Live Day -2 Sundarkand Katha Lucknow By Sant Ramesh Bhai Shukla Ji — Transcript
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- 0:00[संगीत]
- 0:04बोलो नमः सिंधु
- 0:11[संगीत]
- 0:48हेलो हेलो हमारे सनातन धर्म janjatan सेवा
- 0:52समिति के जितने भी पदाधिकारी हैं मैं
- 0:54नित्य उनसे यह निवेदन करता हूं कृपया आरती
- 0:57होने से पूर्व कथा प्रारंभ होने से पूर्व
- 1:00कथा प्रारंभ होने को क्या सभी लोग कृपया
- 1:02मंच पर ए जया करें प्रतिदिन मुझे कहना
- 1:05पड़े सभी हमारी सभी से जुड़ी हुई जितने भी
- 1:09पदाधिकारी गण कृपया सब मंच पर हार्दिक समय
- 1:11है बहुत-बहुत धन्यवाद
- 1:13[संगीत]
- 1:17श्री हमारे बीच में
- 1:20नशा मुक्त आंदोलन जिसके प्रभारी हमारे
- 1:25आदरणीय श्री अनिल अग्रवाल जी हैं पूरे
- 1:27लखनऊ जिले के आज उनकी टीम के समस्त
- 1:30कार्यकर्ता काफी कार्यकर्ता यहां आए हुए
- 1:32हैं उन सब से निवेदन है कृपया सभी मंच पर
- 1:34आकर के भगवान की आरती करें
- 1:36[संगीत]
- 1:47हजारों
- 1:49[संगीत]
- 1:50junglochan
- 1:54[संगीत]
- 2:00जागृति अमिता
- 2:04[संगीत]
- 2:36[संगीत]
- 2:47भूषण
- 2:48[संगीत]
- 2:50आजाद सरकार
- 3:04[संगीत]
- 3:25[संगीत]
- 3:35[संगीत]
- 3:42सियावर रामचंद्र भगवान की जय हो श्री
- 3:48हनुमान जी महाराज की जय हो
- 3:51[संगीत]
- 4:48ए
- 4:51[संगीत]
- 5:23खुदा
- 5:28[संगीत]
- 5:44हु हु
- 5:56[संगीत]
- 6:14स्वस्थ शरीर
- 6:21गणेशाय नमः
- 6:23[संगीत]
- 6:26गौरी
- 6:29shankarabhya नमः
- 6:33श्री सरस्वती नमः
- 6:41श्री गुरु चरण कमल
- 6:47[संगीत]
- 6:54[संगीत]
- 7:09रघुवंश नाम
- 7:13[संगीत]
- 7:20हो karunagaram
- 7:24[संगीत]
- 7:39[संगीत]
- 7:48कृपा करें
- 7:51[संगीत]
- 7:58[संगीत]
- 8:10[संगीत]
- 8:16[संगीत]
- 8:18सलाम हृदय
- 8:23[संगीत]
- 8:30भवन भवानी
- 8:34[संगीत]
- 8:42[संगीत]
- 8:49सही कम ना मिले हम
- 8:57[संगीत]
- 9:19[संगीत]
- 9:21वत भजम
- 9:26ना रहो तुम
- 9:33श्री राम
- 9:37[संगीत]
- 9:45[संगीत]
- 9:53कृपा
- 9:54से
- 9:56[संगीत]
- 9:58सीताराम हनुमान सीता राम हनुमान
- 10:04सीता राम हनुमान सीता राम
- 10:10सीता राम हनुमान
- 10:14[संगीत]
- 10:19भगवान
- 10:21सीताराम हान गोपाल
- 10:24[संगीत]
- 10:26सीता राम है गोपाल
- 10:30[संगीत]
- 10:32सीता राम
- 10:36सीता राम हनुमान
- 10:39सीता राम हनुमान
- 10:43[संगीत]
- 10:45गोपाल गोपाल सीता राम हनुमान
- 10:49सीता राम हनुमान सीता राम हर हनुमान सीता
- 10:56राम है
- 10:59[संगीत]
- 11:02सीताराम हनुमान सीता राम हनुमान सीता
- 11:11राम मैन सीता राम भगवान
- 11:16सीताराम गोपाल
- 11:23सितारा हनुमान सीता राम है गोपाल सीता राम
- 11:30हनुमान सीता
- 11:33राम
- 11:35सीता राम हनुमान सीता राम गोपाल
- 11:50[संगीत]
- 12:04जय जय राम कथा
- 12:08जय हनुमान कथा
- 12:11जय जय राम कथा
- 12:15जय हनुमान कथा
- 12:19जय जय राम कथा
- 12:22जय हनुमान कथा
- 12:25जय जय राम कथा
- 12:29जय हनुमान कथा ईश्वर पर मिट जाती है
- 12:35[संगीत]
- 12:39कर मिट जाती है
- 12:41[संगीत]
- 12:45जन्म जन्म की कथा हो जय जय राम कथा
- 12:51जय हनुमान कथा
- 12:54जय जय राम जय
- 12:58हनुमान कथा
- 13:07[संगीत]
- 13:19[संगीत]
- 13:27[संगीत]
- 13:34[संगीत]
- 13:45[संगीत]
- 14:01[संगीत]
- 14:14पद निर्वाण राम चरण
- 14:26[संगीत]
- 14:28सोया है
- 14:35[संगीत]
- 14:44[संगीत]
- 14:48जय हनुमान
- 14:50जय हनुमान दादा जय हनुमान कथा
- 14:57श्री हनुमान जी महाराज की जय
- 15:01गुरुदेव भगवान की जय हो
- 15:05भारत माता की जय हो सत्य सनातन धर्म की जय
- 15:11हो ओम नमः
- 15:14पार्वती फतेह हर हर महादेव
- 15:22श्री सनातन धर्म
- 15:26जैन जागरण सेवा समिति
- 15:28[संगीत]
- 15:30और इस पवन
- 15:32समिति के नेतृत्व
- 15:35लगातार कई वर्षों से
- 15:3910 वर्ष बस
- 15:41लगभग मुझे बताया गया था कल 10 साल होने को
- 15:44हैं
- 15:46कई वर्षों से कथा चल रही है पहले खुद दिन
- 15:48हाल में चली थी ब्रह्मा जी के हाल में
- 15:51दो-तीन साल तो वहां शायद चलते हो वहां जब
- 15:55वो हाल छोटा पद गया तो हम लोग इधर जगह पे
- 15:57ढूंढे
- 15:58हाल में फिर नहीं हो का रहा
- 16:02इधर यह शिव पार्क में भी लगभग चार-पांच
- 16:05वर्षों से चल रहा है
- 16:08और बहुत उत्साह के साथ ही नहीं की 10 साल
- 16:12पुरानी कथा है तो लोगों की रुचि में
- 16:15गिरावट इंटरेस्ट में गिरावट ए जाए
- 16:20बढ़ते जा रहा है
- 16:23तो ये इस बार हम लोग सुंदर कांड के माध्यम
- 16:26से
- 16:29सुंदरकांड के माध्यम से क्या सुंदर कांड
- 16:31की ही पुरी व्याख्या इस बार करेंगे कर रहे
- 16:34हैं क्योंकि इस समिति का एक संकल्प है एक
- 16:37एक कांड नौ नौ दिन में हम लोग इस पंडाल
- 16:41में सुनेंगे
- 16:42बाल अयोध्या अरण्य किष्किंधा चार हो चुके
- 16:45हैं
- 16:46चार वर्षों में इस बार सुंदरकांड का हम
- 16:49लोग बहुत ही तांत्रिक सात्विक विवेचन कर
- 16:52रहे हैं
- 16:54और पंडाल के सभी श्रोताओं के साथ यूट्यूब
- 16:58पर भी लाखों सोता मुझे कल रात को इतने फोन
- 17:02आए हैं
- 17:03महाराज जी बरसों से प्रतीक्षा थी की सुंदर
- 17:05कांड की व्याख्या सुनी जाए वो पुरी हो गई
- 17:11तो
- 17:13आज इस कथा की दूसरी सभा हम लोग
- 17:17शुरू करने बैठे हैं
- 17:23तो सभी का स्वागत और विशेषता हमारे बीच
- 17:25में आज
- 17:27हमारा जो ट्रस्ट है प्रभु सेवा परिवार
- 17:32जिसकी माध्यम से बहुत बड़े-बड़े कम समाज
- 17:34में हो रहे हैं
- 17:35[संगीत]
- 17:36तीर्थ में कथाएं होती हैं गरीब बच्चों
- 17:40की शिक्षा पर भी लोग हम लोग ध्यान दे रहे
- 17:42हैं
- 17:45गरीब कन्याओं की शादी में सहयोग हमारा हो
- 17:48रहा है और कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां शिक्षा
- 17:52चिकित्सा की जरूरत है गौ सेवा की जरूरत है
- 17:55वहां हम लोग खोज खोज के इस ट्रस्ट के
- 17:57माध्यम से कुछ सेवाएं कर रहे हैं
- 18:00तो उसके अध्यक्ष
- 18:02हमारे माननीय सतीश श्रीवास्तव जी जो
- 18:04दिल्ली से तथा मैच पर हरे हैं ये हमारे
- 18:08ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और पूरे
- 18:10मनोयोग से ट्रस्ट की सारी सेवाओं को संभल
- 18:14रहे हैं
- 18:16आज एक हम लोगों की किताब का vimichan होना
- 18:20है जो ट्रस्ट ने छपाई है स्मरण का है अब
- 18:25हमारे ट्रस्ट को अभी एक साल पूरा
- 18:27रजिस्टर्ड हुए
- 18:29और उसकी याद में
- 18:31हम लोग साल भर में क्या-क्या एक्टिविटी
- 18:33किए हैं उसकी एक किताब छपी है लास्ट में
- 18:36उसका हम लोग करेंगे
- 18:38तो सतीश जी का भी बहुत स्वागत करते हुए
- 18:41बहुत दिल्ली से पधारे कथा में
- 18:43और आज कथा की
- 18:46दूसरी सभा का शुभारंभ हो तब
- 18:51[संगीत]
- 18:57बहुत बड़ी कथा है अभी अगर हिसाब लगाया जाए
- 19:00तो
- 19:00[संगीत]
- 19:026954 है ना लगभग 6 7 दोहा रोज के हिस्से
- 19:07में पड़ेंगे
- 19:09तब जाकर सुंदरकांड पूरा हो जाएगा
- 19:139 दिन है 8 दिन है है ना 9 दिन की कथा है
- 19:17और 60 दोहे तो
- 19:196 दोहा पढ़ने वाले 54 दो होते हैं
- 19:22तभी छह दोहे बचेंगे और
- 19:26रोज का लगाया जाएगा तब जाकर कथा पुरी हो
- 19:29पाएगी हम लोग कल पहले दोहे पर ही ठग गए द
- 19:33आगे बधाई नहीं पाए द तीन 3:15 घंटा हो गया
- 19:38तो लिए हम लोग आज कुछ यात्रा को ठीक से
- 19:40आगे बढ़ाएंगे और कल वाला कोटा और आज वाला
- 19:44कोटा माने 12-13 दोहे तक नहीं होगा नहीं
- 19:48होगा बीच चीज आपकी राय क्या है
- 19:52[संगीत]
- 19:58दोबारा अभिनंदन करते हुए और कथा की दूसरी
- 20:01सभा में प्रवेश करें उससे पहले
- 20:05एक छोटी सी चौपाई रामायण की कहते हुए में
- 20:08आज की कथा में पेश करूं
- 20:10[संगीत]
- 20:26चौपाई है
- 20:28जामुन तो नहीं बोले हनुमान जी के बारे में
- 20:32की हनुमान जी की कथा जहां पर होती है
- 20:35हनुमंत कथा जहां पर होती है वहां पर तीन
- 20:38लोग इकट्ठा होते हैं
- 20:41एक हनुमान कथा में तीन लोगों का अपने आप
- 20:43संगम हो जाता है
- 20:48[संगीत]
- 20:54चरित्र सुहाग
- 21:04[संगीत]
- 21:11[संगीत]
- 21:15पाते हैं
- 21:16[संगीत]
- 21:29जामवंत रघुपति सुनाएं
- 21:33[संगीत]
- 21:44[संगीत]
- 21:49रघुपति नारायण
- 21:51[संगीत]
- 21:56के चरित्र होते हैं
- 21:59जहां पे हनुमान जी की चर्चा होती है
- 22:01वहां पर शंकर जी ब्रह्मा जी हनुमान नारायण
- 22:07जी विष्णु जी
- 22:09तीनों के तीनों इकट्ठा हो जाते हैं पवन
- 22:12तने के चरित जामवंत रघुपति
- 22:16पवन शंकर जी हो गए और रघुपति विष्णु जी हो
- 22:21गए तो तीनों के तीनों देवताओं का संगम इस
- 22:25समय पंडाल में है क्योंकि पवन तनय के चरित
- 22:27चल रहे हैं इसलिए हनुमान जी की लीला चल
- 22:29रही है
- 22:33तो कल की कथा में आपने जो सुना था उसको
- 22:35थोड़ा एक बार एक मेमोरी के रूप में
- 22:38याद कर लें की कल कहां तक कथा पहुंची थी
- 22:41और वहीं से अटैच करते हुए आगे बढ़े हम लोग
- 22:43क्योंकि पूरा कांड कहना इस बार है और कोई
- 22:46जल्दी भी नहीं है और जल्दी भी है क्योंकि
- 22:48बहुत बड़ा कम रहेगा बहुत बड़ा कम है
- 22:52सुंदरकांड से बड़ा कांड कोई संसार में हो
- 22:54नहीं सकता है कांटों से बहुत होते हैं
- 22:56अग्नि कान
- 23:00धमाका ठंड लेकिन सुंदरकांड से बढ़िया कम
- 23:03का होगा
- 23:05बड़ा कांड है और समय कम है इसलिए हम लोग
- 23:08तनिक याद करें कल कथा कहां तक पहुंची थी
- 23:10आप में से कल कोई श्रोता था की सब आज नए
- 23:14लोग आए हैं
- 23:16सब लोग नया है क्या
- 23:20तो कल कथा कहां पहुंची थी
- 23:22[संगीत]
- 23:27सुंदरकांड का पहला दोहा कल हो पाया था
- 23:31हनुमान जी जानकी जी की खोज में उड़ान भरे
- 23:36मैंने आपसे कल कहा था की सीता भक्ति का
- 23:38प्रतीक है और भक्ति की खोज में चार विघ्न
- 23:42दें चार बढ़ाएं
- 23:45हनुमान जी के रास्ते में पहली बढ़ा के रूप
- 23:47में सोने का पहाड़ आया मैना
- 23:49[संगीत]
- 23:51मैना का आया तो विश्राम की बात का रहा था
- 23:53रुक जाओ इस्लाम को लो फिर आगे बढ़ो ये
- 23:56हनुमान जी
- 23:59मैना क्या है ये सुविधाओं का ढेर है
- 24:02शुभ संपत्ति का ढेर है और भक्ति के रास्ते
- 24:06में संपत्ति पहली बढ़ा है सुख संपत्ति
- 24:09[संगीत]
- 24:11सामने आती है इसका एक बहुत बढ़िया कारण है
- 24:14कारण दांतों का है
- 24:17यह भक्ति भक्ति के रास्ते में यह संपत्ति
- 24:20क्यों बढ़ा बनती है माया
- 24:22इसका कारण एक एक बहुत प्यारा है
- 24:25माइंस में लिखा है की भगवान की दो पटिया
- 24:28हैं माया भगत नारी दी माया भगत नारी दी
- 24:34रूप
- 24:37माया भी भगवान की पत्नी है और भक्ति भगवान
- 24:40की पत्नी है
- 24:42अब आप यह भी जानते हो की जब एक पुरुष की
- 24:44दो पटिया हो तो आपस में उन दोनों का
- 24:46रिश्ता साउथ का होता है
- 24:48शोध का रिश्ता होता है एक आदमी के दो हैं
- 24:50वो गद्दा कहां गया पसंद है सोते हैं आपस
- 24:54में
- 24:55तो भक्ति और माया जो है ये दोनों साउथ है
- 25:00और साउथ
- 25:03साउथ के बारे में तो जानते होंगे आप लोग
- 25:05बड़ी खतरनाक रिश्ता होता है
- 25:07लेकिन संत तो यहां तक लिखा है की ही मौत
- 25:10बुरी मौत बहुत बुरी चीज का नाम है
- 25:14मौत बुरी लेकिन अच्छी
- 25:18मौत भी कू कुछ अच्छी है मौत बुरी लेकिन
- 25:22अच्छी क्यों एक ही बार तो आती है
- 25:29[संगीत]
- 25:51ही है मौत से सोच सौ तरह पुरी
- 25:58सभी खतरनाक साउथ होती है की मौत एक बार
- 26:00में ले गई छुट्टी कारी लेकिन शोध जब तक
- 26:03जिओगे तब तक jalayegi छाती
- 26:05और माया में सौत का रिश्ता
- 26:13की कोई आदमी भक्ति की ओर बढ़ रहा है सीता
- 26:16की ओर
- 26:18तुझे माया है ना शुभ संपत्ति घर आवे
- 26:22सुख संपत्ति घर आवे कष्ट मिटे तन का यह
- 26:25बर्दाश्त नहीं कर पाते saudiyadah पैदा
- 26:27होता है इसको भक्ति की ओर जा रहे हो मेरी
- 26:29साउथ की ओर जा रहे हो ये ले सोने का पहाड़
- 26:31ये ले ये ले
- 26:35अब फिर ये सोने के पहाड़ भेजना शुरू करती
- 26:38है माया ऊपर से ले पहाड़ ले ले गड्ढा ले
- 26:4110 करोड़ ले 20 करोड़
- 26:46चाहती है की हमारी साउथ की और तुम जाओ
- 26:48भक्ति की ओर मत पढ़ो माया विघ्न कर दी
- 26:54कई-कई बड़े-बड़े महात्माओं के आगे जो माया
- 26:56प्रकट होने शुरू होती है और बेचारे
- 26:59महात्मा कई महात्मा में जानता हूं नाम
- 27:02नानू किसी का केवल
- 27:04सिर्फ क्या करने को निकले द घर से बीवी
- 27:07छोड़ा था शादी नहीं किया था बच्चे छोड़
- 27:10दिए परिवार छोड़ दिया घर छोड़ दिया
- 27:12अयोध्या भाग गए
- 27:14और वहां जाकर वही फस गए उसी माया में बस
- 27:17लाओ प्लांट लाओ एक प्लांट और बढ़ा लें इटा
- 27:20भेजो ऐसी lagvao ये करो रुपया लाओ रुपया
- 27:22लाओ रुपया लाओ रुपया लोन फैंस करके वो भजन
- 27:26गया कोसों दूर जिस कम के लिए साधु बने द
- 27:30वह कम हजारों को दूर हो गया आप दो बुद्धि
- 27:33लगाते हैं दिनभर फोन पर फोन लगाते रहो
- 27:37पैसा नहीं भेजा अभी तक भैया हेलो कुछ आपने
- 27:41वादा किया था पैसा नहीं
- 27:44अब चिंतन होना चाहिए राम का और बुद्धि लगा
- 27:48रहे हैं दम में सुबह से लेकर शाम तक दम ही
- 27:51दम दम ही दम
- 27:54नहीं चाहती है भक्ति ये माया किया भक्ति
- 27:56की ओर बढ़ो नहीं चाहते
- 27:59हनुमान जी के सामने सोने का पहाड़ प्रकट
- 28:01हो गया
- 28:03हनुमान जी इसमें फंसे नहीं
- 28:06संसार की सुविधाओं में फसना नहीं होता है
- 28:08उसका उसे करते आगे बढ़ाना होता है
- 28:11दोहा कल वाला पढ़िए फिर से एक बार
- 28:15हनुमान
- 28:16तेरी परेशान
- 28:19कर बोली की एन
- 28:22प्रणव
- 28:24राम का जोगी रे
- 28:33[संगीत]
- 28:47राम राम
- 28:50[संगीत]
- 29:08एक विशेष क्वांटिटी में स्वीकार करते हुए
- 29:11और आगे बढ़ाना हम का मंजिल सोना नहीं है
- 29:14मंजिल तो परमात्मा सीता है जीवन का लक्ष्य
- 29:18संपत्ति नहीं है जीवन का लक्ष्य तो भक्ति
- 29:20है
- 29:22रामायण में बिल्कुल स्पष्ट लिखा है लाभ एन
- 29:25क्यों हरि भगत सामना
- 29:28इस दुनिया में इस जगत का जो सबसे बड़ा लाभ
- 29:31है वो भगवान की भक्ति है ये रात और नौकरी
- 29:35और रुपया और फैक्ट्री ठीक है इसकी निंदा
- 29:38नहीं जीवन की ज़रूरतें भी हैं लेकिन ये
- 29:40जीवन की मंजिल नहीं है
- 29:43अब इसी को जो मंजिल मैन के फैंस जाए की
- 29:45नहीं नहीं वो प्लांट हो गया बस बहुत है
- 29:47नौकरी मिल गई बस बहुत है पैसा हो गया मतलब
- 29:50घर का जिंदगी सफल हो गई खाते में है हम
- 29:53लोग खाते में लक्ष्य पैसा नहीं है जीवन का
- 29:55पैसा जरूरत है तो जरूरत माने जरूरत पर को
- 29:59ले लो आगे बढ़ो
- 30:01हमारे संतों ने सुख- सुविधाओं की एक
- 30:03क्वांटिटी फिक्स किया है एक मात्रा फिक्स
- 30:05किया है
- 30:07साइन
- 30:09साइन
- 30:11ही ठाकुर महात्माओं का लिखा हुआ है साइन
- 30:14इतना दीजिए एक मात्रा फिक्स है वो
- 30:18जहां में कुटुंब समय
- 30:22मैं भी भूखा ना रहूं
- 30:25साधु एन भूखा जाए हमारा
- 30:31ब्रैकेट में होना चाहिए
- 30:39[संगीत]
- 30:42की मेरी बैंक भारी
- 30:47जाए तो मैं बैठकर मालिदा का तू
- 30:51साधु एन घर में
- 30:55[संगीत]
- 30:59सुख संपत्ति की बुराई नहीं की गई किसी
- 31:01पुराने में लेकिन इसकी मात्रा फिक्स होनी
- 31:04चाहिए मात्रा एक बहुत बड़े संत बोल रहे द
- 31:07की जीवन में तीन बातें बहुत आवश्यक है
- 31:11बहुत समझ के सुनो एक जीवन मात्रा में हो
- 31:17तीनों प्वाइंटों पर ध्यान दो जीवन को धन
- 31:19करना चाहते हो तो नंबर एक जीवन को मात्रा
- 31:23में रखो मात्रा माने लिमिट में लिमिट
- 31:25अतिका भला कुछ भी उचित नहीं होता है
- 31:30अति का भला कुछ चित नहीं होता जीवन एक
- 31:34मात्रा में हो
- 31:36और जीवन यात्रा में हो
- 31:40लाइफ जर्नी यहां रहने कोई आया नहीं
- 31:44इस बात को बिल्कुल ख्याल रखो जीवन यात्रा
- 31:47मैं बना के जियो आप ये यात्रा में खाली हो
- 31:52एक बड़े तारिक शहर मुझे याद ए रही है
- 31:55आदमी लेता जमीन पर
- 31:58लोग कहते मार गया
- 32:01आदमी लेता जमीन पर लोग कहते मार गया वह
- 32:06बेचारा था सफर में आज अपने घर गए
- 32:09अपने घर गया है यात्रा में था एक बस लाइफ
- 32:13जर्नी
- 32:15यह बपौती नहीं है किसी की यहां कोई रहने
- 32:17नहीं आया मैंने आपको इन इस पंडाल में कई
- 32:20बार सुनाया है ये संसार क्या है एक और
- 32:23ब्रिज है ओवर ब्रिज अभी कल और सीधी रास्ते
- 32:27में का रहे द हम 82 में लखनऊ आए द तो
- 32:34एकमात्र और बृज शासन लखनऊ में अब तो
- 32:36मार्क्स
- 32:38[संगीत]
- 32:40इस अंसारी जो और ब्रिज
- 32:43और आपको पता है की और ब्रिज पर रहना अलाउड
- 32:47नहीं होता
- 32:50वहां पर कोई जाए और झोपड़ी दानी रहा है पर
- 32:53पुल पर
- 32:55[संगीत]
- 32:57रहने के लिए बना हुआ है क्या
- 33:00कोई हिम्मत करें की वो चरखा प्लेयर बनवा
- 33:03पिलर है ऊपर छत डालने
- 33:07तो क्या होगा नगर पालिका वाले आएंगे लेकिन
- 33:10बुलडोजर बुखार फेंक देंगे
- 33:18और ब्रिज खाली पास होने के लिए होता है
- 33:20पास होने के लिए
- 33:22पूरा वर्ल्ड एक और ब्रिज है इस संसार में
- 33:26कोई रह नहीं सकता
- 33:28की रहने की जगह ये है ही नहीं यहां कोई
- 33:30नहीं रह पाया आपके दादा रह पर
- 33:33आपके संसार में आपके पिताजी रह पाएगा तो
- 33:36आप रहोगे
- 33:38बस यहां से पास होना होता है हंसते गेट
- 33:44यहां रहना नहीं है बस हंसते गेट
- 33:47[संगीत]
- 33:52यहां से गुजर
- 33:54हंसते गेट
- 34:02दुनिया के
- 34:10मुस्कुराते हुए
- 34:12[संगीत]
- 34:17जिंदगी सफर
- 34:20सुहाना लगता हो
- 34:25[संगीत]
- 34:27यहां से गुजर यहां से यहां कोई बस नहीं
- 34:31सका सिकंदर नहीं रह पाया
- 34:33मनमोहन सिंह नहीं रह पाएंगे नरेंद्र मोदी
- 34:36नहीं रह पाएंगे अब्दुल कलम नहीं रह पाए
- 34:38इंदिरा गांधी नहीं रह पाएंगे आयरन लेडी
- 34:41किस खेत की मूली है हम और आप बस में ख्वाब
- 34:45देख रहे हैं
- 34:46[संगीत]
- 34:54सो बहनों भाइयों
- 34:56हनुमानते ही परसा जीवन मात्रा में हो जीवन
- 35:00यात्रा में हो
- 35:02और तीसरा सूत्र एक संत ने दिया था की जीवन
- 35:06सूत्र में
- 35:09तीनों बातों नोट कर लो जिंदगी में
- 35:11मात्रा में हर चीज में हर चीज सम्यक
- 35:15जीवन यात्रा में और जीवन किसने कुछ सूत्र
- 35:19में हो जिसे गांधी जी का सूत्र था इस माय
- 35:22गोद महात्मा बुद्ध का सूत्र था
- 35:25[संगीत]
- 35:31भगवान बुद्ध का सूत्र था अहिंसा परमो धर्म
- 35:35ऐसे ही जीवन में कोई सूत्र होना चाहिए
- 35:38[संगीत]
- 35:40हनुमान जी महाराज की कथा सिखाती है
- 35:43हनुमान
- 35:44[संगीत]
- 36:08बरसा
- 36:10प्रभु ने बनाया
- 36:13[संगीत]
- 36:24[संगीत]
- 36:26समझ गए छूना नहीं होता है एक मात्रा में
- 36:29स्वीकार करना संसार की सुविधाओं को मात्रा
- 36:33में स्वीकार करके आगे बढ़ जाइए
- 36:35[संगीत]
- 36:40लेकिन जो अटक जाएगा वो भटक जाएगा मंदिर से
- 36:44चूक जाएगा बस बढ़ते जाइए
- 36:51[संगीत]
- 36:59तो कहने का भाव एक से एक प्रलोभन भी आएंगे
- 37:01एक से एक आंधियां तूफान भी आएंगे लेकिन
- 37:05आपको कहीं ना डरना है और ना कहीं अटकना है
- 37:07बस आगे बढ़ाना है आगे बढ़ाना है ramkaj
- 37:10किन्हे वीनू मोहे कहां विश्राम
- 37:13चांदी से मेरा कोई लेन-देन नहीं है बे तो
- 37:16बस ramkaj किन्हे
- 37:19अच्छा आकर गहराई से देखो ना मित्रों तो इस
- 37:22दोहे में एक परिभाषा और छिपी है इसका नाम
- 37:26है बारात
- 37:28इस दोहे में जो छिपा है ना तब उसका एक नाम
- 37:31वैराग भी अगर आपसे अभी कोई पूछे वैराग्य
- 37:34माने क्या होता है तो आप पता नहीं क्या
- 37:36बताओगे हमको पता है
- 37:41तो यह बताओ की बाल mudvae लो माता पुतले
- 37:44और धोबी पहन लो अयोध्या जिले जाओ तो
- 37:46बैरागी होएगी
- 37:48हमारी आपकी बारात परिभाषा यही है
- 37:51बीवी छोड़ दो बच्चा छोड़ दो माता पोटाले
- 37:54हो निकल लो बैरागी
- 37:56भंडारा खाते खुलना शुरू कर दो
- 38:00[संगीत]
- 38:06बना के माने राम का जो किन्हे बिनु
- 38:11कुछ छोड़ने का नाम नहीं होता
- 38:15क्या क्या छोड़ोगे जिंदगी में क्या-क्या
- 38:17छोड़ोगे
- 38:19भाई अगर पंत पहनना छोड़ दोगे तो लंगोटी तो
- 38:23पहननी पड़ेगी आपको ये कचरा तो पहनना पड़ा
- 38:25है तो कपड़ा वो भी
- 38:27कोई मत माने की हमने तो पेंट छोड़ दिया तो
- 38:30हम बैरागी हो गए
- 38:37तो आलू खा रहे हो कुछ खाए तो रहे हो
- 38:41बच्चे छोड़ो केले बना ली हो
- 38:44अगर बच्चे छोड़ दिए हो तो केले फिट कर लो
- 38:4650-60
- 38:49बातों एक का हो गई हो
- 38:53अपना घर छोड़ो तो आश्रम उतर कर दिए
- 38:59[संगीत]
- 39:02मैं कुछ छोड़ने का नहीं होता वैराग माने
- 39:06होता है श्रेष्ठ को पकड़ लेना इसका नाम
- 39:09वैराग्य होता है हनुमान जी को देखो
- 39:11श्रेष्ठ को पकड़ के चल रहे हैं राम का जो
- 39:14की इन्हें ब्लू मोहिका विश्राम राम काजू
- 39:19सोना मिले चांदी मिले सुरसा मिले लंकानी
- 39:22मिले डंकी नहीं मिले राम काजू कर फिर मैं
- 39:24आऊं राम काज की नहीं बिना राम काजल तो
- 39:27उतारा किसी चीज को छोड़ना छोड़ने का नाम
- 39:30नहीं है बस श्रेष्ठ को थम लो दिल से
- 39:33चीज को पकड़ लो इसका नाम वैराग्य होता है
- 39:37[संगीत]
- 39:38बारात को हिंदी में कहते हैं विराग विराग
- 39:42और विराट का बिल्कुल खुला खुला अर्थ होता
- 39:45है
- 39:46विशिष्ट रहा
- 39:48विमान विशिष्ट रागनी लगाओ
- 39:53बैग माने कोई बीवी छोड़ दो नहीं विशिष्ट
- 39:56राज जो 50 जगह हम राग फसे बैठे हैं की
- 40:00इनसे भी उनसे भी रागनी केवल राम जी से राग
- 40:03हो जाए राम मेरे राम काजल कर फिर मैं आऊं
- 40:07ramkaj किन्हे वीनू मोही का इसको कहते हैं
- 40:10विशिष्ट राजा
- 40:13एक एक मैं आपको दृष्टांत हूं बहुत प्यारी
- 40:16बात किसी संत ने कही थी बहुत दिन पहले
- 40:18मैंने सुना था
- 40:21जैसे कोई शराबी
- 40:23[संगीत]
- 40:25शराब पीने के लिए अपने घर से निकले और
- 40:28भट्ठी दूर हो तोड़ेंगे
- 40:31ठीक समझेगा कहानी के मार को घर से निकाला
- 40:34भट्ठी की ओर शराब भट्टी की ओर
- 40:37अब उसके रास्ते में भट्टी पहले मार्केट
- 40:40पढ़ते हैं
- 40:41और मार्केट में अच्छी-अच्छी दुकान मिठाई
- 40:43की दुकान है दवाई दुकान है कपड़े की दुकान
- 40:46है सबकी दुकान लगी हुई है
- 40:48अब वो निकलता तो है बीच बाजार से क्योंकि
- 40:51रास्ता वही ये कहे भट्टी का रास्ता अलग
- 40:53नहीं है निकाला मार्केट के बीच से है वो
- 40:58अब दुकान देख रहा है की मिठाई दुकान खुली
- 41:00है ये कपड़े दुकान है ये पुरानी दुकान है
- 41:03नामक की दुकान है लेकिन वो उधर निगाहें
- 41:06मोड़ता नहीं है ना तो फसता है की चलो भाई
- 41:09अच्छा भट्ठी दूर है मिठाई दुकान पहले पद
- 41:12गई है तो ऐसा करते हैं दारू छोड़ो आज
- 41:14जलेबी खा लें
- 41:16दुकान देख रहा है जलेबी बन रही है बढ़िया
- 41:21तो नव उसे दुकान पे जाता है
- 41:25यार मैं जा रहा हूं शराब भट्टी तो बीच में
- 41:28जलेबी क्यों बेच रहा है भाग यहां से तुझे
- 41:31बेच रहा है बेच रहा है बेच रहा है
- 41:34दुकान लगी है तो लगी है उसका ध्यान कहां
- 41:37है बस घर से निकाला है वो जलेबी है की
- 41:41समोसा है की नहीं है की सोना है की चांदी
- 41:44है वो देखते नहीं किस तरफ होगा सीधे दबाता
- 41:47जा रहा है कहां कहां
- 41:50है
- 41:54[संगीत]
- 41:58वरग मैंने कुछ और नहीं यह बैग है
- 42:01जो संसार तो बाजार है यह बहुत कुछ है बहुत
- 42:05कुछ है
- 42:06मगन है लेकिन जिसकी जिसकी लव लगी है
- 42:10ramkaj किन्हे वीनू ramkaj की नहीं वीनू
- 42:13ramkaj की उन्हें
- 42:15जो जो कर रहा है कोई दारू पी रहा है कोई
- 42:18डांस देख रहा है कोई क्लब जा रहा है कोई
- 42:20किटी पार्टी जा रहा है कोई इसमें
- 42:22कहां-कहां ladoge जी कहां-कहां अपन के
- 42:24संसार में
- 42:26कई लोग इसी में के रहेगी अरे हम तो कथा
- 42:29सुनने ए रहे द वो हमारे मित्र उसे कहे चली
- 42:32हो तो मैं नहीं हम जा रहे हैं क्लब तो हम
- 42:35क्लब चले गए अरे तुम मित्र के चक्कर में
- 42:37क्यों चले गए
- 42:39अब कथा में ए जाओ
- 42:42फिर दारू मगन है कोई क्लब में मगन है की
- 42:44कितनी पार्टी मगन है कोई दुकान हम मगन है
- 42:46अब आप कथा में ए रहे हो तो कथा में आओ ये
- 42:49बैरागी हो गया इसी का नाम बैराज होता है
- 42:51विशिष्ट रहा इट विराग
- 42:55अब सोने का पहाड़ सामने खड़ा है हनुमान जी
- 42:58अटक नहीं रहे राम काजू किन्हे बिनु मोहित
- 43:02कहां
- 43:03[संगीत]
- 43:08स्पर्श किया स्पर्श माने खाली ठुकराया ही
- 43:12नहीं है
- 43:13दम भर का ले भी लिया है जितना कम था इस
- 43:16वर्ष मैंने कम भर का ले लिया मात्रा में
- 43:18ले लिया है आगे बढ़ गए
- 43:22शंकराचार्य भगवान ने एक बड़ी बढ़िया बात
- 43:24कही थी साधकों के लिए इसको आप भी अगर साधक
- 43:28अपने को मानते हो तो इसको गांठ बांधकर सन
- 43:30लो अगर साधक मानते हो तो
- 43:33साधकों को चाहिए jagatdur भगवान का आदेश
- 43:36है
- 43:36[संगीत]
- 43:38संसार की सुविधाओं का प्रयोग इस तरीके से
- 43:42करें
- 43:44जैसे दवाइयां का प्रयोग करते हो
- 43:48दवाई का प्रयोग जैसे हम करते हैं ठीक इसी
- 43:51तरह के संसार की सुविधाओं का प्रयोग करना
- 43:54चाहिए और दवाई करो कैसे करते हो उसको याद
- 43:57कर लो ठीक से दवाई का प्रयोग हम लोग एक
- 44:00विशेष मात्रा में करते हैं तो डॉक्टर ने
- 44:03कहा है आधी गोली खाना है तो फिर आधी गोली
- 44:07ही हम लोग खाते हैं
- 44:09है ना अगर डॉक्टर ने एक गोली लिख के दिया
- 44:11है पर जिसको एक एक खाना तो एक के खाते हो
- 44:15अच्छा कोई कहे की डॉक्टर कहने दो क्या
- 44:17करना है मेरे को ही से एक तो कहे दो अब आज
- 44:20हम अगर ठेठ पत्ता खाली छुट्टी मिले हफ्ता
- 44:23भरेगा रोज झंझट याद गोली या गोली मैं 10
- 44:26गोली कठे खा लिए
- 44:28कभी ऐसा प्रयोग किया हो कोई की डॉक्टर
- 44:31डॉक्टर कहता हूं ये कोई रोज का कम 10 गोली
- 44:34और अच्छा आदमी है 10 दिन की छुट्टी के लिए
- 44:37[संगीत]
- 44:47[संगीत]
- 44:56इसी बात को याद करो भगवान के शब्दों को
- 44:59इसी बात के साथ जैसे संसार की संसार में
- 45:03दवाइयां का प्रयोग एक नपीली मात्रा में
- 45:06करते हो ना कम एन ज्यादा एन कम एन ज्यादा
- 45:09इसी प्रकार संसार की सुविधाओं का प्रयोग
- 45:12बिल्कुल नापी टोली मात्रा में करना चाहिए
- 45:15ना कम और ना ज्यादा
- 45:19मैंने सुना है
- 45:20करपात्री जी महाराज 24 घंटे में दो रोटी
- 45:23केवल खाते द
- 45:27[संगीत]
- 45:29हम आपका करते हैं
- 45:34[संगीत]
- 45:41अच्छा लगा
- 45:48की सुविधाओं का प्रयोग करना चाहिए
- 45:56इन संसार की सुविधाओं को जो बटोरने का
- 45:58प्रयास करेगा इसके जो संग्रह में लग जाएगा
- 46:01इसमें जो अटक जाएगा फिर वो मंजिल से बहुत
- 46:05दूर हो जाएगा बटक जाएगा तो पुरी तरीके से
- 46:08सो भाई बहनों बस हनुमान के ही परेशान इस
- 46:12पर्स करते आगे बड़े
- 46:13[संगीत]
- 46:15मैंने कहीं सुना था आपको सुनाया भी है की
- 46:18दो जीव होते हैं चींटी और मक्खी अपने देखा
- 46:21होगा कभी तो हलवाई की दुकान पर वो जलेबी
- 46:25डूबने के लिए कढ़ाई में बनाते हैं ना वो
- 46:27जलाओ
- 46:29[संगीत]
- 46:43चींटी तो आती है और थोड़ा दूर रहकर
- 46:48दूरी बनाकर
- 46:52मतलब घरगुती लेती है दूर से ही थोड़ा घुसे
- 46:56बिना
- 47:01[संगीत]
- 47:03मक्खी बहिनी क्या करती मालूम
- 47:06मक्खी मैंने खुद ही पड़ती कन्हैया
- 47:09[संगीत]
- 47:27[संगीत]
- 47:48अनमोल जन्म तेरा यूं ही गवा रहा है अनमोल
- 47:55जन्म तेरा यूं ही गवारा रहा है अनमोल जन्म
- 48:01तेरा यूं ही गवारा है अनमोल जन्म तेरा तो
- 48:08है गवारा है जाना तुझे कहा है
- 48:12[संगीत]
- 48:14जा तुझे
- 48:17[संगीत]
- 48:23गवारा है अनमोल जन्म तेरा यूं ही गवारा है
- 48:30[संगीत]
- 49:11[संगीत]
- 49:31तुझे तारे
- 49:35कला तुझे रहा है तू जा सहारा
- 49:45[संगीत]
- 49:57[संगीत]
- 50:02[संगीत]
- 50:09फस जाते हैं तो वहीं पर उनको ले लेता हूं
- 50:12वो कुछ मेहनत पर्वत भी उनको खा लेता आगे
- 50:14बड़े नहीं पाते
- 50:16मैंने कहीं सुना था यह लोभ जो होता है ना
- 50:18यह सोने चांदी का लोग शुभ संपत्ति का लोग
- 50:21यह
- 50:23लूडो के खेल में अपने देखा होगा लूडो खेले
- 50:26हो कभी
- 50:28लूडो खेला
- 50:30लूडो के खेल में खेल होता है सांप सीधी
- 50:32वाला
- 50:33[संगीत]
- 50:34और सांप सीधी के खेल में एक सांप एक सपा
- 50:37होता है 99 पर
- 50:40एक गुट्टी बढ़ते जाओ खाना बढ़ते जाओ बढ़ते
- 50:43जाओ और कभी-कभी 99 पे ऐसा कप दिखाता है वह
- 50:48की लाकर उतरता है इसलिए नंबर दो
- 50:55[संगीत]
- 51:01कई साधकों को लालच ऐसे मौके खा लेता है की
- 51:06बिल्कुल एक खाना आगे बढ़ते हैं बिन एक आना
- 51:09प्रताप भानु नाम से ना प्रताप भानु का
- 51:11रामायण प्रताप
- 51:16कितनी यज्ञ किए था कितनी शादी किए था
- 51:18कितना बड़ा उसका सब कम धाम पर एक खाना बचा
- 51:21था उसकी जीवन में मोक्ष पाना बस उसका धर्म
- 51:25पूरा था उसका अर्थ पूरा था उसका tampoora
- 51:28था उसे मुक्त केवल बाकी था उसके बाद ये
- 51:31खाना बढ़ जाता है
- 51:33वो है कपटी मुनि चक्कर में पद गया और ऐसा
- 51:37लालच ने उसको खाया जरा मारन दुख रहित तनु
- 51:41और समरजीत है नहीं कोई एक छात्र ने पुरी
- 51:46नहीं
- 51:50ऐसा लीला उसको पूरे खानदान के सहित इतना
- 51:54सब करने के बाद भी व्यक्त करना पड़ेगा
- 51:57कितना किया था मालूम है लिखा है जितने
- 52:01यज्ञ लिखे ग में जितने भी यज्ञ लिखे हैं
- 52:03हर सवाल किया था उसने कितना कर पाओगे आप
- 52:07सोचो कभी तुलना किया करो इन सब राजाओं से
- 52:10जितने वर्णित यज्ञ है रुद्र यज्ञ धमाका
- 52:13यज्ञ
- 52:14टेन यज्ञ हर यज्ञ 100 बार इस बंदे ने किया
- 52:18था हर यज्ञ
- 52:20हो गया कहां नरक में गया नेरकों नहीं
- 52:23रक्षा बनाया गया क्यों
- 52:31भाई बहनों बहुत बच के रहना पड़ेगा इन साथ
- 52:34संसार की सुविधाओं से संसार की सुविधाओं
- 52:37के चक्कर में जो जरा सा भी बड़ा बिल्कुल
- 52:41संग्रह के चक्कर में आगे फिर उसकी यात्रा
- 52:43वहीं पर सब लाख हो जाएगी हनुमान जी उसको
- 52:47स्पर्श करके आगे बढ़े मोहे कहां विश्राम
- 52:49का के आगे बढ़े और तो आज की कथा शुरू होती
- 52:53है ये कल वाली कथा में थोड़ा अटक गया था
- 52:56उसको थोड़ा और सिद्ध करना था उनको फिर मैं
- 52:59नाग पर्वत को बहुत बड़ी बढ़ाएं
- 53:02खाली स्टोरी नहीं है बहुत बड़ी बढ़ा आगे
- 53:05बढ़े तो गो स्वामी जी कहते हैं दोहा नंबर
- 53:08एक के बाद की चौपाइयां सब गाओ और सुरसा
- 53:10माता दूसरी बढ़ा के रूप में ए रही है उसको
- 53:13समझे हम लोग
- 53:15जाट पवन सूट देवांग कल
- 53:23[संगीत]
- 53:31[संगीत]
- 53:34बोध के
- 53:38सूरसागर
- 53:42[संगीत]
- 53:55आए
- 53:59जो सुरंग है
- 54:04[संगीत]
- 54:15[संगीत]
- 54:22[संगीत]
- 54:35[संगीत]
- 54:41[संगीत]
- 54:59[संगीत]
- 55:16[संगीत]
- 55:27[प्रशंसा]
- 55:31[संगीत]
- 55:42[संगीत]
- 55:49[संगीत]
- 55:55[संगीत]
- 56:09हर्ष चलो हनुमान
- 56:11यह एक दोहे के भीतर जो चौपाइयां हैं यह
- 56:16दूसरे दोहे के अंदर अंदर
- 56:21यह भक्ति की खोज की दूसरी बढ़ाएं सीतामढ़ी
- 56:24भक्ति और भक्ति की और जब बढ़ोगे आप दूसरी
- 56:27बढ़ा के रूप में संसार आती है
- 56:30इन पुरी चौपाइयों पर बहुत ध्यान देकर समझो
- 56:33गोस्वामी जी कहते हैं जाट पवनसुत देवबंद
- 56:37देखा
- 56:39देवताओं ने हनुमान जी को जब देखा की लंका
- 56:42जा रहे हैं राम काज करने के लिए बड़ा कम
- 56:45है बड़े मिशन पर जा रहे हैं
- 56:49तो देवताओं ने जाने कहूं बाल
- 56:51buddhibhishekhan जाने को माने जाने के
- 56:54लिए क्या बाल बुद्धि विषय का हनुमान जी
- 56:58में विशाखा माने पर्याप्त मात्रा में
- 57:02पर्याप्त मात्रा में बाल बुद्धि है की
- 57:04नहीं है
- 57:05ऐसे तो नहीं चल पड़े हैं सर
- 57:09कोई आदमी ऐसे पहुंच जाए
- 57:11मिलिट्री कैंप में और कहे भारती करो हम तो
- 57:14हम भारती करो भारती करो
- 57:19उसके पहले दो जांच होते एक परीक्षा होती
- 57:23है बुद्धि की जांच होती है फिर फिजिकल
- 57:25टेस्ट होता है फिजिकल टेस्ट
- 57:30[संगीत]
- 57:40बाल बुद्धि विशाखा जाने को माने जानने के
- 57:43लिए बाल बुद्धि माने फिजिकल फिट है और ये
- 57:48मेंटली फिट है की नहीं
- 57:51तो दोनों प्रकार का चेकअप करने के लिए
- 57:53राष्ट्र रक्षा का राम राम का कम करना और
- 57:56राष्ट्र का कम करना दोनों कम बराबर हैं और
- 57:59जैसे राष्ट्र का कम करने के लिए फिजिकल और
- 58:01मेंटल दोनों तरीके से इंसान फिट होना
- 58:03चाहिए ऐसा राम का कम करने के लिए भी
- 58:06फिजिकल और मेंटल
- 58:08दोनों तरह की fitun तभी तो कर पाओगे फिर
- 58:10से फैल हो जाओगे अब किसी को ऐसे भारती के
- 58:13जो फौज में
- 58:15कहे को हम मार गए तीन दिन
- 58:19बहुत कुछ चाहिए होता है ना दिमाग में
- 58:21प्राचीन साहब माइंड कैसा है निगाह कैसी है
- 58:27digandha गया ना अंधा दोनों आंखों से
- 58:30ब्लाइंड था और पहुंचा कब कैप्टन साहब हमको
- 58:32भारती करो सी में
- 58:35भारती करो
- 58:37तुम क्या कर रहे हो
- 58:40अंधाधुन फिर करेंगे
- 58:42[संगीत]
- 58:43अंधा है ना बस बंदूक ढाबा देना हमको
- 58:46अंधाधुन चलाएंगे
- 58:55तो जाने कहो बाल बुद्धि विषय का इस आदमी
- 58:59में जाने जा रहा है अच्छी चीज से जा रहा
- 59:01है लेकिन यह फिजिकल और मेंटल फिट है की
- 59:04ऐसा जा रहा है
- 59:05अंधाधुन फिर जा रहा है
- 59:09तो देवताओं ने हनुमान जी की टेस्टिंग करने
- 59:11के लिए
- 59:13बॉडी की टेस्टी को ब्रेन की टेस्टिंग करने
- 59:15के लिए
- 59:16सुरसा नाम एक हाथ एक महिला को रेडी किया
- 59:20जाओ एग्जामिनर एग्जामिनर जाओ
- 59:25[संगीत]
- 59:31[संगीत]
- 59:46सुरसा से कहा जाओ इसको चेक करो पर्याप्त
- 59:49बाल बुद्धि इसके पास है की नहीं हो तो हो
- 59:52तो इसको आगे बढ़ाएं सफलता का के आएगा नहीं
- 59:54तो फैल हो क्या जाएगा राम कार्य में फैल
- 59:57हो गया अगर बदनाम हो जाएगा की हनुमान जी
- 59:59गए द कर गए द कुछ और हूं आप खुश हो रही है
- 1:00:03बंद रह गया है
- 1:00:06आपको सबको पता है ना रावण के लंका में 33
- 1:00:11करोड़ देवता सब बन भी खाने में पड़े द
- 1:00:13उसके सब ड्यूटी करते द बताता रोज
- 1:00:17पवन देवता पवन देवता रोज लंका में झाड़ू
- 1:00:21मारते द पर यह शास्त्र पढ़िए
- 1:00:24लंका की सफाई कर्मी द पवन देव
- 1:00:28ता और रोज रावण की चाय बनाते द
- 1:00:31रसोइया द रावण के पढ़िए शास्त्रों में
- 1:00:34अग्नि देवता सॉरी
- 1:00:36[संगीत]
- 1:00:45[संगीत]
- 1:00:58पापा वहां सफाई कर्मी है
- 1:01:01जब तू भी लग जा पापा के संग लग जाते
- 1:01:06तो फिर राम कथा बदनाम हो जाएगी राम के दूध
- 1:01:09गए द और जा के झाड़ू मार रहे लंका में
- 1:01:12सूजन है
- 1:01:16पर्याप्त बाल बुद्धि है की नहीं है इस बात
- 1:01:18की जांच करने के लिए सूरसागर
- 1:01:21मैंने एक किताब में पढ़ा था शायद बाल्मीकि
- 1:01:24रामायण में ही लिखा हुआ है एक इस लोक बड़ा
- 1:01:26बढ़िया है सर उसमें लिखा है
- 1:01:28की जिस आदमी के पास चार चीज हैं
- 1:01:33बहुत ध्यान दे कुसुम बहुत ध्यान जिसके पास
- 1:01:36चार वस्तुएं हैं
- 1:01:37वो जिंदगी के किसी भी फील्ड में और किसी
- 1:01:41भी कार्य में असफल नहीं हो सकता वो जिस भी
- 1:01:45कम में कदम बढ़ाएगा सफलता ही पाएगा
- 1:01:48कौन-कौन चार्जेस है
- 1:01:51बाल बुद्धि विषय का बाल्मीकि रामायण का
- 1:01:54श्लोक उसमें लिखा है पहली चीज चाहिए धरती
- 1:01:57धैर्य था जिसके बाद धैर्य है हनुमान जी के
- 1:02:01पास ये भी है
- 1:02:01[संगीत]
- 1:02:03उम्मती धीरा मत धीरा भवानी में धैर्य
- 1:02:07मथुरा में
- 1:02:09और बालवीर रामायण कहती है इसके बाद धरती
- 1:02:11है और जिसके पास दृष्टि है दृष्टि माने
- 1:02:15दृष्टि माने दृष्टिकोण
- 1:02:18दृष्टि माने ज्ञान विराज
- 1:02:23अब कैसे कहूं सुंदरकांड हो तो हम कहते
- 1:02:25नहीं कुछ लेकिन अब कहना ऐसा नंबर लगाया है
- 1:02:28तो हमको कहने पर गुजरे बहुत-बहुत इच्छा
- 1:02:31मैन में होती है की सब छोड़ दी लेकिन फिर
- 1:02:34भी मैं था की फिर कब कहीं नहीं कम कर मौका
- 1:02:37मिला है तो क्यों ना कहें
- 1:02:39अब यहां पर ध्यान देकर सुनो
- 1:02:41उत्तराखंड में टॉपिक है भक्ति मणि कभी
- 1:02:44padhiyega भक्ति सीता भक्ति है ना
- 1:02:46उत्तराखंड में एक प्रसंग है भक्ति मणि
- 1:02:49तो उसमें लिखा है की भक्ति मणि को खोजने
- 1:02:51के लिए दो आंखें चाहिए
- 1:02:54भक्ति मणि ऐसे पड़ी नहीं है कहीं पर हो और
- 1:02:57पड़ी भी है तो वो दो आंखें नहीं होगी
- 1:02:59देखने पाओगे
- 1:03:00सीता इस भक्ति और भक्ति
- 1:03:03मणि को देखने के लिए दो आंखें चाहिए
- 1:03:07उत्तराखंड
- 1:03:08यहां नंबर आएगा
- 1:03:17[संगीत]
- 1:03:19तो उसमें लिखा है ना
- 1:03:21मार मी सज्जन
- 1:03:24सुमति कुल्हारी
- 1:03:27कैसे मिलती है
- 1:03:28[संगीत]
- 1:03:32उधारी
- 1:03:37[संगीत]
- 1:03:39चाहिए उसको खोजने के लिए
- 1:03:42क्या चक्कर हो रहा है हनुमान जी का जाने
- 1:03:45का हूं बाल बुद्धि बाल बुद्धि बाल का नाम
- 1:03:48होता है बैराज बैराज बाल है और ज्ञान
- 1:03:51बुद्धि है
- 1:03:52[संगीत]
- 1:03:58और बुद्धिमानी ज्ञान बुद्धि ज्ञान का
- 1:04:01प्रतीक है तो इसके पास ही जा तो रहा है
- 1:04:04सीता की खोज में लेकिन इसके पास वैराग्य
- 1:04:06का बाल बुद्धि में ज्ञान है की नहीं है इस
- 1:04:09बात को चेक कर लो अब अंधा होगा तो ढूंढ
- 1:04:12नहीं पाएगा ज्ञान विराग में है
- 1:04:15हम आप क्यों नहीं भक्ति खोजे का रहे हैं
- 1:04:17ना हमारा आपका ज्ञान ठीक है ना बैरागी ठीक
- 1:04:20है ये आंखें तो ठीक है लेकिन इनसे भक्ति
- 1:04:22नहीं मिलती है व्यक्ति को खोजने के लिए
- 1:04:24ज्ञान विराग ने चाहिए तो चेक करो इसकी
- 1:04:27इसके नेत्रों का चेकअप करो इसका ज्ञान
- 1:04:29वैराग ठीक है की नहीं बाल बुद्धि ठीक है
- 1:04:32की नहीं तब इसको आगे बड़े
- 1:04:34हुजूर साहब को भेजा की जाओ पता लगाओ ठीक
- 1:04:37से और यहां तुम्हें करना कोई भी परीक्षा
- 1:04:39फिक्स लेना है अब शुरू से आए
- 1:04:43नागों की माता है अहीन कई माता
- 1:04:49आई और हनुमान जी के सामने प्रकट हुई खड़ी
- 1:04:52हुई और बोली
- 1:04:57[संगीत]
- 1:05:03[प्रशंसा]
- 1:05:05[संगीत]
- 1:05:12कहां पवन कुमार
- 1:05:15[संगीत]
- 1:05:30[संगीत]
- 1:05:58अब देखो देवता यह नहीं का के भेजे हैं जब
- 1:06:01खाया
- 1:06:03उन्होंने उनको उसको ड्यूटी जाने कहो बाल
- 1:06:07बुद्धि बाल बुद्धि चक्कर के इनके आओ और
- 1:06:09क्या का रही है सुरन मोही दिन आर देवताओं
- 1:06:13ने कहा जब घायल
- 1:06:15हम तुम्हें खाने आएंगे
- 1:06:17अभी सुरसा झूठ है बोल रही है
- 1:06:20बाल बुद्धि अपने लिए का रहे द तो उन्होंने
- 1:06:23कहा जो खाया हो जाए
- 1:06:25झूठ क्यों बोल रही है क्योंकि
- 1:06:28परीक्षक को थोड़ा झूठ बोलने का अधिकार
- 1:06:31लिखा है शास्त्र में
- 1:06:32परीक्षित है हनुमान जी परीक्षा
- 1:06:37को परीक्षा लेने के लिए थोड़ा बहुत झूठ
- 1:06:40बोलने का हक लिखा हुआ और उल्टा पुल्टा
- 1:06:43नहीं बोलेगा कुछ गुड बातें नहीं करेगा
- 1:06:48[संगीत]
- 1:06:58[संगीत]
- 1:07:05[संगीत]
- 1:07:11परीक्षा माने होता है थोड़ा बहुत उसमें
- 1:07:13कुछ कुछ ghumaaddar बातें हो कुछ गुड
- 1:07:15बातें हो कुछ उसमें खुला खुला सूट रहे हैं
- 1:07:18की परीक्षा को परीक्षार्थी के सामने थोड़ा
- 1:07:21बहुत झूठ बोलकर के भी उसकी बाल बुद्धि की
- 1:07:24जांच करनी पद जाए तो कोई बुरे नहीं पाप
- 1:07:26नहीं होता वहां पर नहीं होता है इसलिए
- 1:07:29सोचा थोड़ा झूठ बोली है की आज सुरेंद्र
- 1:07:31में दिन अहरा बल्कि chautauni हरा तो यहां
- 1:07:35बात क्यों नहीं गई भारत जाने को बलबूते
- 1:07:38इसलिए बिजी नहीं तो बोलिए
- 1:07:44तो तुम मेरे मुंह में घुसाओ हम तुम्हें
- 1:07:46खजे
- 1:07:48मुंह में ए जाओ मैं तुम्हें खा जाऊंगा
- 1:07:51तो सुनो तो वचन कहा पवन कुमार हनुमान जी
- 1:07:54ने हाथ जोड़े कहा माता जी
- 1:07:56मैं बहुत आवश्यक कम पर जा रहा हूं राम का
- 1:07:59आज
- 1:08:00अब बस एक बार राम का राम काज माने सीता की
- 1:08:03खोज
- 1:08:04राम काजू
- 1:08:06और सीता का शुद्ध प्रभु सुनाओ जानकी जी को
- 1:08:10देख के ए जाऊं और उनका पता राम जी को बता
- 1:08:12डन की राम जी यहां पर हैं और फिर मैं तब
- 1:08:16तब बदन बैठी हूं भाई उसके बाद में खुद
- 1:08:19आपके मुंह में बैठ जाऊंगा आराम से उठा
- 1:08:22लेना आराम से सत्य कहा
- 1:08:25मुझे जाने दे मैं तक बोल दिया उसको
- 1:08:29अब यहां पर आप दो बातें ध्यान देकर सुनो
- 1:08:33चौपाई के इस प्रसन्न में सूरत वचन का पवन
- 1:08:37कुमार हनुमान जी क्या बोले हैं तो हनुमान
- 1:08:40जी के द्वारा जो ये चौपाई निकली है राम का
- 1:08:43जो कर फिर मैं आऊं और सीता कैसी प्रभु जी
- 1:08:45सुनाऊंगा तब तो भजन बैठे हैं भाई इस
- 1:08:48हनुमान जी की दो भावनाएं झलक रही हिसाब से
- 1:08:50दो भावनाएं
- 1:08:52एक तो हनुमान जी का मिशन है की ramkaj कर
- 1:08:56फिर मैं आऊं राम जी का एक बार कम पूरा हो
- 1:08:59जाएगा
- 1:09:01माने जिस कम के लिए हम ramkaj लगे तो
- 1:09:04अवतार जिस कम के लिए हम संसार में आए हैं
- 1:09:07वो मेरा मिशन पूरा हो जाए उसके बाद हमको
- 1:09:10इसकी बहुत इसका दर नहीं है की ये रही की
- 1:09:13जाए तब तो बदन पेठे हो आई मैं खुद आकर बैठ
- 1:09:15जाऊंगा मैं आपके आराम से खा लेना लेकिन
- 1:09:18राम काज होने तक ही जरूरी है
- 1:09:21जैसे
- 1:09:24नदी पार होने के लिए नव जरूरी होते हैं ना
- 1:09:27नदी पार करनी है तो नव जरूरी है और नदी
- 1:09:30पार हो गए उसके बाद
- 1:09:34अच्छा कोई नव बैठे नदी तार के ले और फिर
- 1:09:37ना उठाओ खोपड़ी दल ले
- 1:09:39हमको तार की नव हमारी अम्मा
- 1:09:43पागल है
- 1:09:44[संगीत]
- 1:09:47नव का उद्देश्य क्या होता है नदी पार कर
- 1:09:50जाओ बस उसके बाद उसको रुपया दो अपना कम पद
- 1:09:54जाओ
- 1:09:55पार्क यहीं से तो ना हो तुम ही हो का ऐसे
- 1:10:00ही ये जो मानव देह मिली है ये शरीर इसका
- 1:10:03एक मिशन है एक लक्ष्य है
- 1:10:10एक बार राम का जो कर वह कम मेरा पूरा हो
- 1:10:14जाए जिस कम के लिए मैं दुनिया में आया
- 1:10:17लक्ष्य पूरा हो जाए और जानकी जी को पता
- 1:10:20लगा करके राम जी को बता डन उसके बाद हमको
- 1:10:22इसकी बहुत इसका मोह नहीं है की हे और कुछ
- 1:10:25दिन रह ले और कुछ दिन है तब तो बदन पे हो
- 1:10:28आई हम स्वयं चलकर आएंगे पर मुंह में बैठ
- 1:10:31जाएंगे
- 1:10:33बात कुछ समझ में ए रही है थोड़ा कठिन तो
- 1:10:36पद रहा होगा हम लोग खाली पाठ के आदि हैं
- 1:10:38ना तो ये सब बातों के बहुत आदमी नहीं
- 1:10:40सुनने के कई लोग हैं ऐसा नहीं कर लो बहुत
- 1:10:42सुनना चाहते हैं की सुंदरकांड पढ़ते तो
- 1:10:44हैं इसके भीतर का छिपा हुआ है कई लोग अरे
- 1:10:47खाली बकवास आगे बढ़ाओ
- 1:10:49[संगीत]
- 1:10:53सुंदरकांड का रहा है
- 1:10:54[संगीत]
- 1:11:05जामुन के वचन स्वाहा
- 1:11:13तो इसमें एक सब संदेश सुनते रहो ठीक से
- 1:11:17जिसके लिए हम दुनिया में प्रकट हुए हैं
- 1:11:19हनुमान जी नहीं कर रहे हैं आप भी अपने
- 1:11:21सोचो जिस कम के लिए आए हो
- 1:11:25उसे कम के होने तक तो ये चाहिए ये चाहिए
- 1:11:28होता है क्यों जो खाली देह नहीं है ये
- 1:11:30साधन धाम भी खाली बॉडी नहीं है
- 1:11:35ये अपने साथी को पाने का साधन है
- 1:11:44[संगीत]
- 1:11:46धर्म नहीं भरना
- 1:11:49बिना इसके तो कुछ नहीं हो पाएगा जी
- 1:11:57तो रामायण पढ़ रहे हो शरीर तभी तो कथा सन
- 1:12:00रहे हो अच्छा ये ना होता तो यहां बैठे
- 1:12:01होते
- 1:12:03जिन होते तो चार धाम jabate आप जिन होता
- 1:12:06ध्रुव सुंद होता तो आप माला कर पाते ये सब
- 1:12:10चाहिए उसके लिए
- 1:12:12लेकिन उसी के लिए चाहिए जिसके लिए मिला
- 1:12:14हुआ है वो कम पूरा हो जाए राम काजू कारी
- 1:12:18फिर मैं आऊं
- 1:12:23रात करें फिर बाहों से ताकत
- 1:12:30[संगीत]
- 1:12:37[संगीत]
- 1:12:41अपने सुना होगा
- 1:12:44हनुमान जी आगे बोलेंगे
- 1:12:48[संगीत]
- 1:13:10कृत माने होता है
- 1:13:12कर्तव्य जो हमें करना था इसके लिए मैं आए
- 1:13:16द लेकिन
- 1:13:19वो कम हो गया
- 1:13:21[संगीत]
- 1:13:23गदगद का अर्थ खाली हो नहीं की धन्य हो गए
- 1:13:26कृत माने जो हम करने आए द
- 1:13:30कदम इस्मार्ट वेद का मंत्र है अपने कृत को
- 1:13:34याद रखो की हम क्या कमी क्या करना है
- 1:13:36दुनिया में
- 1:13:37हो गया
- 1:13:38[संगीत]
- 1:13:40होता है जो करने हम दुनिया में आए द वो
- 1:13:44मेरा कम पूरा हो गया ठीक है भाई जीवन का
- 1:13:47उद्देश्य है भक्ति है भक्ति की खोज हो गई
- 1:13:49और तब हनुमान जी बोल पड़े अब कृत
- 1:13:53एक बार में हो जाऊंगा एक बार में जो करने
- 1:13:56आया हूं उसको पूरा कर लो उसके बाद तब बदन
- 1:14:01बैठी हूं
- 1:14:04[संगीत]
- 1:14:11सत्य कहा
- 1:14:15नंद भाई सत्कार
- 1:14:20[संगीत]
- 1:14:36[संगीत]
- 1:14:45मैंने सुना है नागिन इतनी खतरनाक होती है
- 1:14:47ना की अगर भूखी हो नागिन भूखी हो कुछ एन
- 1:14:53पावे खाने को अगल-बगल में
- 1:14:56कुछ ढूंढते है और जो कुछ नहीं पाती है तो
- 1:15:00वापस आकर अपने ही बच्चे खाने की मदद अपने
- 1:15:04बच्चे खा लेते हैं
- 1:15:06अब सोचिए की जो अपने बच्चे तक को खा सकती
- 1:15:08है वो शख्स है
- 1:15:11वो नागिन है और उसको मैं कहो चाहे
- 1:15:18मैन जाए बेटा मैन बन जाओ लेकिन वो तो अपना
- 1:15:22बेटा तो खा सकती है उसको कहा जाता है
- 1:15:26नागिन नागिन ठहर
- 1:15:30देख पति पत्नी गए बाजार तो
- 1:15:36पत्नी ने पति से कहा वह बिक रहे द पानी
- 1:15:39वाले बतासे क्या बोलते हो तो इधर क्या
- 1:15:41गोलगप्पा गोल गप्पे पानी पुरी
- 1:15:44बड़े अच्छे से फल द बीबी ने कहा मिस्टर
- 1:15:51हान खा ले खा ले
- 1:15:54अब वो खाना शुरू की
- 1:15:56तो पति को मेथी के 10 अपन दो चार पंच खागा
- 1:15:59और 12-13 खा गई 15 खाना
- 1:16:0215 बता सर
- 1:16:05तो फिर बोली आओ खाली
- 1:16:11मैंने 15 तो खा लिया है और खाली का
- 1:16:15तो पति कुछ गुस्सा ना रहा कुछ
- 1:16:18उसने कहा खाले नागिन
- 1:16:21[संगीत]
- 1:16:23हान वो लाल हो गई नागिन नागिन बोले हमको
- 1:16:25तो नागिन नहीं बोलेंगे
- 1:16:27नागिन नहीं बोलेंगे घर का मतलब जहां खाली
- 1:16:31नागिन
- 1:16:32काले नागिन
- 1:16:35[संगीत]
- 1:16:39पेमेंट तो हम करेंगे
- 1:16:41[संगीत]
- 1:16:47और कोई होती तो शायद मैन बोलने छोड़ देती
- 1:16:50लेकिन वो नागिन कहां छोड़ने वाली मैं तो
- 1:16:52का दिया सत्य कहा
- 1:16:56स्वामी जी कहते हैं पवन चेतन
- 1:17:00[संगीत]
- 1:17:05तेरी गंगा
- 1:17:07[संगीत]
- 1:17:14मैली हनुमान
- 1:17:18जी के माता जी छोड़ रही हो तो फिर
- 1:17:26मुझको
- 1:17:29तो सासने हनुमान जी को खाने
- 1:17:34मूक इतना बड़ा खोला तो गोस्वामी जी कहते
- 1:17:36हैं जो जाना भारी ते ही बदन पसारा एक योजन
- 1:17:40का मुंह खोला एक योजन माने चार कोस 4 कोस
- 1:17:45का मुंह खोला
- 1:17:48अब चार कोस का कहे खोला क्योंकि हनुमान जी
- 1:17:50उसे समय बहुत बड़े साइज के द
- 1:17:52[संगीत]
- 1:17:53अभी सन चुके हो
- 1:17:59सुनता है भाइयों उसे साइज के हनुमान जी
- 1:18:02[संगीत]
- 1:18:05की कद काठी को देखा लंबाई चौड़ाई मैं नहीं
- 1:18:09[संगीत]
- 1:18:16खुलता कीर्तन में फिर जब खाते हैं डबल
- 1:18:20रोटी वाला का होता है वो
- 1:18:23दी नीचे ऊपर रखो डबल रोटी हुई
- 1:18:26क्या बनते हैं उसको
- 1:18:31[संगीत]
- 1:18:38अब कीर्तन मुनि को कहा जब जब खाते हैं
- 1:18:41बर्गर तुम्हें द भगवा
- 1:18:43[संगीत]
- 1:18:48हो
- 1:18:51उसी साइज का मुंह खुलता है
- 1:18:54वो वो कौर कोई रोटी का और थोड़ा
- 1:19:04भयो पर्वत
- 1:19:06करना था तो
- 1:19:08जो जानवर ते ही बदन ऊपर सारा ढोल बजाते ही
- 1:19:15vatanon का पीतल
- 1:19:26[संगीत]
- 1:19:41[संगीत]
- 1:19:52[संगीत]
- 1:20:06[संगीत]
- 1:20:11अब आप यहां पर एक आध्यात्मिक पक्ष समझो इस
- 1:20:14कथा का एक आध्यात्मिक मरहम
- 1:20:17सुरसा क्या है नाग और नाग जो होता है ताल
- 1:20:21का प्रतीक होता है ताल
- 1:20:22हनुमान क्या है भक्त
- 1:20:26सुरसा नाग है और नाग एक प्रकार से कल होता
- 1:20:28है ना और हनुमान जी भक्त हैं रघुपति
- 1:20:31bhaktam अब इस कथा का अर्थ क्या है की
- 1:20:34सुरसा के धुले हनुमान
- 1:20:38इसका मतलब इन कर रहा है की भक्त हमेशा कल
- 1:20:42का दूना होता है
- 1:20:44स्वागत है कल का जितना बड़ा मुंह होता है
- 1:20:46[संगीत]
- 1:20:49लेकिन भक्त की जो साइज होती है वह कल की
- 1:20:53भी दूनी होती है कल की धुन कल की औकात
- 1:20:56नहीं की उसको अपने मुंह में संभल लेगा
- 1:20:57भक्त कल जय होते हैं कल जाई अच्छा रामायण
- 1:21:01पढ़िए तो रामायण एक जगह और आपको सब
- 1:21:03मिलाएगा मिलेगा
- 1:21:05लक्ष्मण जी नाग है लक्ष्मण जी है ना
- 1:21:09हनुमान जी भक्त हैं
- 1:21:12और जब राम जी से लक्ष्मी हनुमान जी मिले
- 1:21:16तो उन्होंने क्या कहा है
- 1:21:19[संगीत]
- 1:21:39[संगीत]
- 1:21:43शेषन नहीं चाहिए
- 1:21:56[संगीत]
- 1:21:58भक्त हमेशा कल का डबल होता है
- 1:22:04[संगीत]
- 1:22:06भगवान ने गीता में कहना पड़ा है ठाकुर जी
- 1:22:09को
- 1:22:10संसार पूरा खत्म हो सकता है नष्ट हो सकता
- 1:22:14है लेकिन नव भक्त प्रस्त मेरा जो भक्त
- 1:22:17होता है वो कभी नष्ट नहीं होता है मीराबाई
- 1:22:20को कभी मौत मार पाएगी
- 1:22:23मीराबाई को मौत मार सकती कभी जिंदगी मौत
- 1:22:25मार जाएगी मीराबाई नहीं मार सकती
- 1:22:28तो कबीर दास को कभी मौत मार सकती है कबीर
- 1:22:31दास ने अनाउंसमेंट कर दिया था मौत के पहले
- 1:22:33हम ना मारे हम नंबर हैं
- 1:22:35[संगीत]
- 1:22:38हमको कल खा ही नहीं सकता हम ना मारा है
- 1:22:41हमारी है संसार
- 1:22:43मरेगा हम नहीं मरेंगे
- 1:22:46क्यों ये घमंड घमंड नहीं उनका है भक्त की
- 1:22:50महिमा है
- 1:22:51जो भगवान का भक्त होता है उसको कल खा नहीं
- 1:22:54सकता है वो कालका डबल होता है दल का डू ना
- 1:22:57होता तो यही होता है
- 1:23:00तुलसी मीरा कबीर नानक यह सब मार नहीं सकते
- 1:23:03हैं मौत मार जाएगी सूरज मार जाएगा चंद्रमा
- 1:23:06मार जाएगा धरती मार जाएगी आकाश मार जाएगा
- 1:23:08पूरा संसार मार जाएगा ये नहीं मरेगा राम
- 1:23:11का नाम
- 1:23:12लेकर जो मार जाएंगे
- 1:23:16वो अमर नाम दुनिया में कर जाएं
- 1:23:24मार जाएं
- 1:23:26वो मरना दुनिया
- 1:23:29में राम का नाम लेकर जो मार जाएंगे
- 1:23:40राम
- 1:23:45[संगीत]
- 1:23:50पूछो की मार कर जाएंगे
- 1:23:53[संगीत]
- 1:24:00पूछो की मार कर इधर जाएंगे हर जिधर बेच
- 1:24:06देंगे उधर जावेंगे
- 1:24:09[संगीत]
- 1:24:13खुदाई ने राम का नाम लेकर जो मार जाए के
- 1:24:18वो अमरनाथ दुनिया का दर्ज है राम का नाम
- 1:24:25लेकर जो मार जाएंगे
- 1:24:28[संगीत]
- 1:24:34आत्माओं एन मानो खुशी आपकी बात
- 1:24:41खुशी आपकी आत्मा ओम नमो खुशी आपकी
- 1:24:48तुम्हारा
- 1:24:51मैया आपकी हम साथ रहे कर-कर चले जाएं हम
- 1:24:58मुसाफिर
- 1:25:03कॉमन मैं कर जाएंगे
- 1:25:08[संगीत]
- 1:25:12राम का नाम लेकर जो मार जाएंगे वो हमारे
- 1:25:18नाम दुनिया बदल जाएंगे
- 1:25:33डोकरा
- 1:25:36आंसू काफी रूप
- 1:25:41दिखावा
- 1:25:43बरसो दो ना
- 1:25:46[संगीत]
- 1:25:49सत जो जन्म
- 1:25:54[संगीत]
- 1:25:56जो
- 1:25:59लड़की प्रधानमंत्री
- 1:26:12[संगीत]
- 1:26:32[संगीत]
- 1:26:42तो हनुमान जी को लगाए तो टाइम का वेस्टेज
- 1:26:44हो रहा है
- 1:26:46और जिसको भक्ति की खोज करनी हो उसको संसार
- 1:26:49की pratispardhaon में बहुत समय नहीं खराब
- 1:26:52करना चाहिए इसको आप इस पॉइंट पर भी जरा
- 1:26:56टिक के सुनो जिसको सीता की खोज करनी है
- 1:26:59लक्ष्य की प्राप्ति करनी है भक्ति की
- 1:27:01प्राप्ति करनी है उसको संसार के कंपटीशन
- 1:27:04में नहीं फंसा चाहिए क्योंकि इसका कोई और
- 1:27:07छोड़ नहीं कंपटीशन का है
- 1:27:09आजकल मोहल्ले में आप देखिए मोहल्ले में
- 1:27:11क्या हो रहा है
- 1:27:12पूरा जीवन सब खाप जा रहा है खाली इस
- 1:27:15प्रधान इनका
- 1:27:21[संगीत]
- 1:28:04[संगीत]
- 1:28:15अब जहां तक pahunchoge उसके आगे और कोई
- 1:28:17निकल जाएगा फिर हमको दो ये भी इसके आगे
- 1:28:19निकलना है तो तब तक और कोई निकल दिया गया
- 1:28:21बिल्कुल दो इसके लिए दुनिया में पैदा हुए
- 1:28:23हो
- 1:28:24ये दुनिया में इसलिए आए द की बस खाली मकान
- 1:28:27है ऊंचा कर तो जाओ
- 1:28:29खाली गाड़ी महंगी महंगी लेते जाओ इसका
- 1:28:32लक्ष्य गाड़ी और मकान नहीं है इसका लक्ष्य
- 1:28:35कंपटीशन नहीं है इसका लक्ष्य तो सीता है
- 1:28:38राम का दिल
- 1:28:43लेकिन लेकिन संसार के 90% लोग खाली
- 1:28:45कंपटीशन में ही पूरा जीवन खाली कंपटीशन
- 1:28:48में तुमसे आगे बढ़कर हम दिखाएंगे तुमसे
- 1:28:51बड़े बन के दिखाएंगे
- 1:28:54भाई बहनों हनुमान जी को लगाए तो बहुत टाइम
- 1:28:57खराब हो गया
- 1:29:05टाइम खराब हो रहा है आगे बड़े अपना कम
- 1:29:08करना है की हम यह कंपटीशन फस जाएंगे
- 1:29:12थोड़ा तिलक गुरु पवन sutlin है ये कोई
- 1:29:14क्यूट है कोई चाहते तो कर लेते हो जस-जस
- 1:29:19सुरक्षा बदन बढ़ावा तस दूध दिखावा और बड़े
- 1:29:22हो लेते लेकिन लगाए इसमें हम टाइम का खाली
- 1:29:26दुरुपयोग हो रहा है इसमें फालतू कहां जा
- 1:29:29रहे हो क्या कर रहे हैं
- 1:29:34अति लघु pawansutlina हनुमान
- 1:29:38[संगीत]
- 1:29:40खड़ी हो बदन पे
- 1:29:44उसके गए पेट में चले गए पेट में अब जब तक
- 1:29:49वह मुंह बंद करू तो उसको लगा पेट में
- 1:29:52बंद करिए अब बंद करना शुरू किया उसने बंद
- 1:29:55करके
- 1:29:57400 को उसका मुथा उसका
- 1:30:00अब अगर 500 की स्पीड बंद कर रहे हो भाई
- 1:30:04स्पीड बंद कर 500 की स्पीड है
- 1:30:0812000 किलोमीटर लखनऊ
- 1:30:14[संगीत]
- 1:30:25[संगीत]
- 1:30:30माताजी अब देखो तुम्हारा मैंने कम पूरा कर
- 1:30:34दिया तुमने कहा था
- 1:30:35मेरे मुंह में आओ मैं ए गया फिर पेट्रोल
- 1:30:38चला गया अब मैं बाहर भी ए गया हूं और जो
- 1:30:41अच्छा एक बात बताओ जो जो पेट में जाए और
- 1:30:44बाहर ए जाए
- 1:30:48जब कोई चीज घुमा रखो पेट में जाओ और अंदर
- 1:30:51से कुछ यू हो जाए पूरा हो तो क्या बात
- 1:30:54होगा
- 1:30:57उल्टी उल्टी
- 1:31:08[संगीत]
- 1:31:12से तुलसा बहुत खुश हुई वह
- 1:31:17खाने थोड़ा
- 1:31:20[संगीत]
- 1:31:23बच के बाहर ए गए बुद्धि की परेशान पास हो
- 1:31:27गए हो क्या बढ़िया साफ-साफ बुरी होके ए
- 1:31:29गया मैंने हमारा कम भी हो गया बदन पे कौन
- 1:31:31हरा मैं इसको खा भी गई और बाहर भी ए गए तब
- 1:31:36उसने हनुमान जी को आशीर्वाद दिया की मोह
- 1:31:39ईश्वर
- 1:31:43[संगीत]
- 1:31:45में बाबा मैं तुम्हारी सब राजकुमार नंबर
- 1:31:48चेक कर लिया मैंने
- 1:31:50आप आप इन दोनों चीजों में डिक्टेशन
- 1:31:53राम काजू सब कारी
- 1:31:58[संगीत]
- 1:32:05[संगीत]
- 1:32:11[संगीत]
- 1:32:25[संगीत]
- 1:32:40मेरी शुभकामनाएं
- 1:32:50[संगीत]
- 1:32:54लेकिन इसका जो आध्यात्मिक पक्ष है बड़ा
- 1:32:56प्यारा है उसको भी थोड़ा जान लो तब आगे
- 1:32:57बढ़ते हैं हम लोग में
- 1:33:00सुरसा के दो अर्थ महात्माओं ने खोजे
- 1:33:02विद्वानों ने हमें दोनों आपको बता डन आप
- 1:33:06दोनों में से जो अच्छा लगे उसको ले लीजिए
- 1:33:09सुरसा का एक अर्थ तो संतों ने बताया
- 1:33:11तृष्णा वासना
- 1:33:14और वासना इसको इसलिए बताया गया है क्योंकि
- 1:33:17इसका मुंह फैलता ही जाता है फैलता ही जाता
- 1:33:21है
- 1:33:21[संगीत]
- 1:33:26जिसका मुंह फैलता ही जाए फैलता ही जाए
- 1:33:30उसका नाम क्या हो सकता
- 1:33:33जी का मुंह भ्रम मुश्किल हो जितने
- 1:33:35bharvata डू ना खोल दे जितने कोशिश करो
- 1:33:38भरे करते हैं और डू ना खोल दे इसको क्या
- 1:33:41बोल सकते हैं हम लोग वासना ही है वासना
- 1:33:46ऐसी डायन है
- 1:33:51इसका मुंह इस जगत में कोई ऐसा मैं का लाल
- 1:33:54पैदा नहीं हुआ है जो इसका मुंह आतंक भर
- 1:33:58भरा है
- 1:33:59इसका मैं भरना मुश्किल है
- 1:34:02तो अगर मिल जाए लाभ कहीं से तो करोड़ की
- 1:34:05पुरी हो जाए तो अरब की इच्छा पैदा हो
- 1:34:08जाएंगे
- 1:34:08[संगीत]
- 1:34:14जिसे कोई हमको अगर
- 1:34:16मैं कथा हूं मैं जब कथा शुरू किया था तो
- 1:34:20मुझे ठीक से पहले कथा मुझे रुपए मिलता 51
- 1:34:23रुपीस ओनली
- 1:34:2451 रुपए दक्षिण मत 51 और कोई बहुत पुरानी
- 1:34:28थोड़ा 20 साल पहले 21 साल पहले ₹51 मात्रा
- 1:34:32पाए द अब हो क्या
- 1:34:35अपने पास बारात एक गैस लाइट के लिए अपने
- 1:34:39पैसे से ₹70 के
- 1:34:42और माइक एक उदाहरण
- 1:34:45खाली है
- 1:34:48₹100 पड़े 7 दिन के लिए
- 1:34:55[संगीत]
- 1:35:01अब सोचिए हम लगाएंगे खुद अपने पास से नहीं
- 1:35:04तुमको
- 1:35:05[संगीत]
- 1:35:08अब मेरी बात समझिए अब ये 51 भी हम ही पाए
- 1:35:12बैठे हैं हमें 300 पाए हैं हमें कहे
- 1:35:15दूसरों
- 1:35:19टाइम बोलेंगे
- 1:35:22[संगीत]
- 1:35:28[संगीत]
- 1:35:38बात वो नहीं कर मुझे कुछ कहना है अब लाखों
- 1:35:42मिल रहे हैं लेकिन तुम अभी कोई पूछे कोई
- 1:35:44रमेश भाई तड़पता होगा
- 1:35:4951 पाइप है तो 100 की भूख रहा है
- 1:35:581 करोड़ से कम तो अब है एक कोई कथा वाचक
- 1:36:02में नाम नहीं बताऊंगा टीवी बोला था की
- 1:36:03खुले मैदान की मेरी कथा करनी है वंस यार
- 1:36:08खुले मैदान बोला 1 करोड़ व्यवस्था करो एक
- 1:36:12करोड़ की व्यवस्था
- 1:36:14तो यह सुरक्षा का मुंह करोड़
- 1:36:20मैं का लाल आज तक भर नहीं सका
- 1:36:25और मुंह खोलती है और मुंह खोलती है
- 1:36:29बड़ी प्यारी कहते हैं
- 1:36:34चाहत पैसों से आनन में आने लगी उन्हें
- 1:36:37ध्यान देकर सुनेगा
- 1:36:39पैसों से आनन में आने लगी
- 1:36:43और चाह आने से रुपया बनाने लगी धंधे की सन
- 1:36:47चाह पैसों से आनन में आने लगी और चाह आने
- 1:36:51से रुपया बनाने लगी और चार रुपए से कोठी
- 1:36:55बनाती गई
- 1:36:56[संगीत]
- 1:36:57और चाह कोठी में मोटर को लाती गई
- 1:37:00और चाह मोटर उसे होटल घूमती गई और चाह
- 1:37:05होटल में बोतल खोल गई है और चाह वोटर से
- 1:37:09हॉस्पिटल पहुंचती गई बस यह चाह के चक्कर
- 1:37:13में इंसान दिन भर रात भर दौड़ रहा है रात
- 1:37:16भर
- 1:37:18एक बड़े प्यारे संत हुए हैं पथिक जी
- 1:37:20महाराज उनके एक शिष्य हैं अपने मोहल्ले
- 1:37:22में रहते हैं कहीं पर सलाह आए द वो योगी
- 1:37:24जी महाराज की नहीं दिख रहे हैं कहीं किसी
- 1:37:27से प्रतीक जी
- 1:37:30महाराज जी का एक बड़ा प्यारा गीत मुझे याद
- 1:37:32ए रहा है वो कहते द
- 1:37:33[संगीत]
- 1:37:35की जिसे जाना हो
- 1:37:37[संगीत]
- 1:37:39जिसे जाना हो दुख से पार
- 1:37:44तो सुख की चाहत जो जिसे जाना हो दुख से
- 1:37:51पार
- 1:37:55[संगीत]
- 1:38:00हो गई
- 1:38:03[संगीत]
- 1:38:15[संगीत]
- 1:38:21विचार सुख की चाहत जो
- 1:38:27चाहत के पीछे
- 1:38:31[संगीत]
- 1:38:36जीव भर सदा धोता है
- 1:38:41[संगीत]
- 1:38:45चाहत पीछे
- 1:38:51जीव भर सदा होता है
- 1:38:55जहां पुरी नहीं होती है तभी
- 1:38:59[संगीत]
- 1:39:00पुरी नहीं होती है तभी होता है
- 1:39:05खुला सबके लिए है यह बाल सुख की
- 1:39:14ये है ये
- 1:39:17[संगीत]
- 1:39:18दुआ है जो ज्ञानियों का यही है
- 1:39:23विशाल सुख की
- 1:39:28चलो का यही है
- 1:39:32[संगीत]
- 1:39:36आध्यात्मिक अर्थों में सुरसा तृष्णा है
- 1:39:39वासना है इसका मुंह कोई भर नहीं सकता है
- 1:39:43भाई इसको इससे बचने का उपाय क्या है इसको
- 1:39:46जितने का अति लघु रूप अति लघु माने होता
- 1:39:50है संतोष कर लेना संतोष प्राप्त जो है
- 1:39:54उतना पर्याप्त है जो प्राप्त है वो
- 1:39:57पर्याप्त है ये है atlav रूप का अर्थ और
- 1:40:00जो प्राप्त को पर्याप्त मैन लेता है उसकी
- 1:40:02सुरक्षा पर हर जाते हैं और आप भी इस भाव
- 1:40:05में ए जाओ की जो मेरे पास इतना बहुत है जो
- 1:40:08इतना है इतना बहुत है
- 1:40:11लेकिन जो इसको प्राप्त करोगे नहीं नहीं और
- 1:40:14चाहिए
- 1:40:24रन निकलने
- 1:40:31[संगीत]
- 1:40:34जेठालाल
- 1:40:39प्राप्त में जो पर्याप्त मैन लेता है
- 1:40:42प्राप्त को बस वो फिर सुरसा का आशीर्वाद
- 1:40:45का लेता है
- 1:40:47[संगीत]
- 1:40:54उसका दो ना
- 1:40:57तो सुरसा का एक तो अर्थ हो गया
- 1:41:00सुरक्षा का एक अर्थ और एक महापुरुष ने
- 1:41:03खोजा बहुत प्यारा अर्थ है इसको भी सन लो
- 1:41:07सुरसा माने होता है
- 1:41:10संसार का सबसे सुंदर रस सूरसागर
- 1:41:15[संगीत]
- 1:41:22तो संसार का जो सबसे बेहतरीन टेस्ट है
- 1:41:25स्वाद है रस है उसका नाम भी है
- 1:41:29संसार का सबसे बेहतरीन रस किस्म होता है
- 1:41:31किस देश में किस मिठाई में होता है
- 1:41:36कौन सी है
- 1:41:39की वो उसे मिठाई का नाम है प्रशंसा
- 1:41:43प्रशंसा ऐसी डिश है जो सबको अच्छी लगती है
- 1:41:46[संगीत]
- 1:41:49रसगुल्ला सबका स्वागत है आपने रसगुल्ला
- 1:41:54मिठाई के नाम पर chidhte हैं
- 1:41:55[संगीत]
- 1:42:26खून थोड़ी जाता है तो दुनिया की हर चीज
- 1:42:30में सबको नहीं स्वाद मिलता है लेकिन एक
- 1:42:33ऐसा सुंदर रस है दुनिया में प्रशंसा जो
- 1:42:36सबको मिटती है सबको अच्छी लगेगी
- 1:42:41चाहे पंडित हो चाहे डाकू हो चाहे आप हो
- 1:42:45चाहे हम हो
- 1:42:48रही है
- 1:42:50आप बस बोल दो एक बार फिर झूठ है रमेश भाई
- 1:42:54आज कसम मजा आएगा रमेश भाई गुलगुला
- 1:42:58[संगीत]
- 1:43:00प्रशंसा इसी मिठाई है
- 1:43:04प्रशंसा
- 1:43:06भी ऐसी भयंकर खतरनाक डायन है यह इसका भी
- 1:43:10मुंह कोई भर नहीं सकता है
- 1:43:12और भक्ति के रास्ते की दूसरी बहुत भयंकर
- 1:43:16बढ़ा है प्रशंसा के चक्कर में भी जो पद
- 1:43:18गया चूसा के चक्कर में मैन लड़ाई के चक्कर
- 1:43:21में भक्ति की यात्रा में वह भी वहीं पर
- 1:43:24रुक जाएगा फैंस जाएगा मैंने आपसे कल एक
- 1:43:27चौपाई कही थी ना भक्ति के रास्ते की चार
- 1:43:29बार हैं जो है एक बधाई भी है लड़ाई भी है
- 1:43:32सुख संपत्ति
- 1:43:35परिवार बधाई
- 1:43:39सुख
- 1:43:41संपत्ति पर
- 1:43:43वॉर
- 1:43:45पढ़ाई
- 1:43:46सब पर हरि कारी आओ सब खाई
- 1:43:58[संगीत]
- 1:44:04[संगीत]
- 1:44:13badlavra घर
- 1:44:19sabrahi भी बहुत बाधक तीज का नाम है और जो
- 1:44:23इसके चक्कर में पद गया उसको जो जीत नहीं
- 1:44:25पाया वह भी भक्ति की प्राप्ति से चूक
- 1:44:28जाएगा भक्ति तक पहुंचना है तो आपको
- 1:44:30प्रतिष्ठा से भी बचाना होगा वह हवाई से
- 1:44:33बचाना होगा मैन लड़ाई से बचाना होगा
- 1:44:36जगतगुरु भगवान ने एक बड़ी बढ़िया बात कही
- 1:44:40थी
- 1:44:41प्रत्येक साधक को मांग बधाई से ऐसे बचाना
- 1:44:45चाहिए जैसे सूअर का पकाना
- 1:44:48प्रतिष्ठा इस
- 1:44:50सांडों के शब्दों में प्रतिष्ठा का नाम
- 1:44:52क्या लिखा है प्रतिष्ठा सुकरी विष्ठा
- 1:44:55साधक के लिए प्रतिष्ठा सुकरी विष्ठा है
- 1:44:58[संगीत]
- 1:45:00जैसे आप कहीं जा रहे हो तो रास्ते में
- 1:45:02कहीं सड़क पर सूअर ने किया हो और सूअर की
- 1:45:05पड़ी हुई हो तो आप क्या करते हो उसको जरा
- 1:45:0910-12 फुट उससे बच के निकलते हो ना ऐसा
- 1:45:12जिसको भक्ति की प्राप्ति करनी है इसको
- 1:45:14भगवान की भक्ति में सफलता पानी है उसको इस
- 1:45:17मैन बड़ाई को 10-12 फुट दूर से बायपास
- 1:45:19करना चाहिए इसके चक्कर में जो पद गया वो
- 1:45:22बस वहीं पर रुक जाएगा वह भाई इंसान को खा
- 1:45:25लेती है
- 1:45:27प्रशंसा बहुत घटक वस्तु का नाम होता है
- 1:45:31इसको जितना पड़ता है कैसे जीता जाए
- 1:45:34कैसे जीते तो हनुमान जी से सीखो सुनो ना
- 1:45:37खाली सिखाओ हनुमान जी वैज्ञानिक हैं हम
- 1:45:41बेगानी से कुछ सीखना चाहिए हमको आपको तो
- 1:45:44हनुमान जी कैसे जीतेगा को तो गोस्वामी जी
- 1:45:46कहते हैं सत जो जन्म ते ही
- 1:45:50आनंद की ना सत जो तेरी
- 1:45:58[संगीत]
- 1:46:08[संगीत]
- 1:46:11आनंद के
- 1:46:21[संगीत]
- 1:46:31[संगीत]
- 1:46:39हथियार का नाम है अति लघु रूप अति लघु मैन
- 1:46:45बधाई की सुरक्षा को जितना है मैन बड़ाई से
- 1:46:47बच के आगे बढ़ाना है तो आपको
- 1:46:50अतिल अप करने की
- 1:46:56बायपास करके आगे बढ़ जाता है
- 1:46:58[संगीत]
- 1:47:01अति लघु का अर्थ होता है अपने को दिखाना
- 1:47:04ना
- 1:47:05जब तक इंसान अपने को दिखाने की चेष्टा
- 1:47:09करेगा अति लघु का अर्थ है दिखाना ना
- 1:47:12दो शब्द हमारे लघु और अति लघु
- 1:47:16लघु माने होता है छोटा
- 1:47:18लेकिन इतना छोटा जिसको आंखें
- 1:47:25[संगीत]
- 1:47:27गुलाब की फूल की पट्टी है लघु छोटी है
- 1:47:30लेकिन बहुत छोटी नहीं है की इसको आंख
- 1:47:32दिखाना
- 1:47:33[संगीत]
- 1:47:35अब
- 1:47:36[संगीत]
- 1:47:39हमारे हाथ में पत्तियां बहु हैं
- 1:47:42अभी है
- 1:47:43[संगीत]
- 1:47:51और
- 1:47:52[संगीत]
- 1:47:55अभी ये लघु है
- 1:47:56[संगीत]
- 1:48:03इसको बोलते हैं
- 1:48:11जब तक हम करेंगे
- 1:48:14तब तक यह वह वह करने वाले यह माला पहनने
- 1:48:17वाले यह सर्टिफिकेट देने वाले इस साल
- 1:48:20उठाने वाले आपका पिन नहीं छोड़े इस रूस
- 1:48:22हैं आपको लगता है की मिल रहा है तो बड़ा आ
- 1:48:27मैं निंदा भी नहीं किसी कर रहा हूं सम्मान
- 1:48:30के भूखे कौन है दुनिया में है समान देव तो
- 1:48:32सब चौड़े हो जाते हैं
- 1:48:33इसलिए तो लोग देर हैं की लोग jujhav का का
- 1:48:37रख लो गुल्ला बनाओ बैठ कर
- 1:48:42पदम श्री और फलाना शरीर धमाका श्री और
- 1:48:45हमारी कमेटी भी कई सम्मान देती है अपने हर
- 1:48:47साल
- 1:48:48[संगीत]
- 1:49:02आप आपकी बात नहीं कर रहा हूं संसार भर में
- 1:49:04बीमारी चल रही है संसार भर में फैली हुई
- 1:49:06है
- 1:49:08अच्छे-अच्छे लेती है भक्ति के रास्ते में
- 1:49:12इंसान की तंग पकड़ लेती
- 1:49:16बस अपने को दिखाने की चेष्टा जब तक करोगे
- 1:49:19तब तक इस संसार आपको बक्से की नहीं इससे
- 1:49:23बचने का एकमात्र पाए है अति लघु रूप
- 1:49:27बिल्कुल जैसे अदृश्य हो जाओ वहां से अपने
- 1:49:31को दिखाओ
- 1:49:32अभी कल मुझको छोड़ने गए द अवस्थी जी
- 1:49:39तो हमने पूछा
- 1:49:47में
- 1:49:52तुमने
- 1:49:56हुआ हमारा आपका कोई नजदीक से करनी वो पीछे
- 1:50:00रहे हमेशा सपने कम से कम रखा पीछे पड़ता
- 1:50:03है
- 1:50:06क्योंकि अब की दिखाई पद रहा है ना इसलिए
- 1:50:09निंदा नहीं है मैं ये दास्तान दे रहा हूं
- 1:50:1315 साल से कर रहे हैं आपकी लाइफ में ए गए
- 1:50:16और लाइट में ए गए तो प्रशंसा पाएंगे
- 1:50:27[संगीत]
- 1:50:33बुरा नहीं मानेगा मैं इसलिए बोल रहा हूं
- 1:50:36की कल हमारा परिचय हुआ इसमें बोला बोले हम
- 1:50:39कई सारे सेवा कर रहे हैं लेकिन वो पीछे
- 1:50:41रहते द अपना बेड के suniyega
- 1:50:44जो करना था सेवा कर दे
- 1:50:46हनुमान जी को देखो 5 6 पवन
- 1:50:51राम जी से पूछा गया जनकपुर में जो परशुराम
- 1:50:54दादा आए और पावा लटके कौन टोडा धनुष कौन
- 1:50:57टोडा
- 1:50:59तो राम जी तोड़े द सामने खड़े द पूछ रहे
- 1:51:02कौन टोडा बताओ राम जी क्या बोले
- 1:51:05[संगीत]
- 1:51:26[संगीत]
- 1:51:36[संगीत]
- 1:51:55मत समझो
- 1:51:59भजन हरा
- 1:52:02घाट शंभू
- 1:52:07anjanhara
- 1:52:09ही है
- 1:52:15[संगीत]
- 1:52:18तो संसार से बच गए
- 1:52:32और तब आशीर्वाद मिलेगा आपको राम काजू सब
- 1:52:36karihao तुम बुलबुल
- 1:52:41[संगीत]
- 1:52:51और आगे बढ़े द तो एक और तीसरी बढ़ा सामने
- 1:52:55खड़ी है
- 1:52:57चार बढ़ाएं हैं सब मिलाकर के तीसरी यह है
- 1:52:59चौथी नमकीन टर्म मिलेगी गेट पर आज मिले
- 1:53:04चाहे काली मिली वो जरूर आना आज नहीं तो कल
- 1:53:07पक्का मिल जाएगी
- 1:53:09तो
- 1:53:10जिस तीसरी बात हनुमान जी के सामने खड़ी
- 1:53:12हुई कौन सी बात है चौपाई गांव दोहा नंबर
- 1:53:15दो के बाद अगली चौपाइयां गई उसी में लिखी
- 1:53:17है
- 1:53:19[संगीत]
- 1:53:27[संगीत]
- 1:53:40जीव जंतु जाएगा दोनों ही
- 1:53:45[संगीत]
- 1:53:47[प्रशंसा]
- 1:53:50लोग एन कर
- 1:53:55[संगीत]
- 1:54:07[संगीत]
- 1:54:13आई रहे
- 1:54:17[संगीत]
- 1:54:31[संगीत]
- 1:54:45[संगीत]
- 1:54:47तारों का देवता
- 1:54:52गए मदीने
- 1:54:55[संगीत]
- 1:54:58वाले
- 1:55:00रा एक दो तीन चार पंच चौपाई का टॉपिक है
- 1:55:02ये तीसरी बात का
- 1:55:05निश्चय एक सिंधु मोहराई गोस्वामी जी कहते
- 1:55:08हैं
- 1:55:09एक निशाचर सिंधु मोहराई समुद्र में रहती
- 1:55:13थी
- 1:55:17नाम क्या था इसकी बिटिया थी किसकी बहन थी
- 1:55:21किसकी बीवी थी इसकी मम्मी थी कोई परिचय
- 1:55:30हान जय जय ग्वार राज किशोरी नाम नाम एक
- 1:55:35मिस्त्री
- 1:55:36यह का बाकी सब का नाम लिखा है
- 1:55:41ऐसा नहीं है पता नहीं था ऐसा नहीं है
- 1:55:52समुद्र में रहती थी पानी के भीतर
- 1:55:56अब गोस्वामी जी गुस्से में लिखे हैं नाम
- 1:55:58इसका गुस्से में बाकी इसका नाम तो है ही
- 1:56:00शास्त्रों
- 1:56:07यह है कश्यप की सगी बिटिया है
- 1:56:10सगी बिटिया है और प्रहलाद जी की सगी बहन
- 1:56:14है
- 1:56:16बृज की बुआ थी वो होलिका लेकिन ये पहला जी
- 1:56:19की शकील सिस्टर है
- 1:56:23इसके पति का नाम था विप्र चींटी
- 1:56:27को और ये राहु और केतु दो बच्चों की मम्मी
- 1:56:31है राहु केतु इसके दो पुत्र हैं जिनका
- 1:56:34क्या गर्व संभुतम tamraham प्रणाम में हम
- 1:56:37राहु उसका बेटा है की तू इसका बेटा है
- 1:56:40तो पूरा परचेज का यह हैरान कश्यप की बेटी
- 1:56:43है प्रहलाद जी की बहन है विप्र चींटी की
- 1:56:46पत्नी है राहु केतु की मम्मी
- 1:56:49लेकिन गोस्वामी जिसका नाम लिखे क्यों नहीं
- 1:56:51ये भी प्रश्न है
- 1:56:53का नाम लिख सकते हैं जब
- 1:56:57सुरसा का नाम लिख दिए हैं
- 1:57:01एक nishchayri त्रेता नाम राजश्री का तो
- 1:57:04फिर इसका नाम क्यों नहीं लिखे बेचारी का
- 1:57:06बेचारी बेचारी नहीं
- 1:57:10इसका नाम क्यों नहीं लिखे स्काई बहुत
- 1:57:12गंभीर कारण यह है
- 1:57:13[संगीत]
- 1:57:14की बाकी sabriyan हैं चाहे तृता हो चाहे
- 1:57:17वह सुख सन सा हो और चाहे वो लांगती हो ये
- 1:57:22अनंता का तो आप फाइनली राम कार्य में
- 1:57:24सहायक हो गई फाइनली थोड़ा बाधक बनी लेकिन
- 1:57:27बाद में सब सहायक बन गई सुरक्षा पहले बढ़ा
- 1:57:30बनी खाऊंगी हरा लेकिन बाद में क्या बोली
- 1:57:34बाद में टोला दिया है राम काजू सब कारी हो
- 1:57:38ठीक है नांगिनी पहले बोली मोहर मैं तुझे
- 1:57:42खाऊंगी अब आगे बोलेगी पहले तो डिस्टर्ब
- 1:57:59मिशन की बहन है
- 1:58:02तो जो राम कार्य में सहायक हो रामजी का
- 1:58:05भक्त हो
- 1:58:07उसका नाम लेने में तो हर्ज नहीं होता है
- 1:58:09भक्तों को संत को लेकिन यह जो यह जो है ना
- 1:58:12राजा
- 1:58:14बनी इसने कोई हेल्प नहीं किया टोटली बढ़ा
- 1:58:17और जो राम कार्य में बाधक बन रहा हो उसे
- 1:58:21आदमी का नाम लेने से भी पाप लगता है इसलिए
- 1:58:24गोस्वामी जी ने उसका नाम नहीं लिखा है की
- 1:58:26सुरक्षा का नाम लिख सकते हैं तो लंकिनी
- 1:58:27नाम लिख सकते हैं इसका नाम क्यों नहीं लिख
- 1:58:29सकते
- 1:58:32हैं और जो राम कार्य में बाधक बने उसका
- 1:58:35नाम लेने से अपराध होता है इसलिए बाबा ने
- 1:58:39उसके नाम को इग्नोर किया
- 1:58:42[संगीत]
- 1:58:50कार्तिक के खाती क्या थी इसका बिजनेस क्या
- 1:58:52था
- 1:58:53तो कर ही माया नभ के खड़ाई
- 1:58:57ये आसमान के
- 1:58:59जीवन को खाती थी कोई पश्चिम गगन udaahi
- 1:59:03आकाश से उड़ता हुआ निकलता था पानी के ऊपर
- 1:59:06से तो उसकी परछाई पानी पड़ती थी अब बस ये
- 1:59:09झपट के आए पानी के अंदर से और उसकी परछाई
- 1:59:12को टच कर देती है और परछाई पकड़ी तो उसके
- 1:59:16पास ऐसा कोई पावर था माया था पावर था की
- 1:59:18परछाई पकड़ी तो जो उड़ता हुआ पक्षी होता
- 1:59:20था पशु को फिर आगे उद नहीं पता उसकी स्पीड
- 1:59:24रुक जाती थी फिर उसको परछाई के थ्रू
- 1:59:30उसको
- 1:59:33रोज का धंधा था
- 1:59:36जीव-जंतुझे गगन
- 1:59:42बस यही का मिस की jivikata है
- 1:59:45अब हनुमान जी उड़ते जा रहे द उनकी परछाई
- 1:59:49पद रही थी और इसका तो वही रन धंधा ही था
- 1:59:51तो बस ये दौड़ी और जुगल जो रोज करती थी
- 1:59:54वही किया 100-16 वही कम किया जो सबके साथ
- 1:59:58कर दिया एक हमारे कहावत है ना वो की वो
- 2:00:01कहे धोखे कपास खारिया
- 2:00:09[संगीत]
- 2:00:14हनुमान जी हनुमान जी हैं लेकिन उसको लगा
- 2:00:17कोई उद रहा हो तो जो करते हैं वह गिरा खाए
- 2:00:19चक्कर में हनुमान जी को पकड़ ली और
- 2:00:22गोस्वामी जी कहते हैं सॉरी इंशाल्लाह
- 2:00:24हनुमान का किनारा और गिरना शुरू किया नीचे
- 2:00:28को खींचने शुरू किया अब हनुमान जी तो
- 2:00:31गिरते आए गिरते आए और जहां मुंह के पास
- 2:00:34लाई की खाई हनुमान जी का हनुमान जी को
- 2:00:37रेडी रहता है हमेशा रेडी रहता है
- 2:00:42संभाले बैठे हुए और जो मुंह के पास लाई
- 2:00:45ऐसा गधा मारा की उसके नीचे वाली चाप पहुंच
- 2:00:48गई जानकीपुरम
- 2:00:50[संगीत]
- 2:00:55उसका पूरा मोहे फैट गया नीचे वाली चाप उधर
- 2:00:58ऊपर की जाप राजा जी इतना उसका मुंह फैट
- 2:01:01गया मुंह से खून की उल्टी हुई और गोस्वामी
- 2:01:04जी कहते हैं ता ही मारी मारुति सूट वीरा
- 2:01:09[संगीत]
- 2:01:10[प्रशंसा]
- 2:01:14[संगीत]
- 2:01:19[प्रशंसा]
- 2:01:23[संगीत]
- 2:01:30[संगीत]
- 2:01:32अंधेरा हनुमान जी उसको मारे और मार के
- 2:01:36मारते हनुमान जी वाहिद पर
- 2:01:40अब इस कथा में से एक तत्व निकल लिया जाए
- 2:01:43फटाफट सन लो इसको मारते हैं
- 2:01:47तो पार नहीं होता
- 2:01:50सुरसा को जीते आशीर्वाद
- 2:01:58आप बड़ी भयंकर है इसको मारते ही साधक पार
- 2:02:01हो जाता है जहां उसको जाना है वहां पहुंच
- 2:02:04जाता है
- 2:02:06लेकिन यह है क्या चीज तो संतों ने इस पर
- 2:02:09सर्च किया इसका नाम है ईर्षा ईर्षा अच्छा
- 2:02:17दिखाई पड़ते हैं
- 2:02:20उन्हें को गिरने की चेष्टा कर दिया खाने
- 2:02:22की चेष्टा कर दिया
- 2:02:27अपने से ऊंचे उड़ता दिखाई पड़ता है उसी को
- 2:02:30गिरने से इसका मतलब क्या है की इरशाद होती
- 2:02:33है ना तो अपने नीचे वालों से होती
- 2:02:36ना अपने बराबर वालों से होती इरशाद जब
- 2:02:39होती है तब
- 2:02:41जब होती है तब अपने से जो ऊंचे उड़ता
- 2:02:45दिखाई पड़ता है आगे बढ़ता हुआ उसी को
- 2:02:48देखकर होती है
- 2:02:49अच्छा कभी आप आपके पास अगर अल्टो हो
- 2:02:54भगवान
- 2:03:01इसके पास मोटरसाइकिल राजदूत हीरो होंडा
- 2:03:04कभी ऋषभ कोष से हुई
- 2:03:08एक अल्टो निकल रही हूं अल्टो हो आपके पास
- 2:03:12अल्टो
- 2:03:28टायर पंचर हो जाए
- 2:03:35बस ये है इरशाद
- 2:03:37[संगीत]
- 2:03:39पड़ता है तब पैदा होते हैं उसको गिरने की
- 2:03:43चेष्टा करती है उसकी परछाई पड़ती है परछाई
- 2:03:46माने परछाई मैंने वो तो हर इंसान का एक
- 2:03:48कला पक्ष होता है
- 2:03:51हर इंसान के दो पक्ष होते हैं दो उसके
- 2:03:53तत्व होते हैं एक उसका उजाला पक्ष होता है
- 2:03:56उसका कला पक्ष होता है जिसे हम ही हैं
- 2:03:58हमारा एक पाच है जो थोड़ा अच्छा है एक
- 2:04:01पक्ष है जो थोड़ा खराब है आप अपने भी यही
- 2:04:03बात है गुड दोष में करता सब में कुछ
- 2:04:07अच्छाइयां हैं कुछ बुराइयां
- 2:04:09लेकिन जिससे हमको ईर्ष्या होती है ना उसकी
- 2:04:11हम खाली बुराई ही कैच करते हैं
- 2:04:14परसाई पकड़ने का अर्थ है परछाई नहीं है
- 2:04:16कला पक्ष में जैसे उदाहरण के लिए आप फर्ज
- 2:04:19करो
- 2:04:21उदाहरण के लिए खाली कर रहा हूं बाकी इसको
- 2:04:22सिद्धांत में बनेगा जैसे इस पंडाल में कोई
- 2:04:25ऐसा बांदा बैठा हो
- 2:04:28हालांकि कोई ऐसा है नहीं लेकिन मैं एक
- 2:04:29दृष्टांत दे रहा हूं
- 2:04:31एक ऐसा बांदा बैठा हो
- 2:04:34जिसको बाई चांस किसी कारणवश हमसे इरशाद
- 2:04:40हो सकता है वो कई लोग होंगे कई लोग हैं
- 2:04:43दुनिया में है कई लोग ऐसे जो हमसे भी जलते
- 2:04:46हैं जबकि हम किसी का कोई बिगड़े नहीं है
- 2:04:48लेकिन पता नहीं संसार है
- 2:04:54जो किसी कारणवश कहीं कुछ हमसे स्वार्थ
- 2:04:58पूर्ति नहीं हुई होगी कुछ बाद में ईर्षा
- 2:05:00मानता हूं
- 2:05:02तो उसको इन घंटे में चार से आठ के बीच में
- 2:05:07बैठा रहेगा इसको हमारी कथा में से अच्छी
- 2:05:11बातें यह कौन है
- 2:05:15वो खाली बैठे-बैठे हम जहां-जहां chukenge
- 2:05:18जहां-जहां
- 2:05:20तनिक हमसे कुछ बिगड़ गई द्वारा बस वहां
- 2:05:23पकड़ भी तो पंडित
- 2:05:26[संगीत]
- 2:05:32अवस्थी जी और शुक्ल जी हाथ धोए बिहार साल
- 2:05:34भर में रमेश भाई देख रहे द क्या बोल रहे
- 2:05:37हैं देख रहे हो चौपाई तो गलत चौपाई में है
- 2:05:41कहां से पकड़ ले पंडित जी का
- 2:05:44अब हम चार से आठ तक बोलते हैं कितना अच्छा
- 2:05:48बोलते होंगे लेकिन उसे आदमी को हमारी
- 2:05:50अच्छी बातें यह कौन है अच्छी बातें
- 2:06:10बस यूं उसका मिशन क्या होता है की उसको
- 2:06:13कैसे हम डाउन करेंगे कैसे नीचे गिरा है
- 2:06:16तभी लिखा है सिंहिका
- 2:06:19अपने से ऊंचे उड़ते दिखाई पड़ता है उसको
- 2:06:22गिरने की चेष्टा करती है उसकी परछाई पकड़
- 2:06:24करके उसके काले पशुओं को पकड़ कर
- 2:06:27लेकिन जिसको राम जी उठा हैं उसको कौन गिरा
- 2:06:29पड़ेगा जी हान उसको राम उठाया हूं एक बड़ी
- 2:06:32प्यारी शेर है साहब थानोस बन के जिसकी
- 2:06:35हिफाजत हवा करेगा
- 2:06:37अनुज बन के और जिसकी हिफाजत हवा करें वह
- 2:06:42सम्मा क्या बुझे जिसे रोशन खुदा करें
- 2:06:45जिसको स्वयं परमात्मा संभाले हुए हो उसको
- 2:06:48कौन बुझा पाएगा जी उसको कौन गिरा पाएगा
- 2:06:49नहीं चाहिए
- 2:06:55उसकी ऊंचाई तो पाएगा नहीं वो तो उसकी
- 2:06:58परछाई पकड़ता है उसको डाउन करने प्रयास
- 2:06:59करता है
- 2:07:03और मैं आपसे इन कथाओं के इस कथा के थ्रू
- 2:07:06विनती करूं जिस साधक को भक्ति की प्राप्ति
- 2:07:09करनी हो सीता तक पहुंचना हो उसको इस
- 2:07:13राक्षसी को तुरंत मारना मारना चाहिए उसको
- 2:07:16चेक करो अगर आप में है यह वाली राजा जी
- 2:07:20सिंध में हो रहा है ये बाहर की नहीं है
- 2:07:23भीतर की बीमारी है है जरूर कहीं है आप तो
- 2:07:26आप और हम तो करके आए हैं की बड़ो-बड़ों
- 2:07:29में होती है बढ़ो बड़ों में नाम क्या होते
- 2:07:32हैं श्री श्री
- 2:07:38बड़े बड़ों में है तो हम लोग इस खेत की
- 2:07:40मूली लेकिन अगर यह है इसको क्या अगर यह
- 2:07:44जिंदा है तो अभी सीता अभिषेक हजारों लाखों
- 2:07:48करोड़ पीओएस दो रहे करोड़
- 2:07:50[संगीत]
- 2:07:57[संगीत]
- 2:08:02तेरा
- 2:08:07[प्रशंसा]
- 2:08:13द्वार पार करो मत
- 2:08:18सितार गए मत मेरा
- 2:08:22कोई स्पर्श किया सुरसा को छोटा बनकर जीता
- 2:08:25और
- 2:08:26शिव का को जान से मारा इन सारी बढ़ाओ को
- 2:08:29पार करके हनुमान जी वारिड पाक गए मत धीरा
- 2:08:33हनुमान जी के साथ एक बहुत सुंदर शब्द उसे
- 2:08:37किया गया है मत हीरा मत धीरा
- 2:08:42मधु धीरा माने जिसकी माटी में धैर्य हो
- 2:08:45माटी मैंने बुद्धि
- 2:08:49में जिसकी धैर्य है
- 2:08:53जिसकी बुद्धि dairyukt है
- 2:08:55वास्तव में वही साधक रास्ते की सारी बढ़ाओ
- 2:08:59को पार करता हुआ और लक्ष्य पर पहुंच सकता
- 2:09:02है अगर आपने धैर्य नहीं है अब छोटी-मोटी
- 2:09:05बातों में ही
- 2:09:07हिम्मत छोड़ देते हो हिम्मत हर जाते हो तो
- 2:09:11फिर आप कहीं पहुंच नहीं पाओगे क्योंकि कोई
- 2:09:13भी रास्ता ऐसी नहीं है कोई भी रास्ता ऐसा
- 2:09:16नहीं जिसमें कोई डिफिकल्टी ना हो कोई
- 2:09:18मुश्किल ना हो
- 2:09:19दुनिया का कोई भी मार्ग ऐसा नहीं होता है
- 2:09:23अभी आप अपने घर से या खतरा तक यहां आए हो
- 2:09:27कथा में यहां तक बहुत दूर से नहीं अगल-बगल
- 2:09:30से आए होंगे लेकिन तब भी आपको कम से कम
- 2:09:31दो-चार बढ़ाएं तो रास्ते में पार्क करनी
- 2:09:33पड़ी होंगे ब्रेकर बंद बने होंगे कहीं पर
- 2:09:35गड्ढा हो गए कहीं कहीं जाम लगी होगी कहीं
- 2:09:38कोई रिक्शा वाला के थोड़ा आगे होगा बहुत
- 2:09:41बड़ा है प्रति बीच में कहीं कोई गया भैंस
- 2:09:43ए रही होगी
- 2:09:43[संगीत]
- 2:09:46कथा शुरू किया था ना कभी जब कथा जब शुरू
- 2:09:49किया था तो इंसानों की संख्या कम थी इस
- 2:09:52बंदे पर मुझे याद है तो भैसिया बहुत
- 2:09:54प्रतीक है मुझे आता था अपनी कर से छोटी
- 2:09:56छोटी गाड़ी से कम से कम
- 2:09:59पूर्णिया से और यहां टंकी वाले पार्क मोड
- 2:10:02तक
- 2:10:0320 25 जून तो मिलते द हवा
- 2:10:06[संगीत]
- 2:10:15भगवान
- 2:10:23[संगीत]
- 2:10:33रास्ते में घर से यहां तक नहीं पड़ेंगे
- 2:10:36लेकिन जो बढ़ाओ से दर जाता है वो कहीं
- 2:10:39नहीं पहुंच पता बढ़ाओ से दर के नहीं कहीं
- 2:10:42पहुंच पाओगे सामने पहाड़ हो जा सिंह की
- 2:10:44दहाड़ हो भोज कभी झुके नहीं और दल कभी
- 2:10:48रुके नहीं
- 2:10:51पहुंच पाएगा
- 2:10:54तो हनुमान जी महाराज तमाम बढ़ाओ को पार
- 2:10:57करके वारिड पर गए मत धीरा और खासकर के
- 2:11:01मेरी
- 2:11:02विनती है जिसको भक्ति के पथ पर चलना है
- 2:11:06धर्म के पद पर चलना है उसकी बुद्धि में तो
- 2:11:10बहुत जबरदस्त धर होना चाहिए जबरदस्त क्यों
- 2:11:14क्योंकि धर्म के रथ पर चलने के लिए दो
- 2:11:17पहिए हैं ना लंका कांड में अगले साल आपको
- 2:11:19सुनाऊंगा मैं धर्म रथ की व्याख्या और अगले
- 2:11:22साल पड़ेगा धर्म रथ उसकी पुरी व्याख्या कम
- 2:11:25से कम कम से कम तीन दिन चार दिन लगेंगे
- 2:11:27उसमें तब उसको पूरा कर पाएंगे
- 2:11:32तो धर्म रथ की पहिए क्या लिखे हैं पढ़िए
- 2:11:34जिसको धर्म चलता है
- 2:11:37भक्ति के पथ पर चलना है धर्म के पथ पर
- 2:11:39चलना है सत्य के पद पर चलना है प्रेम के
- 2:11:42पद पर चलना है तो आपके पास दो पहिए होने
- 2:11:45चाहिए और उसमें से एक पहिए का नाम है
- 2:11:47पढ़िए धर्म के पद पर चलने वालों के लिए
- 2:11:52ही रथ चाहता
- 2:11:55औरत भी रखते ही रख डाला
- 2:12:03[संगीत]
- 2:12:10सूरज धीरे-धीरे
- 2:12:14[संगीत]
- 2:12:44मनुष्य पति में लिखा हुआ है धर्म के जो 10
- 2:12:48लक्षण हैं धर्म के
- 2:12:50उसमें लक्षण नंबर वैन धर्म का जो लिखा है
- 2:12:53वो लिखा है धरती
- 2:12:54माने धैर्य जिसमें धैर्य नहीं हो धर्म के
- 2:12:59पथ का पथिक नहीं है वो धार्मिक पुरुष नहीं
- 2:13:01है क्योंकि बड़ी-बड़ी बढ़ाओ से आपका सामना
- 2:13:03होगा और जरा भी हो गया आप धैर्य नहीं होगा
- 2:13:06अब तुरंत हो जाओगे आप क्यूट कर जाओगे धर्म
- 2:13:09के क्षेत्र से बाहर गए मत धीरा धीरा माने
- 2:13:13उसकी माटी में ठहर लव लैब भरा हुआ है वही
- 2:13:17सारी बढ़ाओ को पार करता हुआ क्योंकि आसान
- 2:13:19डागर नहीं है बहुत कठिन डागर है गोपियों
- 2:13:22कहती हैं यहां सिर्फ देख के होते हैं सौदे
- 2:13:26ये जो भक्ति की डागर है ना सीता को पाने
- 2:13:29की डागर बहुत सस्ती नहीं है बहुत इजी नहीं
- 2:13:31है यहां सर देख के होते हैं
- 2:13:39आशिकी इतनी सस्ती नहीं है
- 2:13:45यहां सिर्फ देखे होते
- 2:13:50[संगीत]
- 2:14:01बस की नहीं है
- 2:14:05तो प्रेम की बात है
- 2:14:10बंदगी तेरे बस की नहीं
- 2:14:14[संगीत]
- 2:14:17होते
- 2:14:18[संगीत]
- 2:14:20जो असल में है मस्ती में दुबे
- 2:14:31[संगीत]
- 2:14:36पर वह जिंदगी की जो उतरने है चढ़ती है
- 2:14:48बात
- 2:14:51में मस्ती नहीं है
- 2:14:56चढ़ती है
- 2:15:00बाकी कसमे मस्ती नहीं है
- 2:15:07[संगीत]
- 2:15:10बंदगी तेरे बस की नहीं है
- 2:15:14[संगीत]
- 2:15:22जिनकी नजरों में है श्याम
- 2:15:27वह तो रहने
- 2:15:31[संगीत]
- 2:15:32नजरों में है श्याम प्यारे
- 2:15:36वह तो रहते हैं जग से
- 2:15:40[संगीत]
- 2:15:42नजरों में मोहन समय
- 2:15:46[संगीत]
- 2:15:47नजरों में बहुत सारे
- 2:15:52गुंजल पर
- 2:15:54नहीं है
- 2:16:01[संगीत]
- 2:16:02तेरे बस की नहीं है
- 2:16:14भक्त ने किसी युवा ने महात्मा से पूछा की
- 2:16:19भगवान की भक्ति में सफल होना है किसी को
- 2:16:21भगवान के प्रेम में साधना में सफल होना है
- 2:16:24तो उसको कौन-कौन से व्रत करने चाहिए
- 2:16:28आप भी कान खोल कर सन लो एकादशी और सोमवार
- 2:16:32जिसको भगवान के क्षेत्र में सफल होना है
- 2:16:35भक्ति में सफल होना है साधना में सफल होना
- 2:16:38है
- 2:16:41[संगीत]
- 2:16:44एकादशी मंगल
- 2:16:51अध्यात्म सफलता पानी है तो उसके तीन व्रत
- 2:16:54दूसरे
- 2:16:54[संगीत]
- 2:17:01बुलंदी जहां पर वहां पहुंच सकते हो भक्ति
- 2:17:04में जहां बुलंदी पर पहुंच सकते हो
- 2:17:06लेकिन
- 2:17:08नंबर एक पहला व्रत लिखा है
- 2:17:11[संगीत]
- 2:17:13सत्यव्रत
- 2:17:16सोमवार व्रत नहीं सत्यव्रत
- 2:17:20दूसरा व्रत है मौन व्रत
- 2:17:24और तीसरा व्रत है
- 2:17:26धैर्य व्रत
- 2:17:29बिल्कुल फिर से दिमाग मत लो इतवार सांबर
- 2:17:33मंदिर आप धोखे रहो और चाहे एन रहो तीन
- 2:17:36बर्ताव रह रहे हो
- 2:17:38कुछ भी हो जाए मैं सत्य का त्याग नहीं
- 2:17:41करूंगा नंबर दो मौन व्रत मौन मारे
- 2:17:46एक
- 2:17:47लड़की एक स्त्री थी ना उसने बाबा से पूछा
- 2:17:51गुरुजी पति की लंबी उम्र के लिए कौन सा
- 2:17:54व्रत रहना चाहिए पति लंबा उम्र तक जिए हर
- 2:17:58दिन जिए कौन सा व्रत कारी तो उसने कहा बहन
- 2:18:02जी दादा ने कहा बहन
- 2:18:03[संगीत]
- 2:18:06लेकिन अपने पति की लंबी उम्र देखना चाहती
- 2:18:08हो तो मौन व्रत रहकर हान थोड़ा कम वाला
- 2:18:11करो तो ब्याह भी मिल जाएगा मगर तुम खून
- 2:18:14पिए हो करवा कर तो पूछो तुम जुली ले लेते
- 2:18:17हो
- 2:18:20[संगीत]
- 2:18:29अभ्यास में सफलता पानी है तो पहला व्रत
- 2:18:32सत्य दूसरा व्रत मौन व्रत तीसरा व्रत
- 2:18:38धैर्य
- 2:18:45[संगीत]
- 2:18:59ताज मारी मैन
- 2:19:07रुधिर
- 2:19:16हनुमान जी पहुंचे समुद्र पार लंका में
- 2:19:20लैंड
- 2:19:23देखा लंका के आसपास का लंका के बाहर
- 2:19:29देखा नजर क्या देखते हैं अगली चौपाई पढ़िए
- 2:19:33गोस्वामी जी कहते हैं
- 2:19:35कहां जाए
- 2:19:37[संगीत]
- 2:19:54[संगीत]
- 2:19:59[संगीत]
- 2:20:08[संगीत]
- 2:20:13लंका के आसपास एक बड़े जंगल हैं उपवन
- 2:20:18दो बातें ध्यान से सुनेगा लंका की पहली
- 2:20:20विशेषता है
- 2:20:22लंका के आसपास तो समुद्र है पहली चीज
- 2:20:25समुद्र की खाएंगे लंका स्कोर
- 2:20:28[संगीत]
- 2:20:33समुद्र सिखाई तो समुद्र उसके आसपास कहीं
- 2:20:36की तरह है और फिर लंका में को है
- 2:20:40[संगीत]
- 2:20:50[संगीत]
- 2:20:53समुद्र के
- 2:20:55मनका के समुद्र के बीच में एक बढ़िया
- 2:20:58बाउंड्री वाल है और समुद्र के तट पर लंका
- 2:21:00के आसपास बढ़िया बगीचा है कहां जाए देखिए
- 2:21:03वैन शोभा बढ़िया सुंदर जंगल है
- 2:21:06और खाली जंगल नहीं है और जंगल के दो रूप
- 2:21:08होते हैं एक जंगल होता है भयानक जंगल वो
- 2:21:10खाली झार झंकार का जंगल होता है वहां झाड़
- 2:21:13झंकार नहीं है कहां जाए एक ही बंद शोभा
- 2:21:17gunjatan जारिक madhulobha नाना तारों फल
- 2:21:20फूल शी हनुमान जी बढ़िया-बढ़िया देखना
- 2:21:24अच्छे-अच्छे फलों के भेद लग रहे हैं
- 2:21:25बढ़िया-बढ़िया फूलों के सब क्यारियां हैं
- 2:21:27और
- 2:21:29भाई हनुमान जी सबको देख के बहुत अच्छा लग
- 2:21:32रहा है की वह रावण की क्या व्यवस्था है
- 2:21:34इतना बढ़िया लगाया
- 2:21:37[संगीत]
- 2:21:44है फूल लगे हैं अच्छी शोभा है लेकिन कुछ
- 2:21:48खा नहीं रहे देख लेकिन खाए नहीं
- 2:21:51क्यों नहीं खाए क्योंकि अभी अभी राम काज
- 2:21:54नहीं पूरा हुआ है अब हम काज के पहले जो
- 2:21:57खाना खा लेता है जो कुछ खा लेता है तो
- 2:22:00गीता में साफ-साफ लिखा है
- 2:22:02बुझाने द तो गम पापा
- 2:22:04जो भक्ति नहीं किया है भजन नहीं किया अभी
- 2:22:07सीता नहीं मिली है अब नाश्ता ले रहा है
- 2:22:10पहले parathahal पूजा का एक परी है हमें
- 2:22:13माला नहीं की आरती नहीं किया भगवान की है
- 2:22:15स्नान नहीं किया है अगर अच्छा लाओ तुम
- 2:22:18खाली पूजा हो जाए तो गीता बिल्कुल स्पष्ट
- 2:22:22कहती है गूंजते द तो हम पापा जो बिना
- 2:22:26स्नान के बिना भगवान का भजन किए जो नाश्ता
- 2:22:30ले लेते हैं चाय ले लेते हैं वो चाय नहीं
- 2:22:32पी रहे हैं वो पाप पी रहे हैं पराठा नहीं
- 2:22:35खा रहे हैं सिर्फ आप खा रहे हैं पहले भजन
- 2:22:38उसके बाद भोजन अभी हनुमान जी को देखो जब
- 2:22:41सीता मिल जाएगी तब बोलेंगे
- 2:22:45क्यों मेरा कम हो गया मेरी भक्ति पे पुरी
- 2:22:48हो गई और जो भजन पूरा हो जाए उसके बाद
- 2:22:51भोजन हो तो वह भोजन प्रसाद है और बहुत अभी
- 2:22:54पूजा नहीं हुई है पराठा पहले खा रहे हो
- 2:22:56पराठा और चाहे चूस रहे हो बिस्कुट साथ में
- 2:22:59तो वो चाय नहीं पी रहे हो दुनिया भर का तप
- 2:23:02अंदर जा रहा है पहले नहाए लो पहले थोड़ी
- 2:23:04पूजा का लो ओके भाग चाय पियो हाथ कौवा भी
- 2:23:08नहाने के बाद चाय पी रहा है हम लोग का कवच
- 2:23:10पत्थर है क्या
- 2:23:12कौवा पर कभी आप रिसर्च करो कौवा नाहटा है
- 2:23:16सवेरे उठ के तो उसके बाद नाश्ता लेता है
- 2:23:18हमारे अपने से कई लोग हैं जो की वो घटिया
- 2:23:21जीवन जीते हैं सोए होते हैं चाय बनी की सब
- 2:23:26गंदगी
- 2:23:33राम राम कर लो तब चाय पियो तो क्या हो
- 2:23:35जाएगा
- 2:23:46अब देखिए यहां पे जब तक ramkaj नहीं हो
- 2:23:50गया है देख मैन भाई
- 2:23:53हग मृग नाना तार फल फूल शी देख मैन भाई
- 2:23:56अभी तो हनुमान जी खाए क्यों नहीं चाहते तो
- 2:23:592 किलो फल खा लेते वहां कोई सिक्योरिटी
- 2:24:01गार्ड भी नहीं है
- 2:24:03आगे जब सीता मिल जाएगी तब उनको भूख लगेगी
- 2:24:06क्यों इसका अर्थ ये है की पहले भजन उसके
- 2:24:10बाद भोजन पहले भजन कर लो पूरा अपना हमारा
- 2:24:13आपका हाल इसका जस्ट अपोजिट तीन बार भोजन
- 2:24:18तीन बार भोजन भजन एक बार
- 2:24:23उसमें भी आते हैं झंझट हजार दिलवाले
- 2:24:31[संगीत]
- 2:24:43[संगीत]
- 2:24:50उसने भी याद
- 2:24:55मैन मेरा कहता है मंदिर हो
- 2:25:00[संगीत]
- 2:25:03मंदिर हो अंग थोड़ी पूजा कर आओ मंदिर
- 2:25:11आओ
- 2:25:13आते-जाते मंदिर में आवे सेवा
- 2:25:19[संगीत]
- 2:25:35मुबारक हो जब इस बार उसने भी याद
- 2:25:44भूल सुई खाद मृग रंग दे की भाई हनुमान जी
- 2:25:50क्या देखें लंका के बाहर विशाल पर्वत था
- 2:25:53लंका के बाहर
- 2:26:04[संगीत]
- 2:26:18[संगीत]
- 2:26:26कृपाचार्य
- 2:26:29[संगीत]
- 2:26:51लंका के बाउंड्री वाल के बाहर जंगल में
- 2:26:55वही पर एक बहुत विशाल सेल विशाल
- 2:26:59पर्वत था और हनुमान
- 2:27:03क्यों उनको लंका को देखना है
- 2:27:07यहां पर एक बात आप ध्यान देकर समझो
- 2:27:11[संगीत]
- 2:27:14भगवान राम ने हनुमान जी को विदा करते समय
- 2:27:18तीन बातें कही थी इसको दिमाग में बैठा लो
- 2:27:22जाम उतनी तो देख कर बात कही उनसे कितना
- 2:27:25करो तात तुम जय और सीधे देख कहा उसूल है
- 2:27:28इतने ड्यूटी थी लेकिन भगवान राम ने हनुमान
- 2:27:31जी को जरा मुट्ठी दिया था ना गीतावली
- 2:27:34पढ़िए गीतावली रामायण उसमें हनुमान जी को
- 2:27:37तीन ड्यूटी राम ने दिया है तीन ड्यूटी
- 2:27:40क्या क्या की एक तो तुमको जानकी जी का पता
- 2:27:43लगाना है और दूसरे
- 2:27:46दुर्ग विशेष रूप देखना है लंका का जो
- 2:27:49दुर्ग है उसकी किले की जो व्यवस्था है
- 2:27:51बाउंड्री गेट एंट्री गेट एग्जिट गेट
- 2:27:54कहां-कहां से हैं इसको देखना है और
- 2:27:57jaanvip गति आओ
- 2:28:00दुर्ग को देखना है तुमको जानकी जी को
- 2:28:03देखना है और रिप गति रिप गति माने दुश्मन
- 2:28:06की था अभी तुमको पाने उसके मंत्री कैसे
- 2:28:08हैं उसका सोच कैसा है उसका चिंतन कैसा है
- 2:28:11उसकी bartalap कैसा है बॉडी लैंग्वेज कैसी
- 2:28:14है उसका सब पूरा दुश्मन का पूरा जज लेकर
- 2:28:16आना तो आपको ये बात दिमाग में चाहिए की
- 2:28:20हनुमान जी को एक ड्यूटी नहीं है उनको तीन
- 2:28:21ड्यूटी मिली की लंका का जो दुर्ग है उसकी
- 2:28:25रचना कैसी है उसको देखना है
- 2:28:27जानकी जी का पता लगाना ही तुमको मेहंदी है
- 2:28:30लेकिन तुमको दुश्मन की पुरी था लेनी है
- 2:28:33रावण की क्योंकि
- 2:28:35हान चाहिए पहले
- 2:28:37jaanvip गति आओ
- 2:28:40तो हनुमान जी को लगा की लंका को देखना है
- 2:28:43इसकी दुर्ग व्यवस्था कैसी देखना है तो
- 2:28:46उन्होंने क्या किया वो जो पहाड़ था लंका
- 2:28:48के बाहर ऊंचा बाहर उसी पर हनुमान जी चढ़
- 2:28:50गए गिर पर चढ़
- 2:28:52विशाल देखेगा आगे
- 2:28:56हनुमान जी चाहे उसे गेम पहाड़ पर तो क्या
- 2:29:00देखते हैं
- 2:29:01गोस्वामी जी कहते हैं गिरी पर चढ़ी
- 2:29:05लंका ते ही देखी
- 2:29:09[संगीत]
- 2:29:28हनुमान जी उसे पहाड़ पे चढ़ के लंका को
- 2:29:31देख रहे हैं मैंने आपसे कल भी शायद का रखा
- 2:29:34है कल ही एडवांस में की हनुमान जी पुरी
- 2:29:36यात्रा में तीन पहाड़ों पर चढ़े हैं एक
- 2:29:39kishkindhakaan में चढ़े द और दो सुंदर
- 2:29:42कान में चढ़े एक अभी चढ़ चुके हैं कल कथा
- 2:29:44में सिंधु तेरे को उधर सुंदर का तो कुछ
- 2:29:48होता ऊपर और तीसरा अंतिम पहाड़ हनुमान जी
- 2:29:51ये चढ़े ये वाला लंका देखने के लिए गिर
- 2:29:54पड़े
- 2:29:55[संगीत]
- 2:30:00जहां पर बड़े विकार हैं बड़े दोष हैं बड़े
- 2:30:03भोगों का वहां प्रधान
- 2:30:05और यह कथा का संदेश यह है की अगर ramkaj
- 2:30:09के लिए आवश्यक कम से राम के कम से अगर
- 2:30:11आपको ऐसी कोई भोग प्रधान जगह पर जाना भी
- 2:30:14पद जाए तो उसको
- 2:30:17उसको गिर पर चढ़ देखना चाहिए गिर माने
- 2:30:20होता है इस पहाड़ का मतलब है बैराज मैंने
- 2:30:24आपसे कल कहा था याद है हनुमान जी तीन
- 2:30:27पहाड़ों चढ़े हैं प्यास बुझाने के लिए
- 2:30:30एक पहाड़ पर समुद्र को पार करने के लिए
- 2:30:33दूसरे पहाड़ पर और लंका देखने के लिए
- 2:30:35तीसरे पहाड़ पर तो प्यास बुझाने का पहाड़
- 2:30:38है विश्वास
- 2:30:40देहात विमान के समुद्र को पार करना है तो
- 2:30:42विचार का उपहार जानना पड़ेगा और अगर आपको
- 2:30:46लंका देखनी है भोग प्रधान स्थान में
- 2:30:49एंट्री करना है और भोगों के बीच में घूम
- 2:30:51के राम काज करना है और भोगों से बचाना भी
- 2:30:54है तो आपको बैरागी क्यों ऊंचाई से इस
- 2:30:56पहाड़ को दिखाना होगा ये बैग का पर्वत है
- 2:30:59और जब बैग की ऊंचाई से संसार की भोगों को
- 2:31:01देखोगे तो आप राम काज तो कर लोग लेकिन
- 2:31:04fansoge नहीं
- 2:31:07एक बड़ा प्यारा मैंने लाइन पढ़ाया पढ़ी थी
- 2:31:09कहीं पर बड़ी प्यारी सी नानक बाबा से किसी
- 2:31:12पत्रकार ने पूछा नानक बाबा से की हु आर यू
- 2:31:15[संगीत]
- 2:31:22तो उन्होंने उत्तर दिया हम हैं परम सुख के
- 2:31:26दशा उत्तर
- 2:31:29[संगीत]
- 2:31:39दिए देखन आए जगत तमाशा
- 2:31:42हम इस जगत का तमाशा देखने का लिया है
- 2:31:47हमारा आपका क्या हाल है
- 2:31:50की हम लोग इस जगत का तमाशा देखने हम भी आए
- 2:31:52हैं
- 2:31:53लेकिन हम लोग इस तमाशा को देखते देखते
- 2:31:56[संगीत]
- 2:31:58तमाशा खुद बन जाते हैं
- 2:32:01मैं जो छोटा था ना तो हमारे गांव में वो
- 2:32:03आती थी नाटक वाली कंपनी छोटे पर में हमारे
- 2:32:05बाबा मानते द बादाम बड़े बड़े शौकीन सब
- 2:32:08चीजों के और हर सामाजिक कार्यों के तो
- 2:32:10रामलीला कभी नाटक कभी कुछ बुलाए कभी तो
- 2:32:13मैं तब आठ नौ दास साल कराऊंगा
- 2:32:16पूजा तो देखने तो जब वो आए हुए नाचने वाली
- 2:32:18मंच पर तो अनाउंस होता था की आज ये लीला
- 2:32:21होगी आज यह नाटक होगा आज ये ये वाला वो
- 2:32:24नाटक के नाम होते हैं हरिश्चंद्र लैला
- 2:32:26मजनू पुराना पुराना सबूत है तो इनाम शो की
- 2:32:29आज ये तमाशा होगा लेकिन वो उसमें इंडिकेशन
- 2:32:32देती हो एक शहर बोलती थी की तमाशा देखने
- 2:32:35वालों
- 2:32:37तमाशा खुद बन जाना तमाशा देखने वालों मुझे
- 2:32:41बचपन से वो लाइन उसकी याद है अब आज वो कथा
- 2:32:44में कम ए रही है तब तो ऐसे ही सुनते द ऐसे
- 2:32:46मौज में खाली बस लेकिन तब लगता है अब लगता
- 2:32:48है की सच बोलती थी वो कितना गहरा भी ज्ञान
- 2:32:51दे रही थी की आए हो इस तमाशा देखने संसार
- 2:32:53का और तमाशा देखते देखते कहीं खुद तमाशा
- 2:32:56ना बन जाना है यहां पर तो हम लोग यही गलती
- 2:32:58करते हैं तमाशा देखते हुए हमको तमाशा बन
- 2:33:01जा रहे हैं बने हुए हैं तमाशा तमाशा देखो
- 2:33:04तमाशा संसार खाली बस और तमाशा देखने का
- 2:33:07उपाय
- 2:33:10[संगीत]
- 2:33:12नहीं सब खाली घटनाएं घाट रही इनको इनका
- 2:33:15आनंद करो
- 2:33:19हनुमान जी गिरी पर चढ़ी लंका ते ही देखी
- 2:33:26[संगीत]
- 2:33:32कहीं एन जाए
- 2:33:39[संगीत]
- 2:33:43तुझसे
- 2:33:46[संगीत]
- 2:33:53संसार को देखोगे तो संसार की अट्रैक्शन
- 2:33:56में संसार की विषय वस्तु में fasoge नहीं
- 2:33:59नहीं तो बड़ा अट्रैक्शन है अच्छे-अच्छे
- 2:34:01इसमें चिपक के मार जाते अच्छे-अच्छे
- 2:34:04बहनों भाइयों
- 2:34:05[संगीत]
- 2:34:07बहनों
- 2:34:09[संगीत]
- 2:34:15मेरी बात चल रही थी तुम्हारी कुमकुम बहन
- 2:34:17पढ़ा रही है
- 2:34:18[संगीत]
- 2:34:20और इस कथा के लिए तो बिल्कुल समर्पित भाव
- 2:34:23रखती है
- 2:34:24[संगीत]
- 2:34:39लाल किशोरी राधे
- 2:34:43मेरा प्यारो नंदलाल किशोरी राधे ओ मेरा
- 2:34:50प्यारो लगे
- 2:34:51[संगीत]
- 2:34:53किशोरी लाल
- 2:34:56किशोरी राधे
- 2:34:59राम
- 2:35:01[संगीत]
- 2:35:05बोलो
- 2:35:08[संगीत]
- 2:35:09प्यारो
- 2:35:10नंदलाल किशोरी राधे
- 2:35:14मेरा प्यारो
- 2:35:17नंदलाल किशोरी लाल
- 2:35:20[संगीत]
- 2:35:25गोविंद राधे
- 2:35:31गोविंदा है गोरे
- 2:35:41दुनिया में बो
- 2:35:46आई रहे
- 2:35:52[संगीत]
- 2:36:00[संगीत]
- 2:36:05हो प्यारों
- 2:36:08[संगीत]
- 2:36:16आनंद किशोरी राधे
- 2:36:20रगत विकास दृष्टि से संसार को जो देखता है
- 2:36:23वो संसार के अपेक्षा को
- 2:36:2684 लाख नहीं
- 2:36:28फिर 84 लाख और फिर 84 लाख
- 2:36:33लेकिन इसके दर्शन को क्रॉस नहीं कर पता है
- 2:36:36जब तक यह संसार को बैराज की ऊंचाई नहीं
- 2:36:39पढ़ोगे इस संसार को इस संसार की चिपकन
- 2:36:42खत्म नहीं होने वाली इसको छोड़ नहीं पाओगे
- 2:36:45आप इसको छोड़ना है तो इसको देखना पड़ेगा
- 2:36:47यहां कुछ है ही नहीं आपने कभी देखा होगा
- 2:36:49वो यहां शहर में तो नहीं गांव में देखा है
- 2:36:52गांव में
- 2:36:53सेमल का पेड़ उसके फल होते हैं बहुत
- 2:36:56बढ़िया बढ़िया लगता है दशहरी
- 2:37:02जो तोता आता है
- 2:37:05और तोता आगे लगता
- 2:37:07हान मलिहाबाद है क्या क्या लगा है दशहरी
- 2:37:11चकाचक बैठता है चोंच मारता है
- 2:37:15खाए गुड़ा भिन्न कर के
- 2:37:18फिट करता है ठाकुर बहा निकलते हुए ठक्कर
- 2:37:21रुई का
- 2:37:22बस ये संसार ऐसा ही है लगता है खाली हाथ
- 2:37:27aisehri या कुछ सुनाइए कुछ सुनाइए
- 2:37:29जहां-जहां जोश मार के देख लो खाली रॉयल
- 2:37:32भारी
- 2:37:33रुई भारी समस्या
- 2:37:35है जैसा सेमल फूल
- 2:37:39[संगीत]
- 2:37:42गिर पर चढ़ने देखी बैग की ऊंचाई से जब
- 2:37:46उसको देखोगे तब इसका खत्म हो जाएगा तब
- 2:37:49लगेगा ठीक है तमाशा है चलने दो
- 2:37:52देखो
- 2:37:54जब पिक्चर आती है ना पिक्चर कोई तो पिक्चर
- 2:37:57को लोग दो भाग लोग देखते हैं दो तरीके से
- 2:37:59लोग एक होते हैं जो उसमें बिल्कुल
- 2:38:01जुड़ के देखते हैं पीछे को जुड़ कर दें तो
- 2:38:04उसमें रोएंगे भी हसेंगे अभी तो मारे
- 2:38:07बगलामुखी
- 2:38:09रहे हैं रो रहे हैं संज्ञा बैठे लेकिन एक
- 2:38:13ग्रुप ऐसा दिखता है बैठ के फिल्म को जो
- 2:38:16जानता है ये खाली उनकी है कुछ है ना तो
- 2:38:19खाली करेगा क्योंकि पैसा लेने करोड़ रुपया
- 2:38:22एक्टिंग खाली करें तो उसका याद करता है
- 2:38:25फिल्म का लेकिन रावत है ना हसरत है वो
- 2:38:28चुपचाप अपना उसका जानते हो इनकी कलाकारों
- 2:38:31कलाकारी है उसके पेमेंट लिए हैं लोग और हम
- 2:38:34खाली
- 2:38:37समझ गए बस जो समझदार है वो जानता है खाली
- 2:38:40कला चल रही है इनको चाहिए नहीं एन कोई
- 2:38:42मारा है ना कोई पैदा हुआ है ना कोई रो
- 2:38:44रहने को हंस रहा मैं गाड़ी पलटी है ना कोई
- 2:38:46मारा है लेकिन abuham बुद्धू लोग हैं जुड़
- 2:38:49गए जो है कोई मरते हैं
- 2:38:54उम्र तकलीफ है अगली फिल्म
- 2:38:58है लेकिन बस जुड़ जाता है बुद्धू बनकर के
- 2:39:02रोता है हंसता है और जो जानता है खाली
- 2:39:05फिल्म चल रही है उसका मौज लेता है इंजॉय
- 2:39:07करता है सांसारिक क्या है फिल्मी तो है एक
- 2:39:10फिल्मी तो है इसकी मौज लो खाली बस है
- 2:39:12ऊंचाई देखो इसको
- 2:39:14गोस्वामी जी जुड़े द बहुत अपनी बीवी से
- 2:39:17बहुत जुड़े द बीवी से अपने और कथा जानते
- 2:39:20हो गई थी मैं के तो
- 2:39:22पीछे-पीछे भाग गए होंगे तो मैं के चली
- 2:39:24जाएगी तो मैं डंडा लेकर आऊंगा
- 2:39:30पीछे-पीछे पहुंच गए नदी पैर कैसे निकले
- 2:39:33मुर्दा बैठकर और सपा के कैसे-कैसे पहुंचे
- 2:39:37तो उसने चढ़ाया इनको गिर पर गिर पर चढ़ना
- 2:39:41वाली थी वो बड़ी बुद्धिमान महिला थी उसने
- 2:39:43चड्ढा ऊंचाई पे गोसावी जी को क्या बोली
- 2:39:46क्या बोली
- 2:39:48हार्ड मास की इंतजार
- 2:40:01[संगीत]
- 2:40:10[संगीत]
- 2:40:22राम को पिट जाती भाव अभी
- 2:40:28रत्नावली छवि पहाड़ पर
- 2:40:33चड्ढा दिया ऊंचाई चड्ढा दिया उनको गोसाई
- 2:40:36को वही जो राग पत्नी नहीं था संसार में था
- 2:40:39देह में था बीवी की कसम मोड हो गया और वही
- 2:40:44राम के भक्त हो गए और कितनी ऊंचाई पहुंच
- 2:40:46गए आप देखो उनकी नाम चला
- 2:40:48बीवी के पीछे भाग रहे होते तो कौन पूछता
- 2:40:51भाग रहे हैं रब ने बनाया मुझे तेरे लिए
- 2:40:54तुम्हारे भाई साहब कोई पूछेगा कौन है
- 2:40:59[संगीत]
- 2:41:01वो कहीं का नहीं बचत है
- 2:41:03[संगीत]
- 2:41:07स्टार हो जाओगे संसार में चमक जाओगे लेकिन
- 2:41:11कैसे bhatvaon यहां से गिरी पर चढ़ी
- 2:41:15किस्म मिला के चौपाई का अर्थ ही है बैराज
- 2:41:18की ऊंचाई से संसार की भोगों को देखो यहां
- 2:41:21कुछ नहीं कुछ नहीं गिरी पर चढ़ी लंका ते
- 2:41:25ही देखी
- 2:41:27कृपा चलेगा
- 2:41:32[संगीत]
- 2:41:48[संगीत]
- 2:41:50हनुमान जी लंका में क्या-क्या देख रहे हैं
- 2:41:53लंका में क्या-क्या उनको दिखा तो गोस्वामी
- 2:41:56जी ने छंद यहां पर लिखा है बड़ा प्यारा
- 2:41:58चंद है सब लोग डालो और बस इसी छंद को कहते
- 2:42:02कहते हम लोग टाइम पूरा करो
- 2:42:05[संगीत]
- 2:42:15[संगीत]
- 2:42:18किताब के सामने
- 2:42:22किताब में हो तो मोबाइल
- 2:42:28[संगीत]
- 2:42:45[संगीत]
- 2:43:20[संगीत]
- 2:43:32गंधर्व
- 2:43:35sangharopan
- 2:43:36मोहन प्रभु
- 2:43:49[संगीत]
- 2:44:06[संगीत]
- 2:44:08महेश
- 2:44:11डॉन भर
- 2:44:16चाहिए नहीं आज तुलसी
- 2:44:20दास
- 2:44:22कृतिका
- 2:44:24है सही
- 2:44:29[संगीत]
- 2:44:35[प्रशंसा]
- 2:44:46तीन बातें मुख्य रूप से आए
- 2:44:49तो लंका में तीन बातें हनुमान जी को दिख
- 2:44:51रही है लंका में तीन चीज हैं ये
- 2:44:54अभी सबसे पहले आपको जानना जरूरी है बताना
- 2:44:57जरूरी है अब जानना नहीं जरूरी है इसको जान
- 2:45:00ही लो की लंका माने क्या होता है
- 2:45:04अब लंका जब शब्द रामायण में आएगा
- 2:45:06जहां-जहां तो आप लोग तुरंत सुई आपकी पहुंच
- 2:45:08जाएगी लंका वो जो भारत के नक्शे में नीचे
- 2:45:11लटका है वो गोल-गोल वहां लंका है वहां
- 2:45:16रामायण में
- 2:45:19जिस लंका को आप नक्सल देखते हो बालम का
- 2:45:21नाकाम
- 2:45:25लंका में लंका लंका की वास्तविक जो
- 2:45:28परिभाषा है वो गोस्वामी जी ने लिखा है
- 2:45:31विनय पत्रिका में लंका मेंस क्या व्हाट
- 2:45:33इसे डी लंका मनुष्य की लंका क्या है
- 2:45:36तो गोस्वामी जी बोले
- 2:45:38[संगीत]
- 2:45:39प्रवृत्ति लंका दुर्ग रचित मैन धनुष मैं
- 2:45:44रूप धारी
- 2:45:46गोस्वामी जी की लाइन है विनय पत्रिका की
- 2:45:48रचित मैन धनुष मैं रूप धारी
- 2:45:52मैन रूपी जो मैदान है उसकी रचित लंका
- 2:45:58मैदाने कुछ और नहीं है रचित मैन तनुज मैं
- 2:46:01रूप धारी हम आपका जो मैन है यही मैदान है
- 2:46:05उसे लंका को मैदाने में बसाया था तथा आती
- 2:46:08है तो हमारे आपका जो मैन रूपी मैदान है एक
- 2:46:11लगा लंका अंदर बसाया हुआ अंदर मैन रूपी
- 2:46:15में
- 2:46:15वो लंका कौन सी है तो गोस्वामी में मैं
- 2:46:18नहीं कर ये सब गोस्वामी जी खुद का रहे हैं
- 2:46:21प्रवृत्ति लंका दुर्ग मनुष्य की जो
- 2:46:24प्रवृत्तियां हैं यही लंका दुर्ग है
- 2:46:27इंसान की एक्टिविटी इंसान की जीवन शैली
- 2:46:30इंसान की लाइफ स्टाइल इंसान की थिंकिंग इस
- 2:46:34सब मिलाकर सब बनता है प्रवृत्ति प्रवृत्ति
- 2:46:37और प्रवृत्ति अलंकार दुर्ग प्रवृत्ति ही
- 2:46:40लंका दुर्ग होती
- 2:46:42ये मैदाने की रचना है जैसे वो मैदान है
- 2:46:45उसको बना दिया था जैसे हमारा आपका मैन ये
- 2:46:47रंग बिरंगी जो सिर्फ गोल्डन गोल्डन जो
- 2:46:51पर्वतीय अंदर किया करता है यह होना चाहिए
- 2:46:53वह होना चाहिए आपकी यह करूंगा आपकी वो
- 2:46:56करूंगा जो हमारी लाइफ स्टाइल है हमारी जो
- 2:46:58जीवन शैली है हमारी जो थिंकिंग है यही तो
- 2:47:01लंका है उनका कम होता है सोचना
- 2:47:05[संगीत]
- 2:47:12[संगीत]
- 2:47:15अपनी सोच को चेक कर लो अगर आपकी सोच में
- 2:47:18यही चंद्र ऐड हो गया है तो इसका मतलब है
- 2:47:21की आपकी सोच ही लंका हो गई
- 2:47:24और सच कहूं तब तो लंका
- 2:47:27थी आज साफ-साफ लिखा है कदम कदम पर लंका है
- 2:47:31कदम कदम पर लंका है कलयुग बैठा मार कुंडली
- 2:47:36जाऊं तो मैं कहां जाऊं
- 2:47:42घर घर रावण पग पग पग लंका अब लंका बनाई है
- 2:47:47काली नक्सल लटकी है वहां लंका थारो
- 2:47:49साफ-साफ संत कहते हैं घर घर रावण
- 2:47:53का कदम कदम पर लंका कदम कदम
- 2:47:57[संगीत]
- 2:48:07[संगीत]
- 2:48:21[संगीत]
- 2:48:28[संगीत]
- 2:48:44पक्का है भाई छंद के तीन बातें मैं बता डन
- 2:48:46आपको सोच लंका है और इस किसकी सोच नहीं है
- 2:48:49तीन बातें हैं अपनी अपनी सोच से कर लो
- 2:48:51सुनो ना चेक करो इसी बहाने पैथोलॉजी है
- 2:48:54आपने तूने लंका नहीं बची नंबर एक कनक को
- 2:48:59रावण की लंका में बहुत सोना भरा हुआ था अब
- 2:49:03सोना सोना लेकिन वो सोना रावण की कमाई का
- 2:49:08नहीं था वो सोना रावण की मेहनत से नहीं
- 2:49:11आया था रावण की सोच में मेहनत नहीं थी
- 2:49:15रावण की सोच रही लंका वालों की सोच रही थी
- 2:49:18कामना क्या यार लूडो भरो
- 2:49:27दूसरों का लूट लूट के जो अपने यहां
- 2:49:30समृद्धि इकट्ठा होती है सोना इकट्ठा होता
- 2:49:32है यह जिसकी सोच भी घुसा है दूसरों का
- 2:49:35लूटी है अपना खजाना भरिए
- 2:49:41तो आप भी लंका ही हो आपकी
- 2:49:44कामना हमारा मेहनत करना क्या है लूटी है
- 2:49:47बेमानी कीजिए कम दलाली कीजिए कमीशन खाई
- 2:49:49चकाचक और कई लोग हैं दिनभर दिनभर कामथ
- 2:49:53पूछना है
- 2:50:04कौन-कौन फैक्ट्री
- 2:50:11[संगीत]
- 2:50:14समक जयपुर
- 2:50:16[संगीत]
- 2:50:29[संगीत]
- 2:50:41जाते हैं एक घर बनाने में
- 2:50:45लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
- 2:50:49तुम्हें तरस भी नहीं आया बस्तियां जलाने
- 2:50:53में कई लोग तो पुरी पुरी बस्ती उजड़ करके
- 2:50:55अपनी कोठी खड़ी कर रहे हैं
- 2:51:00मैं जब पढ़ता था ना यह में
- 2:51:03छात्र था 90s की बात है तो राजीव गांधी तो
- 2:51:07पीएम थे लिया गया राजीव गांधी तो चुनाव
- 2:51:10लड़ रहे द 91 की भाषा है तो 84 में बने द
- 2:51:131991 में चुना था अगला तो मेरे लखीमपुर
- 2:51:17में आए द बोलने मेरे कॉलेज की फिल्में
- 2:51:21उन्होंने आज पीएम एक अनाउंस किया था आज
- 2:51:23पीएम माइक पर से बोले द की मैं अगर ₹100
- 2:51:27भेजता हूं दिल्ली से किसी गांव के लिए ये
- 2:51:30पीएम के वर्ड है मेरे नहीं राज
- 2:51:32करके
- 2:51:33[संगीत]
- 2:51:37उसे ₹100 का
- 2:51:3985% हिस्सा उसका ये मोटे-मोटे पेट वाले
- 2:51:42लोग भी होते हैं जैसे ऊपर बांट लेते हैं
- 2:51:44ऊपर ऊपर 25% मेरा 15% मेरा 6% मेरा 3%
- 2:51:50मेरा वहां तक पहुंचने पहुंचने जहां उसको
- 2:51:52भेजा गया है मात्रा बचत है 15% 15% केवल
- 2:51:5885% मोटे-मोटे पेट वाले ऊपर है
- 2:52:03[संगीत]
- 2:52:05वो लंका है वही कोठी लंका है दूसरों का
- 2:52:09हिस्सा लूट लूट करके दूसरों का घोटाला कर
- 2:52:12कर के और जो अपनी कोठियां अपने कमरे में
- 2:52:14भर रहे हैं
- 2:52:15अभी मैंने न्यूज़ सुना था वो पश्चिम बंगाल
- 2:52:19में एक एक चेक हुआ है फ्लैग खोला गया तो
- 2:52:23मैं सब दूजा वाले शब्द 2000 वाले
- 2:52:26[संगीत]
- 2:52:27kamrem भरे
- 2:52:30[संगीत]
- 2:52:31हैं
- 2:52:36कमरे में
- 2:52:38[संगीत]
- 2:52:39किसी गड्ढा में बाथरूम भरे कोई बेटमा भरे
- 2:52:42तो दीवानों भरे भरा है कोई हद है यार अभी
- 2:52:45करो ना जब नोटबंदी हुई थी तो कई लोग तो
- 2:52:47चारा मशीन
- 2:52:50[संगीत]
- 2:52:58मिले हैं नोटबंदी के कारण न्यूज़ पढ़िए तो
- 2:53:01दया आती भी लोग कई लोग भूखे मार रहे हैं
- 2:53:03और कई लोग पार्कों बराबर फेंक रहे हैं
- 2:53:06ऐसे गद्दी उठा के भाग दे रहे हैं
- 2:53:10भाई बहनों बस यही सोच लंका होती है की
- 2:53:13बाकी जो है सब मार जाएं हमारे यहां सब जगह
- 2:53:16फूल रहा है हान सबका लूट लूट खून पी पी के
- 2:53:19कई लोग हैं जो दारू एन पी के खून उदयपुर
- 2:53:24आज नया खा जब प्याज खूब खाते हैं
- 2:53:33[संगीत]
- 2:53:42रावण की सोच थी रावण की लंका वालों की सोच
- 2:53:45थी की
- 2:53:48बस लड़की अच्छी हो जातिवाद कोई भी हो जाती
- 2:53:51नहीं चलेगी जाट की कोई बात नहीं है लड़की
- 2:53:54बच्चा चमचमाती हो रूप मुनि ले आओ चले गए
- 2:53:57तो रावण ने आदेश कर रखा था आपने की जाट मत
- 2:54:00पूछना बस चमड़ी चेक करना और चमड़ी बढ़िया
- 2:54:03है ladlao का फोन उठा लो चलेगी हमारे पास
- 2:54:06स्वीकार है
- 2:54:07[संगीत]
- 2:54:12आजकल के जो लड़के लड़कियां
- 2:54:23[संगीत]
- 2:54:28[संगीत]
- 2:54:33मेरी व्यवस्था नहीं है गीता में ठाकुर जी
- 2:54:36कहते हैं चाहते हो मैडम
- 2:54:40क्षत्रिय वैश्य शुद्र मेरे बनाए हुए हैं
- 2:54:44तो अगर यह बकवास होता तो भगवान आते
- 2:54:48बकवास नहीं है लेकिन कुछ लोगों की सोच में
- 2:54:51घुस जाती है लंका जातिवाद कुछ नहीं होती
- 2:54:53है बस चमड़ी अच्छी हो नौकरी अच्छी हो और
- 2:54:56अच्छी सैलरी हो अब लाओ सब चली यार कल
- 2:54:59लड़की तो लड़की होती है एक ही शादी तो हो
- 2:55:01रही तो बोला तो जो मेडिएटर्स
- 2:55:04मोबाइल लेकर रिश्ता तो लड़का वाला लड़के
- 2:55:07वाले पूछे लड़के वाले की
- 2:55:10मीटर बोला madhyasto की लड़की बीकॉम की है
- 2:55:15बीकॉम की है मैंने वह बताया क्या की लड़की
- 2:55:18बीकॉम की है
- 2:55:21शादी
- 2:55:27[संगीत]
- 2:55:35लाओ बी कॉम की कॉम की दी कॉम की
- 2:55:41लड़की लाओ यह जो सोच जिसकी बन गई है की
- 2:55:45बीकॉम की हो जैसी हो लड़की बढ़िया हो
- 2:55:48सैलरी बढ़िया हो चलेगी
- 2:55:52[संगीत]
- 2:55:57कहो महेश
- 2:55:59खाल निसान
- 2:56:02बकरी मुर्गी ये सब खाकर अपना मांस बढ़ाओ
- 2:56:07मैन बकरी मुर्गी की मांस खाओ अपना मांस
- 2:56:11बढ़ाओ जिसकी सोच में घुसा हुआ है वही लंका
- 2:56:15है इस सैन में एक और बात बहुत ध्यान दे के
- 2:56:18सुनने वाले हैं एक संत बोल रहे द रक्षा की
- 2:56:20परिभाषा लिखिए इसमें रक्षा कैसा होना होता
- 2:56:23है तो इसमें चार शब्द
- 2:56:29[संगीत]
- 2:56:47[संगीत]
- 2:57:03जो हमसे टकराएगा वह चूर चूर हो जाएगा
- 2:57:07जानते हो कौन है हम
- 2:57:09अकारण darjhin जानना निशाचर है रक्षा
- 2:57:14रक्षा की परिभाषा है रामायण के हिसाब से
- 2:57:16और तर्जनी tarjahi मिंस बिना मतलब दूसरों
- 2:57:19को ढकता मरने की प्रवृत्ति होती टार्जन
- 2:57:22मानेगा और धक्का मारना पुष्कर
- 2:57:25होता है बगल से निकली है तो यहां मार रहे
- 2:57:28हैं कट गए
- 2:57:29[संगीत]
- 2:57:31और जो बिना मतलब दूसरों को धक्का मार के
- 2:57:34आगे बढ़ रहा है ठोकर मारता हो चल रहा है
- 2:57:36जानना यह भाई नेचर निसार भाई नेचर निशाचर
- 2:57:42आगे लिखा है
- 2:57:44[संगीत]
- 2:57:55कौन साबुन लगाई कौन गिलोय पीली
- 2:57:59उत्तम नगर चौधरी इसकी सिक्योरिटी में दिन
- 2:58:03रात लगा हुआ है
- 2:58:05संभालने में सिक्योरिटी करने में जानना यह
- 2:58:07अभिव्यक्ति पुरुष है रक्षा है इसकी रक्षा
- 2:58:10कोई
- 2:58:12इस शरीर की रक्षा आप कभी नहीं कर सकते कभी
- 2:58:15भी चाहे अब हम निंदा रूप में कुल सुनते
- 2:58:18हैं की बुराई कर रहा है चाहे आप गिलोय और
- 2:58:23का है वो एक और संगम को हेलो हेलो हेलो
- 2:58:33बीमार ही मारी बहु करिए
- 2:58:37चाहे एलोवेरा उठा एलोवेरा में अपने आसपास
- 2:58:40घर अपनी जहां घटिया है ना वो सब लगाए लोग
- 2:58:43एलोवेरा गिलोय लोग हो रहा है लेकिन आज तक
- 2:58:48कोई मैं का लाल इसकी रक्षा कर नहीं पाया
- 2:58:50कर नहीं सकता
- 2:58:53राजीव गांधी की रक्षा हो जाती इंदिरा
- 2:58:55गांधी रक्षक
- 2:58:57नेहरू जी के जिसके कपड़े धुलने आते द
- 2:58:59पेरिस चाहते हैं
- 2:59:02इसको कोई नहीं बचा सका लेकिन फिर भी तरुण
- 2:59:07नगर 24 रन चाहिए कहीं ना कहीं से इसके
- 2:59:10अंदर रक्षा सत्य
- 2:59:13और अगली बात लिखा है लगी है
- 2:59:18[संगीत]
- 2:59:22बच्चे ही का अर्थ होता है
- 2:59:24ना खाने वाली चीज खाना और ना पीने वाली
- 2:59:28चीज पीना वो खाया वाला है की नहीं खाया
- 2:59:31वाला है बिना सोचे बच्चे ही बच्चे
- 2:59:35गीता में अलाउ है की नहीं रामायण में लहू
- 2:59:37है की नहीं शास्त्रों में अलाउ है की नहीं
- 2:59:39यह खाना खाया वाला है की मैं ख वाला है
- 2:59:42आगे
- 2:59:46घट-घट पिया लाइव भजन
- 2:59:56नहीं है तब भी खाए देते हैं सब जगह माना
- 2:59:59किया गया है गीता में भागवत में रामायण
- 3:00:01में सत्संग पुराने
- 3:00:06निशाचर है
- 3:00:11और हनुमान जी उसे पहाड़ पर चढ़े लंका को
- 3:00:15देख रहे हैं और देखा क्या तो लंका में चार
- 3:00:18दरवाजे हैं और चारों दरवाजा पर
- 3:00:22जबरदस्त पहरा है गोस्वामी जी कहते हैं
- 3:00:24पूरा अखबार देखी बहु तो कभी मैन की ना
- 3:00:29विचार अति लघु रूप धरो निशि नगर करो पैसा
- 3:00:36हनुमान जी देखते क्या है लंका की बाउंड्री
- 3:00:39में चार गए चारों गेटों पर जबरदस्त
- 3:00:41सिक्योरिटी गार्ड और सब तैनात खड़े हैं
- 3:00:45बंदूक लिए तो हनुमान जी को विचार हुआ अगर
- 3:00:48दिन में एंट्री करूंगा दिन में तो ये सब
- 3:00:50रोकेंगे रुकेंगे तो इनको कूदना पड़ेगा अब
- 3:00:54इनको kutenge तो लंका से और टुकड़ी आएगी
- 3:00:56तो और उनको मारना पड़ेगा तो रावण और
- 3:00:58khabrega अंदर से पूरा बटली देगा तो और
- 3:01:01मारपीट करनी पड़ेगी युद्ध की शुरुआत हो
- 3:01:03जाएगी जो कम राम जी के हाथों होना है वो
- 3:01:06कम मेरे हाथों शुरू हो जाएगा सब ठीक नहीं
- 3:01:08है सुविचार क्या किया अति लघु धर्म 19 रात
- 3:01:13जब हो जाएगी तब नगर करो पैसा छोटा सा रूप
- 3:01:16बनाऊंगा और रात में लंका में प्रवेश
- 3:01:18करूंगा तो हनुमान जी प्रतीक्षा कर रहे हैं
- 3:01:20की कब्र के हुए और कब हम इंट्री करें तो
- 3:01:24अब रात तो कल हुई कल हुई अब तो 8:15 हो
- 3:01:29गया है अभी हमारा कुछ एक कम बाकी है एक तो
- 3:01:32सूचना बाकी है उनको मेहम रेडी एक तो आज
- 3:01:36सन्डे है कल मंडे है परसों ट्यूसडे को
- 3:01:39बुधवार को तो पूजा है शायद हान बुधवार को
- 3:01:43तो शंकर जी की पूजा है परिवारों वाली तो
- 3:01:46मंगलवार को
- 3:01:49सुंदर कांड का sangeetmai पाठ इसी पंडाल
- 3:01:53में होगा सुबेरे 9 बजे से ठीक है तो जिसके
- 3:01:57पास पुस्तके हो पुस्तक लेती आना अपने अपने
- 3:01:59लेते आना सब लोग 9:00 से सुंदरकांड का पाठ
- 3:02:02होगा इसी पंडाल में संगीत में और पाठ पूरा
- 3:02:05होते ही हम लोग चलेंगे एक विशेष यात्रा
- 3:02:08लेकर के आधे घंटे की यात्रा है हनुमत
- 3:02:11शक्ति यात्रा
- 3:02:15हनुमान जी का झंडा और कुमकुम बहन ने कहा
- 3:02:18है की मैं 151 झंडे
- 3:02:22108 छोटे 150
- 3:02:25हनुमान जी का झंडे आगे तो कुमकुम बहन की
- 3:02:29ओर से झंडू की व्यवस्था हो गई है लेकिन
- 3:02:31फिर भी
- 3:02:32154 बंगाली है लेकिन अगर किसी की इच्छा
- 3:02:36अभी भी आप में से हो की झंडा में अपना खुद
- 3:02:39लेकर आऊंगा
- 3:02:43अच्छी बात रहेगी
- 3:02:49अगर नहीं मिल लाने की इच्छा है तो मत लाना
- 3:02:51लेकिन अगर व्यवस्था हो आसपास दुकान कोई हो
- 3:02:54तो झंडा आपका ही आपके हाथ में हो तो और
- 3:02:56अच्छा रहेगा तो वो झंडा लेकर लोग चलेंगे
- 3:02:58हनुमान जी के मंत्र जपते हुए और वो सारी
- 3:03:01की सारी कृपा हनुमान जी की उसे झंडे में
- 3:03:03समाहित हो जाएगी तो झंडा लेकर अपने घर
- 3:03:06जाना अपनी छत पे उसको बांधना और फिर देखना
- 3:03:09उसका चमत्कार रहा हनुमान जी की कृपा आप घर
- 3:03:11में पहुंचेगी और सतीश जी से विनती है
- 3:03:13हमारे जो प्रभु सी परिवार के अध्यक्ष हैं
- 3:03:16ए जाइए और एक सुंदर जो पत्रिका हम लोग
- 3:03:21सुंदर पुस्तिका
- 3:03:24तो उसका विमोचन हम लोग पहले कर ले दिल्ली
- 3:03:26से आए हैं इसको लेकर के बहुत हमारा जो
- 3:03:28ट्रस्ट है ना प्रभु सेवा परिवार उसकी जो
- 3:03:31एक्टिविटी हम लोग साल भर में जो कम किए
- 3:03:33हैं साल में उसके साथ इसमें विचार हमारी
- 3:03:37आगामी कथाएं कहां-कहां हम लोग क्या-क्या
- 3:03:39करते हैं वो सब इसमें वर्णित है और
- 3:03:41मेंबरशिप के लिए इसमें नाम भी छपे हैं जो
- 3:03:44मेंबर बनेगा इस ट्रस्ट का हमारे उसका नाम
- 3:03:47अगली पुत्र पुस्तिका में chhapega फोन
- 3:03:48नंबर पाते के सहित तो जिसको मेंबर भी
- 3:03:51बन्ना हो उसमें हमारे ट्रस्ट का नंबर भैया
- 3:03:53का चलता है तो उसमें आप लोग उसका लाभ ले
- 3:03:55लेंगे और ये बहुत सुंदर पुस्तक छपी है
- 3:03:59हान जी हमारे जो मेंबर लोग यहां बैठे हैं
- 3:04:02जो प्रभु सेवा परिवार के ट्रस्ट के
- 3:04:04मेंबरशिप ले चुके हैं वो लोग मंच पर अगर
- 3:04:06यहां आए हैं तो ए जाना जो मेंबर शिप लेवल
- 3:04:09हैं वो ए जाएंगे और बाकी लोग तो जिसको
- 3:04:12मेंबर बन्ना है वो अपना संपर्क करेंगे सभी
- 3:04:14से उनका नंबर उसमें लिखा हुआ है और
- 3:04:17मेंबरशिप ले सकते हैं आप हमारी फिर हर
- 3:04:19एक्टिविटी में आप शामिल हो जाएंगे
- 3:04:22सतीश श्रीवास्तव
- 3:04:26ग्रेटर नोएडा से लिए सब लोग महापुरुष को
- 3:04:29खोले मिलकर गए
- 3:04:30सब महापुरुष खोलें यह सब जो आपको दिख रहे
- 3:04:33हैं हमारे ट्रस्ट के सब मेंबर हैं आजीवन
- 3:04:36और इनके सबकी देखने में परिवार चल रहा है
- 3:04:39बड़े-बड़े सेवा कर चल रहे हैं तीर्थ में
- 3:04:41कथाएं चल रही हैं 25 दिसंबर से लोग
- 3:04:43रामेश्वरम जा रहे हैं बड़ा शब्द रूप ले
- 3:04:45करके 150 लोगों का वहां दिव्या राम कथा
- 3:04:48होगी दर्शन होगा तो आप सब लोग इस प्रभु से
- 3:04:51परिवार से जुड़े और हमारी हर एक्टिविटी
- 3:04:53में
- 3:04:54तीर्थ की कथाओं में गरीब कन्याओं की शादी
- 3:04:57में शामिल हो तो यह शिप्रा कहां है
- 3:05:02ए जाओ बेटे ए जा ए जा
- 3:05:05अरे जलवा है
- 3:05:08[संगीत]
- 3:05:18एक बार तालिया से इस पत्रिका का हमारे
- 3:05:20पहली समीर का है हमारे ट्रस्ट की
- 3:05:24[संगीत]
- 3:06:11अपनी सनातन धर्म जैन जागरण सेवा समिति के
- 3:06:14मुख्य संरक्षक सी अनिल अग्रवाल जी से
- 3:06:17निवेदन करूंगा की दिल्ली से हमारे बीच में
- 3:06:21आए हुए श्री सतीश श्रीवास्तव जी जो बड़ा
- 3:06:22पुनीत कार्य कर रहे हैं प्रभु सेवा परिवार
- 3:06:25की तरफ से अनेक अनेक धार्मिक और
- 3:06:27आध्यात्मिक क्रिया कल्पना को कर रहे हैं
- 3:06:30उनकी इस अमृत भाई पुस्तक का आज लोकार्पण
- 3:06:34हो रहा है
- 3:06:37बहुत-बहुत
- 3:06:39बधाई ये हम लोगों का परम सौभाग्य है की
- 3:06:43राम कथा के पवन मंच पर ऐसी महान विभूतियां
- 3:06:49को आगमन निश्चित से निश्चित ही समाज के
- 3:06:54लिए बहुत ही कल्याणकारी प्रतीत होगा आज भी
- 3:06:57और
- 3:06:58बहुत महान विभूतियां से परिचय हम आपका
- 3:07:01कराएंगे
- 3:07:02से सतीश श्रीवास्तव जी हम अपने संरक्षक
- 3:07:06अनिल अग्रवाल जी से यह निवेदन करेंगे की
- 3:07:08सतीश श्रीवास्तव जी को अंगस्ट पहना करके
- 3:07:10इस बास पीठ पर उनका
- 3:07:14सम्मान करें अनिल अग्रवाल
- 3:07:24हमारा
- 3:07:33प्रभु सेवा परिवार हमारा प्रभु
- 3:07:39[संगीत]
- 3:07:40[प्रशंसा]
- 3:07:41सेवा परिवार हमारा प्रभु सेवा परिवार
- 3:07:47भूत भक्तों का परिवार प्रभु के भक्तों का
- 3:07:54परिवार
- 3:07:56राम कथा भागवत कथा राम कथा
- 3:08:11सुने सब तीरथ करते
- 3:08:17[संगीत]
- 3:08:19गांव में भगवान हमारा
- 3:08:23gusseva परिवार हमारा प्रभु सेवा बलवान
- 3:08:28हमारा प्रभु सेवा परिवार हमारा प्रभु से
- 3:08:34वापस
- 3:08:37निर्धन बिन जनों की सेवा
- 3:08:42निर्जोनो की सेवा
- 3:08:45और प्रभु की सेवकों सेवाओं प्रभु की सेवा
- 3:08:52जिसका मूल मंत्र है
- 3:08:56[संगीत]
- 3:09:06प्रभु देव
- 3:09:08[संगीत]
- 3:09:19तन हमने जो बने हमारे कमरे
- 3:09:24[संगीत]
- 3:09:30[संगीत]
- 3:09:38[संगीत]
- 3:09:43है
- 3:09:47[संगीत]
- 3:10:06अब यह जो विमोचन का कम पूरा हुआ अब कुछ
- 3:10:10कार्यवाही समिति के द्वारा एक भजन लास्ट
- 3:10:12में फिर
- 3:10:14प्रेम से बोलिए श्री हनुमान दलाल जी
- 3:10:17महाराज की
- 3:10:19कितने कितना गौरवशाली
- 3:10:23कितना गौरवशाली मंच
- 3:10:26और कितने गौरवशाली प्रभु जिलों का आगमन
- 3:10:30निश्चित रूप से यह
- 3:10:33परम कल्याण प्रदान करेगा हम सबका
- 3:10:39राम कथा करने का तात्पर्य यही होता है
- 3:10:43राम कथा
- 3:10:46को सुनने का यही एक साथ एक अर्थ है
- 3:10:50की राम कथा अगर हम सुनते हैं तो राम के पद
- 3:10:53कॉन पर चलने का प्रयास करें
- 3:10:56जय श्री प्रभु श्री राम की
- 3:11:00दिनचर्या थी वैसा ही हम भी बनने का प्रयास
- 3:11:03करें जैसे प्रभु श्रीराम के क्रियाकलाप द
- 3:11:06समाज को जोड़ने का भी आपने इतना सुंदर
- 3:11:09प्यारा भजन सुना तीन जनों की सेवा
- 3:11:14दिनों को जोड़ने का दिनों की सेवा करने का
- 3:11:17ही तो कम प्रभु श्री राम ने किया
- 3:11:21रामचरितमानस में हम लोग पढ़ते हैं की
- 3:11:25घरों में आश्रमों में जाए जाए sukhdeen
- 3:11:28शबरी के आश्रम में स्वयं प्रभु चल करके गए
- 3:11:31अगस्त ऋषि की आश्रम में स्वयं प्रभु चल
- 3:11:34करके गए जाने कितने जो
- 3:11:37सैकड़ो वर्ष से संघन मानों में तपस्या कर
- 3:11:42रहे द और जिनका जो साबरी जैसे लोग बात
- 3:11:46लगाए बैठे द कब राम आएंगे कब उनका दर्शन
- 3:11:49होगा तो साबरी को प्रभु राम के पास नहीं
- 3:11:52जाना पड़ा प्रभु राम स्वयं साबरी के आश्रम
- 3:11:54में गए यही तो हमारे जीवन का सही मूल्य
- 3:11:57यही है की हम दिन दुखियों जनों की सेवा
- 3:12:01करें राम कथा यही संदेश देती है यही
- 3:12:04kartavyabod
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This page contains the full transcript of Live Day -2 Sundarkand Katha Lucknow By Sant Ramesh Bhai Shukla Ji by Sant Ramesh Bhai Shukla, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 17,455 words across 2,918 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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