट चीज है। लेकिन अगर स्टॉक मार्केट
- 22:36में तुम स्विंग ट्रेडिंग कर रहे हो तो
- 22:38वहां पर तुम्हें कोई भी लेवरेज नहीं
- 22:39मिलता। तो अब तुम्हारे पास अगर ₹2 लाख भी
- 22:42हैं तो वह अमाउंट भी यहां पर कम हो सकता
- 22:44है क्योंकि तुम 10 दिन तक तुमने ट्रेड
- 22:47होल्ड किया और तब जाके अगर तुमने 10%
- 22:49कमाया तो यह होगा तुम्हारा ₹00 और यह जो
- 22:53₹00 है यह तुमने 10 दिन में कमाया है। तो
- 22:56इसलिए यहां पर ₹ लाख की कैपिटल तुम्हें
- 22:58चाहिए। अगर तुम स्विंग ट्रेडिंग कर रहे हो
- 23:00जबकि अगर तुम स्विंग ट्रेडिंग अपना डेल्टा
- 23:04में कर रहे हो जहां पर फ्यूचर्स ट्रेड
- 23:05करते हो तो उस जगह पर तुम्हें क्योंकि
- 23:07लेवरेज मिल जाता है तो सेम अमाउंट से
- 23:09₹10,000 से भी तुम यहां पर स्विंग
- 23:11ट्रेडिंग कर सकते हो अगर तुम क्रिप्टो में
- 23:12कर रहे हो। ऑप्शंस की बात करूं तो मैंने
- 23:14तुम्हें कहा है कि भाई शुरुआत में करना भी
- 23:16नहीं चाहिए। लेकिन ऑप्शंस ट्रेडिंग तुम कर
- 23:18सकते हो
- 23:19₹10,000 इवन ₹5,000 से भी तुम ऑप्शन
- 23:22ट्रेडिंग कर सकते हो। लेकिन ज्यादातर केस
- 23:24में एज अ बिगिनर तुम उस पैसे को डूबा दोगे
- 23:26क्योंकि यहां पर एक्सपायरी होती है। बहुत
- 23:27सारी टेक्निकल चीजें होती हैं। तो मेनली
- 23:29अगर तुम्हें इंट्राडे ट्रेडिंग करनी है तो
- 23:31₹10,000 से तुम डेल्टा में कर सकते हो।
- 23:33करने को मैंने बताया 100 से भी कर सकते
- 23:35हो। लेकिन अगर तुम कमाने के लिहाज से सोच
- 23:37रहे हो कि यार थोड़ा-थोड़ा पैसा कुछ दिखे
- 23:39मुझे तो फिर ₹10,000 एक सही अमाउंट होगा।
- 23:42सर अगर मेरे पास 10,000 नहीं है तो मैं
- 23:43लोन लेके ट्रेडिंग कर सकता हूं। [हंसी]
- 23:47देखो लोन लेके अगर ट्रेड करोगे तो करने को
- 23:49तो बहुत सारे लोग कहते हैं कि भाई लोन
- 23:51लेके भी ट्रेडिंग कर लो। लेकिन अगर तुम
- 23:52ऐसा करते हो तो इस केस में तुम्हें जो लॉस
- 23:54होने के चांसेस होंगे वो बहुत ज्यादा हो
- 23:56जाएंगे। मतलब 99.99% केसेस में तुम लॉस
- 23:59करोगे। क्योंकि अगर तुम्हें थोड़ा भी लॉस
- 24:01होने लगेगा तो वहां पर तुम घबरा जाओगे कि
- 24:03भाई यह पैसा मैं चुकाऊंगा कैसे। तो इसलिए
- 24:06कभी भी किसी भी केस में कोई भी कहे तो लोन
- 24:09लेके ना तुम्हें ट्रेडिंग करनी है ना तो
- 24:10तुम्हें सीखना है। अगर ऐसी दिक्कत है कि
- 24:13तुम्हें लोन लेना पड़ रहा है तो इस केस
- 24:15में पहले तुम जॉब करो और पैसे कमाओ और
- 24:18मुझे पता है कि तुम कमा रहे हो यहां से।
- 24:20[हंसी]
- 24:21तो तो तुम्हारे पास 10,000 से तो बहुत
- 24:23ज्यादा हैं। तो देखो अभी तक मैंने तुम्हें
- 24:25मार्केट समझा दिया है। ट्रेडिंग के बेसिक
- 24:27समझा दिए हैं। ये समझा दिया है कि कौन-कौन
- 24:29सी टाइप की ट्रेडिंग होती है। तो अब
- 24:30तुम्हें कौन सी ट्रेडिंग बेस्ट लग रही है?
- 24:32ये बताओ।
- 24:32क्रिप्टो क्रिप्टो
- 24:34तो सबको क्रिप्टो ट्रेडिंग सही लग रही है?
- 24:35सर।
- 24:36बाकी आप लोगों को कौन सी ट्रेडिंग पसंद
- 24:37है? क्या आप स्टॉक मार्केट में इंट्राडे
- 24:39ट्रेडिंग करने के बारे में सोच रहे हैं या
- 24:40फिर आप क्रिप्टो मार्केट में ट्रेडिंग
- 24:42करने के बारे में सोच रहे हैं? ये कमेंट
- 24:43करके बताइएगा। अब क्योंकि यहां पर जितने
- 24:45भी लोग हैं वो क्रिप्टो ट्रेडिंग सीखना
- 24:47चाहते हैं। तो हम क्रिप्टो ट्रेडिंग के
- 24:48बारे में अब थोड़ा बहुत डिटेल में डिस्कस
- 24:50करते हैं। पर अब तुम सब ने कहा है कि
- 24:51तुम्हें क्रिप्टो ट्रेडिंग पसंद है। पहले
- 24:53ये तो बताओ कि क्यों पसंद आ रही है? मतलब
- 24:55क्यों करना चाह रहे हो क्रिप्टो ट्रेडिंग?
- 24:56क्योंकि सर इसमें 24 ऑवर मार्केट ओपन मिल
- 24:58जाता है।
- 24:59और दिन में ऑफिस में रहने की वजह से तो कर
- 25:01नहीं पाऊंगा। मैं रात को ट्रेडिंग करूंगा।
- 25:03अच्छा। और
- 25:04और साथ में इसमें छोटी अमाउंट से हम बड़ी
- 25:06ट्रेड कर सकते हैं। इसमें लेवरेज हमें मिल
- 25:09जाता है।
- 25:09अच्छा। ठीक है। टाइम तक। तो इन लोगों के
- 25:11रीज़ंस तो क्लियर हैं। तो अब थोड़ा सा हम
- 25:13क्रिप्टो ट्रेडिंग के बारे में भी डिस्कस
- 25:14कर लेते हैं। उसके बाद हम जो आने वाले
- 25:17एपिसोड्स हैं उनमें बहुत सारी चीजें
- 25:19डिस्कस करने वाले हैं। नेक्स्ट एपिसोड में
- 25:20हम क्रिप्टो ट्रेडिंग के बारे में लवरेज
- 25:22ट्रेडिंग के बारे में बहुत डिटेल में
- 25:24डिस्कस करेंगे। इवन आपको लाइव डेमो भी
- 25:26दिखाएंगे। पहले थोड़ा सा यहां पर समझ लेते
- 25:28हैं कि क्रिप्टो ट्रेडिंग होती क्या है?
- 25:30देखिए मैं आपको पहले ही बता चुका हूं कि
- 25:31क्रिप्टो ट्रेडिंग दो तरीके से कर सकते
- 25:33हो। या तो तुम स्पॉट में ट्रेड कर सकते
- 25:35हो। स्पॉट पे ट्रेड करोगे या फिर फ्यूचर्स
- 25:38में ट्रेड करोगे या फिर देखो ऑप्शंस में
- 25:40भी ट्रेड कर सकते हो लेकिन मैं दो ही
- 25:42चीजें शुरुआत में लेके चल रहा हूं। स्पॉट
- 25:44पे ट्रेड करने का मतलब है तुम डायरेक्टली
- 25:46क्रिप्टो को बाय एंड सेल कर रहे हो।
- 25:48फ्यूचर्स में ट्रेड करने का मतलब है कि
- 25:50यहां पर तुम उसके कॉन्ट्रैक्ट को बाय कर
- 25:51रहे हो। यहां पर आप डायरेक्ट बाय कर रहे
- 25:53हो। ठीक है? और यहां पर आप क्या कर रहे
- 25:56हो? यहां पर आप उसके कॉन्ट्रैक्ट को बाय
- 25:58कर रहे हो। इस पे अगर स्पॉट पे ट्रेड
- 26:02करोगे तो 30% का टैक्स लगेगा। पहले भी बता
- 26:04चुका हूं। यहां पर नॉर्मल टैक्स लगेगा जो
- 26:06शॉर्ट टर्म एंड लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन
- 26:08टैक्स होता है। तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन
- 26:10टैक्स जो भी होता है वह लगता है और उसमें
- 26:11आपका जो लॉस है वह भी प्रॉफिट के साथ सेट
- 26:13ऑफ हो जाता है। फ्यूचर्स में ही 200 गुने
- 26:16का तुम्हें लवरेज भी मिलता है। इसके अलावा
- 26:18जो टैक्स वाली बात है वो भी यहीं पे मैंने
- 26:20कवर कर दिया है। तो अगर क्रिप्टो में
- 26:22ट्रेड करना है तो जाहिर सी बात है कि तुम
- 26:24फ्यूचर्स में ही ट्रेड करोगे शुरुआत में
- 26:26तो सबसे सही रहेगा। अब क्रिप्टो में भी
- 26:29बहुत सारे एसेट्स होते हैं जिनमें तुम
- 26:31ट्रेड कर सकते हो। [संगीत] जैसे बिटकॉइन
- 26:32में ट्रेड कर सकते हो, इथेरियम में ट्रेड
- 26:34कर सकते हो। सोलाना में ट्रेड कर सकते हो।
- 26:35इसके अलावे भी बहुत सारी क्रिप्टो करेंसी
- 26:37हैं। इवन अभी डेल्टा एक्सचेंज में ना एक
- 26:39पैक्स जी भी आ चुका है। अगर तुम्हें किसी
- 26:41को भी गोल्ड में ट्रेड करना है क्योंकि
- 26:43गोल्ड में क्या है? मैनपुलेशन बहुत कम
- 26:45होते हैं। तो तुम डेल्टा एक्सचेंज में पैक
- 26:48जी में भी ट्रेड कर सकते हो जो बेसिकली एक
- 26:50तरह से गोल्ड ही है। तो यहां पर आपके पास
- 26:52इतने सारे ऑप्शन निकल कर आ जाते हैं। इसके
- 26:54अलावा अकाउंट ओपन करना बिल्कुल फ्री है। 5
- 26:57मिनट में अकाउंट ओपन हो जाता है। डेल्टा
- 26:58एक्सचेंज इंडिया में एफआईयू रजिस्टर्ड भी
- 27:00है। और अगर हमारे लिंक के थ्रू आप अपना
- 27:02अकाउंट ओपन करते हैं तो आपको हमारी तरफ से
- 27:04एक तो अधिरा एi का सब्सक्रिप्शन मिलता है।
- 27:06दूसरा साथ में ही आपको जो ट्रेडिंग फीस
- 27:09होगी उसमें डिस्काउंट भी मिलेगा। अगर
- 27:11डायरेक्ट ओपन करोगे तो यह बेनिफिट्स नहीं
- 27:12है। हमारे लिंक से अकाउंट ओपन करोगे तभी
- 27:14यह बेनिफिट है। तो तुम सब भी हमारे लिंक
- 27:16से ही अकाउंट ओपन करना। बाकी आप भी हमारे
- 27:18लिंक से अकाउंट ओपन कर लीजिएगा। लिंक आपको
- 27:20डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। साथ ही एक
- 27:22Google फॉर्म का लिंक भी डिस्क्रिप्शन में
- 27:23दे रखा है अधीरा एआई के लिए। वो Google
- 27:25फॉर्म भी जरूर फिल कर लीजिएगा। तो अब चलिए
- 27:27समझते हैं कि ये क्रिप्टो ट्रेडिंग आखिर
- 27:29होती क्या है और उसके बेसिक्स को समझेंगे।
- 27:31अब देखो अगर क्रिप्टो ट्रेडिंग के बारे
- 27:32में बात कर रहे हैं तो सबसे पहले तुम्हें
- 27:34यह समझना होगा कि ये क्रिप्टो चीज क्या
- 27:36है? तो बेसिकली क्रिप्टो एक डिजिटल करेंसी
- 27:39है जिसको क्रिप्टोग्राफी एक टेक्नोलॉजी
- 27:41होती है उससे सिक्योर किया जाता है और यह
- 27:44ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के ऊपर काम करती है।
- 27:47यहां पर पी टू पी ट्रांजैक्शन भी होती है।
- 27:49पी टू पी ट्रांजैक्शन का मतलब है पर्सन टू
- 27:51पर्सन ट्रांजैक्शन जिसमें बीच में कोई भी
- 27:53मिडिलमैन नहीं होता है। अब जब भी क्रिप्टो
- 27:56ट्रेडिंग की बात आती है तो इंडिया में
- 27:58सबसे बड़ा डाउट यह निकल कर आता है कि यह
- 28:00जो क्रिप्टो ट्रेडिंग है अरे भाई यह लीगल
- 28:02है भी या नहीं। तो पिछले लेक्चर में आप
- 28:04सभी को बता ही चुका हूं। कोई भी ऐसा लॉ
- 28:06नहीं है जो कहता है कि क्रिप्टो में ट्रेड
- 28:08करना इललीगल है। तो जब तक किसी चीज को
- 28:10इललीगल ना कहा जाए तब तक हम मान के चल
- 28:13सकते हैं कि आप वो काम कर सकते हैं। लेकिन
- 28:15इंडिया में कोई लीगल स्टेटस तो नहीं दिया
- 28:18है बट टैक्स जरूर लगा रखा है। तो अगर आप
- 28:20डायरेक्ट क्रिप्टो में काम करते हैं।
- 28:22डायरेक्टली क्रिप्टो यानी बिटकॉइन इथेरियम
- 28:25को बाय एंड सेल करते हैं तो आपका जो
- 28:27प्रॉफिट होता है उसके ऊपर आपको 30% का
- 28:30टैक्स देना होता है। लेकिन जो सबसे
- 28:32नेगेटिव है इस टैक्स में वो ये है कि चलो
- 28:35टैक्स तो दे देंगे लेकिन अगर आपको नुकसान
- 28:37हो गया तो वो आपके प्रॉफिट के साथ सेट ऑफ
- 28:39भी नहीं होता। जिसकी वजह से ज्यादातर लोग
- 28:42डायरेक्टली क्रिप्टो में ट्रेड करने को
- 28:43अवॉइड करते हैं। पर्सनली मैं भी आपको यह
- 28:46नहीं कहूंगा कि आप डायरेक्टली क्रिप्टो
- 28:47में ट्रेड करें। क्योंकि अगर लॉस करोगे तो
- 28:49वो प्रॉफिट के साथ सेट ऑफ नहीं होगा। ऊपर
- 28:51से आपको जो प्रॉफिट कमाया उसके ऊपर टैक्स
- 28:54देना पड़ जाएगा। और अगर कोई ट्रांजैक्शन
- 28:56500 से ऊपर जाती है तो वहां पर 1% का
- 28:58टीडीएस भी लगता है। यानी जो स्पॉट
- 29:01ट्रेडिंग है जिसमें आप एक्चुअली क्रिप्टो
- 29:03को बाइंड सेल करते हैं वो एक अच्छा ऑप्शन
- 29:05नहीं है इंडिया में। तो फिर एक दूसरा
- 29:08ऑप्शन है जहां पर यह जो टैक्स है ना वो
- 29:10एप्लीकेबल नहीं होता और जो मेन क्रिप्टो
- 29:13ट्रेडिंग है जो हम सीखेंगे और जो हमारे
- 29:15लिए इंडिया में रहकर करने में कोई भी
- 29:16प्रॉब्लम नहीं है और वो है क्रिप्टो के
- 29:19फ्यूचर्स में ट्रेड करना। अब सवाल उठता है
- 29:22कि यह फ्यूचर्स चीज क्या होती है? क्या
- 29:24भविष्य में जाकर ट्रेड करना है? नहीं।
- 29:27फ्यूचर्स का मतलब होता है बेसिकली एक
- 29:29कॉन्ट्रैक्ट है। तो आप क्या कर रहे हो? आप
- 29:31डायरेक्टली बिटकॉइन को बाय करने की जगह आप
- 29:33एक कॉन्ट्रैक्ट को बाय एंड सेल कर रहे हो।
- 29:35और इस कॉन्ट्रैक्ट की जो प्राइस होती है
- 29:37बेसिकली ये कॉन्ट्रैक्ट है। यह बिटकॉइन
- 29:39है। तो इस कॉन्ट्रैक्ट की जो प्राइस है वो
- 29:41समझ लीजिए कि बिटकॉइन के बराबर है। अगर
- 29:44बिटकॉइन की प्राइस बढ़ती है तो
- 29:45कॉन्ट्रैक्ट की प्राइस भी बढ़ती है। अगर
- 29:47बिटकॉइन की प्राइस गिरती है तो
- 29:48कॉन्ट्रैक्ट की प्राइस भी गिरती है। तो
- 29:50आपको जो सारे बेनिफिट्स मिल रहे थे
- 29:52डायरेक्टली बिटकॉइन को बाय करने से वो
- 29:54यहां पर आपको मिल रहा है। और मैंने आपको
- 29:56बताया कि यहां पर आपको जो 30% वाला टैक्स
- 29:58है वो एप्लीकेबल नहीं होता है। इसका मतलब
- 30:00यह नहीं है कि अगर आप यहां पे ट्रेड
- 30:02करोगे, फ्यूचर्स में ट्रेड करोगे, तो कोई
- 30:04भी टैक्स नहीं देना होगा। बट जो नॉर्मल
- 30:06टैक्स होता है, शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन
- 30:08टैक्स होता है, वही आपको पे करना होगा। वो
- 30:10भी जब प्रॉफिट कमाओगे, तभी आपको देना
- 30:12होगा। इसलिए जो फ्यूचर्स ट्रेडिंग है, यह
- 30:14एक बेटर ऑप्शन है। और यहां पर अगर आपने
- 30:16लॉस कर लिया, तो वो आपके प्रॉफिट के साथ
- 30:19सेट ऑफ भी हो जाएगा। ठीक है? तो इसलिए
- 30:22आपको पता चल गया कि स्पॉट ट्रेडिंग एक
- 30:24अच्छा ऑप्शन नहीं है। फ्यूचर्स ट्रेडिंग
- 30:25एक अच्छा ऑप्शन है जो आप कर सकते हैं। अब
- 30:28आप लोगों के माइंड में कोई भी कंफ्यूजन ना
- 30:30रह जाए इसलिए मैं क्या करता हूं? आपको
- 30:31स्पॉट और फ्यूचर्स के बीच में थोड़े और
- 30:33डिफरेंस बता देता हूं। देखिए स्पॉट मैंने
- 30:35आपको पहले भी बताया। आप डायरेक्टली क्या
- 30:37कर रहे हो? आप क्रिप्टो को बाय कर रहे हो
- 30:39और बाद में होल्ड कर रहे हो। बाद में उसको
- 30:41सेल कर रहे हो। तो यहां पे एक्चुअली आपके
- 30:43हाथ में बिटकॉइन आया है। अगर आपने बिटकॉइन
- 30:45बाय किया है। इथेरियम खरीदा है तो
- 30:46एक्चुअली आपके हाथ में इथेरियम आया है।
- 30:49लेकिन जब फ्यूचर्स ट्रेडिंग की बात कर रहे
- 30:50हैं तो मैंने आपको क्लियर किया है कि यहां
- 30:53पर एक्चुअल में आपने बिटकॉइन को खरीदा ही
- 30:54नहीं है। आपने बिटकॉइन को बेचा ही नहीं
- 30:57है। तो इसी वजह से तो टैक्स एप्लीकेबल
- 30:59नहीं हो रहा ना। आपने उसके कॉन्ट्रैक्ट को
- 31:00खरीदा है। जिसमें प्राइस मूवमेंट जो है वो
- 31:03बिल्कुल क्रिप्टो की तरह है। तो जो प्राइस
- 31:06मूवमेंट का फायदा था वो आपको मिल जाएगा।
- 31:08लेकिन इसके साथ-साथ फ्यूचर ट्रेडिंग में
- 31:10एक और सबसे बड़ा फायदा जो आपको मिलता है
- 31:12वो होता है लेवरेज का। लेवरेज का मतलब
- 31:15क्या होता है? अब ये हमारे लिए समझना बहुत
- 31:17ज्यादा जरूरी है। तो इसको हम डिटेल में
- 31:19समझेंगे। तो यहां तक मैं इतना आपको क्लियर
- 31:21कर देता हूं कि क्रिप्टो में ट्रेड करना
- 31:23है तो फिर हम क्या करेंगे? हम वहां पे
- 31:25फ्यूचर्स में ट्रेड करेंगे। देखिए अगर आप
- 31:27स्टॉक मार्केट में ट्रेड करना चाहते हैं
- 31:29या फिर कहीं और भी ट्रेड करना चाहते हैं
- 31:31तो भी आपके लिए जो सारे कांसेप्ट होंगे वो
- 31:33ऑलमोस्ट सेम होंगे। बस थोड़ी बहुत चीजें
- 31:35हैं जो हम क्रिप्टो के लिए एडिशनल सीख रहे
- 31:37हैं और अगर आप स्टॉक मार्केट या किसी और
- 31:39मार्केट में ट्रेड करेंगे तो उस मार्केट
- 31:41की थोड़ी बहुत बेसिक चीजें हैं जो आपको
- 31:43सीखनी होंगी। अदरवाइज पूरा कोर्स हर तरह
- 31:45की ट्रेडिंग के लिए बिल्कुल सेम रहेगा। तो
- 31:47अगर आप YouTube में इस वीडियो को देख रहे
- 31:49हैं तो वीडियो को लाइक और चैनल को
- 31:50सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा और डेल्टा
- 31:52एक्सचेंज का लिंक डिस्क्रिप्शन पे दे रखा
- 31:53है। हमारे लिंक से ही अपना अकाउंट ओपन
- 31:55कीजिएगा। अब चलिए आगे बढ़ते हैं। बट ये जो
- 31:57बेसिक कांसेप्ट हैं इनके बारे में डिस्कस
- 31:59करने से पहले अगर आप लोगों के कोई भी
- 32:01क्वेश्चन है तो आप लोग तो कमेंट्स में पूछ
- 32:03सकते हो। लेकिन अगर आप लोगों में से कोई
- 32:05पूछना चाहता है तो आप मुझसे अभी क्वेश्चन
- 32:07पूछ लीजिए। फिर हम आगे बढ़ेंगे।
- 32:08यस सर मेरा एक क्वेश्चन है।
- 32:10हां बोलो। एक काम करो यहीं आ जाओ। हां
- 32:12दीपक।
- 32:13सर जैसा स्टॉक मार्केट में फ्यूचर का
- 32:14एक्सपायरी रहता है तो क्रिप्टो मार्केट
- 32:16में भी फ्यूचर का एक्सपायरी होता है।
- 32:17बहुत बढ़िया क्वेश्चन पूछा तुमने। देखो
- 32:19अगर स्टॉक मार्केट में आप ट्रेड करते हो
- 32:21तो वहां पर तो हर कॉन्ट्रैक्ट की एक
- 32:23एक्सपायरी होती है। चाहे आप फ्यूचर्स में
- 32:24करो या ऑप्शंस में करो। लेकिन क्रिप्टो
- 32:26मार्केट की एक और यह खासियत है कि यहां पर
- 32:29जो कॉन्ट्रैक्ट होते हैं वो परपेचुअल
- 32:30कॉन्ट्रैक्ट होते हैं। परपेचुअल यानी
- 32:32परमानेंट कॉन्ट्रैक्ट। मतलब जब तक चाहो तब
- 32:35तक आप उस कॉन्ट्रैक्ट को होल्ड कर सकते
- 32:36हो। तो अगर अभी आपने ट्रेड लिया और आपने
- 32:39ज्यादा लवरेज नहीं ले रखा है। लवरेज क्या
- 32:40होता है वो भी मैं आगे सिखाऊंगा। तो आप उस
- 32:42कॉन्ट्रैक्ट को हो सकता है कि 3 महीने, 4
- 32:45महीने, 6 महीने जब तक चाहो तब तक अपने पास
- 32:47होल्ड करके रख सकते हो। तो सही क्वेश्चन
- 32:49था ये आपका?
- 32:50अब आगे बढ़ते हैं। और किसी का कोई
- 32:52क्वेश्चन है?
- 32:53नो सर।
- 32:53नो सर। ठीक है? तो अब ये जो हमारे बेसिक
- 32:56कांसेप्ट है इनको एक-एक करके समझना शुरू
- 32:58करते हैं। तो सबसे पहला बेसिक कांसेप्ट जो
- 33:00मैं आपको क्रिप्टो फ्यूचर्स के लिए समझाने
- 33:02वाला हूं वो है ऑर्डर टाइप के बारे में।
- 33:04देखो ये चीजें जो मैं तुम्हें समझा रहा
- 33:05हूं आगे मैं तुम्हें लाइव भी दिखाऊंगा तो
- 33:07इसको अच्छे से समझना ताकि जब मैं लाइव
- 33:09दिखाऊं तो तुम्हें ज्यादा बेटर समझ आए।
- 33:11वहां पे भी समझाऊंगा लेकिन जब थोड़े से
- 33:14बेसिक क्लियर हो जाएंगे तो लाइव में
- 33:15ज्यादा बेटर समझ आएगा। तो जब भी तुम
- 33:18क्रिप्टो के फ्यूचर्स में ट्रेड करते हो
- 33:19ना तो तुम्हें दो तरह के ऑर्डर देखने को
- 33:22मिलते हैं। अगर स्टॉक मार्केट में भी
- 33:23तुमने कभी ट्रेड किया होगा तो दो तरह के
- 33:25ऑर्डर होते हैं। एक होता है मार्केट ऑर्डर
- 33:27दूसरा होता है लिमिट ऑर्डर। अब यह मार्केट
- 33:30ऑर्डर क्या होता है? तो मार्केट ऑर्डर का
- 33:33मतलब होता है इंस्टेंट एग्जीक्यूशन। इसका
- 33:35मतलब यह है कि अगर कोई भी क्रिप्टो है
- 33:38जिसकी प्राइस ₹100 चल रही है और तुम उसे
- 33:40₹100 में ही बाय करना चाहते हो। तो तुम
- 33:42क्या करते हो? तुमने मार्केट ऑर्डर पे
- 33:44लगाया। मतलब जो भी प्राइस चल रही है
- 33:45तुम्हें लगता है कि भाई जो भी प्राइस है
- 33:47मैं उस पे खरीदना चाहता हूं तो तुमने
- 33:48मार्केट ऑर्डर लगाया और जो भी प्राइस चल
- 33:50रही होगी उतने में आपका बाय हो जाएगा। तो
- 33:53इसलिए इसे मार्केट ऑर्डर कहते हैं जिसमें
- 33:55अगर आपको एकदम फास्ट एंट्री चाहिए तो आपको
- 33:57मार्केट ऑर्डर लगाना होता है। लेकिन इसका
- 34:00नुकसान यह है कि कई बार क्या होता है?
- 34:02तुमने तो देखा कि भाई ₹100 प्राइस चल रही
- 34:04है। मैं 100 में खरीदना चाहता हूं। लेकिन
- 34:06प्राइस बड़ा स्लोस्लो नहीं बढ़ती। कई बार
- 34:07बहुत तेजी से बढ़ती है। तो अगर एकदम से
- 34:09प्राइस बढ़ के 102 चली गई तो तुम्हारा
- 34:12ट्रेड हो सकता है ₹12 में जाके एग्जीक्यूट
- 34:14हो। यानी आपको ₹2 का पहले ही नुकसान हो
- 34:17गया। तो हम तो 100 में खरीदना चाह रहे थे।
- 34:18लेकिन क्योंकि तुमने मार्केट ऑर्डर लगाया
- 34:20था इसलिए वो थोड़े से महंगे में बाय हो
- 34:22गया। तो ये इसका नुकसान है। लेकिन कई बार
- 34:25होता है कि मार्केट इतनी तेजी से मूव कर
- 34:27रहा है कि आपके लिए वो अपॉर्चुनिटी ज्यादा
- 34:29बड़ी होती है। तो आपको मार्केट ऑर्डर भी
- 34:31लगाना होता है। जबकि दूसरे तरीके का जो
- 34:33ऑर्डर होता है उसको हम कहते हैं लिमिट
- 34:35ऑर्डर। लिमिट ऑर्डर में जो प्राइस है वो
- 34:37आपके कंट्रोल में है। अगर मान लो कोई भी
- 34:39क्रिप्टो है जिसकी प्राइस ₹100 चल रही है
- 34:42और तुम्हें लगता है कि यार जब इसकी प्राइस
- 34:44₹95 आएगी ना मैं तब इसको खरीदूंगा। तो तुम
- 34:48वहां पर अपने हिसाब से प्राइस डिसाइड कर
- 34:50सकते हो। यानी तुमने क्या किया? तुमने
- 34:52वहां पर जब तुम ट्रेड ले रहे होंगे मैं
- 34:54आगे दिखाऊंगा फिर पूछूंगा भी। ठीक है? तो
- 34:57मान लो अभी प्राइस कितनी चल रही है? ₹100
- 34:59चल रही है। लेकिन तुम 95 में बाय करना
- 35:02चाहते हो तो तुम यहां पर क्या करोगे?
- 35:03लिमिट ऑर्डर लगाओगे। तो अब अगर प्राइस ₹95
- 35:07पे आएगी तो ही तुम्हारा ऑर्डर एग्जीक्यूट
- 35:09होगा। अगर प्राइस ₹95 पे नहीं आएगी तो
- 35:12ऑर्डर एग्जीक्यूट नहीं होगा। ऑर्डर
- 35:14एग्जीक्यूट होने का मतलब है कि तुम्हारा
- 35:16ट्रेड तभी लगेगा जब तुमने प्राइस 95 पे आई
- 35:20क्योंकि तुमने 95 रखा है। अगर तुम इसको 98
- 35:23रखोगे तो प्राइस जब 98 पे जाएगी तभी जाके
- 35:26तुम्हारा ऑर्डर एग्जीक्यूट होगा। यानी अगर
- 35:28किसी पर्टिकुलर प्राइस पे तुम अपने ऑर्डर
- 35:30को एग्जीक्यूट करवाना चाहते हो तो तुम
- 35:32लिमिट ऑर्डर का यूज़ करते हो। लिमिट ऑर्डर
- 35:34बहुत यूज़फुल है। अगर तुम अपनी स्ट्रेटजी
- 35:37के हिसाब से काम कर रहे हो तो तुम्हें
- 35:38लगता है कि जब प्राइस इस लेवल पे आएगी
- 35:39क्योंकि तुमने एनालिसिस कर रखा है तो
- 35:41तुम्हें पता है कि एक पर्टिकुलर लेवल पे
- 35:43जब प्राइस आएगी तभी तुम्हें बाय करना है।
- 35:44तो तुम उस ऑर्डर को लगा के छोड़ सकते हो।
- 35:46इवन डेल्टा एक्सचेंज में तो तुम उस ऑर्डर
- 35:48के साथ-साथ अपना टारगेट और स्टॉप लॉस भी
- 35:50लगा के छोड़ सकते हो कि जैसे ही प्राइस उस
- 35:53लेवल पे आएगी आपका ट्रेड एग्जीक्यूट हो
- 35:55जाएगा। फिर उसके बाद आपका स्टॉप लॉस एंड
- 35:57टारगेट भी लग जाएगा। ये सब चीजें मैं आपको
- 35:59आगे लाइव दिखाने वाला हूं। तो बेसिक
- 36:00डिफरेंस समझ आ गया। तो मार्केट ऑर्डर में
- 36:02क्या होता है?
- 36:03इंस्टेंट एग्जीक्यूशन होता है।
- 36:04और लिमिट ऑर्डर में क्या होता है?
- 36:06प्राइस।
- 36:07बिल्कुल सही। तो इतना आपको समझ आ गया। अब
- 36:10मैं यहां पर ना एक डिफरेंस आपको बताता
- 36:11हूं। देखो जब भी आप ट्रेड करते हो आपको
- 36:13ब्रोकरेज देनी होती है। मतलब कुछ ना कुछ
- 36:15कमीशन तो दोगे ना जिसके थ्रू आप ट्रेड बाय
- 36:18कर रहे हो। तो जब तुम क्रिप्टो में बहुत
- 36:21इंपॉर्टेंट है। तुम मार्केट ऑर्डर लगाते
- 36:23हो तो वहां पर तुम्हारी ब्रोकरेज थोड़ी
- 36:25ज्यादा लगती है। क्यों ज्यादा लगती है?
- 36:27क्योंकि यहां पर तुम हो टेकर। जबकि तुम जब
- 36:30लिमिट ऑर्डर लगाते हो तब तुम्हारी जो
- 36:33ब्रोकरेज है वो थोड़ी सी कम लगती है।
- 36:36क्यों लगती है? क्योंकि यहां पर तुम हो
- 36:38मेकर। अब किस चीज के टेकर या मेकर हो?
- 36:42टेकर हो किस चीज के? देखो अगर तुमने बाय
- 36:44करने का मार्केट ऑर्डर लगाया है। तो किसी
- 36:47ने सेल ऑर्डर लगा रखा होगा तभी तो वो
- 36:49एग्जीक्यूट हुआ। तो तुमने क्या किया?
- 36:51मार्केट से लिक्विडिटी को टेक कर लिया। तो
- 36:53इसलिए तुम टेकर बन गए। जबकि अगर तुमने
- 36:56लिमिट ऑर्डर लगाया है तो एक नया ऑर्डर
- 36:59तुम्हारी तरफ से मार्केट में पड़ा है।
- 37:01तुमने क्या किया? तुमने एक नई लिक्विडिटी
- 37:03आप मार्केट में लेके आए हो। आप एक नया
- 37:05ऑर्डर मार्केट में लेके आए हो। तो आप एक
- 37:07मेकर हो। तो इसलिए यहां पर ब्रोकेज थोड़ी
- 37:10सी कम लगती है। तो इस चीज का आपने जरूर
- 37:12ध्यान रखना है। तो इतना आपको समझ आ गया
- 37:14है? तो अब नेक्स्ट बेसिक कांसेप्ट को
- 37:16समझते हैं। मैंने आपको ये पहले ही डिस्कस
- 37:18कर दिया है। मेकर क्या करता है? क्या करता
- 37:21है? मेकर
- 37:22लिक्विडिटी ऐड करता है।
- 37:23और टेकर क्या करता है?
- 37:24लिक्विडिटी यूज़ करता है।
- 37:26ठीक है? बहुत बढ़िया। अब चलो अगला जो
- 37:28कांसेप्ट है उसको समझते हैं। तो ये मैं
- 37:31अभी दीपक ने जो क्वेश्चन पूछा था वहां पर
- 37:33ऑलरेडी डिस्कस कर चुका हूं। वो है
- 37:35परपेचुअल कॉन्ट्रैक्ट। मैंने आपको बताया।
- 37:38हां बोलो।
- 37:38सर जैसे कि सर जब हम लिमिट ऑर्डर लगा रहे
- 37:41हैं
- 37:42हम
- 37:42जब जब हम टारगेट लगाएंगे तभी भी होगा ऐसा।
- 37:44लिमिट ऑर्डर तुम टारगेट के टाइम पे भी लगा
- 37:46सकते हो।
- 37:47तब टारगेट के टाइम पे भी फीस कम लगेगी।
- 37:49टारगेट के टाइम पे भी फीस कम लगेगी। कि
- 37:50अगर तुमने लिमिट ऑर्डर लगाया है और अगर
- 37:52मार्केट ऑर्डर लगाया है तो फिर तुम्हारा
- 37:54जो ट्रेड होता है उसमें प्राइस कई बार ऊपर
- 37:56नीचे जाके भी तुम्हारा जो ट्रेड है वो
- 37:58एग्जीक्यूट हो सकता है। तो तुम हर जगह पे
- 38:01अपना लिमिट ऑर्डर सेट कर सकते हो। तो अब आ
- 38:03जाते हैं हमारे परपेचुअल कॉन्ट्रैक्ट पे।
- 38:05मैं पहले ही डिस्कस कर चुका हूं कि
- 38:07परपेचुअल का मतलब होता है परमानेंट
- 38:09कॉन्ट्रैक्ट जिसकी कोई भी एक्सपायरी नहीं
- 38:11होती है। यह फ्यूचर्स ट्रेडिंग ही है।
- 38:13फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट ही है बट उसकी कोई
- 38:15भी एक्सपायरी नहीं है। यानी उसको आप जितना
- 38:17लंबे चाहे टाइम तक चाहो उतने लंबे टाइम तक
- 38:20होल्ड करके रख सकते हो। जबकि स्टॉक
- 38:23मार्केट की बात करें तो वहां पर एक
- 38:24एक्सपायरी होती है हर कॉन्ट्रैक्ट की। तो
- 38:26अगर उसकी एक्सपायरी आज की है और तुमने
- 38:28चाहे आज ही खरीदा है तो तुम्हें आज ही
- 38:30उसको बेचना होगा। तुम कल तक उसको होल्ड
- 38:32नहीं कर पाओगे और खुद नहीं बेचोगे तो वह
- 38:35एक्सपायर हो जाएगा। तो इसलिए फ्यूचर्स
- 38:38ट्रेडिंग का एक यह भी बहुत अच्छा ऑप्शन है
- 38:39क्रिप्टो में। दूसरा 24 * 7 चल रहा है।
- 38:42तीसरा तुम्हें लवरेज में मिलता है। लवरेज
- 38:44क्या होता है? अब वो भी हम समझेंगे। तो अब
- 38:46जो हमारे लिए समझना सबसे ज्यादा जरूरी है
- 38:48वो है लेवरेज। वैसे अभी तक आपको वीडियो
- 38:51पसंद आ रही है तो वीडियो को लाइक कीजिए,
- 38:52चैनल को सब्सक्राइब कीजिए। सब्सक्राइब
- 38:54करना है ना?
- 38:56ठीक है? तो अब लेवरेज पे चलते हैं। तो
- 38:58लेवरेज क्रिप्टो ट्रेडिंग का एक बहुत ही
- 39:01इंपॉर्टेंट और बहुत ही प्यारा कांसेप्ट है
- 39:03और उन लोगों के लिए बहुत ज्यादा यूज़फुल
- 39:05है जिन लोगों के पास ज्यादा कैपिटल नहीं
- 39:07है। मतलब अगर कम पैसे से ट्रेड करना चाहते
- 39:09हो तो लिवरेज आपके बहुत ज्यादा काम आ सकता
- 39:11है। लेकिन लेवरेज एक दो धारी तलवार की तरह
- 39:14काम करता है। आपके काम भी आता है तो आपके
- 39:17अगेंस्ट में भी चल सकता है। तो देखो लवरेज
- 39:19का सीधा सा मतलब होता है लोन। यानी लेवरेज
- 39:22एक उधार है। इसको हम बोरोड मनी भी कहते
- 39:24हैं। बट जैसे कि बाकी जो लोन होते हैं तुम
- 39:27बैंक से लेते हो वहां पर तुम्हें इंटरेस्ट
- 39:29देना पड़ता है। लेकिन इस लेवरेज में
- 39:31तुम्हें इंटरेस्ट नहीं देना होता है।
- 39:32क्योंकि यह जो पैसा तुम्हें दिया जाता है
- 39:34यह सिर्फ ट्रेड करने के लिए दिया जाता है
- 39:36और यह ट्रेड करने के लिए जो एक्स्ट्रा
- 39:38पैसा होता है, यह तुम्हें तुम्हारा ब्रोकर
- 39:40देता है। मुझे पता है कुछ खास समझ नहीं
- 39:42आया होगा। तो इसे हम एग्जांपल से समझेंगे।
- 39:44जैसे मान लो अगर तुम्हारे पास ₹1000 हैं।
- 39:49ठीक है? तो ₹1000 से अगर मान लो मार्केट
- 39:5210% भी बढ़ गया तो ऐसे में तुम्हें सिर्फ
- 39:55₹100 का प्रॉफिट होगा। इसके ऊपर ब्रोकरेज
- 39:57दोगे तो कुछ खास तुम्हारे पास बचेगा भी
- 39:59नहीं। यानी अगर बिना लेवरेज के काम करते
- 40:01हो ₹1000 से तो समझ लो वो कुछ भी तुम्हारे
- 40:04हाथ में नहीं आएगा। लेकिन अगर तुम्हें
- 40:07लेवरेज मिल जाता है और यह लेवरेज के लिए
- 40:09कहीं तुम्हें बैंक पे जाने की जरूरत नहीं
- 40:11है। कहीं पे कोई एप्लीकेशन लगाने की जरूरत
- 40:12नहीं है। ऐप में सिर्फ एक ऑप्शन होता है।
- 40:14उस ऑप्शन को इनेबल करते ही तुम अपने हिसाब
- 40:16से लेवरेज चुन सकते हो। और आगे मैं
- 40:19तुम्हें लाइव में दिखाने भी वाला हूं। तो
- 40:21सबसे पहले अगर मान लो वही तुम्हारे पास
- 40:23₹1000 हैं। लेकिन अब तुमने 100x का लवरेज
- 40:27ले लिया। मतलब 100 गुने का लवरेज ले लिया।
- 40:30चाहो तो डेल्टा एक्सचेंज में 200 गुने तक
- 40:32का लवरेज मिल जाता है। मतलब 200 गुने तक
- 40:35का लवरेज तुम ले सकते हो। लेकिन अगर तुमने
- 40:381000 रुपए के ट्रेड पे 100 गुने का भी
- 40:41लवरेज लिया तो 1000 का 100 कितना होता है?
- 40:43100 गुना।
- 40:45लाख
- 40:45₹1 लाख। यानी तुम्हारे अपनी जेब से ₹1000
- 40:48लगे हैं। लेकिन तुम ₹1 लाख का ट्रेड ले
- 40:51सकते हो। और अब मान लो कि तुमने ₹1 लाख का
- 40:55ट्रेड ले रखा है। और उसके बाद अगर मार्केट
- 40:5710% बढ़ गया जो कि पहले भी बढ़ा था। बस
- 40:59तुमने लेवरेज नहीं लिया था। ₹1000
- 41:01तुम्हारे भी यहां यहां थे। यहां भी
- 41:03तुम्हारे ₹1000 ही थे। बस तुमने एक ऑप्शन
- 41:05इनेबल किया। उसमें लेवरेज लगा दिया जी 100
- 41:07गुने का। तो इस केस में तुमने ₹1 लाख से
- 41:10ट्रेड ले लिया। जिसमें से तुम्हारे तो
- 41:12₹1000 ही हैं। बाकी जो ₹99,000 हैं वो
- 41:15तुम्हारा ब्रोकर तुम्हें दे रहा है ट्रेड
- 41:17करने के लिए। तो अब अगर मार्केट 10% बढ़
- 41:19जाता है तो तुम्हें कितना फायदा होगा?
- 41:22बट ₹10,000 का फायदा कितनी कैपिटल पे हुआ?
- 41:25तुम्हारे जेब से सिर्फ ₹1000 लगे थे। तो
- 41:28लेवरेज से तुम्हारा जो प्रॉफिट होता है
- 41:30उसको तुम बड़ा कर सकते हो। लेकिन जो लॉस
- 41:33होता है वो भी बड़ा हो सकता है। वैसे बड़ा
- 41:35नहीं होता यहां पे लॉस। लॉस होने की जो
- 41:37प्रोबेबिलिटी होती है, जो चांसेस होते
- 41:39हैं, वह बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। तो
- 41:41लेवरेज हमें क्या करता है? लेवरेज हमें एक
- 41:44मौका देता है कम कैपिटल से बड़ा ट्रेड
- 41:46करने का। अब यहां पर मुझे लगता है आपका
- 41:48कोई ना कोई डाउट होगा। तो अगर कोई डाउट है
- 41:51तो आप पूछ सकते हैं। आप भी कमेंट बॉक्स
- 41:52में अपना डाउट पूछिए। हमारी टीम आपको
- 41:54रिप्लाई करेगी।
- 41:55सर मुझे एक डाउट है।
- 41:56हम बोलो।
- 41:57ये जो 10% का प्रॉफिट हमें हो रहा है
- 41:59उसमें हमें 10,000 मिल रहे हैं।
- 42:00लेकिन अगर 10% का लॉस हो तो वो 10,000 के
- 42:03हमें देने पड़ेंगे।
- 42:04नहीं तुम्हें नहीं देने पड़ेंगे। इस जगह
- 42:06पे एक बहुत इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है जो मैं
- 42:07आपको आगे बताने वाला था। उसको कहते हैं
- 42:09लिक्विडेशन। उसमें होता ये है कि देखो मैं
- 42:12आपको समझाता हूं। आप सीट पे बैठो। थोड़ा
- 42:14सा लवरेज को एक बार क्लियर कर देता हूं।
- 42:16उसके बाद मैं आपको वो लिक्विडेशन वाला
- 42:18कांसेप्ट भी समझाऊंगा। तो ये आपका जो
- 42:19क्वेश्चन होगा वो वहां पे क्लियर हो
- 42:20जाएगा। मैंने आपको बताया कि आप 100 गुने
- 42:23तक का भी लवरेज ले सकते हो। 100 गुने का
- 42:24लवरेज ले सकते हो। मतलब ₹1000 से 1 लाख का
- 42:26ट्रेड ले सकते हो। ऑप्शन 200 गुना तक का
- 42:28लवरेज लेने का होता है। मतलब आप ₹1000 से
- 42:31₹2 लाख तक का भी ट्रेड ले सकते हो। लेकिन
- 42:33प्रैक्टिकली आपको इतना ज्यादा ट्रेड नहीं
- 42:35लेना चाहिए। अगर आपको सिर्फ सीखना है,
- 42:37ट्राई करके देखना है, तब तो पांच से 10
- 42:39गुना का लवरेज ले लो। लेकिन अगर आपको
- 42:42ठीक-ठाक मार्केट में काम करना है तो आप
- 42:44मैक्सिमम 25 गुने तक का ही शुरुआत में
- 42:46लवरेज लो। जब थोड़ा बहुत एक्सपीरियंस हो
- 42:48जाएगा तब जाके आप अपना लवरेज बढ़ा सकते
- 42:50हो। और बहुत रेयर केस में ही आपको 100 या
- 42:53200 टाइम्स तक का लवरेज लेना है। इतनी चीज
- 42:55आप ध्यान में रखना। ज्यादा लवरेज मत लेना।
- 42:58क्यों मत लेना? अब वो हम समझते हैं जो
- 43:00आपको समझ आएगा लिक्विडेशन में। अब जो आपका
- 43:03क्वेश्चन था सार्थक का कि अगर मान लो मुझे
- 43:0610,000 का प्रॉफिट हुआ तो वो तो प्रॉफिट
- 43:08मैं जेब में लेके जा रहा हूं। लेकिन अगर
- 43:1010,000 का नुकसान हो गया तो मेरे पास तो
- 43:12₹1000 ही रुपए थे। तभी तो मैंने मार्केट
- 43:13में ₹1000 लगाए थे। तो फिर उस केस में
- 43:16क्या होगा? तो देखिए इसके लिए यहां पर
- 43:19ब्रोकर को भी पता है क्योंकि मैंने अगर
- 43:21आपको एग्जांपल दिया था तो उसमें ₹99,000
- 43:24आपको कौन दे रहा है? आपको आपका ब्रोकर दे
- 43:26रहा है। तो उस ब्रोकर को भी पता है कि भाई
- 43:27अगर इसको ज्यादा नुकसान हो गया तो हो सकता
- 43:29है यह दे ही ना पाए। तो इसमें आपसे बड़ा
- 43:32नुकसान तो ब्रोकर का है। मतलब इस केस में
- 43:33डेल्टा एक्सचेंज का है। तो इसलिए हर जो
- 43:37एक्सचेंज होता है वो यहां पर एक कांसेप्ट
- 43:39का यूज करता है जिसको हम कहते हैं
- 43:41लिक्विडेशन। यानी अगर मान लीजिए मैं वही
- 43:44एग्जांपल अगर लेके चलूं तो इस केस में
- 43:46आपके थे ₹1000। आपने क्या किया? आपने 100x
- 43:50का लवरेज लिया। यानी आपकी कैपिटल हो गई ₹1
- 43:54लाख जिस पर आपने ट्रेड लिया। अब अगर आपने
- 43:5810% कमाया तब तो बहुत अच्छी बात है। आपने
- 44:0110,000 कमा लिए। डेल्टा एक्सचेंज पूरा
- 44:04प्रॉफिट आपका होता है। आपको कोई इंटरेस्ट
- 44:05वगैरह नहीं देना है। लेकिन अगर मान लीजिए
- 44:08इस केस में प्राइस 10% बड़ी थी तो आपको
- 44:11इतना प्रॉफिट हुआ। लेकिन अगर इस केस में
- 44:13मान लीजिए वही आपने यहां पे ₹1 लाख का
- 44:17ट्रेड ले रखा है। अब अगर मान लीजिए प्राइस
- 44:191% भी गिर जाती है तो ₹1 लाख का 1% कितना
- 44:23होता है?
- 44:24₹1000। ₹1000 होता है। तो अगर प्राइस 1%
- 44:27भी गिरी तो आपके पैसे कितने हैं? 1000 तो
- 44:31आपका जो ब्रोकर होगा वह आपके ट्रेड को
- 44:33यहीं पे एग्जिट कर देगा। यानी आपका जो
- 44:35पूरा पैसा होगा वो एकदम से खत्म हो जाएगा
- 44:38क्योंकि आपने इतना ज्यादा लवरेज लिया था।
- 44:40अब इसकी जगह पर अगर आपने मान लीजिए 50
- 44:44टाइम्स का लवरेज लिया होता। तो यहां पर 50
- 44:47टाइम्स का लवरेज लेते तो क्या होता? यहां
- 44:50पे ₹1000 थे। आपने 50 टाइम्स का लवरेज
- 44:53लिया। तो अब आपके मार्केट में कितने पैसे
- 44:55लगे?
- 44:56₹00 लगे। आपके जेब से कितने आए हैं? ₹1000
- 45:00आए हैं। तो अब मान लो अगर 2% मार्केट
- 45:03गिरता है तो 500 का 2% कितना होता है?
- 45:071000
- 45:071000 होता है। तो अब अगर मान लो मार्केट
- 45:102% भी गिरता है तब जाके आपका जो ट्रेड
- 45:13होगा वो एग्जिट होगा। अब इसकी जगह पर अगर
- 45:15मान लो आपने 25 टाइम्स तक का लवरेज लिया
- 45:18होता।
- 45:19ठीक है? तो यहां पर आपके मार्केट में
- 45:22कितने रुपए लगे होते? आपके वही ₹1000 हैं।
- 45:24पर आपके मार्केट में लग गए ₹25,000। अब
- 45:27अगर मार्केट मान लो 4% गिर जाता है तब
- 45:30जाके आपका ट्रेड एग्जिट होगा। यानी यहां
- 45:32पर आपके जो एक्स्ट्रा पैसे हैं वो आपको
- 45:35नहीं देने होंगे। लेकिन जो आपको लॉस होने
- 45:37की प्रोबेबिलिटी होगी वो बहुत जल्दी हो
- 45:39जाएगी। अगर आपने ज्यादा लेवरेज लिया है तो
- 45:411% भी मार्केट गिर रहा है तो आपका ट्रेड
- 45:43वहीं पे एग्जिट हो जा रहा है। लेकिन अगर
- 45:45आपने 25 टाइम का लेवरेज लिया है यानी
- 45:48₹25,000 आपने 1000 लगाए ने 25,000 का
- 45:50ट्रेड लिया। तो अब अगर मार्केट 3% भी
- 45:52गिरता है बढ़ने से पहले हो सकता है आगे
- 45:54चलके बढ़ जाए। लेकिन बढ़ने से पहले अगर 3%
- 45:57भी गिरा तो आपका ट्रेड ऑटोमेटिकली एग्जिट
- 45:59नहीं होगा। आपके ₹1000 पूरे खत्म नहीं
- 46:01होंगे। अब ये ₹1000 का एग्जांपल आपको छोटा
- 46:04लग रहा होगा। लेकिन अगर मान लो आप ₹10,000
- 46:05से भी ट्रेड करोगे, 1 लाख से भी ट्रेड
- 46:07करोगे तो भी आप चाहोगे ना कि थोड़ी तो
- 46:09बड़ी कैपिटल यूज़ करो तो वहां पे भी आप
- 46:11लवरेज यूज़ करोगे। तो अगर मान लो आपने 1
- 46:13लाख लगाया और उस पे 100 गुने का लवरेज ले
- 46:15लिया तो 1 करोड़ का ट्रेड है। लेकिन उस
- 46:17केस में अगर मान लो 1% भी प्राइस गिर गई
- 46:19तो आपके ₹1 लाख साफ हो जाएंगे। इसीलिए
- 46:21मैंने आपको पहले ही बताया था कि आपने
- 46:23ज्यादा लेवरेज नहीं लेना है क्योंकि ये एक
- 46:25लिक्विडेशन प्राइस होती है और अच्छी बात
- 46:27यह है कि ये लिक्विडेशन प्राइस आपको पहले
- 46:29से पता होती है। यहां पर मैंने आपको एक
- 46:31एग्जांपल दिखाया है। इस एग्जांपल को ध्यान
- 46:33से देखो। इसमें क्या है कि मान लीजिए आपने
- 46:35यहां पर ट्रेड ले रखा है और यहां पर आपकी
- 46:37लिक्विडेशन प्राइस है। तो अगर मान लो
- 46:40प्राइस पहले थोड़ा नीचे जाती है फिर बढ़
- 46:42जाती है तो कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन अगर
- 46:44मान लो प्राइस ये जो आपकी लिक्विडेशन
- 46:46प्राइस है यहां पर आने के बाद बढ़ती है तो
- 46:48आपका ट्रेड तो यहीं पे एग्जिट हो जाएगा।
- 46:50सारे पैसे खत्म हो जाएंगे। प्राइस ऊपर बढ़
- 46:52गई तो आपको कुछ नहीं मिला। आप तो बर्बाद
- 46:53हो गए। तो इसलिए एक इससे भी अच्छा ऑप्शन
- 46:57होता है जो कि हर ट्रेडर को यूज़ करना है।
- 46:59उसके बिना तो आप ट्रेडर बन ही नहीं सकते
- 47:01और वो है स्टॉप लॉस। तो जब भी आप ज्यादा
- 47:04लेवरेज ले रहे हैं तो वहां पर आपने हमेशा
- 47:06स्टॉप लॉस का यूज़ करना है। इसका मतलब यह
- 47:09है कि अगर प्राइस आपको लगता है कि यार
- 47:11₹500 से ज्यादा नुकसान नहीं होना चाहिए।
- 47:13आपने अगर ₹1000 की कैपिटल है तो ₹500 तो
- 47:15आपका 50% है। तो ₹10,000 की कैपिटल लेके
- 47:18चलते हैं। मान लो आपको लगता है कि यार
- 47:19मुझे ₹1000 से ज्यादा नुकसान एक ट्रेड में
- 47:21नहीं होना चाहिए। तो आप क्या कर सकते हैं?
- 47:23अपनी कैपिटल के 10% का आपने स्टॉप लॉस
- 47:25रखा। अगर प्राइस इतना नीचे आए कि आपका
- 47:28₹1000 पूरा खत्म होने वाला हो ₹1,000 में
- 47:30से तो फिर आपका जो स्टॉप लॉस होगा वो वहां
- 47:33पे आपने सेट कर रखा है। प्राइस जो ट्रेड
- 47:35होगा वहीं पे एग्जिट हो जाएगा। आपको सिर्फ
- 47:37₹1000 का नुकसान होगा। पूरे ₹10,000 का
- 47:39नुकसान नहीं होगा। तो ये स्टॉप लॉस बहुत
- 47:42ज्यादाेंट होता है। ज्यादातर ट्रेडर्स
- 47:44इसको इग्नोर कर देते हैं। इसको अवॉइड कर
- 47:46देते हैं। ये सोचते हैं कि भाई अब इसी
- 47:48एग्जांपल में मान के चलो प्राइस आपके
- 47:50लिक्विडेशन तो नहीं गई लेकिन आपका ये जो
- 47:53स्टॉप लॉस था वहां से जाने के बाद बढ़ गई।
- 47:56तो इस केस में आपके ₹1000 डूबे फिर प्राइस
- 47:58बढ़ गई। लेकिन आपको नहीं पता है कि प्राइस
- 48:00कितना नीचे जाने के बाद बढ़ सकती है। तो
- 48:02इसलिए स्टॉप लॉस लगाना जरूरी है क्योंकि
- 48:04हो सकता है 10 बार ऐसा हुआ आपने प्रॉफिट
- 48:06कमाया। लेकिन एक बार अगर प्राइस पूरा ही
- 48:09नीचे चली गई तो आपने 10 बार में जो कमाया
- 48:11होगा वो सब एक बारी में खत्म हो जाएगा।
- 48:13इसीलिए यह बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है कि
- 48:15आप स्टॉप लॉस का यूज़ करें और लिक्विडेशन
- 48:17का जो कांसेप्ट है मुझे लगता है अब वो भी
- 48:19आपको समझ आ गया होगा। यहां पर मैंने आपको
- 48:21बताया है कि आपका स्टॉप लॉस जरूर लगाना
- 48:23है। तो इतना आपको क्लियर हो गया होगा। अब
- 48:25यहां पर कोई डाउट है तो पूछो।
- 48:27नो सर।
- 48:28नो सर।
- 48:28ठीक है। अगर आप लोगों को कोई डाउट है तो
- 48:30आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। वैसे
- 48:32अगर आपको ये पीडीएफ चाहिए ना तो आप क्या
- 48:34कर सकते हैं? आप हमारे लिंक के थ्रू डेट
- 48:36एक्सचेंज में अकाउंट ओपन करने के बाद नीचे
- 48:37Google फॉर्म को फिल कर लीजिएगा। जब आप
- 48:39Google फॉर्म को फिल कर लेंगे तो हमारी
- 48:41टीम आपको कांटेक्ट करती है। आप उनसे जितनी
- 48:43भी हमारी पीडीएफ है वो मांग सकते हैं।
- 48:44लेकिन उसके लिए आपको अकाउंट ओपन करने के
- 48:46बाद ही Google फॉर्म को फिल करना है। इसके
- 48:48अलावा अगर आप में से कोई स्टूडेंट है जो
- 48:50ऐसे हमसे फिजिकली सीखना चाहते हैं ऑफलाइन
- 48:52क्लास में तो कमेंट कीजिए। अगर आप लोगों
- 48:54के अच्छे खासे कमेंट आएंगे तो हम आप लोगों
- 48:56के लिए ऐसी फिजिकल क्लास के बारे में भी
- 48:58सोच सकते हैं। तो इसके लिए कमेंट जरूर
- 49:00कीजिएगा। साथ ही वीडियो को लाइक जरूर
- 49:01कीजिएगा। अब चलिए सीधा लाइव डेमो देखते
- 49:03हैं। मैं आपको प्रैक्टिकली सिखाऊंगा कि
- 49:05कैसे ट्रेड प्लेस करना है। तो ट्रेड करने
- 49:07के लिए मैं आपको पहले ही बता चुका हूं कि
- 49:08सबसे बेस्ट प्लेटफार्म है डेल्टा एक्सचेंज
- 49:10जिसका मैं खुद यूज़ करता हूं। इंडिया में
- 49:11एफआईयू रजिस्टर्ड प्लेटफार्म है। यानी अगर
- 49:14इंडिया में रह के ट्रेड कर रहे हो तो कोई
- 49:15प्रॉब्लम नहीं है। यूपीआई से पैसे ऐड और
- 49:17विथड्रॉ कर सकते हो। तो अगर आपके पास
- 49:19डेल्टा एक्सचेंज का अकाउंट नहीं है तो
- 49:20डिस्क्रिप्शन में लिंक दिया। हमारे लिंक
- 49:21से ही अकाउंट ओपन करने पे आपको अधीराई का
- 49:24सब्सक्रिप्शन मिलता है। साथ ही एक्स्ट्रा
- 49:25ब्रोकरेज में आपको डिस्काउंट मिलता है। तो
- 49:27हमारे लिंक से ही अकाउंट ओपन कीजिएगा।
- 49:29बाकी में आपको अगर पीडीएफ वगैरह भी चाहिए
- 49:31तो भी हमारे ही लिंक का यूज कीजिएगा। जब
- 49:33अकाउंट ओपन हो जाएगा तो उसके बाद तुम इस
- 49:35इंटरफेस पे आओगे जब लॉग इन करोगे। तो अगर
- 49:37तुम्हें ट्रेड करना है तो यहां पर देखो
- 49:39यहां पर मार्केट्स का एक ऑप्शन दिखाई दे
- 49:41रहा है। आपने इस पे क्लिक कर देना है। अब
- 49:43यहां पर ना मुझे एक चीज याद आ गई कि यहां
- 49:44पर एक ऑप्शंस ट्रेडिंग भी होती है। मैं
- 49:46थोड़ा बहुत उसके बारे में भी आपको बता
- 49:48दूंगा। ठीक है? तो यहां पर आपने जब अकाउंट
- 49:51ओपन कर लिया, साइन इन कर लिया तो यहां पे
- 49:52मार्केट्स दिखाई दे रहा है। आप यहां से ऐड
- 49:54फंड करके पैसे डिपॉजिट कर सकते हैं। अपने
- 49:56यूपीआई के थ्रू आप पैसे डिपॉजिट कर सकते
- 49:58हैं। बट एक चीज का ध्यान रखना कि जो बैंक
- 50:00अकाउंट आपने अकाउंट ओपन करते हुए डाला है
- 50:02उसी बैंक अकाउंट से आप पैसे ऐड और विथड्रॉ
- 50:04कर पाएंगे। दूसरे बैंक अकाउंट से करेंगे
- 50:06तो दिक्कत होगी। तो यूपीआई भी उसी बैंक
- 50:08अकाउंट से लिंक्ड होना चाहिए। तो अब चलिए
- 50:10हम यहां पर एक-एक करके समझते हैं कि यहां
- 50:13पर क्या दिखाई दे रहा है। अगर स्पॉट पे
- 50:15ट्रेड करना चाहते हो तो देखो यहां पर आपको
- 50:16स्पॉट का एक ऑप्शन मिलता है। हमारा जो
- 50:18अकाउंट वैल्यू है वो स्पॉट पे हमने कोई भी
- 50:20पैसे नहीं डाल रखे हैं। तो स्पॉट पे ये
- 50:22ज़ीरो दिखाई दे रहा है। तो अगर आप स्पॉट पे
- 50:24ट्रेड करना चाहते हो मतलब डायरेक्टली
- 50:26बिटकॉइन बाय एंड सेल करना चाहते हो तो वो
- 50:27भी आप यहां पर कर सकते हो। बट मैंने आपको
- 50:29बताया कि फ्यूचर्स में ट्रेड करोगे तो वो
- 50:31बेटर रहेगा। तो यहां से आपने फ्यूचर्स
- 50:33सेलेक्ट कर लिया तो डायरेक्टली इथेरियम
- 50:35वगैरह या बिटकॉइन वगैरह खुल जाता है। तो
- 50:36आप मार्केट पे क्लिक करो। जैसे ही मार्केट
- 50:38पे क्लिक करते हो देखो यहां पर फ्यूचर्स
- 50:40दिखाई दे रहा है। दिख रहा है सबको?
- 50:42यस सर।
- 50:42तो अब देखो एक चीज यहां पे ध्यान देना कि
- 50:45सारे जो भी तुम्हें क्रिप्टोस चाहिए उनके
- 50:48परपेचुअल कॉन्ट्रैक्ट यहां पे दिखाई दे
- 50:49रहे हैं। जैसे ये बिटकॉइन परपेचुअल
- 50:52इथेरियम परपेचुअल यहां पर गोल्ड भी है।
- 50:55अगर तुम गोल्ड में ट्रेड करना चाहते हो
- 50:57लीगली इंडिया में रह के तो तुम यहां पर
- 50:59गोल्ड में भी ट्रेड कर सकते हो। और गोल्ड
- 51:01में ट्रेड करने का सबसे बड़ा फायदा यह है
- 51:03कि देखो पूरी दुनिया गोल्ड को फॉलो करती
- 51:05है तो गोल्ड में मैनपुलेशन होने के चांसेस
- 51:07बहुत कम होते हैं। मतलब आपकी जो स्ट्रेटजी
- 51:08होंगी वो बहुत अच्छे से यहां पे काम
- 51:10करेगी। तो इसके अलावा जितने भी तुम
- 51:11क्रिप्टोस के बारे में तुमने सुना होगा वो
- 51:14सारे ही यहां पर देखने को मिल जाते हैं।
- 51:16तो बट ज्यादातर केस में मैं ये कहूंगा कि
- 51:17शुरुआत में जब नए हो तो अगर ट्रेड कर रहे
- 51:20हो तो बिटकॉइन, इथेरियम, गोल्ड, सोलाना
- 51:22इनमें ही ट्रेड करना। मतलब जो टॉप चार
- 51:24तुम्हें दिखाई दे रहे हैं इनमें ट्रेड
- 51:26करोगे तो बेस्ट रहेगा। तो किस में कितना
- 51:28लवरेज मिलता है वह आपको यहां पर दिखाई दे
- 51:30रहा है। अब हम एक एग्जांपल लेते हैं। अगर
- 51:31मान लो आप बिटकॉइन में ट्रेड करना चाहते
- 51:33हो तो वो आप ट्रेड करोगे कैसे? और वहां पर
- 51:35मैं आपको काफी सारे ऑप्शंस भी समझाऊंगा।
- 51:37तो इसके लिए मैंने आपको बताया कि सबसे
- 51:39पहले आपने क्या किया? आप यहां पर मार्केट
- 51:41वाले ऑप्शन पे गए। मार्केट पे जाओगे।
- 51:43फ्यूचर्स में ट्रेड करना है, फ्यूचर्स पे
- 51:44आपने क्लिक किया और उसके बाद बिटकॉइन में
- 51:46ट्रेड करना चाहते हो तो यहां पर आपने
- 51:48बिटकॉइन पे क्लिक कर दिया। तो जैसे ही
- 51:49हमने देखो बिटकॉइन पे क्लिक किया तो यहां
- 51:52पर आपको बिटकॉइन का पूरा चार्ट देखने को
- 51:54मिल रहा है। यह उसके फ्यूचर्स परपेक्चुअल
- 51:56कॉन्ट्रैक्ट का चार्ट है। यानी वही मैंने
- 51:58आपको बताया इसकी कोई एक्सपायरी नहीं होती।
- 52:00इसके अलावा यहां पर आपको ऑर्डर बुक दिखाई
- 52:02दे रही है। यानी किस प्राइस में लोग बाय
- 52:04एंड सेल कर रहे हैं। और इसके बाद यहां पर
- 52:06आपको दिखाई दे रहा है वो पैनल जिससे आप
- 52:08बाय एंड सेल कर सकते हैं। हमारा जो पहला
- 52:11लेक्चर था उसमें मैंने आपको बताया था कि
- 52:12आप चाहो तो पहले बाय करके बाद में महंगे
- 52:15में बेचकर भी प्रॉफिट कमा सकते हो या फिर
- 52:17पहले बेचकर बाद में सस्ते में खरीद कर भी
- 52:19प्रॉफिट कमा सकते हो। तो जब बाय करोगे तो
- 52:21प्राइस के बढ़ने पे प्रॉफिट होगा। और जब
- 52:24सेल करोगे तब प्राइस के गिरने पे प्रॉफिट
- 52:27होगा। ठीक है? ये चीज आपको क्लियर हो गई
- 52:29है। तो अब ये जो चार्ट होता है ये आपके
- 52:31लिए बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है।
- 52:33लेकिन उससे पहले ऊपर आपको थोड़ा बहुत और
- 52:34डाटा देखने को मिलता है। देखिए ये क्या
- 52:36है? ये बिटकॉइन का चार्ट है। उसकी अभी
- 52:38प्राइस क्या चल रही है वो आपको दिखाई दे
- 52:40रही है। पिछले 24 घंटे में क्या चेंज आया
- 52:42है? उसका देखिए इंडेक्स क्या रहता है? जब
- 52:44भी आप ट्रेड कर रहे होते हो ना फ्यूचर्स
- 52:46में तो फ्यूचर्स में और स्पॉट में थोड़ा
- 52:48बहुत डिफरेंस रहता है। तो वो स्पॉट में
- 52:50क्या चल रहा है वो भी आपको यहां पर दिखाई
- 52:52देता है। पिछले 24 घंटे में हाई कितना गया
- 52:54था बिटकॉइन? कितना लो गया था? वॉल्यूम
- 52:57कितना था? वॉल्यूम का मतलब है कितने लोगों
- 52:59ने ट्रेड किया, कितने पैसे से ट्रेड किया
- 53:01गया वो भी आपको यहां पर देखने को मिलता
- 53:02है। इसके अलावा एक फंडिंग जैसी भी चीज
- 53:05होती है जो कि कई बार आपसे चार्ज की जाती
- 53:07है। कई बार आपको मिलती है। उतना ज्यादा
- 53:09इंपॉर्टेंट नहीं है। तो अब हमारे लिए
- 53:11इंपॉर्टेंट क्या है? हमारे लिए इंपॉर्टेंट
- 53:13है सबसे पहले ये चार्ट। तो अगर आप इस
- 53:16चार्ट को डिटेल में देखना चाहते हो, फुल
- 53:18स्क्रीन में देखना चाहते हो तो इसके लिए
- 53:19ना यहां पर आपको एक ऑप्शन दिखाई दे रहा
- 53:21है। आपने इस पे क्लिक करना है। जैसे ही आप
- 53:23इस पे क्लिक करते हो तो आपको फुल स्क्रीन
- 53:24में चार्ट देखने को मिल जाता है। उसके बाद
- 53:27आप देखो चार्ट को रिसेट करो तो अभी प्राइस
- 53:29क्या चल रही है वो आप इस चार्ट से भी देख
- 53:31सकते हो। अब ये चार्ट को समझना एक बहुत ही
- 53:34अलग चीज है। बहुत इसमें टाइम देने की
- 53:36जरूरत है और इसको डिटेल में हम इस कोर्स
- 53:38में समझने वाले हैं। क्योंकि इसके लिए
- 53:40आपको प्राइस एक्शन समझना होगा। इन कैंडल्स
- 53:43का मतलब समझना होगा। आपको स्मार्ट मनी
- 53:45कांसेप्ट को समझना होगा। कुछ हो सकता है
- 53:47इंडिकेटर्स को भी समझना होगा। तो ये सारी
- 53:50चीजें समझने के बाद ही क्योंकि कैसे बाय
- 53:52करना है, कैसे सेल करना है वो तो मैं अभी
- 53:54आपको 2 मिनट में बता दूंगा। लेकिन कहां पर
- 53:56बाय करना है, कहां पर सेल करना है इसको
- 53:58समझने में ही पूरी जिंदगी निकल जाती है और
- 54:01उसके बाद भी लोग गलती करते हैं। तो वही
- 54:03सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है। तो अब मैं
- 54:06थोड़ा सा आपको बता देता हूं। देखो अभी जो
- 54:08प्राइस चल रही है वह आपको जो यहां पर आपको
- 54:10कैंडल दिखाई दे रही है इससे पता चल रहा है
- 54:12कि अभी क्या प्राइस चल रही है बिटकॉइन की
- 54:147631
- 54:15के आसपास प्राइस चल रही है वो आपको यहां
- 54:17पर देखने को मिल रहा है ये जो ग्रीन कलर
- 54:20की कैंडल होती हैं ये क्या होती है ग्रीन
- 54:22कलर की कैंडल का मतलब है हरा है मतलब इस
- 54:24केस में प्राइस बड़ी है यहां पर ये लाल है
- 54:27इसका मतलब प्राइस गिरी है। इसके अलावा ये
- 54:30जो कैंडल है ये एक पर्टिकुलर टाइम फ्रेम
- 54:32पे बनी होती है। टाइम फ्रेम मतलब अगर यहां
- 54:35पर आप ध्यान से देखोगे तो आपको दिखाई देगा
- 54:37कि वन एच लिखा है। 1H का मतलब है कि ये जो
- 54:40एक कैंडल है ये एक घंटे की कैंडल है। तो
- 54:44अभी पिछले 1 घंटे में हमें दिखाई दे रहा
- 54:46है। अगर मैं एक बार देखूं कि पिछले 1 घंटे
- 54:47में क्या हुआ था? तो मैं इसकी जो लास्ट
- 54:49कैंडल है उसको देखूंगा तो मुझे दिखाई देगा
- 54:51कि भाई पिछले 1 घंटे में प्राइस वहीं की
- 54:53वहीं घूम रही है। लेकिन अगर ये रेड बड़ी
- 54:56कैंडल होती तो मैं समझ जाता कि इस 1 घंटे
- 54:58में प्राइस गिरी थी। अगर ये ग्रीन कैंडल
- 55:00होती तो मैं समझ जाता कि इस 1 घंटे में
- 55:03प्राइस बढ़ी थी। तो अगर तुम मुझसे पूछो कि
- 55:05पिछले घंटे में क्या हुआ था? तो मैं
- 55:06कहूंगा कि थोड़ी सी प्राइस बढ़ी थी। पहले
- 55:08प्राइस बहुत नीचे गई उसके बाद प्राइस बढ़ी
- 55:10है। तो ये कैंडल्स के बारे में बल्कि मैं
- 55:12आपको कैंडल्स की साइकोलॉजी बताने वाला
- 55:14हूं। आगे बहुत कम लोगों को इसकी साइकोलॉजी
- 55:16पता होती है। लोग आपको पैटर्न्स रटा देते
- 55:18हैं। देखो यही सबसे इंपॉर्टेंट चीजें हैं
- 55:20जिसको समझने में बहुत टाइम लगेगा और एक
- 55:23बारी में अगर मैं शुरुआत में ही आपको ये
- 55:24चीजें सिखाने लग जाऊंगा तो आपको माइंड के
- 55:26ऊपर से जाएगी। तो अभी हम बेसिक चीजें
- 55:28समझते हैं कि बाय कैसे करना है और सेल
- 55:31कैसे करना है और लवरेज वगैरह जो मैंने
- 55:33आपको सिखाया है वो भी समझते हैं। तो यहां
- 55:35पर सबसे पहले देखो आपने चार्ट देखना है और
- 55:38चार्ट देखने के बाद जब आप पूरा कोर्स
- 55:39कंप्लीट कर लोगे आपका एनालिसिस करना आपको
- 55:41आ जाएगा तो आपको पता चलेगा कि यहां पर
- 55:43आपको बाय करना है या सेल करना है। तो अगर
- 55:46आपको बाय करना है तो यहां पर देखो आपको
- 55:48बाय वाला ऑप्शन दिखाई दे रहा है। ठीक है?
- 55:51तो आप यहां से बाय सेलेक्ट कर सकते हो। तो
- 55:52बाय डिफ़ॉल्ट बाय सेलेक्ट रहता है। अब इसके
- 55:54बाद मैंने आपको एक लवरेज का कांसेप्ट
- 55:56समझाया था। तो यहां पर देखो लवरेज 25x
- 55:58सेलेक्ट है। अगर मान लो आप 200 गुने का
- 56:01लवरेज लेना चाहते हो तो आपने 200x पे इसको
- 56:04सेट कर देना है। अगर मान लो आप कोई भी
- 56:06लवरेज नहीं लेना चाहते हो तो आपने 1x पे
- 56:08इसको सेट कर देना है। अब इससे होता क्या
- 56:10है मैं आपको ये समझाता हूं। देखो इस
- 56:12अकाउंट में हमारे ज्यादा पैसे नहीं है। 25
- 56:14₹00 मुझे लगता है होंगे इसमें। तो अगर मान
- 56:17लो मैं यहां पर 1x पे सेट करता हूं और
- 56:20यहां पर ना डेल्टा एक्स में मुझे एक ये भी
- 56:21बहुत अच्छी चीज लगती है कि आप क्वांटिटी
- 56:23में क्या कर सकते हो? आप सेलेक्ट कर सकते
- 56:25हो कि आपका जो पूरा पैसा है उसका आपको 10%
- 56:28यूज़ करना है, 50% यूज़ करना है या पूरा यूज़
- 56:30करना है। अगर मान लो मैं पूरा यूज़ करता
- 56:32हूं यानी मैं एक गुने का लवरेज ले रहा हूं
- 56:36और 100% मैं पूरा पैसा यूज़ कर रहा हूं जो
- 56:38कि $283 के आसपास है। तो इस केस में क्या
- 56:41होगा? इस केस में मैं सिर्फ चार लॉट बाय
- 56:44कर पा रहा हूं। सिर्फ चार लॉट। अब ये लॉट
- 56:47क्या होता है ये इसके बाद बताऊंगा। पर अभी
- 56:49समझो कि सिर्फ चार लॉट खरीद पा रहा हूं।
- 56:51लेकिन अगर मैं इस लेवरेज को यहां से बढ़ा
- 56:53के कर देता हूं 10x तो अब मैं कितने लॉट
- 56:56खरीद पाऊंगा? 40 40 से भी ज्यादा क्योंकि
- 56:59प्राइस थोड़ा बहुत ऊपर नीचे हो रही है। तो
- 57:00यहां पर अब मैं 44 लॉट बाय कर सकता हूं।
- 57:03अगर मान लो मैं 100 गुने का लवरेज ले
- 57:06लूंगा तो अब देखना कि मैं 400 लॉट खरीद पा
- 57:09रहा हूं। कहां मैं पहले सिर्फ चार लॉट
- 57:11खरीद पा रहा था। अब मैं 400 लॉट खरीद सकता
- 57:13हूं सेम पैसे से। अब अगर मान लो मेरे को
- 57:16200 गुने तक का लवरेज का ऑप्शन है। मैं
- 57:18200 गुने तक का लवरेज ले लेता हूं। तो मैं
- 57:20700 लॉट खरीद पा रहा हूं। मैंने बताया
- 57:22प्राइस ऊपर नीचे हो रही है। तो इसलिए 700
- 57:24से भी ज्यादा लॉट मैं यहां पर खरीद पा रहा
- 57:26हूं। तो ये होता है लवरेज। लेकिन मैंने
- 57:28आपको बताया है कि लवरेज के साथ एक
- 57:30लिक्विडेशन की भी चीज होती है। तो हम क्या
- 57:32करेंगे? हम यहां पर एक फेयर लिमिट रखते
- 57:34हैं 25 टाइम्स की। तो मैंने 25 गुने का
- 57:36लवरेज लिया। अब देखो ज्यादा पैसा भी ट्रेड
- 57:38में नहीं लगाना चाहिए। मैं आपको एग्जांपल
- 57:40दिखा रहा हूं। तो मैं सिर्फ 10% ऑफ माय
- 57:42कैपिटल लगा रहा हूं। तो मैंने यहां से 10%
- 57:44सेलेक्ट कर लिया। ठीक है? इतना आपको समझ आ
- 57:46गया कि आपने लेवरेज कैसे सेट करना है।
- 57:49ज्यादा नहीं लेना। 25 लै आपने एक बार लगा
- 57:51के छोड़ दिया। इसके बाद क्वांटिटी मतलब
- 57:53कितने आप लॉट लेना चाहते हो। अब ये लॉट
- 57:56क्या होता है यह समझना है। देखो बिटकॉइन
- 57:59को अगर आप पूरा खरीदोगे तो एक बिटकॉइन
- 58:02आपको पता है कि $0000 मतलब मोटा-मोटा आप
- 58:06कह सकते हैं आज की डेट में तो $0 लाख का
- 58:08चल रहा है। तो पूरा बिटकॉइन आपको खरीदने
- 58:10की जरूरत नहीं है। आप उसको पार्ट्स में भी
- 58:12खरीद सकते हो। तो यहां पर क्या है? यहां
- 58:14पर आप अगर बिटकॉइन का 1000वां हिस्सा
- 58:17खरीदना चाहते हो तो उसको एक अलॉट कहा गया
- 58:19है। यानी 0.0001
- 58:22आप बिटकॉइन खरीदना चाहते हो तो वो क्या
- 58:24होता है? वो होता है हमारा एक लॉट। अगर आप
- 58:26100 लॉट खरीदोगे तो वो क्या होगा? देखो
- 58:29यहां पर आपको दिखाई भी दे रहा है। मैंने
- 58:30अभी 10 लॉट रखा है तो 0.01 BTC है। अगर
- 58:34मैंने एक लॉट रखा होता तो 0.01 BTC होता।
- 58:38अब अगर मान लो मैं 100 लॉट लूंगा तो वो
- 58:400.1 BTC होगा। और अगर मैं 1000 लॉट बाय
- 58:43करता हूं तो तब जाके वह बनता है पूरा एक
- 58:46बिटकॉइन। अब अगर मैंने पूरा बिटकॉइन खरीदा
- 58:48है तो बिटकॉइन अगर $1 बढ़ेगा तो मुझे भी $1
- 58:51का प्रॉफिट होगा। लेकिन अगर मैंने उसका
- 58:5210वां हिस्सा खरीदा है या 10% उसका खरीदा
- 58:55है। 100वां हिस्सा उसका खरीदा हुआ है तो
- 58:57इस केस में बिटकॉइन जब 10 गुना बढ़ेगा तब
- 59:00जाके मेरे को $1 का प्रॉफिट होगा। तो ये
- 59:03आपको इतना ध्यान रखना है। बाकी जब
- 59:05प्रैक्टिस करोगे तब चीजें आपको ज्यादा
- 59:06बेटर समझ आएंगी। तो यहां से आप अपने हिसाब
- 59:09से क्वांटिटी सेलेक्ट कर सकते हो। मैं
- 59:11आपको डेमो दिखा रहा हूं। मैंने 10%
- 59:12क्वांटिटी सेलेक्ट कर दी। अब मैंने आपको
- 59:14एक लिमिट एंड मार्केट प्राइस भी बताई थी।
- 59:16कोई बता सकता है मैंने लिमिट क्या बताया
- 59:18था और मार्केट क्या बताया था? है कोई जो
- 59:20बता सकता है?
- 59:21सर मार्केट में तुरंत आर्डर मिल जाता है
- 59:23हमारा जो एंट्री होती है
- 59:25और लिमिट में हम चाहते हैं जिस लेवल पे
- 59:27हमें उस लेवल पे एंट्री मिलती है।
- 59:29बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया अनुराग। तो
- 59:30मार्केट प्राइस में क्या होता है कि अगर
- 59:32मैं यहां से मार्केट सेलेक्ट कर लूंगा तो
- 59:34देखो मेरे सामने से प्राइस वाला ऑप्शन ही
- 59:36हट गया। यहां पे मैंने लिमिट में अगर मैं
- 59:37रखता हूं तो मैं अपने हिसाब से प्राइस सेट
- 59:39कर सकता हूं कि बिटकॉइन इस प्राइस पे जाए
- 59:41तो बाय हो जाए। लेकिन अगर मैं मार्केट सेट
- 59:43कर देता हूं तो अब मेरे सामने से वो ऑप्शन
- 59:45ही हट चुका है। यानी अब अगर मैं 10% रखता
- 59:48हूं तो जो भी प्राइस उस टाइम पे चल रही
- 59:51होगी अगर मैं बाय पे क्लिक कर दूंगा तो
- 59:52उसी प्राइस पे मेरा ट्रेड एग्जीक्यूट हो
- 59:54जाएगा। और इस केस में मैं क्या बनता हूं?
- 59:56मैं एक मेकर हूं या टेकर हूं यह आप लोगों
- 59:59ने कमेंट करके बताना है। अगर वीडियो को
- 1:00:01ध्यान से देख रहे हो तो यह आपको पता होना
- 1:00:03चाहिए। तो कमेंट जरूर कीजिएगा। साथ ही
- 1:00:04वीडियो को लाइक भी कर दीजिएगा। अगर मैं
- 1:00:06मार्केट में ट्रेड लगा रहा हूं तो मैं
- 1:00:08मेकर हूं या फिर टेकर हूं। और इसके अलावा
- 1:00:11यहां पर आपको लिमिट का ऑप्शन दिखाई देता
- 1:00:13है। तो जब आप लिमिट ऑर्डर लगाएंगे तो अब
- 1:00:15आपके पास प्राइस का ऑप्शन निकल कर आ गया
- 1:00:17है। अब प्राइस का ऑप्शन ये है कि आप यहां
- 1:00:19पे सेट कर सकते हो। यहां पे एक बेस्ट बिड
- 1:00:21का भी ऑप्शन आता है। आप खुद से सेट नहीं
- 1:00:23करना चाहते। अभी जो आसपास प्राइस चल रही
- 1:00:25है आप उस प्राइस पे लगाना चाहते हो तो
- 1:00:26आपने बेस्ट बिड सेलेक्ट कर लिया। यहां पे
- 1:00:28ऑटोमेटिकली जो उस टाइम पे सही प्राइस चल
- 1:00:30रही है वो आ गया है। अब मान लीजिए आप 10%
- 1:00:32बाय करना चाहते हैं तो आपने 10% पे क्लिक
- 1:00:35किया और उसके बाद जैसे ही आप बाय पे क्लिक
- 1:00:37करोगे देखो यहां पर मेरा जो ऑर्डर है वो
- 1:00:39सबमिट हो चुका है और यहां पर ओपन ऑर्डर
- 1:00:42दिखाई दे रहा है। देखिए ओपन ऑर्डर का मतलब
- 1:00:44यह है कि अभी मेरा जो ट्रेड है ना वो
- 1:00:46एग्जीक्यूट हुआ नहीं है। और क्यों नहीं
- 1:00:47हुआ है? क्योंकि मैंने लिमिट प्राइस लगाई
- 1:00:49थी। अब इस केस में हो सकता है कि प्राइस
- 1:00:51मैंने बाय करने की लगा है। प्राइस ऊपर बढ़
- 1:00:53गई है। तो अब मेरा ट्रेड एग्जीक्यूट नहीं
- 1:00:55हो पाया। लेकिन अगर मैंने मार्केट ऑर्डर
- 1:00:57लगाया होता तो मेरा ट्रेड वहीं के वहीं
- 1:00:59एग्जीक्यूट हो गया होता। तो यहां पर आपको
- 1:01:01दिखाई दे रहा है यह जो मेरा ट्रेड है वो
- 1:01:03चार्ट में भी हमें देखने को मिलता है। ये
- 1:01:04देखो चार्ट में हमें दिखाई दे रहा है मेरा
- 1:01:06ट्रेड लगा हुआ है जो कि अगर प्राइस उस
- 1:01:09लेवल पे आती है। अब मैंने लगाया है 70605
- 1:01:12पे। प्राइस चल रही है 70,647
- 1:01:15पे। तो अगर मैं चाहता हूं कि मेरा ट्रेड
- 1:01:17एग्जीक्यूट हो जाए तो या तो मुझे इस ऑर्डर
- 1:01:19को चेंज करना पड़ेगा। जैसे मैं इसको बढ़ा
- 1:01:21के थोड़ा सा ऊपर ले जा लेता हूं। जैसे ही
- 1:01:23मैं इसको ऊपर लेके जाऊंगा देखो यहां पर
- 1:01:25मैं लेके गया तो मेरा जो ऑर्डर है वो अभी
- 1:01:27के अभी एग्जीक्यूट हो गया क्योंकि मैंने
- 1:01:30जो प्राइस चल रही थी उससे ऊपर की प्राइस
- 1:01:31लगा ली तो ऑर्डर तो एग्जीक्यूट होना ही था
- 1:01:33या फिर एक तरह से मैंने मार्केट ऑर्डर ही
- 1:01:35उसको कन्वर्ट कर दिया था ठीक है तो अब
- 1:01:37देखो मेरा जो ऑर्डर है वो एग्जीक्यूट हो
- 1:01:39चुका है और इस ट्रेड में मुझे थोड़ा बहुत
- 1:01:41क्योंकि मैंने बहुत ही कम पैसे लगा रखे
- 1:01:43हैं 10% पैसा लगा रखा है लवरेज भी ज्यादा
- 1:01:45नहीं ले रखा है तो थोड़ा बहुत $10 $15 का
- 1:01:49प्रॉफिट हो रहा है और वह प्रॉफिट आपको
- 1:01:51यहां पर पोजीशंस में में भी देखने को
- 1:01:53मिलता है। तो जब तक ऑर्डर आपका एग्जीक्यूट
- 1:01:56नहीं हुआ तो वो आपको ओपन ऑर्डर में दिखाई
- 1:01:58देता है। जब एग्जीक्यूट हो जाता है तो वो
- 1:02:00आपको पोजीशंस में दिखाई देता है। ठीक है?
- 1:02:03यहां पर अब आपके लिए एक चीज बहुत ज्यादा
- 1:02:04समझना जरूरी है। वो समझते हैं। मैंने आपको
- 1:02:06एक लिक्विडेशन का कांसेप्ट भी समझाया था।
- 1:02:08तो वो आपको यहां पर समझ आएगा। तो अब देखो
- 1:02:11मैंने क्या किया है? मैंने सिर्फ 25
- 1:02:12टाइम्स तक का लवरेज ले रखा है। तो इस केस
- 1:02:15में यहां पर देखो मेरा जो ऑर्डर है या
- 1:02:17ट्रेड है मैंने कितना बिटकॉइन बाय किया
- 1:02:19है? 0.01 BTC ठीक है? मैंने जो लॉट्स बाय
- 1:02:23किए हैं उस हिसाब से 0.01 BTC होता है।
- 1:02:26उसकी जो नोशनल प्राइस है नोशनल मतलब कि
- 1:02:29अगर मैं लेवरेज ना लेता तो मैं ₹700 देता
- 1:02:33मतलब ₹500 में इतनी क्वांटिटी खरीदता।
- 1:02:36लेकिन मैंने लेवरेज लिया है 25 गुने का।
- 1:02:38तो इस वजह से मैं सिर्फ शायद मैंने $1000
- 1:02:41₹2000 में यह ट्रेड एग्जीक्यूट कर दिया।
- 1:02:42मेरे ख्याल ₹2500 हमारे इस ट्रेड में लग
- 1:02:44रखे हैं। इसके बाद मेरी यहां पर दिखाई दे
- 1:02:47रहा है एंट्री प्राइस। एंट्री प्राइस मतलब
- 1:02:48किस प्राइस पे मैंने बाय किया है। यहां पर
- 1:02:51मेरे पास ऑप्शन होता है टारगेट और स्टॉप
- 1:02:53लॉस लगाने का। वो भी मैं आपको बताऊंगा।
- 1:02:55इंडेक्स प्राइस मतलब एक्चुअल में बिटकॉइन
- 1:02:57अभी क्या चल रहा है। मार्जिन यहीं से हमें
- 1:02:59पता चलता है कि मैंने इस ट्रेड में कितना
- 1:03:01पैसा लगा रखा है। मैंने $28 लगा रखे हैं।
- 1:03:03अगर इसको $85 से मल्टीप्लाई करोगे तो
- 1:03:06₹2500 के आसपास बनते हैं। जिस पे मुझे
- 1:03:08$.313
- 1:03:10के आसपास का प्रॉफिट चल रहा है। और यहां
- 1:03:12पर मैं आपको बता दूं डॉलर देख के आपने
- 1:03:14डरना नहीं है। आप इंडियन रूपीस में ही
- 1:03:16पैसे ऐड और विथड्रॉ करते हैं। $85 के रेट
- 1:03:18पे ये ऑटोमेटिकली मल्टीप्लाई हो के डॉलर
- 1:03:20बन जाते हैं। जब पैसे विथड्रॉ करते हो तो
- 1:03:22वो भी तो वो भी इंडियन रूपीस में ही आते
- 1:03:23हैं। अब यहां पर सबसे इंपॉर्टेंट चीज जो
- 1:03:26मुझे आपको सिखानी थी वो थी लिक्विडेशन
- 1:03:28प्राइस। अब देखो अभी मैंने 25 टाइम्स तक
- 1:03:30का लवरेज लिया है। तो इस वजह से मेरी जो
- 1:03:32लिक्विडेशन प्राइस है वो है $7000 की।
- 1:03:36यानी अभी जो बिटकॉइन है वो $0000 चल रहा
- 1:03:39है। अगर वो $3000 घटकर $7992
- 1:03:45आता है। मोटा-मोटा $3000 के आसपास ही है।
- 1:03:47तब जाके जो मेरा लिक्विडेशन होगा यानी
- 1:03:49मैंने जो ₹2500 लगा रखे हैं यह पूरे के
- 1:03:51पूरे खत्म हो जाएंगे। अगर बिटकॉइन 3000
- 1:03:54पॉइंट गिर गया तो 3000 पॉइंट ऐसा नहीं है
- 1:03:56बिटकॉइन नहीं गिर सकता लेकिन गिरने के जो
- 1:03:58चांसेस है वो बहुत कम है। तो अभी यहां पर
- 1:04:00एक चीज ध्यान से देखो कि जो लिक्विडेशन
- 1:04:01प्राइस है वो कितनी चल रही है वो 3000
- 1:04:03पॉइंट नीचे है। क्यों है? क्योंकि मैंने
- 1:04:05कितना लेवरेज ले रखा है? मैंने 25 टाइम्स
- 1:04:08तक का लवरेज ले रखा है। अब मैं इस ट्रेड
- 1:04:09को एक बार एग्जिट कर देता हूं। एग्जिट
- 1:04:11करने के लिए मैं यहां से भी एग्जिट कर
- 1:04:12सकता हूं। या फिर सिंपली आप चार्ट में
- 1:04:14आपको ट्रेड दिखाई देता है। आप यहां पे
- 1:04:16क्लोज पोजीशन पे क्लिक करो। मार्केट क्लोज
- 1:04:18का ऑप्शन आ रहा है। आप चाहें तो यहां पर
- 1:04:20लिमिट ऑर्डर में भी क्लोज कर सकते हैं।
- 1:04:22मार्केट में ही इसको क्लोज कर देते हैं।
- 1:04:24तो जो प्राइस चल रही थी मैंने उसी प्राइस
- 1:04:25में इसको क्लोज कर दिया। तो मेरा जो ट्रेड
- 1:04:27है वो एग्जिट हो चुका है। जो थोड़ा बहुत
- 1:04:29प्रॉफिट हमें चल रहा था वो यहां पे मिल
- 1:04:30गया होगा। अब मैंने आपको वापस से डेमो
- 1:04:32दिखाना है। तो मैं क्या करता हूं? मैं
- 1:04:34यहां पर जो लेवरेज है इसको बढ़ा के 200
- 1:04:36गुना कर देता हूं। अब इस केस में वापस से
- 1:04:3810% लूंगा। तो 10% अब देखो 72 लॉट हम यहां
- 1:04:42पर बाय कर पा रहे हैं। अब वापस से मैं
- 1:04:44यहां पे क्या करता हूं? बाय करने का ट्रेड
- 1:04:46लगाता हूं। जैसे ही लगाया देखिए इस बार
- 1:04:48प्राइस वहीं पे चल रही थी तो मेरा जो
- 1:04:49ऑर्डर है वह एग्ज़क्यूट हो चुका है। यहां
- 1:04:52पर अब आपको वापस से पोज़्शन पे मेरा ट्रेड
- 1:04:54देखने को मिल रहा है। अब यहां पर देखो
- 1:04:56प्राइस बिटकॉइन की चल रही है 7664
- 1:05:01के आसपास। ठीक है? लेकिन यहां पर मेरा जो
- 1:05:03लिक्विडेशन है वो है 7476।
- 1:05:07यानी अगर बिटकॉइन सिर्फ 200 पॉइंट भी नीचे
- 1:05:10आ गया तो इस केस में मैंने जो अपना पैसा
- 1:05:12लगा रखा है ₹2500 यह पूरे के पूरे उड़
- 1:05:15जाएंगे क्योंकि यहां पर मेरे ट्रेड की
- 1:05:16नोशनल वैल्यू पता है क्या है ₹5000 यानी
- 1:05:20अब यह जो ट्रेड है ये 45 से ₹5 लाख का
- 1:05:23ट्रेड हो चुका है जिस पे मैंने लगा रखे
- 1:05:24हैं सिर्फ ₹2500
- 1:05:26ठीक है तो अब आपने देखा कि यहां पर क्या
- 1:05:29है मेरी जो एस्टीमेटेड लिक्विडेशन प्राइस
- 1:05:31है वो सिर्फ 200 पॉइंट नीचे है अब इस वजह
- 1:05:33से मैंने तो सिर्फ ₹2500 लगा रखे हैं यानी
- 1:05:36अगर डॉलर में देखोगे तो सिर्फ $25 लगा रखे
- 1:05:38हैं। तो अब $25 लगाने पे यहां देखो मुझे
- 1:05:41$2 का प्रॉफिट होने भी लग गया है। मतलब
- 1:05:43ऑलमोस्ट 10% का तो मेरा 6 7% का तो
- 1:05:45प्रॉफिट होने भी लग गया। अब 6 7% सोच के
- 1:05:48देखो कितना बड़ा होता है। लेकिन क्यों हो
- 1:05:50रहा है? क्योंकि मैंने 200 गुने का एवरेज
- 1:05:52लिया। लेकिन अगर प्राइस गिर रही होती तो
- 1:05:54मुझे इतना ही फास्ट लॉस भी हो रहा होता।
- 1:05:55अब देखो 2% पहुंच गया ये। तो 2% 3% 5% 7%
- 1:05:59पहुंचना ये मिनटों का खेल है। तो यहां पर
- 1:06:02अब देखो $1 के आसपास प्रॉफिट चल रहा है।
- 1:06:05तो इसीलिए मैंने आपको बताया था कि अगर
- 1:06:07ज्यादा लेवरेज लोगे अब यहां तो हमें फेवर
- 1:06:09में देखने को मिल रहा है। लेकिन अगर
- 1:06:10प्राइस थोड़ा भी 200 पॉइंट नीचे चली गई तो
- 1:06:13ऐसे में मेरा जो ट्रेड होगा वो वहीं के
- 1:06:15वहीं एग्जिट हो जाएगा। इसीलिए आपको शुरुआत
- 1:06:17में 25 गुने से ज्यादा का लेवरेज नहीं
- 1:06:19लेना चाहिए। बल्कि 10 गुना, 15 गुना या 20
- 1:06:21गुना से ज्यादा का लेवरेज शुरुआत में मत
- 1:06:23लेना। जब बहुत एक्सपीरियंस हो जाएगा,
- 1:06:25एनालिसिस करना आ जाएगा, तब ज्यादा लेवरेज
- 1:06:27लेना। इसके बाद मैंने एक चीज मिस हो गई
- 1:06:28थी। यह आइसोलेटेड एंड मैंने आपको मार्जिन
- 1:06:31मोड के बारे में बताया था। वो भी मैं आपको
- 1:06:33आगे कवर करेंगे। तो यहां पर देखो अभी आपके
- 1:06:35सामने ही यहां पर एग्जांपल पूरा बदल गया
- 1:06:37और ये बहुत अच्छी चीज हुई ताकि आपको
- 1:06:39समझाने के लिए अच्छा हो जाएगा। अब देखो
- 1:06:41यहां पर जब प्राइस गिर रही है तो वो भी
- 1:06:42कितनी फास्ट गिर रही है। देखो मेरी कैपिटल
- 1:06:44के हिसाब से 33% 37% के आसपास लॉस चल रहा
- 1:06:47है। क्यों चल रहा है? क्योंकि मैंने 200
- 1:06:49गुने तक का लवरेज ले लिया था। तो 200 गुने
- 1:06:51का मैंने लवरेज लिया। इस वजह से यहां पर
- 1:06:54जो ट्रेड है वो बहुत फास्ट उसमें प्रॉफिट
- 1:06:56एंड लॉस होता है। अब देखो अगर प्राइस
- 1:06:58ज्यादा नीचे आ गई तो मेरा अगर प्राइस आ गई
- 1:07:017476
- 1:07:03पे 488 पे चल रही है। 76 पे अगर आ गई तो
- 1:07:06मेरा ट्रेड यहीं पे एग्जिट हो जाएगा। खत्म
- 1:07:08हो जाएगा। मतलब ये जो मैंने पैसे लगा रखे
- 1:07:10थे आपको एग्जांपल दिखाने के लिए ₹2500 का
- 1:07:12नुकसान इस वीडियो में आपको दिखाने दिखाने
- 1:07:14में ही हो जाएगा। अब हम आपको शॉर्ट करने
- 1:07:16का ट्रेड लेके दिखाते हैं और उसमें दिखाते
- 1:07:18हैं कि स्टॉप लॉस एंड टारगेट कैसे लगाना
- 1:07:19है। मैंने आपको बताया है कि 25 गुने से
- 1:07:21ज्यादा का लवरेज नहीं लेना है। तो हमने 25
- 1:07:23टाइम्स सेट किया। इसके बाद यहां पर सेल
- 1:07:26वाले ऑप्शन पे आ गए। अगर आप शॉर्ट करना
- 1:07:28चाहते हो तो यहां पे सेल का ऑप्शन होता
- 1:07:30है। इसके बाद यहां से हमने बेस्ट ऑफर सेट
- 1:07:32किया। 10% हम अपनी क्वांटिटी बाय करना
- 1:07:34चाहते हैं या शॉर्ट करना चाहते हैं तो
- 1:07:36हमने सेल पे क्लिक किया। जैसे ही सेल पे
- 1:07:38क्लिक किया तो आप देखिए मेरा जो आर्डर है
- 1:07:40वो ओपन नजर आ रहा है। अगर प्राइस उस लेवल
- 1:07:42पे जाती है तो मेरा जो ऑर्डर होगा वो
- 1:07:44एग्जीक्यूट हो जाएगा। लेकिन प्राइस अभी कब
- 1:07:46जाएगी इसलिए मुझे तो आपको एग्जांपल दिखाना
- 1:07:48है इसलिए मैं यहां पर प्राइस को थोड़ा सा
- 1:07:49अपडेट कर रहा हूं। तो अब जो मेरा ऑर्डर है
- 1:07:52आप देख सकते हैं एग्जीक्यूट हो चुका है।
- 1:07:53और यह अब शॉर्ट करने का ऑर्डर है। शॉर्ट
- 1:07:55करने का ऑर्डर का मतलब यह है कि अगर
- 1:07:57प्राइस गिरेगी तब मुझे प्रॉफिट होगा। और
- 1:07:59मैंने आपको बताया था कि आपको कहीं जाने की
- 1:08:01जरूरत नहीं है। कुछ सोचने की जरूरत नहीं
- 1:08:02है। मैंने पहले इसको बेच दिया है। बाद में
- 1:08:04प्राइस गिरेगी। तो मैं यहां पर जब एग्जिट
- 1:08:06करता हूं तो बाय करने का मेरा ट्रेड
- 1:08:08एग्जीक्यूट होगा। अब देखिए $1 $.2 के
- 1:08:10आसपास हमें यहां पे प्रॉफिट हो रहा है। तो
- 1:08:12अब चलिए यहां पर हम समझते हैं कि स्टॉप
- 1:08:14लॉस एंड टारगेट कैसे लगाना है। एक स्टॉप
- 1:08:16लॉस टारगेट आप यहां से लगा सकते हैं।
- 1:08:18लेकिन डेल्टा एक्सचेंज में एक बहुत अच्छा
- 1:08:19फीचर है और वो यह है कि देखो अगर आपको
- 1:08:22लगता है कि चार्ट से कि प्राइस इस लेवल पे
- 1:08:25जाए तो मेरा स्टॉप लॉस होना चाहिए। तो
- 1:08:27यहां पर आपको जैसे ही आप चार्ट पे अपने
- 1:08:29कर्सर को ले जाएंगे फोन में भी होता है
- 1:08:31यह। तो आपको यहां पर एक स्टॉप लॉस वाला
- 1:08:33ऑप्शन दिखाई दे रहा है। आपने इस पे क्लिक
- 1:08:35करना है और इसको ऐसे ही ड्रैग करके आप ऊपर
- 1:08:37लेके जाओगे तो आपका स्टॉप लॉस लग जाएगा।
- 1:08:40अब यहां पर मैंने शॉर्ट किया है तो मेरा
- 1:08:42स्टॉप लॉस ऊपर की तरफ होगा। तो ये मेरा
- 1:08:44स्टॉप लॉस लग गया। ठीक है? अब मुझे अगर
- 1:08:47अपना टारगेट सेट करना है तो वो टारगेट के
- 1:08:50लिए यहां पर देखो एक टीपी वाला ऑप्शन
- 1:08:51दिखाई दे रहा है चार्ट में ही। तो चार्ट
- 1:08:53पे मैं वापस टीपी पे गया। आपको अगर आप ऐसे
- 1:08:56जाओगे तो आपको कुछ नहीं दिखाई देगा। आप
- 1:08:58वापस से पोजीशन पर जाओ। यहां पर टीपी
- 1:09:00दिखाई दे रहा है। टीपी मतलब टारगेट यानी
- 1:09:02टेक प्रॉफिट। तो आपने क्या किया? आपने इस
- 1:09:04पे क्लिक किया। इसको नीचे की तरफ ड्रैग
- 1:09:06करोगे। जहां तक अपना टारगेट सेट करना
- 1:09:08चाहते हो आपने वहां पर अपना टारगेट सेट कर
- 1:09:10लिया। और इस तरीके से आपका टारगेट एंड
- 1:09:13स्टॉप लॉस यहां पे सेट हो चुका है। अब अगर
- 1:09:15मान लो प्राइस यहां से बढ़ती है क्योंकि
- 1:09:18मैंने शॉर्ट करने का ट्रेड ले रखा है तो
- 1:09:20प्राइस बढ़ेगी तो मुझे $10 का नुकसान
- 1:09:22होगा। अगर प्राइस गिरेगी तो मुझे $11 का
- 1:09:25प्रॉफिट होगा। अब अगर मैं इसको देखूं भी
- 1:09:27ना तो ऑटोमेटिकली ये चीजें यहां पर काम
- 1:09:29करेंगी। तो इस तरीके से आप अपना ट्रेड सेट
- 1:09:32कर सकते हो। अब अभी जो ये एग्जांपल मैंने
- 1:09:34आपको दिखाया है ना इस एग्जांपल में एक
- 1:09:36बहुत बड़ी कमी है और वो है रिस्क
- 1:09:38मैनेजमेंट की। ये हम तब समझेंगे जब हम
- 1:09:40रिस्क मैनेजमेंट की बात करेंगे क्योंकि ये
- 1:09:42जो ट्रेड है ये 1:1 का ट्रेड है। तो ये
- 1:09:44रिस्क टू रिवॉर्ड रेशियो अच्छा नहीं है।
- 1:09:45जब मैं आपको रिस्क मैनेजमेंट के बारे में
- 1:09:46बताऊंगा तब मैं आपको इसके बारे में भी
- 1:09:48अच्छे से एक्सप्लेन कर दूंगा। तो
- 1:09:50[नाक से की जाने वाली आवाज़] अब चलिए एक
- 1:09:51लास्ट चीज जो मुझे अभी बतानी बाकी रह गई
- 1:09:53है। देखो आपने बाय एंड शॉर्ट करना तो सीख
- 1:09:55लिया। बाकी आप खुद से प्रैक्टिस करना। आप
- 1:09:57खुद से यहां पर प्रैक्टिस करने के लिए एक
- 1:09:59डेमो अकाउंट का भी ऑप्शन होता है। आप वहां
- 1:10:01पर भी प्रैक्टिस कर सकते हो। ठीक है?
- 1:10:02अदरवाइज आप थोड़े बहुत पैसे डाल के यहां
- 1:10:04पे प्रैक्टिस कर सकते हो। और इस तरीके से
- 1:10:06स्टॉप लॉस कैसे लगाना है, टारगेट कैसे
- 1:10:08लगाना है, बाय कैसे करना है, शॉर्ट कैसे
- 1:10:10करना है, यह आप समझ सकते हो। लेकिन कहां
- 1:10:12पर बाय करना है, कहां पे शॉर्ट करना है?
- 1:10:13उसके लिए एनालिसिस करना होगा। अब फाइनली
- 1:10:15एक चीज बतानी बाकी रह गई है, वो है
- 1:10:17मार्जिन मोड। देखो यहां पर ना कई तरह के
- 1:10:20मार्जिन मोड होते हैं। जैसे अभी मैं अपने
- 1:10:22मार्जिन मोड को चेंज नहीं कर पाऊंगा।
- 1:10:23लेकिन मैं आपको दिखा देता हूं क्योंकि
- 1:10:24मैंने अभी ट्रेड लगा हुआ है तो ऐसे में
- 1:10:26मार्जिन मोड चेंज नहीं होता। तो यहां पर
- 1:10:28आपको तीन तरह के मार्जिन मोड देखने को मिल
- 1:10:29रहे हैं। एक है आइसोलेटेड, दूसरा है
- 1:10:31पोर्टफोलियो, तीसरा है क्रॉस। आपका जो बाय
- 1:10:34डिफॉल्ट रहता है वो आइसोलेटेड रहता है।
- 1:10:35इसमें क्या होता है? मान लो आपने एक ही
- 1:10:37ट्रेड ले रखा है तो वो जो ट्रेड होगा वही
- 1:10:40ट्रेड को माना जाएगा। मतलब अगर मान लो
- 1:10:42आपने तीन-चार ट्रेड ले लिए तो एक ट्रेड
- 1:10:44में स्टॉप लॉस हिट हो रहा तो दूसरे ट्रेड
- 1:10:46से उसका कोई लेना देना नहीं है। लेकिन अगर
- 1:10:49मान लो मतलब अगर इस ट्रेड में मेरा स्टॉप
- 1:10:51लॉस हिट होता है तो दूसरे ट्रेड से उसका
- 1:10:53कोई भी कनेक्शन नहीं है। लेकिन अगर मैं
- 1:10:55यहां पर पोर्टफोलियो सेट कर देता हूं या
- 1:10:57फिर मैं क्रॉस सेट कर देता हूं। तो इसमें
- 1:11:00क्या होगा कि अगर मैंने एक जगह पे बाय कर
- 1:11:02रखा है। यह उस केस में आपके यूज़फुल होता
- 1:11:04है जब आप बहुत सारे ट्रेड लेते हो। आपने
- 1:11:07हो सकता है एक जगह पे बाय करने का ट्रेड
- 1:11:08ले रखा है। दूसरी जगह पे शॉर्ट करने का
- 1:11:10ट्रेड ले रखा है। तो आपके पास पैसे तो सेम
- 1:11:12है। तो आप क्या कर सकते हो? आपने क्रॉस
- 1:11:14मार्जिन मोड सेट कर दिया। अब इस जगह पर
- 1:11:16अगर मान लो एक जगह पे आपको नुकसान हो रहा
- 1:11:18है तो हो सकता था लिक्विडेशन की वजह से
- 1:11:20आपका ट्रेड एग्जिट हो जाता। लेकिन दूसरी
- 1:11:22जगह पे आपका ट्रेड चल रहा है ना। हो सकता
- 1:11:24है उसमें प्रॉफिट चल रहा हो। तो फिर आपका
- 1:11:26ट्रेड यहां पर ऑटोमेटिकली एग्जिट नहीं
- 1:11:27होगा। लेकिन आपको यह तभी यूज़ करना है जब
- 1:11:30आपको बहुत ज्यादा नॉलेज हो जाएगी। बट एज अ
- 1:11:32बिगिनर अभी आप आइसोलेटेड ही रखो। जब आपको
- 1:11:34अच्छा एक्सपीरियंस हो जाएगा तब आप हो सकता
- 1:11:36है पोर्टफोलियो और क्रॉस भी यूज़ करो।
- 1:11:38लेकिन अगर आप एल्गो ट्रेड करोगे तो वहां
- 1:11:39पर हो सकता है आप क्रॉस का भी यूज़ करोगे।
- 1:11:41तो अब आपको समझ आ गया है कि क्रिप्टो
- 1:11:43ट्रेडिंग कैसे करनी है? तो अब बात करते
- 1:11:45हैं कि क्रिप्टो ट्रेडिंग करने से पहले
- 1:11:47हमें एनालिसिस कैसे करना है? तो अब सबसे
- 1:11:50पहले समझते हैं कि ये प्राइस एक्शन आखिर
- 1:11:52चीज होती क्या है। तो देखिए आपने कभी अगर
- 1:11:55ट्रेड करते हुए लोगों को देखा होगा या
- 1:11:57आपने कभी रील्स वगैरह भी आपके सामने आई
- 1:11:59होंगी। तो आपने देखा होगा कि वहां पर लोग
- 1:12:02कुछ चार्ट्स वगैरह देख रहे होते हैं। कुछ
- 1:12:04कैंडल्स बनी होती है और उसको देख के ही जो
- 1:12:07मोटिवेशन सा गाना लगा रहता है रील्स में
- 1:12:09तो वो जो भी आप देखते हो वहां पर वो तो
- 1:12:12एक्चुअल होता है या नहीं होता है। लेकिन
- 1:12:14जो भी आप चार्ट्स देख रहे हो उन चार्ट्स
- 1:12:16की स्टडी को हम कहते हैं प्राइस एक्शन।
- 1:12:19यानी प्राइस एक्शन में हम उन चार्ट्स को
- 1:12:21समझने की कोशिश करते हैं। देखो जो मार्केट
- 1:12:24है वो तुम्हें बताता है कि कहां पर बाय
- 1:12:26करना चाहिए। लेकिन उसकी जो लैंग्वेज है वो
- 1:12:29ये चार्ट्स ही हैं जो अभी मैं आपको
- 1:12:30स्क्रीन पर दिखाऊंगा। आगे बहुत सारे
- 1:12:32एग्जांपल्स आपको देखने को मिलेंगे। बहुत
- 1:12:34सारे कांसेप्ट देखने को मिलेंगे। तो ये
- 1:12:36लैंग्वेज जो है इसको प्राइस एक्शन हम कहते
- 1:12:38हैं और इससे हम समझते हैं। यानी प्राइस
- 1:12:41एक्शन क्या मानता है? प्राइस एक्शन मानता
- 1:12:43है कि प्राइस ही सब कुछ है। आपने डायलॉग
- 1:12:45भी सुना होगा कि भाव भगवान है। यानी जो
- 1:12:48प्राइस है वही सब कुछ है। और इसी से आप ये
- 1:12:51समझने की कोशिश करते हैं कि अच्छा अभी
- 1:12:53प्राइस ये थी, ये थी, ये थी तो आगे ऊपर जा
- 1:12:56सकती है, नीचे जा सकती है। ये हम समझने की
- 1:12:58कोशिश करते हैं। हम मार्केट के मूव्स को
- 1:13:00समझने की कोशिश करते हैं। बयरर्स एंड
- 1:13:02सेलर्स किस तरीके से मार्केट में बिहेव कर
- 1:13:04रहे हैं, ये हम प्राइस एक्शन से समझने की
- 1:13:06कोशिश करते हैं। इसके लिए हम चार्ट किस
- 1:13:09तरीके से बन रखा है उसको देखते हैं। वहां
- 1:13:12पर हर एक कैंडल कैसे बन रखी है उसको देखते
- 1:13:15हैं। स्पेशली वहां पर कौन से पैटर्न्स बन
- 1:13:17रखे हैं। ट्रेडिंग में यह भी आपने सुना
- 1:13:20होगा कि हिस्ट्री रिपीट इटसेल्फ यानी अगर
- 1:13:22कोई पैटर्न पास में बना है और उसके बाद
- 1:13:24कुछ हुआ है तो आगे भी अगर वैसा पैटर्न
- 1:13:27बनता है तो सेम चीज होने की प्रोबेबिलिटी
- 1:13:29होती है। हमेशा नहीं होगा लेकिन चांसेस
- 1:13:32होते हैं। तो यही चीजें जो है ये हम
- 1:13:34प्राइस एक्शन में पूरा समझने की कोशिश
- 1:13:36करेंगे। यानी प्राइस एक्शन में हम क्या
- 1:13:38करेंगे? हम चार्ट को स्टडी करेंगे। इतना
- 1:13:40आपको क्लियर हो गया होगा। तो अब इस स्टडी
- 1:13:42में हम क्या करेंगे वो समझते हैं। मैं अभी
- 1:13:45आपको थोड़ी-थोड़ी चीजें यहां पे समझाऊंगा।
- 1:13:48फिर मैं सारी चीजें आपको चार्ट में भी
- 1:13:50दिखाऊंगा। तो वहां पर सारी चीजें क्लियर
- 1:13:51होंगी। पहले बिल्कुल बेसिक से हम चल रहे
- 1:13:53हैं। तो हर एक चीज आपने ध्यान से देखनी
- 1:13:56है। तो सबसे पहले अगर आपने कभी भी चार्ट
- 1:13:59को देखा होगा तो आपने देखा होगा कि कभी भी
- 1:14:01अगर प्राइस बढ़ रही है तो वो एकदम से ऐसे
- 1:14:04नहीं बढ़ती है। मतलब सीधा ही बढ़ती बढ़ती
- 1:14:06हुई नहीं चली जाती है। आपने हमेशा देखा
- 1:14:08होगा कि अगर कभी प्राइस बढ़ रही है तो वो
- 1:14:11कुछ इस तरीके से बढ़ेगी। मतलब थोड़ा ऊपर
- 1:14:14जाएगी फिर थोड़ा सा नीचे आएगी। फिर थोड़ा
- 1:14:15ऊपर जाएगी फिर थोड़ा नीचे आएगी। यानी इस
- 1:14:17तरीके से आपने प्राइस को बढ़ते हुए देखा
- 1:14:19होगा। कभी भी एकदम से प्राइस ऐसे नहीं
- 1:14:21बढ़ती है। तो ये जो प्राइस के मूव करने का
- 1:14:24तरीका है और जो ऊपर के बढ़ने का तरीका है
- 1:14:27इसको हम कहते हैं अप ट्रेंड। आपको रटने की
- 1:14:30जरूरत नहीं है कि ये अप ट्रेंड है, डाउन
- 1:14:32ट्रेंड है या किसी भी डेफिनेशन को रटने की
- 1:14:34जरूरत नहीं है। बस आपको समझने की जरूरत
- 1:14:36है। अब ये अप ट्रेंड क्यों है? आप कैसे
- 1:14:39पता करेंगे कि अभी चार्ट अप ट्रेंड में है
- 1:14:41या डाउन ट्रेंड में है? क्योंकि ट्रेडिंग
- 1:14:42में एक और बात कही जाती है वो यह है कि
- 1:14:44ट्रेंड इज़ योर फ्रेंड अंटिल इट बेंड्स।
- 1:14:46यानी आपने ट्रेंड की डायरेक्शन में ही
- 1:14:49ट्रेड लेना चाहिए। तो अगर यह अपटेंड है तो
- 1:14:51अप ट्रेंड का मतलब होता है कि इस ट्रेंड
- 1:14:53में जो प्राइस है वह बढ़ रही है। तो अगर
- 1:14:55प्राइस बढ़ रही है तो आपको सिर्फ बाय करने
- 1:14:57का ट्रेड लेना चाहिए। बट आपको पता कैसे
- 1:14:59चलेगा कि ये एक्चुअल में अप ट्रेंड है या
- 1:15:02फिर नहीं है? क्योंकि यहां पर तो मैं एक
- 1:15:03सिंपल सी लाइन बना रहा हूं तो आपको साफ
- 1:15:05दिखाई दे रहा है। लेकिन जब आप चार्ट
- 1:15:07देखेंगे तो वहां पर ऐसी ही लाइन बनी हुई
- 1:15:09नहीं होगी। वहां पर कभी आपको कंफ्यूजंस भी
- 1:15:12होंगे। तो इसका एक बहुत ही सिंपल सा तरीका
- 1:15:14होता है। देखिए अपटेंड हम तब कहते हैं जब
- 1:15:16हमें दिखाई देता है कि प्राइस हायर हाई
- 1:15:19एंड हायर लोस बना रही है। और हायर हाई एंड
- 1:15:22हायर लो क्या होता है? जैसे मान लो अभी
- 1:15:24प्राइस यहां पर है और उसके बाद प्राइस
- 1:15:27बढ़ी। बढ़ते-बढ़ते इस पॉइंट तक गई और वहां
- 1:15:29से नीचे आई और यहां पर आने के बाद प्राइस
- 1:15:32ऊपर बढ़ी है। तो हम ये कह सकते हैं कि ये
- 1:15:35प्राइस का लो पॉइंट है। ये प्राइस का हाई
- 1:15:38पॉइंट है। अब ये वाला क्या होगा? यह होगा
- 1:15:41हायर लो।
- 1:15:44और यह वाला क्या होगा? यह पिछले वाले हाई
- 1:15:46से भी हाई है। तो क्या होगा? यह होगा हायर
- 1:15:49हाई। इसके बाद वापस प्राइस यहां पे आती है
- 1:15:52तो ये वाला जो लो है ये पिछले वाले लो से
- 1:15:55ऊपर है। उससे नीचे होता तो ये क्या हो
- 1:15:58जाता? ये यहां पर लो बन जाता। लेकिन ये जो
- 1:16:01पिछले वाला इसका यहां पर आपको हाई एंड लो
- 1:16:04दिखाई दे रहा है। यह उससे हाई है। तो यह
- 1:16:06क्या है? ये भी हाई एंड लो है। फिर अगर हम
- 1:16:09आगे बढ़े तो अब यहां पर जो हाई बना है ये
- 1:16:11पिछले वाले हाई से क्या है?
- 1:16:13हाई है। तो ये भी क्या होगा? हायर हाई।
- 1:16:16यानी जब भी आपको चार्ट में हायर हाईज़ एंड
- 1:16:18हायर लोस की फॉर्मेशन देखने को मिलती है
- 1:16:20उसको हम कहते हैं अप ट्रेंड। और जब यह
- 1:16:23फॉर्मेशन बनती है तो इसका मतलब होता है कि
- 1:16:25प्राइस जो है वो बढ़ रही है। यहां पर आपको
- 1:16:28दिखाई भी दे रहा है हायर हाई एंड हायर लोस
- 1:16:30की फॉर्मेशन हमें देखने को मिल रही है।
- 1:16:32इसका मतलब प्राइस बढ़ रही है। मतलब जो
- 1:16:35चार्ट है वो बायरर्स के कंट्रोल में है और
- 1:16:37जब भी ऐसा होता है तो ज्यादातर केस में
- 1:16:39बहुत एक्सेप्शन भी होते हैं। लेकिन
- 1:16:41ज्यादातर केस में आपको सिर्फ बाय करने का
- 1:16:43ही ट्रेड लेना चाहिए। तो अप ट्रेंड आपको
- 1:16:45क्लियर हो गया है। अब डाउन ट्रेंड को
- 1:16:47समझते हैं। देखिए जब भी प्राइस गिरती है
- 1:16:49तो वो भी एकदम से ऐसे नहीं गिरती है। वो
- 1:16:51भी प्राइस जब गिरेगी तो आपको दिखाई देगा
- 1:16:53कि पहले प्राइस थोड़ा गिरेगी फिर थोड़ा सा
- 1:16:55उठने की कोशिश करेगी। फिर थोड़ा गिरेगी
- 1:16:57फिर थोड़ा सा उठने की कोशिश करेगी। फिर
- 1:16:59प्राइस गिरेगी फिर थोड़ा सा उठने की कोशिश
- 1:17:01करेगी। मतलब कुछ इस तरीके से आपको प्राइस
- 1:17:04गिरती हुई नजर आएगी। तो इसको हम कहते हैं
- 1:17:06डाउन ट्रेंड। और डाउन ट्रेंड में क्या
- 1:17:08होता है? डाउन ट्रेंड में हमें पता कैसे
- 1:17:10चलेगा कि ये एक्चुअल में डाउन ट्रेंड है?
- 1:17:12तो यहां पर आपको लोअर हाईज़ एंड लोअर लोज़
- 1:17:14की फॉर्मेशन देखने को मिलेगी। तो अब डाउन
- 1:17:16ट्रेंड में क्या होता है कि आपको दिखाई दे
- 1:17:18रहा है यहां पर प्राइस ने अपना लो बनाया
- 1:17:20है। अब इसके बाद प्राइस ने थोड़ा सा ऊपर
- 1:17:22जाने की कोशिश की लेकिन जो पिछला वाला हाई
- 1:17:25था उससे ऊपर प्राइस नहीं गई। तो इसने क्या
- 1:17:27बनाया अपना? इसने लोअर हाई बनाया। अब इसके
- 1:17:29बाद प्राइस नीचे आई है तो जो पिछले वाला
- 1:17:31लो था उससे भी नीचे आ गई। तो यहां पर
- 1:17:33प्राइस ने क्या बनाया? लोअर लो बनाया। अब
- 1:17:36इसके बाद प्राइस ने ऊपर बढ़ने की कोशिश
- 1:17:38की। लेकिन जो इससे पहले वाला उसका हाई था
- 1:17:40उससे नीचे उसने अपना हाई बनाया है। तो ये
- 1:17:42क्या बनाया प्राइस ने अपना लोअर हाई
- 1:17:44बनाया। यानी डाउन ट्रेंड में प्राइस क्या
- 1:17:46करती है? प्राइस लोअर हाईज़ एंड लोअर लोस
- 1:17:49की फॉर्मेशन बनाती है। और जब भी इस तरीके
- 1:17:51का आपको चार्ट में देखने को मिलता है तो
- 1:17:53इसको हम क्या कहते हैं? इसको हम कहते हैं
- 1:17:55डाउन ट्रेंड। अब इसके बाद देखिए हमेशा ऐसा
- 1:17:57नहीं होता कि प्राइस या तो बढ़ रही होगी
- 1:18:00या तो प्राइस गिर रही होगी। कई बार क्या
- 1:18:02होता है कि प्राइस एक ही रेंज में घूमती
- 1:18:05रहती है। कई बार ऐसा भी आपको चार्ट में
- 1:18:07देखने को मिलेगा। अगेन मैं जो ड्राइंग कर
- 1:18:09रहा हूं वो आपको समझाने के लिए कर रहा
- 1:18:10हूं। तो यहां तो मैं बिल्कुल एक्यूरेट
- 1:18:12एग्जांपल आपको बना के दिखा रहा हूं। जब
- 1:18:14एक्चुअल में आप चार्ट में देखोगे तो आपको
- 1:18:16थोड़ा बहुत ऊपर नीचे चीजें देखने को
- 1:18:17मिलेंगी। लेकिन यहां पर क्या होता है?
- 1:18:19यहां पर देखिए प्राइस ने अपना लो बनाया
- 1:18:21है। यहां पर हाई बनाया है। वापस से प्राइस
- 1:18:24ने जो अपना लो बनाया वो पिछला वाला जो लो
- 1:18:26था उसके बराबर बनाया। यानी यहां पर क्या
- 1:18:28बनाया है? इक्वल लो बनाया है। अब अगर
- 1:18:30प्राइस ने हाई बनाया तो पिछला वाला जो हाई
- 1:18:33था उसके बराबर का हाई बनाया। यानी क्या
- 1:18:35बनाया? इक्वल हाई बनाया। यहां पे इक्वल लो
- 1:18:38बनाया। इक्वल हाई बनाया। इक्वल लो बनाया
- 1:18:41और ऐसे ही इक्वल हाई यहां पर प्राइस ने
- 1:18:44बनाया है। तो जब भी आपको इक्वल हाई और
- 1:18:46इक्वल लोस की फॉर्मेशन देखने को मिलती है,
- 1:18:48तो इसको हम क्या कहते हैं? इसको हम कहते
- 1:18:50हैं साइडवेज ट्रेंड जो कि आपको यहां पर
- 1:18:52चार्ट में देखने को मिल रहा है। तो आपको
- 1:18:54तीन तरह के अभी ट्रेंड समझ आ गए हैं। एक
- 1:18:56हो गया अप ट्रेंड, दूसरा हो गया डाउन
- 1:18:58ट्रेंड और तीसरा हो गया साइडवेज ट्रेंड।
- 1:19:00तो ये ट्रेंड आपको क्लियर हो गए हैं। ये
- 1:19:02ट्रेंड के बेसिस पे ही आपने ट्रेड लेना
- 1:19:04चाहिए। अगर मान लीजिए डाउन ट्रेंड में
- 1:19:06प्राइस चल रही है। वहां पर आप सिर्फ शॉर्ट
- 1:19:07करने का ट्रेड प्लान करेंगे। बहुत रेयर
- 1:19:09केस में हो सकता है कि आपकी स्ट्रेटजी के
- 1:19:11अकॉर्डिंग आप वहां पर ट्रेंड रिवर्सल के
- 1:19:13बारे में सोच रहे हैं। ये सब भी हम आगे
- 1:19:15समझेंगे। तो देखो अभी तो मैंने आपको यहां
- 1:19:17पर लाइन चार्ट बना के दिखा दिया है कि अप
- 1:19:19ट्रेंड डाउन ट्रेंड और साइडवेज ट्रेंड
- 1:19:20क्या होते हैं। अब सीधा मैं आपको चार्ट पे
- 1:19:22दिखाता हूं। तो यहां पर हमने चार्ट में भी
- 1:19:24मार्किंग कर रखी है। अब यहां पर देखो यहां
- 1:19:26पर जो हमने मार्किंग की है उसमें आप
- 1:19:28क्लियरली देख सकते हो कि यहां पर हायर हाई
- 1:19:31है। हायर लो है। हायर हाई है। हायर लो है।
- 1:19:35हायर हाई हायर लो। हायर हाई हायर लो। अब
- 1:19:38बिल्कुल एकदम ऐसा तो नहीं है लेकिन अगर आप
- 1:19:41ध्यान से देखेंगे तो आपको समझ आ जाएगा कि
- 1:19:43यहां पर हायर हाई एंड हायर लोस की
- 1:19:45फॉर्मेशन बन रही है। इसका मतलब क्या है?
- 1:19:47ये
- 1:19:48अप ट्रेंड है। अब ऐसे ही अगर हम यहां पर
- 1:19:51डाउन ट्रेंड की बात करें तो यहां पर आपको
- 1:19:52लोअर हाई एंड लोअर लोस की फॉर्मेशन बनती
- 1:19:54हुई नजर आ रही है। लोअर हाई, लोअर लो,
- 1:19:56लोअर हाई, लोअर लो। तो इसका मतलब ये क्या
- 1:19:58है? यह एक डाउन ट्रेंड है। और अगर साइडवेज
- 1:20:01की बात करें तो यहां पर देखो प्राइस
- 1:20:02बिल्कुल एक रेंज में चल रही है जिसमें
- 1:20:04इक्वल हाईज़ एंड इक्वल लोस की फॉर्मेशन
- 1:20:06देखने को मिलती है। लेकिन अगर आप ध्यान से
- 1:20:08देखोगे तो बिल्कुल इक्वल नहीं है। जैसे
- 1:20:10मैंने आपको एग्जांपल दिखाया था उसमें तो
- 1:20:12मैंने बिल्कुल इक्वल आपको मार्क करके दिखा
- 1:20:13दिया था। लेकिन यहां पर बिल्कुल इक्वल
- 1:20:15हाईज़ एंड इक्वल लोज़ नहीं होंगे। आप समझ के
- 1:20:17सकते हैं कि एक रेंज में प्राइस चल रही है
- 1:20:19तो उसको हम साइडवेज ट्रेंड कहते हैं। और
- 1:20:21साइडवेज ट्रेंड में जनरली आपको ट्रेड लेने
- 1:20:24से बचना चाहिए। लेकिन कुछ केसेस में जो अब
- 1:20:27आपको अच्छी खासी नॉलेज हो जाएगी तो हो
- 1:20:29सकता है कि आपकी कोई स्ट्रेटजी हो जो
- 1:20:30साइडवेज मार्केट में भी काम करती हो तो आप
- 1:20:32इसमें भी ट्रेड ले सकते हैं। तो अब हम
- 1:20:34ट्रेंड रिवर्सल के बारे में समझते हैं।
- 1:20:36देखो अभी तक आपको पता है कि मैंने आपको
- 1:20:38दिखाया कि ये चल रहा है अप ट्रेंड। लेकिन
- 1:20:40ऐसा नहीं है कि ये डाउन ट्रेंड अलग से
- 1:20:42बनेगा। साइडवेज ट्रेंड अलग से
- 1:20:44[नाक से की जाने वाली आवाज़] बनेगा। ये अप
- 1:20:45ट्रेंड ही जो है आगे चल के साइडवेज में हो
- 1:20:48सकता है और आगे चलके वही जो ट्रेंड है वो
- 1:20:50डाउन ट्रेंड बन सकता है। जैसा कि यहां पर
- 1:20:52हमने आपको दिखाया है। देखिए पहले क्या चल
- 1:20:54रहा था? पहले यहां पर आपको हायर हाईज़ एंड
- 1:20:56हायर लोस की फॉर्मेशन देखने को मिल रही
- 1:20:58थी। यानी अप ट्रेंड चल रहा था। उसके बाद
- 1:21:00बीच में अगर आप ये एरिया देखेंगे तो आपको
- 1:21:02लगभग इक्वल हाईज़ एंड इक्वल लोस देखने को
- 1:21:04मिले। इसका मतलब यहां पर साइडवेज ट्रेंड
- 1:21:06था और इसके बाद यहीं पर क्या हो गया है?
- 1:21:08यहीं पर डाउन ट्रेंड भी आपका उसके आगे
- 1:21:11जाके शुरू हो गया है। यानी तीनों चीजें
- 1:21:13आपको सेम चार्ट में देखने को मिल रही हैं।
- 1:21:15तो इसका मतलब क्या है कि कई बार जो ट्रेंड
- 1:21:19होगा वो रिवर्स भी होगा। मतलब प्राइस ऊपर
- 1:21:21जा रही थी नीचे आएगी। तो अगर ऊपर जा रही
- 1:21:23थी और नीचे आई तो इसका मतलब क्या हुआ?
- 1:21:25यहां पर पहले अप ट्रेंड चल रहा था। अब
- 1:21:27डाउन ट्रेंड शुरू हो गया। इसका मतलब
- 1:21:29ट्रेंड रिवर्स हो गया। इसका उल्टा अगर मान
- 1:21:31लो आपको दिखाई देता है प्राइस नीचे गिर
- 1:21:33रही थी। फिर ऊपर बढ़ने लग गई। तो इसका
- 1:21:35मतलब पहले क्या चल रहा था? पहले डाउन
- 1:21:37ट्रेंड चल रहा था। अब प्राइस वापस से ऊपर
- 1:21:39जाने लगी है। इसका मतलब ट्रेंड रिवर्स हो
- 1:21:41गया है। पहले डाउन ट्रेंड था अब अप ट्रेंड
- 1:21:43शुरू हो गया है। लेकिन आपको पता कैसे
- 1:21:45चलेगा कि कहां से ट्रेंड रिवर्स हुआ है?
- 1:21:48तो इसके लिए अगेन हमने अभी देखा था कि जब
- 1:21:50भी आपका अप ट्रेंड बन रहा है तो क्या होता
- 1:21:52है? यहां पर आपका लो बनता है। यहां पर हाई
- 1:21:55बनता है। यहां पर हायर लो बनता है। हायर
- 1:21:58हाई बनता है। फिर से क्या बनता है? हायर
- 1:22:00लो बनता है। हायर हाई बनता है। लेकिन इसके
- 1:22:03बाद मान लो कि प्राइस इतना नीचे आ जाती
- 1:22:06है। तो अब यहां पर क्या आपका हायर लो बना
- 1:22:09है?
- 1:22:09क्या ये हायर लो है?
- 1:22:11नो सर।
- 1:22:12क्योंकि ये पिछले वाला जो हायर लो था या
- 1:22:15हाई था उससे तो नीचे बन गया है। यानी ये
- 1:22:17क्या होगा हमारा? ये होगा हमारा लोअर लो।
- 1:22:20अब इसके बाद देखो प्राइस ऊपर गई लेकिन जो
- 1:22:22पिछले वाला हाई था उससे ज्यादा ऊपर नहीं
- 1:22:25जा सकी। तो ये क्या होगा हमारा? ये होगा
- 1:22:27हमारा लोअर हाई। उसके बाद प्राइस नीचे आई।
- 1:22:30अब क्या बनाया उसने? लोअर लो बनाया। तो
- 1:22:33पहले क्या चल रहा था हमारा? पहले हमारा चल
- 1:22:35रहा था हायर हाई, हायर लो। इसके बाद हमारा
- 1:22:38क्या शुरू हो गया? लोअर हाई, लोअर लो।
- 1:22:40यानी इससे आपको समझ आ जाएगा कि हमारा जो
- 1:22:42ट्रेंड है वो रिवर्स हो गया है। बट यहां
- 1:22:44पर एक और चीज है जिससे आप पता कर सकते हैं
- 1:22:46कि शायद ट्रेंड रिवर्स होने वाला है।
- 1:22:48क्योंकि ट्रेंड जब रिवर्स हो जाएगा आपको
- 1:22:51तब पता चलेगा कि ट्रेंड रिवर्स हो चुका
- 1:22:53है। बट ट्रेंड रिवर्स होने वाला है। ये
- 1:22:55हमें कैसे पता चलेगा? तो इसके लिए ना हमें
- 1:22:58कैंडल्स को देखना होता है। यहां पर जो
- 1:23:00आपको कैंडल्स दिखाई दे रही हैं अगर
- 1:23:02बड़ी-बड़ी कैंडल्स बन रही हैं तो इसका
- 1:23:04मतलब यहां पर जो मोमेंटम है वो स्ट्रांग
- 1:23:06है। ज्यादा लोग खरीद रहे हैं तभी तो
- 1:23:08बड़ी-बड़ी कैंडल्स बन रही है। ज्यादा
- 1:23:10एग्रेसिवली बाइंग की जा रही है। लेकिन
- 1:23:13प्राइस जब गिरने वाली होती है ना तो उस
- 1:23:15टाइम पर बायरर्स और सेलर्स के बीच में जो
- 1:23:17लड़ाई होती है वो लगभग दोनों एक बराबर हो
- 1:23:19जाते हैं। तो आपको छोटी-छोटी कैंडल्स
- 1:23:21मरी-मरी सी कैंडल्स देखने को मिलती हैं।
- 1:23:23बहुत बार केस में। देखो ट्रेडिंग में हर
- 1:23:25चीज में इफ एंड बड्स होते हैं। मतलब हमेशा
- 1:23:28कोई भी चीज काम नहीं करती। तो पहले आपको
- 1:23:30बड़ी-बड़ी कैंडल्स देखने को मिल रही थी।
- 1:23:32अब अगर छोटी-छोटी कैंडल्स आपको देखने को
- 1:23:34मिल रही हैं और प्राइस एक ही रेंज में
- 1:23:36देखने को मिल रही है तो आप यह समझ सकते
- 1:23:38हैं कि अभी तक जो ट्रेंड चल रहा था शायद
- 1:23:40वो ट्रेंड जो है वो वीक हो चुका है और अब
- 1:23:42प्राइस के गिरने के चांसेस हो सकते हैं
- 1:23:44अगर बढ़ रही थी और अगर गिर रही थी तो शायद
- 1:23:47अगर मान लो प्राइस गिर रही थी और उसके बाद
- 1:23:50आपको दिखाई देता है कि भाई छोटी-छोटी
- 1:23:51कैंडल्स बनने लग गई है और यहां पर कुछ खास
- 1:23:54स्ट्रांग हमें मूवमेंट देखने को नहीं मिल
- 1:23:56रहा है। एक ही रेंज में प्राइस चल रही है
- 1:23:58तो हो सकता है कि अब शायद प्राइस बढ़ने के
- 1:24:00चांसेस हो सकते हैं। लेकिन वो प्राइस कहां
- 1:24:02से बढ़ेगी यह भी अभी से हमें नहीं पता है।
- 1:24:05ये हमें आगे जाके पता चलेगा। इसके लिए हम
- 1:24:07वॉल्यूम वगैरह को भी देख सकते हैं। ये मैं
- 1:24:09क्या होता है आगे बताऊंगा। अभी से अगर बता
- 1:24:11दूंगा वॉल्यूम क्या होता है तो आपको काफी
- 1:24:13कंफ्यूजन हो सकता है। तो आपको ट्रेंड
- 1:24:15रिवर्सल समझ आ गया। अब इसके बाद नेक्स्ट
- 1:24:17कांसेप्ट जो आपको समझना है वो है टाइम
- 1:24:18फ्रेम का। अभी हो सकता है आपको लग रहा
- 1:24:20होगा कि यार अभी यह समझा था, अब यह समझा
- 1:24:23था। लेकिन सारी चीजें एक दूसरे से जुड़ी
- 1:24:25हुई हैं और एक-एक करके आपको समझ आएगा कि
- 1:24:27ये सारी चीजें लिंक्ड हैं। कुछ भी अलग
- 1:24:29नहीं है। बाकी आपको ये वीडियो पसंद आ रही
- 1:24:31है तो वीडियो को लाइक और चैनल को
- 1:24:32सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा। अगर आप
- 1:24:33क्रिप्टो के फ्यूचर्स में ट्रेड करने के
- 1:24:35लिए अपना डेल्टा एक्सचेंज में अकाउंट ओपन
- 1:24:36करना चाहते हैं तो लिंक डिस्क्रिप्शन में
- 1:24:38दिया गया है। अगर आप हमारे लिंक का यूज़
- 1:24:39करके अपना अकाउंट ओपन करेंगे तो नीचे
- 1:24:41Google फॉर्म का भी लिंक डिस्क्रिप्शन में
- 1:24:42दे रखा है। उस फॉर्म को भी जरूर फिल कर
- 1:24:44लीजिएगा। और अगर आपको यह पीडीएफ चाहिए तो
- 1:24:46भी हमारे लिंक से अकाउंट ओपन करने के बाद
- 1:24:48आप Google फॉर्म फिल करेंगे। तो उसके बाद
- 1:24:50हमारी टीम आपको कांटेक्ट करेगी। आप उनसे
- 1:24:52पीडीएफ ले सकते हैं। साथ ही आपको हमारी
- 1:24:54तरफ से अधराई का सब्सक्रिप्शन भी मिलेगा
- 1:24:56और आपकी जो ट्रेडिंग फीस होगी उसमें आपको
- 1:24:57डिस्काउंट भी मिलेगा। इसलिए हमारे लिंक से
- 1:24:59ही अपना डेल्टा एक्सचेंज में अपना अकाउंट
- 1:25:01ओपन कीजिएगा। तो अब चलिए यहां पर हम टाइम
- 1:25:03फ्रेम के बारे में समझते हैं। देखिए ये जो
- 1:25:05आपको कैंडल्स दिखाई दे रही हैं ये कैंडल
- 1:25:08कितनी देर की कैंडल है ये हमें बताता है
- 1:25:10टाइम फ्रेम। जैसे ये जो टाइम फ्रेम है अगर
- 1:25:13आपको ऊपर आप देखेंगे यहां पर आपको दिखाई
- 1:25:15दे रहा है। मैं सबसे पहले डी को सेलेक्ट
- 1:25:17करता हूं। डी का मतलब है ये वन डे का टाइम
- 1:25:19फ्रेम है। इसका मतलब ये है कि ये जो एक-एक
- 1:25:22कैंडल आपको देखने को मिल रही है ये जो एक
- 1:25:24कैंडल है ये आज के पूरे दिन की कैंडल है।
- 1:25:27यानी ये आज की कैंडल है। ये कल की कैंडल
- 1:25:29है। ये परसों की कैंडल है। इसका मतलब आज
- 1:25:31मैं बता सकता हूं कि प्राइस बढ़ी है। कल
- 1:25:33मैं बता सकता हूं प्राइस बढ़ी है। लेकिन
- 1:25:35इससे पहले दिन में प्राइस गिरी थी। उससे
- 1:25:37पहले दिन भी प्राइस गिरी थी। उससे पहले
- 1:25:39दिन भी प्राइस गिरी थी। उससे पहले दिन
- 1:25:41प्राइस बढ़ी थी। तो मैंने जब डेली टाइम
- 1:25:43फ्रेम लगा रखा है तो इसका मतलब एक-एक
- 1:25:44कैंडल एक दिन की कैंडल है और पूरे दिन में
- 1:25:47प्राइस में क्या हुआ है ये हमें वो कैंडल
- 1:25:49बता रही है। बट अब अगर मैं फोर आवर पे
- 1:25:52इसको सेलेक्ट कर देता हूं। यहां से मैंने
- 1:25:53फोर आवर सेलेक्ट किया है। तो अब देखो ये
- 1:25:56जो दिन वाली कैंडल थी ना वही कैंडल 1 दिन
- 1:25:59में कितने घंटे होते हैं?
- 1:26:0024 घंटे होते हैं। तो 24 घंटे में हमें
- 1:26:04चार से जब डिवाइड कर देंगे तो हमें पता
- 1:26:05चलेगा हमारे सामने आएगा छह। यानी जब एक
- 1:26:08दिन की जो कैंडल है ना अब वो छह कैंडल में
- 1:26:10डिवाइड हो चुकी है। 1 2 3 4 5 6 ये जो छह
- 1:26:15कैंडल होंगी ये मिला के बनेगी एक दिन की
- 1:26:18कैंडल। ठीक है? तो वही कैंडल है बस वो अब
- 1:26:21छह भागों में डिवाइड हो चुकी है। तो आपको
- 1:26:24उस दिन क्या हुआ था उसके बारे में थोड़ी
- 1:26:26और ज्यादा इंफॉर्मेशनेशन देखने को मिल
- 1:26:28जाएगी। अब अगर मैं इसको वन में कर देता
- 1:26:31हूं। यानी 1 घंटे की अगर मैं कैंडल देखता
- 1:26:33हूं तो अब 24 घंटे का हम क्योंकि यहां पर
- 1:26:36जो मार्केट देख रहे हैं वो 24 आवर्स चलता
- 1:26:38है। बिटकॉइन का यहां पर हमने चार्ट खोल
- 1:26:40रखा है तो इसलिए 24 कैंडल होंगी। अगर हम
- 1:26:42स्टॉक मार्केट देखें तो वो इतने घंटे नहीं
- 1:26:44चलता है। तो अब देखो यहां पर 1 घंटे का
- 1:26:46हमने टाइम फ्रेम खोला है। तो अब वही जो 1
- 1:26:49दिन की कैंडल थी ना वो अब 24 कैंडलों में
- 1:26:51टूट चुकी है। तो यहां पर आपको और ज्यादा
- 1:26:53उस प्राइस के बारे में इंफॉर्मेशन देखने
- 1:26:55को मिल रही है। यानी अभी इस घंटे में क्या
- 1:26:57चल रहा है? प्राइस बढ़ रही है। इससे पहले
- 1:26:59वाले घंटे में प्राइस बढ़ रही थी। लेकिन
- 1:27:01उससे पहले वाले घंटे में प्राइस थोड़ा सा
- 1:27:03नीचे आई थी। उससे पहले वाले घंटे में
- 1:27:05प्राइस नीचे आई थी। उससे पहले वाले घंटे
- 1:27:07में प्राइस अच्छी खासी बढ़ी थी। उससे पहले
- 1:27:09वाले घंटे में प्राइस अच्छी खासी गिरी थी।
- 1:27:12यानी यहां पर आपको समझ आ रहा है कि सेम
- 1:27:14कैंडल्स हैं जो टूट के और छोटी हो रही
- 1:27:16हैं। अब इसके बाद मान लो मैं 15 मिनट की
- 1:27:19कैंडल पे आ जाता हूं। तो अब जो 1 घंटे की
- 1:27:22कैंडल थी वो भी चार कैंडल्स में टूट चुकी
- 1:27:24है। यानी अभी पिछले 15 मिनट में ये हो रहा
- 1:27:26है। फिर पिछले 15 मिनट में उससे पहले के
- 1:27:2815 मिनट में और उससे पहले के 15 मिनट में
- 1:27:30क्या हुआ था? प्राइस 2 15 मिनट में घटी
- 1:27:32है। इनमें बढ़ी है। तो अगर आप ये समझना
- 1:27:35चाहते हो कि सिर्फ 15 मिनट की कैंडल से कि
- 1:27:38अभी हुआ क्या है पिछले 1 घंटे में। तो आप
- 1:27:41इन चार कैंडल्स को अगर ध्यान से देखोगे तो
- 1:27:43ये आपको बता देगा कि जो 1 घंटे की कैंडल
- 1:27:45होगी वो कैसी बन रही होगी। 1 घंटे पहले
- 1:27:48देखो यहां पर प्राइस हमारी क्या थी? नीचे
- 1:27:50थी। और अभी अगर हम देखेंगे तो प्राइस
- 1:27:52हमारी कहां पर है? प्राइस हमारी यहां पर
- 1:27:54है। इसका मतलब पिछली चार कैंडल्स को जब
- 1:27:57मैंने देखा तो मुझे दिखाई दिया कि प्राइस
- 1:27:59इसमें बड़ी है और प्राइस इसमें बड़ी है तो
- 1:28:01कैसी कैंडल बनी होगी? एक ग्रीन कलर की
- 1:28:03कैंडल बनी होगी। तो जब भी आप चार्ट को
- 1:28:06देखते हैं इसके बारे में भी हम जब चार्ट
- 1:28:08पैटर्न्स को समझेंगे तो और डिटेल में बात
- 1:28:10करेंगे। लेकिन जब भी आप चार्ट को देखते
- 1:28:12हैं तो वहां पर आप कैंडल्स को डिवाइड करके
- 1:28:15भी देख सकते हैं। अब मान लो अगर आपको
- 1:28:17इंट्राडे ट्रेडिंग करनी है या फिर आपको
- 1:28:19स्कैल्पिंग करनी है तो पूरे दिन की कैंडल
- 1:28:21को देख के तो उसमें आपको कोई खास फायदा
- 1:28:22नहीं होगा। ऐसे में आपको हो सकता है कि
- 1:28:25आपको पिछले 1 घंटे की कैंडल्स देखनी है या
- 1:28:27आपको पिछले 4-प घंटे में क्या हुआ है
- 1:28:29चार्ट में वो देखना है। तो इसलिए आपको
- 1:28:31टाइम फ्रेम को अलग-अलग चेंज करके देखना
- 1:28:33होता है। तो यहां पर अभी मैंने आपको टाइम
- 1:28:35फ्रेम के बारे में बताया। बहुत सारी चीजें
- 1:28:37हैं जो अभी आपके लिए समझना बाकी है। लेकिन
- 1:28:39यहां तक अगर आपका कोई डाउट है तो आप मुझसे
- 1:28:41पूछ सकते हो। तो कोई डाउट है किसी का? हां
- 1:28:43पूछो सुभाष।
- 1:28:45सर हम ट्रेंड रिवर्सल को कैसे पकड़ सकते
- 1:28:47हैं?
- 1:28:47देखो ट्रेंड रिवर्सल को पकड़ने के लिए
- 1:28:49आपको कुछ चीजों को समझना होगा। जैसे कि
- 1:28:51सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस और ये मैं आपको अभी
- 1:28:53समझाने वाला हूं। तो अब इसी के बारे में
- 1:28:54हम बात करने वाले हैं। तो यहीं पे समझते
- 1:28:56हैं। ठीक है? तो यहीं पर आप रहो। मैं आपको
- 1:28:58यहीं पे समझाता हूं। बाकी सबको दिखाई दे
- 1:28:59रहा है?
- 1:29:00यस सर। ठीक है? तो देखो आपको अभी तक मैंने
- 1:29:03ये बता दिया टाइम फ्रेम क्या होता है। तो
- 1:29:04अब यहां पर एक इंपॉर्टेंट कांसेप्ट जो
- 1:29:06आपने समझना है वो है सपोर्ट एंड
- 1:29:08रेजिस्टेंस का जिससे आपको पता चलेगा कि
- 1:29:10कहां से प्राइस रिवर्स कर सकती है और कहां
- 1:29:13से प्राइस बढ़ सकती है। मतलब ऊपर जा रही
- 1:29:15थी तो नीचे आ सकती है। नीचे जा रही थी तो
- 1:29:17ऊपर आ सकती है। ठीक है? तो ये सब आपको
- 1:29:19स्क्रीन पे नजर आ रहा है ना सबको? ठीक है?
- 1:29:21तो यहां पर देखो सबसे पहले हम समझते हैं
- 1:29:24कि सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस होता क्या है?
- 1:29:26अब मैं आपको अगेन कह रहा हूं कि अगर आपको
- 1:29:28लग रहा है कि ये सब अलग-अलग कांसेप्ट हैं
- 1:29:29तो ये सब अलग चीजें नहीं है। सब चीजें एक
- 1:29:31दूसरे से जुड़ी हुई हैं और मैं लास्ट में
- 1:29:33आपको ये चीजें दिखाऊंगा भी। ठीक है? तो
- 1:29:36सपोर्ट हम उस एरिया को कहते हैं जहां पर
- 1:29:38जाने के बाद प्राइस बढ़ती है। अभी मैं
- 1:29:40सिर्फ डेफिनेशन बता रहा हूं। सपोर्ट वो
- 1:29:42एरिया होता है जहां पर जाने के बाद प्राइस
- 1:29:44बढ़ रही है। यानी अगर हम यहां पर खड़े हैं
- 1:29:48तो ये क्या है? ये एक सपोर्ट है। मान लो
- 1:29:50प्राइस नीचे आ रही थी। उसको यहां पर
- 1:29:51सपोर्ट मिला। फिर यहां से प्राइस जाने लग
- 1:29:53गई। तो ये क्या हो गया? यह हो गया सपोर्ट।
- 1:29:55और रेजिस्टेंस वो एरिया होता है जिससे ऊपर
- 1:29:58जाने में प्राइस को प्रॉब्लम हो रही होती
- 1:29:59है। मतलब मान लीजिए प्राइस यहां से
- 1:30:01बढ़ते-बढ़ते ऊपर तक गई। ठीक है? अब ऊपर
- 1:30:04जाने के बाद प्राइस को इससे ऊपर प्राइस
- 1:30:06नहीं जा पा रही है और यहां से रिवर्स कर
- 1:30:07गई। तो ये क्या एरिया है? ये हमारा
- 1:30:10रेजिस्टेंस एरिया है। मतलब इससे ऊपर
- 1:30:11प्राइस नहीं जा पा रही है। तो सपोर्ट एंड
- 1:30:14रेजिस्टेंस ये होता है। अब चार्ट में हमें
- 1:30:17कैसे पता चलेगा कि कहां पर सपोर्ट है कहां
- 1:30:19पर रेजिस्टेंस है। तो इसके लिए यहां पर
- 1:30:21हमने आपको स्क्रीन में दिखाया। ध्यान से
- 1:30:22देखना। बाकी सब भी ध्यान से देखना। देखो
- 1:30:25अगर मैं आपसे पूछूं कि कौन सा ऐसा एरिया
- 1:30:27है? आप यह बताना। आप बताओ कि कौन सा ऐसा
- 1:30:30एरिया है जहां पर जाने के बाद प्राइस
- 1:30:32बार-बार गिरी है।
- 1:30:35ये सर
- 1:30:36यहां पर आपको दिखाई दे रहा है। यहां पर
- 1:30:37जाने के बाद प्राइस गिरी है। फिर दोबारा
- 1:30:39से देखो यहां पर प्राइस गई थी। फिर से
- 1:30:41गिरी है। इससे पहले भी देखो प्राइस यहां
- 1:30:43पर जाने के बाद गिरी है। तो तीन बार हमें
- 1:30:46दिखाई दिया कि प्राइस एक ही एरिया के पास
- 1:30:48जाने के बाद गिरी है। तो ये क्या है? ये
- 1:30:50है हमारा
- 1:30:52रेजिस्टेंस। तीन बार जरूरी नहीं है। अगर
- 1:30:54दो बार आपको दिखाई देता है कि प्राइस एक
- 1:30:56बार जाने के बाद गिर चुकी है तो इसको हम
- 1:30:58अपना रेजिस्टेंस समझते हैं। यानी अगर मान
- 1:31:00लो अभी दो बार ऐसा हो चुका था। जब दो बार
- 1:31:03ये हो गया होगा तो आपको पता होगा कि ये
- 1:31:05क्या है? यह मेरा रेजिस्टेंस है। तो, जैसे
- 1:31:07ही प्राइस तीसरी बार इस लेवल के पास आई
- 1:31:09होगी, तो आपको पहले से पता है कि यह
- 1:31:10रेजिस्टेंस है। तो आपको पता होगा कि यहां
- 1:31:12से प्राइस के गिरने के चांसेस हैं। तो
- 1:31:14यानी इससे आपको पता चला कि यहां से ट्रेंड
- 1:31:17रिवर्स हो सकता है। और ऐसे ही अगर हम
- 1:31:19सपोर्ट की बात करें तो सपोर्ट वो एरिया
- 1:31:21होता है जहां पर जाने के बाद प्राइस बढ़ती
- 1:31:23है। देखिए कोई भी चीज मैं आपको प्रैक्टिकल
- 1:31:25एग्जांपल दिखा रहा हूं। हर बार ऐसा नहीं
- 1:31:27होगा कि प्राइस एग्जैक्टली सेम जगह से
- 1:31:29जाने के बाद बढ़ जाएगी। लेकिन हम एक एरिया
- 1:31:31की बात कर रहे हैं। कई बार लोग इसको एज अ
- 1:31:33लाइन भी ड्रॉ कर लेते हैं। लेकिन लाइन
- 1:31:35ड्रॉ करने में बहुत कंफ्यूजन होता है।
- 1:31:37इसलिए हमेशा इसको एक एरिया की तरह आपको
- 1:31:39मार्क करना चाहिए। तो वो एरिया जहां पर
- 1:31:41जाने के बाद प्राइस बार-बार बढ़ी है वो
- 1:31:43होता है हमारा सपोर्ट। अब देखो यहां पर
- 1:31:45जाने के बाद प्राइस बढ़ी है। यहां पर जा
- 1:31:47से बढ़ते-बढ़ते यहां तक गई थी। ऑलमोस्ट
- 1:31:49वही एरिया था। फिर से प्राइस इस लेवल के
- 1:31:51पास आने के बाद यहां से बढ़ी है।
- 1:31:53तो ये हमें इन दो के बाद ही पता चल गया कि
- 1:31:55ये क्या है मेरा? यह मेरा सपोर्ट है। तो
- 1:31:58अब आपको पता है कि अगर प्राइस तीसरी बार
- 1:32:00इस लेवल पे आएगी तो आपने दो बार से पता है
- 1:32:02कि ये सपोर्ट है। तीसरी बार यहां पर आएगी
- 1:32:04तो यहां से प्राइस के बढ़ने के चांसेस
- 1:32:06होंगे। ये आपको पता है। तो आप क्या कर
- 1:32:08सकते हैं? यहां पर आप अपने ट्रेड को प्लान
- 1:32:10कर सकते हैं। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि
- 1:32:12यहां ट्रेड करना है। क्योंकि ये चीज अगर
- 1:32:1420 साल पहले आप मुझसे पूछ रहे होते तो मैं
- 1:32:16कहता कि हां यहां ट्रेड कर सकते हैं।
- 1:32:18लेकिन आज के टाइम पर मार्केट में बहुत
- 1:32:19सारे मैनपुलेशन भी होते हैं। लेकिन इससे
- 1:32:21आपको थोड़ा बहुत आईडिया लगा है कि एटलीस्ट
- 1:32:24ये वो एरिया है जहां पर जाने के बाद
- 1:32:26प्राइस में कुछ ना कुछ तो होगा। या तो
- 1:32:28प्राइस यहां से रिवर्स करेगी या फिर यहां
- 1:32:30से प्राइस आगे भी जा सकती है। ऐसे ही आपको
- 1:32:32ये पता चला कि ये वो एरिया है जहां पर
- 1:32:35जाने के बाद कुछ ना कुछ प्राइस में होगा।
- 1:32:37आप यहां पर नहीं कह सकते ना बीच में कि
- 1:32:39क्या होगा? लेकिन आपको एक एरिया पता चल
- 1:32:41गया कि यहां पर जाने के बाद प्राइस में
- 1:32:43कुछ ना कुछ होगा। तो इसका मतलब इनको हम एक
- 1:32:46इंपॉर्टेंट लेवल की तरह मार्क कर सकते
- 1:32:48हैं। और ये लेवल क्या है? इसको हम
- 1:32:50रेजिस्टेंस कहते हैं। इसको हम सपोर्ट कहते
- 1:32:51हैं। तो आपको क्लियर हो गया?
- 1:32:53यस सर।
- 1:32:53ठीक है? तो सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस क्या
- 1:32:54होता है? ये तो आपको क्लियर हो चुका है।
- 1:32:56अब देखो हमेशा ऐसा नहीं होगा। मैंने अगर
- 1:32:58आपको सपोर्ट रेजिस्टेंस के बारे में बताया
- 1:32:59तो मैंने क्या बताया कि प्राइस बार-बार इस
- 1:33:01लेवल पे जा रही है। ये क्या है आपका?
- 1:33:04रेजिस्टेंस है और बार-बार प्राइस नीचे
- 1:33:06जाके वहां से बढ़ रही है। तो यह क्या है
- 1:33:08आपका?
- 1:33:08सपोर्ट।
- 1:33:09तो आपको पता है कि सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस
- 1:33:11क्या है? लेकिन हमेशा तो प्राइस एक ही
- 1:33:13रेंज में नहीं घूमती रहेगी ना। हमेशा तो
- 1:33:14सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस नहीं बनाती रहेगी।
- 1:33:16प्राइस अगर इस तरीके से एक रेंज में घूम
- 1:33:19रही थी तो एक ना एक बार ऐसा होगा कि
- 1:33:20प्राइस ऊपर जाएगी या फिर नीचे जाएगी। तो
- 1:33:24जब ऐसा होगा तो यहां पर एक और नई चीज हमें
- 1:33:27यहां पर समझ आती है। और वो क्या समझ आता
- 1:33:29है उसको यहां पर देखिए। देखो बार-बार अगर
- 1:33:32मैं आपसे पूछूं कि ये क्या है? प्राइस
- 1:33:34यहां पर जाने के बाद गिरी है तो ये क्या
- 1:33:36है?
- 1:33:36रेजिस्टेंस।
- 1:33:37फिर दोबारा से प्राइस यहां पर जाने के बाद
- 1:33:38गिरी है तो ये क्या है?
- 1:33:39रेजिस्टेंस।
- 1:33:40यहां पर भी प्राइस आने के बाद गिरी है तो
- 1:33:42क्या है?
- 1:33:42रेजिस्टेंस।
- 1:33:43तो आपको पता है कि ये क्या है? रेजिस्टेंस
- 1:33:45है। लेकिन इसके बाद क्या होता है कि
- 1:33:47प्राइस इससे ऊपर निकल जाती है। तो जैसे ही
- 1:33:50प्राइस इसके ऊपर निकल जाती है ना तो अब यह
- 1:33:52जो रेजिस्टेंस था ना ये यहां पर सपोर्ट बन
- 1:33:55चुका है। मतलब अब आपको दो बार उसकी जरूरत
- 1:33:58नहीं है कि दो बार प्राइस सेम लेवल पे आए
- 1:34:00तो ये हम इसको सपोर्ट मानेंगे। अब प्राइस
- 1:34:03पहले से इसको ब्रेक करके ऊपर जा चुकी है।
- 1:34:06तो अब इसके लिए ये सपोर्ट होगा। यानी अगर
- 1:34:08मैं आपको यहां पर ड्राइंग में दिखाऊं तो
- 1:34:10क्या हो रहा है यहां पर? सबसे पहले ये
- 1:34:13क्या था? रेजिस्टेंस रेजिस्टेंस
- 1:34:16रेजिस्टेंस अब प्राइस इससे ऊपर निकल गई तो
- 1:34:18अब ये एज अ सपोर्ट काम करेगी। यानी अब अगर
- 1:34:21प्राइस इस लेवल पे आती है ना तो यहां से
- 1:34:24प्राइस के बढ़ने के चांसेस होंगे। अभी तक
- 1:34:26क्या हो रहा था कि देखो एक रेजिस्टेंस
- 1:34:28बना, दो रेजिस्टेंस बना। प्राइस तीसरी बार
- 1:34:30यहां पर आई तो हमें पता है प्राइस के यहां
- 1:34:31से गिरने के चांसेस हैं। लेकिन अब जब
- 1:34:33प्राइस ने इस लेवल को ब्रेक कर दिया है और
- 1:34:35प्राइस इसके ऊपर चली गई है तो अब अगर
- 1:34:37प्राइस इस लेवल पे आती है तो यहां से
- 1:34:39प्राइस के बढ़ने के चांसेस होते हैं। तो
- 1:34:41इसको हम कहते हैं आरबीएस यानी रेजिस्टेंस
- 1:34:45बिकम्स सपोर्ट।
- 1:34:46अब इसी तरीके से देखिए कई बार क्या होता
- 1:34:49है? ये हमारा सपोर्ट एरिया था। प्राइस ने
- 1:34:51इस सपोर्ट को ब्रेक कर दिया है। तो अब जब
- 1:34:53प्राइस ने सपोर्ट को ब्रेक कर दिया है
- 1:34:54मतलब यहां से प्राइस नीचे आ चुकी है तो अब
- 1:34:57यह हमारा क्या बन गया है? सपोर्ट हमारा
- 1:34:59रेजिस्टेंस बन गया है। यानी अब अगर प्राइस
- 1:35:01दोबारा से इस लेवल पे आती है तो यहां से
- 1:35:03प्राइस के गिरने के चांसेस होंगे। जैसा कि
- 1:35:05आपको दिखाई दे रहा है कि प्राइस यहां पर
- 1:35:07दोबारा से आई। नीचे आने के बाद प्राइस
- 1:35:08यहां गई फिर गिरी है। फिर दोबारा से
- 1:35:10प्राइस बढ़ते-बढ़ते उस लेवल तक गई फिर
- 1:35:12गिरी है। तो ये क्या हुआ? सपोर्ट हमारा
- 1:35:14क्या बन गया? रेजिस्टेंस बन गया। तो कई
- 1:35:17बार हमारा सपोर्ट रेजिस्टेंस भी बन सकता
- 1:35:19है और जो हमारा रेजिस्टेंस है वो सपोर्ट
- 1:35:21भी बन सकता है। अब चलिए हमारा जो नेक्स्ट
- 1:35:23कांसेप्ट है वो समझते हैं सप्लाई एंड
- 1:35:25डिमांड का। अब बहुत सारे लोग जो हैं वो
- 1:35:28सपोर्ट रेजिस्टेंस और सप्लाई एंड डिमांड
- 1:35:30में कंफ्यूज हो जाते हैं। क्योंकि अगर मैं
- 1:35:32आपको चार्ट में दिखाऊं तो यहां पर मैंने
- 1:35:35इसको मार्क किया है कि ये मेरा सप्लाई ज़ोन
- 1:35:37है और ये मेरा डिमांड ज़ोन है। तो अगर मैं
- 1:35:39आपसे पूछूं कि सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस भी
- 1:35:42तो बिल्कुल ऐसा ही था। इन दोनों के बीच
- 1:35:44में डिफरेंस क्या है? तो किसी को पता है
- 1:35:45कि इन दोनों के बीच में डिफरेंस क्या है?
- 1:35:47मुझे नहीं लगता कि आपको अभी से पता होगा।
- 1:35:49पहले मैं बता देता हूं कि सपोर्ट सप्लाई
- 1:35:51एंड डिमांड क्या होता है। फिर मैं आपको
- 1:35:53सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस और सप्लाई एंड
- 1:35:55डिमांड के बीच का डिफरेंस बताऊंगा। तो
- 1:35:57सप्लाई सबसे पहले वो एरिया होता है जहां
- 1:36:00पर बहुत सारे सेलर्स मार्केट में बेच रहे
- 1:36:03होते हैं। जब अगर लोग बेचेंगे तो उसको हम
- 1:36:06सप्लाई मानेंगे। और डिमांड वो एरिया होता
- 1:36:09है जहां पर बहुत सारे लोग बाय कर रहे होते
- 1:36:11हैं। यानी अगर प्राइस डिमांड एरिया के पास
- 1:36:14आएगी तो वहां से प्राइस के बढ़ने के
- 1:36:16चांसेस होंगे। अगर प्राइस सप्लाई एरिया के
- 1:36:18पास आएगी तो वहां से प्राइस के गिरने के
- 1:36:21चांसेस होंगे। ठीक है? तो डिमांड क्या है?
- 1:36:23डिमांड जहां पर बहुत सारे लोग खरीदने के
- 1:36:25लिए तैयार हैं। सप्लाई जहां पर बहुत सारे
- 1:36:27लोग बेचने के लिए तैयार हैं। तो अब सबसे
- 1:36:29बड़ा कंफ्यूजन क्या होता है? कि बहुत सारे
- 1:36:31लोग इन दोनों को बिल्कुल सेम समझते हैं।
- 1:36:34देखो चार्ट में अगर मैं आपसे बोलूं कि
- 1:36:36सप्लाई डिमांड और सपोर्ट रेजिस्टेंस के
- 1:36:38बीच में क्या डिफरेंस है इस चार्ट में तो
- 1:36:39आपको कुछ खास समझ नहीं आएगा। लेकिन अब मैं
- 1:36:42आपको डिफरेंस बताता हूं। देखिए सप्लाई तो
- 1:36:44मैंने आपको बताया कि वो एरिया है जहां से
- 1:36:46जाने के बाद प्राइस गिरी है। यानी एक तरह
- 1:36:48से आप इसको रेजिस्टेंस भी मान सकते हैं।
- 1:36:50लेकिन हम इसको सप्लाई तब मानेंगे जब हमें
- 1:36:53दिखाई दे रहा है कि उस लेवल पे आने के बाद
- 1:36:55प्राइस बहुत तेजी से गिरी है। अगर हमें
- 1:36:57इंपल्सिव डाउन साइड का मूव देखने को मिला
- 1:37:00है। तो इसका मतलब इंपल्सिव मूव तभी आता है
- 1:37:03जब वहां पर बहुत सारे सेलर्स अवेलेबल हो।
- 1:37:06बहुत सारे लोग जब बेचने के लिए अवेलेबल
- 1:37:08होंगे तो हमें वहां पर एक इंपल्सिव मूव
- 1:37:10देखने को मिलेगा। उसी तरीके से अगर कहा
- 1:37:12जाए तो ये एक सपोर्ट हम इसको कह सकते हैं।
- 1:37:15लेकिन इसको हम डिमांड ज़ोन तभी कहेंगे।
- 1:37:17सपोर्ट तो हम अभी भी इसको कह सकते हैं।
- 1:37:19लेकिन इसको हम डिमांड ज़ोन तभी कहेंगे जब
- 1:37:22हमें दिखाई दे रहा है कि वहां पर आने के
- 1:37:24बाद प्राइस में हमें एक इंपल्सिव मूव
- 1:37:26देखने को मिला था। यानी बहुत सारी ग्रीन
- 1:37:28कैंडल्स हमें देखने को मिली थी। और इस जगह
- 1:37:31पर जरूरी नहीं है कि आपको डबल टैप की
- 1:37:33जरूरत पड़े। मतलब अगर मैं आपको कहूं कि
- 1:37:36सपोर्ट कोई चीज़ कब बनेगी? तब वो बनेगी जब
- 1:37:39हमें पता है कि प्राइस दो बार उस लेवल पे
- 1:37:41आने के बाद बढ़ी है तभी हम उसको सपोर्ट कह
- 1:37:43सकते हैं। जब दो बार प्राइस उस लेवल पर
- 1:37:46जाने के बाद गिरी है तभी हम उसको
- 1:37:48रेजिस्टेंस कह सकते हैं। लेकिन सप्लाई अगर
- 1:37:50मान लीजिए प्राइस एक बार एक पर्टिकुलर
- 1:37:53लेवल पे आने के बाद बहुत तेजी से गिरी है
- 1:37:55तो भी हम उसको सप्लाई ज़ोन कह सकते हैं।
- 1:37:58क्योंकि हमें पता है कि यहां पर एक
- 1:38:00स्ट्रांग इंपल्सिव हमें डाउन साइड का मूव
- 1:38:02देखने को मिला था। और ऐसे ही अगर कोई एक
- 1:38:05पर्टिकुलर एरिया है जहां से प्राइस बहुत
- 1:38:07तेजी से बढ़ी थी तो इसका मतलब हम उसे
- 1:38:10डिमांड ज़ोन कह सकते हैं। भले ही दोबारा
- 1:38:12जरूरी नहीं है कि प्राइस उस रेंज पर अभी
- 1:38:14फिलहाल आई हो। तो अगर मैं अभी आपको कहूं
- 1:38:17तो ये हमारा क्या है? ये हमारा डिमांड ज़ोन
- 1:38:19है। इसके अलावा जो डिमांड एंड सप्लाई है
- 1:38:21उसको हम जनरली एक एरिया के रूप में मार्क
- 1:38:24करते हैं। मतलब देखिए बिल्कुल एग्जैक्टली
- 1:38:26एक प्राइस नहीं होगी जहां पर सारे लोग
- 1:38:27खरीदने के लिए तैयार होंगे। एक आसपास का
- 1:38:29एरिया है जहां पर बहुत सारे लोग बाय करना
- 1:38:31चाहते हैं। आसपास का एरिया है जहां पर
- 1:38:33बहुत सारे लोग बेचना चाहते हैं। लेकिन
- 1:38:35बहुत सारे लोग सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस को
- 1:38:37एक लाइन के रूप में मार्क करते हैं। हमने
- 1:38:39उसको भी एक एरिया के रूप में ही मार्क
- 1:38:41किया है। तो अब अगर आप मुझसे पूछोगे कि
- 1:38:43सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस में या सप्लाई एंड
- 1:38:45डिमांड में कौन ज्यादा स्ट्रांग है या कौन
- 1:38:48ज्यादा बेटर सिग्नल हमें देता है? तो वो
- 1:38:50है सप्लाई और डिमांड ज़ोन। क्योंकि यहां से
- 1:38:54हमें एक इंपल्सिव मूव देखने को मिला है और
- 1:38:56इंपल्सिव मूव हमें तब देखने को मिलता है
- 1:38:58जब कोई बड़ा स्मार्ट मनी यानी कोई बहुत
- 1:39:01बड़ा पैसा वहां पे लगाया होगा यानी बहुत
- 1:39:04सारे लोग या तो खरीद रहे होंगे बहुत
- 1:39:05ज्यादा पैसे के साथ खरीदारी हो रही होगी
- 1:39:07तो हमारा डिमांड ज़ोन बनेगा। बहुत ज्यादा
- 1:39:10पैसे लगा के बेचा जा रहा होगा तो हमारा
- 1:39:12सप्लाई ज़ोन बनेगा। तो अब आपको इन दोनों के
- 1:39:14बीच में डिफरेंस भी क्लियर हो गया है। अब
- 1:39:16जो हमारा नेक्स्ट कांसेप्ट आपने समझना है
- 1:39:18वो है ट्रेंड लाइन का। देखो मैंने आपको
- 1:39:20बताया जब प्राइस एक रेंज पे घूमेगी तब तो
- 1:39:22आप इस तरीके से अपना सपोर्ट रेजिस्टेंस या
- 1:39:25सप्लाई डिमांड मार्क कर सकते हो। लेकिन जब
- 1:39:27प्राइस बढ़ रही होगी जैसे यहां पर आपको
- 1:39:30दिखाई दे रहा है कि अप ट्रेंड चल रहा है
- 1:39:32या फिर जब आपको दिखाई दे रहा है कि डाउन
- 1:39:34ट्रेंड चल रहा है। उस टाइम पर तो सबसे
- 1:39:36बड़ा मूव आ रहा है। तब तो आपको ट्रेड लेना
- 1:39:39चाहिए। लेकिन उस टाइम पर आप कैसे पता
- 1:39:41करेंगे कि कहां पर आपको बाय करना है या
- 1:39:43फिर वहां पर आप कैसे सपोर्ट एंड
- 1:39:46रेजिस्टेंस को मार्क कर सकते हैं। तो इसके
- 1:39:48लिए यूज़ किया जाता है ट्रेंड लाइन टूल
- 1:39:50का। वैसे ये ट्रेंड लाइन लगानी कैसे है ना
- 1:39:52ये मैं आपको लास्ट में एक बार चार्ट में
- 1:39:53दिखा दूंगा। सपोर्ट रेजिस्टेंस कैसे मार्क
- 1:39:55करना है? ट्रेंड लाइन कैसे मार्क करना है?
- 1:39:56ये हम चार्ट में एक बार समझ लेंगे। तो मैं
- 1:39:58आपको यहां पर समझा देता हूं। देखिए जब भी
- 1:40:00आपको इस तरीके से अपटेंड बनता हुआ दिखाई
- 1:40:02दे रहा होता है तो दो लेवल जहां से जाने
- 1:40:05के बाद प्राइस बढ़ी है आप उससे लगते हुए
- 1:40:07अगर इस तरीके से लाइन ड्रॉ कर लेंगे ना तो
- 1:40:09इसको हम कहते हैं ट्रेंड लाइन और ये क्या
- 1:40:12होगी हमारी ये हमारे लिए एक तरह से सपोर्ट
- 1:40:15की तरह काम करेगा। ठीक है? इसका उल्टा अगर
- 1:40:17आपको दिखाई दे रहा है कि प्राइस गिर रही
- 1:40:19है। जैसे यहां पर आपको दिखाई दे रहा है कि
- 1:40:21प्राइस गिर रही है तो दो पॉइंट हमें ऐसे
- 1:40:23चाहिए जहां पर जाने के बाद प्राइस गिरी
- 1:40:25थी। देखो यहां से प्राइस गिरी फिर यहां से
- 1:40:28प्राइस गिरी है। ठीक है? ये क्या चल रहा
- 1:40:30है हमारा? ये हमारा डाउन ट्रेंड चल रहा
- 1:40:32है। तो इसके हाई से लगते हुए यहां पर आपने
- 1:40:35क्या किया? यहां पर आपने एक लाइन ड्रॉ की।
- 1:40:37तो ये क्या होगा हमारा?
- 1:40:38ये हमारी ट्रेंड लाइन है जो कि एज अ
- 1:40:40रेजिस्टेंस यहां पे काम कर रही है। तो आप
- 1:40:43यहां पर सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस कैसे मार्क
- 1:40:45कर सकते हैं? अप ट्रेंड और डाउन ट्रेंड
- 1:40:47में। यह आप ट्रेंड लाइन का यूज़ करके मार्क
- 1:40:49करते हैं और यह भी एक तरह से सपोर्ट
- 1:40:51रेजिस्टेंस की तरह ही काम करता है। और
- 1:40:52इसके बाद अगर मान लो जैसे ये आपने ट्रेंड
- 1:40:54लाइन ड्रॉ कर रखी है। प्राइस इसके ऊपर
- 1:40:56ब्रेक कर देती है तो अब ये कैसे काम
- 1:40:58करेगा? ये पहले रेजिस्टेंस की तरह काम कर
- 1:41:00रहा था। अब ये सपोर्ट की तरह काम करेगा।
- 1:41:03और इसका उल्टा यहां पर आपने देखा कि
- 1:41:05प्राइस ने ट्रेंड लाइन को ब्रेक कर दिया।
- 1:41:07तो अब अगर प्राइस दोबारा इस लेवल के पास
- 1:41:09जाती है तो ये कैसे काम करेगा? ये एक
- 1:41:12रेजिस्टेंस की तरह काम करेगा। ठीक है? वही
- 1:41:14चीज़ है जो हमने सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस में
- 1:41:16समझी थी। बस ये अप ट्रेंड और डाउन ट्रेंड
- 1:41:18में हम इस तरीके से मार्क कर सकते हैं।
- 1:41:20जैसे अब यहां पर देखो फिर से हमने एक
- 1:41:21एग्जांपल में आपको दिखा रखा है। ये हमने
- 1:41:23एक ट्रेंड लाइन मार्क की है। प्राइस इस
- 1:41:25लेवल पे गई फिर नीचे आई। फिर इस लेवल पे
- 1:41:26गई फिर नीचे गई। तो यहां पर क्या हमने
- 1:41:28मार्क कर रखा था? इसको एज अ रेजिस्टेंस
- 1:41:30मार्क कर रखा था। अब इसके बाद क्या हुआ?
- 1:41:32प्राइस ने इसको ब्रेक कर दिया। तो अब ये
- 1:41:34एज अ सपोर्ट काम कर रहा है। तो यहां पर
- 1:41:36हमें पता है कि ये एज अ सपोर्ट काम कर रहा
- 1:41:38है। तो प्राइस के इससे नीचे आने के चांसेस
- 1:41:40कम होंगे। आने को आ सकता है लेकिन चांसेस
- 1:41:42कम होंगे। और ऐसे ही यहां पर आप देख सकते
- 1:41:44हैं कि प्राइस एज अ सपोर्ट काम कर रही है।
- 1:41:47और उसके बाद ये जो ट्रेंड लाइन है पहले एक
- 1:41:50हमें दिखाई दिया। ये हमारा लेवल था जहां
- 1:41:52पर जाने के बाद प्राइस बड़ी थी। उसके बाद
- 1:41:55फिर से हमें दिखाई दिया प्राइस यहां पर
- 1:41:57आने के बाद बढ़ी है। तो हमने इससे लगते
- 1:41:59हुए एक ट्रेंड लाइन ड्रॉ कर दी। तीसरी बार
- 1:42:01प्राइस यहां आई है फिर बढ़ी है। उसके बाद
- 1:42:03चौथी बार प्राइस ने इसको नीचे की तरफ
- 1:42:04ब्रेक कर दिया। तो अब ये हमारे लिए एक
- 1:42:06रेजिस्टेंस की तरह काम करेगा। ठीक है? ठीक
- 1:42:08है? तो ये आपको क्लियर हो गया है। अब इसके
- 1:42:10बाद जो नेक्स्ट कांसेप्ट आपको समझना है वो
- 1:42:11है ब्रेकआउट एंड ब्रेकडाउन का। देखो मैंने
- 1:42:13आपको सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस के बारे में
- 1:42:15बता दिया है। मैंने आपको डिमांड एंड
- 1:42:16सप्लाई के बारे में बता दिया है। तो यहां
- 1:42:18पर अगर मैं आपको कहूं तो आपको दिखाई दे
- 1:42:20रहा है कि एक एरिया है जहां पर जाने के
- 1:42:22बाद प्राइस बार-बार मूव कर रही है। देखो
- 1:42:24यहां पर प्राइस ने क्या लिया? यहां पर
- 1:42:26सपोर्ट लिया। यहां पर रेजिस्टेंस। यहां पर
- 1:42:28सपोर्ट, यहां पर रेजिस्टेंस। लेकिन मैंने
- 1:42:30बताया कि हर बार तो ऐसा नहीं होगा। तो
- 1:42:31प्राइस ने क्या किया? प्राइस ने यह जो
- 1:42:33उसका सपोर्ट था उसको ब्रेक कर दिया। तो जब
- 1:42:36प्राइस ने अपने सपोर्ट को ब्रेक करके
- 1:42:37प्राइस नीचे गई है ना तो इसको हम कहते हैं
- 1:42:39ब्रेकडाउन और जब ब्रेकडाउन होता है तो अगर
- 1:42:42प्राइस ने इस रेंज को ब्रेक कर दिया तो
- 1:42:44वहां पर आप अपनी शॉर्ट करने की पोजीशन के
- 1:42:46बारे में सोच सकते हो और इसका उल्टा आपको
- 1:42:49दिखाई दे रहा है कि यहां पर वही आपका
- 1:42:51सपोर्ट रेजिस्टेंस बन रहा था प्राइस ने
- 1:42:53क्या किया प्राइस ने रेजिस्टेंस को ब्रेक
- 1:42:54कर दिया ऊपर की साइड रेजिस्टेंस था तो
- 1:42:56जैसे ही प्राइस ने रेजिस्टेंस को ब्रेक कर
- 1:42:58दिया तो इसको हम कहते हैं ब्रेकआउट और अभी
- 1:43:00तक तो प्राइस एक रेंज में चल रही थी लेकिन
- 1:43:02इसके बाद आप अपनी बाय करने की पोजीशन
- 1:43:04पोजीशन को प्लान कर सकते हो। तो ब्रेकआउट
- 1:43:07एंड ब्रेकडाउन क्या होता है? ये आपको
- 1:43:09क्लियर हुआ?
- 1:43:10यस।
- 1:43:10जब भी प्राइस एक रेंज में घूम रही है और
- 1:43:12अगर वो नीचे की साइड उस रेंज को ब्रेक कर
- 1:43:15देती है मतलब सपोर्ट को ब्रेक कर देती है
- 1:43:18तो ये क्या होता है? ये हमारा ब्रेकडाउन
- 1:43:19होता है। और अगर प्राइस रेजिस्टेंस को
- 1:43:21ब्रेक करके ऊपर चली जाती है तो इसको हम
- 1:43:23ब्रेकआउट कहते हैं। और जब भी ब्रेकडाउन
- 1:43:26आएगा तो वहां से प्राइस के तेजी से गिरने
- 1:43:28के चांसेस होंगे। तो अगर आपको पता है कि
- 1:43:30यहां से प्राइस तेजी से गिर सकती है तो आप
- 1:43:32शॉर्ट करने की पोजीशन सोच सकते हो। और
- 1:43:34आपको पता है कि प्राइस यहां से तेजी से
- 1:43:35बढ़ सकती है तो आप बाय करने की पोजीशन के
- 1:43:37बारे में सोच सकते हो। तो अब यहां पर
- 1:43:39मैंने आपको एक एग्जांपल भी दिखा रखा है।
- 1:43:41देखिए यहां पर ब्रेकआउट एंड ब्रेकडाउन
- 1:43:43दोनों के एग्जांपल दिए गए हैं। सबसे पहले
- 1:43:44ब्रेकआउट का एग्जांपल समझते हैं। प्राइस
- 1:43:46आपको पता है एक रेंज में घूम रही थी और
- 1:43:48जैसे ही प्राइस ने इस रेंज को ब्रेक किया
- 1:43:51तो यहां पर हमारा क्या हुआ? यहां पर हमारा
- 1:43:53हो चुका है ब्रेकआउट। जब कोई भी कैंडल इस
- 1:43:55रेंज के ऊपर क्लोजिंग दे देगी ना तब हम
- 1:43:57उसको ब्रेकआउट कहेंगे। और जब ब्रेकआउट हो
- 1:44:00जाता है तो मैंने कहा कि उसके बाद आप बाय
- 1:44:02करने की पोजीशन प्लान कर सकते हैं। तो कोई
- 1:44:03भी स्ट्रेटजी के बेसिस पे अगर आपने यहां
- 1:44:05पर बाय करने की पोजीशन प्लान की होती तो
- 1:44:07आप देख सकते हैं कि अच्छा खासा मूवमेंट
- 1:44:09हमें ऊपर की तरफ देखने को मिला है। और ऐसे
- 1:44:11ही अगर हम ब्रेकडाउन की बात करें तो
- 1:44:13प्राइस एक रेंज में घूम रही है। उसके बाद
- 1:44:14प्राइस ने क्या किया? अपने सपोर्ट को
- 1:44:16ब्रेक किया। तो जैसे ही सपोर्ट को ब्रेक
- 1:44:18करके प्राइस ने कोई कैंडल जो है वो उसके
- 1:44:20नीचे आ चुकी है ना मतलब किसी भी कैंडल ने
- 1:44:22उसके नीचे क्लोजिंग दे दिया है तो हम समझ
- 1:44:24जाएंगे कि ब्रेकडाउन हो गया है तो फिर आप
- 1:44:26अपनी शॉर्ट करने की पोजीशन प्लान कर सकते
- 1:44:28हैं और उसके बाद आप देख सकते हैं कि अच्छा
- 1:44:30खासा नीचे का मूव आपको देखने को मिला है।
- 1:44:32तो ये हो गया आपका ब्रेकआउट एंड
- 1:44:34ब्रेकडाउन। अब सबसे इंपॉर्टेंट चीज समझते
- 1:44:37हैं और ये मैं आपको सीधा चार्ट में
- 1:44:38समझाऊंगा और वो है मल्टीपल टाइम फ्रेम
- 1:44:41एनालिसिस। अभी तक हमने बहुत सारी चीजें
- 1:44:43कवर कर ली है। अब बची हुई जो चीजें हैं वो
- 1:44:45हम कवर करेंगे हमारे चार्ट में। अब आ चुके
- 1:44:48हैं हम चार्ट में। ये चार्ट हमने डेल्टा
- 1:44:49एक्सचेंज के प्लेटफार्म पे खोल रखा है।
- 1:44:51यहीं पर हमने आपको सिखाया है कि कैसे आप
- 1:44:52ट्रेड कर सकते हैं। तो चार्ट भी आप यहां
- 1:44:54पर देख सकते हैं। तो अगर आपके पास डेल्टा
- 1:44:56एक्सचेंज का अकाउंट नहीं है तो
- 1:44:57डिस्क्रिप्शन में लिंक दिया है। हमारे
- 1:44:58लिंक से आप अकाउंट ओपन कर सकते हैं।
- 1:45:00वीडियो पसंद आ रही है तो वीडियो को लाइक
- 1:45:01और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा।
- 1:45:02तो अब हम चार्ट को फुल स्क्रीन में कर
- 1:45:04देते हैं। अब अगर मैं आपसे पूछूं कि आपको
- 1:45:06क्या ट्रेंड यहां पर नजर आ रहा है? तो कौन
- 1:45:07सा ट्रेंड आपको नजर आ रहा है?
- 1:45:09अप्रेंड। तो आपको अप ट्रेंड दिखाई दे रहा
- 1:45:11है। तो अगर अभी आप ट्रेड कर रहे होते तो
- 1:45:13आपको दिखाई दे रहा होता अप ट्रेंड। और अप
- 1:45:15ट्रेंड का मतलब क्या है? कि हमें यहां पर
- 1:45:17क्या ट्रेड लेना चाहिए?
- 1:45:19तो आपको सिर्फ बाय करने का ट्रेड यहां पर
- 1:45:21लेना चाहिए। लेकिन ध्यान दीजिए कि यहां पर
- 1:45:23हम जो कैंडल देख रहे हैं वो 1 मिनट की
- 1:45:25कैंडल है।
- 1:45:26तो अगर आप 1 मिनट की कैंडल के हिसाब से
- 1:45:28ट्रेड लोगे और आपने सिर्फ एक टाइम फ्रेम
- 1:45:30देखा है उसके हिसाब से आपने ट्रेड लिया तो
- 1:45:32आपको लॉस होने के जो चांसेस होंगे वो बहुत
- 1:45:34ज्यादा होंगे। और इवन ज्यादातर लोग जो
- 1:45:37ट्रेडिंग करते हैं वो यही गलती करते हैं।
- 1:45:39वो एक ही टाइम फ्रेम में वो चार्ट देखते
- 1:45:40हैं। भले वो 1 मिनट हो, 5 मिनट हो, 15
- 1:45:42मिनट हो या कोई भी टाइम फ्रेम हो वो एक ही
- 1:45:45टाइम फ्रेम देख रहे हैं और ये उनकी एक
- 1:45:46बहुत बड़ी गलती होती है। तो जब भी आप
- 1:45:49चार्ट का एनालिसिस करना चाहते हैं तो मान
- 1:45:51लो आप 15 मिनट के टाइम फ्रेम में ट्रेड
- 1:45:53करना चाहते हो। पहले तो 1 मिनट के टाइम
- 1:45:54फ्रेम में एज अ बिगिनर आपको ट्रेड नहीं
- 1:45:56करना चाहिए और बहुत रेयर केस में जब आपको
- 1:45:58बहुत अच्छा खासा एक्सपीरियंस हो जाएगा तब
- 1:46:00जाके दो-ती साल आपने ट्रेड कर लिया तब आप
- 1:46:021 मिनट के टाइम फ्रेम में जाओगे तो बेटर
- 1:46:04रहेगा। तो शुरुआत अगर आपको अपने एनालिसिस
- 1:46:06की करनी है तो इसके लिए आपने क्या करना
- 1:46:08है? आपने सबसे पहले मान लो आप 15 मिनट के
- 1:46:10टाइम फ्रेम पे ट्रेड करना चाहते हो तो आप
- 1:46:124 घंटे शुरू करो। अगर आप 1 घंटे के टाइम
- 1:46:14फ्रेम पे ट्रेड करना चाहते हो तो आप वन डे
- 1:46:17के टाइम फ्रेम से शुरू करो। तो यहां पर
- 1:46:19मान लीजिए आप 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे
- 1:46:20ट्रेड करना चाहते हैं तो यहां पर टाइम
- 1:46:22फ्रेम चेंज करने का ऑप्शन आ रहा है। आपने
- 1:46:24इस पे क्लिक किया और यहां से आप क्या
- 1:46:25करोगे? आपने 4 घंटे का टाइम फ्रेम सेलेक्ट
- 1:46:28कर लिया। अब 4 घंटे का टाइम फ्रेम सेलेक्ट
- 1:46:30करने का मतलब क्या है? इसका मतलब यह है कि
- 1:46:32यहां पर एक-एक कैंडल जो आपको चार्ट में
- 1:46:34देखने को मिल रही है ना वो कितनी देर की
- 1:46:36कैंडल है? ये 4 घंटे की कैंडल है। यानी
- 1:46:39पिछली छह कैंडल में आपने पूरा एक दिन देख
- 1:46:41लिया है। तो अब अगर यहां पर आप इसको
- 1:46:44देखेंगे तो अब आपको क्या दिखाई दे रहा है
- 1:46:46कि कौन सा ट्रेंड यहां पर बन रखा है?
- 1:46:48डाउन ट्रेंड।
- 1:46:49पहले आपको दिखाई दे रहा है कि यहां पर
- 1:46:50डाउन ट्रेंड हमारा चल रहा है। तो इससे
- 1:46:53आपको क्या समझ आ रहा है कि यहां पर डाउन
- 1:46:55ट्रेंड चल रहा है। जबकि आपको वहां क्या लग
- 1:46:56रहा था? अप ट्रेंड चल रहा था। तो आप बाय
- 1:46:58करने का ट्रेड प्लान करते हैं। तो 4 घंटे
- 1:47:00के टाइम फ्रेम में आपने अभी डायरेक्शन को
- 1:47:02देखा है कि डाउन ट्रेंड चल रहा है। तो अब
- 1:47:04आपने ट्रेड तो 15 मिनट में करना है। तो अब
- 1:47:07आप जाएंगे 1 घंटे के टाइम फ्रेम में। यहां
- 1:47:09से आप आ गए 1 घंटे के टाइम फ्रेम में। अब
- 1:47:111 घंटे के टाइम फ्रेम में भी अगर आप
- 1:47:13देखेंगे तो आपने ये वाला एरिया देखना है।
- 1:47:16ठीक है? यहां तो देखो आपको पास्ट में
- 1:47:18दिखाई दे रहा है लेकिन ये आपके लिए
- 1:47:19इंपॉर्टेंट नहीं है। ट्रेड आपने यहां पर
- 1:47:21करना है। अभी करना है। तो रीसेंट में जो
- 1:47:23हुआ है क्योंकि अभी भी मैंने 1 घंटे की
- 1:47:25कैंडल खोल रखी है। यानी ये पिछले तीन-चार
- 1:47:28दिन का हिसाब किताब आपको यहीं पर देखने को
- 1:47:29मिल रहा है। क्योंकि एक कैंडल 1 घंटे की
- 1:47:31है तो 24 कैंडल में आपका एक दिन हो गया।
- 1:47:33तो यहां पर आपको 50-60 कैंडल तो देखने को
- 1:47:35मिल रही है। तो ये क्या बता रहा है कि
- 1:47:37यहां पर भी क्या चल रहा है?
- 1:47:39डाउन ट्रेंड चल रहा है।
- 1:47:41ठीक है? तो यहां पर भी आपको दिखाई दिया कि
- 1:47:43अभी हमारा डाउन ट्रेंड चल रहा था। तो अब
- 1:47:45अगर आप ट्रेड लेंगे तो वो आप 15 मिनट के
- 1:47:47टाइम फ्रेम में अब इसके बाद जाएंगे। यानी
- 1:47:50यहां पर अब आप जाएंगे 15 मिनट के टाइम
- 1:47:52फ्रेम पे तो अब आप यहां पर अपना एनालिसिस
- 1:47:55कर सकते हैं। और एनालिसिस करने के हिसाब
- 1:47:57से अगर आप ट्रेड लेंगे तो वो आप शॉर्ट
- 1:47:59करने का ट्रेड लेंगे क्योंकि आपको पता है
- 1:48:01कि बड़ा टाइम फ्रेम 4 घंटे के टाइम फ्रेम
- 1:48:03में हमने 3- दिन का चार्ट देख लिया था।
- 1:48:05हमें पता था मार्केट गिर रहा है। हमने 1
- 1:48:06घंटे के टाइम फ्रेम में 2 दिन का समझ
- 1:48:09लीजिए कि हिसाब किताब देखा तो हमें समझ
- 1:48:11आया कि मार्केट गिर रहा है। तो 15 मिनट के
- 1:48:13टाइम फ्रेम में हम यहां पर डायरेक्शन नहीं
- 1:48:15देखेंगे। हमें पता है कि मार्केट गिर रहा
- 1:48:16है। तो अब हम शॉर्ट करने के ट्रेड को ही
- 1:48:19प्लान करने की कोशिश करेंगे। अब उसके लिए
- 1:48:21हम क्या करेंगे? उसके लिए हम वापस से आ
- 1:48:23जाते हैं 1 घंटे के टाइम फ्रेम में और
- 1:48:25यहां पर जाकर हम क्या कर सकते हैं? हम
- 1:48:27यहां पर अपना सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस मार्क
- 1:48:29कर सकते हैं। तो सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस
- 1:48:31मार्क करने के लिए आपको यहां पर टूल दिया
- 1:48:33गया होता है। अब मेरे पास तो पेन है लेकिन
- 1:48:34आपके पास यहां पर टूल होता है। जैसे आप इस
- 1:48:37पे क्लिक करेंगे तो आप मान लीजिए ट्रेंड
- 1:48:39लाइन ड्रॉ करना चाहते हैं तो आपको ट्रेंड
- 1:48:41लाइन का टूल दिखाई दे रहा है। अगर आप मान
- 1:48:42लीजिए यहां से ट्रेंड लाइन ड्रॉ करेंगे तो
- 1:48:44आपने ऐसे करके अपनी ट्रेंड लाइन ड्रॉ कर
- 1:48:46दी। वैसे ट्रेंड लाइन के लिए मैं आपको बता
- 1:48:48दूं यहां पर ना ये जो आपको कैंडल्स वाला
- 1:48:50ऑप्शन दिखाई दे रहा है आप अगर इसको लाइन
- 1:48:52में कन्वर्ट कर लेंगे ना तो आप एक बहुत ही
- 1:48:54बेटर ट्रेंड लाइन ड्रॉ कर सकते हैं। देखिए
- 1:48:56वहां पर मैंने ऐसे ही ट्रेंड लाइन ड्रॉ की
- 1:48:57थी तो कितना दूर मैंने ट्रेंड लाइन ड्रॉ
- 1:48:59की है। तो अब देखिए आप बहुत ही एक्यूरेट
- 1:49:01यहां से अपनी ट्रेंड लाइन को ड्रॉ कर सकते
- 1:49:03हैं। तो जब आपने यहां से अपनी ट्रेंड लाइन
- 1:49:06ड्रॉ कर दी। उसके बाद आप यहां से जाइए। आप
- 1:49:08इस कैंडल लाइन वाले चार्ट को यहां से वापस
- 1:49:10कैंडल कर सकते हैं। तो देखिए आपकी यहां पर
- 1:49:12ट्रेंड लाइन कुछ इस तरीके से ड्रॉ हो चुकी
- 1:49:14है। अब अगर मान लीजिए आप यहां पर सपोर्ट
- 1:49:17रेजिस्टेंस ड्रॉ करना चाहते हैं तो आपको
- 1:49:19यहां पर हॉरिजॉन्टल लाइन का ऑप्शन होता
- 1:49:21है। आप यहां से अपना हॉरिजॉन्टल लाइन को
- 1:49:23भी ड्रॉ कर सकते हैं। लेकिन मैं हमेशा
- 1:49:25कहूंगा कि भाई अगर सपोर्ट रेजिस्टेंस ड्रॉ
- 1:49:27करना है तो ये जो पैरेलल चैनल वाला ऑप्शन
- 1:49:29है आप इसका यूज़ कर सकते हैं। तो अगर आप
- 1:49:31इसका यूज करेंगे तो यहां से आप देखिए कुछ
- 1:49:34इस तरीके से आपने इस तरीके से अपना एक
- 1:49:37एरिया ड्रॉ कर लिया। तो यहां पर आप इस
- 1:49:39तरीके से अपना आपने ये क्या है आपका
- 1:49:41रेजिस्टेंस ड्रॉ कर लिया। ऐसे ही आप अपना
- 1:49:43सपोर्ट भी ड्रॉ कर सकते हैं। तो सपोर्ट
- 1:49:45कैसे ड्रॉ करना है रेजिस्टेंस आपको चार्ट
- 1:49:47में कैसे ड्रॉ करना है आपको टूल दिया गया
- 1:49:49है ये आपको समझ आ गया है। तो 1 घंटे के
- 1:49:51टाइम फ्रेम में आपने ऐसे एनालिसिस करना है
- 1:49:52और उसके बाद आप आ जाएंगे 15 मिनट के टाइम
- 1:49:55फ्रेम पे। तो यहां पर देखिए आपके जो
- 1:49:57चार्ट्स हैं वो ड्रॉ हो रखे हैं। अब आपको
- 1:49:59पता है कि ये आपके लिए कैसा काम करेगा? ये
- 1:50:01आपके लिए एक रेजिस्टेंस की तरह काम कर रहा
- 1:50:03है। तो अगर मान लीजिए प्राइस यहां पर आती
- 1:50:05है तो पहली चीज आपको क्या पता है कि
- 1:50:07प्राइस के यहां से गिरने के चांसेस होंगे
- 1:50:09क्योंकि ये एक रेजिस्टेंस है। लेकिन अगर
- 1:50:11आपको दिखाई देता है कि प्राइस ने इस लेवल
- 1:50:13को ब्रेक कर दिया है। तो इसका मतलब क्या
- 1:50:15हो गया? यहां पर क्या हो चुका है?
- 1:50:16ब्रेकआउट हो चुका है। और अगर ब्रेकआउट हो
- 1:50:18चुका है तो इसके बाद आपको पता है कि जब
- 1:50:20ब्रेकआउट हुआ है तो आप बाय करने के बारे
- 1:50:22में सोच सकते हैं। लेकिन ओवरऑल ट्रेंड
- 1:50:24क्या है? डाउन ट्रेंड
- 1:50:25डाउन ट्रेंड है तो क्या हमें यहां पे बाय
- 1:50:27करना चाहिए?
- 1:50:28नहीं सर।
- 1:50:28हमें यहां पर बाय प्लान नहीं करना चाहिए।
- 1:50:30यानी चांसेस हैं कि प्राइस यहां से गिर
- 1:50:32सकती है और बहुत ज्यादा केस में प्राइस
- 1:50:34पहले इसको ब्रेक करेगी फिर नीचे आएगी। ये
- 1:50:36सब लिक्विडिटी स्वीप होता है जो हम आगे
- 1:50:37आने वाले लेक्चर्स में सीखेंगे। तो आपको
- 1:50:40इतना क्लियर हो गया है। तो अब तीनचार
- 1:50:42इंडिकेटर्स हैं जो आपके लिए समझना जरूरी
- 1:50:44है जो आपकी ट्रेडिंग में बहुत ज्यादा
- 1:50:46हेल्प कर सकते हैं। ये प्राइस एक्शन का
- 1:50:47पार्ट तो नहीं है क्योंकि प्राइस एक्शन
- 1:50:49में हम प्योरली सिर्फ प्राइस को देखते
- 1:50:51हैं। उसके चार्ट्स को देखते हैं, पैटर्न्स
- 1:50:53को देखते हैं। इन चीजों को यूज़ करते हैं।
- 1:50:55लेकिन टेक्निकल एनालिसिस में हमारे पास
- 1:50:56कुछ इंडिकेटर्स भी होते हैं टेक्नोलॉजी के
- 1:50:59यूज़ से जिनका हम हेल्प ले सकते हैं। तो वो
- 1:51:01जो इंडिकेटर्स हैं वो लगाने का ऑप्शन आपको
- 1:51:04यहां पर दिखाई देता है। आपने इस पे क्लिक
- 1:51:05करना है। अब यहां पर बहुत सारे इंडिकेटर्स
- 1:51:07हैं। देखो इतने सारे तरीके के इंडिकेटर्स
- 1:51:09हैं। हर इंडिकेटर आपको कुछ और चीज बताते
- 1:51:11हैं। लेकिन जरूरी इंडिकेटर्स जो आपको पता
- 1:51:13होने चाहिए उसमें एक इंडिकेटर है मूविंग
- 1:51:15एवरेज एक्सप्पोनेंशियल यानी ईएमए। इसकी
- 1:51:18जगह पे एसएमए भी होता है, ईएमए भी होता
- 1:51:20है। दोनों ऑलमोस्ट सेम ही चीज़ हैं। तो
- 1:51:22यहां पर हम एक काम करते हैं एसएमए को ही
- 1:51:24लगा देते हैं या फिर उसको हम मूविंग एवरेज
- 1:51:27भी बोलते हैं। तो अगर आप सिंपली मूविंग
- 1:51:29एवरेज लिखेंगे, तो यहां पर आपको दिखाई दे
- 1:51:32रहा है मूविंग एवरेज। यह क्या है? यह है
- 1:51:34हमारा सिंपल मूविंग एवरेज। तो जैसे ही ये
- 1:51:37मैंने मूविंग एवरेज का इंडिकेटर चार्ट में
- 1:51:39लगाया है तो आप देख सकते हैं कि मेरे
- 1:51:40चार्ट में एक लाइन आ गई है। ठीक है? तो ये
- 1:51:43जो लाइन है ये हमें यहां पर दिखाई दे रहा
- 1:51:45है कि अगर मैं इसकी सेटिंग में जाऊंगा जब
- 1:51:47इंडिकेटर लगाता हूं तो यहां पे दिखाई देता
- 1:51:48है। सेटिंग पे जाऊंगा तो यहां पर आपको
- 1:51:50लेंथ दिखाई दे रही है। ये नाइन पीरियड है।
- 1:51:53इसका मतलब ये पिछली नौ कैंडल का मूविंग
- 1:51:55एवरेज है। ठीक है? इसका मतलब क्या होगा?
- 1:51:58कि एक तरह से ये एवरेज ही है। यानी अगर
- 1:52:01मैं पिछले नौ कैंडल की प्राइस को जोड़ के
- 1:52:03उनको नाइन से डिवाइड कर दूं तो उस टाइम पर
- 1:52:06जो प्राइस निकलेगी उसको हम कहेंगे कि वो
- 1:52:08उस पर्टिकुलर टाइम की प्राइस है। ऐसे ही
- 1:52:11उससे पिछली वाली हम नौ कैंडल्स को जोड़
- 1:52:13दें और उसको नाइन से डिवाइड कर दें तो वो
- 1:52:15एक एवरेज निकल कर आएगा। तो एक तरह से आप
- 1:52:17इसको एक एवरेज प्राइस कह सकते हैं। तो
- 1:52:20यहां पर आपको प्राइस का एवरेज पता चल रहा
- 1:52:22है। अब अगर मान लो मैं पिछले 20 यहां पे
- 1:52:24मैंने इसको 20 कर दिया। तो अगर मैं 20
- 1:52:26करता हूं तो ये पिछली 20 कैंडल का एवरेज
- 1:52:29बता रहा है। तो अगर मैं आपको कहूं कि कोई
- 1:52:31चीज अपने एवरेज से तेज जा रही है तो इसका
- 1:52:34मतलब वो आगे बढ़ सकती है। अगर कोई अपने
- 1:52:36एवरेज से थोड़ा नीचे चल रहा है तो इसका
- 1:52:39मतलब रेगुलरली उसके मार्क्स इतने आते थे।
- 1:52:41अभी वो एवरेज से कम चल रहा है। मतलब उसकी
- 1:52:43परफॉर्मेंस खराब हो रही है। अगर वो एवरेज
- 1:52:45से ऊपर चल रहा है उसकी मतलब परफॉर्मेंस
- 1:52:47इंप्रूव हो रही है। तो ये एक तरह से एवरेज
- 1:52:49लाइन है। अगर प्राइस इसके ऊपर चल रही है
- 1:52:51तो हम कह सकते हैं कि यहां पर इसकी
- 1:52:53परफॉर्मेंस इंप्रूव हो रही है। यानी
- 1:52:55प्राइस यहां पर बढ़ रही है। अगर प्राइस
- 1:52:58इसके नीचे चल रही है तो हम कह सकते हैं कि
- 1:53:00परफॉर्मेंस खराब हो रही है और प्राइस गिर
- 1:53:02रही है। तो इसको यूज़ ऐसे किया जाता है कि
- 1:53:05अगर आपको दिखाई दे रहा है कि यह जो ब्लू
- 1:53:07लाइन है यह हमारी मूविंग एवरेज की लाइन
- 1:53:08है। प्राइस इसके नीचे आई है तो हम मान के
- 1:53:10चल सकते हैं कि यहां से प्राइस के गिरने
- 1:53:12के चांसेस होते हैं और एक तरह से कह सकते
- 1:53:14हैं कि डाउन ट्रेंड यहां पे चल रहा है।
- 1:53:16अगर प्राइस आपको दिखाई दे रहा है प्राइस
- 1:53:18मतलब ये कैंडल है तो ये इस लाइन के ऊपर चल
- 1:53:21रही है तो हम कह सकते हैं कि चार्ट बुलिश
- 1:53:23है और यहां से प्राइस के बढ़ने के चांसेस
- 1:53:25होते हैं। तो ये हमें बताता है मूविंग
- 1:53:27एवरेज और सिंपल मूविंग एवरेज में हम क्या
- 1:53:29कर रहे हैं कि पूरे 9 दिन की जो प्राइस है
- 1:53:31उनको इक्वल वेटेज दे रहे हैं। लेकिन जो
- 1:53:33मैंने आपको दूसरा इंडिकेटर दिखाया था जो
- 1:53:35था एक्सप्पोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी
- 1:53:37ईएमए। अब देखो मैं वापस से ईएमए लगाता
- 1:53:40हूं। ब्लू लाइन आपको दिखाई दे रही है। बस
- 1:53:42अब ये नाइन पीरियड का होगा। इसको मैं वापस
- 1:53:44से चेंज करके कर देता हूं यहां पर 20
- 1:53:46पीरियड का। तो आप देखेंगे कि ऑलमोस्ट एक
- 1:53:48तरह से ही ये दोनों लाइन चलती हैं। लेकिन
- 1:53:50ज्यादा एक्यूरेट होती है ईएमए क्योंकि वो
- 1:53:53रीसेंट जो प्राइस होती है उसको ज्यादाेंस
- 1:53:55देती है। इसलिए आपको ईएमए यूज़ करनी चाहिए।
- 1:53:57कुछ खास यहां पे डिफरेंस नहीं होता है।
- 1:53:59इसके बाद जो दूसरा इंडिकेटर मैं आपको यहां
- 1:54:01पर बताने जा रहा हूं उसका नाम है आरएसआई।
- 1:54:03आरएसआई लिखकर आप इंडिकेटर वाले सेक्शन में
- 1:54:05जाएंगे तो आपको दिखाई दे रहा है रिलेटिव
- 1:54:06स्ट्रेंथ इंडेक्स। जैसे ही आप इस पे टैप
- 1:54:08करते हैं, तो यह जो इंडिकेटर है, यह आपको
- 1:54:10चार्ट में कुछ इस तरीके का नजर आता है। अब
- 1:54:12इस इंडिकेटर में तीन लेवल होते हैं। एक
- 1:54:14होता है 70 का लेवल, दूसरा होता है 30 का
- 1:54:16लेवल और बीच में जो आपको ये लाइन दिखाई दे
- 1:54:17रही है, ये होता है 50 का लेवल। सबसे पहली
- 1:54:20चीज हमें ये पता चलती है कि अगर प्राइस 50
- 1:54:22से ऊपर है यानी चार्ट बुलिश है। अगर
- 1:54:24प्राइस 50 से नीचे है यानी चार्ट बेयरिश
- 1:54:27है। बुलिश यहां पर आपको आईडिया मिलता है।
- 1:54:29देखिए अगेन ये जो इंडिकेटर्स होते हैं ये
- 1:54:31उतने एक्यूरेट नहीं होते हैं। कई बार
- 1:54:32लैगिंग इंडिकेटर्स होते हैं। तो आपको जो
- 1:54:34रिजल्ट मिलता है वो थोड़ा लेट मिलता है।
- 1:54:36तो आपने पूरा इंडिकेटर्स के ऊपर डिपेंडेंट
- 1:54:39नहीं होना है। लेकिन ये इंडिकेटर्स आपकी
- 1:54:40हेल्प कर सकते हैं। इसलिए मैं आपको यहां
- 1:54:42पर बता रहा हूं। तो अभी ये 50 से ऊपर है।
- 1:54:44यानी चार्ट क्या है? बुलिश है। ऐसा इस
- 1:54:46इंडिकेटर का कहना है। और अगर जहां पर यह
- 1:54:4950 के नीचे जाता है, जैसे यहां पर 50 के
- 1:54:52नीचे गया था यानी चार्ट बियरिश है। ऐसा इस
- 1:54:54इंडिकेटर का कहना है। अगर कभी प्राइस जो
- 1:54:57है वो इस 30 के लेवल से नीचे आने के बाद
- 1:55:00वापस 30 के लेवल के अंदर आ जाती है। जैसे
- 1:55:03यहां नीचे आने के बाद वापस अंदर आ जाती है
- 1:55:05तो हम कहते हैं कि स्टॉक जो है वह
- 1:55:07ओवरसोल्ड हो चुका है और अब बहुत ज्यादा
- 1:55:10लोगों ने बेच दिया तो अब यहां पर प्राइस
- 1:55:12के बढ़ने के चांसेस होते हैं। तो बहुत
- 1:55:13ज्यादा बिक गया मतलब सस्ता हो गया तो
- 1:55:15प्राइस के बढ़ने के चांसेस होंगे। लेकिन
- 1:55:17जब 30 से नीचे आने के बाद वापस जाने लगता
- 1:55:19है ना तब आप यह मानिएगा क्योंकि ज्यादातर
- 1:55:22लोग बोलते हैं 30 से नीचे आया मतलब
- 1:55:23ओवरसोल्ड हो चुका है तो अब तो प्राइस बढ़
- 1:55:26जाएगी। लेकिन जैसे यहां पर देखो 30 से
- 1:55:28नीचे इसी जगह पे प्राइस आ गई थी। उसके बाद
- 1:55:30बहुत टाइम वो 30 से नीचे गया। जब वो 30 से
- 1:55:32उसके बाद ऊपर आया है उसके बाद चांसेस होते
- 1:55:34हैं। हर बार ये चीजें काम नहीं करती। और
- 1:55:37इसका उल्टा अगर आपको कभी दिखाई देता है कि
- 1:55:39प्राइस ये हमारा जो 70 का लेवल है इससे
- 1:55:42ऊपर जाने के बाद जैसे यहां प्राइस 70 के
- 1:55:45लेवल से ऊपर जाने के बाद नीचे आने लगती
- 1:55:46है। जैसे ये आप देख सकते हैं 70 का लेवल
- 1:55:49था। प्राइस इससे ऊपर गई। फिर यहां पर नीचे
- 1:55:51आने लगी है। तो जब नीचे आने लगती है तो हम
- 1:55:53कहते हैं कि चार्ट जो है वो ओवरबॉट हो
- 1:55:55चुका है और अब यहां से प्राइस के गिरने के
- 1:55:57चांसेस होते हैं। अब इसके बाद बात करते
- 1:55:59हैं कैंडलस्टिक साइकोलॉजी की। अगर आप
- 1:56:01कैंडल की लैंग्वेज को समझना चाहते हैं,
- 1:56:03उसकी साइकोलॉजी को समझना चाहते हैं, तो
- 1:56:05आपको थोड़ा सा पहले कैंडल्स के बारे में
- 1:56:07समझना होगा और ये कैंडल्स बनती कैसे हैं?
- 1:56:09ऐसे समझना होगा। हम थोड़ा बहुत इनके बारे
- 1:56:11में पहले भी डिस्कस कर चुके हैं। लेकिन
- 1:56:13यहां पर मैं आपको एक और इंपॉर्टेंट चीज के
- 1:56:15बारे में बताने जा रहा हूं और उसके बाद हम
- 1:56:17आगे धीरे-धीरे बढ़ेंगे। तो सबसे पहले यहां
- 1:56:20पर हम समझते हैं कि ये कैंडल्स होती क्या
- 1:56:22है और बनती कैसे हैं? तो आपको पता होगा कि
- 1:56:25एक रेड कैंडल का मतलब होता है कि इसमें
- 1:56:27प्राइस गिरी है और एक ग्रीन कैंडल का मतलब
- 1:56:29होता है कि इसमें प्राइस बढ़ी है। तो इतना
- 1:56:31आपको पता होगा। तो अब यहां पर ध्यान से
- 1:56:33देखिए। देखिए जब भी आपको दिखाई देता है कि
- 1:56:36शेयर की प्राइस बढ़ रही है या घट रही है
- 1:56:38या किसी भी चार्ट में प्राइस बढ़ रही है
- 1:56:40या घट रही है तो उसके बढ़ने और घटने के
- 1:56:42पीछे एक बहुत बड़ा रीज़न होता है और वो
- 1:56:44होती है डिमांड एंड सप्लाई। अगर हम शेयर्स
- 1:56:47की बात करें तो वहां पर और भी कुछ रीज़ंस
- 1:56:49होते हैं। लेकिन अगर क्रिप्टो की बात करें
- 1:56:51तो वहां पर तो प्योरली डिमांड एंड सप्लाई
- 1:56:53के बेसिस पे ही जो प्राइस है वो बढ़ती है
- 1:56:56या घटती है। मतलब अगर किसी चीज की डिमांड
- 1:57:00बढ़ती है तो उसकी प्राइस बढ़ती है। अगर
- 1:57:02किसी चीज की सप्लाई बढ़ती है यानी ज्यादा
- 1:57:05बेचने वाले लोग होते हैं तो उसकी प्राइस
- 1:57:07घटती है। पूरा जो स्टॉक मार्केट है, पूरे
- 1:57:10जो क्रिप्टो मार्केट है, सारे जो
- 1:57:12मार्केट्स हैं, सारे जो चार्ट्स हैं, वो
- 1:57:13सिर्फ इसी एक चीज़ के ऊपर बेस्ड हैं और वो
- 1:57:16है डिमांड एंड सप्लाई। अगर डिमांड बढ़ेगी,
- 1:57:19ज्यादा खरीदने वाले लोग होंगे, तो प्राइस
- 1:57:21बढ़ेगी। प्राइस बढ़ने का मतलब है हरी
- 1:57:23कैंडल्स दिखाई देंगी। अगर ज्यादा बेचने
- 1:57:26वाले लोग अवेलेबल होंगे, कम खरीदने वाले
- 1:57:28लोग अवेलेबल होंगे। तो इसका मतलब है
- 1:57:30सप्लाई ज्यादा है। ज्यादा बेचने वाले लोग
- 1:57:31हैं तो इसका मतलब सप्लाई ज्यादा है और कम
- 1:57:34खरीदने वाले हैं तो प्राइस घटेगी। यानी
- 1:57:37आपको रेड कैंडल्स देखने को मिलेंगी। यानी
- 1:57:39जो पूरा गेम है वो डिमांड एंड सप्लाई का
- 1:57:42है। और आपको सिर्फ यही पता करना है कि किस
- 1:57:44जगह पर डिमांड ज्यादा है। किस जगह पर
- 1:57:47डिमांड कम है, सप्लाई ज्यादा है। ये आपने
- 1:57:49समझ लिया तो समझ लीजिए आपने सारे चार्ट्स
- 1:57:52को समझ लिया है। अब इसको समझने के लिए
- 1:57:54पहले थोड़ा सा जिनको नहीं पता उन्हें मैं
- 1:57:56बता दूं कि रेड कैंडल क्या होती है वो
- 1:57:58मैंने आपको बता दिया। प्राइस इसमें गिरी
- 1:58:00है। लेकिन अगर प्राइस गिरी है तो इसका
- 1:58:02मतलब प्राइस पहले ऊपर रही होगी। फिर नीचे
- 1:58:04आई है। तो इस जगह पर क्या होता है? जैसे
- 1:58:06यह रेड कैंडल आपको दिखाई दे रही है। मान
- 1:58:08लीजिए इसकी प्राइस थी यहां पे ₹100। जब
- 1:58:10कैंडल ओपन हुई तो उस टाइम पर प्राइस चल
- 1:58:12रही थी ₹100। अब उसके बाद ऐसा नहीं है कि
- 1:58:15एकदम से प्राइस नीचे गिर जाती है। कई बार
- 1:58:16प्राइस थोड़ा बढ़ते-बढ़ते बढ़ते बढ़ते
- 1:58:18₹105 के आसपास गई है। उसके बाद क्या होता
- 1:58:21है? उसके बाद यहां पर बहुत ज्यादा सप्लाई
- 1:58:24आ जाती है। ज्यादा बेचने वाले लोग मार्केट
- 1:58:26में आ जाते हैं और ज्यादा बेचने वाले लोग
- 1:58:28आते हैं तो प्राइस गिरने लगती है। गिरने
- 1:58:30लगती है, गिरती चली जाती है। अब जब प्राइस
- 1:58:32इतना नीचे आ जाती है मान लीजिए यहां से
- 1:58:34घटते-घटते जो प्राइस है वो ₹85 पे आ गई
- 1:58:37है। अब सुबह एक चीज मान लो ₹100 की थी और
- 1:58:41अब वो ₹85 में मिल रही है तो बहुत सारे
- 1:58:43लोगों को लगेगा ना कि भाई यह तो बहुत
- 1:58:45सस्ता मिल रहा है। मुझे तो इसे खरीद लेना
- 1:58:46चाहिए। अब अगर इसे आलू प्याज से भी कंपेयर
- 1:58:48करोगे तो सुबह मान लो ₹100 किलो कोई चीज
- 1:58:50मिल रही थी शाम को ₹85 किलो मिलेगी तो
- 1:58:53ज्यादा खरीदार आ जाएंगे ना। तो ऐसे में
- 1:58:55क्या होता है यहां पर खरीदने वाले लोग आते
- 1:58:57हैं और जिसकी वजह से प्राइस थोड़ा-थोड़ा
- 1:58:59थोड़ा-थोड़ा बढ़ती है और जैसे ही दिन खत्म
- 1:59:01होता है प्राइस ₹90 पे क्लोज होती है।
- 1:59:05यानी शुरुआत हुई थी ₹100 से। प्राइस ऊपर
- 1:59:07गई ₹15 पे। उसके बाद यहां पर बहुत सारे
- 1:59:11लोग बेचने लगे क्योंकि ₹15 तो बहुत महंगी
- 1:59:13प्राइस थी। लोगों ने कहा यह तो बहुत महंगा
- 1:59:15है। उन्होंने बेचना शुरू कर दिया। जब
- 1:59:16उन्होंने बेचना शुरू किया तो प्राइस गिरने
- 1:59:18लगी और गिरते गिरते गिरते गिरते ₹85 पे आ
- 1:59:21गई। यहां पे लोगों को लगा कि यह तो बहुत
- 1:59:23सस्ता है। उन्होंने खरीदना शुरू कर दिया।
- 1:59:24अरे भाई अगर प्राइस बढ़ गई तो मैं तो
- 1:59:26महंगे में बेचूंगा। तो जिसकी वजह से
- 1:59:28प्राइस बढ़ते-बढ़ते जब दिन कंप्लीट हुआ तो
- 1:59:30₹90 पे गई। अब अगर आप यहां पर ध्यान से
- 1:59:33देखोगे तो जब दिन की शुरुआत हुई थी तो उस
- 1:59:35टाइम पर प्राइस कितने रुपए थी? ₹100 थी।
- 1:59:37और जब दिन खत्म हुआ उस टाइम पे प्राइस
- 1:59:39कितनी थी? ₹90 थी। यानी यह जो कैंडल की
- 1:59:42बॉडी बनती है ना, यह जो बॉडी है, यह ओपन
- 1:59:44होती है जब प्राइस ओपन हुई थी। तो, यहां
- 1:59:47पर जो आपको बॉडी दिखाई दे रही है, उससे
- 1:59:49हमें पता चलता है कि प्राइस ₹100 पे ओपन
- 1:59:51हुई थी, ₹90 तक गई। और यह जो नीचे आपको
- 1:59:54पतली सी डंडियां दिखाई दे रही है, इसको
- 1:59:55विक कहते हैं। कई लोग इसको शैडो भी कहते
- 1:59:57हैं। इससे हमें पता चलता है कि प्राइस
- 1:59:59पूरे दिन में ₹85 तक गई थी। क्लोज कितने
- 2:00:02पे हुई है? ₹90 पे हुई है। और ऊपर वाली
- 2:00:04डंडी से हमें पता चलता है कि प्राइस पूरे
- 2:00:06दिन में ₹105 तक गई थी। लेकिन जब प्राइस
- 2:00:09ओपन हुई थी तो उसकी प्राइस कितनी थी? ₹100
- 2:00:12थी। तो एक कैंडल कैसे बनी है? यह आपको समझ
- 2:00:14आ गया? कोई डाउट है यहां पर कोई?
- 2:00:16नो सर।
- 2:00:16ठीक है। अब अगर मैं एक ग्रीन कैंडल की बात
- 2:00:18करूं तो ग्रीन कैंडल के केस में क्या है?
- 2:00:20अगर एक कैंडल ग्रीन बनी है तो इसका सीधा
- 2:00:22सा मतलब है प्राइस बढ़ी है। और प्राइस
- 2:00:24क्यों बढ़ती है? क्योंकि उसकी डिमांड
- 2:00:26ज्यादा है। जब डिमांड ज्यादा होगी ज्यादा
- 2:00:28खरीदने वाले लोग होंगे तो प्राइस बढ़ेगी।
- 2:00:31तो इसका मतलब है कि यहां पर प्राइस पहले
- 2:00:33नीचे ओपन हुई होगी और उसके बाद ऊपर जाके
- 2:00:36जहां पे इसकी बॉडी दिखाई दे रही है यहां
- 2:00:38पर जाके प्राइस क्लोज हुई। लेकिन इसी टाइम
- 2:00:40फ्रेम में देखो जब प्राइस ओपन हुई तो हो
- 2:00:42सकता है थोड़ा सा नीचे भी प्राइस गई हो।
- 2:00:44उसके बाद जब क्लोज हुई तो हो सकता है
- 2:00:46प्राइस थोड़ा सा ऊपर भी गई हो। यानी अगर
- 2:00:48आप रेड और ग्रीन कैंडल को देखोगे तो दोनों
- 2:00:51का हाई तो सेम है। दोनों का लो भी सेम है।
- 2:00:54लेकिन एक रेड कैंडल रेड इसलिए है क्योंकि
- 2:00:57वो ऊपर ओपन हुई थी। नीचे क्लज़ हुई है। एक
- 2:00:59ग्रीन कैंडल ग्रीन इसलिए है क्योंकि वह
- 2:01:01नीचे ओपन हुई थी। ऊपर जाकर क्लज़ हुई है।
- 2:01:04तो, यह चीज़ आपको समझ आ गई है। साथ ही आपको
- 2:01:06यह भी समझ आ गया होगा कि प्राइस ऊपर ओपन
- 2:01:08हो के नीचे क्लोज क्यों हुई? इसका मतलब
- 2:01:10क्या है? यहां पर सप्लाई ज्यादा है। नीचे
- 2:01:13ओपन हो के ऊपर क्लोज क्यों हुई? इसका मतलब
- 2:01:16डिमांड ज्यादा है। तो सारा गेम क्या है?
- 2:01:18डिमांड और सप्लाई का है। तो अब ये जो
- 2:01:21डिमांड एंड सप्लाई है, ये हम पता कैसे
- 2:01:23करेंगे? अब हम इसके बारे में समझेंगे।
- 2:01:25क्योंकि ये कैंडल मैंने आपको एग्जांपल के
- 2:01:27लिए बताई अब कैंडल्स बहुत सारे तरीके की
- 2:01:29होती है। कई बार आप देखोगे कि एक ऐसी
- 2:01:31कैंडल बन रखी होगी। कई बार आप देखोगे कि
- 2:01:34एक ऐसी उल्टी कैंडल बन रखी होगी। यहां पर
- 2:01:36ऐसी कैंडल आपको देखने को मिलेगी। कई बार
- 2:01:39आपको इस तरीके की कैंडल देखने को मिलेगी।
- 2:01:41कई बार आपको इस तरीके की कैंडल देखने को
- 2:01:43मिलेगी। यानी बहुत सारे तरीके की कैंडल्स
- 2:01:46हैं और ये जो अलग-अलग तरीके की कैंडल्स बन
- 2:01:48रही है ना इसी से हमें पता चलता है कि आगे
- 2:01:50मार्केट में क्या होने वाला है। क्योंकि
- 2:01:52हर कैंडल के बनने के पीछे एक साइकोलॉजी
- 2:01:54होती है। अब आगे मैं आपको अलग-अलग तरीके
- 2:01:57की कैंडल्स बताऊंगा। मैं क्लियर कर दूं कि
- 2:01:59यहां पर मैं आपको कैंडल्स के नाम नहीं
- 2:02:00रटाने वाला हूं कि हैमर कैंडल क्या होती
- 2:02:02है? या फिर बुलिश क्या होती है?
- 2:02:04बेयरिश क्या होती है? ये सारे नाम
- 2:02:06मैं आपको यहां पर नहीं रटवाने वाला हूं।
- 2:02:08मैं आपको उनके पीछे के लॉजिक समझाने वाला
- 2:02:10हूं। जिसके बाद आप किसी भी कैंडल को देख
- 2:02:12के समझ लेंगे कि ये बुलिश कैंडल है या फिर
- 2:02:14बयरिश कैंडल है। ठीक है? इतना आपने ध्यान
- 2:02:16में रखना है। लेकिन उससे पहले ये मैं आपको
- 2:02:18बहुत सारे टाइप की कैंडल्स बताऊंगा जिसके
- 2:02:20बाद आपको चीजें समझ आएंगी। लेकिन उससे
- 2:02:22पहले कुछ बेसिक रूल्स हैं जो आपके लिए
- 2:02:24समझना जरूरी है। ये बेसिक रूल्स बहुत
- 2:02:26ज्यादा इंपॉर्टेंट है। क्योंकि अगर आप
- 2:02:27इनको फॉलो नहीं करोगे तो मैंने कहा ना कि
- 2:02:29हो सकता है कैंडल्स को कैंडल कुछ और कहना
- 2:02:32चाह रही हो लेकिन आप समझ कुछ और रहे
- 2:02:33होंगे। तो सबसे पहला रूल यह है कि जो बड़े
- 2:02:36टाइम फ्रेम की कैंडल होती है उसके ज्यादा
- 2:02:38सही निकलने के चांसेस ज्यादा होते हैं।
- 2:02:40यानी अगर आप कोई कैंडल देख रहे हैं जो कि
- 2:02:421 मिनट की कैंडल है और अगर आप कोई कैंडल
- 2:02:44देख रहे हैं जो कि एक घंटे की कैंडल है और
- 2:02:47अगर आप कोई कैंडल देख रहे हैं जो कि एक
- 2:02:49दिन की कैंडल है। तो अगर कोई कैंडल मान लो
- 2:02:52एक इस तरीके की कैंडल है जो तीनों में बन
- 2:02:55रही है। [नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 2:02:56तीनों जगह पे सेम टाइप की दिखने वाली आपको
- 2:02:58कैंडल यहां पर देखने को मिल रही है। तो यह
- 2:03:01जो 1 दिन में बन रही होगी ना यह ज़्यादा
- 2:03:03इफ़ेक्टिव होगी। यानी यह ज़्यादा सच बोल रही
- 2:03:06होगी। जबकि जो 1 मिनट में कैंडल बन रही
- 2:03:08होगी, वह ज़्यादा झूठ बोल रही होगी। आपको
- 2:03:10बेवकूफ बना रही होगी। तो, आपने ज्यादा
- 2:03:12भरोसा किस पे करना है? जो बड़े टाइम फ्रेम
- 2:03:14की कैंडल है यानी 1 घंटे की कैंडल है, वन
- 2:03:17डे की कैंडल है, 15 मिनट की कैंडल है,
- 2:03:19आपने उन पे ज्यादा भरोसा करना है। छोटे
- 2:03:21टाइम फ्रेम की कैंडल पे आपने ज्यादा रिलाई
- 2:03:23नहीं करना है। पहला बेसिक रूल आपको समझ आ
- 2:03:25गया है। छोटे टाइम फ्रेम की कैंडल ज्यादा
- 2:03:27इंपॉर्टेंट नहीं है। बड़े टाइम फ्रेम की
- 2:03:29कैंडल उतनी ही ज्यादा इंपॉर्टेंट होती है।
- 2:03:31तो इस रूल को आपने ध्यान रखना है। इसके
- 2:03:33बाद अभी मैंने आपको रूल बता दिया। आगे
- 2:03:35आपको इन रूल्स को बताने के पीछे के लॉजिक
- 2:03:38भी समझ आएंगे। इसके बाद जो हमारा दूसरा
- 2:03:40रूल है वो ये है कि ये कैंडल कहीं पर भी
- 2:03:43बन जाए तो इसका कोई मतलब नहीं होता। इन
- 2:03:45कैंडल्स के बनने के पीछे तभी वो काम की
- 2:03:49चीज होगी जब वो किसी सपोर्ट या रेजिस्टेंस
- 2:03:51के पास बने। अब अभी तक अगर आपने हमारा
- 2:03:54पिछला वाला लेक्चर देखा है तो आपको पता
- 2:03:56होगा कि सपोर्ट क्या है? रेजिस्टेंस क्या
- 2:03:58है? डिमांड क्या है? सप्लाई क्या है? तो
- 2:04:00अगर कोई कैंडलस्टिक पैटर्न या कोई कैंडल
- 2:04:02किसी सपोर्ट या रेजिस्टेंस के पास बन रही
- 2:04:05है तभी उसका कोई मतलब है। अगर मान लो कोई
- 2:04:07कैंडल यहां बीच में बन गई तो वो भले ही
- 2:04:10दिखने में वैसी कैंडल होगी लेकिन उसका कोई
- 2:04:13भी मतलब नहीं है। आपने उसके चक्कर में मत
- 2:04:15आना है। कहीं आप उसके चक्कर में आ गए तो
- 2:04:17फिर आपको घनचक्कर बना सकती है वो कैंडल।
- 2:04:20ठीक है? तो इस चीज का आपने ध्यान रखना है
- 2:04:21कि अगर वो किसी सपोर्ट या रेजिस्टेंस के
- 2:04:24पास बन रही है तभी जाकर वो एक वैलिड कैंडल
- 2:04:26होगी। तो अगर हम चार्ट में देखें तो ये
- 2:04:29क्या है? ये होता है हमारा रेजिस्टेंस। ये
- 2:04:31क्या होता है? ये होता है हमारा सपोर्ट।
- 2:04:33तो अगर मान लीजिए कोई बुलिश कैंडल इस
- 2:04:35सपोर्ट के पास बन रही है तो उसको हम एक
- 2:04:38वैलिड बुलिश कैंडल मानेंगे। अगर मान लीजिए
- 2:04:40कोई एक बेरिश कैंडल रेजिस्टेंस के पास बन
- 2:04:44रही है तो हम उसको एक वैलिड बेयरिश कैंडल
- 2:04:47मानेंगे। बीच में बन रही है तो उसको हम
- 2:04:49कोई भी वैलिड कैंडल नहीं मानेंगे। बहुत
- 2:04:51सारे लोग यही गलती करते हैं कि कहीं पर भी
- 2:04:53कैंडल उन्हें दिखाई दी। उन्होंने समझा कि
- 2:04:55अच्छा ये कैंडल का मतलब तो ये होता है रट
- 2:04:57भी रखा होता है और फिर वो उसके बेसिस पे
- 2:04:59ट्रेड ले लेते हैं और उनके गलत निकलने के
- 2:05:01जो चांसेस होते हैं वो बहुत ज्यादा होते
- 2:05:02हैं और कैंडल स्टिक पैटर्न से उन्हें लॉस
- 2:05:04हो जाता है। तो दो चीजें आपको क्लियर हो
- 2:05:06गई है। इसके बाद जो तीसरा एंड बहुत
- 2:05:08इंपॉर्टेंट रूल है वो ये है कि सिर्फ
- 2:05:10कैंडल के बनते ही आपने ट्रेड नहीं लेना
- 2:05:12है। आपने हमेशा कंफर्मेशन का वेट करना है।
- 2:05:15अगर बिना कंफर्मेशन के ट्रेड लोगे तो
- 2:05:18ट्रेड में आपके कई बार सही निकलेंगे।
- 2:05:20लेकिन ओवरऑल आप लॉस में रहोगे। अगर
- 2:05:22कंफर्मेशन के साथ ट्रेड लोगे तब आपके सही
- 2:05:25निकलने के जो चांसेस होंगे वो ज्यादा हो
- 2:05:27जाएंगे। अब कंफर्मेशन क्या होता है?
- 2:05:29कंफर्मेशन ये होता है कि जैसे मैं आपको
- 2:05:31यहां पर एक एग्जांपल दिखा देता हूं। यहां
- 2:05:33पर हमने वापस से सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस
- 2:05:35ड्रॉ कर दिया है। ये हमारा क्या है?
- 2:05:37सपोर्ट है। मान लो यहां पर एक बुलिश कैंडल
- 2:05:39आपकी बन गई। ठीक है? आपने सोचा कि भाई ये
- 2:05:43कैंडल तो बन चुकी है। अब जैसे ही कैंडल
- 2:05:45बनने लग रही है, आप यहीं पर बाय कर लोगे।
- 2:05:46अगर आप यहीं पर बाय कर लोगे तो हो सकता है
- 2:05:49कि उसके बाद दोबारा से एक बार यही कैंडल
- 2:05:51बन जाए। तो आपने तो अपना स्टॉप लॉस यहां
- 2:05:53रखा होगा ना। तो आपका स्टॉप लॉस हिट हो
- 2:05:55जाएगा। उसके बाद प्राइस बढ़ेगी। तो इसलिए
- 2:05:57आपने कंफर्मेशन का वेट करना है और
- 2:05:59कंफर्मेशन के लिए जनरली रूल्स जो होते हैं
- 2:06:02अलग-अलग तरीके से आप कंफर्म कर सकते हैं।
- 2:06:03आप प्राइस एक्शन के थ्रू कर सकते हैं। आप
- 2:06:05स्मार्ट मनी कांसेप्ट्स के थ्रू अपना
- 2:06:07कंफर्मेशन कर सकते हैं। जो कि आगे आने
- 2:06:09वाले लेक्चर्स में मैं आपको सिखाऊंगा।
- 2:06:11लेकिन फिलहाल एक सिंपल कंफर्मेशन का तरीका
- 2:06:13बता देता हूं और वो ये है कि इसके बाद कोई
- 2:06:15कैंडल अगर बुलिश के केस में हम देख रहे
- 2:06:17हैं तो इसके बाद अगर कोई कैंडल इसके ऊपर
- 2:06:19क्लोजिंग दे देती है। मान लो यहां पर किसी
- 2:06:21कैंडल ने इसके ऊपर क्लोजिंग दे दी तो तब
- 2:06:24आप कह सकते हैं कि हां ये जो पैटर्न बना
- 2:06:26था ये एक वैलिड पैटर्न है। तो ये बेसिक
- 2:06:28रूल्स आपको समझ आ गए? अगर यहां तक आपका
- 2:06:30कोई डाउट है तो आप पूछ सकते हो। नहीं तो
- 2:06:32आगे बढ़ते हैं।
- 2:06:33सर अगर मैं ये सारी चीजें फॉलो करूं तो
- 2:06:35मुझे कभी लॉस देखने को नहीं मिलेगा। देखो
- 2:06:38ट्रेडिंग में ना मैंने आपको पहले भी कहा
- 2:06:39है कि प्रोबेबिलिटी होती है सर्टेनिटी
- 2:06:41किसी चीज की होती है। यानी ऐसा नहीं है कि
- 2:06:43हर बार पैटर्न बना है तो हर बार आपके
- 2:06:45ट्रेड सही जाएंगे। कई बार आपके स्टॉप लॉस
- 2:06:47भी हिट होंगे। आपका ट्रेडिंग में देखो अगर
- 2:06:50कोई बिनेस करोगे तो वहां पर कई बार नुकसान
- 2:06:52भी होगा ना।
- 2:06:53तो वैसे ही ट्रेडिंग को आपने एक बिज़नेस की
- 2:06:55तरह लेना है तो कई बार आपका नुकसान होगा।
- 2:06:57लेकिन आपका पर्पस होता है ओवरऑल
- 2:06:58प्रॉफिटेबल रहना। यानी अगर मान लो एक
- 2:07:00ट्रेड में, दो ट्रेड में, तीन ट्रेड में
- 2:07:02लॉस हो रहे हैं, तो आपको ज़्यादा ट्रेड में
- 2:07:04प्रॉफ़िट हो और जब प्रॉफ़िट हो तो वह बड़ा
- 2:07:06प्रॉफ़िट हो। जिसके बाद आप ओवरऑल
- 2:07:08प्रॉफिटेबल रहोगे। हर ट्रेड में कभी भी
- 2:07:10कोई भी प्रॉफिटेबल नहीं रह सकता। अगर कोई
- 2:07:12ऐसा बोल रहा है तो वो झूठ बोल रहा है। तो
- 2:07:14चलो अब आगे बढ़ते हैं और एक-एक करके मैं
- 2:07:16आपको अलग-अलग टाइप की दिखने वाली कैंडल्स
- 2:07:18बताऊंगा और उनके पीछे की साइकोलॉजी
- 2:07:20समझाऊंगा जिससे ही आपको क्लियर होगा कि हर
- 2:07:22कैंडल के बनने के पीछे लॉजिक क्या है? तो
- 2:07:25सबसे पहले टाइप की जो कैंडल की मैं बात कर
- 2:07:27रहा हूं उस कैंडल का नाम है लॉन्ग विक
- 2:07:29कैंडल। अब विक क्या होती है? मैं आपको
- 2:07:31ऑलरेडी बता चुका हूं। ये जो कैंडल के नीचे
- 2:07:34आपको डंडी दिखाई देती है इसको हम विक कहते
- 2:07:37हैं। और लॉन्ग विक का मतलब क्या है? अगर
- 2:07:39उसकी डंडी जो है यानी जो विक है वो लॉन्ग
- 2:07:42है तो इसको हम क्या कहेंगे? इसको हम
- 2:07:43कहेंगे लॉन्ग विक कैंडल। तो यहां पर मैं
- 2:07:45आपको कोई नाम नहीं रटा रहा हूं। उसका नाम
- 2:07:47एक्चुअल में है भी नहीं। वो आपको सिर्फ
- 2:07:49समझाने के लिए लिखा है लॉन्ग विक कैंडल।
- 2:07:51तो अब ये जो लॉन्ग वीक कैंडल है जो मैंने
- 2:07:53आपको यहां पर दिखाई है। इसका मतलब ये है
- 2:07:56कि एक कैंडल बनी है जिसकी जो विक है वो
- 2:07:59लंबी है। अब ये लंबी विक की अगर कैंडल बनी
- 2:08:02है तो क्यों बनी है? उसके पीछे लॉजिक क्या
- 2:08:05है? मार्केट में कुछ ना कुछ तो ऐसा हुआ
- 2:08:07होगा जिसकी वजह से ये जो कैंडल है ये नीचे
- 2:08:10इसकी डंडी जो है ये लंबी बनी है और
- 2:08:12मार्केट में होता क्या है डिमांड एंड
- 2:08:14सप्लाई का गेम होता है तो अब यहां पर
- 2:08:16डिमांड एंड सप्लाई में क्या हुआ ये हम
- 2:08:18समझेंगे सबसे पहले समझो कि मान लो यहां पर
- 2:08:21जो प्राइस है वो अभी चल रही है ₹100 ठीक
- 2:08:25है और ये 1 घंटे की कैंडल है यानी जो भी
- 2:08:28हमें दिखाई देगा वो 1 घंटे के टाइम फ्रेम
- 2:08:30में होगा तो ये आपको दिखाई दे रहा है कि
- 2:08:32अभी प्राइस चल रही है ₹100 जैसे ही 1 घंटे
- 2:08:34की शुरुआत हुई तो प्राइस चल रही थी ₹100
- 2:08:36ठीक है तो ₹100 जब प्राइस चल रही है तो इस
- 2:08:39टाइम पे क्या हुआ होगा इस टाइम पर यहां पर
- 2:08:41कैंडल ओपन हुई है तो बॉडी शुरू हुई होगी
- 2:08:43इसके बाद हो सकता है कि प्राइस थोड़ा सा
- 2:08:45बढ़ के यहां पर ₹101 तक चली गई बढ़ी क्यों
- 2:08:50बढ़ी डिमांड रही तभी बढ़ी यानी थोड़ी बहुत
- 2:08:53डिमांड थी तो प्राइस ने थोड़ा सा बढ़ने की
- 2:08:55कोशिश की लेकिन जैसे ही प्राइस बढ़ रही थी
- 2:08:57तो लोगों ने नोटिस किया यार ये तो महंगा
- 2:08:59है ₹100 में से कौन खरीदेगा भाई इतनी
- 2:09:01महंगी चीज ₹100 की तो उन्होंने बेचना शुरू
- 2:09:04कर कर दिया। अब जैसे ही बेचना शुरू करेंगे
- 2:09:06तो क्या होगा? जब लोग बेचना शुरू करेंगे
- 2:09:09तो सप्लाई आएगी। अब सप्लाई आने की वजह से
- 2:09:12बहुत ज्यादा लोग बेच रहे थे। देखिए हर
- 2:09:14टाइम पे मार्केट में बायरर्स भी होते हैं,
- 2:09:16सेलर्स भी होते हैं। कुछ लोग खरीद रहे
- 2:09:18होते हैं, कुछ लोग बेच रहे होते हैं। यहां
- 2:09:19पर गेम है कि ज्यादा बेचने वाले हैं या
- 2:09:22ज्यादा खरीदने वाले हैं। अब इस जगह पर जब
- 2:09:25लोगों को दिखता है कि भाई ये तो महंगा है
- 2:09:26तो ज्यादा बेचने वाले लोग मार्केट पे आ
- 2:09:28जाते हैं जिसकी वजह से प्राइस जो है वो
- 2:09:31लगातार गिरने लगती है और गिरते-गिरते
- 2:09:33गिरते प्राइस जो है वो मान लेते हैं कि
- 2:09:36यहां पर आपका ₹90 पे चली जाती है। यह एक
- 2:09:40ही घंटे का गेम मैं आपको बता रहा हूं।
- 2:09:42प्राइस ₹100 से 90 पे क्यों गई? क्योंकि
- 2:09:45यहां पर ज्यादा बेचने वाले लोग अवेलेबल
- 2:09:47थे। ठीक है? अब इसके बाद क्या होता है कि
- 2:09:49जब प्राइस 90 पे आती है ना तो मान लो कोई
- 2:09:52न्यूज़ आ जाती है या कोई भी ऐसा रीजन होता
- 2:09:54है जिस वजह से लोगों को लगता है अरे भाई
- 2:09:56इसकी प्राइस तो कल को बहुत ज्यादा आ
- 2:09:58जाएगी। तो वो लोग क्या करते हैं? खरीदने
- 2:10:00लग जाते हैं। यानी यहां पर अचानक से एक
- 2:10:02डिमांड आ जाती है और सेलर्स तो उतने ही थे
- 2:10:05और ऊपर से ₹100 में बेचने वाले थे। 90 तक
- 2:10:07आते-आते तो बहुत कम लोग बेच रहे होंगे।
- 2:10:09ठीक है? तो अब क्या होता है? अब अचानक से
- 2:10:11डिमांड आ जाती है। ज्यादा खरीदने वाले लोग
- 2:10:13आ जाते हैं। अब ज्यादा डिमांड आएगी तो
- 2:10:15क्या होगा? प्राइस वापस से बढ़ने लग
- 2:10:17जाएगी। ठीक है? अब बढ़ते-बढ़ते
- 2:10:19बढ़ते-बढ़ते मान लो जब ये 1 घंटा खत्म
- 2:10:22होता है उसके बाद जो प्राइस है ना वो
- 2:10:24बढ़ते-बढ़ते ₹105 पे चली जाती है। तो जब
- 2:10:28हमारा 1 घंटे की शुरुआत हुई थी उस टाइम पे
- 2:10:30क्या हुआ था? उस टाइम पे प्राइस थी ₹100।
- 2:10:33जब 1 घंटा खत्म हुआ उस टाइम पर प्राइस
- 2:10:36कितनी गई? ₹105 तो यह कैंडल कौन से रंग की
- 2:10:39बनेगी? यह आप लोगों ने कमेंट करके बताना
- 2:10:41है। अगर आप ध्यान से इस लेक्चर को देख रहे
- 2:10:43होंगे तो आपको पता होगा कि ये कैंडल कौन
- 2:10:45से कलर की बनेगी। अभी के अभी कमेंट कीजिए
- 2:10:48आप। खैर जिस भी कलर की ये कैंडल बनी है वो
- 2:10:51आपने कमेंट कर ही दिया होगा। लेकिन यहां
- 2:10:53पर देखो हुआ क्या कि प्राइस जो है वो ₹90
- 2:10:56से बढ़ते-बढ़ते ₹15 पे गई है। इसका मतलब
- 2:10:59यहां पर हमें क्या पता चला? यहां पर हमें
- 2:11:01यह पता चला है कि इस जगह पर डिमांड बहुत
- 2:11:04ज्यादा है। यानी अगर यहां पर डिमांड
- 2:11:07ज्यादा है तो प्राइस के आगे भी बढ़ने के
- 2:11:09चांसेस हैं। तो एक कैंडल जिसका डिज़ाइन कुछ
- 2:11:13इस तरीके का बना है उससे आपको समझ आया कि
- 2:11:15पहले तो प्राइस गिरते-गिरते 90 पे चली गई
- 2:11:17थी ना और 90 से जो बयरर्स हैं वो प्राइस
- 2:11:20को उठा के ₹15 पे लेके गए हैं। मतलब बहुत
- 2:11:23ज्यादा मोमेंटम है बायरर्स का। तो जब
- 2:11:25बयरर्स का मोमेंटम बहुत ज्यादा है, वो
- 2:11:27अग्रेसिवली बाइंग कर रहे हैं, तो इससे
- 2:11:29हमें पता है कि मार्केट में डिमांड है और
- 2:11:31मार्केट में डिमांड है, इसका मतलब यहां से
- 2:11:34प्राइस के बढ़ने के चांसेस होंगे। तो इतनी
- 2:11:37सी एक कैंडल है। लेकिन उस कैंडल के पीछे
- 2:11:39एक कहानी है। लेकिन मैंने आपको अगेन पहले
- 2:11:42ही क्लियर किया है कि यह अगर सपोर्ट के
- 2:11:44पास बनी होगी तो ही उसका कोई मीनिंग है।
- 2:11:46अगर बीच में कोई कैंडल बन रही है तो उसका
- 2:11:48कोई भी मीनिंग नहीं होता है। तो यहां पर
- 2:11:50देखो यहां पर सपोर्ट था और उस जगह पर आपने
- 2:11:53देखा कि एक कैंडल आपको दिखाई दे रही है जो
- 2:11:55कि रेड कलर की है। अब अगर ये कैंडल रेड
- 2:11:58कलर की भी होती। मान लो यहां पर देखो इस
- 2:12:01कैंडल में मैंने आपको एग्जांपल दिया था कि
- 2:12:03इसकी शुरुआत हुई थी ₹100 पे। ठीक है? उसके
- 2:12:06बाद मान लो इसकी जो क्लोजिंग थी थोड़ा सा
- 2:12:08ये ऊपर ₹101 तक गई लेकिन इसकी जो क्लोजिंग
- 2:12:11हुई वो अगर मान लो ₹98 पे भी हो गई तो ये
- 2:12:14जो कैंडल बनती है रेड कलर की कैंडल बनती
- 2:12:16क्योंकि प्राइस पहले 100 थी अब 98 पे गई
- 2:12:18है। 98 पे क्लोज हुई है तो रेड कलर की
- 2:12:20कैंडल बनती। लेकिन इसके बावजूद हम ये समझ
- 2:12:23रहे हैं कि प्राइस ₹90 से बढ़ते-बढ़ते 98
- 2:12:25तक तब भी तो गई है। इसका मतलब यहां पर
- 2:12:28बायरर्स तो है ना। तो हमें इतना ही तो पता
- 2:12:30करना था कि यहां पर बायरर्स हैं, डिमांड
- 2:12:32ज्यादा है। और वो एक कैंडल ने हमें बता
- 2:12:34दिया। तो यहां पर देखो सपोर्ट के पास हमें
- 2:12:36दिखाई दिया कि एक लंबी वीक की कैंडल बन
- 2:12:38रखी है और अगर ये कैंडल बनी है तो हमें
- 2:12:40पता है कि यहां पर डिमांड है। इसके बाद
- 2:12:42मैंने आपको एक रूल बताया था। पहले तो ये
- 2:12:44बड़े टाइम फ्रेम में होना चाहिए। दूसरा
- 2:12:46मैंने आपको रूल बताया था कि इसके बाद जब
- 2:12:48हमें दिखाई देता है कि कोई कैंडल इसके ऊपर
- 2:12:51क्लोजिंग दे देती है। तब हम बाय करने का
- 2:12:53ट्रेड लेंगे। तो यहां पर देखो ये एक ग्रीन
- 2:12:55कलर की कैंडल दिखाई दे रही है जिसने इस
- 2:12:57रेड कैंडल के ऊपर क्लोजिंग दे दिया है। तो
- 2:12:59आप इसके बाद बाय करने का ट्रेड जो है वो
- 2:13:01प्लान कर सकते थे क्योंकि यहां पर आपको दो
- 2:13:04चीजें मिली हैं। पहला जो कुछ हो रहा है वो
- 2:13:06सपोर्ट के पास हो रहा है। दूसरा यहां पर
- 2:13:08एक लॉन्ग वीक की कैंडल बनी है जिसके पीछे
- 2:13:10की आप कहानी जानते हो कि ये लॉन्ग वीक की
- 2:13:13कैंडल इसलिए है क्योंकि यहां पर ज्यादा
- 2:13:14बायरर्स हैं और अगर सपोर्ट के पास ज्यादा
- 2:13:17बायरर्स हैं तो फिर प्राइस के बढ़ने के
- 2:13:19चांसेस होंगे क्योंकि डिमांड बढ़ेगी। इतना
- 2:13:22आपको क्लियर हो गया? तो अब जो इसके उल्टे
- 2:13:24तरीके की कैंडल होती है उसको हम कहते हैं
- 2:13:26इनवर्टेड लॉन्ग विक कैंडल। अब इनवर्टेड
- 2:13:28लॉन्ग वीक कैंडल का मतलब है कि नीचे जो
- 2:13:31बॉडी है वो ऐसी है और ऊपर की जो विक है वो
- 2:13:33बहुत लंबी है। कुछ इस तरीके की। तो जो ऊपर
- 2:13:36की विक अगर लंबी है तो इसका मतलब क्या है?
- 2:13:39इसका मतलब यह है कि प्राइस जो है वो
- 2:13:41बढ़ते-बढ़ते बढ़ते बढ़ते पहले इस लेवल तक
- 2:13:43गई थी। लेकिन यहां पर सेलर्स ने प्रेशर
- 2:13:45लगाया और वापस से प्राइस को वो यहां पे
- 2:13:48लाके उन्होंने क्लोज करवाया। इतना आपको
- 2:13:50समझ आ गया? क्योंकि मैंने पहले उसमें आपको
- 2:13:52आसानी से बड़े डिटेल में एग्जांपल दिया
- 2:13:54है। तो अब यहां पर आपको पता होगा कि विक
- 2:13:56तभी बनती है जब प्राइस एक बार उस लेवल तक
- 2:13:59गई है और विक लंबी है। इसका मतलब प्राइस
- 2:14:01वापस से नीचे आई है। तो ये जब प्राइस वापस
- 2:14:04से नीचे तक आई है तो इसका सीधा सा मतलब है
- 2:14:06कि यहां पर पहले तो बयरर्स उसको प्राइस को
- 2:14:09ऊपर तक लेके गए। लेकिन सेलर्स यहां पर
- 2:14:12ज्यादा एग्रेसिव थे। वो बहुत तेजी से बाय
- 2:14:14कर रहे थे। जिसकी वजह से जो प्राइस है वो
- 2:14:17वापस नीचे तक आ गई है। यानी यहां पर
- 2:14:19सप्लाई ज्यादा है। जो बयरर्स हैं वो कम
- 2:14:21होते हुए जा रहे हैं। जिससे हमें पता चल
- 2:14:23रहा है कि अगर इस टाइप की कैंडल बनी है तो
- 2:14:25फिर इसका मतलब क्या है कि यहां पर प्राइस
- 2:14:28के गिरने के चांसेस होंगे। बट अगेन मैंने
- 2:14:30आपको बताया कि कहीं पर भी बन जाए तो उसका
- 2:14:32कोई मतलब नहीं है। ये जब रेजिस्टेंस के
- 2:14:34पास बनेगा। जैसे यहां पर आपको दिखाई दे
- 2:14:36रहा है रेजिस्टेंस एरिया है। जब ये
- 2:14:38रेजिस्टेंस के पास आपको दिखाई देता है कि
- 2:14:40इस तरीके की लॉन्ग बिग कैंडल बन रखी है तब
- 2:14:43आप समझेंगे कि हां भाई यहां से प्राइस गिर
- 2:14:45सकती है। बीच में कहीं पे भी बन जाए तो
- 2:14:47उसका अगेन कोई भी मीनिंग नहीं होगा। तो अब
- 2:14:50चलिए आगे बढ़ते हैं। लेकिन इससे पहले ना
- 2:14:51मैं आपको एक एग्जांपल दिखाता हूं। देखिए
- 2:14:53ये आ गए हम डेल्टा एक्सचेंज के प्लेटफार्म
- 2:14:54पे। अभी मैंने शुरुआत में आपको एक
- 2:14:56एग्जांपल दिखाया था। यहां पर ध्यान से
- 2:14:57देखिए। यहां पर मैंने आपको कहा था कि भाई
- 2:15:00देखो इतना बड़ा जो मूवमेंट आया है ये हमें
- 2:15:02पहले पता चल सकता था। कैसे पता चल सकता
- 2:15:04था? देखिए यहां पर बन रखी है लॉन्ग वीक
- 2:15:06कैंडल। दिखाई दिया आपको? यहां पे एक लॉन्ग
- 2:15:09वीक कैंडल बन रखी है जिसकी वजह से और कहां
- 2:15:11पे बन रही है यार? वो सपोर्ट के पास बन
- 2:15:13रखी है। सपोर्ट भी है, लॉन्ग वीक कैंडल भी
- 2:15:15है। तो अब चलिए आगे बढ़ते हैं। लेकिन उससे
- 2:15:17पहले अगर आप क्रिप्टो के फ्यूचर्स में
- 2:15:19ट्रेड करने के लिए अपना अकाउंट ओपन करना
- 2:15:20चाहते हैं तो पूरा जो कोर्स है उसमें हम
- 2:15:22डेल्टा एक्सचेंज का ही यूज़ कर रहे हैं।
- 2:15:23और आपको पता है कि ट्रेडिंग के लिए अगर आप
- 2:15:25इंडिया में रहकर क्रिप्टो के फ्यूचर्स में
- 2:15:27ट्रेड करना चाहते हैं जो कि 24 * 7 चलता
- 2:15:29है। तो आप डेल्टा एक्सचेंज में अपना
- 2:15:30अकाउंट ओपन कर सकते हैं। लिंक आपको
- 2:15:32डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। अगर आप हमारे
- 2:15:34लिंक का यूज़ करके अपना अकाउंट ओपन करेंगे
- 2:15:35तो आपको हमारी तरफ से ₹2000 का अधीरा AI
- 2:15:38का सब्सक्रिप्शन बिल्कुल फ्री में मिलता
- 2:15:40है। इसके अलावा आपकी जो ट्रेडिंग फीस होगी
- 2:15:42उसमें आपको डिस्काउंट भी मिलेगा। उसके लिए
- 2:15:44नीचे तो आपको Google फॉर्म का लिंक दे रखा
- 2:15:45है। अकाउंट ओपन करने के बाद वो Google
- 2:15:47फॉर्म भी जरूर फिल कर लीजिएगा। अब चलिए आ
- 2:15:49जाते हैं हम वापस से आगे बढ़ते हैं और ये
- 2:15:52जो कांसेप्ट है जो दूसरे टाइप की कैंडल्स
- 2:15:55है उसको समझते हैं। तो अब जो नेक्स्ट
- 2:15:57कैंडल है वो है मल्टीपल लॉन्ग वेक
- 2:15:59कैंडल्स। ठीक है? मल्टीपल लॉन्ग वेग कैंडल
- 2:16:02अगेन यह कोई वो नहीं है कि आपने नाम रटना
- 2:16:05है। इसका मतलब है एक बेसिकली यानी पहले
- 2:16:07मैंने आपको बताया था लॉन्ग वीक कैंडल। अब
- 2:16:09बहुत सारी लॉन्ग वीक कैंडल तो अगर आपको
- 2:16:12बहुत सारी लॉन्ग वीक कैंडल देखने को मिल
- 2:16:13रही है तो इसका मतलब क्या है? अब अगर नीचे
- 2:16:16की तरफ यानी सपोर्ट के पास आपको लॉन्ग वीक
- 2:16:19की कैंडल देखने को मिल रही है। जैसा कि
- 2:16:21यहां पर आप देख सकते हैं कि सपोर्ट है
- 2:16:23हमारा यहां पर और यहीं पर हमारी बहुत सारी
- 2:16:25हमें लॉन्ग वीक कैंडल देखने को मिल रही
- 2:16:27हैं। अब अभी तक आपको पता है कि अगर हमारी
- 2:16:30नीचे की तरफ एक लॉन्ग वीक कैंडल है तो विक
- 2:16:33होने का मतलब यह है कि प्राइस पहले यहां
- 2:16:35तक आई थी और इसके बाद बायरर्स इस प्राइस
- 2:16:38को ऊपर तक लेके गए हैं। इसका मतलब यहां पर
- 2:16:40क्या है? यहां पर बयरर्स में ज्यादा दम है
- 2:16:42और जो सेलर हैं वो अपना मोमेंटम लूज कर
- 2:16:45रहे हैं। ठीक है? अब अगर एक बार ऐसा हो
- 2:16:48रहा है तो चलिए हो सकता है। लेकिन बार-बार
- 2:16:50ऐसा हो रहा है तो ये तो हमें और ज्यादा
- 2:16:52स्ट्रांग सिग्नल मिल रहा है ना। यानी
- 2:16:54बार-बार जो सेलर्स हैं वो कोशिश कर रहे
- 2:16:56हैं। ज्यादा लोग बेच रहे हैं तो प्राइस
- 2:16:58नीचे जा रही है। तो हम कह सकते हैं कि
- 2:17:00सेलर्स कोशिश कर रहे हैं कि प्राइस को
- 2:17:01गिराएं। लेकिन बार-बार बयरर्स आ रहे हैं
- 2:17:03और वो बोल रहा है गिरा के दिखा। मैं वापस
- 2:17:05ऊपर ले जाऊंगा। ले गिरा के दिखा फिर ऊपर
- 2:17:07ले गया मैं। ले फिर गिरा के दिखा मैं फिर
- 2:17:09ऊपर लेके चला गया। तो यहां पर एक तरह से
- 2:17:11उन्होंने ट्रंप की तरह बोल रखा है कि करके
- 2:17:13दिखा मैं बार-बार लेके जाऊंगा। तो यहां पर
- 2:17:16आप देखो कि बार-बार प्राइस नीचे आई और जो
- 2:17:19बयरर्स हैं वो प्राइस को ऊपर लेके गए। तो
- 2:17:21इससे हमें क्या पता चला? डिमांड ज्यादा
- 2:17:23है। पता चला डिमांड ज्यादा है और सपोर्ट
- 2:17:25के पास चीजें हो रही हैं तो आगे प्राइस के
- 2:17:27बढ़ने के चांसेस होंगे और ये सपोर्ट के
- 2:17:30पास होगा तभी हमारे लिए इंपॉर्टेंट है। तो
- 2:17:32सपोर्ट के पास लॉन्ग बिग कैंडल बनी उसका
- 2:17:34क्या मतलब भाई आपको समझ आ गया है। अब यहां
- 2:17:36पर देखिए एक दूसरा एग्जांपल है जिसमें अगर
- 2:17:38आपको दिखाई देता है कि रेजिस्टेंस के पास
- 2:17:41मल्टीपल अगर आपको इनवर्टेड लॉन्ग वेग
- 2:17:43कैंडल देखने को मिलती है तो इसका मतलब
- 2:17:45क्या है? बार-बार कोशिश कर रहे हैं जो
- 2:17:47बयरर्स हैं वो प्राइस को ऊपर लेके जाएं।
- 2:17:50लेकिन यहां पर जो सेलर्स हैं वो फिर से
- 2:17:52प्राइस को नीचे गिरा दे रहे हैं। अब ये
- 2:17:54रेड भी हो सकती है। ग्रीन कलर की भी कैंडल
- 2:17:55हो सकती है। लेकिन हमें विक से पता चल रहा
- 2:17:58है ना कि प्राइस को ऊपर ले जाने की कोशिश
- 2:18:00की गई थी। बायरर्स लेके भी गए थे। लेकिन
- 2:18:02फिर से प्राइस वो नीचे आ गई। तो इसका मतलब
- 2:18:04यहां पर क्या है कि बयरर्स मोमेंटम लूज कर
- 2:18:07रहे हैं और जो सेलर्स हैं वो ज्यादा
- 2:18:09एग्रेसिव हो रहे हैं। यानी इसके बाद
- 2:18:11प्राइस के गिरने के चांसेस हैं। लेकिन
- 2:18:13अगेन ये रेजिस्टेंस के पास होगा तो ही
- 2:18:15उसका कोई मतलब है। तो अब चलो आगे बढ़ते
- 2:18:17हैं और इसके बाद समझते हैं कलर चेंजिंग
- 2:18:19कैंडल्स के बारे में। अभी तक हम सिर्फ विक
- 2:18:21के ऊपर जा रहे थे। अब हम कलर के ऊपर भी
- 2:18:23जाएंगे। तो यहां पर देखो जो कलर चेंजिंग
- 2:18:26कैंडल है इसका मतलब क्या है? वो समझते
- 2:18:28हैं। देखो यहां पर आपको दिखाई दे रहा है
- 2:18:30कि बड़ी-बड़ी रेड कलर की कैंडल बन रही थी।
- 2:18:33रेड कलर की कैंडल बनने का मतलब क्या है?
- 2:18:35यानी यहां पर सेलर्स ज्यादा एक्टिव हैं।
- 2:18:37ज्यादा लोग बेच रहे हैं। प्राइस पूरा उनके
- 2:18:38कंट्रोल पे है। लेकिन उसके बाद यहां पर
- 2:18:41कैंडल का कलर चेंज हो जाता है। कलर चेंज
- 2:18:43होने का मतलब क्या है? कि एक ग्रीन कैंडल
- 2:18:45बन गई है। और ग्रीन कैंडल क्यों बनी है?
- 2:18:48कैसे बनी ग्रीन कैंडल? यानी वहां पर
- 2:18:50डिमांड है। तभी तो ग्रीन कैंडल बनी है। और
- 2:18:52ग्रीन कैंडल बनने का मतलब क्या है? प्राइस
- 2:18:54बढ़ी है। तो अगर पहले रेड कैंडल्स बनती
- 2:18:56हुई आ रही थी और उसके बाद ग्रीन कैंडल
- 2:18:58बनने लगती है। जैसे यहां पर आपने देखा कि
- 2:19:00लगभग लगातार ही आपको रेड कैंडल देखने को
- 2:19:03मिली है और इसके बाद यहां आप देख रहे हो
- 2:19:05कि लगातार ग्रीन कैंडल्स बनने लगी है और
- 2:19:07ये सब हुआ कहां पर है? सपोर्ट के पास हुआ
- 2:19:09है या हम कह सकते हैं कि डिमांड एरिया के
- 2:19:11पास हुआ है। तो जब ऐसा होता है तो हमें
- 2:19:13पता है कि रेड कैंडल बन रही थी मतलब सेलर
- 2:19:16ज्यादा थे। ग्रीन कैंडल बनी और लगातार
- 2:19:18बनने लग रही है। मतलब यहां पर जो बयरर्स
- 2:19:20हैं उनका मोमेंटम बढ़ता हुआ जा रहा है। जो
- 2:19:23सेलर्स हैं वो अपना मोमेंटम लूज कर रहे
- 2:19:25हैं। मतलब सेलर्स कम हो रहे हैं। बायरर्स
- 2:19:27ज्यादा हो रहे हैं तभी ग्रीन कैंडल बन रही
- 2:19:29है। तो इसके बाद आप क्लियर हो सकते हैं कि
- 2:19:31शायद यहां से प्राइस के बढ़ने के चांसेस
- 2:19:34हैं। लेकिन ये कहां पे होना चाहिए? अगेन
- 2:19:36सपोर्ट के पास हो या डिमांड के पास हो।
- 2:19:38इसका उल्टा यहां पर देखिए अगर आपको दिखाई
- 2:19:41देता है कि भाई पहले तो बहुत सारी ग्रीन
- 2:19:43कलर की कैंडल बनती जा रही थी। लेकिन उसके
- 2:19:46बाद यहां पर कैंडल ने अपना रंग बदल लिया।
- 2:19:48रंग बदलने का मतलब है हरी कैंडल बन रही
- 2:19:50थी। मतलब डिमांड थी। लाल कैंडल बनी इसका
- 2:19:53मतलब कि वहां पे सप्लाई ज्यादा हो गई।
- 2:19:55ज्यादा बेचने वाले लोग हो गए और ज्यादा
- 2:19:57बेचने वाले लोग हो गए तो प्राइस के गिरने
- 2:19:59के चांसेस होंगे। लेकिन ये सप्लाई या फिर
- 2:20:03रेजिस्टेंस के पास हो तो ही उसका कोई मतलब
- 2:20:06है। समझ गए आप? आगे बढ़े? चलिए अब इसके
- 2:20:10बाद जो हमारी नेक्स्ट टाइप की कैंडल है
- 2:20:11उन्हें कहते हैं श्रिंकिंग कैंडल्स।
- 2:20:13श्रिंकिंग कैंडल्स का मतलब यह है कि मान
- 2:20:15लो पहले आपको दिखाई देता है कि एक बड़ी
- 2:20:17रेड कैंडल बनी थी। उसके बाद थोड़ी छोटी
- 2:20:20रेड कैंडल बनी। फिर थोड़ी छोटी रेंडर
- 2:20:23कैंडल बनी। अब यानी जो कैंडल्स हैं उनका
- 2:20:26साइज छोटा होता हुआ जा रहा है। वो श्रिंक
- 2:20:28हो रही हैं। तो अगर कैंडल्स छोटी होती हुई
- 2:20:30जा रही हैं तो बड़ी रेड कैंडल बनने का
- 2:20:33मतलब क्या है? कि सेलर्स के पूरे कंट्रोल
- 2:20:35में प्राइस है। वो एकदम गिरा रहे हैं
- 2:20:36प्राइस को। लेकिन फिर छोटी हो रही है।
- 2:20:38इसका मतलब नीचे से बायरर्स ने भी प्रेशर
- 2:20:40लगाना शुरू कर दिया है। तभी वो कैंडल छोटी
- 2:20:43बन रही है। फिर और छोटी बन रही है। मतलब
- 2:20:45हम अगेन यहां पर हमें कॉन्फिडेंस आ रहा है
- 2:20:47कि भाई बायरर्स नीचे से अब दम दिखा रहे
- 2:20:49हैं। सेलर्स कोशिश कर रहे थे। अगर पूरा
- 2:20:52सेलर्स के ही कंट्रोल में होती यानी
- 2:20:53ज्यादा लोग बेच रहे होते तो फिर धड़ाम धड़ाम
- 2:20:56प्राइस गिर रही होती ना। लेकिन अभी प्राइस
- 2:20:57जो है बड़ी रेड कैंडल के बाद थोड़ी
- 2:20:59छोटी-छोटी छोटी कैंडल बन रही है। इसका
- 2:21:01मतलब जो है सेलर्स का दम निकल रहा है। और
- 2:21:05इसके बाद अगर आपको दिखाई देता है कि एक
- 2:21:07बड़ी ग्रीन कलर की कैंडल यहां पे बन जाती
- 2:21:10है। ग्रीन कलर की कैंडल बन जाती है। तो
- 2:21:13इसका मतलब क्या है? यहां से आपको
- 2:21:15कॉन्फिडेंस आएगा कि अच्छा पहले ये जो
- 2:21:18कैंडल्स हो रही थी वो श्रिंक हो रही थी।
- 2:21:19मतलब सेलर्स अपना मोमेंटम लूज कर रहे थे।
- 2:21:22अब यहां पर ग्रीन कलर की कैंडल आ गई। इसका
- 2:21:24मतलब बयरर्स ने सेलर्स को हरा दिया है। और
- 2:21:26यह कहां पे होना चाहिए? अगेन
- 2:21:29सपोर्ट के पास होना चाहिए। तभी उसका कोई
- 2:21:32मतलब है। तो अगर ये सपोर्ट के पास आपको
- 2:21:34देखने को मिलता है तो आप समझ सकते हैं कि
- 2:21:36यहां से प्राइस के बढ़ने के चांसेस होंगे।
- 2:21:38तो ये आपको क्लियर हो गया श्रिंकिंग
- 2:21:40कैंडल्स आपको सपोर्ट के पास कैसी दिखाई
- 2:21:43देंगी। अब अगेन अगर हम रेजिस्टेंस की बात
- 2:21:46करें तो यहां पर हो सकता है कि आपको
- 2:21:48बड़ी-बड़ी पहले आपको दिखाई दिया कि एक
- 2:21:50बड़ी ग्रीन कैंडल है। फिर थोड़ी सी छोटी
- 2:21:53ग्रीन कैंडल है। फिर थोड़ी और छोटी ग्रीन
- 2:21:55कैंडल है। और उसके बाद आपको दिखाई देता है
- 2:21:57कि क्या होता है प्राइस यहां पर एक बड़ी
- 2:22:01रेड कैंडल बन जाती है। तो पहले बड़ी ग्रीन
- 2:22:04कैंडल थी मतलब ज्यादा डिमांड थी। ज्यादा
- 2:22:06बायर्स थे। फिर थोड़ी छोटी ग्रीन कैंडल
- 2:22:08मतलब सेलर्स ने दम लगाना शुरू कर दिया।
- 2:22:10फिर और छोटी ग्रीन कैंडल मतलब सेलर्स पूरा
- 2:22:12कंपटीशन देने लगे हैं और उसके बाद एक बड़ी
- 2:22:15रेड कैंडल मतलब सेलर्स ने बायरर्स को हरा
- 2:22:17दिया है। मतलब ज्यादा सेलर्स हो चुके हैं।
- 2:22:19और ये होने के बाद फिर प्राइस के गिरने के
- 2:22:22चांसेस होते हैं। लेकिन अगेन ये कहां पे
- 2:22:24होना चाहिए? कहां पे होना चाहिए?
- 2:22:26रेजिस्टेंस पे।
- 2:22:28रेजिस्टेंस पे या फिर आपके सप्लाई एरिया
- 2:22:30के पास। क्लियर? आगे बढ़े। अब इसके बाद जो
- 2:22:33नेक्स्ट टाइप के पैटर्न्स आपको चार्ट में
- 2:22:35देखने को मिलेंगे वो होते हैं एंगल्फिंग
- 2:22:37पैटर्न्स। अब ये एनंगल्फिंग पैटर्न क्या
- 2:22:39होते हैं? इसको समझते हैं। देखिए सबसे
- 2:22:41पहले यहां पर ध्यान से देखिए। अगर आपको
- 2:22:43दिखाई देता है कि प्राइस पहले बढ़ रही थी
- 2:22:46मतलब ग्रीन कैंडल बन रही होगी तभी प्राइस
- 2:22:48बढ़ रही है। और उसके बाद आपको यहां पर
- 2:22:51रेजिस्टेंस एरिया के आसपास या हम कहें कि
- 2:22:53सप्लाई के आसपास आपको क्या दिखाई देता है?
- 2:22:56आपको दिखाई देता है कि पहले तो एक ग्रीन
- 2:22:58कलर की कैंडल बनती है। मैं यहां पे आपको
- 2:23:00ड्रॉ करके दिखाता हूं। मतलब पहले आपको
- 2:23:01दिखाई देता है कि एक ग्रीन कलर की कैंडल
- 2:23:04बन रखी है। ठीक है? ध्यान से देखना। लेकिन
- 2:23:07इस ग्रीन कलर की कैंडल के बनने के बाद एक
- 2:23:09रेड कलर की कैंडल बनती है। कुछ इस तरीके
- 2:23:12की ये रेड कलर की कैंडल बनती है। लेकिन
- 2:23:15इसमें इंपॉर्टेंट ये है कि ये जो रेड कलर
- 2:23:17की कैंडल है ना देखो प्राइस बढ़ रही थी
- 2:23:19ग्रीन कलर की कैंडल बन रही थी। लेकिन अब
- 2:23:21जो रेड कलर की कैंडल बनी है, इसने ग्रीन
- 2:23:23कलर की कैंडल को पूरा अपने अंदर एनंगल्फ
- 2:23:26कर लिया है। एंगल्फ करने का मतलब यह है कि
- 2:23:29ये जो रेड कैंडल की ओपनिंग हुई है, ओपन
- 2:23:31कहां हुई है? ऊपर हुई है। और इसकी जो
- 2:23:33क्लोजिंग हुई है, वो कहां पर हुई है? यहां
- 2:23:35पर हुई है। यानी अगर आप इसके ओपन से लगते
- 2:23:38हुए इस तरीके से एक लाइन ड्रॉ कर दें और
- 2:23:40इसके क्लोज से लगते हुए इस तरीके से एक
- 2:23:42लाइन ड्रॉ कर दें तो ये जो इससे पहले वाली
- 2:23:44ग्रीन कैंडल थी ये पूरा इस रेड कैंडल के
- 2:23:47अंदर आ चुकी है। वो उसको पूरा खा चुकी है
- 2:23:49समझो। तो अगर आपको ऐसा देखने को मिलता है
- 2:23:52तो इसका मतलब क्या है? इसका मतलब देखो
- 2:23:54यहां पे ग्रीन कैंडल थी। फिर रेड कैंडल वो
- 2:23:56भी इतनी अग्रेसिव कि पिछली वाली ग्रीन
- 2:23:59कैंडल ने जो कमाया था उसको पूरा डूबा
- 2:24:01दिया। तो इसका मतलब क्या है? यहां पर अगेन
- 2:24:03सेलर्स ज्यादा एक्टिव हैं तो प्राइस के
- 2:24:05गिरने के चांसेस होंगे। देखो यहां पे
- 2:24:07पैटर्न बना है और प्राइस गिरी है। तो ये
- 2:24:10आपको जो दिखाई दिया यहां पर तो ये क्या
- 2:24:12था? ये एक एनंगल्फिंग पैटर्न था। और अगर
- 2:24:16हम बात करें तो इसका नाम भी बियरिश
- 2:24:18एंगल्फिंग पैटर्न होता है। तो आपने देखा
- 2:24:20प्राइस उसके बाद गिरी है। इसका चार्ट
- 2:24:22पैटर्न्स की जब हम मैं आपको कुछ एग्जांपल
- 2:24:24दिखाऊंगा तो आपको पता चलेगा इसका नाम ही
- 2:24:25बेरिश एंगल्फिंग पैटर्न है। अब इसी का
- 2:24:28उल्टा होता है बुलिश एंगल्फिंग पैटर्न।
- 2:24:30नाम याद रखने की ज़रूरत नहीं है। आप
- 2:24:31एंगल्फिंग से ही ध्यान रखो। आपको सिर्फ
- 2:24:33मतलब समझना है। फीलिंग समझनी है। तो,
- 2:24:35फीलिंग यह है कि प्राइस यहां से नीचे को
- 2:24:38गिरती हुई जा रही थी। गिर रही थी प्राइस।
- 2:24:40उसके बाद क्या होता है? उसके बाद जब
- 2:24:42प्राइस गिर रही होगी, तो कौन सी कैंडल बन
- 2:24:44रही होंगी? रेड कलर की कैंडल बन रही होगी।
- 2:24:47ठीक है? तो रेड कलर की कैंडल यहां पे बनती
- 2:24:49हुई जा रही थी। मैं इस कैंडल की बात कर
- 2:24:51रहा हूं। इसके बाद क्या होता है? इसके बाद
- 2:24:54प्राइस गिर रही थी। रेड कलर की कैंडल बन
- 2:24:56रही थी। और फिर क्या होता है? सपोर्ट के
- 2:24:58पास हमें एक ग्रीन कलर की कैंडल देखने को
- 2:25:00मिलती है जो क्या करती है जो इससे पहले
- 2:25:04वाली रेड कलर की कैंडल है उसको पूरा
- 2:25:06एनंगल्फ कर लेती है। एंगल्फ करने का मतलब
- 2:25:08मैं आपको पहले भी समझा चुका हूं। मतलब ये
- 2:25:11है कि जो ग्रीन कैंडल के ओपन है। अच्छा
- 2:25:13ग्रीन कैंडल का ओपन कहां होगा? नीचे होगा।
- 2:25:16ग्रीन कैंडल का जो ओपन है उससे लगते हुए
- 2:25:18अगर आप एक लाइन ड्रॉ करेंगे और जो ग्रीन
- 2:25:20कैंडल का क्लोज है उससे लगते हुए आप एक
- 2:25:22लाइन ड्रॉ करेंगे तो यहां पर जो ये रेड
- 2:25:25कैंडल है ये पूरा इस ग्रीन कैंडल के अंदर
- 2:25:27आपको नजर आ रही है। यहां पर ध्यान दीजिए
- 2:25:29हमें सिर्फ बॉडी को देखना होता है। अगर
- 2:25:31विक थोड़ा बहुत नीचे भी जा रही है तो उसको
- 2:25:33भी हम एंगल्फिंग कैंडल ही मानेंगे। ठीक
- 2:25:35है? मान लीजिए जैसे यहां पर आपने देखा तो
- 2:25:37विक तो नीचे आ रही है। ये जो रेड कैंडल की
- 2:25:39डंडी है वो तो नीचे है। तो हमें सिर्फ
- 2:25:41बॉडी पे फोकस करना है। अब जो हमारा
- 2:25:43नेक्स्ट टाइप का कैंडलस्टिक पैटर्न है वो
- 2:25:45है इनसाइड बार पैटर्न। आपको दिखाई दे रहा
- 2:25:47है यहां पर क्या है? प्राइस चल रही है
- 2:25:48डाउन ट्रेंड में। उसके बाद एक रेड कलर की
- 2:25:50कैंडल बनती है कुछ इस तरीके की। अब जब रेड
- 2:25:53कलर की कैंडल बनती है मैं यहां पर आपको
- 2:25:55बना के भी दिखा देता हूं। तो जब रेड कलर
- 2:25:57की कैंडल बनती है तो उसके बाद क्या होता
- 2:25:59है? कुछ इस तरीके की कैंडल होगी। फिर क्या
- 2:26:01होता है? फिर एक देखिए प्राइस गिर रही थी
- 2:26:03तो रेड कलर की कैंडल ही बनेगी। फिर एक
- 2:26:05ग्रीन कलर की कैंडल बनती है कुछ इस तरीके
- 2:26:08से। और यह जो ग्रीन कलर की कैंडल बनती है
- 2:26:11कुछ इस तरीके की। अगर आप इसकी विक दोनों
- 2:26:14की विक से लगते हुए एक लाइन ड्रॉ करेंगे
- 2:26:16तो जो ग्रीन कैंडल है वो इस रेड कैंडल के
- 2:26:18अंदर ही रह जाती है। इसका मतलब क्या है कि
- 2:26:21देखिए पहले क्या हो रहा था? पहले प्राइस
- 2:26:22गिर रही थी। रेड कलर की कैंडल बनी है। अब
- 2:26:24ग्रीन कलर की कैंडल अगर बनी है भले ही वो
- 2:26:26उसके अंदर रह गई। लेकिन यहां से हमें पता
- 2:26:28चल रहा है कि यहां पर अब बयरर्स आने लगे
- 2:26:31हैं। उन्होंने सेलर्स को रोकने की कोशिश
- 2:26:33की है और रोकने की कोशिश में ही ये कैंडल
- 2:26:35बनी है। अभी तक एकदम से प्राइस गिर रही
- 2:26:38थी। यानी पूरी जो प्राइस थी वो सेलर के
- 2:26:40कंट्रोल में थी। अभी बायरर्स ने आके
- 2:26:42प्राइस को रोकने की कोशिश की है। ग्रीन
- 2:26:44कैंडल बनी है। तो अब प्राइस के बढ़ने के
- 2:26:46चांसेस होंगे। लेकिन यहां पर आप कंफर्म
- 2:26:48तभी होंगे जब आपको दिखाई देता है कि कोई
- 2:26:51जो नेक्स्ट कैंडल बनती है वो इसके ऊपर
- 2:26:53क्लोजिंग दे देती है। जब ऊपर क्लोजिंग
- 2:26:56देगी तो आपको पता है कि अच्छा ठीक है यहां
- 2:26:58पे रोक लिया था और यहां पर क्या हुआ यहां
- 2:27:00पर बयरर्स ने अच्छे से यहां पर अपना
- 2:27:03कंट्रोल ले लिया है और इसके बाद प्राइस के
- 2:27:06बढ़ने के चांसेस होंगे। तो यहां पर आपको
- 2:27:07दिखाई दिया सबसे पहली कैंडल में प्राइस
- 2:27:10नीचे गिर रही थी सपोर्ट के पास। उसके बाद
- 2:27:12ये जो ग्रीन कैंडल है ये हमारी रेड कैंडल
- 2:27:14के अंदर आ चुकी है और फिर ये वाली जो
- 2:27:17हमारी कैंडल थी इसने इस रेड कैंडल के ऊपर
- 2:27:19क्लोजिंग दे दी थी तो आप इसके बाद वाली
- 2:27:21कैंडल में यानी यहां पर बाय करने की
- 2:27:23पोजीशन प्लान कर सकते थे। क्लियर हो गया?
- 2:27:26इसका उल्टा देखिए यहां पर मैंने आपको एक
- 2:27:28ये एग्जांपल दिखाया था जिसमें आपको सिर्फ
- 2:27:30एक ही कैंडल के अंदर यहां पर हमने दिखाया
- 2:27:32कि इनसाइड में सिर्फ एक ही कैंडल है लेकिन
- 2:27:35कई बार अब हम आपको अपोजिट एग्जांपल दिखा
- 2:27:37रहे हैं लेकिन ऐसा बाय साइड पे भी हो सकता
- 2:27:39है। आपने देखा कि प्राइस बढ़ रही थी बड़ी
- 2:27:42ग्रीन कैंडल बनी। फिर उसके बाद मल्टीपल
- 2:27:44रेड कैंडल्स बनी है। और वो जो रेड कैंडल्स
- 2:27:47हैं उन्होंने इसके नीचे क्लोजिंग दे दिया
- 2:27:49है। हमारे लिए इंपॉर्टेंट है नीचे
- 2:27:51क्लोजिंग देना। यहां पे इंपॉर्टेंट है ऊपर
- 2:27:53क्लोजिंग देना। अगर तीन-चार ही भले ही रेड
- 2:27:56कैंडल बनी जो उसके अंदर तो थी लेकिन इसके
- 2:27:58नीचे क्लोजिंग दे दी तो इसका मतलब जो सब
- 2:28:00इस हरी कैंडल ने गवा के दिया था वो सब ये
- 2:28:03लूट के ले गए हैं। मतलब इन रेड कैंडल्स ने
- 2:28:06वो सब गवा दिया है। प्राइस नीचे आ गई है।
- 2:28:09तो अगर ऐसा हो गया है तो इसका मतलब प्राइस
- 2:28:11सेलर के कंट्रोल में आ चुकी है। और जब
- 2:28:13इसके नीचे क्लोजिंग दे दी तो कंट्रोल में
- 2:28:15आ ही चुकी है। तो फिर इसके बाद आप अपनी
- 2:28:17शॉर्ट करने की जो पोजीशन है उसको प्लान कर
- 2:28:19सकते हैं। लेकिन कहां पर होना चाहिए? ये
- 2:28:22रेजिस्टेंस के पास होगा। तभी उसका कोई
- 2:28:24मतलब है। क्लियर? तो अब जो हमारा नेक्स्ट
- 2:28:27टाइप की कैंडल्स हैं वो है मोमेंटम कैंडल।
- 2:28:30मोमेंटम कैंडल में देखिए ये भी हमने आपको
- 2:28:32पहले ही बताया सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस तो
- 2:28:34इंपॉर्टेंट है ही। बड़ा टाइम फ्रेम भी
- 2:28:35इंपॉर्टेंट है। तो यहां पर आपने समझना ये
- 2:28:37है कि जब भी आपको दिखाई देता है अगर हम
- 2:28:40बुलिश की बात करें यानी अप ट्रेंड में
- 2:28:42पहले प्राइस चल रही थी। तो यहां पर क्या आ
- 2:28:44रहा होगा? यहां पर रहा रेजिस्टेंस। तो
- 2:28:46आपने देखा कि तीन बड़ी-बड़ी ग्रीन कलर की
- 2:28:49कैंडल बन रखी थी। यह एक हो गई, यह दो हो
- 2:28:51गई, यह तीन हो गई। यानी तीन बड़ी-बड़ी
- 2:28:54ग्रीन कलर की कैंडल थी। यानी इसका मतलब
- 2:28:56क्या था? यहां पर बहुत सारे बायरर्स थे।
- 2:28:59तभी प्राइस बढ़ रही थी। लेकिन उसके बाद
- 2:29:01अचानक से ऐसी सेलिंग आती है कि एक बड़ी
- 2:29:03रेड कलर की कैंडल बनती है। जैसे कि ये
- 2:29:06आपको एक कैंडल देखने को मिल रही है। एक
- 2:29:08कैंडल बनती है जो पिछली तीन कैंडल्स को
- 2:29:10अपने अंदर एंगल्फ कर लेती है। यानी मैं
- 2:29:13आपको यहां पर ड्राइंग में दिखाता हूं। ये
- 2:29:15हो गई हमारी पहली कैंडल। यह हो गई हमारी
- 2:29:18दूसरी ग्रीन कैंडल और यह हो गई हमारी
- 2:29:20तीसरी ग्रीन कैंडल। लेकिन इसके बाद क्या
- 2:29:22होता है? एक और यह होना चाहिए रेजिस्टेंस
- 2:29:25के पास। एक बड़ी रेड कलर की कैंडल बनती है
- 2:29:28जिससे अगर हम लगते हुए इस तरीके से लाइन
- 2:29:30ड्रॉ कर लें तो तीन जो कैंडल्स हैं उसको
- 2:29:33खा जाती है ये। तो जब इस तरीके का पैटर्न
- 2:29:36बनता है तो इसको हम मोमेंटम कैंडल कहते
- 2:29:38हैं। मतलब इसमें बहुत फास्ट यहां पर
- 2:29:40प्राइस नीचे से गिरी है। जिसने तीन
- 2:29:43कैंडल्स ने जो कमा के दिया था एक ही
- 2:29:45कैंडल्स ने उसको डूबा दिया है। और जब ऐसा
- 2:29:47होता है तो इसके बाद हमें पता है कि
- 2:29:49प्राइस के गिरने के चांसेस होते हैं। हां,
- 2:29:50लेकिन वहां पर भी हम कंफर्मेशन का वेट
- 2:29:52करेंगे। तो इसको हम कहते हैं मोमेंटम
- 2:29:54कैंडल। लेकिन कौन सी है मोमेंटम कैंडल? यह
- 2:29:57जो बड़ी रेड कैंडल है, इसको मोमेंटम कैंडल
- 2:29:59कह रहे हैं। जिसके लिए हम यूज़ कर रहे हैं
- 2:30:01कि भाई तीन कैंडल्स को उसने एक बारी में
- 2:30:03खत्म कर दिया। इसका उल्टा अगर आपको कभी
- 2:30:06दिखाई देता है कि सपोर्ट के पास प्राइस
- 2:30:08पहले क्या कर रही थी? गिर रही थी लगातार।
- 2:30:10तो जब प्राइस गिर रही थी तो रेड कैंडल बन
- 2:30:12रही थी। उसके बाद देखिए यहां पर क्या हुआ?
- 2:30:141 2 3 ये तीन रेड कैंडल बनी है। जिसके बाद
- 2:30:18जो एक ग्रीन कैंडल बनी है इस एक ग्रीन
- 2:30:20कैंडल ने इन तीन कैंडल को क्या किया है?
- 2:30:22अपने अंदर एंगल्फ कर लिया है और इवन इस
- 2:30:24केस में तो बल्कि चार कैंडल्स को कर दिया
- 2:30:26है। तो चार कैंडल को किया तो ये और ज्यादा
- 2:30:29स्ट्रांग पैटर्न होगा। जितनी ज्यादा कैंडल
- 2:30:31को करेगा उतना ज्यादा स्ट्रांग है ना
- 2:30:32क्योंकि प्राइस इतनी नीचे गिर रही थी उसके
- 2:30:34बाद एक ही कैंडल ने सब कुछ यहां पर जो
- 2:30:37गिरा था उसको कमा के दे दिया। प्राइस बढ़
- 2:30:39गई और तो यहां पर ये एक बुलिश सिग्नल था
- 2:30:42और उसके बाद देखिए एक अच्छा खासा मूवमेंट
- 2:30:44आया है। तो यहां से हमें पता चला कि
- 2:30:46प्राइस पूरी क्या आ गई है? या बायरर्स के
- 2:30:47कंट्रोल में आ गई है तो यहां पर आप अपनी
- 2:30:49बाय करने का जो था वो प्लान कर सकते थे।
- 2:30:52लेकिन उसके लिए आपको बहुत सारी चीजें
- 2:30:54देखनी होती है। तो ये क्या है? ये है
- 2:30:56हमारी मोमेंटम कैंडल। तो अभी तक मैंने
- 2:30:59आपको क्या-क्या सिखाया? मैंने आपको सबसे
- 2:31:00पहले सिखाया कि एक होती है लॉन्ग वेग
- 2:31:02कैंडल। इनवर्टेड लॉन्ग वेग कैंडल होती है।
- 2:31:05मल्टीपल लॉन्ग वेग कैंडल्स होती है। कलर
- 2:31:06चेंजिंग कैंडल्स होती है। श्रिंकिंग
- 2:31:08कैंडल्स होती है। एंगल्फिंग पैटर्न्स होते
- 2:31:09हैं। इनसाइड बार पैटर्न होता है। मोमेंटम
- 2:31:11कैंडल पैटर्न होता है। अब देखिए आप अगर
- 2:31:14कहीं भी YouTube में वीडियोस देखेंगे तो
- 2:31:16आपको कैंडल्स के नाम बताए जाते हैं कि यह
- 2:31:19होती है जी हैमर पैटर्न। यह होता है जी
- 2:31:21यहां पर आप देखोगे यह होता है हैमर
- 2:31:23पैटर्न। यह होता है मॉर्निंग स्टार
- 2:31:24पैटर्न। ये होता है थ्री वाइट सोल्जर। ये
- 2:31:27होता है जी बुलिश एंड बेयरिश
- 2:31:28पैटर्न। तो अब मैंने
- 2:31:30[नाक से की जाने वाली आवाज़] आपको इन जो
- 2:31:31टाइप्स ऑफ कैंडल समझाए हैं, यहां पर मैंने
- 2:31:33हर कैंडल के पीछे का एक लॉजिक आपको समझा
- 2:31:36दिया। तो अब अगर आप कोई भी लॉजिक इन
- 2:31:39कैंडल्स में लगाएंगे, तो आपको चीजें समझ आ
- 2:31:41जाएंगी। जैसे अगर मैं मॉर्निंग स्टार
- 2:31:43कैंडलस्टिक पैटर्न की बात करूं तो अभी तक
- 2:31:44मैंने आपको इस पैटर्न के बारे में नहीं
- 2:31:46बताया। ना ही मैंने आपको तीन कैंडल का कोई
- 2:31:48हिसाब समझाया। लेकिन आप यहां पर समझ
- 2:31:50जाएंगे कि इस कैंडल में होता क्या है कि
- 2:31:52प्राइस पहले गिर रही थी। सपोर्ट के पास एक
- 2:31:55रेड कैंडल बनी। फिर एक छोटी कैंडल बनी है।
- 2:31:57लेकिन उसके बाद एक बड़ी ग्रीन कैंडल बनी
- 2:31:59है जो कि पहले वाली जो रेड कैंडल है उसके
- 2:32:0250% से ऊपर क्लोज होनी चाहिए। अब एक तरीके
- 2:32:04का पैटर्न है जिसको आप Google में सर्च कर
- 2:32:07लीजिए बुलिश कैंडलस्टिक पैटर्न्स तो आपको
- 2:32:09पैटर्न दिखाई देगा। लेकिन वो पैटर्न बनने
- 2:32:11का अगर हम लॉजिक समझेंगे तो आपको लॉजिक
- 2:32:13क्लियर है कि प्राइस गिर रही थी। फिर यहां
- 2:32:15पर अगर कोई कैंडल इसके 50% से ऊपर यहां पे
- 2:32:18क्लोजिंग दे देती है रेड कैंडल के 50% से
- 2:32:20ऊपर तो इसका मतलब ये है ना कि यहां पर
- 2:32:22बायरर्स आए हैं तभी उसने इससे ऊपर
- 2:32:25क्लोजिंग दी है। और ये कब होना चाहिए?
- 2:32:27सपोर्ट के पास होना चाहिए। तो इतने से
- 2:32:28लॉजिक से आप सारी चीजें समझ सकते हैं। अगर
- 2:32:31थ्री वाइट सोल्जर्स की बात करें तो यहां
- 2:32:32पर तीन आपको अगर कभी बड़ी-बड़ी ग्रीन कलर
- 2:32:35की कैंडल देखने को मिलती है तो इसको कहते
- 2:32:36हैं जी थ्री वाइट सोल्जर्स। इसका मतलब यह
- 2:32:39है कि ये एक बुलिश पैटर्न है। तो आपको पता
- 2:32:41है ना वो तो बुलिश पैटर्न है कि भाई
- 2:32:42डिमांड आई है तभी तीन कैंडल बनी है इसलिए
- 2:32:44तो बुलिश पैटर्न है वो। तो ऐसे ही जो भी
- 2:32:46पैटर्न्स आप देखेंगे अब ये मैंने आपको
- 2:32:48बताया था लॉन्ग बिग पैटर्न। मैंने आपको
- 2:32:49लॉजिक समझाया। यहां पर उसका नाम रख दिया
- 2:32:51गया है कि ये होती है हैमर पैटर्न। अब ये
- 2:32:54हमने आपको एंगल्फिंग पैटर्न के बारे में
- 2:32:55बताया ही था। इसको कहते हैं मारूबोजू
- 2:32:57कैंडल। मारूबोजू कैंडल क्या होती है? कि
- 2:33:00एक बड़ी ग्रीन कलर की एकदम से कैंडल बनी
- 2:33:02है। तो उसका नाम रख दिया मारूबोजू। अगर
- 2:33:04बड़ी ग्रीन कलर की कैंडल बनी है तो सीधी
- 2:33:06सी बात है ना भाई प्राइस बड़ी है तेजी से
- 2:33:08तभी वह कैंडल बनी है यानी डिमांड है और वह
- 2:33:10बुलिश कैंडल है। ऐसे ही अगर बड़ी सी रेड
- 2:33:13कैंडल बनी है तो उसको बेयरिश मारूबोजू बोल
- 2:33:15दिया। लेकिन हमें पता है रेड कैंडल बनी है
- 2:33:17और बड़ी सी बनी है मतलब बहुत ज्यादा
- 2:33:19सप्लाई आया है। तो सारे कैंडलस्टिक
- 2:33:21पैटर्न्स जो आप देखते हैं उन सबके पीछे
- 2:33:23लॉजिक यही काम कर रहा होता है। ऐसे ही
- 2:33:26यहां पर आपको चार्ट पैटर्न्स भी सिखाए
- 2:33:28जाते हैं। लेकिन अगर आप चार्ट पैटर्न्स के
- 2:33:30पीछे की भी साइकोलॉजी को समझेंगे तो आपको
- 2:33:32पता चलेगा कि भाई साइकोलॉजी वही काम कर
- 2:33:34रही है। जैसे यहां पर एक एम पैटर्न होता
- 2:33:37है। अब मैंने आपको प्राइस एक्शन में
- 2:33:39सिखाया था कि अगर प्राइस दो बार एक लेवल
- 2:33:41पे आने के बाद गिरती है तो ये क्या ये
- 2:33:42रेजिस्टेंस है तो आपको पता है कि वो
- 2:33:44रेजिस्टेंस है। तो आपको पैटर्न्स को याद
- 2:33:46करने की जरूरत नहीं है। आपने इस तरीके से
- 2:33:48साइकोलॉजी को समझ लिया है। तो अब आप किसी
- 2:33:50भी कैंडल को देख के समझ सकते हैं कि अच्छा
- 2:33:53इसके बनने के पीछे लॉजिक क्या है? और जब
- 2:33:55आप लॉजिक को समझेंगे तो ट्रेडिंग में
- 2:33:57मैजिक होने लगेगा। तो यह जो चार्ट
- 2:33:59पैटर्न्स होते हैं, हमने इस पीडीएफ में
- 2:34:00सारी चीजें इंक्लूड कर रखी हैं। देखिए,
- 2:34:02चार्ट पैटर्न्स भी हमने सारे दिखा रखे हैं
- 2:34:04कि अच्छा चार्ट में कभी इस तरीके का
- 2:34:05पैटर्न बनता है। जैसे ये आपको दिखाई दे
- 2:34:07रहा है। पहला टॉप बना, दूसरा टॉप बना,
- 2:34:09प्राइस गिरने के चांसेस हैं। तीन टॉप बने
- 2:34:11प्राइस गिरने के चांसेस हैं। तो ये तो
- 2:34:12आपने एक बार अगर आपको ये पीडीएफ मिल जाती
- 2:34:14है तो वो देख के ही आपको समझ आ जाएगा कि
- 2:34:16अच्छा ये पैटर्न बनता है। आपने चार्ट में
- 2:34:18देखा कि भाई सिमिलर पैटर्न बन रहा है तो
- 2:34:20प्राइस गिरने वाली है, बढ़ने वाली है। बट
- 2:34:22आपको उसके पीछे का लॉजिक भी पता होगा।
- 2:34:24देखिए अभी तक आपने जो कुछ सीखा है सिर्फ
- 2:34:26उसके बेसिस पर आपने ट्रेड नहीं लेना है
- 2:34:28क्योंकि अब जो सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट
- 2:34:31कांसेप्ट आज के टाइम पर ट्रेडिंग में
- 2:34:32अवेलेबल है वो है स्मार्ट मनी कांसेप्ट।
- 2:34:35कई बार इसको आईसीटी भी बोला जाता है।
- 2:34:37लेकिन दोनों के बीच में थोड़ा सा डिफरेंस
- 2:34:39है। क्या डिफरेंस है वो मैं आपको आगे
- 2:34:41बताऊंगा। पहले समझते हैं कि स्मार्ट मनी
- 2:34:43कांसेप्ट होता क्या है? लेकिन इसको समझने
- 2:34:46से पहले आपको समझना होगा कि मार्केट किस
- 2:34:48तरीके से मूव करता है। अब मैं ऑलरेडी
- 2:34:50पिछली वीडियोस में बता चुका हूं कि
- 2:34:52मार्केट में सिर्फ दो चीजें हैं जिसके
- 2:34:54बेसिस पे कोई भी चार्ट मूव कर रहा है। एक
- 2:34:56है डिमांड और दूसरा है सप्लाई। जब भी किसी
- 2:35:00चीज की डिमांड ज्यादा होती है, सप्लाई कम
- 2:35:02होती है। यानी खरीदने वाले लोग ज्यादा
- 2:35:04हैं, तो प्राइस क्या करती है? प्राइस
- 2:35:06बढ़ती है। और जब भी किसी चीज की डिमांड कम
- 2:35:09है, लेकिन बेचने वाले लोग बहुत ज्यादा
- 2:35:11हैं। तो प्राइस क्या करती है? प्राइस
- 2:35:13गिरती है।
- 2:35:14ठीक है? इतना आपको क्लियर है? ये बेसिक
- 2:35:17चीज़ है जो आपको पता होनी चाहिए अगर आपको
- 2:35:18स्मार्ट मनी कासेप्ट को सीखना है। तो अब
- 2:35:21यहां पर जो दूसरी चीज आपको समझनी है वो है
- 2:35:24मार्केट में प्लेयर्स कौन-कौन से होते
- 2:35:25हैं? यानी कौन-कौन लोग हैं जो मार्केट में
- 2:35:28ट्रेड कर रहे हैं। सबसे पहले तो देखिए आप
- 2:35:30और हम जैसे लोग हैं जिन्हें रिटेल
- 2:35:32ट्रेडर्स कहा जाता है। जिसमें मैं हो गया,
- 2:35:34आप हो गया या जो जनरल पब्लिक हो गई जो लोग
- 2:35:37इस वीडियो को देख रहे हैं वो सब क्या हैं?
- 2:35:39वो रिटेल ट्रेडर्स हैं क्योंकि हमारी जो
- 2:35:41कैपिटल होती है वो कम होती है। अगर मैं ₹3
- 2:35:44करोड़ से भी ट्रेड कर रहा हूं तो वो एक कम
- 2:35:46कैपिटल है। अगर आप 10 ₹20 लाख ₹50 लाख
- 2:35:49कितने भी अमाउंट से ट्रेड कर रहे हो मतलब
- 2:35:51चार-प करोड़ से भी ट्रेड कर रहे हो तो वो
- 2:35:53एक छोटी कैपिटल मानी जाती है। क्यों छोटी
- 2:35:56कैपिटल है वो यहां पे पता चलेगा। अब हम
- 2:35:58लोग क्या हैं? हम रिटेल ट्रेडर्स हैं।
- 2:36:00हमारी कैपिटल कम है। तो, हम मार्केट को
- 2:36:02मूव होते हुए देखते हैं। हम देखते हैं कि
- 2:36:04भाई यह तो चार्ट पैटर्न बन रहा है। यह सब
- 2:36:06हो रहा है। और हमें कहा जाता है डम मनी।
- 2:36:09जबकि जो दूसरे प्लेयर्स हैं मार्केट में
- 2:36:12वो होते हैं बड़े-बड़े इंस्टीटशंस,
- 2:36:15बड़े-बड़े हैेज फंड्स, बड़े-बड़े बैंक्स,
- 2:36:17बड़े-बड़े म्यूच्यूल फंड्स। यह लोग क्या
- 2:36:19हैं? इनके पास बहुत बड़ी कैपिटल है। कोई
- 2:36:22म्यूच्यूल फंड 24 करोड़ से ट्रेड थोड़ी
- 2:36:24लेगा। वो ₹00 करोड़, ₹000 करोड़ के भी
- 2:36:26ट्रेड्स ले सकते हैं। अदरवाइज 100 करोड़,
- 2:36:29200 करोड़, 500 करोड़ के वो लोग ट्रेड
- 2:36:31लेते हैं। यानी उनकी जो कैपिटल है वो बहुत
- 2:36:33बड़ी है और सिर्फ कैपिटल बड़ी नहीं है।
- 2:36:35उनके पास एक बहुत बड़ी और बहुत स्मार्ट
- 2:36:38टीम होती है ट्रेडिंग करने के लिए। दूसरा
- 2:36:40उनके पास जो टेक्नोलॉजी होती है वो भी
- 2:36:42बहुत एडवांस होती है। इवन मैं आपको बता
- 2:36:44दूं कि आज के टाइम पर आप सुन रहे हैं कि
- 2:36:46एल्गोस के थ्रू ट्रेडिंग की जाती है।
- 2:36:48लेकिन यह जो स्मार्ट मनी है ना आज से 20
- 2:36:50साल पहले 20089 के आसपास भी यह लोग एल्गोस
- 2:36:54का यूज करके ट्रेडिंग कर रहे थे। तो आप
- 2:36:56समझ सकते हैं कि कितनी एडवांस टेक्नोलॉजी
- 2:36:58उनके पास आज के टाइम पर होगी। इसके अलावा
- 2:37:00सबसे ज्यादा जो ट्रेडिंग में इंपॉर्टेंट
- 2:37:02होती है वो होती है इंफॉर्मेशन। तो
- 2:37:04इंफॉर्मेशन भी उनको सबसे पहले मिलती है।
- 2:37:06हमको बाद में मिलती है। तो ये लोग क्या
- 2:37:09करते हैं? ये लोग एक्चुअल में मार्केट को
- 2:37:11मूव करते हैं। तो जो लोग मार्केट को
- 2:37:13एक्चुअल में मूव कर रहे हैं, इन्हें कहा
- 2:37:15जाता है स्मार्ट मनी। अब यहां पर एक चीज
- 2:37:18मैं आपको क्लियर कर दूं। बहुत सारे लोगों
- 2:37:20को लग रहा होगा कि बड़े इंस्टीट्यूशन मतलब
- 2:37:22कोई एक म्यूच्यूल फंड। एक म्यूच्यूल फंड
- 2:37:24नहीं है। बहुत सारे हैज फंड्स हैं। बहुत
- 2:37:26सारे म्यूच्यूल फंड्स हैं। ये लोग आपस में
- 2:37:28भी कंपटीशन कर रहे हैं। लेकिन जब यह लोग
- 2:37:31ट्रेड ले रहे हैं चाहे कोई भी बड़ा फंड
- 2:37:33ट्रेड ले रहा होगा तो वहां पर मार्केट में
- 2:37:35एक बड़ा मूव हमें देखने को मिल सकता है।
- 2:37:37और उस बड़े मूव को अगर हम कैप्चर करना
- 2:37:39चाहते हैं तो हमें इस स्मार्ट मनी
- 2:37:41कांसेप्ट को समझना होगा। तो ये क्यों
- 2:37:44इंपॉर्टेंट है आपको समझ आ रहा है? और अभी
- 2:37:46तक जो आपने सीखा है वो चीज इसीलिए आपको
- 2:37:48मैंने अभी तक सिखाई ताकि आप यह स्मार्ट
- 2:37:50मनी कांसेप्ट को समझ पाएं। उसको अगर आपने
- 2:37:53बिल्कुल भी नहीं देखा है, प्राइस एक्शन को
- 2:37:55नहीं समझा है, कैंडलिस्टिक पैटर्न्स को
- 2:37:56नहीं समझा है, तो ये आपके लिए समझना थोड़ा
- 2:37:58सा मुश्किल हो सकता है। बट बहुतेंट चीज
- 2:38:00है। इसलिए वीडियो को लाइक जरूर कर
- 2:38:02दीजिएगा। अभी आगे बढ़ने से पहले आपको एक
- 2:38:04इंपॉर्टेंट चीज बताना बहुत ज्यादा जरूरी
- 2:38:06है और वो यह है कि अगर आप क्रिप्टो के
- 2:38:08फ्यूचर्स में ट्रेड करना चाहते हैं जहां
- 2:38:09पर आपको दो गुने तक का लवरेज मिल जाता है।
- 2:38:12मतलब आप ₹1000 लगा के ₹2 लाख तक का ट्रेड
- 2:38:15ले सकते हैं और यह इंडिया में एफआईयू
- 2:38:17रजिस्टर्ड प्लेटफार्म के थ्रू करना चाहते
- 2:38:18हैं जिसमें इंडियन में ही पैसे ऐड और
- 2:38:20विथड्रॉ भी होते हैं। तो इसके लिए मैंने
- 2:38:22आपको डेल्टा एक्सचेंज का लिंक
- 2:38:23डिस्क्रिप्शन पे दे रखा है। और अगर आप
- 2:38:25हमारे लिंक का यूज़ करके अपना अकाउंट ओपन
- 2:38:26करेंगे तो नीचे Google फॉर्म का लिंक दिया
- 2:38:28है। उसको भी जरूर फिल कर लीजिएगा। उस
- 2:38:29फॉर्म को फिल करके आपको हमारी तरफ से
- 2:38:31अधीरा एआई का सब्सक्रिप्शन मिलेगा जिसमें
- 2:38:33एक क्लिक करके आप चार्ट का एनालिसिस कर
- 2:38:35सकते हैं। यहां पर आपको पूरा एनालिसिस
- 2:38:38दिया जाता है और यह एi के थ्रू किया जाता
- 2:38:40है। इसके लिए बस आपने हमारे लिंक के थ्रू
- 2:38:41अपना अकाउंट ओपन करके नीचे Google फॉर्म
- 2:38:43को जरूर फिल कर लेना है। अब चलिए वापस से
- 2:38:45टॉपिक पे आ जाते हैं। तो अब हम समझते हैं
- 2:38:47कि स्मार्ट मनी कांसेप्ट क्या होता है?
- 2:38:50स्मार्ट मनी क्या होता है? वो बड़े-बड़े
- 2:38:52इंस्टीटशंस जिनके पास बहुत सारा पैसा है।
- 2:38:54लेकिन स्मार्ट मनी कांसेप्ट क्या है? तो
- 2:38:56स्मार्ट मनी कांसेप्ट में हम कोशिश करते
- 2:38:59हैं इन बड़े इंस्टीटशंस के फुटप्रिंट्स को
- 2:39:02समझने की। इनके फुटप्रिंट्स का मतलब है कि
- 2:39:05इन्होंने कहां पर बाइंग की है। जब यह
- 2:39:07बाइंग कर रहे होंगे तो यह एल्गोस के थ्रू
- 2:39:10बाइंग कर रहे होते हैं और इतनी ज्यादा
- 2:39:11क्वांटिटी में बाइंग कर रहे होते हैं कि
- 2:39:13इनके लिए अपने जो फुटप्रिंट्स होते हैं
- 2:39:15अपने जो कांड होते हैं ना उनको छुपाना
- 2:39:17बहुत ज्यादा मुश्किल होता है। तो इनके जो
- 2:39:20फुटप्रिंट्स हैं यानी कहां पर इन्होंने
- 2:39:22बाइंग की है, कहां पर इन्होंने सेलिंग की
- 2:39:24है? इसको समझने को हम कहते हैं स्मार्ट
- 2:39:26मनी कांसेप्ट्स। और इसको समझ के हम क्या
- 2:39:30करेंगे? इसको जब हमें समझ आएगा कि अच्छा
- 2:39:32ये यहां पे बाइंग कर रहे हैं तो हम भी
- 2:39:34उनके साथ ही बाय करेंगे ना। हमें पता है
- 2:39:35जब वो बाइंग करेंगे हैवी क्वांटिटी में
- 2:39:37करेंगे और वो बाइंग करेंगे तो क्या
- 2:39:38बढ़ेगी? डिमांड बढ़ेगी और जब ज्यादा
- 2:39:40डिमांड बढ़ेगी तो प्राइस बढ़ेगी। तो हमें
- 2:39:43पता है कि ये बाइंग कर रहे हैं प्राइस
- 2:39:44बढ़ने वाली है तो हम भी साथ में बाय कर
- 2:39:46सकते हैं। तो इसके लिए हम यूज़ करते हैं
- 2:39:48स्मार्ट मनी कांसेप्ट का। और क्यों
- 2:39:50इंपॉर्टेंट है? सबसे पहला इनके पास ज्यादा
- 2:39:53पैसा है तो मूव्स क्या आएंगे? बड़े मूव्स
- 2:39:55आएंगे। नॉर्मली आपको देखने को मिलेंगे
- 2:39:57छोटी-छोटी कैंडल। लेकिन जब स्मार्ट मनी
- 2:39:59बाय करेगा तो आपको बहुत बड़ी-बड़ी कैंडल्स
- 2:40:01देखने को मिलेंगी। बहुत बड़े-बड़े मूव्स
- 2:40:03देखने को मिलेंगे। तो आप ज्यादा बड़े
- 2:40:05मूव्स को यहां पर कैप्चर कर सकते हैं।
- 2:40:06क्योंकि यहां पर जो वॉल्यूम होगा वो बहुत
- 2:40:09बड़ा होगा। और दूसरा मैं आपको बता चुका
- 2:40:11हूं कि आज के टाइम पर 80 टू 90% जो
- 2:40:13ट्रेडिंग होती है वो कोई इंसान नहीं कर
- 2:40:15रहा है। वो एल्गोस कर रहे हैं। ये हाई
- 2:40:18फ्रीक्वेंसी एल्गोस होते हैं जो बहुत
- 2:40:19फास्ट ट्रेड्स को एग्जीक्यूट करते हैं। तो
- 2:40:22इस वजह से इनके लिए अपने फुटप्रिंट्स को
- 2:40:24जो छुपाना है वो बहुत ज्यादा मुश्किल होता
- 2:40:26है। अब अभी तक मैंने आपको फुटप्रिंट्स तो
- 2:40:28बता दिया लेकिन इनके फुटप्रिंट्स आखिर में
- 2:40:31होते क्या हैं? कौन से फुटप्रिंट्स हैं?
- 2:40:33कौन से पैरों के इनके निशान हैं? जिनको हम
- 2:40:35पढ़ेंगे। मतलब अगर हमें पता है कि एसएमसी
- 2:40:38यहां से गए हैं, अपने निशान छोड़ के गए
- 2:40:40हैं तो हम भी पीछे-छे उनके निशानों को
- 2:40:42देखते हुए आ रहे हैं कि अच्छा यहां पे
- 2:40:43तुमने बाइंग की है। मैं भी आ गया जी। और
- 2:40:45जब तुम उनके साथ चलोगे तभी पैसे कमा
- 2:40:47पाओगे। अगर तुम किसी बहुत ज्यादा जिसके
- 2:40:50पास पैसे हैं, बहुत ज्यादा टेक्नोलॉजी या
- 2:40:52बहुत ज्यादा इंफॉर्मेशन है उनके अगेंस्ट
- 2:40:54ट्रेड लोगे तो तुम पैसे डूबाओगे। और वो
- 2:40:56चाहते हैं कि तुम उनके अगेंस्ट ट्रेड लो
- 2:40:59ताकि तुम पैसे डूबाओ और वो पैसे कमाए।
- 2:41:02लेकिन इस कोर्स को देखने के बाद ऐसा नहीं
- 2:41:04होगा। तुम उनके साथ रहोगे और पैसे कमाओगे।
- 2:41:07लेकिन तुम्हें वीडियो को पूरा ध्यान से
- 2:41:08देखना होगा और तुम्हें भी
- 2:41:09[नाक से की जाने वाली आवाज़] यहां पर
- 2:41:10ध्यान से समझना होगा। तो अब समझते हैं कि
- 2:41:12उनके फुटप्रिंट्स आखिर में है क्या? तो
- 2:41:15सबसे पहले देखो जब भी कोई बड़ा इंस्टीटशंस
- 2:41:18ट्रेड ले रहा होता है तो वो कोई 100 या
- 2:41:211000 क्वांटिटी नहीं खरीद रहा है। वो कई
- 2:41:23बार 5000, 10000, 20,000, 500 और 1 लाख
- 2:41:26क्वांटिटी खरीद रहा है। यानी अगर वो बाय
- 2:41:29कर रहा है तो 1 लाख क्वांटिटी बाय कर रहा
- 2:41:31है। क्योंकि अगर उसे 1000 करोड़ का 500
- 2:41:33करोड़ का ट्रेड लेना है तो हजारों
- 2:41:35क्वांटिटी से काम नहीं चलेगा। हो सकता है
- 2:41:37लाख क्वांटिटी वो बाय कर रहा होगा। तो
- 2:41:39इतनी ज्यादा क्वांटिटी वो लोग बाय कर रहे
- 2:41:41हैं। तो अगर वो एकदम से बाइंग कर लेंगे तो
- 2:41:44एकदम से जब 1 लाख क्वांटिटी की डिमांड
- 2:41:46आएगी तो फिर तो प्राइस ऊपर बढ़ जाएगी ना।
- 2:41:48तो उनके तो जो ऑर्डर्स होंगे वो
- 2:41:50एग्जीक्यूट ही नहीं हो पाएंगे और अगर
- 2:41:51एग्जीक्यूट होंगे तो बहुत महंगे में जाके
- 2:41:53एग्जीक्यूट होंगे। तो वो पागल थोड़ी है कि
- 2:41:55बहुत महंगे में जाके खरीदेंगे। वो चाहते
- 2:41:58हैं कि जो अभी प्राइस चल रही है उसी
- 2:42:00प्राइस में वो अपने ऑर्डर को एग्जीक्यूट
- 2:42:02करें। लेकिन वो खरीदना भी बहुत हैवी
- 2:42:03क्वांटिटी में चाहते हैं। मतलब डिमांड भी
- 2:42:06ला रहे हैं लेकिन चाह रहे हैं प्राइस बढ़े
- 2:42:07भी ना। तो इसके लिए वो लोग क्या करते हैं?
- 2:42:09वो एक टेक्नोलॉजी का या एक तरीके का यूज़
- 2:42:12करते हैं जिसको कहा जाता है ब्लॉक्स। यानी
- 2:42:14अगर उनका 1 लाख क्वांटिटी का ऑर्डर है तो
- 2:42:17वो उसको अलग-अलग ब्लॉक्स में तोड़ देते
- 2:42:19हैं। उन्होंने उन्होंने हो सकता है 5-प000
- 2:42:22के ब्लॉक्स में तोड़ दिया उसको। तो एक साथ
- 2:42:251 लाख क्वांटिटी का ऑर्डर नहीं जाएगा।
- 2:42:275-प000 ब्लॉक्स में अगर उन्होंने उसे तोड़
- 2:42:29दिया है। मतलब अगर उन्हें 100 करोड़ का
- 2:42:31ऑर्डर डालना था तो उन्होंने 5-प करोड़ के
- 2:42:33छोटे-छोटे ऑर्डर्स में उसको तोड़ दिया। तो
- 2:42:35इस तरीके से वो अपने ब्लॉक्स में ऑर्डर को
- 2:42:37तोड़ देते हैं। तो एक बार उनका मान लीजिए
- 2:42:40एक 5 करोड़, 10 करोड़, 15 करोड़ का ट्रेड
- 2:42:42एग्जीक्यूट हो चुका है। लेकिन अभी भी उनका
- 2:42:4485 करोड़ का ट्रेड एग्जीक्यूट होना है। बट
- 2:42:46होता क्या है कि यहीं पे आप ध्यान से
- 2:42:49समझना कि उनके फुटप्रिंट्स हैं क्या? तभी
- 2:42:50आपको चीजें क्लियर होंगी। तो होता क्या है
- 2:42:53कि देखो उन्हें उनके थोड़े ऑर्डर्स तो
- 2:42:54एग्जीक्यूट हो चुके हैं और वो कितनी भी
- 2:42:56कोशिश कर ले मैंने आपको कहा है ना कि वो
- 2:42:58अपने फुटप्रिंट्स को छुपा नहीं पाते। यहीं
- 2:43:00पे वो लोग फंस जाते हैं क्योंकि जैसे ही
- 2:43:02उन्होंने यहां पर डिमांड लाई होगी अगर बाय
- 2:43:04करने का ही मैं आपको एग्जांपल दे रहा हूं।
- 2:43:06सेम शॉर्ट करने वाली बात भी बिल्कुल सेम
- 2:43:08है। तो उन्होंने जैसे ही बाय किया होगा तो
- 2:43:10बड़ी सी एक कैंडल बनी होगी। फिर बड़ी
- 2:43:11कैंडल बनी होगी। फिर बड़ी कैंडल बनी होगी।
- 2:43:13यानी उनके कुछ ऑर्डर्स तो एग्जीक्यूट हो
- 2:43:15गए। लेकिन जो बचे हुए ऑर्डर्स थे अब वो तो
- 2:43:18उसे मान लीजिए इस प्राइस पे ही बाय करना
- 2:43:20चाहते हैं लेकिन प्राइस ऊपर जा चुकी है।
- 2:43:22तो अब ऐसे में उनके पास बहुत सारा पैसा
- 2:43:25है, बहुत सारी इंफॉर्मेशन है, बहुत सारी
- 2:43:27टेक्नोलॉजी है। तो वो कोशिश करते हैं कि
- 2:43:29दोबारा से प्राइस को नीचे लाया जाए। क्यों
- 2:43:32लाया जाए? क्योंकि यहां पर वो क्या कर रहे
- 2:43:34हैं? यहां पर वो बाइंग कर रहे हैं। वो
- 2:43:36यहां पर खरीदना चाहते हैं और वो कम पैसे
- 2:43:39में खरीदना चाहते हैं। इसलिए वो क्या
- 2:43:41करेंगे? वो प्राइस को नीचे लाने की कोशिश
- 2:43:43करेंगे। नीचे लाने के लिए वो कई बार
- 2:43:45सप्लाई बढ़ाएंगे या फिर कई बार मिसइफेशन
- 2:43:48फैलाएंगे या फिर आप लोगों को चार्ट्स में
- 2:43:50बेवकूफ बनाएंगे। जैसे मैंने दिखाया था
- 2:43:52प्राइस पहले थोड़ा सा नीचे आई तो आप लोगों
- 2:43:54को बेवकूफ बनाना बहुत आसान है उनके लिए।
- 2:43:56यही उनका काम है क्योंकि हम लोग तो देख
- 2:43:58रहे हैं कि थोड़ी बहुत क्वांटिटी हमने बाय
- 2:44:00करनी है। उन्हें तो बहुत हैवी क्वांटिटी
- 2:44:01बाय करनी है ना। तो इसके लिए वो प्राइस को
- 2:44:04थोड़ा नीचे लाएंगे ताकि उनके जो ऑर्डर्स
- 2:44:06हैं वो एग्जीक्यूट हो जाए और प्राइस आगे
- 2:44:08बढ़ जाए। ठीक है? इतना आपको क्लियर हो
- 2:44:10गया? तो अब यहां पर पहला फुटप्रिंट
- 2:44:13उन्होंने क्या छोड़ा? उन्होंने पहला
- 2:44:15फुटप्रिंट ये छोड़ा कि जब प्राइस ऊपर गई
- 2:44:17थी तो यहां पर वो अपने ऑर्डर्स को फिल
- 2:44:20करने के लिए वापस आते हैं। यानी
- 2:44:22रीमिटिगेशन होता है यहां पर। तो
- 2:44:24रीमिटिगेशन जब होता है तब हम क्या कर सकते
- 2:44:27हैं? तो हमें पता है कि अगर हमें यह पता
- 2:44:29है कि ये मूव स्मार्ट मनी लेके आए हैं तो
- 2:44:31हम भी उनके साथ-साथ जब वो प्राइस को नीचे
- 2:44:33लेके आए होंगे। हमने भी यहां पर अपना एक
- 2:44:35छोटा सा बाय करने का ऑर्डर लगा लिया तो
- 2:44:37मेरा ऑर्डर भी एग्जीक्यूट हो जाएगा। उसके
- 2:44:39बाद आपको पता है कि उनके पास अच्छा खासा
- 2:44:41पैसा है। अब सारा काम वो कर रहे हैं और
- 2:44:43फायदा कौन कमाएंगे? हम कमाएंगे। तो यह
- 2:44:46आपको क्लियर हुआ?
- 2:44:48यस सर।
- 2:44:49तो ये क्या है? ये है स्मार्ट मनी
- 2:44:51कांसेप्ट। और यही चीज लोग नहीं समझते हैं
- 2:44:53जिसकी वजह से उन्हें नुकसान हो रहा होता
- 2:44:55है। तो यहां से आपको एक फुटप्रिंट उनका
- 2:44:57समझ आया। इसके बाद कई बार क्या होता है कि
- 2:45:00देखो मैंने आपको बताया कि उन्हें बहुत
- 2:45:01हैवी क्वांटिटी बाय करनी है। उनके पास
- 2:45:04बहुत सारे ब्लॉक्स में उन्होंने तोड़ रखा
- 2:45:05है। तो जब वो बाइंग कर रहे होते हैं तो
- 2:45:08उन्होंने बाय किया। लेकिन जब उनके ब्लॉक्स
- 2:45:11भी गए हैं ना तो वो भी एक बड़ा अमाउंट है।
- 2:45:13तो उससे भी डिमांड बढ़ के कई बार गैप बन
- 2:45:15जाता है। मतलब यहां पर प्राइस जो थी वो
- 2:45:17₹100 पे थी। लेकिन सीधा ₹12 पे आई है। तो
- 2:45:20अब उनके कई सारे ऐसे ऑर्डर होंगे जो 100
- 2:45:24₹100 या 10 पैसे पे रहे होंगे। ₹100 या
- 2:45:28₹101 पे रहे होंगे। मतलब बहुत सारे
- 2:45:30ऑर्डर्स उनके बीच में रह गए होंगे। तो जब
- 2:45:32उनके बीच में जो ऑर्डर्स रह गए हैं, अब
- 2:45:34उन्होंने तो 100 करोड़ का पूरा ट्रेड लेना
- 2:45:36है ना। तभी तो उन्हें फायदा होगा। अगर
- 2:45:38उन्होंने 100 करोड़ लगा रखे हैं। एक आधा
- 2:45:40करोड़ का फायदा हो गया तो उनके लिए कोई
- 2:45:41बड़ी बात नहीं है। उन्हें बड़ा फायदा करना
- 2:45:43है। तो सारे ऑर्डर्स अपने एग्जीक्यूट
- 2:45:44करवाने पड़ेंगे। तो इसके लिए वो क्या
- 2:45:46करेंगे कि वो दोबारा से प्राइस को ये जो
- 2:45:49ओपन एरिया या जो गैप्स रह गए हैं यहां पर
- 2:45:51लाएंगे ताकि प्राइस ऊपर बढ़ जाए। यानी बीच
- 2:45:54में कई बार हमें जो ट्रेड में गैप देखने
- 2:45:56को मिलते हैं वो भी उनके फुटप्रिंट्स हैं
- 2:45:58जिनको बेचारे छुपा नहीं पा रहे हैं और
- 2:46:00उन्हीं को हमें एक्सप्लइट करना है। तो ये
- 2:46:03भी आपको समझ आया कि उनके फुटप्रिंट्स क्या
- 2:46:05हैं? अभी हम बिल्कुल बेसिक समझ रहे हैं।
- 2:46:07अगर मैं यह चीजें आपको नहीं बताऊंगा तो
- 2:46:09आपको कैसे पता चलेगा कि इसकीेंस क्या है
- 2:46:11और यह क्यों आपके लिए समझना जरूरी है?
- 2:46:13अदरवाइज लोग वही करते हैं कि हमने देखा कि
- 2:46:16यहां पे रेजिस्टेंस बना है। यहां पे
- 2:46:18सपोर्ट बना है। उसके हिसाब से ट्रेड लेते
- 2:46:20हैं। उनका नुकसान होता है और फिर उन्हें
- 2:46:22लगता है कि ट्रेडिंग से पैसे कमाना
- 2:46:24इंपॉसिबल है। तो अब चलिए यहां पर समझते
- 2:46:27हैं कि ये जो सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस के
- 2:46:30बेसिस पे आप ट्रेड लेते हो इस पे आपका
- 2:46:33बेवकूफ कैसे बनाया जाता है? ये बहुत
- 2:46:35इंपॉर्टेंट चीज है। देखिए पास्ट के टाइम
- 2:46:37पर आज से 20 साल पहले 30 साल पहले बात
- 2:46:39करें तो ये सपोर्ट रेजिस्टेंस वाली चीजें
- 2:46:42काम करती थी। लेकिन आज के टाइम पर हम लोग
- 2:46:45क्या सीखते हैं? हम ये सीखते हैं कि यहां
- 2:46:47पर मैं आपको एक बार दिखा देता हूं। हम ये
- 2:46:49सीखते हैं कि जब प्राइस दो बार या उससे
- 2:46:52ज्यादा एक लेवल पे आई है तो यह क्या है
- 2:46:54हमारा?
- 2:46:55रेजिस्टेंस।
- 2:46:56और यह क्या है हमारा?
- 2:46:57सपोर्ट। ये चीज हमने सीख रखी है। तो हमें
- 2:47:00लगता है कि जब प्राइस इस लेवल के पास
- 2:47:02जाएगी तो हमें क्या करना है? हमें यहां पर
- 2:47:05प्राइस रेजिस्टेंस के पास आई है। भाई हमें
- 2:47:06तो यहां पे सेल करना चाहिए। ये हम लोग
- 2:47:08सोचते हैं और इसके बेसिस पे हम सेल कर
- 2:47:10देते हैं। और ऐसे ही जब प्राइस सपोर्ट के
- 2:47:13पास आती है, हमें लगता है कि भाई दो बार
- 2:47:15प्राइस सपोर्ट के पास आ गई। ये तो बहुत
- 2:47:17स्ट्रांग सपोर्ट बन चुका है। अब यहां से
- 2:47:19तो प्राइस के बढ़ने के चांसेस हैं। तो हम
- 2:47:21क्या करते हैं? हम यहां पर बाय कर लेते
- 2:47:24हैं। तो हम इसी तरीके से चलते हैं। हमारी
- 2:47:26थ्योरी यह कहती है। लेकिन यह जो बड़े हैेज
- 2:47:29फंड्स हैं, ये जो बड़े स्मार्ट मनी है, ये
- 2:47:31इसका उल्टा सीखते हैं। मतलब हम क्या समझते
- 2:47:34हैं कि जितनी बार सपोर्ट टेस्ट होगा,
- 2:47:37बार-बार प्राइस इस लेवल पे आएगी, सपोर्ट
- 2:47:39उतना ज्यादा स्ट्रांग होगा। जितनी बार
- 2:47:41प्राइस एक लेवल पे जाएगी, वहां से गिरेगी,
- 2:47:43रेजिस्टेंस उतना ज्यादा स्ट्रांग होगा।
- 2:47:45लेकिन यह समझते हैं कि इसका उल्टा है। वो
- 2:47:48कहते हैं कि जितनी बार प्राइस सपोर्ट को
- 2:47:51टच करेगी, जितनी बार प्राइस सपोर्ट के पास
- 2:47:54आएगी, उतनी बार बेवकूफ लोग आएंगे। यानी डम
- 2:47:56मनी आएगा। उसे लगेगा वो यहां पे बाय
- 2:47:59करेगा। उसे पता है कि हम लोग आएंगे यहां
- 2:48:01पे बाय करेंगे। फिर दोबारा से जब उसे पता
- 2:48:04है कि प्राइस सपोर्ट के पास आएगी, हम डम
- 2:48:07लोग क्या करेंगे? उन्हें ऐसा लगता है। हम
- 2:48:10नहीं है डम। ठीक है? उन्हें लगता है। तो
- 2:48:11हम लोग क्या करेंगे? हम यहां पर बाय
- 2:48:14करेंगे। ऐसा उनका मानना है। अब उसके साथ
- 2:48:17ही उन्हें यह भी पता है कि जब हम बाय
- 2:48:19करेंगे तो हम अपना स्टॉप लॉस कहां पर
- 2:48:21रखेंगे? हम थोड़ा सा नीचे यानी यहां पर
- 2:48:24आपने यहां पर बाय किया सपोर्ट के पास तो
- 2:48:26सपोर्ट से थोड़ा सा नीचे यहां पर आपने
- 2:48:28अपना क्या रखा होगा? यहां पर आपने रखा
- 2:48:30होगा अपना
- 2:48:30एसएल
- 2:48:31स्टॉप लॉस।
- 2:48:33एसएल भी बोलते हैं। ठीक है? तो इतना आपको
- 2:48:36समझ आ गया?
- 2:48:37ठीक है? तो उन्हें पता है कि बार-बार जब
- 2:48:40प्राइस सपोर्ट के पास आएगी, तो लोग यहां
- 2:48:42पे अपना स्टॉप लॉस रखेंगे। अब अगर ये आपने
- 2:48:45बाय किया है तो आपका स्टॉप लॉस क्या होगा?
- 2:48:48आपका ये जो स्टॉप लॉस है ये होगा एक सेल
- 2:48:51करने का ऑर्डर।
- 2:48:53मतलब आपने अगर सपोर्ट के पास बाय किया है
- 2:48:56तो आप जब अपने ट्रेड को एग्जिट करेंगे तो
- 2:48:59वहां पर जो खरीदा था उसको बेचोगे ना तो
- 2:49:02स्टॉप लॉस में भी आपने जो खरीदा था वो बिक
- 2:49:04रहा है। यानी ये क्या है? ये एक सेल करने
- 2:49:06का ऑर्डर है। ये एक सेल करने का ऑर्डर है।
- 2:49:10तो यहां पर बहुत सारे सेल करने के ऑर्डर
- 2:49:13होंगे। तो अब उन्हें क्या करना है? उन्हें
- 2:49:15बाय करना है। ठीक है? तो उन्हें चाहिए
- 2:49:18बेचने वाले लोग। अब वो पता है उन्हें कि
- 2:49:21यहां से प्राइस ऊपर जानी है। तो उन्हें
- 2:49:23चाहिए कि बेचने वाले लोग हो। अब उन्हें 1
- 2:49:26लाख क्वांटिटी खरीदनी है। तो वो तो बेचने
- 2:49:28वाले लोग ही नहीं है। कैसे खरीदेंगे? तो
- 2:49:30उनको चाहिए ना कि बेचने वाले लोग होने
- 2:49:32चाहिए। तो अब यहीं पर वो गेम खेलेंगे।
- 2:49:35उन्हें पता है कि यह जो डम मनी है इन्हें
- 2:49:38पता है कि प्राइस सपोर्ट के पास आएगी तो
- 2:49:40यहां से बढ़ जाएगी। लेकिन अगर मैं प्राइस
- 2:49:43को थोड़ा सा यहां पर सपोर्ट से नीचे लेके
- 2:49:45चला जाऊं। यहां पर सपोर्ट था। अगर मैं
- 2:49:48इसको थोड़ा सा नीचे लेके चला जाऊं किसी भी
- 2:49:50तरीके से तो इन सारे बेवकूफ लोगों के मैं
- 2:49:53स्टॉप लॉस हिट करवा दूंगा। स्टॉप लॉस हिट
- 2:49:55करवाने का मतलब क्या है? इनके ऑर्डर्स को
- 2:49:57मैं बिकवा दूंगा। मैं सेल करवा दूंगा। और
- 2:50:00इन्होंने सेल किया और मुझे क्या करना है?
- 2:50:02मुझे खरीदना है। तो हजारों लाखों लोग
- 2:50:05जिन्होंने यहां यह सोचा था कि प्राइस यहां
- 2:50:07से बढ़ेगी और इसलिए बाय किया था। उससे
- 2:50:09थोड़ा सा नीचे अपना स्टॉप लॉस रखा था। उन
- 2:50:11सबके यहां पे स्टॉप लॉस हिट होंगे। उनके
- 2:50:13स्टॉप लॉस हिट होने का मतलब है कि यहां पर
- 2:50:15सेल हो जाएगा और जो ये बिकेगा इसको सारे
- 2:50:18जो चालाक लोग हैं स्मार्ट मनी है वो खरीद
- 2:50:21लेंगे। उनको 1 लाख क्वांटिटी खरीदनी थी।
- 2:50:23उनकी बाइंग हो जाएगी। हम सबके स्टॉप लॉस
- 2:50:26हिट हो जाएंगे और उसके बाद जब प्राइस ऊपर
- 2:50:28जाएगी तो हमारा तो घाटा हो चुका है। हमारे
- 2:50:30स्टॉप लॉस हिट हो चुके हैं। अब प्राइस
- 2:50:32बढ़ेगी और वो जो स्मार्ट मनी है वो पैसे
- 2:50:35कमाएंगे। तो पहला वो स्टॉप लॉस के पास
- 2:50:37प्राइस को क्यों लेके गए ताकि वो खरीद
- 2:50:39पाएं। दूसरा वो इसलिए स्टॉप लॉस के पास
- 2:50:42प्राइस को लेके गए ताकि वो सस्ते में खरीद
- 2:50:45पाएं। तो उनका डबल फायदा हो गया और हमारा
- 2:50:47नुकसान ही नुकसान हो रहा है और इसी वजह से
- 2:50:50ट्रेडर्स पैसे नहीं कमा पा रहे हैं
- 2:50:51क्योंकि जो आप नुकसान करते हो वही उन
- 2:50:54स्मार्ट मनी का प्रॉफिट होता है। तो एक और
- 2:50:56चीज आपको क्लियर हो गई कि क्यों आपके लिए
- 2:50:58स्मार्ट मनी कांसेप्ट समझना जरूरी है।
- 2:51:00क्यों आपने सपोर्ट रेजिस्टेंस के बेसिस पे
- 2:51:03ट्रेड नहीं लेना है। अब देखो अभी तक मैंने
- 2:51:05आपको बता दिया है कि क्यों वो प्राइस को
- 2:51:06नीचे लेके गए। लेकिन मैं शुरुआत में मैंने
- 2:51:08आपको एक बात और बताई थी और वो यह थी कि यह
- 2:51:11जो स्मार्ट मनी है ना यह कोई एक पर्सन
- 2:51:13नहीं है या एक कंपनी नहीं है। यह बहुत
- 2:51:15सारे बड़े-बड़े इंस्टीटशंस हैं। बहुत सारे
- 2:51:18हैज फंड्स हैं। बहुत सारे म्यूच्यूल फंड्स
- 2:51:19हैं। तो ये लोग आपस में भी कई बार कमपीट
- 2:51:22कर रहे होते हैं। तो ऐसा नहीं है कि हर
- 2:51:24बार एक पर्टिकुलर म्यूच्यूल फंड या एक
- 2:51:26पर्टिकुलर बैंक या एक पर्टिकुलर हैज फंड
- 2:51:28पैसे कमा रहा होगा। कभी बार दूसरा कमा रहा
- 2:51:30है, कई बार तीसरा कमा रहे हैं। घाटा हम ही
- 2:51:32गा रहे हैं। तो ये मान लो एक कोई
- 2:51:36म्यूच्यूल फंड है या एक कोई हैेज फंड है
- 2:51:38जिसका नाम है ए। उसने एक जगह पे ट्रेड
- 2:51:41लिया था। लेकिन कोई दूसरा हैेज फंड आ गया
- 2:51:43जिसके पास ज्यादा पैसा है, ज्यादा
- 2:51:45टेक्नोलॉजी है और उसने क्या किया? इसने
- 2:51:47यहां पर बाय किया था। उसने प्राइस को
- 2:51:49गिराना शुरू कर दिया है। तो इसका क्या
- 2:51:52होगा? इसका तो घाटा होने लगा है। तो यह
- 2:51:54ट्रेड से बाहर निकलना चाहता है। तो अब यह
- 2:51:56जब ट्रेड से बाहर निकलना चाहता है तो यह
- 2:51:58कोशिश करेगा कि वापस से प्राइस को जहां पर
- 2:52:01इसने बाय किया था ना उस लेवल तक ले जा
- 2:52:03सके। भले ही इसे कई बार ज्यादा पैसे लगाने
- 2:52:05पड़े। कई बार ये लोग लोन तक लेते हैं पैसे
- 2:52:08लगाने के लिए। तो ये वापस से कोशिश करेगा
- 2:52:10कि पैसे जो है या प्राइस जो है उस लेवल तक
- 2:52:13यह ले जा सके ताकि जहां पर इसने बाय किया
- 2:52:16था वहीं पर यह अपने ट्रेड को एग्जिट कर
- 2:52:17दे। इसका घाटा ना हो। तो ये कई बार इस
- 2:52:20तरीके से भी मार्केट को ऊपर नीचे ले जाने
- 2:52:22की कोशिश करते हैं अपने घाटे को बचाने के
- 2:52:25लिए। तो जब ये इस तरीके से प्राइस को ऊपर
- 2:52:28या नीचे कर रहे होते हैं अपने घाटे को कई
- 2:52:30बार रोकने के लिए तो उस टाइम पर भी ये कुछ
- 2:52:32फुटप्रिंट्स छोड़ते हैं और वो फुटप्रिंट्स
- 2:52:35हमें ऑर्डर ब्लॉक्स के रूप में देखने को
- 2:52:36मिलते हैं। ये कांसेप्ट क्या है आगे आने
- 2:52:38वाले लेक्चर में बताऊंगा। कई बार जब
- 2:52:40प्राइस मूव कर रही होती है तो हमें फेयर
- 2:52:42वैल्यू गैप देखने को मिलते हैं। कई बार
- 2:52:43ब्रेकर ब्लॉक देखने को मिलते हैं। कई बार
- 2:52:45आईएफवीजी देखने को मिलते हैं। तो ये सारी
- 2:52:47जो चीजें हैं ये आगे आने वाले लेक्चर में
- 2:52:49आप समझेंगे। तो ये सारे बेसिक्स अब आपको
- 2:52:52मुझे लगता है कि यहां तक क्लियर हो गए
- 2:52:54होंगे। तो अगर आपका कोई डाउट है तो आप पूछ
- 2:52:56सकते हैं। इसके बाद ये जो सारी चीजें
- 2:52:59माहौल जो बनाना था जो आपको बताना था वो सब
- 2:53:01मैं बता चुका हूं। अब मैं आपको
- 2:53:02प्रैक्टिकली चीजें चार्ट पे दिखाना शुरू
- 2:53:04करूंगा। तो यहां तक आपका कोई डाउट है तो
- 2:53:06आप पूछ सकते हो। सर स्मार्ट मनी हमारा
- 2:53:08स्टॉप लॉस सेट कराती है। अगर मैं स्टॉप
- 2:53:10लॉस लगाऊं ही नहीं फिर। [हंसी]
- 2:53:14देखो अगर तुम स्टॉप लॉस नहीं लगाओगे तो
- 2:53:16होगा क्या? यहां पर मैं एग्जांपल से
- 2:53:18समझाता हूं। मान लो तुमने यहां पर ट्रेड
- 2:53:22लिया और तुमने अपना स्टॉप लॉस नहीं लगाया।
- 2:53:25यहां पर ट्रेड आया लिया। स्टॉप लॉस तुमने
- 2:53:27नहीं लगाया तो हो सकता है प्राइस नीचे आई।
- 2:53:29वापस बढ़ गई। तुम्हें प्रॉफिट हो जाएगा।
- 2:53:31लेकिन जब तुम ट्रेडिंग में आए हो तुम
- 2:53:33सिर्फ एक बार पैसे कमाने के लिए नहीं आए
- 2:53:34हो और एक बार पैसे कमा के जाओगे भी नहीं।
- 2:53:37हो सकता है कि 10 बार तो ये चीजें काम करी
- 2:53:39तुमने बहुत ज्यादा पैसे कमा लिए लेकिन एक
- 2:53:42बार जब प्राइस नीचे आई तो फिर जो तुमने 10
- 2:53:45बार में कमाया होगा ना वो एक ही बार में
- 2:53:47खत्म हो जाएगा। इसीलिए स्टॉप लॉस लगाना
- 2:53:50हमारे लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। अदरवाइज
- 2:53:52तुम कई बार भी जो पैसे कमाओगे वो एक बारी
- 2:53:54में सारे खत्म हो सकते हैं। इसलिए जब भी
- 2:53:56ट्रेड कर रहे हो हमेशा आपको स्टॉप लॉस
- 2:53:58लगाना चाहिए। साथ ही कभी भी लोन लेके आपको
- 2:54:01ट्रेडिंग नहीं करनी है। आपने इस बात का
- 2:54:02जरूर ध्यान रखना है। ठीक है?
- 2:54:04और किसी का कोई क्वेश्चन है?
- 2:54:05नहीं सर।
- 2:54:06तो यहां तक की चीजें आपको क्लियर हो गई
- 2:54:08है। तो यहां पर एक छोटा सा डाउट होता है
- 2:54:10लोगों को वो भी क्लियर कर देता हूं। देखिए
- 2:54:12आपने स्मार्ट मनी कांसेप्ट के बारे में तो
- 2:54:14अभी सुभी सुन लिया है। लेकिन कई बार आपको
- 2:54:15आईसीटी कांसेप्ट के बारे में भी सुनने को
- 2:54:17मिलेगा। तो ये दोनों चीजें सेम है या
- 2:54:19इनमें कुछ डिफरेंस है। तो एक छोटा सा
- 2:54:21डिफरेंस है। ये जो एसएमसी है ना ये पार्ट
- 2:54:24है आईसीटी कांसेप्ट का। यानी मेन जो
- 2:54:26कांसेप्ट हैं वो आईसीटी के अंदर आते हैं।
- 2:54:28मतलब ये है आईसीटी और इसके अंदर आ रहा है
- 2:54:33एसएमसी। तो पूरा आईसीटी सीखना आपके लिए
- 2:54:36जरूरी नहीं है। जो इंपॉर्टेंट कांसेप्ट्स
- 2:54:38हैं वो एसएमसी के अंदर आते हैं और वही
- 2:54:40कांसेप्ट मैं आपको सिखा रहा हूं। अगर आप
- 2:54:41पूरे कांसेप्ट सीखना चाहते हैं तो आप
- 2:54:43कमेंट कीजिए। हम हो सकता है उसके ऊपर भी
- 2:54:45आगे चलके वीडियो बना देंगे। लेकिन आप
- 2:54:47कमेंट जरूर कर दीजिएगा। अभी आपको दोनों के
- 2:54:49बीच का डिफरेंस समझ आ गया है कि जो
- 2:54:50इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है वो एसएमसी के अंदर
- 2:54:52आते हैं। आईसीटी की फुल फॉर्म होती है इनर
- 2:54:54सर्कल ट्रेडर जो कि एक पर्सन है उन्होंने
- 2:54:57ये पूरा कांसेप्ट बनाया था जो कि ट्रेडिंग
- 2:54:59में अच्छा खासा काम कर रहा था। ऐसा नहीं
- 2:55:00है कि मैंने बनाया है वहां से आया है और
- 2:55:02वही चीजें मैं आप लोगों को समझा रहा हूं
- 2:55:04और उसमें जो इंपॉर्टेंट कांसेप्ट्स होते
- 2:55:06हैं वो एसएमसी के अंदर आते हैं। तो ये
- 2:55:08कंफ्यूजन क्लियर हो गया है। तो अब चलिए
- 2:55:10प्रैक्टिकल चीजें देखना शुरू करते हैं। तो
- 2:55:12अभी तक आपने एसएमसी कीेंस समझ ली है। अब
- 2:55:15ये एसएमसी कांसेप्ट्स हैं क्या? कैसे आप
- 2:55:18चार्ट पे चीजों को समझेंगे अब वह समझना
- 2:55:20शुरू करते हैं। लेकिन इससे पहले अगर आप
- 2:55:21क्रिप्टो के फ्यूचर्स में ट्रेड करना
- 2:55:23चाहते हैं तो इसके लिए जिस प्लेटफार्म का
- 2:55:25मैं यूज़ करता हूं उसका नाम है डेल्टा
- 2:55:26एक्सचेंज। तो अगर आपको क्रिप्टो में ट्रेड
- 2:55:28करना है वो भी इंडिया में रहकर एफआईयू
- 2:55:30रजिस्टर्ड प्लेटफार्म से ट्रेड करना है तो
- 2:55:31आप डेल्टा एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन
- 2:55:33कर सकते हैं। और अगर आप हमारे लिंक का
- 2:55:35यूज़ करके अपना अकाउंट ओपन करते हैं तो
- 2:55:36आपको काफी सारे बेनिफिट्स मिलेंगे। उसके
- 2:55:38लिए नीचे Google फॉर्म फिल कर दीजिएगा।
- 2:55:40पहला बेनिफिट है हमारी तरफ से अधीरा एआई
- 2:55:42का ₹2000 का सब्सक्रिप्शन मिलता है। दूसरा
- 2:55:44आपको यह पीडीएफ भी मिल सकती है। इसके लिए
- 2:55:46आप अकाउंट ओपन करने के बाद Google फॉर्म
- 2:55:48फिल करेंगे तो हमारी टीम आपको कांटेक्ट
- 2:55:50करती है। आप उनसे पीडीएफ भी ले सकते हैं।
- 2:55:51इसके अलावा भी बहुत सारे बेनिफिट्स हैं जो
- 2:55:53हमारी टीम आपको कांटेक्ट करके बताएगी। तो
- 2:55:55इसके लिए हमारे लिंक से अकाउंट ओपन करने
- 2:55:57के बाद ही आपने Google फॉर्म को फिल करना
- 2:55:59है। अब जब आपको ये क्लियर हो चुका है तो
- 2:56:01अब आपके लिए समझना जो पहला कांसेप्ट मैं
- 2:56:03आपको एसएमसी का बता रहा हूं वो है बीओएस
- 2:56:06यानी ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर। अब ये ब्रेक ऑफ
- 2:56:09स्ट्रक्चर होता क्या है? इसके लिए आप
- 2:56:11चार्ट पे ध्यान से देखिएगा। तो यहां पर
- 2:56:13हमने बुलिश और बयरिश बीओएस बता रखे हैं।
- 2:56:16लेकिन पहले मैं आपको एक बार समझा देता
- 2:56:17हूं। देखो मैंने आपको बताया कि इस तरीके
- 2:56:19से जब चार्ट बढ़ रहा है तो ये क्या है? ये
- 2:56:21है अप ट्रेंड। तो यहां पर जब अपटेंड हो
- 2:56:24रहा होगा तो ये क्या होगा? ये होगा हमारा
- 2:56:26लो। ये होगा हाई। ये होगा हायर लो। ये
- 2:56:29होगा हायर हाई। ये होगा हायर लो। देखो
- 2:56:32ध्यान से देखना। मैं अप ट्रेंड की बात कर
- 2:56:34रहा हूं। तो अप ट्रेंड में आपको दिखाई
- 2:56:36देता है कि जब भी हायर हाई बनता है और
- 2:56:38उसके बाद प्राइस थोड़ा सा नीचे जाने लगी
- 2:56:40होगी। जैसे मान लो यहां पर हायर हाई बनाया
- 2:56:42उसके बाद प्राइस थोड़ा सा नीचे जाने लगी
- 2:56:44है। तो आपको क्या पता है? ये क्या है? ये
- 2:56:46आपका हायर हाई है। अभी प्राइस नीचे को
- 2:56:48जाने लगी है। तो आपने क्या करना है? जैसे
- 2:56:50ही हायर हाई बन जाता है ना आपने इससे लगते
- 2:56:52हुए एक इस तरीके से लाइन ड्रॉ कर लेनी है।
- 2:56:55ठीक है? अब जैसे ही आप ये लाइन ड्रॉ कर
- 2:56:57लेते हैं उसके बाद देखिए प्राइस पहले नीचे
- 2:56:59को जाएगी। अब इसके बाद अगर अप ट्रेंड चल
- 2:57:02रहा है तो वापस से प्राइस आएगी और इसके
- 2:57:04ऊपर चली जाएगी जाएगी। तो जैसे ही प्राइस
- 2:57:07इसके ऊपर चली जाती है ना तो यहां पर हम
- 2:57:09कहते हैं आपने हायर हाई से लगते हुए लाइन
- 2:57:11ड्रॉ की थी और अब प्राइस उस लाइन के ऊपर
- 2:57:13चली गई है तो हम इसको कहते हैं बीओएस यानी
- 2:57:17ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर। ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर
- 2:57:20से हमें यह पता चलता है कि जो ट्रेंड चल
- 2:57:22रहा था ये ट्रेंड अभी कंटिन्यू हो रहा है।
- 2:57:24मतलब आगे बढ़ता हुआ जा रहा है। तो अगर अप
- 2:57:26ट्रेंड चल रहा था तो अभी भी अपटेंड चल रहा
- 2:57:29है। तो अगर आपको पता है कि अप ट्रेंड चल
- 2:57:31रहा है तो वहां पर आप कौन सा ट्रेड लेंगे?
- 2:57:33आप सिर्फ बाय करने का ट्रेड ही प्लान
- 2:57:35करेंगे। आप शॉर्ट करने का ट्रेड प्लान
- 2:57:36नहीं करेंगे। ये बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट
- 2:57:38है क्योंकि ट्रेडिंग में आपको पहले से पता
- 2:57:40होना चाहिए। आपका एक बायस होना चाहिए कि
- 2:57:42आप बाय करने का ट्रेड लेंगे या शॉर्ट करने
- 2:57:44का ट्रेड लेंगे। उसके बाद आप डिसाइड
- 2:57:46करेंगे कि आपको कैसा ट्रेड लेना है। तो,
- 2:57:47यह चीज़ आपको क्लियर हो गई है कि बुलिश
- 2:57:49बीओएस क्या होता है। अब मैंने आपको बताया
- 2:57:51है कि जब प्राइस गिर रही होती है, तो कुछ
- 2:57:53इस तरीके से गिरती है और यहां पर क्या
- 2:57:55बनाती है प्राइस? यहां पर प्राइस बनाती है
- 2:57:57लोअर लो और लोअर हाई। लोअर लो और लोअर
- 2:58:02हाईज़ की फॉर्मेशन हमें देखने को मिलती है।
- 2:58:04तो जब प्राइस गिर रही है यानी जब डाउन
- 2:58:06ट्रेंड चल रहा है तो आपने क्या करना है?
- 2:58:08आपने लोअर लो से लगते हुए इस तरीके से एक
- 2:58:10लाइन ड्रॉ कर लेनी है। जैसे मान लो कि ये
- 2:58:12आपका लोअर लो है। तो जैसे ही लोअर लो बनने
- 2:58:14के बाद प्राइस ऊपर जाने लगी आपने क्या
- 2:58:16किया? आपने इससे लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर
- 2:58:18ली। अब दोबारा से जैसे ही प्राइस इस लेवल
- 2:58:21के नीचे आ जाएगी। ये आपका क्या था? लोअर
- 2:58:24लो था। प्राइस जैसे ही इस लेवल के नीचे
- 2:58:26आती है, तो यहां पर क्या होगा? यहां पर
- 2:58:28होगा हमारा ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर। और ये कौन
- 2:58:31सा ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर है? यह बेयरिश
- 2:58:33ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर है। यानी इस पैटर्न के
- 2:58:35बनने के बाद हम कंफर्म होते हैं कि अगर
- 2:58:37डाउन ट्रेंड चल रहा था तो अभी भी डाउन
- 2:58:39ट्रेंड कंटिन्यू हो रहा है। तो बीओएस से
- 2:58:42हमें सबसे पहले ट्रेंड कंफर्म हो रहा है
- 2:58:44या पता चल रहा है। तो इस तरीके से हम अपनी
- 2:58:47ट्रेड के बारे में प्लानिंग कर सकते हैं।
- 2:58:48अब ये लाइन में तो मैंने आपको बता दिया।
- 2:58:50अब चार्ट में भी देख लेते हैं कि ब्रेक ऑफ
- 2:58:52स्ट्रक्चर क्या होता है। देखिए आपको दिखाई
- 2:58:54दे रहा है कि यहां पर आपका क्या बना है?
- 2:58:57हायर हाई। यहां पर आपका हायर हाई बनाया
- 2:58:59है। अब हायर हाई से लगते हुए आपने लाइन
- 2:59:00ड्रॉ की तो जैसे ही देखिए ब्रेक ऑफ
- 2:59:03स्ट्रक्चर बीच में नहीं हुआ है। वो हमने
- 2:59:04खाली लिखा है। ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर यहां पर
- 2:59:06हुआ है। जैसे ही किसी कैंडल ने इस हाई के
- 2:59:09ये जो हाई था इससे रखते हुए लाइन ड्रॉ की
- 2:59:11इसके ऊपर क्लोजिंग दे दी तो हम कहते हैं
- 2:59:13कि हमारा ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर कंफर्म हो
- 2:59:15चुका है और इसके बाद हमें पता है कि
- 2:59:16प्राइस के बढ़ने के चांसेस होंगे। तो यहां
- 2:59:19पर आपको चार्ट में भी समझ आ गया है कि
- 2:59:21बुलिश ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर क्या होता है।
- 2:59:22अब बयरिश ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर भी देख
- 2:59:24लीजिए। यहां पर हमने क्या किया? हमने लोअर
- 2:59:26लो से लगते हुए लाइन ड्रॉ की और जैसे ही
- 2:59:29प्राइस ने इस लोअर लो के नीचे क्लोजिंग दे
- 2:59:31दी है। यह था लोअर लो। इससे लगते हुए लाइन
- 2:59:33ड्रॉ की। यहां पर नीचे क्लोजिंग दे दी। तो
- 2:59:35यहां पे क्या हो गया? हमारा ब्रेक ऑफ
- 2:59:37स्ट्रक्चर हो चुका है। जो कि एक बेरिश
- 2:59:38ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर है। अगेन देखिए यहां
- 2:59:40पर हमारा लोअर लो था। इससे लगते हुए लाइन
- 2:59:42ड्रॉ की। ये रेड कैंडल ने इसके नीचे
- 2:59:44क्लोजिंग दे दी। तो हमारा क्या हो गया?
- 2:59:46ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हो चुका है। जो कि
- 2:59:48क्या है? एक बेयरिश ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर
- 2:59:50है। और इससे हमें क्या पता चल रहा है?
- 2:59:52इससे हमें यह पता चल रहा है कि बेयरिश
- 2:59:54ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हो रहा है तो प्राइस
- 2:59:56अभी भी गिर ही रही है और अगर बुलिश ब्रेक
- 2:59:58ऑफ स्ट्रक्चर हो रहा है तो प्राइस अभी भी
- 3:00:00बढ़ ही रही है लेकिन ट्रेंड चेंज हो रहा
- 3:00:02है वो हमें कैसे पता चलेगा मतलब हर बार ही
- 3:00:05तो प्राइस गिरती नहीं रहेगी ना प्राइस
- 3:00:06कहीं से तो ऊपर उठेगी यानी ट्रेंड चेंज हो
- 3:00:09रहा है वो कैसे पता चलेगा तो इसके लिए जो
- 3:00:11कांसेप्ट यहां पर यूज़ किया जाता है उसको
- 3:00:13हम कहते हैं सीओ सीएच यानी चेंज ऑफ
- 3:00:16कैरेक्टर
- 3:00:17यानी इसका कैरेक्टर बदल चुका है। ठीक है?
- 3:00:20अभी तक सीधा था। अब बिगड़ चुका है ये। तो
- 3:00:22ये है इसका चेंज ऑफ कैरेक्टर। और इसको हम
- 3:00:25एक रिवर्सल साइन की तरह लेते हैं। ये भी
- 3:00:27हमारे लिए जानना जरूरी है। क्योंकि अगर
- 3:00:29हमें पता है कि यहां से रिवर्सल आ सकता
- 3:00:31है। तो रिवर्सल आ रहा है। अगर मान लीजिए
- 3:00:33आप अगर शॉर्ट करने का ट्रेड ले रहे थे और
- 3:00:36आपको पता है कि रिवर्सल आ रहा है तो फिर
- 3:00:37आप अपने ट्रेड को बाय करने के हिसाब से
- 3:00:39चेंज कर सकते हैं। तो यह हमें पता चलता है
- 3:00:42चेंज ऑफ कैरेक्टर से। और यह जो चेंज ऑफ़
- 3:00:44कैरेक्टर है, इसको आप एक पहली वार्निंग की
- 3:00:47तरह ले सकते हैं। मतलब मार्केट आपको
- 3:00:49वार्निंग दे रहा है कि देख मैं बदलने वाला
- 3:00:51हूं। लेकिन वो वार्निंग आपको समझ आएगी
- 3:00:53चेंज ऑफ करैक्टर से। अब चार्ट में आप इस
- 3:00:55चेंज ऑफ कैरेक्टर को कैसे देखेंगे वो
- 3:00:57समझते हैं। तो इसके लिए मैं सीधा आपको ये
- 3:00:59जो हमने ड्राइंग कर रखी है इसमें ही लेके
- 3:01:01चलते हैं। ये जो पीडीएफ है इसको बनाने में
- 3:01:03बहुत ज्यादा मेहनत लगती है। तो कमेंट जरूर
- 3:01:06कीजिएगा। लाइक अगर आप करेंगे तो हमें लगता
- 3:01:08है कि हमारी जो मेहनत है वो सफल हुई है।
- 3:01:09तो यहां पर देखिए यहां पर आपको दिखाई दे
- 3:01:11रहा है कि हमने क्या कर रखा है? हमने यहां
- 3:01:14पर लो मार्क कर रखा है। ये लोअर हाई मार्क
- 3:01:16कर रखा है। ये लोअर लो मार्क कर रखा है।
- 3:01:18यानी ये क्या चल रहा था? ये चल रहा था
- 3:01:20हमारा डाउन ट्रेंड। अब हमेशा तो ऐसा नहीं
- 3:01:23होगा ना कि लोअर हाई लोअर लो चल रहा है।
- 3:01:24कई बार देखिए प्राइस इस तरीके से यहां पे
- 3:01:27लो बना। यहां पे लोअर हाई बना। उसके बाद
- 3:01:31प्राइस नीचे आई। फिर से लोअर लो बना। फिर
- 3:01:34प्राइस ऊपर गई। यहां पे लोअर हाई बनाया।
- 3:01:37अब इसके बाद प्राइस क्या थी? यह जो लोअर
- 3:01:39लो था इससे नीचे नहीं निकल पाई। या फिर कई
- 3:01:42बार निकल भी गई। मान लो निकल गई। लेकिन
- 3:01:44इसके बाद ये जो लोअर हाई था इससे अगर ऊपर
- 3:01:47निकल जाती है तो हमने क्या करना है? जब भी
- 3:01:49चार्ट में आपको लोअर हाई बनता हुआ नजर
- 3:01:51आएगा। जैसे ये वाला एक लोअर हाई बना। तो
- 3:01:53आपने इससे लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर ली।
- 3:01:55आपने वेट करना है कि क्या प्राइस इससे ऊपर
- 3:01:57निकल रही है? तो निकली यहां पे प्राइस
- 3:01:59नहीं निकली। तो यहां पर कोई भी चेंज ऑफ़
- 3:02:01करैक्टर नहीं हुआ। हमने इससे लगते हुए भी
- 3:02:03मार रखी कर रखी होगी। यहां पर हमारा ब्रेक
- 3:02:05ऑफ स्ट्रक्चर हो गया। तो हमें पता है कि
- 3:02:07हमारा ट्रेंड जो है वो कंटिन्यू हो रहा
- 3:02:09है। बट इसके बाद हमने फिर से देखिए यहां
- 3:02:12पर जब हम आए तो हमने यहां से लगते हुए एक
- 3:02:14लाइन ड्रॉ कर दी। उसके बाद प्राइस नीचे
- 3:02:16गई। लेकिन थोड़ी देर बाद हम क्या देखते
- 3:02:18हैं कि प्राइस ने क्या किया? ये जो हमारा
- 3:02:20लोअर हाई से लगते हुए हमने लाइन ड्रॉ की
- 3:02:22थी। इसके ऊपर क्लोजिंग दे दिया है। तो
- 3:02:24इसका मतलब होता है कि चेंज ऑफ करैक्टर हो
- 3:02:26चुका है। अभी तक प्राइस गिर रही थी। अब
- 3:02:28प्राइस के यहां से ऊपर जाने के चांसेस
- 3:02:31हैं। गारंटी नहीं है। चांसेस हैं। तो
- 3:02:34चांसेस हैं। ये हमें पता है। तो इसका मतलब
- 3:02:36क्या है? अब हम अपने जो हमारा जो बायस था
- 3:02:39उसको चेंज करेंगे। उसके हिसाब से
- 3:02:41स्ट्रेटजी ढूंढेंगे। उसके हिसाब से आगे जो
- 3:02:43मैं आपको कांसेप्ट समझाऊंगा ऑर्डर ब्लॉक,
- 3:02:45फेयर वैल्यू गैप ये सारी चीजें देखेंगे।
- 3:02:47तो आपको पता चल गया कि चेंज ऑफ कैरेक्टर
- 3:02:49कैसे होता है। ये मैंने आपको दिखाया कि
- 3:02:52आपका एक तरह से बुलिश चेंज ऑफ करैक्टर है।
- 3:02:54क्योंकि पहले प्राइस गिर रही थी और यहां
- 3:02:55से प्राइस बढ़ गई है। अब इसी चीज को आप
- 3:02:58यहां पर चार्ट में भी देख सकते हैं। देखिए
- 3:03:00चार्ट में हमेशा बिल्कुल एक्यूरेट चीजें
- 3:03:02नहीं होती हैं। आप अगर ध्यान से देखेंगे
- 3:03:04तो आपको दिखाई देगा कि यहां से हमने बीओएस
- 3:03:07मार्क कर रखा था। इस तरीके से बीओस मार्क
- 3:03:09कर रखा था और यहां पे हमने मार्क कर रखा
- 3:03:11था सीएचओ सीए के लिए। और उसके बाद हमें
- 3:03:13दिखाई देता है कि यहां पर जो क्लोजिंग है
- 3:03:16वो इसके ऊपर हो चुकी है। तो इसका मतलब
- 3:03:18यहां पर चेंज ऑफ करैक्टर हो चुका है। अभी
- 3:03:20तक प्राइस गिर रही थी। अब प्राइस के बढ़ने
- 3:03:21के चांसेस हैं और उसके बाद आप देखते हैं
- 3:03:23कि प्राइस यहां पर हमें बढ़ती हुई नजर आती
- 3:03:25है। तो इस तरीके से हमें चेंज ऑफ करैक्टर
- 3:03:28का पता चल गया है। अब इसके बाद बेयरिश
- 3:03:30चेंज ऑफ करैक्टर भी देख लेते हैं। अब
- 3:03:32बेयरिश चेंज ऑफ कैरेक्टर भी आपके लिए
- 3:03:34समझना बहुत ज्यादा आसान है। तो यहां पर
- 3:03:36ध्यान से देखिए। आपको पता है कि होता क्या
- 3:03:40है कि पहले प्राइस अप ट्रेंड में चल रही
- 3:03:42है। अप ट्रेंड में चल रही है तो आपको पता
- 3:03:43है हायर हाईज़ एंड हायर लोस की फॉर्मेशन
- 3:03:45देखने को मिलेगी। तो आप क्या कर रहे
- 3:03:47होंगे? जैसे यहां पर आपका हाई बना होगा तो
- 3:03:49आपने इस तरीके से लगते हुए एक लाइन ड्रॉ
- 3:03:51की होगी। ये क्या होगा? यहां पर आपका BOS
- 3:03:54होगा। तो हमने मार्क नहीं कर रखा लेकिन
- 3:03:55यहां पर BOS हुआ है। ऐसे ही यहां पर हमने
- 3:03:58देखा यहां पर हमारा क्या हुआ? BOS हो चुका
- 3:04:00है। और वो BOS यहां पे हुआ है। ऐसे ही
- 3:04:03हमने यहां पर भी लाइन मार्क करके रखी
- 3:04:05होगी। लेकिन इस बार प्राइस इससे ऊपर नहीं
- 3:04:07गई। तो हमने देखा जब प्राइस इससे ऊपर नहीं
- 3:04:09गई तो हमने क्या किया? हमने इसका जो हायर
- 3:04:11लो था उससे लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर दी
- 3:04:14कि भाई ऊपर नहीं गई तो नीचे जा रही होगी।
- 3:04:15और जैसे ही किसी प्राइस ने इस हायर लो के
- 3:04:18नीचे क्लोजिंग दे दी है। तो इस जगह पर
- 3:04:20क्या हुआ है? हमारा चेंज ऑफ कररेक्टर हो
- 3:04:21चुका है जो कि बेरिश चेंज ऑफ करैक्टर है
- 3:04:23क्योंकि पहले प्राइस बढ़ रही थी। अब
- 3:04:25प्राइस गिरने लगी है। अब जब प्राइस गिरने
- 3:04:27लगी है तो हम क्या करेंगे? अब हम बीओएस को
- 3:04:29कहां ढूंढेंगे? हम यहां पर ढूंढेंगे। हम
- 3:04:31इससे लगते हुए लाइन ड्रॉ करेंगे। अब
- 3:04:33क्योंकि डाउन ट्रेंड हो चुका है ना तो
- 3:04:34यहां पर हमने अपना बीओएस मार्क किया।
- 3:04:36प्राइस ने इसके नीचे क्लोजिंग दी। तो हम
- 3:04:38कंफर्म हो गए कि भाई डाउन ट्रेंड शुरू हो
- 3:04:40चुका है। तो हम यहां से अपना ट्रेड जो है
- 3:04:42वो उस तरीके से प्लान कर सकते हैं। अब इधर
- 3:04:44पे भी आपको दिखाई दे रहा है कि पहले क्या
- 3:04:46चल रहा था? पहले आपको दिखाई दे रहा है कि
- 3:04:48यहां पर आपका अप ट्रेंड चल रहा था। देखिए
- 3:04:49बीओएस यहां पर हो रहा था। फिर से आपको
- 3:04:51दिखाई दे रहा है कि यहां पर अपटेंड चल रहा
- 3:04:53था। तो इस जगह पर आपका बीओएस हुआ। लेकिन
- 3:04:55इसके बाद यहां पर क्या रहा होगा? यहां पर
- 3:04:58आपका रहा होगा हायर लो और उसके बाद आपने
- 3:05:00इससे लगते हुए एक लाइन ड्रॉ की जो कि हमने
- 3:05:02यहां पर कर रखी है। तो जैसे ही हमने ये
- 3:05:04लाइन ड्रॉ की आपने देखा कि इस जगह पर जो
- 3:05:07प्राइस है उसने उसके नीचे क्लोजिंग दे दी
- 3:05:09है और जैसे ही क्लोजिंग दी तो हमें पता चल
- 3:05:10गया कि यहां पे क्या हो चुका है? चेंज ऑफ
- 3:05:12करैक्टर हो चुका है। यानी प्राइस के गिरने
- 3:05:14के चांसेस हैं। और उसके बाद जब प्राइस
- 3:05:16गिरी है तो हमने फिर क्या किया? जब प्राइस
- 3:05:18गिर गई तो हमने जो हमारा यहां पर लो
- 3:05:21[गला साफ़ करने की आवाज़] था उससे लगते
- 3:05:22हुए लाइन ड्रॉ की है और इसके बाद आप देख
- 3:05:24सकते हैं कि यहां पर हमारा ब्रेक ऑफ
- 3:05:26स्ट्रक्चर हुआ है यानी डाउन ट्रेंड कंफर्म
- 3:05:28हो चुका है। तो आज आपको पता चला है कि
- 3:05:30कैसे आप कंफर्म होंगे कि यहां पर डाउन
- 3:05:32ट्रेंड आगे भी कंटिन्यू हो रहा है या फिर
- 3:05:34ट्रेंड रिवर्स हो रहा है। अब जो नेक्स्ट
- 3:05:36कांसेप्ट आपने समझना है वो है सीआईएसडी का
- 3:05:39यानी चेंज इन स्टेट ऑफ डिलीवरी। ये भी एक
- 3:05:42तरह से चेंज ऑफ कैरेक्टर की तरह ही है।
- 3:05:43यानी ये बताता है कि कहां से ट्रेंड
- 3:05:45रिवर्स होने वाला है। लेकिन ये एक अर्ली
- 3:05:48वार्निंग साइन की तरह यूज़ किया जा सकता
- 3:05:49है। मतलब चेंज ऑफ करैक्टर आपको बाद में
- 3:05:52बताएगा। जैसे यहां पर हमने एग्जांपल दे
- 3:05:53रखा है। चेंज ऑफ करैक्टर यहां पे जाके
- 3:05:55आपको बता रहा है कि ट्रेंड जो है वो चेंज
- 3:05:57हो चुका है। लेकिन सीआईएसडी ने आपको बहुत
- 3:05:59पहले ही बता दिया है। तो सीआईएसडी के थ्रू
- 3:06:02भी आप ये पता कर सकते हैं कि कहां से
- 3:06:03ट्रेंड चेंज होने वाला है। और इसका सबसे
- 3:06:05बड़ा फायदा यह है कि अगर आपको समझ आ रहा
- 3:06:07है ना कि कहां से ट्रेंड चेंज होने वाला
- 3:06:09है। तो अगर आप यहां पर बाय करने का ट्रेड
- 3:06:11लेने वाले थे तो शायद आप वो ट्रेड आप अभी
- 3:06:13नहीं लेंगे। जरूरी नहीं है कि आप वहीं पे
- 3:06:15शॉर्ट करने का ट्रेड लेंगे। लेकिन आप गलत
- 3:06:17ट्रेड लेने से बच सकते हैं और साथ ही आप
- 3:06:19कई बेटर ट्रेड्स को बहुत पहले ही पकड़
- 3:06:22सकते हैं। तो इसका यूज़ हम करते हैं चेंज
- 3:06:24इन स्टेट ऑफ डिलीवरी को समझने के लिए। अब
- 3:06:26इसको समझने के लिए ना सीधा चार्ट पे चलते
- 3:06:28हैं क्योंकि वहां पर आपको जो चीजें हैं वो
- 3:06:30ज्यादा बेहतर समझ आएंगी। तो हम आ चुके हैं
- 3:06:33चार्ट पे और चार्ट पे जाने के बाद मैं
- 3:06:35आपको अब सीआईएसडी का सीधा एग्जांपल दिखाता
- 3:06:37हूं। तो सबसे पहले मैं आपको बुलिश
- 3:06:39सीआईएसडी यानी चेंज इन स्टेट ऑफ डिलीवरी
- 3:06:41के बारे में बताने जा रहा हूं। तो बुलिश
- 3:06:43सीआईएसडी के लिए सबसे पहला जो रूल है वो
- 3:06:45यह है कि जो चार्ट है वो डाउन ट्रेंड में
- 3:06:46होना चाहिए। जैसे यहां पर आप देख सकते हैं
- 3:06:49कि जो हमारा चार्ट है वो डाउन ट्रेंड में
- 3:06:51चल रहा है। तो आपको डाउन ट्रेंड दिखाई दे
- 3:06:53रहा है और साथ में अगर आप बीओएस भी मार्क
- 3:06:55करेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि हां भाई
- 3:06:56हमारा जो डाउन ट्रेंड है वो कंटिन्यू हो
- 3:06:58रहा है। अब जब भी डाउन ट्रेंड में आपको
- 3:07:01कोई इंपल्सिव मूव देखने को मिलता है।
- 3:07:04इंपल्सिव मूव का मतलब है आपको बड़ी-बड़ी
- 3:07:06रेड कैंडल देखने को मिलती हैं। तो जब भी
- 3:07:08दो-तीन आपको बड़ी-बड़ी रेड कैंडल देखने को
- 3:07:10मिलेंगी ना तो आप क्या कर सकते हैं? जैसे
- 3:07:12यहां पर आप देख सकते हैं कि ये एक रेड
- 3:07:14कैंडल है। ये भी एक रेड कैंडल है। यानी दो
- 3:07:16बड़ी-बड़ी रेड कैंडल्स आपको यहां पे दिखाई
- 3:07:18दे रही है। तो आप इससे पहली जो अपोजिट कलर
- 3:07:21की कैंडल होगी यानी यहां पर जो ग्रीन कलर
- 3:07:23की कैंडल है इस ग्रीन कैंडल के क्लोज से
- 3:07:26लगते हुए ये जो कैंडल है इस कैंडल के
- 3:07:28क्लोज से लगते हुए इस तरीके से एक लाइन
- 3:07:30ड्रॉ कर सकते हैं। तो अब आप कहेंगे कि भाई
- 3:07:33सबसे बड़ी रेड कैंडल तो मुझे यहां पे
- 3:07:35दिखाई दे रही है। तो आपने यहां से लगते
- 3:07:36हुए लाइन क्यों नहीं ड्रॉ की? तो आप यहां
- 3:07:38से लगते हुए भी अपनी लाइन ड्रॉ कर सकते
- 3:07:39हैं। ऐसा नहीं है। सीआईएसडी आपको चार्ट
- 3:07:42में बहुत बार देखने को मिलेंगे। इवन जब आप
- 3:07:44स्मार्ट मनी कांसेप्ट को देखेंगे ना तो
- 3:07:46आपको दिखाई देगा कि जितने भी कांसेप्ट हैं
- 3:07:48वो आपको चार्ट में बहुत बार देखने को मिल
- 3:07:50रहे हैं। लेकिन हर बार उसके बेसिस पे
- 3:07:52एंट्री नहीं मिलेगी। तो जब एंट्री मिलेगी
- 3:07:55उसी को हमारे लिए समझना जरूरी है। और मैं
- 3:07:57क्योंकि आपको एग्जांपल दे रहा हूं तो मैं
- 3:07:58आपको वही एग्जांपल दिखा रहा हूं जहां पर
- 3:08:01चीजें काम कर रही हैं। यानी जहां पर आपको
- 3:08:03एंट्री मिल रही है। मैं हर जगह पे आपको
- 3:08:05मार्क करके दिखाता रहूंगा। तो उसका कोई
- 3:08:07खास सेंस नहीं बनेगा। तो आपको दिखाई देगा।
- 3:08:09आप हर जगह पे मार्क करो। कोई प्रॉब्लम
- 3:08:11नहीं है। आप जब रीसेंट चार्ट पे जा रहे
- 3:08:12होंगे हो सकता है वहां पर आपको दिखाई दे
- 3:08:14रहा हो। आप वहां पर भी मार्क करो। लेकिन
- 3:08:16मुझे आपको समझाना है इसलिए मैंने
- 3:08:18पर्टिकुलर एग्जांपल यहां पे लिया है। अब
- 3:08:20देखो मैं आपको ये दो रेड कैंडल दिखा रहा
- 3:08:22हूं। लेकिन आप कहोगे कि भाई रेड कैंडल तो
- 3:08:24यहां पे भी बन रखी है। तो आप यहां पर भी
- 3:08:26तो मार्क कर सकते थे। तो देखो जब मान लो
- 3:08:28चार्ट इसके आगे नहीं बन रखा होगा तो हो
- 3:08:30सकता है पहले आपने यहीं पे मार्क किया
- 3:08:31होगा। लेकिन उसके बाद क्या होता है कि
- 3:08:34चार्ट उससे नीचे चला गया। तो अब आपको पता
- 3:08:36है कि वो सीआईएसडी काम नहीं आएगा। तो आप
- 3:08:38क्या करेंगे? आप उसको हटा सकते हैं और
- 3:08:40उसके बाद में हो सकता है जहां पर आपको
- 3:08:41दिखाई दिया मान लो आपको यहां पर दिखाई
- 3:08:43दिया आपने इसको मार्क किया। लेकिन आपको
- 3:08:45पता चल रहा है प्राइस तो और नीचे चली गई
- 3:08:47तो फिर आप यहां पर भी मार्क कर सकते हैं।
- 3:08:48यानी आपको जो भी सीआईएस है या जो भी मैं
- 3:08:51आपको स्मार्ट मनी का कांसेप्ट बताने वाला
- 3:08:53हूं ना ये आपको चार्ट में बहुत बार देखने
- 3:08:55को मिलेंगे। लेकिन हर बार आपको इनके बेसिस
- 3:08:58पे एंट्री नहीं मिलेगी। तो फिर वो जो आपकी
- 3:09:01मार्किंग्स होंगी वो काम नहीं आएंगी।
- 3:09:03लेकिन जब काम आएंगी तभी ये इंपॉर्टेंट
- 3:09:05होंगी। तो इसीलिए हमें बार-बार मार्क भी
- 3:09:07करना पड़ सकता है। लेकिन जब हमारे लिए काम
- 3:09:10आ रही है वहां पर ही मैं अगर आपको
- 3:09:12एग्जांपल दिखाऊं तो आपके लिए समझना आसान
- 3:09:14होगा। मैं आपको दिखा सकता हूं कि यहां पे
- 3:09:15भी है, यहां पे भी है, यहां पे भी है।
- 3:09:17लेकिन क्योंकि मुझे आपको समझाना है। इसलिए
- 3:09:19मैं कोई पर्टिकुलर एग्जांपल लेके चल रहा
- 3:09:20हूं। तो ये मत बोलना कि दिख तो यहां भी
- 3:09:22रहा था। आपने यहां क्यों नहीं मार्क किया?
- 3:09:23यहां भी दिख रहा था। आपने यहां क्यों नहीं
- 3:09:24मार्क किया? मुझे आपको एग्जांपल दिखाना
- 3:09:26है। इसलिए मैं पर्टिकुलर जगह पे मार्क कर
- 3:09:27रहा हूं। तो वापस से इस एग्जांपल को समझते
- 3:09:29हैं। तो देखो यहां पर आपको एक इंपल्सिव
- 3:09:31मूव देखने को मिल रहा है। मतलब एक रेड
- 3:09:33कैंडल मिली है। दूसरी रेड कैंडल बन रखी
- 3:09:35है। तो जब भी ऐसा मूव आपको देखने को मिलता
- 3:09:37है तो आपने इससे पहले जो अपोजिट कलर की
- 3:09:39कैंडल है यानी यहां पर जो ग्रीन कलर की
- 3:09:41कैंडल है इसके क्लोज से लगते हुए आपने इस
- 3:09:44तरीके से एक लाइन ड्रॉ कर लेनी है। तो
- 3:09:46यहां पर आपने लाइन ड्रॉ कर ली। अभी आपका
- 3:09:48सीआईएसडी कंफर्म नहीं हुआ है। अब अगर मान
- 3:09:50लो इसके बाद प्राइस यहां पर यह जो आपने
- 3:09:53लाइन ड्रॉ की है इसको हम सीआईएसडी लाइन कह
- 3:09:56सकते हैं। तो अगर आपको दिखाई देता है कि
- 3:09:58कोई भी कैंडल इसके ऊपर क्लोजिंग दे देती
- 3:10:00है। यानी ये जो ग्रीन कैंडल है इसने इसके
- 3:10:02ऊपर क्लोजिंग दे दी है इस वाली कैंडल ने
- 3:10:04तो यहां पर आपका जो सीआईएसडी है ये कंफर्म
- 3:10:06हो जाता है। तो इस तरीके से आपको यहीं पर
- 3:10:09समझ आ गया कि शायद यहां से ट्रेंड रिवर्स
- 3:10:12कर सकता है। अब जरूरी नहीं है कि इसके बाद
- 3:10:14आपको इसके बेसिस पे एंट्री मिलती। लेकिन
- 3:10:16हम यहां से एक अर्ली वार्निंग साइन की तरह
- 3:10:18इसको यूज़ कर रहे हैं और इसके बेसिस पे हम
- 3:10:20आगे अपना ट्रेड प्लान कर सकते हैं। आगे
- 3:10:23मैं आपको जितनी भी स्ट्रेटजी बताऊंगा उनके
- 3:10:24बेसिस पे ट्रेड कैसे प्लान किए जाते हैं
- 3:10:26ये भी समझाऊंगा। अभी हम इसका एक अपोजिट
- 3:10:28एग्जांपल भी देख लेते हैं। यानी ये मैंने
- 3:10:30आपको बुलिश सीआईएसडी बताया था क्योंकि
- 3:10:32आपको पता है पहले डाउन ट्रेंड चल रहा था।
- 3:10:34उसके बाद यहां पर क्या हुआ? प्राइस ने
- 3:10:36हमारी ये जो नीचे को जब प्राइस गिर रही थी
- 3:10:39इस लाइन को ऊपर की तरफ काटा है। तो यहां
- 3:10:41पर हमारा बुलिश सीआईएसडी बना है। अब मैं
- 3:10:43आपको एक बयरिश सीआईएसडी का एग्जांपल भी
- 3:10:45दिखा देता हूं। तो बयरिश सीआईएसडी के लिए
- 3:10:47जो हमारी सबसे पहली कंडीशन है वो ये है कि
- 3:10:49चार्ट अप ट्रेंड में होना चाहिए। तो आपको
- 3:10:51दिखाई दे रहा है कि यहां पर जो चार्ट चल
- 3:10:53रहा है वो हमारा अप ट्रेंड में चल रहा है।
- 3:10:55अब अप ट्रेंड में जब आपको एक इंपल्सिव मूव
- 3:10:57देखने को मिलता है। अप ट्रेंड में
- 3:10:59इंपल्सिव मूव हमें कहां देखने को मिलेगा?
- 3:11:00जब हरी कैंडल्स बन रही हैं और वो भी काफी
- 3:11:03सारी एक साथ कैंडल्स बन रही हैं। तो ये
- 3:11:05वाला एग्जांपल मैं लेके चल रहा हूं। तो
- 3:11:06यहां पर देखो यहां पर आपको एक कैंडल दिखाई
- 3:11:08दी, दूसरी कैंडल दिखाई दी, तीसरी कैंडल
- 3:11:10दिखाई दी। यानी यहां पर एक इंपल्सिव
- 3:11:12अपसाइड का मूव आया है। तो हम क्या करेंगे?
- 3:11:14हम इससे पहले जो अपोजिट कैंडल होगी यानी
- 3:11:17जो रेड कैंडल है उस रेड कैंडल के क्लोज से
- 3:11:19लगते हुए इस तरीके से लाइन ड्रॉ कर सकते
- 3:11:21हैं। तो यहां पर हमने सीआईएसडी लाइन ड्रॉ
- 3:11:24की है। इसके बाद मान लो जैसे जब ये आपको
- 3:11:27दिखाई दिया होगा कि इंपल्सिव मूव आया तो
- 3:11:29आपने पहले ही लाइन मार्क कर दी होगी। उसके
- 3:11:31बाद आपको दिखाई देता है कि कोई भी कैंडल
- 3:11:33इस लाइन के नीचे क्लोजिंग दे देती है।
- 3:11:35जैसे ये जो हमारी रेड कैंडल है इसने इस
- 3:11:37लाइन के नीचे क्लोजिंग दे दी है। तो यहां
- 3:11:39पर हमारा क्या हुआ? यहां पर हमारा
- 3:11:41सीआईएसडी कंफर्म हो चुका है। तो यह क्या
- 3:11:44है? यह है हमारा बेरिश सीआईएसडी। अब अगर
- 3:11:46इसके बेसिस पे आप एंट्री लेना चाहते हो ना
- 3:11:48यानी अगर आप इसके बेसिस पे ट्रेड भी लेना
- 3:11:50चाहते हो वैसे तो मैं कहूंगा कि अभी बहुत
- 3:11:52सारे कांसेप्ट आपने सीखने हैं तो उन
- 3:11:53कांसेप्ट को भी समझो। तो उनको साथ में
- 3:11:55मिला दोगे कि तो आपकी जो स्ट्रेटजी होंगी
- 3:11:57वो बेटर काम करेंगी। लेकिन अगर आप इसके
- 3:12:00बेसिस पे भी सिर्फ ट्रेड लेना चाहते हो तो
- 3:12:02यहां पर आप क्या कर सकते हो? यहां पर हमें
- 3:12:04शॉर्ट पोजीशन देखने का एक एग्जांपल मिलता
- 3:12:05है। तो हमने यहां पे शॉर्ट पोजीशन सेलेक्ट
- 3:12:07कर ली। तो आप क्या
- 3:12:08[नाक से की जाने वाली आवाज़] कर सकते हो?
- 3:12:08अगर मान लो यहां पर आपका सीआईएसडी कंफर्म
- 3:12:10हो गया होता तो अगर दोबारा से ये जो
- 3:12:12सीआईएसडी लाइन है प्राइस इसको रीिटेस्ट
- 3:12:14करती है तो यहां पर आप अपनी शॉर्ट करने की
- 3:12:17पोजीशन ले सकते हो। यानी इस केस में आप
- 3:12:19यहां पर अपनी शॉर्ट करने की पोजीशन लेते।
- 3:12:21आपका जो स्टॉप लॉस होता वो ये जो स्विंग
- 3:12:23हाईएस्ट से थोड़ा सा ऊपर आपने अपना स्टॉप
- 3:12:25लॉस रखा होता और टारगेट के लिए आप 1:2 का
- 3:12:28टारगेट लेकर चल सकते थे। या फिर आपको कोई
- 3:12:29स्विंग लो दिखाई देता है। आप वहां तक का
- 3:12:31टारगेट लेकर चल सकते थे। तो 1:2 का जो
- 3:12:34टारगेट है वो यहीं पर आपका अचीव हो जाता
- 3:12:36है। इवन इसके बाद अगर आप ध्यान से देखेंगे
- 3:12:38तो प्राइस यहां पर इतना नीचे तक आ गई थी।
- 3:12:41यानी अगर आप चाहते तो आप 1:4 का टारगेट भी
- 3:12:44अचीव कर सकते थे। और ये 1:2, 1:3, 1:4
- 3:12:47क्या है? ये आपको लग रहा होगा कि ये चीज
- 3:12:49क्या होती है? अगर आपने पहले नहीं सुना
- 3:12:51है। तो मैं आपको बता दूं यहां पर मैं बात
- 3:12:52कर रहा हूं रिस्क टू रिवॉर्ड रेशियो की।
- 3:12:55यानी आप कितना रिस्क ले रहे हैं? कितना
- 3:12:57रिवॉर्ड कमाने के लिए? तो अगर 1:4 की हम
- 3:13:00बात कर रहे हैं तो इसका मतलब आप ₹1 का
- 3:13:02रिस्क ले रहे हैं। कितने रुपए कमाने के
- 3:13:04लिए? ₹4 कमाने के लिए। तो अब अगर इस केस
- 3:13:07में मान लो अगर आपका एक बार स्टॉप लॉस हिट
- 3:13:10होता है तो आपने ₹1 गवाए। लेकिन अगर आपका
- 3:13:13एक बार टारगेट हिट होता है तो आपने ₹4
- 3:13:15कमाए। तो इसके बाद अगर मान लो दो बार और
- 3:13:17आपका स्टॉप लॉस हिट हो जाएगा तो टोटल तीन
- 3:13:19स्टॉप लॉस हिट हुए तो आपने ₹3 ही गवाए
- 3:13:22हैं। लेकिन एक ही टारगेट पे आपने ₹4 कमा
- 3:13:24लिए हैं। तो ओवरऑल इसके बाद भी आपके पास
- 3:13:27₹1 का प्रॉफिट बचेगा। तो ये जो रिस्क टू
- 3:13:29रिवॉर्ड रेशियो है ना ये ट्रेडिंग में
- 3:13:31सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट चीज है जिसको लोग
- 3:13:33इग्नोर करते हैं। अगर आप बिना कोई हिसाब
- 3:13:35किताब के ट्रेड लेंगे तो ऐसे में हो सकता
- 3:13:37है कि आपने बहुत सारे ट्रेड में प्रॉफिट
- 3:13:39किया। लेकिन एक ही ट्रेड में आप अपना सारा
- 3:13:41नुकसान करते हैं। साथ ही
- 3:13:43[नाक से की जाने वाली आवाज़] अगर मान
- 3:13:43लीजिए आप क्रिप्टो के फ्यूचर्स में ट्रेड
- 3:13:45करने के बारे में सोच रहे हैं तो इसके लिए
- 3:13:46आप डेल्टा एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन
- 3:13:48कर सकते हैं। मैं भी डेल्टा एक्सचेंज में
- 3:13:50ही ट्रेड करता हूं क्योंकि यहां पर 200
- 3:13:51टाइम्स तक का लवरेज मिल जाता है। दूसरा यह
- 3:13:53इंडिया में एफआईयू रजिस्टर्ड है। तो आपको
- 3:13:55कोई भी ऐड और विथड्रॉ के टाइम पे प्रॉब्लम
- 3:13:57नहीं आएगी। तीसरा क्रिप्टो जो है यह 24 *7
- 3:14:00चलता है। तो अगर आप हमारे लिंक के थ्रू
- 3:14:02डेल्टा एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन करते
- 3:14:03हैं तो आपको हमारी तरफ से अधीरा एi का
- 3:14:05₹2000 का सब्सक्रिप्शन भी मिलेगा। जिसके
- 3:14:07लिए नीचे मैंने आपको एक Google फॉर्म का
- 3:14:09लिंक दे रखा है। उस फॉर्म को भी जरूर फिल
- 3:14:11कर लीजिएगा। तो चलिए आगे बढ़ते हैं। तो अब
- 3:14:13जो नेक्स्ट चीज आपको समझनी है वो है पीडी
- 3:14:15एरेज। पीडी एरेज यानी प्रीमियम डिस्काउंट
- 3:14:17एरेज जिससे हम ये समझने की कोशिश करते हैं
- 3:14:20कि कहां पर कोई चीज महंगी है और कहां पर
- 3:14:23कोई चीज सस्ती है। और इसके लिए कुछ
- 3:14:25कांसेप्ट का हम यूज़ करते हैं जिनका नाम
- 3:14:26पीडी एरेज रखा गया है। तो अब जो सबसे पहला
- 3:14:29कांसेप्ट इसमें हमें समझना है वो है ऑर्डर
- 3:14:32ब्लॉक। और ये जो कांसेप्ट मैं आपको बता
- 3:14:34रहा हूं ना इनको एक तरह से आप स्ट्रेटजी
- 3:14:36के रूप में भी यूज कर सकते हैं। यानी हर
- 3:14:38एक कांसेप्ट एक ट्रेडिंग स्ट्रेटजी की तरह
- 3:14:40यूज किया जा सकता है। लेकिन अगेन कोई भी
- 3:14:43स्ट्रेटजी ऐसी नहीं होती है जो हमेशा काम
- 3:14:45करती है। कहीं ना कहीं बार ये फेल होंगे
- 3:14:47तो आपको अपना स्टॉप लॉस एंड टारगेट साथ
- 3:14:48में लगाना है। तो सबसे पहले हम बेरिश
- 3:14:50ऑर्डर ब्लॉक को समझ लेते हैं। तो जब भी
- 3:14:53आपको डाउन साइड में एक इंपल्सिव मूव देखने
- 3:14:55को मिलता है। इंपल्सिव मूव क्या होता
- 3:14:57मैंने आपको पहले भी बताया कि एकदम से आपको
- 3:14:59बहुत सारी रेड कैंडल्स देखने को मिल रही
- 3:15:00है। जैसा कि यहां पर आप देख सकते हैं। एक
- 3:15:03रेड कैंडल हो गई, दूसरी रेड कैंडल हो गई,
- 3:15:04तीसरी रेड कैंडल हो गई। यानी आपको मल्टीपल
- 3:15:07रेड कैंडल्स यहां पर देखने को मिली हैं।
- 3:15:09तो जब भी आपको ऐसा इंपल्सिव मूव देखने को
- 3:15:11मिलता है, तो आप क्या करते हैं? आप उससे
- 3:15:13पहले वाली जो हमारी कैंडल है, यानी जो इस
- 3:15:16केस में ये वाली ग्रीन कैंडल है, आप इस
- 3:15:18कैंडल के हाई एंड लो से लगते हुए एक एरिया
- 3:15:20मार्क कर देते हैं। तो इस एरिया को कहा
- 3:15:22जाता है बेरिश ऑर्डर ब्लॉक। अब इसी को
- 3:15:25यहां पर हम एग्जांपल से समझते हैं। देखो,
- 3:15:27मैंने आपको दिखाया कि यहां पर मैं एक बार
- 3:15:29ना इसको हटा देता हूं ताकि आपको चीजें
- 3:15:30ज्यादा बेटर समझ आए। यहां पे मैं ये बियर-
- 3:15:34बेयरिश ऑर्डर ब्लॉक को हटा देता हूं। तो
- 3:15:36अब ये बयरिश ऑर्डर ब्लॉक आप मार्क कैसे
- 3:15:38करेंगे? तो इसके लिए यहां पर आपके पास
- 3:15:40टूल्स वाले सेक्शन में ये रेक्टेंगल वाला
- 3:15:41टूल होता है। तो आपने ये रेक्टेंगल टूल को
- 3:15:44यहां से सेलेक्ट कर लिया। अब इसके बाद
- 3:15:45आपको दिखाई दे रहा है कि यहां पर एक
- 3:15:47इंपल्सिव मूव आ रखा है। अब मैंने अगेन
- 3:15:49आपको पहले ही बताया कि चार्ट पे आपको बहुत
- 3:15:51बार ऑर्डर ब्लॉक देखने को मिलेंगे। तो हर
- 3:15:53ऑर्डर ब्लॉक्स जरूरी नहीं है कि उसके
- 3:15:55बेसिस पे आपको एंट्री मिल रही होगी। तो आप
- 3:15:57ऑर्डर ब्लॉक्स को मार्क कर सकते हो। लेकिन
- 3:15:59जिस पे एंट्री मिलेगी आपको मैं वही
- 3:16:00एग्जांपल दिखा रहा हूं। तो यहां पर हमें
- 3:16:02एक इंपल्सिव डाउन साइड का मूव देखने को
- 3:16:04मिला। तो मैंने क्या किया? ये जो इससे
- 3:16:06पहले वाली ग्रीन कैंडल है इस ग्रीन कैंडल
- 3:16:08के हाई एंड लो से लगते हुए इस तरीके से एक
- 3:16:11मैं एरिया मार्क कर लेता हूं। कुछ इस
- 3:16:13तरीके से। तो यह मैंने एरिया मार्क कर
- 3:16:16लिया है। यानी यह जो इससे पहले वाली ग्रीन
- 3:16:18कैंडल है अगर आपको ध्यान से दिखाई नहीं दे
- 3:16:20रहा है तो मैं थोड़ा सा इसको बड़ा भी कर
- 3:16:21देता हूं यहां से ताकि आपको ज्यादा बेटर
- 3:16:24चीजें समझ आए। तो मैं यहां पर देखो मुझे
- 3:16:26दिखाई दिया कि एक इंपल्सिव डाउन साइड का
- 3:16:28मूव है। तो इससे पहले वाली जो ग्रीन कैंडल
- 3:16:30थी मैंने इसके हाई एंड लो से लगते हुए इस
- 3:16:32तरीके से एक एरिया मार्क कर दिया क्योंकि
- 3:16:34मुझे पता है कि यहां पर किसी स्मार्ट मनी
- 3:16:36ने शॉर्ट सेलिंग की है और वो कोशिश करेंगे
- 3:16:38कि प्राइस दोबारा से इस लेवल के पास आए।
- 3:16:40तो जब दोबारा से प्राइस उस लेवल के पास
- 3:16:42आएगी तो वहां से प्राइस के गिरने के
- 3:16:44चांसेस होंगे क्योंकि उनके सेलिंग वाले
- 3:16:46ऑर्डर्स एग्जीक्यूट हो जाएंगे और जब उनके
- 3:16:48ऑर्डर्स एग्जीक्यूट हो रहे हैं तो मेरा भी
- 3:16:50साथ पे वहीं पे ऑर्डर लगा होना चाहिए ना
- 3:16:52क्योंकि मैं समझदार हूं। तो अब देखिए जब
- 3:16:54भी प्राइस दोबारा से इस लेवल के पास आई
- 3:16:56देखो यहां पे मैंने ऑर्डर ब्लॉक मार्क कर
- 3:16:58लिया था। उसके बाद प्राइस नीचे-चे घूम रही
- 3:17:00कोई नहीं घूमती रहे हमें कोई मतलब नहीं
- 3:17:01है। उसके बाद थोड़ी देर बाद प्राइस वापस
- 3:17:04से इस लेवल के पास आती है। देखिए ये वाली
- 3:17:05विक आपको दिखाई दे रही है। यहां पे अगर
- 3:17:08आपको ध्यान से देखेंगे अगर आपको तो आपको
- 3:17:10दिखाई देगा कि ये जो कैंडल है इसमें
- 3:17:12प्राइस वापस से इस लेवल के पास आई और जैसे
- 3:17:14ही इस लेवल के पास आई तो उसके आते ही देखो
- 3:17:17एकदम से प्राइस इतनी ज्यादा क्यों गिरी?
- 3:17:19इसलिए गिरी क्योंकि स्मार्ट मनी के बहुत
- 3:17:22सारे ऑर्डर्स वहां पे लगे थे। वो ऑर्डर्स
- 3:17:24एग्जीक्यूट होने लग गए। एकदम से यहां पे
- 3:17:26सेलिंग शुरू हो गई। और सेलिंग शुरू होने
- 3:17:28का मतलब क्या है? सप्लाई बढ़ गई। सप्लाई
- 3:17:30बढ़ेगी तो क्या होगा? प्राइस गिरेगी। तो
- 3:17:33हमने भी साथ में यहां पर अपना ऑर्डर लगा
- 3:17:35रखा होगा। तो हमारी भी सेलिंग यहां पर हो
- 3:17:38जाएगी। तो इस केस में हमारा ट्रेड कैसे
- 3:17:40होगा? देखिए हमने पहले से अपना पेंडिंग
- 3:17:42ऑर्डर यहां पे हम चाहे तो लगा के रख सकते
- 3:17:43हैं। जैसे मैंने मार्क कर दिया। तो उसके
- 3:17:45बाद मैं अपना ऑर्डर मार्क करके रख सकता
- 3:17:46हूं। अब इस तरीके से मेरा जो स्टॉप लॉस
- 3:17:49होगा वो इस जो मेरा ऑर्डर ब्लॉक है इससे
- 3:17:52थोड़ा सा ऊपर मैंने रख दिया। रही बात
- 3:17:53टारगेट की तो मैं 1:2 का टारगेट भी लेकर
- 3:17:57चल सकता हूं। अदरवाइज़ मुझे इससे पहले
- 3:17:58दिखाई दिया ना प्राइस इस लेवल तक आई थी
- 3:18:00यानी इस लो तक आई थी तो मैं यहां तक का
- 3:18:03टारगेट लेकर चल सकता हूं। अब देखो यह जो
- 3:18:05मेरा टारगेट बन रहा है ये 1:3 का टारगेट
- 3:18:07बन रहा है। यहां पर आपको दिखाई दे रहा है।
- 3:18:09तो इस तरीके से मैं बेयरिश ऑर्डर ब्लॉक का
- 3:18:11फायदा उठा सकता हूं। अब इसी का जो उल्टा
- 3:18:14होता है वो होता है बुलिश ऑर्डर ब्लॉक। तो
- 3:18:16बुलिश ऑर्डर ब्लॉक हमें कब पता चलेगा?
- 3:18:18हमें जब दिखाई देता है कि मार्केट मार्केट
- 3:18:20में एक इंपल्सिव अपसाइड का मूव आया है। तो
- 3:18:23अगेन इंपल्सिव अपसाइड का मूव कब आएगा? जब
- 3:18:26किसी स्मार्ट मनी ने बाइंग की होगी। तो अब
- 3:18:28देखो जैसे ही मुझे यहां पर दिखाई दिया। अब
- 3:18:30मैं एक काम करता हूं। आपको इससे आगे का
- 3:18:32चार्ट हटा देता हूं ताकि आपको चीजें
- 3:18:35ज्यादा बेटर समझ आए। मैंने क्या किया?
- 3:18:37मैंने इससे आगे का चार्ट हटा दिया। अब
- 3:18:39यहां पर देखो यहां पर क्या हुआ कि मैंने
- 3:18:41देखा कि अरे भाई एकदम से इंपल्सिव मूव आ
- 3:18:43रखा है। इसके आगे
- 3:18:44[नाक से की जाने वाली आवाज़] अभी कुछ नहीं
- 3:18:45हुआ। तो जैसे ही मैंने ये देखा तो मैंने
- 3:18:47इससे पहले जो लास्ट रेड कैंडल थी यानी
- 3:18:49बुलिश ऑर्डर ब्लॉक में हमने यहां पे हमें
- 3:18:51बड़ा ग्रीन मूव देखने को मिला है। तो हम
- 3:18:53इससे पहले वाली लास्ट रेड कैंडल के हाई
- 3:18:55एंड लो से लगते हुए इस तरीके से अपना एक
- 3:18:57एरिया मार्क कर देते हैं। कुछ इस तरीके
- 3:18:59से। अब इसके बाद अगर प्राइस दोबारा से इस
- 3:19:02लेवल पे आती है तो यहां पर मैं अपना बाय
- 3:19:04करने का ट्रेड ले सकता हूं। तो इसके बाद
- 3:19:06क्या होता है देखो प्राइस थोड़ी देर बाद
- 3:19:07जो बड़े स्मार्ट मनी है वो प्राइस को वापस
- 3:19:10से नीचे लेके आते हैं। कुछ इस जगह पे मेरा
- 3:19:12जो ट्रेड है वो यहां पर बाय करने का
- 3:19:14एग्जीक्यूट हो गया होगा। यहां पे देखिए
- 3:19:16यहां पे मैं अपना लॉन्ग पोजीशन कुछ इस
- 3:19:19तरीके से यहां पर जैसे ही प्राइस आई तो
- 3:19:21क्योंकि जैसे ही प्राइस वहां पे आई तो
- 3:19:23बड़े उनके जो ऑर्डर्स रहे होंगे वो
- 3:19:25एग्जीक्यूट हो गए और वो ऑर्डर्स
- 3:19:26एग्जीक्यूट हो गए तो फिर एकदम से मार्केट
- 3:19:29में बाइंग आई तो बाइंग आई तो प्राइस
- 3:19:30बढ़ेगी। तो अब मैं क्या कर सकता हूं? मैं
- 3:19:32ये जो ऑर्डर ब्लॉक है इससे थोड़ा सा नीचे
- 3:19:34अपना स्टॉप लॉस रख सकता हूं। अब ये वाली
- 3:19:36जो विक है ये नीचे आ रखी है। तो मैं आपका
- 3:19:38यहां तक का स्टॉप लॉस रख लूंगा। और रही
- 3:19:40बात टारगेट की तो मैं 1:2 का या फिर ये
- 3:19:42स्विंग हाई दिखाई दे रहा है ना मुझे मैं
- 3:19:44यहां तक का टारगेट लेकर चल सकता हूं। तो
- 3:19:46देखो मैंने यहां तक का टारगेट रखा। तो अब
- 3:19:48ये जो मेरा टारगेट बन रहा है ये ऑलमोस्ट
- 3:19:501:3 के आसपास का टारगेट बन रहा है। तो अब
- 3:19:52देखिए मैं इसको प्ले करता हूं तो हमें
- 3:19:54दिखाई देता है कि आगे जाके आराम से मेरा
- 3:19:56जो टारगेट था वो अचीव हो गया होता। तो इस
- 3:19:59तरीके से ऑर्डर ब्लॉक काम करता है और
- 3:20:01उसमें भी हमें जो यहां पर ट्रेड मिल रहे
- 3:20:03हैं वो 1:3 के मिल रहे हैं और 1:3 का मतलब
- 3:20:06है कि एक बार आपने टारगेट हिट कर लिया
- 3:20:08उसके बाद अगर तीन भी स्टॉप लॉस हिट हो गए
- 3:20:10तब जाके आप ब्रेक इवन में आएंगे। तो इसलिए
- 3:20:12ये जो रिस्क टू रिवॉर्ड रेशियो होता है ये
- 3:20:14बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है। तो ऑर्डर
- 3:20:16ब्लॉक आपको क्लियर हो गया। अब चलिए ब्रेकर
- 3:20:18ब्लॉक के बारे में समझते हैं। ब्रेकर
- 3:20:20ब्लॉक बेसिकली एक फेल्ड ऑर्डर ब्लॉक होता
- 3:20:23है। यानी देखो जो ऑर्डर ब्लॉक है वो हमेशा
- 3:20:25काम नहीं करेगा। कहीं ना कई बार जो
- 3:20:27स्ट्रेटजी है वो फेल भी होती है। तो जब ये
- 3:20:29फेल होती है जब कोई ऑर्डर ब्लॉक फेल होता
- 3:20:31है तो वो ब्रेकर ब्लॉक बन जाता है। इसको
- 3:20:33भी मैं आपको डायरेक्टली चार्ट पे समझा
- 3:20:35देता हूं। देखो सबसे पहले ध्यान से देखना।
- 3:20:37मैं आपको ऑर्डर ब्लॉक भी एक बार फिर से
- 3:20:38क्लियर हो जाएगा अगर किसी को डाउट होगा
- 3:20:40यहां पर। तो मैंने आपको बताया है कि जब भी
- 3:20:42कोई अप साइड का आपको इंपल्सिव मूव देखने
- 3:20:45को मिलेगा तो जब भी आपने यहां पर देखा एक
- 3:20:47अप साइड पे आपको इंपल्सिव मूव देखने को
- 3:20:49मिल रहा है। तो आपने क्या करना है? आपने
- 3:20:51उससे पहले वाली जो रेड कैंडल है उसके हाई
- 3:20:54एंड लो से लगते हुए इस तरीके से एक एरिया
- 3:20:56मार्क कर लेना है। एरिया मार्क करने के
- 3:20:58लिए आप एक टूल यूज़ करते हैं जो मैं आपको
- 3:20:59बता चुका हूं। अब जब भी आप ये एरिया मार्क
- 3:21:02कर देते हैं उसके बाद मैंने कहा है कि अगर
- 3:21:04दोबारा से प्राइस इस लेवल पे आती है तो
- 3:21:06यहां से प्राइस के बढ़ने के चांसेस होते
- 3:21:08हैं। ये मैंने आपको ऑर्डर ब्लॉक में बताया
- 3:21:10है। लेकिन मैंने कहा है कि हर बार कोई भी
- 3:21:12स्ट्रेटजी काम नहीं करती। तो इस बार क्या
- 3:21:14हुआ? [गला साफ़ करने की आवाज़] देखो
- 3:21:15प्राइस इसके [नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 3:21:16नीचे आ गई। अब इसके नीचे आई। यानी यह जो
- 3:21:18हमारा ऑर्डर ब्लॉक था, यहां तक ये ऑर्डर
- 3:21:20ब्लॉक था। यह ऑर्डर ब्लॉक फेल हो चुका है।
- 3:21:23यानी यह जो ऑर्डर ब्लॉक है, यह जब फेल्ड
- 3:21:25हो जाता है, तो ये एक ब्रेकर ब्लॉक बन
- 3:21:27जाता है। और उसके बेसिस पे अगर आप मान
- 3:21:29लीजिए यहां पर ट्रेड लेना चाहते थे, तो
- 3:21:31यहां पर आप शॉर्ट करने की एंट्री लेते,
- 3:21:32जैसे ही यह फेल्ड हो गया था, तो उसके बाद
- 3:21:34आप क्या करते? यहां पर आप अपनी शॉर्ट करने
- 3:21:37की एंट्री प्लान कर सकते जैसे ही प्राइस
- 3:21:38दोबारा से इस लेवल के पास आई आपका जो
- 3:21:40स्टॉप लॉस हुआ वो इस ब्रेकर ब्लॉक के
- 3:21:42थोड़ा सा ऊपर भी आप रख सकते हैं। लेकिन
- 3:21:44कुछ केसेस में आपको यह जो आपका स्विंग हाई
- 3:21:46होता है उसके ऊपर भी रखना होता है। तो वो
- 3:21:48स्ट्रेटजीस पर डिपेंड होता है। तो मान
- 3:21:50लीजिए आप यहां पर रखते तो रही बात टारगेट
- 3:21:52की तो आपने आपको जो स्विंग लो नजर आ रहा
- 3:21:55है आप वहां तक का टारगेट लेकर चल सकते
- 3:21:57हैं। तो इस केस में आपको अभी तो स्विंग लो
- 3:21:59यही होता तो आप यहां तक का टारगेट लेकर
- 3:22:01चलते तो आपका 1 1.5 के आसपास का ट्रेड मिल
- 3:22:04रहा था जो कि उतना अच्छा ट्रेड नहीं है।
- 3:22:06तो चाहते तो आप इसको अवॉइड कर सकते थे। या
- 3:22:09फिर अगर मान लीजिए आपका स्टॉप लॉस यहां पे
- 3:22:10होता तो फिर यह 1:3 के आसपास का ट्रेड बन
- 3:22:13सकता था। तो यह आपके ऊपर भी डिपेंड करता
- 3:22:15है कि आप किस तरीके से एक पर्टिकुलर
- 3:22:17स्ट्रेटजी का यूज़ करेंगे। अब चलिए यहां
- 3:22:19पर मैंने आपको एक बयरिश ब्रेकर ब्लॉक बता
- 3:22:21दिया है। तो अब एक बुलिश ब्रेकर ब्लॉक भी
- 3:22:23दिखाते हैं। लेकिन बुलिश ब्रेकर ब्लॉक को
- 3:22:25बताने से पहले आपको बियरिश ऑर्डर ब्लॉक के
- 3:22:28बारे में पता होगा। तो एक जो बयरिश ऑर्डर
- 3:22:31ब्लॉक होगा ना वही जाके आगे हमारा एक
- 3:22:33बुलिश ब्रेकर ब्लॉक बन जाएगा। तो अब ये
- 3:22:36वाला एग्जांपल भी देख लेते हैं। देखिए
- 3:22:37मैंने आपको बताया है कि सबसे पहले ये क्या
- 3:22:39है? सबसे पहले ये एक हमें बेयरिश ऑर्डर
- 3:22:42ब्लॉक बना था। बेयरिश ऑर्डर ब्लॉक कब बनता
- 3:22:44है? जब इंपल्सिव डाउन साइड का मूव आता है,
- 3:22:47तो उससे पहले की जो अपोजिट यानी इस केस
- 3:22:49में ग्रीन कलर की कैंडल है, हमने ग्रीन
- 3:22:51कैंडल के हाई एंड लो से लगते हुए इस तरीके
- 3:22:54से एरिया मार्क कर दिया। अब आगे जाके क्या
- 3:22:56होता है? प्राइस इस ब्रेकर ब्लॉक यानी
- 3:22:58पहले यह ऑर्डर ब्लॉक था तो इस ऑर्डर ब्लॉक
- 3:23:00से ऊपर निकल जाती है। तो अब जब प्राइस इस
- 3:23:02ऑर्डर ब्लॉक से ऊपर निकल गई यानी यह जो
- 3:23:05बेयरिश ऑर्डर ब्लॉक था ये हमारा मिटिगेट
- 3:23:07हो गया है या फेल्ड हो चुका है। तो अब ये
- 3:23:10क्या बन जाएगा? अब ये एक बुलिश ब्रेकर
- 3:23:12ब्लॉक बन जाएगा। यानी दोबारा से जब प्राइस
- 3:23:14इस लेवल पे आती है तो यहां से प्राइस के
- 3:23:15बढ़ने के चांसेस होंगे और आप आगे देख सकते
- 3:23:18हैं कि यहां पर प्राइस इस लेवल के पास आई
- 3:23:20और इसके बाद प्राइस आगे बढ़ी है। तो इस
- 3:23:22केस में आप क्या कर सकते थे? आप यहां पर
- 3:23:24बाय करने का अपना ट्रेड प्लान कर सकते थे।
- 3:23:27अगर मान लो आपने यहां पर भी ट्रेड लिया
- 3:23:28होता तो आपका स्टॉप लॉस यहां पर होता और
- 3:23:31रही बात टारगेट की तो अगर आप 1:2 भी लेके
- 3:23:34चलते या फिर अगर आपको स्विंग हाई देखना है
- 3:23:36तो स्विंग हाई हमारा यहां पर कहीं पे हमें
- 3:23:38दिखाई दे रहा है। तो ये तो बहुत ही बड़ा
- 3:23:40ट्रेड बन रहा था। 1:4 1:5 के आसपास तक भी
- 3:23:43जा रहा था। अगर आप इतना नहीं भी कैप्चर
- 3:23:45करते तो आप 1:2 को आराम से कैप्चर कर सकते
- 3:23:48थे। तो ब्रेकर ब्लॉक क्लियर हो गया? आगे
- 3:23:50बढ़े। कोई डाउट है
- 3:23:51सर? सर। तो अब जो नेक्स्ट कांसेप्ट आपको
- 3:23:53समझना है वो है फेयर वैल्यू गैप का। लेकिन
- 3:23:56उससे पहले अगर आपको ये पीडीएफ चाहिए तो आप
- 3:23:58क्या कर सकते हैं? आप हमारे लिंक के थ्रू
- 3:24:00डेल्टा एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन करने
- 3:24:01के बाद जब Google फॉर्म फिल करेंगे तो
- 3:24:03हमारी टीम आपको कांटेक्ट करेगी। आप उनसे
- 3:24:05ये पीडीएफ मांग सकते हैं। उनके पास पीडीएफ
- 3:24:07होगी तो आप उनसे ले सकते हैं। तो इसके लिए
- 3:24:09हमारे लिंक से ही डेल्टा एक्सचेंज में
- 3:24:10अकाउंट ओपन करने के बाद Google फॉर्म फिल
- 3:24:11कर लीजिएगा। तो अब नेक्स्ट
- 3:24:13[नाक से की जाने वाली आवाज़] कांसेप्ट जो
- 3:24:13हमें समझना है वो है फेयर वैल्यू गैप का।
- 3:24:15साथ ही चैनल को सब्सक्राइब भी जरूर कर
- 3:24:17देना क्योंकि उसके बाद आपको अधीराई का
- 3:24:19सब्सक्रिप्शन भी मिलेगा। तो अब चलिए फेयर
- 3:24:21वैल्यू गैप को समझते हैं। तो इसको समझने
- 3:24:23के लिए भी अगेन हम चार्ट पर चलते हैं और
- 3:24:25वहां पर जाकर ही इसको समझेंगे। सबसे पहले
- 3:24:27मैं आपको बुलिश एफवीजी के बारे में बताता
- 3:24:29हूं। एफवीजी की फुल फॉर्म होती है फेयर
- 3:24:31वैल्यू गैप। पहले मैं आपको बताता हूं फिर
- 3:24:33मैं आपको इसके पीछे का लॉजिक भी समझाऊंगा।
- 3:24:35तो सबसे पहले बुलिश फेयर वैल्यू गैप के
- 3:24:37नाम से ही आपको पता चल रहा है कि जब भी ये
- 3:24:38पैटर्न बनता है तो इसके बाद प्राइस के
- 3:24:40बढ़ने के चांसेस होते हैं। इसको समझने के
- 3:24:43लिए जब भी आपको चार्ट में एक नॉर्मल से
- 3:24:45बड़े साइज की कैंडल देखने को मिलती है जो
- 3:24:47कि बेसिकली ग्रीन कलर की कैंडल होगी
- 3:24:49क्योंकि हम बुलिश एफपीजी की बात कर रहे
- 3:24:50हैं। तो जब भी आपको नॉर्मल से बड़े साइज
- 3:24:52की कैंडल देखने को मिलेगी तब आपने क्या
- 3:24:54करना है? मैं आपको यहां पर दिखा देता हूं।
- 3:24:56अगेन ये जो पैटर्न है ये चार्ट में बहुत
- 3:24:58बार बनेगा। तो ये मत बोलना कि यहां पे
- 3:24:59मार्क क्यों नहीं किया? यहां पे मार्क
- 3:25:00क्यों नहीं किया? हर जगह पे आप मार्क कर
- 3:25:02सकते हो। वो आपकी इच्छा है। मुझे आपको
- 3:25:03एग्जांपल दिखाना है तो मैं आपको हर तरीके
- 3:25:06के एग्जांपल दिखाऊंगा तो कंफ्यूजन होगा।
- 3:25:08तो हमें नॉर्मल से बड़े साइज की कैंडल अगर
- 3:25:10मान लेते हैं सबसे पहले ये कैंडल बन रखी
- 3:25:12थी। तो हमने क्या किया? हमने इससे पहले
- 3:25:14वाली यानी ये जो रेड कैंडल है इस रेड
- 3:25:16कैंडल के हाई से लगते हुए और इसके बाद जो
- 3:25:19ये ग्रीन कैंडल है इस ग्रीन कैंडल के लो
- 3:25:21से लगते हुए इस तरीके से हम अपना एक एरिया
- 3:25:24मार्क कर लेते हैं। और ये होता है हमारा
- 3:25:26फेयर वैल्यू गैप। हमने ध्यान से देखो क्या
- 3:25:28किया? हमने क्या किया? यह जो बड़ी ग्रीन
- 3:25:30कलर की कैंडल बनी थी, हमने इससे पहले वाली
- 3:25:32कैंडल के हाई से लगते हुए और इसके बाद
- 3:25:35वाली कैंडल के लो से लगते हुए एक एरिया
- 3:25:37मार्क कर रखा है जो कि हमारा फेयर वैल्यू
- 3:25:39गैप है। और कौन सा फेयर वैल्यू गैप है?
- 3:25:41बुलिश फेयर वैल्यू गैप है। अगर मैं चाहूं
- 3:25:43तो मैं यहां पर एक और फेयर वैल्यू गैप
- 3:25:45मार्क कर सकता हूं। देखो, इसके बाद यह भी
- 3:25:47एक नॉर्मल से बड़े साइज की कैंडल है। तो
- 3:25:49मैंने इससे पहले वाली कैंडल यानी यह जो
- 3:25:51हमारी अभी वाली ग्रीन कैंडल है, इस ग्रीन
- 3:25:53कैंडल के हाई से लगते हुए और उसके बाद जो
- 3:25:55दूसरी ग्रीन कैंडल है, इस ग्रीन कैंडल के
- 3:25:57लो से लगते हुए इस तरीके से भी मैं अपना
- 3:25:59फेयर वैल्यू गैप मार्क कर सकता हूं। यानी
- 3:26:01बहुत सारे फेयर वैल्यू गैप आपको देखने को
- 3:26:03मिलेंगे। अगर आप बीच में देखोगे तो यहां
- 3:26:05पर कोई गैप नहीं है। अगर मैं मार्क करूंगा
- 3:26:07तो कुछ भी मार्क करने के लिए नहीं बचता
- 3:26:08है। यहां पे देखो दोनों कैंडल बराबर है तो
- 3:26:10यहां पर भी मैं कुछ मार्क नहीं कर सकता
- 3:26:11हूं। अगर मैं इसको मार्क करने के बारे में
- 3:26:13सोच रहा हूं यानी ये वाली ग्रीन कैंडल को
- 3:26:15मार्क करने के बारे में सोच रहा हूं तो
- 3:26:16मैं इससे पहले वाली रेड कैंडल में जाऊंगा।
- 3:26:18तो ये जो रेड कैंडल है आप देखो यहां पर
- 3:26:20है। अब इसके बाद वाली रेड कैंडल तो यहां
- 3:26:22तक आ गई ना तो मैं कैसे यहां पे एरिया
- 3:26:24मार्क करूंगा? यानी यहां पर तो मैं कोई
- 3:26:25एरिया मार्क कर ही नहीं सकता। क्योंकि
- 3:26:27अगली जो कैंडल है वो उसके नीचे तक आई है।
- 3:26:29यानी इतनी बार भी देखने को नहीं मिलेंगे
- 3:26:31जैसा कि यहां पर आपको देखने को मिला है।
- 3:26:33तो जब भी आपको इस तरीके से एक एरिया देखने
- 3:26:36को मिलता है तो इसको हम कहते हैं फेयर
- 3:26:38वैल्यू गैप। अब अगर दोबारा से प्राइस इस
- 3:26:41लेवल के पास कहीं पर भी आती है तो यहां से
- 3:26:43प्राइस के बढ़ने के चांसेस होंगे। जैसे
- 3:26:45अगर आप ध्यान से देखेंगे तो मैंने यह
- 3:26:47एरिया मार्क कर दिया और उसके बाद आगे आप
- 3:26:49देखो जब भी आएगी तब ऐसा होगा। देखो यहां
- 3:26:52पे मैंने एरिया मार्क किया। इस जगह पे
- 3:26:54प्राइस वापस से इस लेवल के पास आई और यहां
- 3:26:56से देखो एक सडन हमें जंप देखने को मिला
- 3:26:59है। अब सवाल उठता है कि ऐसा क्यों है और
- 3:27:02क्यों जब भी फेयर वैल्यू गैप बनता है तो
- 3:27:04प्राइस के वापस से उस लेवल के आने के बाद
- 3:27:06प्राइस के बढ़ने के चांसेस होते हैं। तो
- 3:27:08कांसेप्ट बिल्कुल सेम है। देखो जब भी एक
- 3:27:10नॉर्मल से बड़े साइज की कैंडल बन रही है।
- 3:27:12यानी प्राइस मूव कर रही है ना अगर अच्छा
- 3:27:13मूव कहीं पे भी आ रहा है तो वो इसलिए आ
- 3:27:15रहा होता है क्योंकि कोई बड़ी स्मार्ट मनी
- 3:27:17होती है। कोई बड़ा हैच फंड होता है। कोई
- 3:27:19बड़ा म्यूच्यूल फंड होता है जिसने वहां पर
- 3:27:21हैवी क्वांटिटी में बाइंग की होती है। तो
- 3:27:23अब जब वो बाइंग कर रहे होते हैं तो मैंने
- 3:27:25आपको बताया कि उनके जो ऑर्डर्स होते हैं
- 3:27:27वो छोटे-छोटे ब्लॉक्स में डिवाइड होते हैं
- 3:27:28और सारे ऑर्डर्स एग्जीक्यूट नहीं हुए होते
- 3:27:30हैं। तो अब अगर वो चाहेंगे कि उनके सारे
- 3:27:33ऑर्डर्स एग्जीक्यूट हो जाए तो वो कोशिश
- 3:27:34करेंगे कि प्राइस दोबारा से उस लेवल पे आए
- 3:27:36और अगर प्राइस दोबारा से उस लेवल पे आएगी
- 3:27:38तो उनके बचे हुए ऑर्डर्स एग्जीक्यूट होंगे
- 3:27:40और दोबारा से ऑर्डर्स एग्जीक्यूट होंगे तो
- 3:27:42दोबारा से प्राइस जंप करेगी तो हम भी साथ
- 3:27:44में बाय कर लेंगे। हमें यहां से फुटप्रिंट
- 3:27:46मिल गया। आगे जाके हमने उनके साथ ही अपना
- 3:27:48ऑर्डर प्लेस कर दिया। जैसे यहां पर हम बाय
- 3:27:50करते। तो अब इस केस में आप कैसे बाय करते?
- 3:27:53यहां पे देखिए लॉन्ग पोजीशन मैंने सेलेक्ट
- 3:27:55कर ली। हम यहां पर कहीं पे बाय करते।
- 3:27:57हमारा जो स्टॉप लॉस होता वो वैसे आप
- 3:27:59स्विंग लो के आसपास भी रख सकते हैं या इधर
- 3:28:01पे भी आप अपना स्टॉप लॉस रख सकते हैं।
- 3:28:03टारगेट के लिए 1: या स्विंग हाई भी लेके
- 3:28:06जाओगे तो यहां तक का आपका स्विंग हाई बनता
- 3:28:08है। जो कि अगर हम कहेंगे तो 1:3 के आसपास
- 3:28:11का टारगेट आपका बन रहा है। तो इस तरीके से
- 3:28:13आप अपना फेयर वैल्यू गैप का यूज़ कर सकते
- 3:28:15हैं। ये मैंने बुलिश का एग्जांपल आपको
- 3:28:17दिया। अब चलिए यहीं पर मैं आपको एक बेयरिश
- 3:28:19का एग्जांपल भी दिखा देता हूं। बेयरिश के
- 3:28:21लिए हम क्या करते हैं? हमें जब भी नॉर्मल
- 3:28:23से एक बड़े साइज की रेड कैंडल देखने को
- 3:28:26मिलेगी तो वहां पर हमारा बेयरिश फेयर
- 3:28:28वैल्यू गैप हो सकता है। जैसे देखो यहां पर
- 3:28:30हमें नॉर्मल से एक बड़े साइज की रेड कैंडल
- 3:28:32देखने को मिल रही है। तो हम क्या करेंगे?
- 3:28:34हम इससे पहले वाली जो कैंडल है अब वो चाहे
- 3:28:37ग्रीन हो या रेड हो यानी यह जो कैंडल है
- 3:28:39इस कैंडल के लो से लगते हुए और इसके बाद
- 3:28:42वाली जो कैंडल है यानी ये जो कैंडल है इस
- 3:28:44कैंडल के हाई से लगते हुए इस तरीके से एक
- 3:28:46एरिया ड्रॉ कर देते हैं। जैसे ही प्राइस
- 3:28:48दोबारा से उस लेवल पे आती है तो वहां से
- 3:28:50प्राइस के गिरने के चांसेस होते हैं। जैसा
- 3:28:52कि यहां पर आपको दिखाई दे रहा है। हमने
- 3:28:54सिर्फ यहां पे मार्क किया। उसकी अगली
- 3:28:56कैंडल में ही अगर आप देखते हैं तो आपको
- 3:28:58एंट्री मिल जाती। अगर आपका ध्यान नहीं गया
- 3:29:00तो उसकी अगली कैंडल में भी आपको एंट्री
- 3:29:02मिलती। अब इस केस में आपका जो स्टॉप लॉस
- 3:29:04है वो मुझे नहीं लगता कि इतना अच्छा ट्रेड
- 3:29:06आपको बन रहा था लेकिन कांसेप्ट बिल्कुल
- 3:29:08सेम है। जैसे हमें नॉर्मल से बड़े साइज की
- 3:29:10कैंडल दिखाई दी हमने उससे पहले वाली कैंडल
- 3:29:12के लो से रखते हुए बाद वाली कैंडल के हाई
- 3:29:14से लगते हुए एक एरिया ड्रॉ किया। जैसे ही
- 3:29:15प्राइस दोबारा से उस लेवल पे आई हमने वहां
- 3:29:18पर अपना ट्रेड प्लेस किया। स्टॉप लॉस ये
- 3:29:20जो हमारा एफजी होगा इसके ऊपर रहेगा।
- 3:29:22टारगेट 1:2 का हमें लेके चलना पड़ेगा।
- 3:29:24लेकिन इस बार हमारा जो टारगेट था वो अचीव
- 3:29:27नहीं हो पाता। तो स्टॉप लॉस भी आपके हिट
- 3:29:30होंगे। अब यह वाला जो एग्जांपल मैंने आपको
- 3:29:31दिखाया था, यह जानबूझ के दिखाया था ताकि
- 3:29:33आपको पता चले कि चीजें हर बार भी काम नहीं
- 3:29:35करती हैं। अब मैं आपको अगेन एक एग्जांपल
- 3:29:38दिखा देता हूं बेयरिश फेयर वैल्यू गैप का।
- 3:29:40तो यहां पर आपको
- 3:29:40[नाक से की जाने वाली आवाज़] क्लियरली नजर
- 3:29:41आ रहा है कि नॉर्मल से बड़े साइज की ये एक
- 3:29:43रेड कैंडल है। तो हमने क्या किया? हमने
- 3:29:45इससे पहले वाली जो कैंडल है उसके लो से
- 3:29:48लगते हुए इसके बाद वाली जो कैंडल है इसके
- 3:29:50हाई से लगते हुए इस तरीके से एक एरिया
- 3:29:52ड्रॉ कर लिया है। यानी यहां पर एरिया ड्रॉ
- 3:29:54किया। इसकी अगली ही जो कैंडल थी यहां पर
- 3:29:57आप देखो यहीं पर आपको दिखाई दे रहा है कि
- 3:29:59प्राइस इस लेवल के पास आ गई थी। इस एरिया
- 3:30:01के पास आ गई थी। तो हम क्या करते हम यहां
- 3:30:03पर अपनी शॉर्ट करने की पोजीशन ले सकते थे।
- 3:30:06हमारा जो स्टॉप लॉस होता वो इस लेवल के
- 3:30:08थोड़ा सा ऊपर रहता। अब कैंडल बढ़ी है ना
- 3:30:10तो कई बार स्टॉप लॉस भी बड़े हो जाते हैं।
- 3:30:12और रही बात टारगेट की तो आप 1:2 का भी अगर
- 3:30:15टारगेट लेते तो आप देखेंगे कि आगे जाके एक
- 3:30:17बहुत बड़ा डाउन साइड का मूव आया था। यानी
- 3:30:20इस केस में आपका कोई भी टारगेट होता वो
- 3:30:22आराम से यहां पर जाके आप देख सकते हैं कि
- 3:30:25अचीव हो गया होता। यहां पे इतना बड़ा मूव
- 3:30:27हमें देखने को मिला था। यहां तो 1:10 के
- 3:30:31आसपास का भी टारगेट बन रहा है। ऑलदो इतना
- 3:30:33बड़ा ट्रेड आप ऑब्वियस सी बात है आप
- 3:30:35कैप्चर नहीं कर पाते क्योंकि आपको नहीं
- 3:30:36पता कि प्राइस कितनी ज्यादा गिरेगी लेकिन
- 3:30:381:2 1:3 भी कैप्चर किया होता तो अच्छा
- 3:30:41खासा आप यहां पर अमाउंट बना सकते थे। और
- 3:30:44यह आपको पता कैसे चलता कि भाई मेरा जो
- 3:30:45ट्रेड है वो कहां तक जाएगा। तो इसके लिए
- 3:30:47आप स्विंग लो तक भी अगर आप देखते तो यहां
- 3:30:50पर आपको स्विंग लो नजर आ रहा है। देखो ये
- 3:30:52भी अगर आप देखेंगे तो ये एक स्विंग लो है।
- 3:30:54तो मैं कहूंगा कि इतना आपको नहीं भी पता
- 3:30:56लेकिन इतना तो आपको पता है कि प्राइस इस
- 3:30:59लेवल पे आई है। तो 1:4 तो आप आराम से यहां
- 3:31:01पर कैप्चर कर ही लेते। ठीक है? तो क्लियर
- 3:31:04हो गया है आपको फेयर वैल्यू गैप भी। अब
- 3:31:07फेयर वैल्यू गैप का जो अपोजिट होता है
- 3:31:09जैसे मैंने ऑर्डर ब्लॉक बताया था। वैसे ही
- 3:31:11जब फेयर वैल्यू गैप मिटिगेट हो जाता है या
- 3:31:13फेल्ड हो जाता है तो वो इनवर्स फेयर
- 3:31:16वैल्यू गैप बन जाता है। क्योंकि अगेन ये
- 3:31:18चीज भी हर बार काम नहीं करेगी। अब आप
- 3:31:20कहोगे कि यार हर बार काम नहीं करेगी तो
- 3:31:22मुझे कैसे पता चलेगा कि कब काम करेगी कब
- 3:31:24काम नहीं करेगी? तो वैसे तो इसके लिए आप
- 3:31:27और भी कांसेप्ट का यूज़ करेंगे। आप वहां पर
- 3:31:29चेंज ऑफ कैरेक्टर लगा के देखेंगे। आप
- 3:31:31ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर लगा के देखेंगे। इसके
- 3:31:33अलावा आगे जो मैं आपको कांसेप्ट बताने
- 3:31:35वाला हूं, आप उनको लगा के देखेंगे। आपने
- 3:31:36कैंडलस्टिक पैटर्न को सीख लिया, आप उनको
- 3:31:38देखेंगे। लेकिन मैं कहता हूं कि आपने कुछ
- 3:31:40और नहीं भी देखा। तब भी यहां पर सबसे बड़ी
- 3:31:43बात पता है क्या है कि आपका जो स्टॉप लॉस
- 3:31:45है ना वो बहुत छोटा है। आपका जो टारगेट है
- 3:31:47वो बहुत बड़ा है। अगर आप 10 में से चार
- 3:31:50बार भी सही निकल गए और आपने 1:3 का टारगेट
- 3:31:53पकड़ा है तो तब भी आप ओवरऑल प्रॉफिटेबल
- 3:31:55रहेंगे। भले ही आप छह बार गलत निकल रहे हो
- 3:31:57लेकिन क्योंकि आप छोटा लॉस कर रहे हो
- 3:31:59लेकिन जब आप सही निकल रहे हो तब आप बड़ा
- 3:32:01प्रॉफिट कर रहे हो इसलिए आप 10 में से चार
- 3:32:03बार भी सही निकले तब भी आप ओवरऑल
- 3:32:05प्रॉफिटेबल रह सकते हैं। इसीलिए रिस्क टू
- 3:32:07रिवॉर्ड रेशियो का हमेशा ध्यान देना है।
- 3:32:09वीडियो पसंद आ रही है तो वीडियो को लाइक
- 3:32:10कीजिए। चैनल को सब्सक्राइब कीजिए। बहुत
- 3:32:12मेहनत से हम आपको ये सब कुछ सिखा रहे हैं।
- 3:32:14बिल्कुल सीरीज वाइज इस तरीके से डेट के
- 3:32:17साथ आज तक किसी ने YouTube में नहीं
- 3:32:18सिखाया है। इसलिए चैनल को सब्सक्राइब जरूर
- 3:32:20कर दीजिएगा। वीडियो को लाइक जरूर कीजिएगा
- 3:32:22और साथ ही कमेंट जरूर कीजिएगा क्योंकि
- 3:32:24अगले तीन दिन में जितने भी कमेंट्स आएंगे
- 3:32:26हम सारे कमेंट्स को हार्ड देने वाले हैं।
- 3:32:28तो अब चलिए मैं आपको इनवर्स फेयर वैल्यू
- 3:32:30गैप का एग्जांपल भी समझा देता हूं। तो
- 3:32:32यहां पर ध्यान से देखो। यहां पर आपको
- 3:32:34दिखाई दे रहा है कि एक नॉर्मल से बड़े
- 3:32:35साइज की कैंडल है। तो हमने उससे पहले वाली
- 3:32:37कैंडल के हाई से लगते हुए बाद वाली कैंडल
- 3:32:39के लो से लगते हुए एक एरिया ड्रॉ किया जो
- 3:32:41कि हमारा क्या था? हमारा एफपीजी था। अब
- 3:32:43प्राइस दोबारा से इस लेवल पे आई तो यहां
- 3:32:45से बढ़नी चाहिए थी। लेकिन हुआ क्या?
- 3:32:47प्राइस इससे नीचे आ जाती है। यानी हमारा
- 3:32:49जो फेयर वैल्यू गैप था वो फेल्ड हो चुका
- 3:32:51है। इस केस में अगर आपने ट्रेड लिया होगा
- 3:32:53तो आपका छोटा-मोटा स्टॉप लॉस हिट होगा।
- 3:32:55ट्रेडिंग में ऐसा नहीं है कि बार-बार आपके
- 3:32:56टारगेट हिट होंगे। आपके स्टॉप लॉस भी हिट
- 3:32:58होंगे ही। तो अब देखिए अब ये बन जाता है
- 3:33:01इनवर्स फेयर वैल्यू गैप। पहले ये एक बुलिश
- 3:33:03फेयर वैल्यू गैप था। अब ये एक बेरिश
- 3:33:05इनवर्स फेयर वैल्यू गैप बन जाएगा। यानी
- 3:33:07अगर दोबारा से [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 3:33:08प्राइस इस लेवल पे आती है तो यहां से
- 3:33:10प्राइस के गिरने के चांसेस होंगे। और आपको
- 3:33:12दिखाई दे रहा है कि इसके बाद प्राइस इस
- 3:33:14जगह पर उस लेवल के पास आई थी और वहां से
- 3:33:16प्राइस नीचे तक गिरी है। तो बेसिकली एक
- 3:33:19फेल्ड हमारा जो फेयर वैल्यू गैप होता है
- 3:33:21वो इनवर्स फेयर वैल्यू गैप बन जाता है।
- 3:33:24ठीक है? इसी का मैं आपको एक अपोजिट
- 3:33:26एग्जांपल भी दिखा देता हूं। देखो यहां पर
- 3:33:28आपको दिखाई दे रहा है नॉर्मल से बड़े साइज
- 3:33:31की एक रेड कैंडल है। तो आपने उससे पहले
- 3:33:33वाली रेड कैंडल या जो भी कैंडल है उसके लो
- 3:33:35से लगते हुए बाद वाली जो कैंडल है उसके
- 3:33:37हाई से लगते हुए एक एरिया ड्रॉ किया। जैसे
- 3:33:39ही यह फेल्ड हो गया तो ये क्या बन गया? यह
- 3:33:41हमारा इनवर्स फेयर वैल्यू गैप बन चुका है।
- 3:33:43अब प्राइस दोबारा से इस लेवल पे आई है तो
- 3:33:45यहां से प्राइस के बढ़ने के चांसेस होते
- 3:33:47हैं। आगे जाके देख सकते हो कि अच्छा खासा
- 3:33:49जंप आया है। और यहां पर अगर आपने ट्रेड
- 3:33:51लिया होता तो आप अगर ध्यान से देखोगे तो
- 3:33:53आपको दिखाई देगा कि अगर आप इस पे ट्रेड
- 3:33:55लेते तो मैं आपको दिखा भी देता हूं। यहां
- 3:33:57पर आप कहीं पे ट्रेड ले लेते। आपका स्टॉप
- 3:34:00लॉस आप करीब-करीब यहां पर रखते और रही बात
- 3:34:04टारगेट की तो 1:3 का भी रखते। अगर आप इस
- 3:34:07हाई को भी कैच करने की कोशिश करते तो 1:3
- 3:34:10आराम से आपको मिल जाता। इवन 1:3 से ज्यादा
- 3:34:12ही मिल रहा था। तो ये होता है हमारा
- 3:34:15इनवर्स फेयर वैल्यू गैप। अब हम आगे के
- 3:34:17कांसेप्ट को भी समझते हैं। तो अब जो
- 3:34:18नेक्स्ट कांसेप्ट हमें समझना है वो है
- 3:34:20प्रीमियम वर्सेस डिस्काउंट ज़ोन का। देखो
- 3:34:22जब भी आप एक चार्ट देखते हो तो आपके लिए
- 3:34:25अगर आप बाय करना चाह रहे हो तो आपके लिए
- 3:34:27इंपॉर्टेंट है कि आप सस्ते से सस्ते में
- 3:34:28खरीदो। यानी आप डिस्काउंट ज़ोन के पास
- 3:34:31खरीदो। और जब आप शॉर्ट करना चाह रहे हो तो
- 3:34:33आपके लिए इंपॉर्टेंट है कि आप महंगे से
- 3:34:35महंगे में बेचो ताकि जब प्राइस गिरे तो आप
- 3:34:37सस्ते में खरीद के प्रॉफिट कमाए। तो ये
- 3:34:39हमें पता कैसे चलेगा कि कहां पर कोई चीज
- 3:34:42महंगी है या फिर कहां पर कोई चीज सस्ती
- 3:34:44है? तो इसके लिए हम एक टूल का यूज़ करते
- 3:34:46हैं जिसको हम फिबोनाची रिट्रेसमेंट कहते
- 3:34:48हैं। और इसको हम सीधा चार्ट पे समझते हैं।
- 3:34:51और ये प्रीमियम ज़ोन डिस्काउंट ज़ोन हमें
- 3:34:53पता कैसे चलेगा? दोनों केस में क्या होता
- 3:34:55है? उसको भी देखते हैं। तो इसके लिए भी हम
- 3:34:57आ गए हैं हमारे चार्ट पे। अब जैसे ही आप
- 3:34:59चार्ट पे आते हैं, तो यहां पर हमने ऑलरेडी
- 3:35:01ये ज़ोन मार्क कर रखा है। मैं एक काम करता
- 3:35:02हूं। इसको मैं यहां से रिमूव कर देता हूं।
- 3:35:05तो प्रीमियम ज़ोन या डिस्काउंट ज़ोन मार्क
- 3:35:07करने के लिए पता करने के लिए हमें जो टूल
- 3:35:09यूज़ करना होता है, उसको हम कहते हैं
- 3:35:11फिबोनाची रिट्रेसमेंट। इसके लिए आपने सबसे
- 3:35:13पहले यहां पे आ जाना है। यहां पर आपको
- 3:35:15दिखाई दे रहा है ये टूल है। आपने इस पे
- 3:35:17क्लिक कर देना है। अब जब भी आपको मान लो
- 3:35:20चार्ट डाउन ट्रेंड में दिखाई दे रहा है।
- 3:35:21तो आपने क्या करना है? आपने पता करना है
- 3:35:23कि आप कहां पे जाके शॉर्ट कर सकते हैं।
- 3:35:26क्योंकि डाउन ट्रेंड में अगर प्राइस चल
- 3:35:28रही है तो वहां पर आप शॉर्ट करने के बारे
- 3:35:29में ही सोचेंगे। तो अब आपको पता करना है
- 3:35:31कि कहां से मैं शॉर्ट कर सकता हूं। तो आप
- 3:35:33क्या करेंगे? आप स्विंग हाई से लेके
- 3:35:35स्विंग लो तक यानी स्विंग हाई को मैंने
- 3:35:37पकड़ा और स्विंग हाई से स्विंग लो तक आप
- 3:35:40यहां पर इस तरीके से अपना जो फिबोनाची
- 3:35:42रिट्रेसमेंट है उसको ड्रॉ कर सकते हैं। अब
- 3:35:44जैसे ही आप इसको ड्रॉ करेंगे ना तो जब आप
- 3:35:46पहली बार इस टूल को यूज़ कर रहे होंगे तो
- 3:35:48यहां पर बहुत सारी चीजें इनेबल होंगी। तो
- 3:35:51मैं आपको स्क्रीन पे ये सेटिंग्स दिखा रहा
- 3:35:52हूं। आप इन सेटिंग्स को मार्क कर सकते हैं
- 3:35:55ताकि आपका जो फिबोनाची रिट्रेसमेंट बने वो
- 3:35:57भी हमारे जैसा बने। तो यहां पर आप इन
- 3:36:00सेटिंग्स को स्क्रीनशॉट ले सकते हैं। या
- 3:36:02फिर अगर नोट्स बना रहे हो तो आप नोट भी कर
- 3:36:04सकते हो। तो यहां पर आप देख सकते हो
- 3:36:06इंपॉर्टेंट है। हमने वन 0.5 और ज़ीरो का
- 3:36:09लेवल ही मार्क कर रखा है। बाकी सारे जो
- 3:36:11लेवल्स हैं उनको हमने यहां पर मार्क नहीं
- 3:36:13कर रखा है। तो अब इस पे मैं ओके कर देता
- 3:36:16हूं। तो अब देखिए यहां पर जैसे ही मैंने
- 3:36:18स्विंग हाई से स्विंग लो को मार्क किया है
- 3:36:21तो इसके बाद होता क्या है? इसके बाद होता
- 3:36:23यह है कि अगर मैं शॉर्ट करना चाह रहा हूं
- 3:36:25तो हमें जो 50% का लेवल है जो बीच में
- 3:36:28हमें लाइन दिखाई दे रही है ना बीच वाली जो
- 3:36:30लाइन है ये हमारा 50% का लेवल है अगर
- 3:36:32प्राइस इसके ऊपर है और हमें दिखाई दे रहा
- 3:36:35है क्या चल रहा है हमारा हमारा चल रहा है
- 3:36:37डाउन ट्रेंड तो इसको हम कहते हैं प्रीमियम
- 3:36:39ज़ोन यहां पे हमने लिख भी रखा है ये क्या
- 3:36:41है ये हमारा प्रीमियम ज़ोन है तो अगर हम
- 3:36:43प्रीमियम ज़ोन के पास शॉर्ट करेंगे यानी हम
- 3:36:45महंगे में बेच रहे हैं तो महंगे में बेच
- 3:36:47रहे हैं तो उसके बाद प्राइस गिरेगी तो हम
- 3:36:49सस्ते में खरीद सकते हैं अब अकेले इसका
- 3:36:52कोई खास यूज़ नहीं है। लेकिन जब अगर आप इसे
- 3:36:55फेयर वैल्यू गैप के साथ जोड़ लेंगे, ऑर्डर
- 3:36:57ब्लॉक के साथ जोड़ लेंगे, सीआईएसडी के साथ
- 3:37:00जोड़ लेंगे, इनवर्स फेयर वैल्यू गैप के साथ
- 3:37:02जोड़ेंगे, ब्रेकर ब्लॉक के साथ जोड़ेंगे, तो
- 3:37:04यह आपकी जो स्ट्रेटजी होगी, उसको और बेटर
- 3:37:07कर सकता है। तो इस तरीके से आप इसका यूज़
- 3:37:10कर सकते हैं। अब इसका उल्टा अगर मान लीजिए
- 3:37:12आप कभी बाय करना चाहते हैं तो आप कहां पे
- 3:37:16बाय करना चाहेंगे? सस्ते से सस्ते में
- 3:37:17खरीदना चाहेंगे तो सस्ते से सस्ते में
- 3:37:20खरीदना चाहेंगे तो इसके लिए आप क्या
- 3:37:21करेंगे? आप स्विंग लो से लेके स्विंग हाई
- 3:37:24के आसपास देखिए यहां पर हमने क्या किया
- 3:37:26है? यहां पर इसको मैं हटा देता हूं। अब
- 3:37:29वापस से मैं क्या करता हूं? वापस से मैं
- 3:37:31जाता हूं। यहां पर फेयर वैल्यू गैप नहीं
- 3:37:33फिबोनाची रिट्रेसमेंट में है। यहां पर
- 3:37:35जाने के बाद मैंने क्या किया? मैंने दिखाई
- 3:37:37दे रहा है। देखो प्राइस इस लेवल तक नीचे
- 3:37:39आई थी और यहां से इस लेवल तक ऊपर गई थी।
- 3:37:41तो मैंने क्या किया? इस लो से हाई तक इसको
- 3:37:44मार्क कर दिया। अब जब मैं लो से हाई तक
- 3:37:46इसको मार्क करता हूं तो ऊपर वाला जो मेरा
- 3:37:48ज़ोन है ये है प्रीमियम ज़ोन। अब अगर मैं
- 3:37:50प्रीमियम ज़ोन पे जाके किसी चीज को अगर बाय
- 3:37:53कर रहा हूं तो जाहिर सी बात है मैं महंगे
- 3:37:55में बाय कर रहा हूं। अगर मैं महंगे में
- 3:37:56बाय करूंगा तो वहां पर पहला तो मेरा जो
- 3:37:58मार्जिन होगा जो प्रॉफिट होगा वो कम हो
- 3:38:00सकता है। दूसरा स्टॉप लॉस भी हिट हो सकता
- 3:38:02है। तो मैं चाहूंगा कि भाई जब प्राइसेस
- 3:38:0450% के लेवल के नीचे आ जाए ना डिस्काउंट
- 3:38:07के पास आ जाए तब मैं बाय करूंगा तो मेरा
- 3:38:09जो ट्रेड होगा उसमें मैं ज्यादा पॉइंट्स
- 3:38:12भी कैप्चर कर पाऊंगा और दूसरा मेरे ट्रेड
- 3:38:14के सही निकलने के जो चांसेस होंगे वो भी
- 3:38:16ज्यादा होंगे। तो इस तरीके से मैंने अपना
- 3:38:18यहां पर यह ज़ोन मार्क कर लिया। कुछ इस
- 3:38:20तरीके से ऊपर वाला जो एरिया है वो हमारा
- 3:38:23प्रीमियम ज़ोन है। नीचे क्या है? क्योंकि
- 3:38:25हम बाय करना चाह रहे हैं। तो नीचे हमारा
- 3:38:27डिस्काउंट ज़ोन है। अब देखिए इसके बाद होता
- 3:38:29क्या है कि यहां पर अगर आप इस वाली कैंडल
- 3:38:31को देखेंगे ये जो रेड कैंडल है इस कैंडल
- 3:38:33में जो प्राइस है वो 50% के लेवल के नीचे
- 3:38:36आई है। तो हमें पहली चीज यहां से पता चल
- 3:38:38गई कि अभी डिस्काउंट ज़ोन के पास है
- 3:38:40प्राइस। तो हम यहां पर बाय करने के बारे
- 3:38:42में सोच सकते हैं। दूसरा मैंने अभी आपको
- 3:38:44इनवर्स फेयर वैल्यू गैप के बारे में बताया
- 3:38:46था। तो देखो हमने इससे पहले क्या किया था?
- 3:38:48हमने यहां पर अपना एक फेयर वैल्यू गैप
- 3:38:50मार्क कर रखा था। लेकिन आगे चल के अगली दो
- 3:38:53कैंडल में ही वो जो हमारा फेयर वैल्यू गैप
- 3:38:55था वो मिटिगेट हो गया यानी फेल्ड हो गया।
- 3:38:57तो अब ये हमारा इनवर्स फेयर वैल्यू गैप बन
- 3:38:59गया। तो अब अगर दोबारा से प्राइस इस लेवल
- 3:39:01पे आती है तो यहां से प्राइस के बढ़ने के
- 3:39:03चांसेस होंगे। तो पहला तो प्राइस वापस से
- 3:39:06इस लेवल के पास आई और कहां पे आई? 0.5 जो
- 3:39:09हमारा लेवल है उससे नीचे आई। तो हमें दो
- 3:39:11कंफर्मेशन मिल गए ना। पहला हमें मिला कि
- 3:39:13चीज जो है वो सस्ती मिल रहे हैं डिस्काउंट
- 3:39:15ज़ोन के पास है। दूसरा हमें दिखाई दिया कि
- 3:39:17भाई यहां पे तो इनवर्स फेयर वैल्यू गैप भी
- 3:39:19है। तो हमें दो-दो कंफर्मेशन हो गए। तो
- 3:39:21इससे हमारा जो ट्रेड के सही निकलने के
- 3:39:23चांसेस होते हैं वो ज्यादा हो जाते हैं।
- 3:39:25तो इस तरीके से आप प्रीमियम ज़ोन वर्सेस
- 3:39:27डिस्काउंट ज़ोन का यूज़ कर सकते हैं चीजों
- 3:39:30को सस्ता खरीदने में या महंगे में शॉर्ट
- 3:39:32करने में और साथ में अगर आप किसी पीडीआरए
- 3:39:34का यूज़ कर लेंगे तो आपकी जो स्ट्रेटजी
- 3:39:36होगी वो ज्यादा बेटर काम कर सकती है। तो
- 3:39:38प्रीमियम वर्सेस डिस्काउंट ज़ोन भी आपको
- 3:39:40क्लियर हो गया है। कोई डाउट है तो आप पूछ
- 3:39:42सकते हो। सर मेरा एक डाउट है।
- 3:39:43हां पूछो।
- 3:39:44अगर सर प्राइस डिस्काउंट ज़ोन में आने से
- 3:39:46पहले ही ऊपर चला गया तो फिर तो मेरा ट्रेड
- 3:39:48छूट जाएगा। तो क्या मैं प्रीमियम ज़ोन से
- 3:39:50ट्रेड ले सकता हूं? देखो बहुत बार ऐसा
- 3:39:52होगा कि प्राइस जरूरी नहीं है कि
- 3:39:54डिस्काउंट ज़ोन पे आएगी। तो ऐसे केसेस में
- 3:39:57तुम्हें ट्रेड्स को छोड़ना पड़ेगा। अगर
- 3:39:59तुम ट्रेड लोगे तो हो सकता है एक आध बार
- 3:40:01तुम्हें प्रॉफिट हो जाए। लेकिन तुम्हें एक
- 3:40:03बार प्रॉफिट नहीं कमाना है। तुम्हें लॉन्ग
- 3:40:04टर्म में प्रॉफिट कमाना है। तो अगर तुम
- 3:40:06फोमो में आकर ट्रेड लोगे कि यार यह छूट
- 3:40:08जाएगा यार पैसे कैसे कमाऊंगा यार? आज तो
- 3:40:11एक भी ट्रेड नहीं लिया यार। तो ऐसे में
- 3:40:13फिर तुम्हें तुम बहुत फालतू ट्रेड लेने लग
- 3:40:15जाओगे और बार-बार अगर तुम महंगे में
- 3:40:17खरीदते हो तो पहली बात तो देखो तुम्हारा
- 3:40:19जो स्टॉप लॉस है वो बहुत बड़ा हो जाएगा।
- 3:40:21अगर स्टॉप लॉस हिट हुआ तो फिर जो तुम 1:2
- 3:40:241:3 के रिस्क रिवॉर्ड देख रहे थे वो रिस्क
- 3:40:26रिवॉर्ड भी बहुत बड़ा हो सकता है। इसलिए
- 3:40:28ज्यादातर केस में अगर तुम्हें सारी चीजें
- 3:40:30नहीं मिल रही है ना तो उस ट्रेड को छोड़
- 3:40:32दो ना। रोज ट्रेड लेना जरूरी थोड़ी है। जो
- 3:40:34तुम्हें पूरा कॉन्फिडेंस ट्रेड के ऊपर आ
- 3:40:36रहा है तब ट्रेड लोगे तो ज्यादा बेटर
- 3:40:38रहेगा। अब प्रीमियम वर्सेस डिस्काउंट ज़ोन
- 3:40:40के बाद जो नेक्स्ट चीज आपको समझनी है वो
- 3:40:42है ओटीई यानी ऑप्टिमल ट्रेड एंट्री। इसका
- 3:40:45मतलब यह है कि हम ऐसी जगह ढूंढने की कोशिश
- 3:40:48कर रहे हैं कि कहां पर हम ट्रेड लें तो
- 3:40:50हमारे ट्रेड के सही निकलने के जो चांसेस
- 3:40:52हो वो सबसे ज्यादा हो। हमारा जो स्टॉप लॉस
- 3:40:54हो वो बहुत छोटा हो। तो इसको भी सीधा
- 3:40:56चार्ट पे समझते हैं। यानी एक तरह से हम एक
- 3:40:58गोल्डन ज़ोन ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।
- 3:41:00तो इसके [नाक से की जाने वाली आवाज़] लिए
- 3:41:00आ गए हम चार्ट पे। अब इस चार्ट पे भी आपने
- 3:41:03क्या करना है? आपने वापस से यहीं पे जाना
- 3:41:05है। यह जो फिबोनाची रिट्रेसमेंट वाला टूल
- 3:41:08है, इसी टूल को सेलेक्ट करना है। लेकिन
- 3:41:09इसको सेलेक्ट करने के बाद जो आप सेटिंग्स
- 3:41:11चूज़ करेंगे ना वो मैं आपको दिखा देता हूं।
- 3:41:13यहां पर हम सेटिंग्स में गए। अब देखिए इस
- 3:41:15बार हमने कुछ अलग नहीं किया है। पहले हमने
- 3:41:17क्या किया था? 1.5 और ज़ीरो ले रखा था।
- 3:41:20लेकिन इस बार हमने 0.79 और 0.62 को भी
- 3:41:23यहां पे मार्क कर रखा है। तो अब सिर्फ
- 3:41:25इतना सा ही सेटिंग्स में चेंज है। कुछ खास
- 3:41:27चेंजज़ नहीं है। यहां पर आप देख सकते हैं।
- 3:41:30तो यहां पर आपने क्या करना है? अगेन जब
- 3:41:32प्राइस गिर रही है तो आप स्विंग हाई से
- 3:41:34लेके स्विंग लो तक यहां पर अपना फिबोनाची
- 3:41:36रिट्रेसमेंट को लेके जाएंगे। यह रहा आपका
- 3:41:38स्विंग हाई लेवल। यह रहा स्विंग लो लेवल।
- 3:41:41तो यहां तक आपने फिबोनाची रिट्रेसमेंट को
- 3:41:43मार्क किया है। अब जब इस बार आप मार्क
- 3:41:45करेंगे तो क्योंकि आपने ये कुछ लेवल्स भी
- 3:41:47अपने इनेबल कर रखे हैं तो आपको ये लेवल भी
- 3:41:49देखने को मिलेंगे। जैसे कि 0.62, 0.79। तो
- 3:41:53इनको गोल्डन लेवल्स कहा जाता है। यानी अगर
- 3:41:56कभी आपको दिखाई देता है कि प्राइस 0.62 के
- 3:41:59पास आई है तो चांसेस हैं कि यहां से
- 3:42:01प्राइस रिवर्स कर सकती है। या फिर 0.79 का
- 3:42:04जो लेवल है यहां से भी चांसेस होते हैं कि
- 3:42:06प्राइस रिवर्स कर सकती है। और ऐसे ही जो
- 3:42:080.5 का लेवल है यहां से भी प्राइस के
- 3:42:11रिवर्स करने के चांसेस होते हैं। तो अगर
- 3:42:12हमें पता है कि प्राइस कहां से रिवर्स कर
- 3:42:15सकती है। तो अगेन हम वहां पर अपनी
- 3:42:17स्ट्रेटजी लगा सकते हैं। जैसे अगर ये वाला
- 3:42:19आप एग्जांपल देखोगे तो हमने यहां पर क्या
- 3:42:22किया था? यहां पर हमने अपना वही फिबोनाची
- 3:42:24रिट्रेसमेंट लगाया था और उसके बाद हमें
- 3:42:26यहां पर एक फेयर वैल्यू गैप भी दिखाई दे
- 3:42:28रहा था। तो मैंने अपना फेयर वैल्यू गैप भी
- 3:42:30मार्क करके रखा हुआ था। अब इसके बाद क्या
- 3:42:32होता है प्राइस हमारा 0.62 का ये जो लेवल
- 3:42:34है मुझे नहीं पता आपको स्क्रीन पे ध्यान
- 3:42:36से दिखाई दे रहा है या नहीं। तो यहां पर
- 3:42:38देखो 0.62 का लेवल है। प्राइस उस लेवल के
- 3:42:40पास तक आई है और साथ ही हमारा जो यहां पर
- 3:42:43फेयर वैल्यू गैप था प्राइस ने उस फेयर
- 3:42:45वैल्यू गैप को टैप किया और उसके बाद देखो
- 3:42:47सीधा प्राइस बहुत नीचे तक गिरी है। तो इस
- 3:42:50तरीके से आप ऑप्टिमल ट्रेड एंट्री यानी
- 3:42:52ओटीई का यूज़ कर सकते हैं बेयरिश के केस
- 3:42:54में। अब अगर मैं आपको बुलिश एग्जांपल
- 3:42:56दिखाऊं तो बुलिश में हमने क्या करना है?
- 3:42:58हमने स्विंग लो से स्विंग हाई तक इसको
- 3:43:00मार्क करना है। तो यहां पर हमने स्विंग लो
- 3:43:02से स्विंग हाई तक इसको मार्क किया है।
- 3:43:04अगेन हमारी जो सेटिंग्स हैं वो बिल्कुल
- 3:43:06सेम है। 0.5 0.6 टू 0.79। अब इसके बाद
- 3:43:10देखिए यहां पर हमारा एक फेयर वैल्यू गैप
- 3:43:12भी बन रहा था। मैंने वो भी मार्क करके रखा
- 3:43:13था। अब प्राइस दोबारा से जब इस लेवल पे आई
- 3:43:16तो यहां से प्राइस के बढ़ने के चांसेस
- 3:43:17होते हैं। तो पहला तो 0.62 का जो लेवल है
- 3:43:20इसे गोल्डन लेवल माना जाता है। तो यहां पर
- 3:43:22हमें पता था कि प्राइस रिवर्स कर सकती है।
- 3:43:24साथ ही मुझे दिखाई दे रहा था कि यहां पर
- 3:43:26भाई मेरा फेयर वैल्यू गैप भी बन रखा है।
- 3:43:28तो दो चीजें एक जगह पे हो रही थी तो मुझे
- 3:43:30कॉन्फिडेंस मिल गया है। तो इसका मतलब यह
- 3:43:32है कि मेरा एक तरह से कॉन्फिडेंस भी बढ़
- 3:43:33गया है। अब यहां से प्राइस के बढ़ने के
- 3:43:35चांसेस हैं। तो मैं ज्यादा कॉन्फिडेंट
- 3:43:37होके ट्रेड ले सकता हूं। तो आपने देखा
- 3:43:39प्राइस यहां से आई बढ़ी है। हमारा ट्रेड
- 3:43:41यहां पे सही निकल जाता। तो ओटीई के बारे
- 3:43:43में भी जितना आपके लिए समझना जरूरी था
- 3:43:45मैंने आपको बता दिया है। हो सकता है आपको
- 3:43:47लग रहा होगा कि यार कुछ चीजें बहुत शॉर्ट
- 3:43:48शॉट पे हमने निकाल दी है। जो चीजें अच्छे
- 3:43:50से समझना आपके लिए जरूरी थी उसमें हमने
- 3:43:52अच्छे से आपको ढंग से समझाया है। जैसे
- 3:43:54हमने आपको ऑर्डर ब्लॉक अच्छे से समझाया।
- 3:43:56फेयर वैल्यू गैप के हमने आपको मल्टीपल
- 3:43:58एग्जांपल दिए हैं। तो अब चलिए नेक्स्ट चीज
- 3:44:00जो आपने समझनी है वो है एसएमटी
- 3:44:02डायवर्जेंस। अब ये होता क्या है? इसको भी
- 3:44:04हम चार्ट में ही समझेंगे। लेकिन यहां पर
- 3:44:06मैं आपको बता दूं कि ये भी एक अर्ली
- 3:44:08वार्निंग की तरह काम करता है ट्रेंड
- 3:44:10रिवर्सल को लेके। और यहां पर हम हमेशा दो
- 3:44:13चार्ट्स का यूज करते हैं। तो इसको मैं
- 3:44:15सीधा चार्ट पे ही समझाता हूं। बेसिकली जो
- 3:44:17चीजें ये कांसेप्ट मैं आपको समझा रहा हूं
- 3:44:19ना ये एक तरह से स्ट्रेटजीस ही हैं। इसलिए
- 3:44:21आपने देखा कि हर बार मैं आपको ट्रेड के
- 3:44:23बारे में भी बता रहा हूं कि यहां पर आपका
- 3:44:25स्टॉप लॉस बनेगा। यहां पर आपका टारगेट
- 3:44:27बनेगा। तो अब चलिए इसको समझते हैं। लेकिन
- 3:44:29इसको समझने के लिए हम चलते हैं सीधा
- 3:44:30डेल्टा एक्सचेंज पर। अब डेल्टा एक्सचेंज
- 3:44:32के प्लेटफार्म पे जब आप आ जाते हैं तो
- 3:44:34यहां पर मैं आपको ऑलरेडी बता चुका हूं।
- 3:44:35आपको 200 गुने तक का एवरेज मिल जाता है।
- 3:44:37आप बाय करने का ट्रेड ले सकते हैं। शॉर्ट
- 3:44:39करने का ट्रेड ले सकते हैं। 247 यहां पे
- 3:44:41आप ट्रेडिंग कर सकते हैं। इंडियन रूपीज़
- 3:44:42में ही पैसे ऐड और विथड्रॉ कर सकते हैं।
- 3:44:44तो हमारे लिंक के थ्रू आप डेल्टा एक्सचेंज
- 3:44:46में अकाउंट ओपन करेंगे तो आपको हमारी तरफ
- 3:44:47से अराई का सब्सक्रिप्शन भी मिल जाएगा। बट
- 3:44:50यहां पर ना एक और खास फीचर है। अगर आप
- 3:44:52ट्रेडिंग व्यू में जाएंगे तो आप एक
- 3:44:54स्क्रीन पे दो चार्ट नहीं देख सकते। लेकिन
- 3:44:57जैसे यहां पर आप देखेंगे तो आप एक स्क्रीन
- 3:44:59पे एक चार्ट तो देख सकते हैं। लेकिन मान
- 3:45:01लो एक स्क्रीन पे दो चार्ट देखना चाहते हो
- 3:45:03तो वो भी देख सकते हो। एक स्क्रीन में तीन
- 3:45:05चार्ट देखना चाहते हो वो भी देख सकते हो।
- 3:45:07एक स्क्रीन पे आप आठ चार्ट देखना चाहते हो
- 3:45:09ना तो वो भी देख सकते हो। अब इसका फायदा
- 3:45:11क्या होता है? आठ चार्ट की आपको जरूरत
- 3:45:13नहीं पड़ेगी। लेकिन दो चार्ट्स की कई बार
- 3:45:14जरूरत पड़ सकती है। कब जरूरत पड़ सकती है?
- 3:45:17जब आप दो किसी ऐसी एसेट्स को देख रहे हैं
- 3:45:20जो एक दूसरे से कोरिलेट करती हैं। यानी
- 3:45:22अगर आप कभी बिटकॉइन और इथेरियम का चार्ट
- 3:45:25देखेंगे ना तो ये दोनों जो चार्ट होते हैं
- 3:45:27ये ऑलमोस्ट आपको सेम देखने को मिलेंगे।
- 3:45:29बहुत कभी कबभार ही इनमें हमें डिफरेंस
- 3:45:31देखने को मिलता है और दोनों की जो प्राइस
- 3:45:33होती है वो एक तरह से ही बढ़ती है। जैसे
- 3:45:35ये दोनों जो चार्ट मैंने आपके सामने खोल
- 3:45:37रखे हैं सबसे पहले मैंने आपको बताया कि
- 3:45:39यहां पर हमारे पास ऑप्शन होता है दो चार्ट
- 3:45:41को देखने का। तो पहला वाला जो मेरा चार्ट
- 3:45:43है ऊपर वाला ये मेरा आप यहां पर ध्यान से
- 3:45:45देखिए। ये बिटकॉइन का चार्ट है। और ऐसे ही
- 3:45:47ये जो नीचे वाला चार्ट है मेरा ये आप
- 3:45:49ध्यान से देखिए। ये यहां पर इथेरियम का
- 3:45:51चार्ट है। तो अब ये दोनों अगर आप कभी भी
- 3:45:54देखेंगे तो दोनों की जो प्राइस रहती है
- 3:45:56प्राइस तो भले ही डिफरेंट होगी लेकिन
- 3:45:58दोनों का जो चार्ट है दोनों का जो मूवमेंट
- 3:46:00है वो ऑलमोस्ट सेम होता है। इवन 99% के
- 3:46:03आसपास आप देखेंगे कि बिल्कुल सेम तरीके से
- 3:46:05मूव करेंगे। लेकिन कई बार थोड़ा बहुत हमें
- 3:46:07डिफरेंस देखने को मिलेगा। तो अब थोड़ा
- 3:46:09बहुत डिफरेंस जब हमें देखने को मिलता है
- 3:46:11तो उसके बेसिस पे भी हम यहां पर अपना
- 3:46:13ट्रेड प्लान कर सकते हैं। और कैसे प्लान
- 3:46:15करना है ये मैं आपको चार्ट को फुल स्क्रीन
- 3:46:17पे करके दिखाता हूं। तो यहां पे क्लिक
- 3:46:18किया। हमारा जो चार्ट है यह फुल स्क्रीन
- 3:46:20पे खुल चुका है। है यह डेल्टा एक्सचेंज का
- 3:46:22ही चार्ट। लेकिन उसको आप फुल स्क्रीन पे
- 3:46:24देख सकते हैं। वैसे मैं आपको बता दूं कि
- 3:46:25जब आप डेल्टा एक्सचेंज में ट्रेड कर रहे
- 3:46:27हैं तो ट्रेडिंग व्यू में आप सिर्फ दो
- 3:46:28इंडिकेटर लगा सकते हैं। लेकिन यहां पर आप
- 3:46:30जितने चाहे उतने इंडिकेटर चार्ट पे लगा
- 3:46:32सकते हैं। तो आपके लिए एनालिसिस करना
- 3:46:34ज्यादा आसान हो जाता है। तो अब यहां पर
- 3:46:36ध्यान से देखिए। मैंने आपको बताया कि ऊपर
- 3:46:38वाला जो हमारा चार्ट है ये काहे का चार्ट
- 3:46:40है? ये हमारा बिटकॉइन का चार्ट है। नीचे
- 3:46:42वाला जो हमारा चार्ट है ये हमारा इथेरियम
- 3:46:44का चार्ट है। तो अब अगर आप यहां पर ध्यान
- 3:46:46से देखेंगे तो आपको दिखाई देगा कि दोनों
- 3:46:48चार्ट बिल्कुल सेम दिखाई दे रहे हैं। जबकि
- 3:46:50ये दोनों अलग-अलग एसेट्स के चार्ट हैं। एक
- 3:46:52बिटकॉइन का चार्ट है। एक हमारा इथेरियम का
- 3:46:54चार्ट है। तो ये दोनों ऑलमोस्ट सेम रहते
- 3:46:56हैं। लेकिन कई बार आपको एक छोटा सा
- 3:46:58डिफरेंस आपको देखने को मिलेगा। जैसे अगर
- 3:47:00आप यहां पर ध्यान से देखेंगे तो आपको
- 3:47:02दिखाई दे रहा है अगर आप यहां पे मैंने
- 3:47:04मार्क कर रखा है आपको दिखाई दे रहा है कि
- 3:47:06यहां से यहां तक जो प्राइस है वो गिर रही
- 3:47:08थी। अगर आप देखोगे मैंने यहां से लाइन
- 3:47:10मार्क की है आपके लिए। ये देखिए यहां से
- 3:47:12यहां तक जो प्राइस है वो आपको गिरती हुई
- 3:47:14नजर आ रही है। जबकि ये बिटकॉइन का चार्ट
- 3:47:17था। जबकि अगर आप नीचे देखेंगे इथेरियम के
- 3:47:20चार्ट में तो यहां पर आपको दिखाई देता है
- 3:47:22कि सेम कैंडल में अगर आप देखेंगे तो आपको
- 3:47:24दिखाई देगा कि यहां से यहां तक जो प्राइस
- 3:47:27है इसको हम ज़ूम भी कर देते हैं ताकि आपको
- 3:47:28ज्यादा बेटर समझ आए। देखिए
- 3:47:31यहां पे आपने देखा कि इस लेवल से इस लेवल
- 3:47:33तक प्राइस गिर रही थी। अब आपको क्लियरली
- 3:47:36नजर आ रहा होगा। अब यहीं पे आप नीचे
- 3:47:38देखेंगे इस लेवल से इस लेवल तक जो प्राइस
- 3:47:40है वो एक्चुअल में बढ़ रही है। यानी ये जो
- 3:47:43दो एसेट्स हमेशा एक तरीके से मूव करती थी।
- 3:47:46यह थोड़ा सा दोनों में डिफरेंस नजर आ रहा
- 3:47:48है। तो, इसको हम कहते हैं एसएमटी
- 3:47:50डायवर्जेंस। मैंने आपको एमएसीडी के बारे
- 3:47:52में पास्ट की वीडियोस में बताया। इसलिए इस
- 3:47:54कोर्स में तो नहीं बताया। तो उसमें भी
- 3:47:56मैंने आपको डायवर्जेंस के बारे में सिखाया
- 3:47:58है। जब एक इंडिकेटर इस तरीके से जा रहा
- 3:48:00है, दूसरा इंडिकेटर इस तरीके से जा रहा
- 3:48:02है। तो ऐसा ही इस केस में हो रहा है। यहां
- 3:48:04पर एक एसेट तो नीचे को दिखा रही है कि भाई
- 3:48:06प्राइस गिर रही है। दूसरी एसेट हमें दिखा
- 3:48:08रही है कि प्राइस थोड़ा सा रिकवर करने लग
- 3:48:10रही है। तो जब डाउन ट्रेंड में हमें दूसरी
- 3:48:13एसेट दिखा रही है कि प्राइस थोड़ा सा
- 3:48:15रिकवर करने लग रही है या सेम लेवल पे भी
- 3:48:17जा रही है। तो इससे हमें पता चल रहा है कि
- 3:48:19जो सेलिंग प्रेशर है ना वो कम हो रहा है।
- 3:48:22तो अगर सेलिंग प्रेशर कम हो रहा है तो
- 3:48:24हमें पहले ही एक अर्ली सिग्नल मिल चुका
- 3:48:26है। तो अगर सेलिंग प्रेशर कम हो रहा है
- 3:48:28यानी इसके बाद प्राइस के बढ़ने के चांसेस
- 3:48:31हो सकते हैं। और इसके बाद आप देखेंगे कि
- 3:48:33यहां पर हमें अगर आप देखेंगे तो आपको एक
- 3:48:36अच्छा खासा मूव यहां पर देखने को मिला था।
- 3:48:38ये जो आपको लेवल दिखाई दे रहा है 1965 का
- 3:48:41लेवल है। इसके बाद ये जो आपको लेवल दिखाई
- 3:48:43दे रहा है ये 2040 का लेवल है। यानी अच्छा
- 3:48:46खासा आपको यहां पर डिफरेंस देखने को मिला
- 3:48:48है। अब देखो यहां पर मैंने आपको दिखाया है
- 3:48:51कि एक जो चार्ट था वो नीचे को गिर रहा था।
- 3:48:53दूसरा चार्ट थोड़ा सा ऊपर को जा रहा था।
- 3:48:55तो हमें पता चला कि सेलिंग प्रेशर यहां पर
- 3:48:57कम हो रहा है। इसकी जगह पर अगर मान लो
- 3:48:59आपको दिखाई देता कि अपटेंड चल रहा है
- 3:49:02दोनों चार्ट में। लेकिन एक जो चार्ट है वो
- 3:49:04तो ऊपर की तरफ जा रहा है। जबकि दूसरा जो
- 3:49:06चार्ट है वो नीचे की तरफ जा रहा है। तो इस
- 3:49:08केस में क्या होता हमें पता चलता कि एक
- 3:49:10चार्ट जो है वो बाइंग प्रेशर लूज कर रहा
- 3:49:12है। तो यहां से हमें समझ आता है कि प्राइस
- 3:49:14के गिरने के चांसेस हैं। तो इस तरीके से
- 3:49:17जब दो चार्ट एक दूसरे से कोरिलेट करते हैं
- 3:49:19तो आप इस तरीके से भी थोड़ा बहुत आईडिया
- 3:49:21लगा सकते हैं। तो इसमें सबसे पहला
- 3:49:23एग्जांपल देखिए। यहां पर हमने आपको
- 3:49:25बिटकॉइन और इथेरियम का चार्ट, यूरो और
- 3:49:27ग्रेट ब्रिटेन पाउंड का चार्ट और बाकी भी
- 3:49:30आपको यहां पर देखने को मिल रहे हैं। इसमें
- 3:49:32आप देखिए यहां पर आपको दिखाई दे रहा है कि
- 3:49:33चार्ट ने क्या किया है? लोअर लो बनाया है।
- 3:49:35जबकि इस चार्ट ने लोअर लो नहीं बनाया है।
- 3:49:38यानी यहां पर हमें क्या दिखाई दिया? एक
- 3:49:40तरीके से एक डायवर्जेंस देखने को मिला है।
- 3:49:42तो ये क्या है? यह एक बुलिश सिग्नल होता
- 3:49:44है। इसी तरीके से यहां पर भी आप देख सकते
- 3:49:46हैं कि बिटकॉइन, इथेरियम और बाकी जो
- 3:49:48एसेट्स हैं उनको हमने मार्क कर रखा है।
- 3:49:50जैसे इस चार्ट में आप देख सकते हैं कि
- 3:49:52इसने नया लो नहीं बनाया है। जबकि इस चार्ट
- 3:49:54ने नया लो बनाया है। यानी ये भी क्या है?
- 3:49:56हमें एक बुलिश सिग्नल दे रहा है। इसका
- 3:49:58उल्टा नीचे हमने यहां पर बयरिश कुछ
- 3:50:00एग्जांपल्स दे रखे हैं। जैसे इन दोनों
- 3:50:02चार्ट को अगर आप कंपेयर करेंगे तो यहां पर
- 3:50:04इसने तो अपना हायर हाई बनाया था लेकिन
- 3:50:06इसने हायर हाई नहीं बनाया। यानी अगेन
- 3:50:09डायवर्जेंस हो गया। यानी ये हमारे लिए
- 3:50:10क्या है? यह एक बेयरिश एग्जांपल है। तो इस
- 3:50:13तरीके से आप ऐसे दो चार्ट्स को कंपेयर कर
- 3:50:15सकते हैं जो एक दूसरे से कोरिलेट करते
- 3:50:17हैं। जो चार्ट्स एक दूसरे से कोरिलेट नहीं
- 3:50:19करते उनके साथ जोड़ के मत देखना। जैसे
- 3:50:21बिटकॉइन इथेरियम एक दूसरे से कोरिलेट करते
- 3:50:23हैं। इसलिए हमने बिटकॉइन और इथेरियम का
- 3:50:25आपको एग्जांपल दिया है।
- 3:50:26सर एक क्वेश्चन था।
- 3:50:27हां पूछो सार्थक।
- 3:50:28सर यहां पे तो जैसे बिटकॉइन और इथेरियम का
- 3:50:30कोरिलेशन हो रहा है। अगर हमें किसी और
- 3:50:33चार्ट्स के देखने हैं कि इनमें कोरिलेशन
- 3:50:34कैसे हो रहा है तो वो कैसे पता चलेगा? तो
- 3:50:36देखो बहुत सारे चार्ट्स हैं। तो इसके लिए
- 3:50:38आप एक वेबसाइट है जिसका यूज कर सकते हैं।
- 3:50:39उसका नाम है ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स। मतलब आप
- 3:50:42Google पे सर्च कर लेना ट्रेडिंग
- 3:50:43इकोनॉमिक्स और उसके आगे को-रिलेशन लिख के
- 3:50:46सर्च कर लेना। जैसे ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स
- 3:50:48कोरिलेशन लिख के आपने सर्च किया। तो यहां
- 3:50:50पर आप करेंसी में अगर एक्सचेंज में देखना
- 3:50:52चाहते हैं तो आपने करेंसीज क्लिक कर लिया।
- 3:50:54या कमोडिटीज में देखना चाहते हैं, स्टॉक
- 3:50:56मार्केट में देखना चाहते हैं। जैसे मान लो
- 3:50:57अगर आप क्रिप्टो करेंंसीज में देखना चाहते
- 3:50:59हैं, आपने क्लिक किया तो यहां पर जोज
- 3:51:01चार्ट एक दूसरे से कितना कोरिलेट करते
- 3:51:03हैं, आपको देखने को मिल जाता है। ठीक है?
- 3:51:06तो इस तरीके से आप देख सकते हो। वैसे बता
- 3:51:08दूं ये कुछ स्पोंसर नहीं है। सवाल पूछा तो
- 3:51:10हमने आंसर दिया। तो एसएमटी डायवर्जेंस भी
- 3:51:13आपको क्लियर हो गया है। अब जो नेक्स्ट
- 3:51:14कांसेप्ट आपने समझना है वो है टाइम एंड
- 3:51:17प्राइस थ्योरी। जब भी आप क्रिप्टो करेंसी
- 3:51:19में ट्रेड करते हो या फिर फॉरेक्स में
- 3:51:20ट्रेड करते हो तो ये जो मार्केट है ये 24
- 3:51:23* 7 चलते हैं। 24 * 7 हमारा क्रिप्टो चलता
- 3:51:26है। फॉरेक्स मार्केट 24 * 5 चलता है। तो
- 3:51:28इस केस में हमें क्या करना है? हमें हर
- 3:51:31टाइम ऐसा नहीं होता जब आप ट्रेड कर सकते
- 3:51:33हैं। मतलब ट्रेड तो आप कभी भी कर सकते
- 3:51:35हैं। 24 * 7 मार्केट खुला हुआ है। लेकिन
- 3:51:37कुछ ऐसे पर्टिकुलर टाइम होते हैं जब आपको
- 3:51:40मार्केट में अच्छा खासा मूवमेंट देखने को
- 3:51:42मिलेगा। और जब आपको दिखाई दे रहा है कि
- 3:51:43मार्केट में ज्यादा मूवमेंट आ रहा है। अगर
- 3:51:45आप उस टाइम पे ट्रेड करोगे तो जाहिर सी
- 3:51:48बात है कि आपके जो टारगेट होंगे वो जल्दी
- 3:51:50हिट होंगे। स्टॉप लॉस भी हिट होंगे तो
- 3:51:52जल्दी हिट होंगे। यानी मूवमेंट आपको
- 3:51:53बड़े-बड़े देखने को मिलेंगे। तो हमें कैसे
- 3:51:55पता चलेगा कि भाई कौन से टाइम पर बड़ा
- 3:51:58मूवमेंट आएगा? कौन से टाइम पर छोटा
- 3:52:00मूवमेंट आएगा? इसको हम समझेंगे टाइम एंड
- 3:52:02प्राइस थ्योरी के अंदर। टाइम एंड प्राइस
- 3:52:04थ्योरी में बहुत सारी चीजें आती हैं।
- 3:52:05फिलहाल मैं आपको यही बता रहा हूं क्योंकि
- 3:52:07फिलहाल आपके लिए समझना यही इंपॉर्टेंट है।
- 3:52:09तो इसको समझाने के लिए मैंने एक वेबसाइट
- 3:52:11खोली है bps.com मेरे को आपको सिर्फ
- 3:52:13टाइमिंग बतानी है। आपको इसको याद करने की
- 3:52:15जरूरत नहीं है। तो सबसे पहले देखिए
- 3:52:17मार्केट में ना हमें चार तरह के सेशंस
- 3:52:19देखने को मिलते हैं। भले ही मार्केट 24
- 3:52:21घंटे खुला रहता है लेकिन ऐसे में हमें चार
- 3:52:24सेशंस देखने को मिलते हैं। एक होता है
- 3:52:26सिडनी सेशन। सिडनी सेशन ऑस्ट्रेलिया में
- 3:52:29सिडनी है। उस सेशन को कहा जाता है। तो
- 3:52:31सबसे पहले सिडनी सेशन मैं आपको बस समझा
- 3:52:33देता हूं। देखो सिडनी सेशन जो है ये रात
- 3:52:36के 1:30 बजे शुरू होता है। और इसके बाद
- 3:52:39सुबह के मैं इंडियन टाइम के हिसाब से आपको
- 3:52:41बता रहा हूं। सुबह के आपको दिखाई दे रहा
- 3:52:43है कि सुबह के 10:30 बजे तक चलता है। ठीक
- 3:52:46है? यानी ये जो सेशन है रात के 1:30 बजे
- 3:52:48से सुबह के 10:30 तक चल रहा है। अब इसको
- 3:52:51हम सिडनी सेशन क्यों कह रहे हैं? क्योंकि
- 3:52:53इस टाइम पर जो सिडनी का मार्केट है वो
- 3:52:54खुला रहता है। ऐसे ही यह जो हमारा टोक्यो
- 3:52:56का मार्केट है यह सुबह 5:30 ओपन होता है
- 3:53:00और दोपहर के 2:30 बजे तक चलता है। ठीक है?
- 3:53:04ये टाइम कई बार थोड़ा बहुत ऊपर नीचे भी
- 3:53:06होता है। यूएस के हिसाब से वहां पे डे
- 3:53:08लाइट सेविंग वगैरह के हिसाब से थोड़ा बहुत
- 3:53:09चेंज होता है। इसलिए मैंने आपको ये
- 3:53:10वेबसाइट बताई। अदरवाइज मैं आपको टाइम भी
- 3:53:12बता देता हूं। तो सिडनी सेशन की टाइमिंग
- 3:53:14मैंने आपको बता दी है। ऐसे ही जो मैंने
- 3:53:16आपको बताई है हमारा जो टोक्यो सेशन है वो
- 3:53:19सुबह 5:30 से दोपहर 2:30 बजे तक चलता है।
- 3:53:21अब अगर आप ध्यान से देखेंगे तो आपको दिखाई
- 3:53:23देगा कि जब ये सिडनी सेशन चल रहा है और जब
- 3:53:27ये हमारा टोक्यो सेशन चल रहा है ना ऐसे
- 3:53:29में नीचे आपको दिखाई दे रहा है कि जो
- 3:53:31वॉल्यूम है वो बहुत कम रहता है चार्ट में।
- 3:53:33यानी आपको चार्ट में उतनी ज्यादा बाइंग
- 3:53:35एक्टिविटीज देखने को नहीं मिलेंगी जो कि
- 3:53:37बाकी दो सेशन में देखने को मिलेगी। तो अगर
- 3:53:39आप इन टाइम पीरियड में यानी सिडनी सेशन और
- 3:53:42टोक्यो सेशन जिसको मिला के एशिया सेशन बोल
- 3:53:44दिया जाता है। ऑलदो सिडनी ऑस्ट्रेलिया में
- 3:53:46आ रहा है। लेकिन फिर भी इसको जनरली लोग
- 3:53:48एशिया सेशन बोल देते हैं। तो इस टाइम
- 3:53:50पीरियड में क्या होता है? अगर आप ट्रेड
- 3:53:52लेंगे तो क्योंकि इस टाइम पर खास वॉल्यूम
- 3:53:54मार्केट में है ही नहीं। तो वहां पर आपके
- 3:53:56ट्रेड में स्टॉप लॉस हिट होने के जो
- 3:53:58चांसेस होंगे वो ज्यादा होंगे। वहां पर
- 3:54:00आपको क्या होगा? आपको साइडवेज मार्केट
- 3:54:03ज्यादा देखने को मिलेगा। तो भले ही आपको
- 3:54:05दिखाई दे रहा है आपकी एंट्री बन रही है।
- 3:54:07आपकी स्ट्रेटजी लगी है। वहां पे आपका फेयर
- 3:54:09वैल्यू गैप बन रहा है। लेकिन आगे चलके कोई
- 3:54:11खास मूवमेंट आया ही नहीं। तो आपका स्टॉप
- 3:54:13लॉस सेट हो गया। तो
- 3:54:14[नाक से की जाने वाली आवाज़] इसलिए हमें
- 3:54:15जनरली ये जो सिडनी एंड टोक्यो सेशन होता
- 3:54:18है इसमें हमें साइडवेज मार्केट देखने को
- 3:54:20मिलता है। तो अगर आपकी कोई पर्टिकुलर
- 3:54:21स्ट्रेटजी वहां पे काम करती है तो आप
- 3:54:23ट्रेड ले सकते हैं। लेकिन अगर हम लंदन
- 3:54:25सेशन की बात करें तो यहां पर ध्यान से
- 3:54:27देखना। जैसे ही मैं लंदन सेशन हमारा आज के
- 3:54:30टाइम पर अभी दोपहर के 12:30 शुरू हो जाता
- 3:54:32है। तो जैसे ही ये लंदन सेशन शुरू होता है
- 3:54:35तो इसके बाद क्या हो रहा है? यहां पर आप
- 3:54:37देख सकते हैं कि जो ट्रेडिंग एक्टिविटी है
- 3:54:38वो बढ़ जाती है। तो जब ट्रेडिंग एक्टिविटी
- 3:54:40बढ़ रही है जब वॉल्यूम ज्यादा बढ़ रहा है
- 3:54:42तो इस टाइम पर अगर आप ट्रेड लेंगे तो आपके
- 3:54:44ट्रेड के सही निकलने के जो चांसेस होंगे
- 3:54:46वो ज्यादा हो जाएंगे। तो ये जो लंदन सेशन
- 3:54:49है ये हमारा दोपहर 1:30 बजे शुरू होता है
- 3:54:51और रात के लगभग लगभग 9:30 बजे तक चलता है।
- 3:54:55तो इस टाइम पीरियड में हमें अच्छा खासा
- 3:54:57वॉल्यूम देखने को मिलता है। अब लंदन सेशन
- 3:54:59में तो ठीक-ठाक वॉल्यूम है जब लंदन सेशन
- 3:55:01शुरू हुआ है। लेकिन सबसे ज्यादा जो
- 3:55:03वॉल्यूम हमें मार्केट में देखने को मिलता
- 3:55:05है वो तब दिखाई देता है जब न्यूयॉर्क सेशन
- 3:55:07शुरू होता है। अब आज के टाइम पर जो
- 3:55:10न्यूयॉर्क सेशन है वो शाम के 5:30 शुरू हो
- 3:55:12जा रहा है। तो शाम के 5:30 से ये रात के
- 3:55:16आप देख सकते हैं कि 2:30 बजे तक चलता है।
- 3:55:18लेकिन अगर सबसे ज्यादा वॉल्यूम आप नीचे
- 3:55:20यहां पर देखिए सबसे ज्यादा वॉल्यूम की बात
- 3:55:22करूं तो शाम के 5:30 से अगर मैं रात के कह
- 3:55:26सकता हूं कि 10:00 बजे के आसपास तक हमें
- 3:55:28सबसे ज्यादा वॉल्यूम देखने को मिलता है।
- 3:55:30यानी अगर शाम 5:30 से रात के 10:00 बजे के
- 3:55:33आसपास आप ट्रेड करेंगे तो सबसे बड़े जो
- 3:55:36मूव्स आपको चार्ट में देखने को मिलेंगे वो
- 3:55:38इसी टाइम पीरियड में देखने को मिलेंगे। तो
- 3:55:4024 * 7 वाले जितने भी मार्केट्स हैं आप
- 3:55:43वहां पर ट्रेड करते हैं तो इस टाइम पीरियड
- 3:55:45में करने से आपके जो ट्रेड होंगे वो सही
- 3:55:47निकल सकते हैं। तो इसलिए टाइमिंग यहां पर
- 3:55:50बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट होती है। तो ऐसा
- 3:55:52नहीं है कि आपका जब मन करे तब आप ट्रेड
- 3:55:54लें। आप ऐसे टाइम पर देखेंगे कि अच्छे
- 3:55:56मूव्स आ रहे हैं। तो भले ही ये जो
- 3:55:57मार्केट्स हैं ये 24 * 7 खुले रहते हैं
- 3:56:00लेकिन हर टाइम पे ट्रेड नहीं लेना है। जो
- 3:56:02पर्टिकुलर टाइम मैं आपको बता रहा हूं जब
- 3:56:04न्यूयॉर्क सेशन चल रहा है जब लंदन सेशन चल
- 3:56:06रहा है तब आपको बड़े मूव्स देखने को मिल
- 3:56:07सकते हैं। तो वहां पर आपके ट्रेड्स के सही
- 3:56:10निकलने के चांसेस ज्यादा होंगे। अगर आप
- 3:56:11इंडिया के अलावा कहीं और से इस वीडियो को
- 3:56:13देख रहे हैं, तो इस केस में आप इस वेबसाइट
- 3:56:15पे जा सकते हैं। अपने देश का जो भी टाइम
- 3:56:17ज़ोन है, उसको सेलेक्ट कर सकते हैं। और
- 3:56:19उसके बाद आपको पता चल जाएगा कि लंदन सेशन
- 3:56:22या यूएस सेशन आपके उस देश के हिसाब से किस
- 3:56:24टाइम पर स्टार्ट होता है। वैसे मैं आपको
- 3:56:26बता दूं कि टाइम एंड प्राइस थ्योरी में और
- 3:56:27भी बहुत सारी चीजें आती हैं। तो ये वीडियो
- 3:56:29अगर आपको पसंद आ रही है तो बहुत मेहनत के
- 3:56:31साथ हम इस लेक्चर को बना रहे हैं। तो
- 3:56:32वीडियो को लाइक जरूर कीजिए। चैनल को
- 3:56:34सब्सक्राइब जरूर कीजिए। और अब चलिए हमारा
- 3:56:35जो लास्ट कांसेप्ट है जुडास स्ट्रिंग का
- 3:56:38हम उसको भी समझ लेते हैं। लेकिन उससे पहले
- 3:56:40मैंने आपको फिर से याद दिला दूं कि डेल्टा
- 3:56:41एक्सचेंज का लिंक और Google फॉर्म का लिंक
- 3:56:43आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। कमेंट
- 3:56:45जरूर कीजिएगा। अगले तीन दिन में जितने भी
- 3:56:46कमेंट्स आएंगे हम सारे कमेंट्स को हार्ड
- 3:56:48देने वाले हैं। हमें चैलेंज चाहिए। कम से
- 3:56:50कम 10,000 आए तो हम थक जाए कि भाई हार्ड
- 3:56:53नहीं दे पा रहे हम। इतने कमेंट आ जाने
- 3:56:55चाहिए। तो कोशिश करो कि जितने कमेंट कर
- 3:56:57सकते हो कर देना। तो अब चलिए इसको समझते
- 3:56:59हैं। तो यह जो जुडास स्विंग स्ट्रेटजी है
- 3:57:01यह बेस्ड है टाइम एंड प्राइस थ्योरी के
- 3:57:03ऊपर ही। मैंने आपको बताया है कि एशिया
- 3:57:05सेशन जो रहता है जिसको सिडनी एंड टोक्यो
- 3:57:07सेशन को जनरली एशिया सेशन बोल दिया जाता
- 3:57:08है। उस टाइम पीरियड में मार्केट जनरली
- 3:57:10हमें साइडवेज देखने को मिलता है। यहां पे
- 3:57:12मैं जनरली टर्म का यूज़ कर रहा हूं। मतलब
- 3:57:14कई बार हो सकता है कि उस सेशन में भी
- 3:57:16ट्रंप चाचा आ जाए और कुछ बोल दें तो वहां
- 3:57:18पर हमें कोई बड़ा मूवमेंट देखने को मिल
- 3:57:20जाए। ठीक है? अदरवाइज इन जनरल इस टाइम
- 3:57:22पीरियड में हमें मार्केट में कुछ खास
- 3:57:24मूवमेंट देखने को नहीं मिलते। तो इस केस
- 3:57:26में ये जो स्ट्रेटजी है इसके लिए हमें
- 3:57:28क्या करना है? हमें सबसे पहले एशिया सेशन
- 3:57:30के हाई एंड लो को मार्क करना होता है। तो
- 3:57:32जब आपको टाइमिंग पता है तो आप खुद से भी
- 3:57:34अपना हाई एंड लो मार्क कर सकते हैं। लेकिन
- 3:57:36अगर आप खुद से मार्क नहीं कर पा रहे हैं
- 3:57:38तो यहां पर एक इंडिकेटर वाले सेक्शन पे
- 3:57:40जाइए। यहां पर जाने के बाद आप सर्च कर
- 3:57:42सकते हैं एशिया सेशन हाई लो मिडलाइंस बाय
- 3:57:44मारक मेजर। जैसे ही आप ये सर्च करेंगे तो
- 3:57:47आपको ये इंडिकेटर मिल जाएगा। आप इस पे
- 3:57:49क्लिक करेंगे तो ये ऑटोमेटिकली एशिया सेशन
- 3:57:51को मार्क कर देगा। तो यहां पर ये जो ब्लू
- 3:57:54दिखाई दे रहा है ये एशिया सेशन है। अब ये
- 3:57:56एशिया सेशन का हाई है। ये एशिया सेशन का
- 3:57:59लो है। एशिया सेशन क्या है? वो मैं आपको
- 3:58:01ऑलरेडी बता चुका हूं। टोक्यो और सिडनी
- 3:58:03सेशन को मिला के लोग एशिया सेशन बोल देते
- 3:58:05हैं। तो अब [नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 3:58:06यहां पर जब भी आपको दिखाई देता है कि अगर
- 3:58:09मान लो आपको दिखाई देता है हाई एंड लो तो
- 3:58:11आपको दिखाई दिया। अब इसके बाद एशिया सेशन
- 3:58:13के बाद हमारा लंदन सेशन शुरू हो जाता है
- 3:58:15या न्यूयॉर्क सेशन आता है। तो आपने क्या
- 3:58:17करना है? जैसे ही एशिया सेशन आपका कंप्लीट
- 3:58:19हो जाता है, आपने एशिया सेशन का जो हाई
- 3:58:21था, उससे लगते हुए इस तरीके से एक लाइन
- 3:58:23ड्रॉ कर लेनी है। वैसे खुद से करने की
- 3:58:25जरूरत नहीं पड़ेगी। इंडिकेटर मार्क कर
- 3:58:26देता है, लेकिन आपको समझाने के लिए मार्क
- 3:58:28कर रहा हूं। ऐसे ही उसका जो लो होगा, आपने
- 3:58:30उससे लगते हुए भी एक लाइन ड्रॉ कर लेनी
- 3:58:31है। कुछ इस तरीके से। अब इसके बाद अगर मान
- 3:58:34लो प्राइस ऊपर का जो लेवल है इसको ब्रेक
- 3:58:37कर देती है लैंडन सेशन में और ब्रेक करने
- 3:58:40के बाद नीचे आ जाती है। कुछ इस तरीके से।
- 3:58:42तो अगर ऊपर का ब्रेक करने के बाद नीचे आती
- 3:58:45है तो यहां पर ना प्राइस के गिरने के
- 3:58:47चांसेस होते हैं। बट उससे पहले आपको कोई
- 3:58:49ना कोई एफटीजी ऑर्डर ब्लॉक यहां पे साथ
- 3:58:51में लगाना होगा। और इसकी जगह पर अगर मान
- 3:58:53लो आपको दिखाई देता है कि प्राइस नीचे का
- 3:58:56लो ब्रेक करने के बाद ऊपर चली जाती है।
- 3:58:58जैसे अगर ये वाला एग्जांपल आप देखेंगे ये
- 3:59:00हमारा हाई है। ये हमारा लो है। हमने ये
- 3:59:02मार्क कर रखा था। अब इसके बाद क्या हुआ?
- 3:59:04यहां पर अगर आप ध्यान से देखोगे तो प्राइस
- 3:59:06पहले नीचे आती है और नीचे का लेवल ब्रेक
- 3:59:08करने के बाद वापस अंदर चली जाती है। तो
- 3:59:10अगर आपको ऐसा दिखाई देता है तो यहां पर
- 3:59:12आपने क्या करना है? यहां पर आपने कोई ना
- 3:59:14कोई बुलिश सिग्नल ढूंढना है। जैसे आप
- 3:59:16सीआईएसडी देख सकते हो, एफपीजी देख सकते
- 3:59:18हो, ऑटो ब्लॉक देख सकते हो, आईएफजी देख
- 3:59:20सकते हो, ब्रेकर ब्लॉक देख सकते हो। अगर
- 3:59:22आपको कोई भी बुलिश सिग्नल यहां पर मिल
- 3:59:24जाता है तो आप उसके बेसिस पे बाय करने का
- 3:59:26ट्रेड ले सकते हैं। जैसे यहां पर हमें
- 3:59:27सीआईएसडी मिल रहा था तो हम यहां पर बाय कर
- 3:59:30सकते थे। हमारा जो स्टॉप लॉस होगा वो इस
- 3:59:32लो के थोड़ा सा नीचे यानी यहां पर होगा।
- 3:59:34और रही बात टारगेट की तो जो एशिया सेशन का
- 3:59:37हाई है हम वहां तक का टारगेट लेकर चल सकते
- 3:59:39हैं। तो इस जगह पर हमारा टारगेट कहां तक
- 3:59:42होगा वो आप देख सकते हैं। हमने ऑलरेडी
- 3:59:44मार्क कर रखा है और 1:3 के आसपास का
- 3:59:46टारगेट यहां पर हमारा बन रहा था। इसका
- 3:59:48उल्टा अगर मान लो आपको दिखाई देता कि
- 3:59:50हमारा हाई यहां पर ब्रेक हुआ होता और उसके
- 3:59:52बाद प्राइस नीचे आती तो हम यहां पर अपनी
- 3:59:54शॉर्ट करने की पोजीशन प्लान कर सकते थे।
- 3:59:57अब ऐसा होता क्यों है? इसके लिए आपको
- 3:59:59लिक्विडिटी को समझना होगा। तो लिक्विडिटी
- 4:00:02का सिंपल मीनिंग होता है पेंडिंग ऑर्डर्स।
- 4:00:04और इसको समझने के लिए ना मैं आपको एक
- 4:00:06एग्जांपल देता हूं। इस एक एग्जांपल से ही
- 4:00:08आपको पूरा लिक्विडिटी का जो कांसेप्ट है
- 4:00:10ना ये क्लियर हो जाएगा। इसलिए ध्यान से
- 4:00:13देखना साथ में नोट्स भी बनाओगे तो बेटर
- 4:00:15रहेगा। तो सबसे पहले आपने बेसिक चीजें जो
- 4:00:17समझी है उसकी बात करते हैं। देखिए आपने
- 4:00:20सुना होगा कि जो मार्केट है वो कुछ इस
- 4:00:23तरीके से बढ़ता है। मतलब अगर मार्केट एक
- 4:00:26लेवल पे जाने के बाद गिर जाता है तो ये
- 4:00:27क्या है हमारा? ये है हमारा रेजिस्टेंस।
- 4:00:30और जिस लेवल पे जाने के बाद मार्केट बढ़ने
- 4:00:33लगता है उस लेवल को हम क्या कहते हैं?
- 4:00:35उसको कहते हैं हमारा सपोर्ट। ये बेसिक ची
- 4:00:38चीज आपको क्लियर हो गई। अब इसके बाद जब
- 4:00:40दोबारा से प्राइस ऊपर जाती है मतलब सेम
- 4:00:43लेवल के पास जाती है तो हमें पता है
- 4:00:45रेजिस्टेंस है। तो अगेन हम क्या करते हैं
- 4:00:48यहां पे? हम यहां पे क्या करते हैं? हम
- 4:00:50यहां पर सेल कर देते हैं। ठीक है? सेम चीज
- 4:00:53जो मैंने अभी आपको बताई और सेल करेंगे तो
- 4:00:55हमारा स्टॉप लॉस कहां होगा? थोड़ा सा ऊपर
- 4:00:58होगा। क्योंकि अगर स्टॉप लॉस नहीं लगाया
- 4:01:00फिर तो हमें बहुत बड़ा घाटा हो सकता है।
- 4:01:01तो यहां पर हमारा स्टॉप लॉस है। अब ये जो
- 4:01:04स्टॉप लॉस है ये कौन सा स्टॉप लॉस है?
- 4:01:06ध्यान देना। अगर आपने पहले सेल किया है तो
- 4:01:09सेल में आपका जब ऑर्डर एग्जिट होगा तो
- 4:01:12वहां पर आपको बाय करना पड़ेगा। यानी यह जो
- 4:01:15आपका स्टॉप लॉस होता है यह बाय करने का
- 4:01:17स्टॉप लॉस होता है। बिल्कुल सही बात है।
- 4:01:20ऐसे ही अगर कभी प्राइस मान लो नीचे आती है
- 4:01:23तो यहां पर आप इस जगह पर सपोर्ट के पास
- 4:01:26बाय करने का ट्रेड लेते हैं। तो यहां पर
- 4:01:28उससे नीचे थोड़ा सा आपने स्टॉप लॉस रखा
- 4:01:30होगा। ठीक है? ये जो स्टॉप लॉस आपका होता
- 4:01:33है ये कौन सा स्टॉप लॉस होता है? जब आपने
- 4:01:35पहले बाय किया है तो आपका ट्रेड जब एग्जिट
- 4:01:37होगा तो उस चीज को बेचोगे ना तो यह होता
- 4:01:39है आपका सेल करने का स्टॉप लॉस। यानी ये
- 4:01:43जो आपका स्टॉप लॉस है ये बाय करने का
- 4:01:45स्टॉप लॉस है। ये जो आपका स्टॉप लॉस है ये
- 4:01:47सेल करने का स्टॉप लॉस है। अब देखो सबसे
- 4:01:49बड़ी बात यह है कि मैंने आपको बताया था कि
- 4:01:52जो बड़े-बड़े स्मार्ट मनी हैं वो जब भी
- 4:01:55बाइंग करते हैं तो वो कोई आपकी तरह 1
- 4:01:57करोड़, 2 करोड़, 5 करोड़ का ट्रेड नहीं
- 4:01:59लेंगे। वो अगर ट्रेड लेंगे तो कई बार 100
- 4:02:01करोड़, 200 करोड़ का ट्रेड लेंगे। यानी हो
- 4:02:03सकता है कि वो 1 लाख क्वांटिटी बाय करना
- 4:02:06चाहते हैं। मतलब अगर वह बाय करना चाह रहे
- 4:02:08हैं तो 1 लाख क्वांटिटी उनको बाय करनी है।
- 4:02:11अगर वो सेल करना चाह रहे हैं तो उन्हें ₹1
- 4:02:13लाख क्वांटिटी सेल करनी है। जिसकी हो सकता
- 4:02:15है कि वैल्यू जो है वो ₹100 करोड़ है।
- 4:02:17मतलब उन्हें ₹100 करोड़ का ट्रेड लेना है।
- 4:02:20अब 100 करोड़ का अगर उन्हें बाइंग करनी है
- 4:02:22तो कोई ना कोई बेचने वाला चाहिए ना। और
- 4:02:25अगर उन्हें 100 करोड़ की सेलिंग करनी है
- 4:02:27तो कोई ना कोई खरीदने वाला चाहिए। अब यहां
- 4:02:29पर अगर उसे 1 लाख क्वांटिटी खरीदनी है तो
- 4:02:31जब प्राइस सपोर्ट के पास है तो आप भी
- 4:02:34खरीदना चाह रहे हो। बड़े स्मार्ट मनी भी
- 4:02:36खरीदना चाह रहे हैं। सभी खरीदना चाह रहे
- 4:02:38हैं तो बेचेगा कोई नहीं तो खरीदोगे कैसे?
- 4:02:41तो इसलिए वो क्या करते हैं? वो अपनी तरफ
- 4:02:44से प्राइस को थोड़ा नीचे लेके आते हैं।
- 4:02:46मतलब जैसे एग्जांपल ये वाला लें तो वो
- 4:02:49क्या करेंगे? प्राइस को पहले सपोर्ट के
- 4:02:51पास लेके आया। तो लोगों को लगेगा कि भाई
- 4:02:53प्राइस सपोर्ट के पास आ गई। आप में से
- 4:02:55बहुत सारे लोग जो शायद ट्रेड में एंटर
- 4:02:57नहीं करने वाले थे वो अब ट्रेड में घुस
- 4:02:59जाएंगे क्योंकि प्राइस तो सपोर्ट के पास
- 4:03:01है। तो आप जैसे ही ट्रेड में घुस गए यानी
- 4:03:04आपने बाय कर लिया। अब जब आपने बाय कर लिया
- 4:03:07है तो उनको क्या चाहिए? उनको चाहिए यानी
- 4:03:10किसी ने बेचा होगा तभी आपने बाय किया। तो
- 4:03:12अब जो बड़ा स्मार्ट मनी है उसको भी बाइंग
- 4:03:14करनी है और बहुत सारी हैवी क्वांटिटी में
- 4:03:16बाइंग करनी है तो उसको सेलर चाहिए। अब वो
- 4:03:19सेलर कैसे मिलेगा? अगर यहीं पर वो बाय
- 4:03:21करेगा तो सेलर तो होंगे ही नहीं ना इतने।
- 4:03:23तो ऐसे में वो क्या करते हैं? वो अपनी तरफ
- 4:03:26से क्योंकि उनके पास बहुत सारा पैसा है,
- 4:03:28बहुत सारी टेक्नोलॉजी है, बहुत सारी
- 4:03:29इंफॉर्मेशन है। तो वो प्राइस को थोड़ा
- 4:03:31नीचे लेकर आते हैं। जैसे ही वो प्राइस को
- 4:03:33थोड़ा नीचे लेकर आते हैं, आप सारे लोगों
- 4:03:36के स्टॉप लॉस हिट हो जाते हैं। यानी अब आप
- 4:03:39कौन बन गए? आप बन गए सेलर और उनको क्या
- 4:03:42करना था? उनको खरीदना था। यानी आपने बेचा
- 4:03:45उन्होंने खरीद लिया। तो उनको जो 1 लाख
- 4:03:47क्वांटिटी खरीदनी थी, किसी में आपने मान
- 4:03:50लीजिए किसी ने 1000 क्वांटिटी खरीद रखी
- 4:03:52होगी। किसी ने 2000 खरीद रखी होगी, किसी
- 4:03:54ने 100 खरीद रखी होगी, किसी ने 5000 खरीद
- 4:03:57रखी होगी। ऐसे सारे मिलके उनको जितनी
- 4:03:59क्वांटिटी चाहिए थी उनको उतनी क्वांटिटी
- 4:04:01मिल चुकी है। क्योंकि आप सारे लोगों के
- 4:04:04स्टॉप लॉस हिट करवा दिए गए हैं। और जैसे
- 4:04:06ही यह हो जाता है तो अब उनका जो मकसद था
- 4:04:09बाइंग करने का वो मकसद पूरा हो चुका है।
- 4:04:12जिसके बाद प्राइस बढ़ जाती है। यानी आप
- 4:04:15लोगों का पहले क्यों स्टॉप लॉस हिट करवाया
- 4:04:17गया? क्योंकि एक बड़े स्मार्ट मनी को
- 4:04:19बाइंग करनी थी। इसी तरीके से जब प्राइस
- 4:04:22कभी रेजिस्टेंस के पास जाती है तो यहां पर
- 4:04:25क्या होता है? यहां पर अगेन हमें लगता है
- 4:04:27कि भाई प्राइस रेजिस्टेंस के पास है। यहां
- 4:04:29से प्राइस गिरनी चाहिए। लेकिन एक्चुअल में
- 4:04:32जो स्मार्ट मनी है उसको भी पता है कि भाई
- 4:04:34यहां से प्राइस गिरने के चांसेस बन रहे
- 4:04:36हैं। ऐसे ही मान लो कोई बड़ा हैच फंड है
- 4:04:38जिसको 1 लाख क्वांटिटी अब बेचनी है
- 4:04:40क्योंकि जो प्राइस है वो रेजिस्टेंस के
- 4:04:42पास आ गई है। तो अगर वो एग्जैक्टली
- 4:04:44रेजिस्टेंस के पास ही बेचना चाहेगा तो
- 4:04:46इतने सारे लोगों को पता है कि प्राइस
- 4:04:48रेजिस्टेंस के पास है तो फिर सारे ही लोग
- 4:04:50बेच रहे होंगे तो वो बेचने के लिए कोई ना
- 4:04:53कोई खरीदने वाला तो होना चाहिए ना। कोई
- 4:04:54बेवकूफ होना चाहिए कि जिसको मैं अपना माल
- 4:04:56बेच सकूं। तो यहां पर तो कोई बेवकूफ है ही
- 4:04:58नहीं। तो बेवकूफ बनाएंगे वो लोग। वो क्या
- 4:05:00करेंगे? प्राइस को अपनी तरफ से क्योंकि
- 4:05:02उनके पास बहुत पैसा है, बहुत टेक्नोलॉजी
- 4:05:04है, बहुत इंफॉर्मेशन है। तो वो क्या
- 4:05:05करेंगे? वो प्राइस को थोड़ा सा ऊपर लेके
- 4:05:08जाएंगे। जैसे ही प्राइस को ऊपर लेके
- 4:05:09जाएंगे तो जो चालाक लोग थे जिन्होंने यहां
- 4:05:12पर खुद को चालाक समझ के यहां पे सेल कर
- 4:05:14दिया था कि प्राइस रेजिस्टेंस के पास आ गई
- 4:05:16है। उस टाइम पे होगा क्या कि प्राइस जैसे
- 4:05:18ही थोड़ा ऊपर जाएगी उन सारे लोगों की
- 4:05:20चालाकी निकल जाएगी। मतलब हम जो रिटेलर्स
- 4:05:23हैं हम सबको वो बेवकूफ बना देंगे और अपनी
- 4:05:25जो 1 लाख क्वांटिटी उन्हें बेचनी थी। तो
- 4:05:28क्योंकि अब यहां पर जिसने सेल किया था वो
- 4:05:30बायर बन चुका है तो वो आपको अपना माल बेच
- 4:05:33देंगे और जैसे ही वो बेचेंगे उसके बाद
- 4:05:35प्राइस गिरने लग जाएगी। यानी इस तरीके से
- 4:05:39जो स्मार्ट मनी है वो रिटेलर्स को बेवकूफ
- 4:05:42बनाते हैं। तो अब सवाल उठता है कि
- 4:05:44लिक्विडिटी होती क्या है? तो
- 4:05:46[नाक से की जाने वाली आवाज़] ये जो आपका
- 4:05:47स्टॉप लॉस है यानी नीचे जो आपका सेल करने
- 4:05:50का स्टॉप लॉस है और ऊपर जो आपका बाय करने
- 4:05:53का स्टॉप लॉस है। इस स्टॉप लॉस को हम
- 4:05:55कहेंगे तो क्या कहेंगे? यह बेसिकली
- 4:05:57पेंडिंग ऑर्डर्स हैं। यानी ये जो पेंडिंग
- 4:06:00ऑर्डर्स हैं इसको लिक्विडिटी कहा जाता है।
- 4:06:03तो अगर आपको पता है कि कहां पर लिक्विडिटी
- 4:06:06है तो यह मान के चलो कि जो बड़ा स्मार्ट
- 4:06:08मनी है वो प्राइस को वहां पर लेके जाएगा।
- 4:06:11लोगों के स्टॉप लॉस पहले हिट करवाएगा उसके
- 4:06:13बाद प्राइस बढ़ेगी। यानी इतना आपको क्लियर
- 4:06:16हो गया है कि एक बड़े स्मार्ट मनी को अगर
- 4:06:18बाइंग करनी है या सेलिंग करनी है तो इसके
- 4:06:20लिए उसको चाहिए लिक्विडिटी। लिक्विडिटी
- 4:06:22यानी आप लोगों के जो स्टॉप लॉस होते हैं,
- 4:06:25वह बेसिकली पेंडिंग ऑर्डर्स होते हैं
- 4:06:27जिनको वो लोग यूज़ करना चाहते हैं और यह एक
- 4:06:30तरीके से मार्केट में फ्यूल की तरह काम
- 4:06:32करता है। इतना आपको क्लियर हो गया है? अब
- 4:06:34यहां तक आपने जो बात समझी है ना वो आधी ही
- 4:06:37बात है। आपको अभी सिर्फ आधा ही गेम समझ
- 4:06:39आया है। अब असली गेम बताता हूं। लेकिन
- 4:06:41उससे पहले मैं आपको बता दूं कि आप जितने
- 4:06:43भी कमेंट्स करने वाले हो हम सारे कमेंट्स
- 4:06:45को हार्ड देंगे। इसलिए कमेंट जरूर
- 4:06:47कीजिएगा। और साथ ही अगर आप क्रिप्टो के
- 4:06:49फ्यूचर्स में ट्रेड करने के लिए अपना
- 4:06:51अकाउंट ओपन करना चाहते हैं तो आप डेल्टा
- 4:06:52एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन कर सकते
- 4:06:54हैं। साथ ही यह इंडिया में एफआईयू
- 4:06:56रजिस्टर्ड भी है। और अगर आप हमारे लिंक का
- 4:06:58यूज़ करके डेल्टा एक्सचेंज में अपना
- 4:06:59अकाउंट ओपन करते हैं तो आपको हमारी तरफ से
- 4:07:00अरा एi का ₹2000 का सब्सक्रिप्शन बिल्कुल
- 4:07:02फ्री मिलेगा। इसके लिए नीचे आपको एक
- 4:07:04Google फॉर्म का लिंक दे रखा है। उस फॉर्म
- 4:07:06को भी जरूर फिल कर लीजिएगा। जिन्हें नहीं
- 4:07:07पता कि अरा एi क्या है? तो मैं आपको बता
- 4:07:09दूं कि अधीरा एआई का यूज़ करके आप सिर्फ एक
- 4:07:12क्लिक से किसी भी चार्ट का एनालिसिस कर
- 4:07:14सकते हैं। जैसे यहां पर मैंने इमेज पे
- 4:07:16क्लिक किया तो जो भी चार्ट अभी चल रहा है
- 4:07:18ये उसका एनालिसिस करके हमें बता देगा कि
- 4:07:20इस केस में हो क्या रहा है। जैसे यहां पर
- 4:07:22इसने बताया कि ये सोलाना का चार्ट है
- 4:07:24जिसकी प्राइस क्या चल रही है। उसके हिसाब
- 4:07:26से बेरिश है। यहां पर वो बाकी सारी
- 4:07:28इंफॉर्मेशन भी देता है। कौन सा चार्ट
- 4:07:30पैटर्न बन रहा है ये सारी और इसके बाद
- 4:07:32एडिशनल इनेशन भी आपको यहां पर देखने को
- 4:07:34मिलती है। तो इस सब्सक्रिप्शन की वैसे जो
- 4:07:37प्राइस है वो है ₹2000 लेकिन हमारी तरफ से
- 4:07:40यह आपको बिल्कुल फ्री में मिलेगा। अगर आप
- 4:07:42हमारे लिंक का यूज़ करके डेल्टा एक्सचेंज
- 4:07:43में अपना अकाउंट ओपन करेंगे। साथ ही नीचे
- 4:07:45Google फॉर्म भी जरूर फिल कर लीजिएगा। तो
- 4:07:47अब समझते हैं कि ये जो लिक्विडिटी है ये
- 4:07:49इतनी ज्यादा इंपॉर्टेंट क्यों है? तो देखो
- 4:07:51सबसे पहले अगर मार्केट में लिक्विडिटी
- 4:07:53नहीं होगी या ये जो बड़े इंस्टीटशंस हैं
- 4:07:56ये लोगों के स्टॉप लॉस हिट नहीं कर पाएंगे
- 4:07:58तो फिर वो बड़े-बड़े ट्रेड्स ले ही नहीं
- 4:08:00पाएंगे। और जब वो बड़े ट्रेड नहीं लेंगे
- 4:08:03तो मार्केट मूव कैसे करेगा? यानी जो
- 4:08:05मार्केट है वह बिना इन बड़े इंस्टीटशंस के
- 4:08:08मूव नहीं कर सकता और इन बड़े इंस्टीटशंस
- 4:08:11को अगर ट्रेड लेना है तो इसके लिए उन्हें
- 4:08:13यहां पर लिक्विडिटी की जरूरत होती है। तो
- 4:08:16सबसे पहला इसका बेनिफिट यह है। दूसरा देखो
- 4:08:18एज अ ट्रेडर हमारे लिए क्या फायदा है।
- 4:08:21हमें पता है कि प्राइस जो है वो ज्यादातर
- 4:08:24केस में लिक्विडिटी स्वीप करेगी। यानी ये
- 4:08:26जो लिक्विडिटी ज़ोंस होते हैं ना ये
- 4:08:27मार्केट में एक मैग्नेट की तरह काम करते
- 4:08:30हैं। जहां पर आपको लिक्विडिटी दिखाई दे
- 4:08:32रही है ना मान के चलो कि प्राइस वहां पर
- 4:08:34तो जाएगी जाएगी। पहले लोगों के स्टॉप लॉस
- 4:08:36हिट करवाएगी करवाएगी और उसके बाद ही आगे
- 4:08:38जाएगी जाएगी। और इसके बाद तीसरी चीज यह है
- 4:08:41कि अगर आप लिक्विडिटी के हिसाब से अपने
- 4:08:44ट्रेड लोगे तो आपको बहुत हाई प्रोबेबिलिटी
- 4:08:46सेटअप्स मिल सकते हैं। क्योंकि आपको तो
- 4:08:48पता है कि कहां पर लोगों के स्टॉप लॉस हिट
- 4:08:50हो रहे हैं और वहीं पर जाकर आप ट्रेड ले
- 4:08:52रहे हो तो ट्रेड्स काफी सही निकल सकते
- 4:08:54हैं। ऑलदो क्लियर कर दूं कि ऐसा नहीं है
- 4:08:56कि आपने सोचा कि यहां पर लिक्विडिटी स्वीप
- 4:08:58है वहीं पे हुआ और एकदम से आपके हर बार
- 4:09:01सारे ही ट्रेड सही हो जाएंगे। लेकिन मैं
- 4:09:03आपको इंस्टीटशंस का गेम समझा रहा हूं और
- 4:09:05इसके बेसिस पे जब आप ट्रेड लेंगे तो आपके
- 4:09:08सही निकलने के जो चांसेस होंगे वो ज्यादा
- 4:09:10हो जाएंगे और आप जो भी ट्रेड लेंगे उसमें
- 4:09:12स्टॉप लॉस आपका छोटा होगा लेकिन जो टारगेट
- 4:09:15होंगे वो काफी बड़े होंगे। तो ये है
- 4:09:17लिक्विडिटी कीेंस। अगर लिक्विडिटी के
- 4:09:20फायदे की बात करें तो पहला मैंने आपको बता
- 4:09:22दिया है कि एक तो आपको हाई प्रोबेबिलिटी
- 4:09:24सेटअप्स मिल सकते हैं। यानी आपको ऐसे
- 4:09:26ट्रेड मिलेंगे जिसके सही निकलने के चांसेस
- 4:09:28ज्यादा होंगे। आपको एंट्री कहां पर लेनी
- 4:09:31है? कहां पर आपका एग्जिट हो सकता है वो भी
- 4:09:33आप लिक्विडिटी से पता कर सकते हैं। तीसरा
- 4:09:35यह जो लिक्विडिटी वाला कांसेप्ट है यह हर
- 4:09:38तरह के मार्केट में काम करता है। क्योंकि
- 4:09:40कोई भी ऐसा मार्केट नहीं है जो लिक्विडिटी
- 4:09:42के बिना चल पाए। सारे ही मार्केट्स को
- 4:09:44लिक्विडिटी चाहिए। बयर है तो सेलर चाहिए।
- 4:09:46सेलर है तो बयर चाहिए। और इसके अलावा
- 4:09:48मैंने आपको बताया कि जो रिस्क रिवॉर्ड है
- 4:09:50वो भी आपको बेटर ट्रेड्स यहां पर मिलते
- 4:09:52हैं। मतलब छोटे स्टॉप लॉस बड़े टारगेट्स
- 4:09:54आपको मिल सकते हैं। डिसएडवांटेजेस की बात
- 4:09:57करें तो यहां पर जब आपको ट्रेड लेना है तो
- 4:09:59इसके लिए पेशेंस की जरूरत पड़ती है
- 4:10:00क्योंकि आपको वेट करना होगा लिक्विडिटी
- 4:10:02स्वीप करने का। अगर आप वेट करोगे तभी जाकर
- 4:10:05आपको सही ट्रेड मिलेंगे। मतलब अगर प्राइस
- 4:10:08लेवल के पास चल रही है तो आपने देखना है
- 4:10:10कि भाई पहले एक बार बाकी लोगों को मार्केट
- 4:10:12से निकलने दो। उनको बर्बाद होने दो। तब
- 4:10:15जाके मैं मार्केट में घुसूंगा। जब पैसा
- 4:10:17कमाने का मौका आएगा। दूसरी
- 4:10:18[नाक से की जाने वाली आवाज़] चीज है यहां
- 4:10:19पर भी ऐसा नहीं है। मैंने क्लियर किया है
- 4:10:21कि आपको फॉल्स सिग्नल मिल सकते हैं। और
- 4:10:24तीसरा यहां पर एक्यूरेसी बढ़ाने के लिए
- 4:10:26आपको मल्टी टाइम फ्रेम एनालिसिस करना होता
- 4:10:28है। अब नेक्स्ट चीज जो आपने समझनी है वो
- 4:10:30है लिक्विडिटी इवेंट्स। यानी जब भी कभी
- 4:10:33हमें दिखाई देता है कि मार्केट में इस
- 4:10:35लेवल पे लिक्विडिटी है तो उसके बाद क्या
- 4:10:37हो सकता है? सबसे पहली चीज ये हो सकती है
- 4:10:39कि लिक्विडिटी को स्वीप कर दिया जाए। यानी
- 4:10:42मैंने आपको दिखाया कि कुछ इस तरीके से
- 4:10:44प्राइस जो है उसने रेजिस्टेंस के पास गई।
- 4:10:47यहां पर लिक्विडिटी थी जो स्मार्ट मनी है
- 4:10:49उसने लिक्विडिटी को स्वीप किया। उसके बाद
- 4:10:51प्राइस नीचे आ गई। लिक्विडिटी को स्वीप
- 4:10:53करने का मतलब यह है स्वीप का मतलब होता है
- 4:10:56साफ कर देना। तो बिल्कुल सफाया कर दिया।
- 4:10:58इसकी जगह पे लिक्विडिटी गैब भी हम बोलते
- 4:11:00हैं। मतलब आप लोगों के स्टॉप लॉस जो थे
- 4:11:02उसको उसने गैब कर लिया। झपट लिया। ठीक है?
- 4:11:05तो या तो यही होगा कि स्टॉप लॉस हिट
- 4:11:08करवाया जाएगा। प्राइस नीचे आ जाएगी। या
- 4:11:10फिर दूसरे केस में हो सकता है कि सेम
- 4:11:12एग्जांपल से ही समझा देता हूं। आपको लग
- 4:11:14रहा होगा कि मैं आपको ड्राइंग बना बना के
- 4:11:16समझा रहा हूं। लेकिन आगे मैं आपको चार्ट्स
- 4:11:18भी दिखाऊंगा। अगर मैं आपको ये चीजें ऐसे
- 4:11:20ड्राइंग से समझाऊंगा नहीं तो फिर चार्ट्स
- 4:11:22में कुछ भी समझ नहीं आएगा। इसलिए ये चीजें
- 4:11:23बताना बहुत ज्यादा जरूरी है। तो मैंने
- 4:11:26आपको बताया कि या तो क्या होगा इस तरीके
- 4:11:28से पहले लिक्विडिटी स्वीप होने के बाद
- 4:11:30प्राइस नीचे आ जाएगी। या फिर देखिए जो
- 4:11:33लिक्विडिटी होती है ना वो हमेशा ऐसा नहीं
- 4:11:35है कि सपोर्ट या रेजिस्टेंस के पास ही है।
- 4:11:37यानी ऐसा नहीं है कि रेजिस्टेंस और सपोर्ट
- 4:11:39पे ही लिक्विडिटी है और कहीं लिक्विडिटी
- 4:11:41है ही नहीं। लिक्विडिटी बीच में भी आपको
- 4:11:43चार्ट में बहुत बार देखने को मिलती है।
- 4:11:45हमने आपको एफवीजी के बारे में बताया है।
- 4:11:46ऑर्डर ब्लॉक के बारे में बताया है। तो कई
- 4:11:48बार होता है कि प्राइस जो है वो इन लेवल्स
- 4:11:51को टैप करने के बाद ऊपर बढ़ जाए। यानी
- 4:11:53यहां पर जो लिक्विडिटी है उन लिक्विडिटी
- 4:11:56को प्राइस रन कर ले। मतलब उससे ऊपर ही चली
- 4:11:59जाए। ऑलदो यहां पर भी पहले लोगों के स्टॉप
- 4:12:01लॉस हिट होंगे उसके बाद ऊपर निकल जाएगी।
- 4:12:03तो दो ही चीजें हो सकती हैं। या तो
- 4:12:05लिक्विडिटी स्वीप होगी या लिक्विडिटी रन
- 4:12:08होगा। ज्यादातर केस में लिक्विडिटी स्वीप
- 4:12:10होता है। अगर एक्सटर्नल लिक्विडिटी होगी
- 4:12:12और वो कैसे होता है आगे आने वाले एग्जांपल
- 4:12:14में समझेंगे। तो इतना आपको क्लियर होना
- 4:12:16चाहिए। एक बार फिर से क्लियर कर देता हूं।
- 4:12:18लिक्विडिटी स्वीप का मतलब है कि प्राइस जो
- 4:12:20है वह लिक्विडिटी को टच करती है और वहां
- 4:12:22से रिवर्स कर जाती है। और लिक्विडिटी रन
- 4:12:25का मतलब है प्राइस लिक्विडिटी को ब्रेक
- 4:12:28करती है और उसके बाद जो ट्रेंड है वो
- 4:12:30कंटिन्यू होता रहता है। तो हमारे लिए
- 4:12:32लिक्विडिटी स्वीप ज्यादा इंपॉर्टेंट है
- 4:12:33क्योंकि इससे हमें पता चलेगा कि कहां से
- 4:12:35ट्रेंड के रिवर्स होने के चांसेस हैं। तो
- 4:12:37अब इसके बाद जो नेक्स्ट चीज हमारे लिए
- 4:12:39समझना बहुत ज्यादा जरूरी है वो है एरिया
- 4:12:42ऑफ लिक्विडिटी। यानी लिक्विडिटी कहां-कहां
- 4:12:44पर होती है। क्योंकि अभी तक मैंने आपको जो
- 4:12:47एग्जांपल दिखाया है, उसमें मैंने आपको
- 4:12:49इक्वल हाईज़ एंड इक्वल लोस के बारे में
- 4:12:51बताया। यानी मैंने आपको सिर्फ यही वाला
- 4:12:53एग्जांपल तो दिखाया कि प्राइस इस लेवल पे
- 4:12:55गई और लिक्विडिटी कहां पर है? यहां पर
- 4:12:59लिक्विडिटी है। यहां पर लिक्विडिटी है।
- 4:13:01लेकिन ऐसा नहीं है। हर जगह पे जहां पर
- 4:13:04आपको लगता है कि यहां पर मुझे स्टॉप लॉस
- 4:13:06लगाना चाहिए क्योंकि मैंने प्राइस एक्शन
- 4:13:08में ऐसा सीखा है। क्योंकि मैंने इस
- 4:13:09इंडिकेटर में ऐसा सीखा है। उस सारी जगह पे
- 4:13:12लिक्विडिटी है। जैसे कि अगर हम बताएं कि
- 4:13:15आपने चार्ट पैटर्न्स के बारे में सीखा
- 4:13:17होगा कि कुछ इस तरीके से एक एम पैटर्न
- 4:13:19होता है। तो इस जगह पे देखिए अब यहां पर
- 4:13:21अगर कोई ट्रेड लेगा तो उस केस में
- 4:13:23लिक्विडिटी कहां होगी? इसके ऊपर होगी। अगर
- 4:13:26डब्ल्यू पैटर्न कहीं पे बनता है। ये भी एक
- 4:13:28तरह का चार्ट पैटर्न है। तो यहां पर
- 4:13:29लिक्विडिटी कहां पे होगी? करीब-करीब इस
- 4:13:32जगह पर लिक्विडिटी होगी। ऐसे ही अगर मैं
- 4:13:34आपको बताऊं तो ट्रेंड लाइन भी आप लोग ड्रॉ
- 4:13:36करते हैं। तो ट्रेंड लाइन अगर आप इस तरीके
- 4:13:38से कभी ड्रॉ करते हुए आ रहे हैं तो प्राइस
- 4:13:40कभी ऐसे ट्रेंड लाइन को ब्रेक करेगी। आपको
- 4:13:43लगेगा ब्रेकआउट हो गया। प्राइस वापस से
- 4:13:45नीचे आ जाएगी। आपका स्टॉप लॉस हिट हो
- 4:13:47जाएगा। यानी हर जगह पर आपको लिक्विडिटी
- 4:13:50देखने को मिल सकती है। तो समझ लो कि जहां
- 4:13:53पर स्टॉप लॉस लगाने के बारे में आप सोच
- 4:13:55रहे हो वहीं पे नहीं लगाना है। बट ऐसा
- 4:13:57नहीं है। पूरा सेंसिबल तरीके से चलेंगे।
- 4:13:59लेकिन मैं आपको सिंपल चीजें बता रहा हूं।
- 4:14:01तो अब [नाक से की जाने वाली आवाज़] यहां
- 4:14:02पर आपको समझ आ गया कि लिक्विडिटी कहां पर
- 4:14:04है। आपने जो चार्ट पैटर्न्स देखे हैं,
- 4:14:06मैंने आपको एग्जांपल के लिए डबल टॉप या
- 4:14:08डबल बॉटम पैटर्न दिखाया है। लेकिन इसके
- 4:14:10अलावा जितने भी चार्ट पैटर्न्स होते हैं
- 4:14:12उन सारी ही जगहों पे आप जहां पे स्टॉप लॉस
- 4:14:14प्लान कर रहे हो जो आपने ट्रेडिशनली सीखा
- 4:14:16है वहां पर लिक्विडिटी होती है। इसके
- 4:14:18अलावा स्विंग हाई स्विंग हाई का मतलब यह
- 4:14:20है कि मार्केट का ये हाई है। उसके बाद ये
- 4:14:23वो सो घूम रहा है। तो ये जो हाई लेवल होगा
- 4:14:25इससे ऊपर भी आपको लिक्विडिटी देखने को
- 4:14:28मिलेगी। ऐसे ही जो मार्केट का स्विंग लो
- 4:14:30है मतलब मार्केट ने ऐसा लो बनाया उसके बाद
- 4:14:33मार्केट यहां घूम रहा है तो ये जो एरिया
- 4:14:35होगा इसके नीचे भी बहुत सारे लोगों ने
- 4:14:37अपने स्टॉप लॉस रखे होंगे तो यहां पर भी
- 4:14:39लिक्विडिटी होगी बाकी इक्वल हाईज़ और इक्वल
- 4:14:42लोस मैं आपको बता चुका हूं ट्रेंड लाइन
- 4:14:44में मैं आपको बता ही चुका हूं कि इस तरीके
- 4:14:46से आपको दिखाई दे रहा है यहां पर ट्रेंड
- 4:14:48लाइन है तो कई बार प्राइस क्या करेगी ऐसे
- 4:14:50इस तरीके से लिक्विडिटी स्वीप होगा और
- 4:14:51नीचे आ जाएगी मतलब यहां पर भी लिक्विडिटी
- 4:14:55होगी ठीक है तो आपको पता चल गया कि
- 4:14:57लिक्विडिटी एरिया एरियाज कहां-कहां पे
- 4:14:59होते हैं और किस-किस तरीके के होते हैं।
- 4:15:01तो अब चलिए आगे बढ़ते हैं और थोड़े से मैं
- 4:15:03आपको एग्जांपल दिखा देता हूं। जैसे सबसे
- 4:15:05पहले यहां पर आप एक चार्ट में एग्जांपल
- 4:15:07देखो। मैं उसके बाद हमने यहां पर
- 4:15:09स्क्रीनशॉट निकाल रखा है। मैं आपको चार्ट
- 4:15:10में भी लेके जाऊंगा। ध्यान से देखना तभी
- 4:15:12आपको चीजें समझ आएंगी। देखिए यहां पर
- 4:15:14इक्वल हाईज़ एंड इक्वल लोस दिखाई दे रहा
- 4:15:16है। इसके बाद होता क्या है कि प्राइस क्या
- 4:15:18करती है? देखिए इस लेवल से थोड़ा सा ऊपर
- 4:15:20जो मैंने आपको बताया अभी समझाया मैंने
- 4:15:21आपको। यहां पर देखिए प्राइस बार-बार क्या
- 4:15:24कर रही थी? मैं एक बार इस पेन का कलर चेंज
- 4:15:26कर देता हूं। प्राइस बार-बार क्या कर रही
- 4:15:28थी? यहां पर रेजिस्टेंस ले रही थी। फिर से
- 4:15:30रेजिस्टेंस ले रही थी। उसके बाद अगर एक
- 4:15:31बार ध्यान से देखोगे तो यहां पर भी
- 4:15:33लिक्विडिटी स्वीप हुआ है। प्राइस इस लेवल
- 4:15:35से थोड़ा सा ऊपर गई। उसके बाद वापस से
- 4:15:38नीचे आ गई। फिर देखोगे तो यहां पर जाने के
- 4:15:41बाद क्या हुआ? प्राइस इस लेवल से ऊपर
- 4:15:43निकली। उसके बाद वापस नीचे आ गई। यानी
- 4:15:45जितने लोगों ने यहां पर किसी ने शॉर्ट
- 4:15:48करने का ट्रेड लिया होगा। यहां पर किसी ने
- 4:15:50शॉर्ट करने का ट्रेड लिया होगा। हो सकता
- 4:15:51है यहां पर किसी ने शॉर्ट करने का ट्रेड
- 4:15:53लिया होगा। उन सबके स्टॉप लॉस रहे होंगे
- 4:15:55यहां पर। उन सारे लोगों के स्टॉप लॉस हिट
- 4:15:58हो गए और तब जाके प्राइस नीचे गिरी है।
- 4:16:00यानी जैसा मैंने आपको बताया था बिल्कुल
- 4:16:02वैसा ही हुआ। इसी तरीके से अगर आप ये वाला
- 4:16:04एग्जांपल देखोगे तो यहां पर ध्यान से
- 4:16:07देखोगे तो आपको दिखाई देगा कि ये जो है ये
- 4:16:09हमारा सपोर्ट वाला एरिया है। यहां पर पहले
- 4:16:12लिक्विडिटी को स्वीप किया गया। लोगों के
- 4:16:14स्टॉप लॉस हिट करवाए गए। उसके बाद प्राइस
- 4:16:16आगे बढ़ गई है। और ऐसे ही अगर आप यहां पे
- 4:16:19देखोगे ये स्विंग हाई एंड स्विंग लो लेवल
- 4:16:21है। तो ये हमारा बिल्कुल हाई लेवल था।
- 4:16:23प्राइस ने क्या किया? थोड़ा आगे जाके उस
- 4:16:25हाई से थोड़ा सा ऊपर क्यों गई प्राइस? इतने
- 4:16:28से ऊपर जाने की क्या जरूरत है? वहीं से
- 4:16:29मूव हो जाती। लेकिन जरूरत थी स्टॉप लॉस
- 4:16:31हिट करवाने थे तो यहां पर स्टॉप लॉस हिट
- 4:16:34करवाए। फिर देखो एकदम से नीचे प्राइस। तो
- 4:16:36इसी तरीके से मार्केट मूव करता है। पहले
- 4:16:38लोगों के स्टॉप लॉस हिट करवाए जाते हैं।
- 4:16:40तो मैंने आपको एरियाज ऑफ लिक्विडिटी बता
- 4:16:42दिया है। अब हम समझेंगे कौन से ऐसे लेवल्स
- 4:16:45हैं जहां पर भी लिक्विडिटी होती है। तो
- 4:16:46पहले मैं आपको समझा देता हूं। फिर मैं
- 4:16:48आपको चार्ट में दिखाता हूं। सबसे पहले
- 4:16:50देखो जो भी प्रीवियस मंथ का हाई एंड लो
- 4:16:52होता है वहां पर लिक्विडिटी होती है।
- 4:16:54प्रीवियस वीक का जो हाई एंड लो होगा वहां
- 4:16:57पर भी लिक्विडिटी होगी। मतलब जो एरियाज
- 4:16:59बताएं इसके अलावा मैं आपको चीजें बता रहा
- 4:17:01हूं। तीसरा पिछले दिन का जो हाई एंड लो
- 4:17:04होता है वहां पर भी लिक्विडिटी होती है।
- 4:17:06और इसके अलावा एशिया सेशन है उसके हाई एंड
- 4:17:08लो पे भी लिक्विडिटी होती है। वैसे तो
- 4:17:10सारे ही सेशन के हाई एंड लो में
- 4:17:12लिक्विडिटी होती है। लेकिन एशिया सेशन में
- 4:17:14ना ज्यादातर केस में आप देखोगे कि वहां पर
- 4:17:16लिक्विडिटी स्वीप होता है। मतलब पहले ऊपर
- 4:17:19जाएगी फिर नीचे आएगी। मतलब वहां पर बहुत
- 4:17:21ज्यादा मैनपुलेशन होता है। यानी हर सेशन
- 4:17:23के हाई एंड लो में भी लिक्विडिटी होती है।
- 4:17:25अब यह होता क्या है? सीधे इसको चार्ट में
- 4:17:27देखते हैं। और चार्ट में देखने के लिए हम
- 4:17:29चलते हैं डेल्टा एक्सचेंज के प्लेटफार्म
- 4:17:31पे। अगर आपके पास अकाउंट नहीं है तो हमारे
- 4:17:32लिंक से ओपन कर लीजिएगा। साथ ही नीचे
- 4:17:34Google फॉर्म को भी जरूर फिल कर लीजिएगा।
- 4:17:36अब मैंने आपको सबसे पहले बताया है कि जो
- 4:17:39पिछले हफ्ते का हाई एंड लो होता है मतलब
- 4:17:42वैसे तो पिछले महीने का भी हाई एंड लो जो
- 4:17:44होगा वहां पर भी लिक्विडिटी या साल का हाई
- 4:17:46एंड लो जो होगा वहां पर भी लिक्विडिटी
- 4:17:48होगी लेकिन देखिए वो जो लिक्विडिटी लेवल्स
- 4:17:51होते हैं वो हार्डली ही कभी टच होते हैं।
- 4:17:53तो हम मंथ वाले लेवल पे देखते हैं। सबसे
- 4:17:55पहले मैंने आपको बताया तो पिछले महीने का
- 4:17:56हाई एंड लो होगा वहां पर लिक्विडिटी होगी।
- 4:17:59तो इसके लिए मैं यहां पर जो टाइम फ्रेम है
- 4:18:01उसको चेंज करके 30 डेज कर देता हूं। या
- 4:18:03फिर आपके चार्ट में हो सकता है वन मंथ का
- 4:18:05ऑप्शन आ रहा होगा। तो यहां पर मैंने 30
- 4:18:07डेज सेलेक्ट कर लिया है। अब देखिए जब
- 4:18:09मैंने 30 डेज सेलेक्ट किया तो आज तो
- 4:18:11फर्स्ट अप्रैल है जिस दिन मैं इस लेक्चर
- 4:18:13को शूट कर रहा हूं। इससे पहले वाले दिन
- 4:18:15में देखिए यहां पर अगर आपको देखना है तो
- 4:18:17पिछले महीने का जो हाई एंड लो है यानी अगर
- 4:18:20मैं इस चार्ट को थोड़ा सा ज़ूम कर देता
- 4:18:22हूं। और अगर आप ध्यान से देखिए ये इस मंथ
- 4:18:25की कैंडल है जो आज से ही शुरू हुई है। ये
- 4:18:27पिछले महीने की कैंडल थी। अब इस कैंडल का
- 4:18:29जो हाई एंड लो है आप इससे लगते हुए ये जो
- 4:18:32रहा हमारा हाई हम इससे लगते हुए इस तरीके
- 4:18:34से अपना एक एरिया ड्रॉ कर सकते हैं। और
- 4:18:37ऐसे ही उसका जो लो है उससे लगते हुए भी
- 4:18:39हमने यहां पर क्या किया? हमने कुछ इस
- 4:18:41तरीके से अपना एक एरिया ड्रॉ कर लिया है।
- 4:18:43तो ये जो ऊपर का लेवल है यहां पर यानी
- 4:18:46इसके ऊपर इस जगह पे भी लिक्विडिटी होती
- 4:18:49है। और ये जो इसका लो है ना इसके नीचे
- 4:18:51यानी यहां पर भी लिक्विडिटी होती है। अब
- 4:18:54अगर आप आज का चार्ट देखोगे तो हमने सबसे
- 4:18:56पहले मंथ वाली लिक्विडिटी को मार्क कर
- 4:18:58दिया है। इसके बाद अगर आप मान लीजिए
- 4:19:00स्विंग ट्रेडिंग करना चाह रहे हैं तो आप
- 4:19:02यहां पर वीकली चार्ट भी देख सकते हैं और
- 4:19:04उसके बेसिस पे डिसाइड कर सकते हैं कि कहीं
- 4:19:06यहां लिक्विडिटी स्वीप तो नहीं हो रहा है।
- 4:19:07लेकिन अगर मैं आपको करंट बताऊं तो एक चीज़
- 4:19:09का जरूर ध्यान रखना कि देखिए यह वाली जो
- 4:19:12ऊपर वाली लिक्विडिटी है यह जो चार्ट मैंने
- 4:19:14पर्टिकुलरली खोल रखा है इसमें $95 के पास
- 4:19:17है यानी $95 और ये जो प्राइस अभी चल रही
- 4:19:20है वो है $78। अब प्राइस के लिए $95 के
- 4:19:23पास जाके वहां का ये लिक्विडिटी स्वीप कर
- 4:19:26पाना बहुत ही मुश्किल काम है। उसके लिए
- 4:19:28पास क्या है? उसके लिए पास है ये नीचे
- 4:19:30वाला लेवल। यानी यहां से हम पहला अपना
- 4:19:33एनालिसिस ये निकाल सकते हैं कि प्राइस
- 4:19:35नीचे वाले लेवल की लिक्विडिटी स्वीप करेगी
- 4:19:37और फिर ऊपर जा सकती है। अगर उसको ऊपर जाना
- 4:19:39है या फिर हो सकता है कि यहां पर
- 4:19:41लिक्विडिटी रन भी हो जाए। ठीक है? तो अब
- 4:19:44देखो यहां पर हमने क्या किया? हमें पता है
- 4:19:46अगर हम अपना एनालिसिस करना चाहते हैं तो
- 4:19:48ये तो मैंने मंथली चार्ट खोल रखा है। अब
- 4:19:50मैं क्या कर सकता हूं? अब मैं यहां पर
- 4:19:52जाके वन डे का चार्ट खोल सकता हूं। और जब
- 4:19:54मैं वन डे का चार्ट खोलूंगा तो देखो यहां
- 4:19:57पर एक्चुअल में हो क्या रहा है? अभी के
- 4:19:59टाइम पे मैंने यहां पर अपनी लिक्विडिटी
- 4:20:00मार्क कर रखी है। अभी देखिए प्राइस जो है
- 4:20:02वो इस लेवल के थोड़ा सा नीचे जाई है और
- 4:20:04यहां पर अभी मूव कर रही है। अगर मान लीजिए
- 4:20:06इस पे नीचे जाने के बाद ऊपर जाने लगती है
- 4:20:09तो यहां पर हमें लग सकता है कि यहां पर
- 4:20:11लिक्विडिटी स्वीप ही किया गया था। ठीक है?
- 4:20:14तो इस तरीके से हम अपना पहला मंथ के हाई
- 4:20:17एंड लो पे अपनी लिक्विडिटी मार्क कर सकते
- 4:20:19हैं। इसके बाद देखिए मैंने आपको बताया कि
- 4:20:21जो वीक का हाई एंड लो होता है वहां पर भी
- 4:20:23लिक्विडिटी होती है। तो इसके लिए हम टाइम
- 4:20:25फ्रेम को चेंज करेंगे। वन वीक पे चले गए।
- 4:20:27अब वन वीक पे जब हम जाएंगे तो आप देखेंगे
- 4:20:30कि यहां पर हो क्या रहा है यहां पर ये तो
- 4:20:32अभी करंट वीक है जिसका चार्ट चल रहा है।
- 4:20:34तो इससे पिछला वाला जो वीक था जो लास्ट
- 4:20:37कैंडल है ये तो अभी करंट वीक चल रहा है।
- 4:20:39इससे पिछला वाला जो वीक है वो ये वाली
- 4:20:41कैंडल रही होगी। तो हम क्या करेंगे? हम इस
- 4:20:43कैंडल के हाई एंड लो से लगते हुए भी इस
- 4:20:46तरीके से अपना जो है एरिया ड्रॉ कर सकते
- 4:20:49हैं। यहां से टूल है जिसके थ्रू मैं कर
- 4:20:52रहा हूं। और बाकी नीचे देखिए मैंने मंथ
- 4:20:54वाला जब मार्क किया था तो वह बिल्कुल लो
- 4:20:56लेवल यहीं पर था। को बिल्कुल मार्क हो रखा
- 4:20:58है। अदरवाइज़ आप यहां पर भी मार्क कर सकते
- 4:21:00हैं। और इसके बाद देखिए अगेन ऊपर का जो
- 4:21:03हाई लेवल है वो 93 का है। नीचे का जो लेवल
- 4:21:05है वो हमारा 78 का है। तो प्राइस के लिए
- 4:21:07इतना हाई जाना बहुत ज्यादा मुश्किल है। तो
- 4:21:09इसलिए प्राइस हो सकता है कि नीचे वाले इस
- 4:21:12लेवल को स्वीप करे। फिर ऊपर जाए अगर उसको
- 4:21:14ऊपर जाना है या बहुत केसेस में लिक्विडिटी
- 4:21:16रन भी हो सकता है। इसके लिए हमें ट्रेंड
- 4:21:18भी देखना होता है। मार्केट स्ट्रक्चर भी
- 4:21:20देखना होता है। बट मैं आपको यहां पर एक
- 4:21:22एग्जांपल देता हूं। ध्यान से देखना। मैं
- 4:21:24पहले एक बार क्या करता हूं? ये मार्किंग्स
- 4:21:25हटा देता हूं ताकि आपको ईज़ली चीजें समझ
- 4:21:27आए। अब देखिए ये वाला तो अभी का केस है
- 4:21:30लेकिन इससे पहले भी तो लिक्विडिटी स्वीप
- 4:21:32हुआ होगा ना। तो मैं क्या करता हूं? देखिए
- 4:21:34सबसे पहले इस वाले आप कैंडल पे देखिए
- 4:21:37मैंने इससे लगते हुए कुछ इस तरीके से अपना
- 4:21:39एरिया ड्रॉ कर लिया। तो ये क्या है? ये
- 4:21:42मेरा ये वाला जो वीक रहा होगा। यहां पर
- 4:21:45मैंने वीकली कैंडल खोल रखी है। इस कैंडल
- 4:21:47के वीक का हाई था। तो हुआ क्या? इसकी अगली
- 4:21:49कैंडल पे ध्यान से देखो। सबसे पहले यहां
- 4:21:52पर अगर आप ध्यान से देखोगे तो आपको दिखाई
- 4:21:54देगा। मैं इसको और ज़ूम कर देता हूं। देखिए
- 4:21:56यहां पर प्राइस जो है वो पहले इस लेवल के
- 4:21:58ऊपर गई। बहुत सारे लोगों को लगा होगा कि
- 4:22:00यहां पर मुझे बाय कर लेना चाहिए क्योंकि
- 4:22:02प्राइस इसके ऊपर गई है। लेकिन प्राइस पहले
- 4:22:04ऊपर गई। लोगों की लिक्विडिटी स्वीप गई।
- 4:22:06मतलब ऊपर गई फिर वापस नीचे आ गई। यानी
- 4:22:09जिसका भी स्टॉप लॉस रहा होगा जो कुछ रहा
- 4:22:11होगा वो सब यहां पर हिट हो गया। उसके बाद
- 4:22:13देखो प्राइस नीचे गिर गई। तो इसी तरीके से
- 4:22:15मार्केट मूव करता है। तो यहां पर हमने
- 4:22:17वीकली जो है लिक्विडिटी उसको भी मार्क कर
- 4:22:20दिया। अब आप डेली लिक्विडिटी भी इस तरीके
- 4:22:22से मार्क कर सकते हैं। इसके लिए आपने वन
- 4:22:24डे के टाइम फ्रेम पे जाना है। वन डे के
- 4:22:26टाइम फ्रेम पे जाओगे तो मैं यहां पर चार्ट
- 4:22:28ही चेंज कर देता हूं। तो हम यहां पर चलते
- 4:22:30हैं इथेरियम का चार्ट खोल लेते हैं। तो हम
- 4:22:32वन डे की लिक्विडिटी पे आप आओगे तो हम
- 4:22:34क्या करते हैं? इससे पहले वाले दिन का
- 4:22:36चार्ट देखते हैं। अब इससे पहले वाले दिन
- 4:22:38का यानी कल का अगर मैं चार्ट मार्क करूं
- 4:22:40तो ये वाला कल का चार्ट है और ये है इसका
- 4:22:43लो। तो हम क्या करेंगे? हम इसके हाई एंड
- 4:22:45लो को मार्क कर देंगे। इसके लिए हमने
- 4:22:49यहां पर हम यहां पर ट्रेंड लाइन हमने इस
- 4:22:52तरीके से इस तरीके से हमने हाई मार्क किया
- 4:22:56और इस तरीके से हम यहां पर लो मार्क कर
- 4:23:00सकते हैं। तो बहुत ज्यादा चांसेस हो सकते
- 4:23:02हैं कि प्राइस यहां से ऊपर आ जाए और लोगों
- 4:23:05का स्टॉप लॉस हिट हो जाए। और अगर मैं आपको
- 4:23:08कोई और एग्जांपल दिखाऊं तो आपको दिखाई
- 4:23:09देगा कि पास्ट में ऐसा ऑलरेडी हो ही चुका
- 4:23:11है। यह मैंने इथेरियम का चार्ट ओपन किया
- 4:23:13है। देखिए यहां पर हमने लिक्विडिटी मार्क
- 4:23:15की थी। इस जगह पर मैंने लिक्विडिटी मार्क
- 4:23:18की थी। उसके अगले नहीं उसके बल्कि अगले
- 4:23:20दिन की कैंडल में क्या हुआ कि प्राइस ने
- 4:23:22पहले नीचे वाली लिक्विडिटी को स्वीप किया।
- 4:23:24यहां पर ध्यान से देखो कि हुआ क्या? बहुत
- 4:23:25अच्छा एग्जांपल है आपके लिए। यहां पर हमने
- 4:23:28हाई एंड लो मार्क किया था। अगले दिन
- 4:23:29मार्केट रेंज में रहा। उसने कोई भी
- 4:23:31लिक्विडिटी स्वीप नहीं की। लेकिन उसके
- 4:23:32अगले ही दिन यहां पर देखो इस वाली कैंडल
- 4:23:34ने प्राइस ने नीचे की लिक्विडिटी को स्वीप
- 4:23:36किया। मतलब लोगों के स्टॉप लॉस हिट करवाए।
- 4:23:39लोगों को लगा होगा कि प्राइस नीचे गिर
- 4:23:41चुकी है। तो उन्होंने क्या किया होगा?
- 4:23:43उन्होंने शॉर्ट किया होगा। लेकिन उन्होंने
- 4:23:45शॉर्ट किया। उन लोगों के स्टॉप लॉस हिट
- 4:23:47हुए। प्राइस बढ़ गई। तो ऐसे ही लोगों की
- 4:23:51लिक्विडिटी स्वीप की जाती है। तो ऐसे आप
- 4:23:54क्या-क्या कर सकते हैं? अपना मंथली हाई
- 4:23:56एंड लो मार्क कर सकते हैं। वीकली हाई एंड
- 4:23:58लो मार्क कर सकते हैं। पिछले दिन का हाई
- 4:24:00एंड लो भी मार्क कर सकते हैं। बाकी मैंने
- 4:24:02आपको बताया कि सपोर्ट रेजिस्टेंस हो गया।
- 4:24:04इक्वल हाईज़ इक्वल लोज़ हो गए, ट्रेंड लाइन
- 4:24:06हो गया, चार्ट पैटर्न्स हो गया। हर जगह पे
- 4:24:08लिक्विडिटी है क्योंकि बड़े स्मार्ट मनी
- 4:24:10को लोगों के स्टॉप लॉस हिट करवाने हैं।
- 4:24:12इसके अलावा एक और चीज मैंने आपको बताई थी
- 4:24:14कि जो हमारे सेशंस होते हैं वहां पर भी
- 4:24:17लिक्विडिटी होती है। अब जब सेशन का
- 4:24:19एग्जांपल आता है तो मैंने आपको दिखाया था
- 4:24:21कि सेशन दिखता कैसा है। तो जब सेशन की बात
- 4:24:24आ रही है तो मैं आपको ऑलरेडी बता चुका हूं
- 4:24:26कि मार्केट में चार तरह के सेशन होते हैं।
- 4:24:28एक होता है सिडनी सेशन, टोक्यो सेशन। इन
- 4:24:30दोनों के मिलाकर हम एशिया सेशन बोल देते
- 4:24:32हैं। फिर आता है लंदन सेशन जिसमें हमें
- 4:24:34सबसे ज्यादा मूव्स देखने को मिलते हैं।
- 4:24:36मतलब बड़े-बड़े जो चेंजेस आते हैं मार्केट
- 4:24:38में। तो अब चलिए मैं आपको यहां पर इसका एक
- 4:24:41एग्जांपल भी दिखा देता हूं सेशन वाला। तो
- 4:24:43देखो वैसे तो सेशन की टाइमिंग मैं आपको
- 4:24:45बता चुका हूं। तो आप खुद से मार्क कर सकते
- 4:24:47हैं। लेकिन अगर आप खुद से नहीं भी मार्क
- 4:24:49करना चाहते हैं तो एशिया सेशन के लिए एक
- 4:24:51इंडिकेटर है एशिया सेशन हाई लो मिडलाइंस
- 4:24:53मारिक मेजर का ये इंडिकेटर है। तो आपने इस
- 4:24:56पे क्लिक करना है। जैसे ही आप इस पे क्लिक
- 4:24:58करते हैं तो ऑटोमेटिकली जो एशिया सेशन है
- 4:25:00उसको ये आपके चार्ट पे मार्क कर देता है।
- 4:25:02तो यहां पर ध्यान से देखिए ये जो लाइनिंग
- 4:25:05ऊपर से मार्क कर रखी है ये इंडिकेटर
- 4:25:06ऑटोमेटिकली मार्क करता है। आप भी टाइमिंग
- 4:25:08देखकर खुद से मार्क कर सकते हैं। तो अब यह
- 4:25:11जो सेशन है इसमें आप देख सकते हैं कि
- 4:25:13चार्ट जो है वह इस रेंज के अंदर घूम रहा
- 4:25:15था। लेकिन उसके बाद क्या होता है यहां पर
- 4:25:17थोड़ा सा पहले तो रेंज के अंदर घूम रहा
- 4:25:19था। पहले तो रेंज बनाई लोगों के अंदर
- 4:25:21उम्मीदें जगाई। उसके बाद क्या हुआ? देखो
- 4:25:23प्राइस थोड़ा सा नीचे गई। यानी यहां पर जो
- 4:25:26भी लिक्विडिटी रही होगी इस एरिया में उस
- 4:25:28लिक्विडिटी को इन दो कैंडल्स में स्वीप कर
- 4:25:30दिया गया। यानी यहां पर लोगों का स्टॉप
- 4:25:32लॉस हिट करवाया गया और उसके बाद देखिए
- 4:25:34मार्केट में अच्छा खासा मूवमेंट आया है।
- 4:25:36अगर आपको मूवमेंट बड़ा नहीं लग रहा है तो
- 4:25:38मैं आपको बता दूं 66384
- 4:25:40से लेकर 67950
- 4:25:43मतलब मोटा-मोटा ये 1500 पॉइंट का मूवमेंट
- 4:25:46था और उससे पहले एक हमें यहां पर
- 4:25:48लिक्विडिटी स्वीप देखने को मिला है। तो
- 4:25:51ऐसे ही सेशन में भी आपको लिक्विडिटी स्वीप
- 4:25:53देखने को मिलते हैं। तो अब आपको यह भी समझ
- 4:25:55आ गया है कि और कहां-कहां पे लिक्विडिटी
- 4:25:57होती है। इवन अगर आप इस इंडिकेटर को लगाने
- 4:25:59के बाद एग्जांपल देखने चलेंगे तो आपको
- 4:26:01बहुत सारे एग्जांपल देखने को मिल जाएंगे।
- 4:26:04जैसे कि मैं आपको और एग्जांपल दिखा देता
- 4:26:06हूं। जैसे ये एक एग्जांपल आप और देख सकते
- 4:26:08हो। यहां पर भी देखें मार्केट काफी रेंज
- 4:26:10में रहा। उसके बाद यहां पर पहले प्राइस
- 4:26:12थोड़ा सा इस लेवल से नीचे आई। लोगों के
- 4:26:14स्टॉप लॉस हिट करवाए। यानी लिक्विडिटी को
- 4:26:15स्वीप किया गया। उसके बाद प्राइस वापस ऊपर
- 4:26:18बढ़ गई है। तो ऐसा बहुत बार होता है
- 4:26:20मार्केट में। तो अब आपको इंपॉर्टेंट
- 4:26:21लिक्विडिटी लेवल्स भी समझ आ गए हैं। तो अब
- 4:26:23समझते हैं कि लिक्विडिटी कितने तरीके की
- 4:26:26होती है। वैसे मैं आपको ऑलरेडी बता चुका
- 4:26:27हूं। एक बाय साइड लिक्विडिटी होती है। सेल
- 4:26:29साइड लिक्विडिटी होती है। इसके अलावा
- 4:26:31इंटरनल और एक्सटर्नल लिक्विडिटी भी होती
- 4:26:33है। तो सबसे पहले समझते हैं बाय सेल और
- 4:26:36सेल साइड लिक्विडिटी क्या होती है? फिर
- 4:26:37इंटरनल और एक्सटर्नल लिक्विडिटी के बारे
- 4:26:39में समझेंगे। लास्ट में मैं आपको कुछ
- 4:26:41एग्जांपल्स भी दिखाऊंगा जहां पर
- 4:26:42लिक्विडिटी स्वीप हुआ है और उसके बेसिस पे
- 4:26:44आप ट्रेड कैसे ले सकते थे? ये भी बताऊंगा
- 4:26:46क्योंकि अभी तक आप स्मार्ट मनी कांसेप्ट
- 4:26:48को भी समझ चुके हो। तो अब चलिए मैं आपको
- 4:26:50बता देता हूं कि बाय साइड लिक्विडिटी क्या
- 4:26:52होती है। तो आपको ऑलरेडी बताया है कि यहां
- 4:26:54पर एक तरीके से रेजिस्टेंस है। तो
- 4:26:56रेजिस्टेंस में आप क्या करते हो? आप सेल
- 4:26:58करते हो। उसके ऊपर आपका जो स्टॉप लॉस होता
- 4:27:00है वो बाय करने का स्टॉप लॉस होता है।
- 4:27:02इसलिए रेजिस्टेंस के ऊपर के एरिया में हम
- 4:27:04कहते हैं कि बाय साइड लिक्विडिटी है। और
- 4:27:06ऐसे ही जो सपोर्ट है सपोर्ट के नीचे के जो
- 4:27:10एरिया में होता है भले ही ऊपर लिखा है
- 4:27:11लेकिन नीचे के जो एरिया में होता है उसको
- 4:27:13हम कहते हैं सेल साइड लिक्विडिटी। तो ऊपर
- 4:27:15वाली बाय साइड लिक्विडिटी हो गई। नीचे
- 4:27:17वाली सेल साइड लिक्विडिटी हो गई। क्योंकि
- 4:27:19यहां पर आप बाय करोगे थोड़ा सा नीचे अपना
- 4:27:21सेल करने का स्टॉप लॉस रखोगे तो बड़े जो
- 4:27:23स्मार्ट बनी है बड़े जो हैच फंड्स हैं
- 4:27:25उनके लिए यह एक सेल साइड लिक्विडिटी है।
- 4:27:27अब इसके बाद समझते हैं कि इंटरनल और
- 4:27:29एक्सटर्नल लिक्विडिटी क्या होती है? ये
- 4:27:31मैं आपको डायरेक्टली चार्ट पे दिखाता हूं।
- 4:27:32तो देखिए इंटरनल और एक्सटर्नल लिक्विडिटी
- 4:27:35हम किसको कहते हैं? एक्सटर्नल लिक्विडिटी
- 4:27:37हम उन लेवल्स को कहते हैं जहां पर जो
- 4:27:39मैंने आपको अभी लेवल्स बताए थे जैसे
- 4:27:41स्विंग हाई हो गया। ये हो गया स्विंग हाई।
- 4:27:43तो स्विंग हाई के ऊपर जो लिक्विडिटी होती
- 4:27:45है ये होती है एक्सटर्नल लिक्विडिटी। जैसे
- 4:27:47यहां पर स्विंग लो के पास जो आपको
- 4:27:48लिक्विडिटी देखने को मिल रही है मतलब जो
- 4:27:50एग्जांपल्स मैंने आपको दिए थे वो सारे
- 4:27:52एक्सटर्नल लिक्विडिटी के थे। जैसे इक्वल
- 4:27:54हाईज़ एंड इक्वल लोस की बात करें तो ये
- 4:27:56इक्वल हाई इक्वल लो है। तो यहां पर जो
- 4:27:58हमारी लिक्विडिटी होगी वो हमारी एक्सटर्नल
- 4:28:01लिक्विडिटी होगी। लेकिन अगर इंटरनल
- 4:28:03लिक्विडिटी की बात करें तो जब भी आपको एक
- 4:28:05बड़ा चार्ट देखने को मिलता है देखो यहां
- 4:28:07पर एक्सटर्नल लिक्विडिटी है। यहां पर
- 4:28:09एक्सटर्नल लिक्विडिटी है। लेकिन इसके बीच
- 4:28:11में भी तो आपको कई बार ऐसे मूव्स देखने को
- 4:28:13मिलते हैं। देखिए यहां पर भी तो आपको
- 4:28:14मूव्स देखने को मिल रहे हैं। तो यहां पर
- 4:28:16भी लिक्विडिटी होती है। और इस लिक्विडिटी
- 4:28:19को कहा जाता है इंटरनल लिक्विडिटी। अब जो
- 4:28:22एक्सटर्नल लिक्विडिटी होती है जैसे ये ऊपर
- 4:28:24और नीचे आपको जो लिक्विडिटी देखने को मिल
- 4:28:26रही है इन लिक्विडिटी में जनरली स्वीप
- 4:28:28होने के चांसेस होते हैं। मतलब प्राइस
- 4:28:30पहले उन लेवल को ब्रेक करती है फिर नीचे आ
- 4:28:32जाती है। जबकि जो इंटरनल लिक्विडिटी होती
- 4:28:35है यहां पर कई बार क्या होता है देखिए
- 4:28:37जैसे ऑर्डर ब्लॉक हम बीच में मार्क करते
- 4:28:39हैं वो एक तरह से इंटरनल लिक्विडिटी है।
- 4:28:41ऑर्डर ब्लॉक क्या होता है? हमने लास्ट
- 4:28:43लेक्चर में बहुत डिटेल में बता रखा है।
- 4:28:44उसको देख लेना। तो हमने बीच में जो ऑर्डर
- 4:28:47ब्लॉक मार्क किया ये क्या है? यह है
- 4:28:48इंटरनल लिक्विडिटी जिस पर आने के बाद
- 4:28:51प्राइस के कई बार बढ़ने के चांसेस होते
- 4:28:53हैं। इसके बाद जो नेक्स्ट कांसेप्ट आपने
- 4:28:55समझना है वो है डीओएल यानी ड्रॉ ऑन
- 4:28:58लिक्विडिटी। ये क्या होती है ये समझेंगे।
- 4:29:00इसके बाद मैं आपको काफी सारे चार्ट्स में
- 4:29:02एग्जांपल दिखाऊंगा जिससे आपको लिक्विडिटी
- 4:29:05का ये जो पूरा कांसेप्ट होगा ये क्लियर हो
- 4:29:06जाएगा। इसके बेसिस पे ट्रेड कैसे लेना है
- 4:29:09ये भी क्लियर हो जाएगा। तो पहले ये डीओएल
- 4:29:11क्या होता है? इसको समझ लेते हैं। तो
- 4:29:12देखिए, ड्रॉ ऑन लिक्विडिटी का मतलब यह है
- 4:29:15कि ये जो लिक्विडिटी ज़ोंस होते हैं ना,
- 4:29:17इनको आप टारगेट के रूप में भी यूज़ कर सकते
- 4:29:20हैं। यानी ये जो लिक्विडिटी ज़ोंस होते
- 4:29:22हैं, ये मार्केट में एक मैग्नेट की तरह
- 4:29:24काम करते हैं। कैसे काम करते हैं? देखो,
- 4:29:26मैंने आपको बताया कि एक तरह से ये हमारा
- 4:29:28स्विंग हाई या स्विंग लो का लेवल था जो
- 4:29:30हमने मार्क कर रखा था। इसके बाद यहां पर
- 4:29:32हमने देखा कि ऊपर की लिक्विडिटी स्वीप हो
- 4:29:34चुकी है। अब जब ऊपर की लिक्विडिटी स्वीप
- 4:29:37हो चुकी है ना तो इसके बाद प्राइस के
- 4:29:39गिरने के चांसेस होते हैं। यहां पर मैं
- 4:29:41आपको समझा देता हूं। देखिए आपको पता है कि
- 4:29:44ये वाला एक तरह से हमारा रेजिस्टेंस लेवल
- 4:29:45था। ये वाला हमारा सपोर्ट लेवल था या
- 4:29:47स्विंग हाई जो भी लेवल था हमने इस लेवल को
- 4:29:50मार्क कर रखा था। इसके बाद आगे चलके हम
- 4:29:52क्या देखते हैं कि प्राइस जो है ये इस
- 4:29:54लेवल से ऊपर निकल जाती है। यहां पर हमने
- 4:29:56देखा प्राइस ऊपर लेवल पे निकल गई। उसके
- 4:29:59बाद वापस ये जो लाइन था इसके नीचे आ गई।
- 4:30:01यानी इस जगह पे क्या हुआ है? इस जगह पर
- 4:30:03लिक्विडिटी स्वीप या लिक्विडिटी गैब हुआ
- 4:30:06है। मतलब लोगों के स्टॉप लॉस हिट करवा दिए
- 4:30:08गए हैं। और इसके बाद जो है प्राइस नीचे
- 4:30:10आने लग गई है। तो यहां पर देखा हमने कि
- 4:30:12प्राइस नीचे आने लग गई। तो अब अगर प्राइस
- 4:30:15ऊपर लिक्विडिटी स्वीप कराने के बाद नीचे
- 4:30:17आने लग गई है ना तो अब बहुत ज्यादा चांसेस
- 4:30:19हैं कि जो नीचे वाली लिक्विडिटी है प्राइस
- 4:30:22यहां तक जा सकती है। तो अगर प्राइस यहां
- 4:30:25तक जा सकती है ऐसा नहीं है कि हर बार
- 4:30:27जाएगी लेकिन जा सकती है। तो हमें पता है
- 4:30:30कि ये जो लेवल है इसको हम एज अ टारगेट भी
- 4:30:33लेकर चल सकते हैं। तो अगर हम इसके बेसिस
- 4:30:35पे ट्रेड लेंगे तो वो कैसे लेंगे? देखिए
- 4:30:37जैसे ही हमें दिखाई देता है कि लिक्विडिटी
- 4:30:39स्ट्रीप हो गया है उसके बाद मैंने आपको
- 4:30:41स्मार्ट मनी कांसेप्ट में बहुत सारी चीजें
- 4:30:43सिखाई थी। ऑर्डर ब्लॉक सिखाया था।
- 4:30:45सीआईएसडी के बारे में सिखाया था। फेयर
- 4:30:46वैल्यू गैप के बारे में सिखाया था। तो मान
- 4:30:48लो यहां पर आपको कोई सीआईएसडी पैटर्न
- 4:30:50देखने को मिलता है। जैसा कि यहां पर आपको
- 4:30:52दिखाई दे रहा है। तो आप क्या कर सकते हैं?
- 4:30:54आपने उस लेवल को मार्क किया। उसके बाद अगर
- 4:30:56प्राइस दोबारा से सीआईएसडी लेवल को टैप
- 4:30:58करती है तो यहां पर आपका ट्रेड में आप
- 4:31:00एंटर हो जाएंगे। आप अपना स्टॉप लॉस जहां
- 4:31:02पर कहीं पे या यहां पर कहीं पर रखेंगे और
- 4:31:04उसके बाद जो आपका टारगेट होगा वो यह जो
- 4:31:06नीचे वाली लिक्विडिटी होती है आप वहां तक
- 4:31:08का टारगेट लेकर चल सकते हैं। अगर मान
- 4:31:10लीजिए कभी आपको चार्ट में दिखाई देता है
- 4:31:12कि नीचे वाला लिक्विडिटी लेवल स्वीप हो
- 4:31:14गया। मतलब प्राइस पहले नीचे आई फिर वापस
- 4:31:17ऊपर आ गई। यानी नीचे वाले लोगों की
- 4:31:18लिक्विडिटी स्वीप कर दी गई है। तो अब यहां
- 4:31:20से प्राइस के बढ़ने के चांसेस हैं। और ऐसे
- 4:31:22में जो ऊपर वाला लेवल होगा ना आप वहां तक
- 4:31:25का टारगेट लेकर चल सकते हैं। और आपका जो
- 4:31:27स्टॉप लॉस होगा अब लिक्विडिटी स्वीप हो
- 4:31:29चुकी है तो आप अपना स्टॉप लॉस जो है वो
- 4:31:32यहां पर कहीं पर प्लान कर सकते हैं। तो अब
- 4:31:33चलो मैं आपको एक एग्जांपल दिखाता हूं।
- 4:31:35बहुत ध्यान से देखना। तो अगर मैं अभी की
- 4:31:37बात करूं तो आपसे पूछूं कि कहां पर
- 4:31:39लिक्विडिटी होगी? तो सबसे पहली बात है
- 4:31:41मैंने आपको बताया है कि इक्वल हाईज़ इक्वल
- 4:31:43लोस पे होती है। स्विंग हाई एंड स्विंग लो
- 4:31:45पे भी लिक्विडिटी होती है। यानी अगर मैं
- 4:31:47यहां पर लिक्विडिटी मार्क करना चाहता हूं
- 4:31:48तो मैंने ट्रेंड लाइन वाला टूल लिया।
- 4:31:50स्विंग हाई अगर मैं मार्क करूंगा तो यहां
- 4:31:52पर कहीं पे हमें स्विंग हाई नजर आ रहा है।
- 4:31:53हमने इससे लगते हुए इस तरीके से हम अपना
- 4:31:56एक लाइन ड्रॉ कर सकते हैं। और ऐसे ही लाइन
- 4:31:59ड्रॉ करने का मतलब है इसके ऊपर लिक्विडिटी
- 4:32:01है। वहां पे लिक्विडिटी नहीं है। और ऐसे
- 4:32:02ही स्विंग लो की अगर मैं बात करूं तो ये
- 4:32:04आपको कैंडल दिखाई दे रही है। मैंने इस
- 4:32:06कैंडल से लगते हुए इस तरीके से यहां पर एक
- 4:32:09लाइन ड्रॉ कर दी है। यानी यहां पर
- 4:32:11लिक्विडिटी है। यहां पर लिक्विडिटी है। तो
- 4:32:13अब अगर मान लो नीचे की लिक्विडिटी स्वीप
- 4:32:16होती है। स्वीप होने का मतलब क्या है?
- 4:32:17प्राइस पहले नीचे जाएगी फिर वापस ऊपर
- 4:32:20जाएगी। नीचे जाके उसने स्टॉप लॉस हिट
- 4:32:22करवाए उसके बाद ऊपर जाएगी। इसको हम कहते
- 4:32:23हैं लिक्विडिटी स्वीप। तो अगर नीचे की
- 4:32:25लिक्विडिटी स्वीप होती है तो प्राइस के
- 4:32:27ऊपर जाने के चांसेस होते हैं। ऊपर की
- 4:32:29लिक्विडिटी स्वीप होती है तो प्राइस के
- 4:32:30नीचे आने के चांसेस होते हैं। लेकिन यहां
- 4:32:32पर एक बात का ध्यान रखना कि जैसे ही
- 4:32:33लिक्विडिटी स्वीप हुई वहीं पे ट्रेड मत ले
- 4:32:35लेना। उसके बाद हमें कोई ना कोई कंफर्मेशन
- 4:32:37के लिए चीजें चाहिए होती है। जैसे ये वाला
- 4:32:39एग्जांपल मैं आपको दिखाता हूं। तो इसके
- 4:32:41बाद होता क्या है? ध्यान से देखना। ये
- 4:32:43देखो यहां पर क्या हुआ? यहां पर मैंने जो
- 4:32:45चार्ट ओपन कर रखा है, यह 4 ऑवर का चार्ट
- 4:32:47है। अगर मैं इसको 15 मिनट में भी कर
- 4:32:49दूंगा, तो भी आपको सेम चीज़ देखने को
- 4:32:50मिलेगी। यहां पर हुआ क्या? देखो, हमने ये
- 4:32:53वाला लेवल मार्क किया था। इसके नीचे
- 4:32:55लिक्विडिटी थी और आप देखेंगे कि इसके बाद
- 4:32:58ये वाली जो रेड कैंडल थी, इसमें प्राइस
- 4:33:00हमारे उस लेवल के नीचे आती है और नीचे आने
- 4:33:03के बाद उसी 4 घंटे के टाइम फ्रेम में वापस
- 4:33:05ऊपर आ गई। यानी नीचे लिक्विडिटी स्वीप कर
- 4:33:07दी और इसके बाद प्राइस ऊपर जाने लग गई है।
- 4:33:09अब इसके बाद मैं क्या करता हूं? मैं एक
- 4:33:11छोटे टाइम फ्रेम पे जाता हूं। जैसे मैं
- 4:33:13यहां से आ गया 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे।
- 4:33:14अब जैसे ही मैं 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे
- 4:33:16आता हूं, तो जब 4 घंटे के टाइम फ्रेम पे
- 4:33:18यह हो गया होगा ना, तो उसके बाद यहां पर
- 4:33:20आप ध्यान से देखो क्योंकि हम तो और भी आगे
- 4:33:22कैंडल को बढ़ा चुके हैं। तो यहां पर आप
- 4:33:24देखोगे तो आपको दिखाई देगा कि हमें एक
- 4:33:26फेयर वैल्यू गैप बनता हुआ दिखाई दे रहा
- 4:33:28है। अब फेयर वैल्यू गैप क्या होता है? यह
- 4:33:30मैं पिछले लेक्चर में अच्छे से एक्सप्लेन
- 4:33:31कर चुका हूं। आपको स्मार्ट मनी कांसेप्ट
- 4:33:33को समझना होगा। तभी ये सारी चीजें आपके
- 4:33:35काम आ पाएंगी। तो फेयर वैल्यू गैप के लिए
- 4:33:37जब भी हमें कोई नॉर्मल से बड़े साइज की
- 4:33:39कैंडल देखने को मिलती है तो हम क्या करते
- 4:33:41हैं? हम उससे पहले वाली कैंडल यानी यह एक
- 4:33:43नॉर्मल से बड़े साइज की कैंडल है और हमें
- 4:33:44पता है नीचे की लिक्विडिटी स्वीप हुई है।
- 4:33:46यानी इसके बाद प्राइस के बढ़ने के चांसेस
- 4:33:48होंगे। तो हम क्या करेंगे? हम इससे पहले
- 4:33:50वाली यानी इस रेड कैंडल के से लगते हुए और
- 4:33:52इसके बाद वाली कैंडल से लगते हुए इस तरीके
- 4:33:54से एक एरिया ड्रॉ कर लेंगे। ये होगा हमारा
- 4:33:56फेयर वैल्यू गैप और उसके अगली ही कैंडल
- 4:33:58में यहां पर आप देखिए यहां पर हमने फेयर
- 4:34:00वैल्यू गैप ड्रॉ कर लिया। अगली ही कैंडल
- 4:34:02पे प्राइस इस लेवल पे आई और उसके बाद हमें
- 4:34:04एक एंट्री मिल गई है। यानी सबसे पहले क्या
- 4:34:06हुआ? सबसे पहले नीचे की लिक्विडिटी स्वीप
- 4:34:08हुई। उसके बाद प्राइस इस लेवल पे आई और
- 4:34:10उसके बाद आगे बढ़ गई थी। यानी हम यहां पर
- 4:34:13अपना एक ट्रेड ले सकते थे क्योंकि
- 4:34:14लिक्विडिटी स्वीप होने के बाद हमें एक
- 4:34:16कंफर्मेशन भी मिला था। तो इस तरीके से आप
- 4:34:19लिक्विडिटी का यूज़ कर सकते हैं। अब एक और
- 4:34:20एग्जांपल देखते हैं। तो ये एक दूसरा
- 4:34:22एग्जांपल है। इस पे देखो यहां पर पहले
- 4:34:24क्या हुआ? अब मान लो इसके आगे का चार्ट
- 4:34:26अभी फिलहाल नहीं बन रखा है। तो यहां पर आप
- 4:34:28देखोगे यहां पर अगर मैं आपसे पूछूं कि
- 4:34:29स्विंग हाई क्या है? तो आप कहोगे जी यह
- 4:34:31मेरा हाई है। यानी इस कैंडल से लगते हुए
- 4:34:34मैं अगर एक लाइन ड्रॉ कर लूं तो यह मेरा
- 4:34:36यहां पर हाई रहा होगा। तो यहां पर हमें 4
- 4:34:39ऑवर के टाइम फ्रेम में दिखाई दिया कि
- 4:34:41प्राइस ने अपने हाई से ऊपर लिक्विडिटी को
- 4:34:44स्वीप कर लिया। मतलब देखिए ये मेरा हाई
- 4:34:46था। यहां पे चाहे मैं कहीं पे भी अपना लो
- 4:34:48मार्क कर सकता हूं। लेकिन अभी मैं ऊपर का
- 4:34:49एग्जांपल दिखा रहा हूं। तो मैंने सिर्फ
- 4:34:51हाई मार्क किया है। उसके बाद देखिए इस
- 4:34:52कैंडल में क्या होता है? प्राइस ऊपर जाती
- 4:34:54है और वापस नीचे आ जाती है। यानी
- 4:34:56लिक्विडिटी स्वीप हो जाती है। अब इसके बाद
- 4:34:58हम क्या करेंगे? हम जाएंगे 15 मिनट के
- 4:35:00टाइम फ्रेम में। अब 15 मिनट के टाइम फ्रेम
- 4:35:02में अगर मैं जाऊं तो आप देखेंगे कि अगर
- 4:35:04मैं चाहता 15 मिनट के टाइम फ्रेम में भी
- 4:35:06मार्क करता। अगर मैं 15 मिनट के टाइम
- 4:35:08फ्रेम में मार्क करता तो भी मुझे ये
- 4:35:09लिक्विडिटी स्वीप होता हुआ नजर आता। तो अब
- 4:35:12इसके बाद होता क्या है? देखिए प्राइस पहले
- 4:35:14उस लेवल के ऊपर जाती है। यानी अगर आप
- 4:35:16ध्यान से देखेंगे तो इस जगह पे लिक्विडिटी
- 4:35:19स्वीप होने के लिए प्राइस ऊपर गई। वापस
- 4:35:21ध्यान से देखना यहां पे प्राइस ऊपर गई।
- 4:35:24फिर इस कैंडल में वापस नीचे आ गई। हम 4
- 4:35:26घंटे के टाइम फ्रेम में देख रहे हैं तो
- 4:35:27हमें सिर्फ वीक दिखाई दे रही है। छोटे
- 4:35:29टाइम फ्रेम में आए तो हमें कैंडल्स देखने
- 4:35:30को मिल गई। प्राइस ऊपर गई वापस इस लेवल के
- 4:35:33नीचे आ गई। यानी जैसे ही ये वाली जो हमारी
- 4:35:35रेड कैंडल बनी होगी ये वाली रेड कैंडल इसी
- 4:35:38रेड कैंडल में हमें कंफर्म हो गया कि
- 4:35:40लिक्विडिटी स्वीप हो चुका है। अब इसके बाद
- 4:35:42क्या होता है? अब जैसे ही ये होता है तो
- 4:35:44हमें दिखाई दिया कि जब ये लिक्विडिटी
- 4:35:46स्वीप हो रहा था ना उसी जगह पे ये बहुत
- 4:35:48बड़ी रेड कैंडल बनी थी और इसके बाद ये
- 4:35:50ग्रीन कैंडल बनी है। तो हम क्या कर सकते
- 4:35:52थे? हम यहां पर भी अपना एक फेयर वैल्यू
- 4:35:54गैप मार्क कर सकते थे। मतलब हमने फेयर
- 4:35:56वैल्यू गैप मार्क किया। कुछ इस तरीके से
- 4:35:58मार्क करने के लिए मैं आपको ऑलरेडी बता
- 4:36:00चुका हूं कि कैसे मार्क करना है। यहां पर
- 4:36:02आपको एक एरिया ड्रॉ करने का ऑप्शन आता है
- 4:36:04रेक्टेंगल का। हमने यहां से सेलेक्ट कर
- 4:36:06लिया। उसके बाद इससे पहले वाली कैंडल यानी
- 4:36:08इस ग्रीन कैंडल से लगते हुए और इसके बाद
- 4:36:10वाली यानी इस वाली ग्रीन कैंडल के हाई से
- 4:36:12लगते हुए हमने एक एरिया ड्रॉ कर लिया। कुछ
- 4:36:14इस तरीके से और उसके बाद अगली ही कैंडल
- 4:36:16में देखिए अगली ही कैंडल में प्राइस उस
- 4:36:18फेयर वैल्यू गैप के पास जाती है और वहां
- 4:36:20से गिरने लग जाती है। अब मान लो आपसे वो
- 4:36:23मिस भी हो गया होता फिर से आपको एक और
- 4:36:26यहां पर सिग्नल मिला था। देखिए ये वाली
- 4:36:28कैंडल पे हम फिर से एक फेयर वैल्यू गैप
- 4:36:30ड्रॉ कर सकते थे और उसके अगली कैंडल में
- 4:36:32यानी यहां पर देखिए यहां पर हमें फिर से
- 4:36:34एंट्री मिल सकती थी और इसके बाद देखिए
- 4:36:36यहां पर कितना बड़ा डाउन साइड का मूव हमें
- 4:36:38देखने को मिला था। यानी पहले हमें देखना
- 4:36:41है कि लिक्विडिटी स्वीप अगर ऊपर का हुआ है
- 4:36:43तो हमें ऊपर क्योंकि लिक्विडिटी स्वीप हो
- 4:36:45चुका है तो प्राइस के नीचे गिरने के
- 4:36:47चांसेस है। तो अब हम कोई ऐसा शॉर्ट करने
- 4:36:49का सिग्नल ढूंढेंगे जैसे हमें बेरिश फेयर
- 4:36:51वैल्यू गैप मिल गया। और अगर नीचे की तरफ
- 4:36:53हमें दिखाई देता है कि लिक्विडिटी स्वीप
- 4:36:56हुआ है तो अब प्राइस के बढ़ने के चांसेस
- 4:36:57हैं। तो हम कोई बुलिश फेयर वैल्यू गैप या
- 4:36:59फिर कोई बुलिश सीआईएसडी ढूंढेंगे और उसके
- 4:37:02बेसिस पे हम अपने ट्रेड का प्लान कर सकते
- 4:37:04हैं। तो मैं उम्मीद करता हूं कि ये जो
- 4:37:05लिक्विडिटी वाला कांसेप्ट होगा ये आपको
- 4:37:07समझ आ गया होगा। अब आपको क्योंकि समझ आ
- 4:37:10गया है कि लिक्विडिटी क्या होती है तो अब
- 4:37:12आप लिक्विडिटी नहीं बनेंगे यानी आपके
- 4:37:14स्टॉप लॉस होने के जो चांसेस होंगे वो
- 4:37:16बहुत कम हो जाएंगे। तो अब जब आपको यह सब
- 4:37:18कुछ समझ आ गया है तो अब चलिए सीधा
- 4:37:20स्ट्रेटजीस पर चलते हैं और शुरुआत करते
- 4:37:22हैं हमारी सबसे पहली स्ट्रेटजी से जो कि
- 4:37:25है एसएमटी प्लस एफबीजी के ऊपर। अब ये होती
- 4:37:27क्या है? इसको सीधा मैं आपको चार्ट पे
- 4:37:29दिखाता हूं। तो जो पहली स्ट्रेटजी मैं
- 4:37:31आपको बताने जा रहा हूं ये एसएमटी
- 4:37:32डायवर्जेंस के ऊपर बेस्ड है। अब ये होता
- 4:37:34क्या है? तो देखिए मैंने आपको पहले वाले
- 4:37:36लेक्चर में भी डिस्कस किया है कि जब भी दो
- 4:37:38कोरिलेटेड एसेट्स यानी ऐसी एसेट्स जिनके
- 4:37:41चार्ट बिल्कुल एक समान मूव करते हैं। जैसे
- 4:37:44अगर हम बिटकॉइन की बात करें तो इथेरियम और
- 4:37:46बिटकॉइन का चार्ट आप जब भी देखोगे आपको
- 4:37:48दिखाई देगा बिल्कुल सिमिलर दिखाई दे रहा
- 4:37:50है। जैसे यहां पर मैंने आपके सामने चार्ट
- 4:37:52खोल रखा है। ये बिटकॉइन का चार्ट है। ये
- 4:37:54इथेरियम का चार्ट है। लेकिन आप मूवमेंट
- 4:37:56देखो बिल्कुल सेम है। लेकिन कभी-कभी थोड़ा
- 4:37:59बहुत यहां पर हमें डायवर्जेंस देखने को
- 4:38:01मिलता है। तो जब भी ये डायवर्जेंस देखने
- 4:38:03को मिलता है वहां पर हमारी ये स्ट्रेटजी
- 4:38:05काम आती है। अब वो हमें पता कैसे चलेगा?
- 4:38:07तो इसके लिए आप क्या कर सकते हैं? आप सेम
- 4:38:09चार्ट को स्क्रीन पे लगा सकते हैं। मतलब
- 4:38:11दो चार्ट को सेम स्क्रीन पे लगा सकते हैं।
- 4:38:13ऊपर हमने बिटकॉइन का चार्ट लगा रखा है।
- 4:38:15नीचे हमने इथेरियम का चार्ट लगा रखा है।
- 4:38:17ठीक है? अब आप कहोगे कि भाई ट्रेडिंग व्यू
- 4:38:19में ये वाला जो फीचर है ये तो पेड है। तो
- 4:38:21अगर आप डेल्टा एक्सचेंज में ट्रेड करते
- 4:38:22हैं तो वहां पर आपको यहां पे जब आप क्लिक
- 4:38:25करेंगे ना तो दो चार्ट लगाने का ऑप्शन आता
- 4:38:27है। आप एक ही स्क्रीन पे 16 चार्ट भी लगा
- 4:38:29सकते हैं। ट्रेडिंग व्यू में ये पेड रहता
- 4:38:31है। लेकिन डेल्टा एक्सचेंज में आप फ्री
- 4:38:32में सेम स्क्रीन पे दो चार्ट लगा सकते
- 4:38:34हैं। तो अब जरा ध्यान से देखिएगा। तो आपने
- 4:38:37जब दो एसेट्स को अपने स्क्रीन पर लगा लिया
- 4:38:39है तो उसके बाद आपने देखना है कि कोई भी
- 4:38:41एक एसेट में ऐसा हो सकता है कि यहां पर
- 4:38:43देखो यहां पर आपको दिखाई दे रहा है कि
- 4:38:45लोअर लो बन रहा है। इस जगह पर आपको लोअर
- 4:38:47लो बनता हुआ नजर आ रहा है। आप चार्ट को
- 4:38:49अगर ध्यान से देखेंगे तो आपको दिखाई देगा
- 4:38:51कि हां जी लोअर लो बन रहा है। ये लो था
- 4:38:54अगला वाला लोअर लो है जो कि हमने लाइन से
- 4:38:56मार्क भी कर रखा है। आपको यहां पर नजर आ
- 4:38:59रहा है। लेकिन सेम जगह पर अगर आप चार्ट को
- 4:39:01रिफ्रेश करके देखेंगे तो आपको दिखाई देगा
- 4:39:03बिल्कुल सेम जगह पर यहां पर जो दूसरा
- 4:39:06चार्ट है उस जगह पर हमें लोअर लो बनता हुआ
- 4:39:09नजर नहीं आ रहा है। यहां पर लो था लेकिन
- 4:39:11अगला वाला जो लो है वो उसके नीचे नहीं बना
- 4:39:14है। यानी यहां पर दोनों चार्ट में हमें
- 4:39:16डायवर्जेंस देखने को मिल रहा है। एक चार्ट
- 4:39:18तो लोअर लो बना रहा है। लेकिन दूसरा चार्ट
- 4:39:20लोअर लो नहीं बना रहा है। तो इससे हमें
- 4:39:22क्या पता चल रहा है? इससे हमें यह पता चल
- 4:39:24रहा है कि जो चार्ट लोअर लो नहीं बना रहा
- 4:39:27है वो चार्ट अपनी पावर को खो रहा है। पावर
- 4:39:30को खोने का मतलब यह है कि अब शायद यहां से
- 4:39:33ट्रेंड रिवर्स हो सकता है और उसके बाद
- 4:39:35देखिए हमें यहां पर ट्रेंड रिवर्स होते
- 4:39:37हुए दिखाई दिया है। लेकिन अब देखिए हमें
- 4:39:39सिर्फ डायवर्जेंस दिखाई दिया। इसके बेसिस
- 4:39:41पे तो हम ट्रेड लेंगे नहीं। तो सबसे पहले
- 4:39:43हम क्या करेंगे? हम यहां पर डायवर्जेंस
- 4:39:45मार्क कर लेंगे। जैसे हमने देखा यहां पर
- 4:39:47लोअर लो बन रहा था। लेकिन इस जगह पर लोअर
- 4:39:50लो नहीं बन रहा था। तो अब हमने क्या किया?
- 4:39:52जब लोअर लो नहीं बना तो उसके बाद हमें कोई
- 4:39:54ना कोई बुलिश सिग्नल तो ढूंढना पड़ेगा
- 4:39:56क्योंकि हमें अभी सिर्फ आईडिया लगा है।
- 4:39:59हमें कंफर्मेशन चाहिए ट्रेड लेने से पहले
- 4:40:01और जब भी आप ट्रेड लेते हैं कंफर्मेशन
- 4:40:03बहुत ज्यादा जरूरी होता है। तो अब आपको
- 4:40:05कंफर्मेशन चाहिए। अब कंफर्मेशन के लिए अगर
- 4:40:08आपने हमारा स्मार्ट मनी वाला लेक्चर देखा
- 4:40:10होगा। वहां पर मैंने आपको बहुत सारे
- 4:40:11कांसेप्ट दिखाए थे। मैंने आपको सीआईएसडी
- 4:40:14के बारे में बताया था। मैंने आपको फेयर
- 4:40:15वैल्यू गैप के बारे में बताया था। ब्रेकर
- 4:40:17ब्लॉक के बारे में बताया था। ऑर्डर ब्लॉक
- 4:40:18के बारे में बताया था। तो इसमें से अगर
- 4:40:20कोई भी एक आपको कंफर्मेशन देखने को मिलता
- 4:40:22है तो आप उसके बेसिस पे ट्रेड ले सकते
- 4:40:24हैं। तो आपको सबसे पहले यहां पर
- 4:40:26डायवर्जेंस दिखाई दिया। अब देखिए हमें पता
- 4:40:28है कि पहले लोअर लो चल रहा था जबकि ये
- 4:40:31लोअर लो नहीं बना पाया यानी इसने अपनी
- 4:40:33पावर खोई है। तो अब शायद बुलिश ट्रेंड आ
- 4:40:35सकता है। तो अब हमें कोई ना कोई बुलिश
- 4:40:37कंफर्मेशन की जरूरत होगी। और उसके बाद
- 4:40:40हमें यहां पर दिखाई देता है कि एक
- 4:40:42सीआईएसडी बन रहा है। अब सीआईएसडी कैसे बन
- 4:40:44रहा है? यहां पर देखिए सीआईएसडी क्या होता
- 4:40:46है? यह भी मैं पहले बता चुका हूं। जब भी
- 4:40:48हमें एक इंपल्सिव डाउन साइड का मूव देखने
- 4:40:50को मिलता है तो यहां पर आपको बहुत सारी
- 4:40:52रेड कैंडल देखने को मिल रही है। तो आपने
- 4:40:54क्या करना है? आपने उससे पहले वाली जो
- 4:40:56ग्रीन कलर की कैंडल है उस कैंडल के क्लोज
- 4:40:59से लगते हुए इस तरीके से एक लाइन ड्रॉ कर
- 4:41:01लेनी है। और जब भी कोई कैंडल इसके ऊपर
- 4:41:03क्लोजिंग दे देती है तो इसका मतलब क्या
- 4:41:05होता है? इसका मतलब है कि सीआईएसडी कंफर्म
- 4:41:07हो चुका है। अब आप सीआईएसडी के बेसिस पे
- 4:41:10भी ट्रेड ले सकते हैं। या फिर अगर आपको
- 4:41:11कोई और कांसेप्ट देखने को मिलता है जैसे
- 4:41:13कि यहां पर हमें एफजी देखने को मिला तो आप
- 4:41:16उसके बेसिस पे भी ट्रेड ले सकते हैं। अब
- 4:41:17ट्रेड लेना कैसे है वो जरा ध्यान से
- 4:41:19देखिएगा। देखिए यहां पर हुआ क्या? यहां पर
- 4:41:21हमें दिखाई दिया कि भाई हमने इससे लगते
- 4:41:23हुए लाइन ड्रॉ की। उसके बाद हमें दिखाई
- 4:41:26दिया कि जो ये वाली ग्रीन कलर की कैंडल है
- 4:41:29इसने इस लाइन के ऊपर क्लोजिंग दे दी है।
- 4:41:30यानी यहां पर हमें एक बुलिश सिग्नल मिल
- 4:41:32चुका है। तो अब हम क्या करेंगे? अगर
- 4:41:34प्राइस दोबारा से सीआईएसडी लाइन पे आई
- 4:41:36होती तो हम इसके बेसिस पे भी ट्रेड ले
- 4:41:38सकते थे। लेकिन यहीं पर हमें दिखाई दिया
- 4:41:40कि जिस बुलिश कैंडल ने यहां पर ब्रेकआउट
- 4:41:43दिया था। अब आप ये वाले चार्ट को देख रहे
- 4:41:44हैं। नीचे वाले चार्ट को आपने सिर्फ
- 4:41:46रेफरेंस के लिए लिया था। तो जिस कैंडल ने
- 4:41:48ब्रेकआउट किया आपको दिखाई दे रहा है कि इस
- 4:41:50कैंडल में एक एफपीजी भी बन रहा है। अब
- 4:41:52एफवीपीजी क्या होता है? ये भी हम पहले बता
- 4:41:53चुके हैं। तो आपने क्या करना है? आपने
- 4:41:55इससे पहले वाली कैंडल के हाई से लगते हुए
- 4:41:58बाद वाली कैंडल के लो से लगते हुए एक
- 4:41:59एरिया ड्रॉ करना है और उसके बाद जैसे ही
- 4:42:01कोई कैंडल इस लेवल पे आती है तो यहां पर
- 4:42:03आप अपना बाय करने का ट्रेड ले सकते हैं।
- 4:42:05तो यहां पर ध्यान से देखिए ये हमारी बड़ी
- 4:42:07ग्रीन कलर की कैंडल थी। इससे पहले वाली
- 4:42:09कैंडल यानी इस कैंडल के हाई से लगते हुए
- 4:42:11इससे बाद वाली कैंडल यानी ये जो रेड कैंडल
- 4:42:13है इस कैंडल के लो से लगते हुए हमने अपना
- 4:42:15एरिया ड्रॉ किया और उसके बाद देखेंगे तो
- 4:42:18ये वाली जो हमारी रेड कैंडल है इस कैंडल
- 4:42:20में जो प्राइस थी वो हमारे फेयर वैल्यू
- 4:42:22गैप के पास आ गई थी। तो हमने क्या किया?
- 4:42:24हमने यहां पर अपना बाय करने का ट्रेड
- 4:42:26लिया। मैं आपको एक बार ट्रेड मार्क करके
- 4:42:28भी दिखा देता हूं ताकि आपको समझ आए। देखिए
- 4:42:30यहां पर ये वाली जो रेड कलर की कैंडल है
- 4:42:32इस पे जाकर हमने मान लीजिए यहां पर बाय
- 4:42:34करने का ट्रेड लिया। हमारा जो स्टॉप लॉस
- 4:42:36होगा देखिए जब भी आपको कोई स्विंग लो नजर
- 4:42:38आता है ना आपको उसके नीचे अपना स्टॉप लॉस
- 4:42:40रखना होगा। तो यहां पर हमने अपना स्टॉप
- 4:42:42लॉस रखा और रही बात टारगेट की तो आप
- 4:42:45स्विंग हाई अगर आपको चार्ट में कहीं दिखाई
- 4:42:47देता है तो आप वहां तक का टारगेट लेकर चल
- 4:42:49सकते हैं। तो हमें अगर कोई स्विंग हाई
- 4:42:51दिखाई दे रहा है तो देखिए यहां पर एक
- 4:42:53स्विंग हाई है। मुझे आगे क्या हुआ है ये
- 4:42:55तो उस टाइम पर नहीं पता होगा। लेकिन मुझे
- 4:42:57पीछे क्या हुआ है वो तो पता है ना। तो मैं
- 4:42:59यहां तक का अपना टारगेट लेकर चल सकता हूं।
- 4:43:01अब अगर आप यहां तक का टारगेट देखेंगे तो
- 4:43:03करीब-करीब यहां पर था वो टारगेट। तो यह
- 4:43:0612:2 का आराम से हमारा जो ट्रेड है वह बन
- 4:43:09रहा है। तो इस तरीके से आप अपना ट्रेड ले
- 4:43:12सकते हैं। अब ऐसा नहीं है कि सीधा देखा जब
- 4:43:14भी बन रहा है तो सीधा कॉपी पेस्ट आपने कर
- 4:43:16लिया। आपने इस कांसेप्ट को समझा है। अब
- 4:43:18अपने हिसाब से आप इसको बैक टेस्ट करके देख
- 4:43:20सकते हैं। अब ये मैंने आपको एक बाय करने
- 4:43:22का एग्जांपल दिखाया था। अब मैं आपको एक
- 4:43:23बेयरिश एग्जांपल भी दिखाता हूं। उसके बाद
- 4:43:25आप लोगों के जो भी डाउट्स होंगे उसको हम
- 4:43:27देख लेंगे। तो यहां पर ही हमने एक जो
- 4:43:29एग्जांपल है और ये जो एग्जांपल मैं आपको
- 4:43:31दिखा रहा हूं ये बहुत पास्ट के एग्जांपल
- 4:43:33नहीं है। बिल्कुल रीसेंट एग्जांपल मैं
- 4:43:35आपको दिखा रहा हूं। तो यहां पर देखिए अब
- 4:43:37ये वाला जो चार्ट है इसको हम थोड़ा सा मूव
- 4:43:39कर देते हैं। तो अब देखिए ये आपको एक
- 4:43:41चार्ट दिखाई दे रहा है जिसमें पहले क्या
- 4:43:44चल रहा था? पहले यहां पर हायर हाई चल रहा
- 4:43:46था। यानी पहले क्या चल रहा था? अप ट्रेंड
- 4:43:48चल रहा था। तो पहले का ट्रेंड हमें पता
- 4:43:50होना चाहिए। तो हमें दिखाई दे रहा कि पहले
- 4:43:52अप ट्रेंड चल रहा है। अब इसके बाद यहां पर
- 4:43:55तो अपटेंड बन गया। देखिए यहां पर हाई था।
- 4:43:58अगला हायर हाई बन गया। लेकिन ऊपर वाले
- 4:44:00चार्ट पे भी तो अप ट्रेंड ही चल रहा था।
- 4:44:02लेकिन यहां पर हायर हाई नहीं बना। यानी इस
- 4:44:05जगह से हमें पता चलता है कि जो चार्ट है
- 4:44:07वो अपना मोमेंटम लूज़ कर रहा है। अपनी पावर
- 4:44:10लूज़ कर रहा है। इसका मतलब जो ट्रेंड चल
- 4:44:12रहा था वो ट्रेंड अब रिवर्स हो सकता है।
- 4:44:14तो यहां पर हमें कोई ना कोई बेयरिश सिग्नल
- 4:44:16चाहिए। तो यहां पर हमें एक फेयर वैल्यू
- 4:44:18गैप बनता हुआ दिखाई देता है। और ये एक
- 4:44:19बेयरिश फेयर वैल्यू गैप है। बेयरिश फेयर
- 4:44:21वैल्यू गैप क्या होता है? देखिए इसीलिए
- 4:44:23मैंने इससे पहले के लेक्चर्स सिखाए हैं।
- 4:44:25अगर आपने ध्यान से देखा होगा तो ये चीजें
- 4:44:27आपको बहुत आसानी से समझ आ रही होंगी। तो
- 4:44:29यहां पर देखिए जब भी आपको एक नॉर्मल से
- 4:44:31बड़े साइज की रेड कैंडल देखने को मिलती है
- 4:44:33तो आपने क्या करना है? आपने उससे पहले
- 4:44:35वाली कैंडल यानी ये वाली कैंडल के लो से
- 4:44:37लगते हुए और उसके बाद वाली कैंडल यानी ये
- 4:44:40वाली जो कैंडल है इस कैंडल के हाई से लगते
- 4:44:42हुए एक एरिया ड्रॉ करना है और उसके बाद
- 4:44:44मान लीजिए दोबारा से प्राइस इस लेवल पे
- 4:44:46आती है। अब जब ये एरिया बना जैसे ही फेयर
- 4:44:48वैल्यू गैप बनता है तो इसका मतलब हमें पता
- 4:44:50चल रहा है कि ऊपर वाले जो लोग हैं यानी जो
- 4:44:53बायरर्स थे वो तो अपनी मोमेंटम को लूज़ कर
- 4:44:56रहे थे। लेकिन एक बड़ी रेड कैंडल बनी है।
- 4:44:58मतलब मैंने आपको कैंडलस्टिक पैटर्न वाले
- 4:45:00एग्जांपल में भी सिखाया था कि अगर बड़ी
- 4:45:02रेड कैंडल बन रही है तो इसका मतलब है कि
- 4:45:04जो सेलर्स हैं वो पावरफुल हो रहे हैं। तो
- 4:45:06हमें यहां से एक एग्जांपल मिल गया और उसके
- 4:45:09बाद जैसे ही प्राइस दोबारा इस लेवल पे आई
- 4:45:11तो यहां पर हम अपना शॉर्ट करने का ट्रेड
- 4:45:13प्लान कर सकते थे। तो जैसे ही आप ट्रेड
- 4:45:15प्लान करते हैं कहां पे करते हैं मैं आपको
- 4:45:17दिखा देता हूं। तो इसके लिए देखिए यहां से
- 4:45:19आप शॉर्ट पोजीशन वाला ऑप्शन सेलेक्ट कर
- 4:45:21सकते हैं। जैसे ही प्राइस इस लेवल के पास
- 4:45:24आई हमने फेयर वैल्यू गैप को यहीं पर मार्क
- 4:45:26कर लिया था। लेकिन जैसे ही प्राइस उस लेवल
- 4:45:27के पास आती है वहां पर हम अपना ट्रेड ले
- 4:45:30सकते हैं। हमारा जो स्टॉप लॉस होगा ये जो
- 4:45:32स्विंग हाई है इससे ऊपर ही हमें अपना
- 4:45:33स्टॉप लॉस रखना होगा। और रही बात टारगेट
- 4:45:35की तो जो स्विंग लो है। अब देखिए आगे
- 4:45:37चार्ट में क्या हुआ है ये मुझे नहीं पता
- 4:45:39लेकिन मुझे स्विंग लो दिखाई दे रहा है।
- 4:45:40मुझे ये अगर मान लो मुझे लगता है कि
- 4:45:42प्राइस यहां तक नहीं जाएगी। यहां तक तो जा
- 4:45:44सकती है। तो मैं इस तरीके से अपना यहां पे
- 4:45:47देख के अपना जो टारगेट है उसको मार्क कर
- 4:45:49सकता था। तो अगर मैं यहां तक का भी टारगेट
- 4:45:51लेकर चलता ये वाला टारगेट भी मैं लेके
- 4:45:53चलता तो आप देख सकते हैं कि मेरा जो
- 4:45:55टारगेट था वो यहां पर कहीं पर अचीव हो गया
- 4:45:57होता और ये जो टारगेट है ये 1:2.5 का
- 4:46:00टारगेट है। तो इस तरीके से ये स्ट्रेटजी
- 4:46:03काम करती है। अगर आपको यहां पर कोई भी
- 4:46:05कंफ्यूजन है ना तो अगर आप इससे पहले वाले
- 4:46:07लेक्चर्स को आपने ध्यान से देखा होगा तो
- 4:46:09आपको कोई भी कंफ्यूजन नहीं होगा। अगर फिर
- 4:46:11भी कंफ्यूजन है तो इस स्ट्रेटजी को एक बार
- 4:46:13ध्यान से देखोगे तो चीजें आपको क्लियर
- 4:46:15होती हुई नजर आएंगी। बट अगेन मैं आपको
- 4:46:17डिस्क्लेमर दे दूं कि कोई भी स्ट्रेटजी
- 4:46:19आपको बता रहा हूं सीधा जाके मार्केट में
- 4:46:21मत लगाओ। उसको खुद से अप्लाई करके देखो।
- 4:46:23खुद से बैक टेस्ट करके देखो। बैक टेस्ट
- 4:46:25करने के लिए आपने क्या करना है? आपने एक
- 4:46:27एग्जांपल मैंने आपको दिखा दिया बुलिश का
- 4:46:28भी, बेरिश का। आप खुद से चार्ट पे दोनों
- 4:46:31चार्ट लगा के देखो। उसके बाद आप पीछे जाके
- 4:46:33देखो कि अच्छा यहां पर अगर यह स्ट्रेटजी
- 4:46:36मेरी अप्लाई हो रही थी तो क्या मुझे ट्रेड
- 4:46:38मिल रहा था? मिल रहा था तो क्या उसके बाद
- 4:46:40मेरा टारगेट हिट होता या फिर स्टॉप लॉस
- 4:46:42हिट होता। ऐसे 1 महीने, 2 महीने, 3 महीने
- 4:46:44का चार्ट आप खुद से प्रैक्टिस करो। उसके
- 4:46:47बाद आप स्ट्रेटजी अप्लाई करोगे ना तो आपको
- 4:46:49कॉन्फिडेंस आएगा। एक बार देख के अप्लाई
- 4:46:51करोगे हो सकता है उस बार स्टॉप लॉस सेट हो
- 4:46:52जाए। क्योंकि कोई भी स्ट्रेटजी हमेशा काम
- 4:46:54नहीं करती है। और मेरा पर्पस है आपको
- 4:46:57एजुकेट करना। तो मैं आपको स्ट्रेटजीस बता
- 4:46:59रहा हूं ताकि आपका जो विज़न है वो क्लियर
- 4:47:01हो सके। तो अभी मैंने आपको पहली स्ट्रेटजी
- 4:47:03बताई है। अभी चार स्ट्रेटजीज़ और बाकी है।
- 4:47:05तो चलिए सेकंड स्ट्रेटजी पे चलते हैं। अगर
- 4:47:07आपको पहली स्ट्रेटजी उतनी पसंद नहीं आ रही
- 4:47:09है तो हो सकता है सेकंड स्ट्रेटजी आपको
- 4:47:11पसंद आए। थर्ड स्ट्रेटजी पसंद आए। इसलिए
- 4:47:13मैं आपको पांच स्ट्रेटजी बता रहा हूं।
- 4:47:14आपको जो भी स्ट्रेटजी पसंद आती है आप उस
- 4:47:16पे बैक टेस्ट जरूर कीजिएगा। तो चलिए सेकंड
- 4:47:19स्ट्रेटजी देखते हैं। लेकिन उससे पहले
- 4:47:20बहुत सारे लोगों को डाउट होगा कि भाई ये
- 4:47:22जो हम डबल चार्ट है वो डेल्टा एक्सचेंज
- 4:47:25में कैसे करेंगे? तो वो भी मैं आपको दिखा
- 4:47:26देता हूं। तो इसके लिए मैं आपको बता दूं
- 4:47:28कि अगर आप सेम स्क्रीन पे दो चार्ट देखना
- 4:47:30चाहते हैं तो आपको डेल्टा एक्सचेंज के
- 4:47:32प्लेटफार्म पे आना है। यहां पर आने के बाद
- 4:47:34आप अगर फुल स्क्रीन में चार्ट देखना चाहते
- 4:47:35हो तो आपने यहां पर फुल स्क्रीन का ऑप्शन
- 4:47:37देखने को मिलता है। आपने इस पे क्लिक कर
- 4:47:38देना है। उसके बाद यहां पर देखिए यहां पे
- 4:47:41जैसे ही आप क्लिक करेंगे तो अगर आप सेम
- 4:47:42स्क्रीन पे दो चार्ट खोलना चाहते हैं तो
- 4:47:44आप इस तरीके से भी दो चार्ट खोल सकते हैं
- 4:47:47या फिर इस तरीके से भी सेम स्क्रीन पे दो
- 4:47:50चार्ट को ओपन कर सकते हैं। सेम स्क्रीन पे
- 4:47:52आप चार चार्ट खोलना चाहते हैं तो ऐसे भी
- 4:47:54आप खोल सकते हैं और यह ट्रेडिंग व्यू में
- 4:47:56पेड रहता है लेकिन डेल्टा एक्सचेंज में आप
- 4:47:57इसको फ्री में यूज़ कर सकते हैं। तो अगर
- 4:47:59आपके पास डेल्टा एक्सचेंज का अकाउंट नहीं
- 4:48:00है तो लिंक मैंने आपको डिस्क्रिप्शन में
- 4:48:02दे रखा है। हमारे लिंक का यूज़ करके अगर
- 4:48:03आप अपना डेल्टा एक्सचेंज का अकाउंट ओपन
- 4:48:05करते हैं तो आपको हमारी तरफ से अधरा एi का
- 4:48:07₹2000 का जो सब्सक्रिप्शन है वो बिल्कुल
- 4:48:09फ्री में मिलेगा। इसके लिए हमारे लिंक से
- 4:48:11अकाउंट ओपन करने के बाद डिस्क्रिप्शन में
- 4:48:13आपको Google फॉर्म का लिंक दे रखा है। उस
- 4:48:14फॉर्म को भी जरूर फिल कर लीजिएगा। तो पहली
- 4:48:16स्ट्रेटजी मैं आपको बता चुका हूं। अब जो
- 4:48:18हमारी दूसरी स्ट्रेटजी है, इसका नाम है
- 4:48:20टर्टलप। नाम थोड़ा अजीब सा हो सकता है,
- 4:48:22लेकिन स्ट्रेटजी बहुत ही सिंपल है। इसके
- 4:48:24लिए हम वापस से चार्ट पे आ जाते हैं। तो,
- 4:48:26यह जो हमारी टर्टल सूप स्ट्रेटजी है, इस
- 4:48:28स्ट्रेटजी को आप 15 मिनट के टाइम फ्रेम
- 4:48:30में भी यूज़ कर सकते हैं। 1 घंटे के टाइम
- 4:48:32फ्रेम में भी यूज़ कर सकते हैं। और चाहे तो
- 4:48:335 मिनट के टाइम फ्रेम में भी यूज़ कर सकते
- 4:48:35हैं। लेकिन 5 मिनट के टाइम फ्रेम पे ना ये
- 4:48:37स्ट्रेटजी उतने अच्छे से काम नहीं करती
- 4:48:39है। तो मिनिमम 15 मिनट के टाइम फ्रेम में
- 4:48:41यूज़ करोगे तो ज्यादा बेटर रहेगा। बाकी बड़े
- 4:48:43कितने भी टाइम फ्रेम में आप यूज़ कर सकते
- 4:48:44हो। तो आपने इसमें करना क्या है वो ध्यान
- 4:48:46से देखिए। आपने सबसे पहले देखिए यहां से
- 4:48:4815 मिनट का टाइम फ्रेम हमने लगा दिया। अब
- 4:48:50आपने क्या करना है? आपने हाई एंड लो को
- 4:48:53मार्क करना है। तो जैसे यहां पर मान लीजिए
- 4:48:55कि प्राइस अभी आगे की आपको नहीं पता कि
- 4:48:57आगे क्या होने वाला है। तो यहां पर आपने
- 4:49:00क्या किया होगा? आपने ये वाला जो हाई है
- 4:49:02इसको मार्क किया होगा। ये वाला जो लो है
- 4:49:04आपने इसको मार्क कर लिया होगा। अब देखिए
- 4:49:07हाई मैंने इसलिए मार्क नहीं कर रखा है
- 4:49:08क्योंकि हमें पता है कि वहां पर हमें
- 4:49:10ट्रेड नहीं मिलना है। इसलिए हमने लो यहां
- 4:49:12पर मार्क कर रखा है। तो लो क्या है? देखिए
- 4:49:14ध्यान से देखिए। यहां पर आपको दिखाई दे
- 4:49:16रहा है कि ये वाली जो कैंडल थी इसकी विक
- 4:49:18यहां पे थी। तो इससे लगते हुए मैंने यहां
- 4:49:20पे अपना लो मार्क कर दिया। तो जैसे ही
- 4:49:22मैंने लो मार्क किया तो अब मुझे
- 4:49:24लिक्विडिटी स्वीप होने का वेट करना है। अब
- 4:49:26लिक्विडिटी स्वीप क्या है? ये मैं आपको
- 4:49:28पिछले लेक्चर में बता चुका हूं। बट फिर भी
- 4:49:30आपको बता देता हूं कि लिक्विडिटी स्वीप
- 4:49:32में हमने जो एरिया मार्क कर रखा है जैसे
- 4:49:33कि इस केस में हमने लो मार्क कर रखा है।
- 4:49:35तो हमने क्या करना है? हमने वेट करना है
- 4:49:38कि प्राइस पहले इस लो को ब्रेक करे। जैसे
- 4:49:40ही प्राइस इस लो को नीचे की तरफ ब्रेक कर
- 4:49:42देती है, उसके बाद अगर प्राइस दोबारा से
- 4:49:44उस लेवल के अंदर आ जाती है, जैसा कि यह
- 4:49:47वाली जो रेड कैंडल थी, इसमें प्राइस इस
- 4:49:49लेवल के नीचे आ गई। अगली जो ग्रीन कैंडल
- 4:49:51बनी, इसमें प्राइस वापस से इस लेवल के
- 4:49:53अंदर आ गई। तो अगर ऐसा होता है तो इसका
- 4:49:56मतलब है कि यहां पर लिक्विडिटी स्वीप हुआ
- 4:49:58है। यानी जैसे ही यह जो दूसरी वाली ग्रीन
- 4:50:00कैंडल आपको दिखाई दे रही है यानी यह वाली
- 4:50:02जो कैंडल है इस कैंडल में प्राइस वापस से
- 4:50:05इस लेवल के अंदर आ गई। यानी हम कह सकते
- 4:50:07हैं कि लिक्विडिटी स्वीप हो चुका है। जो
- 4:50:09भी यहां पर लोगों ने शॉर्ट करने के ट्रेड
- 4:50:11लिए होंगे उनका स्टॉप लॉस हिट हो गया
- 4:50:13होगा। तो अब हमने क्या करना है? अब हमें
- 4:50:16यहां पर पता है कि नीचे की साइड का अगर
- 4:50:18लिक्विडिटी स्वीप हुआ है तो प्राइस के
- 4:50:20बढ़ने के चांसेस होंगे। तो ऐसे में हम वेट
- 4:50:23करेंगे किसी ना किसी बुलिश सिग्नल का। अब
- 4:50:25वो बुलिश सिग्नल सीआईएसडी भी हो सकता है,
- 4:50:27एफपीजी भी हो सकता है, ऑर्डर ब्लॉक भी हो
- 4:50:29सकता है। हमने बहुत सारे कांसेप्ट आपको
- 4:50:31समझाए हैं। तो आपने सबसे पहले लिक्विडिटी
- 4:50:33स्वीप देखा कि यहां पर लिक्विडिटी स्वीप
- 4:50:35हो गया है। अब जैसे ही लिक्विडिटी स्वीप
- 4:50:37होता है तो हमने क्या किया? अब देखिए यहां
- 4:50:39पर हमें दिखाई दिया कि दो बड़ी-बड़ी रेड
- 4:50:42कैंडल उसके बाद फिर से बनी है। तो जब रेड
- 4:50:44कैंडल इस तरीके से बनी है तो हम क्या
- 4:50:46करेंगे? हम उससे पहले वाली जो ग्रीन कैंडल
- 4:50:48है उसके क्लोज से लगते हुए इस तरीके से
- 4:50:50यहां पर अपनी लाइन ड्रॉ कर देंगे। अब ये
- 4:50:52लाइन क्या है? यह है हमारा सीआईएसडी। तो
- 4:50:55यहां पर देखिए हमने इससे लगते हुए एक लाइन
- 4:50:57ड्रॉ की है। अब लाइन हमने ड्रॉ कर दी।
- 4:50:59इसके बाद जैसे ही कोई भी कैंडल इसके ऊपर
- 4:51:02क्लोजिंग दे देती है तो यहां पर हमारा
- 4:51:04सीआईएसडी कंफर्म हो जाता है। जैसे देखिए
- 4:51:06ये वाली जो हमारी कैंडल है इसने इसके ऊपर
- 4:51:08क्लोजिंग दे दी है। तो जैसे ही ये हो गया
- 4:51:11तो हमारा सीआईएसडी कंफर्म हो चुका है।
- 4:51:13यानी हमारा जो सिग्नल था वो कंफर्म हो गया
- 4:51:15है। अब हमें चाहिए एंट्री। तो अगर प्राइस
- 4:51:18दोबारा से इस लेवल पे आ जाती है तो यहां
- 4:51:20पर हम अपना ट्रेड ले सकते हैं। वैसे मैं
- 4:51:22आपको ध्यान से अगर आप देखेंगे तो मैं एक
- 4:51:24बार इसको हटा देता हूं। मैं आपको पूरा
- 4:51:26मार्क करके ही दिखाता हूं। इसको भी हटा
- 4:51:28देता हूं ताकि आपको ईज़ली चीजें समझ आ सके।
- 4:51:30तो हमने क्या किया? हमने सबसे पहले देखा
- 4:51:32कि अच्छा हाई एंड लो कहां पे बन रहा है?
- 4:51:34यह लो था। मैंने इससे लगते हुए इस तरीके
- 4:51:36से अपनी जो लाइन है वो ड्रॉ कर ली। अब
- 4:51:39जैसे ही मैंने ये लाइन ड्रॉ की उसके बाद
- 4:51:41ये जो अगली ग्रीन कैंडल है इस ग्रीन कैंडल
- 4:51:43में प्राइस वापस से पहले रेड कैंडल में
- 4:51:45स्वीप हुआ। अगली कैंडल में स्वीप कंप्लीट
- 4:51:48हो गया। मतलब प्राइस वापस से उस लेवल के
- 4:51:49अंदर आ गई। अब जैसे ही ऐसा हो जाता है तो
- 4:51:51अब मुझे चाहिए कोई ना कोई बुलिश सिग्नल।
- 4:51:54तभी मैं अपना ट्रेड ले सकता हूं। क्योंकि
- 4:51:55नीचे की साइड की लिक्विडिटी स्वीप हुई है
- 4:51:57तो मैं बाय करने का ट्रेड लूंगा। तो अब
- 4:51:59क्या होगा? अब मैंने देखना है कि कोई
- 4:52:01बुलिश सिग्नल मिल जाए। अब बुलिश सिग्नल
- 4:52:03देखिए। अब मैं यहां पर देखता हूं तो मुझे
- 4:52:05एक एफपीजी बनता हुआ दिखाई दे रहा है।
- 4:52:06लेकिन एफपीजी के बेसिस पे मैं एफपीजी हो
- 4:52:08सकता है मैंने मार्क भी किया हो। लेकिन
- 4:52:10उसके बेसिस पे मुझे कोई एंट्री मिली नहीं।
- 4:52:12तो इसके बाद मैंने यहां पर देखा कि देखिए
- 4:52:14दो रेड कैंडल बनी थी। तो उससे पहले वाली
- 4:52:16ग्रीन कैंडल के हाई से लगते हुए मैं इस
- 4:52:19तरीके से अगर लाइन मार्क कर दूं तो ये
- 4:52:21क्या होगा? ये मेरी सीआईएसडी लाइन हो
- 4:52:23जाएगी। मैं यहां पर लिख भी देता हूं
- 4:52:24सीआईएसडी। तो यह मेरी हो गई सीआईएसडी
- 4:52:27लाइन। अब जैसे ही कोई कैंडल इस सीआईएसडी
- 4:52:29के ऊपर क्लोजिंग दे देती है तो अगर आप
- 4:52:31ध्यान से देखोगे तो आपको दिखाई देगा ये
- 4:52:33वाली जो ग्रीन कैंडल है ना इसी ने
- 4:52:34सीआईएसडी के ऊपर क्लोजिंग दे दिया है। तो
- 4:52:36आप जैसे ही इसके ऊपर क्लोजिंग मिल गई तो
- 4:52:38आप कंफर्म हो जाएंगे और उसके बाद जैसे ही
- 4:52:41प्राइस दोबारा से इस लेवल पे आती है तो आप
- 4:52:43बाय करने का ट्रेड ले सकते हैं। तो अगर
- 4:52:45ऐसे में देखें तो आप यहीं पर बाय करने का
- 4:52:47ट्रेड ले लेते। अगर आपको यहां पर
- 4:52:48कंफर्मेशन नहीं हुआ होता तो आप यहां पर तो
- 4:52:51कंफर्म हो ही गए होते कि जो प्राइस है वह
- 4:52:52सीआईएसडी से ऊपर निकल गई है। तो अब आपको
- 4:52:55क्या चाहिए कि प्राइस दोबारा से उस लेवल
- 4:52:57पे आए ताकि आप एंट्री ले सकें। तो अब इसके
- 4:52:59बाद अगर आप ध्यान से देखेंगे तो आपको
- 4:53:01दिखाई देगा कि जो प्राइस है वो वापस से इस
- 4:53:04लेवल पे यानी यहां वाली कैंडल पे आई थी।
- 4:53:06तो यहां पर आप अपनी बाय करने की एंट्री ले
- 4:53:08लेते। आपका जो स्टॉप लॉस होता वो आप यहां
- 4:53:10पर रखते और रही बात टारगेट की तो मैंने
- 4:53:12आपको पहले भी बताया है कि आपको स्विंग हाई
- 4:53:14लेके चलना है तो आप यहां तक का टारगेट तो
- 4:53:16आराम से लेकर चल सकते थे। तो अगर आप इसके
- 4:53:18हिसाब से भी देखेंगे तो ये 12:2.5 का
- 4:53:21टारगेट बनता है। आप देख सकते हैं यहां पर
- 4:53:24आपको दिखाई दे रहा है। तो इस तरीके से आप
- 4:53:26बुलिश ट्रेड ले सकते थे। अब बेयरिश का भी
- 4:53:28एग्जांपल देख लेते हैं। और यह भी बिल्कुल
- 4:53:30रीसेंट ही एग्जांपल है। इवन इससे जस्ट
- 4:53:32पहले का एग्जांपल था। देखिए यहां पर हमने
- 4:53:34क्या किया? यहां पर हमने हाई मार्क किया।
- 4:53:37यह था हमारा हाई। इससे लगते हुए हमने लाइन
- 4:53:39ड्रॉ की और जैसे ही प्राइस इस लेवल के ऊपर
- 4:53:42जाने के बाद नीचे आ गई और यह इसी कैंडल
- 4:53:44में हो गया था। यहां पर देखिए प्राइस ने
- 4:53:46क्या किया? इस लेवल से ऊपर गई है। आपको
- 4:53:48ध्यान से अगर नहीं दिखाई दे रहा है, तो
- 4:53:50मैं यहां पे इसको थोड़ा सा ज़ूम कर देता
- 4:53:52हूं ताकि आपको ईज़ली चीजें नजर आए। तो,
- 4:53:55यहां पर देखिए,
- 4:53:57आपको दिखाई दे रहा है कि प्राइस ने क्या
- 4:53:59किया? प्राइस ने यह हाई से रखते हुए हमने
- 4:54:01लाइन ड्रॉ की। प्राइस इस लेवल पे इस हाई
- 4:54:04से ऊपर निकल गई। फिर वापस नीचे भी आ गई।
- 4:54:06तो इस जगह पे लिक्विडिटी स्वीप हो चुका
- 4:54:08है। अब जैसे ही स्वीप हो जाता है तो हमें
- 4:54:10पता है ऊपर की साइड पे स्वीप हुआ है तो हम
- 4:54:12शॉर्ट करने की पोजीशन लेंगे। अब शॉर्ट
- 4:54:14करने के लिए हमें क्या चाहिए? हमें चाहिए
- 4:54:16कोई ना कोई कंफर्मेशन। अब मैंने आपको
- 4:54:18बताया कि वो कंफर्मेशन आप कुछ भी ले सकते
- 4:54:20हैं। तो यहां पर हमने क्या किया? हमने
- 4:54:22सीआईएसडी मार्क किया। अब सीआईएसडी क्या
- 4:54:25होता है? वो भी पहले बता चुका हूं। आपको
- 4:54:26दिखाई दे रहा है कि दो इंपल्सिव हमें यहां
- 4:54:29पर रेड कैंडल देखने को मिली है। तो इससे
- 4:54:31पहले वाली जो कैंडल है उस कैंडल के लो से
- 4:54:33लगते हुए हमने इस तरीके से लाइन ड्रॉ कर
- 4:54:35ली। प्राइस दोबारा से जब उस लेवल पे आती
- 4:54:37है तो यहां पर हमें एंट्री मिल जाती है।
- 4:54:39तो इस जगह पर जो हमारी एंट्री है वो हमें
- 4:54:41यहीं पर मिल गई थी। हमारा जो स्टॉप लॉस
- 4:54:44रहेगा जो हाई है उससे थोड़ा सा ऊपर यानी
- 4:54:46करीब-करीब यहां पर हमारा स्टॉप लॉस रहेगा
- 4:54:48और रही बात टारगेट की तो स्विंग लो तक का
- 4:54:51हम टारगेट लेकर चल सकते हैं। यानी यहां तक
- 4:54:53का टारगेट तो आप आराम से लेकर चल ही सकते
- 4:54:55थे। तो अगर आप इतना टारगेट नहीं भी लेते
- 4:54:57तो आप यहां तक का टारगेट ले सकते थे जो कि
- 4:55:001:2 का आराम से आपका ट्रेड बन रहा था। तो
- 4:55:03इस तरीके से आप हमारी जो सेकंड स्ट्रेटजी
- 4:55:05है टर्टल सूप उसका यूज़ कर सकते थे। अब
- 4:55:08यहां तक अगर किसी का कोई कंफ्यूजन है तो
- 4:55:10वो पूछ सकता है।
- 4:55:11सर मेरा एक क्वेश्चन है।
- 4:55:12सर अब कौन सा टाइम फ्रेम बेस्ट रहेगा?
- 4:55:15देखो मैंने आपको जो एग्जांपल दिखाए ये 15
- 4:55:17मिनट के टाइम फ्रेम पे दिखाए हैं। लेकिन
- 4:55:18आप जितने बड़े टाइम फ्रेम पे यूज़ करोगे
- 4:55:20उतना बेटर रहता है। आप चाहो तो सेम
- 4:55:22स्ट्रेटजी को 5 मिनट पे भी यूज़ कर सकते
- 4:55:24हो। लेकिन वहां पर क्या होगा? आपके
- 4:55:25बार-बार स्टॉप लॉस हिट होंगे। 1 मिनट पे
- 4:55:27जाओगे तो फिर तो बहुत बेकार स्ट्रेटजी काम
- 4:55:29करेगी। तो 15 मिनट या उससे बड़े टाइम
- 4:55:31फ्रेम पर यूज़ करोगे तो ज्यादा बेटर
- 4:55:33रहेगा। तो अब चलिए नेक्स्ट स्ट्रेटजी
- 4:55:34समझते हैं। लेकिन उससे पहले अगर आप हमारी
- 4:55:37ये सारी पीडीएफ चाहते हैं तो इसके लिए आप
- 4:55:39कमेंट कीजिए। अगर आप लोगों के अच्छे खासे
- 4:55:41कमेंट आते हैं तो ये जो पीडीएफ है ये आपको
- 4:55:44हमारे टेलीग्राम चैनल पे मिल जाएगी। लेकिन
- 4:55:46एक चीज का जरूर ध्यान रखना कि हमारे नाम
- 4:55:47से बहुत सारे फेक टेलीग्राम चैनल बन रखे
- 4:55:49हैं। तो सर्च करके मत जाना। ऐसे में आपको
- 4:55:51फेक Telegram चैनल पहले दिखाई देते हैं।
- 4:55:54अगर आपको हमारा एक्चुअल रियल Telegram
- 4:55:56चैनल जानना है तो इसके लिए हमने यहां पर
- 4:55:58आपको डिस्क्रिप्शन में लिंक दे रखा है।
- 4:56:00वहीं से जाइएगा। हम हमारे Telegram चैनल
- 4:56:02में कोई भी पेड सर्विज नहीं देते हैं। हम
- 4:56:04आपसे कोई भी डायरेक्ट पैसे नहीं लेते हैं।
- 4:56:06इस चीज का ध्यान रखना। कोई आपसे हमारे नाम
- 4:56:09से पैसे मांगे तो उसको पेमेंट मत कीजिएगा।
- 4:56:11यह स्कैम है। तो अब जो हमारी नेक्स्ट
- 4:56:13स्ट्रेटजी है, इसका नाम आपको स्क्रीन पे
- 4:56:15नजर आ रहा है। सीधा स्ट्रेटजी समझा देता
- 4:56:17हूं। तो इस स्ट्रेटजी को समझाने के लिए
- 4:56:18मैंने चार्ट को थोड़ा सा रिवर्स कर दिया
- 4:56:20है। मार्किंग्स आपको स्क्रीन पे नजर आ ही
- 4:56:22रही हैं। तो इस स्ट्रेटजी में आपने करना
- 4:56:23क्या है? आपने सबसे पहले फोर ऑवर के टाइम
- 4:56:25फ्रेम पे जाना है। फोर ऑवर बेसिकली हायर
- 4:56:28टाइम फ्रेम है। अगर आप वन डे के टाइम
- 4:56:30फ्रेम में भी जा सकते हैं। उससे बड़े टाइम
- 4:56:31फ्रेम में भी जा सकते हैं। लेकिन पहले
- 4:56:33आपको एक हायर टाइम फ्रेम लेना होगा।
- 4:56:35क्योंकि एग्जांपल के लिए मैं फोर आवर का
- 4:56:37टाइम फ्रेम ले रहा हूं। यह है हमारा 4 ऑवर
- 4:56:39का टाइम फ्रेम हमने सेलेक्ट कर रखा है।
- 4:56:40इसका मतलब यह है कि यहां पर एक जो कैंडल
- 4:56:43है यह 4 घंटे की कैंडल है। अब ऐसा सेलेक्ट
- 4:56:45करने के बाद आपने क्या करना है? आपने
- 4:56:47ऑर्डर ब्लॉक मार्क कर लेना है। अब यहां पर
- 4:56:49देखिए यहां पर हमने अपना ऑर्डर ब्लॉक
- 4:56:51मार्क कर रखा है। ऑर्डर ब्लॉक क्या होता
- 4:56:53है? ये मैं आपको पिछले लेक्चर में बता
- 4:56:54चुका हूं। यहां पर आप देख सकते हैं कि जब
- 4:56:56भी आपको दिखाई देता है कि एक बड़ा मूव आया
- 4:56:59है तो उससे पहले जो लास्ट रेड कैंडल होगी
- 4:57:02मतलब ऊपर का मूव आया है तो हमने क्या किया
- 4:57:04जो रेड कैंडल है हमने उसके हाई एंड लो से
- 4:57:07लगते हुए एक एरिया ड्रॉ कर दिया तो यहां
- 4:57:09पर आपको दिखाई दे रहा है एक बड़ा मूव आया
- 4:57:11था तो हमने इस जगह पे अपना एक एरिया ड्रॉ
- 4:57:13कर दिया है ये हमारा ऑर्डर ब्लॉक है। अब
- 4:57:15जब हमने ये एरिया ड्रॉ कर दिया तो इसके
- 4:57:17बाद हमने क्या करना है? हमने आ जाना है 15
- 4:57:20मिनट के टाइम फ्रेम में। आप चाहे 15 मिनट
- 4:57:22के टाइम फ्रेम में भी आ सकते हैं जो कि
- 4:57:24आपका लोअर टाइम फ्रेम होगा। आप चाहे तो 5
- 4:57:26मिनट के टाइम फ्रेम में भी आ सकते हैं। तो
- 4:57:27आप 15 मिनट के टाइम फ्रेम में जब आ जाएंगे
- 4:57:29उसके बाद क्या होगा? देखिए प्राइस तो अभी
- 4:57:31ऊपर के ऊपर ही घूम रही है क्योंकि आपने 4
- 4:57:33घंटे के टाइम फ्रेम में मार्क किया है ना
- 4:57:34तो जरूरी नहीं है कि प्राइस उस लेवल पे
- 4:57:36आए। तो जब प्राइस उस लेवल पे आती है तभी
- 4:57:38ये ऑर्डर ब्लॉक आपके काम करेगा। तो देखिए
- 4:57:40प्राइस जो है वो अभी हमारे 4 आवर के ऑर्डर
- 4:57:43ब्लॉक के पास अभी तक फिलहाल नहीं आई है।
- 4:57:44अभी भी नहीं आई है। अभी भी आपको दिखाई दे
- 4:57:47रहा है कि प्राइस नीचे नहीं आई है। अब
- 4:57:49देखिए प्राइस जो है वो हमारे 4 आर का जो
- 4:57:51ऑर्डर ब्लॉक है उसके पास आ चुकी है। अब जब
- 4:57:53प्राइस इस लेवल पे आ जाती है तो आपने क्या
- 4:57:56करना है? आपने यहां पर वेट करना है कि कोई
- 4:57:58ना कोई आपको बुलिश सिग्नल मिले। मतलब
- 4:58:00प्राइस पहले आपके ऑर्डर ब्लॉक को टैप करे।
- 4:58:02तो आपने देखा 4 घंटे के टाइम फ्रेम में जो
- 4:58:04आपने ऑर्डर ब्लॉक मार्क किया था प्राइस ने
- 4:58:06उसको यहीं पे कहीं पे टैप कर दिया था।
- 4:58:09यहां पर टैप हो चुका था। तो अब जब टैप हो
- 4:58:11जाता है तो यहां पर आपका बाइंग सिग्नल जो
- 4:58:14है वो जनरेट होगा। लेकिन अभी आपको
- 4:58:16कंफर्मेशन चाहिए। मतलब ऑर्डर ब्लॉक 4 घंटे
- 4:58:18के टाइम फ्रेम में मार्क किया। बड़े टाइम
- 4:58:20फ्रेम में मार्क करने का फायदा यह है कि
- 4:58:22जो ऑर्डर ब्लॉक है वो बेटर काम करेगा। अब
- 4:58:24इसके बाद देखिए हमारा ऑर्डर ब्लॉक हमने
- 4:58:26मार्क कर लिया था। अब हमें 15 मिनट के
- 4:58:28टाइम फ्रेम में कोई बुलिश सिग्नल ढूंढना
- 4:58:30होगा। तो हमें 15 मिनट के टाइम फ्रेम में
- 4:58:32कुछ खास यहां पर बुलिश सिग्नल नहीं मिल
- 4:58:34रहा था। तो हम 5 मिनट के टाइम फ्रेम में आ
- 4:58:36गए। अब 5 मिनट के टाइम फ्रेम में हमने
- 4:58:37देखा कि यहां पर एक फेयर वैल्यू गैप बन
- 4:58:39रहा है। फेयर वैल्यू गैप क्या होता है? ये
- 4:58:41इससे पहले वाले एग्जांपल्स में भी मैं
- 4:58:43आपको बता चुका हूं। तो आपको पता है कि
- 4:58:44यहां पर ये एक फेयर वैल्यू गैप है। तो
- 4:58:46जैसे ही फेयर वैल्यू गैप बन गया तो हमें
- 4:58:48सबसे पहला बुलिश सिग्नल ये मिला है कि
- 4:58:50प्राइस ऑर्डर ब्लॉक को टैप करके ऊपर जा
- 4:58:52रही है। दूसरा कंफर्मेशन के लिए हमें यहां
- 4:58:55पर एक फेयर वैल्यू गैप मिल चुका है। तो अब
- 4:58:57हमें क्या करना है? अब हमें वेट करना है
- 4:58:59कि प्राइस दोबारा से इस लेवल को टैप करे।
- 4:59:01अब देखिए उसकी अगली कैंडल में ही प्राइस
- 4:59:03ने उस लेवल को टैप कर दिया। तो जैसे ही
- 4:59:05प्राइस ने टैप कर दिया तो अब हम क्या कर
- 4:59:07सकते हैं? हम अपना बाय करने का ट्रेड ले
- 4:59:09सकते हैं। तो आपने चाहे यहां पर बाय करने
- 4:59:11का ट्रेड लिया होता, चाहे यहां पर आपने
- 4:59:13बाय करने का ट्रेड लिया होता। आपका जो
- 4:59:14स्टॉप लॉस होगा वो स्विंग लो के थोड़ा
- 4:59:16नीचे रहेगा। यानी यहां पर कहीं पे आपका
- 4:59:18स्टॉप लॉस रहेगा। और रही बात टारगेट की तो
- 4:59:21आप 1:2 का टारगेट भी लेकर चल सकते हैं।
- 4:59:23अदरवाइज मैंने आपको बताया कि आप स्विंग
- 4:59:25हाई तक का टारगेट लेकर चल सकते हैं। तो
- 4:59:27यहां पर स्विंग हाई है। स्विंग हाई से
- 4:59:28थोड़ा सा नीचे का भी टारगेट रखोगे तो भी
- 4:59:31ये 1:3 का आपका यहां पर ट्रेड बन रहा है।
- 4:59:34तो इस तरीके से आप अपना बाय करने का ट्रेड
- 4:59:36ले सकते हो। तो यहां पर आपको ट्रेड तो मिल
- 4:59:38गया था। अब इसके बाद क्या हमारा ये ट्रेड
- 4:59:40में हमारा स्टॉप लॉस हिट होता या टारगेट
- 4:59:42हिट होता। अब देखिए हम आपको एग्जांपल दिखा
- 4:59:44रहे हैं। तो उसमें तो टारगेट ही हिट हुआ
- 4:59:45है। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होगा। इसलिए
- 4:59:47आपने अपनी तरफ से क्या करना है? अपनी तरफ
- 4:59:49से खुद से बैक टेस्ट भी करना है। तो अभी
- 4:59:51तक हमारा यहां पर आप देख सकते हैं कि
- 4:59:53टारगेट हिट नहीं हुआ था और यहां पर जाकर
- 4:59:56आप देख सकते हैं कि टारगेट हिट हुआ। फिर
- 4:59:58प्राइस नीचे को आने लग गई। यानी इस तरीके
- 5:00:00से आप अपना ट्रेड ले सकते थे। अब चलिए
- 5:00:02इसके बेसिस पे आप शॉर्ट करने का ट्रेड
- 5:00:04कैसे लेंगे वो भी समझ लेते हैं। तो इसके
- 5:00:07लिए मैं आपको बिल्कुल रीसेंट एग्जांपल
- 5:00:08दिखा रहा हूं। सबसे पहले आपने 4 ऑवर के
- 5:00:10टाइम फ्रेम में जाना है। फोर ऑवर के टाइम
- 5:00:12फ्रेम में यहां पर आपको दिखाई दे रहा है
- 5:00:13कि एक बहुत ही फास्ट हमें इंपल्सिव नीचे
- 5:00:15का मूव देखने को मिला था। तो उससे पहले
- 5:00:17वाली जो ग्रीन कैंडल है उसके हाई एंड लो
- 5:00:19से लगते हुए हमने अपना एरिया मार्क किया
- 5:00:21जो कि है हमारा एक बेयरिश ऑर्डर ब्लॉक।
- 5:00:24इसके बाद हम चाहें तो 15 मिनट के टाइम
- 5:00:26फ्रेम में भी जा सकते हैं। मैं गया 5 मिनट
- 5:00:28के टाइम फ्रेम में। जैसे ही मैं 5 मिनट के
- 5:00:29टाइम फ्रेम में गया तो उसके बाद देखिए
- 5:00:31हमें दिखाई दे रहा है कि प्राइस 4 ऑवर का
- 5:00:33जो ऑर्डर ब्लॉक है उसको टैप करके नीचे
- 5:00:35गिरने लग रही है। नीचे गिरने लग रही है।
- 5:00:38मतलब क्या है? मतलब ऑर्डर ब्लॉक काम कर
- 5:00:40रहा है और प्राइस के अब गिरने के चांसेस
- 5:00:42हैं। बट मैं ऐसे ही ट्रेड नहीं लूंगा।
- 5:00:44मुझे चाहिए होगा कंफर्मेशन। तो कंफर्मेशन
- 5:00:46के लिए यहां पर हमने देखा कि एक सीआईएसडी
- 5:00:49बन रहा है। साथ ही हमें ऑर्डर ब्लॉक भी
- 5:00:50दिखाई दे रहा है। मतलब यहां पर देखो आपको
- 5:00:53दिखाई दिया 4 ऑवर के टाइम फ्रेम में तो
- 5:00:54ऑर्डर ब्लॉक बन ही रहा था। उसके बाद हमने
- 5:00:57देखा कि यहां पर एक बड़ा इंपल्सिव मूव था।
- 5:00:59तो उससे पहले जो रेड कैंडल थी मैंने उसके
- 5:01:01लो से लगते हुए इस तरीके से या क्लोज से
- 5:01:04लगते हुए अपना लाइन ड्रॉ कर ली जो कि मेरा
- 5:01:06सीआईएसडी था। तो अब जैसे ही प्राइस ने
- 5:01:08इसके नीचे क्लोजिंग दे दी तो मैं चाहता तो
- 5:01:10यहां से भी ट्रेड ले सकता था। इवन मैं
- 5:01:12दिखा देता हूं आपको। मैं यहां से ट्रेड
- 5:01:14लेता तो मेरा जो स्टॉप लॉस है वो बहुत
- 5:01:16बड़ा हो रहा है। मतलब मैं इतना बड़ा अगर
- 5:01:18स्टॉप लॉस लेके चलूंगा तो 1:1 का ट्रेड बन
- 5:01:21रहा है। तो कुछ बेटर ट्रेड ये नहीं बन रहा
- 5:01:23था। तो हमने क्या किया? हमने यहां से
- 5:01:25एंट्री नहीं ली। लेकिन साथ ही मैंने एक
- 5:01:27ऑर्डर ब्लॉक भी यहां पर मार्क कर दिया।
- 5:01:29देखिए एक और छोटे टाइम फ्रेम में भी मुझे
- 5:01:31ऑर्डर ब्लॉक देखने को मिल रहा था। तो
- 5:01:33मैंने ये ऑर्डर ब्लॉक मार्क किया है।
- 5:01:34प्राइस दोबारा से जैसे ही इस लेवल पर गई
- 5:01:37तो हमने यहां पर एंट्री नहीं ली। लेकिन
- 5:01:39इसके बाद मैं आपको दिखा देता हूं कि हमने
- 5:01:40एंट्री ली कहां पे। तो यहां पर आपको दिखाई
- 5:01:43दे रहा है कि प्राइस वापस से इस लेवल पे
- 5:01:45आई। तो हमने ऑर्डर ब्लॉक पहले ही मार्क कर
- 5:01:46दिया था। प्राइस उस लेवल पे आई। तो हमने
- 5:01:48इस तरीके से अपना जो ट्रेड है वो ले लिया।
- 5:01:51हमारा जो स्टॉप लॉस रहेगा वो 4 ऑवर का जो
- 5:01:54यह स्विंग हाई है इसके थोड़ा सा ऊपर यानी
- 5:01:56यहीं पर रहेगा। और रही बात टारगेट की तो
- 5:01:58मैं स्विंग लो लेके जाऊंगा। तो देखिए यहां
- 5:02:00तक का स्विंग लो हमें दिखाई दे रहा है। यह
- 5:02:02वाला अगर स्विंग लो लूंगा तो यह 1:1 का ही
- 5:02:04ट्रेड बनेगा। तो कुछ खास नहीं दिखाई दे
- 5:02:06रहा है। लेकिन अगर मैं थोड़ा और नीचे
- 5:02:08देखूंगा तो यहां पर जाके मेरा जो ट्रेड था
- 5:02:10वो 1:2.5 तक का बन रहा था। जो कि आप देख
- 5:02:14सकते हैं ये वाला एरिया है। मतलब मैंने
- 5:02:16आपको पहले भी बताया कि ये हमारे लिए पहले
- 5:02:18रेजिस्टेंस की तरह काम कर रहा होगा। लेकिन
- 5:02:20अब ये एक लेवल है। तो आप यहां तक का भी
- 5:02:22अपना टारगेट लेके चल सकते थे। जाने का तो
- 5:02:25वैसे मुझे लगता है कि अगर आप चाहो तो यहां
- 5:02:27तक का भी ट्रेड लेके जाते तो आप देख सकते
- 5:02:29हैं कि यहां पे भी आपका टारगेट जो था वो
- 5:02:32आराम से हिट हो गया होता। देखिए आराम से
- 5:02:34वह वाला भी आपका टारगेट हिट हो गया होता
- 5:02:36लेकिन 1:4 तक जाना मैं कहूंगा 1:2 1:3 भी
- 5:02:40मिल रहा है तो बेटर है। अब चलिए नेक्स्ट
- 5:02:41स्ट्रेटजी समझते हैं। नेक्स्ट जो हमारी
- 5:02:43स्ट्रेटजी है ये फिबोनाची रिट्रेसमेंट के
- 5:02:45ऊपर बेस्ड है। हमने यह भी आपको थोड़ा बहुत
- 5:02:47बता रखा है। इवन हमने आपको जो स्मार्ट मनी
- 5:02:50कांसेप्ट वाली पूरी डिटेल में वीडियो दी
- 5:02:52थी उसमें हमने इस चीज के बारे में डिस्कस
- 5:02:54किया था। तो सीधा मैं आपको यह भी चार्ट
- 5:02:56में दिखा देता हूं। तो वापस से हम चार्ट
- 5:02:58पे आ चुके हैं। अब इस स्ट्रेटजी में आपने
- 5:03:00क्या करना है? आपने सबसे पहले यहां पर
- 5:03:02जाना है। यहां पर आपको एक फिबोनाची
- 5:03:04रिट्रेसमेंट करके एक टूल मिलता है। आपने
- 5:03:05इस टूल को सेलेक्ट कर लेना है। अब इसको
- 5:03:07सेलेक्ट करने के बाद देखिए सबसे पहले मैं
- 5:03:09क्या करूंगा? मैं लो टू हाई इसको मार्क
- 5:03:11करूंगा। तो यहां पर मैं लो टू हाई अगर
- 5:03:13इसको मार्क करूं तो सबसे पहले मैंने यहां
- 5:03:15पे मार्क किया। यहां पे लो से लेके हाई तक
- 5:03:17मैंने इसको मार्क किया है। अब जैसे ही मैं
- 5:03:20इसको मार्क करता हूं तो उसके बाद देखिए जब
- 5:03:22आप इसको यूज़ कर रहे होंगे तो आपकी जो
- 5:03:24सेटिंग होगी वो थोड़ी सी डिफरेंट हो सकती
- 5:03:26है। तो यहां पर मैं आपको अपनी इंडिकेटर की
- 5:03:28सेटिंग दिखा सकता हूं। आप चाह तो इसका
- 5:03:30स्क्रीनशॉट भी ले सकते हैं। मैं साइड में
- 5:03:32हो गया हूं ताकि आप स्क्रीनशॉट ले पाएं।
- 5:03:34तो यहां पर आपको दिखाई दे रखा है हमने
- 5:03:36क्या-क्या इनेबल कर रखा है और बाकी
- 5:03:37क्या-क्या जो है डिसेबल कर रखा है वो आप
- 5:03:40देख सकते हैं। तो आप सेम सेटिंग अपनी भी
- 5:03:42इंडिकेटर की कर सकते हैं। सेटिंग लगाने के
- 5:03:45लिए आपने यहां पर डबल क्लिक करना है। उसके
- 5:03:47बाद सेटिंग का ऑप्शन आएगा और इस तरीके से
- 5:03:49आप सेटिंग्स चेंज कर पाएंगे। तो हमने क्या
- 5:03:51किया? हमने सबसे पहले लो टू हाई इस
- 5:03:53इंडिकेटर को लगाया। अब इसके बाद देखिए
- 5:03:55होता क्या है कि फिबोनाची रिट्रेसमेंट के
- 5:03:58अकॉर्डिंग जो तीन लेवल हैं जैसे कि 0.5 का
- 5:04:01लेवल, 0.62 का लेवल और 0.79 का जो लेवल है
- 5:04:04ये जो लेवल है इन्हें गोल्डन लेवल माना
- 5:04:06जाता है। यानी अगर प्राइस यहां पर आती है
- 5:04:09तो यहां से प्राइस के रिवर्स होने के
- 5:04:11चांसेस होते हैं। तो अब अगर इस केस में
- 5:04:13मैंने सबसे पहले यहां पे मार्क किया तो
- 5:04:15प्राइस यहां पर आई नहीं बल्कि इससे ऊपर
- 5:04:17निकल गई। अब जब प्राइस इससे ऊपर निकल गई
- 5:04:19है ना तो फिर मैं क्या करूंगा? मैं जब मान
- 5:04:21लो ट्रेड करने बैठा हूं प्राइस यहां पर चल
- 5:04:23रही है। मैंने सबसे पहले लो टू हाई मार्क
- 5:04:25किया। उस टाइम पर यहां पर तो मुझे कोई
- 5:04:27एग्जांपल देखने को नहीं मिला। अब इसके बाद
- 5:04:29मैंने क्या किया? मैंने इसको यहां से
- 5:04:31डिलीट कर दिया। तो अब इसके बाद मैं क्या
- 5:04:32करूंगा? मैं वापस से यहां पर जाता हूं।
- 5:04:34अपना फिबोनाची रिट्रेसमेंट का टूल लेता
- 5:04:37हूं और उसके बाद क्या करूंगा? लो टू हाई
- 5:04:39इसको मार्क कर देता हूं। तो यह मैंने लो
- 5:04:40टू हाई इसको मार्क कर दिया है। अब जब
- 5:04:42मैंने इसको मार्क कर दिया तो उसके बाद
- 5:04:44मुझे पता है कि अगर प्राइस इस लेवल के पास
- 5:04:46आएगी या तो 0.5 पे आएगी या 0.62 पे आएगी
- 5:04:50या 0.79 के पास आने के बाद रिवर्स कर
- 5:04:52जाएगी। ये हमें पहले से पता है। लेकिन साथ
- 5:04:55ही मुझे कोई ना कोई बुलिश सिग्नल भी
- 5:04:56चाहिए। तो यहां पर मुझे दिखाई दे रहा है
- 5:04:58कि एक ऑर्डर ब्लॉक बन रखा है। अगर आप
- 5:05:00ध्यान से देखेंगे तो यह जो बड़ी ग्रीन कलर
- 5:05:02की कैंडल है इसके मूव आने से पहले यहां पर
- 5:05:05हमें एक रेड कलर की कैंडल देखने को मिल
- 5:05:06रही है। तो मैं क्या करूंगा? मैं इस कैंडल
- 5:05:09को एक एरिया के रूप में मार्क कर देता
- 5:05:11हूं। यानी यहां से लगते हुए मैंने यह
- 5:05:14एरिया मार्क कर दिया है। कुछ इस तरीके से।
- 5:05:17तो मेरे को पहले ही डबल कंफर्मेशन मिल जा
- 5:05:20रहा है। यानी पहले तो मुझे पता है कि
- 5:05:22प्राइस इस लेवल के पास आने के बाद वापस
- 5:05:24रिवर्स कर सकती है। दूसरा मुझे ऑर्डर
- 5:05:26ब्लॉक भी दिखाई दिया। यानी अगर प्राइस
- 5:05:28ऑर्डर ब्लॉक के पास आएगी ना तो मैं वहीं
- 5:05:30पर अपना ट्रेड एग्जीक्यूट कर लूंगा। जो
- 5:05:32ऑर्डर ब्लॉक मैंने यहां पर मार्क कर रखा
- 5:05:34है। इसको मैं थोड़ा सा डिफरेंट कलर का कर
- 5:05:35देता हूं ताकि आपको ईजीली समझ आ सके। तो
- 5:05:38इसके लिए मैं यहां से इसका जो कलर है इसको
- 5:05:40थोड़ा सा चेंज कर देता हूं। कुछ इस तरीके
- 5:05:42से। तो आपने इसका कलर देखा। तो यह है
- 5:05:45हमारा ऑर्डर ब्लॉक। अगर प्राइस इस लेवल पे
- 5:05:47आती है तो यहां पर मैं अपना ट्रेड ले सकता
- 5:05:48हूं। तो हमने इसको प्ले किया और उसके बाद
- 5:05:52आप देख सकते हैं कि यह वाली कैंडल में
- 5:05:54हमें दिखाई देता है कि प्राइस इस लेवल पे
- 5:05:55आ गई। तो अब जैसे ही प्राइस इस लेवल पे आ
- 5:05:57गई है तो यहां पर मैं अपना ट्रेड ले सकता
- 5:05:59हूं। तो ट्रेड लेने के लिए मैंने क्या
- 5:06:01करना है? जैसे ही प्राइस ऑर्डर ब्लॉक पे
- 5:06:02टैप करती है यहां पर मैं ट्रेड ले सकता
- 5:06:04हूं। मेरा जो स्टॉप लॉस रहेगा वो मुझे पता
- 5:06:06है कि प्राइस 0.79 के लेवल पे आने के बाद
- 5:06:08भी रिवर्स कर सकती है। तो मैं इससे थोड़ा
- 5:06:10सा नीचे अपना स्टॉप लॉस रख लेता हूं। और
- 5:06:12रही बात टारगेट की तो आप स्विंग हाई तक का
- 5:06:14ट्रेड टारगेट लेकर चल सकते हैं। स्विंग
- 5:06:16हाई देखेंगे तो 1:4 तक का आपको ट्रेड मिल
- 5:06:19रहा है। टारगेट मिल रहा है। तो आप थोड़ा
- 5:06:20सा नीचे भी लेके चलोगे तो 1:3 का ट्रेड आप
- 5:06:23आराम से यहां पर बना सकते थे। अब इसी
- 5:06:26तरीके से मैं आपको इसका एक शॉर्ट करने का
- 5:06:28भी एग्जांपल दिखाता हूं। लेकिन पहले देख
- 5:06:29लेते हैं कि क्या यहां पर हमारा टारगेट
- 5:06:31हिट होता। देखिए इसके बाद वापस से जो
- 5:06:33प्राइस थी वो 0.79 के लेवल के थोड़ा सा
- 5:06:36नीचे तक आई थी और जैसे ही प्राइस उसके
- 5:06:38लेवल्स के पास आई मतलब अगर हमने यहीं पे
- 5:06:41अपना स्टॉप लॉस रखा होता तो स्टॉप लॉस हिट
- 5:06:42हो गया होता। तो हमने अपना जो स्टॉप लॉस
- 5:06:44था वो 0.79 लेवल के नीचे रखा था। इसलिए
- 5:06:46स्टॉप लॉस हिट नहीं हुआ और आगे जाके हमारा
- 5:06:49टारगेट हिट हो गया। तो इस तरीके से आप बाय
- 5:06:51करने का ट्रेड ले सकते थे। अब शॉर्ट करने
- 5:06:52का कैसे ट्रेड लेना है? तो इसके लिए जब भी
- 5:06:55आप अपना यह फिबोनाची रिट्रेसमेंट मार्क
- 5:06:57करेंगे ना वह हाई टू लो मार्क करेंगे।
- 5:07:00मतलब यहां पर आपने लो टू हाई मार्क किया
- 5:07:02था। यहां पर आपको दिखाई दे रहा है कि
- 5:07:05प्राइस नीचे गिर रही है तो आप क्या
- 5:07:06करेंगे? आप हाई टू लो इस तरीके से मार्क
- 5:07:08कर लेंगे। तो आपने मार्क किया। अब प्राइस
- 5:07:11अगर आपको दिखाई देता है कि या तो 0.5 के
- 5:07:13लेवल के पास जाने के बाद रिवर्स करेगी या
- 5:07:150.62 पे जाने के बाद रिवर्स करेगी या 0.79
- 5:07:18के पास जाने के बाद रिवर्स करेगी। आपको
- 5:07:20पता है आपको साथ में चाहिए कि कोई ना कोई
- 5:07:22बयरिश सिग्नल मिल जाए। तो यहां पर आप देख
- 5:07:24सकते हैं कि यहां पर हमारा एक बयरिश
- 5:07:26एफवीजी बन रखा है। प्राइस सेम उस लेवल के
- 5:07:28पास आने के बाद नीचे गिरने लगी। तो हमने
- 5:07:31क्या किया? हमने वहीं पर अपना ट्रेड ले
- 5:07:33लिया। जैसे ही प्राइस एफपीजी के पास आई
- 5:07:34अपना स्टॉप लॉस 0.79 लेवल के थोड़ा सा ऊपर
- 5:07:37रखा। और रही बात टारगेट की तो वो हम यहां
- 5:07:40पर इस लेवल के आसपास रख रहे थे। तो थोड़ा
- 5:07:43सा 1.9 के आसपास का बन रहा था। आप यहां पर
- 5:07:46भी रखते तो आपका जो टारगेट था वो अगर आप
- 5:07:48स्विंग लो के हिसाब से ले चलते तो आराम से
- 5:07:501:2 का आपका जो ट्रेड था वो बन रहा था। तो
- 5:07:53इस तरीके से आप फोर्थ स्ट्रेटजी का यूज़
- 5:07:55कर सकते थे। अब फाइनल फिफ्थ स्ट्रेटजी को
- 5:07:58समझते हैं। लेकिन उससे पहले वीडियो पसंद आ
- 5:08:00रही है तो वीडियो को लाइक और चैनल को
- 5:08:01सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा। और अगेन
- 5:08:03क्लियर कर दूं कि सीधा स्ट्रेटजी को समझ
- 5:08:04के मार्केट में अप्लाई नहीं करना है। आपने
- 5:08:06खुद से इतनी सारी चीजें जो सीखी हैं उसको
- 5:08:09प्रैक्टिस करना है, समझना है। अपने हिसाब
- 5:08:11से चीजें चेंज करके भी देखनी है। आपको लग
- 5:08:13रहा है कि नहीं यार मैं जब एफवीजी यूज़
- 5:08:15करता हूं उतना बेटर काम नहीं करता। मैं
- 5:08:16ऑर्डर ब्लॉक यूज़ करता हूं ज्यादा बेटर
- 5:08:18काम करता है। तो अपने हिसाब से चेंजेस
- 5:08:20कीजिए। टाइम फ्रेम में भी टेस्ट करके
- 5:08:22देखिए। तो अब हमारी जो फाइनल स्ट्रेटजी
- 5:08:24है, यह है जुडास स्विंग। इस स्ट्रेटजी के
- 5:08:26बारे में थोड़ा बहुत मैंने पहले भी डिस्कस
- 5:08:28किया था। यहां पर मैं आपको इसका एग्जांपल
- 5:08:30भी दिखाऊंगा। इसके बेसिस पे ट्रेड कैसे
- 5:08:32लेना है, स्टॉप लॉस कैसे लगाना है, टारगेट
- 5:08:34कैसे लगाना है, यह भी समझेंगे। तो चलिए
- 5:08:36वापस से चार्ट पे चलते हैं। तो, यह वाली
- 5:08:37जो हमारी स्ट्रेटजी है, यह सेशंस के ऊपर
- 5:08:39बेस्ड है। यानी यह स्ट्रेटजी क्रिप्टो और
- 5:08:41फॉरेक्स के ऊपर ही काम करेगी। तो, इसके
- 5:08:43लिए आपने क्या करना है? आपने सबसे पहले
- 5:08:45इंडिकेटर पे जाना है और इंडिकेटर पे जाने
- 5:08:48के बाद आपने सर्च करना है एशिया सेशन हाई
- 5:08:50एंड लो। यानी हमें एशिया सेशन पता करना
- 5:08:53है। तो वैसे मैंने पिछले वाले लेक्चर्स
- 5:08:55में आपको बताया है कि सेशंस क्या होते हैं
- 5:08:57और आप खुद से भी इसको मार्क कर सकते हैं।
- 5:08:59लेकिन यहां पर मैं सिंपली आपको बता रहा
- 5:09:01हूं। आप इस इंडिकेटर पे जैसे ही क्लिक
- 5:09:02करेंगे तो उसके बाद ये जो इंडिकेटर है ये
- 5:09:05खुद से एशिया सेशन को मार्क कर देगा। तो
- 5:09:08यहां पर आपको दिखाई दे रहा है ये जो ब्लू
- 5:09:09में मार्क हो रखा है ये एशिया सेशन है। तो
- 5:09:12आपने क्या करना है? एशिया सेशन का जो हाई
- 5:09:14एंड लो है उससे लगते हुए एक लाइन ड्रॉ कर
- 5:09:17लेनी है। तो यहां पर वैसे ऑलरेडी एक लाइन
- 5:09:19है लेकिन मैं फिर भी आपको दिखाने के लिए
- 5:09:21यहां पे लाइन ड्रॉ कर देता हूं। तो आपने
- 5:09:23देखा यह रहा हमारा एशिया सेशन का हाई कुछ
- 5:09:26इस तरीके से और यह रहा नीचे आपको जो दिखाई
- 5:09:29दे रहा है यह है हमारा एशिया सेशन का लो।
- 5:09:32तो हमने हाई एंड लो को मार्क कर दिया। अब
- 5:09:34अगर आपको दिखाई देता है कि प्राइस नीचे की
- 5:09:37साइड की लिक्विडिटी स्वीप करती है तो आप
- 5:09:39बाय करने का ट्रेड लेंगे। अगर आपको दिखाई
- 5:09:41देता है कि प्राइस ऊपर की साइड की
- 5:09:43लिक्विडिटी स्वीप करती है तो आप शॉर्ट
- 5:09:45करने का ट्रेड लेंगे। लिक्विडिटी स्वीप का
- 5:09:47मतलब है प्राइस पहले नीचे जाए फिर वापस से
- 5:09:49इस लेवल के अंदर आ जाए। तो अगर आप ये वाले
- 5:09:52एग्जांपल में देखेंगे तो यहां पर आपको
- 5:09:53दिखाई देगा कि प्राइस पहले इससे नीचे गई
- 5:09:56रेड वाली कैंडल में और अगली ही कैंडल में
- 5:09:58यानी ग्रीन कैंडल में प्राइस वापस से इस
- 5:10:00लेवल के अंदर आ गई। इसका मतलब जिन लोगों
- 5:10:03ने यहां पर शॉर्ट करने के बारे में सोचा
- 5:10:04होगा उन सभी की लिक्विडिटी स्वीप हो गई।
- 5:10:06तो अब क्या होगा? अब यहां पर आपने कोई ना
- 5:10:09कोई बुलिश सिग्नल ढूंढना है और उसके बेसिस
- 5:10:11पे आप बाय करने का ट्रेड ले सकते हैं। अब
- 5:10:13देखिए हमें पता है नीचे की लिक्विडिटी
- 5:10:15स्वीप हुई है तो हम बाय करने का ट्रेड
- 5:10:16लेंगे। तो हमें बुलिश सिग्नल ढूंढना है।
- 5:10:18बुलिश सिग्नल में आप कोई भी चीजें ढूंढ
- 5:10:20सकते हो जैसे कि एफवीजी, ऑर्डर ब्लॉक कुछ
- 5:10:22भी आपको मिल जाए। तो अब मैं आपको यहां पर
- 5:10:24एक एग्जांपल दिखाता हूं। देखिए यहां पर
- 5:10:26आपको दिखाई दे रहा है कि ये ग्रीन कलर की
- 5:10:28कैंडल बनी है। तो मैंने इस तरीके से यहां
- 5:10:30पे अपना एक एरिया ड्रॉ कर दिया। मतलब ये
- 5:10:32क्या है? ये है मेरा फेयर वैल्यू गैप। तो
- 5:10:34यहां पे मैंने अपना फेयर वैल्यू गैप ड्रॉ
- 5:10:36किया। देखिए ये वाली जो ग्रीन कैंडल है
- 5:10:39इससे पहले वाली कैंडल के हाई से लगते हुए
- 5:10:40बाद वाली कैंडल के लो से रखते हुए मैंने
- 5:10:42एरिया ड्रॉ किया जिसको मैं फेयर वैल्यू
- 5:10:44गैप कह रहा हूं और इसके बाद जैसे ही
- 5:10:46प्राइस इस लेवल पे आती है मैं अपना यहां
- 5:10:47पर बाय करने का ट्रेड ले सकता था। बाय
- 5:10:49करने का ट्रेड यह वाली कैंडल में ही ले
- 5:10:52लेता मैं। मेरा जो स्टॉप लॉस होगा वह
- 5:10:54देखिए यह वाला जो मेरा स्विंग लो है उससे
- 5:10:57थोड़ा सा नीचे यानी यहां पर कहीं पे मेरा
- 5:10:59स्टॉप लॉस रहता करीब-करीब ऐसे। और रही बात
- 5:11:03टारगेट की तो जो हमारा एशिया सेशन का हाई
- 5:11:05है मैं वहां तक का टारगेट लेकर चल सकता
- 5:11:08था। कुछ इस तरीके से तो इस जगह पे मेरा जो
- 5:11:11ट्रेड है यह 1:3 के आसपास का ट्रेड बन रहा
- 5:11:14है। तो ऐसे आप अपना ट्रेड ले सकते थे और
- 5:11:16यह है आपका बुलिश ट्रेड। तो बहुत सिंपल
- 5:11:19स्ट्रेटजी है। ऐसा नहीं है कि इस
- 5:11:20स्ट्रेटजी के बेसिस पर आपको डेली ट्रेड
- 5:11:22मिलेंगे। लेकिन जब ट्रेड मिलेंगे तो काफी
- 5:11:24इफेक्टिव ट्रेड मिल सकते हैं। और डेली
- 5:11:26आपको एक बार देखने को मिलता है कि आपका
- 5:11:29एशिया सेशन है। उसके बाद आप इस इंडिकेटर
- 5:11:31को लगा के देख सकते हैं कि कहीं की
- 5:11:33लिक्विडिटी स्टीप तो नहीं हुई है और उसके
- 5:11:35बेसिस पे अपना ट्रेड प्लान कर सकते हैं।
- 5:11:37अब चलिए शॉर्ट कैसे करना है वो भी देख
- 5:11:39लेते हैं। तो इसके लिए मैं अभी लाइव
- 5:11:40मार्केट में जो चल रहा है वही दिखा देता
- 5:11:42हूं। तो देखिए यहां पर आपको दिखाई दे रहा
- 5:11:44है कि अभी-अभी हमारा जो एशिया सेशन है वो
- 5:11:46कंप्लीट हो रखा है। तो और अभी हमारा जो
- 5:11:48लंदन सेशन है वो शुरू हो चुका होगा जब मैं
- 5:11:51इस वीडियो को शूट कर रहा हूं। तो अब आपने
- 5:11:52देखा कि यहां पर हमारा एशिया सेशन का हाई
- 5:11:55एंड लो है। तो हमने क्या करना है? हमने
- 5:11:56सबसे पहले इसके हाई एंड लो से लगते हुए
- 5:11:59कुछ इस तरीके से यहां पे लाइन ड्रॉ कर
- 5:12:01दिया है। ये हो गया मेरा हाई और यहां पर
- 5:12:03है मेरा लो। तो मैंने इस तरीके से लाइन
- 5:12:06ड्रॉ कर दी। अब अगर मान लो हमें थोड़ी देर
- 5:12:09बाद दिखाई देता है कि जो प्राइस है वो
- 5:12:11क्या करती है? मैं आपको दिखाता हूं। तो अब
- 5:12:13अगर मान लो आपको थोड़ी देर बाद दिखाई देता
- 5:12:15है कि प्राइस इस लेवल से थोड़ा सा ऊपर
- 5:12:17जाती है और फिर वापस नीचे आ जाती है। तो
- 5:12:20अगर ऐसा होता है तो इसका मतलब प्राइस ने
- 5:12:22ऊपर की साइड की लिक्विडिटी को स्वीप किया
- 5:12:24है। ऊपर की साइड की लिक्विडिटी को स्वीप
- 5:12:26किया है तो यहां से प्राइस के गिरने के
- 5:12:27चांसेस होंगे और गिरने के चांसेस होने का
- 5:12:30मतलब यह है कि प्राइस नीचे आ गई तो ऐसा
- 5:12:32नहीं कि वहीं पे आपने शॉर्ट कर देना है।
- 5:12:33आपको यहां पर कोई बियरिश सिग्नल ढूंढना
- 5:12:36है। यानी कोई बियरिश एफपीजी हो सकता है।
- 5:12:39कोई ऑर्डर ब्लॉक हो सकता है। कोई ब्रेकर
- 5:12:41ब्लॉक हो सकता है। कोई सीआईएसडी हो सकता
- 5:12:43है। तो आपने देखा कि प्राइस ऊपर के लेवल
- 5:12:45से नीचे आई तो यहां पर आप क्या कर सकते
- 5:12:47हैं? आप अपना शॉर्ट करने का ट्रेड प्लान
- 5:12:49कर सकते हैं। मान लीजिए किसी भी रीज़न की
- 5:12:52वजह से वैसे चांसेस कम है। लेकिन प्राइस
- 5:12:55नीचे आती है फिर इधर की लिक्विडिटी स्वीप
- 5:12:57कर देती है जो कि बहुत ज्यादा केसेस में
- 5:12:59नहीं होगा। आप बाद में जब इस वीडियो को
- 5:13:00देखेंगे आपको पता चलेगा कि ज्यादातर केसेस
- 5:13:03में प्राइस ने या तो ऊपर की लिक्विडिटी को
- 5:13:05स्वीप किया होगा या फिर ऊपर चली गई होगी।
- 5:13:07लेकिन मान लेते हैं कि प्राइस नीचे की
- 5:13:09लिक्विडिटी को स्वीप करके ऊपर जाती है तो
- 5:13:11आप बाय करने का ट्रेड ले सकते हैं। बट
- 5:13:13ट्रेड लेने के लिए आप यहां पर कोई फिर
- 5:13:15बुलिश आपको कंफर्मेशन चाहिए होगा। लेकिन
- 5:13:17इस केस में देखिए प्राइस यहां से किसी भी
- 5:13:19थोड़ा बहुत ऊपर जाने के बाद नीचे आएगी।
- 5:13:21आपको यहां पर कोई बयरिश सिग्नल ढूंढना
- 5:13:23होगा और उसके बेसिस पे आप ट्रेड ले सकते
- 5:13:25हैं। अब कंफर्मेशन के लिए मान लो कि यहां
- 5:13:27पर आपने देखा कि प्राइस ऊपर की साइड की
- 5:13:29लिक्विडिटी स्वीप करने के बाद नीचे आ गई
- 5:13:31और उसके बाद आपको दिखाई देता है कि यहां
- 5:13:33पर कोई एफपीजी बन रखा है। तो अब उसके बाद
- 5:13:37आपने क्या देखना है कि प्राइस वापस से अगर
- 5:13:39एफपीजी को टैप करती है तो आप क्या कर सकते
- 5:13:41हैं? आप यहां पर अपनी शॉर्ट करने की
- 5:13:43पोजीशन ले सकते हैं। आपका जो स्टॉप लॉस
- 5:13:46होगा वो यह जो हाई होगा इससे थोड़ा सा ऊपर
- 5:13:48रहेगा और टारगेट के लिए आप यह जो नीचे की
- 5:13:50लिक्विडिटी है आप यहां तक का जो टारगेट है
- 5:13:52वो लेकर चल सकते हैं।
- 5:13:56तो इस तरीके से आप किसी भी स्ट्रेटजी को
- 5:13:58अप्लाई कर सकते हैं। तो मैं उम्मीद करता
- 5:13:59हूं कि आपको ये स्ट्रेटजी समझ आ गई होगी।
- 5:14:01अब जितनी भी स्ट्रेटजी मैंने आपको बताई है
- 5:14:04आपका काम है कि आपने खुद से उन स्ट्रेटजी
- 5:14:06को लगा के देखना है। चार्ट्स को समझने की
- 5:14:08कोशिश करनी है। ऐसा नहीं है कि आपने सीधा
- 5:14:11गए मार्केट में लगाया और सोचा कि यार मुझे
- 5:14:13तो प्रॉफिट हुआ या नहीं हुआ। वो हो सकता
- 5:14:15है आप जिस टाइम पे लगा रहे हैं प्रॉफिट हो
- 5:14:16जाए लेकिन अगली बार ना हो। हो सकता है जब
- 5:14:18आप लगा रहे हैं उस टाइम पे स्टॉप लॉस हिट
- 5:14:20हो जाए। क्योंकि मैंने अगेन बताया कि कोई
- 5:14:21भी स्ट्रेटजी हमेशा काम नहीं करती है।
- 5:14:23इसके लिए रिस्क मैनेजमेंट बहुत ज्यादा
- 5:14:25जरूरी होता है। यानी अपने रिस्क को मैनेज
- 5:14:28करना कैसे है? अब ट्रेडिंग में रिस्क
- 5:14:30मैनेज करना सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट होता
- 5:14:32है। क्योंकि देखिए आप ट्रेडिंग में अपना
- 5:14:34पैसा लगा रहे हैं और ट्रेडिंग में
- 5:14:35सर्टेनिटी किसी चीज की नहीं होती है। वहां
- 5:14:37पे प्रोबेबिलिटी होती है और जहां पे भी
- 5:14:39प्रोबेबिलिटी होगी तो आपको रिस्क मैनेज
- 5:14:41करके चलना ही होगा। तो अब रिस्क मैनेजमेंट
- 5:14:43करने के लिए आपको बहुत सारी चीजों का
- 5:14:45ध्यान देना होगा। इसमें सबसे पहला
- 5:14:47कांसेप्ट जो आपको समझना है वो है रिस्क पर
- 5:14:49ट्रेड। देखिए नाम से ही आपको समझ आ रहा है
- 5:14:52कि रिस्क पर ट्रेड का मतलब होता है कि एक
- 5:14:54ट्रेड में आप कितना रिस्क लेंगे यानी
- 5:14:57कितना रिस्क आपको लेना चाहिए। अब मान लो
- 5:15:00कि आप कोई भी रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान
- 5:15:02नहीं रखते हो। जितना मन आया उतना स्टॉप
- 5:15:04लॉस लगा दिया। जितना मन आया उतना टारगेट
- 5:15:06लगा लिया। और ऐसे में हो सकता है आपका जो
- 5:15:09स्टॉप लॉस है वो 30% का है। तो अगर मान लो
- 5:15:12आपके लगातार तीन स्टॉप लॉस हिट हो गए।
- 5:15:14आपकी तो पूरी कैपिटल वाइप आउट हो जाएगी
- 5:15:16ना। फिर चाहे वह 1 लाख की कैपिटल हो या ₹1
- 5:15:18करोड़ की। अगर ₹1 करोड़ का भी 30% आपका
- 5:15:21स्टॉप लॉस हुआ तो तीन ट्रेड में सब कुछ
- 5:15:24खत्म हो जाना है। इसलिए रिस्क मैनेजमेंट
- 5:15:26बहुत ज्यादा जरूरी होता है और रिस्क पर
- 5:15:28ट्रेड का ध्यान रखना भी बहुत ज्यादा जरूरी
- 5:15:30होता है। अब एक एग्जांपल लेते हैं इसको
- 5:15:31समझने के लिए। अगर मान लो आपका जो रिस्क
- 5:15:34पर ट्रेड है वो 1% ऑफ योर इनिशियल कैपिटल
- 5:15:37है। यानी आपकी कैपिटल ₹1 लाख है। एग्जांपल
- 5:15:40के लिए मान के चल रहे हैं। और आपका जो
- 5:15:42रिस्क पर ट्रेड है वो 1% का है। तो ऐसे
- 5:15:45में आपका जो स्टॉप लॉस होगा वो ₹1000 का
- 5:15:48होगा। है ना? तो अब इसको सोच के देखो। अगर
- 5:15:52लगातार आपके 100 स्टॉप लॉस भी हिट हो गए
- 5:15:55तब जाके आपकी कैपिटल वाइप आउट होगी। और
- 5:15:58100 स्टॉप लॉस लगातार हिट होना ऑलमोस्ट
- 5:16:00इंपॉसिबल है। आगे मैं आपको एक
- 5:16:02प्रोबेबिलिटी भी दिखाऊंगा। अब यहां पर तो
- 5:16:04मैं आपको मान के चल रहा हूं कि आप अपनी
- 5:16:05ट्रेडिंग कैपिटल का 1% यानी जो इनिशियल
- 5:16:08कैपिटल थी ₹1 लाख उसका 1% स्टॉप लॉस लेके
- 5:16:11चल रहे हैं। तो पहले ट्रेड के बाद आपका
- 5:16:14₹1000 का स्टॉप लॉस हिट हो चुका है। दूसरे
- 5:16:16में भी अगर स्टॉप लॉस हिट हुआ तो फिर से
- 5:16:18हम मान के चल रहे हैं कि ₹99,000 में से
- 5:16:20भी आपका ₹1,000 का स्टॉप लॉस हिट हो चुका
- 5:16:22है। तो ऐसे करके आप 100 ट्रेड में अगर
- 5:16:25लगातार स्टॉप लॉस होगा तब जाके आपकी
- 5:16:27कैपिटल वाइप आउट होगी। लेकिन अगर ये जो
- 5:16:29स्टॉप लॉस होगा ये परसेंटेज वाइज आपने सेट
- 5:16:32कर रखा है ऑफ योर इनिशियल कैपिटल यानी
- 5:16:34आपका जो स्टॉप लॉस है वो आपकी कैपिटल का
- 5:16:361% है। तो पहले ₹1 लाख कैपिटल थी तो पहले
- 5:16:39में आपका स्टॉप लॉस हिट हुआ ₹1000 का। अब
- 5:16:41आपकी कैपिटल कितनी बची है? ₹99,000 बची
- 5:16:44है। तो ऐसे में अब मान लो फिर से आपका जो
- 5:16:47रिस्क पर ट्रेड है वो 1% है। तो इस बार
- 5:16:49आपका जो स्टॉप लॉस हिट होगा वो ₹990 का
- 5:16:52होगा। फिर से मान लो अगर आपकी जो कैपिटल
- 5:16:55है वो अब ₹98,000 ₹10 कुछ बची होगी तो
- 5:16:58उसका भी 1% लेकर आप चलेंगे तो अगर आप इस
- 5:17:01तरीके से भी चलते हैं और लगातार आपके 50
- 5:17:03बार भी स्टॉप लॉस हिट हो जाते हैं तो उसके
- 5:17:06बाद भी आपके पास ₹60,000 की कैपिटल बची
- 5:17:09होगी। अरे मान लो लगातार 100 बार भी आपके
- 5:17:11स्टॉप लॉस हिट हो जाते हैं तब भी आपके पास
- 5:17:14₹36,000 की कैपिटल बची होगी। यानी अगर आप
- 5:17:17अपना रिस्क पर ट्रेड सेट कर लेते हैं तो
- 5:17:19आपकी कैपिटल वाइप आउट होने के चांसेस बहुत
- 5:17:21कम हो जाएंगे। और यहां पर मैं 1% का आपको
- 5:17:24एग्जांपल लेके चल रहा हूं। आप 1% नहीं भी
- 5:17:26लेते तो जनरल रूल कहता है कि आपको 2% से
- 5:17:29ज्यादा रिस्क पर ट्रेड नहीं लेना चाहिए।
- 5:17:31यानी अगर आपकी कैपिटल ₹1 लाख है तो एक
- 5:17:34ट्रेड में आपको ₹2000 से बड़ा लॉस नहीं
- 5:17:37लेना चाहिए। जबकि ट्रेडर्स क्या करते हैं?
- 5:17:39आप क्या करते हो? यह कमेंट करके बताना। एक
- 5:17:41ट्रेड में आप कितनी कैपिटल अपनी उड़ा देते
- 5:17:43हो? आज तक क्या कर रहे थे? कमेंट करके
- 5:17:45जरूर बताइएगा और इससे आपको पता भी चलेगा
- 5:17:47कि आपकी मिस्टेक क्या थी तो कमेंट जरूर
- 5:17:49कीजिएगा साथ ही लाइक भी कर लेना चैनल को
- 5:17:51सब्सक्राइब भी कर लेना तो यह तो जनरल रूल
- 5:17:53है कि अगर आपकी कैपिटल ₹1 लाख है तो ₹2000
- 5:17:56से बड़ा तो स्टॉप लॉस होना ही नहीं चाहिए
- 5:17:58तो ऐसे में भी अगर लगातार 50 आपके स्टॉप
- 5:18:01लॉस हिट हो जाते हैं तब जाके आपकी कैपिटल
- 5:18:03वाइप आउट होगी। अब यहां पर मैं आपको मान
- 5:18:06लेता हूं कि आप क्रिप्टो में ट्रेड कर रहे
- 5:18:07हैं तो क्रिप्टो थोड़ा ज्यादा रिस्की होता
- 5:18:09है। वहां पर प्राइसेस ऊपर नीचे बहुत
- 5:18:10ज्यादा होती हैं। ऊपर से आपको लेवरेज भी
- 5:18:12मिल जाता है। तो ऐसे में भी अगर आप अपनी
- 5:18:15कैपिटल का 3% यानी ₹1 लाख कैपिटल है और एक
- 5:18:19ट्रेड में ₹3000 का भी आप लेके चलते हैं
- 5:18:21कि ₹3000 से ज्यादा तो मेरा लॉस होना ही
- 5:18:24नहीं चाहिए। तो इस केस में भी 33 स्टॉप
- 5:18:26लॉस लगातार लगेंगे आपकी कैपिटल को वाइप
- 5:18:29आउट करने के लिए। तो आप समझ रहे हो कि किस
- 5:18:31तरीके से आप अपनी कैपिटल को बचा सकते हो।
- 5:18:34यानी अगर आप इस तरीके से चलेंगे तो कैपिटल
- 5:18:37बाइब आउट होने के जो चांसेस हैं वो बहुत
- 5:18:39कम हो जाएंगे। और यहां पर मैं आपको अब
- 5:18:40प्रोबेबिलिटी समझाता हूं। अब देखिए मैंने
- 5:18:42ये कहा है कि 3% पर ट्रेड का आप स्टॉप लॉस
- 5:18:46लेके चल रहे हो तो लगातार 33 स्टॉप लॉस
- 5:18:48लगेंगे आपकी कैपिटल को वाइप आउट करने के
- 5:18:50लिए। लगातार लगेंगे। तो अब यहां पर आप
- 5:18:52प्रोबेबिलिटी समझिए। अगर आपका विन रेट है
- 5:18:5550% का। तो ऐसे में प्रोबेबिलिटी ऑफ 33
- 5:18:58क्सक्यूटिव लॉसेस वो है वन इन 8.6 बिलियन
- 5:19:03यानी 8.6 बिलियन टाइम्स में एक बार ऐसा हो
- 5:19:06सकता है कि आपके लगातार 33 जो है वो स्टॉप
- 5:19:09लॉसेस हिट हो जाए और अगर ऐसे में आप डेली
- 5:19:1210 ट्रेड भी करते हैं तो ये होने में 24
- 5:19:15लाख साल लग सकते हैं अकॉर्डिंग टू चैट
- 5:19:17जीपीटी। तो इससे हमें पता चलता है कि जो
- 5:19:20ट्रेडर्स अपना नुकसान कर रहे हैं उसका
- 5:19:22सबसे बड़ा कारण क्या है? उसका सबसे बड़ा
- 5:19:24कारण है कि वह रिस्क मैनेजमेंट को फॉलो
- 5:19:26नहीं कर रहे हैं और इस वजह से ही उनकी
- 5:19:28कैपिटल वाइप आउट हो जा रही है। तो अब आपको
- 5:19:31समझ आया कि रिस्क पर ट्रेड इतना ज्यादा
- 5:19:33इंपॉर्टेंट क्यों है? यहां तक अगर किसी का
- 5:19:35कोई डाउट है तो आप पूछ सकते हैं और अगर आप
- 5:19:37लोगों का कोई डाउट है तो आप कमेंट बॉक्स
- 5:19:39में पूछ सकते हैं। तो पहला कांसेप्ट आपको
- 5:19:41क्लियर है रिस्क मैनेजमेंट का। अब समझते
- 5:19:43हैं पोजीशन साइज के बारे में। यह पोजीशन
- 5:19:46साइज होता क्या है? तो पोजीशन साइज का
- 5:19:48मतलब ये है कि आपका स्टॉप लॉस तो हमने बता
- 5:19:51दिया आपको कि भाई एक ट्रेड में 3% से
- 5:19:53ज्यादा नहीं होना चाहिए। अब ऐसे में सबसे
- 5:19:56बड़ी गलती ट्रेडर्स क्या करेंगे? उन्हें
- 5:19:58लगेगा कि ठीक है भाई मुझे ₹3000 से ज्यादा
- 5:20:00तो लॉस लेना ही नहीं है। तो मैं क्या करता
- 5:20:02हूं? अपना स्टॉप लॉस छोटा कर देता हूं।
- 5:20:04जबकि आपकी स्ट्रेटजी वहां पर अलाउ ही नहीं
- 5:20:06कर रही है। आपकी स्ट्रेटजी के हिसाब से जो
- 5:20:09वहां पर एसेट है उसमें तो 5% का स्टॉप लॉस
- 5:20:11होना चाहिए। बट आप 3% का लगाओगे तो
- 5:20:13ज्यादातर चांसेस होंगे ना कि पहले आपका
- 5:20:15स्टॉप लॉस हिट होगा फिर प्राइस ऊपर जाएगी।
- 5:20:17तो यही चीज सबसे बड़ी गलती होती है जो लोग
- 5:20:20इसको नहीं समझते हैं। तो एक्चुअल में आपने
- 5:20:22करना क्या होता है वो समझते हैं। तो आपने
- 5:20:253% का स्टॉप लॉस सेट करना है। ये हम मान
- 5:20:27के चल रहे हैं। तो आपकी कैपिटल कितनी है?
- 5:20:29वही ₹1 लाख का एग्जांपल लेके चल रहे हैं।
- 5:20:31रिस्क पर ट्रेड कितना है? 3% यानी ₹3000
- 5:20:34के आसपास। तो अब मान लो आप ₹100 पे एंट्री
- 5:20:37कर रहे हो। कोई भी एसेट हो सकती है,
- 5:20:39क्रिप्टो हो सकता है, स्टॉक हो सकता है,
- 5:20:40कुछ भी हो सकता है। आप वहां पे ₹100 पे
- 5:20:42एंट्री कर रहे हो और अपनी स्ट्रेटजी के
- 5:20:44हिसाब से आपको लगता है कि भाई मेरा जो
- 5:20:46स्टॉप लॉस है ना वो तो ₹95 में होना
- 5:20:49चाहिए। अब अगर आपने ₹95 पे अपना स्टॉप लॉस
- 5:20:51रख लिया तो इस केस में तो आपका जो रिस्क
- 5:20:54है वो ₹5,000 का बन जाएगा। लेकिन भाई आपकी
- 5:20:56स्ट्रेटजी के अकॉर्डिंग तो आपको ₹95 पे ही
- 5:20:58रखना होगा। तो इसका सॉल्यूशन यह है कि
- 5:21:01आपको अपनी पोजीशन साइज को कंट्रोल करना
- 5:21:03होता है। यानी आप अपना स्टॉप लॉस 95 में
- 5:21:06ही रखेंगे। एंट्री भी आप ₹100 में ही
- 5:21:08रहेंगे। लेकिन आप पूरे ₹1 लाख मार्केट में
- 5:21:11नहीं लगाएंगे। आप कम पैसे मार्केट में
- 5:21:13लगाएंगे। और कितने लगाएंगे? तो इसके लिए
- 5:21:15यहां पर आप एक फार्मूला देख सकते हैं
- 5:21:17जिसमें पोजीशन साइज निकालने के लिए आपने
- 5:21:19क्या करना है? आपका रिस्क पर ट्रेड है 3%
- 5:21:22यानी जो अमाउंट वाइज बनता है ₹3000। यानी
- 5:21:24₹3000 से ज्यादा का आपने रिस्क नहीं लेना
- 5:21:26है। तो ₹3000 और आपका स्टॉप लॉस कितने
- 5:21:29रुपए का बन रहा है? ₹5 का। तो आपने
- 5:21:31डिवाइडेड बाय फाइव किया इज़ इक्वल टू ₹00
- 5:21:34निकल कर आया। यानी आप अगर ऐसे में बाय
- 5:21:37करते तो पूरे ₹1 लाख लगाते तो आप 1000
- 5:21:40क्वांटिटी बाय करते। बट अब आपने 1000
- 5:21:42क्वांटिटी बाय नहीं करनी है। आपने 600
- 5:21:44क्वांटिटी बाय करनी है। और अगर 600 * 100
- 5:21:47करेंगे तो आपने पूरे ₹1 लाख मार्केट में
- 5:21:50नहीं लगाने हैं। आपने ₹60 मार्केट में
- 5:21:52लगाने हैं। और इसके बाद आपका स्टॉप लॉस जो
- 5:21:55₹95 का है वो वहीं पे रहेगा। और अगर
- 5:21:57प्राइस ₹95 पे भी आती है तो आपका ₹3000 से
- 5:22:00ज्यादा का लॉस नहीं होगा। जो आपकी कैपिटल
- 5:22:03एक्चुअल जो आपकी कैपिटल है ₹1 लाख उसका 3%
- 5:22:06है। यानी इस तरीके से आपने अपनी पोजीशन
- 5:22:09साइज को मार्केट में लेके चलना होता है।
- 5:22:11अब मुझे पता है कि आपको थोड़ा बहुत डाउट
- 5:22:13हो सकता है। इसलिए मैं कहूंगा कि एक बार
- 5:22:15ना खुद से इसको कैलकुलेट करके देखना, समझ
- 5:22:17के देखना ज्यादा क्लेरिटी आ जाएगी। अब मैं
- 5:22:20आपको एक एग्जांपल भी दे देता हूं जिससे
- 5:22:21आपकी क्लेरिटी थोड़ी बहुत और ज्यादा बढ़
- 5:22:23जाए कि क्यों पोजीशन साइज को कंट्रोल करना
- 5:22:26उतना ज्यादा इंपॉर्टेंट है। तो यहां पर हम
- 5:22:28दो एग्जांपल लेके चल रहे हैं। इसमें ये जो
- 5:22:30एग्जांपल है इस एग्जांपल में ये जो
- 5:22:32व्यक्ति है ये रिस्क मैनेजमेंट नहीं करता
- 5:22:34है। मतलब भले ही रिस्क मैनेजमेंट में
- 5:22:36स्टॉप लॉस वो लगाता है लेकिन वो पोजीशन
- 5:22:38साइज को कंट्रोल नहीं करता है। उसने
- 5:22:41डिसाइड कर रखा है कि भाई मैं तो हर बारी
- 5:22:43में अगर वह क्रिप्टो में ट्रेड कर रहा है
- 5:22:44तो एक इथेरियम बाय करूंगा। इथेरियम का लॉट
- 5:22:46साइज 100 होता है। यानी 100 लॉट्स बाय
- 5:22:48करूंगा। तो अब मान लो उसने डिसाइड किया
- 5:22:51भाई मैं तो एक इथेरियम बाय करूंगा। तो अब
- 5:22:54सबसे पहले एक ट्रेड उसको मिलता है। जिस
- 5:22:56ट्रेड में अपने एनालिसिस के बाद उसको लगता
- 5:22:58है कि भाई मेरा जो स्टॉप लॉस होना चाहिए
- 5:23:00वो ₹100 का होना चाहिए और यहां पर वो 1:2
- 5:23:03का ट्रेड लेके चल रहा है। यानी जो टारगेट
- 5:23:04होगा वो $200 का होगा या ₹200 का होगा। तो
- 5:23:08अब समझ के देखिए। अब यहां पर अगर मान
- 5:23:11लीजिए कि उसका स्टॉप लॉस हिट हो जाता है
- 5:23:13तो ₹100 जाएंगे या $100 जाएंगे। अगर
- 5:23:16टारगेट हिट हो जाता है तो उसको $200 या
- 5:23:18$200 आएंगे। मान लेते हैं पहले केस में
- 5:23:20उसका टारगेट हिट हो जाता है। यानी उसके
- 5:23:22पास आ गए जी ₹200 या $200। ठीक है? दूसरे
- 5:23:27एग्जांपल में भी सेम है। उसने तो डिसाइड
- 5:23:29कर रखा है वो एक इथेरियम ही बाय करेगा और
- 5:23:31उसके एनालिसिस के अकॉर्डिंग उसको लगता है
- 5:23:33कि भाई मेरा जो स्टॉप लॉस है वो $100 का
- 5:23:36होना चाहिए। और टारगेट अगेन 1:2 का उसकी
- 5:23:39स्ट्रेटजी के हिसाब से उसको लगता है। तो
- 5:23:41यहां पर भी वो सेम लेके चलता है और इस बार
- 5:23:44भी उसका टारगेट हिट हो जाता है। यानी फिर
- 5:23:46से वो कमा लेता है ₹200 या $200। ठीक है?
- 5:23:50बट इसके बाद तीसरी बार क्या होता है? उसको
- 5:23:53अपनी स्ट्रेटजी के अकॉर्डिंग लगता है कि
- 5:23:55भाई मेरा जो स्टॉप लॉस है ना वो इस बार तो
- 5:23:57$500 का होना चाहिए। यानी अगर मैं उससे
- 5:24:00छोटा स्टॉप लॉस रखूंगा तो फिर मेरे को
- 5:24:02नुकसान हो सकता है। लेकिन वो क्या करता
- 5:24:05है? उसकी तो आदत है कि भैया सेम क्वांटिटी
- 5:24:07बाय करेगा। तो अब वो क्या करता है भाई?
- 5:24:09स्टॉप लॉस तो $500 कह रहा है ना। तो $500
- 5:24:12के आसपास तो उसे स्टॉप लॉस रखना ही
- 5:24:13पड़ेगा। अदरवाइज अगर वो ऐसे ट्रेड ले लेगा
- 5:24:15तो उसको नुकसान हो सकता है। तो उसने $500
- 5:24:18के आसपास पे ही अपना स्टॉप लॉस रखना है।
- 5:24:20उसने रख लिया और अगर यहां पर 1:2 लेके
- 5:24:23चलेंगे तो $1000 का वो प्रॉफिट भी कमा
- 5:24:26सकता है। तो बात बिल्कुल सही बैठ रही है
- 5:24:28स्ट्रेटजी के हिसाब से। तो अब क्या करता
- 5:24:30है? वो वापस से एक लॉट बाय कर लेता है।
- 5:24:33ठीक है? अब जब उसने एक लॉट बाय कर लिया तो
- 5:24:36इस जगह पे क्या होता है? उसका स्टॉप लॉस
- 5:24:37हिट हो जाता है। अब इस बार जो उसका स्टॉप
- 5:24:40लॉस हिट होता है वो कितने का है? $500 का
- 5:24:44है। तो यहां पर आप ध्यान से देखो हुआ
- 5:24:46क्या? उसने तीन ट्रेड लिए। तीन में से दो
- 5:24:49ट्रेड में वो सही था। यानी दो ट्रेड में
- 5:24:52प्रॉफिट हिट हुआ। मतलब उसका विन रेट अगर
- 5:24:54आप देखोगे तो 66% का है। बट उसके बावजूद
- 5:24:58दो ट्रेड में उसने कमाए $400। एक ट्रेड
- 5:25:00में उसने डबा दिए $500। यानी ओवरऑल उसे $
- 5:25:04का नुकसान हो गया क्योंकि उसने अपनी
- 5:25:06पोजीशन साइज को कंट्रोल नहीं किया। उसने
- 5:25:08देखा जितना स्टॉप लॉस बनता है उतना उस
- 5:25:10ट्रेड के हिसाब से लगा रहा है। तो ये था
- 5:25:13वो व्यक्ति जिसने रिस्क मैनेजमेंट नहीं
- 5:25:15किया। अब एक दूसरा व्यक्ति है जिसने रिस्क
- 5:25:17मैनेजमेंट किया है जो रिस्क मैनेजमेंट को
- 5:25:19समझता है जो हमारे लेक्चर को बहुत ज्यादा
- 5:25:21ध्यान से देख रहा है आपकी तरह तो इसके लिए
- 5:25:23लाइक भी जरूर कर देना। तो अब देखिए इसने
- 5:25:26डिसाइड किया है कि नहीं भाई मेरे को मतलब
- 5:25:28नहीं है कि मैं कितना लॉट बाय कर रहा हूं।
- 5:25:30मेरे को मतलब है कि मैं अपनी कैपिटल का
- 5:25:32सिर्फ 1% रिस्क लूंगा। देखिए आप 3% भी ले
- 5:25:35सकते हैं। मुझे आपको समझाना था इसलिए
- 5:25:37मैंने 1% का एग्जांपल लिया है ताकि समझाना
- 5:25:39हमारे लिए आसान हो जाए। ठीक है? तो अब
- 5:25:41देखिए यहां पर उसने देखा कि भाई मेरी
- 5:25:44कैपिटल का 1% कितना है? $10,000 की उसकी
- 5:25:46कैपिटल है। तो उसका 1% हो गया जी $ या
- 5:25:50₹100 हो गए। ठीक है? तो उसने पहले ट्रेड
- 5:25:53में उसे पता है कि यहां पर मेरा जो ट्रेड
- 5:25:56बनता है इथेरियम में इसमें मेरा $ के
- 5:25:59आसपास का ही स्टॉप लॉस बन रहा है। तो
- 5:26:00मैंने एक क्वांटिटी बाय करनी चाहिए। तो
- 5:26:03यहां पर उसने एक क्वांटिटी बाय की और सेम
- 5:26:05इसका भी इस जगह पर प्रॉफिट हिट हो गया। तो
- 5:26:08उसने 1:2 का टारगेट था। यानी $200 कमा
- 5:26:11लिए। दोबारा से सेम हुआ। यहां पर भी उसने
- 5:26:14देखा कि भाई मेरा जो रिस्क है वो तो मैं $
- 5:26:17से ज्यादा का लूंगा ही नहीं ना। तो यहां
- 5:26:19पर उसने अगेन इस एग्जांपल में भी क्या
- 5:26:21किया कि अपना ट्रेड लिया वन इथेरियम का जो
- 5:26:24कि उसकी स्ट्रेटजी के हिसाब से भी बन रहा
- 5:26:26है कि भाई $ का ही बन रहा है अगर तू एक
- 5:26:28क्वांटिटी खरीदेगा तो यहां पर भी उसने
- 5:26:30ट्रेड लिया इस बार भी इसका टारगेट हिट हो
- 5:26:32गया जैसा कि इसका हुआ था तो इसने भी यहां
- 5:26:34पर $200 कमा लिए। बट तीसरे केस में क्या
- 5:26:38होता है कि यहां पर इसको भी दिखाई दे रहा
- 5:26:40है कि भाई यह ट्रेड बहुत अच्छा है। लेकिन
- 5:26:42अगर मेरा स्टॉप लॉस हिट होगा तो $500 का
- 5:26:46होगा। टारगेट हिट होगा तो वो तो $1000 का
- 5:26:49होगा। लेकिन अब उसे पता है कि अगर मैं
- 5:26:52$500 वाला ट्रेड में एक क्वांटिटी बाय कर
- 5:26:55लेता हूं तो फिर प्रॉब्लम क्या होगी कि
- 5:26:57$500 का स्टॉप लॉस बन रहा है जो कि मैंने
- 5:27:00जो डिसाइड किया था कि भाई मेरी कैपिटल का
- 5:27:021% है उससे पांच गुना ज्यादा है। तो मैं
- 5:27:05इतना बड़ा लॉस तो ले ही नहीं सकता। तो या
- 5:27:07तो उसके पास ऑप्शन बचता है कि वो इस ट्रेड
- 5:27:09को छोड़ दे। लेकिन अगर वो उस ट्रेड को
- 5:27:11छोड़ता है तो फिर उसके हाथ से एक
- 5:27:12अपॉर्चुनिटी भी तो जा रही है ना। तो इस
- 5:27:14जगह पर और हर बार ट्रेड बिल्कुल आपके
- 5:27:16हिसाब से तो नहीं बनेंगे। तो आपको ट्रेड
- 5:27:18तो लेना पड़ेगा। तो फिर यहां पर वो क्या
- 5:27:21करता है? यहां पर वो इस बार पूरी एक
- 5:27:23क्वांटिटी बाय नहीं करता। वो अपनी
- 5:27:25क्वांटिटी को पोजीशन साइज जो मैंने आपको
- 5:27:27बताया था ना उस हिसाब से कैलकुलेट करता
- 5:27:30है। और उसको नजर आता है कि अगर मैं 0.2
- 5:27:33इथेरियम बाय करूंगा। यानी पहले वो कितनी
- 5:27:36क्वांटिटी खरीद रहा था? पूरा एक इथेरियम
- 5:27:38खरीद रहा था। अब मैं अगर 0.2 इथेरियम
- 5:27:40खरीदूंगा। अब इसके बाद अगर मेरा $500 का
- 5:27:43स्टॉप लॉस यानी जो प्राइस है वो 500 पॉइंट
- 5:27:46नीचे भी चली गई तो फिर मेरा कितना स्टॉप
- 5:27:48लॉस बनेगा? $100 का बनेगा। ध्यान से देखिए
- 5:27:51अगर किसी को कंफ्यूजन है तो पहले ये क्या
- 5:27:53था? अगर ये मान लीजिए कि पूरा एक
- 5:27:56क्वांटिटी बाय कर लेता है या कुछ भी हो
- 5:27:58सकता है तो इस केस में उसको दिखाई दे रहा
- 5:28:00है कि भाई प्राइस अगर $500 पॉइंट नीचे
- 5:28:02जाएगी तो वहां पे मेरा स्टॉप लॉस है तो
- 5:28:04उसका स्टॉप लॉस बनता $500 का जो कि उसका
- 5:28:08$100 जो उसने डिसाइड कर रखा है उससे पांच
- 5:28:10गुना ज्यादा है। तो वो इस ट्रेड को या तो
- 5:28:12ना ले या फिर लेगा तो फिर वो बहुत बड़ा
- 5:28:15नुकसान हो सकता है। तो इस जगह पे पूरा एक
- 5:28:18इथेरियम बाय करने की जगह वह डिसाइड करता
- 5:28:20है कि वह 0.2 इथेरियम बाय करेगा और ऐसा ही
- 5:28:24वह करता है। उसके बाद उसका स्टॉप लॉस हिट
- 5:28:26हो जाता है। तो अब देखिए 0.2 * 500 पॉइंट
- 5:28:31का उसका स्टॉप लॉस है। इसको अगर आप
- 5:28:32मल्टीप्लाई करेंगे तो ये निकल कर आएगा 100
- 5:28:35जो कि हर बार सेम था 100 100 तो इस बार
- 5:28:39इसने क्या किया? 200 यहां पर कमाए, 200
- 5:28:42यहां पर कमाए, ₹100 यहां पर उसने डूबा
- 5:28:45दिए। तो 400 कमाए 100 डूबाए यानी यह ओवरऑल
- 5:28:48$300 के प्रॉफिट में होगा। मतलब देखिए सेम
- 5:28:52एग्जांपल है दोनों बंदों के बट इसने रिस्क
- 5:28:55मैनेजमेंट नहीं किया इसलिए इसने पैसे
- 5:28:56डूबाए। सेम ट्रेड्स दोनों को मिले थे। बट
- 5:28:59इसने रिस्क मैनेजमेंट किया इसलिए इसने
- 5:29:01पैसे कमाए जबकि दोनों को सेम ही ट्रेड
- 5:29:03मिले थे। इसलिए पोजीशन साइज को कंट्रोल
- 5:29:06करना बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। एंड मैं
- 5:29:08जानता हूं कि आप में से ज्यादातर लोग यह
- 5:29:10नहीं करते हैं। अगर आपने नहीं किया है तो
- 5:29:12कमेंट करके जरूर बताइएगा। अब चलिए ये आपको
- 5:29:15क्लियर हो चुका है। अगर यहां पर कोई डाउट
- 5:29:17है तो आप पूछ सकते हो। तो हमारी टीम का तो
- 5:29:19कोई डाउट नहीं है। आपका कोई डाउट है तो आप
- 5:29:21कमेंट में पूछ सकते हैं। अब चलिए हमारा जो
- 5:29:23नेक्स्ट कांसेप्ट है उसको समझते हैं और वो
- 5:29:25है स्टॉप लॉस एंड टारगेट। अब स्टॉप लॉस
- 5:29:28एंड टारगेट वैसे तो आपको पता ही है। इतनी
- 5:29:30बार हम हमारी वीडियोस में डिस्कस कर चुके
- 5:29:32हैं। लेकिन स्टॉप लॉस एंड टारगेट अच्छे
- 5:29:34तरीके से लगाना कैसे है? ये थोड़ा सा मैं
- 5:29:36आपको चार्ट पे दिखा देता हूं। तो स्टॉप
- 5:29:38लॉस एंड टारगेट को समझने के लिए हम सीधा
- 5:29:40चलते हैं डेल्टा एक्सचेंज के प्लेटफार्म
- 5:29:41पे। अगर आप क्रिप्टो में ट्रेड करते हैं
- 5:29:43तो आपको पता है कि डेल्टा एक्सचेंज बेस्ट
- 5:29:44प्लेटफार्म है और अगर आपके पास डेल्टा
- 5:29:46एक्सचेंज का अकाउंट नहीं है तो
- 5:29:47डिस्क्रिप्शन में लिंक दिया है। हमारे
- 5:29:48लिंक से अकाउंट ओपन करने पर आपको हमारी
- 5:29:50तरफ से अधीरा एi का ₹2000 का सब्सक्रिप्शन
- 5:29:52बिल्कुल फ्री में मिलता है। उसके लिए नीचे
- 5:29:54मैंने आपको एक Google फॉर्म का लिंक दे
- 5:29:55रखा है। उस फॉर्म को भी जरूर फिल कर
- 5:29:57लीजिएगा। बट हमारे लिंक के थ्रू अकाउंट
- 5:29:59ओपन करने के बाद ही कीजिएगा। अब चलिए यहां
- 5:30:01पर समझते हैं कि टारगेट एंड स्टॉप लॉस सेट
- 5:30:03कैसे करना है। तो इसके लिए मैं कोई भी एक
- 5:30:05सिंपल सा ट्रेड ले लेता हूं। मुझे आपको
- 5:30:07दिखाना है तो मैं कोई भी कुछ भी ट्रेड ले
- 5:30:09रहा हूं ताकि आपको मैं दिखा सकूं कि किस
- 5:30:11तरीके से चीज़ें यहां पर काम करती हैं। तो
- 5:30:13देखिए मेरा जो ट्रेड है वह एग्जीक्यूट हो
- 5:30:14चुका है। ट्रेड लेना कैसे है? ये ऑलरेडी
- 5:30:16हम अपने पिछले लेक्चर में बता चुके हैं।
- 5:30:18आई थिंक सेकंड लेक्चर में हमने ये दिखाया
- 5:30:19था। तो देखिए यहां पर मेरा जो ट्रेड है वो
- 5:30:22एग्जीक्यूट हो चुका है। अब सही तरीका क्या
- 5:30:25होगा स्टॉप लॉस सेट करने का? इसके लिए मैं
- 5:30:26एक बार चार्ट को फुल स्क्रीन पे खोल देता
- 5:30:28हूं। तो देखिए जनरली लोग क्या करते हैं?
- 5:30:30वो देखते हैं कि भाई मेरी पोजीशन कहां पे
- 5:30:32चल रही है? मेरी पोजीशन यहां पे चल रही
- 5:30:34है। अब इसके बाद यहां पर हमें स्टॉप लॉस
- 5:30:36एंड टारगेट ऐड करने का ऑप्शन आता है। तो
- 5:30:37वो कैलकुलेट करते हैं। जी मेरा ये स्टॉप
- 5:30:39लॉस कहां होगा? मुझे ढूंढना पड़ेगा। अरे
- 5:30:41यहां है यहां है। वो कैलकुलेट करते हैं इस
- 5:30:43तरीके से। बट आपको कैलकुलेट करने की जरूरत
- 5:30:45नहीं है। जब आप डेल्टा एक्सचेंज में ट्रेड
- 5:30:47करते हैं ना तो आपने जैसे ही ट्रेड लिया
- 5:30:49तो आपकी जो पोजीशन है वो आपके चार्ट में
- 5:30:51भी दिखाई देती है। जैसे मैंने यहां पर बाय
- 5:30:53किया है तो मेरी पोजीशन जो है वो मुझे
- 5:30:55चार्ट पे दिखाई दे रही है। तो अब अगर मुझे
- 5:30:57अपना स्टॉप लॉस एंड टारगेट सेट करना है तो
- 5:31:00इसके लिए मुझे अपनी पोजीशन के पास जाना
- 5:31:02है। यहां पर जाने के बाद देखिए एक एसएल
- 5:31:04लिखा हुआ दिखाई दे रहा है। मुझे एसएल पे
- 5:31:05जाना है। मैं अगेन फुल स्क्रीन कर देता
- 5:31:07हूं इसको। तो यहां पर देखिए यहां पर है
- 5:31:09मेरी पोजीशन। अगर मैं पोजीशन में नहीं गया
- 5:31:11हूं तो कोई भी एसएल एंड टीपी लिखा हुआ
- 5:31:13नहीं दिखाई दे रहा है। लेकिन जैसे ही मैं
- 5:31:14पोजीशन के पास अपना माउस लेके जाता हूं
- 5:31:16देखिए यहां पर आपको एसएल लिखा हुआ दिखाई
- 5:31:18दे रहा है। तो यहां पर आपने क्या करना है?
- 5:31:20आपने इस पे क्लिक करना है और उसके बाद
- 5:31:22नीचे की तरफ ड्रैग करना है। इस तरीके से
- 5:31:25आपका स्टॉप लॉस देखिए चार्ट पे ही सेट हो
- 5:31:27चुका है। अब सही कैसे सेट करना है वो फिर
- 5:31:29बताता हूं। पहले बता देता हूं कि टारगेट
- 5:31:31कैसे सेट करना है। अब देखिए यहां पर आपको
- 5:31:33अपना टारगेट दिखाई दे रहा है। तो जैसे आप
- 5:31:35चार्ट से इधर चले जाएंगे तो आपको नहीं
- 5:31:37दिखाई देगा। लेकिन पोजीशन पे जैसे ही
- 5:31:39जाएंगे तो आपको दिखाई दे रहा है टीपी लिखा
- 5:31:40है। टीपी यानी टेक प्रॉफिट। तो आपने इस पे
- 5:31:42क्लिक करना है और ऊपर की तरफ ड्रैग कर
- 5:31:44लेना है। जैसे ही आप ऊपर की तरफ ड्रैग
- 5:31:46करेंगे तो यहां पर जहां पे आप ले जा के
- 5:31:48छोड़ेंगे वहां पे आपका टारगेट जो है वो
- 5:31:50सेट हो जाएगा। यानी चार्ट से ही आप अपना
- 5:31:53टारगेट और स्टॉप लॉस सेट कर सकते हैं। अब
- 5:31:55चलिए यहां पर ध्यान से देखते हैं कि स्टॉप
- 5:31:57लॉस एंड टारगेट जनरली सेट कैसे करना
- 5:32:00चाहिए। वैसे मैं आपको ऑलरेडी बता चुका हूं
- 5:32:02कि आपको अपनी स्ट्रेटजी के हिसाब से ही
- 5:32:04अपना स्टॉप लॉस एंड टारगेट रखना है और साथ
- 5:32:07में आपने अपनी पोजीशन का भी ध्यान रखना है
- 5:32:09जो अभी हमने समझा है यानी पोजीशन साइजिंग
- 5:32:11का भी ध्यान रखना है। बट पोजीशन साइजिंग
- 5:32:13के हिसाब से अपना स्टॉप लॉस नहीं बदलना
- 5:32:15है। अगर आपकी स्ट्रेटजी कहती है कि भाई
- 5:32:17मेरा जो स्टॉप लॉस है वो तो यहां पे होना
- 5:32:20चाहिए। ये जो स्विंग लो नजर आ रहा है वहां
- 5:32:22पे होना चाहिए। अगर इन केस आपकी स्ट्रेटजी
- 5:32:24कहती है तो फिर ऐसा नहीं है ना कि आप अपना
- 5:32:27स्टॉप लॉस देखो कि भाई मेरे को तो मुझे तो
- 5:32:29इससे ज्यादा रिस्क नहीं लेने का है तो मैं
- 5:32:31यहां पर अपना स्टॉप लॉस रख देता हूं। तो
- 5:32:33ऐसे में तो बार-बार आपका स्टॉप लॉस हिट
- 5:32:35होगा ना। तो स्टॉप लॉस को सही जगह पे रखने
- 5:32:37के लिए आपको जो स्विंग लो नजर आ रहा होता
- 5:32:40है ना आपने वहां पे अपना स्टॉप लॉस रखना
- 5:32:42है। यानी जैसे ये आपको एक स्विंग लो नजर आ
- 5:32:44रहा है। रीसेंट स्विंग लो है और यह जो
- 5:32:46चार्ट है ये हमारा 15 मिनट का चार्ट है।
- 5:32:48मैं 1 घंटे का इसको चार्ट कर देता हूं। तो
- 5:32:50अगर 1 घंटे का चार्ट देखो तो देखिए यहां
- 5:32:52तक भी मुझे दिखाई दे रहा है कि प्राइस गई
- 5:32:54है। तो अगर मैं 1 घंटे के चार्ट के हिसाब
- 5:32:56से ट्रेड ले रहा हूं तो मेरा जो स्टॉप लॉस
- 5:32:58है वो हो सकता है यहां पर रहे। ठीक है? और
- 5:33:00रही बात टारगेट की तो टारगेट जो है वो
- 5:33:02मेरा स्विंग हाई के आसपास होना चाहिए। तो
- 5:33:05स्विंग हाई जो है वो अगर मैं इस चार्ट पे
- 5:33:07ध्यान से देखूं तो वैसे देखिए मैंने
- 5:33:08रैंडमली ही चार्ट ट्रेड लिया है। तो कुछ
- 5:33:10खास यहां पे हमारा स्टॉप लॉस टारगेट नहीं
- 5:33:12बन रहा है। लेकिन मैं आपको समझा रहा हूं
- 5:33:14कि यहां पर देखिए आपको दिखाई दे रहा है कि
- 5:33:16स्विंग लो था। तो स्विंग लो से थोड़ा सा
- 5:33:18नीचे आप अपना स्टॉप लॉस रखेंगे और रही बात
- 5:33:20टारगेट की तो जो स्विंग हाई है उसके आसपास
- 5:33:23अपना टारगेट रखेंगे। तो यानी यहां पर कहीं
- 5:33:25पे आपका टारगेट होगा। तो अब इस तरीके से
- 5:33:28आप अपना टारगेट एंड स्टॉप लॉस सेट कर सकते
- 5:33:30हैं। अब चलिए हमारा जो नेक्स्ट कांसेप्ट
- 5:33:32है रिस्क रिवॉर्ड का इसको समझते हैं। बहुत
- 5:33:34ही ज्यादा इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है
- 5:33:36ट्रेडिंग के हिसाब से। इसको बहुत ज्यादा
- 5:33:38ध्यान से आपने समझना है। तो चलिए अब रिस्क
- 5:33:40रिवॉर्ड को अच्छे से समझते हैं। इसको
- 5:33:42समझाने के लिए हमने यहां पर आपके लिए एक
- 5:33:44चार्ट भी बना रखा है ताकि आपको सही तरीके
- 5:33:47से समझ आए। तो इस चार्ट को जरा ध्यान से
- 5:33:49देखिए। यहां पर हमने सबसे पहले मार्क किया
- 5:33:51है कि कोई भी ट्रेड हो सकता है, कोई स्टॉक
- 5:33:53हो सकता है, कुछ भी हो सकता है जिस पे
- 5:33:55आपकी जो एंट्री है वो आपको एनालिसिस करने
- 5:33:58के बाद दिखाई देता है कि भाई ₹100 की बनती
- 5:34:00है। ठीक है? तो आपने ₹100 के आसपास एंट्री
- 5:34:03ली। आपको अपना एनालिसिस करने के बाद दिखाई
- 5:34:05देता है कि भाई मेरा जो स्टॉप लॉस होगा वो
- 5:34:08₹95 के आसपास होगा और आपको अपना एनालिसिस
- 5:34:11करने के बाद यहां पर दिखाई देता है कि
- 5:34:13आपका जो टारगेट होगा वो ₹105 का होगा।
- 5:34:16यानी अगर हम देखें तो आपकी एंट्री और
- 5:34:18टारगेट के बीच में कितना डिफरेंस है? ₹5
- 5:34:21का डिफरेंस है। आपके स्टॉप लॉस और एंट्री
- 5:34:24के बीच में कितना डिफरेंस है? ₹5 का
- 5:34:26डिफरेंस है। यहां पर आप देख सकते हैं ना
- 5:34:28100 में लिया ₹95 पे स्टॉप लॉस है तो ₹5
- 5:34:31105 पे टारगेट है तो ₹5 यानी स्टॉप लॉस
- 5:34:34एंड टारगेट कितने का है? ₹5 का है। तो अब
- 5:34:36अगर आपको अपना रिस्क रिवॉर्ड कैलकुलेट
- 5:34:38करना है तो रिस्क कितना है? ₹5 का।
- 5:34:41रिवॉर्ड कितना है? रिवॉर्ड यानी जो टारगेट
- 5:34:43है वो भी ₹5 का है। तो फाइव को फाइव से
- 5:34:46डिवाइड करेंगे तो यह निकल कर आता है 1:1।
- 5:34:49यानी यह आपका रिस्क रिवॉर्ड बनता है 1:1
- 5:34:52का। अब अगर आप 1:1 का ट्रेड लेंगे तो फिर
- 5:34:56होगा क्या? मैं आपको आगे समझाऊंगा। पहले
- 5:34:58सिर्फ इतना समझिए। अब मान लीजिए आपका कोई
- 5:35:00दूसरा ट्रेड है जिस पे आपको दिखाई देता है
- 5:35:02कि आपकी जो एंट्री है वो तो ₹100 पे ही बन
- 5:35:05रही है। स्टॉप लॉस जो है वो ₹95 पे बन रहा
- 5:35:08है। लेकिन जो टारगेट है वो ₹110 पे बन रहा
- 5:35:10है। आपकी स्ट्रेटजी के हिसाब से आपको यह
- 5:35:12पता चल रहा है। तो इस केस में अगर हम
- 5:35:15देखें तो आपका टारगेट कितने पॉइंट्स का
- 5:35:17है? 100 से लेके 110 यानी 10 पॉइंट का है।
- 5:35:20और स्टॉप लॉस कितने पॉइंट का है? पांच
- 5:35:22पॉइंट का है। तो इस केस में आपका रिस्क
- 5:35:24रिवॉर्ड कितना बनेगा? रिस्क कितना है?
- 5:35:27रिस्क है वही। आप देख सकते हैं 95 पे
- 5:35:29स्टॉप लॉस है। 110 पे टारगेट है। तो ₹5 का
- 5:35:32रिस्क हो गया। रिवॉर्ड कितना हुआ? रिवॉर्ड
- 5:35:34हो गया जी ₹10 का। तो अगर आप इसको डिवाइड
- 5:35:37करेंगे तो यह निकल कर आता है 1:2। यहां पर
- 5:35:40यह गलत मार्क हो रखा था। यह 1:2 है। इस
- 5:35:43चीज़ का ध्यान रखिएगा। और ऐसे ही यहां पर
- 5:35:45आप देख सकते हैं कि अगर मान लीजिए कोई
- 5:35:48तीसरा ट्रेड है जिसमें आपको दिखाई देता है
- 5:35:50कि आपका जो टारगेट है वो ₹115 का है।
- 5:35:52एंट्री ₹100 पे है यानी ₹15 का आपका
- 5:35:55टारगेट बन रहा है। स्टॉप लॉस ₹95 के आसपास
- 5:35:57ही बनता है आपकी स्ट्रेटजी के अकॉर्डिंग।
- 5:35:59तो यहां पर स्टॉप लॉस पांच पॉइंट का बन
- 5:36:01रहा है। तो अब आपका जो रिस्क रिवॉर्ड बनता
- 5:36:03है वो बनता है रिस्क है पांच पॉइंट का।
- 5:36:05रिवॉर्ड है 15 पॉइंट का। तो इसको अगर आप
- 5:36:08डिवाइड करेंगे तो 1:3 का आपका यहां पर
- 5:36:10रिस्क रिवॉर्ड बन रहा है। अब अगर आपको ये
- 5:36:12कोई बहुत बड़ी बात नहीं लग रही है ना तो
- 5:36:14जब मैं आपको नेक्स्ट एग्जांपल दिखाऊंगा तब
- 5:36:16आपको समझ आएगा कि ये एक एक्चुअल में बहुत
- 5:36:19ज्यादा बड़ी बात है। ये एग्जांपल आपको समझ
- 5:36:21आ गया कि रिस्क रिवॉर्ड क्या होता है। तो
- 5:36:23अब चलिए यहां पर समझते हैं। अब मान लीजिए
- 5:36:26आप 10 ट्रेड लेते हैं। ठीक है? आपकी जो
- 5:36:29कैपिटल है वो ₹1 लाख की है। हमने आपको
- 5:36:32बताया कि भाई एक ट्रेड में 3% से ज्यादा
- 5:36:34का रिस्क तो आप लोगे ही नहीं। तो इस केस
- 5:36:36में आपका जो रिस्क बनता है वो ₹3000 का
- 5:36:39बनता है। है ना? तो अगर मान लीजिए आपका जो
- 5:36:42विन रेट है वो 50% है। विन रेट का मतलब
- 5:36:45होता है कि अगर आपने 100 ट्रेड लिए तो
- 5:36:46उसमें से 50 ट्रेड में आपको प्रॉफिट हो
- 5:36:48रहा है। 50 ट्रेड में आपको लॉस हो रहा है।
- 5:36:50तो ये है विन रेट। तो अगर मान लीजिए आप
- 5:36:521:1 लेके चलते हैं। 1 1 क्या होता है? ये
- 5:36:55आपको समझ आ गया? तो अगर आप 1 1 लेके चलते
- 5:36:58हैं तो आपका जो रिस्क है वो ₹3000 का है।
- 5:37:01तो भाई रिवॉर्ड भी ₹3000 का ही होगा ना?
- 5:37:03है ना? तो इस केस में देखिए होगा क्या?
- 5:37:06होगा ये कि पांच ट्रेड में आपको प्रॉफिट
- 5:37:08हुआ क्योंकि 50% का आपकी स्ट्रेटजी के
- 5:37:10हिसाब से विन रेट है। तो पांच ट्रेड में
- 5:37:13अगर प्रॉफिट होगा तो ₹3000 का प्रॉफिट है
- 5:37:15तो टोटल पांच ट्रेड में ₹15,000 का आपको
- 5:37:18प्रॉफिट होगा। लेकिन जो बचे हुए पांच
- 5:37:20ट्रेड में है उनमें आपको ₹15,000 का ही
- 5:37:23लॉस हो गया। पर ट्रेड ₹3,000 का। तो ओवरऑल
- 5:37:25आपके हाथ में कितना बचेगा? शून्य ज़ीरो
- 5:37:28यानी कुछ भी नहीं। इवन आप कुछ ना कुछ
- 5:37:31ब्रोकरेज पे करेंगे जिसके बाद तो ओवरऑल आप
- 5:37:33लॉस में होंगे। तो ये तब है जब आपका विन
- 5:37:36रेट है 50% यानी 10 में से पांच बार आपकी
- 5:37:39स्ट्रेटजी काम कर रही है जो कि अच्छी बात
- 5:37:41है। लेकिन आपका यहां पर रिस्क रिवॉर्ड था
- 5:37:431:1 का मतलब आपने ₹100 में खरीदा था 95 पे
- 5:37:47मान लो स्टॉप लॉस था तो 105 पे आपका
- 5:37:50टारगेट था। ये आपकी स्ट्रेटजी के हिसाब से
- 5:37:52बन रहा होना चाहिए। ठीक है? तो अब ये
- 5:37:55एग्जांपल था जब आप 1:1 लेके चल रहे हैं।
- 5:37:58लेकिन अगर आप 1:2 लेके चल रहे होते यानी
- 5:38:00आप ऐसे ही ट्रेड को ले रहे होते जहां पर
- 5:38:03आपको अपनी स्ट्रेटजी के हिसाब से दिखाई
- 5:38:04देता है कि भाई मेरा जो टारगेट है वो 1:2
- 5:38:07का बनेगा। अगर आप ऐसे लेके चल रहे होते तो
- 5:38:10विन रेट तो भाई 50% ही है। यानी हम मान के
- 5:38:12चल रहे हैं कि 10 में से पांच ट्रेड में
- 5:38:14होगा। पांच में लॉस होगा। तो इस केस में
- 5:38:16देखिए जो पांच ट्रेड में आपको प्रॉफिट हो
- 5:38:19रहा है वो अब ₹6000 का प्रॉफिट है। 1:2 का
- 5:38:22प्रॉफिट है। तो इस केस में आपको कितना
- 5:38:25होगा?
- 5:38:26₹00 का और कितना लॉस होगा?
- 5:38:29₹15,000 का। यानी ओवरऑल आप ₹15,000 के
- 5:38:33प्रॉफिट में होंगे। यह चेंज किससे आया?
- 5:38:35क्योंकि आपने सिर्फ वही ट्रेड लिए जहां पर
- 5:38:37आपका रिस्क रिवॉर्ड जो है वो 1:2 का बन
- 5:38:40रहा है। अब मगर मान लीजिए आपको दिखाई देता
- 5:38:43है कि आप सिर्फ ऐसे ही ट्रेड ले रहे हैं
- 5:38:45जहां पर 1:3 है। यानी मैंने आपको एग्जांपल
- 5:38:48दिखाया था ₹100 में एंट्री है। 95 में
- 5:38:51स्टॉप लॉस है बट ₹115 का टारगेट है। तो
- 5:38:54यहां पर ₹15 का डिफरेंस है। है ना? और
- 5:38:56यहां पर ₹5 का आपका स्टॉप लॉस बन रहा है।
- 5:38:59तो ऐसे में लॉस होगा तो ₹5 जाएंगे। आएगा
- 5:39:02तो ₹15 आएंगे। तो यह जो ट्रेड बनता है
- 5:39:04इसको हम कहते हैं 1:3। अब इस केस में क्या
- 5:39:07होगा कि अगर मान लो आपने 10 ट्रेड लिए तो
- 5:39:09विन रेट तो 50% का ही है। तो अब देखिए
- 5:39:11होगा क्या कि आपका जो रिवॉर्ड होगा वो
- 5:39:14होगा ₹9000 का। जबकि जो स्टॉप लॉस होगा वो
- 5:39:17वही ₹3000 का होगा। तो पांच ट्रेड में
- 5:39:20आपने ₹9,000 का किया यानी ₹45,000 का और
- 5:39:24पांच ट्रेड में आपने ₹15,000 का लॉस किया।
- 5:39:27यानी ओवरऑल आप ₹00 के पे होंगे जो कि आपकी
- 5:39:31कैपिटल के हिसाब से एक अच्छा खासा पार्ट
- 5:39:34है। तो आपने देखा एक एग्जांपल जिसमें आपका
- 5:39:36विन रेट था 50% यानी 10 में से पांच बार
- 5:39:39आप सही निकल रहे थे। लेकिन मैं कहता हूं
- 5:39:41कि भाई जरूरी नहीं है क्या कि अगर आप 1:3
- 5:39:44का भी ट्रेड ले रहे हैं तो हर बार आप 10
- 5:39:46में से पांच बार ठीक निकलेंगे। यहां पर आप
- 5:39:48ध्यान से देखो कि इस चार्ट में आपको दिखाई
- 5:39:50दे रहा है कि अगर आपका जो रिस्क रिवॉर्ड
- 5:39:52है वो 1:1 का है तो आपको 50 बार कम से कम
- 5:39:56सही होना पड़ेगा। मतलब 50% टाइम सही होना
- 5:39:58पड़ेगा ब्रेक इवन में आने के लिए। प्रॉफिट
- 5:40:00के लिए तो 51 50% से ज्यादा बार सही होना
- 5:40:03पड़ेगा। लेकिन अगर आप 1:2 का रिस्क
- 5:40:05रिवॉर्ड फॉलो कर रहे हैं या ऐसे ही ट्रेड
- 5:40:07ले रहे हैं जिसमें 1:2 का आपको टारगेट मिल
- 5:40:10रहा है तो आप 40% टाइम पे भी यानी 10 में
- 5:40:12से चार बार सही हो के भी बबल हो सकते हैं।
- 5:40:15अगर आप 1:3 फॉलो कर रहे हैं तो आप 10 में
- 5:40:18से तीन बार हो के भी तीन बार अगर आपका
- 5:40:20प्रॉफिट हिट हो रहा है 30% का विन रेट है
- 5:40:23तब भी आप सही हो सकते हैं। और इसके बाद
- 5:40:25देखिए अगर आप 1:5 का ट्रेड लेंगे तो आप
- 5:40:2820% यानी 10 में से दो बार सही हो के भी
- 5:40:31प्रॉफिटेबल हो सकते हैं। तो सारा गेम
- 5:40:34मैंने शुरू में ही कहा था कि रिस्क
- 5:40:35मैनेजमेंट का है और लोग यही नहीं कर रहे
- 5:40:37हैं। इस वजह से उन्हें नुकसान हो रहा है।
- 5:40:39तो अब चलिए यह कांसेप्ट आपको क्लियर हो
- 5:40:41चुका है?
- 5:40:41यस सर।
- 5:40:42तो अब हम समझते हैं मैक्स लॉस के बारे
- 5:40:44में। अब ये मैक्स लॉस क्या होता है और
- 5:40:46क्यों आप इस तरीके को फॉलो करके अपनी
- 5:40:49साइकोलॉजी को थोड़ा सा कंट्रोल कर सकते
- 5:40:51हैं। सारे इंपॉर्टेंट कांसेप्ट मैं समझ
- 5:40:53चुका हूं। वैसे यहां पर मुझे आपको एक चीज
- 5:40:55दिखानी थी वो था कि आपको रिस्क रिवॉर्ड
- 5:40:57पता कैसे चलेगा? तो इसके लिए हम वापस से
- 5:40:59डेल्टा एक्सचेंज के प्लेटफार्म पे आ जाते
- 5:41:00हैं और यहां पर देखते हैं कि हमें रिस्क
- 5:41:03रिवॉर्ड पता कैसे चलेगा। तो इसके लिए मैं
- 5:41:05वापस से चार्ट को फुल स्क्रीन पे खोल देता
- 5:41:07हूं। तो इसके लिए ना देखिए यहां पर एक टूल
- 5:41:09होता है। जैसे आप इस पे क्लिक करेंगे तो
- 5:41:11आपको दिखाई देगा कि एक टूल है यहां पे वो
- 5:41:13है अगर मान लीजिए आप बाय करने की पोजीशन
- 5:41:15ले रहे हैं तो लॉन्ग पोजीशन का आपको टूल
- 5:41:17मिलता है। आप इस पे जाइए अपनी स्ट्रेटजी
- 5:41:19के हिसाब से देखिए हमने एंट्री ली है यहां
- 5:41:21पर। तो हमने बाय करने की एंट्री ली है।
- 5:41:23इसलिए मैंने लॉन्ग पोजीशन वाला टूल
- 5:41:24सेलेक्ट किया है। अब मेरा जो स्टॉप लॉस है
- 5:41:26वह हमारी स्ट्रेटजी के हिसाब से वैसे तो
- 5:41:28यह रैंडम ट्रेड था। मुझे आपको दिखाना है
- 5:41:30इसलिए मैं बोल रहा हूं। तो यहां पर बनता
- 5:41:32है करीब-करीब यहां पर और टारगेट हमारा
- 5:41:34कहां पे बन रहा है? ये आपको दिखाई दे रहा
- 5:41:36है यहां पर। तो हमें ये जो टारगेट है इसको
- 5:41:38यहां पर लेके जाना है। और जैसे ही आप इस
- 5:41:40पे लेके जाते हैं तो आप यहां पर देख सकते
- 5:41:42हैं कि मेरा जो रिस्क रिवॉर्ड है, मैं
- 5:41:44इसको थोड़ा सा ज़ूम कर लेता हूं ताकि ईज़ली
- 5:41:46हमें नजर आ जाए। तो ये जो रिस्क रिवॉर्ड
- 5:41:48है ये 12:2.1 लिखा है ना इसका मतलब 1:2 का
- 5:41:52ये रिस्क रिवॉर्ड है या इवन उससे थोड़ा सा
- 5:41:54ज्यादा ही है। तो इस तरीके से आप बाय करने
- 5:41:56वाली पोजीशन में अपना जो रिस्क रिवॉर्ड है
- 5:41:59वो देख सकते हैं। और अगर शॉर्ट पोजीशन में
- 5:42:01आपने अपना रिस्क रिवॉर्ड कैलकुलेट करना है
- 5:42:03तो यहां पर शॉर्ट वाला ऑप्शन आता है। आप
- 5:42:05इस पे क्लिक करेंगे उसके बाद अपने हिसाब
- 5:42:07से अपना जो आपका स्टॉप लॉस जहां पे बन रहा
- 5:42:09है, टारगेट जहां पे बन रहा है वो आप
- 5:42:11एडजस्ट कर सकते हैं और आपको यहां पर आपका
- 5:42:13रिस्क रिवॉर्ड देखने को मिल जाएगा। तो अब
- 5:42:14चलिए हम चलते हैं हमारे मैक्स लॉस की तरफ।
- 5:42:17यानी आपको एक ट्रेड में या कितना लॉस होने
- 5:42:20के बाद आपको पर्टिकुलर डे के लिए ट्रेडिंग
- 5:42:22बंद कर देनी चाहिए। एंड क्यों ये भी मैं
- 5:42:24आपको बताऊंगा। देखिए मेरे अकॉर्डिंग मैंने
- 5:42:26आपको बताया है कि मैक्सिमम एक ट्रेड में
- 5:42:283% से ज्यादा तो आपने लॉस लेना ही नहीं
- 5:42:31है। ठीक है? तो अगर मान लो एक दिन में
- 5:42:33आपको लगातार दो लॉस हो जाते हैं। तो इस
- 5:42:35केस में 1 दिन में आपने 6% का लॉस कर लिया
- 5:42:38है। तो मेरे अकॉर्डिंग उस दिन पर्टिकुलर
- 5:42:41डे के लिए आपको ट्रेडिंग नहीं करनी चाहिए।
- 5:42:43भले ही आपको लग रहा हो कि आपको कोई बेटर
- 5:42:45ट्रेड मिल रहा है। यह मेरे अकॉर्डिंग है।
- 5:42:47आपके अकॉर्डिंग हो सकता है कि आपको लग रहा
- 5:42:49है कि करना है। लेकिन मेरा यह मानना है
- 5:42:51जिसके पीछे लॉजिक यह है कि अगर आपको
- 5:42:53लगातार दो बार लॉस हो गया ना अब तीसरी बार
- 5:42:56आप अपने प्रॉफिट को रिकवर करने के चक्कर
- 5:42:59में फिर से हो सकता है कि जो रिस्क
- 5:43:01मैनेजमेंट है उसको फॉलो ना करें। क्योंकि
- 5:43:03जब आप प्रैक्टिकली ट्रेड कर रहे होंगे उस
- 5:43:05टाइम पर ये गलतियां होती हैं। इसलिए मैं
- 5:43:07कहूंगा कि भाई ठीक है आज आपको लॉस हो गया।
- 5:43:09कल रिकवर कर लोगे ना जब मेंटल स्टेट ठीक
- 5:43:11होगी तब आप रिकवर कर लोगे। इसलिए अगर आप
- 5:43:143% पर ट्रेड का अपना रिस्क पर ट्रेड लेके
- 5:43:17चल रहे हैं तो फिर एक दिन में दो बार लॉस
- 5:43:19होने पे आपको ट्रेडिंग उस दिन के लिए बंद
- 5:43:21कर देनी चाहिए। बट फिर भी आपका मन नहीं
- 5:43:24मानता चाहे कुछ भी हो जाए तो तीन से तो
- 5:43:26ज्यादा लॉस एक दिन में मत ही लेना चाहे
- 5:43:28कुछ भी हो जाए। और अगर आप 2% पर ट्रेड
- 5:43:31लेके चल रहे हैं। यानी आपका जो रिस्क पर
- 5:43:33ट्रेड है वो 2% का है तो फिर 1 दिन में
- 5:43:36तीन ट्रेड यानी मैक्सिमम तीन ट्रेड्स में
- 5:43:38अगर आपको लगातार लॉस हो जाता है। यहां पे
- 5:43:40लगातार की मैं बात कर रहा हूं। फिर आपको
- 5:43:42एक दिन में उससे ज्यादा ट्रेड नहीं लेने
- 5:43:44चाहिए ताकि आप अपनी मेंटल स्टेट को ठीक रख
- 5:43:47पाएं। ठीक है? अब वीकली भी बात कर लेते
- 5:43:49हैं। मेरे अकॉर्डिंग अगर एक दिन में आपको
- 5:43:52पता है 3% पर ट्रेड का आप यहां पर रिस्क
- 5:43:54पर ट्रेड लेके चल रहे हैं। तो पांच ट्रेड
- 5:43:56पे क्या होगा? अगर आपको लगातार पांच ट्रेड
- 5:43:59एक हफ्ते में हो जाते हैं। मतलब आज ट्रेड
- 5:44:01लिया जी हमारे तीन ट्रेड में स्टॉप लॉस
- 5:44:04हिट हो गया। कल को ट्रेड लिया फिर से दो
- 5:44:06ट्रेड में लगातार स्टॉप लॉस हिट हो गया।
- 5:44:08तो अब ना आपके अंदर रिकवर अपने लॉस को
- 5:44:10रिकवर करने की बहुत ज्यादा इच्छा आएगी। तो
- 5:44:14ऐसे में आप अपने माइंड को कंट्रोल नहीं कर
- 5:44:16पाएंगे। आप अननेसेसरी रिस्क लेंगे। आप
- 5:44:19सोचेंगे कि यार थोड़ा सा बड़ा ट्रेड ले
- 5:44:21लेता हूं। एक ही बार में सब कुछ रिकवर कर
- 5:44:22लूंगा। ये बहुत बड़ी गलती होती है। इसलिए
- 5:44:24मैं कहूंगा कि ऐसा हो जाता है ना अगर तो
- 5:44:26फिर आप सोचोगे थोड़ा सा ब्रेक लेता हूं।
- 5:44:28एक-दो दिन ट्रेड नहीं करता। अच्छे से
- 5:44:30माइंड को शांत करता हूं। उसके बाद ट्रेड
- 5:44:32करता हूं और वो भी अच्छे से एनालिसिस करने
- 5:44:34के बाद। मेरे से क्या गलती हो रही है उसको
- 5:44:36समझने के बाद। ठीक है? और ऐसे ही अगर आप
- 5:44:392% पर ट्रेड का आपका रिस्क पर ट्रेड है तो
- 5:44:42सात ट्रेड में अगर लगातार लॉस हो जाता है
- 5:44:44तो मैं कहूंगा कि भाई थोड़े दिन के लिए दो
- 5:44:46चार पांच दिन के लिए थोड़ा सा माइंड को
- 5:44:48शांत करो समझो कि नहीं भाई इससे ज्यादा
- 5:44:50मुझे समझना है कि मेरे से क्या गलती हो
- 5:44:52रही है और तब जाके ट्रेड लेना है। यानी
- 5:44:55ब्रेक लेना भी जरूरी है। अगर आपको लगातार
- 5:44:58लॉसेस हो रहे हैं। क्योंकि जब लगातार
- 5:44:59लॉसेस हो रहे होते हैं ना उसी टाइम पर
- 5:45:02लोगों की जो ज्यादातर कैपिटल है वो वाइप
- 5:45:04आउट हो जाती है। जब प्रॉफिट आ रहा होता है
- 5:45:06उस टाइम पर लोग इतनी बड़ी गलती नहीं करते
- 5:45:08हैं। तो रिस्क मैनेजमेंट में जो चीजें
- 5:45:10मेरे को आपको बतानी जरूरी थी वो मैंने बता
- 5:45:12दी है। अब बात करते हैं ट्रेडिंग
- 5:45:13साइकोलॉजी की। तो इसके लिए मैं आपके पास
- 5:45:1510 पॉइंट लेकर आ रखा हूं जो आपने फॉलो
- 5:45:18करने चाहिए और अगर आप इनको फॉलो करेंगे तो
- 5:45:20आप अपने माइंड को कंट्रोल रख पाएंगे।
- 5:45:22देखिए रिस्क मैनेजमेंट और साइकोलॉजी ही
- 5:45:24सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है। यह मैंने आपको
- 5:45:26रिस्क रिवॉर्ड को दिखाकर प्रूफ कर दिया है
- 5:45:28कि 10 में से अगर आप दो बार भी सही निकल
- 5:45:30रहे हैं तो भी अगर आप 1:5 वाला ट्रेड
- 5:45:33लेंगे तो प्रॉफिटेबल हो सकते हैं। यानी
- 5:45:35रिस्क मैनेजमेंट ज्यादा इंपॉर्टेंट है। तो
- 5:45:36अब कुछ साइकोलॉजी से रिलेटेड पॉइंट्स के
- 5:45:39बारे में बात करते हैं। तो अब एक-एक करके
- 5:45:41पॉइंट समझते हैं। तो सबसे पहला पॉइंट है
- 5:45:43कि जब आपको दिखाई देता है ना कि चार्ट बढ़
- 5:45:45रहा है, बढ़ रहा है, बढ़ रहा है, बढ़ रहा
- 5:45:47है। तो, मैं सोचता हूं कि यार मेरे हाथ से
- 5:45:48कहीं मौका ना निकल जाए, तो मैं ट्रेड ले
- 5:45:50लेता हूं। तो ये गलती आपने नहीं करनी है।
- 5:45:52अगर आपको दिखाई दे रहा है कि प्राइस तेजी
- 5:45:53से गिर रही है, गिर रही है, आप सोचो यार
- 5:45:55गिर रही है, मैं घुस के एकदम से फट से
- 5:45:56निकल के आ जाऊंगा। नहीं निकल पाओगे। आपको
- 5:45:58नुकसान होगा। तो अगर आपको कभी दिखाई देता
- 5:46:00है कि मार्केट में मूवमेंट आ रहा है, तो
- 5:46:02इस चक्कर में ट्रेड मत लाओ। यह मेरा पहला
- 5:46:04आप लोगों के लिए सजेशन है। दूसरा सजेशन है
- 5:46:07कि भाई लॉस रिकवर करने के लिए कभी भी ऐसा
- 5:46:10मत करो कि बड़ी कैपिटल डाल दो कि यार मुझे
- 5:46:1210 2000 का लॉस हो गया। एक बार ₹1 लाख डाल
- 5:46:14देता हूं। उसमें से थोड़ा भी प्रॉफिट हो
- 5:46:16गया तो मेरा तो सब कुछ रिकवर हो जाएगा।
- 5:46:18ज्यादातर केस में आप वो ₹1 लाख भी डूबा
- 5:46:21दोगे। तो इसलिए बड़ी कैपिटल लॉस रिकवर
- 5:46:23करने के पर्पस से मत डालो। अगर प्रॉफिट हो
- 5:46:25रहा है, अच्छा एक्सपीरियंस हो रहा है तब
- 5:46:27बड़ी कैपिटल डाल रहे हो तो ज्यादा बेटर
- 5:46:29रहेगा। तीसरा है फोमो में आके ट्रेड मत
- 5:46:31लो। मतलब आपको दिखाई दे रहा है कि भाई
- 5:46:33आपका सेटअप बन रहा था यहां पर। भले ही वो
- 5:46:35ऑर्डर ब्लॉक था, सीआईएसडी था, कुछ भी था
- 5:46:37वो जब टैप हुआ वहां पे आपने ट्रेड लेना
- 5:46:39था। लेकिन अब वो तो टैप हो के ऊपर को निकल
- 5:46:42चुका है। आप लेट हो चुके हो। तो वहां पर
- 5:46:44ट्रेड मत लो क्योंकि ऐसे में आपका जो
- 5:46:46स्टॉप लॉस होगा ना वो बड़ा हो जाएगा। तो
- 5:46:48उस ट्रेड को आपको अवॉइड कर देना चाहिए।
- 5:46:50चलती हुई ट्रेन में आपने नहीं पकड़ना है।
- 5:46:53एक्सीडेंट भी हो सकता है। चौथा पॉइंट है
- 5:46:55जो मैंने आपको बताया कि डेली आपका मैक्स
- 5:46:57लॉस कितना है? मैक्स ट्रेड्स आपने कितने
- 5:46:59लेने हैं? इन सबको लिमिट करो और डेली फॉलो
- 5:47:02करो। फिफ्थ पॉइंट है कि देखिए लॉस होने से
- 5:47:05अगर आपको टेंशन हो जाती है। अगर आप
- 5:47:07डिप्रेशन में आ जाते हैं तो मैं आपको
- 5:47:09कहूंगा कि भाई ट्रेडिंग आपके लिए नहीं है।
- 5:47:11आपको कोई और भी तो काम है। बहुत तरीके हैं
- 5:47:12पैसे कमाने के। आपको ट्रेडिंग करने की
- 5:47:14जरूरत नहीं है। अगर आप बहुत ज्यादा परेशान
- 5:47:16हो जाते हो, डिप्रेशन में चले जाते हो
- 5:47:18क्योंकि ट्रेडिंग में देखिए लॉस भी होगा,
- 5:47:20प्रॉफिट भी होगा। आपका मेन गोल होना चाहिए
- 5:47:23कि मुझे छोटा लॉस हो, बड़ा प्रॉफिट हो।
- 5:47:25क्योंकि अगर छोटा लॉस होगा, बड़ा प्रॉफिट
- 5:47:28होगा तो ओवरऑल प्रॉफिट में आ जाओगे ना। और
- 5:47:30उसके लिए मैंने बताया रिस्क रिवॉर्ड आपने
- 5:47:32समझा ही है। तो पांच पॉइंट आपको समझ आ गए।
- 5:47:34ये सारी आपकी साइकोलॉजी के लिए मैं आपको
- 5:47:36बता रहा हूं। इनको अच्छे से ध्यान से
- 5:47:38सुनो। एक बार कहूंगा रिपीट करके सुनो जो
- 5:47:40लोग वीडियो में देख रहे हैं और आप लोग
- 5:47:42चाहो तो बाद में वीडियो भी देखोगे तो आपको
- 5:47:44पता चल जाएगा। अब सिक्स्थ पॉइंट है कि जब
- 5:47:47भी किसी पर्टिकुलर डे में आपको प्रॉफिट हो
- 5:47:49जाता है। अच्छा प्रॉफिट हो जाता है तो उस
- 5:47:51दिन ना लालच में आकर और ट्रेड मत करो कि
- 5:47:54यार एक ही दिन में मैं कमा के बड़ा
- 5:47:55प्रॉफिट निकाल लूंगा। क्योंकि एक दिन में
- 5:47:57आप अमीर नहीं हो जाओगे। लेकिन अगर आपने उस
- 5:48:00दिन बड़ी गलती कर दी तो फिर हो सकता है कि
- 5:48:02एक दिन में आप अपनी सारी कैपिटल वाइप आउट
- 5:48:04कर लो। तो एक ही दिन में आपने सारा पैसा
- 5:48:07कमाने के चक्कर में प्रॉफिट हो गया ना तो
- 5:48:09उस दिन एंजॉय करो। ठीक है? नेक्स्ट पॉइंट
- 5:48:12है कि कई बार मेरे साथ खुद भी होता है।
- 5:48:14मैं बोर हो रहा होता हूं तो सोचता हूं यार
- 5:48:15ट्रेड ले लेता हूं। कुछ सेटअप नहीं बन
- 5:48:17रहा, कुछ नहीं बन रहा है लेकिन घुस जाते
- 5:48:19हैं लोग। कभी कबभार हो जाता है ऐसा हमसे
- 5:48:21भी। तो मैं आपको भी कहूंगा कि अगर दो-चार
- 5:48:23दिन कोई सेटअप नहीं बन रहा तो जबरदस्ती
- 5:48:26ट्रेड लेने की जरूरत नहीं है। दो-चार दिन
- 5:48:28नहीं भी ट्रेड मिलता तो कोई बात नहीं चलता
- 5:48:30है। छोड़ सकते हो आप। दो-चार दिन एनालिसिस
- 5:48:33करते रहो। किसी और काम में ध्यान दो। जब
- 5:48:35सेटअप बनेगा तभी आपको ट्रेड लेना है। इसके
- 5:48:37बाद देखिए सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है
- 5:48:39हमेशा कहता हूं कभी भी लोन लेकर ट्रेडिंग
- 5:48:42मत करो। कोई भी अगर आपके जरूरत के पैसे
- 5:48:44हैं। घर वालों ने ट्यूशन के पैसे दे रखे
- 5:48:46हैं या फिर आपकी पेंशन आती है। आप उस पैसे
- 5:48:49को ही लगा देते हैं या फिर आप बहुत मेहनत
- 5:48:51से पैसे कमा रहे हैं। उससे आपका घर चलना
- 5:48:54है और वो पैसे आप ट्रेडिंग में लगा दोगे
- 5:48:56ना तो आप अपने इमोशंस को कंट्रोल में नहीं
- 5:48:58रख पाओगे। आपको जैसे ही लॉस होता हुआ
- 5:49:00दिखाई देगा आप सोचोगे कि यार अगर यह लॉस
- 5:49:02हो गया तो मैं ट्यूशन की फीस कैसे भरूंगा?
- 5:49:04अगर यह लॉस हो गया तो भाई मेरे घर में
- 5:49:06खाना कैसे आएगा? तो अगर आपकी
- 5:49:07[नाक से की जाने वाली आवाज़] ऐसी स्थिति
- 5:49:08है तो मैं कहूंगा कि भाई पहले पैसे कमाना
- 5:49:10शुरू करो। अच्छे पैसे कमाने के लिए और
- 5:49:12तरीके हैं। यहां पर तब आओ जब आपके अंदर
- 5:49:15रिस्क लेने की कैपेसिटी हो। और किसी भी
- 5:49:17हाल में कभी भी लोन लेकर ट्रेडिंग प्लीज
- 5:49:19मत करना। अब इसके बाद नेक्स्ट पॉइंट है कि
- 5:49:23देखिए पहले से ही आपने अपना स्टॉप लॉस एंड
- 5:49:25टारगेट डिसाइड कर लेना है और उसको अच्छे
- 5:49:27से फॉलो करना है। और 10वां सबसे ज्यादा
- 5:49:29इंपॉर्टेंट है कि जब तक आप अपनी गलती से
- 5:49:32नहीं सीखोगे वो गलतियां बार-बार रिपीट
- 5:49:34होंगी। और गलती से सीखने के लिए आपको गलती
- 5:49:36पता होनी चाहिए। और गलती तभी पता होगी जब
- 5:49:39आपने ट्रेड लिया। आपको पता चला अरे मेरा
- 5:49:41स्टॉप लॉस हिट हो गया तो क्यों स्टॉप लॉस
- 5:49:42हिट हुआ था? अच्छा मैंने यह गलती करी थी।
- 5:49:45आप एनालाइज़ करो और जो आपने एनालिसिस किया
- 5:49:47है उसको आप नोट करोगे किसी नोटबुक में तो
- 5:49:50फिर आपको पता होगा कि अच्छा पहली बार
- 5:49:52मैंने ये गलती की थी। दूसरी बार मैंने ये
- 5:49:54गलती की थी तो उसको आपने नोट करना है। जब
- 5:49:56आप नोट करोगे आपको अपनी गलती पता होगी तो
- 5:49:58वो गलतियां बार-बार रिपीट नहीं होंगी और
- 5:50:00सेम गलती आपको बहुत ज्यादा महंगी नहीं
- 5:50:02पड़ेगी। एक गलती से एक बार लॉस किया उससे
- 5:50:05सीख लिया। तो इसलिए आपको एक ट्रेडिंग
- 5:50:07जर्नल भी मेंटेन करनी चाहिए। इवन मेरा आप
- 5:50:10लोगों से एक रिक्वेस्ट है और वो यह है कि
- 5:50:11जो लोग भी इस वीडियो को देख रहे हैं वो अब
- 5:50:14यहां पर अपनी एक ट्रेडिंग की गलती नोट
- 5:50:16करें ताकि बाकी लोगों को भी आपकी गलती पता
- 5:50:18चले। वो भी आपकी गलती से सीख पाएं और सभी
- 5:50:21लोगों से कहूंगा कि सब जिन्होंने ट्रेडिंग
- 5:50:23की है उन्होंने क्या गलती की थी ये कमेंट
- 5:50:25करके जरूर बताइए। तो अभी तक आपने ट्रेडिंग
- 5:50:27में सारे जरूरी कांसेप्ट्स को सीख लिया
- 5:50:29है। तो अब मैं आपको एक पूरा ट्रेडिंग
- 5:50:31सिस्टम देने जा रहा हूं। जो मैं स्टेप्स
- 5:50:33फॉलो करता हूं मैं वो आपको बता देता हूं।
- 5:50:35तो पहले स्टेप में आपने क्या करना है?
- 5:50:37आपने एक वेबसाइट है fरेक्स फैक्टct लिख
- 5:50:39के। आपने क्या करना है? फॉरेक्स फैक्ट्री
- 5:50:41लिख के सर्च करना है। जैसे ही आप सर्च
- 5:50:43करेंगे तो आप इस वेबसाइट के पास पहुंच
- 5:50:45जाते हैं। आपने इस पे क्लिक करना है। अब
- 5:50:47इस वेबसाइट में आपको सारी जो इंपॉर्टेंट
- 5:50:49न्यूज़ होती हैं वो मिल जाती हैं। और इसके
- 5:50:52अलावा सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट जो कोई
- 5:50:54इवेंट्स होने वाले होते हैं उसके बारे में
- 5:50:56भी आपको इंफॉर्मेशन मिल जाती है। पहले
- 5:50:58न्यूज़ की बात कर लें। तो देखिए जो भी
- 5:51:00न्यूज़ अभी करेंटली चल रही होगी। ये 3
- 5:51:02घंटे पहले की न्यूज़ है। वो आपको यहां पर
- 5:51:04देखने को मिल रही है। इसके अलावा यहां पर
- 5:51:06मैं आपको एक ऑप्शन दिखाता हूं। देखिए यहां
- 5:51:09पर ना एक फिल्टर का ऑप्शन है जो ऑप्शन
- 5:51:11करीब-करीब यहां पर है। तो यहां पर जाने के
- 5:51:15बाद आप जब पहली बार जाएंगे तो ये सारे जो
- 5:51:17ऑप्शंस होंगे ये सेलेक्ट होंगे। इसके
- 5:51:19अलावा सारी जो करेंसीज होंगी वो भी
- 5:51:20सेलेक्ट होंगी। तो आपको सिर्फ इंपॉर्टेंट
- 5:51:22न्यूज़ चाहिए। इसलिए आपने ये वाला जो
- 5:51:24ऑप्शन है इसको सेलेक्ट कर लेना है। सारी
- 5:51:26करेंसीज को अनसलेक्ट करने के बाद सिर्फ
- 5:51:28यूएस डॉलर को सेलेक्ट कर लेना है। और इस
- 5:51:30तरीके से जब आप अपना अप्लाई फिल्टर कर
- 5:51:32देंगे तो आपको सिर्फ यूएस डॉलर की ही जो
- 5:51:34न्यूज़ है वो देखने को मिलेंगी। अगर आप
- 5:51:36क्रिप्टो में या फिर फॉरेक्स के अलावा
- 5:51:38किसी और मार्केट में ट्रेड कर रहे हैं तो
- 5:51:40आपके लिए यूएस डॉलर की न्यूज़ ही
- 5:51:41इंपॉर्टेंट है। तो अब जब आप इस पे क्लिक
- 5:51:43कर देते हैं तो देखिए यहां पर हमें दिखाई
- 5:51:45दे रहा है कि आज जब मैं इस लेक्चर को
- 5:51:47रिकॉर्ड कर रहा हूं तो उस दिन 6:00 बजे के
- 5:51:50आसपास यहां पर दो जो न्यूज़ है वो आनी है
- 5:51:52जिसमें आपको पीपीआई का डाटा देखने को
- 5:51:55मिलेगा। अब उसका फॉरकास्ट क्या है? पहले
- 5:51:57क्या था? यह हमें दिखाई दे रहा है और अगर
- 5:51:59आप डिटेल में देखना चाहते हैं तो यहां पर
- 5:52:01आपको ऑप्शन दिखाई देता है। आपने इस पे
- 5:52:02क्लिक करना है। जैसे ही आप इस पे क्लिक
- 5:52:04करते हैं तो यहां पर आपको डिटेल में उस
- 5:52:06न्यूज़ का क्या इंपैक्ट होगा ये देखने को
- 5:52:08मिलेगा। जैसे देखिए यहां पर हमें बताया जा
- 5:52:10रहा है कि एक्चुअल ग्रेटर देन फॉरकास्ट इज
- 5:52:13गुड। यानी जो फॉरकास्ट किया गया है 0.4 का
- 5:52:16अगर इससे बेटर निकल कर आ जाता है मतलब 0.5
- 5:52:19निकल कर आ जाता है तो यह यूएस डॉलर के लिए
- 5:52:22बेटर है। तो अगर आप क्रिप्टो में ट्रेड
- 5:52:24करते हैं जैसे कि बिटकॉइन हो गया तो
- 5:52:25बिटकॉइन के आगे क्या होता है? यानी बाद
- 5:52:27में क्या होता है? वो होता है यूएस डॉलर।
- 5:52:29तो अगर यूएस डॉलर की वैल्यू बढ़ेगी तो यहां
- 5:52:33पर बिटकॉइन की वैल्यू घटेगी। यानी ये
- 5:52:35बिटकॉइन के लिए एक नेगेटिव न्यूज़ हो सकती
- 5:52:37है। बाकी देखिए मार्केट पे भी डिपेंड करता
- 5:52:40है। तो यहां पर मैं आपको एक एग्जांपल दे
- 5:52:42रहा हूं। तो इस तरीके से आप न्यूज़ का
- 5:52:44एनालिसिस जरूर कीजिए। जिस दिन न्यूज़ आने
- 5:52:46वाली है उस टाइम पीरियड पे जैसे अभी 6:00
- 5:52:48बजे न्यूज़ आने वाली है। तो इस टाइम पीरियड
- 5:52:50के आसपास आप ट्रेड ना करें तो ज्यादा
- 5:52:52बेहतर रहेगा। अदरवाइज़ न्यूज़ को ध्यान में
- 5:52:54रखते हुए ट्रेड करें। और अगर ट्रेड ले भी
- 5:52:56रखा है तो उस ट्रेड को हो सकता है कि आपको
- 5:52:58पहले से एग्जिट करना पड़े। लेकिन अगर आपको
- 5:53:00न्यूज़ पता ही नहीं होगी तो फिर इस केस
- 5:53:02में आप कोई भी ट्रेड ले लेंगे। हो सकता है
- 5:53:04न्यूज़ बिल्कुल उल्टी तरीके से मार्केट को
- 5:53:06पलट दे। और मैं आपको यहां पर बता दूं कि
- 5:53:08जब भी मार्केट में कोई इंपॉर्टेंट न्यूज़
- 5:53:10होती है ना वहां पर कोई भी एनालिसिस आप कर
- 5:53:12लो, कोई भी टेक्निकल एनालिसिस लगा लो,
- 5:53:14एसएमसी लगा लो वो चीजें काम नहीं करती
- 5:53:16हैं। इसलिए आपके लिए सबसे पहले न्यूज़
- 5:53:18देखना इंपॉर्टेंट है और वो आप कहां से
- 5:53:20देखेंगे ये मैंने आपको बता दिया है। इसके
- 5:53:22अलावा न्यूज़ के लिए एक और अच्छी वेबसाइट
- 5:53:24है वो भी बता देता हूं। उसका नाम है
- 5:53:26फाइनेंसियल जूस। जैसे ही आप ये लिख के
- 5:53:28सर्च करेंगे तो इसके बाद आप यहां पर देख
- 5:53:30सकते हैं कि [नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 5:53:31इस वेबसाइट में जो भी न्यूज़ चल रही होती
- 5:53:33है मतलब सारी टाइप की न्यूज़ आपको यहां पर
- 5:53:35देखने को मिल जाएंगी। फाइनेंस से रिलेटेड
- 5:53:37मतलब अगर मान लो ईरान से रिलेटेड, अमेरिका
- 5:53:40से रिलेटेड कोई न्यूज़ है तो वो भी आपको
- 5:53:42यहां पर देखने को मिल जाएंगी। अब न्यूज़ तो
- 5:53:43देखिए हर मिनट पे यहां पर आने को मिलती
- 5:53:45रहती है। लेकिन जो इंपॉर्टेंट न्यूज़ होती
- 5:53:47है ना वो कुछ इस तरीके से यहां पर मार्क
- 5:53:49होती है। जैसे अभी मैं देखूं तो यहां पर
- 5:53:51दिखाई दे रहा है कि यूएस एंड ईरान
- 5:53:53नेगोशिएशन टर्म्स टू रिटर्न टू इस्लामाबाद
- 5:53:56फॉर पीस स्टॉक्स लेटर दिस वीक। यानी एक
- 5:53:58सोर्सेस के अकॉर्डिंग ये इंफॉर्मेशन आ रही
- 5:54:00है कि यूएस और ईरान के बीच में जो पीस
- 5:54:03स्टॉक्स होनी थी वो शायद दोबारा से हो
- 5:54:05सकती है। अब जाहिर सी बात है कि ये एक
- 5:54:07पॉजिटिव न्यूज़ है। तो यहां से हमें थोड़ा
- 5:54:09बहुत न्यूज़ का आईडिया लगाना जरूरी होता
- 5:54:11है बिफोर हम ट्रेडिंग को प्लान करें। तो
- 5:54:14यह चीज आपको क्लियर हो गई है कि आपने
- 5:54:16न्यूज़ क्यों देखनी है? आपने इसलिए देखनी
- 5:54:17है कि आपको पता हो कि मार्केट न्यूज़ के
- 5:54:19बेसिस पर चल रहा है या फिर टेक्निकल्स के
- 5:54:21बेसिस पर चल रहा है। अब जब एक बार आप
- 5:54:23न्यूज़ देख लेते हैं तो इसके बाद एक बहुत
- 5:54:24ही इंपॉर्टेंट चीज है और वो ये है कि आप
- 5:54:27पहले से पता भी कर सकते हैं कि कौन सा ऐसा
- 5:54:30लेवल है जहां पर सबसे ज्यादा लिक्विडिटी
- 5:54:32है और स्पेशली क्रिप्टो के केस में। इसको
- 5:54:34देखने के लिए एक वेबसाइट है कॉइन ग्लास।
- 5:54:36आपने इस वेबसाइट पे जाना है। आप कॉin्लास
- 5:54:38लिख के सर्च करेंगे तो आप यहां पर आ
- 5:54:40जाएंगे। यहां पर आने के बाद एक लिक्विडेशन
- 5:54:42का ऑप्शन है। आपने इस पे जाना है और इस पे
- 5:54:44जाने के बाद यहां पर एक लिक्विडेशन मैक्स
- 5:54:46पेन का ऑप्शन है। आपने इस पे क्लिक कर
- 5:54:48देना है। अब जैसे ही आप इस पे क्लिक करते
- 5:54:50हैं तो यहां पर आपको पता चल सकता है कि
- 5:54:52कौन सा ऐसा लेवल है जहां पर कितनी
- 5:54:54लिक्विडिटी है। जैसे कि यहां पर आपको
- 5:54:56दिखाई दे रहा है कि 73532
- 5:54:59के पास 64 मिलियन की लिक्विडिटी है। जबकि
- 5:55:0375498
- 5:55:05के लेवल पे 102 मिलियन की लिक्विडिटी है।
- 5:55:08तो आपको यह डाटा भी पहले से पता चल गया।
- 5:55:10अब जब यह डाटा आपको मिल जाता है, तो इसके
- 5:55:12बाद आपने क्या करना है? आपने आ जाना है
- 5:55:14अपने डेल्टा एक्सचेंज के प्लेटफार्म पे
- 5:55:16जहां पर आप ट्रेड करते हैं। अगर आपने अभी
- 5:55:17तक डेल्टा एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन
- 5:55:19नहीं किया है, तो इस वीडियो के
- 5:55:20डिस्क्रिप्शन में मैंने आपको लिंक दे रखा
- 5:55:21है। वहां से आप अपना अकाउंट ओपन कर सकते
- 5:55:23हैं। और अगर आप हमारे लिंक का यूज़ करके
- 5:55:25अपना अकाउंट ओपन करेंगे तो आपको हमारी तरफ
- 5:55:27से अधीराई का ₹2000 का सब्सक्रिप्शन
- 5:55:29बिल्कुल फ्री मिलेगा। जिसमें आप सिर्फ एक
- 5:55:31क्लिक में किसी भी चार्ट का एनालिसिस कर
- 5:55:33सकते हैं। उसके लिए नीचे Google फॉर्म का
- 5:55:35लिंक दे रखा है। उस फॉर्म को भी जरूर फिल
- 5:55:36कर लीजिएगा। बट हमारे लिंक के थ्रू अकाउंट
- 5:55:38ओपन करने के बाद ही कीजिएगा। तो अब आ चुके
- 5:55:41हैं आप डेल्टा एक्सचेंज के प्लेटफार्म पे।
- 5:55:43मान लीजिए अब आप बिटकॉइन में ट्रेड करना
- 5:55:45चाहते हैं तो हम आ गए। यहां पे मैंने
- 5:55:46बिटकॉइन पे क्लिक कर दिया और बिटकॉइन पे
- 5:55:48क्लिक करने के बाद यहां पर अगर आप फुल
- 5:55:50स्क्रीन में चार्ट ओपन करना चाहते हैं तो
- 5:55:52यहां से आपको फुल स्क्रीन का चार्ट ओपन
- 5:55:54करने का ऑप्शन मिल जाता है। तो इस तरीके
- 5:55:56से आपने यहां से अपना चार्ट ओपन कर लिया
- 5:55:58है। अब देखिए अब आपने क्या करना है? सबसे
- 5:56:00पहले आपने जाना है जो आपने लिक्विडिटी
- 5:56:02लेवल्स देखे थे। जैसे यहां पर मैंने देखा
- 5:56:04कि बिटकॉइन में 75498 पे 102 मिलियन का
- 5:56:08लिक्विडिटी लेवल है। तो मैं क्या करूंगा?
- 5:56:1075498
- 5:56:12का जो लेवल है उसको अपने चार्ट पे मार्क
- 5:56:14कर दूंगा। इसके लिए देखिए यहां पर हमारे
- 5:56:16पास ऑप्शन होता है। यहां पर बहुत सारे
- 5:56:18ऑप्शन है। आप ट्रेंड लाइन से भी मार्क कर
- 5:56:20सकते हैं या फिर हॉरिजॉन्टल लाइन से भी कर
- 5:56:22सकते हैं या फिर हॉरिजॉन्टल रे से भी कर
- 5:56:24सकते हैं। तो मैं यहां पर हॉरिजॉन्टल रे
- 5:56:26को सेलेक्ट कर लेता हूं। इसके बाद देखिए
- 5:56:28मैं रैंडमली इसको अभी मार्क कर देता हूं।
- 5:56:30अब जब मैं रैंडमली इसको मार्क कर रहा हूं
- 5:56:32तो उसके बाद देखिए यहां पर आपको दिखाई दे
- 5:56:34रहा है ये रे आ चुकी है यानी एक लाइन ही
- 5:56:36है बेसिकली इसके बाद मैं क्या करूंगा इसकी
- 5:56:38सेटिंग में जाऊंगा अब सेटिंग में जाऊंगा
- 5:56:40तो जो एक्चुअल एग्जैक्ट लाइन जहां पे मुझे
- 5:56:43वो लाइन ड्रॉ करनी है तो इसके लिए मैं
- 5:56:45क्या करता हूं कोऑर्डिनेट्स पे जाता हूं
- 5:56:46और जो मैंने लेवल देखा था 75000 आपको पता
- 5:56:50है कि 75498
- 5:56:52का लेवल है तो वो जो लेवल है वो मैं यहां
- 5:56:55पर डाल देता हूं 75498
- 5:56:58ये मेरा लेवल है अब यहां पर कितना वॉल्यूम
- 5:57:01है वह भी मैं अपने लिए यहां पर मार्क कर
- 5:57:03देता हूं। तो यहां पर मुझे पता है 102
- 5:57:05मिलियन का वॉल्यूम है। तो मैं वापस से आ
- 5:57:07जाता हूं और यहां पर मैं लिख देता हूं कि
- 5:57:10102 मिलियन का वॉल्यूम है। तो 102 मिलियन
- 5:57:14यहां पर मैंने लिख दिया है। तो इस तरीके
- 5:57:16से आपने सबसे पहले अपना पहला लेवल मार्क
- 5:57:18कर लिया। अब इसी तरीके से आपको पता है कि
- 5:57:20दूसरा लेवल यहां पर है 73532
- 5:57:23का जिसमें आपको वॉल्यूम दिखाई दे रहा है
- 5:57:2564.91 यानी मोटा-मोटा 65 मिलियन का यहां
- 5:57:28पर वॉल्यूम है। तो अब मैं ये जो लेवल है
- 5:57:31इसको भी यहां पर मार्क कर देता हूं। इसके
- 5:57:33लिए वापस से हमें यहां पर हॉरिजॉन्टल रे
- 5:57:35दिखाई दे रही है। मैंने यहां से
- 5:57:37हॉरिजॉन्टल जो रे है इसको सेलेक्ट कर
- 5:57:39लिया। पहले रेंडमली इसको कहीं पर भी मैंने
- 5:57:42चार्ट पे क्लिक कर दिया। अब जब मैंने इसको
- 5:57:44रैंडमली कहीं पे भी चार्ट पे लगाया है तो
- 5:57:47इसके बाद क्या होगा? इसके बाद वो तो किसी
- 5:57:49भी रैंडम जगह पे है लेकिन मुझे एग्जैक्ट
- 5:57:52जगह पे जाना है। तो इसके लिए मैं वापस से
- 5:57:53इसकी सेटिंग पे गया और यहां पर 73532
- 5:57:57का लेवल था जो कि मुझे कोऑर्डिनेट्स वाली
- 5:58:00जगह पे लिखना होगा। 73532
- 5:58:04और ये लेवल है और यहां पर वॉल्यूम कितना
- 5:58:06है? 65 मिलियन का वॉल्यूम है। तो मैंने
- 5:58:08टेक्स्ट में 65 मिलियन लिख दिया है। तो इस
- 5:58:11तरीके से सबसे पहले जो हमारे लिक्विडिटी
- 5:58:14लेवल्स थे वो मैंने मार्क कर लिए हैं। अब
- 5:58:16इन लेवल्स को मार्क करने का सबसे पहला
- 5:58:18फायदा यह है कि आपको पता है कि इस लेवल पे
- 5:58:20लिक्विडिटी है। यानी जो स्मार्ट मनी है वो
- 5:58:23इन लेवल्स के पास मार्केट में कुछ ना कुछ
- 5:58:26गेन करेंगे ताकि वो चाहे तो अपनी एंट्री
- 5:58:29लेना चाह रहे होंगे या फिर आप लोगों के
- 5:58:31स्टॉप लॉस हिट करवा के अपना टारगेट लेना
- 5:58:33चाह रहे होंगे। यानी कुछ ना कुछ हो सकता
- 5:58:35है। तो ये जो लेवल हैं ये हमारे लिए
- 5:58:37इंपॉर्टेंट लेवल्स हैं। हमें पता चल चुका
- 5:58:38है। हमने उसको मार्क कर दिया है। अब इसके
- 5:58:41बाद हम शुरू करेंगे अपना मल्टीपल टाइम
- 5:58:43फ्रेम एनालिसिस। अब देखो ये जो मल्टीपल
- 5:58:45टाइम फ्रेम एनालिसिस आपने करना है ना ये
- 5:58:47डिपेंड करता है कि आप किस टाइप का ट्रेड
- 5:58:50लेना चाहते हो। जैसे मान लो आप स्विंग
- 5:58:51ट्रेड करना चाहते हो जिसमें आप एक हफ्ते
- 5:58:53के लिए ट्रेड ले रहे हो, 10 दिन के लिए
- 5:58:54ट्रेड ले रहे हो। तो यहां पर आप 15 मिनट
- 5:58:56के टाइम फ्रेम में तो ट्रेड नहीं लोगे। आप
- 5:58:58हो सकता है कि वन डे के टाइम फ्रेम में
- 5:59:00ट्रेड लोगे तो फिर आप वन मंथ का चार्ट
- 5:59:02देखोगे। फिर वन वीक का चार्ट देखोगे। फिर
- 5:59:05वन डे का चार्ट देखोगे। मान लो चार-प दिन
- 5:59:07के लिए ट्रेड लेना चाह रहे हो तो फिर आप
- 5:59:09पहले वन वीक का चार्ट देखोगे। फिर वन डे
- 5:59:12पे आओगे। फिर 4 घंटे के टाइम फ्रेम में
- 5:59:14आओगे। यानी टाइम फ्रेम हर केस में डिफरेंट
- 5:59:16हो सकता है। अब मैं जो आपको एग्जांपल दिखा
- 5:59:18रहा हूं इसमें मैं मान के चल रहा हूं कि
- 5:59:19मैं दो-चार घंटे के लिए ट्रेड ले रहा हूं।
- 5:59:215 6 घंटे के लिए ट्रेड ले रहा हूं। तो इस
- 5:59:23केस में मैं 15 मिनट के टाइम फ्रेम में
- 5:59:25ट्रेड लेना चाहता हूं। तो मैं क्या
- 5:59:26करूंगा? सबसे पहले मैं 4 घंटे के टाइम
- 5:59:28फ्रेम में चार्ट को देखूंगा। इसके बाद मैं
- 5:59:301 घंटे के टाइम फ्रेम में आऊंगा और उसके
- 5:59:32बाद जो ट्रेड मैं लूंगा वो मैं 15 मिनट के
- 5:59:35टाइम फ्रेम में लूंगा। तो इसके लिए अब हम
- 5:59:36क्या करते हैं? सबसे पहले यहां पर आप देख
- 5:59:39सकते हैं कि फुल स्क्रीन चार्ट को करने का
- 5:59:40ऑप्शन है। यहां से मैंने फुल स्क्रीन कर
- 5:59:42लिया। अब इसके बाद यहां पर हमें टाइम
- 5:59:43फ्रेम दिखाई दे रहा है। तो मैं क्या करता
- 5:59:45हूं? सबसे पहले फोर ऑवर का टाइम फ्रेम
- 5:59:47यहां पे सेलेक्ट कर लेता हूं। अभी बिल्कुल
- 5:59:49जो करंट मार्केट है उसके हिसाब से मैं
- 5:59:51आपको चीजें दिखा रहा हूं। तो यहां पर आप
- 5:59:52देख सकते हैं कि मैंने जो अपने लेवल्स
- 5:59:54मार्क कर रखे हैं वो यहां पर दिखाई दे रहे
- 5:59:56हैं। तो अगर आप यहां पर इस चार्ट को
- 5:59:58देखेंगे तो आपको क्या दिखाई दे रहा है?
- 5:59:59आपको दिखाई दे रहा है कि यहां पर मार्केट
- 6:00:01में अप ट्रेंड चल रहा है। अगर हम मार्केट
- 6:00:03स्ट्रक्चर की बात करें यानी हम देखें कि
- 6:00:06यहां पर क्या हो रहा है? ब्रेक ऑफ
- 6:00:07स्ट्रक्चर हो रहा है, चेंज ऑफ करैक्टर हो
- 6:00:08रहा है। तो अगर आप ध्यान से देखेंगे तो
- 6:00:10आपको दिखाई देगा। मैं आपको मार्क करके ही
- 6:00:12दिखाता हूं। की यहां पर आप देख सकते हैं।
- 6:00:14सबसे पहले देखिए यहां पर या कहें कि यहां
- 6:00:17पर हमें दिखाई दे रहा है कि मार्केट में
- 6:00:19ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हुआ है। फिर से देखिए
- 6:00:21हमें यहां पर दिखाई दे रहा है कि मार्केट
- 6:00:23में इधर पे भी ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हुआ है।
- 6:00:27यानी हमें क्लियरली पता चल रहा है कि
- 6:00:29मार्केट अप ट्रेंड में चल रहा है। तो अभी
- 6:00:31ना हम अपना बायस बनाने की कोशिश कर रहे
- 6:00:33हैं कि हमें बाय करने का ट्रेड लेना चाहिए
- 6:00:35या फिर सेल करने का ट्रेड लेना चाहिए। तो
- 6:00:37हमें दिखाई दिया कि भाई मार्केट हमें बड़े
- 6:00:40टाइम फ्रेम में दिखाई दिया कि अप ट्रेंड
- 6:00:42में चल रहा है और उसमें हमें ब्रेक ऑफ
- 6:00:44स्ट्रक्चर होता हुआ दिखाई दे रहा है। यानी
- 6:00:45शायद हम बाय करने के ट्रेड को प्लान कर
- 6:00:48सकते हैं। तो इतना हमें सबसे पहले क्लियर
- 6:00:50हो गया। अब इसके अलावा यहां पे सेम टाइम
- 6:00:53फ्रेम में मैं इसको हटा देता हूं क्योंकि
- 6:00:55ये तो मुझे आपको समझाना था। अब सेम टाइम
- 6:00:57फ्रेम में 4 घंटे के टाइम फ्रेम में मुझे
- 6:00:59देखना है कि क्या यहां पर मैंने आपको जो
- 6:01:01स्मार्ट मनी में बहुत सारी चीजें बताई हैं
- 6:01:03फेयर वैल्यू गैप बताया है ऑर्डर ब्लॉक
- 6:01:05बताया है क्या यहां पर ऐसा कुछ बन रहा है
- 6:01:07तो अगर आप ध्यान से देखेंगे तो आपको दिखाई
- 6:01:09देगा कि हां भाई यहां पर तो मुझे एक फेयर
- 6:01:11वैल्यू गैप बनता हुआ दिखाई दे रहा है तो
- 6:01:13चलिए उस फेयर वैल्यू गैप को मार्क कर लेते
- 6:01:14हैं। फेयर वैल्यू गैप को मार्क करने के
- 6:01:16लिए यहां से हमने रेक्टेंगल वाला टूल ले
- 6:01:18लिया। अब देखिए यहां पर आपको दिखाई दे रहा
- 6:01:21है कि हमने अगर फेयर वैल्यू गैप मार्क
- 6:01:23करना है तो रीसेंट में यहां पर एक फेयर
- 6:01:25वैल्यू गैप बना है। कैसे हमने मार्क किया?
- 6:01:27इसके लिए देखिए हमने जो पहले वाली कैंडल
- 6:01:30है उसके हाई से लगते हुए बाद वाली कैंडल
- 6:01:32है उसके लो से लगते हुए एक एरिया मार्क
- 6:01:33किया। इससे पहले भी अगर आप ध्यान से
- 6:01:35देखेंगे तो आपको दिखाई देगा कि भाई ये भी
- 6:01:37तो एक बहुत बड़े साइज की कैंडल है। तो
- 6:01:39हमने इससे पहले वाली कैंडल के हाई से लगते
- 6:01:41हुए बाद वाली कैंडल के लो से लगते हुए इस
- 6:01:43तरीके से भी एक एरिया हम मार्क कर सकते
- 6:01:45हैं। तो यहां पर भी हमें फेयर वैल्यू गैप
- 6:01:47बनता हुआ दिखाई दे रहा है। अगर आप देखेंगे
- 6:01:48मैं आपको सिर्फ अभी दिखा रहा हूं। उसके
- 6:01:50बाद मैं बताऊंगा इंपॉर्टेंट क्या है। अगर
- 6:01:52आप देखेंगे तो यहां पर भी आपको दिखाई देगा
- 6:01:54कि ये भी एक नॉर्मल से बड़े साइज की कैंडल
- 6:01:56बनी है। यानी यहां पर भी आपको एक फेयर
- 6:01:58वैल्यू गैप बनता हुआ दिखाई दे रहा है।
- 6:02:00यानी इतने सारे फेयर वैल्यू गैप बनते हुए
- 6:02:02दिखाई दे रहे हैं जो कि बुलिश फेयर वैल्यू
- 6:02:04गैप है। ठीक है? अब इसके अलावा अगर आप
- 6:02:07यहां पर ध्यान से देखेंगे तो एक और चीज
- 6:02:08हमें बनती हुई दिखाई दे रही है। मतलब अभी
- 6:02:10ना मैं आपको बता रहा हूं कि क्या-क्या
- 6:02:12चीजें बन रही हैं। क्योंकि हर एक चीज
- 6:02:14जरूरी नहीं है कि हमारे काम आएगी। लेकिन
- 6:02:15अभी हम सब ऑब्जर्व कर रहे हैं, समझने की
- 6:02:17कोशिश कर रहे हैं कि भाई अभी चार्ट में चल
- 6:02:19क्या रहा है और कौन सी जगह हमारे लिए सबसे
- 6:02:21ज्यादा इंपॉर्टेंट हो सकती है। यह हमें
- 6:02:23समझने की हम कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा
- 6:02:25अगर आप यहां पर ध्यान से देखेंगे तो आपको
- 6:02:27दिखाई देगा कि भाई ये भी तो एक नॉर्मल से
- 6:02:29बड़े साइज की रेड कैंडल है। तो आपने क्या
- 6:02:30किया? इससे पहले वाली कैंडल के लो से लगते
- 6:02:32हुए बाद वाली कैंडल के हाई से लगते हुए इस
- 6:02:35तरीके से एक एरिया ड्रॉ किया। तो यहां पर
- 6:02:36देखिए अब आप देखेंगे पहले ये एक फेयर
- 6:02:38वैल्यू गैप था। लेकिन उसके बाद आप देखते
- 6:02:41हैं कि प्राइस इसके ऊपर निकल जाती है। तो
- 6:02:43ये बन जाता है हमारा एक इनवर्स फेयर
- 6:02:45वैल्यू गैप। यानी अब ये बुलिश बन चुका है।
- 6:02:48तो अब इस केस में आपको दिखाई दे रहा है कि
- 6:02:51यहां पर हमारा एक फेयर वैल्यू गैप बन रखा
- 6:02:53है। और इस जगह पर आप देखेंगे कि यहां पर
- 6:02:55हमारा एक इनवर्स फेयर वैल्यू गैप भी बन
- 6:02:57रखा था। तो इस केस में क्या होगा? इस केस
- 6:03:00में हमें पता चल रहा है कि ये वाला जो
- 6:03:01लेवल है ये हमारे लिए ज्यादा इंपॉर्टेंट
- 6:03:04लेवल है। क्योंकि हमें यहां पर एक इनवर्स
- 6:03:06फेयर वैल्यू गैप बनता हुआ दिखाई दिया। साथ
- 6:03:08ही यहां पर एक फेयर वैल्यू गैप बनता हुआ
- 6:03:10भी दिखाई दे रहा है। ठीक है? तो हम क्या
- 6:03:12करेंगे जो आप देखिए इसके अलावा मैं एक और
- 6:03:14चीज बताऊं कि इतने नीचे का लेवल मेरे लिए
- 6:03:17उतना ज्यादा इंपॉर्टेंट नहीं होगा। तो ये
- 6:03:19वाला लेवल मैंने यहां से अभी हाइड कर दिया
- 6:03:21है। ठीक है? तो अब हमें पता चल रहा है कि
- 6:03:23भाई हमारे लिए ये कुछ लेवल्स हैं जो
- 6:03:25इंपॉर्टेंट हैं। मैं आपको समझाने के लिए
- 6:03:27ज्यादा चीजें ड्रॉ कर रहा हूं ताकि आपको
- 6:03:29सारी चीजें क्लियर मिले। तो इस तरीके से
- 6:03:31आपने क्या किया? आपने सबसे पहले 4 घंटे के
- 6:03:33टाइम फ्रेम पे अपना एनालिसिस किया और यहां
- 6:03:35से हमने अपना बायस बनाया कि भाई अगर हम
- 6:03:37ट्रेड लेंगे ना तो हम बाय करने का ट्रेड
- 6:03:39लेंगे। पहले आपको सारी चीजों को देखना है
- 6:03:41और उसके बाद एनालिसिस करके अपना बायस
- 6:03:44बनाना है। तो फोर ऑवर में आपने ये सब कुछ
- 6:03:46समझ लिया है। अब इसके बाद आपने क्या करना
- 6:03:47है? अब आपने जाना है वन ऑवर के टाइम फ्रेम
- 6:03:49पे। तो यहां से आप आ जाएंगे। आपने यहां से
- 6:03:51वन ऑवर का टाइम फ्रेम सेलेक्ट कर लिया। अब
- 6:03:53जब आप वन ऑवर का टाइम फ्रेम सेलेक्ट
- 6:03:55करेंगे तो यहां पर सेम चार्ट है। बस उसमें
- 6:03:58जो 4 घंटे की कैंडल थी एक-ए घंटे की चार
- 6:04:00कैंडल्स में डिवाइड हो चुकी है। इसलिए
- 6:04:02आपको चार्ट में ज्यादा इंफॉर्मेशन अब
- 6:04:03देखने को मिल रही है। तो अब यहां पर भी आप
- 6:04:06देख सकते हैं कि आपको क्या दिख रहा है?
- 6:04:08क्या आपको ट्रेंड में कुछ चेंजेस दिख रहे
- 6:04:10हैं या करेंटली अभी मार्केट में आपको क्या
- 6:04:12दिखाई दे रहा है। तो अगर मैं करेंटली
- 6:04:13देखूं मार्केट में तो हमें दिखाई दे रहा
- 6:04:15है कि नहीं भाई मामला बुलिश सा ही हमें
- 6:04:17दिखाई दे रहा है। तो थोड़ा सा आपने यहां
- 6:04:18पर भी मार्केट में आईडिया ले लिया। अब
- 6:04:20देखिए जो मेनली आपने ट्रेड करना है वो 15
- 6:04:22मिनट के टाइम फ्रेम पे करना है। तो अब आप
- 6:04:2415 मिनट के टाइम फ्रेम पे जाएंगे। अब जब
- 6:04:26मैं 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे जा रहा हूं
- 6:04:28तो मैंने आपको बताया कि मुझे पता है कि ये
- 6:04:30वाला जो मेरा लेवल है ये सबसे इंपॉर्टेंट
- 6:04:33लेवल है। तो इसके अलावा ये जो लेवल है ये
- 6:04:35उतना ज्यादा मेरे लिए इंपॉर्टेंट नहीं है।
- 6:04:37तो मैं क्या कर सकता हूं? अभी इस लेवल को
- 6:04:39मैं यहां से हटा देता हूं। इसके अलावा मैं
- 6:04:41ये वाला लेवल भी यहां से हटा देता हूं। तो
- 6:04:43ये लेवल भी मैंने हटा दिए हैं। आपके केस
- 6:04:45में हो सकता है आपको कुछ और ज्यादा
- 6:04:46इंपॉर्टेंट लग रहा होगा। तो आप अपने हिसाब
- 6:04:48से वहां पर एडजस्ट कर सकते हैं। अब इसके
- 6:04:50बाद मैं चलता हूं यहां से 15 मिनट के टाइम
- 6:04:52फ्रेम में। तो 15 मिनट का टाइम फ्रेम
- 6:04:54मैंने यहां से सेलेक्ट कर लिया है। अब जब
- 6:04:56मैं 15 मिनट के टाइम फ्रेम में आ गया हूं
- 6:04:58तो यहीं पर मैं अपना ट्रेड प्लान करूंगा।
- 6:05:00अब वो ट्रेड कैसे प्लान करूंगा? तो मैं
- 6:05:02ऑलरेडी अपना बायस बना चुका हूं कि भाई
- 6:05:04मार्केट जो है वो बुलिश सा लग रहा है तो
- 6:05:06मैं बाय करने का ट्रेड लूंगा। ऐसा हमारा
- 6:05:08बायस यहां पर है। लेकिन ट्रेड लेने से
- 6:05:10पहले हमें कई चीजें चाहिए होती हैं। पहला
- 6:05:13है कि वहां पर कोई ना कोई हमारा एनालिसिस
- 6:05:15बन रहा हो। ठीक है? अभी तो मेरा सिर्फ
- 6:05:17बायस बना है लेकिन वहां पे कुछ एनालिसिस
- 6:05:19बन रहा होना चाहिए कि मैं किसके बेसिस पे
- 6:05:21ट्रेड लूंगा। उसके बाद मुझे चाहिए कि भाई
- 6:05:23अगर लिक्विडिटी स्वीप हुआ होगा तो मेरे
- 6:05:25लिए काफी बेटर ट्रेड बन सकता है। फिर
- 6:05:27तीसरा हमें वहां पर कोई ना कोई कंफर्मेशन
- 6:05:29चाहिए होता है। अब देखिए जब मैं इस वीडियो
- 6:05:31को बना रहा हूं उस टाइम पर जरूरी तो नहीं
- 6:05:33है कि सारी चीजें वहां पर हमें मिल जाए।
- 6:05:35तो अब अगर मैं करेंटली देखूं तो यहां पर
- 6:05:38मैं ट्रेड लेना चाहूं तो छोटे-मोटे ट्रेड
- 6:05:41बन सकते हैं। लेकिन मुझे आपको एक्यूरेट
- 6:05:43ट्रेड्स बनाने हैं। मैं बताने को यहां पर
- 6:05:45बहुत सारे ट्रेड बना सकता हूं। देखने को
- 6:05:47मैं चाहूंगा तो मुझे शॉर्ट करने के ट्रेड
- 6:05:48भी मिल जाएंगे। लेकिन मैं आपको ऐसे
- 6:05:50ट्रेड्स बताना चाहता हूं जिनके सही निकलने
- 6:05:52के चांसेस ज्यादा हो। तो मैं आपको एक
- 6:05:54एनालिसिस समझाना चाहता हूं। इसलिए देखिए
- 6:05:56[नाक से की जाने वाली आवाज़] अब हम क्या
- 6:05:57करेंगे? हम 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे आए।
- 6:05:59तो अब आपको पता है कि यहां पर मेरा ये जो
- 6:06:01ज़ोन है ये बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट ज़ोन है।
- 6:06:03इसके अलावा मुझे यहां पर एक इंपॉर्टेंट
- 6:06:05लिक्विडिटी लेवल भी देखने को मिल रहा है।
- 6:06:07तो यहां पर मुझे कोई हाई प्रोबेबिलिटी
- 6:06:09सेटअप देखने को नहीं मिल रहा है जिसमें
- 6:06:11सारी चीजें सेट हो रही हो। इसलिए मैं आपको
- 6:06:13एक दूसरा एग्जांपल दिखाऊंगा। लेकिन यहां
- 6:06:15पर अगर मुझे ट्रेड लेना होता तो मैं किस
- 6:06:17तरीके से लेता वो बता देता हूं। तो इसके
- 6:06:19लिए मैं यहां पर आपको थोड़ा सा समझा देता
- 6:06:20हूं कि ट्रेड लेना होता तो मैं कैसे लेता।
- 6:06:22तो देखिए यहां पर आपको दिखाई दे रहा है कि
- 6:06:24प्राइस कुछ इस लेवल के आसपास चल रही है।
- 6:06:26तो अब मैं क्या करता मैं यहां से वेट करता
- 6:06:29कि प्राइस पहले थोड़ा सा नीचे जाए मतलब इस
- 6:06:31वाले लेवल के पास जाए और यहां से इसको
- 6:06:33स्वीप करके कुछ इस तरीके से ऊपर आ जाए।
- 6:06:36फिर ऊपर होने के बाद प्राइस अगर ऊपर जा
- 6:06:38रही होती और फिर मुझे कोई कंफर्मेशन मिलता
- 6:06:41तब जाके मैं अपना यहां से ट्रेड प्लान कर
- 6:06:43सकता था। यानी मुझे पहले स्वीप चाहिए ताकि
- 6:06:46मेरे को एक हाई प्रोबेबल सेटअप लगे। वो
- 6:06:49इसके अलावा फिर मुझे कंफर्मेशन चाहिए तब
- 6:06:51जाके मैं ट्रेड यहां पर कर सकता हूं जो कि
- 6:06:53अभी करेंटली हमें यहां पर देखने को नहीं
- 6:06:55मिल रहा है। यहां पर मैं एक चीज और आपको
- 6:06:57क्लियर कर दूं कि हर किसी के एनालिसिस
- 6:06:59करने का तरीका डिफरेंट होता है। हो सकता
- 6:07:01है कि यहां पर आपको चार्ट पे कुछ ऐसी चीज
- 6:07:03नजर आ रही हो जो आपको लगे कि यार ये भी तो
- 6:07:06था। तो हर किसी के देखने का नजरिया अलग
- 6:07:08होता है। समझने का नजरिया अलग होता है।
- 6:07:10कोई बहुत छोटे ट्रेड्स लेना चाहता है। कोई
- 6:07:13थोड़े बड़े रिस्क रिवॉर्ड के ट्रेड लेना
- 6:07:15चाहता है। वो हर किसी का अपना-अपना तरीका
- 6:07:17होता है। तो इसमें आप 10 चीजें ढूंढ सकते
- 6:07:19हो कि भाई यहां पर भी तो एक एफपीजी बन रहा
- 6:07:21था। अगर मैं एग्जांपल आपको दिखाऊं अगर
- 6:07:23मुझे कोई ट्रेड दिखाना ही है आपको तो मैं
- 6:07:25जबरदस्ती का ट्रेड यहां पर भी दिखा सकता
- 6:07:27हूं। मैं आपको एक एग्जांपल दिखाता हूं।
- 6:07:29देखिए यहां पर अगर दिखाया जाए तो मैं
- 6:07:31देखूंगा भाई 15 मिनट के टाइम फ्रेम में
- 6:07:33यहां पर एक फेयर वैल्यू गैप बना है और
- 6:07:35उसके बाद देखिए इस जगह पर फेयर वैल्यू गैप
- 6:07:37टैप हुआ है तो मैंने यहां पर अपना ट्रेड
- 6:07:40ले लेता यहां पर स्टॉप लॉस रख लेता तो इस
- 6:07:42हिसाब से भी मेरा अच्छा खासा ट्रेड यहां
- 6:07:44पर बन गया होता मतलब मैं चाहूं तो कहीं पे
- 6:07:46भी ट्रेड अपने बना सकता हूं लेकिन मुझे
- 6:07:48आपको ऐसा सेटअप देना है जो ज्यादातर केसेस
- 6:07:51में काम करे और आपका जो रिस्क रिवॉर्ड हो
- 6:07:53वो भी बेटर निकल के आए तो अब आपने इतनी
- 6:07:56चीजें समझ ली तो अब यहां पर समझते हैं कि
- 6:07:59अब अगर हमने जो ट्रेड लिया था वो किस
- 6:08:01तरीके से हमने प्लान किया था। तो इसके लिए
- 6:08:03सबसे पहले जैसा कि मैंने आपको बताया कि
- 6:08:04आपने फॉरेक्स फैक्टct की वेबसाइट में जाना
- 6:08:06है। तो उस टाइम पर हम फॉररेक्स फैक्टct की
- 6:08:08वेबसाइट पे गए थे। जैसे ही हम इस वेबसाइट
- 6:08:10पे गए तो यहां पर आप देख सकते हैं कि उस
- 6:08:12टाइम पर ये जो ट्रंप वाली न्यूज़ आई थी वो
- 6:08:14उस टाइम तक मार्केट में अब्सॉर्ब हो चुकी
- 6:08:16थी। इसके बाद गए हम कॉin्लास की वेबसाइट
- 6:08:18पे जैसा कि मैंने आपको बताया है। फिर गए
- 6:08:20लिक्विडेशन पे फिर गए लिक्विडेशन मैक्स
- 6:08:22पेन पे। तो यहां पर हमने लिक्विडिटी को
- 6:08:24देख लिया था। अब इसके बाद हम गए चार्ट पे
- 6:08:27और सबसे पहले हमने लिक्विडिटी लेवल्स को
- 6:08:29मार्क कर लिया। वही लिक्विडिटी लेवल्स हैं
- 6:08:31जो हमने चार्ट पे देखे थे। तो आप देख सकते
- 6:08:33हैं वो जो लेवल्स हैं वो हमने यहां पर
- 6:08:35चार्ट में मार्क कर लिए थे। तो इसके बाद
- 6:08:36हमने क्या किया? हमने यहां पर अपने
- 6:08:38लिक्विडिटी लेवल्स को भी मार्क कर लिया।
- 6:08:40लिक्विडिटी लेवल्स कैसे मार्क करने हैं?
- 6:08:41ये ऑलरेडी हम आपको सिखा चुके हैं। हमने
- 6:08:43आपको बताया कि डेली टाइम फ्रेम में
- 6:08:45लिक्विडिटी होती है। वीकली टाइम फ्रेम के
- 6:08:46हाई एंड लो पे लिक्विडिटी होती है और
- 6:08:48चार्ट के स्विंग हाई एंड स्विंग लो पे भी
- 6:08:50लिक्विडिटी होती है। तो अगर आप देखेंगे तो
- 6:08:52यहां पर वन डे के टाइम फ्रेम की कैंडल
- 6:08:54हमने खोल रखी है। यानी एक दिन की कैंडल
- 6:08:56है। तो उस कैंडल का अगर हमें कोई लो दिखाई
- 6:08:59दे रहा है तो उस लेवल के आसपास भी
- 6:09:00लिक्विडिटी होगी। तो हमने यहां पर भी
- 6:09:02लिक्विडिटी लेवल्स को मार्क कर दिया है।
- 6:09:04तो अगर आप ध्यान से देखेंगे तो आपको दिखाई
- 6:09:06देगा। मैं आपको एक बार अच्छे से दिखाता
- 6:09:07हूं चार्ट में। तो यहां पर आप देखेंगे कि
- 6:09:10ये तो हमारा एफपीजी हमने मार्क किया है।
- 6:09:12लेकिन इसके बाद ये वाली जो कैंडल है इस
- 6:09:15कैंडल की ये पूरे दिन की कैंडल रही होगी।
- 6:09:17ये वाली जो कैंडल मैं आपको बता रहा हूं तो
- 6:09:19इस कैंडल का लो जो है इससे रखते हुए हमने
- 6:09:21मार्क किया तो यहां पर भी हमें लिक्विडिटी
- 6:09:23नजर आ रही थी। अब देखो चाहूं तो मैं यहां
- 6:09:25पर हाई भी इस तरीके से मार्क कर देता।
- 6:09:27लेकिन उसका उस टाइम पर मेरे लिए कोई यूज़
- 6:09:29नहीं था क्योंकि मैं डेली टाइम फ्रेम का
- 6:09:31चार्ट यहां पे मार्क कर रहा हूं। मार्क
- 6:09:32करना है, सजाना है तो हम सजा सकते हैं। वो
- 6:09:35अपनी-अपनी इच्छा है। ठीक है? इस तरीके से
- 6:09:37हमने यहां पर अपना नीचे का लिक्विडिटी
- 6:09:39लेवल यहां पर मार्क कर लिया था। अब यह
- 6:09:41मैंने किया था डेली टाइम फ्रेम में। अब
- 6:09:43इसके बाद मैं गया 4 ऑवर के टाइम फ्रेम
- 6:09:45में। अब जब मैं 4 ऑवर के टाइम फ्रेम पे
- 6:09:46गया तो यहां पर मैं आपको दिखाता हूं जो
- 6:09:48मैंने ऑब्जर्व किया। तो यहां पर आप
- 6:09:49देखेंगे कि आपको दिखाई दे रहा है कि ये एक
- 6:09:52कैंडल है ये जो कैंडल आपको दिखाई दे रही
- 6:09:54है इसके बाद वाली जो कैंडल है ग्रीन कलर
- 6:09:57की कैंडल ये पूरी इस कैंडल की रेंज के
- 6:09:59अंदर बन रखी है। तो मैंने क्या किया?
- 6:10:01मैंने इस कैंडल के हाई से लगते हुए और इस
- 6:10:03कैंडल के लो से लगते हुए मार्क किया। तो
- 6:10:06मुझे दिखाई दिया कि भाई इसके बाद वाली जो
- 6:10:08कैंडल थी ना इस कैंडल ने तो यहां पर
- 6:10:10लिक्विडिटी को स्वीप कर दिया है। यानी 4
- 6:10:12ऑवर के टाइम फ्रेम में हमें दिखाई दिया कि
- 6:10:13भाई लिक्विडिटी स्वीप भी हो चुका है। तो
- 6:10:16अब हमें चाहिए था एक ऐसा पॉइंट जिसके
- 6:10:19बेसिस पे हम ट्रेड ले पाएं। तो वो हमें
- 6:10:21मिला 15 मिनट के टाइम फ्रेम में और सीधा
- 6:10:23हम आ गए 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे। अब
- 6:10:25देखिए हमने जो भी मार्किंग कर रखी थी वो
- 6:10:27सारी मार्किंग हमें यहां पर देखने को मिल
- 6:10:29रखी है। तो अब हमें देखना है कि कोई हमें
- 6:10:31पीडीए मिल रहा हो, कोई हमें सीआईएस मिल जा
- 6:10:34रहा हो या कुछ ना कुछ ऐसा मिल रहा हो
- 6:10:36जिसके बेसिस पे मैं ट्रेड ले पाऊं। तो
- 6:10:37इसके बाद जब हम 15 मिनट के टाइम फ्रेम पे
- 6:10:39आए तो यहां पर मैंने अपना एनालिसिस शुरू
- 6:10:41किया। लेकिन मैंने सोचा कि एक बार ना
- 6:10:43इथेरियम का चार्ट भी खोल के देखता हूं। तो
- 6:10:45मैं गया इथेरियम का चार्ट मैंने यहां पर
- 6:10:47खोल कर देखा तो मुझे एक चीज यहां पर
- 6:10:49ऑब्जर्व हुई। अब वो क्या था वो मैं आपको
- 6:10:50बिटकॉइन के चार्ट पे दिखाता हूं। देखिए
- 6:10:52यहां पर आपको दिखाई दे रहा है कि जो
- 6:10:54बिटकॉइन का चार्ट है इसने अपना लोअर लो
- 6:10:57नहीं बनाया है। यानी यह लोअर लो बनाने में
- 6:10:59फेल हो चुका है। जबकि जो मेरा इथेरियम का
- 6:11:02चार्ट था उसमें आप देख सकते हैं कि यहां
- 6:11:03पर हमारा लोअर लो बना था। यानी मैंने आपको
- 6:11:06एक स्ट्रेटजी बताई थी एसएमटी डायवर्जेंस
- 6:11:09वाली। वो स्ट्रेटजी आप देखेंगे तो यहां पर
- 6:11:11अप्लाई हो रही थी क्योंकि इथेरियम ने अपना
- 6:11:13लोअर लो बना लिया लेकिन बिटकॉइन ने नहीं
- 6:11:15बनाया। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब यह
- 6:11:17है कि जो सेलर्स हैं वो अब वीक पड़ रहे
- 6:11:20हैं। इससे हमें यह आईडिया मिल गया। उसके
- 6:11:22साथ ही मैंने यहां पर देखा। तो सबसे पहले
- 6:11:24मैंने यह चीज़ एनालाइज़ की थी। उसके बाद मैं
- 6:11:26आपको दिखाता हूं कि फिर हमने क्या किया।
- 6:11:28तो सबसे पहले जब हमें दिखाई दिया कि भाईटी
- 6:11:30डायवर्जेंस हो रहा है। लिक्विडिटी स्वीप
- 6:11:32हो चुका है। तो अब मुझे कुछ ना कुछ ऐसा
- 6:11:34चाहिए था जिसके बेसिस पे मैं अपना ट्रेड
- 6:11:36ले सकूं। तो वो मुझे मिला यहां पर जहां पर
- 6:11:39मुझे सीआईएसडी होता हुआ दिखाई दिया। अब ये
- 6:11:41सीआईएसडी क्या होता है? तो ये सारे
- 6:11:43कांसेप्ट हम पहले डिस्कस कर चुके हैं। अगर
- 6:11:45आपने वो लेक्चर्स नहीं देखे होंगे तो आपको
- 6:11:47लगेगा कि यार ये क्या बात कर रहे हैं?
- 6:11:49लेकिन अगर वो लेक्चर्स ध्यान से देखे
- 6:11:50होंगे तो फिर आपको सारी चीजें समझ आ रही
- 6:11:52होंगी। तो इसीलिए मैंने कहा है कि ये जो
- 6:11:55पहले वाले लेक्चर्स हैं पूरी प्लेलिस्ट है
- 6:11:57वो आपके लिए देखना जरूरी है। तो अब देखिए
- 6:11:59यहां पर हमने क्या किया? यहां पर हमने
- 6:12:01एसएमटी डायवर्जेंस मार्क कर दिया था। फिर
- 6:12:03हमें यहां पर एक सीआईएसडी होता हुआ नजर
- 6:12:05आया। देखिए मैं आपको ध्यान से दिखाता हूं।
- 6:12:07तो आपको दिखाई देगा कि यहां पर हमारा
- 6:12:09सीआईएसडी लाइन हमने मार्क की थी। इस जगह
- 6:12:12पर ये वाली जो कैंडल थी इसमें हमारा
- 6:12:13सीआईएसडी कंफर्म हो गया था। और उसके बाद
- 6:12:15लास्ट में आपको जो छोटी सी कैंडल नजर आ
- 6:12:17रही है इसमें हमारा जो सीआईएसडी था प्राइस
- 6:12:20उस पे टैप कर चुकी थी। यानी हमारी सारी
- 6:12:22कंडीशंस मीट हो रही थी। सबसे पहले हमें
- 6:12:24एसएमटी डायवर्जेंस होता हुआ दिखाई दे रहा
- 6:12:26था। हमें लिक्विडिटी स्वीप होता हुआ नजर आ
- 6:12:28रहा था और इसके बाद मुझे सीआईएसडी भी मिल
- 6:12:30चुका है। जिस पे प्राइस दोबारा आई है।
- 6:12:32यानी मुझे कंफर्मेशन भी मिल चुका है। तो
- 6:12:34अब मुझे इसके बेसिस पे ट्रेड लेना था। अब
- 6:12:37आप बोलेंगे कि भाई ये जो ऊपर एफवीजी था वो
- 6:12:39किस काम आया? तो ये डीओएल के रूप में काम
- 6:12:42आया। यानी ड्रॉ ऑन लिक्विडिटी। तो यहां पर
- 6:12:44आप देख सकते हैं कि इसके बेसिस पे हमने
- 6:12:47अपना ट्रेड किस तरीके से प्लान किया। एंड
- 6:12:49अगेन यहां पर आप देखिए कि ये कोई मैं आपको
- 6:12:51रिवर्स चार्ट नहीं दिखा रहा हूं। मैं उस
- 6:12:52पर्टिकुलर टाइम के बारे में आपको बता रहा
- 6:12:54हूं। तो अब देखिए यहां पर क्या हुआ? यहां
- 6:12:56पर हमने अपना जो ट्रेड था वो कुछ इस तरीके
- 6:12:59से प्लान किया। हमारा जो स्टॉप लॉस रहेगा
- 6:13:02वो इस लेवल के नीचे रहेगा। और रही बात
- 6:13:04टारगेट की तो आप देख सकते हैं हमारा जो
- 6:13:06टारगेट था वो ये वाला जो स्विंग हाई था
- 6:13:09इसके आसपास तक हम अपना टारगेट लेकर गए थे।
- 6:13:11और ये जो हमारा ट्रेड था अगर आप ध्यान से
- 6:13:13देखेंगे तो आपको दिखाई देगा कि 1:2 के
- 6:13:15आसपास का या उससे भी बड़ा ट्रेड ये हमारा
- 6:13:18बन रहा था। इवन हम चाहते तो 1:3 भी इसको
- 6:13:20लेकर जा सकते थे और यह हमने पहले दिन ही
- 6:13:23मार्क कर लिया था। तो अब आपने देखा कि किस
- 6:13:25तरीके से मैंने अपना ट्रेड प्लान किया। अब
- 6:13:27जब एक बार आपने ट्रेड प्लान कर लिया तो
- 6:13:29इसके साथ ही मैं आपको कहूंगा कि आपने
- 6:13:31रिस्क मैनेजमेंट भी जरूर देखना है। जो भी
- 6:13:33आप ट्रेड ले रहे हैं वो कम से कम 1:2 का
- 6:13:35होना ही चाहिए ताकि आप लॉन्ग टर्म में
- 6:13:37प्रॉफिटेबल रह सकें। तो इस तरीके से हमने
- 6:13:39अपना ट्रेड प्लान किया। साथ ही पोजीशन
- 6:13:41साइजिंग वगैरह भी आपको दिखेंगी। इवन यहां
- 6:13:43पर आप देख सकते हैं कि ये लाइव मार्केट चल
- 6:13:45रहा है। आपको यहां पर जो प्राइसिंग है वो
- 6:13:47भी दिखाई दे रही है। जिससे आप कंफर्म हो
- 6:13:49सकते हैं कि ये कोई हम आपको चार्ट को
- 6:13:51रिवर्स करके नहीं दिखा रहे हैं। अब उसके
- 6:13:52बाद नेक्स्ट डे क्या होता है? आप देख सकते
- 6:13:54हैं कि जो प्राइस है सिर्फ तीन से चार
- 6:13:56पांच कैंडल में ही टारगेट के पास पहुंच गई
- 6:13:59थी। इवन इससे भी बहुत ऊपर निकल चुकी थी।
- 6:14:01अब प्राइस तो बहुत ऊपर गई है। तो ये हमें
- 6:14:03पहले से तो पता नहीं चल सकता। तो जहां तक
- 6:14:06हमने अपना टारगेट लगाया था अगर हम वो भी
- 6:14:08अचीव कर लें तो ये भी हमारे लिए बहुत बड़ी
- 6:14:10बात है क्योंकि ये जो प्राइस इसके ऊपर गई
- 6:14:12थी ना एक अचानक से न्यूज़ आ चुकी थी उसकी
- 6:14:14वजह से गई थी लेकिन यहां तक का जो हमें
- 6:14:17पता था ट्रेड वो तो हम अचीव कर ही सकते थे
- 6:14:19इतना बड़ा तो कोई भी अचीव नहीं कर सकता है
- 6:14:22तो इतने बड़े के पीछे भागना भी नहीं चाहिए
- 6:14:24जितना आपको पता है कि हां मैं इतना अचीव
- 6:14:26कर सकता हूं आप उसके पीछे भी जाते तो भी
- 6:14:28ये 1:2 के आसपास का ट्रेड बन रहा था और
- 6:14:30इसी चीज को बार-बार रिपीट करके ही आप
- 6:14:32लॉन्ग टर्म में प्रॉफिटेबल हो सकते हैं।
- 6:14:34तो अब चलिए जो इंपॉर्टेंट चीजें हैं वो भी
- 6:14:36मैं आपको बता देता हूं। तो देखिए कोई भी
- 6:14:38ना सिर्फ एक ट्रेड से नहीं हो सकता है।
- 6:14:40अगर आपको लॉन्ग टर्म में प्रॉफिट है तो
- 6:14:43फिर आपको कुछ रूल्स फॉलो करने होंगे
- 6:14:45जिसमें जब आपने ट्रेड कर लिया तो उसके बाद
- 6:14:47सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है कि उस ट्रेड से
- 6:14:50आपने क्या सीखा है? आपने क्यों एंटर किया
- 6:14:52था? आपने क्या-क्या चीजें देखी थी? उसके
- 6:14:54बाद आपको जो ट्रेड था वो सही निकला, गलत
- 6:14:56निकला। यह चीज़ें आपने नोट करनी है। जिसके
- 6:14:58लिए आप Excel में लिख सकते हैं, नोशन में
- 6:15:00या अपनी ट्रेडिंग जर्नल में इसको नोट कर
- 6:15:02सकते हैं। इसके साथ ही आपने हमेशा कुछ
- 6:15:05चीजें ध्यान में रखनी है। मतलब जब आप
- 6:15:06जर्नल कर रहे हैं, तो वहां पर लिखिए कि
- 6:15:08क्या मैंने अपने रूल्स को फॉलो किया था?
- 6:15:10क्या मैंने कोई इंपल्सिव ट्रेड लिया था?
- 6:15:12ये सोच के ट्रेड लिया था कि प्राइस ऊपर जा
- 6:15:14रही है, नीचे आ रही है। इसके अलावा आपने
- 6:15:16देखना है कि कहीं कोई न्यूज़ तो नहीं थी।
- 6:15:18अगर न्यूज़ थी तो उसका क्या इंपैक्ट आया
- 6:15:20जिससे आपका जो एक्सपीरियंस है ना वो
- 6:15:22बढ़ेगा। फिर नेक्स्ट डे आपने क्या करना
- 6:15:24है? देखिए एक दिन आपने सारे रूल्स फॉलो
- 6:15:27किए। अपना ट्रेड लिया। लेकिन एक भी दिन
- 6:15:29आपने गलती कर दी ना तो जो इतने दिनों में
- 6:15:31आपने कमाया होगा वो सब कुछ बर्बाद हो
- 6:15:33जाएगा। इसलिए मैं आपको कहूंगा कि अगले दिन
- 6:15:35फिर से जो पूरा प्रोसेस है उसको फॉलो
- 6:15:37कीजिए। न्यूज़ देखिए। यहां पर देखिए कि
- 6:15:40कहां पर लिक्विडिटी है। इसके अलावा कौन से
- 6:15:42आपका ट्रेड बनता है। फिर सारा ट्रेड लेने
- 6:15:44के बाद एनालिसिस करने के बाद फिर से वहां
- 6:15:46पे जो चीजें आपने सीखी है उनको आप लिखिए।
- 6:15:49इसके बाद मैं आपको कुछ ऐसी चीज भी बताता
- 6:15:51हूं जो आपको रेगुलर फॉलो करनी है। सबसे
- 6:15:53पहले एक चीज का ध्यान रखना है कि अगर किसी
- 6:15:55दिन आपको ट्रेड नहीं मिल रहा है ना तो भी
- 6:15:57कोई फर्क नहीं पड़ता। आपने ओवर ट्रेडिंग
- 6:15:59नहीं करनी है। दिन में एक दिन में
- 6:16:01मैक्सिमम एक से तीन ट्रेड या उससे ज्यादा
- 6:16:03किसी भी हाल में मत लीजिए। क्वालिटी वाले
- 6:16:05ट्रेड्स पे फोकस कीजिए। क्वांटिटी पे मत
- 6:16:07जाइए। जैसे मैंने आपको दिखाया शुरू वाले
- 6:16:09एग्जांपल में कि ट्रेड चाहूं तो मैं वहां
- 6:16:11पे कई सारे ढूंढ सकता हूं। लेकिन हमें
- 6:16:14क्वालिटी वाले ट्रेड चाहिए जिसमें सारी
- 6:16:16चीजें हमारी काम कर रही हो। इसलिए आप जो
- 6:16:18सारी कंडीशंस हमारी मीट हो रही है,
- 6:16:20लिक्विडिटी स्वीप हो रहा है, ये सारी
- 6:16:21चीजें जब मिल रही है, तब आपको क्वालिटी
- 6:16:23वाला ट्रेड मिल रहा है, जिसमें स्टॉप लॉस
- 6:16:25छोटा है, टारगेट बड़ा है, उस पे फोकस
- 6:16:27कीजिए। ऐसा नहीं है कि बस ट्रेड लेना है
- 6:16:29करके ट्रेड ले रहे हो। तो अब चलिए मैं
- 6:16:31आपको कुछ ऐसे रूल्स बताता हूं जो आपने
- 6:16:33ट्रेडिंग में जरूर फॉलो करने हैं। अब
- 6:16:35एक-एक करके उन रूल्स को समझते हैं। यह
- 6:16:37बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। आप चाहें तो
- 6:16:38इनको इग्नोर भी कर सकते हैं। लेकिन अगर आप
- 6:16:41अभी इग्नोर करोगे ना तो बाद में आपका जब
- 6:16:43नुकसान हो जाएगा ना तब आपको पता चलेगा कि
- 6:16:45यार एक बार वो वीडियो शायद मैंने देखी
- 6:16:47होती तो उसमें हो सकता है ये बात रही हो।
- 6:16:49तो सारी इंपॉर्टेंट बातें आपको बताने वाला
- 6:16:51हूं। ये मैं अपनी जिम्मेदारी समझ के बता
- 6:16:53रहा हूं क्योंकि मुझे पता है यहां पर बहुत
- 6:16:55सारे लोग वीडियो को छोड़ देंगे। लेकिन
- 6:16:57मुझे लगता है कि ये बताना बहुत ज्यादा
- 6:16:58जरूरी है। तो सबसे पहले देखिए अगर आप बिना
- 6:17:01प्लान के ट्रेड करेंगे मतलब जहां पर मन
- 6:17:03आया वहां पे आपने ट्रेड ले लिया। कोई
- 6:17:06एंट्री का रूल नहीं है। कोई एग्जिट का रूल
- 6:17:08नहीं है। तो ऐसे में हो सकता है एक दिन आप
- 6:17:10पैसे कमा लें। दो दिन आप पैसे कमा लें।
- 6:17:12लेकिन जिस दिन डूबाएंगे उस दिन सारा डूबा
- 6:17:13देंगे। और ज्यादातर लोग यही गलती करते
- 6:17:15हैं। तो पहला एक चीज का ध्यान रखिए। दूसरा
- 6:17:18जब आप ट्रेड कर रहे हैं उस टाइम पर अगर आप
- 6:17:20न्यूज़ को इग्नोर करते हैं तो हमने आपको
- 6:17:22पूरा प्रोसेस बताया ना कि पहले न्यूज़
- 6:17:24देखिए क्योंकि करेंटली हो सकता है मार्केट
- 6:17:25में बड़ी न्यूज़ नहीं है लेकिन कभी बड़ी
- 6:17:27न्यूज़ होगी तो एकदम से एक ऊपर की साइड
- 6:17:29बड़ी कैंडल या नीचे की साइड बड़ी कैंडल
- 6:17:31बनेगी और जो आपने कमाया होगा वो सब एक
- 6:17:33बारी में जा सकता है। तीसरी चीज देखिए ओवर
- 6:17:36ट्रेडिंग आपने नहीं करनी है। ऐसा नहीं कि
- 6:17:38भाई किसी बार प्रॉफिट हो गया तो दो ट्रेड
- 6:17:40और ले लेता हूं। आज तो प्रॉफिट हो रहा है।
- 6:17:41दो ट्रेड और लेता हूं। तीन ट्रेड और ले
- 6:17:43लेता हूं। यह ना फिर एक ही ट्रेड में सब
- 6:17:45कुछ चला जाता है और लास्ट में आदमी सिर्फ
- 6:17:46टेंशन लेके दुखी होता है। तो इसलिए
- 6:17:49मैक्सिमम दो से तीन ट्रेड और वो रूल्स
- 6:17:51हमने अपने रिस्क मैनेजमेंट वाले लेक्चर
- 6:17:53में बताए हैं। मैं आपको बता दूं कि
- 6:17:54ट्रेडिंग में ना 80% रिस्क मैनेजमेंट
- 6:17:57इंपॉर्टेंट है। सिर्फ 20% स्ट्रेटजी है।
- 6:17:59इसके बाद देखिए स्टॉप लॉस। पहली बात तो
- 6:18:02अगर आप ऐसा सोच रहे हो कि बिना स्टॉप लॉस
- 6:18:04के ट्रेड करूंगा तो आप समझ लीजिए आपको
- 6:18:06ट्रेडिंग करनी ही नहीं चाहिए। क्योंकि एक
- 6:18:07दिन कमा लोगे, दो दिन कमा लोगे। जिस दिन
- 6:18:09आपने स्टॉप लॉस नहीं लगाया होगा और
- 6:18:11मार्केट पूरा ही नीचे गया तो जितना कमाया
- 6:18:14सब चला जाएगा। इसलिए स्टॉप लॉस लगाना है।
- 6:18:16लेकिन स्टॉप लॉस लगाने के बाद ना फिर ये
- 6:18:18नहीं सोचना यार इतने में तो प्राइस आ
- 6:18:19जाएगी। थोड़ा सा इसको मूव कर देता हूं।
- 6:18:21थोड़ा सा इसको मूव कर देता हूं। अपने
- 6:18:22रूल्स के हिसाब से चलो। अगर एक दिन रूल्स
- 6:18:25फॉलो कर ना करने से आपको प्रॉफिट मिल जाता
- 6:18:27है तो वो लॉन्ग टर्म तक नहीं टिकेगा।
- 6:18:29लेकिन अगर एक दिन रूल्स फॉलो करने की वजह
- 6:18:31से आपको नुकसान भी हो गया ना तब भी
- 6:18:33क्योंकि आप रूल्स को फॉलो कर रहे हो और
- 6:18:35सही रूल्स को फॉलो कर रहे हो तो लॉन्ग
- 6:18:36टर्म में आप हो पाएंगे। तो फोकस लॉन्ग
- 6:18:39टर्म पे अपना रखना है। इसके बाद देखिए
- 6:18:41बिना कंफर्मेशन के ट्रेड में एंटर मत
- 6:18:43कीजिए। मैंने आपको चीजें समझाई है कि जब
- 6:18:45आपको दिखाई देता है प्राइस दोबारा से टैप
- 6:18:47करती है या फिर लिक्विडिटी स्वीप होता है।
- 6:18:49कोई ना कोई कंफर्मेशन हमेशा ध्यान में
- 6:18:51रखना। मार्केट स्ट्रक्चर को जरूर देखना जो
- 6:18:53कि हमने देखा है, आपको दिखाया भी है,
- 6:18:55समझाया भी है वो भी आपने देखना है। इसके
- 6:18:58अलावा अगर कभी आपको लॉस हो जाता है तो
- 6:19:00आपने ऐसा नहीं कि भाई आज ही पूरा प्रॉफिट
- 6:19:01निकाल लेना है। तो रेवेंज में ट्रेडिंग
- 6:19:03करो। ऐसे में आप अपने इमोशंस पे कंट्रोल
- 6:19:05नहीं रख पाएंगे। तो इसका भी ध्यान रखना और
- 6:19:07लास्ट में जो भी चीजें आपने एक दिन में
- 6:19:09ट्रेड करके सीखी है उसको जरूर आपने लिखना
- 6:19:12है। चाहे एक्सेल में लिखो या कहीं पे भी
- 6:19:14लिखो क्योंकि अगर लिखोगे नहीं तो सेम गलती
- 6:19:16को बार-बार रिपीट करोगे। तो ये तो वो
- 6:19:19इंपॉर्टेंट पॉइंट्स थे जो एज अ ट्रेडर
- 6:19:21आपको समझने होंगे। लेकिन अब वो इंपॉर्टेंट
- 6:19:23पॉइंट्स भी बता देता हूं जो एज अ स्टूडेंट
- 6:19:24मैं आपको बताना चाहता हूं और एज अ टीचर
- 6:19:26मुझे लगता है मेरे बताना मेरी जिम्मेदारी
- 6:19:28है। तो सबसे पहला पॉइंट है जब भी आप ट्रेड
- 6:19:30कर रहे हो कभी भी लोन लेके ट्रेड मत करो।
- 6:19:32अपने जरूरत के पैसे से ट्रेड मत करो।
- 6:19:34क्योंकि अगर आप लोन लेके ट्रेड करोगे तो
- 6:19:36अपने इमोशंस पे कंट्रोल नहीं रख पाओगे।
- 6:19:37दूसरा देखो बहुत सारे लोग आपको फंसाने के
- 6:19:40लिए आपको मिसगाइड करने के लिए बोलेंगे कि
- 6:19:42अरे अगर एक बार ट्रेडिंग सीख ली ना तुम
- 6:19:44दुनिया के किसी भी कोने से पैसे कमा सकते
- 6:19:46हो। वो तब होगा जब तुम्हारे पास और भी
- 6:19:49इनकम के सोर्स होंगे। तो ट्रेडिंग करने से
- 6:19:51फ्रीडम मिल सकती है। लेकिन यह तब होगा जब
- 6:19:54आपको अच्छा एक्सपीरियंस हो जाएगा। जब
- 6:19:56एक्चुअल में आपके पास अच्छी खासी कैपिटल
- 6:19:58होगी। तो सिर्फ यह मत सोचो कि मैं
- 6:20:00ट्रेडिंग कर रहा हूं। तो यह तो शॉर्टकट
- 6:20:01है। यह शॉर्टकट नहीं है। यह लॉन्ग कट है।
- 6:20:03बट सही तरीके से करोगे तो ही यह काम
- 6:20:06करेगा। तीसरा देखिए बहुत सारे लोग आपका
- 6:20:08फायदा उठाने के लिए आपको पेड टिप्स का
- 6:20:10लालच देंगे। बोलेंगे अरे मैं तुझे बताऊंगा
- 6:20:12तू कहां पे बाय करना है तो मुझे पैसे दे
- 6:20:13दे। बिल्कुल भी मत करना। ये अगर कोई खुद
- 6:20:16ऐसा कर पाता तो खुद नहीं कमा लेता क्या?
- 6:20:18आपसे पैसे क्यों लेता? तीसरा कई बार मेरे
- 6:20:20नाम से भी आप लोगों के साथ आ सकता है। कोई
- 6:20:22बोले कि भाई मुझे अपना अकाउंट दे दो। मैं
- 6:20:25तुम्हें रिटर्न्स कमा के दूंगा। हम कुछ
- 6:20:26शेयर कर लेंगे। सब कुछ बेकार है। प्लीज इन
- 6:20:29चक्करों में मत पड़ना। सबस्कैम है। चौथा
- 6:20:31देखो इस चीज का जरूर ध्यान रखना कि
- 6:20:33ट्रेडिंग में जा रहे हो ना तो ट्रेडिंग
- 6:20:35में प्रॉफिट भी होगा, नुकसान भी होगा। लॉस
- 6:20:37को आपने एक्सेप्ट करना है। आपको पता होना
- 6:20:39चाहिए कि लॉस होगा। तो जब आपको पता है कि
- 6:20:41लॉस होगा तो आपको सरप्राइज़ नहीं मिलेगा।
- 6:20:43अगर आपने सोच रखा है कि नहीं मैं तो
- 6:20:45प्रॉफिट कमाऊंगा, प्रॉफिट कमाऊंगा और लॉस
- 6:20:46के बारे में सोचा ही नहीं है तो वो लॉस
- 6:20:48आपके लिए एक सरप्राइज़ होगा और फिर आपको
- 6:20:50टेंशन आएगी। जब आपको पता है कि ट्रेडिंग
- 6:20:52एक बिज़नेस की तरह है जिसमें लॉस भी होता
- 6:20:54है, प्रॉफिट भी होता है। आपका फोकस है
- 6:20:55ओवरऑल प्रॉफिटेबल होने पे, तब आप यह गलती
- 6:20:58नहीं करेंगे। पांचवा मैंने बताया। बहुत
- 6:21:00बारी बात मैंने बोल दी है। लेकिन मैंने
- 6:21:01फिर भी लिखी है कि भाई रिस्क मैनेजमेंट
- 6:21:03सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है। उसके बिना आप
- 6:21:06कमा ही नहीं सकते। 80% आपके लिए रिस्क
- 6:21:08मैनेजमेंट है। सिर्फ 20% स्ट्रेटजी है।
- 6:21:11लेकिन लोग 20% स्ट्रेटजी के चक्कर में ही
- 6:21:13अपना 80% लगा रहे होते हैं। रिस्क
- 6:21:15मैनेजमेंट को फॉलो नहीं कर रहे होते हैं।
- 6:21:16इसलिए बोल रहा हूं, बार-बार बोल रहा हूं
- 6:21:18इससे पहले मैंने रिस्क मैनेजमेंट का
- 6:21:19लेक्चर बता रखा है। उस लेक्चर को जरूर देख
- 6:21:21लेना। इसके बाद देखिए कई बार आप जब ट्रेड
- 6:21:23कर रहे हो आपको कई बार थोड़ा सा ज्यादा
- 6:21:25लॉस हो जाए। फिर आप सोचोगे थोड़े ज्यादा
- 6:21:27पैसे लगा लेता हूं। एफडी तोड़ लेता हूं।
- 6:21:29यहां से लगा देता हूं। एक बारी में सब कुछ
- 6:21:31रिकवर हो जाएगा। नहीं होगा जो लॉस था वो
- 6:21:33और बड़ा हो जाएगा। इस चीज को ध्यान में
- 6:21:35रखना। अगर आपने इनमें से कोई भी बात नहीं
- 6:21:37मानी ना तो कोई बात नहीं। बताना मेरी
- 6:21:39जिम्मेदारी है। मुझे पता है बहुत सारे लोग
- 6:21:41गलती करेंगे। लेकिन मैं अपनी जिम्मेदारी
- 6:21:43पूरी कर रहा हूं। आप अपनी जिम्मेदारी पूरी
- 6:21:45नहीं कर रहे होंगे अगर आप अपना नुकसान कर
- 6:21:46रहे हो तो फिर। इसके बाद देखिए नेक्स्ट है
- 6:21:48कि अगर आप रिस्क ले सकते हो तभी आप
- 6:21:50ट्रेडिंग करो। अगर आपको छोटे-छोटे लॉसेस
- 6:21:52से टेंशन हो जाती है तो फिर ट्रेडिंग आपके
- 6:21:54लिए नहीं है। इसके बाद देखिए एक और चीज है
- 6:21:57कि अगर आप एक स्टूडेंट हो जिसके पास कोई
- 6:21:59भी इनकम का सोर्स नहीं है और आप सोच रहे
- 6:22:01हो कि मैं सब कुछ ट्रेडिंग से ही कर लूंगा
- 6:22:03तो इतना आसान नहीं है। जो लोग आपको यह बोल
- 6:22:05रहे हैं वो खुद YouTube में Instagram पे
- 6:22:08बहुत सारी जगहों पे बोल रहे हैं। वो खुद
- 6:22:09Instagram एज अ YouTube को भी एज अ बिज़नेस
- 6:22:11चला रहे हैं ना। तो आप कैसे सिर्फ
- 6:22:14ट्रेडिंग पे एज अ बिगिनर जा सकते हो। अगर
- 6:22:16आपको अच्छा एक्सपीरियंस हो गया। आप अपनी
- 6:22:18जॉब कर रहे हो, बिनेस कर रहे हो। एक टाइम
- 6:22:20आपको दिखाई देता है कि आप ट्रेडिंग से
- 6:22:22ज्यादा कमाने लगे हो। अपने बिजनेस से बहुत
- 6:22:24कम कमा रहे हो। तब आप स्विच करने के बारे
- 6:22:26में सोचते हो तो सेंस बनता है। ऐसे नहीं
- 6:22:28कि भाई स्टूडेंट हूं और सब कुछ यही
- 6:22:30करूंगा। और ऐसे ही अगर मान लीजिए कोई
- 6:22:32व्यक्ति है जो डेली इनकम करता है। मतलब
- 6:22:34बहुत कम उसकी इनकम है। उसके बिना उसका घर
- 6:22:36नहीं चल सकता तो भी देखो यह मत सोचो कि
- 6:22:39भाई मैं ₹500 डेली कमा रहा हूं और मैं
- 6:22:41ट्रेडिंग से भी 500 कमाने लग गया तो मेरे
- 6:22:43लिए तो बढ़िया हो जाएगा। इतना आसान नहीं
- 6:22:45है। आपको पहले मेंटल पीस चाहिए होगा। ऐसा
- 6:22:47नहीं कि आपके पास थोड़ा सा पैसा है और उसी
- 6:22:50से आप ट्रेडिंग से बहुत ज्यादा कमाने के
- 6:22:52बारे में सोच रहे हैं। तो जरूर ध्यान रखना
- 6:22:54जो सपने आपको Instagram पे दिखाए जाते हैं
- 6:22:56वो सिर्फ Instagram पे ही चलते हैं।
- 6:22:58जिंदगी में नहीं चलते हैं। इसके बाद मैंने
- 6:23:00[नाक से की जाने वाली आवाज़] आपको बताया
- 6:23:00स्टॉप लॉस टारगेट जब भी ट्रेड कर रहे हो
- 6:23:02पहले से डिसाइड कर लो। डेली तीन से ज्यादा
- 6:23:04ट्रेड मत लो और ट्रेडिंग जर्नल को मेंटेन
- 6:23:07करो तभी आप लॉन्ग टर्म में प्रॉफिटेबल हो
- 6:23:09पाओगे। तो मैं उम्मीद करता हूं कि आपको यह
- 6:23:11पूरा कोर्स पसंद आया होगा और आपको बहुत
- 6:23:13सारी चीजें सीखने को मिली होंगी। अगर आपको
- 6:23:15यह पसंद आया है तो वीडियो को लाइक और चैनल
- 6:23:17को सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा। साथ ही जो
- 6:23:19भी ट्रेडिंग सीखना चाहते हैं उसके साथ इस
- 6:23:21वीडियो को शेयर जरूर कीजिएगा। और अगर आपने
- 6:23:23डेल्टा एक्सचेंज में अकाउंट ओपन नहीं कर
- 6:23:25रखा है तो लिंक डिस्क्रिप्शन में दे रखा
- 6:23:27है। और अगर आप हमारे लिंक का यूज़ करके
- 6:23:29अपना अकाउंट ओपन करते हैं तो आपको हमारी
- 6:23:30तरफ से अधिरा एi का ₹2,000 का
- 6:23:32सब्सक्रिप्शन बिल्कुल फ्री में मिलता है।
- 6:23:34उसके लिए नीचे Google फॉर्म का लिंक दे
- 6:23:35रखा है। उसको भी जरूर फिल कर लीजिएगा। और
- 6:23:38अगर आप एक यूनिक ट्रेडिंग स्ट्रेटजी सीखना
- 6:23:40चाहते हैं तो आप यहां पर क्लिक करके देख
- 6:23:42सकते हैं।
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