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Live Day -2 Sundarkand Katha Lucknow By Sant Ramesh Bhai Shukla Ji — Transcript

by Sant Ramesh Bhai Shukla · 17,455 words · 2,918 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00[संगीत]
  2. 0:04बोलो नमः सिंधु
  3. 0:11[संगीत]
  4. 0:48हेलो हेलो हमारे सनातन धर्म janjatan सेवा
  5. 0:52समिति के जितने भी पदाधिकारी हैं मैं
  6. 0:54नित्य उनसे यह निवेदन करता हूं कृपया आरती
  7. 0:57होने से पूर्व कथा प्रारंभ होने से पूर्व
  8. 1:00कथा प्रारंभ होने को क्या सभी लोग कृपया
  9. 1:02मंच पर ए जया करें प्रतिदिन मुझे कहना
  10. 1:05पड़े सभी हमारी सभी से जुड़ी हुई जितने भी
  11. 1:09पदाधिकारी गण कृपया सब मंच पर हार्दिक समय
  12. 1:11है बहुत-बहुत धन्यवाद
  13. 1:13[संगीत]
  14. 1:17श्री हमारे बीच में
  15. 1:20नशा मुक्त आंदोलन जिसके प्रभारी हमारे
  16. 1:25आदरणीय श्री अनिल अग्रवाल जी हैं पूरे
  17. 1:27लखनऊ जिले के आज उनकी टीम के समस्त
  18. 1:30कार्यकर्ता काफी कार्यकर्ता यहां आए हुए
  19. 1:32हैं उन सब से निवेदन है कृपया सभी मंच पर
  20. 1:34आकर के भगवान की आरती करें
  21. 1:36[संगीत]
  22. 1:47हजारों
  23. 1:49[संगीत]
  24. 1:50junglochan
  25. 1:54[संगीत]
  26. 2:00जागृति अमिता
  27. 2:04[संगीत]
  28. 2:36[संगीत]
  29. 2:47भूषण
  30. 2:48[संगीत]
  31. 2:50आजाद सरकार
  32. 3:04[संगीत]
  33. 3:25[संगीत]
  34. 3:35[संगीत]
  35. 3:42सियावर रामचंद्र भगवान की जय हो श्री
  36. 3:48हनुमान जी महाराज की जय हो
  37. 3:51[संगीत]
  38. 4:48ए
  39. 4:51[संगीत]
  40. 5:23खुदा
  41. 5:28[संगीत]
  42. 5:44हु हु
  43. 5:56[संगीत]
  44. 6:14स्वस्थ शरीर
  45. 6:21गणेशाय नमः
  46. 6:23[संगीत]
  47. 6:26गौरी
  48. 6:29shankarabhya नमः
  49. 6:33श्री सरस्वती नमः
  50. 6:41श्री गुरु चरण कमल
  51. 6:47[संगीत]
  52. 6:54[संगीत]
  53. 7:09रघुवंश नाम
  54. 7:13[संगीत]
  55. 7:20हो karunagaram
  56. 7:24[संगीत]
  57. 7:39[संगीत]
  58. 7:48कृपा करें
  59. 7:51[संगीत]
  60. 7:58[संगीत]
  61. 8:10[संगीत]
  62. 8:16[संगीत]
  63. 8:18सलाम हृदय
  64. 8:23[संगीत]
  65. 8:30भवन भवानी
  66. 8:34[संगीत]
  67. 8:42[संगीत]
  68. 8:49सही कम ना मिले हम
  69. 8:57[संगीत]
  70. 9:19[संगीत]
  71. 9:21वत भजम
  72. 9:26ना रहो तुम
  73. 9:33श्री राम
  74. 9:37[संगीत]
  75. 9:45[संगीत]
  76. 9:53कृपा
  77. 9:54से
  78. 9:56[संगीत]
  79. 9:58सीताराम हनुमान सीता राम हनुमान
  80. 10:04सीता राम हनुमान सीता राम
  81. 10:10सीता राम हनुमान
  82. 10:14[संगीत]
  83. 10:19भगवान
  84. 10:21सीताराम हान गोपाल
  85. 10:24[संगीत]
  86. 10:26सीता राम है गोपाल
  87. 10:30[संगीत]
  88. 10:32सीता राम
  89. 10:36सीता राम हनुमान
  90. 10:39सीता राम हनुमान
  91. 10:43[संगीत]
  92. 10:45गोपाल गोपाल सीता राम हनुमान
  93. 10:49सीता राम हनुमान सीता राम हर हनुमान सीता
  94. 10:56राम है
  95. 10:59[संगीत]
  96. 11:02सीताराम हनुमान सीता राम हनुमान सीता
  97. 11:11राम मैन सीता राम भगवान
  98. 11:16सीताराम गोपाल
  99. 11:23सितारा हनुमान सीता राम है गोपाल सीता राम
  100. 11:30हनुमान सीता
  101. 11:33राम
  102. 11:35सीता राम हनुमान सीता राम गोपाल
  103. 11:50[संगीत]
  104. 12:04जय जय राम कथा
  105. 12:08जय हनुमान कथा
  106. 12:11जय जय राम कथा
  107. 12:15जय हनुमान कथा
  108. 12:19जय जय राम कथा
  109. 12:22जय हनुमान कथा
  110. 12:25जय जय राम कथा
  111. 12:29जय हनुमान कथा ईश्वर पर मिट जाती है
  112. 12:35[संगीत]
  113. 12:39कर मिट जाती है
  114. 12:41[संगीत]
  115. 12:45जन्म जन्म की कथा हो जय जय राम कथा
  116. 12:51जय हनुमान कथा
  117. 12:54जय जय राम जय
  118. 12:58हनुमान कथा
  119. 13:07[संगीत]
  120. 13:19[संगीत]
  121. 13:27[संगीत]
  122. 13:34[संगीत]
  123. 13:45[संगीत]
  124. 14:01[संगीत]
  125. 14:14पद निर्वाण राम चरण
  126. 14:26[संगीत]
  127. 14:28सोया है
  128. 14:35[संगीत]
  129. 14:44[संगीत]
  130. 14:48जय हनुमान
  131. 14:50जय हनुमान दादा जय हनुमान कथा
  132. 14:57श्री हनुमान जी महाराज की जय
  133. 15:01गुरुदेव भगवान की जय हो
  134. 15:05भारत माता की जय हो सत्य सनातन धर्म की जय
  135. 15:11हो ओम नमः
  136. 15:14पार्वती फतेह हर हर महादेव
  137. 15:22श्री सनातन धर्म
  138. 15:26जैन जागरण सेवा समिति
  139. 15:28[संगीत]
  140. 15:30और इस पवन
  141. 15:32समिति के नेतृत्व
  142. 15:35लगातार कई वर्षों से
  143. 15:3910 वर्ष बस
  144. 15:41लगभग मुझे बताया गया था कल 10 साल होने को
  145. 15:44हैं
  146. 15:46कई वर्षों से कथा चल रही है पहले खुद दिन
  147. 15:48हाल में चली थी ब्रह्मा जी के हाल में
  148. 15:51दो-तीन साल तो वहां शायद चलते हो वहां जब
  149. 15:55वो हाल छोटा पद गया तो हम लोग इधर जगह पे
  150. 15:57ढूंढे
  151. 15:58हाल में फिर नहीं हो का रहा
  152. 16:02इधर यह शिव पार्क में भी लगभग चार-पांच
  153. 16:05वर्षों से चल रहा है
  154. 16:08और बहुत उत्साह के साथ ही नहीं की 10 साल
  155. 16:12पुरानी कथा है तो लोगों की रुचि में
  156. 16:15गिरावट इंटरेस्ट में गिरावट ए जाए
  157. 16:20बढ़ते जा रहा है
  158. 16:23तो ये इस बार हम लोग सुंदर कांड के माध्यम
  159. 16:26से
  160. 16:29सुंदरकांड के माध्यम से क्या सुंदर कांड
  161. 16:31की ही पुरी व्याख्या इस बार करेंगे कर रहे
  162. 16:34हैं क्योंकि इस समिति का एक संकल्प है एक
  163. 16:37एक कांड नौ नौ दिन में हम लोग इस पंडाल
  164. 16:41में सुनेंगे
  165. 16:42बाल अयोध्या अरण्य किष्किंधा चार हो चुके
  166. 16:45हैं
  167. 16:46चार वर्षों में इस बार सुंदरकांड का हम
  168. 16:49लोग बहुत ही तांत्रिक सात्विक विवेचन कर
  169. 16:52रहे हैं
  170. 16:54और पंडाल के सभी श्रोताओं के साथ यूट्यूब
  171. 16:58पर भी लाखों सोता मुझे कल रात को इतने फोन
  172. 17:02आए हैं
  173. 17:03महाराज जी बरसों से प्रतीक्षा थी की सुंदर
  174. 17:05कांड की व्याख्या सुनी जाए वो पुरी हो गई
  175. 17:11तो
  176. 17:13आज इस कथा की दूसरी सभा हम लोग
  177. 17:17शुरू करने बैठे हैं
  178. 17:23तो सभी का स्वागत और विशेषता हमारे बीच
  179. 17:25में आज
  180. 17:27हमारा जो ट्रस्ट है प्रभु सेवा परिवार
  181. 17:32जिसकी माध्यम से बहुत बड़े-बड़े कम समाज
  182. 17:34में हो रहे हैं
  183. 17:35[संगीत]
  184. 17:36तीर्थ में कथाएं होती हैं गरीब बच्चों
  185. 17:40की शिक्षा पर भी लोग हम लोग ध्यान दे रहे
  186. 17:42हैं
  187. 17:45गरीब कन्याओं की शादी में सहयोग हमारा हो
  188. 17:48रहा है और कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां शिक्षा
  189. 17:52चिकित्सा की जरूरत है गौ सेवा की जरूरत है
  190. 17:55वहां हम लोग खोज खोज के इस ट्रस्ट के
  191. 17:57माध्यम से कुछ सेवाएं कर रहे हैं
  192. 18:00तो उसके अध्यक्ष
  193. 18:02हमारे माननीय सतीश श्रीवास्तव जी जो
  194. 18:04दिल्ली से तथा मैच पर हरे हैं ये हमारे
  195. 18:08ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और पूरे
  196. 18:10मनोयोग से ट्रस्ट की सारी सेवाओं को संभल
  197. 18:14रहे हैं
  198. 18:16आज एक हम लोगों की किताब का vimichan होना
  199. 18:20है जो ट्रस्ट ने छपाई है स्मरण का है अब
  200. 18:25हमारे ट्रस्ट को अभी एक साल पूरा
  201. 18:27रजिस्टर्ड हुए
  202. 18:29और उसकी याद में
  203. 18:31हम लोग साल भर में क्या-क्या एक्टिविटी
  204. 18:33किए हैं उसकी एक किताब छपी है लास्ट में
  205. 18:36उसका हम लोग करेंगे
  206. 18:38तो सतीश जी का भी बहुत स्वागत करते हुए
  207. 18:41बहुत दिल्ली से पधारे कथा में
  208. 18:43और आज कथा की
  209. 18:46दूसरी सभा का शुभारंभ हो तब
  210. 18:51[संगीत]
  211. 18:57बहुत बड़ी कथा है अभी अगर हिसाब लगाया जाए
  212. 19:00तो
  213. 19:00[संगीत]
  214. 19:026954 है ना लगभग 6 7 दोहा रोज के हिस्से
  215. 19:07में पड़ेंगे
  216. 19:09तब जाकर सुंदरकांड पूरा हो जाएगा
  217. 19:139 दिन है 8 दिन है है ना 9 दिन की कथा है
  218. 19:17और 60 दोहे तो
  219. 19:196 दोहा पढ़ने वाले 54 दो होते हैं
  220. 19:22तभी छह दोहे बचेंगे और
  221. 19:26रोज का लगाया जाएगा तब जाकर कथा पुरी हो
  222. 19:29पाएगी हम लोग कल पहले दोहे पर ही ठग गए द
  223. 19:33आगे बधाई नहीं पाए द तीन 3:15 घंटा हो गया
  224. 19:38तो लिए हम लोग आज कुछ यात्रा को ठीक से
  225. 19:40आगे बढ़ाएंगे और कल वाला कोटा और आज वाला
  226. 19:44कोटा माने 12-13 दोहे तक नहीं होगा नहीं
  227. 19:48होगा बीच चीज आपकी राय क्या है
  228. 19:52[संगीत]
  229. 19:58दोबारा अभिनंदन करते हुए और कथा की दूसरी
  230. 20:01सभा में प्रवेश करें उससे पहले
  231. 20:05एक छोटी सी चौपाई रामायण की कहते हुए में
  232. 20:08आज की कथा में पेश करूं
  233. 20:10[संगीत]
  234. 20:26चौपाई है
  235. 20:28जामुन तो नहीं बोले हनुमान जी के बारे में
  236. 20:32की हनुमान जी की कथा जहां पर होती है
  237. 20:35हनुमंत कथा जहां पर होती है वहां पर तीन
  238. 20:38लोग इकट्ठा होते हैं
  239. 20:41एक हनुमान कथा में तीन लोगों का अपने आप
  240. 20:43संगम हो जाता है
  241. 20:48[संगीत]
  242. 20:54चरित्र सुहाग
  243. 21:04[संगीत]
  244. 21:11[संगीत]
  245. 21:15पाते हैं
  246. 21:16[संगीत]
  247. 21:29जामवंत रघुपति सुनाएं
  248. 21:33[संगीत]
  249. 21:44[संगीत]
  250. 21:49रघुपति नारायण
  251. 21:51[संगीत]
  252. 21:56के चरित्र होते हैं
  253. 21:59जहां पे हनुमान जी की चर्चा होती है
  254. 22:01वहां पर शंकर जी ब्रह्मा जी हनुमान नारायण
  255. 22:07जी विष्णु जी
  256. 22:09तीनों के तीनों इकट्ठा हो जाते हैं पवन
  257. 22:12तने के चरित जामवंत रघुपति
  258. 22:16पवन शंकर जी हो गए और रघुपति विष्णु जी हो
  259. 22:21गए तो तीनों के तीनों देवताओं का संगम इस
  260. 22:25समय पंडाल में है क्योंकि पवन तनय के चरित
  261. 22:27चल रहे हैं इसलिए हनुमान जी की लीला चल
  262. 22:29रही है
  263. 22:33तो कल की कथा में आपने जो सुना था उसको
  264. 22:35थोड़ा एक बार एक मेमोरी के रूप में
  265. 22:38याद कर लें की कल कहां तक कथा पहुंची थी
  266. 22:41और वहीं से अटैच करते हुए आगे बढ़े हम लोग
  267. 22:43क्योंकि पूरा कांड कहना इस बार है और कोई
  268. 22:46जल्दी भी नहीं है और जल्दी भी है क्योंकि
  269. 22:48बहुत बड़ा कम रहेगा बहुत बड़ा कम है
  270. 22:52सुंदरकांड से बड़ा कांड कोई संसार में हो
  271. 22:54नहीं सकता है कांटों से बहुत होते हैं
  272. 22:56अग्नि कान
  273. 23:00धमाका ठंड लेकिन सुंदरकांड से बढ़िया कम
  274. 23:03का होगा
  275. 23:05बड़ा कांड है और समय कम है इसलिए हम लोग
  276. 23:08तनिक याद करें कल कथा कहां तक पहुंची थी
  277. 23:10आप में से कल कोई श्रोता था की सब आज नए
  278. 23:14लोग आए हैं
  279. 23:16सब लोग नया है क्या
  280. 23:20तो कल कथा कहां पहुंची थी
  281. 23:22[संगीत]
  282. 23:27सुंदरकांड का पहला दोहा कल हो पाया था
  283. 23:31हनुमान जी जानकी जी की खोज में उड़ान भरे
  284. 23:36मैंने आपसे कल कहा था की सीता भक्ति का
  285. 23:38प्रतीक है और भक्ति की खोज में चार विघ्न
  286. 23:42दें चार बढ़ाएं
  287. 23:45हनुमान जी के रास्ते में पहली बढ़ा के रूप
  288. 23:47में सोने का पहाड़ आया मैना
  289. 23:49[संगीत]
  290. 23:51मैना का आया तो विश्राम की बात का रहा था
  291. 23:53रुक जाओ इस्लाम को लो फिर आगे बढ़ो ये
  292. 23:56हनुमान जी
  293. 23:59मैना क्या है ये सुविधाओं का ढेर है
  294. 24:02शुभ संपत्ति का ढेर है और भक्ति के रास्ते
  295. 24:06में संपत्ति पहली बढ़ा है सुख संपत्ति
  296. 24:09[संगीत]
  297. 24:11सामने आती है इसका एक बहुत बढ़िया कारण है
  298. 24:14कारण दांतों का है
  299. 24:17यह भक्ति भक्ति के रास्ते में यह संपत्ति
  300. 24:20क्यों बढ़ा बनती है माया
  301. 24:22इसका कारण एक एक बहुत प्यारा है
  302. 24:25माइंस में लिखा है की भगवान की दो पटिया
  303. 24:28हैं माया भगत नारी दी माया भगत नारी दी
  304. 24:34रूप
  305. 24:37माया भी भगवान की पत्नी है और भक्ति भगवान
  306. 24:40की पत्नी है
  307. 24:42अब आप यह भी जानते हो की जब एक पुरुष की
  308. 24:44दो पटिया हो तो आपस में उन दोनों का
  309. 24:46रिश्ता साउथ का होता है
  310. 24:48शोध का रिश्ता होता है एक आदमी के दो हैं
  311. 24:50वो गद्दा कहां गया पसंद है सोते हैं आपस
  312. 24:54में
  313. 24:55तो भक्ति और माया जो है ये दोनों साउथ है
  314. 25:00और साउथ
  315. 25:03साउथ के बारे में तो जानते होंगे आप लोग
  316. 25:05बड़ी खतरनाक रिश्ता होता है
  317. 25:07लेकिन संत तो यहां तक लिखा है की ही मौत
  318. 25:10बुरी मौत बहुत बुरी चीज का नाम है
  319. 25:14मौत बुरी लेकिन अच्छी
  320. 25:18मौत भी कू कुछ अच्छी है मौत बुरी लेकिन
  321. 25:22अच्छी क्यों एक ही बार तो आती है
  322. 25:29[संगीत]
  323. 25:51ही है मौत से सोच सौ तरह पुरी
  324. 25:58सभी खतरनाक साउथ होती है की मौत एक बार
  325. 26:00में ले गई छुट्टी कारी लेकिन शोध जब तक
  326. 26:03जिओगे तब तक jalayegi छाती
  327. 26:05और माया में सौत का रिश्ता
  328. 26:13की कोई आदमी भक्ति की ओर बढ़ रहा है सीता
  329. 26:16की ओर
  330. 26:18तुझे माया है ना शुभ संपत्ति घर आवे
  331. 26:22सुख संपत्ति घर आवे कष्ट मिटे तन का यह
  332. 26:25बर्दाश्त नहीं कर पाते saudiyadah पैदा
  333. 26:27होता है इसको भक्ति की ओर जा रहे हो मेरी
  334. 26:29साउथ की ओर जा रहे हो ये ले सोने का पहाड़
  335. 26:31ये ले ये ले
  336. 26:35अब फिर ये सोने के पहाड़ भेजना शुरू करती
  337. 26:38है माया ऊपर से ले पहाड़ ले ले गड्ढा ले
  338. 26:4110 करोड़ ले 20 करोड़
  339. 26:46चाहती है की हमारी साउथ की और तुम जाओ
  340. 26:48भक्ति की ओर मत पढ़ो माया विघ्न कर दी
  341. 26:54कई-कई बड़े-बड़े महात्माओं के आगे जो माया
  342. 26:56प्रकट होने शुरू होती है और बेचारे
  343. 26:59महात्मा कई महात्मा में जानता हूं नाम
  344. 27:02नानू किसी का केवल
  345. 27:04सिर्फ क्या करने को निकले द घर से बीवी
  346. 27:07छोड़ा था शादी नहीं किया था बच्चे छोड़
  347. 27:10दिए परिवार छोड़ दिया घर छोड़ दिया
  348. 27:12अयोध्या भाग गए
  349. 27:14और वहां जाकर वही फस गए उसी माया में बस
  350. 27:17लाओ प्लांट लाओ एक प्लांट और बढ़ा लें इटा
  351. 27:20भेजो ऐसी lagvao ये करो रुपया लाओ रुपया
  352. 27:22लाओ रुपया लाओ रुपया लोन फैंस करके वो भजन
  353. 27:26गया कोसों दूर जिस कम के लिए साधु बने द
  354. 27:30वह कम हजारों को दूर हो गया आप दो बुद्धि
  355. 27:33लगाते हैं दिनभर फोन पर फोन लगाते रहो
  356. 27:37पैसा नहीं भेजा अभी तक भैया हेलो कुछ आपने
  357. 27:41वादा किया था पैसा नहीं
  358. 27:44अब चिंतन होना चाहिए राम का और बुद्धि लगा
  359. 27:48रहे हैं दम में सुबह से लेकर शाम तक दम ही
  360. 27:51दम दम ही दम
  361. 27:54नहीं चाहती है भक्ति ये माया किया भक्ति
  362. 27:56की ओर बढ़ो नहीं चाहते
  363. 27:59हनुमान जी के सामने सोने का पहाड़ प्रकट
  364. 28:01हो गया
  365. 28:03हनुमान जी इसमें फंसे नहीं
  366. 28:06संसार की सुविधाओं में फसना नहीं होता है
  367. 28:08उसका उसे करते आगे बढ़ाना होता है
  368. 28:11दोहा कल वाला पढ़िए फिर से एक बार
  369. 28:15हनुमान
  370. 28:16तेरी परेशान
  371. 28:19कर बोली की एन
  372. 28:22प्रणव
  373. 28:24राम का जोगी रे
  374. 28:33[संगीत]
  375. 28:47राम राम
  376. 28:50[संगीत]
  377. 29:08एक विशेष क्वांटिटी में स्वीकार करते हुए
  378. 29:11और आगे बढ़ाना हम का मंजिल सोना नहीं है
  379. 29:14मंजिल तो परमात्मा सीता है जीवन का लक्ष्य
  380. 29:18संपत्ति नहीं है जीवन का लक्ष्य तो भक्ति
  381. 29:20है
  382. 29:22रामायण में बिल्कुल स्पष्ट लिखा है लाभ एन
  383. 29:25क्यों हरि भगत सामना
  384. 29:28इस दुनिया में इस जगत का जो सबसे बड़ा लाभ
  385. 29:31है वो भगवान की भक्ति है ये रात और नौकरी
  386. 29:35और रुपया और फैक्ट्री ठीक है इसकी निंदा
  387. 29:38नहीं जीवन की ज़रूरतें भी हैं लेकिन ये
  388. 29:40जीवन की मंजिल नहीं है
  389. 29:43अब इसी को जो मंजिल मैन के फैंस जाए की
  390. 29:45नहीं नहीं वो प्लांट हो गया बस बहुत है
  391. 29:47नौकरी मिल गई बस बहुत है पैसा हो गया मतलब
  392. 29:50घर का जिंदगी सफल हो गई खाते में है हम
  393. 29:53लोग खाते में लक्ष्य पैसा नहीं है जीवन का
  394. 29:55पैसा जरूरत है तो जरूरत माने जरूरत पर को
  395. 29:59ले लो आगे बढ़ो
  396. 30:01हमारे संतों ने सुख- सुविधाओं की एक
  397. 30:03क्वांटिटी फिक्स किया है एक मात्रा फिक्स
  398. 30:05किया है
  399. 30:07साइन
  400. 30:09साइन
  401. 30:11ही ठाकुर महात्माओं का लिखा हुआ है साइन
  402. 30:14इतना दीजिए एक मात्रा फिक्स है वो
  403. 30:18जहां में कुटुंब समय
  404. 30:22मैं भी भूखा ना रहूं
  405. 30:25साधु एन भूखा जाए हमारा
  406. 30:31ब्रैकेट में होना चाहिए
  407. 30:39[संगीत]
  408. 30:42की मेरी बैंक भारी
  409. 30:47जाए तो मैं बैठकर मालिदा का तू
  410. 30:51साधु एन घर में
  411. 30:55[संगीत]
  412. 30:59सुख संपत्ति की बुराई नहीं की गई किसी
  413. 31:01पुराने में लेकिन इसकी मात्रा फिक्स होनी
  414. 31:04चाहिए मात्रा एक बहुत बड़े संत बोल रहे द
  415. 31:07की जीवन में तीन बातें बहुत आवश्यक है
  416. 31:11बहुत समझ के सुनो एक जीवन मात्रा में हो
  417. 31:17तीनों प्वाइंटों पर ध्यान दो जीवन को धन
  418. 31:19करना चाहते हो तो नंबर एक जीवन को मात्रा
  419. 31:23में रखो मात्रा माने लिमिट में लिमिट
  420. 31:25अतिका भला कुछ भी उचित नहीं होता है
  421. 31:30अति का भला कुछ चित नहीं होता जीवन एक
  422. 31:34मात्रा में हो
  423. 31:36और जीवन यात्रा में हो
  424. 31:40लाइफ जर्नी यहां रहने कोई आया नहीं
  425. 31:44इस बात को बिल्कुल ख्याल रखो जीवन यात्रा
  426. 31:47मैं बना के जियो आप ये यात्रा में खाली हो
  427. 31:52एक बड़े तारिक शहर मुझे याद ए रही है
  428. 31:55आदमी लेता जमीन पर
  429. 31:58लोग कहते मार गया
  430. 32:01आदमी लेता जमीन पर लोग कहते मार गया वह
  431. 32:06बेचारा था सफर में आज अपने घर गए
  432. 32:09अपने घर गया है यात्रा में था एक बस लाइफ
  433. 32:13जर्नी
  434. 32:15यह बपौती नहीं है किसी की यहां कोई रहने
  435. 32:17नहीं आया मैंने आपको इन इस पंडाल में कई
  436. 32:20बार सुनाया है ये संसार क्या है एक और
  437. 32:23ब्रिज है ओवर ब्रिज अभी कल और सीधी रास्ते
  438. 32:27में का रहे द हम 82 में लखनऊ आए द तो
  439. 32:34एकमात्र और बृज शासन लखनऊ में अब तो
  440. 32:36मार्क्स
  441. 32:38[संगीत]
  442. 32:40इस अंसारी जो और ब्रिज
  443. 32:43और आपको पता है की और ब्रिज पर रहना अलाउड
  444. 32:47नहीं होता
  445. 32:50वहां पर कोई जाए और झोपड़ी दानी रहा है पर
  446. 32:53पुल पर
  447. 32:55[संगीत]
  448. 32:57रहने के लिए बना हुआ है क्या
  449. 33:00कोई हिम्मत करें की वो चरखा प्लेयर बनवा
  450. 33:03पिलर है ऊपर छत डालने
  451. 33:07तो क्या होगा नगर पालिका वाले आएंगे लेकिन
  452. 33:10बुलडोजर बुखार फेंक देंगे
  453. 33:18और ब्रिज खाली पास होने के लिए होता है
  454. 33:20पास होने के लिए
  455. 33:22पूरा वर्ल्ड एक और ब्रिज है इस संसार में
  456. 33:26कोई रह नहीं सकता
  457. 33:28की रहने की जगह ये है ही नहीं यहां कोई
  458. 33:30नहीं रह पाया आपके दादा रह पर
  459. 33:33आपके संसार में आपके पिताजी रह पाएगा तो
  460. 33:36आप रहोगे
  461. 33:38बस यहां से पास होना होता है हंसते गेट
  462. 33:44यहां रहना नहीं है बस हंसते गेट
  463. 33:47[संगीत]
  464. 33:52यहां से गुजर
  465. 33:54हंसते गेट
  466. 34:02दुनिया के
  467. 34:10मुस्कुराते हुए
  468. 34:12[संगीत]
  469. 34:17जिंदगी सफर
  470. 34:20सुहाना लगता हो
  471. 34:25[संगीत]
  472. 34:27यहां से गुजर यहां से यहां कोई बस नहीं
  473. 34:31सका सिकंदर नहीं रह पाया
  474. 34:33मनमोहन सिंह नहीं रह पाएंगे नरेंद्र मोदी
  475. 34:36नहीं रह पाएंगे अब्दुल कलम नहीं रह पाए
  476. 34:38इंदिरा गांधी नहीं रह पाएंगे आयरन लेडी
  477. 34:41किस खेत की मूली है हम और आप बस में ख्वाब
  478. 34:45देख रहे हैं
  479. 34:46[संगीत]
  480. 34:54सो बहनों भाइयों
  481. 34:56हनुमानते ही परसा जीवन मात्रा में हो जीवन
  482. 35:00यात्रा में हो
  483. 35:02और तीसरा सूत्र एक संत ने दिया था की जीवन
  484. 35:06सूत्र में
  485. 35:09तीनों बातों नोट कर लो जिंदगी में
  486. 35:11मात्रा में हर चीज में हर चीज सम्यक
  487. 35:15जीवन यात्रा में और जीवन किसने कुछ सूत्र
  488. 35:19में हो जिसे गांधी जी का सूत्र था इस माय
  489. 35:22गोद महात्मा बुद्ध का सूत्र था
  490. 35:25[संगीत]
  491. 35:31भगवान बुद्ध का सूत्र था अहिंसा परमो धर्म
  492. 35:35ऐसे ही जीवन में कोई सूत्र होना चाहिए
  493. 35:38[संगीत]
  494. 35:40हनुमान जी महाराज की कथा सिखाती है
  495. 35:43हनुमान
  496. 35:44[संगीत]
  497. 36:08बरसा
  498. 36:10प्रभु ने बनाया
  499. 36:13[संगीत]
  500. 36:24[संगीत]
  501. 36:26समझ गए छूना नहीं होता है एक मात्रा में
  502. 36:29स्वीकार करना संसार की सुविधाओं को मात्रा
  503. 36:33में स्वीकार करके आगे बढ़ जाइए
  504. 36:35[संगीत]
  505. 36:40लेकिन जो अटक जाएगा वो भटक जाएगा मंदिर से
  506. 36:44चूक जाएगा बस बढ़ते जाइए
  507. 36:51[संगीत]
  508. 36:59तो कहने का भाव एक से एक प्रलोभन भी आएंगे
  509. 37:01एक से एक आंधियां तूफान भी आएंगे लेकिन
  510. 37:05आपको कहीं ना डरना है और ना कहीं अटकना है
  511. 37:07बस आगे बढ़ाना है आगे बढ़ाना है ramkaj
  512. 37:10किन्हे वीनू मोहे कहां विश्राम
  513. 37:13चांदी से मेरा कोई लेन-देन नहीं है बे तो
  514. 37:16बस ramkaj किन्हे
  515. 37:19अच्छा आकर गहराई से देखो ना मित्रों तो इस
  516. 37:22दोहे में एक परिभाषा और छिपी है इसका नाम
  517. 37:26है बारात
  518. 37:28इस दोहे में जो छिपा है ना तब उसका एक नाम
  519. 37:31वैराग भी अगर आपसे अभी कोई पूछे वैराग्य
  520. 37:34माने क्या होता है तो आप पता नहीं क्या
  521. 37:36बताओगे हमको पता है
  522. 37:41तो यह बताओ की बाल mudvae लो माता पुतले
  523. 37:44और धोबी पहन लो अयोध्या जिले जाओ तो
  524. 37:46बैरागी होएगी
  525. 37:48हमारी आपकी बारात परिभाषा यही है
  526. 37:51बीवी छोड़ दो बच्चा छोड़ दो माता पोटाले
  527. 37:54हो निकल लो बैरागी
  528. 37:56भंडारा खाते खुलना शुरू कर दो
  529. 38:00[संगीत]
  530. 38:06बना के माने राम का जो किन्हे बिनु
  531. 38:11कुछ छोड़ने का नाम नहीं होता
  532. 38:15क्या क्या छोड़ोगे जिंदगी में क्या-क्या
  533. 38:17छोड़ोगे
  534. 38:19भाई अगर पंत पहनना छोड़ दोगे तो लंगोटी तो
  535. 38:23पहननी पड़ेगी आपको ये कचरा तो पहनना पड़ा
  536. 38:25है तो कपड़ा वो भी
  537. 38:27कोई मत माने की हमने तो पेंट छोड़ दिया तो
  538. 38:30हम बैरागी हो गए
  539. 38:37तो आलू खा रहे हो कुछ खाए तो रहे हो
  540. 38:41बच्चे छोड़ो केले बना ली हो
  541. 38:44अगर बच्चे छोड़ दिए हो तो केले फिट कर लो
  542. 38:4650-60
  543. 38:49बातों एक का हो गई हो
  544. 38:53अपना घर छोड़ो तो आश्रम उतर कर दिए
  545. 38:59[संगीत]
  546. 39:02मैं कुछ छोड़ने का नहीं होता वैराग माने
  547. 39:06होता है श्रेष्ठ को पकड़ लेना इसका नाम
  548. 39:09वैराग्य होता है हनुमान जी को देखो
  549. 39:11श्रेष्ठ को पकड़ के चल रहे हैं राम का जो
  550. 39:14की इन्हें ब्लू मोहिका विश्राम राम काजू
  551. 39:19सोना मिले चांदी मिले सुरसा मिले लंकानी
  552. 39:22मिले डंकी नहीं मिले राम काजू कर फिर मैं
  553. 39:24आऊं राम काज की नहीं बिना राम काजल तो
  554. 39:27उतारा किसी चीज को छोड़ना छोड़ने का नाम
  555. 39:30नहीं है बस श्रेष्ठ को थम लो दिल से
  556. 39:33चीज को पकड़ लो इसका नाम वैराग्य होता है
  557. 39:37[संगीत]
  558. 39:38बारात को हिंदी में कहते हैं विराग विराग
  559. 39:42और विराट का बिल्कुल खुला खुला अर्थ होता
  560. 39:45है
  561. 39:46विशिष्ट रहा
  562. 39:48विमान विशिष्ट रागनी लगाओ
  563. 39:53बैग माने कोई बीवी छोड़ दो नहीं विशिष्ट
  564. 39:56राज जो 50 जगह हम राग फसे बैठे हैं की
  565. 40:00इनसे भी उनसे भी रागनी केवल राम जी से राग
  566. 40:03हो जाए राम मेरे राम काजल कर फिर मैं आऊं
  567. 40:07ramkaj किन्हे वीनू मोही का इसको कहते हैं
  568. 40:10विशिष्ट राजा
  569. 40:13एक एक मैं आपको दृष्टांत हूं बहुत प्यारी
  570. 40:16बात किसी संत ने कही थी बहुत दिन पहले
  571. 40:18मैंने सुना था
  572. 40:21जैसे कोई शराबी
  573. 40:23[संगीत]
  574. 40:25शराब पीने के लिए अपने घर से निकले और
  575. 40:28भट्ठी दूर हो तोड़ेंगे
  576. 40:31ठीक समझेगा कहानी के मार को घर से निकाला
  577. 40:34भट्ठी की ओर शराब भट्टी की ओर
  578. 40:37अब उसके रास्ते में भट्टी पहले मार्केट
  579. 40:40पढ़ते हैं
  580. 40:41और मार्केट में अच्छी-अच्छी दुकान मिठाई
  581. 40:43की दुकान है दवाई दुकान है कपड़े की दुकान
  582. 40:46है सबकी दुकान लगी हुई है
  583. 40:48अब वो निकलता तो है बीच बाजार से क्योंकि
  584. 40:51रास्ता वही ये कहे भट्टी का रास्ता अलग
  585. 40:53नहीं है निकाला मार्केट के बीच से है वो
  586. 40:58अब दुकान देख रहा है की मिठाई दुकान खुली
  587. 41:00है ये कपड़े दुकान है ये पुरानी दुकान है
  588. 41:03नामक की दुकान है लेकिन वो उधर निगाहें
  589. 41:06मोड़ता नहीं है ना तो फसता है की चलो भाई
  590. 41:09अच्छा भट्ठी दूर है मिठाई दुकान पहले पद
  591. 41:12गई है तो ऐसा करते हैं दारू छोड़ो आज
  592. 41:14जलेबी खा लें
  593. 41:16दुकान देख रहा है जलेबी बन रही है बढ़िया
  594. 41:21तो नव उसे दुकान पे जाता है
  595. 41:25यार मैं जा रहा हूं शराब भट्टी तो बीच में
  596. 41:28जलेबी क्यों बेच रहा है भाग यहां से तुझे
  597. 41:31बेच रहा है बेच रहा है बेच रहा है
  598. 41:34दुकान लगी है तो लगी है उसका ध्यान कहां
  599. 41:37है बस घर से निकाला है वो जलेबी है की
  600. 41:41समोसा है की नहीं है की सोना है की चांदी
  601. 41:44है वो देखते नहीं किस तरफ होगा सीधे दबाता
  602. 41:47जा रहा है कहां कहां
  603. 41:50है
  604. 41:54[संगीत]
  605. 41:58वरग मैंने कुछ और नहीं यह बैग है
  606. 42:01जो संसार तो बाजार है यह बहुत कुछ है बहुत
  607. 42:05कुछ है
  608. 42:06मगन है लेकिन जिसकी जिसकी लव लगी है
  609. 42:10ramkaj किन्हे वीनू ramkaj की नहीं वीनू
  610. 42:13ramkaj की उन्हें
  611. 42:15जो जो कर रहा है कोई दारू पी रहा है कोई
  612. 42:18डांस देख रहा है कोई क्लब जा रहा है कोई
  613. 42:20किटी पार्टी जा रहा है कोई इसमें
  614. 42:22कहां-कहां ladoge जी कहां-कहां अपन के
  615. 42:24संसार में
  616. 42:26कई लोग इसी में के रहेगी अरे हम तो कथा
  617. 42:29सुनने ए रहे द वो हमारे मित्र उसे कहे चली
  618. 42:32हो तो मैं नहीं हम जा रहे हैं क्लब तो हम
  619. 42:35क्लब चले गए अरे तुम मित्र के चक्कर में
  620. 42:37क्यों चले गए
  621. 42:39अब कथा में ए जाओ
  622. 42:42फिर दारू मगन है कोई क्लब में मगन है की
  623. 42:44कितनी पार्टी मगन है कोई दुकान हम मगन है
  624. 42:46अब आप कथा में ए रहे हो तो कथा में आओ ये
  625. 42:49बैरागी हो गया इसी का नाम बैराज होता है
  626. 42:51विशिष्ट रहा इट विराग
  627. 42:55अब सोने का पहाड़ सामने खड़ा है हनुमान जी
  628. 42:58अटक नहीं रहे राम काजू किन्हे बिनु मोहित
  629. 43:02कहां
  630. 43:03[संगीत]
  631. 43:08स्पर्श किया स्पर्श माने खाली ठुकराया ही
  632. 43:12नहीं है
  633. 43:13दम भर का ले भी लिया है जितना कम था इस
  634. 43:16वर्ष मैंने कम भर का ले लिया मात्रा में
  635. 43:18ले लिया है आगे बढ़ गए
  636. 43:22शंकराचार्य भगवान ने एक बड़ी बढ़िया बात
  637. 43:24कही थी साधकों के लिए इसको आप भी अगर साधक
  638. 43:28अपने को मानते हो तो इसको गांठ बांधकर सन
  639. 43:30लो अगर साधक मानते हो तो
  640. 43:33साधकों को चाहिए jagatdur भगवान का आदेश
  641. 43:36है
  642. 43:36[संगीत]
  643. 43:38संसार की सुविधाओं का प्रयोग इस तरीके से
  644. 43:42करें
  645. 43:44जैसे दवाइयां का प्रयोग करते हो
  646. 43:48दवाई का प्रयोग जैसे हम करते हैं ठीक इसी
  647. 43:51तरह के संसार की सुविधाओं का प्रयोग करना
  648. 43:54चाहिए और दवाई करो कैसे करते हो उसको याद
  649. 43:57कर लो ठीक से दवाई का प्रयोग हम लोग एक
  650. 44:00विशेष मात्रा में करते हैं तो डॉक्टर ने
  651. 44:03कहा है आधी गोली खाना है तो फिर आधी गोली
  652. 44:07ही हम लोग खाते हैं
  653. 44:09है ना अगर डॉक्टर ने एक गोली लिख के दिया
  654. 44:11है पर जिसको एक एक खाना तो एक के खाते हो
  655. 44:15अच्छा कोई कहे की डॉक्टर कहने दो क्या
  656. 44:17करना है मेरे को ही से एक तो कहे दो अब आज
  657. 44:20हम अगर ठेठ पत्ता खाली छुट्टी मिले हफ्ता
  658. 44:23भरेगा रोज झंझट याद गोली या गोली मैं 10
  659. 44:26गोली कठे खा लिए
  660. 44:28कभी ऐसा प्रयोग किया हो कोई की डॉक्टर
  661. 44:31डॉक्टर कहता हूं ये कोई रोज का कम 10 गोली
  662. 44:34और अच्छा आदमी है 10 दिन की छुट्टी के लिए
  663. 44:37[संगीत]
  664. 44:47[संगीत]
  665. 44:56इसी बात को याद करो भगवान के शब्दों को
  666. 44:59इसी बात के साथ जैसे संसार की संसार में
  667. 45:03दवाइयां का प्रयोग एक नपीली मात्रा में
  668. 45:06करते हो ना कम एन ज्यादा एन कम एन ज्यादा
  669. 45:09इसी प्रकार संसार की सुविधाओं का प्रयोग
  670. 45:12बिल्कुल नापी टोली मात्रा में करना चाहिए
  671. 45:15ना कम और ना ज्यादा
  672. 45:19मैंने सुना है
  673. 45:20करपात्री जी महाराज 24 घंटे में दो रोटी
  674. 45:23केवल खाते द
  675. 45:27[संगीत]
  676. 45:29हम आपका करते हैं
  677. 45:34[संगीत]
  678. 45:41अच्छा लगा
  679. 45:48की सुविधाओं का प्रयोग करना चाहिए
  680. 45:56इन संसार की सुविधाओं को जो बटोरने का
  681. 45:58प्रयास करेगा इसके जो संग्रह में लग जाएगा
  682. 46:01इसमें जो अटक जाएगा फिर वो मंजिल से बहुत
  683. 46:05दूर हो जाएगा बटक जाएगा तो पुरी तरीके से
  684. 46:08सो भाई बहनों बस हनुमान के ही परेशान इस
  685. 46:12पर्स करते आगे बड़े
  686. 46:13[संगीत]
  687. 46:15मैंने कहीं सुना था आपको सुनाया भी है की
  688. 46:18दो जीव होते हैं चींटी और मक्खी अपने देखा
  689. 46:21होगा कभी तो हलवाई की दुकान पर वो जलेबी
  690. 46:25डूबने के लिए कढ़ाई में बनाते हैं ना वो
  691. 46:27जलाओ
  692. 46:29[संगीत]
  693. 46:43चींटी तो आती है और थोड़ा दूर रहकर
  694. 46:48दूरी बनाकर
  695. 46:52मतलब घरगुती लेती है दूर से ही थोड़ा घुसे
  696. 46:56बिना
  697. 47:01[संगीत]
  698. 47:03मक्खी बहिनी क्या करती मालूम
  699. 47:06मक्खी मैंने खुद ही पड़ती कन्हैया
  700. 47:09[संगीत]
  701. 47:27[संगीत]
  702. 47:48अनमोल जन्म तेरा यूं ही गवा रहा है अनमोल
  703. 47:55जन्म तेरा यूं ही गवारा रहा है अनमोल जन्म
  704. 48:01तेरा यूं ही गवारा है अनमोल जन्म तेरा तो
  705. 48:08है गवारा है जाना तुझे कहा है
  706. 48:12[संगीत]
  707. 48:14जा तुझे
  708. 48:17[संगीत]
  709. 48:23गवारा है अनमोल जन्म तेरा यूं ही गवारा है
  710. 48:30[संगीत]
  711. 49:11[संगीत]
  712. 49:31तुझे तारे
  713. 49:35कला तुझे रहा है तू जा सहारा
  714. 49:45[संगीत]
  715. 49:57[संगीत]
  716. 50:02[संगीत]
  717. 50:09फस जाते हैं तो वहीं पर उनको ले लेता हूं
  718. 50:12वो कुछ मेहनत पर्वत भी उनको खा लेता आगे
  719. 50:14बड़े नहीं पाते
  720. 50:16मैंने कहीं सुना था यह लोभ जो होता है ना
  721. 50:18यह सोने चांदी का लोग शुभ संपत्ति का लोग
  722. 50:21यह
  723. 50:23लूडो के खेल में अपने देखा होगा लूडो खेले
  724. 50:26हो कभी
  725. 50:28लूडो खेला
  726. 50:30लूडो के खेल में खेल होता है सांप सीधी
  727. 50:32वाला
  728. 50:33[संगीत]
  729. 50:34और सांप सीधी के खेल में एक सांप एक सपा
  730. 50:37होता है 99 पर
  731. 50:40एक गुट्टी बढ़ते जाओ खाना बढ़ते जाओ बढ़ते
  732. 50:43जाओ और कभी-कभी 99 पे ऐसा कप दिखाता है वह
  733. 50:48की लाकर उतरता है इसलिए नंबर दो
  734. 50:55[संगीत]
  735. 51:01कई साधकों को लालच ऐसे मौके खा लेता है की
  736. 51:06बिल्कुल एक खाना आगे बढ़ते हैं बिन एक आना
  737. 51:09प्रताप भानु नाम से ना प्रताप भानु का
  738. 51:11रामायण प्रताप
  739. 51:16कितनी यज्ञ किए था कितनी शादी किए था
  740. 51:18कितना बड़ा उसका सब कम धाम पर एक खाना बचा
  741. 51:21था उसकी जीवन में मोक्ष पाना बस उसका धर्म
  742. 51:25पूरा था उसका अर्थ पूरा था उसका tampoora
  743. 51:28था उसे मुक्त केवल बाकी था उसके बाद ये
  744. 51:31खाना बढ़ जाता है
  745. 51:33वो है कपटी मुनि चक्कर में पद गया और ऐसा
  746. 51:37लालच ने उसको खाया जरा मारन दुख रहित तनु
  747. 51:41और समरजीत है नहीं कोई एक छात्र ने पुरी
  748. 51:46नहीं
  749. 51:50ऐसा लीला उसको पूरे खानदान के सहित इतना
  750. 51:54सब करने के बाद भी व्यक्त करना पड़ेगा
  751. 51:57कितना किया था मालूम है लिखा है जितने
  752. 52:01यज्ञ लिखे ग में जितने भी यज्ञ लिखे हैं
  753. 52:03हर सवाल किया था उसने कितना कर पाओगे आप
  754. 52:07सोचो कभी तुलना किया करो इन सब राजाओं से
  755. 52:10जितने वर्णित यज्ञ है रुद्र यज्ञ धमाका
  756. 52:13यज्ञ
  757. 52:14टेन यज्ञ हर यज्ञ 100 बार इस बंदे ने किया
  758. 52:18था हर यज्ञ
  759. 52:20हो गया कहां नरक में गया नेरकों नहीं
  760. 52:23रक्षा बनाया गया क्यों
  761. 52:31भाई बहनों बहुत बच के रहना पड़ेगा इन साथ
  762. 52:34संसार की सुविधाओं से संसार की सुविधाओं
  763. 52:37के चक्कर में जो जरा सा भी बड़ा बिल्कुल
  764. 52:41संग्रह के चक्कर में आगे फिर उसकी यात्रा
  765. 52:43वहीं पर सब लाख हो जाएगी हनुमान जी उसको
  766. 52:47स्पर्श करके आगे बढ़े मोहे कहां विश्राम
  767. 52:49का के आगे बढ़े और तो आज की कथा शुरू होती
  768. 52:53है ये कल वाली कथा में थोड़ा अटक गया था
  769. 52:56उसको थोड़ा और सिद्ध करना था उनको फिर मैं
  770. 52:59नाग पर्वत को बहुत बड़ी बढ़ाएं
  771. 53:02खाली स्टोरी नहीं है बहुत बड़ी बढ़ा आगे
  772. 53:05बढ़े तो गो स्वामी जी कहते हैं दोहा नंबर
  773. 53:08एक के बाद की चौपाइयां सब गाओ और सुरसा
  774. 53:10माता दूसरी बढ़ा के रूप में ए रही है उसको
  775. 53:13समझे हम लोग
  776. 53:15जाट पवन सूट देवांग कल
  777. 53:23[संगीत]
  778. 53:31[संगीत]
  779. 53:34बोध के
  780. 53:38सूरसागर
  781. 53:42[संगीत]
  782. 53:55आए
  783. 53:59जो सुरंग है
  784. 54:04[संगीत]
  785. 54:15[संगीत]
  786. 54:22[संगीत]
  787. 54:35[संगीत]
  788. 54:41[संगीत]
  789. 54:59[संगीत]
  790. 55:16[संगीत]
  791. 55:27[प्रशंसा]
  792. 55:31[संगीत]
  793. 55:42[संगीत]
  794. 55:49[संगीत]
  795. 55:55[संगीत]
  796. 56:09हर्ष चलो हनुमान
  797. 56:11यह एक दोहे के भीतर जो चौपाइयां हैं यह
  798. 56:16दूसरे दोहे के अंदर अंदर
  799. 56:21यह भक्ति की खोज की दूसरी बढ़ाएं सीतामढ़ी
  800. 56:24भक्ति और भक्ति की और जब बढ़ोगे आप दूसरी
  801. 56:27बढ़ा के रूप में संसार आती है
  802. 56:30इन पुरी चौपाइयों पर बहुत ध्यान देकर समझो
  803. 56:33गोस्वामी जी कहते हैं जाट पवनसुत देवबंद
  804. 56:37देखा
  805. 56:39देवताओं ने हनुमान जी को जब देखा की लंका
  806. 56:42जा रहे हैं राम काज करने के लिए बड़ा कम
  807. 56:45है बड़े मिशन पर जा रहे हैं
  808. 56:49तो देवताओं ने जाने कहूं बाल
  809. 56:51buddhibhishekhan जाने को माने जाने के
  810. 56:54लिए क्या बाल बुद्धि विषय का हनुमान जी
  811. 56:58में विशाखा माने पर्याप्त मात्रा में
  812. 57:02पर्याप्त मात्रा में बाल बुद्धि है की
  813. 57:04नहीं है
  814. 57:05ऐसे तो नहीं चल पड़े हैं सर
  815. 57:09कोई आदमी ऐसे पहुंच जाए
  816. 57:11मिलिट्री कैंप में और कहे भारती करो हम तो
  817. 57:14हम भारती करो भारती करो
  818. 57:19उसके पहले दो जांच होते एक परीक्षा होती
  819. 57:23है बुद्धि की जांच होती है फिर फिजिकल
  820. 57:25टेस्ट होता है फिजिकल टेस्ट
  821. 57:30[संगीत]
  822. 57:40बाल बुद्धि विशाखा जाने को माने जानने के
  823. 57:43लिए बाल बुद्धि माने फिजिकल फिट है और ये
  824. 57:48मेंटली फिट है की नहीं
  825. 57:51तो दोनों प्रकार का चेकअप करने के लिए
  826. 57:53राष्ट्र रक्षा का राम राम का कम करना और
  827. 57:56राष्ट्र का कम करना दोनों कम बराबर हैं और
  828. 57:59जैसे राष्ट्र का कम करने के लिए फिजिकल और
  829. 58:01मेंटल दोनों तरीके से इंसान फिट होना
  830. 58:03चाहिए ऐसा राम का कम करने के लिए भी
  831. 58:06फिजिकल और मेंटल
  832. 58:08दोनों तरह की fitun तभी तो कर पाओगे फिर
  833. 58:10से फैल हो जाओगे अब किसी को ऐसे भारती के
  834. 58:13जो फौज में
  835. 58:15कहे को हम मार गए तीन दिन
  836. 58:19बहुत कुछ चाहिए होता है ना दिमाग में
  837. 58:21प्राचीन साहब माइंड कैसा है निगाह कैसी है
  838. 58:27digandha गया ना अंधा दोनों आंखों से
  839. 58:30ब्लाइंड था और पहुंचा कब कैप्टन साहब हमको
  840. 58:32भारती करो सी में
  841. 58:35भारती करो
  842. 58:37तुम क्या कर रहे हो
  843. 58:40अंधाधुन फिर करेंगे
  844. 58:42[संगीत]
  845. 58:43अंधा है ना बस बंदूक ढाबा देना हमको
  846. 58:46अंधाधुन चलाएंगे
  847. 58:55तो जाने कहो बाल बुद्धि विषय का इस आदमी
  848. 58:59में जाने जा रहा है अच्छी चीज से जा रहा
  849. 59:01है लेकिन यह फिजिकल और मेंटल फिट है की
  850. 59:04ऐसा जा रहा है
  851. 59:05अंधाधुन फिर जा रहा है
  852. 59:09तो देवताओं ने हनुमान जी की टेस्टिंग करने
  853. 59:11के लिए
  854. 59:13बॉडी की टेस्टी को ब्रेन की टेस्टिंग करने
  855. 59:15के लिए
  856. 59:16सुरसा नाम एक हाथ एक महिला को रेडी किया
  857. 59:20जाओ एग्जामिनर एग्जामिनर जाओ
  858. 59:25[संगीत]
  859. 59:31[संगीत]
  860. 59:46सुरसा से कहा जाओ इसको चेक करो पर्याप्त
  861. 59:49बाल बुद्धि इसके पास है की नहीं हो तो हो
  862. 59:52तो इसको आगे बढ़ाएं सफलता का के आएगा नहीं
  863. 59:54तो फैल हो क्या जाएगा राम कार्य में फैल
  864. 59:57हो गया अगर बदनाम हो जाएगा की हनुमान जी
  865. 59:59गए द कर गए द कुछ और हूं आप खुश हो रही है
  866. 1:00:03बंद रह गया है
  867. 1:00:06आपको सबको पता है ना रावण के लंका में 33
  868. 1:00:11करोड़ देवता सब बन भी खाने में पड़े द
  869. 1:00:13उसके सब ड्यूटी करते द बताता रोज
  870. 1:00:17पवन देवता पवन देवता रोज लंका में झाड़ू
  871. 1:00:21मारते द पर यह शास्त्र पढ़िए
  872. 1:00:24लंका की सफाई कर्मी द पवन देव
  873. 1:00:28ता और रोज रावण की चाय बनाते द
  874. 1:00:31रसोइया द रावण के पढ़िए शास्त्रों में
  875. 1:00:34अग्नि देवता सॉरी
  876. 1:00:36[संगीत]
  877. 1:00:45[संगीत]
  878. 1:00:58पापा वहां सफाई कर्मी है
  879. 1:01:01जब तू भी लग जा पापा के संग लग जाते
  880. 1:01:06तो फिर राम कथा बदनाम हो जाएगी राम के दूध
  881. 1:01:09गए द और जा के झाड़ू मार रहे लंका में
  882. 1:01:12सूजन है
  883. 1:01:16पर्याप्त बाल बुद्धि है की नहीं है इस बात
  884. 1:01:18की जांच करने के लिए सूरसागर
  885. 1:01:21मैंने एक किताब में पढ़ा था शायद बाल्मीकि
  886. 1:01:24रामायण में ही लिखा हुआ है एक इस लोक बड़ा
  887. 1:01:26बढ़िया है सर उसमें लिखा है
  888. 1:01:28की जिस आदमी के पास चार चीज हैं
  889. 1:01:33बहुत ध्यान दे कुसुम बहुत ध्यान जिसके पास
  890. 1:01:36चार वस्तुएं हैं
  891. 1:01:37वो जिंदगी के किसी भी फील्ड में और किसी
  892. 1:01:41भी कार्य में असफल नहीं हो सकता वो जिस भी
  893. 1:01:45कम में कदम बढ़ाएगा सफलता ही पाएगा
  894. 1:01:48कौन-कौन चार्जेस है
  895. 1:01:51बाल बुद्धि विषय का बाल्मीकि रामायण का
  896. 1:01:54श्लोक उसमें लिखा है पहली चीज चाहिए धरती
  897. 1:01:57धैर्य था जिसके बाद धैर्य है हनुमान जी के
  898. 1:02:01पास ये भी है
  899. 1:02:01[संगीत]
  900. 1:02:03उम्मती धीरा मत धीरा भवानी में धैर्य
  901. 1:02:07मथुरा में
  902. 1:02:09और बालवीर रामायण कहती है इसके बाद धरती
  903. 1:02:11है और जिसके पास दृष्टि है दृष्टि माने
  904. 1:02:15दृष्टि माने दृष्टिकोण
  905. 1:02:18दृष्टि माने ज्ञान विराज
  906. 1:02:23अब कैसे कहूं सुंदरकांड हो तो हम कहते
  907. 1:02:25नहीं कुछ लेकिन अब कहना ऐसा नंबर लगाया है
  908. 1:02:28तो हमको कहने पर गुजरे बहुत-बहुत इच्छा
  909. 1:02:31मैन में होती है की सब छोड़ दी लेकिन फिर
  910. 1:02:34भी मैं था की फिर कब कहीं नहीं कम कर मौका
  911. 1:02:37मिला है तो क्यों ना कहें
  912. 1:02:39अब यहां पर ध्यान देकर सुनो
  913. 1:02:41उत्तराखंड में टॉपिक है भक्ति मणि कभी
  914. 1:02:44padhiyega भक्ति सीता भक्ति है ना
  915. 1:02:46उत्तराखंड में एक प्रसंग है भक्ति मणि
  916. 1:02:49तो उसमें लिखा है की भक्ति मणि को खोजने
  917. 1:02:51के लिए दो आंखें चाहिए
  918. 1:02:54भक्ति मणि ऐसे पड़ी नहीं है कहीं पर हो और
  919. 1:02:57पड़ी भी है तो वो दो आंखें नहीं होगी
  920. 1:02:59देखने पाओगे
  921. 1:03:00सीता इस भक्ति और भक्ति
  922. 1:03:03मणि को देखने के लिए दो आंखें चाहिए
  923. 1:03:07उत्तराखंड
  924. 1:03:08यहां नंबर आएगा
  925. 1:03:17[संगीत]
  926. 1:03:19तो उसमें लिखा है ना
  927. 1:03:21मार मी सज्जन
  928. 1:03:24सुमति कुल्हारी
  929. 1:03:27कैसे मिलती है
  930. 1:03:28[संगीत]
  931. 1:03:32उधारी
  932. 1:03:37[संगीत]
  933. 1:03:39चाहिए उसको खोजने के लिए
  934. 1:03:42क्या चक्कर हो रहा है हनुमान जी का जाने
  935. 1:03:45का हूं बाल बुद्धि बाल बुद्धि बाल का नाम
  936. 1:03:48होता है बैराज बैराज बाल है और ज्ञान
  937. 1:03:51बुद्धि है
  938. 1:03:52[संगीत]
  939. 1:03:58और बुद्धिमानी ज्ञान बुद्धि ज्ञान का
  940. 1:04:01प्रतीक है तो इसके पास ही जा तो रहा है
  941. 1:04:04सीता की खोज में लेकिन इसके पास वैराग्य
  942. 1:04:06का बाल बुद्धि में ज्ञान है की नहीं है इस
  943. 1:04:09बात को चेक कर लो अब अंधा होगा तो ढूंढ
  944. 1:04:12नहीं पाएगा ज्ञान विराग में है
  945. 1:04:15हम आप क्यों नहीं भक्ति खोजे का रहे हैं
  946. 1:04:17ना हमारा आपका ज्ञान ठीक है ना बैरागी ठीक
  947. 1:04:20है ये आंखें तो ठीक है लेकिन इनसे भक्ति
  948. 1:04:22नहीं मिलती है व्यक्ति को खोजने के लिए
  949. 1:04:24ज्ञान विराग ने चाहिए तो चेक करो इसकी
  950. 1:04:27इसके नेत्रों का चेकअप करो इसका ज्ञान
  951. 1:04:29वैराग ठीक है की नहीं बाल बुद्धि ठीक है
  952. 1:04:32की नहीं तब इसको आगे बड़े
  953. 1:04:34हुजूर साहब को भेजा की जाओ पता लगाओ ठीक
  954. 1:04:37से और यहां तुम्हें करना कोई भी परीक्षा
  955. 1:04:39फिक्स लेना है अब शुरू से आए
  956. 1:04:43नागों की माता है अहीन कई माता
  957. 1:04:49आई और हनुमान जी के सामने प्रकट हुई खड़ी
  958. 1:04:52हुई और बोली
  959. 1:04:57[संगीत]
  960. 1:05:03[प्रशंसा]
  961. 1:05:05[संगीत]
  962. 1:05:12कहां पवन कुमार
  963. 1:05:15[संगीत]
  964. 1:05:30[संगीत]
  965. 1:05:58अब देखो देवता यह नहीं का के भेजे हैं जब
  966. 1:06:01खाया
  967. 1:06:03उन्होंने उनको उसको ड्यूटी जाने कहो बाल
  968. 1:06:07बुद्धि बाल बुद्धि चक्कर के इनके आओ और
  969. 1:06:09क्या का रही है सुरन मोही दिन आर देवताओं
  970. 1:06:13ने कहा जब घायल
  971. 1:06:15हम तुम्हें खाने आएंगे
  972. 1:06:17अभी सुरसा झूठ है बोल रही है
  973. 1:06:20बाल बुद्धि अपने लिए का रहे द तो उन्होंने
  974. 1:06:23कहा जो खाया हो जाए
  975. 1:06:25झूठ क्यों बोल रही है क्योंकि
  976. 1:06:28परीक्षक को थोड़ा झूठ बोलने का अधिकार
  977. 1:06:31लिखा है शास्त्र में
  978. 1:06:32परीक्षित है हनुमान जी परीक्षा
  979. 1:06:37को परीक्षा लेने के लिए थोड़ा बहुत झूठ
  980. 1:06:40बोलने का हक लिखा हुआ और उल्टा पुल्टा
  981. 1:06:43नहीं बोलेगा कुछ गुड बातें नहीं करेगा
  982. 1:06:48[संगीत]
  983. 1:06:58[संगीत]
  984. 1:07:05[संगीत]
  985. 1:07:11परीक्षा माने होता है थोड़ा बहुत उसमें
  986. 1:07:13कुछ कुछ ghumaaddar बातें हो कुछ गुड
  987. 1:07:15बातें हो कुछ उसमें खुला खुला सूट रहे हैं
  988. 1:07:18की परीक्षा को परीक्षार्थी के सामने थोड़ा
  989. 1:07:21बहुत झूठ बोलकर के भी उसकी बाल बुद्धि की
  990. 1:07:24जांच करनी पद जाए तो कोई बुरे नहीं पाप
  991. 1:07:26नहीं होता वहां पर नहीं होता है इसलिए
  992. 1:07:29सोचा थोड़ा झूठ बोली है की आज सुरेंद्र
  993. 1:07:31में दिन अहरा बल्कि chautauni हरा तो यहां
  994. 1:07:35बात क्यों नहीं गई भारत जाने को बलबूते
  995. 1:07:38इसलिए बिजी नहीं तो बोलिए
  996. 1:07:44तो तुम मेरे मुंह में घुसाओ हम तुम्हें
  997. 1:07:46खजे
  998. 1:07:48मुंह में ए जाओ मैं तुम्हें खा जाऊंगा
  999. 1:07:51तो सुनो तो वचन कहा पवन कुमार हनुमान जी
  1000. 1:07:54ने हाथ जोड़े कहा माता जी
  1001. 1:07:56मैं बहुत आवश्यक कम पर जा रहा हूं राम का
  1002. 1:07:59आज
  1003. 1:08:00अब बस एक बार राम का राम काज माने सीता की
  1004. 1:08:03खोज
  1005. 1:08:04राम काजू
  1006. 1:08:06और सीता का शुद्ध प्रभु सुनाओ जानकी जी को
  1007. 1:08:10देख के ए जाऊं और उनका पता राम जी को बता
  1008. 1:08:12डन की राम जी यहां पर हैं और फिर मैं तब
  1009. 1:08:16तब बदन बैठी हूं भाई उसके बाद में खुद
  1010. 1:08:19आपके मुंह में बैठ जाऊंगा आराम से उठा
  1011. 1:08:22लेना आराम से सत्य कहा
  1012. 1:08:25मुझे जाने दे मैं तक बोल दिया उसको
  1013. 1:08:29अब यहां पर आप दो बातें ध्यान देकर सुनो
  1014. 1:08:33चौपाई के इस प्रसन्न में सूरत वचन का पवन
  1015. 1:08:37कुमार हनुमान जी क्या बोले हैं तो हनुमान
  1016. 1:08:40जी के द्वारा जो ये चौपाई निकली है राम का
  1017. 1:08:43जो कर फिर मैं आऊं और सीता कैसी प्रभु जी
  1018. 1:08:45सुनाऊंगा तब तो भजन बैठे हैं भाई इस
  1019. 1:08:48हनुमान जी की दो भावनाएं झलक रही हिसाब से
  1020. 1:08:50दो भावनाएं
  1021. 1:08:52एक तो हनुमान जी का मिशन है की ramkaj कर
  1022. 1:08:56फिर मैं आऊं राम जी का एक बार कम पूरा हो
  1023. 1:08:59जाएगा
  1024. 1:09:01माने जिस कम के लिए हम ramkaj लगे तो
  1025. 1:09:04अवतार जिस कम के लिए हम संसार में आए हैं
  1026. 1:09:07वो मेरा मिशन पूरा हो जाए उसके बाद हमको
  1027. 1:09:10इसकी बहुत इसका दर नहीं है की ये रही की
  1028. 1:09:13जाए तब तो बदन पेठे हो आई मैं खुद आकर बैठ
  1029. 1:09:15जाऊंगा मैं आपके आराम से खा लेना लेकिन
  1030. 1:09:18राम काज होने तक ही जरूरी है
  1031. 1:09:21जैसे
  1032. 1:09:24नदी पार होने के लिए नव जरूरी होते हैं ना
  1033. 1:09:27नदी पार करनी है तो नव जरूरी है और नदी
  1034. 1:09:30पार हो गए उसके बाद
  1035. 1:09:34अच्छा कोई नव बैठे नदी तार के ले और फिर
  1036. 1:09:37ना उठाओ खोपड़ी दल ले
  1037. 1:09:39हमको तार की नव हमारी अम्मा
  1038. 1:09:43पागल है
  1039. 1:09:44[संगीत]
  1040. 1:09:47नव का उद्देश्य क्या होता है नदी पार कर
  1041. 1:09:50जाओ बस उसके बाद उसको रुपया दो अपना कम पद
  1042. 1:09:54जाओ
  1043. 1:09:55पार्क यहीं से तो ना हो तुम ही हो का ऐसे
  1044. 1:10:00ही ये जो मानव देह मिली है ये शरीर इसका
  1045. 1:10:03एक मिशन है एक लक्ष्य है
  1046. 1:10:10एक बार राम का जो कर वह कम मेरा पूरा हो
  1047. 1:10:14जाए जिस कम के लिए मैं दुनिया में आया
  1048. 1:10:17लक्ष्य पूरा हो जाए और जानकी जी को पता
  1049. 1:10:20लगा करके राम जी को बता डन उसके बाद हमको
  1050. 1:10:22इसकी बहुत इसका मोह नहीं है की हे और कुछ
  1051. 1:10:25दिन रह ले और कुछ दिन है तब तो बदन पे हो
  1052. 1:10:28आई हम स्वयं चलकर आएंगे पर मुंह में बैठ
  1053. 1:10:31जाएंगे
  1054. 1:10:33बात कुछ समझ में ए रही है थोड़ा कठिन तो
  1055. 1:10:36पद रहा होगा हम लोग खाली पाठ के आदि हैं
  1056. 1:10:38ना तो ये सब बातों के बहुत आदमी नहीं
  1057. 1:10:40सुनने के कई लोग हैं ऐसा नहीं कर लो बहुत
  1058. 1:10:42सुनना चाहते हैं की सुंदरकांड पढ़ते तो
  1059. 1:10:44हैं इसके भीतर का छिपा हुआ है कई लोग अरे
  1060. 1:10:47खाली बकवास आगे बढ़ाओ
  1061. 1:10:49[संगीत]
  1062. 1:10:53सुंदरकांड का रहा है
  1063. 1:10:54[संगीत]
  1064. 1:11:05जामुन के वचन स्वाहा
  1065. 1:11:13तो इसमें एक सब संदेश सुनते रहो ठीक से
  1066. 1:11:17जिसके लिए हम दुनिया में प्रकट हुए हैं
  1067. 1:11:19हनुमान जी नहीं कर रहे हैं आप भी अपने
  1068. 1:11:21सोचो जिस कम के लिए आए हो
  1069. 1:11:25उसे कम के होने तक तो ये चाहिए ये चाहिए
  1070. 1:11:28होता है क्यों जो खाली देह नहीं है ये
  1071. 1:11:30साधन धाम भी खाली बॉडी नहीं है
  1072. 1:11:35ये अपने साथी को पाने का साधन है
  1073. 1:11:44[संगीत]
  1074. 1:11:46धर्म नहीं भरना
  1075. 1:11:49बिना इसके तो कुछ नहीं हो पाएगा जी
  1076. 1:11:57तो रामायण पढ़ रहे हो शरीर तभी तो कथा सन
  1077. 1:12:00रहे हो अच्छा ये ना होता तो यहां बैठे
  1078. 1:12:01होते
  1079. 1:12:03जिन होते तो चार धाम jabate आप जिन होता
  1080. 1:12:06ध्रुव सुंद होता तो आप माला कर पाते ये सब
  1081. 1:12:10चाहिए उसके लिए
  1082. 1:12:12लेकिन उसी के लिए चाहिए जिसके लिए मिला
  1083. 1:12:14हुआ है वो कम पूरा हो जाए राम काजू कारी
  1084. 1:12:18फिर मैं आऊं
  1085. 1:12:23रात करें फिर बाहों से ताकत
  1086. 1:12:30[संगीत]
  1087. 1:12:37[संगीत]
  1088. 1:12:41अपने सुना होगा
  1089. 1:12:44हनुमान जी आगे बोलेंगे
  1090. 1:12:48[संगीत]
  1091. 1:13:10कृत माने होता है
  1092. 1:13:12कर्तव्य जो हमें करना था इसके लिए मैं आए
  1093. 1:13:16द लेकिन
  1094. 1:13:19वो कम हो गया
  1095. 1:13:21[संगीत]
  1096. 1:13:23गदगद का अर्थ खाली हो नहीं की धन्य हो गए
  1097. 1:13:26कृत माने जो हम करने आए द
  1098. 1:13:30कदम इस्मार्ट वेद का मंत्र है अपने कृत को
  1099. 1:13:34याद रखो की हम क्या कमी क्या करना है
  1100. 1:13:36दुनिया में
  1101. 1:13:37हो गया
  1102. 1:13:38[संगीत]
  1103. 1:13:40होता है जो करने हम दुनिया में आए द वो
  1104. 1:13:44मेरा कम पूरा हो गया ठीक है भाई जीवन का
  1105. 1:13:47उद्देश्य है भक्ति है भक्ति की खोज हो गई
  1106. 1:13:49और तब हनुमान जी बोल पड़े अब कृत
  1107. 1:13:53एक बार में हो जाऊंगा एक बार में जो करने
  1108. 1:13:56आया हूं उसको पूरा कर लो उसके बाद तब बदन
  1109. 1:14:01बैठी हूं
  1110. 1:14:04[संगीत]
  1111. 1:14:11सत्य कहा
  1112. 1:14:15नंद भाई सत्कार
  1113. 1:14:20[संगीत]
  1114. 1:14:36[संगीत]
  1115. 1:14:45मैंने सुना है नागिन इतनी खतरनाक होती है
  1116. 1:14:47ना की अगर भूखी हो नागिन भूखी हो कुछ एन
  1117. 1:14:53पावे खाने को अगल-बगल में
  1118. 1:14:56कुछ ढूंढते है और जो कुछ नहीं पाती है तो
  1119. 1:15:00वापस आकर अपने ही बच्चे खाने की मदद अपने
  1120. 1:15:04बच्चे खा लेते हैं
  1121. 1:15:06अब सोचिए की जो अपने बच्चे तक को खा सकती
  1122. 1:15:08है वो शख्स है
  1123. 1:15:11वो नागिन है और उसको मैं कहो चाहे
  1124. 1:15:18मैन जाए बेटा मैन बन जाओ लेकिन वो तो अपना
  1125. 1:15:22बेटा तो खा सकती है उसको कहा जाता है
  1126. 1:15:26नागिन नागिन ठहर
  1127. 1:15:30देख पति पत्नी गए बाजार तो
  1128. 1:15:36पत्नी ने पति से कहा वह बिक रहे द पानी
  1129. 1:15:39वाले बतासे क्या बोलते हो तो इधर क्या
  1130. 1:15:41गोलगप्पा गोल गप्पे पानी पुरी
  1131. 1:15:44बड़े अच्छे से फल द बीबी ने कहा मिस्टर
  1132. 1:15:51हान खा ले खा ले
  1133. 1:15:54अब वो खाना शुरू की
  1134. 1:15:56तो पति को मेथी के 10 अपन दो चार पंच खागा
  1135. 1:15:59और 12-13 खा गई 15 खाना
  1136. 1:16:0215 बता सर
  1137. 1:16:05तो फिर बोली आओ खाली
  1138. 1:16:11मैंने 15 तो खा लिया है और खाली का
  1139. 1:16:15तो पति कुछ गुस्सा ना रहा कुछ
  1140. 1:16:18उसने कहा खाले नागिन
  1141. 1:16:21[संगीत]
  1142. 1:16:23हान वो लाल हो गई नागिन नागिन बोले हमको
  1143. 1:16:25तो नागिन नहीं बोलेंगे
  1144. 1:16:27नागिन नहीं बोलेंगे घर का मतलब जहां खाली
  1145. 1:16:31नागिन
  1146. 1:16:32काले नागिन
  1147. 1:16:35[संगीत]
  1148. 1:16:39पेमेंट तो हम करेंगे
  1149. 1:16:41[संगीत]
  1150. 1:16:47और कोई होती तो शायद मैन बोलने छोड़ देती
  1151. 1:16:50लेकिन वो नागिन कहां छोड़ने वाली मैं तो
  1152. 1:16:52का दिया सत्य कहा
  1153. 1:16:56स्वामी जी कहते हैं पवन चेतन
  1154. 1:17:00[संगीत]
  1155. 1:17:05तेरी गंगा
  1156. 1:17:07[संगीत]
  1157. 1:17:14मैली हनुमान
  1158. 1:17:18जी के माता जी छोड़ रही हो तो फिर
  1159. 1:17:26मुझको
  1160. 1:17:29तो सासने हनुमान जी को खाने
  1161. 1:17:34मूक इतना बड़ा खोला तो गोस्वामी जी कहते
  1162. 1:17:36हैं जो जाना भारी ते ही बदन पसारा एक योजन
  1163. 1:17:40का मुंह खोला एक योजन माने चार कोस 4 कोस
  1164. 1:17:45का मुंह खोला
  1165. 1:17:48अब चार कोस का कहे खोला क्योंकि हनुमान जी
  1166. 1:17:50उसे समय बहुत बड़े साइज के द
  1167. 1:17:52[संगीत]
  1168. 1:17:53अभी सन चुके हो
  1169. 1:17:59सुनता है भाइयों उसे साइज के हनुमान जी
  1170. 1:18:02[संगीत]
  1171. 1:18:05की कद काठी को देखा लंबाई चौड़ाई मैं नहीं
  1172. 1:18:09[संगीत]
  1173. 1:18:16खुलता कीर्तन में फिर जब खाते हैं डबल
  1174. 1:18:20रोटी वाला का होता है वो
  1175. 1:18:23दी नीचे ऊपर रखो डबल रोटी हुई
  1176. 1:18:26क्या बनते हैं उसको
  1177. 1:18:31[संगीत]
  1178. 1:18:38अब कीर्तन मुनि को कहा जब जब खाते हैं
  1179. 1:18:41बर्गर तुम्हें द भगवा
  1180. 1:18:43[संगीत]
  1181. 1:18:48हो
  1182. 1:18:51उसी साइज का मुंह खुलता है
  1183. 1:18:54वो वो कौर कोई रोटी का और थोड़ा
  1184. 1:19:04भयो पर्वत
  1185. 1:19:06करना था तो
  1186. 1:19:08जो जानवर ते ही बदन ऊपर सारा ढोल बजाते ही
  1187. 1:19:15vatanon का पीतल
  1188. 1:19:26[संगीत]
  1189. 1:19:41[संगीत]
  1190. 1:19:52[संगीत]
  1191. 1:20:06[संगीत]
  1192. 1:20:11अब आप यहां पर एक आध्यात्मिक पक्ष समझो इस
  1193. 1:20:14कथा का एक आध्यात्मिक मरहम
  1194. 1:20:17सुरसा क्या है नाग और नाग जो होता है ताल
  1195. 1:20:21का प्रतीक होता है ताल
  1196. 1:20:22हनुमान क्या है भक्त
  1197. 1:20:26सुरसा नाग है और नाग एक प्रकार से कल होता
  1198. 1:20:28है ना और हनुमान जी भक्त हैं रघुपति
  1199. 1:20:31bhaktam अब इस कथा का अर्थ क्या है की
  1200. 1:20:34सुरसा के धुले हनुमान
  1201. 1:20:38इसका मतलब इन कर रहा है की भक्त हमेशा कल
  1202. 1:20:42का दूना होता है
  1203. 1:20:44स्वागत है कल का जितना बड़ा मुंह होता है
  1204. 1:20:46[संगीत]
  1205. 1:20:49लेकिन भक्त की जो साइज होती है वह कल की
  1206. 1:20:53भी दूनी होती है कल की धुन कल की औकात
  1207. 1:20:56नहीं की उसको अपने मुंह में संभल लेगा
  1208. 1:20:57भक्त कल जय होते हैं कल जाई अच्छा रामायण
  1209. 1:21:01पढ़िए तो रामायण एक जगह और आपको सब
  1210. 1:21:03मिलाएगा मिलेगा
  1211. 1:21:05लक्ष्मण जी नाग है लक्ष्मण जी है ना
  1212. 1:21:09हनुमान जी भक्त हैं
  1213. 1:21:12और जब राम जी से लक्ष्मी हनुमान जी मिले
  1214. 1:21:16तो उन्होंने क्या कहा है
  1215. 1:21:19[संगीत]
  1216. 1:21:39[संगीत]
  1217. 1:21:43शेषन नहीं चाहिए
  1218. 1:21:56[संगीत]
  1219. 1:21:58भक्त हमेशा कल का डबल होता है
  1220. 1:22:04[संगीत]
  1221. 1:22:06भगवान ने गीता में कहना पड़ा है ठाकुर जी
  1222. 1:22:09को
  1223. 1:22:10संसार पूरा खत्म हो सकता है नष्ट हो सकता
  1224. 1:22:14है लेकिन नव भक्त प्रस्त मेरा जो भक्त
  1225. 1:22:17होता है वो कभी नष्ट नहीं होता है मीराबाई
  1226. 1:22:20को कभी मौत मार पाएगी
  1227. 1:22:23मीराबाई को मौत मार सकती कभी जिंदगी मौत
  1228. 1:22:25मार जाएगी मीराबाई नहीं मार सकती
  1229. 1:22:28तो कबीर दास को कभी मौत मार सकती है कबीर
  1230. 1:22:31दास ने अनाउंसमेंट कर दिया था मौत के पहले
  1231. 1:22:33हम ना मारे हम नंबर हैं
  1232. 1:22:35[संगीत]
  1233. 1:22:38हमको कल खा ही नहीं सकता हम ना मारा है
  1234. 1:22:41हमारी है संसार
  1235. 1:22:43मरेगा हम नहीं मरेंगे
  1236. 1:22:46क्यों ये घमंड घमंड नहीं उनका है भक्त की
  1237. 1:22:50महिमा है
  1238. 1:22:51जो भगवान का भक्त होता है उसको कल खा नहीं
  1239. 1:22:54सकता है वो कालका डबल होता है दल का डू ना
  1240. 1:22:57होता तो यही होता है
  1241. 1:23:00तुलसी मीरा कबीर नानक यह सब मार नहीं सकते
  1242. 1:23:03हैं मौत मार जाएगी सूरज मार जाएगा चंद्रमा
  1243. 1:23:06मार जाएगा धरती मार जाएगी आकाश मार जाएगा
  1244. 1:23:08पूरा संसार मार जाएगा ये नहीं मरेगा राम
  1245. 1:23:11का नाम
  1246. 1:23:12लेकर जो मार जाएंगे
  1247. 1:23:16वो अमर नाम दुनिया में कर जाएं
  1248. 1:23:24मार जाएं
  1249. 1:23:26वो मरना दुनिया
  1250. 1:23:29में राम का नाम लेकर जो मार जाएंगे
  1251. 1:23:40राम
  1252. 1:23:45[संगीत]
  1253. 1:23:50पूछो की मार कर जाएंगे
  1254. 1:23:53[संगीत]
  1255. 1:24:00पूछो की मार कर इधर जाएंगे हर जिधर बेच
  1256. 1:24:06देंगे उधर जावेंगे
  1257. 1:24:09[संगीत]
  1258. 1:24:13खुदाई ने राम का नाम लेकर जो मार जाए के
  1259. 1:24:18वो अमरनाथ दुनिया का दर्ज है राम का नाम
  1260. 1:24:25लेकर जो मार जाएंगे
  1261. 1:24:28[संगीत]
  1262. 1:24:34आत्माओं एन मानो खुशी आपकी बात
  1263. 1:24:41खुशी आपकी आत्मा ओम नमो खुशी आपकी
  1264. 1:24:48तुम्हारा
  1265. 1:24:51मैया आपकी हम साथ रहे कर-कर चले जाएं हम
  1266. 1:24:58मुसाफिर
  1267. 1:25:03कॉमन मैं कर जाएंगे
  1268. 1:25:08[संगीत]
  1269. 1:25:12राम का नाम लेकर जो मार जाएंगे वो हमारे
  1270. 1:25:18नाम दुनिया बदल जाएंगे
  1271. 1:25:33डोकरा
  1272. 1:25:36आंसू काफी रूप
  1273. 1:25:41दिखावा
  1274. 1:25:43बरसो दो ना
  1275. 1:25:46[संगीत]
  1276. 1:25:49सत जो जन्म
  1277. 1:25:54[संगीत]
  1278. 1:25:56जो
  1279. 1:25:59लड़की प्रधानमंत्री
  1280. 1:26:12[संगीत]
  1281. 1:26:32[संगीत]
  1282. 1:26:42तो हनुमान जी को लगाए तो टाइम का वेस्टेज
  1283. 1:26:44हो रहा है
  1284. 1:26:46और जिसको भक्ति की खोज करनी हो उसको संसार
  1285. 1:26:49की pratispardhaon में बहुत समय नहीं खराब
  1286. 1:26:52करना चाहिए इसको आप इस पॉइंट पर भी जरा
  1287. 1:26:56टिक के सुनो जिसको सीता की खोज करनी है
  1288. 1:26:59लक्ष्य की प्राप्ति करनी है भक्ति की
  1289. 1:27:01प्राप्ति करनी है उसको संसार के कंपटीशन
  1290. 1:27:04में नहीं फंसा चाहिए क्योंकि इसका कोई और
  1291. 1:27:07छोड़ नहीं कंपटीशन का है
  1292. 1:27:09आजकल मोहल्ले में आप देखिए मोहल्ले में
  1293. 1:27:11क्या हो रहा है
  1294. 1:27:12पूरा जीवन सब खाप जा रहा है खाली इस
  1295. 1:27:15प्रधान इनका
  1296. 1:27:21[संगीत]
  1297. 1:28:04[संगीत]
  1298. 1:28:15अब जहां तक pahunchoge उसके आगे और कोई
  1299. 1:28:17निकल जाएगा फिर हमको दो ये भी इसके आगे
  1300. 1:28:19निकलना है तो तब तक और कोई निकल दिया गया
  1301. 1:28:21बिल्कुल दो इसके लिए दुनिया में पैदा हुए
  1302. 1:28:23हो
  1303. 1:28:24ये दुनिया में इसलिए आए द की बस खाली मकान
  1304. 1:28:27है ऊंचा कर तो जाओ
  1305. 1:28:29खाली गाड़ी महंगी महंगी लेते जाओ इसका
  1306. 1:28:32लक्ष्य गाड़ी और मकान नहीं है इसका लक्ष्य
  1307. 1:28:35कंपटीशन नहीं है इसका लक्ष्य तो सीता है
  1308. 1:28:38राम का दिल
  1309. 1:28:43लेकिन लेकिन संसार के 90% लोग खाली
  1310. 1:28:45कंपटीशन में ही पूरा जीवन खाली कंपटीशन
  1311. 1:28:48में तुमसे आगे बढ़कर हम दिखाएंगे तुमसे
  1312. 1:28:51बड़े बन के दिखाएंगे
  1313. 1:28:54भाई बहनों हनुमान जी को लगाए तो बहुत टाइम
  1314. 1:28:57खराब हो गया
  1315. 1:29:05टाइम खराब हो रहा है आगे बड़े अपना कम
  1316. 1:29:08करना है की हम यह कंपटीशन फस जाएंगे
  1317. 1:29:12थोड़ा तिलक गुरु पवन sutlin है ये कोई
  1318. 1:29:14क्यूट है कोई चाहते तो कर लेते हो जस-जस
  1319. 1:29:19सुरक्षा बदन बढ़ावा तस दूध दिखावा और बड़े
  1320. 1:29:22हो लेते लेकिन लगाए इसमें हम टाइम का खाली
  1321. 1:29:26दुरुपयोग हो रहा है इसमें फालतू कहां जा
  1322. 1:29:29रहे हो क्या कर रहे हैं
  1323. 1:29:34अति लघु pawansutlina हनुमान
  1324. 1:29:38[संगीत]
  1325. 1:29:40खड़ी हो बदन पे
  1326. 1:29:44उसके गए पेट में चले गए पेट में अब जब तक
  1327. 1:29:49वह मुंह बंद करू तो उसको लगा पेट में
  1328. 1:29:52बंद करिए अब बंद करना शुरू किया उसने बंद
  1329. 1:29:55करके
  1330. 1:29:57400 को उसका मुथा उसका
  1331. 1:30:00अब अगर 500 की स्पीड बंद कर रहे हो भाई
  1332. 1:30:04स्पीड बंद कर 500 की स्पीड है
  1333. 1:30:0812000 किलोमीटर लखनऊ
  1334. 1:30:14[संगीत]
  1335. 1:30:25[संगीत]
  1336. 1:30:30माताजी अब देखो तुम्हारा मैंने कम पूरा कर
  1337. 1:30:34दिया तुमने कहा था
  1338. 1:30:35मेरे मुंह में आओ मैं ए गया फिर पेट्रोल
  1339. 1:30:38चला गया अब मैं बाहर भी ए गया हूं और जो
  1340. 1:30:41अच्छा एक बात बताओ जो जो पेट में जाए और
  1341. 1:30:44बाहर ए जाए
  1342. 1:30:48जब कोई चीज घुमा रखो पेट में जाओ और अंदर
  1343. 1:30:51से कुछ यू हो जाए पूरा हो तो क्या बात
  1344. 1:30:54होगा
  1345. 1:30:57उल्टी उल्टी
  1346. 1:31:08[संगीत]
  1347. 1:31:12से तुलसा बहुत खुश हुई वह
  1348. 1:31:17खाने थोड़ा
  1349. 1:31:20[संगीत]
  1350. 1:31:23बच के बाहर ए गए बुद्धि की परेशान पास हो
  1351. 1:31:27गए हो क्या बढ़िया साफ-साफ बुरी होके ए
  1352. 1:31:29गया मैंने हमारा कम भी हो गया बदन पे कौन
  1353. 1:31:31हरा मैं इसको खा भी गई और बाहर भी ए गए तब
  1354. 1:31:36उसने हनुमान जी को आशीर्वाद दिया की मोह
  1355. 1:31:39ईश्वर
  1356. 1:31:43[संगीत]
  1357. 1:31:45में बाबा मैं तुम्हारी सब राजकुमार नंबर
  1358. 1:31:48चेक कर लिया मैंने
  1359. 1:31:50आप आप इन दोनों चीजों में डिक्टेशन
  1360. 1:31:53राम काजू सब कारी
  1361. 1:31:58[संगीत]
  1362. 1:32:05[संगीत]
  1363. 1:32:11[संगीत]
  1364. 1:32:25[संगीत]
  1365. 1:32:40मेरी शुभकामनाएं
  1366. 1:32:50[संगीत]
  1367. 1:32:54लेकिन इसका जो आध्यात्मिक पक्ष है बड़ा
  1368. 1:32:56प्यारा है उसको भी थोड़ा जान लो तब आगे
  1369. 1:32:57बढ़ते हैं हम लोग में
  1370. 1:33:00सुरसा के दो अर्थ महात्माओं ने खोजे
  1371. 1:33:02विद्वानों ने हमें दोनों आपको बता डन आप
  1372. 1:33:06दोनों में से जो अच्छा लगे उसको ले लीजिए
  1373. 1:33:09सुरसा का एक अर्थ तो संतों ने बताया
  1374. 1:33:11तृष्णा वासना
  1375. 1:33:14और वासना इसको इसलिए बताया गया है क्योंकि
  1376. 1:33:17इसका मुंह फैलता ही जाता है फैलता ही जाता
  1377. 1:33:21है
  1378. 1:33:21[संगीत]
  1379. 1:33:26जिसका मुंह फैलता ही जाए फैलता ही जाए
  1380. 1:33:30उसका नाम क्या हो सकता
  1381. 1:33:33जी का मुंह भ्रम मुश्किल हो जितने
  1382. 1:33:35bharvata डू ना खोल दे जितने कोशिश करो
  1383. 1:33:38भरे करते हैं और डू ना खोल दे इसको क्या
  1384. 1:33:41बोल सकते हैं हम लोग वासना ही है वासना
  1385. 1:33:46ऐसी डायन है
  1386. 1:33:51इसका मुंह इस जगत में कोई ऐसा मैं का लाल
  1387. 1:33:54पैदा नहीं हुआ है जो इसका मुंह आतंक भर
  1388. 1:33:58भरा है
  1389. 1:33:59इसका मैं भरना मुश्किल है
  1390. 1:34:02तो अगर मिल जाए लाभ कहीं से तो करोड़ की
  1391. 1:34:05पुरी हो जाए तो अरब की इच्छा पैदा हो
  1392. 1:34:08जाएंगे
  1393. 1:34:08[संगीत]
  1394. 1:34:14जिसे कोई हमको अगर
  1395. 1:34:16मैं कथा हूं मैं जब कथा शुरू किया था तो
  1396. 1:34:20मुझे ठीक से पहले कथा मुझे रुपए मिलता 51
  1397. 1:34:23रुपीस ओनली
  1398. 1:34:2451 रुपए दक्षिण मत 51 और कोई बहुत पुरानी
  1399. 1:34:28थोड़ा 20 साल पहले 21 साल पहले ₹51 मात्रा
  1400. 1:34:32पाए द अब हो क्या
  1401. 1:34:35अपने पास बारात एक गैस लाइट के लिए अपने
  1402. 1:34:39पैसे से ₹70 के
  1403. 1:34:42और माइक एक उदाहरण
  1404. 1:34:45खाली है
  1405. 1:34:48₹100 पड़े 7 दिन के लिए
  1406. 1:34:55[संगीत]
  1407. 1:35:01अब सोचिए हम लगाएंगे खुद अपने पास से नहीं
  1408. 1:35:04तुमको
  1409. 1:35:05[संगीत]
  1410. 1:35:08अब मेरी बात समझिए अब ये 51 भी हम ही पाए
  1411. 1:35:12बैठे हैं हमें 300 पाए हैं हमें कहे
  1412. 1:35:15दूसरों
  1413. 1:35:19टाइम बोलेंगे
  1414. 1:35:22[संगीत]
  1415. 1:35:28[संगीत]
  1416. 1:35:38बात वो नहीं कर मुझे कुछ कहना है अब लाखों
  1417. 1:35:42मिल रहे हैं लेकिन तुम अभी कोई पूछे कोई
  1418. 1:35:44रमेश भाई तड़पता होगा
  1419. 1:35:4951 पाइप है तो 100 की भूख रहा है
  1420. 1:35:581 करोड़ से कम तो अब है एक कोई कथा वाचक
  1421. 1:36:02में नाम नहीं बताऊंगा टीवी बोला था की
  1422. 1:36:03खुले मैदान की मेरी कथा करनी है वंस यार
  1423. 1:36:08खुले मैदान बोला 1 करोड़ व्यवस्था करो एक
  1424. 1:36:12करोड़ की व्यवस्था
  1425. 1:36:14तो यह सुरक्षा का मुंह करोड़
  1426. 1:36:20मैं का लाल आज तक भर नहीं सका
  1427. 1:36:25और मुंह खोलती है और मुंह खोलती है
  1428. 1:36:29बड़ी प्यारी कहते हैं
  1429. 1:36:34चाहत पैसों से आनन में आने लगी उन्हें
  1430. 1:36:37ध्यान देकर सुनेगा
  1431. 1:36:39पैसों से आनन में आने लगी
  1432. 1:36:43और चाह आने से रुपया बनाने लगी धंधे की सन
  1433. 1:36:47चाह पैसों से आनन में आने लगी और चाह आने
  1434. 1:36:51से रुपया बनाने लगी और चार रुपए से कोठी
  1435. 1:36:55बनाती गई
  1436. 1:36:56[संगीत]
  1437. 1:36:57और चाह कोठी में मोटर को लाती गई
  1438. 1:37:00और चाह मोटर उसे होटल घूमती गई और चाह
  1439. 1:37:05होटल में बोतल खोल गई है और चाह वोटर से
  1440. 1:37:09हॉस्पिटल पहुंचती गई बस यह चाह के चक्कर
  1441. 1:37:13में इंसान दिन भर रात भर दौड़ रहा है रात
  1442. 1:37:16भर
  1443. 1:37:18एक बड़े प्यारे संत हुए हैं पथिक जी
  1444. 1:37:20महाराज उनके एक शिष्य हैं अपने मोहल्ले
  1445. 1:37:22में रहते हैं कहीं पर सलाह आए द वो योगी
  1446. 1:37:24जी महाराज की नहीं दिख रहे हैं कहीं किसी
  1447. 1:37:27से प्रतीक जी
  1448. 1:37:30महाराज जी का एक बड़ा प्यारा गीत मुझे याद
  1449. 1:37:32ए रहा है वो कहते द
  1450. 1:37:33[संगीत]
  1451. 1:37:35की जिसे जाना हो
  1452. 1:37:37[संगीत]
  1453. 1:37:39जिसे जाना हो दुख से पार
  1454. 1:37:44तो सुख की चाहत जो जिसे जाना हो दुख से
  1455. 1:37:51पार
  1456. 1:37:55[संगीत]
  1457. 1:38:00हो गई
  1458. 1:38:03[संगीत]
  1459. 1:38:15[संगीत]
  1460. 1:38:21विचार सुख की चाहत जो
  1461. 1:38:27चाहत के पीछे
  1462. 1:38:31[संगीत]
  1463. 1:38:36जीव भर सदा धोता है
  1464. 1:38:41[संगीत]
  1465. 1:38:45चाहत पीछे
  1466. 1:38:51जीव भर सदा होता है
  1467. 1:38:55जहां पुरी नहीं होती है तभी
  1468. 1:38:59[संगीत]
  1469. 1:39:00पुरी नहीं होती है तभी होता है
  1470. 1:39:05खुला सबके लिए है यह बाल सुख की
  1471. 1:39:14ये है ये
  1472. 1:39:17[संगीत]
  1473. 1:39:18दुआ है जो ज्ञानियों का यही है
  1474. 1:39:23विशाल सुख की
  1475. 1:39:28चलो का यही है
  1476. 1:39:32[संगीत]
  1477. 1:39:36आध्यात्मिक अर्थों में सुरसा तृष्णा है
  1478. 1:39:39वासना है इसका मुंह कोई भर नहीं सकता है
  1479. 1:39:43भाई इसको इससे बचने का उपाय क्या है इसको
  1480. 1:39:46जितने का अति लघु रूप अति लघु माने होता
  1481. 1:39:50है संतोष कर लेना संतोष प्राप्त जो है
  1482. 1:39:54उतना पर्याप्त है जो प्राप्त है वो
  1483. 1:39:57पर्याप्त है ये है atlav रूप का अर्थ और
  1484. 1:40:00जो प्राप्त को पर्याप्त मैन लेता है उसकी
  1485. 1:40:02सुरक्षा पर हर जाते हैं और आप भी इस भाव
  1486. 1:40:05में ए जाओ की जो मेरे पास इतना बहुत है जो
  1487. 1:40:08इतना है इतना बहुत है
  1488. 1:40:11लेकिन जो इसको प्राप्त करोगे नहीं नहीं और
  1489. 1:40:14चाहिए
  1490. 1:40:24रन निकलने
  1491. 1:40:31[संगीत]
  1492. 1:40:34जेठालाल
  1493. 1:40:39प्राप्त में जो पर्याप्त मैन लेता है
  1494. 1:40:42प्राप्त को बस वो फिर सुरसा का आशीर्वाद
  1495. 1:40:45का लेता है
  1496. 1:40:47[संगीत]
  1497. 1:40:54उसका दो ना
  1498. 1:40:57तो सुरसा का एक तो अर्थ हो गया
  1499. 1:41:00सुरक्षा का एक अर्थ और एक महापुरुष ने
  1500. 1:41:03खोजा बहुत प्यारा अर्थ है इसको भी सन लो
  1501. 1:41:07सुरसा माने होता है
  1502. 1:41:10संसार का सबसे सुंदर रस सूरसागर
  1503. 1:41:15[संगीत]
  1504. 1:41:22तो संसार का जो सबसे बेहतरीन टेस्ट है
  1505. 1:41:25स्वाद है रस है उसका नाम भी है
  1506. 1:41:29संसार का सबसे बेहतरीन रस किस्म होता है
  1507. 1:41:31किस देश में किस मिठाई में होता है
  1508. 1:41:36कौन सी है
  1509. 1:41:39की वो उसे मिठाई का नाम है प्रशंसा
  1510. 1:41:43प्रशंसा ऐसी डिश है जो सबको अच्छी लगती है
  1511. 1:41:46[संगीत]
  1512. 1:41:49रसगुल्ला सबका स्वागत है आपने रसगुल्ला
  1513. 1:41:54मिठाई के नाम पर chidhte हैं
  1514. 1:41:55[संगीत]
  1515. 1:42:26खून थोड़ी जाता है तो दुनिया की हर चीज
  1516. 1:42:30में सबको नहीं स्वाद मिलता है लेकिन एक
  1517. 1:42:33ऐसा सुंदर रस है दुनिया में प्रशंसा जो
  1518. 1:42:36सबको मिटती है सबको अच्छी लगेगी
  1519. 1:42:41चाहे पंडित हो चाहे डाकू हो चाहे आप हो
  1520. 1:42:45चाहे हम हो
  1521. 1:42:48रही है
  1522. 1:42:50आप बस बोल दो एक बार फिर झूठ है रमेश भाई
  1523. 1:42:54आज कसम मजा आएगा रमेश भाई गुलगुला
  1524. 1:42:58[संगीत]
  1525. 1:43:00प्रशंसा इसी मिठाई है
  1526. 1:43:04प्रशंसा
  1527. 1:43:06भी ऐसी भयंकर खतरनाक डायन है यह इसका भी
  1528. 1:43:10मुंह कोई भर नहीं सकता है
  1529. 1:43:12और भक्ति के रास्ते की दूसरी बहुत भयंकर
  1530. 1:43:16बढ़ा है प्रशंसा के चक्कर में भी जो पद
  1531. 1:43:18गया चूसा के चक्कर में मैन लड़ाई के चक्कर
  1532. 1:43:21में भक्ति की यात्रा में वह भी वहीं पर
  1533. 1:43:24रुक जाएगा फैंस जाएगा मैंने आपसे कल एक
  1534. 1:43:27चौपाई कही थी ना भक्ति के रास्ते की चार
  1535. 1:43:29बार हैं जो है एक बधाई भी है लड़ाई भी है
  1536. 1:43:32सुख संपत्ति
  1537. 1:43:35परिवार बधाई
  1538. 1:43:39सुख
  1539. 1:43:41संपत्ति पर
  1540. 1:43:43वॉर
  1541. 1:43:45पढ़ाई
  1542. 1:43:46सब पर हरि कारी आओ सब खाई
  1543. 1:43:58[संगीत]
  1544. 1:44:04[संगीत]
  1545. 1:44:13badlavra घर
  1546. 1:44:19sabrahi भी बहुत बाधक तीज का नाम है और जो
  1547. 1:44:23इसके चक्कर में पद गया उसको जो जीत नहीं
  1548. 1:44:25पाया वह भी भक्ति की प्राप्ति से चूक
  1549. 1:44:28जाएगा भक्ति तक पहुंचना है तो आपको
  1550. 1:44:30प्रतिष्ठा से भी बचाना होगा वह हवाई से
  1551. 1:44:33बचाना होगा मैन लड़ाई से बचाना होगा
  1552. 1:44:36जगतगुरु भगवान ने एक बड़ी बढ़िया बात कही
  1553. 1:44:40थी
  1554. 1:44:41प्रत्येक साधक को मांग बधाई से ऐसे बचाना
  1555. 1:44:45चाहिए जैसे सूअर का पकाना
  1556. 1:44:48प्रतिष्ठा इस
  1557. 1:44:50सांडों के शब्दों में प्रतिष्ठा का नाम
  1558. 1:44:52क्या लिखा है प्रतिष्ठा सुकरी विष्ठा
  1559. 1:44:55साधक के लिए प्रतिष्ठा सुकरी विष्ठा है
  1560. 1:44:58[संगीत]
  1561. 1:45:00जैसे आप कहीं जा रहे हो तो रास्ते में
  1562. 1:45:02कहीं सड़क पर सूअर ने किया हो और सूअर की
  1563. 1:45:05पड़ी हुई हो तो आप क्या करते हो उसको जरा
  1564. 1:45:0910-12 फुट उससे बच के निकलते हो ना ऐसा
  1565. 1:45:12जिसको भक्ति की प्राप्ति करनी है इसको
  1566. 1:45:14भगवान की भक्ति में सफलता पानी है उसको इस
  1567. 1:45:17मैन बड़ाई को 10-12 फुट दूर से बायपास
  1568. 1:45:19करना चाहिए इसके चक्कर में जो पद गया वो
  1569. 1:45:22बस वहीं पर रुक जाएगा वह भाई इंसान को खा
  1570. 1:45:25लेती है
  1571. 1:45:27प्रशंसा बहुत घटक वस्तु का नाम होता है
  1572. 1:45:31इसको जितना पड़ता है कैसे जीता जाए
  1573. 1:45:34कैसे जीते तो हनुमान जी से सीखो सुनो ना
  1574. 1:45:37खाली सिखाओ हनुमान जी वैज्ञानिक हैं हम
  1575. 1:45:41बेगानी से कुछ सीखना चाहिए हमको आपको तो
  1576. 1:45:44हनुमान जी कैसे जीतेगा को तो गोस्वामी जी
  1577. 1:45:46कहते हैं सत जो जन्म ते ही
  1578. 1:45:50आनंद की ना सत जो तेरी
  1579. 1:45:58[संगीत]
  1580. 1:46:08[संगीत]
  1581. 1:46:11आनंद के
  1582. 1:46:21[संगीत]
  1583. 1:46:31[संगीत]
  1584. 1:46:39हथियार का नाम है अति लघु रूप अति लघु मैन
  1585. 1:46:45बधाई की सुरक्षा को जितना है मैन बड़ाई से
  1586. 1:46:47बच के आगे बढ़ाना है तो आपको
  1587. 1:46:50अतिल अप करने की
  1588. 1:46:56बायपास करके आगे बढ़ जाता है
  1589. 1:46:58[संगीत]
  1590. 1:47:01अति लघु का अर्थ होता है अपने को दिखाना
  1591. 1:47:04ना
  1592. 1:47:05जब तक इंसान अपने को दिखाने की चेष्टा
  1593. 1:47:09करेगा अति लघु का अर्थ है दिखाना ना
  1594. 1:47:12दो शब्द हमारे लघु और अति लघु
  1595. 1:47:16लघु माने होता है छोटा
  1596. 1:47:18लेकिन इतना छोटा जिसको आंखें
  1597. 1:47:25[संगीत]
  1598. 1:47:27गुलाब की फूल की पट्टी है लघु छोटी है
  1599. 1:47:30लेकिन बहुत छोटी नहीं है की इसको आंख
  1600. 1:47:32दिखाना
  1601. 1:47:33[संगीत]
  1602. 1:47:35अब
  1603. 1:47:36[संगीत]
  1604. 1:47:39हमारे हाथ में पत्तियां बहु हैं
  1605. 1:47:42अभी है
  1606. 1:47:43[संगीत]
  1607. 1:47:51और
  1608. 1:47:52[संगीत]
  1609. 1:47:55अभी ये लघु है
  1610. 1:47:56[संगीत]
  1611. 1:48:03इसको बोलते हैं
  1612. 1:48:11जब तक हम करेंगे
  1613. 1:48:14तब तक यह वह वह करने वाले यह माला पहनने
  1614. 1:48:17वाले यह सर्टिफिकेट देने वाले इस साल
  1615. 1:48:20उठाने वाले आपका पिन नहीं छोड़े इस रूस
  1616. 1:48:22हैं आपको लगता है की मिल रहा है तो बड़ा आ
  1617. 1:48:27मैं निंदा भी नहीं किसी कर रहा हूं सम्मान
  1618. 1:48:30के भूखे कौन है दुनिया में है समान देव तो
  1619. 1:48:32सब चौड़े हो जाते हैं
  1620. 1:48:33इसलिए तो लोग देर हैं की लोग jujhav का का
  1621. 1:48:37रख लो गुल्ला बनाओ बैठ कर
  1622. 1:48:42पदम श्री और फलाना शरीर धमाका श्री और
  1623. 1:48:45हमारी कमेटी भी कई सम्मान देती है अपने हर
  1624. 1:48:47साल
  1625. 1:48:48[संगीत]
  1626. 1:49:02आप आपकी बात नहीं कर रहा हूं संसार भर में
  1627. 1:49:04बीमारी चल रही है संसार भर में फैली हुई
  1628. 1:49:06है
  1629. 1:49:08अच्छे-अच्छे लेती है भक्ति के रास्ते में
  1630. 1:49:12इंसान की तंग पकड़ लेती
  1631. 1:49:16बस अपने को दिखाने की चेष्टा जब तक करोगे
  1632. 1:49:19तब तक इस संसार आपको बक्से की नहीं इससे
  1633. 1:49:23बचने का एकमात्र पाए है अति लघु रूप
  1634. 1:49:27बिल्कुल जैसे अदृश्य हो जाओ वहां से अपने
  1635. 1:49:31को दिखाओ
  1636. 1:49:32अभी कल मुझको छोड़ने गए द अवस्थी जी
  1637. 1:49:39तो हमने पूछा
  1638. 1:49:47में
  1639. 1:49:52तुमने
  1640. 1:49:56हुआ हमारा आपका कोई नजदीक से करनी वो पीछे
  1641. 1:50:00रहे हमेशा सपने कम से कम रखा पीछे पड़ता
  1642. 1:50:03है
  1643. 1:50:06क्योंकि अब की दिखाई पद रहा है ना इसलिए
  1644. 1:50:09निंदा नहीं है मैं ये दास्तान दे रहा हूं
  1645. 1:50:1315 साल से कर रहे हैं आपकी लाइफ में ए गए
  1646. 1:50:16और लाइट में ए गए तो प्रशंसा पाएंगे
  1647. 1:50:27[संगीत]
  1648. 1:50:33बुरा नहीं मानेगा मैं इसलिए बोल रहा हूं
  1649. 1:50:36की कल हमारा परिचय हुआ इसमें बोला बोले हम
  1650. 1:50:39कई सारे सेवा कर रहे हैं लेकिन वो पीछे
  1651. 1:50:41रहते द अपना बेड के suniyega
  1652. 1:50:44जो करना था सेवा कर दे
  1653. 1:50:46हनुमान जी को देखो 5 6 पवन
  1654. 1:50:51राम जी से पूछा गया जनकपुर में जो परशुराम
  1655. 1:50:54दादा आए और पावा लटके कौन टोडा धनुष कौन
  1656. 1:50:57टोडा
  1657. 1:50:59तो राम जी तोड़े द सामने खड़े द पूछ रहे
  1658. 1:51:02कौन टोडा बताओ राम जी क्या बोले
  1659. 1:51:05[संगीत]
  1660. 1:51:26[संगीत]
  1661. 1:51:36[संगीत]
  1662. 1:51:55मत समझो
  1663. 1:51:59भजन हरा
  1664. 1:52:02घाट शंभू
  1665. 1:52:07anjanhara
  1666. 1:52:09ही है
  1667. 1:52:15[संगीत]
  1668. 1:52:18तो संसार से बच गए
  1669. 1:52:32और तब आशीर्वाद मिलेगा आपको राम काजू सब
  1670. 1:52:36karihao तुम बुलबुल
  1671. 1:52:41[संगीत]
  1672. 1:52:51और आगे बढ़े द तो एक और तीसरी बढ़ा सामने
  1673. 1:52:55खड़ी है
  1674. 1:52:57चार बढ़ाएं हैं सब मिलाकर के तीसरी यह है
  1675. 1:52:59चौथी नमकीन टर्म मिलेगी गेट पर आज मिले
  1676. 1:53:04चाहे काली मिली वो जरूर आना आज नहीं तो कल
  1677. 1:53:07पक्का मिल जाएगी
  1678. 1:53:09तो
  1679. 1:53:10जिस तीसरी बात हनुमान जी के सामने खड़ी
  1680. 1:53:12हुई कौन सी बात है चौपाई गांव दोहा नंबर
  1681. 1:53:15दो के बाद अगली चौपाइयां गई उसी में लिखी
  1682. 1:53:17है
  1683. 1:53:19[संगीत]
  1684. 1:53:27[संगीत]
  1685. 1:53:40जीव जंतु जाएगा दोनों ही
  1686. 1:53:45[संगीत]
  1687. 1:53:47[प्रशंसा]
  1688. 1:53:50लोग एन कर
  1689. 1:53:55[संगीत]
  1690. 1:54:07[संगीत]
  1691. 1:54:13आई रहे
  1692. 1:54:17[संगीत]
  1693. 1:54:31[संगीत]
  1694. 1:54:45[संगीत]
  1695. 1:54:47तारों का देवता
  1696. 1:54:52गए मदीने
  1697. 1:54:55[संगीत]
  1698. 1:54:58वाले
  1699. 1:55:00रा एक दो तीन चार पंच चौपाई का टॉपिक है
  1700. 1:55:02ये तीसरी बात का
  1701. 1:55:05निश्चय एक सिंधु मोहराई गोस्वामी जी कहते
  1702. 1:55:08हैं
  1703. 1:55:09एक निशाचर सिंधु मोहराई समुद्र में रहती
  1704. 1:55:13थी
  1705. 1:55:17नाम क्या था इसकी बिटिया थी किसकी बहन थी
  1706. 1:55:21किसकी बीवी थी इसकी मम्मी थी कोई परिचय
  1707. 1:55:30हान जय जय ग्वार राज किशोरी नाम नाम एक
  1708. 1:55:35मिस्त्री
  1709. 1:55:36यह का बाकी सब का नाम लिखा है
  1710. 1:55:41ऐसा नहीं है पता नहीं था ऐसा नहीं है
  1711. 1:55:52समुद्र में रहती थी पानी के भीतर
  1712. 1:55:56अब गोस्वामी जी गुस्से में लिखे हैं नाम
  1713. 1:55:58इसका गुस्से में बाकी इसका नाम तो है ही
  1714. 1:56:00शास्त्रों
  1715. 1:56:07यह है कश्यप की सगी बिटिया है
  1716. 1:56:10सगी बिटिया है और प्रहलाद जी की सगी बहन
  1717. 1:56:14है
  1718. 1:56:16बृज की बुआ थी वो होलिका लेकिन ये पहला जी
  1719. 1:56:19की शकील सिस्टर है
  1720. 1:56:23इसके पति का नाम था विप्र चींटी
  1721. 1:56:27को और ये राहु और केतु दो बच्चों की मम्मी
  1722. 1:56:31है राहु केतु इसके दो पुत्र हैं जिनका
  1723. 1:56:34क्या गर्व संभुतम tamraham प्रणाम में हम
  1724. 1:56:37राहु उसका बेटा है की तू इसका बेटा है
  1725. 1:56:40तो पूरा परचेज का यह हैरान कश्यप की बेटी
  1726. 1:56:43है प्रहलाद जी की बहन है विप्र चींटी की
  1727. 1:56:46पत्नी है राहु केतु की मम्मी
  1728. 1:56:49लेकिन गोस्वामी जिसका नाम लिखे क्यों नहीं
  1729. 1:56:51ये भी प्रश्न है
  1730. 1:56:53का नाम लिख सकते हैं जब
  1731. 1:56:57सुरसा का नाम लिख दिए हैं
  1732. 1:57:01एक nishchayri त्रेता नाम राजश्री का तो
  1733. 1:57:04फिर इसका नाम क्यों नहीं लिखे बेचारी का
  1734. 1:57:06बेचारी बेचारी नहीं
  1735. 1:57:10इसका नाम क्यों नहीं लिखे स्काई बहुत
  1736. 1:57:12गंभीर कारण यह है
  1737. 1:57:13[संगीत]
  1738. 1:57:14की बाकी sabriyan हैं चाहे तृता हो चाहे
  1739. 1:57:17वह सुख सन सा हो और चाहे वो लांगती हो ये
  1740. 1:57:22अनंता का तो आप फाइनली राम कार्य में
  1741. 1:57:24सहायक हो गई फाइनली थोड़ा बाधक बनी लेकिन
  1742. 1:57:27बाद में सब सहायक बन गई सुरक्षा पहले बढ़ा
  1743. 1:57:30बनी खाऊंगी हरा लेकिन बाद में क्या बोली
  1744. 1:57:34बाद में टोला दिया है राम काजू सब कारी हो
  1745. 1:57:38ठीक है नांगिनी पहले बोली मोहर मैं तुझे
  1746. 1:57:42खाऊंगी अब आगे बोलेगी पहले तो डिस्टर्ब
  1747. 1:57:59मिशन की बहन है
  1748. 1:58:02तो जो राम कार्य में सहायक हो रामजी का
  1749. 1:58:05भक्त हो
  1750. 1:58:07उसका नाम लेने में तो हर्ज नहीं होता है
  1751. 1:58:09भक्तों को संत को लेकिन यह जो यह जो है ना
  1752. 1:58:12राजा
  1753. 1:58:14बनी इसने कोई हेल्प नहीं किया टोटली बढ़ा
  1754. 1:58:17और जो राम कार्य में बाधक बन रहा हो उसे
  1755. 1:58:21आदमी का नाम लेने से भी पाप लगता है इसलिए
  1756. 1:58:24गोस्वामी जी ने उसका नाम नहीं लिखा है की
  1757. 1:58:26सुरक्षा का नाम लिख सकते हैं तो लंकिनी
  1758. 1:58:27नाम लिख सकते हैं इसका नाम क्यों नहीं लिख
  1759. 1:58:29सकते
  1760. 1:58:32हैं और जो राम कार्य में बाधक बने उसका
  1761. 1:58:35नाम लेने से अपराध होता है इसलिए बाबा ने
  1762. 1:58:39उसके नाम को इग्नोर किया
  1763. 1:58:42[संगीत]
  1764. 1:58:50कार्तिक के खाती क्या थी इसका बिजनेस क्या
  1765. 1:58:52था
  1766. 1:58:53तो कर ही माया नभ के खड़ाई
  1767. 1:58:57ये आसमान के
  1768. 1:58:59जीवन को खाती थी कोई पश्चिम गगन udaahi
  1769. 1:59:03आकाश से उड़ता हुआ निकलता था पानी के ऊपर
  1770. 1:59:06से तो उसकी परछाई पानी पड़ती थी अब बस ये
  1771. 1:59:09झपट के आए पानी के अंदर से और उसकी परछाई
  1772. 1:59:12को टच कर देती है और परछाई पकड़ी तो उसके
  1773. 1:59:16पास ऐसा कोई पावर था माया था पावर था की
  1774. 1:59:18परछाई पकड़ी तो जो उड़ता हुआ पक्षी होता
  1775. 1:59:20था पशु को फिर आगे उद नहीं पता उसकी स्पीड
  1776. 1:59:24रुक जाती थी फिर उसको परछाई के थ्रू
  1777. 1:59:30उसको
  1778. 1:59:33रोज का धंधा था
  1779. 1:59:36जीव-जंतुझे गगन
  1780. 1:59:42बस यही का मिस की jivikata है
  1781. 1:59:45अब हनुमान जी उड़ते जा रहे द उनकी परछाई
  1782. 1:59:49पद रही थी और इसका तो वही रन धंधा ही था
  1783. 1:59:51तो बस ये दौड़ी और जुगल जो रोज करती थी
  1784. 1:59:54वही किया 100-16 वही कम किया जो सबके साथ
  1785. 1:59:58कर दिया एक हमारे कहावत है ना वो की वो
  1786. 2:00:01कहे धोखे कपास खारिया
  1787. 2:00:09[संगीत]
  1788. 2:00:14हनुमान जी हनुमान जी हैं लेकिन उसको लगा
  1789. 2:00:17कोई उद रहा हो तो जो करते हैं वह गिरा खाए
  1790. 2:00:19चक्कर में हनुमान जी को पकड़ ली और
  1791. 2:00:22गोस्वामी जी कहते हैं सॉरी इंशाल्लाह
  1792. 2:00:24हनुमान का किनारा और गिरना शुरू किया नीचे
  1793. 2:00:28को खींचने शुरू किया अब हनुमान जी तो
  1794. 2:00:31गिरते आए गिरते आए और जहां मुंह के पास
  1795. 2:00:34लाई की खाई हनुमान जी का हनुमान जी को
  1796. 2:00:37रेडी रहता है हमेशा रेडी रहता है
  1797. 2:00:42संभाले बैठे हुए और जो मुंह के पास लाई
  1798. 2:00:45ऐसा गधा मारा की उसके नीचे वाली चाप पहुंच
  1799. 2:00:48गई जानकीपुरम
  1800. 2:00:50[संगीत]
  1801. 2:00:55उसका पूरा मोहे फैट गया नीचे वाली चाप उधर
  1802. 2:00:58ऊपर की जाप राजा जी इतना उसका मुंह फैट
  1803. 2:01:01गया मुंह से खून की उल्टी हुई और गोस्वामी
  1804. 2:01:04जी कहते हैं ता ही मारी मारुति सूट वीरा
  1805. 2:01:09[संगीत]
  1806. 2:01:10[प्रशंसा]
  1807. 2:01:14[संगीत]
  1808. 2:01:19[प्रशंसा]
  1809. 2:01:23[संगीत]
  1810. 2:01:30[संगीत]
  1811. 2:01:32अंधेरा हनुमान जी उसको मारे और मार के
  1812. 2:01:36मारते हनुमान जी वाहिद पर
  1813. 2:01:40अब इस कथा में से एक तत्व निकल लिया जाए
  1814. 2:01:43फटाफट सन लो इसको मारते हैं
  1815. 2:01:47तो पार नहीं होता
  1816. 2:01:50सुरसा को जीते आशीर्वाद
  1817. 2:01:58आप बड़ी भयंकर है इसको मारते ही साधक पार
  1818. 2:02:01हो जाता है जहां उसको जाना है वहां पहुंच
  1819. 2:02:04जाता है
  1820. 2:02:06लेकिन यह है क्या चीज तो संतों ने इस पर
  1821. 2:02:09सर्च किया इसका नाम है ईर्षा ईर्षा अच्छा
  1822. 2:02:17दिखाई पड़ते हैं
  1823. 2:02:20उन्हें को गिरने की चेष्टा कर दिया खाने
  1824. 2:02:22की चेष्टा कर दिया
  1825. 2:02:27अपने से ऊंचे उड़ता दिखाई पड़ता है उसी को
  1826. 2:02:30गिरने से इसका मतलब क्या है की इरशाद होती
  1827. 2:02:33है ना तो अपने नीचे वालों से होती
  1828. 2:02:36ना अपने बराबर वालों से होती इरशाद जब
  1829. 2:02:39होती है तब
  1830. 2:02:41जब होती है तब अपने से जो ऊंचे उड़ता
  1831. 2:02:45दिखाई पड़ता है आगे बढ़ता हुआ उसी को
  1832. 2:02:48देखकर होती है
  1833. 2:02:49अच्छा कभी आप आपके पास अगर अल्टो हो
  1834. 2:02:54भगवान
  1835. 2:03:01इसके पास मोटरसाइकिल राजदूत हीरो होंडा
  1836. 2:03:04कभी ऋषभ कोष से हुई
  1837. 2:03:08एक अल्टो निकल रही हूं अल्टो हो आपके पास
  1838. 2:03:12अल्टो
  1839. 2:03:28टायर पंचर हो जाए
  1840. 2:03:35बस ये है इरशाद
  1841. 2:03:37[संगीत]
  1842. 2:03:39पड़ता है तब पैदा होते हैं उसको गिरने की
  1843. 2:03:43चेष्टा करती है उसकी परछाई पड़ती है परछाई
  1844. 2:03:46माने परछाई मैंने वो तो हर इंसान का एक
  1845. 2:03:48कला पक्ष होता है
  1846. 2:03:51हर इंसान के दो पक्ष होते हैं दो उसके
  1847. 2:03:53तत्व होते हैं एक उसका उजाला पक्ष होता है
  1848. 2:03:56उसका कला पक्ष होता है जिसे हम ही हैं
  1849. 2:03:58हमारा एक पाच है जो थोड़ा अच्छा है एक
  1850. 2:04:01पक्ष है जो थोड़ा खराब है आप अपने भी यही
  1851. 2:04:03बात है गुड दोष में करता सब में कुछ
  1852. 2:04:07अच्छाइयां हैं कुछ बुराइयां
  1853. 2:04:09लेकिन जिससे हमको ईर्ष्या होती है ना उसकी
  1854. 2:04:11हम खाली बुराई ही कैच करते हैं
  1855. 2:04:14परसाई पकड़ने का अर्थ है परछाई नहीं है
  1856. 2:04:16कला पक्ष में जैसे उदाहरण के लिए आप फर्ज
  1857. 2:04:19करो
  1858. 2:04:21उदाहरण के लिए खाली कर रहा हूं बाकी इसको
  1859. 2:04:22सिद्धांत में बनेगा जैसे इस पंडाल में कोई
  1860. 2:04:25ऐसा बांदा बैठा हो
  1861. 2:04:28हालांकि कोई ऐसा है नहीं लेकिन मैं एक
  1862. 2:04:29दृष्टांत दे रहा हूं
  1863. 2:04:31एक ऐसा बांदा बैठा हो
  1864. 2:04:34जिसको बाई चांस किसी कारणवश हमसे इरशाद
  1865. 2:04:40हो सकता है वो कई लोग होंगे कई लोग हैं
  1866. 2:04:43दुनिया में है कई लोग ऐसे जो हमसे भी जलते
  1867. 2:04:46हैं जबकि हम किसी का कोई बिगड़े नहीं है
  1868. 2:04:48लेकिन पता नहीं संसार है
  1869. 2:04:54जो किसी कारणवश कहीं कुछ हमसे स्वार्थ
  1870. 2:04:58पूर्ति नहीं हुई होगी कुछ बाद में ईर्षा
  1871. 2:05:00मानता हूं
  1872. 2:05:02तो उसको इन घंटे में चार से आठ के बीच में
  1873. 2:05:07बैठा रहेगा इसको हमारी कथा में से अच्छी
  1874. 2:05:11बातें यह कौन है
  1875. 2:05:15वो खाली बैठे-बैठे हम जहां-जहां chukenge
  1876. 2:05:18जहां-जहां
  1877. 2:05:20तनिक हमसे कुछ बिगड़ गई द्वारा बस वहां
  1878. 2:05:23पकड़ भी तो पंडित
  1879. 2:05:26[संगीत]
  1880. 2:05:32अवस्थी जी और शुक्ल जी हाथ धोए बिहार साल
  1881. 2:05:34भर में रमेश भाई देख रहे द क्या बोल रहे
  1882. 2:05:37हैं देख रहे हो चौपाई तो गलत चौपाई में है
  1883. 2:05:41कहां से पकड़ ले पंडित जी का
  1884. 2:05:44अब हम चार से आठ तक बोलते हैं कितना अच्छा
  1885. 2:05:48बोलते होंगे लेकिन उसे आदमी को हमारी
  1886. 2:05:50अच्छी बातें यह कौन है अच्छी बातें
  1887. 2:06:10बस यूं उसका मिशन क्या होता है की उसको
  1888. 2:06:13कैसे हम डाउन करेंगे कैसे नीचे गिरा है
  1889. 2:06:16तभी लिखा है सिंहिका
  1890. 2:06:19अपने से ऊंचे उड़ते दिखाई पड़ता है उसको
  1891. 2:06:22गिरने की चेष्टा करती है उसकी परछाई पकड़
  1892. 2:06:24करके उसके काले पशुओं को पकड़ कर
  1893. 2:06:27लेकिन जिसको राम जी उठा हैं उसको कौन गिरा
  1894. 2:06:29पड़ेगा जी हान उसको राम उठाया हूं एक बड़ी
  1895. 2:06:32प्यारी शेर है साहब थानोस बन के जिसकी
  1896. 2:06:35हिफाजत हवा करेगा
  1897. 2:06:37अनुज बन के और जिसकी हिफाजत हवा करें वह
  1898. 2:06:42सम्मा क्या बुझे जिसे रोशन खुदा करें
  1899. 2:06:45जिसको स्वयं परमात्मा संभाले हुए हो उसको
  1900. 2:06:48कौन बुझा पाएगा जी उसको कौन गिरा पाएगा
  1901. 2:06:49नहीं चाहिए
  1902. 2:06:55उसकी ऊंचाई तो पाएगा नहीं वो तो उसकी
  1903. 2:06:58परछाई पकड़ता है उसको डाउन करने प्रयास
  1904. 2:06:59करता है
  1905. 2:07:03और मैं आपसे इन कथाओं के इस कथा के थ्रू
  1906. 2:07:06विनती करूं जिस साधक को भक्ति की प्राप्ति
  1907. 2:07:09करनी हो सीता तक पहुंचना हो उसको इस
  1908. 2:07:13राक्षसी को तुरंत मारना मारना चाहिए उसको
  1909. 2:07:16चेक करो अगर आप में है यह वाली राजा जी
  1910. 2:07:20सिंध में हो रहा है ये बाहर की नहीं है
  1911. 2:07:23भीतर की बीमारी है है जरूर कहीं है आप तो
  1912. 2:07:26आप और हम तो करके आए हैं की बड़ो-बड़ों
  1913. 2:07:29में होती है बढ़ो बड़ों में नाम क्या होते
  1914. 2:07:32हैं श्री श्री
  1915. 2:07:38बड़े बड़ों में है तो हम लोग इस खेत की
  1916. 2:07:40मूली लेकिन अगर यह है इसको क्या अगर यह
  1917. 2:07:44जिंदा है तो अभी सीता अभिषेक हजारों लाखों
  1918. 2:07:48करोड़ पीओएस दो रहे करोड़
  1919. 2:07:50[संगीत]
  1920. 2:07:57[संगीत]
  1921. 2:08:02तेरा
  1922. 2:08:07[प्रशंसा]
  1923. 2:08:13द्वार पार करो मत
  1924. 2:08:18सितार गए मत मेरा
  1925. 2:08:22कोई स्पर्श किया सुरसा को छोटा बनकर जीता
  1926. 2:08:25और
  1927. 2:08:26शिव का को जान से मारा इन सारी बढ़ाओ को
  1928. 2:08:29पार करके हनुमान जी वारिड पाक गए मत धीरा
  1929. 2:08:33हनुमान जी के साथ एक बहुत सुंदर शब्द उसे
  1930. 2:08:37किया गया है मत हीरा मत धीरा
  1931. 2:08:42मधु धीरा माने जिसकी माटी में धैर्य हो
  1932. 2:08:45माटी मैंने बुद्धि
  1933. 2:08:49में जिसकी धैर्य है
  1934. 2:08:53जिसकी बुद्धि dairyukt है
  1935. 2:08:55वास्तव में वही साधक रास्ते की सारी बढ़ाओ
  1936. 2:08:59को पार करता हुआ और लक्ष्य पर पहुंच सकता
  1937. 2:09:02है अगर आपने धैर्य नहीं है अब छोटी-मोटी
  1938. 2:09:05बातों में ही
  1939. 2:09:07हिम्मत छोड़ देते हो हिम्मत हर जाते हो तो
  1940. 2:09:11फिर आप कहीं पहुंच नहीं पाओगे क्योंकि कोई
  1941. 2:09:13भी रास्ता ऐसी नहीं है कोई भी रास्ता ऐसा
  1942. 2:09:16नहीं जिसमें कोई डिफिकल्टी ना हो कोई
  1943. 2:09:18मुश्किल ना हो
  1944. 2:09:19दुनिया का कोई भी मार्ग ऐसा नहीं होता है
  1945. 2:09:23अभी आप अपने घर से या खतरा तक यहां आए हो
  1946. 2:09:27कथा में यहां तक बहुत दूर से नहीं अगल-बगल
  1947. 2:09:30से आए होंगे लेकिन तब भी आपको कम से कम
  1948. 2:09:31दो-चार बढ़ाएं तो रास्ते में पार्क करनी
  1949. 2:09:33पड़ी होंगे ब्रेकर बंद बने होंगे कहीं पर
  1950. 2:09:35गड्ढा हो गए कहीं कहीं जाम लगी होगी कहीं
  1951. 2:09:38कोई रिक्शा वाला के थोड़ा आगे होगा बहुत
  1952. 2:09:41बड़ा है प्रति बीच में कहीं कोई गया भैंस
  1953. 2:09:43ए रही होगी
  1954. 2:09:43[संगीत]
  1955. 2:09:46कथा शुरू किया था ना कभी जब कथा जब शुरू
  1956. 2:09:49किया था तो इंसानों की संख्या कम थी इस
  1957. 2:09:52बंदे पर मुझे याद है तो भैसिया बहुत
  1958. 2:09:54प्रतीक है मुझे आता था अपनी कर से छोटी
  1959. 2:09:56छोटी गाड़ी से कम से कम
  1960. 2:09:59पूर्णिया से और यहां टंकी वाले पार्क मोड
  1961. 2:10:02तक
  1962. 2:10:0320 25 जून तो मिलते द हवा
  1963. 2:10:06[संगीत]
  1964. 2:10:15भगवान
  1965. 2:10:23[संगीत]
  1966. 2:10:33रास्ते में घर से यहां तक नहीं पड़ेंगे
  1967. 2:10:36लेकिन जो बढ़ाओ से दर जाता है वो कहीं
  1968. 2:10:39नहीं पहुंच पता बढ़ाओ से दर के नहीं कहीं
  1969. 2:10:42पहुंच पाओगे सामने पहाड़ हो जा सिंह की
  1970. 2:10:44दहाड़ हो भोज कभी झुके नहीं और दल कभी
  1971. 2:10:48रुके नहीं
  1972. 2:10:51पहुंच पाएगा
  1973. 2:10:54तो हनुमान जी महाराज तमाम बढ़ाओ को पार
  1974. 2:10:57करके वारिड पर गए मत धीरा और खासकर के
  1975. 2:11:01मेरी
  1976. 2:11:02विनती है जिसको भक्ति के पथ पर चलना है
  1977. 2:11:06धर्म के पद पर चलना है उसकी बुद्धि में तो
  1978. 2:11:10बहुत जबरदस्त धर होना चाहिए जबरदस्त क्यों
  1979. 2:11:14क्योंकि धर्म के रथ पर चलने के लिए दो
  1980. 2:11:17पहिए हैं ना लंका कांड में अगले साल आपको
  1981. 2:11:19सुनाऊंगा मैं धर्म रथ की व्याख्या और अगले
  1982. 2:11:22साल पड़ेगा धर्म रथ उसकी पुरी व्याख्या कम
  1983. 2:11:25से कम कम से कम तीन दिन चार दिन लगेंगे
  1984. 2:11:27उसमें तब उसको पूरा कर पाएंगे
  1985. 2:11:32तो धर्म रथ की पहिए क्या लिखे हैं पढ़िए
  1986. 2:11:34जिसको धर्म चलता है
  1987. 2:11:37भक्ति के पथ पर चलना है धर्म के पथ पर
  1988. 2:11:39चलना है सत्य के पद पर चलना है प्रेम के
  1989. 2:11:42पद पर चलना है तो आपके पास दो पहिए होने
  1990. 2:11:45चाहिए और उसमें से एक पहिए का नाम है
  1991. 2:11:47पढ़िए धर्म के पद पर चलने वालों के लिए
  1992. 2:11:52ही रथ चाहता
  1993. 2:11:55औरत भी रखते ही रख डाला
  1994. 2:12:03[संगीत]
  1995. 2:12:10सूरज धीरे-धीरे
  1996. 2:12:14[संगीत]
  1997. 2:12:44मनुष्य पति में लिखा हुआ है धर्म के जो 10
  1998. 2:12:48लक्षण हैं धर्म के
  1999. 2:12:50उसमें लक्षण नंबर वैन धर्म का जो लिखा है
  2000. 2:12:53वो लिखा है धरती
  2001. 2:12:54माने धैर्य जिसमें धैर्य नहीं हो धर्म के
  2002. 2:12:59पथ का पथिक नहीं है वो धार्मिक पुरुष नहीं
  2003. 2:13:01है क्योंकि बड़ी-बड़ी बढ़ाओ से आपका सामना
  2004. 2:13:03होगा और जरा भी हो गया आप धैर्य नहीं होगा
  2005. 2:13:06अब तुरंत हो जाओगे आप क्यूट कर जाओगे धर्म
  2006. 2:13:09के क्षेत्र से बाहर गए मत धीरा धीरा माने
  2007. 2:13:13उसकी माटी में ठहर लव लैब भरा हुआ है वही
  2008. 2:13:17सारी बढ़ाओ को पार करता हुआ क्योंकि आसान
  2009. 2:13:19डागर नहीं है बहुत कठिन डागर है गोपियों
  2010. 2:13:22कहती हैं यहां सिर्फ देख के होते हैं सौदे
  2011. 2:13:26ये जो भक्ति की डागर है ना सीता को पाने
  2012. 2:13:29की डागर बहुत सस्ती नहीं है बहुत इजी नहीं
  2013. 2:13:31है यहां सर देख के होते हैं
  2014. 2:13:39आशिकी इतनी सस्ती नहीं है
  2015. 2:13:45यहां सिर्फ देखे होते
  2016. 2:13:50[संगीत]
  2017. 2:14:01बस की नहीं है
  2018. 2:14:05तो प्रेम की बात है
  2019. 2:14:10बंदगी तेरे बस की नहीं
  2020. 2:14:14[संगीत]
  2021. 2:14:17होते
  2022. 2:14:18[संगीत]
  2023. 2:14:20जो असल में है मस्ती में दुबे
  2024. 2:14:31[संगीत]
  2025. 2:14:36पर वह जिंदगी की जो उतरने है चढ़ती है
  2026. 2:14:48बात
  2027. 2:14:51में मस्ती नहीं है
  2028. 2:14:56चढ़ती है
  2029. 2:15:00बाकी कसमे मस्ती नहीं है
  2030. 2:15:07[संगीत]
  2031. 2:15:10बंदगी तेरे बस की नहीं है
  2032. 2:15:14[संगीत]
  2033. 2:15:22जिनकी नजरों में है श्याम
  2034. 2:15:27वह तो रहने
  2035. 2:15:31[संगीत]
  2036. 2:15:32नजरों में है श्याम प्यारे
  2037. 2:15:36वह तो रहते हैं जग से
  2038. 2:15:40[संगीत]
  2039. 2:15:42नजरों में मोहन समय
  2040. 2:15:46[संगीत]
  2041. 2:15:47नजरों में बहुत सारे
  2042. 2:15:52गुंजल पर
  2043. 2:15:54नहीं है
  2044. 2:16:01[संगीत]
  2045. 2:16:02तेरे बस की नहीं है
  2046. 2:16:14भक्त ने किसी युवा ने महात्मा से पूछा की
  2047. 2:16:19भगवान की भक्ति में सफल होना है किसी को
  2048. 2:16:21भगवान के प्रेम में साधना में सफल होना है
  2049. 2:16:24तो उसको कौन-कौन से व्रत करने चाहिए
  2050. 2:16:28आप भी कान खोल कर सन लो एकादशी और सोमवार
  2051. 2:16:32जिसको भगवान के क्षेत्र में सफल होना है
  2052. 2:16:35भक्ति में सफल होना है साधना में सफल होना
  2053. 2:16:38है
  2054. 2:16:41[संगीत]
  2055. 2:16:44एकादशी मंगल
  2056. 2:16:51अध्यात्म सफलता पानी है तो उसके तीन व्रत
  2057. 2:16:54दूसरे
  2058. 2:16:54[संगीत]
  2059. 2:17:01बुलंदी जहां पर वहां पहुंच सकते हो भक्ति
  2060. 2:17:04में जहां बुलंदी पर पहुंच सकते हो
  2061. 2:17:06लेकिन
  2062. 2:17:08नंबर एक पहला व्रत लिखा है
  2063. 2:17:11[संगीत]
  2064. 2:17:13सत्यव्रत
  2065. 2:17:16सोमवार व्रत नहीं सत्यव्रत
  2066. 2:17:20दूसरा व्रत है मौन व्रत
  2067. 2:17:24और तीसरा व्रत है
  2068. 2:17:26धैर्य व्रत
  2069. 2:17:29बिल्कुल फिर से दिमाग मत लो इतवार सांबर
  2070. 2:17:33मंदिर आप धोखे रहो और चाहे एन रहो तीन
  2071. 2:17:36बर्ताव रह रहे हो
  2072. 2:17:38कुछ भी हो जाए मैं सत्य का त्याग नहीं
  2073. 2:17:41करूंगा नंबर दो मौन व्रत मौन मारे
  2074. 2:17:46एक
  2075. 2:17:47लड़की एक स्त्री थी ना उसने बाबा से पूछा
  2076. 2:17:51गुरुजी पति की लंबी उम्र के लिए कौन सा
  2077. 2:17:54व्रत रहना चाहिए पति लंबा उम्र तक जिए हर
  2078. 2:17:58दिन जिए कौन सा व्रत कारी तो उसने कहा बहन
  2079. 2:18:02जी दादा ने कहा बहन
  2080. 2:18:03[संगीत]
  2081. 2:18:06लेकिन अपने पति की लंबी उम्र देखना चाहती
  2082. 2:18:08हो तो मौन व्रत रहकर हान थोड़ा कम वाला
  2083. 2:18:11करो तो ब्याह भी मिल जाएगा मगर तुम खून
  2084. 2:18:14पिए हो करवा कर तो पूछो तुम जुली ले लेते
  2085. 2:18:17हो
  2086. 2:18:20[संगीत]
  2087. 2:18:29अभ्यास में सफलता पानी है तो पहला व्रत
  2088. 2:18:32सत्य दूसरा व्रत मौन व्रत तीसरा व्रत
  2089. 2:18:38धैर्य
  2090. 2:18:45[संगीत]
  2091. 2:18:59ताज मारी मैन
  2092. 2:19:07रुधिर
  2093. 2:19:16हनुमान जी पहुंचे समुद्र पार लंका में
  2094. 2:19:20लैंड
  2095. 2:19:23देखा लंका के आसपास का लंका के बाहर
  2096. 2:19:29देखा नजर क्या देखते हैं अगली चौपाई पढ़िए
  2097. 2:19:33गोस्वामी जी कहते हैं
  2098. 2:19:35कहां जाए
  2099. 2:19:37[संगीत]
  2100. 2:19:54[संगीत]
  2101. 2:19:59[संगीत]
  2102. 2:20:08[संगीत]
  2103. 2:20:13लंका के आसपास एक बड़े जंगल हैं उपवन
  2104. 2:20:18दो बातें ध्यान से सुनेगा लंका की पहली
  2105. 2:20:20विशेषता है
  2106. 2:20:22लंका के आसपास तो समुद्र है पहली चीज
  2107. 2:20:25समुद्र की खाएंगे लंका स्कोर
  2108. 2:20:28[संगीत]
  2109. 2:20:33समुद्र सिखाई तो समुद्र उसके आसपास कहीं
  2110. 2:20:36की तरह है और फिर लंका में को है
  2111. 2:20:40[संगीत]
  2112. 2:20:50[संगीत]
  2113. 2:20:53समुद्र के
  2114. 2:20:55मनका के समुद्र के बीच में एक बढ़िया
  2115. 2:20:58बाउंड्री वाल है और समुद्र के तट पर लंका
  2116. 2:21:00के आसपास बढ़िया बगीचा है कहां जाए देखिए
  2117. 2:21:03वैन शोभा बढ़िया सुंदर जंगल है
  2118. 2:21:06और खाली जंगल नहीं है और जंगल के दो रूप
  2119. 2:21:08होते हैं एक जंगल होता है भयानक जंगल वो
  2120. 2:21:10खाली झार झंकार का जंगल होता है वहां झाड़
  2121. 2:21:13झंकार नहीं है कहां जाए एक ही बंद शोभा
  2122. 2:21:17gunjatan जारिक madhulobha नाना तारों फल
  2123. 2:21:20फूल शी हनुमान जी बढ़िया-बढ़िया देखना
  2124. 2:21:24अच्छे-अच्छे फलों के भेद लग रहे हैं
  2125. 2:21:25बढ़िया-बढ़िया फूलों के सब क्यारियां हैं
  2126. 2:21:27और
  2127. 2:21:29भाई हनुमान जी सबको देख के बहुत अच्छा लग
  2128. 2:21:32रहा है की वह रावण की क्या व्यवस्था है
  2129. 2:21:34इतना बढ़िया लगाया
  2130. 2:21:37[संगीत]
  2131. 2:21:44है फूल लगे हैं अच्छी शोभा है लेकिन कुछ
  2132. 2:21:48खा नहीं रहे देख लेकिन खाए नहीं
  2133. 2:21:51क्यों नहीं खाए क्योंकि अभी अभी राम काज
  2134. 2:21:54नहीं पूरा हुआ है अब हम काज के पहले जो
  2135. 2:21:57खाना खा लेता है जो कुछ खा लेता है तो
  2136. 2:22:00गीता में साफ-साफ लिखा है
  2137. 2:22:02बुझाने द तो गम पापा
  2138. 2:22:04जो भक्ति नहीं किया है भजन नहीं किया अभी
  2139. 2:22:07सीता नहीं मिली है अब नाश्ता ले रहा है
  2140. 2:22:10पहले parathahal पूजा का एक परी है हमें
  2141. 2:22:13माला नहीं की आरती नहीं किया भगवान की है
  2142. 2:22:15स्नान नहीं किया है अगर अच्छा लाओ तुम
  2143. 2:22:18खाली पूजा हो जाए तो गीता बिल्कुल स्पष्ट
  2144. 2:22:22कहती है गूंजते द तो हम पापा जो बिना
  2145. 2:22:26स्नान के बिना भगवान का भजन किए जो नाश्ता
  2146. 2:22:30ले लेते हैं चाय ले लेते हैं वो चाय नहीं
  2147. 2:22:32पी रहे हैं वो पाप पी रहे हैं पराठा नहीं
  2148. 2:22:35खा रहे हैं सिर्फ आप खा रहे हैं पहले भजन
  2149. 2:22:38उसके बाद भोजन अभी हनुमान जी को देखो जब
  2150. 2:22:41सीता मिल जाएगी तब बोलेंगे
  2151. 2:22:45क्यों मेरा कम हो गया मेरी भक्ति पे पुरी
  2152. 2:22:48हो गई और जो भजन पूरा हो जाए उसके बाद
  2153. 2:22:51भोजन हो तो वह भोजन प्रसाद है और बहुत अभी
  2154. 2:22:54पूजा नहीं हुई है पराठा पहले खा रहे हो
  2155. 2:22:56पराठा और चाहे चूस रहे हो बिस्कुट साथ में
  2156. 2:22:59तो वो चाय नहीं पी रहे हो दुनिया भर का तप
  2157. 2:23:02अंदर जा रहा है पहले नहाए लो पहले थोड़ी
  2158. 2:23:04पूजा का लो ओके भाग चाय पियो हाथ कौवा भी
  2159. 2:23:08नहाने के बाद चाय पी रहा है हम लोग का कवच
  2160. 2:23:10पत्थर है क्या
  2161. 2:23:12कौवा पर कभी आप रिसर्च करो कौवा नाहटा है
  2162. 2:23:16सवेरे उठ के तो उसके बाद नाश्ता लेता है
  2163. 2:23:18हमारे अपने से कई लोग हैं जो की वो घटिया
  2164. 2:23:21जीवन जीते हैं सोए होते हैं चाय बनी की सब
  2165. 2:23:26गंदगी
  2166. 2:23:33राम राम कर लो तब चाय पियो तो क्या हो
  2167. 2:23:35जाएगा
  2168. 2:23:46अब देखिए यहां पे जब तक ramkaj नहीं हो
  2169. 2:23:50गया है देख मैन भाई
  2170. 2:23:53हग मृग नाना तार फल फूल शी देख मैन भाई
  2171. 2:23:56अभी तो हनुमान जी खाए क्यों नहीं चाहते तो
  2172. 2:23:592 किलो फल खा लेते वहां कोई सिक्योरिटी
  2173. 2:24:01गार्ड भी नहीं है
  2174. 2:24:03आगे जब सीता मिल जाएगी तब उनको भूख लगेगी
  2175. 2:24:06क्यों इसका अर्थ ये है की पहले भजन उसके
  2176. 2:24:10बाद भोजन पहले भजन कर लो पूरा अपना हमारा
  2177. 2:24:13आपका हाल इसका जस्ट अपोजिट तीन बार भोजन
  2178. 2:24:18तीन बार भोजन भजन एक बार
  2179. 2:24:23उसमें भी आते हैं झंझट हजार दिलवाले
  2180. 2:24:31[संगीत]
  2181. 2:24:43[संगीत]
  2182. 2:24:50उसने भी याद
  2183. 2:24:55मैन मेरा कहता है मंदिर हो
  2184. 2:25:00[संगीत]
  2185. 2:25:03मंदिर हो अंग थोड़ी पूजा कर आओ मंदिर
  2186. 2:25:11आओ
  2187. 2:25:13आते-जाते मंदिर में आवे सेवा
  2188. 2:25:19[संगीत]
  2189. 2:25:35मुबारक हो जब इस बार उसने भी याद
  2190. 2:25:44भूल सुई खाद मृग रंग दे की भाई हनुमान जी
  2191. 2:25:50क्या देखें लंका के बाहर विशाल पर्वत था
  2192. 2:25:53लंका के बाहर
  2193. 2:26:04[संगीत]
  2194. 2:26:18[संगीत]
  2195. 2:26:26कृपाचार्य
  2196. 2:26:29[संगीत]
  2197. 2:26:51लंका के बाउंड्री वाल के बाहर जंगल में
  2198. 2:26:55वही पर एक बहुत विशाल सेल विशाल
  2199. 2:26:59पर्वत था और हनुमान
  2200. 2:27:03क्यों उनको लंका को देखना है
  2201. 2:27:07यहां पर एक बात आप ध्यान देकर समझो
  2202. 2:27:11[संगीत]
  2203. 2:27:14भगवान राम ने हनुमान जी को विदा करते समय
  2204. 2:27:18तीन बातें कही थी इसको दिमाग में बैठा लो
  2205. 2:27:22जाम उतनी तो देख कर बात कही उनसे कितना
  2206. 2:27:25करो तात तुम जय और सीधे देख कहा उसूल है
  2207. 2:27:28इतने ड्यूटी थी लेकिन भगवान राम ने हनुमान
  2208. 2:27:31जी को जरा मुट्ठी दिया था ना गीतावली
  2209. 2:27:34पढ़िए गीतावली रामायण उसमें हनुमान जी को
  2210. 2:27:37तीन ड्यूटी राम ने दिया है तीन ड्यूटी
  2211. 2:27:40क्या क्या की एक तो तुमको जानकी जी का पता
  2212. 2:27:43लगाना है और दूसरे
  2213. 2:27:46दुर्ग विशेष रूप देखना है लंका का जो
  2214. 2:27:49दुर्ग है उसकी किले की जो व्यवस्था है
  2215. 2:27:51बाउंड्री गेट एंट्री गेट एग्जिट गेट
  2216. 2:27:54कहां-कहां से हैं इसको देखना है और
  2217. 2:27:57jaanvip गति आओ
  2218. 2:28:00दुर्ग को देखना है तुमको जानकी जी को
  2219. 2:28:03देखना है और रिप गति रिप गति माने दुश्मन
  2220. 2:28:06की था अभी तुमको पाने उसके मंत्री कैसे
  2221. 2:28:08हैं उसका सोच कैसा है उसका चिंतन कैसा है
  2222. 2:28:11उसकी bartalap कैसा है बॉडी लैंग्वेज कैसी
  2223. 2:28:14है उसका सब पूरा दुश्मन का पूरा जज लेकर
  2224. 2:28:16आना तो आपको ये बात दिमाग में चाहिए की
  2225. 2:28:20हनुमान जी को एक ड्यूटी नहीं है उनको तीन
  2226. 2:28:21ड्यूटी मिली की लंका का जो दुर्ग है उसकी
  2227. 2:28:25रचना कैसी है उसको देखना है
  2228. 2:28:27जानकी जी का पता लगाना ही तुमको मेहंदी है
  2229. 2:28:30लेकिन तुमको दुश्मन की पुरी था लेनी है
  2230. 2:28:33रावण की क्योंकि
  2231. 2:28:35हान चाहिए पहले
  2232. 2:28:37jaanvip गति आओ
  2233. 2:28:40तो हनुमान जी को लगा की लंका को देखना है
  2234. 2:28:43इसकी दुर्ग व्यवस्था कैसी देखना है तो
  2235. 2:28:46उन्होंने क्या किया वो जो पहाड़ था लंका
  2236. 2:28:48के बाहर ऊंचा बाहर उसी पर हनुमान जी चढ़
  2237. 2:28:50गए गिर पर चढ़
  2238. 2:28:52विशाल देखेगा आगे
  2239. 2:28:56हनुमान जी चाहे उसे गेम पहाड़ पर तो क्या
  2240. 2:29:00देखते हैं
  2241. 2:29:01गोस्वामी जी कहते हैं गिरी पर चढ़ी
  2242. 2:29:05लंका ते ही देखी
  2243. 2:29:09[संगीत]
  2244. 2:29:28हनुमान जी उसे पहाड़ पे चढ़ के लंका को
  2245. 2:29:31देख रहे हैं मैंने आपसे कल भी शायद का रखा
  2246. 2:29:34है कल ही एडवांस में की हनुमान जी पुरी
  2247. 2:29:36यात्रा में तीन पहाड़ों पर चढ़े हैं एक
  2248. 2:29:39kishkindhakaan में चढ़े द और दो सुंदर
  2249. 2:29:42कान में चढ़े एक अभी चढ़ चुके हैं कल कथा
  2250. 2:29:44में सिंधु तेरे को उधर सुंदर का तो कुछ
  2251. 2:29:48होता ऊपर और तीसरा अंतिम पहाड़ हनुमान जी
  2252. 2:29:51ये चढ़े ये वाला लंका देखने के लिए गिर
  2253. 2:29:54पड़े
  2254. 2:29:55[संगीत]
  2255. 2:30:00जहां पर बड़े विकार हैं बड़े दोष हैं बड़े
  2256. 2:30:03भोगों का वहां प्रधान
  2257. 2:30:05और यह कथा का संदेश यह है की अगर ramkaj
  2258. 2:30:09के लिए आवश्यक कम से राम के कम से अगर
  2259. 2:30:11आपको ऐसी कोई भोग प्रधान जगह पर जाना भी
  2260. 2:30:14पद जाए तो उसको
  2261. 2:30:17उसको गिर पर चढ़ देखना चाहिए गिर माने
  2262. 2:30:20होता है इस पहाड़ का मतलब है बैराज मैंने
  2263. 2:30:24आपसे कल कहा था याद है हनुमान जी तीन
  2264. 2:30:27पहाड़ों चढ़े हैं प्यास बुझाने के लिए
  2265. 2:30:30एक पहाड़ पर समुद्र को पार करने के लिए
  2266. 2:30:33दूसरे पहाड़ पर और लंका देखने के लिए
  2267. 2:30:35तीसरे पहाड़ पर तो प्यास बुझाने का पहाड़
  2268. 2:30:38है विश्वास
  2269. 2:30:40देहात विमान के समुद्र को पार करना है तो
  2270. 2:30:42विचार का उपहार जानना पड़ेगा और अगर आपको
  2271. 2:30:46लंका देखनी है भोग प्रधान स्थान में
  2272. 2:30:49एंट्री करना है और भोगों के बीच में घूम
  2273. 2:30:51के राम काज करना है और भोगों से बचाना भी
  2274. 2:30:54है तो आपको बैरागी क्यों ऊंचाई से इस
  2275. 2:30:56पहाड़ को दिखाना होगा ये बैग का पर्वत है
  2276. 2:30:59और जब बैग की ऊंचाई से संसार की भोगों को
  2277. 2:31:01देखोगे तो आप राम काज तो कर लोग लेकिन
  2278. 2:31:04fansoge नहीं
  2279. 2:31:07एक बड़ा प्यारा मैंने लाइन पढ़ाया पढ़ी थी
  2280. 2:31:09कहीं पर बड़ी प्यारी सी नानक बाबा से किसी
  2281. 2:31:12पत्रकार ने पूछा नानक बाबा से की हु आर यू
  2282. 2:31:15[संगीत]
  2283. 2:31:22तो उन्होंने उत्तर दिया हम हैं परम सुख के
  2284. 2:31:26दशा उत्तर
  2285. 2:31:29[संगीत]
  2286. 2:31:39दिए देखन आए जगत तमाशा
  2287. 2:31:42हम इस जगत का तमाशा देखने का लिया है
  2288. 2:31:47हमारा आपका क्या हाल है
  2289. 2:31:50की हम लोग इस जगत का तमाशा देखने हम भी आए
  2290. 2:31:52हैं
  2291. 2:31:53लेकिन हम लोग इस तमाशा को देखते देखते
  2292. 2:31:56[संगीत]
  2293. 2:31:58तमाशा खुद बन जाते हैं
  2294. 2:32:01मैं जो छोटा था ना तो हमारे गांव में वो
  2295. 2:32:03आती थी नाटक वाली कंपनी छोटे पर में हमारे
  2296. 2:32:05बाबा मानते द बादाम बड़े बड़े शौकीन सब
  2297. 2:32:08चीजों के और हर सामाजिक कार्यों के तो
  2298. 2:32:10रामलीला कभी नाटक कभी कुछ बुलाए कभी तो
  2299. 2:32:13मैं तब आठ नौ दास साल कराऊंगा
  2300. 2:32:16पूजा तो देखने तो जब वो आए हुए नाचने वाली
  2301. 2:32:18मंच पर तो अनाउंस होता था की आज ये लीला
  2302. 2:32:21होगी आज यह नाटक होगा आज ये ये वाला वो
  2303. 2:32:24नाटक के नाम होते हैं हरिश्चंद्र लैला
  2304. 2:32:26मजनू पुराना पुराना सबूत है तो इनाम शो की
  2305. 2:32:29आज ये तमाशा होगा लेकिन वो उसमें इंडिकेशन
  2306. 2:32:32देती हो एक शहर बोलती थी की तमाशा देखने
  2307. 2:32:35वालों
  2308. 2:32:37तमाशा खुद बन जाना तमाशा देखने वालों मुझे
  2309. 2:32:41बचपन से वो लाइन उसकी याद है अब आज वो कथा
  2310. 2:32:44में कम ए रही है तब तो ऐसे ही सुनते द ऐसे
  2311. 2:32:46मौज में खाली बस लेकिन तब लगता है अब लगता
  2312. 2:32:48है की सच बोलती थी वो कितना गहरा भी ज्ञान
  2313. 2:32:51दे रही थी की आए हो इस तमाशा देखने संसार
  2314. 2:32:53का और तमाशा देखते देखते कहीं खुद तमाशा
  2315. 2:32:56ना बन जाना है यहां पर तो हम लोग यही गलती
  2316. 2:32:58करते हैं तमाशा देखते हुए हमको तमाशा बन
  2317. 2:33:01जा रहे हैं बने हुए हैं तमाशा तमाशा देखो
  2318. 2:33:04तमाशा संसार खाली बस और तमाशा देखने का
  2319. 2:33:07उपाय
  2320. 2:33:10[संगीत]
  2321. 2:33:12नहीं सब खाली घटनाएं घाट रही इनको इनका
  2322. 2:33:15आनंद करो
  2323. 2:33:19हनुमान जी गिरी पर चढ़ी लंका ते ही देखी
  2324. 2:33:26[संगीत]
  2325. 2:33:32कहीं एन जाए
  2326. 2:33:39[संगीत]
  2327. 2:33:43तुझसे
  2328. 2:33:46[संगीत]
  2329. 2:33:53संसार को देखोगे तो संसार की अट्रैक्शन
  2330. 2:33:56में संसार की विषय वस्तु में fasoge नहीं
  2331. 2:33:59नहीं तो बड़ा अट्रैक्शन है अच्छे-अच्छे
  2332. 2:34:01इसमें चिपक के मार जाते अच्छे-अच्छे
  2333. 2:34:04बहनों भाइयों
  2334. 2:34:05[संगीत]
  2335. 2:34:07बहनों
  2336. 2:34:09[संगीत]
  2337. 2:34:15मेरी बात चल रही थी तुम्हारी कुमकुम बहन
  2338. 2:34:17पढ़ा रही है
  2339. 2:34:18[संगीत]
  2340. 2:34:20और इस कथा के लिए तो बिल्कुल समर्पित भाव
  2341. 2:34:23रखती है
  2342. 2:34:24[संगीत]
  2343. 2:34:39लाल किशोरी राधे
  2344. 2:34:43मेरा प्यारो नंदलाल किशोरी राधे ओ मेरा
  2345. 2:34:50प्यारो लगे
  2346. 2:34:51[संगीत]
  2347. 2:34:53किशोरी लाल
  2348. 2:34:56किशोरी राधे
  2349. 2:34:59राम
  2350. 2:35:01[संगीत]
  2351. 2:35:05बोलो
  2352. 2:35:08[संगीत]
  2353. 2:35:09प्यारो
  2354. 2:35:10नंदलाल किशोरी राधे
  2355. 2:35:14मेरा प्यारो
  2356. 2:35:17नंदलाल किशोरी लाल
  2357. 2:35:20[संगीत]
  2358. 2:35:25गोविंद राधे
  2359. 2:35:31गोविंदा है गोरे
  2360. 2:35:41दुनिया में बो
  2361. 2:35:46आई रहे
  2362. 2:35:52[संगीत]
  2363. 2:36:00[संगीत]
  2364. 2:36:05हो प्यारों
  2365. 2:36:08[संगीत]
  2366. 2:36:16आनंद किशोरी राधे
  2367. 2:36:20रगत विकास दृष्टि से संसार को जो देखता है
  2368. 2:36:23वो संसार के अपेक्षा को
  2369. 2:36:2684 लाख नहीं
  2370. 2:36:28फिर 84 लाख और फिर 84 लाख
  2371. 2:36:33लेकिन इसके दर्शन को क्रॉस नहीं कर पता है
  2372. 2:36:36जब तक यह संसार को बैराज की ऊंचाई नहीं
  2373. 2:36:39पढ़ोगे इस संसार को इस संसार की चिपकन
  2374. 2:36:42खत्म नहीं होने वाली इसको छोड़ नहीं पाओगे
  2375. 2:36:45आप इसको छोड़ना है तो इसको देखना पड़ेगा
  2376. 2:36:47यहां कुछ है ही नहीं आपने कभी देखा होगा
  2377. 2:36:49वो यहां शहर में तो नहीं गांव में देखा है
  2378. 2:36:52गांव में
  2379. 2:36:53सेमल का पेड़ उसके फल होते हैं बहुत
  2380. 2:36:56बढ़िया बढ़िया लगता है दशहरी
  2381. 2:37:02जो तोता आता है
  2382. 2:37:05और तोता आगे लगता
  2383. 2:37:07हान मलिहाबाद है क्या क्या लगा है दशहरी
  2384. 2:37:11चकाचक बैठता है चोंच मारता है
  2385. 2:37:15खाए गुड़ा भिन्न कर के
  2386. 2:37:18फिट करता है ठाकुर बहा निकलते हुए ठक्कर
  2387. 2:37:21रुई का
  2388. 2:37:22बस ये संसार ऐसा ही है लगता है खाली हाथ
  2389. 2:37:27aisehri या कुछ सुनाइए कुछ सुनाइए
  2390. 2:37:29जहां-जहां जोश मार के देख लो खाली रॉयल
  2391. 2:37:32भारी
  2392. 2:37:33रुई भारी समस्या
  2393. 2:37:35है जैसा सेमल फूल
  2394. 2:37:39[संगीत]
  2395. 2:37:42गिर पर चढ़ने देखी बैग की ऊंचाई से जब
  2396. 2:37:46उसको देखोगे तब इसका खत्म हो जाएगा तब
  2397. 2:37:49लगेगा ठीक है तमाशा है चलने दो
  2398. 2:37:52देखो
  2399. 2:37:54जब पिक्चर आती है ना पिक्चर कोई तो पिक्चर
  2400. 2:37:57को लोग दो भाग लोग देखते हैं दो तरीके से
  2401. 2:37:59लोग एक होते हैं जो उसमें बिल्कुल
  2402. 2:38:01जुड़ के देखते हैं पीछे को जुड़ कर दें तो
  2403. 2:38:04उसमें रोएंगे भी हसेंगे अभी तो मारे
  2404. 2:38:07बगलामुखी
  2405. 2:38:09रहे हैं रो रहे हैं संज्ञा बैठे लेकिन एक
  2406. 2:38:13ग्रुप ऐसा दिखता है बैठ के फिल्म को जो
  2407. 2:38:16जानता है ये खाली उनकी है कुछ है ना तो
  2408. 2:38:19खाली करेगा क्योंकि पैसा लेने करोड़ रुपया
  2409. 2:38:22एक्टिंग खाली करें तो उसका याद करता है
  2410. 2:38:25फिल्म का लेकिन रावत है ना हसरत है वो
  2411. 2:38:28चुपचाप अपना उसका जानते हो इनकी कलाकारों
  2412. 2:38:31कलाकारी है उसके पेमेंट लिए हैं लोग और हम
  2413. 2:38:34खाली
  2414. 2:38:37समझ गए बस जो समझदार है वो जानता है खाली
  2415. 2:38:40कला चल रही है इनको चाहिए नहीं एन कोई
  2416. 2:38:42मारा है ना कोई पैदा हुआ है ना कोई रो
  2417. 2:38:44रहने को हंस रहा मैं गाड़ी पलटी है ना कोई
  2418. 2:38:46मारा है लेकिन abuham बुद्धू लोग हैं जुड़
  2419. 2:38:49गए जो है कोई मरते हैं
  2420. 2:38:54उम्र तकलीफ है अगली फिल्म
  2421. 2:38:58है लेकिन बस जुड़ जाता है बुद्धू बनकर के
  2422. 2:39:02रोता है हंसता है और जो जानता है खाली
  2423. 2:39:05फिल्म चल रही है उसका मौज लेता है इंजॉय
  2424. 2:39:07करता है सांसारिक क्या है फिल्मी तो है एक
  2425. 2:39:10फिल्मी तो है इसकी मौज लो खाली बस है
  2426. 2:39:12ऊंचाई देखो इसको
  2427. 2:39:14गोस्वामी जी जुड़े द बहुत अपनी बीवी से
  2428. 2:39:17बहुत जुड़े द बीवी से अपने और कथा जानते
  2429. 2:39:20हो गई थी मैं के तो
  2430. 2:39:22पीछे-पीछे भाग गए होंगे तो मैं के चली
  2431. 2:39:24जाएगी तो मैं डंडा लेकर आऊंगा
  2432. 2:39:30पीछे-पीछे पहुंच गए नदी पैर कैसे निकले
  2433. 2:39:33मुर्दा बैठकर और सपा के कैसे-कैसे पहुंचे
  2434. 2:39:37तो उसने चढ़ाया इनको गिर पर गिर पर चढ़ना
  2435. 2:39:41वाली थी वो बड़ी बुद्धिमान महिला थी उसने
  2436. 2:39:43चड्ढा ऊंचाई पे गोसावी जी को क्या बोली
  2437. 2:39:46क्या बोली
  2438. 2:39:48हार्ड मास की इंतजार
  2439. 2:40:01[संगीत]
  2440. 2:40:10[संगीत]
  2441. 2:40:22राम को पिट जाती भाव अभी
  2442. 2:40:28रत्नावली छवि पहाड़ पर
  2443. 2:40:33चड्ढा दिया ऊंचाई चड्ढा दिया उनको गोसाई
  2444. 2:40:36को वही जो राग पत्नी नहीं था संसार में था
  2445. 2:40:39देह में था बीवी की कसम मोड हो गया और वही
  2446. 2:40:44राम के भक्त हो गए और कितनी ऊंचाई पहुंच
  2447. 2:40:46गए आप देखो उनकी नाम चला
  2448. 2:40:48बीवी के पीछे भाग रहे होते तो कौन पूछता
  2449. 2:40:51भाग रहे हैं रब ने बनाया मुझे तेरे लिए
  2450. 2:40:54तुम्हारे भाई साहब कोई पूछेगा कौन है
  2451. 2:40:59[संगीत]
  2452. 2:41:01वो कहीं का नहीं बचत है
  2453. 2:41:03[संगीत]
  2454. 2:41:07स्टार हो जाओगे संसार में चमक जाओगे लेकिन
  2455. 2:41:11कैसे bhatvaon यहां से गिरी पर चढ़ी
  2456. 2:41:15किस्म मिला के चौपाई का अर्थ ही है बैराज
  2457. 2:41:18की ऊंचाई से संसार की भोगों को देखो यहां
  2458. 2:41:21कुछ नहीं कुछ नहीं गिरी पर चढ़ी लंका ते
  2459. 2:41:25ही देखी
  2460. 2:41:27कृपा चलेगा
  2461. 2:41:32[संगीत]
  2462. 2:41:48[संगीत]
  2463. 2:41:50हनुमान जी लंका में क्या-क्या देख रहे हैं
  2464. 2:41:53लंका में क्या-क्या उनको दिखा तो गोस्वामी
  2465. 2:41:56जी ने छंद यहां पर लिखा है बड़ा प्यारा
  2466. 2:41:58चंद है सब लोग डालो और बस इसी छंद को कहते
  2467. 2:42:02कहते हम लोग टाइम पूरा करो
  2468. 2:42:05[संगीत]
  2469. 2:42:15[संगीत]
  2470. 2:42:18किताब के सामने
  2471. 2:42:22किताब में हो तो मोबाइल
  2472. 2:42:28[संगीत]
  2473. 2:42:45[संगीत]
  2474. 2:43:20[संगीत]
  2475. 2:43:32गंधर्व
  2476. 2:43:35sangharopan
  2477. 2:43:36मोहन प्रभु
  2478. 2:43:49[संगीत]
  2479. 2:44:06[संगीत]
  2480. 2:44:08महेश
  2481. 2:44:11डॉन भर
  2482. 2:44:16चाहिए नहीं आज तुलसी
  2483. 2:44:20दास
  2484. 2:44:22कृतिका
  2485. 2:44:24है सही
  2486. 2:44:29[संगीत]
  2487. 2:44:35[प्रशंसा]
  2488. 2:44:46तीन बातें मुख्य रूप से आए
  2489. 2:44:49तो लंका में तीन बातें हनुमान जी को दिख
  2490. 2:44:51रही है लंका में तीन चीज हैं ये
  2491. 2:44:54अभी सबसे पहले आपको जानना जरूरी है बताना
  2492. 2:44:57जरूरी है अब जानना नहीं जरूरी है इसको जान
  2493. 2:45:00ही लो की लंका माने क्या होता है
  2494. 2:45:04अब लंका जब शब्द रामायण में आएगा
  2495. 2:45:06जहां-जहां तो आप लोग तुरंत सुई आपकी पहुंच
  2496. 2:45:08जाएगी लंका वो जो भारत के नक्शे में नीचे
  2497. 2:45:11लटका है वो गोल-गोल वहां लंका है वहां
  2498. 2:45:16रामायण में
  2499. 2:45:19जिस लंका को आप नक्सल देखते हो बालम का
  2500. 2:45:21नाकाम
  2501. 2:45:25लंका में लंका लंका की वास्तविक जो
  2502. 2:45:28परिभाषा है वो गोस्वामी जी ने लिखा है
  2503. 2:45:31विनय पत्रिका में लंका मेंस क्या व्हाट
  2504. 2:45:33इसे डी लंका मनुष्य की लंका क्या है
  2505. 2:45:36तो गोस्वामी जी बोले
  2506. 2:45:38[संगीत]
  2507. 2:45:39प्रवृत्ति लंका दुर्ग रचित मैन धनुष मैं
  2508. 2:45:44रूप धारी
  2509. 2:45:46गोस्वामी जी की लाइन है विनय पत्रिका की
  2510. 2:45:48रचित मैन धनुष मैं रूप धारी
  2511. 2:45:52मैन रूपी जो मैदान है उसकी रचित लंका
  2512. 2:45:58मैदाने कुछ और नहीं है रचित मैन तनुज मैं
  2513. 2:46:01रूप धारी हम आपका जो मैन है यही मैदान है
  2514. 2:46:05उसे लंका को मैदाने में बसाया था तथा आती
  2515. 2:46:08है तो हमारे आपका जो मैन रूपी मैदान है एक
  2516. 2:46:11लगा लंका अंदर बसाया हुआ अंदर मैन रूपी
  2517. 2:46:15में
  2518. 2:46:15वो लंका कौन सी है तो गोस्वामी में मैं
  2519. 2:46:18नहीं कर ये सब गोस्वामी जी खुद का रहे हैं
  2520. 2:46:21प्रवृत्ति लंका दुर्ग मनुष्य की जो
  2521. 2:46:24प्रवृत्तियां हैं यही लंका दुर्ग है
  2522. 2:46:27इंसान की एक्टिविटी इंसान की जीवन शैली
  2523. 2:46:30इंसान की लाइफ स्टाइल इंसान की थिंकिंग इस
  2524. 2:46:34सब मिलाकर सब बनता है प्रवृत्ति प्रवृत्ति
  2525. 2:46:37और प्रवृत्ति अलंकार दुर्ग प्रवृत्ति ही
  2526. 2:46:40लंका दुर्ग होती
  2527. 2:46:42ये मैदाने की रचना है जैसे वो मैदान है
  2528. 2:46:45उसको बना दिया था जैसे हमारा आपका मैन ये
  2529. 2:46:47रंग बिरंगी जो सिर्फ गोल्डन गोल्डन जो
  2530. 2:46:51पर्वतीय अंदर किया करता है यह होना चाहिए
  2531. 2:46:53वह होना चाहिए आपकी यह करूंगा आपकी वो
  2532. 2:46:56करूंगा जो हमारी लाइफ स्टाइल है हमारी जो
  2533. 2:46:58जीवन शैली है हमारी जो थिंकिंग है यही तो
  2534. 2:47:01लंका है उनका कम होता है सोचना
  2535. 2:47:05[संगीत]
  2536. 2:47:12[संगीत]
  2537. 2:47:15अपनी सोच को चेक कर लो अगर आपकी सोच में
  2538. 2:47:18यही चंद्र ऐड हो गया है तो इसका मतलब है
  2539. 2:47:21की आपकी सोच ही लंका हो गई
  2540. 2:47:24और सच कहूं तब तो लंका
  2541. 2:47:27थी आज साफ-साफ लिखा है कदम कदम पर लंका है
  2542. 2:47:31कदम कदम पर लंका है कलयुग बैठा मार कुंडली
  2543. 2:47:36जाऊं तो मैं कहां जाऊं
  2544. 2:47:42घर घर रावण पग पग पग लंका अब लंका बनाई है
  2545. 2:47:47काली नक्सल लटकी है वहां लंका थारो
  2546. 2:47:49साफ-साफ संत कहते हैं घर घर रावण
  2547. 2:47:53का कदम कदम पर लंका कदम कदम
  2548. 2:47:57[संगीत]
  2549. 2:48:07[संगीत]
  2550. 2:48:21[संगीत]
  2551. 2:48:28[संगीत]
  2552. 2:48:44पक्का है भाई छंद के तीन बातें मैं बता डन
  2553. 2:48:46आपको सोच लंका है और इस किसकी सोच नहीं है
  2554. 2:48:49तीन बातें हैं अपनी अपनी सोच से कर लो
  2555. 2:48:51सुनो ना चेक करो इसी बहाने पैथोलॉजी है
  2556. 2:48:54आपने तूने लंका नहीं बची नंबर एक कनक को
  2557. 2:48:59रावण की लंका में बहुत सोना भरा हुआ था अब
  2558. 2:49:03सोना सोना लेकिन वो सोना रावण की कमाई का
  2559. 2:49:08नहीं था वो सोना रावण की मेहनत से नहीं
  2560. 2:49:11आया था रावण की सोच में मेहनत नहीं थी
  2561. 2:49:15रावण की सोच रही लंका वालों की सोच रही थी
  2562. 2:49:18कामना क्या यार लूडो भरो
  2563. 2:49:27दूसरों का लूट लूट के जो अपने यहां
  2564. 2:49:30समृद्धि इकट्ठा होती है सोना इकट्ठा होता
  2565. 2:49:32है यह जिसकी सोच भी घुसा है दूसरों का
  2566. 2:49:35लूटी है अपना खजाना भरिए
  2567. 2:49:41तो आप भी लंका ही हो आपकी
  2568. 2:49:44कामना हमारा मेहनत करना क्या है लूटी है
  2569. 2:49:47बेमानी कीजिए कम दलाली कीजिए कमीशन खाई
  2570. 2:49:49चकाचक और कई लोग हैं दिनभर दिनभर कामथ
  2571. 2:49:53पूछना है
  2572. 2:50:04कौन-कौन फैक्ट्री
  2573. 2:50:11[संगीत]
  2574. 2:50:14समक जयपुर
  2575. 2:50:16[संगीत]
  2576. 2:50:29[संगीत]
  2577. 2:50:41जाते हैं एक घर बनाने में
  2578. 2:50:45लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
  2579. 2:50:49तुम्हें तरस भी नहीं आया बस्तियां जलाने
  2580. 2:50:53में कई लोग तो पुरी पुरी बस्ती उजड़ करके
  2581. 2:50:55अपनी कोठी खड़ी कर रहे हैं
  2582. 2:51:00मैं जब पढ़ता था ना यह में
  2583. 2:51:03छात्र था 90s की बात है तो राजीव गांधी तो
  2584. 2:51:07पीएम थे लिया गया राजीव गांधी तो चुनाव
  2585. 2:51:10लड़ रहे द 91 की भाषा है तो 84 में बने द
  2586. 2:51:131991 में चुना था अगला तो मेरे लखीमपुर
  2587. 2:51:17में आए द बोलने मेरे कॉलेज की फिल्में
  2588. 2:51:21उन्होंने आज पीएम एक अनाउंस किया था आज
  2589. 2:51:23पीएम माइक पर से बोले द की मैं अगर ₹100
  2590. 2:51:27भेजता हूं दिल्ली से किसी गांव के लिए ये
  2591. 2:51:30पीएम के वर्ड है मेरे नहीं राज
  2592. 2:51:32करके
  2593. 2:51:33[संगीत]
  2594. 2:51:37उसे ₹100 का
  2595. 2:51:3985% हिस्सा उसका ये मोटे-मोटे पेट वाले
  2596. 2:51:42लोग भी होते हैं जैसे ऊपर बांट लेते हैं
  2597. 2:51:44ऊपर ऊपर 25% मेरा 15% मेरा 6% मेरा 3%
  2598. 2:51:50मेरा वहां तक पहुंचने पहुंचने जहां उसको
  2599. 2:51:52भेजा गया है मात्रा बचत है 15% 15% केवल
  2600. 2:51:5885% मोटे-मोटे पेट वाले ऊपर है
  2601. 2:52:03[संगीत]
  2602. 2:52:05वो लंका है वही कोठी लंका है दूसरों का
  2603. 2:52:09हिस्सा लूट लूट करके दूसरों का घोटाला कर
  2604. 2:52:12कर के और जो अपनी कोठियां अपने कमरे में
  2605. 2:52:14भर रहे हैं
  2606. 2:52:15अभी मैंने न्यूज़ सुना था वो पश्चिम बंगाल
  2607. 2:52:19में एक एक चेक हुआ है फ्लैग खोला गया तो
  2608. 2:52:23मैं सब दूजा वाले शब्द 2000 वाले
  2609. 2:52:26[संगीत]
  2610. 2:52:27kamrem भरे
  2611. 2:52:30[संगीत]
  2612. 2:52:31हैं
  2613. 2:52:36कमरे में
  2614. 2:52:38[संगीत]
  2615. 2:52:39किसी गड्ढा में बाथरूम भरे कोई बेटमा भरे
  2616. 2:52:42तो दीवानों भरे भरा है कोई हद है यार अभी
  2617. 2:52:45करो ना जब नोटबंदी हुई थी तो कई लोग तो
  2618. 2:52:47चारा मशीन
  2619. 2:52:50[संगीत]
  2620. 2:52:58मिले हैं नोटबंदी के कारण न्यूज़ पढ़िए तो
  2621. 2:53:01दया आती भी लोग कई लोग भूखे मार रहे हैं
  2622. 2:53:03और कई लोग पार्कों बराबर फेंक रहे हैं
  2623. 2:53:06ऐसे गद्दी उठा के भाग दे रहे हैं
  2624. 2:53:10भाई बहनों बस यही सोच लंका होती है की
  2625. 2:53:13बाकी जो है सब मार जाएं हमारे यहां सब जगह
  2626. 2:53:16फूल रहा है हान सबका लूट लूट खून पी पी के
  2627. 2:53:19कई लोग हैं जो दारू एन पी के खून उदयपुर
  2628. 2:53:24आज नया खा जब प्याज खूब खाते हैं
  2629. 2:53:33[संगीत]
  2630. 2:53:42रावण की सोच थी रावण की लंका वालों की सोच
  2631. 2:53:45थी की
  2632. 2:53:48बस लड़की अच्छी हो जातिवाद कोई भी हो जाती
  2633. 2:53:51नहीं चलेगी जाट की कोई बात नहीं है लड़की
  2634. 2:53:54बच्चा चमचमाती हो रूप मुनि ले आओ चले गए
  2635. 2:53:57तो रावण ने आदेश कर रखा था आपने की जाट मत
  2636. 2:54:00पूछना बस चमड़ी चेक करना और चमड़ी बढ़िया
  2637. 2:54:03है ladlao का फोन उठा लो चलेगी हमारे पास
  2638. 2:54:06स्वीकार है
  2639. 2:54:07[संगीत]
  2640. 2:54:12आजकल के जो लड़के लड़कियां
  2641. 2:54:23[संगीत]
  2642. 2:54:28[संगीत]
  2643. 2:54:33मेरी व्यवस्था नहीं है गीता में ठाकुर जी
  2644. 2:54:36कहते हैं चाहते हो मैडम
  2645. 2:54:40क्षत्रिय वैश्य शुद्र मेरे बनाए हुए हैं
  2646. 2:54:44तो अगर यह बकवास होता तो भगवान आते
  2647. 2:54:48बकवास नहीं है लेकिन कुछ लोगों की सोच में
  2648. 2:54:51घुस जाती है लंका जातिवाद कुछ नहीं होती
  2649. 2:54:53है बस चमड़ी अच्छी हो नौकरी अच्छी हो और
  2650. 2:54:56अच्छी सैलरी हो अब लाओ सब चली यार कल
  2651. 2:54:59लड़की तो लड़की होती है एक ही शादी तो हो
  2652. 2:55:01रही तो बोला तो जो मेडिएटर्स
  2653. 2:55:04मोबाइल लेकर रिश्ता तो लड़का वाला लड़के
  2654. 2:55:07वाले पूछे लड़के वाले की
  2655. 2:55:10मीटर बोला madhyasto की लड़की बीकॉम की है
  2656. 2:55:15बीकॉम की है मैंने वह बताया क्या की लड़की
  2657. 2:55:18बीकॉम की है
  2658. 2:55:21शादी
  2659. 2:55:27[संगीत]
  2660. 2:55:35लाओ बी कॉम की कॉम की दी कॉम की
  2661. 2:55:41लड़की लाओ यह जो सोच जिसकी बन गई है की
  2662. 2:55:45बीकॉम की हो जैसी हो लड़की बढ़िया हो
  2663. 2:55:48सैलरी बढ़िया हो चलेगी
  2664. 2:55:52[संगीत]
  2665. 2:55:57कहो महेश
  2666. 2:55:59खाल निसान
  2667. 2:56:02बकरी मुर्गी ये सब खाकर अपना मांस बढ़ाओ
  2668. 2:56:07मैन बकरी मुर्गी की मांस खाओ अपना मांस
  2669. 2:56:11बढ़ाओ जिसकी सोच में घुसा हुआ है वही लंका
  2670. 2:56:15है इस सैन में एक और बात बहुत ध्यान दे के
  2671. 2:56:18सुनने वाले हैं एक संत बोल रहे द रक्षा की
  2672. 2:56:20परिभाषा लिखिए इसमें रक्षा कैसा होना होता
  2673. 2:56:23है तो इसमें चार शब्द
  2674. 2:56:29[संगीत]
  2675. 2:56:47[संगीत]
  2676. 2:57:03जो हमसे टकराएगा वह चूर चूर हो जाएगा
  2677. 2:57:07जानते हो कौन है हम
  2678. 2:57:09अकारण darjhin जानना निशाचर है रक्षा
  2679. 2:57:14रक्षा की परिभाषा है रामायण के हिसाब से
  2680. 2:57:16और तर्जनी tarjahi मिंस बिना मतलब दूसरों
  2681. 2:57:19को ढकता मरने की प्रवृत्ति होती टार्जन
  2682. 2:57:22मानेगा और धक्का मारना पुष्कर
  2683. 2:57:25होता है बगल से निकली है तो यहां मार रहे
  2684. 2:57:28हैं कट गए
  2685. 2:57:29[संगीत]
  2686. 2:57:31और जो बिना मतलब दूसरों को धक्का मार के
  2687. 2:57:34आगे बढ़ रहा है ठोकर मारता हो चल रहा है
  2688. 2:57:36जानना यह भाई नेचर निसार भाई नेचर निशाचर
  2689. 2:57:42आगे लिखा है
  2690. 2:57:44[संगीत]
  2691. 2:57:55कौन साबुन लगाई कौन गिलोय पीली
  2692. 2:57:59उत्तम नगर चौधरी इसकी सिक्योरिटी में दिन
  2693. 2:58:03रात लगा हुआ है
  2694. 2:58:05संभालने में सिक्योरिटी करने में जानना यह
  2695. 2:58:07अभिव्यक्ति पुरुष है रक्षा है इसकी रक्षा
  2696. 2:58:10कोई
  2697. 2:58:12इस शरीर की रक्षा आप कभी नहीं कर सकते कभी
  2698. 2:58:15भी चाहे अब हम निंदा रूप में कुल सुनते
  2699. 2:58:18हैं की बुराई कर रहा है चाहे आप गिलोय और
  2700. 2:58:23का है वो एक और संगम को हेलो हेलो हेलो
  2701. 2:58:33बीमार ही मारी बहु करिए
  2702. 2:58:37चाहे एलोवेरा उठा एलोवेरा में अपने आसपास
  2703. 2:58:40घर अपनी जहां घटिया है ना वो सब लगाए लोग
  2704. 2:58:43एलोवेरा गिलोय लोग हो रहा है लेकिन आज तक
  2705. 2:58:48कोई मैं का लाल इसकी रक्षा कर नहीं पाया
  2706. 2:58:50कर नहीं सकता
  2707. 2:58:53राजीव गांधी की रक्षा हो जाती इंदिरा
  2708. 2:58:55गांधी रक्षक
  2709. 2:58:57नेहरू जी के जिसके कपड़े धुलने आते द
  2710. 2:58:59पेरिस चाहते हैं
  2711. 2:59:02इसको कोई नहीं बचा सका लेकिन फिर भी तरुण
  2712. 2:59:07नगर 24 रन चाहिए कहीं ना कहीं से इसके
  2713. 2:59:10अंदर रक्षा सत्य
  2714. 2:59:13और अगली बात लिखा है लगी है
  2715. 2:59:18[संगीत]
  2716. 2:59:22बच्चे ही का अर्थ होता है
  2717. 2:59:24ना खाने वाली चीज खाना और ना पीने वाली
  2718. 2:59:28चीज पीना वो खाया वाला है की नहीं खाया
  2719. 2:59:31वाला है बिना सोचे बच्चे ही बच्चे
  2720. 2:59:35गीता में अलाउ है की नहीं रामायण में लहू
  2721. 2:59:37है की नहीं शास्त्रों में अलाउ है की नहीं
  2722. 2:59:39यह खाना खाया वाला है की मैं ख वाला है
  2723. 2:59:42आगे
  2724. 2:59:46घट-घट पिया लाइव भजन
  2725. 2:59:56नहीं है तब भी खाए देते हैं सब जगह माना
  2726. 2:59:59किया गया है गीता में भागवत में रामायण
  2727. 3:00:01में सत्संग पुराने
  2728. 3:00:06निशाचर है
  2729. 3:00:11और हनुमान जी उसे पहाड़ पर चढ़े लंका को
  2730. 3:00:15देख रहे हैं और देखा क्या तो लंका में चार
  2731. 3:00:18दरवाजे हैं और चारों दरवाजा पर
  2732. 3:00:22जबरदस्त पहरा है गोस्वामी जी कहते हैं
  2733. 3:00:24पूरा अखबार देखी बहु तो कभी मैन की ना
  2734. 3:00:29विचार अति लघु रूप धरो निशि नगर करो पैसा
  2735. 3:00:36हनुमान जी देखते क्या है लंका की बाउंड्री
  2736. 3:00:39में चार गए चारों गेटों पर जबरदस्त
  2737. 3:00:41सिक्योरिटी गार्ड और सब तैनात खड़े हैं
  2738. 3:00:45बंदूक लिए तो हनुमान जी को विचार हुआ अगर
  2739. 3:00:48दिन में एंट्री करूंगा दिन में तो ये सब
  2740. 3:00:50रोकेंगे रुकेंगे तो इनको कूदना पड़ेगा अब
  2741. 3:00:54इनको kutenge तो लंका से और टुकड़ी आएगी
  2742. 3:00:56तो और उनको मारना पड़ेगा तो रावण और
  2743. 3:00:58khabrega अंदर से पूरा बटली देगा तो और
  2744. 3:01:01मारपीट करनी पड़ेगी युद्ध की शुरुआत हो
  2745. 3:01:03जाएगी जो कम राम जी के हाथों होना है वो
  2746. 3:01:06कम मेरे हाथों शुरू हो जाएगा सब ठीक नहीं
  2747. 3:01:08है सुविचार क्या किया अति लघु धर्म 19 रात
  2748. 3:01:13जब हो जाएगी तब नगर करो पैसा छोटा सा रूप
  2749. 3:01:16बनाऊंगा और रात में लंका में प्रवेश
  2750. 3:01:18करूंगा तो हनुमान जी प्रतीक्षा कर रहे हैं
  2751. 3:01:20की कब्र के हुए और कब हम इंट्री करें तो
  2752. 3:01:24अब रात तो कल हुई कल हुई अब तो 8:15 हो
  2753. 3:01:29गया है अभी हमारा कुछ एक कम बाकी है एक तो
  2754. 3:01:32सूचना बाकी है उनको मेहम रेडी एक तो आज
  2755. 3:01:36सन्डे है कल मंडे है परसों ट्यूसडे को
  2756. 3:01:39बुधवार को तो पूजा है शायद हान बुधवार को
  2757. 3:01:43तो शंकर जी की पूजा है परिवारों वाली तो
  2758. 3:01:46मंगलवार को
  2759. 3:01:49सुंदर कांड का sangeetmai पाठ इसी पंडाल
  2760. 3:01:53में होगा सुबेरे 9 बजे से ठीक है तो जिसके
  2761. 3:01:57पास पुस्तके हो पुस्तक लेती आना अपने अपने
  2762. 3:01:59लेते आना सब लोग 9:00 से सुंदरकांड का पाठ
  2763. 3:02:02होगा इसी पंडाल में संगीत में और पाठ पूरा
  2764. 3:02:05होते ही हम लोग चलेंगे एक विशेष यात्रा
  2765. 3:02:08लेकर के आधे घंटे की यात्रा है हनुमत
  2766. 3:02:11शक्ति यात्रा
  2767. 3:02:15हनुमान जी का झंडा और कुमकुम बहन ने कहा
  2768. 3:02:18है की मैं 151 झंडे
  2769. 3:02:22108 छोटे 150
  2770. 3:02:25हनुमान जी का झंडे आगे तो कुमकुम बहन की
  2771. 3:02:29ओर से झंडू की व्यवस्था हो गई है लेकिन
  2772. 3:02:31फिर भी
  2773. 3:02:32154 बंगाली है लेकिन अगर किसी की इच्छा
  2774. 3:02:36अभी भी आप में से हो की झंडा में अपना खुद
  2775. 3:02:39लेकर आऊंगा
  2776. 3:02:43अच्छी बात रहेगी
  2777. 3:02:49अगर नहीं मिल लाने की इच्छा है तो मत लाना
  2778. 3:02:51लेकिन अगर व्यवस्था हो आसपास दुकान कोई हो
  2779. 3:02:54तो झंडा आपका ही आपके हाथ में हो तो और
  2780. 3:02:56अच्छा रहेगा तो वो झंडा लेकर लोग चलेंगे
  2781. 3:02:58हनुमान जी के मंत्र जपते हुए और वो सारी
  2782. 3:03:01की सारी कृपा हनुमान जी की उसे झंडे में
  2783. 3:03:03समाहित हो जाएगी तो झंडा लेकर अपने घर
  2784. 3:03:06जाना अपनी छत पे उसको बांधना और फिर देखना
  2785. 3:03:09उसका चमत्कार रहा हनुमान जी की कृपा आप घर
  2786. 3:03:11में पहुंचेगी और सतीश जी से विनती है
  2787. 3:03:13हमारे जो प्रभु सी परिवार के अध्यक्ष हैं
  2788. 3:03:16ए जाइए और एक सुंदर जो पत्रिका हम लोग
  2789. 3:03:21सुंदर पुस्तिका
  2790. 3:03:24तो उसका विमोचन हम लोग पहले कर ले दिल्ली
  2791. 3:03:26से आए हैं इसको लेकर के बहुत हमारा जो
  2792. 3:03:28ट्रस्ट है ना प्रभु सेवा परिवार उसकी जो
  2793. 3:03:31एक्टिविटी हम लोग साल भर में जो कम किए
  2794. 3:03:33हैं साल में उसके साथ इसमें विचार हमारी
  2795. 3:03:37आगामी कथाएं कहां-कहां हम लोग क्या-क्या
  2796. 3:03:39करते हैं वो सब इसमें वर्णित है और
  2797. 3:03:41मेंबरशिप के लिए इसमें नाम भी छपे हैं जो
  2798. 3:03:44मेंबर बनेगा इस ट्रस्ट का हमारे उसका नाम
  2799. 3:03:47अगली पुत्र पुस्तिका में chhapega फोन
  2800. 3:03:48नंबर पाते के सहित तो जिसको मेंबर भी
  2801. 3:03:51बन्ना हो उसमें हमारे ट्रस्ट का नंबर भैया
  2802. 3:03:53का चलता है तो उसमें आप लोग उसका लाभ ले
  2803. 3:03:55लेंगे और ये बहुत सुंदर पुस्तक छपी है
  2804. 3:03:59हान जी हमारे जो मेंबर लोग यहां बैठे हैं
  2805. 3:04:02जो प्रभु सेवा परिवार के ट्रस्ट के
  2806. 3:04:04मेंबरशिप ले चुके हैं वो लोग मंच पर अगर
  2807. 3:04:06यहां आए हैं तो ए जाना जो मेंबर शिप लेवल
  2808. 3:04:09हैं वो ए जाएंगे और बाकी लोग तो जिसको
  2809. 3:04:12मेंबर बन्ना है वो अपना संपर्क करेंगे सभी
  2810. 3:04:14से उनका नंबर उसमें लिखा हुआ है और
  2811. 3:04:17मेंबरशिप ले सकते हैं आप हमारी फिर हर
  2812. 3:04:19एक्टिविटी में आप शामिल हो जाएंगे
  2813. 3:04:22सतीश श्रीवास्तव
  2814. 3:04:26ग्रेटर नोएडा से लिए सब लोग महापुरुष को
  2815. 3:04:29खोले मिलकर गए
  2816. 3:04:30सब महापुरुष खोलें यह सब जो आपको दिख रहे
  2817. 3:04:33हैं हमारे ट्रस्ट के सब मेंबर हैं आजीवन
  2818. 3:04:36और इनके सबकी देखने में परिवार चल रहा है
  2819. 3:04:39बड़े-बड़े सेवा कर चल रहे हैं तीर्थ में
  2820. 3:04:41कथाएं चल रही हैं 25 दिसंबर से लोग
  2821. 3:04:43रामेश्वरम जा रहे हैं बड़ा शब्द रूप ले
  2822. 3:04:45करके 150 लोगों का वहां दिव्या राम कथा
  2823. 3:04:48होगी दर्शन होगा तो आप सब लोग इस प्रभु से
  2824. 3:04:51परिवार से जुड़े और हमारी हर एक्टिविटी
  2825. 3:04:53में
  2826. 3:04:54तीर्थ की कथाओं में गरीब कन्याओं की शादी
  2827. 3:04:57में शामिल हो तो यह शिप्रा कहां है
  2828. 3:05:02ए जाओ बेटे ए जा ए जा
  2829. 3:05:05अरे जलवा है
  2830. 3:05:08[संगीत]
  2831. 3:05:18एक बार तालिया से इस पत्रिका का हमारे
  2832. 3:05:20पहली समीर का है हमारे ट्रस्ट की
  2833. 3:05:24[संगीत]
  2834. 3:06:11अपनी सनातन धर्म जैन जागरण सेवा समिति के
  2835. 3:06:14मुख्य संरक्षक सी अनिल अग्रवाल जी से
  2836. 3:06:17निवेदन करूंगा की दिल्ली से हमारे बीच में
  2837. 3:06:21आए हुए श्री सतीश श्रीवास्तव जी जो बड़ा
  2838. 3:06:22पुनीत कार्य कर रहे हैं प्रभु सेवा परिवार
  2839. 3:06:25की तरफ से अनेक अनेक धार्मिक और
  2840. 3:06:27आध्यात्मिक क्रिया कल्पना को कर रहे हैं
  2841. 3:06:30उनकी इस अमृत भाई पुस्तक का आज लोकार्पण
  2842. 3:06:34हो रहा है
  2843. 3:06:37बहुत-बहुत
  2844. 3:06:39बधाई ये हम लोगों का परम सौभाग्य है की
  2845. 3:06:43राम कथा के पवन मंच पर ऐसी महान विभूतियां
  2846. 3:06:49को आगमन निश्चित से निश्चित ही समाज के
  2847. 3:06:54लिए बहुत ही कल्याणकारी प्रतीत होगा आज भी
  2848. 3:06:57और
  2849. 3:06:58बहुत महान विभूतियां से परिचय हम आपका
  2850. 3:07:01कराएंगे
  2851. 3:07:02से सतीश श्रीवास्तव जी हम अपने संरक्षक
  2852. 3:07:06अनिल अग्रवाल जी से यह निवेदन करेंगे की
  2853. 3:07:08सतीश श्रीवास्तव जी को अंगस्ट पहना करके
  2854. 3:07:10इस बास पीठ पर उनका
  2855. 3:07:14सम्मान करें अनिल अग्रवाल
  2856. 3:07:24हमारा
  2857. 3:07:33प्रभु सेवा परिवार हमारा प्रभु
  2858. 3:07:39[संगीत]
  2859. 3:07:40[प्रशंसा]
  2860. 3:07:41सेवा परिवार हमारा प्रभु सेवा परिवार
  2861. 3:07:47भूत भक्तों का परिवार प्रभु के भक्तों का
  2862. 3:07:54परिवार
  2863. 3:07:56राम कथा भागवत कथा राम कथा
  2864. 3:08:11सुने सब तीरथ करते
  2865. 3:08:17[संगीत]
  2866. 3:08:19गांव में भगवान हमारा
  2867. 3:08:23gusseva परिवार हमारा प्रभु सेवा बलवान
  2868. 3:08:28हमारा प्रभु सेवा परिवार हमारा प्रभु से
  2869. 3:08:34वापस
  2870. 3:08:37निर्धन बिन जनों की सेवा
  2871. 3:08:42निर्जोनो की सेवा
  2872. 3:08:45और प्रभु की सेवकों सेवाओं प्रभु की सेवा
  2873. 3:08:52जिसका मूल मंत्र है
  2874. 3:08:56[संगीत]
  2875. 3:09:06प्रभु देव
  2876. 3:09:08[संगीत]
  2877. 3:09:19तन हमने जो बने हमारे कमरे
  2878. 3:09:24[संगीत]
  2879. 3:09:30[संगीत]
  2880. 3:09:38[संगीत]
  2881. 3:09:43है
  2882. 3:09:47[संगीत]
  2883. 3:10:06अब यह जो विमोचन का कम पूरा हुआ अब कुछ
  2884. 3:10:10कार्यवाही समिति के द्वारा एक भजन लास्ट
  2885. 3:10:12में फिर
  2886. 3:10:14प्रेम से बोलिए श्री हनुमान दलाल जी
  2887. 3:10:17महाराज की
  2888. 3:10:19कितने कितना गौरवशाली
  2889. 3:10:23कितना गौरवशाली मंच
  2890. 3:10:26और कितने गौरवशाली प्रभु जिलों का आगमन
  2891. 3:10:30निश्चित रूप से यह
  2892. 3:10:33परम कल्याण प्रदान करेगा हम सबका
  2893. 3:10:39राम कथा करने का तात्पर्य यही होता है
  2894. 3:10:43राम कथा
  2895. 3:10:46को सुनने का यही एक साथ एक अर्थ है
  2896. 3:10:50की राम कथा अगर हम सुनते हैं तो राम के पद
  2897. 3:10:53कॉन पर चलने का प्रयास करें
  2898. 3:10:56जय श्री प्रभु श्री राम की
  2899. 3:11:00दिनचर्या थी वैसा ही हम भी बनने का प्रयास
  2900. 3:11:03करें जैसे प्रभु श्रीराम के क्रियाकलाप द
  2901. 3:11:06समाज को जोड़ने का भी आपने इतना सुंदर
  2902. 3:11:09प्यारा भजन सुना तीन जनों की सेवा
  2903. 3:11:14दिनों को जोड़ने का दिनों की सेवा करने का
  2904. 3:11:17ही तो कम प्रभु श्री राम ने किया
  2905. 3:11:21रामचरितमानस में हम लोग पढ़ते हैं की
  2906. 3:11:25घरों में आश्रमों में जाए जाए sukhdeen
  2907. 3:11:28शबरी के आश्रम में स्वयं प्रभु चल करके गए
  2908. 3:11:31अगस्त ऋषि की आश्रम में स्वयं प्रभु चल
  2909. 3:11:34करके गए जाने कितने जो
  2910. 3:11:37सैकड़ो वर्ष से संघन मानों में तपस्या कर
  2911. 3:11:42रहे द और जिनका जो साबरी जैसे लोग बात
  2912. 3:11:46लगाए बैठे द कब राम आएंगे कब उनका दर्शन
  2913. 3:11:49होगा तो साबरी को प्रभु राम के पास नहीं
  2914. 3:11:52जाना पड़ा प्रभु राम स्वयं साबरी के आश्रम
  2915. 3:11:54में गए यही तो हमारे जीवन का सही मूल्य
  2916. 3:11:57यही है की हम दिन दुखियों जनों की सेवा
  2917. 3:12:01करें राम कथा यही संदेश देती है यही
  2918. 3:12:04kartavyabod

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