Lucent GK 2026 | Lucent History -2 | Lucent Samaanay Gyan 2026 | Lucent New Edition 2026 | SUNBIK — Transcript
Full transcript
- 0:00नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपके अपने
- 0:02YouTube चैनल सनिक क्लासेस में। हम लोग
- 0:04देख रहे हैं लुसेंट सामान्य ज्ञान के न्यू
- 0:06एडिशन 2026 में दिया हुआ कंटेंट का मास्टर
- 0:09वीडियो जिसमें आज देखेंगे मध्यकालीन भारत।
- 0:12आप इसे जरूर देखिए। कम समय में रिवीजन कर
- 0:15सकते हैं और अगर आपके पास न्यू वाला एडिशन
- 0:17बुक नहीं है तो आपके पास जो पुराने हैं
- 0:20उससे मिलान कीजिए और जो इसमें ऐड किया गया
- 0:23है वह उसमें लिख लीजिए। तो आइए शुरू करते
- 0:26हैं। मध्यकालीन भारत। मध्यकालीन भारत में
- 0:29देखेंगे सबसे पहले 28वां चैप्टर भारत पर
- 0:32अरबों का आक्रमण क्या है? भारत पर अरबों
- 0:34का आक्रमण। मोहम्मद बिन कासिम के नेतृत्व
- 0:37में अरबों ने भारत पर पहला सफल आक्रमण
- 0:40किया था। तो प्रश्न बनता है कि भारत पर
- 0:43पहला सफल आक्रमण किया किसके नेतृत्व में?
- 0:45तो मोहम्मद बिन कासिम के। अरबों ने सिंध
- 0:49पर 712 ईस्वी में विजय पाई थी। अरब अरब
- 0:53आक्रमण के समय सिंध पर किस राजा का शासन
- 0:55था? तो दाहिर का शासन था। क्या ताहिर का
- 0:58शासन था। भारत पर अरब वासियों के आक्रमण
- 1:01का मुख्य उद्देश्य क्या था? तो धन दौलत
- 1:03लूटना तथा इस्लाम धर्म का प्रसार प्रसार
- 1:06करना। अरब वासियों के आक्रमण का मुख्य
- 1:08उद्देश्य था कि धन दौलत यहां से लूट के ले
- 1:10जाना है और इस्लाम धर्म का प्रचार प्रसार
- 1:13करना है। यहां सिंध पर अरबों के विजय की
- 1:17ऐतिहासिक विवरण जो है चंचनामा लेखक जो है
- 1:20अज्ञात है चंचनामा का लेकिन चनामा नामक
- 1:22अरबी भाषा में लिखी पुस्तक से मिलती है।
- 1:25ये प्रश्न आता है कि चंचनामा जो है किस
- 1:27भाषा में लिखा गया है? अरबी में, फारसी
- 1:29में, उर्दू में। तो ये किस में लिखा गया
- 1:31है? यह अरबी में लिखा गया है। इस पुस्तक
- 1:34का फतहनामा ए सिंध या तारीख अल हिंदवल
- 1:37सिंध के नाम से भी जाना जाता है। यह
- 1:40पुस्तक चर्च नामक ब्राह्मण द्वारा सतह
- 1:43स्थापित करने से लेकर राजा दाहिर की हार
- 1:45तक के इतिहास का वर्णन करती है। चचनामा के
- 1:48अनुसार सिक्सवीं और सातवीं शताब्दी में
- 1:51सिंधु देश की राजधानी अरोड़ थी। क्या है?
- 1:54अरोड़ थी। सिंधु देश की राजधानी कहां थी?
- 1:56अरोड़ थी। चंचनामा का फारसी में अनुवाद
- 1:5913वीं शताब्दी में नसीरुद्दीन कुवाचा के
- 2:02काल में मोहम्मद अली बिन अबू बकर कुफी
- 2:05मोहम्मद अली बिन अबू बकर कुफी अली कुफी ने
- 2:08किया था चंचनामा का फारसी में अनुवाद। अब
- 2:12आइए जानते हैं महमूद गजनी के बारे में।
- 2:15932 ईस्वी में अल्पतगिन नामक एक तुर्क
- 2:19सरदार गजनी साम्राज्य की स्थापना की।
- 2:21अल्पतगिन नामक एक तुर्क सरदार जिसकी
- 2:24राजधानी जो है गजनी थी। अल्पतगिन की
- 2:27मृत्यु के पश्चात कुछ समय तक गजनी में
- 2:29प्रीतिगिन ने शासन किया। इसी के शासनकाल
- 2:33जो है इसी के शासनकाल 972 से 977 ईस्वी
- 2:36में सर्वप्रथम भारत पर जो है आक्रमण किया
- 2:39गया। प्रथम तुर्क आक्रमण के समय पंजाब में
- 2:42शाही वंश का शासक जयपाल जो है शासन कर रहा
- 2:45था। जयपाल जो है शासन कर रहा था। अल्पतगिन
- 2:48का गुलाम तथा दामाद सुबुकतगिन 977 ईस्वी
- 2:52में गजनी की गद्दी पर बैठा। अलबत गिन का
- 2:54गुलाम भी था और दामाद था। मुस्लिमों में
- 2:57अक्सर जो है वर्णन मिलेगा इतिहास में
- 2:59मध्यकालीन भारत में उसमें देखा जाता है कि
- 3:02जो गुलाम है वही जो है वो ज्यादातर के
- 3:04दामाद रहता है। तो दामाद सुबुक्तगीन जो है
- 3:07977 में गजनी की गद्दी पर बैठा। महमूद
- 3:10गजनी सुबुक्तगीन का पुत्र था। महमूद गजनी
- 3:13किसका पुत्र था? सुबुक्तगीन का पुत्र था।
- 3:16जिसका जन्म जो है 1 नवंबर 971 ईस्वी में
- 3:20हुआ था। अपने पिता के काल में महमूद गजनी
- 3:23खुरासान का शासक था। जब पिता के काल था तब
- 3:26जो है वो खुरासान का शासक था। महमूद गजनी
- 3:3027 वर्ष की अवस्था में 998 ईस्वी में जो
- 3:32है गद्दी पर बैठा। 998 ईस्वी में बगदाद के
- 3:35खलीफा अल आदिर बिल्लाह ने महमूद गजनी के
- 3:38पद को मान्यता प्रदान करते हुए उसे यमीन
- 3:41उद्दौला यमीन उद्दौला तथा यमीन उल मिल्लाह
- 3:45की जो है उपाधि दी। महमूद गजनी ने भारत पर
- 3:4917 बार आक्रमण किया था। कितने बार 17 बार
- 3:51आक्रमण किया? महमूद के भारतीय आक्रमण का
- 3:53वास्तविक उद्देश्य जो है धन की प्राप्ति
- 3:55था। क्या है? धन की प्राप्ति था। महमूद
- 3:58गजनी एक मूर्ति भंजक आक्रमणकारी था। जब भी
- 4:02यहां पर से आक्रमण करता था बहुत सारा जो
- 4:04है धन लूट कर ले जाता था और बहुत सारे
- 4:06मूर्ति को जो है वो खंड विखंड करके जाता
- 4:09था। इसलिए जो है गजनी का मूर्ति भंजक
- 4:12आक्रमणकारी के नाम से कहा जाने लगा।
- 4:14प्रसिद्ध हुआ। महमूद गजनवी ने भारत पर
- 4:17प्रथम आक्रमण 1000 ईस्वी में किया तथा
- 4:20पेशावर के कुछ भागों पर अधिकार करके वह
- 4:22अपने जो है देश लौट गया। महमूद गजनी ने
- 4:271001 ईस्वी में जो है वो शाही राजा जयपाल
- 4:30के विरुद्ध आक्रमण किया था। इसमें जयपाल
- 4:33की जो है पराजय हुई थी। महमूद गजनी ने जो
- 4:35है 108 ईस्वी में नगरकोट के विरुद्ध हमले
- 4:39को मृत्युवाद के विरुद्ध पहली महत्वपूर्ण
- 4:41जीत जो है बताई जाती है। महमूद गजनी ने
- 4:45थानेश्वर के चक्र स्वामिन थानेस्वर के
- 4:47चक्र स्वामिन की कास्य निर्मित आदम कद
- 4:50प्रतिमा को गजनी बेचकर रंगभूमि में रखवाया
- 4:54था। किसका? तो थानेस्वर के चक्र स्वामिन
- 4:57के। महमूद गजनी का सबसे चर्चित आक्रमण
- 5:001025 ईस्वी का है जो सोमनाथ मंदिर
- 5:02सौराष्ट्र पर हुआ था। 1025 ईस्वी में जो
- 5:05है सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण किया था। इस
- 5:07मंदिर की लूट में उसे करीब 20 लाख दीार की
- 5:10संपत्ति हाथ लगी थी। सोमनाथ की रक्षा में
- 5:13सहायता करने के कारण अनिलवाड़ा के शासक पर
- 5:16महमूद ने आक्रमण किया था। सोमनाथ की रक्षा
- 5:19में सहायता करने के कारण अनिलवाड़ा के
- 5:21शासक पर महमूद ने जो है आक्रमण किया।
- 5:24सोमनाथ मंदिर लूट कर ले जाने के क्रम में
- 5:27महमूद पर जाटों ने आक्रमण किया था और कुछ
- 5:30संपत्ति लूट ली थी। तो कभी-कभी जो है
- 5:32प्रश्न आता है कि सोमनाथ मंदिर लूट कर ले
- 5:35जा रहा था महमूद गजनी। उस पर जो है कौन से
- 5:38कास्ट यानी जाटों ने जो है हमला किया था
- 5:41या किसने उसे जो है रोका था? तो वो है
- 5:44जाटों ने रोका था और कुछ संपत्ति जो है
- 5:46लूट ली थी। सोमनाथ भारत के 12 आदि
- 5:50ज्योतिर्लिंगों में प्रथम है। यह गुजरात
- 5:52में अरब सागर के तट पर है। 13 नवंबर 1947
- 5:55को सरदार वल्लभ भाई पटेल के द्वारा इसका
- 5:57पुनर्निर्माण शुरू करवाया गया। 11 मई 1951
- 6:01के दिन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के
- 6:02द्वारा मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा जो है
- 6:05की गई। महमूद गजनवी का अंतिम भारतीय
- 6:08आक्रमण 1027 ईस्वी में जाटों के विरुद्ध
- 6:10था। महमूद गजनी की मृत्यु जो है 1030
- 6:13ईस्वी में हो गई। इसलिए जो है जाट जो है
- 6:16रोका था तो बाद में जो है 2 साल बाद जाटों
- 6:19के विरुद्ध जो है आक्रमण किया और उसके बाद
- 6:223 साल के बाद 1030 ईस्वी में जो है महमूद
- 6:24गजनी की मृत्यु हो गई। सुल्तान की उपाधि
- 6:27धारण करने वाला प्रथम शासक महमूद गजनी था।
- 6:30महमूद के सेना में सेबंद राय एवं तिलक
- 6:34जैसे हिंदू उच्च पदों पर आसीन थे। अलबरूनी
- 6:37फिरदौसी उतवी तथा फारूखी महमूद गजनी के
- 6:40दरबार में रहते थे। अलबरूनी फिरदौसी उतवी
- 6:43और फरारूकी महमूद गजनी के जो है दरबार में
- 6:46रहते थे। नेक्स्ट है मोहम्मद गौरी। क्या
- 6:49है? मोहम्मद गौरी। गौर महमूद गजनी के अधीन
- 6:53एक छोटा सा राज था। गौर महमूद गजनी के
- 6:56अधीन एक छोटा सा राज्य था। 1173 में
- 6:59शबुद्दीन मोहम्मद गौरी गौर का शासक बना।
- 7:03इसने जो है भारत पर पहला आक्रमण 1175
- 7:06ईस्वी में मुल्तान के विरुद्ध किया था।
- 7:08मुल्तान के विरुद्ध किया था। मोहम्मद गौरी
- 7:11का दूसरा आक्रमण 1178 ईस्वी में पाटन
- 7:14गुजरात पर हुआ। यहां का शासक भीम सकेड ने
- 7:16गौरी को बुरी तरह जो है परास्त किया।
- 7:19मोहम्मद गौरी भारत के विदित प्रदेशों पर
- 7:21शासन का भार अपने गुलाम सेनापतियों को
- 7:24सौंपते हुए जो है गजनी लौट गया। मोहम्मद
- 7:27गौरी की हत्या जो है 15 मार्च 1206 ईस्वी
- 7:31में जो है कर दी गई थी। इससे पहले जो है
- 7:33मोहम्मद गौरी द्वारा लड़ा गया प्रमुख
- 7:35युद्ध देख लेते हैं कि पहला जो है तराइन
- 7:37का प्रथम युद्ध काफी प्रसिद्ध है। 1191
- 7:40ईस्वी में लड़ा गया था। गौरी एवं
- 7:41पृथ्वीराज चौहान के बीच जिसमें चौहान विजय
- 7:44हुआ। प्रश्न कभी-कभी पूछा जाता है कि
- 7:46पृथ्वीराज चौहान क्या थे? पहला थे तो कि
- 7:48दूसरा के तीसरा तो पृथ्वीराज तृतीय थे
- 7:51जिन्हें पृथ्वीराज चौहान जो है कहा जाता
- 7:53था। तरायन का द्वितीय युद्ध हुआ 1192
- 7:56ईस्वी में गौरी एवं पृथ्वीराज चौहान में
- 7:59एक साल बाद ही हुआ है तराइन का द्वितीय
- 8:01युद्ध इसमें गौरी जो है विजय हुआ। चंदावर
- 8:04का युद्ध हुआ 1194 में गौरी एवं जयचंद के
- 8:07बीच गौरी जो है वो विजय हुआ। नोट में
- 8:10तराइन के प्रथम युद्ध में पृथ्वीराज चौहान
- 8:13का सेनापति जो था वो स्कंद था। क्या है?
- 8:15स्कंद था। अब आइए देखते हैं सल्तनत काल।
- 8:19क्या है? सल्तनत काल। इससे काफी ज्यादा जो
- 8:21है प्रश्न पूछा जाता है। सल्तनत काल में
- 8:24देखते हैं पहले गुलाम वंश। गुलाम वंश की
- 8:26स्थापना 1206 ईस्वी में कुतुबुद्दीन ऐबक
- 8:29ने किया था। वह गौरी का गुलाम था। किसका
- 8:32गुलाम था? गौरी का गुलाम था कुतुबुद्दीन
- 8:34ऐबक। और कुतुबुद्दीन ऐबक ने गुलाम वंश की
- 8:37स्थापना किया 1206 ईस्वी में। गुलामों को
- 8:41फारसी में बंदगाह कहा जाता था तथा इन्हें
- 8:43सैनिक सेवा के लिए जो है खरीदा जाता था।
- 8:47मंगोल के बारे में थोड़ा जान लेते हैं कि
- 8:48मंगोल चीन के उत्तर में गोबी के रेगिस्तान
- 8:51के निवासी थे। वह एक घूमने फिरने वाले
- 8:53अर्धसभ्य जाति थी तथा उनका मुख पेशा
- 8:56घोड़ों और अन्य पशुओं का पालन करना था। वे
- 8:59बहुत गंदे रहते थे तथा सभी प्रकार का मांस
- 9:02खाते थे। उनमें स्त्री विषयक नैतिकता का
- 9:05सर्वथा सर्वथा जो है अभाव था। यद्यपि मां
- 9:08का सम्मान करते थे। वे विभिन्न कबीलों में
- 9:11बटे थे। उन्हीं कबीलों में से एक में 1163
- 9:15ईस्वी में तेमुचिन उर्फ़ चंगेज खान का
- 9:18जन्म हुआ। जिसे महान जो है चेंजिंग द
- 9:22ग्रेट और श्रापित द एक्यूरेसेस दोनों
- 9:25पुकारा गया। इसका पिता युसुगाई बहादुर था।
- 9:28क्या है? युसुगाई बहादुर था। किसके पिता?
- 9:30तो चंगेज खान का। अब आइए गुलाम वंश के आगे
- 9:34देखते हैं कि कुतुबुद्दीन ऐबक ने अपना
- 9:35राज्याभिषेक 24 जून 1206 ईस्वी को किया
- 9:38था। कुतुबुद्दीन ऐबक ने अपनी राजधानी
- 9:41लाहौर में बनाई थी। कहां? लाहौर में।
- 9:43कुतुब मीनार की नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने
- 9:45डाली थी। कुतुबुद्दीन ऐबक ने। दिल्ली का
- 9:48कुबत उल इस्लाम मस्जिद एवं अजमेर का ढाई
- 9:51दिन का झोपड़ा नामक मस्जिद का निर्माण ऐबक
- 9:53ने करवाया था। कुतुबुद्दीन ऐबक को लाख
- 9:56बख्श यानी लाखों का दान देने वाला भी कहा
- 9:59जाता था। तो प्रश्न इससे कई बनता है कि
- 10:01कुतुब मीनार का नीव किसने डाला? दिल्ली का
- 10:04कुबत उल इस्लाम मस्जिद एवं अजमेर का ढाई
- 10:07दिन का झोपड़ा नामक मस्जिद का निर्माण
- 10:09किसने करवाया? लाख बख्श किसे कहा जाता है?
- 10:12तो सभी का आंसर जो हो जाएगा कुतुबुद्दीन
- 10:15जाएगा। अब कुतुबुद्दीन ऐबक ने लगभग 1199
- 10:18में कुतुब मीनार का निर्माण करवाया। इस
- 10:21इमारत मीनार की पहली मंजिल का निर्माण
- 10:24कुतुबुद्दीन ऐबक ने तथा शेष मंजिलों का
- 10:26निर्माण 1229 के आसपास इल्तुतमिश द्वारा
- 10:29करवाया गया। उस समय उसकी ऊंचाई 225 फीट और
- 10:33चार मंजिल थी। क्या है? चार मंजिल थी। कब?
- 10:36जब इल्तुतमिश द्वारा पूरा करवाया गया था।
- 10:38तब कई वर्षों में यह इमारत आंधी, तूफान
- 10:40तथा भूकंप की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई।
- 10:43समय-समय पर अलाउद्दीन खिलजी, मोहम्मद
- 10:45तुगलक, फिरोज शाह तुगलक तथा इब्राहिम लोदी
- 10:47ने इसकी मरम्मत करवाई। फिरोज शाह तुगलक के
- 10:50समय बिजली गिरने के कारण इसकी चौथी मंजिल
- 10:53नष्ट हो गई। जिसके कारण फिरज़ ने इसमें दो
- 10:56छोटी मंजिलें बनवा दी। जिससे इसमें पांच
- 10:59मंजिला हो गई और इसकी ऊंचाई 9 फीट बढ़कर
- 11:02234 फीट हो गई। कितना? 234 फीट। तो प्रश्न
- 11:05कभी पूछा जाता है कि कुतुब मीनार में
- 11:08कितने मंजिला है? तो कुतुब मीनार जो है
- 11:10पांच मंजिला है। लेकिन जब बना था उस समय
- 11:12इल्तुतमिश निर्माण कराया था तो चार मंजिला
- 11:15ही था। चलिए नेक्स्ट देखते हैं कि प्राचीन
- 11:18नालंदा विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने वाला
- 11:20एबक का सहायक सेनायक बख्तियार खिलजी था।
- 11:24प्राचीन जो नालंदा विश्वविद्यालय था
- 11:25शिक्षा का केंद्र था उसे ध्वस्त करने वाला
- 11:28जो है बख्तियार खिलजी वो ऐबक का सहायक
- 11:30सेना नायक था। ऐबक की मृत्यु 1210 ईस्वी
- 11:34में चौगान खेलते समय घोड़े से गिरकर हो
- 11:36गई। इसे लाहौर में दफनाया गया। ऐबक का
- 11:39उत्तराधिकारी आराम शाह हुआ जिसने 8 महीनों
- 11:42तक शासन किया। आराम शाह जो है आठ महीनों
- 11:44तक। आराम शाह की हत्या करके इल्तुतमिश जो
- 11:47है 1211 ईस्वी में दिल्ली की गद्दी पर
- 11:50बैठा। 121 में इल्तुतमिश तुर्क
- 11:53तुर्किस्तान का इल्लबरी तुर्क था। इलबर
- 11:56तुर्क था जो ऐबक का गुलाम एवं दामाद भी
- 11:59था। देखिए फिर ऐबक का जो गुलाम भी हुआ और
- 12:01दामाद भी था। ऐबक की मृत्यु के समय वह
- 12:03बदायूं का गवर्नर था। तो प्रश्न पूछा जाता
- 12:06है कि जब ऐबक की मृत्यु हुई थी उस समय
- 12:08इल्तुतमिश जो है कहां का गवर्नर था या जो
- 12:11है सुल्तान बनने से पहले वो कहां का
- 12:13गवर्नर था? इल्तुतमिश लाहौर से राजधानी को
- 12:16स्थानांतरित करके दिल्ली लाया। इसने हौज ए
- 12:19सुल्तानी अथवा राजा का तालाब का निर्माण
- 12:22दिल्ली ए कुना के निकट जो है करवाया था।
- 12:25इल्तुतमिश पहला शासक था जिसने 1229 ईस्वी
- 12:29में बगदाद के खलीफा से सुल्तान पद की
- 12:31वैधानिक स्वीकृति जो है वो प्राप्त की।
- 12:34इल्तुतमिश की मृत्यु अप्रैल 1236 ईस्वी
- 12:38में हो गई। चंगेज खान से बचने के लिए
- 12:41खारिज्म के सम्राट जलालुद्दीन को
- 12:43इल्तुतमिश ने अपने यहां शरण नहीं दी थी।
- 12:46जब चंगेज ख पीछा कर रहा था सम्राट
- 12:49जलालुद्दीन खारिज्म के सम्राट जलालुद्दीन
- 12:52को वो इल्तुतमिश के यहां जो है शरण मांगा
- 12:55था बचने के लिए लेकिन वो चंगेज खान के डर
- 12:58के कारण जो है वो शरण नहीं दिया। किसने
- 13:00नहीं दिया? इल्तुतमिश ने नहीं दिया।
- 13:02इल्तुतमिश [नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 13:03के बाद उसका पुत्र रुक्मुद्दीन फिरोज
- 13:05गद्दी पर बैठा। वह एक अयोग्य शासक था।
- 13:08इसके अल्पकालीन शासन पर उसकी मां जो है
- 13:11शाह तुर्कान छाई रही। मां शाह तुर्कान जो
- 13:13है छाई रही। किसकी? रुकनुद्दीन फिरोज के
- 13:16शासन के समय इल्तुतमिश के महत्वपूर्ण
- 13:19कार्य देख लेते हैं कि कुतुब मीनार के
- 13:20निर्माण को पूर्ण करवाया। सबसे पहले शुद्ध
- 13:23अरबी सिक्के जारी किए। चांदी का टंका एवं
- 13:25तांबा का जीतल इता प्रणाली चलाई। 40 गुलाम
- 13:29सरदारों का संगठन बनाया जो तुर्कान ए
- 13:32चिहलगानी के नाम से जाना गया। सर्वप्रथम
- 13:34दिल्ली के अमीरों का जो है वो क्या किया?
- 13:37दमन किया गया है। दमन किया। शाह तुर्कान
- 13:40के अवांछित प्रभाव से परेशान होकर तुर्की
- 13:43अमीरों ने रुकनुद्दीन को हटाकर रजिया को
- 13:46सिंहासन पर आसीन किया। इस प्रकार रजिया
- 13:49बेगम जो है प्रथम मुस्लिम महिला थी जिसने
- 13:52शासन की बगडोर संभाली। तो प्रश्न पूछा
- 13:54जाता है कि प्रथम मुस्लिम महिला कौन थी
- 13:56जिसने जो है दिल्ली सल्तनत की कमान
- 13:59संभाली? तो वह है रजिया बेगम। क्या है?
- 14:01रजिया बेगम। रजिया ने पर्दा प्रथा को
- 14:04त्याग कर वह पुरुषों की तरह चोगा यानी
- 14:07काबा एवं कुलाह टोपी पहनकर राज दरबार में
- 14:10खुले मुंह से जो है जाने लगी। रजिया ने
- 14:13मलिक जमालुद्दीन याकूद को अमीर या खुर
- 14:16अमीर या खुर घोड़े का सरदार जो है नियुक्त
- 14:19किया। गैर तुर्कों को समंत बनाने के रजिया
- 14:23के प्रयासों से तुर्की अमीर विरुद्ध हो गए
- 14:26और उसे बंदी बनाकर दिल्ली की गद्दी पर
- 14:28मुईजुद्दीन बहराम शाह को जो है बैठा दिया।
- 14:31क्या है? बैठा दिया। रजिया की शादी
- 14:34अल्तुनिया के साथ हुई। इससे शादी करने के
- 14:37बाद रजिया ने पुनः गद्दी प्राप्त करने का
- 14:39प्रयास किया। लेकिन वह असफल रही। रजिया की
- 14:43हत्या 13 अक्टूबर 1240 ईस्वी को डाकुओं के
- 14:46द्वारा कैथल के पास कर दी गई। 13 अक्टूबर
- 14:481240 में जो है डाकुओं के द्वारा कैथल के
- 14:51पास हत्या कर दी गई। रजिया की शादी किससे
- 14:53हुई थी? तो अल्तुनिया के साथ हुई थी।
- 14:55बहराम शाह को बंदी बनाकर उसकी हत्या मई
- 14:591242 ईस्वी में कर दी गई। उसके बाद दिल्ली
- 15:02का सुल्तान जो है अलाउद्दीन मसूद शाह बना।
- 15:05अलाउद्दीन मसूद शाह बना। बलबन ने षड्यंत्र
- 15:09के द्वारा 1246 ईस्वी में अलाउद्दीन मसूद
- 15:12शाह को सुल्तान के पद से हटाकर नसीरुद्दीन
- 15:15महमूद को सुल्तान बना दिया। बलबन ने
- 15:18षड्यंत्र के द्वारा 1246 ईस्वी में
- 15:20अलाउद्दीन मसूद शाह को सुल्तान के पद से
- 15:22हटाकर नसीरुद्दीन महमूद को सुल्तान बना
- 15:25दिया और उससे अपनी पुत्री का जो है विवाह
- 15:28कर दिया। किसने कर दिया? बलबन ने जो है
- 15:30अपनी पुत्री का विवाह किससे करवा दिया? तो
- 15:32नसीरुद्दीन महमूद से कर दिया। नसीरुद्दीन
- 15:36महमूद ऐसा सुल्तान था जो टोपी सीकर अपना
- 15:38जीवन निर्वाह करता था। तो ये काफी
- 15:40इंपॉर्टेंट प्रश्न है। यह भी जो है कई बार
- 15:42पूछा गया है। बलबन का वास्तविक नाम
- 15:45बहाउद्दीन था। वह इल्तुतमिश का गुलाम था।
- 15:47अब बलबन भी इल्तुतमिश का गुलाम था। देखिए
- 15:50मोहम्मद जो है कुतुबुद्दीन ऐबक मोहम्मद
- 15:52गौरी का गुलाम था। अब कुतुबुद्दीन ऐबक का
- 15:56गुलाम जो है इल्तुतमिश था। अब इल्तुतमिश
- 15:59जो है क्या है? बलबन का वास्तविक नाम
- 16:02बाउद्दीन था। वह इल्तुतमिश का गुलाम था।
- 16:03यानी इल्तुतमिश का गुलाम कौन हो गया? तो
- 16:05वो बलबन हो गया। तो इस तरह जो है गुलाम
- 16:07प्रथा चलता रहता था और ज्यादातर जो है
- 16:10अपना दामाद ही रहता था जो गुलाम रहता था।
- 16:13तुर्कान ए चिहलगानी का विनाश जो है बलबन
- 16:15ने किया था। तुर्कान ए चहलगानी क्या था जो
- 16:1840 जो है तुर्कों के सरदारों का जो है एक
- 16:21संगठन था जिसे इल्तुतमिश ने बनाया था।
- 16:24जिसे तुर्काने चहलगानी कहा जाता है। उसका
- 16:26विनाश बलबन ने किया था। बलबन
- 16:28[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 16:281266 ईस्वी में गयासुद्दीन बलबन के नाम से
- 16:32दिल्ली की गद्दी पर बैठा। यह मंगोलों के
- 16:34आक्रमण से दिल्ली की रक्षा करने में जो है
- 16:37वो सफल रहा। किसने? बलबन। राज दरबार में
- 16:41सिजदा एवं पैबोस प्रथा की शुरुआत एवं
- 16:44फारसी रीति-रिवाज पर आधारित नबरोज फारसी
- 16:47साल का पहला दिन उत्सव का प्रारंभ जो है
- 16:49बलबन ने करवाया। अपने विरोधियों के प्रति
- 16:52बलबन ने कठोर लौह एवं रक्त की नीति का
- 16:55पालन किया। यह प्रश्न कई बार पूछा गया है
- 16:57कि सिजदा एवं पवस प्रथा की शुरुआत किसने
- 16:59की? लौह एवं रक्त की नीति का पालन किसने
- 17:02किया? तो सबका आंसर क्या हो जाएगा? तो वो
- 17:04हो जाएगा बलबन। क्या है? बलबन। नसीरुद्दीन
- 17:07महमूद ने बलबन को उल्लू खान। उल्लू खान की
- 17:10उपाधि प्रदान की। बलबन आखेट अभियान के
- 17:13बहाने अपनी सेना को लंबी दूरी तक कवायत
- 17:15कराकर दुरुस्त रखता था। आखेट जो है अभियान
- 17:19के बहाने अपनी सेना को लंबी दूरी तक कवायद
- 17:21कराकर दुरुस्त रखता था यानी फिट रखता था।
- 17:24बलबन के दरबार में फारसी के प्रसिद्ध कवि
- 17:27अमीर खुसरो एवं अमीर हसन रहते थे। अमीर
- 17:30खुसरो एवं अमीर हसन रहते थे। गुलाम वंश का
- 17:33जो है अंतिम शासक समुद समुद्दीन कैमूर था।
- 17:36क्या है? समुद्दीन कैमूर था। अब आइए उसके
- 17:39बाद गुलाम वंश के बाद आया दिल्ली सल्तनत
- 17:42में खिलजी वंश का। 1290 से 1320 ईस्वी तक
- 17:46राज किया लगभग जो है 30 साल गुलाम वंश के
- 17:49शासन को समाप्त कर 13 जून 1290 ईस्वी को
- 17:52जलालुद्दीन फिरोज खिलजी ने खिलजी वंश की
- 17:55स्थापना की इसने किला किलोखरी किलोखरी को
- 17:59अपनी राजधानी बनाया किलोखरी को राजधानी
- 18:02बनाया जलालुद्दीन की हत्या 1296 ईस्वी में
- 18:05उसके भतीजा बदमाद अलाउद्दीन खिलजी ने कड़ा
- 18:09मानिकपुर यानी प्रयाग में कर दी 22
- 18:13अक्टूबर 1296
- 18:15में अलाउद्दीन दिल्ली का जो है सुल्तान
- 18:17बना। जलालुद्दीन की हत्या कर दिया कौन?
- 18:19उसका भतीजा बदामाद अलाउद्दीन। अलाउद्दीन
- 18:23का बचपन का नाम अली तथा गुरशास्त्र था।
- 18:26क्या है? गुर शास्त्र था।
- 18:30अलाउद्दीन खिलजी ने सेना को नगद वेतन देने
- 18:33एवं स्थाई सेना की नीव रखने नीव रखी।
- 18:36दिल्ली के शासकों में अलाउद्दीन खिलजी के
- 18:38पास सबसे विशाल जो है अस्थाई सेना थी।
- 18:41थोड़ा जान लेते हैं अमीर खुसरो के बारे
- 18:43में। अमीर खुसरो का मूल नाम मोहम्मद हसन
- 18:46था। उसका जन्म पटियाली पश्चिम उत्तर
- 18:48प्रदेश में बदाई के पास 1252 ईस्वी में
- 18:51हुआ था। खुसरो प्रसिद्ध सूफी संत शेख
- 18:54निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे। खुसरो मीर
- 18:56खुसरो वह बलबन से लेकर मोहम्मद तुगलक तक
- 18:59दिल्ली सुल्तानों के दरबार में रहे।
- 19:01इन्हें ततीय हिंद यानी भारत का तोता के
- 19:04नाम से जाना जाता है। सितार एवं तबले के
- 19:07आविष्कार का श्रेय जो है अमीर खुसरो को ही
- 19:09दिया जाता है। इन्होंने ही भारतीय संगीत
- 19:12में कवाली गायन का प्रचलित जो है किया।
- 19:15साथ ही इन्हें कई प्रकार के आधुनिक रागों
- 19:17जैसे तिलक, साजगिरी, सरपदा आदि को प्रचलित
- 19:21करने का श्रेय प्राप्त है। इन्हें हिंदी,
- 19:23खड़ी बोली एवं गजलों की जनक भी कहा जाता
- 19:26है। इनकी रचना है दीवान। फारसी में
- 19:29कविताओं का संग्रह को दीवान नूह सिपदर एवं
- 19:32मसनबी देवबल रानी खिज्र खान दुखद प्रेम
- 19:34कथा है। अब आइए देखते हैं अलाउद्दीन के
- 19:38बारे में। तो घोड़ा दागने एवं सैनिकों का
- 19:40हुलिया लिखने की प्रथा की शुरुआत जो है
- 19:42अलाउद्दीन खिलजी ने की। अलाउद्दीन ने
- 19:45भू-राजस्व की दर जो है बढ़ाकर उपज का हाफ
- 19:48भाग कर दिया। आधा कर दिया। यानी जितना आप
- 19:50उपजाइएगा उसका आधा हम ले लेंगे। इसने खम्स
- 19:53लूट के धन में सुल्तान का हिस्सा 1/4 भाग
- 19:56के स्थान पर 3/4 भाग जो है वह कर दिया।
- 19:59इसने व्यापारियों में बेईमानी रोकने के
- 20:02लिए कम तोलने वाले व्यक्ति के शरीर से
- 20:04मांस काट लेने का आदेश दिया। इसने अपने
- 20:07शासनकाल में मूल्य नियंत्रण प्रणाली को
- 20:10दृढ़ता से लागू किया। मूल्य नियंत्रण
- 20:12प्रणाली को जिसको जो मर्जी है वह मूल्य
- 20:14निर्धारण नहीं कर सकता है। राजा के तरफ से
- 20:17ही निर्धारण होता था।
- 20:18[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 20:19दक्षिण भारत की विजय के लिए अलाउद्दीन ने
- 20:21मलिक काफूर को भेजा था। मलिक काफूर को जो
- 20:24है वो भेजा था। जमीयत खाना मस्जिद अलाई
- 20:28दरवाजा सिरी का किला हजार खंभा महल का
- 20:31निर्माण जो है वो अलाउद्दीन ने करवाया था।
- 20:34क्या है? अल्लाउद्दीन ने करवाया था। अब
- 20:36मलिक काफूर को जो है हजार दीारी के नाम से
- 20:39भी जाना जाता है। क्या है? हजार दिनारी के
- 20:41नाम से जाना जाता है। क्योंकि हजार दीार
- 20:43देकर इसे जो है वह खरीदा गया था। नुसरत
- 20:46शाह के द्वारा जो है यह खरीदा गया था।
- 20:48अलाई दरवाजा को इस्लामी वास्तुकला का रत्न
- 20:52कहा जाता है। अलाई दरवाजा को इस्लामी
- 20:54वास्तुकला का रत्न जो है कहा जाता है।
- 20:57दैवीय अधिकार के सिद्धांत को अलाउद्दीन ने
- 20:59चलाया था। दैवी अधिकार के सिकंदर ए सानी
- 21:02की उपाधि से स्वयं को अलाउद्दीन खिलजी ने
- 21:05विभूषित किया था। सिकंदर ए सानी के जो है
- 21:08उपाधि से। बाजार नियंत्रण क्या है? बाजार
- 21:11नियंत्रण करने के लिए अलाउद्दीन खिलजी
- 21:13द्वारा बनाए जाने वाले नवीन पद क्रमानुसार
- 21:15क्या-क्या था? तो दीवान ए रियासत यह
- 21:18व्यापारियों पर नियंत्रण रखता था या बाजार
- 21:20नियंत्रण की पूरी व्यवस्था का संचालन करता
- 21:23था। सहना ए मंडी प्रत्येक बाजार में बाजार
- 21:26का अधीक्षक बरीद बाजार के अंदर घूमकर
- 21:29बाजार का निरीक्षण करता था। मुनियान व
- 21:31गुप्तचर गुप्त सूचना प्राप्त जो है वह
- 21:34करता था जिसे मुनियान व गुप्तचर कहा जाता
- 21:37था। अलाउद्दीन ने मालिक याकूब को दीवान
- 21:41रियासत नियुक्त किया था। मलिक याकूब को
- 21:44दीवान रियासत जो है नियुक्त किया था।
- 21:46अलाउद्दीन द्वारा नियुक्त परवाना नवीस
- 21:49नामक अधिकारी वस्तुओं के परमिट जारी करता
- 21:52था। परवाना नवीस नामक अधिकारी वस्तुओं के
- 21:55जो है परमिट जारी करता था। सहाना ए मंडी
- 21:58यह खदानों की बिक्री हेतु लाया जाता था।
- 22:01सराय-ए अदल यहां वस्त्र, शक्कर, जड़ी बूटी
- 22:04मेवा, दीपक का तेल व अन्य निर्मित वस्तुएं
- 22:06बिकने के लिए आती थी। अलाउद्दीन खिलजी की
- 22:09आर्थिक नीति की व्यापक जानकारी
- 22:12जियााउद्दीन बरनी की कृति तारीख फिरोजशाही
- 22:15से जो है वह मिलती है। खजा फतूह अमीर
- 22:19खुसरो रिहला इब्नब बतूता एवं फतूह असलातीन
- 22:24इस्लामी की कृति है। मूल नियंत्रण मूल्य
- 22:28नियंत्रण को सफल बनाने में मुहत शिव सेंसर
- 22:31एवं नाजिर नापतौल अधिकारी की महत्वपूर्ण
- 22:34भूमिका थी। नाजिर किसे कहा जाता था? नापतल
- 22:36अधिकारी को। राजस्व सुधारों के अंतर्गत
- 22:39अलाउद्दीन ने सर्वप्रथम मिल्क इनाम एवं बफ
- 22:42के अंतर्गत दी गई भूमि को वापस लेकर उसे
- 22:45खालसा भूमि में बदल दिया था। अलाउद्दीन
- 22:48खिलजी के द्वारा लगाए जाने वाले दो नवीन
- 22:50कर थे। चराई कर दुधारू पशुओं पर लगाया
- 22:53जाता था और गढ़ी कर घरों एवं झोपड़ी पर
- 22:56लगाया जाता था। अलाउद्दीन खिलजी के
- 23:00शासनकाल में 1297 से 1306 ईस्वी तक
- 23:03मंगोलों के छह आक्रमण हुए। प्रथम आक्रमण
- 23:061297 ईस्वी में कादर खान के नेतृत्व में
- 23:09दूसरा आक्रमण 1298 ईस्वी में सदी के
- 23:11नेतृत्व में तीसरा आक्रमण 1299 कुतुलुग
- 23:14ख्वाजा के नेतृत्व में चौथा आक्रमण 1303
- 23:17ईस्वी में तारगी के नेतृत्व में पांचवा
- 23:19आक्रमण 1305 ईस्वी में अली बेग और तार
- 23:22तारताक के नेतृत्व में एवं छठा आक्रमण
- 23:251306 ईस्वी में कवक एवं इकबालमंद के
- 23:28नेतृत्व में हुआ था। अलाउद्दीन खिलजी की
- 23:31मृत्यु जो है 5 जनवरी 1316 ईस्वी को हो
- 23:34गई। कुतुबुद्दीन मुबारक खिलजी 1316 ईस्वी
- 23:38को दिल्ली के सिंहासन पर बैठा। इसे नग्न
- 23:41स्त्री पुरुष की संगत पसंद थी। नग्न
- 23:44स्त्री पुरुष की संगत जो है पसंद थी।
- 23:47मुबारक खिलजी कभी-कभी राज दरबार में
- 23:50स्त्रियों का वस्त्र पहनकर आ जाता था।
- 23:52बरनी के अनुसार मुबारक कभी-कभी नग्न होकर
- 23:55दरबारियों के बीच दौड़ा करता था। कौन?
- 23:57मुबारक खिलजी। मुबारक खान ने खलीफा की
- 24:00उपाधि धारण की थी। मुबारक के वजीर खुसरो
- 24:03ने 15 अप्रैल 1320 ईस्वी को इसकी हत्या कर
- 24:07दी और स्वयं दिल्ली के सिंहासन पर बैठा।
- 24:09मुबारक ए वजीर खुसरो खान ने। यानी टोटल जो
- 24:12है वो चार साल जो है वो राज किया कौन?
- 24:15मुबारक खिलजी।
- 24:17खुसरो खान ने पैगंबर के सेनापति की उपाधि
- 24:20धारण की। खुसरो खान ने पैगंबर के सेनापति
- 24:22की उपाधि धारण की। अब आइए तुगलक वंश जो
- 24:261320 से 1398 ईस्वी तक रहा। 5 सितंबर 1320
- 24:30ईस्वी को खुसरो खान को पराजित करके गाजी
- 24:33मलिक या तुगलक गाजी गयासुद्दीन तुगलक के
- 24:36नाम से 8 सितंबर 1320 ईस्वी को दिल्ली के
- 24:40सिंहासन पर बैठा। तुगलक गाजी गयासुद्दीन
- 24:44तुगलक गयासुद्दीन ने अलाउद्दीन के समय में
- 24:47लिए गए अमीरों की भूमि को पुनः जो है वो
- 24:50लौटा दिया। क्या है? लौटा दिया। इसने
- 24:53सिंचाई के लिए कुएं एवं नहरों का निर्माण
- 24:55करवाया। संभता नहरों के निर्माण करने वाला
- 24:58गयासुद्दीन जो है वह प्रथम शासक था।
- 25:01मोहम्मद बिन तुगलक द्वारा क्रियान्वित
- 25:03क्रमश चार योजनाएं कौन-कौन था? दब क्षेत्र
- 25:06में कर वृद्धि 1326 27 में राजधानी
- 25:08परिवर्तन 132627 सांकेतिक मुद्रा का
- 25:11प्रचलन 132930 खुरासान एवं कराचिल का
- 25:15अभियान जो है ये सब जो है चार क्रियान्वित
- 25:18जो है योजनाएं हैं। चलिए नेक्स्ट देखते
- 25:21हैं। गयासुद्दीन तुगलक ने दिल्ली के समीप
- 25:23स्थित पहाड़ियों पर तुगलकाबाद नाम का एक
- 25:25नया नगर स्थापित किया। रोमन शैली में
- 25:28निर्मित इस नगर में एक दुर्ग का निर्माण
- 25:30भी हुआ। इस दुर्ग को छप्पनकोट के नाम से
- 25:33भी जाना जाता है। छप्पनकोट गयासुद्दीन
- 25:36तुगलक की मृत्यु 1325 ईस्वी में बंगाल के
- 25:38अभियान से लौटते समय जूना खान द्वारा
- 25:41निर्मित लकड़ी के महल में दबकर हो गई।
- 25:43जूना खान द्वारा एक लकड़ी के महल निर्मित
- 25:46किया गया था। उसमें दबकर मृत्यु हो गई।
- 25:48गयासुद्दीन के बाद उलूक खान या जूना खान
- 25:52मोहम्मद बिन तुगलक के नाम से 1325 ईस्वी
- 25:55में दिल्ली के सिंहासन पर जो है वो बैठा।
- 25:58मध्यकालीन सभी सुल्तानों में मोहम्मद
- 26:01तुगलक सर्वाधिक शिक्षित विद्वान एवं योग्य
- 26:04जो है वो व्यक्ति था। मोहम्मद बिन तुगलक
- 26:08को अपनी सनक भरी योजनाओं, क्रूर कृतियों
- 26:11एवं दूसरे के सुखदख के प्रति उपेक्षा भाव
- 26:14रखने के कारण स्वप्नशील, पागल एवं रक्त
- 26:17पिपासु जो है कहा गया है। किसे? मोहम्मद
- 26:19बिन तुगलक को। मोहम्मद बिन तुगलक ने कृषि
- 26:23के विकास के लिए अमीर ए कोही। अमीर ए कोही
- 26:26नामक एक नवीन विभाग की जो है स्थापना की।
- 26:29मोहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली
- 26:31से देवगिरी में स्थानांतरित की और इसका
- 26:34नाम जो है दौलताबाद रखा। इबन बतूता के
- 26:37अनुसार दिल्ली के लोग सुल्तान मोहम्मद बिन
- 26:40तुगलक को अपमानजनक पत्र लिखा करते थे।
- 26:42जिससे परेशान होकर सुल्तान ने अपनी
- 26:45राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित
- 26:48करने का जो है वो निर्णय लिया। मोहम्मद
- 26:51बिन तुगलक अपने प्रत्येक मलिक के सम्मान
- 26:53में दो पोशाक दिया करता था। एक जाड़े में
- 26:57और दूसरा जो है गर्मी में। कहा जाता है कि
- 27:00डाक प्रबंधों के द्वारा मोहम्मद बिन तुगलक
- 27:02के लिए ताजे फल खुरासन से एवं पीने के लिए
- 27:05गंगाजल मंगवाया जाता था। सांकेतिक मुद्रा
- 27:09के अंतर्गत मोहम्मद बिन तुगलक ने कासा
- 27:11फरिश्ता के अनुसार तांबा बरणी के अनुसार
- 27:14धातुओं के सिक्के चलाए। जिनका मूल्य चांदी
- 27:17के रूप में टंका के बराबर होता था।
- 27:19एडवर्ड्स थॉमस ने मोहम्मद बिन तुगलक को
- 27:21प्रिंस ऑफ मनियर्स प्रिंस ऑफ मनियर्स की
- 27:25संज्ञा दी है। सांकेतिक मुद्रा का प्रयोग
- 27:28चीन के कुबई खान एवं ईरान के गजन खान नामक
- 27:31एक मंगोल शासक ने भी किया था। अफ्रीकी
- 27:35मोरक्को यात्री इबनबतूता लगभग जो है 1333
- 27:39ईस्वी में भारत आया। सुल्तान ने इसे
- 27:41दिल्ली का काजी नियुक्त किया। 1342 में
- 27:43सुल्तान ने इसे अपने राजदूत के रूप में जो
- 27:46है चीन भेजा। किसे? इबन बतूता को कहां के
- 27:49यात्री था? तो मोरक्को के यात्री था। इबन
- 27:52बतूता की पुस्तक रेहला में मोहम्मद तुगला
- 27:54के समय की घटनाओं का वर्णन है। इसने अपनी
- 27:57पुस्तक में विदेशी व्यापारियों के आवागमन,
- 28:00डाक चौकियों की स्थापना यानी डाक व्यवस्था
- 28:02एवं गुप्तचर व्यवस्था के बारे में लिखा
- 28:05है। इसके अनुसार भारतीय डाक व्यवस्था दो
- 28:07प्रकार के थे। अश्व डाक व्यवस्था जिसे
- 28:09उल्लू कहा जाता था। पैदल डाक व्यवस्था
- 28:12जिसे दावा कहा जाता था। इसने नगाड़ों की
- 28:15भारी ध्वनि के बीच एक स्त्री को सती होने
- 28:18के दृश्य का वर्णन किया है। इसके कथान
- 28:20अनुसार सती होने के लिए सुल्तान से अनुमति
- 28:23लेनी पड़ती थी। मोहम्मद तुगलक के समय जिया
- 28:26नकसबी पहला व्यक्ति था जिसने संस्कृत
- 28:29कथाओं की एक श्रृंखला का फारसी में अनुवाद
- 28:31किया था। इस पुस्तक का नाम तूतीनामा था।
- 28:34तूतीनामा था। जिसमें एक तोता एक ऐसी
- 28:37बिरहणी नायिका की कहानी सुनाता है जिसका
- 28:40पति यात्रा पर जो है गया है। मोहम्मद
- 28:43तुगलक ने जीन प्रभु सूरी जीन प्रभु सूरी
- 28:45नामक जैन साधु को अपने दरबार में बुलाकर
- 28:48सम्मान प्रदान किया था। मोहम्मद बिन तुगलक
- 28:51की मृत्यु 20 मार्च 1351 ईस्वी को सिंध
- 28:54जाते समय थट्टा के निकट गोडाल में हो गई।
- 28:57मोहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में दक्षिण
- 29:00में हरिहर एवं बुक्का नामक दो भाइयों ने
- 29:02जो है 1336 ईस्वी में स्वतंत्र राज्य
- 29:05विजयनगर की जो है स्थापना की। महाराष्ट्र
- 29:09में अल्लाउद्दीन बहमन शाह ने 1347 ईस्वी
- 29:13में स्वतंत्र बहमनी राज्य की जो है
- 29:15स्थापना की। मोहम्मद बिन तुगलक के मृत्यु
- 29:18पर इतिहासकार बदायूं लिखता है कि अतः
- 29:21लोगों को उससे मुक्ति मिली और उसे लोगों
- 29:24से मोहम्मद बिन तुगलक की मृत्यु पर
- 29:26इतिहासकार बदायूंनी लिखता है कि अतः लोगों
- 29:29को उससे मुक्ति मिली और उसे लोगों से
- 29:32मोहम्मद बिन तुगलक शेख अलाउद्दीन का शिष्य
- 29:35था। वह सल्तनत का पहला शासक शासक था जो
- 29:38अजमेर में शेख मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह
- 29:41और बहराइच में सलार मसूद गाजी के मकबरे
- 29:44में गया। मोहम्मद बिन तुगलक ने बदायूं में
- 29:48मीरन मुलहिम दिल्ली में शेख निजामुद्दीन
- 29:51औलिया मुल्तान में शेख रुकनुद्दीन अजुदन
- 29:55में शेख मुल्तान आदि संतों की कब्र पर
- 29:58मकबरे जो है बनवाए किसने? मोहम्मद बिन
- 30:00तुगलक ने। फिरोज शाह तुगलक का राज्याभिषेक
- 30:04थट्टा के नजदीक 20 मार्च 1351 को हुआ।
- 30:08पुनः फिरोज का राज्याभिषेक दिल्ली में
- 30:10अगस्त 1351 को हुआ। खलीफा द्वारा इसे
- 30:13कासिम अमीर अल मोमिन कासिम अमीर अल मोमिन
- 30:17की उपाधि दी गई। राजस्व व्यवस्था के
- 30:21अंतर्गत फिरोज ने अपने शासनकाल में 24
- 30:24कष्टदायक करों को समाप्त कर केवल चार कर
- 30:27खराज लगान खुमस युद्ध के लूट कमाल, जजिया
- 30:30एवं जकात को वसूल करने का आदेश दिया। वह
- 30:33ब्राह्मणों पर जजिया लागू करने वाला पहला
- 30:35मुसलमान शासक था। उसने एक नया कर सिंचाई
- 30:38कर भी लगाया जो उपज का 1/10 भाग था। फिरोज
- 30:43तुगलक ने पांच बड़ी नहरों का निर्माण
- 30:45करवाया तथा 300 नए नगरों की स्थापना की।
- 30:48इनमें हिसार, फिरोजाबाद, दिल्ली,
- 30:51फतेहाबाद, जौनपुर, फिरोजपुर प्रमुख है।
- 30:54इसके शासनकाल में खिजराबाद, खिजराबाद,
- 30:57टोपरा गांव एवं मेरठ से अशोक के दो
- 31:00स्तंभों को लाकर दिल्ली में स्थापित किया
- 31:02गया। टोपरा स्थित अशोक स्तंभ के परिवहन का
- 31:05चित्रित वर्णन सीरत ए फिरोजशाही लेखक जो
- 31:09है अज्ञात में जो है मिलता है। सीरत ए
- 31:11फिरोजशाही में सुल्तान फिरोज तुगलक ने
- 31:14अनाथ मुस्लिम महिलाओं विधवाओं एवं
- 31:16लड़कियों की सहायता के लिए एक नए विभाग
- 31:18दीवान खैरात की स्थापना की। दीवान खैरात
- 31:21की स्थापना की। सल्तनत कालीन सुल्तानों के
- 31:24शासनकाल में सबसे अधिक दासों की संख्या
- 31:27करीब जो है 18800 फिरोजशाह तुगलक के समय
- 31:31थी। दासों की देखभाल के लिए फिरोज ने एक
- 31:33नए विभाग दीवान बंदगान की स्थापना की।
- 31:36इसने सैन्य पदों को वंशानुगत जो है बना
- 31:39दिया। इसने अपनी आत्मकथा फतूहत ए
- 31:42फिरोजशाही फतूहत ए फिरोजशाही की जो है
- 31:45रचना की। इसने जियााउद्दीन बरनी एवं शम्स
- 31:48ए सिराज अफीम को अपना जो है संरक्षण
- 31:51प्रदान किया। फिरोज तुगलक के नागरकोट
- 31:55वर्तमान में कांगड़ा अभियान 1361 के दौरान
- 31:58ज्वालामुखी मंदिर के पुस्तकालय से संस्कृत
- 32:01के 1300 ग्रंथ प्राप्त हुए। उनमें से कुछ
- 32:03को लगभग 300 का फारसी भाषा में अनुवाद
- 32:06अजीजुद्दीन किरमानी नामक फारसी के विद्वान
- 32:09ने किया। संस्कृत में फारसी भाषा में
- 32:12अनुदित सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ दलायल ए
- 32:15फिरोज़ शाही थी जो दर्शन और नक्षत्र
- 32:17विज्ञान से संबंधित ग्रंथ था। दलायल ए
- 32:20फिरोज़ शाही। इसने चांदी एवं तांबे के
- 32:23मिश्रण से निर्मित सिक्के भारी संख्या में
- 32:25जारी करवाए जिसे अद्धा एवं बिख कहा जाता
- 32:28है। अद्धा एवं बिख कहा जाता था। फिरोज
- 32:32तुगलक की मृत्यु सितंबर 1388 ईस्वी में हो
- 32:35गई। फिरोज काल में निर्मित खान- जहां
- 32:38तेलंगाने के मकबरा की तुलना जेरूसलम में
- 32:41निर्मित उमर के मस्जिद से की जाती है।
- 32:44सुल्तान फिरोज तुगलक ने दिल्ली में कोटला
- 32:47फिरोजशाह दुर्ग का जो है निर्माण करवाया।
- 32:50तुगलक वंश का अंतिम शासक नसीरुद्दीन महमूद
- 32:53तुगलक था। इसका शासन दिल्ली से पालम तक ही
- 32:56रह गया। यह प्रश्न पूछा जाता है कि तुगलक
- 32:58वंश का अंतिम शासक नसीरुद्दीन महमूद तुगलक
- 33:00था और इसका शासन कहां से कहां तक रह गया?
- 33:02तो दिल्ली से पालम तक ही रह गया था। तैमूर
- 33:05लंग ने सुल्तान नसीरुद्दीन महमूद तुगलक के
- 33:08समय 1398 ईस्वी में दिल्ली पर जो है
- 33:10आक्रमण किया था। नसीरुद्दीन के समय ही
- 33:14मलिक कुसक मलिक कुसरशक कुर्वाधिपति की
- 33:18उपाधि धारण कर एक मलिक सरवर ने
- 33:20जौनपुर में एक स्वतंत्र राज्य की जो है
- 33:23स्थापना की। अब आइए देखते हैं सैयद वंश
- 33:261414 से लेकर 14519 ईस्वी तक राज किया।
- 33:29सैयद वंश का संस्थापक खिज्र खान था। इसने
- 33:32सुल्तान की उपाधि ना धारण कर अपने को रयत
- 33:35एआला की उपाधि से ही खुश रखा। खिज्र खान
- 33:38तैमूर लंका सेनापति था। भारत से लौटते समय
- 33:41तैमूर लंग ने खिज्र खान को मुल्तान, लाहौर
- 33:44एवं दिवालपुर का शासक नियुक्त किया। खिज्र
- 33:47खान नियमित रूप से तैमूर के पुत्र शाहरुख
- 33:50को कर भेजता था। खिज्र खान की मृत्यु 20
- 33:53मई 1421 ईस्वी को हो गई। खिज्र खान के
- 33:57पुत्र मुबारक खान ने शाह की उपाधि धारण की
- 34:00थी। शाह की उपाधि धारण की थी। याहिया बिन
- 34:04अहमद सरहिंदी को मुबारक शाह का संरक्षण
- 34:06प्राप्त था। इसकी पुस्तक तारीख मुबारक
- 34:09शाही में सैयद वंश के विषय में जानकारी
- 34:12मिलती है। यमुना के किनारे मुबारकाबाद की
- 34:15स्थापना मुबारक शाह ने की थी। मुबारक शाह
- 34:18ने की थी। सैयद वंश का अंतिम सुल्तान
- 34:21अल्लाउद्दीन आलम शाह था। अलाउद्दीन आलम
- 34:23शाह था। सैयद वंश का शासन करीब 37 वर्षों
- 34:26तक चला। कितना? 37 वर्षों तक जो है चला।
- 34:29अब आइए बात करते हैं लोदी वंश जो 1451 से
- 34:331526 ईस्वी तक चला। लोदी वंश का संस्थापक
- 34:37बहलोल लोदी था। वह 19 अप्रैल 1451 ईस्वी
- 34:40को बहलोल शाहगाजी की उपाधि से दिल्ली के
- 34:43सिंहासन पर बैठा। दिल्ली पर प्रथम अफगान
- 34:46राज्य की स्थापना का श्रेय जो है बहलोल
- 34:48लोदी को दिया जाता है। बहलोल लोदी ने
- 34:51बहलोल सिक्के का प्रचलन करवाया। वह अपने
- 34:54सरदारों को मकसद ए अली मकसद ए अली कहकर जो
- 34:57है पुकारता था। वह अपने सरदारों के खड़े
- 35:01रहने पर स्वयं भी खड़ा रहता था। किसने? तो
- 35:04बहलोल लोदी बहलोल लोदी का पुत्र निजाम खान
- 35:0717 जुलाई 1489 ईस्वी में सुल्तान सिकंदर
- 35:11शाह की उपाधि से दिल्ली के सिंहासन पर
- 35:13बैठा। 1504 ईस्वी में सिकंदर लोदी ने आगरा
- 35:16शहर की स्थापना की। सिकंदर लोदी ने आगरा
- 35:18शहर की स्थापना कब की? तो 1504 ईस्वी में।
- 35:21भूमि के लिए मापन के प्रमाणिक पैमाना गजे
- 35:24सिकंदरी का प्रचलन सिकंदर लोदी ने किया।
- 35:27गुलुरुखी शीर्षक से फारसी कविताएं लिखने
- 35:30वाला सुल्तान सिकंदर लोदी था। क्या है?
- 35:32सिकंदर लोदी था। सिकंदर लोदी ने आगरा को
- 35:35अपनी नई राजधानी बनाया। इसके आदेश पर
- 35:37संस्कृत के एक आयुर्वेद ग्रंथ का फारसी
- 35:40में फरहंगे सिकंदरी के नाम से अनुवाद हुआ।
- 35:43इसने नगरकोट के ज्वालामुखी मंदिर की
- 35:45मूर्ति को तोड़कर उसके टुकड़ों को कसाइयों
- 35:48की मांस तोलने के लिए दे दिया था। इसने
- 35:51मुसलमानों को ताजिया निकालने एवं मुसलमान
- 35:54स्त्रियों को पीरों तथा संतों के मजार पर
- 35:57जाने पर जो है प्रतिबंध लगा दिया। गले की
- 36:00बीमारी के कारण सिकंदर लोदी की मृत्यु 21
- 36:03नवंबर 1517 ईस्वी को हो गई। इसी दिन इसका
- 36:06पुत्र इब्राहिम इब्राहिम शाह की उपाधि से
- 36:08आगरा के सिंहासन पर बैठा। संभवतया दिल्ली
- 36:12के सुल्तानों में सिकंदर लोदी प्रथम
- 36:14सुल्तान था जो हिंदुओं के त्यौहारों
- 36:16मुख्यता होली में भाग लेता था। दिल्ली की
- 36:20मोठ मस्जिद सिकंदर लोदी के प्रधानमंत्री
- 36:22यानी वजीर मियां भोया ने 1505 ईस्वी में
- 36:26बनाई थी। दिल्ली की मोठ मस्जिद सिकंदर
- 36:28लोदी के प्रधानमंत्री मियां भैया ने 1505
- 36:31ईस्वी में बनवाई थी। 21 अप्रैल 1526 ईस्वी
- 36:35को पानीपत के प्रथम युद्ध में इब्राहिम
- 36:37लोदी बाबर से हार गया। इस युद्ध में वह
- 36:40मारा गया। बाबर को भारत पर आक्रमण के लिए
- 36:43निमंत्रण पंजाब के शासक दौलत खान लोदी एवं
- 36:46इब्राहिम लोदी के चाचा आलम खान ने दिया
- 36:50था। सल्तनत कालीन शासन व्यवस्था देख लेते
- 36:53हैं। केंद्रीय प्रशासन के मुखिया जो है वह
- 36:56सुल्तान होता था। क्या है? सुल्तान। बलबम
- 36:58बलबन एवं अलाउद्दीन के समय अमीर जो है
- 37:01प्रभावहीन हो गए। अमीरों का महत्व
- 37:04चरमोत्कर्ष परश था। लोदी वंश के शासनकाल
- 37:07में। सल्तनत काल में मंत्री परिषद को
- 37:10मजलिस ए खलवत। मजलिस ए खलवत कहा गया।
- 37:13मजलिस ए खास में मजलिस ए खलवत की बैठक
- 37:17होती थी। बार-ए खास इसमें सुल्तान सभी
- 37:21दरबारियों, खानों, अमीरों, मालिकों और
- 37:23अन्य रईसियों को जो है बुलाता था। बार-ए
- 37:27आजम सुल्तान राजकीय कार्यों का अधिकांश
- 37:30भाग जो है पूरा करता था। सल्तनत काल में
- 37:33दीवान रियासत, धार्मिक मामलों, पवित्र
- 37:35स्थानों तथा योग विद्वानों और धर्म परायण
- 37:39लोगों को वजीफा देता था। इसका अध्यक्ष
- 37:42प्रमुख सदर होता था जो सदानतः प्रधान काजी
- 37:45होता था। या न्याय विभाग का भी अध्यक्ष जो
- 37:48है होता था। दीवान इंसा नामक विभाग राज्य
- 37:52के पत्राचार से संबंध जो है वो रखता था।
- 37:55क्या है? रखता था। अब मंत्री एवं उसके
- 37:58संबंधित विभाग देख लीजिए। काफी ज्यादा
- 37:59इससे पूछा जाता है। वजीर प्रधानमंत्री
- 38:02होता था। राजस्व विभाग का प्रमुख मुशरफ ए
- 38:04मुमालिक महालेखाकार प्रांतों एवं अन्य
- 38:08विभागों से प्राप्त आय एवं व्यय का लेखा
- 38:11जोखा रखता था। कौन? मुशरफ ए मुमालिक।
- 38:14मजमुआदर उधार दिए गए धन का हिसाब रखना
- 38:17खजीन कोषाध्यक्ष होता था खजीन आरिज ए
- 38:21मुमालिक दीवान अर्ज अथवा सैन विभाग का
- 38:24प्रमुख होता था आरिज ए मुमालिक सर्द उस
- 38:27सुदूर धर्म विभाग एवं दान विभाग का प्रमुख
- 38:31काजी उल कजात सुल्तान के बाद न्याय का
- 38:34सर्वोच्च अधिकारी बरीद ए मुमालिक गुपचर
- 38:38विभाग का प्रमुख अधिकारी वकील एदर सुल्तान
- 38:41की व्यक्तिगत सेवाओं की देखभाल दीवान
- 38:44खैरात दान विभाग दीवान बंदगान दास विभाग
- 38:48दीवान इस्तहाक पेंशन विभाग विभाग और बनाने
- 38:53वाला सुल्तान भी पूछा जाता है कि दीवान
- 38:55मुस्तक राज क्या है विध विभाग था
- 38:57अलाउद्दीन खिलजी ने बनाया था दीवाने को ही
- 39:01कृषि विभाग को कहा जाता था मोहम्मद बिन
- 39:03तुगलक ने बनवाया था दीवान-ए-असैन विभाग था
- 39:06बलबन ने बनवाया था दीवान बंदगान जो है
- 39:08फिरोजशाह तुगलक ने बनवाया था दीवान खैरात
- 39:12जो है फिरोज शाह तुगलक ने दीवान इस्तिहाक
- 39:15जो है वह भी फिरोज शाह तुगलक ने बनवाया
- 39:17था। साम्राज्य के विभिन्न भागों में चल
- 39:20रही गतिविधियों की पूर्ण जानकारी के लिए
- 39:22दूतों की नियुक्ति की जाती थी। यह दूत
- 39:24बरीद कहलाते थे। शासक के सबसे ज्यादा
- 39:27विश्वास पात्र लोग ही मुख बरीद के पद पर
- 39:30नियुक्त किए जाते थे। लोक निर्माण विभाग
- 39:33की स्थापना फिरोज तुगलक ने की थी। यह
- 39:35विभाग नहरों तथा सार्वजनिक भवनों का
- 39:37निर्माण जो है करता था। सल्तनत अनेक
- 39:40प्रांतों में बटा हुआ था जिसे इक्ता या
- 39:42सूबा कहा जाता था। यहां का शासन नायाब या
- 39:45बलि या मुक्ति द्वारा होता था। इक्ताओं को
- 39:49सिक्कों यानी जिलों में विभाजित किया गया
- 39:51था। जहां का प्रमुख अधिकारी सिकदार होता
- 39:53था जो एक सैनिक अधिकारी था। क्या है?
- 39:55सैनिक अधिकारी था। राजस्व कार्य व्यवस्था
- 39:58क्या था? उ्र। मुसलमानों से लिए जाने वाला
- 40:01भूमि कर। खराज गैर मुसलमानों से लिए जाने
- 40:04वाला भूमि कर। जकात क्या था? मुसलमानों पर
- 40:07धार्मिक कार्य। संपत्ति का 40वां हिस्सा
- 40:09जजिया क्या था? तो गैर मुसलमानों पर
- 40:11धार्मिक कर। नोट खमस या लूटे हुए धन खानों
- 40:15अथवा भूमि में गड़े हुए खजानों से प्राप्त
- 40:17संपत्ति का 1/5 भाग था। जिस पर सुल्तान का
- 40:20अधिकार था और शेष जो है 4/5 भाग पर उसके
- 40:23सैनिकों अथवा खजाने को प्राप्त करने वाले
- 40:25व्यक्ति का अधिकार होता था। परंतु फिरोज़
- 40:28तुगलक को छोड़कर अन्य सभी शासकों ने 4/5
- 40:31हिस्सा स्वयं अपने लिए रखा। सुल्तान
- 40:33सिकंदर लोदी ने गढ़े हुए खजानों में से
- 40:36कोई हिस्सा जो है नहीं लिया। क्या है?
- 40:38नहीं लिया। सिक्कों को परगनों में विभाजित
- 40:41किया गया था। आमिल परगने का मुख्य अधिकारी
- 40:44था और मुशरिफ लगान को निश्चित करने वाला
- 40:47अधिकारी था। एक शहर या 100वा 100 गांवों
- 40:51के शासन की देखरेख अमीर ए सदा नामक
- 40:54अधिकारी करता था। अमीर ए सदा। प्रशासन के
- 40:57सबसे छोटी इकाई ग्राम होता था। ग्राम में
- 41:00सबसे अधिक प्रभावशाली लोग खुद छोटे
- 41:02जमींदार और मुकदम मुखिया होते थे। ग्राम
- 41:05का एक पटवारी होता था। ग्राम का एक पटवारी
- 41:08होता था। सुल्तान की स्थाई सेना को खासखेल
- 41:12नाम दिया गया था। क्या है? खासखेल नाम
- 41:13दिया गया था। मंगोल सेना के वर्गीकरण की
- 41:18दशमलव प्रणाली को सल्तनत कालीन शैल
- 41:20व्यवस्था का आधार बनाया गया। मंगोल सेना
- 41:22के जो वर्गीकरण की दशमलव प्रणाली था उसी
- 41:25को सल्तनत कालीन सैन्य व्यवस्था का आधार
- 41:28बनाया गया था। सल्तनत काल में बारूद की
- 41:31सहायता से गोला फेंकने वाली मशीन को
- 41:33मांगलिक अथवा राद कहा जाता था। 10
- 41:38अश्वारोही बराबर एक सर एक खेल 10 सर एक
- 41:41खेल बराबर एक सिपा सलाहकार 10 सिपा
- 41:43सलाहकार बराबर एक अमीर 10 अमीर बराबर एक
- 41:46मलिक 10 मलिक बराबर एक खान होता था।
- 41:49अलाउद्दीन खिलजी ने इता प्रथा को समाप्त
- 41:52किया। इता प्रथा को समाप्त किसने किया?
- 41:54अलाउद्दीन खिलजी ने। इता प्रथा को दोबारा
- 41:57शुरुआत फिरोजशाह तुगलक ने की। सल्तनत काल
- 42:01में अच्छी नस्ल के घोड़े तुर्की, अरब एवं
- 42:03रूस से मंगाए जाते थे। हाथी जो है मुख्यतः
- 42:06बंगाल से मंगाए जाते थे। बंगाल से स्थान
- 42:09और प्रसिद्धि के कारण जैसे सरसों अच्छी
- 42:11किस्म के चावल के लिए अनहबाड़ा अनहिवाड़ा
- 42:14व्यापारियों का तीर्थ स्थल के रूप में
- 42:16सतगांव रेशमी रजाइयों के लिए सतगांव
- 42:18प्रसिद्ध था। आगरा नील उत्पादन के लिए
- 42:20प्रसिद्ध था और बनारस सोने चांदी एवं जड़ी
- 42:23काम के लिए जो है प्रसिद्ध था बनारस।
- 42:26[गला साफ़ करने की आवाज़] सल्तनत कालीन
- 42:27कानून शरीयत कुरान एवं हदीस पर आधारित था।
- 42:30जो सल्तनत कालीन कानून था वो शरीयत कुरान
- 42:33एवं हदीस पर आधारित था। मुस्लिम कानून के
- 42:36चार महत्वपूर्ण स्रोत थे। कुरान, हदीस,
- 42:39इज्मा व कयास। कुरान, हदीस, इज्मा व कयास।
- 42:44सुल्तान सप्ताह में दो बार दरबार में
- 42:46न्याय करने के लिए उपस्थित जो है होता था।
- 42:49सल्तनत काल में लगान निर्धारित करने की
- 42:52मिश्रित प्रणाली को मुक्ताई कहा गया।
- 42:54मुक्ताई कहा गया है। भूमि की नाप जो करने
- 42:58के बाद क्षेत्रफल के आधार पर लगान का
- 43:00निर्धारण मसाहत कहलाता था। मसाहत कहलाता
- 43:03था। इसकी शुरुआत अल्लाउद्दीन ने की है।
- 43:06पूर्णतः केंद्र के नियंत्रण में रहने वाली
- 43:09भूमि खालसा भूमि कहलाती थी। क्या कहलाती
- 43:11थी? खालसा भूमि कहलाती थी। अलाउद्दीन ने
- 43:14दान दी गई अधिकांश भूमि को छीनकर खालसा
- 43:16भूमि में परिवर्तित कर दिया। अलाउद्दीन ने
- 43:19दान दी गई अधिकांश भूमि को छीनकर खालसा
- 43:21भूमि में परिवर्तित कर दिया। सल्तनत कालीन
- 43:24मुद्रा व्यवस्था चांदी के टंके और तांबे
- 43:27के दरहम पर आधारित है। तांबे के दरहम पर
- 43:30देबल जो है सल्तनत काल में अंतरराष्ट्रीय
- 43:33बंदरगाह के रूप में प्रसिद्ध था। देबल जो
- 43:34है सल्तनत काल में अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह
- 43:36के रूप में प्रसिद्ध था। अब आइए देखते हैं
- 43:39अगला चैप्टर विजयनगर साम्राज्य। क्या है?
- 43:41विजयनगर साम्राज्य। इससे एक प्रश्न जो है
- 43:43हर एक एग्जाम में जरूर पूछा जाता है।
- 43:45विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ईस्वी
- 43:48में हरिहर एवं बुक्का नामक दो भाइयों ने
- 43:50की थी। जो पांच भाइयों के परिवार के अंग
- 43:53थे। विजयनगर का शाब्दिक अर्थ होता है जीत
- 43:56का शहर। क्या है? जीत का शहर। हरिहर एवं
- 44:00बुक्का ने विजयनगर की स्थापना श्रृंगेरी
- 44:02शारदा पीठ के संत विद्या्य से आशीर्वाद
- 44:05प्राप्त कर की थी। हरिहर एवं बुक्का ने
- 44:08अपने पिता संगम के नाम पर संगम राजवंश की
- 44:11जो है स्थापना की। विजयनगर साम्राज्य की
- 44:14राजधानी हम्पी थी। विजयनगर साम्राज्य के
- 44:17खंडहर तुंगभद्रा नदी पर स्थित है। जो
- 44:19खंडहर है वह तुंगभद्रा नदी के पर स्थित
- 44:21है। संगम वंश के प्रमुख शासक था। पहले
- 44:24हरिहर बना 1336 से 1356 ईस्वी फिर बुक्का
- 44:27वन बना 1356 से 1377 हरिहर सेकंड बना 1377
- 44:31से 1404 फिर देवराय प्रथम बना 1406 से
- 44:351422 देवराज सेकंड बना 1422 से 1446
- 44:39मलिकार्जुन बना 1446 से 1465 अब बिरुपाल
- 44:42सेकंड बना 1465 से 1485 तक विजयनगर
- 44:47साम्राज्य की राजभाषा जो थी वो तेलुगु थी
- 44:50क्या थी तेलुगु थी हम्पी के भंगना वशेषों
- 44:53को कर्नल कोिन मैकेंजी ईस्ट इंडिया कंपनी
- 44:56के ब्रिटिश अधिकारी द्वारा प्रकाश में
- 44:58लाया गया। हम्पी के भगना बसेसों को हरिहर
- 45:01एवं बुक्का पहले बरंगल के काकतीय शासक
- 45:04प्रताप रुद्रदेव के संबंध थे। हरिहर एवं
- 45:06बुक्का विजयनगर साम्राज्य पर क्रमश निम्न
- 45:09वंशों ने शासन किया। पहले संगम किया फिर
- 45:12सलूब किया फिर तुलुब किया। फिर जो है
- 45:14अराबिडो वंश जो है शासन किया। बुक्का बन
- 45:18ने वेद मार्ग प्रतिष्ठापक की उपाधि धारण
- 45:20की। वेद मार्ग प्रतिस्थापक की उपाधि धारण
- 45:24की। हरियर सेकंड ने संगम शासकों में सबसे
- 45:27पहले महाराजा अधिराज की जो है उपाधि धारण
- 45:30की। इटली की यात्री निकोला कांटी निकोला
- 45:34कांटी विजयनगर की यात्रा पर देवराय प्रथम
- 45:37के शासनकाल में आया। इसने दास प्रथा के
- 45:39बारे में जो है विस्तृत वर्णन किया है।
- 45:42देवराय प्रथम ने तुंगभद्रा नदी पर एक बांध
- 45:45बनवाया ताकि जल की कमी दूर करने के लिए
- 45:47नगर में नहरे ला सके। सिंचाई के लिए उसने
- 45:49हरिंद्रा नदी पर भी बांध बनाया। हरिंद्रा
- 45:52नदी पर बांध बनाया। संगम वंश का सबसे
- 45:54प्रतापी राजा देवराय द्वितीय था। इसे
- 45:57इमाडी देवराय भी कहा जाता है। इमाडी
- 46:00देवराय भी कहा जाता है। अष्ट दिग्गज में
- 46:03शामिल कवि देख लेते हैं क्योंकि यह देवराय
- 46:06सेकंड द्वितीय के समय था कौन-कौन? तो अलस
- 46:08सनी पदन रचना मनु चरितम एवं हरि कथा सागर
- 46:14नंदी तिस्म था परिजात हरण रचना किए
- 46:16भट्टमूर्ति नर्स भूपालियम और हरिश्चंद्रन
- 46:20लोपाख्यानम
- 46:22धुरजति धुरजति के रचना कर धुरजति जो है
- 46:25किस चीज के रचना किए तो कल हस्ती महात्मय
- 46:29मल्लन जो है किए थे राजशेखर चरित्र
- 46:31अचुतराज रामचंद्र जो है वो किए थे सकल
- 46:34कथासार संग्रह एवं रामा भदुदम पिंगाली
- 46:39सूरत किए थे राघव पांड्य तेनाली रामकृष्णन
- 46:42जो है ये थे पांडुरंग महामय
- 46:46फारसी राजदूत अब्दुल रजाक देवराज सेकंड के
- 46:49शासनकाल में विजयनगर आया था इसके अनुसार
- 46:52विजयनगर में पुलिस वालों का वेतन वैश्यालय
- 46:55की आय से दी जाती थी। पुलिस वालों का वेतन
- 46:58वैश्यालय की आय से दी जाती थी। तेलुगु कवि
- 47:01तेलुगु कवि श्रीनाथ कुछ दिनों तक देवराज
- 47:04सेकंड के दरबार में रहे। इन्होंने राजा के
- 47:06दरबारी संस्कृत विद्वान दडिभट्ट दडि भट्ट
- 47:10को एक काव्य शास्त्रार्थ में पराजित किया
- 47:13था। जिसके कारण देवराज सेकंड ने इन्हें
- 47:15कवि सार्वभौम कवियों के सम्राट की उपाधि
- 47:18दी थी। फरिश्ता के अनुसार देवराज सेकंड ने
- 47:22अपनी सेना में 2000 मुसलमानों की भर्ती
- 47:24किया था एवं उन्हें जागीरें दी थी। एक
- 47:27अभिलेख में देवराज सेकंड को जगबेटकर
- 47:30जगबेटकर हाथियों का शिकारी कहा गया है।
- 47:33देवराय सेकंड ने संस्कृत ग्रंथ महानाटक
- 47:36सुधा निधि एवं ब्रह्मसूत्र पर जो है भाष्य
- 47:40लिखा है। मल्लिकार्जुन को प्रौढ़ देवराय
- 47:43भी कहा जाता है। मलिकार्जुन को प्रौढ़
- 47:45देवराय भी कहा जाता है। सालुब नरसिंह ने
- 47:49विजयनगर में दूसरे राजवंश सालू वंश को
- 47:521485 से 1506 ईस्वी में स्थापना किया।
- 47:55तुलुक वंश 1505 से 1565 ईस्वी की स्थापना
- 47:58वीर नरसिंह ने की थी कि वीर नरसिंह ने की
- 48:01थी। तेलुगु के पांच महाकाव्य कौन-कौन है?
- 48:04अमुक्त माल्याद कृष्णदेव राय के द्वारा
- 48:06लिखा गया है। रचना किया गया मनुचरितम
- 48:09अलसनी पदन के द्वारा बसुचरित भट्ट मूर्ति
- 48:12के द्वारा राघव पांडू जो है पिंगली सूरत
- 48:17के द्वारा पांडुरंग महात्मय तेनाली
- 48:19रामकृष्ण के द्वारा जो है रचना किया गया
- 48:22है। तुलुक वंश का महान शासक कृष्णदेव राय
- 48:25था। वह 8 अगस्त 1509 ईस्वी को शासक बना।
- 48:29शालुक तिस्मा कृष्णदेव राय का योग मंत्री
- 48:31एवं सेनापति था। बाबर ने अपनी आत्मकथा
- 48:35बाबरनामा में कृष्णदेव राय को भारत का
- 48:37सर्वाधिक शक्तिशाली जो है शासक बताया।
- 48:39किसे? कृष्णदेव राय को। कृष्णदेव राय के
- 48:43शासनकाल में पुर्तगाली यात्री डोमिनगोस
- 48:46पेस विजयनगर आया था। इसने बिरपाच मंदिर के
- 48:49सामने स्थित हम्पी बाजार में विभिन्न
- 48:51प्रकार के उत्पादों का कारोबार होने के
- 48:53कारण इसे विश्व में उत्कृष्ट उपलब्धता
- 48:55वाला शहर कहा था। कृष्णदेव राय ने
- 48:58पुर्तगालियों को भटकल में किला बनाने की
- 49:01अनुमति जो है दी थी। कृष्णदेव राय के
- 49:04दरबार में तेलुगु साहित्य के आठ
- 49:06सर्वश्रेष्ठ कवि रहते थे जिन्हें
- 49:07अष्टदिग्गज कहा जाता था। उनके रचनाकार भी
- 49:10अभी देखे थे। अष्टदिग्गज तेलुगु कवियों
- 49:12में अलसनी पद्य सर्व प्रमुख था। जो
- 49:16संस्कृत एवं तेलुगु दोनों भाषाओं का
- 49:18विद्वान था। इसे तेलुगु कविता का पितामह व
- 49:21आंध्र कविता का पितामह की उपाधि प्राप्त
- 49:24है। किसे? अलसनी पेद्यन को। उसके शासनकाल
- 49:28को तेलुगु साहित्य का क्लासिक युग या
- 49:30स्वर्ण युग जो है कहा गया है। कृष्णदेव
- 49:34राय ने तेलुगु में अमुक्त माल्याद एवं
- 49:36संस्कृत में जामवंती कल्याणम और उषा प्रणय
- 49:40की रचना की। कृष्णदेव राय ने खुद सम्राट
- 49:43ने विजयनगर साम्राज्य में नंदिनागढ़ लिपि
- 49:46का प्रयोग होता था। नंदिनागढ़ लिपि का
- 49:48प्रयोग होता था। नांगलपुर नामक नए नगर
- 49:51हजारा मंदिर राम को समर्पित एवं विट्ठल
- 49:54स्वामी मंदिर कृष्ण को समर्पित का निर्माण
- 49:56कृष्णदेव राय ने करवाया था। इसके अतिरिक्त
- 49:59जो है कृष्णदेव राय ने चितांबरम मंदिर
- 50:02अंबार में पर्वती का मंदिर एवं कांचीपुरम
- 50:04में बर्दराज एवं एक एकरनाथ मंदिर का
- 50:08निर्माण जो है वो करवाया था। कृष्णदेव राय
- 50:12क्या है? कृष्णदेव राय की मृत्यु 1528
- 50:15ईस्वी में हो गई। कृष्णदेव राय ने आंध्र
- 50:18भोज, अभिनव भोज एवं आंध्र पितामह आदि की
- 50:20उपाधि जो है धारण की थी। कृष्णदेव राय के
- 50:24राजगुरु का नाम व्यासराज था। जिन्हें
- 50:26व्यासराज तीर्थ भी कहा जाता है। जब
- 50:29कृष्णदेव राय कलिंग के खिलाफ युद्ध अभियान
- 50:31पर गए थे तब व्यासराज ने कुछ समय के लिए
- 50:34स्वयं विजयनगर के सिंहासन पर बैठकर राज का
- 50:37कार्यभार संभाला था। इनके कहने पर ही
- 50:40कृष्णदेव राय ने पूरे साम्राज्य में 732
- 50:42हनुमान मंदिरों की स्थापना की थी। व्यास
- 50:45राज ने न्याया मृत और तात्पर्य चंद्रिका
- 50:48जैसे ग्रंथों की जो है रचना की। कृष्णदेव
- 50:51राय की दो रानियां त्रुमला एवं चिंता देवी
- 50:55थी। दो रानियां थी। कृष्णदेव राय ने विवाह
- 50:57कर हटा दिया था। बाबर ने अपनी आत्मकथा में
- 51:01कृष्णदेव राय को भारत का सबसे शक्तिशाली
- 51:03शासक बताया था। तुलुप वंश का अंतिम शासक
- 51:06सदाशिव था। क्या है? सदाशिव था। राक्षसी
- 51:09तंगड़ी या तालीकोटा या बन्नी हट्टी का
- 51:12युद्ध 23 जनवरी 1565 ईस्वी में हुआ। इसी
- 51:15युद्ध के कारण विजयनगर का जो है पतन हुआ।
- 51:18विजयनगर के विरुद्ध बने दक्षिण राज्यों के
- 51:20संघ में शामिल था। बीजापुर, अहमदनगर,
- 51:23गोलकुंडा एवं बीदर इस संयुक्त मोर्चे का
- 51:26नेतृत्व अली आदिल शाह जो है कर रहा था।
- 51:29तालीकोटा के युद्ध में विजयनगर का नेतृत्व
- 51:32राम राय कर रहा था। राम राय कर रहा था।
- 51:34विजयनगर के राजाओं और भमनी के सुल्तानों
- 51:36के हित तीन अलग-अलग क्षेत्रों में आपस में
- 51:39टकराते थे। तुंगभदंद्रा के दआब में,
- 51:42कृष्णा गोदावरी के कछार में और मराठवाड़ा
- 51:45प्रदेश में तालीकोटा के युद्ध के बाद
- 51:47सदाशिव ने तिरुमल के सहयोग से पेनुकोंडा
- 51:51की राजधानी बनाकर शासन करना जो है प्रारंभ
- 51:54किया। विजयनगर के चौथे राजवंश अराबीडू वंश
- 51:58जो 1570 से 1672 ईस्वी तक रहा। की स्थापना
- 52:01तिरुमल ने सदाशिव की सदाशिव को अपदस्त कर
- 52:05पेनुकोंडा में किया। अराबीडू वंश का अंतिम
- 52:08शासक रंग थर्ड था। क्या है? रंग थर्ड था।
- 52:11अराबीडू शासक वेंकट सेकंड के शासनकाल में
- 52:14ही बोडियार ने 1612 ईस्वी में मैसूर राज्य
- 52:17की जो है स्थापना की थी। विजयनगर
- 52:20साम्राज्य की प्रशासनिक इकाई का क्रम जो
- 52:22है घटते हुए इस प्रकार था। प्रांत मंडल
- 52:25कोटम या बलनाडू जिला नाडू मेलाग्राम 50
- 52:29ग्राम का समूह उर उर मतलब ग्राम विजयनगर
- 52:33राज्य छह प्रांतों में बंटा हुआ था जहां
- 52:35प्रांतपति प्रधान होता था व अधिकांश राजा
- 52:38के संबंधी जो है होते थे नांकार व्यवस्था
- 52:43विजयनगर कालीन सेना नायों को नायक कहा
- 52:45जाता था राजा नायों को वेतन के बदले अथवा
- 52:49उनकी अधीनस्थ सेना के रखरखाव के लिए विशेष
- 52:52भूखंड देता था जिसे अमरम कहा जाता था।
- 52:54क्या अमरम कहा जाता था? अमरम भूमि का
- 52:57उपयोग करने के कारण नायकों को अमरनायक भी
- 53:00कहा जाता था। नायक अमरम भूमि से प्राप्त
- 53:04आय के एक निश्चित अंश को प्रतिवर्ष राजा
- 53:06को देते थे और युद्ध के अवसर पर राजा की
- 53:10सहायता के लिए अपने पास एक निश्चित संख्या
- 53:12में सैनिक भी रखते थे। नायकों का
- 53:15स्थानांतरण नहीं होता था। नायिकों का
- 53:17अधिकार धीरे-धीरे अपनी भूमियों पर पैतृक
- 53:20हो गया था। 16वीं सदी के मध्य में नायकों
- 53:23की संख्या 200 के लगभग हो गई थी। इनकी एक
- 53:26विशेषता यह थी कि प्रांत पतियों
- 53:28प्रांतपतियों की तुलना में वह अपने आंतरिक
- 53:30शासन में अधिक जो है स्वतंत्र थे। अयंगर
- 53:34व्यवस्था प्रशासन को सुचारू रूप से
- 53:36संचालित करने के लिए प्रत्येक ग्राम को एक
- 53:39स्वतंत्र इकाई के रूप में संगठित किया गया
- 53:41था। इन ग्रामीण इकाइयों पर शासन हेतु 12
- 53:45प्रशासकीय अधिकारियों की नियुक्ति की जाती
- 53:47थी। जिनको सामूहिक रूप से अंगर कहा जाता
- 53:50था। यह अवैतनिक होते थे। अवैतिक होते थे।
- 53:54इनकी सेवाओं के बदले सरकार इन्हें पूर्णत
- 53:56लगान मुक्त एवं कर मुक्त भूमि प्रदान करती
- 53:58थी। इनका पद अनुवंशिक होता था। वह इस पद
- 54:02को जो है बेच या गिरवी रख सकता था। ग्राम
- 54:05स्तर की कोई भी संपत्ति इन अधिकारियों की
- 54:07इजाजत के बगैर ना तो बेची जा सकती थी और
- 54:10ना ही दान में दी जा सकती थी। विजयनगर आने
- 54:14वाला प्रमुख विदेशी यात्री देख लेते हैं।
- 54:16निकोलो कंटी इटली का था। 1420 ईस्वी में
- 54:19आया। देवराय प्रथम के शासनकाल में। अब्दुल
- 54:22रजाक फारस का था। 1442 में आया। देवराय
- 54:25सेकंड के शासनकाल में। डोमिन पायस जो है
- 54:27पुर्तगाल का था। 1515 ईस्वी में आया।
- 54:30कृष्णदेव राय के शासनकाल में। बाराबोसा जो
- 54:33आया पुर्तगाल का था। 1515 से 1516 ईस्वी
- 54:36में। कृष्णदेव राय के दरबार में। नूनज नून
- 54:39जो है पुर्तगाल का था। 1535 ईस्वी में
- 54:42आया। अचुत राम के सरकार में जो है शासक के
- 54:45समय करणिक नामक अंगर के पास जमीन के क्रय
- 54:49विक्रय से संबंधित समस्त दस्तावेज होते
- 54:51थे। विजयनगर साम्राज्य की आय का सबसे बड़ा
- 54:54स्रोत लगान था। भू-राजस्व की दर उपज का
- 54:571/6 भाग था। प्रशासन के सबसे छोटी इकाई
- 55:01गांव होते थे। गांव के अधिकारियों के पद
- 55:04पैतृक थे। सेंटियाबा सेंटियाबा गांव की आय
- 55:08व्यय की देखभाल करता था। गांव के चौकीदार
- 55:10को तलस पुकारते थे और बेग्रह गांव में
- 55:13बेगार मजदूरी आदि का देखभाल करता था।
- 55:17विवाह कर वर एवं वधू दोनों से लिया जाता
- 55:20था। विधवा से विवाह करने वाले इस कर से
- 55:22मुक्त थे। उमली उंबली ग्राम में विशेष
- 55:25सेवाओं के बदले दी जाने वाली लगान मुक्त
- 55:27भूमि की भूधारणा पद्धति थी उंबली। रथ
- 55:30कोडगे युद्ध में शौर्य का प्रदर्शन करने
- 55:33वाले मृत लोगों के परिवार को दी गई भूमि
- 55:35को कहा जाता था। रत कोडगे कुटगी कुटगी
- 55:39ब्रह्मान मंदिर या बड़े भूस्वामी जो स्वयं
- 55:41कृषि नहीं करते थे किसानों को पट्टे पर
- 55:43भूमि दे देते थे ऐसी भूमि को कुटगी कहा
- 55:46जाता था क्या कुटगी कहा जाता था वे कृषक
- 55:49मजदूर जो भूमि के क्रय विक्रय के साथ ही
- 55:51हस्तांतरित हो जाते थे कुदी कहलाते थे
- 55:54क्या है कुदी कहलाते थे युद्ध में वीरता
- 55:56दिखाने वाले पुरुषों के लिए गंडपद्र नामक
- 56:00पैर में धारण करने वाले कड़े को सम्मान का
- 56:02प्रतीक माना जाता था कृष्णदेव राय के
- 56:05दरबार में महिला अंगरक्षिकाओं का वर्णन
- 56:07मिलता है। विजयनगर का सैन्य विभाग कदाचार
- 56:10कहलाता था तथा इस विभाग का उच्च अधिकारी
- 56:13दंडनायक या सेनापति होता था। टसाल विभाग
- 56:17को जोरीखाना कहा जाता था। जोरीखाना कहा
- 56:20जाता था। चेटियों की तरह व्यापार में
- 56:23निपुण दस्तकार वर्ग के लोगों को वीर पंचाल
- 56:26कहा जाता था। क्या है? वीर पंजाल कहा जाता
- 56:28था। उत्तर भारत से दक्षिण भारत में आकर
- 56:32बसे लोगों को बड़वा कहा जाता था। क्या कहा
- 56:34जाता था? बड़वा कहा जाता था। विजयनगर में
- 56:37दास प्रथा प्रचलित थी। मनुष्यों के क्रय
- 56:40विक्रय को जो है बेसबग कहा जाता था। पर्दा
- 56:44प्रथा का प्रचलन नहीं था। परंतु जो है सती
- 56:47प्रथा स्वैच्छिक विद्यमान थी। बाल विवाह
- 56:49समान प्रथा थी। क्या है? बाल विवाह जो है
- 56:52वह समान प्रथा थी। मंदिरों में रहने वाले
- 56:55स्त्रियों को देवदासी कहा जाता था। इनको
- 56:57आजीविका के लिए भूमि या नियमित वेतन जो है
- 57:00वह दिया जाता था। भूमि या नियमित जो है
- 57:03वेतन दिया जाता था। विजयनगर के मंदिर
- 57:07स्थापत्य की एक प्रमुख विशेषता कल्याण
- 57:09मंडप एवं हजार स्तंभों वाले गोपुरम का
- 57:12निर्माण था। कल्याण कल्याण मंडप में देवता
- 57:15का विवाह समारोह मनाया जाता था। मंदिर के
- 57:18साथ देवता की पत्नी हेतु अम्मान मंदिर का
- 57:20भी निर्माण जो है वो होता था। तिरुपति
- 57:23मंदिर क्या है? तिरुपति मंदिर में
- 57:25कृष्णदेवराय एवं उसकी पत्नियां तिरुमल एवं
- 57:28चिंता देवी तथा वेंकट प्रथम आदि की जो है
- 57:31वह मूर्तियां हैं। महानवमी का त्यौहार जो
- 57:35है विजयनगर का प्रमुख राज्यसत्सव था। यह
- 57:38उत्सव देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए
- 57:41था। विजयनगर काल की कन्नड़ कृतियों में
- 57:44भीमक द्वारा रचित बास पुराण अत्यंत
- 57:47प्रसिद्ध जो है प्रसिद्ध लिंगायत जो है
- 57:49धर्म ग्रंथ है। मधुरा विजयम बुक्का प्रथम
- 57:54के पुत्र कुमार कंपन की पत्नी गंगा देवी
- 57:56की रचना है। मधुरा विजयम कृष्णदेव राय और
- 57:59राम राय एक अच्छे संगीतज्ञ थे। लक्ष्मी
- 58:02नारायण कृष्णदेव राय का दरबारी संगीतकार
- 58:04था। उसने संगीत सूर्योदय नामक पुस्तक की
- 58:07रचना की। संत विद्रण्य ने संगीत ग्रंथ
- 58:10संगीत सार की रचना की। बीना विजयनगर
- 58:13साम्राज्य का सर्वाधिक प्रसिद्ध और
- 58:15लोकप्रिय जो है संगीतवाद था। विजयनगर की
- 58:19जो है चित्रकला लिपाक्षी कला के नाम से
- 58:22जानी जाती है। विजयनगर की चित्रकला
- 58:24लिपाक्षी कला के नाम से जानी जाती है। इस
- 58:27चित्रकला के विषय रामायण एवं महाभारत से
- 58:29लिए गए हैं। विजयनगर में नृत्य और संगीत
- 58:31को मिलाकर एक शैली विकसित हुई है जो
- 58:34यक्षनी शैली के नाम से जानी जाती है।
- 58:36विजयनगर का सर्वाधिक प्रसिद्ध सिक्का
- 58:39स्वर्ण का बराह था। इसका वजन बामन ग्रेन
- 58:42था जिसे विदेशी यात्रियों ने खून परदोस या
- 58:45पगोड़ा के रूप में उल्लेखित किया है। सोने
- 58:48के छोटे सिक्के को प्रताप तथा फन्नम कहा
- 58:51जाता था। प्रताप 26 ग्रेन का तथा फन्नम
- 58:545.5 ग्रेन का होता था। चांदी के जो है
- 58:58छोटे सिक्कों को तार कहा जाता था। विजयनगर
- 59:00के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में क्रूजेडो,
- 59:03पुर्तगाली, दीनार, फारसी, फ्लोरिन और
- 59:05डुकेड, इटली मुद्राएं जो है वो प्रचलित
- 59:09थी। अगला चैप्टर देखते हैं। बहमनी राज
- 59:11क्या है? बहमनी राज। मोहम्मद बिन तुगलक के
- 59:14शासनकाल में 1347 ईस्वी में हसन गंगू ने
- 59:17बहमनी राज की स्थापना की। वह अलाउद्दीन
- 59:20हसन बहमन शाह के नाम से सिंहासन पर बैठा।
- 59:23गुलबर्गा को अपनी राजधानी बनाया। इसकी
- 59:25राजभाषा जो है मराठी थी। क्या है? मराठी
- 59:28थी। इसने अपने साम्राज्य को चार प्रांतों
- 59:30में गुलबर्गा, दौलताबाद, बरार एवं बिदर
- 59:33में बांटा। इसकी मृत्यु 11 फरवरी 1358
- 59:38ईस्वी को हो गई। अलाउद्दीन हसन के पश्चात
- 59:42उसका पुत्र मोहम्मद शाह प्रथम सुल्तान
- 59:44बना। इसके काल में ही सबसे पहले बारूद का
- 59:47प्रयोग हुआ बुक्का के विरुद्ध हुआ था।
- 59:50बहमनी वंश के प्रमुख शासक देख लीजिए।
- 59:52मोहम्मद शाह 1358 से जो है 1375 तक
- 59:56अलाउद्दीन मुजाहिद शाह 1375 से 1378 तक
- 59:59दाऊद बंद 1378 मोहम्मद शाह सेकंड 1378 से
- 1:00:031397 ताजुद्दीन फिरोज 1397 से 1422
- 1:00:07शहाबुद्दीन अहमद बंद 1422 से 1436
- 1:00:10अलाउद्दीन अहमद सेकंड 1436 से 1458
- 1:00:14शमसुद्दीन मोहम्मद थर्ड 1463 से 1482 तक
- 1:00:18जो है राज किया यह बहमनी वंश के प्रमुख
- 1:00:21शासक था। भीमा नदी के तट पर फिरोजाबाद की
- 1:00:24स्थापना ताजुउद्दीन फिरोज ने की थी। फिरोज
- 1:00:28खगोल खगोलिकी को प्रोत्साहन देता था और
- 1:00:31उसने दौलताबाद के पास एक वैधशाला बनाई थी।
- 1:00:34फरिश्ता के अनुसार फिरोज फारसी, अरबी और
- 1:00:36तुर्की के अतिरिक्त तेलुगु, कन्नड़ और
- 1:00:39मराठी भाषा का भी ज्ञाता था। क्या है? इस
- 1:00:42लगभग कई भाषाओं का ज्ञाता था। फिरोज़ शाह
- 1:00:45बहमनी का सबसे बड़ा कार्य प्रशासन में
- 1:00:48बड़े स्तर पर हिंदुओं को सम्मिलित करना
- 1:00:50था। फिरोज शाह बहमनी का सबसे बड़ा कार्य
- 1:00:53प्रशासन में बड़े स्तर पर हिंदुओं को
- 1:00:55सम्मिलित करना था। चोल और दबोल इसके समय
- 1:00:58के प्रमुख जो है बंदरगाह थे। चोल और दबोल
- 1:01:01प्रांतपति तरफदार के विशेष विरुद्ध प्रांत
- 1:01:05तरफ और विशेष विरुद्ध दौलताबाद मसनद एआली
- 1:01:08बारात मजलिस एआली बिदर मजाम ए हुमायूं
- 1:01:11गुलबर्गा मालिक नायब सिहाबुद्दीन अहमद
- 1:01:16प्रथम ने अपनी राजधानी गुलबर्गा से हटाकर
- 1:01:18बिदर में स्थापित की। इसने बिदर का नया
- 1:01:21नाम मोहम्मदबाद रखा। मोहम्मद रखा। मोहम्मद
- 1:01:26थर्ड के शासनकाल में ख्वाजा जहां ख्वाजा
- 1:01:29जहां की उपाधि से महमूद गवाह ईरानी को
- 1:01:31प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। मोहम्मद
- 1:01:34थर्ड के आदेश पर 1482 में 70 वर्ष की
- 1:01:37अवस्था में महमूद गवाह को फांसी दे दी गई।
- 1:01:40महमूद गवाह को फांसी दे दी गई। महमूद गवा
- 1:01:43ने बीदर में एक महाविद्यालय मदरसा की
- 1:01:45स्थापना कराई। इसका भवन तिंजिला था। इसमें
- 1:01:481000 अध्यापक और विद्यार्थी रह सकते थे।
- 1:01:51उन्हें भोजन और कपड़ा भी राज्य की ओर से
- 1:01:54मुफ्त दिया जाता था। रियाजुल इंसा नाम से
- 1:01:57महमूद गवाह के पत्रों का संग्रह किया गया
- 1:02:00है। रियाजुल इंसा के नाम से 1470 ईस्वी
- 1:02:05में रूसी यात्री निकतन बहमनी साम्राज्य
- 1:02:08बीदर की यात्रा पर आया। इस समय बहमनी राज
- 1:02:11पर मोहम्मद थर्ड का शासन था। बीजापुर
- 1:02:14गुलबर्गा तराफ सबसे महत्वपूर्ण में शामिल
- 1:02:17था। कलीम उल्लाह बहमनी वंश का अंतिम अंतिम
- 1:02:20शासक था। इसकी मृत्यु के समय बहमनी राज्य
- 1:02:23पांच स्वतंत्र राज्यों में बट गया। इन
- 1:02:25स्वतंत्र राज्यों से संबंधित विवरण जो है
- 1:02:27इस प्रकार है। आइए देखते हैं। बीजापुर वंश
- 1:02:30आदिल शाही संस्थापक युसुफ आदिल शाह 1489
- 1:02:33में अहमदनगर निजाम शाही वंश मलिक अहमद
- 1:02:37संस्थापक 1490 में बरार इमाद शाही वंश
- 1:02:41फतेह उल्लाह इमाद शाह संस्थापक 1490 में
- 1:02:44गोलकुंडा कुतुब शाही वंश कुली कुतुब शाह
- 1:02:48जो है संस्थापक 1512 ईस्वी में बीदर बरीद
- 1:02:52शाही वंश अमीर अली बरीद जो है संस्थापक
- 1:02:551526 में मोहम्मद बन के मंत्री सैफुद्दीन
- 1:02:59गौरी ने केंद्रीय शासन का कार्य कई
- 1:03:01विभागों में बांटा और आठ मंत्रियों को
- 1:03:04नियुक्त किया जो इस प्रकार थे आठ मंत्री
- 1:03:07वकील ए सल्तनत दिल्ली के मलिक नायब के
- 1:03:09समान वकील ए कुल मंत्रियों के कार्यों का
- 1:03:12निरीक्षण वकील को छोड़कर अमीर ए जुमला
- 1:03:14अर्थ विभाग का अध्यक्ष वजीर ए अशरफ विदेश
- 1:03:18नीति एवं दरबार संबंधी कार्यों का
- 1:03:19निष्पादन नाजिर व अर्थ विभाग से संबंधित
- 1:03:23था पेशवा वकील ए सल्तनत का सहायक था
- 1:03:26कोतवाल नगर का मुख्य पुलिस अधिकारी था।
- 1:03:28सरदे ए जहां न्याय विभाग धर्म तथा दान
- 1:03:31विभाग का अध्यक्ष था। सुल्तान के महल तथा
- 1:03:35दरबार की सुरक्षा के लिए विशेष अंगरक्षक
- 1:03:37सैनिक दल था जिसे शाख एक खेल कहा जाता था।
- 1:03:41यह चार भागों या नौबत में विभाजित थे।
- 1:03:43जिसके मुख्य अधिकारी सर ए नौबत होता था।
- 1:03:46बीजापुर के शासक अली आदिल शाह को सूफी
- 1:03:49कहते थे। अकबर से पहले उसने अपने दरबार
- 1:03:52में कैथोलिक मिशनरियों को बुलाया था। उसने
- 1:03:55अपने पुस्तकालय का अध्यक्ष प्रसिद्ध
- 1:03:56संस्कृत विद्वान बामन पंडित को बनाया था।
- 1:03:59उसके उत्तराधिकारियों ने संस्कृत एवं
- 1:04:02मराठी भाषा को प्रश्रय देना जारी रखा था।
- 1:04:06इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय को अबला बाबा
- 1:04:09या गरीबों का दोस्त कहा जाता था। उसने
- 1:04:11किताब ए नौरस नाम की एक पुस्तक की रचना की
- 1:04:14जिसमें गीतों को विभिन्न रागों में बांधकर
- 1:04:16प्रस्तुत किया गया था। उसने नरसपुर नाम से
- 1:04:19एक नई राजधानी बनाई। अपने व्यापक
- 1:04:22दृष्टिकोण के कारण यह जगत गुरु कहलाता था।
- 1:04:24उसने बिठोबा की उपासना के केंद्र पठारपुर
- 1:04:28को भी अनुदान दिए। मोहम्मद कुली कुतुब शाह
- 1:04:31ने 1591 92 ईस्वी में हैदराबाद के बीच में
- 1:04:34चार मीनार बनवाई। मोहम्मद कुली कुतुब शाह
- 1:04:37ने चार मीनार बनवाई। इसमें चारों दिशाओं
- 1:04:39में चार ऊंचे मेहराब है जो चौ मंजिली हैं
- 1:04:42और जिनमें से प्रत्येक ऊंचाई 48 मीटर है।
- 1:04:45हैदराबाद शहर को कुली कुतुब शाह ने ही
- 1:04:47बसाया था। कुली कुतुब शाह ने बसाया था।
- 1:04:50इब्राहिम जो है रौजा एवं गोल गुंबज
- 1:04:53बीजापुरी इमारतों में सबसे प्रसिद्ध है।
- 1:04:55इब्राहिम रौजा व गोल गुंबज बीजापुरी
- 1:04:57इमारतों में सबसे प्रसिद्ध है। इब्राहिम
- 1:04:59रौजा इब्राहिम आदिल शाह का मकबरा है। 1680
- 1:05:03में बनाए गए गोल गुंबज का गुंबद इतना
- 1:05:05विशाल है कि जितना विशाल एकल गुंबद कभी
- 1:05:07नहीं बनवाया गया। इसके सभी अनुपात संग गति
- 1:05:11पर पूर्ण है। चारों कोणों पर बनी ऊंची और
- 1:05:13गोलाकार मीनारों इसकी छवि को एक संतुलन
- 1:05:16प्रदान करती है। कहा जाता है कि मुख्य
- 1:05:18कक्ष के एक ओर से खुस-फुसाहट की आवाज जाए
- 1:05:21तो उसे दूसरे छोर पर भी सुना जा सकता है।
- 1:05:25अब आइए देखते हैं स्वतंत्र प्रांतीय राज
- 1:05:27चैप्टर नंबर 34। सबसे पहले देखते हैं
- 1:05:30जौनपुर। जौनपुर की स्थापना फिरोज़ शाह
- 1:05:32तुगलक ने अपने भाई जूना खान या मोहम्मद
- 1:05:35बिन तुगलक की स्मृति में की थी। जौनपुर
- 1:05:38में स्वतंत्र सरकी राजवंश की स्थापना मलिक
- 1:05:41सरवर ख्वाजा जहान ने की थी।
- 1:05:45ख्वाजा जहान को मलिक उस सर्ग पूर्व का
- 1:05:49स्वामी की उपाधि 1394 ईस्वी में फिरोज शाह
- 1:05:52तुगलक के पुत्र सुल्तान महमूद ने दी थी।
- 1:05:55जौनपुर के प्रमुख शासक थे मुबारक शाह 1399
- 1:05:58से 1402 शमसुद्दीन इब्राहिम शाह 1402 से
- 1:06:011436 ईस्वी महमूद शाह 1436 से 51 एवं
- 1:06:05अंतिम शासक हुसैन शाह 1458 से 1500 ईस्वी
- 1:06:08तक लगभग 75 वर्ष तक स्वतंत्र रहने के बाद
- 1:06:11जौनपुर पर बहलोल लोदी ने कब्जा कर लिया।
- 1:06:15सरकी शासन के अंतर्गत विशेषकर इब्राहिम
- 1:06:17शाह के समय में जौनपुर में साहित्य एवं
- 1:06:20स्थापत्य कला के क्षेत्र में हुए विकास के
- 1:06:22कारण जौनपुर को भारत के सिराज भारत के
- 1:06:25सिराज के नाम से जो है वो जाना गया। अटाला
- 1:06:29देवी की मस्जिद का निर्माण 1408 ईस्वी में
- 1:06:31सरकी सुल्तान इब्राहिम शाह द्वारा किया
- 1:06:34गया था। अटाला देवी मस्जिद का निर्माण
- 1:06:36कन्नौज के राजा विजय चंद्र द्वारा निर्मित
- 1:06:38अटाला देवी के मंदिर को तोड़कर किया गया
- 1:06:41था। अटाला देवी मस्जिद का। जामा मस्जिद का
- 1:06:44निर्माण 1470 ईस्वी में हुसैन शाह सरकी के
- 1:06:47द्वारा किया गया था। पीरबोधन नामक सूफी
- 1:06:49संत इस काल का एक जो है महान संगीतकार था।
- 1:06:53झजरी मस्जिद 1430 ईस्वी में इब्राहिम सरकी
- 1:06:56के द्वारा लाल दरवाजा मस्जिद का निर्माण
- 1:06:59मोहम्मद शाह के द्वारा 1450 ईस्वी में
- 1:07:02किया गया था। चलिए दूसरा राज्य देखते हैं।
- 1:07:04कश्मीर सुहादेव नामक एक हिंदू ने 1301
- 1:07:07ईस्वी में कश्मीर में हिंदू राज की
- 1:07:09स्थापना की थी। 13394-40 ईस्वी में कश्मीर
- 1:07:13में शाहमीर के द्वारा प्रथम मुस्लिम वंश
- 1:07:16की स्थापना की गई। कश्मीर का प्रथम
- 1:07:18मुस्लिम शासक शाहमीर था जो शमसुद्दीन
- 1:07:20शाहमीर के नाम से गद्दी पर बैठा। इसने
- 1:07:23अपनी राजधानी इंद्रकोट में स्थापित की।
- 1:07:27अल्लाउद्दीन ने राजधानी इंद्रकोट से हटाकर
- 1:07:30अल्लाउद्दीन
- 1:07:31दिनपुर श्रीनगर में स्थापित की। हिंदू
- 1:07:34मंदिरों एवं मूर्तियों को तोड़ने का कारण
- 1:07:36सुल्तान सिकंदर शाह 1389 से 1413 ईस्वी को
- 1:07:41बुत सिकन कहा गया। उसने मार्तंड विश्व
- 1:07:44ईशाना चक्रवर्त त्रिपुरेश्वर की मूर्तियों
- 1:07:47को तोड़ दिया। सिकंदर ने कश्मीर की
- 1:07:49बहुसंख्यक हिंदू प्रजा को इस्लाम स्वीकार
- 1:07:52करने के लिए बाध्य किया और उसके समय बाहर
- 1:07:54से बहुत बड़ी संख्या में मुसलमान कश्मीर
- 1:07:57आए थे। 1420 ईस्वी में जैनुल आबदीन
- 1:08:01सिंहासन पर बैठा। इसकी धार्मिक सहिष्णुता
- 1:08:03के कारण इसे कश्मीर का अकबर कहा गया। इसने
- 1:08:07जजिया हटा दिया गया। गोबद्ध निषेध कर दिया
- 1:08:09और सती प्रथा पर भी प्रतिबंध हटा दिया।
- 1:08:12जैनुल आबदीन के प्रशासन में अनेक जो है
- 1:08:15हिंदुओं को उच्च पद प्राप्त थे। श्री भट्ट
- 1:08:18उसका न्याय मंत्री और दरबारी चिकित्सक था।
- 1:08:21बूलर झील स्थित जैना लंका इसके काल की
- 1:08:24अभियांत्रिकी उन्नति का उत्कृष्ट नमूना
- 1:08:27है। जैना लंका जैनुल आबदीन फारसी संस्कृत
- 1:08:30कश्मीरी तिब्बती आदि भाषाओं का ज्ञाता था।
- 1:08:33इसने महाभारत एवं राजतरंगिणी को फारसी में
- 1:08:36अनुवाद करवाया। अब आइए देखते हैं बंगाल।
- 1:08:40बंगाल इख्तियारुद्दीन मोहम्मद बिन
- 1:08:43बख्तियार खिलजी ने बंगाल को दिल्ली सल्तनत
- 1:08:45में मिलाया। गयासुद्दीन तुगलक ने बंगाल को
- 1:08:49तीन भागों में बांटा। लखनऊ, उत्तर बंगाल,
- 1:08:52सोनारगांव, पूर्वी बंगाल, सतगांव, दक्षिण
- 1:08:55बंगाल। 1345 ईस्वी में हाजी इलियास बंगाल
- 1:08:59के विभाजन को समाप्त कर शमसुद्दीन इलियास
- 1:09:02शाह के नाम से बंगाल का शासक बना। पांडवा
- 1:09:05में अदीना मस्जिद का निर्माण 1364 ईस्वी
- 1:09:08में सुल्तान सिकंदर शाह ने करवाया था।
- 1:09:11बंगाल का शासक गयासुद्दीन आजम शाह 1389 से
- 1:09:151409 ईस्वी तक अपनी न्यायप्रियता के लिए
- 1:09:17प्रसिद्ध था। बंगाल के शासक गयासुद्दीन
- 1:09:20आजम शाह क्या है? गयासुद्दीन आजम शाह
- 1:09:22अल्लाउद्दीन हुसैन शाह 1493 से 1518 ईस्वी
- 1:09:26में राजधानी को पांडवा से गौड स्थानांतरित
- 1:09:29किया। पांडवा से गौड जो है स्थानांतरित
- 1:09:31किया। महाप्रभु चैतन्य अलाउद्दीन के
- 1:09:34समकालीन थे। अलाउद्दीन ने सत्यपीर नामक
- 1:09:37आंदोलन की शुरुआत की। मालाधर बसु ने
- 1:09:40अलाउद्दीन के शासनकाल में ही श्री कृष्ण
- 1:09:42विजय की रचना कर गुण राज खान की उपाधि
- 1:09:45धारण की। इनके बेटे को सत्यराज खान की
- 1:09:49उपाधि दी गई। नसीरुद्दीन नुसरत शाह ने गौड
- 1:09:53में बड़ा सोना एवं कदम रसूल मस्जिद का जो
- 1:09:56है निर्माण कराया। नसीरुद्दीन नुसरत शाह
- 1:09:58ने गौड में बड़ा सोना एवं कदम रसूल मस्जिद
- 1:10:01का निर्माण करवाया। मालवा देख लेते हैं।
- 1:10:04दिलावर खान ने 1401 ईस्वी में मालवा को
- 1:10:07स्वतंत्र घोषित किया। दिलावर का पुत्र अलब
- 1:10:10खान हुसंग शाह की उपाधि धारण कर 1405
- 1:10:14ईस्वी में मालवा का शासक बना। इसने अपनी
- 1:10:17राजधानी को धारा से मांडू स्थानांतरित
- 1:10:19किया। मालवा में खिलजी वंश की स्थापना
- 1:10:22महमूद शाह ने की। गुजरात के शासक बहादुर
- 1:10:25शाह ने महमूद शाह सेकंड को युद्ध में
- 1:10:28परास्त कर उसकी हत्या कर दी और मालवा को
- 1:10:30गुजरात में मिला लिया। मांडू के किले,
- 1:10:34हिंडोला भवन या दरबार हॉल का निर्माण
- 1:10:36कुसंग शाह ने करवाया था। इस किले में
- 1:10:39सर्वाधिक महत्वपूर्ण है दिल्ली दरवाजा।
- 1:10:41क्या है? दिल्ली दरवाजा। बाज बहादुर एवं
- 1:10:44रूपमती का महल का निर्माण सुल्तान
- 1:10:46नसीरुद्दीन शाह द्वारा करवाया गया था।
- 1:10:49जहाज महल का निर्माण गयासुद्दीन खिलजी ने
- 1:10:51मांडू में करवाया था। कुसक महल को महमूद
- 1:10:54खिलजी ने फतेहाबाद नामक स्थान पर बनवाया
- 1:10:57था कुसक महल को। अब देखते हैं नेक्स्ट
- 1:11:00गुजरात। गुजरात के शासक राजा कर्ण को
- 1:11:03पराजित कर अलाउद्दीन ने 1297 ईस्वी में
- 1:11:06दिल्ली सल्तनत में मिला लिया था। 1391 में
- 1:11:10मोहम्मद शाह तुगलक द्वारा नियुक्त गुजरात
- 1:11:12का सूबेदार जफर खान ने सुल्तान मुजफ्फर
- 1:11:15शाह मुजफ्फर शाह की उपाधि ग्रहण कर 1407
- 1:11:18ईस्वी में गुजरात का स्वतंत्र सुल्तान
- 1:11:20बना। गुजरात के प्रमुख शासक थे अहमद शाह
- 1:11:231411 से 1452 ईस्वी तक महमूद शाह बेगड़ा
- 1:11:271458 से 151 ईस्वी तक और बहादुर शाह 1526
- 1:11:31से 1537 ईस्वी तक अहमद शाह ने असावल के
- 1:11:35निकट साबरमती नदी के किनारे अहमदाबाद नामक
- 1:11:38नगर बसाया और पाटन से राजधानी हटाकर
- 1:11:41अहमदाबाद को राजधानी बनाया। गुजरात का
- 1:11:44सबसे प्रसिद्ध शासक था महमूद बेगड़ा।
- 1:11:46महमूद बेगड़ा था। महमूद बेगड़ा ने गिरनार
- 1:11:50के निकट मुस्तफाबाद नामक नगर और चंपानेर
- 1:11:53के निकट मोहम्मद नगर बसाया। महमूद बेगड़ा
- 1:11:56सुल्तान सिकंदर लोदी का समकालीन तथा उसका
- 1:12:00मित्र था। इसके शासनकाल में पहली बार
- 1:12:02दिल्ली के शासक सिकंदर लोदी ने गुजरात के
- 1:12:05शासक बेगड़ा को उपहार भेजे। बाराबोसा ने
- 1:12:09मजहूद बेगड़ा को विष पुरुष कहा। बारबोसा
- 1:12:12ने मजहूद बेगड़ा को विष पुरुष कहा है।
- 1:12:15बारथोमा ने बेगड़ा के विषय में लिखा है कि
- 1:12:18उसकी मूछ इतनी लंबी थी कि वह उन्हें अपने
- 1:12:21सिर के पीछे बांधता था। उदयराज बेगड़ा का
- 1:12:24दरबारी कवि था जिसने सुल्तान की प्रशंसा
- 1:12:27में महमूद चरित नामक जो है पुस्तक लिखी
- 1:12:30है। एक ब्राह्मण मलिक गोपी बेगड़ा का
- 1:12:33मुख्यमंत्री था। हुमायूं से हार के बाद
- 1:12:36बहादुर शाह ने दीप को पुर्तगालियों को
- 1:12:38सौंप दिया। बहादुर शाह संगीत प्रेम था।
- 1:12:41उसने संगीतज्ञ मंझू कलावंत को संरक्षण
- 1:12:44प्रदान किया। 1611 ईस्वी में सिकंदर बिन
- 1:12:48मोहम्मद मंजू द्वारा लिखी मिररात ए
- 1:12:50सिकंदरी गुजरात के इतिहास को जफर खान
- 1:12:53मुजफ्फर शाह फर्स्ट द्वारा मुस्लिम विजय
- 1:12:55से मुजफ्फर शाह थर्ड 1591 की मृत्यु और
- 1:12:59गुजरात में बाद की घटनाओं तक वर्णन देता
- 1:13:01है। यह पुस्तक गुजरात के सामाजिक एवं
- 1:13:04सांस्कृतिक जीवन का लेखाजोखा है। अब आइए
- 1:13:08देखते हैं मेवाड़। अलाउद्दीन खिलजी ने
- 1:13:101303 ईस्वी में मेवाड़ के गुहिलौत राजवंश
- 1:13:14के रत्न सिंह को पराजित कर मेवाड़ को
- 1:13:16दिल्ली सल्तनत में मिला लिया। अलाउद्दीन
- 1:13:19खिलजी गुहिलौत वंश की एक शाखा सिसोदिया
- 1:13:22वंश के हम्मीर देव ने मोहम्मद तुगलक को
- 1:13:25हराकर पूरे मेवाड़ को जो है स्वतंत्र करा
- 1:13:27लिया। राणा कुंभा ने 1448 ईस्वी में
- 1:13:30चित्तौड़ में एक विजय स्तंभ की स्थापना
- 1:13:33की। खानबा के युद्ध 1527 ईस्वी में राणा
- 1:13:37सांगा एवं बाबा के बीच हुआ जिसमें बाबर जो
- 1:13:40है विजय हुआ। 1576 ईस्वी में हल्दीघाटी का
- 1:13:44युद्ध राणा प्रताप एवं अकबर के बीच हुआ
- 1:13:46जिसमें अकबर जो है विजय हुआ। मेवाड़ की
- 1:13:49राजधानी चित्तौड़गढ़ थी। जहांगीर ने
- 1:13:52मेवाड़ को मुगल साम्राज्य में मिला लिया।
- 1:13:54जहांगीर ने मेवाड़ को मुगल साम्राज्य में
- 1:13:56मिला लिया। खान देश देख लेते हैं। तुगलक
- 1:14:00वंश के पतन के समय फिरोज शाह तुगलक के
- 1:14:02सूबेदार मलिक अहमद जो है फारूकी ने नर्मदा
- 1:14:06एवं ताप्ती नदियों के बीच 1382 ईस्वी में
- 1:14:09खान देश की स्थापना की। खान देश की
- 1:14:12राजधानी बुरहानपुर थी। इसका सैनिक
- 1:14:14मुख्यालय असीरगढ़ था। 1601 में अकबर ने
- 1:14:18खान देश को मुगल साम्राज्य में जो है मिला
- 1:14:20दिया 1601 में। अब आइए अगला चैप्टर देखते
- 1:14:23हैं। 35वां सूफी आंदोलन। अबू हाशिम ने
- 1:14:27सबसे पहले सूफी शब्द का प्रयोग किया था।
- 1:14:29अबू हाशिम ने जो लोग सूफी संतों में शिष्य
- 1:14:32शिष्यता ग्रहण करते थे उन्हें मुरीद कहा
- 1:14:35जाता था। सूफी जिन आश्रमों में निवास करते
- 1:14:38थे उन्हें खानकाह या मठ कहा जाता था।
- 1:14:42सूफियों के धर्म संघ बासारा इस्लाम
- 1:14:46सिद्धांत के समर्थक और बेसारा इस्लामी
- 1:14:48सिद्धांत से बंधे नहीं में विभाजित थे।
- 1:14:52ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने भारत में
- 1:14:54चिश्ती सिलसिला की शुरुआत की। चिश्ती
- 1:14:56सिलसिला का मुख्य केंद्र जो है वो अजमेर
- 1:14:59था। क्या था? अजमेर था। चिश्ती सिलसिला के
- 1:15:02कुछ अन्य महत्वपूर्ण संत थे निजामुद्दीन
- 1:15:04औलिया, बाबा फरीद, बख्तियार काकी एवं शेख
- 1:15:08बुरहानुद्दीन गरीब। बाबा फरीद बख्तियार
- 1:15:11काकी के शिष्य थे। बख्तियार काकी के शिष्य
- 1:15:15कौन थे? तो बाबा फरीद थे। बाबा फरीद की
- 1:15:17रचनाएं गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल है।
- 1:15:19बाबा फरीद की। बाबा फरीद के दो महत्वपूर्ण
- 1:15:22शिष्य थे। निजामुद्दीन औलिया एवं
- 1:15:24अलाउद्दीन साबिर। हजरत निजामुद्दीन औलिया
- 1:15:28ने अपने जीवन काल में दिल्ली के सात
- 1:15:30सुल्तानों का शासन देखा था। इनके प्रमुख
- 1:15:32शिष्य थे शेख सलीम चिश्ती, अमीर खुसरो,
- 1:15:36अमीर हसन, अमीर हसन देहलवी। अब यहां से
- 1:15:40क्या निकल के आता है कि बख्तियार काकी के
- 1:15:42शिष्य था बाबा फरीद। बाबा फरीद के शिष्य
- 1:15:45था निजामुद्दीन औलिया और निजामुद्दीन
- 1:15:47औलिया के जो शिष्य था वो अमीर खुसरो अमीर
- 1:15:50हसन देहलवी था। शेख बुरहानुद्दीन गरीब ने
- 1:15:551340 ईस्वी में दक्षिण भारत के क्षेत्रों
- 1:15:57में चिश्ती संप्रदाय की शुरुआत की और
- 1:15:59दौलताबाद को मुख्य केंद्र बनाया। सूफियों
- 1:16:03के सुहरादी धर्म संघ या सिलसिला की
- 1:16:06स्थापना शेख सिहाबुद्दीन उमर सुहरा बर्दी
- 1:16:08ने की। किंतु 1262 ईस्वी में इसके सुदृढ़
- 1:16:11संचालन का श्रेय शेख बदरुद्दीन जकारिया को
- 1:16:14है। इन्होंने सिंध एवं मुल्तान को मुख्य
- 1:16:17केंद्र बनाया। सुहरादी धर्म संघ के अन्य
- 1:16:20प्रमुख संत थे जलालुद्दीन तबरीजी सैयद
- 1:16:24सुरखजोश बुरहान आदि। सुरादी सिलसिला ने
- 1:16:27राज्य के संरक्षण को स्वीकार किया था।
- 1:16:29राज्य के संरक्षण को जो है स्वीकार किया
- 1:16:32था। शेख अब्दुल्ला सतारी ने सतारी सिलसिले
- 1:16:35की स्थापना की थी। इसका मुख्य केंद्र जो
- 1:16:37है वो बिहार था। क्या है? बिहार था। कादरी
- 1:16:40धर्म संघ या सिलसिला की स्थापना सैयद अबुल
- 1:16:43कादिर अल जिलानी ने बगदाद में की थी। भारत
- 1:16:47में इस सिलसिला के प्रवर्तक मोहम्मद गौस
- 1:16:49थे। इस सिलसिले के अनुयाय गाने बजाने के
- 1:16:52विरोधी थे। ये लोग सिया मत के विरुद्ध थे।
- 1:16:55राजकुमार दारा शाहजहां का ज्यष्ठ पुत्र
- 1:16:58कादरी सिलसिला के मुल्ला शाह का शिष्य था।
- 1:17:01क्या है? मुल्ला शाह का शिष्य था।
- 1:17:03नक्शबंदी धर्म संघ या सिलसिला की स्थापना
- 1:17:07ख्वाजा उबेदुल्लाह ने की थी। भारत में इस
- 1:17:09सिलसिला की स्थापना ख्वाजा बकी बिल्ला बकी
- 1:17:13बिल्लाह ने जो है वो की थी। भारत में इसके
- 1:17:16व्यापक जो है प्रचार का श्रेय बकी बिल्लाह
- 1:17:19के शिष्य अकबर के समकालीन शेख अहमद
- 1:17:21सरहिंदी को था। शेख अहमद जो है सरहिंदी को
- 1:17:25था। फिरदौसी सुहराबादी सिलसिला की एक शाखा
- 1:17:28थी। फिरदौसी जो है सुहराबादी सिलसिला के
- 1:17:31एक जो है शाखा थी जिसका कार्य क्षेत्र
- 1:17:34बिहार था। इस सिलसिले का शेख शरीफुद्दीन
- 1:17:37याहिया ने लोकप्रिय बनाया। याहिया ख्वाजा
- 1:17:40निजामुद्दीन के शिष्य थे। अब आइए देखते
- 1:17:43हैं अगला चैप्टर भक्ति आंदोलन। क्या है?
- 1:17:46भक्ति आंदोलन देखते हैं। छठी शताब्दी में
- 1:17:50भक्ति आंदोलन की शुरुआत तमिल क्षेत्र से
- 1:17:52हुई जो कर्नाटक और महाराष्ट्र में जो है
- 1:17:54वो फैल गई। भक्ति आंदोलन का विकास 12
- 1:17:58अलवार वैष्णव संतों और 63 नैनार शैव संतों
- 1:18:02ने किया। शैव नैनार और वैष्णव अलवार
- 1:18:04जैनियों और बौद्धों के अपरिग्रह को
- 1:18:07अस्वीकार कर ईश्वर के प्रति व्यक्तिगत
- 1:18:09भक्ति को ही मुक्ति का मार्ग बताते थे।
- 1:18:13अलबर शब्द का अर्थ है अंत ज्ञान रखने
- 1:18:16वाला। यह व्यक्ति जो ईश्वरीय चिंतन में
- 1:18:18पूर्णतः विलीन हो गया हो। अलबरों में
- 1:18:22एकमात्र महिला साधवी अंडाल का नाम आता है।
- 1:18:24किसका? अंडाल का नाम मिलता है जिसमें
- 1:18:26भक्ति गीतों में कृष्ण कथाएं अधिक मिलती
- 1:18:29है। शैव संत अपार ने पल्लव राजा महेंद्र
- 1:18:32बर्मन को शैव धर्म स्वीकार करवाया था।
- 1:18:36भक्ति कवि संतों का संत कहा जाता था।
- 1:18:38भक्ति कवि संतों को संत कहा जाता था और
- 1:18:41उनके दो समूह थे। प्रथम समूह वैष्णव संत
- 1:18:44थे जो महाराष्ट्र में लोकप्रिय हुए। वे
- 1:18:47भगवान बिठोबा के भक्त थे। बिठोबा पंथ के
- 1:18:50संत और उनके अनुयाई बरकरी या तीर्थ यात्री
- 1:18:53पंथ कहलाते थे। क्योंकि हर वर्ष पंडरपुर
- 1:18:57की तीर्थ यात्रा पर जाते थे। पंडरपुर की
- 1:18:59तीर्थ यात्रा पर जाते थे। दूसरा समूह
- 1:19:01पंजाब एवं मध्य राजस्थान के हिंदी भाषी
- 1:19:03क्षेत्रों में सक्रिय था और इसकी निर्गुण
- 1:19:05भक्ति हर विशेषता से परे भगवान की भक्ति
- 1:19:08में आस्था थी। भक्ति आंदोलन को दक्षिण
- 1:19:12भारत से उत्तर भारत में रामानंद के द्वारा
- 1:19:15लाया गया। भक्ति आंदोलन को दक्षिण भारत से
- 1:19:17उत्तर भारत में रामानंद के द्वारा लाया
- 1:19:19गया। बंगाल में कृष्ण भक्ति के प्रारंभिक
- 1:19:22प्रतिपादकों में विद्या यापति ठाकुर और
- 1:19:25चंडी दास थे। रामानंद की शिक्षा से दो
- 1:19:28संप्रदायों का पारदुभाव हुआ। सगुण जो
- 1:19:31पुनर्जन्म में विश्वास रखता था और निर्गुण
- 1:19:33जो भगवान के निराकार रूप को पूजता था।
- 1:19:37शगुन संप्रदाय के सबसे प्रसिद्ध
- 1:19:39व्याख्याताओं में से तुलसीदास और नाभदास
- 1:19:42जैसे राम भक्त और निमका निमकारार्क
- 1:19:45बलवाचार्य चैतन्य सूरदास और मीराबाई जैसे
- 1:19:48कृष्ण भक्त थे। निमकारार्क बलवाचार्य
- 1:19:51चैतन्य सूरदास और मीराबाई जैसे कृष्ण भक्त
- 1:19:54थे। निर्गुण संप्रदाय के सबसे प्रसिद्ध
- 1:19:56प्रतिनिधि थे कबीर जिन्हें भावी उत्तर
- 1:19:59भारतीय पंथों का आध्यात्मिक गुरु माना गया
- 1:20:01है। शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन के विरोध
- 1:20:05में दक्षिण में वैष्णव संतों द्वारा चार
- 1:20:07मतों की स्थापना की गई थी। दक्षिण में
- 1:20:10वैष्णव संतों द्वारा स्थापित चार मत श्री
- 1:20:13संप्रदाय रामानुजाचार्य द्वारा विशिष्टा
- 1:20:15दैतवाद ब्रह्म संप्रदाय माधवाचार्य द्वारा
- 1:20:18दैतवाद रुद्र संप्रदाय विष्णु स्वामी
- 1:20:21शुद्ध दैतवाद शंकादि संप्रदाय निमकाचार्य
- 1:20:24दैतवाद दैतवाद
- 1:20:26भक्ति आंदोलन के संत शंकराचार्य इनका जन्म
- 1:20:301788 ईस्वी में केरल के कलाड़ी नामक गांव
- 1:20:33में हुआ। इनके पिता का नाम शिव गुरु एवं
- 1:20:36माता का नाम आर्यंबा था। अरंबा सन्यास की
- 1:20:39दीक्षा इन्होंने गोविंद योगी से ली।
- 1:20:41इन्होंने भारत के चारों कोनों में पीठों
- 1:20:43की स्थापना की। दक्षिण में श्रृंगेरी,
- 1:20:45चिकमंगलुरु, कर्नाटक में शारदा पीठ, पूरब
- 1:20:48में पूरी उड़ीसा में गोवर्धन पीठ, उत्तर
- 1:20:51में बद्रीनाथ, चमोली उत्तराखंड में,
- 1:20:53ज्योतिष पीठ तथा पश्चिम में द्वारका,
- 1:20:55जामगर, गुजरात में शारदा पीठ, कालिका पीठ,
- 1:20:59चारों पीठों में सबसे पहले श्रृंगरी पीठ
- 1:21:01की स्थापना हुई।
- 1:21:04शंकराचार्य की मृत्यु 820 ईस्वी में हो
- 1:21:06गई। शंकराचार्य ने बादरायन के ब्रह्मसूत्र
- 1:21:09के आधार पर अपने सिद्धांत का जो है वो
- 1:21:12प्रतिपादन किया और अपने दर्शन जो जीव
- 1:21:15ब्रह्म की एकता के सिद्धांत पर आधारित है
- 1:21:18को अदैतवाद एक्वतवाद
- 1:21:20एकत्ववाद का नाम दिया। यह वेदांत की सबसे
- 1:21:24पुरानी विचारधारा है। इस विचारधारा का
- 1:21:26मुख्य सिद्धांत जीवन मुक्ति है। अर्थात यह
- 1:21:29ऐसा विचार है कि इस जीवन में ही मोक्ष
- 1:21:31प्राप्त किया जा सकता है। यह भारत के अन्य
- 1:21:34दर्शनों के विपरीत है। अन्य दर्शनों का
- 1:21:37मुख्य सिद्धांत विदेह मुक्त अर्थात मृत्यु
- 1:21:39उपरांत मोच है। अद्वैत का लक्ष्य
- 1:21:42आत्मज्ञान प्राप्त करना और आत्मा एवं
- 1:21:44ब्रह्मा की पहचान की पूर्ण समझ जो है
- 1:21:46प्राप्त करना है। आत्मा और ब्रह्मा के सही
- 1:21:49ज्ञान से सभी दोहरी प्रवृत्तियां समाप्त
- 1:21:51हो जाती है। अतम मोक्ष प्राप्त होता है।
- 1:21:55यद्यपि शंकराचार्य शैव धर्म के अनुयाय थे।
- 1:21:57तथापि उन्होंने पंचायतन पूजा का निरूपण
- 1:22:00किया जिसमें शिव, विष्णु, विष्णु, शक्ति,
- 1:22:03सूर्य एवं गणेश की पूजा का विधान था। अब
- 1:22:06आइए जानते हैं रामानुजा चार्ज के बारे
- 1:22:09में। 11वीं शताब्दी इन्होंने राम को अपना
- 1:22:11आराध्य माना। इनका जन्म जो है 1017 ईस्वी
- 1:22:15में मद्रास के निकट पंबर नामक स्थान पर
- 1:22:18हुआ था। 1137 ईस्वी में इनकी मृत्यु हो
- 1:22:21गई। रामानुज ने वेदांत में प्रशिक्षण अपने
- 1:22:25गुरु कांचीपुरम के यादव प्रकाश से प्राप्त
- 1:22:28किया था। इनके अनुसार मोक्ष प्राप्ति का
- 1:22:31सर्वोत्तम साधन विष्णु के प्रति अनन्य
- 1:22:33भक्ति भाव रखना है। भगवान विष्णु की कृपा
- 1:22:36दृष्टि से भक्त उनके साथ एकाकार होने का
- 1:22:39परमानंद प्राप्त कर सकता है। रामानुज ने
- 1:22:42विशिष्टता दैतवाद के सिद्धांत का
- 1:22:45प्रतिपादन किया। विशिष्टा दैतवाद के
- 1:22:47सिद्धांत का प्रतिपादन किया। जिसके अनुसार
- 1:22:49आत्मा परमात्मा से जुड़ने के बाद भी अपनी
- 1:22:52अलग सत्ता बनाए रखती है। इनके सिद्धांत
- 1:22:56में ने भक्ति की नई धारा को बहुत प्रेरित
- 1:22:58किया जो परवर्ती काल में उत्तरी भारत में
- 1:23:02विकसित हुई। रामानुजाचार्य के अनुसार
- 1:23:04आत्मा एवं परमात्मा का संबंध चिंगारी व
- 1:23:08अग्नि के संबंध जैसा है। रामानुज के
- 1:23:10अनुयायियों को वैष्णव कहा जाता है।
- 1:23:13शंकराचार्य का दृष्टिकोण था कि इनके
- 1:23:15अनुसार ब्रह्मा निर्गुण है। इनके अनुसार
- 1:23:17ज्ञान ही मुक्ति का मुख्य साधन है। लेकिन
- 1:23:20रामानुज रामानुज का दृष्टिकोण था। इनके
- 1:23:23अनुसार ब्रह्मा के कुछ गुण भी होते हैं।
- 1:23:25इनके अनुसार श्रद्धा तथा समर्पण का अभ्यास
- 1:23:27मुक्ति प्राप्ति का जो है साधन है।
- 1:23:30रामानंद 1368 से 1468 ईस्वी तक रामानंद का
- 1:23:34जन्म प्रयाग में हुआ था। इनकी शिक्षा
- 1:23:36प्रयाग तथा वाराणसी में हुई। इन्होंने
- 1:23:38अपना संप्रदाय सभी जातियों के लिए खोल
- 1:23:40दिया। रामानुज की भांति इन्होंने भी भक्ति
- 1:23:44को मोक्ष जो है एकमात्र साधन स्वीकार
- 1:23:48किया। एक रामानुज अलग हैं। यह रामानंद है।
- 1:23:51इन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम राम एवं सीता
- 1:23:53की आराधना को समाज के समक्ष रखा। रामानंद
- 1:23:56के 12 शिष्यों में दो स्त्रियां पद्मावती
- 1:23:58एवं सुरसरी थी। इनके प्रमुख शिष्य थे
- 1:24:02रैदास जो कि चमार थे। कबीर जो जुलाह थे,
- 1:24:04धनना जो जाट थे, सेना जो नाई थे, पीपा जो
- 1:24:07राजपूत थे, सधना जो कसाई थे। रामानंद पहले
- 1:24:11भक्ति संत थे। जिन्होंने अपने संदेश के
- 1:24:13प्रचार के लिए जो है वो हिंदी भाषा का
- 1:24:16प्रयोग किया। अब आइए जानते हैं कबीर के
- 1:24:20बारे में। 1398 से 1518 ईस्वी तक। कबीर का
- 1:24:23जन्म वाराणसी में एक विधवा ब्राहणी के
- 1:24:25गर्भ से लोक श्रुतियों के अनुसार हुआ था।
- 1:24:28लोक लज्जा के भय से उसने नवजात शिशु को
- 1:24:30वाराणसी में लहर लहरतारा के पास एक तालाब
- 1:24:34के समीप छोड़ दिया। जुलाहा नीरू तथा उसकी
- 1:24:37पत्नी नीमा इस नवजात शिशु को अपने घर ले
- 1:24:40आए। इस बालाक का नाम कबीर रखा। कबीर की
- 1:24:44शादी जो है लोई से हुई। लोई से हुई। उनके
- 1:24:47दो बच्चे हुए और उनकी जिंदगी आम गृहस्थ
- 1:24:50जैसी ही थी। इन्होंने राम रहीम, हजरत,
- 1:24:53अल्लाह आदि को एक ही ईश्वर के अनेक रूप
- 1:24:55माने। इन्होंने जाति प्रथा, धार्मिक
- 1:24:58कर्मकांड, बाह्य आडंबर, मूर्ति पूजा, जप,
- 1:25:01तप, अवतारवाद आदि का घोर विरोध करते हुए
- 1:25:04एकेश्वरवाद में आस्था व्यक्त की एवं
- 1:25:06निराकार ब्रह्म की उपासना को महत्व दिया।
- 1:25:10कबीर मानते थे कि मानव की आत्मा का अंतिम
- 1:25:13लक्ष्य ईश्वर से एकाकार होना है। निर्गुण
- 1:25:16भक्ति धारा से जुड़े कबीर ऐसे प्रथम भक्त
- 1:25:19थे जिन्होंने संत होने के बाद भी कुंता
- 1:25:21गृहस्थ जीवन का निर्वाह किया। इसके अनुयाई
- 1:25:25कबीर पंथी कहलाए। कबीर के उपदेश शब्द शब्द
- 1:25:28सिखों के आदि ग्रंथ में संग्रहित है। कबीर
- 1:25:31की वाणी का संग्रह जो है बीजक शिष्य
- 1:25:33धर्मदास द्वारा संकलित है। बीजक में
- 1:25:35संकलित है। नाम से प्रसिद्ध है।
- 1:25:40बीजक में तीन भाग है। रमैयनी, शबद और
- 1:25:43साखी। उनकी भाषा को सधुकड़ी कहा गया।
- 1:25:46सधुकड़ी भाषा कहा गया है। इसमें ब्रज भाषा
- 1:25:49अवधि एवं राजस्थानी भाषा के शब्द पाए जाते
- 1:25:51हैं। कबीर दास की मृत्यु में मघर में हुई
- 1:25:54है। कबीर दास की मृत्यु में मघर में हुई
- 1:25:56है। कबीर के शिष्य धरनीदास ने छत्तीसगढ़
- 1:25:58से कबीर पंथ की धर्मदासी शाखा की स्थापना
- 1:26:01की। धरनीदास जन्म 1655 ईस्वी में सत्य
- 1:26:04प्रकाश और प्रेम प्रकाश नामक जो है वो
- 1:26:07पुस्तक लिखी। सत प्रकाश और प्रेम प्रकाश
- 1:26:09नामक जो है वह पुस्तक लिखे। अब आइए देखते
- 1:26:13हैं गुरु नानक क्या है? गुरु नानक। गुरु
- 1:26:16नानक का जन्म 15 अप्रैल क्या है? 15
- 1:26:18अप्रैल 1469
- 1:26:21ईस्वी में रावी नदी के किनारे स्थित
- 1:26:22तलवंडी नामक ग्राम में हुआ था जो वर्तमान
- 1:26:25में ननकाना साहिब के नाम से विख्यात है।
- 1:26:27ननकाना साहिब के नाम से विख्यात है।
- 1:26:29वर्तमान में ननकाना साहिब पाकिस्तानी
- 1:26:31पंजाब में है। सिख समुदाय गुरु नानक देव
- 1:26:34जी का जन्म दिवस पारंपरिक रूप से कार्तिक
- 1:26:36पूर्णिमा अक्टूबर नवंबर के दिन में मनाता
- 1:26:39है जो अंग्रेजी कैलेंडर की तिथि से अलग
- 1:26:41है। उनकी माता का नाम त्रिपता देवी तथा
- 1:26:44पिता का नाम मेहता कालूराम था जो पटवारी
- 1:26:47थे। पटवारी थे। बटाला के मूलराज खत्री की
- 1:26:50बेटी सुलक्ष्मी से उनका विवाह हुआ जिससे
- 1:26:54उन्हें दो पुत्र और दो पुत्रियां हुई।
- 1:26:57उन्होंने देश का पांच बार चक्कर लगाया
- 1:26:59जिसे उदासीष कहा जाता है। क्या है? उदासीष
- 1:27:02कहा जाता है। उन्होंने कीर्तनों के माध्यम
- 1:27:04से उपदेश दिए। वे काव्य रचना करते थे और
- 1:27:07रबाब के संगीत के साथ गाया करते थे।
- 1:27:09सारंगी सारंगी उनका स्वामी भक्ति शिष भाई
- 1:27:12मर्दाना बजाया करता था। अपने जीवन के
- 1:27:15अंतिम क्षणों में उन्होंने रावी नदी के
- 1:27:17किनारे करतारपुर में अपना डेहरा यानी मठ
- 1:27:20स्थापित किया। अपने जीवन काल में उन्होंने
- 1:27:22आध्यात्मिक आधार पर अपने पुत्रों की जगह
- 1:27:25अपने शिष्य भाई लहना शिष्य भाई लहना अंगद
- 1:27:29को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया। इनकी
- 1:27:32मृत्यु 1539 ईस्वी में करतारपुर में हुई।
- 1:27:35नानक ने सिख धर्म की स्थापना की। नानक
- 1:27:38सूफी संत बाबा फरीद से प्रभावित थे और
- 1:27:41उनसे मिलने पाकप्टन गए थे। नानक के प्रमुख
- 1:27:45उपदेशों में एक ओंकार एक ईश्वर सत्य मेहनत
- 1:27:48और सेवा का महत्व जो है वो शामिल है। अब
- 1:27:52आइए जानते हैं चैतन्य स्वामी के बारे में।
- 1:27:55चैतन्य का जन्म जो है 1486 ईस्वी में
- 1:27:57नवदीप बंगाल के मायापुर गांव में हुआ था।
- 1:28:00इनके पिता का नाम जगन्नाथ मिश्र एवं माता
- 1:28:03का नाम सची देवी था। पाठशाला में चैतन्य
- 1:28:05को निमाई पंडित या गौरांग कहा जाता था।
- 1:28:09चैतन्य का वास्तविक नाम बसंवर था।
- 1:28:11इन्होंने गोसाई संघ की स्थापना की और साथ
- 1:28:13ही संकीर्तन प्रथा गायन की कीर्तन शैली को
- 1:28:16जन्म दिया। 1510 ईस्वी में केशव भारती
- 1:28:19नामक सन्यासी ने चैतन्य को सन्यास की
- 1:28:22दीक्षा दी। सन्यासी बनने के बाद बंगाल
- 1:28:25छोड़कर पूरी उड़ीसा चले गए। जहां उन्होंने
- 1:28:27दो दशक तक भगवान जगन्नाथ की उपासना की।
- 1:28:30इनकी मृत्यु 1533 ईस्वी में हो गई। इनके
- 1:28:34दार्शनिक सिद्धांत को अनिचित्य भेदा
- 1:28:36भेदाभेदवाद के नाम से जाना जाता है। इस
- 1:28:40विचारधारा के बारे में माना जाता है कि यह
- 1:28:42माधवाचार्य के कठोर द्वैत सिद्धांत और
- 1:28:44रामानुज के विशिष्ट अद्वैत का एकीकरण है।
- 1:28:48इस विचारधारा के अनुसार सर्वोच्च भगवान और
- 1:28:50व्यक्तिगत आत्मा एक ही समय में एक और
- 1:28:52भिन्न-भिन्न है। इसी दर्शन का अनुसरण जो
- 1:28:57है करता है चैतन्य का अनिचित्य भेदा
- 1:29:00भेदवाद विचारधारा का अनुयाय गोंडीय वैष्णव
- 1:29:03है अंचित भेदाभेदवाद विचारधारा के अनुयाय
- 1:29:06गोंडीय वैष्णव है श्रीमद् बलवाचार्य
- 1:29:11श्रीमद् बलवाचार्य श्रीमद् बलवाचार्य का
- 1:29:14जन्म 1479 ईस्वी में चंपारण वाराणसी में
- 1:29:17हुआ था। इनके पिता का नाम लक्ष्मण भट्ट
- 1:29:19तथा माता का नाम यलमगुरु था। क्या है?
- 1:29:22एलमगुरु था। इनका विवाह महालक्ष्मी के साथ
- 1:29:24हुआ। इनके दो पुत्र थे गोपीनाथ जन्म 1511
- 1:29:27ईस्वी में तथा विट्ठलनाथ जन्म 1516 ईस्वी
- 1:29:30में था। इन्होंने गंगा यमुना संगम के समीप
- 1:29:33अरैल नामक स्थान पर अपना निवास स्थान जो
- 1:29:35है वह बनाया। बलवाचार्य ने भक्ति साधना पर
- 1:29:39विशेष जोर दिया। इन्होंने भक्ति को मोक्ष
- 1:29:41का साधन बताया। इनके अनुसार आत्मा और
- 1:29:44परमात्मा भिन्न-भिन्न नहीं है। अपितु एक
- 1:29:46हैं। इस विचारधारा के अनुय पुष्टि मार्ग
- 1:29:49संप्रदाय से संबंधित है। इस मत के
- 1:29:53अनुयायियों की प्रार्थना में नाथ द्वारा
- 1:29:55राजस्थान स्थित श्रीनाथ जी मंदिर और आठ
- 1:29:58कवियों की रचनाएं अष्टछाप मुख्य है।
- 1:30:01सूरदास बलवाचार्य के शिष्य थे। सूरदास जो
- 1:30:04है बलवाचार्य के शिष्य थे। विट्ठलनाथ को
- 1:30:06अकबर ने गोकुल और जयतपुरा की जागीर प्रदान
- 1:30:10की थी। विट्ठलनाथ को अब आइए देखते हैं
- 1:30:13गोस्वामी तुलसीदास। इनका जन्म उत्तर
- 1:30:16प्रदेश के बांदा जिले में राजापुर गांव
- 1:30:18में 1532 ईस्वी में हुआ था। इनके पिता का
- 1:30:21नाम आत्माराम दुबे एवं माता का नाम हुलसी
- 1:30:24था। इन्होंने रामचरितमानस की रचना की।
- 1:30:27इनकी मृत्यु 1623 ईस्वी में हुई थी।
- 1:30:29तुलसीदास मुगल शासक अकबर एवं मेवाड़ के
- 1:30:32शासक राणा प्रताप के जो है समकालीन थे।
- 1:30:35धन्ना धन्ना का जन्म 1415 ईस्वी में एक
- 1:30:38जाट परिवार में हुआ था। राजपूताना से
- 1:30:40बनारस आकर ये रामानंद के शिष्य बन गए। कहा
- 1:30:43जाता है कि इन्होंने भगवान की मूर्ति को
- 1:30:45हटात भोजन कराया था। हटात भोजन कराया था।
- 1:30:48मीराबाई क्या है? मीराबाई मीराबाई का जन्म
- 1:30:511498 में मेड़ता जिले के चौकारी ग्राम में
- 1:30:55हुआ था। इनके पिता का नाम रत्न सिंह राठौर
- 1:30:57था। इनका विवाह 1516 ईस्वी में राणा सांगा
- 1:31:00के बड़े पुत्र और युवराज भोजराज से हुआ
- 1:31:02था। अपने पति की मृत्यु के उपरांत यह
- 1:31:05पूर्णतः धर्म परायण जीवन व्यतीत करने लगे।
- 1:31:07इन्होंने कृष्ण की उपासना प्रेमी एवं पति
- 1:31:10के रूप में पति के रूप में की। इनके भक्ति
- 1:31:12गीत मुख्यत ब्रज भाषा और आंशिक रूप से
- 1:31:15राजस्थानी में लिखे गए हैं तथा इनकी कुछ
- 1:31:17कविताएं राजस्थानी में भी है। इनकी मृत्यु
- 1:31:201546 ईस्वी में द्वारका में हो गई। संत
- 1:31:23रविदास क्या है? संत रविदास जी रैदास की
- 1:31:26मीराबाई का गुरु माना जाता था। रैदास
- 1:31:30रैदास जो है यह जाति से चमार थे। जाति से
- 1:31:33चमार थे और बनारस के रहने वाले थे। यह
- 1:31:35रामानंद के 12 शिष्यों में एक थे। इनके
- 1:31:37पिता का नाम रघु तथा माता का नाम
- 1:31:39घुरबिनिया था। यह जूता बनाकर जीभ को
- 1:31:42पार्जन करते थे। इन्होंने रायदासीफ
- 1:31:44संप्रदाय की स्थापना की। चित्तौड़ की रानी
- 1:31:47झाली रैदास की शिष्या थी। रैदास के भी कुछ
- 1:31:50गीत सिखों के प्रवित ग्रंथ गुरु ग्रंथ
- 1:31:52साहिब में जो है वो शामिल है। दादू दयाल
- 1:31:56यह कबीर के अनुयाई थे। इनका जन्म 1544
- 1:31:59ईस्वी में अहमदाबाद में हुआ था। इनका
- 1:32:01संबंध धुनिया जाति से था। सांभर में आकर
- 1:32:04इन्होंने ब्रह्म संप्रदाय की स्थापना की।
- 1:32:06अकबर ने धार्मिक चर्चा के लिए इन्हें एक
- 1:32:08बार फतेहपुर सीकरी बुलाया था। इन्होंने
- 1:32:11निपख नामक आंदोलन की शुरुआत की। इनकी
- 1:32:13मृत्यु 1603 ईस्वी में हो गई। सुंदरदास
- 1:32:171596 से 1689 ईस्वी में दादू के शिष्य थे।
- 1:32:20सुंदरदास ने अपना ज्यादातर समय वाराणसी
- 1:32:22में बिताया। दादू के कुछ अन्य शिष्यों का
- 1:32:25जो नाम है वो है सांगानेर का रज्जब। 1567
- 1:32:28से 1683 नारायणा बाजिद पठान आदि। शंकरदेव
- 1:32:33क्या है? शंकरदेव 1449 से 1569 तक
- 1:32:37इन्होंने भक्ति आंदोलन का प्रचार प्रसार
- 1:32:39असम में किया। शंकरदेव ये चैतन्य के
- 1:32:42समकालीन थे। इनका संदेश विष्णु या उनके
- 1:32:44अवतार कृष्ण के प्रति पूर्ण निष्काम भक्ति
- 1:32:47पर केंद्रित था। ये अकेले कृष्ण मार्गी
- 1:32:50वैष्णव संत थे जो मूर्ति के रूप में कृष्ण
- 1:32:52की पूजा के विरोधी थे। निर्गुण संप्रदाय
- 1:32:55के कुछ अन्य संत थे। प्रयागराज के बाबा
- 1:32:57मलूकदास 1574 से 1682 ईस्वी तक। दिल्ली के
- 1:33:01यारी शाह जन्म 1668 बुल्ला शाहब बिहार के
- 1:33:04दरिया साहब एवं पंजाब के जो है गरीब दास
- 1:33:08अगला चैप्टर है मुगल साम्राज्य क्या है
- 1:33:10मुगल साम्राज्य मुगल वंश का संस्थापक बाबर
- 1:33:14तिमुरिड राजवंश के तिमुरिड राजवंश का
- 1:33:17सदस्य था। तिमुरिडों ने इतिहास में दो
- 1:33:20प्रसिद्ध साम्राज्य स्थापित किए थे। फारस
- 1:33:23और मध्य एशिया में तिमुरिट साम्राज्य 1370
- 1:33:26से 1507 तक और भारतीय उपमहाद्वीप में मुगल
- 1:33:30साम्राज्य 1526 से 1500
- 1:33:331857 तक 1526 से 1857 तक बाबर एवं उत्तर
- 1:33:38भारतीय मुगल शासक तुर्क एवं सुन्नी
- 1:33:40मुसलमान थे। तुर्क एवं सुन्नी मुसलमान थे।
- 1:33:44बाबर ने मुगल वंश की स्थापना के साथ ही पद
- 1:33:47पातशाही की स्थापना की। पद बादशाही की
- 1:33:50स्थापना की जिसके तहत शासक को बादशाह कहा
- 1:33:53जाता था। शासक को क्या है? बादशाह कहा
- 1:33:56जाता था। अब आइए बाबर के बारे में जानते
- 1:33:59हैं। जब 1526 ईस्वी से 1530 ईस्वी तक जो
- 1:34:02है राज किया 4 साल तक। बाबर का जन्म फरवरी
- 1:34:051483 ईस्वी में हुआ था। इसके पिता उमर शेख
- 1:34:09मिर्जा फरगाना नामक छोटे राज्य के शासक
- 1:34:12थे। फरगाना नामक छोटे राज्य के शासक थे।
- 1:34:15बाबर फरगाना की गद्दी पर 8 जून 1494 ईस्वी
- 1:34:19में बैठा। 1494 ईस्वी में बैठा। बाबर ने
- 1:34:231507 ईस्वी में बादशाह की उपाधि धारण की
- 1:34:26जिसे अब तक किसी तैमूर शासक ने धारण नहीं
- 1:34:29की थी। बादशाह की जो है उपाधि धारण की
- 1:34:32जिसे अब तक किसी तैमूर शासक ने धारण नहीं
- 1:34:35की थी। बाबर के चार पुत्र थे। हुमायूं,
- 1:34:38कामरान, अस्करी तथा हिंदाल। बाबर ने भारत
- 1:34:43पर पांच बार आक्रमण किया। बाबर का भारत के
- 1:34:47विरुद्ध किया गया प्रथम अभियान 1519 ईस्वी
- 1:34:50में यूसुफजाई क्या है? युसुफजाई जाति के
- 1:34:53विरुद्ध था। इस अभियान में बाबर ने बाजौर
- 1:34:56और भेरा को अपने अधिकार में कर लिया।
- 1:34:59पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर ने पहली
- 1:35:02बार तुगलक
- 1:35:04युद्ध नीति एवं तोपखाने का प्रयोग किया।
- 1:35:06तुगलमा युद्ध नीति एवं तोपखाने
- 1:35:08[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 1:35:09का प्रयोग किया। उस्ताद अली और मुस्तफा
- 1:35:12बाबर के दो प्रसिद्ध निशानेबाज थे। जिसने
- 1:35:15पानीपत के प्रथम युद्ध में जो है भाग लिया
- 1:35:18था। बाबर द्वारा लड़े गए प्रमुख युद्ध देख
- 1:35:21लेते हैं। बाबर चार साल तक जो है शासन
- 1:35:23किया और चारों साल का जो है एक-एक युद्ध
- 1:35:27किया। पानीपत की प्रथम युद्ध 21 अप्रैल
- 1:35:291526 ईस्वी किया। इब्राहिम लोदी व बाबर के
- 1:35:33बीच हुआ। बाबर विजय हुआ। दूसरा साल जो है
- 1:35:361527 में 17 मार्च 1527 में खानवा का
- 1:35:40युद्ध किया 15 17 मार्च 1527 में राणा
- 1:35:43सांगा एवं बाबर के बीच बाबर जो है विजय
- 1:35:46हुआ चंदरी का युद्ध 29 जनवरी 1528 को किया
- 1:35:52मेदनी राय एवं बाबर के बीच इसमें बाबर जो
- 1:35:54है वह विजय हुआ घाघरा का युद्ध 6 मई 1529
- 1:35:59ईस्वी को किया अफगानों एवं बाबर के बीच
- 1:36:01हुआ बाबर जो है विजय हुआ इब्राहिम लोदी
- 1:36:06मध्यकाल का प्रथम शासक था जो युद्धस्थल
- 1:36:08में मारा गया। इसके साथ उसका मित्र
- 1:36:11ग्वालियर के राजा विक्रमजीत भी युद्ध स्थल
- 1:36:14में मारा गया। इब्राहिम लोदी का मित्र कौन
- 1:36:16था? ग्वालियर के राजा विक्रम विक्रमजीत वो
- 1:36:18भी युद्ध स्थल में मारा गया। हुमायूं ने
- 1:36:22कोहिनूर हीरा ग्वालियर के दिवंगत राजा
- 1:36:24विक्रमजीत के परिवार से प्राप्त किया था।
- 1:36:27हुमायूं ने। बाबर को अपनी उदारता के लिए
- 1:36:30कलंदर की उपाधि दी गई। बाबर को अपनी
- 1:36:33उदारता के लिए कलंदर की उपाधि दी गई। बाबर
- 1:36:37ने मुसलमानों को तमगा नामक कर से मुक्त कर
- 1:36:40दिया था। तमगा नामक कर से मुक्त कर दिया
- 1:36:42था। खानवा युद्ध में बाबर ने राणा सांगा
- 1:36:45के खिलाफ जिहाद का नारा दिया और युद्ध में
- 1:36:49विजय के बाद गाजी की उपाधि धारण की। तो
- 1:36:51प्रश्न पूछा जाता है कि जिहाद का नारा जो
- 1:36:53है किस युद्ध में बाबर ने दिया? तो खानबा
- 1:36:56युद्ध में। किसके खिलाफ? तो राणा सांगा के
- 1:36:59खिलाफ। 30 जनवरी 1528 को जहर दे देने के
- 1:37:02कारण राणा सांगा की जो है मृत्यु हो गई।
- 1:37:06बाबर ने बंगाल के शासक नुसरत शाह के साथ 6
- 1:37:09मई 1529 को एक दूसरे की संप्रभुता का
- 1:37:12सम्मान करने का वादा करते हुए एक संधि की
- 1:37:16जिसके अनुसार नुसरत शाह ने अफगान
- 1:37:18विद्रोहियों को शरण ना देने का जो है वचन
- 1:37:21दिया। करीब 48 वर्ष की आयु में 26 दिसंबर
- 1:37:251530 ईस्वी को आगरा में बाबर की जो है
- 1:37:29मृत्यु हो गई। प्रारंभ में बाबर के शव को
- 1:37:32आगरा के आरामबाग में दफनाया गया। आगरा के
- 1:37:35आरामबाग में दफनाया गया। बाद में काबुल
- 1:37:37में उसके द्वारा चुने गए स्थान पर जो है
- 1:37:39दफनाया गया। जब बाबरनामा पढ़ा गया उसमें
- 1:37:42वो वर्णन किया था कि मुझे काबुल में
- 1:37:45दफनाया जाए। मरने के बाद उसे काबुल में
- 1:37:47उसके द्वारा चुने गए स्थान पर दफनाया गया।
- 1:37:50बाबर की मातृभाषा तुर्की थी। क्या थी?
- 1:37:53तुर्की थी। लेकिन वह अरबी और फारसी का भी
- 1:37:56अच्छा ज्ञाता था। बाबर ने तुर्की भाषा में
- 1:37:59अपनी आत्मकथा तजुक बाबरी यानी बाबरनामा की
- 1:38:02रचना की। अपनी आत्मकथा में बाबर ने
- 1:38:04औपचारिक बागों की योजनाओं और उनके बनाने
- 1:38:08में अपनी रुचि का जो है वर्णन किया है।
- 1:38:11अक्सर यह बाघ दीवार से घिरे होते थे तथा
- 1:38:13कृत्रिम नहरों द्वारा चार भागों में
- 1:38:15विभाजित आयताकार अहाते में स्थित थे। चार
- 1:38:19समान हिस्सों में बटे होने के कारण यह चार
- 1:38:21बाग कहलाते थे। क्या है? चार बाग कहलाते
- 1:38:24थे। चार बाग बनाने की परंपरा की शुरुआत
- 1:38:27अकबर के समय से हुई। क्या है? अकबर के समय
- 1:38:30से हुई। तुजुके बाबरी या बाबरनामा का चार
- 1:38:34बार फारसी में अनुवाद किया गया। प्रथम दो
- 1:38:37अनुवाद हुमायूं के समय पयंदा खान और जैन
- 1:38:41खान ने किया। तीसरा अनुवाद अकबर के समय
- 1:38:45अब्दुल रहीम खान खान ने किया। अब्दुल रहीम
- 1:38:48खान खाना ने किया। इसका चौथा फारसी अनुवाद
- 1:38:51शाहजहां के काल में मीर अबू तलिब तुरबाती
- 1:38:54मीर अली तलब तुरबाती ने किया। अंग्रेजी
- 1:38:59में इसके तीन अनुवाद हुए। अंग्रेजी में
- 1:39:01इसके तीन अनुवाद हुए। जॉन लीडन और विलियम
- 1:39:04एस किंग 1826 ईस्वी में फारसी से अंग्रेजी
- 1:39:08में इसका अनुवाद किया। किंग ने फारसी से
- 1:39:11अंग्रेजी में अनुवाद किया। श्रीमती ए एस
- 1:39:14बेबिज ने 1905 में मूल तुर्की भाषा से
- 1:39:17अंग्रेजी में जो है अनुवाद किया।
- 1:39:21बाबर को मुबईयान नामक पद शैली का भी
- 1:39:24जन्मदाता माना जाता है। बाबर को मुबईयान
- 1:39:27नामक पद शैली का भी जन्मदाता माना जाता
- 1:39:30है। बाबर ने ईरानी शैली के चित्रकार बिजाद
- 1:39:33तथा फारसी लिपि के खुशनबीस केलीग्राफर मीर
- 1:39:37अली को भारत लाकर मुगल लघु चित्रों की
- 1:39:40शुरुआत की। मुगल लघु चित्रों की शुरुआत
- 1:39:42की। बाबर प्रसिद्ध नक्शबंदी सूफी ख्वाजा
- 1:39:46उबैदुल्ला अहरार का अनुयाय था। बाबर का
- 1:39:50उत्तराधिकारी जो है हुमायूं हुआ। क्या है?
- 1:39:52हुमायूं हुआ। अब आइए देखते हैं हुमायूं के
- 1:39:55बारे में। 1530 से 1556 ईस्वी तक जो है
- 1:39:59शासन किया। नसीरुद्दीन हुमायूं 29 दिसंबर
- 1:40:021530 ईस्वी को आगरा में 23 वर्ष की अवस्था
- 1:40:06में सिंहासन पर बैठा। गद्दी पर बैठने से
- 1:40:09पहले हुमायूं जो है बदखसा का सूबेदार था।
- 1:40:11बदखसा का सूबेदार था। अपने पिता के
- 1:40:15निर्देश के अनुसार हुमायूं ने अपने राज्य
- 1:40:17का बंटवारा अपने भाइयों में कर दिया। इसने
- 1:40:20कामरान को काबुल और कंधार दिया। मिर्जा
- 1:40:24असरी को संभल दिया। क्या है? संभल दिया।
- 1:40:27मिर्जा हिंदाल को अलवर व मेबाड़ की
- 1:40:31जागीरें दी। अपने चचेरे भाई सुलेमान
- 1:40:34मिर्जा को हुमायूं ने बदखसा प्रदेश दिया।
- 1:40:36क्या है? बदखसा प्रदेश दिया। 1533 ईस्वी
- 1:40:40में हुमायूं ने दीनपनाह नामक नए नगर की
- 1:40:43स्थापना की। 1533 ईस्वी में हुमायूं ने
- 1:40:46दीनपनाह नामक नए नगर की स्थापना की थी।
- 1:40:50चौसा का युद्ध 25 जून 1539 ईस्वी में शेर
- 1:40:54खान एवं हुमायूं के बीच हुआ चौसा युद्ध।
- 1:40:57इस युद्ध में शेर खान विजय रहा। इसी युद्ध
- 1:41:00के बाद शेर खान ने शेरशाह की पद जो है
- 1:41:03पदवी ग्रहण कर ली। बिलग्राम या कन्नौज
- 1:41:07युद्ध 17 मई 1540 ईस्वी में शेर खान एवं
- 1:41:11हुमायूं के बीच हुआ। इस युद्ध में भी
- 1:41:13हुमायूं पराजित हुआ। शेर खान ने आसानी से
- 1:41:16आगरा एवं दिल्ली पर जो है कब्जा कर लिया।
- 1:41:20बिलग्राम युद्ध के बाद हुमायूं सिंध चला
- 1:41:23गया। जहां उसने 15 वर्षों तक घुमक्कड़ों
- 1:41:25जैसा निर्वासित जीवन जो है व्यतीत किया।
- 1:41:29निर्वासन के समय हुबायूं ने हिंदाल के
- 1:41:31आध्यात्मिक गुरु अरस बासी सिया मीर बाबा
- 1:41:35दोस्त उर्फ मीर अली अकबर जामी की पुत्री
- 1:41:38हमीदा बानू बेगम से 29 अगस्त 1541 ईस्वी
- 1:41:42को निकाह कर लिया। कालांतर में हमीदा सिंह
- 1:41:45अकबर जैसे महान सम्राट का जन्म हुआ। हमीदा
- 1:41:48सिंह अकबर जैसे महान सम्राट का जन्म हुआ।
- 1:41:521555 ईस्वी में हुमायूं ने पंजाब के सूरी
- 1:41:55शासक सिकंदर को पराजित कर पुनः दिल्ली की
- 1:41:58गद्दी पर बैठा। पूरा जो है दिल्ली की
- 1:42:00गद्दी पर बैठा। हुमायूं द्वारा लड़े गए
- 1:42:03चार प्रमुख युद्धों का क्रम है। देवरा का
- 1:42:05युद्ध 1531 ईस्वी में चौसा का युद्ध 1539,
- 1:42:09बिलग्राम 1540 एवं सरहंद का युद्ध 1555
- 1:42:13ईस्वी में लड़ा गया। 1 जनवरी 1556 ईस्वी
- 1:42:17को दिनपनाह भवन में स्थित पुस्तकालय
- 1:42:20शेरमंडल की सीढ़ियों से गिरने के कारण
- 1:42:22हुमायूं की मृत्यु हो गई। 1 जनवरी 1556 को
- 1:42:26हुमायूं के बारे में इतिहासकार लेनपुल ने
- 1:42:29कहा है कि हुमायूं गिरते पड़ते इस जीवन से
- 1:42:32मुक्त हो गया। ठीक उसी तरह जिस तरह तमाम
- 1:42:35जिंदगी वह गिरते पड़ते चलते रहा। लेनप ने
- 1:42:39कहा कि हुमायूं गिरते पड़ते इस जीवन से
- 1:42:41मुक्त हो गया। ठीक उसी तरह जिस तरह तमाम
- 1:42:43जिंदगी वह गिरते पड़ते चलता रहा था।
- 1:42:46हुमायूंनामा की रचना गुलबदन बेगम ने की
- 1:42:49थी। गुलबदन बेगम ने की थी हुमायूंनामा की
- 1:42:51रचना। हुमायूं ज्योतिष में विश्वास करता
- 1:42:53था। इसलिए इसने सप्ताह के सातों दिन सात
- 1:42:56रंग के पोशाक रविवार को पीला सोमवार को
- 1:43:00सफेद मंगलवार को लाल बुधवार को नीला या
- 1:43:05बैगनी रंग गुरुवार को आसमानी या बादामी
- 1:43:08रंग शुक्रवार को हरा एवं शनिवार को काला
- 1:43:12धारण जो है वो करता था। हुमायूं ने दिल्ली
- 1:43:16में हरम की औरतों के लिए मीना बाजार
- 1:43:18प्रारंभ किया था। मीना बाजार प्रारंभ किया
- 1:43:20था दिल्ली में हरम की औरतों के लिए। अब
- 1:43:23आइए शेरशाह सूरी 1540 से 1545 ईस्वी तक
- 1:43:27राज किए। सूर साम्राज्य का संस्थापक अफगान
- 1:43:30वंशीय शेरशाह सूरी था। सूर साम्राज्य का
- 1:43:33संस्थापक अफगान वंशीय शेरशाह सूरी था। डॉ.
- 1:43:36के आर कानूनो के अनुसार हरियाणा प्रांत के
- 1:43:39नारनौर महेंद्रगढ़ स्थान पर इब्राहिम के
- 1:43:43पुत्र हसन के घर वर्ष 1486 में शेरशाह का
- 1:43:47जन्म हुआ था। परमात्मा शरण का विचार है कि
- 1:43:50शेरशाह का जन्म वर्ष जो है 1472 ईस्वी में
- 1:43:55हुआ था। इनके बचपन का नाम फरीद खान था। यह
- 1:43:58सूर वंश से संबंधित थे। इनके पिता हसन खान
- 1:44:02जौनपुर राज के अंतर्गत सासाराम के जमींदार
- 1:44:04थे। जौनपुर राज के अंतर्गत सासाराम के जो
- 1:44:07है वो जमींदार थे। फरीद ने एक शेर को
- 1:44:11तलवार के एक ही बार से मार दिया था। उसकी
- 1:44:14इस बहादुरी से प्रसन्न होकर बिहार के
- 1:44:16अफगान शासक सुल्तान मोहम्मद बहार खलुहानी
- 1:44:20सुल्तान मोहम्मद बहार खलोहानी ने उसे शेर
- 1:44:23खान की उपाधि जो है प्रदान की थी। शेरशाह
- 1:44:26बिलग्राम युद्ध 1540 ईस्वी के बाद दिल्ली
- 1:44:29की गद्दी पर बैठा। शेरशाह की मृत्यु
- 1:44:32कालिंजर के किले को जीतने के क्रम में 22
- 1:44:35मई 1545 ईस्वी को हो गई। मृत्यु के समय वह
- 1:44:39उक्का नामक अग्निस्त्र चला रहा था।
- 1:44:41कालिंजर का शासक कीर सिंह था। इससे प्रश्न
- 1:44:44बनता है कि शेरशाह की मृत्यु किस युद्ध के
- 1:44:46समय हुआ? तो कालिंजर के किले जीतने के
- 1:44:49क्रम में हुआ। और कौन सा अग्नस्त्र चला
- 1:44:52रहा था मृत्यु के समय? तो वह हुक्का नामक
- 1:44:55जो है अग्नस्त्र चला रहा था। कलिंजर का
- 1:44:57शासक कौन था? तो कीरत सिंह था। हिंद तथा
- 1:45:00ईरानी वास्तुकला के समन्वय का प्रथम
- 1:45:03उदाहरण है। शेरशाह का मकबरा जिसे सासाराम
- 1:45:06में झील के बीच ऊंचे टीले पर जो है
- 1:45:08निर्मित किया गया है। रोहतासगढ़ किला किला
- 1:45:12एक कोहना दिल्ली नामक मस्जिद का निर्माण
- 1:45:14शेरशाह के द्वारा किया गया था। शेरशाह ने
- 1:45:17रोहतासगढ़ के दुर्ग एवं कन्नौज के स्थान
- 1:45:20पर शेरसुर नामक जो है नगर बसाया। शेरशाह
- 1:45:24का उत्तराधिकारी उसका पुत्र इस्लाम शाह
- 1:45:26था। क्या है? इस्लाम शाह था। शेरशाह ने
- 1:45:29भूमि की माप के लिए 32 अंक वाला सिकंदरी
- 1:45:32गज एवं सन की डंडी का प्रयोग किया। शेरशाह
- 1:45:36के समय पैदावर का लगभग 1/3 भाग सरकार लगान
- 1:45:39के रूप में वसूल जो है करती थी। शेरशाह ने
- 1:45:43सोने के सिक्के अशरफ चांदी का रुपया 178
- 1:45:47ग्रेन तथा तांबे का दाम 380 ग्रेन नामक जो
- 1:45:50है सिक्के चलाए थे। चांदी का रुपया
- 1:45:53सर्वप्रथम शेरशाह ने जारी किया और चांदी
- 1:45:56के रुपए तांबे के दाम का विनिमय अनुपात
- 1:45:591:64 का था। शेरशाह के समय तांबे के अन्य
- 1:46:03सिक्के थे अधोला, पावला, दमड़ी एवं जीतल।
- 1:46:08अधोला, पावला, दमड़ी एवं जीतल। कबूलियत
- 1:46:12एवं पट्टा प्रथा की शुरुआत शेरशाह ने की।
- 1:46:15कबूलियत एवं पट्टा प्रथा की शुरुआत शेरशाह
- 1:46:18ने की। शेरशाह ने 1541 ईस्वी में
- 1:46:21पाटलिपुत्र को पटना के नाम से पुनः
- 1:46:24स्थापित किया। इसने ग्रैंड ट्रैक रोड की
- 1:46:26मरम्मत करवाई। डाक प्रथा का प्रचलन शेरशाह
- 1:46:29के द्वारा ही किया गया। डाक प्रथा का
- 1:46:32प्रचलन जो है वह शेरशाह के द्वारा ही जो
- 1:46:34है किया गया। मलिक मोहम्मद जायसी शेरशाह
- 1:46:37के समकालीन था। मलिक मोहम्मद जायसी शेरशाह
- 1:46:40के जो है समकालीन थे। अब आइए देखते हैं
- 1:46:44अकबर के बारे में 1556 से 1605 ईस्वी तक।
- 1:46:48सम्राट अकबर का जन्म 15 अक्टूबर 1542
- 1:46:52ईस्वी को हमीदा बानू बेगम के गर्भ से
- 1:46:54अमरकोट के राणा वीरसाल के महल में हुआ।
- 1:46:58अमरकोट के राणा वीरसाल के महल में हुआ।
- 1:47:01अकबर के बचपन का नाम जलाल था। उसका
- 1:47:04राज्याभिषेक 14 फरवरी 1556 ईस्वी को पंजाब
- 1:47:08के कलानौर नामक स्थान पे हुआ। पंजाब के
- 1:47:11कलानौर नामक स्थान पर हुआ। अकबर के
- 1:47:14समकालीन शासक कौन-कौन थे? रानी एलिजाबेथ
- 1:47:171558 से 1603 ईस्वी तक इंग्लैंड की रानी
- 1:47:20शाह अब्बास 1588 से 1629 ईस्वी तक ईरान के
- 1:47:25जार इवानफोर बेसिल बेसिल येबिच 1530 से
- 1:47:301584 ईस्वी तक रूस के जार इवानफोर बेसिल
- 1:47:34येबीच इवान दी टेरिबेल नाम से कुख्यात था
- 1:47:37इवान द टेरिबेल नाम से कुख्यात था अकबर का
- 1:47:41शिक्षक अब्दुल लतीफ ईरानी विद्वान था अकबर
- 1:47:44का शिक्षक अब्दुल लतीफ ईरानी विद्वान था।
- 1:47:48वह जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर बादशाही गाजी
- 1:47:51की उपाधि से राज सिंहासन पर बैठा।
- 1:47:53जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर बादशाह गाजी की
- 1:47:56उपाधि से राज सिंहासन पर बैठा। बैरम खान
- 1:48:00सिया मताबी 1556 से 1560 ईस्वी तक अकबर का
- 1:48:06संरक्षक रहा। वह बदखसा का निवासी था। उसे
- 1:48:10प्यार से खानी बाबा कहा जाता था। बैराम
- 1:48:13खान जो था वह अकबर का संरक्षक था और बदखसा
- 1:48:16का निवासी था। उसे प्यार से खानी बाबा कहा
- 1:48:19जाता था। पानीपत की जो दूसरी लड़ाई 15
- 1:48:22नवंबर 1556 ईस्वी को अकबर और हेमु के बीच
- 1:48:26हुई थी। इस युद्ध में अकबर की विजय हुई
- 1:48:29थी। 31 जनवरी 1561 ईस्वी को मक्का के
- 1:48:32तीर्थ यात्रा के दौरान पाटन नामक स्थान पर
- 1:48:35मुबारक खान नामक युवक ने बैरम खान की
- 1:48:38हत्या कर दी। मुबारक खान नामक युवक ने
- 1:48:40बैरम खान की हत्या कर दी। मई 1562 में
- 1:48:44अकबर ने हरम दल से अपने को पूर्णता मुक्त
- 1:48:47कर दिया। हरम दल से अपने को पूर्णता जो है
- 1:48:50मुक्त कर लिया। हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून
- 1:48:541576 ईस्वी को मेवाड़ के शासक महाराणा
- 1:48:57प्रताप एवं अकबर के बीच हुआ। इस युद्ध में
- 1:49:01अकबर जो है विजय हुआ। इस युद्ध में मुगल
- 1:49:04सेना का नेतृत्व जो है मानसिंह एवं आसफ
- 1:49:07खान ने किया था। अकबर का सेनापति मानसी
- 1:49:10था। मानसी आमेर बाद में जयपुर के कछवाहा
- 1:49:14राजवंश के शासक था। मानसी आमेर के कछवाहा
- 1:49:18राजवंश के जो है वो शासक थे। हल्दीघाटी
- 1:49:22युद्ध के समय कुंभलगढ़ राणा प्रताप की
- 1:49:24राजधानी थी। कुंभलगढ़ राणा प्रताप की
- 1:49:26राजधानी थी। रानी राणा की ओर से इस युद्ध
- 1:49:30में हाकिम खानसुर हाकिम खानसुर के नेतृत्व
- 1:49:33में एक अफगान फौजी टुकड़ी एवं भीलों की एक
- 1:49:36छोटी सी सेना ने भाग लिया था। महाराणा
- 1:49:40प्रताप की मृत्यु 19 जनवरी 1597 ईस्वी में
- 1:49:43एक सख्त धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाते समय
- 1:49:47अंदरूनी चोट लग जाने के कारण हो गई।
- 1:49:50हल्दीघाटी के युद्ध के बाद राणा प्रताप ने
- 1:49:52डूंगरपुर के निकट चाबड़ में नई राजधानी
- 1:49:55बनाई। महाराणा प्रताप के घोड़े का नाम जो
- 1:49:58है चेतक एवं हाथी का नाम जो है राम प्रसाद
- 1:50:01था। हाथी का नाम राम प्रसाद था। दीन इलाही
- 1:50:04धर्म का प्रधान पुरोहित अकबर था। दीन
- 1:50:06इलाही धर्म का प्रधान पुरोहित कौन था?
- 1:50:09अकबर था। दीन इलाही धर्म स्वीकार करने
- 1:50:12वाला प्रथम एवं अंतिम हिंदू शासक जो है
- 1:50:14राजा बीरबल था। महेश दास नामक ब्राह्मण को
- 1:50:18राजा बीरबल की पदवी दी गई थी जो हमेशा
- 1:50:21अकबर के साथ रहता था। तो प्रश्न पूछा जाता
- 1:50:24है कि बीरबल का जो है वास्तविक नाम क्या
- 1:50:26था? तो महेश दास था। क्या है? महेश दास था
- 1:50:29और वो जो है दीन इलाही धर्म स्वीकार करने
- 1:50:32वाला प्रथम एवं अंतिम हिंदू था। अकबर ने
- 1:50:36जैन धर्म के जैनाचार्य हरि विजय सूरी हरि
- 1:50:39विजय सूरी को जगतगुरु की उपाधि जो है
- 1:50:42प्रदान की थी। अकबर ने शाही दरबार में एक
- 1:50:45अनुष्ठान के रूप में सूर्योपासना शुरू
- 1:50:48करवाई थी। शाही दरबार में राजस्व प्राप्ति
- 1:50:52की जब्ती प्रणाली अकबर के शासनकाल में
- 1:50:55प्रचलित थी। अकबर के दीवान राजा टोडरमल
- 1:50:59खत्री जाति ने 18 1580 ईस्वी में दहसाला
- 1:51:04बंदोबस्त व्यवस्था जो है लागू की। गुजरात
- 1:51:07विजय के दौरान अकबर सर्वप्रथम
- 1:51:08पुर्तगालियों से मिला और यहीं से उसने
- 1:51:11सर्वप्रथम समुद्र को जो है देखा। तो
- 1:51:13प्रश्न आता है कि अकबर ने समुद्र कब देखा?
- 1:51:16तो गुजरात विजय के दौरान देखा। गुजरात
- 1:51:18अभियान को इतिहासकार स्मिथ ने संसार के
- 1:51:21इतिहास का सर्वाधिक जो है द्रुतगामी
- 1:51:24आक्रमण कहा है। अकबर के दरबार के प्रसिद्ध
- 1:51:27चित्रकार थे अब्दुल समद। अब्दुल समद जो है
- 1:51:30अकबर के दरबार के प्रसिद्ध चित्रकार थे और
- 1:51:32अकबर के दरबार का प्रसिद्ध संगीतकार जो है
- 1:51:35वो तानसेन था। क्या है? तानसेन था। दसवंत
- 1:51:38एवं बसावन अकबर के दरबार के चित्रकार थे।
- 1:51:41दसवंत एवं बसावन अकबर के दरबार के जो है
- 1:51:44चित्रकार थे। अकबर के शासनकाल के प्रमुख
- 1:51:49गायक तानसेन बाज बहादुर बाबा रामदास एवं
- 1:51:52बैजू बाबरा थे। संगीत सम्राट तानसेन का
- 1:51:56जन्म 1506 ईस्वी में ग्वालियर में एक
- 1:51:58ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनका असली
- 1:52:02नाम रामतनु पांडे था। रामतनु पांडे था। यह
- 1:52:05जो है द्रुपद गायन शैली का महान संगीतकार
- 1:52:09था। यह जो है बीन बजाते थे। इनकी प्रमुख
- 1:52:12कृतियां थी मियां की टोड़ी। क्या है?
- 1:52:15मियां की टोड़ी। मियां का मलहार मियां का
- 1:52:18सारंग दरबारी कान्हारा आदि कंठा भरण वाणी
- 1:52:23विलास कंठा भवरण वाणी विलास की उपाधि अकबर
- 1:52:25ने तानसेन को दी थी। तानसेन की कौन सी
- 1:52:28उपाधि दी थी? तो कंठावरण वाणी विलास
- 1:52:30तानसेन अकबर के दरबार में आने से पूर्व
- 1:52:32रीवा के राजा रामचंद्र के राजाश्रय में
- 1:52:36थे। अकबर के दरबार में आने से पूर्व रीवा
- 1:52:38के राजा रामचंद्र के राजाश्रय में थे।
- 1:52:41तानसेन के गुरु हरिदास थे। क्या है?
- 1:52:43हरिदास थे। अकबर द्वारा जीते गए प्रदेश
- 1:52:46देख लेते हैं। मालवा शासक बाज बहादुर 1561
- 1:52:50में मुगल सेनापति आदम खान पीर मोहम्मद
- 1:52:53चुनार के समय अफगानों का शासन था 154ार पर
- 1:52:56अफगानों का शासन था 1562 में अब्दुल्ला
- 1:52:59खान मुगल सेनापति था। आमेर आमेर के शासक
- 1:53:02भारमल 1562 में स्वेच्छा से अधीनता
- 1:53:05स्वीकारी मेड़ता मेड़ता के शासक जयमल 1562
- 1:53:09में सरफुद्दीन जो है मुगल सेनापति
- 1:53:12गोंडवाना के शासक था वीर नारायण एवं
- 1:53:14दुर्गावती 1564 में आसफ खान के द्वारा जो
- 1:53:18है यह जीता गया मेवाड़ मेवाड़ उदय सिंह
- 1:53:22एवं राणा प्रताप उदय सिंह एवं राणा प्रताप
- 1:53:24शासक था उदय सिंह 1568 में स्वयं अकबर और
- 1:53:29राणा प्रताप 1576 में मानसी एवं आसफ खान
- 1:53:32के द्वारा जीता गया। रणथंबौर
- 1:53:35सूरज नहाड़ा सूरज नहाड़ा जो है शासन शासक
- 1:53:39था 1569 में भगवान दास एवं अकबर के द्वारा
- 1:53:42जो है जीता गया। कालिंजर कालिंजर के शासक
- 1:53:46रामचंद्र था 1569 में मजनू खान काकशाह के
- 1:53:49द्वारा जो है यह जीता गया। सेनापति था
- 1:53:52मुगल सेनापति। मारवाड़ के राव चंद्रसेन
- 1:53:541570 में स्वेच्छा स्वाधीनता स्वीकार की।
- 1:53:57जैसलमेर के राजा रावल हरिराय 1570 में
- 1:54:00स्वेच्छा स्वाधीनता स्वीकारी। बीकानेर
- 1:54:03बीकानेर कल्याणमल 1570 ईस्वी में स्वेच्छा
- 1:54:06स्वाधीनता स्वीकार की। गुजरात जफ्फर खान
- 1:54:09थर्ड 1571 ईस्वी में सम्राट अकबर के
- 1:54:12द्वारा जो है जीता गया। बिहार व बंगाल
- 1:54:15दाऊद खान जो है शासन कर रहा था 1574 से 76
- 1:54:19में। मुनीम खान खानाखाना के द्वारा जीता
- 1:54:22गया। काबुल हकीम मिर्जा का शासन था 1581
- 1:54:26में। मानसी एवं अकबर के द्वारा कश्मीर के
- 1:54:28शासक था युसुफ याकूब खान 1586 में भगवान
- 1:54:32दास ब कासिम खान के द्वारा उड़ीसा के शासक
- 1:54:36था निसार खान 1592 में मानसिंह सेनापति था
- 1:54:39सिंध सिंध जो है के राजा जानी बेग था 1593
- 1:54:43में अब्दुल रहीम खाना खान जो है मुगल
- 1:54:45सेनापति था बलूचिस्तान बलस्तान के राजा था
- 1:54:48पन्नी अफगान 1595 में मीर मासूम के द्वारा
- 1:54:51जो है जीता गया कंधार कंधार मुजफ्फर हुसैन
- 1:54:551595 में मुगल सेनापति था शाहबेग क्या है?
- 1:54:59शाह बेग था। दक्षिण भारत की अगर हम बात
- 1:55:02करें तो खानदेश पर शासक था अली खान 1591
- 1:55:05में स्वेच्छा से अधीनता स्वीकारी।
- 1:55:07दौलताबाद के शासक था चांद बीवी 1599 में
- 1:55:11मुराद अब्दुल रहीम खानखाना अबुल फजल अकबर
- 1:55:14ये सब जो है मुगल के तरफ से लड़े थे।
- 1:55:17अहमदनगर अहमदनगर के शासक बहादुर शाह चांदी
- 1:55:20भी 1600 ईस्वी में असीरगढ़ असीरगढ़ के जो
- 1:55:23शासक मीरन बहादुर 1601 में अकबर या अकबर
- 1:55:26का अंतिम अभियान था असीरगढ़ प्रश्न आता है
- 1:55:30कि अकबर का अंतिम अभियान कहां था तो
- 1:55:32असीरगढ़ था अकबर के कुछ महत्वपूर्ण कार्य
- 1:55:35और वर्ष देख लीजिए काफी इंपॉर्टेंट है दास
- 1:55:38प्रथा का अंत 1562 ईस्वी में अकबर को हरम
- 1:55:41दल से मुक्ति 1562 में तीर्थ यात्रा कर
- 1:55:45समाप्त किया 1563 में जजिया कर समाप्त
- 1:55:47किया 1564 में फतेहपुर सीकरी की स्थापना
- 1:55:51एवं राजधानी को आगरा से फतेहपुर सीकरी का
- 1:55:53स्थानांतरण 1571 ईस्वी में इबादतखाने की
- 1:55:57स्थापना 1575
- 1:55:59ईस्वी में इबादतखाने में सभी धर्मों के
- 1:56:01लोगों का प्रवेश की अनुमति 1578 ईस्वी में
- 1:56:05मजहर की घोषणा जो है 1579 में दीन इलाही
- 1:56:09की स्थापना कई बार यह प्रश्न पूछा जाता है
- 1:56:111582 ईस्वी में इलाही संवत की शुरुआत 1583
- 1:56:17ईस्वी में किया था। इलाही संवत की शुरुआत।
- 1:56:20राजधानी लाहौर स्थानांतरित 1585 ईस्वी में
- 1:56:24किया। अकबर के काल में स्वामी हरिदास भी
- 1:56:27एक महान संगीतज्ञ थे। यह वृंदावन में रहकर
- 1:56:30भगवान की उपासना करते थे। एक मत के अनुसार
- 1:56:33हरिदास तानसेन के गुरु थे। जबकि कुछ
- 1:56:36विद्वान हरिदास एवं तानसेन दोनों को
- 1:56:39मानसिंह तोमर का शिष्य जो है बतलाते हैं।
- 1:56:42यह भी प्रचलित है कि हरिदास का गाना सुनने
- 1:56:44के लिए अकबर को उनकी कुटिया पर जाना पड़ा
- 1:56:47क्योंकि इन्होंने अकबर के दरबार में जाने
- 1:56:50से मना कर दिया था। इनका कहना था कि वह
- 1:56:53केवल अपने भगवान के लिए ही गाते हैं।
- 1:56:55दरबार से उनका कोई सरोकार नहीं है। दरबार
- 1:56:58से उनका कोई सरोकार नहीं है। दास्तान ए
- 1:57:02अमीर हमजा हमजानामा प्रसिद्ध अरबी
- 1:57:05महाकाव्य के नाम से भी प्रसिद्ध है। यह
- 1:57:07मुगल चित्रशाला की सबसे पहली अत्यंत
- 1:57:10महत्वपूर्ण कृति है। हमजानामा दस्ताने
- 1:57:13अमीर हमजा। इसमें हजरत मोहम्मद साहब के
- 1:57:17चाचा अमीर हमजा के वीरता पूर्ण कारनामों
- 1:57:20का चित्रित संग्रह है। इस पांडुलिपि का
- 1:57:23चित्रण मीर सैयद अली परवेक्षक और अब्दुल
- 1:57:26समद के नेतृत्व में ग्वालियर, गुजरात,
- 1:57:28लाहौर, कश्मीर तथा मालवा आदि से बुलाए गए
- 1:57:31लगभग 100 चित्रकारों के एक समूह ने जो है
- 1:57:34किया है। हमजानामा
- 1:57:35[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 1:57:35को चित्रित करने का कार्य हुमायूं के काल
- 1:57:38में प्रारंभ हुआ और अकबर के काल में पूर्ण
- 1:57:40हुआ। इस कार्य को पूरा करने में 15 वर्ष
- 1:57:43लगे। इसे अंतिम रूप से चित्रित करने का
- 1:57:46कार्य अब्दुल समद ने किया। इसके चित्र को
- 1:57:49चित्रपट कहा गया। चित्रपट कहा गया। अकबर
- 1:57:54के शासन प्रणाली की प्रमुख विशेषता
- 1:57:56मनसबदारी प्रथा थी। क्या है? मनसबदारी
- 1:57:59प्रथा थी। अकबर के समकालीन प्रसिद्ध सूफी
- 1:58:02संत शेख सलीम चिश्ती से। सलीम चिश्ती थे।
- 1:58:05अकबर की मृत्यु 16 अक्टूबर 1605 ईस्वी को
- 1:58:08हुई। इसे आगरा के निकट सिकंदरा में दफनाया
- 1:58:11गया। 16 अक्टूबर 1605 ईस्वी को हुई और इसे
- 1:58:13आगरा के निकट सिकंदरा में जो है दफनाया
- 1:58:16गया। स्थापत्य कला के क्षेत्र में अकबर की
- 1:58:19महत्वपूर्ण कृतियां हैं। दिल्ली में
- 1:58:21हुमायूं का मकबरा, आगरा का लाल किला,
- 1:58:24फतेहपुर सिकरी में शाही महल, दीवान खास
- 1:58:28पंचमहल, बुलंद दरवाजा, जोधाबाई का महल,
- 1:58:32इबादतखाना, इलाहाबाद का किला और लाहौर का
- 1:58:37किला। यह सब जो है स्थापत्य कला के
- 1:58:39क्षेत्र में अकबर की महत्वपूर्ण कृतियां
- 1:58:41हैं। अकबर के दरबार को सुशोभित करने वाले
- 1:58:43नौ रत्न थे। कितने रत्न थे? नौ रत्न थे।
- 1:58:47अबू फजल 1551 से 1602 फैजी 1547 से 1595
- 1:58:52तानसेन बीरबल 1528 से 1583 टोडरमल राजा
- 1:58:57मानसिंह अब्दुल रहीम खाने खान फकीर
- 1:59:00अजीउद्दीन मुल्ला दो प्याजा। कौन-कौन सात
- 1:59:03रत्न नवरत्न थे? अबुल फजल फैजी तानसेन
- 1:59:06बीरबल टोडरमल राजा मानसी अब्दुल रहीम खान
- 1:59:09ए खाना फकीर अजीउद्दीन मुल्ला दो प्याजा
- 1:59:13अबुल फजल का बड़ा भाई फैजी अकबर के दरबार
- 1:59:16में राजकवि के पद पर आसीन था। अबुल फजल का
- 1:59:19बड़ा भाई फैजी इसने भास्करराचार्य की
- 1:59:22पुस्तक लीलावती का फारसी में अनुवाद किया।
- 1:59:25इसे फारसी काव्य का मास्टर माना जाता था।
- 1:59:27इसे फारसी काव्य का मास्टर माना जाता था।
- 1:59:31अबुल फजल ने अकबरनामा ग्रंथ की रचना की।
- 1:59:34वह दीन इलाही धर्म का मुख्य पुरोहित था।
- 1:59:36अबुल फजल जो है दीन इलाही का धर्म का
- 1:59:40मुख्य पुरोहित था। अकबर ने भगवान दास आमेर
- 1:59:44के राजा भारमाल के पुत्र को अमीर उल उमरा
- 1:59:47की उपाधि दी। अमीर उल उमरा की उपाधि दी।
- 1:59:51युसुफ जाइयों के विद्रोह को दबाने के
- 1:59:53दौरान जो है बीरबल की हत्या हो गई। 1602
- 1:59:56ईस्वी में सलीम जहांगीर के निर्देश पर
- 1:59:58दक्षिण से आगरा की ओर आ रहे अबुल फजल को
- 2:00:02रास्ते में वीर सिंह बुंदेला वीर सिंह
- 2:00:05बुंदेला नामक सरदार ने जो है वो हत्या कर
- 2:00:08दी किसे अबुल फजल को मुगल सम्राट अकबर ने
- 2:00:12अनुवाद विभाग की स्थापना की। नकीब खान
- 2:00:16अब्दुल कादिर बदायूं तथा शेख सुल्तान ने
- 2:00:19रामायण एवं महाभारत का फारसी अनुवाद किया
- 2:00:22व महाभारत का नाम रजमनामा युद्धों का
- 2:00:24पुस्तक रखा। रजमनामा युद्धों का पुस्तक
- 2:00:27रखा। पंचतंत्र का फारसी भाषा में अनुवाद
- 2:00:31अबुल फजल ने अनवर एस सदा सदात नाम से तथा
- 2:00:35मौलाना हुसैन फैज ने यार ए दानिश नाम से
- 2:00:39किया। हाजी इब्राहिम सरहदी ने अथर्व बेद
- 2:00:42का मुल्ला शाह मोहम्मद ने राज तरंगणी का
- 2:00:45अब्दुल रहीम खाना खान ने तजुके बाबरी का व
- 2:00:48फैजी ने लीलावती का फारसी में अनुवाद किया
- 2:00:52फैजी ने नल दमयंती सूरदास द्वारा रचित कथा
- 2:00:55का फारसी में अनुवाद कर उसका नाम सहेली
- 2:00:58रखा जो है नल दमयंती का नाम क्या रखा
- 2:01:01सहेली रखा भागवत पुराण का अनुवाद फारसी
- 2:01:04में टोडरमल ने किया अब्दुल कादिर बदायु ने
- 2:01:08सिंहासन बत्तीसी का अनुवाद फारसी में
- 2:01:10किया। ज्योतिष के प्रसिद्ध ग्रंथ तजक बत
- 2:01:14तुजुक का फारसी में अनुवाद जहान ए जफर नाम
- 2:01:17से मोहम्मद खान गुजराती ने किया। मोहम्मद
- 2:01:19खान गुजराती ने किया। पंचतंत्र का अरबी
- 2:01:23भाषा में अनुवाद कलीला व दिमना कहलाता है।
- 2:01:26कलीला व दिमना कहलाता है। निजामुद्दीन
- 2:01:29पानीपत ने रामायण के परिशिष्ट के रूप में
- 2:01:33योग वशिष्ठ वेदांतिक दर्शन पर एक ग्रंथ का
- 2:01:36फारसी में अनुवाद किया। अकबर के काल को
- 2:01:40हिंदी साहित्य का स्वर्ण काल कहा जाता है।
- 2:01:42अकबर के काल को हिंदी साहित्य का स्वर्ण
- 2:01:44काल कहा जाता है। अकबर ने बीरबल को कवि
- 2:01:48प्रिय एवं नरहरी को महापात्र की उपाधि
- 2:01:52प्रदान की। बुलंद दरवाजा का निर्माण अकबर
- 2:01:55ने गुजरात विजय के उपलक्ष में करवाया था।
- 2:01:57बुलंद दरवाजा का निर्माण अकबर ने गुजरात
- 2:01:59विजय के उपलक्ष में करवाया था। चार बाग
- 2:02:03बनाने की परंपरा अकबर के समय शुरू हुई।
- 2:02:05अकबर के समय शुरू हुई। अकबर ने सीरी कलम
- 2:02:09की उपाधि अब्दुल समद अब्दुल समद को एवं
- 2:02:11जड़ी कलम की उपाधि मोहम्मद हुसैन कश्मीरी
- 2:02:14को दिया। श्री कलम की उपाधि अब्दुल समद को
- 2:02:17और जड़ी कलम की उपाधि मोहम्मद हुसैन
- 2:02:19कश्मीरी को दिया। मुगलों की राजकीय भाषा
- 2:02:22जो है फारसी थी। क्या है? फारसी थी। अकबर
- 2:02:25नकारा यानी नगाड़ा नामक वाद्य यंत्र जो है
- 2:02:28बजाता था। मुगल मुद्रा व्यवस्था के
- 2:02:31सुव्यवस्थित रूप प्रदान करने का श्रेय
- 2:02:33अकबर को प्राप्त है। उसके एक सिक्के पर
- 2:02:36कलमे की जगह अल्लाह ओ अकबर अल्लाह ओ अकबर
- 2:02:40जले जलालहु तथा दूसरी ओर टसाल का नाम
- 2:02:44अंकित था। उसके चांदी के एक अन्य सिक्के
- 2:02:48के एक भाग पर धनुर्धारी राम और राम के
- 2:02:51पीछे सीता की प्रतिमाएं अंकित है और ऊपर
- 2:02:54राम सिम रामसिम शब्द जो है अंकित है। अकबर
- 2:02:58ने असीरगढ़ के विजय की स्मृति में अपने
- 2:03:01सिक्कों पर बाज की आकृति अंकित कराई है।
- 2:03:03बाज की आकृति अंकित कराई है। करवाई है। अब
- 2:03:07आइए देखते हैं जहांगीर के बारे में 1605
- 2:03:10से 1627 ईस्वी तक जो है राज किया। अकबर का
- 2:03:14उत्तराधिकारी सलीम हुआ जो 24 अक्टूबर 1605
- 2:03:17को नूरुद्दीन मोहम्मद जहांगीर बादशाही
- 2:03:20गाजी नूरुद्दीन मोहम्मद जहांगीर बादशाही
- 2:03:24गाजी की उपाधि धारण कर गद्दी पर बैठा।
- 2:03:27जहांगीर का जन्म 30 अगस्त 1569 ईस्वी में
- 2:03:30हुआ था। 30 अगस्त 1569 ईस्वी में हुआ था।
- 2:03:34अकबर ने अपने पुत्र का नाम सलीम सूफी संत
- 2:03:36शेख सलीम चिश्ती के नाम पर रखा। अकबर ने
- 2:03:39अपने पुत्र का नाम सलीम सूफी संत शेख सलीम
- 2:03:42चिश्ती के नाम पर रखा। जहांगीर को न्याय
- 2:03:46की जंजीर के लिए याद किया जाता है। यह
- 2:03:49जंजीर सोने की बनी थी जो आगरा के किले के
- 2:03:52शाहबुर एवं यमुना तट पर स्थित पत्थर के
- 2:03:56खंभों में लगवाई हुई थी। क्या है? लगवाई
- 2:03:58हुई थी। जहांगीर द्वारा शुरू की गई तजुके
- 2:04:02जहांगीरी नामक आत्मकथा का पूरा करने का
- 2:04:04श्रेय मौत बिंद ख मौत बिंद खान को है।
- 2:04:08जहांगीर के सबसे बड़े पुत्र खुसरो ने 1606
- 2:04:11ईस्वी में अपने पिता के विरुद्ध विद्रोह
- 2:04:13कर दिया। खुसरो और जहांगीर की सेना के बीच
- 2:04:16जो है युद्ध जालंधर के निकट भरावल नामक
- 2:04:19मैदान में हुआ। खुसरो को पकड़ कर कैद में
- 2:04:22डाल दिया गया। खुसरो को पकड़कर कैद में
- 2:04:25डाल दिया गया। खुसरो की सहायता देने के
- 2:04:27कारण जहांगीर ने सिखों के पांचव गुरु
- 2:04:30अर्जुन देव को फांसी दिलवा दी। खुसरो गुरु
- 2:04:34से गोइंत बाल में मिला था। खुसरो की
- 2:04:37सहायता देने के कारण जहांगीर ने सिखों के
- 2:04:39पांचवें गुरु जो है अर्जुन देव को फांसी
- 2:04:41दिलवा दी। खुसरो जो है गुरु से गोविंद बाल
- 2:04:45में मिला था। अहमदनगर के वजीर मलिक अंबर
- 2:04:49के विरुद्ध सफलता से खुश होकर जहांगीर ने
- 2:04:52खुर्रम को शाहजहां की उपाधि प्रदान की।
- 2:04:54खुर्रम को शाहजहां की उपाधि जो है प्रदान
- 2:04:57की।
- 2:04:581622 ईस्वी में कंधार मुगलों के हाथ से
- 2:05:02निकल गया। शाह अब्बास ने इस पर जो है
- 2:05:04अधिकार कर लिया। क्या है? अधिकार कर लिया।
- 2:05:07नूरजहां
- 2:05:09ईरानी निवासी मिर्जा गयास बेग की पुत्री
- 2:05:12नूरजहां का वास्तविक नाम मेहरू निसा था।
- 2:05:161594 में नूरजहां का विवाह अलीकुली बेग से
- 2:05:19संपन्न हुआ। अलीकुली बेग से संपन्न हुआ।
- 2:05:22जहांगीर ने एक शेर मारने के कारण अली कुली
- 2:05:25बेग को शेर अफगान शेर अफगान की उपाधि
- 2:05:27प्रदान की। 1607 में शेर अफगान की मृत्यु
- 2:05:31के बाद मेहरू निशा अकबर की विधवा सलीमा
- 2:05:35बेगम की सेवा में नियुक्त हुई। मेहरू निशा
- 2:05:37अकबर की विधवा सलीमा बेगम की सेवा में
- 2:05:40नियुक्त हुई। सर्वप्रथम जहांगीर ने नवरोज
- 2:05:43त्यौहार के अवसर पर मेहरू निसा को देखा और
- 2:05:46उसके सौंदर्य पर मुग्ध होकर जहांगीर ने मई
- 2:05:49161
- 2:05:51में उससे विवाह कर लिया। विवाह के पश्चात
- 2:05:54जहांगीर ने उसे नूर महल एवं नूरजहां की
- 2:05:57उपाधि प्रदान की। नूरजहां के सम्मान में
- 2:06:00जहांगीर ने चांदी के सिक्के जारी किए।
- 2:06:02नूरजहां के सम्मान में चांदी के सिक्के जो
- 2:06:04है जारी किए। जहांगीर क्या है? जहांगीर ने
- 2:06:09गयास बेग को शाही दीवान बनाया एवं इतमाद
- 2:06:12उद्दौला इतमाद उद्दौला की उपाधि दी।
- 2:06:15जहांगीर के शासनकाल में ईरानियों को उच्च
- 2:06:18पद प्राप्त हुए। ईरानियों को उच्च पद
- 2:06:20प्राप्त हुए। लाडली बेगम शेर अफगान एवं
- 2:06:23मेहरू निसा की पुत्री थी। जिसकी शादी
- 2:06:26जहांगीर के पुत्र शहरियार के साथ हुई थी।
- 2:06:29नूरजहां की मां असमत बेगम ने गुलाब से
- 2:06:32इत्र निकालने की विधि खोजी थी। जिसे रोगन
- 2:06:35एवं जहांगीर जो है कहा गया। रोगन एवं
- 2:06:38जहांगीर कहा गया। महावत खान ने झेलम नदी
- 2:06:42के तट पर 1626 ईस्वी में जहांगीर, नूरजहां
- 2:06:46एवं उसके भाई असफ खान को बंदी बना लिया
- 2:06:49था। जहांगीर के पांच पुत्र थे। खुसरो,
- 2:06:53परवेज, खुर्रम, शहरियार और जहांदार। क्या
- 2:06:57है? जहांदार। 28 अक्टूबर 1627 को भीमबार
- 2:07:01नामक स्थान पर जहांगीर की मृत्यु हो गई।
- 2:07:03उसे शहादरा लाहौर में रावी नदी के किनारे
- 2:07:06जो है दफनाया गया। मुगल चित्रकला अपने
- 2:07:09चरमत्कर्ष पर जहांगीर के शासनकाल में
- 2:07:12पहुंची। जहांगीर के दरबार के प्रमुख
- 2:07:14चित्रकार थे आगा रजा, अबुल हसन, मोहम्मद
- 2:07:18नासिर, मोहम्मद मुराद, उस्ताद मंसूर, बिसन
- 2:07:23दास, मनोहर एवं गोवर्धन, फारूक बेग, दौलत।
- 2:07:27जहांगीर ने आगा राजा के नेतृत्व में आगरा
- 2:07:30में एक चित्रणशाला की स्थापना की।
- 2:07:32चित्रणशाला की स्थापना की। मुगल शासकों
- 2:07:36में सर्वप्रथम जहांगीर ने ही राजा को
- 2:07:38आकृति युक्त सिक्के जारी किया। इसके समय
- 2:07:41निसार चांदी का सिक्का था जो रुपए के
- 2:07:43चौथाई के बराबर होता था। उस्ताद मंसूर एवं
- 2:07:48अबुल हसन को जहांगीर ने क्रमश नादिर अल उस
- 2:07:52एवं नादिर उल जमा की उपाधि प्रदान की।
- 2:07:55इसने संस्कृत के कवि जगन्नाथ को पंडित राज
- 2:07:58की उपाधि दी। जहांगीर ने अपनी आत्मकथा में
- 2:08:01लिखा कि कोई भी चित्र चाहे वह किसी मृतक
- 2:08:04व्यक्ति या जीवित व्यक्ति द्वारा बनाया
- 2:08:06गया हो मैं देखते ही तुरंत बता सकता हूं
- 2:08:09यह किस चित्रकार की जो है कृति है। यदि
- 2:08:12किसी चेहरे पर आंख किसी एक चित्रकार ने
- 2:08:14भों किसी और ने बनाई हो तो भी यह जान लेता
- 2:08:17हूं कि आंख किसने और भ जो है किसने बनाई
- 2:08:21है। जहांगीर के समय को चित्रकला का
- 2:08:24स्वर्णकाल कहा जाता है। चित्रकला का
- 2:08:26स्वर्णकाल कहा जाता है। इतमाद उद्दौला का
- 2:08:30मकबरा 1626 ईस्वी में नूरजहां बेगम ने
- 2:08:33बनवाया। मुगल कालीन वास्तुकला के अंतर्गत
- 2:08:35निर्मित यह प्रथम ऐसी इमारत है जो पूर्ण
- 2:08:38रूप से बेदाग सफेद संगमरमर से निर्मित है।
- 2:08:42सर्वप्रथम इसी इमारत में पित्रादुरा नामक
- 2:08:44जड़ाऊ काम किया गया था। पितरादुरा इतमाद
- 2:08:48उद्दौला के मकबरा में अशोक के कौसंबी
- 2:08:51स्तंभ वर्तमान में प्रयाग पर समुद्रगुप्त
- 2:08:54की प्रयाग प्रशस्ति तथा जहांगीर का लेख
- 2:08:57उत्कीर्ण है। जहांगीर के मकबरा का निर्माण
- 2:09:00नूरजहां ने करवाया था। नूरजहां ने करवाया
- 2:09:02था। जहांगीर के शासनकाल में कैप्टन हॉकिंस
- 2:09:06प्रथम अंग्रेज सर टॉमस रो, विलियम फिंच
- 2:09:08एवं एडवर्ड टेरी जैसे यूरोपीय यात्री आए
- 2:09:11थे। भारत में तंबाकू की खेती सर्वप्रथम
- 2:09:14जहांगीर के शासनकाल में प्रारंभ हुई थी।
- 2:09:17पुर्तगालियों द्वारा सर्वप्रथम 1605 ईस्वी
- 2:09:19में दक्षिण में तंबाकू की खेती प्रारंभ
- 2:09:21किया गया। लेकिन इसे पुर्तगालियों ने 1604
- 2:09:24में अकबर के शासन के समय ब्राजील से लाए
- 2:09:27थे। 1620 में जहांगीर के समय मराठे पहली
- 2:09:30बार मुगलों की सेवा में आए थे। 1620 ईस्वी
- 2:09:33में जहांगीर के समय मराठे पहली बार मुगलों
- 2:09:35की सेवा में आए थे। अब आइए देखते हैं
- 2:09:38शाहजहां 1627 से 1657 तक जहांगीर के बाद
- 2:09:42सिंहासन पर जो है शाहजहां बैठा। कौन बैठा?
- 2:09:45शाहजहां बैठा। जोधपुर के शासक मोटा राजा
- 2:09:48उदय सिंह की पुत्री जगत गोसाई के गर्भ से
- 2:09:525 जनवरी 1592 ईस्वी को खुर्रम शाहजहां का
- 2:09:55जन्म लाहौर में हुआ था। 1612 ईस्वी में
- 2:09:58खुर्रम का विवाह आसफ खान की पुत्री
- 2:10:01अर्जुमंद बानो बेगम अर्जुमंद बानो बेगम से
- 2:10:04हुआ। जिसे शाहजहां ने मलिका ए जमानी की
- 2:10:07उपाधि प्रदान की। मलिका ए जमानी की उपाधि
- 2:10:09प्रदान की। 7 जून 1631 ईस्वी में प्रसव
- 2:10:13पीड़ा के कारण जो है वो उसकी मृत्यु हो
- 2:10:16गई। किसका? अर्जुमन बानो बेगम का। 4 फरवरी
- 2:10:201628 ईस्वी को शाहजहां जो है आगरा में
- 2:10:24अबुल मुजफ्फर शाहबुद्दीन मोहम्मद साहिब
- 2:10:27किरण एस सानी की उपाधि प्राप्त कर सिंहासन
- 2:10:30पर बैठा। चार 4 जनवरी 4 फरवरी 1628 ईस्वी
- 2:10:35को शाहजहां आगरा में अबुल मुजफ्फर
- 2:10:37शाहबुद्दीन मोहम्मद साहिब किरण एसानी की
- 2:10:40उपाधि प्राप्त कर जो है सिंहासन पर बैठा।
- 2:10:43शाहजहां ने आसफ खान को वजीर पद एवं महावत
- 2:10:47खान को खानखाना की उपाधि प्रदान की। इसने
- 2:10:50नूरजहां को ₹ लाख प्रतिवर्ष की पेंशन देकर
- 2:10:54लाहौर जाने दिया। जहां 1645 ईस्वी में
- 2:10:57उसकी मृत्यु हो गई। अपनी बेगम मुमताज महल
- 2:11:00की याद में शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण
- 2:11:03आगरा में उसकी कब्र के ऊपर करवाया। उस्ताद
- 2:11:06ईसा ने ताजमहल के रूपरेखा तैयार की थी।
- 2:11:09उस्ताद ईसा ने ताजमहल का निर्माण करने
- 2:11:12वाला मुख्य स्थापत्य कलाकार था उस्ताद
- 2:11:14अहमद लहरी था। उस्ताद अहमद लाहौरी था।
- 2:11:18मयूर सिंहासन का निर्माण शाहजहां ने
- 2:11:20करवाया था। इसका मुख्य कलाकार बेबादल खान
- 2:11:23था। बेबादल खान था। बादशाह के सिंहासन के
- 2:11:26पीछे पित्रास के जड़ाऊ काम की एक श्रृंखला
- 2:11:29बनाई गई थी। जिससे पौराणिक यूनानी देवता
- 2:11:33आर्फियस को बिना बजाते हुए चित्रित किया
- 2:11:36गया था। आर्फियस को बिना बजाते हुए
- 2:11:37चित्रित किया गया है। पित्रादुरा क्या तो
- 2:11:40जब संगमरमर या बलुआ पत्थर में नक्काशी किए
- 2:11:43गए खुदाई में रखे गए रंगीन सख्त पत्थर
- 2:11:46सुंदर अलंकृत पैटर्न बनाते हैं उसे ही
- 2:11:50पितरादुरा कहा जाता है। शाहजहां के
- 2:11:53शासनकाल को स्थापत्य कला का स्वर्ण युग
- 2:11:56स्थापत्य कला का स्वर्ण युग कहा जाता है।
- 2:11:58शाहजहां द्वारा बनाए गए प्रमुख इमारतें
- 2:12:00हैं। दिल्ली का लाल किला, दीवान-ए-आम,
- 2:12:04दीवान-ए-खास,
- 2:12:05दिल्ली का जामा मस्जिद, आगरा का मोती
- 2:12:08मस्जिद, ताजमहल एवं लाहौर किला स्थित शीश
- 2:12:12महल आदि है। हुमायूं ने मकबरा को ताजमहल
- 2:12:18का पूर्ववर्ती माना जाता है। हुमायूं के
- 2:12:20मकबरा को ताजमहल का पूर्ववर्ती माना जाता
- 2:12:23है। शाहजहां ने 1632 ईस्वी में अहमदनगर को
- 2:12:27मुगल साम्राज्य में मिला लिया। शाहजहां ने
- 2:12:291632 में अहमदनगर को मुगल साम्राज्य में
- 2:12:32मिला लिया। शाहजहां ने 1638 ईस्वी में
- 2:12:35अपनी राजधानी को आगरा से दिल्ली लाने के
- 2:12:38लिए यमुना नदी के दाहिने तट पर
- 2:12:40शाहजहानाबाद की जो है नींव डाली। आगरा के
- 2:12:44जामा मस्जिद का निर्माण शाहजहां की पुत्री
- 2:12:46जहां आरा ने करवाई व आगरे की मोती मस्जिद
- 2:12:49का निर्माण शाहजहां ने किया था। आगरा के
- 2:12:52जो जामा मस्जिद का निर्माण शाहजहां के
- 2:12:54पुत्री जहां आरा ने किया और आगरा की मोती
- 2:12:56मस्जिद का निर्माण जो है शाहजहां ने किया
- 2:12:59था। शाहजहां के दरबार के प्रमुख चित्रकार
- 2:13:02मोहम्मद फकीर व मीर हाशिम थे। वे प्रमुख
- 2:13:06संस्कृत कवि बंसीधर मिश्र एवं हरिनारायण
- 2:13:10मिश्र थे। शाहजहां ने संगीतज्ञ लाल खान को
- 2:13:14गुण समंदर की उपाधि एवं संगीतज्ञ जगन्नाथ
- 2:13:18जो हिंदी का कवि भी था वो महाकविराय एवं
- 2:13:21पंडित राज की उपाधि से सम्मानित किया।
- 2:13:24पंडित जगन्नाथ की रचनाएं रस गंगाधर भामिनी
- 2:13:28विलास एवं गंगा लहरी पीयूष लहरी है।
- 2:13:31कौन-कौन से पंडित रथ की उपाधि से सम्मानित
- 2:13:33किया? पंडित जगन्नाथ की रचनाएं कौन-कौन
- 2:13:35है? रस गंगाधर, भामिनी विलास एवं गंगा
- 2:13:38लहरी। शाहजहां ने फारसी के कवि अबू जालिह
- 2:13:42कलीम को राजकवि नियुक्त किया था। अबू
- 2:13:45जालिह कलीम को राजकवि नियुक्त किया था।
- 2:13:48कलीम की प्रसिद्ध रचना साकीनामा है। क्या
- 2:13:50है? साकीनामा है। शाहजहां के पुत्रों में
- 2:13:54दारा शिको सर्वाधिक विद्वान था। इसने भगवत
- 2:13:57गीता योग वशिष्ठ उपनिषद एवं रामायण का
- 2:14:00अनुवाद फारसी में करवाया। इसने सर ए अकबर
- 2:14:05महान रहस्य नाम के नाम से उपनिषदों का
- 2:14:08अनुवाद करवाया था। दारा शिकोह कादरी
- 2:14:11सिलसिले के मुल्ला शाह बदखसी का शिष्य था।
- 2:14:14दारा शिकोह जो है कादरी सिलसिले के मुल्ला
- 2:14:17शाह बदखसी का शिष्य था। फ्रांसवा बर्नियर
- 2:14:20दारा शिकोह का चिकित्सक था। फ्रांसवा
- 2:14:23बर्नियर दारा शिकोह का चिकित्सक था।
- 2:14:25शाहजहां की पुत्री जहां आरा ने शेख
- 2:14:28मोइनुद्दीन चिश्ती की जीवनी मुनिस अल अरबा
- 2:14:32नाम से लिखी। जहां आरा जहां आरा मुल्ला
- 2:14:36शाह बदखसी की शिष्या थी। इसने भी कादरी
- 2:14:39सूफी सिलसिले में दीक्षा ली। कादरी सूफी
- 2:14:42सिलसिले में दीक्षा ली थी। शाहजहां ने
- 2:14:46दिल्ली में एक कॉलेज का निर्माण एवं दारुल
- 2:14:49बक्का नामक कॉलेज की मरम्मत कराई। दिल्ली
- 2:14:52में कॉलेज का निर्माण एवं दारुल बक्का
- 2:14:54नामक कॉलेज की मरम्मत कराई। सितंबर 1657
- 2:14:58ईस्वी में शाहजहां के गंभीर रूप से बीमार
- 2:15:00पड़ने और मृत्यु का अपवाह फैलने के कारण
- 2:15:03उसके पुत्रों के बीच उत्तराधिकार का युद्ध
- 2:15:05प्रारंभ हुआ। उस समय सूजा बंगाल, मुराद,
- 2:15:09गुजरात और औरंगजेब जो है दक्कन में था। 15
- 2:15:12अप्रैल 1658 ईस्वी में दारा एवं औरंगजेब
- 2:15:16के बीच धर्मट का युद्ध हुआ। धर्मट का
- 2:15:18युद्ध हुआ। इस युद्ध में दारा की जो है
- 2:15:20पराजय हुई। सामूगढ़ का युद्ध 29 मई 1658
- 2:15:26ईस्वी को दारा एवं औरंगजेब के बीच हुआ। इस
- 2:15:29युद्ध में भी दारा की हार हुई।
- 2:15:31उत्तराधिकार का अंतिम युद्ध देवराई की
- 2:15:33घाटी में मार्च जो है 1659 को हुआ। इस
- 2:15:37युद्ध में दारा को पराजित होने पर उसे
- 2:15:39इस्लाम धर्म की अवहेलना करने के अपराध में
- 2:15:4230 अगस्त 1659 ईस्वी को हत्या कर दी गई।
- 2:15:45दारा शिकोह ने अपना निर्वासित जीवन अलवर
- 2:15:48राजस्थान के कंकबाड़ी किला में बिताया। इस
- 2:15:51किला का निर्माण जय सिंह सेकंड ने किया
- 2:15:53था। जय सिंह सेकंड ने किया था। शाह बुलंद
- 2:15:57इकबाल किंग ऑफ लॉफ्टी फॉर ट्यूम के रूप
- 2:16:00में दारा शिकोह जो है जाना जाता है। शाह
- 2:16:02बुलंद इकबाल के रूप में दारा शिकोह जाना
- 2:16:05जाता है। 8 जून 1658 को औरंगजेब ने
- 2:16:09शाहजहां को बंदी बना लिया। आगरा के किले
- 2:16:12में अपने कैदी जीवन के आठवें वर्ष अर्थात
- 2:16:1422 जनवरी 1666 को 74 वर्ष की अवस्था में
- 2:16:18शाहजहां का जो है मृत्यु हो गई। शाहजहां
- 2:16:20के शासनकाल में आए विदेशी यात्री थे
- 2:16:23निकोलो मनूची इटली के पीटर मुंडी इटली के
- 2:16:27जैन बेप्टिस्ट ट्रेवर्नियर फ्रांस के
- 2:16:30फ्रांसिस बर्नियर फ्रांस के जॉन फ्रायर
- 2:16:33जॉन लेट जो आया था इंग्लैंड के अब बात
- 2:16:37करते हैं औरंगजेब के 1658 से 1707 ईस्वी
- 2:16:42औरंगजेब का जन्म 24 अक्टूबर 1618 ईस्वी को
- 2:16:45दोहाद गुजरात नामक स्थान पर हुआ था
- 2:16:48औरंगजेब के बचपन का अधिकांश समय नूरजहां
- 2:16:51के पास बीता। नूरजहां के पास 18 मई 1637
- 2:16:55को फारस के राजघराने के दिलराज बानो बेगम
- 2:16:59फारस के राजघराने की दिलराज बानो बेगम के
- 2:17:02साथ औरंगजेब का जो है निकाह हुआ। आगरा पर
- 2:17:05कब्जा कर जल्दबाजी में औरंगजेब ने अपना
- 2:17:08राज्य अभिषेक अबुल मुजफ्फर मोइद्दीन
- 2:17:11मोहम्मद औरंगजेब बहादुर आलमगीर बादशाह
- 2:17:14गाजी अबुल मुजफ्फर मुुद्दीन मोहम्मद
- 2:17:16औरंगजेब बहादुर आलमगीर बादशाह गाजी की
- 2:17:19उपाधि से 31 जुलाई 1658 को करवाया। देवराई
- 2:17:24के युद्ध में सफल होने के बाद 15 मई 1659
- 2:17:27को औरंगजेब ने दिल्ली में प्रवेश किया और
- 2:17:30शाहजहां के शानदार महल में 5 जून 1659 को
- 2:17:33दूसरी बार राज्याभिषेक करवाया। तो प्रश्न
- 2:17:35पूछता है कि किस मुगल शासक का जो है
- 2:17:38राज्याभिषेक दो बार हुआ तो आप उसे टिक
- 2:17:41लगाइएगा औरंगजेब क्या है? औरंगजेब औरंगजेब
- 2:17:44के गुरु थे मीर मोहम्मद हकीम। मीर मोहम्मद
- 2:17:47हकीम। औरंगजेब सुन्नी धर्म को मानता था।
- 2:17:50उसे जिंदा पीर कहा जाता था। जय सिंह एवं
- 2:17:53शिवाजी के बीच पुरंदर की संधि जो है 22
- 2:17:56जून 1665 ईस्वी को संपन्न हुई। मई 1666 को
- 2:18:01आगरा के किले के दीवान एआम में औरंगजेब के
- 2:18:04समस्त शिवाजी उपस्थित हुए। यहां शिवाजी को
- 2:18:07कैद कर जयपुर भवन में रखा गया। इस्लाम
- 2:18:10नहीं स्वीकार करने के कारण सिखों के नौवें
- 2:18:12गुरु गुरु तेग बहादुर की हत्या औरंगजेब ने
- 2:18:151675 ईस्वी में दिल्ली में करवा दी थी।
- 2:18:19औरंगजेब ने 1679 ईस्वी में जजिया कर को जो
- 2:18:22है पुनः लागू किया। जजिया कर को पुनः लागू
- 2:18:25किया। अब जजिया कर है क्या? यह गैर
- 2:18:27मुस्लिमों से लिए जाने वाला कर था। किंतु
- 2:18:29ब्राह्मण, संत, वृद्ध, निर्धन, पागल,
- 2:18:31अल्पव्यस वस्त्रियों से यह नहीं लिया जाता
- 2:18:34था। भारत में सर्वप्रथम मीर कासिम ने 712
- 2:18:38ईस्वी में सिंध विजय के बाद जजिया की
- 2:18:40वसूली प्रारंभ की। फिरोज तुगलक ने
- 2:18:42ब्राह्मणों से भी जजिया वसूल किया। मुगल
- 2:18:46काल में बाबर एवं हुमायूं के काल में
- 2:18:48जजिया प्रचलित थी। किंतु अकबर ने 1564
- 2:18:51ईस्वी में इसे बंद कर दिया था। औरंगजेब ने
- 2:18:531679 में सर्वप्रथम मारवाड़ में जजिया की
- 2:18:56वसूली का आदेश दिया। तत्पश्चात राज्य के
- 2:18:59अन्य भागों में वसूला जाने लगा। जजिया का
- 2:19:02अंतिम रूप से समाप्ति मोहम्मद शाह के समय
- 2:19:05जो है 1720 ईस्वी में हुआ। क्या है? 1720
- 2:19:08ईस्वी में हुआ। औरंगजेब ने बीवी का मकबरा
- 2:19:11का निर्माण 1679 ईस्वी में औरंगाबाद
- 2:19:15महाराष्ट्र में करवाया। औरंगजेब के समय
- 2:19:17हुए जाट विद्रोह का नेतृत्व गोकुला एवं
- 2:19:20राजा राम ने किया था। 1669 ईस्वी में
- 2:19:23तिलपत की लड़ाई में जाट परास्त हुए। गोकुल
- 2:19:26की मौत के घाट उतार दिया गया। इसके बावजूद
- 2:19:28जाटों ने 1685 ईस्वी में राजाराम के
- 2:19:31नेतृत्व में पुनः विद्रोह किया। इन जाटों
- 2:19:33ने सिकंदरा में स्थित अकबर के मकबरे को भी
- 2:19:36लूटा। भरतपुर राजवंश की नीव औरंगजेब के
- 2:19:38शासनकाल में जाट नेता एवं राजा राम का
- 2:19:42भतीजा चुरामन ने जो है डाली। 1686 ईस्वी
- 2:19:46में बीजापुर एवं 1687 ईस्वी में गोलकुंडा
- 2:19:49को औरंगजेब ने मुगल साम्राज्य में मिला
- 2:19:52लिया। मदना एवं अकना नामक ब्राह्मणों का
- 2:19:56संबंध गोलकुंडा के शासक अबुल हसन से था।
- 2:19:58क्या है? अबुल हसन से था। औरंगजेब के समय
- 2:20:02हिंदू मनसबदारों की संख्या लगभग 337 थी।
- 2:20:05जो अन्य मुगल सम्राटों की तुलना में अधिक
- 2:20:07थी। औरंगजेब सर्वाधिक हिंदू अधिकारियों की
- 2:20:10नियुक्ति करने वाला मुगल सम्राट था।
- 2:20:13औरंगजेब का पुत्र अकबर ने दुर्गादास के
- 2:20:16बहकावे में आकर अपने पिता के खिलाफ जो है
- 2:20:19विद्रोह किया। औरंगजेब ने कुरान को अपने
- 2:20:22शासन का आधार बनाया। इसने सिक्के पर कलमा
- 2:20:25खुदवाना, नबरोज का त्यौहार मनाना, भांग की
- 2:20:28खेती करना, गाना बजाना, झरोखा दर्शन,
- 2:20:31तुलादान प्रथा। इस प्रथा में सम्राट को
- 2:20:34उसके जन्मदिन पर सोने, चांदी तथा अन्य
- 2:20:36वस्तुओं से तोलने की प्रथा थी। हिंदू
- 2:20:39राजाओं के माथे पर अपने हाथ से तिलक लगाना
- 2:20:41जिसे अकबर ने प्रारंभ किया था। सती, प्रथा
- 2:20:44आदि पर जो है यह सब पे प्रतिबंध लगा दिया।
- 2:20:48वेश्याओं को शादी करने अथवा देश छोड़ देने
- 2:20:50के आदेश दिए और दरबार में होली, दिवाली
- 2:20:53आदि त्यौहार मनाने जो है वो बंद कर दिए।
- 2:20:57औरंगजेब ने दरबार में संगीत पर पाबंदी लगा
- 2:21:00दी तथा सरकारी संगीतज्ञों को अवकाश दे
- 2:21:02दिया गया। भारतीय शास्त्रीय संगीत पर
- 2:21:05फारसी में सबसे अधिक पुस्तकें औरंगजेब के
- 2:21:08ही शासनकाल में लिखी गई। औरंगजेब स्वयं
- 2:21:10बीना बजाने में जो है वह दक्ष था। औरंगजेब
- 2:21:14ने 9 अप्रैल 1669 ईस्वी में हिंदू मंदिरों
- 2:21:17को तोड़ने का आदेश दिया। इसके शासनकाल में
- 2:21:20तोड़े गए प्रमुख मंदिरों में पाटन का
- 2:21:22सोमनाथ का मंदिर, बनारस का विश्वनाथ
- 2:21:25मंदिर, वीर सिंह देव द्वारा जहांगीर काल
- 2:21:28में मथुरा में निर्मित केशवदेवराय मंदिर
- 2:21:31थे। औरंगजेब की मृत्यु 20 फरवरी 1707
- 2:21:34ईस्वी को हुई। इसे खुलदताबाद खुलदाबाद
- 2:21:37खुलदाबाद जो अब रोजा कहलाता है में दफनाया
- 2:21:41गया। औरंगजेब के समय सूबों की संख्या
- 2:21:43कितनी थी? सूबों की संख्या जो है 21 थी।
- 2:21:47औरंगजेब दारुल हर्ब काफिरों का देश को
- 2:21:49दारुल इस्लाम इस्लाम का देश में परिवर्तित
- 2:21:52करने को अपना महत्वपूर्ण लक्ष्य मानता था।
- 2:21:55औरंगजेब के शासनकाल में मुगल सेना में
- 2:21:58सर्वाधिक जो है हिंदू सेनापति थे। क्या
- 2:22:00है? हिंदू सेनापति थे। फ्रांसीसी यात्री
- 2:22:03फ्रंकोइस बर्नियर दारा शिकोह के चिकित्सक
- 2:22:06थे। दारा शिकोह के चिकित्सक थे। अब आइए
- 2:22:09देखते हैं मुगल शासन व्यवस्था।
- 2:22:12मंत्रीपरिषद को बिजारत कहा जाता था।
- 2:22:14बिजारत बाबर के शासनकाल में वजीर पद जो है
- 2:22:17काफी महत्वपूर्ण था। सम्राट के बाद शासन
- 2:22:20के कार्यों को संचालित करने वाले सबसे
- 2:22:22महत्वपूर्ण अधिकारी वकील था। जिसके
- 2:22:25कर्तव्यों को अकबर ने दीवान मीर बख्शी,
- 2:22:28सद्र उस सद्र व मीर संबंध में विभाजित कर
- 2:22:31दिया। औरंगजेब के समय में असद खान ने
- 2:22:34सर्वाधिक 31 वर्षों तक दीवान के पद पर
- 2:22:36कार्य किया। मीर बख्शी द्वारा सरखत नाम के
- 2:22:40पद पर हस्ताक्षर के बाद ही सेना को हर
- 2:22:43महीने वेतन जो है मिल पाता था। जब कभी
- 2:22:46सर्द न्याय विभाग के प्रमुख का कार्य करता
- 2:22:49था तब उसे काजी कहा जाता था। लगानहीन भूमि
- 2:22:54मदद एवं मास का निरीक्षण सर्द करता था।
- 2:22:58सम्राट के घरेलू विभागों का प्रधान मीर
- 2:23:00समा कहलाता था। मीर समा सूचना एवं गुप्तचर
- 2:23:04विभाग का प्रधान दरोगा ए डाक चौकी दरोगा ए
- 2:23:07डाक चौकी कहलाता था। शरीयत के प्रतिकूल
- 2:23:11कार्य करने वालों को रोकना आम जनता के
- 2:23:13दुष्ट चरित्रता से बचाने का कार्य मुहतसीब
- 2:23:16नामक अधिकारी जो है करता था। प्रशासन की
- 2:23:19दृष्टि से मुगल साम्राज्य का बंटवारा
- 2:23:21सूबों में सूबों का सरकार में सरकार का
- 2:23:24परगना या महाल में महाल का जिला या दस्तूर
- 2:23:29में और दस्तूर ग्राम में बटे थे। प्रशासन
- 2:23:33की सबसे छोटी इकाई ग्राम थी जिसे मावदा या
- 2:23:36दीह कहते थे। मावदा के अंतर्गत छोटी-छोटी
- 2:23:39बस्तियों को नागला कहा जाता था। नागला कहा
- 2:23:42जाता था। शाहजहां के शासनकाल में सरकार
- 2:23:45एवं परगना के मध्य चकला नाम की एक नई इकाई
- 2:23:48की स्थापना जो है की गई थी। मुगल काल के
- 2:23:51प्रमुख अधिकारी एवं कार्य देख लेते हैं।
- 2:23:53सूबेदार कार्य क्या था? प्रांतों में
- 2:23:55शांति स्थापित करना। प्रांत कार्यकारिणी
- 2:23:57का प्रधान होता था। दीवान प्रांतीय राजस्व
- 2:24:00का प्रधान। सीधे शाही दीवान के प्रति
- 2:24:02जवाबदेह था। बख्शी प्रांतीय सैन्य प्रधान।
- 2:24:06फौजदार जिले का प्रधान फौजी अधिकारी आमिल
- 2:24:08या अमलगुजार जिले का प्रमुख राजस्व
- 2:24:11अधिकारी कोतवाल नगर प्रधान सिकदार परगने
- 2:24:15का प्रमुख अधिकारी आमिल ग्राम के कृषकों
- 2:24:17से प्रत्यक्ष संबंध बनाना एवं लगान
- 2:24:19निर्धारित जो है वो करना है। भूमिर के
- 2:24:23विभाजन के आधार पर मुगल साम्राज्य की
- 2:24:25समस्त भूमि तीन वर्गों में विभाजित है।
- 2:24:28खालसा भूमि प्रत्यक्ष रूप से बादशाह के
- 2:24:30नियंत्रण में जागीर भूमि तनख्वाह के बदले
- 2:24:32दी जाने वाली भूमि सयूरगल
- 2:24:34[नाक से की जाने वाली आवाज़] या मदद ए मास
- 2:24:36अनुदान में दी गई लगानहीन भूमि इसे मिल्क
- 2:24:39भी कहा जाता था क्या है मिल्क भी कहा जाता
- 2:24:42था [नाक से की जाने वाली आवाज़] शेरशाह
- 2:24:43द्वारा भू-राजस्व हेतु अपनाई जाने वाली
- 2:24:45पद्धति राई का उपयोग अकबर ने भी किया था
- 2:24:49अकबर के द्वारा करोरी नामक अधिकारी की
- 2:24:52नियुक्ति 1573 ईस्वी में की गई थी। इसे
- 2:24:54अपने क्षेत्र से 1 करोड़ दाम वसूल जो है
- 2:24:56करना होता था। कुछ भूमि के बारे में जान
- 2:24:59लेते हैं। पोलज नियमित रूप से खेती वर्ष
- 2:25:02में दो बार फसल पोलज में प्रति एक या दो
- 2:25:05वर्ष के अंतराल पर खेती होती थी। चाचर तीन
- 2:25:07से चार वर्ष के अंतराल पर खेती होती थी।
- 2:25:09अब बंजर खेती योग भूमि नहीं इस पर लगान
- 2:25:11नहीं वसूला जाता था बंजर पे। 1580 ईस्वी
- 2:25:15में अकबर ने दहशाला नाम की नवीन कर
- 2:25:17प्रणाली प्रारंभ की। इस व्यवस्था को
- 2:25:19टोडरमल बंदोबस्त भी कहा जाता है। इस
- 2:25:22व्यवस्था के अंतर्गत भूमि को चार भागों
- 2:25:24में जो है विभाजित किया गया है। पोलज,
- 2:25:26प्रति चाचर और बंजर। 157071 ईस्वी में
- 2:25:30टोडरमल ने खालसा भूमि पर राजस्व की नवीन
- 2:25:33प्रणाली जपती प्रारंभ की। इसमें कर
- 2:25:35निर्धारण की दो श्रेणी थी। एक को तकसीस
- 2:25:38एवं दूसरे को तहसील कहते थे। औरंगजेब ने
- 2:25:41अपने शासनकाल में नस्क प्रणाली को अपनाया
- 2:25:44और भू-राजस्व की राशि को उपज का आधा कर
- 2:25:47दिया। मुगल काल में कृषक तीन वर्गों में
- 2:25:50विभाजित थे। खुद कास्त यह किसान उसी गांव
- 2:25:52की भूमि पर खेती करते थे जहां के थे। जहां
- 2:25:55के वह निवासी थे। पाही कास्त यह दूसरे
- 2:25:58गांव जाकर कृषि कार्य करते थे। मुजारियन
- 2:26:01खुदकास्त कृषकों से भूमि किराए पर लेकर
- 2:26:03कृषि कार्य जो है वो करते थे। मुगल काल
- 2:26:07में नील उत्पादन के प्रसिद्ध केंद्र था
- 2:26:09आगरा। भरतपुर के बयाना तथा गुजरात में
- 2:26:12सरखेज थे। सबसे उत्तम प्रकार का नील बयाना
- 2:26:15क्षेत्र एवं सरखेज में पैदा होता था। अफीम
- 2:26:18मुख्यत मालवा एवं बिहार में होता था। अफीम
- 2:26:21सोरा उत्पादन का प्रमुख केंद्र जो है
- 2:26:23बिहार था। कपड़ा उद्योग के अंतर्गत ददनी
- 2:26:26प्रथा का प्रचलन था। इसका तात्पर्य
- 2:26:28कारीगरों को अग्रिम भुगतान से था। उत्तम
- 2:26:31श्रेणी का उंगूनी वस्त्र और साल कश्मीर
- 2:26:33तथा लाहौर में तैयार होता था। मुगल काल
- 2:26:37में रुपया की सर्वाधिक ढलाई औरंगजेब के
- 2:26:40समय में हुई। आना सिक्के का प्रचलन
- 2:26:42शाहजहां ने करवाया। आना सिक्के का प्रचलन
- 2:26:45शाहजहां ने करवाया। जहांगीर ने अपने समय
- 2:26:48में सिक्कों पर अपनी आकृति बनवाई। साथ ही
- 2:26:50उस पर अपना एवं नौजहां का नाम जो है अंकित
- 2:26:53करवाया।
- 2:26:55मुगल कालीन लगान वसूल करने की व्यवस्थाएं
- 2:26:57हैं। गल्ला बख्श। इसमें फसल का कुछ बक्श
- 2:27:00सरकार द्वारा ले लिया जाता था। नसक क्या
- 2:27:02है? तो इसमें खड़ी फसल के आधार पर लगान का
- 2:27:04अनुमान लगाकर फसल कटने पर उसे ले लिया
- 2:27:06जाता था। यह व्यवस्था बंगाल में थी। नस
- 2:27:09जबती इसमें बोई गई फसल के आधार पर लगान का
- 2:27:12निश्चय किया जाता था जो नगद लिया जाता था।
- 2:27:16सबसे बड़ा सिक्का संस सोना का था। स्वर्ण
- 2:27:18का सबसे प्रचलित सिक्का इलाही था। मुगल
- 2:27:21कालीन सिक्के देख लेते हैं। मुहर यह मुगल
- 2:27:24काल का सर्वाधिक प्रचलित सोने का सिक्का
- 2:27:26था। संस अकबर द्वारा चला गया सबसे बड़ा
- 2:27:28सोने का सिक्का था। यह 101 तोले का था।
- 2:27:31इलाही यह सोने का गोल आकार का सिक्का था।
- 2:27:33रहस या गोल एवं चौकोर दोनों तरह के सोने
- 2:27:36का सिक्का था। या 5 तोले का था। आत्मा 25
- 2:27:40तोले का सोने का सिक्का विनाश 20 तोले का
- 2:27:42सोने का सिक्का रुपया चांदी का सिक्का
- 2:27:44जलाली चांदी का सिक्का दरब चरण चंदन दहकल
- 2:27:49बस सूखे सभी चांदी के जो है वो सिक्के थे।
- 2:27:53मुगल कालीन क्या है? मुगल कालीन
- 2:27:55अर्थव्यवस्था का आधार चांदी का रुपया था।
- 2:27:57दस्तक व्यवसाय परमिट था। दैनिक लेनदेन के
- 2:28:01लिए तांबे के दाम का प्रयोग होता था। ₹1
- 2:28:03में 40 दाम होते थे। मुगल सेना जो है चार
- 2:28:06भागों में विभक्त थी। कौन-कौन? पैदल सेना,
- 2:28:08घुड़सवार सेना, तोपखाना और हाथी सेना।
- 2:28:12मुगल कालीन सैन्य व्यवस्था पूर्णतः
- 2:28:14मनसबदारी प्रथा पर आधारित थी। इसे अकबर ने
- 2:28:17प्रारंभ किया था। 10 से 500 तक के मनसब
- 2:28:20प्राप्त करने वाले मनसबदार, 500 से 2500
- 2:28:22तक मंसब प्राप्त करने वाले उमरा एवं 2500
- 2:28:25से ऊपर तक मंसब प्राप्त करने वाले अमीर
- 2:28:27एआम जो है कहलाते थे। जात से व्यक्ति के
- 2:28:31वेतन एवं प्रतिष्ठा का ज्ञान होता था।
- 2:28:34सवार पद से घुड़सवार दस्तों की संख्या का
- 2:28:36ज्ञान होता था। अकबर के शासनकाल में 29
- 2:28:39ऐसे मनसबदार थे जो 5000 जात की पदवी के
- 2:28:42थे। औरंगजेब के शासनकाल तक ऐसे मनसबदारों
- 2:28:45की संख्या जो है 79 थी। क्या है? 79।
- 2:28:48जहांगीर ने सवार पद में दो अस्पा एवं सिंह
- 2:28:51अस्पा की व्यवस्था की। सर्वप्रथम यह पद
- 2:28:54महावत खान को जो है वो दिया गया।
- 2:28:56मनसबदारों के अलावा खुद मुगल शहंशाह भी
- 2:29:00फुटकर घुड़सवार रखते थे। जिन्हें अहदी कहा
- 2:29:03जाता था। अहदियों को भद्र घुड़सवार कहा
- 2:29:06गया है और उनके वेतन दूसरे घुड़सवारों से
- 2:29:08काफी ज्यादा जो है होते थे। यह बहुत ही
- 2:29:11विश्वस्तर सैन्य दल के सदस्य होते थे।
- 2:29:14उनकी भर्ती स्वाएं सहंसाह शहंशाह किया
- 2:29:17करते थे। उनकी हाजिरी लेने के लिए अलग
- 2:29:19अधिकारी होते थे। अहदी पांच-प घोड़े भी
- 2:29:21रखते थे। लेकिन कुछ ऐसे आदी भी थे जिन में
- 2:29:24से दो एक ही घोड़े थे। हिस्सेदारी करते
- 2:29:27थे। अहदियों के कर्तव्य बहुमुखी होते थे।
- 2:29:30शाही कार्यालय के अधिकतर मुंशी दरबार के
- 2:29:32चित्रकार और शाही कारखाने के फोरमैन इसी
- 2:29:35सैन दल से चुने जाते थे। अगला चैप्टर
- 2:29:38देखते हैं। मराठों का उत्कर्ष और ये आखिरी
- 2:29:41जो है चैप्टर है मध्यकालीन भारत में से।
- 2:29:44मराठा साम्राज्य का संस्थापक छत्रपति
- 2:29:46शिवाजी थे। शिवाजी का जन्म 6 अप्रैल 1627
- 2:29:50ईस्वी में शिवनेर दुर्ग ज्नार के समीप में
- 2:29:53हुआ था। छत्रपति शिवाजी के पिता शाहजी
- 2:29:56भोसले व माता जो है जीजाबाई थे। शाहजी
- 2:29:58भोसले पिता थे और माता जीजाबाई थे। शाहजी
- 2:30:01भोसले की दूसरी पत्नी का नाम तुकाबाई
- 2:30:03मोहिते थे। तुकाबाई मोहिते था। छत्रपति
- 2:30:07शिवाजी महाराज के गुरु कुंडदेव थे। क्या
- 2:30:09है? कुंडदेव थे। आध्यात्मिक क्षेत्र में
- 2:30:11शिवाजी के आचरण पर गुरु रामदास का जो है
- 2:30:14काफी प्रभाव था। छत्रपति शिवाजी का विवाह
- 2:30:17साईं बाई निंबालकर से 1640 ईस्वी में हुआ।
- 2:30:22शाहजी ने छत्रपति शिवाजी को पूना की जागीर
- 2:30:25प्रदान कर स्वयं बीजापुर रियासत में नौकरी
- 2:30:29कर ली। अपने सैन अभियान के अंतर्गत 1644
- 2:30:32ईस्वी में छत्रपति शिवाजी ने सर्वप्रथम
- 2:30:35बीजापुर के तोरण नामक पहाड़ी किले पर
- 2:30:38अधिकार किया। 1656 में छत्रपति ईस्वी में
- 2:30:41छत्रपति शिवाजी ने रायगढ़ को अपनी राजधानी
- 2:30:44बनाया। रायगढ़ को अपनी राजधानी बनाया।
- 2:30:47छत्रपति शिवाजी को राजा की उपाधि औरंगजेब
- 2:30:50ने दी औरंगजेब ने दी थी। बीजापुर के
- 2:30:52सुल्तान ने अपने योग्य सेनापति अफजल खान
- 2:30:55को सितंबर 1659 ईस्वी में शिवाजी को
- 2:30:58पराजित करने के लिए भेजा। शिवाजी ने 10
- 2:31:01नवंबर 1659 को अफजल खान की हत्या कर दी।
- 2:31:05छत्रपति शिवाजी ने सूरत को 1664 ईस्वी में
- 2:31:09एवं 1670 ईस्वी में लूटा। शिवाजी ने सूरत
- 2:31:12को 1664 एवं 1670 ईस्वी में लूटा। पुरंदर
- 2:31:16की संधि 1665 ईस्वी में महाराजा जय सिंह
- 2:31:19एवं छत्रपति शिवाजी के मध्य संपन्न हुई।
- 2:31:22उस समय मनूची भी वहां जो है उपस्थित था।
- 2:31:25शिवाजी को औरंगजेब ने मई 1666 ईस्वी में
- 2:31:28जयपुर भवन में कैद कर लिया। जहां से वह 16
- 2:31:32अगस्त 1666 ईस्वी में भाग निकले। 1672
- 2:31:36ईस्वी में शिवाजी ने पन्हाला दुर्ग को
- 2:31:38बीजापुर से छीना। पन्हाला दुर्ग को
- 2:31:40बीजापुर से छीना। 5 जून 1674 ईस्वी को
- 2:31:44शिवाजी ने रायगढ़ में वाराणसी काशी के
- 2:31:47प्रसिद्ध विद्वान श्री गंगाभट्ट द्वारा
- 2:31:49अपना राज्याभिषेक करवाया। मूल रूप से
- 2:31:52गंगाभट्ट महाराष्ट्र का एक सम्मानित
- 2:31:54ब्राह्मण था जो लंबे समय से वाराणसी में
- 2:31:57रह रहा था। कर्नाटक अभियान 1676 से 78
- 2:32:01ईस्वी में छत्रपति शिवाजी का अंतिम अभियान
- 2:32:03था। इन्होंने 1678 में जिंजी का किला
- 2:32:07विजित किया जो उनकी अंतिम जो है विजय थी।
- 2:32:10जिंजी का किला। मात्र 53 वर्ष की आयु में
- 2:32:133 अप्रैल 1680 ईस्वी को शिवाजी की मृत्यु
- 2:32:15हो गई। इनका अंतिम संस्कार राजाराम दूसरी
- 2:32:18पत्नी सोया सोएराबाई का पुत्र ने संपन्न
- 2:32:21किया। इनकी मृत्यु के समय संभाजी पन्हाला
- 2:32:24के किले में कैद थे। संभाजी पन्हाला के
- 2:32:26किले में कैद थे। नोट में देखते हैं कि
- 2:32:28छत्रपति शिवाजी महाराज के पास तीन
- 2:32:30प्रसिद्ध तलवारें थी। भवानी, जगदंबा और
- 2:32:34तलूजा। भवानी तलवार शिवाजी की पसंदीदा
- 2:32:37तलवार थी। जगदंबा तलवार वर्तमान में लंदन
- 2:32:40में है और तलूजा तलवार सिंधु दुर्ग किले
- 2:32:42में है। छत्रपति शिवाजी के मंत्रिमंडल को
- 2:32:46अष्ट प्रधान कहा जाता था। अष्टप्रधान में
- 2:32:49पेशवा का पद सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं
- 2:32:51सम्मान का होता था। शिवाजी ने दरबार में
- 2:32:54मराठी को भाषा के रूप में प्रयोग किया।
- 2:32:57छत्रपति शिवाजी के सेना तीन महत्वपूर्ण
- 2:33:00भागों में विभक्त थी। पागा सेना नियमित
- 2:33:02घुड़सवार सैनिक सिलदार अस्थाई घुड़सवार
- 2:33:05सैनिक पैदल मतलब पैदल सेना छत्रपति शिवाजी
- 2:33:09को जो है तोपे अंग्रेजों ने प्रदान की थी
- 2:33:12क्या है तोपे जो है अंग्रेजों ने प्रदान
- 2:33:14किया द गैजेटियर ऑफ इंडिया इतनाइतना में
- 2:33:17कुछ अंश स्रोतों से छत्रपति शिवाजी का
- 2:33:19जन्म 19 फरवरी जो है 1630 जो है बताया गया
- 2:33:23है मराठा मराठा राज्य के अंतर्गत दो
- 2:33:26प्रकार के क्षेत्र होते थे स्वराज जो
- 2:33:28क्षेत्र प्रत्यक्ष मराठों के नियंत्रण में
- 2:33:31थे। उन्हें स्वराज क्षेत्र कहा जाता था।
- 2:33:33दूसरा मुग्धई मुगधई मुल्क एक कदीम यह वह
- 2:33:37क्षेत्र था जिसमें वे चौथ एवं सरदेशमुखी
- 2:33:40वसूल करते थे। क्या था? तो चौथ एवं
- 2:33:43सरदेशमुखी स्वराज से नहीं लिए जाते थे
- 2:33:46बल्कि उन जगहों से लिए जाते थे जहां मुगल
- 2:33:48या दखनी राजाओं का शासन था। चौथ भू-राजस्व
- 2:33:51का एक चौथाई था जो मराठों के उस क्षेत्र
- 2:33:53पर आक्रमण नहीं करने के लिए दिया जाता था।
- 2:33:56और सरदेशमुखी 10% का अतिरिक्त अधिक अभिधि
- 2:33:59भार था जो उस क्षेत्र से लिया जाता था जो
- 2:34:02मुगलों के अधीन था पर मराठा उस पर जो है
- 2:34:04दावा करते थे। महाराष्ट्र के प्रमुख संत
- 2:34:08कौन-कौन हुए? ज्ञानदेव या ज्ञानेश्वर 1275
- 2:34:11से 1296 ईस्वी महाराष्ट्र में भक्ति
- 2:34:14आंदोलन के जनक मराठी भाषा और साहित्य के
- 2:34:16संस्थापक ज्ञानदेव या ज्ञानेश्वर भगवत
- 2:34:19गीता पर भावार्थ दीपिका नामक गृह टीका
- 2:34:21लिखे। इसे समान रूप से ज्ञानेश्वरी के नाम
- 2:34:24से जाना जाता है। बरकरी संप्रदाय के जो है
- 2:34:27प्रवर्तक थे कौन? ज्ञानदेव या ज्ञानेश्वर।
- 2:34:30नामदेव 1270 से 1350 ईस्वी इनके आराध्य
- 2:34:34देव पंडरपुर के बिठोबा या विठ्ठल थे।
- 2:34:38बरकरी संप्रदाय के विकास में इनकी प्रमुख
- 2:34:40जो है भूमिका थी। उन्होंने अनेक नेक भक्ति
- 2:34:43परक मराठी गीतों की रचना की जो अभंगों के
- 2:34:45रूप में प्रचलित है। मराठी के अलावे
- 2:34:48उन्होंने ब्रज भाषा और खड़ी बोली में
- 2:34:50गीतों की रचना की। नामदेव का सगुण एवं
- 2:34:53निर्गुण संतों के बीच की कड़ी माना जाता
- 2:34:56है। इनमें कुछ पद गुरु ग्रंथ साहिब में
- 2:34:58संकलित है। मुखबानी नामक पुस्तक में इनकी
- 2:35:01रचनाएं संग्रहित है। मुखबानी क्या है?
- 2:35:03मुखबवानी। एकनाथ 1533 से 1599 ईस्वी तक
- 2:35:08इन्होंने रामायण पर भावार्थ रामायण नामक
- 2:35:10टीका लिखी। तुकाराम 1598 से 1650 ईस्वी
- 2:35:14इन्होंने भक्ति परक कविताएं लिखी जिन्हें
- 2:35:16अभंग कहा जाता है। यह अभंग भक्ति परक
- 2:35:19काव्य के ज्योति पुंज है। रामदास 1608 से
- 2:35:221681 ईस्वी महाराष्ट्र के अंतिम महान संत
- 2:35:25कवि 10 बोध उनकी रचनाओं और उपदेशों का
- 2:35:27संकलन है। इसमें उन्होंने कर्म दर्शन का
- 2:35:30उपदेश दिया। इन्होंने महाराष्ट्र में
- 2:35:32भगवान राम की पूजा को लोकप्रिय बनाया।
- 2:35:35आनंद भवन भुवन नामक अपने पुस्तक में
- 2:35:37रामदास जी ने जातिगत भेदभाव से मुक्ति
- 2:35:40स्त्रियों की दशा में सुधार आदि विषयों पर
- 2:35:43अपने सद विचार जो है व्यक्त किए हैं। नोट
- 2:35:46में महाराष्ट्र में भक्ति आंदोलन मुख्यता
- 2:35:48दो संप्रदायों में विभक्त था। बरकरी
- 2:35:51संप्रदाय अर्थात बिठोबा पंथ कृष्ण को
- 2:35:53मानने वाले का पंथ जैसे ज्ञानदेव, नामदेव,
- 2:35:56तुकाराम सब बरकरी संप्रदाय के थे। धरकरी
- 2:35:58संप्रदाय अर्थात रामपंथ के रामदास थे।
- 2:36:01सरंजाबी प्रथा का संबंध मराठा भू-राजस्व
- 2:36:04व्यवस्था से है। अष्ट प्रधान में कौन-कौन
- 2:36:07था? तो पेशवा प्रधानमंत्री राज्य का
- 2:36:09प्रशासन एवं मत व्यवस्था की देखरेख सरिया
- 2:36:12नौबत सेनापति, सैन्य प्रधान, अमात, राजस्व
- 2:36:14मंत्री, आय व्यय का लेखाजोखा रखता था।
- 2:36:17वाक्यान्न, सूचना, गुप्तचर व संधि, विग्रह
- 2:36:19के विभागों का अध्यक्ष, चिटनीस राजकीय
- 2:36:22पत्रों को पढ़कर उसकी भाषा शैली को देखना।
- 2:36:24सुमंत जो है विदेश मंत्री पंडित राव
- 2:36:27धार्मिक कार्यों के लिए तिथि का निर्धारण
- 2:36:28न्यायाधीश न्याय विभाग का प्रधान होता था।
- 2:36:33शिवाजी की कर व्यवस्था मलिक अंबर की कर
- 2:36:35व्यवस्था पर आधारित थी। शिवाजी ने रस्सी
- 2:36:38द्वारा माप की व्यवस्था के स्थान पर काठी
- 2:36:40एवं मानक छड़ी के प्रयोग को आरंभ किया।
- 2:36:43शिवाजी ने 1679 में अन्ना जी दत्तों
- 2:36:45द्वारा व्यापक भूमि सर्वेक्षण जो है
- 2:36:47करवाया। शिवाजी के समय कुल उपज का 33% भाग
- 2:36:50राजस्व के रूप में वसूला जाता था जो बढ़कर
- 2:36:5340% हो गया था। शिवाजी ने मुगल व्यापारी
- 2:36:56केंद्र सूरत को दो बार 1664 एवं 1670
- 2:37:00ईस्वी में जो है लूटा था सूरत को। छत्रपति
- 2:37:03शिवाजी के उत्तराधिकारी देख लेते हैं।
- 2:37:05छत्रपति शिवाजी का उत्तराधिकारी संभाजी
- 2:37:07थे। संभाजी ने उज्जैन के हिंदी एवं
- 2:37:10संस्कृत के प्रखंड विद्वान कवि कलश को
- 2:37:13अपना जो है सलाहकार नियुक्त किया।
- 2:37:16मार्च 1689 ईस्वी को मुगल सेनापति मख मखरब
- 2:37:21खान ने संगमेश्वर में छिपे हुए संभाजी एवं
- 2:37:24कवि कलश को गिरफ्तार कर लिया और उसकी
- 2:37:26हत्या कर दी। संभाजी के बाद 1689 ईस्वी
- 2:37:30में राजाराम को नए छत्रपति के रूप में
- 2:37:32राज्याभिषेक किया गया। राजा राम ने अपनी
- 2:37:35दूसरी राजधानी सतारा को बनाया।
- 2:37:38छत्रपति शिवाजी के किले की सुरक्षा के लिए
- 2:37:40नियुक्त अधिकारी था हवलदार। किले की
- 2:37:42आंतरिक व्यवस्था की देखरेख सरनो सरेनौबथ
- 2:37:45किले की सेना का नेतृत्व सबनिस किले की
- 2:37:48अर्थव्यवस्था पत्र व्यवहार एवं भंडार की
- 2:37:50देखरेख राजाराम मुगलों से संघर्ष करता हुआ
- 2:37:532 मार्च 1700 ईस्वी में मारा गया। राजाराम
- 2:37:56की मृत्यु के बाद उसकी विधवा पत्नी
- 2:37:58ताराबाई अपने चार वर्षीय पुत्र शिवाजी
- 2:38:00सेकंड का राज्याभिषेक करवाकर मराठा
- 2:38:03साम्राज्य के बस्ताविक जो है संरक्षिका बन
- 2:38:05गई। कौन बन गई? ताराबाई। शिवाजी सेकंड का
- 2:38:08राज्याभिषेक कराकर। 1707 में औरंगजेब की
- 2:38:11मृत्यु के बाद संभाजी के पुत्र शाहू जो
- 2:38:13औरंगजेब के कब्जे में था भोपाल के निकट के
- 2:38:15मुगल शिविर से वापस महाराष्ट्र आया। साहू
- 2:38:18एवं ताराबाई के बीच 1707 में खेड़ा का
- 2:38:21युद्ध हुआ जिसमें साहू विजय हुआ। साहू ने
- 2:38:2422 जनवरी 1708 ईस्वी को सतारा में अपना
- 2:38:26राज्याभिषेक करवाया। सतारा में साहू के
- 2:38:29नेतृत्व में नवीन मराठा साम्राज्यवाद के
- 2:38:31प्रवर्तक पेशवा लोग थे जो साहू के पैतृक
- 2:38:34प्रधानमंत्री थे। पेशवा पद पहले पेशवा के
- 2:38:37साथ ही वंशानुगत हो गया था। पेशवा पुणे
- 2:38:40में रहता था। कहां? पुणे में रहता था।
- 2:38:421713 ईस्वी में साहू ने बालाजी विश्वनाथ
- 2:38:45को पेशवा बनाया। इनकी मृत्यु 1720 ईस्वी
- 2:38:48में हुई। इसके बाद पेशवा बाजीराव प्रथम
- 2:38:50हुए। पेशवा जो है बाजीराव प्रथम हुए।
- 2:38:53पेशवा बाजीराव प्रथम ने मुगल साम्राज्य की
- 2:38:56साम्राज्य की कमजोर हो रही स्थिति को
- 2:38:58फायदा उठाने के लिए शाहू को उत्साहित करते
- 2:39:00हुए कहा कि आओ हम इस पुराने ब्रिज के
- 2:39:02खोखले तने पर प्रहार करें। सखाएं तो स्वयं
- 2:39:04गिर जाएगी। हमारे प्रयत्नों से मराठा
- 2:39:07पताका कृष्णा नदी से अटक तक फहराने लगेगी।
- 2:39:10उत्तर में साहू ने कहा निश्चित रूप से ही
- 2:39:12आप इसे हिमालय के पार गाड़ देंगे। निसंदेह
- 2:39:15आप योग्य पिता के जो है योग्य पुत्र हैं।
- 2:39:18पालखेड़ा का युद्ध 7 मार्च 1728 ईस्वी में
- 2:39:21बाजीराव प्रथम एवं निजामुल मुल्क के बीच
- 2:39:24हुआ। जिसमें निजाम की हार हुई। निजाम के
- 2:39:26साथ मुंगी सिवा गांव की संधि हुई। निजाम
- 2:39:29के साथ मुंगी सिवा गांव की संधि हुई।
- 2:39:32दिल्ली पर आक्रमण करने वाला प्रथम पेशवा
- 2:39:35बाजीराव प्रथम था। जिसने 29 मार्च 1737 को
- 2:39:38दिल्ली पर धावा बोला था। उस समय मुगल
- 2:39:41बादशाह मोहम्मद शाह दिल्ली छोड़ने के लिए
- 2:39:43तैयार हो गया था। अंग्रेज मराठा संघर्ष के
- 2:39:46अंतर्गत होने वाली प्रमुख संधियां देख
- 2:39:48लेते हैं। कई बार जो है यह प्रश्न पूछा
- 2:39:50जाता है। देख लेते हैं फटाफट। बारना की
- 2:39:53संधि 1731 में संगोला की संधि 1750 सूरत
- 2:39:56की संधि 1775 पुरंदर की संधि 1776 बड़गांव
- 2:40:00का संधि 1779 सालावाई की संधि 1782 बसीन
- 2:40:04की संधि 1802 देवगांव की संधि 1803 सुरजी
- 2:40:08अर्जुन गांव की संधि 1803 राजापुर घाट की
- 2:40:10संधि 1804 नागपुर की संधि 1816 ग्वालियर
- 2:40:14की संधि 1817 पूना की संधि 1817 और मसौर
- 2:40:17की संधि 1888 ये सभी जो है वो अंग्रेज
- 2:40:20मराठा संघर्ष के अंतर्गत होने वाली संधि
- 2:40:22संधियां थी। बाजीराव प्रथम मस्तानी नामक
- 2:40:25महिला से संबंध होने के कारण जो है चर्चित
- 2:40:28रहा था। 1740 ईस्वी में बाजीराव प्रथम की
- 2:40:31जो है मृत्यु हो गई। बाजीराव प्रथम की
- 2:40:33मृत्यु के बाद बालाजी बाजीराव 1740 ईस्वी
- 2:40:36में जो है वो पेशवा बना। बारना की संधि
- 2:40:40में यह व्यवस्था की गई कि संभाजी सेकंड
- 2:40:42राजाराम की दूसरी पत्नी से उत्पन्न पुत्र
- 2:40:44मराठा राज्य के दक्षिणी भाग पर जिसकी
- 2:40:46राजधानी कोल्हापुर थी शासन करें तथा
- 2:40:49उत्तरी भाग जिसकी राजधानी सतारा थी साहू
- 2:40:53शासन करें। संगोला की संधि बालाजी बाजीराव
- 2:40:56और राजाराम सेकंड के बीच हुई। इसके अनुसार
- 2:40:58मराठा संगठन का वास्तविक नेता पेशवा बन
- 2:41:01गया। सूरत की संधि के अनुसार अंग्रेजों ने
- 2:41:04रघुनाथ राव को सैनिक सहायता देना स्वीकार
- 2:41:06किया तथा युद्ध में विजय के उपरांत उसे
- 2:41:09पेशवा बनाने का भी वचन दिया। बालाजी
- 2:41:12बाजीराव को नाना साहेब के नाम से भी जाना
- 2:41:14जाता था। नाना साहेब के नाम से भी जाना
- 2:41:17जाता था। झलक की संधि हैदराबाद के निजाब
- 2:41:20एवं बालाजी बाजीराव के मध्य हुई। बालाजी
- 2:41:23बाजीराव के समय ही पानीपत के तृतीय युद्ध
- 2:41:2714 जनवरी 1761 ईस्वी को हुआ जिसमें मराठों
- 2:41:29की हार हुई। इस हार को नहीं सह पाने के
- 2:41:33कारण बालाजी की मृत्यु 1761 ईस्वी में हो
- 2:41:36गई। माधव राम नारायण प्रथम 1761 ईस्वी में
- 2:41:40पेशवा बना। इसने मराठों की खोई हुई
- 2:41:42प्रतिष्ठा को पुनः प्राप्त करने का जो है
- 2:41:44प्रयास किया। माधव राम ने ईस्ट इंडिया
- 2:41:47कंपनी की पेंशन पर रह रहे मुगल बादशाह शाह
- 2:41:49आलम द्वितीय को पुनः दिल्ली की गद्दी पर
- 2:41:51बैठाया। मुगल बादशाह अब मराठों का जो है
- 2:41:54पेंशन भोगी बन गया। पेशवा नारायण राव 1772
- 2:41:58से 73 ईस्वी की हत्या उसके चाचा रघुनाथ
- 2:42:00राव के द्वारा कर दी गई। पेशवा माधव राम
- 2:42:04नारायण सेकंड की अल्पायु के कारण मराठा
- 2:42:06राज की देखरेख 12 भाई सभा नाम की 12
- 2:42:09सदस्यों की एक परिषद करती थी। इस परिषद के
- 2:42:12दो महत्वपूर्ण सदस्य थे। महादजी सिंधिया
- 2:42:14नाना फडनवीस। नाना फडनवीस का मूल नाम
- 2:42:17बालाजी जनार्दन भानु था। अंग्रेज जेम्स
- 2:42:20ग्रैंड डफ ने इन्हें मराठों का मैकाबेली
- 2:42:23कहा। अंग्रेज जेम्स ग्र डफ ने इन्हें
- 2:42:26मराठों का मै्याब बेली कहा कि नाना फडन
- 2:42:28बीस को। अंतिम पेशवा राघोबा का पुत्र
- 2:42:31बाजीराव सेकंड था जो अंग्रेजों की सहायता
- 2:42:34से पेशवा बना था। मराठों के पतन में
- 2:42:36सर्वाधिक योगदान इसी का था। यह सहायक संधि
- 2:42:39स्वीकार करने वाला प्रथम मराठा सरदार था।
- 2:42:421776 ईस्वी में पुरंदर की सद संधि हुई।
- 2:42:46इसके तहत कंपनी ने रघुनाथ राव के समर्थन
- 2:42:48को वापस ले लिया। प्रथम आंग्ल मराठा युद्ध
- 2:42:51प्रथम युद्ध 1782 ईस्वी में सारबाही संधि
- 2:42:54के साथ जो है वह खत्म हुआ। द्वितीय आंग्ल
- 2:42:58मराठा युद्ध 1803 से 1805 ईस्वी में हुआ।
- 2:43:01इसमें भोसले एवं सिंधिया की पराजय हुई तथा
- 2:43:03अंग्रेजों से दो पृथक संधियां जो है करनी
- 2:43:06पड़ी। देवगांव की संधि। यह संधि 17 दिसंबर
- 2:43:091803 को रघुजी भोसले और अंग्रेजों के बीच
- 2:43:12हुई। द्वितीय मराठा युद्ध के दौरान अरगांव
- 2:43:15की लड़ाई नवंबर 1803 में अंग्रेजों ने
- 2:43:17रघुजी भोसले को पराजित किया था। उसी के
- 2:43:19फलस्वरूप यह संधि हुई। इस संधि के अनुसार
- 2:43:22भोसले ने अंग्रेजों को बालासोर सहित कटक
- 2:43:24का प्रांत तथा बर्धा नदी के पश्चिम का
- 2:43:26अपना सारा राज्य जो है वो सौंप दिया।
- 2:43:30सुरजी अर्जन गांव की संधि यह संधि 30
- 2:43:32दिसंबर 1803 को दौलतारा सिंधिया एवं
- 2:43:35अंग्रेजों के बीच हुआ। इसके अनुसार
- 2:43:37उन्होंने अंग्रेजों को गंगा और यमुना के
- 2:43:38बीच को अपना सारा राज तथा जयपुर, जोधपुर
- 2:43:41एवं गोहद के राजपूत राज्यों के उत्तर के
- 2:43:44अपने किले और राज दे दिए। पश्चिम में उसने
- 2:43:46अंग्रेजों को अहमदनगर भ भड़ौच तथा अजिंटा
- 2:43:50की पहाड़ियों के पश्चिमी पश्चिम का अपना
- 2:43:53सारा राज्य जो है सौंप दिया। मदसौर की
- 2:43:56संधि 6 जनवरी 1818 को हुआ। होलकर एवं
- 2:43:59अंग्रेजों के बीच मदसौर की संधि हुई। इसके
- 2:44:01अनुसार उसने राजपूत राज्यों पर सभी दावे
- 2:44:04छोड़ दिए। नर्मदा के दक्षिण के सभी जिले
- 2:44:06अंग्रेजों को जो है वो सौंप दिए। तृतीय
- 2:44:10आंग्ल मराठा युद्ध 1817-19 में हुआ। इस
- 2:44:13युद्ध के बाद मराठा शक्ति और पेशवा के
- 2:44:15वंशानुगत पद को समाप्त कर दिया गया। पेशवा
- 2:44:19बाजीराव सेकंड ने कोरेगाम एवं एस्टी के
- 2:44:22युद्ध में हारने के बाद मेलकम के सम्मुख
- 2:44:25आत्मसमर्पण कर दिया। परिणाम स्वरूप दोनों
- 2:44:27के बीच पुणे की संधि 13 जून 1817 ईस्वी को
- 2:44:30हो गई। अंग्रेजों ने पेशवा के पद को
- 2:44:33समाप्त कर बाजीराव सेकंड को पुणे से हटाकर
- 2:44:35कानपुर के निकट जो है बिट्ठूर में पेंशन
- 2:44:38पर जीने के लिए भेज दिया। जहां 1853 ईस्वी
- 2:44:42में इसकी मृत्यु हो गई। किसके? बाजीराव
- 2:44:44सकेन के। अब आइए मराठा प्रशासन देख लेते
- 2:44:47हैं। पुणे में स्थित पेशवा का सचिवालय
- 2:44:49मराठा प्रशासन का केंद्र था जिसे हजूर
- 2:44:52दफ्तर कहते थे। मराठा राज्य में सूबे को
- 2:44:55प्रांत तरफ तथा अथवा परगने को महल कहते
- 2:44:58थे। बड़े प्रांत सर सूबेदार के अधीन होते
- 2:45:01थे। इसके अधीनस्थ मामलतादार होते थे जो
- 2:45:03सीधे केंद्रीय दफ्तर को ब्यौरा देते थे।
- 2:45:06देशमुख तथा देश पांडे अन्य जिलाधिकारी थे
- 2:45:09जो मामलतादार पर नियंत्रण के रूप में
- 2:45:12कार्य करते थे। कारकुन नामक जिले का
- 2:45:15अधिकारी विशेष घटनाओं की सूचना सीधे
- 2:45:17केंद्र को देता था। महल का मुख्य
- 2:45:20कार्यकर्ता हवलदार होता था तथा मजूमदार और
- 2:45:23फडनवीस उसकी सहायता करते थे। ग्राम का
- 2:45:26मुख्य अधिकारी पटेल होता था जो कर संबंधी
- 2:45:29न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्य करता था।
- 2:45:31पटेल के नीचे कुलकर्णी होता था जो ग्राम
- 2:45:33की भूमि का लेखा रखता था। कुलकर्णी के
- 2:45:37नीचे चौगुले होता था जो पटेल की सहायता
- 2:45:39करता था तथा कुलकर्णी के लेखे की देखभाल
- 2:45:42करता था। पोतदार सिक्कों के निर्धारित भार
- 2:45:45तथा धातु की शुद्धता की जांच करता था।
- 2:45:47इसके अतिरिक्त ग्राम 12 बलूटे शिल्पी और
- 2:45:5012 अलूटे सेवक जो है होते थे। 12 बलूटे 12
- 2:45:53अलूटे होते थे। कोतवाल नगर का मुख्य
- 2:45:56प्रशासक था। गांव में चौकीदार जागला
- 2:45:58अपराधियों के पता लगाने का काम करता था।
- 2:46:01अस्थाई भू भूस्वामित्व प्राप्त लोग
- 2:46:04मिराजदार कहलाते मिरासदार कहलाते थे।
- 2:46:06बटाईदार भूस्वामी उपरीस कहलाते थे। उपरीस
- 2:46:09कहलाते थे। सिंधिया, ग्वालियर, होलकर,
- 2:46:12इंदौर, गायवाड़, बड़ौदा, भोसले, नागपुर
- 2:46:14पेशवा जो है पुणे में रहता था। पेशे में
- 2:46:17क्या है? पेशे में लुटेरे, पिंडारी, पाल
- 2:46:19पट्टी नामक कर वसूल करने के बदले में
- 2:46:22मराठा सेना के प्रत्येक अभियान में उनके
- 2:46:24साथ जाते थे। अपने लूट के माल में से वे
- 2:46:26सरकार को 25% हिस्सा देते थे। मराठा
- 2:46:30साम्राज्य के अंतिम छत्रपति शाहजी अप्पा
- 2:46:33साहेब थे। शाहजी अब्बास साहब थे। यह था
- 2:46:35मध्यकालीन भारत का। अगला वीडियो में हम
- 2:46:38लेकर आएंगे आधुनिक भारत पूरी तरह एक ही
- 2:46:41मास्टर वीडियो में। तब तक हमारे चैनल पर
- 2:46:43बने रह। अगर आप सब्सक्राइब नहीं किए हैं
- 2:46:45तो सब्सक्राइब जरूर कीजिए। इस चैनल पर
- 2:46:47पूरे लुसेंट का न्यू एडिशन शुरू से अंत तक
- 2:46:50जो है खत्म किया जाएगा। धन्यवाद।
About this transcript
This page contains the full transcript of Lucent GK 2026 | Lucent History -2 | Lucent Samaanay Gyan 2026 | Lucent New Edition 2026 | SUNBIK by SUNBIK Classes, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 25,939 words across 3,440 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
What you can do with it
Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.
Free YouTube transcript tool
YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.